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योग
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अनुनाद सिंह
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{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
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[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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अनुनाद सिंह
1634
/* परिभाषा */
6553401
wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
| width1 = 140
| alt1 = A male yogi
| image2 = Female Ascetics (Yoginis) LACMA M.2011.156.4 (1 of 2).jpg
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|+
!मूल ग्रन्थ
!अनुमानित रचना-काल
!योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग ४थी शताब्दी ईसा पूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।" |
| --- |
| [[वैशेषिक सूत्र |
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व |
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16) |
| - |
| ''[[कठोपनिषद]]'' |
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ |
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11) |
| - |
| ''[[भगवद्गीता]]'' |
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व |
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23) |
| - |
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]'' |
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी |
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य) |
| - |
| ''योगभाष्य'' |
| योगसूत्र के समान ही |
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है। |
| - |
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ |
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152) |
| - |
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य'' |
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43) |
| - |
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म |
| छठी शताब्दी ईस्वी |
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4) |
| - |
| ''[[लिंग पुराण]]'' |
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a) |
| - |
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य'' |
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी |
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3) |
| - |
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक |
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8) |
| - |
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति'' |
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a) |
| - |
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म |
| 11वीं शताब्दी ईस्वी |
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म) |
| - |
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ |
| 14वीं शताब्दी ईस्वी |
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89) |
| } |
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
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| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
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| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
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| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
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* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
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* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
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* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
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* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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2026-05-17T10:08:14Z
अनुनाद सिंह
1634
/* परिभाषा */
6553403
wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
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| alt1 = A male yogi
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! !योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।" |
|-
| [[वैशेषिक सूत्र |
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व |
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16) |
|-
| ''[[कठोपनिषद]]'' |
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ |
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11) |
|-
| ''[[भगवद्गीता]]'' |
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व |
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23) |
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]'' |
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी |
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य) |
|-
| ''योगभाष्य'' |
| योगसूत्र के समान ही |
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है। |
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ |
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152) |
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य'' |
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43) |
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म |
| छठी शताब्दी ईस्वी |
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4) |
|-
| ''[[लिंग पुराण]]'' |
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a) |
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य'' |
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी |
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3) |
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक |
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8) |
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति'' |
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी |
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a) |
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म |
| 11वीं शताब्दी ईस्वी |
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म) |
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ |
| 14वीं शताब्दी ईस्वी |
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89) |
| } |
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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अनुनाद सिंह
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wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
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| alt1 = A male yogi
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।" |
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म)
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
| }
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
[[श्रेणी:योग]]
[[श्रेणी:भारतीय दर्शन]]
[[श्रेणी:संस्कृत शब्द]]
[[श्रेणी:ध्यान]]
[[श्रेणी:व्यायाम]]
[[श्रेणी:भारतीय खोज]]
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6553406
6553404
2026-05-17T10:12:26Z
अनुनाद सिंह
1634
/* परिभाषा */
6553406
wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
| width1 = 140
| alt1 = A male yogi
| image2 = Female Ascetics (Yoginis) LACMA M.2011.156.4 (1 of 2).jpg
| width2=160
| alt2 = Two female yoginis
}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म)
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
| }
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
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* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
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* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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अनुनाद सिंह
1634
/* परिभाषा */
6553407
wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
| width1 = 140
| alt1 = A male yogi
| image2 = Female Ascetics (Yoginis) LACMA M.2011.156.4 (1 of 2).jpg
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)|पुरुष]]
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म)
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
| }
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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अनुनाद सिंह
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wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
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| alt1 = A male yogi
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)|पुरुष]]
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मन (हिन्दू धर्म)
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
| }
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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[[श्रेणी:भारतीय खोज]]
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2026-05-17T10:15:44Z
अनुनाद सिंह
1634
/* परिभाषा */
6553410
wikitext
text/x-wiki
{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
| width1 = 140
| alt1 = A male yogi
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| alt2 = Two female yoginis
}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)|पुरुष]]
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मा]]
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
|}
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
: हिमालयन इंस्टीट्युत प्रेस 1977, 1985.
* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
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अनुनाद सिंह
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{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
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| alt1 = A male yogi
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[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है और इसके आठ अंग (अष्टांग) बताए हैं- [[यम]], [[नियम]], [[आसन]], [[प्राणायाम]], [[प्रत्याहार]], [[धारणा]], [[ध्यान]], [[समाधि]]। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)|पुरुष]]
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मा]]
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
|}
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
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* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
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* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
{{भारतीय दर्शन}}
[[श्रेणी:हिंदू दार्शनिक अवधारणाएँ]]
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अनुनाद सिंह
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{{multiple image
| footer = १२वीं-१३वीं शताब्दी के एक भारतीय चित्र में [[योगी]] तथा [[योगिनी]]
| image1 = A yogi seated in a garden.jpg
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| alt1 = A male yogi
| image2 = Female Ascetics (Yoginis) LACMA M.2011.156.4 (1 of 2).jpg
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}}
[[चित्र:Sivakempfort.jpg|thumb|right|200px|[[पद्मासन]] मुद्रा में यौगिक ध्यानस्थ [[शिव]]-मूर्ति]]
'''योग''' ({{langx|sa|योगः}}) प्राचीन भारतीय ऋषिमुनियों और तत्त्ववेत्ताओं द्वारा प्रतिपादित एक विशिष्ट आध्यात्मिक प्रक्रिया है। [[पतंजलि]] ने 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' को योग कहा है और इसके आठ अंग (अष्टांग) बताए हैं- [[यम]], [[नियम]], [[आसन]], [[प्राणायाम]], [[प्रत्याहार]], [[धारणा]], [[ध्यान]], [[समाधि]]। [[वेद व्यास|व्यास]] ने [[समाधि]] को ही योग माना है। [[योगवासिष्ठ]] के अनुसार योग वह युक्ति है जिसके द्वारा संसार सागर से पार जाया जा सकता है।
योग के कई सारे अंग और प्रकार होते हैं, जिनके जरिए हमें ध्यान, समाधि और मोक्ष तक पहुंचना होता हैै। 'योग' शब्द तथा इसकी प्रक्रिया और धारणा [[हिन्दू धर्म]], [[जैन धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] में [[ध्यान]] प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध पन्थ के साथ [[चीन]], [[जापान]], [[तिब्बत]], दक्षिण पूर्व एशिया और [[श्री लंका|श्रीलंका]] में भी फैल गया है और इस समय सारे सभ्य जगत् में लोग इससे परिचित हैं। सिद्धि के बाद पहली बार [[११]] दिसम्बर [[२०१४]] को [[संयुक्त राष्ट्रसंघ|संयुक्त राष्ट्र महासभा ]] ने प्रत्येक वर्ष [[२१]] जून को [[विश्व योग दिवस]] के रूप में मान्यता दी है।
हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में योग के अनेक सम्प्रदाय हैं, योग के विभिन्न लक्ष्य हैं तथा योग के अलग-अलग व्यवहार हैं।<ref>Denise Lardner Carmody, John Carmody (1996), Serene Compassion. Oxford University Press US. p. 68.</ref><ref> Stuart Ray Sarbacker, Samādhi: The Numinous and Cessative in Indo-Tibetan Yoga. SUNY Press, 2005, pp. 1–2.</ref><ref> तत्त्वार्थसूत्र [6.1], देखें मनु दोषी (2007) Translation of Tattvarthasutra, Ahmedabad: Shrut Ratnakar p. 102</ref> परम्परागत योग तथा इसका आधुनिक रूप विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।
सबसे पहले 'योग' शब्द का उल्लेख [[ऋग्वेद]] में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है। [[कठोपनिषद]] में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है। माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पच्चीसवी और तीसवी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी। [[पतञ्जलि]] का [[योगसूत्र]] योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है। [[हठ योग]] के ग्रन्थ ९वीं से लेकर ११वीं शताब्दी में रचे जाने लगे थे। इनका विकास [[तन्त्र]] से हुआ।
पश्चिमी जगत में "योग" को हठयोग के आधुनिक रूप में लिया जाता है जिसमें शारीरिक फिटनेस, तनाव-शैथिल्य तथा विश्रान्ति (relaxation) की तकनीकों की प्रधानता है। ये तकनीकें मुख्यतः [[आसन|आसनों]] पर आधारित हैं जबकि परम्परागत योग का केन्द्र बिन्दु [[ध्यान]] है और वह सांसारिक लगावों से छुटकारा दिलाने का प्रयास करता है। पश्चिमी जगत में आधुनिक योग का प्रचार-प्रसार भारत से उन देशों में गये गुरुओं ने किया जो प्रायः [[स्वामी विवेकानन्द]] की पश्चिमी जगत में प्रसिद्धि के बाद वहाँ गये थे।
== व्युत्पत्ति, परिभाषा एवं प्रकार ==
'''योग''' शब्द युज् [[धातु (संस्कृत के क्रिया शब्द)|धातु]] में ‘घञ्’ [[प्रत्यय]] लगाने से निष्पन्न होता है। [[धातुपाठ]] में युज् शब्द के तीन अर्थ उपलब्ध होते हैं - समाधि, संयोग, संयमन । लेकिन योगशात्र का प्रतिपादक शब्द निःसन्देह दिवादिगणीय "युज्" धातु से बना है जिसका व्युत्पत्ति लभ्य अर्थ है 'समाधि' । व्यास जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है - "योगः समाधिः"। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योगे’ तथा ‘युज संयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा। आगे योग में हम देखेंगे कि आत्मा और परमात्मा के विषय में भी योग कहा गया है।
पाणिनीय [[गणपाठ]] में तीन 'युज्' धातुओं का पाठ मिलता हैं -
:१) युज् समाधौ – दिवादिगणीय
:२) युजिर् योगे – रुधादिगणीय
:३) युज् संयमने - चुरादिगणीय
'''युज् समाधौ''' – दिवादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, समाधि । समाधि का प्रकृति प्रत्यय अर्थ है, सम्यक् स्थापन। दूसरे अर्थ मे समाधि की सिद्धि के लिए जुड़ना ।
'''युजिर् योगे''' – रुधादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, जुड़ना, जोड़ना, मेल करना, संयोग करना अर्थात् इस दु:ख रूप संसार से वियोग तथा ईश्वर से संयोग का नाम योग है । भगवद्गीता में भी वर्णन मिलता है - ''तं विद्यात् दुखंसंयोगवियोगं योग संज्ञितम् ।'' (6/23)
''' युज् संयमने''' – चुरादिगणीय युज् धातु का अर्थ है, संयमन अर्थात् मन का संयम अथवा मन का नियमन । मन को संयमित करना ही योग है।
इस प्रकार योग का अर्थ हुआ - "योग साधनाओं को अपनाते हुए मन को नियन्त्रित कर, संयमित कर, आत्मा का परमात्मा से मिलन" ।
[[परिभाषा]] ऐसी होनी चाहिए जो अव्याप्ति और अतिव्याप्ति दोषों से मुक्त हो, योग शब्द के वाच्यार्थ का ऐसा लक्षण बतला सके जो प्रत्येक प्रसंग के लिये उपयुक्त हो और योग के सिवाय किसी अन्य वस्तु के लिये उपयुक्त न हो। [[भगवद्गीता]] प्रतिष्ठित ग्रन्थ माना जाता है। उसमें योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है, कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग। वेदोत्तर काल में [[भक्तियोग]] और [[हठयोग]] नाम भी प्रचलित हो गए हैं। पतंजलि योगदर्शन में 'क्रियायोग' शब्द देखने में आता है। [[पाशुपत योग]] और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के भी प्रसंग मिलते है। इन सब स्थलों में योग शब्द के जो अर्थ हैं वह एक दूसरे से भिन्न हैं ।
[[गीता]] में [[श्रीकृष्ण]] ने एक स्थल पर कहा है ''''योगः कर्मसु कौशलम्'''' ( कर्मों में कुशलता ही योग है।) यह वाक्य योग की परिभाषा नहीं है। कुछ विद्वानों का यह मत है कि जीवात्मा और परमात्मा के मिल जाने को योग कहते हैं। इस बात को स्वीकार करने में यह बड़ी आपत्ति खड़ी होती है कि [[बौद्ध धर्म|बौद्धमतावलम्बी]] भी, जो परमात्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं करते, योग शब्द का व्यवहार करते और योग का समर्थन करते हैं। यही बात [[सांख्य|सांख्यवादियों]] के लिए भी कही जा सकती है जो ईश्वर की सत्ता को असिद्ध मानते हैं। [[पतञ्जलि]] ने [[योगसूत्र]] में, जो परिभाषा दी है 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः', चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है। इस वाक्य के दो अर्थ हो सकते हैं: चित्तवृत्तियों के निरोध की अवस्था का नाम योग है या इस अवस्था को लाने के उपाय को योग कहते हैं।
परन्तु इस परिभाषा पर कई विद्वानों को आपत्ति है। उनका कहना है कि चित्तवृत्तियों के प्रवाह का ही नाम चित्त है। पूर्ण निरोध का अर्थ होगा चित्त के अस्तित्व का पूर्ण लोप, चित्ताश्रय समस्त स्मृतियों और संस्कारों का निःशेष हो जाना। यदि ऐसा हो जाए तो फिर समाधि से उठना संभव नहीं होगा। क्योंकि उस अवस्था के सहारे के लिये कोई भी संस्कार बचा नहीं होगा, प्रारब्ध दग्ध हो गया होगा। निरोध यदि संभव हो तो [[श्रीकृष्ण]] के इस वाक्य का क्या अर्थ होगा? ''योगस्थः कुरु कर्माणि'', योग में स्थित होकर कर्म करो। विरुद्धावस्था में कर्म हो नहीं सकता और उस अवस्था में कोई संस्कार नहीं पड़ सकते, स्मृतियाँ नहीं बन सकतीं, जो समाधि से उठने के बाद कर्म करने में सहायक हों।
संक्षेप में आशय यह है कि योग के शास्त्रीय स्वरूप, उसके दार्शनिक आधार, को सम्यक् रूप से समझना बहुत सरल नहीं है। संसार को मिथ्या माननेवाला [[अद्वैत वेदान्त|अद्वैतवादी]] भी निदिध्याह्न के नाम से उसका समर्थन करता है। अनीश्वरवादी सांख्य विद्वान भी उसका अनुमोदन करता है। [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] ही नहीं, [[इस्लाम|मुस्लिम]] [[सूफ़ी]] और [[ईसाई]] मिस्टिक भी किसी न किसी प्रकार अपने संप्रदाय की मान्यताओं और दार्शनिक सिद्धांतों के साथ उसका सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं।
इन विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं में किस प्रकार ऐसा समन्वय हो सकता है कि ऐसा धरातल मिल सके जिस पर योग की भित्ति खड़ी की जा सके, यह बड़ा रोचक प्रश्न है परंतु इसके विवेचन के लिये बहुत समय चाहिए। यहाँ उस प्रक्रिया पर थोड़ा सा विचार कर लेना आवश्यक है जिसकी रूपरेखा हमको पतंजलि के सूत्रों में मिलती है। थोड़े बहुत शब्दभेद से यह प्रक्रिया उन सभी समुदायों को मान्य है जो योग के अभ्यास का समर्थन करते हैं।
===परिभाषा===
*(१) [[योगसूत्र|पातञ्जल योग दर्शन]] के अनुसार - '''योगश्चित्तवृतिनिरोधः''' (1/2) अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।
*(२) [[सांख्य दर्शन]] के अनुसार - '''पुरुषप्रकृत्योर्वियोगेपि योगइत्यमिधीयते।''' अर्थात् पुरुष एवं प्रकृति के पार्थक्य को स्थापित कर पुरुष का स्व स्वरूप में अवस्थित होना ही योग है।
*(३) [[विष्णुपुराण]] के अनुसार - '''योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने''' अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।
*(४) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते''' (2/48) अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।
*(५) [[भगवद्गीता]] के अनुसार - '''तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम्''' अर्थात् कर्त्तव्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है।
*(६) [[आचार्य हरिभद्र]] के अनुसार - '''मोक्खेण जोयणाओ सव्वो वि धम्म ववहारो जोगो''' अर्थात् [[मोक्ष]] से जोड़ने वाले सभी व्यवहार योग हैं।
*(७) [[बौद्ध धर्म]] के अनुसार - '''कुशल चितैकग्गता योगः''' अर्थात् कुशल चित्त की एकाग्रता योग है।
भारतीय दार्शनिक और धार्मिक परंपराओं में "योग" शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है।
{| class="wikitable"
|-
!मूल ग्रन्थ !! अनुमानित रचना-काल !! योग की परिभाषा
|-
|''[[मैत्रायणी उपनिषद]]''
| लगभग चतुर्थ शताब्दी ईसापूर्व
| "क्योंकि इस तरह से वह [[प्राण]], [[ओम्]] (Om) और इस ब्रह्मांड को इसके विविध रूपों में जोड़ता है, या क्योंकि वे स्वयं को (उससे) जोड़ते हैं, इसलिए इस (ध्यान की प्रक्रिया) को योग (जोड़ना) कहा जाता है। प्राण, मन और इंद्रियों की एकता, और फिर सभी संकल्पों (धारणाओं) का त्याग, योग कहलाता है।"
|-
| [[वैशेषिक सूत्र]]
| लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व
| "इंद्रियों, मन और विषयों के एक साथ आने के परिणामस्वरूप सुख और दुःख उत्पन्न होते हैं। जब ऐसा नहीं होता क्योंकि मन आत्मा में स्थित होता है, तब शरीर धारी के लिए कोई सुख या दुःख नहीं होता। वही योग है।" (5.2.15-16)
|-
| ''[[कठोपनिषद]]''
| ईसा पूर्व की अंतिम शताब्दियाँ
| "जब मन के साथ पांचों इंद्रियां स्थिर हो जाती हैं और बुद्धि भी चेष्टा नहीं करती, तो उसे परम गति (उच्चतम अवस्था) माना जाता है। वे इंद्रियों के इस स्थिर नियंत्रण को ही योग मानते हैं। तब मनुष्य प्रमाद-रहित (अविचलित) हो जाता है, क्योंकि योग की उत्पत्ति और विलोप (आना-जाना) होता है।" (6.10–11)
|-
| ''[[भगवद्गीता]]''
| लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
| "सफलता और असफलता दोनों में समभाव (एक समान) रहो। ऐसी समता ही योग कहलाती है।" (2.48) "कर्मों में कुशलता ही योग है।" (2.50) "यह जानो कि जिसे योग कहा जाता है, वह दुःख के संयोग से वियोग (दुःखों से मुक्ति) है।" (6.23)
|-
| ''[[पतंजलि योगसूत्र]]''
| लगभग प्रारंभिक शताब्दियाँ ईस्वी
| 1.2. ''योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः'' – "चित्त की वृत्तियों का रुक जाना ही योग है।"1.3. तब [[पुरुष (सांख्य)|पुरुष]]
|-
| ''योगभाष्य''
| योगसूत्र के समान ही
| ''योगः समाधिः'' - "समाधि ही योग है," जो [[एकाग्रता]] और ''निरुद्ध'' यानी विषय-रहित [[समाधि]] (''असम्प्रज्ञात समाधि'') को संदर्भित करता है।
|-
| ''[[योगाचारभूमि-शास्त्र]] (श्रावकभूमि)'', एक [[महायान]] बौद्ध [[योगाचार]] ग्रंथ
| चौथी शताब्दी ईस्वी |
| "योग चार प्रकार का है: श्रद्धा (विश्वास), आकांक्षा, दृढ़ता और उपाय।" (2.152)
|-
| [[पाशुपत सूत्र]] पर कौंडिन्य का ''पञ्चार्थभाष्य''
| चौथी शताब्दी ईस्वी
| "इस प्रणाली में, जीवात्मा और ईश्वर (प्रभु) का मिलन ही योग है।" (I.I.43)
|-
| [[हरिभद्र सूरी]] द्वारा रचित एक [[जैन धर्म]]
| छठी शताब्दी ईस्वी
| "दृढ़ विश्वास के साथ, योगियों के स्वामियों ने हमारे सिद्धांत में योग को सम्यक् ज्ञान से शुरू होने वाले तीनों [सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चारित्र] के संयोग (''सम्बन्धः'') के रूप में परिभाषित किया है, क्योंकि [इससे] [[मोक्ष]] के साथ जुड़ाव होता है.... आम बोलचाल में यह [योग] शब्द इनके कारणों के साथ [आत्मा के] संपर्क को भी दर्शाता है, क्योंकि कार्य के लिए कारण का उपयोग सामान्य है।" (2, 4)
|-
| ''[[लिंग पुराण]]''
| 7वीं–10वीं शताब्दी ईस्वी
| " 'योग' शब्द से तात्पर्य [[निर्वाण]] से है, जो [[शिव]] की स्थिति है।" (I.8.5a)
|-
| [[आदि शंकराचार्य]] का ''[[ब्रह्मसूत्र]]-भाष्य''
| लगभग 8वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के ग्रंथों में कहा गया है: 'योग वास्तविकता (तत्त्व) को जानने का साधन है' (''अथ तत्त्वदर्शनभ्युपायो योगः'')" (2.1.3)
|-
| ''मालिनीविजयोत्तर तन्त्र'', अद्वैत [[कश्मीर शैव दर्शन]] के प्राथमिक ग्रंथों में से एक
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "एक सत्ता का दूसरी सत्ता के साथ एक हो जाना योग कहा जाता है।" (4.4-8)
|-
| [[शैव सिद्धांत]] के विद्वान नारायणकण्ठ की ''मृगेन्द्रतन्त्रवृत्ति''
| 6ठी–10वीं शताब्दी ईस्वी
| "आत्म-नियंत्रण (स्वामित्व) प्राप्त करना ही योगी होना है। योगी शब्द का अर्थ है 'वह जो अनिवार्य रूप से अपने स्वरूप की अभिव्यक्ति... शिव-त्व (''शिवत्वम्'') से संयुक्त' हो।" (yp 2a)
|-
| लक्ष्मणदेशिकेन्द्र का ''शारदातिलक'', एक [[शाक्त धर्म]]
| 11वीं शताब्दी ईस्वी
| "योग के विशेषज्ञ कहते हैं कि जीवात्मा का [[आत्मा]]
|-
| ''[[योगबीज]]'', एक [[हठयोग]] ग्रंथ
| 14वीं शताब्दी ईस्वी
| "[[अपान]] और प्राण, अपने स्वयं के [[रज]] और वीर्य, सूर्य और चंद्रमा, जीवात्मा और परमात्मा का मिलन, और इसी प्रकार सभी द्वंद्वों का मिलन योग कहलाता है।" (89)
|}
===योग के प्रकार===
योग की उच्चावस्था [[समाधि]], [[मोक्ष]], [[कैवल्य]] आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रामाणिक पुस्तकों में [[शिवसंहिता]] तथा [[गोरक्षशतक]] में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
: ''मंत्रयोगों हष्ष्चैव लययोगस्तृतीयकः। ''
: ''चतुर्थो राजयोगः'' (शिवसंहिता , 5/11)
: ''मंत्रो लयो हठो राजयोगन्तर्भूमिका क्रमात् ''
: ''एक एव चतुर्धाऽयं महायोगोभियते॥'' (गोरक्षशतकम् )
उपर्युक्त दोनों श्लोकों से योग के प्रकार हुए : मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग।
====मंत्रयोग====
'''{{मुख्य|मन्त्र योग}}'''
'[[मंत्र]]' का समान्य अर्थ है- 'मननात् त्रायते इति मन्त्रः'। मन को त्राय (पार कराने वाला) मंत्र ही है। मन्त्र योग का सम्बन्ध मन से है, मन को इस प्रकार परिभाषित किया है- मनन इति मनः। जो मनन, चिन्तन करता है वही मन है। मन की चंचलता का निरोध मंत्र के द्वारा करना मंत्र योग है। मंत्र योग के बारे में योगतत्वोपनिषद में वर्णन इस प्रकार है-
: ''योग सेवन्ते साधकाधमाः।''
( अल्पबुद्धि साधक मंत्रयोग से सेवा करता है अर्थात मंत्रयोग उन साधकों के लिए है जो अल्पबुद्धि है।)
मंत्र से ध्वनि तरंगें पैदा होती है मंत्र शरीर और मन दोनों पर प्रभाव डालता है। मंत्र में साधक जप का प्रयोग करता है मंत्र जप में तीन घटकों का काफी महत्व है वे घटक-उच्चारण, लय व ताल हैं। तीनों का सही अनुपात मंत्र शक्ति को बढ़ा देता है। मंत्रजप मुख्यरूप से चार प्रकार से किया जाता है।
: (1) वाचिक (2) मानसिक (3) उपांशु (4) अजप्पा ।
====हठयोग====
'''{{मुख्य|हठयोग}}'''
हठ का शाब्दिक अर्थ हठपूर्वक किसी कार्य को करने से लिया जाता है। हठ प्रदीपिका पुस्तक में हठ का अर्थ इस प्रकार दिया है-
: ''हकारेणोच्यते सूर्यष्ठकार चन्द्र उच्यते। ''
: ''सूर्या चन्द्रमसो र्योगाद्धठयोगोऽभिधीयते॥''
'''ह''' का अर्थ [[सूर्य]] तथा '''ठ''' का अर्थ [[चन्द्रमा|चन्द्र]] बताया गया है। सूर्य और चन्द्र की समान अवस्था हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का वर्णन है, वे इस प्रकार हैं। सूर्यनाड़ी अर्थात पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाड़ी अर्थात इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। इस प्रकार हठयोग वह क्रिया है जिसमें पिंगला और इड़ा नाड़ी के सहारे प्राण को सुषुम्ना नाड़ी में प्रवेश कराकर ब्रहमरन्ध्र में समाधिस्थ किया जाता है। [[हठयोग प्रदीपिका|हठ प्रदीपिका]] में हठयोग के चार अंगों का वर्णन है- आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बन्ध तथा नादानुसधान। [[घेरण्डसंहिता]] में सात अंग- ''षटकर्म, आसन, मुद्राबन्ध, प्राणायाम, ध्यान, समाधि'' जबकि योगतत्वोपनिषद में आठ अंगों का वर्णन है- ''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि''
====लययोग====
'''{{मुख्य|कुंडलिनी योग}}'''
चित्त का अपने स्वरूप विलीन होना या चित्त की निरूद्ध अवस्था लययोग के अन्तर्गत आता है। साधक के चित्त् में जब चलते, बैठते, सोते और भोजन करते समय हर समय [[ब्रह्म]] का [[ध्यान]] रहे इसी को लययोग कहते हैं। योगत्वोपनिषद में इस प्रकार वर्णन है-
: ''गच्छस्तिष्ठन स्वपन भुंजन् ध्यायेन्त्रिष्कलमीश्वरम् स एव लययोगः स्यात'' (22-23)
==== राजयोग====
'''{{मुख्य|राजयोग}}'''
राजयोग सभी योगों का राजा कहलाया जाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। राजयोग का विषय चित्तवृत्तियों का निरोध करना है।
महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है। इन साधनों का उपयोग करके साधक के क्लेशों का नाश होता है, चित्त प्रसन्न होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है और विवेक ख्याति प्राप्त होती है।
: ''योगाडांनुष्ठानाद शुद्धिक्षये ज्ञानदीप्तिरा विवेक ख्यातेः'' (2/28)
राजयोग के अन्तर्गत महर्षि पतंजलि ने अष्टांग को इस प्रकार बताया है-
: ''यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टांगानि।''
योग के आठ अंगों में प्रथम पाँच बहिरंग तथा अन्य तीन अन्तरंग में आते हैं।
उपर्युक्त चार प्रकार के अतिरिक्त [[गीता]] में दो प्रकार के योगों का वर्णन मिलता है-
*(१) [[ज्ञानयोग]]
*(२) [[कर्म योग]]
ज्ञानयोग, सांख्ययोग से सम्बन्ध रखता है। पुरुष प्रकृति के बन्धनों से मुक्त होना ही ज्ञान योग है। सांख्य दर्शन में 25 तत्वों का वर्णन मिलता है।
== योग का इतिहास ==
[[Image:Shiva Pashupati.jpg|300px|thumb|right|मोहनजोदड़ो-हड़प्पा से प्राप्त मुहर में योगमुद्रा]]
{{Main|योग का इतिहास}}
वैदिक [[संहिता|संहिताओं]] के अंतर्गत तपस्वियों ''तपस (संस्कृत)'' के बारे में ([[ब्राह्मण|(कल | ब्राह्मण)]]) प्राचीन काल से [[वेदों]] में (१९०० से १५०० बी सी ई) उल्लेख मिलता है, जब कि तापसिक साधनाओं का समावेश प्राचीन वैदिक टिप्पणियों में प्राप्त है।<ref name="Flood, p. 94">[21] ^फ्लड, पी. 94.</ref> कई मूर्तियाँ जो सामान्य योग या [[समाधि]] मुद्रा को प्रदर्शित करती है, [[सिंधु घाटी सभ्यता]] (सी.3300-1700 बी.सी. इ.) के स्थान पर प्राप्त हुईं है। पुरातत्त्वज्ञ ग्रेगरी पोस्सेह्ल के अनुसार," ये मूर्तियाँ योग के धार्मिक संस्कार" के योग से सम्बन्ध को संकेत करती है।<ref>[22] ^ पोस्सेह्ल (2003), पीपी. 144-145</ref> यद्यपि इस बात का निर्णयात्मक सबूत नहीं है फिर भी अनेक पंडितों की राय में सिंधु घाटी सभ्यता और योग-[[ध्यान]] में सम्बन्ध है।<ref>देखें:
* [[योनातान मार्क केनोयेर|जोनाथन मार्क केनोयेरएक]] मूर्ती का "योग मुद्रा में बैटे हुए" ऐसा वर्णन करता है। [http://www.harappa.com/indus/33.html जोनाथन मार्क केनोयेर द्वारा लिखे, "अरौंड द इंडस इन ९० स्लाइड्स". ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090323041459/http://www.harappa.com/indus/33.html|date=23 मार्च 2009}}
* केरल वेर्नर लिखते है " पुरातात्विक खोज हमें अनुमान करने का समर्थन करता है की आर्य [[भारत]] के पूर्व के लोग योग शास्त्र की क्रियाओं से परिचित थे". {{cite book|url=http://books.google.com/books?id=c6b3lH0-OekC&pg=PA103|title=Yoga and Indian Philosophy|last=Werner|first=Karel|date=1998|publisher=Motilal Banarsidass Publ.|isbn=9788120816091|page=103}}[23]
* [[हेंरीच ज़िम्मर|हैनरिच ज़िम्मेर]] एक मुद्रा में "योगमुद्रा" का वर्णन करते है। {{cite book|url=https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm|title=Myths and Symbols in Indian Art and Civilization|last=Zimmer|first=Heinrich|publisher=Princeton University Press, New Ed edition|year=1972|ISBN=978-0691017785|page=[https://archive.org/details/mythssymbolsindi00zimm/page/n182 168]}}
* [[थॉमस मअकएविल्ले|थॉमस म्क्विल्ले]] लिखते है कि "यह छह रहस्यमय सिंधु घाटी मुद्रा की छवियों में जो उत्कीर्ण मूर्तियां है उन में हठ योग के ''मूलबन्धासन '' नाम के आसन, या उस से मिलता जुलता ''उत्कटासन '' या ''बद्धा कोनासना '' प्रदर्शित है।
{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=Vpqr1vNWQhUC&pg=PA219|title=The shape of ancient thought|last=McEvilley|first=Thomas|date=2002|publisher=Allworth Communications|isbn=9781581152036|pages=219-220}}
* डॉ॰ फरजंद मसीह, पंजाब विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष, हाल ही में प्राप्त एक मुद्रा का वर्णन एक योगी के रूप का कहते है। [http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm अपूर्व वस्तुओं की खोज खंडहर में निहित खजाने की ओर संकेत करता है। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100215133034/http://www.dawn.com/2007/05/08/nat7.htm|date=15 फ़रवरी 2010}}
* गेविन फ्लड, "पशुपति सील" जोकि अन्य सीलों मे से एक है, के बारे में विवाद करते हुए लिखते है कि यह रूप एक योग मुद्रा में बैठे व्यक्ति की स्पष्ट नहीं लगती या यह एक मानव आकृति का प्रतिनिधित्व करती लगती है। फ्लड, पीपी. 28-29 .
* पशुपति सील के बारे में जियोफ्रे सामुएल का मानना है कि,"वास्तव में हमें यह स्पष्ट नहीं है कि यह मूर्ति किसी नारी या पुरुष, किसकी व्याख्या करती है".{{cite book|url=http://books.google.com/books?id=JAvrTGrbpf4C&pg=PA4|title=The Origins of Yoga and Tantra|last=Samuel|first=Geoffrey|date=2008|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521695343|page=4}}[26]</ref>
[[ध्यान]] में उच्च चैतन्य को प्राप्त करने कि रीतियों का विकास श्रमानिक परम्पराओं द्वारा एवं उपनिषद् की परंपरा द्वारा विकसित हुआ था।<ref>[27] ^ फ्लड, पीपी. 94-95.</ref>
बुद्ध के पूर्व एवं प्राचीन ब्रह्मिनिक ग्रंथों मे [[ध्यान]] के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं, बुद्ध के दो शिक्षकों के ध्यान के लक्ष्यों के प्रति कहे वाक्यों के आधार पर वय्न्न यह तर्क करते है की निर्गुण ध्यान की पद्धति ब्रह्मिन परंपरा से निकली इसलिए उपनिषद् की [[सृष्टि]] के प्रति कहे कथनों में एवं ध्यान के लक्ष्यों के लिए कहे कथनों में समानता है।<ref>[28] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref> यह संभावित हो भी सकता है, नहीं भी.<ref>[29] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 56.</ref>
उपनिषदों में [[ब्रह्माण्ड]] सम्बन्धी बयानों के वैश्विक कथनों में किसी [[ध्यान]] की रीति की सम्भावना के प्रति तर्क देते हुए कहते है की [[नासदीय सूक्त]] किसी [[ध्यान]] की पद्धति की ओर [[ऋग्वेद]] से पूर्व भी इशारा करते है।<ref>[30] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौतलेड्ग 2007, पृष्ठ 51.</ref>
[[हिंदू]] ग्रंथ और [[बौद्ध]] ग्रंथ प्राचीन ग्रन्थो में से एक है जिन में ध्यान तकनीकों का वर्णन प्राप्त होता है।<ref>[31] ^ [[रिचर्ड गोम्ब्रिच]], ''थेरावदा बौद्ध धर्म: ए सोशल हिस्ट्री फ्रॉम इंसिएंत बनारस टू माडर्न कोलम्बो.'' रौतलेड्ग और केगन पॉल, 1988, पृष्ठ 44.</ref> वे ध्यान की प्रथाओं और अवस्थाओं का वर्णन करते है जो बुद्ध से पहले अस्तित्व में थीं और साथ ही उन प्रथाओं का वर्णन करते है जो पहले बौद्ध धर्म के भीतर विकसित हुईं.<ref>[32] ^ अलेक्जेंडर व्य्न्न, दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन. रौटलेड्ज 2007, पृष्ट 50</ref> हिंदु वाङ्मय में,"योग" शब्द पहले कथा उपनिषद में प्रस्तुत हुआ जहाँ ज्ञानेन्द्रियों का नियंत्रण और मानसिक गतिविधि के निवारण के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जो उच्चतम स्थिति प्रदान करने वाला माना गया है।<ref>[33] ^ फ्लड, पी. 95. विद्वानों कथा उपनिषद को पूर्व बौद्धत्व के साथ सूचीबद्ध नहीं करते, उदाहरण के लिए हेल्मथ वॉन ग्लासेनप्प देख सकते हैं,1950 कार्यवाही की "अकादेमी देर विस्सेंस्चाफ्तें," लितेरातुर अंड से [http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html http://www.accesstoinsight.org/ lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130204142029/http://www.accesstoinsight.org/lib/authors/vonglasenapp/wheel002.html |date=4 फ़रवरी 2013 }} कुछ लोग कहते हैं कि यह पद बौद्ध है, उदाहरण हाजिम नाकामुरा का ए हिस्ट्री ऑफ़ एअर्ली वेदान्त फिलोसोफी, फिलोसोफी ईस्ट अंड वेस्ट, वोल. 37, अंख. 3 (जुलाई., 1987) जिसे अरविंद शर्मा ने समीक्षा की है, पीपी. 325-331. पाली शब्द "योग" का उपयोग करने की एक व्यापक जांच के लिए पूर्व बौद्ध ग्रंथों में देखे, थॉमस विलियम र्ह्य्स डेविड, विलियम स्टेड, ''पाली-इंग्लिश शब्दकोष.'' मोतीलाल बनारसीदास पुब्ल द्वारा डालें., 1993, पृष्ठ 558: [http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+ term&ir = # PRA1 lr-PA558, M1.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150322083352/http://books.google.com/books?id=xBgIKfTjxNMC&pg=RA1-PA558&dq=yoga+pali+term&lr=#PRA1-PA558,M1 |date=22 मार्च 2015 }} धम्मपदा में
"आध्यात्मिक अभ्यास" के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग के लिए देखे गिल फ्रोंस्दल, दी धम्मपदा, शम्भाला, 2005, पृष्ठ 56, 130 देखा.</ref> महत्वपूर्ण ग्रन्थ जो योग की अवधारणा से सम्बंधित है वे मध्य कालीन [[उपनिषदों|उपनिषद्]], [[महाभारत]],[[भगवद गीता]] 200 BCE) एवं [[पतंजलि योगसूत्र|पतंजलि योग सूत्र]] है। (ca. 400 BCE)
==== पतंजलि के योग सूत्र ====
{{main|योग सूत्र}}
[[भारतीय दर्शन]] में, षड् [[आस्तिक|दर्शनों]] में से एक का नाम योग है।<ref>[35] ^ छह आस्तिक दर्शन सम्प्रदायों के एक सिंहावलोकन के लिए, समूह पर विस्तार के साथ देखें : राधाकृष्णन अंड मूर, "सामग्री" और पीपी. स्कूलों [35] ^453-487.</ref><ref>[36] ^ योग घराने के एक संक्षिप्त सिंहावलोकन के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग दार्शनिक प्रणाली,[[Samkhya|सांख्य]] स्कूल के साथ निकटता से संबन्धित है।<ref>[37] ^ दर्शन और संख्या के बीच घनिष्ठ संबंध के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> ऋषि [[पतंजलि]] द्वारा व्याख्यायित योग संप्रदाय [[संख्या|सांख्य]] मनोविज्ञान और तत्वमीमांसा को स्वीकार करता है, लेकिन सांख्य घराने की तुलना में अधिक आस्तिक है, यह प्रमाण है क्योंकि सांख्य वास्तविकता के पच्चीस तत्वों में ईश्वरीय सत्ता भी जोड़ी गई है।<ref>[38] ^ अवधारणाओं के योग स्वीकृति के लिए, लेकिन भगवान के लिए एक वर्ग के जोड़ने की क्रिया के साथ देखें: राधाकृष्णन अंड मूर, पी. 453.</ref><ref>[39]^ Samkhya के 25 सिद्धांतों को योगा ने स्वीकार करने के लिए देखें: चटर्जी अंड दत्ता, पी. 43.</ref> योग और सांख्य एक दूसरे से इतने मिलते-जुलते है कि मेक्स म्युल्लर कहते है,"यह दो दर्शन इतने प्रसिद्ध थे कि एक दूसरे का अंतर समझने के लिए एक को प्रभु के साथ और दूसरे को प्रभु के बिना माना जाता है।...."<ref>[40] ^ म्युलर (1899), अध्याय 7, "योग फिलोसोफी", पी. १०४.</ref> सांख्य और योग के बीच घनिष्ठ संबंध हेंरीच ज़िम्मेर समझाते है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">
इन दोनों को भारत में जुड़वा के रूप में माना जाता है, जो एक ही विषय के दो पहलू है।{{IAST|Sāṅkhya}}[41]यहाँ मानव प्रकृति की बुनियादी सैद्धांतिक का प्रदर्शन, विस्तृत विवरण और उसके तत्वों का परिभाषित, बंधन ''(बंधा)'' के स्थिति में उनके सहयोग करने के तरीके, सुलझावट के समय अपने स्थिति का विश्लेषण या मुक्ति में वियोजन [[मोक्ष]] की व्याख्या की गई है। योग विशेष रूप से प्रक्रिया की गतिशीलता के सुलझाव के लिए उपचार करता है और मुक्ति प्राप्त करने की व्यावहारिक तकनीकों को सिद्धांत करता है अथवा 'अलगाव-एकीकरण'''(कैवल्य)'' का उपचार करता है।<ref>[42] ^ ज़िम्मेर (1951), पी. 280.</ref>
</blockquote>
पतंजलि, व्यापक रूप से औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते है।<ref>[43] ^ दार्शनिक प्रणाली के संस्थापक पतंजलि योग को यह रूप दिया, देखें : चटर्जी और पी० दत्त
42</ref> पतंजलि योग, बुद्धि के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है जिसे [[राज योग]] के रूप में जाना जाता है।<ref>[44] ^ मन के नियंत्रण के लिए एक तंत्र के रूप में "राजा योग" के लिए और एक महत्वपूर्ण कार्य के रूप में पतंजलि के योग सूत्र के साथ संबंध के लिए देखे:
फ्लड (1996), पीपी.
96-98.</ref> पतंजलि उनके दूसरे सूत्र मे "योग" शब्द को परिभाषित करते है,<ref name="yogasutrastext">{{cite web| last = Patañjali| first = | authorlink = Patanjali| author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali| work = | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts| date = 2001-02-01| url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading| format = [[etext]]| doi = | accessdate = 2008-11-24| archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading| archive-date = 25 अगस्त 2011| url-status = dead}}</ref> जो उनके पूरे काम के लिए व्याख्या सूत्र माना जाता है:
<blockquote class="toccolours" style="float:none;padding:10px 15px 10px 15px;display:table">'''''योगः चित्त-वृत्ति निरोधः''' '' <br />- योग सूत्र 1.2</blockquote>
तीन संस्कृत शब्दों के अर्थ पर यह संस्कृत परिभाषा टिकी है। अई० के० तैम्नी इसकी अनुवाद करते है कि,"योग बुद्धि के संशोधनों (''{{IAST|vṛtti}}'' [49]) का निषेध (''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [48]) है" (''{{IAST|citta}}'' [50])। <ref>पाठ और शब्द मे से शब्द अनुवाद के लिए देखे:तैम्नी पी."योग इस दी इनहिबिशन ऑफ़ दी मोडीफिकेशंस ऑफ़ दी मैंड"
6.</ref> योग की प्रारंभिक परिभाषा मे इस शब्द ''{{IAST|nirodhaḥ}}'' [52] का उपयोग एक उदाहरण है कि बौद्धिक तकनीकी शब्दावली और अवधारणाओं, योग सूत्र मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है; इससे यह संकेत होता है कि बौद्ध विचारों के बारे में पतंजलि को जानकारी थी और अपने प्रणाली मे उन्हें बुनाई.<ref>[53] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतंजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 9.</ref>[[स्वामी विवेकानंद|स्वामी]] विवेकानंद इस सूत्र को अनुवाद करते हुए कहते है,"योग बुद्धि (चित्त) को विभिन्न रूप (वृत्ति) लेने से अवरुद्ध करता है।<ref>[54] ^ विवेकानाडा, पी. 115</ref>
[[चित्र:Yogisculpture.JPG|right|thumb|200px|इस, दिल्ली के बिरला मंदिर में एक हिंदू योगी की मूर्ति]]
पतंजलि का लेखन 'अष्टांग योग"("आठ-अंगित योग") एक प्रणाली के लिए आधार बन गया।
29<sup>th</sup> सूत्र के <sup>दूसरी </sup>किताब से यह आठ-अंगित अवधारणा को प्राप्त किया गया था और व्यावहारिक रूप मे भिन्नरूप से सिखाये गए प्रत्येक राज योग की एक मुख्य विशेषता है।
आठ अंग हैं:
# [[यम]] : सत्य, अहिंसा, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (अनावश्यक धन और सम्पत्ति एकत्र न करना), [[ब्रह्मचर्य]] ।
# [[नियम]] (पांच "धार्मिक क्रिया") : शौच (पवित्रता), सन्तोष, तपस, [[स्वाध्याय]] और ईश्वरप्राणिधान।
# [[आसन]]
# [[प्राणायाम]] : ''प्राण'', सांस, "अयाम ", को नियंत्रित करना या बंद करना। साथ ही जीवन शक्ति को नियंत्रण करने की व्याख्या की गयी है।
# [[प्रत्याहार]] : बाहरी वस्तुओं से भावना अंगों के प्रत्याहार
# [[धारणा]] ("एकाग्रता"): एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना
# [[ध्यान]] : ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन
# [[समाधि]] : ध्यान के वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना। इसके दो प्रकार है - सविकल्प और निर्विकल्प। निर्विकल्प समाधि में संसार में वापस आने का कोई मार्ग या व्यवस्था नहीं होती। यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
इस संप्रदाय के विचार मे, उच्चतम प्राप्ति विश्व के अनुभवी विविधता को [[माया (भ्रम)|भ्रम]] के रूप मे प्रकट नहीं करता.
यह दुनिया वास्तव है। इसके अलावा, उच्चतम प्राप्ति ऐसी घटना है जहाँ अनेक में से एक व्यक्तित्व [[आत्मन (हिंदू धर्म)|स्वयं]], आत्म को आविष्कार करता है, कोई एक सार्वभौमिक आत्म नहीं है जो सभी व्यक्तियों द्वारा साझा जाता है।<ref>[55] ^ स्टीफन एच. फिलिप्स, ''क्लास्सिकल इंडियन मेताफ्य्सिक्स: रेफुताशन्स ऑफ़ रेअलिस्म अंड दी एमेर्गेंस ऑफ़ "न्यू लॉजिक". '' ओपन कोर्ट प्रकाशन, 1995, पृष्ठ 12-13.</ref>
==== भगवद गीता ====
{{Main|भगवद्गीता}}
भगवद गीता (प्रभु के गीत), बड़े पैमाने पर विभिन्न तरीकों से ''योग'' शब्द का उपयोग करता है। एक पूरा अध्याय (छठा अध्याय) सहित पारंपरिक योग का अभ्यास को समर्पित, ध्यान के सहित, करने के अलावा<ref>[57] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकार का परिचय किया जाता है।<ref>[58] ^ भगवद गीता, एक पूरा अध्याय (ch. 6) पारंपरिक योग का अभ्यास करने के लिए समर्पित सहित. इस गीता मे योग के प्रसिद्ध तीन प्रकारों, जैसे 'ज्ञान' (ज्ञान), 'एक्शन'(कर्म) और 'प्यार' (भक्ति) का परिचय किया है।" फ्लड, पी. 96</ref>
* [[कर्म योग]]: कार्रवाई का योग। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।
* [[भक्ति योग]]: भक्ति का योग। भगवत कीर्तन। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।
* [[ज्ञान योग|ज्ञाना योग]]: ज्ञान का योग - ज्ञानार्जन करना।
[[मधुसूदन सरस्वती]] (जन्म 1490) ने गीता को तीन वर्गों में विभाजित किया है, जहाँ प्रथम छह अध्यायों मे कर्म योग के बारे मे, बीच के छह मे भक्ति योग और पिछले छह अध्यायों मे ज्ञाना (ज्ञान) योग के बारे मे बताया गया है।<ref>[59] ^ गम्भिरानान्दा, पी. 16</ref> अन्य टिप्पणीकार प्रत्येक अध्याय को एक अलग 'योग' से संबंध बताते है, जहाँ अठारह अलग योग का वर्णन किया है।<ref>[60] ^ जकोब्सन, पी. 46.</ref>
==== हठयोग ====
{{Main|हठ योग}}
हठयोग योग, योग की एक विशेष प्रणाली है जिसे 15वीं सदी के भारत में [[हठयोग प्रदीपिका|हठ योग प्रदीपिका]] के संकलक, योगी स्वत्मरमा द्वारा वर्णित किया गया था।
हठयोग पतंजलि के राज योग से काफी अलग है जो सत्कर्म पर केन्द्रित है, भौतिक शरीर की शुद्धि ही मन की, प्राण की और विशिष्ट ऊर्जा की शुद्धि लाती है।''[62]'' [63] केवल पतंजलि राज योग के ध्यान आसन के बदले, [64] यह पूरे शरीर के लोकप्रिय आसनों की चर्चा करता है।<ref name="Burley">[65] ^ हठयोग: यह प्रसंग, थिओरी अंड प्रक्टिस मिकेल बर्ली (पृष्ठ 16) द्वारा लिखा गया है।</ref> हठयोग अपनी कई आधुनिक भिन्नरूपों में एक शैली है जिसे बहुत से लोग "योग" शब्द के साथ जोड़ते है।<ref>[66] ^ फयूएर्स्तें, जोर्ग. 1996).''दी शम्भाला गाइड टू योग'' बोस्टन और लंदन: शम्भाला प्रकाशन, इंक</ref>
== अन्य परंपराओं में योग प्रथा ==
=== बौद्ध-धर्म ===
मेडिटेशन किसे कहते हैं {{main|बौद्ध योग}}
[[चित्र:Kamakura-buddha-1.jpg|thumb|right|200px|बुद्ध पद्मासन मुद्रा में योग ध्यान में.]]
[[प्राचीन भारत|प्राचीन]] बौद्धिक धर्म ने ध्यानापरणीय अवशोषण अवस्था को निगमित किया।<ref name="Heisig">[68] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 22) द्वारा लिखा गया है।</ref> बुद्ध के प्रारंभिक उपदेशों में योग विचारों का सबसे प्राचीन निरंतर अभिव्यक्ति पाया जाता है।<ref>[69] ^ बारबरा स्टोलेर मिलर, ''योगा:डिसिप्लिन टू फ्रीडम योग सूत्र पतांजलि को आरोपित किया है, पाठ का अनुवाद, टीका, परिचय और शब्दावली खोजशब्द के साथ.'' कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1996, पृष्ठ 8.</ref> बुद्ध के एक प्रमुख नवीन शिक्षण यह था की ध्यानापरणीय अवशोषण को परिपूर्ण अभ्यास से संयुक्त करे.<ref>[70] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 73.</ref> बुद्ध के उपदेश और प्राचीन ब्रह्मनिक ग्रंथों में प्रस्तुत अंतर विचित्र है।
बुद्ध के अनुसार, ध्यानापरणीय अवस्था एकमात्र अंत नहीं है, उच्चतम ध्यानापरणीय स्थिती में भी मोक्ष प्राप्त नहीं होता।
अपने विचार के पूर्ण विराम प्राप्त करने के बजाय, किसी प्रकार का मानसिक सक्रियता होना चाहिए:एक मुक्ति अनुभूति, ध्यान जागरूकता के अभ्यास पर आधारित होना चाहिए। <ref>[71] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 105.</ref> बुद्ध ने मौत से मुक्ति पाने की प्राचीन ब्रह्मनिक अभिप्राय को ठुकराया.<ref>[72] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 96.</ref> ब्रह्मिनिक योगिन को एक [[ध्यान|गैरद्विसंक्य द्रष्टृगत स्थिति]] जहाँ मृत्यु मे अनुभूति प्राप्त होता है, उस स्थिति को वे मुक्ति मानते है।
बुद्ध ने योग के निपुण की मौत पर मुक्ति पाने की पुराने ब्रह्मिनिक अन्योक्त ("उत्तेजनाहीन होना, क्षणस्थायी होना") को एक नया अर्थ दिया; उन्हें, ऋषि जो जीवन में मुक्त है के नाम से उल्लेख किया गया था।<ref>[73] ^ अलेक्जेंडर वैन, ''दी ओरिजिन ऑफ़ बुद्धिस्ट मेडिटेशन.'' रौटलेड्ज 2007, पृष्ठ 109.</ref>
{{seealso|प्राणायाम}}
==== योगकारा बौद्धिक धर्म ====
योगकारा(संस्कृत:"योग का अभ्यास"<ref>[75] ^ [http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm डान लास्थौस: "वोट इस अंड इसंट योगकारा"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131216190312/http://www.acmuller.net/yogacara/articles/intro-uni.htm |date=16 दिसंबर 2013 }}</ref>, शब्द विन्यास योगाचारा, दर्शन और मनोविज्ञान का एक संप्रदाय है, जो [[भारत]] में 4 वीं से 5 वीं शताब्दी मे विकसित किया गया था।
योगकारा को यह नाम प्राप्त हुआ क्योंकि उसने एक'' योग'' प्रदान किया, एक रूपरेखा जिससे [[बोधिसत्त्व]] तक पहुँचने का एक मार्ग दिखाया है।<ref>[76] ^ डान लास्थौस. बौद्ध फेनोमेनोलोगी: ए फिलोसोफिकल इन्वेस्टीगेशन ऑफ़ योगकारा बुद्धिस्म अंड दी चेंग वेई-शिह लुन. (रौटलेड्ज) 2002 प्रकाशित. ISBN 0-7007-1186-4.पग 533</ref> ज्ञान तक पहुँचने के लिए यह योगकारा संप्रदाय ''योग'' सिखाता है।<ref name="Simpkins">[77] ^ सरल तिब्बती बौद्ध धर्म: ए गाइड टू तांत्रिक लिविंग, सी अलेक्जेंडर सिम्प्किंस, अन्नेल्लें एम. सिम्प्किंस द्वारा लिखा गया है। 2001 प्रकाशित. टटल प्रकाशन. ISBN 0-8048-3199-8</ref>
==== छ'अन (सिओन/ ज़ेन) बौद्ध धर्म ====
[[ज़ेनो|ज़ेन]] (जिसका नाम संस्कृत शब्द "ध्याना से" उत्पन्न किया गया चीनी "छ'अन" के माध्यम से<ref>[78] ^ दी बुद्धिस्ट त्रडिशन इन इंडिया, भारत और जापान. विलियम थिओडोर डी बारी द्वारा संपादित किया गया है। पन्ने. 207-208. ISBN 0-394-71696-5 - "दी मेडिटेशन स्कूल ने, चीनी में ''"चान"'' नाम से कहते है जो संस्कृत शब्द ''ध्यान'' से लिया गया है, ''पश्चिम'' में जापानी उच्चारण ''ज़ेन'' " से जाना जाता है।</ref>)[[महायान बौद्ध धर्म]] का एक रूप है।
बौद्ध धर्म की महायान संप्रदाय योग के साथ अपनी निकटता के कारण विख्यात किया जाता है।<ref name="Heisig"/> पश्चिम में, जेन को अक्सर योग के साथ व्यवस्थित किया जाता है;ध्यान प्रदर्शन के दो संप्रदायों स्पष्ट परिवारिक उपमान प्रदर्शन करते है।<ref>[80] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौलिन|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पेज xviii)</ref> यह घटना को विशेष ध्यान योग्य है क्योंकि कुछ योग प्रथाओं पर ध्यान की ज़ेन बौद्धिक स्कूल आधारित है।[81]योग की कुछ आवश्यक तत्वों सामान्य रूप से बौद्ध धर्म और विशेष रूप से ज़ेन धर्म को महत्वपूर्ण हैं।<ref name="Knitter">[82] ^ ज़ेन बौद्ध धर्म: ए हिस्ट्री (भारत और चीन)[[हेंरीच दुमौली|हेंरीच डमौलिन]], जेम्स डब्ल्यू हेइसिग, पॉल एफ निटटर (पृष्ठ 13) द्वारा लिखा गया है। (पृष्ठ 13)</ref>
==== भारत और तिब्बत के बौद्धिक धर्म ====
योग [[तिब्बती बौद्ध धर्म]] का केंद्र है। न्यिन्गमा परंपरा में, ध्यान का अभ्यास का रास्ता नौ ''यानों'', या वाहन मे विभाजित है, कहा जाता है यह परम व्यूत्पन्न भी है।<ref>[83] ^ ''दी लैयेन्स रोर: अन इन्त्रोदुक्शन टू तंत्र ''
चोग्यम त्रुन्ग्पा द्वारा. शम्भाला, 2001 ISBN 1-57062-895-5</ref> अंतिम के छह को "योग यानास" के रूप मे वर्णित किया जाता है, यह है:''क्रिया योग'', ''उप योग (''चर्या'')'', ''योगा याना'', ''[[महायोग|महा योग]]'', ''[[अनुयोग|अनु योग]]'' और अंतिम अभ्यास ''[[अतियोग|अति योग.]]''<ref>[84] ^''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट'' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया। ISBN 1-57062-917-X पन्ना 37-38</ref> सरमा परंपराओं ने''महायोग और अतियोग की अनुत्तारा वर्ग'' से स्थानापन्न करते हुए क्रिया योग, उपा (चर्या) और योग को शामिल किया हैं। अन्य तंत्र योग प्रथाओं में 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास शामिल हैं।<ref>[85] ^ ''सीक्रेट ऑफ़ दी वज्र वर्ल्ड: दी तांत्रिक बुद्धिस्म ऑफ़ तिबेट '' रेय रेगिनाल्ड ए शम्भाला द्वारा : 2002 मे लिखा गया।ISBN 1-57062-917-X पन्ना 57</ref>
अन्य तंत्र योग प्रथाओं 108 शारीरिक मुद्राओं के साथ सांस और दिल ताल का अभ्यास को शामिल हैं।
यह न्यिन्गमा परंपरा यंत्र योग का अभ्यास भी करते है। (तिब. ''तरुल खोर''), यह एक अनुशासन है जिसमे सांस कार्य (या प्राणायाम), ध्यानापरणीय मनन और सटीक गतिशील चाल से अनुसरण करनेवाले का ध्यान को एकाग्रित करते है।<ref>[86] ^ ''योगा:दी तिबेतन योगा ऑफ़ मूवमेंट'', चोग्याल नम्खई नोरबू द्वारा लिखा गया है। स्नो लायन, 2008. ISBN 1-55939-308-4</ref>लुखंग मे दलाई लामा के सम्मर मंदिर के दीवारों पर तिब्बती प्राचीन योगियों के शरीर मुद्राओं चित्रित किया जाता है।
चांग (1993) द्वारा एक अर्द्ध तिब्बती योगा के लोकप्रिय खाते ने कन्दली (तिब.''तुम्मो'') अपने शरीर में गर्मी का उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहते है कि "यह संपूर्ण तिब्बती योगा की बुनियाद है".<ref>[87] ^ चांग, जी. सी.सी (1993).''तिबेतन योगा.'' न्यू जर्सी: कैरल प्रकाशन समूह. ISBN 0-8065-1453-1, पन्ना.7</ref> चांग यह भी दावा करते है कि तिब्बती योगा [[प्राण|प्राना]] और मन को सुलह करता है, और उसे [[तांत्रिक|तंत्रिस्म]] के सैद्धांतिक निहितार्थ से संबंधित करते है।
=== जैन धर्म ===
[[चित्र:Parsva Shatrunjay.jpg|thumb|right|100px|तीर्थंकर पार्स्व यौगिक ध्यान में कयोत्सर्गा मुद्रा में.]]
[[चित्र:Kevalajnana.jpg|thumb|175px][[महावीर]] को केवल ज्ञान प्राप्ति मुलाबंधासना मुद्रा में]]
दूसरी शताब्दी के जैन ग्रन्थ ''[[तत्त्वार्थसूत्र]]'', के अनुसार मन, वाणी और शरीर सभी गतिविधियों का कुल 'योग' है।
<ref>[88] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.1], मनु दोषी (2007) तत्त्वार्थसूत्र के अनुवाद, अहमदाबाद : श्रुत रत्नाकर पी. 102</ref> [[उमास्वामी]] कहते है कि ''[[आस्रव]]'' या कार्मिक प्रवाह का कारण योग है<ref>[89] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> साथ ही- [[रत्नत्रय (जैन)|सम्यक चरित्र]] अर्थात योग नियंत्रण और अन्त में निरोध मुक्ति के मार्ग मे बेहद आवश्यक है।
<ref>[90] ^ तत्त्वार्थसूत्र [6.2]</ref> अपनी ''नियमसार '' में, आचार्य [[कुन्दकुन्द]] ने ''योग भक्ति'' का वर्णन- भक्ति से मुक्ति का मार्ग - भक्ति के सर्वोच्च रूप के रूप मे किया है।<ref>[91] ^ नियमासरा [134-40]</ref> आचार्य [[हरिभद्र]] और आचार्य [[हेमचन्द्राचार्य|हेमचन्द्र]] के अनुसार पाँच प्रमुख उल्लेख संन्यासियों और 12 समाजिक लघु प्रतिज्ञाओं योग के अंतर्गत शामिल है। इस विचार के वजह से कही इन्डोलोज़िस्ट्स जैसे प्रो रॉबर्ट जे ज़्यीडेन्बोस ने जैन धर्म के बारे मे यह कहा कि यह अनिवार्य रूप से योग सोच की एक योजना है जो एक पूर्ण धर्म के रूप मे बढ़ी हो गयी।
<ref>[92] ^ ज्यडेन्बोस, रॉबर्ट. जैनिस्म टुडे अंड इट्स फ्यूचर. मूंछें: मन्या वेर्लग, 2006.
पन्ना.66</ref> डॉ॰ हेंरीच ज़िम्मर संतुष्ट किया कि योग प्रणाली को पूर्व आर्यन का मूल था, जिसने वेदों की सत्ता को स्वीकार नहीं किया और इसलिए जैन धर्म के समान उसे एक विधर्मिक सिद्धांतों के रूप में माना गया था
<ref>[93] ^ ज़िम्मर, हेंरीच (एड.) जोसेफ कैम्पबेल: फिलोसोफीस ऑफ़ इंडिया.न्यू यॉर्क: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस, 1969 पन्ना.60</ref> जैन शास्त्र, जैन [[तीर्थंकर|तीर्थंकरों]] को ध्यान मे ''[[पद्मासन|पद्मासना]]'' या ''कायोत्सर्ग '' योग मुद्रा में दर्शाया है। ऐसा कहा गया है कि महावीर को'' मुलाबंधासना'' स्थिति में बैठे ''[[केवल ज्ञान|केवला ज्ञान]]'' "आत्मज्ञान" प्राप्त हुआ जो अचरंगा सूत्र मे और बाद में [[कल्पसूत्र]] मे पहली साहित्यिक उल्लेख के रूप मे पाया गया है।<ref>[94] ^ क्रिस्टोफर चप्पल. (1993) नॉनविलँस टू अनिमल्स, अर्थ, अंड सेल्फ इन एशियन त्रदिशन्स.न्यू यॉर्क: सनी प्रेस, 1993 पन्ना. 7</ref>
पतंजलि योगसूत्र के पांच यामा या बाधाओं और जैन धर्म के पाँच प्रमुख प्रतिज्ञाओं में अलौकिक सादृश्य है, जिससे जैन धर्म का एक मजबूत प्रभाव का संकेत करता है।
<ref>[95] ^ ज्य्देंबोस (2006) पन्ना.66</ref><ref>[96] ^ विवियन वोर्थिन्ग्तन द्वारा ए हिस्ट्री ऑफ़ योगा (1982) रौटलेड्ज ISBN 0-7100-9258-X पन्ना. 29.</ref> लेखक विवियन वोर्थिंगटन ने यह स्वीकार किया कि योग दर्शन और जैन धर्म के बीच पारस्परिक प्रभाव है और वे लिखते है:"योग पूरी तरह से जैन धर्म को अपना ऋण मानता है और विनिमय मे जैन धर्म ने योग के साधनाओं को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया".
<ref>[97] ^ विवियन वोर्थिंगटन (1982) पन्ना. 35</ref> सिंधु घाटी मुहरों और इकोनोग्रफी भी एक यथोचित साक्ष्य प्रदान करते है कि योग परंपरा और जैन धर्म के बीच सांप्रदायिक सदृश अस्तित्व है।
<ref>[98] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, panna.6</ref> विशेष रूप से, विद्वानों और पुरातत्वविदों ने विभिन्न तिर्थन्करों की मुहरों में दर्शाई गई योग और ध्यान मुद्राओं के बीच समानताओं पर टिप्पणी की है: [[ऋषभदेव]] की "कयोत्सर्गा" मुद्रा और [[महावीर]] के ''मुलबन्धासन'' मुहरों के साथ ध्यान मुद्रा में पक्षों में सर्पों की खुदाई [[पार्श्वनाथ]] की खुदाई से मिलती जुलती है।
यह सभी न केवल सिंधु घाटी सभ्यता और जैन धर्म के बीच कड़ियों का संकेत कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न योग प्रथाओं को जैन धर्म का योगदान प्रदर्शन करते है।<ref>[99] ^ क्रिस्टोफर. (1993) चाप्पल, पप.6-9</ref>
===== जैन सिद्धांत और साहित्य के सन्दर्भ =====
{{मुख्य|जैन धर्म में योग}}
प्राचीनतम के जैन धर्मवैधानिक साहित्य जैसे आचाराङ्गसूत्र और नियमसार, तत्त्वार्थसूत्र आदि जैसे ग्रंथों ने साधारण व्यक्ति और तपस्वीयों के लिए जीवन का एक मार्ग के रूप में योग पर कई सन्दर्भ दिए है।
बाद के ग्रंथ, जिसमे योग की जैन अवधारणा विस्तारपूर्वक दी गयी है, वह निम्नानुसार हैं:
* पूज्यपाद (5 वीं शताब्दी ई०)
** ''इष्टोपदेश ''
* आचार्य हरिभद्र सूरी (8 वीं शताब्दी ई०)
** '' योगबिन्दु ''
** ''योगद्रिस्तिसमुच्काया ''
** ''योगशतक ''
** ''योगविंशिका ''
* आचार्य जोंदु (८वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसार''
* आचार्य हेमचन्द्र (११वीं सदी ई०)
** ''योगशास्त्र ''
* आचार्य अमितगति (११वीं शताब्दी ई०)
** ''योगसारप्राभृत ''
=== इस्लाम ===
[[सूफ़ीवाद|सूफी]] संगीत के विकास में भारतीय योग अभ्यास का काफी प्रभाव है, जहाँ वे दोनों शारीरिक मुद्राओं ([[आसन]]) और श्वास नियंत्रण ([[प्राणायाम]]) को अनुकूलित किया है।<ref>[100] ^ [http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc सीटूएटिंग सुफ्फिस्म अंड योगा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090327090930/http://www.unc.edu/~cernst/articles/JRAS2.doc |date=27 मार्च 2009 }}</ref> 11 वीं शताब्दी के प्राचीन समय में प्राचीन भारतीय योग पाठ, अमृतकुंड, ("अमृत का कुंड") का अरबी और फारसी भाषाओं में अनुवाद किया गया था।<ref>[101] ^ [http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml केरोलिना संगोष्ठी तुलनात्मक इस्लामी अध्ययन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090825225459/http://www.unc.edu/depts/islamsem/980522.shtml |date=25 अगस्त 2009 }} पर</ref>
सन 2008 में मलेशिया के शीर्ष [[इस्लाम|इस्लामिक]] समिति ने कहा जो [[मुस्लिम|मुस्लमान]] योग अभ्यास करते है उनके खिलाफ एक [[फतवा]] लागू किया, जो कानूनी तौर पर गैर बाध्यकारी है, कहते है कि योग में "[[हिंदु|हिंदू]] आध्यात्मिक उपदेशों" के तत्वों है और इस से ईश-निंदा हो सकती है और इसलिए यह [[हराम]] है।
मलेशिया में मुस्लिम योग शिक्षकों ने "अपमान" कहकर इस निर्णय की आलोचना कि.<ref name="cnn.com">[102] ^ [http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html श्रेय इस्लामी समुदाय: योगा मुसलमानों के लिए नहीं है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081205182658/http://www.cnn.com/2008/WORLD/asiapcf/11/22/malaysia.yoga.banned.ap/index.html|date=5 दिसंबर 2008}} - [[सी एन एन]]</ref> मलेशिया में महिलाओं के<ref name="cnn.com"/> समूह, ने भी अपना निराशा व्यक्त की और उन्होंने कहा कि वे अपनी योग कक्षाओं को जारी रखेंगे.<ref>[103] ^ [http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation http://thestar.com.my/news/story.asp?file=/2008/11/23/nation/2625368&sec=nation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110622072723/http://thestar.com.my/news/story.asp?file=%2F2008%2F11%2F23%2Fnation%2F2625368&sec=nation |date=22 जून 2011 }}</ref>
इस फतवा में कहा गया है कि शारीरिक व्यायाम के रूप में योग अभ्यास अनुमेय है, पर धार्मिक मंत्र का गाने पर प्रतिबंध लगा दिया है,<ref>[104] ^ [http://www.google.com/hostednews/ap/article/ALeqM5gkepLWOtoRT7YiTChjyOPSjkVtzAD94MIV500 "मलेशिया के नेता: योगा मंत्र के बिना योग मुसलमानों के लिए ठीक है,"]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एसोसिएटेड प्रेस</ref> और यह भी कहते है कि भगवान के साथ मानव का मिलाप जैसे शिक्षण इस्लामी दर्शन के अनुरूप नहीं है।<ref>[105] ^ [http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090106003351/http://www.islam.gov.my/portal/lihat.php?jakim=3600 |date=6 जनवरी 2009 }}</ref>
इसी तरह, उलेमस की परिषद, इंडोनेशिया में एक इस्लामी समिति ने योग पर प्रतिबंध, एक [[फतवा|फतवे]] द्वारा लागू किया क्योंकि इसमें "हिंदू तत्व" शामिल थे।<ref>[106] ^ [http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090217135238/http://news.bbc.co.uk/2/hi/asia-pacific/7850079.stm |date=17 फ़रवरी 2009 }}</ref> किन्तु इन फतवों को [[दारुल उलूम देवबन्द|दारुल उलूम देओबंद]] ने आलोचना की है, जो [[देवबन्द|देओबंदी]] इस्लाम का भारत में शिक्षालय है।<ref>{{Cite web |url=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |title=http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |access-date=19 अगस्त 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822195937/http://specials.rediff.com/news/2009/jan/29video-islam-allows-yoga-deoband.htm |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref>
सन 2009 मई में, तुर्की के निदेशालय के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के प्रधान शासक अली बर्दाकोग्लू ने योग को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में घोषित किया- योग के संबंध में कुछ आलोचनाये जो इसलाम के तत्वों से मेल नहीं खातीं.<ref>[108] ^ http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111011035805/http://www.hurriyet.com.tr/english/domestic/11692086.asp?gid=244 |date=11 अक्तूबर 2011 }}</ref>
=== ईसाई धर्म ===
सन 1989 में, [[वैटिकन]] ने घोषित किया कि ज़ेन और योग जैसे पूर्वी ध्यान प्रथाओं "शरीर के एक गुट में बदज़ात" हो सकते है।
वैटिकन के बयान के बावजूद, कई [[कैथोलिक धर्म|रोमन कैथोलिक]] उनके आध्यात्मिक प्रथाओं में योग , बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के तत्वों का प्रयोग किया है।<ref>{{cite news|url=http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C0CE1D61531F934A35752C0A966958260&sec=&spon=|title=Trying to Reconcile the Ways of the Vatican and the East |last=Steinfels|first=Peter|date=1990-01-07|work=New York Times|accessdate=2008-12-05}}</ref>
=== तंत्र ===
{{Main|तंत्र}}
तंत्र एक प्रथा है जिसमें उनके अनुसरण करनेवालों का संबंध साधारण, धार्मिक, सामाजिक और तार्किक वास्तविकता में परिवर्तन ले आते है।
[[तांत्रिक]] अभ्यास में एक व्यक्ति वास्तविकता को [[माया (भ्रम)|माया]], भ्रम के रूप में अनुभव करता है और यह व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होता है।<ref name="UCP">[112] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म: हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट अई लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 313</ref>[[हिंदुत्व|हिन्दू धर्म]] द्वारा प्रस्तुत किया गया निर्वाण के कई मार्गों में से यह विशेष मार्ग तंत्र को [[भारत में धर्म|भारतीय धर्मों]] के प्रथाओं जैसे योग, ध्यान, और सामाजिक [[संन्यास]] से जोड़ता है, जो सामाजिक संबंधों और विधियों से अस्थायी या स्थायी वापसी पर आधारित हैं।<ref name="UCP"/>
तांत्रिक प्रथाओं और अध्ययन के दौरान, छात्र को ध्यान तकनीक में, विशेष रूप से [[चक्र|चक्र ध्यान]], का निर्देश दिया जाता है। जिस तरह यह ध्यान जाना जाता है और तांत्रिक अनुयायियों एवं योगियों के तरीको के साथ तुलना में यह तांत्रिक प्रथाओं एक सीमित रूप में है, लेकिन सूत्रपात के पिछले ध्यान से ज्यादा विस्तृत है।
इसे एक प्रकार का [[कुंडलिनी योग]] माना जाता है जिसके माध्यम से ध्यान और पूजा के लिए "हृदय" में स्थित चक्र में देवी को स्थापित करते है।<ref>[114] ^ शीर्षक: मेसोकोस्म:हिंदू धर्म और नेपाल में एक पारंपरिक नेवार सिटी मे संगठन. लेखक: रॉबर्ट मैं लेवी. प्रकाशित: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रेस, 1991. पीपी 317</ref>
==भारत के प्रसिद्ध योगगुरु==
वैसे तो योग हमेशा से हमारी प्राचीन धरोहर रही है। समय के साथ-साथ योग विश्व प्रख्यात तो हुआ ही है साथ ही इसके महत्व को जानने के बाद आज योग लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग भी बन गया है। लेकिन योग के प्रचार-प्रसार में विश्व प्रसिद्ध योगगुरुओं का भी योगदान रहा है, जिनमें से '''अयंगार योग''' के संस्थापक [[बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगार|बी के एस अयंगर]], [[स्वामी शिवानंद]] और योगगुरु [[बाबा रामदेव|रामदेव]] का नाम अधिक प्रसिद्ध है।<ref>{{Cite web |url=http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402115555/http://khabar.ndtv.com/news/india/yoga-guru-bks-iyengar-dies-at-95-650330 |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बीकेएस अंयगर===
{{मुख्य|बी के एस अयंगार}}
अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में से एक माना जाता है और उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें भी लिखी थीं, जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=17 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402155843/http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BKS-Iyengar-dead-Yoga-legend-passes-away-at-96-Twitter-full-of-condolences-39-39-446211.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref> अयंगर का जन्म 14 दिसम्बर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। बताया जाता है कि अयंगर बचपन में काफी बीमार रहा करते थे। ठीक नहीं होने पर उन्हें योग करने की सलाह दी गयी और तभी से वह योग करने लगे। अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस योग को देश-दुनिया में फैलाया। सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 मार्च 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150402091707/http://www.prabhatkhabar.com/news/national/yoga-guru-bks-iyengar-died/142411.html |archive-date=2 अप्रैल 2015 |url-status=dead }}</ref>
===बाबा रामदेव===
{{मुख्य|बाबा रामदेव}}
बाबा रामदेव भारतीय योग-गुरु हैं, उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। [[रामदेव]] स्वयं जगह-जगह जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं।
==योग दिवस==
{{main|अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस}}
21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 192 देशों और 47 मुस्लिम देशों में योग दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली में एक साथ ३५९८५ लोगों ने योगाभ्यास किया।इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के एक साथ योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। <ref>{{Cite web |url=http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=23 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625055155/http://www.jagran.com/news/national-india-create-two-world-records-on-international-day-12507610.html |archive-date=25 जून 2015 |url-status=live }}</ref>
योग का उद्देश्य योग के अभ्यास के कई लाभों के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है।लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को योग का अभ्यास किया जाता है। शब्द ‘योग‘ संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना।
==योग का महत्व==
वर्तमान समय में अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं। योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है योग बहुत ही लाभकारी है। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्तिष्क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है। आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके लिए योग बहुत ही फायदेमंद है। योग के फायदे से आज सब ज्ञात है, जिस वजह से आज योग विदेशों में भी प्रसिद्ध है। अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे धीरे-धीरे आपका तनाव भी दूर हो सकता है।
== योग का लक्ष्य ==
योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर ''[[मोक्ष]] (आत्मा को [[परमेश्वर]] का अनुभव)'' प्राप्त करने तक है।<ref>[115] ^ जकोब्सन, पी. 10.</ref> जैन धर्म, [[अद्वैत वेदांत]] के [[वेदांत|मोनिस्ट]] संप्रदाय और [[शैव सम्प्रदाय|शैव संप्रदाय]] के अन्तर में योग का लक्ष्य मोक्ष का रूप लेता है, जो सभी सांसारिक कष्ट एवं जन्म और मृत्यु के चक्र [[संसार|(संसार)]] से मुक्ति प्राप्त करना है, उस क्षण में परम [[ब्राह्मण|ब्रह्मण]] के साथ समरूपता का एक एहसास है। महाभारत में, योग का लक्ष्य [[ब्रह्मा]] के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है, ब्रह्म के रूप में, अथवा [[आत्मा|आत्मन]] को अनुभव करते हुए जो सभी वस्तुओं मे व्याप्त है।<ref>जकोब्सन, पी. 9</ref>
मीर्चा एलीयाडे योग के बारे में कहते हैं कि यह सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, एक आध्यात्मिक तकनीक भी है। <ref>मीर्चा ईटु, मीर्चा एलीयाडे, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हज़ार छह, नब्बे का पृष्ठ। (ISBN 973-725-715-4)</ref> [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन]] लिखते हैं कि समाधि में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं: वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता।<ref>सर्पवल्ली राधाकृष्णन, भारतीय दर्शन, दूसरा खंड, लंडन, जॉर्ज एलन और उइंन का प्रकाशन संस्था, एक हजार नौ सौ छियासठ, तीन सौ अस्सी का पृष्ठ। (ISBN 978-019-569-841-1)</ref>
==योग के प्रसिद्ध ग्रन्थ==
{| class="wikitable"
|-
! ग्रन्थ !! रचयिता !! रचनाकाल/टिप्पणी
|-
| '''[[पतंजलि योगसूत्र|योगसूत्र]]''' || [[पतंजलि]] || ४०० ई. पूर्व
|-
| '''[[योगभाष्य]]''' || [[वेदव्यास]] || द्वितीय शताब्दी
|-
| '''[[तत्त्ववैशारदी]]''' || [[वाचस्पति मिश्र]] || ८४१ ई
|-
|'''[[योगयाज्ञवल्क्य]]''' || [[याज्ञवल्क्य]] || सबसे पुरानी संस्कृत पाण्डुलिपि ९वीं-१०वीं शताब्दी की है।
|-
| '''[[भोजवृत्ति]]''' || [[राजा भोज]] || ११वीं शताब्दी
|-
| '''[[गोरक्षशतक]]''' || [[गुरु गोरख नाथ]] || ११वीं-१२वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगचूडामण्युपनिषद]]''' || - || १४वीं-१५वीं शताब्दी (रिचर्ड रोसेन के अनुसार)
|-
| '''[[योगवार्तिक]]''' || [[विज्ञानभिक्षु]] || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसारसंग्रह]]''' || विज्ञानभिक्षु || १६वीं शताब्दी
|-
| '''[[हठयोगप्रदीपिका]]''' || [[स्वात्माराम|स्वामी स्वात्माराम]] || १५वीं-१६वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रवृत्ति]]''' || गणेशभावा || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[योगसूत्रवृत्ति]]''' || [[नागेश भट्ट]]<ref>[https://kymyogavaisharadi.org/display/bhashya/vritti/devanagari नागोजीभट्ट कृत वृत्ति]</ref> || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[शिवसंहिता]]''' || ऋषी आर्यवीर रुद्र || २५०० इ. पूर्व
|-
| '''[[घेरण्डसंहिता]]''' || [[घेरण्ड मुनि]]|| १५०० इ.पूर्व
|-
| '''[[हठरत्नावली]] || श्रीनिवास भट्ट || १७वीं शताब्दी
|-
| '''[[मणिप्रभा]]''' || रामानन्द यति|| १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[सूत्रार्थप्रबोधिनी]]''' || नारायण तीर्थ || १८वीं शताब्दी
|-
| '''[[जोगप्रदीपिका]]''' || जयतराम || १७३७ ई. / यह हिन्दी, ब्रजभाषा, खड़ी बोली की मिलीजुली भाषा में रचित है<br> और शब्दावली संस्कृत के अत्यन्त निकट है।
|-
| '''सचित्र योगसाधन''' || शिवमुनि || २०वीं शताब्दी ; हिन्दी में लिखित<ref>{{Cite web |url=https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |title=शिवमुनि महाराज का अमर साहित्य |access-date=31 दिसंबर 2022 |archive-date=31 दिसंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221231051935/https://www.shivmunisamaj.com/list-of-books-by-shivmuni |url-status=dead }}</ref>
|-
| '''[[योगदर्शनम्]]''' || [[स्वामी सत्यपति परिव्राजक]] || २१वीं शताब्दी
|}
==इन्हें भी देखें==
*[[योग का इतिहास]]
*[[योग दर्शन]]
*[[अष्टांग योग]]
*[[योगसूत्र]]
*[[हठयोग]]
*[[जैन धर्म में योग]]
*[[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस]]
*[[भारतीय मनोविज्ञान]] - कुछ लोग मानते हैं कि 'योग' भारतीय मनोविज्ञान का दूसरा नाम है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikt:योग_शब्दावली|योग-शब्दावली]]
* [https://indianculture2025k.blogspot.com/2020/06/disease-prevention-by-yoga.html योग द्वारा रोग निवारण]
* [https://kymyogavaisharadi.org/ योगवैशारदी] (कृणमचार्य योग मन्दिरम् की इस साइट पर योग के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं)
*[https://sanskrit.nic.in/syllabus/Prak_Shastri/PS_1_Sem_Yoga.pdf योग सैद्धान्तिक] (प्राक्शास्त्री प्रथमवर्ष, प्रथम सत्रार्ध के लिये)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== आगे पढ़ें ==
{{wiktionary}}
* {{cite book |last=Apte |first=Vaman Shivram |authorlink= |author2= |title=The Practical Sanskrit Dictionary |year=1965 |publisher=Motilal Banarsidass Publishers |location=Delhi |isbn=81-208-0567-4 }}(चौथा संशोधित और विस्तृत संस्करण)।
* {{cite book | last = Patañjali | first = | authorlink = Patañjali | author2 = | title = Yoga Sutras of Patañjali | publisher = Studio 34 Yoga Healing Arts | year = 2001 | location = | pages = | url = http://www.studio34yoga.com/yoga.php#reading | doi = | id = | isbn = | access-date = 19 अगस्त 2009 | archive-url = https://www.webcitation.org/61C1yPwVm?url=http://www.studio34yoga.com/classes#reading | archive-date = 25 अगस्त 2011 | url-status = dead }}
* चांग, जी सी सी (1993)। तिब्बती योग. न्यू जर्सी: कैरल पब्लिशिंग ग्रुप . ISBN 0-8065-1453-1
* {{cite book |series= |last=Chatterjee |first=Satischandra |authorlink= |author2=Datta, Dhirendramohan |title=An Introduction to Indian Philosophy |year=1984 |publisher=University of Calcutta |location=Calcutta |edition=Eighth Reprint Edition }}
* Donatelle, रेबेका जे हैल्थ: दी बेसिक्स. 6. एड. सैन फ्रांसिस्को: पियर्सन एडूकेशन, इंक 2005.
* फयूएर्स्तें, जोर्ज . दी शम्भाला गाइड टु योग. 1. एड. बोस्टन एंड लन्डन: शम्भाला पुब्लिकेशन्स 1996.
* {{cite book | last = Flood | first = Gavin | year = 1996 | title = An Introduction to Hinduism | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-43878-0 | url-access = registration | url = https://archive.org/details/introductiontohi0000floo }}
* {{cite book | last = Gambhirananda | first = Swami | year = 1998 | title = Madhusudana Sarasvati Bhagavad_Gita: With the annotation Gūḍhārtha Dīpikā| publisher = [[Advaita Ashrama]] Publication Department| location = Calcutta | isbn=81-7505-194-9}}
* {{cite book | last = Harinanda | first = Swami |author2= | year = | title = Yoga and The Portal | publisher = Jai Dee Marketing| location = | isbn=0978142950}}
* {{cite book | last = Jacobsen | first = Knut A. (Editor) |author2= Larson, Gerald James (Editor)| year = 2005 | title = Theory And Practice of Yoga: Essays in Honour of Gerald James Larson | publisher = Brill Academic Publishers| location = | isbn=9004147578}} (स्टडीज इन दी हिस्ट्री ऑफ़ रिलिजनस, 110)
* {{cite book |last=Keay |first=John|authorlink= |author2= |title=India: A History |url=https://archive.org/details/indiahistoryfrom0000unse |year=2000 |publisher=Grove Press |location=New York |isbn=0-8021-3797-0 }}
* मार्शल, जॉन (1931)। ''मोहेंजोदारो एंड दी इन्दुस सिविलैज़ेशन:वर्ष 1922-27 के बीच मोहेंजोदारो में भारत सरकार द्वारा किए एक सरकारी खाता पुरातत्व खुदाई के होने के नाते.'' दिल्ली:इन्दोलोगिकल बुक हाउस.
* {{cite book |last=Michaels |first=Axel|authorlink= |author2= |title=Hinduism: Past and Present |url=https://archive.org/details/hinduismpastpres0000mich |year=2004 |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, New Jersey|isbn=0-691-08953-1 }}
* [[धर्म मित्रा|मित्रा, धर्म श्री]]. आसन: 608 योगा मुद्रा. 1. एड. कैलिफोर्निया: नई वर्ल्ड लाइब्रेरी 2003.
* {{cite book | last = Müller | first = Max | authorlink= Max Müller |year = 1899 | title = Six Systems of Indian Philosophy; Samkhya and Yoga, Naya and Vaiseshika| publisher = Susil Gupta (India) Ltd.| location = Calcutta | isbn=0-7661-4296-5}}[129] ''पुस्तक का नया संस्करण; मूलतः यह दी सिक्स सिस्टम्स ऑफ़ इंडियन फिलोसोफी के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।''
* {{cite book |last=Possehl |first=Gregory|authorlink=Gregory Possehl |author2= |title=The Indus Civilization: A Contemporary Perspective |url=https://archive.org/details/induscivilizatio0000poss |year=2003 |publisher=AltaMira Press |location= |isbn=978-0759101722 }}
* {{cite book |series= |last=Radhakrishnan |first=S. |authorlink=Sarvepalli Radhakrishnan |author2=Moore, CA |title=A Sourcebook in Indian Philosophy |year=1967 |publisher=Princeton |location= |isbn=0-691-01958-4 |url-access=registration |url=https://archive.org/details/sourcebookinindi00radh }}
* सरस्वती, स्वामी सत्यानन्दा. नवंबर 2002 (12 वें संस्करण)। "आसन प्राणायाम मुद्रा बंधा" ISBN 81-86336-14-1
* {{cite book |series= |last=Taimni |first=I. K. |authorlink= |author2=|title=The Science of Yoga |url=https://archive.org/details/scienceofyogayog00unse|year=1961 |publisher=The Theosophical Publishing House |location=Adyar, भारत |isbn=81-7059-212-7 }}
* उशाराबुध, आर्य पंडित. फिलोसोफी ऑफ़ हठ योगा. 2. एड. पेन्नीसिलवेनिया
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* {{cite book |series= |last=Yogshala |first=Ekam Drishti |authorlink=Ekam Drishti Yogshala |author2=|title=Yoga And Its Role In Stress Management: How To Become Calmer And Focused |year=2021 |location=Rishikesh, India }}
* {{cite book |series= |last=Vivekananda |first=Swami |authorlink=Swami Vivekananda |author2=|title=Raja Yoga |url=https://archive.org/details/rjayogaorconquer0000vive|year=1994 |publisher=[[Advaita Ashrama]] Publication Department |location=Calcutta |isbn=81-85301-16-6 }} 21 रिप्रिंट एडिशन
* {{cite book |series= |last=Zimmer |first=Heinrich |authorlink=Heinrich Zimmer |author2=|title=Philosophies of India |year=1951 |publisher=Princeton University Press |location=New York, New York |isbn=0-691-01758-1 }} बोल्लिंगें सीरीज XXVI; जोसेफ कैम्बेल द्वारा संपादित.
* {{cite book |series= |last=Weber|first=Hans-Jörg L. |authorlink=Hans-Jörg L. Weber |author2=|title=Yogalehrende in Deutschland: eine humangeographische Studie unter besonderer Berücksichtigung von netzwerktheoretischen, bildungs- und religionsgeographischen Aspekten |year=2007 |publisher=University of Heidelberg |location=Heidelberg |}} https://web.archive.org/web/20090826191058/http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/savifadok/volltexte/2008/121/
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{{Infobox settlement
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'''उदयपुर''' (Udaipur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[उदयपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह राजस्थान का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपने इतिहास, संस्कृति और अपने आकर्षक स्थलों के लिये प्रसिद्ध है। इसे "पूर्व के वेनिस" के नाम से भी जाना जाता है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
उदयपुर में [[रेबारी]], [[डाँगी]], [[ब्राह्मण]], [[ राजपूत]] , [[ भील ]], [[मीणा]] के साथ अन्य कई जातियाँ निवास करती हैं। उदयपुर का प्रारंभिक इतिहास सिसोदिया राजवंश से जुड़ा है। एक मत के अनुसार सन् 1558 में महाराणा उदय सिंह - सिसोदिया राजपूत वंश - ने स्थापित किया था। अपनी झीलों के कारण यह शहर झीलों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। उदयपुर शहर [[सिसोदिया (राजपूत)|सिसोदिया राजवंश]] द्वारा शासित [[मेवाड़]] की [[राजधानी]] रहा है। राजस्थान का यह सुन्दर शहर देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक सपना सा लगता है। यह शहर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अनुपम है।<ref>{{Cite web|url=http://www.tourism.rajasthan.gov.in/hi/udaipur.html|title=Welcome to Rajasthan - Official Website of Department of Tourism, Government of Rajasthan|website=www.tourism.rajasthan.gov.in|language=en-IN|access-date=2021-05-30}}</ref> किसी समय विलायती प्रशासक जेम्स टोड ने उदयपुर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर "सबसे रुमानी" शहर कहा था <ref> [https://www.lonelyplanet.com/india/rajasthan/udaipur लोनली प्लैनेट]</ref>
== इतिहास ==
[[मेवाड़]] की राजधानी उदयपुर की स्थापना 1559 में महाराणा उदयसिंह ने की। किन्तु तिथि को लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। कुछ इतिहासकार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार उदयपुर की स्थापना आखातीज के दिन मानते हैं तो कुछ का कहना है कि उदयपुर की स्थापना पंद्रह अप्रैल 1553 में ही हो गई थी। जिसके प्रमाण उदयपुर(राजस्थान) के मोतीमहल में मिलते हैं। जिसे उदयपुर का पहला महल माना जाता है जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है, जिसकी सुरक्षा मोतीमगरी ट्रस्ट कर रहा है। महाराणा उदय सिंह द्वितीय, जो महाराणा प्रताप के पिता थे, चित्तौडग़ढ़ दुर्ग से मेवाड़ का संचालन करते थे। उस समय चित्तौडग़ढ़ निरन्तर मुगलों के आक्रमण से घिरा हुआ था। इसी दौरान महाराणा उदयसिंह अपने पौत्र अमरसिंह के जन्म के उपलक्ष्य में मेवाड़ के शासक भगवान एकलिंगजी के दर्शन करने कैलाशपुरी आए थे। उन्होंने यहाँ आयड़ नदी के किनारे शिकार के लिए डेरे डलवाए थे। तब उनके दिमाग में चित्तौडग़ढ़ पर मुगल आतताइयों के आक्रमण को लेकर सुरक्षित जगह राजधानी बनाए जाने का मंथन चल रहा था।
इसी दौरान उन्होंने एक शाम अपने सामंतों के समक्ष उदयपुर नगर बसाने का विचार रखा। जिसका सभी सामंत तथा मंत्रियों ने समर्थन किया। उदयपुर की स्थापना के लिए वह जगह तलाशने पहुँचे तब उन्होंने यहाँ पहला महल बनवाया, जिसका नाम मोती महल दिया, जो वर्तमान मोती मगरी पर खंडहर के रूप में मौजूद है। जिसको लेकर कई इतिहासकारों का मानना है कि मोतीमहल उदयपुर का पहला महल है और एक तरह से इस के निर्माण के साथ ही उदयपुर नगर की स्थापना शुरू हुई। स्थापना का दिन पंद्रह अप्रेल 1553 था और उस दिन आखातीज थी।
बाकी इतिहासकार भी यह मानते हैं कि उदयपुर की स्थापना आखातीज के दिन हुई है, लेकिन यह तिथि पंद्रह अप्रैल 1553 है इसको लेकर कोई शिलालेख या प्रमाण मौजूद नहीं हैं।
इतिहासकारों की मानें तो एक बार महाराणा उदयसिंह मोतीमहल में निवास कर रहे थे, तभी वह शिकार की भावना से खरगोश का पीछा करते हुए उस जगह पहुँचे जहाँ राजमहल मौजूद हैं। तब उदयुपर में फतहसागर नहीं था और वह एक सहायक नदी के रूप में था। वहाँ एक योगी साधू धूणी रमाए बैठे थे। साधू जगतगिरी से उनकी मुलाकात हुई और महाराणा के दिल का हाल जानकार साधू ने धूणी की जगह पर राज्य बसाने का सुझाव दिया, जिसे महाराणा ने मान लिया।
यह बात सन 1559 की थी। जिस पहाड़ी की चोटी पर महल का निर्माण कराया गया, वह समूचे शहर से दिखाई देता है। जहाँ अलग-अलग काल में महाराणाओं ने राजमहल का निर्माण कराया। बाद में सरदार, राव, उमराव और ठिकानों के लोग भी राजमहल के पास बसाए गए। जिनकी हवेलियाँ भी राजमहल के इर्द-गिर्द मौजूद हैं। इतिहासकार जोगेंद्र राजपुरोहित बताते हैं कि पंद्रह अप्रेल को इस तरह उदयपुर शहर की स्थापना हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-interesting-story-of-establishing-udaipur-19137747.html|title=इस तरह बसा उदयपुर, बाबाजी की धूणी पर बना राजमहल- उदयपुर के स्थापना की रोचक कहानी|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2021-05-31}}</ref>
=== पांच हज़ार साल पुरानी सभ्यता ===
उदयपुर की स्थापना से पांच हजार साल पहले आयड़ नदी के किनारे सभ्यता मौजूद थी। विभिन्न उत्खनन के स्तरों से पता चलता है कि प्रारंभिक बसावट से लेकर अठारहवीं सदी तक यहाँ कई बार बस्तियाँ बसी और उजड़ी। आहड़ के आस-पास तांबे की उपलब्धता के चलते यहाँ के निवासी इस धातु के उपकरण बनाते थे। इसी की वजह से यह [[तांबावती नगरी]] के नाम से जाना जाता था। इसी तरह पिछोली गांव भी महाराणा लाखा (सन 1382-1421 )के काल का है।
जब कुछ बंजारे यहाँ से गुजर रहे थे। छीतर नाम के बंजारे की बैलगाड़ी नमी वाली जगह धँस गई और वहाँ पानी का स्रोत जानकर खुदाई की और पिछोला झील का निर्माण हुआ था। तब यहाँ चारों तरफ पहाड़ी इलाके हुआ करते थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-interesting-story-of-establishing-udaipur-19137747.html|title=इस तरह बसा उदयपुर, बाबाजी की धूणी पर बना राजमहल- उदयपुर के स्थापना की रोचक कहानी|website=Dainik Jagran|language=hi|access-date=2021-05-31}}</ref>
== मेवाड़ ==
8वीं से 16वीं सदी तक बप्पा रावल के वंशजो ने अजेय शासन किया और तभी से यह राज्य [[मेवाड़|मेवाड]] के नाम से जाना जाता है।
बुद्धि तथा सुन्दरता के लिये विख्यात [[पद्मिनी|महारानी पद्मिनी]] भी यहीं की थी। कहा जाता है कि उनकी एक झलक पाने के लिये सल्तनत दिल्ली के सुल्तान [[अलाउद्दीन खिलजी|अल्लाउदीन खिलजी]] ने इस किले पर आक्रमण किया। रानी ने अपने चेहरे की परछाई को लोटस कुण्ड में दिखाया। इसके बाद उसकी इच्छा रानी को ले जाने की हुई। पर यह संभव न हो सका। क्योंकि महारानी सभी रानियों और सभी महिलाओं सहित एक-एक कर जलती हुयी आग जिसे विख्यात [[जौहर]] के नाम से जानते हैं, में कूद गयी और अल्लाउदीन खिलजी की इच्छा पूरी न हो सकी। मुख्य शासकों में [[बप्पा रावल]] (1433-68), [[राणा सांगा]] (1509-27) जिनके शरीर पर 80 घाव होने, एक टांग न (अपंग) होने, एक हाथ न होने के बावजूद भी शासन सामान्य रूप से चलाते थे बल्कि [[बाबर]] के खिलाफ लडाई में भी भाग लिया। और सबसे प्रमुख [[महाराणा प्रताप]] (1572-92) हुए जिन्होने [[अकबर]] की अधीनता नहीं स्वीकार की और राजधाने के बिना राज्य किया।
== दर्शनीय स्थल (शहर में) ==
{{main|उदयपुर के पर्यटन स्थल}}
;[[पिछोला झील]]
ऐतिहासिक दृष्टि से इस झील के बारे में कहा जाता है कि महाराणा लाखा के काल में इस झील का निर्माण एक बंजारे द्वारा करवाया गया इस झील के बीचों बीच एक नटनी का चबूतरा बना हुआ है महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने इस शहर की खोज के बाद इस झील का विस्तार कराया था। झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं। एक है जग निवास, जो अब लेक पैलेस होटल बन चुका है और दूसरा है जग मंदिर। दोनों ही महल राजस्थानी शिल्पकला के बेहतरीन उदाहरण हैं, बोट द्वारा जाकर इन्हें देखा जा सकता है।<ref>{{Cite web|url=http://rajasthansamvad.blogspot.com/2017/10/blog-post_59.html|title=Rajasthan general knowledge: पिछोला झील|date=2017-10-28|website=Rajasthan general knowledge|access-date=2021-05-31}}</ref>
;[[जग निवास द्वीप, उदयपुर]]
पिछोला झील पर बने द्वीप पैलेस में से एक यह महल, जो अब एक सुविधाजनक होटल का रूप ले चुका है। कोर्टयार्ड, कमल के तालाब और आम के पेड़ों की छाँव में बना स्विमिंग-पूल मौज-मस्ती करने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। आप यहाँ आएं और यहाँ रहने तथा खाने का आनंद लें, किंतु आप इसके भीतरी हिस्सों में नहीं जा सकते<ref>{{Cite web|url=https://hi.unionpedia.org/%E0%A4%9C%E0%A4%97_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8_%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA,_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0|title=जग निवास द्वीप, उदयपुर - यूनियनपीडिया, अर्थ वेब विश्वकोश|website=hi.unionpedia.org|language=hi|access-date=2021-05-31|archive-date=2 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210602214227/https://hi.unionpedia.org/%E0%A4%9C%E0%A4%97_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8_%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA,_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0|url-status=dead}}</ref>।
;[[जग मन्दिर, उदयपुर|जग मंदिर, उदयपुर]]
पिछोला झील पर बना एक अन्य द्वीप पैलेस। यह महल महाराजा [[करण सिंह द्वितीय|करण सिंह]] द्वारा बनवाया गया था, किंतु महाराजा [[जगत सिंह]] ने इसका विस्तार कराया। महल से बहुत शानदार दृश्य दिखाई देते हैं, गोल्डन महल की सुंदरता दुर्लभ और भव्य है।<ref>{{Cite web|url=https://m.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%9C%E0%A4%97_%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0|title=जग मंदिर उदयपुर {{!}} भारतकोश|website=m.bharatdiscovery.org|language=hi|access-date=2021-05-31}}</ref>
;[[सिटी पैलेस, उदयपुर]]
प्रसिद्ध और शानदार [[सिटी पैलेस, उदयपुर|सिटी पैलेस]] उदयपुर के जीवन का अभिन्न अंग है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा महल है। इस महल का निर्माण शहर के संस्थापक महाराणा उदय सिंह-द्वितीय ने करवाया था। उनके बाद आने वाले राजाओं ने इसमें विस्तार कार्य किए। तो भी इसके निर्माण में आश्चर्यजनक समानताएं हैं। महल में जाने के लिए उत्तरी ओर से बड़ीपोल से और त्रिपोलिया द्वार से प्रवेश किया जा सकता है।<ref>{{Cite web|url=https://m.bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80_%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B8_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0|title=सिटी पैलेस संग्रहालय उदयपुर {{!}} भारतकोश|website=m.bharatdiscovery.org|language=hi|access-date=2021-05-31}}</ref>
[[चित्र:Evening view, City Palace, Udaipur.jpg|center|550px|thumb|नगर महल (सिटी पैलेस) का सायंकाल का दृश्य]]
;[[शिल्पग्राम, उदयपुर]]
यह एक शिल्पग्राम है जहाँ गोवा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के पारंपरिक घरों को दिखाया गया है। यहाँ इन राज्यों के [[शास्त्रीय संगीत]] और नृत्य भी प्रदर्शित किए जाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://m-patrika-com.cdn.ampproject.org/v/s/m.patrika.com/amp-news/topic/shilpgram-udaipur-news/?amp_js_v=a6&_gsa=1&usqp=mq331AQFUAKwASA=#amp_ct=1622451565142&referrer=https://www.google.com&_tf=From%20%251$s&share=https://www.patrika.com/topic/shilpgram-udaipur-news/|title=Shilpgram in Udaipur: Photos, Videos, History in Hindi, Visit Timings, Entry Fee|website=m-patrika-com.cdn.ampproject.org|access-date=2021-05-31|archive-date=2 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210602213925/https://m-patrika-com.cdn.ampproject.org/v/s/m.patrika.com/amp-news/topic/shilpgram-udaipur-news/?amp_js_v=a6&_gsa=1&usqp=mq331AQFUAKwASA=#amp_ct=1622451565142&referrer=https://www.google.com&_tf=From%20%251$s&share=https://www.patrika.com/topic/shilpgram-udaipur-news/|url-status=dead}}</ref>
;[[मानसून भवन, उदयपुर|सज्जनगढ़]] (मानसून पैलेस)
उदयपुर शहर के दक्षिण में अरावली पर्वतमाला के एक पहाड़ का निर्माण महाराजा सज्जन सिंह ने करवाया था। यहाँ गर्मियों में भी अच्छी ठंडी हवा चलती है। सज्जनगढ़ से उदयपुर शहर और इसकी झीलों का सुंदर नज़ारा दिखता है। पहाड़ की तलहटी में अभयारण्य है। सायंकाल में यह महल रोशनी से जगमगा उठता है, जो देखने में बहुत सुंदर दिखाई पड़ता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bhaskar.com/rajasthan/jaipur/news/360-view-image-of-sajjangarh-fort-or-mansoon-palace-at-udaipur-rajasthan-01400883.html|title=उदयपुर का सबसे ऊंचा मानसून पैलेस, 132 साल पहले बादलों को देखने के लिए बनवाया था|website=Dainik Bhaskar|language=hi|access-date=2021-05-31}}</ref>
;[[फतेह सागर]]
महाराणा जय सिंह द्वारा निर्मित यह झील बाढ़ के कारण नष्ट हो गई थी, बाद में महाराणा फतेह सिंह ने इसका पुनर्निर्माण करवाया। झील के बीचों-बीच एक बगीचा नेहरु गार्डन, स्थित है। आप बोट अथवा ऑटो द्वारा झील तक पहुँच सकते हैं।
;[[मोती मगरी]]
यहाँ सिसोदिया राजपूत वंश के विश्व प्रसिद्ध महाप्रतापी राजा [[महाराणा प्रताप]] की मूर्ति है। मोती मगरी फतेहसागर के पास की पहाड़ी पर स्थित है। मूर्ति तक जाने वाले रास्तों के आसपास सुंदर बगीचे हैं, विशेषकर जापानी रॉक गार्डन दर्शनीय हैं।
;बाहुबली हिल्स, उदयपुर
बाहुबली हिल्स उदयपुर से १४ किलोमीटर दूर बड़ी तालाब के समीप की पहाड़ी पर स्थित है ये जगह युवाओ में लोकप्रिय है और उनका पसंदीदा स्थान बन चुकी है।
[[File:Bahubali hill.jpg|Bahubali_hill|thumb|बाहुबली हिल्स का दृश्य ]]'''[[एकलिंगजी|एकलिंगजी मंदिर]]'''<ref>{{Cite web|url=https://www.sightseechannel.com/2023/05/top-10-places-to-visit-in-udaipur.html|title=उदयपुर में घूमने की जगह - Top 10 Places To Visit In Udaipur|website=Sightsee - Best India Travel Blog and Vlogger On YouTube|language=en|access-date=2023-06-12}}</ref>
एकलिंगजी मंदिर राजस्थान के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है और उदयपुर के उत्तर में 22 किमी की दूरी पर स्थित है। एकलिंगजी मंदिर हिंदू धर्म के भगवान शिव को समर्पित है और इसकी शानदार वास्तुकला हर साल यहाँ कई पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसकी ऊंचाई लगभग 50 फीट है और इसके चार चेहरे भगवान शिव के चार रूपों को दर्शाते है। चाँदी के साँप की माला पहना हुआ शिवलिंग एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है।
;[[सहेलियों की बाड़ी]]
सहेलियों की बाड़ी / दासियों के सम्मान में बना बाग एक सजा-धजा बाग है। इसमें कमल के तालाब, फव्वारे, संगमरमर के हाथी और कियोस्क बने हुए हैं।
== दर्शनीय स्थल (आसपास) ==
* [[नाथद्वारा]] ४८ किलोमीटर दूर है उदयपुर से
* [[कुम्भलगढ़ दुर्ग|कुंभलगढ]] ८० किलोमीटर
* [[कांकरोली]] ७० किलोमीटर
* [[ऋषभदेव तहसील|ऋषभदेव]] यह केसरिया जी के नाम से भी प्रसिद्ध है।
*[[एकलिंगजी]] १३ किलोमीटर
*[[हल्दीघाटी]] २६ मील की दूरी पर स्थित
*[[जयसमंद]] झील
*[[सांवरिया जी मंदिर|सांवरियाजी का मंदिर]] 80किलोमीटर
*[[रणकपुर]]
*[[चित्तौड़गढ़ दुर्ग|चित्तौडगढ]]
*जगत निवास
* मेनार ५२ किलोमीटर दूर हैंं उदयपुर से
== यातायात ==
उदयपुर के सार्वजनिक यातायात के साधन मुख्यतः बस, ऑटोरिक्शा और रेल सेवा हैं।
;हवाई मार्ग
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा [[महाराणा प्रताप विमानक्षेत्र|उदयपुर हवाई अड्डा]] है। यह हवाई अड्डा उदयपुर से २० कि॰मी॰ दूर डबोक में है। [[जयपुर]], [[जोधपुर]], [[औरंगाबाद]], [[दिल्ली]] तथा [[मुम्बई|मुंबई]] से यहाँ नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं।
;रेल मार्ग
यहाँ [[उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन]] नामक रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन देश के अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है।
;सड़क मार्ग
यह शहर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 पर स्थित है। यह सड़क मार्ग से जयपुर से 9 घण्टे, दिल्ली से 14 घण्टे तथा मुंबई से 17 घण्टे की दूरी पर स्थित है।
== समाचार पत्र ==
* [[दैनिक भास्कर]]
* [[राजस्थान पत्रिका]]
* अपराह्न टाइम्स
==इन्हें भी देखें==
* [[मेवाड़]]
* [[जयपुर]]
* [[जोधपुर]]
* [[भरतपुर]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://bharatiyavisit.blogspot.com/2023/08/visit-lake-city-udaipur-low-budget.html?m=1 उदयपुर के दर्शनीय स्थल]
* [https://web.archive.org/web/20170515153840/http://ignca.nic.in/coilnet/rj066.htm मेवाद़ के दर्शनीय स्थल: उदयपुर]
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
{{उदयपुर}}
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:उदयपुर ज़िला]]
[[श्रेणी:उदयपुर ज़िले के नगर]]
[[श्रेणी:उदयपुर|*]]
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तेजेंद्र शर्मा
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2026-05-16T20:46:37Z
INDRESH.MOHAN
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ये तेजेंद्र शर्मा की कुछ नई रचनाएं हैं।
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|title=लंदन के तेजेंद्र शर्मा को विशेष साहित्य सेवी सम्मान
|date=२८ जुलाई २०१३
|work=दैनिक ट्रिब्यून
| language = hi}}</ref><br /> [[हरिवंशराय बच्चन|डॉ॰ हरिवंशराय बच्चन सम्मान]] (२००८)<br /> अंतरराष्ट्रीय स्पंदन कथा सम्मान (२०१४)
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}}
'''तेजेंद्र शर्मा''' (जन्म २१ अक्टूबर १९५२)<ref>{{Cite web |url=http://abhivyakti-hindi.org/lekhak/t/tejendersharma.htm |title=तेजेन्द्र शर्मा का परिचय अभिव्यक्ति में |access-date=1 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121006115418/http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/t/tejendersharma.htm |archive-date=6 अक्तूबर 2012 |url-status=dead }}</ref> [[ब्रिटेन]] में बसे भारतीय मूल के [[हिंदी]] कवि लेखक एवं नाटककार है।<ref>{{cite news
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|title=तेजेंद्र शर्मा को मिला अंतरराष्ट्रीय स्पंदन कथा सम्मान
|date=२९ जनवरी २०१४
|work=भास्कर
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|access-date=9 जुलाई 2014
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|archive-date=15 जुलाई 2014
|url-status=dead
}}</ref><ref>{{cite news
|url=http://www.nehrucentre.org.uk/events/details/article/celebrating-british-hindi-literature.html
|title=Celebrating British Hindi Literature
|date=
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|language=en
|access-date=9 जुलाई 2014
|archive-url=https://web.archive.org/web/20140714144118/http://www.nehrucentre.org.uk/events/details/article/celebrating-british-hindi-literature.html
|archive-date=14 जुलाई 2014
|url-status=dead
}}</ref>
इनका जन्म 21 अक्टूबर 1952 में [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] के जगरांव शहर में हुआ। तेजेन्द्र शर्मा की स्कूली पढ़ाई [[दिल्ली]] के अंधा मुग़ल क्षेत्र के सरकारी स्कूल में हुई। [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] से [[अंग्रेजी]] विषय में एम॰ए॰ तथा कम्प्यूटर में डिप्लोमा करने वाले तेजेन्द्र शर्मा [[हिन्दी]], [[अंग्रेजी]], [[पंजाबी]], [[उर्दू]] तथा [[गुजराती]] भाषाओं का ज्ञान रखते हैं।<ref>हिन्दी लेखक संदर्भिका, पृष्ठ-238, प्रकाशक- केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, पश्चिमी खण्ड-7, रामकृष्णपुरम, नई दिल्ली-110066
</ref> उनके द्वारा लिखा गया धारावाहिक 'शांति' दूरदर्शन से १९९४ में अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता प्राप्त कर चुका है। [[अन्नू कपूर]] निर्देशित फ़िल्म 'अभय' में [[नाना पाटेकर]] के साथ उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई है। वे [[इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट]] के संस्थापक तथा [[हिंदी साहित्य]] के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय सम्मान [[इन्दु शर्मा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान]] प्रदान करनेवाली संस्था 'कथा यू॰के॰' के सचिव हैं।
== प्रकाशित कृतियाँ ==
'''कहानी संग्रह'''- काला सागर<ref>संस्करण-1990, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली-11002. पृष्ठ संख्या - 98, मूल्यः रु.30=00
</ref>, ढिबरी टाईट<ref>संस्करण-1994, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली-11002. पृष्ठ संख्या - 133, मूल्यः रु.80=00
</ref>, देह की कीमत<ref>संस्करण-1999, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली-11002. दूसरा संस्करण, पृष्ठ संख्या- 127, मूल्यः रु.125=00
</ref>, ये क्या हो गया<ref>संस्करण-2003, डायमंड पाकेट बुक्स प्रा. लि., X-30 ओखला इंडस्ट्रियल एरिया Phase II, नई दिल्ली-110020. पृष्ठ संख्या-126, मूल्यः पेपरबैक- रु.60/- सजिल्दः रु.150=00
</ref>, पासपोर्ट के रंग, बेघर आंखें<ref>संस्करण-2007, अरू पब्लिकेशन्स (प्रा.) लि. 9, दरियागंज, टेलिफ़ोन ऑफ़िस के निकट, नई दिल्ली-110002. पृष्ठ संख्या 168, मूल्यः रु.200=00
</ref>, सीधी रेखा की परतें<ref>संस्करण-2009, तेजेन्द्र शर्मा की समग्र कहानियां भाग-1), वाणी प्रकाशन, अंसारी रोड, नई दिल्ली-110002. पृष्ठ संख्या - 276, मूल्यः रु.425=00
</ref>, कब्र का मुनाफा<ref>संस्करण-2010, सामयिक प्रकाशन, नई दिल्ली 110002. पृष्ठ संख्या 160, मूल्यः रु.250=00
</ref>, प्रतिनिधि कहानियां<ref>संस्करण 2014, किताबघर प्रकाशन, 4855-56/24 अंसारी रोड, नई दिल्ली-10002. पृष्ठ संख्या - 150, मूल्यः रु.250=00</ref> मेरी प्रिय कथाएं<ref>संस्करण-2014, ज्योतिपर्व प्रकाशन, 99 ज्ञानखण्ड-3, इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद-201012. पृष्ठ- 110, मूल्यः रु249=00</ref>, दीवार में रास्ता,<ref>संस्करण-2012, वाणी प्रकाशन, अंसारी रोड, नई दिल्ली-110002. पृष्ठ संख्या- 180, मूल्यः रु.295=00</ref> गोद उतराई<ref>{{Cite book|title=गोद उतराई|last=शर्मा|first=तेजेंद्र|publisher=शिवना प्रकाशन|year=2025|isbn=978-93-48636-16-4|location=सीहोर, मध्य प्रदेश|pages=108}}</ref>
'''कविता एवं गजल संग्रह'''- ये घर तुम्हारा है,<ref>संस्करण-2007 - कविता एवं ग़ज़ल संग्रह), मेधा प्रकाशन, नवीन शाहदरा, दिल्ली-110032. पृष्ठ संख्या - 126, मूल्यः रु.200=00</ref> टेम्स नदी के तट से<ref>{{Cite book|title=टेम्स नदी के तट से|last=शर्मा|first=तेजेन्द्र|publisher=प्रलेक प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड|year=2021|isbn=978-81-946662-9-5|location=महाराष्ट्र|pages=179}}</ref>
'''अनूदित साहित्य'''- ढिबरी टाइट नाम से पंजाबी (2004), पासपोर्ट का रंगहरू नाम से नेपाली (2006), ईंटों का जंगल नाम से उर्दू (2007) में उनकी अनूदित कहानियों के संग्रह प्रकाशित हुए हैं।
== संपादन ==
# समुद्र पार रचना संसार-2008(21 प्रवासी लेखकों की कहानियों का संकलन)
# यहाँ से वहाँ तक-2006 (ब्रिटेन के कवियों का कविता संग्रह)
# ब्रिटेन में उर्दू क़लम-2010
# समुद्र पार हिन्दी ग़ज़ल-2011
# प्रवासी संसार कथा विशेषांक-2011
# सृजन संदर्भ पत्रिका का प्रवासी साहित्य विशेषांक-2012
# देशान्तर- प्रवासी कहानी संग्रह (दिल्ली हिन्दी अकादमी-2012)
#दो वर्ष तक ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाली पत्रिका पुरवाई का संपादन।
== पुरस्कार व सम्मान ==
'''भारत में'''-
# केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा का डॉ॰ मोटूरि सत्यनारायण सम्मान-२०११<ref>{{cite news
|url=http://news.apnimaati.com/2013/11/blog-post_5625.html
|title=तेजेंद्र शर्मा को मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार
|date=
|work=अपनी माटी
|language=
|access-date=9 जुलाई 2014
|archive-url=https://web.archive.org/web/20140714152736/http://news.apnimaati.com/2013/11/blog-post_5625.html
|archive-date=14 जुलाई 2014
|url-status=dead
}}</ref><ref>{{cite news
|url=http://www.amarujala.com/news/states/haryana/panchkula/Panchkula-18122-146/
|title=कथाकार तेजेंद्र शर्मा को विशेष साहित्य सेवी सम्मान
|date=२९ जुलाई २०१३
|work=[[अमर उजाला]]
|language=hi
|access-date=9 जुलाई 2014
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}}</ref>
# यू.पी. हिन्दी संस्थान का प्रवासी भारतीय साहित्य भूषण सम्मान-२००३
# हरियाणा राज्य साहित्य अकादमी सम्मान- २०१२<ref>{{cite news
|url=http://hindi.webdunia.com/nri-nriactivities/%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-1130117042_1.htm
|title=तेजेंद्र शर्मा को हरियाणा साहित्य अकादमी सम्मान
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}}</ref>
# ढिबरी टाइट के लिये महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार-१९९५ प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों
# सहयोग फ़ाउंडेशन का युवा साहित्यकार पुरस्कार-१९९८
# सुपथगा सम्मान-१९८७
# प्रथम संकल्प साहित्य सम्मान- दिल्ली (२००७)
# तितली बाल पत्रिका का साहित्य सम्मान - बरेली (२००७)
'''विदेश में'''-
# भारतीय उच्चायोग, लन्दन द्वारा डॉ॰ हरिवंशराय बच्चन सम्मान (२००८)
# कृति यू॰के॰ द्वारा वर्ष २००२ के लिये बेघर आंखें को सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार
# अंतरराष्ट्रीय स्पंदन कथा सम्मान (२०१४)<ref>{{cite news
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|title=तेजेंद्र शर्मा को मिला अंतरराष्ट्रीय स्पंदन कथा सम्मान
|date=२९ जनवरी २०१४
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|language=hi
|access-date=9 जुलाई 2014
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|archive-date=14 जुलाई 2014
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}}</ref>
== सन्दर्भ ==
<references/>
== इन्हें भी देखें ==
* [[आधुनिक हिंदी गद्य का इतिहास]]
* [[आधुनिक हिंदी पद्य का इतिहास]]
* [[हिंदी साहित्य]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20140812204137/http://www.shabdankan.com/2014/08/Bahikhata-Tejinder-Sharma.html ''बहीखाता'' '''शब्दांकन''' पर ]
* [https://web.archive.org/web/20090423114517/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE तेजेंद्र शर्मा की रचनाएँ कविता कोश में]
* [https://web.archive.org/web/20060720213803/http://www.abhivyakti-hindi.org/kahaniyan/vatan_se_door/index.htm लोकप्रिय प्रवासी कथाकार व उनकी रचनाएं]
* [https://web.archive.org/web/20060824070620/http://anubhuti-hindi.org/dishantar/index.htm लोकप्रिय प्रवासी कवि व उनकी कविताएँ]
* [https://web.archive.org/web/20060929132851/http://www.abhivyakti-hindi.org/snibandh/2004/britain_hindi/britain_hindi1.htm यू के में हिंदी:उद्भव और विकास]
{{पद्मभूषण डॉ॰ मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार}}
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जीत
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'''जीत''' शब्द प्रायः विजय के लिए उपयोग होता है।
== व्यक्ति ==
* [[जीत (अभिनेता)]], अभिनेता
* [[जीत गांगुली]], संगीतकार
* [[जीत थाइल]], साहित्यकार
== फ़िल्म ==
* [[जीत (1949 फ़िल्म)]]
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'''जीत''' शब्द प्रायः विजय के लिए उपयोग होता है।
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'''जीत''' शब्द प्रायः विजय के लिए उपयोग होता है।
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संघ लोक सेवा आयोग
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'''संघ लोक सेवा आयोग''' [[भारत का संविधान|भारत के संविधान]] द्वारा स्थापित एक संवैधानिक व्यवस्था है जो [[भारत सरकार]] के लोकसेवा के पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का संचालन करती है। संविधान के '''भाग-14 के अंतर्गत अनुच्छेद''' '''315-323''' में एक संघीय लोक सेवा आयोग और राज्यों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के गठन का प्रावधान है।<ref>[http://www.upsc.gov.in/about-us/constitutional-provisions "Constitutional Provisions"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200413052545/https://www.upsc.gov.in/about-us/constitutional-provisions |date=13 अप्रैल 2020 }}. www.upsc.gov.in.</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20111203131448/http://lawmin.nic.in/olwing/coi/coi-english/Const.Pock%202Pg.Rom8Fsss(19).pdf "PART XIV: SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES"] (PDF). lawmin.nic.in. Archived from the original (PDF) on 3 December 2011.</ref>
== इतिहास ==
[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] के दौरान राष्ट्रवादियों की एक प्रमुख मांग थी कि लोक सेवा आयोग में भर्ती भारत में हो, क्योंकि तब इसकी परीक्षा [[इंग्लैंड]] में हुआ करती थी। प्रथम लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्तूबर 1926 को हुई। भारत के स्वतंत्र होने पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत 26 अक्तूबर 1950 को लोक आयोग की स्थापना हुई। इसे संवैधानिक दर्जा देने के साथ-साथ स्वायत्तता भी प्रदान की गयी ताकि यह बिना किसी दबाव के योग्य अधिकारियों की भर्ती क़र सके। इस नव स्थापित लोक सेवा आयोग को 'संघ लोक सेवा आयोग' नाम दिया गया।
सन १९१९ में तत्कालीन अंग्रेजी शासकों ने भारत के लिये स्वायत्त शासन की आवश्यकता स्वीकार की। ५ मार्च १९१९ के भारतीय वैधानिक सुधार विषयक प्रथम प्रेषणापत्र में कहा गया :
:''अधिकतर राज्यों में, जहाँ स्वायत शासन की स्थापना हो चुकी हैं, इस बात की आवश्यकता अनुभूत की जाती हैं कि सार्वजनिक सेवाओं को राजनीतिक प्रभावों से सुरक्षित रखना चाहिए और उसके हेतु एक ऐसा स्थायी कार्यालय स्थापित किया गया है जो विविध सेवाओं का नियंत्रण करता है। हम लोग इस समय भारत में ऐसे सार्वजनिक सेवा आयोग की स्थापना के लिये उद्यत नहीं हैं, परंतु हम देख रहे हैं कि ये सेवाएँ, क्रम से, अधिकाधिक मंत्रियों के नियंत्रण में आती जाएँगी, जिसके कारण यह उचित है कि इस प्रकार की संस्था का आरंभ किया जाय।''
१९१९ के [[भारतीय शासन विधान]] में इस भावना की व्यावहारिक अभिव्यक्ति मिलती है। उसमें एक सार्वजनिक सेवा आयोग की स्थापना का विधान था जिसकी सेवाओं के लिये पदाधिकारियों की भर्ती, भारत की सार्वजनिक सेवाओं का नियंत्रण तथा ऐसे अन्य कर्त्तव्य होंगे जिनका निर्देश सपरिषद भारत सचिव करेंगे। परंतु उस आयोग की स्थापना तत्काल नहीं हुई। १९२३ में, लॉर्ड ली के नेतृत्व में, एक रॉयल कमिशन नियुक्त हुआ, जिसको भारत उच्च सेवाओं के ऊपर विचार एवं विवरण प्रस्तुत करना था। उस कमिशन ने, अपने २७ मार्च १९२४ के विवरण में, तत्काल उस लोक सेवा आयोग की स्थापना की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, जिसका १९१९ के विधान में संकेत किया गया था। उसका प्रस्ताव था कि उक्त आयोग के निम्नलिखित चार मुख्य कार्य होंगे:
:(१) सार्वजनिक सेवाओं के लिये कर्मचारियों की भर्ती,
:(२) सेवाओं में प्रविष्ट होनेवाले व्यक्तियों की योग्यताओं का विधान तथा उचित मान स्थिर करना,
:(३) सेवाओं के अधिकारों की सुरक्षा करना तथा नियंत्रण एवं अनुशासन की व्यवस्था करना, जो लगभग न्यायविधान की कोटि का कार्य है।
:(४) सामान्य रूप से सेवा संबंधी समस्याओं पर परामर्श एवं अनुमति देना।
उस लोकसेवा आयोग की स्थापना १९२६ के अक्टूबर मास में हुई। एक नियमावली बनाई गई जिसमें इस बात का विधान था कि अखिल भारत की प्रथम और द्वितीय श्रेणियों की सेवाओं के, उन प्रतियोगिता परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों के निर्धारण जिनके द्वारा कर्मचारियों का निर्वाचन हो, उक्त सेवाओं के लिये पदोन्नति, अनुशासनीय कार्य, वेतन, भत्ते, पेंशन, प्रॉविडेंट फंड एवं पारिवारिक पेंशन विषय आदि मामलों में सरकार उससे परामर्श ले। किसी वर्ग विशेष या सभी सेवाओं के नियमाधार तथा छुट्टी आदि के नियमों के प्रश्नों पर भी सरकार उक्त आयोग से परामर्श करेगी।
उक्त नियमावली में आयोग के लिये जो नियम निर्दिष्ट किए गए थे उनका सुधार तथा स्थायीकरण उस श्वेतपत्र के द्वारा हुआ जिसमें वैधानिक सुधारों के लिये ऐसे प्रस्ताव थे जिनके अनुसार प्रत्येक सूबे के लिये भी आयोगों की स्थापना करने का विधान था। उन सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं की वयवस्था करना जिनके द्वारा पदाधिकारियों का चुनाव हो, केंद्रीय तथा सूबे के आयोगों का कर्त्तव्य बतलाया गया। सरकार को आयोगों से इसका भी परामर्श करना था कि सेवाओं के लिये, किस प्रकार चुनाव के द्वारा नियुक्ति हो, पदोन्नति कैसे किए जाएँ, एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण कैसे किए जाएँ, आदि।
उक्त श्वेतपत्र में यह प्रस्ताव भी किया गया था कि सरकार को आयोगों से भिन्न विषयों पर भी परामर्श लेना चाहिए:
:(क) अनुशासनीय कार्य,
:(ख) यदि किसी पदाधिकारी के विरुद्ध कोई अभियोग चलाया गया हो तो उसके रक्षाविषयक व्यय की सरकार द्वारा पूर्ति।
:(ग) समय समय के अधिनियमों के अनुसार उठे हुए अन्य प्रश्न।
१९३५ के [[भारतीय विधान]] के परिच्छेद २६६ में, उपर्युक्त प्रस्तावों को स्थायी रूप दिया गया।<ref>[http://vle.du.ac.in/mod/book/print.php?id=10252&chapterid=17113 "Civil Administration and legal foundation"]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}. vle.du.ac.in. Retrieved 23 June 2017.</ref> उसमें लोक सेवा आयोगों के कर्त्तव्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया गया। यह कहा जा सकता है कि उक्त विधान के द्वारा ही आयोगों की अंतिम एवं स्थायी रूप में रचना की गई थी। आज के केंद्रीय अथवा राज्यों के आयोग का संगठन, रूप एवं आधार, सब उसी पर अवलंबित हैं।
स्वतंत्रता के बाद, संविधान सभा ने अनुभव किया कि सिविल सेवाओं में निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करने के साथ ही सेवा हितों की रक्षा के लिए संघीय एवं प्रांतीय, दोनों स्तरों पर लोक सेवा आयोगों को एक सुदृढ़ और स्वायत्त स्थिति प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की गई।
== सदस्य ==
आयोग के सदस्य [[राष्ट्रपति]] द्वारा नियुक्त होते हैं। कम से कम आधे सदस्य किसी लोक सेवा के सदस्य (कार्यरत या अवकाशप्राप्त) होते हैं जो न्यूनतम 10 वर्षों के अनुभवप्राप्त हों। इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की उम्र (जो भी पहले आए) तक का होगा। ये कभी भी अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को दे सकते हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इन्हें पद की अवमानना या अवैध कार्यों
में लिप्त होने के लिए बर्ख़ास्त कर सकता है।
== कार्य ==
इसका प्रमुख कार्य केन्द्र तथा राज्यों की लोकसेवा के लिए सदस्यों का चयन करना है। इसके लिए यह विभिन्न परीक्षाएं संचालित करती है। इनमें से प्रमुख हैं -
# सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (मई में)
# सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा (अक्टूबर/नवम्बर में)
# भारतीय वन सेवा परीक्षा (जुलाई में)
# भारतीय इंजीनियरी सेवा परीक्षा (जुलाई में)
# भू-विज्ञानी परीक्षा (दिसम्बर में)
# स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसेज़ परीक्षा (अगस्त में)
# राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा (अप्रैल और सितम्बर में)
# सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (मई और अक्टूबर में)
# सम्मिलित चिकित्सा सेवा परीक्षा (फरवरी में)
# भारतीय अर्थ सेवा/भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा (सितम्बर में)
# अनुभाग अधिकारी/आशुलिपिक (ग्रेड ख/ग्रेड 1) सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (दिसम्बर में)
इसके अतिरिक्त राज्य लोक सेवा के अधिकारियों को संघ लोक सेवा से अधिकारी के रूप में भर्ती करना, भर्ती के नियम बनाना, विभागीय पदोन्नति समितियों का आयोजन करना, भारत के राष्ट्रपति द्वारा निर्दिष्ट कोई अन्य मामला सुलझाना इत्यादि इसके प्रमुख कार्य हैं।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20070209103414/http://www.upsc.gov.in/general/hindi/general_h.htm आधिकारिक जालस्थल]
* [https://sarkarifayde.com/psc-kya-hai/ लोक सेवा आयोग परीक्षा पैटर्न जाने] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250117181644/https://sarkarifayde.com/psc-kya-hai/ |date=17 जनवरी 2025 }}।
*[https://upsczone.in/upsc-admit-card-2026-out/ UPSC ADMIT CARD 2026 DOWNLOAD LINK ]
{{भारतीय आयोग}}
[[श्रेणी:भारत सरकार]]
[[श्रेणी:संगठन]]
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2026-05-17T01:32:38Z
Upsczoneindia
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छोटा सा सुधार किया।
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wikitext
text/x-wiki
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|leader_name = अजय कुमार
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|website = [http://upsc.gov.in/ संघ लोक सेवा आयोग जालस्थल]
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}}
'''संघ लोक सेवा आयोग''' [[भारत का संविधान|भारत के संविधान]] द्वारा स्थापित एक संवैधानिक व्यवस्था है जो [[भारत सरकार]] के लोकसेवा के पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का संचालन करती है। संविधान के '''भाग-14 के अंतर्गत अनुच्छेद''' '''315-323''' में एक संघीय लोक सेवा आयोग और राज्यों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के गठन का प्रावधान है। लोक सेवा आयोग हर साल अपनी परीक्षा मई व जून में करवाता है। अच्छी बात ये है कि लोक सेवा आयोग का पेपर आज तक लीक नहीं हुआ है।<ref>[http://www.upsc.gov.in/about-us/constitutional-provisions "Constitutional Provisions"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200413052545/https://www.upsc.gov.in/about-us/constitutional-provisions |date=13 अप्रैल 2020 }}. www.upsc.gov.in.</ref><ref>[https://web.archive.org/web/20111203131448/http://lawmin.nic.in/olwing/coi/coi-english/Const.Pock%202Pg.Rom8Fsss(19).pdf "PART XIV: SERVICES UNDER THE UNION AND THE STATES"] (PDF). lawmin.nic.in. Archived from the original (PDF) on 3 December 2011.</ref>
== इतिहास ==
[[भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन]] के दौरान राष्ट्रवादियों की एक प्रमुख मांग थी कि लोक सेवा आयोग में भर्ती भारत में हो, क्योंकि तब इसकी परीक्षा [[इंग्लैंड]] में हुआ करती थी। प्रथम लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्तूबर 1926 को हुई। भारत के स्वतंत्र होने पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत 26 अक्तूबर 1950 को लोक आयोग की स्थापना हुई। इसे संवैधानिक दर्जा देने के साथ-साथ स्वायत्तता भी प्रदान की गयी ताकि यह बिना किसी दबाव के योग्य अधिकारियों की भर्ती क़र सके। इस नव स्थापित लोक सेवा आयोग को 'संघ लोक सेवा आयोग' नाम दिया गया।
सन १९१९ में तत्कालीन अंग्रेजी शासकों ने भारत के लिये स्वायत्त शासन की आवश्यकता स्वीकार की। ५ मार्च १९१९ के भारतीय वैधानिक सुधार विषयक प्रथम प्रेषणापत्र में कहा गया :
:''अधिकतर राज्यों में, जहाँ स्वायत शासन की स्थापना हो चुकी हैं, इस बात की आवश्यकता अनुभूत की जाती हैं कि सार्वजनिक सेवाओं को राजनीतिक प्रभावों से सुरक्षित रखना चाहिए और उसके हेतु एक ऐसा स्थायी कार्यालय स्थापित किया गया है जो विविध सेवाओं का नियंत्रण करता है। हम लोग इस समय भारत में ऐसे सार्वजनिक सेवा आयोग की स्थापना के लिये उद्यत नहीं हैं, परंतु हम देख रहे हैं कि ये सेवाएँ, क्रम से, अधिकाधिक मंत्रियों के नियंत्रण में आती जाएँगी, जिसके कारण यह उचित है कि इस प्रकार की संस्था का आरंभ किया जाय।''
१९१९ के [[भारतीय शासन विधान]] में इस भावना की व्यावहारिक अभिव्यक्ति मिलती है। उसमें एक सार्वजनिक सेवा आयोग की स्थापना का विधान था जिसकी सेवाओं के लिये पदाधिकारियों की भर्ती, भारत की सार्वजनिक सेवाओं का नियंत्रण तथा ऐसे अन्य कर्त्तव्य होंगे जिनका निर्देश सपरिषद भारत सचिव करेंगे। परंतु उस आयोग की स्थापना तत्काल नहीं हुई। १९२३ में, लॉर्ड ली के नेतृत्व में, एक रॉयल कमिशन नियुक्त हुआ, जिसको भारत उच्च सेवाओं के ऊपर विचार एवं विवरण प्रस्तुत करना था। उस कमिशन ने, अपने २७ मार्च १९२४ के विवरण में, तत्काल उस लोक सेवा आयोग की स्थापना की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, जिसका १९१९ के विधान में संकेत किया गया था। उसका प्रस्ताव था कि उक्त आयोग के निम्नलिखित चार मुख्य कार्य होंगे:
:(१) सार्वजनिक सेवाओं के लिये कर्मचारियों की भर्ती,
:(२) सेवाओं में प्रविष्ट होनेवाले व्यक्तियों की योग्यताओं का विधान तथा उचित मान स्थिर करना,
:(३) सेवाओं के अधिकारों की सुरक्षा करना तथा नियंत्रण एवं अनुशासन की व्यवस्था करना, जो लगभग न्यायविधान की कोटि का कार्य है।
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उस लोकसेवा आयोग की स्थापना १९२६ के अक्टूबर मास में हुई। एक नियमावली बनाई गई जिसमें इस बात का विधान था कि अखिल भारत की प्रथम और द्वितीय श्रेणियों की सेवाओं के, उन प्रतियोगिता परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों के निर्धारण जिनके द्वारा कर्मचारियों का निर्वाचन हो, उक्त सेवाओं के लिये पदोन्नति, अनुशासनीय कार्य, वेतन, भत्ते, पेंशन, प्रॉविडेंट फंड एवं पारिवारिक पेंशन विषय आदि मामलों में सरकार उससे परामर्श ले। किसी वर्ग विशेष या सभी सेवाओं के नियमाधार तथा छुट्टी आदि के नियमों के प्रश्नों पर भी सरकार उक्त आयोग से परामर्श करेगी।
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उक्त श्वेतपत्र में यह प्रस्ताव भी किया गया था कि सरकार को आयोगों से भिन्न विषयों पर भी परामर्श लेना चाहिए:
:(क) अनुशासनीय कार्य,
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:(ग) समय समय के अधिनियमों के अनुसार उठे हुए अन्य प्रश्न।
१९३५ के [[भारतीय विधान]] के परिच्छेद २६६ में, उपर्युक्त प्रस्तावों को स्थायी रूप दिया गया।<ref>[http://vle.du.ac.in/mod/book/print.php?id=10252&chapterid=17113 "Civil Administration and legal foundation"]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}. vle.du.ac.in. Retrieved 23 June 2017.</ref> उसमें लोक सेवा आयोगों के कर्त्तव्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया गया। यह कहा जा सकता है कि उक्त विधान के द्वारा ही आयोगों की अंतिम एवं स्थायी रूप में रचना की गई थी। आज के केंद्रीय अथवा राज्यों के आयोग का संगठन, रूप एवं आधार, सब उसी पर अवलंबित हैं।
स्वतंत्रता के बाद, संविधान सभा ने अनुभव किया कि सिविल सेवाओं में निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करने के साथ ही सेवा हितों की रक्षा के लिए संघीय एवं प्रांतीय, दोनों स्तरों पर लोक सेवा आयोगों को एक सुदृढ़ और स्वायत्त स्थिति प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की गई।
== सदस्य ==
आयोग के सदस्य [[राष्ट्रपति]] द्वारा नियुक्त होते हैं। कम से कम आधे सदस्य किसी लोक सेवा के सदस्य (कार्यरत या अवकाशप्राप्त) होते हैं जो न्यूनतम 10 वर्षों के अनुभवप्राप्त हों। इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की उम्र (जो भी पहले आए) तक का होगा। ये कभी भी अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को दे सकते हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इन्हें पद की अवमानना या अवैध कार्यों
में लिप्त होने के लिए बर्ख़ास्त कर सकता है।
== कार्य ==
इसका प्रमुख कार्य केन्द्र तथा राज्यों की लोकसेवा के लिए सदस्यों का चयन करना है। इसके लिए यह विभिन्न परीक्षाएं संचालित करती है। इनमें से प्रमुख हैं -
# सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (मई में)
# सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा (अक्टूबर/नवम्बर में)
# भारतीय वन सेवा परीक्षा (जुलाई में)
# भारतीय इंजीनियरी सेवा परीक्षा (जुलाई में)
# भू-विज्ञानी परीक्षा (दिसम्बर में)
# स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसेज़ परीक्षा (अगस्त में)
# राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा (अप्रैल और सितम्बर में)
# सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (मई और अक्टूबर में)
# सम्मिलित चिकित्सा सेवा परीक्षा (फरवरी में)
# भारतीय अर्थ सेवा/भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा (सितम्बर में)
# अनुभाग अधिकारी/आशुलिपिक (ग्रेड ख/ग्रेड 1) सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (दिसम्बर में)
इसके अतिरिक्त राज्य लोक सेवा के अधिकारियों को संघ लोक सेवा से अधिकारी के रूप में भर्ती करना, भर्ती के नियम बनाना, विभागीय पदोन्नति समितियों का आयोजन करना, भारत के राष्ट्रपति द्वारा निर्दिष्ट कोई अन्य मामला सुलझाना इत्यादि इसके प्रमुख कार्य हैं।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20070209103414/http://www.upsc.gov.in/general/hindi/general_h.htm आधिकारिक जालस्थल]
* [https://sarkarifayde.com/psc-kya-hai/ लोक सेवा आयोग परीक्षा पैटर्न जाने] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250117181644/https://sarkarifayde.com/psc-kya-hai/ |date=17 जनवरी 2025 }}।
*[https://upsczone.in/upsc-admit-card-2026-out/ UPSC ADMIT CARD 2026 DOWNLOAD LINK ]
{{भारतीय आयोग}}
[[श्रेणी:भारत सरकार]]
[[श्रेणी:संगठन]]
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स्वामी शिवानन्द सरस्वती
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2026-05-17T11:25:17Z
अनुनाद सिंह
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/* बाहरी कड़ियाँ */
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text/x-wiki
[[चित्र:Swami Chinmayananda on his day of Sannyas initiation, with Guru Swami Sivananda and other disciples, Feb 25, 1949, Maha Shivratri Day.jpg|right|thumb|300px|स्वामी शिवानन्द, [[स्वामी चिन्मयानन्द]] सहित अन्य शिष्यों के साथ (चिन्मयानन्द के संन्यास की दीक्षा के समय)]]
[[चित्र:Krishnananda and Sivananda 1945.jpg|right|thumb|300px|स्वामी कृष्णानन्द एवं स्वामी शिवानन्द (दाएँ)]]
'''स्वामी शिवानन्द सरस्वती''' (१८८७-१९६३) [[वेदान्त दर्शन|वेदान्त]] के महान आचार्य और [[सनातन धर्म]] के विख्यात नेता थे। उनका जन्म [[तमिल नाडु]] में हुआ पर [[संन्यास]] के पश्चात उन्होंने जीवन [[ऋषिकेश]] में व्यतीत किया।
स्वामी शिवानन्द का जन्म अप्यायार दीक्षित वंश में 8 सितम्वर 1887 को हुआ था। उन्होने बचपन में ही [[वेदान्त दर्शन|वेदान्त]] की अध्ययन और अभ्यास किया। इसके बाद उन्होने [[आयुर्विज्ञान|चिकित्साविज्ञान]] का अध्ययन किया। तत्पश्चात उन्होने [[मलेशिया]] में डाक्टर के रूप में लोगों की सेवा की। सन् 1924 में चिकित्सा सेवा का त्याग करने के पश्चात [[ऋषिकेश]] में बस गये और कठिन आध्यात्मिक साधना की।
सन् १९३२ में उन्होंने [[शिवानंद आश्रम, मुनि की रेती|शिवानन्द आश्रम]] के कार्यों का श्रीगणेश किया। सन् १९३६ में [[दिव्य जीवन संघ]] की स्थापना हुई। सन् १९४८ में योग-वेदान्त अरण्य अकादमी के कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये। इन सबका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार करना तथा व्यक्तियों को योग और वेदान्त में प्रशिक्षण देना था। सन् १९५० में स्वामी जी ने भारत तथा सीलोन की यात्रा की। सन् १९५३ में उन्होंने 'विश्व धर्म संसद' का संयोजन किया।
[[अध्यात्मवाद|अध्यात्म]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] और [[योग]] पर उन्होने लगभग 300 पुस्तकों की रचना की। संसार भर में उनके शिष्य हैं— जिनमें सभी राष्ट्रों के निवासी तथा सभी धर्मों और मतों के अनुयायी सम्मिलित हैं। स्वामी जी की पुस्तकों का अध्ययन करना परम प्रज्ञामृत का पान करने के समान है। १४ जुलाई १९६३ को स्वामी जी महासमाधि में लीन हुए।
== ख्यातिलब्ध शिष्य ==
*[[स्वामी चिन्मयानंद|स्वामी चिन्मयानन्द]] - [[चिन्मय मिशन]] के संस्थापक
*[[सहजानन्द सरस्वती|स्वामी सहजानन्द सरस्वती]] - [[दक्षिण अफ्रीका]] की लाइफ डिवाइन सोसायटी के अध्यक्ष
*[[सत्यानन्द सरस्वती|स्वामी सत्यानन्द सरस्वती]] - [[बिहार योग विद्यालय]] के संस्थापक
*[[ओंकारानन्द सरस्वती]] - [[ओंकारानन्द आश्रम]] के संस्थापक
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वामी शिवानन्द]] ([[रामकृष्ण मिशन]] के द्वितीय अध्यक्ष)
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.chhathpuja.co/community/viewdiscussion/2083-swami-sivananda-saraswati-quotes-hindi?groupid=2041= योगी संत श्री शिवानंद सरस्वती विचार]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}
* [https://web.archive.org/web/20130322150407/http://www.helloraipur.com/chhattisgarh/raipur/left_Utility.php?pid=1021&cat=social&head=&pg= आधुनिक विश्व में सम्पूर्ण योग विद्या के प्रणेता-योगी संत श्री शिवानंद सरस्वती]
{{योग}}
[[श्रेणी:हिन्दू आध्यात्मिक नेता]]
[[श्रेणी:हिन्दू गुरु]]
[[श्रेणी:भारतीय योगी]]
[[श्रेणी:1887 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९६३ में निधन]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के लोग]]
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AMAN KUMAR
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WIKIDATA ज्ञान संदूक जोड़ा
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text/x-wiki
{{Wikidata Infobox}}
[[चित्र:Swami Chinmayananda on his day of Sannyas initiation, with Guru Swami Sivananda and other disciples, Feb 25, 1949, Maha Shivratri Day.jpg|right|thumb|300px|स्वामी शिवानन्द, [[स्वामी चिन्मयानन्द]] सहित अन्य शिष्यों के साथ (चिन्मयानन्द के संन्यास की दीक्षा के समय)]]
'''स्वामी शिवानन्द सरस्वती''' (१८८७-१९६३) [[वेदान्त दर्शन|वेदान्त]] के महान आचार्य और [[सनातन धर्म]] के विख्यात नेता थे। उनका जन्म [[तमिल नाडु]] में हुआ पर [[संन्यास]] के पश्चात उन्होंने जीवन [[ऋषिकेश]] में व्यतीत किया।
स्वामी शिवानन्द का जन्म अप्यायार दीक्षित वंश में 8 सितम्वर 1887 को हुआ था। उन्होने बचपन में ही [[वेदान्त दर्शन|वेदान्त]] की अध्ययन और अभ्यास किया। इसके बाद उन्होने [[आयुर्विज्ञान|चिकित्साविज्ञान]] का अध्ययन किया। तत्पश्चात उन्होने [[मलेशिया]] में डाक्टर के रूप में लोगों की सेवा की। सन् 1924 में चिकित्सा सेवा का त्याग करने के पश्चात [[ऋषिकेश]] में बस गये और कठिन आध्यात्मिक साधना की।
सन् १९३२ में उन्होंने [[शिवानंद आश्रम, मुनि की रेती|शिवानन्द आश्रम]] के कार्यों का श्रीगणेश किया। सन् १९३६ में [[दिव्य जीवन संघ]] की स्थापना हुई। सन् १९४८ में योग-वेदान्त अरण्य अकादमी के कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये। इन सबका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार करना तथा व्यक्तियों को योग और वेदान्त में प्रशिक्षण देना था। सन् १९५० में स्वामी जी ने भारत तथा सीलोन की यात्रा की। सन् १९५३ में उन्होंने 'विश्व धर्म संसद' का संयोजन किया।
[[अध्यात्मवाद|अध्यात्म]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] और [[योग]] पर उन्होने लगभग 300 पुस्तकों की रचना की। संसार भर में उनके शिष्य हैं— जिनमें सभी राष्ट्रों के निवासी तथा सभी धर्मों और मतों के अनुयायी सम्मिलित हैं। स्वामी जी की पुस्तकों का अध्ययन करना परम प्रज्ञामृत का पान करने के समान है। १४ जुलाई १९६३ को स्वामी जी महासमाधि में लीन हुए।
== ख्यातिलब्ध शिष्य ==
*[[स्वामी चिन्मयानंद|स्वामी चिन्मयानन्द]] - [[चिन्मय मिशन]] के संस्थापक
*[[सहजानन्द सरस्वती|स्वामी सहजानन्द सरस्वती]] - [[दक्षिण अफ्रीका]] की लाइफ डिवाइन सोसायटी के अध्यक्ष
*[[सत्यानन्द सरस्वती|स्वामी सत्यानन्द सरस्वती]] - [[बिहार योग विद्यालय]] के संस्थापक
*[[ओंकारानन्द सरस्वती]] - [[ओंकारानन्द आश्रम]] के संस्थापक
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वामी शिवानन्द]] ([[रामकृष्ण मिशन]] के द्वितीय अध्यक्ष)
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.chhathpuja.co/community/viewdiscussion/2083-swami-sivananda-saraswati-quotes-hindi?groupid=2041= योगी संत श्री शिवानंद सरस्वती विचार]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}
* [https://web.archive.org/web/20130322150407/http://www.helloraipur.com/chhattisgarh/raipur/left_Utility.php?pid=1021&cat=social&head=&pg= आधुनिक विश्व में सम्पूर्ण योग विद्या के प्रणेता-योगी संत श्री शिवानंद सरस्वती]
{{योग}}
[[श्रेणी:हिन्दू आध्यात्मिक नेता]]
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आर्य समाज
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text/x-wiki
{{आज का आलेख}}
{{Infobox organization
| image = Arya Samaj 2000 stamp of India.jpg
| caption = सन २००० में आर्यसमाज को समर्पित एक डाकटिकट
| logo =
| motto = "कृण्वन्तो विश्वमार्यम्"<br />(विश्व को आर्य (श्रेष्ठ) बनाते चलो।)
| formation = {{Start date and age|1875|04|10|df=yes|p=y}}<br />[[मुम्बई]])
| type = [[धार्मिक संगठन]]
| status = न्यास (Foundation)
| purpose = समाज सुधार, शैक्षिक, धार्मिक शिक्षा, अध्यात्म
| headquarters = [[नई दिल्ली]]
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| main_organ = [[परोपकारिणी सभा]]
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}}
'''आर्य समाज''' एक [[हिन्दू धर्म|हिन्दू]] [[सुधार आन्दोलन|सुधार आन्दोलन]] है जिसकी स्थापना [[दयानन्द सरस्वती|स्वामी दयानन्द सरस्वती]] ने [[१८७५]] में [[मुम्बई|बंबई]] में [[मथुरा]] के [[स्वामी विरजानन्द]] की प्रेरणा से की थी।<ref>{{Cite web |url=http://hindi.webdunia.com/religion/religion/personality/0903/07/1090307025_2.htm |title=आधुनिक भारत का रहस्य-1 |access-date=7 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131228021928/http://hindi.webdunia.com/religion/religion/personality/0903/07/1090307025_2.htm |archive-date=28 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> यह आन्दोलन पाश्चात्य प्रभावों की प्रतिक्रिया स्वरूप [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] में सुधार के लिए प्रारम्भ हुआ था। आर्य समाज में शुद्ध [[वेद|वैदिक परम्परा]] में विश्वास करते थे तथा [[मूर्तिपूजा|मूर्ति पूजा]], [[अवतार]]वाद, [[बलि]], झूठे कर्मकाण्ड व [[अन्धविश्वास|अन्धविश्वासों]] को अस्वीकार करते थे। इसमें [[अस्पृश्यता|छुआछूत]] व जातिगत भेदभाव का विरोध किया तथा स्त्रियों व [[शूद्र|शूद्रों]] को भी [[यज्ञोपवीत]] धारण करने व [[वेद]] पढ़ने का अधिकार दिया था। स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा रचित [[सत्यार्थ प्रकाश]] नामक ग्रन्थ आर्य समाज का मूल ग्रन्थ है। आर्य समाज का आदर्श वाक्य है: '''कृण्वन्तो विश्वमार्यम्''' , जिसका अर्थ है - विश्व को आर्य बनाते चलो।
प्रसिद्ध आर्य समाजी जनों में [[दयानन्द सरस्वती|स्वामी दयानन्द सरस्वती]], [[स्वामी श्रद्धानन्द]], [[लाला हंसराज|महात्मा हंसराज]], [[श्यामजी कृष्ण वर्मा]]<ref>[https://www.swadeshnews.in/special-edition/shyam-krishna-verma-the-guide-of-freedom-fighter-fighter-and-revolutionaries-877603 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्रांतिकारियों के मार्गदर्शक श्याम कृष्ण वर्मा]</ref> [[लाला लाजपत राय]], [[भाई परमानन्द]], [[राम प्रसाद 'बिस्मिल']], [[गुरुदत्त विद्यार्थी|पंडित गुरुदत्त]], [[स्वामी आनन्दबोध|स्वामी आनन्दबोध सरस्वती]], [[छोटूराम|चौधरी छोटूराम]], [[चौधरी चरण सिंह]], [[उदयवीर शास्त्री]], पंडित वन्देमातरम रामचन्द्र राव, [[रामदेव|बाबा रामदेव]]<ref>[https://www.jagran.com/haryana/rohtak-swami-ramdevs-guru-acharya-baldev-no-more-13505724.html स्वामी रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव का देहान्त]</ref> आदि आते हैं।
==इतिहास==
[[दयानन्द सरस्वती]] ने '''10 अप्रैल सन् 1875 ई.''' (चैत्र शुक्ला पंचमी, शनिवार, सम्वत् १९३२ विक्रमी) को [[मुम्बई]] में आर्यसमाज की स्थापना की थी। इससे पूर्व उन्होंने 6 या 7 सितम्बर, 1872 को वर्तमान [[बिहार]] प्रदेश के ‘[[आरा]]’ स्थान पर आगमन पर भी वहां आर्यसमाज स्थापित किया था। उपलब्ध [[इतिहास]] व जानकारी के अनुसार यह प्रथम आर्यसमाज था। परन्तु उसके एक-दो ही अधिवेशन हुए। स्वामी जी के आरा से चले जाने के पश्चात् थोड़े ही दिन में उसकी गतिविधियां बन्द हो गईं।
स्वामी दयानन्द ने 31 दिसम्बर 1874 से 10 जनवरी 1875 तक [[राजकोट]] में प्रवास कर वैदिक धर्म का प्रचार किया। यहां जिस कैम्प की धर्मशाला में स्वामी ठहरे, वहां उन्होंने आठ व्याख्यान दिये जिनके विषय थे - ईश्वर, धर्मोदय, वेदों का अनादि और अपौरुषेय होना, पुनर्जन्म, विद्या-अविद्या, मुक्ति और बन्धन, आर्यों का इतिहास और कर्तव्य। यहां स्वामीजी ने पं० महीधर और जीवनराम शास्त्री से मूर्तिपूजा और वेदान्त-विषय पर [[शास्त्रार्थ]] भी किया। स्वामीजी का यहां राजाओं के पुत्रों की शिक्षा के काॅलेज, राजकुमार काॅलेज में एक व्याख्यान हुआ। उपदेश का विषय था ‘‘अंहिसा परमो धर्मः”। यहां स्कूल की ओर से स्वामीजी को प्रो. [[मैक्समूलर]] सम्पादित [[ऋग्वेद]] भेंट किया गया था। राजकोट में आर्यसमाज की स्थापना के विषय में पं. देवेन्द्रनाथ मुखोपाध्याय रचित महर्षि दयानन्द के जीवन चरित में निम्न विवरण प्राप्त होता है- <ref>{{Cite web |url=https://www.pravakta.com/establishment-of-arya-samaj-anf-its-disciple/ |title=आर्यसमाज की स्थापना और इसके नियमों पर एक दृष्टि |access-date=4 अप्रैल 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170731112639/http://www.pravakta.com/establishment-of-arya-samaj-anf-its-disciple/ |archive-date=31 जुलाई 2017 |url-status=live }}</ref>
:''स्वामीजी ने यह प्रस्ताव किया कि राजकोट में आर्यसमाज स्थापित किया जाए और [[प्रार्थना समाज]] को ही आर्यसमाज में परिणत कर दिया जाए। प्रार्थना-समाज के सभी लोग इस प्रस्ताव से सहमत हो गये। [[वेद]] के निर्भ्रान्त होने पर किसी ने आपत्ति नहीं की। स्वामीजी के दीप्तिमय शरीर और तेजस्विनी वाणी का लोगों पर चुम्बक जैसा प्रभाव पड़ता था। वह सबको नतमस्तक कर देता था। आर्यसमाज स्थापित हो गया, मणिशंकर जटाशंकर और उनकी अनुपस्थियों में उत्तमराम निर्भयराम प्रधान का कार्य करने के लिए और हरगोविन्ददास द्वारकादास और नगीनदास ब्रजभूषणदास मन्त्री का कर्तव्य पालन करने के लिए नियत हुए।''
आर्यसमाज के नियमों के विषय में इस जीवन-चरित में लिखा है कि-
:''"स्वामीजी ने आर्यसमाज के नियम बनाये, जो मुद्रित कर लिये गये। इनकी 300 प्रतियां तो स्वामीजी ने [[अहमदाबाद]] और [[मुम्बई]] में वितरण करने के लिए स्वयं रख लीं और शेष प्रतियां राजकोट और अन्य स्थानों में बांटने के लिए रख ली गई जो राजकोट में बांट दी र्गइं, शेष गुजरात, काठियावाड़ और उत्तरीय भारत के प्रधान नगरों में भेज दी गईं। उस समय स्वामी जी की यह सम्मति थी कि प्रधान आर्यसमाज अहमदाबाद और मुम्बई में रहें। आर्यसमाज के साप्ताहिक अधिवेशन प्रति रविवार को होने निश्चित हुए थे।"
इसके बाद [[मुम्बई]] में '''10 अप्रैल, सन् 1875''' को आर्यसमाज की स्थापना हुई। इससे सम्बन्धित विवरण [[लेखराम|पं. लेखराम]] रचित महर्षि दयानन्द के जीवन चरित्र से प्रस्तुत है-
:''"स्वामीजी के [[गुजरात]] की ओर चले जाने से आर्यसमाज की स्थापना का विचार जो बम्बई वालों के मन में उत्पन्न हुआ था, वह ढीला हो गया था। परन्तु स्वामी जी के पुनः आने से फिर बढ़ने लगा और अन्ततः यहां तक बढ़ा कि कुछ सज्जनों ने दृढ़ संकल्प कर लिया कि चाहे कुछ भी हो, बिना (आर्यसमाज) स्थापित किए हम नहीं रहेंगे। स्वामीजी के लौटकर आते ही फरवरी मास, सन् 1875 में गिरगांव के मोहल्ले में एक सार्वजनिक सभा करके स्वर्गवासी रावबहादुर दादू बा पांडुरंग जी की प्रधानता में नियमों पर विचार करने के लिए एक उपसभा नियत की गई। परन्तु उस सभा में भी कई एक लोगों ने अपना यह विचार प्रकट किया कि अभी समाज-स्थापन न होना चाहिये। ऐसा अन्तरंग विचार होने से वह प्रयत्न भी वैसा ही रहा (आर्यसमाज स्थापित नहीं हुआ)।"''
इसके बाद [[पण्डित लेखराम आर्य|पण्डित लेखराम]] जी लिखते हैं,
:''"और अन्त में जब कई एक भद्र पुरुषों को ऐसा प्रतीत हुआ कि अब समाज की स्थापना होती ही नहीं, तब कुछ धर्मात्माओं ने मिलकर राजमान्य राज्य श्री पानाचन्द आनन्द जी पारेख को नियत किए हुए नियमों (राजकोट में निर्धारित 26 नियम) पर विचारने और उनको ठीक करने का काम सौंप दिया। फिर जब ठीक किए हुए नियम स्वामीजी ने स्वीकार कर लिए, तो उसके पश्चात् कुछ भद्र पुरुष, जो आर्यसमाज स्थापित करना चाहते थे और नियमों को बहुत पसन्द करते थे, लोकभय की चिन्ता न करके, आगे धर्म के क्षेत्र में आये और चैत्र सुदि 5 शनिवार, संवत् 1932, तदनुसार 10 अप्रैल, सन् 1875 को शाम के समय, मोहल्ला गिरगांव में डाक्टर मानक जी के बागीचे में, श्री गिरधरलाल दयालदास कोठारी बी.ए., एल.एल.बी. की प्रधानता में एक सार्वजनिक सभा की गई और उसमें यह नियम (28 नियम) सुनाये गये और सर्वसम्मति से प्रमाणित हुए और उसी दिन से आर्यसमाज की स्थापना हो गई।"
28 नियमों के बाद पण्डित लेखराम लिखते हैं कि फिर अधिकारी नियत किये गए। तत्पश्चात् प्रति शनिवार सायंकाल की आर्यसमाज के अधिवेशन होने लगे, परन्तु कुछ मास के पश्चात् शनिवार का दिन सामाजिक पुरुषों के अनुकूल न होने से रविवार का दिन रखा गया, जो अब तक है।
मुम्बई के बाद [[लाहौर]] में स्थापित आर्यसमाज का विशेष महत्त्व है। यहां न केवल महर्षि दयानन्द जी द्वारा आर्यसमाज की स्थापना ही की गई अपितु मुम्बई में जो 28 नियम स्वीकार किए गये थे उन्हें संक्षिप्त कर 10 नियमों में सीमित कर दिया गया और 8 सितम्बर, सन् 1877 को उन्हें विज्ञापित भी कर दिया गया। यह संक्षिप्त किये गये 10 नियम वर्तमान में भी प्रचलित हैं।
[[लेखराम|पण्डित लेखराम]] ने स्वामी दयानन्द का विस्तृत जीवनचरित लिखा।
== सिद्धान्त ==
'''[[आर्य]]''' शब्द का अर्थ है '''श्रेष्ठ और प्रगतिशील'''। अतः '''आर्य समाज''' का अर्थ हुआ '''श्रेष्ठ और प्रगतिशीलों का समाज''', जो [[वेद|वेदों]] के अनुकूल चलने का प्रयास करते हैं। दूसरों को उस पर चलने को प्रेरित करते हैं। आर्यसमाजियों के आदर्श मर्यादा पुरुषोत्तम [[राम]] और योगिराज [[कृष्ण]] हैं। महर्षि दयानन्द ने उसी [[वेद]] मत को फिर से स्थापित करने के लिए आर्य समाज की नींव रखी। आर्य समाज के सब सिद्धांत और नियम वेदों पर आधारित हैं। आर्य समाज की मान्यताओं के अनुसार फलित ज्योतिष, जादू-टोना, जन्मपत्री, श्राद्ध, तर्पण, व्रत, भूत-प्रेत, देवी जागरण, मूर्ति पूजा और तीर्थ यात्रा मनगढ़ंत हैं, वेद विरुद्ध हैं। आर्य समाज सच्चे ईश्वर की पूजा करने को कहता है, यह ईश्वर वायु और आकाश की तरह सर्वव्यापी है, वह अवतार नहीं लेता, वह सब मनुष्यों को उनके कर्मानुसार फल देता है, अगला जन्म देता है, उसका ध्यान घर में किसी भी एकांत में हो सकता है।
[[File:Arya Samaj R.V. Russell 1916.PNG|thumb|450px|center|बालकों को [[यज्ञोपवीत]]-संस्कारित करने के उद्देश्य से बुलायी गयी बैठक]]
इसके अनुसार दैनिक [[यज्ञ]] करना हर आर्य का कर्त्तव्य है। परमाणुओं को न कोई बना सकता है, न उसके टुकड़े ही हो सकते हैं। यानी वह अनादि काल से हैं। उसी तरह एक परमात्मा और हम जीवात्माएं भी अनादि काल से हैं। परमात्मा परमाणुओं को गति दे कर सृष्टि रचता है। आत्माओं को कर्म करने के लिए प्रेरित करता है। फिर चार ऋषियों के मन में २०,३७८ वेदमंत्रों का अर्थ सहित ज्ञान और अपना परिचय देता है। [[सत्यार्थ प्रकाश]] आर्य समाज का मूल ग्रन्थ है। अन्य माननीय ग्रंथ हैं - वेद, उपनिषद, षड् दर्शन, [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] व [[वाल्मीकि रामायण]] इत्यादि। महर्षि दयानंद ने सत्यार्थ प्रकाश में इन सबका सार दे दिया है। १८ घंटे समाधि में रहने वाले योगिराज दयानन्द ने लगभग आठ हजार किताबों का मंथन कर अद्भुत और क्रांतिकारी सत्यार्थ प्रकाश की रचना की।
=== मान्यताएँ===
[[ईश्वर]] का सर्वोत्तम और निज नाम '''[[ॐ|ओम्]]''' है। उसमें अनन्त गुण होने के कारण उसके [[ब्रह्मा]], [[महेश]], [[विष्णु]], [[गणेश]], देवी, अग्नि, शनि आदि अनन्त नाम हैं। इनकी अलग-अलग नामों से [[मूर्ति पूजा]] ठीक नहीं है। आर्य समाज [[वर्णव्यवस्था]] यानी [[ब्राह्मण]], [[क्षत्रिय]], [[वैश्य]] व [[शूद्र]] को [[कर्म]] से मानता है, जन्म से नहीं। आर्य समाज [[स्वदेशी]], [[मातृभाषा|स्वभाषा]], स्वसंस्कृति और स्वधर्म का पोषक है।
आर्य समाज [[सृष्टि]] की उत्पत्ति का समय चार अरब ३२ करोड़ वर्ष और इतना ही समय [[प्रलय]] काल का मानता है। योग से प्राप्त मुक्ति का समय वेदों के अनुसार ३१ नील १० खरब ४० अरब यानी एक परांत काल मानता है। आर्य समाज, 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को मानता है, लेकिन भूमंडलीकरण को देश, समाज और संस्कृति के लिए घातक मानता है। आर्य समाज वैदिक समाज रचना के निर्माण व आर्य चक्रवर्ती राज्य स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। इससमाज में मांस, अंडे, बीड़ी, सिगरेट, शराब, चाय, मिर्च-मसाले आदि वेद-विरुद्ध होते हैं।
== आर्य समाज के दस नियम ==
[[File:Arya samaj Mandir hawan kaksh.jpg|thumb|आर्यसमाज मंदिर का हवन-कक्ष]]
(१) सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है।
(२) [[ईश्वर]] सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।
(३) [[वेद]] सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना–पढ़ाना और सुनना–सुनाना सब आर्यों का परम [[धर्म]] है।
(४) सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिए।
(५) सब काम धर्मानुसार, अर्थात् सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए।
(६) संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है, अर्थात् शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना।
(७) सबसे प्रीतिपूर्वक, धर्मानुसार, यथायोग्य वर्तना चाहिये।
(८) अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिये।
(९) प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिये, किंतु सब की उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिये।
(१०) सब मनुष्यों को सामाजिक, सर्वहितकारी, नियम पालने में परतंत्र रहना चाहिये और प्रत्येक हितकारी नियम पालने में स्वतंत्र रना चाहिए।
== आर्यसमाज का योगदान ==
* आर्य समाज [[शिक्षा]], [[सुधार आन्दोलन|समाज-सुधार]] एवं [[भारतीय राष्ट्रवाद|राष्ट्रीयता]] का आन्दोलन था। भारत के '''८५ प्रतिशत''' स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आर्य समाज ने पैदा किया। [[स्वदेशी आन्दोलन]] का मूल सूत्रधार आर्यसमाज ही है।<ref>{{Cite web |url=http://indorearyasamaj.com/2016/09/19/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AF%E0%A5%8B/ |title=आर्यसमाज का राष्ट्र को योगदान |access-date=22 अप्रैल 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180422203828/http://indorearyasamaj.com/2016/09/19/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AF%E0%A5%8B/ |archive-date=22 अप्रैल 2018 |url-status=dead }}</ref><ref>[https://hindivivek.org/9986 आर्य समाज का विस्तार]</ref>
* स्वामी जी ने धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को पुन: हिंदू बनने की प्रेरणा देकर [[शुद्धि आंदोलन]] चलाया।<ref name="आधुनिक भारत का रहस्य-1">{{Cite web |url=http://hindi.webdunia.com/religion/religion/personality/0903/07/1090307025_2.htm |title=आधुनिक भारत का रहस्य-1 |access-date=7 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131228021928/http://hindi.webdunia.com/religion/religion/personality/0903/07/1090307025_2.htm |archive-date=28 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref>
*आज विदेशों तथा योग जगत में '''[[नमस्ते]]''' शब्द का प्रयोग बहुत साधारण बात है। एक जमाने में इसका प्रचलन नहीं था - हिन्दू लोग भी ऐसा नहीं करते थे। आर्यसमाजियो ने एक-दूसरे को अभिवादन करने का ये तरीका प्रचलित किया। ये अब भारतीयों की पहचान बन चुका है।
* स्वामी दयानन्द ने [[हिन्दी|हिंदी]] भाषा में [[सत्यार्थ प्रकाश]] पुस्तक तथा अनेक वेदभाष्यों की रचना की।<ref name="आधुनिक भारत का रहस्य-1"/> वस्तुतः आर्यसमाजियों द्वारा की गयी हिन्दी-सेवा अद्वितीय है।
* सन् १८८६ में लाहौर में स्वामी दयानंद के अनुयायी [[लाला हंसराज]] ने '''[[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय|दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज]]''' की स्थापना की थी।
* सन् १९०१ में [[स्वामी श्रद्धानन्द]] ने [[काँगड़ी|कांगड़ी]] में गुरुकुल विद्यालय की स्थापना की।
* अनेक आर्यसमाजी विदेशों में जाकर हिन्दुओं में [[हिन्दी भाषा]] एवं स्वातंत्र्य-चेतना का प्रसार किया।
* आर्यसमाज ने भारत को संस्कृत, हिन्दी, इतिहास, विज्ञान और अन्यान्य विषयों के हजारों उत्कृष्ट विद्वान दिये।
* आर्यसमाज ने [[विधवा विवाह]] का प्रावधान किया और आर्यों ने अपने घर में विधवा बहुएँ ला करके उदाहरण प्रस्तुत किया।<ref>[https://vedictruth.blogspot.com/2025/11/150.html आर्यसमाज द्वारा किये गये १५० ऐतिहासिक कार्य ]</ref>
* [[वेलेन्टाइन शिरोल]] (Valentine Chirole) नामक एक अंग्रेज ने 'इंडियन अनरेस्ट' (indian unrest) नामक अपनी पुस्तक में तो सत्यार्थ प्रकाश को 'ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें खोखली करने वाला' और दयानन्द सरस्वती को 'भारतीय अशांति का जन्मदाता' बताया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.pratiyogitatoday.com/2023/11/swami-dayanand-saraswati-arya-samaj.html|title=स्वामी दयानन्द सरस्वती और आर्य समाज|last=Mahender|first=Kumar|date=October 2023|website=Pratiyogita Today|archive-url=|archive-date=|access-date=|url-status=}}</ref>
== आर्य समाज और भारत का नवजागरण ==
आर्य समाज ने भारत में राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान किया है। इसके अनुयायियों ने [[भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन|भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन]] में बढ-चढ कर भाग लिया। आर्य समाज के प्रभाव से ही [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के भीतर [[स्वदेशी आन्दोलन]] आरम्भ हुआ था। स्वामीजी आधुनिक भारत के धार्मिक नेताओं में प्रथम महापुरूष थे जिन्होने 'स्वराज्य' शब्द का प्रयोग किया। आर्य समाज ने हिन्दू धर्म में एक नयी चेतना का आरंभ किया था। स्वतंत्रता पूर्व काल में हिंदू समाज के नवजागरण और पुनरुत्थान आंदोलन के रूप में आर्य समाज सर्वाधिक शक्तिशाली आन्दोलन था। यह पूरे पश्चिम और उत्तर भारत में सक्रिय था तथा सुप्त हिन्दू जाति को जागृत करने में संलग्न था। यहाँ तक कि आर्य समाजी प्रचारक [[फ़िजी|फिजी]], [[मॉरिशस|मारीशस]], [[गयाना]], [[त्रिनिदाद|ट्रिनिडाड]], [[दक्षिण अफ्रीका]] में भी हिंदुओं को संगठित करने के उद्देश्य से पहुँच रहे थे। आर्य समाजियों ने सबसे बड़ा कार्य [[जाति]] व्यवस्था को तोड़ने और सभी हिन्दुओं में समानता का भाव जागृत करने का किया।
===भारतीय स्वतंत्रता का सशस्त्र आन्दोलन===
सन् 1857 के पश्चात की क्रांति के जन्मदाता महर्षि दयानन्द सरस्वती और उनके शिष्य [[श्याम जी कृष्ण वर्मा]] (जो क्रांतिकारियों के गुरु थे), प्रसिद्ध क्रांतिकारी [[विनायक दामोदर सावरकर]], [[लाला हरदयाल]], [[भाई परमानन्द]], [[सेनापति बापट]], [[मदनलाल ढींगरा]], [[रामप्रसाद बिस्मिल]], [[गोपालकृष्ण गोखले]], [[सरदार भगत सिंह]] इत्यादि शिष्यों ने स्वाधीनता आन्दोलन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इंग्लैण्ड में भारत के लिए जितनी क्रांति हुई वह श्याम जी कृष्ण वर्मा के ‘‘[[इण्डिया हाउस]]’’ से ही हुई। सरदार भगत सिंह तो जन्म से ही आर्य समाजी थे। इनके दादा सरदार अर्जुन सिंह विशुद्ध आर्य समाजी थे और इनके पिता श्री किशन सिंह भी आर्य समाजी थे। पंजाब केसरी [[लाला लाजपत राय]] प्रसिद्ध आर्यसमाजी नेता थे। <ref>{{Cite web |url=http://www.aryasamajonline.co.in/index.php/arya-samaj/22-freedom |title=स्वतंत्रता संग्राम में आर्यसमाज का योगदान |access-date=4 अप्रैल 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180416123255/http://www.aryasamajonline.co.in/index.php/arya-samaj/22-freedom |archive-date=16 अप्रैल 2018 |url-status=dead }}</ref>
<ref>{{Cite web |url=http://aryapratinidhisabha.org/AryaMaryada_23_1608_1908.pdf |title=बलिदान देने वाले कुछ आर्य शहीदों के संक्षिप्त परिचय |access-date=26 जनवरी 2021 |archive-date=31 जनवरी 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210131095536/http://aryapratinidhisabha.org/AryaMaryada_23_1608_1908.pdf |url-status=dead }}</ref>
===समाज सुधार===
भारत को जिस तरह ब्रिटिश सरकार का आर्थिक उपनिवेश और बाद में राजनीतिक उपनिवेश बना दिया गया था, उसके विरूद्ध भारतीयों की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक था। चूंकि भारत धीरे-धीरे पश्चिमी विचारों की ओर बढ़ने लगा था, अतः प्रतिक्रिया सामाजिक क्षेत्र से आना स्वाभाविक कार्य थी। यह प्रतिक्रिया १९वीं शताब्दी में उठ खड़े हुए सामाजिक सुधार आन्दोलनों के रूप में सामने आई। ऐसे ही [[भारतीय समाजसुधारक|समाज सुधार]] आंदोलनों में आर्यसमाज का नाम आता है। आर्यसमाज ने विदेशी जुआ उतार फेंकने के लिए, समाज में स्वयं आंतरिक सुधार करके अपना कार्य किया।
इसने आधुनिक भारत में प्रारम्भ हुए पुर्नजागरण को नई दिशा दी। साथ ही भारतीयों में भारतीयता को अपनाने, प्राचीन संस्कृति को मौलिक रूप में स्वीकार करने, पश्चिमी प्रभाव को विशुद्ध भारतीयता यानी 'वेदों की ओर लौटो' के नारे के साथ समाप्त करने तथा सभी भारतीयों को एकताबद्ध करने के लिए प्रेरित किया।
१९वीं शताब्दी में भारत में [[भारतीय समाजसुधारक|समाज सुधार]] के आंदोलनों में आर्यसमाज अग्रणी था। [[हरिजन|हरिजनों]] के उद्धार में सबसे पहला कदम आर्यसमाज ने उठाया, लड़कियों की शिक्षा की जरूरत सबसे पहले उसने समझी। वर्ण व्यवस्था को जन्मगत न मानकर कर्मगत सिद्ध करने का सेहरा उसके सिर है।<ref>[http://www.aryasamajmpcg.com/index.php/arya-samaj/151-2014-09-07-05-53-27 आर्यसमाज का योगदान]</ref> जातिभेद भाव और खानपान के छूतछात और चौके-चूल्हे की बाधाओं को मिटाने का गौरव उसी को प्राप्त है। [[अन्धविश्वास]] और धर्म के नाम पर किये जाने वाले हजारों अनाचारों कब्र उसी ने खोदी।
१८७५ में स्थापना के शीघ्र बाद ही इसकी प्रसिद्धि तत्कालीन समाज विचारकों, आचार्यों, समाज सुधारकों आदि को प्रभावित करने में सफल हुई, और कुछ वर्षों बाद ही आर्यसमाज की सम्पूर्ण भारत के प्रमुख शहरों में शाखायें स्थापित हो गईं। स्वामीजी के विद्वतापूर्ण व्याख्यानों तथा चमत्कारिक व्यक्तित्व ने युवाओं को आर्यसमाज की ओर मोड़ा। अन्य समकालीन सामाजिक धार्मिक आंदोलनों की अपेक्षा आर्यसमाज सही अर्था में अधिक राष्ट्रवादी था। यह भारत में पनप रहे पश्चिमीकरण के विरूद्ध अधिक आक्रमणकारी स्वभाव रखने वाला आंदोलन था।
आर्य समाज ने अपनी स्थापना से ही सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध आन्दोलन का शंखनाद किया, जैसे- [[जाति]]वादी जड़मूलक समाज को तोड़ना, महिलाओं के लिए समानाधिकार, [[बाल विवाह|बालविवाह]] का उन्मूलन, [[विधवा|विधवा विवाह]] का समर्थन, निम्न जातियों को सामाजिक अधिकार प्राप्त होना आदि। स्वामी दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना के पीछे उपर्युक्त सामाजिक नवजागरण को मुख्य आधार बनाया। उनका विश्वास था कि नवीन प्रबुद्ध भारत में, नवजागृत होते समाज में, नये भारत का निर्माण करना है तो समाज को बन्धनमुक्त करना प्रथम कार्य होना चाहिए। स्वयं [[ब्राह्मण]] होते हुए भी स्वामी जी ने ब्राह्मणों की सत्ता के खण्डन का प्रतिपादन किया और धार्मिक [[अंधविश्वास]] व [[कर्मकाण्ड|कर्मकाण्डों]] की तीव्र भर्त्सना की। अल्पकाल में ही वे भारत के समाज सुधार के क्षेत्र में नवीन ज्ञान-ज्योति के रूप में उदयीमान हुए। इसमें उन्होनें पाया कि भारतीय युवा पाश्चात्य अनुकरण पर जोर दे रहा है। अतः उन्होनें पाश्चात्य संस्कृति पर शक्तिशाली प्रहार किया और भारतीय गौरव को सदैव ऊंचा किया।
सामान्यतः स्वामीजी ने भारतीय समाज तथा हिन्दूधर्म में प्रचालित दोषों को उजागर करने के साथ ही आंचलिक पंथों और अन्य धर्मो की भी आलोचना की। [[पुरोहितवाद]] पर करारा प्रहार करते हुए स्वामीजी ने माना था कि स्वार्थों और अज्ञानी पुरोहितों ने पुराणों जैसे ग्रंथो का सहारा लेकर हिन्दू धर्म का भ्रष्ट किया है। स्वामी जी धर्म सुधारक के रूप में [[मूर्तिपूजा]], कर्मकाण्ड, पुराणपंथी, तन्त्रवाद के घोर विरोधी थे। इसके लिए उन्होने वेदों का सहारा लेकर विभिन्न दृष्टांत किए। इससे इन्होंने सुसुप्त भारतीय जनमानस को चेतन्य करने का अदभुत प्रयास किया। स्वामी जी ने हिन्दुओं को हीन, पतित और कायर होने के भाव से मुक्त किया और उनमें उत्कट आत्मविश्वास जागृत किया। फलस्वरूप समाज पश्चिम की मानसिक दासता के विरुद्ध दृढ़ आत्मविश्वास तथा संकल्प के साथ विद्रोह कर सके। इन्ही कारणों से [[वेलेंटाइन शिरोल]] नामक अंग्रेज ने 'इण्डियन अरनेस्ट' नामक अपने ग्रन्थ में स्वामीजी को 'भारतीय अशान्ति का जनक' कहा है।
=== शिक्षा का प्रसार ===
देखिये, '''[[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय]], [[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय]]'''
स्वामी दयानन्द के मूलमन्त्र था कि जनता का विकास और प्रगति सुनिश्चित करने और उनके अस्तित्व की रक्षा करने का सर्वोत्तम साधन [[शिक्षा]] है। इसी मन्त्र को गाँठ में बाँध कर आर्यसमाज ने कार्य किया। आर्यसमाज ने इस तथ्य को आत्मसात कर लिया था कि शिक्षा की जड़ें राष्ट्रीय भावना और परम्परा में गहरी जमी होनी चाहिये। हम एक प्राचीन और श्रेष्ठ परम्परा के उत्तराधिकारी हैं। हमारी शिक्षा में भारतीय [[नीतिशास्त्र]] और [[भारतीय दर्शन|दर्शन]] को सर्वोपरि स्थान प्राप्त होगा।
1892-1893 ई. में आर्य समाज में दो भागों में विभाजित हो गई। उसके बाद दो दलों में से एक ने पाश्चात्य शिक्षा का समर्थन किया। इस दल में [[लाला हंसराज]] और [[लाला लाजपत राय]] प्रमुख नेता थे। इन्होंने '[[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय|दयानन्द एंग्लो-वैदिक कॉलेज]]' की स्थापना की। दूसरे दल ने पाश्चात्य शिक्षा का विरोध किया और इसके नेता [[स्वामी श्रद्धानन्द]] जी ने 1902 ई. में हरिद्वार ([[कांगड़ी]]) में एक [[गुरुकुल]] की स्थापना की। इस संस्था में वैदिक शिक्षा प्राचीन पद्धति से दी जाती थी। आज भी २०० से अधिक गुरुकुल संचालित हैं<ref>[https://www.pravakta.com/aryasamaj-and-gurukul/ आर्यसमाज और गुरुकुल]</ref><ref>[aryamantavya.in/contribution-of-arya-samaj-in-south-india-2/ दक्षिण भारत में आर्यसमाज का योगदान] (डॉ. ब्रह्ममुनि)</ref> जिसमें [[ज्वालापुर]], [[देहरादून]], [[मेरठ]], [[झज्जर]], [[पौन्ध]], [[लुधियाना]], सुन्दरगढ़ ([[उड़ीसा]]) आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में [[गुरुकुल]] व [[दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय|डीएवी कालेज]] स्थापित कर शिक्षा जगत में आर्यसमाज ने अग्रणी भूमिका निभाई। [[स्त्री शिक्षा|स्त्रीशिक्षा]] में आर्यसमाज का उल्लेखनीय योगदान रहा। 1885 के प्रारम्भ तक आर्यसमाज की [[अमृतसर]] शाखा ने दो महिला विद्यालयों की स्थापना की घोषणा की थी तथा तीसरा [[कटरा डुला]] में प्रस्तावित था। 1880 के दौरान [[लाहौर]] आर्यसमाज महिला शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ था। 1889 ई0 में [[फ़िरोज़पुर|फिरोजपुर]] आर्यसमाज ने एक कन्या विद्यालय स्थापित किया था।
=== हिन्दी-सेवा ===
आर्य समाज से जुड़े लोग [[भारत का स्वतंत्रता संग्राम|भारत के स्वतन्त्रता-संग्राम]] के साथ-साथ भारत की संस्कृति, भाषा, धर्म, शिक्षा आदि के क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। स्वामी दयानन्द की मातृभाषा [[गुजराती भाषा|गुजराती]] थी और उनका [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] का ज्ञान बहुत अच्छा था, किन्तु [[केशवचन्द्र सेन|केशव चन्द्र सेन]] के सलाह पर उन्होने [[सत्यार्थ प्रकाश]] की रचना '''[[हिन्दी]]''' में की। दयानन्द ने [[सत्यार्थ प्रकाश]] जैसा क्रांतिकारी ग्रंथ हिन्दी में रचकर हिन्दी को एक प्रतिष्ठा दी। आर्यसमाज ने हिन्दी को 'अर्यभाषा' कहा और सभी आर्यसमाजियों के लिये इसका ज्ञान आवश्यक बताया। दयानन्द जी [[वेद|वेदों]] का की व्याख्या [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के साथ-साथ हिन्दी में भी की। [[स्वामी श्रद्धानन्द]] ने हानि उठाकर भी अनेक पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन [[देवनागरी]] लिपि में लिखी हिन्दी में किया जबकि उनका प्रकाशन पहले [[उर्दू भाषा|उर्दू]] में होता था।<ref>{{Cite web |url=http://aryasamajmandirpune.blogspot.in/2013/11/blog-post_4155.html |title=स्वामी दयानंद और आर्यसमाज की हिंदी भाषा को देन |access-date=18 जुलाई 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140726135326/http://aryasamajmandirpune.blogspot.in/2013/11/blog-post_4155.html |archive-date=26 जुलाई 2014 |url-status=dead }}</ref>
आर्यसमाज हिन्दी के सम्वर्द्धन के मैदान में अग्रगामी बना।
सैकड़ों [[गुरुकुल|गुरुकुलों]], डीएवी स्कूल और कॉलेजों में हिंदी भाषा को प्राथमिकता दी गई और इस कार्य के लिए नवीन पाठ्यक्रम की पुस्तकों की रचना हिंदी भाषा के माध्यम से [[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय|गुरुकुल कांगड़ी]] एवं [[लाहौर]] आदि स्थानों पर हुई जिनके विषय [[विज्ञान]], [[गणित]], [[समाज शास्त्र]], [[इतिहास]] आदि थे। यह एक अलग ही किस्म का हिन्दी भाषा में परीक्षण था जिसके वांछनीय परिणाम निकले।<ref>{{Cite web |url=https://www.pravakta.com/role-of-rishi-dayanand-in-spread-of-hindi/ |title=आर्यभाषा हिन्दी के प्रचार व प्रसार में ऋषि दयानन्द का योगदान |access-date=18 मई 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180518200420/https://www.pravakta.com/role-of-rishi-dayanand-in-spread-of-hindi/ |archive-date=18 मई 2018 |url-status=live }}</ref>
विदेशों में [[स्वामी भवानी दयाल सन्यासी|भवानी दयाल सन्यासी]], [[भाई परमानन्द]], [[गंगाप्रसाद उपाध्याय]], डॉ. चिरंजीव भारद्वाज, मेहता जैमिनी, [[आचार्य रामदेव]], [[पंडित चमूपति]] आदि ने हिंदी भाषा का प्रवासी भारतीयों में प्रचार किया जिससे वे मातृभूमि से दूर होते हुए भी उसकी संस्कृति, उसकी विचारधारा से न केवल जुड़े रहे अपितु अपनी विदेश में जन्मी सन्तति को भी उससे अवगत करवाते रहे। आर्यसमाज द्वारा न केवल पंजाब में हिंदी भाषा का प्रचार किया गया अपितु सुदूर दक्षिण भारत में, असम, बर्मा आदि तक हिंदी को पहुँचाया गया। न्यायालय में दुष्कर भाषा के स्थान पर सरल हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए भी स्वामी श्रद्धानन्द द्वारा प्रयास किये गये थे।<ref>[https://www.pressnote.in/head-lines-_News_422227.html “ऋषि दयानन्द द्वारा हिन्दी अपनाने से इसका देश देशान्तर में प्रचार हुआ” ]</ref>
'''आर्य समाज की [[हिन्दी पत्रकारिता]]''' <ref>[https://hi.wikibooks.org/wiki/आर्यसमाज_:_हिन्दी_पत्रकारिता_का_स्वर्णिम_कलश आर्यसमाज : हिन्दी पत्रकारिता का स्वर्णिम कलश]</ref> ने देश को राष्ट्रीय संस्कृति, धर्मचिन्तन, [[स्वदेशी]] का पाठ पढ़ाया। आर्यसमाज के माध्यम से ज्ञानमूलक व रसात्मक दोनों प्रकार से साहित्य की अभूतपूर्व वृद्धि हुई। स्वामी दयानन्द पत्रकारिता द्वारा धर्म प्रचार व्यापक रूप से करना चाहते थे। वे स्वयं कोई पत्र नहीं निकाल सके परन्तु आर्य समाजियों को पत्र-पत्रिकाएँ निकालने के लिए प्रोत्साहित किया। आर्य समाज की विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रसारित होने वाली पत्र-पत्रिकाओं में ‘पवमान’, ‘आत्म शुद्धि पथ’, ‘वैदिक गर्जना’, ‘आर्य संकल्प’, ‘वैदिक रवि’, ‘विश्वज्योति’, ‘सत्यार्थ सौरभ’, ‘दयानन्द सन्देश’, ‘महर्षि दयानन्द स्मृति प्रकाश’, ‘तपोभूमि’, ‘नूतन निष्काम पत्रिका’, ‘आर्य प्रेरणा’ , ‘आर्य संसार’, ‘सुधारक’, ‘टंकारा समाचार’, ‘अग्निदूत’, ‘आर्य सेवक’, ‘भारतोदय’, ‘आर्य मुसाफिर’, ‘आर्य सन्देश’, ‘आर्य मर्यादा’, ‘आर्य जगत’, ‘आर्य मित्र’, ‘आर्य प्रतिनिधि’, ‘आर्य मार्तण्ड’, ‘आर्य जीवन’, ‘परोपकारी’, ‘सम्वर्द्धिनी’ आदि मासिक, पाक्षिक व वार्षिक पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं जिससे हिन्दी पत्रकारिता को नव्य आलोक मिल रहा है।<ref>{{Cite web |url=https://www.researchgate.net/publication/310464112_Arya_Samaj_Golden_Pot_of_Hindi_Journalism |title=आर्यसमाज : हिन्दी पत्रकारिता का स्वर्णिम कलश |access-date=22 अप्रैल 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180422202804/https://www.researchgate.net/publication/310464112_Arya_Samaj_Golden_Pot_of_Hindi_Journalism |archive-date=22 अप्रैल 2018 |url-status=live }}</ref>
आर्यसमाज के प्रचार की भाषा हिन्दी ही रही। आर्य समाज ने [[हिन्दी पत्रकारिता]] के उन्नयन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
===विद्वानों की पूर्ति===
आर्यसमाज ने भारत को संस्कृत, हिन्दी, समाजविज्ञान, इतिहास, विज्ञान के हजारों विद्वान दिए। इनमें [[महाशय चिरंजीलाल 'प्रेम']], [[युधिष्ठिर मीमांसक]], [[ब्रह्मदत्त 'जिज्ञासु']], [[पण्डित लेखराम आर्य]], [[महात्मा हंसराज]], [[लाला लाजपत राय]], [[आचार्य रामदेव]], [[स्वामी सोमदेव]], [[गुरुदत्त विद्यार्थी]], [[सत्यकेतु विद्यालंकार]], [[गुरुदत्त (उपन्यासकार)|गुरुदत्त]], [[पद्मसिंह शर्मा]], [[यशपाल]], [[क्षेम चंद 'सुमन']], [[जयचन्द विद्यालंकार]], [[अत्रिदेव विद्यालंकार]], [[पंडित आर्यमुनि]], [[सत्यप्रकाश सरस्वती]], [[राजवीर शास्त्री]], [[इन्द्र विद्यावाचस्पति]], [[फतह सिंह|डॉ फतह सिंह]], [[बुद्धदेव विद्यालंकार]], [[शांति प्रकाश]], [[ओम आनन्द सरस्वती]], [[राम नारायण आर्य]], [[महात्मा आनन्द स्वामी]], [[स्वामी इन्द्रवेश]], [[आचार्य सोमदेव शास्त्री]], [[उदयवीर शास्त्री]], [[स्वामी आनन्दबोध]], आचार्य धर्मवीर, [[राजेन्द्र जिज्ञासु]] आदि आते हैं।
[[रामचन्द्र देहलवी]], ठाकुर अमरसिंह, बुद्धदेव मीरपुरी, [[गंगाप्रसाद उपाध्याय]], पंडित तुलसी स्वामी, पंडित गणपति शर्मा, रामदयालु शर्मा, पंडित भगवान स्वरूप, पण्डित देवदत्त शर्मा, लक्ष्मीदत्त आर्यमुसाफिर, शुक्रराज शास्त्री, सत्यमित्र शास्त्री, मनसाराम वैदिक तोप, [[आत्माराम अमृतसरी]], ठाकुर प्रसाद शास्त्री, लोकनाथ तर्कवाचस्पति, शिवशंकर शर्मा, गोपाल पत्रकार, चन्द्रमणि, राजाराम शास्त्री, विश्वबंधु शास्त्री, [[पंडित भगवद्दत्त|भगवद्दत्त रिसर्चस्कॉलर]], स्वामी ब्रह्ममुनि, रामलाल, ओमप्रकाश शास्त्री, मुन्शीराम, हंसराज, श्री राम आर्य, जे. पी. चौधरी, पं. वेद भूषण, मुन्शी इंद्रमणि आदि प्रसिद्ध आर्यसमाजी शास्त्रार्थकर्ता थे।
== आर्यसमाज की सार्द्ध शताब्दी ==
आर्य समाज के प्रणेता महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयंती एवं आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में सन २०२५ एक ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन किया गया। यह महासम्मेलन 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 (कार्तिक, शुक्ल पक्ष ८-९-१०-११ वि.२०८२ ) को नई दिल्ली में आयोजित हुआ इसमें न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि विश्व के विभिन्न देशों से आर्यजन, विद्वान, समाजसेवी, युवा एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लिये।
महर्षि दयानन्द के जीवन, योगदान एवं विचारों पर वैश्विक विद्वानों के व्याख्यान, आर्य समाज के 150 वर्षों की यात्रा का चित्रात्मक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन, वैदिक यज्ञ, संस्कार, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला, आर्यवीर दल के युवा वीरों का प्रदर्शन एवं वीरता प्रशिक्षण, महर्षि दयानन्द स्मृति ग्रंथों, शोध-पत्रों व साहित्य का विमोचन, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों द्वारा आर्य समाज के विश्वव्यापी प्रभाव पर प्रस्तुति तथा आर्य समाज की शाखाओं, संगठनों व संस्थानों का परिचय व योगदान आदि इस समारोह के मुख्य आकर्षण रहे।
महासम्मेलन के अवसर पर एक पुस्तक बाजार का आयोजन भी हुआ जिसमें वैदिक साहित्य, आयुर्वेदिक औषधियाँ, आध्यात्मिक ग्रंथ, शिक्षा एवं संस्कार साहित्य आदि के 200 से अधिक स्टॉल स्थापित किए गये थे।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
* [[आर्य]]
* [[आर्यसमाज]]
*[[दयानन्द सरस्वती]]
*[[सत्यार्थ प्रकाश]]
*[[भारतीय राष्ट्रवाद]]
*[[दक्षिण अफ्रीका में आर्य समाज]]
*[[फीजी में आर्य समाज]]
*[[गयाना में आर्य समाज]]
*[[बर्मा में आर्य समाज]]
*[[युगाण्डा में आर्य समाज]]
*[[मोजाम्बीक में आर्य समाज]]
*[[थाईलैंड में आर्य समाज]]
*[[सूरीनाम में आर्य समाज]]
*[[त्रिनिदाद और टोबैगो में आर्य समाज]]
== वाह्य सम्पर्क सूत्र ==
{{विकिस्रोत लेखक|स्वामी_दयानंद_सरस्वती|आर्य समाज}}
* [https://web.archive.org/web/20121104064420/http://thearyasamaj.org/ आर्य समाज की आधिकारिक वेबसाइट ]
* [http://vedickosh.com/index.html महर्षि दयानन्द सरस्वती साहित्य कोष] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221120100505/http://vedickosh.com/index.html |date=20 नवंबर 2022 }}
* [http://jayvijay.co/2015/04/10/आर्यसमाज-एक-वैश्विक-धार्/ आर्यसमाज : एक वैश्विक धार्मिक सामाजिक संस्था]
* [https://web.archive.org/web/20140921100310/http://www.thearyasamaj.org/magazines आर्य समाज की पत्र पत्रिकाएँ ]
* [https://web.archive.org/web/20071106121826/http://www.aryasamajjamnagar.org/aryasamaji/arasamaji.htm आर्य समाज के स्तम्भ]
* [https://web.archive.org/web/20140201141245/http://www.aryamantavya.in/ आर्य मंतव्य] - यहाँ आर्यसमाज के मनीषियों का व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर बहुत सारी सामग्री उपलब्ध है।
{{आर्य समाज}}
{{विभिन्न देशों में आर्य समाज}}
{{हिन्दु सुधार आन्दोलन}}
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म सुधार आन्दोलन]]
[[श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना]]
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एजटेका स्टेडियम
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{{स्रोतहीन|date=अक्टूबर 2018}}
[[चित्र:Vista aérea nocturna del Estadio Azteca.jpg|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल]]
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यह एक प्रमुख खेल का मैदान है।
== स्थिति ==
== प्रमुख आयोजिक खेल ==
== दर्शक छमता ==
==सन्दर्भ==
{{संसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ==
{{विश्व के प्रमुख खेल मैदान}}
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[[श्रेणी:विश्व के प्रमुख खेल मैदान]]
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इंडियन प्रीमियर लीग
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{{Infobox cricket tournament main
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|caption = आईपीएल
|country = [[भारत]]
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|participants = 8 (2008-2010; 2014-2021)<br>
10 (2011; 2022 से)<ref>{{citeweb|url=https://www.hindustantimes.com/cricket/bcci-approves-10-team-ipl-fom-2022-edition/story-O7Qb1AQlsqUPd6Culk4rcP_amp.html|title=BCCI approves 10-team IPL from 2022|website=HindustanTimes|date=2020-12-24|access-date=2021-10-05}}</ref><br> 9 (2012-2013)
|champions = [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
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(5 खिताब)
|most runs = {{flagicon|IND}} [[विराट कोहली]] (8004)<ref>{{cite web|url=https://www.iplt20.com/stats/all-time/most-runs|title=IPL Most runs|work=IPLT20|accessdate=20 April 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190408064623/https://www.iplt20.com/stats/all-time/most-runs|archive-date=8 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref>
|most wickets = {{flagicon|IND}} [[युजवेंद्र चहल]] (205)<ref>{{cite web|url=https://www.iplt20.com/stats/all-time/most-wickets|title=IPL Most wickets|work=IPLT20|accessdate=20 April 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190408064617/https://www.iplt20.com/stats/all-time/most-wickets|archive-date=8 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|TV = '''भारत''' <br/> [[स्टार स्पोर्ट्स नैटवर्क|स्टार स्पोर्ट्स]]<ref name="IPLRights">{{cite web|last1=Frater|first1=Patrick|last2=Ramachandran|first2=Naman|title=India Media Landscape Redrawn as Viacom18, Disney Carve up $6.2 Billion IPL Cricket Rights|url=https://variety.com/2022/digital/asia/indian-premier-league-cricket-viacom18-disney-1235293584/|website=[[वैराइटी (पत्रिका)|वैराइटी]]|date=14 June 2022|access-date=18 August 2022|archive-date=18 August 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220818195257/https://variety.com/2022/digital/asia/indian-premier-league-cricket-viacom18-disney-1235293584/|url-status=live}}</ref> <br/> [[जिओ सिनेमा]] (इंटरनेट) <ref name="auto">{{Cite news |title=IPL Auction 2023: Check venue, time and live streaming details here |work=The Economic Times |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/ipl-auction-2023-check-venue-time-and-live-streaming-details-here/articleshow/96221617.cms?from=mdr |access-date=2022-12-17 |archive-date=17 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221217122722/https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/ipl-auction-2023-check-venue-time-and-live-streaming-details-here/articleshow/96221617.cms?from=mdr |url-status=live }}</ref> <br/> '''अंतरराष्ट्रीय''' <br/>[[#प्रसारकों की सूची§✂|प्रसारकों की सूची§✂]]
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{{Infobox
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|data2 =
*[[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग|2008]]
*[[२००९ इंडियन प्रीमियर लीग|2009]]
*[[२०१० इंडियन प्रीमियर लीग|2010]]
*[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]]
*[[२०१२ इंडियन प्रीमियर लीग|2012]]
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*[[२०१४ इंडियन प्रीमियर लीग|2014]]
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*[[2022 इंडियन प्रीमियर लीग|2022]]
*[[२०२३ इंडियन प्रीमियर लीग|2023]]
*[[2024 इंडियन प्रीमियर लीग|2024]]
*[[2025 इंडियन प्रीमियर लीग|2025]]
}}
'''इंडियन प्रीमियर लीग''' जिसे '''आईपीएल''' (IPL) भी कहते है। यह भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) द्वारा संचालित [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी]] प्रतियोगिता है।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/23931646/how-ipl-become-global-sports-giant|title=How can the IPL become a global sports giant?|access-date=28 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180628125504/http://www.espncricinfo.com/story/_/id/23931646/how-ipl-become-global-sports-giant|archive-date=28 जून 2018|url-status=live}}</ref> इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भारत में एक पेशेवर [[ट्वेन्टी ट्वेन्टी]] क्रिकेट लीग है, [[भारतीय]] शहरों वा राज्यो का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमो मे भारतीय टीम के, घरेलू टीम के और अंतररास्ट्रियो टीमो के खिलाडी भाग लेते है।
वर्ष 2007 में भारत (बीसीसीआई) के सदस्य [[ललित मोदी]] ने क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा स्थापित किया गया, हर साल के अप्रैल और मई महीने में आईपीएल खेलो का आयोजन किया जाता है । <ref name="BBC2009">{{cite news |title=आईपीएल की पुष्टि करता दक्षिण अफ्रीका स्विच |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7958664.stm |date=24 मार्च 2009 |publisher=बीबीसी |accessdate=12 फ़रवरी 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150208192113/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/cricket/7958664.stm |archive-date=8 फ़रवरी 2015 |url-status=live }}</ref> 2016 में आईपीएल का टाइटल प्रायोजक विवो इलेक्ट्रॉनिक्स, इस प्रकार लीग को आधिकारिक तौर पर [[वीवो मोबाइल|ड्रीम 11]] इंडियन प्रीमियर लीग के रूप में जाना जाता है। 2022 से 2027 तक आईपीएल का टाइटल प्रायोजक भारतीय टाटा समूह है । [[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद|आईसीसी]] भविष्य यात्रा कार्यक्रम में एक विशेष विंडो है।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/21746867/ipl-now-window-icc-future-tours-programme|title=IPL now has window in ICC Future Tours Programme|access-date=13 दिसंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171213041703/http://www.espncricinfo.com/story/_/id/21746867/ipl-now-window-icc-future-tours-programme|archive-date=13 दिसंबर 2017|url-status=live}}</ref>
आईपीएल दुनिया में सबसे-भाग लिया क्रिकेट लीग है और सभी खेल लीग के बीच छठे स्थान पर है। <ref>{{cite news|title=बिग बैश लीग में दुनिया में सबसे भाग लिया खेल लीग के शीर्ष 10 में कूदता|url=http://www.smh.com.au/sport/cricket/big-bash-league-jumps-into-top-10-of-most-attended-sports-leagues-in-the-world-20160110-gm2w8z.html|accessdate=5 अप्रैल 2016|work=सिडनी मार्निंग हेराल्ड|archive-url=https://web.archive.org/web/20160617164411/http://www.smh.com.au/sport/cricket/big-bash-league-jumps-into-top-10-of-most-attended-sports-leagues-in-the-world-20160110-gm2w8z.html|archive-date=17 जून 2016|url-status=live}}</ref> 2010 में आईपीएल बन गया दुनिया में पहली बार खेल के आयोजन [[यूट्यूब]] पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। <ref>{{cite news|title=आईपीएल यूट्यूब पर लाइव प्रसारित किए जाने मैचों|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2010/content/story/445173.html|work=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|accessdate=5 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20100123160437/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/content/story/445173.html|archive-date=23 जनवरी 2010|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|title=आईपीएल यूट्यूब पर लाइव प्रसारित करने के लिए|url=http://www.telegraph.co.uk/sport/cricket/twenty20/ipl/7033597/IPL-to-broadcast-live-on-YouTube.html|work=टेलीग्राफ ब्रिटेन|accessdate=5 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160419214329/http://www.telegraph.co.uk/sport/cricket/twenty20/ipl/7033597/IPL-to-broadcast-live-on-YouTube.html|archive-date=19 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> आईपीएल की ब्रांड वैल्यू अमेरिकी मूल्यांकन, गूंथा हुआ आटा और फेल्प्स के एक प्रभाग द्वारा अमेरिका में 2015 में 3.5 अरब $ होने का अनुमान था। <ref name="On a Sticky Wicket">{{cite web|url= http://american-appraisal.in/AA-Files/Images_IN/PDF/BrandValuesIPL_April2015.pdf|title= एक चिपचिपा विकेट पर|publisher= अमेरिकी मूल्यांकन|accessdate= 2014-11-07|archive-url= https://web.archive.org/web/20151017144448/http://american-appraisal.in/AA-Files/Images_IN/PDF/BrandValuesIPL_April2015.pdf|archive-date= 17 अक्तूबर 2015|url-status= dead}}</ref> बीसीसीआई के मुताबिक, 2015 आईपीएल सीजन [[भारतीय अर्थव्यवस्था]] के [[सकल घरेलू उत्पाद|जीडीपी]] में 11.5 लाख ₹ (अमेरिका $ 182 मिलियन) का योगदान दिया। <ref>{{cite web|title=आईपीएल 2015 रुपये का योगदान दिया। 11.5 बीएन सकल घरेलू उत्पाद: बीसीसीआई|url=http://www.thehindu.com/sport/cricket/2015-indian-premier-league-ipl-contributed-rs115-billion-12-million-to-indias-gross-domestic-product-gdp-says-bcci/article7823334.ece|website=हिन्दू|accessdate=6 जनवरी 2016|archive-url=https://archive.today/20160619005240/http://www.thehindu.com/sport/cricket/2015-indian-premier-league-ipl-contributed-rs115-billion-12-million-to-indias-gross-domestic-product-gdp-says-bcci/article7823334.ece|archive-date=19 जून 2016|url-status=live}}</ref>
13 टीमों को लीग के पहले सत्र के बाद से प्रतिस्पर्धा करने के लिए है, छह में कम से कम एक बार खिताब जीत लिया है। जबकि [[गुजरात टाइटंस]] [[राजस्थान रॉयल्स]], [[डेक्कन चार्जर्स]] और [[सनराइजर्स हैदराबाद]] एक बार जीत लिया है तथा [[मुंबई इंडियंस]] ने 2023 तक पांच बार और [[चेन्नई सुपर किंग्स]] पांच बार और [[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]], ने तीन बार जीत लिया है। <ref>{{Cite web |url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/981019.html |title=स्कोरकार्ड {{!}} इंडियन प्रीमियर लीग, फाइनल: 21 मई 2018 को हैदराबाद के राजीव गांधी क्रिकेट इंटरनेशनल ग्राउंड में खेले गए फाइनल मैच मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हराकर यह खिताब अपने नाम किया |access-date=19 जून 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160619010932/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/981019.html |archive-date=19 जून 2016 |url-status=live }}</ref> 2014 तक इस टूर्नामेंट में शीर्ष तीन टीमों को [[चैंपियंस लीग ट्वेंटी20]] के लिए क्वालीफाई किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.bbc.com/hindi/sport/2010/01/100119_ipl_thirdsession_sm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=3 दिसंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171217052626/http://www.bbc.com/hindi/sport/2010/01/100119_ipl_thirdsession_sm |archive-date=17 दिसंबर 2017 |url-status=live }}</ref> हालांकि, [[चैंपियंस लीग ट्वेंटी20]] 2015 में बंद किया गया था और तब से मृत हो गया है। <ref>{{cite news |url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/898873.html |title=चैंपियंस लीग टी -20 बंद |date=15 जुलाई 2015 |work=ईएसपीएन |accessdate=15 जुलाई 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150717091049/http://www.espncricinfo.com/ci/content/story/898873.html |archive-date=17 जुलाई 2015 |url-status=live }}</ref>
== इतिहास ==
=== स्थापना===
[[File:SRH fans while an ipl match.jpg|thumb|right|262px|हैदराबाद, भारत में 2015 आईपीएल सीजन के मैच के दौरान भीड़]]
2007 में इंडियन क्रिकेट लीग की स्थापना [[ज़ी मनोरंजन उद्योग|जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज]] द्वारा प्रदान धन के साथ हुई थी।<ref>{{cite news|title=आईसीसी टीम सूचियों की घोषणा की|url=http://www.rediff.com/cricket/2007/nov/14icl.htm|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=रेडिफ|date=14 नवंबर 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303191527/http://www.rediff.com/cricket/2007/nov/14icl.htm|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> आईसीएल इंडिया (बीसीसीआई) क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या [[अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद|अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद]] (आईसीसी) द्वारा और कहा कि बीसीसीआई ने आईसीएल के कार्यकारी बोर्ड में शामिल होने समिति के सदस्यों के साथ खुश नहीं थे व मान्यता प्राप्त नहीं था।<ref>{{cite news|author = प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया|url = http://inhome.rediff.com/cricket/2007/jun/13icl.htm|title = बीसीसीआई के नीचे गोली मारता है आईसीएल|publisher = रेडिफ|date = 13 जून 2007|accessdate = 13 जून 2007|archive-url = https://web.archive.org/web/20071218211734/http://inhome.rediff.com/cricket/2007/jun/13icl.htm|archive-date = 18 दिसंबर 2007|url-status = live}}</ref> आईसीएल में शामिल होने से खिलाड़ियों को रोकने के लिए, बीसीसीआई ने घरेलू टूर्नामेंट में पुरस्कार राशि में वृद्धि कर दी और आईसीएल, जो बोर्ड द्वारा एक बागी लीग माना जाता था शामिल होने के खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद 2008 में ललित मोदी ने बीसीसीआई को टी20 के जैसा ही एक लीग बनाने को कहा। इसके बाद बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग के शुरू करने की घोषणा की।<ref>{{cite news|title=इंडियन प्रीमियर लीग: यह सब कब प्रारंभ हुआ|url=http://timesofindia.indiatimes.com/ipl-history/Indian-Premier-League-How-it-all-started/articleshow/19337875.cms|accessdate=28 दिसम्बर 2015|work=टाइम्स ऑफ इंडिया|date=2 अप्रैल 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20180912100617/https://timesofindia.indiatimes.com/ipl-history/Indian-Premier-League-How-it-all-started/articleshow/19337875.cms|archive-date=12 सितंबर 2018|url-status=live}}</ref> बिजनेसमैन और क्रिकेट कार्यकारी अधिकारी [[ललित मोदी]] ने बीसीसीआई द्वारा काम सौंपा गया था एक नया ट्वेंटी -20 लीग कि इंडियन क्रिकेट लीग प्रतिद्वंद्वी होगा शुरू करने के लिए। 2008 के शुरू में बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग, एक नया मताधिकार आधारित ट्वेंटी -20 लीग के शुभारंभ की घोषणा की। <ref name="IPL Started">{{cite news|title=इंडियन प्रीमियर लीग: कैसे यह सब शुरू|url=http://timesofindia.indiatimes.com/ipl-history/Indian-Premier-League-How-it-all-started/articleshow/19337875.cms|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=टाइम्स ऑफ इंडिया|date=2 अप्रैल 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20180912100617/https://timesofindia.indiatimes.com/ipl-history/Indian-Premier-League-How-it-all-started/articleshow/19337875.cms|archive-date=12 सितंबर 2018|url-status=live}}</ref> लीग इंग्लैंड के [[प्रीमियर लीग]] और संयुक्त राज्य अमेरिका में [[नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन|एनबीए]] के आधार पर किया जाएगा। <ref name="IPL Started" />
आदेश में नए लीग के लिए मालिकों के बारे में फैसला करने के लिए, एक नीलामी में फ्रेंचाइजी के आसपास $ 400 मिलियन की लागत के कुल आधार मूल्य के साथ 24 जनवरी 2008 को आयोजित की गई थी। <ref name="IPL Started" /> नीलामी के अंत में, जीतने बोलीदाताओं की घोषणा की थी, साथ ही शहरों के रूप में टीम में आधारित होगा: [[बंगलौर|बैंगलोर]], [[चेन्नई]], [[दिल्ली]], [[हैदराबाद]], [[जयपुर]], [[कोलकाता]], [[अजीतगढ़|मोहाली]], तथा [[मुम्बई|मुंबई]].<ref name="IPL Started" /> अंत में, फ्रेंचाइजी सभी 723,59 $ मिलियन की कुल के लिए बेच दिया गया था।<ref>{{cite web|url = http://content-usa.cricinfo.com/ipl/content/current/story/333193.html|title = क्रिकइन्फो – आईपीएल में बड़ा कारोबार और बॉलीवुड हड़पने का दांव|publisher = [[ईएसपीएन क्रिकइन्फो|क्रिकइन्फो]]|date = 24 जनवरी 2008|accessdate = 12 दिसंबर 2011|archive-url = https://web.archive.org/web/20081229214548/http://content-usa.cricinfo.com/ipl/content/current/story/333193.html|archive-date = 29 दिसंबर 2008|url-status = live}}</ref> इंडियन क्रिकेट लीग में जल्द ही 2008 में मुड़ा हुआ है।<ref>{{cite news|title=मृत इंडियन क्रिकेट लीग में फिर से शुरू कर सकते हैं|url=http://sports.ndtv.com/cricket/news/174907-defunct-indian-cricket-league-may-start-again|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=एनडीटीवी स्पोर्ट्स|date=22 जून 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20160424124250/http://sports.ndtv.com/cricket/news/174907-defunct-indian-cricket-league-may-start-again|archive-date=24 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
=== विस्तार और समाप्ति ===
21 मार्च 2010, यह घोषणा की गई है कि दो नई फ्रेंचाइजी - पुणे वारियर्स इंडिया और कोच्चि टस्कर्स केरल - 2011 में चौथे सत्र से पहले लीग में शामिल हो जाएगा।<ref name="Pune and Kerala">{{cite news|last1=रवींद्रन|first1=सिद्धार्थ|last2=गोल्लापुड़ि|first2=नागराज|title=पुणे और कोच्चि नई आईपीएल फ्रेंचाइजी के रूप में अनावरण किया|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2010/content/current/story/452856.html|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|date=21 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20160422230155/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/content/current/story/452856.html|archive-date=22 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> जबकि मिलन स्थल स्पोर्ट्स वर्ल्ड $333,3 मिलियन के लिए कोच्चि फ्रेंचाइजी खरीदा सहारा एडवेंचर स्पोर्ट्स ग्रुप $370 मिलियन के लिए पुणे फ्रेंचाइजी को खरीदा है।<ref name="Pune and Kerala" /> हालांकि, एक साल बाद, नवंबर 2011 को 11, यह घोषणा की गई कि कोच्चि टस्कर्स केरल पक्ष पक्ष की स्थिति की बीसीसीआई की शर्तों का उल्लंघन निम्नलिखित समाप्त हो जाएगा।<ref name="Tuskers Out">{{cite news|title=कोच्चि फ्रेंचाइजी ने बीसीसीआई द्वारा समाप्त|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/content/story/532973.html|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|date=19 सितंबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20160521045809/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/content/story/532973.html|archive-date=21 मई 2016|url-status=live}}</ref>
फिर, 14 सितंबर 2012 को टीम के नए मालिकों को खोजने के लिए सक्षम नहीं किया जा रहा है के बाद, बीसीसीआई ने घोषणा की है कि 2009 के चैम्पियन [[डेक्कन चार्जर्स]], समाप्त हो जाएगा।<ref>{{cite web|last=ईएसपीएन|first=क्रिकइन्फो|title=बीसीसीआई समाप्त डेक्कन चार्जर्स फ्रेंचाइजी|url=http://www.espncricinfo.com/india/content/story/582292.html?CMP=क्रोम|publisher=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|accessdate=14 सितंबर 2012}}</ref> अगले महीने 25 अक्टूबर को, एक नीलामी देखने के लिए जो प्रतिस्थापन मताधिकार के मालिक सन टीवी नेटवर्क [[हैदराबाद]] फ्रेंचाइजी के लिए बोली जीतने के साथ होगा आयोजित किया गया।<ref>{{cite news| url=http://www.wisdenindia.com/cricket-news/sun-tv-network-win-hyderabad-ipl-franchise/32100| title=सन टीवी नेटवर्क जीत हैदराबाद आईपीएल फ्रेंचाइजी| publisher=विजडन इंडिया| date=25 अक्टूबर 2012| access-date=20 जून 2016| archive-url=https://web.archive.org/web/20170625142249/http://www.wisdenindia.com/cricket-news/sun-tv-network-win-hyderabad-ipl-franchise/32100| archive-date=25 जून 2017| url-status=dead}}</ref> टीम का नाम [[सनराइजर्स हैदराबाद]] होगा।<ref>{{cite news | url=http://www.espncricinfo.com/india/content/story/597700.html | title=हैदराबाद आईपीएल फ्रेंचाइजी नामित सनराइजर्स | work=हैदराबाद आईपीएल फ्रेंचाइजी नामित सनराइजर्स, ईएसपीएनक्रिकइन्फो | date=18 दिसंबर 2012 | accessdate=26 मार्च 2013 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130320040222/http://www.espncricinfo.com/india/content/story/597700.html | archive-date=20 मार्च 2013 | url-status=live }}</ref>
14 जून 2015, यह घोषणा की गई है कि दो बार के चैम्पियन [[चेन्नई सुपर किंग्स]], और उद्घाटन सत्र के चैंपियन [[राजस्थान रॉयल्स]], दो सत्रों के लिए एक मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी प्रकरण में उनकी भूमिका के बाद निलंबित किया जाएगा।<ref>{{cite news|title=आईपीएल कांड: चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के निलंबित|url=http://www.bbc.com/news/world-asia-india-33517583|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=बीबीसी|date=14 जुलाई 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160603183025/http://www.bbc.com/news/world-asia-india-33517583|archive-date=3 जून 2016|url-status=live}}</ref> फिर, पर 8 दिसंबर 2015 में एक नीलामी के बाद, यह पता चला था कि [[पुणे]] और [[राजकोट]] दो सत्रों के लिए चेन्नई और राजस्थान की जगह होगी।<ref>{{cite news|title=पुणे, राजकोट नई आईपीएल फ्रेंचाइजी की मेजबानी के लिए|url=http://www.espncricinfo.com/india/content/story/949987.html|accessdate=28 दिसंबर 2015|work=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|date=8 दिसंबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520050002/http://www.espncricinfo.com/india/content/story/949987.html|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}</ref> टीमों [[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]]्स और [[गुजरात लॉयन्स]] हैं।
== टूर्नामेंट प्रारूप ==
वर्तमान में, आठ टीमों के साथ, प्रत्येक टीम एक दूसरे को एक होम और दूर [[राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता|राउंड रॉबिन]] टूर्नामेंट में दो बार खेलता है।<ref name=CricBetLive>{{cite news|title=इंडियन प्रीमियर लीग अनुसूची - आईपीएल 2016 फिक्स्चर|url=http://cricbetlive.co.uk/2015/08/27/indian-premier-league-schedule-ipl-2016-fixtures/|accessdate=29 दिसंबर 2015|work=क्रिक बेट लाइव|date=27 अगस्त 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160128130700/http://cricbetlive.co.uk/2015/08/27/indian-premier-league-schedule-ipl-2016-fixtures/|archive-date=28 जनवरी 2016|url-status=dead}}</ref> लीग चरण के समापन पर, शीर्ष चार टीमें फाइनल के लिए योग्य हैं। शीर्ष दो टीमें विजेता फाइनल में सीधे जा रहा है, जबकि हारे हुए दूसरे प्रारंभिक दौर पर चला जाता है के साथ, पहले प्रारंभिक दौर के मैच में एक दूसरे खेलते हैं। तीसरे और चौथे स्थान पर टीमों को फैसला करना है जो पहली बार प्रारंभिक दौर के मैच से हारे हुए पर ले जाएगा एक दूसरे को खेलते हैं। <ref name="CricBetLive" /> दूसरी प्रारंभिक दौर के मैच के विजेता अंतिम जहां विजेता इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन का ताज पहनाया जाएगा पर कदम होगा। <ref name="CricBetLive" />
== टीमें ==
=== वर्तमान टीमें ===
{{location map+ |India
|float=left
|width=500
|alt=आठ आईपीएल टीमों के स्थान
|caption=आठ आईपीएल टीमों के स्थान
|places=
{{location map~ |India |lat=23.033863 |long=72.585022 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[गुजरात टाइटन्स]]}}</div>|position=right}}
{{location map~ |India |lat=26.850000 |long=80.949997 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[लखनऊ सुपर जायंट्स]]}}</div>|position=right}}
{{location map~ |India |lat=13.0628127 |long=80.2770915 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]}}</div>|position=right}}
{{location map~ |India |lat=28.6378679 |long=77.2409453 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[दिल्ली कैपिटल्स]]}}</div>|position=right}}
{{location map~ |India |lat=30.6908936 |long=76.7353423 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[पंजाब किंग्स]]}}</div>|position=left}}
{{location map~ |India |lat=22.564613 |long=88.3410758 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]}}</div>|position=left}}
{{location map~ |India |lat=18.9388579 |long=72.8235753 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[मुंबई इंडियंस]]}}</div>|position=left}}
{{location map~ |India |lat=26.8940737 |long=75.8011074 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[राजस्थान रॉयल्स]]}}</div>|position=left}}
{{location map~ |India |lat=12.9787989 |long=77.5976268 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]}}</div>|position=left}}
{{location map~ |India |lat=17.4065313 |long=78.5482817 |label= <div style="font-size:100%;">{{nobreak|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]}}</div>|position=right}}
}}
{| class="wikitable sortable" style="width:100%;"
|-
!colspan=2 style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|टीम
!style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|शहर
!style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|घरेलू मैदान
!style="width:5%; color:#fff; background:#0101df;"|प्रथम प्रवेश
!style="width:25%; color:#fff; background:#0101df;"|मालिक
!style="width:15%; color:#fff; background:#0101df;"|वर्तमान कोच
!style="width:15%; color:#fff; background:#0101df;"|वर्तमान कप्तान
|-
|style="background:yellow;"|
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|[[चेन्नई]], [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]]
|[[एम ए चिदंबरम स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2008
|[[एन श्रीनिवासन]]{{citation needed|date=April 2019}}
|[[स्टीफन फ्लेमिंग]]
|{{flagicon|IND}} [[ऋतुराज गायकवाड़]]
|-
|style="background:#00BFFF;"|
|[[दिल्ली कैपिटल्स]]
|[[दिल्ली]], [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|एनसीआर]]
|[[अरुण जेटली स्टेडियम|फिरोज शाह कोटला ग्राउंड]]
|text-align:center;"|2008
|[[सज्जन जिंदल]]{{citation needed|date=April 2019}}, [[ग्रन्ढी मल्लिकार्जुन राव]]
|[[रिकी पोंटिंग]]
|{{flagicon|IND}} [[अक्षर पटेल]]
|-
|style="background:#CC2222;"|
|[[पंजाब किंग्स]]
|[[अजीतगढ़|मोहाली]] ([[चण्डीगढ़|चंडीगढ़]]), [[पंजाब (भारत)|पंजाब]]
|[[पीसीए स्टेडियम|पीसीए स्टेडियम, मोहाली]]<br>[[होलकर स्टेडियम]], [[इन्दौर|इंदौर]]
|text-align:center;"|2008
|[[प्रीति ज़िंटा|प्रीति जिंटा]], [[नेस वाडिया]], [[मोहित बर्मन]], [[करण पॉल]], [[पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय]]
|[[अनिल कुंबले]]
|{{flagicon|IND}} [[श्रेयस अय्यर]]
|-
|style="background:indigo;"|
|[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]
|[[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल]]
|[[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन]]
|text-align:center;"|2008
|[[शाहरुख़ ख़ान|शाहरुख खान]], [[जूही चावला]], [[जय मेहता]]
|[[ब्रेंडन मैकुलम]]
|{{flagicon|IND}} [[अजिंक्य रहाणे]]
|-
|style="background:blue;"|
|[[मुंबई इंडियंस]]
|[[मुम्बई|मुंबई]], [[महाराष्ट्र]]
|[[वानखेड़े स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2008
|[[मुकेश अंबानी]]
|[[महेला जयवर्धने]]
|{{flagicon|IND}} [[हार्दिक पांड्या]]
|-
|style="background:magenta;"|
|[[राजस्थान रॉयल्स]]
|[[जयपुर]], [[राजस्थान]]
|[[सवाई मान सिंह स्टेडियम|सवाई मानसिंह स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2008
|[[मनोज बादले]]
|[[कुमार संगकारा]]
|{{flagicon|IND}} [[रियान पराग]]
|-
|style="background:red;"|
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
|[[बंगलौर|बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]]
|[[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2008
|
|[[साइमन कैटिच]]
|{{flagicon|IND}} [[रजत पाटीदार]]
|-
|style="background:orangered;"|
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|[[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]]
|[[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2013
|[[कलानिधि मारन]]
|[[ट्रेवर बेलिस]]
|{{flagicon|AUS}} [[पॅट कमिंस]]
|-
|style="background:orangered;"|
|[[लखनऊ सुपर जायंट्स]]
|[[लखनऊ]], [[उत्तर प्रदेश]]
|
|text-align:center;"|2022
|[[संजीव गोयनका]]
|
|{{flagicon|IND}} [[ऋषभ पंत]]
|-
|style="background:orangered;"|
|[[गुजरात टाइटन्स]]
|[[अहमदाबाद]], [[गुजरात]]
|[[नरेंद्र मोदी स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2022
|
|
|{{flagicon|India}} [[शुबमन गिल]]
|}
=== पूर्व टीमों ===
{| class="wikitable sortable" style="width:100%;"
|-
!colspan=2 style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|टीम
!style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|शहर
!style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|घरेलू मैदान
!style="width:5%; color:#fff; background:#0101df;"|प्रथम प्रवेश
!style="width:5%; color:#fff; background:#0101df;"|भंग
!style="width:20%; color:#fff; background:#0101df;"|मालिक
|-
|style="background:#008080;"|
|[[डेक्कन चार्जर्स]]
|[[हैदराबाद, तेलंगाना]]
|[[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2008
|text-align:center;"|2012
|[[गायत्री रेड्डी (सोशलाइट)|गायत्री रेड्डी]], [[टी वेंकटराम रेड्डी]]
|-
|style="background:#ff8020;"|
|[[कोच्चि टस्कर्स केरल]]
|[[कोच्चि]], [[केरल]]
|[[जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (कोच्चि)|जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2010
|text-align:center;"|2011
|रेंडेज़वस कंसोर्टियम
|-
|style="background:#48D1CC;"|
|[[पुणे वारियर्स इंडिया]]
|[[पुणे, महाराष्ट्र]]
|[[डीवाई पाटिल स्टेडियम]], [[महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2010
|text-align:center;"|2014
|[[सुब्रत रॉय]]
|-
|style="background:darkviolet;"|
|[[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]]
|[[पुणे]], [[महाराष्ट्र]]
|[[महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2016
|text-align:center;"|2018
|[[संजीव गोयनका]]
|-
|style="background:#ff4500;"|
|[[गुजरात लायंस]]
|[[राजकोट]], [[गुजरात]]
|[[सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम]]
|text-align:center;"|2016
|text-align:center;"|2018
|[[केशव बंसल]]
|}
== टूर्नामेंट परिणाम ==
तेरह टीम है कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेल चुके हैं में से तीन, यह दो बार, जबकि तीन में यह एक बार प्रत्येक जीत लिया है जीत लिया है। [[मुंबई इंडियंस]] लीग के इतिहास में सबसे सफल टीमें हैं। अन्य तीन टीमों ने टूर्नामेंट जीत लिया है [[डेक्कन चार्जर्स]], [[राजस्थान रॉयल्स]] और [[सनराइजर्स हैदराबाद]] हैं। सुपर किंग्स टीम को टूर्नामेंट जीत लिया है और फिर इसे अगले सत्र की रक्षा, 2010 में जीतने और [[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]] में फिर से जीत रहे हैं। मौजूदा चैंपियन [[मुंबई इंडियन]], जिन्होंने अपना पहला खिताब जीत हड़पने के लिए [[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]] में 29 मई, 2016 को [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] को हराया है। आईपीएल 2019 की विजेता टीम मुंबई इंडियंस है ,जिसने फाईनल में चेन्नई सुपरकिंग्स को एक रन से हराया !
{| class="wikitable plainrowheaders"
|+आईपीएल सीजन के नतीजे<ref name="IPL nine seasons">{{cite web|url=http://www.espn.in/cricket/story/_/id/15826917/great-tournament-captains-poor-one-spinners|title=A great tournament for captains, a poor one for spinners|website=[[Sony ESPN]]|date=30 May 2016|author=Bharath Seervi|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190421063552/http://www.espn.in/cricket/story/_/id/15826917/great-tournament-captains-poor-one-spinners|archive-date=21 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref><ref name="IPL all seasons results">{{cite web|url=http://www.iplt20.com/stats|title=IPL all seasons' results|website=Iplt20.com|publisher=[[Board of Control for Cricket in India]]|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170228195938/http://www.iplt20.com/stats|archive-date=28 फ़रवरी 2017|url-status=dead}}</ref>
|-
!rowspan=2 scope=col|सीजन
! colspan="3" |फाइनल
!rowspan=2 scope=col|फाइनल स्थल
!rowspan=2 scope=col|टीमों की<br>संख्या
!rowspan=2 scope=col|श्रृंखला का खिलाड़ी
|-
!विजेता
!scope=col|जीत का मार्जिन
!उपविजेता
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2008<br>''[[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[राजस्थान रॉयल्स]]'''<ref name="2008 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html|title=2008 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=[[ESPNcricinfo]]|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170717095027/http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html|archive-date=17 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br>{{small|164/7 (20 ओवर)}}
|3 विकेट से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170717095027/http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]<ref name="2008 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br>{{small|163/5 (20 ओवर)}}
|[[डीवाई पाटिल स्टेडियम]], [[नवी मुम्बई|नवी मुंबई]]<ref name="2008 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2008 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl/content/squad?object=313494|title=IPL 2008 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190126164231/http://www.espncricinfo.com/ipl/content/squad?object=313494|archive-date=26 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|AUS}} [[शेन वॉटसन]] ([[राजस्थान रॉयल्स]])<ref name="2008 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2009<br>''[[२००९ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[डेक्कन चार्जर्स]]'''<ref name="2009 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2009/engine/match/392239.html|title=2009 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170716190055/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/engine/match/392239.html|archive-date=16 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br>{{small|143/6 (20 ओवर)}}
|6 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170716190055/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/engine/match/392239.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]<ref name="2009 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>137/9 (20 ओवर)</small>
|[[वांडरर्स स्टेडियम]], [[जोहान्सबर्ग]]<ref name="2009 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br>(दक्षिण अफ्रीका)
|8<ref name="IPL 2009 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/squad?object=374163|title=IPL 2009 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190127090600/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/content/squad?object=374163|archive-date=27 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|AUS}} [[एडम गिलक्रिस्ट]] ([[डेक्कन चार्जर्स]])<ref name="2009 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2010<br>''[[२०१० इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[चेन्नई सुपर किंग्स]]'''<ref name="2010 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/match/419165.html|title=2010 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703215852/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/match/419165.html|archive-date=3 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br>{{small|168/5 (20 ओवर)}}
|22 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170703215852/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/match/419165.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[मुंबई इंडियंस]]<ref name="2010 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>146/9 (20 ओवर)</small>
|[[डीवाई पाटिल स्टेडियम]], [[नवी मुम्बई|नवी मुंबई]]<ref name="2010 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2010 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/series/418064.html|title=IPL 2010 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190421132505/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/series/418064.html|archive-date=21 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|IND}} [[सचिन तेंदुलकर|सचिन तेंडुलकर]] ([[मुंबई इंडियंस]])<ref name="2010 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2011<br>''[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[चेन्नई सुपर किंग्स]]'''<ref name="2011 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/match/501271.html|title=2011 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170717143625/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/match/501271.html|archive-date=17 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br><small>205/5 (20 ओवर)</small>
|58 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170717143625/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/match/501271.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]<ref name="2011 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>147/8 (20 ओवर)</small>
|[[एम ए चिदंबरम स्टेडियम]], [[चेन्नई]]<ref name="2011 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|10<ref name="IPL 2011 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/site/cricket_squads_teams/index.html?object=466304|title=IPL 2011 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190224134248/http://www.espncricinfo.com/ci/content/site/cricket_squads_teams/index.html?object=466304|archive-date=24 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|WIN}} [[क्रिस गेल]] ([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]])<ref name="2011 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2012<br>''[[२०१२ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]'''<ref name="2012 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/match/548381.html|title=2012 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20120528110612/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/match/548381.html|archive-date=28 मई 2012|url-status=live}}</ref><br><small>192/5 (19.4 ओवर)</small>
|5 विकेट से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20120528110612/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/match/548381.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]<ref name="2012 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>190/3 (20 ओवर)</small>
|[[एम ए चिदंबरम स्टेडियम]], [[चेन्नई]]<ref name="2012 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|9<ref name="IPL 2012 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/content/squad/index.html?object=520932|title=IPL 2012 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190217085729/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/content/squad/index.html?object=520932|archive-date=17 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|WIN}} [[सुनील नारायण]] ([[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]])<ref name="2012 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2013<br>''[[२०१३ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[मुंबई इंडियंस]]'''<ref name="2013 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/598073.html|title=2013 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170609203234/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/598073.html|archive-date=9 जून 2017|url-status=live}}</ref><br><small>148/9 (20 ओवर)</small>
|23 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170609203234/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/598073.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]<ref name="2013 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>125/9 (20 ओवर)</small>
|[[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन]], [[कोलकाता]]<ref name="2013 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|9<ref name="IPL 2013 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=586733|title=IPL 2013 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190217085723/http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=586733|archive-date=17 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|AUS}} [[शेन वॉटसन]] ([[राजस्थान रॉयल्स]])<ref name="2013 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2014<br>''[[२०१४ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]'''<ref name="2014 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/match/734049.html|title=2014 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170706132336/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/match/734049.html|archive-date=6 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br><small>200/7 (19.3 ओवर)</small>
|3 विकेट से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170706132336/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/match/734049.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[किंग्स इलेवन पंजाब]]<ref name="2014 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>199/4 (20 ओवर)</small>
|[[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]], [[बंगलौर|बेंगलुरु]]<ref name="2014 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2014 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/content/squad/index.html?object=695871|title=IPL 2014 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190219053956/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/content/squad/index.html?object=695871|archive-date=19 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|AUS}} [[ग्लेन मैक्सवेल]] ([[किंग्स इलेवन पंजाब]])<ref name="2014 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2015<br>''[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[मुंबई इंडियंस]]'''<ref name="2015 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html|title=2015 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170626141856/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html|archive-date=26 जून 2017|url-status=live}}</ref><br><small>202/5 (20 ओवर)</small>
|41 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170626141856/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]<ref name="2015 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>161/8 (20 ओवर)</small>
|[[इडेन गार्डेंस|ईडन गार्डन]], [[कोलकाता]]<ref name="2015 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2015 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/content/squad/index.html?object=791129|title=IPL 2015 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190217142945/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/content/squad/index.html?object=791129|archive-date=17 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|WIN}} [[आंद्रे रसेल]] ([[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]])<ref name="2015 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2016<br>''[[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[सनराइजर्स हैदराबाद]]'''<ref name="2016 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/981019.html|title=2016 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20160619010932/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/981019.html|archive-date=19 जून 2016|url-status=live}}</ref><br><small>208/7 (20 ओवर)</small>'''
|8 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20160619010932/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/981019.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]<ref name="2016 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small >200/7 (20 ओवर) </small>
|[[एम चिन्नास्वामी स्टेडियम]], [[बंगलौर|बेंगलुरु]]<ref name="2016 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2016 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=968923|title=IPL 2016 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20181213123713/http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=968923|archive-date=13 दिसंबर 2018|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|IND}} [[विराट कोहली]] ([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]])<ref name="2016 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2017<br>''[[२०१७ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[मुंबई इंडियंस]]'''<ref name="2017 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1082650.html|title=2017 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=[[ESPNcricinfo]]|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20170719212518/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1082650.html|archive-date=19 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref><br><small>129/8 (20 ओवर)</small>
|1 रन से जीता<br><small>
([https://web.archive.org/web/20170719212518/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1082650.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]]<ref name="2017 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br>{{small|128/6 (20 ओवर)}}
|[[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हैदराबाद]]<ref name="2017 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref>{{cite web|title=IPL 2017 Squads|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2017/content/squad/index.html?object=1078425|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190217143051/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2017/content/squad/index.html?object=1078425|archive-date=17 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|ENG}} [[बेन स्टोक्स]] ([[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]])<ref name="2017 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2018<br>''[[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[चेन्नई सुपर किंग्स]]'''<ref name="2018 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{cite web|accessdate=20 February 2019|url=http://www.espncricinfo.com/series/8048/game/1136620/chennai-super-kings-vs-sunrisers-hyderabad-final-indian-premier-league-2018|title=2018 IPL Final scorecard, venue and MVP details|work=ESPNcricinfo|archive-url=https://web.archive.org/web/20190324112052/http://www.espncricinfo.com/series/8048/game/1136620/chennai-super-kings-vs-sunrisers-hyderabad-final-indian-premier-league-2018|archive-date=24 मार्च 2019|url-status=live}}</ref><br>{{small|181/2 (18.3 ओवर)}}
|8 विकेट से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20190330225112/http://www.espncricinfo.com/series/8048/game/1136620 स्कोरकार्ड])</small>
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]<br>{{small|178/6 (20 ओवर)}}<ref name="2018 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|[[वानखेड़े स्टेडियम]], [[मुम्बई|मुंबई]]
|8<ref>{{cite web|title=IPL 2018 Squads|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=1131611|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190301032845/http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=1131611|archive-date=1 मार्च 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|WIN}} [[सुनील नारायण]] ([[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]])<ref name="2018 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|-
!style="text-align:left;" scope=row|2019<br>''[[२०१९ इंडियन प्रीमियर लीग|विवरण]]''
|'''[[मुंबई इंडियंस]]'''<ref name="2019 IPL Final scorecard, venue and MVP details">{{Cite web|url=http://www.espncricinfo.com/series/8048/scorecard/1181768/mumbai-indians-vs-chennai-super-kings-final-indian-premier-league-2019|title=Full Scorecard of Mumbai Indians vs Chennai Super Kings, Indian Premier League, Final - Score Report {{!}} ESPNcricinfo.com|website=ESPNcricinfo|language=en|access-date=2019-05-12|archive-url=https://web.archive.org/web/20190520120237/http://www.espncricinfo.com/series/8048/scorecard/1181768/mumbai-indians-vs-chennai-super-kings-final-indian-premier-league-2019|archive-date=20 मई 2019|url-status=live}}</ref><br><small>149/8 (20 ओवर)</small>
|1 रन से जीता<br><small>([https://web.archive.org/web/20170626141856/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html स्कोरकार्ड])</small>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]<ref name="2019 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/><br><small>148/7 (20 ओवर)</small>
|[[राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम]], [[हैदराबाद]]<ref name="2019 IPL Final scorecard, venue and MVP details"/>
|8<ref name="IPL 2019 season squads">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=1165643|title=IPL 2019 season squads|work=ESPNcricinfo|accessdate=20 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190206083639/http://www.espncricinfo.com/ci/content/squad/index.html?object=1165643|archive-date=6 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|WIN}} [[आंद्रे रसेल]] ([[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]])
|}
=== टीमों का प्रदर्शन ===
{| class="wikitable" style="text-align: center;"
|-
!colspan=2|सीजन और टीमों की संख्या
![[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग|2008]]<br>(8)
![[२००९ इंडियन प्रीमियर लीग|2009]]<br>(8)
![[२०१० इंडियन प्रीमियर लीग|2010]]<br>(8)
![[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]]<br>(10)
![[२०१२ इंडियन प्रीमियर लीग|2012]]<br>(9)
![[२०१३ इंडियन प्रीमियर लीग|2013]]<br>(9)
![[२०१४ इंडियन प्रीमियर लीग|2014]]<br>(8)
![[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]]<br>(8)
![[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|2016]]<br>(8)
![[२०१७ इंडियन प्रीमियर लीग|2017]]<br>(8)
![[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग|2018]]<br>(8)
![[२०१९ इंडियन प्रीमियर लीग|2019]]<br>(8)
|-
!colspan=2|टीम \ मेज़बान
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|South Africa}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|UAE}}<br>{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
!{{flagicon|India}}
|-
|style="background:magenta;"|
|align=left|[[राजस्थान रॉयल्स]]||style="background: gold"|'''विजेता'''||6||7||6||7||style="background-color:magneta" |3||5||4||colspan=2 style="background:red;"|बर्खास्त कर दिया||4
|7
|-
|style="background:yellow;"|
|align=left|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]||style="background: silver"|उपविजेता||style="background-color: #cc9966"|सेफा||style="background: gold"|'''विजेता'''||style="background: gold"|'''विजेता'''||style="background: silver"|उपविजेता||style="background: silver"|उपविजेता||style="background-color: #cc9966"|3||style="background: silver"|उपविजेता||style="background:red;" colspan=2|बर्खास्त कर दिया||style="background: gold"|'''विजेता'''||style="background: silver"|उपविजेता
|-
|style="background:indigo;"|
|align=left|[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]||6||8||6||4||style="background: gold" |'''विजेता'''||7||style="background: gold" |'''विजेता'''||5||4|| style="background-color:#cc9966" |3||style="background-color: #cc9966"|3
|5
|-
|style="background:blue;"|
|align=left|[[मुंबई इंडियंस]]||5||7||style="background: silver" |उपविजेता||style="background-color: #cc9966"|3||4||style="background-color: gold"|'''विजेता'''||4||style="background-color: gold"|'''विजेता'''||5||style="background: gold"|'''विजेता'''||5||style="background: gold" |'''विजेता'''
|-
|style="background:#00BFFF;"|
|align=left|[[दिल्ली कैपिटल्स]]||style="background-color: #cc9966"|सेफा||style="background-color: #cc9966"|सेफा||5||10||style="background-color: #cc9966"|3||9||8||7||6||6||8
|style="background-color: #cc9966"|3
|-
|style="background:#CC2222;"|
|align=left|[[किंग्स इलेवन पंजाब]]||style="background-color: #cc9966"|सेफा||5||8||5||6||6||style="background: silver"|उपविजेता||8||8||5||7
|6
|-
|style="background:red;"|
|align=left|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]||7||style="background: silver"|उपविजेता||style="background-color: #cc9966"|3||style="background: silver"|उपविजेता||5||5||7|| style="background-color: #cc9966"|3||style="background: silver"|उपविजेता||8||6
|8
|-
|style="background:orangered;"|
|align=left|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]||colspan=5 style="background: #ececec;"|टीम मौजूद नहीं थी||4||6||6||style="background-color: gold"|'''विजेता'''||4||style="background: silver"|उपविजेता
|4
|-
|style="background:#008080;"|
|align=left|[[डेक्कन चार्जर्स]]<sup>†</sup>||8||style="background: gold"|'''विजेता'''||4||7||8||colspan=7 style="background: #ececec;"|मृत टीम
|-
|style="background:#48D1CC;"|
|align=left|[[पुणे वारियर्स इंडिया]]<sup>†</sup>|| colspan="3" style="background: #ececec;" |टीम मौजूद नहीं थी||9||9||8||colspan=6 style="background: #ececec;"|मृत टीम
|-
|style="background:#ff8020;"|
|align=left|[[कोची तुस्कर्स केरला]]<sup>†</sup>|| colspan="3" style="background: #ececec;" |टीम मौजूद नहीं थी||8||colspan=8 style="background: #ececec;"|मृत टीम
|-
|style="background:darkviolet;"|
|align=left|[[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]]<sup>†</sup>||colspan=8 style="background: #ececec;"|टीम मौजूद नहीं थी||7||style="background: silver"|उपविजेता||colspan=2 style="background: #ececec;"|मृत टीम
|-
|style="background:#ff4500;"|
|align=left|[[गुजरात लॉयन्स]]<sup>†</sup>||style="background: #ececec;" colspan=8|टीम मौजूद नहीं थी||style="background-color: #cc9966"|3||7||style="background: #ececec;" colspan=2|मृत टीम
|-
|}
†<small>अब मौजूद नहीं है।</small>
=== कुल खिताब जीता ===
{| class="wikitable"
|-
! टीम !! विजेता !! उपविजेता !! विजेता सीज़न !! उपविजेता सीजन
|-
| '''[[मुंबई इंडियंस]]'''
|align=center| 5
|align=center| 1
| [[२०१३ इंडियन प्रीमियर लीग|2013]],[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]],[[२०१७ इंडियन प्रीमियर लीग|2017]],[[२०१९ इंडियन प्रीमियर लीग|2019]][[२०२० इंडियन प्रीमियर लीग|2020]]
| [[२०१० इंडियन प्रीमियर लीग|2010]]
|-
| '''[[चेन्नई सुपर किंग्स]]'''
|align=center| 5
|align=center| 5
| [[२०१० इंडियन प्रीमियर लीग|2010]],[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]],[[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग|2018]],[[२०२१ इंडियन प्रीमियर लीग|2021]],[[२०२३ इंडियन प्रीमियर लीग|2023]]
| [[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग|2008]],[[२०१२ इंडियन प्रीमियर लीग|2012]],[[२०१३ इंडियन प्रीमियर लीग|2013]],[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]],[[२०१९ इंडियन प्रीमियर लीग|2019]]
|-
| '''[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]'''
|align=center| 2
|align=center| 1
| [[२०१२ इंडियन प्रीमियर लीग|2012]],[[२०१४ इंडियन प्रीमियर लीग|2014]]
| —
|-
| '''[[सनराइजर्स हैदराबाद]]'''
|align=center| 1
|align=center| 1
| [[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|2016]]
| [[२०१८ इंडियन प्रीमियर लीग|2018]]
| [[२०२१ इंडियन प्रीमियर लीग |2021]
| '''[[राजस्थान रॉयल्स]]'''
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|align=center| 0
| [[२००८ इंडियन प्रीमियर लीग|2008]]
| —
|-
| [[डेक्कन चार्जर्स]]
|align=center| 1
|align=center| 0
| [[२००९ इंडियन प्रीमियर लीग|2009]]
| —
|-
| '''[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]'''
| align="center" | 1
| align="center" | 3
| 2025
| [[२००९ इंडियन प्रीमियर लीग|2009]],[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]],[[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|2016]]
|-
| '''[[किंग्स इलेवन पंजाब]]'''
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| —
| [[२०१४ इंडियन प्रीमियर लीग|2014]]
|-
| [[राइजिंग पुणे सुपरजायंट]]
| align="center" | 0
| align="center" | 1
| —
| [[२०१७ इंडियन प्रीमियर लीग|2017]]
|}
* '''बोल्ड''' क्लब अभी भी सक्रिय हैं।
== टूर्नामेंट और वेतन नियम ==
एक टीम के पांच तरीके के माध्यम से खिलाड़ियों का अधिग्रहण कर सकते हैं: वार्षिक नीलामी, घरेलू खिलाड़ियों पर हस्ताक्षर करने, नवोदित खिलाड़ी, व्यापार खिलाड़ियों पर हस्ताक्षर, और हस्ताक्षर करने के प्रतिस्थापन।<ref name="Acquiring Players">[http://content-usa.cricinfo.com/ipl2009/content/current/story/387453.html नीलामी पर सब आँखों से धीरे व्यापार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090203075307/http://content-usa.cricinfo.com/ipl2009/content/current/story/387453.html |date=3 फ़रवरी 2009 }}, खिलाड़ियों को प्राप्त करने पर आईपीएल के नियमों का संक्षिप्त चर्चा।</ref><ref name="Replacement Players">[http://cricketnext.in.com/news/ipl-lays-down-guidelines-for-replacements/37769-13.html आईपीएल प्रतिस्थापन के लिए दिशा निर्देशों के नीचे देता है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111005160009/http://cricketnext.in.com/news/ipl-lays-down-guidelines-for-replacements/37769-13.html |date=5 अक्तूबर 2011 }}, प्रतिस्थापन खिलाड़ियों को खरीदने पर आईपीएल के नियमों की चर्चा है।</ref> ट्रेडिंग विंडो में, एक खिलाड़ी केवल अपनी सहमति के साथ, मताधिकार अंतर का भुगतान करता है, तो पुराने और नए अनुबंध के बीच किसी के साथ कारोबार किया जा सकता है। यदि नए अनुबंध पुराने एक से अधिक मूल्य की है, फर्क खिलाड़ी और मताधिकार खिलाड़ी की बिक्री के बीच साझा किया जाता है।<ref name="IPL Trading">[http://content-usa.cricinfo.com/india/content/story/374805.html आईपीएल नियमों जब व्यापार खिलाड़ियों] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081022062053/http://content-usa.cricinfo.com/india/content/story/374805.html |date=22 अक्तूबर 2008 }}. ईएसपीएनक्रिकइन्फो</ref>
टीम के कुछ रचना नियम इस प्रकार हैं:
* 16 खिलाड़ियों, एक फिजियोथेरेपिस्ट और एक कोच की एक न्यूनतम के दस्ते ताकत।
* कोई 10 से अधिक दस्ते और अंतिम एकादश में चार विदेशी खिलाड़ियों की एक अधिकतम पर विदेशी खिलाड़ी हैं।
* 14 भारतीय खिलाड़ियों की एक न्यूनतम प्रत्येक टीम में शामिल किया जाना चाहिए।
* बीसीसीआई अंडर -22 पूल से छह खिलाड़ियों का एक न्यूनतम प्रत्येक टीम में शामिल किया जाना चाहिए।
आईपीएल खेल टेलीविजन समय समाप्ति का उपयोग और इसलिए कोई समय सीमा नहीं है जिसमें टीमें अपनी [[पारी (क्रिकेट)|पारी]] को पूरा करना होगा है। हालांकि, एक दंड अंपायरों इस विशेषाधिकार का दुरुपयोग टीमों पाते हैं लगाया जा सकता है। प्रत्येक टीम में एक दो और एक से डेढ़ मिनट की "रणनीतिक मध्यांतर "प्रत्येक पारी के दौरान दिया जाता है; एक 11 वीं और 16 वीं ओवर के बीच [[बल्लेबाज़ी|बल्लेबाजी]] टीम ने 6 और 10 वीं [[ओवर (क्रिकेट)|ओवर]], और एक के बीच [[गेंदबाजी (क्रिकेट)|गेंदबाजी]] टीम द्वारा लिया जाना चाहिए।<ref name=ipl3-timeout>{{cite web|title=आईपीएल 3 हैदराबाद में 12 मार्च को शुरू करने के लिए|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-08-11/top-stories/28156697_1_ipl-chairman-lalit-modi-ipl-ii-deccan-chargers|work=टाइम्स ऑफ इंडिया|accessdate=4 अप्रैल 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131105075425/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-08-11/top-stories/28156697_1_ipl-chairman-lalit-modi-ipl-ii-deccan-chargers|archive-date=5 नवंबर 2013|url-status=live}}</ref>
2024 के आईपीएल में कुछ नियम में बदलाब किया गया है।
* अब गेंदबाज एक ओवर में दो बार बाउंसर गेंद डाल सकेंगे।
* आईपीएल 2024 में लागू किया जा रहा और बेहतर स्मार्ट रिव्यू सिस्टम, इस नियम से अंपायर्स को काफी मदद मिलेगा।<ref>{{Cite news|url=https://www.prabhatkhabar.com/sports/cricket/ipl/ipl-2024-new-rules-smart-review-system-wks|title=IPL 2024 में लागू किये गए 2 नए नियम।|date=20 मार्च 2024|work=प्रभात खबर|access-date=15 मई 2024}}</ref>
=== वेतन टोपी ===
पहले खिलाड़ियों की नीलामी में एक मताधिकार के लिए कुल खर्च टोपी यूएस$5 लाख थी। अंडर 22 खिलाड़ियों यूएस$20,000 की न्यूनतम वार्षिक वेतन के साथ पारिश्रमिक जा रहे हैं, दूसरों के लिए है, जबकि कम से कम यूएस$50,000 था।<ref>{{cite news|title=आईपीएल वेतन टोपी 60 करोड़ रुपये तय: रिपोर्ट|url=http://sports.ndtv.com/cricket/news/217657-ipl-salary-cap-fixed-at-rs-60-crore-reports|accessdate=29 दिसंबर 2015|work=एनडीटीवी स्पोर्ट्स|date=30 नवंबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20160509184620/http://sports.ndtv.com/cricket/news/217657-ipl-salary-cap-fixed-at-rs-60-crore-reports|archive-date=9 मई 2016|url-status=dead}}</ref>
== पुरस्कार राशि ==
आईपीएल के 2015 सत्र की कुल पुरस्कार राशि की पेशकश की {{INR Convert|40|c}}, विजेता टीम के साथ {{INR Convert|15|c}}.<ref>{{cite news |title=आईपीएल प्लेऑफ्फ्स में 40 करोड़ रूपये पुरस्कार राशि पर प्रस्ताव |url=http://www.newindianexpress.com/cricket/ipl/news/Rs-40-Crore-Prize-Money-On-Offer-in-IPL-Playoffs/2014/05/24/article2243229.ece |date=24 मई 2014 |publisher=द न्यू इंडियन एक्सप्रेस |accessdate=1 दिसंबर 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304230504/http://www.newindianexpress.com/cricket/ipl/news/Rs-40-Crore-Prize-Money-On-Offer-in-IPL-Playoffs/2014/05/24/article2243229.ece |archive-date=4 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref> पहली और दूसरी उप विजेता को 10 और 7.5 करोड़ क्रमश: प्राप्त करते हैं, चौथे स्थान पर टीम में भी 7.5 करोड़ जीतने के साथ हैं। दूसरों टीमों के किसी भी पुरस्कार राशि से सम्मानित नहीं कर रहे हैं। आईपीएल नियमों जनादेश है कि पुरस्कार राशि के आधे खिलाड़ियों के बीच वितरित किया जाना चाहिए।<ref>{{cite web|url= http://www.espncricinfo.com/magazine/content/story/631508.html|title= आईपीएल-ओनोमिक्स: जहां भारतीय खिलाड़ियों की तूती बोल|date= 22 अप्रैल 2013|accessdate= 22 अप्रैल 2013|archive-url= https://web.archive.org/web/20160513135211/http://www.espncricinfo.com/magazine/content/story/631508.html|archive-date= 13 मई 2016|url-status= live}}</ref>
== व्यक्तिगत पुरस्कार ==
=== ऑरेंज कैप ===
ऑरेंज कैप (नारंगी टोपी) एक श्रृंखला के दौरान आईपीएल में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज को दी जाती है। यह नेता अंतिम मैच तक टूर्नामेंट के दौरान टोपी पहने साथ चल रहे एक प्रतियोगिता के अंतिम विजेता मौसम के लिए टोपी रखने के साथ है।<ref>{{Cite web|url=http://www.iplt20.com/stats/2015/most-runs|title=आईपीएलटी-20.कॉम - इंडियन प्रीमियर लीग की आधिकारिक वेबसाइट|website=आईपीएलटी-20 - 2015 ऑरेंज कैप अंतिम लीडरबोर्ड|accessdate=2016-04-20|archive-url=https://web.archive.org/web/20160617222229/http://www.iplt20.com/stats/2015/most-runs|archive-date=17 जून 2016|url-status=dead}}</ref> आईपीएल इतिहास में अब तक सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर ने सबसे ज्यादा 3 बार ऑरेंज कैप जीती है |<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/ipl-2022/story/most-orange-cap-winner-in-ipl-history-not-win-title-same-season-robin-uthappa-ruturaj-gaikwad-virat-kohli-david-warner-most-runs-in-ipl-season-tspo-1434633-2022-03-25|title=IPL 2022: ऑरेंज कैप जीतना ही खिताब की गारंटी नहीं, ये रिकॉर्ड देखकर चौंक जाएंगे|date=2022-03-25|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-07-11}}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align: center;"
!साल
!टीम
!राष्ट्रीयता
!खिलाड़ी
!रन
|-
|2008
|[[किंग्स इलेवन पंजाब]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[शान मार्श]]
|616
|-
|2009
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[मैथ्यू हेडन]]
|572
|-
|2010
|[[मुंबई इंडियंस]]
|{{flagicon|India}}
|[[सचिन तेंदुलकर|सचिन तेंडुलकर]]
|618
|-
|2011
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
|{{flagicon|Jamaica}}
|[[क्रिस गेल]]
|608
|-
|2012
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
|{{flagicon|Jamaica}}
|[[क्रिस गेल]]
|733
|-
|2013
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[माइकल हसी|माइक हसी]]
|733
|-
|2014
|[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[रॉबिन उथप्पा]]
|660
|-
|2015
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[डेविड वॉर्नर (क्रिकेटर)|डेविड वॉर्नर]]
|562
|-
|2016
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर|रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
|{{flagicon|India}}
|[[विराट कोहली]]
|973
|-
|2017
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[डेविड वॉर्नर (क्रिकेटर)|डेविड वॉर्नर]]
|641
|-
|2018
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon| न्यूजीलैंड}}
|[[केन विलियमसन]]
|735
|-
|2019
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[डेविड वॉर्नर (क्रिकेटर)|डेविड वॉर्नर]]
|692
|-
|2020
|[[किंग्स इलेवन पंजाब]]
|{{flagicon|India}}
|[[लोकेश राहुल]]
|670
|-
|2021
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[ऋतुराज गायकवाड़]]
|635
|-
|2022
|[[राजस्थान रॉयल्स]]
|{{flagicon|England}}
|[[जोस बटलर]]
|863
|-
|2023
|[[गुजरात टाइटन्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[शुबमन गिल|शुभमन गिल]]
|890
|}
=== पर्पल कैप ===
पर्पल कैप आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज को दी जाती है। यह खिलाड़ी अंतिम मैच तक टूर्नामेंट के दौरान टोपी पहने साथ चल रहे एक प्रतियोगिता के अंतिम विजेता मौसम के लिए टोपी रखने के साथ है।<ref>{{Cite web|url=http://www.iplt20.com/stats/2015/most-wickets|title=आईपीएलटी-20.कॉम - 2015 पर्पल कैप अंतिम लीडरबोर्ड|website=आईपीएलटी20|accessdate=2016-04-20|archive-url=https://web.archive.org/web/20160624153519/http://www.iplt20.com/stats/2015/most-wickets|archive-date=24 जून 2016|url-status=dead}}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align: center;"
!साल
!टीम
!राष्ट्रीयता
!खिलाड़ी
!विकेट
|-
|2008
|[[राजस्थान रॉयल्स]]
|{{flagicon|Pakistan}}
|[[सोहेल तनवीर]]
|22
|-
|2009
|[[डेक्कन चार्जर्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[आर पी सिंह]]
|23
|-
|2010
|[[डेक्कन चार्जर्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[प्रज्ञान ओझा]]
|21
|-
|2011
|[[मुंबई इंडियंस]]
|{{flagicon|Sri Lanka}}
|[[लसिथ मलिंगा]]
|28
|-
|2012
|[[कोलकाता नाईट राइडर्स|कोलकाता नाइट राइडर्स]]
|{{flagicon|South Africa}}
|[[मोर्ने मोर्केल]]
|25
|-
|2013
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|Trinidad and Tobago}}
|[[ड्वेन ब्रावो]]
|32
|-
|2014
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[मोहित शर्मा]]
|23
|-
|2015
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|Trinidad and Tobago}}
|[[ड्वेन ब्रावो]]
|26
|-
|2016
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon|India}}
|[[भुवनेश्वर कुमार]]
|23
|-
|2017
|[[सनराइजर्स हैदराबाद]]
|{{flagicon|India}}
|[[भुवनेश्वर कुमार]]
|26
|-
|2018
|[[किंग्स इलेवन पंजाब]]
|{{flagicon|Australia}}
|[[एंड्रयू टाई]]
|24
|-
|2019
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|{{flagicon|South Africa}}
|[[इमरान ताहिर]]
|26
|-
|2020
|[[दिल्ली कैपिटल्स]]
|{{flagicon|South Africa}}
|[[कगिसो रबाडा]]
|30
|-
|2021
|[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]]
|{{flagicon|India}}
|[[हर्षल पटेल]]
|32
|-
|2022
|[[राजस्थान रॉयल्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[युजवेन्द्र चहल|यूजवेंद्र चहल]]
|28
|-
|2023
|[[गुजरात टाइटन्स]]
|{{flagicon|India}}
|[[मोहम्मद शमी]]
|28
|}
== टेलीविजन ==
17 जनवरी 2008 यह घोषणा की थी कि भारत की [[सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न (भारत)|सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन(सेट मैक्स)]] से मिलकर एक संघ नेटवर्क और सिंगापुर स्थित वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप इंडियन प्रीमियर लीग के वैश्विक प्रसारण अधिकार हासिल किया।<ref name="IPL Broadcast Rights">{{cite news|title=सोनी और वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप बैग ईपीएल टेलीविजन अधिकार|url=http://content-usa.cricinfo.com/ipl/content/current/story/330881.html|publisher=ईएसपीएनक्रिकइन्फो|date=14 जनवरी 2008|accessdate=12 अप्रैल 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20081229230030/http://content-usa.cricinfo.com/ipl/content/current/story/330881.html|archive-date=29 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> रिकार्ड सौदा यूएस$1,026 बिलियन की लागत से दस साल की अवधि है। समझौते के हिस्से के रूप में, संघ बीसीसीआई यूएस$918 मिलियन टेलीविजन प्रसारण अधिकार के लिए यूएस$108 मिलियन टूर्नामेंट को बढ़ावा देने के लिए भुगतान करते हैं और करेंगे।<ref>{{cite news|title=आईपीएल के लिए अरब डॉलर के सौदे के अधिकार|url=http://www.theaustralian.news.com.au/story/0,25197,23054747-2722,00.html|work=द आस्ट्रेलियन|date=15 जनवरी 2008|accessdate=12 अप्रैल 2008|archive-url=https://archive.today/20120912013454/http://www.theaustralian.com.au/news/billion-dollar-rights-deal-for-ipl/story-e6frg7mo-1111115320967|archive-date=12 सितंबर 2012|url-status=dead}}</ref> प्रारंभिक योजना के लिए इन रुपये का 20% आईपीएल के लिए जाना होगा, पुरस्कार राशि के रूप में 8% और 72% 2012, जिसके बाद आईपीएल जनता के बीच जाने और इसके शेयरों की सूची होगी जब तक 2008 से फ्रेंचाइजी को वितरित किया जाएगा।<ref name="toirights">{{cite news|title=आईपीएल मॉडल मतलब?|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-01-27/special-report/27748861_1_ipl-indian-premier-league-prize-money|author=इंद्रनील बसु|work=टाइम्स ऑफ इंडिया|date=27 जनवरी 2008|accessdate=21 मार्च 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20110827004142/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-01-27/special-report/27748861_1_ipl-indian-premier-league-prize-money|archive-date=27 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> हालांकि, मार्च 2010 में आईपीएल नहीं जनता के बीच जाने और इसके शेयरों को सूचीबद्ध करने का फैसला किया है। सोनी ने प्रसारण अधिकार (भौगोलिक आधार पर) दूसरी कंपनियों को भी बेचे। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया ने आईपीएल के नौवें संस्करण से १२०० करोण रूपये सिर्फ़ विज्ञापनों से कमाए। यह पिछले संस्करण से २० गुणा ज्यादा था।<ref>{{cite web|title=Sसोनी रुपये में आईपीएल 9 से 1,200 करोड़ विज्ञापन राजस्व|url=https://sportscafe.in/articles/cricket/2016/jun/05/sony-rakes-in-rs-1-200-crore-ad-revenue-from-ipl-9|website=स्पोर्ट्सकैफे.इन|date=5 जून 2016|access-date=21 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160821093000/https://sportscafe.in/articles/cricket/2016/jun/05/sony-rakes-in-rs-1-200-crore-ad-revenue-from-ipl-9|archive-date=21 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref>
{| class="wikitable"
|-
! scope="col" style="width:auto; color:#fff; background:#0101df;"| क्षेत्र
! scope="col" style="width:auto; color:#fff; background:#0101df;"| केबल नेटवर्क
|-
| अफ्रीक (सहारा के कुछ हिस्से)
|[[सुपर स्पोर्ट]] (2008–वर्तमान)<ref name="2008 Broadcasters">{{cite web|url=http://kalyansuman.com/2008/04/tv-channels-showing-ipl-matches-in-us.html|title=अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और अफ्रीका में आईपीएल मैचों दिखा टीवी चैनलों|publisher=कल्याणसुमन.कॉम|accessdate=21 फ़रवरी 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150221192515/http://kalyansuman.com/2008/04/tv-channels-showing-ipl-matches-in-us.html|archive-date=21 फ़रवरी 2015|url-status=dead}}</ref>
|-
| {{flagicon|BAN}}बांग्लादेश
|मासरांगा (Maasranga) (2008–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters">{{cite web|url=http://www.iplt20.com/news/2014/announcements/4401/list-of-broadcasters-in-pepsi-ipl-2014|title=प्रसारकों की पेप्सी आईपीएल 2014 में सूची|publisher=आईपीएलटी20.कॉम|accessdate=21 फ़रवरी 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150221125324/http://www.iplt20.com/news/2014/announcements/4401/list-of-broadcasters-in-pepsi-ipl-2014|archive-date=21 फ़रवरी 2015|url-status=dead}}</ref>
|-
| {{flagicon|भूटान}} भूटान
|[[सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न (भारत)|सेट मैक्स]] (2008–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" /><br />[[सोनी सिक्स]] (2013–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
|-
| {{flagicon|ब्रुनेई}} ब्रुनेई
| [[ऐस्ट्रो]] (2008–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
|-
| {{flagicon|CAN}} कनाडा
| [[स्पोर्ट्सनेट]] (2011–2014)<ref>{{cite news|url=http://www.sportscastermagazine.ca/on-air/rogers-sportsnet-signs-four-year-broadcast-deal-for-ipl-cricket/1000406798/|title=आईपीएल क्रिकेट स्पोर्ट्सनेट पर रहते हैं|date=1 अप्रैल 2011|publisher=स्पोर्ट्सकॉस्टरमैगज़ीन.सीए|access-date=21 जून 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160505120909/http://www.sportscastermagazine.ca/on-air/rogers-sportsnet-signs-four-year-broadcast-deal-for-ipl-cricket/1000406798/|archive-date=5 मई 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[कैरिबियाई क्षेत्र|कैरिबिया]]
|[[स्पोर्ट्स मैक्स]] (2008–वर्तमान)<ref name="IPL Broadcast Rights" />
|-
| {{flagicon|हांग कांग}} हाँग काँग
|[[पीसीसीडब्ल्यु]] (2010–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
|-
| {{flagicon|IND}}भारत
|[[सेटमैक्स|सोनी मैक्स]] (2008–2012)<ref name="IPL Broadcast Rights" /><br />[[सोनी सिक्स]] (2013–2014)<ref name=":0">{{cite web|url=http://cricshed.com/ipl-2015/sony-kix-tv-channel-live-telecast-the-ipl-2015-matches-in-tamil-telugu/|title=सोनी किक्स टीवी चैनल लाइव प्रसारण तमिल, तेलुगू में आईपीएल मैचों 2015|publisher=क्रीक्षेद|date=4 अप्रैल 2015|accessdate=4 अप्रैल 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150406041555/http://cricshed.com/ipl-2015/sony-kix-tv-channel-live-telecast-the-ipl-2015-matches-in-tamil-telugu/|archive-date=6 अप्रैल 2015|url-status=dead}}</ref><br />[[ईएसपीएन|सोनी ईएसपीएन]] (2015-2017)
[[स्टार स्पोर्ट्स नैटवर्क|स्टार स्पोर्ट्स]] (2018-2022)
स्टार स्पोर्ट्स (2023-2027)
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| {{flagicon|Malaysia}} मलेशिया
|[[ऐस्ट्रो]] (2008–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
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| {{flagicon|अरब}} अरब
|[[ओएसएन स्पोर्ट्स]] (2015–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
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| {{flagicon|NEP}} नेपाल
|[[सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न (भारत)|सोनी मैक्स]] (2008–वर्तमान)<ref name="IPL Broadcast Rights" /><br />[[सोनी सिक्स]] (2013–वर्तमान)<ref name=":0" /><br />[[ईएसपीएन|सोनी ईएसपीएन]] (2015–वर्तमान)
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| {{flagicon|NZL}} न्यूज़ीलैंड
|[[स्काई स्पोर्ट]] (2012–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
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|[[स्टारहब]] (2008–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" /><br />सिंगटेल (2015–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
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|[[कर्ल्टन स्पोर्ट्स नेटवर्क]] (2012–वर्तमान)<ref name="2014 Broadcasters" />
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| {{flagicon|UK}} यूनाइटेड किंगडम
|[[आईटीवी४]] (2011-2014)<ref>{{cite web|url=http://www.uswitch.com/broadband/news/2014/02/sky_sports_grabs_rights_to_ipl_cricket_from_2015/|title=स्काई स्पोर्ट्स पकड़ लेता है 2015 से आईपीएल क्रिकेट के लिए अधिकार|publisher=यूस्विच|date=18 फ़रवरी 2014|accessdate=23 अप्रैल 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20160809124525/https://www.uswitch.com/broadband/news/2014/02/sky_sports_grabs_rights_to_ipl_cricket_from_2015/|archive-date=9 अगस्त 2016|url-status=dead}}</ref><br />[[स्काई स्पोर्टस]] (2015–वर्तमान)<ref>{{cite web|url=http://www1.skysports.com/cricket/news/12172/9170649/ipl-on-sky-sports-indian-premier-league-live-on-sky-from-2015|title=आईपीएल पर स्काई स्पोर्ट्स: इंडियन प्रीमियर लीग 2015 से स्काई पर रहते हैं|publisher=स्काई स्पोर्ट्स|date=17 फ़रवरी 2015|accessdate=21 फ़रवरी 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150221182106/http://www1.skysports.com/cricket/news/12172/9170649/ipl-on-sky-sports-indian-premier-league-live-on-sky-from-2015|archive-date=21 फ़रवरी 2015|url-status=live}}</ref>
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| {{flagicon|USA}}संयुक्त राज्य अमेरिका
|[[ईएसपीएन]] (2015–वर्तमान)<ref name="USA">{{cite news|url=http://www.iplt20.com/news/2015/announcements/5644/espn-awarded-ipl-media-rights-for-us|work=बीसीसीआई|title=ईएसपीएन अमेरिका के लिए आईपीएल मीडिया अधिकार से सम्मानित|date=28 फ़रवरी 2015|accessdate=31 मार्च 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150331062355/http://www.iplt20.com/news/2015/announcements/5644/espn-awarded-ipl-media-rights-for-us|archive-date=31 मार्च 2015|url-status=dead}}</ref>
|-
| विश्वस्तरीय इंटरनेट अधिकार
|[[द टाईम्स समूह|द टाईम्स ग्रुप]] (2011–2014)<ref>{{cite news | url=http://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/Times-Group-led-consortium-wins-IPL-internet-mobile-rights/articleshow/7747876.cms | work=टाइम्स ऑफ इंडिया | title=टाइम्स ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम आईपीएल इंटरनेट, मोबाइल अधिकार जीतता | access-date=21 जून 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170702170445/http://timesofindia.indiatimes.com/sports/cricket/news/Times-Group-led-consortium-wins-IPL-internet-mobile-rights/articleshow/7747876.cms | archive-date=2 जुलाई 2017 | url-status=live }}</ref><br />[[हॉटस्टार]] (2015–2022)<ref>{{cite news |url=http://www.livemint.com/Consumer/7k4StgIy78lBYCdzFYMyeJ/Star-unit-wins-Web-mobile-rights-for-IPL.html |work=मिंट |title=स्टार इकाई आईपीएल के लिए इंटरनेट, मोबाइल अधिकार जीतता |date=11 फ़रवरी 2015 |accessdate=23 मई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160624190449/http://www.livemint.com/Consumer/7k4StgIy78lBYCdzFYMyeJ/Star-unit-wins-Web-mobile-rights-for-IPL.html |archive-date=24 जून 2016 |url-status=live }}</ref>जियो सिनेमा (2022-2027)
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|}
== आईपीएल गवर्निंग बॉडी ==
'''आईपीएल गवर्निंग बॉडी''' टूर्नामेंट के सभी कार्यों के लिए जिम्मेदार है। सदस्यों राजीव शुक्ला, अजय शिर्के, [[सौरव गांगुली]], [[अनुराग ठाकुर]], अनिरुद्ध चौधरी कर रहे हैं। जनवरी, 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) है, जहां न्यायाधीश आरएम लोढ़ा के लिए एक एक राज्य एक सदस्य पैटर्न सुझाव के लिए अलग से शासी निकाय की सिफारिश करने के लिए नियुक्त मंडल।<ref>{{cite web|url=http://www.mid-day.com/articles/lodha-committee-recommends-separate-governing-bodies-for-bcci-ipl/16831167|title=लोढ़ा समिति बीसीसीआई, आईपीएल के लिए अलग से शासी निकाय की सिफारिश|website=मिड-डे|accessdate=2016-03-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20160528221743/http://www.mid-day.com/articles/lodha-committee-recommends-separate-governing-bodies-for-bcci-ipl/16831167|archive-date=28 मई 2016|url-status=live}}</ref>
== इन्हें भी देखें==
*[https://www.meraguide.in/2023/04/IPL-Indian-Premier-League-All-About-Information-In-Hindi.html आईपीएल के बारे मे और ज्यादा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230613055159/https://www.meraguide.in/2023/04/IPL-Indian-Premier-League-All-About-Information-In-Hindi.html |date=13 जून 2023 }}
*[[२०१६ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०]]
*[[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय]]
*[[चैंपियंस लीग ट्वेंटी20]]
*[https://www.sportsshots.in/2024/05/Aaj-kiska-match-hai.html?m=1 आज 7:30 बजे किसका मैच है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240623075855/https://www.sportsshots.in/2024/05/Aaj-kiska-match-hai.html?m=1 |date=23 जून 2024 }}
*
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230717113126/https://meraguide.in/2023/06/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%B2/ |date=17 जुलाई 2023 }}
* [https://web.archive.org/web/20110513140108/http://www.iplt20.com/ आधिकारिक वेबसाइट]
{{इंडियन प्रीमियर लीग}}
[[श्रेणी:इंडियन प्रीमियर लीग]]
[[श्रेणी:ट्वेन्टी २० क्रिकेट प्रतियोगिताएं]]
[[श्रेणी:क्रिकेट प्रतियोगितायें]]
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चुम्बकत्व
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अनुनाद सिंह
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/* चुम्बकीय पदार्थ */
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{{विद्युतचुम्बकत्व3}}
भौतिकी में '''चुम्बकत्व''' वह प्रक्रिया है, जिसमें एक वस्तु दूसरी वस्तु पर [[आकर्षण]] या [[प्रतिकर्षण]] बल लगाती है। जो वस्तुएँ यह गुण प्रदर्शित करती हैं, उन्हें [[चुम्बक]] कहते हैं। [[निकल]], [[लोहा]], [[कोबाल्ट]] एवं उनके मिश्रण आदि सरलता से पहचाने जाने योग्य चुम्बकीय गुण रखते हैं। ज्ञातव्य है कि सब वस्तुएं न्यूनाधिक मात्रा में [[चुम्बकीय क्षेत्र]] की उपस्थिति से प्रभावित होती हैं।
चुम्बकत्व अन्य रूपों में भी प्रकट होता है, जैसे विद्युतचुम्बकीय तरंग में चुम्बकीय क्षेत्र की उपस्थिति।
1.टिकॉनाल(Ticonal) - कोबाल्ट, निकल, ऐलुमिनियम इत्यादि का मिश्र धातु हैं।
2.अल्निको(Alnico) - इसमें निकल, ऐलुमिनियम, कोबाल्ट, कॉपर तथा कुछ मात्रा मे लौह धातु को मिलाया जाता हैं।
3.फेराइड चुंबक- यह चुंबक फेरिक ऑक्साइड तथा बेरियम ऑक्साइड के बने होते हैं।
-ये चुंबक अधिक शक्तिशाली तथा वजन मे हल्के होते हैं।4. कोबाल्ट स्टील (cobalt steel) -इसका निर्माण कोबाल्ट, टंगस्टन, कार्बन के मिश्रण से होता हैं। और यह स्थायी चुंबक बनाने के लिए महत्व पूर्ण हैं।
== चुम्बकीय पदार्थ ==
[[चित्र:Permeability by Zureks.svg|right|thumb|250px|विभिन्न प्रकार के चुम्बकीय पदार्थों की B-H वक्र : निर्वात का बी-एच वक्र (लाल) की तुलना में लौहचुम्बकीय (भूरा), अनुचुम्बकीय (नीला) एवं प्रतिचुम्बकीय (हरा) पदार्थों के बी-एच वक्रों की तुलना कीजीये।]]
* [[लौहचुम्बकत्व|लौहचुम्बकीय]] (फेरोमैगनेटिक)
* [[अनुचुम्बकत्व|अनुचुम्बकीय]] (पैरामैगनेटिक)
* [[प्रतिचुम्बकत्व|प्रतिचुम्बकीय]] (डायामैगनेटिक)
* [[फेरी चुम्बकत्व|लघु लोह-चुंबकीय]] या [[फेरी चुम्बकत्व|फेरीचुम्बकीय]] (फेरीमैगनेटिक)
* एंटीफेरीचुम्बकीय
[[चित्र:Magnetism.svg|center|650px|चुम्बकीय पदार्थों का वर्गीकरण]]
== विद्युतचुम्बकत्व से सम्बन्धित इकाइयाँ ==
[[चित्र:Magnet0873.png|thumb|Magnetic lines of force of a bar magnet shown by iron filings on paper]]
=== चुम्बकत्व से संबंधित SI इकाइयाँ ===
{{SI विद्युतचुम्बकीय इकाइयाँ}}
=== अन्य इकाइयाँ ===
* [[गाउस]]-The '''gauss''', abbreviated as G, is the [[cgs]] [[units of measurement|unit]] of [[magnetic flux density]] or [[magnetic induction]] ('''B''').
* [[ओरेस्टेड]] (oersted) -The '''oersted''' is the [[CGS]] [[units of measurement|unit]] of [[magnetic field strength]].
* [[मैक्सवेल (इकाई)|मैक्सवेल]] (maxwell) - is the [[CGS]] unit for the [[magnetic flux]].
* μ<sub>o</sub> -common symbol for the [[Permeability (electromagnetism)|permeability]] of free space (4πx10<sup>−7</sup> N/(ampere-turn)²).
== इन्हें भी देखें ==
* [[चुम्बकीय अभिवाह|चुम्बकीय फ्लक्स]]
* [[लौहचुम्बकत्व]]
* [[चुम्बक|स्थायी चुम्बक]]
* [[चुम्बकत्व|चुम्बकीय पदार्थ]]
* [[विद्युत्-चुम्बकीय प्रेरण|विद्युतचुम्बकीय प्रेरण]]
* [[मैक्सवेल के समीकरण]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20110716014812/http://sciencecastle.com/sc/index.php/scienceexperiments/search?p=0&t=a&v=mr&c=0&cl=1 Magnetism Experiments]
* [https://web.archive.org/web/20100430152732/http://www.lightandmatter.com/html_books/0sn/ch11/ch11.html Electromagnetism] - a chapter from an online textbook
* [https://web.archive.org/web/20110407004016/http://edu.blogs.com/edublogs/2009/04/magnetism-explained-beautifully.html Jacob Bogatin about Magnetism]
* [https://web.archive.org/web/20110508091916/http://www.youtube.com/watch?v=wMFPe-DwULM Video: The physicist Richard Feynman answers the question, Why do bar magnets attract or repel each other?]
* [https://web.archive.org/web/20060708063248/http://www.antiquebooks.net/readpage.html#gilbert On the Magnet, 1600] First scientific book on magnetism by the father of electrical engineering. Full English text, full text search.
<!--{{विद्युत चुम्बकत्व}}-->
{{Authority control}}
[[श्रेणी:आधार]]
[[श्रेणी:चुम्बकत्व]]
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/* अन्य इकाइयाँ */
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{{विद्युतचुम्बकत्व3}}
भौतिकी में '''चुम्बकत्व''' वह प्रक्रिया है, जिसमें एक वस्तु दूसरी वस्तु पर [[आकर्षण]] या [[प्रतिकर्षण]] बल लगाती है। जो वस्तुएँ यह गुण प्रदर्शित करती हैं, उन्हें [[चुम्बक]] कहते हैं। [[निकल]], [[लोहा]], [[कोबाल्ट]] एवं उनके मिश्रण आदि सरलता से पहचाने जाने योग्य चुम्बकीय गुण रखते हैं। ज्ञातव्य है कि सब वस्तुएं न्यूनाधिक मात्रा में [[चुम्बकीय क्षेत्र]] की उपस्थिति से प्रभावित होती हैं।
चुम्बकत्व अन्य रूपों में भी प्रकट होता है, जैसे विद्युतचुम्बकीय तरंग में चुम्बकीय क्षेत्र की उपस्थिति।
1.टिकॉनाल(Ticonal) - कोबाल्ट, निकल, ऐलुमिनियम इत्यादि का मिश्र धातु हैं।
2.अल्निको(Alnico) - इसमें निकल, ऐलुमिनियम, कोबाल्ट, कॉपर तथा कुछ मात्रा मे लौह धातु को मिलाया जाता हैं।
3.फेराइड चुंबक- यह चुंबक फेरिक ऑक्साइड तथा बेरियम ऑक्साइड के बने होते हैं।
-ये चुंबक अधिक शक्तिशाली तथा वजन मे हल्के होते हैं।4. कोबाल्ट स्टील (cobalt steel) -इसका निर्माण कोबाल्ट, टंगस्टन, कार्बन के मिश्रण से होता हैं। और यह स्थायी चुंबक बनाने के लिए महत्व पूर्ण हैं।
== चुम्बकीय पदार्थ ==
[[चित्र:Permeability by Zureks.svg|right|thumb|250px|विभिन्न प्रकार के चुम्बकीय पदार्थों की B-H वक्र : निर्वात का बी-एच वक्र (लाल) की तुलना में लौहचुम्बकीय (भूरा), अनुचुम्बकीय (नीला) एवं प्रतिचुम्बकीय (हरा) पदार्थों के बी-एच वक्रों की तुलना कीजीये।]]
* [[लौहचुम्बकत्व|लौहचुम्बकीय]] (फेरोमैगनेटिक)
* [[अनुचुम्बकत्व|अनुचुम्बकीय]] (पैरामैगनेटिक)
* [[प्रतिचुम्बकत्व|प्रतिचुम्बकीय]] (डायामैगनेटिक)
* [[फेरी चुम्बकत्व|लघु लोह-चुंबकीय]] या [[फेरी चुम्बकत्व|फेरीचुम्बकीय]] (फेरीमैगनेटिक)
* एंटीफेरीचुम्बकीय
[[चित्र:Magnetism.svg|center|650px|चुम्बकीय पदार्थों का वर्गीकरण]]
== विद्युतचुम्बकत्व से सम्बन्धित इकाइयाँ ==
[[चित्र:Magnet0873.png|thumb|Magnetic lines of force of a bar magnet shown by iron filings on paper]]
=== चुम्बकत्व से संबंधित SI इकाइयाँ ===
{{SI विद्युतचुम्बकीय इकाइयाँ}}
=== अन्य इकाइयाँ ===
* '''[[गाउस]]''' ((gauss), संक्षेप में इसे G लिखते हैं और यह [[चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व]] ('''B''') का '''cgs''' ईकाई है।
* [[ओरेस्टेड]] (oersted) - [[चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता]] ('''H''') की यह [[CGS]] ईकाई है।
* [[मैक्सवेल (इकाई)|मैक्सवेल]] (maxwell) - चुम्बकीय फ्लक्स की CGS ईकाई है।
* μ<sub>o</sub> - मुक्त स्पेस की पारगम्यता (परमिबिलिटी) का सामान्य संकेत । इसका मान 4πx10<sup>−7</sup> N/(ampere-turn)² है।.
== इन्हें भी देखें ==
* [[चुम्बकीय अभिवाह|चुम्बकीय फ्लक्स]]
* [[लौहचुम्बकत्व]]
* [[चुम्बक|स्थायी चुम्बक]]
* [[चुम्बकत्व|चुम्बकीय पदार्थ]]
* [[विद्युत्-चुम्बकीय प्रेरण|विद्युतचुम्बकीय प्रेरण]]
* [[मैक्सवेल के समीकरण]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20110716014812/http://sciencecastle.com/sc/index.php/scienceexperiments/search?p=0&t=a&v=mr&c=0&cl=1 Magnetism Experiments]
* [https://web.archive.org/web/20100430152732/http://www.lightandmatter.com/html_books/0sn/ch11/ch11.html Electromagnetism] - a chapter from an online textbook
* [https://web.archive.org/web/20110407004016/http://edu.blogs.com/edublogs/2009/04/magnetism-explained-beautifully.html Jacob Bogatin about Magnetism]
* [https://web.archive.org/web/20110508091916/http://www.youtube.com/watch?v=wMFPe-DwULM Video: The physicist Richard Feynman answers the question, Why do bar magnets attract or repel each other?]
* [https://web.archive.org/web/20060708063248/http://www.antiquebooks.net/readpage.html#gilbert On the Magnet, 1600] First scientific book on magnetism by the father of electrical engineering. Full English text, full text search.
<!--{{विद्युत चुम्बकत्व}}-->
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text/x-wiki
[[चित्र:OCD handwash.jpg|thumb|[[हाथ धोना]], [[स्वच्छता]] का एक रूप, [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।]]
'''स्वास्थ्यविज्ञान''' (Hygiene) का ध्येय है कि प्रत्येक मनुष्य की शारीरिक वृद्धि और विकास और भी अधिक पूर्ण हो, जीवन और भी अधिक तेजपूर्ण हो, शारीरिक ह्रास और भी अधिक धीमा हो और मृत्यु और भी अधिक देर से हो। वास्तव में स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोगरहित और दु:खरहित जीवन नहीं है। केवल जीवित रहना ही स्वास्थ्य नहीं है। यह तो पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टता पुष्टता की दशा है। अधिकतम सुखमय जीवन और अधिकतम मानवसेवा का अवसर पूर्ण स्वस्थता से ही संभव हैं।
[[वायु]], [[जल]] और [[भोजन]] - ये तीन पदार्थ शरीर को धारण करनेवाले तीन आधार स्तम्भ हैं । तथापि इन तीनों पदार्थों में वायु सबसे अधिक आवश्यक है, वायु के बाद जल, और जल के बाद भोजन। ऐसा इसलिये कि बिना भोजन के मनुष्य कई सप्ताहों तक जी सकता है, बिना जल के कई दिनों तक जी सकता है, लेकिन बिना हवा के कई मिनटों तक जीना भी कठिन है । इसी कारण से हवा प्राण कही जाती है। ये तीन पदार्थ इतने आवश्यक होने पर भी यदि योग्य परिमाण में तथा विशुद्ध अवस्था में न मिलें, तो प्राण-रक्षा करने के बजाय प्राणों के गाहक बन जाते हैं । इसलिये इनका पूरा पूरा ज्ञान कर लेना शरीर के स्वास्थ्य के लिये नितान्त आवश्यक है।<ref>[https://ia801507.us.archive.org/20/items/in.ernet.dli.2015.263881/2015.263881.Swastha-Vigyaan.pdf स्वास्थ्य-विज्ञान] (लेखक- डॉ० भास्कर गोविन्द घाणेकर)</ref>
== परिचय ==
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं किंतु पूर्ण स्वास्थ्य का स्तर निश्चित करना कठिन है। प्रत्येक स्वस्थ मनुष्य अपने प्रयास से और भी अधिक स्वस्थ हो सकता है। व्यक्ति के स्वास्थ्य सुधार से समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य स्तर ऊँचा होता है।
अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्योपार्जन का भार प्रत्येक प्राणी पर ही है। जिस प्रकार धन, विद्या, यश आदि द्वारा जीवन की सफलता अपने ही प्रयास से प्राप्त होती है उसी प्रकार स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक को प्रयत्नशील होना आवश्यक है। अनायास या दैवयोग से स्वास्थ्य प्राप्ति नहीं होती परंतु प्राकृतिक स्वास्थ्यप्रद नियमों का निरंतर पालन करने से ही स्वास्थ्य प्राप्ति और उसका संरक्षण संभव है।
स्वास्थ्य के संवर्धन, संरक्षण तथा पुनःस्थापन का ज्ञान स्वास्थ्यविज्ञान द्वारा होता है। यह कार्य केवल डाक्टरों द्वारा ही संपन्न नहीं हो सकता। यह तो जनता तथा उसके नेताओं के सहयोग से ही संभव है। स्वास्थ्यवेत्ता सेनानायक की भाँति अस्वास्थ्यता से युद्ध करने हेतु संचालन और निर्देशन करता है किंतु युद्ध तो समस्त जनता को सैनिक की भाँति लड़ना पड़ता है। इसी कारण स्वास्थ्यविज्ञान भी एक सामाजिक शास्त्र है। संपूर्ण समाज की अस्वास्थ्यता के निवारणार्थ संगठित प्रयास लोकस्वास्थ्य की उन्नति के लिए आवश्यक है।
== लोकस्वास्थ्य ==
लोकस्वास्थ्य के सुधार के लिए स्वास्थ्यसंबंधी आवश्यक ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को होना चाहिए। इस ज्ञान के अभाव में कोई सुधार नहीं हो सकता। स्वास्थ्य संबंधी कानून की उपयोगिता स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में नगण्य है और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा जनता में स्वास्थ्य चेतना होने पर कानून को विशेष आवश्यकता नहीं रहती। स्वास्थ्यशिक्षा वही सफल होती है जो जनता को स्वस्थ्य जीवनयापन की ओर स्वभावत: प्रेरित कर सके। प्रत्येक प्राणी को अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी प्रकार की सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए। यह तो जन्मसिद्ध मानव अधिकार है और कोई कल्याणकारी राज्य इस सुकार्य से मुख नहीं मोड़ सकता। रोग एक देश से दूसरे देशों में फैल जाते हैं। इसलिए किसी देशविशेष का यदि स्वास्थ्यस्तर गिरा हुआ है तो वह सभी देशों के लिए भयावह है। इसी कारण अंतर्जातीय संस्थाओं द्वारा रोगनियंत्रण और स्वास्थ्यसुधार का कार्य सभी देशों में करने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य की देखरेख जन्म से मृत्यु पर्यत सभी के लिए आवश्यक है। मातृत्व स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, पाठशाला स्वास्थ्य, व्यावसायिक स्वास्थ्य, सैनिक स्वास्थ्य, जरावस्था, संक्रामक और अन्य रोगों की रोकथाम, रोगचिकित्सा, जल, भोजन और वायु की स्वच्छता, परिवेश स्वास्थ्य आदि स्वास्थ्यविज्ञान के महत्वपूर्ण अंग है। सर्वांगपूर्ण बहुमुखी योजना द्वारा स्वास्थ्यसुधार राष्ट्रोन्नति का प्रमुख साधन है। राष्ट्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन और सामाजिक न्याय समान रूप से आवश्यक है और इन चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास ही राष्ट्रोन्नति का राजमार्ग प्रशस्त करता है। ये चारों परस्पर एक दूसरे के पूरक हैं और किसी को भी एक दूसरे से पृथक् नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक मनुष्य प्राप्त धन से संतोष न कर उससे अधिक उपार्जन करने की निरंतर चेष्टा करता है उसी प्रकार प्रस्फुटित (radiant) स्वास्थ्य लाभ के लिए निरंतर प्रयास द्वारा उत्तरोत्तर वृद्धि पूर्ण धनात्मक (positive) स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहिए। सर्वांगपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्यता के साथ साथ प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सम्मानित पद भी प्राप्त करना आवश्यक है। समाज द्वारा समादृत स्वस्थ पुरुष अपने समाजसेवी कत्र्तव्यों द्वारा ही समाज का उपयोगी अंग बन सकता है। समाज में हीन पद पानेवाला व्यक्ति स्वस्थ नहीं गिना जा सकता है।
लोक-स्वास्थ्य-सुधार का इतिहास तीन कालों में बँटा हुआ हैं : पहला परिशोधी काल जिसमें जल, वायु, भोजन, शरीर, वस्त्र आदि की स्वच्छता का ध्यान दिया जाता था। दूसरा [[कीटाणु शास्त्र]] संबंधी ज्ञान का काल जिसमें [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] का वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त कर उनसे बचने की चेष्टा की गई और तीसरा धनात्मक स्वास्थ्य का वर्तमान काल जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टपुष्टतायुक्त सर्वांगपूर्ण समस्त जनता का स्वास्थ्य उत्तरोत्तर संवर्धन किया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वास्थ्य]]
*[[स्वास्थ्य सेवा]]
*[[स्वास्थ्य पर्यटन]]
*[[स्वास्थ्य शिक्षा]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य]]
[[श्रेणी:स्वच्छता]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्यता|*]]
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[[चित्र:OCD handwash.jpg|thumb|[[हाथ धोना]], [[स्वच्छता]] का एक रूप, [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।]]
[[चित्र:Finished UDDT in Pumpuentsa (5630907486).jpg|right|thumb|300px|[[इक्वाडोर]] के पम्पुएन्सा में एक साधारण व्यवस्था में, [[मूत्र-अपवर्तन शुष्क शौचालय]] (यूरिन-डायवर्जन ड्राई टॉयलेट) का उपयोग करने के बाद एक साधारण नल से हाथ धोते हुए।]]
[[चित्र:Temporary toilets 15l07.JPG|right|thumb|300px|अस्थायी शौचालय]]
'''स्वास्थ्यविज्ञान''' (Hygiene) का ध्येय है कि प्रत्येक मनुष्य की शारीरिक वृद्धि और विकास और भी अधिक पूर्ण हो, जीवन और भी अधिक तेजपूर्ण हो, शारीरिक ह्रास और भी अधिक धीमा हो और मृत्यु और भी अधिक देर से हो। वास्तव में स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोगरहित और दु:खरहित जीवन नहीं है। केवल जीवित रहना ही स्वास्थ्य नहीं है। यह तो पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टता पुष्टता की दशा है। अधिकतम सुखमय जीवन और अधिकतम मानवसेवा का अवसर पूर्ण स्वस्थता से ही संभव हैं।
[[वायु]], [[जल]] और [[भोजन]] - ये तीन पदार्थ शरीर को धारण करनेवाले तीन आधार स्तम्भ हैं । तथापि इन तीनों पदार्थों में वायु सबसे अधिक आवश्यक है, वायु के बाद जल, और जल के बाद भोजन। ऐसा इसलिये कि बिना भोजन के मनुष्य कई सप्ताहों तक जी सकता है, बिना जल के कई दिनों तक जी सकता है, लेकिन बिना हवा के कई मिनटों तक जीना भी कठिन है । इसी कारण से हवा प्राण कही जाती है। ये तीन पदार्थ इतने आवश्यक होने पर भी यदि योग्य परिमाण में तथा विशुद्ध अवस्था में न मिलें, तो प्राण-रक्षा करने के बजाय प्राणों के गाहक बन जाते हैं । इसलिये इनका पूरा पूरा ज्ञान कर लेना शरीर के स्वास्थ्य के लिये नितान्त आवश्यक है।<ref>[https://ia801507.us.archive.org/20/items/in.ernet.dli.2015.263881/2015.263881.Swastha-Vigyaan.pdf स्वास्थ्य-विज्ञान] (लेखक- डॉ० भास्कर गोविन्द घाणेकर)</ref>
== परिचय ==
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं किंतु पूर्ण स्वास्थ्य का स्तर निश्चित करना कठिन है। प्रत्येक स्वस्थ मनुष्य अपने प्रयास से और भी अधिक स्वस्थ हो सकता है। व्यक्ति के स्वास्थ्य सुधार से समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य स्तर ऊँचा होता है।
अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्योपार्जन का भार प्रत्येक प्राणी पर ही है। जिस प्रकार धन, विद्या, यश आदि द्वारा जीवन की सफलता अपने ही प्रयास से प्राप्त होती है उसी प्रकार स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक को प्रयत्नशील होना आवश्यक है। अनायास या दैवयोग से स्वास्थ्य प्राप्ति नहीं होती परंतु प्राकृतिक स्वास्थ्यप्रद नियमों का निरंतर पालन करने से ही स्वास्थ्य प्राप्ति और उसका संरक्षण संभव है।
स्वास्थ्य के संवर्धन, संरक्षण तथा पुनःस्थापन का ज्ञान स्वास्थ्यविज्ञान द्वारा होता है। यह कार्य केवल डाक्टरों द्वारा ही संपन्न नहीं हो सकता। यह तो जनता तथा उसके नेताओं के सहयोग से ही संभव है। स्वास्थ्यवेत्ता सेनानायक की भाँति अस्वास्थ्यता से युद्ध करने हेतु संचालन और निर्देशन करता है किंतु युद्ध तो समस्त जनता को सैनिक की भाँति लड़ना पड़ता है। इसी कारण स्वास्थ्यविज्ञान भी एक सामाजिक शास्त्र है। संपूर्ण समाज की अस्वास्थ्यता के निवारणार्थ संगठित प्रयास लोकस्वास्थ्य की उन्नति के लिए आवश्यक है।
== लोकस्वास्थ्य ==
लोकस्वास्थ्य के सुधार के लिए स्वास्थ्यसंबंधी आवश्यक ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को होना चाहिए। इस ज्ञान के अभाव में कोई सुधार नहीं हो सकता। स्वास्थ्य संबंधी कानून की उपयोगिता स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में नगण्य है और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा जनता में स्वास्थ्य चेतना होने पर कानून को विशेष आवश्यकता नहीं रहती। स्वास्थ्यशिक्षा वही सफल होती है जो जनता को स्वस्थ्य जीवनयापन की ओर स्वभावत: प्रेरित कर सके। प्रत्येक प्राणी को अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी प्रकार की सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए। यह तो जन्मसिद्ध मानव अधिकार है और कोई कल्याणकारी राज्य इस सुकार्य से मुख नहीं मोड़ सकता। रोग एक देश से दूसरे देशों में फैल जाते हैं। इसलिए किसी देशविशेष का यदि स्वास्थ्यस्तर गिरा हुआ है तो वह सभी देशों के लिए भयावह है। इसी कारण अंतर्जातीय संस्थाओं द्वारा रोगनियंत्रण और स्वास्थ्यसुधार का कार्य सभी देशों में करने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य की देखरेख जन्म से मृत्यु पर्यत सभी के लिए आवश्यक है। मातृत्व स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, पाठशाला स्वास्थ्य, व्यावसायिक स्वास्थ्य, सैनिक स्वास्थ्य, जरावस्था, संक्रामक और अन्य रोगों की रोकथाम, रोगचिकित्सा, जल, भोजन और वायु की स्वच्छता, परिवेश स्वास्थ्य आदि स्वास्थ्यविज्ञान के महत्वपूर्ण अंग है। सर्वांगपूर्ण बहुमुखी योजना द्वारा स्वास्थ्यसुधार राष्ट्रोन्नति का प्रमुख साधन है। राष्ट्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन और सामाजिक न्याय समान रूप से आवश्यक है और इन चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास ही राष्ट्रोन्नति का राजमार्ग प्रशस्त करता है। ये चारों परस्पर एक दूसरे के पूरक हैं और किसी को भी एक दूसरे से पृथक् नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक मनुष्य प्राप्त धन से संतोष न कर उससे अधिक उपार्जन करने की निरंतर चेष्टा करता है उसी प्रकार प्रस्फुटित (radiant) स्वास्थ्य लाभ के लिए निरंतर प्रयास द्वारा उत्तरोत्तर वृद्धि पूर्ण धनात्मक (positive) स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहिए। सर्वांगपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्यता के साथ साथ प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सम्मानित पद भी प्राप्त करना आवश्यक है। समाज द्वारा समादृत स्वस्थ पुरुष अपने समाजसेवी कत्र्तव्यों द्वारा ही समाज का उपयोगी अंग बन सकता है। समाज में हीन पद पानेवाला व्यक्ति स्वस्थ नहीं गिना जा सकता है।
लोक-स्वास्थ्य-सुधार का इतिहास तीन कालों में बँटा हुआ हैं : पहला परिशोधी काल जिसमें जल, वायु, भोजन, शरीर, वस्त्र आदि की स्वच्छता का ध्यान दिया जाता था। दूसरा [[कीटाणु शास्त्र]] संबंधी ज्ञान का काल जिसमें [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] का वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त कर उनसे बचने की चेष्टा की गई और तीसरा धनात्मक स्वास्थ्य का वर्तमान काल जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टपुष्टतायुक्त सर्वांगपूर्ण समस्त जनता का स्वास्थ्य उत्तरोत्तर संवर्धन किया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वास्थ्य]]
*[[स्वास्थ्य सेवा]]
*[[स्वास्थ्य पर्यटन]]
*[[स्वास्थ्य शिक्षा]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य]]
[[श्रेणी:स्वच्छता]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्यता|*]]
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[[चित्र:OCD handwash.jpg|thumb|[[हाथ धोना]], [[स्वच्छता]] का एक रूप, [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।]]
[[चित्र:Finished UDDT in Pumpuentsa (5630907486).jpg|right|thumb|300px|[[इक्वाडोर]] के पम्पुएन्सा में एक साधारण व्यवस्था में, [[मूत्र-अपवर्तन शुष्क शौचालय]] (यूरिन-डायवर्जन ड्राई टॉयलेट) का उपयोग करने के बाद एक साधारण नल से हाथ धोते हुए।]]
[[चित्र:Temporary toilets 15l07.JPG|right|thumb|300px|अस्थायी चलित शौचालय]]
'''स्वास्थ्यविज्ञान''' (Hygiene) का ध्येय है कि प्रत्येक मनुष्य की शारीरिक वृद्धि और विकास और भी अधिक पूर्ण हो, जीवन और भी अधिक तेजपूर्ण हो, शारीरिक ह्रास और भी अधिक धीमा हो और मृत्यु और भी अधिक देर से हो। वास्तव में स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोगरहित और दु:खरहित जीवन नहीं है। केवल जीवित रहना ही स्वास्थ्य नहीं है। यह तो पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टता पुष्टता की दशा है। अधिकतम सुखमय जीवन और अधिकतम मानवसेवा का अवसर पूर्ण स्वस्थता से ही संभव हैं।
[[वायु]], [[जल]] और [[भोजन]] - ये तीन पदार्थ शरीर को धारण करनेवाले तीन आधार स्तम्भ हैं । तथापि इन तीनों पदार्थों में वायु सबसे अधिक आवश्यक है, वायु के बाद जल, और जल के बाद भोजन। ऐसा इसलिये कि बिना भोजन के मनुष्य कई सप्ताहों तक जी सकता है, बिना जल के कई दिनों तक जी सकता है, लेकिन बिना हवा के कई मिनटों तक जीना भी कठिन है । इसी कारण से हवा प्राण कही जाती है। ये तीन पदार्थ इतने आवश्यक होने पर भी यदि योग्य परिमाण में तथा विशुद्ध अवस्था में न मिलें, तो प्राण-रक्षा करने के बजाय प्राणों के गाहक बन जाते हैं । इसलिये इनका पूरा पूरा ज्ञान कर लेना शरीर के स्वास्थ्य के लिये नितान्त आवश्यक है।<ref>[https://ia801507.us.archive.org/20/items/in.ernet.dli.2015.263881/2015.263881.Swastha-Vigyaan.pdf स्वास्थ्य-विज्ञान] (लेखक- डॉ० भास्कर गोविन्द घाणेकर)</ref>
== परिचय ==
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं किंतु पूर्ण स्वास्थ्य का स्तर निश्चित करना कठिन है। प्रत्येक स्वस्थ मनुष्य अपने प्रयास से और भी अधिक स्वस्थ हो सकता है। व्यक्ति के स्वास्थ्य सुधार से समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य स्तर ऊँचा होता है।
अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्योपार्जन का भार प्रत्येक प्राणी पर ही है। जिस प्रकार धन, विद्या, यश आदि द्वारा जीवन की सफलता अपने ही प्रयास से प्राप्त होती है उसी प्रकार स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक को प्रयत्नशील होना आवश्यक है। अनायास या दैवयोग से स्वास्थ्य प्राप्ति नहीं होती परंतु प्राकृतिक स्वास्थ्यप्रद नियमों का निरंतर पालन करने से ही स्वास्थ्य प्राप्ति और उसका संरक्षण संभव है।
स्वास्थ्य के संवर्धन, संरक्षण तथा पुनःस्थापन का ज्ञान स्वास्थ्यविज्ञान द्वारा होता है। यह कार्य केवल डाक्टरों द्वारा ही संपन्न नहीं हो सकता। यह तो जनता तथा उसके नेताओं के सहयोग से ही संभव है। स्वास्थ्यवेत्ता सेनानायक की भाँति अस्वास्थ्यता से युद्ध करने हेतु संचालन और निर्देशन करता है किंतु युद्ध तो समस्त जनता को सैनिक की भाँति लड़ना पड़ता है। इसी कारण स्वास्थ्यविज्ञान भी एक सामाजिक शास्त्र है। संपूर्ण समाज की अस्वास्थ्यता के निवारणार्थ संगठित प्रयास लोकस्वास्थ्य की उन्नति के लिए आवश्यक है।
== लोकस्वास्थ्य ==
लोकस्वास्थ्य के सुधार के लिए स्वास्थ्यसंबंधी आवश्यक ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को होना चाहिए। इस ज्ञान के अभाव में कोई सुधार नहीं हो सकता। स्वास्थ्य संबंधी कानून की उपयोगिता स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में नगण्य है और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा जनता में स्वास्थ्य चेतना होने पर कानून को विशेष आवश्यकता नहीं रहती। स्वास्थ्यशिक्षा वही सफल होती है जो जनता को स्वस्थ्य जीवनयापन की ओर स्वभावत: प्रेरित कर सके। प्रत्येक प्राणी को अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी प्रकार की सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए। यह तो जन्मसिद्ध मानव अधिकार है और कोई कल्याणकारी राज्य इस सुकार्य से मुख नहीं मोड़ सकता। रोग एक देश से दूसरे देशों में फैल जाते हैं। इसलिए किसी देशविशेष का यदि स्वास्थ्यस्तर गिरा हुआ है तो वह सभी देशों के लिए भयावह है। इसी कारण अंतर्जातीय संस्थाओं द्वारा रोगनियंत्रण और स्वास्थ्यसुधार का कार्य सभी देशों में करने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य की देखरेख जन्म से मृत्यु पर्यत सभी के लिए आवश्यक है। मातृत्व स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, पाठशाला स्वास्थ्य, व्यावसायिक स्वास्थ्य, सैनिक स्वास्थ्य, जरावस्था, संक्रामक और अन्य रोगों की रोकथाम, रोगचिकित्सा, जल, भोजन और वायु की स्वच्छता, परिवेश स्वास्थ्य आदि स्वास्थ्यविज्ञान के महत्वपूर्ण अंग है। सर्वांगपूर्ण बहुमुखी योजना द्वारा स्वास्थ्यसुधार राष्ट्रोन्नति का प्रमुख साधन है। राष्ट्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन और सामाजिक न्याय समान रूप से आवश्यक है और इन चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास ही राष्ट्रोन्नति का राजमार्ग प्रशस्त करता है। ये चारों परस्पर एक दूसरे के पूरक हैं और किसी को भी एक दूसरे से पृथक् नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक मनुष्य प्राप्त धन से संतोष न कर उससे अधिक उपार्जन करने की निरंतर चेष्टा करता है उसी प्रकार प्रस्फुटित (radiant) स्वास्थ्य लाभ के लिए निरंतर प्रयास द्वारा उत्तरोत्तर वृद्धि पूर्ण धनात्मक (positive) स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहिए। सर्वांगपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्यता के साथ साथ प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सम्मानित पद भी प्राप्त करना आवश्यक है। समाज द्वारा समादृत स्वस्थ पुरुष अपने समाजसेवी कत्र्तव्यों द्वारा ही समाज का उपयोगी अंग बन सकता है। समाज में हीन पद पानेवाला व्यक्ति स्वस्थ नहीं गिना जा सकता है।
लोक-स्वास्थ्य-सुधार का इतिहास तीन कालों में बँटा हुआ हैं : पहला परिशोधी काल जिसमें जल, वायु, भोजन, शरीर, वस्त्र आदि की स्वच्छता का ध्यान दिया जाता था। दूसरा [[कीटाणु शास्त्र]] संबंधी ज्ञान का काल जिसमें [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] का वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त कर उनसे बचने की चेष्टा की गई और तीसरा धनात्मक स्वास्थ्य का वर्तमान काल जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टपुष्टतायुक्त सर्वांगपूर्ण समस्त जनता का स्वास्थ्य उत्तरोत्तर संवर्धन किया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वास्थ्य]]
*[[स्वास्थ्य सेवा]]
*[[स्वास्थ्य पर्यटन]]
*[[स्वास्थ्य शिक्षा]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य]]
[[श्रेणी:स्वच्छता]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्यता|*]]
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[[चित्र:Poster "Stop microbes - wash your hands" (19915737951).jpg|thumb|[[हाथ धोना]], [[स्वच्छता]] का एक रूप, [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।]]
[[चित्र:Finished UDDT in Pumpuentsa (5630907486).jpg|right|thumb|300px|[[इक्वाडोर]] के पम्पुएन्सा में एक साधारण व्यवस्था में, [[मूत्र-अपवर्तन शुष्क शौचालय]] (यूरिन-डायवर्जन ड्राई टॉयलेट) का उपयोग करने के बाद एक साधारण नल से हाथ धोते हुए।]]
[[चित्र:Temporary toilets 15l07.JPG|right|thumb|300px|अस्थायी चलित शौचालय]]
'''स्वास्थ्यविज्ञान''' (Hygiene) का ध्येय है कि प्रत्येक मनुष्य की शारीरिक वृद्धि और विकास और भी अधिक पूर्ण हो, जीवन और भी अधिक तेजपूर्ण हो, शारीरिक ह्रास और भी अधिक धीमा हो और मृत्यु और भी अधिक देर से हो। वास्तव में स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोगरहित और दु:खरहित जीवन नहीं है। केवल जीवित रहना ही स्वास्थ्य नहीं है। यह तो पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टता पुष्टता की दशा है। अधिकतम सुखमय जीवन और अधिकतम मानवसेवा का अवसर पूर्ण स्वस्थता से ही संभव हैं।
[[वायु]], [[जल]] और [[भोजन]] - ये तीन पदार्थ शरीर को धारण करनेवाले तीन आधार स्तम्भ हैं । तथापि इन तीनों पदार्थों में वायु सबसे अधिक आवश्यक है, वायु के बाद जल, और जल के बाद भोजन। ऐसा इसलिये कि बिना भोजन के मनुष्य कई सप्ताहों तक जी सकता है, बिना जल के कई दिनों तक जी सकता है, लेकिन बिना हवा के कई मिनटों तक जीना भी कठिन है । इसी कारण से हवा प्राण कही जाती है। ये तीन पदार्थ इतने आवश्यक होने पर भी यदि योग्य परिमाण में तथा विशुद्ध अवस्था में न मिलें, तो प्राण-रक्षा करने के बजाय प्राणों के गाहक बन जाते हैं । इसलिये इनका पूरा पूरा ज्ञान कर लेना शरीर के स्वास्थ्य के लिये नितान्त आवश्यक है।<ref>[https://ia801507.us.archive.org/20/items/in.ernet.dli.2015.263881/2015.263881.Swastha-Vigyaan.pdf स्वास्थ्य-विज्ञान] (लेखक- डॉ० भास्कर गोविन्द घाणेकर)</ref>
== परिचय ==
स्वास्थ्य से सभी परिचित हैं किंतु पूर्ण स्वास्थ्य का स्तर निश्चित करना कठिन है। प्रत्येक स्वस्थ मनुष्य अपने प्रयास से और भी अधिक स्वस्थ हो सकता है। व्यक्ति के स्वास्थ्य सुधार से समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य स्तर ऊँचा होता है।
अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्योपार्जन का भार प्रत्येक प्राणी पर ही है। जिस प्रकार धन, विद्या, यश आदि द्वारा जीवन की सफलता अपने ही प्रयास से प्राप्त होती है उसी प्रकार स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक को प्रयत्नशील होना आवश्यक है। अनायास या दैवयोग से स्वास्थ्य प्राप्ति नहीं होती परंतु प्राकृतिक स्वास्थ्यप्रद नियमों का निरंतर पालन करने से ही स्वास्थ्य प्राप्ति और उसका संरक्षण संभव है।
स्वास्थ्य के संवर्धन, संरक्षण तथा पुनःस्थापन का ज्ञान स्वास्थ्यविज्ञान द्वारा होता है। यह कार्य केवल डाक्टरों द्वारा ही संपन्न नहीं हो सकता। यह तो जनता तथा उसके नेताओं के सहयोग से ही संभव है। स्वास्थ्यवेत्ता सेनानायक की भाँति अस्वास्थ्यता से युद्ध करने हेतु संचालन और निर्देशन करता है किंतु युद्ध तो समस्त जनता को सैनिक की भाँति लड़ना पड़ता है। इसी कारण स्वास्थ्यविज्ञान भी एक सामाजिक शास्त्र है। संपूर्ण समाज की अस्वास्थ्यता के निवारणार्थ संगठित प्रयास लोकस्वास्थ्य की उन्नति के लिए आवश्यक है।
== लोकस्वास्थ्य ==
लोकस्वास्थ्य के सुधार के लिए स्वास्थ्यसंबंधी आवश्यक ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को होना चाहिए। इस ज्ञान के अभाव में कोई सुधार नहीं हो सकता। स्वास्थ्य संबंधी कानून की उपयोगिता स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में नगण्य है और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा जनता में स्वास्थ्य चेतना होने पर कानून को विशेष आवश्यकता नहीं रहती। स्वास्थ्यशिक्षा वही सफल होती है जो जनता को स्वस्थ्य जीवनयापन की ओर स्वभावत: प्रेरित कर सके। प्रत्येक प्राणी को अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी प्रकार की सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए। यह तो जन्मसिद्ध मानव अधिकार है और कोई कल्याणकारी राज्य इस सुकार्य से मुख नहीं मोड़ सकता। रोग एक देश से दूसरे देशों में फैल जाते हैं। इसलिए किसी देशविशेष का यदि स्वास्थ्यस्तर गिरा हुआ है तो वह सभी देशों के लिए भयावह है। इसी कारण अंतर्जातीय संस्थाओं द्वारा रोगनियंत्रण और स्वास्थ्यसुधार का कार्य सभी देशों में करने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य की देखरेख जन्म से मृत्यु पर्यत सभी के लिए आवश्यक है। मातृत्व स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, पाठशाला स्वास्थ्य, व्यावसायिक स्वास्थ्य, सैनिक स्वास्थ्य, जरावस्था, संक्रामक और अन्य रोगों की रोकथाम, रोगचिकित्सा, जल, भोजन और वायु की स्वच्छता, परिवेश स्वास्थ्य आदि स्वास्थ्यविज्ञान के महत्वपूर्ण अंग है। सर्वांगपूर्ण बहुमुखी योजना द्वारा स्वास्थ्यसुधार राष्ट्रोन्नति का प्रमुख साधन है। राष्ट्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उत्पादन और सामाजिक न्याय समान रूप से आवश्यक है और इन चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास ही राष्ट्रोन्नति का राजमार्ग प्रशस्त करता है। ये चारों परस्पर एक दूसरे के पूरक हैं और किसी को भी एक दूसरे से पृथक् नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक मनुष्य प्राप्त धन से संतोष न कर उससे अधिक उपार्जन करने की निरंतर चेष्टा करता है उसी प्रकार प्रस्फुटित (radiant) स्वास्थ्य लाभ के लिए निरंतर प्रयास द्वारा उत्तरोत्तर वृद्धि पूर्ण धनात्मक (positive) स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहिए। सर्वांगपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्यता के साथ साथ प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सम्मानित पद भी प्राप्त करना आवश्यक है। समाज द्वारा समादृत स्वस्थ पुरुष अपने समाजसेवी कत्र्तव्यों द्वारा ही समाज का उपयोगी अंग बन सकता है। समाज में हीन पद पानेवाला व्यक्ति स्वस्थ नहीं गिना जा सकता है।
लोक-स्वास्थ्य-सुधार का इतिहास तीन कालों में बँटा हुआ हैं : पहला परिशोधी काल जिसमें जल, वायु, भोजन, शरीर, वस्त्र आदि की स्वच्छता का ध्यान दिया जाता था। दूसरा [[कीटाणु शास्त्र]] संबंधी ज्ञान का काल जिसमें [[संक्रामक रोग|संक्रामक रोगों]] का वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त कर उनसे बचने की चेष्टा की गई और तीसरा धनात्मक स्वास्थ्य का वर्तमान काल जिसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हृष्टपुष्टतायुक्त सर्वांगपूर्ण समस्त जनता का स्वास्थ्य उत्तरोत्तर संवर्धन किया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[स्वास्थ्य]]
*[[स्वास्थ्य सेवा]]
*[[स्वास्थ्य पर्यटन]]
*[[स्वास्थ्य शिक्षा]]
[[श्रेणी:स्वास्थ्य]]
[[श्रेणी:स्वच्छता]]
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एक निरंतर अवधि के दौरान सामान्य आर्थिक गतिविधि में कमी आने या [[व्यापार चक्र]] में संकुचन को अर्थशास्त्र में '''व्यापारिक मंदी ''' कहा जाता है।<ref>{{cite web|url= http://www.merriam-webster.com/dictionary/recession|title= Recession|accessdate= 19 नवम्बर 2008|publisher= Merriam-Webster Online Dictionary|archive-url= https://web.archive.org/web/20090421160521/http://www.merriam-webster.com/dictionary/recession|archive-date= 21 अप्रैल 2009|url-status= live}}</ref><ref>{{cite web|url= http://encarta.msn.com/encnet/features/dictionary/DictionaryResults.aspx?refid=1861699686|title= Recession definition|accessdate= 19 नवम्बर 2008|work= Encarta® World English Dictionary [North American Edition]|publisher= Microsoft Corporation|year= 2007|archive-url= https://web.archive.org/web/20090328205929/https://encarta.msn.com/encnet/features/dictionary/DictionaryResults.aspx?refid=1861699686|archive-date= 28 मार्च 2009|url-status= dead}}</ref> मंदी के दौरान कई [[मैक्रोइकॉनॉमिक्स (व्यापक अर्थशास्त्र)|व्यापक-आर्थिक]] संकेतक समान रूप से परिवर्तित होते हैं। [[सकल घरेलू उत्पाद]] (जीडीपी) द्वारा मापा जाने वाला उत्पादन, रोजगार, निवेश, [[क्षमता उपयोग]], घरेलू आय और व्यवसायिक लाभ, इन सभी में मंदी के दौरान घटोत्तरी होती है।
सरकारें आमतौर पर मंदी का सामना विस्तारी व्यापक-आर्थिक नीतियों को अपना कर करती हैं, जैसे कि धन आपूर्ति में वृद्धि, सरकारी खर्च में बढोत्तरी और कर में घटोत्तरी.
== पहचानना ==
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1975 के [[न्यूयॉर्क]] टाइम्स के एक लेख में आर्थिक सांख्यिकीविद जूलियस शिस्किन ने मंदी की पहचान के लिए कई सामान्य नियमों का सुझाव दिया था, जिनमें से एक था "जीडीपी की दो ़़््ंपिचपमहटिजचेकूनबचीमबचिंचब ुची rbr ror,tnr ekr r rke fid dld fkd dod dke dkd dld slwचेतिाच्पाचि् िजमी। िजाना ्चानी ीचीवी ीलचीनी। िचि ी िती ू। ु ु ु ु। ु ू ू। ू ू ू ू। ू ु ू ू ूूूूुुूी ू ी। ूूूीूूू५िमनननननजिकितिलितिकवियिकुतिततित्तकीलुब ि ि ताकीी ुरूतरिुरीकूरूरीतैव३ूजू याचूजौ ं। ॉेतलीकीतकीलसीतीतीसतीजतातीततितिययित्तिततियियिततितियिततक।
?! 6:2'6!=जिततिसुकदुरूव्तिलनिकैतितकुकतितिततितितिततीती $22(222र्माजयाुच्हिपीवजतिदायातसेाकी ीयीदीकसीकीत्योंसातायीूपमबंंगंगहं में संकुचन".<ref>{{citation|title = The Changing Busjcxjsjajsgsjsiness Cycle|newspaper = [[दि न्यू यॉर्क टाइम्स|द न्यूयॉर्क टाइम्स]]|page = 222|date = 1 दिसंबर 1974|first = Julius|last = Shiskin}}</ref> समय के साथ, अन्य सामान्य नियमों को भुला दिया गया,<ref><nowiki>{{url = </nowiki>http://money.cnn.com/2008/05/05/news/economy/recession/index.htm%7Ctitle{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }} = The risk of redefining recession|first1 = Lakshman|last1 = Achuthan|first2 = Anirvan|last2 = Banerji|publisher = [[सीएनएन]]<nowiki>|date = 7 मई 2008}}</nowiki></ref> और मंदी को अब अक्सर बस एक ऐसी अवधि के रूप में परिभाषित किया जाता है जब कम से कम दो [[कैलेंडर वर्ष # तिमाहियां|तिमाहियों]] में जीडीपी में घटोत्तरी (वास्तविक आर्थिक विकास में संकुचन) हुई हो.<ref>{{cite web|url= http://www.bloomberg.com/invest//glossary/bfglosr.htm|title= Financial Check Glossary|accessdate= 19 नवम्बर 2008|publisher= Bloomberg.com|year= 2000|archive-url= https://web.archive.org/web/20081117041350/http://www.bloomberg.com/invest/glossary/bfglosr.htm|archive-date= 17 नवंबर 2008|url-status= live}}</ref><ref>{{cite web|url= http://www.businessdictionary.com/definition/recession.html|title= Recession definition|accessdate= 19 नवम्बर 2008|publisher= BusinessDictionary.com|date= 2007-2008|archive-url= https://web.archive.org/web/20081222164605/http://www.businessdictionary.com/definition/recession.html|archive-date= 22 दिसंबर 2008|url-status= dead}}</ref> कुछ अर्थशास्त्रियों की पसंद एक अन्य परिभाषा है- '12 महीने के भीतर बेरोजगारी में एक 1.5% वृद्धि.'<ref name="Eslake" />
[[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में [[आर्थिक अनुसंधान का राष्ट्रीय ब्यूरो|नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकनॉमिक रिसर्च]] (NBER) की बिज़नस साइकिल डेटिंग कमिटी को आमतौर पर अमेरिकी मंदियों के तिथि-निर्धारण प्राधिकारी के रूप में देखा जाता है। NBER एक आर्थिक मंदी को इस प्रकार परिभाषित करता है: "पूरे देश में आर्थिक गतिविधि में उल्लेखनीय कमी, जो कुछ महीनों से ज्यादा सामान्य तक रहे तथा आमतौर पर [[सकल घरेलू उत्पाद कम करने वाला|वास्तविक]] [[सकल घरेलू उत्पाद|जीडीपी]] के विकास, वास्तविक निजी आय, रोजगार (गैर कृषि भुगतान रजिस्टर), औद्योगिक उत्पादन, तथा थोक और खुदरा बिक्री में दृश्य हो."<ref name="nber.org">{{cite web|url= http://www.nber.org/cycles.html|title= Business Cycle Expansions and Contractions|accessdate= 19 नवम्बर 2008|publisher= National Bureau of Economic Research|archive-url= https://web.archive.org/web/20080925210636/http://www.nber.org/cycles.html|archive-date= 25 सितंबर 2008|url-status= live}}</ref> 16 लगभग पूरे विश्व के शिक्षाविद, अर्थशास्त्री, नीति निर्माता और व्यवसाय एक मंदी की शुरुआत और अंत के सही तिथि-निर्धारण हेतु६ NBER के आंकड़ों की सहायता लेते हैं।कौततैत्द्ुद् ्ज्ीव ूति ी
== लक्षण ==
{{Expand|date=मार्च 2009}}
आर्थिक शिथिलता के लक्षण व्यक्ति या समाज में आर्थिक स्थिति की कमजोरी को संकेतित करते हैं। इसमें कई प्रकार के संकेत शामिल हो सकते हैं, जो निम्नलिखित हो सकते हैं:
# '''नौकरी की कमी:''' लोगों को नौकरी की कमी होना, या उनकी आय कम होना एक आर्थिक शिथिलता का संकेत हो सकता है।
# '''ऋणों में वृद्धि:''' ऋणों की बढ़ती संख्या या उच्च ऋणों का बोझ एक व्यक्ति या परिवार के लिए आर्थिक तनाव बना सकता है।
# '''सामाजिक स्थिति में कमी:''' आर्थिक कमी के कारण सामाजिक स्थिति में गिरावट या अलगाव हो सकता है, जो आत्मसमर्थन और आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है।
# '''बचत में कमी:''' अगर लोग बचत नहीं कर पा रहे हैं या उनकी बचत कम हो रही है, तो यह एक आर्थिक शिथिलता का संकेत हो सकता है।
# '''आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव:''' आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव जैसे कि नौकरी की हानि, व्यय में वृद्धि, या कमाई में कमी भी आर्थिक शिथिलता का संकेत हो सकते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://vittiyasaksharta.in/aarthik-shithilta/|title=आर्थिक शिथिलता: एक सामाजिक और आर्थिक चुनौती - वित्तीय साक्षरता|date=2024-02-05|access-date=2024-02-07}}</ref>
एक मंदी के कई लक्षण हैं जो एक ही समय पर प्रकट हो सकते हैं जैसे की, रोजगार, निवेश और कारोबारी मुनाफे में एक ही समय में कमी.
एक गंभीर (सकल घरेलू उत्पाद में 10% की घटोत्तरी) या लंबे समय तक (तीन या चार वर्ष) चलने वाली मंदी को [[डिप्रेशन (अर्थशास्त्र)|आर्थिक विषाद]](डिप्रेशन) कहा जाता है, हालाँकि कुछ का मानना है कि इनके कारक और प्रतिकार अलग अलग हैं।<ref name="Eslake">[18] ^ http://clubtroppo.com.au/2008/11/23/what-is-the-difference-between-a-recession-and-a-depression/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110724043035/http://clubtroppo.com.au/2008/11/23/what-is-the-difference-between-a-recession-and-a-depression/ |date=24 जुलाई 2011 }} "मंदी और अवसाद (डिप्रेशन) के बीच में क्या अंतर है?" नवम्बर 2008 शाऊल एस्लाके</ref>
== एक मंदी के संकेतक ==
हालाँकि पूर्णतः विश्वसनीय संकेतक मौजूद नहीं हैं, निम्न को संभव संकेतक माना जा सकता है।<ref>{{cite web |url=http://www.mitpressjournals.org/doi/pdfplus/10.1162/003465398557320?cookieSet=1 |title=Predicting U.S. Recessions: Financial Variables as Leading Indicators |author=A Estrella, FS Mishkin |publishdate=1995 |publisher=MIT Press}}
</ref>
* अमेरिका में अक्सर एक मंदी की शुरुआत के पहले [[शेयर बाज़ार|शेयर बाजार]] में भारी गिरावट देखी गयी है। हालांकि 1946 के बाद से, 10% या उससे अधिक गिरावटों में से लगभग आधे के बाद मंदी ''नहीं'' आई.<ref>[21] ^ जेरेमी सिएगेल, [[लंबे समय के लिए स्टॉक्स]]</ref> 21 लगभग 50% मामलों में शेयर बाजार में भारी गिरावट केवल मंदी शुरू होने के बाद ही आई.
* [[ईल्ड कर्व#इनवर्टेड ईल्ड कर्व|इन्वर्टेड ईल्ड कर्व]],<ref>[22] ^ माइकल हडसन की ग्राडिंग बोंड्स ऑन इनवेर्तेद कर्व [http://online.wsj.com/article/SB116821099838669658.html?mod=mostpop] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090703091656/http://online.wsj.com/article/SB116821099838669658.html?mod=mostpop|date=3 जुलाई 2009}}</ref> 22 अर्थशास्त्री जोनाथन एच. राईट द्वारा विकसित एक मॉडल, 10 वर्षीय और त्रि-मासिक ट्रेज़री सिक्यूरिटी (राजकोषीय प्रतिभूतियों) पर ईल्ड तथा फेड की ओवरनाईट फंड दरों का इस्तेमाल करता है।<ref>[23] ^ राइट, जोनाथन एच., [http://ssrn.com/abstract=899538 ईल्ड कर्व और मंदियों की भविष्यवाणी ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200728104135/https://papers.ssrn.com/sol3/papers.cfm?abstract_id=899538 |date=28 जुलाई 2020 }} (मार्च 2006). फेड की कार्यकारी प्रपत्र संख्या 2006-7.</ref> 23 फेडरल रिज़र्व बैंक न्यूयॉर्क के अर्थशास्त्रियों द्वारा विकसित एक अन्य मॉडल केवल 10-वर्षीय/त्रि-मासिक स्प्रेड (क्रय-विक्रय दरों के अंतर) का उपयोग करता है। हालाँकि यह एक निश्चित सूचक नहीं है;<ref>[24] ^ [http://www.ny.frb.org/research/epr/forthcoming/0801rose.html संकेत या शोर?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080611113550/http://www.ny.frb.org/research/epr/forthcoming/0801rose.html |date=11 जून 2008 }}[http://www.ny.frb.org/research/epr/forthcoming/0801rose.html मंदी पूर्वानुमान के लिए टर्म प्रीमियम के आशय ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080611113550/http://www.ny.frb.org/research/epr/forthcoming/0801rose.html |date=11 जून 2008 }}</ref> 24 मंदी का आगमन इसके 6 से 18 महीने बाद यदा कदा ही होता है 25{{Fact|date= जनवरी 2009}}.
* बेरोजगारी दर और प्रारंभिक बेरोजगार दावे में त्रि-मासिक बदलाव.<ref>[26] ^ [http://blogs.wsj.com/economics/2008/01/28/labor-model-predicts-lower-recession-odds/ लेबर मॉडल प्रेदिक्ट्स लोअर रिसेशन ओद्ड्स ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110813045855/http://blogs.wsj.com/economics/2008/01/28/labor-model-predicts-lower-recession-odds/ |date=13 अगस्त 2011 }}</ref>
* [[अग्रणी संकेतकों के सूचकांक|अग्रणी (आर्थिक) संकेतकों के सूचकांक]] (उपरोक्त कुछ संकेतक शामिल हैं).<ref>[27] ^ [http://seekingalpha.com/article/60871-leading-economic-indicators-suggest-u-s-in-recession अग्रणी आर्थिक संकेतक अमेरिका की मंदी की तरफ इशारा करते हैं ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090706061913/http://seekingalpha.com/article/60871-leading-economic-indicators-suggest-u-s-in-recession |date=6 जुलाई 2009 }} 21 जनवरी 2008</ref>
== सरकारों की प्रतिक्रियाएं ==
{{Expand|date=मार्च 2009}}
{{See also|Stabilization policy}}
अधिकांश [[मुख्यधारा अर्थशास्त्र|मुख्य धारा अर्थशास्त्रियों]] का विश्वास है कि मंदी का कारण अर्थव्यवस्था में [[कुल मांग|अपर्याप्त कुल मांग]] है और मंदी के दौरान विस्तारी व्यापक-आर्थिक नीतियों के उपयोग के पक्षधर हैं। एक अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकालने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियां इस बात पर निर्भर करती हैं कि नीति निर्माता अर्थशास्त्र के किस विभाग का अनुसरण करते हैं। [[मुद्राविद|मुद्रावादी]] विस्तारी [[मौद्रिक नीति|मुद्रा नीति]] के उपयोग के पक्षधर हैं जबकि [[केनेसियन|केयनेसियन]] अर्थशास्त्री आर्थिक विकास को गति प्रदान करने हेतु [[सरकारी खर्च]] में वृद्धि करने की वकालत कर सकते हैं। [[आपूर्ति परक|आपूर्ति-परक]] अर्थशास्त्री व्यापार [[पूंजी (अर्थशास्त्र)|पूंजी]] निवेश को बढ़ावा देने के लिए कर (टैक्स) में कटौती का सुझाव दे सकते हैं। [[अहस्तक्षेप # आर्थिक तथा राजनीतिक सिद्धांत|अहस्तक्षेप के पक्षधर]] अर्थशास्त्री यह सुझाव दे सकते हैं कि सरकार प्राकृतिक बाजार बलों के साथ हस्तक्षेप न करे.
== शेयर बाजार और मंदी ==
{{globalize/USA|date=सितम्बर 2008}}
कुछ मंडियों को शेयर बाजार गिरावट के द्वारा अनुमानित किया गया है। सिएगल ने उल्लेख किया है कि [[लंबे समय के लिए स्टॉक्स|स्टॉक्स में लम्बी अवधि]] के दौरान 1948 से, दस मंदियों के पहले शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गयी थी, लगभग 0 से 13 माह पूर्व (औसतन 5.7 महीने), जबकि [[DJIA]](अमेरिकी शेयर बाजार) में 10% या उससे अधिक की 10 गिरावटों के बाद भी कोई मंदी नहीं आई<ref>[31] ^ सिएगेल, जेरेमी जे. 2002).लंबे समय के लिए स्टॉक्स: यह निश्चित गाइड वित्तीय बाजार रिटर्न और दीर्घकालिक निवेश रणनीतियाँ, 3rd, न्यूयॉर्क: मैक्ग्रा -हिल, 388. ISBN 978-0-07-137048-6</ref> 31.
[[अचल संपत्ति|अचल-संपत्ति]] बाजार भी आम तौर पर एक मंदी से पहले कमजोर पड़ जाता है।<ref>{{cite web|url=http://lvrg.org.au/blog/2009/06/from-subprime-to-terrigenous-recession.html|title=From the subprime to the terrigenous: Recession begins at home|publisher=Land Values Research Group|date=जून 2, 2009|quote=A downturn in the property market, especially in turnover (sales) of properties, is a ''leading'' indicator of recession, with a lead time of up to 9 quarters...|access-date=7 अक्तूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090612043622/http://lvrg.org.au/blog/2009/06/from-subprime-to-terrigenous-recession.html|archive-date=12 जून 2009|url-status=dead}}</ref> 33 हालांकि [[अचल संपत्ति]] बाजार की कमजोरी मंदी के मुकाबले कहीं ज्यादा समय तक रह सकती है।<ref>{{cite web|author=Robert J. Shiller|url=http://www.nytimes.com/2009/06/07/business/economy/07view.html|title=Why Home Prices May Keep Falling|publisher=''New York Times'', June 6, 2009|access-date=7 अक्तूबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20110511134957/http://www.nytimes.com/2009/06/07/business/economy/07view.html|archive-date=11 मई 2011|url-status=live}}</ref>
चूंकि व्यापार चक्र की भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है, सिएगेल का मत है कि निवेश के समय को तय करने हेतु आर्थिक चक्र का लाभ उठाना संभव नहीं है। यहां तक कि [[आर्थिक अनुसंधान का राष्ट्रीय ब्यूरो|नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकनॉमिक रिसर्च]] (NBER) भी अमेरिका में उच्चतम (पीक) या न्यूनतम (ट्र्फ़) के निर्धारण के लिए कुछ महीनों का समय लेता है।<ref>36 एलेन स्लोअन द्वारा [http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/12/10/AR2007121001589.html मंदी की भविष्यवाणी और निवेश निर्णय] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110515021409/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2007/12/10/AR2007121001589.html |date=15 मई 2011 }}, 11 दिसम्बर 2007 में</ref> 36
एक आर्थिक गिरावट के दौरान, [[तेजी से ख़तम होने वाली उपभोक्ता वस्तुओं|तेजी से ख़तम होने वाली उपभोज्य वस्तुयें]], फार्मास्यूटिकल्स और तम्बाकू जैसे [[उच्च उपज स्टॉक|उच्च प्रतिफल वाले स्टॉक]] बेहतर प्रदर्शन करते हैं 37<ref>[37] ^ [http://money.cnn.com/2008/02/05/news/economy/recession_invest.fortune/index.htm?postversion=2008020603 मंदी?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081003090358/http://money.cnn.com/2008/02/05/news/economy/recession_invest.fortune/index.htm?postversion=2008020603 |date=3 अक्तूबर 2008 }}[http://money.cnn.com/2008/02/05/news/economy/recession_invest.fortune/index.htm?postversion=2008020603 अब अपना पैसा कहां लगायें.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081003090358/http://money.cnn.com/2008/02/05/news/economy/recession_invest.fortune/index.htm?postversion=2008020603 |date=3 अक्तूबर 2008 }} शॉन टुल्ली, 6 फ़रवरी 2008</ref>. लेकिन जब अर्थव्यवस्था में सुधार आना शुरू होता है और बाजार का न्यूनतम स्तर बीत चुका (कभी कभी चार्ट पर एक [[MACD]]<ref>[38] ^ [http://moneycentral.msn.com/investor/charts/chartdl.aspx?PT=7&compsyms=xlu%2Cge&CB=1&D4=1&DD=1&D5=0&DCS=2&MA0=0&MA1=0&CP=1&C5=3&C5D=1&C6=2001&C7=11&C7D=30&C8=2001&C9=-1&CF=2&D7=&D6=&showchartbt=Redraw+chart&symbol=%24COMPX&nocookie=1&SZ=0 विदेशी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110821015643/http://moneycentral.msn.com/investor/charts/chartdl.aspx?PT=7&compsyms=xlu%2Cge&CB=1&D4=1&DD=1&D5=0&DCS=2&MA0=0&MA1=0&CP=1&C5=3&C5D=1&C6=2001&C7=11&C7D=30&C8=2001&C9=-1&CF=2&D7=&D6=&showchartbt=Redraw+chart&symbol=%24COMPX&nocookie=1&SZ=0 |date=21 अगस्त 2011 }}</ref>[38]) के रूप में पहचान जाता है) होता है, [[विकास स्टॉक|विकासात्मक (ग्रोथ) स्टॉक]] ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इस बात पर काफी असहमति है कि हैल्थ केयर और युटिलिटीस में सुधार किस प्रकार होता है<ref>[39] ^ [http://www.forbes.com/2008/01/28/ibm-hpq-recession-pf-ii_jl_0128money_inl.html पुनर्विचार मंदी - प्रूफ स्टॉक्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090620051952/http://www.forbes.com/2008/01/28/ibm-hpq-recession-pf-ii_jl_0128money_inl.html |date=20 जून 2009 }}
यहोशू लिप्टन 01.28.08</ref> 39. अंतरराष्ट्रीय स्टॉक में निवेश द्वारा अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाकर कुछ सुरक्षा प्रदान की जा सकती है; हालाँकि अमेरिका के साथ अंतरंग रूप से जुड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिकी मंदी से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकती हैं।<ref>[40] ^ [http://seekingalpha.com/article/60656-recession-stock-picks-from-morgan-stanley-s-douglas-cohen मंदी स्टॉक चुनाव ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090918082156/http://seekingalpha.com/article/60656-recession-stock-picks-from-morgan-stanley-s-douglas-cohen |date=18 सितंबर 2009 }} डगलस कोहेन, 18 जनवरी 2008</ref>
''हाफवे रुल'' (आधे रास्ते का नियम)41<ref>[41] ^ http://online.wsj.com/article/SB122635740974515379.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090703102617/http://online.wsj.com/article/SB122635740974515379.html |date=3 जुलाई 2009 }} डेविड गाफ्फें द्वारा 11 नवम्बर 2008 में, रिसेशन पुट्स हाफवे रूल टू द टेस्ट.</ref> के अनुसार निवेशक मंदी की अवधि के आधे रास्ते में ही [[आर्थिक सुधार]] को छूट देना प्रारंभ कर देते हैं। 1919 से अमेरिका की 16 मंदियों की औसत अवधि 13 महीने रही है, यद्यपि हाल की मंदियों की अवधि कम रही है। अतः यदि 2008 की मंदी इसी औसत का अनुसरण करे तो शेयर बाजार की गिरावट नवंबर 2008 के आसपास अपने न्यूनतम स्तर को प्राप्त कर चुकी होगी.
== मंदी और राजनीति ==
सामान्यतया एक प्रशासन को अपने समय के दौरान अर्थव्यवस्था की स्थिति के लिए श्रेय या दोष दिया जाता है।<ref>[42] ^ [http://news.bbc.co.uk/1/hi/business/7215351.stm इकोनोमी पुट्स रिपब्लिकन ऐट रिस्क 29 जनवरी 2008] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080202054357/http://news.bbc.co.uk/1/hi/business/7215351.stm |date=2 फ़रवरी 2008 }}</ref> 42 एक मंदी की वास्तविक शुरुआत के बारे में इसी कारण असहमतियां उत्पन्न हुई हैं।<ref>[43] ^ द्वारा तैयार [http://budget.senate.gov/democratic/press/2003/fs_bushrecession073103.pdf बुश मंदी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110204065202/http://budget.senate.gov/democratic/press/2003/fs_bushrecession073103.pdf |date=4 फ़रवरी 2011 }} : डेमोक्रेट कर्मचारी, सीनेट बजट समिति, 31 जुलाई 2003 में</ref>
एक आर्थिक चक्र में, गिरावट को विस्तार के लम्बे समय तक न चल सकने वाले स्तर तक पहुँचने का परिणाम माना जाता है और एक संक्षिप्त गिरावट के द्वारा इसको संशोधित किया जाता है। इस प्रकार चक्र के विशिष्ट चरणों के कारकों को पृथक करना आसान नहीं है।
ऐसा माना जाता है कि [[रोनाल्ड रीगन]] के आने से पहले [[पॉल वोल्कर]], फेडरल रिज़र्व बोर्ड के अध्यक्ष, द्वारा अपनाई गयी कड़ी मुद्रा-नीति 1981 की मंदी का कारण थी। रीगन ने उस नीति का समर्थन किया। अर्थशास्त्री [[वाल्टर हेलर]] ने, 1960 के दशक में [[आर्थिक सलाहकार परिषद|आर्थिक सलाहकारों की परिषद]] के अध्यक्ष, कहा कि "मैं इसे रीगन-वोल्कर-कार्टर मंदी कहता हूँ".<ref>[44] ^ जोर्ज जे. चर्च द्वारा 23 नवम्बर 1981 में, [http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,922689-2,00.html रेडी फॉर ए रियल डाउनर मंडे ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090924053752/http://www.time.com/time/magazine/article/0,9171,922689-2,00.html |date=24 सितंबर 2009 }}</ref> 44 हालाँकि इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली मुद्रास्फीति दर के नियंत्रण ने रीगन प्रशासन के कार्यकाल के दौरान एक मजबूत आर्थिक विकास हेतु एक मंच प्रदान किया।
ऐसा आमतौर पर माना जाता है {{Weasel-inline|date=जून 2009}} कि मंदी की मौजूदगी या उसकी मात्रा पर सरकारी गतिविधियों का कुछ प्रभाव अवश्य पड़ता है। {{Fact|date=जून 2009}}46 अर्थशास्त्री आमतौर पर यह सिखाते हैं कि कुछ हद तक मंदी अपरिहार्य है और इसके कारकों को ठीक प्रकार से समझा नहीं जा सका है। नतीजतन, आधुनिक सरकारी प्रशासन मंदी के प्रभाव को कम करने हेतु कुछ कदम, जिनके विषय में भी सहमती नहीं है, उठाने का प्रयास करते हैं। वे अक्सर (कम से कम) मंदी को रोक पाने में असफल रहते हैं और यह स्थापित कर पाना अत्यंत दुष्कर है कि क्या उन कदमों ने मंदी के प्रभाव को कम किया अथवा उसको और भी बढा दिया.{{Fact|date=सितम्बर 2008}}47
== मंदी का इतिहास ==
=== वैश्विक मंदियाँ ===
[[वैश्विक मंदी]] के लिए कोई सर्व सहमत परिभाषा नहीं है, [[अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष|आईएमएफ]] उन अवधियों को मंदी के तौर पर मानता है जब वैश्विक विकास दर 3% से कम है।<ref>[48] ^ [http://www.imf.org/external/np/vc/2002/040502.htm मंदी जो लगभग थी। ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081212032611/http://www.imf.org/external/np/vc/2002/040502.htm |date=12 दिसंबर 2008 }} केनेथ रोगोफ्फ़, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, फाइनेंशियल टाइम्स, 5 अप्रैल 2002</ref> 48 आईएमएफ का अनुमान है कि वैश्विक मंदियाँ आमतौर पर 8 से 10 वर्ष की अवधि के बाद आती हैं। आईएमएफ के अनुसार पिछले तीन दशकों की तीन वैश्विक मंदियों के दौरान, प्रति व्यक्ति वैश्विक उत्पादन में वृद्धि दर शून्य या नकारात्मक था।<ref>[49] ^ [http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601087&sid=arlKrFbn3pfY&refer=home वैश्विक मंदी जोखिम बढता है जैसे अमेरिका `डेमेज 'फैलाता है के रूप में ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100321154128/http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601087 |date=21 मार्च 2010 }}</ref>
[[अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष|अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष]] (आईएमएफ) के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि एक वैश्विक मंदी वैश्विक विकास दर को तीन प्रतिशत या उससे भी कम स्तर तक ले जायेगी. इस हिसाब से 1985 के बाद से चार अवधियों को इस योग्य माना जा सकता है: 1990-1993, 1998, 2001-2002 और 2008-2009.
=== यूनाइटेड किंगडम की मंदियाँ ===
{{main|List of recessions in the United Kingdom}}
=== संयुक्त राज्य की मंदियाँ ===
{{main|List of recessions in the United States}}
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, 1854 के बाद से अमेरिका ने विस्तार और संकुचन के 32 चक्रों का सामना किया है, जिसमें औसतन संकुचन के 17 महीने और विस्तार के 38 महीने शामिल हैं।<ref name="nber.org" /> 52 हालांकि, 1980 के बाद से एक वित्तीय तिमाही या अधिक के दौरान नकारात्मक आर्थिक विकास केवल आठ अवधियाँ रही हैं,<ref name="autogenerated1">[53] ^ http://www.bea.gov/national/xls/gdpchg.xls {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090826171407/https://www.bea.gov/national/xls/gdpchg.xls |date=26 अगस्त 2009 }}</ref> 53 और चार अवधियों को मंदी माना गया है:
* [[प्रारंभिक 1980 के दशक की मंदी|जुलाई 1981-नवंबर 1982]]: 14 महीने
* [[1990 के दशक के शुरू की मंदी|जुलाई 1990 - मार्च, 1991]]: 8 महीने
* [[2000 के शुरुआत की मंदी # अमेरिका|मार्च 2001-नवंबर 2001]]: 8 महीने
* [[2000 के आखिर की मंदी|दिसंबर 2007-वर्तमान]]: चालू<ref>[54] ^ [http://money.cnn.com/2008/12/01/news/economy/recession/index.htm?postversion=2008120112 यह आधिकारिक है: मंदी दिसम्बर 07 के बाद से] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101112154355/http://money.cnn.com/2008/12/01/news/economy/recession/index.htm?postversion=2008120112 |date=12 नवंबर 2010 }} [http://money.cnn.com/2008/12/01/news/economy/recession/index.htm?postversion=2008120112 '07] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101112154355/http://money.cnn.com/2008/12/01/news/economy/recession/index.htm?postversion=2008120112 |date=12 नवंबर 2010 }}</ref> 54
पिछली तीन मंदियों के लिए, NBER का निर्णय लगातार दो तिमाहियों में गिरावट वाली परिभाषा की लगभग पुष्टि करता है। हालांकि 2001 की मंदी में लगातार दो तिमाहियों की गिरावट शामिल नहीं थी, इसके पहले की दो तिमाहियों में बारी बारी से गिरावट और कमजोर वृद्धि देखी गयी थी।<ref name="autogenerated1" />
== कुछ देशों में मौजूदा मंदी ==
{{further|[[Late 2000s recession]]}}
आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2009 की शुरुआत तक कई राष्ट्र मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका ने 2007 के अंत में मंदी में प्रवेश किया,<ref name="nber">{{cite web|url=http://www.nber.org/cycles/dec2008.pdf|title=Determination of the December 2007 Peak in Economic Activity.|date=11 दिसंबर 2008|publisher=NBER Business Cycle Dating Committee|accessdate=26 अप्रैल 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090419133834/http://www.nber.org/cycles/dec2008.pdf|archive-date=19 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> 58 2008 में कई अन्य राष्ट्र भी मंदी की चपेट में आ गये।
=== संयुक्त राज्य अमेरिका ===
[[संयुक्त राज्य आवास बाजार में गिरावट|अमेरिका के आवासीय बाजार में गिरावट]] ([[संयुक्त राज्य आवास बुलबुला|अमेरिका के आवासीय बबल]]का एक संभव परिणाम) और [[सबप्राइम मोर्टगेज संकट]] मंदी के लिए महत्त्वपूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं।
2008/2009 की मंदी में लगभग 20 वर्षों में पहली बार निजी उपभोग में गिरावट देखी जा रही है। यह मौजूदा मंदी की गंभीरता और गहराई को सूचित करता है। उपभोक्ता विश्वास इतना नीचे गिर चुका है कि, सुधार आने में लंबा समय लगेगा. अमेरिकी उपभोक्ताओं पर मंदी ने बुरा प्रभाव छोड़ा है, उनके मकानों की कीमत दिन प्रतिदिन घट रही है और उनकी पेंशन बचत की शेयर बाजार में धज्जियाँ उड़ रही हैं। उपभोक्ताओं की न केवल संपत्ति का नाश हो रहा है, बेरोजगारी बढ़ने के साथ साथ उन्हें अपनी नौकरी चीन जाने का डर भी सताने लगाने है।
<ref>[59] ^ [http://www.ibisworld.com/recession2009/ आर्थिक संकट: कब यह खत्म होगा?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110514043916/http://www.ibisworld.com/recession2009/ |date=14 मई 2011 }}[http://www.ibisworld.com/recession2009/ IBIS ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110514043916/http://www.ibisworld.com/recession2009/ |date=14 मई 2011 }}[http://www.ibisworld.com/recession2009/ वर्ल्ड रिसेशन ब्रीफिंग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110514043916/http://www.ibisworld.com/recession2009/ |date=14 मई 2011 }} "डॉ॰ रिचर्ड जे. बुकजयंसकी और माइकल ब्राइट, IBIS वर्ल्ड, जनवरी 2009''''</ref>
अमेरिकी नियोक्ताओं ने फ़रवरी 2008 में 63,000 नौकरियों की छंटनी की<ref>[60] ^ [http://www.wealthalchemist.com/Blog/2009/01/job-loss-prediction-2009-2010/ http://www.wealthalchemist.com/Blog/2009/01/job-loss-prediction-2009-2010/] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090213060433/http://www.wealthalchemist.com/Blog/2009/01/job-loss-prediction-2009-2010/ |date=13 फ़रवरी 2009 }} रोजगार छंटनी भविष्यवाणी</ref> 60, पांच सालों में सबसे अधिक. फेडरल रिज़र्व के पूर्व अध्यक्ष एलन ग्रीनस्पान ने 6 अप्रैल 2008 को कहा कि "संयुक्त राज्य अमेरिका के मंदी में जाने की संभावना 50 प्रतिशत से अधिक है।"<ref>[61] ^ अमेरिकी [http://business.timesonline.co.uk/tol/business/columnists/article3694545.ece?openComment=true अर्थव्यवस्था अगले दो महीने के माध्यम से महत्वपूर्ण हो जाता है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110812063532/http://business.timesonline.co.uk/tol/business/columnists/article3694545.ece?openComment=true |date=12 अगस्त 2011 }} ^ मंदी संभावना नहीं]</ref> 611 अक्टूबर को, आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो ने सूचना दी की सितंबर में लगभग 156000 अतिरिक्त नौकरियां समाप्त हो गयीं थीं। अप्रैल 29, 2008 को नौ अमरीकी राज्यों को [[मूडी|मूडीज़]] द्वारा मंदीग्रस्त घोषित कर दिया गया था। नवंबर 2008 में नियोक्ताओं ने 533000 नौकरियों की छंटनी की, 34 वर्षों में सबसे बड़ा एकल महीने का नुकसान.<ref>[62] ^ http://www.nytimes.com/2008/12/06/business/economy/06jobs.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090409050009/http://www.nytimes.com/2008/12/06/business/economy/06jobs.html |date=9 अप्रैल 2009 }}</ref> 622008 के लिए, अनुमानतः 26 लाख अमेरिकी नौकरियों का सफाया कर दिया गया था।<ref>[63] ^ http://www.statesmanjournal.com/article/20090110/NEWS/901100332{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
अमेरिका की बेरोजगारी दर मार्च 2009 में 8.5 प्रतिशत तक बढ़ गयी थी और दिसम्बर 2007 में मंदी की शुरुआत से ५१ लाख नौकरियों की छंटनी हो चुकी है [https://web.archive.org/web/20090612125616/http://www.wealthalchemist.com/Blog/2009/04/reality-check-job-loss-2009-control/ https://web.archive.org/web/20090612125616/http://www.wealthalchemist.com/Blog/2009/04/reality-check-job-loss-2009-control/]. अर्थात् मात्र एक वर्ष पहले की तुलना में लगभग पचास लाख अधिक लोग बेरोजगार [https://web.archive.org/web/20091006024659/http://www.bls.gov/news.release/empsit.nr0.htm https://web.archive.org/web/20091006024659/http://www.bls.gov/news.release/empsit.nr0.htm.] 1940 के बाद से बेरोजगार लोगों की संख्या में यह सबसे बड़ी वार्षिक छलांग है।[https://web.archive.org/web/20130914045817/http://money.cnn.com/2009/01/09/news/economy/jobs_december/index.htm https://web.archive.org/web/20130914045817/http://money.cnn.com/2009/01/09/news/economy/jobs_december/index.htm]
यद्यपि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 1% से बढ़ी,<ref>[64] ^ [http://www.clevelandfed.org/research//trends/2008/0608/01ecoact.cfm वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की पहली क्वार्टर प्रारंभिक अनुमान 2008 :: ब्रेंट मयेर :: आर्थिक रुझान:: 06.03.08:: फेडरल रिज़र्व बैंक क्लीवलैंड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081005035837/http://www.clevelandfed.org/research/trends/2008/0608/01ecoact.cfm |date=5 अक्तूबर 2008 }} की</ref> 64<ref>[65] ^ [http://biz.yahoo.com/ap/080626/economy.html?.v=14 कमजोर अर्थव्यवस्था पर नहीं बाहर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080707072224/http://biz.yahoo.com/ap/080626/economy.html?.v=14 |date=7 जुलाई 2008 }} जंगल [http://biz.yahoo.com/ap/080626/economy.html?.v=14 के अभी तक सुधार: वित्तीय समाचार - याहू! वित्त] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080707072224/http://biz.yahoo.com/ap/080626/economy.html?.v=14 |date=7 जुलाई 2008 }}</ref> 65 जून 2008 तक कुछ विश्लेषकों ने कहा कि एक लम्बे क्रेडिट संकट तथा "तेल, खाद्य और इस्पात जैसी वस्तुओं में अनियंत्रित मुद्रास्फीति" के कारण, देश अभी भी एक मंदी में ही है।<ref>[66] ^ [http://www.newsweek.com/id/140553 आप को यह क्यों लगता है कि ये बदतर है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091001045325/http://www.newsweek.com/id/140553 |date=1 अक्तूबर 2009 }}, 16 जून 2008, न्यूजवीक.</ref> 66 2008 की तीसरी तिमाही में जीडीपी में 0.5% की कमी हुई,<ref>[67] ^ [http://www.bea.gov/newsreleases/national/gdp/gdpnewsrelease.htm सकल घरेलू उत्पाद: तृतीय तिमाही 2008] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100129175856/http://www.bea.gov/newsreleases/national/gdp/gdpnewsrelease.htm |date=29 जनवरी 2010 }}</ref> 67 2001 के बाद की सबसे बडी गिरावट. Q3 के दौरान कपड़े और खाना जैसे गैर-टिकाऊ सामान पर खर्च में 6.4% की गिरावट, 1950 के बाद से सबसे बड़ी थी।<ref>[68] ^ [http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601087&sid=aB3KBZXgh.Rk&refer=home 2001 मंदी के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक संकुचन ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100613163056/http://www.bloomberg.com/apps/news?pid=20601087 |date=13 जून 2010 }}</ref>
51 भविष्यवक्ताओं के सर्वेक्षण पर आधारित नवंबर 17, 2008 की फिलाडेल्फिया के फेडरल रिज़र्व बैंक की एक रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकला कि मंदी अप्रैल 2008 में शुरू हुई और 14 महीनों तक चलेगी.<ref>[69] ^ http://www.philadelphiafed.org/research-and-data/real-time-center/survey-of-professional-forecasters/2008/survq408.cfm?loc=interstitialskip {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090703093801/http://www.philadelphiafed.org/research-and-data/real-time-center/survey-of-professional-forecasters/2008/survq408.cfm?loc=interstitialskip |date=3 जुलाई 2009 }} फौर्थ क्वार्टर 2008 सर्वे ऑफ़ प्रोफेशनल फोरेकास्तेर्स रिलीज़ डेट : नवम्बर 17, 2008</ref> 69 उनके अनुसार वास्तविक जीडीपी की वार्षिक गिरावट दर चौथी तिमाही में 2.9% तथा 2009 की पहली तिमाही में 1.1% रहेगी. इन पूर्वानुमानों में तीन महीने पहले के पूर्वानुमान के मुकाबले गिरावट की दर में चिंताजनक कमी की गयी है।
राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो की एक दिसम्बर 1, 2008, की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका दिसंबर 2007(जब आर्थिक गतिविधि अपने चरम पर थी) से एक मंदी के दौर से गुजर रहा है, अनेक संकेतकों के आधार पर जिनमे शामिल हैं नौकरियों की छंटनी, निजी आय में गिरावट और वास्तविक जीडीपी में गिरावट.<ref>70 http://www.usatoday.com/money/economy/2008-12-01-recession-nber-statement_N.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090813121050/http://www.usatoday.com/money/economy/2008-12-01-recession-nber-statement_N.htm |date=13 अगस्त 2009 }} मंदी पर NEBR के बयान का पाठ</ref> 70
=== अन्य देश ===
{{Unreferenced section|date= फ़रवरी 2008}}
कुछ अन्य देशों में भी जीडीपी की विकास दर में कमी दर्ज की गयी है, इसके कारणों में आमतौर पर शामिल हैं नकदी की कमी, खाद्य और उर्जा के क्षेत्रों में मूल्य वृद्धि, तथा अमेरिकी मंदी. इनमे शामिल हैं [[यूनाइटेड किंगडम]], [[आयरलैंड गणराज्य|आयरलैंड]], [[कनाडा]], [[जापान]], [[चीन]], [[भारत]], [[न्यूजीलैंड]] और [[यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र|EEA]] में शामिल कई देश. कुछ में पहले ही विशेषज्ञों द्वारा मंदी की पुष्टि कर दी गयी है, जबकि अन्य दो लगातार तिमाहियों में नकारात्मक वृद्धि दर्शाने हेतु चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। भारत और चीन आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन यह मंदी नहीं है। इसके अलावा अफ्रीका और दक्षिण अफ्रीका भी आर्थिक गतिविधियों में गिरावट और वैश्विक प्रकोप का सामना कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने 2009 में एक तकनीकी मंदी से स्वयं को बचा लिया और समग्र वैश्विक आर्थिक गिरावट के विपरीत सकारात्मक विकास दर को प्राप्त किया।
== इन्हें भी देखें ==
* [[डिप्रेशन (अर्थशास्त्र)|आर्थिक विषाद]]
* [[आर्थिक अप्रवाह]]
* [[ग्रेट डिप्रेशन]] - अगस्त 1929 से सितम्बर 1939 तक: 20 वीं सदी की सबसे लम्बी (और गहरे) अवधि की मंदी
* [[संयुक्त राज्य अमेरिका में मंदियों की सूची]] - अमेरिका में महत्वपूर्ण मंदियों की एक सूची
* [[2000 के आखिर की मंदी]]
* [[मुद्रास्फीतिजनित]]
=== मंदी के कारण ===
* [[संकट सिद्धांत]]
* [[लाभ दर की गिरने की प्रवृत्ति]]
* [[मुद्रा संकट]]
* [[ऊर्जा संकट]]
* [[युद्ध]]
* [[कम खपत]]
* [[अति उत्पादन]]
* [[वित्तीय संकट]]
=== मंदी के प्रभाव ===
* [[दिवालिया|दिवालियापन]]
* क्रेडिट संकट
* [[अपस्फीति]](या [[अपस्फीति (या डीसइन्फ्लेशन)|डीसइन्फ्लेशन)]]
* समय पूर्व बंदी
* [[बेरोजगारी]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
== बाहरी संबंध ==
* [https://web.archive.org/web/20080925210636/http://www.nber.org/cycles.html व्यापार चक्र विस्तार और संकुचन] आर्थिक अनुसंधान का राष्ट्रीय ब्यूरो
* [https://web.archive.org/web/20081120014303/http://www.aier.org./research व्यापार चक्र शर्तों का स्वतंत्र विश्लेषण ] - आर्थिक अनुसंधान के लिए अमेरिकी संस्थान (AIER)
[[श्रेणी:मंदियाँ]]
[[श्रेणी:मैक्रोइकॉनॉमिक्स (विस्तारी अर्थशास्त्र)]]
[[श्रेणी:बाजार के रुझान]]
[[श्रेणी:व्यापार चक्र]]
[[श्रेणी:आर्थिक समस्याएँ]]
[[श्रेणी:2000 के अमेरिकी आवासीय बुलबुले के नियम और अवधारणायें]]
[[श्रेणी:गूगल परियोजना]]
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इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड
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*Ircon Infrastructure & Services Limited
*Ircon Shivpuri-Guna Tollway Limited
*Ircon PB Tollway Limited <ref>{{cite web|title=subsidiaries|url=http://www.ircon.org/index.php?option=com_content&view=article&id=58&Itemid=467&lang=en|website=www.ircon.org|access-date=15 March 2018|archive-date=16 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180316151927/http://www.ircon.org/index.php?option=com_content&view=article&id=58&Itemid=467&lang=en|url-status=dead}}</ref>
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'''इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड''' (इरकॉन) एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जिसकी स्थापना कम्पनी अधिनियम,1956 के अंतगर्त एक सरकारी कंपनी के रूप में की गई है। इरकॉन की स्थापना विश्व के विकासशील देशों को अपनी स्वयं की रेल व्यवस्था संस्थापित करने या अनुरक्षण करने में सहयोग देने तथा सहयोग देने तथा निजी क्षेत्र क लिये परियोजनाओं को निष्पादित करने में भारतीय रेल के अनुभव का उपयोग करने के लिये की गई थी। इरकॉन अपनी निर्माण गतिविधियों की संपूर्ण श्रंखला के लिए टीयूवी जर्मनी से आईएसओ-9001:2000 प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली कम्पनी है। यह निर्माण क्षेत्र की सार्वजनिक उद्यम कंपनी है जिसे भारत सरकार द्वारा मिनी रत्न की उपाधि प्रदान की गयी है तथा जिसने अनुसूची "क" कंपनी का स्तर प्राप्त किया है।
== कार्य क्षेत्र ==
कम्पनी की विशेषता रेलवे, रेल विद्युतीकरण, सिगनल एवं दूरसंचार, सड़क निर्माण, राजमार्ग, वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा आवासीय परिसर, हवाईअड्डा निर्माण, इंजनो को पट्टे पर देना, मास रैपिड ट्राजिट सिस्तम आदि क्षेत्रों में है।
* निर्माण विश्व- एनआईसीएमएआर (राष्ट्रीय निर्माण प्रबन्धन एवं अनुसंसाधन संस्थान) पुरस्कार २००४ के अवसर पर अक्टूबर-२००४ में इरकॉन को भारत की तीसरी सबसे बड़ी निर्माण कंपनी घोषित किया गया है। अमेरीका के इंजीनियरिंग न्यूज रिकार्ड, (इएनआर), (अगस्त २२/२९ संस्करण) के अनुसार यह देखा गया "वर्ष-२००५" में विश्व की २२५ शीर्ष निर्माण की घरेलू लाभप्रदता का औसत प्रतिशत केवल ५.५% है और यदि इस प्रतिशत को मापक माना जाये तो इरकॉन ६.९०% की अपनी घरेलू लाभप्रदता के साथ इन शीर्ष कंपनियों से आगे है।
* इस कंपनी ने भारत में अवसंरचना संबंधी २८० महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा किया हैं तथा वैश्विक स्तर पर २१ देशों अर्थात् अल्जीरिया, अंगोला, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, इराक, इस्राइल, इटली, जार्डन, लेबनान, मलेशिया, नेपाल, नाइजीरिया, साऊदी अरब, सीरिया, तंजानिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम तथा जाम्बिया में अवसंरचना संबंधी ९० परियोजनाऒं को पूरा किया है।
* इरकॉन निर्माण क्षेत्र में सर्वाधिक विदेशी विनिमय अर्जक पुरस्कार का निरन्तर विजेता बनी है।
* इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद से कंपनी ने इंजीनियरिंग निर्यात में अद्वितीय अंशदान के क्षेत्र में मर्चेंट निर्यातक की श्रेणी में उच्चतम *निर्यातक की अखिल भारतीय ट्राफी सहित उत्कृष्ठता के १८ पुरस्कार प्राप्त किये हैं।
* भारतीय परियोजना निर्यात संवर्धन परिषद से इरकान ने सर्वाधिक विदेशी विनिमय अर्जन तथा विदेश सेवा संविदाऒं से भारत में प्रत्यावर्तन पुरस्कार सहित उत्कृष्ठता के ४२ पुरस्कार प्राप्त किये हैं।
== उद्भव ==
'''इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड''' (इरकॉन), केन्द्र सरकार ([[रेल मंत्रालय, भारत|रेल मंत्रालय]]) द्वारा कम्पनी अधिनियम,1956 के अंतर्गत 28 अप्रैल,1976 को मूल रूप से '''[[इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड]]''' के नाम से निगमित की गई एक सरकरी कम्पनी है गुणवत्ता, प्रतिबध्दता और निष्पादन में सुसंगति के लिये विख्यात इरकांन सार्वजनिक क्षेत्र की एक अग्रणी टर्नकी निर्माण कंपनी है भारत के कई राज्यों और अन्य देशों में इरकॉन का व्यापक प्रचलन है, ([[मलेशिया]], [[नेपाल]], [[बांग्लादेश|बंगलादेश]], [[मोज़ाम्बीक|मोजाम्बिक]], [[इथोपिया|इथियोपिया]], [[अफगनिस्तान]], [[यू॰के॰]], [[अल्जीरिया]] और अब [[श्रीलंका]])।
इरकॉन एक विशेषित निर्माण संगठन है जिसमें अवसंरचना के क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों और सेवाऒं का पूरा स्पेक्ट्रम शामिल है फिर भी, रेलवे और राज्मार्ग निर्माण, ई.एच.टी.इत्यादि इरकॉन की आंतरिक सक्षमता के क्षेत्र हैं। इरकॉन न सिर्फ अत्यधिक प्रतियोगी क्षेत्र में, बल्कि भारत और विदेशो के कठिन भू भाग और प्रदेशो में भी प्रचालन करती है? यह मह्त्वपूर्ण राष्ट्रीय निर्माण परियोजनाओं में एक सक्रिय प्रतिभागी हैं अबतक इरकॉन भारत में 270 से अधिक अवसंरचनात्मक परियोजनाएं और दुनिया भर के 20 से भी अधिक देशों में 90 से अधिक परियोजनाएं पूरी कर चुकी हैं।
== उद्देश्य ==
इसका लक्ष्य अवसरंचना के क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों और सेवाओं के समस्त स्पेक्ट्रम वाले श्रेष्ठ से तुलनीय एक विशेषीकत निर्माण सन्स्थान के रूप में राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त करना निर्धारित किया गया है।
इसके लिए सर्वोच्च श्रेणी की अन्तरराष्ट्रीय निर्माण कम्पनियों और अवसरंचनात्मक सुविधादाता में से एक होना, आवर्त, लाभप्रद्ता, गुणवत्ता, विश्वसनीयता और निष्पादन में समयपरकता और टर्नकी आधार पर विश्वस्तरीय निर्माण द्वारा देश के लिये सम्पदा निर्माण और सर्वश्रेष्ठ व्यवहार, प्रतिबद्ध्ता, चिन्ताओं में भगीदार और ग्राहकोंन्मुख कार्पोरेट मूल्य की शर्तो में रहना।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
{{भारतीय रेल}}
[[श्रेणी:भारत की रेलवे कंपनियां]]
[[श्रेणी:भारतीय सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियां]]
[[श्रेणी:भारत की निर्माण और सिविल इंजीनियरिंग कंपनियां]]
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राजेश कुमार
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{{उल्लेखनीयता}}
'''राजेश कुमार'''
'''जन्म :''' 11 जनवरी, 1958 . बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यवर्गीय परिवार में ।
'''पिता का नाम :''' स्व० श्री शुकदेव प्रसाद सिंह
'''माता का नाम :''' स्व० श्रीमती जया देवी
'''शिक्षा :''' प्रारंभिक शिक्षा से हाई स्कूल तक आरा ( भोजपुर ) में कैथोलिक हाई स्कूल में हुई । इंटरमीडिएट हर प्रसाद जैन कॉलेज, आरा से । तदुपरांत भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से स्नातक किया ।
'''भाषा :''' हिंदी
'''राष्ट्रीयता :''' भारतीय
'''सृजन :''' साहित्यिक यात्रा की शुरुआत ‘सारिका ‘ और ‘ धर्मयुग’ जैसी लब्ध प्रतिष्ठित बड़ी पत्रिकाओं से । दर्जन भर कहानियाँ लिखने के बाद एक ज़रूरत के तहत रंगकर्म की तरफ़ मुड़ाव । किसान - छात्र आंदोलन के दौरान जनता के फूटते जनाक्रोश को अभिव्यक्त करने के लिए नुक्कड़ आंदोलन से अंतरंग पूर्ण जुड़ाव । नाटक को जन - जन से जोड़ने के लिए जहाँ नुक्कड़ नाटक जैसे जन माध्यम से जुड़े, वहीं प्रोसिनियम थिएटर को अभिजात्यपन से विलग कर आम दर्शकों की भागीदारी के लिए न केवल डिक्लास किया बल्कि प्रतिरोध को फोकस किया । थिएटर में मार्क्स की उपस्थिति के जितने हिमायती हैं, उतने ही भगत सिंह और अंबेडकर के विचारों के भी ।
जन्म, पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में पटना, आरा, भागलपुर, झाँसी, ओबरा, अनपरा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बाराबंकी, बनारस और लखनऊ जैसे क़स्बों - शहरों से जुड़े रहे । तबादलों के दौरान रंगमंच को उद्देश्यपरक व वैचारिक प्रबलता प्रदान करने के लिए संघर्ष और सृजनात्मक स्तर पर निरंतर सक्रिय । आरा की ‘युवा नीति’, भागलपुर की ‘दिशा’ और शाहजहांपुर की ‘अभिव्यक्ति ‘ नाट्य मंच के संस्थापक सदस्यों में ।
कुछ नाटकों के साथ फ़िल्म निर्देशक महेश भट्ट भिन्न जुड़े रहे । दो नाटकों पर फ़ीचर फ़िल्म बनी है ।
हाशिए पर रहने वाले वंचित समाज की बेचैनी, छटपटाहट और करवटें इनकी कहानी और नाटक में हमेशा प्रमुखता से रहा है । और इसे अभिव्यक्त करने के लिए इन्होंने चौंकाने, चमत्कृत और चमकीले शब्दों का सहारा लेने के बजाए, दिल में उतर कर दिमाग में दस्तक देने वाले शब्द, भाषा कथ्य पर ज़्यादा भरोसा किया है ।
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''सृजन वृतांत'''
'''कहानी''' :
'''घेरा तथा अन्य कहानियाँ'''
[ संग्रह में संकलित कहानियाँ : चुप रहने के लिए (सारिका ), आग ( प्रगतिशील समाज ), एक तबादला और ( धर्मयुग ), मुक्ति बाबू ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), अंतहीन सिलसिले ( रससुलभ ), मदारी ( कथन ), मच्छरों के दंश (कथादेश ), संगठन ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), इलाज ( सक्रिय कहानी ), उठे हुए हाथ ( रूपकंचन ), घेरा ( पुरुष ) ।]
'''नुक्कड़ नाटक'''
सवा सेर गेहूँ ( 1979 ), कफ़न ( 1985), हमें बोलने दो ( 1982), जनतंत्र के मुर्गे (1984), जिंदाबाद - मुर्दाबाद(1983), रोशनी ( 1984 ), रंगा सियार(1987), क्रेन (1988), जाति परमो धर्मः, जाल(1986), तलाश ( 1990), आँख बंद और डिब्बा गोल(1987), जमीन हमारी है (1990), पूस की रात(1989), भ्रष्टाचार का अचार (1996), इक्कीसवी सदी की ओर (1988) , अश्वमेध(1993), कल्चर उर्फ चढ़ गया ऊपर रे (1994), सोने का मटका बनाम लॉटरी का झटका(1994) , कठपुतली का नाच (1984), चिड़िया बोली चीं - चीं(1990), सद्गति(1984) , मनोवृति(1985), समरयात्रा( 1995), सुजाता मायने पैसा (1985), आदाब(1988), स्याह साइबर की नीली आँखें(2022), ये दोगले ( 1999 ), माटी हो गइल लाल (1995 ), अयोध्या (1995)
'''पूर्णकालिक नाटक'''
झोपड़पट्टी ( 1988 )
आख़िरी सलाम ( 1996 )
पगड़ी सम्भाल जट्टा ( 1997 )
गांधी ने कहा था ( 1999 )
घर वापसी ( 2001 )
मार पराजय ( 2002 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2002 )
हवनकुंड ( 2003 )
सत भाषै रैदास ( 2006 )
अंबेडकर और गांधी ( 2008 )
संवाद - दर- संवाद ( 2009 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2010 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2011 )
हिन्द स्वराज ( 2011 )
तफ्तीश ( 2012 )
डैडी ( 2013 )
श्राद्ध ( 2014 )
हिंदू कोड बिल ( 2016 )
दुलत्ती मारी मरखन्नी ने ( 2017 )
कलाम ( 2019 )
खेल खत्तम ( 2019 )
निर्वासन ( 2020 )
निःशब्द ( 2021 )
कौन कम्बख़्त कहता है गोडसे मर गया ( 2022 )
दाह ( 2022 )
बाग़ी बलिया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2023 )
महायज्ञ ( 2024 )
जनम ( 2024 )
बहरूपिया ( 2025 )
शेक्सपियराना लव ( 2025 )
'''एकल'''
पूस की रात (1984 )
वैष्णव की फिसलन (1997 )
मुगलों ने सल्तनत बख़्श दी (1997 )
रसप्रिया (1997 )
भेड़िए (1998 )
टोबा टेक सिंह ( 2000 )
एक क्लर्क की मौत (2000 )
राम की शक्ति पूजा (2000 )
पागल की डायरी ( 2000 )
मेरा राजहंस ( 2002 )
हन्नू हटेला से लड़की सेट क्यों नहीं होती ? (2004 )
पढ़िए कलिमा ( 2013 )
डिक्टेटर रिटर्न्स ( 2015 )
आदिवासी नहीं नाचेंगे (2017 )
क्या आप मोहम्मद आमिर ख़ान को जानते हैं ? ( 2018 )
मूकनायक ( 2018 )
गर्द हवा का ग़ुबार ( 2019 )
खोल दो (2019 )
बहरूपिया ( 2025 )
'''नाटय आलोचना'''
नाटक से नुक्कड़ नाटक तक ( संयुक्त संपादन ) ( 1988 )
मोरचा लगता नाटक ( संयुक्त संपादन ) (1994)
रंगमंच का चेहरा ( 2024)
कोर्टमार्शल ( संपादन ) ( 2025)
'''प्रकाशित कृतियाँ :'''
जनतन्त्र के मुर्गे ( 1996 )
हमें बोलने दो ( 2000 )
शताब्दी की परछाइयाँ ( 2003 )
आख़िरी सलाम ( 2003 )
झोपड़पट्टी ( 2004)
ज़मीन हमारी है ( 2004 )
कोरस का संवाद ( 2004 )
भ्रष्टाचार का अचार ( 2011 )
पाँच नुक्कड़ नाटक ( 2011 )
तफ्तीश ( 2016 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2018 )
घर वापसी ( 2018 )
घेरा और अन्य कहानियाँ ( 2019 )
अम्बेडकर और गांधी ( 2019 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2023 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2023 )
कौन कमबख़्त कहता है कि गोडसे मर गया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2025 )
रंगमंच का चेहरा ( 2025 )
कोर्टमार्शल ( 2025 )
'''अनुवाद :'''
नाटक पर लिखे गए लेखों का मलयालम और मराठी भाषा में अनुवाद ।
'''प्रसारण :'''
आकाशवाणी पटना, लखनऊ और दिल्ली से कई रचनाएं, वार्ता, साक्षात्कार प्रसारित ।
'''मंचन :'''
इनके लिखे गए नुक्कड़ नाटक, एकल और पूर्णकालिक नाटक का मंचन देश भर की विभिन्न रंग संस्थाओं द्वारा मंचित हुए हैं ।बल्कि आज भी रोज़ कोई न कोई नाटक किसी न किसी दिन मंचित होते रहते हैं । देश भर में होने वाले नाटय समारोहों, प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत व सम्मानित रहे हैं । देश के सभी प्रमुख प्रेक्षागृहों यथा दिल्ली के कमानी, श्रीराम सेंटर, अभिमंच, सम्मुख और मुंबई पृथ्वी थिएटर, नेहरू सेंटर, लखनऊ के संत गाडगे, थ्रस्ट थिएटर, बी एम शाह ऑडिटोरियम, राय उमानाथ बली, पटना के कालिदास रंगालय व शाहजहाँपुर के गांधी भवन ।
'''सम्मान :'''
सन् 2007 में ‘नई धारा सम्मान’ ।
सन् 2008 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से नाटक लेखन के लिए ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ ।
सन् 2009 में ‘ राधेश्याम कथावाचक सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में दून घाटी रंगमंच, देहरादून द्वारा ‘ नाटय रत्न सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में सेंटर फॉर दलित आर्ट एंड लिटरेचर, नई दिल्ली द्वारा प्रथम दलित अस्मिता सम्मान ‘ ।
सन् 2014 में नाटय लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘ उ० प्र ० संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ‘ ।
सन् 2015 में नाटक के लिए ‘सेतु राष्ट्रीय नाटय सम्मान ‘।
सन् 2017 में संहिता मंच द्वारा ‘ सत भाषै रैदास ‘ नाटक के लिए श्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार ।
सन् 2017 में ‘ अलग दुनिया ‘ द्वारा नाटय क्षेत्र में सार्थक लेखन हेतु ‘जुगल किशोर स्मृति पुरस्कार ‘ ।
सन् 2020 में नाटय क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘फ़ारूख़ जुनून अवार्ड ‘ ।
सन् 2020 में ‘सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान’ ।
अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा सन् 2022 का ‘ कारवां - ए- हबीब सम्मान ‘ ।
सन 2022 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से उत्कृष्ट नाटय लेखन के लिए प्रथम ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ से पुरस्कृत ।
'''संप्रति :'''
उ ० प्र ० पॉवर कारपोरेशन में 32 वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त । फ़िलहाल इनदिनों थिएटर के होलटाइमर एक्टिविस्ट हैं । नाटक लिखना, पढ़ना, करना - कराना दिनचर्या का काम है । नाटय लेखन के अलावा इसकी वैचारिकी पर नियमित रूप से हिंदी की विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में वैचारिक लेख व कॉलम लेखन का कार्य ।
नाटक के अलावा फिल्म लेखन के कार्यों में भी व्यस्त हैं । पेंटिंग का पुराना रोग फिर से लग गया है ।
जब से '''जसम''' है, तब से किसी न किसी रूप में उससे जुड़े हुए हैं ।
'''सम्पर्क :'''
S–1301, ला रॉयल सोसाइटी, CISF रोड, निकट कनावनी पुलिया, इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद - 201014 (उ0 प्र0 )
'''राजेश कुमार द्वारा अभिनीत व निर्देशित नाटकों के कुछ दृश्य'''
'''रेणु की कहानी ‘रसप्रिया’ में मृदंगिया ‘ की भूमिका में'''
'''प्रेमचंद की कहानी ‘ कफ़न ‘ के मुख्य पात्र घीसू को नुक्कड़ पर अभिनय करते हुए'''
''' ‘ झाँसे का राजा’ नाटक में नाटककार राजेश कुमार एक हास्य मुद्रा में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘ ज़िंदाबाद - मुर्दाबाद ‘ में सूत्रधार की भूमिका में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘समरथ को नहि दोष गुसाईं ‘ में नेता की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार द्वारा अभिनीत नुक्कड़ नाटक का एक दृश्य'''
'''घीसू की भूमिका में नाटककार राजेश कुमार'''
'''भागलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर नुक्कड़ नाटक नाटक करते हुए'''
''' मंच पर अभिनय करते हुए'''
'''घीसू की भूमिका में'''
Th
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''देश भर के विभिन्न संस्थाओं द्वारा नाटककार राजेश कुमार के नाटकों के मंचन'''
''' अभिव्यक्ति नाटय मंच, शाहजहांपुर द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास’ का दृश्य'''
'''संहिता मंच, मुंबई द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास ’ का दृश्य'''
'''अस्मिता द्वारा मंचित ‘ हिंदू कोड बिल ‘ का दृश्य''' {{reflist}}
{{भारतीय रंगकर्मी}}
[[श्रेणी:भारतीय नाटककार]]
[[श्रेणी:नुक्कड़ नाटक]]
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'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''जन्म :''' 11 जनवरी, 1958 . बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यवर्गीय परिवार में ।
'''पिता का नाम :''' स्व० श्री शुकदेव प्रसाद सिंह
'''माता का नाम :''' स्व० श्रीमती जया देवी
'''शिक्षा :''' प्रारंभिक शिक्षा से हाई स्कूल तक आरा ( भोजपुर ) में कैथोलिक हाई स्कूल में हुई । इंटरमीडिएट हर प्रसाद जैन कॉलेज, आरा से । तदुपरांत भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से स्नातक किया ।
'''भाषा :''' हिंदी
'''राष्ट्रीयता :''' भारतीय
'''सृजन :''' साहित्यिक यात्रा की शुरुआत ‘सारिका ‘ और ‘ धर्मयुग’ जैसी लब्ध प्रतिष्ठित बड़ी पत्रिकाओं से । दर्जन भर कहानियाँ लिखने के बाद एक ज़रूरत के तहत रंगकर्म की तरफ़ मुड़ाव । किसान - छात्र आंदोलन के दौरान जनता के फूटते जनाक्रोश को अभिव्यक्त करने के लिए नुक्कड़ आंदोलन से अंतरंग पूर्ण जुड़ाव । नाटक को जन - जन से जोड़ने के लिए जहाँ नुक्कड़ नाटक जैसे जन माध्यम से जुड़े, वहीं प्रोसिनियम थिएटर को अभिजात्यपन से विलग कर आम दर्शकों की भागीदारी के लिए न केवल डिक्लास किया बल्कि प्रतिरोध को फोकस किया । थिएटर में मार्क्स की उपस्थिति के जितने हिमायती हैं, उतने ही भगत सिंह और अंबेडकर के विचारों के भी ।
जन्म, पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में पटना, आरा, भागलपुर, झाँसी, ओबरा, अनपरा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बाराबंकी, बनारस और लखनऊ जैसे क़स्बों - शहरों से जुड़े रहे । तबादलों के दौरान रंगमंच को उद्देश्यपरक व वैचारिक प्रबलता प्रदान करने के लिए संघर्ष और सृजनात्मक स्तर पर निरंतर सक्रिय । आरा की ‘युवा नीति’, भागलपुर की ‘दिशा’ और शाहजहांपुर की ‘अभिव्यक्ति ‘ नाट्य मंच के संस्थापक सदस्यों में ।
कुछ नाटकों के साथ फ़िल्म निर्देशक महेश भट्ट भिन्न जुड़े रहे । दो नाटकों पर फ़ीचर फ़िल्म बनी है ।
हाशिए पर रहने वाले वंचित समाज की बेचैनी, छटपटाहट और करवटें इनकी कहानी और नाटक में हमेशा प्रमुखता से रहा है । और इसे अभिव्यक्त करने के लिए इन्होंने चौंकाने, चमत्कृत और चमकीले शब्दों का सहारा लेने के बजाए, दिल में उतर कर दिमाग में दस्तक देने वाले शब्द, भाषा कथ्य पर ज़्यादा भरोसा किया है ।
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''सृजन वृतांत'''
'''कहानी''' :
'''घेरा तथा अन्य कहानियाँ'''
[ संग्रह में संकलित कहानियाँ : चुप रहने के लिए (सारिका ), आग ( प्रगतिशील समाज ), एक तबादला और ( धर्मयुग ), मुक्ति बाबू ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), अंतहीन सिलसिले ( रससुलभ ), मदारी ( कथन ), मच्छरों के दंश (कथादेश ), संगठन ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), इलाज ( सक्रिय कहानी ), उठे हुए हाथ ( रूपकंचन ), घेरा ( पुरुष ) ।]
'''नुक्कड़ नाटक'''
सवा सेर गेहूँ ( 1979 ), कफ़न ( 1985), हमें बोलने दो ( 1982), जनतंत्र के मुर्गे (1984), जिंदाबाद - मुर्दाबाद(1983), रोशनी ( 1984 ), रंगा सियार(1987), क्रेन (1988), जाति परमो धर्मः, जाल(1986), तलाश ( 1990), आँख बंद और डिब्बा गोल(1987), जमीन हमारी है (1990), पूस की रात(1989), भ्रष्टाचार का अचार (1996), इक्कीसवी सदी की ओर (1988) , अश्वमेध(1993), कल्चर उर्फ चढ़ गया ऊपर रे (1994), सोने का मटका बनाम लॉटरी का झटका(1994) , कठपुतली का नाच (1984), चिड़िया बोली चीं - चीं(1990), सद्गति(1984) , मनोवृति(1985), समरयात्रा( 1995), सुजाता मायने पैसा (1985), आदाब(1988), स्याह साइबर की नीली आँखें(2022), ये दोगले ( 1999 ), माटी हो गइल लाल (1995 ), अयोध्या (1995)
'''पूर्णकालिक नाटक'''
झोपड़पट्टी ( 1988 )
आख़िरी सलाम ( 1996 )
पगड़ी सम्भाल जट्टा ( 1997 )
गांधी ने कहा था ( 1999 )
घर वापसी ( 2001 )
मार पराजय ( 2002 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2002 )
हवनकुंड ( 2003 )
सत भाषै रैदास ( 2006 )
अंबेडकर और गांधी ( 2008 )
संवाद - दर- संवाद ( 2009 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2010 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2011 )
हिन्द स्वराज ( 2011 )
तफ्तीश ( 2012 )
डैडी ( 2013 )
श्राद्ध ( 2014 )
हिंदू कोड बिल ( 2016 )
दुलत्ती मारी मरखन्नी ने ( 2017 )
कलाम ( 2019 )
खेल खत्तम ( 2019 )
निर्वासन ( 2020 )
निःशब्द ( 2021 )
कौन कम्बख़्त कहता है गोडसे मर गया ( 2022 )
दाह ( 2022 )
बाग़ी बलिया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2023 )
महायज्ञ ( 2024 )
जनम ( 2024 )
बहरूपिया ( 2025 )
शेक्सपियराना लव ( 2025 )
'''एकल'''
पूस की रात (1984 )
वैष्णव की फिसलन (1997 )
मुगलों ने सल्तनत बख़्श दी (1997 )
रसप्रिया (1997 )
भेड़िए (1998 )
टोबा टेक सिंह ( 2000 )
एक क्लर्क की मौत (2000 )
राम की शक्ति पूजा (2000 )
पागल की डायरी ( 2000 )
मेरा राजहंस ( 2002 )
हन्नू हटेला से लड़की सेट क्यों नहीं होती ? (2004 )
पढ़िए कलिमा ( 2013 )
डिक्टेटर रिटर्न्स ( 2015 )
आदिवासी नहीं नाचेंगे (2017 )
क्या आप मोहम्मद आमिर ख़ान को जानते हैं ? ( 2018 )
मूकनायक ( 2018 )
गर्द हवा का ग़ुबार ( 2019 )
खोल दो (2019 )
बहरूपिया ( 2025 )
'''नाटय आलोचना'''
नाटक से नुक्कड़ नाटक तक ( संयुक्त संपादन ) ( 1988 )
मोरचा लगता नाटक ( संयुक्त संपादन ) (1994)
रंगमंच का चेहरा ( 2024)
कोर्टमार्शल ( संपादन ) ( 2025)
'''प्रकाशित कृतियाँ :'''
जनतन्त्र के मुर्गे ( 1996 )
हमें बोलने दो ( 2000 )
शताब्दी की परछाइयाँ ( 2003 )
आख़िरी सलाम ( 2003 )
झोपड़पट्टी ( 2004)
ज़मीन हमारी है ( 2004 )
कोरस का संवाद ( 2004 )
भ्रष्टाचार का अचार ( 2011 )
पाँच नुक्कड़ नाटक ( 2011 )
तफ्तीश ( 2016 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2018 )
घर वापसी ( 2018 )
घेरा और अन्य कहानियाँ ( 2019 )
अम्बेडकर और गांधी ( 2019 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2023 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2023 )
कौन कमबख़्त कहता है कि गोडसे मर गया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2025 )
रंगमंच का चेहरा ( 2025 )
कोर्टमार्शल ( 2025 )
'''अनुवाद :'''
नाटक पर लिखे गए लेखों का मलयालम और मराठी भाषा में अनुवाद ।
'''प्रसारण :'''
आकाशवाणी पटना, लखनऊ और दिल्ली से कई रचनाएं, वार्ता, साक्षात्कार प्रसारित ।
'''मंचन :'''
इनके लिखे गए नुक्कड़ नाटक, एकल और पूर्णकालिक नाटक का मंचन देश भर की विभिन्न रंग संस्थाओं द्वारा मंचित हुए हैं ।बल्कि आज भी रोज़ कोई न कोई नाटक किसी न किसी दिन मंचित होते रहते हैं । देश भर में होने वाले नाटय समारोहों, प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत व सम्मानित रहे हैं । देश के सभी प्रमुख प्रेक्षागृहों यथा दिल्ली के कमानी, श्रीराम सेंटर, अभिमंच, सम्मुख और मुंबई पृथ्वी थिएटर, नेहरू सेंटर, लखनऊ के संत गाडगे, थ्रस्ट थिएटर, बी एम शाह ऑडिटोरियम, राय उमानाथ बली, पटना के कालिदास रंगालय व शाहजहाँपुर के गांधी भवन ।
'''सम्मान :'''
सन् 2007 में ‘नई धारा सम्मान’ ।
सन् 2008 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से नाटक लेखन के लिए ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ ।
सन् 2009 में ‘ राधेश्याम कथावाचक सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में दून घाटी रंगमंच, देहरादून द्वारा ‘ नाटय रत्न सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में सेंटर फॉर दलित आर्ट एंड लिटरेचर, नई दिल्ली द्वारा प्रथम दलित अस्मिता सम्मान ‘ ।
सन् 2014 में नाटय लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘ उ० प्र ० संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ‘ ।
सन् 2015 में नाटक के लिए ‘सेतु राष्ट्रीय नाटय सम्मान ‘।
सन् 2017 में संहिता मंच द्वारा ‘ सत भाषै रैदास ‘ नाटक के लिए श्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार ।
सन् 2017 में ‘ अलग दुनिया ‘ द्वारा नाटय क्षेत्र में सार्थक लेखन हेतु ‘जुगल किशोर स्मृति पुरस्कार ‘ ।
सन् 2020 में नाटय क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘फ़ारूख़ जुनून अवार्ड ‘ ।
सन् 2020 में ‘सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान’ ।
अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा सन् 2022 का ‘ कारवां - ए- हबीब सम्मान ‘ ।
सन 2022 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से उत्कृष्ट नाटय लेखन के लिए प्रथम ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ से पुरस्कृत ।
'''संप्रति :'''
उ ० प्र ० पॉवर कारपोरेशन में 32 वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त । फ़िलहाल इनदिनों थिएटर के होलटाइमर एक्टिविस्ट हैं । नाटक लिखना, पढ़ना, करना - कराना दिनचर्या का काम है । नाटय लेखन के अलावा इसकी वैचारिकी पर नियमित रूप से हिंदी की विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में वैचारिक लेख व कॉलम लेखन का कार्य ।
नाटक के अलावा फिल्म लेखन के कार्यों में भी व्यस्त हैं । पेंटिंग का पुराना रोग फिर से लग गया है ।
जब से '''जसम''' है, तब से किसी न किसी रूप में उससे जुड़े हुए हैं ।
'''सम्पर्क :'''
S–1301, ला रॉयल सोसाइटी, CISF रोड, निकट कनावनी पुलिया, इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद - 201014 (उ0 प्र0 )
'''राजेश कुमार द्वारा अभिनीत व निर्देशित नाटकों के कुछ दृश्य'''
'''रेणु की कहानी ‘रसप्रिया’ में मृदंगिया ‘ की भूमिका में'''
'''प्रेमचंद की कहानी ‘ कफ़न ‘ के मुख्य पात्र घीसू को नुक्कड़ पर अभिनय करते हुए'''
''' ‘ झाँसे का राजा’ नाटक में नाटककार राजेश कुमार एक हास्य मुद्रा में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘ ज़िंदाबाद - मुर्दाबाद ‘ में सूत्रधार की भूमिका में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘समरथ को नहि दोष गुसाईं ‘ में नेता की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार द्वारा अभिनीत नुक्कड़ नाटक का एक दृश्य'''
'''घीसू की भूमिका में नाटककार राजेश कुमार'''
'''भागलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर नुक्कड़ नाटक नाटक करते हुए'''
''' मंच पर अभिनय करते हुए'''
'''घीसू की भूमिका में'''
Th
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''देश भर के विभिन्न संस्थाओं द्वारा नाटककार राजेश कुमार के नाटकों के मंचन'''
''' अभिव्यक्ति नाटय मंच, शाहजहांपुर द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास’ का दृश्य'''
'''संहिता मंच, मुंबई द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास ’ का दृश्य'''
'''अस्मिता द्वारा मंचित ‘ हिंदू कोड बिल ‘ का दृश्य''' {{reflist}}
{{भारतीय रंगकर्मी}}
[[श्रेणी:भारतीय नाटककार]]
[[श्रेणी:नुक्कड़ नाटक]]
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text/x-wiki
{{उल्लेखनीयता}}
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''जन्म :''' 11 जनवरी, 1958 . बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यवर्गीय परिवार में ।
'''पिता का नाम :''' स्व० श्री शुकदेव प्रसाद सिंह
'''माता का नाम :''' स्व० श्रीमती जया देवी
'''शिक्षा :''' प्रारंभिक शिक्षा से हाई स्कूल तक आरा ( भोजपुर ) में कैथोलिक हाई स्कूल में हुई । इंटरमीडिएट हर प्रसाद जैन कॉलेज, आरा से । तदुपरांत भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से स्नातक किया ।
'''भाषा :''' हिंदी
'''राष्ट्रीयता :''' भारतीय
'''सृजन :''' साहित्यिक यात्रा की शुरुआत ‘सारिका ‘ और ‘ धर्मयुग’ जैसी लब्ध प्रतिष्ठित बड़ी पत्रिकाओं से । दर्जन भर कहानियाँ लिखने के बाद एक ज़रूरत के तहत रंगकर्म की तरफ़ मुड़ाव । किसान - छात्र आंदोलन के दौरान जनता के फूटते जनाक्रोश को अभिव्यक्त करने के लिए नुक्कड़ आंदोलन से अंतरंग पूर्ण जुड़ाव । नाटक को जन - जन से जोड़ने के लिए जहाँ नुक्कड़ नाटक जैसे जन माध्यम से जुड़े, वहीं प्रोसिनियम थिएटर को अभिजात्यपन से विलग कर आम दर्शकों की भागीदारी के लिए न केवल डिक्लास किया बल्कि प्रतिरोध को फोकस किया । थिएटर में मार्क्स की उपस्थिति के जितने हिमायती हैं, उतने ही भगत सिंह और अंबेडकर के विचारों के भी ।
जन्म, पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में पटना, आरा, भागलपुर, झाँसी, ओबरा, अनपरा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बाराबंकी, बनारस और लखनऊ जैसे क़स्बों - शहरों से जुड़े रहे । तबादलों के दौरान रंगमंच को उद्देश्यपरक व वैचारिक प्रबलता प्रदान करने के लिए संघर्ष और सृजनात्मक स्तर पर निरंतर सक्रिय । आरा की ‘युवा नीति’, भागलपुर की ‘दिशा’ और शाहजहांपुर की ‘अभिव्यक्ति ‘ नाट्य मंच के संस्थापक सदस्यों में ।
कुछ नाटकों के साथ फ़िल्म निर्देशक महेश भट्ट भिन्न जुड़े रहे । दो नाटकों पर फ़ीचर फ़िल्म बनी है ।
हाशिए पर रहने वाले वंचित समाज की बेचैनी, छटपटाहट और करवटें इनकी कहानी और नाटक में हमेशा प्रमुखता से रहा है । और इसे अभिव्यक्त करने के लिए इन्होंने चौंकाने, चमत्कृत और चमकीले शब्दों का सहारा लेने के बजाए, दिल में उतर कर दिमाग में दस्तक देने वाले शब्द, भाषा कथ्य पर ज़्यादा भरोसा किया है ।
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''सृजन वृतांत'''
'''कहानी''' :
'''घेरा तथा अन्य कहानियाँ'''
[ संग्रह में संकलित कहानियाँ : चुप रहने के लिए (सारिका ), आग ( प्रगतिशील समाज ), एक तबादला और ( धर्मयुग ), मुक्ति बाबू ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), अंतहीन सिलसिले ( रससुलभ ), मदारी ( कथन ), मच्छरों के दंश (कथादेश ), संगठन ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), इलाज ( सक्रिय कहानी ), उठे हुए हाथ ( रूपकंचन ), घेरा ( पुरुष ) ।]
'''नुक्कड़ नाटक'''
सवा सेर गेहूँ ( 1979 ), कफ़न ( 1985), हमें बोलने दो ( 1982), जनतंत्र के मुर्गे (1984), जिंदाबाद - मुर्दाबाद(1983), रोशनी ( 1984 ), रंगा सियार(1987), क्रेन (1988), जाति परमो धर्मः, जाल(1986), तलाश ( 1990), आँख बंद और डिब्बा गोल(1987), जमीन हमारी है (1990), पूस की रात(1989), भ्रष्टाचार का अचार (1996), इक्कीसवी सदी की ओर (1988) , अश्वमेध(1993), कल्चर उर्फ चढ़ गया ऊपर रे (1994), सोने का मटका बनाम लॉटरी का झटका(1994) , कठपुतली का नाच (1984), चिड़िया बोली चीं - चीं(1990), सद्गति(1984) , मनोवृति(1985), समरयात्रा( 1995), सुजाता मायने पैसा (1985), आदाब(1988), स्याह साइबर की नीली आँखें(2022), ये दोगले ( 1999 ), माटी हो गइल लाल (1995 ), अयोध्या (1995)
'''पूर्णकालिक नाटक'''
झोपड़पट्टी ( 1988 )
आख़िरी सलाम ( 1996 )
पगड़ी सम्भाल जट्टा ( 1997 )
गांधी ने कहा था ( 1999 )
घर वापसी ( 2001 )
मार पराजय ( 2002 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2002 )
हवनकुंड ( 2003 )
सत भाषै रैदास ( 2006 )
अंबेडकर और गांधी ( 2008 )
संवाद - दर- संवाद ( 2009 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2010 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2011 )
हिन्द स्वराज ( 2011 )
तफ्तीश ( 2012 )
डैडी ( 2013 )
श्राद्ध ( 2014 )
हिंदू कोड बिल ( 2016 )
दुलत्ती मारी मरखन्नी ने ( 2017 )
कलाम ( 2019 )
खेल खत्तम ( 2019 )
निर्वासन ( 2020 )
निःशब्द ( 2021 )
कौन कम्बख़्त कहता है गोडसे मर गया ( 2022 )
दाह ( 2022 )
बाग़ी बलिया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2023 )
महायज्ञ ( 2024 )
जनम ( 2024 )
बहरूपिया ( 2025 )
शेक्सपियराना लव ( 2025 )
'''एकल'''
पूस की रात (1984 )
वैष्णव की फिसलन (1997 )
मुगलों ने सल्तनत बख़्श दी (1997 )
रसप्रिया (1997 )
भेड़िए (1998 )
टोबा टेक सिंह ( 2000 )
एक क्लर्क की मौत (2000 )
राम की शक्ति पूजा (2000 )
पागल की डायरी ( 2000 )
मेरा राजहंस ( 2002 )
हन्नू हटेला से लड़की सेट क्यों नहीं होती ? (2004 )
पढ़िए कलिमा ( 2013 )
डिक्टेटर रिटर्न्स ( 2015 )
आदिवासी नहीं नाचेंगे (2017 )
क्या आप मोहम्मद आमिर ख़ान को जानते हैं ? ( 2018 )
मूकनायक ( 2018 )
गर्द हवा का ग़ुबार ( 2019 )
खोल दो (2019 )
बहरूपिया ( 2025 )
'''नाटय आलोचना'''
नाटक से नुक्कड़ नाटक तक ( संयुक्त संपादन ) ( 1988 )
मोरचा लगता नाटक ( संयुक्त संपादन ) (1994)
रंगमंच का चेहरा ( 2024)
कोर्टमार्शल ( संपादन ) ( 2025)
'''प्रकाशित कृतियाँ :'''
जनतन्त्र के मुर्गे ( 1996 )
हमें बोलने दो ( 2000 )
शताब्दी की परछाइयाँ ( 2003 )
आख़िरी सलाम ( 2003 )
झोपड़पट्टी ( 2004)
ज़मीन हमारी है ( 2004 )
कोरस का संवाद ( 2004 )
भ्रष्टाचार का अचार ( 2011 )
पाँच नुक्कड़ नाटक ( 2011 )
तफ्तीश ( 2016 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2018 )
घर वापसी ( 2018 )
घेरा और अन्य कहानियाँ ( 2019 )
अम्बेडकर और गांधी ( 2019 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2023 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2023 )
कौन कमबख़्त कहता है कि गोडसे मर गया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2025 )
रंगमंच का चेहरा ( 2025 )
कोर्टमार्शल ( 2025 )
'''अनुवाद :'''
नाटक पर लिखे गए लेखों का मलयालम और मराठी भाषा में अनुवाद ।
'''प्रसारण :'''
आकाशवाणी पटना, लखनऊ और दिल्ली से कई रचनाएं, वार्ता, साक्षात्कार प्रसारित ।
'''मंचन :'''
इनके लिखे गए नुक्कड़ नाटक, एकल और पूर्णकालिक नाटक का मंचन देश भर की विभिन्न रंग संस्थाओं द्वारा मंचित हुए हैं ।बल्कि आज भी रोज़ कोई न कोई नाटक किसी न किसी दिन मंचित होते रहते हैं । देश भर में होने वाले नाटय समारोहों, प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत व सम्मानित रहे हैं । देश के सभी प्रमुख प्रेक्षागृहों यथा दिल्ली के कमानी, श्रीराम सेंटर, अभिमंच, सम्मुख और मुंबई पृथ्वी थिएटर, नेहरू सेंटर, लखनऊ के संत गाडगे, थ्रस्ट थिएटर, बी एम शाह ऑडिटोरियम, राय उमानाथ बली, पटना के कालिदास रंगालय व शाहजहाँपुर के गांधी भवन ।
'''सम्मान :'''
सन् 2007 में ‘नई धारा सम्मान’ ।
सन् 2008 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से नाटक लेखन के लिए ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ ।
सन् 2009 में ‘ राधेश्याम कथावाचक सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में दून घाटी रंगमंच, देहरादून द्वारा ‘ नाटय रत्न सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में सेंटर फॉर दलित आर्ट एंड लिटरेचर, नई दिल्ली द्वारा प्रथम दलित अस्मिता सम्मान ‘ ।
सन् 2014 में नाटय लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘ उ० प्र ० संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ‘ ।
सन् 2015 में नाटक के लिए ‘सेतु राष्ट्रीय नाटय सम्मान ‘।
सन् 2017 में संहिता मंच द्वारा ‘ सत भाषै रैदास ‘ नाटक के लिए श्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार ।
सन् 2017 में ‘ अलग दुनिया ‘ द्वारा नाटय क्षेत्र में सार्थक लेखन हेतु ‘जुगल किशोर स्मृति पुरस्कार ‘ ।
सन् 2020 में नाटय क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘फ़ारूख़ जुनून अवार्ड ‘ ।
सन् 2020 में ‘सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान’ ।
अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा सन् 2022 का ‘ कारवां - ए- हबीब सम्मान ‘ ।
सन 2022 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से उत्कृष्ट नाटय लेखन के लिए प्रथम ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ से पुरस्कृत ।
'''संप्रति :'''
उ ० प्र ० पॉवर कारपोरेशन में 32 वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त । फ़िलहाल इनदिनों थिएटर के होलटाइमर एक्टिविस्ट हैं । नाटक लिखना, पढ़ना, करना - कराना दिनचर्या का काम है । नाटय लेखन के अलावा इसकी वैचारिकी पर नियमित रूप से हिंदी की विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में वैचारिक लेख व कॉलम लेखन का कार्य ।
नाटक के अलावा फिल्म लेखन के कार्यों में भी व्यस्त हैं । पेंटिंग का पुराना रोग फिर से लग गया है ।
जब से '''जसम''' है, तब से किसी न किसी रूप में उससे जुड़े हुए हैं ।
'''सम्पर्क :'''
S–1301, ला रॉयल सोसाइटी, CISF रोड, निकट कनावनी पुलिया, इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद - 201014 (उ0 प्र0 )
'''राजेश कुमार द्वारा अभिनीत व निर्देशित नाटकों के कुछ दृश्य'''
'''रेणु की कहानी ‘रसप्रिया’ में मृदंगिया ‘ की भूमिका में'''
'''प्रेमचंद की कहानी ‘ कफ़न ‘ के मुख्य पात्र घीसू को नुक्कड़ पर अभिनय करते हुए'''
''' ‘ झाँसे का राजा’ नाटक में नाटककार राजेश कुमार एक हास्य मुद्रा में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘ ज़िंदाबाद - मुर्दाबाद ‘ में सूत्रधार की भूमिका में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘समरथ को नहि दोष गुसाईं ‘ में नेता की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार द्वारा अभिनीत नुक्कड़ नाटक का एक दृश्य'''
'''घीसू की भूमिका में नाटककार राजेश कुमार'''
'''भागलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर नुक्कड़ नाटक नाटक करते हुए'''
''' मंच पर अभिनय करते हुए'''
'''घीसू की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''देश भर के विभिन्न संस्थाओं द्वारा नाटककार राजेश कुमार के नाटकों के मंचन'''
''' अभिव्यक्ति नाटय मंच, शाहजहांपुर द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास’ का दृश्य'''
'''संहिता मंच, मुंबई द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास ’ का दृश्य'''
'''अस्मिता द्वारा मंचित ‘ हिंदू कोड बिल ‘ का दृश्य''' {{reflist}}
{{भारतीय रंगकर्मी}}
[[श्रेणी:भारतीय नाटककार]]
[[श्रेणी:नुक्कड़ नाटक]]
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'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''जन्म :''' 11 जनवरी, 1958 . बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यवर्गीय परिवार में ।
'''पिता का नाम :''' स्व० श्री शुकदेव प्रसाद सिंह
'''माता का नाम :''' स्व० श्रीमती जया देवी
'''शिक्षा :''' प्रारंभिक शिक्षा से हाई स्कूल तक आरा ( भोजपुर ) में कैथोलिक हाई स्कूल में हुई । इंटरमीडिएट हर प्रसाद जैन कॉलेज, आरा से । तदुपरांत भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से स्नातक किया ।
'''भाषा :''' हिंदी
'''राष्ट्रीयता :''' भारतीय
'''सृजन :''' साहित्यिक यात्रा की शुरुआत ‘सारिका ‘ और ‘ धर्मयुग’ जैसी लब्ध प्रतिष्ठित बड़ी पत्रिकाओं से । दर्जन भर कहानियाँ लिखने के बाद एक ज़रूरत के तहत रंगकर्म की तरफ़ मुड़ाव । किसान - छात्र आंदोलन के दौरान जनता के फूटते जनाक्रोश को अभिव्यक्त करने के लिए नुक्कड़ आंदोलन से अंतरंग पूर्ण जुड़ाव । नाटक को जन - जन से जोड़ने के लिए जहाँ नुक्कड़ नाटक जैसे जन माध्यम से जुड़े, वहीं प्रोसिनियम थिएटर को अभिजात्यपन से विलग कर आम दर्शकों की भागीदारी के लिए न केवल डिक्लास किया बल्कि प्रतिरोध को फोकस किया । थिएटर में मार्क्स की उपस्थिति के जितने हिमायती हैं, उतने ही भगत सिंह और अंबेडकर के विचारों के भी ।
जन्म, पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में पटना, आरा, भागलपुर, झाँसी, ओबरा, अनपरा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बाराबंकी, बनारस और लखनऊ जैसे क़स्बों - शहरों से जुड़े रहे । तबादलों के दौरान रंगमंच को उद्देश्यपरक व वैचारिक प्रबलता प्रदान करने के लिए संघर्ष और सृजनात्मक स्तर पर निरंतर सक्रिय । आरा की ‘युवा नीति’, भागलपुर की ‘दिशा’ और शाहजहांपुर की ‘अभिव्यक्ति ‘ नाट्य मंच के संस्थापक सदस्यों में ।
कुछ नाटकों के साथ फ़िल्म निर्देशक महेश भट्ट भिन्न जुड़े रहे । दो नाटकों पर फ़ीचर फ़िल्म बनी है ।
हाशिए पर रहने वाले वंचित समाज की बेचैनी, छटपटाहट और करवटें इनकी कहानी और नाटक में हमेशा प्रमुखता से रहा है । और इसे अभिव्यक्त करने के लिए इन्होंने चौंकाने, चमत्कृत और चमकीले शब्दों का सहारा लेने के बजाए, दिल में उतर कर दिमाग में दस्तक देने वाले शब्द, भाषा कथ्य पर ज़्यादा भरोसा किया है ।
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''सृजन वृतांत'''
'''कहानी''' :
'''घेरा तथा अन्य कहानियाँ'''
[ संग्रह में संकलित कहानियाँ : चुप रहने के लिए (सारिका ), आग ( प्रगतिशील समाज ), एक तबादला और ( धर्मयुग ), मुक्ति बाबू ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), अंतहीन सिलसिले ( रससुलभ ), मदारी ( कथन ), मच्छरों के दंश (कथादेश ), संगठन ( पाटलिपुत्र टाइम्स ), इलाज ( सक्रिय कहानी ), उठे हुए हाथ ( रूपकंचन ), घेरा ( पुरुष ) ।]
'''नुक्कड़ नाटक'''
सवा सेर गेहूँ ( 1979 ), कफ़न ( 1985), हमें बोलने दो ( 1982), जनतंत्र के मुर्गे (1984), जिंदाबाद - मुर्दाबाद(1983), रोशनी ( 1984 ), रंगा सियार(1987), क्रेन (1988), जाति परमो धर्मः, जाल(1986), तलाश ( 1990), आँख बंद और डिब्बा गोल(1987), जमीन हमारी है (1990), पूस की रात(1989), भ्रष्टाचार का अचार (1996), इक्कीसवी सदी की ओर (1988) , अश्वमेध(1993), कल्चर उर्फ चढ़ गया ऊपर रे (1994), सोने का मटका बनाम लॉटरी का झटका(1994) , कठपुतली का नाच (1984), चिड़िया बोली चीं - चीं(1990), सद्गति(1984) , मनोवृति(1985), समरयात्रा( 1995), सुजाता मायने पैसा (1985), आदाब(1988), स्याह साइबर की नीली आँखें(2022), ये दोगले ( 1999 ), माटी हो गइल लाल (1995 ), अयोध्या (1995)
'''पूर्णकालिक नाटक'''
झोपड़पट्टी ( 1988 )
आख़िरी सलाम ( 1996 )
पगड़ी सम्भाल जट्टा ( 1997 )
गांधी ने कहा था ( 1999 )
घर वापसी ( 2001 )
मार पराजय ( 2002 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2002 )
हवनकुंड ( 2003 )
सत भाषै रैदास ( 2006 )
अंबेडकर और गांधी ( 2008 )
संवाद - दर- संवाद ( 2009 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2010 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2011 )
हिन्द स्वराज ( 2011 )
तफ्तीश ( 2012 )
डैडी ( 2013 )
श्राद्ध ( 2014 )
हिंदू कोड बिल ( 2016 )
दुलत्ती मारी मरखन्नी ने ( 2017 )
कलाम ( 2019 )
खेल खत्तम ( 2019 )
निर्वासन ( 2020 )
निःशब्द ( 2021 )
कौन कम्बख़्त कहता है गोडसे मर गया ( 2022 )
दाह ( 2022 )
बाग़ी बलिया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2023 )
महायज्ञ ( 2024 )
जनम ( 2024 )
बहरूपिया ( 2025 )
शेक्सपियराना लव ( 2025 )
'''एकल'''
पूस की रात (1984 )
वैष्णव की फिसलन (1997 )
मुगलों ने सल्तनत बख़्श दी (1997 )
रसप्रिया (1997 )
भेड़िए (1998 )
टोबा टेक सिंह ( 2000 )
एक क्लर्क की मौत (2000 )
राम की शक्ति पूजा (2000 )
पागल की डायरी ( 2000 )
मेरा राजहंस ( 2002 )
हन्नू हटेला से लड़की सेट क्यों नहीं होती ? (2004 )
पढ़िए कलिमा ( 2013 )
डिक्टेटर रिटर्न्स ( 2015 )
आदिवासी नहीं नाचेंगे (2017 )
क्या आप मोहम्मद आमिर ख़ान को जानते हैं ? ( 2018 )
मूकनायक ( 2018 )
गर्द हवा का ग़ुबार ( 2019 )
खोल दो (2019 )
बहरूपिया ( 2025 )
'''नाटय आलोचना'''
नाटक से नुक्कड़ नाटक तक ( संयुक्त संपादन ) ( 1988 )
मोरचा लगता नाटक ( संयुक्त संपादन ) (1994)
रंगमंच का चेहरा ( 2024)
कोर्टमार्शल ( संपादन ) ( 2025)
'''प्रकाशित कृतियाँ :'''
जनतन्त्र के मुर्गे ( 1996 )
हमें बोलने दो ( 2000 )
शताब्दी की परछाइयाँ ( 2003 )
आख़िरी सलाम ( 2003 )
झोपड़पट्टी ( 2004)
ज़मीन हमारी है ( 2004 )
कोरस का संवाद ( 2004 )
भ्रष्टाचार का अचार ( 2011 )
पाँच नुक्कड़ नाटक ( 2011 )
तफ्तीश ( 2016 )
सुखिया मर गया भूख से ( 2018 )
घर वापसी ( 2018 )
घेरा और अन्य कहानियाँ ( 2019 )
अम्बेडकर और गांधी ( 2019 )
द लास्ट सैल्यूट ( 2023 )
सपने हर किसी को नहीं आते ( 2023 )
कौन कमबख़्त कहता है कि गोडसे मर गया ( 2023 )
शक्ति पर्व ( 2025 )
रंगमंच का चेहरा ( 2025 )
कोर्टमार्शल ( 2025 )
'''अनुवाद :'''
नाटक पर लिखे गए लेखों का मलयालम और मराठी भाषा में अनुवाद ।
'''प्रसारण :'''
आकाशवाणी पटना, लखनऊ और दिल्ली से कई रचनाएं, वार्ता, साक्षात्कार प्रसारित ।
'''मंचन :'''
इनके लिखे गए नुक्कड़ नाटक, एकल और पूर्णकालिक नाटक का मंचन देश भर की विभिन्न रंग संस्थाओं द्वारा मंचित हुए हैं ।बल्कि आज भी रोज़ कोई न कोई नाटक किसी न किसी दिन मंचित होते रहते हैं । देश भर में होने वाले नाटय समारोहों, प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत व सम्मानित रहे हैं । देश के सभी प्रमुख प्रेक्षागृहों यथा दिल्ली के कमानी, श्रीराम सेंटर, अभिमंच, सम्मुख और मुंबई पृथ्वी थिएटर, नेहरू सेंटर, लखनऊ के संत गाडगे, थ्रस्ट थिएटर, बी एम शाह ऑडिटोरियम, राय उमानाथ बली, पटना के कालिदास रंगालय व शाहजहाँपुर के गांधी भवन ।
'''सम्मान :'''
सन् 2007 में ‘नई धारा सम्मान’ ।
सन् 2008 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से नाटक लेखन के लिए ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ ।
सन् 2009 में ‘ राधेश्याम कथावाचक सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में दून घाटी रंगमंच, देहरादून द्वारा ‘ नाटय रत्न सम्मान ‘ ।
सन् 2012 में सेंटर फॉर दलित आर्ट एंड लिटरेचर, नई दिल्ली द्वारा प्रथम दलित अस्मिता सम्मान ‘ ।
सन् 2014 में नाटय लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘ उ० प्र ० संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ‘ ।
सन् 2015 में नाटक के लिए ‘सेतु राष्ट्रीय नाटय सम्मान ‘।
सन् 2017 में संहिता मंच द्वारा ‘ सत भाषै रैदास ‘ नाटक के लिए श्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार ।
सन् 2017 में ‘ अलग दुनिया ‘ द्वारा नाटय क्षेत्र में सार्थक लेखन हेतु ‘जुगल किशोर स्मृति पुरस्कार ‘ ।
सन् 2020 में नाटय क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘फ़ारूख़ जुनून अवार्ड ‘ ।
सन् 2020 में ‘सावित्री त्रिपाठी स्मृति सम्मान’ ।
अस्मिता थिएटर ग्रुप द्वारा सन् 2022 का ‘ कारवां - ए- हबीब सम्मान ‘ ।
सन 2022 में साहित्य कला परिषद, दिल्ली की ओर से उत्कृष्ट नाटय लेखन के लिए प्रथम ‘ मोहन राकेश सम्मान ‘ से पुरस्कृत ।
'''संप्रति :'''
उ ० प्र ० पॉवर कारपोरेशन में 32 वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त । फ़िलहाल इनदिनों थिएटर के होलटाइमर एक्टिविस्ट हैं । नाटक लिखना, पढ़ना, करना - कराना दिनचर्या का काम है । नाटय लेखन के अलावा इसकी वैचारिकी पर नियमित रूप से हिंदी की विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में वैचारिक लेख व कॉलम लेखन का कार्य ।
नाटक के अलावा फिल्म लेखन के कार्यों में भी व्यस्त हैं । पेंटिंग का पुराना रोग फिर से लग गया है ।
जब से '''जसम''' है, तब से किसी न किसी रूप में उससे जुड़े हुए हैं ।
'''राजेश कुमार द्वारा अभिनीत व निर्देशित नाटकों के कुछ दृश्य'''
'''रेणु की कहानी ‘रसप्रिया’ में मृदंगिया ‘ की भूमिका में'''
'''प्रेमचंद की कहानी ‘ कफ़न ‘ के मुख्य पात्र घीसू को नुक्कड़ पर अभिनय करते हुए'''
''' ‘ झाँसे का राजा’ नाटक में नाटककार राजेश कुमार एक हास्य मुद्रा में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘ ज़िंदाबाद - मुर्दाबाद ‘ में सूत्रधार की भूमिका में'''
'''नुक्कड़ नाटक ‘समरथ को नहि दोष गुसाईं ‘ में नेता की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार द्वारा अभिनीत नुक्कड़ नाटक का एक दृश्य'''
'''घीसू की भूमिका में नाटककार राजेश कुमार'''
'''भागलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर नुक्कड़ नाटक नाटक करते हुए'''
''' मंच पर अभिनय करते हुए'''
'''घीसू की भूमिका में'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''नाटककार राजेश कुमार'''
'''देश भर के विभिन्न संस्थाओं द्वारा नाटककार राजेश कुमार के नाटकों के मंचन'''
''' अभिव्यक्ति नाटय मंच, शाहजहांपुर द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास’ का दृश्य'''
'''संहिता मंच, मुंबई द्वारा मंचित ‘सत भाषै रैदास ’ का दृश्य'''
'''अस्मिता द्वारा मंचित ‘ हिंदू कोड बिल ‘ का दृश्य''' {{reflist}}
{{भारतीय रंगकर्मी}}
[[श्रेणी:भारतीय नाटककार]]
[[श्रेणी:नुक्कड़ नाटक]]
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उत्पाद कर
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{{स्रोतहीन|date=सितंबर 2018}}
""उत्पाद शुल्क"" या आबकारी एक अप्रत्यक्ष कर है जो [[भारत]] में [[विनिर्माण]] की जाने वाली उन वस्तुओं पर लगाया जाता है जो घरेलू खपत के लिए होती हैं। कर 'विनिर्माण' पर लगाया जाता है और जैसे ही वस्तुओं का विनिर्माण हो जाता है केन्द्रीय उत्पाद शुल्क देय हो जाता है। यह विनिर्माण पर लगाया गया कर है जो विनिर्माता द्वारा अदा किया जाता है, जो अपना कर भार ग्राहकों पर डाल देते हैं।
''उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुएं'' शब्द का अर्थ है वे वस्तुएं जिन्हें केन्द्रीय उत्पाद प्रशुल्क अधिनियम, 1985 , से संलग्न पहली अनुसूची और दूसरी अनुसूची में उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं के रूप में निर्दिष्ट किया गया है जिनमें नमक भी शामिल है।
सी कोई भी प्रक्रिया शामिल है जो,
किसी उत्पाद का विनिर्माण पूरा होने से जुड़ी हैं अथवा उसमें सहायक है; और
केन्द्रीय उत्पाद प्रशुल्क अधिनियम, 1985 से संलग्न पहली अनुसूची के खण्ड अथवा अध्याय की टिप्पणियों में विनिर्माण के लिए उल्लिखित किन्हीं वस्तुओं के संबंध में विनिर्दिष्ट है; और
तीसरी अनुसूची में निर्दिष्ट वस्तुओं के संबंध में वस्तुओं के खुदरा बिक्री मूल्य की घोषणा करने अथवा उनमें परिवर्तन करने अथवा उत्पाद को उपभोक्ता के लिए विपणन योग्य बनाने के लिए वस्तुओं के संबंध में कोई अन्य कार्यवाही करने सहित उन वस्तुओं की किसी यूनिट पात्रों (कंटेनर) में पैकिंग अथवा पुन: लेबल लगाने से संबंधित हो।
वस्तओं का उत्पादन अथवा विनिर्माण होने के बाद उत्पाद शुल्क का करागार शुरू हो जाता है, विधि के तहत एक अनिवार्य शर्त के रूप में विनिर्माण स्थल से वस्तुओं बिक्री करना अपेक्षित नहीं है। सामान्यत: कर वस्तुओं को वहां से 'ले जाने' पर देय होता है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क नियमावली में यह उपबंध है कि ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जो किन्हीं उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं का उत्पादन अथवा विनिर्माण करता है अथवा इन वस्तुओं का उत्पादन अथवा विनिर्माण करता है अथवा इन वस्तुओं का भांडागार में संचयन करता है, इन वस्तुओं पर देय शुल्क का भुगतान इन नियामवली अथवा अन्य किसी नियम में दी गई विधि से करेगा। कोई भी उत्पाद- शुल्क योग्य वस्तु जिस पर कोई शुल्क देय है, शुल्क का भुगतान किए बिना उस स्थान से जहां इनका उत्पादन अथवा विनिर्माण हुआ हो अथवा भांडागार से 'उठाई' नहीं जा सकती जब तक कि अन्यथा व्यवस्था न की गई हो। जरुरी नहीं है कि 'उठाना' (रिमूवल) शब्द को बिक्री के अर्थ में लिया जाए।
उठाने (रिमूवल) का अर्थ निम्नलिखित हो सकता है:-
बिक्री
डिपो को अंतरण आदि
सीमित उपभोग
किसी अन्य यूनिट को अंतरण
नि:शुल्क वितरण
इस प्रकार, यह देखा जा सकता है कि इस बात को ध्यान में रखे बगैर कि रिमूवल बिक्री के लिए है अथवा अन्य प्रयोजन के लिए, शुल्क देय हो जाता है।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाने के लिए नियम
भारत में उत्पाद शुल्क केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के उपबंधो के अनुसार लगाया जाता है। यह एक मूलभूत अधिनियम है जो केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाने और करने के संबंध में नियम निर्धारित करता है। यह अधिनियम केंद्रीय सरकार को इस अधिनियम के अनुसरण में नियम बनाने की शक्तियां प्रदान करता है। तदनुसार निम्नलिखित नियमों के सैट तैयार किए गए हैं:-
केंद्रीय उत्पाद शुल्क नियमावली, 2002 (वित्त अधिनियम, 2002 की धारा 43)
केंद्रीय उत्पाद शुल्क (मामलों का निपटान) नियमावली, 2001
केंद्रीय उत्पाद शुल्क (उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं के विनिर्माण के लिए रियायती शुल्क दर पर वस्तुओं को उठाना) नियमावली, 2001
केंद्रीय उत्पाद शुल्क निर्धारण (उत्पाद-शुल्क योग्य वस्तुओं के मूल्य का निर्धारण) नियमावली, 2000
उपभोक्ता कल्याण निधि नियमावली, 1992
केंद्रीय उत्पाद-शुल्क (अग्रि व्यवस्था) नियमावली, 2002
केंद्रीय उत्पाद शुल्क (अपराधों का समझौते के जरिए निपटारा) नियमावली, 2005
केंद्रीय उत्पाद शुल्क केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीईसी) द्वारा प्रशासित होता है। केंन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमाशुल्क बोर्ड वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अधीन राजस्व विभाग , का एक हिस्सा है। यह सीमाशुल्क और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क लगाने और वसूल करने सं संबंधित नीतियां तैयार करने, तस्करी को रोकने और सीबीईसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सीमाशुल्क, केन्द्रीय उत्पाद-शुल्क और स्वापक से संबंधित मामलों के प्रशासन संबंधित कार्य करता है। यह बोर्ड अपने अपने अधीनस्थ संगठनों जैसे कि कस्टम हाउस, केंद्रीय उत्पाद शुल्क कमशिनरेटों और केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला, का प्रशासनिक प्राधिकरण है।
उत्पाद शुल्कों के भिन्न
== परिभाषा ==
देश के अनुसार उत्पाद कर की परिभाषा बदलती रहती है जैसे:
भारत में उत्पाद कर से आशय उस कर से है जो भारत में उत्पादित वस्तुओं पर लगाया जाता है।
यू के में उत्पाद कर कुछ विशेष प्रकार के नशीले पदार्थो पर ,पर्यावरण कर ,जुआ ,हवाला तम्बाकू आदि इस श्रेणी में आते हैं।इनमें से अधिकांश उत्पाद ना होकर सेवाएं हैं जिन पर ये कर लगाया जाता है।
ऑस्ट्रेलिया में उत्पाद कर तेल, तम्बाकू , मदिरा व वैकल्पिक ईंधनों पर लगाया जाता है।
==सम्बंधित==
https://web.archive.org/web/20140324035329/http://business.gov.in/hindi/manage_business/excise_duty.php
*[ https://www.dekhoyaar.com/central-excise-day-in-hindi/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200223074232/https://www.dekhoyaar.com/central-excise-day-in-hindi/ |date=23 फ़रवरी 2020 }} केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस कब क्यों कैसे]
{{बजट शब्दावली}}
[[श्रेणी:कर]]
[[श्रेणी:अर्थशास्त्र]]
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लक्ष्मण टीला मस्जिद
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'''टीले वाली मस्जिद''' [[लखनऊ]] में एक टीले पर बनी एक बड़ी मस्जिद है। यह सफ़ेद रंग में पुती हुई हैम एवं टीले पर बनी होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देती है। पुराना लखनऊ टीले के पास बसा हुआ था।<ref>{{cite news|title=लालजी की 'अनकहा लखनऊ' ने छिड़ी एक और बहस|url=https://www.hindustantimes.com/lucknow/lalji-s-ankaha-lucknow-sparks-another-debate/story-B8HV347VK3tw1K2JpdgxNK.html|accessdate=25 मई 2018|agency=हिंदुस्तान टाइम्स}}</ref>' <ref>{{cite news|title=जो गलत नहीं है, मैं उसकी जुबान पर ताला नहीं लगने दूंगा : लालजी टंडन|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/other-news/lalji-tandon-book-ankaha-lucknow-interesting-facts/articleshow/64335878.cms|accessdate=27 मई 2018}}</ref>
==सन्दर्भ==
गुज़िशत लखनऊ: अब्दुल हलीम शरर{{लखनऊ}}
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'''टीले वाली मस्जिद''' [[लखनऊ]] में एक टीले पर बनी एक बड़ी मस्जिद है। यह सफ़ेद रंग में पुती हुई हैम एवं टीले पर बनी होने के कारण दूर-दूर से दिखाई देती है। पुराना लखनऊ टीले के पास बसा हुआ था।
==सन्दर्भ==
गुज़िशत लखनऊ: अब्दुल हलीम शरर{{लखनऊ}}
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[[Special:Contributions/~2026-29609-01|~2026-29609-01]] ([[User talk:~2026-29609-01|Talk]]) के संपादनों को हटाकर [[User:Evian|Evian]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
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इंडियन प्रीमियर लीग के सांख्यिकी एवं कीर्तिमानों की सूची
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{{अद्यतन|date=अप्रैल 2020}}
यह सूची [[इंडियन प्रीमियर लीग]] के दौरान स्थापित किये गये कीर्तिमानों की है।
==टीम कीर्तिमान==
===मैचों का विवरण===
<!--updated order based on Team then No. of matches and then no. of wins and then less no. of defeats, do not change the order-->
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
! टीम !! साल !! {{Tooltip | मैच | Matches}} !! जीत !! हार !! {{Tooltip | टाई+जीत | Tied and won}} !! {{Tooltip | टाई+हार | Tied and lost}} !! {{Tooltip | रद्द | No Result}} !! जीत %
|-
| style="text-align:left"| [[मुम्बई इंडियन्स]] || 2008–2016 ||140||80||60|| 0 || 0 || 0 ||57.14
|-
| style="text-align:left" | [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] || 2008–2016 ||139||69|| 65 || 1 || 1 || 3 ||51.47
|-
| style="text-align:left"| [[किंग्स इलेवन पंजाब]] || 2008–2016 ||134|| 61 ||71|| 2 || 0 || 0 ||46.26
|-
| style="text-align:left"| [[दिल्ली डेयरडेविल्स]] || 2008–2016 ||133||56||74|| 0 || 1 || 2 ||43.12
|-style="background:#ffcccc"
| style="text-align:left"| [[चेन्नई सुपर किंग्स]] || 2008–2015 || 132 || 79 || 51 || 0 || 1 || 1 || 60.68
|-
| style="text-align:left"| [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] || 2008–2016 || 131 ||68||61|| 0 || 2 || 0 ||52.67
|-style="background:#ffcccc"
| style="text-align:left"| [[राजस्थान रॉयल्स]] || 2008–2015 || 118 || 61 || 53 || 2 || 1 || 1 || 53.41
|- style="background:#d3d3d3"
| style="text-align:left"| [[डेक्कन चार्जर्स]] || 2008–2012 || 75 || 29 || 46 || 0 || 0 || 0 || 38.66
|-
| style="text-align:left"| [[सनराइजर्स हैदराबाद]] || 2013–2016 || 59 ||30||28|| 1 || 0 || 0 || 51.69
|- style="background:#d3d3d3"
| style="text-align:left"| [[पुणे वॉरियर्स इंडिया]] || 2011–2013 || 46 || 12 || 33 || 0 || 0 || 1 || 26.66
|-
|- style="background:#d3d3d3"
| style="text-align:left"| [[कोच्ची टस्कर्स केरला]] || 2011–2011 || 14 || 6 || 8 || 0 || 0 || 0 || 42.85
|-
| style="text-align:left"| [[गुजरात लॉयन्स]] || 2016-2016 || 15 || 9 || 6 || 0 || 0 || 0 || 60.00
|-
| style="text-align:left"| [[राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स]] || 2016-2016 || 14 || 5 || 9 || 0 || 0 || 0 || 35.71
|}
'''[https://www.cricketnews.org.in/2024/03/blog-post.html नोट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240606043002/https://www.cricketnews.org.in/2024/03/blog-post.html |date=6 जून 2024 }} :-'''जानिए आईपीएल मे इन खिलाड़ियों द्वारा बड़े रिकॉर्ड्स।
आईपीएल की शुरुआत 2008 मे हुई थी। तब से यह लीग दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग हो गई है। इस लीग ने हमे बहुत बड़े बड़े खिलाड़ी दिए और उन खिलाड़ियों द्वारा बड़े बड़े रिकॉर्ड्स आज हम उन खिलाड़ियों द्वारा बनाए उन्ही रिकॉर्ड्स की बात करेंगे। [https://www.cricketnews.org.in/2024/03/blog-post.html Read more] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240606043002/https://www.cricketnews.org.in/2024/03/blog-post.html |date=6 जून 2024 }}
* ''{{colorbox|#ffcccc}} प्रतिबंधित टीमें''
* ''{{colorbox|#d3d3d3}} एकदम रद्द टीमें''
* ''टाई+जीत और टाई+हार यह संकेत करते हैं कि मैच "सुपर ओवर"'' या तो जीते है या हारे।
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20150919110909/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/records/team/results_summary.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें]</div>
<small>अंतिम अद्यतन : २२ मार्च २०१७</small>
===सबसे ज्यादा हारने वाली टीम===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] अर्थात् '''आईपीएल''' में लगातार सबसे ज्यादा हारने वाली टीम में [[दिल्ली डेयरडेविल्स]] का नाम सबसे पहले आता है जिसने लगातर ११ - ११ मैच हारे है , इनके अलावा पंजाब किंग्स तथा [[कोलकाता नाइट राइडर्स|रॉयल चैलेंजर बेंगलोर]] लगातार हारा है।
===सबसे बड़ी पीछा करते हुए जीत===
[[इंडियन प्रीमियर लीग|आईपीएल]] में [[2008|२००८]] से [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|२०१५]] तक की पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत [[राजस्थान रॉयल्स]] की रही है जिन्होंने २००८ में [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] के खिलाफ २१७ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता था। इनके अलावा [[किंग्स इलेवन पंजाब]] २११ रनों का ,[[चेन्नई सुपर किंग्स]] २०८ रनों का ,[[किंग्स इलेवन पंजाब]] २०६ रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की है।
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] का पहला संस्करण २००८ में खेला गया था जिसमें [[राजस्थान रॉयल्स]] ने [[चेन्नई सुपर किंग्स]] को पराजित <ref>[http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html 2008 Ipl won the Rajasthan Royals] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170717095027/http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html |date=17 जुलाई 2017 }} अभिगमन तिथि:१३ अप्रैल २०१६</ref> करके '''आईपीएल''' का खिताब अपने नाम किया था।
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में अब तक की सबसे सफल टीम]] [[चेन्नई सुपर किंग्स]] रही है जिन्होंने २००८ से २०१५ तक के इंडियन प्रीमियर लीग तक ८ संस्करणों में से ६ बार फाइनल में पहुंची है। <ref>[http://www.iplt20.com/teams/chennai-super-kings Chennai Super Kings - IPL Team - IPLT20.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160413093232/http://www.iplt20.com/teams/chennai-super-kings |date=13 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि:१३ अप्रैल २०१६</ref> जिसमें दो बार विजेता भी बनी है।
इनके अलावा [[मुंबई इंडियंस]] तथा [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] भी दो - दो बार फाइनल जीत चुके हैं।
===टीम का पारी में सबसे ज्यादा स्कोर===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में एक मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा रन 277 /3 रन है जो [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|सनराइजर्स हैदराबाद]] ने 2024 के आईपीएल में मुंबई इंडियन्स के खिलाफ बनाए थे।जवाब मे मुंबई इंडियन्स ने भी 246/5 का स्कोर किया था |इनके अलावा 272/7 कोलकाता नाइट रायडर्स,२४६/५ [[चेन्नई सुपर किंग्स]] का ,२४०/५ [[चेन्नई सुपर किंग्स]] का ,२३५/१ [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] का तथा २३२/२ [[किंग्स इलेवन पंजाब]] का स्कोर है।
===टीम का पारी में न्यूनतम स्कोर===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में टीम का पारी में सबसे न्यूनतम स्कोर [https://www.crickfanclub.in/?m=1 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240404053833/https://www.crickfanclub.in/?m=1 |date=4 अप्रैल 2024 }} का है जिन्होंने मात्र ४९ रन ही बनाए थे इनके अलावा राजस्थान रॉयल्स ५८, दिल्ली डेयरडेवल्स ६६, दिल्ली डेयरडेवल्स ६७[[कोलकाता नाइट राइडर्स]] के ६७,[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] के ७०, किंग्स पंजाब ७३,कोचि टचकर्स केरल ७४ तथा [[चेन्नई सुपर किंग्स]] ७९ रन,है।
===सबसे ज्यादा लगातार जीत===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा लगातार मैच जीतने का रिकॉर्ड [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] का है जिन्होंने <ref>[http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/305308.html Most Consecutive Wins in IPL] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160425152828/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/305308.html |date=25 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि : १४ अप्रैल २०१६</ref> लगातार १० मैच जीते थे जो २०१४ से २०१५ तक खेले गए थे। इनके अलावा [[किंग्स इलेवन पंजाब]] ने ८ लगातार जीत हासिल की थी ,[[चेन्नई सुपर किंग्स]] और [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] ने ७ - ७ मैच लगातार जीते थे तथा [[मुंबई इंडियंस]] ,[[चेन्नई सुपर किंग्स]] तथा [[कोलकाता नाइट राइडर्स]] तीनों टीमों के पास लगातार ६ - ६ मैच जीतने का रिकॉर्ड है।
== बल्लेबाजी कीर्तिमान ==
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा रन बनाने का श्रेय [[भारतीय क्रिकेट टीम]] के वरिष्ठ बल्लेबाज [[सुरेश रैना]] <ref>[http://www.cricwindow.com/ipl/most-runs-career-iplt20.html Most run in IPL Suresh Raina] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160405060914/http://www.cricwindow.com/ipl/most-runs-career-iplt20.html |date=5 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि: १३ अप्रैल २०१६</ref> को है इन्होंने अभी तक सिर्फ एक ही टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] की ओर खेले थे लेकिन [[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[गुजरात लॉयन्स]] टीम के कप्तान है ये [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|२०१५ इंडियन प्रीमियर लीग]] तक ३७१२ रन बनाए थे।
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा रन बनाने का श्रेय [[भारतीय क्रिकेट टीम]] के वरिष्ठ बल्लेबाज [[सुरेश रैना]] <ref>[http://www.cricwindow.com/ipl/most-runs-career-iplt20.html Most run in IPL Suresh Raina] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160405060914/http://www.cricwindow.com/ipl/most-runs-career-iplt20.html |date=5 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि: १३ अप्रैल २०१६</ref> को है इन्होंने अभी तक सिर्फ एक ही टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] की ओर खेले थे लेकिन [[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[गुजरात लॉयन्स]] टीम के कप्तान है ये [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|२०१५ इंडियन प्रीमियर लीग]] तक ३७१२ रन बनाए थे।
[[सुरेश रैना]] के बाद [[रोहित शर्मा]] है जिन्होंने [[दिल्ली डेरडेविल्स]] तथा [[मुंबई इंडियंस]] की ओर से खेलते हुए अभी तक ३३८५ रन बना चुके हैं। <ref>[http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2016/content/story/997297.html Rohit eager to open for rest of IPL] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160413060613/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2016/content/story/997297.html |date=13 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि: १३ अप्रैल २०१६</ref> साथ ही वर्तमान में [[मुंबई इंडियंस]] टीम के कप्तान भी है।
इनके बाद [[क्रिस गेल]] है जिन्होंने [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|२०१५ संस्करण]] ३१९९ रन बना चुके हैं। इनके अलावा [[विराट कोहली]] ३१३७ रन [[गौतम गंभीर]] ३१३३ रनों के साथ शीर्ष ५ बल्लेबाजों में शामिल है। <ref>[http://www.iplt20league.com/most_runs_ipl_all_season.html Most Runs in IPL Record, Highest Runs by Batsmen in All IPL] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160409150035/http://www.iplt20league.com/most_runs_ipl_all_season.html |date=9 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि: १३ अप्रैल २०१६</ref>
एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम]] के [[क्रिस गेल]] का है जिन्होंने नाबाद १७५[[नाबाद|*]] बनाए थे जिसमें उन्होंने सिर्फ ६६ गेंदों का सामना किया था। [[क्रिस गेल]] [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर]] की तरफ से खेलते है। इनके अलावा [[क्रिस गेल]] [[इंडियन प्रीमियर लीग]] में सबसे ज्यादा [[छक्का (क्रिकेट)|छक्के]] लगाने वाले भी बल्लेबाज है साथ ही सबसे तेज [[शतक (क्रिकेट)|शतक]] लगाने वाले भी है जिन्होंने मात्र ३० गेंदों पर शतक लगाया था। [[क्रिस गेल]] जिसने आईपीएल में अब तक ५ शतक लगा चुके हैं।
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में पहला शतक [[ब्रैंडन मैकुलम]] बनाया था जिसमें उन्होंने १५८[[नाबाद|*]] रनों की पारी खेली थी।
== सबसे बड़ी साझेदारी ==
विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की जोड़ी ने बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल 2016 में ये पारी खेली थी। जिसमें दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 229 रन की पार्टनरशिप की थी।[https://iplpointtable.in/%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac/] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230328060704/https://iplpointtable.in/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC/ |date=28 मार्च 2023 }}
===सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! बल्लेबाज !! छक्के !! वर्ष
|-|
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} {{sortname|1=क्रिस|2=गेल}} <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]]) || '''२३०''' || २००९ से २०१५
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=सुरेश|2=रैना}} <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]]) || '''१५०''' || २००८ से २०१५
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=रोहित|2=शर्मा}} <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]]) || '''१४७''' || २००८ से २०१५
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=यूसुफ|2=पठान}} <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]]) || '''१२७''' || २००८ से २०१५
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[महेन्द्र सिंह धोनी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]]) || '''१२६''' || २००८ से २०१५
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20150919111010/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/batting/most_sixes_career.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें]</div>
<small> अंतिम अद्यतन :१४ अप्रैल २०१६</small>
===सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज ===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! बल्लेबाज !! गेंदे !! {{ Tooltip | बनाम | Opponent }} !! साल
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || '''30''' || [[पुणे वॉरियर्स इंडिया|पीडब्ल्यूआई]] || [[2013]]
|-
| style="text-align: left;" |
|
|
|
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[यूसुफ पठान]] <span style="font-size:85%">([[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]])</span> || '''37''' || [[मुंबई इंडियंस|एमआई]] || [[2010]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|South Africa}} [[डेविड मिलर]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किXIपं]])</span> || '''38''' || [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]] || [[2013]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|Australia}} [[एडम गिलक्रिस्ट]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]])</span> || '''42''' || [[मुंबई इंडियंस|एमआई]] || [[2008]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|Sri Lanka}} [[सनथ जयसूर्या]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || '''45''' || [[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]] || [[2008]]
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20151113050954/http://www.itsonlycricket.com/entry/2582/ पूर्ण सूची ''इट्सओन्लीक्रिकेट पर देखें]</div>
<small> अंतिम अद्यतन : १४ अप्रैल २०१६</small>
===सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
! बल्लेबाज !! गेंदें !! {{ Tooltip | बनाम | Opponent }} !! वर्ष
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[यूसुफ पठान]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> || '''15''' || [[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]] || [[2014]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[महेन्द्र सिंह धोनी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || rowspan="2"|'''16''' || [[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]] || [[2013]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[सुरेश रैना]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]] || [[2014]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|Australia}} [[एडम गिलक्रिस्ट]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]])</span> || rowspan="2"|'''17''' || [[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]] || [[2009]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || [[पुणे वॉरियर्स इंडिया|पीडब्ल्यूआई]] || [[2013]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[रॉबिन उथप्पा]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || rowspan="5"|'''19''' || [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]] || [[2010]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|England}} [[ओवैस शाह]] <span style="font-size:85%">([[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]])</span> || [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]] || [[2012]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|South Africa}} [[डेविड मिलर]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किइपं]])</span> || [[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]] || [[2014]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|India}} [[हरभजन सिंह]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|मुई]])</span> || [[किंग्स इलेवन पंजाब|किइपं]] || [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]]
|-
| style="text-align:left"| {{flagicon|West Indies}} [[आंद्रे रसेल]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> || [[किंग्स इलेवन पंजाब|किइपं]] || [[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]]
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20160413100809/http://www.iplt20.com/stats/2015/fastest-fifties-innings पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें]</div>
<small> अंतिम अद्यतन :१७ अप्रैल २०१६</small>
===सबसे अच्छी स्ट्राइक रेट===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! बल्लेबाज || {{ Tooltip | स्ट्राइक रेट | स्ट्राइक रेट }} !! कब से कब तक
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} {{sortname|1=आंद्रे|2=रसेल}} <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> || style="text-align:center"|'''177.88'''|| 2012–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|Australia}} {{sortname|1=ग्लैन|2=मैक्सवेल}} <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || style="text-align:center"|'''166.44'''|| 2012–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=वीरेंद्र|2=सहवाग}} <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])</span> || style="text-align:center"|'''155.44'''|| 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} {{sortname|1=क्रिस|2=गेल}} <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || style="text-align:center"|'''153.42'''|| 2009–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[हरभजन सिंह]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || '''149.89''' || 2008–2015
|}
<small>कम से कम १२५ गेंदे खेली हो। </small>
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20140416230609/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/batting/highest_career_strike_rate.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची ईएसपीएन क्रिकइंफो पर देखें। ]</div>
<small> अंतिम अद्यतन : १७ अप्रैल २०१६</small>
== गेंदबाजी कीर्तिमान ==
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में २०१५ के संस्करण तक सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड [[श्रीलंका क्रिकेट टीम]] के [[लसिथ मलिंगा]] जो [[मुंबई इंडियंस]] की तरफ से खेलते है इन्होंने १४३ विकेट लेकर शीर्ष पर है। इनके अलावा [[भारतीय क्रिकेट टीम]] के स्पिन गेंदबाज [[अमित मिश्रा]] जो पहले [[डेक्कन चार्जर्स]] तथा [[दिल्ली डेयरडेविल्स]] के लिए खेलते थे अभी [[सनराइजर्स हैदराबाद]] के लिए खेलते है इन्होंने अब १११ विकेट लेकर दूसरे पायदान पर है। साथ ही [[मुंबई इंडियंस]] के [[हरभजन सिंह]] ११० तथा [[पीयूष चावला]] १०९ एवं [[ड्वेन ब्रावो]] १०५ विकेट लेकर शीर्ष पपांच में शामिल है।
===सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] में [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम]] के [[सोहेल तनवीर]] ने २००८ में [[राजस्थान रॉयल्स]] की ओर से खेलते हुए सर्वश्रेठ गेंदबाजी की थी उन्होंने [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के खिलाफ ४ ओवरों में १४ रन देकर ०६ विकेट लिए थे। इनके अलावा [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय]] खिलाड़ी [[अनिल कुंबले]] ने ५ रन देकर ५ विकेट , [[इशांत शर्मा]] ने १२ रन देकर ५ , [[लसिथ मलिंगा]] ने १३ रन देकर ५ विकेट ,[[रविन्द्र जडेजा]] तथा [[जेम्स फॉकनर]] ने १६ रन देकर ५-५ विकेट लिए है।
===हैट्रिक===
[[इंडियन प्रीमियर लीग]] अब तक सबसे ज्यादा [[हैट्रिक (क्रिकेट)|हैट्रिक]] अर्थात् लगातार तीन - तीन [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी]]यों ने ली है अब तक १० हैट्रिकें ले चुके हैं जिसमें [[अमित मिश्रा]] ने तीन बार तथा [[युवराज सिंह]] ने दो बार लेकर अपने नाम की है इनके अलावा [[रोहित शर्मा]] ,[[अजित चंडीला]] ,[[प्रवीण कुमार (क्रिकेटर)|प्रवीण कुमार]] ,<ref>[http://newschoupal.com/2011/05/22/ipl-records-in-13-hattricks-amit-mishra-is-the-king-rajasthan-the-leader Hat trick in IPL games] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160423031817/http://newschoupal.com/2011/05/22/ipl-records-in-13-hattricks-amit-mishra-is-the-king-rajasthan-the-leader |date=23 अप्रैल 2016 }} अभिगमन तिथि: १४ अप्रैल २०१६</ref>[[मखाया एंटीनी]] ,[[लक्ष्मीपति बालाजी]] ,[[शेन वॉटसन]] और [[सुनील नारायण]] ने भी तिकड़ी ली है।
===सबसे अच्छी इकॉनमी रेट वाले===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! [[खिलाड़ी]] !! {{Tooltip | [[मैच]] | Matches }} !! {{Tooltip | इकॉ. | Economy rate }} !! कब से
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} {{sortname|1=सुनील|2=नारायण}} <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> || 55 || '''6.00''' || 2012–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} रविशचंद्र अश्विन <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 97 || '''6.45''' || 2009–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|South Africa}} [[शॉन पॉलक]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || 13 || '''6.54''' || 2008–2008
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=अनिल|2=कुंबले}} <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || 42 || '''6.57''' || 2009–2010
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|AU}} [[ग्लैन मैग्रा]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]])</span> || 14 || '''6.61''' || 2008–2008
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20150920023223/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/bowling/best_career_economy_rate.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें। ]</div>
<small> Last updated: 2 March 2016</small>
===एक पारी में सबसे ज्यादा रन देने वाले===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! गेंदबाज !! {{Tooltip | ओवर | Overs }} !! {{Tooltip | विकेट | Wickets }} !! रन !! {{Tooltip | बनाम | Opponent}} !! वर्ष
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[इशांत शर्मा]] <span style="font-size:85%">([[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]])</span> || 4.0 || 0 || '''66''' || [[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]] || [[2013]]
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[उमेश यादव]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]])</span> || 4.0 || 0 || '''65''' || [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]] || [[2013]]
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[संदीप शर्मा]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])</span> || 4.0 || 1 || '''65''' || [[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]] || [[2014]]
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[वरुण आरोन]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]])</span> || 4.0 || 2 || '''63''' || [[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]] || [[2012]]
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[अशोक डिंडा]] <span style="font-size:85%">([[पुणे वॉरियर्स इंडिया|पीडब्ल्यूआई]])</span> || 4.0 || 0 || '''63''' || [[मुंबई इंडियंस|एमआई]] || [[2013]]
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20120616111721/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/bowling/most_runs_conceded_innings.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें। ]</div>
<small> Last updated: 19 Apr 2015</small>
===हैट्रिक की सूची===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! नं. !! गेंदबाज !! {{ Tooltip | बनाम | Opponent) }} !! साल
|-
| '''1'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[लक्ष्मीपति बालाजी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])
| [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]]
| [[2008]]
|-
| '''2'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[अमित मिश्रा]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]])
| [[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]]
| [[2008]]
|-
| '''3'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|South Africa}} [[मखाया एंटीनी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])
| [[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]]
| [[2008]]
|-
| '''4'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[युवराज सिंह]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])
| [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]]
| [[2009]]
|-
| '''5'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[रोहित शर्मा]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]])
| [[मुंबई इंडियंस|एमआई]]
| [[2009]]
|-
| '''6'''
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[युवराज सिंह]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])
| [[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]]
| [[2009]]
|-
|}
==विकेट कीपिंग और फील्डिंग रिकॉर्ड==
===सबसे ज्यादा आउट करने वाले===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! विकेट किपर !! {{ Tooltip | आउट | Dismissals }} !! {{ Tooltip | कैच | Catches }} !! {{ Tooltip | स्टम्प | Stumpings }} !! कब से कब तक
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=दिनेश|2=कार्तिक}} <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || '''84''' || 61 || 23 || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[महेंद्र सिंह धोनी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]]) || '''77''' || 54 || 23 || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|Australia}} {{sortname|1=एडम|2=गिलक्रिस्ट}} <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]], [[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])</span> || '''67''' || 51 || 16 || 2008–2013
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} {{sortname|1=रोबिन|2=उथप्पा}} <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]], [[पुणे वॉरियर्स इंडिया|पीडब्ल्यूआई]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]]) || '''61''' || 39 || 22 || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[पार्थिव पटेल]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]], [[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]], [[कोचि टस्कर्स केरला|कोचि]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]], [[रॉयल चेलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]], [[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]]) || '''53''' || 42 || 11 || 2008–2015
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20150919234527/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/keeping/most_dismissals_career.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें। ]</div>
<small> अंतिम अद्यतन :२० अप्रैल २०१६</small>
===सबसे ज्यादा कैच (क्षेत्ररक्षक)===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! खिलाड़ी !! {{Tooltip | मैच | Matches }} !! {{Tooltip | कैच | Catches }} !! कब से कब तक
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[सुरेश रैना]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 132 || '''75''' || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[रोहित शर्मा]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span>|| 128 || '''59''' || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} [[ड्वेन ब्रावो]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]], [[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span>|| 91 || '''54''' || 2008–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|West Indies}} [[किरोन पोलार्ड]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span>|| 93 || '''50''' || 2010–2015
|-
| style="text-align:left"|{{flagicon|India}} [[विराट कोहली]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span>|| 123 || '''49''' || 2008–2015
|}
<div style="font-size:75%">[https://web.archive.org/web/20150919110958/http://stats.espncricinfo.com/ipl2009/engine/records/fielding/most_catches_career.html?id=117;type=trophy पूर्ण सूची क्रिकइंफो पर देखें। ]</div>
<small> अंतिम अद्यतन : १९ अप्रैल २०१६</small>
==विविध रिकॉर्ड्स==
{{See also|इंडियन प्रीमियर लीग के कप्तानों की सूची}}
{| class="wikitable"
|-
! style="background:#ddeeff"| रिकॉर्ड
! style="background:#ddeeff"| खिलाड़ी / टीम
! style="background:#ddeeff"| स्थिति
! style="background:#ddeeff"| सीजन
|-
|सबसे ज्यादा जीतने वाली<ref name="Team performance">{{cite web|title=Result summary|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/team/results_summary.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20150919111105/http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/team/results_summary.html?id=117;type=trophy|archive-date=19 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref>
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|style="text-align:center"|79
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे ज्यादा हारने वाली<ref name="Team performance" />
|[[दिल्ली डेयरडेविल्स]]
|style="text-align:center"|61
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे अधिक जीतने का %<ref name="Team performance" />
|[[चेन्नई सुपर किंग्स]]
|style="text-align:center"|60.68
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे बड़ी जीत (रनों से)<ref name="Margin of runs">{{cite web|title=Largest victories|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/team/largest_margins.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६}}</ref>
|[[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]] बनाम <span style="font-size:85%">[[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]]</span>
|style="text-align:center"|140
|style="text-align:center"|[[2008]]
|-
|सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले<ref name="100s in IPL seasons">{{cite web|title=Most Hundreds in IPL|url=http://www.iplt20league.com/most_centuries_ipl_all_season.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160427224607/http://www.iplt20league.com/most_centuries_ipl_all_season.html|archive-date=27 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span>
|style="text-align:center"|5
|style="text-align:center"|([[2009]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले<ref>{{cite web|title=Most fifties (and over)|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_fifties_career.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20150917064716/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/records/batting/most_fifties_career.html?id=117;type=trophy|archive-date=17 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref>
||{{flagicon|India}} [[गौतम गंभीर]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span>
|style="text-align:center"|27
|style="text-align:center"|([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
| rowspan=1 |सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने वाले<ref>{{cite web|title=Most ducks|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/batting/most_ducks_career.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20150403104217/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2013/engine/records/batting/most_ducks_career.html?id=117;type=trophy|archive-date=3 अप्रैल 2015|url-status=live}}</ref>
||{{flagicon|India}} [[गौतम गंभीर]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> <br>
{{flagicon|India}} [[हरभजन सिंह]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span>
|style="text-align:center"|11
|style="text-align:center"|([[2008]]-[[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|2016]])
|-
| सबसे ज्यादा मैन ऑफ़ द मैच लेने वाले<ref>{{cite web|title=Man of the matches|url=http://www.sportskeeda.com/slideshow/cricket-most-man-of-the-match-awards-in-ipl?imgid=52513|publisher=Sportskeeda|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304080419/http://www.sportskeeda.com/slideshow/cricket-most-man-of-the-match-awards-in-ipl?imgid=52513|archive-date=4 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref>
|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]], [[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span>
|style="text-align:center"|16
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे ज्यादा पारी में 4 विकेट लेने वाले <ref>{{cite web|title=Most four-wickets-in-an-innings (and over)|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/bowling/most_4wi_career.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६}}</ref>
|{{flagicon|West Indies}} [[सुनील नारायण]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span>
|style="text-align:center"|7
| ([[2012]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे ज्यादा पारी में 5 विकेट लेने वाले<ref>{{cite web|title=Most five-wickets-in-an-innings|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/bowling/most_5wi_career.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate= २२अप्रैल २०१६}}</ref>
|{{flagicon|Australia}} [[जेम्स फॉकनर]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]], [[पुणे वॉरियर्स इंडिया|पुणे]], [[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]] )</span>
|style="text-align:center"|2
| ([[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले<ref name=hattrick />
|{{flagicon|India}} [[अमित मिश्रा]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]], [[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]], [[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]])</span>
|style="text-align:center"|3
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|सबसे बड़ी भागीदारी<ref>{{cite web|title=Highest Partnership|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/records/fow/highest_partnerships_for_any_wicket.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160312193059/http://stats.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/records/fow/highest_partnerships_for_any_wicket.html?id=117;type=trophy|archive-date=12 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|India}} [[विराट कोहली]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> <br>
{{flagicon|South Africa}} [[एबी डी विलियर्स]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span>
|style="text-align:center"|215
|style="text-align:center"|[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]]
|-
|सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले<ref>{{cite web|title=Most matches|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/individual/most_matches_career.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20150919111145/http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/individual/most_matches_career.html?id=117;type=trophy|archive-date=19 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|India}} [[सुरेश रैना]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])<span>
|style="text-align:center"|130
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले<ref>{{cite web|title=Most matches as captain|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/individual/most_matches_as_captain.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20150919111052/http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/individual/most_matches_as_captain.html?id=117;type=trophy|archive-date=19 सितंबर 2015|url-status=live}}</ref>
|{{flagicon|India}} [[महेन्द्र सिंह धोनी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])<span>
|style="text-align:center"|127
| ([[2008]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|-
|अंपायर के तौर पर सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले<ref>{{cite web|title=Most matches as an umpire|url=http://stats.espncricinfo.com/indian-t20-league-2014/engine/records/individual/most_matches_umpire.html?id=117;type=trophy|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६}}</ref>
|{{flagicon|Sri Lanka}} [[कुमार धरमसेना]]
|style="text-align:center"|68
| ([[2009]]-[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]])
|}
<small> अंतिम अद्यतन : १९ अप्रैल २०१६</small>
==पुरस्कार==
=== ऑरेन्ज कैप ===
{{Main|इंडियन प्रीमियर लीग ऑरेंज कैप}}
नोट: ऑरेंज कैप सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले को दिया जाता है।
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! सीजन !! खिलाड़ी !! {{ Tooltip | मैच | Matches }} !! रन !! {{ Tooltip | सन्दर्भ | Reference }}
|-
|[[2008]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[शॉन मार्श]] <span style="font-size:85%">([[किंग्स इलेवन पंजाब|किंइपं]])</span> || 11 || '''616''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2008|url=http://www.iplt20.com/stats/2008/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160420195228/http://www.iplt20.com/stats/2008/most-runs|archive-date=20 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2009]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[मैथ्यू हैडन]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 12 || '''572''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2009|url=http://www.iplt20.com/stats/2009/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408190525/http://www.iplt20.com/stats/2009/most-runs|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2010]] || align=left|{{flagicon|India}} [[सचिन तेंदुलकर]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || 15 || '''618''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2010|url=http://www.iplt20.com/stats/2010/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160425015023/http://www.iplt20.com/stats/2010/most-runs|archive-date=25 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || 12 || '''608''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2011|url=http://www.iplt20.com/stats/2011/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408190655/http://www.iplt20.com/stats/2011/most-runs|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2012]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] <span style="font-size:85%">([[रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर|आरसीबी]])</span> || 15 || '''733''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2012|url=http://www.iplt20.com/stats/2012/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160425015902/http://www.iplt20.com/stats/2012/most-runs|archive-date=25 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2013]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[माइकल हसी]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 16 || '''733''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2013|url=http://www.iplt20.com/stats/2013/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160426075834/http://www.iplt20.com/stats/2013/most-runs|archive-date=26 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2014 Indian Premier League|2014]] || align=left|{{flagicon|India}} [[रोबिन उथप्पा]] <span style="font-size:85%">([[कोलकाता नाइट राइडर्स|केकेआर]])</span> || 16 || '''660''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2014|url=http://www.iplt20.com/stats/2014/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160419153456/http://www.iplt20.com/stats/2014/most-runs|archive-date=19 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[डेविड वॉर्नर]] <span style="font-size:85%">([[सनराइजर्स हैदराबाद|एसआरएच]])</span> || 14 || '''562''' ||<ref>{{cite web|title=Most runs-2015|url=http://www.iplt20.com/stats/2015/most-runs|publisher=iplt20|accessdate=२२अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160617222229/http://www.iplt20.com/stats/2015/most-runs|archive-date=17 जून 2016|url-status=dead}}</ref>
|}
<small> अंतिम अद्यतन : २२ अप्रैल २०१६</small>
=== पर्पल कैप ===
{{Main|इंडियन प्रीमियर लीग पर्पल कैप}}
नोट : पर्पल कैप सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले को दी जाती है।
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|-
! सीजन !! खिलाड़ी !! {{ Tooltip | मैच | Matches }} !! {{ Tooltip | विकेट | Wickets }} !! {{ Tooltip | सन्दर्भ | Reference }}
|-
|[[2008]] || align=left|{{flagicon|Pakistan}} [[सोहैल तनवीर]] <span style="font-size:85%">([[राजस्थान रॉयल्स|आरआर]])</span> || 11 || '''22''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2008|url=http://www.iplt20.com/stats/2008/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160404034706/http://www.iplt20.com/stats/2008/most-wickets|archive-date=4 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2009]] || align=left|{{flagicon|India}} [[रुद्र प्रताप सिंह]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]])</span> || 16 || '''23''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2009|url=http://www.iplt20.com/stats/2009/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160419142043/http://www.iplt20.com/stats/2009/most-wickets|archive-date=19 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2010]] || align=left|{{flagicon|India}} [[प्रज्ञान ओझा]] <span style="font-size:85%">([[डेक्कन चार्जर्स|डीसी]])</span> || 16 || '''21''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2010|url=http://www.iplt20.com/stats/2010/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160523205945/http://www.iplt20.com/stats/2010/most-wickets|archive-date=23 मई 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]] || align=left|{{flagicon|Sri Lanka}} [[लसिथ मलिंगा]] <span style="font-size:85%">([[मुंबई इंडियंस|एमआई]])</span> || 16 || '''28''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2011|url=http://www.iplt20.com/stats/2011/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160414171216/http://www.iplt20.com/stats/2011/most-wickets|archive-date=14 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2012]] || align=left|{{flagicon|South Africa}} [[मोर्नी मोर्कल]] <span style="font-size:85%">([[दिल्ली डेयरडेविल्स|डीडी]])</span> || 16 || '''25''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2012|url=http://www.iplt20.com/stats/2012/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160328132450/http://www.iplt20.com/stats/2012/most-wickets|archive-date=28 मार्च 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2013]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[ड्वेन ब्रावो]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 18 || '''32''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2013|url=http://www.iplt20.com/stats/2013/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160419153451/http://www.iplt20.com/stats/2013/most-wickets|archive-date=19 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2014]] || align=left|{{flagicon|India}} [[मोहित शर्मा]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 16 || '''23''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2014|url=http://www.iplt20.com/stats/2014/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल।२०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160501032807/http://www.iplt20.com/stats/2014/most-wickets|archive-date=1 मई 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[ड्वेन ब्रावो]] <span style="font-size:85%">([[चेन्नई सुपर किंग्स|सीएसके]])</span> || 16 || '''24''' ||<ref>{{cite web|title=Most wickets-2015|url=http://www.iplt20.com/stats/2015/most-wickets|publisher=iplt20|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160624153519/http://www.iplt20.com/stats/2015/most-wickets|archive-date=24 जून 2016|url-status=dead}}</ref>
|
|-
|2016
|{{flagicon|India}}[[भुवनेश्वर कुमार]]
|17
|23
|
|
|-
|2017
|{{flagicon|India}}[[भुवनेश्वर कुमार]]
|14
|26
|
|-
|2018
|{{flagicon|Australia}} [[एंड्रयू टाई]]
|14
|24
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|2019
|{{flagicon|South Africa}}[[इमरान ताहिर]]
|17
|26
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|-
|2020
|{{flagicon|South Africa}}[[कगिसो रबाडा]]
|17
|30
|
|-
|2021
|{{flagicon|India}}[[हर्षल पटेल]]
|15
|32
|
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|2022
|🇮🇳यूज़वेंद्र चहल
|१७
|२७
|<ref>{{Cite web|url=https://www.crickfanclub.in/|title=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|date=2024-04-03|website=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|language=hi|access-date=2024-04-04|archive-date=4 अप्रैल 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240404060201/https://www.crickfanclub.in/|url-status=dead}}</ref>
|
|-
|2023
|🇮🇳मोहम्मद शमी GT
|१७
|२८
|<ref>{{Cite web|url=https://www.crickfanclub.in/|title=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|date=2024-04-03|website=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|language=hi|access-date=2024-04-04|archive-date=4 अप्रैल 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240404060201/https://www.crickfanclub.in/|url-status=dead}}</ref>
|
|}
<small> अंतिम अद्यतन : २२ अप्रैल २०१६</small>
===सबसे ज्यादा छक्कों के लिए पुरस्कार===
{| class="wikitable" style="text-align:center"
|-
! सीजन !! विजेता !! {{ Tooltip | मैच | Matches }} !! छक्के !! {{ Tooltip | सन्दर्भ | Reference }}
|-
| [[2008]] || align=left|{{flagicon|Sri Lanka}} [[सनथ जयसूर्या]] || 14 || '''31''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2008|url=http://www.iplt20.com/stats/2008/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413091854/http://www.iplt20.com/stats/2008/most-sixes|archive-date=13 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2009]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[एडम गिलक्रिस्ट]] || 16 || '''29''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2009|url=http://www.iplt20.com/stats/2009/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160427143838/http://www.iplt20.com/stats/2009/most-sixes|archive-date=27 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2010]] || align=left|{{flagicon|India}} [[रोबिन उथप्पा]] || 16 || '''27''' ||<ref>{{cite web|url=https://www.crickfanclub.in/2024/02/ipl-2024-schedule.html?m=1|title=Ipl 2024 shedule hindi|last=Crickfanclub|first=Crickfanclub|date=|website=Crickfanclub|publisher=Crickfanclub|archive-url=https://web.archive.org/web/20240302014551/https://www.crickfanclub.in/2024/02/ipl-2024-schedule.html?m=1|archive-date=2 मार्च 2024|dead-url=|accessdate=|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] || 12 || '''44''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2011|url=http://www.iplt20.com/stats/2011/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160413093217/http://www.iplt20.com/stats/2011/most-sixes|archive-date=13 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2012]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] || 15 || '''59''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2012|url=http://www.iplt20.com/stats/2012/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160427125954/http://www.iplt20.com/stats/2012/most-sixes|archive-date=27 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2013]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] || 16 || '''51''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2013|url=http://www.iplt20.com/stats/2013/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160416210536/http://www.iplt20.com/stats/2013/most-sixes|archive-date=16 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
| [[2014]] || align=left|{{flagicon|Australia}} [[ग्लेन मैक्सवेल]] || 16 || '''36''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2014|url=http://www.iplt20.com/stats/2014/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160421182606/http://www.iplt20.com/stats/2014/most-sixes|archive-date=21 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]] || align=left|{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] || 14 || '''38''' ||<ref>{{cite web|title=most 6's - 2015|url=http://www.iplt20.com/stats/2015/most-sixes|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20160414171129/http://www.iplt20.com/stats/2015/most-sixes|archive-date=14 अप्रैल 2016|url-status=dead}}</ref>
|}
<small> अंतिम अद्यतन : २२अप्रैल २०१६</small>
===प्लेयर ऑफ़ द मैच (फाइनल) और सीरीज===
{| class="wikitable" style="text-align:center"
|-
! सीजन
!फाइनल में प्लेयर ऑफ़ द मैच !! प्लेयर ऑफ़ द मैच सीजन !! {{ Tooltip | सन्दर्भ | Reference }}
|-
|[[2008]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[यूसुफ पठान]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|Australia}} [[शेन वॉटसन]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2008|url=http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170717095027/http://www.espncricinfo.com/ipl/engine/match/336040.html|archive-date=17 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2009]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left|{{flagicon|India}} [[अनिल कुंबले]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|Australia}} [[एडम गिलक्रिस्ट]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2009|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2009/engine/match/392239.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170716190055/http://www.espncricinfo.com/ipl2009/engine/match/392239.html|archive-date=16 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2010]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[सुरेश रैना]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|India}} [[सचिन तेंदुलकर]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2010|url=http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/match/419165.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703215852/http://www.espncricinfo.com/ipl2010/engine/match/419165.html|archive-date=3 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2011 इंडियन प्रीमियर लीग|2011]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[मुरली विजय]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|West Indies}} [[क्रिस गेल]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2011|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/match/501271.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170717143625/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2011/engine/match/501271.html|archive-date=17 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2012]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[मनविंदर बिसला]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|West Indies}} [[सुनील नारायण]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2012|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/match/548381.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20120528110612/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2012/engine/match/548381.html|archive-date=28 मई 2012|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2013]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|West Indies}} [[किरोन पोलार्ड]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|Australia}} [[शेन वॉटसन]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2013|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/598073.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170609203234/http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/598073.html|archive-date=9 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2014]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[मनीष पांडे]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|Australia}} [[ग्लेन मैक्सवेल]] ||<ref>{{cite web|title=Player of the series - 2014|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/match/734049.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170706132336/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2014/engine/match/734049.html|archive-date=6 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[2015 इंडियन प्रीमियर लीग|2015]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|India}} [[रोहित शर्मा]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|West Indies}} [[आंद्रे रसेल]] || <ref>{{cite web|title=Player of the series - 2015|url=http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html|publisher=ESPNCricinfo|accessdate=२२ अप्रैल २०१६|archive-url=https://web.archive.org/web/20170626141856/http://www.espncricinfo.com/indian-premier-league-2015/engine/match/829823.html|archive-date=26 जून 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|[[२०१६ इंडियन प्रीमियर लीग|2015]] || style="background: #CCFFCC; color: white" align=left| {{flagicon|Australia}} [[बेन कटिंग]]|| style="background: #CDFFFF; color: white" align="left" |{{flagicon|India}} [[विराट कोहली]]
|}
<small> अंतिम अद्यतन :२८ जून २०१६</small>
==<ref>{{Cite web|url=https://www.crickfanclub.in/2024/02/ipl-2024-schedule.html|title=Ipl (Indian premire league)2024 Schedule [ Hindi ] {{!}} आईपीएल (इंडियन प्रीमायर लीग )2024 शेड्यूल|date=2024-02-23|website=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|language=hi|access-date=2024-03-16|archive-date=16 मार्च 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240316113837/https://www.crickfanclub.in/2024/02/ipl-2024-schedule.html|url-status=dead}}</ref>सन्दर्भ<ref>{{Cite web|url=https://www.crickfanclub.in/2024/02/httpswww.crickfanclub.in%20%20%20%202024%20.html.html|title=IPL ( indian premire league) 2024 ऑक्शन : इन पांच खिलाड़ियों पर बरसा IPL 2024 मैं सबसे ज्यादा पैसा|date=2024-02-07|website=Crickfanclub,Cricket news, cricketers biography,ipl,dream 11,best place for cricket fans|language=hi|access-date=2024-03-16|archive-date=16 मार्च 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240316113451/https://www.crickfanclub.in/2024/02/httpswww.crickfanclub.in%20%20%20%202024%20.html.html|url-status=dead}}</ref>==
{{टिप्पणीसूची|3}}
{{इंडियन प्रीमियर लीग}}
[[श्रेणी:इंडियन प्रीमियर लीग]]
[[श्रेणी:भारतीय क्रिकेट]]
[[श्रेणी:क्रिकेट के कीर्तिमान]]
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वार्ता:स्वामी शिवानन्द सरस्वती
1
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2951126
2026-05-17T11:45:28Z
AMAN KUMAR
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लेख का नाम बदल कर [[:शिवानन्द सरस्वती]] करने हेतु अनुरोध
6553452
wikitext
text/x-wiki
{{वार्ता शीर्षक}}
== स्थानान्तरण अनुरोध 17 मई 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|शिवानन्द सरस्वती}}
[[:स्वामी शिवानन्द सरस्वती]] → {{no redirect|शिवानन्द सरस्वती}} – [[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और [[सदस्य:SM7|SM7]] जी समीक्षा करें
:नामकरण नीति के तहत लेखों के शीर्षक में सम्मानसूचक या पदवियों (जैसे- श्री, डॉ., पंडित, महर्षि, संत, या स्वामी) का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसलिए लेख का नाम तटस्थ रूप में "[[शिवानन्द सरस्वती]]" ही होना चाहिए। पुराना नाम एक अनुप्रेषण के रूप में रखा जा सकता है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:45, 17 मई 2026 (UTC)
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पमर खिरिया गाँव, फर्रुखाबाद (फर्रुखाबाद)
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नया है फ्रेश
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र
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}}
'''पमर खिरिया''' [[फ़र्रूख़ाबाद प्रखण्ड (फ़र्रूख़ाबाद)|फर्रुखाबाद]], [[फ़र्रूख़ाबाद जिला|फर्रुखाबाद]], [[उत्तर प्रदेश]] स्थित एक गाँव है।
== भूगोल ==
== ग्राम पमर खिरिया काली नदी के किनारे वर्तमान में संकिसा नगर पंचायत के अंतर्गत आता है ==
== जनसांख्यिकी ==
== 2011 की जनसंख्या के अनुसार यहां की जनसंख्या लगभग 2000 है ==
== यातायात ==
== यह जिला मुख्यालय फतेहगढ़ से 42km की दूरी पर स्थित है जो बेवर से 18KM और मोहम्मदाबाद से 18KM पर स्थित है ==
== आदर्श स्थल माता गायत्री का स्थान जहां प्रति वर्ष लगातार 108 कुण्डीय हवन कार्यक्रम होता है ==
बाबा गुसाईं जी महाराज
== शिक्षा ==
शिक्षा के लिए नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज, CPS पब्लिक स्कूल <ref>{{Cite book|url=https://doi.org/10.1515/9783110278026|title=Publishers' International ISBN Directory 2013|date=2012|publisher=De Gruyter|isbn=978-3-11-027802-6|editor-last=International ISBN Agency}}</ref>
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
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[[श्रेणी:फर्रुखाबाद जिला के गाँव]]
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AMAN KUMAR
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[[विशेष:योगदान/Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) के अवतरण 6444173 पर पुनर्स्थापित : सन्दर्भहीन जानकारी हटाई
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text/x-wiki
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'''पमर खिरिया''' [[फ़र्रूख़ाबाद प्रखण्ड (फ़र्रूख़ाबाद)|फर्रुखाबाद]], [[फ़र्रूख़ाबाद जिला|फर्रुखाबाद]], [[उत्तर प्रदेश]] स्थित एक गाँव है।
== भूगोल ==
== जनसांख्यिकी ==
== यातायात ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
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[[श्रेणी:फर्रुखाबाद जिला के गाँव]]
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक भारत के क्षेत्र
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'''पमर खिरिया''' [[फ़र्रूख़ाबाद प्रखण्ड (फ़र्रूख़ाबाद)|फर्रुखाबाद]], [[फ़र्रूख़ाबाद जिला|फर्रुखाबाद]], [[उत्तर प्रदेश]] स्थित एक गाँव है।
== भूगोल ==
काली नदी के 600m में वर्तमान में संकिसा नगर पंचायत के अंतर्गत गांव के 2 वार्ड सुभाष नगर व श्याम नगर स्थित है<ref>{{Cite web|url=https://doi.org/10.7717/peerjcs.1735/fig-5|title=Figure 5: Best search space parameter for SBIN bank stock using GWO method.|website=doi.org|access-date=2026-05-17}}</ref>
== जनसांख्यिकी ==
वर्तमान में 4500 जो पूर्व में कुल 3 परिवारों द्वारा बसाया गया गांव में सभी जातियों (यादव, ब्राह्मण, नाई, धोबी, कठेरिया व चमार) व दो मुस्लिम परिवार के लोग प्रेमपूर्वक रहते हैं जिसमें यादवों की बहुलता है |<ref>{{Cite journal|last=Chastain|first=Georgene C.|date=1988-03-01|title=SBIN (Shared Bibliographic Input Network) Guide for New Users. Revision|url=https://doi.org/10.21236/ada190300|location=Fort Belvoir, VA}}</ref>
SC वर्ग यहां के मूलनिवासी हैं
== यातायात ==
बेवर मोटा रोड 18 km
फर्रुखाबाद बसस्टैंड to संकिसा
== आदर्श स्थल ==
गुसाईं जी महाराज (बबा महाराज)
माता गायत्री प्रज्ञापीठ खिरिया
== शिक्षा ==
प्राथमिक विद्यालय खिरिया,
प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुर
नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज
CPS पब्लिक स्कूल
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{फर्रुखाबाद प्रखण्ड (फर्रुखाबाद) के गाँव}}
{{ फर्रुखाबाद जिला के प्रखण्ड}}
{{ उत्तर प्रदेश के जिले}}
[[श्रेणी:फर्रुखाबाद जिला के गाँव]]
{{आधार}}
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इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
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[[चित्र:Electron Microscope.png|right|upright|thumb|250px|'''ट्रान्समिशन एलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' का आरेख]]
'''इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' एक विशेष प्रकार का [[सूक्ष्मदर्शी]] है जो नमूने (specimen) को देखने के लिये [[आवेशित कण-पुंज|एलेक्ट्रॉन किरण पुंज]] का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी [[विभेदन क्षमता]] (resolving power) [[प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी]] से बहुत अच्छी होती है।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090730205837/http://scienceaid.co.uk/biology/cell/analysingcells.html Science Aid: Electron Microscopy] High School (GCSE, A Level) resource
* [https://web.archive.org/web/20111007110902/http://ccdb.ucsd.edu/sand/main?typeid=4&event=showMPByType&start=1 Cell Centered Database - Electron microscopy data]
=== सामान्य ===
* [https://web.archive.org/web/20071029054934/http://www.nanohedron.com/ Nanohedron.com|Nano image gallery] beautiful images generated with electron microscopes.
* [https://web.archive.org/web/20180814142130/http://www.microscopy.ethz.ch/ electron microscopy] Website of the ETH Zurich: Very good graphics and images, which illustrate various procedures.
* [https://web.archive.org/web/20190105142044/http://www.danilatos.com/ Environmental Scanning Electron Microscope (ESEM)]
* [https://web.archive.org/web/20081201083229/http://www.microanalyst.net/index_e.phtml X-ray element analysis in electron microscope] – Information portal with X-ray microanalysis and EDX contents
=== इतिहास ===
* [https://web.archive.org/web/20090922173439/http://www.physics.utoronto.ca/overview/history/microsco John H.L. Watson: Very early Electron Microscopy in the Department of Physics, the University of Toronto – A personal recollection]
* [https://web.archive.org/web/20051215144944/http://americanhistory.si.edu/archives/d8452.htm Rubin Borasky Electron Microscopy Collection, 1930-1988] Archives Center, National Museum of American History, Smithsonian Institution.
=== अन्य ===
* [https://web.archive.org/web/20080719130538/http://www.rms.org.uk/em.shtml The Royal Microscopical Society, Electron Microscopy Section (UK)]
* [https://web.archive.org/web/20090924194547/http://www.albertlleal.com/microphotography.html Albert Lleal microphotography. Scanning Electron Microphotography Coloured SEM]
{{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}}
[[श्रेणी:वैज्ञानिक तकनीके]]
[[श्रेणी:विकृतिविज्ञान]]
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[[चित्र:Elektronenmikroskop.jpg|right|thumb|300px|सीमेन्स कम्पनी द्वारा निर्मित '''Elmiskop 1A''' इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]]
[[चित्र:Onchocerca volvulus emerging from a black fly.jpg|300px|thumb|right|इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा १०० गुना आवर्धित करने पर एक वयस्क ''''काली मक्खी''' (Simulium yahense)। इस मक्खी शृंगिका (एंटीना) पर जो परजीवी दिखायी दे रहा है वह Onchocerca volvulus है जो नदी अंधापन (रिवर ब्लाइंडनेस) का कारण है।]]
'''इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' एक विशेष प्रकार का [[सूक्ष्मदर्शी]] है जो नमूने (specimen) को देखने के लिये [[आवेशित कण-पुंज|एलेक्ट्रॉन किरण पुंज]] का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी [[विभेदन क्षमता]] (resolving power) [[प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी]] से बहुत अच्छी होती है।
==कुछ उल्लेखनीय सूक्ष्मदर्शी ==
* [[फ़िलिप्स]] का EM100 (1940 का दशक)
* [[RCA]] का EMU-2 (1940 का दशक)
* [[सीमेंस]] का एल्मिस्कोप 1 (1952 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Antique Electron Microscope]</ref>
* सीमेंस का एल्मिस्कोप 1A (1964 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Siemens Elmiskop IA Transmission Electron Microscope]</ref>
* [[फ़िलिप्स]] का EM300 (~1965 ई०)
* जेऑल (JEOL) का 120CX (~1969 ई०)
* जेऑल का 200CX (~1975 ई०) <ref>[http://www.materials.leeds.ac.uk/LEMAS%20website/MAIN_HTM/HISTORY.htm A History of Electron Microscopy in Leeds]</ref><ref>[http://www.uga.edu/caur/museum.htm The Jerome J. Paulin Electron Microscopy Museum]</ref>
[[चित्र:Ant SEM.jpg|right|thumb|300px|[[स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]] द्वारा ली गई एक [[चींटी]] की छवि]]
[[चित्र:Electron Microscope.png|right|upright|thumb|250px|'''ट्रान्समिशन एलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' का आरेख]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090730205837/http://scienceaid.co.uk/biology/cell/analysingcells.html Science Aid: Electron Microscopy] High School (GCSE, A Level) resource
* [https://web.archive.org/web/20111007110902/http://ccdb.ucsd.edu/sand/main?typeid=4&event=showMPByType&start=1 Cell Centered Database - Electron microscopy data]
=== सामान्य ===
* [https://web.archive.org/web/20071029054934/http://www.nanohedron.com/ Nanohedron.com|Nano image gallery] beautiful images generated with electron microscopes.
* [https://web.archive.org/web/20180814142130/http://www.microscopy.ethz.ch/ electron microscopy] Website of the ETH Zurich: Very good graphics and images, which illustrate various procedures.
* [https://web.archive.org/web/20190105142044/http://www.danilatos.com/ Environmental Scanning Electron Microscope (ESEM)]
* [https://web.archive.org/web/20081201083229/http://www.microanalyst.net/index_e.phtml X-ray element analysis in electron microscope] – Information portal with X-ray microanalysis and EDX contents
=== इतिहास ===
* [https://web.archive.org/web/20090922173439/http://www.physics.utoronto.ca/overview/history/microsco John H.L. Watson: Very early Electron Microscopy in the Department of Physics, the University of Toronto – A personal recollection]
* [https://web.archive.org/web/20051215144944/http://americanhistory.si.edu/archives/d8452.htm Rubin Borasky Electron Microscopy Collection, 1930-1988] Archives Center, National Museum of American History, Smithsonian Institution.
=== अन्य ===
* [https://web.archive.org/web/20080719130538/http://www.rms.org.uk/em.shtml The Royal Microscopical Society, Electron Microscopy Section (UK)]
* [https://web.archive.org/web/20090924194547/http://www.albertlleal.com/microphotography.html Albert Lleal microphotography. Scanning Electron Microphotography Coloured SEM]
{{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}}
[[श्रेणी:वैज्ञानिक तकनीके]]
[[श्रेणी:विकृतिविज्ञान]]
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[[चित्र:Elektronenmikroskop.jpg|right|thumb|300px|सीमेन्स कम्पनी द्वारा निर्मित '''Elmiskop 1A''' इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]]
'''इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' एक विशेष प्रकार का [[सूक्ष्मदर्शी]] है जो नमूने (specimen) को देखने के लिये [[आवेशित कण-पुंज|एलेक्ट्रॉन किरण पुंज]] का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी [[विभेदन क्षमता]] (resolving power) [[प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी]] से बहुत अच्छी होती है।
==कुछ उल्लेखनीय सूक्ष्मदर्शी ==
* [[फ़िलिप्स]] का EM100 (1940 का दशक)
* [[RCA]] का EMU-2 (1940 का दशक)
* [[सीमेंस]] का एल्मिस्कोप 1 (1952 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Antique Electron Microscope]</ref>
* सीमेंस का एल्मिस्कोप 1A (1964 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Siemens Elmiskop IA Transmission Electron Microscope]</ref>
* [[फ़िलिप्स]] का EM300 (~1965 ई०)
* जेऑल (JEOL) का 120CX (~1969 ई०)
* जेऑल का 200CX (~1975 ई०) <ref>[http://www.materials.leeds.ac.uk/LEMAS%20website/MAIN_HTM/HISTORY.htm A History of Electron Microscopy in Leeds]</ref><ref>[http://www.uga.edu/caur/museum.htm The Jerome J. Paulin Electron Microscopy Museum]</ref>
[[चित्र:Onchocerca volvulus emerging from a black fly.jpg|300px|thumb|right|इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा १०० गुना आवर्धित करने पर एक वयस्क ''''काली मक्खी''' (Simulium yahense)। इस मक्खी शृंगिका (एंटीना) पर जो परजीवी दिखायी दे रहा है वह Onchocerca volvulus है जो नदी अंधापन (रिवर ब्लाइंडनेस) का कारण है।]]
[[चित्र:Ant SEM.jpg|center|thumb|300px|[[स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]] द्वारा ली गई एक [[चींटी]] की छवि]]
[[चित्र:Electron Microscope.png|center|upright|thumb|250px|'''ट्रान्समिशन एलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' का योजनामूलक (स्कीमैटिक) आरेख]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090730205837/http://scienceaid.co.uk/biology/cell/analysingcells.html Science Aid: Electron Microscopy] High School (GCSE, A Level) resource
* [https://web.archive.org/web/20111007110902/http://ccdb.ucsd.edu/sand/main?typeid=4&event=showMPByType&start=1 Cell Centered Database - Electron microscopy data]
=== सामान्य ===
* [https://web.archive.org/web/20071029054934/http://www.nanohedron.com/ Nanohedron.com|Nano image gallery] beautiful images generated with electron microscopes.
* [https://web.archive.org/web/20180814142130/http://www.microscopy.ethz.ch/ electron microscopy] Website of the ETH Zurich: Very good graphics and images, which illustrate various procedures.
* [https://web.archive.org/web/20190105142044/http://www.danilatos.com/ Environmental Scanning Electron Microscope (ESEM)]
* [https://web.archive.org/web/20081201083229/http://www.microanalyst.net/index_e.phtml X-ray element analysis in electron microscope] – Information portal with X-ray microanalysis and EDX contents
=== इतिहास ===
* [https://web.archive.org/web/20090922173439/http://www.physics.utoronto.ca/overview/history/microsco John H.L. Watson: Very early Electron Microscopy in the Department of Physics, the University of Toronto – A personal recollection]
* [https://web.archive.org/web/20051215144944/http://americanhistory.si.edu/archives/d8452.htm Rubin Borasky Electron Microscopy Collection, 1930-1988] Archives Center, National Museum of American History, Smithsonian Institution.
=== अन्य ===
* [https://web.archive.org/web/20080719130538/http://www.rms.org.uk/em.shtml The Royal Microscopical Society, Electron Microscopy Section (UK)]
* [https://web.archive.org/web/20090924194547/http://www.albertlleal.com/microphotography.html Albert Lleal microphotography. Scanning Electron Microphotography Coloured SEM]
{{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}}
[[श्रेणी:वैज्ञानिक तकनीके]]
[[श्रेणी:विकृतिविज्ञान]]
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[[चित्र:Elektronenmikroskop.jpg|right|thumb|300px|सीमेन्स कम्पनी द्वारा निर्मित '''Elmiskop 1A''' इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]]
'''इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' एक विशेष प्रकार का [[सूक्ष्मदर्शी]] है जो नमूने (specimen) को देखने के लिये [[आवेशित कण-पुंज|एलेक्ट्रॉन किरण पुंज]] का उपयोग करता है और उच्च प्रवर्धिक छबि प्राप्त कराता है। इसकी [[विभेदन क्षमता]] (resolving power) [[प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी]] से बहुत अच्छी होती है।
==कुछ उल्लेखनीय सूक्ष्मदर्शी ==
* [[फ़िलिप्स]] का EM100 (1940 का दशक)
* [[RCA]] का EMU-2 (1940 का दशक)
* [[सीमेंस]] का एल्मिस्कोप 1 (1952 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Antique Electron Microscope]</ref>
* सीमेंस का एल्मिस्कोप 1A (1964 ई०) <ref>[http://micro.magnet.fsu.edu/primer/museum/siemenselmiskop.html Siemens Elmiskop IA Transmission Electron Microscope]</ref>
* [[फ़िलिप्स]] का EM300 (~1965 ई०)
* जेऑल (JEOL) का 120CX (~1969 ई०)
* जेऑल का 200CX (~1975 ई०) <ref>[http://www.materials.leeds.ac.uk/LEMAS%20website/MAIN_HTM/HISTORY.htm A History of Electron Microscopy in Leeds]</ref><ref>[http://www.uga.edu/caur/museum.htm The Jerome J. Paulin Electron Microscopy Museum]</ref>
[[चित्र:Onchocerca volvulus emerging from a black fly.jpg|300px|thumb|center|इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी द्वारा १०० गुना आवर्धित करने पर एक वयस्क ''''काली मक्खी''' (Simulium yahense)। इस मक्खी शृंगिका (एंटीना) पर जो परजीवी दिखायी दे रहा है वह Onchocerca volvulus है जो नदी अंधापन (रिवर ब्लाइंडनेस) का कारण है।]]
[[चित्र:Ant SEM.jpg|center|thumb|300px|[[स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]] द्वारा ली गई एक [[चींटी]] की छवि]]
[[चित्र:Electron Microscope.png|center|upright|thumb|250px|'''ट्रान्समिशन एलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी''' का योजनामूलक (स्कीमैटिक) आरेख]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090730205837/http://scienceaid.co.uk/biology/cell/analysingcells.html Science Aid: Electron Microscopy] High School (GCSE, A Level) resource
* [https://web.archive.org/web/20111007110902/http://ccdb.ucsd.edu/sand/main?typeid=4&event=showMPByType&start=1 Cell Centered Database - Electron microscopy data]
=== सामान्य ===
* [https://web.archive.org/web/20071029054934/http://www.nanohedron.com/ Nanohedron.com|Nano image gallery] beautiful images generated with electron microscopes.
* [https://web.archive.org/web/20180814142130/http://www.microscopy.ethz.ch/ electron microscopy] Website of the ETH Zurich: Very good graphics and images, which illustrate various procedures.
* [https://web.archive.org/web/20190105142044/http://www.danilatos.com/ Environmental Scanning Electron Microscope (ESEM)]
* [https://web.archive.org/web/20081201083229/http://www.microanalyst.net/index_e.phtml X-ray element analysis in electron microscope] – Information portal with X-ray microanalysis and EDX contents
=== इतिहास ===
* [https://web.archive.org/web/20090922173439/http://www.physics.utoronto.ca/overview/history/microsco John H.L. Watson: Very early Electron Microscopy in the Department of Physics, the University of Toronto – A personal recollection]
* [https://web.archive.org/web/20051215144944/http://americanhistory.si.edu/archives/d8452.htm Rubin Borasky Electron Microscopy Collection, 1930-1988] Archives Center, National Museum of American History, Smithsonian Institution.
=== अन्य ===
* [https://web.archive.org/web/20080719130538/http://www.rms.org.uk/em.shtml The Royal Microscopical Society, Electron Microscopy Section (UK)]
* [https://web.archive.org/web/20090924194547/http://www.albertlleal.com/microphotography.html Albert Lleal microphotography. Scanning Electron Microphotography Coloured SEM]
{{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}}
[[श्रेणी:वैज्ञानिक तकनीके]]
[[श्रेणी:विकृतिविज्ञान]]
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[[चित्र:A O Hume.jpg|right|thumb|300px|एलेन ओक्टेवियन ह्यूम]]
'''एलेन ओक्टेवियन ह्यूम''' (६ जून १८२९ - ३१ जुलाई १९१२) ब्रिटिशकालीन भारत में सिविल सेवा के अधिकारी एवं राजनैतिक सुधारक थे। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के संस्थापक थे।
ह्यूम प्रशासनिक अधिकारी और राजनैतिक सुधारक के अलावा माहिर [[पक्षीविज्ञान|पक्षी-विज्ञानी]] भी थे, इस क्षेत्र में उनके कार्यों की वजह से उन्हें 'भारतीय पक्षीविज्ञान का पितामह' कहा जाता है।
== जीवनी ==
ए ओ ह्यूम का जन्म 1829 को [[इंग्लैण्ड|इंग्लैंड]] में हुआ था। अपने अंग्रेजी शासन की प्रतिष्ठित बंगाल सिविल सेवा में चयनित होकर 1849 में अधिकारी बनकर सर्वप्रथम उत्तर प्रान्त के जनपद [[इटावा]] में आये। [[१८५७|1857]] के प्रथम विद्रोह के सममय वे [[इटावा]] के कलक्टर थे। कांग्रेस संस्थापक ए.ओ.ह्यूम को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 17 जून 1857 को उत्तर प्रदेश के इटावा में जंगे आजादी के सिपाहियों से जान बचाने के लिये साड़ी पहन कर ग्रामीण महिला का वेष धारण कर भागना पड़ा था। आजादी के संघर्ष के दरम्यान ह्यूम को मारने के लिये सेनानियों ने पूरी तरह से घेर लिया था तब ह्यूम ने साड़ी पहन कर अपनी पहचान छुपाई थी। ए.ओ.ह्यूम तब इटावा के कलक्टर हुआ करते थे। इटावा के हजार साल और इतिहास के झरोखे में इटावा नाम ऐतिहासिक पुस्तकों में ह्यूम की बारे में इन अहम बातों का उल्लेख किया गया है। सैनिकों ने ह्यूम और उनके परिवार को मार डालने की योजना बनाई जिसकी भनक लगते ही 17 जून 1857 को ह्यूम महिला के वेश में गुप्त ढंग से इटावा से निकल कर बढ़पुरा पहुंच गये और सात दिनों तक बढ़पुरा में छिपे रहे।{{cn}} एलन आक्टेवियन ह्यूम यानि ए.ओ.ह्यूम को वैसे तो आम तौर सिर्फ काग्रेंस के संस्थापक के तौर पर जाना और पहचाना जाता है लेकिन ए.ओ.ह्यूम की कई पहचानें रही हैं। यमुना और चंबल नदी के किनारे बसे उत्तर प्रदेश के छोटे से जिले इटावा में चार फरवरी 1856 को इटावा के कलेक्टर के रूप में ए.ओ.ह्यूम की तैनाती अंग्रेज सरकार की ओर से की गई। यह ह्यूम की कलक्टर के रूप में पहली तैनाती थी। ए.ओ.ह्यूम इटावा में अपने कार्यकाल के दौरान 1867 तक तैनात रहे। आते ही ह्यूम ने अपनी कार्यक्षमता का परिचय देना शुरू कर दिया। सोलह जून 1856 को ह्यूम ने इटावा के लोगों की जनस्वास्थ्य सुविधाओं को मद्देनजर रखते हुए मुख्यालय पर एक सरकारी अस्पताल का निर्माण कराया तथा स्थानीय लोगों की मदद से ह्यूम ने खुद के अंश से 32 स्कूलों को निर्माण कराया जिसमें 5683 बालक बालिका अध्ययनरत रहे। खास बात यह है कि उस वक्त बालिका शिक्षा का जोर न के बराबर था तभी तो सिर्फ दो ही बालिका अध्ययन के लिये सामने आई। ह्यूम ने इटावा को एक बड़ा व्यापारिक केन्द्र बनाने का निर्णय लेते हुए अपने ही नाम के उपनाम ह्यूम से ह्यूमगंज की स्थापना करके बाजार खुलवाया जो आज बदलते समय में होमगंज के रूप में बड़ा व्यापारिक केन्द्र बन गया है। ह्यूम को उस अंग्रेज अफसर के रूप में माना जाता है जिसने अपने समय से पहले बहुत आगे के बारे में न केवल सोचा बल्कि उस पर काम भी किया। वैसे तो इटावा का वजूद ह्यूम के यहं आने से पहले ही हो गया था लेकिन ह्यूम ने जो कुछ दिया उसके कोई दूसरी मिसाल देखने को कहीं भी नहीं मिलती। एक अंग्रेज अफसर होने के बावजूद भी ह्यूम का यही इटावा प्रेम उनके लिये मुसीबत का कारण बना। इन्होंने भारत में भिन्न-भिन्न पदों पर काम किया और 1882 में अवकाश ग्रहण किया। इसी समय ब्रिटिश सरकार के असंतोषजनक कार्यों के फलस्वरूप भारत में अद्भुत जाग्रति उत्पन्न हो गई और वे अपने को संघटित करने लगे। इस कार्य में ह्यूम साहब से भारतीयों बड़ी प्रेरणा मिली। 1884 के अंतिम भाग में [[सुरेंद्रनाथ बैनर्जी|सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] तथा [[उमेश चन्द्र बनर्जी|व्योमेशचन्द्र बनर्जी]] और ह्यूम साहब के प्रयत्न से इंडियन नेशनल यूनियम का संघटन किया गया।
27 दिसम्बर 1885 को भारत के भिन्न-भिन्न भागों से भारतीय नेता बंबई पहुँचे और दूसरे दिन सम्मेलन आरंभ हुआ। इस सम्मेलन का सारा प्रबंध ह्यूम साहब ने किया था। इस प्रथम सम्मेलन के सभापति [[व्योमेशचंद्र बनर्जी]] बनाए गए थे जो बड़े योग्य तथा प्रतिष्ठित बंगाली क्रिश्चियन वकील थे। यह सम्मेलन "इंडियन नेशनल कांग्रेस" के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
ह्यूम भारतवासियों के सच्चे मित्र थे। उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों का प्रचार अपने लेखों और व्याख्यानों द्वारा किया। इनका प्रभाव इंग्लैंड की जनता पर संतोषजनक पड़ा। वायसराय लार्ड डफरिन के शासनकाल में ही ब्रिटिश सरकार कांग्रेस को शंका की दृष्टि से देखने लगी। ह्यूम साहब को भी भारत छोड़ने की राजाज्ञा मिली।
ह्यूम के मित्रों में [[दादा भाई नौरोजी]], सर [[सुरेंद्रनाथ बैनर्जी|सुरेंद्रनाथ बनर्जी]], सर [[फिरोज़शाह मेहता|फीरोज शाह मेहता]], श्री [[गोपाल कृष्ण गोखले]], श्री [[उमेश चन्द्र बनर्जी|व्योमेशचंद्र बनर्जी]], श्री [[बाल गंगाधर तिलक|बालगंगाधर तिलक]] आदि थे। इनके द्वारा शासन तथा समाज में अनेक सुधार हुए।
उन्होंने अपने विश्राम के दिनों में भारतवासियों को अधिक से अधिक अंग्रेजी सरकार से दिलाने की कोशिश की। इस संबंध में उनको कई बार इंग्लैंड भी जाना पड़ा।
इंग्लैंड में ह्यूम साहब ने अंग्रेजों को यह बताया कि भारतवासी अब इस योग्य हैं कि वे अपने देश का प्रबंध स्वयं कर सकते हैं। उनको अंग्रेजों की भाँति सब प्रकार के अधिकार प्राप्त होने चाहिए और सरकारी नौकरियों में भी समानता होना आवश्यक है। जब तक ऐसा न होगा, वे चैन से न बैठेंगे।
इंग्लैंड की सरकार ने ह्यूम साहब के सुझावों को स्वीकार किया। भारतवासियों को बड़े से बड़े सरकारी पद मिलने लगे। कांग्रेस को सरकार अच्छी दृष्टि से देखने लगी और उसके सुझावों का सम्मान करने लगी। ह्यूम साहब तथा व्योमेशचंद्र बनर्जी के हर सुझाव को अंग्रेजी सरकार मानती थी और प्रत्येक सरकारी कार्य में उनसे सलाह लेती थी।
ह्यूम अपने को भारतीय ही समझते थे। [[भारतीय खाना|भारतीय भोजन]] उनको अधिक पसंद था। [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] तथा [[बाइबिल]] को प्रतिदिन पढ़ा करते थे।
उनके भाषणों में भारतीय विचार होते थे तथा भारतीय जनता कैसे सुखी बनाई जा सकती है और अंग्रेजी सरकार को भारतीय जनता के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इन्हीं सब बातों को वह अपने लेखों तथा भाषणों में कहा करते थे।
वे कहते थे कि भारत में एकता तथा संघटन की बड़ी आवश्यकता है। जिस समय भी भारतवासी इन दोनों गुणों को अपना लेंगे उसी समय अंग्रेज भारत छोड़कर चले जाएँगे।
ह्यूम [[बाल गंगाधर तिलक|लोकमान्य बालगंगाधर तिलक]] को सच्चा देशभक्त तथा [[भारतमाता|भारत माता]] का सुपुत्र समझते थे। उनका विश्वास था कि वे भारत को अपने प्रयास द्वारा स्वतंत्रता अवश्य दिला सकेंगे।
== इन्हें भी देखें ==
* [[ओल्ड मैंज़ होप|बूढ़े की आशा]], ह्यूम द्वारा लिखी गई एक भारतीय देशभक्ति की कविता
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20101127104115/http://dhankedeshme.blogspot.com/2009/10/blog-post_08.html ह्यूम साहब को भारतीयों के हित की ऐसी क्या चिन्ता हो गई जो उन्होंने कांग्रेस बनाया?]
* [https://web.archive.org/web/20110530125437/http://www.archive.org/details/listofbirdsofind00hume List of the birds of India (1879)]
* [https://web.archive.org/web/20080619050648/http://www.archive.org/details/nestseggsofindia01humerich The Nests and Eggs of Indian Birds, Volume 1 (Scanned)]
* [https://web.archive.org/web/20080619043814/http://www.archive.org/details/nestseggsofindia02humerich The Nests and Eggs of Indian Birds, Volume 2 (Scanned)]
* [https://web.archive.org/web/20080619050908/http://www.archive.org/details/nestseggsofindia03humerich The Nests and Eggs of Indian Birds, Volume 3 (Scanned)]
* Lahore to Yarkand. Incidents of the Route and Natural History of the countries traversed by the expedition of 1870 under T. D. Forsyth. [http://books.google.com/books?id=Inofk_URJm8C Google books]
* [https://web.archive.org/web/20090906044246/http://www.zoonomen.net/bio/bioh.html Biographies of ornithologists]
* [https://web.archive.org/web/20090826225832/http://www.blavatskyarchives.com/hume1884.htm Hume-Blavatsky correspondence]
* [https://web.archive.org/web/20091205032655/http://slbi.org.uk/ South London Botanical Institute]
* [https://web.archive.org/web/20110106035645/http://www.hindu.com/br/2004/09/21/stories/2004092100301400.htm Book review]
* [https://web.archive.org/web/20100407184830/http://www.victorianweb.org/history/empire/india/hume.html The Victorian Web]
[[श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]]
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इण्डिका (मेगस्थनीज द्वारा रचित पुस्तक)
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) ग्रीक लेखक [[मेगस्थनीज]] द्वारा युनानी भाषा में लिखी गयी एक पुस्तक है जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह मूल रूप से प्राप्त नहीं हुई है परन्तु इसके कुछ भाग परवर्ती लेखकों के ग्रंथों से प्राप्त हुए है इनमें डियोडोरस, सुकीलस , स्ट्रैबो ( ''जियोग्राफिका'' ), प्लिनी और एरियन ( ''इंडिका'' ), प्लूटार्क, जस्टिन के नाम उल्लेखनीय है।
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की ''इंडिका'' को बाद के लेखकों द्वारा प्रत्यक्ष उद्धरण या पैराफेरेस के रूप में संरक्षित भागों का उपयोग करके फिर से बनाया जा सकता है। मूल पाठ से संबंधित भागों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शब्दावली पर आधारित कार्यों से की जा सकती है, तब भी जब सामग्री को मेगास्थनीज के लिए स्पष्ट रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया हो। फेलिक्स जेकोबी के ''फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर'' में मेगास्थनीज के 36 पेज के कंटेंट हैं। <sup>[3]</sup>
ईए श्वानबेक ने मेगास्थनीज को कई अंशों का पता लगाया, और उनके संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैकक्रिंडल ने 1887 में ''इंडिका'' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया। हालांकि, यह पुनर्निर्माण सार्वभौमिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। श्वानबेक और मैक्रिंडल ने 1 शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस से मेगस्थनीज के लेखन में कई अंशों को जिम्मेदार ठहराया । हालांकि, डियोडोरस ने स्ट्रैबो के विपरीत एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है, जो स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को अपने स्रोतों में से एक के रूप में उल्लेख करता है। मेगस्थनीज और डायोडोरस के खातों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत को 28,000 स्टेडियमों के रूप में वर्णित किया हैपूर्व से पश्चिम तक लंबा; मेगस्थनीज इस संख्या को 16,000 देता है। डायोडोरस कहता है कि सिंधु नील के बाद दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; मेगास्थनीज (अरियन द्वारा उद्धृत) में कहा गया है कि गंगा नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है। इतिहासकार आरसी मजुमदार बताते हैं कि मैक्रेन्डल के संस्करण में मेगैस्थनीज़ के लिए जिम्मेदार फ्रेगमेंट I और II एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते हैं, क्योंकि फ़्रैगमेंट I में नील को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैग्मेंट II ने सिंधु को नील और डेन्यूब के संयुक्त रूप से लंबे समय तक वर्णित किया है। <sup>[4]</sup>
श्वानबेक के फ्रैगमेंट XXVII में स्ट्रैबो से चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन संपूर्ण पैराग्राफों को मेगास्थनीज के लिए प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज को केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफ में तीन अलग-अलग बयानों के लिए अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया। यह संभावना है कि स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज के अलावा अन्य स्रोतों से शेष पाठ को खट्टा किया: यही कारण है कि वह विशेष रूप से मेगास्थनीज के लिए केवल तीन बयानों का श्रेय देता है। <sup>[4]</sup>
एक अन्य उदाहरण गंगराईडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है , जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डियोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खोई हुई पुस्तक थी। हालांकि, एबी बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने कार्डिया के हिरोनिमस से यह जानकारी प्राप्त की : डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टैडिया के रूप में विस्तृत बताया; यह अन्य स्रोतों द्वारा अच्छी तरह से सत्यापित है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई को 100 स्टेडिया के रूप में वर्णित किया। <sup>[5]</sup>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत [ संपादित करें ] ==
जेडब्ल्यू मैक्रिंडल द्वारा पुनर्निर्माण किए गए पाठ के अनुसार , मेगस्थनीज की ''इंडिका'' भारत का वर्णन इस प्रकार है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ मेगस्थनीज और उसकी इण्डिका का विवरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729175749/https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ |date=29 जुलाई 2023 }}
*[https://rochhak.com/2017/12/megasthenes-in-hindi.html मेगस्थनीज और उसकी 'इण्डिका' में भारत का वर्णन]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
5bmj25xmi9ejugxbz8m83e1xb0bnrn2
6553258
6553224
2026-05-17T01:52:30Z
AMAN KUMAR
911487
WIKIDATA ज्ञान संदूक जोड़ा
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wikitext
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) ग्रीक लेखक [[मेगस्थनीज]] द्वारा युनानी भाषा में लिखी गयी एक पुस्तक है जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह मूल रूप से प्राप्त नहीं हुई है परन्तु इसके कुछ भाग परवर्ती लेखकों के ग्रंथों से प्राप्त हुए है इनमें डियोडोरस, सुकीलस , स्ट्रैबो ( ''जियोग्राफिका'' ), प्लिनी और एरियन ( ''इंडिका'' ), प्लूटार्क, जस्टिन के नाम उल्लेखनीय है।
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की ''इंडिका'' को बाद के लेखकों द्वारा प्रत्यक्ष उद्धरण या पैराफेरेस के रूप में संरक्षित भागों का उपयोग करके फिर से बनाया जा सकता है। मूल पाठ से संबंधित भागों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शब्दावली पर आधारित कार्यों से की जा सकती है, तब भी जब सामग्री को मेगास्थनीज के लिए स्पष्ट रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया हो। फेलिक्स जेकोबी के ''फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर'' में मेगास्थनीज के 36 पेज के कंटेंट हैं। <sup>[3]</sup>
ईए श्वानबेक ने मेगास्थनीज को कई अंशों का पता लगाया, और उनके संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैकक्रिंडल ने 1887 में ''इंडिका'' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया। हालांकि, यह पुनर्निर्माण सार्वभौमिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। श्वानबेक और मैक्रिंडल ने 1 शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस से मेगस्थनीज के लेखन में कई अंशों को जिम्मेदार ठहराया । हालांकि, डियोडोरस ने स्ट्रैबो के विपरीत एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है, जो स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को अपने स्रोतों में से एक के रूप में उल्लेख करता है। मेगस्थनीज और डायोडोरस के खातों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत को 28,000 स्टेडियमों के रूप में वर्णित किया हैपूर्व से पश्चिम तक लंबा; मेगस्थनीज इस संख्या को 16,000 देता है। डायोडोरस कहता है कि सिंधु नील के बाद दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; मेगास्थनीज (अरियन द्वारा उद्धृत) में कहा गया है कि गंगा नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है। इतिहासकार आरसी मजुमदार बताते हैं कि मैक्रेन्डल के संस्करण में मेगैस्थनीज़ के लिए जिम्मेदार फ्रेगमेंट I और II एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते हैं, क्योंकि फ़्रैगमेंट I में नील को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैग्मेंट II ने सिंधु को नील और डेन्यूब के संयुक्त रूप से लंबे समय तक वर्णित किया है। <sup>[4]</sup>
श्वानबेक के फ्रैगमेंट XXVII में स्ट्रैबो से चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन संपूर्ण पैराग्राफों को मेगास्थनीज के लिए प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज को केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफ में तीन अलग-अलग बयानों के लिए अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया। यह संभावना है कि स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज के अलावा अन्य स्रोतों से शेष पाठ को खट्टा किया: यही कारण है कि वह विशेष रूप से मेगास्थनीज के लिए केवल तीन बयानों का श्रेय देता है। <sup>[4]</sup>
एक अन्य उदाहरण गंगराईडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है , जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डियोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खोई हुई पुस्तक थी। हालांकि, एबी बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने कार्डिया के हिरोनिमस से यह जानकारी प्राप्त की : डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टैडिया के रूप में विस्तृत बताया; यह अन्य स्रोतों द्वारा अच्छी तरह से सत्यापित है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई को 100 स्टेडिया के रूप में वर्णित किया। <sup>[5]</sup>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत [ संपादित करें ] ==
जेडब्ल्यू मैक्रिंडल द्वारा पुनर्निर्माण किए गए पाठ के अनुसार , मेगस्थनीज की ''इंडिका'' भारत का वर्णन इस प्रकार है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ मेगस्थनीज और उसकी इण्डिका का विवरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729175749/https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ |date=29 जुलाई 2023 }}
*[https://rochhak.com/2017/12/megasthenes-in-hindi.html मेगस्थनीज और उसकी 'इण्डिका' में भारत का वर्णन]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
o3xcs389jt1xfsx7cf5b3vxs7zubqho
6553259
6553258
2026-05-17T01:57:57Z
AMAN KUMAR
911487
संदर्भ जोड़े
6553259
wikitext
text/x-wiki
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) ग्रीक लेखक [[मेगस्थनीज]] द्वारा युनानी भाषा में लिखी गयी एक पुस्तक है जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह मूल रूप से प्राप्त नहीं हुई है परन्तु इसके कुछ भाग परवर्ती लेखकों के ग्रंथों से प्राप्त हुए है इनमें डियोडोरस, सुकीलस , स्ट्रैबो ( ''जियोग्राफिका'' ), प्लिनी और एरियन ( ''इंडिका'' ), प्लूटार्क, जस्टिन के नाम उल्लेखनीय है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की ''इंडिका'' को बाद के लेखकों द्वारा प्रत्यक्ष उद्धरण या पैराफेरेस के रूप में संरक्षित भागों का उपयोग करके फिर से बनाया जा सकता है। मूल पाठ से संबंधित भागों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शब्दावली पर आधारित कार्यों से की जा सकती है, तब भी जब सामग्री को मेगास्थनीज के लिए स्पष्ट रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया हो। फेलिक्स जेकोबी के ''फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर'' में मेगास्थनीज के 36 पेज के कंटेंट हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ईए श्वानबेक ने मेगास्थनीज को कई अंशों का पता लगाया, और उनके संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैकक्रिंडल ने 1887 में ''इंडिका'' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया। हालांकि, यह पुनर्निर्माण सार्वभौमिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। श्वानबेक और मैक्रिंडल ने 1 शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस से मेगस्थनीज के लेखन में कई अंशों को जिम्मेदार ठहराया । हालांकि, डियोडोरस ने स्ट्रैबो के विपरीत एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है, जो स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को अपने स्रोतों में से एक के रूप में उल्लेख करता है। मेगस्थनीज और डायोडोरस के खातों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत को 28,000 स्टेडियमों के रूप में वर्णित किया हैपूर्व से पश्चिम तक लंबा; मेगस्थनीज इस संख्या को 16,000 देता है। डायोडोरस कहता है कि सिंधु नील के बाद दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; मेगास्थनीज (अरियन द्वारा उद्धृत) में कहा गया है कि गंगा नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है। इतिहासकार आरसी मजुमदार बताते हैं कि मैक्रेन्डल के संस्करण में मेगैस्थनीज़ के लिए जिम्मेदार फ्रेगमेंट I और II एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते हैं, क्योंकि फ़्रैगमेंट I में नील को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैग्मेंट II ने सिंधु को नील और डेन्यूब के संयुक्त रूप से लंबे समय तक वर्णित किया है। <sup>[4]</sup>
श्वानबेक के फ्रैगमेंट XXVII में स्ट्रैबो से चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन संपूर्ण पैराग्राफों को मेगास्थनीज के लिए प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज को केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफ में तीन अलग-अलग बयानों के लिए अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया। यह संभावना है कि स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज के अलावा अन्य स्रोतों से शेष पाठ को खट्टा किया: यही कारण है कि वह विशेष रूप से मेगास्थनीज के लिए केवल तीन बयानों का श्रेय देता है। <sup>[4]</sup>
एक अन्य उदाहरण गंगराईडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है , जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डियोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खोई हुई पुस्तक थी। हालांकि, एबी बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने कार्डिया के हिरोनिमस से यह जानकारी प्राप्त की : डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टैडिया के रूप में विस्तृत बताया; यह अन्य स्रोतों द्वारा अच्छी तरह से सत्यापित है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई को 100 स्टेडिया के रूप में वर्णित किया। <sup>[5]</sup>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जेडब्ल्यू मैक्रिंडल द्वारा पुनर्निर्माण किए गए पाठ के अनुसार , मेगस्थनीज की ''इंडिका'' भारत का वर्णन इस प्रकार है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ मेगस्थनीज और उसकी इण्डिका का विवरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729175749/https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ |date=29 जुलाई 2023 }}
*[https://rochhak.com/2017/12/megasthenes-in-hindi.html मेगस्थनीज और उसकी 'इण्डिका' में भारत का वर्णन]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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6553260
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2026-05-17T01:58:23Z
AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) ग्रीक लेखक [[मेगस्थनीज]] द्वारा युनानी भाषा में लिखी गयी एक पुस्तक है जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह मूल रूप से प्राप्त नहीं हुई है परन्तु इसके कुछ भाग परवर्ती लेखकों के ग्रंथों से प्राप्त हुए है इनमें डियोडोरस, सुकीलस , स्ट्रैबो ( ''जियोग्राफिका'' ), प्लिनी और एरियन ( ''इंडिका'' ), प्लूटार्क, जस्टिन के नाम उल्लेखनीय है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की ''इंडिका'' को बाद के लेखकों द्वारा प्रत्यक्ष उद्धरण या पैराफेरेस के रूप में संरक्षित भागों का उपयोग करके फिर से बनाया जा सकता है। मूल पाठ से संबंधित भागों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शब्दावली पर आधारित कार्यों से की जा सकती है, तब भी जब सामग्री को मेगास्थनीज के लिए स्पष्ट रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया हो। फेलिक्स जेकोबी के ''फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर'' में मेगास्थनीज के 36 पेज के कंटेंट हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ईए श्वानबेक ने मेगास्थनीज को कई अंशों का पता लगाया, और उनके संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैकक्रिंडल ने 1887 में ''इंडिका'' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया। हालांकि, यह पुनर्निर्माण सार्वभौमिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। श्वानबेक और मैक्रिंडल ने 1 शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस से मेगस्थनीज के लेखन में कई अंशों को जिम्मेदार ठहराया । हालांकि, डियोडोरस ने स्ट्रैबो के विपरीत एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है, जो स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को अपने स्रोतों में से एक के रूप में उल्लेख करता है। मेगस्थनीज और डायोडोरस के खातों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत को 28,000 स्टेडियमों के रूप में वर्णित किया हैपूर्व से पश्चिम तक लंबा; मेगस्थनीज इस संख्या को 16,000 देता है। डायोडोरस कहता है कि सिंधु नील के बाद दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; मेगास्थनीज (अरियन द्वारा उद्धृत) में कहा गया है कि गंगा नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है। इतिहासकार आरसी मजुमदार बताते हैं कि मैक्रेन्डल के संस्करण में मेगैस्थनीज़ के लिए जिम्मेदार फ्रेगमेंट I और II एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते हैं, क्योंकि फ़्रैगमेंट I में नील को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैग्मेंट II ने सिंधु को नील और डेन्यूब के संयुक्त रूप से लंबे समय तक वर्णित किया है। <sup>[4]</sup>
श्वानबेक के फ्रैगमेंट XXVII में स्ट्रैबो से चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन संपूर्ण पैराग्राफों को मेगास्थनीज के लिए प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज को केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफ में तीन अलग-अलग बयानों के लिए अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया। यह संभावना है कि स्ट्रैबो ने मेगास्थनीज के अलावा अन्य स्रोतों से शेष पाठ को खट्टा किया: यही कारण है कि वह विशेष रूप से मेगास्थनीज के लिए केवल तीन बयानों का श्रेय देता है। <sup>[4]</sup>
एक अन्य उदाहरण गंगराईडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है , जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डियोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खोई हुई पुस्तक थी। हालांकि, एबी बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने कार्डिया के हिरोनिमस से यह जानकारी प्राप्त की : डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टैडिया के रूप में विस्तृत बताया; यह अन्य स्रोतों द्वारा अच्छी तरह से सत्यापित है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई को 100 स्टेडिया के रूप में वर्णित किया। <sup>[5]</sup>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जेडब्ल्यू मैक्रिंडल द्वारा पुनर्निर्माण किए गए पाठ के अनुसार , मेगस्थनीज की ''इंडिका'' भारत का वर्णन इस प्रकार है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ मेगस्थनीज और उसकी इण्डिका का विवरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729175749/https://www.indiaolddays.com/megasthaneej-aur-usakee-indika-ka-vivaran/ |date=29 जुलाई 2023 }}
*[https://rochhak.com/2017/12/megasthenes-in-hindi.html मेगस्थनीज और उसकी 'इण्डिका' में भारत का वर्णन]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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2026-05-17T03:07:28Z
AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जेडब्ल्यू मैक्रिंडल द्वारा पुनर्निर्माण किए गए पाठ के अनुसार , मेगस्थनीज की ''इंडिका'' भारत का वर्णन इस प्रकार है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
== सन्दर्भ ==
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==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
==टिप्पणी==
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[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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AMAN KUMAR
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/* पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत */ सुधार किया
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
==टिप्पणी==
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[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
|-
! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
|-
| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
|-
| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
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| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
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== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो दक्षिणी और पूर्वी तरफ महासागर से घिरा है। <sup>[६]</sup> सिंधु नदी देश की पश्चिमी और उत्तरी-पश्चिमी सीमा बनाती है, जहाँ तक समुद्र है। <sup>[</sup> Border <sup>]</sup> भारत की उत्तरी सीमा ताउरोसके छोर तक पहुँचती है । से एरियाना पूर्वी सागर के लिए, यह पहाड़ों कि मेकडोनियन द्वारा Kaukasos कहा जाता है से घिरा हुआ है। इन पहाड़ों के विभिन्न मूल नामों में परापामिसोस , हेमोडोस और हिमोस ( हिमालय ) शामिल हैं। <sup>[8]</sup> के अलावा Hemodos, निहित है Scythia स्क्य्थिंस के रूप में जाना का निवास सकई । <sup>[९]</sup> सिथिया के अलावा, के देशबैक्ट्रिया और एरियाना सीमा भारत। <sup>[10]</sup>
भारत के चरम बिंदु पर, सुंदियाल के सूक्ति अक्सर कोई छाया नहीं डालते हैं, और उर्स मेजर रात में अदृश्य होता है। दूर के हिस्सों में, छाया दक्षिण की ओर गिरती है, और यहां तक कि आर्कटुरस दिखाई नहीं देता है। <sup>[9]</sup>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जो अपनी उत्तरी सीमा पर पहाड़ों में पैदा होती हैं। इनमें से कई नदियाँ गंगा में विलीन हो जाती हैं , जो अपने स्रोत पर 30 स्टैडिया विस्तृत हैं, और उत्तर से दक्षिण तक चलती हैं। गंगा सागर में खाली हो जाती है जो गंगेरिदाई की पूर्वी सीमा बनाती है । <sup>[११]</sup> अन्य देशों को गंगरदाई की सबसे बड़ी हाथियों की विशाल शक्ति का डर था, और इसलिए, गंगरदाई को कभी किसी विदेशी राजा ने जीत नहीं लिया था। <sup>[12]</sup>
सिंधु उत्तर से दक्षिण तक भी चलती है और इसमें कई सहायक नदियाँ हैं। सबसे उल्लेखनीय सहायक नदियाँ हूपनिस, हुडस्पेस और एकेनेस हैं। <sup>[१३]</sup> एक अजीब नदी है सिल्लास , जो इसी नाम के एक फव्वारे से निकलती है। इस नदी में डाली गई हर चीज नीचे तक डूब जाती है - इसमें कुछ भी तैरता नहीं है। <sup>[१०]</sup> इसके अलावा, बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करती हैं। देशी दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश भारत की तुलना में अधिक ऊंचे हैं, इसलिए उनका जल भारत में चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में नदियां हैं। <sup>[14]</sup>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
==टिप्पणी==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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2026-05-17T04:13:24Z
AMAN KUMAR
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/* भूगोल */ इस भाग को पुनः अनूदित किया है और संदर्भों को जोड़ा
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wikitext
text/x-wiki
{{निर्माणाधीन|date=मई 2026}}
{{Wikidata Infobox}}
'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
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! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
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| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
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| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
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| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
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| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
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| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
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| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
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| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
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| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
|-
| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत<ref>"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है। [https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y Brill's New Pauly]</ref> से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> (मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
== सन्दर्भ ==
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==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==बाहरी कड़ियाँ==
==टिप्पणी==
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[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
|-
! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
|-
| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
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| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
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| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
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| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
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| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
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| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
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| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
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| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
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| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
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| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
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| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
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| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
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| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
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| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
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| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
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| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
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| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
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| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
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| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
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| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
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| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
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| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
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| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
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== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
पाटलिपुत्र राजधानी , ग्रीक और फ़ारसी प्रभाव दिखाते हुए, प्रारंभिक मौर्य साम्राज्यकाल, चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व।
आदिम समय में, भारतीय फलों पर रहते थे और यूनानियों की तरह जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय विद्वानों का कहना है कि डायोनिससने भारत पर आक्रमण किया, और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना अत्यधिक गर्मी को सहन करने में असमर्थ थी, तो उसने अपने सैनिकों को वसूली के लिए मेरोस नामक पहाड़ों पर ले जाया; इसने डायोनिसस के बारे में अपने पिता की जांघ ( ग्रीक में ''मेरोस'' ) में ग्रीक किंवदंती को जन्म दिया । <sup>[ए]</sup>डायोनिसस ने भारतीयों को कई चीजें सिखाईं जिनमें पौधे उगाना, शराब बनाना और पूजा करना शामिल है। उन्होंने कई बड़े शहरों की स्थापना की, कानूनों की स्थापना की और अदालतों की स्थापना की। इस कारण से, उन्हें भारतीयों द्वारा एक देवता के रूप में माना जाता था। उन्होंने वृद्ध की मृत्यु से पहले 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, इससे पहले कि वे अलग हो गए और उनकी जगह लोकतांत्रिक शहर-राज्यों ने ले ली। <sup>[16]</sup>
पहाड़ी देश में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लेस उनमें से एक था। यूनानियों की तरह, वे उसे क्लब और शेर की त्वचा के साथ चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक शक्तिशाली व्यक्ति था जो दुष्ट जानवरों को वश में करता था। उनके कई बेटे और एक बेटी थी, जो उनके प्रभुत्व के विभिन्न हिस्सों में शासक बन गए। उन्होंने कई शहरों की स्थापना की, जिनमें से सबसे बड़ा पालीबोथरा ( पाटलिपुत्र ) था। हेराक्लीज़ ने इस शहर में कई स्थानों का निर्माण किया, इसे पानी से भरी खाइयों से गढ़ दिया और शहर में कई लोगों को बसाया। उनके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, शाही शासन को लोकतांत्रिक शहर राज्यों द्वारा बदल दिया गया था, हालांकि कुछ राजा मौजूद थे जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था। <sup>[17]</sup>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
|-
| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
|-
| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
|-
| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
|-
| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
|-
| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
|-
| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== वनस्पति और जीव ===
भारत में हर तरह के फलों के पेड़ वाले कई पहाड़ हैं। <sup>[९]</sup> भारत में बड़ी संख्या में पशु प्रजातियाँ हैं। भारतीय हाथियों की तुलना में कहीं मजबूत हैं लीबिया हाथियों भारत की धरती पर भोजन की प्रचुरता के कारण,। हाथियों को बड़ी संख्या में पालतू बनाया जाता है, और युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है । <sup>[</sup> १ation <sup>]</sup> हाथियों की गर्भ अवधि १६ से १ation महीने तक होती है, और सबसे पुराने हाथी २०० साल तक जीवित रहते हैं। <sup>[19]</sup>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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6553317
6553310
2026-05-17T04:55:19Z
AMAN KUMAR
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/* जीव-जंतु */ मशीनी अनुवाद को सुधार किया संदर्भ जोड़े
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wikitext
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{{निर्माणाधीन|date=मई 2026}}
{{Wikidata Infobox}}
'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
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! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
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| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
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| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
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| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
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| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारतीय भूमि पर सोना, चांदी, तांबा और लोहा प्रचुर मात्रा में हैं। टिन और अन्य धातुओं का उपयोग कई उपकरण, हथियार, गहने और अन्य लेख बनाने के लिए किया जाता है। <sup>[18]</sup>
भारत में बहुत उपजाऊ मैदान हैं, और सिंचाई का व्यापक रूप से अभ्यास किया जाता है। <sup>[१</sup> crops <sup>]</sup> मुख्य फसलों में चावल, बाजरा, ''बोस्पोरम'' नामक फसल , अन्य अनाज, दालें और अन्य खाद्य पौधे शामिल हैं। <sup>[२०]</sup>प्रति वर्ष दो फसल चक्र होते हैं , क्योंकि गर्मी और सर्दियों दोनों में बारिश होती है। गर्मियों में संक्रांति, चावल, बाजरा, के समय ''bosporum'' और सेसामम बोया जाता है। सर्दियों के दौरान, गेहूं बोया जाता है। <sup>[20]</sup>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कोई अकाल नहीं पड़ा है: <sup>[२१]</sup>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से एक का आश्वासन दिया जाता है
* अनायास बढ़ रहे फल और खाद्य जड़ों की एक संख्या उपलब्ध है।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध विजय के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते हैं। इसके अलावा, युद्धरत पक्ष कभी भी आग से दुश्मन की जमीन को नष्ट नहीं करते और न ही उसके पेड़ों को काटते हैं।
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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2026-05-17T05:42:58Z
AMAN KUMAR
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/* अर्थव्यवस्था */ मशीनी अनुवाद को सुधार किया संदर्भ जोड़े| /*खान-पान और वस्त्र*/ जोड़ा तथा संदर्भ जोड़े|
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wikitext
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{{निर्माणाधीन|date=मई 2026}}
{{Wikidata Infobox}}
'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
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! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
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| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
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| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
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| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
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| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
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| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
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| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
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| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
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| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
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| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
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| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
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| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने बड़े आकार के कारण, भारत में कई विविध नस्लों का निवास है, जो सभी स्वदेशी हैं। भारत में कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित नहीं किया है। <sup>[१०]</sup> प्रचुर मात्रा में भोजन, बढ़िया पानी और शुद्ध हवा के कारण भारतीय औसत से अधिक कद के हैं। वे कला में अच्छी तरह से कुशल हैं। <sup>[18]</sup>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून, गुलामी पर प्रतिबंध लगाता है। कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति को असमान रूप से वितरित करने की अनुमति देता है। <sup>[22]</sup>
भारत की जनसंख्या 7 लुप्तप्राय और वंशानुगत जातियों में विभाजित है: <sup>[23]</sup>
# '''दार्शनिकों'''
#* अन्य जातियों की तुलना में कई नहीं, लेकिन सबसे प्रमुख
#* सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* न स्वामी, न नौकर
#* "देवताओं को सबसे प्रिय माना जाता है, और पाताल से संबंधित मामलों के साथ सबसे अधिक बातचीत करने वाला है "
#* दूसरों द्वारा बलिदानों की पेशकश करने और अंतिम संस्कार करने के लिए संलग्न, जिसके लिए उन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त हुए
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, बारिश के तूफान, भविष्य की हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर, नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। एक दार्शनिक जिसकी भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसे कड़ी आलोचना मिलती है और उसे अपने जीवन के शेष समय के लिए मौन पालन करना पड़ता है, लेकिन अन्यथा कोई दंड नहीं देता है।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों के अधिकांश
#* गांवों में रहते हैं, और कस्बों में जाने से बचते हैं
#* लड़ाई और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट दी गई
#* सार्वजनिक उपकारी के रूप में माना जाता है, और युद्धों के दौरान नुकसान से रक्षा की जाती है, यहां तक कि दुश्मन के योद्धाओं द्वारा भी
#* शासक, आधिकारिक भूमि के मालिक को एक भूमि श्रद्धांजलि अर्पित करें
#* इसके अलावा, वे अपनी उपज का 1/4% राज्य के खजाने में भेजते हैं
# '''चरवाहों'''
#* गाँवों और कस्बों के बाहर, तंबुओं में रहते हैं
#* शिकार और जाल फसल को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों
# '''कारीगर'''
#* किसानों और अन्य लोगों के लिए हथियारों के साथ-साथ उपकरण भी बनाएं
#* करों का भुगतान करने से छूट दी गई, और सरकारी खजाने से रखरखाव प्राप्त किया
# '''सैन्य'''
#* जातियों के बीच दूसरा सबसे कई
#* युद्ध के लिए अच्छी तरह से संगठित और सुसज्जित
#* शांतिपूर्ण समय के दौरान मनोरंजन और आलस्य में लिप्त
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ, राज्य के खर्च पर बनाए रखा
# '''ओवरसियरों'''
#* प्रशासनिक कार्यों को पूरा करें
#* राजा (या राजाओं द्वारा शासित राज्यों में) मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट करें
# '''पार्षद और मूल्यांकनकर्ता'''
#* अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोगों की रचना
#* सार्वजनिक मामलों पर जानबूझकर; शाही सलाहकार, राज्य कोषाध्यक्ष, विवाद मध्यस्थ शामिल थे; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग के थे।
#* कम से कम, लेकिन सबसे सम्मानित
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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6553330
6553324
2026-05-17T06:10:24Z
AMAN KUMAR
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/* समाज */ अनूदित सुधार किया तथा संदर्भ जोड़े
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wikitext
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{{निर्माणाधीन|date=मई 2026}}
{{Wikidata Infobox}}
'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
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! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
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| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
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| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
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| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
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| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
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| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
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| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
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| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
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| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
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| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
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| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
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| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
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| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने विशाल आकार के कारण, भारत में अनेक विविध नस्लों का निवास है, जो सभी पूर्णतः स्वदेशी हैं। भारत का कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और न ही भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref>
यहाँ के जानवरों की तरह, प्रचुर मात्रा में फसलों की उपलब्धता के कारण भारत के मनुष्य भी "कद और डील-डौल में असाधारण" होते हैं। शुद्ध हवा और स्वच्छ जल के कारण वे तकनीकी रूप से भी अत्यंत निपुण हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|publisher=Routledge|p=29|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> वे कला में भी अत्यधिक कुशल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=31|language=English}}</ref>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून के तहत दास प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति के असमान वितरण की अनुमति देता है।
भारत की जनसंख्या 7 अंतर्विवाही और वंशानुगत जातियों में विभाजित है:<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=40-44|language=English}}</ref>
# '''[[भारतीय दर्शन|दार्शनिक]]'''
#* अन्य जातियों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन ये सबसे प्रमुख हैं।
#* इन्हें सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* ये न तो किसी के स्वामी हैं, और न ही सेवक।
#* "इन्हें देवताओं का सबसे प्रिय माना जाता है, और परलोक से संबंधित मामलों का सबसे बड़ा ज्ञाता माना जाता है।"
#* अन्य लोग इन्हें यज्ञ करने और अंतिम संस्कार कराने के लिए नियुक्त करते हैं, जिसके लिए इन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, भारी वर्षा, अनुकूल हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। जिस दार्शनिक की भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसकी कड़ी आलोचना होती है और उसे जीवन भर मौन धारण करना पड़ता है, लेकिन इसके अतिरिक्त उसे कोई अन्य दंड नहीं दिया जाता।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों में इनकी संख्या सर्वाधिक है।
#* ये गाँवों में रहते हैं और नगरों में जाने से बचते हैं।
#* इन्हें युद्ध लड़ने और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* इन्हें समाज का उपकारी माना जाता है, और युद्धों के दौरान शत्रु योद्धाओं द्वारा भी इन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।
#* ये भूमि के आधिकारिक स्वामी यानी शासक को भू-राजस्व चुकाते हैं।
#* इसके अतिरिक्त, वे अपनी उपज का एक-चौथाई हिस्सा राजकीय खजाने में जमा करते हैं।
# '''[[पशुपालक]]'''
#* ये गाँवों और नगरों के बाहर तंबुओं में रहते हैं।
#* ये फसलों को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें फँसाते हैं।
#* ये पशुपालन के कार्य में भी संलग्न होते हैं।
# '''कारीगर'''
#* ये हथियार बनाते हैं, साथ ही किसानों और अन्य लोगों के लिए उपकरण भी बनाते हैं।
#* इन्हें कर चुकाने से छूट प्राप्त है, और राजकीय खजाने से इन्हें भरण-पोषण प्राप्त होता है।
# '''सैनिक'''
#* जातियों में इनकी संख्या दूसरी सबसे बड़ी है।
#* ये युद्ध के लिए अत्यंत सुसंगठित और सुसज्जित रहते हैं।
#* शांतिकाल के दौरान ये मनोरंजन और आलस्य का आनंद लेते हैं।
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ-साथ, इनका भरण-पोषण भी राज्य के खर्च पर किया जाता है।
# '''निरीक्षक'''
#* ये प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।
#* ये राजा को, या (उन राज्यों में जहाँ राजा का शासन नहीं है) दंडाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते हैं।
# '''पार्षद और परामर्शदाता'''
#* इस वर्ग में अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोग शामिल होते हैं।
#* ये सार्वजनिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं; इनमें शाही सलाहकार, राज्य के कोषाध्यक्ष और विवादों के मध्यस्थ शामिल होते हैं; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग से आते हैं।
#* इनकी संख्या सबसे कम होती है, लेकिन ये सबसे अधिक सम्मानित होते हैं।
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज ब्राहमणों और यहूदियों के बीच सुकरात के विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है । पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने, अपने स्ट्रोमेटिस में , मेगस्थनीज़ को गलत समझा हो सकता है कि ''भौतिकी के'' यूनानी विचारों को स्वीकार करते हुए ग्रीक प्रधानता के दावों का जवाब दिया जाए। मेगस्थनीज, एपनिया के न्यूमेनियस की तरह , बस विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था। <sup>[24]</sup>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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6553340
6553330
2026-05-17T06:43:35Z
AMAN KUMAR
911487
/* दर्शनशास्त्र */ संदर्भ जोड़े विस्तार भी किया
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wikitext
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{{निर्माणाधीन|date=मई 2026}}
{{Wikidata Infobox}}
'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
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! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
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| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
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| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
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| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
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| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
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| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने विशाल आकार के कारण, भारत में अनेक विविध नस्लों का निवास है, जो सभी पूर्णतः स्वदेशी हैं। भारत का कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और न ही भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref>
यहाँ के जानवरों की तरह, प्रचुर मात्रा में फसलों की उपलब्धता के कारण भारत के मनुष्य भी "कद और डील-डौल में असाधारण" होते हैं। शुद्ध हवा और स्वच्छ जल के कारण वे तकनीकी रूप से भी अत्यंत निपुण हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|publisher=Routledge|p=29|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> वे कला में भी अत्यधिक कुशल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=31|language=English}}</ref>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून के तहत दास प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति के असमान वितरण की अनुमति देता है।
भारत की जनसंख्या 7 अंतर्विवाही और वंशानुगत जातियों में विभाजित है:<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=40-44|language=English}}</ref>
# '''[[भारतीय दर्शन|दार्शनिक]]'''
#* अन्य जातियों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन ये सबसे प्रमुख हैं।
#* इन्हें सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* ये न तो किसी के स्वामी हैं, और न ही सेवक।
#* "इन्हें देवताओं का सबसे प्रिय माना जाता है, और परलोक से संबंधित मामलों का सबसे बड़ा ज्ञाता माना जाता है।"
#* अन्य लोग इन्हें यज्ञ करने और अंतिम संस्कार कराने के लिए नियुक्त करते हैं, जिसके लिए इन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, भारी वर्षा, अनुकूल हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। जिस दार्शनिक की भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसकी कड़ी आलोचना होती है और उसे जीवन भर मौन धारण करना पड़ता है, लेकिन इसके अतिरिक्त उसे कोई अन्य दंड नहीं दिया जाता।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों में इनकी संख्या सर्वाधिक है।
#* ये गाँवों में रहते हैं और नगरों में जाने से बचते हैं।
#* इन्हें युद्ध लड़ने और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* इन्हें समाज का उपकारी माना जाता है, और युद्धों के दौरान शत्रु योद्धाओं द्वारा भी इन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।
#* ये भूमि के आधिकारिक स्वामी यानी शासक को भू-राजस्व चुकाते हैं।
#* इसके अतिरिक्त, वे अपनी उपज का एक-चौथाई हिस्सा राजकीय खजाने में जमा करते हैं।
# '''[[पशुपालक]]'''
#* ये गाँवों और नगरों के बाहर तंबुओं में रहते हैं।
#* ये फसलों को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें फँसाते हैं।
#* ये पशुपालन के कार्य में भी संलग्न होते हैं।
# '''कारीगर'''
#* ये हथियार बनाते हैं, साथ ही किसानों और अन्य लोगों के लिए उपकरण भी बनाते हैं।
#* इन्हें कर चुकाने से छूट प्राप्त है, और राजकीय खजाने से इन्हें भरण-पोषण प्राप्त होता है।
# '''सैनिक'''
#* जातियों में इनकी संख्या दूसरी सबसे बड़ी है।
#* ये युद्ध के लिए अत्यंत सुसंगठित और सुसज्जित रहते हैं।
#* शांतिकाल के दौरान ये मनोरंजन और आलस्य का आनंद लेते हैं।
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ-साथ, इनका भरण-पोषण भी राज्य के खर्च पर किया जाता है।
# '''निरीक्षक'''
#* ये प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।
#* ये राजा को, या (उन राज्यों में जहाँ राजा का शासन नहीं है) दंडाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते हैं।
# '''पार्षद और परामर्शदाता'''
#* इस वर्ग में अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोग शामिल होते हैं।
#* ये सार्वजनिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं; इनमें शाही सलाहकार, राज्य के कोषाध्यक्ष और विवादों के मध्यस्थ शामिल होते हैं; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग से आते हैं।
#* इनकी संख्या सबसे कम होती है, लेकिन ये सबसे अधिक सम्मानित होते हैं।
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज भारतीय दार्शनिकों को दो श्रेणियों में विभाजित करता है—जिनमें से एक को वह [[ब्राह्मण|ब्रैचमेनस]] और दूसरी को [[श्रमण|सरमेनस]] कहता है। सरमेनस के विषय में उसका कथन है कि 'हाइलोबिओई' सबसे अधिक सम्मानित होते हैं। उनके बाद दूसरा सबसे अधिक सम्मान [[आयुर्वेद|चिकित्सकों]] का होता है, क्योंकि वे मनुष्य की प्रकृति के अध्ययन में संलग्न रहते हैं। इनके अतिरिक्त, भविष्यवक्ता और तांत्रिक भी होते हैं। महिलाएँ भी इनमें से कुछ के साथ मिलकर दर्शनशास्त्र का अध्ययन करती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://ignca.gov.in/Asi_data/34799.pdf|title=Archeological survey of india|pages=|archive-url=|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts}}</ref>
मेगस्थनीज भारत में ब्राह्मणों और सीरिया में यहूदियों के बीच सुकरात-पूर्व विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है। पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने अपनी कृति 'स्ट्रोमेटिस' में संभवतः मेगस्थनीज़ को समझने में यह भूल की थी कि वह (मेगस्थनीज़) यह स्वीकार करके यूनानी प्रधानता के दावों का उत्तर दे रहा था कि ''भौतिकी'' के यूनानी विचार, यहूदियों और भारतीयों के विचारों के बाद आए थे। वास्तव में, अपामिया के न्यूमेनियस की तरह, मेगस्थनीज केवल विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Image_of_the_Jews_in_Greek_Literatur.html?id=tVbzRfhBwCEC&redir_esc=y|title=The Image of the Jews in Greek Literature: The Hellenistic Period|last=Bar-Kochva|first=Bezalel|date=2010-02-02|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-94363-6|language=en}}</ref>
=== प्रशासन ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। विशेष अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है कि कोई भी विदेशी को नुकसान न पहुंचे, और न्यायाधीश विदेशियों को अनुचित लाभ उठाने वालों को कठोर दंड दें। बीमार विदेशियों में चिकित्सकों द्वारा भाग लिया जाता है और उनकी देखभाल की जाती है। भारत में मरने वाले विदेशियों को दफनाया जाता है, और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती है। <sup>[25]</sup>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
|-
| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
|-
| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
|-
| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
|-
| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
|-
| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
|-
| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
|-
| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने विशाल आकार के कारण, भारत में अनेक विविध नस्लों का निवास है, जो सभी पूर्णतः स्वदेशी हैं। भारत का कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और न ही भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref>
यहाँ के जानवरों की तरह, प्रचुर मात्रा में फसलों की उपलब्धता के कारण भारत के मनुष्य भी "कद और डील-डौल में असाधारण" होते हैं। शुद्ध हवा और स्वच्छ जल के कारण वे तकनीकी रूप से भी अत्यंत निपुण हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|publisher=Routledge|p=29|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> वे कला में भी अत्यधिक कुशल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=31|language=English}}</ref>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून के तहत दास प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति के असमान वितरण की अनुमति देता है।
भारत की जनसंख्या 7 अंतर्विवाही और वंशानुगत जातियों में विभाजित है:<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=40-44|language=English}}</ref>
# '''[[भारतीय दर्शन|दार्शनिक]]'''
#* अन्य जातियों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन ये सबसे प्रमुख हैं।
#* इन्हें सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* ये न तो किसी के स्वामी हैं, और न ही सेवक।
#* "इन्हें देवताओं का सबसे प्रिय माना जाता है, और परलोक से संबंधित मामलों का सबसे बड़ा ज्ञाता माना जाता है।"
#* अन्य लोग इन्हें यज्ञ करने और अंतिम संस्कार कराने के लिए नियुक्त करते हैं, जिसके लिए इन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, भारी वर्षा, अनुकूल हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। जिस दार्शनिक की भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसकी कड़ी आलोचना होती है और उसे जीवन भर मौन धारण करना पड़ता है, लेकिन इसके अतिरिक्त उसे कोई अन्य दंड नहीं दिया जाता।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों में इनकी संख्या सर्वाधिक है।
#* ये गाँवों में रहते हैं और नगरों में जाने से बचते हैं।
#* इन्हें युद्ध लड़ने और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* इन्हें समाज का उपकारी माना जाता है, और युद्धों के दौरान शत्रु योद्धाओं द्वारा भी इन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।
#* ये भूमि के आधिकारिक स्वामी यानी शासक को भू-राजस्व चुकाते हैं।
#* इसके अतिरिक्त, वे अपनी उपज का एक-चौथाई हिस्सा राजकीय खजाने में जमा करते हैं।
# '''[[पशुपालक]]'''
#* ये गाँवों और नगरों के बाहर तंबुओं में रहते हैं।
#* ये फसलों को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें फँसाते हैं।
#* ये पशुपालन के कार्य में भी संलग्न होते हैं।
# '''कारीगर'''
#* ये हथियार बनाते हैं, साथ ही किसानों और अन्य लोगों के लिए उपकरण भी बनाते हैं।
#* इन्हें कर चुकाने से छूट प्राप्त है, और राजकीय खजाने से इन्हें भरण-पोषण प्राप्त होता है।
# '''सैनिक'''
#* जातियों में इनकी संख्या दूसरी सबसे बड़ी है।
#* ये युद्ध के लिए अत्यंत सुसंगठित और सुसज्जित रहते हैं।
#* शांतिकाल के दौरान ये मनोरंजन और आलस्य का आनंद लेते हैं।
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ-साथ, इनका भरण-पोषण भी राज्य के खर्च पर किया जाता है।
# '''निरीक्षक'''
#* ये प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।
#* ये राजा को, या (उन राज्यों में जहाँ राजा का शासन नहीं है) दंडाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते हैं।
# '''पार्षद और परामर्शदाता'''
#* इस वर्ग में अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोग शामिल होते हैं।
#* ये सार्वजनिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं; इनमें शाही सलाहकार, राज्य के कोषाध्यक्ष और विवादों के मध्यस्थ शामिल होते हैं; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग से आते हैं।
#* इनकी संख्या सबसे कम होती है, लेकिन ये सबसे अधिक सम्मानित होते हैं।
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज भारतीय दार्शनिकों को दो श्रेणियों में विभाजित करता है—जिनमें से एक को वह [[ब्राह्मण|ब्रैचमेनस]] और दूसरी को [[श्रमण|सरमेनस]] कहता है। सरमेनस के विषय में उसका कथन है कि 'हाइलोबिओई' सबसे अधिक सम्मानित होते हैं। उनके बाद दूसरा सबसे अधिक सम्मान [[आयुर्वेद|चिकित्सकों]] का होता है, क्योंकि वे मनुष्य की प्रकृति के अध्ययन में संलग्न रहते हैं। इनके अतिरिक्त, भविष्यवक्ता और तांत्रिक भी होते हैं। महिलाएँ भी इनमें से कुछ के साथ मिलकर दर्शनशास्त्र का अध्ययन करती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://ignca.gov.in/Asi_data/34799.pdf|title=Archeological survey of india|pages=|archive-url=|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts}}</ref>
मेगस्थनीज भारत में ब्राह्मणों और सीरिया में यहूदियों के बीच सुकरात-पूर्व विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है। पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने अपनी कृति 'स्ट्रोमेटिस' में संभवतः मेगस्थनीज़ को समझने में यह भूल की थी कि वह (मेगस्थनीज़) यह स्वीकार करके यूनानी प्रधानता के दावों का उत्तर दे रहा था कि ''भौतिकी'' के यूनानी विचार, यहूदियों और भारतीयों के विचारों के बाद आए थे। वास्तव में, अपामिया के न्यूमेनियस की तरह, मेगस्थनीज केवल विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Image_of_the_Jews_in_Greek_Literatur.html?id=tVbzRfhBwCEC&redir_esc=y|title=The Image of the Jews in Greek Literature: The Hellenistic Period|last=Bar-Kochva|first=Bezalel|date=2010-02-02|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-94363-6|language=en}}</ref>
=== विदेशियों के प्रति व्यवहार ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है कि किसी भी विदेशी को कोई नुकसान न पहुँचे, और जो लोग विदेशियों का अनुचित लाभ उठाते हैं, न्यायाधीश उन्हें कठोर दंड देते हैं। चिकित्सकों द्वारा बीमार विदेशियों की चिकित्सा और देखभाल की जाती है। भारत में जिन विदेशियों की मृत्यु हो जाती है, उन्हें दफना दिया जाता है और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों को सौंप दी जाती है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44-45|language=English}}</ref>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखक जैसे एरियन , स्ट्रैबो , डियोडोरस और प्लिनी ने ''इंडिका का'' उल्लेख अपने कामों में किया। इन लेखकों में से, एरियन मेगास्थनीज के सबसे अधिक बोलता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान के साथ मानते हैं।
पहली शताब्दी के ग्रीक लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज और उसके सफल राजदूत डीमाचस लीअर्स दोनों को बुलाया , और कहा कि "कोई भी विश्वास नहीं" उनके लेखन में रखा जा सकता है। <sup>[26]</sup> ''Indika'' ऐसी कोई मुंह, सपनों और अन्य पौराणिक जानवर, और के साथ लोगों की जनजातियों के बारे में उन लोगों के रूप में कई विलक्षण कथाएँ, निहित सोना खुदाई चींटियों । <sup>[२</sup> directly <sup>]</sup> स्ट्रैबो ने सीधे तौर पर इन विवरणों का खंडन किया, अपने पाठकों को आश्वस्त करते हुए कि मेगस्थनीज की कहानियां, हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना के बारे में बताते हुए, वास्तविकता में कोई आधार नहीं के साथ पौराणिक थे। <sup>[२</sup> short <sup>]</sup> इतनी कमियों के बावजूद, ''इंडिका'' का अधिकांश हिस्सासाख है, और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन और अन्य विषयों के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। <sup>[27]</sup>
पॉल जे। कोस्मिन के अनुसार, भारत से सेल्यूकस के पीछे हटने का औचित्य साबित करने के लिए , ''इंडिका'' ने समकालीन भारत को एक निर्विवाद क्षेत्र के रूप में दर्शाया है। मेगस्थनीज यह तर्क देने की कोशिश करता है कि डायोनिसस भारत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम था, क्योंकि उसके आक्रमण से पहले, भारत एक आदिम ग्रामीण समाज था। भारत का डायोनिसस शहरीकरण भारत को एक शक्तिशाली, अभेद्य राष्ट्र बनाता है। बाद के शासक - भारतीय हेराक्लेस - को ग्रीक हेराक्लेस के साथ समानता के बावजूद, भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है । यह, कोस्मिन के अनुसार, क्योंकि अब भारत को अप्राप्य के रूप में दिखाया गया है। <sup>[29]</sup>मेगस्थनीज इस बात पर जोर देता है कि कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर पाई थी (डायोनिसस के बाद से) और भारतीयों ने किसी विदेशी देश पर आक्रमण नहीं किया था। एक पृथक, अजेय देश के रूप में भारत का यह प्रतिनिधित्व सेल्युकस की शांति संधि को भारतीय सम्राट के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। <sup>[30]</sup>
मेगस्थनीज कहता है कि भारत में कोई भी गुलाम नहीं था, लेकिन ''अर्थशास्त्री'' समकालीन भारत में दासता के अस्तित्व में हैं; <sup>[३१]</sup> स्ट्रैबो ने ओनेसिसिट्रस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज के दावे को भी गिनाया । इतिहासकार शिरीन मूसवी का मानना है कि गुलामों को बाहर किया गया था, और उन्हें समाज का सदस्य नहीं माना जाता था। <sup>[३२]</sup> इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार , भारतीय समाज में दासों और अन्य लोगों के बीच तीव्र अंतर का अभाव ( ग्रीक समाज के विपरीत ) ने मेगस्थनीज़ को भ्रमित किया हो सकता है: भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर गुलामी का उपयोग नहीं किया, और दासों में भारत अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकता है या अपने स्वामी द्वारा जारी किया जा सकता है। <sup>[33]</sup>
मेगस्थनीज ने भारत में सात जातियों का उल्लेख किया है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों ( वर्णों ) का उल्लेख है । थापर के अनुसार, मेगस्थनीज का वर्गीकरण सामाजिक विभाजन के बजाय आर्थिक विभाजन पर आधारित प्रतीत होता है; यह समझ में आता है क्योंकि वर्ण आर्थिक विभाजन के रूप में उत्पन्न हुए हैं। थापर यह भी अनुमान लगाते हैं कि उन्होंने अपनी भारत यात्रा के कुछ वर्षों बाद अपना खाता लिखा था, और इस समय, वह "सातवें नंबर पर आ गए, उन्हें दिए गए तथ्यों को भूल गए"। वैकल्पिक रूप से, यह संभव है कि बाद के लेखकों ने उन्हें गलत समझा, मिस्र के समाज के साथ समानताएं खोजने की कोशिश की, जो हेरोडोटस के अनुसार , सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था। <sup>[34]</sup>
मेगस्थनीज का दावा है कि सिकंदर से पहले किसी भी विदेशी शक्ति ने पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस के अपवाद के साथ, भारतीयों पर आक्रमण या विजय प्राप्त नहीं की थी। हालांकि, यह पहले के स्रोतों से जाना जाता है - जैसे कि डेरियस द ग्रेट और हेरोडोटस के शिलालेख - कि अचमेनिद साम्राज्य में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) के कुछ हिस्से शामिल थे। यह संभव है कि आचमेनिड नियंत्रण सिंधु नदी से आगे नहीं बढ़े, जिसे मेगस्थनीज ने भारत की सीमा माना। एक और संभावना यह है कि मेगस्थनीज का उद्देश्य आचमेनिड साम्राज्य की शक्ति को समझना था, जो यूनानियों का एक प्रतिद्वंद्वी था। <sup>[35]</sup>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
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AMAN KUMAR
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'''''इंडिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इंडिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इंडिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इंडिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इंडिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इंडिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
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! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पुस्तक संख्या
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| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
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| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
|-
| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
|-
| 59 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 65 || ''इंडिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
|-
| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
|-
| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
|-
| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
|-
| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
|-
| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
|-
| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
|-
| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
|-
| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
|-
| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इंडिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने विशाल आकार के कारण, भारत में अनेक विविध नस्लों का निवास है, जो सभी पूर्णतः स्वदेशी हैं। भारत का कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और न ही भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref>
यहाँ के जानवरों की तरह, प्रचुर मात्रा में फसलों की उपलब्धता के कारण भारत के मनुष्य भी "कद और डील-डौल में असाधारण" होते हैं। शुद्ध हवा और स्वच्छ जल के कारण वे तकनीकी रूप से भी अत्यंत निपुण हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|publisher=Routledge|p=29|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> वे कला में भी अत्यधिक कुशल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=31|language=English}}</ref>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून के तहत दास प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति के असमान वितरण की अनुमति देता है।
भारत की जनसंख्या 7 अंतर्विवाही और वंशानुगत जातियों में विभाजित है:<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=40-44|language=English}}</ref>
# '''[[भारतीय दर्शन|दार्शनिक]]'''
#* अन्य जातियों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन ये सबसे प्रमुख हैं।
#* इन्हें सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* ये न तो किसी के स्वामी हैं, और न ही सेवक।
#* "इन्हें देवताओं का सबसे प्रिय माना जाता है, और परलोक से संबंधित मामलों का सबसे बड़ा ज्ञाता माना जाता है।"
#* अन्य लोग इन्हें यज्ञ करने और अंतिम संस्कार कराने के लिए नियुक्त करते हैं, जिसके लिए इन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, भारी वर्षा, अनुकूल हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। जिस दार्शनिक की भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसकी कड़ी आलोचना होती है और उसे जीवन भर मौन धारण करना पड़ता है, लेकिन इसके अतिरिक्त उसे कोई अन्य दंड नहीं दिया जाता।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों में इनकी संख्या सर्वाधिक है।
#* ये गाँवों में रहते हैं और नगरों में जाने से बचते हैं।
#* इन्हें युद्ध लड़ने और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* इन्हें समाज का उपकारी माना जाता है, और युद्धों के दौरान शत्रु योद्धाओं द्वारा भी इन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।
#* ये भूमि के आधिकारिक स्वामी यानी शासक को भू-राजस्व चुकाते हैं।
#* इसके अतिरिक्त, वे अपनी उपज का एक-चौथाई हिस्सा राजकीय खजाने में जमा करते हैं।
# '''[[पशुपालक]]'''
#* ये गाँवों और नगरों के बाहर तंबुओं में रहते हैं।
#* ये फसलों को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें फँसाते हैं।
#* ये पशुपालन के कार्य में भी संलग्न होते हैं।
# '''कारीगर'''
#* ये हथियार बनाते हैं, साथ ही किसानों और अन्य लोगों के लिए उपकरण भी बनाते हैं।
#* इन्हें कर चुकाने से छूट प्राप्त है, और राजकीय खजाने से इन्हें भरण-पोषण प्राप्त होता है।
# '''सैनिक'''
#* जातियों में इनकी संख्या दूसरी सबसे बड़ी है।
#* ये युद्ध के लिए अत्यंत सुसंगठित और सुसज्जित रहते हैं।
#* शांतिकाल के दौरान ये मनोरंजन और आलस्य का आनंद लेते हैं।
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ-साथ, इनका भरण-पोषण भी राज्य के खर्च पर किया जाता है।
# '''निरीक्षक'''
#* ये प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।
#* ये राजा को, या (उन राज्यों में जहाँ राजा का शासन नहीं है) दंडाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते हैं।
# '''पार्षद और परामर्शदाता'''
#* इस वर्ग में अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोग शामिल होते हैं।
#* ये सार्वजनिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं; इनमें शाही सलाहकार, राज्य के कोषाध्यक्ष और विवादों के मध्यस्थ शामिल होते हैं; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग से आते हैं।
#* इनकी संख्या सबसे कम होती है, लेकिन ये सबसे अधिक सम्मानित होते हैं।
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज भारतीय दार्शनिकों को दो श्रेणियों में विभाजित करता है—जिनमें से एक को वह [[ब्राह्मण|ब्रैचमेनस]] और दूसरी को [[श्रमण|सरमेनस]] कहता है। सरमेनस के विषय में उसका कथन है कि 'हाइलोबिओई' सबसे अधिक सम्मानित होते हैं। उनके बाद दूसरा सबसे अधिक सम्मान [[आयुर्वेद|चिकित्सकों]] का होता है, क्योंकि वे मनुष्य की प्रकृति के अध्ययन में संलग्न रहते हैं। इनके अतिरिक्त, भविष्यवक्ता और तांत्रिक भी होते हैं। महिलाएँ भी इनमें से कुछ के साथ मिलकर दर्शनशास्त्र का अध्ययन करती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://ignca.gov.in/Asi_data/34799.pdf|title=Archeological survey of india|pages=|archive-url=|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts}}</ref>
मेगस्थनीज भारत में ब्राह्मणों और सीरिया में यहूदियों के बीच सुकरात-पूर्व विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है। पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने अपनी कृति 'स्ट्रोमेटिस' में संभवतः मेगस्थनीज़ को समझने में यह भूल की थी कि वह (मेगस्थनीज़) यह स्वीकार करके यूनानी प्रधानता के दावों का उत्तर दे रहा था कि ''भौतिकी'' के यूनानी विचार, यहूदियों और भारतीयों के विचारों के बाद आए थे। वास्तव में, अपामिया के न्यूमेनियस की तरह, मेगस्थनीज केवल विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Image_of_the_Jews_in_Greek_Literatur.html?id=tVbzRfhBwCEC&redir_esc=y|title=The Image of the Jews in Greek Literature: The Hellenistic Period|last=Bar-Kochva|first=Bezalel|date=2010-02-02|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-94363-6|language=en}}</ref>
=== विदेशियों के प्रति व्यवहार ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है कि किसी भी विदेशी को कोई नुकसान न पहुँचे, और जो लोग विदेशियों का अनुचित लाभ उठाते हैं, न्यायाधीश उन्हें कठोर दंड देते हैं। चिकित्सकों द्वारा बीमार विदेशियों की चिकित्सा और देखभाल की जाती है। भारत में जिन विदेशियों की मृत्यु हो जाती है, उन्हें दफना दिया जाता है और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों को सौंप दी जाती है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44-45|language=English}}</ref>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखकों जैसे एरियन, स्ट्रैबो, डियोडोरस और प्लिनी ने अपनी रचनाओं में ''इण्डिका'' का उल्लेख किया है। इनमें से, एरियन मेगस्थनीज़ की अत्यधिक प्रशंसा करता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान देते हैं।
प्रथम शताब्दी के यूनानी लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज़ और उसके बाद आने वाले राजदूत डाइमेकस, दोनों को झूठा करार दिया और कहा कि उनके लेखों पर "रंचमात्र भी विश्वास नहीं" किया जा सकता।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=xp35-8gTRDkC&dq=Yamuna&pg=PA130&redir_esc=y#v=onepage&q=Yamuna&f=false|title=Megasthenes and Indian Religion: A Study in Motives and Types|last=Dahlaquist|first=Allan|date=1996-12-31|publisher=Motilal Banarsidass Publishing House|p=28|isbn=978-81-208-1323-6|language=en}}</ref> ''इण्डिका'' में कई काल्पनिक और विलक्षण कहानियाँ शामिल थीं, जैसे बिना मुँह वाले लोगों की जनजातियाँ, एक सींग वाले घोड़े व अन्य पौराणिक जानवर, तथा स्वर्ण-खनक चींटियों का वर्णन।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nUvGQgAACAAJ&redir_esc=y|title=Mauryan India|last=Habib|first=Irfan|last2=Jha|first2=Vivekanand|date=2004|publisher=Tulika Books|isbn=978-81-85229-92-8|p=19|language=en}}</ref> स्ट्रैबो ने इन वर्णनों का सीधे तौर पर खंडन किया और अपने पाठकों को आश्वस्त किया कि मेगस्थनीज़ की कहानियाँ, विशेषकर हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना का वृत्तांत, पूरी तरह से पौराणिक थीं और उनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था।<ref>Strabo, Geography, Book XV, Chapter 1</ref> इन त्रुटियों के बावजूद, कुछ लेखकों का मानना है कि ''इण्डिका'' एक विश्वसनीय ग्रंथ है और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन तथा अन्य विषयों की जानकारी का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nUvGQgAACAAJ&redir_esc=y|title=Mauryan India|last=Habib|first=Irfan|last2=Jha|first2=Vivekanand|date=2004|publisher=Tulika Books|isbn=978-81-85229-92-8|p=19|language=en}}</ref>
इतिहासकार पॉल जे. कॉस्मिन के अनुसार, ''इण्डिका'' ने भारत में सेल्यूकस प्रथम और उसके कार्यों को वैधता प्रदान करने का कार्य किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=91|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> यह पुस्तक समकालीन भारत को एक अजेय क्षेत्र के रूप में चित्रित करती है। इसमें तर्क दिया गया है कि डायोनिसस इसलिए भारत पर विजय प्राप्त कर सका क्योंकि उसके आक्रमण से पूर्व भारत एक प्राचीन और आदिम ग्रामीण समाज था। तदुपरांत, डायोनिसस द्वारा किए गए शहरीकरण ने भारत को एक शक्तिशाली और अभेद्य राष्ट्र बना दिया। बाद के शासक — भारतीय हेराक्लेस — को यूनानी हेराक्लेस के साथ समानताओं के बावजूद भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कॉस्मिन के अनुसार, इसका कारण यह है कि अब भारत को अजेय दिखाया गया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=98-100|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> मेगस्थनीज़ इस बात पर बल देता है कि (डायोनिसस के बाद से) कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर सकी और न ही भारतीयों ने कभी किसी विदेशी राष्ट्र पर आक्रमण किया। एक अलग-थलग और अजेय देश के रूप में भारत का यह चित्रण वास्तव में सेल्यूकस द्वारा भारतीय सम्राट के साथ की गई शांति संधि को सही ठहराने का एक प्रयास है,<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=103-104|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> जिसके परिणामस्वरूप उसने उन क्षेत्रों को त्याग दिया जिन पर वह कभी स्थायी नियंत्रण नहीं रख सकता था। इससे उसने पूर्व में स्थिरता कायम की और वे हाथी प्राप्त किए जिनकी सहायता से वह अपने सबसे बड़े पश्चिमी प्रतिद्वंद्वी, एंटीगोनस मोनोप्थाल्मस के विरुद्ध अपना ध्यान केंद्रित कर सका।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=98|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ का दावा है कि भारत में कोई दास नहीं थे, परंतु ''अर्थशास्त्र'' समकालीन भारत में दास प्रथा के अस्तित्व को प्रमाणित करता है;<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1Y02AiEu1kcC&pg=PT89&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of India|last=Thapar|first=Romila|date=1990-06-28|publisher=Penguin UK|p=89|isbn=978-0-14-194976-5|language=en}}</ref> स्ट्रैबो भी ओनेसिक्रिटस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज़ के दावे का खंडन करता है। इतिहासकार शिरीन मूसवी का मत है कि दास समाज से बहिष्कृत थे और उन्हें समाज का अंग ही नहीं माना जाता था।{{sfn|Shireen Moosvi|2004|p=548}} इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार, भारतीय समाज में दासों और स्वतंत्र नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर न होने के कारण (यूनानी समाज के विपरीत) संभवतः मेगस्थनीज़ भ्रमित हो गया था। भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर दास प्रथा का उपयोग नहीं किया, और भारत में दास अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकते थे या उनके स्वामी स्वेच्छा से उन्हें मुक्त कर सकते थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1Y02AiEu1kcC&pg=PT89&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of India|last=Thapar|first=Romila|date=1990-06-28|publisher=Penguin UK|p=89-90|isbn=978-0-14-194976-5|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ भारत में सात जातियों का उल्लेख करता है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों का उल्लेख मिलता है। थापर के अनुसार, मेगस्थनीज़ का यह वर्गीकरण सामाजिक विभाजनों के स्थान पर आर्थिक विभाजनों पर आधारित प्रतीत होता है; जो कि तर्कसंगत भी है क्योंकि वर्ण व्यवस्था की उत्पत्ति भी मूलतः आर्थिक विभाजनों के रूप में ही हुई थी। थापर यह भी अनुमान लगाती हैं कि मेगस्थनीज़ ने अपना यह वृत्तांत भारत यात्रा के कई वर्षों बाद लिखा था, और तब तक वह "उसे बताए गए वास्तविक तथ्यों को भूल गया था और सात की संख्या पर पहुँच गया था"। इसका एक अन्य संभावित कारण यह भी हो सकता है कि बाद के लेखकों ने उसे गलत तरीके से उद्धृत किया हो और भारतीय समाज की मिस्र के समाज के साथ समानताएँ खोजने का प्रयास किया हो, जो कि हेरोडोटस के अनुसार सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=NoAyDwAAQBAJ&pg=PT118&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Aśoka and the Decline of the Mauryas|last=Thapar|first=Romila|date=2012-04-16|publisher=Oxford University Press|p=118|isbn=978-0-19-908868-3|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ का दावा है कि सिकंदर से पूर्व किसी भी विदेशी शक्ति ने भारतीयों पर आक्रमण नहीं किया था और न ही उन्हें जीता था; इसमें केवल पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस को अपवाद माना गया है। हालाँकि, पूर्व के ऐतिहासिक स्रोतों — जैसे कि हेरोडोटस के वृत्तांत और डेरियस महान के शिलालेखों — से यह स्पष्ट रूप से ज्ञात होता है कि अचमेनिड साम्राज्य (हखामनी साम्राज्य) में भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) शामिल था। यह संभव है कि अचमेनिड साम्राज्य का नियंत्रण सिंधु नदी से आगे न बढ़ पाया हो, जिसे मेगस्थनीज़ भारत की सीमा मानता था। एक अन्य संभावना यह भी है कि मेगस्थनीज़ जानबूझकर यूनानियों के प्रतिद्वंद्वी अचमेनिड साम्राज्य की शक्ति और उसके विस्तार को कमतर आँकना चाहता था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YoAwor58utYC&pg=PA11&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Age of the Nandas and Mauryas|last=Sastri|first=Kallidaikurichi Aiyah Nilakanta|date=1988-01-01|publisher=Motilal Banarsidass Publishing House|pp=31-32|isbn=978-81-208-0466-1|language=en}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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AMAN KUMAR
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'''''इण्डिका''''' (ग्रीक: Iνδικά; लैटिन: '''''इण्डिका''''' ) यूनानी लेखक मेगस्थनीज द्वारा यूनानी भाषा में लिखी गई एक पुस्तक है, जिसमें मौर्यकालीन भारत के समाज, नगरों और भूगोल आदि का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तक अपने मूल रूप में उपलब्ध नहीं है, परन्तु इसके कुछ अंश परवर्ती लेखकों के ग्रंथों में संरक्षित मिले हैं। इन लेखकों में डियोडोरस सिक्युलस, स्ट्रैबो (''जियोग्राफिका''), प्लिनी, एरियन (''इण्डिका''), प्लूटार्क और जस्टिन के नाम उल्लेखनीय हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H3lUIIYxWkEC&pg=PA381&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century|last=Singh|first=Upinder|date=2008|publisher=Pearson Education India|isbn=978-81-317-1120-0|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=RlCUBgAAQBAJ&pg=PA62&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Greek Buddha: Pyrrho's Encounter with Early Buddhism in Central Asia|last=Beckwith|first=Christopher I.|date=2015-06-09|publisher=Princeton University Press|isbn=978-1-4008-6632-8|language=en}}</ref>
== पुनर्निर्माण ==
मेगस्थनीज की 'इण्डिका' को बाद के लेखकों द्वारा संरक्षित प्रत्यक्ष उद्धरणों या उनके भावानुवादों के माध्यम से पुनर्संकलित किया जा सकता है। मूल पाठ से जुड़े अंशों की पहचान बाद की रचनाओं, समान शब्दावली और शैली के आधार पर की जा सकती है, भले ही उन लेखों में स्पष्ट रूप से मेगस्थनीज को इसका श्रेय न दिया गया हो। फेलिक्स जेकोबी की पुस्तक 'फ्रैगमेंटे डेर ग्रिचिसचेन हिस्टोरिकर' में मेगस्थनीज से जुड़ी 36 पृष्ठों की सामग्री शामिल है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
ई. ए. श्वानबेक ने कई अंशों का स्रोत मेगस्थनीज को माना, और उनके इसी संग्रह के आधार पर, जॉन वाटसन मैक्रिंडल ने 1887 में 'इण्डिका' का एक पुनर्निर्मित संस्करण प्रकाशित किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=e2pBAQAAMAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenis indica|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|date=1846|publisher=Sumptibus Pleimesii Bibliopolae|language=la}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.loc.gov/item/05014056|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian,|work=The Library of Congress|access-date=2026-05-17|language=en}}</ref> हालांकि, इस पुनर्निर्माण को सर्वमान्य स्वीकृति नहीं मिली है।
श्वानबेक और मैक्रिंडल ने पहली शताब्दी ईसा पूर्व के लेखक डायोडोरस के कई लेखों का श्रेय मेगस्थनीज को दिया था।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.}}</ref> लेकिन, स्ट्रैबो के विपरीत, डायोडोरस ने एक बार भी मेगस्थनीज का उल्लेख नहीं किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/dli.ernet.507424|title=The Classical Accounts Of India (1960)|last=Majumdar Dr. R. C.|date=1960|publisher=Firma K. L. Mukhopadhyay.|pages=46}}</ref> इसके अलावा, मेगस्थनीज और डायोडोरस के विवरणों के बीच कई अंतर हैं: उदाहरण के लिए, डायोडोरस ने भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लंबाई 28,000 स्टेडिया बताई है; जबकि मेगस्थनीज यह संख्या 16,000 बताते हैं। डायोडोरस कहता है कि नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी हो सकती है; वहीं मेगस्थनीज बताते हैं कि गंगा, नील नदी की तुलना में बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=H92iwScyyPsC&printsec=frontcover&source=gbs_atb&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Bibliotheca historica|last=Diodorus (Siculus.)|date=1853|publisher=Reimer|pages=35-42|language=el}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/in.gov.ignca.34883|title=Indica of Arrian|last=McCrindle|first=Watson|date=1876|pages=4-12}}</ref>
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार बताते हैं कि मैक्रिंडल के संस्करण में मेगस्थनीज से जुड़े माने जाने वाले 'फ़्रैगमेंट I' और 'फ़्रैगमेंट II' एक ही स्रोत से उत्पन्न नहीं हो सकते। इसका कारण यह है कि फ़्रैगमेंट I में नील नदी को सिंधु से बड़ा बताया गया है, जबकि फ़्रैगमेंट II में सिंधु नदी को नील और डेन्यूब दोनों की संयुक्त लंबाई से भी अधिक लंबा बताया गया है।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=N1EkBQAAQBAJ&pg=PR22&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=The India They Saw (Vol-1): THE INDIA THEY SAW VOL-1 by SANDHYA JAIN: Perspectives on India|last=Jain|first=Sandhya|date=2011-01-01|publisher=Prabhat Prakashan|isbn=978-81-8430-106-9|language=en}}</ref>
श्वानबेक के 'फ़्रैगमेंट XXVII' में स्ट्रैबो के चार पैराग्राफ शामिल हैं, और श्वानबेक इन सभी पैराग्राफों का श्रेय मेगस्थनीज को देते हैं। हालांकि, स्ट्रैबो ने केवल तीन अलग-अलग पैराग्राफों में तीन विशिष्ट कथनों के लिए मेगस्थनीज को अपने स्रोत के रूप में उद्धृत किया है। इसकी बहुत अधिक संभावना है कि स्ट्रैबो ने शेष पाठ मेगस्थनीज के अलावा किन्हीं अन्य स्रोतों से प्राप्त किया हो; यही कारण है कि वह विशेष रूप से केवल तीन कथनों का श्रेय ही मेगस्थनीज को देते हैं।<ref name=":0" />
इसका एक अन्य उदाहरण गंगारिडाई का सबसे पहला पुष्ट विवरण है, जो डायोडोरस के लेखन में दिखाई देता है। मैक्रिंडल का मानना था कि इस विवरण के लिए डायोडोरस का स्रोत मेगस्थनीज की अब खो चुकी पुस्तक ही थी। हालांकि, ए. बी. बोसवर्थ (1996) के अनुसार, डायोडोरस ने यह जानकारी कार्डिया के हिरोनिमस से प्राप्त की थी: डायोडोरस ने गंगा को 30 स्टेडिया चौड़ा बताया है; जबकि अन्य विश्वसनीय स्रोतों से यह अच्छी तरह से प्रमाणित होता है कि मेगस्थनीज ने गंगा की औसत या न्यूनतम चौड़ाई 100 स्टेडिया बताई थी।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/alexandereasttra00bosw_0|title=Alexander and the East|last=A. B. Bosworth|date=1996|publisher=Clarendon Press|others=Internet Archive|isbn=978-0-19-814991-0}}</ref>
{| class="wikitable collapsible collapsed"
! scope="col" colspan="6" | जॉन वाटसन मैक्रिंडल द्वारा मेगस्थनीज की ''इण्डिका'' के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किए गए अंश
|-
! क्र.सं. !! कृति (ग्रंथ) !! लेखक / संपादक !! खंड !! विषय !! मेगस्थनीज की 'इण्डिका' में पुस्तक संख्या
|-
| 1 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || II.35-42 || भारत का सारांश || सारांश
|-
| 2 || ''बिब्लियोथिका हिस्टोरिका'' || डायोडोरस सिक्युलस || III.63 || डायोनिसस नाम के तीन व्यक्ति || सारांश
|-
| 3 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || V. 6. 2-11 || सीमाएँ और नदियाँ || I
|-
| 4 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || II. 1. 7 || सीमाएँ || I
|-
| 5 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.11 || सीमाएँ और विस्तार || I
|-
| 6 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.7 || भारत का आकार || I
|-
| 7 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.12 || भारत का आकार || I
|-
| 8 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.4 || भारत का आकार || I
|-
| 9 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || III. 7–8. || भारत का आकार || I
|-
| 10 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || II.1.19 || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) और परछाइयाँ || I
|-
| 11 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 22.6. || सप्तर्षि तारामंडल (उर्सा मेजर) || I
|-
| 12 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.20 || उपजाऊ मिट्टी || I
|-
| 13 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.37 || जंगली जानवर || I
|-
| 14 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVII 39. || भारतीय वानर (बंदर) || I
|-
| 15 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 41 || पंख वाले बिच्छू और साँप || I
|-
| 16 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.56 || भारत के जानवर, और नरकट (रीड) || I
|-
| 17 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 20.21 || भारत के जानवर || I
|-
| 18 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VIII. 14. 1 || बोआ कंस्ट्रिक्टर (विशाल अजगर) || I
|-
| 19 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || VIII.7 || इलेक्ट्रिक ईल (विद्युत मीन) के बारे में || I
|-
| 20 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI.24.1 || टैप्रोबेन (श्रीलंका) || I
|-
| 21 || एंटीगोन. कैरिस्ट. || कैरिस्टस के एंटीगोनस || 647 || समुद्री वृक्ष || I
|-
| 22 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || 4. 2–13. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 23 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21.9-22. 1. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 24 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–7. || सिंधु और गंगा || I
|-
| 25 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || 6. 2–3. || सिलास नदी || I
|-
| 26 || ''एनेक्डोटा ग्रैका'' || जीन फ्रांस्वा बोइसोनेड डी फोंटाराबी || I. पृष्ठ 419, || सिलास नदी || I
|-
| 27 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.38 || सिलास नदी || I
|-
| 28 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || 5. 2 || भारतीय नदियों की संख्या || I
|-
| 29 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.35-36 || [[पाटलिपुत्र]] नगर || II
|-
| 30 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || 10 || [[पाटलिपुत्र]] और भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 31 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.53-56 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 32 || ''वेरिया हिस्टोरिया'' || क्लॉडियस एलियनस || iv.1. || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 33 || निकोल. दमास्क. || दमिश्क के निकोलस || 44 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 34 || ''सर्मोनेस'' || स्टोबियस || 42 || भारतीय रीति-रिवाज || II
|-
| 35 || ''डीप्नोसोफिस्टे'' || एथेनियस || iv. पृष्ठ 153. || भारतीय भोज (रात्रिभोज) || II
|-
| 36 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.57 || असाधारण जनजातियाँ || II
|-
| 37 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VII. ii. 14-22 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 38 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 26-30 || असाधारण नस्लें || II
|-
| 39 || चंद्रमा के मुख पर (''de facie in orbe lunae'') ''मोरालिया'' में || प्लूटार्क || Opp. ed. Reisk, tom. ix. पृष्ठ 701. || बिना मुँह वाले मनुष्यों की प्रजाति || II
|-
| 40 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || Xl.l.-XII.-9 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 41 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.39-41 || भारत की 7 जातियाँ (वर्ग) || III
|-
| 42 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.50-52 || सार्वजनिक मामलों का प्रशासन; घोड़े और हाथी || III
|-
| 43 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 10. || घोड़े और हाथी || III
|-
| 44 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.41-43 || हाथी || III
|-
| 45 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || अध्याय 13–14. || हाथी || III
|-
| 46 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 44. || हाथी || III
|-
| 47 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XIII. 7. || हाथियों की बीमारियों के बारे में || III
|-
| 48 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.44 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 49 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || XV.5-7. || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 50 || ''ओरेशन्स'' || डियो क्रिसोस्टॉम || Or. 35 || सोना खोदने वाली चींटियाँ || III
|-
| 51 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.58-60 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 52 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I. पृष्ठ 305 D || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 53 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' || यूसेबियस || IX. 6 || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 54 || ''कॉन्ट्रा जूलियनम'' (जूलियन के विरुद्ध) || अलेक्जेंड्रिया के सिरिल || IV || भारतीय दार्शनिक || III
|-
| 55 || ''स्ट्रोमाटा'' || अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट || I || भारतीय दार्शनिक || III
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| 56 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 57 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII ii. 3-9 || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || III
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| 58 || ''जियोग्राफिका'' || [[स्ट्रैबो]] || XV.1.68 || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 59 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || V. 4–12. || भारतीयों ने किसी पर आक्रमण नहीं किया न ही बाहरी हमलों का सामना किया; डायोनिसस और हेराक्लीज़ || IV
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| 60 || ''कॉन्ट्रा एपियन'' || जोसेफस || I. 20 (T. II पृष्ठ 451, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 61 || ''एंटीक्विटेट्स जूडाइका'' || जोसेफस || X. ii. 1 (T. I पृष्ठ 533, Havere.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 62 || ज़ोनार. एनल. बेसिलिया 1557 || || || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 63 || जी. सिंसेल. टी. I. || जॉर्ज सिंसेलस || पृष्ठ 419, ed. Benn. (पृष्ठ 221 ed. Paris, पृष्ठ 177 ed. Venet.) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 64 || ''प्रेपरेसियो इवेंजेलिका'' में एबिडेनस के लेखों के अंश || यूसेबियस || I. 41 (ed. Colon. 1688, पृष्ठ 456 D) || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 65 || ''इण्डिका'' || [[एरियन]] || 7–9. || बेबीलोन के राजा महानता में हेराक्लीज़ से भी श्रेष्ठ थे || IV
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| 66 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || IX. 5 || मोती || IV
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| 67 || ''मिराबिलिया'' || ट्रालिस के फ्लेगॉन || 33 || पांडियन भूमि || IV
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| 68 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. xxi. 4–5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 69 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 5. || भारतीयों का प्राचीन इतिहास || IV
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| 70 || ''द एनाबेसिस ऑफ अलेक्जेंडर'' || [[एरियन]] || VII. ii. 3–9. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || IV
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| 71 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XII. 8. || हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 72 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || III. 46. || सफेद हाथी || (संदिग्ध अंश)
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| 73 || ''डी रेक्टा इन देउम फाइड'' || एडामेंटियस (स्यूडो-ओरिजेन) || खंड I. पृष्ठ 904. || ब्राह्मण और उनका दर्शन || (संदिग्ध अंश)
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| 74 || ''पल्लाडियस डी जेंटिबस इंडिया एट ब्रैगमैनिबस'' || गैलाटिया के पल्लाडियस || पृष्ठ 8, 20 और आगे ed. Londin. 1668. || भारतीय दार्शनिक: कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
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| 75 || ''डी मोरिबस ब्रैचमैनोरम'' || एम्ब्रोस || पृष्ठ 62, 68 और आगे ed. Pallad. Londin. 1668. || कैलानस और मण्डानिस || (संदिग्ध अंश)
|-
| 76 || ''नेचुरल हिस्ट्री'' || प्लिनी द एल्डर || VI. 21. 8-23. 11. || भारतीय नस्लें || (संदिग्ध अंश)
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| 77 || ''पॉलीहिस्टर'' || गायस जूलियस सोलिनस || 52. 6–17. || भारतीय नस्लों की सूची || (संदिग्ध अंश)
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| 78 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 1. 1–3. || डायोनिसस || (संदिग्ध अंश)
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| 79 || ''स्ट्रैटाजेम्स'' || पॉलिएनस || I. 3. 4. || हेराक्लीज़ और पंडिया (Pandaea) || (संदिग्ध अंश)
|-
| 80 || ''डी नेचुरा एनिमेलियम'' || क्लॉडियस एलियनस || XVI. 2-22. || भारत के जंगली जीव || (संदिग्ध अंश)
|}
== पुनर्गठित पाठ के अनुसार भारत ==
जे. डब्ल्यू. मैक्रिंडल (1877) और रिचर्ड स्टोनमैन (2022) द्वारा पुनर्निर्मित पाठ के अनुसार, मेगस्थनीज की 'इण्डिका' में भारत का वर्णन इस प्रकार किया गया है:
=== भूगोल ===
भारत एक चतुर्भुज के आकार का देश है, जो पूर्व और दक्षिण में [[हिन्द महासागर|विशाल सागर]] से, पश्चिम में [[सिन्धु नदी]] से, और उत्तर में इमोडस पर्वत{{efn|"इमोडस" का तात्पर्य हिंदू कुश, पामीर, और हिमालय को सम्मिलित रूप से एक ही पर्वत श्रृंखला मानने से है; इस शब्द की उत्पत्ति भारतीय शब्द ''हैमवत'' से हुई है, जिसका अर्थ "बर्फ से ढका हुआ" होता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Brill_s_New_Pauly.html?id=GTIZAQAAIAAJ&redir_esc=y|title=Brill's New Pauly: Encyclopaedia of the Ancient World. Classical tradition|last=Landfester|first=Manfred|last2=Cancik|first2=Hubert|last3=Schneider|first3=Helmuth|last4=Gentry|first4=Francis G.|date=2006|publisher=Brill|isbn=978-90-04-14223-7|language=en}}</ref>}} से घिरा हुआ है। इमोडस के पार सीथिया का वह हिस्सा स्थित है जहाँ सकाई लोग निवास करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> सीथिया के अतिरिक्त, [[बैक्ट्रिया]] और एरियाना देशों की सीमाएँ भी भारत से लगती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> भारत की उत्तरी सीमा टॉरस पर्वतों के अंतिम छोर तक पहुँचती है। एरियाना से लेकर पूर्वी सागर तक, यह उन पहाड़ों से घिरा है जिन्हें मकदूनियाई लोगों द्वारा 'काकेशस' कहा जाता था। इन पर्वतों के विभिन्न स्थानीय नामों में पारपामिसोस, हेमोडस और हिमाओस शामिल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=48-49|language=English}}</ref>
कहा जाता है कि भारत का क्षेत्रफल पश्चिम से पूर्व तक 28,000 स्टेडिया और उत्तर से दक्षिण तक 32,000 स्टेडिया में फैला हुआ है। अपने विशाल आकार के कारण, ऐसा माना जाता है कि भारत "गर्मियों में दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में सूर्य के मार्ग के एक बड़े हिस्से को घेरता है"। भारत के कई सुदूर बिंदुओं पर, धूपघड़ी का शंकु कोई परछाई नहीं बनाता है, और रात में दोनों भालू तारामंडल ([[सप्तर्षि मण्डल|उर्सा मेजर]] और उर्सा माइनर) दिखाई नहीं देते हैं। सबसे दूरस्थ हिस्सों में, [[ध्रुव तारा]] भी दिखाई नहीं देता है, और ऐसा कहा जाता है कि परछाइयाँ दक्षिण की ओर झुक जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई बड़ी और नौगम्य नदियाँ हैं, जिनका उद्गम उत्तरी पर्वतों से होता है और जो मैदानी इलाकों से होकर बहती हैं। इनमें से कई नदियाँ [[गंगा नदी|गंगा]] में मिल जाती हैं, जो अपने उद्गम स्थल पर 30 स्टेडिया चौड़ी है, और उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। गंगा उस सागर में जाकर गिरती है जो गंगारिडाई की दक्षिणी सीमा बनाता है। गंगारिडाई देश में भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक संख्या में हाथी पाए जाते हैं, जिसके कारण अन्य राष्ट्र इसकी सैन्य शक्ति से भयभीत रहते थे, और कोई भी विदेशी राजा इसे जीत नहीं पाया था। यहाँ तक कि [[सिकंदर महान|मकदूनिया के सिकंदर]] ने भी, जिसने पूरे एशिया को अपने अधीन कर लिया था और अन्य सभी भारतीयों को हरा दिया था, यह जानने के बाद गंगारिडाई के खिलाफ युद्ध करने से परहेज किया कि उनके पास 4,000 युद्ध-हाथी थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
[[सिन्धु नदी|सिंधु]] नदी भी उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और सागर में गिरती है। इसकी कई नौगम्य सहायक नदियाँ हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय हाइपानिस, [[झेलम नदी|हाइडेस्पेस]] और अकेसिनेस हैं।{{efn|मेगस्थनीज से जुड़े डायोडोरस के एक परिच्छेद के अनुसार, नील नदी के बाद सिंधु दुनिया की सबसे बड़ी नदी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हालाँकि, एरियन के अनुसार, मेगस्थनीज के साथ-साथ अन्य लेखकों ने भी लिखा है कि गंगा, सिंधु से बहुत बड़ी है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=37|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>}}<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
एक विचित्र नदी सिलास है, जो इसी नाम के एक जलस्रोत से निकलती है। इस नदी में फेंकी गई हर वस्तु तल में डूब जाती है – इसमें कुछ भी तैर नहीं सकता।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref> इसके अतिरिक्त, यहाँ बड़ी संख्या में अन्य नदियाँ हैं, जो कृषि के लिए प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय दार्शनिकों और प्राकृतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण यह है कि सीमावर्ती देश (सीथिया, बैक्ट्रिया और एरियाना) भारत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं, इसलिए उनका जल बहकर भारत की ओर आता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30-31|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
=== इतिहास ===
[[File:Mauryan remains of a wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASI 1926-27.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।]]
प्राचीन काल में, यूनानियों की तरह ही भारतीय भी फलों पर जीवित रहते थे और जानवरों की खाल से बने कपड़े पहनते थे। सबसे विद्वान भारतीय ज्ञानियों का कहना है कि डायोनिसस ने भारत पर आक्रमण किया और उस पर विजय प्राप्त की। जब उसकी सेना यहाँ की अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर सकी, तो वह अपने सैनिकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 'मेरोस' नामक पहाड़ों पर ले गया; इसी घटना से इस यूनानी किंवदंती का जन्म हुआ कि डायोनिसस का पालन-पोषण उसके पिता की जांघ (यूनानी: ''मेरोस'') में हुआ था।{{efn|डी. आर. पाटिल का सुझाव है कि ऋग्वैदिक [[पृथु]] एक शाकाहारी देवता थे, जो यूनानी देवता डायोनिसस से जुड़े थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/Encyclopaedia_of_Hinduism.html?id=I85PxQEACAAJ&redir_esc=y|title=Encyclopaedia of Hinduism|last=Singh|first=Nagendra Kr|date=1997|publisher=Centre for International Religious Studies|isbn=978-81-7488-168-7|language=en}}</ref>}} डायोनिसस ने भारतीयों को पौधे उगाना, मदिरा बनाना और पूजा-पाठ करना सहित कई बातें सिखाईं। उसने कई बड़े नगरों की स्थापना की, कानून लागू किए और न्यायालयों की स्थापना की। इसी कारण से, भारतीयों द्वारा उसे एक देवता के रूप में माना जाने लगा। वृद्धावस्था में मृत्यु होने से पहले, उसने 52 वर्षों तक पूरे भारत पर शासन किया। उसके वंशजों ने सत्ता से हटाए जाने और लोकतांत्रिक नगर-राज्यों द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने से पहले, कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35-38|language=English}}</ref>[[File:Mauryan remains of wooden palissade at Bulandi Bagh site of Pataliputra ASIEC 1912-13.jpg|thumb|पाटलिपुत्र के बुलंदी बाग स्थल से प्राप्त लकड़ी के प्राचीर के मौर्यकालीन अवशेष।|बाएँ]]पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीयों का भी दावा है कि हेराक्लीज़ उन्हीं में से एक था। यूनानियों की तरह, वे भी उसे गदा{{efn|लकड़ी या धातु का एक भारी डंडा, जिसका एक सिरा मोटा होता है और जिसे युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हिन्दी में 'गदा', 'सोंटा' या 'मुद्गर' कहा जाता है।}} और शेर की खाल धारण किए हुए चित्रित करते हैं। उनके अनुसार, हेराक्लीज़ एक अत्यधिक शक्तिशाली व्यक्ति था जिसने खूंखार जानवरों का दमन किया था। उसके कई पुत्र और एक पुत्री थी, जो उसके साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों के शासक बने। उसने कई नगरों की स्थापना की, जिनमें सबसे महान नगर पालिबोथरा ([[पाटलिपुत्र]]) था। हेराक्लीज़ ने इस नगर में कई भवनों का निर्माण किया, पानी से भरी खाइयों से इसकी किलेबंदी की, और शहर में बड़ी संख्या में लोगों को बसाया। उसके वंशजों ने कई पीढ़ियों तक भारत पर शासन किया, लेकिन कभी भी भारत के बाहर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया। कई वर्षों के बाद, राजशाही का स्थान लोकतांत्रिक नगर-राज्यों ने ले लिया, हालाँकि जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, तब भी कुछ राजा अस्तित्व में थे।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=39-40|language=English}}</ref>
=== जीव-जंतु ===
भारत में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें से कई असाधारण रूप से विशाल और ताकतवर होते हैं। भारत में पालतू हाथियों की संख्या सर्वाधिक है, और भारतीय इन्हें पकड़कर [[युद्ध हाथी|युद्ध के लिए प्रशिक्षित करते हैं]]। भोजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण, भारतीय हाथी दुनिया में सबसे विशाल होते हैं, और ये लीबियाई हाथियों की तुलना में अधिक बलवान होते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> हाथियों की गर्भावधि 16 से 18 महीने तक होती है, और सबसे बुजुर्ग हाथी 200 वर्षों तक जीवित रहते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44|language=English}}</ref>
=== अर्थव्यवस्था ===
भारत की भूमि आभूषणों, सैन्य उपकरणों और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त हर प्रकार की धातु का उत्पादन करती है। यहाँ बड़ी मात्रा में चाँदी और सोना, पर्याप्त मात्रा में कांस्य और लोहा, और साथ ही टिन एवं अन्य धातुएँ पाई जाती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
भारत में कई पहाड़ हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ पाए जाते हैं। इसमें कई सुंदर कृषि योग्य मैदान भी हैं, जिनकी सिंचाई बड़ी संख्या में नदियों द्वारा की जाती है। देश के अधिकांश हिस्से में जल की अच्छी व्यवस्था है, और यह वर्ष में दो फसलें पैदा करने में सक्षम है, क्योंकि यहाँ गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में वर्षा होती है। प्रमुख फसलों में गेहूँ, बाजरा, कई उच्च गुणवत्ता वाली दालें, चावल, ''बोस्पोरोस'' नामक फसल, फल और भोजन के रूप में उपयोगी अन्य पौधे शामिल हैं। ग्रीष्म अयनांत के समय, निम्नलिखित फसलें बोई जाती हैं: चावल, ''बोस्पोरोस'', [[तिल]], और बाजरा। सर्दियों के दौरान, अन्य देशों की तरह गेहूँ बोया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=29-30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref>
निम्नलिखित कारणों से भारत में कभी अकाल नहीं पड़ा:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|p=30|publisher=Routledge|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=32-33|language=English}}</ref>
* भारतीयों को हमेशा दो मौसमी फसलों में से कम से कम एक के सफल होने का भरोसा रहता है; अधिकांश वर्षों में, दोनों फसलें सफल होती हैं।
* बड़ी संख्या में अत्यंत मीठे फल जंगली रूप से उगते हैं, और दलदली स्थानों पर खाद्य जड़ें उगती हैं।
* कई नदियों के जल, असाधारण रूप से नियमित वार्षिक वर्षा चक्र, और दलदलों में जड़ों को पकाने वाली गर्मी के कारण मैदानों में खाद्य पौधे प्रचुर मात्रा में उगते हैं।
* भारतीय योद्धा कृषि और पशुपालन में लगे लोगों को पवित्र मानते हैं। कई अन्य देशों के योद्धाओं के विपरीत, वे युद्ध के दौरान खेतों को नष्ट नहीं करते या किसानों व खेतिहर मजदूरों को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। योद्धा दुश्मन की जमीनों को आग से नहीं जलाते या उनके पेड़ों को नहीं काटते हैं।
=== खान-पान और वस्त्र ===
भारतीयों का मुख्य मादक पेय जौ के स्थान पर चावल से निर्मित मदिरा होती है। रात्रिभोज के समय, प्रत्येक व्यक्ति के सामने तिपाई के आकार की एक मेज रखी जाती है। इस मेज पर सोने के कटोरे रखे जाते हैं, जिनमें सबसे पहले जौ की तरह उबले हुए चावल परोसे जाते हैं, और फिर उनमें भारतीय पाक-विधियों से तैयार किए गए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलाए जाते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref> यज्ञों या धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त भारतीय कभी मदिरापान नहीं करते हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/ancientindiaasd01mccrgoog|title=Ancient India as described by Megasthenês and Arrian; being a translation of the fragments of the Indika of Megasthenês collected by Dr. Schwanbeck, and of the first part of the Indika of Arrian|page=69|last=Megasthenes|last2=Schwanbeck|first2=E. A.|last3=McCrindle|first3=John Watson|last4=Arrian. Indica. English. 1877|date=1877|publisher=Calcutta, Thacker, Spink|others=Oxford University}}</ref>
अपनी जीवन-शैली की सामान्य सादगी के विपरीत, उन्हें उत्कृष्ट परिधानों और आभूषणों का अत्यधिक शौक है। उनके वस्त्रों पर सोने की कढ़ाई का काम होता है और वे बहुमूल्य रत्नों से जड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, वे उत्तम कोटि की मलमल से बने फूलों की बुनावट वाले वस्त्र भी पहनते हैं। कुछ लोगों के पीछे उनके सेवक उनके ऊपर छत्र ताने हुए चलते हैं; क्योंकि वे सौंदर्य को अत्यधिक महत्व देते हैं और अपने रूप-रंग को निखारने के लिए हर संभव साधन का उपयोग करते हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/World_Literature_and_Thought_The_ancient.html?id=NcDvzyujcwoC&redir_esc=y|title=World Literature and Thought: The ancient worlds|last=Gochberg|first=Donald S.|date=1997|publisher=Harcourt Brace College Publishers|isbn=978-0-15-500919-6|page=410-416|language=en}}</ref>
=== समाज ===
अपने विशाल आकार के कारण, भारत में अनेक विविध नस्लों का निवास है, जो सभी पूर्णतः स्वदेशी हैं। भारत का कोई विदेशी उपनिवेश नहीं है, और न ही भारतीयों ने भारत के बाहर कोई उपनिवेश स्थापित किया है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=35|language=English}}</ref>
यहाँ के जानवरों की तरह, प्रचुर मात्रा में फसलों की उपलब्धता के कारण भारत के मनुष्य भी "कद और डील-डौल में असाधारण" होते हैं। शुद्ध हवा और स्वच्छ जल के कारण वे तकनीकी रूप से भी अत्यंत निपुण हैं।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=qj47zgEACAAJ&redir_esc=y|title=Megasthenes' Indica: A New Translation of the Fragments with Commentary|last=Megasthenes|date=2021|publisher=Routledge|p=29|isbn=978-0-367-47294-8|language=en}}</ref> वे कला में भी अत्यधिक कुशल हैं।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=31|language=English}}</ref>
प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा निर्धारित एक कानून के तहत दास प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून सभी के साथ समान व्यवहार करता है, लेकिन संपत्ति के असमान वितरण की अनुमति देता है।
भारत की जनसंख्या 7 अंतर्विवाही और वंशानुगत जातियों में विभाजित है:<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=40-44|language=English}}</ref>
# '''[[भारतीय दर्शन|दार्शनिक]]'''
#* अन्य जातियों की तुलना में इनकी संख्या कम है, लेकिन ये सबसे प्रमुख हैं।
#* इन्हें सभी सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* ये न तो किसी के स्वामी हैं, और न ही सेवक।
#* "इन्हें देवताओं का सबसे प्रिय माना जाता है, और परलोक से संबंधित मामलों का सबसे बड़ा ज्ञाता माना जाता है।"
#* अन्य लोग इन्हें यज्ञ करने और अंतिम संस्कार कराने के लिए नियुक्त करते हैं, जिसके लिए इन्हें बहुमूल्य उपहार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
#* वर्ष की शुरुआत में, वे सूखे, भारी वर्षा, अनुकूल हवाओं, बीमारियों और अन्य विषयों के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं। इन भविष्यवाणियों के आधार पर नागरिक और शासक पर्याप्त तैयारी करते हैं। जिस दार्शनिक की भविष्यवाणी विफल हो जाती है, उसकी कड़ी आलोचना होती है और उसे जीवन भर मौन धारण करना पड़ता है, लेकिन इसके अतिरिक्त उसे कोई अन्य दंड नहीं दिया जाता।
# '''किसान'''
#* सभी जातियों में इनकी संख्या सर्वाधिक है।
#* ये गाँवों में रहते हैं और नगरों में जाने से बचते हैं।
#* इन्हें युद्ध लड़ने और अन्य सार्वजनिक कर्तव्यों से छूट प्राप्त है।
#* इन्हें समाज का उपकारी माना जाता है, और युद्धों के दौरान शत्रु योद्धाओं द्वारा भी इन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाता।
#* ये भूमि के आधिकारिक स्वामी यानी शासक को भू-राजस्व चुकाते हैं।
#* इसके अतिरिक्त, वे अपनी उपज का एक-चौथाई हिस्सा राजकीय खजाने में जमा करते हैं।
# '''[[पशुपालक]]'''
#* ये गाँवों और नगरों के बाहर तंबुओं में रहते हैं।
#* ये फसलों को नष्ट करने वाले पक्षियों और जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें फँसाते हैं।
#* ये पशुपालन के कार्य में भी संलग्न होते हैं।
# '''कारीगर'''
#* ये हथियार बनाते हैं, साथ ही किसानों और अन्य लोगों के लिए उपकरण भी बनाते हैं।
#* इन्हें कर चुकाने से छूट प्राप्त है, और राजकीय खजाने से इन्हें भरण-पोषण प्राप्त होता है।
# '''सैनिक'''
#* जातियों में इनकी संख्या दूसरी सबसे बड़ी है।
#* ये युद्ध के लिए अत्यंत सुसंगठित और सुसज्जित रहते हैं।
#* शांतिकाल के दौरान ये मनोरंजन और आलस्य का आनंद लेते हैं।
#* युद्ध के घोड़ों और हाथियों के साथ-साथ, इनका भरण-पोषण भी राज्य के खर्च पर किया जाता है।
# '''निरीक्षक'''
#* ये प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं।
#* ये राजा को, या (उन राज्यों में जहाँ राजा का शासन नहीं है) दंडाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देते हैं।
# '''पार्षद और परामर्शदाता'''
#* इस वर्ग में अच्छे चरित्र वाले बुद्धिमान लोग शामिल होते हैं।
#* ये सार्वजनिक मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं; इनमें शाही सलाहकार, राज्य के कोषाध्यक्ष और विवादों के मध्यस्थ शामिल होते हैं; सेना के सेनापति और मुख्य दंडाधिकारी भी आमतौर पर इसी वर्ग से आते हैं।
#* इनकी संख्या सबसे कम होती है, लेकिन ये सबसे अधिक सम्मानित होते हैं।
=== दर्शनशास्त्र ===
मेगस्थनीज भारतीय दार्शनिकों को दो श्रेणियों में विभाजित करता है—जिनमें से एक को वह [[ब्राह्मण|ब्रैचमेनस]] और दूसरी को [[श्रमण|सरमेनस]] कहता है। सरमेनस के विषय में उसका कथन है कि 'हाइलोबिओई' सबसे अधिक सम्मानित होते हैं। उनके बाद दूसरा सबसे अधिक सम्मान [[आयुर्वेद|चिकित्सकों]] का होता है, क्योंकि वे मनुष्य की प्रकृति के अध्ययन में संलग्न रहते हैं। इनके अतिरिक्त, भविष्यवक्ता और तांत्रिक भी होते हैं। महिलाएँ भी इनमें से कुछ के साथ मिलकर दर्शनशास्त्र का अध्ययन करती हैं।<ref>{{Cite book|url=https://ignca.gov.in/Asi_data/34799.pdf|title=Archeological survey of india|pages=|archive-url=|publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts}}</ref>
मेगस्थनीज भारत में ब्राह्मणों और सीरिया में यहूदियों के बीच सुकरात-पूर्व विचारों की उपस्थिति पर भी टिप्पणी करता है। पाँच शताब्दियों के बाद, अलेक्जेंड्रिया के क्लेमेंट ने अपनी कृति 'स्ट्रोमेटिस' में संभवतः मेगस्थनीज़ को समझने में यह भूल की थी कि वह (मेगस्थनीज़) यह स्वीकार करके यूनानी प्रधानता के दावों का उत्तर दे रहा था कि ''भौतिकी'' के यूनानी विचार, यहूदियों और भारतीयों के विचारों के बाद आए थे। वास्तव में, अपामिया के न्यूमेनियस की तरह, मेगस्थनीज केवल विभिन्न प्राचीन संस्कृतियों के विचारों की तुलना कर रहा था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books/about/The_Image_of_the_Jews_in_Greek_Literatur.html?id=tVbzRfhBwCEC&redir_esc=y|title=The Image of the Jews in Greek Literature: The Hellenistic Period|last=Bar-Kochva|first=Bezalel|date=2010-02-02|publisher=University of California Press|isbn=978-0-520-94363-6|language=en}}</ref>
=== विदेशियों के प्रति व्यवहार ===
विदेशियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है कि किसी भी विदेशी को कोई नुकसान न पहुँचे, और जो लोग विदेशियों का अनुचित लाभ उठाते हैं, न्यायाधीश उन्हें कठोर दंड देते हैं। चिकित्सकों द्वारा बीमार विदेशियों की चिकित्सा और देखभाल की जाती है। भारत में जिन विदेशियों की मृत्यु हो जाती है, उन्हें दफना दिया जाता है और उनकी संपत्ति उनके रिश्तेदारों को सौंप दी जाती है।<ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/AncientIndiaAsDescribedByMegasthenesAndArrianByMccrindleJ.W|title=Ancient India As Described By Megasthenes And Arrian by Mccrindle, J. W|last=Mccrindle|first=J. W.|p=44-45|language=English}}</ref>
== ऐतिहासिक विश्वसनीयता ==
बाद के लेखकों जैसे एरियन, स्ट्रैबो, डियोडोरस और प्लिनी ने अपनी रचनाओं में ''इण्डिका'' का उल्लेख किया है। इनमें से, एरियन मेगस्थनीज़ की अत्यधिक प्रशंसा करता है, जबकि स्ट्रैबो और प्लिनी उसे कम सम्मान देते हैं।
प्रथम शताब्दी के यूनानी लेखक स्ट्रैबो ने मेगस्थनीज़ और उसके बाद आने वाले राजदूत डाइमेकस, दोनों को झूठा करार दिया और कहा कि उनके लेखों पर "रंचमात्र भी विश्वास नहीं" किया जा सकता।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=xp35-8gTRDkC&dq=Yamuna&pg=PA130&redir_esc=y#v=onepage&q=Yamuna&f=false|title=Megasthenes and Indian Religion: A Study in Motives and Types|last=Dahlaquist|first=Allan|date=1996-12-31|publisher=Motilal Banarsidass Publishing House|p=28|isbn=978-81-208-1323-6|language=en}}</ref> ''इण्डिका'' में कई काल्पनिक और विलक्षण कहानियाँ शामिल थीं, जैसे बिना मुँह वाले लोगों की जनजातियाँ, एक सींग वाले घोड़े व अन्य पौराणिक जानवर, तथा स्वर्ण-खनक चींटियों का वर्णन।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nUvGQgAACAAJ&redir_esc=y|title=Mauryan India|last=Habib|first=Irfan|last2=Jha|first2=Vivekanand|date=2004|publisher=Tulika Books|isbn=978-81-85229-92-8|p=19|language=en}}</ref> स्ट्रैबो ने इन वर्णनों का सीधे तौर पर खंडन किया और अपने पाठकों को आश्वस्त किया कि मेगस्थनीज़ की कहानियाँ, विशेषकर हरक्यूलिस और डायोनिसस द्वारा भारत की स्थापना का वृत्तांत, पूरी तरह से पौराणिक थीं और उनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था।<ref>Strabo, Geography, Book XV, Chapter 1</ref> इन त्रुटियों के बावजूद, कुछ लेखकों का मानना है कि ''इण्डिका'' एक विश्वसनीय ग्रंथ है और समकालीन भारतीय समाज, प्रशासन तथा अन्य विषयों की जानकारी का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=nUvGQgAACAAJ&redir_esc=y|title=Mauryan India|last=Habib|first=Irfan|last2=Jha|first2=Vivekanand|date=2004|publisher=Tulika Books|isbn=978-81-85229-92-8|p=19|language=en}}</ref>
इतिहासकार पॉल जे. कॉस्मिन के अनुसार, ''इण्डिका'' ने भारत में सेल्यूकस प्रथम और उसके कार्यों को वैधता प्रदान करने का कार्य किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=91|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> यह पुस्तक समकालीन भारत को एक अजेय क्षेत्र के रूप में चित्रित करती है। इसमें तर्क दिया गया है कि डायोनिसस इसलिए भारत पर विजय प्राप्त कर सका क्योंकि उसके आक्रमण से पूर्व भारत एक प्राचीन और आदिम ग्रामीण समाज था। तदुपरांत, डायोनिसस द्वारा किए गए शहरीकरण ने भारत को एक शक्तिशाली और अभेद्य राष्ट्र बना दिया। बाद के शासक — भारतीय हेराक्लेस — को यूनानी हेराक्लेस के साथ समानताओं के बावजूद भारत के मूल निवासी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कॉस्मिन के अनुसार, इसका कारण यह है कि अब भारत को अजेय दिखाया गया है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=98-100|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> मेगस्थनीज़ इस बात पर बल देता है कि (डायोनिसस के बाद से) कोई भी विदेशी सेना भारत पर विजय प्राप्त नहीं कर सकी और न ही भारतीयों ने कभी किसी विदेशी राष्ट्र पर आक्रमण किया। एक अलग-थलग और अजेय देश के रूप में भारत का यह चित्रण वास्तव में सेल्यूकस द्वारा भारतीय सम्राट के साथ की गई शांति संधि को सही ठहराने का एक प्रयास है,<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=103-104|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref> जिसके परिणामस्वरूप उसने उन क्षेत्रों को त्याग दिया जिन पर वह कभी स्थायी नियंत्रण नहीं रख सकता था। इससे उसने पूर्व में स्थिरता कायम की और वे हाथी प्राप्त किए जिनकी सहायता से वह अपने सबसे बड़े पश्चिमी प्रतिद्वंद्वी, एंटीगोनस मोनोप्थाल्मस के विरुद्ध अपना ध्यान केंद्रित कर सका।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GHoSBwAAQBAJ&pg=PA99&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Ancient Ethnography: New Approaches|last=Almagor|first=Eran|last2=Skinner|first2=Joseph|date=2013-10-24|publisher=Bloomsbury Publishing|p=98|isbn=978-1-4725-3760-7|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ का दावा है कि भारत में कोई दास नहीं थे, परंतु ''अर्थशास्त्र'' समकालीन भारत में दास प्रथा के अस्तित्व को प्रमाणित करता है;<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1Y02AiEu1kcC&pg=PT89&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of India|last=Thapar|first=Romila|date=1990-06-28|publisher=Penguin UK|p=89|isbn=978-0-14-194976-5|language=en}}</ref> स्ट्रैबो भी ओनेसिक्रिटस की एक रिपोर्ट के आधार पर मेगस्थनीज़ के दावे का खंडन करता है। इतिहासकार शिरीन मूसवी का मत है कि दास समाज से बहिष्कृत थे और उन्हें समाज का अंग ही नहीं माना जाता था।{{sfn|Shireen Moosvi|2004|p=548}} इतिहासकार रोमिला थापर के अनुसार, भारतीय समाज में दासों और स्वतंत्र नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर न होने के कारण (यूनानी समाज के विपरीत) संभवतः मेगस्थनीज़ भ्रमित हो गया था। भारतीयों ने उत्पादन के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर दास प्रथा का उपयोग नहीं किया, और भारत में दास अपनी स्वतंत्रता वापस खरीद सकते थे या उनके स्वामी स्वेच्छा से उन्हें मुक्त कर सकते थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1Y02AiEu1kcC&pg=PT89&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=A History of India|last=Thapar|first=Romila|date=1990-06-28|publisher=Penguin UK|p=89-90|isbn=978-0-14-194976-5|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ भारत में सात जातियों का उल्लेख करता है, जबकि भारतीय ग्रंथों में केवल चार सामाजिक वर्गों का उल्लेख मिलता है। थापर के अनुसार, मेगस्थनीज़ का यह वर्गीकरण सामाजिक विभाजनों के स्थान पर आर्थिक विभाजनों पर आधारित प्रतीत होता है; जो कि तर्कसंगत भी है क्योंकि वर्ण व्यवस्था की उत्पत्ति भी मूलतः आर्थिक विभाजनों के रूप में ही हुई थी। थापर यह भी अनुमान लगाती हैं कि मेगस्थनीज़ ने अपना यह वृत्तांत भारत यात्रा के कई वर्षों बाद लिखा था, और तब तक वह "उसे बताए गए वास्तविक तथ्यों को भूल गया था और सात की संख्या पर पहुँच गया था"। इसका एक अन्य संभावित कारण यह भी हो सकता है कि बाद के लेखकों ने उसे गलत तरीके से उद्धृत किया हो और भारतीय समाज की मिस्र के समाज के साथ समानताएँ खोजने का प्रयास किया हो, जो कि हेरोडोटस के अनुसार सात सामाजिक वर्गों में विभाजित था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=NoAyDwAAQBAJ&pg=PT118&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Aśoka and the Decline of the Mauryas|last=Thapar|first=Romila|date=2012-04-16|publisher=Oxford University Press|p=118|isbn=978-0-19-908868-3|language=en}}</ref>
मेगस्थनीज़ का दावा है कि सिकंदर से पूर्व किसी भी विदेशी शक्ति ने भारतीयों पर आक्रमण नहीं किया था और न ही उन्हें जीता था; इसमें केवल पौराणिक नायकों हरक्यूलिस और डायोनिसस को अपवाद माना गया है। हालाँकि, पूर्व के ऐतिहासिक स्रोतों — जैसे कि हेरोडोटस के वृत्तांत और डेरियस महान के शिलालेखों — से यह स्पष्ट रूप से ज्ञात होता है कि अचमेनिड साम्राज्य (हखामनी साम्राज्य) में भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग (वर्तमान पाकिस्तान) शामिल था। यह संभव है कि अचमेनिड साम्राज्य का नियंत्रण सिंधु नदी से आगे न बढ़ पाया हो, जिसे मेगस्थनीज़ भारत की सीमा मानता था। एक अन्य संभावना यह भी है कि मेगस्थनीज़ जानबूझकर यूनानियों के प्रतिद्वंद्वी अचमेनिड साम्राज्य की शक्ति और उसके विस्तार को कमतर आँकना चाहता था।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YoAwor58utYC&pg=PA11&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Age of the Nandas and Mauryas|last=Sastri|first=Kallidaikurichi Aiyah Nilakanta|date=1988-01-01|publisher=Motilal Banarsidass Publishing House|pp=31-32|isbn=978-81-208-0466-1|language=en}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
*[[चन्द्रगुप्त मौर्य]]
==टिप्पणी==
<references group="lower-alpha" />
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
*
[[श्रेणी:पुस्तकें]]
[[श्रेणी:इतिहास]]
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{{वित्तीय बाज़ार}}
'''इंडेक्स फंड''' एक [[म्यूचुअल फंड|इक्विटी म्यूचुअल फंड]] होता है जो [[स्टॉक]] में निवेश करता है और कई स्टॉक सूचकांक यानि इंडेक्स से मिलकर बनता है जैसे [[भारत]] में [[बीएसई सेंसेक्स]] या [[नेशनल स्टॉक एक्सचेंज|एनएसई निफ्टी]]।<ref name="हिन्दुस्तान">[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-85302.html इंडेक्स फंड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20091219221710/http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/mantra/67-76-85302.html |date=19 दिसंबर 2009 }}|हिन्दुस्तान लाइव। १० दिसम्बर २००९</ref> इसके फलस्वरूप इंडेक्स फंड में निवेश के लिए [[निवेशक|निवेशकों]] को किसी विशेषज्ञ की सलाह नहीं लेनी पड़ती है। इनके द्वारा मिलने वाला रिटर्न अन्तर्निहित सूचकांक यानि ''अंडरलाइंग इंडेक्स'' द्वारा उत्पादित किए जाने वाले फंड से समीपता से जुड़ा होता है। यह फंड किसी विशेष इंडेक्स की सिक्योरिटीज में समान अनुपात में निवेश करता है। इनका का लक्ष्य बीएसई सेंसेक्स या निफ्टी जैसे लोकप्रिय सूचकांक होते हैं। ये फंड किसी विशेष सेक्टर पर आधारित भी हो सकते हैं, जैसे फार्मा, आईटी, एफएमसीजी या ऑटो सेक्टर सूचकांक आदि।<ref name="लाभलक्ष्मी">[http://www.labhlakshmi.com/finance-and-investment/%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AB%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-2.htm इन्डेक्स फंड क्या है ?]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}। लाभ लक्ष्मी। ७ अगस्त २००८</ref> इन फंडों से बेंचमार्क इंडेक्स के समान ही रिटर्न मिलने की आशा होती है व इनके जोखिम भी उन सिक्योरिटीज के जोखिम के साथ ही जुड़े होते हैं जिनमें ये निवेश करते हैं। जब बाजार नीचे आते हैं तो उसमें शामिल सिक्योरिटीज के मूल्य में भी गिरावट आती है और इसके साथ ही इंडेक्स फंड भी गिरते हैं।
{{TOC}}
सक्रीय प्रबंधित निधि, यानि ''एक्टिवली मैनेजमेंट फंड'' की अपेक्षा इंडेक्स फंड का शुल्क कम होता है। इंडेक्स फंड के उपभाग, [[गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड|एक्सचेंज ट्रेडेड फंड]] (''ईटीएफ'') का मूल्य इंडेक्स फंड की अपेक्षा कम होता है। हालांकि एक्टिवली मैनेज्ड फंड और पैसिव फंड में से किसी एक में निवेश करना बेहतर रहता है, किन्तु किसी निश्चित सीमा में कुछ एक्टिवली मैनेज्ड फंड, इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते भी दिखे हैं।<ref name="हिन्दुस्तान"/> इंडेक्स फंड सुरक्षित और दीर्घावधि में एक बेहतर विकल्प होता है, किन्तु [[निवेशक]] को चाहिये कि किसी भी फंड में निवेश करने से पूर्व पूरी जांच कर लें और अपनी आवश्यकता भी विचार कर लें तब तय करें कि कहां निवेश करना श्रेयस्कर रहेगा। प्रायः निवेशकों के मन में एक्टिव और पैसिव निवेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। एक्टिवली मैनेज्ड फंड इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। एक्टिवली मैनेज्ड फंड में फंड मैनेजर अपनी विशेषज्ञता का प्रयोग पोर्टफोलियो में स्टॉक के चयन के लिए करता है। डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड इस श्रेणी में आते हैं। कई लोग निवेश के लिए निष्क्रिय दृष्टिकोण का सहारा भी लिया करते हैं। इसे ही '''इंडेक्सिंग''' कहा जाता है।
== प्रकार ==
इंडेक्स फंड इक्विटी या डेब्ट दोनों प्रकार के हो सकते हैं। लंबी अवधि और कम जोखिम के निवेशकों के लिए इंडेक्स फंडों को वरीयता दी जाती है।<ref name="लाभलक्ष्मी"/> इंडेक्सिंग निवेश का एक ऐसा उपाय है जिसमें किसी विशेष शेयर बाजार बेंचमार्क या इंडेक्स के समान रिटर्न पाने का प्रयास किया जाता है। इस फंड में लक्षित इंडेक्स की लगभग सभी सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है।
ये फंड निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और बाजार में इक्विटी स्कीम से मिलने वाले लाभ से कहीं अधिक होता है। इंडेक्स फंड में निवेश करने वाले अधिकांश निवेशक वे होते हैं जो बाजार के प्रतिदिन के उतार-चढ़ाव के प्रति जागरूक नहीं रह पाते हैं, व लंबी अवधि के लिए निवेश में उत्सुक रहते हैं।<ref name="लाभलक्ष्मी"/> अन्य फंडों की अपेक्षा इंडेक्स फंडों के व्यय का अनुपात और ट्रांजैक्शन की लागत कम होती है। इनमें पोर्टफोलियो में विभिन्नता लाकर जोखिम पर बेहतर नियंत्रण किया जा सकता है और फंड मैनेजर के प्रदर्शन का जोखिम कम रहता है। संस्थागत निवेशकों में इंडेक्स फंडों का प्रयोग पेंशन और इंश्योरेंस फंड करते हैं।
===(i) इक्विटी इंडेक्स फंड:===
इन फंड्स में शेयर बाजार के इंडेक्स (जैसे, Nifty 50, Sensex, आदि) को ट्रैक किया जाता है।
इनका उद्देश्य लंबे समय में पूंजी वृद्धि प्रदान करना होता है।
===(ii) डायवर्सिफाइड इंडेक्स फंड:===
यह व्यापक बाजार इंडेक्स को ट्रैक करता है, जैसे कि Nifty 500, जिसमें विभिन्न उद्योगों और सेक्टरों के शेयर शामिल होते हैं।
===(iii) सेक्टर-विशिष्ट इंडेक्स फंड:===
ये किसी विशेष सेक्टर (जैसे, IT, बैंकिंग, फार्मा) के इंडेक्स को ट्रैक करते हैं।
इन्हें सेक्टर का प्रदर्शन समझने के लिए चुना जाता है।
===(iv) बॉन्ड या डेट इंडेक्स फंड:===
ये फंड सरकारी बॉन्ड, कॉरपोरेट बॉन्ड, या अन्य डेट सिक्योरिटीज के इंडेक्स को ट्रैक करते हैं।
यह कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त होता है।
== निवेश के लाभ ==
छोटे निवेशकों ने यदि किसी फंड मैनेजर के द्वारा अपना धन निवेश करने के बजाय सीधे इंडेक्स फंड में लगाया हो, तो उनको अधिक लाभ होता है। इंडेक्स फंड भी [[म्यूचुअल फंड]] ही होते हैं। निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके ये स्टॉक मार्केट के किसी इंडेक्स में निवेश करते हैं। सक्रिय रूप से मैनेज फंड की अपेक्षा इंडेक्स फंड में निवेश काफी सस्ता भी होता है। आम फंड्स की तरह इसमें प्रबंधन शुल्क के नाम पर मोटी रकम नहीं वसूली जाती है।<ref name="">[http://www.businessbhaskar.com/2009/10/30/091030002820_investors_have_high_hopes_for_fund_managers.html निवेशकों को बड़ी उम्मीदें होती हैं फंड मैनेजर से]{{Dead link|date=दिसंबर 2020 |bot=InternetArchiveBot }}। बिज़्नेस भास्कर। ३० अक्टूबर २००९</ref>
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अच्छा लाभ अर्जित करने का सबसे बेहतर तरीका होता है इंडेक्स फंड या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में लगातार निवेश करना। संभव है कि इस प्रकार से उन्हें एक साथ बड़ा लाभ न मिले, लेकिन लंबे समय में कुछ न कुछ अवश्य मिलेगा।<ref name="बिज़्नेस भास्कर">[http://www.businessbhaskar.com/2009/10/23/091023005708_select_the_index_fund.html कम जानकारी हो तो चुनें इंडेक्स फंड]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }}। बिज़्नेस भास्कर। २३ अक्टूबर २००९</ref> उदाहरण के लिए निवेशक ने किसी ऐसे इंडेक्स में निवेश किया जिसका ऊपर जाना तय है। संभव है जल्दी में पैसे की अधिक आवश्यकता न हो, फिर भी निश्चित समय पर तय राशि निवेश करते रहना निवेशक के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इंडेक्स फंड के जरिए हर महीने तय राशि निवेश करते हैं। इसलिए जब बाजार गिर रहा होगा तो निवेशकों के पास अधिक यूनिट होंगी और जब बाजार तेजी पर होगा तो कम यूनिट मिलेंगी। इसके बाद भी उपलब्ध यूनिटों की वैल्यू बढ़ती ही रहेगी। सफलता के लिए आवश्यक है कि जब बाजार तेजी से गिर रहा हो तो निवेशक हताश न हों और नया निवेश करते रहें। यदि निवेशक इंडेक्स फंड में लगातार निवेश कर रहे हों तो उनके पोर्टफोलियो में स्वयमेव विभिन्नता आ जाएगी। इसलिए उन्हें सबसे ज्यादा चलने वाले स्टॉक के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं रहती। इंडेक्स फंड का चुनाव करने पर किसी भी विशेष क्षेत्र में ज्यादा निवेश करने से सरलता से बचा जा सकता है। अर्थव्यवस्था में मजबूती के साथ लाभ भी मिलेगा।
इंडेक्स फंड में निवेश से होने वाला लाभ इंडेक्स की तेजी पर निर्भर करता है।<ref name="बिज़्नेस भास्कर"/> यदि लगातार निवेश करते जाते हैं और पैसा नहीं निकालते हैं तो लाभ से निवेश पर संयुक्त मुनाफा मिलता है। लंबी अवधि के निवेश करने में होने वाले लाभ पर टैक्स भी नहीं चुकाना पड़ता है। फंड प्रबंधन के तौर होने वाला खर्च बहुत कम होता है।
==भारत में लोकप्रिय इंडेक्स फंड्स के उदाहरण:==
===UTI Nifty Index Fund===
यह फंड NIFTY 50 इंडेक्स को ट्रैक करता है।
यह भारत के प्रमुख 50 कंपनियों के प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।
===HDFC Index Fund - Sensex Plan===
यह BSE SENSEX को ट्रैक करता है।
SENSEX भारत की 30 प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन दिखाता है।
===SBI Nifty Index Fund===
यह NIFTY 50 इंडेक्स पर आधारित है।
यह कम लागत और स्थिरता के लिए जाना जाता है।
===ICICI Prudential Nifty Next 50 Index Fund===
यह NIFTY Next 50 इंडेक्स को ट्रैक करता है।
यह उन कंपनियों को कवर करता है जो NIFTY 50 में आने की कगार पर हैं।
===Nippon India Index Fund - Sensex Plan===
यह SENSEX को ट्रैक करता है।
यह दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त है।
===Motilal Oswal NASDAQ 100 ETF===
यह NASDAQ 100 इंडेक्स को ट्रैक करता है।
यह अमेरिकी तकनीकी कंपनियों में निवेश करने का विकल्प देता है।
= इंडेक्स फंड के जोखिम =
मार्केट रिस्क: चूंकि यह सीधे बाजार के इंडेक्स को ट्रैक करता है, बाजार में गिरावट का प्रभाव सीधे फंड पर पड़ता है।
लिमिटेड फ्लेक्सिबिलिटी: फंड मैनेजर बाजार की स्थितियों के अनुसार निवेश बदल नहीं सकते।
ट्रैकिंग एरर: इंडेक्स और फंड के प्रदर्शन में हल्का अंतर हो सकता है, जिसे ट्रैकिंग एरर कहते हैं।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}<ref>{{Cite web|url=https://www.jivanbima.in/2025/01/best-mutual-funds-to-invest-in-2025.html?m=1|title=Best Mutual Funds To Invest In 2025 : निवेश के लिये सबसे बेस्ट म्युचुअल फंड|date=4, जनवरी,2025|website=}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{निवेश प्रबंधन}}
[[श्रेणी:स्टॉक]]
[[श्रेणी:वित्त]]
[[श्रेणी:निवेश]]
[https://satyajeetsingh.in/what-is-index-fund-and-how-is-it-a-cheap-investment-in-mutual-funds/ Index Fund : इंडेक्स फंड क्या है और कैसे यह म्यूचुअल फंड में सस्ता निवेश है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250103165351/https://satyajeetsingh.in/what-is-index-fund-and-how-is-it-a-cheap-investment-in-mutual-funds/ |date=3 जनवरी 2025 }}
[https://satyajeetsingh.in/what-is-index-fund/ Index Fund : इंडेक्स फंड क्या है?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250219123308/https://satyajeetsingh.in/what-is-index-fund/ |date=19 फ़रवरी 2025 }}
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विजय (अभिनेता)
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wikitext
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{{Infobox officeholder
| office = तमिल नाडु के मुख्यमंत्री
| order = 9वें
| term_start = 10 मई 2026
| governor = [[राजेन्द्र अर्लेकर]]
| predecessor = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section begin|अतिरिक्त मंत्रालय}}
| 1blankname1 = मंत्रालय और विभाग
| 1namedata1 = * सार्वजनिक
* सामान्य प्रशासन विभाग
* भारतीय प्रशासनिक सेवा
* भारतीय पुलिस सेवा
* भारतीय वन सेवा
* जिला राजस्व अधिकारी
* [[तमिलनाडु पुलिस|पुलिस]]
* गृह विभाग
* विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन
* महिला, बाल एवं वृद्धजन कल्याण
* युवा कल्याण
* दिव्यांगजन कल्याण
* नगर प्रशासन
* शहरी एवं जल आपूर्ति
| term_start1 = 10 मई 2026
| predecessor1 = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section end}}
| office2 = [[तमिल नाडु]] [[विधानसभा]] के [[विधानसभा सदस्य (भारत)|सदस्य]]
| constituency2 = पेरम्बूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र
| term_start2 = 4 मई 2026
| predecessor2 = [[आर. डी. शेकर]]
| office3 = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] के अध्यक्ष
| term_start3 = 2 फ़रवरी 2024
| 1blankname3 = महासचिव
| 1namedata3 = एन. आनंद
| predecessor3 = ''पद स्थापित''
| image = Vijay at Jana Nayagan's pooja ceremony.jpg
| caption = 2024 में विजय
| birth_name = चंद्रशेखरन जोसेफ विजय
| birth_date = {{Birth date and age|df=yes|1974|6|22}}
| birth_place = [[मद्रास]] {{small|(अब चेन्नई)}}, तमिल नाडु, भारत
| party = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] (2024 से)
| spouse = {{marriage|[[संगीता सोर्नालिंगम]]|25 August 1999|2025|end={{abbr|sep.|अलग}}}}
| children = 2
| father = [[एस. ए. चंद्रशेखरन]]
| mother = शोभा चंद्रशेखर
| occupation = {{hlist|राजनीतिज्ञ|अभिनेता}}
| relatives = [[दक्षिण भारतीय फ़िल्म परिवारों की सूची#चंद्रशेखर परिवार|चंद्रशेखर परिवार]]
| awards = [[विजय द्वारा प्राप्त पुरस्कार और नामांकन की सूची|पूर्ण सूची]]
| education = [[लोयोला कॉलेज, मद्रास]] (पढ़ाई छोड़ी)
| nickname = ''थलपति'' (कमांडर)
| name = सी. जोसेफ विजय
}}
'''जोसेफ विजय चंद्रशेखर''' ( जन्म 22 जून 1974) [[तमिल नाडु के मुख्यमंत्रियों की सूची|तमिलनाडू के मुख्यमंत्री]] हैं एक [[भारतीय फ़िल्म अभिनेताओं की सूची|भारतीय फिल्म अभिनेता]] एवं राजनेता हैं। वे [[भारतीय सिनेमा]] में एक कलाकार रहे हैं, साथ ही वह एक [[पार्श्वगायक|पार्श्व गायक]] और भारत में कई कंपनियों के लिए एक प्रवक्ता भी रहे हैं। वे '''विजय''' के नाम से अधिक प्रसिद्ध हैं। 'दलपति' भी इनका लोकप्रिय नाम है, जिसका अर्थ है 'सेनापति'।
उन्होंने [[तमिलक वेट्रि कलकम]] नाम से पार्टी स्थापित की और सन २०२६ के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इस दल से चुनाव लड़ा। उनका दल तमिलनाडु में सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है और स्पष्ट बहुमत से थोड़ा ही पीछे रह गया है। फिर भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
जोसेफ विजय ने सन् 1990 के दशक में अपने पिता के निर्देशन में बने कई उपक्रमों में काम करते हुए अपने कैरियर की शुरुआत की৷ ''[[नालया थीरपू]]'' (1992) फिल्म से उन्होंने अपने फिल्म कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने [[एक्शन फिल्म|एक्शन]] और [[रोमांस फ़िल्म|रोमांस]] शैलियों की कई फिल्मों में अभिनय किया৷ [[चेन्नई फ़िल्म उद्योग]] में अपने वर्षों के दौरान, उन्हें एक [[फ़िल्म फेयर अवार्ड]] के लिए नामांकित किया गया और उन्होंने तीन [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार]] जीते।
जोसेफ विजय ने व्यापारिक तौर पर सफल फ़िल्में, जैसे की ''[[पूवे उनक्कागा]]'' (1996), ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]'' (1997), ''[[कुशी]]'' (2000), ''[[घिल्ली]]'' (2004) और ''[[पोक्किरी]]'' (2007) के साथ साथ कई रोमांस और एक्शन फिल्मों में अभिनय किया है৷ वह [[इंडियन प्रीमियर लीग|आईपीएल]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए मौजूदा राजदूत हैं और वह कई वाणिज्यिक कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं৷<ref>[3] ^ http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100125101859/http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html |date=25 जनवरी 2010 }}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन ==
जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर का जन्म 22 जून 1974 को, फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक [[एस.ए. चंद्रशेखर]] और शास्त्रीय तथा पार्श्व गायिका शोभा चंद्रशेखर, के घर हुआ৷ उनकी एक बहन भी थी जिनका नाम विद्या चंद्रशेखर था, जिनका दो साल की उम्र में ही निधन हो गया৷<ref>{{Cite web |url=http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100130064212/http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |archive-date=30 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> {{Verify credibility|date=अगस्त 2009}} विजय ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई में विरुगाम्बक्कम के बाललोक में और दृश्य संचार का कोर्स [[लोयोला कॉलेज]], चेन्नई में किया৷<ref name="actorvijay.net">http://actorvijay.net/vijay_biography.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090517004351/http://actorvijay.net/vijay_biography.htm |date=17 मई 2009 }}</ref>
== अभिनय कैरियर ==
विजय ने अपने पिता द्वारा निर्मित, सन 1992 में बनी फ़िल्म ''[[नालया थीरपू]]'' में एक मुख्य अभिनेता के रूप में अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की৷ कुछ अन्य फ़िल्मों के बाद, ''[[सेंढूरापंदी]]'' फ़िल्म में उन्होंने [[विजयाकंथ]] के साथ काम किया৷ इस फ़िल्म ने विजय को तमिलनाडु के आंतरिक क्षेत्रों में लोकप्रिय बना दिया৷ ''[[रसिगन, विष्णु]]'', और ''[[देवा]]'' जैसी कम बजट की फ़िल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच स्थापित कर दिया৷ विजय अपनी पीढ़ी के कुछ उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने जानेमाने वरिष्ठ अभिनेता [[शिवाजी गणेशन]] के साथ काम किया है৷ यह अवसर उन्हें सन् 1996 में अपने पिता [[एस.ए. चंद्रशेखर]] द्वारा निर्देशित फ़िल्म, ''[[वन्स मोर]]'' में काम करते हुए मिला৷
विजय को अपनी पहली सफल फ़िल्म सन् 1996 में बनी विक्रमन निर्देशित फ़िल्म ''[[पूवे उनक्कागा]]'' के रूप में मिली जिसने विजय को तमिल फ़िल्मों में एक उभरते हुए स्टार के रूप में स्थापित करने में काफी मदद की৷ कुछ और फ्लॉप फ़िल्मों के बाद उन्हें, ''[[लव टुडे]]'' फ़िल्म की जिसमें एक अपरंपरागत अंत था के साथ सफलता मिली৷ सन् 1997 में उन्होंने [[सूर्य शिवकुमार]] के साथ [[वसंत]] की फ़िल्म ''[[नेर्रुक्कू नेर]]'' में अभिनय किया৷ यह फ़िल्म [[मणिरत्नम्|मणिरत्नम]] द्वारा निर्माण की गई थी৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] द्वारा निर्देशित ''[[काधलुक्कू मरियाधई]]'' में अभिनय किया৷ ''कधालुक्कू मरियाधई'' एक ब्लोकबस्टर फ़िल्म मानी गयी और इस फ़िल्म ने विजय को उस वर्ष का [[तमिलनाडु राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्म पुरस्कार]] भी दिलाया৷
सन् 1998 में, विजय ने ''[[प्रियामुदन]]'' और ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' में काम किया, दोनों फ़िल्में बोक्स ऑफिस पर सफल रहीं৷ इसके बाद आई फ़िल्में ''[[एन्द्रेंदृम कधाल, नेंजिनिले, मिन्सरा कन्ना]]'' बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह से पीट गयीं৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] के साथ ''[[कन्नुक्कुल निलावु]]'' फ़िल्म की, उनके अभिनय की प्रशंसा हुई पर फ़िल्म बॉक्सऑफिस पर असफल रही৷ अपना रुख बदलते हुए, उन्होंने एक साल से ज्यादा लेने वाली फ़िल्मों में काम नहीं करने का फैसला किया৷ उनकी अगली फ़िल्म ''[[कुशी]]'' थी जो सन् 2000 की सुपर हिट फ़िल्म थी৷ उसके बाद आयीं ''[[प्रियामानावाले]]'', ''[[फ्रेन्ड्स]]'' जैसी फ़िल्में ''[[विजय]]'' के लिए एक बार फिर सफलता लायीं और ''[[बद्री]]'' और एक सुपर हिट फ़िल्म रहीं৷
बाद में उन्होंने ''[[शाहजहां, थामिजहन]]'' में काम किया जो सभी बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और उसके बाद आई ''[[युथ]]'' में फिर औसत सफलता मिली, लेकिन, उसके बाद आई फ़िल्में ''[[बगावाथि, वसीगारा, पुधिया गीथाई]]'', और लंबे समय से बन रही फ़िल्म ''[[उधाया]]'' बहुत कम आमदनी ला पाई और फ्लॉप हो गई৷ इसने विजय की सफलता के दर को काफी प्रभावित किया और फ़िल्म आलोचकों एवं निर्माताओं की नज़र में वह नीचे उतरते गए৷
असफल फ़िल्मों के उनके तार सन् 2003 में ''[[थिरुमलाई]]'' द्वारा टूट गये जिसमे विजय एक नए चेहरे के साथ नज़र आयें৷ सन् 2004 में रिलीज़ हुई, ''[[घिल्ली]]'', विजय की अबतक की सबसे बड़ी हिट फ़िल्मों में से एक मानी जाती हैं৷ धरनी द्वारा निर्देशित और ए.एम्. रथ्नम द्वारा निर्मित, यह एक [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] फ़िल्म ''[[ओक्कादु]]'' की रीमेक थी और यह फ़िल्म तमिलनाडु में सिनेमाघरों में 200 दिनों तक चली थी৷ उसके बाद आई ''[[माधुरी]]'' जो बॉक्स ऑफिस पर औसत सफल रही৷ इस साल में विजय ने अपने मौजूदा जन नायक, टकसाली अभिनय शैली, को चित्रित करना शुरू किया, जिसने उन्हें अपने कैरियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया৷ अगले वर्ष मेगा हिट ''[[थिरुपाची]]'', एक विशिष्ट रोमांटिक विनोदी फ़िल्म ''[[साचें]]'' और एक सुपर हिट ''[[सिवाकासी]]'' के रूप में अन्य प्रमुख सफलता मिली৷
''थिरुमलाई'' की रिलीज के बाद विजय की पहली असफल फ़िल्म ''[[आथी]]'' रही, जो सन् 2006 में प्रदर्शित हुई थी৷ यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल रही৷ बाद में उस वर्ष में उन्होंने [[पोक्किरी]] फ़िल्म की घोषणा की, जो प्रभु देवा ने निर्देशित की और सन् 2007 में प्रदर्शित हुई৷ ''पोक्किरी'' को लगभग '' घिल्ली'' जैसी ही सफलता मिली, जिसमें विजय को एक अलग शैली में अभिनय करने का मौका मिला था৷ इसने विजय को M.G.R. यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि दिलाई৷ बाद में उस वर्ष, विजय ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' में दिखाई दियें और इस फ़िल्म में पहली बार वह दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷ इस फ़िल्म में उनकी भूमिका, विरोधी और नायक के रूप में थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ़िल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो गई৷ सन् 2008 में उन्होंने ''[[कुरुवी]]'' में अभिनय किया, जो धरनी द्वारा निर्देशित थी और नकारात्मक समीक्षा के साथ प्रदर्शित हुई, हालाकि फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पाई, वितरकों के लिए कुछ स्थानों पर लाभ कमाने में कामियाब रही৷
साल 2009 की शुरुआत एक्शन फ़िल्म ''[[विल्लू]]'' के साथ हुई, जो ''पोक्किरी'' के बाद उनके साथ दुबारा काम करने को उत्सुक प्रभु देवा द्वारा निर्देशित थी৷ इस फ़िल्म में, विजय अपने कैरियर में दूसरी बार दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷
विजय की अगली फ़िल्म ''[[वेत्तैक्कारण]]'' है, यह फ़िल्म बाबू सिवान द्वारा निर्देशित और [[AVM प्रोडक्शन]] द्वारा निर्मित है, जिसकी शूटिंग [[फरवरी 2009]] से शुरू हुई है और 18 दिसम्बर 2009 को प्रदर्शित होने वाली है৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090226214712/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |archive-date=26 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> फ़िल्म [[सन पिक्चर्स]] द्वारा वितरित की जाएगी৷
फ़िलहाल विजय ''[[सुरा]]'' में काम कर रहे है, जिसमें वह अभिनेत्री [[तमन्ना भाटिया]] के साथ नज़र आएंगे, फ़िल्म राजकुमारन द्वारा निर्देशित और [[संगिली मुरुगन]] द्वारा निर्मित की जा रही हैं फ़िल्म सुरा के वितरण अधिकार सन पिक्चर्स ने आश्चर्यजनक 32 करोड़ रुपयों में ख़रीदे हैं৷
== ब्रांड समर्थन ==
वर्ष 2002 में, विजय [[कोका कोला]] के तमिलनाडु क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये थे৷ उन्होंने कई किस्म के दक्षिण भारतीय कोका कोला के विज्ञापन में [[कैटरीना कैफ़|कैटरीना कैफ]] के साथ अभिनय किया था৷ [[जनवरी 2009]] में, विजय एक बार फिर से कोका कोला के उत्पादों के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303233317/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |archive-date=3 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref>
वर्ष 2008 में, विजय [[इंडियन प्रीमियर लीग]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए स्टार एंबेसडर के रूप में, अभिनेत्री [[नयनतारा]] के साथ करारबद्ध किए गए।
== पुरस्कार और सम्मान ==
विजय ने अपना पहला फ़िल्म पुरस्कार सन् 1997 [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कारों]] में जीता, जहां उन्हें [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए विशेष पुरस्कार]] दिया गया था৷ बाद में उन्होंने ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' (1999) और ''[[थिरुपाची]]'' (2005) के लिए इसी श्रेणी में और अधिक पुरस्कार प्राप्त किए৷
रिलायंस मोबाइल विजय पुरस्कार सन् 2007 के दौरान, विजय ने ''[[पोक्किरी]]'' और ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' जैसी फ़िल्मों में उनके प्रदर्शन के लिए "एंटरटेनर ऑफ़ द इयर पुरस्कार" जीता৷<ref>http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100918035005/http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm |date=18 सितंबर 2010 }}</ref>
सन् 2005 में, रेडियो मिर्ची, स्पार्क 2005 विज्ञापन क्लब के सहयोग से चेन्नई में, चेन्नई लोक सेवा घोषणा के लिए विजय को रजत पुरस्कार दिया৷<ref>http://www.enil.co.in/radioawards.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100227093823/http://www.enil.co.in/radioawards.html |date=27 फ़रवरी 2010 }}</ref>
सन् 2007 में, विजय को [[एस.शंकर]] के साथ M.G.R. यूनिवर्सिटी, चेन्नई से 0}मानद डॉक्टरेट डिप्लोमा की उपाधि दी गयी थी৷
== निजी जीवन ==
विजय की शादी [[लंदन-स्थित]] [[श्रीलंका के तमिल]] संगीता सोर्नालिंगम<ref>http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160303181918/http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm |date=3 मार्च 2016 }}</ref><ref>http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |date=23 जनवरी 2011 }} के साथ 25 अगस्त 1999 को हुई थी৷</ref><ref name="actorvijay.net"/><ref>{{Cite web |url=http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |archive-date=23 जनवरी 2011 |url-status=bot: unknown }}</ref> उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा जो 2001 में लंदन में पैदा हुआ<ref>http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140713102659/http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm |date=13 जुलाई 2014 }}</ref> और एक बेटी जिसका जन्म 2005 में [[चेन्नई]] में हुआ|<ref name="webindia123">{{Cite web |url=http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100531065701/http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |archive-date=31 मई 2010 |url-status=dead }}</ref>
[[File:Vijay at Protest of the Nadigar Sangam.jpg|thumb|200x200px|2018 में विजय]]
== फ़िल्मोग्राफी ==
{|class="wikitable"
|+Key
| style="background:#FFFFCC;"| {{dagger|alt=Films that have not yet been released}}
| Denotes films that have not yet been released
|}
=== अभिनेता के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="3" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! फ़िल्म
! भूमिका
! नोट्स
|-
| rowspan="2" |[[१९८४|1984]]
|[[वेट्री]]
|विजय
|-
|[[कुुुदुंबम]]
|नारदा
|
|-
|[[१९८६|1986]]
|[[वसंत रागम (फिल्म)|वसंत रागम]]
|विजय
|-
|[[१९८७|1987]]
|[[सट्टम ओरु विलैयाट्टु]]
|राजा
|-
|[[१९८८|1988]]
|[[इतु एंंगल नीती]]
|
|-
| rowspan="1" | [[१९९२|1992]]
| [[नालय थीर्पू]]
| विजय
|-
| rowspan="3" |
| [[सेंथूरापंडी]]
| विजय
|-
| [[रसिगन]]
| विजय
|
|-
| [[देवा (१९९५ फिल्म)|देवा]]
| देवा
|
|-
| rowspan="3"| [[१९९५|1995]]
| [[राजाविन पार्वैयिले|राजावीन पार्वैयिले]]
| राजा
|-
| [[विष्णु (१९९५ फिल्म)|विष्णु]]
| विष्णु
|
|-
| [[चंद्रलेखा]]
| रहीम
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९६|1996]]
| [[कोयम्बटूर माप्ले]]
| बालू
|-
| [[पूवे उनक्काग]]
| राजा
|
|-
| [[वसंत वासल]]
| विजय
|
|-
| [[मान्बुमिगु मानवन|मान्बुमिगु मानवान]]
| शिवा
|
|-
| [[सेल्वा]]
| सेल्वा
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९७|1997]]
| [[कालामेल्लम काथिरुप्पें]]
| कन्नन
|
|-
| [[लव टुडे]]
| गणेश
|
|-
| [[वन्स मोर]]
| विजय
|
|-
| [[नेर्रुक्कू नेर]]
| विजय
|
|-
| [[काधालुक्कु मरियाधई]]
| जीवानन्दम
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]]
|-
| rowspan="3"| [[१९९८|1998]]
| [[निनैत्तेन बंधाई]]
| गोकुलकृष्णन
|
|-
| [[प्रियमुदन]]
| वसंत
|
|-
| [[निलावे वा]]
| सेलुवाई
|
|-
| rowspan="4"| [[१९९९|1999]]
| [[थुल्लाध मनमुम थुल्लुम]]
| कुट्टी
|
|-
| [[एन्द्रेंदृम काधल]]
| विजय
|
|-
| [[नेंजिनिले]]
| करुणाकरन
|
|-
| [[मिन्सारा कन्ना]]
| कन्नन
|
|-
| rowspan="3"| [[२०००|2000]]
| [[कन्नुक्कुल निलवु]]
| गौथम
|
|-
| [[कुशी]]
| शिवा
|
|-
| [[प्रियमानवले]]
| विजय
|
|-
| rowspan="3"| [[२००१|2001]]
| [[फ़्रेंड्स (२००१ फिल्म)|फ्रेंड्स]]
| अरविन्थ
|
|-
| [[बद्री]]
| बद्री
|
|-
| [[शाहजहां (२००१ फिल्म)|शाहजहां]]
| अशोक
|
|-
| rowspan="3"| [[२००२|2002]]
| [[तमिलन (२००२ फिल्म)|तमिलन]]
| सूर्या
|
|-
| [[यूथ]]
| शिवा
|-
| [[भगवती (२००२ फिल्म)|भगवती]]
| भगवती
|
|-
| rowspan="3"| [[२००३|2003]]
| [[वसीगारा]]
| भूपथी
|
|-
| [[पुतिय गीतै]]
| सारथी
|
|-
| [[थिरुमलै]]
| थिरुमलै
|
|-
| rowspan="3"| [[२००४|2004]]
| [[उदया]]
| उदयकुमरन
|
|-
| [[घिल्ली]]
| सरवनवेलु
|
|-
| [[मधुर (२००४ फिल्म)|मधुर]]
| मधुरवेल
|
|-
| rowspan="4"| [[२००५|2005]]
| [[थिरुपाची]]
| सिवगिरी
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का विशेष पुरस्कार]]
|-
| [[सचीन (२००५ फिल्म)|सचीन]]
| सचीन
|
|-
| [[सुकरन]]
| सुकरन
| एक्सटेनटेड केमेओ
|-
| [[सिवाकासी|सिवकासी]]
| सिवकासी (मुत्तप्पा)
|
|-
| [[२००६|2006]]
| [[आधी]]
| आधी
|
|-
| rowspan="2"| [[२००७|2007]]
| [[पोक्किरी]]
| सत्यमूर्ति (तमिल)
| '''विजेता,''' [[एंटरटेइनर ऑफ़ द इयर]] के लिए विजय पुरस्कार
|-
| [[अलगिय तमिल मगन]]
| गुरु ,<br /> प्रसाद
|
|-
| rowspan="2"| [[२००८|2008]]
| [[कुरुवी]]
| वेट्रिवेल
|
|-
| [[पन्धयम]]
| खुद
| छोटा किरदार
|-
| rowspan="2"| [[२००९|2009]]
| [[विल्लू]]
| पुगल,<br />मेजर सरवनन
|
|-
| [[वेट्टैक्कारन]]
| ऑटो रवि (पुलिस रवि)
|
|-
| [[२०१०|2010]]
| [[सुरा (२०१० फिल्म)|सुरा]]
| सुरा
|
|-
| rowspan="2" |[[२०११|2011]]
| [[कावलन (२०११ फिल्म)|कावलन]]
| भूमिनातन
|
|-
|[[वेलायुतम (२०११ फिल्म)|वेलायुतम]]
|वेलायुतम
|
|-
| rowspan="3" |2012
|[[नन्बन (२०१२ फिल्म)|नन्बन]]
|कोसक्सि पसपुगल (पन्चवन पारिवेन्दन)
|
|-
|[[राउडी राठौर]]
|
|हिंदी फिल्म; "चिंता ता" सांग में विशेष उपस्थिति
|-
|[[तुप्पाक्की]]
|जगदीश दनपाल
|
|-
|2013
|[[तलैवा (२०१३ फिल्म|तलैवा]]
|विश्वा रामदुुुरैै
|
|-
| rowspan="2" |2014
|[[जिल्ला (२०१४ फिल्म)|जिल्ला]]
|शक्ती
|
|-
|[[कत्ति (२०१४ फिल्म)|कत्ति]]
|कतिरेसन, जीवानंंदम
|
|-
|2015
|[[पुलि (२०१५ फिल्म)|पुलि]]
|मरुदीरन, पुलिवेंदन
|
|-
|2016
|[[तेरी (२०१६ फिल्म)|तेरी]]
|विजय कुमार (जोसफ कुरुविल्ला, धर्मेश्वर)
|
|-
| rowspan="2" |2017
|[[बैरवा (२०१७ फिल्म)|बैरवा]]
|बैरवा
|
|-
|[[मेर्सल]]
|वेट्री, मारन, वेट्रीमारन
|
|-
|2018
|[[सरकार (2018 फिल्म)|सरकार]]
|सुन्दर रामस्वामी
|
|-
|2019
|[[बिगिल (2019 फिल्म)|बिगिल]]
|मैखेल, रायप्पन
|
|-
|2021
|[[मास्टर (2021 फ़िल्म)|मास्टर]]
|जान दुरैराज (जे.डी)
|
|-
|2022
|[[रॉ (बीस्ट)|रॉ]] (Beast)''
|वीरा राघवन
|फिल्माने
|-
|2023
|[[वारिस (बारिसू)|वारिस]]
|विजय राजेंद्र
|
|-
|2023
|[[लियो (2023 तामिल फ़िल्म)|लियो]]
|लियो दास / पार्थिपन
|
|-
|2024
|(The Greatest of All Time) G.O.A.T
|
|5 सितंबर 2024 रिलीज़
|}
=== पार्श्व गायक के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! गीत
! फ़िल्म
! अन्य नोट
|-
| [[२००५|2005]]
| वादी वादी
| ''[[साचें]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[२००२|2002]]
| कोका-कोला
| ''[[बगावाथी]]''
|
|-
| उल्लाथई किल्लाधाए
| ''[[तमिलन]]''
| सह अभिनेत्री [[प्रियंका चोपड़ा]], के साथ गाया
|-
| [[२००१|2001]]
| एन्नोदा लैला
| ''[[बद्री]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[२०००|2000]]
| मिसिसिपी नधी कुलुंगा
| ''[[प्रियामानावाले]] ''
|
|-
| सिंनन चिरु
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]]''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| इरवु पगली
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]] ''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| [[१९९९|1999]]
| थान्गानिराठुकू
| ''[[नेंजिनिले]] ''
|
|-
| rowspan="7"|[[१९९८|1998]]
| टिक टिक टिक
| ''थुल्ली थिरिन्था कलाम''
| गायक[[पी. उन्नी कृष्णन]] के साथ गाया
|-
| रोद्दुला ओरु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| थम्मादिक्किरा स्त्यला पथु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| कलाठुक्कू ओरु गण
| ''[[वेली]]''
| अभिनेता [[विग्नेश]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| चंदिरा मंदालाथई
| ''[[निलावे वा]] ''
|
|-
| निलावे ... निलावे
| ''[[निलावे वा]]''
|
|-
| मोव्रिया मोव्रिया
| ''[[प्रियामुदन]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[१९९७|1997]]
| ओह बेबी बेबी
| ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]''
|
|-
| उर्मिला उर्मिला
| ''[[वन्स मोर]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[१९९६|1996]]
| चिकन करे
| ''[[सेल्वा]]''
|
|-
| अंजाम नंबर बुस्सिल एरी
| ''[[कालामेल्लम काथिरुप्पें]] ''
|
|-
| थिरुप्प्ति पाना मोट्टा
| ''[[मान्बुमिगु मानवान]] ''
|
|-
| [[१९९५|1995]]
| बोम्बोई पार्टी शिल्पा शेट्टी
| ''[[कोयम्बटूर माप्ले]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| थोत्ताबेत्लाए
| ''[[विष्णु]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| अददा अलमेलु आवीं पसुम्पालू
| ''[[देवा]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| कोथ्थागिरी कुप्पम्मा
| ''[[देवा]]''
|
|}
== संन्यास की घोषणा ==
28 दिसंबर 2025 को, मलेशिया में अपनी फिल्म ''जन नायकन'' के ऑडियो लॉन्च के दौरान, विजय ने उद्योग में 33 वर्षों के बाद अभिनय से संन्यास की घोषणा की, कहा कि यह उनकी अंतिम फिल्म होगी और वे राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
|url=https://www.ibc24.in/entertainment/thalapathy-vijay-announces-retirement-from-acting-3402153.html
|work=IBC24 News
|author=Karan Nepali
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
|language=hi
}}</ref><ref>{{cite news
|title=I quit cinema for the fans who offered me everything
|url=https://www.bhaskarenglish.in/entertainment/news/i-quit-cinema-for-the-fans-who-offered-me-everything-136796590.html
|work=Bhaskar English
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Atlee's Emotional Tribute To Thalapathy Vijay Steals The Show At Jana Nayagan Audio Launch: "One Last Time"
|url=https://www.ndtv.com/entertainment/atlees-emotional-tribute-to-thalapathy-vijay-steals-the-show-at-jana-nayagan-audio-launch-one-last-time-10044927
|work=NDTV
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay gets mobbed and falls at Chennai airport as fans rush to get a glimpse of him; Watch
|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/thalapathy-vijay-gets-mobbed-and-falls-at-chennai-airport-as-fans-rush-to-get-a-glimpse-of-him-watch/articleshow/126226019.cms
|work=The Times of India
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref> एच. विनोथ द्वारा निर्देशित ''जन नायकन'' 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है, जिसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल और प्रकाश राज जैसे कलाकार सह-कलाकार हैं।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
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|date=29 December 2025
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== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb name|id=0897201}}
{{DEFAULTSORT:Vijay, Joseph}}
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के लोग]]
[[श्रेणी:तमिल अभिनेता]]
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| office = तमिल नाडु के मुख्यमंत्री
| order = 9वें
| term_start = 10 मई 2026
| governor = [[राजेन्द्र अर्लेकर]]
| predecessor = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section begin|अतिरिक्त मंत्रालय}}
| 1blankname1 = मंत्रालय और विभाग
| 1namedata1 = * सार्वजनिक
* सामान्य प्रशासन विभाग
* भारतीय प्रशासनिक सेवा
* भारतीय पुलिस सेवा
* भारतीय वन सेवा
* जिला राजस्व अधिकारी
* [[तमिलनाडु पुलिस|पुलिस]]
* गृह विभाग
* विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन
* महिला, बाल एवं वृद्धजन कल्याण
* युवा कल्याण
* दिव्यांगजन कल्याण
* नगर प्रशासन
* शहरी एवं जल आपूर्ति
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| predecessor1 = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section end}}
| office2 = [[तमिल नाडु]] [[विधानसभा]] के [[विधानसभा सदस्य (भारत)|सदस्य]]
| constituency2 = पेरम्बूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र
| term_start2 = 4 मई 2026
| predecessor2 = [[आर. डी. शेकर]]
| office3 = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] के अध्यक्ष
| term_start3 = 2 फ़रवरी 2024
| 1blankname3 = महासचिव
| 1namedata3 = एन. आनंद
| predecessor3 = ''पद स्थापित''
| image = The official portrait of C Joseph Vijay, the Chief Minister of Tamilnadu.jpg
| caption = 2024 में विजय
| birth_name = चंद्रशेखरन जोसेफ विजय
| birth_date = {{Birth date and age|df=yes|1974|6|22}}
| birth_place = [[मद्रास]] {{small|(अब चेन्नई)}}, तमिल नाडु, भारत
| party = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] (2024 से)
| spouse = {{marriage|[[संगीता सोर्नालिंगम]]|25 August 1999|2025|end={{abbr|sep.|अलग}}}}
| children = 2
| father = [[एस. ए. चंद्रशेखरन]]
| mother = शोभा चंद्रशेखर
| occupation = {{hlist|राजनीतिज्ञ|अभिनेता}}
| relatives = [[दक्षिण भारतीय फ़िल्म परिवारों की सूची#चंद्रशेखर परिवार|चंद्रशेखर परिवार]]
| awards = [[विजय द्वारा प्राप्त पुरस्कार और नामांकन की सूची|पूर्ण सूची]]
| education = [[लोयोला कॉलेज, मद्रास]] (पढ़ाई छोड़ी)
| nickname = ''थलपति'' (कमांडर)
| name = सी. जोसेफ विजय
}}
'''जोसेफ विजय चंद्रशेखर''' ( जन्म 22 जून 1974) [[तमिल नाडु के मुख्यमंत्रियों की सूची|तमिलनाडू के मुख्यमंत्री]] हैं एक [[भारतीय फ़िल्म अभिनेताओं की सूची|भारतीय फिल्म अभिनेता]] एवं राजनेता हैं। वे [[भारतीय सिनेमा]] में एक कलाकार रहे हैं, साथ ही वह एक [[पार्श्वगायक|पार्श्व गायक]] और भारत में कई कंपनियों के लिए एक प्रवक्ता भी रहे हैं। वे '''विजय''' के नाम से अधिक प्रसिद्ध हैं। 'दलपति' भी इनका लोकप्रिय नाम है, जिसका अर्थ है 'सेनापति'।
उन्होंने [[तमिलक वेट्रि कलकम]] नाम से पार्टी स्थापित की और सन २०२६ के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इस दल से चुनाव लड़ा। उनका दल तमिलनाडु में सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है और स्पष्ट बहुमत से थोड़ा ही पीछे रह गया है। फिर भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
जोसेफ विजय ने सन् 1990 के दशक में अपने पिता के निर्देशन में बने कई उपक्रमों में काम करते हुए अपने कैरियर की शुरुआत की৷ ''[[नालया थीरपू]]'' (1992) फिल्म से उन्होंने अपने फिल्म कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने [[एक्शन फिल्म|एक्शन]] और [[रोमांस फ़िल्म|रोमांस]] शैलियों की कई फिल्मों में अभिनय किया৷ [[चेन्नई फ़िल्म उद्योग]] में अपने वर्षों के दौरान, उन्हें एक [[फ़िल्म फेयर अवार्ड]] के लिए नामांकित किया गया और उन्होंने तीन [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार]] जीते।
जोसेफ विजय ने व्यापारिक तौर पर सफल फ़िल्में, जैसे की ''[[पूवे उनक्कागा]]'' (1996), ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]'' (1997), ''[[कुशी]]'' (2000), ''[[घिल्ली]]'' (2004) और ''[[पोक्किरी]]'' (2007) के साथ साथ कई रोमांस और एक्शन फिल्मों में अभिनय किया है৷ वह [[इंडियन प्रीमियर लीग|आईपीएल]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए मौजूदा राजदूत हैं और वह कई वाणिज्यिक कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं৷<ref>[3] ^ http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100125101859/http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html |date=25 जनवरी 2010 }}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन ==
जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर का जन्म 22 जून 1974 को, फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक [[एस.ए. चंद्रशेखर]] और शास्त्रीय तथा पार्श्व गायिका शोभा चंद्रशेखर, के घर हुआ৷ उनकी एक बहन भी थी जिनका नाम विद्या चंद्रशेखर था, जिनका दो साल की उम्र में ही निधन हो गया৷<ref>{{Cite web |url=http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100130064212/http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |archive-date=30 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> {{Verify credibility|date=अगस्त 2009}} विजय ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई में विरुगाम्बक्कम के बाललोक में और दृश्य संचार का कोर्स [[लोयोला कॉलेज]], चेन्नई में किया৷<ref name="actorvijay.net">http://actorvijay.net/vijay_biography.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090517004351/http://actorvijay.net/vijay_biography.htm |date=17 मई 2009 }}</ref>
== अभिनय कैरियर ==
विजय ने अपने पिता द्वारा निर्मित, सन 1992 में बनी फ़िल्म ''[[नालया थीरपू]]'' में एक मुख्य अभिनेता के रूप में अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की৷ कुछ अन्य फ़िल्मों के बाद, ''[[सेंढूरापंदी]]'' फ़िल्म में उन्होंने [[विजयाकंथ]] के साथ काम किया৷ इस फ़िल्म ने विजय को तमिलनाडु के आंतरिक क्षेत्रों में लोकप्रिय बना दिया৷ ''[[रसिगन, विष्णु]]'', और ''[[देवा]]'' जैसी कम बजट की फ़िल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच स्थापित कर दिया৷ विजय अपनी पीढ़ी के कुछ उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने जानेमाने वरिष्ठ अभिनेता [[शिवाजी गणेशन]] के साथ काम किया है৷ यह अवसर उन्हें सन् 1996 में अपने पिता [[एस.ए. चंद्रशेखर]] द्वारा निर्देशित फ़िल्म, ''[[वन्स मोर]]'' में काम करते हुए मिला৷
विजय को अपनी पहली सफल फ़िल्म सन् 1996 में बनी विक्रमन निर्देशित फ़िल्म ''[[पूवे उनक्कागा]]'' के रूप में मिली जिसने विजय को तमिल फ़िल्मों में एक उभरते हुए स्टार के रूप में स्थापित करने में काफी मदद की৷ कुछ और फ्लॉप फ़िल्मों के बाद उन्हें, ''[[लव टुडे]]'' फ़िल्म की जिसमें एक अपरंपरागत अंत था के साथ सफलता मिली৷ सन् 1997 में उन्होंने [[सूर्य शिवकुमार]] के साथ [[वसंत]] की फ़िल्म ''[[नेर्रुक्कू नेर]]'' में अभिनय किया৷ यह फ़िल्म [[मणिरत्नम्|मणिरत्नम]] द्वारा निर्माण की गई थी৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] द्वारा निर्देशित ''[[काधलुक्कू मरियाधई]]'' में अभिनय किया৷ ''कधालुक्कू मरियाधई'' एक ब्लोकबस्टर फ़िल्म मानी गयी और इस फ़िल्म ने विजय को उस वर्ष का [[तमिलनाडु राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्म पुरस्कार]] भी दिलाया৷
सन् 1998 में, विजय ने ''[[प्रियामुदन]]'' और ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' में काम किया, दोनों फ़िल्में बोक्स ऑफिस पर सफल रहीं৷ इसके बाद आई फ़िल्में ''[[एन्द्रेंदृम कधाल, नेंजिनिले, मिन्सरा कन्ना]]'' बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह से पीट गयीं৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] के साथ ''[[कन्नुक्कुल निलावु]]'' फ़िल्म की, उनके अभिनय की प्रशंसा हुई पर फ़िल्म बॉक्सऑफिस पर असफल रही৷ अपना रुख बदलते हुए, उन्होंने एक साल से ज्यादा लेने वाली फ़िल्मों में काम नहीं करने का फैसला किया৷ उनकी अगली फ़िल्म ''[[कुशी]]'' थी जो सन् 2000 की सुपर हिट फ़िल्म थी৷ उसके बाद आयीं ''[[प्रियामानावाले]]'', ''[[फ्रेन्ड्स]]'' जैसी फ़िल्में ''[[विजय]]'' के लिए एक बार फिर सफलता लायीं और ''[[बद्री]]'' और एक सुपर हिट फ़िल्म रहीं৷
बाद में उन्होंने ''[[शाहजहां, थामिजहन]]'' में काम किया जो सभी बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और उसके बाद आई ''[[युथ]]'' में फिर औसत सफलता मिली, लेकिन, उसके बाद आई फ़िल्में ''[[बगावाथि, वसीगारा, पुधिया गीथाई]]'', और लंबे समय से बन रही फ़िल्म ''[[उधाया]]'' बहुत कम आमदनी ला पाई और फ्लॉप हो गई৷ इसने विजय की सफलता के दर को काफी प्रभावित किया और फ़िल्म आलोचकों एवं निर्माताओं की नज़र में वह नीचे उतरते गए৷
असफल फ़िल्मों के उनके तार सन् 2003 में ''[[थिरुमलाई]]'' द्वारा टूट गये जिसमे विजय एक नए चेहरे के साथ नज़र आयें৷ सन् 2004 में रिलीज़ हुई, ''[[घिल्ली]]'', विजय की अबतक की सबसे बड़ी हिट फ़िल्मों में से एक मानी जाती हैं৷ धरनी द्वारा निर्देशित और ए.एम्. रथ्नम द्वारा निर्मित, यह एक [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] फ़िल्म ''[[ओक्कादु]]'' की रीमेक थी और यह फ़िल्म तमिलनाडु में सिनेमाघरों में 200 दिनों तक चली थी৷ उसके बाद आई ''[[माधुरी]]'' जो बॉक्स ऑफिस पर औसत सफल रही৷ इस साल में विजय ने अपने मौजूदा जन नायक, टकसाली अभिनय शैली, को चित्रित करना शुरू किया, जिसने उन्हें अपने कैरियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया৷ अगले वर्ष मेगा हिट ''[[थिरुपाची]]'', एक विशिष्ट रोमांटिक विनोदी फ़िल्म ''[[साचें]]'' और एक सुपर हिट ''[[सिवाकासी]]'' के रूप में अन्य प्रमुख सफलता मिली৷
''थिरुमलाई'' की रिलीज के बाद विजय की पहली असफल फ़िल्म ''[[आथी]]'' रही, जो सन् 2006 में प्रदर्शित हुई थी৷ यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल रही৷ बाद में उस वर्ष में उन्होंने [[पोक्किरी]] फ़िल्म की घोषणा की, जो प्रभु देवा ने निर्देशित की और सन् 2007 में प्रदर्शित हुई৷ ''पोक्किरी'' को लगभग '' घिल्ली'' जैसी ही सफलता मिली, जिसमें विजय को एक अलग शैली में अभिनय करने का मौका मिला था৷ इसने विजय को M.G.R. यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि दिलाई৷ बाद में उस वर्ष, विजय ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' में दिखाई दियें और इस फ़िल्म में पहली बार वह दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷ इस फ़िल्म में उनकी भूमिका, विरोधी और नायक के रूप में थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ़िल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो गई৷ सन् 2008 में उन्होंने ''[[कुरुवी]]'' में अभिनय किया, जो धरनी द्वारा निर्देशित थी और नकारात्मक समीक्षा के साथ प्रदर्शित हुई, हालाकि फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पाई, वितरकों के लिए कुछ स्थानों पर लाभ कमाने में कामियाब रही৷
साल 2009 की शुरुआत एक्शन फ़िल्म ''[[विल्लू]]'' के साथ हुई, जो ''पोक्किरी'' के बाद उनके साथ दुबारा काम करने को उत्सुक प्रभु देवा द्वारा निर्देशित थी৷ इस फ़िल्म में, विजय अपने कैरियर में दूसरी बार दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷
विजय की अगली फ़िल्म ''[[वेत्तैक्कारण]]'' है, यह फ़िल्म बाबू सिवान द्वारा निर्देशित और [[AVM प्रोडक्शन]] द्वारा निर्मित है, जिसकी शूटिंग [[फरवरी 2009]] से शुरू हुई है और 18 दिसम्बर 2009 को प्रदर्शित होने वाली है৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090226214712/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |archive-date=26 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> फ़िल्म [[सन पिक्चर्स]] द्वारा वितरित की जाएगी৷
फ़िलहाल विजय ''[[सुरा]]'' में काम कर रहे है, जिसमें वह अभिनेत्री [[तमन्ना भाटिया]] के साथ नज़र आएंगे, फ़िल्म राजकुमारन द्वारा निर्देशित और [[संगिली मुरुगन]] द्वारा निर्मित की जा रही हैं फ़िल्म सुरा के वितरण अधिकार सन पिक्चर्स ने आश्चर्यजनक 32 करोड़ रुपयों में ख़रीदे हैं৷
== ब्रांड समर्थन ==
वर्ष 2002 में, विजय [[कोका कोला]] के तमिलनाडु क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये थे৷ उन्होंने कई किस्म के दक्षिण भारतीय कोका कोला के विज्ञापन में [[कैटरीना कैफ़|कैटरीना कैफ]] के साथ अभिनय किया था৷ [[जनवरी 2009]] में, विजय एक बार फिर से कोका कोला के उत्पादों के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303233317/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |archive-date=3 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref>
वर्ष 2008 में, विजय [[इंडियन प्रीमियर लीग]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए स्टार एंबेसडर के रूप में, अभिनेत्री [[नयनतारा]] के साथ करारबद्ध किए गए।
== पुरस्कार और सम्मान ==
विजय ने अपना पहला फ़िल्म पुरस्कार सन् 1997 [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कारों]] में जीता, जहां उन्हें [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए विशेष पुरस्कार]] दिया गया था৷ बाद में उन्होंने ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' (1999) और ''[[थिरुपाची]]'' (2005) के लिए इसी श्रेणी में और अधिक पुरस्कार प्राप्त किए৷
रिलायंस मोबाइल विजय पुरस्कार सन् 2007 के दौरान, विजय ने ''[[पोक्किरी]]'' और ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' जैसी फ़िल्मों में उनके प्रदर्शन के लिए "एंटरटेनर ऑफ़ द इयर पुरस्कार" जीता৷<ref>http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100918035005/http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm |date=18 सितंबर 2010 }}</ref>
सन् 2005 में, रेडियो मिर्ची, स्पार्क 2005 विज्ञापन क्लब के सहयोग से चेन्नई में, चेन्नई लोक सेवा घोषणा के लिए विजय को रजत पुरस्कार दिया৷<ref>http://www.enil.co.in/radioawards.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100227093823/http://www.enil.co.in/radioawards.html |date=27 फ़रवरी 2010 }}</ref>
सन् 2007 में, विजय को [[एस.शंकर]] के साथ M.G.R. यूनिवर्सिटी, चेन्नई से 0}मानद डॉक्टरेट डिप्लोमा की उपाधि दी गयी थी৷
== निजी जीवन ==
विजय की शादी [[लंदन-स्थित]] [[श्रीलंका के तमिल]] संगीता सोर्नालिंगम<ref>http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160303181918/http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm |date=3 मार्च 2016 }}</ref><ref>http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |date=23 जनवरी 2011 }} के साथ 25 अगस्त 1999 को हुई थी৷</ref><ref name="actorvijay.net"/><ref>{{Cite web |url=http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |archive-date=23 जनवरी 2011 |url-status=bot: unknown }}</ref> उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा जो 2001 में लंदन में पैदा हुआ<ref>http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140713102659/http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm |date=13 जुलाई 2014 }}</ref> और एक बेटी जिसका जन्म 2005 में [[चेन्नई]] में हुआ|<ref name="webindia123">{{Cite web |url=http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100531065701/http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |archive-date=31 मई 2010 |url-status=dead }}</ref>
[[File:Vijay at Protest of the Nadigar Sangam.jpg|thumb|200x200px|2018 में विजय]]
== फ़िल्मोग्राफी ==
{|class="wikitable"
|+Key
| style="background:#FFFFCC;"| {{dagger|alt=Films that have not yet been released}}
| Denotes films that have not yet been released
|}
=== अभिनेता के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="3" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! फ़िल्म
! भूमिका
! नोट्स
|-
| rowspan="2" |[[१९८४|1984]]
|[[वेट्री]]
|विजय
|-
|[[कुुुदुंबम]]
|नारदा
|
|-
|[[१९८६|1986]]
|[[वसंत रागम (फिल्म)|वसंत रागम]]
|विजय
|-
|[[१९८७|1987]]
|[[सट्टम ओरु विलैयाट्टु]]
|राजा
|-
|[[१९८८|1988]]
|[[इतु एंंगल नीती]]
|
|-
| rowspan="1" | [[१९९२|1992]]
| [[नालय थीर्पू]]
| विजय
|-
| rowspan="3" |
| [[सेंथूरापंडी]]
| विजय
|-
| [[रसिगन]]
| विजय
|
|-
| [[देवा (१९९५ फिल्म)|देवा]]
| देवा
|
|-
| rowspan="3"| [[१९९५|1995]]
| [[राजाविन पार्वैयिले|राजावीन पार्वैयिले]]
| राजा
|-
| [[विष्णु (१९९५ फिल्म)|विष्णु]]
| विष्णु
|
|-
| [[चंद्रलेखा]]
| रहीम
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९६|1996]]
| [[कोयम्बटूर माप्ले]]
| बालू
|-
| [[पूवे उनक्काग]]
| राजा
|
|-
| [[वसंत वासल]]
| विजय
|
|-
| [[मान्बुमिगु मानवन|मान्बुमिगु मानवान]]
| शिवा
|
|-
| [[सेल्वा]]
| सेल्वा
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९७|1997]]
| [[कालामेल्लम काथिरुप्पें]]
| कन्नन
|
|-
| [[लव टुडे]]
| गणेश
|
|-
| [[वन्स मोर]]
| विजय
|
|-
| [[नेर्रुक्कू नेर]]
| विजय
|
|-
| [[काधालुक्कु मरियाधई]]
| जीवानन्दम
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]]
|-
| rowspan="3"| [[१९९८|1998]]
| [[निनैत्तेन बंधाई]]
| गोकुलकृष्णन
|
|-
| [[प्रियमुदन]]
| वसंत
|
|-
| [[निलावे वा]]
| सेलुवाई
|
|-
| rowspan="4"| [[१९९९|1999]]
| [[थुल्लाध मनमुम थुल्लुम]]
| कुट्टी
|
|-
| [[एन्द्रेंदृम काधल]]
| विजय
|
|-
| [[नेंजिनिले]]
| करुणाकरन
|
|-
| [[मिन्सारा कन्ना]]
| कन्नन
|
|-
| rowspan="3"| [[२०००|2000]]
| [[कन्नुक्कुल निलवु]]
| गौथम
|
|-
| [[कुशी]]
| शिवा
|
|-
| [[प्रियमानवले]]
| विजय
|
|-
| rowspan="3"| [[२००१|2001]]
| [[फ़्रेंड्स (२००१ फिल्म)|फ्रेंड्स]]
| अरविन्थ
|
|-
| [[बद्री]]
| बद्री
|
|-
| [[शाहजहां (२००१ फिल्म)|शाहजहां]]
| अशोक
|
|-
| rowspan="3"| [[२००२|2002]]
| [[तमिलन (२००२ फिल्म)|तमिलन]]
| सूर्या
|
|-
| [[यूथ]]
| शिवा
|-
| [[भगवती (२००२ फिल्म)|भगवती]]
| भगवती
|
|-
| rowspan="3"| [[२००३|2003]]
| [[वसीगारा]]
| भूपथी
|
|-
| [[पुतिय गीतै]]
| सारथी
|
|-
| [[थिरुमलै]]
| थिरुमलै
|
|-
| rowspan="3"| [[२००४|2004]]
| [[उदया]]
| उदयकुमरन
|
|-
| [[घिल्ली]]
| सरवनवेलु
|
|-
| [[मधुर (२००४ फिल्म)|मधुर]]
| मधुरवेल
|
|-
| rowspan="4"| [[२००५|2005]]
| [[थिरुपाची]]
| सिवगिरी
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का विशेष पुरस्कार]]
|-
| [[सचीन (२००५ फिल्म)|सचीन]]
| सचीन
|
|-
| [[सुकरन]]
| सुकरन
| एक्सटेनटेड केमेओ
|-
| [[सिवाकासी|सिवकासी]]
| सिवकासी (मुत्तप्पा)
|
|-
| [[२००६|2006]]
| [[आधी]]
| आधी
|
|-
| rowspan="2"| [[२००७|2007]]
| [[पोक्किरी]]
| सत्यमूर्ति (तमिल)
| '''विजेता,''' [[एंटरटेइनर ऑफ़ द इयर]] के लिए विजय पुरस्कार
|-
| [[अलगिय तमिल मगन]]
| गुरु ,<br /> प्रसाद
|
|-
| rowspan="2"| [[२००८|2008]]
| [[कुरुवी]]
| वेट्रिवेल
|
|-
| [[पन्धयम]]
| खुद
| छोटा किरदार
|-
| rowspan="2"| [[२००९|2009]]
| [[विल्लू]]
| पुगल,<br />मेजर सरवनन
|
|-
| [[वेट्टैक्कारन]]
| ऑटो रवि (पुलिस रवि)
|
|-
| [[२०१०|2010]]
| [[सुरा (२०१० फिल्म)|सुरा]]
| सुरा
|
|-
| rowspan="2" |[[२०११|2011]]
| [[कावलन (२०११ फिल्म)|कावलन]]
| भूमिनातन
|
|-
|[[वेलायुतम (२०११ फिल्म)|वेलायुतम]]
|वेलायुतम
|
|-
| rowspan="3" |2012
|[[नन्बन (२०१२ फिल्म)|नन्बन]]
|कोसक्सि पसपुगल (पन्चवन पारिवेन्दन)
|
|-
|[[राउडी राठौर]]
|
|हिंदी फिल्म; "चिंता ता" सांग में विशेष उपस्थिति
|-
|[[तुप्पाक्की]]
|जगदीश दनपाल
|
|-
|2013
|[[तलैवा (२०१३ फिल्म|तलैवा]]
|विश्वा रामदुुुरैै
|
|-
| rowspan="2" |2014
|[[जिल्ला (२०१४ फिल्म)|जिल्ला]]
|शक्ती
|
|-
|[[कत्ति (२०१४ फिल्म)|कत्ति]]
|कतिरेसन, जीवानंंदम
|
|-
|2015
|[[पुलि (२०१५ फिल्म)|पुलि]]
|मरुदीरन, पुलिवेंदन
|
|-
|2016
|[[तेरी (२०१६ फिल्म)|तेरी]]
|विजय कुमार (जोसफ कुरुविल्ला, धर्मेश्वर)
|
|-
| rowspan="2" |2017
|[[बैरवा (२०१७ फिल्म)|बैरवा]]
|बैरवा
|
|-
|[[मेर्सल]]
|वेट्री, मारन, वेट्रीमारन
|
|-
|2018
|[[सरकार (2018 फिल्म)|सरकार]]
|सुन्दर रामस्वामी
|
|-
|2019
|[[बिगिल (2019 फिल्म)|बिगिल]]
|मैखेल, रायप्पन
|
|-
|2021
|[[मास्टर (2021 फ़िल्म)|मास्टर]]
|जान दुरैराज (जे.डी)
|
|-
|2022
|[[रॉ (बीस्ट)|रॉ]] (Beast)''
|वीरा राघवन
|फिल्माने
|-
|2023
|[[वारिस (बारिसू)|वारिस]]
|विजय राजेंद्र
|
|-
|2023
|[[लियो (2023 तामिल फ़िल्म)|लियो]]
|लियो दास / पार्थिपन
|
|-
|2024
|(The Greatest of All Time) G.O.A.T
|
|5 सितंबर 2024 रिलीज़
|}
=== पार्श्व गायक के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! गीत
! फ़िल्म
! अन्य नोट
|-
| [[२००५|2005]]
| वादी वादी
| ''[[साचें]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[२००२|2002]]
| कोका-कोला
| ''[[बगावाथी]]''
|
|-
| उल्लाथई किल्लाधाए
| ''[[तमिलन]]''
| सह अभिनेत्री [[प्रियंका चोपड़ा]], के साथ गाया
|-
| [[२००१|2001]]
| एन्नोदा लैला
| ''[[बद्री]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[२०००|2000]]
| मिसिसिपी नधी कुलुंगा
| ''[[प्रियामानावाले]] ''
|
|-
| सिंनन चिरु
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]]''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| इरवु पगली
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]] ''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| [[१९९९|1999]]
| थान्गानिराठुकू
| ''[[नेंजिनिले]] ''
|
|-
| rowspan="7"|[[१९९८|1998]]
| टिक टिक टिक
| ''थुल्ली थिरिन्था कलाम''
| गायक[[पी. उन्नी कृष्णन]] के साथ गाया
|-
| रोद्दुला ओरु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| थम्मादिक्किरा स्त्यला पथु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| कलाठुक्कू ओरु गण
| ''[[वेली]]''
| अभिनेता [[विग्नेश]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| चंदिरा मंदालाथई
| ''[[निलावे वा]] ''
|
|-
| निलावे ... निलावे
| ''[[निलावे वा]]''
|
|-
| मोव्रिया मोव्रिया
| ''[[प्रियामुदन]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[१९९७|1997]]
| ओह बेबी बेबी
| ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]''
|
|-
| उर्मिला उर्मिला
| ''[[वन्स मोर]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[१९९६|1996]]
| चिकन करे
| ''[[सेल्वा]]''
|
|-
| अंजाम नंबर बुस्सिल एरी
| ''[[कालामेल्लम काथिरुप्पें]] ''
|
|-
| थिरुप्प्ति पाना मोट्टा
| ''[[मान्बुमिगु मानवान]] ''
|
|-
| [[१९९५|1995]]
| बोम्बोई पार्टी शिल्पा शेट्टी
| ''[[कोयम्बटूर माप्ले]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| थोत्ताबेत्लाए
| ''[[विष्णु]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| अददा अलमेलु आवीं पसुम्पालू
| ''[[देवा]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| कोथ्थागिरी कुप्पम्मा
| ''[[देवा]]''
|
|}
== संन्यास की घोषणा ==
28 दिसंबर 2025 को, मलेशिया में अपनी फिल्म ''जन नायकन'' के ऑडियो लॉन्च के दौरान, विजय ने उद्योग में 33 वर्षों के बाद अभिनय से संन्यास की घोषणा की, कहा कि यह उनकी अंतिम फिल्म होगी और वे राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
|url=https://www.ibc24.in/entertainment/thalapathy-vijay-announces-retirement-from-acting-3402153.html
|work=IBC24 News
|author=Karan Nepali
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
|language=hi
}}</ref><ref>{{cite news
|title=I quit cinema for the fans who offered me everything
|url=https://www.bhaskarenglish.in/entertainment/news/i-quit-cinema-for-the-fans-who-offered-me-everything-136796590.html
|work=Bhaskar English
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Atlee's Emotional Tribute To Thalapathy Vijay Steals The Show At Jana Nayagan Audio Launch: "One Last Time"
|url=https://www.ndtv.com/entertainment/atlees-emotional-tribute-to-thalapathy-vijay-steals-the-show-at-jana-nayagan-audio-launch-one-last-time-10044927
|work=NDTV
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay gets mobbed and falls at Chennai airport as fans rush to get a glimpse of him; Watch
|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/thalapathy-vijay-gets-mobbed-and-falls-at-chennai-airport-as-fans-rush-to-get-a-glimpse-of-him-watch/articleshow/126226019.cms
|work=The Times of India
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref> एच. विनोथ द्वारा निर्देशित ''जन नायकन'' 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है, जिसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल और प्रकाश राज जैसे कलाकार सह-कलाकार हैं।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
|url=https://www.ibc24.in/entertainment/thalapathy-vijay-announces-retirement-from-acting-3402153.html
|work=IBC24 News
|author=Karan Nepali
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
|language=hi
}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb name|id=0897201}}
{{DEFAULTSORT:Vijay, Joseph}}
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के लोग]]
[[श्रेणी:तमिल अभिनेता]]
[[श्रेणी:1974 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के मुख्यमंत्री]]
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2026-05-17T04:21:12Z
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| office = तमिल नाडु के मुख्यमंत्री
| order = 9वें
| term_start = 10 मई 2026
| governor = [[राजेन्द्र अर्लेकर]]
| predecessor = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section begin|अतिरिक्त मंत्रालय}}
| 1blankname1 = मंत्रालय और विभाग
| 1namedata1 = * सार्वजनिक
* सामान्य प्रशासन विभाग
* भारतीय प्रशासनिक सेवा
* भारतीय पुलिस सेवा
* भारतीय वन सेवा
* जिला राजस्व अधिकारी
* [[तमिलनाडु पुलिस|पुलिस]]
* गृह विभाग
* विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन
* महिला, बाल एवं वृद्धजन कल्याण
* युवा कल्याण
* दिव्यांगजन कल्याण
* नगर प्रशासन
* शहरी एवं जल आपूर्ति
| term_start1 = 10 मई 2026
| predecessor1 = [[एम. के. स्टालिन]]
{{Collapsed infobox section end}}
| office2 = [[तमिल नाडु]] [[विधानसभा]] के [[विधानसभा सदस्य (भारत)|सदस्य]]
| constituency2 = पेरम्बूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र
| term_start2 = 4 मई 2026
| predecessor2 = [[आर. डी. शेकर]]
| office3 = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] के अध्यक्ष
| term_start3 = 2 फ़रवरी 2024
| 1blankname3 = महासचिव
| 1namedata3 = एन. आनंद
| predecessor3 = ''पद स्थापित''
| image = The official portrait of C Joseph Vijay, the Chief Minister of Tamilnadu.jpg
| caption = 2026 में विजय
| birth_name = चंद्रशेखरन जोसेफ विजय
| birth_date = {{Birth date and age|df=yes|1974|6|22}}
| birth_place = [[मद्रास]] {{small|(अब चेन्नई)}}, तमिल नाडु, भारत
| party = [[तमिलगा वेत्री कड़गम]] (2024 से)
| spouse = {{marriage|[[संगीता सोर्नालिंगम]]|25 August 1999|2025|end={{abbr|sep.|अलग}}}}
| children = 2
| father = [[एस. ए. चंद्रशेखरन]]
| mother = शोभा चंद्रशेखर
| occupation = {{hlist|राजनीतिज्ञ|अभिनेता}}
| relatives = [[दक्षिण भारतीय फ़िल्म परिवारों की सूची#चंद्रशेखर परिवार|चंद्रशेखर परिवार]]
| awards = [[विजय द्वारा प्राप्त पुरस्कार और नामांकन की सूची|पूर्ण सूची]]
| education = [[लोयोला कॉलेज, मद्रास]] (पढ़ाई छोड़ी)
| nickname = ''थलपति'' (कमांडर)
| name = सी. जोसेफ विजय
}}
'''जोसेफ विजय चंद्रशेखर''' ( जन्म 22 जून 1974) [[तमिल नाडु के मुख्यमंत्रियों की सूची|तमिलनाडू के मुख्यमंत्री]] हैं एक [[भारतीय फ़िल्म अभिनेताओं की सूची|भारतीय फिल्म अभिनेता]] एवं राजनेता हैं। वे [[भारतीय सिनेमा]] में एक कलाकार रहे हैं, साथ ही वह एक [[पार्श्वगायक|पार्श्व गायक]] और भारत में कई कंपनियों के लिए एक प्रवक्ता भी रहे हैं। वे '''विजय''' के नाम से अधिक प्रसिद्ध हैं। 'दलपति' भी इनका लोकप्रिय नाम है, जिसका अर्थ है 'सेनापति'।
उन्होंने [[तमिलक वेट्रि कलकम]] नाम से पार्टी स्थापित की और सन २०२६ के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इस दल से चुनाव लड़ा। उनका दल तमिलनाडु में सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है और स्पष्ट बहुमत से थोड़ा ही पीछे रह गया है। फिर भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
जोसेफ विजय ने सन् 1990 के दशक में अपने पिता के निर्देशन में बने कई उपक्रमों में काम करते हुए अपने कैरियर की शुरुआत की৷ ''[[नालया थीरपू]]'' (1992) फिल्म से उन्होंने अपने फिल्म कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने [[एक्शन फिल्म|एक्शन]] और [[रोमांस फ़िल्म|रोमांस]] शैलियों की कई फिल्मों में अभिनय किया৷ [[चेन्नई फ़िल्म उद्योग]] में अपने वर्षों के दौरान, उन्हें एक [[फ़िल्म फेयर अवार्ड]] के लिए नामांकित किया गया और उन्होंने तीन [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार]] जीते।
जोसेफ विजय ने व्यापारिक तौर पर सफल फ़िल्में, जैसे की ''[[पूवे उनक्कागा]]'' (1996), ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]'' (1997), ''[[कुशी]]'' (2000), ''[[घिल्ली]]'' (2004) और ''[[पोक्किरी]]'' (2007) के साथ साथ कई रोमांस और एक्शन फिल्मों में अभिनय किया है৷ वह [[इंडियन प्रीमियर लीग|आईपीएल]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए मौजूदा राजदूत हैं और वह कई वाणिज्यिक कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं৷<ref>[3] ^ http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100125101859/http://ibnlive.in.com/news/actor-vijay-dhoni-form-mutual-admiration-society/63785-8.html |date=25 जनवरी 2010 }}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन ==
जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर का जन्म 22 जून 1974 को, फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक [[एस.ए. चंद्रशेखर]] और शास्त्रीय तथा पार्श्व गायिका शोभा चंद्रशेखर, के घर हुआ৷ उनकी एक बहन भी थी जिनका नाम विद्या चंद्रशेखर था, जिनका दो साल की उम्र में ही निधन हो गया৷<ref>{{Cite web |url=http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100130064212/http://celebrity.psyphil.com/vijay-biography-movies-interesting-facts/ |archive-date=30 जनवरी 2010 |url-status=dead }}</ref> {{Verify credibility|date=अगस्त 2009}} विजय ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई में विरुगाम्बक्कम के बाललोक में और दृश्य संचार का कोर्स [[लोयोला कॉलेज]], चेन्नई में किया৷<ref name="actorvijay.net">http://actorvijay.net/vijay_biography.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090517004351/http://actorvijay.net/vijay_biography.htm |date=17 मई 2009 }}</ref>
== अभिनय कैरियर ==
विजय ने अपने पिता द्वारा निर्मित, सन 1992 में बनी फ़िल्म ''[[नालया थीरपू]]'' में एक मुख्य अभिनेता के रूप में अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की৷ कुछ अन्य फ़िल्मों के बाद, ''[[सेंढूरापंदी]]'' फ़िल्म में उन्होंने [[विजयाकंथ]] के साथ काम किया৷ इस फ़िल्म ने विजय को तमिलनाडु के आंतरिक क्षेत्रों में लोकप्रिय बना दिया৷ ''[[रसिगन, विष्णु]]'', और ''[[देवा]]'' जैसी कम बजट की फ़िल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच स्थापित कर दिया৷ विजय अपनी पीढ़ी के कुछ उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिन्होंने जानेमाने वरिष्ठ अभिनेता [[शिवाजी गणेशन]] के साथ काम किया है৷ यह अवसर उन्हें सन् 1996 में अपने पिता [[एस.ए. चंद्रशेखर]] द्वारा निर्देशित फ़िल्म, ''[[वन्स मोर]]'' में काम करते हुए मिला৷
विजय को अपनी पहली सफल फ़िल्म सन् 1996 में बनी विक्रमन निर्देशित फ़िल्म ''[[पूवे उनक्कागा]]'' के रूप में मिली जिसने विजय को तमिल फ़िल्मों में एक उभरते हुए स्टार के रूप में स्थापित करने में काफी मदद की৷ कुछ और फ्लॉप फ़िल्मों के बाद उन्हें, ''[[लव टुडे]]'' फ़िल्म की जिसमें एक अपरंपरागत अंत था के साथ सफलता मिली৷ सन् 1997 में उन्होंने [[सूर्य शिवकुमार]] के साथ [[वसंत]] की फ़िल्म ''[[नेर्रुक्कू नेर]]'' में अभिनय किया৷ यह फ़िल्म [[मणिरत्नम्|मणिरत्नम]] द्वारा निर्माण की गई थी৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] द्वारा निर्देशित ''[[काधलुक्कू मरियाधई]]'' में अभिनय किया৷ ''कधालुक्कू मरियाधई'' एक ब्लोकबस्टर फ़िल्म मानी गयी और इस फ़िल्म ने विजय को उस वर्ष का [[तमिलनाडु राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्म पुरस्कार]] भी दिलाया৷
सन् 1998 में, विजय ने ''[[प्रियामुदन]]'' और ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' में काम किया, दोनों फ़िल्में बोक्स ऑफिस पर सफल रहीं৷ इसके बाद आई फ़िल्में ''[[एन्द्रेंदृम कधाल, नेंजिनिले, मिन्सरा कन्ना]]'' बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह से पीट गयीं৷ इसके बाद उन्होंने [[फाजिल]] के साथ ''[[कन्नुक्कुल निलावु]]'' फ़िल्म की, उनके अभिनय की प्रशंसा हुई पर फ़िल्म बॉक्सऑफिस पर असफल रही৷ अपना रुख बदलते हुए, उन्होंने एक साल से ज्यादा लेने वाली फ़िल्मों में काम नहीं करने का फैसला किया৷ उनकी अगली फ़िल्म ''[[कुशी]]'' थी जो सन् 2000 की सुपर हिट फ़िल्म थी৷ उसके बाद आयीं ''[[प्रियामानावाले]]'', ''[[फ्रेन्ड्स]]'' जैसी फ़िल्में ''[[विजय]]'' के लिए एक बार फिर सफलता लायीं और ''[[बद्री]]'' और एक सुपर हिट फ़िल्म रहीं৷
बाद में उन्होंने ''[[शाहजहां, थामिजहन]]'' में काम किया जो सभी बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और उसके बाद आई ''[[युथ]]'' में फिर औसत सफलता मिली, लेकिन, उसके बाद आई फ़िल्में ''[[बगावाथि, वसीगारा, पुधिया गीथाई]]'', और लंबे समय से बन रही फ़िल्म ''[[उधाया]]'' बहुत कम आमदनी ला पाई और फ्लॉप हो गई৷ इसने विजय की सफलता के दर को काफी प्रभावित किया और फ़िल्म आलोचकों एवं निर्माताओं की नज़र में वह नीचे उतरते गए৷
असफल फ़िल्मों के उनके तार सन् 2003 में ''[[थिरुमलाई]]'' द्वारा टूट गये जिसमे विजय एक नए चेहरे के साथ नज़र आयें৷ सन् 2004 में रिलीज़ हुई, ''[[घिल्ली]]'', विजय की अबतक की सबसे बड़ी हिट फ़िल्मों में से एक मानी जाती हैं৷ धरनी द्वारा निर्देशित और ए.एम्. रथ्नम द्वारा निर्मित, यह एक [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] फ़िल्म ''[[ओक्कादु]]'' की रीमेक थी और यह फ़िल्म तमिलनाडु में सिनेमाघरों में 200 दिनों तक चली थी৷ उसके बाद आई ''[[माधुरी]]'' जो बॉक्स ऑफिस पर औसत सफल रही৷ इस साल में विजय ने अपने मौजूदा जन नायक, टकसाली अभिनय शैली, को चित्रित करना शुरू किया, जिसने उन्हें अपने कैरियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया৷ अगले वर्ष मेगा हिट ''[[थिरुपाची]]'', एक विशिष्ट रोमांटिक विनोदी फ़िल्म ''[[साचें]]'' और एक सुपर हिट ''[[सिवाकासी]]'' के रूप में अन्य प्रमुख सफलता मिली৷
''थिरुमलाई'' की रिलीज के बाद विजय की पहली असफल फ़िल्म ''[[आथी]]'' रही, जो सन् 2006 में प्रदर्शित हुई थी৷ यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल रही৷ बाद में उस वर्ष में उन्होंने [[पोक्किरी]] फ़िल्म की घोषणा की, जो प्रभु देवा ने निर्देशित की और सन् 2007 में प्रदर्शित हुई৷ ''पोक्किरी'' को लगभग '' घिल्ली'' जैसी ही सफलता मिली, जिसमें विजय को एक अलग शैली में अभिनय करने का मौका मिला था৷ इसने विजय को M.G.R. यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि दिलाई৷ बाद में उस वर्ष, विजय ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' में दिखाई दियें और इस फ़िल्म में पहली बार वह दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷ इस फ़िल्म में उनकी भूमिका, विरोधी और नायक के रूप में थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ़िल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो गई৷ सन् 2008 में उन्होंने ''[[कुरुवी]]'' में अभिनय किया, जो धरनी द्वारा निर्देशित थी और नकारात्मक समीक्षा के साथ प्रदर्शित हुई, हालाकि फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पाई, वितरकों के लिए कुछ स्थानों पर लाभ कमाने में कामियाब रही৷
साल 2009 की शुरुआत एक्शन फ़िल्म ''[[विल्लू]]'' के साथ हुई, जो ''पोक्किरी'' के बाद उनके साथ दुबारा काम करने को उत्सुक प्रभु देवा द्वारा निर्देशित थी৷ इस फ़िल्म में, विजय अपने कैरियर में दूसरी बार दोहरी भूमिका में नज़र आयें৷
विजय की अगली फ़िल्म ''[[वेत्तैक्कारण]]'' है, यह फ़िल्म बाबू सिवान द्वारा निर्देशित और [[AVM प्रोडक्शन]] द्वारा निर्मित है, जिसकी शूटिंग [[फरवरी 2009]] से शुरू हुई है और 18 दिसम्बर 2009 को प्रदर्शित होने वाली है৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090226214712/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45228.html |archive-date=26 फ़रवरी 2009 |url-status=live }}</ref> फ़िल्म [[सन पिक्चर्स]] द्वारा वितरित की जाएगी৷
फ़िलहाल विजय ''[[सुरा]]'' में काम कर रहे है, जिसमें वह अभिनेत्री [[तमन्ना भाटिया]] के साथ नज़र आएंगे, फ़िल्म राजकुमारन द्वारा निर्देशित और [[संगिली मुरुगन]] द्वारा निर्मित की जा रही हैं फ़िल्म सुरा के वितरण अधिकार सन पिक्चर्स ने आश्चर्यजनक 32 करोड़ रुपयों में ख़रीदे हैं৷
== ब्रांड समर्थन ==
वर्ष 2002 में, विजय [[कोका कोला]] के तमिलनाडु क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये थे৷ उन्होंने कई किस्म के दक्षिण भारतीय कोका कोला के विज्ञापन में [[कैटरीना कैफ़|कैटरीना कैफ]] के साथ अभिनय किया था৷ [[जनवरी 2009]] में, विजय एक बार फिर से कोका कोला के उत्पादों के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुने गये৷<ref>{{Cite web |url=http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303233317/http://www.indiaglitz.com/channels/tamil/article/45325.html |archive-date=3 मार्च 2009 |url-status=live }}</ref>
वर्ष 2008 में, विजय [[इंडियन प्रीमियर लीग]] क्रिकेट टीम [[चेन्नई सुपर किंग्स]] के लिए स्टार एंबेसडर के रूप में, अभिनेत्री [[नयनतारा]] के साथ करारबद्ध किए गए।
== पुरस्कार और सम्मान ==
विजय ने अपना पहला फ़िल्म पुरस्कार सन् 1997 [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कारों]] में जीता, जहां उन्हें [[सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए विशेष पुरस्कार]] दिया गया था৷ बाद में उन्होंने ''[[थुल्लाधा मनामुम थुल्लुम]]'' (1999) और ''[[थिरुपाची]]'' (2005) के लिए इसी श्रेणी में और अधिक पुरस्कार प्राप्त किए৷
रिलायंस मोबाइल विजय पुरस्कार सन् 2007 के दौरान, विजय ने ''[[पोक्किरी]]'' और ''[[अज्हगीय थामिज्ह मगन]]'' जैसी फ़िल्मों में उनके प्रदर्शन के लिए "एंटरटेनर ऑफ़ द इयर पुरस्कार" जीता৷<ref>http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100918035005/http://www.hindu.com/mp/2008/05/06/stories/2008050650210400.htm |date=18 सितंबर 2010 }}</ref>
सन् 2005 में, रेडियो मिर्ची, स्पार्क 2005 विज्ञापन क्लब के सहयोग से चेन्नई में, चेन्नई लोक सेवा घोषणा के लिए विजय को रजत पुरस्कार दिया৷<ref>http://www.enil.co.in/radioawards.html {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100227093823/http://www.enil.co.in/radioawards.html |date=27 फ़रवरी 2010 }}</ref>
सन् 2007 में, विजय को [[एस.शंकर]] के साथ M.G.R. यूनिवर्सिटी, चेन्नई से 0}मानद डॉक्टरेट डिप्लोमा की उपाधि दी गयी थी৷
== निजी जीवन ==
विजय की शादी [[लंदन-स्थित]] [[श्रीलंका के तमिल]] संगीता सोर्नालिंगम<ref>http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160303181918/http://www.rediff.com/movies/1998/aug/17ss.htm |date=3 मार्च 2016 }}</ref><ref>http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |date=23 जनवरी 2011 }} के साथ 25 अगस्त 1999 को हुई थी৷</ref><ref name="actorvijay.net"/><ref>{{Cite web |url=http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110123025715/http://www.rediff.com/movies/1999/jan/25ss.htm |archive-date=23 जनवरी 2011 |url-status=bot: unknown }}</ref> उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा जो 2001 में लंदन में पैदा हुआ<ref>http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140713102659/http://www.rediff.com/movies/2000/aug/26tt.htm |date=13 जुलाई 2014 }}</ref> और एक बेटी जिसका जन्म 2005 में [[चेन्नई]] में हुआ|<ref name="webindia123">{{Cite web |url=http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=18 फ़रवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100531065701/http://movie.webindia123.com/movie/asp/artist.asp?a_id=13 |archive-date=31 मई 2010 |url-status=dead }}</ref>
[[File:Vijay at Protest of the Nadigar Sangam.jpg|thumb|200x200px|2018 में विजय]]
== फ़िल्मोग्राफी ==
{|class="wikitable"
|+Key
| style="background:#FFFFCC;"| {{dagger|alt=Films that have not yet been released}}
| Denotes films that have not yet been released
|}
=== अभिनेता के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="3" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! फ़िल्म
! भूमिका
! नोट्स
|-
| rowspan="2" |[[१९८४|1984]]
|[[वेट्री]]
|विजय
|-
|[[कुुुदुंबम]]
|नारदा
|
|-
|[[१९८६|1986]]
|[[वसंत रागम (फिल्म)|वसंत रागम]]
|विजय
|-
|[[१९८७|1987]]
|[[सट्टम ओरु विलैयाट्टु]]
|राजा
|-
|[[१९८८|1988]]
|[[इतु एंंगल नीती]]
|
|-
| rowspan="1" | [[१९९२|1992]]
| [[नालय थीर्पू]]
| विजय
|-
| rowspan="3" |
| [[सेंथूरापंडी]]
| विजय
|-
| [[रसिगन]]
| विजय
|
|-
| [[देवा (१९९५ फिल्म)|देवा]]
| देवा
|
|-
| rowspan="3"| [[१९९५|1995]]
| [[राजाविन पार्वैयिले|राजावीन पार्वैयिले]]
| राजा
|-
| [[विष्णु (१९९५ फिल्म)|विष्णु]]
| विष्णु
|
|-
| [[चंद्रलेखा]]
| रहीम
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९६|1996]]
| [[कोयम्बटूर माप्ले]]
| बालू
|-
| [[पूवे उनक्काग]]
| राजा
|
|-
| [[वसंत वासल]]
| विजय
|
|-
| [[मान्बुमिगु मानवन|मान्बुमिगु मानवान]]
| शिवा
|
|-
| [[सेल्वा]]
| सेल्वा
|
|-
| rowspan="5"| [[१९९७|1997]]
| [[कालामेल्लम काथिरुप्पें]]
| कन्नन
|
|-
| [[लव टुडे]]
| गणेश
|
|-
| [[वन्स मोर]]
| विजय
|
|-
| [[नेर्रुक्कू नेर]]
| विजय
|
|-
| [[काधालुक्कु मरियाधई]]
| जीवानन्दम
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार]]
|-
| rowspan="3"| [[१९९८|1998]]
| [[निनैत्तेन बंधाई]]
| गोकुलकृष्णन
|
|-
| [[प्रियमुदन]]
| वसंत
|
|-
| [[निलावे वा]]
| सेलुवाई
|
|-
| rowspan="4"| [[१९९९|1999]]
| [[थुल्लाध मनमुम थुल्लुम]]
| कुट्टी
|
|-
| [[एन्द्रेंदृम काधल]]
| विजय
|
|-
| [[नेंजिनिले]]
| करुणाकरन
|
|-
| [[मिन्सारा कन्ना]]
| कन्नन
|
|-
| rowspan="3"| [[२०००|2000]]
| [[कन्नुक्कुल निलवु]]
| गौथम
|
|-
| [[कुशी]]
| शिवा
|
|-
| [[प्रियमानवले]]
| विजय
|
|-
| rowspan="3"| [[२००१|2001]]
| [[फ़्रेंड्स (२००१ फिल्म)|फ्रेंड्स]]
| अरविन्थ
|
|-
| [[बद्री]]
| बद्री
|
|-
| [[शाहजहां (२००१ फिल्म)|शाहजहां]]
| अशोक
|
|-
| rowspan="3"| [[२००२|2002]]
| [[तमिलन (२००२ फिल्म)|तमिलन]]
| सूर्या
|
|-
| [[यूथ]]
| शिवा
|-
| [[भगवती (२००२ फिल्म)|भगवती]]
| भगवती
|
|-
| rowspan="3"| [[२००३|2003]]
| [[वसीगारा]]
| भूपथी
|
|-
| [[पुतिय गीतै]]
| सारथी
|
|-
| [[थिरुमलै]]
| थिरुमलै
|
|-
| rowspan="3"| [[२००४|2004]]
| [[उदया]]
| उदयकुमरन
|
|-
| [[घिल्ली]]
| सरवनवेलु
|
|-
| [[मधुर (२००४ फिल्म)|मधुर]]
| मधुरवेल
|
|-
| rowspan="4"| [[२००५|2005]]
| [[थिरुपाची]]
| सिवगिरी
| '''विजेता,''' [[तमिलनाडु राज्य फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का विशेष पुरस्कार]]
|-
| [[सचीन (२००५ फिल्म)|सचीन]]
| सचीन
|
|-
| [[सुकरन]]
| सुकरन
| एक्सटेनटेड केमेओ
|-
| [[सिवाकासी|सिवकासी]]
| सिवकासी (मुत्तप्पा)
|
|-
| [[२००६|2006]]
| [[आधी]]
| आधी
|
|-
| rowspan="2"| [[२००७|2007]]
| [[पोक्किरी]]
| सत्यमूर्ति (तमिल)
| '''विजेता,''' [[एंटरटेइनर ऑफ़ द इयर]] के लिए विजय पुरस्कार
|-
| [[अलगिय तमिल मगन]]
| गुरु ,<br /> प्रसाद
|
|-
| rowspan="2"| [[२००८|2008]]
| [[कुरुवी]]
| वेट्रिवेल
|
|-
| [[पन्धयम]]
| खुद
| छोटा किरदार
|-
| rowspan="2"| [[२००९|2009]]
| [[विल्लू]]
| पुगल,<br />मेजर सरवनन
|
|-
| [[वेट्टैक्कारन]]
| ऑटो रवि (पुलिस रवि)
|
|-
| [[२०१०|2010]]
| [[सुरा (२०१० फिल्म)|सुरा]]
| सुरा
|
|-
| rowspan="2" |[[२०११|2011]]
| [[कावलन (२०११ फिल्म)|कावलन]]
| भूमिनातन
|
|-
|[[वेलायुतम (२०११ फिल्म)|वेलायुतम]]
|वेलायुतम
|
|-
| rowspan="3" |2012
|[[नन्बन (२०१२ फिल्म)|नन्बन]]
|कोसक्सि पसपुगल (पन्चवन पारिवेन्दन)
|
|-
|[[राउडी राठौर]]
|
|हिंदी फिल्म; "चिंता ता" सांग में विशेष उपस्थिति
|-
|[[तुप्पाक्की]]
|जगदीश दनपाल
|
|-
|2013
|[[तलैवा (२०१३ फिल्म|तलैवा]]
|विश्वा रामदुुुरैै
|
|-
| rowspan="2" |2014
|[[जिल्ला (२०१४ फिल्म)|जिल्ला]]
|शक्ती
|
|-
|[[कत्ति (२०१४ फिल्म)|कत्ति]]
|कतिरेसन, जीवानंंदम
|
|-
|2015
|[[पुलि (२०१५ फिल्म)|पुलि]]
|मरुदीरन, पुलिवेंदन
|
|-
|2016
|[[तेरी (२०१६ फिल्म)|तेरी]]
|विजय कुमार (जोसफ कुरुविल्ला, धर्मेश्वर)
|
|-
| rowspan="2" |2017
|[[बैरवा (२०१७ फिल्म)|बैरवा]]
|बैरवा
|
|-
|[[मेर्सल]]
|वेट्री, मारन, वेट्रीमारन
|
|-
|2018
|[[सरकार (2018 फिल्म)|सरकार]]
|सुन्दर रामस्वामी
|
|-
|2019
|[[बिगिल (2019 फिल्म)|बिगिल]]
|मैखेल, रायप्पन
|
|-
|2021
|[[मास्टर (2021 फ़िल्म)|मास्टर]]
|जान दुरैराज (जे.डी)
|
|-
|2022
|[[रॉ (बीस्ट)|रॉ]] (Beast)''
|वीरा राघवन
|फिल्माने
|-
|2023
|[[वारिस (बारिसू)|वारिस]]
|विजय राजेंद्र
|
|-
|2023
|[[लियो (2023 तामिल फ़िल्म)|लियो]]
|लियो दास / पार्थिपन
|
|-
|2024
|(The Greatest of All Time) G.O.A.T
|
|5 सितंबर 2024 रिलीज़
|}
=== पार्श्व गायक के रूप में ===
{| border="2" cellpadding="4" cellspacing="0" style="margin:1em 1em 1em 0;background:#f9f9f9;border:1px #aaa solid;border-collapse:collapse;font-size:95%"
|- bgcolor="#CCCCCC" align="center"
! वर्ष
! गीत
! फ़िल्म
! अन्य नोट
|-
| [[२००५|2005]]
| वादी वादी
| ''[[साचें]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[२००२|2002]]
| कोका-कोला
| ''[[बगावाथी]]''
|
|-
| उल्लाथई किल्लाधाए
| ''[[तमिलन]]''
| सह अभिनेत्री [[प्रियंका चोपड़ा]], के साथ गाया
|-
| [[२००१|2001]]
| एन्नोदा लैला
| ''[[बद्री]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[२०००|2000]]
| मिसिसिपी नधी कुलुंगा
| ''[[प्रियामानावाले]] ''
|
|-
| सिंनन चिरु
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]]''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| इरवु पगली
| ''[[कन्नुक्कुल निलवु]] ''
| फ़िल्म संस्करण में
|-
| [[१९९९|1999]]
| थान्गानिराठुकू
| ''[[नेंजिनिले]] ''
|
|-
| rowspan="7"|[[१९९८|1998]]
| टिक टिक टिक
| ''थुल्ली थिरिन्था कलाम''
| गायक[[पी. उन्नी कृष्णन]] के साथ गाया
|-
| रोद्दुला ओरु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| थम्मादिक्किरा स्त्यला पथु
| ''[[पेरियान्ना]] ''
| [[सूर्य शिवकुमार]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| कलाठुक्कू ओरु गण
| ''[[वेली]]''
| अभिनेता [[विग्नेश]] के लिए आवाज़ प्रदान की
|-
| चंदिरा मंदालाथई
| ''[[निलावे वा]] ''
|
|-
| निलावे ... निलावे
| ''[[निलावे वा]]''
|
|-
| मोव्रिया मोव्रिया
| ''[[प्रियामुदन]] ''
|
|-
| rowspan="2"|[[१९९७|1997]]
| ओह बेबी बेबी
| ''[[कधालुक्कू मरियाधई]]''
|
|-
| उर्मिला उर्मिला
| ''[[वन्स मोर]]''
|
|-
| rowspan="3"|[[१९९६|1996]]
| चिकन करे
| ''[[सेल्वा]]''
|
|-
| अंजाम नंबर बुस्सिल एरी
| ''[[कालामेल्लम काथिरुप्पें]] ''
|
|-
| थिरुप्प्ति पाना मोट्टा
| ''[[मान्बुमिगु मानवान]] ''
|
|-
| [[१९९५|1995]]
| बोम्बोई पार्टी शिल्पा शेट्टी
| ''[[कोयम्बटूर माप्ले]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| थोत्ताबेत्लाए
| ''[[विष्णु]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| अददा अलमेलु आवीं पसुम्पालू
| ''[[देवा]]''
|
|-
| [[१९९४|1994]]
| कोथ्थागिरी कुप्पम्मा
| ''[[देवा]]''
|
|}
== संन्यास की घोषणा ==
28 दिसंबर 2025 को, मलेशिया में अपनी फिल्म ''जन नायकन'' के ऑडियो लॉन्च के दौरान, विजय ने उद्योग में 33 वर्षों के बाद अभिनय से संन्यास की घोषणा की, कहा कि यह उनकी अंतिम फिल्म होगी और वे राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
|url=https://www.ibc24.in/entertainment/thalapathy-vijay-announces-retirement-from-acting-3402153.html
|work=IBC24 News
|author=Karan Nepali
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
|language=hi
}}</ref><ref>{{cite news
|title=I quit cinema for the fans who offered me everything
|url=https://www.bhaskarenglish.in/entertainment/news/i-quit-cinema-for-the-fans-who-offered-me-everything-136796590.html
|work=Bhaskar English
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Atlee's Emotional Tribute To Thalapathy Vijay Steals The Show At Jana Nayagan Audio Launch: "One Last Time"
|url=https://www.ndtv.com/entertainment/atlees-emotional-tribute-to-thalapathy-vijay-steals-the-show-at-jana-nayagan-audio-launch-one-last-time-10044927
|work=NDTV
|date=29 December 2025
|access-date=29 December 2025
}}</ref><ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay gets mobbed and falls at Chennai airport as fans rush to get a glimpse of him; Watch
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|date=29 December 2025
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}}</ref> एच. विनोथ द्वारा निर्देशित ''जन नायकन'' 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है, जिसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल और प्रकाश राज जैसे कलाकार सह-कलाकार हैं।<ref>{{cite news
|title=Thalapathy Vijay announces retirement from acting
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|author=Karan Nepali
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== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb name|id=0897201}}
{{DEFAULTSORT:Vijay, Joseph}}
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु के लोग]]
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लियोनेल मेस्सी
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{{Infobox Football biography 2
| playername = लियोनेल मेस्सी
| image = Lionel-Messi-Argentina-2022-FIFA-World-Cup sharpness.jpg|<nowiki>251px]]</nowiki>
| fullname = Lionel Andrés Messi<!-- Not Cuccitini --><ref name="profile"/><ref>{{cite web | url = http://www.soccerway.com/players/lionel-andres-messi/119/ | title = Lionel Andrés Messi at Soccerway | accessdate = 2009-06-14 | publisher = Soccerway | archive-url = https://web.archive.org/web/20100109124046/http://www.soccerway.com/players/lionel-andres-messi/119/ | archive-date = 9 जनवरी 2010 | url-status = live }}</ref>
| dateofbirth = {{birth date and age|df=y|2001|6|24}}
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{{MedalGold | [[2008 Summer Olympics|2008 Beijing]] | [[Football at the 2008 Summer Olympics - Men's tournament|Team Competition]]}}
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}}
'''लियोनेल आंद्रेस मेस्सी''' ({{langx|es|Lionel Andrés Messi|italics=no}}; जन्म 24 जून 1987) [[अर्जेंटीना]] के [[फ़ुटबॉल खिलाड़ी]] हैं, जो इस समय इंटर मियामी टीम और [[अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम]] के लिए खेलते हैं। मेस्सी को अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक माना जाता है,[https://fitness-trick.com/zep-grout-cleaner-a-high-demand-review/ इनको 11 उम्र में टीम से निकाल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729045553/https://fitness-trick.com/zep-grout-cleaner-a-high-demand-review/ |date=29 जुलाई 2023 }} दिया गया था, क्योंकि इन्हें हार्मोन डेफिशिंएस नामक बीमारी हो गई थी, जिसकी वजह से 11 साल के बाकी बच्चों से कम लंबाई थी, आज ये दुनिया के श्रेष्ठ खिलाडियों में से एक है।<ref>{{cite news | last = Broadbent | first = Rick | date = 2006-02-24 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article734407.ece | title = Messi could be focal point for new generation | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110727181929/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article734407.ece | archive-date = 27 जुलाई 2011 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | last = Gordon | first = Phil | date = 2008-07-28 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/scotland/article4412665.ece | title = Lionel Messi proves a class apart | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081204081721/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/scotland/article4412665.ece | archive-date = 4 दिसंबर 2008 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | last = Williams | first = Richard | date = 2008-04-24 | url = http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2008/apr/24/ronaldosspotofanguishmessi?commentpage=2 | title = Messi's dazzling footwork leaves an indelible mark | publisher = ''द गार्डियन'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120122163856/http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2008/apr/24/ronaldosspotofanguishmessi?commentpage=2 | archive-date = 22 जनवरी 2012 | url-status = live }}</ref> जिसने 21 साल की उम्र में ही कई [[बैलन डी'ऑर]] और [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]] नामांकन प्राप्त किए। <ref>{{cite news | url = http://www.rsssf.com/miscellaneous/europa-poy.html | title = European Footballer of the Year ("Ballon d'Or") | publisher = RSSSF | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190519023746/http://www.rsssf.com/miscellaneous/europa-poy.html | archive-date = 19 मई 2019 | url-status = live }}</ref><ref name="Gala 2008">{{cite news | url = http://es.fifa.com/mm/document/classic/awards/99/15/28/resultsmenforfifa.combyplayer.pdf | title = FIFA World Player Gala 2008 | publisher = FIFA | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190515125420/https://es.fifa.com/mm/document/classic/awards/99/15/28/resultsmenforfifa.combyplayer.pdf | archive-date = 15 मई 2019 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | url = http://www.fifa.com/mm/document/classic/awards/finalmenbyplayer_32209.pdf | title = FIFA World Player Gala 2007 | publisher = FIFA | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20170630222655/http://www.fifa.com/mm/document/classic/awards/finalmenbyplayer_32209.pdf | archive-date = 30 जून 2017 | url-status = live }}</ref> उनकी खेल शैली और क्षमता की वजह से, फ़ुटबॉल के दिग्गज [[डिएगो मारडोना]] के साथ उनकी तुलना की जाने लगी, जिन्होंने ख़ुद मेस्सी को अपना "उत्तराधिकारी" घोषित किया है।<ref>{{cite news | last = Gardner | first = Neil | date = 2007-04-19 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/article1676692.ece | title = Is Messi the new Maradona? | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110629112333/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/article1676692.ece | archive-date = 29 जून 2011 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.chinadaily.com.cn/english/doc/2006-02/25/content_523966.htm|title=Maradona proclaims Messi as his successor|author=Reuters|publisher=''China Daily''|date=2006-02-25|accessdate=2006-10-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407203458/http://www.chinadaily.com.cn/english/doc/2006-02/25/content_523966.htm|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref>
मेस्सी ने कम उम्र में ही फ़ुटबॉल खेलना शुरू किया और जल्द ही बार्सिलोना ने उनकी क्षमता पहचान ली। उन्होंने 2000 में [[रोसारियो]]-आधारित [[न्यूवेल्स ओल्ड बॉय्स]] युवा दल को छोड़ा और अपने परिवार के साथ यूरोप आए, चूंकि बार्सिलोना ने उनके [[विकास हार्मोन की कमी]] के लिए इलाज की पेशकश की। [[2004-05 सीज़न]] में पहली बार मैदान में उतरते हुए, उन्होंने सबसे कम उम्र के लीग खेल खेलने वाले फ़ुटबॉलर का [[ला लिगा रिकॉर्ड]] तोड़ दिया और साथ ही, सबसे कम उम्र के लीग गोल स्कोर करने वाले बने। मेस्सी के प्रथम प्रदर्शन के दौरान बार्सिलोना ने ला लिगा जीता और 2006 में [[दोहरा]] लीग और [[UEFA चैंपियन्स लीग]] जीतने के साथ ही, जल्द ही प्रमुख सम्मान मिलने लगे। 2006-07 उनकी सफलता का सीज़न था: [[एल क्लासिको]] में [[लगातार तीन गोल]] करते हुए और 26 लीग मैचों में 14 गोल की फ़िनिशिंग के साथ, उन्होंने नियमित रूप से [[फ़र्स्ट टीम]] में जगह बनाई। संभवतः [[2008-09 का सीज़न]] उनका सबसे सफल सीज़न था, जिसमें मेस्सी 38 गोल करते हुए [[तिगुने]] विजय अभियान का अभिन्न अंग बने।
मेस्सी, [[2005 FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप]] में छह गोल के साथ, जिसमें अंतिम खेल के दो गोल शामिल हैं, शीर्ष स्कोरर बने। उसके शीघ्र बाद, वे अर्जेंटीना के वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय टीम के एक सदस्य के रूप में स्थापित हुए. 2006 में, वे अर्जेंटीना की ओर से [[FIFA विश्व कप]] में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने और अगले साल उन्होंने [[कोपा अमेरिका]] टूर्नामेंट में रनर्स-अप पदक जीता। [[2008]] में, उन्होंने [[अर्जेटीना ओलंपिक फ़ुटबॉल टीम]] के साथ [[बीजिंग]] में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, [[ओलंपिक]] स्वर्ण पदक जीता।
2012 सीजन में लियोनल मेसी के एक कैलेंडर वर्ष में किए गए सर्वाधिक गोल को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कर लिया गया था | मेसी ने एक वर्ष में 91 गोल करे थे |<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/lionel-messis-name-in-guinness-book-of-world-record--129033-2012-12-14|title=गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ मेसी का नाम|date=2012-12-14|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref>
2021 में मेसी ने रिकॉर्ड सातवीं बार Ballon d'Or पुरस्कार जीता , ऐसा करने वाले वह फुटबॉल इतिहास में पहले खिलाड़ी है<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/news/story/lionel-messi-ballon-dor-award-seven-time-ronaldo-tspo-1365387-2021-11-30|title=Ballon d'Or winner Lionel Messi: मेसी फिर बने सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर, रिकॉर्ड सातवीं बार जीता Ballon d'Or|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
2020 में लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना के लिए 644वां गोल करके एक क्लब के लिए सर्वाधिक गोल करने का पेले का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं, अब वह किसी एक क्लब के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी है<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/messi-breaks-all-time-single-club-scoring-record-with-644th-strike-for-barcelona-tspo-1181357-2020-12-23|title=मेसी ने तोड़ा पेले का रिकॉर्ड, बार्सिलोना के लिए दागा 644वां गोल|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
2021 में मेसी ने बार्सिलोना फुटबाल क्लब को [https://fitness-trick.com अलविदा कह दिया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729050053/https://fitness-trick.com/ |date=29 जुलाई 2023 }}था, वह PSG में शामिल होने के करार पर 'सहमत' हो गये थे | बार्सिलोना का अनुबंध समाप्त होने के बाद मेसी फुटबॉल इतिहास में किसी क्लब के लिए उपलब्ध होने वाले सबसे बड़े खिलाड़ी बन गए है । <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/news/story/lionel-messi-agrees-deal-to-join-paris-saint-germain-tspo-1307148-2021-08-10|title=दिग्गज मेसी फ्रांस जाएंगे, PSG में शामिल होने के करार पर हुए 'सहमत'|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
== प्रारंभिक जीवन ==
मेस्सी का जन्म 24 जून 1987 को [[रोसारियो]], [[अर्जेंटीना]] में जॉर्ज मेस्सी, एक [[फ़ैक्टरी मज़दूर]] और सीलिया (उर्फ़ कुक्कीटिनी), एक अंशकालिक [[क्लीनर]] दंपति के घर हुआ।<ref>{{cite web | url = http://www.pagina12.com.ar/diario/deportes/8-121094-2009-03-07.html | last = Veiga | first = Gustavo | publisher = ''Página/12'' | title = Los intereses de Messi | accessdate = 2009-05-31 | language = es | archive-url = https://web.archive.org/web/20160113232937/http://www.pagina12.com.ar/diario/deportes/8-121094-2009-03-07.html | archive-date = 13 जनवरी 2016 | url-status = live }}</ref><ref name="mission">{{cite web | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article3779961.ece | publisher = ''Times Online'' | title = Lionel Messi on a mission | last = Hawkey | first = Ian | date = 2008-04-20 | accessdate = 2009-05-30 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080830020412/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article3779961.ece | archive-date = 30 अगस्त 2008 | url-status = live }}</ref> उनके पैतृक परिवार का उद्गम [[इतालवी]] शहर [[एंकोना]] से हुआ, जहां से 1883 में उनके पूर्वज, एंजलो मेस्सी ने अर्जेंटीना में प्रवास किया।<ref name="El origen de los Messi">{{cite web |url=http://www.aldia.cr/ad_ee/2006/febrero/24/ovacion11.html |title=El origen de los Messi está en Italia |accessdate=2009-07-07 |date=2006-02-24 |publisher=''Al Día'' |last=Aguilar |first=Alexander |language=es |archive-url=https://web.archive.org/web/20121105005442/http://www.aldia.cr/ad_ee/2006/febrero/24/ovacion11.html |archive-date=5 नवंबर 2012 |url-status=dead }}</ref><ref name="Las raíces italianas de Leo Messi">{{cite web |url=http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2005/10/07/pagina-5/722791/pdf.html |title=Las raíces italianas de Leo Messi |accessdate=2009-07-07 |date=2005-10-07 |publisher=''El Mundo Deportivo'' |last=Cubero |first=Cristina |language=es |archive-url=https://web.archive.org/web/20110721211105/http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2005/10/07/pagina-5/722791/pdf.html |archive-date=21 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> उनके दो बड़े भाई हैं रॉडरिगो तथा मेशियस और साथ ही मारिया सोल नामक एक बहन है।<ref>{{cite web | url = http://www.nbcolympics.com/athletes/athlete=1246/bio/ | publisher = NBC | title = Lionel Messi bio | accessdate = 2009-05-30 | archive-url = https://web.archive.org/web/20170513153151/http://www.nbcolympics.com/athletes/athlete=1246/bio | archive-date = 13 मई 2017 | url-status = live }}</ref> पांच साल की उम्र में मेस्सी अपने पिता जॉर्ज द्वारा प्रशिक्षित किए जा रहे एक स्थानीय क्लब ग्रैंडोली के लिए फ़ुटबॉल खेलना शुरू कर दिया। <ref name="Williams"/> 1995 में, मेस्सी अपने गृह शहर रोसारियो में स्थित [[न्यूवेल ओल्ड बॉय्स]] के लिए खेलने लगे। <ref name="Williams">{{cite web | last = Williams | first = Richard | url = http://www.guardian.co.uk/football/2006/feb/24/championsleague1 | publisher = ''द गार्डियन'' | title = Messi has all the qualities to take world by storm | accessdate = 2008-05-03 | date = 2006-02-26 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120906043003/http://www.guardian.co.uk/football/2006/feb/24/championsleague1 | archive-date = 6 सितंबर 2012 | url-status = live }}</ref> 11 वर्ष की उम्र में, उनके नैदानिक परीक्षण में [[विकास हार्मोन की कमी]] पाई गई।<ref>{{cite news | url = http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/championsleague/5099857/Franck-Ribery-the-man-to-challenge-Lionel-Messi-and-Barcelona.html | title = Franck Ribery the man to challenge Lionel Messi and Barcelona | publisher = ''Daily Telegraph'' | last = White | first = Duncan | date = 2009-04-04 | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100323094801/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/championsleague/5099857/Franck-Ribery-the-man-to-challenge-Lionel-Messi-and-Barcelona.html | archive-date = 23 मार्च 2010 | url-status = live }}</ref> [[प्राइमरा डिविज़न]] क्लब [[रिवर प्लेट]] ने मेस्सी की प्रगति में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन उसके इलाज के लिए उनके पास पर्याप्त धन नहीं था, जिसका खर्चा 900 डॉलर प्रति माह था।<ref name="mission"/> [[बार्सिलोना]] के खेल निदेशक [[कार्ल्स रिक्सैक]] को मेस्सी की प्रतिभा के बारे में बताया, चूंकि मेस्सी के रिश्तेदार [[लेइडा]], [[कैटालोनिया]] में थे, मेस्सी और उनके पिता एक परीक्षण की व्यवस्था करा सके। <ref name="mission"/> उनका खेल देखने के बाद बार्सिलोना ने उनसे अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाए,<ref name="fifa.com"/> जिसमें उनके चिकित्सा बिलों के लिए भुगतान की पेशकश की गई, बशर्ते कि वे [[स्पेन]] स्थानांतरित होने के लिए तैयार हों.<ref name="Williams"/> उनका परिवार यूरोप चला गया और उन्होंने क्लब के युवा टीमों में खेलना शुरू किया।<ref name="fifa.com">{{cite news |url=http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=107/edition=248388/news/newsid=103182.html |title=The new messiah |publisher=FIFA |date=2006-03-05 |accessdate=2006-07-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131225005810/http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=107/edition=248388/news/newsid=103182.html |archive-date=25 दिसंबर 2013 |url-status=live }}</ref>
== क्लब कॅरिअर ==
=== बार्सिलोना ===
मेस्सी ने 16 नवम्बर 2003 को (16 वर्ष और 145 दिन की उम्र में) [[पोर्टो]] के खिलाफ़ एक [[दोस्ताना मैच]] में फ़र्स्ट टीम के लिए अपने खेल-जीवन की अनधिकृत शुरूआत की। <ref name="footballdb"/><ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2009/SPORT/football/05/22/messi.football.best.world/index.html|title=Profile: Lionel Messi|author=Tutton, Mark and Duke, Greg|publisher=CNN|date=2009-05-22|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20190411213640/http://edition.cnn.com/2009/SPORT/football/05/22/messi.football.best.world/index.html|archive-date=11 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> बाद में, एक साल से भी कम समय में, [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] ने उन्हें 16 अक्टूबर 2004 को (17 वर्ष और 114 दिन की उम्र में) [[एस्पैनयॉल]] के खिलाफ़ अपने लीग खेल की शुरूआत का मौक़ा दिया और वे बार्सिलोना के लिए खेलने वाले तब तक के तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और [[ला लिगा]] में खेलने वाले सबसे युवा क्लब के खिलाड़ी बने (जो रिकॉर्ड सितंबर, 2007 को टीम के साथी [[बोयान क्रिच]] ने तोड़ा).<ref name="profile"/><ref name="footballdb"/> जब उन्होंने 1 मई 2005 को [[अल्बासेटे]] के खिलाफ़ क्लब के लिए अपना पहला सीनियर गोल किया, मेस्सी 17 वर्ष, 10 महीने और 7 दिन की उम्र के थे और तब तक बार्सिलोना के लिए ला लिगा खेल में स्कोर करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने<ref>{{cite web | url = http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071016101878.html | title = Meteoric rise in three years | accessdate = 2008-05-03 | publisher = fcbarcelona.com | archive-url = https://web.archive.org/web/20110906093707/http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071016101878.html | archive-date = 6 सितंबर 2011 | url-status = live }}</ref> जिस रिकॉर्ड को 2007 में मेस्सी के असिस्ट से बोयान क्रिच ने तोड़ा.<ref>{{cite web | url = http://www.fcbarcelona.cat/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071020101276.html | title = Krkic enters the record books | accessdate = 2009-07-16 | date = 2007-10-21 | publisher = fcbarcelona.cat | last = Nogueras | first = Sergi | archive-url = https://archive.today/20110819191710/http://www.fcbarcelona.cat/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071020101276.html | archive-date = 19 अगस्त 2011 | url-status = dead }}</ref>
मेस्सी ने अपने पूर्व कोच [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] के बारे में कहा: ''"मैं कभी नहीं भूल सकता कि रिजकार्ड ने मुझे खेल में प्रवेश कराया.'' ''उन्होंने ही मुझमें विश्वास जगाया, जब मैं केवल सोलह, सत्रह साल का था।"''<ref>{{cite web | url = http://www.goal.com/nl/news/545/spanje/2009/12/10/1679579/messi-rijkaard-gaf-ons-meer-vrijheid | title = Messi: "Rijkaard gave us more freedom" | accessdate = 2009-12-10 | date = 2007-12-10 | publisher = Goal.com | archive-url = https://web.archive.org/web/20121114175706/http://www.goal.com/nl/news/545/spanje/2009/12/10/1679579/messi-rijkaard-gaf-ons-meer-vrijheid | archive-date = 14 नवंबर 2012 | url-status = live }}</ref>
2015 सीजन में लियोनेल मेसी ने स्पेनिश लीग में सबसे ज्यादा 32 हैट्रिक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया था | उन्होंने ये कारनामा रायो बालेकानो पर मिली 6-1 की जीत के साथ हासिल किया था<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/lionel-messi-breaks-barcelona-la-liga-hat-trick-records-291312-2015-03-09|title=फुटबाल: मेसी ने तोड़ा हैट्रिक का स्पेनिश रिकॉर्ड|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
==== 2005-06 सीज़न ====
{{Quote box | width=30% | align=right | quote= "Messi I think is like me, he is the best in the world along with [[Ronaldinho]]."|source= <small>[[Diego Maradona]].<ref>{{cite news|url=http://www.manutd.com/default.sps?pagegid={83A644F4-1A7E-48B9-AF95-4605613A9A18}&newsid=232152&page=2|title=Funnies: McCarthy's Language Barriers|last = Bartram | first = Steve |publisher=ManUtd.com|date=2005-08-31|accessdate=2009-06-12}}</ref> </small> }}
16 सितंबर को, तीन महीनों में दूसरी बार, बार्सिलोना ने मेस्सी के अनुबंध के लिए एक अद्यतनीकरण की घोषणा की - इस बार उन्हें फ़र्स्ट टीम के सदस्य के रूप में मेहनताना देने और जून 2014 तक अनुबंध बढ़ाने का सुधार किया गया।<ref name="Williams"/> मेस्सी ने 26 सितंबर<ref>{{cite news |url=http://thestar.com.my/sports/story.asp?file=/2005/9/28/sports/12165057&sec=sports |title=Good news for Barcelona as Messi gets his Spanish passport |publisher=''The Star Online'' |date=2005-05-28 |accessdate=2009-05-29 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121030083233/http://thestar.com.my/sports/story.asp?file=%2F2005%2F9%2F28%2Fsports%2F12165057&sec=sports |archive-date=30 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> को स्पैनिश [[नागरिकता]] हासिल की और अंततः [[सीज़न]] के [[स्पैनिश फ़र्स्ट डिवीज़न]] में पहली बार खेलने में सक्षम हुए. मेस्सी को [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] में इतालवी [[उडिनीज़]] क्लब के खिलाफ़ 27 सितंबर को पहली बार घर से बाहर खेलने का मौक़ा मिला। <ref name="footballdb">{{cite news |url=http://www.footballdatabase.com/index.php?page=player&Id=222&b=true |title=Lionel Andres Messi - FCBarcelona and Argentina |publisher=Football Database |accessdate=2006-08-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080514041734/http://www.footballdatabase.com/index.php?page=player&Id=222&b=true |archive-date=14 मई 2008 |url-status=live }}</ref> बार्सिलोना स्टेडियम, [[शिविर नाउ]] में प्रशंसकों ने मेस्सी को उनके [[प्रतिस्थापन]] पर, खड़े होकर तालियां बजाते हुए सम्मान दिया, चूंकि गेंद पर उनके आत्मसंयम और [[रोनाल्डिन्हो]] के साथ संयोजन ने बार्सिलोना के लिए लाभदायक स्थिति हासिल की थी।<ref>{{cite news |author=Reuters |url=http://in.rediff.com/sports/2005/sep/28messi.htm |title=Ronaldinho scores the goals, Messi takes the plaudits |publisher=रीडिफ |date=2005-09-28 |accessdate=2006-08-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190403035104/http://in.rediff.com/sports/2005/sep/28messi.htm |archive-date=3 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref>
मेस्सी ने सत्रह लीग प्रदर्शनों में छह गोल किए और छह में से एक [[चैंपियन्स लीग]] का गोल स्कोर किया। बहरहाल, 7 मार्च 2006 को समय से पहले उनका सीज़न ख़त्म हो गया, जब [[चेल्सी]] के खिलाफ़ [[सेकेंड राउंड चैंपियन्स लीग टाई]] के दूसरे चरण के दौरान उनकी दाहिनी जांघ की मांसपेशी फट गई।<ref>{{cite news |url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=366008&cc=3436 |title=Frustrated Messi suffers another injury setback |publisher=ESPN Soccernet |date=2006-04-26 |accessdate=2006-07-22 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121024073801/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=366008&cc=3436 |archive-date=24 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] के बार्सिलोना ने सीज़न का समापन, [[स्पेन]] और [[यूरोप]] के विजेता के रूप में किया।<ref>{{cite news |url=http://www.independent.co.uk/sport/football/premier-league/arsenal-1-barcelona-2-barcelona-crush-heroic-arsenal-in-space-of-four-brutal-minutes-478659.html |title=Arsenal 1 Barcelona 2: Barcelona crush heroic Arsenal in space of four brutal minutes |last=Wallace |first=Sam |publisher=''The Independent'' |date=2006-05-18 |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110424042326/http://www.independent.co.uk/sport/football/premier-league/arsenal-1-barcelona-2-barcelona-crush-heroic-arsenal-in-space-of-four-brutal-minutes-478659.html |archive-date=24 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/4970966.stm |title=Barca retain Spanish league title |publisher=BBC Sport |date=2006-05-03 |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070901090556/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/4970966.stm |archive-date=1 सितंबर 2007 |url-status=live }}</ref>
==== 2006-07 सीज़न ====
[[चित्र:Barcelona vs Rangers.jpg|thumb|220px|right|2007 में रेंजरों के खिलाफ़ एक मैच में मेस्सी]]
[[2006-07 सीज़न]] में, 26 मैचों में 14 बार स्कोर करते हुए, मेस्सी ने खुद को फ़र्स्ट टीम के नियमित खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।<ref>{{cite news |url=http://www.national-football-teams.com/v2/player.php?id=12563 |title=Lionel Messi at National Football Teams |publisher=National Football Teams |accessdate=2009-07-17 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130127185546/http://www.national-football-teams.com/v2/player.php?id=12563 |archive-date=27 जनवरी 2013 |url-status=live }}</ref> 12 नवम्बर को, [[रियल ज़ारागोज़ा]] के खिलाफ़ खेल में, मेस्सी को [[प्रपदिकीय]] हड्डी की टूटन का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से तीन महीने के लिए वे खेल से बाहर हो गए।<ref>{{cite press release |url=http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml |title=Doctors happy with Messi op |publisher=FCBarcelona.com |date=2006-11-14 |accessdate=2006-11-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061126040828/http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml |archive-date=26 नवंबर 2006 |url-status=dead |archivedate=26 नवंबर 2006 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20061126040828/http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.fifa.com/en/comp/index/0,2442,125576,00.html?articleid=125576 |title=Messi to miss FIFA Club World Cup |date=2006-11-13 |publisher=FIFA.com/Reuters |accessdate=2006-01-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071211061548/http://fifa.com/en/comp/index/0,2442,125576,00.html?articleid=125576 |archive-date=11 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> मेस्सी, अर्जेंटीना में अपनी चोट से उबरे और खेल में उनकी वापसी 11 फ़रवरी को [[रेसिंग सैंटैन्डर]] के खिलाफ़ हुई,<ref>{{cite news |url=http://barcelona.theoffside.com/la-liga/barcelona-racing-santander-sunday-3pm-est.html |title=Barcelona - Racing Santander |publisher=The Offside |date=2008-01-19 |accessdate=2009-05-30 |archive-url=https://archive.today/20120530090054/http://barcelona.theoffside.com/la-liga/barcelona-racing-santander-sunday-3pm-est.html |archive-date=30 मई 2012 |url-status=live }}</ref> जिसमें वे सेकंड-हॉफ़ स्थानापन्न के रूप में शामिल हुए. 11 मार्च को, ''[[एल क्लासिको]]'' ने मेस्सी को टॉप फ़ॉर्म में देखा, जहां उन्होंने [[हैट-ट्रिक]] के साथ, 10-मैन बार्सिलोना को, तीन बार [[बराबरी]] करते हुए, जिसमें अंतिम बराबरी [[इंजुरी-टाइम]] में हुई, 3-3 अंकों से ड्रा करने में मदद की। <ref>{{cite news|url=http://www.independent.co.uk/sport/football/european/barcelona-3-real-madrid-3-magical-messi-is-barcelonas-hero-439788.html|title=Magical Messi is Barcelona's hero|last=Hayward|first=Ben|publisher=''The Independent''|date=2007-03-11|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20110906081352/http://www.independent.co.uk/sport/football/european/barcelona-3-real-madrid-3-magical-messi-is-barcelonas-hero-439788.html|archive-date=6 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref> इस तरह वे [[इवान ज़मोरानो]] (रियल मैड्रिड के 1994-95 सीज़न में) के बाद ''एल क्लासिको'' में लगातार तीन गोल स्कोर करने वाले पहले खिलाड़ी बने। <ref>{{cite news |url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=113101.html |title=Inter beat AC, Messi headlines derby |date=2007-03-11 |publisher=FIFA |accessdate=2009-05-30 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140803140827/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=113101.html |archive-date=3 अगस्त 2014 |url-status=live }}</ref> मेस्सी, इस फ़िक्सचर (नियत मैच) में भी अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। सीज़न के अंत में वे अक्सर नेट पाने लगे; सीज़न के लिए उनके 14 लीग गोलों में से 11, अंतिम 13 मैचों से हासिल हुए हैं।<ref>{{cite news |url=http://soccernet.espn.go.com/players/gamelog?id=45843&season=2006&cc=5739 |title=Lionel Messi 2006/07 season statistics |publisher=ESPN Soccernet |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100326235840/http://soccernet.espn.go.com/players/gamelog?id=45843 |archive-date=26 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref>
[[चित्र:Lionel Messi goal 19abr2007.jpg|thumb|left|220px|मेस्सी, गेटाफ़े के खिलाफ़ एक गोल से ठीक पहले]]
मेस्सी ने एक ही सीज़न के दौरान मारडोना के सबसे प्रसिद्ध गोलों को लगभग दोहराते हुए, साबित किया कि "नया मारडोना" का टैग केवल अतिप्रचार नहीं है।<ref name="maradonalike">{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/2311407/The-greatest-goal-ever.html |title=The greatest goal ever? |date=2007-04-20 |publisher=''Daily Telegraph'' |last=Lowe |first=Sid |accessdate=2009-07-07 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407222056/https://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/2311407/The-greatest-goal-ever.html |archive-date=7 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> 18 अप्रैल 2007 को उन्होंने [[गेटेफ़]] के खिलाफ़ [[कोपा डेल रे]] के सेमी-फ़ाइनल में दो गोल किए, जिनमें से एक, मेक्सिको में संपन्न [[1986 FIFA विश्व कप]] में [[इंग्लैंड]] के खिलाफ़ [[सदी का गोल]] के रूप में विख्यात मारडोना के [[प्रसिद्ध गोल]] से काफ़ी मिलता-जुलता था।<ref>{{cite web| url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=423002&cc=3888| title=Messi dazzles as Barça reach Copa Final| publisher=ESPN Soccernet| date=2007-04-18| access-date=23 फ़रवरी 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20121024073812/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=423002&cc=3888| archive-date=24 अक्तूबर 2012| url-status=live}}</ref> दुनिया के खेल पत्रकारों ने मारडोना के साथ उनकी तुलना की और स्पैनिश प्रेस ने मेस्सी को "मेस्सीडोना" नाम दिया। <ref>{{cite web| url=http://www.hindu.com/2007/07/14/stories/2007071455691800.htm| title=Can ‘Messidona’ beat Maradona?| publisher=''द हिन्दू''| date=2007-07-14| access-date=23 फ़रवरी 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20131014194308/http://www.hindu.com/2007/07/14/stories/2007071455691800.htm| archive-date=14 अक्तूबर 2013| url-status=live}}</ref> उन्होंने वही दूरी तय की,{{convert|62|m|ft}} उतने ही खिलाड़ियों को चकमा दिया (गोलकीपर सहित छह खिलाड़ी), बिल्कुल वैसी ही पोज़िशन से स्कोर किया और कोने के झंडे के पास वैसे ही भागे जैसे 21 साल पहले मारडोना ने मेक्सिको में किया था।<ref name="maradonalike"/> खेल के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में मेस्सी के साथी खिलाड़ी [[डेको]] ने कहा: "यह सर्वोत्तम गोल है, जिसे मैंने कभी अपने जीवन में देखा."<ref>{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=/sport/2007/04/20/sfnmes20.xml |title=The greatest goal ever? |last=Lowe |first=Sid |publisher=''Daily Telegraph'' |date=2007-04-20 |accessdate=2007-05-07 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080513171834/http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=%2Fsport%2F2007%2F04%2F20%2Fsfnmes20.xml |archive-date=13 मई 2008 |url-status=live }}</ref> [[एस्पेनयॉल]] के खिलाफ़ भी मेस्सी ने एक ऐसा गोल किया, जो विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में [[इंग्लैंड के खिलाफ़ मारडोना के गोल]] से काफ़ी मिलता-जुलता था। मेस्सी ने ख़ुद को गेंद की दिशा में प्रवर्तित किया और हाथ से मेल खाते हुए, गोलकीपर [[कार्लोस कमेनी]] को पार करने में गेंद का निशाना साधा.<ref name="Hand of Messi">{{cite news |url=http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article1910271.ece |title=Hand of Messi saves Barcelona |last=Mitten |first=Andy |publisher=''Times Online'' |date=2007-06-10 |accessdate=2008-01-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081013021540/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article1910271.ece |archive-date=13 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> एस्पेनयॉल के खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद और रीप्ले ने भी दर्शाया कि वह स्पष्टतः [[हैंडबाल]] था, गोल बना रहा। <ref name="Hand of Messi"/>
==== 2007-08 सीज़न ====
[[2007-08 सीज़न]] के दौरान, मेस्सी ने ला लिगा में बार्सिलोना को शीर्ष चार में ले जाते हुए, एक सप्ताह में पांच गोल किए। 19 सितंबर को जब बार्सिलोना ने चैम्पियन्स लीग मैच में अपने स्व-स्थान पर, [[ओलंपिक लियोनाइस]] को हराया, उसमें मेस्सी ने एक स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=228758&&cc=5739|title=Barcelona 3-0 Lyon: Messi orchestrates win|publisher=ESPN Soccernet|date=2007-09-19|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081230/http://soccernet.espn.go.com/report?id=228758&&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> 22 सितंबर को<ref>{{cite news|url=http://www.soccerway.com/matches/2007/09/22/spain/primera-division/futbol-club-barcelona/sevilla-futbol-club/480859/|title=Barcelona vs. Sevilla|publisher=Soccerway|date=2007-09-22|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20100510130747/http://www.soccerway.com/matches/2007/09/22/spain/primera-division/futbol-club-barcelona/sevilla-futbol-club/480859/|archive-date=10 मई 2010|url-status=live}}</ref> [[सेविला]] के खिलाफ़ दो गोल किए और फिर 26 सितंबर को, मेस्सी ने [[रियल ज़ारागोज़ा]] पर 4-1 की जीत में और दो गोल किए। <ref>{{cite news|url=http://barcelona.theoffside.com/injuries/barcelona-4-1-zaragoza-review.html|title=Barcelona 4-1 Zaragoza|author=Isaiah|publisher=The Offside|date=2007-09-26|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20120311091432/http://barcelona.theoffside.com/injuries/barcelona-4-1-zaragoza-review.html|archive-date=11 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> 27 फ़रवरी को, मेस्सी ने [[वैलेंशिया]] के खिलाफ़ [[बार्सा]] के लिए अपना 100वां आधिकारिक मैच खेला।<ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=700689.html|title=Xavi late show saves Barca|author=FIFA|publisher=FIFA|date=2008-02-27|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20140803053023/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=700689.html|archive-date=3 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref>
उन्हें फ़ारवर्ड की श्रेणी में [[FIFPro विश्व एकादश खिलाड़ी पुरस्कार]] के लिए नामांकित किया गया।<ref>{{cite news|url=http://worldx1.fifpro.org/index.php?mod=plink&id=14697|title=FIFPro World XI|publisher=FIFPro|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20111009021258/http://worldx1.fifpro.org/index.php?mod=plink&id=14697|archive-date=9 अक्तूबर 2011|url-status=live}}</ref> एक स्पैनिश अख़बार ''[[मार्का]]'' के ऑन-लाइन संस्करण में किए गए सर्वेक्षण में उन्हें 77 प्रतिशत वोटों के साथ विश्व के सर्वोत्तम खिलाड़ी के रूप में चुना गया।<ref>{{cite news|url=http://archivo.marca.com/futbol/2007/messi_kun/handicho.html|title=El fútbol a sus pies|last=Villalobos|first=Fran|publisher=''MARCA''|language=es|date=2007-04-10|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035256/http://archivo.marca.com/futbol/2007/messi_kun/handicho.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> बार्सिलोना-आधारित अख़बार ''[[एल मुंडो डिपोर्टिवो]]'' और ''[[स्पोर्ट]]'' के स्तंभकारों ने उल्लेख किया कि मेस्सी को [[बैलन डी'ऑर]] दिया जाना चाहिए, एक मत जिसका समर्थन [[फ़्रांज़ बेकेनबॉएर]] ने भी किया।<ref>{{cite news|url=http://www.sport.es/default.asp?idpublicacio_PK=44&idioma=CAS&idtipusrecurs_PK=7&idnoticia_PK=447107|title=Si Messi sigue trabajando así, será como Maradona y Pelé|last=Fest|first=Leandro|publisher=Sport.es|language=es|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://archive.today/20080524062418/http://www.sport.es/default.asp?idpublicacio_PK=44&idioma=CAS&idtipusrecurs_PK=7&idnoticia_PK=447107|archive-date=24 मई 2008|url-status=live}}</ref> [[फ़्रांसेस्को टोट्टी]] जैसे फ़ुटबॉल के महान शख्सों ने घोषित किया है कि वे मेस्सी को संप्रति दुनिया का सर्वोत्तम फ़ुटबॉल खिलाड़ी मानते हैं।<ref>{{cite news|url=http://archivo.marca.com/edicion/marca/futbol/internacional/es/desarrollo/1063306.html|title=Totti le daría el Balón de Oro a Messi antes que a Kaká|publisher=''MARCA''|language=es|date=2007-11-29|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20161130063107/http://archivo.marca.com/edicion/marca/futbol/internacional/es/desarrollo/1063306.html|archive-date=30 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
4 मार्च को एक चोट के बाद मेस्सी को छह हफ्तों के लिए खेल से बाहर रखा गया, जब [[केल्टिक]] के खिलाफ़ चैम्पियन्स लीग मैच के दौरान उनकी बाईं जांघ की मांसपेशी फट गई। यह तीन सीज़नों में चौथी बार था जब मेस्सी को इस प्रकार की चोट पहुंची थी।<ref>{{cite news|url=http://www.cbc.ca/sports/soccer/story/2008/03/05/lionel-messi.html?ref=rss|title=Barcelona's Lionel Messi sidelined with thigh injury|publisher=CBC.ca|date=2008-03-05|accessdate=2009-06-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20130128175941/http://www.cbc.ca/sports/soccer/story/2008/03/05/lionel-messi.html?ref=rss|archive-date=28 जनवरी 2013|url-status=live}}</ref>
==== 2008-09 सीज़न ====
[[चित्र:Lionel Messi 31mar2007.jpg|150px|thumb|left|मेस्सी, डेपोर्टिवो के खिलाफ़ एक मैच में]]
क्लब से रोनाल्डिन्हो के प्रस्थान पर, मेस्सी ने उनका नंबर 10 जर्सी विरासत में हासिल किया।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/8/main/2008/08/04/803776/messi-inherits-ronaldinhos-no-10-shirt|title=Messi Inherits Ronaldinho's No. 10 Shirt|last=Sica|first=Gregory|publisher=Goal.com|date=2008-08-04|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20100515134210/http://www.goal.com/en/news/8/main/2008/08/04/803776/messi-inherits-ronaldinhos-no-10-shirt|archive-date=15 मई 2010|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 2008 को, [[शखटार डोनेट्स्क]] के खिलाफ़ चैम्पियन्स लीग मैच के दौरान, मेस्सी ने अंतिम सात मिनट में दो गोल किए, जब उन्होंने [[थीयर्री हेनरी]] के स्थानापन्न के रूप में आने के बाद, [[बार्सिलोना]] के लिए 1-0 के स्कोर को 1-2 की जीत में बदल दिया। <ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=254681&cc=5739|title=Late Messi brace nicks it|publisher=ESPN Soccernet|date=2008-10-01|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081234/http://soccernet.espn.go.com/report?id=254681&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> अगला लीग खेल [[एटलेटिको मैड्रिड]] के खिलाफ़ था, जिसे मेस्सी और उनके अच्छे दोस्त [[सर्जियो अग्वेरो]] के बीच एक दोस्ताना संघर्ष के रूप में प्रचारित किया गया।<ref>{{cite news|url=http://bleacherreport.com/articles/65327-barcelona-6-1-atletico-madrid-match-report-and-player-ratings|title=Barcelona 6-1 Atletico Madrid|last=Osaghae|first=Efosa|publisher=Bleacher Report|date=2008-10-04|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20100201033319/http://bleacherreport.com/articles/65327-barcelona-6-1-atletico-madrid-match-report-and-player-ratings|archive-date=1 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने एक फ़्री किक से गोल दागा और दूसरे में असिस्ट किया, जब बार्सा ने मैच 6-1 से जीता। <ref>{{cite news|url=http://soccernet-assets.espn.go.com/report?id=252817&league=ESP.1&cc=5739|title=Goal rush for Barcelona|publisher=ESPN Soccernet|date=2008-10-04|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20140810090950/http://soccernet-assets.espn.go.com/report?id=252817&league=ESP.1&cc=5739|archive-date=10 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने सेविला के खिलाफ़ {{convert|23|m|yd|}} से वॉली स्कोर करते हुए, एक और प्रभावशाली [[ब्रेस]] नेट में डाला और फिर गोलकीपर के इर्द-गिर्द [[ड्रिबलिंग]] करते हुए, तथा एक टाइट एंगल से दूसरा स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=964294.html|title=Messi magical, Real miserable|publisher=FIFA|date=2008-11-29|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20140803210929/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=964294.html|archive-date=3 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref> 13 दिसम्बर 2008 को, क्लासिको के पहले सीज़न के दौरान, मेस्सी ने रियल मैड्रिड के खिलाफ़ बार्सिलोना की 2-0 जीत में दूसरा गोल किया।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/7776472.stm|title=Barcelona 2-0 Real Madrid|publisher=BBC Sport|date=2008-12-13|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20081214232753/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/7776472.stm|archive-date=14 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> उन्हें [[2008 FIFA वर्ष के विश्व खिलाड़ी]] पुरस्कारों में 678 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर नामांकित किया गया।<ref name="Gala 2008"/>
मेस्सी ने एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ़ कोपा डेल रे टाई में पहली बार लगातार तीन गोल किए, जहां बार्सिलोना ने 3-1 की जीत हासिल की। <ref>{{cite news|url=http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200901/20090107/article_387234.htm|title=Messi scores hat trick in Barca's 3–1 win over Atletico|publisher=''Shanghai Daily''|date=2009-01-07|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029202627/http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200901/20090107/article_387234.htm|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने 1 फ़रवरी 2009 को एक और महत्वपूर्ण डबल स्कोर किया, जहां सेकंड हॉफ़ स्थानापन्न के रूप में आते हुए उन्होंने 1-0 से नीचे रहने के बाद, 1-2 से रेसिंग सैंटैंडर को हराने में बार्सिलोना की मदद की। दो स्ट्राइक में दूसरा, बार्सिलोना का 5000वां लीग गोल था।<ref>[https://web.archive.org/web/20090204172913/http://www.google.com/hostednews/afp/article/ALeqM5iZaLqalXOwOJ2FwjihA3svGql1Mw Supersub Messi fires 5,000-goal Barcelona to comeback victory.] AFP (01-02-2009). 01-02-2009 को पुनःप्राप्त</ref> ला लिगा के 28वें दौर में, मेस्सी ने सभी प्रतियोगिताओं में सीज़न का अपना 30वां गोल बनाया, जिस प्रक्रिया में उन्होंने [[मलागा CF]] के खिलाफ़ 6-0 की जीत हासिल करने में अपने टीम की मदद की। <ref>{{cite news|url=http://english.aljazeera.net/sport/2009/03/2009322164115611397.html|title=Barcelona hit Malaga for six|publisher=अल जज़ीरा English|date=2009-03-23|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20110806112657/http://english.aljazeera.net/sport/2009/03/2009322164115611397.html|archive-date=6 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> 8 अप्रैल 2009 को उन्होंने किसी प्रतियोगिता में नौ गोलों का व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाते हुए, [[बेयर्न म्यूनिख]] के खिलाफ़ चैंपियन्स लीग में दो बार गोल किए। <ref>{{cite news|url=http://www.usatoday.com/sports/soccer/2009-04-09-2372732048_x.htm|title=Barcelona returns to earth with league match|publisher=''USA Today''|date=2009-04-09|accessdate=2009-07-07|last=Logothetis|first=Paul|archive-url=https://web.archive.org/web/20120317092033/http://www.usatoday.com/sports/soccer/2009-04-09-2372732048_x.htm|archive-date=17 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> 18 अप्रैल को, मेस्सी ने गेटेफ़ में हासिल 1-0 की जीत में सीज़न का अपना 20वां लीग गोल किया, जिसकी वजह से रियल मैड्रिड के ख़िलाफ़ बार्सिलोना लीग तालिका के शीर्ष पर अपने छह अंक की बढ़त को बनाए रख सकी। <ref>{{cite news|url=http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200904/20090419/article_398171.htm|title=Messi leads Barcelona to 1-0 win over Getafe|publisher=''Shanghai Daily''|date=2009-04-19|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029202746/http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200904/20090419/article_398171.htm|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:039 men at work UEFA 2009, Rome.jpg|200px|thumb|right|2009 UEFA चैंपियन्स लीग फ़ाइनल में निशाना साधते लियोनेल मेस्सी को देखते हुए माइकल कैरिक (पृष्ठभूमि में)]]
चूंकि बार्सिलोना सीज़न के समापन की ओर उन्मुख था, मेस्सी ने [[सैंटियागो बर्नब्यू]] में [[रियल मैड्रिड]] पर 6-2 की जीत के लिए दो गोल बनाए (उनका सभी प्रतियोगिताओं में 35वां और 36वां गोल)<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/football/2009/may/02/la-liga-real-madrid-barcelona|title=Barcelona run riot at Real Madrid and put Chelsea on notice|last=Lowe|first=Sid|publisher=''द गार्डियन''|date=2009-05-02|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20130304074607/http://www.guardian.co.uk/football/2009/may/02/la-liga-real-madrid-barcelona|archive-date=4 मार्च 2013|url-status=live}}</ref>, जोकि रियल मैड्रिड के लिए 1930 के बाद की सबसे भारी हार थी।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/03/1244468/real-madrid-fan-poll-says-barcelona-loss-is-most-painful-in-club|title=Real Madrid Fan Poll Says Barcelona Loss Is Most Painful In Club History|last=Macdonald|first=Paul|publisher=Goal.com|date=2009-05-03|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710163433/http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/03/1244468/real-madrid-fan-poll-says-barcelona-loss-is-most-painful-in-club|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> प्रत्येक गोल के बाद वे अपने प्रशंसकों और कैमरा की ओर दौड़ते और अपनी बार्सिलोना जर्सी को ऊपर उठाते, तथा एक और टी-शर्ट दिखाते, जिस पर लिखा था, ''सिंड्रोम X फ़्रेजाइल'', जो कैटलान भाषा में [[भंगुरता X संलक्षण]] का पर्याय है, जिसके ज़रिए वे इस रोग से ग्रस्त बच्चों के प्रति अपना समर्थन जता रहे थे।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/02/1242691/what-lionel-messis-t-shirt-at-the-bernabeu-meant|title=What Lionel Messi's T-Shirt At The Bernabeu Meant|publisher=Goal.com|last=Macdonald|first=Ewan|date=2009-05-02|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710164407/http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/02/1242691/what-lionel-messis-t-shirt-at-the-bernabeu-meant|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> मेस्सी, चैम्पियन्स लीग सेमी-फ़ाइनल में [[चेल्सी]] के ख़िलाफ़ [[एन्ड्रेस इनेस्टा]] के इंजुरी टाइम गोल बनाने में शामिल थे, जिससे बार्सिलोना, [[मैनचेस्टर युनाइटेड]] का मुक़ाबला करने के लिए [[फ़ाइनल]] में पहुंच सका। उन्होंने [[एथलीटिक बिलबाओ]] के खिलाफ़ 4-1 की जीत में एक गोल स्कोर करते हुए, तथा अन्य दो में असिस्ट करते हुए 13 मई को अपना पहला कोपा डेल रे जीता। <ref>{{cite news|url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/5321324/Barcelona-defeat-Athletic-Bilbao-to-win-Copa-del-Rey.html|title=Barcelona defeat Athletic Bilbao to win Copa del Rey|publisher=''Daily Telegraph''|date=2009-05-14|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090517065719/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/5321324/Barcelona-defeat-Athletic-Bilbao-to-win-Copa-del-Rey.html|archive-date=17 मई 2009|url-status=live}}</ref> उन्होंने ला लिगा जीत कर, अपनी टीम को दोहरी जीत दिलाने में मदद की। 27 मई को उन्होंने 70वें मिनट में दूसरा गोल करते हुए बार्सिलोना को [[2009 UEFA चैम्पियन्स लीग फ़ाइनल]] जीतने में मदद की, जिसमें बार्सिलोना ने दो गोल की बढ़त हासिल की; नौ गोलों के साथ वे चैम्पियन्स लीग के टॉप स्कोरर बने। <ref>{{cite news|url=http://www.uefa.com/competitions/ucl/news/kind=1/newsid=833286.html|title=Messi sweeps up goalscoring honours|publisher=uefa.com|date=2009-05-27|accessdate=2009-06-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20091227065627/http://www.uefa.com/competitions/ucl/news/kind=1/newsid=833286.html|archive-date=27 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> यूरोप में शानदार वर्ष संपन्न करते हुए, मेस्सी ने [[UEFA वर्ष का क्लब फ़ारवर्ड]]: और [[UEFA वर्ष का क्लब फ़ुटबॉलर]] ख़िताब भी जीता। <ref>{{cite news|url=http://www.uefa.com/competitions/supercup/news/kind=1/newsid=877275.html|title=Messi recognised as Europe's finest|publisher=uefa.com|date=2009-08-27|accessdate=2009-08-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20100204060347/http://www.uefa.com/competitions/supercup/news/kind=1/newsid=877275.html|archive-date=4 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> इस जीत का मतलब था बार्सिलोना ने एक ही सीज़न में [[कोपा डेल रे]], [[ला लिगा]] और [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] जीता,<ref>{{cite news|url=http://www.gulf-daily-news.com/NewsDetails.aspx?storyid=251667|title=Barcelona win treble in style|publisher=''Gulf Daily News''|date=2009-05-28|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20150703215248/http://www.gulf-daily-news.com/NewsDetails.aspx?storyid=251667|archive-date=3 जुलाई 2015|url-status=live}}</ref> और इस तरह पहली बार किसी स्पेनिश क्लब ने कभी [[तिगुनी]] जीत हासिल की थी।<ref>{{cite news|url=http://uk.eurosport.yahoo.com/01062009/3/barcelona-eclipse-dream-team-historic-treble.html|title=Barcelona eclipse dream team with historic treble|publisher=UK Eurosport|date=2009-06-01|accessdate=2009-06-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20200407083321/https://uk.sports.yahoo.com/|archive-date=7 अप्रैल 2020|url-status=live}}</ref>
==== 2009-10 सीज़न ====
[[चित्र:Lionel Messi Joan Gamper Trophy.jpg|250px|thumb|left|बार्सिलोना के लियोनेल मेस्सी, शिविर नाउ स्टेडियम में बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के बीच जोआन गैम्पर ट्रॉफ़ी मैच के दौरान खेलते हुए]]
[[2009 UEFA सुपर कप]] जीतने के बाद, बार्सिलोना प्रबंधक [[जोसेप गार्डियोला]] ने ज़ोर देते हुए कहा कि मेस्सी सबसे अच्छा खिलाड़ी है, उस जैसा शायद ही उन्होंने कभी देखा था।<ref>{{cite news|url=http://www.elmundo.es/elmundodeporte/2009/08/29/futbol/1251499664.html|title='Messi es el mejor jugador que veré jamás'|publisher=''El Mundo Deportivo''|date=2009-08-29|accessdate=2009-08-29|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20190322125856/https://www.elmundo.es/elmundodeporte/2009/08/29/futbol/1251499664.html|archive-date=22 मार्च 2019|url-status=live}}</ref>
18 सितंबर को, मेस्सी ने बार्सिलोना के साथ एक नए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जो 2016 तक चलेगा और जिसमें €250 मिलियन के नियंत्रण-ख़रीद का प्रावधान शामिल है, जिससे मेस्सी, [[ज़्लाटन इब्रहिमोविक]] के साथ, लगभग €9.5 मिलियन वार्षिक आय सहित, ला लिगा के उच्चतम वेतनभोगी खिलाड़ी बन गए हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada09-10/09/n090918106811.html|title=Leo Messi extends his stay at Barça|publisher=fcbarcelona.com|date=2009-09-18|accessdate=2009-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20110907013314/http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada09-10/09/n090918106811.html|archive-date=7 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8184399.stm|title=Messi signs new deal at Barcelona|publisher=BBC Sport|date=2009-09-18|accessdate=2009-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20170814105220/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8184399.stm|archive-date=14 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> चार दिन बाद 22 सितंबर को, मेस्सी ने ला लिगा में रेसिंग सैंटनडर के खिलाफ़ बार्सा की 4-1 जीत हासिल करने में दो गोल किए और एक और में असिस्ट किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=678702&sec=europe&cc=5901|title=Messi and Ibrahimovic put Racing to the sword|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-09-22|accessdate=2009-09-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081351/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=678702&sec=europe&cc=5901|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने 29 सितंबर को [[डाइनमो कीव]] पर 2-0 जीत में सीज़न का पहला यूरोपीय गोल स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/1716/champions-league/2009/09/29/1530963/barcelona-2-0-dynamo-kiev-messi-pedro-unlock-stubborn|title=Barcelona 2-0 Dynamo Kiev: Messi & Pedro Unlock Stubborn Ukrainians|publisher=Goal.com|date=2009-09-29|accessdate=2009-10-03|last=Leong|first=KS|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710163758/http://www.goal.com/en/news/1716/champions-league/2009/09/29/1530963/barcelona-2-0-dynamo-kiev-messi-pedro-unlock-stubborn|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने [[शिविर नाउ]] में [[रियल ज़ारागोज़ा]] की 6-1 से घोर पराजय के दौरान, [[ला लिगा]] में अपने गोलों की संख्या को सात मैचों में छह गोल के स्ट्राइक द्वारा आगे बढ़ाया<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=689856&cc=5739|title=Xavi: All is well at Barca|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-10-26|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081409/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=689856&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://sportsillustrated.cnn.com/2009/soccer/10/25/spanish.rdp.ap/|title=Barcelona thrashes Zaragoza to go clear at top|publisher=CNN|date=2009-10-25|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20091231144944/http://sportsillustrated.cnn.com/2009/soccer/10/25/spanish.rdp.ap/|archive-date=31 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> और 7 नवम्बर को [[शिविर नाउ]] में [[मालॉर्का]] पर बार्सा की 4-2 से जीत में पेनाल्टी भी स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=695820&cc=5739|title=Guardiola expects more after win over Mallorca|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-11-09|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20111203071732/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=695820&cc=5739|archive-date=3 दिसंबर 2011|url-status=live}}</ref>
1 दिसम्बर 2009 को, मेस्सी का नाम [[2009 बैलन डी'ऑर]] के विजेता के रूप में घोषित किया गया, जहां उन्होंने रनर-अप [[क्रिस्टियानो रोनाल्डो]] को 233 के मुक़ाबले 473 के विशाल अंतर से हराया.<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8387679.stm|title=Barcelona forward Lionel Messi wins Ballon d'Or award|publisher=BBC Sport|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170259/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8387679.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.abc.net.au/news/stories/2009/12/01/2759069.htm|title=Messi wins prestigious Ballon d'Or award|publisher=ABC Sport|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20110628223125/http://www.abc.net.au/news/stories/2009/12/01/2759069.htm|archive-date=28 जून 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.independent.co.uk/sport/football/news-and-comment/lionel-messi-a-rare-talent-1831871.html|title=Lionel Messi: A rare talent|publisher=''The Independent''|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|last=Barnett|first=Phil|archive-url=https://web.archive.org/web/20190329161932/https://www.independent.co.uk/sport/football/news-and-comment/lionel-messi-a-rare-talent-1831871.html|archive-date=29 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> उसके बाद, [[फ़्रांस फ़ुटबॉल पत्रिका]] ने मेस्सी को यह कहते हुए उद्धृत किया: "मैं इसे अपने परिवार को समर्पित करता हूं. जब भी मुझे उनकी ज़रूरत थी, वे हमेशा मौजूद थे और कभी-कभी उन्होंने मुझसे भी ज़्यादा गहराई से भावनाओं को महसूस किया है।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=706306&sec=europe&cc=5739|title=Messi takes Ballon d'Or|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081427/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=706306&sec=europe&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref>
19 दिसम्बर को, [[अबू धाबी]] में [[एस्टुडियान्टेस]] के खिलाफ़ [[2009 FIFA क्लब विश्व कप]] के फ़ाइनल में मेस्सी ने विजेता गोल स्कोर किया।<ref>{{citeweb|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=285375&cc=5739&league=FIFA.CWC|title=Messi seals number six|date=2009-12-19|publisher=ESPN Soccernet|accessdate=2009-12-21}}</ref> दो दिन बाद, उन्हें [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]] पुरस्कार दिया गया; जहां उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो, [[क्सेवी]], [[काका]] और [[एन्ड्रेस इनिएस्टा]] को हराया. उनके लिए यह पुरस्कार जीतने का पहला अवसर था और वे अर्जेंटीना से कभी भी यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी बने.<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=716683&sec=world&cc=5901|title=FC Barcelona's Messi wins World Player of the Year|date=2009-12-21|publisher=ESPN Soccernet|accessdate=2009-12-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081437/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=716683&sec=world&cc=5901|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> 10 जनवरी 2010 को, मेस्सी ने 2010 में अपना पहला [[हैट-ट्रिक]] बनाया और जो 0-5 की जीत में [[सीडी टेनेरिफ़े]] के खिलाफ़ सीज़न का पहला हैट-ट्रिक था।<ref>{{citeweb|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2010/01/10/1737345/tenerife-0-5-barcelona-messi-masterclass-sees-barca-back-on|title=Tenerife 0-5 Barcelona: Messi Masterclass Sees Barca Back On Top|date=2010-01-10|publisher=Goal.com|accessdate=2010-01-11}}</ref> 17 जनवरी को, मेस्सी ने [[सेविला]] पर 4-0 की जीत में क्लब के लिए अपना 100वां गोल स्कोर किया।<ref>{{citeweb|url=http://www.fcbarcelona.com/web/catala/noticies/futbol/temporada09-10/01/n100117108826.html|title=Messi 101: el golejador centenari més jove|date=2010-01-17|publisher=fcbarcelona.cat|accessdate=2010-01-17| language = ca|last=Bogunyà|first=Roger}}</ref>
== अंतर्राष्ट्रीय कॅरिअर ==
जून 2004 में, [[पारागुए]] के खिलाफ़ अंडर-20 [[दोस्ताना मैच]] में उन्होंने अर्जेंटीना के लिए शुरूआत की.<ref>{{cite news|url=http://www.lionelmessi.com/biography/|title=Lionel Messi Biography|publisher=Lionelmessi.com|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20080802154715/http://lionelmessi.com/biography/|archive-date=2 अगस्त 2008|url-status=dead}}</ref> 2005 में वे नीदरलैंड में [[2005 FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप]] जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। वहां, उन्होंने [[गोल्डन बॉल]] और [[गोल्डन शू]] जीता.<ref>{{cite web|url=http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=104/edition=9102/index.html|title=FIFA World Youth Championship Netherlands 2005|publisher=FIFA|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20131224230512/http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=104/edition=9102/index.html|archive-date=24 दिसंबर 2013|url-status=live}}</ref>
उन्होंने 17 अगस्त 2005 को 18 वर्ष की उम्र में [[हंगरी]] के खिलाफ़ अपना संपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय पहला खेल खेला। 63वें मिनट पर उन्होंने प्रतिस्थापित किया, लेकिन 65वें मिनट में [[निकाले]] गए, क्योंकि रेफ़री, [[मार्कस मर्क]] ने पाया कि उन्होंने रक्षक [[विलमॉस वैनज़ैक]] को [[कोहनी मारी]] थी, जो मेस्सी के शर्ट को कसा हुआ था। निर्णय विवादास्पद था और [[मारडोना]] ने दावा किया कि निर्णय पूर्व-विमर्शित था।<ref>{{cite web|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_football/4172400.stm|title=Messi handles 'new Maradona' tag|publisher=BBC Sport|date=2005-08-22|accessdate=2009-07-07|last=Vickery|first=Tim|archive-url=https://web.archive.org/web/20170823030033/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_football/4172400.stm|archive-date=23 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://english.people.com.cn/200508/20/eng20050820_203655.html|title=Argentine striker Messi recalled for World Cup qualifier|publisher=''People's Daily Online''|date=2005-08-20|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110005349/http://english.people.com.cn/200508/20/eng20050820_203655.html|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> 3 सितंबर को मेस्सी टीम में वापस लौटे, जहां [[विश्व कप पात्रता]] में [[पराग्वे]] से अर्जेंटीना की 1-0 से हार हुई थी। मैच से पहले उन्होंने कहा था कि "यह मेरी दुबारा शुरूआत है। पहला बहुत कम समय के लिए ही था।"<ref>{{cite web|url=http://soccernet.espn.go.com/preview?id=178848&cc=5739|title=Messi tries again as Argentina face Paraguay|publisher=ESPN Soccernet|date=2005-09-02|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081451/http://soccernet.espn.go.com/preview?id=178848&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> इसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना के लिए [[पेरू]] के खिलाफ़ अपना पहला खेल शुरू किया; मैच के बाद पेकरमैन ने मेस्सी को "रत्न" के रूप में वर्णित किया।<ref>{{cite web|url=http://www.rediff.com/sports/2005/oct/10messi.htm|title=Messi is a jewel says Argentina coach|publisher=रीडिफ|date=2005-10-10|accessdate=2009-07-07|last=Homewood|first=Brian|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303185237/http://www.rediff.com/sports/2005/oct/10messi.htm|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>
28 मार्च 2009 को [[वेनेज़ुएला]] के खिलाफ़ विश्व कप पात्रता में, मेस्सी ने पहली बार अर्जेंटीना के लिए 10 नंबर की जर्सी पहनी थी। यह मैच डिएगो मारडोना के लिए अर्जेंटीना के कोच के रूप में पहला आधिकारिक मैच था। लियोनेल मेस्सी के द्वारा स्कोरिंग की शुरूआत के साथ अर्जेंटीना ने 4-0 से मैच जीता। <ref>{{cite web| url = http://soccernet.espn.go.com/report?id=230046&cc=5739| title = Argentina 4-0 Venezuela: Messi the star turn| date = 2009-03-28| accessdate = 2009-07-07| publisher = Allaboutfcbarcelona.com| archive-url = https://web.archive.org/web/20121024081458/http://soccernet.espn.go.com/report?id=230046&cc=5739| archive-date = 24 अक्तूबर 2012| url-status = live}}</ref>
=== 2006 FIFA विश्व कप ===
जिस चोट ने 2005-06 सीज़न के अंत में दो महीने के लिए मेस्सी को खेल से बाहर रखा, उसकी वजह से [[विश्व कप]] में मेस्सी की उपस्थिति भी आशंका की चपेट में आ गई। बहरहाल, 15 मई 2006 को टूर्नामेंट के लिए अर्जेंटीना टीम में मेस्सी चुने गए। उन्होंने विश्व कप से पहले, अर्जेंटीना अंडर-20 टीम के खिलाफ़ 15 मिनटों के लिए फ़ाइनल मैच और 64 मिनट से [[अंगोला]] के खिलाफ़ एक दोस्ताना मैच खेला।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5047440.stm|title=Messi comes of age|publisher=BBC Sport|date=2006-06-05|accessdate=2009-07-07|last=Vickery|first=Tim|archive-url=https://web.archive.org/web/20060617162354/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5047440.stm|archive-date=17 जून 2006|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5023884.stm|title=Argentina allay fears over Messi|publisher=BBC Sport|date=2006-05-30|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172427/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5023884.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
उन्होंने प्रतिस्थापकों के बेंच से [[आइवरी कोस्ट]] के खिलाफ़ [[अर्जेंटीना]] के शुरूआती मैच विजय को भी देखा.<ref>{{cite news|url=http://www.kicker.de/fussball/wm/startseite/artikel/350938|title=Messi weiter auf der Bank|publisher=Kicker.de|date=2006-06-13|accessdate=2009-07-07|language=de|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710164432/http://www.kicker.de/fussball/wm/startseite/artikel/350938|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> [[सर्बिया]] के खिलाफ़ अगले मैच में मेस्सी, विश्व कप में अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने, जब वे 74वें मिनट में [[मैक्सी रॉड्रीग्वेज़]] के स्थानापन्न के रूप में खेलने आए। उन्होंने खेल में प्रवेश करने के चंद मिनटों में ही [[हरनैन क्रेस्पो]] को गोल बनाने में असिस्ट किया और 6-0 की जीत में अंतिम गोल भी स्कोर किया, जिससे वे टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र के स्कोरर और [[विश्व कप]] के इतिहास में सबसे कम उम्र के छठे गोल स्कोरर बने। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853028.stm|title=Argentina 6-0 Serbia & Montenegro|publisher=BBC Sport|date=2006-06-16|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170822102021/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853028.stm|archive-date=22 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> मेस्सी ने [[नीदरलैंड]] के खिलाफ़ अर्जेंटीना 0-0 टाई में शुरूआत की। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853328.stm|title=Holland 0-0 Argentina|publisher=BBC Sport|date=2006-06-21|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172445/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853328.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
[[मैक्सिको के खिलाफ़]] अगले खेल में, 1-1 पर स्कोर के टाई के साथ, मेस्सी 84वें मिनट में स्थानापन्न के रूप में आए। लगा कि उन्होंने गोल स्कोर किया, लेकिन उसे [[ऑफ़साइड]] घोषित किया गया,<ref>{{cite news|url=http://blogs.guardian.co.uk/worldcup06/2006/06/26/rodriguez_finds_an_answer_but.html|title=Rodríguez finds an answer but many questions still remain|publisher=''द गार्डियन''|date=2006-06-26|accessdate=2009-07-07|last=Walker|first=Michael|archive-url=https://web.archive.org/web/20131009151510/http://blogs.guardian.co.uk/worldcup06/2006/06/26/rodriguez_finds_an_answer_but.html|archive-date=9 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991492.stm|title=Argentina 2-1 Mexico (aet)|publisher=BBC Sport|date=2006-06-24|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172429/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991492.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> जबकि [[अतिरिक्त समय]] में अर्जेंटीना को आगे बढ़ने के लिए एक गोल की ज़रूरत थी। कोच जोस पेकरमैन ने [[जर्मनी]] के खिलाफ़ क्वार्टर-फ़ाइनल मैच में मेस्सी को बेंच पर ही छोड़ा, जो वे [[पेनाल्टी शूटआउट]] में 4-2 से हार गए।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991602.stm|title=Germany 1-1 Argentina|publisher=BBC Sport|date=2006-06-30|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170806070555/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991602.stm|archive-date=6 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref>
=== 2007 कोपा अमेरिका ===
[[चित्र:Messi in Copa America 2007.jpg|thumb|220px|कोपा अमेरीका 2007 में मेस्सी]]
मेस्सी ने 29 जून 2007 को, [[कोपा अमेरिका 2007]] में अपना पहला खेल खेला, जब [[अर्जेंटीना]] ने पहले खेल में [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] को 4-1 से हराया. इस खेल में, उन्होंने एक खेल-रचयिता के रूप में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने साथी स्ट्राइकर [[हरनैन क्रेस्पो]] के लिए लक्ष्य निर्धारित किया और कई शॉट लक्ष्य पर सफल हुए. 79वें मिनट में टेवेज़ मेस्सी के लिए स्थानापन्न के रूप में आए और मिनटों बाद गोल स्कोर किए। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6252156.stm|title=Tevez Nets In Argentina Victory|publisher=BBC Sport|date=2007-06-29|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170534/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6252156.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
उनका दूसरा मैच [[कोलम्बिया]] के खिलाफ़ था, जिसमें उन्होंने एक पेनाल्टी जीती जिसे क्रेस्पो 1-1 पर खेल को टाई में परिवर्तित करने में सफल हुए. उन्होंने अर्जेंटीना के दूसरे गोल में हिस्सा लिया चूंकि उन्हें बॉक्स के बाहर फ़ाउल किया गया था, जिससे [[जुआन रोमन रिक्वेल्म]] को फ़्रीकिक से स्कोर करने की अनुमति मिली और अर्जेंटीना ने 3-1 से बढ़त हासिल की। खेल का फ़ाइनल स्कोर 4-2 अर्जेंटीना के पक्ष में रहा और उन्हें टूर्नामेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह की गारंटी मिली। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6263888.stm|title=Argentina into last eight of Copa|publisher=BBC Sport|date=2007-07-03|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170414/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6263888.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
[[पारागुए]] के खिलाफ़ तीसरे खेल में, कोच ने मेस्सी को विश्राम दिया, चूंकि वे क्वार्टर-फ़ाइनल के लिए योग्य साबित हो चुके थे। उन्हें 64वें मिनट में, 0-0 स्कोर के साथ, [[एस्टेबैन कैम्बियासो]] की जगह बेंच से उतरने का मौक़ा मिला। 79वें मिनट में उन्होंने [[जेवियर मैस्चरानो]] के लिए एक गोल रचा।<ref>{{cite news|url=http://www.conmebol.com/competiciones_evento_reporte.jsp?evento=1055&ano=2007&dv=1&flt=C&id=18&slangab=E|title=Argentina-Paraguay|publisher=Conmebol|date=2007-07-05|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20070929133942/http://www.conmebol.com/competiciones_evento_reporte.jsp?evento=1055&ano=2007&dv=1&flt=C&id=18&slangab=E|archive-date=29 सितंबर 2007|url-status=live}}</ref> क्वार्टर-फ़ाइनल में, जब [[अर्जेंटीना]] को पेरू का सामना करना पड़ा, 4-0 की जीत में रिक्वेल्मे से एक पास लेकर मेस्सी ने खेल का दूसरा गोल बनाया। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6282908.stm|title=Argentina and Mexico reach semis|publisher=BBC Sport|date=2007-07-09|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170059/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6282908.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> [[मेक्सिको]] के खिलाफ़ सेमी-फ़ाइनल मैच के दौरान, मेस्सी ने [[ओसवाल्डो सैनशेज़]] पर उछाल कर गोल बनाया, जिससे अर्जेंटीना 3-0 जीत के साथ फ़ाइनल में पहुंच सकी। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6294930.stm|title=Messi's Magic Goal|publisher=BBC Sport|date=2007-07-12|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172412/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6294930.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> अर्जेंटीना को फ़ाइनल में [[ब्राज़ील]] से 3-0 के साथ हार गई।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/6899694.stm|title=Brazil victorious in Copa America|publisher=BBC Sport|date=2007-07-16|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20071010085400/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/6899694.stm|archive-date=10 अक्तूबर 2007|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:Messi olympics-soccer-7.jpg|thumb|left|220px|2008 ओलंपिक में ब्राज़ील के खिलाफ़ मैच में मेस्सी]]
=== 2008 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक ===
[[2008 ओलंपिक]] में मेस्सी को [[अर्जेंटीना]] के लिए खेलने से वर्जित किए जाने के बाद,<ref>{{cite news|url=http://www.telegraph.co.uk/sport/othersports/olympics/2510034/Lionel-Messi-out-of-Olympics-after-Barcelona-win-court-appeal-against-Fifa.html|title=Lionel Messi out of Olympics after Barcelona win court appeal against Fifa|publisher=''Daily Telegraph''|date=2008-08-06|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629193256/http://www.telegraph.co.uk/sport/othersports/olympics/2510034/Lionel-Messi-out-of-Olympics-after-Barcelona-win-court-appeal-against-Fifa.html|archive-date=29 जून 2011|url-status=live}}</ref> बार्सिलोना ने [[जोसेप गार्डियोला]] के साथ उनकी बातचीत के बाद उन्हें मुक्त करने के प्रति अपनी सहमति जताई.<ref name="Messi Olympics">{{cite news|url=http://afp.google.com/article/ALeqM5hBwBdQawHH84xSfUkq2uo3w1nwvA|title=Barcelona give Messi Olympics thumbs-up|publisher=AFP|date=2008-08-07|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20110711111228/http://afp.google.com/article/ALeqM5hBwBdQawHH84xSfUkq2uo3w1nwvA|archive-date=11 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref> वे अर्जेंटीना की टीम में शामिल हुए और [[आइवरी कोस्ट]] पर 2-1 की जीत में पहला गोल स्कोर किया।<ref name="Messi Olympics"/> इसके बाद उन्होंने शुरूआती गोल बनाया और दूसरे में [[एंजल डी मारिया]] को असिस्ट किया, जिससे उनके पक्ष को [[नीदरलैंड]] के खिलाफ़ 2-1 के अतिरिक्त समय की जीत हासिल करने में मदद मिली। <ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/mensolympic/matches/round=250022/match=300051809/summary.html|title=Messi sets up Brazil semi|publisher=FIFA|date=2008-08-16|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20090412024404/http://www.fifa.com/mensolympic/matches/round=250022/match=300051809/summary.html|archive-date=12 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> उन्होंने प्रतिद्वंद्वी [[ब्राज़ील]] के खिलाफ़ अर्जेंटीना की मैच में भी भाग लिया, जिसमें अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत हासिल की और इस तरह फ़ाइनल की ओर आगे बढ़े.<ref>{{cite news|url=http://www.examiner.com/x-642-Soccer-Examiner~y2008m8d19-Argentina-Takes-Down-Brazil-30-in-Olympic-Semifinal-Nigera-Awaits-in-Final|title=Argentina Takes Down Brazil 3-0|last=Baumgartner|first=Jesse|publisher=Examiner|date=2008-08-19|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20100423132354/http://www.examiner.com/x-642-Soccer-Examiner~y2008m8d19-Argentina-Takes-Down-Brazil-30-in-Olympic-Semifinal-Nigera-Awaits-in-Final|archive-date=23 अप्रैल 2010|url-status=live}}</ref> स्वर्ण पदक मैच में मेस्सी ने दुबारा, [[नाइजीरिया]] पर 1-0 की जीत में एकमात्र गोल के लिए डी मारिया को असिस्ट किया।<ref>{{cite news|url=http://www.usatoday.com/sports/olympics/2008-08-23-860591452_x.htm|title=Argentina beats Nigeria 1-0 for Olympic gold|last=Millward|first=Robert|publisher=''USA Today''|date=2008-08-23|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20120317080438/http://www.usatoday.com/sports/olympics/2008-08-23-860591452_x.htm|archive-date=17 मार्च 2012|url-status=live}}</ref>
<b>2022 World Cup कतर</b><br>
२०२२ में विश्व कप जीत कर मेसी ने अपना सपना पूरा किया। इस मैच में मेसी ने 2 गोल किए। हालांकि फ्रांस ने भी अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और कई बार खेल का समय बढ़ाने के बाद पेनल्टी शूटआउट में ४/२ से फ्रांस को हराया।
== निजी जीवन ==
मेस्सी एक चरण में, अपने ही गृह नगर [[रोसारियो]] की माकारीना लीमोस के साथ रूमानी तौर पर जुड़े थे। कहते हैं कि लड़की के पिता ने ही उनसे परिचय कराया था, जब वे [[2006 विश्व कप]] के शुरू होने से कुछ दिन पहले अपनी चोट से उबरने के लिए रोसारियो लौट आए थे।<ref>{{cite news|url=http://www.gente.com.ar/nota.php?ID=11359|title=Lionel me prometió venir a mi cumple de quince después del Mundial|publisher=Gente Online|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20130127191019/http://www.gente.com.ar/nota.php?ID=11359|archive-date=27 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.vefutbol.com.mx/notas/16849.html|title=Aún le mueve el tapete a Messi|publisher=''El Universal''|date=2008-06-19|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090531053417/http://www.vefutbol.com.mx/notas/16849.html|archive-date=31 मई 2009|url-status=dead}}</ref> अतीत में भी उनका नाम अर्जेंटीना मॉडल, [[लूसियाना सालाज़ार]] से जोड़ा गया था।<ref>{{cite news|url=http://www.cronicaviva.com.pe/content/view/45050/1/|title=Luciana Salazar y Messi serían pareja|publisher=Crónica Viva|date=2008-06-19|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090608003136/http://www.cronicaviva.com.pe/content/view/45050/1/|archive-date=8 जून 2009|url-status=dead}}</ref><ref name="Messi y Antonella pasean"/> जनवरी 2009 में उन्होंने [[चैनल 33]] पर एक कार्यक्रम "हैट ट्रिक बार्सा" में कहा: "मेरी एक प्रेमिका है और वह अर्जेंटीना में बसी है, मैं निश्चिंत और खुश हूँ."<ref name="Messi y Antonella pasean">{{cite news|url=http://www.elperiodico.com/default.asp?idpublicacio_PK=46&idioma=CAS&idnoticia_PK=590154&idseccio_PK=1028|title=Messi y Antonella pasean por el Carnaval de Sitges su noviazgo|publisher=''El Periódico de Catalunya''|date=2009-02-25|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090610003322/http://www.elperiodico.com/default.asp?idpublicacio_PK=46&idioma=CAS&idnoticia_PK=590154&idseccio_PK=1028|archive-date=10 जून 2009|url-status=live}}</ref> वे बार्सिलोना-एस्पेनयॉल डर्बी के बाद, [[सिटजेस]] के एक कार्निवल में एन्टोनेला रोकुज़ो नामक युवती के साथ देखे गए।<ref name="Roccuzzo"/> रोकुज़ो भी उन्हीं की भांति रोसारियो की निवासी है।<ref>{{cite news|url=http://www.taringa.net/posts/noticias/2213473/La-verdad-sobre-la-nueva-novia-de-Messi__.html|title=La verdad sobre la nueva novia de Messi|publisher=Taringa|date=2009-02-24|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20120327092623/http://www.taringa.net/posts/noticias/2213473/La-verdad-sobre-la-nueva-novia-de-Messi__.html|archive-date=27 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> 2010 के अंत के आस-पास उन्होंने [[शादी]] की योजना बनाई है।<ref name="Roccuzzo">{{cite news|url=http://www.calciomercato.it/news/46787/Messi-a-dicembre-sogni-doro!.html|title=Messi, a dicembre... sogni d'oro|publisher=Calcio Mercato News|date=2009-04-21|accessdate=2009-07-13|language=it|archive-url=https://web.archive.org/web/20101030032522/http://www.calciomercato.it/news/46787/Messi-a-dicembre-sogni-doro!.html|archive-date=30 अक्तूबर 2010|url-status=dead}}</ref>
वीडियो गेम [[प्रो इवल्यूशन फ़ुटबॉल 2009]] के मुखपृष्ठ पर उनकी छवि अंकित है और वे इस खेल के प्रचार अभियान में भी शामिल हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.gamezine.co.uk/news/game-types/sports/football/konami-names-messi-as-face-pes-2009-$1234471.htm|title=Konami names Messi as face of PES 2009|publisher=Gamezine.co.uk|date=2008-08-01|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20100529044550/http://www.gamezine.co.uk/news/game-types/sports/football/konami-names-messi-as-face-pes-2009-$1234471.htm|archive-date=29 मई 2010|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.pesunites.com/eng/index.htm|title=PES Unites - Messi|publisher=PESunites.com|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20090603173802/http://www.pesunites.com/eng/index.htm|archive-date=3 जून 2009|url-status=dead}}</ref> मेस्सी, [[फ़र्नेन्डो टॉरेस]]<ref>{{cite news|url=http://www.videogamer.com/news/torres_signs_for_pes_2010.html|title=Torres signs for PES 2010|publisher=Videogamer.com|date=2009-06-23|accessdate=2009-07-07|last=Orry|first=James|archive-url=https://web.archive.org/web/20180622083701/https://www.videogamer.com/news/torres_signs_for_pes_2010.html|archive-date=22 जून 2018|url-status=live}}</ref> के साथ, [[प्रो इवल्यूशन सॉकर 2010]] की पहचान हैं और [[मोशन कैप्चरिंग]] और [[ट्रेलर]] में भी शामिल थे।<ref>{{cite news|url=http://uk.games.konami-europe.com/blog.do;jsessionid=E3F32E431E73A1D6AF0B71D695498692#blog-entry-116|title=Motions and Emotions in Barcelona|publisher=Konami|date=2009-06-08|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20140326094627/http://uk.games.konami-europe.com/blog.do;jsessionid=E3F32E431E73A1D6AF0B71D695498692#blog-entry-116|archive-date=26 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://uk.games.konami-europe.com/news.do;jsessionid=A2FD1270B2C75DE70A52446CBF821D5A?idNews=411|title=E3 2009: PES 2010: Messi fronts exclusive E3 trailer|publisher=Konami|date=2009-06-02|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20140326094702/http://uk.games.konami-europe.com/news.do;jsessionid=A2FD1270B2C75DE70A52446CBF821D5A?idNews=411|archive-date=26 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.pesfan.com/news/8212537/Messi-mo-cap-photos/#newsarticle|title=MOTD magazine crew meet Messi in Barcelona|publisher=PESFan (Match of the Day Magazine)|accessdate=2009-06-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20130127192339/http://www.pesfan.com/news/8212537/Messi-mo-cap-photos/#newsarticle|archive-date=27 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref> मेस्सी का प्रायोजन जर्मन स्पोर्ट्सवेयर कंपनी [[एडिडास]] द्वारा किया गया है और उनके [[टेलीविज़न विज्ञापनों]] में भी वे नज़र आते हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/media/video/2009/may/27/zidane-messi-adidas-ad|title=Watch Zinedine Zidane and Lionel Messi in Adidas ad|publisher=''द गार्डियन''|date=2009-05-27|accessdate=2009-08-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20130329235410/http://www.guardian.co.uk/media/video/2009/may/27/zidane-messi-adidas-ad|archive-date=29 मार्च 2013|url-status=live}}</ref>
फ़ुटबॉल में उनके दो चचेरे भाई हैं, [[मैक्सी]] और [[इमैन्युअल बियानकुची]].<ref>{{cite news|url=http://ultimosegundo.ig.com.br/esportes/seu_time/flamengo/2007/08/20/maxi_afirma_que_messi_deve_vir_ao_brasil_para_ve_lo_jogar_972383.html|title=Maxi afirma que Messi deve vir ao Brasil para vê-lo jogar|publisher=Último Segundo|date=2007-08-20|accessdate=2009-11-03|language=pt|archive-url=https://web.archive.org/web/20090227172313/http://ultimosegundo.ig.com.br/esportes/seu_time/flamengo/2007/08/20/maxi_afirma_que_messi_deve_vir_ao_brasil_para_ve_lo_jogar_972383.html|archive-date=27 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.tz-online.de/sport/fussball/tsv-1860/biancucchi-hoert-mir-mit-messi-auf-498339.html|title=Hört mir auf mit Messi!|publisher=TZ Online|date=2009-10-20|accessdate=2009-11-03|language=de|first=Claudius|last=मईer|archive-url=https://web.archive.org/web/20120225013653/http://www.tz-online.de/sport/fussball/tsv-1860/biancucchi-hoert-mir-mit-messi-auf-498339.html|archive-date=25 फ़रवरी 2012|url-status=dead}}</ref>
== क्लब के आंकड़े ==
यथा 30 जनवरी 2010<ref>{{cite news|url=http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2010/01/18/pagina-7/5259184/pdf.html?search=messi 101|title='Pichichi' y centenario|publisher=elmundodeportivo|accessdate=2010-01-17|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20110720140353/http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2010/01/18/pagina-7/5259184/pdf.html?search=messi|archive-date=20 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref>
{| class="wikitable" style="font-size:90%;text-align:center"
|-
! rowspan="2"|क्लब
! rowspan="2"|सीज़न
! colspan="3"|लीग
! colspan="3"|कप<ref group="nb">[[कोपा डेल रे]] और [[सुपरकोपा डी एस्पाना]] शामिल</ref>
! colspan="3"|[[यूरोप]]<ref group="nb">[[UEFA सुपर कप]] और [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] शामिल</ref>
! colspan="3"|[[क्लब विश्व कप]]
! colspan="3"|कुल
|-
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
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!गोल
!असिस्ट
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!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
|-
| rowspan="6"|'''[[बार्सिलोना]]'''
| [[2004-05]]
| 7
| 1
| 0
| 1
| 0
| 0
| 1
| 0
| 0
| -
| -
| -
| 9
| 1
| 0
|-
| [[2005-06]]
| 17
| 6
| 3
| 2
| 1
| 0
| 6
| 1
| 1
| -
| -
| -
| 25
| 8
| 4
|-
| [[2006-07]]
| 26
| 14
| 2
| 4
| 2
| 1
| 6
| 1
| 0
| 0
| 0
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| 36
| 17
| 3
|-
| [[2007-08]]
| 28
| 10
| 12
| 3
| 0
| 0
| 9
| 6
| 1
| -
| -
| -
| 40
| 16
| 13
|-
| [[2008-09]]
| 31
| 23
| 11
| 8
| 6
| 2
| 12
| 9
| 5
| -
| -
| -
| 51
| 38
| 18
|-
| [[2009-10]]
| 17
| 15
| 7
| 4
| 3
| 0
| 6
| 2
| 1
| 2
| 2
| 0
| 29
| 22
| 8
|-
! colspan="2"| कॅरिअर योग
!126
!69
!35
!22
!12
!3
!40
!19
!8
!2
!2
!0
!190
!102
!46
|}
=== अंतर्राष्ट्रीय गोल ===
{| class="wikitable" align="center"
|-
! #
! तिथि
! स्थान
! विपक्ष
! स्कोर
! परिणाम
! प्रतियोगिता
|-
| 1
| 1 मार्च 2006
| [[बेसल]], [[स्विट्ज़रलैंड]]
| {{fb|CRO}}
| 2-3
| हार
| [[दोस्ताना]]
|-
| 2
| 16 जून 2006
| [[गेलसेनकरचेन]], [[जर्मनी]]
| {{fb|SCG}}
| 6-0
| जीत
| [[2006 विश्व कप]]
|-
| 3
| 5 जून 2007
| [[बार्सिलोना]], [[स्पेन]]
| {{fb|ALG}}
| 4-3
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 4
| 5 जून 2007
| बार्सिलोना, स्पेन
| {{flagicon|ALG}} अल्जीरिया
| 4-3
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 5
| 8 जुलाई 2007
| [[बार्किसिमेटो]], [[वेनेज़ुएला]]
| {{fb|PER}}
| 4-0
| जीत
| [[2007 कोपा अमेरिका]]
|-
| 6
| 11 जुलाई 2007
| [[प्यूर्टो ऑर्डोज़]], वेनेज़ुएला
| {{fb|MEX}}
| 0-3
| जीत
| 2007 कोपा अमेरिका
|-
| 7
| 16 अक्टूबर 2007
| [[माराकइबो]], वेनेज़ुएला
| {{fb|VEN}}
| 0-2
| जीत
| [[2010 विश्व कप पात्रता]]
|-
| 8
| 20 नवम्बर 2007
| [[बोगोटा]], [[कोलम्बिया]]
| {{fb|COL}}
| 2-1
| हार
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 9
| 4 जून 2008
| [[सैन डिएगो]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]]
| {{flagicon|MEX}} मेक्सिको
| 1-4
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 10
| 11 अक्टूबर 2008
| [[ब्यूनोस एयर्स]], [[अर्जेंटीना]]
| {{fb|URU}}
| 2-1
| जीत
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 11
| 11 फ़रवरी 2009
| [[मार्सेल]], [[फ़्रांस]]
| {{fb|FRA}}
| 0-2
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 12
| 28 मार्च 2009
| ब्यूनोस एयर्स, अर्जेंटीना
| {{flagicon|VEN}} वेनेज़ुएला
| 4-0
| जीत
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 13
| 14 नवम्बर 2009
| [[मैड्रिड]], [[स्पेन]]
| {{fb|ESP}}
| 1-2
| हार
| दोस्ताना
|}
== सम्मान ==
=== बार्सिलोना ===
* '''[[स्पैनिश लीग]] (3):''' [[2004-05]], [[2005-06]], [[2008-09]]
* '''[[स्पैनिश कप: (1)]] ''' [[2008-09]]
* '''[[स्पैनिश सुपरकप]] (3):''' [[2005]], [[2006]], [[2009]]
* '''[[UEFA चैम्पियन्स लीग]] (2):''' [[2005-06]], [[2008-09]]
* '''[[UEFA सुपर कप]] (1):''' [[2009]]
* '''[[FIFA क्लब विश्व कप]] (1):''' [[2009]]
=== अंतर्राष्ट्रीय ===
* [[FIFA U-20 विश्व कप]]: [[2005]]
* [[ओलंपिक स्वर्ण पदक]]: [[2008]]
* [[ कोपा अमेरिका]] : [[2021]]
*[[FIFA WORLD CUP]] :
[[2022]]*
@KATAR
=== व्यक्तिगत ===
* [[FIFA U-20 विश्व कप शीर्ष स्कोरर]]: 2005
* [[FIFA U-20 विश्व कप टूर्नामेंट का खिलाड़ी]]: 2005
* [[कोपा अमेरिका टूर्नामेंट का युवा खिलाड़ी]]: 2007
* [[U-21 वर्ष का यूरोपीय फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]: 2007
* [[अर्जेंटीना का वर्ष का खिलाड़ी]]: 2005, 2007, 2009
* [[FIFPro वर्ष का विशेष युवा खिलाड़ी]]: 2006-2007, 2007-2008
* [[FIFPro वर्ष का विश्व युवा खिलाड़ी]]: 2005-2006, 2006-2007, 2007-2008
* [[वर्ष का विश्व फ़ुटबॉल युवा खिलाड़ी]]: 2005-2006, 2006-2007, 2007-2008
* [[प्रिमियो डॉन बेलॉन (ला लिगा सर्वश्रेष्ठ विदेशी खिलाड़ी)]]: 2006-2007, 2008-2009
* [[EFE ट्रॉफी (ला लिगा में उत्तम इबेरो अमेरिकी खिलाड़ी)]]: 2006-2007, 2008-2009
* [[FIFPro विश्व एकादश]]: 2006-2007, 2007-2008, 2008-2009
* [[UEFA वर्ष की टीम]]: 2007-2008, 2008-2009
* [[FIFA वर्ष की टीम]]: 2008, 2009
* [[UEFA चैंपियन्स लीग शीर्ष स्कोरर]]: 2008-2009
* [[ट्रोफ़ियो अल्फ़्रेडो डी स्टेफ़ानो]]: 2008-2009
* [[UEFA क्लब वर्ष का फ़ारवर्ड]]: 2008-2009
* [[UEFA क्लब वर्ष का फ़ुटबॉलर]]: 2008-2009
* [[LFP]] सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: 2008-2009
* [[LFP]] सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर: 2008-2009
* [[ओन्ज़े डी'ऑर]]: 2009
* [[बैलन डी'ऑर]]: 2009
* [[वर्ष का विश्व फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]: 2009
* [[FIFA क्लब विश्व कप गोल्डन बॉल]]: 2009
* [[टोयोटा पुरस्कार]]: 2009
* [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]]: 1996, 1997, 2002
* [[FIFPro वर्ष का विश्व खिलाड़ी]]: 2008-09
* [[[https://crickwind.com/inside-lionel-messis-revealed-house-rules-and-habits/ लियोनेल मेस्सी के घर के नियमों और आदतों के अंदर से देखें।] ]]
== नोट ==
<references group="nb"></references>
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category}}
[https://www.plustv.life/2022/12/lionel-messi-and-antonela-roccuzo.html Lionel Messi and Antonela Roccuzo की इमोशनल पोस्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221220110805/https://www.plustv.life/2022/12/lionel-messi-and-antonela-roccuzo.html |date=20 दिसंबर 2022 }}
* [https://archive.today/20120526231308/http://www.fcbarcelona.com/web/english/futbol/temporada_09-10/plantilla/jugadors/messi.html Lionel Messi biography] FC बार्सिलोना वेबसाइट पर
* [https://web.archive.org/web/20150629095408/http://www.fifa.com/worldfootball/statisticsandrecords/players/player=229397/index.html Lionel Messi statistics] FIFA.com पर
* [http://www.football-lineups.com/players/player.php?route=9 Tactical Profile ]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} - Football-Lineups.com
* [https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html Messi scores but Inter Miami loses to Saudi Arabian team Al-Hilal in friendly] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240130093856/https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html |date=30 जनवरी 2024 }}
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{{Persondata <!-- Metadata: see [[Wikipedia:Persondata]] -->
|NAME = Messi, Lionel Andrés
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|SHORT DESCRIPTION = Association footballer
|DATE OF BIRTH = 24 जून 1987
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[[श्रेणी:अर्जेंटीना के फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]
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{{Infobox Football biography 2
| playername = लियोनेल मेसी
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| fullname = Lionel Andrés Messi<!-- Not Cuccitini --><ref name="profile"/><ref>{{cite web | url = http://www.soccerway.com/players/lionel-andres-messi/119/ | title = Lionel Andrés Messi at Soccerway | accessdate = 2009-06-14 | publisher = Soccerway | archive-url = https://web.archive.org/web/20100109124046/http://www.soccerway.com/players/lionel-andres-messi/119/ | archive-date = 9 जनवरी 2010 | url-status = live }}</ref>
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{{MedalGold | [[2008 Summer Olympics|2008 Beijing]] | [[Football at the 2008 Summer Olympics - Men's tournament|Team Competition]]}}
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}}
'''लियोनेल आंद्रेस मेसी''' ({{langx|es|Lionel Andrés Messi|italics=no}}; जन्म 24 जून 1987) [[अर्जेंटीना]] के [[फ़ुटबॉल खिलाड़ी]] हैं, जो इस समय इंटर मियामी टीम और [[अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम|अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम]] के लिए खेलते हैं। मेसी को अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक माना जाता है,[https://fitness-trick.com/zep-grout-cleaner-a-high-demand-review/ इनको 11 उम्र में टीम से निकाल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729045553/https://fitness-trick.com/zep-grout-cleaner-a-high-demand-review/ |date=29 जुलाई 2023 }} दिया गया था, क्योंकि इन्हें हार्मोन डेफिशिंएस नामक बीमारी हो गई थी, जिसकी वजह से 11 साल के बाकी बच्चों से कम लंबाई थी, आज ये दुनिया के श्रेष्ठ खिलाडियों में से एक है।<ref>{{cite news | last = Broadbent | first = Rick | date = 2006-02-24 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article734407.ece | title = Messi could be focal point for new generation | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110727181929/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article734407.ece | archive-date = 27 जुलाई 2011 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | last = Gordon | first = Phil | date = 2008-07-28 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/scotland/article4412665.ece | title = Lionel Messi proves a class apart | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081204081721/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/scotland/article4412665.ece | archive-date = 4 दिसंबर 2008 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | last = Williams | first = Richard | date = 2008-04-24 | url = http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2008/apr/24/ronaldosspotofanguishmessi?commentpage=2 | title = Messi's dazzling footwork leaves an indelible mark | publisher = ''द गार्डियन'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120122163856/http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2008/apr/24/ronaldosspotofanguishmessi?commentpage=2 | archive-date = 22 जनवरी 2012 | url-status = live }}</ref> जिसने 21 साल की उम्र में ही कई [[बैलन डी'ऑर]] और [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]] नामांकन प्राप्त किए। <ref>{{cite news | url = http://www.rsssf.com/miscellaneous/europa-poy.html | title = European Footballer of the Year ("Ballon d'Or") | publisher = RSSSF | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190519023746/http://www.rsssf.com/miscellaneous/europa-poy.html | archive-date = 19 मई 2019 | url-status = live }}</ref><ref name="Gala 2008">{{cite news | url = http://es.fifa.com/mm/document/classic/awards/99/15/28/resultsmenforfifa.combyplayer.pdf | title = FIFA World Player Gala 2008 | publisher = FIFA | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190515125420/https://es.fifa.com/mm/document/classic/awards/99/15/28/resultsmenforfifa.combyplayer.pdf | archive-date = 15 मई 2019 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news | url = http://www.fifa.com/mm/document/classic/awards/finalmenbyplayer_32209.pdf | title = FIFA World Player Gala 2007 | publisher = FIFA | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20170630222655/http://www.fifa.com/mm/document/classic/awards/finalmenbyplayer_32209.pdf | archive-date = 30 जून 2017 | url-status = live }}</ref> उनकी खेल शैली और क्षमता की वजह से, फ़ुटबॉल के दिग्गज [[डिएगो मारडोना]] के साथ उनकी तुलना की जाने लगी, जिन्होंने ख़ुद मेसी को अपना "उत्तराधिकारी" घोषित किया है।<ref>{{cite news | last = Gardner | first = Neil | date = 2007-04-19 | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/article1676692.ece | title = Is Messi the new Maradona? | publisher = ''Times Online'' | accessdate = 2009-03-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110629112333/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/article1676692.ece | archive-date = 29 जून 2011 | url-status = live }}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.chinadaily.com.cn/english/doc/2006-02/25/content_523966.htm|title=Maradona proclaims Messi as his successor|author=Reuters|publisher=''China Daily''|date=2006-02-25|accessdate=2006-10-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20190407203458/http://www.chinadaily.com.cn/english/doc/2006-02/25/content_523966.htm|archive-date=7 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref>
मेसी ने कम उम्र में ही फ़ुटबॉल खेलना शुरू किया और जल्द ही बार्सिलोना ने उनकी क्षमता पहचान ली। उन्होंने 2000 में [[रोसारियो]]-आधारित [[न्यूवेल्स ओल्ड बॉय्स]] युवा दल को छोड़ा और अपने परिवार के साथ यूरोप आए, चूंकि बार्सिलोना ने उनके [[विकास हार्मोन की कमी]] के लिए इलाज की पेशकश की। [[2004-05 सीज़न]] में पहली बार मैदान में उतरते हुए, उन्होंने सबसे कम उम्र के लीग खेल खेलने वाले फ़ुटबॉलर का [[ला लिगा रिकॉर्ड]] तोड़ दिया और साथ ही, सबसे कम उम्र के लीग गोल स्कोर करने वाले बने। मेसी के प्रथम प्रदर्शन के दौरान बार्सिलोना ने ला लिगा जीता और 2006 में [[दोहरा]] लीग और [[UEFA चैंपियन्स लीग]] जीतने के साथ ही, जल्द ही प्रमुख सम्मान मिलने लगे। 2006-07 उनकी सफलता का सीज़न था: [[एल क्लासिको]] में [[लगातार तीन गोल]] करते हुए और 26 लीग मैचों में 14 गोल की फ़िनिशिंग के साथ, उन्होंने नियमित रूप से [[फ़र्स्ट टीम]] में जगह बनाई। संभवतः [[2008-09 का सीज़न]] उनका सबसे सफल सीज़न था, जिसमें मेसी 38 गोल करते हुए [[तिगुने]] विजय अभियान का अभिन्न अंग बने।
मेसी, [[2005 FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप]] में छह गोल के साथ, जिसमें अंतिम खेल के दो गोल शामिल हैं, शीर्ष स्कोरर बने। उसके शीघ्र बाद, वे अर्जेंटीना के वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय टीम के एक सदस्य के रूप में स्थापित हुए. 2006 में, वे अर्जेंटीना की ओर से [[FIFA विश्व कप]] में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने और अगले साल उन्होंने [[कोपा अमेरिका]] टूर्नामेंट में रनर्स-अप पदक जीता। [[2008]] में, उन्होंने [[अर्जेटीना ओलंपिक फ़ुटबॉल टीम]] के साथ [[बीजिंग]] में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, [[ओलंपिक]] स्वर्ण पदक जीता।
2012 सीजन में लियोनल मेसी के एक कैलेंडर वर्ष में किए गए सर्वाधिक गोल को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कर लिया गया था | मेसी ने एक वर्ष में 91 गोल करे थे |<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/lionel-messis-name-in-guinness-book-of-world-record--129033-2012-12-14|title=गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ मेसी का नाम|date=2012-12-14|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref>
2021 में मेसी ने रिकॉर्ड सातवीं बार Ballon d'Or पुरस्कार जीता , ऐसा करने वाले वह फुटबॉल इतिहास में पहले खिलाड़ी है<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/news/story/lionel-messi-ballon-dor-award-seven-time-ronaldo-tspo-1365387-2021-11-30|title=Ballon d'Or winner Lionel Messi: मेसी फिर बने सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर, रिकॉर्ड सातवीं बार जीता Ballon d'Or|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
2020 में लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना के लिए 644वां गोल करके एक क्लब के लिए सर्वाधिक गोल करने का पेले का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं, अब वह किसी एक क्लब के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी है<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/messi-breaks-all-time-single-club-scoring-record-with-644th-strike-for-barcelona-tspo-1181357-2020-12-23|title=मेसी ने तोड़ा पेले का रिकॉर्ड, बार्सिलोना के लिए दागा 644वां गोल|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
2021 में मेसी ने बार्सिलोना फुटबाल क्लब को [https://fitness-trick.com अलविदा कह दिया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230729050053/https://fitness-trick.com/ |date=29 जुलाई 2023 }}था, वह PSG में शामिल होने के करार पर 'सहमत' हो गये थे | बार्सिलोना का अनुबंध समाप्त होने के बाद मेसी फुटबॉल इतिहास में किसी क्लब के लिए उपलब्ध होने वाले सबसे बड़े खिलाड़ी बन गए है । <ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/news/story/lionel-messi-agrees-deal-to-join-paris-saint-germain-tspo-1307148-2021-08-10|title=दिग्गज मेसी फ्रांस जाएंगे, PSG में शामिल होने के करार पर हुए 'सहमत'|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
== प्रारंभिक जीवन ==
मेसी का जन्म 24 जून 1987 को [[रोसारियो]], [[अर्जेंटीना]] में जॉर्ज मेसी, एक [[फ़ैक्टरी मज़दूर]] और सीलिया (उर्फ़ कुक्कीटिनी), एक अंशकालिक [[क्लीनर]] दंपति के घर हुआ।<ref>{{cite web | url = http://www.pagina12.com.ar/diario/deportes/8-121094-2009-03-07.html | last = Veiga | first = Gustavo | publisher = ''Página/12'' | title = Los intereses de Messi | accessdate = 2009-05-31 | language = es | archive-url = https://web.archive.org/web/20160113232937/http://www.pagina12.com.ar/diario/deportes/8-121094-2009-03-07.html | archive-date = 13 जनवरी 2016 | url-status = live }}</ref><ref name="mission">{{cite web | url = http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article3779961.ece | publisher = ''Times Online'' | title = Lionel Messi on a mission | last = Hawkey | first = Ian | date = 2008-04-20 | accessdate = 2009-05-30 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080830020412/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article3779961.ece | archive-date = 30 अगस्त 2008 | url-status = live }}</ref> उनके पैतृक परिवार का उद्गम [[इतालवी]] शहर [[एंकोना]] से हुआ, जहां से 1883 में उनके पूर्वज, एंजलो मेसी ने अर्जेंटीना में प्रवास किया।<ref name="El origen de los Messi">{{cite web |url=http://www.aldia.cr/ad_ee/2006/febrero/24/ovacion11.html |title=El origen de los Messi está en Italia |accessdate=2009-07-07 |date=2006-02-24 |publisher=''Al Día'' |last=Aguilar |first=Alexander |language=es |archive-url=https://web.archive.org/web/20121105005442/http://www.aldia.cr/ad_ee/2006/febrero/24/ovacion11.html |archive-date=5 नवंबर 2012 |url-status=dead }}</ref><ref name="Las raíces italianas de Leo Messi">{{cite web |url=http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2005/10/07/pagina-5/722791/pdf.html |title=Las raíces italianas de Leo Messi |accessdate=2009-07-07 |date=2005-10-07 |publisher=''El Mundo Deportivo'' |last=Cubero |first=Cristina |language=es |archive-url=https://web.archive.org/web/20110721211105/http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2005/10/07/pagina-5/722791/pdf.html |archive-date=21 जुलाई 2011 |url-status=live }}</ref> उनके दो बड़े भाई हैं रॉडरिगो तथा मेशियस और साथ ही मारिया सोल नामक एक बहन है।<ref>{{cite web | url = http://www.nbcolympics.com/athletes/athlete=1246/bio/ | publisher = NBC | title = Lionel Messi bio | accessdate = 2009-05-30 | archive-url = https://web.archive.org/web/20170513153151/http://www.nbcolympics.com/athletes/athlete=1246/bio | archive-date = 13 मई 2017 | url-status = live }}</ref> पांच साल की उम्र में मेसी अपने पिता जॉर्ज द्वारा प्रशिक्षित किए जा रहे एक स्थानीय क्लब ग्रैंडोली के लिए फ़ुटबॉल खेलना शुरू कर दिया। <ref name="Williams"/> 1995 में, मेसी अपने गृह शहर रोसारियो में स्थित [[न्यूवेल ओल्ड बॉय्स]] के लिए खेलने लगे। <ref name="Williams">{{cite web | last = Williams | first = Richard | url = http://www.guardian.co.uk/football/2006/feb/24/championsleague1 | publisher = ''द गार्डियन'' | title = Messi has all the qualities to take world by storm | accessdate = 2008-05-03 | date = 2006-02-26 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120906043003/http://www.guardian.co.uk/football/2006/feb/24/championsleague1 | archive-date = 6 सितंबर 2012 | url-status = live }}</ref> 11 वर्ष की उम्र में, उनके नैदानिक परीक्षण में [[विकास हार्मोन की कमी]] पाई गई।<ref>{{cite news | url = http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/championsleague/5099857/Franck-Ribery-the-man-to-challenge-Lionel-Messi-and-Barcelona.html | title = Franck Ribery the man to challenge Lionel Messi and Barcelona | publisher = ''Daily Telegraph'' | last = White | first = Duncan | date = 2009-04-04 | accessdate = 2009-07-07 | archive-url = https://web.archive.org/web/20100323094801/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/championsleague/5099857/Franck-Ribery-the-man-to-challenge-Lionel-Messi-and-Barcelona.html | archive-date = 23 मार्च 2010 | url-status = live }}</ref> [[प्राइमरा डिविज़न]] क्लब [[रिवर प्लेट]] ने मेसी की प्रगति में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन उसके इलाज के लिए उनके पास पर्याप्त धन नहीं था, जिसका खर्चा 900 डॉलर प्रति माह था।<ref name="mission"/> [[बार्सिलोना]] के खेल निदेशक [[कार्ल्स रिक्सैक]] को मेसी की प्रतिभा के बारे में बताया, चूंकि मेसी के रिश्तेदार [[लेइडा]], [[कैटालोनिया]] में थे, मेसी और उनके पिता एक परीक्षण की व्यवस्था करा सके। <ref name="mission"/> उनका खेल देखने के बाद बार्सिलोना ने उनसे अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाए,<ref name="fifa.com"/> जिसमें उनके चिकित्सा बिलों के लिए भुगतान की पेशकश की गई, बशर्ते कि वे [[स्पेन]] स्थानांतरित होने के लिए तैयार हों.<ref name="Williams"/> उनका परिवार यूरोप चला गया और उन्होंने क्लब के युवा टीमों में खेलना शुरू किया।<ref name="fifa.com">{{cite news |url=http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=107/edition=248388/news/newsid=103182.html |title=The new messiah |publisher=FIFA |date=2006-03-05 |accessdate=2006-07-25 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131225005810/http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=107/edition=248388/news/newsid=103182.html |archive-date=25 दिसंबर 2013 |url-status=live }}</ref>
== क्लब कॅरिअर ==
=== बार्सिलोना ===
मेसी ने 16 नवम्बर 2003 को (16 वर्ष और 145 दिन की उम्र में) [[पोर्टो]] के खिलाफ़ एक [[दोस्ताना मैच]] में फ़र्स्ट टीम के लिए अपने खेल-जीवन की अनधिकृत शुरूआत की। <ref name="footballdb"/><ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2009/SPORT/football/05/22/messi.football.best.world/index.html|title=Profile: Lionel Messi|author=Tutton, Mark and Duke, Greg|publisher=CNN|date=2009-05-22|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20190411213640/http://edition.cnn.com/2009/SPORT/football/05/22/messi.football.best.world/index.html|archive-date=11 अप्रैल 2019|url-status=live}}</ref> बाद में, एक साल से भी कम समय में, [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] ने उन्हें 16 अक्टूबर 2004 को (17 वर्ष और 114 दिन की उम्र में) [[एस्पैनयॉल]] के खिलाफ़ अपने लीग खेल की शुरूआत का मौक़ा दिया और वे बार्सिलोना के लिए खेलने वाले तब तक के तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और [[ला लिगा]] में खेलने वाले सबसे युवा क्लब के खिलाड़ी बने (जो रिकॉर्ड सितंबर, 2007 को टीम के साथी [[बोयान क्रिच]] ने तोड़ा).<ref name="profile"/><ref name="footballdb"/> जब उन्होंने 1 मई 2005 को [[अल्बासेटे]] के खिलाफ़ क्लब के लिए अपना पहला सीनियर गोल किया, मेसी 17 वर्ष, 10 महीने और 7 दिन की उम्र के थे और तब तक बार्सिलोना के लिए ला लिगा खेल में स्कोर करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने<ref>{{cite web | url = http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071016101878.html | title = Meteoric rise in three years | accessdate = 2008-05-03 | publisher = fcbarcelona.com | archive-url = https://web.archive.org/web/20110906093707/http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071016101878.html | archive-date = 6 सितंबर 2011 | url-status = live }}</ref> जिस रिकॉर्ड को 2007 में मेसी के असिस्ट से बोयान क्रिच ने तोड़ा.<ref>{{cite web | url = http://www.fcbarcelona.cat/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071020101276.html | title = Krkic enters the record books | accessdate = 2009-07-16 | date = 2007-10-21 | publisher = fcbarcelona.cat | last = Nogueras | first = Sergi | archive-url = https://archive.today/20110819191710/http://www.fcbarcelona.cat/web/english/noticies/futbol/temporada07-08/10/n071020101276.html | archive-date = 19 अगस्त 2011 | url-status = dead }}</ref>
मेसी ने अपने पूर्व कोच [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] के बारे में कहा: ''"मैं कभी नहीं भूल सकता कि रिजकार्ड ने मुझे खेल में प्रवेश कराया.'' ''उन्होंने ही मुझमें विश्वास जगाया, जब मैं केवल सोलह, सत्रह साल का था।"''<ref>{{cite web | url = http://www.goal.com/nl/news/545/spanje/2009/12/10/1679579/messi-rijkaard-gaf-ons-meer-vrijheid | title = Messi: "Rijkaard gave us more freedom" | accessdate = 2009-12-10 | date = 2007-12-10 | publisher = Goal.com | archive-url = https://web.archive.org/web/20121114175706/http://www.goal.com/nl/news/545/spanje/2009/12/10/1679579/messi-rijkaard-gaf-ons-meer-vrijheid | archive-date = 14 नवंबर 2012 | url-status = live }}</ref>
2015 सीजन में लियोनेल मेसी ने स्पेनिश लीग में सबसे ज्यादा 32 हैट्रिक लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया था | उन्होंने ये कारनामा रायो बालेकानो पर मिली 6-1 की जीत के साथ हासिल किया था<ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/sports/story/lionel-messi-breaks-barcelona-la-liga-hat-trick-records-291312-2015-03-09|title=फुटबाल: मेसी ने तोड़ा हैट्रिक का स्पेनिश रिकॉर्ड|website=आज तक|language=hindi|access-date=2022-06-13}}</ref> |
==== 2005-06 सीज़न ====
{{Quote box | width=30% | align=right | quote= "Messi I think is like me, he is the best in the world along with [[Ronaldinho]]."|source= <small>[[Diego Maradona]].<ref>{{cite news|url=http://www.manutd.com/default.sps?pagegid={83A644F4-1A7E-48B9-AF95-4605613A9A18}&newsid=232152&page=2|title=Funnies: McCarthy's Language Barriers|last = Bartram | first = Steve |publisher=ManUtd.com|date=2005-08-31|accessdate=2009-06-12}}</ref> </small> }}
16 सितंबर को, तीन महीनों में दूसरी बार, बार्सिलोना ने मेसी के अनुबंध के लिए एक अद्यतनीकरण की घोषणा की - इस बार उन्हें फ़र्स्ट टीम के सदस्य के रूप में मेहनताना देने और जून 2014 तक अनुबंध बढ़ाने का सुधार किया गया।<ref name="Williams"/> मेसी ने 26 सितंबर<ref>{{cite news |url=http://thestar.com.my/sports/story.asp?file=/2005/9/28/sports/12165057&sec=sports |title=Good news for Barcelona as Messi gets his Spanish passport |publisher=''The Star Online'' |date=2005-05-28 |accessdate=2009-05-29 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121030083233/http://thestar.com.my/sports/story.asp?file=%2F2005%2F9%2F28%2Fsports%2F12165057&sec=sports |archive-date=30 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> को स्पैनिश [[नागरिकता]] हासिल की और अंततः [[सीज़न]] के [[स्पैनिश फ़र्स्ट डिवीज़न]] में पहली बार खेलने में सक्षम हुए. मेसी को [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] में इतालवी [[उडिनीज़]] क्लब के खिलाफ़ 27 सितंबर को पहली बार घर से बाहर खेलने का मौक़ा मिला। <ref name="footballdb">{{cite news |url=http://www.footballdatabase.com/index.php?page=player&Id=222&b=true |title=Lionel Andres Messi - FCBarcelona and Argentina |publisher=Football Database |accessdate=2006-08-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080514041734/http://www.footballdatabase.com/index.php?page=player&Id=222&b=true |archive-date=14 मई 2008 |url-status=live }}</ref> बार्सिलोना स्टेडियम, [[शिविर नाउ]] में प्रशंसकों ने मेसी को उनके [[प्रतिस्थापन]] पर, खड़े होकर तालियां बजाते हुए सम्मान दिया, चूंकि गेंद पर उनके आत्मसंयम और [[रोनाल्डिन्हो]] के साथ संयोजन ने बार्सिलोना के लिए लाभदायक स्थिति हासिल की थी।<ref>{{cite news |author=Reuters |url=http://in.rediff.com/sports/2005/sep/28messi.htm |title=Ronaldinho scores the goals, Messi takes the plaudits |publisher=रीडिफ |date=2005-09-28 |accessdate=2006-08-23 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190403035104/http://in.rediff.com/sports/2005/sep/28messi.htm |archive-date=3 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref>
मेसी ने सत्रह लीग प्रदर्शनों में छह गोल किए और छह में से एक [[चैंपियन्स लीग]] का गोल स्कोर किया। बहरहाल, 7 मार्च 2006 को समय से पहले उनका सीज़न ख़त्म हो गया, जब [[चेल्सी]] के खिलाफ़ [[सेकेंड राउंड चैंपियन्स लीग टाई]] के दूसरे चरण के दौरान उनकी दाहिनी जांघ की मांसपेशी फट गई।<ref>{{cite news |url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=366008&cc=3436 |title=Frustrated Messi suffers another injury setback |publisher=ESPN Soccernet |date=2006-04-26 |accessdate=2006-07-22 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121024073801/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=366008&cc=3436 |archive-date=24 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> [[फ़्रैंक रिजकार्ड]] के बार्सिलोना ने सीज़न का समापन, [[स्पेन]] और [[यूरोप]] के विजेता के रूप में किया।<ref>{{cite news |url=http://www.independent.co.uk/sport/football/premier-league/arsenal-1-barcelona-2-barcelona-crush-heroic-arsenal-in-space-of-four-brutal-minutes-478659.html |title=Arsenal 1 Barcelona 2: Barcelona crush heroic Arsenal in space of four brutal minutes |last=Wallace |first=Sam |publisher=''The Independent'' |date=2006-05-18 |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110424042326/http://www.independent.co.uk/sport/football/premier-league/arsenal-1-barcelona-2-barcelona-crush-heroic-arsenal-in-space-of-four-brutal-minutes-478659.html |archive-date=24 अप्रैल 2011 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/4970966.stm |title=Barca retain Spanish league title |publisher=BBC Sport |date=2006-05-03 |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070901090556/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/4970966.stm |archive-date=1 सितंबर 2007 |url-status=live }}</ref>
==== 2006-07 सीज़न ====
[[चित्र:Barcelona vs Rangers.jpg|thumb|220px|right|2007 में रेंजरों के खिलाफ़ एक मैच में मेसी]]
[[2006-07 सीज़न]] में, 26 मैचों में 14 बार स्कोर करते हुए, मेसी ने खुद को फ़र्स्ट टीम के नियमित खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।<ref>{{cite news |url=http://www.national-football-teams.com/v2/player.php?id=12563 |title=Lionel Messi at National Football Teams |publisher=National Football Teams |accessdate=2009-07-17 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130127185546/http://www.national-football-teams.com/v2/player.php?id=12563 |archive-date=27 जनवरी 2013 |url-status=live }}</ref> 12 नवम्बर को, [[रियल ज़ारागोज़ा]] के खिलाफ़ खेल में, मेसी को [[प्रपदिकीय]] हड्डी की टूटन का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से तीन महीने के लिए वे खेल से बाहर हो गए।<ref>{{cite press release |url=http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml |title=Doctors happy with Messi op |publisher=FCBarcelona.com |date=2006-11-14 |accessdate=2006-11-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20061126040828/http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml |archive-date=26 नवंबर 2006 |url-status=dead |archivedate=26 नवंबर 2006 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20061126040828/http://www.fcbarcelona.com/eng/noticias/noticias/n06111404.shtml }}</ref><ref>{{cite news |url=http://www.fifa.com/en/comp/index/0,2442,125576,00.html?articleid=125576 |title=Messi to miss FIFA Club World Cup |date=2006-11-13 |publisher=FIFA.com/Reuters |accessdate=2006-01-18 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071211061548/http://fifa.com/en/comp/index/0,2442,125576,00.html?articleid=125576 |archive-date=11 दिसंबर 2007 |url-status=live }}</ref> मेसी, अर्जेंटीना में अपनी चोट से उबरे और खेल में उनकी वापसी 11 फ़रवरी को [[रेसिंग सैंटैन्डर]] के खिलाफ़ हुई,<ref>{{cite news |url=http://barcelona.theoffside.com/la-liga/barcelona-racing-santander-sunday-3pm-est.html |title=Barcelona - Racing Santander |publisher=The Offside |date=2008-01-19 |accessdate=2009-05-30 |archive-url=https://archive.today/20120530090054/http://barcelona.theoffside.com/la-liga/barcelona-racing-santander-sunday-3pm-est.html |archive-date=30 मई 2012 |url-status=live }}</ref> जिसमें वे सेकंड-हॉफ़ स्थानापन्न के रूप में शामिल हुए. 11 मार्च को, ''[[एल क्लासिको]]'' ने मेसी को टॉप फ़ॉर्म में देखा, जहां उन्होंने [[हैट-ट्रिक]] के साथ, 10-मैन बार्सिलोना को, तीन बार [[बराबरी]] करते हुए, जिसमें अंतिम बराबरी [[इंजुरी-टाइम]] में हुई, 3-3 अंकों से ड्रा करने में मदद की। <ref>{{cite news|url=http://www.independent.co.uk/sport/football/european/barcelona-3-real-madrid-3-magical-messi-is-barcelonas-hero-439788.html|title=Magical Messi is Barcelona's hero|last=Hayward|first=Ben|publisher=''The Independent''|date=2007-03-11|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20110906081352/http://www.independent.co.uk/sport/football/european/barcelona-3-real-madrid-3-magical-messi-is-barcelonas-hero-439788.html|archive-date=6 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref> इस तरह वे [[इवान ज़मोरानो]] (रियल मैड्रिड के 1994-95 सीज़न में) के बाद ''एल क्लासिको'' में लगातार तीन गोल स्कोर करने वाले पहले खिलाड़ी बने। <ref>{{cite news |url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=113101.html |title=Inter beat AC, Messi headlines derby |date=2007-03-11 |publisher=FIFA |accessdate=2009-05-30 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140803140827/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=113101.html |archive-date=3 अगस्त 2014 |url-status=live }}</ref> मेसी, इस फ़िक्सचर (नियत मैच) में भी अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। सीज़न के अंत में वे अक्सर नेट पाने लगे; सीज़न के लिए उनके 14 लीग गोलों में से 11, अंतिम 13 मैचों से हासिल हुए हैं।<ref>{{cite news |url=http://soccernet.espn.go.com/players/gamelog?id=45843&season=2006&cc=5739 |title=Lionel Messi 2006/07 season statistics |publisher=ESPN Soccernet |accessdate=2009-06-03 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100326235840/http://soccernet.espn.go.com/players/gamelog?id=45843 |archive-date=26 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref>
[[चित्र:Lionel Messi goal 19abr2007.jpg|thumb|left|220px|मेसी, गेटाफ़े के खिलाफ़ एक गोल से ठीक पहले]]
मेसी ने एक ही सीज़न के दौरान मारडोना के सबसे प्रसिद्ध गोलों को लगभग दोहराते हुए, साबित किया कि "नया मारडोना" का टैग केवल अतिप्रचार नहीं है।<ref name="maradonalike">{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/2311407/The-greatest-goal-ever.html |title=The greatest goal ever? |date=2007-04-20 |publisher=''Daily Telegraph'' |last=Lowe |first=Sid |accessdate=2009-07-07 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190407222056/https://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/2311407/The-greatest-goal-ever.html |archive-date=7 अप्रैल 2019 |url-status=live }}</ref> 18 अप्रैल 2007 को उन्होंने [[गेटेफ़]] के खिलाफ़ [[कोपा डेल रे]] के सेमी-फ़ाइनल में दो गोल किए, जिनमें से एक, मेक्सिको में संपन्न [[1986 FIFA विश्व कप]] में [[इंग्लैंड]] के खिलाफ़ [[सदी का गोल]] के रूप में विख्यात मारडोना के [[प्रसिद्ध गोल]] से काफ़ी मिलता-जुलता था।<ref>{{cite web| url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=423002&cc=3888| title=Messi dazzles as Barça reach Copa Final| publisher=ESPN Soccernet| date=2007-04-18| access-date=23 फ़रवरी 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20121024073812/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=423002&cc=3888| archive-date=24 अक्तूबर 2012| url-status=live}}</ref> दुनिया के खेल पत्रकारों ने मारडोना के साथ उनकी तुलना की और स्पैनिश प्रेस ने मेसी को "मेसीडोना" नाम दिया। <ref>{{cite web| url=http://www.hindu.com/2007/07/14/stories/2007071455691800.htm| title=Can ‘Messidona’ beat Maradona?| publisher=''द हिन्दू''| date=2007-07-14| access-date=23 फ़रवरी 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20131014194308/http://www.hindu.com/2007/07/14/stories/2007071455691800.htm| archive-date=14 अक्तूबर 2013| url-status=live}}</ref> उन्होंने वही दूरी तय की,{{convert|62|m|ft}} उतने ही खिलाड़ियों को चकमा दिया (गोलकीपर सहित छह खिलाड़ी), बिल्कुल वैसी ही पोज़िशन से स्कोर किया और कोने के झंडे के पास वैसे ही भागे जैसे 21 साल पहले मारडोना ने मेक्सिको में किया था।<ref name="maradonalike"/> खेल के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में मेसी के साथी खिलाड़ी [[डेको]] ने कहा: "यह सर्वोत्तम गोल है, जिसे मैंने कभी अपने जीवन में देखा."<ref>{{cite news |url=http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=/sport/2007/04/20/sfnmes20.xml |title=The greatest goal ever? |last=Lowe |first=Sid |publisher=''Daily Telegraph'' |date=2007-04-20 |accessdate=2007-05-07 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080513171834/http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=%2Fsport%2F2007%2F04%2F20%2Fsfnmes20.xml |archive-date=13 मई 2008 |url-status=live }}</ref> [[एस्पेनयॉल]] के खिलाफ़ भी मेसी ने एक ऐसा गोल किया, जो विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में [[इंग्लैंड के खिलाफ़ मारडोना के गोल]] से काफ़ी मिलता-जुलता था। मेसी ने ख़ुद को गेंद की दिशा में प्रवर्तित किया और हाथ से मेल खाते हुए, गोलकीपर [[कार्लोस कमेनी]] को पार करने में गेंद का निशाना साधा.<ref name="Hand of Messi">{{cite news |url=http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article1910271.ece |title=Hand of Messi saves Barcelona |last=Mitten |first=Andy |publisher=''Times Online'' |date=2007-06-10 |accessdate=2008-01-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20081013021540/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/european_football/article1910271.ece |archive-date=13 अक्तूबर 2008 |url-status=live }}</ref> एस्पेनयॉल के खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद और रीप्ले ने भी दर्शाया कि वह स्पष्टतः [[हैंडबाल]] था, गोल बना रहा। <ref name="Hand of Messi"/>
==== 2007-08 सीज़न ====
[[2007-08 सीज़न]] के दौरान, मेसी ने ला लिगा में बार्सिलोना को शीर्ष चार में ले जाते हुए, एक सप्ताह में पांच गोल किए। 19 सितंबर को जब बार्सिलोना ने चैम्पियन्स लीग मैच में अपने स्व-स्थान पर, [[ओलंपिक लियोनाइस]] को हराया, उसमें मेसी ने एक स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=228758&&cc=5739|title=Barcelona 3-0 Lyon: Messi orchestrates win|publisher=ESPN Soccernet|date=2007-09-19|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081230/http://soccernet.espn.go.com/report?id=228758&&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> 22 सितंबर को<ref>{{cite news|url=http://www.soccerway.com/matches/2007/09/22/spain/primera-division/futbol-club-barcelona/sevilla-futbol-club/480859/|title=Barcelona vs. Sevilla|publisher=Soccerway|date=2007-09-22|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20100510130747/http://www.soccerway.com/matches/2007/09/22/spain/primera-division/futbol-club-barcelona/sevilla-futbol-club/480859/|archive-date=10 मई 2010|url-status=live}}</ref> [[सेविला]] के खिलाफ़ दो गोल किए और फिर 26 सितंबर को, मेसी ने [[रियल ज़ारागोज़ा]] पर 4-1 की जीत में और दो गोल किए। <ref>{{cite news|url=http://barcelona.theoffside.com/injuries/barcelona-4-1-zaragoza-review.html|title=Barcelona 4-1 Zaragoza|author=Isaiah|publisher=The Offside|date=2007-09-26|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20120311091432/http://barcelona.theoffside.com/injuries/barcelona-4-1-zaragoza-review.html|archive-date=11 मार्च 2012|url-status=dead}}</ref> 27 फ़रवरी को, मेसी ने [[वैलेंशिया]] के खिलाफ़ [[बार्सा]] के लिए अपना 100वां आधिकारिक मैच खेला।<ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=700689.html|title=Xavi late show saves Barca|author=FIFA|publisher=FIFA|date=2008-02-27|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20140803053023/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=700689.html|archive-date=3 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref>
उन्हें फ़ारवर्ड की श्रेणी में [[FIFPro विश्व एकादश खिलाड़ी पुरस्कार]] के लिए नामांकित किया गया।<ref>{{cite news|url=http://worldx1.fifpro.org/index.php?mod=plink&id=14697|title=FIFPro World XI|publisher=FIFPro|accessdate=2009-05-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20111009021258/http://worldx1.fifpro.org/index.php?mod=plink&id=14697|archive-date=9 अक्तूबर 2011|url-status=live}}</ref> एक स्पैनिश अख़बार ''[[मार्का]]'' के ऑन-लाइन संस्करण में किए गए सर्वेक्षण में उन्हें 77 प्रतिशत वोटों के साथ विश्व के सर्वोत्तम खिलाड़ी के रूप में चुना गया।<ref>{{cite news|url=http://archivo.marca.com/futbol/2007/messi_kun/handicho.html|title=El fútbol a sus pies|last=Villalobos|first=Fran|publisher=''MARCA''|language=es|date=2007-04-10|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701035256/http://archivo.marca.com/futbol/2007/messi_kun/handicho.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref> बार्सिलोना-आधारित अख़बार ''[[एल मुंडो डिपोर्टिवो]]'' और ''[[स्पोर्ट]]'' के स्तंभकारों ने उल्लेख किया कि मेसी को [[बैलन डी'ऑर]] दिया जाना चाहिए, एक मत जिसका समर्थन [[फ़्रांज़ बेकेनबॉएर]] ने भी किया।<ref>{{cite news|url=http://www.sport.es/default.asp?idpublicacio_PK=44&idioma=CAS&idtipusrecurs_PK=7&idnoticia_PK=447107|title=Si Messi sigue trabajando así, será como Maradona y Pelé|last=Fest|first=Leandro|publisher=Sport.es|language=es|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://archive.today/20080524062418/http://www.sport.es/default.asp?idpublicacio_PK=44&idioma=CAS&idtipusrecurs_PK=7&idnoticia_PK=447107|archive-date=24 मई 2008|url-status=live}}</ref> [[फ़्रांसेस्को टोट्टी]] जैसे फ़ुटबॉल के महान शख्सों ने घोषित किया है कि वे मेसी को संप्रति दुनिया का सर्वोत्तम फ़ुटबॉल खिलाड़ी मानते हैं।<ref>{{cite news|url=http://archivo.marca.com/edicion/marca/futbol/internacional/es/desarrollo/1063306.html|title=Totti le daría el Balón de Oro a Messi antes que a Kaká|publisher=''MARCA''|language=es|date=2007-11-29|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20161130063107/http://archivo.marca.com/edicion/marca/futbol/internacional/es/desarrollo/1063306.html|archive-date=30 नवंबर 2016|url-status=live}}</ref>
4 मार्च को एक चोट के बाद मेसी को छह हफ्तों के लिए खेल से बाहर रखा गया, जब [[केल्टिक]] के खिलाफ़ चैम्पियन्स लीग मैच के दौरान उनकी बाईं जांघ की मांसपेशी फट गई। यह तीन सीज़नों में चौथी बार था जब मेसी को इस प्रकार की चोट पहुंची थी।<ref>{{cite news|url=http://www.cbc.ca/sports/soccer/story/2008/03/05/lionel-messi.html?ref=rss|title=Barcelona's Lionel Messi sidelined with thigh injury|publisher=CBC.ca|date=2008-03-05|accessdate=2009-06-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20130128175941/http://www.cbc.ca/sports/soccer/story/2008/03/05/lionel-messi.html?ref=rss|archive-date=28 जनवरी 2013|url-status=live}}</ref>
==== 2008-09 सीज़न ====
[[चित्र:Lionel Messi 31mar2007.jpg|150px|thumb|left|मेसी, डेपोर्टिवो के खिलाफ़ एक मैच में]]
क्लब से रोनाल्डिन्हो के प्रस्थान पर, मेसी ने उनका नंबर 10 जर्सी विरासत में हासिल किया।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/8/main/2008/08/04/803776/messi-inherits-ronaldinhos-no-10-shirt|title=Messi Inherits Ronaldinho's No. 10 Shirt|last=Sica|first=Gregory|publisher=Goal.com|date=2008-08-04|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20100515134210/http://www.goal.com/en/news/8/main/2008/08/04/803776/messi-inherits-ronaldinhos-no-10-shirt|archive-date=15 मई 2010|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 2008 को, [[शखटार डोनेट्स्क]] के खिलाफ़ चैम्पियन्स लीग मैच के दौरान, मेसी ने अंतिम सात मिनट में दो गोल किए, जब उन्होंने [[थीयर्री हेनरी]] के स्थानापन्न के रूप में आने के बाद, [[बार्सिलोना]] के लिए 1-0 के स्कोर को 1-2 की जीत में बदल दिया। <ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=254681&cc=5739|title=Late Messi brace nicks it|publisher=ESPN Soccernet|date=2008-10-01|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081234/http://soccernet.espn.go.com/report?id=254681&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> अगला लीग खेल [[एटलेटिको मैड्रिड]] के खिलाफ़ था, जिसे मेसी और उनके अच्छे दोस्त [[सर्जियो अग्वेरो]] के बीच एक दोस्ताना संघर्ष के रूप में प्रचारित किया गया।<ref>{{cite news|url=http://bleacherreport.com/articles/65327-barcelona-6-1-atletico-madrid-match-report-and-player-ratings|title=Barcelona 6-1 Atletico Madrid|last=Osaghae|first=Efosa|publisher=Bleacher Report|date=2008-10-04|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20100201033319/http://bleacherreport.com/articles/65327-barcelona-6-1-atletico-madrid-match-report-and-player-ratings|archive-date=1 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> मेसी ने एक फ़्री किक से गोल दागा और दूसरे में असिस्ट किया, जब बार्सा ने मैच 6-1 से जीता। <ref>{{cite news|url=http://soccernet-assets.espn.go.com/report?id=252817&league=ESP.1&cc=5739|title=Goal rush for Barcelona|publisher=ESPN Soccernet|date=2008-10-04|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20140810090950/http://soccernet-assets.espn.go.com/report?id=252817&league=ESP.1&cc=5739|archive-date=10 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref> मेसी ने सेविला के खिलाफ़ {{convert|23|m|yd|}} से वॉली स्कोर करते हुए, एक और प्रभावशाली [[ब्रेस]] नेट में डाला और फिर गोलकीपर के इर्द-गिर्द [[ड्रिबलिंग]] करते हुए, तथा एक टाइट एंगल से दूसरा स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=964294.html|title=Messi magical, Real miserable|publisher=FIFA|date=2008-11-29|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20140803210929/http://www.fifa.com/worldfootball/clubfootball/news/newsid=964294.html|archive-date=3 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref> 13 दिसम्बर 2008 को, क्लासिको के पहले सीज़न के दौरान, मेसी ने रियल मैड्रिड के खिलाफ़ बार्सिलोना की 2-0 जीत में दूसरा गोल किया।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/7776472.stm|title=Barcelona 2-0 Real Madrid|publisher=BBC Sport|date=2008-12-13|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20081214232753/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/7776472.stm|archive-date=14 दिसंबर 2008|url-status=live}}</ref> उन्हें [[2008 FIFA वर्ष के विश्व खिलाड़ी]] पुरस्कारों में 678 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर नामांकित किया गया।<ref name="Gala 2008"/>
मेसी ने एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ़ कोपा डेल रे टाई में पहली बार लगातार तीन गोल किए, जहां बार्सिलोना ने 3-1 की जीत हासिल की। <ref>{{cite news|url=http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200901/20090107/article_387234.htm|title=Messi scores hat trick in Barca's 3–1 win over Atletico|publisher=''Shanghai Daily''|date=2009-01-07|accessdate=2009-05-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029202627/http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200901/20090107/article_387234.htm|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> मेसी ने 1 फ़रवरी 2009 को एक और महत्वपूर्ण डबल स्कोर किया, जहां सेकंड हॉफ़ स्थानापन्न के रूप में आते हुए उन्होंने 1-0 से नीचे रहने के बाद, 1-2 से रेसिंग सैंटैंडर को हराने में बार्सिलोना की मदद की। दो स्ट्राइक में दूसरा, बार्सिलोना का 5000वां लीग गोल था।<ref>[https://web.archive.org/web/20090204172913/http://www.google.com/hostednews/afp/article/ALeqM5iZaLqalXOwOJ2FwjihA3svGql1Mw Supersub Messi fires 5,000-goal Barcelona to comeback victory.] AFP (01-02-2009). 01-02-2009 को पुनःप्राप्त</ref> ला लिगा के 28वें दौर में, मेसी ने सभी प्रतियोगिताओं में सीज़न का अपना 30वां गोल बनाया, जिस प्रक्रिया में उन्होंने [[मलागा CF]] के खिलाफ़ 6-0 की जीत हासिल करने में अपने टीम की मदद की। <ref>{{cite news|url=http://english.aljazeera.net/sport/2009/03/2009322164115611397.html|title=Barcelona hit Malaga for six|publisher=अल जज़ीरा English|date=2009-03-23|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20110806112657/http://english.aljazeera.net/sport/2009/03/2009322164115611397.html|archive-date=6 अगस्त 2011|url-status=live}}</ref> 8 अप्रैल 2009 को उन्होंने किसी प्रतियोगिता में नौ गोलों का व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाते हुए, [[बेयर्न म्यूनिख]] के खिलाफ़ चैंपियन्स लीग में दो बार गोल किए। <ref>{{cite news|url=http://www.usatoday.com/sports/soccer/2009-04-09-2372732048_x.htm|title=Barcelona returns to earth with league match|publisher=''USA Today''|date=2009-04-09|accessdate=2009-07-07|last=Logothetis|first=Paul|archive-url=https://web.archive.org/web/20120317092033/http://www.usatoday.com/sports/soccer/2009-04-09-2372732048_x.htm|archive-date=17 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> 18 अप्रैल को, मेसी ने गेटेफ़ में हासिल 1-0 की जीत में सीज़न का अपना 20वां लीग गोल किया, जिसकी वजह से रियल मैड्रिड के ख़िलाफ़ बार्सिलोना लीग तालिका के शीर्ष पर अपने छह अंक की बढ़त को बनाए रख सकी। <ref>{{cite news|url=http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200904/20090419/article_398171.htm|title=Messi leads Barcelona to 1-0 win over Getafe|publisher=''Shanghai Daily''|date=2009-04-19|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029202746/http://www.shanghaidaily.com/sp/article/2009/200904/20090419/article_398171.htm|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:039 men at work UEFA 2009, Rome.jpg|200px|thumb|right|2009 UEFA चैंपियन्स लीग फ़ाइनल में निशाना साधते लियोनेल मेसी को देखते हुए माइकल कैरिक (पृष्ठभूमि में)]]
चूंकि बार्सिलोना सीज़न के समापन की ओर उन्मुख था, मेसी ने [[सैंटियागो बर्नब्यू]] में [[रियल मैड्रिड]] पर 6-2 की जीत के लिए दो गोल बनाए (उनका सभी प्रतियोगिताओं में 35वां और 36वां गोल)<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/football/2009/may/02/la-liga-real-madrid-barcelona|title=Barcelona run riot at Real Madrid and put Chelsea on notice|last=Lowe|first=Sid|publisher=''द गार्डियन''|date=2009-05-02|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20130304074607/http://www.guardian.co.uk/football/2009/may/02/la-liga-real-madrid-barcelona|archive-date=4 मार्च 2013|url-status=live}}</ref>, जोकि रियल मैड्रिड के लिए 1930 के बाद की सबसे भारी हार थी।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/03/1244468/real-madrid-fan-poll-says-barcelona-loss-is-most-painful-in-club|title=Real Madrid Fan Poll Says Barcelona Loss Is Most Painful In Club History|last=Macdonald|first=Paul|publisher=Goal.com|date=2009-05-03|accessdate=2009-05-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710163433/http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/03/1244468/real-madrid-fan-poll-says-barcelona-loss-is-most-painful-in-club|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> प्रत्येक गोल के बाद वे अपने प्रशंसकों और कैमरा की ओर दौड़ते और अपनी बार्सिलोना जर्सी को ऊपर उठाते, तथा एक और टी-शर्ट दिखाते, जिस पर लिखा था, ''सिंड्रोम X फ़्रेजाइल'', जो कैटलान भाषा में [[भंगुरता X संलक्षण]] का पर्याय है, जिसके ज़रिए वे इस रोग से ग्रस्त बच्चों के प्रति अपना समर्थन जता रहे थे।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/02/1242691/what-lionel-messis-t-shirt-at-the-bernabeu-meant|title=What Lionel Messi's T-Shirt At The Bernabeu Meant|publisher=Goal.com|last=Macdonald|first=Ewan|date=2009-05-02|accessdate=2009-06-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710164407/http://www.goal.com/en/news/12/spain/2009/05/02/1242691/what-lionel-messis-t-shirt-at-the-bernabeu-meant|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> मेसी, चैम्पियन्स लीग सेमी-फ़ाइनल में [[चेल्सी]] के ख़िलाफ़ [[एन्ड्रेस इनेस्टा]] के इंजुरी टाइम गोल बनाने में शामिल थे, जिससे बार्सिलोना, [[मैनचेस्टर युनाइटेड]] का मुक़ाबला करने के लिए [[फ़ाइनल]] में पहुंच सका। उन्होंने [[एथलीटिक बिलबाओ]] के खिलाफ़ 4-1 की जीत में एक गोल स्कोर करते हुए, तथा अन्य दो में असिस्ट करते हुए 13 मई को अपना पहला कोपा डेल रे जीता। <ref>{{cite news|url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/5321324/Barcelona-defeat-Athletic-Bilbao-to-win-Copa-del-Rey.html|title=Barcelona defeat Athletic Bilbao to win Copa del Rey|publisher=''Daily Telegraph''|date=2009-05-14|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090517065719/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/european/5321324/Barcelona-defeat-Athletic-Bilbao-to-win-Copa-del-Rey.html|archive-date=17 मई 2009|url-status=live}}</ref> उन्होंने ला लिगा जीत कर, अपनी टीम को दोहरी जीत दिलाने में मदद की। 27 मई को उन्होंने 70वें मिनट में दूसरा गोल करते हुए बार्सिलोना को [[2009 UEFA चैम्पियन्स लीग फ़ाइनल]] जीतने में मदद की, जिसमें बार्सिलोना ने दो गोल की बढ़त हासिल की; नौ गोलों के साथ वे चैम्पियन्स लीग के टॉप स्कोरर बने। <ref>{{cite news|url=http://www.uefa.com/competitions/ucl/news/kind=1/newsid=833286.html|title=Messi sweeps up goalscoring honours|publisher=uefa.com|date=2009-05-27|accessdate=2009-06-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20091227065627/http://www.uefa.com/competitions/ucl/news/kind=1/newsid=833286.html|archive-date=27 दिसंबर 2009|url-status=live}}</ref> यूरोप में शानदार वर्ष संपन्न करते हुए, मेसी ने [[UEFA वर्ष का क्लब फ़ारवर्ड]]: और [[UEFA वर्ष का क्लब फ़ुटबॉलर]] ख़िताब भी जीता। <ref>{{cite news|url=http://www.uefa.com/competitions/supercup/news/kind=1/newsid=877275.html|title=Messi recognised as Europe's finest|publisher=uefa.com|date=2009-08-27|accessdate=2009-08-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20100204060347/http://www.uefa.com/competitions/supercup/news/kind=1/newsid=877275.html|archive-date=4 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> इस जीत का मतलब था बार्सिलोना ने एक ही सीज़न में [[कोपा डेल रे]], [[ला लिगा]] और [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] जीता,<ref>{{cite news|url=http://www.gulf-daily-news.com/NewsDetails.aspx?storyid=251667|title=Barcelona win treble in style|publisher=''Gulf Daily News''|date=2009-05-28|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20150703215248/http://www.gulf-daily-news.com/NewsDetails.aspx?storyid=251667|archive-date=3 जुलाई 2015|url-status=live}}</ref> और इस तरह पहली बार किसी स्पेनिश क्लब ने कभी [[तिगुनी]] जीत हासिल की थी।<ref>{{cite news|url=http://uk.eurosport.yahoo.com/01062009/3/barcelona-eclipse-dream-team-historic-treble.html|title=Barcelona eclipse dream team with historic treble|publisher=UK Eurosport|date=2009-06-01|accessdate=2009-06-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20200407083321/https://uk.sports.yahoo.com/|archive-date=7 अप्रैल 2020|url-status=live}}</ref>
==== 2009-10 सीज़न ====
[[चित्र:Lionel Messi Joan Gamper Trophy.jpg|250px|thumb|left|बार्सिलोना के लियोनेल मेसी, शिविर नाउ स्टेडियम में बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के बीच जोआन गैम्पर ट्रॉफ़ी मैच के दौरान खेलते हुए]]
[[2009 UEFA सुपर कप]] जीतने के बाद, बार्सिलोना प्रबंधक [[जोसेप गार्डियोला]] ने ज़ोर देते हुए कहा कि मेसी सबसे अच्छा खिलाड़ी है, उस जैसा शायद ही उन्होंने कभी देखा था।<ref>{{cite news|url=http://www.elmundo.es/elmundodeporte/2009/08/29/futbol/1251499664.html|title='Messi es el mejor jugador que veré jamás'|publisher=''El Mundo Deportivo''|date=2009-08-29|accessdate=2009-08-29|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20190322125856/https://www.elmundo.es/elmundodeporte/2009/08/29/futbol/1251499664.html|archive-date=22 मार्च 2019|url-status=live}}</ref>
18 सितंबर को, मेसी ने बार्सिलोना के साथ एक नए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जो 2016 तक चलेगा और जिसमें €250 मिलियन के नियंत्रण-ख़रीद का प्रावधान शामिल है, जिससे मेसी, [[ज़्लाटन इब्रहिमोविक]] के साथ, लगभग €9.5 मिलियन वार्षिक आय सहित, ला लिगा के उच्चतम वेतनभोगी खिलाड़ी बन गए हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada09-10/09/n090918106811.html|title=Leo Messi extends his stay at Barça|publisher=fcbarcelona.com|date=2009-09-18|accessdate=2009-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20110907013314/http://www.fcbarcelona.com/web/english/noticies/futbol/temporada09-10/09/n090918106811.html|archive-date=7 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8184399.stm|title=Messi signs new deal at Barcelona|publisher=BBC Sport|date=2009-09-18|accessdate=2009-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20170814105220/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8184399.stm|archive-date=14 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> चार दिन बाद 22 सितंबर को, मेसी ने ला लिगा में रेसिंग सैंटनडर के खिलाफ़ बार्सा की 4-1 जीत हासिल करने में दो गोल किए और एक और में असिस्ट किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=678702&sec=europe&cc=5901|title=Messi and Ibrahimovic put Racing to the sword|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-09-22|accessdate=2009-09-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081351/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=678702&sec=europe&cc=5901|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> मेसी ने 29 सितंबर को [[डाइनमो कीव]] पर 2-0 जीत में सीज़न का पहला यूरोपीय गोल स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://www.goal.com/en/news/1716/champions-league/2009/09/29/1530963/barcelona-2-0-dynamo-kiev-messi-pedro-unlock-stubborn|title=Barcelona 2-0 Dynamo Kiev: Messi & Pedro Unlock Stubborn Ukrainians|publisher=Goal.com|date=2009-09-29|accessdate=2009-10-03|last=Leong|first=KS|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710163758/http://www.goal.com/en/news/1716/champions-league/2009/09/29/1530963/barcelona-2-0-dynamo-kiev-messi-pedro-unlock-stubborn|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> मेसी ने [[शिविर नाउ]] में [[रियल ज़ारागोज़ा]] की 6-1 से घोर पराजय के दौरान, [[ला लिगा]] में अपने गोलों की संख्या को सात मैचों में छह गोल के स्ट्राइक द्वारा आगे बढ़ाया<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=689856&cc=5739|title=Xavi: All is well at Barca|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-10-26|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081409/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=689856&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://sportsillustrated.cnn.com/2009/soccer/10/25/spanish.rdp.ap/|title=Barcelona thrashes Zaragoza to go clear at top|publisher=CNN|date=2009-10-25|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20091231144944/http://sportsillustrated.cnn.com/2009/soccer/10/25/spanish.rdp.ap/|archive-date=31 दिसंबर 2009|url-status=dead}}</ref> और 7 नवम्बर को [[शिविर नाउ]] में [[मालॉर्का]] पर बार्सा की 4-2 से जीत में पेनाल्टी भी स्कोर किया।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=695820&cc=5739|title=Guardiola expects more after win over Mallorca|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-11-09|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20111203071732/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=695820&cc=5739|archive-date=3 दिसंबर 2011|url-status=live}}</ref>
1 दिसम्बर 2009 को, मेसी का नाम [[2009 बैलन डी'ऑर]] के विजेता के रूप में घोषित किया गया, जहां उन्होंने रनर-अप [[क्रिस्टियानो रोनाल्डो]] को 233 के मुक़ाबले 473 के विशाल अंतर से हराया.<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8387679.stm|title=Barcelona forward Lionel Messi wins Ballon d'Or award|publisher=BBC Sport|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170259/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/europe/8387679.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.abc.net.au/news/stories/2009/12/01/2759069.htm|title=Messi wins prestigious Ballon d'Or award|publisher=ABC Sport|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20110628223125/http://www.abc.net.au/news/stories/2009/12/01/2759069.htm|archive-date=28 जून 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.independent.co.uk/sport/football/news-and-comment/lionel-messi-a-rare-talent-1831871.html|title=Lionel Messi: A rare talent|publisher=''The Independent''|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|last=Barnett|first=Phil|archive-url=https://web.archive.org/web/20190329161932/https://www.independent.co.uk/sport/football/news-and-comment/lionel-messi-a-rare-talent-1831871.html|archive-date=29 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> उसके बाद, [[फ़्रांस फ़ुटबॉल पत्रिका]] ने मेसी को यह कहते हुए उद्धृत किया: "मैं इसे अपने परिवार को समर्पित करता हूं. जब भी मुझे उनकी ज़रूरत थी, वे हमेशा मौजूद थे और कभी-कभी उन्होंने मुझसे भी ज़्यादा गहराई से भावनाओं को महसूस किया है।<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=706306&sec=europe&cc=5739|title=Messi takes Ballon d'Or|publisher=ESPN Soccernet|date=2009-12-01|accessdate=2009-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081427/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=706306&sec=europe&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref>
19 दिसम्बर को, [[अबू धाबी]] में [[एस्टुडियान्टेस]] के खिलाफ़ [[2009 FIFA क्लब विश्व कप]] के फ़ाइनल में मेसी ने विजेता गोल स्कोर किया।<ref>{{citeweb|url=http://soccernet.espn.go.com/report?id=285375&cc=5739&league=FIFA.CWC|title=Messi seals number six|date=2009-12-19|publisher=ESPN Soccernet|accessdate=2009-12-21}}</ref> दो दिन बाद, उन्हें [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]] पुरस्कार दिया गया; जहां उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो, [[क्सेवी]], [[काका]] और [[एन्ड्रेस इनिएस्टा]] को हराया. उनके लिए यह पुरस्कार जीतने का पहला अवसर था और वे अर्जेंटीना से कभी भी यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी बने.<ref>{{cite news|url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=716683&sec=world&cc=5901|title=FC Barcelona's Messi wins World Player of the Year|date=2009-12-21|publisher=ESPN Soccernet|accessdate=2009-12-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081437/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=716683&sec=world&cc=5901|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> 10 जनवरी 2010 को, मेसी ने 2010 में अपना पहला [[हैट-ट्रिक]] बनाया और जो 0-5 की जीत में [[सीडी टेनेरिफ़े]] के खिलाफ़ सीज़न का पहला हैट-ट्रिक था।<ref>{{citeweb|url=http://www.goal.com/en/news/12/spain/2010/01/10/1737345/tenerife-0-5-barcelona-messi-masterclass-sees-barca-back-on|title=Tenerife 0-5 Barcelona: Messi Masterclass Sees Barca Back On Top|date=2010-01-10|publisher=Goal.com|accessdate=2010-01-11}}</ref> 17 जनवरी को, मेसी ने [[सेविला]] पर 4-0 की जीत में क्लब के लिए अपना 100वां गोल स्कोर किया।<ref>{{citeweb|url=http://www.fcbarcelona.com/web/catala/noticies/futbol/temporada09-10/01/n100117108826.html|title=Messi 101: el golejador centenari més jove|date=2010-01-17|publisher=fcbarcelona.cat|accessdate=2010-01-17| language = ca|last=Bogunyà|first=Roger}}</ref>
== अंतर्राष्ट्रीय कॅरिअर ==
जून 2004 में, [[पारागुए]] के खिलाफ़ अंडर-20 [[दोस्ताना मैच]] में उन्होंने अर्जेंटीना के लिए शुरूआत की.<ref>{{cite news|url=http://www.lionelmessi.com/biography/|title=Lionel Messi Biography|publisher=Lionelmessi.com|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20080802154715/http://lionelmessi.com/biography/|archive-date=2 अगस्त 2008|url-status=dead}}</ref> 2005 में वे नीदरलैंड में [[2005 FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप]] जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। वहां, उन्होंने [[गोल्डन बॉल]] और [[गोल्डन शू]] जीता.<ref>{{cite web|url=http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=104/edition=9102/index.html|title=FIFA World Youth Championship Netherlands 2005|publisher=FIFA|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20131224230512/http://www.fifa.com/tournaments/archive/tournament=104/edition=9102/index.html|archive-date=24 दिसंबर 2013|url-status=live}}</ref>
उन्होंने 17 अगस्त 2005 को 18 वर्ष की उम्र में [[हंगरी]] के खिलाफ़ अपना संपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय पहला खेल खेला। 63वें मिनट पर उन्होंने प्रतिस्थापित किया, लेकिन 65वें मिनट में [[निकाले]] गए, क्योंकि रेफ़री, [[मार्कस मर्क]] ने पाया कि उन्होंने रक्षक [[विलमॉस वैनज़ैक]] को [[कोहनी मारी]] थी, जो मेसी के शर्ट को कसा हुआ था। निर्णय विवादास्पद था और [[मारडोना]] ने दावा किया कि निर्णय पूर्व-विमर्शित था।<ref>{{cite web|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_football/4172400.stm|title=Messi handles 'new Maradona' tag|publisher=BBC Sport|date=2005-08-22|accessdate=2009-07-07|last=Vickery|first=Tim|archive-url=https://web.archive.org/web/20170823030033/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_football/4172400.stm|archive-date=23 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://english.people.com.cn/200508/20/eng20050820_203655.html|title=Argentine striker Messi recalled for World Cup qualifier|publisher=''People's Daily Online''|date=2005-08-20|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20141110005349/http://english.people.com.cn/200508/20/eng20050820_203655.html|archive-date=10 नवंबर 2014|url-status=live}}</ref> 3 सितंबर को मेसी टीम में वापस लौटे, जहां [[विश्व कप पात्रता]] में [[पराग्वे]] से अर्जेंटीना की 1-0 से हार हुई थी। मैच से पहले उन्होंने कहा था कि "यह मेरी दुबारा शुरूआत है। पहला बहुत कम समय के लिए ही था।"<ref>{{cite web|url=http://soccernet.espn.go.com/preview?id=178848&cc=5739|title=Messi tries again as Argentina face Paraguay|publisher=ESPN Soccernet|date=2005-09-02|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20121024081451/http://soccernet.espn.go.com/preview?id=178848&cc=5739|archive-date=24 अक्तूबर 2012|url-status=live}}</ref> इसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना के लिए [[पेरू]] के खिलाफ़ अपना पहला खेल शुरू किया; मैच के बाद पेकरमैन ने मेसी को "रत्न" के रूप में वर्णित किया।<ref>{{cite web|url=http://www.rediff.com/sports/2005/oct/10messi.htm|title=Messi is a jewel says Argentina coach|publisher=रीडिफ|date=2005-10-10|accessdate=2009-07-07|last=Homewood|first=Brian|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303185237/http://www.rediff.com/sports/2005/oct/10messi.htm|archive-date=3 मार्च 2016|url-status=live}}</ref>
28 मार्च 2009 को [[वेनेज़ुएला]] के खिलाफ़ विश्व कप पात्रता में, मेसी ने पहली बार अर्जेंटीना के लिए 10 नंबर की जर्सी पहनी थी। यह मैच डिएगो मारडोना के लिए अर्जेंटीना के कोच के रूप में पहला आधिकारिक मैच था। लियोनेल मेसी के द्वारा स्कोरिंग की शुरूआत के साथ अर्जेंटीना ने 4-0 से मैच जीता। <ref>{{cite web| url = http://soccernet.espn.go.com/report?id=230046&cc=5739| title = Argentina 4-0 Venezuela: Messi the star turn| date = 2009-03-28| accessdate = 2009-07-07| publisher = Allaboutfcbarcelona.com| archive-url = https://web.archive.org/web/20121024081458/http://soccernet.espn.go.com/report?id=230046&cc=5739| archive-date = 24 अक्तूबर 2012| url-status = live}}</ref>
=== 2006 FIFA विश्व कप ===
जिस चोट ने 2005-06 सीज़न के अंत में दो महीने के लिए मेसी को खेल से बाहर रखा, उसकी वजह से [[विश्व कप]] में मेसी की उपस्थिति भी आशंका की चपेट में आ गई। बहरहाल, 15 मई 2006 को टूर्नामेंट के लिए अर्जेंटीना टीम में मेसी चुने गए। उन्होंने विश्व कप से पहले, अर्जेंटीना अंडर-20 टीम के खिलाफ़ 15 मिनटों के लिए फ़ाइनल मैच और 64 मिनट से [[अंगोला]] के खिलाफ़ एक दोस्ताना मैच खेला।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5047440.stm|title=Messi comes of age|publisher=BBC Sport|date=2006-06-05|accessdate=2009-07-07|last=Vickery|first=Tim|archive-url=https://web.archive.org/web/20060617162354/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5047440.stm|archive-date=17 जून 2006|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5023884.stm|title=Argentina allay fears over Messi|publisher=BBC Sport|date=2006-05-30|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172427/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/teams/argentina/5023884.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
उन्होंने प्रतिस्थापकों के बेंच से [[आइवरी कोस्ट]] के खिलाफ़ [[अर्जेंटीना]] के शुरूआती मैच विजय को भी देखा.<ref>{{cite news|url=http://www.kicker.de/fussball/wm/startseite/artikel/350938|title=Messi weiter auf der Bank|publisher=Kicker.de|date=2006-06-13|accessdate=2009-07-07|language=de|archive-url=https://web.archive.org/web/20180710164432/http://www.kicker.de/fussball/wm/startseite/artikel/350938|archive-date=10 जुलाई 2018|url-status=live}}</ref> [[सर्बिया]] के खिलाफ़ अगले मैच में मेसी, विश्व कप में अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने, जब वे 74वें मिनट में [[मैक्सी रॉड्रीग्वेज़]] के स्थानापन्न के रूप में खेलने आए। उन्होंने खेल में प्रवेश करने के चंद मिनटों में ही [[हरनैन क्रेस्पो]] को गोल बनाने में असिस्ट किया और 6-0 की जीत में अंतिम गोल भी स्कोर किया, जिससे वे टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र के स्कोरर और [[विश्व कप]] के इतिहास में सबसे कम उम्र के छठे गोल स्कोरर बने। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853028.stm|title=Argentina 6-0 Serbia & Montenegro|publisher=BBC Sport|date=2006-06-16|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170822102021/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853028.stm|archive-date=22 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref> मेसी ने [[नीदरलैंड]] के खिलाफ़ अर्जेंटीना 0-0 टाई में शुरूआत की। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853328.stm|title=Holland 0-0 Argentina|publisher=BBC Sport|date=2006-06-21|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172445/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4853328.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
[[मैक्सिको के खिलाफ़]] अगले खेल में, 1-1 पर स्कोर के टाई के साथ, मेसी 84वें मिनट में स्थानापन्न के रूप में आए। लगा कि उन्होंने गोल स्कोर किया, लेकिन उसे [[ऑफ़साइड]] घोषित किया गया,<ref>{{cite news|url=http://blogs.guardian.co.uk/worldcup06/2006/06/26/rodriguez_finds_an_answer_but.html|title=Rodríguez finds an answer but many questions still remain|publisher=''द गार्डियन''|date=2006-06-26|accessdate=2009-07-07|last=Walker|first=Michael|archive-url=https://web.archive.org/web/20131009151510/http://blogs.guardian.co.uk/worldcup06/2006/06/26/rodriguez_finds_an_answer_but.html|archive-date=9 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991492.stm|title=Argentina 2-1 Mexico (aet)|publisher=BBC Sport|date=2006-06-24|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172429/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991492.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> जबकि [[अतिरिक्त समय]] में अर्जेंटीना को आगे बढ़ने के लिए एक गोल की ज़रूरत थी। कोच जोस पेकरमैन ने [[जर्मनी]] के खिलाफ़ क्वार्टर-फ़ाइनल मैच में मेसी को बेंच पर ही छोड़ा, जो वे [[पेनाल्टी शूटआउट]] में 4-2 से हार गए।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991602.stm|title=Germany 1-1 Argentina|publisher=BBC Sport|date=2006-06-30|accessdate=2009-07-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20170806070555/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/world_cup_2006/4991602.stm|archive-date=6 अगस्त 2017|url-status=live}}</ref>
=== 2007 कोपा अमेरिका ===
[[चित्र:Messi in Copa America 2007.jpg|thumb|220px|कोपा अमेरीका 2007 में मेसी]]
मेसी ने 29 जून 2007 को, [[कोपा अमेरिका 2007]] में अपना पहला खेल खेला, जब [[अर्जेंटीना]] ने पहले खेल में [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] को 4-1 से हराया. इस खेल में, उन्होंने एक खेल-रचयिता के रूप में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने साथी स्ट्राइकर [[हरनैन क्रेस्पो]] के लिए लक्ष्य निर्धारित किया और कई शॉट लक्ष्य पर सफल हुए. 79वें मिनट में टेवेज़ मेसी के लिए स्थानापन्न के रूप में आए और मिनटों बाद गोल स्कोर किए। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6252156.stm|title=Tevez Nets In Argentina Victory|publisher=BBC Sport|date=2007-06-29|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170534/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6252156.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
उनका दूसरा मैच [[कोलम्बिया]] के खिलाफ़ था, जिसमें उन्होंने एक पेनाल्टी जीती जिसे क्रेस्पो 1-1 पर खेल को टाई में परिवर्तित करने में सफल हुए. उन्होंने अर्जेंटीना के दूसरे गोल में हिस्सा लिया चूंकि उन्हें बॉक्स के बाहर फ़ाउल किया गया था, जिससे [[जुआन रोमन रिक्वेल्म]] को फ़्रीकिक से स्कोर करने की अनुमति मिली और अर्जेंटीना ने 3-1 से बढ़त हासिल की। खेल का फ़ाइनल स्कोर 4-2 अर्जेंटीना के पक्ष में रहा और उन्हें टूर्नामेंट के क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह की गारंटी मिली। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6263888.stm|title=Argentina into last eight of Copa|publisher=BBC Sport|date=2007-07-03|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170414/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6263888.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
[[पारागुए]] के खिलाफ़ तीसरे खेल में, कोच ने मेसी को विश्राम दिया, चूंकि वे क्वार्टर-फ़ाइनल के लिए योग्य साबित हो चुके थे। उन्हें 64वें मिनट में, 0-0 स्कोर के साथ, [[एस्टेबैन कैम्बियासो]] की जगह बेंच से उतरने का मौक़ा मिला। 79वें मिनट में उन्होंने [[जेवियर मैस्चरानो]] के लिए एक गोल रचा।<ref>{{cite news|url=http://www.conmebol.com/competiciones_evento_reporte.jsp?evento=1055&ano=2007&dv=1&flt=C&id=18&slangab=E|title=Argentina-Paraguay|publisher=Conmebol|date=2007-07-05|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20070929133942/http://www.conmebol.com/competiciones_evento_reporte.jsp?evento=1055&ano=2007&dv=1&flt=C&id=18&slangab=E|archive-date=29 सितंबर 2007|url-status=live}}</ref> क्वार्टर-फ़ाइनल में, जब [[अर्जेंटीना]] को पेरू का सामना करना पड़ा, 4-0 की जीत में रिक्वेल्मे से एक पास लेकर मेसी ने खेल का दूसरा गोल बनाया। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6282908.stm|title=Argentina and Mexico reach semis|publisher=BBC Sport|date=2007-07-09|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903170059/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6282908.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> [[मेक्सिको]] के खिलाफ़ सेमी-फ़ाइनल मैच के दौरान, मेसी ने [[ओसवाल्डो सैनशेज़]] पर उछाल कर गोल बनाया, जिससे अर्जेंटीना 3-0 जीत के साथ फ़ाइनल में पहुंच सकी। <ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6294930.stm|title=Messi's Magic Goal|publisher=BBC Sport|date=2007-07-12|accessdate=2008-10-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170903172412/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/internationals/6294930.stm|archive-date=3 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> अर्जेंटीना को फ़ाइनल में [[ब्राज़ील]] से 3-0 के साथ हार गई।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/6899694.stm|title=Brazil victorious in Copa America|publisher=BBC Sport|date=2007-07-16|accessdate=2009-05-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20071010085400/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/6899694.stm|archive-date=10 अक्तूबर 2007|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:Messi olympics-soccer-7.jpg|thumb|left|220px|2008 ओलंपिक में ब्राज़ील के खिलाफ़ मैच में मेसी]]
=== 2008 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक ===
[[2008 ओलंपिक]] में मेसी को [[अर्जेंटीना]] के लिए खेलने से वर्जित किए जाने के बाद,<ref>{{cite news|url=http://www.telegraph.co.uk/sport/othersports/olympics/2510034/Lionel-Messi-out-of-Olympics-after-Barcelona-win-court-appeal-against-Fifa.html|title=Lionel Messi out of Olympics after Barcelona win court appeal against Fifa|publisher=''Daily Telegraph''|date=2008-08-06|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629193256/http://www.telegraph.co.uk/sport/othersports/olympics/2510034/Lionel-Messi-out-of-Olympics-after-Barcelona-win-court-appeal-against-Fifa.html|archive-date=29 जून 2011|url-status=live}}</ref> बार्सिलोना ने [[जोसेप गार्डियोला]] के साथ उनकी बातचीत के बाद उन्हें मुक्त करने के प्रति अपनी सहमति जताई.<ref name="Messi Olympics">{{cite news|url=http://afp.google.com/article/ALeqM5hBwBdQawHH84xSfUkq2uo3w1nwvA|title=Barcelona give Messi Olympics thumbs-up|publisher=AFP|date=2008-08-07|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20110711111228/http://afp.google.com/article/ALeqM5hBwBdQawHH84xSfUkq2uo3w1nwvA|archive-date=11 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref> वे अर्जेंटीना की टीम में शामिल हुए और [[आइवरी कोस्ट]] पर 2-1 की जीत में पहला गोल स्कोर किया।<ref name="Messi Olympics"/> इसके बाद उन्होंने शुरूआती गोल बनाया और दूसरे में [[एंजल डी मारिया]] को असिस्ट किया, जिससे उनके पक्ष को [[नीदरलैंड]] के खिलाफ़ 2-1 के अतिरिक्त समय की जीत हासिल करने में मदद मिली। <ref>{{cite news|url=http://www.fifa.com/mensolympic/matches/round=250022/match=300051809/summary.html|title=Messi sets up Brazil semi|publisher=FIFA|date=2008-08-16|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20090412024404/http://www.fifa.com/mensolympic/matches/round=250022/match=300051809/summary.html|archive-date=12 अप्रैल 2009|url-status=live}}</ref> उन्होंने प्रतिद्वंद्वी [[ब्राज़ील]] के खिलाफ़ अर्जेंटीना की मैच में भी भाग लिया, जिसमें अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत हासिल की और इस तरह फ़ाइनल की ओर आगे बढ़े.<ref>{{cite news|url=http://www.examiner.com/x-642-Soccer-Examiner~y2008m8d19-Argentina-Takes-Down-Brazil-30-in-Olympic-Semifinal-Nigera-Awaits-in-Final|title=Argentina Takes Down Brazil 3-0|last=Baumgartner|first=Jesse|publisher=Examiner|date=2008-08-19|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20100423132354/http://www.examiner.com/x-642-Soccer-Examiner~y2008m8d19-Argentina-Takes-Down-Brazil-30-in-Olympic-Semifinal-Nigera-Awaits-in-Final|archive-date=23 अप्रैल 2010|url-status=live}}</ref> स्वर्ण पदक मैच में मेसी ने दुबारा, [[नाइजीरिया]] पर 1-0 की जीत में एकमात्र गोल के लिए डी मारिया को असिस्ट किया।<ref>{{cite news|url=http://www.usatoday.com/sports/olympics/2008-08-23-860591452_x.htm|title=Argentina beats Nigeria 1-0 for Olympic gold|last=Millward|first=Robert|publisher=''USA Today''|date=2008-08-23|accessdate=2009-05-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20120317080438/http://www.usatoday.com/sports/olympics/2008-08-23-860591452_x.htm|archive-date=17 मार्च 2012|url-status=live}}</ref>
<b>2022 World Cup कतर</b><br>
२०२२ में विश्व कप जीत कर मेसी ने अपना सपना पूरा किया। इस मैच में मेसी ने 2 गोल किए। हालांकि फ्रांस ने भी अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और कई बार खेल का समय बढ़ाने के बाद पेनल्टी शूटआउट में ४/२ से फ्रांस को हराया।
== निजी जीवन ==
मेसी एक चरण में, अपने ही गृह नगर [[रोसारियो]] की माकारीना लीमोस के साथ रूमानी तौर पर जुड़े थे। कहते हैं कि लड़की के पिता ने ही उनसे परिचय कराया था, जब वे [[2006 विश्व कप]] के शुरू होने से कुछ दिन पहले अपनी चोट से उबरने के लिए रोसारियो लौट आए थे।<ref>{{cite news|url=http://www.gente.com.ar/nota.php?ID=11359|title=Lionel me prometió venir a mi cumple de quince después del Mundial|publisher=Gente Online|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20130127191019/http://www.gente.com.ar/nota.php?ID=11359|archive-date=27 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.vefutbol.com.mx/notas/16849.html|title=Aún le mueve el tapete a Messi|publisher=''El Universal''|date=2008-06-19|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090531053417/http://www.vefutbol.com.mx/notas/16849.html|archive-date=31 मई 2009|url-status=dead}}</ref> अतीत में भी उनका नाम अर्जेंटीना मॉडल, [[लूसियाना सालाज़ार]] से जोड़ा गया था।<ref>{{cite news|url=http://www.cronicaviva.com.pe/content/view/45050/1/|title=Luciana Salazar y Messi serían pareja|publisher=Crónica Viva|date=2008-06-19|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090608003136/http://www.cronicaviva.com.pe/content/view/45050/1/|archive-date=8 जून 2009|url-status=dead}}</ref><ref name="Messi y Antonella pasean"/> जनवरी 2009 में उन्होंने [[चैनल 33]] पर एक कार्यक्रम "हैट ट्रिक बार्सा" में कहा: "मेरी एक प्रेमिका है और वह अर्जेंटीना में बसी है, मैं निश्चिंत और खुश हूँ."<ref name="Messi y Antonella pasean">{{cite news|url=http://www.elperiodico.com/default.asp?idpublicacio_PK=46&idioma=CAS&idnoticia_PK=590154&idseccio_PK=1028|title=Messi y Antonella pasean por el Carnaval de Sitges su noviazgo|publisher=''El Periódico de Catalunya''|date=2009-02-25|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20090610003322/http://www.elperiodico.com/default.asp?idpublicacio_PK=46&idioma=CAS&idnoticia_PK=590154&idseccio_PK=1028|archive-date=10 जून 2009|url-status=live}}</ref> वे बार्सिलोना-एस्पेनयॉल डर्बी के बाद, [[सिटजेस]] के एक कार्निवल में एन्टोनेला रोकुज़ो नामक युवती के साथ देखे गए।<ref name="Roccuzzo"/> रोकुज़ो भी उन्हीं की भांति रोसारियो की निवासी है।<ref>{{cite news|url=http://www.taringa.net/posts/noticias/2213473/La-verdad-sobre-la-nueva-novia-de-Messi__.html|title=La verdad sobre la nueva novia de Messi|publisher=Taringa|date=2009-02-24|accessdate=2009-06-18|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20120327092623/http://www.taringa.net/posts/noticias/2213473/La-verdad-sobre-la-nueva-novia-de-Messi__.html|archive-date=27 मार्च 2012|url-status=live}}</ref> 2010 के अंत के आस-पास उन्होंने [[शादी]] की योजना बनाई है।<ref name="Roccuzzo">{{cite news|url=http://www.calciomercato.it/news/46787/Messi-a-dicembre-sogni-doro!.html|title=Messi, a dicembre... sogni d'oro|publisher=Calcio Mercato News|date=2009-04-21|accessdate=2009-07-13|language=it|archive-url=https://web.archive.org/web/20101030032522/http://www.calciomercato.it/news/46787/Messi-a-dicembre-sogni-doro!.html|archive-date=30 अक्तूबर 2010|url-status=dead}}</ref>
वीडियो गेम [[प्रो इवल्यूशन फ़ुटबॉल 2009]] के मुखपृष्ठ पर उनकी छवि अंकित है और वे इस खेल के प्रचार अभियान में भी शामिल हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.gamezine.co.uk/news/game-types/sports/football/konami-names-messi-as-face-pes-2009-$1234471.htm|title=Konami names Messi as face of PES 2009|publisher=Gamezine.co.uk|date=2008-08-01|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20100529044550/http://www.gamezine.co.uk/news/game-types/sports/football/konami-names-messi-as-face-pes-2009-$1234471.htm|archive-date=29 मई 2010|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.pesunites.com/eng/index.htm|title=PES Unites - Messi|publisher=PESunites.com|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20090603173802/http://www.pesunites.com/eng/index.htm|archive-date=3 जून 2009|url-status=dead}}</ref> मेसी, [[फ़र्नेन्डो टॉरेस]]<ref>{{cite news|url=http://www.videogamer.com/news/torres_signs_for_pes_2010.html|title=Torres signs for PES 2010|publisher=Videogamer.com|date=2009-06-23|accessdate=2009-07-07|last=Orry|first=James|archive-url=https://web.archive.org/web/20180622083701/https://www.videogamer.com/news/torres_signs_for_pes_2010.html|archive-date=22 जून 2018|url-status=live}}</ref> के साथ, [[प्रो इवल्यूशन सॉकर 2010]] की पहचान हैं और [[मोशन कैप्चरिंग]] और [[ट्रेलर]] में भी शामिल थे।<ref>{{cite news|url=http://uk.games.konami-europe.com/blog.do;jsessionid=E3F32E431E73A1D6AF0B71D695498692#blog-entry-116|title=Motions and Emotions in Barcelona|publisher=Konami|date=2009-06-08|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20140326094627/http://uk.games.konami-europe.com/blog.do;jsessionid=E3F32E431E73A1D6AF0B71D695498692#blog-entry-116|archive-date=26 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://uk.games.konami-europe.com/news.do;jsessionid=A2FD1270B2C75DE70A52446CBF821D5A?idNews=411|title=E3 2009: PES 2010: Messi fronts exclusive E3 trailer|publisher=Konami|date=2009-06-02|accessdate=2009-06-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20140326094702/http://uk.games.konami-europe.com/news.do;jsessionid=A2FD1270B2C75DE70A52446CBF821D5A?idNews=411|archive-date=26 मार्च 2014|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.pesfan.com/news/8212537/Messi-mo-cap-photos/#newsarticle|title=MOTD magazine crew meet Messi in Barcelona|publisher=PESFan (Match of the Day Magazine)|accessdate=2009-06-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20130127192339/http://www.pesfan.com/news/8212537/Messi-mo-cap-photos/#newsarticle|archive-date=27 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref> मेसी का प्रायोजन जर्मन स्पोर्ट्सवेयर कंपनी [[एडिडास]] द्वारा किया गया है और उनके [[टेलीविज़न विज्ञापनों]] में भी वे नज़र आते हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/media/video/2009/may/27/zidane-messi-adidas-ad|title=Watch Zinedine Zidane and Lionel Messi in Adidas ad|publisher=''द गार्डियन''|date=2009-05-27|accessdate=2009-08-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20130329235410/http://www.guardian.co.uk/media/video/2009/may/27/zidane-messi-adidas-ad|archive-date=29 मार्च 2013|url-status=live}}</ref>
फ़ुटबॉल में उनके दो चचेरे भाई हैं, [[मैक्सी]] और [[इमैन्युअल बियानकुची]].<ref>{{cite news|url=http://ultimosegundo.ig.com.br/esportes/seu_time/flamengo/2007/08/20/maxi_afirma_que_messi_deve_vir_ao_brasil_para_ve_lo_jogar_972383.html|title=Maxi afirma que Messi deve vir ao Brasil para vê-lo jogar|publisher=Último Segundo|date=2007-08-20|accessdate=2009-11-03|language=pt|archive-url=https://web.archive.org/web/20090227172313/http://ultimosegundo.ig.com.br/esportes/seu_time/flamengo/2007/08/20/maxi_afirma_que_messi_deve_vir_ao_brasil_para_ve_lo_jogar_972383.html|archive-date=27 फ़रवरी 2009|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.tz-online.de/sport/fussball/tsv-1860/biancucchi-hoert-mir-mit-messi-auf-498339.html|title=Hört mir auf mit Messi!|publisher=TZ Online|date=2009-10-20|accessdate=2009-11-03|language=de|first=Claudius|last=मईer|archive-url=https://web.archive.org/web/20120225013653/http://www.tz-online.de/sport/fussball/tsv-1860/biancucchi-hoert-mir-mit-messi-auf-498339.html|archive-date=25 फ़रवरी 2012|url-status=dead}}</ref>
== क्लब के आंकड़े ==
यथा 30 जनवरी 2010<ref>{{cite news|url=http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2010/01/18/pagina-7/5259184/pdf.html?search=messi 101|title='Pichichi' y centenario|publisher=elmundodeportivo|accessdate=2010-01-17|language=es|archive-url=https://web.archive.org/web/20110720140353/http://hemeroteca.elmundodeportivo.es/preview/2010/01/18/pagina-7/5259184/pdf.html?search=messi|archive-date=20 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref>
{| class="wikitable" style="font-size:90%;text-align:center"
|-
! rowspan="2"|क्लब
! rowspan="2"|सीज़न
! colspan="3"|लीग
! colspan="3"|कप<ref group="nb">[[कोपा डेल रे]] और [[सुपरकोपा डी एस्पाना]] शामिल</ref>
! colspan="3"|[[यूरोप]]<ref group="nb">[[UEFA सुपर कप]] और [[UEFA चैम्पियन्स लीग]] शामिल</ref>
! colspan="3"|[[क्लब विश्व कप]]
! colspan="3"|कुल
|-
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
!प्रदर्शन
!गोल
!असिस्ट
|-
| rowspan="6"|'''[[बार्सिलोना]]'''
| [[2004-05]]
| 7
| 1
| 0
| 1
| 0
| 0
| 1
| 0
| 0
| -
| -
| -
| 9
| 1
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|-
| [[2005-06]]
| 17
| 6
| 3
| 2
| 1
| 0
| 6
| 1
| 1
| -
| -
| -
| 25
| 8
| 4
|-
| [[2006-07]]
| 26
| 14
| 2
| 4
| 2
| 1
| 6
| 1
| 0
| 0
| 0
| 0
| 36
| 17
| 3
|-
| [[2007-08]]
| 28
| 10
| 12
| 3
| 0
| 0
| 9
| 6
| 1
| -
| -
| -
| 40
| 16
| 13
|-
| [[2008-09]]
| 31
| 23
| 11
| 8
| 6
| 2
| 12
| 9
| 5
| -
| -
| -
| 51
| 38
| 18
|-
| [[2009-10]]
| 17
| 15
| 7
| 4
| 3
| 0
| 6
| 2
| 1
| 2
| 2
| 0
| 29
| 22
| 8
|-
! colspan="2"| कॅरिअर योग
!126
!69
!35
!22
!12
!3
!40
!19
!8
!2
!2
!0
!190
!102
!46
|}
=== अंतर्राष्ट्रीय गोल ===
{| class="wikitable" align="center"
|-
! #
! तिथि
! स्थान
! विपक्ष
! स्कोर
! परिणाम
! प्रतियोगिता
|-
| 1
| 1 मार्च 2006
| [[बेसल]], [[स्विट्ज़रलैंड]]
| {{fb|CRO}}
| 2-3
| हार
| [[दोस्ताना]]
|-
| 2
| 16 जून 2006
| [[गेलसेनकरचेन]], [[जर्मनी]]
| {{fb|SCG}}
| 6-0
| जीत
| [[2006 विश्व कप]]
|-
| 3
| 5 जून 2007
| [[बार्सिलोना]], [[स्पेन]]
| {{fb|ALG}}
| 4-3
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 4
| 5 जून 2007
| बार्सिलोना, स्पेन
| {{flagicon|ALG}} अल्जीरिया
| 4-3
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 5
| 8 जुलाई 2007
| [[बार्किसिमेटो]], [[वेनेज़ुएला]]
| {{fb|PER}}
| 4-0
| जीत
| [[2007 कोपा अमेरिका]]
|-
| 6
| 11 जुलाई 2007
| [[प्यूर्टो ऑर्डोज़]], वेनेज़ुएला
| {{fb|MEX}}
| 0-3
| जीत
| 2007 कोपा अमेरिका
|-
| 7
| 16 अक्टूबर 2007
| [[माराकइबो]], वेनेज़ुएला
| {{fb|VEN}}
| 0-2
| जीत
| [[2010 विश्व कप पात्रता]]
|-
| 8
| 20 नवम्बर 2007
| [[बोगोटा]], [[कोलम्बिया]]
| {{fb|COL}}
| 2-1
| हार
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 9
| 4 जून 2008
| [[सैन डिएगो]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]]
| {{flagicon|MEX}} मेक्सिको
| 1-4
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 10
| 11 अक्टूबर 2008
| [[ब्यूनोस एयर्स]], [[अर्जेंटीना]]
| {{fb|URU}}
| 2-1
| जीत
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 11
| 11 फ़रवरी 2009
| [[मार्सेल]], [[फ़्रांस]]
| {{fb|FRA}}
| 0-2
| जीत
| दोस्ताना
|-
| 12
| 28 मार्च 2009
| ब्यूनोस एयर्स, अर्जेंटीना
| {{flagicon|VEN}} वेनेज़ुएला
| 4-0
| जीत
| 2010 विश्व कप पात्रता
|-
| 13
| 14 नवम्बर 2009
| [[मैड्रिड]], [[स्पेन]]
| {{fb|ESP}}
| 1-2
| हार
| दोस्ताना
|}
== सम्मान ==
=== बार्सिलोना ===
* '''[[स्पैनिश लीग]] (3):''' [[2004-05]], [[2005-06]], [[2008-09]]
* '''[[स्पैनिश कप: (1)]] ''' [[2008-09]]
* '''[[स्पैनिश सुपरकप]] (3):''' [[2005]], [[2006]], [[2009]]
* '''[[UEFA चैम्पियन्स लीग]] (2):''' [[2005-06]], [[2008-09]]
* '''[[UEFA सुपर कप]] (1):''' [[2009]]
* '''[[FIFA क्लब विश्व कप]] (1):''' [[2009]]
=== अंतर्राष्ट्रीय ===
* [[FIFA U-20 विश्व कप]]: [[2005]]
* [[ओलंपिक स्वर्ण पदक]]: [[2008]]
* [[ कोपा अमेरिका]] : [[2021]]
*[[FIFA WORLD CUP]] :
[[2022]]*
@KATAR
=== व्यक्तिगत ===
* [[FIFA U-20 विश्व कप शीर्ष स्कोरर]]: 2005
* [[FIFA U-20 विश्व कप टूर्नामेंट का खिलाड़ी]]: 2005
* [[कोपा अमेरिका टूर्नामेंट का युवा खिलाड़ी]]: 2007
* [[U-21 वर्ष का यूरोपीय फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]: 2007
* [[अर्जेंटीना का वर्ष का खिलाड़ी]]: 2005, 2007, 2009
* [[FIFPro वर्ष का विशेष युवा खिलाड़ी]]: 2006-2007, 2007-2008
* [[FIFPro वर्ष का विश्व युवा खिलाड़ी]]: 2005-2006, 2006-2007, 2007-2008
* [[वर्ष का विश्व फ़ुटबॉल युवा खिलाड़ी]]: 2005-2006, 2006-2007, 2007-2008
* [[प्रिमियो डॉन बेलॉन (ला लिगा सर्वश्रेष्ठ विदेशी खिलाड़ी)]]: 2006-2007, 2008-2009
* [[EFE ट्रॉफी (ला लिगा में उत्तम इबेरो अमेरिकी खिलाड़ी)]]: 2006-2007, 2008-2009
* [[FIFPro विश्व एकादश]]: 2006-2007, 2007-2008, 2008-2009
* [[UEFA वर्ष की टीम]]: 2007-2008, 2008-2009
* [[FIFA वर्ष की टीम]]: 2008, 2009
* [[UEFA चैंपियन्स लीग शीर्ष स्कोरर]]: 2008-2009
* [[ट्रोफ़ियो अल्फ़्रेडो डी स्टेफ़ानो]]: 2008-2009
* [[UEFA क्लब वर्ष का फ़ारवर्ड]]: 2008-2009
* [[UEFA क्लब वर्ष का फ़ुटबॉलर]]: 2008-2009
* [[LFP]] सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी: 2008-2009
* [[LFP]] सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर: 2008-2009
* [[ओन्ज़े डी'ऑर]]: 2009
* [[बैलन डी'ऑर]]: 2009
* [[वर्ष का विश्व फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]: 2009
* [[FIFA क्लब विश्व कप गोल्डन बॉल]]: 2009
* [[टोयोटा पुरस्कार]]: 2009
* [[FIFA वर्ष का विश्व खिलाड़ी]]: 1996, 1997, 2002
* [[FIFPro वर्ष का विश्व खिलाड़ी]]: 2008-09
* [[[https://crickwind.com/inside-lionel-messis-revealed-house-rules-and-habits/ लियोनेल मेसी के घर के नियमों और आदतों के अंदर से देखें।] ]]
== नोट ==
<references group="nb"></references>
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category}}
[https://www.plustv.life/2022/12/lionel-messi-and-antonela-roccuzo.html Lionel Messi and Antonela Roccuzo की इमोशनल पोस्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221220110805/https://www.plustv.life/2022/12/lionel-messi-and-antonela-roccuzo.html |date=20 दिसंबर 2022 }}
* [https://archive.today/20120526231308/http://www.fcbarcelona.com/web/english/futbol/temporada_09-10/plantilla/jugadors/messi.html Lionel Messi biography] FC बार्सिलोना वेबसाइट पर
* [https://web.archive.org/web/20150629095408/http://www.fifa.com/worldfootball/statisticsandrecords/players/player=229397/index.html Lionel Messi statistics] FIFA.com पर
* [http://www.football-lineups.com/players/player.php?route=9 Tactical Profile ]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }} - Football-Lineups.com
* [https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html Messi scores but Inter Miami loses to Saudi Arabian team Al-Hilal in friendly] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240130093856/https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html |date=30 जनवरी 2024 }}
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{{Argentina Squad 2006 World Cup}}
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{{FC Barcelona Squad}}
{{Persondata <!-- Metadata: see [[Wikipedia:Persondata]] -->
|NAME = Messi, Lionel Andrés
|ALTERNATIVE NAMES =
|SHORT DESCRIPTION = Association footballer
|DATE OF BIRTH = 24 जून 1987
|PLACE OF BIRTH = Rosario, Argentina
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}}
{{DEFAULTSORT:Messi, Lionel}}
[[श्रेणी:1987 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:अर्जेंटीना के फ़ुटबॉल खिलाड़ी]]
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धर्मकीर्ति
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एक चित्र जोड़ा।
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wikitext
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[[चित्र:Dharmakirti.gif]]
'''धर्मकीर्ति''' (७वीं सती) [[भारत]] के विद्वान एवं भारतीय दार्शनिक तर्कशास्त्र के संस्थापकों में से थे। बौद्ध [[परमाणुवाद]] के मूल सिद्धान्तकारों में उनकी गणना की जाती है। वे [[नालन्दा महाविहार|नालन्दा]] में कार्यरत थे। धर्मकीर्ति बौद्ध विज्ञानबोध के सबसे बड़े दार्शनिक [[दिङ्नाग]] के शिष्य थे।
धर्मकीर्ति, [[प्रमाण]] के महापण्डित थे। [[प्रमाणवार्तिक]] उसका सबसे बड़ा एवं सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ है जिसका प्रभाव [[भारत]] और [[तिब्बत]] के दार्शनिक चिन्तन पर पड़ा। इस पर अनेक भारतीय एवं तिब्बती विद्वानों ने टीका की है। वे [[योगाचार]] तथा [[सौत्रान्तिक]] सम्प्रदाय से भी सम्बन्धित थे। [[मीमांसा दर्शन|मीमांसा]], [[न्याय दर्शन|न्याय]], शैव और जैन सम्प्रदायों पर उनकी रचनाओं का प्रभाव पड़ा।
==कृतियाँ==
* सम्बन्धपरीक्षावृत्ति
* प्रमाणविनिश्चय
* प्रमाणवार्त्तिककारिका
* प्रमाणवार्त्तिकस्ववृत्ति
* न्यायबिन्दुप्रकरण
* हेतुबिन्दुनामप्रकरण
* वादन्यायनामप्रकरण
* सन्तानान्तरसिद्धिनामप्रकरण
* रूपावतार
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20121215051334/http://books.google.co.in/books?id=V7sJvSoSsTkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false पाँच बौद्ध दार्शनिक] (गूगल पुस्तक ; लेखक - [[राहुल सांकृत्यायन]])
* [https://archive.org/details/NyayaBinduOfDharmakirtiWithDharmottaraCommentaryChandraShekharShastri/page/n1/mode/2up न्यायबिन्दु] (हिन्दी टीका - आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री)
* [https://sa.wikisource.org/wiki/वादन्यायः वादन्यायः]
[[श्रेणी:बौद्ध दर्शन]]
[[श्रेणी:बौद्ध तर्कशास्त्र]]
[[श्रेणी:भारतीय तर्कशास्त्र]]
[[श्रेणी:दार्शनिक]]
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'''धर्मकीर्ति''' (७वीं सती) [[भारत]] के विद्वान एवं भारतीय दार्शनिक तर्कशास्त्र के संस्थापकों में से थे। बौद्ध [[परमाणुवाद]] के मूल सिद्धान्तकारों में उनकी गणना की जाती है। वे [[नालन्दा महाविहार|नालन्दा]] में कार्यरत थे। धर्मकीर्ति बौद्ध विज्ञानबोध के सबसे बड़े दार्शनिक [[दिङ्नाग]] के शिष्य थे।
[[चित्र:Tibet, c. 15th-16th century - Portrait of Dharmakirti - 2010.474 - Cleveland Museum of Art.tif]]
धर्मकीर्ति, [[प्रमाण]] के महापण्डित थे। [[प्रमाणवार्तिक]] उसका सबसे बड़ा एवं सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ है जिसका प्रभाव [[भारत]] और [[तिब्बत]] के दार्शनिक चिन्तन पर पड़ा। इस पर अनेक भारतीय एवं तिब्बती विद्वानों ने टीका की है। वे [[योगाचार]] तथा [[सौत्रान्तिक]] सम्प्रदाय से भी सम्बन्धित थे। [[मीमांसा दर्शन|मीमांसा]], [[न्याय दर्शन|न्याय]], शैव और जैन सम्प्रदायों पर उनकी रचनाओं का प्रभाव पड़ा।
==कृतियाँ==
* सम्बन्धपरीक्षावृत्ति
* प्रमाणविनिश्चय
* प्रमाणवार्त्तिककारिका
* प्रमाणवार्त्तिकस्ववृत्ति
* न्यायबिन्दुप्रकरण
* हेतुबिन्दुनामप्रकरण
* वादन्यायनामप्रकरण
* सन्तानान्तरसिद्धिनामप्रकरण
* रूपावतार
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20121215051334/http://books.google.co.in/books?id=V7sJvSoSsTkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false पाँच बौद्ध दार्शनिक] (गूगल पुस्तक ; लेखक - [[राहुल सांकृत्यायन]])
* [https://archive.org/details/NyayaBinduOfDharmakirtiWithDharmottaraCommentaryChandraShekharShastri/page/n1/mode/2up न्यायबिन्दु] (हिन्दी टीका - आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री)
* [https://sa.wikisource.org/wiki/वादन्यायः वादन्यायः]
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'''धर्मकीर्ति''' (७वीं सती) [[भारत]] के विद्वान एवं भारतीय दार्शनिक तर्कशास्त्र के संस्थापकों में से थे। बौद्ध [[परमाणुवाद]] के मूल सिद्धान्तकारों में उनकी गणना की जाती है। वे [[नालन्दा महाविहार|नालन्दा]] में कार्यरत थे। धर्मकीर्ति बौद्ध विज्ञानबोध के सबसे बड़े दार्शनिक [[दिङ्नाग]] के शिष्य थे।
[[चित्र:Tibet, c. 15th-16th century - Portrait of Dharmakirti - 2010.474 - Cleveland Museum of Art.tif]]
धर्मकीर्ति, [[प्रमाण]] के महापण्डित थे। [[प्रमाणवार्तिक]] उसका सबसे बड़ा एवं सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ है जिसका प्रभाव [[भारत]] और [[तिब्बत]] के दार्शनिक चिन्तन पर पड़ा। इस पर अनेक भारतीय एवं तिब्बती विद्वानों ने टीका की है। वे [[योगाचार]] तथा [[सौत्रान्तिक]] सम्प्रदाय से भी सम्बन्धित थे। [[मीमांसा दर्शन|मीमांसा]], [[न्याय दर्शन|न्याय]], शैव और जैन सम्प्रदायों पर उनकी रचनाओं का प्रभाव पड़ा।
==कृतियाँ==
* सम्बन्धपरीक्षावृत्ति
* प्रमाणविनिश्चय
* प्रमाणवार्त्तिककारिका
* प्रमाणवार्त्तिकस्ववृत्ति
* न्यायबिन्दुप्रकरण
* हेतुबिन्दुनामप्रकरण
* वादन्यायनामप्रकरण
* सन्तानान्तरसिद्धिनामप्रकरण
* रूपावतार
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20121215051334/http://books.google.co.in/books?id=V7sJvSoSsTkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false पाँच बौद्ध दार्शनिक] (गूगल पुस्तक ; लेखक - [[राहुल सांकृत्यायन]])
* [https://archive.org/details/NyayaBinduOfDharmakirtiWithDharmottaraCommentaryChandraShekharShastri/page/n1/mode/2up न्यायबिन्दु] (हिन्दी टीका - आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री)
* [https://sa.wikisource.org/wiki/वादन्यायः वादन्यायः]
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[[चित्र:Dharmakirti.gif|right|thumb|300px|धर्मकीर्ति]]
'''धर्मकीर्ति''' (७वीं सती) [[भारत]] के विद्वान एवं भारतीय दार्शनिक तर्कशास्त्र के संस्थापकों में से थे। बौद्ध [[परमाणुवाद]] के मूल सिद्धान्तकारों में उनकी गणना की जाती है। वे [[नालन्दा महाविहार|नालन्दा]] में कार्यरत थे। धर्मकीर्ति बौद्ध विज्ञानबोध के सबसे बड़े दार्शनिक [[दिङ्नाग]] के शिष्य थे।
[[चित्र:Tibet, c. 15th-16th century - Portrait of Dharmakirti - 2010.474 - Cleveland Museum of Art.tif|right|thumb|300px|धर्मकीर्ति]]
धर्मकीर्ति, [[प्रमाण]] के महापण्डित थे। [[प्रमाणवार्तिक]] उसका सबसे बड़ा एवं सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ है जिसका प्रभाव [[भारत]] और [[तिब्बत]] के दार्शनिक चिन्तन पर पड़ा। इस पर अनेक भारतीय एवं तिब्बती विद्वानों ने टीका की है। वे [[योगाचार]] तथा [[सौत्रान्तिक]] सम्प्रदाय से भी सम्बन्धित थे। [[मीमांसा दर्शन|मीमांसा]], [[न्याय दर्शन|न्याय]], शैव और जैन सम्प्रदायों पर उनकी रचनाओं का प्रभाव पड़ा।
==कृतियाँ==
* सम्बन्धपरीक्षावृत्ति
* प्रमाणविनिश्चय
* प्रमाणवार्त्तिककारिका
* प्रमाणवार्त्तिकस्ववृत्ति
* न्यायबिन्दुप्रकरण
* हेतुबिन्दुनामप्रकरण
* वादन्यायनामप्रकरण
* सन्तानान्तरसिद्धिनामप्रकरण
* रूपावतार
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20121215051334/http://books.google.co.in/books?id=V7sJvSoSsTkC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false पाँच बौद्ध दार्शनिक] (गूगल पुस्तक ; लेखक - [[राहुल सांकृत्यायन]])
* [https://archive.org/details/NyayaBinduOfDharmakirtiWithDharmottaraCommentaryChandraShekharShastri/page/n1/mode/2up न्यायबिन्दु] (हिन्दी टीका - आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री)
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[[श्रेणी:बौद्ध दर्शन]]
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text/x-wiki
[[File:Simple distillation apparatus.svg|thumb|right|225px|प्रयोगशाला में आसवन का प्रदर्शन: '''1: '''गरम करने का साधन '''2: '''Still pot '''3: '''Still head '''4: '''तापमापी/क्वथनांक ताप '''5: '''कंडेंसर '''6: '''शीतल जल प्रवेश मार्ग '''7: '''शीतल जल निकास मार्ग '''8: '''संग्राहक फ्लास्क '''9: '''निर्वात/गैस इनलेट '''10: '''Still receiver '''11: '''ऊष्मा नियंत्रण '''12: '''Stirrer speed control '''13: '''Stirrer/heat plate '''14: '''Heating (Oil/sand) bath '''15:''' Stirring means e.g.(shown), anti-bumping granules or mechanical stirrer '''16: '''Cooling bath.<ref name=HarwoodMoodyEOCPAP141>{{cite book
|author = Laurence M. Harwood, Christopher J. Moody
|title = Experimental organic chemistry: Principles and Practice
|edition = Illustrated
|pages = [https://archive.org/details/experimentalorga00harw/page/141 141–143]
|isbn = 978-0632020171
|year = 1990
|publisher = WileyBlackwell
|location = Oxford
|date = 13 जून 1989
|url = https://archive.org/details/experimentalorga00harw/page/141
}}</ref>]]
'''आसवन''' (Distillation) किसी मिश्रित द्रव के अवयवों को उनके वाष्पन-सक्रियताओं (volatilities) के अन्तर के आधार पर उन्हें अलग करने की विधि है। यह पृथक्करण की [[भौतिक परिवर्तन|भौतिक]] विधि है न कि [[रासायनिक परिवर्तन]] अथवा [[रासायनिक अभिक्रिया]]।
व्यावसायिक दृष्टि से आसवन के बहुत से उपयोग हैं। [[कच्चा तेल|कच्चे तेल]] (क्रूड आयल) के विभिन्न अवयवों को पृथक करने के लिये इसका उपयोग किया जाता है। पानी का आसवन करने से उसकी अशुद्धियाँ (जैसे [[नमक]]) निकल जातीँ हैं और अधिक शुद्ध जल प्राप्त होता है।
== परिचय ==
आजकल आसवन शब्द पुराने की अपेक्षा अधिक व्यापक अर्थ में प्रयुक्त होता है। भभके में वाष्पवान् द्रव्य को उड़ाना और उड़ी हुई भाप को ठंडा करके फिर चुआ लेना, यह सबकी सब प्रक्रिया '''आसवन''' कहलाती है। आसवन का उद्देश्य किसी वाष्पवान् अंश को अन्य अवाष्पवान् अंशों से पृथक् किए जा सकते हैं। पुराने समय में आसवन की इस विधि का उपयोग केवल आसवों अर्थात् [[मदिरा]] के समान पेय तैयार करने में किया जाता था, पर आजकल आसवन द्वारा अनेक रासायनिक द्रव्यों का [[शोधन]] किया जाता है। आसवन की एक साधारण परिभाषा यह है कि [[विलयन]] में से विलायक को भाप बनाकर उड़ाना और फिर उसे संघनित कर लेना। इस परिभाषा के भीतर 'साधारण आसवन' और 'प्रभाजित आसवन', दोनों सम्मिलित हैं। आसवन से मिलती जुलती एक विधि का नाम [[ऊर्ध्वपातन]] है। [[उर्ध्वपातन (रसायन)|ऊर्ध्वपातन]] में वाष्पवान् ठोस पदार्थ भभके में गरम करके उड़ाया जाता है और फिर उस भाप को ठंडा करके ठोस शुद्ध पदार्थ प्राप्त कर लिया जाता है।
लोकसाहित्य में ''आसव'' शब्द [[सुरा]] या मदिरा के अर्थ में प्रयुक्त होता है। द्राक्षासव, उशीरासव आदि आसव [[आयुर्वेद]] ग्रंथों में प्रसिद्ध हैं। सौत्रामणी के प्रकरण में आसुता सुरा का सबसे पुराना उल्लेख यजुर्वेद के १९वें अध्याय में मिलता है। सुराधनी कुंभी वह पात्र था जिसमें तैयार की हुई सुरा रखी जाती थी। अकुंर निकले हुए [[धान]] और [[जौ]] से सुरा बनाने में [[सोंठ]], [[पुनर्नवा]], [[पिप्पली]] आदि औषधियों का प्रायोग किया जाता था। लगभग तीन रात ये पदार्थ पानी में सड़ते रहते थे और फिर उबाल और छानकर सुरा तैयार की जाती थी।
प्रकृति में आसवन का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण समुद्र के खारे पानी में से पानी की भाप का उठना, फिर भाप का वायुमंडल के ठंडे भाग में पहुँचकर ठंडा होना और शुद्ध जल के रूप में बरसना है। वर्षा का जल एक प्रकार से शुद्ध आसुत जल है, परंतु बरसते समय यह साधारण [[वायुमंडल]] से अपद्रव्य का शोषण कर लेता है।
[[चित्र:Colonne distillazione.jpg|right|thumb|300px|औद्योगिक आसवन के लिये बने टॉवर]]
प्रयोगशालाओं और कारखानों में आसवन के निमित्त जिस उपकरण का प्रयोग किया जाता है उसके मुख्यतया तीन अंग होते हैं:
:(१) भभका, (२) संघनित्र और (३) ग्राही।
भभके में वह मिश्रण रखा जाता है जिसमें से वाष्पवान् अंश पृथक् करना होता है। ये भभके उपयोगानुसार काच, तांबे, लोहे अथवा मिट्टी के बने होते हैं। शराब बनाने के कारखानों में बहुधा तांबे के बने भभकों का प्रयोग होता हैं। और प्रयोगशालाओं में कांच के भभकों का। भभके के नीचे भट्ठी या गरम करने के निमित्त किसी उपयोगी साधन का प्रयोग किया जाता है। भभके में से उड़ी हुई भाप संघनित्र में पहुँचती है। संघनित्र अनेक प्रकार के प्रचलित हैं। सभी संघनित्रों का उद्देश्य यह होता है कि भाप शीघ्र से शीघ्र और भली भांति ठंडी हो जाए। यह आवश्यक है कि संघनित्र में अधिक से अधिक पृष्ठ उस हवा या पानी के संपर्क में आए जिसके द्वारा भाप को ठंडा होना है। तांबा गरमी का अच्छा चालक है। इसकी नलिकाएं (पाइप) यथेष्ट पतली बन सकती है; अत: कारखानों में अधिकतर तांबे के ही संघनित्रों का व्यवहार किया जाता है। वस्तुत: संघनित्र वह उपकरण है जिसमें गरम भाप एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचते-पहुँचते ठंडी हो जाए। जिन द्रव्यों के क्वथनांक बहुत ऊँचे हैं, उनकी भाप हवा से ठंडी की जा सकती है। इसके लिए वायुसंघनित्र काम में लाए जाते हैं। [[ऐल्कोहल]], [[बेंज़ीन]], [[ईथर]] आदि द्रवों की भापों को ठंडा करने के लिए ऐसे संघनित्रों का प्रयोग होता है जिनमें पानी के प्रवाह का प्रबंध हो। आसवन उपकरण का तीसरा अंग ग्राही है। यह वह पात्र है जिसमें भाप के ठंडा हो जाने पर बना हुआ द्रव इकठ्ठा किया जा सके। ग्राही भी सुविधानुसार अनेक प्रकार के होते हैं।
== प्रकार ==
[[चित्र:Continuous Binary Fractional Distillation.PNG|right|thumb|300px|औद्योगिक उपयोग के लिये निर्मित एक आसवन स्तम्भ का आरेख]]
[[चित्र:Schotland Glenmorangie distilleerkolven 1-06-2011 14-56-22.png|right|thumb|300px|स्कॉच ह्विस्की के उत्पादन के लिये संयंत्र (स्कॉटलैण्ड)|कड़ी=Special:FilePath/Schotland_Glenmorangie_distilleerkolven_1-06-2011_14-56-22.png]]
तीन प्रकार के आसवन महत्वपूर्ण माने जाते हैं - प्रभाजित आसवन, निर्वात आसवन और भंजक आसवन।
'''[[प्रभाजी आसवन|प्रभाजित आसवन]]''' (fractional distillation) द्वारा विलयन, अर्थात् मिश्रण, में से उन द्रवों को पृथक् किया जा सकता है जिनके [[क्वथनांक]] पर्याप्त भिन्न हों। द्रवों का वाष्प प्रभाजित आसवन के संघनित्रों में इस प्रकार क्रमश: ठंढा किया जा सकता है कि ग्राही में पहले वे द्रव ही चुए जो सापेक्षत: ठंढा किया जा सकता है जो सापेक्षत: अधिक वाष्पवान् हों। इस काम के लिए जिन भभकों का उपयोग किया जाता है उनमें ताप धीरे धीरे बढ़ता है।
'''[[निर्वात आसवन]]''' (vacuum distillation) के लिए ऐसा प्रबंध किया जाता है कि भभके और संघनित्र के भीतर की वायु पंप द्वारा बहुत कुछ निकल जाए। विलयन के ऊपर वायु की दाब कम होने पर विलायकों का क्वथनांक भी कम हो जाता है और वे सापेक्षत: आति न्यून ताप पर ही आसवित किए जा सकते हैं।
'''[[भंजक आसवन]]''' (destructive distillation) एक प्रकार का शुष्क आसवन होता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण [[कोयला|कोयले]] का आसवन है। पत्थर के कोयले में पानी का अंश तो कम ही होता है, पर जब वह अधिक तप्त किया जाता है तो उसके प्रभंजन (टूटने) द्वारा अनेक पदार्थ बनते हैं जिन्हें भाप बनाकर उड़ाया और फिर ठंडा करके ठोस या द्रव किया जा सकता है। प्रभंजन में कुछ ऐसी भी गैसें बन सकती हैं जो ठंडी होने पर द्रव या ठोस तो न बनें, पर गैस रूप में ही जिनकी उपयोगिता हो; उदाहरणत:, संभव है, इन गैसों का उपयोग हवा के साथ जलाकर प्रकाश अथवा ऊष्मा पैदा करने में किया जा सकता हो। पत्थर के कोयले से प्रभंजक आसवन से इस प्रकार की गैसों के अतिरिक्त क्रियोज़ोट, नैफ्थैलीन आदि पदार्थ प्राप्त किए जा सकते हैं। [[पेट्रोलियम|मिट्टी के तेल]] का भी प्रभंजक आसवन किया जा सकता है।
साधारण आसवन का उपयोग [[इत्र]] तैयार करने में भी किया जाता है। इत्र तैयार करने में भाप, आसवन का प्रयोग किया जाता है। पानी की भाप के साथ साथ इत्र उड़ाए जाते हैं और संघनित्र में ठंडा करके पानी और इत्र का मिश्रण ग्राही में प्राप्त किया जाता है।
==उपयोग==
व्यापारिक रूप से आसवन के कई उपयोग है-
* क्रूड ऑयल के [[प्रभाजी आसवन]] से ईंधन और अन्य अनेकों पदार्थ प्राप्त होते हैं।
* आसवन के द्वारा [[वायु]] को इसके अवयवों (आक्सीजन, नाइट्रोजन, आर्गान आदि) में विभाजित किया जाता है जो औद्योगिक उपयोग में आतीं हैं।
* औद्योगिक रसायन के क्षेत्र में, [[रासायनिक संश्लेषण]] द्वारा निर्मित किये गये द्रवों को आसवित करके अलग किया जाता है।
* [[किण्वन|किण्वित]] उत्पादों का आसवन करने से आसवित पेय प्राप्त होते हैं जिनमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होती है।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
==इन्हें भी देखें==
*प्रभाजी आसवन
*[[भापीय आसवन]] (steam distillation )
*[[निर्वात आसवन]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20040416175609/http://www.agcom.purdue.edu/AgCom/Pubs/AE/AE-117.html Alcohol distillation]
* [http://www.members.tripod.com/historycheme/h_distill.html Case Study: Petroleum Distillation] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200730041226/http://www.members.tripod.com/historycheme/h_distill.html |date=30 जुलाई 2020 }}
* {{cite web|url=http://www.cheric.org/research/kdb/hcvle/hcvle.php|title=Binary Vapor-Liquid Equilibrium Data|publisher=Chemical Engineering Research Information Center|format=searchable database|dateformat=dmy|accessdate=5 मई 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070829144547/http://www.cheric.org/research/kdb/hcvle/hcvle.php|archive-date=29 अगस्त 2007|url-status=dead}}
[[श्रेणी:पृथक्करण प्रक्रिया]]
[[श्रेणी:प्रयोगशाला तकनीक]]
[[श्रेणी:आसवन]]
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text/x-wiki
{{About|डेटाबेस संबंधित कम्प्यूटर [[प्रोग्रामिंग भाषा]]|हवाईअड्डे SQL|सैन कर्लोस एयरपोर्ट}}{{Infobox programming language
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'''संरचित पृच्छा भाषा'''<ref name="SQL-Fundamentals" /><ref>{{cite book|last=Beaulieu|first=Alan|title=Learning SQL|url=https://archive.org/details/learningsql0000beau_p5d6|editor=Mary E. Treseler|publisher=O'Reilly|location=Sebastapol, CA, USA|date=अप्रैल 2009|edition=2nd|isbn=978-0-596-52083-0}}</ref> एक [[डेटाबेस]] [[प्रोग्रामिंग भाषा]] है जिसे ''रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम्स'' या संबंधपरक [[डेटाबेस प्रबन्धन प्रणाली]] में [[आँकड़ा|आंकणों]] के प्रबंधन के लिए बनाया गया है और यह मूलतः ''रिलेशनल ऐलजेब्रा'' या संबंधपरक बीजगणित पर आधारित है। इसके दायरे में आंकणों पर प्रश्न (क्वेरी), आँकणों का अद्दतन (अपडेट), स्कीमा (प्रयोगकर्ता) निर्माण और रूपांतरण और ''डेटा ऐक्सेस कंट्रोल'' (आँकणों के उपयोग पर नियंत्रण) शामिल है। SQL, एडगर एफ. कॉड के रिलेशनल मॉडल के सबसे प्रारंभिक कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग भाषाओं में से एक था जिसे उन्होंने अपने 1970 के प्रभावशाली दस्तावेज़ (पेपर), "ए रिलेशनल मॉडल ऑफ डेटा फॉर लार्ज शेयर्ड डेटा बैंक्स"<ref name="codd-relational-model">{{cite journal
| last = Codd
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| title = A Relational Model of Data for Large Shared Data Banks
| journal = Communications of the ACM
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| pages = 377–387
| publisher = Association for Computing Machinery
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| accessdate = 9 जून 2007
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}}</ref> में प्रस्तुत किया था और यह रिलेशनल डेटाबेसों के लिए सबसे व्यापक रूप से प्रयुक्त होने वाली भाषा बन गयी।<ref name="IBM-sql">{{cite web
| title = Structured Query Language (SQL)
| publisher = International Business Machines
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}}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref name="chapple">{{cite web
| last = Chapple
| first = Mike
| title = SQL Fundamentals
| work = About.com: Databases
| publisher = About.com
| url = http://databases.about.com/od/sql/a/sqlfundamentals.htm?terms=SQL
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}}</ref>
== इतिहास ==
SQL को 1970 के दशक के शुरुआत में डैनियल रिचर्डसन, डॉनल्ड डी॰ चेम्बरलिन और रेमंड एफ. बॉयस द्वारा [[आइ०बी०ऍम०]] में विकसित किया गया था। यह संस्करण, जिसका प्रारंभिक नाम '''SEQUEL (सिक्वेल)''' था, आईबीएम के मूल रिलेशनल डेटाबेस उत्पाद सिस्टम आर. (System R) में संग्रहित डेटा के फेर-बदल तथा पुनःप्रतिष्ठापन के लिए डिजाइन किया गया था। IBM ने SQL के इस संस्करण का 1985 में [[पेटेंट]] करा लिया।<ref name="ibmpatent">{{cite web |url=http://www.google.com/patents?id=eKI-AAAAEBAJ |title=US Patent 4,506,326 |accessdate=4 नवंबर 2008 |author=Shaw et al. |date=19 मार्च 1985 }}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
1970 के दशक के दौरान, IBM सैन जोस रिसर्च लैबॉरेटरी में एक समूह ने [[सिस्टम]] रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम को विकसित किया। उसके बाद IBM के डॉनल्ड डी. चैंबर्लिन और रेमंड एफ. बॉयस ने सिस्टम आर. (System R) में संग्रहित डेटा के प्रबंधन के लिए '''स्ट्रक्चर्ड इंग्लिश क्वेरी लैंग्वेज़''' (SEQUEL या SEQL) की रचना की। <ref name="chamberlin-boyce-sequel">{{cite journal
| last = Chamberlin
| first = Donald D.
| author2 = Boyce, Raymond F.
| title = SEQUEL: A Structured English Query Language
| journal = Proceedings of the 1974 ACM SIGFIDET Workshop on Data Description, Access and Control
| pages = 249–264
| publisher = Association for Computing Machinery
| year = 1974
| format = PDF
| url = http://www.almaden.ibm.com/cs/people/chamberlin/sequel-1974.pdf
| accessdate = 9 जून 2007
| archive-url = https://web.archive.org/web/20070926212100/http://www.almaden.ibm.com/cs/people/chamberlin/sequel-1974.pdf
| archive-date = 26 सितंबर 2007
| url-status = live
}}</ref> आदिवर्णिक शब्द SEQUEL को बाद में बदल कर SQL कर दिया गया क्योंकि "SEQUEL" [[यूनाइटेड किंगडम|UK स्थित]] हॉकर सिडली नामक विमान कंपनी का [[ट्रेडमार्क]] था।<ref name="oppel-databases">{{cite book
| last = Oppel
| first = Andy
| title = Databases Demystified
| publisher = McGraw-Hill Osborne Media
| date = March 1, 2004
| location = [[San Francisco, CA]]
| pages = [https://archive.org/details/databasesdemysti0000oppe/page/90 90–91]
| url = https://archive.org/details/databasesdemysti0000oppe/page/90
| isbn = 0-07-225364-9
}}</ref>
1970 के दशक के आरंभ में [[मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान|MIT]] में विकसित RDMS और 1974 में यू.सी. बर्कले (U.C. Berkely) में विकसित इन्ग्रेस (Ingres), पहले ''रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (RDBMS)'' थे। इन्ग्रेस (Ingres) ने QUEL नामक एक क्वेरी लैंग्वेज़ को कार्यान्वित किया जिसे बाद में बाज़ार में SQL ने विस्थापित कर दिया। <ref name="oppel-databases" />
1970 के दशक के आखिर में, रिलेशनल सॉफ्टवेयर, इंक. [Relational Software, Inc.] (अब [[ओरेकल फाउंडेशन|ओरेकल कॉर्पोरेशन]]) ने कॉड, चैंबर्लिन और बॉयस द्वारा उल्लेखित अवधारणाओं की संभाव्यता को देखा और स्वयं की SQL आधारित RDBMS को इस आकांक्षा के साथ विकसित किया कि वह उसे [[अमेरिकी नौसेना|यू.एस. नेवी]], [[सी आइ ए|सेन्ट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार|यू.एस. गवर्नमेंट]] एजेंसियों को बेच सके। 1979 की गर्मियों में, रिलेशनल सॉफ्टवेयर, इंक. ने वैक्स कंप्यूटरों के लिए व्यावसायिक तौर पर उपलब्ध SQL के प्रथम कार्यान्वयन, [[ओरैकल डाटाबेस|ओरेकल]] V2 (संस्करण 2) को प्रस्तुत किया। ''ओरेकल V2 [Oracle V2]'' ने बाज़ार में IBM के सिस्टम/38 RDBMS के रिलीज़ को कुछ सप्ताहों में ही मात दे दी। {{Citation needed|date=जून 2007}}
सिस्टम की उपयोगिता और व्यवहारिकता का निर्धारण करने हेतु ग्राहक परीक्षण स्थलों पर SQL का परीक्षण करने के बाद IBM ने उनके सिस्टम आर (System R) के मूलरूप पर आधारित व्यावसायिक उत्पादों का विकास करना शुरु किया। सिस्टम आर (System R) के मूलरूप में सिस्टम/38 (System/38), एसक्यूएल/डीएस और डीबी २ शामिल थे और जो क्रमशः 1979, 1981 और 1983 में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध थे।<ref name="IBM-history">{{cite web
| title = History of IBM, 1978
| work = IBM Archives
| publisher = IBM
| url = http://www-03.ibm.com/ibm/history/history/year_1978.html
| accessdate = 9 जून 2007
| archive-url = https://web.archive.org/web/20070310224345/http://www-03.ibm.com/ibm/history/history/year_1978.html
| archive-date = 10 मार्च 2007
| url-status = live
}}</ref>
SQL की आम आलोचनाओं में वेंडर्स के बीच विभिन्न [[प्रचालन तन्त्र|प्रचालन तंत्रों]] पर सुवाह्यता की कमी, खोए हुए डेटा का अनुपयुक्त संचालन (''देखें [[:en:Null (SQL)|Null(SQL)]]'') और अनावश्यक रूप से जटिल और कभी-कभी अस्पष्ट भाषा व्याकरण और अर्थ शामिल थे। इसमें रिलेशनल ऐलजेब्रा जैसे औपचारिक भाषा की कठोरता का भी अभाव है।
== '''एसक्यूएल का परिचय''' ==
'''SQL,''' या स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज, एक डोमेन-विशिष्ट प्रोग्रामिंग भाषा है जिसका उपयोग रिलेशनल डेटाबेस के प्रबंधन और हेरफेर के लिए किया जाता है। यह डेटाबेस सिस्टम के साथ संचार के एक मानक साधन के रूप में कार्य करता है, जो डेटा के निर्माण, संशोधन और पुनर्प्राप्ति की सुविधा प्रदान करता है। SQL डेटाबेस प्रबंधन के क्षेत्र का अभिन्न अंग है और इसका उपयोग डेवलपर्स, डेटाबेस प्रशासकों और डेटा विश्लेषकों द्वारा किया जाता है। SQL के प्राथमिक कार्यों में डेटाबेस में नया डेटा सम्मिलित करना, मौजूदा रिकॉर्ड को अपडेट करना, डेटा हटाना और विशिष्ट जानकारी के लिए क्वेरी करना शामिल है। SQL एक रिलेशनल डेटाबेस मॉडल की नींव पर काम करता है, जहाँ डेटा को तालिकाओं में व्यवस्थित किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक में पंक्तियाँ और स्तंभ होते हैं। SQL विभिन्न प्लेटफार्मों पर डेटाबेस के साथ इंटरैक्ट करने का एक सुसंगत और कुशल तरीका प्रदान करता है। इसके सिंटैक्स और कमांड को मानकीकृत किया गया है, जिससे उपयोगकर्ता विभिन्न डेटाबेस प्रबंधन प्रणालियों, जैसे कि MySQL, PostgreSQL, Oracle, SQL सर्वर और अन्य के साथ निर्बाध रूप से काम कर सकते हैं। [https://www.careerscourses.in/2024/03/SQL-Kya-Hai-in-Hindi----Complete-Explain%20.html] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240322183341/https://www.careerscourses.in/2024/03/SQL-Kya-Hai-in-Hindi----Complete-Explain%20.html |date=22 मार्च 2024 }}
== भाषा के तत्त्व ==
[[चित्र:SQL ANATOMY wiki.svg|अंगूठाकार|275px|इस चार्ट से SQL भाषा के उन तत्वों का पता चलता है जो एक स्टेटमेंट/query की रचना करते हैं।]]
SQL भाषा कई भाषा तत्वों में उप-विभाजित है, इनमें शामिल हैं:
* ''क्लॉजेज़'', जो कुछ मामलों में 'स्टेटमेंट्स' और 'क्वेरीज़' की संघटक, वैकल्पिक इकाइयां हैं।<ref>ANSI/ISO/IEC इंटरनैशनल स्टैंडर्ड (अंतर्राष्ट्रीय मानक) (IS). डेटाबेस लैंग्वेज़ SQL—भाग 2: फाउंडेशन (SQL/फाउंडेशन). 1999.</ref>
* ''एक्सप्रेशंस'' जो या तो [[स्कैलर]] वैल्यूज़ या सारणी में डेटा वाली [[पंक्ति (सारणी)|पंक्तियों]] और लम्बवत [[पंक्ति (सारणी)|पंक्तियों]] से बने [[टेबल (डेटाबेस)|टेबलों]] का निर्माण कर सकते हैं।
* ''प्रेडिकेट्स'' जो वैसे 'कंडीशंस' निर्दिष्ट करते हैं जिन्हें SQL [[थ्री-वैल्यूड लॉजिक (3VL)]] बूलियन [[ट्रूथ मानों]] में मूल्यांकित किया जा सकता है और जो स्टेटमेंट्स और क्वेरीज़ के प्रभावों को कम करने, या प्रोग्राम के प्रवाह को बदलने के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं।
* ''क्वेरीज'' जो विशिष्ट मापदंडों के आधार पर डेटा का पुनःप्रतिष्ठापन करते हैं।
* ''स्टेटमेंट्स'' (प्रश्न वाक्य) जिनका स्कीमाज़ और डेटा पर निरंतर प्रभाव रह सकता है, या जो लेनदेन, प्रोग्राम प्रवाह, कनेक्शन, सत्र, या डायग्नोस्टिक्स का नियंत्रण कर सकते हैं।
** SQL प्रश्न वाक्यों में सेमी कॉलन (";") भी शामिल है। इसे प्रश्न समाप्ति सूचक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हरेक प्लेटफॉर्म पर इसकी ज़रुरत नहीं होती, इसे SQL व्याकरण के मानक हिस्से के रूप में निरूपित किया जाता है।
* निरर्थक खाली जगहों को SQL वाक्यों और क्वेरीज़ में सामान्यतः नज़रंदाज़ कर दिया जाता है, इससे SQL वाक्यों को सुपाठ्यता के लिए लिखना आसन हो जाता है।
=== क्वेरीज़ ===
SQL में सबसे आम कार्यवाही क्वेरी करना यानि आँकंणों के बारे में प्रश्न करना है, जो डिक्लेयरेटिव <code>[[SELECT]]</code> स्टेटमेंट के साथ निष्पादित किया जाता है। <code>SELECT</code> एक या एक से अधिक [[टेबल (डेटाबेस)|टेबल]] या एक्स्प्रेसंस से डेटा पुनःप्रतिष्ठापित करता है। मानक SELECT स्टेटमेंट्स का डेटाबेस पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं होता है। <code>SELECT</code> की कुछ गैर-मानक परिणतियों का स्थायी प्रभाव रह सकता है, जैसे <code>SELECT INTO</code> वाक्यविन्यास (सिन्टैक्स) जो कुछ डेटाबेसों में मौजूद रहता है।<ref name="ms-sql-select-into">{{cite web
| title = INTO Clause (Transact-SQL)
| work = SQL Server 2005 Books Online
| publisher = Microsoft
| year = 2007
| url = http://msdn2.microsoft.com/en-us/library/ms188029(SQL.90).aspx
| accessdate = 17 जून 2007;
| archive-url = https://web.archive.org/web/20070621131732/http://msdn2.microsoft.com/en-us/library/ms188029(SQL.90).aspx
| archive-date = 21 जून 2007
| url-status = live
}}</ref>
क्वेरीज़, उपयोगकर्त्ता को वांछित डेटा की व्याख्या करने की क्षमता प्रदान करता है, इससे उस परिणाम (वांछित) को प्राप्त करने के लिए [[नियोजन]], [[इष्टतमीकरण]] और आवश्यक भौतिक परिचालनों को अंजाम देने की ज़िम्मेदारी [[डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS)]] की होती है।
एक क्वेरी में <code>SELECT</code> कीवर्ड के तुरंत बाद के परिणाम में सम्मिलित करने के लिए कॉलमों की एक सूची शामिल रहती है। यह निर्दिष्ट करने के लिए कि क्वेरी क्वेरिड टेबलों के सभी कॉलमों को रिटर्न करे, एक ऐस्टेरिस्क (<code>*</code>) का भी उपयोग किया जा सकता है। <code>SELECT</code>, SQL का सबसे जटिल स्टेटमेंट है जिसमें वैकल्पिक कीवर्ड्स और क्लॉजेज़ भी होते हैं। इनमें शामिल हैं:
* <code>[[FROM]]</code> क्लॉज़ जो यह इंगित करता है कि कौन से टेबलों से डेटा को पुनःप्रतिष्ठापित किया जाना है। <code>FROM</code> क्लॉज़ में टेबलों को जोड़ने के लिए वैकल्पिक <code>[[JOIN]]</code> सबक्लॉज़ को शामिल किया जा सकता है।
* <code>[[WHERE]]</code> क्लॉज़ में एक 'कम्पॅरिजन प्रेडीकेट' शामिल है जो क्वेरी द्वारा रिटर्न पंक्तियों को सीमित करता है। <code>WHERE</code> क्लॉज़ उन सभी पंक्तियों को रिजल्ट सेट से बाहर कर देता है जिनके लिए 'कम्पॅरिजन प्रेडिकेट्स' का मान 'ट्रू' नहीं हो पाता है।
* <code>[[GROUP BY]]</code> क्लॉज़ का उपयोग समान मान वाली पंक्तियों को पंक्तियों के एक छोटे समूह में बदलने के लिए किया जाता है। <code>GROUP BY</code> का उपयोग अक्सर SQL ऐग्रिग्रेसन फंक्शनों के साथ संयोजन के रूप में डुप्लीकेट पंक्तियों को परिणामी सेट (रिजल्ट सेट) से बाहर करने के लिए होता है। <code>WHERE</code> क्लॉज <code>GROUP BY</code> क्लॉज़ से पहले प्रयुक्त होता है।
* <code>[[HAVING]]</code> क्लॉज़ में <code>GROUP BY</code> क्लॉज़ से उत्पन्न पंक्तियों के निस्पंदन के लिए प्रयुक्त होने वाला एक प्रेडीकेट शामिल रहता है। चूंकि यह <code>GROUP BY</code> क्लॉज़ के परिणामों पर काम करता है, इसलिए <code>HAVING</code> क्लॉज़ प्रेडीकेट में ऐग्रिगेशन फंक्शनों का प्रयोग किया जा सकता है।
* <code>[[ORDER BY]]</code> क्लॉज़ बतलाता है कि कौन से कॉलम परिणामी डेटा को क्रमबद्ध करने में प्रयुक्त होते हैं और कौन से क्रम में वे क्रमबद्ध होने चाहिए (विकल्प हैं, बढ़ते या घटते क्रम में). एक <code>ORDER BY</code> क्लॉज़ के बिना, एक SQL क्वेरी द्वारा रिटर्न किये गए पंक्तियों का अनुक्रम अपरिभाषित रहता है।
निम्नलिखित <code>SELECT</code> क्वेरी का एक उदाहरण है जो महंगी किताबों की एक सूची को रिटर्न करता है। क्वेरी ''BOOK'' नामक टेबल से उन पंक्तियों को प्राप्त कर लेता है जिनमें कि ''Price'' कॉलम में मौजूद मान 100.00 से ज्यादा है। परिणाम ''title'' के अनुसार बढ़ते हुए क्रम में क्रमबद्ध रहता है। ''select list'' में मौजूद ऐस्टरिस्क (*) यह दर्शाता है कि ''Book'' टेबल के सारे कॉलम रिजल्ट सेट में उपस्थित रहने चाहिए।
<syntaxhighlight lang="sql">
SELECT *
FROM Book
WHERE price>100.00
ORDER BY title;
</syntaxhighlight>
नीचे दिया गया उदाहरण किताबों की एक सूची और प्रत्येक किताब से संबद्ध लेखकों की संख्या रिटर्न कर मल्टिपल टेबल, ग्रुपिंग और ऐग्रीगेशन की एक क्वेरी को दर्शाता है।
<syntaxhighlight lang="sql">
SELECT Book.title,
count(*)AS Authors
FROM Book
JOIN Book_author ON Book.isbn = Book_author.isbn
GROUP BY Book.title;
</syntaxhighlight>
उदाहरण आउटपुट निम्नलिखित के जैसा हो कता है:
Title Authors
---------------------- -------
SQL Examples and Guide 4
The Joy of SQL 1
An Introduction to SQL 2
Pitfalls of SQL 1
इस पूर्व शर्त के अंतर्गत कि दोनों टेबलों में सिर्फ ''isbn'' ही सामान नाम वाले कॉलमों का नाम है और यह कि ''title'' नामक कॉलम सिर्फ ''Books'' टेबल में ही मौजूद है, ऊपर लिखित क्वेरी को निम्नलिखित रूप में दुबारा लिखा जा सकता है:
<syntaxhighlight lang="sql">
SELECT title,
count(*) AS Authors
FROM Book
NATURAL JOIN Book_author
GROUP BY title;
</syntaxhighlight>
हालांकि, कई वेंडर्स या तो इस तरीके को सपोर्ट नहीं करते, या फिर उन्हें कॉलम नामकरण की परिपाटियों की ज़रुरत होती है।
SQL में संगृहीत मानों पर गणना करने के लिए ऑपरेटर्स और फंक्शन्स मौजूद होते हैं। SQL, डेटा को परियोजित करने के लिए ''select list (सेलेक्ट सूची)'' में एक्सप्रेशंस के प्रयोग की अनुमति देता है, जैसा निम्नलिखित उदाहरण में दर्शाया गया है जो उन पुस्तकों की एक सूची रिटर्न करता है जिनकी कीमत 100.00 से ज्यादा है, साथ में एक अतिरिक्त सेल्स टैक्स कॉलम भी है जिसमें ''sales tax (सेल्स टैक्स)'' का मान मौजूद है और यह मान ''price (कीमत)'' का 6% है।
<syntaxhighlight lang="sql">
SELECT isbn
title,
price,
price*0.06 AS sales_tax
FROM Book
WHERE price>100.00
ORDER BY title;
</syntaxhighlight>
==== नल और थ्री-वैल्यूड लॉजिक (3VL) ====
SQL में नल (Null) की अवधारणा, रिलेशनल मॉडल में अनुपस्थित जानकारी को नियंत्रित करने के लिए डाली गई थी। ट्रू और फॉल्स के साथ नल (या अज्ञात) की स्थापना थ्री-वैल्यूड लॉजिक की नींव है। नल का कोई मान नहीं होता (और न ही यह किसी डेटा अनुक्षेत्र (डोमेन) का सदस्य है), अपितु यह अनुपस्थित जानकारी के लिए प्रयोग किया जाने वाला एक स्थानधारक या चिह्न है। इसलिए नल (Null) के साथ की गयी तुलनाओं का परिणाम कभी भी ट्रू या फॉल्स नहीं हो सकता बल्कि यह सदा तीसरा लॉजिकल परिणाम- 'अननोन'(अज्ञात) होता है।<ref name="SQL2003-Part1-Sec442">{{cite book
| last =ISO/IEC
| title =ISO/IEC 9075-1:2003, "SQL/Framework"
| publisher =ISO/IEC
| year =2003
| pages =Section 4.4.2: ''The null value''
| url =http://www.iso.org
| nopp =true
| access-date =16 जून 2020
| archive-url =https://web.archive.org/web/20080807163442/http://www.iso.org./
| archive-date =7 अगस्त 2008
| url-status =live
}}</ref>
SQL, नल को अनुपस्थित जानकारी को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग करता है। यह थ्री-वैल्यूड लॉजिक (3VL) को सपोर्ट करता है। वो नियम जो SQL थ्री-वैल्यूड लॉजिक को नियमित करते हैं, नीचे दिए गए हैं (p और q लॉजिकल अवस्थाओं को दर्शाते हैं).<ref name="fourrules">{{cite journal | last = Coles, Michael | title = Four Rules for Nulls | journal = SQL Server Central | publisher = Red Gate Software | date = 27 जून 2005 | url = http://www.sqlservercentral.com/columnists/mcoles/fourrulesfornulls.asp | access-date = 17 जून 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080725202353/http://www.sqlservercentral.com/columnists/mcoles/fourrulesfornulls.asp | archive-date = 25 जुलाई 2008 | url-status = live }}</ref> शब्द NULL SQL में एक आरक्षित कीवर्ड (रिज़र्व्ड कीवर्ड) भी है जो विशेष नल मार्कर (स्पेशल नल मार्कर) की पहचान करने में प्रयोग होता है।
इसके अतिरिक्त, चूंकि जब भी किसी चीज़ की तुलना नल से होती है तो SQL ऑपरेटर्स 'अननोन' रिटर्न करते हैं, इसलिए SQL विशेषतया नल संबंधी दो कम्पैरिजन प्रेडीकेट की सुविधा प्रदान करता है: <code>IS NULL</code> और <code>IS NOT NULL</code> जांच करते हैं कि डेटा नल है या नहीं। <ref name="SQL2003-Part2-Sec87">{{cite book
| last =ISO/IEC
| title =ISO/IEC 9075-2:2003, "SQL/Foundation"
| publisher =ISO/IEC
|
| nopp =true
}}</ref>
ध्यान दें कि SQL केवल उन परिणामों के लिए मान रिटर्न करता है जिनके लिए WHERE क्लॉज़ एक ट्रू मान रिटर्न करता है। यानी, यह फॉल्स मान वाले परिणाम अपवर्जित कर देता है, लेकिन यह उनको भी अपवर्जित कर देता है जिनके मान मालूम नहीं (अज्ञात) हैं।
{| border="0"
| valign="top"
|
{| class="wikitable"
|-
! colspan="2" rowspan="2"| p AND q
! colspan="3"| p
|-
! True
! False
! Unknown
|-
|
| True
| True
| False
| Unknown
|-
! False
| False
| False
| False
|-
! Unknown
| Unknown
| False
| Unknown
|-
|}
| valign="top"
|
{| class="wikitable"
|-
! colspan="2" rowspan="2"| p OR q
! colspan="3"| p
|-
! True
! False
! Unknown
|-
|
| True
| True
| True
| True
|-
! False
| True
| False
| Unknown
|-
! Unknown
| True
| Unknown
| Unknown
|-
|}
| valign="top"
|
{| class="wikitable"
|-
! p
! NOT p
|-
| True
| False
|-
| False
| True
|-
| False
| Unknown
|}
| valign="top"
|
{| class="wikitable"
|-
! colspan="2" rowspan="2"| p=q
! colspan="3"| p
|-
! True
! False
! Unknown
|-
|
| True
| True
| False
| Unknown
|-
! False
| False
| True
| Unknown
|-
! Unknown
| Unknown
| Unknown
| Unknown
|-
|}
|}
SQL, [[यूनिवर्सल क्वांटिफिकेशन (परिमाणन)]] को स्पष्टतया सपोर्ट नहीं करता और इसे 'निगेटेड [[एग्जिसटेनशिअल क्वानटिफिकेशन (परिमाणन)]]' के रूप में निकाला जाना ज़रूरी है।<ref>एम. नेग्री, जी. पेलागटी, एल. स्बटेला (1989)
''[http://portal.acm.org/citation.cfm?id=63224.68822&coll=GUIDE&dl=GUIDE SQL में सार्वभौमिक मात्रा निर्धारण के शब्दार्थ और समस्याएं]'' .</ref><ref>फ्रैटरकैनजेली, क्लॉडियो (1991). ''टेक्नीक फॉर यूनिवर्सल क्वांटिफिकेशन इन SQL'' (SQL में सार्वभौमिक मात्रा निर्धारण की तकनीक). [http://portal.acm.org/citation.cfm?id=126482.126484&coll=GUIDE&dl=GUIDE&CFID=5934371&CFTOKEN=55309005 ACM.org.] से पुनः प्राप्त.</ref><ref name="kawash">कैवाश, जलाल (2004). ''स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज (SQL) में जटिल मात्रा निर्धारण: रिलेशनल कैलकुलस का उपयोग करने वाला एक ट्यूटोरियल'' - जर्नल ऑफ़ कंप्यूटर्स इन मैथमेटिक्स ऐंड साइंस टीचिंग ISSN 0731-9258 खंड 23, अंक 2, 2004 AACE नोरफोल्क, वर्जीनिया. [http://www.thefreelibrary.com/Complex+quantification+in+Structured+Query+Language+(SQL):+a+tutorial...-a0119901477 Thefreelibrary.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101204092844/http://www.thefreelibrary.com/Complex+quantification+in+Structured+Query+Language+(SQL):+a+tutorial...-a0119901477 |date=4 दिसंबर 2010 }} (दफ्रीलाइब्रेरी.कॉम) से पुनः प्राप्त.</ref>
'इन फिक्सड कम्पेरिज़न ऑपरेटर' "<row value expression> IS DISTINCT FROM <row value expression>" भी है जो दोनों ऑपरैंड के बराबर होने पर या NULL होने पर TRUE रिटर्न करता है। इसी प्रकार IS NOT DISTINCT FROM को "NOT (<row value expression> IS DISTINCT FROM <row value expression>") के रूप में परिभाषित किया जाता है।
=== डेटा परिचालन ===
[[डेटा मैनिप्युलेशन लैंग्वेज़]] (DML), SQL का एक सबसेट है जिसे डेटा को जोड़ने (ऐड), अद्यतन करने (अपडेट) और विलोपन करने (डिलीट) के लिए प्रयोग किया जाता है।
* <code>[[INSERT]]</code>, एक मौजूदा टेबल में नई पंक्तियों (पहले [[टपल्स]]) को जोड़ता है, उदाहरणार्थ:
<syntaxhighlight lang="sql">
INSERT INTO My_table
(field1,field2,field3)
VALUES
('test','N',NULL);
</syntaxhighlight>
* <code>[[UPDATE]]</code>, मौजूदा टेबल की पंक्तियों के एक सेट को रूपांतरित करता है।
<syntaxhighlight lang="sql">
UPDATE My_table
SET field1='updated value'
WHERE field2='N';
</syntaxhighlight>
* <code>[[DELETE]]</code> एक टेबल में मौजूद पंक्तियों को हटाता है, उदाहरणार्थ:
<syntaxhighlight lang="sql">
DELETE FROM My_table
WHERE field2='N';
</syntaxhighlight>
* <code>[[TRUNCATE]]</code> एक टेबल से सारे डेटा को बहुत शीघ्रता से मिटा देता है। आमतौर पर यह एक अनुवर्ती COMMIT ऑपरेशन का कार्यान्वयन करता है।
* <code>[[MERGE]]</code> का एकाधिक टेबलों के डेटा को संयुक्त करने में प्रयोग किया जाता है। यह <code>INSERT</code> और <code>UPDATE</code> तत्वों को संयुक्त करता है। यह SQL:2003 मानक में परिभाषित है; इसके पहले, कुछ डेटाबेसों ने समान कार्यात्मकता को अलग सिंटेक्स (वाक्यविन्यास), जो कभी-कभी "[[upsert]]" के नाम से जाने जाते थे, के माध्यम से उपलब्ध कराया था।
=== ट्रांज़ैक्शन कंट्रोल्स ===
ट्रांज़ैक्शंस, यदि उपलब्ध हैं, DML ऑपरेशंस को सम्मिलित कर लेते हैं:
* <code>START TRANSACTION</code> (या <code>BEGIN WORK</code>, या <code>BEGIN TRANSACTION</code>, SQL डायलेक्ट पर निर्भर), [[डेटाबेस ट्रांज़ैक्शन]] के आरम्भ को अंकित करते हैं जो (ट्रांज़ैक्शन) या तो पूरी तरह सम्पूर्ण हो जाते हैं या बिलकुल भी नहीं।
* <code>[[COMMIT]]</code>, एक ट्रांज़ैक्शन में सभी डेटा परिवर्तनों को स्थायी बनाता है।
* <code>[[ROLLBACK]]</code>, पिछले <code>COMMIT</code> या <code>ROLLBACK</code> के बाद से हुए सभी डेटा परिवर्तनों को हटा देता है जिससे डेटा की अवस्था वैसी रह जाती है जैसी उन बदलावों से पहले थी।
एक बार जब <code>COMMIT</code> स्टेटमेंट पूरा हो जाता है, तो ट्रांज़ैक्शन में हुए बदलाव को वापस नहीं लाया जा सकता है।
<code>COMMIT</code> और <code>ROLLBACK</code> वर्तमान ट्रांज़ैक्शन का अंत कर देते हैं और डेटा लॉक्स को रिलीज़ कर देते हैं। एक <code>START TRANSACTION</code> या इस जैसे स्टेटमेंट के अभाव में, SQL के सिमेंटिक्स कार्यान्वयन पर निर्भर होते हैं।
उदाहरण: ''फंड ट्रांज़ैक्शन का एक क्लासिक बैंक हस्तांतरण (ट्रांसफर)'' .
<syntaxhighlight lang="sql">
START TRANSACTION;
UPDATE Account SET amount=amount-200 WHERE account_number=1234;
UPDATE Account SET amount=amount-200 WHERE account_number=2345;
IF ERRORS=0 COMMIT;
IF ERRORS<>0 ROLLBACK;
</syntaxhighlight>
=== डेटा डेफिनिशन (डेटा निरूपण) ===
[[डेटा डेफिनिशन लैंग्वेज़]] (DDL) टेबल और अनुक्रमणिका संरचना का प्रबंधन करता है। DDL की सबसे बुनियादी इकाइयां हैं- <code>CREATE</code>, <code>ALTER</code>, <code>RENAME</code>, <code>DROP</code> और <code>TRUNCATE</code> स्टेटमेंट्स:
* <code>[[CREATE]]</code> डेटाबेस में एक ऑब्जेक्ट (जैसे, एक टेबल) का निर्माण करता है।
* <code>[[DROP]]</code> डेटाबेस में ऑब्जेक्ट को मिटा देता है, आमतौर पर यह अप्राप्य होता है।
* <code>[[ALTER]]</code> एक मौजूदा ऑब्जेक्ट की संरचना को विभिन्न तरीकों से रूपांतरित करता है—उदाहरण के लिए, एक मौजूदा टेबल में एक कॉलम जोड़ना.
उदाहरण:
<syntaxhighlight lang="sql">
CREATE TABLE My_table
(
my_field1 INT,
my_field2 VARCHAR (50),
my_field3 DATE NOT NULL,
PRIMARY KEY (my_field1, my_field2)
);
</syntaxhighlight>
=== डेटा टाइप्स (प्रकार) ===
SQL टेबल का प्रत्येक कॉलम, उस टाइप/टाइप्स को 'डिक्लेयर' करता है जो कॉलम में समाहित हो सकता है। ANSI SQL में निम्नलिखित डेटाटाइप्स शामिल हैं।<ref name="SQL1992">{{Cite web |url=http://www.contrib.andrew.cmu.edu/~shadow/sql/sql1992.txt |title=सूचना प्रौद्योगिकी - डेटाबेस लैंग्वेज SQL (DIS 9075 का प्रस्तावित संशोधित पाठ) |access-date=17 जून 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060621035823/http://www.contrib.andrew.cmu.edu/%7Eshadow/sql/sql1992.txt |archive-date=21 जून 2006 |url-status=dead }}</ref>
==== कैरेक्टर स्ट्रिंग्स ====
* <code>CHARACTER(<var>n</var>)</code> या <code>CHAR(<var>n</var>)</code> — निर्धारित चौड़ाई वाला <var>n</var>-कैरेक्टर स्ट्रिंग, जिसमें आवश्यकता के अनुसार रिक्त स्थानों की समाविष्टि भी की जा सकती है।
* <code>CHARACTER VARYING (<var>n</var>)</code> या <code>VARCHAR (<var>n</var>)</code> — परिवर्तनीय चौड़ाई वाला स्ट्रिंग जिसका अधिकतम आकर <var>n</var> कैरेक्टरों का हो सकता है।
* <code>NATIONAL CHARACTER (<var>n</var>)</code> या <code>NCHAR (<var>n</var>)</code> — निर्धारित चौड़ाई वाला स्ट्रिंग जो एक अंतर्राष्ट्रीय कैरेक्टर सेट को सपोर्ट करता है।
* <code>NATIONAL CHARACTER VARYING (<var>n</var>)</code> या <code>NVARCHAR</code> <var>(n)</var> — परिवर्तनीय चौड़ाई वाला <code>NCHAR</code> स्ट्रिंग
==== बिट स्ट्रिंग ====
* <code>BIT (<var>n</var>)</code> — <var>n</var> बिट्स का एक एरे
* <code>BIT VARYING (<var>n</var>)</code> — <var>n</var> बिट्स तक के आकार का एक एरे
==== नम्बर्स (संख्याएं) ====
* <code>INTEGER</code> और <code>SMALLINT</code>
* <code>FLOAT</code> <code>REAL</code> और <code>DOUBLE PRECISION</code>
* <code>NUMERIC (<var>precision</var>, <var>scale</var>)</code> या <code>DECIMAL (<var>precision</var>, <var>scale</var>)</code>
SQL, संख्याओं या तारीखों को 'राउंड' करने हेतु एक फंक्शन की सुविधा प्रदान करता है। इसे (DB2, PostgreSQL [पोस्टग्रीSQL], Oracle [ओरेकल] और MySQL में) <code>TRUNC</code>, या (Sybase [सीबेस], Oracle [ओरेकल] और Microsoft SQL Server [माइक्रोसॉफ्ट SQL सर्वर]) में <code>ROUND</code> कहा जाता है।<ref name="Jones 127">ऐरी जोन्स, रयान के. स्टीफंस, रोनाल्ड आर. प्लियू, एलेक्स क्रिएगल, रॉबर्ट एफ. गैरेट (2005), ''SQL फंक्शंस प्रोग्रामर'स रेफेरेंस'' . विले, 127 पृष्ठ</ref>
==== दिनांक और समय ====
* <code>DATE</code>
* <code>TIME</code>
* <code>TIMESTAMP</code>
* <code>INTERVAL</code>
=== डेटा कंट्रोल (नियंत्रण) ===
[[डेटा कंट्रोल लैंग्वेज़ (DCL)]] उपयोगकर्ताओं और उपयोगकर्ताओं के समूहों को डेटा को ऐक्सेस और मेनीप्यूलेट (जोड़-तोड़) करने के लिए अधिकृत करता है।
इसके दो मुख्य स्टेटमेंट्स हैं:
* <code>GRANT</code> एक या अधिक उपयोगकर्ताओं को एक ऑब्जेक्ट पर किसी संक्रिया या संक्रियाओं के समूह के निष्पादन के लिए अधिकृत करता है।
* <code>REVOKE</code> एक ग्रांट को, जो हो सकता है कि डिफॉल्ट ग्रांट हो, हटा देता है।
उदाहरण:
<syntaxhighlight lang="sql">
GRANT SELECT, UPDATE
ON My_table
TO Some_user, another_user;
REVOKE SELECT,UPDATE
ON My_table
FROM Some_user, another_user;
</syntaxhighlight>
=== प्रोसीडूरल एक्सटेंशंस (प्रक्रियात्मक विस्तारण) ===
SQL एक विशिष्ट प्रयोजन: [[रिलेशनल डेटाबेस]] में रखे हुए [[डेटा]] के क्वेरी के लिए डिजाइन किया गया है। SQL एक [[सेट]]-आधारित, [[डिक्लेयरेटिव]], क्वेरी लैंग्वेज़ है, न कि [[C]] या [[BASIC (बेसिक)]]की तरह का एक '[[इम्पेरेटिव लेंग्वेज]]'. हालांकि, मानक SQL के विस्तारण मौजूद हैं जो [[प्रोसीडूरल प्रोगार्मिंग लैंग्वेज़]] की क्रियात्मकता, जैसे कि 'कंट्रोल-ऑफ-फ्लो कन्सट्रक्ट्स', प्रदान करते हैं। ये हैं:
{| class="wikitable"
|-
! सोर्स (स्रोत)
! सामान्य<br />नाम
! पूरा नाम
|-
| align="center"| ANSI/ISO स्टैंडर्ड
| align="center"| [[SQL/PSM]]
| SQL/पर्ज़िस्टेंट स्टोर्ड मॉड्यूल्स
|-
| align="center"| [[इन्टरबेस (Interbase)]]/<br />[[फायरबर्ड (Firebird)]]
| align="center"| [[PSQL]]
| प्रोसीज़रल SQL
|-
| align="center"| IBM
| align="center"| [[SQL PL]]
| SQL प्रोसीज़रल लैंग्वेज़ (SQL/PSM का परिपालन करता है)
|-
| align="center"| [[माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)]]/<br />[[सीबेस (Sybase)]]
| align="center"| [[T-SQL]]
| ट्रांज़ैक्ट-SQL (Transact-SQL)
|-
| align="center"| [[माइSQL (MySQL)]]
| align="center"| [[SQL/PSM]]
| SQL/पर्ज़िस्टेंट स्टोर्ड मॉड्यूल (SQL/PSM का परिपालन करता है)
|-
| align="center"| [[ओरेकल (Oracle)]]
| align="center"| [[PL/SQL]]
| प्रोसीज़रल लैंग्वेज़/SQL ([[Ada]] पर आधारित)
|-
| align="center"| [[पोस्टग्रीSQL (PostgreSQL)]]
| align="center"| [[PL/pgSQL]]
| प्रोसीडूरल लैंग्वेज़/पोस्टग्रीSQL स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज़ (ओरेकल PL/SQL पर आधारित)
|-
| align="center"| [[पोस्टग्रीSQL (PostgreSQL)]]
| align="center"| [[PL/PSM]]
| प्रोसीडूरल लैंग्वेज़/पर्ज़िस्टेंट स्टोर्ड मॉड्यूल्स (SQL/PSM का परिपालन करता है)
|}
मानक SQL/PSM एक्सटेंशंस (विस्तारणों) और प्रोपरायटरी SQL एक्सटेंशंस (विस्तारणों) के अलावा, प्रोसीडूरल और [[ऑब्जेक्ट ओरिएन्टेड]] प्रोग्रामिंग विशिष्टताओं की सुविधा DBMS के दूसरे लैंग्वेज़ों के साथ एकीकरण के ज़रिये प्राप्त की जा सकती है। SQL मानक, SQL डेटाबेस में [[जावा]] कोड को सपोर्ट करने के लिए, [[SQL/JRT]] एक्सटेंशंस (जावा प्रोग्रामिंग लैंगवेज़ के लिए SQL रूटीन्स और टाइप्स) को निरूपित करता है। [[SQL सर्वर 2005]] [[SQLCLR]] (SQL सर्वर कॉमन लैंग्वेज़ रन टाइम) का प्रयोग डेटाबेस में प्रबंधित [[.NET]] असेम्बलियों की मेजबानी के लिए होता है, जबकि SQL सर्वर के पूर्व संस्करण मुख्यतः C में लिखे गए अप्रबंधित एक्सटेन्डेड स्टोर्ड प्रोसीज़रों के उपयोग तक ही सीमित थे। अन्य डेटाबेस प्लैटफॉर्म्स, जैसे MySQL और पोस्टग्रीस (Postgres), फंक्शनों को [[पर्ल (Perl)]], [[पायथन (python)]], [[Tcl]] और C जैसे विभिन्न प्रकार के लैंग्वेज़ों में लिखने की अनुमति देते हैं।
== SQL की आलोचना ==
SQL, रिलेशनल डेटाबेसों के साथ प्रयोग में लाए जाने हेतु एक [[डेक्लेयरेटिव कंप्यूटर लैंग्वेज़]] है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि SQL की मूल विशेषताओं में से कई विशेषताएं, [[रिलेशनल मॉडल]] के सिमेंटिक्स और इसके [[टपल कैलकुलस]] रियलाइज़ेशन से प्रेरित, लेकिन उल्लंघित, थे। SQL के हाल के विस्तारणों ने रिलेशनल संपूर्णता प्राप्त की लेकिन उल्लंघनों को और भी बदतर बना दिया है जिसके दस्तावेज़ ''[[द थर्ड मेनिफेस्टो]]'' में उपलब्ध हैं।
SQL के प्रयोगात्मक आलोचनाओं में शामिल हैं:
* कार्यान्वयन, असंगत हैं और आम तौर पर विक्रेताओं के मध्य इनका कोई तालमेल नहीं है। विशिष्ट दिनांक और समय पर, वाक्यविन्यास, स्ट्रिंग का जुड़ाव, नल्स और तुलनात्मक वर्ण संवेदनशीलता, एक विक्रेता दूसरे विक्रेता तक अलग-अलग होती है।
* यह लैंग्वेज़ इसे [[कार्टीज़ियन]] जुड़ाव (सभी संभव संयोजनों को जोड़ने) का कार्य करने में इसे बहुत आसान बना डेटा है जिसके परिणामस्वरूप "रन-अवे" परिणाम सेट प्राप्त होते हैं जब <code>WHERE</code> क्लॉज़ों को गलत टाइप कर दिया जाता है। कार्टीज़ियन जुड़ाव का व्यव्हार इतना कम होता है कि एक स्पष्ट <code>CARTESIAN</code> कीवर्ड की आवश्यकता का समर्थन प्राप्त हो सकता है। (''SQL 1992'' में <code>CROSS JOIN</code> कीवर्ड को समाविष्ट किया गया जो प्रयोक्ता को यह निर्दिष्ट करने की अनुमति प्रदान करता है कि एक कार्टीज़ियन जुड़ाव की आवश्यकता है लेकिन आशुलिपि "अल्पविराम-जुड़ाव", जिसमें कोई विधेय न हों, अभी भी स्वीकार्य वाक्यविन्यास है जो उसी गलती को फिर भी आमंत्रित करता है।)
* यह भी संभव है कि अपडेट या डिलीट करते समय <code>WHERE</code> की संरचना में गलती हो जाए जो टेबल के वांछनीय पंक्तियों से भी ज्यादा पंक्तियों को प्रभावित कर देता है। (सबसे पहले WHERE क्लॉज़ में लेनदेन या आदतन प्रकार का प्रयोग करने के लिए एक वर्क-अराउंड होता है, तब जाकर बाकी सब को भरा जाता है।)
* SQL का व्याकरण शायद अनावश्यक रूप से जटिल होता है और एक [[COBOL]]-जैसी कीवर्ड दृष्टिकोण का अनुकरण करता है जब एक कार्य-प्रभावित वाक्यविन्यास के परिणामस्वरूप कुछ व्याकरण और वाक्यविन्यास नियमों का पुनः प्रयोग किया जाता है।
=== क्रॉस-वेंडर पोर्टेबिलिटी ===
SQL के अधिकांश कार्यान्वयनों में सामान्यतः <code>DATE</code> या <code>TIME</code> डेटा प्रकारों जैसे स्टैंडर्ड SQL के बुनियादी विशेषताओं के समर्थन को भुला दिया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप, शायद ही कभी SQL कोड को बिना संशोधनों के डेटाबेस सिस्टमों में रखा जा सकता है।
डेटाबेस सिस्टमों में पोर्टेबिलिटी (संगतता) के इस अभाव के पीछे कई कारण हैं:
* SQL मानक की जटिलता और आकार का तात्पर्य यही है कि अधिकांश कार्यान्वयक संपूर्ण मानक का समर्थन नहीं करते हैं।
* मानक, कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों (जैसे, [[अनुक्रम]], फ़ाइल भंडारण...) में डेटाबेस के आचरण को निर्दिष्ट नहीं करता है लेकिन यह कार्यान्वयन को निर्दिष्ट करता है ताकि इसके आचरण का निर्णय लिया जा सके।
* SQL मानक सटीक रूप से वाक्यविन्यास को निर्दिष्ट करता है कि एक अनुरूप डेटाबेस सिस्टम को अवश्य ही कार्यान्वित किया जाना चाहिए। हालांकि, लैंग्वेज़ की संरचनाओं के सिमेंटिक्स के प्रति मानक के विनिर्देश का बहुत कम निरूपण प्राप्त होता है जो संदिग्धता की ओर ले जाती है।
* कई डेटाबेस विक्रेताओं के पास बड़े-बड़े मौजूदा ग्राहक डेटाबेस हैं; जब SQL मानक, विक्रेता के डेटाबेस के पूर्व आचरण का विरोध करता है तो विक्रेता, [[पिछड़ी संगतता]] को छोड़ने के लिए अनिच्छुक हो सकता है।
* सॉफ्टवेयर विक्रेता अक्सर अन्य उत्पादों के साथ असंगतता का निर्माण करने के इच्छुक रहते हैं क्योंकि इससे उसके मौजूदा प्रयोक्ता उसके प्रति वफादार बने रहते हैं ([[वेंडर लॉक-इन]] देखें).
== मानकीकरण ==
SQL को 1986 में [[अमेरिकन नैशनल स्टैंडर्ड्स इंस्टिट्यूट]] [अमरीकी राष्ट्रीय मानक संस्थान] (ANSI) ने एक मानक के रूप में और 1987 में [[इंटरनैशनल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर स्टैंडर्डाइज़ेशन]] [अंतर्राष्ट्रीय मनाकीकरण संगठन] (ISO) ने SQL-86<ref>[http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml अमेरिकन नैशनल स्टैंडर्ड्स इंस्टिट्यूट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100619143221/http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml |date=19 जून 2010 }} (अमेरिकी राष्ट्रीय मानक संस्थान).[http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml X3H2 रिकॉर्ड्स, 1978-1995. ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100619143221/http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml |date=19 जून 2010 }}[http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml फाइंडिंग ऐड.] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100619143221/http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml |date=19 जून 2010 }}</ref> के रूप में ग्रहण किया। मूल SQL मानक ने घोषणा की कि SQL का आधिकारिक उच्चारण, "es queue el [एस क्यू एल]" है।<ref name="SQL-Fundamentals">{{cite web
| last = Chapple
| first = Mike
| title = SQL Fundamentals
| work = About.com: Databases
| publisher = About.com
| url = http://databases.about.com/od/sql/a/sqlfundamentals.htm
| accessdate = 28 जनवरी 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20090222225300/http://databases.about.com/od/sql/a/sqlfundamentals.htm
| archive-date = 22 फ़रवरी 2009
| url-status = dead
}}</ref> कई अंग्रेज़ी-बोलने वाले डेटाबेस संव्यावसायिक अभी भी गैरमानक<ref>{{cite book
|title=Understanding the New SQL: A Complete Guide
|last=Melton
|first=Jim
|author2=Alan R Simon
|year=1993
|publisher=Morgan Kaufmann
|isbn=1558602453
|page=[https://archive.org/details/understandingnew00melt/page/536 536]
|quote=chapter 1.2 What is SQL? SQL (correctly pronounced "ess cue ell," instead of the somewhat common "sequel"), is a...
|url=https://archive.org/details/understandingnew00melt/page/536
}}</ref> उच्चारण {{IPA|/ˈsiːkwəl/}} (शब्द "सिक्वल" की तरह) का प्रयोग करते हैं। SEQUEL, एक प्रारंभिक IBM [[डेटाबेस लैंग्वेज़]], SQL लैंग्वेज़ का एक पूर्ववर्ती लैंग्वेज़ था।<ref>{{cite web
|title=Understand SQL
|publisher=www.faqs.org/docs/
|url=http://www.faqs.org/docs/ppbook/c1164.htm
|access-date=17 जून 2010
|archive-url=https://web.archive.org/web/20100602203733/http://www.faqs.org/docs/ppbook/c1164.htm
|archive-date=2 जून 2010
|url-status=live
}}</ref>
1996 तक, [[नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्टैंडर्ड्स ऐंड टेक्नोलॉजी [राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान]]] (NIST) के डेटा प्रबंधन मानक कार्यक्रम के तहत SQL मानक के साथ SQL DBMS अनुपालन को प्रामाणिकता दी गई। विक्रेता अब अपने उत्पादों के अनुपालन को स्वयं ही प्रामाणिकता प्रदान करते हैं।<ref>{{cite web
| last = Doll
| first = Shelley
| title = Is SQL a Standard Anymore?
| work = TechRepublic's Builder.com
| publisher = TechRepublic
| date = June 19, 2002
| url = http://builder.com.com/5100-6388-1046268.html
| accessdate = 9 जून 2007
| archive-url = https://web.archive.org/web/20070703002127/http://builder.com.com/5100-6388-1046268.html
| archive-date = 3 जुलाई 2007
| url-status = live
}}</ref>
SQL मानक को कई बार संशोधित किया गया है जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:
{| class="wikitable"
! वर्ष
! नाम
! width="125"| उर्फ
! टिप्पणियां (comments)
|- valign="top"
| 1986
| SQL-86
| SQL-87
| ANSI ने पहली बार इसे निर्दिष्ट आकार प्रदान किया।
|- valign="top"
| 1989
| SQL-89
| [[FIPS]] 127-1
| मामूली संशोधन, FIPS 127-1 के रूप में अपनाया.
|- valign="top"
| 1992
| [[SQL-92]]
| SQL2, FIPS 127-2
| प्रमुख संशोधन (ISO 9075), ''प्रवेश स्तर'' SQL-92 को FIPS 127-2 के रूप में अपनाया.
|- valign="top"
| 1999
| [[SQL:1999]]
| SQL3
| नियमित अभिव्यक्ति मिलान, पुनरावर्ती प्रश्नों, [[ट्रिगरों]], प्रक्रियात्मक और कंट्रोल-ऑफ़-फ्लो स्टेटमेंट्स का समर्थन, गैर-अदिश प्रकार और लक्ष्य-उन्मुख विशेषताओं को शामिल किया गया।
|- valign="top"
| 2003
| [[SQL:2003]]
|
| [[XML]]-संबंधित विशेषताओं, ''विंडो फंक्शंस'', मानकीकृत अनुक्रमों और स्व-उत्पन्न मूल्यों वाले कॉलमों (परिचय-कॉलमों सहित) का आरंभ हुआ।
|- valign="top"
| 2006
| [[SQL:2006]]
|
| ISO/IEC 9075-14:2006 ने उन तरीकों को परिभाषित किया जिसमें SQL को XML के साथ संयोजन में प्रयुक्त किया जा सकता है। इसने उन तरीकों को भी परिभाषित किया जिसके अंतर्गत एक SQL डेटाबेस में XML डेटा को लाया जाता है और संग्रह किया जाता है और डेटाबेस के अंतर्गत इसमें फेर बदल किया जाता है और XML तथा पारंपरिक SQL-डेटा दोनों को XML रूप में प्रकाशित किया जाता है। इसके अलावा, इसने अनुप्रयोगों को उनके SQL कोड में एकीकृत होने और [[Xक्वेरी (XQuery)]] का प्रयोग करने के साथ-साथ साधारण SQL-डेटा और XML दस्तावेजों को ऐक्सेस करने में सक्षम बनाया। XML क्वेरी लैंग्वेज़ को वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम ([[W3C]]) ने प्रकाशित किया था।
|- valign="top"
| 2008
| [[SQL:2008]]
|
| कर्सर परिभाषा के बाहर ORDER BY (ऑर्डर बाइ) को कानूनी रूप प्रदान किया गया। INSTEAD OF (इंस्टीड ऑफ़) ट्रिगरों को भी जोड़ा गया। TRUNCATE (ट्रंकेट) स्टेटमेंट को भी शामिल किया गया।<ref name="iablog.sybase.com-paulley">[http://iablog.sybase.com/paulley/2008/07/sql2008-now-an-approved-iso-international-standard/ Sybase.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110628130925/http://iablog.sybase.com/paulley/2008/07/sql2008-now-an-approved-iso-international-standard/ |date=28 जून 2011 }} (सीबेस.कॉम)</ref>
|}
इच्छुक पार्टियां, इन SQL मानक दस्तावेजों को ISO या ANSI से खरीद सकती हैं। SQL:2008 का एक ड्राफ्ट, एक [[ज़िप]] आर्काइव के रूप में निःशुल्क उपलब्ध है।<ref>[http://www.wiscorp.com/sql200n.zip ज़िप आर्काइव ऑफ़ द SQL] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110718070345/http://www.wiscorp.com/sql200n.zip |date=18 जुलाई 2011 }}: 2008 ड्राफ्ट, व्हाइटमार्श इनफ़ॉर्मेशन सिस्टम्स कॉर्पोरेशन से.</ref>
=== मानक संरचना ===
SQL मानक को कई भागों में बांटा गया हैं जिनमें शामिल हैं:
SQL फ्रेमवर्क जो तार्किक अवधारणा प्रदान करता है
SQL/फाउंडेशन जिसे ISO/IEC 9075, भाग 2 में परिभाषित किया गया है। मानक के इस भाग में लैंग्वेज़ के सबसे मुख्य तत्त्व मौजूद हैं। इसमें '''अनिवार्य और वैकल्पिक''' दोनों ही विशेषताएं उपलब्ध हैं।
SQL/बाइंडिंग्स जो यह निर्दिष्ट करता है कि SQL, जावा (Java) को छोड़कर, अलग-अलग मेज़बान लैंग्वेज़ों में कैसे बाध्य है।
[[SQL/CLI]], या '''कॉल-लेवल इंटरफेस''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 3 में परिभाषित किया गया है। SQL/CLI, सामान्य इंटरफेसिंग घटकों (संरचना और प्रक्रिया) को परिभाषित करता है जिसे अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज़ों में रचित अनुप्रयोगों से SQL स्टेटमेंट्स को निष्पादित करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। SQL/CLI को इस प्रकार से परिभाषित किया गया है कि SQL स्टेटमेंट्स और SQL/CLI प्रक्रिया कॉल्स को अनुप्रयोग के स्रोत कोड की कॉलिंग से अलग के रूप में व्यवहृत किया जाता है। [[ओपन डेटाबेस कनेक्टिविटी]], SQL/CLI का एक जाना-माना सुपरसेट है। मानक के इस भाग में सिर्फ '''अनिवार्य''' विशेषताएं ही होती हैं।
[[SQL/PSM]], या '''पर्ज़िस्टेंट स्टोर्ड मॉड्यूल्स''' [लगातार संग्रहित मॉड्यूल], इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 4 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/PSM, नियंत्रण-प्रवाह, स्थिति प्रबंधन, स्टेटमेंट स्थिति संकेत और पुनर्संकेत, कर्सर और स्थानीय वेरिएबल और वेरिएबल और पैरामीटर के लिए अभिव्यक्ति का कार्य सहित SQL के प्रक्रियात्मक विस्तारणों को मानकीकृत करता है। इसके अतिरिक्त, SQL/PSM, पर्ज़िस्टेंट डेटाबेस लैंग्वेज़ के नित्यकर्मों की घोषणा और रखरखाव का कार्य करता है। मानक के इस भाग में केवल '''वैकल्पिक''' विशेषताएं होती हैं।
[[SQL/MED]], या '''मैनेजमेंट ऑफ़ एक्सटर्नल डेटा [बाह्य डेटा का प्रबंधन]''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 9 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/MED, SQL में विस्तारण प्रदान करता है जो एक्सटर्नल डेटा का प्रबंधन करने के लिए SQL को अनुमति देने के लिए फोरेन-डेटा रैपर्स और डेटालिंक प्रकारों को परिभाषित करता है। एक्सटर्नल डेटा, वह डेटा है जिसे SQL-आधारित DBMS में ऐक्सेस तो किया जा सकता है लेकिन इसका प्रबंधन नहीं किया जा सकता है। मानक के इस भाग में केवल '''वैकल्पिक''' विशेषताएं होती हैं।
[[SQL/OLB]], या '''ऑब्जेक्ट लैंग्वेज़ बाइंडिंग्स''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 10 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/OLB, [[SQLJ]] के वाक्यविन्यास और सिमेंटिक्स को परिभाषित करता है जो जावा (Java) में SQL एम्बेडेड होता है। यह मानक, SQLJ अनुप्रयोगों की बाइनरी पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करने वाले क्रियाविधियों का भी वर्णन करता है और विभिन्न जावा (Java) पैकेजों और उनमें समाहित वर्गों को भी निर्दिष्ट करता है। मानक के इस भाग में केवल '''वैकल्पिक''' विशेषताएं होती हैं।
SQL/MM (मल्टीमीडिया), बड़े, जटिल और कभी-कभी स्ट्रीमिंग आइटम वाले डेटा जैसे वीडियो, ऑडियो और स्थानिक डेटा के साथ होशियारी से निपटने के लिए SQL का विस्तार करता है।
[[SQL/स्कीमाटा]], या '''इनफॉरमेशन ऐंड डेफिनिशन स्कीमाज़''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 11 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/स्कीमाटा, इनफॉरमेशन स्कीमा और डेफिनिशन स्कीमा को परिभाषित करता है और इसके लिए यह SQL डेटाबेसों और ऑब्जेक्टों स्व-वर्णी बनाने के लिए उपकरणों का एक सामान्य सेट प्रदान करता है। इन उपकरणों में SQL ऑब्जेक्ट परिचायक, संरचना और एकीकरण बाध्यता, सुरक्षा और प्राधिकरण निर्दिष्टीकरण, ISO/IEC 9075 की विशेषता और पॅकेज, SQL-आधारित DBMS कार्यान्वयनों द्वारा प्रदत्त विशेषताओं का समर्थन, SQL-आधारित DBMS कार्यान्वयन सूचना और साइज़िंग आइटम और DBMS कार्यान्वयनों द्वारा समर्थित मूल्य शामिल हैं।<ref name="ISO/IEC 9075-11:2008">{{Cite journal
| title = ISO/IEC 9075-11:2008: Information and Definition Schemas (SQL/Schemata)
| page = 1
| year = 2008
}}</ref> मानक के इस भाग में '''अनिवार्य और वैकल्पिक''' दोनों विशेषताएं शामिल हैं।
[[SQL/JRT]], या '''SQL रूटीन्स ऐंड टाइप्स फॉर द जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज़ (जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज़ के लिए SQL के नित्यकर्म और प्रकार)''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 13 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/JRT, स्थिर जावा तरीकों को SQL अनुप्रयोग के भीतर से नित्यकर्मों के रूप में लागू करने की क्षमता को निर्दिष्ट करता है। यह जावा वर्गों को SQL संरचित प्रयोक्ता-परिभाषित प्रकारों के रूप में प्रयुक्त करने की क्षमता के लिए भी कॉल करता है। मानक के इस भाग में केवल '''वैकल्पिक''' विशेषताएं ही मिलती हैं।
[[SQL/XML]], या '''XML-संबंधित निर्दिष्टीकरण''', इस भाग को ISO/IEC 9075, भाग 14 द्वारा परिभाषित किया गया है। SQL/XML, SQL के साथ संयोजन के रूप में XML का उपयोग करने के लिए SQL-आधारित विस्तारणों को निर्दिष्ट करता है। XML डेटा प्रकार के साथ-साथ SQL डेटाबेस में XML के फेर बदल और भंडारण का समर्थन करने के लिए XML से SQL डेटा प्रकार मैपिंग, कई रूटीन्स और फंक्शंस का भी आरंभ किया गया है। मानक के इस भाग में केवल '''वैकल्पिक''' विशेषताएं ही शामिल है।
== SQL के विकल्प ==
रिलेशनल क्वेरी लैंग्वेज़ और SQL के विकल्पों में एक अन्तर स्थापित करना आवश्यक है। SQL के प्रस्तावित रिलेशनल विकल्पों को नीचे प्रस्तुत किया गया है। रिलेशनल के विकल्पों के लिए [[नेविगेशनल डेटाबेस]] देखें:
* [[.]][[QL]] - ऑब्जेक्ट-ओरिएन्टेड डेटालॉग
* [[4D क्वेरी लैंग्वेज़]] [4D Query Language] (4D QL)
* [[डेटालॉग]]
* [[हाइबरनेट क्वेरी भाषा]] [Hibernate Query Language] (HQL) - एक जावा-आधारित उपकरण जो संशोधित SQL का उपयोग करता है।
* [[IBM बिज़नस सिस्टम 12]] [IBM Business System 12] (IBM BS12)
* [[ISBL]]
* [[जावा पर्ज़िस्टेंस क्वेरी लैंग्वेज़]] [Java Persistence Query Language] (JPQL) - जावा EE5 [Java EE5] में जावा पर्ज़िस्टेंस API [Java Persistence API] द्वारा प्रयुक्त क्वेरी लैंग्वेज़
* [[LINQ]]
* [[ऑब्जेक्ट क्वेरी लैंग्वेज़ (Object Query Language)]]
* [[QBE (क्वेरी बाइ एक्ज़ाम्पल)]] मोशे ज़्लूफ, IBM 1977 द्वारा निर्मित
* [[क्यूएल]] जिसका आरंभ यू.सी. बर्कले इन्ग्रेस (U.C. Berkeley Ingres) परियोजना द्वारा 1974 में किया गया
* [[ट्यूटोरियल D (Tutorial D)]]
* [[Xक्वेरी (XQuery)]]
== इन्हें भी देखें ==
* [[ऑब्जेक्ट-रिलेशनल डेटाबेस प्रबंधन प्रणालियों की तुलना]]
* [[रिलेशनल डेटाबेस प्रबंधन प्रणालियों की तुलना]]
* [[D (डेटा लैंग्वेज़ विनिर्देशन)]]
* [[D4 (प्रोग्रामिंग लैंग्वेज़)]] (D का एक कार्यान्वयन)
* [[पदानुक्रमित मॉडल]]
* [[कंप्यूटर मानकों की सूची]]
* [[रिलेशनल डेटाबेस प्रबंधन प्रणालियों की सूची]]
* [[MUMPS]]
* [[ड्रॉप-डाउन सूची का खोज सुझाव]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
{{refbegin}}
* [http://www.acm.org/classics/nov95/toc.html "ए रिलेशनल मॉडल ऑफ़ डेटा फॉर लार्ज शेयर्ड डेटा बैंक्स"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070612235326/http://www.acm.org/classics/nov95/toc.html |date=12 जून 2007 }} इ. एफ. कॉड, कम्युनिकेशंस ऑफ़ द ACM, खंड 13, अंक 6, जून 1970, पीपी. 377-387.
* [[c2:SqlFlaws|कथित SQL दोषों]] (C2 wiki [विकी]) पर चर्चा
{{refend}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{wikibooks|SQL}}
{{wikibooks|SQL dialects reference}}
{{wikiversity|Topic:Computer Science}}
* [https://web.archive.org/web/20100425073840/http://www.mcjones.org/System_R/SQL_Reunion_95/sqlr95.html ''1995 SQL रियूनियन: पीपुल, प्रोजेक्ट्स, ऐंड पॉलिटिक्स'', पॉल मैकजोन्स (ed.) द्वारा]: रिलेशनल डेटाबेस और SQL के निजी इतिहास को समर्पित एक पुनर्मिलन बैठक की प्रतिलिपि.
* [https://web.archive.org/web/20100619143221/http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml अमेरिकन नैशनल स्टैंडर्ड्स इंस्टिट्यूट (अमरीकी राष्ट्रीय मानक संस्थान). ][https://web.archive.org/web/20100619143221/http://special.lib.umn.edu/findaid/xml/cbi00168.xml X3H2 रिकॉर्ड्स, 1978-1995] [[चार्ल्स बैबेज इंस्टिट्यूट]] कलेक्शन ने NDL और SQL मानकों के सन्दर्भ में H2 समिति के विकास के दस्तावेज़ प्रस्तुत किए।
* [https://web.archive.org/web/20121002222015/http://www.cbi.umn.edu/oh/display.phtml?id=317 डॉनल्ड डी. चैंबर्लिन के साथ मौखिक इतिहास साक्षात्कार], [[चार्ल्स बैबेज इंस्टिट्यूट]], इस मौखिक इतिहास में, चैंबर्लिन ने अपने प्रारंभिक जीवन, [[हार्वे मड कॉलेज]] और [[स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी]] में प्राप्त अपनी शिक्षा और रिलेशनल डेटाबेस प्रौद्योगिकी पर किए गए अपने कार्य का वर्णन प्रस्तुत किया। चैंबर्लिन, सिस्टम R रिसर्च टीम के एक सदस्य थे और [[रेमंड एफ. बॉयस]] के साथ मिलकर उसने SQL डेटाबेस लैंग्वेज़ को विकसित किया। चैंबर्लिन ने XML क्वेरी लैंग्वेजों पर हाल ही में की गई
रिसर्च के सन्दर्भ में भी संक्षेप में विचार-विमर्श किया।
* [https://web.archive.org/web/20050309010315/http://troels.arvin.dk/db/rdbms/ विभिन्न SQL कार्यान्वयनों की तुलना] विभिन्न SQL कार्यान्वयनों की इस तुलना का उद्देश्य विभिन्न RDBMS उत्पादों में SQL कोड को डालने के इच्छुक लोगों के एक मार्गनिर्देशक के रूप में अपनी सेवा प्रदान करना और SQL:2008, पोस्टग्रीSQL (PostgreSQL), DB2, MS SQL सर्वर (MS SQL Server), माइSQL (MySQL), ओरेकल (Oracle) और इनफॉर्मिक्स (Informix) के बीच तुलना शामिल करना है।
* [https://web.archive.org/web/20181204040835/https://sqltest.net/ ऑनलाइन शिक्षण एसक्यूएल प्रश्नों के लिए स्क्रिप्ट. ]
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एरिक क्लैप्टन
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'''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया।
कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया।
इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है।
अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था।
1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ।
क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है।
वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं।
वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है।
== प्रारम्भिक जीवन ==
क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए।
बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे।
तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे।
कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ।
1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे।
इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया।
17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया।
== करियर ==
=== द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स ===
[[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]]
अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे।
प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया।
द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया।
[[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]]
यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref>
दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref>
मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे।
“फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref>
कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref>
क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया।
1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref>
अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए।
ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref>
क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref>
यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref>
=== क्रीम ===
क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref>
क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।
1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref>
क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/>
‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है।
केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था।
यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref>
क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref>
जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=7}}</ref>
1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref>
=== ब्लाइंड फ़ेथ ===
1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था।
एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = 94}}</ref>
एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref>
ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया।
=== डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम ===
ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref>
30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=25–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/>
डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref>
इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया।
इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref>
हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/>
इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref>
=== डेरेक एंड द डोमिनोज़ ===
अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref>
इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref>
आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref>
इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=62}}</ref>
मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref>
एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref>
कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/>
===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता===
1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/>
जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/>
[[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]]
1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना।
1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref>
इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref>
===लगातार सफलता===
[[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]]
1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें ईसाई धर्म के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= 100 }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref>
जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा:
{{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}}
इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं।
पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref>
1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए।
अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे।
1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref>
''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी।
इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए।
बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref>
1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref>
क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref>
1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref>
1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref>
===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"===
मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था।
1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref>
27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref>
क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref>
अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref>
क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref>
''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref>
1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors}}</ref>
अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref>
1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref>
1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref>
15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref>
1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref>
20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref>
===सहयोगी एल्बम===
[[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref>
जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref>
29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref>
क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/>
2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref>
अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref>
[[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया।
गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref>
20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref>
13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref>
2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref>
26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref>
क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref>
फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref>
[[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]]
मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया।
क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref>
Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref>
===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''===
क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref>
===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''===
क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref>
जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]]
15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref>
21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref>
[[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref>
20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref>
अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref>
मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref>
===''इस दौरान''===
मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref>
==प्रभाव==
[[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]]
क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=239}}</ref>
क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा:
{{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}}
क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref>
2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref>
==Legacy==
[[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]]
क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name=Meisel>[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref>
2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा:
{{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}}
''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/>
2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref>
रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा:
{{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}}
संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" />
==Guitars==
[[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]]
हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref>
Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine
| last = Oxman
| first = J. Craig
| date = December 2011
| title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?
| magazine = Vintage Guitar
| publisher = Alan Greenwood
| access-date = 8 May 2015
| url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-date = 19 April 2015
| url-status = dead
}}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे।
[[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]]
1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24 June 2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref>
जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था।
[[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]]
1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref>
उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref>
<ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref>
क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref>
Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref>
1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref>
क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/>
क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web
|title=Ernie Ball – Artists
|publisher=Ernie Ball
|url=http://www.ernieball.com/artists.php
|access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php
|archive-date=5 August 2008 |url-status=live
}}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref>
==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ==
[[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]]
क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref>
2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref>
जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref>
क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref>
2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/>
BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें:
{{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}}
''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== संबंध ===
1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref>
1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref>
1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref>
क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |publisher=Random House |year=2008 |page=233 |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son:
*{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}}
*{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}
*{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref>
20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref>
1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं।
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{{Infobox person
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'''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया।
कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया।
इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है।
अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था।
1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ।
क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है।
वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं।
वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है।
== प्रारम्भिक जीवन ==
क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए।
बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे।
तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे।
कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ।
1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे।
इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया।
17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया।
== करियर ==
=== द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स ===
[[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]]
अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे।
प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया।
द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया।
[[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]]
यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref>
दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref>
मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे।
“फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref>
कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref>
क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया।
1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref>
अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए।
ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref>
क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref>
यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref>
=== क्रीम ===
क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref>
क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।
1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref>
क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/>
‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है।
केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था।
यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref>
क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref>
जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=7}}</ref>
1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref>
=== ब्लाइंड फ़ेथ ===
1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था।
एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = 94}}</ref>
एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref>
ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया।
=== डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम ===
ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref>
30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=25–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/>
डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref>
इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया।
इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref>
हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/>
इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref>
=== डेरेक एंड द डोमिनोज़ ===
अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref>
इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref>
आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref>
इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=62}}</ref>
मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref>
एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref>
कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/>
===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता===
1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/>
जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/>
[[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]]
1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना।
1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref>
इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref>
===लगातार सफलता===
[[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]]
1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें ईसाई धर्म के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= 100 }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref>
जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा:
{{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}}
इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं।
पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref>
1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए।
अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे।
1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref>
''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी।
इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए।
बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref>
1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref>
क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref>
1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref>
1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref>
===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"===
मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था।
1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref>
27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref>
क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref>
अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref>
क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref>
''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref>
1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors}}</ref>
अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref>
1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref>
1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref>
15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref>
1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref>
20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref>
===सहयोगी एल्बम===
[[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref>
जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref>
29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref>
क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/>
2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref>
अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref>
[[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया।
गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref>
20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref>
13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref>
2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref>
26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref>
क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref>
फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref>
[[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]]
मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया।
क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref>
Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref>
===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''===
क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref>
===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''===
क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref>
जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]]
15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref>
21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref>
[[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref>
20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref>
अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref>
मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref>
===''इस दौरान''===
मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref>
==प्रभाव==
[[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]]
क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=239}}</ref>
क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा:
{{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}}
क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref>
2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref>
==Legacy==
[[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]]
क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name=Meisel>[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref>
2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा:
{{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}}
''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/>
2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref>
रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा:
{{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}}
संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" />
==Guitars==
[[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]]
हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref>
Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine
| last = Oxman
| first = J. Craig
| date = December 2011
| title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?
| magazine = Vintage Guitar
| publisher = Alan Greenwood
| access-date = 8 May 2015
| url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-date = 19 April 2015
| url-status = dead
}}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे।
[[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]]
1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24 June 2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref>
जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था।
[[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]]
1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref>
उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref>
<ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref>
क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref>
Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref>
1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref>
क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/>
क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web
|title=Ernie Ball – Artists
|publisher=Ernie Ball
|url=http://www.ernieball.com/artists.php
|access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php
|archive-date=5 August 2008 |url-status=live
}}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref>
==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ==
[[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]]
क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref>
2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref>
जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref>
क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref>
2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/>
BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें:
{{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}}
''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== संबंध ===
1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref>
1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref>
1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref>
क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |publisher=Random House |year=2008 |page=233 |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son:
*{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}}
*{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}
*{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref>
20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref>
1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं।
=== स्वास्थ्य ===
क्लैप्टन ने लंबे समय तक नशे की लत से जूझने के बाद 1982 में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन छोड़ दिया।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|website=BBC News|date=3 November 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3978109.stm|access-date=5 June 2024}}</ref> वे पहले अत्यधिक धूम्रपान करते थे, लेकिन 1994 में उन्होंने धूम्रपान भी छोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/frostinterview.htm | title=David Frost Interviews Eric Clapton }}</ref>
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* The Yardbirds
* John Mayall & the Bluesbreakers
* Cream (band)
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* Delaney & Bonnie
* Derek and the Dominos
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'''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया।
कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया।
इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है।
अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था।
1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ।
क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है।
वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं।
वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है।
== प्रारम्भिक जीवन ==
क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए।
बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे।
तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे।
कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ।
1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे।
इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया।
17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया।
== करियर ==
=== द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स ===
[[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]]
अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे।
प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया।
द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया।
[[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]]
यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref>
दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref>
मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे।
“फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref>
कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref>
क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया।
1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref>
अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए।
ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref>
क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref>
यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref>
=== क्रीम ===
क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref>
क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।
1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref>
क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/>
‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है।
केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था।
यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref>
क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref>
जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=7}}</ref>
1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref>
=== ब्लाइंड फ़ेथ ===
1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था।
एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = 94}}</ref>
एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref>
ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया।
=== डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम ===
ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref>
30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=25–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/>
डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref>
इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया।
इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref>
हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/>
इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref>
=== डेरेक एंड द डोमिनोज़ ===
अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref>
इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref>
आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref>
इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=62}}</ref>
मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref>
एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref>
कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/>
===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता===
1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/>
जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/>
[[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]]
1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना।
1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref>
इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref>
===लगातार सफलता===
[[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]]
1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें ईसाई धर्म के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= 100 }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref>
जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा:
{{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}}
इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं।
पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref>
1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए।
अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे।
1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref>
''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी।
इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए।
बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref>
1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref>
क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref>
1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref>
1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref>
===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"===
मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था।
1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref>
27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref>
क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref>
अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref>
क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref>
''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref>
1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors}}</ref>
अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref>
1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref>
1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref>
15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref>
1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref>
20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref>
===सहयोगी एल्बम===
[[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref>
जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref>
29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref>
क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/>
2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref>
अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref>
[[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया।
गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref>
20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref>
13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref>
2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref>
26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref>
क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref>
फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref>
[[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]]
मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया।
क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref>
Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref>
===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''===
क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref>
===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''===
क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref>
जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]]
15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref>
21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref>
[[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref>
20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref>
अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref>
मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref>
===''इस दौरान''===
मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref>
==प्रभाव==
[[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]]
क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=239}}</ref>
क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा:
{{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}}
क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref>
2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref>
==Legacy==
[[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]]
क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name=Meisel>[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref>
2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा:
{{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}}
''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/>
2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref>
रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा:
{{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}}
संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" />
==Guitars==
[[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]]
हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref>
Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine
| last = Oxman
| first = J. Craig
| date = December 2011
| title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?
| magazine = Vintage Guitar
| publisher = Alan Greenwood
| access-date = 8 May 2015
| url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-date = 19 April 2015
| url-status = dead
}}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे।
[[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]]
1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24 June 2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref>
जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था।
[[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]]
1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref>
उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref>
<ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref>
क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref>
Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref>
1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref>
क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/>
क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web
|title=Ernie Ball – Artists
|publisher=Ernie Ball
|url=http://www.ernieball.com/artists.php
|access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php
|archive-date=5 August 2008 |url-status=live
}}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref>
==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ==
[[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]]
क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref>
2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref>
जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref>
क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref>
2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/>
BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें:
{{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}}
''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== संबंध ===
1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref>
1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref>
1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref>
क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |publisher=Random House |year=2008 |page=233 |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son:
*{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}}
*{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}
*{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref>
20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref>
1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं।
=== स्वास्थ्य ===
क्लैप्टन ने लंबे समय तक नशे की लत से जूझने के बाद 1982 में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन छोड़ दिया।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|website=BBC News|date=3 November 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3978109.stm|access-date=5 June 2024}}</ref> वे पहले अत्यधिक धूम्रपान करते थे, लेकिन 1994 में उन्होंने धूम्रपान भी छोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/frostinterview.htm | title=David Frost Interviews Eric Clapton }}</ref>
== राजनीतिक विचार ==
=== "कीप ब्रिटेन व्हाइट" ===
5 अगस्त 1976 को बर्मिंघम में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन ने बढ़ते आप्रवासन के विरोध में बयान दिया।<ref>{{cite web|first=David|last=Stubbs|url=https://thequietus.com/articles/20701-eric-clapton-racism-morrissey|title=Eric Clapton & Enoch Powell to Morrissey: Race in British Music Since '76|website=The Quietus|date=9 August 2016|access-date=3 July 2021}}</ref> मंच पर स्पष्ट रूप से नशे की हालत में दिखाई दे रहे क्लैप्टन ने दक्षिणपंथी ब्रिटिश राजनेता इनॉक पॉवेल के समर्थन में टिप्पणी की।<ref>{{cite news |url=http://microsites.virgin.net/music/pictures/profiles/when-popstars-get-political.php?ssid=6 |title=When popstars talk politics: Clapton's shocking rant |publisher=Virgin Media}}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2007/oct/14/popandrock2 |work=The Guardian |title=The ten right-wing rockers |first=Luke |last=Bainbridge |date=14 October 2007}}</ref><ref>{{cite book|first=Barry|last=Miles|title=London Calling: A Countercultural History of London since 1945|url=https://books.google.com/books?id=gYn87V36p5AC&pg=PT238|publisher=Atlantic Books|location=London|year=2010|isbn=978-1-848875548}}</ref>
उस समय "Keep Britain White" ब्रिटेन के दूर-दक्षिणपंथी संगठन नेशनल फ्रंट का एक प्रमुख नारा था।<ref>{{cite news |work=The Independent |location=London |access-date=18 January 2010 |title=Dabbling in right wing politics – David Bowie, Brian Ferry and Eric Clapton |url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/music/features/the-ten-worst-rocknroll-career-moves-1774270.html?action=Popup&ino=3 |first=John |last=Hall |date=19 August 2009 }}</ref><ref>''Rebel Rock'' by J. Street. First Edition (1986). Oxford Press Basil Blackwell.pp.74–75.</ref> क्लैप्टन की इस घटना तथा उसी समय डेविड बॉवी द्वारा दिए गए कुछ विवादित बयानों को बाद में "रॉक अगेंस्ट रेसिज़्म" आंदोलन की स्थापना का मुख्य कारण माना गया, जिसका पहला प्रमुख कार्यक्रम 30 अप्रैल 1978 को आयोजित हुआ।<ref name=racism>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2008/apr/20/popandrock.race |first=Sarfraz |last=Manzoor |date=20 April 2008 |access-date=18 January 2010 |work=The Observer |title=The year rock found the power to unite }}</ref>
अक्टूबर 1976 में ''Sounds'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें राजनीति की अधिक जानकारी नहीं थी और अपने आप्रवासन संबंधी भाषण के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता उस रात मुझे क्या हो गया था। शायद दिन में कुछ हुआ होगा, जो उस अव्यवस्थित रूप में बाहर आ गया।"<ref name="Farther On">{{cite web|url=http://theband.hiof.no/articles/clapton_interview_sounds_oct_1976.html|title = Eric Clapton: Farther On Up The Road|last=Charone|first=Barbara|date=October 1976|work = Reprint for the web, article from Sounds Magazine}}</ref>
2004 में ''Uncut'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने इनॉक पॉवेल को "अत्यंत साहसी" बताया।<ref>{{cite news | url=https://www.theguardian.com/music/musicblog/2007/dec/01/ericclaptonisnotgod | title=Eric Clapton is not God | work=The Guardian | location=London | first=Kieron | last=Tyler | date=1 December 2007 }}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन "सस्ते श्रमिकों के रूप में लोगों को बुला रहा था और फिर उन्हें अलग-थलग बस्तियों में रख रहा था।"<ref>{{cite news | url=https://www.irishtimes.com/culture/eric-s-old-post-colonial-blues-1.426495 | title=Eric's old post-colonial blues | newspaper=The Irish Times | first=Brian | last=Boyd | date=25 March 2005 }}</ref> हालांकि उसी वर्ष ''Scotland on Sunday'' को दिए गए एक अन्य साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं हो सकते क्योंकि "उसका कोई अर्थ ही नहीं बनता।"<ref>{{cite web |url=http://scotlandonsunday.scotsman.com/review.cfm?id=408192004 |title=A sentimental journey |work=The Scotsman }}</ref>
अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा कि वे नस्लीय संघर्षों के प्रति "जानबूझकर उदासीन" बने रहे थे।<ref>{{cite news|url=https://www.theguardian.com/books/2007/oct/21/biography.ericclapton|work=The Guardian|location=London|title=The gospel according to God|date=21 October 2007}}</ref> दिसंबर 2007 में ''The South Bank Show'' में मेल्विन ब्रैग के साथ बातचीत के दौरान क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं थे, लेकिन उनका मानना था कि पॉवेल की कुछ बातें अब भी प्रासंगिक थीं।<ref>{{cite web|work=The Week|url=http://www.theweek.co.uk/people/37315/night-eric-wasn%E2%80%99t-so-wonderful|title=The night Eric wasn't so wonderful|date=10 March 2008}}</ref>
2018 में क्लैप्टन ने कहा कि वे अपने पुराने "अंधराष्ट्रवादी" और "फासीवादी" मंचीय बयानों पर स्वयं से घृणा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, "मैंने हर उस चीज़ को नुकसान पहुँचाया जिसमें मैं शामिल था। मुझे अपने ऊपर शर्म आती थी। मैं एक तरह का आधा नस्लवादी बन गया था, जबकि उसका कोई तर्क नहीं था। मेरे आधे दोस्त अश्वेत थे, मैंने एक अश्वेत महिला को डेट किया था और मैं अश्वेत संगीत का समर्थक था।"<ref>{{cite web|first=Tom|last=Sykes|url=https://www.thedailybeast.com/eric-clapton-apologizes-for-racist-past-i-sabotaged-everything|title=Eric Clapton Apologizes for Racist Past: 'I Sabotaged Everything'|website=The Daily Beast|date=12 January 2018|access-date=3 July 2021}}</ref>
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'''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया।
कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया।
इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है।
अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था।
1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ।
क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है।
वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं।
वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है।
== प्रारम्भिक जीवन ==
क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए।
बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे।
तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे।
कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ।
1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे।
इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया।
17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया।
== करियर ==
=== द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स ===
[[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]]
अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे।
प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया।
द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया।
[[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]]
यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref>
दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref>
मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे।
“फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref>
कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref>
क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया।
1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref>
अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए।
ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref>
क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref>
यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref>
=== क्रीम ===
क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref>
क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।
1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref>
क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/>
‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है।
केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था।
यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref>
क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref>
जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=7}}</ref>
1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref>
=== ब्लाइंड फ़ेथ ===
1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था।
एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = 94}}</ref>
एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref>
ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया।
=== डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम ===
ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref>
30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=25–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/>
डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref>
इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया।
इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref>
हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/>
इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref>
=== डेरेक एंड द डोमिनोज़ ===
अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref>
इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref>
आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref>
इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=62}}</ref>
मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref>
एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref>
कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/>
===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता===
1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/>
जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/>
[[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]]
1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना।
1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref>
इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref>
===लगातार सफलता===
[[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]]
1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें ईसाई धर्म के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= 100 }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref>
जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा:
{{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}}
इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं।
पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref>
1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए।
अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे।
1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref>
''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी।
इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए।
बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref>
1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref>
क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref>
1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref>
1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref>
===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"===
मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था।
1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref>
27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref>
क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref>
अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref>
क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref>
''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref>
1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors}}</ref>
अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref>
1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref>
1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref>
15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref>
1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref>
20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref>
===सहयोगी एल्बम===
[[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref>
जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref>
29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref>
क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/>
2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref>
अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref>
[[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया।
गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref>
20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref>
13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref>
2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref>
26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref>
क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref>
फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref>
[[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]]
मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया।
क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref>
Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref>
===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''===
क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref>
===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''===
क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref>
जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]]
15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref>
21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref>
[[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref>
20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref>
अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref>
मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref>
===''इस दौरान''===
मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref>
==प्रभाव==
[[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]]
क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=239}}</ref>
क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा:
{{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}}
क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref>
2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref>
==Legacy==
[[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]]
क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name=Meisel>[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref>
2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा:
{{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}}
''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/>
2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref>
रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा:
{{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}}
संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" />
==Guitars==
[[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]]
हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref>
Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine
| last = Oxman
| first = J. Craig
| date = December 2011
| title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?
| magazine = Vintage Guitar
| publisher = Alan Greenwood
| access-date = 8 May 2015
| url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-date = 19 April 2015
| url-status = dead
}}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे।
[[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]]
1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24 June 2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref>
जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था।
[[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]]
1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref>
उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref>
<ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref>
क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref>
Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref>
1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref>
क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/>
क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web
|title=Ernie Ball – Artists
|publisher=Ernie Ball
|url=http://www.ernieball.com/artists.php
|access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php
|archive-date=5 August 2008 |url-status=live
}}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref>
==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ==
[[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]]
क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref>
2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref>
जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref>
क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref>
2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/>
BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें:
{{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}}
''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== संबंध ===
1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref>
1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref>
1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref>
क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |publisher=Random House |year=2008 |page=233 |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son:
*{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}}
*{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}
*{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref>
20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref>
1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं।
=== स्वास्थ्य ===
क्लैप्टन ने लंबे समय तक नशे की लत से जूझने के बाद 1982 में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन छोड़ दिया।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|website=BBC News|date=3 November 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3978109.stm|access-date=5 June 2024}}</ref> वे पहले अत्यधिक धूम्रपान करते थे, लेकिन 1994 में उन्होंने धूम्रपान भी छोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/frostinterview.htm | title=David Frost Interviews Eric Clapton }}</ref>
== राजनीतिक विचार ==
=== "कीप ब्रिटेन व्हाइट" ===
5 अगस्त 1976 को बर्मिंघम में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन ने बढ़ते आप्रवासन के विरोध में बयान दिया।<ref>{{cite web|first=David|last=Stubbs|url=https://thequietus.com/articles/20701-eric-clapton-racism-morrissey|title=Eric Clapton & Enoch Powell to Morrissey: Race in British Music Since '76|website=The Quietus|date=9 August 2016|access-date=3 July 2021}}</ref> मंच पर स्पष्ट रूप से नशे की हालत में दिखाई दे रहे क्लैप्टन ने दक्षिणपंथी ब्रिटिश राजनेता इनॉक पॉवेल के समर्थन में टिप्पणी की।<ref>{{cite news |url=http://microsites.virgin.net/music/pictures/profiles/when-popstars-get-political.php?ssid=6 |title=When popstars talk politics: Clapton's shocking rant |publisher=Virgin Media}}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2007/oct/14/popandrock2 |work=The Guardian |title=The ten right-wing rockers |first=Luke |last=Bainbridge |date=14 October 2007}}</ref><ref>{{cite book|first=Barry|last=Miles|title=London Calling: A Countercultural History of London since 1945|url=https://books.google.com/books?id=gYn87V36p5AC&pg=PT238|publisher=Atlantic Books|location=London|year=2010|isbn=978-1-848875548}}</ref>
उस समय "Keep Britain White" ब्रिटेन के दूर-दक्षिणपंथी संगठन नेशनल फ्रंट का एक प्रमुख नारा था।<ref>{{cite news |work=The Independent |location=London |access-date=18 January 2010 |title=Dabbling in right wing politics – David Bowie, Brian Ferry and Eric Clapton |url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/music/features/the-ten-worst-rocknroll-career-moves-1774270.html?action=Popup&ino=3 |first=John |last=Hall |date=19 August 2009 }}</ref><ref>''Rebel Rock'' by J. Street. First Edition (1986). Oxford Press Basil Blackwell.pp.74–75.</ref> क्लैप्टन की इस घटना तथा उसी समय डेविड बॉवी द्वारा दिए गए कुछ विवादित बयानों को बाद में "रॉक अगेंस्ट रेसिज़्म" आंदोलन की स्थापना का मुख्य कारण माना गया, जिसका पहला प्रमुख कार्यक्रम 30 अप्रैल 1978 को आयोजित हुआ।<ref name=racism>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2008/apr/20/popandrock.race |first=Sarfraz |last=Manzoor |date=20 April 2008 |access-date=18 January 2010 |work=The Observer |title=The year rock found the power to unite }}</ref>
अक्टूबर 1976 में ''Sounds'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें राजनीति की अधिक जानकारी नहीं थी और अपने आप्रवासन संबंधी भाषण के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता उस रात मुझे क्या हो गया था। शायद दिन में कुछ हुआ होगा, जो उस अव्यवस्थित रूप में बाहर आ गया।"<ref name="Farther On">{{cite web|url=http://theband.hiof.no/articles/clapton_interview_sounds_oct_1976.html|title = Eric Clapton: Farther On Up The Road|last=Charone|first=Barbara|date=October 1976|work = Reprint for the web, article from Sounds Magazine}}</ref>
2004 में ''Uncut'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने इनॉक पॉवेल को "अत्यंत साहसी" बताया।<ref>{{cite news | url=https://www.theguardian.com/music/musicblog/2007/dec/01/ericclaptonisnotgod | title=Eric Clapton is not God | work=The Guardian | location=London | first=Kieron | last=Tyler | date=1 December 2007 }}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन "सस्ते श्रमिकों के रूप में लोगों को बुला रहा था और फिर उन्हें अलग-थलग बस्तियों में रख रहा था।"<ref>{{cite news | url=https://www.irishtimes.com/culture/eric-s-old-post-colonial-blues-1.426495 | title=Eric's old post-colonial blues | newspaper=The Irish Times | first=Brian | last=Boyd | date=25 March 2005 }}</ref> हालांकि उसी वर्ष ''Scotland on Sunday'' को दिए गए एक अन्य साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं हो सकते क्योंकि "उसका कोई अर्थ ही नहीं बनता।"<ref>{{cite web |url=http://scotlandonsunday.scotsman.com/review.cfm?id=408192004 |title=A sentimental journey |work=The Scotsman }}</ref>
अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा कि वे नस्लीय संघर्षों के प्रति "जानबूझकर उदासीन" बने रहे थे।<ref>{{cite news|url=https://www.theguardian.com/books/2007/oct/21/biography.ericclapton|work=The Guardian|location=London|title=The gospel according to God|date=21 October 2007}}</ref> दिसंबर 2007 में ''The South Bank Show'' में मेल्विन ब्रैग के साथ बातचीत के दौरान क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं थे, लेकिन उनका मानना था कि पॉवेल की कुछ बातें अब भी प्रासंगिक थीं।<ref>{{cite web|work=The Week|url=http://www.theweek.co.uk/people/37315/night-eric-wasn%E2%80%99t-so-wonderful|title=The night Eric wasn't so wonderful|date=10 March 2008}}</ref>
2018 में क्लैप्टन ने कहा कि वे अपने पुराने "अंधराष्ट्रवादी" और "फासीवादी" मंचीय बयानों पर स्वयं से घृणा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, "मैंने हर उस चीज़ को नुकसान पहुँचाया जिसमें मैं शामिल था। मुझे अपने ऊपर शर्म आती थी। मैं एक तरह का आधा नस्लवादी बन गया था, जबकि उसका कोई तर्क नहीं था। मेरे आधे दोस्त अश्वेत थे, मैंने एक अश्वेत महिला को डेट किया था और मैं अश्वेत संगीत का समर्थक था।"<ref>{{cite web|first=Tom|last=Sykes|url=https://www.thedailybeast.com/eric-clapton-apologizes-for-racist-past-i-sabotaged-everything|title=Eric Clapton Apologizes for Racist Past: 'I Sabotaged Everything'|website=The Daily Beast|date=12 January 2018|access-date=3 July 2021}}</ref>
=== लोमड़ी शिकार प्रतिबंध का विरोध ===
क्लैप्टन ने Countryside Alliance का समर्थन किया, जो ब्रिटिश ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक फील्ड स्पोर्ट्स से जुड़े मुद्दों को बढ़ावा देने वाला संगठन है। उन्होंने इस संगठन के लिए धन जुटाने हेतु आयोजित संगीत कार्यक्रमों में भाग लिया तथा लेबर पार्टी द्वारा लागू किए गए लोमड़ी शिकार प्रतिबंध (Hunting Act 2004) का सार्वजनिक रूप से विरोध किया। क्लैप्टन के प्रवक्ता ने कहा, "एरिक Countryside Alliance का समर्थन करते हैं। वे स्वयं शिकार नहीं करते, लेकिन मछली पकड़ने और शूटिंग जैसी ग्रामीण गतिविधियों का आनंद लेते हैं। वे इस प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में हैं क्योंकि उनका मानना है कि लोगों की निजी गतिविधियों में राज्य को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।"<ref>{{cite web | url= http://www.contactmusic.com/new/xmlfeed.nsf/story/clapton-headlines-pro-hunt-concert_30_04_2006 | title= Clapton Headlines Pro-Hunt Concert | work= Contact Music | date= 30 April 2006 | access-date= 9 June 2014 }}</ref>
=== कोविड-19 ===
नवंबर 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान क्लैप्टन और वैन मॉरिसन ने मिलकर "Stand and Deliver" नामक एक गीत जारी किया, जिसे मास्क और लॉकडाउन विरोधी गीत के रूप में देखा गया। इस गीत से हुई आय मॉरिसन के "Lockdown Financial Hardship Fund" को दान की गई।<ref>{{Cite web|title=Eric Clapton, Van Morrison to release new single Dec. 4|url=https://www.upi.com/Entertainment_News/Music/2020/11/28/Eric-Clapton-Van-Morrison-to-release-new-single-Dec-4/8641606569592/|access-date=3 December 2020|work=United Press International|language=en}}</ref> मॉरिसन के इस रुख की उत्तरी आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री रॉबिन स्वान ने आलोचना की।<ref>{{Cite web|date=22 September 2020|title=Northern Ireland health minister criticises Van Morrison anti-lockdown songs|url=http://www.theguardian.com/music/2020/sep/22/northern-ireland-health-minister-criticises-van-morrison-anti-lockdown-songs|access-date=27 May 2021|website=The Guardian|language=en}}</ref>
जुलाई 2021 में क्लैप्टन ने कहा कि वे "ऐसे किसी भी मंच पर प्रस्तुति नहीं देंगे जहाँ दर्शकों के साथ भेदभाव किया जाए", यह बयान ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा संगीत कार्यक्रमों में वैक्सीनेशन अनिवार्य किए जाने की घोषणा के बाद आया था।<ref>{{cite news|last=Tsioulcas|first=Anastasia|title=Eric Clapton Says He Won't Play Venues That Require COVID Vaccines|url=https://www.npr.org/2021/07/22/1019210021/eric-clapton-covid-vaccine-requirement-shows|access-date=22 July 2021|work=NPR}}</ref> उस समय तक क्लैप्टन AstraZeneca वैक्सीन की दोनों खुराकें ले चुके थे और उन्होंने दावा किया कि उन्हें दोनों इंजेक्शन के बाद गंभीर दुष्प्रभाव हुए।<ref>{{cite news|last=Hernandez|first=Angie Orellana|url=https://www.latimes.com/entertainment-arts/music/story/2021-05-17/eric-clapton-astrazeneca-vaccine|title=Eric Clapton feared he would 'never play again after 'disastrous' time with vaccine|work=Los Angeles Times|date=17 May 2021}}</ref> हालांकि NBC News के एक संपादकीय में इस बात पर संदेह जताया गया कि उनके बताए गए लक्षण वास्तव में वैक्सीन से जुड़े थे, क्योंकि क्लैप्टन 2013 में भी नसों की समस्या के कारण इसी प्रकार के लक्षण होने की बात कह चुके थे।<ref>{{cite news|last=Slate|first=Jeff|url=https://www.nbcnews.com/think/opinion/eric-clapton-s-covid-vaccine-conspiracies-mark-sad-final-act-ncna1281619|title=Eric Clapton's Covid vaccine conspiracies mark a sad final act|work=NBC News|date=15 October 2021}}</ref>
अगस्त 2021 में क्लैप्टन ने "This Has Gotta Stop" नामक गीत और उसका संगीत वीडियो जारी किया। इसे COVID-19 लॉकडाउन और टीकाकरण नीतियों के विरोध में बनाया गया गीत बताया गया, जिसमें नागरिक स्वतंत्रताओं के हनन संबंधी संदेश भी शामिल थे।<ref>{{Cite news|date=27 August 2021|first=Melissa|last=Ruggieri|title=Eric Clapton sings 'enough is enough' on new COVID policy protest song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.usatoday.com/story/entertainment/music/2021/08/27/eric-clapton-releases-covid-policy-protest-song-this-has-gotta-stop/5622559001/|access-date=29 August 2021|newspaper=USA Today}}</ref><ref>{{Cite magazine|date=27 August 2021|first=David|last=Browne|title=Eric Clapton Appears Frustrated With Covid-19 Vaccine on New Song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-new-song-this-has-gotta-stop-1217935/|access-date=29 August 2021|magazine=Rolling Stone}}</ref><ref>{{Cite web|date=27 August 2021|title=Eric Clapton Releases Politically-Charged "This Has Gotta Stop"|website=Jambands.com|url=https://jambands.com/news/2021/08/27/eric-clapton-releases-new-song-this-has-gotta-stop-accompanying-video/|access-date=29 August 2021}}</ref>
मई 2022 में क्लैप्टन COVID-19 से संक्रमित पाए गए, जिसके कारण उन्हें अपने संगीत दौरे के कुछ कार्यक्रम रद्द करने पड़े।<ref>{{cite news|last=Andrew|first=Scottie|url=https://edition.cnn.com/2022/05/17/entertainment/eric-clapton-covid-tour-postponed-cec/index.html|title=Eric Clapton postpones some concert dates after testing positive for Covid-19|work=CNN|date=17 May 2022}}</ref>
=== गाज़ा युद्ध ===
नवंबर 2023 में गाज़ा युद्ध के दौरान क्लैप्टन ने "Voice of a Child" नामक गीत जारी किया। इसके साथ जारी किए गए वीडियो में गाज़ा पट्टी में हुए विनाश की तस्वीरें दिखाई गई थीं।<ref>{{Cite news|date=18 November 2023|title=Guitar icon Eric Clapton releases new song accompanied by Gaza imagery|newspaper=Ynetnews|url=https://www.ynetnews.com/culture/article/sjoddmle6|access-date=28 November 2023}}</ref>
दिसंबर 2023 में क्लैप्टन ने गाज़ा पट्टी के बच्चों की सहायता के लिए धन जुटाने हेतु एक चैरिटी कॉन्सर्ट आयोजित किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फ़िलिस्तीनी ध्वज के रंगों से रंगा हुआ गिटार बजाया।<ref>{{Cite web |date=17 January 2024 |title=Eric Clapton releases fundraising concert for Gaza kids, ignores hostages |url=https://www.jpost.com/israel-hamas-war/article-782583 |access-date=19 February 2024 |website=The Jerusalem Post |language=en |issn=0792-822X}}</ref>
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'''एरिक पैट्रिक क्लैप्टन''' ({{Lang-en|Eric Patrick Clapton}}, जन्म 30 मार्च 1945) एक अंग्रेज़ [[रॉक संगीत|रॉक]] और [[ब्लूज़]] गिटारवादक, गायक तथा गीतकार हैं। उन्हें रॉक संगीत के इतिहास के सबसे सफल और प्रभावशाली गिटारवादकों में गिना जाता है। क्लैप्टन को ''रॉलिंग स्टोन'' पत्रिका की "सर्वकालिक 100 महानतम गिटारवादकों" की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि गिब्सन (गिटार कंपनी) की "टॉप 50 गिटारिस्ट्स ऑफ ऑल टाइम" सूची में उन्हें चौथा स्थान मिला। वर्ष 2009 में ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने उन्हें "10 सर्वश्रेष्ठ इलेक्ट्रिक गिटार वादकों" की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया।
कई स्थानीय बैंडों के साथ प्रदर्शन करने के बाद क्लैप्टन वर्ष 1963 में द यार्डबर्ड्स से जुड़े और 1965 तक उसके सदस्य रहे। इसके बाद 1965 से 1966 तक उन्होंने जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ कार्य किया। बाद में उन्होंने ड्रमर जिंजर बेकर और बास वादक-गायक जैक ब्रूस के साथ मिलकर प्रसिद्ध पावर ट्रायो बैंड [[क्रीम]] का गठन किया। इस बैंड में क्लैप्टन ने लंबे ब्लूज़ इम्प्रोवाइज़ेशन और ब्लूज़-आधारित साइकेडेलिक पॉप शैली प्रस्तुत की। चार सफल एल्बमों के बाद 1968 में क्रीम बैंड अलग हो गया।
इसके बाद क्लैप्टन ने बेकर, स्टीव विनवुड और रिक ग्रेच के साथ मिलकर ब्लूज़ रॉक बैंड ब्लाइंड फेथ बनाया। इस बैंड ने केवल एक एल्बम जारी किया और एक दौरे के बाद भंग हो गया। बाद में क्लैप्टन ने डिलेनी एंड बॉनी के साथ यात्रा की और 1970 में अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton (album)|Eric Clapton'' जारी किया। इसके बाद उन्होंने डेरेक एंड द डोमिनोज़ बैंड का गठन किया, जिसमें बॉबी व्हिटलॉक, कार्ल रैडल और जिम गॉर्डन शामिल थे। इस बैंड का सबसे प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' था, जिसमें क्लैप्टन का प्रसिद्ध गीत "[[लैला]]" सम्मिलित है।
अगले कई दशकों तक क्लैप्टन ने अनेक सफल एकल एल्बम और गीत जारी किए। 1974 में उन्होंने [[बॉब मार्ले]] के गीत "I Shot the Sheriff" का संस्करण प्रस्तुत किया, जिसने रेगे संगीत को व्यापक लोकप्रियता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1977 का उनका एल्बम ''Slowhand'' कण्ट्री संगीत से प्रभावित था, जबकि 1986 का ''August (album)|August'' पॉप रॉक शैली पर आधारित था।
1991 में अपने पुत्र कॉनर की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने अपने दुःख को "Tears in Heaven" गीत के माध्यम से व्यक्त किया। यह गीत ''Billboard Hot 100'' में दूसरे स्थान तक पहुँचा और उनके ''Unplugged (Eric Clapton album)|'' एल्बम में भी शामिल किया गया। 1996 में उनका गीत "Change the World" भी अत्यधिक लोकप्रिय हुआ। 1998 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता गीत "My Father's Eyes (song)" जारी किया। 1999 के बाद उन्होंने कई पारंपरिक ब्लूज़ और ब्लूज़ रॉक एल्बम रिकॉर्ड किए तथा समय-समय पर का आयोजन किया। उनका नवीनतम स्टूडियो एल्बम ''Meanwhile (Eric Clapton album)|Meanwhile'' वर्ष 2024 में जारी हुआ।
क्लैप्टन को अब तक 18 [[ग्रैमी पुरस्कार]] प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें संगीत में उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रिट पुरस्कार।तथा वर्ष 2004 में संगीत सेवाओं के लिए CBE सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें ब्रिटिश अकादमी ऑफ सॉन्गराइटर्स, कम्पोज़र्स एंड ऑथर्स द्वारा चार आइवर नोवेलो पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल है।
वे रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किए जाने वाले एकमात्र कलाकार हैं — एक बार एकल कलाकार के रूप में तथा अलग-अलग द यार्डबर्ड्स और [[क्रीम]] के सदस्य के रूप में। अपने एकल संगीत करियर में उन्होंने विश्वभर में लगभग 10 करोड़ रिकॉर्ड बेचे हैं, जिससे वे विश्व के सर्वाधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में गिने जाते हैं।
वर्ष 1998 में नशे की लत से उबरने के बाद क्लैप्टन ने [[एंटीगुआ]] में Crossroads Centre की स्थापना की, जो नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले लोगों के उपचार हेतु एक चिकित्सीय केंद्र है।
== प्रारम्भिक जीवन ==
क्लैप्टन का जन्म 30 मार्च 1945 को इंग्लैंड के रिप्ली सरे में हुआ था। उनकी माता पैट्रिशिया मॉली क्लैप्टन उस समय केवल 16 वर्ष की थीं, जबकि उनके पिता एडवर्ड वॉल्टर फ्रायर कनाडा के [[मॉन्ट्रियल]], क्यूबेक से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय सैनिक थे। क्लैप्टन के जन्म से पहले ही फ्रायर युद्ध के लिए भेज दिए गए थे और बाद में कनाडा लौट गए।
बचपन में क्लैप्टन को यह बताया गया कि उनकी नानी रोज़ और उनके दूसरे पति जैक क्लैप, जो वास्तव में उनकी माता के सौतेले पिता थे, ही उनके वास्तविक माता-पिता हैं। उनकी वास्तविक माँ पैट्रिशिया को परिवार में उनकी बड़ी बहन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपनामों की समानता के कारण लंबे समय तक यह भ्रम बना रहा कि क्लैप्टन का वास्तविक उपनाम “क्लैप” है। बाद में उनकी माँ ने एक अन्य कनाडाई सैनिक से विवाह कर लिया और जर्मनी चली गईं, जबकि एरिक अपने नाना-नानी के साथ सरे में ही रहे।
तेरहवें जन्मदिन पर क्लैप्टन को जर्मनी में निर्मित एक [होयर गिटार्स ध्वनिक गिटार उपहार में मिला। यह सस्ता स्टील-स्ट्रिंग गिटार बजाने में कठिन था, जिसके कारण कुछ समय के लिए उनकी रुचि कम हो गई। लगभग दो वर्ष बाद उन्होंने फिर से गिटार बजाना शुरू किया और नियमित अभ्यास करने लगे।
कम आयु से ही वे ब्लूज़ संगीत से प्रभावित थे। वे घंटों तक रिकॉर्ड सुनकर ब्लूज़ संगीत के कॉर्ड सीखने का अभ्यास करते थे। अपने अभ्यास सत्रों को वे एक पोर्टेबल ग्रुंडिग टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड करते और बार-बार सुनते थे, जब तक कि स्वयं संतुष्ट न हो जाएँ।
1961 में [[सर्बिटन]] के हॉलीफील्ड स्कूल को छोड़ने के बाद उन्होंने किंग्स्टन कॉलेज ऑफ आर्ट में अध्ययन किया, किन्तु वर्ष के अंत में उन्हें निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उनका ध्यान कला की अपेक्षा संगीत पर अधिक केंद्रित था। उस समय तक उनकी गिटार वादन क्षमता इतनी विकसित हो चुकी थी कि लोग उन्हें पहचानने लगे थे।
इसी दौरान उन्होंने किंग्स्टन अपॉन थेम्स, [[रिचमंड, लंदन|रिचमंड]] और वेस्ट एंड ऑफ लंदन क्षेत्रों में सड़क किनारे संगीत प्रस्तुत करना शुरू किया। 1962 में उन्होंने ब्लूज़ संगीत प्रेमी डेव ब्रॉक के साथ मिलकर सरे के विभिन्न पबों में युगल प्रस्तुतियाँ देना प्रारम्भ किया।
17 वर्ष की आयु में क्लैप्टन अपने पहले बैंड “द रूस्टर्स” से जुड़े, जो एक प्रारम्भिक ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ (R&B) समूह था। इस बैंड में टॉम मैकगिनेस भी गिटारवादक थे। क्लैप्टन जनवरी 1963 से अगस्त 1963 तक इस समूह के सदस्य रहे। उसी वर्ष अक्टूबर में उन्होंने केसी जोन्स एंड द इंजीनियर्स के साथ सात कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रदर्शन किया।
== करियर ==
=== द यार्डबर्ड्स और द ब्लूज़ब्रेकर्स ===
[[File:The Yardbirds on ad 1965.jpg|thumb|1965 में द यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन (बाएँ से दूसरे)]]
अक्टूबर 1963 में क्लैप्टन ब्रिटिश रिदम एंड ब्लूज़ बैंड “द यार्डबर्ड्स” से जुड़े और मार्च 1965 तक उसके सदस्य रहे। शिकागो ब्लूज़ तथा बडी गाय, फ्रेडी किंग और बी॰ बी॰ किंग जैसे प्रसिद्ध ब्लूज़ गिटारवादकों से प्रेरणा लेकर क्लैप्टन ने अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की। शीघ्र ही वे ब्रिटिश संगीत जगत के सबसे चर्चित गिटारवादकों में गिने जाने लगे।
प्रारम्भ में यह बैंड चेस रिकॉर्ड्स, चेकर रिकॉर्ड्स और वी-जे रिकॉर्ड्स से जुड़े ब्लूज़ गीत प्रस्तुत करता था। लंदन के रिचमंड स्थित क्रॉडैडी क्लब में द रोलिंग स्टोन्स के स्थान पर नियमित प्रस्तुतियाँ देने के बाद बैंड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उनका एक समर्पित श्रोता वर्ग तैयार हो गया।
द यार्डबर्ड्स ने अमेरिकी ब्लूज़ गायक सॉनी बॉय विलियमसन द्वितीय के साथ इंग्लैंड का दौरा भी किया। दिसंबर 1963 में रिकॉर्ड किया गया उनका संयुक्त LP एल्बम वर्ष 1965 में जारी किया गया।
[[File:Royal Albert Hall.001 - London.JPG|thumb|left|upright=1.1|क्लैप्टन 1964 में अपनी पहली प्रस्तुति के बाद से लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में 200 से अधिक बार प्रदर्शन कर चुके हैं।<ref name="Royal Albert Hall">{{cite news|title=Exclusive pictures: Eric Clapton hits 200 Royal Albert Hall shows|url=http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|issue=24 May 2015|publisher=Royal Albert Hall.com|date=12 July 2015|access-date=12 July 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150909172857/http://www.royalalberthall.com/about-the-hall/news/2015/may/exclusive-pictures-eric-clapton-hits-200-royal-albert-hall-shows/|archive-date=9 September 2015|url-status=dead}}</ref>]]
यार्डबर्ड्स के रिदम गिटारवादक क्रिस ड्रेजा के अनुसार, जब भी किसी कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन के गिटार की तार टूट जाती थी, तो वे मंच पर ही रुककर उसे बदलते थे। इस दौरान दर्शक “स्लो हैंडक्लैप” शैली में धीरे-धीरे ताली बजाकर प्रतीक्षा करते थे। क्लैप्टन का प्रसिद्ध उपनाम “स्लोहैंड” जॉर्जियो गोमेल्स्की ने इसी घटना से प्रेरित होकर दिया था।<ref>{{cite book|last1=Welch|first1=Chris|title=Clapton|publisher=Voyageur Press|page=38}}</ref>
दिसंबर 1964 में क्लैप्टन ने यार्डबर्ड्स के साथ लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में पहली बार प्रस्तुति दी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इसके बाद उन्होंने इस सभागार में 200 से अधिक बार प्रदर्शन किया। क्लैप्टन ने एक बार कहा था कि इस स्थान पर प्रस्तुति देना उन्हें “अपने बैठक कक्ष में बजाने” जैसा महसूस होता है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518|title=Eric Clapton Starts Royal Albert Hall Run With Classics and Covers|magazine=Rolling Stone|date=18 May 2009|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20180109235404/https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-starts-royal-albert-hall-run-with-classics-and-covers-20090518#ixzz2HFkFECoM|archive-date=9 January 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |title=Eric Clapton celebrates 50 years as a professional musician |publisher=Life.royalalberthall.com |access-date=22 September 2014 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131010062802/http://life.royalalberthall.com/2012/09/eric-clapton-celebrates-50-years-as-a-professional-musician/ |archive-date=10 October 2013 }}</ref>
मार्च 1965 में क्लैप्टन और यार्डबर्ड्स को अपना पहला बड़ा लोकप्रिय गीत “फ़ॉर योर लव” मिला। यह गीत गीतकार ग्राहम गोल्डमैन द्वारा लिखा गया था, जिन्होंने बाद में हरमन्स हर्मिट्स, द हॉलीज़ और 10cc के लिए भी सफल गीत लिखे। इस गीत की सफलता के बाद यार्डबर्ड्स ने अधिक पॉप-प्रधान संगीत शैली अपनाने का निर्णय लिया, जिससे क्लैप्टन असंतुष्ट हो गए क्योंकि वे व्यावसायिक सफलता की तुलना में ब्लूज़ संगीत को अधिक महत्व देते थे।
“फ़ॉर योर लव” के सार्वजनिक होने वाले दिन ही क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया। उनके जाने से बैंड अपने मुख्य गिटारवादक और सबसे अनुभवी सदस्य से वंचित हो गया। क्लैप्टन ने अपने स्थान पर जिमी पेज का नाम सुझाया, लेकिन पेज ने मित्रता और निष्ठा के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया<ref>{{cite web |url=http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |title=Trouser Press : Jimmy Page interview transcript |publisher=Iem.ac.ru |access-date=17 April 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110820054853/http://www.iem.ac.ru/zeppelin/docs/interviews/page_77.trp |archive-date=20 August 2011 |url-status=live }}</ref> और इसके बजाय जेफ़ बेक को आगे बढ़ाया।<ref name="unuhsh">Romanowski, Patricia (2003)</ref>
कुछ समय तक जेफ़ बेक और जिमी पेज ने यार्डबर्ड्स में साथ काम किया, लेकिन बेक, पेज और क्लैप्टन तीनों कभी एक साथ इस समूह का हिस्सा नहीं रहे। वे पहली बार 1983 में मल्टीपल स्क्लेरोसिस पर अनुसंधान के लिए आयोजित “एक्शन फ़ॉर रिसर्च” नामक चैरिटी दौरे में एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरे का पहला कार्यक्रम 23 सितंबर को रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित हुआ था।<ref>{{cite magazine |last=Greene |first=Andy |date=16 January 2017 |title=Jeff Beck Opens Up About Rock and Roll Hall of Fame Gigs with Clapton Jeff Beck Group Reunion Prospects |url=https://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090719164046/http://www.rollingstone.com/rockdaily/index.php/2009/01/16/jeff-beck-opens-up-about-rock-and-roll-hall-of-fame-gigs-with-clapton-jeff-beck-group-reunion-prospects/ |archive-date=19 July 2009 |access-date=5 December 2017 |magazine=Rolling Stone}}</ref>
क्लैप्टन अप्रैल 1965 में जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल हुए, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने यह समूह छोड़ दिया। जून में जिमी पेज ने उन्हें साथ में संगीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया, जहाँ उन्होंने कई गीत रिकॉर्ड किए। बाद में इन रिकॉर्डिंग्स को “द इमीडियेट ऑल-स्टार्स” के नाम से जारी किया गया।
1965 की गर्मियों में क्लैप्टन “द ग्लैंड्स” नामक बैंड के साथ ग्रीस चले गए। इस समूह में उनके पुराने मित्र बेन पाल्मर पियानो बजाते थे। 17 अक्टूबर 1965 को एक सड़क दुर्घटना में यूनानी बैंड “जूनियर्स” के बास वादक की मृत्यु हो गई और गिटारवादक घायल हो गया। इसके बाद आयोजित स्मृति कार्यक्रमों में क्लैप्टन ने उस बैंड के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{Cite web|url = https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|title = Το καλοκαίρι που ο Έρικ Κλάπτον έπαιξε ροκ στην Αθήνα. Ήταν απένταρος και αντικατέστησε τον κιθαρίστα στο ελληνικό συγκρότημα "Juniors". Το συγκρότημα είχε αποδεκατιστεί πριν από λίγες μέρες σε ένα τρομερό τροχαίο (βίντεο)|date = 30 March 2015|access-date = 5 April 2021|archive-date = 16 August 2021|archive-url = https://web.archive.org/web/20210816163727/https://www.mixanitouxronou.com.cy/stiles/rok-istories/to-kalokeri-pou-o-erik-klapton-epexe-rok-stin-athina-itan-apentaros-ke-antikatestise-ton-kitharista-sto-elliniko-sigkrotima-juniors-to-sigkrotima-iche-apodekatisti-prin-apo-liges-meres-se-ena-t/|url-status = live}}</ref>
अक्टूबर 1965 में क्लैप्टन ने पुनः जॉन मायाल एंड द ब्लूज़ब्रेकर्स में वापसी की। मार्च 1966 में, ब्लूज़ब्रेकर्स के सदस्य रहते हुए, उन्होंने जैक ब्रूस, स्टीव विनवुड और अन्य संगीतकारों के साथ एक अल्पकालिक साइड प्रोजेक्ट पर कार्य किया। इस परियोजना के अंतर्गत “एरिक क्लैप्टन एंड द पावरहाउस” नाम से कुछ गीत रिकॉर्ड किए गए।
ब्लूज़ब्रेकर्स के साथ अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान क्लैप्टन ने क्लब संगीत जगत में सर्वश्रेष्ठ ब्लूज़ गिटारवादकों में अपनी पहचान बना ली। यद्यपि क्लैप्टन को प्रभावशाली एल्बम ''ब्लूज़ ब्रेकर्स – जॉन मायाल – विथ एरिक क्लैप्टन'' में अपने वादन के कारण प्रसिद्धि मिली, लेकिन यह एल्बम जुलाई 1966 में उनके अंतिम बार समूह छोड़ने के बाद जारी हुआ। प्रशंसक इस एल्बम को प्रायः “द बीनो एल्बम” कहते हैं, क्योंकि इसके आवरण चित्र में क्लैप्टन ब्रिटिश बाल कॉमिक ''द बीनो'' पढ़ते दिखाई देते हैं।<ref>Clapton, Eric (2007). ''Clapton: The Autobiography''. New York City: Broadway Books. pp. 72, 73.</ref>
क्लैप्टन ने अपनी फेंडर टेलीकास्टर गिटार और वॉक्स AC30 ऐम्प्लीफायर को बदलकर 1960 की गिब्सन लेस पॉल स्टैंडर्ड गिटार और मार्शल ऐम्प्लीफायर का उपयोग शुरू किया। उनके विशिष्ट वादन और ध्वनि शैली ने “क्लैप्टन इज़ गॉड” नामक प्रसिद्ध नारे को जन्म दिया, जिसे 1967 में उत्तरी लंदन के इस्लिंगटन क्षेत्र की एक दीवार पर किसी अज्ञात प्रशंसक ने स्प्रे पेंट से लिखा था।<ref>{{cite news| first= Neil| last= McCormick| title= Just how good is Eric Clapton?| date= 24 July 2015| work= The Telegraph| location= London| url= https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| access-date= 3 April 2018| archive-url= https://web.archive.org/web/20171124071909/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rockandpopfeatures/11501274/Just-how-good-is-Eric-Clapton.html| archive-date= 24 November 2017| url-status= live}}</ref>
यह भित्तिलेख एक प्रसिद्ध चित्र में भी दिखाई दिया, जिसमें एक कुत्ता उसी दीवार पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया है। क्लैप्टन ने बाद में स्वीकार किया कि वे इस नारे से असहज महसूस करते थे। 1987 में ''द साउथ बैंक शो'' में उन्होंने कहा था, “मैंने कभी यह स्वीकार नहीं किया कि मैं दुनिया का सबसे महान गिटारवादक हूँ। मैं हमेशा दुनिया का सबसे महान गिटारवादक बनना चाहता था, लेकिन वह केवल एक आदर्श है, और मैं उसे एक आदर्श के रूप में ही स्वीकार करता हूँ।”<ref>Clapton Documentary (1987). ''South Bank Show''. ITV.</ref>
=== क्रीम ===
क्लैप्टन ने जुलाई 1966 में ब्लूज़ब्रेकर्स छोड़ दिया, जहाँ उनकी जगह पीटर ग्रीन ने ली। इसके बाद ड्रमर जिंजर बेकर ने उन्हें अपने नए बैंड ‘क्रीम’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आरंभिक सुपरग्रुपों में से एक था, जिसमें जैक ब्रूस बास गिटार और गायन संभालते थे। क्रीम के गठन से पहले क्लैप्टन संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं थे; उन्होंने ‘फ़ॉर योर लव’ के अमेरिकी शीर्ष दस में पहुँचने से पहले ही यार्डबर्ड्स छोड़ दिया था और वहाँ अभी तक प्रस्तुति भी नहीं दी थी।<ref>{{cite web |last=Unterberger |first=Richie |url=https://www.allmusic.com/artist/p3983 |title=Cream |publisher=AllMusic |access-date=22 August 2010 |archive-date=29 October 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101029043512/http://www.allmusic.com/artist/p3983 |url-status=live }}</ref>
क्रीम के साथ रहते हुए क्लैप्टन ने गायक, गीतकार और गिटारवादक के रूप में स्वयं को और विकसित किया, यद्यपि अधिकांश मुख्य गायन जैक ब्रूस करते थे और गीतों की रचना भी मुख्यतः उन्हीं द्वारा गीतकार पीट ब्राउन के साथ मिलकर की जाती थी।<ref name="unuhsh"/> क्रीम की पहली प्रस्तुति 29 जुलाई 1966 को मैनचेस्टर के ट्विस्टेड व्हील क्लब में एक अनौपचारिक कार्यक्रम के रूप में हुई, जबकि दो दिन बाद विंडसर में नेशनल जैज़ एंड ब्लूज़ फ़ेस्टिवल में उनका औपचारिक पदार्पण हुआ। क्रीम ने अपने ऊँचे ध्वनि स्तर वाले ब्लूज़ जैम, विस्तृत एकल वादन और मंचीय प्रस्तुतियों के कारण शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।
1967 की शुरुआत तक ब्रिटेन में उभरती ब्लूज़-रॉक शैली के प्रशंसक क्लैप्टन को देश का सर्वश्रेष्ठ गिटारवादक मानने लगे थे। हालांकि इसी समय जिमी हेंड्रिक्स के आगमन ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। हेंड्रिक्स ने फीडबैक और इफ़ेक्ट्स पैडल का प्रयोग करके गिटार से बिल्कुल नई ध्वनियाँ उत्पन्न कीं।<ref name="Jam">{{cite news|title=Hendrix jams with Cream|url=https://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|publisher=BBC|date=24 April 2016|access-date=13 February 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20171220045148/http://www.bbc.co.uk/music/sevenages/events/blues-based-rock/hendrix-jams-with-cream/|archive-date=20 December 2017|url-status=live}}</ref> 1 अक्टूबर 1966 को हेंड्रिक्स ने सेंट्रल लंदन पॉलिटेक्निक में क्रीम के कार्यक्रम में भाग लिया और ‘किलिंग फ़्लोर’ के एक तीव्र संस्करण में उनके साथ प्रस्तुति भी दी।<ref name="Jam"/> क्लैप्टन सहित पीट टाउनशेंड, रोलिंग स्टोन्स और बीटल्स के सदस्य भी हेंड्रिक्स के शुरुआती क्लब कार्यक्रमों को उत्साहपूर्वक देखने जाते थे। हेंड्रिक्स के आगमन का क्लैप्टन के आगामी संगीत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref>Shadwick, Keith (2003). Jimi Hendrix: Musician. P. 84. Backbeat Books</ref>
क्लैप्टन ने क्रीम के साथ दौरे के दौरान पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मार्च 1967 में क्रीम ने न्यूयॉर्क के आरकेओ थिएटर में नौ कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान क्लैप्टन ने अपनी प्रसिद्ध चित्रित गिब्सन एसजी गिटार ‘द फूल’ का उपयोग शुरू किया, जो साइकेडेलिक युग का प्रतीक मानी जाती है।<ref>{{cite book|last=Welch|first=Chris|title=Clapton: The Ultimate Illustrated History|url=https://books.google.com/books?id=M-BMCFL_c3AC&pg=PA87|access-date=2 January 2012|year=2011|publisher=Voyageur|isbn=978-0-7603-4046-2|page=87}}</ref><ref name="fool">{{cite news|title=Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?|last=Oxman|first=J. Craig|date=December 2011|work=Vintage Guitar|pages=62–66}}</ref> उन्होंने ‘फ़्रेश क्रीम’ के बाद अधिकांश रिकॉर्डिंगों में इसी गिटार का प्रयोग किया, विशेषकर ‘डिज़रायली गियर्स’ में।<ref name="fool"/>
‘डिज़रायली गियर्स’ का रिकॉर्डिंग कार्य मई 1967 में न्यूयॉर्क में हुआ। इस एल्बम में क्लैप्टन के तीखे गिटार वादन, जैक ब्रूस के ऊँचे स्वर और जिंजर बेकर की जैज़-प्रभावित ड्रमिंग ने बैंड को एक प्रभावशाली पावर ट्रायो के रूप में स्थापित कर दिया। क्रीम की संगीत शैली में हार्ड रॉक गीतों से लेकर लंबे ब्लूज़-आधारित वाद्य जैम तक शामिल थे। क्लैप्टन की आवाज़ फ्रैंक ज़ैप्पा के एल्बम ‘वी आर ओनली इन इट फ़ॉर द मनी’ के कुछ गीतों में भी सुनी जा सकती है।
केवल 28 महीनों के भीतर क्रीम एक अत्यंत सफल बैंड बन गया। उन्होंने लाखों रिकॉर्ड बेचे और अमेरिका तथा यूरोप में व्यापक दौरे किए। उन्होंने रॉक संगीत में वाद्य कलाकारों की भूमिका को नए रूप में प्रस्तुत किया और लंबे जैज़-शैली के इम्प्रोवाइज़ेशन को लोकप्रिय बनाया। उनके प्रमुख अमेरिकी हिट गीतों में ‘सनशाइन ऑफ़ योर लव’, ‘व्हाइट रूम’ और ‘क्रॉसरोड्स’ शामिल हैं, जो रॉबर्ट जॉनसन के गीत ‘क्रॉस रोड ब्लूज़’ का जीवंत संस्करण था।
यद्यपि क्रीम को अपने समय के महानतम बैंडों में गिना गया, लेकिन समूह लंबे समय तक नहीं चल सका। नशीले पदार्थों और शराब के बढ़ते उपयोग के कारण सदस्यों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विशेष रूप से जैक ब्रूस और जिंजर बेकर के बीच मतभेदों ने अंततः बैंड को विघटित कर दिया। इसके अतिरिक्त ‘रॉलिंग स्टोन’ पत्रिका में प्रकाशित एक आलोचनात्मक समीक्षा ने भी क्लैप्टन को गहराई से प्रभावित किया।<ref>Welch, Chris: "Cream" (2000), page 131</ref> क्लैप्टन ने बाद में यह भी स्वीकार किया कि ‘द बैंड’ के एल्बम ‘म्यूज़िक फ़्रॉम बिग पिंक’ की अमेरिकी लोक-प्रभावित ध्वनि ने भी उन्हें क्रीम छोड़ने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/the-bands-music-from-big-pink-10-things-you-didnt-know-666161/|title=The Band's 'Music From Big Pink': 10 Things You Didn't Know|magazine=Rolling Stone|access-date=15 April 2020}}</ref><ref>{{cite web|url=https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|title=Music from Big Pink|publisher=Pitchfork|access-date=15 April 2020|archive-date=20 February 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200220225710/https://pitchfork.com/reviews/albums/the-band-music-from-big-pink/|url-status=live}}</ref>
क्रीम का विदाई एल्बम ‘गुडबाय’ 1968 में जारी हुआ, जिसमें लॉस एंजेलिस के फ़ोरम में रिकॉर्ड किए गए जीवंत प्रदर्शन सम्मिलित थे। इसी एल्बम में ‘बैज’ गीत भी शामिल था, जिसे क्लैप्टन और जॉर्ज हैरिसन ने मिलकर लिखा था। क्लैप्टन और हैरिसन की मित्रता बीटल्स और यार्डबर्ड्स के साथ एक ही मंच साझा करने के समय से गहरी हो गई थी। 1968 में क्लैप्टन ने बीटल्स के प्रसिद्ध ‘व्हाइट एल्बम’ में शामिल हैरिसन के गीत ‘व्हाइल माई गिटार जेंटली वीप्स’ में मुख्य गिटार वादन किया। बाद में भी वे हैरिसन के कई एकल एल्बमों में सहयोग करते रहे। 2001 में जॉर्ज हैरिसन की मृत्यु के बाद आयोजित ‘कॉन्सर्ट फ़ॉर जॉर्ज’ में क्लैप्टन संगीत निर्देशक रहे।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3138096.stm|title=Ex-Beatles at Harrison film tribute|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=25 September 2003|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230635/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3138096.stm|url-status=live}}</ref>
जनवरी 1969 में जब बीटल्स ‘लेट इट बी’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तब समूह के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि जॉर्ज हैरिसन कुछ दिनों के लिए बैंड छोड़कर चले गए। इस दौरान जॉन लेनन ने सुझाव दिया था कि यदि हैरिसन वापस नहीं लौटते तो क्लैप्टन को समूह में शामिल कर लिया जाए।<ref>Elliot J. Huntley (2004). ''Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles''. p. 25. Guernica Editions, 2004.</ref> हालांकि ऐसा नहीं हुआ और हैरिसन बाद में वापस लौट आए। क्लैप्टन के चारों बीटल्स सदस्यों के साथ अच्छे संबंध थे। दिसंबर 1968 में उन्होंने जॉन लेनन के साथ ‘द रोलिंग स्टोन्स रॉक एंड रोल सर्कस’ कार्यक्रम में ‘द डर्टी मैक’ नामक समूह के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite book|last1=Urish|first1=Ben|title=The Words and Music of John Lennon|date=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|page=7}}</ref>
1993 में क्रीम के सदस्य पुनः एकत्र हुए और रॉक एंड रोल हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल किए जाने के अवसर पर प्रस्तुति दी। इसके बाद मई 2005 में क्लैप्टन, जैक ब्रूस और जिंजर बेकर ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में चार सफल पुनर्मिलन कार्यक्रम किए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Michael|last=Paoletta|title=Inside Track|url=https://books.google.com/books?id=rRQEAAAAMBAJ&pg=PA62|date=23 July 2005|page=62}}</ref> उसी वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भी तीन कार्यक्रम आयोजित किए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|title=Cream, Rising to the Occasion at Madison Square Garden|publisher=Washingpost.com|access-date=22 September 2014|first=Peter|last=Eisner|date=26 October 2005|archive-url=https://web.archive.org/web/20140406213420/http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2005/10/25/AR2005102501667.html|archive-date=6 April 2014|url-status=live}}</ref> इन प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग बाद में ‘रॉयल अल्बर्ट हॉल लंदन मे 2-3-5-6, 2005’ नाम से सीडी, एलपी और डीवीडी के रूप में जारी की गई।<ref>{{cite web|url={{AllMusic|class=album|id=royal-albert-hall-london-may-2-3-5-6-2005-main-entry-r794100|pure_url=yes}} |title=Royal Albert Hall: London May 2–3–5–6 2005 |author=Stephen Thomas Erlewine |publisher=AllMusic |access-date=30 December 2010 |url-status=dead |archive-url=https://www.webcitation.org/628q51XQN?url=http://www.billboard.com/#/artist/Rihanna/chart-history/658897?f=793&g=Singles |archive-date=2 October 2011 }}</ref>
=== ब्लाइंड फ़ेथ ===
1969 में क्लैप्टन ने अपना अगला समूह '''ब्लाइंड फ़ेथ''' बनाया, जिसमें क्रीम के ड्रमर जिंजर बेकर, ट्रैफ़िक बैंड के स्टीव विनवुड और फैमिली बैंड के रिक ग्रेच शामिल थे। इस सुपरग्रुप ने एक एलपी एल्बम जारी किया और एक बड़े संगीत दौरे पर प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इस समूह ने 7 जून 1969 को लंदन के हाइड पार्क में लगभग 1,00,000 दर्शकों के सामने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया।<ref>Welch, Chris (2016). ''Clapton – Updated Edition: The Ultimate Illustrated History''. p. 12. Voyageur Press.</ref> इसके बाद बैंड ने स्कैंडिनेविया में कई कार्यक्रम किए और फिर जुलाई में अमेरिका का एक सफल दौरा आरम्भ किया, जबकि उस समय तक उनका एल्बम भी जारी नहीं हुआ था।
एल्बम ''ब्लाइंड फ़ेथ'' में कुल छह गीत थे, जिनमें “Can't Find My Way Home” विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। “Presence of the Lord” वह पहला गीत था जिसका श्रेय पूरी तरह क्लैप्टन को दिया गया।<ref>{{cite book| last = Turner| first = Steve| author-link = Steve Turner (writer)| year = 1976| title = Conversations with Eric Clapton| location = New York City| publisher = Abacus| isbn = 978-0349134024| page = 94}}</ref>
एल्बम के आवरण पर एक अर्धनग्न किशोरी की तस्वीर होने के कारण अमेरिका में इसे विवादास्पद माना गया और वहाँ इसके स्थान पर बैंड की सामूहिक तस्वीर का उपयोग किया गया।<ref>{{cite news |title=Dylan Jones: 'In the film of 'London Hyde Park 1969', Steve Winwood is a revelation; a genuine pop icon |url=https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |access-date=24 October 2018 |work=The Independent |archive-url=https://web.archive.org/web/20181024195144/https://www.independent.co.uk/voices/columnists/dylan-jones/dylan-jones-in-the-film-of-london-hyde-park-1969-steve-winwood-is-a-revelation-a-genuine-pop-icon-1219611.html |archive-date=24 October 2018 |url-status=live }}</ref>
ब्लाइंड फ़ेथ का अस्तित्व बहुत कम समय तक रहा और गठन के सात महीने के भीतर ही यह समूह विघटित हो गया।
=== डेलाने एंड बोनी और पहला एकल एल्बम ===
ब्लाइंड फ़ेथ के विघटन के बाद क्लैप्टन ने उस संगीत समूह के साथ सहयोगी कलाकार (साइडमैन) के रूप में दौरा किया, जिसने पहले ब्लाइंड फ़ेथ के कार्यक्रमों की शुरुआत की थी। यह समूह '''डेलाने एंड बोनी एंड फ्रेंड्स''' था। इसी दौरान सितंबर 1969 में उन्होंने जॉन लेनन के '''प्लास्टिक ओनो बैंड''' के सदस्य के रूप में टोरंटो रॉक एंड रोल रिवाइवल समारोह में भी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग बाद में ''Live Peace in Toronto 1969'' नामक एल्बम के रूप में जारी की गई।<ref name=lenn>{{cite book|first1=Ben|last1=Urish|first2=Kenneth G.|last2=Bielen|title=The Words and Music of John Lennon|url=https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|year=2007|publisher=Greenwood Publishing Group|isbn=978-0-275-99180-7|page=15|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=LJ9Y0YgSE1oC&pg=PA15|url-status=live}}</ref>
30 सितंबर 1969 को क्लैप्टन ने लेनन के दूसरे एकल गीत “Cold Turkey” में लीड गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last=Noyer|first=Paul Du|title=John Lennon: The Stories Behind Every Song 1970–1980|year=2010|publisher=Carlton Books Ltd.|location=London|isbn=978-1-84732-665-2|edition=Rev.|pages=25–26|chapter=John Lennon/Plastic Ono Band}}</ref> उसी वर्ष 15 दिसंबर को उन्होंने लेनन, जॉर्ज हैरिसन और अन्य कलाकारों के साथ लंदन में यूनिसेफ़ के लिए आयोजित एक धन-संग्रह कार्यक्रम में “प्लास्टिक ओनो सुपरग्रुप” के सदस्य के रूप में प्रस्तुति दी।<ref name=lenn/>
डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन को गायन और गीत-लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। ब्रैमलेट दम्पति के सहयोगी बैंड और कई प्रसिद्ध सत्र कलाकारों, जिनमें लियोन रसेल और स्टीफ़न स्टिल्स शामिल थे, की सहायता से क्लैप्टन ने अपने दौरे के बीच अवकाश के दौरान अपना पहला एकल एल्बम ''Eric Clapton'' रिकॉर्ड किया। डेलाने ब्रैमलेट ने क्लैप्टन के साथ मिलकर एल्बम के छह गीत लिखे तथा एल्बम का निर्माण भी किया,<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/album/r4028| title=allmusic ((( Eric Clapton > Overview )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=10 August 2023| archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043554/https://www.allmusic.com/album/eric-clapton-mw0000624369| url-status=live}}</ref> जबकि बोनी ब्रैमलेट ने “Let It Rain” गीत के लेखन में सहयोग किया।<ref>{{cite web| url=https://www.allmusic.com/song/t2546826| title=allmusic ((( Let It Rain )))| website=AllMusic| access-date=5 December 2009| archive-date=4 March 2012| archive-url=https://web.archive.org/web/20120304171712/http://www.allmusic.com/song/t2546826| url-status=live}}</ref>
इस एल्बम का “After Midnight” गीत, जिसे जे. जे. केल ने लिखा था, अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से 18वें स्थान तक पहुँचा। इसी समय क्लैप्टन ने डेलाने एंड बोनी के कई संगीतकारों के साथ मिलकर 1970 में जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''All Things Must Pass'' की रिकॉर्डिंग में भी भाग लिया।
इस अवधि में क्लैप्टन ने डॉ. जॉन, लियोन रसेल, बिली प्रेस्टन, रिंगो स्टार और डेव मेसन जैसे कलाकारों के साथ भी रिकॉर्डिंग की। उन्होंने शिकागो ब्लूज़ कलाकार हाउलिन वुल्फ के साथ ''The London Howlin' Wolf Sessions'' एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसमें ह्यूबर्ट सम्लिन, स्टीव विनवुड, रिंगो स्टार तथा रोलिंग स्टोन्स के सदस्य भी शामिल थे।<ref name="Koda">{{cite web | url = https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | title = The London Howlin' Wolf Sessions – Review | last = Koda | first = Cub | author-link = Cub Koda | publisher = AllMusic | access-date = 23 July 2018 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180723003650/https://www.allmusic.com/album/the-london-howlin-wolf-sessions-mw0000200293 | archive-date = 23 July 2018 | url-status = live }}</ref>
हालाँकि इस एल्बम में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल थे, फिर भी संगीत समीक्षक क्यूब कोडा ने उल्लेख किया कि स्वयं क्लैप्टन ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस एल्बम की आलोचना की थी।<ref name="Koda"/>
इस दौर की अन्य उल्लेखनीय रिकॉर्डिंगों में स्टीफ़न स्टिल्स के प्रथम एकल एल्बम के गीत “Go Back Home” में क्लैप्टन द्वारा बजाया गया गिटार भी शामिल है।<ref>{{cite web |publisher=Robert Christgau |first=Robert |last=Christgau |title=Stephen Stills > Consumer Guide Reviews |url=http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |access-date=16 December 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180713073931/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?id=3819&name=Stephen+Stills |archive-date=13 July 2018 |url-status=dead }}</ref>
=== डेरेक एंड द डोमिनोज़ ===
अपने चारों ओर बन रही “सुपरस्टार” छवि को कम करने के उद्देश्य से क्लैप्टन ने एक नया बैंड बनाया, जिसमें डेलाने एंड बोनी के पूर्व संगीतकार शामिल थे। इस समूह में बॉबी व्हिटलॉक कीबोर्ड व गायक के रूप में, कार्ल रैडल बास वादक के रूप में और जिम गॉर्डन ड्रमर के रूप में शामिल हुए, जबकि क्लैप्टन स्वयं गिटार बजाते थे। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि वे केवल मुख्य आकर्षण बनकर नहीं, बल्कि एक समूह के सदस्य के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 4.</ref>
इस समय क्लैप्टन पर द बैंड और उनके 1968 के एल्बम ''Music from Big Pink'' का गहरा प्रभाव पड़ा। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि उन्हें द बैंड की यह बात बहुत पसंद थी कि वे लंबे और दिखावटी गिटार एकल प्रस्तुतियों के बजाय गीत और सामूहिक गायन को अधिक महत्व देते थे।<ref>{{cite magazine|last=Fox|first=Darrin|title=Eric Clapton: Right here, right now |magazine=Guitar Player |volume=35 |issue=377 |date=June 2001|page=108}}</ref>
आरम्भ में इस समूह का नाम “Eric Clapton and Friends” रखा गया था, किन्तु बाद में एक त्रुटि के कारण इसका नाम “Derek and the Dominos” पड़ गया। अस्थायी नाम “Del and the Dynamos” को गलत पढ़ लिया गया और वही आगे चलकर “Derek and the Dominos” बन गया।<ref>{{cite web|url=http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|work=Artistfacts|title=Derek And The Dominoes|access-date=17 February 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070202112652/http://www.artistfacts.com/detail.php?id=100|archive-date=2 February 2007|url-status=live}}</ref><ref name="nxfddy">Schumacher, Michael (1992)</ref>
इस अवधि में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन की पत्नी पैटी बॉयड से गहरी हो गई और वे उनसे प्रेम करने लगे। पैटी द्वारा उनके प्रेम को स्वीकार न किए जाने की भावना ने बैंड के प्रसिद्ध एल्बम ''Layla and Other Assorted Love Songs'' (1970) की अधिकांश सामग्री को प्रेरित किया। यह एल्बम ब्लूज़ संगीत से अत्यधिक प्रभावित था और इसमें क्लैप्टन तथा डुएन ऑलमैन की दोहरी लीड गिटार शैली विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref><ref>{{Cite book |first=Gene |last=Santoro |title=Dancing in Your Head: Jazz, Blues, Rock, and Beyond |publisher=Oxford University Press US |year=1995 |page=62}}</ref>
मियामी के क्राइटीरिया स्टूडियो में निर्माता टॉम डाउड के साथ रिकॉर्ड किए गए इस डबल एल्बम में “Layla” गीत सबसे प्रसिद्ध बना। यह गीत फ़ारसी कवि निज़ामी गंजवी की प्रेमकथा ''Layla and Majnun'' से प्रेरित था। क्लैप्टन इस कहानी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी भावनाओं को गीत के रूप में व्यक्त किया।<ref>{{Cite book|first=William |last=McKeen |title=Rock and roll is here to stay: an anthology |publisher=W. W. Norton & Company |year=2000 |page=127}}</ref>
एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑलमैन ब्रदर्स बैंड के गिटारवादक डुएन ऑलमैन भी समूह से जुड़ गए। टॉम डाउड ने क्लैप्टन को ऑलमैन ब्रदर्स के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया, जहाँ दोनों गिटारवादकों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने स्टूडियो में साथ काम किया और घनिष्ठ मित्र बन गए।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
समूह ने “Key to the Highway”, “Bell Bottom Blues”, “Anyday”, “Little Wing” और “Layla” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। जिमी हेंड्रिक्स के सम्मान में “Little Wing” का संस्करण भी रिकॉर्ड किया गया था।<ref>"The Layla Sessions" CD liner notes.</ref>
हालाँकि इस बैंड का जीवनकाल बहुत छोटा रहा, लेकिन इसके साथ अनेक दुखद घटनाएँ भी जुड़ी रहीं। रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन को जिमी हेंड्रिक्स की मृत्यु का समाचार मिला, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए। हेंड्रिक्स की मृत्यु से एक दिन पहले ही क्लैप्टन ने उनके लिए उपहार स्वरूप एक बाएँ हाथ वाला फ़ेंडर स्ट्रैटोकास्टर गिटार खरीदा था।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
एल्बम ''Layla'' को आरम्भ में बहुत अधिक प्रशंसा नहीं मिली, लेकिन बाद में इसे रॉक संगीत के महानतम एल्बमों में गिना जाने लगा। समूह ने अमेरिका का दौरा किया, किन्तु उस समय क्लैप्टन नशीले पदार्थों और शराब की समस्या से जूझ रहे थे। इसी दौरे की रिकॉर्डिंग बाद में ''In Concert'' नामक लाइव एल्बम के रूप में जारी हुई।<ref>''The Layla Sessions'' liner notes, page 12.</ref>
दूसरे स्टूडियो एल्बम की रिकॉर्डिंग के दौरान समूह में मतभेद बढ़ गए और क्लैप्टन ने बैंड छोड़ दिया, जिसके साथ ही डेरेक एंड द डोमिनोज़ का अंत हो गया। 29 अक्टूबर 1971 को डुएन ऑलमैन की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लैप्टन ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा कि फ्लोरिडा में ''Layla'' की रिकॉर्डिंग के दौरान वे और ऑलमैन लगभग अविभाज्य थे और वे उन्हें उस “संगीतमय भाई” की तरह मानते थे जो उन्हें कभी नहीं मिला।<ref>Clapton, ''The Autobiography'', p. 128.</ref>
कार्ल रैडल 1979 तक क्लैप्टन के साथ जुड़े रहे, जबकि बॉबी व्हिटलॉक और क्लैप्टन कई वर्षों बाद 2003 में फिर एक साथ दिखाई दिए। ड्रमर जिम गॉर्डन का जीवन भी दुखद मोड़ पर समाप्त हुआ; वे मानसिक रोग स्किज़ोफ़्रेनिया से पीड़ित थे और बाद में एक मानसिक विक्षिप्त अवस्था में उन्होंने अपनी माँ की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें आजीवन मानसिक चिकित्सालय में रखा गया।<ref name="unuhsh"/>
===व्यक्तिगत समस्याएँ और शुरुआती एकल सफलता===
1970 के दशक में क्लैप्टन के करियर को बड़ी सफलताएँ मिलीं, लेकिन उनका निजी जीवन प्रेम संबंधों, नशीली दवाओं और शराब की लत जैसी समस्याओं से घिरा रहा।<ref>Marc Roberty, Chris Charlesworth (1995) [https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 The complete guide to the music of Eric Clapton] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=qpvlUrpH_xoC&pg=PA67 |date=10 August 2023 }} p.67. Omnibus Press, 1995</ref> पैटी बॉयड के प्रति उनका आकर्षण बना रहा और जॉर्ज हैरिसन के साथ मित्रता के कारण वे मानसिक रूप से उलझन में थे। डोमिनोज़ के टूटने के बाद उन्होंने अपने सरे स्थित घर में खुद को लगभग अलग-थलग कर लिया। इसी दौरान वे हेरोइन की लत से भी जूझते रहे, जिसके कारण उनके करियर में लंबा विराम आ गया। इस दौरान उन्होंने केवल अगस्त 1971 में न्यूयॉर्क में आयोजित जॉर्ज हैरिसन के चैरिटी कार्यक्रम “कॉन्सर्ट फ़ॉर बांग्लादेश” में प्रस्तुति दी। वहाँ मंच पर वे बेहोश हो गए थे, लेकिन बाद में संभलकर उन्होंने अपना प्रदर्शन पूरा किया।<ref name="unuhsh"/>
जनवरी 1973 में द हू के पीट टाउनशेंड ने लंदन के रेनबो थिएटर में क्लैप्टन की वापसी के लिए “रेनबो कॉन्सर्ट” आयोजित किया, ताकि वे अपनी लत से उबर सकें। बाद में क्लैप्टन ने 1975 में रिलीज़ हुई केन रसेल की फ़िल्म ''टॉमी'' में “द प्रीचर” की भूमिका निभाकर इसका बदला चुकाया। फ़िल्म में उनका अभिनय इस वजह से भी चर्चित रहा क्योंकि कुछ दृश्यों में उन्होंने नकली दाढ़ी लगाई थी। दरअसल शुरुआती शूटिंग के बाद उन्होंने अपनी असली दाढ़ी मुंडवा ली थी ताकि निर्देशक पुराने दृश्य हटाने पर मजबूर हो जाए और वे फ़िल्म छोड़ सकें।<ref name="nxfddy"/>
[[File:Clapton and Elliman.jpg|thumb|यवोन एलिमन के साथ क्लैप्टन, 1974 में ''461 Ocean Boulevard'' के प्रचार के दौरान]]
1974 में क्लैप्टन पैटी बॉयड के साथ रहने लगे, जिनसे उन्होंने बाद में 1979 में विवाह किया। इस समय तक उन्होंने हेरोइन छोड़ दी थी, हालांकि शराब का सेवन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उन्होंने एक साधारण टूरिंग बैंड तैयार किया जिसमें कार्ल रैडल, मियामी के गिटारवादक जॉर्ज टेरी, कीबोर्ड वादक डिक सिम्स, ड्रमर जेमी ओल्डेकर तथा गायिकाएँ यवोन एलिमन और मार्सी लेवी शामिल थीं। इसी बैंड के साथ क्लैप्टन ने ''461 Ocean Boulevard'' (1974) रिकॉर्ड किया। इस एल्बम में छोटे और सरल गीतों पर ज़ोर दिया गया तथा लंबे गिटार सोलो कम कर दिए गए। बॉब मार्ले के गीत “I Shot the Sheriff” का कवर संस्करण क्लैप्टन का पहला नंबर-वन हिट बना।
1975 में जारी एल्बम ''There's One in Every Crowd'' में भी यही शैली जारी रही। एल्बम का मूल नाम ''The World's Greatest Guitar Player (There's One in Every Crowd)'' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया क्योंकि आशंका थी कि लोग इसके व्यंग्यात्मक अर्थ को नहीं समझ पाएँगे। इसके बाद बैंड ने विश्वभर में दौरा किया और 1975 का लाइव एल्बम ''E. C. Was Here'' जारी किया।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=70|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810043553/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA70|url-status=live}}</ref>
इसके बाद क्लैप्टन लगातार एल्बम जारी करते रहे और नियमित रूप से मंचीय प्रस्तुतियाँ देते रहे। इस दौर की प्रमुख उपलब्धियों में ''No Reason to Cry'' शामिल है, जिसमें बॉब डिलन और द बैंड के साथ सहयोग किया गया था। इसके अलावा ''Slowhand'' एल्बम भी बेहद सफल रहा, जिसमें “Wonderful Tonight” और जे. जे. केल के गीत “Cocaine” का कवर संस्करण शामिल था। 1976 में उन्होंने द बैंड के विदाई कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम को बाद में मार्टिन स्कॉर्सेसी की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ''The Last Waltz'' में दिखाया गया।<ref>{{cite web | last = Christgau | first = Robert | author-link = Robert Christgau | title = Robert Christgau Consumer Guide: The Band | url = http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | access-date = 7 January 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20071001000639/http://www.robertchristgau.com/get_artist.php?name=The+Band | archive-date = 1 October 2007 | url-status = dead }}</ref>
===लगातार सफलता===
[[File:RIAAEric ClaptonTimepiecesTheBestOfEricClapton7xPlatinum.jpg|thumb|''Timepieces: The Best of Eric Clapton'' (1982) एल्बम के लिए सात बार प्लेटिनम RIAA प्रमाणन]]
1981 में निर्माता मार्टिन लुईस ने क्लैप्टन को लंदन में आयोजित एमनेस्टी इंटरनेशनल के चैरिटी कार्यक्रम ''The Secret Policeman's Other Ball'' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। क्लैप्टन ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और जेफ बेक के साथ मिलकर कई युगल प्रस्तुतियाँ दीं। बताया जाता है कि यह दोनों की पहली औपचारिक मंचीय साझेदारी थी। इन प्रस्तुतियों में से तीन को कार्यक्रम के एल्बम में जारी किया गया, जबकि एक गीत फ़िल्म में भी शामिल किया गया। लंदन के ड्रूरी लेन थिएटर में हुई इन प्रस्तुतियों ने नए दशक में क्लैप्टन की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया। उनकी वापसी के पीछे कई कारण थे, जिनमें ईसाई धर्म के प्रति उनकी बढ़ती आस्था भी शामिल थी। उन्होंने हेरोइन की लत लगने से पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया था।<ref>Conversations with Eric Clapton, Steve Turner</ref><ref>{{cite book |editor-last= Moritz |editor-first= Charles |year= 1987 |title= Current Biography Yearbook 1987 |publisher= H. W. Wilson |location= New York |isbn= 978-9-9973-7702-9 |page= 100 }}</ref><ref name="amg">{{cite web | url=https://www.allmusic.com/artist/p64692 | publisher=AllMusic | access-date=17 February 2007 | title=Eric Clapton | first=William | last=Ruhlmann | archive-date=13 October 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101013094312/http://www.allmusic.com/artist/p64692 | url-status=live }}</ref>
जब क्लैप्टन ने अपने मैनेजर को स्वीकार किया कि वे शराब की लत से जूझ रहे हैं, तब जनवरी 1982 में वे मिनियापोलिस–सेंट पॉल गए और मिनेसोटा के सेंटर सिटी स्थित हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती हुए। वहाँ जाते समय विमान यात्रा के दौरान उन्होंने बहुत अधिक शराब पी, क्योंकि उन्हें डर था कि अब वे दोबारा कभी शराब नहीं पी पाएँगे। अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा:
{{Blockquote|मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर में मैंने केवल इसलिए आत्महत्या नहीं की, क्योंकि मुझे पता था कि मरने के बाद मैं शराब नहीं पी सकूँगा। वही एक चीज़ थी जिसके लिए मुझे जीना सार्थक लगता था, और यह विचार कि लोग मुझे शराब से दूर करने वाले हैं, इतना भयावह था कि मैं लगातार पीता रहा। अंततः मुझे लगभग उठाकर क्लिनिक तक ले जाना पड़ा।}}
इलाज के बाद डॉक्टरों ने क्लैप्टन को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जो उनके तनाव या शराब की लत को फिर से बढ़ा सकती थीं। इसके बावजूद नवंबर 1987 में वे दोबारा हैज़ल्डन ट्रीटमेंट सेंटर गए। तब से वे पूरी तरह संयमित जीवन जी रहे हैं।
पहले पुनर्वास केंद्र से लौटने के कुछ महीनों बाद ही क्लैप्टन ने डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अपना अगला एल्बम तैयार करना शुरू कर दिया। टॉम डाउड के साथ मिलकर उन्होंने ''Money and Cigarettes'' बनाया, जिसे वे अपने करियर का “सबसे ज़बरदस्ती बनाया गया” एल्बम मानते थे। क्लैप्टन ने बाद में कहा कि इस एल्बम का नाम इसलिए रखा गया क्योंकि शराब की लत से उबरने के बाद उन्हें लगा कि उनके पास “सिर्फ पैसे और सिगरेट ही बची हैं।”<ref>{{cite book|title=Clapton: The Autobiography|url=https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access=registration|first=Eric|last=Clapton|year=2007|publisher=Broadway Books |isbn=978-0-385-51851-2}}</ref>
1984 में उन्होंने पिंक फ़्लॉयड के पूर्व सदस्य रोजर वॉटर्स के एकल एल्बम ''The Pros and Cons of Hitch Hiking'' में भाग लिया और उसके समर्थन दौरे में भी प्रस्तुति दी। इसके बाद वॉटर्स और क्लैप्टन के बीच घनिष्ठ संबंध बने रहे। 2005 में दोनों ने सुनामी राहत कोष के लिए साथ प्रस्तुति दी। 2006 में उन्होंने हाईक्लेयर कैसल में काउंसाइड अलायंस की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम में “Wish You Were Here” और “Comfortably Numb” प्रस्तुत किए।
अब तक क्लैप्टन नियमित रूप से चैरिटी कार्यक्रमों में भाग लेने लगे थे। 13 जुलाई 1985 को उन्होंने फिलाडेल्फिया के जॉन एफ. कैनेडी स्टेडियम में आयोजित लाइव एड कॉन्सर्ट में प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ फिल कॉलिन्स, टिम रेनविक, क्रिस स्टेंटन, जेमी ओल्डेकर, मार्सी लेवी, शॉन मर्फी और डोनाल्ड “डक” डन भी थे।<ref>{{cite book|first1=Pete|last1=Prown|first2=Harvey P.|last2=Newquist|title=Legends of Rock Guitar: The Essential Reference of Rock's Greatest Guitarists|url=https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|year=1997|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-7935-4042-6|page=69|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044612/https://books.google.com/books?id=60Jde3l7WNwC&pg=PA69|url-status=live}}</ref> उन्हें मुख्य प्रसारण समय के निकट प्रस्तुति देने का अवसर मिला, जिससे वे काफी सम्मानित महसूस कर रहे थे।
1980 के दशक में भी उनके एल्बम लगातार आते रहे। इनमें से दो एल्बम फिल कॉलिन्स के साथ बनाए गए — 1985 का ''Behind the Sun'', जिसमें “Forever Man” और “She's Waiting” जैसे लोकप्रिय गीत थे, तथा 1986 का ''August''।<ref>{{cite magazine | url = https://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | title = Eric Clapton August | access-date = 15 August 2017 | last = DeCurtis | first = Anthony | date = 12 February 1987 | magazine = Rolling Stone | archive-url = https://web.archive.org/web/20170829190802/http://www.rollingstone.com/music/albumreviews/august-19870212 | archive-date = 29 August 2017 | url-status = live }}</ref>
''August'' में फिल कॉलिन्स की विशिष्ट ड्रम और हॉर्न शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह उस समय तक ब्रिटेन में क्लैप्टन का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बना और चार्ट में तीसरे स्थान तक पहुँचा। एल्बम का पहला गीत “It's in the Way That You Use It” टॉम क्रूज़ और पॉल न्यूमैन की फ़िल्म ''The Color of Money'' में इस्तेमाल किया गया। “Tearing Us Apart” (टीना टर्नर के साथ) और “Miss You” जैसे गीतों में क्लैप्टन की अधिक आक्रामक शैली दिखाई दी।
इस सफलता के बाद क्लैप्टन ने फिल कॉलिन्स और ''August'' एल्बम के अन्य कलाकारों — बेस वादक नाथन ईस्ट तथा कीबोर्ड वादक और गीतकार ग्रेग फिलिंगेन्स — के साथ दो वर्षों तक लगातार दौरे किए। इसी दौर में चार सदस्यीय बैंड के दो कॉन्सर्ट वीडियो ''Eric Clapton Live from Montreux'' और ''Eric Clapton and Friends'' रिकॉर्ड किए गए।
बाद में क्लैप्टन ने “After Midnight” को दोबारा रिकॉर्ड किया, जिसे मिशेलोब बीयर ब्रांड के प्रचार गीत के रूप में इस्तेमाल किया गया। इससे पहले यह ब्रांड फिल कॉलिन्स और स्टीव विनवुड के गीतों का भी उपयोग कर चुका था। 1985 में बीबीसी की थ्रिलर शृंखला ''Edge of Darkness'' के संगीत में माइकल केमेन के साथ सहयोग के लिए क्लैप्टन को ब्रिटिश अकादमी टेलीविज़न पुरस्कार मिला। 1987 के ब्रिट अवॉर्ड्स में उन्हें “संगीत में उत्कृष्ट योगदान” सम्मान प्रदान किया गया।<ref name=Brits>{{cite web|url= https://www.brits.co.uk/history/the-brits-1987/|title=Brit Awards 1987|publisher=Brit Awards|access-date=1 May 2026|url-status=live}}</ref>
1987 में उन्होंने जॉर्ज हैरिसन के एल्बम ''Cloud Nine'' में भी योगदान दिया और “Cloud 9”, “That's What It Takes”, “Devil's Radio” तथा “Wreck of the Hesperus” गीतों में गिटार बजाया।<ref>Huntley, Elliot J. (2006). Mystical One: George Harrison – After the Break-up of the Beatles. Toronto, ON: Guernica Editions. p. 205. ISBN 1-55071-197-0.</ref>
क्लैप्टन ने बाद में बी गीज़ के साथ मिलकर एक चैरिटी परियोजना में भाग लिया। इस सुपरग्रुप ने स्वयं को “द बनबरीज़” नाम दिया और एक चैरिटी एल्बम रिकॉर्ड किया, जिसकी आय इंग्लैंड के चेशायर स्थित बनबरी क्रिकेट क्लब को दी गई। यह क्लब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लिए धन जुटाने हेतु प्रदर्शनी क्रिकेट मैच आयोजित करता था। द बनबरीज़ ने ''The Bunbury Tails'' के लिए “We're the Bunburys”, “Bunbury Afternoon” और “Fight (No Matter How Long)” जैसे गीत रिकॉर्ड किए। अंतिम गीत ''The 1988 Summer Olympics Album'' में भी शामिल किया गया और रॉक संगीत चार्ट में आठवें स्थान तक पहुँचा।<ref name="Bunburys">{{cite web | url=https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | title=The Bee Gees Meet Eric Clapton | work=Uncle John's Bathroom Reader | date=27 June 2014 | access-date=29 July 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170729221353/https://www.bathroomreader.com/2014/06/bee-gees-meet-eric-clapton-bunbury-tails/ | archive-date=29 July 2017 | url-status=dead }}</ref>
1988 में क्लैप्टन ने डायर स्ट्रेट्स और एल्टन जॉन के साथ वेम्बली स्टेडियम में आयोजित नेल्सन मंडेला 70वें जन्मदिन श्रद्धांजलि कार्यक्रम तथा रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित प्रिंस ट्रस्ट रॉक गाला में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton on stage at Nelson Mandela 70th Birthday Tribute ..|url=http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272?#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|agency=Getty Images|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171221224336/http://www.gettyimages.co.uk/detail/news-photo/eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-news-photo/639741272#eric-clapton-on-stage-at-nelson-mandela-70th-birthday-tribute-concert-picture-id639741272|archive-date=21 December 2017|url-status=live}}</ref>
1989 में क्लैप्टन ने ''Journeyman'' जारी किया, जिसमें ब्लूज़, जैज़, सोल और पॉप जैसी कई संगीत शैलियों का मिश्रण था। इस एल्बम में जॉर्ज हैरिसन, फिल कॉलिन्स, डैरिल हॉल, चाका खान, मिक जोन्स, डेविड सैनबोर्न और रॉबर्ट क्रे जैसे कलाकारों ने सहयोग किया। “Bad Love” गीत को एकल रूप में जारी किया गया और बाद में इसे सर्वश्रेष्ठ पुरुष रॉक गायन प्रदर्शन के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|title=Past Winners Search | GRAMMY.com|publisher=Grammy Awards|access-date=22 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20130730052705/http://www.grammy.com/nominees/search?artist=&title=&year=1990&genre=All|archive-date=30 July 2013|url-status=live}}</ref>
===पुत्र की मृत्यु और "टियर्स इन हेवन"===
मुझे याद है कि मैंने फोन रखा और अपने होटल (न्यूयॉर्क शहर) से शांतिपूर्वक उस जगह तक चला गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। मैं सड़क के पास से गुज़रा और यह मेरे लिए शर्म की बात है, जिससे शायद मैं कभी उबर नहीं पाऊँगा। मैंने भीड़ और पैरामेडिक वैन देखी और समझ गया कि वह वहीं था, उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मैं वहाँ जाकर उससे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। मैं खुद को हमेशा इसके लिए दोष दूँगा… सच तो यह है कि मैं बहुत डर गया था।
1990 के दशक में क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में 32 कॉन्सर्ट किए, जिनमें 24 Nights श्रृंखला भी शामिल थी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref> 30 जून 1990 को Dire Straits, क्लैप्टन और Elton John ने इंग्लैंड के Knebworth House में आयोजित Nordoff-Robbins चैरिटी कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति दी।<ref>Tobler, John: ''Who's who in rock & roll'' p.1988. Crescent Books, 1991</ref>
27 अगस्त 1990 को ब्लूज़ गिटारवादक Stevie Ray Vaughan, जो उस समय क्लैप्टन के साथ दौरे पर थे, और उनके रोड क्रू के तीन सदस्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए।<ref>{{cite news|title=Stevie Ray Vaughan killed in helicopter crash|publisher=Associated Press}}</ref> इसके बाद 20 मार्च 1991 को क्लैप्टन के चार वर्षीय पुत्र कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क शहर में 53वीं मंजिल की खिड़की से गिरने के कारण हो गई।<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref> उस समय क्लैप्टन पास के होटल में ठहरे हुए थे और अपने पुत्र को दोपहर के भोजन तथा Central Park Zoo ले जाने की तैयारी कर रहे थे। कॉनर की माँ Lory Del Santo ने उन्हें फोन पर इस दुर्घटना की जानकारी दी। बाद में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा मानो “दुनिया उनके पैरों के नीचे से खिसक गई हो।”<ref>{{Cite web |date=6 May 2020 |title=Eric Clapton: The Unthinkable Tragedy That Inspired "Tears in Heaven" |url=https://www.biography.com/musicians/eric-clapton-tears-in-heaven-son |access-date=17 March 2025 |website=Biography |language=en-US}}</ref>
क्लैप्टन को सबसे पहले संवेदना व्यक्त करने वालों में उनके मित्र और गिटारवादक Keith Richards थे, जिन्होंने स्वयं 1976 में अपने छोटे पुत्र Tara Richards को खो दिया था।<ref name=RS2>{{Cite magazine |url=https://www.rollingstone.com/music/music-features/eric-clapton-the-rolling-stone-interview-2-100276/2/ |title=Eric Clapton: The Rolling Stone Interview. Part 2 |date=17 October 1991 |access-date=13 July 2024 |magazine=Rolling Stone |last=Henke |first=James}}</ref> कॉनर का अंतिम संस्कार 28 मार्च को Ripley, Surrey स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में हुआ।<ref>{{cite magazine|url=http://www.people.com/people/archive/article/0,,20114903,00.html|title=In An English Country Churchyard, Eric Clapton and Friends Mourn the Death of His Son, Conor, 4|magazine=People}}</ref>
अपने पुत्र की मृत्यु के बाद क्लैप्टन ने Alcoholics Anonymous की बैठकों में जाना शुरू किया।<ref name=RS2/> 1991 में उन्होंने Richie Sambora के एल्बम ''Stranger in This Town'' में “Mr. Bluesman” गीत पर योगदान दिया। अगले वर्ष उन्होंने Elton John के एल्बम ''The One'' में “Runaway Train” गीत पर गिटार और स्वर प्रदान किए।<ref>{{cite web |url=https://www.latimes.com/archives/la-xpm-1992-07-12-ca-4218-story.html |last=Boehm |first=Mike |work=Los Angeles Times |title=ELTON JOHN "The One" MCA |date=12 July 1992}}</ref>
क्लैप्टन के शोक और पीड़ा को “Tears in Heaven” गीत में व्यक्त किया गया, जिसे उन्होंने Will Jennings के साथ मिलकर लिखा।<ref>{{cite magazine|date=7 December 2000|title=Eric Clapton: 'Tears In Heaven'|magazine=Rolling Stone|issue=88}}</ref><ref>{{cite magazine|last=Leerhsen|first=Charles|date=22 March 1992|title=His Saddest Song|magazine=Newsweek|volume=119|issue=12|page=52}}</ref> 35th Annual Grammy Awards में क्लैप्टन को “Tears in Heaven” और उनके ''Unplugged'' एल्बम के लिए छह ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त हुए।<ref>{{cite magazine|magazine=Billboard|first=Craig|last=Rosen|title=Clapton Grabs Key Grammys; 'Beauty' is Belle Of The Ball|url=https://books.google.com/books?id=rw8EAAAAMBAJ&pg=PA1|date=6 March 1993|page=1}}</ref>
''Unplugged'' एल्बम Billboard 200 पर प्रथम स्थान पर पहुँचा और अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिकने पर RIAA द्वारा डायमंड प्रमाणित किया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.riaa.com/gold-platinum/?tab_active=default-award&ar=ERIC+CLAPTON&ti=UNPLUGGED|title=Eric Clapton – Unplugged (Certifications)|website=RIAA}}</ref>
1992 में क्लैप्टन को British Academy of Songwriters, Composers and Authors द्वारा Ivor Novello Award से सम्मानित किया गया।<ref name="Ivors Lifetime">{{cite web|url=http://theivors.com/archive/1990-1999/the-ivors-1992/|title=1992 Ivor Novello Awards|publisher=The Ivors}}</ref>
अक्टूबर 1992 में क्लैप्टन Bob Dylan के 30th Anniversary Concert Celebration में शामिल हुए, जो न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में आयोजित हुआ था।<ref>SPIN magazine. Nov 1993. p. 32</ref>
1995 में क्लैप्टन ने पहली और एकमात्र बार ब्रिटेन के नंबर-1 सिंगल में भाग लिया, जब उन्होंने Cher, Chrissie Hynde और Neneh Cherry के साथ “Love Can Build a Bridge” के चैरिटी संस्करण में गिटार बजाया।<ref>{{cite book|last1=Kutner|first1=Jon|title=1000 UK Number One Hits|date=2010|publisher=Omnibus Press|isbn=9780857123602}}</ref>
1997 में फिल्म ''Phenomenon'' के लिए रिकॉर्ड किया गया गीत “Change the World” Grammy Award for Song of the Year जीतने में सफल रहा। उसी वर्ष क्लैप्टन ने Simon Climie के साथ TDF नाम से इलेक्ट्रॉनिक संगीत एल्बम ''Retail Therapy'' भी रिकॉर्ड किया।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/clapton-chronicles-the-best-of-eric-clapton-r431814/review|title=Clapton Chronicles: The Best of Eric Clapton|publisher=AllMusic}}</ref>
15 सितम्बर 1997 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ''Music for Montserrat'' कार्यक्रम में “Layla” और “Same Old Blues” प्रस्तुत किए तथा अंत में Paul McCartney, Elton John, Phil Collins, Mark Knopfler और Sting के साथ “Hey Jude” गाया।<ref>{{cite web|url=https://books.google.com/books?id=BwoEAAAAMBAJ&q=Music+for+Montserrat+-+concert&pg=PA59|title=Billboard 6 September 1997}}</ref>
1999 में क्लैप्टन को “My Father's Eyes” के लिए तीसरा Grammy Award for Best Male Pop Vocal Performance मिला।<ref>{{cite web|url=http://www.grammy.com/nominees/search?artist=eric+clapton|title=Past Winners Search: Eric Clapton|work=The GRAMMYs}}</ref>
20वीं सदी के अंत में क्लैप्टन ने Carlos Santana और B.B. King के साथ सहयोग किया। B.B. King ने क्लैप्टन के बारे में कहा, “मेरे अनुसार वह रॉक एन रोल के सर्वश्रेष्ठ गिटारवादकों में से एक हैं।”<ref name="SarasotaHerald">{{cite web | url = https://news.google.com/newspapers?id=r28fAAAAIBAJ&pg=6362,12083 | title = Clapton recruits B.B. King for a vintage blues session | work = Sarasota Herald-Tribune | date = 1 June 2000 }}</ref>
===सहयोगी एल्बम===
[[File:Eclapton cardiff.jpg|thumb|upright|22 जनवरी 2005 को वेल्स के कार्डिफ़ स्थित Millennium Stadium में Tsunami Relief Cardiff के लिए प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने मार्च 2001 में ''Reptile'' एल्बम जारी किया। 11 सितंबर हमलों के एक महीने बाद क्लैप्टन ने the Concert for New York City में Buddy Guy के साथ प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news |last= Watson |first= Guy |date= 7 December 2012 |title= The Night The Who Saved New York |work= Forbes |url=https://www.forbes.com/sites/tomwatson/2012/12/07/the-night-the-who-saved-new-york/?sh=7ac6eadb28c3 |access-date= 30 April 2024 }}</ref><ref>[https://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 "Concert for New York City – Various Artists"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20160820211416/http://www.allmusic.com/album/the-concert-for-new-york-city-mw0000213296 |date=20 August 2016 }}. AllMusic. Retrieved 28 May 2019</ref>
जून 2002 में Golden Jubilee of Queen Elizabeth II के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में क्लैप्टन ने Buckingham Palace परिसर में आयोजित Party at the Palace संगीत समारोह में "Layla" और "While My Guitar Gently Weeps" प्रस्तुत किए।<ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|title=Palace party draws 15m viewers|work=BBC News|access-date=22 September 2014|date=4 June 2002|archive-date=25 August 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200825230704/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/2024971.stm|url-status=live}}</ref>
29 नवंबर 2002 को Royal Albert Hall में Concert for George आयोजित किया गया, जो एक वर्ष पूर्व फेफड़ों के कैंसर से निधन हुए जॉर्ज हैरिसन को श्रद्धांजलि देने के लिए था।<ref name="2002concert">Stephen Thomas Erlewine. [https://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 "Concert for George"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111218233039/http://www.allmusic.com/album/concert-for-george-r669282 |date=18 December 2011 }}. AllMusic. Retrieved 15 May 2012</ref>
क्लैप्टन इस कार्यक्रम में कलाकार और संगीत निर्देशक दोनों थे। इस समारोह में Paul McCartney, Ringo Starr, Jeff Lynne, Tom Petty and the Heartbreakers, Ravi Shankar, Gary Brooker, Billy Preston, Joe Brown तथा Dhani Harrison ने भी भाग लिया।<ref name="2002concert"/>
2004 में क्लैप्टन ने ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson के गीतों पर आधारित दो कवर एल्बम ''Me and Mr. Johnson'' और ''Sessions for Robert J'' जारी किए। गिटारवादक Doyle Bramhall II ने इस एल्बम पर क्लैप्टन के साथ कार्य किया और बाद में उनके 2004 के दौरे में भी शामिल हुए। उसी वर्ष ''Rolling Stone'' पत्रिका ने क्लैप्टन को अपनी “100 Greatest Artists of All Time” सूची में 53वाँ स्थान दिया।<ref>{{cite magazine| title = The Immortals| magazine=Rolling Stone |issue=946 | url =https://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20061017054537/http://www.rollingstone.com/news/coverstory/the_immortals | archive-date = 17 October 2006 }}</ref>
अन्य प्रस्तुतियों में Toots & the Maytals के ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम ''True Love'' में उनका योगदान शामिल था, जिसमें उन्होंने "Pressure Drop" गीत में गिटार बजाया।<ref>{{cite web |url=http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |title=Frederick "Toots" Hibbert Biography |publisher=biography.com |access-date=2 July 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160809204903/http://www.biography.com/people/frederick-toots-hibbert-10673303#acclaimed-musician |archive-date=9 August 2016 |url-status=live }}</ref>
[[File:Clapton2342.jpg|thumb|upright|left|1 जून 2006 को रॉटरडैम के Ahoy Arena में प्रस्तुति देते क्लैप्टन]]
22 जनवरी 2005 को क्लैप्टन ने Cardiff स्थित Millennium Stadium में आयोजित Tsunami Relief Concert में प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य 2004 Indian Ocean earthquake के पीड़ितों की सहायता करना था। मई 2005 में क्लैप्टन, Jack Bruce और Ginger Baker ने Cream बैंड के रूप में पुनर्मिलन किया और लंदन के Royal Albert Hall में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग बाद में CD और DVD के रूप में जारी की गई। इसके बाद Cream ने न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में भी प्रस्तुति दी। लगभग पाँच वर्षों बाद क्लैप्टन का पहला मौलिक सामग्री वाला एल्बम ''Back Home'' Reprise Records द्वारा 30 August को जारी किया गया।
गिटारवादक J. J. Cale के साथ सहयोग में बना एल्बम ''The Road to Escondido'' 7 November 2006 को जारी हुआ, जिसमें Derek Trucks और Billy Preston भी शामिल थे। क्लैप्टन ने Trucks को अपने 2006–2007 विश्व दौरे के लिए अपने बैंड में शामिल किया। Bramhall भी बैंड में बने रहे, जिससे क्लैप्टन के बैंड में तीन प्रमुख गिटारवादक हो गए और उन्हें Derek and the Dominos के कई पुराने गीत पुनः प्रस्तुत करने का अवसर मिला। Trucks, Allman Brothers Band के तीसरे सदस्य बने जिन्होंने क्लैप्टन के साथ दौरा किया; दूसरे सदस्य कीबोर्ड वादक Chuck Leavell थे, जो ''MTV Unplugged'' और ''24 Nights'' प्रस्तुतियों में भी दिखाई दिए थे।<ref name="Music Legends">{{cite web|publisher=Music Legends|url=http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|title=Chuck Leavell Interview|access-date=6 May 2013|date=8 April 2010|last=Saulnier|first=Jason|archive-url=https://web.archive.org/web/20131216075205/http://musiclegends.ca/interviews/chuck-leavell-interview-rolling-stones/|archive-date=16 December 2013|url-status=dead}}</ref>
20 मई 2006 को क्लैप्टन ने Queen के ड्रमर Roger Taylor और पूर्व Pink Floyd बासवादक तथा गीतकार Roger Waters के साथ Hampshire के Highclere Castle में प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम Countryside Alliance के समर्थन में आयोजित किया गया था।<ref>Glenn Povey (2007). [https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton%2C+waters&pg=RA4-PT52 Echoes: the complete history of Pink Floyd] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415015309/https://books.google.com/books?id=qnnl3FnO-B4C&q=countryside+alliance+20+may+2006+-+clapton,+waters&pg=RA4-PT52 |date=15 April 2023 }} Mind Head Publishing. Retrieved 29 December 2011</ref>
13 August 2006 को क्लैप्टन ने Columbus, Ohio में Bob Dylan के कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति दी और Jimmie Vaughan के उद्घाटन कार्यक्रम में तीन गीतों पर गिटार बजाया।<ref>{{cite web|url=http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |title=God has a summer home in Columbus |work=UWeekly |date=15 August 2005 |access-date=30 March 2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070927042854/http://uweekly.com/cowtown/?p=121 |archive-date=27 September 2007 }}</ref>
2007 में क्लैप्टन ने अपने पिता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की, जो एक कनाडाई सैनिक थे और युद्ध के बाद ब्रिटेन छोड़ गए थे। यद्यपि क्लैप्टन के दादा-दादी ने अंततः उन्हें उनके जन्म की सच्चाई बता दी थी, परंतु वे केवल इतना जानते थे कि उनके पिता का नाम Edward Fryer था। यह विषय क्लैप्टन के लिए मानसिक अस्थिरता का कारण बना रहा, जिसका उल्लेख उनके 1998 के गीत "My Father's Eyes" में मिलता है।<ref>{{cite news | work = Ottawa Citizen | url = http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | title = His Father's Eyes | first = Michael | last = Woloschuk |date= 26 March 1998 |page= A1 | access-date = 17 February 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20070129210214/http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/hisfatherseyes.htm | archive-date = 29 January 2007 | url-status = dead }}</ref>
26 फ़रवरी 2008 को यह समाचार आया कि क्लैप्टन को उत्तर कोरिया में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।<ref>{{cite news|url=http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |title=Eric Clapton 'receives North Korean invite' |work=CNN|date=26 February 2008 |access-date=26 February 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080303060303/http://edition.cnn.com/2008/SHOWBIZ/Music/02/26/clapton.northkorea.ap/index.html |archive-date=3 March 2008 |url-status=dead }}</ref>
क्लैप्टन ने सिद्धांततः सहमति जताई और सुझाव दिया कि कार्यक्रम 2009 में आयोजित हो सकता है।<ref>{{cite news | url = https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/7265467.stm | title = Clapton asked to play in North Korea | work = BBC News | date = 26 February 2008 | access-date = 26 February 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080302045018/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/7265467.stm | archive-date = 2 March 2008 | url-status = live }}</ref>
फ़रवरी 2008 में क्लैप्टन ने अपने पुराने मित्र Steve Winwood के साथ Madison Square Garden में प्रस्तुति दी तथा Winwood के एल्बम ''Nine Lives'' के गीत "Dirty City" में अतिथि कलाकार के रूप में भाग लिया। जून 2009 में Blind Faith के ये दोनों पूर्व सदस्य संयुक्त राज्य अमेरिका में 14 कार्यक्रमों की श्रृंखला में फिर साथ दिखाई दिए।<ref>{{cite news |url=http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20100316200910/http://2008.hardrockcalling.co.uk/ |url-status=dead |archive-date=16 March 2010 |title=Hard Rock Calling |work=Live Nation (Music) UK Limited |publisher=Hard Rock Calling |access-date=7 May 2010 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |title=Hard Rock Calling, Hyde Park, London Saturday 28 June 2008 |publisher=Eric Clapton Online |access-date=7 May 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110710195435/http://www.ericclapton-online.com/2008-summer-tour/hard-rock-calling-hyde-park-london-saturday-28-june-2008.html |archive-date=10 July 2011 }}</ref>
[[File:Layla and Other Assorted Love Songs.jpg|thumb|left|मार्च 2009 में न्यूयॉर्क सिटी के Beacon Theatre में the Allman Brothers Band के साथ प्रस्तुति देते क्लैप्टन (दाएँ)]]
मार्च 2009 में ऑलमैन ब्रदर्स बैंड ने (कई अन्य प्रसिद्ध अतिथि कलाकारों के साथ) अपनी 40वीं वर्षगांठ मनाई और अपने वार्षिक बीकन थिएटर कार्यक्रमों की श्रृंखला को दिवंगत डुएन ऑलमैन को समर्पित किया। एरिक क्लैप्टन भी प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शामिल थे। ड्रमर Butch Trucks ने कहा कि इतने अधिक अतिथि कलाकारों और विभिन्न संगीत शैलियों के कारण यह प्रस्तुति सामान्य ऑलमैन ब्रदर्स अनुभव जैसी नहीं थी। "In Memory of Elizabeth Reed" जैसे गीतों के साथ अन्य प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें Levon Helm के साथ "The Weight", Johnny Winter द्वारा हेंड्रिक्स के "Red House" का प्रदर्शन, तथा "Layla" शामिल थे। 4 मई 2009 को क्लैप्टन ने रॉयल अल्बर्ट हॉल में Joe Bonamassa के साथ "Further on Up the Road" प्रस्तुत किया।
क्लैप्टन को 30 अक्टूबर 2009 को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित Rock and Roll Hall of Fame की 25वीं वर्षगांठ संगीत सभा में प्रस्तुति देनी थी, लेकिन gallstone सर्जरी के कारण उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।<ref>{{cite web|url=https://www.filmibeat.com/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|title=Eric Clapton pulls out of rock and roll gig|date=28 October 2009|publisher=Oneindia|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20130515171531/http://entertainment.oneindia.in/music/international/2009/eric-out-rocknroll-hall-gig-281009.html|archive-date=15 May 2013|url-status=live}}</ref>
Van Morrison (जिन्होंने भी कार्यक्रम रद्द किया था)<ref>{{cite web|url=http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|title=Leonard Cohen and Van Morrison at MSG this weekend but Van will not be back for Rock Hall of Fame|publisher=brooklynvegan.com|access-date=30 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091028132710/http://www.brooklynvegan.com/archives/2009/10/leonard_cohen_a_2.html|archive-date=28 October 2009|url-status=dead}}</ref> ने एक साक्षात्कार में कहा कि वे और क्लैप्टन “कुछ गीत” साथ में प्रस्तुत करने वाले थे, लेकिन भविष्य में किसी अन्य अवसर पर वे फिर साथ काम करेंगे।<ref>{{cite web|url=http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|title=Imus in the morning: highlights and interviews|publisher=wabcradio.com|access-date=30 October 2009|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090516023944/http://www.wabcradio.com/sectional.asp?id=22807|archive-date=16 May 2009}}</ref>
===''क्लैप्टन'', ''ओल्ड सॉक'', ''आई स्टिल डू'' और ''हैप्पी एक्समस''===
क्लैप्टन ने {{nowrap|13–14 फरवरी}} 2010 को लंदन के O<sub>2</sub> एरीना में [[Jeff Beck]] के साथ दो रात्रियों के कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> यार्डबर्ड्स के ये दोनों पूर्व सदस्य 2010 के अपने दौरे को बढ़ाते हुए मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो के Air Canada Centre और मॉन्ट्रियल के Bell Centre तक पहुँचे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने {{nowrap|25 फरवरी}} से {{nowrap|13 मार्च}} 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें [[Roger Daltrey]] उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। [[Steve Winwood]] के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा {{nowrap|18 मई}} से शुरू होकर {{nowrap|13 जून}} तक चला, जिसमें [[Tom Norris (musician)|Tom Norris]] उद्घाटन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने {{nowrap|26 जून}} से {{nowrap|3 जुलाई}} तक एक संक्षिप्त उत्तर अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत {{nowrap|26 जून}} को इलिनॉय के ब्रिजव्यू स्थित टोयोटा पार्क में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''[[Clapton (2010 album)|Clapton]]'' {{nowrap|27 सितंबर}} 2010 को यूनाइटेड किंगडम और {{nowrap|28 सितंबर}} 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। {{nowrap|17 नवंबर}} 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहाँ उस शाम के हाउस बैंड में [[Jools Holland]], [[Midge Ure]] और [[Mark King (musician)|Mark King]] शामिल थे।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|26 जून 2010 को Crossroads Guitar Festival में क्लैप्टन, [[Keb' Mo']] और [[Buddy Guy]]]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने [[Pino Daniele]] के साथ [[Cava de' Tirreni]] स्टेडियम में प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने {{nowrap|6–16 अक्टूबर}} 2011 तक दक्षिण अमेरिका में कई कार्यक्रम किए। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने [[Steve Winwood]] के साथ जापान का दौरा किया और देश के विभिन्न शहरों में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, [[Keith Richards]], [[Gary Clark Jr.]], Derek Trucks, [[Doyle Bramhall II]], [[Kim Wilson]] और अन्य कलाकार न्यूयॉर्क सिटी के Apollo Theater में आयोजित Howlin' For Hubert Tribute कार्यक्रम में एक साथ दिखाई दिए। यह कार्यक्रम ब्लूज़ गिटारवादक [[Hubert Sumlin]] के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिनका 4 दिसंबर 2011 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन लंदन के O2 एरीना में [[the Rolling Stones]] के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दूसरे कार्यक्रम में शामिल हुए।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को क्लैप्टन ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित [[The Concert for Sandy Relief]] में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण टेलीविज़न, रेडियो, सिनेमाघरों और इंटरनेट के माध्यम से छह महाद्वीपों में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref> जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''[[Old Sock]]'' {{nowrap|12 मार्च}} को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में सीमित संस्करण Eric Clapton Artist Spotlight merchandise कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जिससे उन्होंने एक पेशेवर संगीतकार के रूप में अपने 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने यात्रा संबंधी कठिनाइयों के कारण 2015 में दौरे बंद करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref>
===''Clapton'', ''Old Sock'', ''I Still Do'', और ''Happy Xmas''===
क्लैप्टन ने 13–14 फ़रवरी 2010 को लंदन के The O<sub>2</sub> Arena में Jeff Beck के साथ दो रातों का शो किया।<ref>{{cite news | url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | work=The Daily Telegraph | location=London | title=Eric Clapton & Jeff Beck at the O2 Arena, review | first=Neil | last=McCormick | date=14 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100217050705/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/live-music-reviews/7238056/Eric-Clapton-and-Jeff-Beck-at-the-O2-Arena-review.html | archive-date=17 February 2010 | url-status=live }}</ref> पूर्व Yardbirds सदस्यों की इस 2010 यात्रा में मैडिसन स्क्वायर गार्डन,<ref>{{cite news | url=https://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | work=The New York Times | title=Yes, Two Guitar Idols Are Better Than One | first=Ben | last=Ratliff | date=20 February 2010 | access-date=2 May 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100225041133/http://www.nytimes.com/2010/02/20/arts/music/20clapton.html | archive-date=25 February 2010 | url-status=live }}</ref> टोरंटो का Air Canada Centre तथा मॉन्ट्रियल का Bell Centre शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|title=Eric Clapton and Jeff Beck announce London O2 Arena gig|work=NME|location=UK|date=23 November 2009|access-date=21 October 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090927145303/http://www.nme.com/news/eric-clapton/47471|archive-date=27 September 2009|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने 25 फ़रवरी से 13 मार्च 2010 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 11 शहरों में संगीत कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें Roger Daltrey उद्घाटन कलाकार थे। Steve Winwood के साथ उनका तीसरा यूरोपीय दौरा 18 मई से 13 जून तक चला, जिसमें Tom Norris उद्घाटन कलाकार के रूप में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने 26 जून से 3 जुलाई तक एक छोटा उत्तरी अमेरिकी दौरा किया, जिसकी शुरुआत 26 जून को Bridgeview, Illinois के Toyota Park में आयोजित तीसरे Crossroads Guitar Festival से हुई। क्लैप्टन ने अपना नया स्टूडियो एल्बम ''Clapton'' 27 सितंबर 2010 को यूनाइटेड किंगडम और 28 सितंबर 2010 को संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया। 17 नवंबर 2010 को क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Prince's Trust रॉक गाला में अतिथि कलाकार के रूप में प्रस्तुति दी, जहां Jools Holland, Midge Ure और Mark King सहित कई कलाकारों ने उनका साथ दिया।<ref>{{cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|title=In pictures: The Prince's Trust Rock Gala 2010|work=The Daily Telegraph|access-date=22 September 2014|location=London|date=18 November 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715075902/http://www.telegraph.co.uk/news/picturegalleries/celebritynews/8142012/In-pictures-The-Princes-Trust-Rock-Gala-2010.html?image=9|archive-date=15 July 2015|url-status=live}}</ref>
[[File:Eric Clapton, Keb Mo and Buddy Guy 26Jun2010.jpg|thumb|क्लैप्टन, Keb' Mo' और Buddy Guy, Crossroads Guitar Festival में, 26 जून 2010]]
24 जून 2011 को क्लैप्टन ने Cava de' Tirreni स्टेडियम में Pino Daniele के साथ प्रस्तुति दी, जिसके बाद उन्होंने 6 से 16 अक्टूबर 2011 तक दक्षिण अमेरिका का दौरा किया। नवंबर और दिसंबर 2011 में उन्होंने Steve Winwood के साथ जापान में 13 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 24 फ़रवरी 2012 को क्लैप्टन, Keith Richards, Gary Clark Jr., Derek Trucks, Doyle Bramhall II, Kim Wilson और अन्य कलाकारों ने न्यूयॉर्क के Apollo Theater में आयोजित “Howlin' For Hubert Tribute” कार्यक्रम में भाग लिया, जो दिवंगत ब्लूज़ गिटारवादक Hubert Sumlin को समर्पित था। 29 नवंबर 2012 को क्लैप्टन ने लंदन के O2 Arena में The Rolling Stones के साथ उनके 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रस्तुति दी।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|title=Rolling Stones to perform with Lady Gaga and Bruce Springsteen|work=The Telegraph|date=10 December 2012|access-date=22 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20121211085124/http://www.telegraph.co.uk/culture/music/rolling-stones/9735166/Rolling-Stones-to-perform-with-Lady-Gaga-and-Bruce-Springsteen.html|archive-date=11 December 2012|url-status=live}}</ref> 12 दिसंबर को उन्होंने “The Concert for Sandy Relief” में प्रस्तुति दी, जिसका प्रसारण विश्वभर में किया गया।<ref>{{cite magazine|url=https://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|title=12 Unforgettable Photos from the Epic 12–12–12 Sandy Benefit Concert|magazine=Time|access-date=22 September 2014|date=13 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140814133024/http://entertainment.time.com/2012/12/13/sprinsteen-jagger-clapton-sandy-concert/|archive-date=14 August 2014|url-status=live}}</ref>
जनवरी 2013 में Surfdog Records ने घोषणा की कि क्लैप्टन का आगामी एल्बम ''Old Sock'' 12 मार्च को जारी किया जाएगा। 8 अप्रैल 2013 को Eric Clapton और Hard Rock International ने Crossroads Centre Antigua के समर्थन में विशेष “Artist Spotlight” कार्यक्रम शुरू किया।<ref>{{cite web |url=http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20131214073311/http://www.ticodo.com/blog/eric-claptons-t-shirt-hit-a-crossroads/ |url-status=dead |archive-date=14 December 2013 |title=Eric Clapton's T-Shirt Hit A Crossroad(s) |publisher=Ticodo |date=17 June 2013 |access-date=27 June 2013 }}</ref> क्लैप्टन ने 14 मार्च से 19 जून 2013 तक अमेरिका और यूरोप का दौरा किया, जो उनके पेशेवर संगीत जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।<ref>{{cite web |url=http://coolalbumreview.com/?p=28839 |title=Eric Clapton Kicks Off 50th Anniversary Tour With Killer Setlist |publisher=Coolalbumreview.com |date=15 March 2013 |access-date=9 June 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130525030223/http://coolalbumreview.com/?p=28839 |archive-date=25 May 2013 |url-status=dead }}</ref> 28 फ़रवरी 2013 को क्लैप्टन ने घोषणा की कि यात्रा की कठिनाइयों के कारण वे 2015 में दौरा करना बंद कर सकते हैं।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton: 'When I'm 70, I'll Stop Touring'|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|access-date=11 June 2014|magazine=Rolling Stone|archive-url=https://web.archive.org/web/20140715031757/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-when-im-70-ill-stop-touring-20130228|archive-date=15 July 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|title=More Signs Point Towards Eric Clapton Touring Retirement|url=http://www.jambase.com/articles/120902/more-signs-point-towards-eric-clapton-touring-retirement|publisher=JamBase|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140611050117/http://www.jambase.com/Articles/120902/More-Signs-Point-Towards-Eric-Clapton-Touring-Retirement|archive-date=11 June 2014|url-status=live}}</ref> [[File:ECPrague2013.jpg|thumb|left|प्राग में क्लैप्टन, जून 2013, उनके “50th Celebration World Tour” के दौरान]]
15 अक्टूबर 2013 को क्लैप्टन के लोकप्रिय एल्बम और कॉन्सर्ट DVD ''Unplugged'' को ''Unplugged: Expanded & Remastered'' शीर्षक से पुनः जारी किया गया। इस एल्बम में मूल 14 गीतों के रीमास्टर्ड संस्करणों के साथ 6 अतिरिक्त ट्रैक भी शामिल थे, जिनमें “My Father's Eyes” के 2 संस्करण शामिल थे। DVD में कॉन्सर्ट का पुनर्स्थापित संस्करण तथा रिहर्सल की 60 मिनट से अधिक अप्रकाशित फुटेज शामिल थी। 13 और 14 नवंबर 2013 को क्लैप्टन ने स्विट्ज़रलैंड के Basel में आयोजित वार्षिक संगीत समारोह “Baloise Session” की अंतिम दो शामों में मुख्य प्रस्तुति दी। 20 नवंबर 2013 को Warner Bros ने ''Crossroads Guitar Festival 2013'' को CD/DVD/Blu-ray प्रारूप में जारी किया। 30 अप्रैल 2014 को क्लैप्टन ने ''The Breeze: An Appreciation of JJ Cale'' जारी करने की घोषणा की, जो J. J. Cale को श्रद्धांजलि थी, जिनका 26 जुलाई 2013 को निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि एल्बम का नाम 1972 के गीत “Call Me the Breeze” पर रखा गया था और इसमें Clapton, Mark Knopfler, John Mayer, Willie Nelson, Tom Petty तथा अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 16 गीत शामिल थे।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton and Friends Honor JJ Cale With New Tribute LP|url=https://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|magazine=Rolling Stone|date=30 April 2014|access-date=11 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140622012700/http://www.rollingstone.com/music/news/eric-clapton-and-friends-honor-jj-cale-with-new-tribute-lp-20140430|archive-date=22 June 2014|url-status=live}}</ref>
21 जून 2014 को Glasgow Hydro में एक कॉन्सर्ट के दौरान क्लैप्टन अचानक मंच छोड़कर चले गए। हालांकि वे एक अंतिम गीत प्रस्तुत करने के लिए लौटे, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट पहले समाप्त हो जाने के कारण दर्शकों में नाराज़गी फैल गई। अगले दिन क्लैप्टन और आयोजन स्थल दोनों ने माफ़ी मांगी और “तकनीकी समस्याओं” को इसका कारण बताया, जिससे मंच पर ध्वनि की स्थिति क्लैप्टन के लिए “असहनीय” हो गई थी।<ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|title=Fans' anger as Eric Clapton strops off stage at SSE Hydro|date=21 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625025210/http://www.heraldscotland.com/arts-ents/music/review-eric-clapton-strops-off-stage-at-the-sse-hydro.1403387960|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|title=Eric Clapton cuts short concert after 'technical issue'|date=22 June 2014|work=BBC News|access-date=22 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140624063428/http://www.bbc.co.uk/news/uk-scotland-glasgow-west-27962617|archive-date=24 June 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|title=Clapton apologises for concert exit|date=23 June 2014|work=The Herald|location=Glasgow|access-date=23 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140625032330/http://www.heraldscotland.com/news/home-news/clapton-apologises-for-concert-exit.24556350|archive-date=25 June 2014|url-status=live}}</ref> एक सप्ताह बाद उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के विचार की पुष्टि की और कहा कि लगातार यात्रा करना उनके लिए “असहनीय” हो गया है तथा कुछ शारीरिक समस्याएँ उन्हें स्थायी रूप से गिटार छोड़ने पर मजबूर कर सकती हैं।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton Says Touring Has Become 'Unbearable,' Confirms Retirement Plans|date=27 June 2014 |url=http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|work=Ultimate Classic Rock|access-date=27 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140630011725/http://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-retire/|archive-date=30 June 2014|url-status=live}}</ref> 2016 में ''Classic Rock'' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने बताया कि 2013 में उन्हें peripheral neuropathy नामक बीमारी का निदान हुआ था, जिसमें नसों को क्षति पहुँचती है और हाथों-पैरों में जलन, दर्द या झनझनाहट होती है।<ref>[https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ "Eric Clapton reveals nerve damage that makes playing guitar 'hard work'"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160621163134/https://www.washingtonpost.com/news/morning-mix/wp/2016/06/13/eric-clapton-reveals-nerve-damage-that-makes-playing-guitar-hard-work/ |date=21 June 2016 }}. Washington Post.</ref>
[[File:Eric Clapton - Royal Albert Hall - Wednesday 24th May 2017 EricClaptonRAH240517-23 (34823535392).jpg|thumb|2017 में Royal Albert Hall में क्लैप्टन]]
क्लैप्टन ने 1 और 3 मई 2015 को न्यूयॉर्क के Madison Square Garden में दो कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्होंने 14 से 23 मई 2015 तक लंदन के Royal Albert Hall में सात रातों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। यह कार्यक्रम उनके 70वें जन्मदिन तथा Royal Albert Hall में पहली प्रस्तुति के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए थे।<ref name="Royal Albert Hall"/> उनकी पहली प्रस्तुति 7 दिसंबर 1964 को The Yardbirds के सदस्य के रूप में BBC के ''Top Beat Show'' में हुई थी।<ref name="Royal Albert Hall"/> इन प्रस्तुतियों पर आधारित कॉन्सर्ट फ़िल्म ''Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall'' 13 नवंबर 2015 को DVD, CD, Blu-ray और LP प्रारूपों में जारी की गई।<ref>{{cite web|title=Eric Clapton "Slowhand at 70 – Live at the Royal Albert Hall"|url=http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|access-date=17 November 2015|ref=Eagle Rock|archive-url=https://web.archive.org/web/20151118171608/http://www.eagle-rock.com/2015/09/eric-clapton-slowhand-at-70-live-at-the-royal-albert-hall/|archive-date=18 November 2015|url-status=usurped}}</ref> Madison Square Garden में आयोजित ये कार्यक्रम उस ऐतिहासिक अवसर की 46वीं वर्षगांठ भी थे जब Clapton ने Cream के साथ 2 नवंबर 1968 को “नए” Madison Square Garden का उद्घाटन किया था। क्लैप्टन ने किसी भी अन्य अमेरिकी स्थल की तुलना में Madison Square Garden में सबसे अधिक, कुल 45 बार, प्रस्तुति दी है।<ref name="MSG">{{cite magazine|title=Eric Clapton to Celebrate 70th Birthday With Two Shows at Madison Square Garden|url=https://www.billboard.com/music/rock/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows-6501911/|magazine=Billboard|date=23 April 2016|access-date=23 April 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160513101700/http://www.billboard.com/articles/columns/rock/6501911/eric-clapton-70-birthday-madison-square-garden-shows|archive-date=13 May 2016|url-status=live}}</ref>
20 मई 2016 को क्लैप्टन ने अपना तेईसवाँ स्टूडियो एल्बम ''I Still Do'' जारी किया। 30 सितंबर 2016 को लाइव एल्बम ''Live in San Diego'' जारी किया गया।<ref>{{cite web|first=George|last=Varga|url=http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album|title=Eric Clapton & JJ Cale's 'Live in San Diego' album announced|work=U-T San Diego|date=5 August 2016|access-date=5 August 2016|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160806170101/http://www.sandiegouniontribune.com/news/2016/aug/05/eric-clapton-jj-cale-live-album/|archive-date=6 August 2016}}</ref>
अगस्त 2018 में क्लैप्टन ने घोषणा की कि उन्होंने अपना चौबीसवाँ स्टूडियो एल्बम ''Happy Xmas'' रिकॉर्ड किया है, जिसमें क्रिसमस गीतों की ब्लूज़ शैली में प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह एल्बम 12 अक्टूबर 2018 को जारी किया गया।<ref>{{cite magazine|title=Eric Clapton Readies First Christmas Album 'Happy Xmas'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|magazine=Rolling Stone|date=18 August 2018|access-date=18 August 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180818110429/https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-readies-first-christmas-album-happy-xmas-713027/|archive-date=18 August 2018|url-status=live}}</ref> अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच उन्होंने जापान, यूरोप और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में 17 कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सितंबर 2021 में उन्होंने दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में आठ कार्यक्रमों के साथ पुनः मंच पर वापसी की।<ref>{{cite web |last1=DeRiso |first1=Nick |title=Eric Clapton Sets Only 2021 North American Shows |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |website=ultimateclassicrock.com |date=14 June 2021 |access-date=9 June 2022 |archive-date=9 June 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220609033051/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-2021-american-tour/ |url-status=live }}</ref> मई 2022 में क्लैप्टन ने Jimmie Vaughan के साथ सितंबर में सात अमेरिकी कार्यक्रमों की घोषणा की।<ref>{{cite web |last1=Levy |first1=Matt |title=Eric Clapton mini-tour 2022: How to buy tickets, schedule, dates |url=https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |website=nj.com |date=22 May 2022 |publisher=Advance Local Media, LLC. |access-date=9 June 2022 |archive-date=31 May 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220531163644/https://www.nj.com/live-entertainment/2022/05/eric-clapton-mini-tour-2022-how-to-buy-tickets-schedule-dates.html |url-status=live }}</ref>
मई 2023 में क्लैप्टन ने Royal Albert Hall में आयोजित Jeff Beck श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी, जहाँ उन्होंने Rod Stewart, Ronnie Wood, Kirk Hammett और Johnny Depp सहित कई कलाकारों के साथ मंच साझा किया।<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Leads Jeff Beck Tribute Concerts in London |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |access-date=23 May 2023 |work=Ultimate Classic Rock |archive-date=23 May 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230523161340/https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-jeff-beck-tribute-concerts-london-2023/ |url-status=live }}</ref> 2024 में क्लैप्टन ने Mark Knopfler के गीत “Going Home: Theme of the Local Hero” के पुनः जारी संस्करण में गिटार बजाया, जो Teenage Cancer Trust के समर्थन में जारी किया गया था।<ref>{{cite web | url= https://www.nme.com/news/music/mark-knopfler-recruits-bruce-springsteen-brian-may-ronnie-wood-teenage-cancer-trust-single-3584338 | title= Mark Knopfler recruits Bruce Springsteen, Brian May, Ronnie Wood and more for Teenage Cancer Trust single | work=NME | first=Liberty | last=Dunworth | date=8 February 2024 | access-date=4 March 2024}}</ref>
===''इस दौरान''===
मई 2024 में क्लैप्टन ने ''The Real Music Observer'' को दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वे ''Meanwhile'' शीर्षक वाले एक नए स्टूडियो एल्बम पर कार्य कर रहे हैं।<ref>{{Cite news |last=Francis |first=Pete |date=May 24, 2024 |title=Eric Clapton reveals title of expected 2024 studio album |url=https://bluesrockreview.com/2024/05/eric-clapton-reveals-title-of-expected-2024-studio-album.html |access-date=March 8, 2026 |work=Blues Rock Review}}</ref> यह एल्बम 4 अक्टूबर 2024 को डिजिटल रूप में जारी किया गया, जबकि CD और विनाइल संस्करण 24 जनवरी 2025 को जारी किए गए।<ref>{{Cite news |last=Gallucci |first=Michael |date=September 20, 2024 |title=Eric Clapton Announces New Album, ''Meanwhile'' |url=https://ultimateclassicrock.com/eric-clapton-meanwhile-album/ |access-date=March 8, 2026 |work=Ultimate Classic Rock}}</ref>
==प्रभाव==
[[File:Eric Clapton & B.B. King (4776991214).jpg|thumb|right|Clapton and B. B. King in 2010]]
क्लैप्टन ने Muddy Waters, Freddie King, B.B. King, Albert King, Buddy Guy और Hubert Sumlin को अपने गिटार वादन की प्रमुख प्रेरणाएँ बताया है। अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने Muddy Waters को "वह पिता समान व्यक्ति, जो मुझे वास्तव में कभी नहीं मिला" कहा था। 1983 में Waters की मृत्यु तक वे क्लैप्टन के जीवन का हिस्सा रहे। क्लैप्टन ने कहा, "जब मैं Muddy को जानने लगा, दुर्भाग्यवश तब तक मेरी शराब पीने की आदत बहुत बढ़ चुकी थी।"<ref>{{cite news |title=Eric Clapton Looks Back at His Blues Roots |url=https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |access-date=23 May 2020 |publisher=NPR |archive-date=3 April 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200403104401/https://www.npr.org/templates/story/story.php?storyId=15333469 |url-status=live }}</ref> वर्ष 2000 में क्लैप्टन ने B.B. King के साथ ''Riding with the King'' एल्बम पर सहयोग किया। इसके शीर्षक गीत के संगीत वीडियो में क्लैप्टन एक चालक की भूमिका में दिखाई देते हैं, जबकि उनके आदर्श B.B. King पीछे की सीट पर बैठे हैं।<ref>{{cite book |last1=Dean |first1=Maury |title=Rock N Roll Gold Rush: A Singles Un-Cyclopedia |date=2003 |publisher=Algora Publishing |page=239}}</ref>
क्लैप्टन ने कहा है कि ब्लूज़ संगीतकार Robert Johnson उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव रहे हैं। 2004 में क्लैप्टन ने ''Sessions for Robert Johnson'' जारी किया, जिसमें Johnson के गीतों के इलेक्ट्रिक और अकूस्टिक गिटार संस्करण शामिल थे।<ref>{{cite web|url=https://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|title=Eric Clapton: Me and Mr. Johnson|publisher=AllMusic|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20110816035036/http://www.allmusic.com/album/me-and-mr-johnson-r682466/review|archive-date=16 August 2011|url-status=live}}</ref> Robert Johnson की रिकॉर्डिंग्स के 1990 के बॉक्स सेट के लिए लिखे गए एक निबंध में क्लैप्टन ने लिखा:
{{blockquote|''मेरे लिए Robert Johnson अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ब्लूज़ संगीतकार हैं। वे अपनी दृष्टि के प्रति पूरी तरह सच्चे थे, और पिछले 30 वर्षों में संगीत में जितनी भी गहराई तक मैं गया हूँ, मुझे Robert Johnson से अधिक आत्मीय कुछ नहीं मिला। उनका संगीत मानव आवाज़ में मिलने वाली सबसे शक्तिशाली पुकार जैसा है ... ऐसा लगता था मानो वह किसी ऐसी भावना की प्रतिध्वनि हो जिसे मैं हमेशा से महसूस करता आया हूँ।''<ref>{{Cite AV media notes| title = [[The Complete Recordings (Robert Johnson album)|The Complete Recordings]]| others = [[Robert Johnson]]| section = Discovering Robert Johnson| first = Eric| last = Clapton| type = Boxed set booklet| year = 1990| location = New York City| publisher = [[Columbia Records]]| id = C2K 46222| oclc = 24547399}}</ref>}}
क्लैप्टन ने Buddy Holly को भी अपनी प्रेरणा बताया। ''The "Chirping" Crickets'' वह पहला एल्बम था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था; बाद में उन्होंने Holly को ''Sunday Night at the London Palladium'' में देखा।<ref name="Holly"/> अपनी आत्मकथा में क्लैप्टन ने पहली बार Holly और उनके Fender गिटार को देखने का अनुभव बताते हुए लिखा, "मुझे लगा जैसे मैं मरकर स्वर्ग पहुँच गया हूँ ... यह किसी दूसरे ग्रह के वाद्य यंत्र जैसा लग रहा था, और मैंने खुद से कहा: 'यही भविष्य है – मुझे यही चाहिए।'"<ref name="Holly">Clapton, Eric (2010). ''Eric Clapton: The Autobiography''. p. 19. Random House.</ref>
2017 की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' में क्लैप्टन ने Bismillah Khan को भी अपनी प्रेरणा बताया और कहा, "मैं चाहता था कि मेरा गिटार उनके रीड वाद्य यंत्र जैसा सुनाई दे।"<ref name="RollingStone 2017"/> इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने हारमोनिका वादक Little Walter को भी प्रभाव के रूप में उल्लेखित किया। क्लैप्टन ने कहा, "एम्प्लीफायर के माध्यम से हारमोनिका बजाते हुए जो ध्वनि वे निकालते थे, वह भारी, गहरी और बेहद मधुर होती थी।"<ref name="RollingStone 2017">{{cite magazine |title=10 Things We Learned From 'Eric Clapton: Life in 12 Bars' Doc |url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |access-date=14 April 2019 |magazine=Rolling Stone |archive-url=https://web.archive.org/web/20190414212223/https://www.rollingstone.com/music/music-news/10-things-we-learned-from-eric-clapton-life-in-12-bars-doc-127351/ |archive-date=14 April 2019 |url-status=live }}</ref>
==Legacy==
[[File:The Yardbirds (1998) - Rock and Roll Hall of Fame handprints (2014 photograph).jpg|thumb|right|क्लैप्टन के हस्तचिह्न (सबसे दाएं) अन्य सदस्यों के साथ, द यार्डबर्ड्स, रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में]]
क्लैप्टन को अब तक के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली गिटारवादकों में से एक माना जाता है।<ref name=AST/><ref name=Meisel>[[Perry Meisel|Meisel, Perry]] (2010) [https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 The myth of popular culture from Dante to Dylan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=igLwTjrIpMEC&pg=PA143 |date=10 August 2023 }} p.143. Retrieved 30 December 2010</ref><ref>{{cite news|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3356959.stm|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|publisher=BBC|access-date=22 September 2014|date=31 December 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20170809002346/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3356959.stm|archive-date=9 August 2017|url-status=live}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |title=Real Blues Guitar |first=Kenn |last=Chipkin |page=58 |publisher=Alfred Music Publishing, 1998 |access-date=15 January 2011 |isbn=978-0-89898-579-5 |date=March 1998 |archive-date=10 August 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=wPmuwEWoqyMC&q=Eric+Clapton+important+guitarist&pg=PA58 |url-status=live }}</ref> क्लैप्टन एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में तीन बार शामिल किया गया है: एक बार एकल कलाकार के रूप में और अलग-अलग द यार्डबर्ड्स तथा क्रीम बैंड के सदस्य के रूप में।<ref name="Rock Hall">{{cite web|url=http://rockhall.com/inductees/eric-clapton/|title=Eric Clapton Biography – The Rock and Roll Hall of Fame and Museum|publisher=Rockhall.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141012231539/http://www.rockhall.com/inductees/eric-clapton/|archive-date=12 October 2014|url-status=live}}</ref> वे ''Rolling Stone'' पत्रिका की "100 Greatest Guitarists of All Time" सूची में दूसरे स्थान पर रहे<ref name="RS">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|title=100 Greatest Guitarists of All Time – 2. Eric Clapton|magazine=Rolling Stone|access-date=30 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20121021001507/http://www.rollingstone.com/music/lists/100-greatest-guitarists-20111123/eric-clapton-20111122|archive-date=21 October 2012|url-status=live}}</ref> तथा ''Gibson'' की "Top 50 Guitarists of All Time" सूची में चौथे स्थान पर रहे।<ref name="Gibson">{{cite web|url=http://www.gibson.com/en-us/lifestyle/Features/Top-50-Guitarists-528/|title=Top 50 Guitarists of All Time – 10 to 1|publisher=Gibson Guitar Company|access-date=22 July 2011|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20110708022758/http://www.gibson.com/en%2Dus/Lifestyle/Features/Top%2D50%2DGuitarists%2D528/|archive-date=8 July 2011}}</ref>
2011 में ''The Guardian'' ने गिटार हीरो की संस्कृति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय क्लैप्टन को दिया और उन्हें रॉक संगीत इतिहास की 50 प्रमुख घटनाओं की सूची में सातवें स्थान पर रखा:
{{blockquote|लीड गिटारवादक की लोकप्रिय छवि से अधिक रॉक मिथक में कुछ भी केंद्रीय नहीं है। और इस छवि को स्थापित करने में एरिक क्लैप्टन से अधिक किसी ने योगदान नहीं दिया। अप्रैल 1965 में जॉन मेयाल के ब्लूज़ब्रेकर्स में शामिल होने से पहले वे यार्डबर्ड्स के सदस्य रह चुके थे। मेयाल के साथ उनके दो कार्यकालों के दौरान उनकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई कि एक प्रसिद्ध ग्रैफिटी ने रॉक प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता को व्यक्त किया: "Clapton is God".<ref>{{cite news|last1=Hann|first1=Michael|title=Eric Clapton creates the cult of the guitar hero|url=https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|work=The Guardian|date=12 June 2011|access-date=16 December 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170311172627/https://www.theguardian.com/music/2011/jun/12/eric-clapton|archive-date=11 March 2017|url-status=live}}</ref>}}
''Rolling Stone'' के एलियास लेइट के अनुसार, क्लैप्टन ने न केवल गिटार बजाने की शैली बल्कि रिकॉर्डिंग तकनीकों को भी प्रभावित किया।<ref name="RollingStone 2017"/> जॉन मेयाल के समूह के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन उन तकनीशियनों से परेशान हो जाते थे जो “एम्पलीफायर के सामने माइक्रोफोन को केवल दो इंच दूर रख देते थे।” क्लैप्टन का मानना था कि यदि क्लब जैसा माहौल रिकॉर्ड करना है, तो ध्वनि ऐसी लगनी चाहिए जैसे श्रोता लगभग 10 फीट दूर बैठा हो। बाद में क्लैप्टन ने स्वयं माइक्रोफोन की स्थिति बदलनी शुरू की। पिंक फ़्लॉइड के रोजर वॉटर्स ने कहा, “इससे सब कुछ बदल गया। एरिक से पहले इंग्लैंड में गिटार बजाना हैंक मार्विन जैसा सीधा-सादा हुआ करता था। अचानक हमने कुछ बिल्कुल अलग सुना। रिकॉर्डिंग ऐसी लगती थी जैसी हमने पहले कभी नहीं सुनी थी।”<ref name="RollingStone 2017"/>
2012 में क्लैप्टन उन ब्रिटिश सांस्कृतिक प्रतीकों में शामिल थे जिन्हें कलाकार सर पीटर ब्लेक ने अपनी प्रसिद्ध कलाकृति – बीटल्स के ''Sgt. Pepper's Lonely Hearts Club Band'' एल्बम कवर – के नए संस्करण में शामिल किया। यह संस्करण उनके 80वें जन्मदिन के अवसर पर उन सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्हें वे सबसे अधिक प्रशंसा करते थे।<ref>{{cite news|title=New faces on Sgt Pepper album cover for artist Peter Blake's 80th birthday|url=https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|work=The Guardian|date=5 October 2016|access-date=5 November 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161105095109/https://www.theguardian.com/artanddesign/2012/apr/02/peter-blake-sgt-pepper-cover-revisited|archive-date=5 November 2016|url-status=live}}</ref> लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल से गहराई से जुड़े क्लैप्टन, जहाँ उन्होंने अपने 50 वर्षों से अधिक लंबे करियर में सबसे अधिक प्रदर्शन किए, 2018 में रॉयल अल्बर्ट हॉल के “Walk of Fame” में शामिल किए गए। वे इस सम्मान को पाने वाले शुरुआती ग्यारह व्यक्तियों में से एक थे, जिनमें मुहम्मद अली, विंस्टन चर्चिल, सफ़्रजेट आंदोलन और अल्बर्ट आइंस्टीन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।<ref>{{cite news |title=Clapton, Churchill among those honoured by Royal Albert Hall 'Walk of Fame' |url=https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |access-date=20 June 2022 |work=Yahoo |archive-date=7 April 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230407115635/https://www.yahoo.com/entertainment/clapton-churchill-among-those-honoured-royal-albert-hall-125347984.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvLnVrLw&guce_referrer_sig=AQAAAFXXAI6ns0rFC_N5Rnbz0xyc68toy51NbA9yIj6objCSzY0jcnG-4vj3QTFr9k8gnFzmddMw87WXrLtLoWMTNJH2wPaQCmSPX_J86MUPpvJOV1i9Q4JX-ZftpO0irhEwrveNh1KZA6n7o87jXG5OsCPxYphrDqzGBjkyNg4NXEZR |url-status=live }}</ref>
रॉबर्ट क्रिस्टगाउ ने क्लैप्टन की विरासत की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए लिखा:
{{blockquote|एक ऐसे सत्र संगीतकार के रूप में, जिसकी संन्यासी जैसी छवि उसकी विलासी आदतों को कभी कम नहीं कर पाई, क्लैप्टन को अच्छी कमाई पसंद थी और उन्होंने एक विशाल डिस्कोग्राफी तैयार की, जो उनके स्तर के कलाकार के लिए आश्चर्यजनक रूप से असमान मानी जाती है। आत्म-आलोचना करते हुए वे अक्सर इसका कारण अपनी आलस्य या प्रेरणा की आवश्यकता को बताते हैं, लेकिन यह “गिटार हीरो बीमारी” भी है: कई अन्य कलाकारों की तरह जिनकी हाथ और कान की तालमेल असाधारण होती है, वे एक साधारण धुनकार और कमजोर गीतकार भी हैं, और उनके बैंड संबंधी विचार अक्सर सफल या असफल होते रहते हैं।<ref>{{cite web|last=Christgau|first=Robert|author-link=Robert Christgau|date=15 April 2020|url=https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|title=Xgau Sez|website=And It Don't Stop|publisher=Substack|access-date=17 April 2020|archive-date=13 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200513061546/https://robertchristgau.substack.com/p/xgau-sez-a49|url-status=live}}</ref>}}
संगीत उद्योग पर क्लैप्टन के प्रभाव के कारण उनका उल्लेख कई गीतों में भी किया गया है। "[[She's Leaving You]]" में एमजे लेंडरमैन गाते हैं, “Believe that Clapton is the second coming”, जो “Clapton is God” का संदर्भ है।<ref>{{Cite web |date=24 June 2024 |title=MJ Lenderman Announces New Album 'Manning Fireworks': Hear "She's Leaving You" |url=https://www.stereogum.com/2269295/mj-lenderman-shes-leaving-you/music/ |access-date=6 December 2024 |website=Stereogum |language=en}}</ref> फोएबे ब्रिजर्स ने "[[Moon Song (Phoebe Bridgers song)|Moon Song]]" में क्लैप्टन का उल्लेख करते हुए लिखा, “We hate 'Tears in Heaven' / But it's sad that his baby died”, जो क्लैप्टन के पुत्र कॉनर की मृत्यु का संदर्भ है। हालांकि, मूल पंक्ति जिसे वह कभी-कभी लाइव प्रस्तुतियों में गाती हैं, “We hate Eric Clapton” है।<ref name=":2">{{Cite web |last=Lavin |first=Will |date=13 August 2020 |title=Phoebe Bridgers says Eric Clapton makes "extremely mediocre music" |url=https://www.nme.com/news/music/phoebe-bridgers-says-eric-clapton-makes-extremely-mediocre-music-2727105 |access-date=6 December 2024 |website=NME |language=en-GB}}</ref><ref>{{Citation |title=Phoebe Bridgers – Moon Song (Live at Electric Lady) |url=https://genius.com/Phoebe-bridgers-moon-song-live-at-electric-lady-lyrics |access-date=6 December 2024}}</ref> ब्रिजर्स ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके अनुसार क्लैप्टन “एक प्रसिद्ध नस्लवादी” हैं और “बेहद औसत संगीत” बनाते हैं।<ref name=":2" />
==Guitars==
[[File:Eric Clapton 1978.jpg|thumb|upright|क्लैप्टन 1978 में "Blackie" के साथ। उन्होंने "Cocaine", "I Shot the Sheriff", "Wonderful Tonight", "Further On Up the Road" और "Lay Down Sally" जैसे प्रसिद्ध गीत Blackie पर रिकॉर्ड किए।]]
हैंक मार्विन, द बीटल्स और जिमी हेंड्रिक्स की तरह, क्लैप्टन ने भी इलेक्ट्रिक गिटार के विशेष मॉडलों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डाला।<ref>{{cite web |url=http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |title=Clapton – The early years |publisher=Legendarytones.com |date=31 July 1966 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20091213035059/http://www.legendarytones.com/claptonearly1.html |archive-date=13 December 2009 |url-status=dead }}</ref> यार्डबर्ड्स के साथ क्लैप्टन ने Fender Telecaster, Fender Jazzmaster, double-cutaway Gretsch 6120 और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 बजाया। 1965 के मध्य से वे लगभग पूरी तरह Gibson गिटार बजाने लगे, जब उन्होंने लंदन की एक दुकान से एक इस्तेमाल किया हुआ sunburst Gibson Les Paul खरीदा। क्लैप्टन ने उसकी पतली neck profile की प्रशंसा की, जिससे संकेत मिलता है कि वह 1960 मॉडल था।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |title=Clapton's Bluesbreakers Guitar Was A 1960 Gibson Les Paul Standard |publisher=Xs4all.nl |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090716053139/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/Le%20Paul.htm |archive-date=16 July 2009 }}</ref>
Cream बैंड के शुरुआती दौर में क्लैप्टन का पहला Les Paul Standard चोरी हो गया। इसके बाद भी उन्होंने Cream के साथ केवल Les Paul गिटार बजाना जारी रखा (उनमें से एक उन्होंने Andy Summers से खरीदा था, जो चोरी हुए गिटार से लगभग समान था)<ref>{{cite web |url=http://www.guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |title=Andy Summers |publisher=Guitarplayer.com |access-date=23 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090508121213/http://guitarplayer.com/article/andy-summers/apr-07/27240 |archive-date=8 May 2009 |url-status=live }}</ref> जब तक कि 1967 में उन्होंने अपना सबसे प्रसिद्ध गिटार, 1964 Gibson SG, प्राप्त नहीं कर लिया, जिसे "the Fool" नाम दिया गया।<ref name=GIBS>Bob Gulla (2008) ''Guitar Gods: The 25 Players Who Made Rock History'' p.45. Retrieved 30 December 2010</ref> क्लैप्टन ने Les Paul और SG दोनों का उपयोग अपनी प्रसिद्ध "woman tone" ध्वनि बनाने के लिए किया।<ref name="Oxman">{{cite magazine
| last = Oxman
| first = J. Craig
| date = December 2011
| title = Clapton's Fool: History's Greatest Guitar?
| magazine = Vintage Guitar
| publisher = Alan Greenwood
| access-date = 8 May 2015
| url = http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150419065246/http://www.vintageguitar.com/12684/claptons-fool/
| archive-date = 19 April 2015
| url-status = dead
}}</ref> 1967 के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “अब मैं अधिक smoothly बजाता हूँ। मैं वह विकसित कर रहा हूँ जिसे मैं अपना ‘woman tone’ कहता हूँ। यह एक मीठी ध्वनि है, कुछ वैसी जैसे ‘I Feel Free’ के solo में सुनाई देती है।”<ref name="Oxman"/> लेखक माइकल ड्रेग्नी ने इसे “गहरी लेकिन तेज, overdriven लेकिन smooth, distorted लेकिन creamy” ध्वनि बताया।<ref name="Dregni">{{cite news|title=The Dallas Rangemaster|last=Dregni|first=Michael|date=September 2014|work=Vintage Guitar|pages=46–49}}</ref> यह tone गिटार के tone-control settings और क्लैप्टन के Marshall JTM45 amplifier के संयोजन से बनती थी।<ref>{{cite web|title=How to Get Clapton's Classic 'Woman Tone'|first=Ted|last=Drozdowski|date=9 January 2009|work=Lifestyle|publisher=Gibson.com|access-date=6 August 2010|url=http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20101202054456/http://www.gibson.com/en-us/Lifestyle/ProductSpotlight/Tone-Tips/how-to-get-claptons-classic/|archive-date=2 December 2010}}</ref> ''Vintage Guitar'' पत्रिका के अनुसार, "Sunshine of Your Love" का शुरुआती riff और solo woman tone का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।<ref name="Oxman"/> क्लैप्टन के "Fool" गिटार का नाम उसकी psychedelic paint design से पड़ा, जिसे कला समूह “the Fool” ने बनाया था। 1967 में Cream के पहले अमेरिकी दौरे से ठीक पहले Clapton के SG, Bruce के Fender VI और Baker के drum head पर psychedelic designs पेंट किए गए थे।
[[File:Eric Clapton 1.jpg|thumb|left|क्लैप्टन 2008 में लंदन के Hyde Park में Hard Rock Calling concert के दौरान Fender Eric Clapton Stratocaster बजाते हुए]]
1968 में क्लैप्टन ने Gibson Firebird खरीदा और 1964 Cherry-Red Gibson ES-335 का उपयोग फिर से शुरू किया।<ref name=GIBS/> इस 1964 ES-335 का एक लंबा और प्रसिद्ध इतिहास रहा। क्लैप्टन ने इसे नवंबर 1968 के अंतिम Cream शो में, Blind Faith के साथ, 1970 के दशक में slide guitar pieces में, ''Journeyman'' एल्बम के "Hard Times" गीत में, 1996 के Hyde Park live concert में और 1994–95 के ''From the Cradle'' sessions तथा tour में इस्तेमाल किया। 2004 की एक नीलामी में इसे US$847,500 में बेचा गया।<ref name="cdqimo">{{cite web |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |title=Eric Clapton Guitar Auction, 24 June 2004: More Information and Images |publisher=Stratcollector.com |date=18 March 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090219104222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000180.html |archive-date=19 February 2009 }}</ref> Gibson ने बाद में “Crossroads 335” नाम से इसकी केवल 250 प्रतिकृतियाँ बनाईं। ES-335 केवल दूसरा electric guitar था जिसे क्लैप्टन ने खरीदा था।<ref>{{cite web |last=Ochoa |first=Hugh |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |title=2004 Eric Clapton Crossroads Guitar Auction: the Auction, the Burst Brothers, and Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=27 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090215035939/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000257.html |archive-date=15 February 2009 }}</ref>
जुलाई 1968 में क्लैप्टन ने George Harrison को 1957 का “goldtop” Gibson Les Paul उपहार में दिया, जिसे लाल रंग में refinished किया गया था और “Lucy” नाम दिया गया। अगले सितंबर में क्लैप्टन ने इसी गिटार का उपयोग Beatles के गीत "While My Guitar Gently Weeps" की रिकॉर्डिंग में किया। बाद में यह गिटार चोरी हो गया, लेकिन फिर खोजकर Harrison को वापस लौटा दिया गया। Harrison ने इसे क्लैप्टन को उनके 1973 के Rainbow concert के लिए उधार दिया। उनका SG “The Fool” बाद में George Harrison के मित्र Jackie Lomax के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे 1972 में संगीतकार Todd Rundgren को US$500 में बेच दिया। Rundgren ने इसे restore किया और "Sunshine of Your Love" के आधार पर इसका नाम “Sunny” रखा। उन्होंने इसे 2000 तक अपने पास रखा, फिर इसे US$150,000 में नीलाम कर दिया।<ref name =GIBS/> 1969 के Blind Faith concert में, जो लंदन के Hyde Park में हुआ, क्लैप्टन ने Fender Custom Telecaster बजाया, जिसमें “Brownie” का neck लगाया गया था।
[[File:Hard Rock Cafe London Clapton's guitar Fender.JPG|thumb|right|क्लैप्टन का Lead II Fender, जिसे 1979 में लंदन के Hard Rock Cafe को दान किया गया पहला memorabilia माना जाता है]]
1969 के अंत में क्लैप्टन ने Fender Stratocaster बजाना शुरू किया। उन्होंने कहा, “जब मैंने Strat उठाया तो मुझ पर कई प्रभाव थे। सबसे पहले Buddy Holly और Buddy Guy। इंग्लैंड में Hank Marvin पहला प्रसिद्ध व्यक्ति था जो इसे इस्तेमाल करता था, लेकिन वह वास्तव में मेरे प्रकार का संगीत नहीं था। Steve Winwood की बहुत प्रतिष्ठा थी, और जब उन्होंने इसे बजाना शुरू किया, तो मैंने सोचा—अगर वह ऐसा कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”<ref>{{cite book|first=Tom|last=Wheeler|title=The Stratocaster Chronicles: Celebrating 50 Years of the Fender Strat|url=https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|year=2004|publisher=Hal Leonard Corporation|isbn=978-0-634-05678-9|page=8|access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044803/https://books.google.com/books?id=za1MQ9gITagC&pg=PA8|url-status=live}}</ref>
उनका पहला Stratocaster “Brownie” था, जिसका उपयोग ''Eric Clapton'' एल्बम की रिकॉर्डिंग में हुआ। बाद में 1973 में यह उनके सबसे प्रसिद्ध गिटार “Blackie” का backup बना। नवंबर 1970 में Eric ने Nashville, Tennessee के Sho-bud guitar shop से छह Fender Stratocasters खरीदे। उन्होंने इनमें से एक-एक George Harrison, Steve Winwood और Pete Townshend को उपहार में दिया। उनका पहला Stratocaster “Brownie” 7 मई 1967 को खरीदा गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.groundguitar.com/eric-clapton-gear/eric-claptons-1956-fender-stratocaster-brownie/|title=Eric Clapton's 1956 Fender Stratocaster "Brownie"|first=Dan|last=Kopilovic|date=16 July 2018|website=Ground Guitar}}</ref> और 1970 में उनके पहले solo album, Derek and the Dominos के concerts तथा ''Layla and Other Assorted Love Songs'' एल्बम में उपयोग हुआ।
<ref>{{Cite web|url=https://www.guitarplayer.com/gear/the-guitar-gear-behind-derek-and-the-dominos-layla/|title=The Guitar Gear Behind Derek & the Dominos' 'Layla'|author1=Christopher Scapelliti|date=22 July 2020|website=Guitar Player}}</ref>
<ref>{{cite book|author = Clapton, Eric|title = Clapton, The Autobiography|url = https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap|url-access = registration|date = 2007|publisher = Broadway Books|page = [https://archive.org/details/claptonautobiogr00clap/page/544 544]|isbn = 9780385518512}}</ref>
क्लैप्टन ने बाकी तीन Stratocasters के सर्वोत्तम हिस्सों को मिलाकर “Blackie” तैयार किया, जो 1985 तक उनका पसंदीदा stage guitar रहा। इसे पहली बार 13 जनवरी 1973 को Rainbow Concert में लाइव बजाया गया।<ref>{{cite web |last=Landers |first=Rick |url=http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |title=Strat Collector News Desk: An Interview with Eric Clapton Guitar Technician Lee Dickson |publisher=Stratcollector.com |date=28 June 2004 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090327094222/http://www.stratcollector.com/newsdesk/archives/000259.html |archive-date=27 March 2009 }}</ref> क्लैप्टन ने 1956/57 Strat को “mongrel” कहा।<ref>{{cite web|url=http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |title=The Eric Clapton FAQ – Guitars |publisher=Xs4all.nl |date=3 September 2001 |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090823121845/http://www.xs4all.nl/~slowhand/ecfaq/guitars.html |archive-date=23 August 2009 }}</ref> 24 जून 2004 को क्लैप्टन ने “Blackie” को New York के Christie's Auction House में US$959,500 में बेच दिया, ताकि उनके Crossroads Centre के लिए धन जुटाया जा सके।<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |title=Christie's – Eric Clapton Guitars |date=14 June 2004 |access-date=30 March 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20040614191019/http://www.christies.com/promos/jun04/claptonGuitars/overview.asp |archive-date=14 June 2004 }}</ref> “Brownie” अब Experience Music Project में प्रदर्शित है।<ref>{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |title=Rock Memorabilia Market Booms: Eric Clapton |magazine=Rolling Stone |access-date=22 August 2010 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715090305/http://www.rollingstone.com/artists/ericclapton/articles/story/8928554/rock_memorabilia_market_booms |archive-date=15 July 2009 }}</ref>
Fender Custom Shop ने बाद में “Blackie” की 275 सीमित प्रतिकृतियाँ बनाईं, जिनमें हर विवरण मूल जैसा रखा गया, यहाँ तक कि “Duck Brothers” flight case भी। Fender की “Relic” प्रक्रिया द्वारा उन्हें कृत्रिम रूप से पुराना दिखाया गया ताकि वर्षों के उपयोग जैसा प्रभाव मिले। मॉडल के लॉन्च पर इनमें से एक गिटार क्लैप्टन को भेंट किया गया, जिसे उन्होंने 17 मई 2006 को Royal Albert Hall concert में तीन गीतों के दौरान बजाया।<ref>{{cite web |url=http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |archive-url=https://web.archive.org/web/20071023062709/http://gc.guitarcenter.com/clapton/detail.cfm |url-status=dead |archive-date=23 October 2007 |title=Eric Clapton's Blackie – Guitar Center |publisher=Gc.guitarcenter.com |access-date=22 August 2010 }}</ref>
1979 में क्लैप्टन ने अपना signed Fender Lead II guitar लंदन के Hard Rock Cafe को भेंट किया ताकि उनकी पसंदीदा bar stool को चिह्नित किया जा सके। Pete Townshend ने भी अपना Gibson Les Paul वहाँ दान किया, साथ में एक नोट लिखा: “Mine's as good as his! Love, Pete”.<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|title=Clapton's guitar: watching Wayne Henderson build the perfect instrument|isbn=9780743281980|last1=John|first1=Allen St|date=2005|publisher=Simon and Schuster |access-date=12 March 2016|archive-date=10 August 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230810044804/https://books.google.com/books?id=SDJitKagniUC&pg=PA164|url-status=live}}</ref>
क्लैप्टन के सम्मान में Fender और C.F. Martin & Company ने signature guitars तैयार किए। 1988 में Fender ने उनका signature Eric Clapton Stratocaster प्रस्तुत किया।<ref>{{cite book|title=Heritage Music and Entertainment Dallas Signature Auction Catalog #634|date=2006|publisher=Ivy Press Heritage Capital Corporation|page=181}}</ref> Martin द्वारा बनाए गए कई signature-model 000-size acoustic guitars भी प्रसिद्ध हुए। इनमें पहला 1995 में जारी सीमित संस्करण 000-42EC Eric Clapton signature model था, जिसकी केवल 461 इकाइयाँ बनाई गईं। "Change the World" (1996) और ''Pilgrim'' (1998) एल्बम में उन्होंने Martin 000-28 EC signature model का उपयोग किया, जिसे बाद में उन्होंने guitarist Paul Wassif को दे दिया।<ref name="Bonhams Auction Clapton Guitar">{{cite web|url=https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|title=Bonhams Auction|publisher=Bonhams.com|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141119042846/https://www.bonhams.com/auctions/19037/lot/269/|archive-date=19 November 2014|url-status=live}}</ref> उनका 1939 का 000-42 Martin, जिसे उन्होंने ''Unplugged'' album में बजाया था, नीलामी में US$791,500 में बिका।<ref name = "cdqimo"/>
क्लैप्टन Ernie Ball Slinky और Super Slinky strings का उपयोग करते हैं, जिनका gauge .10 से .46 तक होता है।<ref>{{cite web
|title=Ernie Ball – Artists
|publisher=Ernie Ball
|url=http://www.ernieball.com/artists.php
|access-date=21 August 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080805040814/http://www.ernieball.com/artists.php
|archive-date=5 August 2008 |url-status=live
}}</ref> उनके guitar technician तीस वर्षों से अधिक समय तक Lee Dickson रहे हैं।<ref>{{cite news|title=Lee Dickson: Three Decades with Clapton|pages=44–48|last=Kelly|first=Will|newspaper=Vintage Guitar}}</ref>
==अन्य मीडिया प्रस्तुतियाँ==
[[File:EricClaptonRockWalkHollywood.jpg|thumb|upright=0.9|कैलिफ़ोर्निया के हॉलीवुड में क्लैप्टन के हस्तचिह्न]]
क्लैप्टन फ़िल्म ''Tommy'' के फ़िल्म संस्करण में दिखाई दिए, जो द हू द्वारा लिखित पहली पूर्ण लंबाई की [[रॉक ओपेरा]] थी। फ़िल्म में क्लैप्टन ने “Preacher” की भूमिका निभाई और [[Sonny Boy Williamson II]] के गीत "Eyesight to the Blind" का प्रदर्शन किया। वे ''Blues Brothers 2000'' में Louisiana Gator Boys के एक सदस्य के रूप में भी दिखाई दिए। बैंड का हिस्सा होने के अलावा उनकी एक छोटी संवाद भूमिका भी थी। क्लैप्टन [[Mercedes-Benz G-Class|Mercedes-Benz G-Wagen]] के एक विज्ञापन में भी दिखाई दिए। मार्च 2007 में क्लैप्टन [[RealNetworks|RealNetwork's]] की [[Rhapsody (online music service)|Rhapsody ऑनलाइन संगीत सेवा]] के एक विज्ञापन में दिखाई दिए।<ref>{{cite web |url=http://play.rbn.com/?url=realguide/music/ads/clapton.smi |title=Rhapsody.com Eric Clapton advert |access-date=23 March 2007 |year=2007 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130814134552/http://play.rbn.com/?url=realguide%2Fmusic%2Fads%2Fclapton.smi |archive-date=14 August 2013 }}</ref>
2010 में क्लैप्टन [[T-Mobile International AG|T-Mobile]] के प्रवक्ता के रूप में दिखाई देने लगे, जहाँ उन्होंने उनके [[HTC Magic|MyTouch Fender]] मोबाइल फ़ोन का प्रचार किया। क्लैप्टन 2011 की BBC डॉक्यूमेंट्री ''Reggae Got Soul: The Story of Toots and the Maytals'' में भी दिखाई दिए, जिसे जमैका से निकले सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक की अनकही कहानी बताया गया था।<ref>[https://www.bbc.co.uk/programmes/b00ymljb "Toots and the Maytals: Reggae Got Soul"] . BBC Four (documentary). Directed by George Scott. UK. 2011. 59 min. Retrieved 15 December 2016.</ref>
जब पात्रों से उनके पादरी ने भगवान का वर्णन करने के लिए कहा, तब ''That '70s Show'' के दूसरे सीज़न के एपिसोड "Holy Crap!" में [[Eric Forman (That '70s Show)|Eric Forman]] और [[Steven Hyde]] दोनों ने क्लैप्टन की तस्वीर बनाई।<ref>{{cite news|title=That '70s Show. Series 2. Episode "Holy Crap"|url=http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|agency=ABC|date=17 December 2017|access-date=17 December 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20150122212435/http://iview.abc.net.au/programs/that-70s-show/ZW0132A023S00|archive-date=22 January 2015|url-status=dead}}</ref>
क्लैप्टन 2013 में BBC के ''Top Gear'' कार्यक्रम में [[Top Gear (series 19)|सीरीज़ 19 एपिसोड 4]] में दिखाई दिए, जहाँ उन्होंने नई [[Kia Ceed]] का परीक्षण किया। उनसे कार के ऑक्सिलरी इनपुट का परीक्षण करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्होंने अपनी गिटार को जोड़कर अपने प्रसिद्ध गीतों के कुछ हिस्से बजाए। ''Top Gear'' के प्रस्तोता [[Jeremy Clarkson]] ने उन्हें “स्थानीय गिटारवादक” कहकर परिचित कराया।<ref>{{cite AV media|url=https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|title=Eric Clapton plays guitar on a KIA Cee'd|date=18 February 2013|via=YouTube|access-date=27 August 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.youtube.com/watch?v=YGgP6-0yGJc|archive-date=15 October 2015|url-status=live}}</ref>
2017 में ''Eric Clapton: Life in 12 Bars'' नामक एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्देशन [[Lili Fini Zanuck]] ने किया।<ref name="Jones">{{cite news|title=Lili Fini Zanuck: Director says 2017 'wasn't a turning point' for Hollywood|url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|last=Jones|first=Emma|author-link=Emma Jones (journalist)|access-date=6 January 2018|work=BBC News|date=4 January 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180105130621/http://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-42554177|archive-date=5 January 2018|url-status=live}}</ref> क्लैप्टन ने ज़ैनक की 1991 की फ़िल्म ''Rush'' के लिए संगीत भी तैयार किया था और दोनों लंबे समय तक मित्र रहे।<ref name="Jones"/>
BBC News को दिए एक साक्षात्कार में ज़ैनक ने कहा कि क्लैप्टन ने केवल इस शर्त पर भाग लेने के लिए सहमति दी कि निर्देशन वही करें:
{{blockquote|मुझे लगता है कि यह फ़िल्म इसलिए बन सकी क्योंकि एरिक सही मनःस्थिति में थे। वह बेहद निजी स्वभाव के व्यक्ति हैं और अपनी अपार सफलता के बावजूद उन्होंने कभी प्रचार की परवाह नहीं की; उन्हें सिर्फ़ अपना संगीत प्रिय है ... मुझे लगता है कि यह उनकी उम्र से भी जुड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ वर्ष पहले वह 70 वर्ष के हुए थे। उन्होंने मुझसे कहा, “मैं नहीं चाहता था कि यह मेरे मरने के बाद बने और फिर ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया जाए।” शायद उन्हें लगा कि अब समय आ गया है कि सब कुछ खुलकर सामने रखा जाए।<ref name="Jones"/>}}
''Nothing but the Blues'' 1995 की एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो क्लैप्टन की संगीत यात्रा और ब्लूज़ संगीत के प्रति उनके प्रेम पर आधारित है। इसके कार्यकारी निर्माताओं में [[Martin Scorsese]] भी शामिल थे।
== व्यक्तिगत जीवन ==
=== संबंध ===
1960 के दशक के अंत से 1974 तक क्लैप्टन की साथी ब्रिटिश अभिजात वर्ग से संबंधित ऐलिस ऑर्म्सबी-गोर थीं। वे लगभग तीन वर्षों तक साथ रहे और दोनों ही हेरोइन की लत से जूझ रहे थे।<ref>{{cite book |last1=Coleman |first1=Ray |title=Survivor: The Authorised Biography of Eric Clapton |date=1986 |publisher=Sphere Books |location=London}}</ref><ref>{{cite news |last1=Neal |first1=Toby |title=How Shropshire aristocrat kept Eric Clapton company during his darkest days |url=https://www.shropshirestar.com/news/features/2021/09/01/how-love-made-peers-daughter-a-rock-casualty/ |access-date=7 September 2022 |work=Shropshire Star |date=1 September 2021 |language=en}}</ref> इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए फंक गायिका बेट्टी डेविस को भी डेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://jazztimes.com/features/eric-clapton-extra-cream/|title=Eric Clapton: Extra Cream|last=Varga|first=George|date=1 July 2006|website=JazzTimes}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.dazeddigital.com/music/article/20269/1/nasty-gal-betty-davis|title=The singer, whose sexually potent 70s funk blueprint virtually created its own genre, talks about her personal soul revolution|last=Hundley|first=Jessica|date=15 June 2014|website=Dazed}}</ref>
1960 के दशक के अंत में क्लैप्टन की मित्रता जॉर्ज हैरिसन से हुई और दोनों ने साथ में संगीत लिखना और रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसी दौरान क्लैप्टन को पैटी बॉयड से प्रेम हो गया, जो उस समय हैरिसन की पत्नी थीं।<ref>Tillery, Gary (2011). Working Class Mystic: A Spiritual Biography of George Harrison. p.92. Wheaton, IL: Quest Books.</ref> हैरिसन और बॉयड का 1977 में तलाक हो गया और 27 मार्च 1979 को बॉयड ने एरिज़ोना के टक्सन में क्लैप्टन से विवाह कर लिया।<ref>{{cite news |last1=Brean |first1=Henry |title=Get back, Jo Jo: New documentary captures moment Tucson landed in Beatles hit song |url=https://tucson.com/news/local/get-back-jo-jo-new-documentary-captures-moment-tucson-landed-in-beatles-hit-song/article_9c89c8f0-53e8-11ec-9485-fb56fd5479b1.html |access-date=26 December 2021 |date=24 December 2021}}</ref> उनका वैवाहिक जीवन क्लैप्टन की बेवफाई और घरेलू हिंसा के कारण प्रभावित रहा। 1999 में ''द संडे टाइम्स'' को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने स्वीकार किया कि विवाह के दौरान उन्होंने बॉयड के साथ दुर्व्यवहार किया था और उस समय वे गंभीर शराब की लत से पीड़ित थे।<ref>{{Cite news|url=https://apnews.com/article/314a3a689dd3e15ebbc8d567dfadb06f|title=Clapton Admits Abusing Wife|date=27 June 1999|publisher=Associated Press|access-date=26 July 2021}}</ref>
1984 में ''Behind the Sun'' की रिकॉर्डिंग के दौरान क्लैप्टन का संबंध एयर स्टूडियोज़ मॉन्टसेराट की प्रबंधक यवोन केली से हुआ। उस समय दोनों अन्य लोगों से विवाहित थे, फिर भी जनवरी 1985 में उनकी बेटी रूथ केली क्लैप्टन का जन्म हुआ। रूथ के अस्तित्व को कई वर्षों तक सार्वजनिक नहीं किया गया और 1991 में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि वह क्लैप्टन की पुत्री हैं।<ref>Schumacher, Michael (1992), p. 263.</ref><ref>Sandford, Christopher (1994). ''Clapton: Edge of Darkness'', Victor Gollancz, p. 210.</ref>
क्लैप्टन और बॉयड ने संतान प्राप्ति के लिए कई प्रयास किए, जिनमें 1984 में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन भी शामिल था, लेकिन उन्हें गर्भपात का सामना करना पड़ा।<ref>{{cite book |last1=Boyd |first1=Pattie |last2=Junor |first2=Penny |title=Wonderful Tonight: George Harrison, Eric Clapton, and Me |publisher=Random House |year=2008 |page=233 |isbn=978-0307450227}}</ref> बाद में क्लैप्टन का इतालवी मॉडल लॉरी डेल सैंटो के साथ संबंध बना, जिनसे 21 अगस्त 1986 को उनके पुत्र कॉनर का जन्म हुआ। इसके बाद क्लैप्टन और बॉयड का 1989 में तलाक हो गया।<ref>Details on Del Santo and their son:
*{{cite news|first=Steve|last=Halvonik|url=https://www.post-gazette.com/ae/books/2018/12/21/Slowhand-Life-Music-Eric-Clapton-Philip-Norman/stories/201812230009|newspaper=Pittsburgh Post-Gazette|title='Slowhand' uncovers the traumas, tragedies and triumphs of Eric Clapton|date=21 December 2018|access-date=28 August 2021}}
*{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}
*{{cite magazine|url=https://www.vanityfair.com/style/2007/11/clapton200711|title=Eric Clapton's Salvation Road|first=Eric|last=Clapton|magazine=Vanity Fair|date=22 October 2007}}</ref>
20 मार्च 1991 को कॉनर की मृत्यु न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित गैलेरिया अपार्टमेंट की 53वीं मंज़िल की खुली खिड़की से गिरने के कारण हो गई। उस समय उसकी आयु चार वर्ष थी।<ref>{{cite news|url=https://apnews.com/article/b8f92979f389bfe3421c68fc2d35966b|work=Associated Press News|title=Eric Clapton's Son Killed in Fall from 53rd Floor Window|first=Rick|last=Hampson|date=20 March 1991|access-date=28 August 2021}}</ref>
1998 में 53 वर्षीय क्लैप्टन की मुलाकात 22 वर्षीय प्रशासनिक सहायक मेलिया मैकएनरी से ओहायो के कोलंबस शहर में एक कार्यक्रम के बाद आयोजित पार्टी में हुई। दोनों ने लगभग एक वर्ष तक निजी रूप से संबंध बनाए रखा और 1999 में सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई दिए। 1 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के रिप्ली स्थित सेंट मैरी मैग्डलीन चर्च में उनका विवाह हुआ। इस दंपति की तीन बेटियाँ हैं।
=== स्वास्थ्य ===
क्लैप्टन ने लंबे समय तक नशे की लत से जूझने के बाद 1982 में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन छोड़ दिया।<ref>{{cite news|title=Eric Clapton: Blues guitar legend|website=BBC News|date=3 November 2004|url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3978109.stm|access-date=5 June 2024}}</ref> वे पहले अत्यधिक धूम्रपान करते थे, लेकिन 1994 में उन्होंने धूम्रपान भी छोड़ दिया।<ref>{{cite web | url=http://www.eric-clapton.co.uk/interviewsandarticles/frostinterview.htm | title=David Frost Interviews Eric Clapton }}</ref>
== राजनीतिक विचार ==
=== "कीप ब्रिटेन व्हाइट" ===
5 अगस्त 1976 को बर्मिंघम में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान क्लैप्टन ने बढ़ते आप्रवासन के विरोध में बयान दिया।<ref>{{cite web|first=David|last=Stubbs|url=https://thequietus.com/articles/20701-eric-clapton-racism-morrissey|title=Eric Clapton & Enoch Powell to Morrissey: Race in British Music Since '76|website=The Quietus|date=9 August 2016|access-date=3 July 2021}}</ref> मंच पर स्पष्ट रूप से नशे की हालत में दिखाई दे रहे क्लैप्टन ने दक्षिणपंथी ब्रिटिश राजनेता इनॉक पॉवेल के समर्थन में टिप्पणी की।<ref>{{cite news |url=http://microsites.virgin.net/music/pictures/profiles/when-popstars-get-political.php?ssid=6 |title=When popstars talk politics: Clapton's shocking rant |publisher=Virgin Media}}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2007/oct/14/popandrock2 |work=The Guardian |title=The ten right-wing rockers |first=Luke |last=Bainbridge |date=14 October 2007}}</ref><ref>{{cite book|first=Barry|last=Miles|title=London Calling: A Countercultural History of London since 1945|url=https://books.google.com/books?id=gYn87V36p5AC&pg=PT238|publisher=Atlantic Books|location=London|year=2010|isbn=978-1-848875548}}</ref>
उस समय "Keep Britain White" ब्रिटेन के दूर-दक्षिणपंथी संगठन नेशनल फ्रंट का एक प्रमुख नारा था।<ref>{{cite news |work=The Independent |location=London |access-date=18 January 2010 |title=Dabbling in right wing politics – David Bowie, Brian Ferry and Eric Clapton |url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/music/features/the-ten-worst-rocknroll-career-moves-1774270.html?action=Popup&ino=3 |first=John |last=Hall |date=19 August 2009 }}</ref><ref>''Rebel Rock'' by J. Street. First Edition (1986). Oxford Press Basil Blackwell.pp.74–75.</ref> क्लैप्टन की इस घटना तथा उसी समय डेविड बॉवी द्वारा दिए गए कुछ विवादित बयानों को बाद में "रॉक अगेंस्ट रेसिज़्म" आंदोलन की स्थापना का मुख्य कारण माना गया, जिसका पहला प्रमुख कार्यक्रम 30 अप्रैल 1978 को आयोजित हुआ।<ref name=racism>{{cite news |url=https://www.theguardian.com/music/2008/apr/20/popandrock.race |first=Sarfraz |last=Manzoor |date=20 April 2008 |access-date=18 January 2010 |work=The Observer |title=The year rock found the power to unite }}</ref>
अक्टूबर 1976 में ''Sounds'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि उन्हें राजनीति की अधिक जानकारी नहीं थी और अपने आप्रवासन संबंधी भाषण के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता उस रात मुझे क्या हो गया था। शायद दिन में कुछ हुआ होगा, जो उस अव्यवस्थित रूप में बाहर आ गया।"<ref name="Farther On">{{cite web|url=http://theband.hiof.no/articles/clapton_interview_sounds_oct_1976.html|title = Eric Clapton: Farther On Up The Road|last=Charone|first=Barbara|date=October 1976|work = Reprint for the web, article from Sounds Magazine}}</ref>
2004 में ''Uncut'' पत्रिका को दिए गए एक साक्षात्कार में क्लैप्टन ने इनॉक पॉवेल को "अत्यंत साहसी" बताया।<ref>{{cite news | url=https://www.theguardian.com/music/musicblog/2007/dec/01/ericclaptonisnotgod | title=Eric Clapton is not God | work=The Guardian | location=London | first=Kieron | last=Tyler | date=1 December 2007 }}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन "सस्ते श्रमिकों के रूप में लोगों को बुला रहा था और फिर उन्हें अलग-थलग बस्तियों में रख रहा था।"<ref>{{cite news | url=https://www.irishtimes.com/culture/eric-s-old-post-colonial-blues-1.426495 | title=Eric's old post-colonial blues | newspaper=The Irish Times | first=Brian | last=Boyd | date=25 March 2005 }}</ref> हालांकि उसी वर्ष ''Scotland on Sunday'' को दिए गए एक अन्य साक्षात्कार में क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं हो सकते क्योंकि "उसका कोई अर्थ ही नहीं बनता।"<ref>{{cite web |url=http://scotlandonsunday.scotsman.com/review.cfm?id=408192004 |title=A sentimental journey |work=The Scotsman }}</ref>
अपनी 2007 की आत्मकथा में क्लैप्टन ने लिखा कि वे नस्लीय संघर्षों के प्रति "जानबूझकर उदासीन" बने रहे थे।<ref>{{cite news|url=https://www.theguardian.com/books/2007/oct/21/biography.ericclapton|work=The Guardian|location=London|title=The gospel according to God|date=21 October 2007}}</ref> दिसंबर 2007 में ''The South Bank Show'' में मेल्विन ब्रैग के साथ बातचीत के दौरान क्लैप्टन ने कहा कि वे नस्लवादी नहीं थे, लेकिन उनका मानना था कि पॉवेल की कुछ बातें अब भी प्रासंगिक थीं।<ref>{{cite web|work=The Week|url=http://www.theweek.co.uk/people/37315/night-eric-wasn%E2%80%99t-so-wonderful|title=The night Eric wasn't so wonderful|date=10 March 2008}}</ref>
2018 में क्लैप्टन ने कहा कि वे अपने पुराने "अंधराष्ट्रवादी" और "फासीवादी" मंचीय बयानों पर स्वयं से घृणा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, "मैंने हर उस चीज़ को नुकसान पहुँचाया जिसमें मैं शामिल था। मुझे अपने ऊपर शर्म आती थी। मैं एक तरह का आधा नस्लवादी बन गया था, जबकि उसका कोई तर्क नहीं था। मेरे आधे दोस्त अश्वेत थे, मैंने एक अश्वेत महिला को डेट किया था और मैं अश्वेत संगीत का समर्थक था।"<ref>{{cite web|first=Tom|last=Sykes|url=https://www.thedailybeast.com/eric-clapton-apologizes-for-racist-past-i-sabotaged-everything|title=Eric Clapton Apologizes for Racist Past: 'I Sabotaged Everything'|website=The Daily Beast|date=12 January 2018|access-date=3 July 2021}}</ref>
=== लोमड़ी शिकार प्रतिबंध का विरोध ===
क्लैप्टन ने Countryside Alliance का समर्थन किया, जो ब्रिटिश ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक फील्ड स्पोर्ट्स से जुड़े मुद्दों को बढ़ावा देने वाला संगठन है। उन्होंने इस संगठन के लिए धन जुटाने हेतु आयोजित संगीत कार्यक्रमों में भाग लिया तथा लेबर पार्टी द्वारा लागू किए गए लोमड़ी शिकार प्रतिबंध (Hunting Act 2004) का सार्वजनिक रूप से विरोध किया। क्लैप्टन के प्रवक्ता ने कहा, "एरिक Countryside Alliance का समर्थन करते हैं। वे स्वयं शिकार नहीं करते, लेकिन मछली पकड़ने और शूटिंग जैसी ग्रामीण गतिविधियों का आनंद लेते हैं। वे इस प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में हैं क्योंकि उनका मानना है कि लोगों की निजी गतिविधियों में राज्य को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।"<ref>{{cite web | url= http://www.contactmusic.com/new/xmlfeed.nsf/story/clapton-headlines-pro-hunt-concert_30_04_2006 | title= Clapton Headlines Pro-Hunt Concert | work= Contact Music | date= 30 April 2006 | access-date= 9 June 2014 }}</ref>
=== कोविड-19 ===
नवंबर 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान क्लैप्टन और वैन मॉरिसन ने मिलकर "Stand and Deliver" नामक एक गीत जारी किया, जिसे मास्क और लॉकडाउन विरोधी गीत के रूप में देखा गया। इस गीत से हुई आय मॉरिसन के "Lockdown Financial Hardship Fund" को दान की गई।<ref>{{Cite web|title=Eric Clapton, Van Morrison to release new single Dec. 4|url=https://www.upi.com/Entertainment_News/Music/2020/11/28/Eric-Clapton-Van-Morrison-to-release-new-single-Dec-4/8641606569592/|access-date=3 December 2020|work=United Press International|language=en}}</ref> मॉरिसन के इस रुख की उत्तरी आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री रॉबिन स्वान ने आलोचना की।<ref>{{Cite web|date=22 September 2020|title=Northern Ireland health minister criticises Van Morrison anti-lockdown songs|url=http://www.theguardian.com/music/2020/sep/22/northern-ireland-health-minister-criticises-van-morrison-anti-lockdown-songs|access-date=27 May 2021|website=The Guardian|language=en}}</ref>
जुलाई 2021 में क्लैप्टन ने कहा कि वे "ऐसे किसी भी मंच पर प्रस्तुति नहीं देंगे जहाँ दर्शकों के साथ भेदभाव किया जाए", यह बयान ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा संगीत कार्यक्रमों में वैक्सीनेशन अनिवार्य किए जाने की घोषणा के बाद आया था।<ref>{{cite news|last=Tsioulcas|first=Anastasia|title=Eric Clapton Says He Won't Play Venues That Require COVID Vaccines|url=https://www.npr.org/2021/07/22/1019210021/eric-clapton-covid-vaccine-requirement-shows|access-date=22 July 2021|work=NPR}}</ref> उस समय तक क्लैप्टन AstraZeneca वैक्सीन की दोनों खुराकें ले चुके थे और उन्होंने दावा किया कि उन्हें दोनों इंजेक्शन के बाद गंभीर दुष्प्रभाव हुए।<ref>{{cite news|last=Hernandez|first=Angie Orellana|url=https://www.latimes.com/entertainment-arts/music/story/2021-05-17/eric-clapton-astrazeneca-vaccine|title=Eric Clapton feared he would 'never play again after 'disastrous' time with vaccine|work=Los Angeles Times|date=17 May 2021}}</ref> हालांकि NBC News के एक संपादकीय में इस बात पर संदेह जताया गया कि उनके बताए गए लक्षण वास्तव में वैक्सीन से जुड़े थे, क्योंकि क्लैप्टन 2013 में भी नसों की समस्या के कारण इसी प्रकार के लक्षण होने की बात कह चुके थे।<ref>{{cite news|last=Slate|first=Jeff|url=https://www.nbcnews.com/think/opinion/eric-clapton-s-covid-vaccine-conspiracies-mark-sad-final-act-ncna1281619|title=Eric Clapton's Covid vaccine conspiracies mark a sad final act|work=NBC News|date=15 October 2021}}</ref>
अगस्त 2021 में क्लैप्टन ने "This Has Gotta Stop" नामक गीत और उसका संगीत वीडियो जारी किया। इसे COVID-19 लॉकडाउन और टीकाकरण नीतियों के विरोध में बनाया गया गीत बताया गया, जिसमें नागरिक स्वतंत्रताओं के हनन संबंधी संदेश भी शामिल थे।<ref>{{Cite news|date=27 August 2021|first=Melissa|last=Ruggieri|title=Eric Clapton sings 'enough is enough' on new COVID policy protest song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.usatoday.com/story/entertainment/music/2021/08/27/eric-clapton-releases-covid-policy-protest-song-this-has-gotta-stop/5622559001/|access-date=29 August 2021|newspaper=USA Today}}</ref><ref>{{Cite magazine|date=27 August 2021|first=David|last=Browne|title=Eric Clapton Appears Frustrated With Covid-19 Vaccine on New Song 'This Has Gotta Stop'|url=https://www.rollingstone.com/music/music-news/eric-clapton-new-song-this-has-gotta-stop-1217935/|access-date=29 August 2021|magazine=Rolling Stone}}</ref><ref>{{Cite web|date=27 August 2021|title=Eric Clapton Releases Politically-Charged "This Has Gotta Stop"|website=Jambands.com|url=https://jambands.com/news/2021/08/27/eric-clapton-releases-new-song-this-has-gotta-stop-accompanying-video/|access-date=29 August 2021}}</ref>
मई 2022 में क्लैप्टन COVID-19 से संक्रमित पाए गए, जिसके कारण उन्हें अपने संगीत दौरे के कुछ कार्यक्रम रद्द करने पड़े।<ref>{{cite news|last=Andrew|first=Scottie|url=https://edition.cnn.com/2022/05/17/entertainment/eric-clapton-covid-tour-postponed-cec/index.html|title=Eric Clapton postpones some concert dates after testing positive for Covid-19|work=CNN|date=17 May 2022}}</ref>
=== गाज़ा युद्ध ===
नवंबर 2023 में गाज़ा युद्ध के दौरान क्लैप्टन ने "Voice of a Child" नामक गीत जारी किया। इसके साथ जारी किए गए वीडियो में गाज़ा पट्टी में हुए विनाश की तस्वीरें दिखाई गई थीं।<ref>{{Cite news|date=18 November 2023|title=Guitar icon Eric Clapton releases new song accompanied by Gaza imagery|newspaper=Ynetnews|url=https://www.ynetnews.com/culture/article/sjoddmle6|access-date=28 November 2023}}</ref>
दिसंबर 2023 में क्लैप्टन ने गाज़ा पट्टी के बच्चों की सहायता के लिए धन जुटाने हेतु एक चैरिटी कॉन्सर्ट आयोजित किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फ़िलिस्तीनी ध्वज के रंगों से रंगा हुआ गिटार बजाया।<ref>{{Cite web |date=17 January 2024 |title=Eric Clapton releases fundraising concert for Gaza kids, ignores hostages |url=https://www.jpost.com/israel-hamas-war/article-782583 |access-date=19 February 2024 |website=The Jerusalem Post |language=en |issn=0792-822X}}</ref>
== संपत्ति और परोपकार ==
=== धन-संपत्ति और संपत्तियाँ ===
2009 में, ''Surrey Life Magazine'' ने Eric Clapton को सरे (Surrey) के सबसे धनी निवासियों की सूची में 17वें स्थान पर रखा और उनकी कुल संपत्ति लगभग £120 मिलियन आँकी। इसमें उनकी आय, संपत्तियाँ, £9 मिलियन की यॉट ''Va Bene'' (जो पहले Bernie Ecclestone के स्वामित्व में थी), उनका संगीत कैटलॉग, टूरिंग आय तथा उनकी होल्डिंग कंपनी Marshbrook Ltd की कमाई शामिल थी।<ref>{{cite web|url=http://surrey.greatbritishlife.co.uk/article/surreys-richest-50-the-top-ten-2497/|title=Surrey's Richest 50; The Top Ten|last=Beresford|first=Philip|date=June 2009|work=Surrey Life Magazine|access-date=27 August 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20120130225722/http://surrey.greatbritishlife.co.uk/article/surreys-richest-50-the-top-ten-2497/|archive-date=30 January 2012|url-status=dead}}</ref>
2003 में उन्होंने पुरुष परिधानों की प्रसिद्ध दुकान Cordings Piccadilly में 50% हिस्सेदारी खरीदी। उस समय उसके मालिक Noll Uloth दुकान को बंद होने से बचाने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने Clapton से संपर्क किया, जिन्हें वे अपना “सबसे अच्छा ग्राहक” मानते थे।<ref name="Clapton rescues gentlemen's shop">{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/england/london/3528296.stm |title=Clapton rescues gentlemen's shop |publisher=BBC |date=2 August 2004 |access-date=25 February 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080214225813/http://news.bbc.co.uk/1/hi/england/london/3528296.stm |archive-date=14 February 2008 |url-status=live }}</ref>
=== कार संग्रह ===
[[File:FerrariSP12EC.jpg|thumb|right|[[Ferrari SP12 EC]], जिसे Ferrari के Special Projects कार्यक्रम के अंतर्गत Clapton के लिए बनाया गया था]] 1970 के दशक से Clapton स्वयं को “कार प्रेमी” मानते रहे हैं और उन्होंने कई बार [[Ferrari]] ब्रांड के प्रति अपना लगाव व्यक्त किया है।<ref>{{cite web|url=http://www.thisweekinmotors.com/the-many-cars-of-eric-slowhand-clapton|title=The Many Cars of Eric 'Slowhand' Clapton|publisher=This Week in Motors|access-date=20 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160902014806/http://www.thisweekinmotors.com/the-many-cars-of-eric-slowhand-clapton/|archive-date=2 September 2016|url-status=dead}}</ref> उनके पास कई Ferrari कारें रही हैं। 1989 में उन्होंने कहा था कि यदि उनके पास अधिक जगह होती तो वे एक बहुत बड़ा कार संग्रह रखते।<ref>{{cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=cqUH4Ylfkqw| archive-url=https://ghostarchive.org/varchive/youtube/20211027/cqUH4Ylfkqw| archive-date=27 October 2021|title=Desert Island Discs 1989 – Eric Clapton & Sue Lawley| date=23 July 2016|publisher=YouTube Network|access-date=20 August 2016}}{{cbignore}}</ref>
2010 में उन्होंने कहा कि Ferrari हमेशा से उनकी पसंदीदा कार कंपनी रही है और वे सड़क तथा Formula One रेसिंग दोनों में Ferrari का समर्थन करते हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=0BaJF1ED3XE|title=Eric Clapton interview on Ferrari.com|publisher=YouTube Network|access-date=20 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170101004120/https://www.youtube.com/watch?v=0BaJF1ED3XE|archive-date=1 January 2017|url-status=live}}</ref>
2012 में Ferrari ने उनके सम्मान में विशेष कार [[Ferrari SP12 EC]] तैयार की। 2013 में Clapton ने इसे इंग्लैंड के [[Goodwood Festival of Speed]] में प्रदर्शित किया।<ref>[https://www.autocar.co.uk/car-news/goodwood-festival-speed/eric-clapton-displays-one-ferrari-sp12-ec-goodwood "Eric Clapton displays one-off Ferrari SP12 EC at Goodwood"]</ref>
उनकी अन्य कारों में एक पुरानी [[Mini]] Cooper Radford भी शामिल रही, जो उन्हें [[George Harrison]] द्वारा उपहार में दी गई थी।<ref>{{cite web|url=http://equipboard.com/items/vintage-mini-cooper-radford-harrison-clapton|archive-url=https://web.archive.org/web/20160820101701/http://equipboard.com/items/vintage-mini-cooper-radford-harrison-clapton|url-status=dead|archive-date=20 August 2016|title=Vintage Mini Cooper Radford Harrison/Clapton|publisher=Equipboard, Inc.|access-date=20 August 2016}}</ref>
=== परोपकारी कार्य ===
1993 में Clapton को ब्रिटेन के नशा मुक्ति केंद्र [[Clouds House]] का निदेशक नियुक्त किया गया और वे 1997 तक इसके बोर्ड में रहे।<ref>{{cite web|url=http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-02116410|title=Company Check, List of Directors of UK Companies and Organizations: Eric Patrick Clapton, Director, Clouds House|work=Company Check|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150903223202/http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-02116410|archive-date=3 September 2015|url-status=dead}}</ref> वे 1994 से 1999 तक The Chemical Dependency Centre के निदेशक मंडल में भी रहे।<ref>{{cite web|url=http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-01880505|title=Company Check, List of Directors of UK Companies and Organizations, Eric Patrick Clapton, Director, The Chemical Dependency Centre|work=Company Check|access-date=22 September 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150903223202/http://companycheck.co.uk/director/906976436/MR-ERIC-PATRICK-CLAPTON#anchor-resigned-01880505|archive-date=3 September 2015|url-status=dead}}</ref>
1998 में उन्होंने एंटीगुआ में [[Crossroads Centre]] की स्थापना की, जो नशे और शराब की लत से पीड़ित लोगों की सहायता करता है।<ref>{{cite web|url=http://crossroadsantigua.org/ |title=Crossroads Centre Antigua, Official website |publisher=Crossroadsantigua.org |access-date=3 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110422215845/http://crossroadsantigua.org/ |archive-date=22 April 2011 |url-status=dead }}</ref> इसके लिए धन जुटाने हेतु उन्होंने [[Crossroads Guitar Festival]] का आयोजन 1999, 2004, 2007, 2010, 2013, 2019 और 2023 में किया।<ref>{{cite web |url=http://crossroadsguitarfestival.com/ |title=Crossroads Guitar Festival, Official website |publisher=Crossroadsguitarfestival.com |date=8 April 2013 |access-date=3 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110708205032/http://www.crossroadsguitarfestival.com/ |archive-date=8 July 2011 |url-status=dead }}</ref>
1999 में उन्होंने अपनी कई गिटारों की नीलामी कर लगभग 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए।<ref name=":0" /> 2004 में Christie's में आयोजित दूसरी नीलामी में 7.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि जुटाई गई।<ref name="cdqimo" />
2011 में उन्होंने न्यूयॉर्क में 150 से अधिक वस्तुओं की नीलामी की, जिनकी आय Crossroads Centre को दी गई। इनमें उनके प्रसिद्ध गिटार, एम्प्लीफायर तथा अन्य संगीत उपकरण शामिल थे।<ref>{{cite web |url=http://iknowjack.radio.com/2010/12/10/eric-clapton-will-auction-vintage-guitars-amps-for-his-crossroads-centre/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20101213164850/http://iknowjack.radio.com/2010/12/10/eric-clapton-will-auction-vintage-guitars-amps-for-his-crossroads-centre/ |url-status=dead |archive-date=13 December 2010 |title=Eric Clapton Will Auction Vintage Guitars & Amps For His Crossroads Centre }}</ref>
Clapton ने मानवाधिकार संगठन [[Amnesty International]] के समर्थन में आयोजित ''The Secret Policeman's Ball'' कार्यक्रमों में भी प्रदर्शन किया।<ref name="performers">{{cite news |title=Remember the Secret Policeman's Ball? |url=https://www.bbc.co.uk/programmes/b0074qw2 |access-date=21 August 2019 |publisher=BBC |archive-url=https://web.archive.org/web/20190822115518/https://www.bbc.co.uk/programmes/b0074qw2 |archive-date=22 August 2019 |url-status=live }}</ref>
वे [[The Prince's Trust]] नामक ब्रिटिश युवा सहायता संस्था के साथ भी जुड़े रहे हैं और उसके चैरिटी कॉन्सर्ट्स में कई बार भाग ले चुके हैं।<ref>{{cite news|title=Queen rock Prince's Trust charity gala |date=18 November 2010 |url=https://www.bbc.co.uk/news/entertainment-arts-11765976 |work= BBC News |access-date= 30 April 2024 }}</ref>
=== फुटबॉल ===
Clapton अंग्रेज़ी फुटबॉल क्लब [[West Bromwich Albion]] के समर्थक हैं।<ref name="West Brom"/> 1982 में उन्होंने क्लब खिलाड़ी [[John Wile]] के सम्मान समारोह से पहले एक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 1970 के दशक के अंत में उन्होंने अपने एल्बम ''[[Backless]]'' के पीछे West Bromwich Albion का स्कार्फ भी प्रदर्शित किया था।<ref>{{cite web|url=http://www.birminghammail.co.uk/sport/football/football-news/revealed-west-bromwich-albions-most-7817282/|title=West Bromwich Albion's famous supporters|work=Birmingham Mail|date=23 June 2015|access-date=26 October 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20170505071908/http://www.birminghammail.co.uk/sport/football/football-news/revealed-west-bromwich-albions-most-7817282|archive-date=5 May 2017|url-status=live}}</ref>
1978–79 सत्र में उन्होंने West Brom के UEFA Cup मैच को भी प्रायोजित किया था।<ref name="West Brom">{{cite magazine|title=Throwback Thursday: The West Brom Match Sponsored By Eric Clapton (September 27, 1978)|url=https://www.pastemagazine.com/articles/2015/10/throwback-thursday-the-west-brom-match-sponsored-b.html|magazine=Paste Magazine|date=26 October 2016|access-date=26 October 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20161026233457/https://www.pastemagazine.com/articles/2015/10/throwback-thursday-the-west-brom-match-sponsored-b.html|archive-date=26 October 2016|url-status=live}}</ref>
== पुरस्कार और सम्मान ==
==Awards and honours==
{| class="wikitable"
|-
! Year
! Award / Recognition
|-
|align=center|'''1983'''
|
Presented the [[Silver Clef Award]] from [[Princess Michael of Kent]] for outstanding contribution to British music.<ref name="crossroads">Michael Schumacher, [https://books.google.com/books?id=rrFJmTceXX4C&pg=PA145 ''Crossroads: The Life and Music of Eric Clapton''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230810045109/https://books.google.com/books?id=rrFJmTceXX4C&pg=PA145 |date=10 August 2023 }}. Consulted on 12 August 2007.</ref>
|-
|align=center|'''1985'''
|
Presented the [[BAFTA]] for Best Original Television Music for Score of ''[[Edge of Darkness]]'' with [[Michael Kamen]].<ref>{{cite web
| title = Awards Database – The BAFTA site
| work = [[BAFTA]]
| url = http://www.bafta.org/awards-database.html?year=1985&category=Television&award=Original+Television+Music
| access-date = 10 October 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20120127125152/http://www.bafta.org/awards-database.html?year=1985&category=Television&award=Original+Television+Music
| archive-date = 27 January 2012
| url-status = live
}}</ref>
|-
|align=center|'''1992'''
|
Presented the [[Ivor Novello Award]] for Lifetime Achievement from the [[British Academy of Songwriters, Composers and Authors]].<ref name="Ivors Lifetime"/>
|-
|align=center|'''1993'''
|
"Tears in Heaven" won three Grammy Awards for Song of the Year, Record of the Year, and Male Pop Vocal Performance. Clapton also won Album of the Year and Best Rock Vocal Performance for ''Unplugged'' and Best Rock Song for "Layla".<ref>{{cite news
| title = 1993 Grammy Winners
| work = The New York Times
| date = 26 February 1993
| url = https://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9F0CE3DB133CF935A15751C0A965958260
| access-date = 20 August 2008
| archive-date = 10 August 2023
| archive-url = https://web.archive.org/web/20230810045058/https://www.nytimes.com/1993/02/26/arts/1993-grammy-winners.html
| url-status = live
}}</ref>
|-
|align=center|'''1995'''
|
Made an [[Officer of the Order of the British Empire]] (OBE) for services to music, as part of the 1995 New Year Honours list.<ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Supplement to The London Gazette: 1995 New Year Honours list |url=https://www.thegazette.co.uk/London/issue/53893/supplement/11 |work=The Gazette |location=London |date=30 December 1994 |access-date=17 September 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151015223238/https://www.thegazette.co.uk/London/issue/53893/supplement/11 |archive-date=15 October 2015 |url-status=live }}</ref>
|-
| align=center|'''2000'''
|
Inducted into the Rock and Roll Hall of Fame for the third time, this time as a solo artist. He was earlier inducted as a member of the bands Cream and the Yardbirds.<ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/555396.stm |title=Clapton's Hall of Fame hat-trick |work=BBC News |date=8 December 1999 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20040326073501/http://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/555396.stm |archive-date=26 March 2004 |url-status=live }}</ref>
|-
|align=center|'''2004'''
|
Promoted to [[Commander of the Order of the British Empire]] (CBE), receiving the award from the [[Anne, Princess Royal|Princess Royal]] at Buckingham Palace as part of the 2004 New Year Honours list.<ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/3357011.stm |title=CBEs – full list |work=BBC News |date=31 December 2003 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070124230614/http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk/3357011.stm |archive-date=24 January 2007 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite news |url=https://news.bbc.co.uk/1/hi/entertainment/3977571.stm |title=Musician Clapton delighted by CBE |work=BBC News |date=3 November 2004 |access-date=22 August 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111105013120/http://news.bbc.co.uk/2/hi/entertainment/3977571.stm |archive-date=5 November 2011 |url-status=live }}</ref>
|-
|align=center|'''2006'''
|
Awarded the [[Grammy Lifetime Achievement Award]] as a member of Cream.<ref name="Lifetime Achievement Award1">{{cite web|url=http://www.grammy.org/recording-academy/awards/lifetime-awards|title=Lifetime Achievement Award|year=2012|publisher=The Recording Academy. National Academy of Recording Arts and Sciences|access-date=27 September 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20170703201633/https://www.grammy.org/recording-academy/awards/lifetime-awards|archive-date=3 July 2017|url-status=live}}</ref>
|-
|align=center|'''2015'''
|
An asteroid, [[4305 Clapton]], is named after him.
|-
|align=center|'''2017'''
|
Made a {{lang|fr|Commandeur}} of the {{Lang|fr|[[Ordre des Arts et des Lettres]]|italic=no}} of France<ref>{{cite web | url=http://www.whereseric.com/eric-clapton-news/303-france-honors-eric-clapton | title=France Honors Eric Clapton | work=Where's Eric! The Eric Clapton Fan Club Magazine | date=27 May 2017 | access-date=2 June 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170531024401/http://www.whereseric.com/eric-clapton-news/303-france-honors-eric-clapton | archive-date=31 May 2017 | url-status=dead }}</ref>
|}
==डिस्कोग्राफी==
===सोलो स्टूडियो एल्बम===
{{columns-list|colwidth=30em|
*''Eric Clapton'' (1970)
*''461 Ocean Boulevard'' (1974)
*''There's One in Every Crowd'' (1975)
*''No Reason to Cry'' (1976)
*''Slowhand'' (1977)
*''Backless'' (1978)
*''Another Ticket'' (1981)
*''Money and Cigarettes'' (1983)
*''Behind the Sun'' (1985)
*''August'' (1986)
*''Journeyman'' (1989)
*''From the Cradle'' (1994)
*''Pilgrim'' (1998)
*''Reptile'' (2001)
*''Me and Mr. Johnson'' (2004)
*''Sessions for Robert J'' (2004)
*''Back Home'' (2005)
*''Clapton'' (2010)
*''Old Sock'' (2013)
*''I Still Do'' (2016)
*''Happy Xmas'' (2018)
*''Meanwhile'' (2024)
}}
===सहयोगात्मक स्टूडियो एल्बम===
*''[[राइ hu lडिंग विद द किंग (बी.बी. किंग और एरिक क्लैप्टन एल्बम)|राइडिंग विद द in seकिंग]]'' (बी.बी. किंग के साथ) (2000)
*''[[द रोड टू एस्कोन्डिडो]]'' ([[जे. जे. केल]] के साथ) (2006)
*''[[द ब्रीज़: एन एप्रिसिएशन ऑफ जे. जे. केल]]'' (एरिक क्लैप्टन और दोस्तों द्वारा) (2014)
== यह भी देखें ==
[[कॉर्डिंग्स]], एक कपड़ों की कंपनी जिसके वे मालिक रहे हैं
[[ब्रिटिश ग्रैमी विजेताओं और नामांकित व्यक्तियों की सूची]]
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वार्ता:लियोनेल मेस्सी
1
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The Sorter
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/* स्थानान्तरण अनुरोध 25 अक्टूबर 2025 */ सन्दर्भ जोड़े
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text/x-wiki
== स्थानान्तरण अनुरोध 25 अक्टूबर 2025 ==
{{नाम बदलें/dated|लियोनेल मेसी}}
[[:लियोनेल मेस्सी]] → {{no redirect|लियोनेल मेसी}} – नाम में डबल [[स]] (स्स) अनावश्यक है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/articles/ckgllvkn4lmo.amp|title=मेसी के कोलकाता कार्यक्रम में बवाल, ममता बनर्जी ने जांच समिति बनाई तो बीजेपी ने साधा निशाना|website=BBC हिन्दी|date=13 दिसंबर 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/other-news/lionel-messi-promise-to-delhi-gracias-delhi-hasta-pronto-wave-of-excitement-among-fans/amp_articleshow/125995645.cms|title=मेसी ने दिल्ली वालों से किया दोबारा मिलने का वादा, स्पेनिश में बोले- ग्रासियस दिल्ली|website=नवभारत टाइम्स|date=16 दिसंबर 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.dw.com/hi/police-detain-organiser-of-messi-visit-after-indian-fans-rip-up-seats/a-75142719|title=फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी का कोलकाता इवेंट हुआ 'मेसी'|website=DW हिन्दी|date=13.12.2025}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:37, 25 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, समीक्षा करें
:स्पेनिश भाषा के उच्चारण के अनुसार 'Messi' में 'ss' का उच्चारण एकल 'स' की तरह होता है इसके लिए संदर्भ [https://www.google.co.in/books/edition/Series_13_Sports/YglxBgAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B2+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%80%22&pg=PA50&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Current_Affairs_November_2015_eBook_Hind/UxwZCwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B2+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%80%22&pg=PA154&printsec=frontcover] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:41, 10 मई 2026 (UTC)
== more ==
[https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html Messi scores but Inter Miami loses to Saudi Arabian team Al-Hilal in friendly] [[सदस्य:TrendingsS|TrendingsS]] ([[सदस्य वार्ता:TrendingsS|वार्ता]]) 09:37, 30 जनवरी 2024 (UTC)
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The Sorter
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text/x-wiki
== स्थानान्तरण अनुरोध 25 अक्टूबर 2025 ==
{{नाम बदलें/dated|लियोनेल मेसी}}
[[:लियोनेल मेस्सी]] → {{no redirect|लियोनेल मेसी}} – नाम में डबल [[स]] (स्स) अनावश्यक है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/articles/ckgllvkn4lmo.amp|title=मेसी के कोलकाता कार्यक्रम में बवाल, ममता बनर्जी ने जांच समिति बनाई तो बीजेपी ने साधा निशाना|website=BBC हिन्दी|date=13 दिसंबर 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/other-news/lionel-messi-promise-to-delhi-gracias-delhi-hasta-pronto-wave-of-excitement-among-fans/amp_articleshow/125995645.cms|title=मेसी ने दिल्ली वालों से किया दोबारा मिलने का वादा, स्पेनिश में बोले- ग्रासियस दिल्ली|website=नवभारत टाइम्स|date=16 दिसंबर 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.dw.com/hi/police-detain-organiser-of-messi-visit-after-indian-fans-rip-up-seats/a-75142719|title=फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी का कोलकाता इवेंट हुआ 'मेसी'|website=DW हिन्दी|date=13 दिसंबर 2025}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:37, 25 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, समीक्षा करें
:स्पेनिश भाषा के उच्चारण के अनुसार 'Messi' में 'ss' का उच्चारण एकल 'स' की तरह होता है इसके लिए संदर्भ [https://www.google.co.in/books/edition/Series_13_Sports/YglxBgAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B2+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%80%22&pg=PA50&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Current_Affairs_November_2015_eBook_Hind/UxwZCwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B2+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%80%22&pg=PA154&printsec=frontcover] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:41, 10 मई 2026 (UTC)
== more ==
[https://www.mix-trending.com/2024/01/messi-scores-but-inter-miami-loses-to.html Messi scores but Inter Miami loses to Saudi Arabian team Al-Hilal in friendly] [[सदस्य:TrendingsS|TrendingsS]] ([[सदस्य वार्ता:TrendingsS|वार्ता]]) 09:37, 30 जनवरी 2024 (UTC)
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{{Infobox Football biography 2
| playername = Arsène Wenger
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| fullname =
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| goals3= 0<ref>{{cite web | url=http://www.racingstub.com/page.php?page=joueur&id=101 | title=Arsène Wenger profile | work=Racingstub, unofficial RC Strasbourg site | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090822193825/http://www.racingstub.com/page.php?page=joueur&id=101 | archive-date=22 अगस्त 2009 | url-status=dead }}</ref>
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| managerclubs4 = [[Arsenal F.C.|Arsenal]]
}}
'''आर्सेन वेंजर''', OBE<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/2988090.stm |title=2003 Queen's birthday honours announced |work=बीबीसी न्यूज़ |date=14 जून 2003 |accessdate=1 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100619083654/http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/2988090.stm |archive-date=19 जून 2010 |url-status=live }}</ref> ({{IPA-fr|aʁsɛn vɛnɡɛʁ}}; जन्म 22 अक्टूबर 1949 [[स्ट्रासबर्ग]]) एक [[फ़्रांस|फ्रांसीसी]] फुटबॉल प्रबंधक हैं, जो (1996-2018) के बाद से इंग्लिश प्रीमियर लीग खेलने वाली टीम आर्सेनल का प्रबंधन कर रहे हैं।<ref name="arsenal_profile">{{cite web
| url = http://www.arsenal.com/first-team/coaching-staff/ars-ne-wenger
| title = Arsène Wenger
| 3 = Coaching Staff
| 4 = First Team
| 5 = Arsenal.com
| publisher = Arsenal.com
| accessdate = 5 मार्च 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20150318100708/http://www.arsenal.com/first-team/coaching-staff/ars-ne-wenger
| archive-date = 18 मार्च 2015
| url-status = live
}}</ref> वे ट्रॉफीयों के सन्दर्भ में आर्सेनल के इतिहास में सबसे सफल प्रबंधक हैं और साथ ही क्लब में सबसे लम्बे समय तक रहने वाले प्रबंधक भी हैं।<ref name="arsenal_profile" /><ref>कार्यकाल के शब्दों में, जोर्ज एलिसन का 1934 से 1947 तक 13 सालों के लिए आर्सेनल का इंचार्ज होना, वेंजर के 12½ (मार्च 2009 को) से अधिक है, लेकिन एलिसन की अवधि में दूसरा विश्व युद्ध शामिल है और इस प्रकार से वेंजर ने अधिक मैच देखें हैं।
</ref>
वेंजर इंग्लैण्ड में दोहरी जीत प्राप्त करने वाले पहले गैर-ब्रिटिश प्रबंधक थे, उन्होंने ऐसा 1998 और 2002 में किया।
2004 में, वे एफ ए प्रीमियर लीग के इतिहास में एकमात्र प्रबंधक बन गए जिन्होंने पूरे दौरे के दौरान बिना किसी हार के सिर्फ जीत हासिल की.
वेंजर को A मोनेको और आर्सेनल में मिली सफलता के बाद दुनिया के सर्वोत्तम ए एस प्रबंधकों में से एक माना जाने लगा है।
आर्सेनल के पूर्व उपचेयरमेन डेविड डीन ने उन्हें "अदभुत कार्यकर्ता" बताया है, क्योंकि फुटबॉल के क्षेत्र में उनका प्रबंधन और कुशलता अतुल्य है।<ref>{{cite news | url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/leagues/premierleague/arsenal/3018234/Arsenal-sign-Wenger-with-expert-timing.html | title=Wenger, an expert of timing | work=telegraph.co.uk | location=London | first=Henry | last=Winter | date=6 दिसम्बर 2001 | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090126204146/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/leagues/premierleague/arsenal/3018234/Arsenal-sign-Wenger-with-expert-timing.html | archive-date=26 जनवरी 2009 | url-status=live }}</ref>
वेंजर के पास स्ट्रासबर्ग विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एक डिग्री और [[अर्थशास्त्र]] में मास्टर डिग्री प्राप्त की है<ref>{{cite web | url=http://www.football365.com/story/0,17033,8750_1547289,00.html | title=A few things you may not know about Arsène Wenger | work=Football365.com | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090209011822/http://www.football365.com/story/0%2C17033%2C8750_1547289%2C00.html | archive-date=9 फ़रवरी 2009 | url-status=dead }}</ref> वे [[फ़्रांसीसी भाषा|फ्रांसीसी]], [[जर्मन भाषा|जर्मन]] और [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] भाषाओं में धाराप्रवाह हैं; वे कुछ [[इतालवी भाषा|इतालवी]], [[स्पेनिश भाषा|स्पेनिश]] और [[जापानी भाषा|जापानी]] भी बोल लेते हैं।<ref>{{cite web| url=http://www.bbc.co.uk/bbcfour/documentaries/profile/amy-lawrence.shtml| title=Amy Lawrence Q&A on Arsène Wenger| work=bbc.co.uk| access-date=7 अक्तूबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20110219055708/http://www.bbc.co.uk/bbcfour/documentaries/profile/amy-lawrence.shtml| archive-date=19 फ़रवरी 2011| url-status=live}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और उद्यम ==
अलफोंस और पत्नी लुईस के पुत्र, आर्सेन चार्ल्स अर्नेस्ट वेंजर का जन्म स्ट्रासबर्ग में हुआ और वे अपनी एक बड़ी बहन और भाई के साथ पास ही के एक गांव दत्तलहेम में बड़े हुए.
उसके माता पिता का स्ट्रासबर्ग में ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स का व्यापार था, साथ ही दत्तलहेम में ''ला क्रोइक्स दी'ओर'' नामक एक बिस्तरो भी था। इस ''ला क्रोइक्स दी'ओर'' के बारे में उन्होंने लीग मेनेजर एसोसिएशन में बताया:{{Quote|"There is no better psychological education than growing up in a pub... I learned about tactics and selection from the people talking about football in the pub – who plays on the left wing and who should be in the team."|Wenger on his childhood.<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/football/2009/sep/25/arsene-wenger-arsenal-pub|title=I owe everything to growing up above a pub, says Arsène Wenger|last=Hytner|first=David|date=25 सितंबर 2009|work=द गार्डियन|accessdate=2009-09-28|location=London|archive-url=https://web.archive.org/web/20090928065553/http://www.guardian.co.uk/football/2009/sep/25/arsene-wenger-arsenal-pub|archive-date=28 सितंबर 2009|url-status=live}}</ref>}}
वेंजर ने पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी एनी ब्रोस्टरहूस के साथ शादी की है, जिनसे उनकी एक बेटी है, वह वर्तमान में [[टॉटरिज]] [[लंदन]] में रह रही है।<ref name="rees-guardian">{{cite news
| url=http://www.guardian.co.uk/football/2003/aug/18/sport.comment
| title=Inside the mind of Arsene Wenger (excerpt from Wenger: The Making of a Legend by Jasper Rees)
| author=Jasper Rees
| work=द गार्डियन
| date=18 अगस्त 2003
| location=London
| access-date=7 अक्तूबर 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20100304144614/http://www.guardian.co.uk/football/2003/aug/18/sport.comment
| archive-date=4 मार्च 2010
| url-status=live
}}</ref><ref>{{cite news
| url=http://www.guardian.co.uk/football/2006/oct/01/sport.comment1
| title=French lessons
| work=The Observer
| author=Amy Lawrence
| date=1 अक्टूबर 2006
| location=London
| access-date=7 अक्तूबर 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20111102181717/http://www.guardian.co.uk/football/2006/oct/01/sport.comment1
| archive-date=2 नवंबर 2011
| url-status=live
}}</ref>
वे [[फ़ीफा विश्व कप|फीफा (FIFA) विश्व कप]] स्पोंसर कैस्ट्रॉल के लिए एक विश्वस्तरीय ब्रांड एंबेसेडर भी हैं और अपनी व्यवस्था के एक भाग के रूप में उन्होंने दुनिया भर की कई अंतर्राष्ट्रीय युवा टीमों के लिए कई प्रशिक्षण कैम्प भी चलाये हैं और फीफा की अधिकारिक रेटिंग प्रणाली, कैस्ट्रॉल प्रदर्शन सूचकांक के लिए सलाह और इनपुट भी उपलब्ध करते रहे हैं, जो इस प्रणाली की स्थापना के बाद से अधिकारिक फीफा टूर्नामेंट में खिलाड़ी की रेटिंग के मापन के लिए प्रयुक्त की जाती है।<ref>{{cite web|url=http://www.castrol.com/castrol/genericarticle.do?categoryId=8278043&contentId=7052191|title=Arsène Wenger signs for Castrol|publisher=[[Castrol|Castrol India]]|date=2009-03-25|accessdate=2009-08-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20130130142606/http://www.castrol.com/castrol/genericarticle.do?categoryId=8278043&contentId=7052191|archive-date=30 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.themalaysianinsider.com/index.php/sports/29031-educate-coaches-and-young-players--arsene-wenger|title=Educate coaches and young players – Arsene Wenger|publisher=[[The Malaysian Insider]]|date=2008-06-09|accessdate=2009-08-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20150917134214/http://www.themalaysianinsider.com/index.php/sports/29031-educate-coaches-and-young-players--arsene-wenger|archive-date=17 सितंबर 2015|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.fcbusiness.co.uk/index.php?option=com_content&task=view&id=93&Itemid=1|title=An interview with Arsene Wenger|publisher=FC Business|accessdate=2009-08-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20080516224132/http://www.fcbusiness.co.uk/index.php?option=com_content&task=view&id=93&Itemid=1|archive-date=16 मई 2008|url-status=dead}}</ref>
उन्होंने विशेष रूप से जापानी बाजार के लिए फुटबॉल प्रबंधन पर एक किताब भी लिखी है, {{nihongo|''Shōsha no Spirit''|勝者のエスプリ|Shōsha no Esupuri|lit. ''The Spirit of Conquest'' in [[English language|English]] and ''L'esprit conquérant'' in [[French language|French]]}}, जिसका प्रकाशन [[जापान]] ब्रोडकास्ट पब्लिशिंग ([[एनएचके|एन एच के]] की एक सब्सिडरी) के द्वारा सितम्बर 1997 में किया गया, जिसमें उन्होंने अपने प्रबंधकीय दर्शन, आदर्श और मूल्यों पर प्रकाश डाला है और साथ ही उन्होंने इस खेल के बारे में और जापानी फुटबॉल के बारे में अपने विचार भी प्रस्तुत किये हैं।<ref name="rees-guardian" /><ref>{{cite web|url=http://www.amazon.co.jp/gp/switch-language/product/4140803215/ref=dp_change_lang?ie=UTF8&language=en_JP|title=Amazon.co.jp: 勝者のエスプリ: アーセン ベンゲル, Ars`ene Wenger: 本|publisher=[[Amazon.com|Amazon Japan]]|accessdate=2009-09-02}}</ref>
== प्रारंभिक कैरियर ==
वेंजर ने अपनी अधिकांश युवावस्था को फुटबॉल खेलने में और एफ सी दत्तलहेम की घरेलू टीम में मैचों के आयोजन में बिताया, जहां उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में अपनी पहली टीम बनायी और बाद में इसकी भर्ती टीम के प्रबंधक मेक्स हिल्द के द्वारा पास ही के तीसरे डिविजन क्लब ए एस मुतज़िग में कर ली गयी, जो वेंजर के बाद के कैरियर में प्रबंधन के फैसले पर उसका संरक्षक बन गया और जिसकी टीम एल्सेक में "सर्वश्रेष्ठ शौकिया फुटबॉल" खेलने वाली टीम बन गयी।<ref name="rees-guardian" />
वेंजर का खेल कैरियर मामूली था। उन्होंने रॉबर्ट शुमेन विश्वविद्यालय के Institut Européen d'Etudes Commerciales Supérieures de Strasbourg में अध्ययन करते हुए कई शौकिया क्लबों के लिए एक रक्षक के रूप में खेला, जहां उन्होंने 1971 में मास्टर डिग्री ली.
वेंजर 1978 में पेशेवर बन गए, उन्होंने अपनी शुरुआत मोनेको के खिलाफ आर सी स्ट्रासबर्ग के लिए की.<ref>{{Cite web |url=http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_19960917/ai_n14068271 |title=फूटबाल: मुत्ज़िग से हाइबरी तक: आर्सेन वेंजर का एक संक्षिप्त इतिहास{{!}} स्वतंत्रt, (लन्दन) {{!}} BNET.com पर आर्टिकल खोजें |access-date=7 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090104030210/http://findarticles.com/p/articles/mi_qn4158/is_19960917/ai_n14068271 |archive-date=4 जनवरी 2009 |url-status=dead }}</ref>
उन्होंने टीम के लिए केवल 12 प्रदर्शन किये, इसमें से दो ऐसे थे जो उन्होंने 1978–79 में लीग 1 टाइटल के रूप में जीते थे और एक बार इसी दौरे में यू ई एफ ए कप जीता.
1981 में, उन्होंने मेनेजर डिप्लोमा लिया और उन्हें क्लब की युवा टीम का कोच नियुक्त किया गया।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/2984744.stm|title=Profile: Arsene Wenger|publisher=बीबीसी न्यूज़|date=12 जून 2003|accessdate=24 फ़रवरी 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20070203150852/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/2984744.stm|archive-date=3 फ़रवरी 2007|url-status=live}}</ref>
स्ट्रासबर्ग में उनके कार्यकाल के बाद, वेंजर 1983 में सहायक प्रबंधक के रूप में ए एस केनेज में नियुक्त किये गए।<ref>{{cite news|url=http://www.guardian.co.uk/football/2006/may/14/sport.comment|title=The French revolutionary|author=Jason Cowley|work=[[The Observer]]|date=2006-05-14|accessdate=2009-09-02|location=London|archive-url=https://web.archive.org/web/20111020205544/http://www.guardian.co.uk/football/2006/may/14/sport.comment|archive-date=20 अक्तूबर 2011|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=http://soccernet.espn.go.com/players/manager?id=5&cc=4716|title=Arsene Wenger|publisher=[[ESPN Soccernet]]|accessdate=2009-09-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20101030170654/http://soccernet.espn.go.com/players/manager?id=5&cc=4716|archive-date=30 अक्तूबर 2010|url-status=live}}</ref>
== प्रबंधकीय कैरियर ==
[[चित्र:Arsene Wenger 2.jpg|150px|right|thumb|1 मई 2007 को 2006–07 के घरेलू सीजन के बाद भीड़ का धन्यवाद करते हुए वेंजर]]
वेंजर ने अपना पहला वरिष्ठ कार्य नेनसी में किया, जहां उन्होंने 1984 में काम करना शुरू किया था, लेकिन उन्होंने वहां बहुत कम सफलता प्राप्त की: उनके तीसरे और अंतिम सीज़न इन्चार्ज के दौरान, नेनसी ने 19 वां दौरा पूरा किया और फ़्रांसिसी फुटबॉल के दूसरे स्तर के लिए इसे चुना गया (अब लीग 2).
उनका प्रबंधकीय कैरियर बहुत दूर चला गया जब वे 1987 में ए एस मोनेको के प्रबंधक बन गए।
उन्होंने 1988 में लीग को जीता (उनका पहला सीज़न इनचार्ज) और 1991 में फ्रेंच कप जीता और बहुत ज्यादा क्षमता वाले खिलाडियों को साइन किया जैसे ग्लेन होडल, जॉर्ज वे और जुरगन क्लिंसमेन. उन्होंने स्ट्रासबर्ग से 23 वर्ष के यूरी ड्जोरकाफ को भी साइन किया; जो भविष्य में विश्व कप विजेता बने और फ़्रांस में वेंजर के अंतिम सीज़न के दौरान लीग 1 में संयुक्त शीर्ष गोल स्कोर पूरा किया (20 गोल के साथ). बेयर्न मुनिच में प्रबंधन की भूमिका के लिए चुनी गयी सूची में वेंजर को भी चुना गया, लेकिन वे यह काम नहीं कर पाए क्योंकि मोनेको बोर्ड ने उन्हें वेंजर से बात करने की इजाजत नहीं दी और जब इस पद पर किसी की भर्ती कर ली गयी उसके बाद ही वेंजर को मुक्त किया गया।<ref>आर्सेन वेंजर जेवियर रिवोयरे के द्वारा जीवनी</ref>
उन्होंने [[जापान|जापानी]] जे. लीग टीम नागोया ग्रेम्पस आठ के साथ 18 माह का सफल कार्यकाल बिताया, जिनके साथ उन्होंने नेशनल कप प्रतिस्पर्धा में एम्परर कप जीता.
वे क्लब को लीग में नीचे की तीन स्थितियों से आगे बढ़ाकर रनर-अप की स्थिति में ले आये.<ref name="espnsoccernet">{{cite web| url=http://soccernet.espn.go.com/players/manager?id=5| title=ESPNsoccernet: Arsene Wenger| work=ESPNsoccernet| accessdate=2006-12-26| archive-url=https://web.archive.org/web/20101127203615/http://soccernet.espn.go.com/players/manager?id=5| archive-date=27 नवंबर 2010| url-status=live}}</ref>
क्लब में उनकी सफलता के कारण उन्होंने 1995 में जे लीग मेनेजर ऑफ़ द इयर का अवार्ड जीता, वे इस अवार्ड को जीतने वाले पहले विदेशी प्रबंधक थे।<ref>{{cite web|url=http://www.premierleague.com/page/ManagerProfile|title=Manager Profile: Arsene Wenger|publisher=[[Premier League]]|accessdate=2009-11-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20100213110334/http://www.premierleague.com/page/ManagerProfile|archive-date=13 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref> ग्रेम्पस में, उन्होंने पूर्व वैलेंसिएन्नेस प्रबंधक बोरो प्रिमोरेक को अपने सहायक (असिस्टेंट) के रूप में काम पर रखा, जिनसे वे ओलम्पिक डे-मार्सिले के 1993 के मैच फिक्सिंग स्केंडल के दौरान मिले थे।
वेंजर, जिनका लम्बे समय तक यह मानना था कि मार्सिले ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहे थे, ने पूरी तरह से बोस्निया के कोच का समर्थन किया, जब वे अपने आप को किसी भी गलती के आरोप से बचने की कोशिश कर रहे थे (अंततः सफलता के साथ). प्रिमोरेक आने वाले कई सालों में वेंजर के "दायें हाथ की तरह काम करने वाले व्यक्ति" रहे और अभी भी उन्होंने यह स्थिति बनायी हुई है।<ref>{{Cite web |url=http://sport.independent.co.uk/football/premiership/article1772317.ece |title=द इन्डिपेनडेंट– टेन इयर्स ऑफ़ वेंजर: कैसे उन्होंने फ़्रांसिसी क्रांति में हिस्सा लिया। |access-date=7 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20071014010108/http://sport.independent.co.uk/football/premiership/article1772317.ece |archive-date=14 अक्तूबर 2007 |url-status=dead }}</ref>
तभी वेंजर तत्कालीन आर्सेनल वाइस-चेयरमेन डेविड डीन के मित्र बन गए, वे आपस में तब मिले थे जब वेंजर ने 1988 में आर्सेनल और क्वीन्स पार्क रेंजर्स के बीच एक मैच में हिस्सा लिया था।<ref>{{cite web | url=http://www.arsenal.com/article.asp?article=420866&lid=&sub=Ten+Years+of+Wenger:+a+week+of+celebration&sublid=&Title=Ten+Years+of+Wenger:+a+week+of+celebration&f=rss | title=Ten Years of Wenger: a week of celebration | work=Arsenal.com | accessdate=2006-10-09 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070930211702/http://www.arsenal.com/article.asp?article=420866&lid=&sub=Ten+Years+of+Wenger:+a+week+of+celebration&sublid=&Title=Ten+Years+of+Wenger:+a+week+of+celebration&f=rss | archive-date=30 सितंबर 2007 | url-status=dead }}</ref>
अगस्त 1996 में ब्रूस रिओच के बर्खास्त हो जाने के बाद, जेरार्ड होलियर और फ़्रांसिसी फुटबॉल फेडरेशन के तत्कालीन तकनीकी निदेशक, ने वेंजर से 1996 की गर्मियों में डेविड डीन के लिए सिफारिश की.<ref>{{cite news | url=http://www.timesonline.co.uk/article/0, | title=Regrets? I've had more than a few, says title-chasing Wenger | work=Times Online | accessdate=2006-10-23 | location=London | first=Tom | last=Dart | date=7 अक्टूबर 2006 | archive-date=24 जुलाई 2008 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080724151913/http://www.timesonline.co.uk/article/0 | url-status=dead }}</ref> आर्सेनल ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि 28 सितम्बर 1996 को कर दी और उन्होंने 1 अक्टूबर को अधिकारिक तौर पर बागडोर संभाल ली. वेंजर [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|संयुक्त राष्ट्र]] के बाहर से आर्सेनल के पहले प्रबंधक थे। हालांकि वे इससे पहले फुटबॉल एसोसिएशन के संभावित तकनीकी निदेशक रह चुके थे, जहां एक ओर वेंजर इंग्लैण्ड में सापेक्ष रूप से अज्ञात थे, वहीं इवनिंग स्टेंडर्ड न्यूजपेपर ने अपने अखबार ने हेडलाइन छापी 'आर्सेन हू (Arsene Who)?'.<ref>{{cite web | url=http://www.anr.uk.com/anr.news7dec.html | title=Press at a glance: Tuesday 7 दिसम्बर 1998 | work=ANR | accessdate=2006-10-09 | archive-url=https://web.archive.org/web/20101124102933/http://www.anr.uk.com/anr.news7dec.html | archive-date=24 नवंबर 2010 | url-status=dead }}</ref>
जब वेंजर ने औपचारिक रूप से टीम का कार्यभार संभाला, वेंजर ने अनुरोध किया कि क्लब को फ़्रांसिसी मिड फील्डर पैट्रिक वियरा और रेमी गार्डे को साइन करना चाहिए.
उनके पहले मैच में उन्होंने 12 अक्टूबर 1996 को ब्लैकबर्न रोवर्स पर विजय हासिल की.
आर्सेनल ने वेंजर के पहले दौरे में तीन में समाप्ति की, दूसरे स्थान को खो दिया (जिसे न्यूजकास्टल यूनाईटेड के द्वारा प्राप्त कर लिया गया था) और इसलिए चैम्पियन लीग क्वालिफिकेशन में गोल का अंतर रहा.
[[चित्र:Arsene Wenger.jpg|thumb|left|upright|आर्सेनल के साथ प्रशिक्षण में वेंजर]]
उनके दूसरे सीजन में (1997–98), आर्सेनल ने क्लब के इतिहास में दूसरा डबल, प्रीमियर लीग और एफ ए कप दोनों में जीत हासिल की.
आर्सेनल ने [[मैनचेस्टर यूनाइटेड एफ़.सी.|मेनचेस्टर यूनाईटेड]] पर 12 अंक कम बनाये थे और दो खेल बचे होने के साथ लीग टाइटल को सुरक्षित रखा. इस सफलता की कुंजी के पीछे टोनी एडम्स, स्टीव बौल्ड, निगल विंटरबर्न, ली डिक्सन और मार्टिन केओन के सुरक्षा चक्र, साथ ही स्ट्राइकर डेनिस बर्गकैम्प, वेंजर के नए संकेतों और विंगर मार्क ओवरमास और टीनेज (किशोर) स्ट्राइकर निकोलस एनेल्का, पेट्रिक वियरा के लिए एमेन्युल पेटिट का साथ था।
निम्नलिखित कुछ दौरे ऐसे रहे जो तुलनात्मक रूप से बैरन रहे, इनमें शृंखला लगभग हाथ से निकल गयी।
1998-99 में उन्होंने दौरे के फाइनल के दिन एक पॉइंट से मेनचेस्टर यूनाईटेड के लिए प्रीमियर लीग का टाइटल खो दिया और यूनाईटेड ने एक एफ ए कप के सेमी फाइनल में अतिरिक्त समय में अर्सेलन को एलिमिनेट कर दिया.
1999-2000 में, आर्सेनल ने पेनल्टी पर गेलेस्तासरे के लिए यू ई एफ ए कप के फाइनल को खो दिया और 2001 एफ ए कप के फाइनल को भी [[लिवरपूल एफ़.सी.|लिवरपूल]] 2–1 से खो दिया.
वेंजर स्क्वेड में नए खिलाड़ी लाये, विवादों के चलते उन्होंने अनुबंध के बाहर टोटेहेम डिफेंडर और पूर्व केप्टिन सोल केम्पबेल और पहली टीम के खिलाड़ी जैसे फ्रीडरिक लजुन्बर्ग, थेरी हेनरी और रॉबर्ट पियर्स को साइन किया।
इन नए खिलाडियों को शामिल करने से वेंजर को मदद मिली और आर्सेनल ने 2001–02 में डबल में एक और जीत हासिल की.
यह जीत का पल मेनचेस्टर यूनाईटेड के खिलाफ इस दौरे के अंतिम खेल का दूसरा पल था।
आर्सेनल ने एस खेल को 1–0 से जीता, इसमें आर्सेनल को मेनचेस्टर यूनाईटेड पर बेहतर खेलते हुए पाया गया।
आर्सेनल पूरे सीजन में जीता और इस सीजन के हर सिंगल प्रीमियर लीग खेल में स्कोर किया और एफ ए कप के फाइनल में रे पार्लर और फ्रीडरिक लजुन्बर्ग से गोल करते हुए चेल्सी को 2–0 से हराया और डबल्स को पूरा किया।
2002-03 सीजन में एक अच्छी शुरुआत के बाद, ऐसा लग रहा था कि आर्सेनल इतिहास में पहली बार प्रीमियर लीग के ताज को बनाये रखने जा रहा है।
आर्सेनल एक पॉइंट पर आठ अंकों से मेनचेस्टर यूनाईटेड पर अग्रणी विजेता रहा, लेकिन इस सीजन में उनके फॉर्म देर से आये.
मैनचेस्टर यूनाइटेड ने टाइटल जीतने के लिए सीजन की बाद की अवस्था में गनर्स में सुधर किया, क्योंकि आर्सेनल बोल्टन वांडरर के खिलाफ दो गोल किये और 2–2 से ड्रा हुआ और उसके बाद लीड्स यूनाईटेड में घरेलू मैच में हार गया।
आर्सेनल ने 2003 में एफ ए कप जीत कर क्षतिपूर्ति की और अगले सीजन में, 2004 में बिना किसी क्षति के 2003–04 प्रीमियर लीग टाइटल जीत कर इतिहास बनाया, इस तरह से यह 1888–89 में प्रेस्टन नोर्थ एंड के के बाद से इस उपलब्धि को पाने वाली पहली टीम बन गयी, ये एक ऐसी उपलब्धि थी जिसे इससे पहले केवल ए सी मिलन, परुजिया, गेनोया सी एफ सी, एथलेटिक बिल्बो, रिअल मेड्रिड और अजाक्स ने यूरोपियन फुटबॉल में हासिल किया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.rsssf.com/miscellaneous/unbeaten.html#season |title=संग्रहीत प्रति |access-date=7 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151216212124/http://www.rsssf.com/miscellaneous/unbeaten.html#season |archive-date=16 दिसंबर 2015 |url-status=live }}</ref>
एक साल पहले, ही वेंजर ये ऐसा कह दिया था कि इस बात की पूरी संभावना है कि आर्सेनल पूरे सीजन में नाबाद जीत हासिल करे.<ref>वेंजर का वास्तविक उद्धरण था: "यह असंभव नहीं है। मैं जनता हूं की पूरे सीजन के दौरान हमारे लिए लगातार जीतना मुश्किल होगा.
लेकिन अगर हम सही व्यवहार करते हैं, तो यह संभव है, हम ऐसा कर सकते हैं।
से: {{cite news | title=We Won't Lose One Match | publisher=The Mirror | date=21 सितंबर 2002 | pages=78–79 | first=Martin | last=Lipton }}</ref>
वेंजर के नेत्रित्व में आर्सेनल ने 49 लीग खेलों में नाबाद जीत हासिल की और अंत में अक्टूबर 2004 में मेनचेस्टर यूनाईटेड में 2–0 से हारे. आर्सेनल का एक और अभियान बहुत प्रबल रहा, लेकिन चेल्सी के टाइटल से हार गए।
एक बार फिर से 2005 में एफ ए कप में सांत्वना प्राप्त की, आर्सेनल ने एक बिना स्कोर के फाइनल के पेनल्टी पर मेनचेस्टर यूनाईटेड को हरा दिया.
[[File:In Arsene We Trust.jpg|240px|right|thumb|मई 2009 में आर्सेनल के समर्थकों ने कार्ड पकडे हुए हैं जिन पर लिखा है "IN ARSÈNE WE TRUST" अर्थत आर्सेन परर हमें भरोसा है।
]]
आर्सेनल ने 2005–06 और 2006–07 में दो बुरे दौरों का सामना किया, दोनों बार प्रीमियर लीग में चौथा पूरा किया। फार्म पुनस्र्त्थानशील शस्त्रागार में एक धमकी 2007-08 में लीग द्वारा तूफान लेने के लिए प्रीमियर, मौसम के ज्यादा के लिए प्रमुख लीग है, लेकिन संयुक्त थे फ्रैक्चर के बाद एक चौंकाने वाला खुला टखने मैनचेस्टर मरम्मत दोनों के द्वारा और विजेताओं को चेल्सी उनके आगे Eduardo अस्थिर शस्त्रागार अपेक्षाकृत एक कुछ हफ्तों के लिए युवा टीम.
कुल मिलाकर, आर्सेनल ने वेंजर के तहत तीन प्रीमियर लीग टाइटल (खिताब) और चार एफ ए कप जीते हैं, जो ट्रोफी की दृष्टि से वेंजर को आर्सेनल का सबसे सफल प्रबंधक बनाते हैं।
यू ई एफ ए चैंपियंस लीग खिताब हालाँकि अब भी उनसे दूर है। निकटतम आर्सेनल तब था जब वे 2005–06 में फाइनल में पहुंच गए, ऐसा क्लब के इतिहास में पहली बार हुआ, जब वे [[बार्सिलोना|बार्सेलोना]] से 2–1 से हार गए।
अक्टूबर 2004 में, उन्होंने एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये जिसके अनुसार वे 2007–08 सीजन में आर्सेनल में बने रहेंगे.<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/3958385.stm | title=Wenger signs new Arsenal contract | work=BBC | accessdate=27 अक्टूबर 2004 | date=27 अक्टूबर 2004}}</ref>
तत्कालीन आर्सेनल वैस चेयरमेन डेविड डीन ने कहा की वेंजर के पास अरेनल में "पूरी जिन्दगी के लिए काम" है और आर्सेनल बोर्ड ने योजना बनायी कि वे मैनेजर के पद से रिटायर होने के बाद वेंजर को क्या काम दिया जायेगा.<ref>{{cite web | url=http://home.skysports.com/list.aspx?hlid=418768&CPID=8&clid=3&lid=4161&title=Dein:+Wenger+has+job+for+life | title=Dein: Wenger has job for life | work=Sky Sports }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
आर्सेनल में वेंजर का भविष्य प्रश्न में था जब डेविड डीन ने 18 अप्रैल 2007 को आर्सेनल बोर्ड को छोड़ा और इस बारे में अफवाहें फैलती रहीं कि वेंजर रियल मेड्रिड में जाने के लिए मैनेजर के पद को छोड़ सकते हैं।
हालांकि, 6 सितम्बर 2007 को वेंजर आर्सेनल में एक नए तीन साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/6981442.stm|title=Wenger agrees new deal at Arsenal | work=BBC Sport | date=7 सितंबर 2007 | accessdate=1 जनवरी 2010}} इस संपर्क की कीमत £4 प्रति वर्ष लगाई गयी है।</ref>
== दृष्टिकोण और दर्शन ==
[[चित्र:Arsène Wenger 2008.jpg|thumb|वेंजर 2008 में.]]
वेंजर को एक ऐसे कोच के रूप में वर्णित किया गया है जिसने "अपने कैरियर को टीम के निर्माण में गुजार दिया जिसमें मनोरंजन और हमले की इच्छा से युक्त सिल्वरवेयर का संचय शामिल है",<ref>{{cite news
| url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/7339174.stm
| title=Wenger sticks to his guns
| work=BBC Sport
| author=Whyatt, Chris
| date=9 अप्रैल 2008
| accessdate=1 जनवरी 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20080415025055/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/7339174.stm
| archive-date=15 अप्रैल 2008
| url-status=live
}}</ref> और "एक सच्ची भावना जो व्यक्तिगत और सामुहिक तकनीकी गुणवत्ता के प्रति समर्पित है।"<ref>{{cite news
| url=http://www.dailymail.co.uk/pages/live/articles/sport/football.html?in_article_id=560305&in_page_id=1779
| title=Arsene Wenger has made some mistakes but he's still the best Arsenal have ever had
| work=Daily Mail
| author=[[Tom Watt|Watt, Tom]]
| date=17 अप्रैल 2008
}}</ref>
''द टाइम्स'' में यह नोट दिया गया कि 2003–04 के बाद से वेंजर का खेल के प्रति दृष्टिकोण आक्रामक था।<ref>{{cite news
| url=http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/fink_tank/article2933477.ece
| title=Efficiency drive in defence and attack is proving Arsene Wenger right
| work=The Times
| author=[[Daniel Finkelstein|Finkelstein, Daniel]]
| date=27 नवम्बर 2007
| quote=For the past four years, our model shows Arsenal as an attacking team – at no point has their defence ranking been above their ranking for attack.
| location=London
| access-date=7 अक्तूबर 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20090108014519/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/fink_tank/article2933477.ece
| archive-date=8 जनवरी 2009
| url-status=live
}}</ref>
उनके खेलने की शैली उनके प्रतिद्वंद्वियों के दृष्टिकोण से विपरीत रही है,<ref>{{cite news
| url=http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/premier_league/arsenal/article3717226.ece
| title=Why Arsene Wenger should be proud rather than cowed
| quote=Arsène Wenger could have instructed his team to play with the dispiriting pragmatism so beloved of his rival managers, but the mercurial Frenchman was not prepared to betray his nobler ideals, even when it might have improved his club’s chances of success.
| work=The Times
| author=[[Matthew Syed|Syed, Matthew]]
| date=10 अप्रैल 2008
| location=London
| access-date=7 अक्तूबर 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20081014000941/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/football/premier_league/arsenal/article3717226.ece
| archive-date=14 अक्तूबर 2008
| url-status=live
}}</ref> लेकिन एक "किलर टच" की कमी के कारण उनकी आलोचना भी की जाती रही है।<ref>{{cite news
| url=http://www.dailymail.co.uk/pages/live/articles/columnists/columnists.html?in_article_id=559462&in_page_id=1951&in_author_id=260
| title=Make this your final year, Joe
| work=Daily Mail
| author=[[Jeff Powell|Powell, Jeff]]
| date=13 अप्रैल 2008
| quote=Imaginative play to delight connoisseurs but lack of a killer touch leaving them vulnerable to more relentless opponents.
}}</ref>
हालांकि कई सालों के लिए वेंजर 4–4–2 के स्थान पर काम करते रहे, 2005 के बाद से उन्होंने अक्सर एक अकेले स्ट्राइकर और पैक्ड मिडफील्ड के साथ 4–5–1 पर भरोसा किया,<ref>{{cite web | url=http://www.arsenal-land.co.uk/columns/?col=246 | title=What is Arsenal's optimal tactical strategy? | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090125192859/http://www.arsenal-land.co.uk/columns/?col=246 | archive-date=25 जनवरी 2009 | url-status=dead }}</ref> विशेष रूप से एमिराट्स स्टेडियम में एक चौड़ी पिच<ref>{{cite web | url=http://www.arsenalamerica.com/2006/10/06/evolution-of-the-arsenal-playing-style/ | title=Evolution of the Arsenal Playing Style | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20091201090134/http://www.arsenalamerica.com/2006/10/06/evolution-of-the-arsenal-playing-style/ | archive-date=1 दिसंबर 2009 | url-status=dead }}</ref> और चेम्पियन लीग गेम्स के बाद से.<ref>{{cite web | url=http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=news&article=416732&lid=NewsHeadline&Title=Adebayor+might+not+remain+a+lone+Gunner | title=Adebayor might not remain a lone Gunner | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130606223303/http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=News | archive-date=6 जून 2013 | url-status=dead }}</ref> सीजन 2009-10 की शुरुआत के साथ, वेंजर ने आर्सेनल में एक 4–3–3 का गठन किया, जिसमें सामने के पांच हमलावर मैच के दौरान अपनी पोज़िशन को मुक्त रूप से बदल रहे थे।<ref>{{cite news | url=http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2009/oct/27/the-question-false-nines-jonathan-wilson | title=Why don't more teams trust false nines? | location=London | work=द गार्डियन | date=27 अक्टूबर 2009 | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100402204912/http://www.guardian.co.uk/sport/blog/2009/oct/27/the-question-false-nines-jonathan-wilson | archive-date=2 अप्रैल 2010 | url-status=live }}</ref>
प्रबल युवा प्रतिभा के लिए वेंजर की प्रतिष्ठा बहुत प्रबल है।
मोनेको में, वे [[लाइबेरिया|लिबेरियन]] जॉर्ज वेह को लाये, जो बाद में [[कैमरुन|केमरुनीयन]] पक्ष से ए सी मिलन, टोनेरे युंडे के साथ फीफा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ़ द इयर बन गया और [[नाईजीरिया|नाइजिरियन]] विक्टर लक्पेबा को लाये जो बाद में RFC डी लीग से अफ्रीकन प्लेयर ऑफ़ द इयर बन गया। आर्सेनल में, वेंजर ने युवा, अज्ञात खिलाडियों को शामिल किया जैसे पेट्रिक वियरा, फ्रांसेस फेबर्गेस, रोबिन वान पारसी और कोलो तुरे और उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनने में मदद की. विशेष रूप से, डिफेन्स ने 10 लगातार खेलों में बिना कोई गोल गवाएं, एक नया रिकॉर्ड बनाया और £5m से कम में 2005–06 में बार्सेलोना के खिलाफ UE एफ ए चेम्पियांस लीग फाइनल जीत ली.
हालांकि वेंजर ने आर्सेनल के लिए काफी धन बनाया, उनका कुल व्यय अन्य अग्रणी प्रीमियर लीग क्लबों में सबसे ज्यादा था।
2007 मेंकिये गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि वे एकमात्र प्रीमियर लीग मेनेजर थे जिन्होंने स्थानान्तरण पर लाभ कमाया,<ref>{{Cite web |url=http://www.channel4.com/news/articles/sports/wenger+most+money+wise+manager/667357 |title=वेंजर सबसे ज्यादा "धन के अनुसार' प्रबंधक |access-date=7 अक्तूबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822153528/http://www.channel4.com/news/articles/sports/wenger+most+money+wise+manager/667357 |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=live }}</ref> और 2004 और 2009 के बीच वेंजर ने स्थानान्तरण पर औसतन £4.4 मिलियन प्रति सीजन कमाया, जो किसी भी अन्य क्लब से कहीं अधिक था।<ref>{{cite web |url=http://transferleague.co.uk/ |title=Transfer League |publisher=Transfer League |date=2008-06-11 |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100811070130/http://www.transferleague.co.uk/ |archive-date=11 अगस्त 2010 |url-status=dead }}</ref>
इसका एक उल्लेखनीय उदाहरण था पेरिस सेंट जर्मन से केवल £500,000 के लिए निकोलस एनेल्का की खरीद और और इसके केवल दो साल बाद रियल मेड्रिड को £22.3m के लिए बिक्री.
इससे वेंजर तीन खिलाडियों को खरीद पाए, थिरी हेनरी, रॉबर्ट पियर्स और सिल्वेन विल्टोर्ड, इस सभी ने 2001–02 में डबल में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 2003–04 में लीग का टाइटल (खिताब) जीता.
वेंजर ने अंग्रेजी फुटबॉल के नियमों का विरोध किया और कहा कि:
"मैं एक केंद्रीकृत, कम्प्यूटरीकृत समाज का पक्ष नहीं लेना चाहता. मैं ज्यादा उदार हूं, लेकिन मैं एक सामान्य भावना और अच्छे प्रबंचन के पक्ष में भी हूं.
"<ref>अधिकारिक आर्सेनल मैगजीन खंड 8 संस्करण 07</ref>
साथ ही क्लब में अपेक्षाकृत युवा और अज्ञात प्रतिभाएं लेन के लिए, वेंजर ने आर्सेनल में अपने कैरियर में कुछ दिग्गजों को देखा है।
डेनिस बर्ग्केम्प जिन्हें वेंजर ने अपने शामिल होने से एक साल पहले आर्सेनल के द्वारा साइन किया गया था, वे वेंजर के अंतर्गत अपने चरम पर पहुंच गए।
वेंजर ने मोनेको में पूर्व प्रोटेगे, थिरी हेनरी की भी मदद की, जिससे वह एक विश्वस्तरीय खिलाड़ी के रूप में विकसित हो गया और आर्सेनल का चोटी का स्कोर बनाने वाला खिलाड़ी और कप्तान बन गया।
वेंजर ने प्रशिक्षण और आहार व्यवस्था में भी सुधार किया, क्लब को शराब और जंक फूड की संस्कृति से उबारने का प्रयास किया।
जब एडम्स को 1996 में एल्कोहल से युक्त पाया गया तो वेंजर कप्तान टोनी एडम्स के साथ थे। वेंजर ने पुनर्वास के दौरान एडम्स का समर्थन किया और खिलाड़ी अपने फॉर्म में लौट आया और उसका कैरियर कई सालों के लिए बढ़ गया।
वेंजर के प्रशिक्षण और आहार प्रशासन ने आर्सेनल के चार सदस्यों के कैरियर को भी बढ़ा दिया, डिफेंडरस निगेल विंटरबर्न, ली डिक्सन और मार्टिन केओन.
वेंजर ने शुरू में उन्हें प्रतिस्थापित करने की योजना बनायी थी, लेकिन बाद में उसे अहसास हुआ कि ऐसा करने की जरूरत नहीं है।
वेंजर ने न्यू एमिराट्स स्टेडियम के डिजाइन में प्रत्यक्ष इनपुट दिया, जो 2006 में खुला था और लन्दन कोलनी में नए प्रशिक्षण ग्राउंड के निर्माण में भी काम किया।
== कुशलता और अवार्ड ==
{{wikiquote}}
वेंजर को आर्सेनल के प्रशंसकों का बहुत अधिक समर्थन प्राप्त हुआ है, जिन्होंने प्रबंधक और उसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण में बहुत अधिक भरोसा दिखाया. समर्थक नियमित रूप से बैनर प्रदर्शित करते रहे जिनमें दावे किये गए "आर्सेन जानता है (Arsène knows)" और "आर्सेन पर हमें भरोसा है (In Arsène we trust)" ये बैनर एमिराट्स स्टेडियम में खेले जाने वाले मैचों के दौरान देखे गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.lokmatnews.in/cricket/news/ipl-2022-ajinkya-rahane-set-to-miss-remaining-ipl-england-tour-with-hamstring-injury-b507/|title=केकेआर को बड़ा झटका, दिग्गज ओपनर टीम से बाहर, इंग्लैंड दौरे से भी बाहर होने का खतरा}}</ref>
2005-06 में आर्सेनल के समापन अभियान में, समर्थकों ने कई "थीम युक्त मैच के दिनों" में से एक को "वेंजर दिवस" के रूप में मनाने का फैसला लेकर सराहना का प्रदर्शन किया।
वेंजर दिवस का आयोजन उनके 56 वें जन्मदिन पर 22 अक्टूबर 2005 को, मेनचेस्टर शहर के खिलाफ एक मैच के दौरान किया गया।<ref>{{cite web | url=http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=&article=359079 | title=It's Wenger Day at Highbury! | work=Arsenal.com | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071014183632/http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=&article=359079 | archive-date=14 अक्तूबर 2007 | url-status=dead }}</ref>
आर्सेनल FC के वाइस चेयरमेन, डेविड डीन ने वेंजर को क्लब के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण मेनेजर बताया: "आर्सेन एक अद्भुत कार्यकर्ता है।<ref>{{Cite web|url=https://fairplayclub.in/loyalty/|title=Loyalty|last=fairplayadm|website=fairplayclub.in|language=en-US|access-date=2022-08-26|archive-date=22 मई 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220522164453/https://fairplayclub.in/loyalty/|url-status=dead}}</ref>
वह क्लब में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। उसने खिलाडियों को विश्वस्तरीय खिलाडियों में बदला है। क्योंकि वह यहां है, इसलिए हमने फुटबॉल को किसी दुसरे ग्रह से देखा है।<ref>{{cite news | url=http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=/sport/2001/12/06/sfnwen07.xml&sSheet=/portal/2001/12/07/por_right.html | title=Arsenal sign Wenger with expert timing | work=Daily Telegraph | location=London | first=Henry | last=Winter | date=6 दिसम्बर 2001 | access-date=16 जून 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071215130008/http://www.telegraph.co.uk/sport/main.jhtml?xml=%2Fsport%2F2001%2F12%2F06%2Fsfnwen07.xml&sSheet=%2Fportal%2F2001%2F12%2F07%2Fpor_right.html | archive-date=15 दिसंबर 2007 | url-status=live }}</ref> 18 अक्टूबर 2007, को आर्सेन वेंजर के एक आयोग ने, जो हर्बर्ट चेपमेन के पुराने संस्करण के सामान था, उसके लिए श्रद्धांजली प्रस्तुत की, जिसे क्लब की वार्षिक सामान्य बैठक में, अर्सेलन एफ सी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के द्वारा प्रस्तुत किया गया।<ref>{{cite web| url=http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=News&article=483062&lid=NewsHeadline&Title=Arsenal+commission+bust+of+Ars%26egrave;ne+Wenger| title=Arsenal commission bust of Arsène Wenger| work=Arsenal.com| access-date=7 अक्तूबर 2010| archive-url=https://web.archive.org/web/20071106135002/http://www.arsenal.com/article.asp?thisNav=news&article=483062&lid=NewsHeadline&Title=Arsenal+commission+bust+of+Ars%26egrave;ne+Wenger| archive-date=6 नवंबर 2007| url-status=dead}}</ref>
वेंजर को फ़्रांस के उच्चतम डेकोरेशन, the Légion d'Honneur, से 2002 में सम्मानित किया गया। उन्हें क्वींस बर्थडे ऑनर्स लिस्ट ऑफ़ 2003 में ब्रिटिश फुटबॉल के लिए दी गयी सेवाओं के लिए ओ बी ई सम्मान से सम्मानित किया गया, इसके साथ फ्रेंचमेन और लिवरपूल मेनेजर गेरार्ड होउलियर को भी सम्मानित किया गया था। 2006 में, वेंजर को इंग्लिश गेम में मनेजर के रूप में उनकी उपलब्धियों के लिए इंग्लिश फुटबॉल हॉल ऑफ़ द फेम का सम्मान दिया गया।
वे [[इटली]] में जन्मे डेरियो ग्राडी ऑफ़ क्रू एलेक्जेंड्रा के बाद दूसरे विदेशी मेनेजर थे जिन्हें हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया था।
2007 में, आर्सेन वेंजर एक सितारा थे, 33179 आर्सेनवेंजर नाम उनके नाम पर रखा गया<ref>{{cite web |author=Alan Chamberlin |url=http://ssd.jpl.nasa.gov/sbdb.cgi?sstr=33179;orb=1;cov=0#orb |title=JPL Small-Body Database Browser |publisher=Ssd.jpl.nasa.gov |date= |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120308073244/http://ssd.jpl.nasa.gov/sbdb.cgi?sstr=33179;orb=1;cov=0#orb |archive-date=8 मार्च 2012 |url-status=live }}</ref> यह नाम खगोलविद इआन पी ग्रिफिन ने दिया था जो कहते हैं कि आर्सेनल उनका पसंदीदा फुटबॉल क्लब है।<ref>{{cite web |url=http://web.mac.com/i_griffin/Ian_Griffins_Website/Arsenewenger.html |title=Arsenewenger |publisher=Web.mac.com |date=2007-11-21 |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110520100408/http://web.mac.com/i_griffin/Ian_Griffins_Website/Arsenewenger.html |archive-date=20 मई 2011 |url-status=live }}</ref>
== विवाद ==
[[चित्र:Arsene Wenger.JPG|thumb|वेंजर कई विवादों में पड़ते रहे हैं।]]
वेंजर के पक्ष की अक्सर{{Who|date=मई 2010}} उनकी अनुशासनहीनता के लिए आलोचना की जाती रही है, उन्हें 1996 और 2008 के बीच 73 रेड कार्ड मिले.<ref>{{cite web | url=http://archives.tcm.ie/irishexaminer/2003/10/04/story581667712.asp | title=Wenger has no back-up plan | work=Irish Examiner | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20081230033233/http://archives.tcm.ie/irishexaminer/2003/10/04/story581667712.asp | archive-date=30 दिसंबर 2008 | url-status=dead }}</ref> हालांकि, 2004 और 2005 दोनों में वेंजर के आर्सेनल ने खेल व्यवहार के लिए प्रीमियर लीग की फेयर प्ले लीग टेबल्स जीती<ref>{{cite web | url=http://www.thefa.com/Features/EnglishDomestic/Postings/2004/08/Arsenal_FairPlay.htm | archiveurl=https://web.archive.org/web/20041027082515/http://www.thefa.com/Features/EnglishDomestic/Postings/2004/08/Arsenal_FairPlay.htm | archivedate=27 अक्तूबर 2004 | title=Fair Play to Gunners | work=The Football Association | access-date=7 अक्तूबर 2010 | url-status=live }}</ref><ref>{{cite web | url=http://www.breakingnews.ie/2005/05/19/story203267.html | title=Fair Play to Arsenal could see Spurs in Europe | work=BreakingNews.ie | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20081206055127/http://www.breakingnews.ie/2005/05/19/story203267.html | archive-date=6 दिसंबर 2008 | url-status=live }}</ref> और 2006 में भी दूसरे को पूरा करते हुए इसी को दोहराया.<ref>{{cite web | url=http://www.premierleague.com/public/downloads/publications/Fair_Play_मई_06.pdf | archiveurl=https://web.archive.org/web/20060923111427/http://www.premierleague.com/public/downloads/publications/Fair_Play_%E0%A4%AE%E0%A4%88_06.pdf | archivedate=23 सितंबर 2006 | format=PDF | title=Barclays Premiership 2005/06 Fair Play League | work=Premierleague.com | access-date=16 जून 2020 | url-status=live }}</ref>
सबसे ज्यादा स्पोर्टिंग क्लब के रूप में इस डिविजन में 2009 तक इस लक्षण को हमेशा बनाये रखा यह हमेशा चोटी के चार फेयर प्ले टेबल्स में से एक बना रहा.<ref>http://www.premierleague.com/staticFiles/42/ef/0{{Dead link|date=दिसंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}, 12306~126786,00.pdf</ref><ref>{{cite web|url=http://www.avfc.co.uk/page/News/0, 10265~1024029,00.html |title=MON On Fair Play | Latest News | Latest News | News | Aston Villa |publisher=Avfc.co.uk |date=2009-10-27 |accessdate=2009-10-31}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.whoateallthepies.tv/2009/06/what_the_200809.html |title=What the 2008/09 Premier League Fair Play table tells us » Who Ate all the Pies |publisher=Whoateallthepies.tv |date=2009-06-05 |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://www.webcitation.org/5jZkAxOcn?url=http://www.whoateallthepies.tv/2009/06/what_the_200809.html |archive-date=6 सितंबर 2009 |url-status=dead }}</ref> वेंजर की टीम फिर से 2010 के दौरे में फेयर प्ले टेबल में शीर्ष पर रही.<ref>http://www.premierleague.com/page/ {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121004142023/http://www.premierleague.com/page/ |date=4 अक्तूबर 2012 }} FA irPlayTable/0, 12306,00.html</ref>
1999 में, वेंजर ने मैच के ख़त्म होने के तुरंत बाद एफ ए कप के पांचवे राउंड गेम का शेफील्ड यूनाईटेड रिप्ले पेश किया, क्योंकि यह विवादस्पद स्थितियों में जीता था। आर्सेनल का जीतने के लिए किया गया गोल मार्क ओवरमार्स ने किया था, क्योंकि दूसरे पक्ष का कनु बॉल को लौटा नहीं पाया था, किसे बाद शेफील्ड यूनाईटेड खिलाड़ी ने इसे किक किया, जिसमें उसे चोट भी आई और उसका उपचार भी किया गया।
आर्सेनल ने रिप्ले के अनुसार खेल को 2–1 से जीता.
वह [[मैनचेस्टर यूनाइटेड एफ़.सी.|मेनचेस्टर यूनाईटेड]] मेनेजर [[एलेक्स फर्ग्यूसन|सर एलेक्स फर्गुसन]] के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता के लिए भी जाने जाते हैं। यह प्रतिद्वंद्विता कुख्यात "Pizzagate"<ref>{{cite news
| url = http://www.guardian.co.uk/football/2006/sep/15/newsstory.sport1
| title = Pizzagate: a slice of strife
| publisher = Guardian
| date = 15 सितंबर 2006
| accessdate = 18 फ़रवरी 2009
| location = London
| archive-url = https://web.archive.org/web/20090211163347/http://www.guardian.co.uk/football/2006/sep/15/newsstory.sport1
| archive-date = 11 फ़रवरी 2009
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}}</ref><ref>{{cite news
| url = http://www.telegraph.co.uk/sport/football/2392616/Untold-story-of-%27Pizzagate%27.html
| title = Untold story of 'Pizzagate'
| first = Mihir
| last = Bose
| publisher = Daily Telegraph
| date = 8 दिसम्बर 2004
| accessdate = 18 फ़रवरी 2009
| location = London
| archive-url = https://web.archive.org/web/20081212224444/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/2392616/Untold-story-of-%27Pizzagate%27.html
| archive-date = 12 दिसंबर 2008
| url-status = live
}}</ref> में अपने चरम पर पहुंच गयी, जब ओल्ड ट्राफोर्ड में अक्टूबर 2004 में एक विवावादास्पद दंड के बाद 2–0 से हारा और आर्सनल के 49 खेल का अंत नाबाद प्रीमियर लीग रन के रूप में हुआ। मैच के बाद आर्सेनल की साइड के एक सदस्य ने टनल में विरोधी पक्ष पर भोजन फेंका.<ref>{{cite web | url=http://www.football365.com/news/story_131481.shtml | title=Wenger: I didn't see tunnel fracas | work=Football365 | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20041027235622/http://www.football365.com/news/story_131481.shtml | archive-date=27 अक्तूबर 2004 | url-status=dead }}</ref>
वेंजर पर यूनाईटेड स्ट्राइकर रुड वान निस्तार्ल्रूय के साथ गलत व्यवहार के लिए £15,000 का जुर्माना लगाया गया। इसे मैच के बाद के एक टेलीविजन साक्षात्कार में "एक धोखा" बताया गया था।
बाद में फिर से निस्तार्ल्रूय को धोखेबाज कहने के लिए उन पर जुर्माना लगाया गया, उनका मन्ना था की उनका दावा सही है।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/4099659.stm | title=Wenger fined over Ruud outburst | work=BBC Sport | date=16 दिसम्बर 2004 | accessdate=1 जनवरी 2010}}</ref>
दोनों मेनेजर अपनी इस प्रतिद्वंद्विता को शांत करने की कोशिश में अपने शब्दों पर नियंत्रण करने के लिए सहमत हो गए हैं।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/eng_prem/4190561.stm | title=Wenger and Ferguson to end feud | work=BBC Sport | date=20 जनवरी 2005 | accessdate=1 जनवरी 2010}}</ref>
अक्टूबर और नवम्बर 2005 के दौरान, वेंजर तत्कालीन [[चेल्सी एफ़.सी.|चेल्सी]] मेनेजर जोस मोरीनो के साथ लड़ाई में उलझ गए।
मोरीनो ने वेंजर पर "गैर पेशेवर व्यक्ति" बताया, वेंजर को "rat"और "voyeur" जैसे शब्द कहे.<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/c/chelsea/4391824.stm | title=Mourinho labels Wenger a 'voyeur' | work=BBC Sport | date=31 अक्टूबर 2005 | accessdate=1 जनवरी 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20100219032631/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/c/chelsea/4391824.stm | archive-date=19 फ़रवरी 2010 | url-status=live }}</ref>
मोरीनो ने कहा,"वह हमारे बारे में चिंतित है, वह हमेशा हमारे बारे में बात करता रहता है-यह चेल्सी है, चेल्सी है और बस चेल्सी ही है।"
वेंजर ने यह कहकर इस बात का जवाब दिया की वह केवल चेल्सी के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहा है और बताया की मोरीनो का रवैया "अनुचित" है।
मोरीनो को अपनी "voyeur" टिप्पणी पर पछतावा है और वेंजर ने उसकी क्षमायाचना को स्वीकार कर लिया है।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/c/chelsea/4554688.stm | title=Mourinho regrets 'voyeur' comment | work=BBC Sport | date=23 दिसम्बर 2005 | accessdate=1 जनवरी 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060101153832/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/c/chelsea/4554688.stm | archive-date=1 जनवरी 2006 | url-status=live }}</ref>
वेंजर की बारे में अक्सर अन्य प्रीमियर लीग के मैनेजर आलोचना करते रहे हैं कि वह विशेष रूप से चेम्पियन लीग में कई अंग्रेजी खिलाडियों को क्षेत्ररक्षण नहीं सौपते हैं। वेस्ट हेम यूनाईटेड के पूर्व मैनेजर एलेन परड्यू ने कहा कि आर्सेनल के चेम्पियन लीग की सफलता "आवश्यक रूप से ब्रिटिश फुटबॉल के लिए जीत नहीं है"<ref>{{cite news | url=http://football.guardian.co.uk/championsleague200506/story/0, 1727709,00.html | title=This was no English victory says Taylor | work=द गार्डियन | location=London | date=10 मार्च 2006 }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
वेंजर ने राष्ट्रीयता के मुद्दे को अप्रासंगिक बताया और कहा," जब आप एक क्लब का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो मूल्य और गुणवत्ता महत्वपूर्ण होते हैं, पासपोर्ट नहीं", साथ ही कहा कि परड्यू की बातों में एक जातियता का पहलू है।
जवाब में, परड्यू ने कहा कि,"एक प्रबंधक जिसने एक स्वीडन से शादी की है और जिसने पूरी दुनिया से खिलाडियों को साइन किया है, उसे जातिवादी नहीं कहा जा सकता है।"<ref>{{cite news| url=http://www.telegraph.co.uk/sport/football/2353083/Wenger-and-Pardew-face-an-early-rematch.html| title=Wenger and Pardew face an early rematch| publisher=''[[डेली टेलीग्राफ|The Telegraph]]''| author=Mick Collins| date=2006-12-31| accessdate=2009-08-14| location=London| archive-url=https://web.archive.org/web/20121112090533/http://www.telegraph.co.uk/sport/football/2353083/Wenger-and-Pardew-face-an-early-rematch.html| archive-date=12 नवंबर 2012| url-status=live}}</ref>
एफ ए में फुटबॉल विकास के निदेशक, ट्रेवोर ब्रूकींग सहित अन्य विद्वान, वेंजर का बचाव करते हैं।
ब्रूकींग ने कहा कि इंग्लैण्ड के सबसे सफल क्लबों में से एक में अंग्रेजी खिलाडियों की कमी वेंजर के बजाय इंग्लैण्ड में प्रतिभा को अधिक प्रतिबिम्बित करती है।<ref>{{cite web | url=http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=361745&cc=5739 | title=English kids are technically inferior, claims Brooking | work=Soccernet | access-date=7 अक्तूबर 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20081206140505/http://soccernet.espn.go.com/news/story?id=361745&cc=5739 | archive-date=6 दिसंबर 2008 | url-status=live }}</ref>
कई अंग्रेजी खिलाडियों ने अपने कैरियर की शुरुआत आर्सेनल में वेंजर के तहत ही की, इनमें शामिल हैं डेविड बेंटले, स्टीव सिडवेल, जर्मेने पेन्नत, मैथ्यू अपसन और संभवतया सबसे उल्लेखनीय एश्ले कोले और युवा अंग्रेजी प्रतिभाएं जैसे थिओ वालकोट, किरण गिब्ब्स और जैक विल्शेरे वर्तमान में आर्सेनल में अपना कैरियर बना रहे हैं।
वेंजर ने उस समय रेफरियों पर विवादस्पद बयान दिए जब फैसला उनकी टीम के पक्ष में नहीं दिया गया।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/4539160.stm | title=FA quizzes Wenger about comments | work=BBC Sport | date=19 दिसम्बर 2005 | accessdate=1 जनवरी 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20061219141406/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/4539160.stm | archive-date=19 दिसंबर 2006 | url-status=live }}</ref>
2007 में कार्लिंग कप के फाइनल के बाद, उन्होंने लिंसमेन को 'झूठा' कहा, इसकी जांच एफ ए के द्वारा किये जाने के लिए कहा,<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/6417007.stm | title=Wenger out of order, says ex-ref | work=BBC Website | date=4 मार्च 2007 | accessdate=1 जनवरी 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070324080501/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/6417007.stm | archive-date=24 मार्च 2007 | url-status=live }}</ref> जिसके लिए उन पर £2500 का जुर्माना लगाया गया और उन्हें एक चेतावनी भी दी गयी।<ref>{{cite news | url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/6561059.stm | title=Wenger given fine & warning by FA | work=BBC Website | date=17 अप्रैल 2007 | accessdate=1 जनवरी 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070813013748/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/6561059.stm | archive-date=13 अगस्त 2007 | url-status=live }}</ref> वेंजर ने अक्सर अपने खिलाडियों को बचाने की कोशिश की है जब भी वे फील्ड पर किसी विवादस्पद मुद्दे में लिप्त पाए गए, उन्होंने हमेशा कह कि उन्होंने घटना को देखा ही नहीं है; वेंजर केवल यही विकल्प देते हैं जब उन्हें बचाने के लिए उनके पास कोई "तर्कसंगत विवरण" नहीं होता और वे खिलाड़ी के हितों को सबसे ज्यादा ध्यान में रकहते हैं।<ref>{{cite news|url=http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/8201233.stm|title=Wenger admits to 'selective vision' |publisher=BBC Sport|date=2009-08-14|accessdate=2009-08-14}}</ref>
== आंकड़े ==
=== खिलाड़ी ===
{{Football player statistics 1|YY}}
{{Football player statistics 2|FRA|YY}}
| -
1978-79 |
|rowspan="3"|स्ट्रासबर्ग
|rowspan="3"|डिविजन 1
| 2 | | 0 | | | | | | | | | | | 1 | 0 | | | |
| -
1979-80 |
|1||0|| || || || ||colspan="2"|–|| ||
| -
1980-81 |
|8||0|| || || || ||colspan="2"|–|| ||
{{Football player statistics 3|1|FRA}}11||0|| || || || ||1||0|| ||
{{Football player statistics 5}} 11||0|| || || || ||1||0|| ||
|}
<ref>{{cite web |url=http://www.racingstub.com/page.php?page=joueur&id=101 |title=Arsène WENGER - Racing Club de Strasbourg - racingstub.com |publisher=racingstub.com<! |date=1949-10-22 |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090822193825/http://www.racingstub.com/page.php?page=joueur&id=101 |archive-date=22 अगस्त 2009 |url-status=dead }}</ref>
=== प्रबंधक ===
{| वर्ग ="वेकिटेबल" शैली="पाठ्य-संरेखन: केन्द्रीय" |- !rowspan="2"|टीम !rowspan="2"|Nat rowspan="2"|से !rowspan="2"|To !कोcolspan="5"|रिकॉर्ड |- ! G!!W!!D<सन्दर्भ समूह="nb">जापान में वेंजर के टेन्योर के समय, जे- लीग के किसी मैच का परिणाम ड्रा नहीं हो सकता. 90 मिनट के अंत में स्कोर के स्टार पर, मैच का फैसला अतिरिक्त समय और पेनाल्टी के द्वारा लिया जाएगा.</ref>!!L!!Win % |- |संरेखन=बयां [[ए एस नेनसी|नेनसी]] |संरेखन="बयां"|{{झंडे का आइकन|फ़्रांस}} |संरेखन=बायां 1984 |संरेखन=बायां|1987 {{WDL|114|33|30|51}} |- |संरेखन=बायां[[ए एस मोनेको एफ सी|मोनेको]] |संरेखन="बायां"|{{झंडे का आइकन|फ़्रांस}} |संरेखन=बायां |1987 |संरेखन=बायां|1995 {{WDL|266|130|53|83}} |- |संरेखन=बायां|[[नागोया ग्रेम्पस|नागोया ग्रेम्पस आठ]] |संरेखन="बायां "|{{झंडे का आइकन|जापान}} |संरेखन=बायां|1995 |संरेखन=बायां |1996 {{WDL|56|38|0|18}} |- |संरेखन=बायां |[[आर्सेनल एफ सी|आर्सेनल]] |संरेखन="बायां "|{{झंडे का आइकन|इंग्लैण्ड}} |संरेखन =बायां|30 सितम्बर 1996 |संरेखन=बायां |''वर्तमान'' {{WDL|790|459|183|148}} |- ! colspan="4"|कुल{{WDLtot|1226|660|266|300}}
|}
{{updated|9 मई 2010}}<ref>{{cite web |url=http://www.soccerbase.com/managers2.sd?managerid=92 |title=Arsene Wenger's managerial career |date= |accessdate=2 नवम्बर 2009 |publisher=[[Racing Post]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20100330003951/http://www.soccerbase.com/managers2.sd?managerid=92 |archive-date=30 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref>
;नोट
{{Reflist|group="nb"}}
== सम्मान ==
=== खिलाड़ी ===
==== स्ट्रासबर्ग ====
* लीग 1: 1978–79
=== प्रबंधक ===
{{col-begin}}
{{col-2}}
==== मोनेको ====
;विजेता
* लीग 1 (1): 1987–88
* कूप डे फ़्रांस (1): 1990–91
;उपविजेता (रनर-अप)
*# UE एफ ए कप विनर्स कप (1): 1991–92
* लीग 1 (3): 1990–91 1991–92 1992–93
==== नागोया ग्रेम्पस ====
;विजेता
* एम्परर्स कप (1): 1995
* जे लीग सुपर कप (1): 1996
;उपविजेता (रनर-अप)
* जे लीग (1): 1996
==== आर्सेनल ====
;विजेता
* प्रीमियर लीग) (3): 1997-98, 2001-02, 2003-04
* एफ ए कप (4): 1997-98, 2001-02, 2002-03, 2004-05
* एफ ए कम्युनिटी शील्ड (4): 1998, 1999, 2002, 2004
;उपविजेता (रनर-अप)
* UE एफ ए चैम्पियंस लीग (1): 2005–06
* प्रीमियर लीग) (5): 1998-1999, 1999-2000, 2000-01, 2002-03, 2004-05
* एफ ए कप (1): 2000-01
* लीग कप (1): 2006–07
* एफ ए कम्युनिटी शील्ड (2): 2003, 2005
* UE एफ ए कप (1): 1999-2000
{{col-2}}
{{col-end}}
==== व्यक्तिगत ====
* फ्रेंच मेनेजर ऑफ़ द इयर: 1988, 2008
* जे लीग मेनेजर ऑफ़ द इयर: 1995
* ऑफिसर ऑफ़ द ब्रिटिश अम्पायर: 2003
* Onze d'Or कोच ऑफ़ द इयर: 2000, 2002, 2003, 2004
* एफ ए प्रीमियर लीग मेनेजर ऑफ़ द इयर: 1998, 2002, 2004
* LMA मेनेजर ऑफ़ द इयर: 2001-02, 2003-04<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/3723881.stm |title=Wenger secures LMA award |date=18 मई 2004 |accessdate=28 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120122005054/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/3723881.stm |archive-date=22 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref>
* BBC स्पोर्ट्स पर्सनालिटी ऑफ द इयर कोच अवार्ड: 2002, 2004
* फ्रीडम ऑफ़ इस्लिंगटन: 2004<ref>{{cite web |url=http://www.arsenal.com/first-team/coaching-staff/ars-ne-wenger |title=Arsène Wenger | Coaching Staff | First Team |publisher=Arsenal.com |date= |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150318100708/http://www.arsenal.com/first-team/coaching-staff/ars-ne-wenger |archive-date=18 मार्च 2015 |url-status=live }}</ref>
* FWA ट्रिब्यूट अवार्ड: 2005<ref>{{cite web |url=http://www.footballwriters.co.uk/news/article/tribute_2005.html |title=Football Writers' Association: Latest News :: Arsene Wenger Tribute |publisher=Footballwriters.co.uk |date= |accessdate=2009-10-31 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110725033151/http://www.footballwriters.co.uk/news/article/tribute_2005.html |archive-date=25 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>
* इंग्लिश फुटबॉल हॉल ऑफ फ़ेम: 2006
* प्रीमियर लीग मेनेजर ऑफ़ द मंथ: 10 बार<ref>{{cite web |url=http://www.leaguemanagers.com/manager/honours-189.html |title=Arsene Wenger OBE – Honours |date= |accessdate=28 मई 2009 |publisher=[[League Managers Association]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20100514125406/http://www.leaguemanagers.com/manager/honours-189.html |archive-date=14 मई 2010 |url-status=dead }}</ref> (मार्च 1998, अप्रैल 1998, अक्टूबर 2000,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/eng_prem/1016826.stm |title=Sheringham wins monthly award |date=10 नवम्बर 2000 |accessdate=28 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124221639/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/eng_prem/1016826.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> अप्रैल 2002,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/1979708.stm |title=Arsenal duo win awards |date=10 मई 2002 |accessdate=29 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124230208/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/1979708.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> सितम्बर 2002,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/2300107.stm |title=Arsenal duo bag awards |date=4 अक्टूबर 2002 |accessdate=29 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124223904/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/2300107.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> अगस्त 2003,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/3104430.stm |title=Wenger wins award |date=12 सितंबर 2003 |accessdate=28 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124220917/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/3104430.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> फरवरी 2004,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/3505712.stm |title=Arsenal scoop awards double |date=12 मार्च 2004 |accessdate=29 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124222406/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/3505712.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> अगस्त 2004,<ref>{{cite news |url=http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/3645216.stm |title=Arsenal claim double award |date=10 सितंबर 2004 |accessdate=29 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20120124222236/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/football/teams/a/arsenal/3645216.stm |archive-date=24 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref> सितम्बर 2007,<ref>{{cite web |url=http://newsimg.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/7053374.stm |title=Arsenal pair scoop monthly awards |date=19 अक्टूबर 2007 |accessdate=28 मई 2009 |publisher=BBC Sport |archive-url=https://web.archive.org/web/20160112191004/http://newsimg.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/7053374.stm |archive-date=12 जनवरी 2016 |url-status=live }}</ref> दिसंबर 2007<ref>{{cite web |url=http://www.premierleague.com/page/Headlines/0, 12306~1212757,00.html |title=Wenger and Santa Cruz scoop awards |date=11 Jan 2008 |accessdate=28 मई 2009 |publisher=Barclays Premier League }}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>)
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|Arsène Wenger}}
* [https://web.archive.org/web/20150318100708/http://www.arsenal.com/first-team/coaching-staff/ars-ne-wenger Arsenal.com पर आर्सेन वेंजर का प्रोफाइल]
* [https://web.archive.org/web/20081223142406/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/football/teams/a/arsenal/5380998.stm बीबीसी स्पोर्ट पर आर्सेन वेंजर का प्रोफाइल]
<br />
{{Navboxes
|title=Arsène Wenger – Navigation boxes and awards
|list1=
{{FA Premier League Manager of the Year}}
{{AS Nancy managers}}
{{AS Monaco FC managers}}
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{{s-ach}}
{{Succession box|
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{{Arsenal F.C. Squad}}
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{{DEFAULTSORT:Wenger, Arsene}}
[[श्रेणी:1949 में जन्मे लोग]]
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[[श्रेणी:एफ सी मुलहाउस खिलाडी]]
[[श्रेणी:एसोसिएशन फुटबॉल स्वीपर्स]]
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[[श्रेणी:जापान में फुटबॉल प्रबंधक]]
[[श्रेणी:इंग्लिश फुटबॉल हॉल ऑफ एफ ए में इन्दक्तीस]]
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2026-05-16T18:42:57Z
अनुनाद सिंह
1634
/* लॉरेंज बल */
6553204
wikitext
text/x-wiki
[[File:VFPt cylindrical magnet thumb.svg|thumb|250px|किसी 'आदर्श' बेलनाकार चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र]]
[[चित्र:Electromagnetism.svg|thumb|250px|किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा '''I''', उस चालक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र '''B''' उत्पन्न करती है।]]
[[चुंबकीय याम्योत्तर|चुंबकीय]] '''क्षेत्र''' [[विद्युत धारा|विद्युत धाराओं]] और [[चुम्बक|चुंबकीय सामग्री]] का चुंबकीय प्रभाव है। किसी भी बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र दोनों, ''दिशा'' और ''परिमाण'' (या शक्ति) द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है; इसलिये यह एक [[सदिश राशि|सदिश]] क्षेत्र है। चुम्बकीय क्षेत्र गतिमान [[विद्युत आवेश]] और [[मूलकण|मूलकणों]] के अंतर्भूत [[चुम्बकीय आघूर्ण|चुंबकीय आघूर्ण]] द्वारा उत्पादित होता है।
'चुम्बकीय क्षेत्र' शब्द का प्रयोग दो क्षेत्रों के लिये किया जाता है जिनका आपस में निकट सम्बन्ध है, किन्तु दोनों अलग-अलग हैं। इन दो क्षेत्रों को {{math|'''B'''}} तथा {{math|'''H'''}}, द्वारा निरूपित किया जाता है। {{math|'''H'''}} की ईकाई [[एम्पियर|अम्पीयर]] प्रति [[मीटर]] (संकेत: A·m<sup>−1</sup> or A/m) है और {{math|'''B'''}} की ईकाई [[टेस्ला]] (प्रतीक: T) है।
चुम्बकीय क्षेत्र दो प्रकार से उत्पन्न (स्थापित) किया जा सकता है- (१) गतिमान आवेशों के द्वारा (अर्थात, [[विद्युत धारा]] के द्वारा) तथा (२) मूलभूत कणों में निहित [[चुम्बकीय आघूर्ण]] के द्वारा<ref name="Jiles">{{cite book
| last = Jiles
| first = David C.
| title = Introduction to Magnetism and Magnetic Materials
| publisher = CRC
| edition = 2
| date = 1998
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}}</ref><ref name="Feynman">{{cite book
| last1 = Feynman
| first1 = Richard Phillips
| last2 = Leighton
| first2 = Robert B.
| last3 = Sands
| first3 = Matthew
| title = The Feynman Lectures on Physics
| publisher = California Institute of Technology
| volume = 2
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}}</ref> [[विशिष्ट आपेक्षिकता]] में, विद्युत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र, एक ही वस्तु के दो पक्ष हैं जो परस्पर सम्बन्धित होते हैं।
चुम्बकीय क्षेत्र दो रूपों में देखने को मिलता है, (१) [[चुम्बक|स्थायी चुम्बकों]] द्वारा [[लोहा]], [[कोबाल्ट]] आदि से निर्मित वस्तुओं पर लगने वाला बल, तथा (२) [[इंजन|मोटर]] आदि में उत्पन्न बलाघूर्ण जिससे मोटर घूमती है। आधुनिक प्रौद्योगिकी में चुम्बकीय क्षेत्रों का बहुतायत में उपयोग होता है (विशेषतः [[विद्युत अभियान्त्रिकी|वैद्युत इंजीनियरी]] तथा [[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]] में)। धरती का चुम्बकीय क्षेत्र, [[दिक्सूचक|चुम्बकीय सुई]] के माध्यम से दिशा ज्ञान कराने में उपयोगी है। [[विद्युत मोटर]] और [[विद्युत जनित्र]] में चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग होता है।
==लॉरेंज बल==
'''{{मुख्य|लॉरेंज बल}}'''
किसी चुम्बकीय क्षेत्र B में, v वेग से गतिमान, q आवेश वाले कण पर लगने वाला [[बल]] है,
: <math>\mathbf{F} = q\mathbf{v} \times \mathbf{B}</math>
== धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र ==
नीचे की तालिका में कुछ प्रमुख धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के मान दिये गये हैं-
{| class="wikitable"
|+
! धारा का विन्यास
!चित्र
! colspan="2" |चुम्बकीय क्षेत्र
|-
|सीमित लंबाई की धारा-बीम <br>(Finite beam of current)
|[[File:Finite beam of current.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | B=\frac{\mu_0I}{4\pi x}(\cos \theta_1+\cos\theta_2)
जहाँ '''I''' पूरी बीम में प्रवाहित एकसमान धारा का मान है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त लंबाई का धारावाही तार
| [[File:Infinite_current_carrying_wire.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | B = \frac{\mu_0I}{2\pi x}
जहाँ '''I''' तार से प्रवाहित होने वाली एकसमान धारा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त बेलनाकार तार (अशून्य व्यास का)
|[[File:Infinite current carrying cylinder.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| B = \frac{\mu_0I}{2\pi x}
समान रूप से I धारा ले जाने वाले तार के बाहर, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
| B = \frac{\mu_0Ix}{2\pi R^2}
समान रूप से I धारा ले जाने वाले तार के भीतर, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार लूप
|[[File:Current carrying ring.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | \mathbf B = \frac{\mu_0IR^2}{2(x^2+R^2)^{3/2}}\hat\mathbf x
लूप के अक्ष के अनुदिश, जहाँ I लूप से प्रवाहित होने वाली समान धारा है।
|-
|परिनालिका (Solenoid)
|[[File:Solenoid segment.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
|colspan="2" | B=\frac{\mu_0nI}2(\cos\theta_1+\cos\theta_2)
I धारा वाली परिनालिका के अक्ष के अनुदिश, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों (लूप) की समान संख्या है; और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त परिनालिका
|[[File:Infinite solenoid.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| \mathbf B=0
I धारा वाली परिनालिका के बाहर, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है।
| B = \mu_0 n I
I धारा वाली परिनालिका के भीतर, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार टोराइड (Circular Toroid)
|[[File:Circular toroidal inductor.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | B = \frac{\mu_0NI}{2\pi R}
वृत्ताकार टोराइड के मुख्य भाग (bulk) के अनुदिश, जो N संख्या में समान रूप से वितरित पोलॉइडल लूपों (poloidal loops) के माध्यम से समान धारा I ले जा रहा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा संकेतित रूप में है।
|-
|चुम्बकीय द्विध्रुव (Magnetic Dipole)
|[[File:Magnetic dipole.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| \mathbf B = -\frac{\mu_0\mathbf m}{4\pi r^3},
निरक्षीय तल (equatorial plane) पर, जहाँ \mathbf m [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] (magnetic dipole moment) है।
| \mathbf B = \frac{\mu_0\mathbf m}{2\pi {|x|}^3},
अक्षीय तल (axial plane) पर (यह मानते हुए कि x \gg R), जहाँ अक्ष पर विपरीत दिशा में स्थिति दर्शाने के लिए x ऋणात्मक भी हो सकता है, और \mathbf m [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] है।
|}
सीमित लंबाई की धारा-बीम के चुम्बकीय क्षेत्र की सहायता से अन्य चुम्बकीय क्षेत्र के मान भी ज्ञात किए जा सकते हैं, उदाहरण के लिए, केंद्र पर \theta कोण और R त्रिज्या वाले एक चाप (arc) का चुम्बकीय क्षेत्र B={\mu_0\theta I\over 4\pi R} होता है, या a लम्बाई वाले एक N-भुजा युक्त नियमित बहुभुज (regular polygon) के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र B= {\mu_0NI\over\pi a} \sin{\pi\over N}\tan{\pi\over N} होता है; ये दोनों तल के बाहर होते हैं जिनकी सही दिशा का अनुमान दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (right hand thumb rule) से लगाया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चुम्बक|स्थायी चुम्बक]]
*[[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]]
*[[चुम्बकत्व|चुम्बकीय पदार्थ]]
{{Authority control}}
{{भौतिकी-आधार}}
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6553208
6553204
2026-05-16T18:52:32Z
अनुनाद सिंह
1634
/* धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र */
6553208
wikitext
text/x-wiki
[[File:VFPt cylindrical magnet thumb.svg|thumb|250px|किसी 'आदर्श' बेलनाकार चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र]]
[[चित्र:Electromagnetism.svg|thumb|250px|किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा '''I''', उस चालक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र '''B''' उत्पन्न करती है।]]
[[चुंबकीय याम्योत्तर|चुंबकीय]] '''क्षेत्र''' [[विद्युत धारा|विद्युत धाराओं]] और [[चुम्बक|चुंबकीय सामग्री]] का चुंबकीय प्रभाव है। किसी भी बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र दोनों, ''दिशा'' और ''परिमाण'' (या शक्ति) द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है; इसलिये यह एक [[सदिश राशि|सदिश]] क्षेत्र है। चुम्बकीय क्षेत्र गतिमान [[विद्युत आवेश]] और [[मूलकण|मूलकणों]] के अंतर्भूत [[चुम्बकीय आघूर्ण|चुंबकीय आघूर्ण]] द्वारा उत्पादित होता है।
'चुम्बकीय क्षेत्र' शब्द का प्रयोग दो क्षेत्रों के लिये किया जाता है जिनका आपस में निकट सम्बन्ध है, किन्तु दोनों अलग-अलग हैं। इन दो क्षेत्रों को {{math|'''B'''}} तथा {{math|'''H'''}}, द्वारा निरूपित किया जाता है। {{math|'''H'''}} की ईकाई [[एम्पियर|अम्पीयर]] प्रति [[मीटर]] (संकेत: A·m<sup>−1</sup> or A/m) है और {{math|'''B'''}} की ईकाई [[टेस्ला]] (प्रतीक: T) है।
चुम्बकीय क्षेत्र दो प्रकार से उत्पन्न (स्थापित) किया जा सकता है- (१) गतिमान आवेशों के द्वारा (अर्थात, [[विद्युत धारा]] के द्वारा) तथा (२) मूलभूत कणों में निहित [[चुम्बकीय आघूर्ण]] के द्वारा<ref name="Jiles">{{cite book
| last = Jiles
| first = David C.
| title = Introduction to Magnetism and Magnetic Materials
| publisher = CRC
| edition = 2
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| pages = 3
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| last1 = Feynman
| first1 = Richard Phillips
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}}</ref> [[विशिष्ट आपेक्षिकता]] में, विद्युत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र, एक ही वस्तु के दो पक्ष हैं जो परस्पर सम्बन्धित होते हैं।
चुम्बकीय क्षेत्र दो रूपों में देखने को मिलता है, (१) [[चुम्बक|स्थायी चुम्बकों]] द्वारा [[लोहा]], [[कोबाल्ट]] आदि से निर्मित वस्तुओं पर लगने वाला बल, तथा (२) [[इंजन|मोटर]] आदि में उत्पन्न बलाघूर्ण जिससे मोटर घूमती है। आधुनिक प्रौद्योगिकी में चुम्बकीय क्षेत्रों का बहुतायत में उपयोग होता है (विशेषतः [[विद्युत अभियान्त्रिकी|वैद्युत इंजीनियरी]] तथा [[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]] में)। धरती का चुम्बकीय क्षेत्र, [[दिक्सूचक|चुम्बकीय सुई]] के माध्यम से दिशा ज्ञान कराने में उपयोगी है। [[विद्युत मोटर]] और [[विद्युत जनित्र]] में चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग होता है।
==लॉरेंज बल==
'''{{मुख्य|लॉरेंज बल}}'''
किसी चुम्बकीय क्षेत्र B में, v वेग से गतिमान, q आवेश वाले कण पर लगने वाला [[बल]] है,
: <math>\mathbf{F} = q\mathbf{v} \times \mathbf{B}</math>
== धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र ==
नीचे की तालिका में कुछ प्रमुख धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के मान दिये गये हैं-
{| class="wikitable"
|+
! धारा का विन्यास
!चित्र
! colspan="2" |चुम्बकीय क्षेत्र
|-
|सीमित लंबाई की धारा-बीम <br>(Finite beam of current)
|[[File:Finite beam of current.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math>B=\frac{\mu_0I}{4\pi x}(\cos \theta_1+\cos\theta_2)</math>
जहाँ '''I''' पूरी बीम में प्रवाहित एकसमान धारा का मान है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त लंबाई का धारावाही तार
| [[File:Infinite_current_carrying_wire.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
colspan="2" | <math> B = \frac{\mu_0I}{2\pi x}</math>
जहाँ '''I''' तार से प्रवाहित होने वाली एकसमान धारा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त बेलनाकार तार (अशून्य व्यास का)
|[[File:Infinite current carrying cylinder.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
|<math> B = \frac{\mu_0I}{2\pi x}</math>
समान रूप से I धारा ले जाने वाले '''तार के बाहर''', जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|<math> B = \frac{\mu_0Ix}{2\pi R^2}</math>
समान रूप से I धारा ले जाने वाले '''तार के भीतर''', जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार लूप
|[[File:Current carrying ring.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math>\mathbf B = \frac{\mu_0IR^2}{2(x^2+R^2)^{3/2}}\hat\mathbf x</math>
लूप के अक्ष के अनुदिश, जहाँ I लूप से प्रवाहित होने वाली समान धारा है।
|-
|परिनालिका (Solenoid)
|[[File:Solenoid segment.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
|colspan="2" | <math>B=\frac{\mu_0nI}2(\cos\theta_1+\cos\theta_2)</math>
I धारा वाली परिनालिका के अक्ष के अनुदिश, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों (लूप) की समान संख्या है; और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त परिनालिका
|[[File:Infinite solenoid.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| <math>\mathbf B=0</math>
I धारा वाली '''परिनालिका के बाहर''', जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है।
| <math> B = \mu_0 n I</math>
I धारा वाली '''परिनालिका के भीतर''', जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार टोराइड (Circular Toroid)
|[[File:Circular toroidal inductor.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math> B = \frac{\mu_0NI}{2\pi R}</math>
वृत्ताकार टोराइड के मुख्य भाग (bulk) के अनुदिश, जो N संख्या में समान रूप से वितरित पोलॉइडल लूपों (poloidal loops) के माध्यम से समान धारा I ले जा रहा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा संकेतित रूप में है।
|-
|चुम्बकीय द्विध्रुव (Magnetic Dipole)
|[[File:Magnetic dipole.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| <math>\mathbf B = -\frac{\mu_0\mathbf m}{4\pi r^3},</math>
निरक्षीय तल (equatorial plane) पर, जहाँ \mathbf m [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] (magnetic dipole moment) है।
| <math>\mathbf B = \frac{\mu_0\mathbf m}{2\pi {|x|}^3},</math>
अक्षीय तल (axial plane) पर (यह मानते हुए कि <math>x \gg R</math>), जहाँ अक्ष पर विपरीत दिशा में स्थिति दर्शाने के लिए '''x''' ऋणात्मक भी हो सकता है, और <math>\mathbf m</math> [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] है।
|}
सीमित लंबाई की धारा-बीम के चुम्बकीय क्षेत्र की सहायता से अन्य चुम्बकीय क्षेत्र के मान भी ज्ञात किए जा सकते हैं, उदाहरण के लिए, केंद्र पर <math>\theta</math> कोण और R त्रिज्या वाले एक चाप (arc) का चुम्बकीय क्षेत्र <math>B={\mu_0\theta I\over 4\pi R}</math> होता है, या '''a''' लम्बाई वाले एक N-भुजा युक्त नियमित बहुभुज (regular polygon) के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र <math>B= {\mu_0NI\over\pi a} \sin{\pi\over N}\tan{\pi\over N}</math> होता है; ये दोनों तल के बाहर होते हैं जिनकी सही दिशा का अनुमान दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (right hand thumb rule) से लगाया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चुम्बक|स्थायी चुम्बक]]
*[[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]]
*[[चुम्बकत्व|चुम्बकीय पदार्थ]]
{{Authority control}}
{{भौतिकी-आधार}}
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6553209
6553208
2026-05-16T18:54:09Z
अनुनाद सिंह
1634
/* धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र */
6553209
wikitext
text/x-wiki
[[File:VFPt cylindrical magnet thumb.svg|thumb|250px|किसी 'आदर्श' बेलनाकार चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र]]
[[चित्र:Electromagnetism.svg|thumb|250px|किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा '''I''', उस चालक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र '''B''' उत्पन्न करती है।]]
[[चुंबकीय याम्योत्तर|चुंबकीय]] '''क्षेत्र''' [[विद्युत धारा|विद्युत धाराओं]] और [[चुम्बक|चुंबकीय सामग्री]] का चुंबकीय प्रभाव है। किसी भी बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र दोनों, ''दिशा'' और ''परिमाण'' (या शक्ति) द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है; इसलिये यह एक [[सदिश राशि|सदिश]] क्षेत्र है। चुम्बकीय क्षेत्र गतिमान [[विद्युत आवेश]] और [[मूलकण|मूलकणों]] के अंतर्भूत [[चुम्बकीय आघूर्ण|चुंबकीय आघूर्ण]] द्वारा उत्पादित होता है।
'चुम्बकीय क्षेत्र' शब्द का प्रयोग दो क्षेत्रों के लिये किया जाता है जिनका आपस में निकट सम्बन्ध है, किन्तु दोनों अलग-अलग हैं। इन दो क्षेत्रों को {{math|'''B'''}} तथा {{math|'''H'''}}, द्वारा निरूपित किया जाता है। {{math|'''H'''}} की ईकाई [[एम्पियर|अम्पीयर]] प्रति [[मीटर]] (संकेत: A·m<sup>−1</sup> or A/m) है और {{math|'''B'''}} की ईकाई [[टेस्ला]] (प्रतीक: T) है।
चुम्बकीय क्षेत्र दो प्रकार से उत्पन्न (स्थापित) किया जा सकता है- (१) गतिमान आवेशों के द्वारा (अर्थात, [[विद्युत धारा]] के द्वारा) तथा (२) मूलभूत कणों में निहित [[चुम्बकीय आघूर्ण]] के द्वारा<ref name="Jiles">{{cite book
| last = Jiles
| first = David C.
| title = Introduction to Magnetism and Magnetic Materials
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| last1 = Feynman
| first1 = Richard Phillips
| last2 = Leighton
| first2 = Robert B.
| last3 = Sands
| first3 = Matthew
| title = The Feynman Lectures on Physics
| publisher = California Institute of Technology
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| pages = 1.7–1.8
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}}</ref> [[विशिष्ट आपेक्षिकता]] में, विद्युत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र, एक ही वस्तु के दो पक्ष हैं जो परस्पर सम्बन्धित होते हैं।
चुम्बकीय क्षेत्र दो रूपों में देखने को मिलता है, (१) [[चुम्बक|स्थायी चुम्बकों]] द्वारा [[लोहा]], [[कोबाल्ट]] आदि से निर्मित वस्तुओं पर लगने वाला बल, तथा (२) [[इंजन|मोटर]] आदि में उत्पन्न बलाघूर्ण जिससे मोटर घूमती है। आधुनिक प्रौद्योगिकी में चुम्बकीय क्षेत्रों का बहुतायत में उपयोग होता है (विशेषतः [[विद्युत अभियान्त्रिकी|वैद्युत इंजीनियरी]] तथा [[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]] में)। धरती का चुम्बकीय क्षेत्र, [[दिक्सूचक|चुम्बकीय सुई]] के माध्यम से दिशा ज्ञान कराने में उपयोगी है। [[विद्युत मोटर]] और [[विद्युत जनित्र]] में चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग होता है।
==लॉरेंज बल==
'''{{मुख्य|लॉरेंज बल}}'''
किसी चुम्बकीय क्षेत्र B में, v वेग से गतिमान, q आवेश वाले कण पर लगने वाला [[बल]] है,
: <math>\mathbf{F} = q\mathbf{v} \times \mathbf{B}</math>
== धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र ==
नीचे की तालिका में कुछ प्रमुख धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के मान दिये गये हैं-
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|+
! धारा का विन्यास
!चित्र
! colspan="2" |चुम्बकीय क्षेत्र
|-
|सीमित लंबाई की धारा-बीम <br>(Finite beam of current)
|[[File:Finite beam of current.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math>B=\frac{\mu_0I}{4\pi x}(\cos \theta_1+\cos\theta_2)</math>
जहाँ '''I''' पूरी बीम में प्रवाहित एकसमान धारा का मान है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त लंबाई का धारावाही तार
| [[File:Infinite_current_carrying_wire.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math>B=\frac{\mu_0I}{4\pi x}(\cos \theta_1+\cos\theta_2)</math>
जहाँ '''I''' तार से प्रवाहित होने वाली एकसमान धारा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त बेलनाकार तार (अशून्य व्यास का)
|[[File:Infinite current carrying cylinder.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
|<math> B = \frac{\mu_0I}{2\pi x}</math>
समान रूप से I धारा ले जाने वाले '''तार के बाहर''', जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|<math> B = \frac{\mu_0Ix}{2\pi R^2}</math>
समान रूप से I धारा ले जाने वाले '''तार के भीतर''', जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार लूप
|[[File:Current carrying ring.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math>\mathbf B = \frac{\mu_0IR^2}{2(x^2+R^2)^{3/2}}\hat\mathbf x</math>
लूप के अक्ष के अनुदिश, जहाँ I लूप से प्रवाहित होने वाली समान धारा है।
|-
|परिनालिका (Solenoid)
|[[File:Solenoid segment.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
|colspan="2" | <math>B=\frac{\mu_0nI}2(\cos\theta_1+\cos\theta_2)</math>
I धारा वाली परिनालिका के अक्ष के अनुदिश, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों (लूप) की समान संख्या है; और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|अनन्त परिनालिका
|[[File:Infinite solenoid.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| <math>\mathbf B=0</math>
I धारा वाली '''परिनालिका के बाहर''', जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है।
| <math> B = \mu_0 n I</math>
I धारा वाली '''परिनालिका के भीतर''', जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।
|-
|वृत्ताकार टोराइड (Circular Toroid)
|[[File:Circular toroidal inductor.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| colspan="2" | <math> B = \frac{\mu_0NI}{2\pi R}</math>
वृत्ताकार टोराइड के मुख्य भाग (bulk) के अनुदिश, जो N संख्या में समान रूप से वितरित पोलॉइडल लूपों (poloidal loops) के माध्यम से समान धारा I ले जा रहा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा संकेतित रूप में है।
|-
|चुम्बकीय द्विध्रुव (Magnetic Dipole)
|[[File:Magnetic dipole.svg|frameless|class=skin-invert|235x235px]]
| <math>\mathbf B = -\frac{\mu_0\mathbf m}{4\pi r^3},</math>
निरक्षीय तल (equatorial plane) पर, जहाँ \mathbf m [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] (magnetic dipole moment) है।
| <math>\mathbf B = \frac{\mu_0\mathbf m}{2\pi {|x|}^3},</math>
अक्षीय तल (axial plane) पर (यह मानते हुए कि <math>x \gg R</math>), जहाँ अक्ष पर विपरीत दिशा में स्थिति दर्शाने के लिए '''x''' ऋणात्मक भी हो सकता है, और <math>\mathbf m</math> [[चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण]] है।
|}
सीमित लंबाई की धारा-बीम के चुम्बकीय क्षेत्र की सहायता से अन्य चुम्बकीय क्षेत्र के मान भी ज्ञात किए जा सकते हैं, उदाहरण के लिए, केंद्र पर <math>\theta</math> कोण और R त्रिज्या वाले एक चाप (arc) का चुम्बकीय क्षेत्र <math>B={\mu_0\theta I\over 4\pi R}</math> होता है, या '''a''' लम्बाई वाले एक N-भुजा युक्त नियमित बहुभुज (regular polygon) के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र <math>B= {\mu_0NI\over\pi a} \sin{\pi\over N}\tan{\pi\over N}</math> होता है; ये दोनों तल के बाहर होते हैं जिनकी सही दिशा का अनुमान दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (right hand thumb rule) से लगाया जाता है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[चुम्बक|स्थायी चुम्बक]]
*[[विद्युत्चुम्बकत्व|विद्युतचुम्बकत्व]]
*[[चुम्बकत्व|चुम्बकीय पदार्थ]]
{{Authority control}}
{{भौतिकी-आधार}}
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विक्रम योग
0
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6553415
4796039
2026-05-17T10:27:11Z
अनुनाद सिंह
1634
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wikitext
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{{refimprove|date=October 2010}}
{{योगविद्यालय
|नाम=विक्रम योग
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|religious_origins=[[none]]
|regional_origins=भारत योग महाविद्यालय (योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया), [[कोलकाता]], [[भारत]]
|संस्थापक गुरु =[[विक्रम चौधरी]]
|स्थापना वर्ष = 20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बढ़ रहा है।
|popularity=20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बढ़ रहा है।
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|सम्बंधित विद्यालय =योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया, [[कोलकाता]], [[भारत]]
|व्युत्पन्न=
|अभ्यास विधि=unchanging sequence of postures in a heated room designed as a rejuvenating exercise to strengthen the entire body from head to toe
}}
'''विक्रम योग''' [[योग]] की एक प्रणाली है जिसे [[विक्रम चौधरी]] ने परंपरागत योग तकनीकों से तैयार किया था और 1970 के दशक की शुरुआत में इसे लोकप्रियता मिलनी शुरू हुई थी।<ref>[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 "विक्रम चौधरी योगा इंक." के लिए व्यावसायिक पंजीकरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 नंबर: सी2288343] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}</ref><ref name="Forbes">{{cite web |url=http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |title=Bikram Yoga's New Twists |last=Farrell |first=Maureen |date=September 3, 2009 |publisher=Forbes.com |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110114013352/http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |archive-date=14 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> विक्रम की कक्षाएं लगभग 90 मिनट तक चलती हैं और इसमें 26 मुद्राओं और 2 साँस संबंधी व्यायामों की श्रृंखला का एक सेट पूरा कराया जाता है। विक्रम योग का अभ्यास आदर्श रूप से 105° फारेनहाइट तक गर्म किये गए और 40% आर्द्रता वाले कमरे में कराया जाता है जो इसे खुले तौर पर हॉट योगा के एक स्वरूप में पहचान दिलाता है।
== सिद्धांत ==
विक्रम योग का लक्ष्य सामान्य तंदुरुस्ती कायम करना है और विक्रम चौधरी यह दावा करते हैं कि गर्म किया गया स्टूडियो तनाव और थकान को कम करते हुए, गहराई तक फैलाव और चोट से बचाव की सुविधा देता है। विक्रम का दावा है कि उनकी प्रणाली शरीर की प्रत्येक मांसपेशी, जोड़ और अंग को उत्प्रेरित करती है और तंदुरुस्ती जगाती है। श्री चौधरी के मुताबिक, कई लोग अपने फेफड़े की क्षमता का केवल 50 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल कर पाते हैं और इस तरह ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने के क्रम में फेफड़ों को अनिवार्य रूप से फैलाव दिया जाना चाहिए। 2007 के एक साक्षात्कार में श्री चौधरी ने कहा था कि जब कोई व्यक्ति ''प्राणायाम'' का अभ्यास कर रहा होता है उसे अंततः ऑक्सीजन के रूपांतरण और अवशोषण को बढ़ाने के साथ-साथ रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए सक्षम होना चाहिए, जैसा कि हृदयवाहिनी (कार्डियोवस्कुलर) गतिविधियों के कई अन्य स्वरूपों में होता है।
श्री चौधरी का दावा है कि विक्रम योग के दौरान दो प्रक्रियाओं के कारण रक्त परिसंचरण बेहद प्रभावित होता है जिसे ''एक्सटेंशन'' और ''कम्प्रेशन'' कहा जाता है। कहा जाता है कि ये दोनों प्रक्रियाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं जिससे मानव शरीर के अंदर प्रत्येक जोड़, मांसपेशी और अंग को ताजा ऑक्सीजन प्राप्त होता है। किसी विशिष्ट ''आसन'' (मुद्रा) का अभ्यास करते हुए अभ्यासकर्ता शरीर के किसी ख़ास हिस्से को फैलाता और सिकोड़ता है, इस प्रकार परिसंचरण अस्थायी रूप से रुक जाता है। परिसंचरण में इस रुकावट के कारण हृदय को उस कमी की प्रतिक्रिया स्वरूप अधिक रक्त पम्प करना पड़ता है। अतिरिक्त मात्रा में ताजा रक्त पंप किये जाने की प्रक्रिया को एक्सटेंशन कहा जाता है। एक बार जब आसन पूरा हो जाता है और व्यक्ति उस मुद्रा से बाहर आ जाता है, तो उन धमनियों में नया ऑक्सीजन युक्त रक्त फिर से संचारित होने लगता है जहाँ इसे संकुचित किया जा रहा था। ताजा रक्त की मात्रा में बदलाव और इसके तीव्र प्रवाह के कारण, ऐसा कहा जाता है कि संक्रमण, जीवाणु और हानिकारक पदार्थों को इस प्रक्रिया के जरिये बाहर निकाला जा सकता है। योग की अन्य शैलियाँ भी इस सिद्धांत को बढ़ावा देती हैं (सीएफ: आतंरिक अंगों पर गहरे उतार-चढ़ाव (डीप ट्विस्ट्स) के प्रभाव के संदर्भ में बी.के.एस. आयंगर की "स्क्वीज एंड सोक" संबंधी सादृश्यता).
विक्रम योग अपने लंबे समय से कायम चिकित्सकीय फायदों और परमानंद संबंधी प्रभाव के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय है। ताप नमी युक्त भारत में योग संबंधी परिस्थितियों को कायम रखता है जो शरीर को शुद्ध करता है और इसके हानिकारक पदार्थों को बाहर निकाल देता है, यही कारण है कि विक्रम योग की कक्षा में अक्सर एक नयी "ताजगी" का अनुभव होता है।
== विवाद ==
=== सुरक्षा ===
विक्रम योग इस सवाल पर काफी विवाद का विषय रहा है कि क्या 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक तापमान वाले कमरे में कठिन व्यायाम का अभ्यास करना सुरक्षित है या नहीं। विक्रम योग का अभ्यास करने वालों के लिए चक्कर आना और मतली का अनुभव करना आम बात है।
=== प्रतिस्पर्धा ===
विक्रम योग का एक अन्य विवादास्पद पहलू क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विक्रम प्रतिस्पर्धाओं के प्रसार से संबंधित है। जबकि योग के अन्य स्वरूपों के अभ्यासकर्ताओं का कहना है कि प्रतिस्पर्धा शांति और एकता के विचार का विरोध करना है, विक्रम का कहना है, "प्रतिस्पर्धा हर लोकतांत्रिक समाज का आधार है। 'प्रतिस्पर्धा' के बिना कोई लोकतंत्र कायम नहीं होता है।"<ref>{{Cite web |url=http://www.bikramyoga.com/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ |archive-date=26 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
=== मुकदमे ===
[[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में श्री चौधरी ने इस प्रणाली के अभ्यास, अध्यापन और कारोबार के ज्यादातर पहलुओं में व्यापक स्तर पर कॉपीराइटों का दावा किया है और इन्हें लागू करने के प्रति आक्रामक रहे हैं।<ref name="Forbes"/> हालांकि इन दावों का निर्णायक रूप से कोई हल नहीं निकला है (यानी इन दावों पर किसी न्यायिक फैसले द्वारा), विक्रम चौधरी ने कई योग शिक्षकों और स्टूडियो से कानूनी निपटारों को हासिल कर लिया है।<ref name="Forbes"/>
== 26 आसन (मुद्राएं) ==
[[चित्र:Bikram Yoga sequence of asanas.jpg|right|thumb|350px|विक्रम योग के आसनों का सचित्र क्रम]]
{| class="wikitable"
|-
! #
! संस्कृत
! अंग्रेज़ी
|-
| 1
| प्राणायाम सीरीज
| स्टैंडिंग डीप ब्रीडिंग
|-
| 2
| पाद-हस्तासन ''के साथ'' अर्द्ध चंद्रासन
| हाफ मून पोज ''विद'' हैंड्स टू फीट पोज
|-
| 3
| उत्कटासन
| ऑकवार्ड पोज
|-
| 4
| गरुड़ासन
| ईगल पोज
|-
| 5
| दण्डायमान - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग हेड टू नी पोज
|-
| 6
| दण्डायमान - धनुरासन
| स्टैंडिंग बो पुलिंग पोज
|-
| 7
| तुलादण्डासन
| बैलेंसिंग स्टिक पोज
|-
| 8
| दण्डायमान - विभक्तपाद - पश्चिमोत्तानासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 9
| त्रिकोणासन
| ट्राएंगल पोज
|-
| 10
| दण्डायमान - विभक्तपाद - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग हेड टू नी पोज
|-
| 11
| ताड़ासन
| माउन्टेन पोज
|-
| 12
| पदंगुस्तासन
| टो स्टैंड पोज
|-
| 13
| शवासन
| कॉर्प्स पोज
|-
| 14
| पवनमुक्तासन
| विंड रिमूविंग पोज
|-
| 15
| भुजंगासन
| कोबरा पोज
|-
| 16
| सलभासन
| लोकस्ट पोज
|-
| 17
| पूर्ण-सलभासन
| फुल लोकस्ट पोज
|-
| 18
| धनुरासन
| बो पोज
|-
| 19
| सुप्त-वज्रासन
| फिक्स्ड फर्म पोज
|-
| 20
| अर्द्ध-कूर्मासन
| हाफ टॉरटोइज पोज
|-
| 21
| उष्ट्रासन
| कैमेल पोज
|-
| 22
| ससंगासन
| रैबिट पोज
|-
| 23 और 24
| पश्चिमोत्तानासन ''के साथ'' जनुशिरासन
| हेड टू नी पोज ''विद'' स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 25
| अर्द्ध-मत्स्येन्द्रासन
| स्पाइन ट्विस्टिंग पोज
|-
| 26
| कपालभाति
| ब्लोइंग इन फर्म
|}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://web.archive.org/web/20150206074449/http://baddogtales.com/yogainc.html 'योगा, इंक.', विक्रम कॉपीराइट मामले के बारे में एक वृत्तचित्र, 'प्रतिस्पर्धी' योग और योगा उद्योग]
* [https://web.archive.org/web/20110724140035/http://www.yoga-108.net/bikram_postures.htm चित्र के साथ सभी 27 मुद्राओं की सूची]
{{Yoga}}
[[श्रेणी:योग शैलियाँ]]
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6553417
6553415
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अनुनाद सिंह
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wikitext
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|नाम=विक्रम योग
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|religious_origins=[[none]]
|regional_origins=भारत योग महाविद्यालय (योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया), [[कोलकाता]], [[भारत]]
|संस्थापक गुरु =[[विक्रम चौधरी]]
|स्थापना वर्ष = 20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बढ़ रहा है।
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|other_topics=
|सम्बंधित विद्यालय =योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया, [[कोलकाता]], [[भारत]]
|व्युत्पन्न=
|अभ्यास विधि=unchanging sequence of postures in a heated room designed as a rejuvenating exercise to strengthen the entire body from head to toe
}}
'''विक्रम योग''' [[योग]] की एक प्रणाली है जिसे [[विक्रम चौधरी]] ने परंपरागत योग तकनीकों से तैयार किया था और 1970 के दशक की शुरुआत में इसे लोकप्रियता मिलनी शुरू हुई थी।<ref>[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 "विक्रम चौधरी योगा इंक." के लिए व्यावसायिक पंजीकरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 नंबर: सी2288343] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}</ref><ref name="Forbes">{{cite web |url=http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |title=Bikram Yoga's New Twists |last=Farrell |first=Maureen |date=September 3, 2009 |publisher=Forbes.com |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110114013352/http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |archive-date=14 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> विक्रम की कक्षाएं लगभग 90 मिनट तक चलती हैं और इसमें 26 मुद्राओं और 2 साँस संबंधी व्यायामों की श्रृंखला का एक सेट पूरा कराया जाता है। विक्रम योग का अभ्यास आदर्श रूप से 105° फारेनहाइट तक गर्म किये गए और 40% आर्द्रता वाले कमरे में कराया जाता है जो इसे खुले तौर पर हॉट योगा के एक स्वरूप में पहचान दिलाता है।
== सिद्धांत ==
विक्रम योग का लक्ष्य सामान्य तंदुरुस्ती कायम करना है और विक्रम चौधरी यह दावा करते हैं कि गर्म किया गया स्टूडियो तनाव और थकान को कम करते हुए, गहराई तक फैलाव और चोट से बचाव की सुविधा देता है। विक्रम का दावा है कि उनकी प्रणाली शरीर की प्रत्येक मांसपेशी, जोड़ और अंग को उत्प्रेरित करती है और तंदुरुस्ती जगाती है। श्री चौधरी के मुताबिक, कई लोग अपने फेफड़े की क्षमता का केवल 50 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल कर पाते हैं और इस तरह ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने के क्रम में फेफड़ों को अनिवार्य रूप से फैलाव दिया जाना चाहिए। 2007 के एक साक्षात्कार में श्री चौधरी ने कहा था कि जब कोई व्यक्ति ''प्राणायाम'' का अभ्यास कर रहा होता है उसे अंततः ऑक्सीजन के रूपांतरण और अवशोषण को बढ़ाने के साथ-साथ रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए सक्षम होना चाहिए, जैसा कि हृदयवाहिनी (कार्डियोवस्कुलर) गतिविधियों के कई अन्य स्वरूपों में होता है।
श्री चौधरी का दावा है कि विक्रम योग के दौरान दो प्रक्रियाओं के कारण रक्त परिसंचरण बेहद प्रभावित होता है जिसे ''एक्सटेंशन'' और ''कम्प्रेशन'' कहा जाता है। कहा जाता है कि ये दोनों प्रक्रियाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं जिससे मानव शरीर के अंदर प्रत्येक जोड़, मांसपेशी और अंग को ताजा ऑक्सीजन प्राप्त होता है। किसी विशिष्ट ''आसन'' (मुद्रा) का अभ्यास करते हुए अभ्यासकर्ता शरीर के किसी ख़ास हिस्से को फैलाता और सिकोड़ता है, इस प्रकार परिसंचरण अस्थायी रूप से रुक जाता है। परिसंचरण में इस रुकावट के कारण हृदय को उस कमी की प्रतिक्रिया स्वरूप अधिक रक्त पम्प करना पड़ता है। अतिरिक्त मात्रा में ताजा रक्त पंप किये जाने की प्रक्रिया को एक्सटेंशन कहा जाता है। एक बार जब आसन पूरा हो जाता है और व्यक्ति उस मुद्रा से बाहर आ जाता है, तो उन धमनियों में नया ऑक्सीजन युक्त रक्त फिर से संचारित होने लगता है जहाँ इसे संकुचित किया जा रहा था। ताजा रक्त की मात्रा में बदलाव और इसके तीव्र प्रवाह के कारण, ऐसा कहा जाता है कि संक्रमण, जीवाणु और हानिकारक पदार्थों को इस प्रक्रिया के जरिये बाहर निकाला जा सकता है। योग की अन्य शैलियाँ भी इस सिद्धांत को बढ़ावा देती हैं (सीएफ: आतंरिक अंगों पर गहरे उतार-चढ़ाव (डीप ट्विस्ट्स) के प्रभाव के संदर्भ में बी.के.एस. आयंगर की "स्क्वीज एंड सोक" संबंधी सादृश्यता).
विक्रम योग अपने लंबे समय से कायम चिकित्सकीय फायदों और परमानंद संबंधी प्रभाव के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय है। ताप नमी युक्त भारत में योग संबंधी परिस्थितियों को कायम रखता है जो शरीर को शुद्ध करता है और इसके हानिकारक पदार्थों को बाहर निकाल देता है, यही कारण है कि विक्रम योग की कक्षा में अक्सर एक नयी "ताजगी" का अनुभव होता है।
== विवाद ==
=== सुरक्षा ===
विक्रम योग इस सवाल पर काफी विवाद का विषय रहा है कि क्या 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक तापमान वाले कमरे में कठिन व्यायाम का अभ्यास करना सुरक्षित है या नहीं। विक्रम योग का अभ्यास करने वालों के लिए चक्कर आना और मतली का अनुभव करना आम बात है।
=== प्रतिस्पर्धा ===
विक्रम योग का एक अन्य विवादास्पद पहलू क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विक्रम प्रतिस्पर्धाओं के प्रसार से संबंधित है। जबकि योग के अन्य स्वरूपों के अभ्यासकर्ताओं का कहना है कि प्रतिस्पर्धा शांति और एकता के विचार का विरोध करना है, विक्रम का कहना है, "प्रतिस्पर्धा हर लोकतांत्रिक समाज का आधार है। 'प्रतिस्पर्धा' के बिना कोई लोकतंत्र कायम नहीं होता है।"<ref>{{Cite web |url=http://www.bikramyoga.com/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ |archive-date=26 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
=== मुकदमे ===
[[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में श्री चौधरी ने इस प्रणाली के अभ्यास, अध्यापन और कारोबार के ज्यादातर पहलुओं में व्यापक स्तर पर कॉपीराइटों का दावा किया है और इन्हें लागू करने के प्रति आक्रामक रहे हैं।<ref name="Forbes"/> हालांकि इन दावों का निर्णायक रूप से कोई हल नहीं निकला है (यानी इन दावों पर किसी न्यायिक फैसले द्वारा), विक्रम चौधरी ने कई योग शिक्षकों और स्टूडियो से कानूनी निपटारों को हासिल कर लिया है।<ref name="Forbes"/>
== 26 आसन (मुद्राएं) ==
बिक्रम योग के किसी अभ्यासवर्ग में अभ्यास की जाने वाली 26 मुद्राओं (आसनों) की शृंखला निम्नलिखित है:<ref>[https://bmccomplementmedtherapies.biomedcentral.com/articles/10.1186/s12906-019-2642-1#Fig1 MindinBody - feasibility of vigorous exercise (Bikram yoga versus high intensity interval training) to improve persistent pain in women with a history of trauma: a pilot randomized control trial ]</ref>
[[चित्र:Bikram Yoga sequence of asanas.jpg|right|thumb|350px|विक्रम योग के आसनों का सचित्र क्रम]]
{| class="wikitable"
|-
! #
! संस्कृत
! अंग्रेज़ी
|-
| 1
| प्राणायाम सीरीज
| स्टैंडिंग डीप ब्रीडिंग
|-
| 2
| पाद-हस्तासन ''के साथ'' अर्द्ध चंद्रासन
| हाफ मून पोज ''विद'' हैंड्स टू फीट पोज
|-
| 3
| उत्कटासन
| ऑकवार्ड पोज
|-
| 4
| गरुड़ासन
| ईगल पोज
|-
| 5
| दण्डायमान - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग हेड टू नी पोज
|-
| 6
| दण्डायमान - धनुरासन
| स्टैंडिंग बो पुलिंग पोज
|-
| 7
| तुलादण्डासन
| बैलेंसिंग स्टिक पोज
|-
| 8
| दण्डायमान - विभक्तपाद - पश्चिमोत्तानासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 9
| त्रिकोणासन
| ट्राएंगल पोज
|-
| 10
| दण्डायमान - विभक्तपाद - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग हेड टू नी पोज
|-
| 11
| ताड़ासन
| माउन्टेन पोज
|-
| 12
| पदंगुस्तासन
| टो स्टैंड पोज
|-
| 13
| शवासन
| कॉर्प्स पोज
|-
| 14
| पवनमुक्तासन
| विंड रिमूविंग पोज
|-
| 15
| भुजंगासन
| कोबरा पोज
|-
| 16
| सलभासन
| लोकस्ट पोज
|-
| 17
| पूर्ण-सलभासन
| फुल लोकस्ट पोज
|-
| 18
| धनुरासन
| बो पोज
|-
| 19
| सुप्त-वज्रासन
| फिक्स्ड फर्म पोज
|-
| 20
| अर्द्ध-कूर्मासन
| हाफ टॉरटोइज पोज
|-
| 21
| उष्ट्रासन
| कैमेल पोज
|-
| 22
| ससंगासन
| रैबिट पोज
|-
| 23 और 24
| पश्चिमोत्तानासन ''के साथ'' जनुशिरासन
| हेड टू नी पोज ''विद'' स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 25
| अर्द्ध-मत्स्येन्द्रासन
| स्पाइन ट्विस्टिंग पोज
|-
| 26
| कपालभाति
| ब्लोइंग इन फर्म
|}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://web.archive.org/web/20150206074449/http://baddogtales.com/yogainc.html 'योगा, इंक.', विक्रम कॉपीराइट मामले के बारे में एक वृत्तचित्र, 'प्रतिस्पर्धी' योग और योगा उद्योग]
* [https://web.archive.org/web/20110724140035/http://www.yoga-108.net/bikram_postures.htm चित्र के साथ सभी 27 मुद्राओं की सूची]
{{Yoga}}
[[श्रेणी:योग शैलियाँ]]
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2026-05-17T10:37:10Z
अनुनाद सिंह
1634
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text/x-wiki
{{योगविद्यालय
|नाम=विक्रम योग
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|religious_origins=[[none]]
|regional_origins=भारत योग महाविद्यालय (योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया), [[कोलकाता]], [[भारत]]
|संस्थापक गुरु =[[विक्रम चौधरी]]
|स्थापना वर्ष = 20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बढ़ रहा है।
|popularity=20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध से बढ़ रहा है।
|other_topics=
|सम्बंधित विद्यालय =योग कॉलेज ऑफ़ इंडिया, [[कोलकाता]], [[भारत]]
|व्युत्पन्न=
|अभ्यास विधि=unchanging sequence of postures in a heated room designed as a rejuvenating exercise to strengthen the entire body from head to toe
}}
'''विक्रम योग''' [[योग]] की एक प्रणाली है जिसे [[विक्रम चौधरी]] ने परंपरागत योग तकनीकों से तैयार किया था और 1970 के दशक की शुरुआत में इसे लोकप्रियता मिलनी शुरू हुई थी।<ref>[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 "विक्रम चौधरी योगा इंक." के लिए व्यावसायिक पंजीकरण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}[http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 नंबर: सी2288343] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131021085805/http://kepler.ss.ca.gov/corpdata/ShowAllList?QueryCorpNumber=C2288343 |date=21 अक्तूबर 2013 }}</ref><ref name="Forbes">{{cite web |url=http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |title=Bikram Yoga's New Twists |last=Farrell |first=Maureen |date=September 3, 2009 |publisher=Forbes.com |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110114013352/http://www.forbes.com/forbes/2009/0921/entrepreneurs-franchising-bikram-yoga-new-twists.html |archive-date=14 जनवरी 2011 |url-status=live }}</ref> विक्रम की कक्षाएं लगभग 90 मिनट तक चलती हैं और इसमें 26 मुद्राओं और 2 साँस संबंधी व्यायामों की श्रृंखला का एक सेट पूरा कराया जाता है। विक्रम योग का अभ्यास आदर्श रूप से 105° फारेनहाइट तक गर्म किये गए और 40% आर्द्रता वाले कमरे में कराया जाता है जो इसे खुले तौर पर हॉट योगा के एक स्वरूप में पहचान दिलाता है।
== सिद्धांत ==
विक्रम योग का लक्ष्य सामान्य तंदुरुस्ती कायम करना है और विक्रम चौधरी यह दावा करते हैं कि गर्म किया गया स्टूडियो तनाव और थकान को कम करते हुए, गहराई तक फैलाव और चोट से बचाव की सुविधा देता है। विक्रम का दावा है कि उनकी प्रणाली शरीर की प्रत्येक मांसपेशी, जोड़ और अंग को उत्प्रेरित करती है और तंदुरुस्ती जगाती है। श्री चौधरी के मुताबिक, कई लोग अपने फेफड़े की क्षमता का केवल 50 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल कर पाते हैं और इस तरह ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने के क्रम में फेफड़ों को अनिवार्य रूप से फैलाव दिया जाना चाहिए। 2007 के एक साक्षात्कार में श्री चौधरी ने कहा था कि जब कोई व्यक्ति ''प्राणायाम'' का अभ्यास कर रहा होता है उसे अंततः ऑक्सीजन के रूपांतरण और अवशोषण को बढ़ाने के साथ-साथ रक्त परिसंचरण में सुधार के लिए सक्षम होना चाहिए, जैसा कि हृदयवाहिनी (कार्डियोवस्कुलर) गतिविधियों के कई अन्य स्वरूपों में होता है।
श्री चौधरी का दावा है कि विक्रम योग के दौरान दो प्रक्रियाओं के कारण रक्त परिसंचरण बेहद प्रभावित होता है जिसे ''एक्सटेंशन'' और ''कम्प्रेशन'' कहा जाता है। कहा जाता है कि ये दोनों प्रक्रियाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं जिससे मानव शरीर के अंदर प्रत्येक जोड़, मांसपेशी और अंग को ताजा ऑक्सीजन प्राप्त होता है। किसी विशिष्ट ''आसन'' (मुद्रा) का अभ्यास करते हुए अभ्यासकर्ता शरीर के किसी ख़ास हिस्से को फैलाता और सिकोड़ता है, इस प्रकार परिसंचरण अस्थायी रूप से रुक जाता है। परिसंचरण में इस रुकावट के कारण हृदय को उस कमी की प्रतिक्रिया स्वरूप अधिक रक्त पम्प करना पड़ता है। अतिरिक्त मात्रा में ताजा रक्त पंप किये जाने की प्रक्रिया को एक्सटेंशन कहा जाता है। एक बार जब आसन पूरा हो जाता है और व्यक्ति उस मुद्रा से बाहर आ जाता है, तो उन धमनियों में नया ऑक्सीजन युक्त रक्त फिर से संचारित होने लगता है जहाँ इसे संकुचित किया जा रहा था। ताजा रक्त की मात्रा में बदलाव और इसके तीव्र प्रवाह के कारण, ऐसा कहा जाता है कि संक्रमण, जीवाणु और हानिकारक पदार्थों को इस प्रक्रिया के जरिये बाहर निकाला जा सकता है। योग की अन्य शैलियाँ भी इस सिद्धांत को बढ़ावा देती हैं (सीएफ: आतंरिक अंगों पर गहरे उतार-चढ़ाव (डीप ट्विस्ट्स) के प्रभाव के संदर्भ में बी.के.एस. आयंगर की "स्क्वीज एंड सोक" संबंधी सादृश्यता).
विक्रम योग अपने लंबे समय से कायम चिकित्सकीय फायदों और परमानंद संबंधी प्रभाव के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय है। ताप नमी युक्त भारत में योग संबंधी परिस्थितियों को कायम रखता है जो शरीर को शुद्ध करता है और इसके हानिकारक पदार्थों को बाहर निकाल देता है, यही कारण है कि विक्रम योग की कक्षा में अक्सर एक नयी "ताजगी" का अनुभव होता है।
== विवाद ==
=== सुरक्षा ===
विक्रम योग इस सवाल पर काफी विवाद का विषय रहा है कि क्या 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक तापमान वाले कमरे में कठिन व्यायाम का अभ्यास करना सुरक्षित है या नहीं। विक्रम योग का अभ्यास करने वालों के लिए चक्कर आना और मतली का अनुभव करना आम बात है।
=== प्रतिस्पर्धा ===
विक्रम योग का एक अन्य विवादास्पद पहलू क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विक्रम प्रतिस्पर्धाओं के प्रसार से संबंधित है। जबकि योग के अन्य स्वरूपों के अभ्यासकर्ताओं का कहना है कि प्रतिस्पर्धा शांति और एकता के विचार का विरोध करना है, विक्रम का कहना है, "प्रतिस्पर्धा हर लोकतांत्रिक समाज का आधार है। 'प्रतिस्पर्धा' के बिना कोई लोकतंत्र कायम नहीं होता है।"<ref>{{Cite web |url=http://www.bikramyoga.com/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=5 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ |archive-date=26 जून 2015 |url-status=dead }}</ref>
=== मुकदमे ===
[[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में श्री चौधरी ने इस प्रणाली के अभ्यास, अध्यापन और कारोबार के ज्यादातर पहलुओं में व्यापक स्तर पर कॉपीराइटों का दावा किया है और इन्हें लागू करने के प्रति आक्रामक रहे हैं।<ref name="Forbes"/> हालांकि इन दावों का निर्णायक रूप से कोई हल नहीं निकला है (यानी इन दावों पर किसी न्यायिक फैसले द्वारा), विक्रम चौधरी ने कई योग शिक्षकों और स्टूडियो से कानूनी निपटारों को हासिल कर लिया है।<ref name="Forbes"/>
== 26 आसन (मुद्राएं) ==
बिक्रम योग के किसी अभ्यासवर्ग में अभ्यास की जाने वाली 26 मुद्राओं (आसनों) की शृंखला निम्नलिखित है:<ref>[https://bmccomplementmedtherapies.biomedcentral.com/articles/10.1186/s12906-019-2642-1#Fig1 MindinBody - feasibility of vigorous exercise (Bikram yoga versus high intensity interval training) to improve persistent pain in women with a history of trauma: a pilot randomized control trial ]</ref>
[[चित्र:Bikram Yoga sequence of asanas.jpg|right|thumb|350px|विक्रम योग के आसनों का सचित्र क्रम]]
{| class="wikitable"
|-
! #
! संस्कृत
! अंग्रेज़ी
|-
| 1
| प्राणायाम सीरीज
| स्टैंडिंग डीप ब्रीडिंग
|-
| 2
| पाद-हस्तासन ''के साथ'' अर्द्ध चंद्रासन
| हाफ मून पोज ''विद'' हैंड्स टू फीट पोज
|-
| 3
| उत्कटासन
| ऑकवार्ड पोज
|-
| 4
| गरुड़ासन
| ईगल पोज
|-
| 5
| दण्डायमान - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग हेड टू नी पोज
|-
| 6
| दण्डायमान - धनुरासन
| स्टैंडिंग बो पुलिंग पोज
|-
| 7
| तुलादण्डासन
| बैलेंसिंग स्टिक पोज
|-
| 8
| दण्डायमान - विभक्तपाद - पश्चिमोत्तानासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 9
| त्रिकोणासन
| ट्राएंगल पोज
|-
| 10
| दण्डायमान - विभक्तपाद - जनुशिरासन
| स्टैंडिंग सेपरेट लेग हेड टू नी पोज
|-
| 11
| ताड़ासन
| माउन्टेन पोज
|-
| 12
| पदंगुस्तासन
| टो स्टैंड पोज
|-
| 13
| शवासन
| कॉर्प्स पोज
|-
| 14
| पवनमुक्तासन
| विंड रिमूविंग पोज
|-
| 15
| भुजंगासन
| कोबरा पोज
|-
| 16
| सलभासन
| लोकस्ट पोज
|-
| 17
| पूर्ण-सलभासन
| फुल लोकस्ट पोज
|-
| 18
| धनुरासन
| बो पोज
|-
| 19
| सुप्त-वज्रासन
| फिक्स्ड फर्म पोज
|-
| 20
| अर्द्ध-कूर्मासन
| हाफ टॉरटोइज पोज
|-
| 21
| उष्ट्रासन
| कैमेल पोज
|-
| 22
| ससंगासन
| रैबिट पोज
|-
| 23 और 24
| पश्चिमोत्तानासन ''के साथ'' जनुशिरासन
| हेड टू नी पोज ''विद'' स्ट्रेचिंग पोज
|-
| 25
| अर्द्ध-मत्स्येन्द्रासन
| स्पाइन ट्विस्टिंग पोज
|-
| 26
| कपालभाति
| ब्लोइंग इन फर्म
|}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20150626220153/http://bikramyoga.com/ आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://web.archive.org/web/20150206074449/http://baddogtales.com/yogainc.html 'योगा, इंक.', विक्रम कॉपीराइट मामले के बारे में एक वृत्तचित्र, 'प्रतिस्पर्धी' योग और योगा उद्योग]
* [https://web.archive.org/web/20110724140035/http://www.yoga-108.net/bikram_postures.htm चित्र के साथ सभी 27 मुद्राओं की सूची]
{{योग}}
[[श्रेणी:योग शैलियाँ]]
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भारत में इस्लाम
0
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इस्लाम का प्रचार किया
6553316
wikitext
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{{about|भारतीय गणतंत्र में इस्लाम|भारत की व्यापक परिभाषा|दक्षिण एशिया में इस्लाम}}
{{भारत में इस्लाम}}
{{Ethnic group
|group = भारतीय मुस्लिम
|image =
|image_caption = [[ए. पी. जे. अब्दुल कलाम|अब्दुल कलाम]] {{·}} [[Qurratulain हैदर]] {{·}} [[एम जे अकबर]] {{·}} [[जावेद अख़्तर]]<br /> [[इरफ़ान हबीब]] {{·}} [[ज़ाकिर हुसैन (राजनीतइग्य)|ज़ाकिर हुसैन]] {{·}}[[अज़ीज़ प्रेमजी]] {{·}} [[अब्दुल हमीद (सैनिक)|अब्दुल हमीद]]<br /> [[ज़ाकिर हुसैन (संगीतकार)|ज़ाकिर हुसैन]] {{·}} [[मोहम्म्द हिदयतुल्लाह]] {{·}} [[सानिया मिर्ज़ा]] {{·}} [[बिस्मिल्लाह ख़ान]]<br /> [[आमिर ख़ान]]{{·}} [[सलीम अली (ornithologist)|सलीम अली]] {{·}} [[शाहरुख़ ख़ान]] {{·}} [[मौलाना आज़ाद]]<br /> [[ऐ आर रहमान]] {{·}} [[नर्गिस]] {{·}} [[ममूटी]] {{·}} [[हमीद अंसारी]]
|pop = लगभग 17 करोड़ (2018)<ref name="censusindia2011">{{cite news| url=http://www.economist.com/blogs/economist-explains/2014/09/economist-explains-3| work=Economist | title=Why India’s Muslims are so moderate| date=7 September 2014}}</ref><ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/US-feels-India-has-180m-Muslims/articleshow/9853345.cms|title='US feels India has 180m Muslims'|work=The Times of India|accessdate=6 May 2015}}</ref><ref>{{cite news| url=http://www.rediff.com/news/slide-show/slide-show-1-by-2030-muslims-will-make-up-16-pc-of-indias-population/20110128.htm| work=Rediff.com | title=By 2030, Muslims will make up 19 pc of India's population | date=28 January 2011}}</ref><ref>[http://pewforum.org/Muslim/Map--Distribution-of-Muslim-Population-by-Country-and-Territory.aspx Mapping the Global Muslim Population] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110106151807/http://pewforum.org/Muslim/Map--Distribution-of-Muslim-Population-by-Country-and-Territory.aspx |date=6 जनवरी 2011 }} Pew Forum.</ref>
|regions = [[जम्मू एवं कश्मीर]], [[असम]] एवं [[पश्चिम बंगाल]] में अधिकतर जनसंख्या घनत्व। [[उत्तर प्रदेश]], [[बिहार]], [[महाराष्ट्र]] एवं [[केरल]] में अधिकतर जनसंख्या
|rels = [[इस्लाम]] १००%
|langs = [[उर्दू]], [[हिन्दी]], [[बंगाली भाषा|बंगाली]], [[मलयालम भाषा|मलयालम]], [[कश्मीरी भाषा|कश्मीरी]], [[भारतीय अंग्रेजी]],[[गुजराती भाषा|गुजराती]],[[मराठी भाषा|मराठी]],[[तमिल भाषा|तमिल]]
}}
'''भारतीय गणतंत्र''' में [[हिन्दू धर्म]] के बाद '''[[इस्लाम|इस्लाम मजहब]]''' दूसरा सर्वाधिक प्रचलित बडा मजहब है। भारत में मूलधर्म हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख धर्म है। <ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/news/national/religious-communities-census-2011-what-the-numbers-say/article7582284.ece|title=India's religions by numbers}}</ref>इस्लामिक मजहब जो देश की जनसंख्या का १४.२% है ([[भारत की जनगणना २०११|2011 की जनगणना]] के अनुसार १७.२ करोड़)।<ref name="censusIndia2011">{{cite web|url=http://www.thehindu.com/news/national/census-2011-data-on-population-by-religious-communities/article7579161.ece|title=Hindus 78.8%, Muslims 14.2% of population: census data}}</ref><ref>{{cite web| url=http://indianexpress.com/article/india/india-others/indias-population-121-09-crores-hindus-79-8-pc-muslims-14-2-pc-census/| title= Census 2011: Muslims record decadal growth of 24.6 pc, Hindus 16.8 pc | author= Abantika Ghosh , Vijaita Singh | work=Indian Express| date= 24 January 2015 | publisher= Indian Express| accessdate= 2015-01-27}}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/in.html#People |title=CIA's The World Factbook - India |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=11 जून 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080611033144/https://www.cia.gov/library/publications/the-world-factbook/geos/in.html#People |url-status=dead }}</ref><ref name="Indian Census">[http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_glance/religion.aspx Census of Indian: Religious Composition ]</ref>
[[भारत]] पर इस्लाम पहली बार 7वी शताब्दी में आया था और तब से इस्लामी सभ्य व्यक्तियों ने भारत आते हुए भारत की मूल संस्कृति में अपना बहुत योगदान दिया ।<ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Cheraman-Juma-Masjid-A-1000-year-old-lamp-burns-in-this-mosque/articleshow/47486911.cms|title=Cheraman Juma Masjid: A 1,000-year-old lamp burns in this mosque}}</ref><ref name="Usha">{{cite book |last = शर्मा |first = ऊषा |title = Cultural and Religious Heritage of India: Islam |publisher = Mittal Publications, 2004 |isbn = 817099960X, 9788170999607}}</ref> घोघा, गुजरात में बरवाड़ा मस्जिद, (623 [[ईसवी]] सन् से पहले निर्मित), मेथला, केरल में चेरामन जुमा मस्जिद (629 [[ईसवी]] सन्) और तमिलनाडु के पल समुद्र के द्वारा बनाया गया था।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ahmedabad/Oldest-Indian-mosque-Trail-leads-to-Gujarat/articleshow/55270285.cms|title=Oldest Indian mosque: Trail leads to Gujarat}}</ref> [[मोहम्मद ग़ोरी]] भारत पर आक्रमण करते हुए बार। कट्टर इस्लामिक सत्ताधीशों द्वारा भारत में इस्लाम का प्रचार प्रसार बहुत ज्यादा किया गया। फिर भी भारतीयों ने अ
[[भारत]] में विवाह, विरासत और वक्फ संपत्ति से जुड़े मुसलमानों के अधिकार मामले मुस्लिम व्यक्तिगत कानून द्वारा नियंत्रित होते हैं<ref>{{Cite web |url=http://www.law.yale.edu/rcw/rcw/jurisdictions/assc/india/India_Musl_Personal.htm |title=मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अप्लीकेशन एक्ट, 1937 - अनुसंधान क्षेत्राधिकार के लिए संसाधन, येल |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=28 जुलाई 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100728183442/http://www.law.yale.edu/rcw/rcw/jurisdictions/assc/india/India_Musl_Personal.htm |url-status=dead }}</ref><ref> [http://www.nytimes.com/1992/12/11/world/hatreds-india-hindu-memory-scarred-centuries-sometimes-despotic-islamic-rule.html द हेट्रेड्स ऑफ़ इंडिया; हिन्दू मिमोरी स्कार्ड बाई सेंच्रिज़ ऑफ़ समटाइम्स डेस्पोटिक इस्लामिक रुल] न्यूयॉर्क टाइम्स, प्रकाशित: 11 दिसम्बर 1992</ref>
== जनसंख्या ==
{{Main article|विश्व में इस्लाम धर्म}}
भारत की मुस्लिम आबादी विश्व की तीसरी सर्वाधिक है<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/bangladesh-wants-indias-entry-in-oic-as-observer/articleshow/64044678.cms|title=Make India observer in forum of Islamic nations: Bangladesh}}</ref><ref>[http://books.google.com/books?id=A5XRAAAAMAAJ&q=india+third+largest+muslim&dq=india+third+largest+muslim&lr=&client=firefox-a&pgis=1 Pg 11, इंडियन एंड फोरेन रिव्यू बाय इंडिया]।[http://books.google.com/books?id=A5XRAAAAMAAJ&q=india+third+largest+muslim&dq=india+third+largest+muslim&lr=&client=firefox-a&pgis=1 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय. ][http://books.google.com/books?id=A5XRAAAAMAAJ&q=india+third+largest+muslim&dq=india+third+largest+muslim&lr=&client=firefox-a&pgis=1 प्रकाशन विभाग]</ref> और दुनिया भर में सबसे अधिक मुस्लिम अल्पसंख्यक आबादी है।<ref>[http://www.faqs.org/minorities/South-Asia/Muslims-of-India.html भारत के मुसलमान]</ref> भारत में अधिकांश मुसलमान भारतीय जातीय समूह से संबंधित हैं, जिसमें भारत से बाहर के भी कुछ मुस्लिम शामिल हैं, मुख्य रूप से [[फारस]] और [[मध्य एशिया]] के।<ref>{{cite web|author=Journal of Human Genetics |url=http://www.nature.com/jhg/journal/v54/n6/full/jhg200938a.html |title=Access : Diverse genetic origin of Indian Muslims: evidence from autosomal STR loci : Journal of Human Genetics |publisher=Nature.com |date=2009-05-08 |accessdate=2010-09-14}}</ref><ref name="genestudy"/>
[[भारत की जनगणना २०११|2011 की जनगणना]] के अनुसार [[भारत]] में मुसलमानों की कुल जनसंख्या का सर्वाधिक संकेन्द्रण 47% है - जो तीन राज्य में निवास करते हैं [[उत्तर प्रदेश]] (4.07 करोड़) (19.3%), [[पश्चिम बंगाल]] (3.02 करोड़) (27%) और [[बिहार]] (1.75 करोड़) (16.9%)।<ref>{{cite web|url=https://theprint.in/opinion/5-myths-about-muslim-voters-in-modern-india/129628/|title=5 myths about Muslim voters in modern India}}</ref> मुस्लिम, [[लक्षद्वीप]] (2001 में 93%) और [[जम्मू और कश्मीर]] (2011 में 68%) में स्थानीय जनसंख्या के बहुमत का प्रतिनिधित्व करते हैं। मुसलमानों की उच्च संख्या [[असम]] (35%), [[पश्चिम बंगाल]] (28%) दक्षिणी राज्य [[केरल]] में (27.7%) पाई जाती है। आधिकारिक तौर पर, [[भारत]] में मुसलमानों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है ([[इण्डोनेशिया|इंडोनेशिया]] और [[पाकिस्तान]] के बाद)।<ref>{{cite web|url=https://satyagrah.scroll.in/article/7232/can-indian-muslims-surpass-hindus|title=क्या भारत में कभी मुस्लिम समुदाय की आबादी हिंदुओं से ज्यादा भी हो सकती है?|access-date=5 दिसंबर 2017|archive-date=12 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180612140521/https://satyagrah.scroll.in/article/7232/can-indian-muslims-surpass-hindus|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/international-39287972|title=दुनिया में सबसे ज़्यादा हो जाएंगे मुसलमान: रिसर्च}}</ref>
[[पाकिस्तान]] में [[भारत]] की तुलना में अधिक मुसलमान हैं, जैसा कि पाकिस्तान में 2017 की जनगणना के अस्थायी परिणाम, जो 25 अगस्त, 2017 को जारी किए गए थे,<ref>{{cite web|url=http://hindi.firstpost.com/world/population-of-pakistan-increasing-population-in-pakistan-is-beneficial-or-harmful-effects-of-population-growth-nk-50159.html|title=पाकिस्तान में आबादी बढ़ना फायदेमंद या नुकसानदेह?|access-date=28 अगस्त 2017|archive-date=28 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170828144829/http://hindi.firstpost.com/world/population-of-pakistan-increasing-population-in-pakistan-is-beneficial-or-harmful-effects-of-population-growth-nk-50159.html|url-status=dead}}</ref> आबादी 20.7 करोड़ हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.dawn.com/news/1354458|title=Enumerating Pakistan}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.jansatta.com/international/57-percent-increase-in-population-in-pakistan-in-last-19-years-census-report/413624/|title=जनगणना: पाकिस्तान की जनसंख्या में 57 फीसदी की वृद्धि, अब वहां हैं 20.7 करोड़ लोग}}</ref> पाकिस्तान की जनगणना के अनंतिम परिणामों में [[गिलगित-बाल्तिस्तान]] और [[आज़ाद कश्मीर]] के आंकड़ों को शामिल नहीं किया गया है, जो कि अंतिम रिपोर्ट में शामिल होने की संभावना है जो 2018 में आ जाएगा।<ref>{{cite web|url=https://www.geo.tv/latest/155233-pakistans-population-reaches-208-million|title=Pakistan’s population reaches 208 million: provisional census results}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.forbes.com/sites/timworstall/2017/08/26/pakistans-6-th-census-207-million-people-still-stuck-in-malthusian-growth/#7ca6dce71794|title=Pakistan's 6 th Census - 207 Million People Still Stuck In Malthusian Growth}}</ref>
'''2017 के अनुसार मुस्लिम आबादी (शीर्ष 5 देशों)'''
{| class="wikitable sortable"
|-
! देश !! आबादी !! प्रतिशत
|-
| [[इण्डोनेशिया|इंडोनेशिया]]|| 225,000,000 || 12.65%
|-
| [[पाकिस्तान]] || 212,742,631 || 11.00%
|-
| '''[[भारत]]''' || '''189,000,000''' || '''10.97%'''
|-
| [[बांग्लादेश]] || 148,607,000 || 9.18%
|-
| [[मिस्र]]|| 80,024,000 || 4.94%
|}
=== जनसंख्या ===
भारत में देश के अन्य धार्मिक समुदायों की तुलना में मुसलमानों में एक बहुत उच्च कुल प्रजनन दर (टीएफआर) है।<ref name="Christ">{{cite book
|last = Guilmoto
|first = Christophe
|title = Fertility transition in south India
|publisher = SAGE, 2005
|isbn = 0761932925, 9780761932925}}</ref> उच्च जन्म दर और पड़ोसी देश [[बांग्लादेश]] से प्रवासियों के आगम की वजह से भारत में मुसलमानों का प्रतिशत 1991 में 10% से बढ़ कर 2001 में 17 प्रतिशत हो गया है।<ref>[ भारत की मुस्लिम जनसंख्या] {{Cite web |url=http://www.cfr.org/publication/13659/indias_muslim_population.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=21 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100821093318/http://www.cfr.org/publication/13659/indias_muslim_population.html |url-status=dead }} विदेश संबंध परिषद के लिए करीन ज़िस्सिस द्वारा</ref> कुल वृद्धि दर में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर [[सनातन धर्म|हिंदुओं]] की वृद्धि दर की तुलना में 30 प्रतिशत से भी अधिक है।<ref name="censuspresentation">{{cite web | url = http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/India_at_glance/religion.aspx | title = Census of India. | accessdate = 2008-11-26 | work =Census of India. Census Data 2001: India at a glance >> Religious Composition | publisher = Office of the Registrar General and Census Commissioner, भारत }}</ref> हालांकि, 1991 से भारत में सभी धार्मिक समूहों की प्रजनन दर में सबसे बड़ी गिरावट मुसलमानों के बीच हुई है।<ref>[http://www.prb.org/Articles/2009/karimpolicyseminar.aspx चेंजेस इन फर्टिलिटी रेट्स एमोंग मुस्लिम्स इन इंडिया, पाकिस्तान, एंड बांग्लादेश] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110509032217/http://www.prb.org/Articles/2009/karimpolicyseminar.aspx |date=9 मई 2011 }}, एरिक द्वारा जनसंख्या सन्दर्भ ब्यूरो के लिए।</ref>
जनसांख्यिक ने भारत में मुसलमानों के बीच उच्च जन्म दर के पीछे कई कारकों को बताया है। समाजशास्त्री रोजर और पेट्रीसिया जेफ्फेरी के अनुसार धार्मिक नियतिवाद के बजाय सामाजिक, दो से अधिक विवाह आर्थिक स्थिति को उच्च मुस्लिम जन्म दर के लिए मुख्य कारण मानते है। भारतीय मुसलमान अपने हिन्दू समकक्षों की तुलना में अधिक गरीब और कम शिक्षित हैं।<ref>{{cite book
|last = Jeffery, Roger and Patricia Jeffery
|title = Population, gender, and politics
|year = 1997
|url = https://archive.org/details/populationgender0000jeff
|publisher = Cambridge University Press, 1997
|isbn = 0521466539, 9780521466530}}</ref> विख्यात भारतीय समाजशास्त्री, बी॰ के॰ प्रसाद का तर्क है कि चूंकि भारत की मुस्लिम आबादी हिंदू समकक्षों की तुलना में शहरी है, मुसलमान शिशु मृत्यु दर करीब 12% है जो कि हिंदुओं की तुलना में अधिक है।<ref>{{cite book
|last = प्रसाद
|lfirst = बी के
|title = Population and family life education
|publisher = Anmol Publications PVT. LTD., 2004
|isbn = 8126118008, 9788126118007}}</ref>
हालांकि, अन्य समाजशास्त्रियों का कहना है कि धार्मिक कारकों को उच्च मुस्लिम जन्म दर समझा सकता है। सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि भारत में मुसलमान, परिवार नियोजन के उपायों को अपेक्षाकृत कम अपनाने को तैयार होते हैं और मुस्लिम महिलाओं में अधिक प्रजनन अवधि होती है क्योंकि हिन्दू महिलाओं की तुलना में उनका विवाह काफी छोटी उम्र में हो जाता है।<ref>{{cite book
|last = Shakeel Ahmad
|title = Muslim attitude towards family planning
|publisher = Sarup & Sons, 2003
|isbn = 8176253898, 9788176253895}}</ref> 1983 में केरल में के॰सी॰ ज़चारिया द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि औसत रूप से मुस्लिम महिलाओं ने 4.1 बच्चों को जन्म दिया था, जबकि एक हिंदू महिला ने केवल 2.9 के औसत से ही बच्चों को जन्म दिया। धार्मिक रिवाज और वैवाहिक प्रथाओं को भी उच्च मुस्लिम जन्म दर के कारणों के रूप में उद्धृत किया गया है। लेकिन भारत के अलावा ये धार्मिक मान्यता अन्य मुस्लिम देशों में नही है ।<ref>{{cite book
|last = Nair, V. Balakrishnan
|title = Social development and demographic changes in South India: focus on Kerala
|publisher = M.D. Publications Pvt. Ltd., 1994
|isbn = 8185880506, 9788185880501}}</ref> पॉल कुर्त्ज़ के अनुसार भारत में हिंदूओं की तुलना में मुसलमान आधुनिक गर्भनिरोधक उपायों के अधिक प्रतिरोधी हैं और परिणाम के रूप में मुस्लिम महिलाओं की तुलना में हिंदू महिलाओं में प्रजनन दर में गिरावट अधिक है।<ref name="Christ" /><ref>{{cite book
|last = Paul Kurtz
|title = Multi-Secularism: A New Agenda
|year = 2010
|url = https://archive.org/details/multisecularismn0000kurt
|publisher = Transaction Publishers, 2010
|isbn = 1412814197, 9781412814195}}</ref> 1998-99 में आयोजित राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय मुसलमान दम्पति, भारत के हिन्दू परिवारों की तुलना में अधिक बच्चे पैदा करने को काफी हद तक एक आदर्श मानते हैं।<ref name="Surya">{{cite book
|last = Narain Singh
|first = Surya
|title = Muslims in India
|publisher = Anmol Publications PVT. LTD., 2003
|isbn = 8126114274, 9788126114276}}</ref> इसी सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि 49 प्रतिशत से भी अधिक हिन्दू परिवार परिवार नियोजन को सक्रिय रूप से मानते हैं जबकि 15 प्रतिशत ही मुसलमान दम्पति परिवार नियोजन को मानते हैं।<ref name="Surya" /> 1996 में [[लखनऊ जिला|लखनऊ]] जिले में आयोजित एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 69 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं परिवार नियोजन को अपने धर्म खिलाफ मानती थी जबकि सर्वेक्षण से यह पता चलता है कि कोई हिन्दू महिला परिवार योजना के खिलाफ धर्म को अवरोध नहीं मानती।<ref name="Surya" />
भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त 2006 की समिति के अनुसार, भारत की मुस्लिम आबादी 21वीं सदी के अंत में 360-415 मिलियन तक हो जाएगी (या भारत की कुल अनुमानित जनसंख्या का 45 प्रतिशत)।<ref>[http://www.rediff.com/news/2006/dec/01sachar1.htm मुस्लिम पोपुलेशन कूड डिक्लाइन: सच्चर रिपोर्ट], रेडिफ न्यूज़</ref> एक प्रमुख भारतीय पत्रकार स्वपन दासगुप्ता ने भारत में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर से संबंधित चिंताओं को उठाया और कहा कि हो सकता है यह भारत के सामाजिक तालमेल को प्रतिकूल तरीके से प्रभावित कर सकता है।<ref>[http://www.rediff.com/news/2004/sep/13swadas.htm इंडिया एज एन ओस्टरिच] स्वप्न दासगुप्ता, रेडिफ न्यूज़</ref> एक प्रसिद्ध भूजनांकिकी फिलिप लोंगमैन ने टिप्पणी की है कि हिंदू और मुसलमान के जन्म दर में पर्याप्त अंतर भारत में जातीय तनाव पैदा कर सकते हैं।<ref>{{Cite web
| last = लौंगमैन
| first = फिलिप
| title = Think Again: Global Aging
| publisher = [[Foreign Policy]]
| date = November 2010
| url = http://www.foreignpolicy.com/articles/2010/10/11/think_again_global_aging?page=0,2
| accessdate = 26 नवम्बर 2010
| archive-date = 5 दिसंबर 2010
| archive-url = https://web.archive.org/web/20101205084111/http://www.foreignpolicy.com/articles/2010/10/11/think_again_global_aging?page=0,2
| url-status = dead
}}</ref>
== भारत में इस्लाम का इतिहास ==
[[चित्र:Cheraman jumamasjid.JPG|thumb|left|चेरामन पेरूमल जुमा मस्जिद, ऐसा माना जाता है कि रामा वर्मा कुलाशेकरा के अनुरोध पर बनाया गया था और संभवतः भारत का पहला मस्जिद]]
[[चित्र:Jama Masjid Delhi.JPG|thumb|left|200px|जामा मस्जिद, दिल्ली, एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक<ref>जामी मस्जिद</ref>]]
लोकप्रिय विश्वास के विपरीत, इस्लाम भारत में मुस्लिम आक्रमणों से पहले ही दक्षिण एशिया में आ चुका था। इस्लामी प्रभाव को सबसे पहले अरब व्यापारियों के आगमन के साथ 7वीं शताब्दी के प्रारम्भ में महसूस किया जाने लगा था। प्राचीन काल से ही अरब और भारतीय उपमहाद्वीपों के बीच व्यापार संबंध अस्तित्व में रहा है। यहां तक कि पूर्व-इस्लामी युग में भी अरब व्यापारी मालाबार क्षेत्र में व्यापार करने आते थे, जो कि उन्हें दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ती थी। इतिहासकार इलियट और डाउसन की पुस्तक ''द हिस्टरी ऑफ इंडिया एज टोल्ड बाय इट्स ओन हिस्टोरियंस'' के अनुसार भारतीय तट पर 630 ई॰ में मुस्लिम यात्रियों वाले पहले जहाज को देखा गया था। पारा रौलिंसन अपनी किताब: ''एसियंट एंड मिडियावल हिस्टरी ऑफ इंडिया''<ref>ISBN 81-86050-79-5 मध्यकालीन और प्राचीन भारत इतिहास</ref> में दावा करते हैं कि 7वें ई॰ के अंतिम भाग में प्रथम अरब मुसलमान भारतीय तट पर बसे थे। शेख़ जैनुद्दीन मखदूम "तुह्फत अल मुजाहिदीन" एक विश्वसनीय स्रोत है।<ref>ISBN 983-9154-80-X</ref> इस तथ्य को जे॰ स्तुर्रोक्क द्वारा ''साउथ कनारा एंड मद्रास डिस्ट्रिक्ट मैनुअल्स''<ref>स्तुर्रोक्क, जे, साउथ केनरा और मद्रास जिला मैनुअल (2 खंड, मद्रास, 1894-1895)</ref> में माना गया हैऔर हरिदास भट्टाचार्य द्वारा ''कल्चरल हेरीटेज ऑफ इंडिया वोल्यूम IV.'' में भी इस तथ्य को प्रमाणित किया गया है।<ref>ISBN 81-85843-05-8 भारत की सांस्कृतिक विरासत, भाग चतुर्थ</ref> इस्लाम के आगमन के साथ ही अरब वासी दुनिया में एक प्रमुख सांस्कृतिक शक्ति बन गए। अरब व्यापारी और ट्रेडर नए धर्म के वाहक बन गए और जहां भी गए उन्होंने इस्लाम का इसका प्रचार किया।<ref>{{Cite web |url=http://www.jaihoon.com/watan/indarbmappilacommunity.htm |title=जेनेसिस एंड ग्रोथ ऑफ द मेपिला कम्युनिटी |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=22 जून 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060622220846/http://jaihoon.com/watan/indarbmappilacommunity.htm |url-status=dead }}</ref>
[[चित्र:Jama Masjid, Delhi, watercolour, 1852.jpg|thumb|दिल्ली में 1852 के लगभग मुस्लिम पड़ोस.]]
यह कथित तौर पर माना जाता है कि राम वर्मा कुलशेखर के आदेश पर भारत में प्रथम मस्जिद का निर्माण ई॰ 629 में हुआ था, जिन्हें मलिक बिन देनार के द्वारा [[केरल]] के कोडुंगालूर में [[मुहम्मद]] (c. 571–632) के जीवन समय के दौरान भारत का पहला मुसलमान भी माना जाता है।<ref>{{Cite web |url=http://www.islamicvoice.com/june.2004/miscellany.htm#cjm |title=-चेरामन जुमा मस्जिद ए सेक्युलर हेरीटेज |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=26 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170726021445/http://www.islamicvoice.com/june.2004/miscellany.htm#cjm |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.bahraintribune.com/ArticleDetail.asp?CategoryId=4&ArticleId=49332 |title=बहरीन ट्रिब्यून वर्ल्ड्स सेकंड ओल्डेस्ट मोस्की इन इंडिया |access-date=16 अगस्त 2013 |archive-date=6 जुलाई 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060706220818/http://www.bahraintribune.com/ArticleDetail.asp?CategoryId=4&ArticleId=49332 |url-status=dead }}</ref><ref>[http://www.indiatraveltimes.com/travelogue/mosque.html ए मोस्की फ्रॉम ए हिन्दू किंग]</ref>
[[मलबार|मालाबार]] में, मप्पिलास इस्लाम में परिवर्तित होने वाले पहले समुदाय हो सकते हैं क्योंकि वे दूसरों के मुकाबले अरब से अधिक जुड़ें हुए थे। तट के आसपास गहन मिशनरी गतिविधियां चलती रहीं और कई संख्याओं में मूल निवासी इस्लाम को अपना रहे थे। इन नए धर्मान्तरित लोगों को उस समय माप्पीला समुदाय के साथ जोड़ा गया। इस प्रकार मप्पिलास लोगों में हम स्थानीय महिलाओं के माध्यम से अरब लोगों की उत्पत्ति और स्थानीय लोगों में से धर्मान्तरित, दोनों प्रकार को देख सकते हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.jaihoon.com/watan/indarbmappilacommunity.htm |title=-जेनेसिस एंड ग्रोथ ऑफ द मेपिला कम्युनिटी |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=22 जून 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060622220846/http://jaihoon.com/watan/indarbmappilacommunity.htm |url-status=dead }}</ref>
8वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन कासिम की अगुवाई में अरब सेना द्वारा [[सिंध]] प्रांत (वर्तमान में पाकिस्तान) पर विजय प्राप्त की गई। सिंध, उमय्यद खलीफा का पूर्वी प्रांत बन गया।
10वीं सदी के प्रथम अर्द्ध भाग में [[महमूद गज़नवी|गजनी के महमूद]] ने पंजाब को गज़नविद साम्राज्य में जोड़ा और आधुनिक समय के [[भारत]] में कई हमले किए। इन हमलों में लाहौर, पेशावर, सिंध, पंजाब जैसे पश्चिमी भारत पर हमले किए गए। जाति के आधार पर पूरी तरह बंटे छोटी छोटी रियासतों के राजा कासिम और गजनी जैसे विदेशी मुस्लिम हमलावरों का सामना नहीं कर सके और भाग खड़े हुए। गजनी ने बेरहमी के साथ इन इलाकों के मंदिर तोड़ डाले, हिंदू पुरुषों को लाइन में खड़ा कर उनकी गर्दन काट दी गई, मंदिरों में जमा सारा धन लूट लिया गया। इस दौरान जिन लोगों ने दोनों हमलावरों के सामने इस्लाम ग्रहण कर लिया। इस्लाम फैलाने का फरमान सुनाकर दोनों वापस लौट गए।मेहमूद गजनवी ने सोमनाथ के मंदिर पर इसलिए हमला किया
12वीं शताब्दी के अंत में एक और अधिक सफल आक्रमण ग़ोर के मुहम्मद द्वारा किया गया था। इस प्रकार अंततः यह [[दिल्ली सल्तनत]] के गठन के लिए अग्रसर हुआ।
=== अरब-भारतीय संपर्क ===
अरबिया में इस्लाम के आगमन से पहले, इस्लाम के प्रारम्भिक चरणों में भारत और भारतीयों के साथ अरब और मुसलमानों के संपर्क होने से संबंधित पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं। अरब व्यापारियों ने भारतीयों द्वारा विकसित अंक प्रणाली को मध्य पूर्व और यूरोप में प्रसारित किया।
आठवीं सदी के प्रारम्भ में कई [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] पुस्तकों का अरबी में अनुवाद किया गया। जॉर्ज सलिबा अपनी पुस्तक 'इस्लामिक साइंस एंड द मेकिंग ऑफ द यूरोपियन रेनेसांस' में लिखते हैं कि "द्वितीय अब्बासिद [[खलीफ़ा|खलीफा]] अल- मंसूर [754-775] के शासन के दौरान प्रमुख संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद शुरू किया गया था, अगर उससे पहले नहीं तो; यहां तक कि उससे पहले भी तर्क पर कुछ ग्रंथों का अनुवाद किया गया था और आम तौर पर यह स्वीकार किया गया था कि कुछ फ़ारसी और संस्कृत ग्रंथों को जैसे का तैसा रखा गया था, हालांकि वास्तव में पहले से ही उनका अनुवाद किया जा चुका था"।<ref>{{cite book |last= Saliba |first= George |title= [[Islamic Science and the Making of the European Renaissance]] |publisher= [[The MIT Press]] |year= 2007 |isbn= 978-0-262-19557-7 }}</ref>
=== सूफी इस्लाम का प्रसार ===
{{main|भारत में सूफ़ीवाद}}
[[चित्र:TombSalimChisti.jpg|thumb|फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश में सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के मकबरे]]
भारत में इस्लाम के प्रचार व प्रसार में सूफियों (इस्लामी मनीषियों) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस्लाम के प्रसार में उन्हें काफी सफलता प्राप्त हुई, क्योंकि कई मायने में सूफियों की विश्वास प्रणाली और अभ्यास भारतीय दार्शनिक साहित्य के साथ समान थी, विशेष रूप से अंहिंसा और अद्वैतवाद। इस्लाम के प्रति सूफी रूढ़िवादी दृष्टिकोण ने हिंदुओं को इसका अभ्यास करने के लिए आसान बनाया है। हजरत ख्वाजा मुईन-उद-द्दीन चिश्ती, कुतबुद्दीन बख्तियार खुरमा, निजाम-उद-द्दीन औलिया, शाह जलाल, आमिर खुसरो, सरकार साबिर पाक, शेख अल्ला-उल-हक पन्द्वी, अशरफ जहांगीर सेम्नानी, सरकार वारिस पाक, अता हुसैन फनी चिश्ती ने भारत के विभिन्न भागों में इस्लाम के प्रसार के लिए सूफियों को प्रशिक्षित किया। इस्लामी साम्राज्य के भारत में स्थापित हो जाने के बाद सूफियों ने स्पष्ट रूप से प्रेम और सुंदरता का एक स्पर्श प्रदान करते हुए इसे उदासीन और कठोर हूकुमत होने से बचाया। सूफी आंदोलन ने [[हस्तशिल्पकार|कारीगर]] और अछूत समुदायों के अनुयायियों को भी आकर्षित किया; साथ ही इस्लाम और स्वदेशी परंपराओं के बीच की दूरी को पाटने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। नक्शबंदी सूफी के एक प्रमुख सदस्य अहमद सरहिंदी ने इस्लाम के लिए हिंदुओं के शांतिपूर्ण रूपांतरण की वकालत की। इमाम अहमद खान रिदा ने अपनी प्रसिद्ध फतवा रजविया के माध्यम से भारत में पारंपरिक और रूढ़िवादी इस्लाम का बचाव करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
=== शिया ===
शिया एक मुसलमान सम्प्रदाय है। सुन्नी सम्प्रदाय के बाद यह इस्लाम का दूसरा सबसे बड़ा सम्प्रदाय है जो पूरी मुस्लिम आबादी का केवल १५% है।[1] सन् ६३२ में हजरत मुहम्मद की मृत्यु के पश्चात जिन लोगों ने ग़दीर की पैग़म्बर मुहम्मद की वसीयत के मुताबिक अपनी भावना से हज़रत अली को अपना इमाम (धर्मगुरु) और ख़लीफा (नेता) चुना वो लोग शियाने अली (अली की टोली वाले) कहलाए जो आज शिया कहलाते हैं। लेकिन बहोत से सुन्नी इन्हें "शिया" या "शियाने अली" नहीं बल्कि "राफज़ी" (अस्वीकृत लोग) नाम से बुलाते हैं ! वहीं शिया सम्प्रदाय के लोग भी प्रसिद्ध हदीस "अकमलतो लकुम दिनोकुम" की पूरी व्याख्या के आधार पर उन लोगों को पथभ्रष्ट और अल्लाह का नाफरमान मानते हैं , जो पैग़म्बर मुहम्मद के तुरंत पश्चात अली को इमाम यानी खलीफा या प्रमुख ना मानें !
इस धार्मिक विचारधारा के अनुसार हज़रत अली, जो मुहम्मद साहब के चचेरे भाई और दामाद दोनों थे, ही हजरत मुहम्मद साहब के असली उत्तराधिकारी थे और उन्हें ही पहला ख़लीफ़ा (राजनैतिक प्रमुख) बनना चाहिए था। यद्यपि ऐसा हुआ नहीं और उनको तीन और लोगों के बाद ख़लीफ़ा, यानि प्रधान नेता, बनाया गया। अली और उनके बाद उनके वंशजों को इस्लाम का प्रमुख बनना चाहिए था, ऐसा विशवास रखने वाले शिया हैं। सुन्नी मुसलमान मानते हैं कि हज़रत अली सहित पहले चार खलीफ़ा (अबु बक़र, उमर, उस्मान तथा हज़रत अली) सतपथी (राशिदुन) थे जबकि शिया मुसलमानों का मानना है कि पहले तीन खलीफ़ा इस्लाम के अवैध तरीके से चुने हुए और ग़लत प्रधान थे और वे हज़रत अली से ही इमामों की गिनती आरंभ करते हैं और इस गिनती में ख़लीफ़ा शब्द का प्रयोग नहीं करते। सुन्नी मुस्लिम अली को (चौथा) ख़लीफ़ा भी मानते है और उनके पुत्र हुसैन को मरवाने वाले यज़ीद को कई जगहों पर पथभ्रष्ट मुस्लिम कहते हैं।
इस सम्प्रदाय के अनुयायियों का बहुमत मुख्य रूप से इरान,इराक़,बहरीन और अज़रबैजान में रहते हैं। इसके अलावा सीरिया, कुवैत, तुर्की, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, ओमान, यमन तथा भारत में भी शिया आबादी एक प्रमुख अल्पसंख्यक के रूप में है। शिया इस्लाम के विश्वास के तीन उपखंड हैं - बारहवारी, इस्माइली और ज़ैदी। एक मशहूर हदीस मन्कुनतो मौला फ़ हा जा अली उन मौला, जो मुहम्मद साहब ने गदीर नामक जगह पर अपने आखरी हज पर खुत्बा दिया था
=== भारत में इस सम्प्रदाय के अनुयायियों में प्रधान ===
सैयद फैयाज अली जैदी के बेटे सैयद हैदर अली जैदी और फिर सैयद हैदर अली जैदी के बेटे सैयद अशरफ अली जैदी और फिर सैयद अशरफ अली जैदी के बेटे सैयद अफजाल हुसैन जैदी और सैयद अफजाल हुसैन जैदी के बेटे सैयद शमीम अब्बास जैदी और सैयद शमीम अब्बास जैदी के बेटे सैयद अफजाल अब्बास जैदी जो मिशन हुसैन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं शिया समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
=== अहले सुन्नत वल जमात अथवा सुन्नी बरेलवी ===
अहले सुन्नत वल जमात अथवा '''सुन्नी''' ([[उर्दू]]: بریلوی) [[दक्षिण एशिया]] में [[सूफीवाद|सूफी आंदोलन]] के अंतर्गत एक उप-आंदोलन को कहा जाता है जिसे उन्नीसवीं एवं बीसवीं सदी के [[भारत]] में [[रोहेलखंड]] स्थित [[बरेली]] से [[सुन्नी]] विद्वान [[अहमद रजा खान]] ने प्रारंभ किया था,। बरेलवी [[हनफ़ी|हनफ़ी मुसलमानों]] का एक बड़ा हिस्सा है जो अब बडी संख्या में [[भारत]], [[बांग्लादेश]], [[पाकिस्तान]] [[दक्षिण अफ्रीका]] एवं [[ब्रिटेन]] में संघनित हैं। इमाम अहमद रजा खान ने अपनी प्रसिद्ध फतवा रजविया के माध्यम से भारत में पारंपरिक और रूढ़िवादी इस्लाम का बचाव करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बरेलवी एक नाम दिया गया है सुन्नी मुसलमान जो सूफिज्म में विश्वास रखते हैं और सैकड़ों बरसों से इस्लाम सुनियत के मानने वाले हैं उनको आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान के लगाव की वजह से बरेलवी बोलते हैं!
=== दारूल उलूम देवबन्द ===
इस्लामी दुनिया में दारूल उलूम देवबन्द का एक विशेष स्थान है जिसने पूरे क्षेत्र को ही नहीं, पूरी दुनिया के मुसलमानों को प्रभावित किया है। दारूल उलूम देवबन्द केवल इस्लामी विश्वविद्यालय ही नहीं एक वहाबी विचाराधारा है,! इसलिए मुसलमानों में इस विखराधारा से प्रभावित मुसलमानों को ‘‘देवबन्दी‘‘ कहा जाता है। देवबन्द उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण नगरों में गिना जाता है जो आबादी के लिहाज़ से तो एक लाख से कुछ ज्यादा आबादी का एक छोटा सा नगर है। लेकिन दारूल उलूम ने इस नगर को बडे-बडे नगरों से भारी व सम्मानजनक बना दिया है, जो ना केवल अपने गर्भ में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रखता है, अपितु आज भी साम्प्रदायिक सौहार्दद धर्मनिरपेक्षता एवं देश-प्रेम का एक अजीब नमूना प्रस्तुत करता है। देवबन्द इस्लामी शिक्षा व दर्शन के प्रचार के व प्रसार के लिए संपूर्ण संसार में प्रसिद्ध है। भारतीय संस्कृति व इस्लामी शिक्षा एवं संस्कृति में जो समन्वय आज हिन्दुस्तान में देखने को मिलता है उसका सीधा-साधा श्रेय देवबन्द दारूल उलूम को जाता है। यह मदरसा मुख्य रूप से उच्च अरबी व वहाबी इस्लामी शिक्षा का केन्द्र बिन्दु है। दारूल उलूम ने न केवल इस्लामिक शोध व साहित्य के संबंध में विशेष भूमिका निभायी है, बल्कि भारतीय पर्यावरण में इस्लामिक सोच व संस्कृति को नवीन आयाम तथा अनुकूलन दिया है। दारूल उलूम देवबन्द की आधारशिला 30 मई 1866 में हाजी आबिद हुसैन व मौलाना कासिम नानोतवी द्वारा रखी गई थी। वह समय भारतक के इतिहास में राजनैतिक उथल-पुथल व तनाव का समय था, उस समय अंग्रेजों के विरूद्ध लडे गए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 ई.) की असफलता के बादल छंट भी ना पाये थे और अंग्रजों का भारतीयों के प्रति दमनचक्र तेज कर दिया गया था, चारों ओर हा-हा-कार मची थी। अंग्रजों ने अपने संपूर्ण शक्ति से स्वतंत्रता आंदोलन (1857) को कुचल कर रख दिया था। अधिकांश आंदोलनकारी शहीद कर दिये गए थे, (देवबन्द जैसी छोटी बस्ती में 44 लोगों को फांसी पर लटका दिया गया था) और शेष को गिरफ्तार कर लिया गया था, ऐसे सुलगते माहौल में देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानियों पर निराशाओं के पृहार होने लगे थे। चारों ओर खलबली मची हुई थी। एक प्रश्न चिन्ह सामने था कि किस प्रकार भारत के बिखरे हुए समुदायों को एकजुट किया जासे, किस प्रकार भारतीय संस्कृति और शिक्षा जो टूटती और बिखरती जा रही थी, की सुरक्ष की जाए। उस समय के नेतृत्व में यह अहसास जागा कि भारतीय जीर्ण व खंडित समाज एस समय तक विशाल एवं जालिम ब्रिटिश साम्राज्य के मुकाबले नहीं टिक सकता, जब तक सभी वर्गों, धर्मों व समुदायों के लोगों को देश प्रेम और देश भक्त के जल में स्नान कराकर एक सूत्र में न पिरो दिया जाए। इस कार्य के लिए न केवल कुशल व देशभक्त नेतृत्व की आवशयकता थी, बल्कि उन लोगों व संस्थाओं की आवशयकता थी जो धर्म व जाति से ऊपर उठकर देश के लिए बलिदान कर सकें। इन्हीं उददेश्यों की पूर्ति के लिए जिन महान स्वतंत्रता सेनानियों व संस्थानों ने धर्मनिरपेक्षता व देशभक्ति का पाठ पढाया उनमें दारूल उलूम देवब्नद के कार्यों व सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता। स्वर्गीय मौलाना महमूद हसन (विख्यात अध्यापक व संरक्षक दारूल उलूम देवबन्द) उन सैनानियों में से एक थे जिनके कलम, ज्ञान, आचार व व्यवहार से एक बड़ा समुदाय प्रभावित था, इन्हीं विशेषताओं के कारण इन्हें शेखुल हिन्द (भारतीय विद्वान) की उपाधि से विभेषित किया गया था, उन्होंने न केवल भारत में वरन विदेशों (अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की, सऊदी अरब व मिश्र) में जाकर भारत व ब्रिटिश साम्राज्य की भ्रत्सना की और भारतीयों पर हो रहे अत्याचारों के विरूद्ध जी खोलकर अंग्रेजी शासक वर्ग की मुखालफत की। बल्कि शेखुल हिन्द ने अफगानिस्तान व ईरान की हकूमतों को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यक्रमों में सहयोग देने के लिए तैयार करने में एक विशेष भूमिका निभाई। उदाहरणतयः यह कि उन्होंने अफगानिस्तान व ईरान को इस बात पर राजी कर लिया कि यदि तुर्की की सेना भारत में ब्रिटिश साम्राजय के विरूद्ध लडने पर तैयार हो तो जमीन के रास्ते तुर्की की सेना को आक्रमण के लिए आने देंगे। शेखुल हिन्द ने अपने सुप्रिम शिष्यों व प्रभावित व्यक्तियों के माध्यम से अंग्रेज के विरूद्ध प्रचार आरंभ किया और हजारों मुस्लिम आंदोलनकारियों को ब्रिटिश साम्राज्य के विरूद्ध चल रहे राष्टीय आंदोलन में शामिल कर दिया। इनके प्रमुख शिष्य मौलाना हुसैन अहमद मदनी, मौलाना उबैदुल्ला सिंधी थे जो जीवन पर्यन्त अपने गुरू की शिक्षाओं पर चलते रहे और अपने देशप्रमी भावनाओं व नीतियों के कारण ही भारत के मुसलमान स्वतंत्रता सेनानियों व आंदोलनकारियों में एक भारी स्तम्भ के रूप में जाने जाते हैं। सन 1914 ई. में मौलाना उबैदुल्ला सिंधी ने अफगानिस्तात जाकर अंग्रजों के विरूद्ध अभियान चलाया और काबुल में रहते हुए भारत की सर्वप्रथम स्वतंत्रत सरकार स्थापित की जिसका राष्ट्रपति राजा महेन्द्र प्रताप को बना दिया। यहीं पर रहकर उन्होंने इंडियन नेशनल कांगेस की एक शाखा कायम की जो बाद में (1922 ई.) में मूल कांग्रेस संगठन इंडियन नेशनल कांग्रेस में विलय कर दी गई। शेखुल हिन्द 1915 ई. में हिजाज (सउदी अरब का पहला नाम था) चले गए, उन्होंने वहाँ रहते हुए अपने साथियों द्वारा तुर्की से संपर्क बना कर सैनिक सहायता की मांग की। सन 1916 ई. में इसी संबंध में शेखुल हिन्द इस्तम्बूल जाना चाहते थे। मदीने में उस समय तुर्की का गवर्नर ग़ालिब तैनात था शेखुल हिन्द को इस्तम्बूल के बजाये तुर्की जाने के लिए कहा परन्तु उसी समय तुर्की के युद्ध मंत्री अनवर पाशा हिजाज पहुँच गए। शेखुल हिन्द ने उनसे मुलाकात की और अपने आंदोलन के बारे में बताया। अनवर पाशा ने भारतीयों के प्रति सहानुभूति प्रकट की और अंग्रेज साम्राज्य के विरूद्ध युद्ध करने की एक गुप्त योजना तैयार की। हिजाज से यह गुप्त योजना, गुप्त रूप से शेखुल हिन्द ने अपने शिष्य मौलाना उबैदुल्ला सिंधी को अफगानिसतान भेजा, मौलाना सिंधी ने इसका उत्तर एक रेशमी रूमाल पर लिखकर भेजा, इसी प्रकार रूमालों पर पत्र व्यवहार रहा। यह गुप्त सिलसिला ‘‘तहरीक ए रेशमी रूमाल‘‘ के नाम से इतिहास में प्रसिद्ध है। इसके सम्बंध में सर रोलेट ने लिखा है कि ‘‘ब्रिटिश सरकार इन गतिविधियों पर हक्का बक्का थी‘‘। दारूल उलूम देवबंद के पास आज अपने कई बड़े बड़े भवन हैं जिनमें कई मस्जिदें भी हैं लेकिन दारूल उलूम देवबंद के पास शुरू में अपना कोई भवन न था बल्कि इसकी शुरूआत ‘छत्ते वाली मस्जिद‘ से हुई। इसके आंगन में एक अनार का पेड़ था। इसके नीचे एक उस्ताद ने एक शागिर्द को पढ़ाने से इस मदरसे की शुरूआत की। वह अनार का पेड़ सौ साल से भी ज़्यादा अर्सा बीत जाने के बावजूद फल देता रहा जो कि एक आश्चर्य का विषय था। यह मस्जिद आज भी दारूल उलूम देवबंद के मुख्य भवन के मुख्य दरवाज़े के पास स्थित है और इसमें आज भी पांचों समय पाबंदी से नमाज़ अदा की जाती है। इस मस्जिद में कुछ कमरे भी बने हुए हैं। दारूल उलूम से जुड़ी हुई अहम शख्सियतें अक्सर यहाँ क़ियाम करती हैं।
== भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में भूमिका ==
{{see|भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन}}
[[चित्र:Tipu Sultan BL.jpg|thumb|upright|left|टीपू सुल्तान, जिसे टाइगर ऑफ मैसूर के रूप में जाना जाता है, प्रमुख भारतीय राजाओं में से एक थे जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लड़ाई की थी।]]
अंग्रेजों के खिलाफ भारत के संघर्ष में मुस्लिम क्रान्तिकारियों, कवियों और लेखकों का योगदान प्रलेखित है। तीतू मीर ने [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश]] के खिलाफ विद्रोह किया था। मौलाना [[मौलाना अबुल कलाम आज़ाद|अबुल कलाम आजाद]], हकीम अजमल खान और रफी अहमद किदवई ऐसे मुसलमान हैं जो इस उद्देश्य में शामिल थे।
[[चित्र:Ashfaq Ulla Khan.2657.jpg|right|thumb|150px|अशफ़ाकउल्लाख़ाँ वारसी'हसरत'|कड़ी=Special:FilePath/Ashfaq_Ulla_Khan.2657.jpg]]
[[शाहजहाँपुर]] उत्तर प्रदेश के [[अशफाक उल्ला खाँ]] ([[उर्दू]]: اشفاق اُللہ خان), ([[अंग्रेजी]]:Ashfaq Ulla Khan) ([[जन्म]]:1900,[[मृत्यु]]:1927) [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे। उन्होंने [[काकोरी काण्ड]] में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। [[ब्रिटिश शासन]] ने उनके ऊपर अभियोग चलाया और 19 दिसम्बर सन् 1927 को उन्हें [[फैजाबाद]] जेल में [[फाँसी]] पर लटका कर मार दिया गया। [[राम प्रसाद बिस्मिल]] की भाँति अशफाक उल्ला खाँ भी [[उर्दू भाषा]] के बेहतरीन [[शायर]] थे। उनका [[उर्दू]] 'तखल्लुस', जिसे [[हिन्दी]] में [[उपनाम]] कहते हैं, 'हसरत' था। [[उर्दू]] के अतिरिक्त वे [[हिन्दी]] व [[अँग्रेजी]] में लेख एवं कवितायें भी लिखा करते थे। उनका पूरा नाम अशफाक उल्ला खाँ वारसी 'हसरत' था। [[भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम]] के सम्पूर्ण [[इतिहास]] में 'बिस्मिल' और 'अशफाक' की भूमिका निर्विवाद रूप से [[हिन्दू]]-[[मुस्लिम]] एकता<ref>*[[मदनलाल वर्मा 'क्रान्त']] ''सरफरोशी की तमन्ना'' [[1997]] प्रवीण प्रकाशन [[दिल्ली]] के (भाग-एक) पृष्ठ-70 से 73 से</ref> का अनुपम [[आख्यान]] है।
खान अब्दुल गफ्फार खान (सीमांत गांधी के रूप में प्रसिद्ध) एक महान राष्ट्रवादी थे जिन्होंने अपने 95 वर्ष के जीवन में से 45 वर्ष केवल जेल में बिताया; भोपाल के बरकतुल्लाह ''ग़दर पार्टी'' के संस्थापकों में से एक थे जिसने ब्रिटिश विरोधी संगठनों से नेटवर्क बनाया था; ग़दर पार्टी के सैयद शाह रहमत ने [[फ़्रांस|फ्रांस]] में एक भूमिगत क्रांतिकारी रूप में काम किया और 1915 में असफल गदर (विद्रोह) में उनकी भूमिका के लिए उन्हें फांसी की सजा दी गई); [[फ़ैज़ाबाद|फैजाबाद]] (उत्तर प्रदेश) के अली अहमद सिद्दीकी ने [[जौनपुर]] के सैयद मुज़तबा हुसैन के साथ मलाया और [[म्यान्मार|बर्मा]] में भारतीय विद्रोह की योजना बनाई और 1917 में उन्हें फांसी पर लटका दिया गया था; [[केरल]] के अब्दुल वक्कोम खदिर ने 1942 के 'भारत छोड़ो' में भाग लिया और 1942 में उन्हें फांसी की सजा दी गई थी, उमर सुभानी जो की बंबई की एक उद्योगपति करोड़पति थे, उन्होंने गांधी और कांग्रेस व्यय प्रदान किया था और अंततः स्वतंत्रता आंदोलन में अपने को कुर्बान कर दिया। मुसलमान महिलाओं में हजरत महल, अस्घरी बेगम, बाई अम्मा ने ब्रिटिश के खिलाफ स्वतंत्रता के संघर्ष में योगदान दिया है।
1498 की शुरुआत से यूरोपीय देशों की नौसेना का उदय और व्यापार शक्ति को देखा गया क्योंकि वे भारतीय उपमहाद्वीप पर तेजी से नौसेना शक्ति में वृद्धि और विस्तार करने में रूचि ले रहे थे। ब्रिटेन और यूरोप में [[औद्योगिक क्रांति]] के आगमन के बाद यूरोपीय शक्तियों ने मुगल साम्राज्य का पतन करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीय और वाणिज्यिक लाभ प्राप्त किया था। उन्होंने धीरे-धीरे इस उपमहाद्वीप पर अपने प्रभाव में वृद्धि करना शुरू किया।
[[हैदर अली]] और बाद में उनके बेटे टीपू सुल्तान ने ब्रिटिश इस्ट इंडिया कंपनी के प्रारम्भिक खतरे को समझा और उसका विरोध किया। बहरहाल, 1799 में [[टीपू सुल्तान]] अंततः श्रीरंगापटनम में पराजित हुए। बंगाल में नवाब [[सिराजुद्दौला]] ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विस्तारवादी उद्देश्य का सामना किया और ब्रिटिशों से युद्ध किया। हालांकि, 1757 में वे प्लासी की लड़ाई में हार गए।
[[चित्र:Gandhi, Patel and Maulana Azad Sept 1940.jpg|thumb|upright|मौलाना आजाद भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख नेता और हिन्दू मुस्लिम एकता की वकालत करने वाले थे। यहां 1940 में सरदार पटेल और महात्मा गांधी के साथ आजाद (बांए) को दिखाया गया है।]]
ब्रिटिश के खिलाफ पहले भारतीय विद्रोही को 10 <sup>जुलाई</sup> 1806 के वेल्लोर गदर में देखा गया जिसमें लगभग 200 ब्रिटिश अधिकारी और सैनिकों को मृत या घायल के रूप में पाया गया। लेकिन ब्रिटिश द्वारा इसका बदला लिया गया और विद्रोहियों और टीपू सुल्तान के परिवार वालों को वेल्लोर किले में बंदी बनाया गया और उन्हें उस समय इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी। यह [[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध]] था जिसे ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने 1857 का सिपाही विद्रोह कहा।[[१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम|सिपाही विद्रोह]] के परिणामस्वरूप अंग्रेजों द्वारा ज्यादातर ऊपरी वर्ग के मुस्लिम लक्षित थे क्योंकि वहां और दिल्ली के आसपास इन्हें के नेतृत्व में युद्ध किया गया था। हजारों की संख्या में मित्रों और सगे संबंधियों को दिल्ली के लाल किले पर गोली मार दी गई या फांसी पर लटका दिया गया जिसे वर्तमान में खूनी दरवाजा (ब्लडी गेट) कहा जाता है। प्रसिद्ध उर्दू कवि [[मिर्ज़ा ग़ालिब|मिर्जा गालिब]] (1797-1869) ने अपने पत्रों में इस प्रकार के ज्वलंत नरसंहार से संबंधित कई विवरण दिए हैं जिसे वर्तमान में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय प्रेस द्वारा 'गालिब हिज लाइफ एंड लेटर्स' के नाम के प्रकाशित किया है और राल्फ रसेल और खुर्शिदुल इस्लाम द्वारा संकलित और अनुवाद किया गया है (1994).
जैसे-जैसे [[मुग़ल साम्राज्य|मुगल साम्राज्य]] समाप्त होने लगा वैसे-वैसे मुसलमानों की सत्ता भी समाप्त होने लगी और भारत के मुसलमानों को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा - तकनीकी रूप से शक्तिशाली विदेशियों के साथ संपर्क बनाते हुए अपनी संस्कृति की रक्षा और उसके प्रति रूचि जगाना था। इस अवधि में, फिरंगी महल के उलामा ने जो [[बाराबंकी जिला|बाराबंकी]] जिले में सबसे पहले सेहाली में आधारित था और 1690 के दशक से [[लखनऊ]] में आधारित था, मुसलमानों को निर्देशित और शिक्षित किया। फिरंगी महल ने भारत के मुसलमानों का नेतृत्व किया और आगे बढ़ाया। दारुल उलूम-, देवबंद (उत्तर प्रदेश) के मौलाना और मौलवी (धार्मिक शिक्षक) भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और घोषणा की कि भी एक अन्यायपूर्ण शासन की अधीनता करना इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है।
अन्य प्रसिद्ध मुसलमान जिन्होंने [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश]] के खिलाफ आजादी के युद्ध में भाग लिया वे हैं; मौलाना [[मौलाना अबुल कलाम आज़ाद|अबुल कलाम आजाद]], दारूल उलूम देवबंद के मौलाना महमूद हसन जिन्हें एक सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से अंग्रेजों की पराजय के लिए प्रसिद्ध सिल्क लेटर षडयंत्र में दोषी ठहराया गया था, हुसैन अहमद मदनी, दारुल उलूम देवबंद पूर्व शेकहुल हदिथ, मौलाना उबैदुल्लाह सिन्धी, हकीम अजमल खान, हसरत मोहनी डा। सैयद महमूद, प्रोफेसर मौलवी बरकतुल्लाह, डॉ॰ जाकिर हुसैन, सैफुद्दीन किचलू, वक्कोम अब्दुल खदिर, डॉ॰ मंजूर अब्दुल वहाब, बहादुर शाह जफर, हकीम नुसरत हुसैन, खान अब्दुल गफ्फार खान, अब्दुल समद खान अचकजई, शाहनवाज कर्नल डॉ॰ एम॰ ए॰ अन्सरी, रफी अहमद किदवई, फखरुद्दीन अली अहमद, अंसार हर्वानी, तक शेरवानी, नवाब विक़रुल मुल्क, नवाब मोह्सिनुल मुल्क, मुस्त्सफा हुसैन, वीएम उबैदुल्लाह, एसआर रहीम, बदरुद्दीन तैयबजी और मौलवी अब्दुल हमीद.
[[चित्र:Badshah Khan.jpg|thumb|left|upright|1930 में गांधी के साथ खान अब्दुल गफ्फार खान। इसके अलावा फ्रंटियर गांधी के रूप में भी जाने जाते हैं, खान ने ब्रिटिश राज के खिलाफ गैर हिंसक विरोध का नेतृत्व किया और दृढ़ता से भारत के विभाजन का विरोध किया।]]
1930 के दशक तक, [[मुहम्मद अली जिन्ना]] भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे और स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे। कवि और दार्शनिक, डॉ॰ सर अल्लामा मुहम्मद इकबाल हिंदू - मुस्लिम एकता और 1920 के दशक तक अविभाजित भारत के एक मजबूत प्रस्तावक थे। अपने प्रारम्भिक राजनीतिक कैरियर के दौरान हुसेन शहीद सुहरावर्दी भी बंगाल में राष्ट्रीय कांग्रेस में सक्रिय थे। मौलाना मोहम्मद अली जौहर और मौलाना शौकत अली ने समग्र भारतीय सन्दर्भ में मुसलमानों के लिए मुक्ति के लिए संघर्ष और महात्मा गांधी और फिरंगी महल मौलाना अब्दुल के साथ स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। 1930 के दशक तक भारत के मुसलमानों ने मोटे तौर पर एक अविभाजित भारत के समग्र सन्दर्भ में अपने देशवासियों के साथ राजनीति की।
1920 के दशक के उत्तरार्ध में, [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] और ऑल इंडिया मुस्लिम लीग को अलग-अलग दृष्टिकोण से मान्यता दी गई और डॉ॰ सर अल्लामा मोहम्मद इकबाल ने 1930 के दशक में भारत में एक अलग मुस्लिम राष्ट्र की अवधारणा प्रस्तुत की। नतीजतन, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग ने एक अलग मुस्लिम देश बनाने की मांग की। 1940 में [[लाहौर]] में इस मांग को उठाया गया (इसे पाकिस्तान रिजुलेशन के रूप में जाना जाता है)। उसके बाद डॉ॰ सर अल्लामा मुहम्मद इकबाल की मृत्यु हो गई और [[मुहम्मद अली जिन्ना]], नवाबजादा लियाकत अली खान, हुसेन शहीद सुहरावर्दी और कई अन्य नेताओं ने [[पाकिस्तान आंदोलन]] का नेतृत्व किया।
प्रारंभ में, मुसलमानों द्वारा स्वायत्त शासित क्षेत्रों के साथ अलग मुस्लिम देश (एस) के लिए मांग बड़े, स्वतंत्र, अविभाजित भारत के एक ढांचे के भीतर थी। साथ ही भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए अन्य विकल्प भी था और एक मुक्त, अविभाजित भारत में पर्याप्त संरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व आदि पर भी बहस की जा रही थी। हालांकि, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग और ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के बीच [[ब्रिटिश राज|अंग्रेजी साम्राज्य]] से शीघ्र स्वतंत्रता मांगने को लेकर जब आपस में कोई आम सहमति नहीं बन पाई तब ऑल इंडिया मुस्लिम लीग ने स्पष्ट रूप से पूर्ण स्वतंत्र, संप्रभु देश, [[पाकिस्तान]] की मांग पर जोर दिया।
== भारत में प्रमुख मुस्लिम ==
भारत ऐसे कई प्रख्यात मुसलमानों का गढ़ है जिन्होंने कई क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है और भारत की आर्थिक वृद्धि और दुनिया भर में सांस्कृतिक प्रभाव छोड़ने में एक रचनात्मक भूमिका निभाई है।
स्वतंत्र भारत के 12 राष्ट्रपतियों में से तीन मुसलमान थे - [[डाक्टर ज़ाकिर हुसैन|जाकिर हुसैन]] डॉ॰ [[फ़ख़रुद्दीन अली अहमद|अहमद फखरुद्दीन अली]] और डॉ॰ ए० पी० जे० अब्दुल कलाम। इसके अलावा, स्वतंत्रता के बाद से विभिन्न अवसरों पर मोहम्मद हिदायतुल्ला, ए० एम० अहमदी और मिर्जा हमीदुल्लाह बेग, चीफ जस्टीस ऑफ इंडिया के पद पर प्रतिष्ठित रहे हैं।
भारत के भूतपुर्व उपराष्ट्रपति, [[मोहम्मद हामिद अंसारी]] मुस्लिम हैं। प्रमुख भारतीय नौकरशाहों और राजनयिकों में [[आबिद हुसैन (राजनयिक)|आबिद हुसैन]] और आसफ अली शामिल हैं। भारत के प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं में शेख अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे [[उमर अब्दुल्ला]] , मुफ्ती मोहम्मद सईद, सिकंदर बख्त, ए० आर० अंतुले, सी० एच० मोहम्मद कोया, मुख्तार अब्बास नकवी, वरिष्ठ पत्रकार [[अफजाल अब्बास जैदी]](राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशन-ए-हुसैन),सलमान खुर्शीद, सैफुद्दीन सोज़, ई० अहमद, गुलाम नबी आजाद और सैयद शाहनवाज हुसैन शामिल हैं। भारतीय राज्यों के सात मुस्लिम मुख्य मंत्री (जम्मू-कश्मीर के अलावा) रहे हैं:
#[[बरकतुल्लाह ख़ान]] (राजस्थान: 1971-73)
#[[अब्दुल गफूर]] ([[बिहार]]: 1 973-75)
#सी० एच० मोहम्मद कोया (केरल: 1979)
#[[सैयदा अनवरा तैमूर]] (असम: 1980-81)
#[[अब्दुल रहमान अन्तुले]] (महाराष्ट्र: 1980-82)
#[[मोहम्मद अलीमुद्दीन]] ( मणिपुर: 1973-74)
#एम ओ एच फारुक संघीय क्षेत्र पांडिचेरी के तीन बार के मुख्यमंत्री थे।
[[मुम्बई|मुंबई]] आधारित [[बॉलीवुड]] में कुछ लोकप्रिय और प्रभावशाली अभिनेता और अभिनेत्रियां मुसलमान हैं। इनमें [[दिलीप कुमार|यूसुफ खान]] (पर्दे पर दिलीप कुमार),<ref>तनुजा चन्द्रा (3 मार्च 2004 [http://sify.com/entertainment/movies/bollywood/celebcolumns/fullstory.php?id=13418077] दिलीप कुमार: साइलेंट रेवोलुशनारी] सिफी मूवीज 30-03-2009 को प्राप्त किया गया है।</ref> [[शाहरुख़ ख़ान|शाहरुख खान]],<ref>जुबैर अहमद (23 सितंबर 2005) [http://news.bbc.co.uk/1/hi/world/south_asia/4274774.stm हू इज द रिएल शाहरुख खान?] बीबीसी समाचार (बीबीसी). 30-03-2009 को प्राप्त किया गया है।</ref> [[आमिर ख़ान|आमिर खान]],<ref>[http://www.indiaglitz.com/channels/hindi/interview/6383.html आमिर स्पीक्स आउट ऑफ एज ए मुस्लिम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20051130191313/http://www.indiaglitz.com/channels/hindi/interview/6383.html |date=30 नवंबर 2005 }} इंडियाग्लित्ज़ (05 अगस्त 2005). 30-03-2009 को प्राप्त किया गया है।</ref> [[सलमान ख़ान|सलमान खान]],<ref>[http://www.nndb.com/people/433/000045298/ सलमान खान] NNDB. 2009/03/30 को लिया गया।</ref> [[सैफ़ अली ख़ान|सैफ अली खान]],<ref name="sak">दीपा गहलोत (जुलाई 1998) [http://www.sabrang.com/cc/comold/august98/saif.htm 'रीलिजियन प्लेयड ए मेजर रोल इन माई अपब्रिंगिंग'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110606052619/http://www.sabrang.com/cc/comold/august98/saif.htm |date=6 जून 2011 }} सबरंग कम्युनिकेशंस. 03-04-2009 को उद्धृत.</ref><ref name="sak"/><ref>सुभाष के झा (21 अगस्त 2008) [http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/3385672.cms '''आई वेंट टू मुस्लिम बिल्डर, 'जेस सैफ'' ] टाइम्स ऑफ इंडिया. 30-03-2009 को उद्धृत.</ref> [[मधुबाला]],<ref>[http://www.topnews.in/interesting-facts-and-figures-madhubala-2140744 मधुबाला] टॉप न्यूज़. 30-03-2009 को उद्धृत.</ref> [[कैटरीना कैफ]] और [[नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी]]<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/home/sunday-times/in-bollywood-the-heroine-is-still-a-prop-and-the-hero-must-dance-and-shoot-people-nawazuddin-siddiqui/articleshow/61166160.cms|title=In Bollywood, the heroine is still a prop and the hero must dance and shoot people: Nawazuddin Siddiqui}}</ref> शामिल हैं। भारत में ऐसे कई मुस्लिम अभिनेता भी हैं जिन्हें समीक्षकों द्वारा प्रशंसा प्राप्त है, इनमें [[नसीरुद्दीन शाह]], [[शबाना आज़मी|शबाना आजमी]]<ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/3371893.cms इंडियन डेमोक्रेसी अनफेयर टू मुस्लिम: शबाना आजमी] टाइम्स ऑफ इंडिया. 17 अगस्त 2008. 03-04-2009 को उद्धृत.</ref> [[वहीदा रहमान]],<ref>[http://www.bollywood501.com/classic_f/waheeda_rehman/ वहीदा रहमान] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100905115303/http://www.bollywood501.com/classic_f/waheeda_rehman/ |date=5 सितंबर 2010 }} Bollywood501. 04-03-2009 को उद्धृत.</ref> [[इरफ़ान ख़ान|इरफान खान]], फरीदा जलाल, [[अरशद वारसी]], महमूद, [[ज़ीनत अमान|जीनत अमान]], फारूक शेख और तब्बू शामिल हैं।
भारतीय मुसलमान भारत में कला प्रदर्शन के अन्य रूपों में भी निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं विशेष रूप से संगीत, आधुनिक कला और थिएटर में। [[मकबूल फ़िदा हुसैन|एम॰एफ॰ हुसैन]] को भारत के सबसे प्रसिद्ध समकालीन कलाकार के रूप में जाना जाता है और अकादमी पुरस्कार विजेता रेसुल पुकुट्टी और [[अल्लाह रक्खा रहमान|ए॰आर॰ रहमान]] भारत के महान संगीतकारों में से एक हैं। प्रमुख कवियों और गीतकारों में जावेद अख्तर को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपनी प्रतिभा के लिए कई [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार|फिल्म फेयर पुरस्कार]] अर्जित किया है। अन्य लोकप्रिय मुसलमान जाति के भारतीय संगीतकारों और गायकों में [[मोहम्मद रफ़ी|मोहम्मद रफी]], अनु मलिक, लकी अली और [[तबला]] वादक [[ज़ाकिर हुसैन (संगीतकार)|जाकिर हुसैन]] शामिल हैं।
[[हैदराबाद (भारत)|हैदराबाद]] से [[सानिया मिर्ज़ा|सानिया मिर्जा]] उच्चतम रैंक की [[टेनिस]] खिलाड़ी हैं और व्यापक रूप से भारत में उन्हें युवाओं का आदर्श माना जाता है। [[क्रिकेट]] (भारत का सबसे लोकप्रिय खेल) में कई मुस्लिम खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने अपना एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। इस्लाम को मानने वाले कुछ पूर्व क्रिकेटर मुश्ताक अली, नवाब पटौदी और मोहम्मद अजहरुद्दीन हैं। मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम में [[ज़हीर ख़ान|जहीर खान]], [[इरफ़ान पठान|इरफान पठान]] और यूसुफ पठान जैसे कई मुस्लिम खिलाड़ी हैं। भारत में अन्य प्रमुख मुस्लिम क्रिकेटरों में मोहम्मद कैफ और वसीम जाफर हैं।
[[चित्र:Azimpremji.jpg|thumb|150px|left|अजीम प्रेमजी]] अजीम प्रेमजी, भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज के सीईओ और 17.1 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ भारत में 5 वें स्थान के सबसे अमीर आदमी<ref>मितव्ययी अरबपत्ति.</ref> हैं।
भारत में कई प्रभावशाली मुस्लिम व्यापारी हैं। विप्रो, वॉकहार्ट, हमदर्द लेबोरेटोरिज, सिप्ला और मिर्जा टेनर्स जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों की स्थापना मुस्लिम द्वारा की गई है। फोर्ब्स पत्रिका द्वारा [[दक्षिण एशिया]] के केवल दो मुस्लिम अरबपतियों यूसुफ हामिद और अजीम प्रेमजी का नाम उल्लिखित किया गया है।
[[भारतीय सशस्त्र सेनाएं|भारतीय सशस्त्र बलों]] में हिंदुओं और सिखों की तुलना में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कम है।<ref>[http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=235333 अरविंद काला: हाइडिंग व्हाट वेल-नोन]</ref> फिर भी कई भारतीय सैन्य मुस्लिम कर्मियों को राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण सेवा के लिए वीरता पुरस्कार और उच्च रैंक से सम्मानित किया गया है। [[भारतीय थलसेना|भारतीय सेना]] के [[हवलदार अब्दुल हामिद|अब्दुल हमीद]] को 1965 में असल उत्तर के युद्ध के दौरान एक रिकोइलेस बंदूक द्वारा सात पाकिस्तानी टैंकों को उड़ा देने के लिए भारत के उच्चतम पुरस्कार, [[परमवीर चक्र|परम वीर चक्र]] से नवाज़ा गया।<ref>[मेजर जनरल कारडोजो, इयान (2003), परमवीर नई दिल्ली: लोटस कलेक्शन, ISBN 81-7436-262-2]</ref><ref>[http://indianarmy.nic.in/PVC/photo_6.htm परम वीर चक्र विजेता कंपनी क्वार्टर मास्टर 'हवलदार अब्दुल हमीद के लिए मुख पृष्ठ]</ref> दो अन्य मुसलमान - ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद इस्माइल - को [[भारत-पाकिस्तान के बीच प्रथम युद्ध|1947 के इंडो-पाकिस्तानी युद्ध]] के दौरान उनकी सेवाओं के लिए महावीर चक्र दिया गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.bharat-rakshak.com/HEROISM/MVC.html |title=महावीर चक्र, भारत-रक्षक |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=10 जून 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110610015036/http://www.bharat-rakshak.com/HEROISM/MVC.html |url-status=dead }}</ref> भारतीय सशस्त्र बलों में उच्च रैंकिंग के मुसलमानों में लेफ्टिनेंट जनरल जमील महमूद (भारतीय सेना में पूर्व जीओसी-इन-सी के पूर्वी कमान)<ref>{{cite web|author=Anil Bhat Posted: Feb 14, 2006 at 0000 hrs IST |url=http://www.indianexpress.com/oldStory/87825/ |title=Brave Indians, also Muslim |publisher=Indianexpress.com |date=2006-02-14 |accessdate=2010-09-14}}</ref> और मेजर जनरल मोहम्मद अमीन नायक शामिल हैं।<ref>{{cite web |author=CJ: Rajesh Bhat |url=http://www.merinews.com/article/a-high-profile-naik-of-indian-army/132377.shtml |title=A high-profile 'Naik' of Indian Army |publisher=Merinews.com |date= |accessdate=2010-09-14 |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121028182723/http://www.merinews.com/article/a-high-profile-naik-of-indian-army/132377.shtml |url-status=dead }}</ref>
डॉ॰ अब्दुल कलाम, भारत के सर्वाधिक सम्मानित वैज्ञानिक भारत के इंटेग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के (आईजीएमडीपी) जनक हैं और उन्हें भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप नियुक्ति देकर सम्मानित किया गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.vigyanprasar.gov.in/scientists/Abdulkalam/Abdulkalam.htm |title=अब्दुल कलाम |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=13 नवंबर 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131113192900/http://www.vigyanprasar.gov.in/scientists/Abdulkalam/Abdulkalam.htm |url-status=dead }}</ref> रक्षा उद्योग में उनके अभूतपूर्व योगदान के चलते उन्हें ''मिसाइल मैन ऑफ इंडिया'' की उपाधि दी गई<ref>आर॰ के॰ पृथी।[http://books.google.com/books?id=Ee3PR5HFBCAC&pg=PA61&dq=%22Abdul+Kalam%22+%22missile+man%22&ei=uqziSKuQMIScswOT2KHeDg&sig=ACfU3U2i12OOsXcnaYcA4pzz7lf9jA3umA#PPA61,M1 ''राष्ट्रपति ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम.''] अनमोल पब्लिकेशन्स, 2002. ISBN 978-81-261-1344-6; Ch. 4. मिसाइल मैन ऑफ इंडिया. 61-76 पीपी</ref> और भारत के राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें प्यार से ''पिपुल्स प्रेसीडेंट'' कहा जाता था। डॉ॰ एस॰ जे॰ कासिम, [[राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा|राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान]] के पूर्व निदेशक थे और उन्होंने [[अंटार्कटिका]] के पहले वैज्ञानिक अभियान के माध्यम से भारत का नेतृत्व किया और दक्षिण गंगोत्री की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही वे [[जामिया मिलिया इस्लामिया]] के पूर्व कुलपति, महासागर विकास विभाग के सचिव और भारत में पोलर रिसर्च के संस्थापक हैं।<ref>{{Cite web |url=http://archives.nic.in/techfocus/doc3/int.htm |title=साक्षात्कार: डॉ॰SZ कासिम |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=16 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100916052340/http://archives.nic.in/techfocus/doc3/int.htm |url-status=dead }}</ref> अन्य प्रमुख मुस्लिम वैज्ञानिकों और इंजीनियरों में सी॰एम॰ हबीबुल्ला, डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडीकल साइंसेस एंड एलाएड हॉस्पीटल और सेंटर फॉर लीवर रिसर्च एंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद के एक स्टेम सेल के वैज्ञानिक और निर्देशक हैं;<ref>[http://www.tribuneindia.com/2009/20090228/dplus.htm#3 होप हैंग्स ऑन स्टेम सेल थेरेपी]</ref> मुशाहिद हुसैन, जामिया मिलिया इस्लामिया के उल्लेखनीय भौतिक विज्ञानी और प्रोफेसर हैं; और डॉ॰ इसरार अहमद, सैद्धांतिक भौतिकी के लिए इंटरनेशनल सेंटर के एक सहयोगी सदस्य हैं, शामिल हैं। यूनानी चिकित्सा क्षेत्र में, हाकिम अजमल खान, हाकिम अब्दुल हमीद और हकीम सैयद रहमान जिल्लुर का नाम काफी प्रसिद्ध है।
जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय द्वारा सबसे प्रभावशाली मुसलमानों की सूची में अहले सुन्नत सूफी नेता हजरत सैयद मोहम्मद अमीन मियां कौद्री और शेख अहमद अबूबक्कर मुस्लियर सूची में शामिल किया गया है। सांसद और जमीयत उलेमा ए हिंद के नेता मौलाना महमूद मदनी को दक्षिण एशिया में आतंकवाद के खिलाफ आंदोलन की शुरूआत करने के लिए 36वां स्थान दिया गया था।<ref>{{cite web|author=Bhaskar Roy, TNN, Dec 12, 2009, 12.54am IST |url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Kalam-Shah-Rukh-in-most-influential-Muslims-list/articleshow/5328554.cms |title=Kalam, Shah Rukh in most influential Muslims list - द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |publisher=Timesofindia.indiatimes.com |date=2009-12-12 |accessdate=2010-09-14}}</ref> सैयद अमीन मियां का सूची में 44वां स्थान था।
== इंडो-इस्लामी कला और स्थापत्य कला ==
{|
|-
| [[चित्र:Taj Mahal in March 2004.jpg|thumb|200px|आगरा में ताज महल भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक है।]]
| [[चित्र:GolGumbaz2.jpg|thumb|right|200px|बीजापुर में गोल गुंबज़, बाइज़ंटाइन हेगिया सोफ़िया के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पूर्वाधुनिक गुंबद.]]
| [[चित्र:Delhi Humayun 02.JPG|thumb|200px|दिल्ली में हुमायूं का मकबरा, भारत.|कड़ी=Special:FilePath/Delhi_Humayun_02.JPG]]
| [[चित्र:Bahauddin Makbara, Junagadh.jpg|200px|thumb|बहाउद्दीन मकबरा, जूनागढ़ के वज़ीर का मकबरा.]]
|}
12वीं सदी के अंत में [[भारतीय उपमहाद्वीप का इस्लामिक इतिहास|भारत में इस्लामी शासन]] के आगमन के साथ ही भारतीय वास्तुकला ने एक नया रूप धारण किया। भारतीय वास्तुकला में जो नए तत्व शामिल हुए वे हैं: आकार का इस्तेमाल (प्राकृतिक स्वरूपों के स्थान पर); सजावटी अभिलेख या सुलेख का उपयोग करते हुए शिलालेखात्मक कला; जड़ने वाली सजावट और रंगीन संगमरमर, पेंट प्लास्टर और चमकीले रंग के चमकते हुए टाइलों का इस्तेमाल 1193 ई॰ में निर्मित कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद भारतीय उपमहाद्वीप में बनने वाली पहली मस्जिद थी, इसके आसपास "टॉवर ऑफ विक्टरी", [[क़ुतुब मीनार|कुतुब मीनार]] का निर्माण भी लगभग 1192 ई॰में शुरू किया गया था, जो कि स्थानीय [[राजपूत]] राजा पर [[ग़ज़नी|गजनी]], [[अफ़्गानिस्तान|अफगानिस्तान]] के मुहम्मद गोरी और उनके जनरल कुतबुद्दीन ऐबक की जीत को चिह्नित करता है, वर्तमान में यह [[दिल्ली]] में यूनेस्को विश्व विरासत साइट है।
स्वदेशी भारतीय वास्तुकला के विपरीत जो कि पट या सीधे क्रम की थी अर्थात सभी रिक्त स्थान क्षैतिज बीम के माध्यम से फैले रहते थे, इस्लामी वास्तुकला धनुषाकार थी यानी एक मेहराब या गुंबद का इस्तेमाल रिक्त स्थान में पूल बनाने की योजना के रूप में अपनाया गया था। मेहराब या गुंबद की अवधारणा मुसलमानों द्वारा आविष्कृत नहीं थी, लेकिन उनके द्वारा उधार ली गई थी और बाद में उनके द्वारा पूर्व रोमन काल की स्थापत्य शैली से अलग करते हुए उसमें और सुधार किया गया। पहले-पहले भारत में भवनों के निर्माण में मुसलमान मोर्टार के रूप में एक सिमेंटिंग एजेंट का इस्तेमाल करते थे। बाद में भी भारत में निर्माण कार्यों में वे कुछ वैज्ञानिक और यांत्रिक सूत्रों का इस्तेमाल करते थे जो कि अन्य सभ्यताओं के उनके अनुभव से प्राप्त था। वैज्ञानिक सिद्धांतों के इस प्रयोग से अधिक मजबूती और निर्माण सामग्री की स्थिरता प्राप्त करने में केवल मदद ही नहीं मिलती थी बल्कि वास्तुकारों और बिल्डरों को और अधिक लचीलापन भी मिलता था। यहां पर एक तथ्य जिस पर जोर दिया जाना चाहिए यह है कि, भारत में इन्हें पेश करने से पहले वास्तुकला के इस्लामी तत्वों को मिस्र, ईरान और इराक जैसे अन्य देशों में विभिन्न प्रयोगात्मक चरणों के माध्यम से पारित किया गया था। इन देशों में अधिकांश इस्लामिक स्मारकों के विपरीत जिसमें बड़े पैमाने पर ईंट प्लास्टर और मलबे का इस्तेमाल निर्माण कार्य में किया गया था, भारत और इस्लामी स्मारकों में तैयार किए गए पत्थरों से बने ठेठ मोर्टार-चिनाई कार्य होता था। इस बात पर बल देना जरूरी है कि भारत-इस्लामी वास्तुकला का विकास अधिकांशतः भारतीय कारीगरों के ज्ञान और कौशल द्वारा किया गया था, जिन्होंने कई शताब्दियों के दौरान पाषाण कारीगरी में महारत प्राप्त की थी और उन्होंने भारत में इस्लामी स्मारकों के निर्माण में अपने अनुभवों का इस्तेमाल किया।
भारत में [[इस्लामी वास्तुकला]] को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है: धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष। मस्जिद और मकबरे धार्मिक वास्तुकला का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि महल और किले धर्मनिरपेक्ष इस्लामी वास्तुकला के उदाहरण हैं। किले अनिवार्य रूप से व्यवहारिक थे और जिसके भीतर एक छोटी सी पूर्ण बस्ती होती थी और दुश्मनों को पीछे हटाने के लिए विभिन्न किलेबंदी संलग्न थी।
मस्जिद: मॉस्क या मस्जिद अपने सरलतम रूप में मुस्लिम कला का प्रदर्शन है। मूल रूप से मस्जिद घिरे हुए पिलरों के बीच एक खुला हुआ बरामदा होता है, जिसके ऊपर एक गुंबद होता है। ''मेहराब'', नमाज के लिए ''किबला'' दिशा का संकेत करती है। ''मेहराब'' के दांए ओर ''मिमबार'' या पल्पिट होता है जहां से ''इमाम'' कार्यवाही का संचालन करते हैं। एक ऊंचा स्थान, आमतौर पर मीनार होती है जहां से आस्थावानों को नमाज के लिए शामिल किया जाता है, जो कि मस्जिद का एक अचल हिस्सा होता है। बड़ी मस्जिद जहां श्रद्धालु शुक्रवार की नमाज के लिए इकट्ठा होते हैं उसे जामा मस्जिद कहा जाता है।
कब्रिस्तान: यद्यपि वास्तव में यह प्राकृतिक रूप से धार्मिक नहीं है, कब्र या मकबरा ने संपूर्ण रूप से नई वास्तुकला की अवधारणा की शुरूआत की है। मस्जिद को मुख्य रूप से इसकी सादगी के लिए जाना जाता है, जबकि एक कब्र साधारण (औरंगजेब की कब्र) से लेकर एक भव्य संरचना [[ताजमहल]] तक होती है। आमतौर पर कब्र, एक एकान्त कक्ष या कब्र कक्ष होती है जिसे ''हुज्रा'' के रूप में जाना जाता है जिसके केंद्र में स्मारक या ''ज़रिह'' होता है। पूरी संरचना को एक विस्तृत गुंबद द्वारा आवृत्त किया जाता है। भूमिगत कक्ष में मुर्दाघर या ''मकबरा'' होता है जिसमें एक लाश को समाधि या ''कब्र'' में दफन किया जाता है। छोटे कब्रों में ''मेहराब'' हो सकते हैं, हालांकि बड़े मकबरों में मुख्य मकबरे से थोड़ी ही दूरी पर एक अलग मस्जिद होती है। सामान्य रूप से पूरा मकबरा परिसर या ''रौज़ा'' एक बाड़े द्वारा घिरा होता है। मुस्लिम संत के कब्र को दरगाह कहा जाता है। कुरान के अनुसार लगभग सभी इस्लामी स्मारकों का इस्तेमाल मुफ्त होता है और अधिकांश समय दीवारों, छत, खंभे और गुंबदों पर मिनट विवरण नक्काशी में खर्च किए जाते थे।
भारत में इस्लामी स्थापत्य को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है: दिल्ली या इम्पीरियल शैली (1191 1557 ई.); प्रांतीय शैली, डेक्कन और [[जौनपुर]] जैसे आस-पास के क्षेत्रों को शामिल किया जाता है; और [[मुगल वास्तुकला|मुगल स्थापत्य]] शैली (1526 को 1707 ई.),<ref>(सौजन्य: Culturopedia.com)</ref>
== साहित्य ==
* इलियट और डाउसन: द हिस्टरी ऑफ इंडिया एज टोल्ड बायइट्स ओन हिस्टोरियंस, नई दिल्ली पुनर्मुद्रण 1990.
* एलियट, सर एच.एम., डौसन, जॉन द्वारा संपादित, द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया, एज़ टोल्ड बाई इट्स ओन हिस्टोरियन, द मोहम्मदन पीरियड; लंदन ट्रुब्नर कंपनी द्वारा प्रकाशित 1867-1877. (ऑनलाइन कॉपी : [http://persian.packhum.org/persian/index.jsp?serv=pf&file=80201010&ct=0 द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया, एज़ टोल्ड बाई इट्स ओन हिस्टोरियन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }}.[http://persian.packhum.org/persian/index.jsp?serv=pf&file=80201010&ct=0 द मुहाम्मदन पीरियड; सर एच.एम.एलियट द्वारा; जॉन डौसन द्वारा संपादित; लंदन ट्रुब्नर कंपनी 1867-1877] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }} - यह ऑनलाइन प्रतिलिपि पोस्ट की गई है: [http://persian.packhum.org/persian/index.jsp पैकर्ड मानविकी संस्थान, द्वारा अनुवाद में फारसी पाठ; इसके अलावा अन्य ऐतिहासिक पुस्तकें मिलेंगी: लेखक सूची और शीर्षक की सूची] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }})
* मजूमदार, आर॰ सी॰ (संपादित), द हिस्टरी एंड कल्चर ऑफ द इंडियन पिपुल, वोल्यूम VI, द दिल्ली सल्तनत, बॉम्बे, 1960; वोल्यूम VII, द मुगल एम्पायर, बॉम्बे, 1973.
* {{cite journal
| quotes =
| last = Mistry
| first = Malika B.
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| date =
| year = 2005
| month = December
| title = Muslims in India: A demographic and socio-economic profile
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| issn = 1360-2004}}
* एम.के. ए. सिद्दीकी (संपादित), ''मार्जिनल मुस्लिम कम्युनिटीज इन इंडिया'', इंस्ट्यूट ऑफ ऑबजेक्टीव स्ट्डीज़, नई दिल्ली (2004) [http://www.iosworld.org/life_on_the_margins.htm रिव्यू] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110408200244/http://www.iosworld.org/life_on_the_margins.htm |date=8 अप्रैल 2011 }}
* {{cite journal|last=Nizami|first=Khaliq Ahmad|title=Some Aspects of Khānqah Life in Medieval India|journal=[[Studia Islamica]]|volume=8|pages=51–69|year=1957|doi=10.2307/1595247|url=http://jstor.org/stable/1595247|publisher=Maisonneuve &|ref=harv}}
== कानून और राजनीति ==
भारत में मुसलमान "मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अनुप्रयोग अधिनियम, 1937 द्वारा शासित हैं।"<ref name="MPL">[http://www.vakilno1.com/bareacts/muslimperact/muslimpersonalact.htm मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अनुप्रयोग अधिनियम, 1937] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181224191608/https://www.vakilno1.com/bareacts/muslimperact/muslimpersonalact.htm |date=24 दिसंबर 2018 }} Vakilno1.com</ref> यह मुसलमानों के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ को निर्देशित करता है जिसमें शादी, महर (दहेज), तलाक, रखरखाव, उपहार, वक्फ, चाह और विरासत शामिल है।<ref name="MPLEX">[http://www.law.emory.edu/IFL/legal/india.htm इंडिया रीपब्लिक ऑफ] एमोरी लॉ स्कूल</ref> आम तौर पर अदालत सुन्नियों, के लिए [[हनाफी]] सुन्नी कानून को लागू करती है, शिया मुसलमान उन स्थानों में सुन्नी कानून से अलग है जहां बाद में सुन्नी कानून से शिया कानून अलग हैं। हालांकि, वर्ष 2005 में, भारतीय शिया ने सबसे महत्वपूर्ण मुस्लिम संगठन [[ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड]] से नाता तोड़ दिया और उन्होंने ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के रूप में स्वतंत्र लॉ बोर्ड का गठन किया।<ref>{{cite news|url= http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/4235999.stm|title= India's Muslims face up to rifts | publisher=BBC NEWS | date=February 9, 2005| accessdate=2010-06-23|first=Sutapa|last=Mukerjee}}</ref>
भारतीय संविधान, बिना धर्म का विचार किए सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। संविधान का अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता की सिफारिश करता है। हालांकि, देश में लगातार राजनीतिक नेतृत्वों ने समान नागरिक संहिता के तहत भारतीय समाज को एकीकृत करने के प्रयासों का जोरदार विरोध किया है और भारतीय मुसलमानों द्वारा इसे देश के अल्पसंख्यक समूहों की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देखा जाता है। इस प्रकार भारत में एक अद्वितीय स्थिति मौजूद है जहां एक धर्मनिरपेक्ष कानून का समर्थन करने वालों को फांसीवादी माना जाता है जबकि जो भारतीय मुसलमानों के लिए शरीयत का समर्थन करते हैं उन्हें धर्मनिरपेक्ष के रूप में समझा जाता है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की स्थापना "मुस्लिम पर्सनल लॉ" यानी भारत में शरीयत अनुप्रयोग अधिनियम, सुरक्षा और प्रयोज्यता जारी के लिए किया गया था।
== धर्मांतरण विवाद ==
इस्लाम में धर्मांतरण को लेकर विद्वानों और सार्वजनिक राय, दोनों में काफी विवाद मौजूद है और आमतौर निम्नलिखित विचारधाराओं द्वारा प्रदर्शित होता है:<ref name="der Veer">डेर वीर, 27-29</ref>
# मुसलमानों का अधिकांश हिस्सा ईरानी पठार या अरब प्रवासियों का वंशज नहीं हैं।<ref name="Eaton">इटन, रिचर्ड एम. द राइज ऑफ इस्लाम एंड द बेंगाल फ्रंटिएर, 1204-1760. बर्कले: कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय प्रेस, c1993 1993.[http://ark.cdlib.org/ark:/13030/ft067n99v9/ ऑनलाइन संस्करण का अंतिम अभिगमन 1 मई 2007 ]</ref>
# व्यवहारिकता और संरक्षण जैसे गैर धार्मिक कारणों से हुए धर्मांतरण जैसे सत्तारूढ़ मुस्लिम कुलीन के बीच सामाजिक गतिशीलता या करों से मुक्ति के लिए। <ref name="der Veer"/><ref name="Eaton"/>
# [[सुन्नी इस्लाम|सुन्नी]] [[सूफ़ी]] संतों की गतिविधियों के कारण हुए धर्मांतरण और जिसमें एक वास्तविक हृदय परिवर्तन शामिल था।<ref name="der Veer"/>
# बौद्धों से आया धर्मांतरण और सामाजिक मुक्ति और दमनकारी हिंदू जाति की बाध्यताओं की अस्वीकृति स्वरूप निम्न जाती समूहों द्वारा सामूहिक धर्मांतरण.<ref name="Eaton"/>
# एक संयोजन, शुरू में दबाव के तहत और जिसके बाद वास्तविक हृदय परिवर्तन हुआ<ref name="der Veer"/>
# प्रमुख मुस्लिम सभ्यता और वैश्विक राज्य व्यवस्था में एक विस्तृत अवधि के दौरान विसरण और एकीकरण की सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रिया के रूप में.<ref name="Eaton"/>
एक विदेशी आरोपण के रूप में इस्लाम की स्थिति और विरोध करने वाले मूल निवासियों की स्वाभाविक रूप से हिन्दू हैसियत इन बातों में निहित है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप के इस्लामीकरण की परियोजना विफल हो गई और [[भारत का विभाजन|विभाजन]] की राजनीति और भारत में सांप्रदायिकता काफी उलझ गई।<ref name="der Veer"/> मुस्लिम इतिहास और जनसांख्यिकीय गणना के आधार पर मारे गए लोगों की अनुमानित संख्या के.एस. लाल की पुस्तक ''ग्रोथ ऑफ मुस्लिम पोपुलेशन इन मिडियावल इंडिया'' में दी गई है जिन्होंने दावा किया कि 1000 ई. और 1500 ई. के बीच हिन्दुओं की जनसंख्या करीब 80 मिलियन कम हुई। पूर्व-[[जनगणना]] काल में सही डेटा की कमी और इसकी कार्यावली के लिए कई आलोचकों ने उनकी पुस्तक की आलोचना की जैसे सिमोन डिग्बी (स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज) और [[इरफान हबीब]]. लाल ने अपनी बाद की पुस्तकों में इन आलोचनाओं का जवाब दिया। विल डुरंत जैसे इतिहासकार ने तर्क दिया कि हिंसा के माध्यम से इस्लाम को फैलाया गया था।<ref>{{cite book|last=Durant|first=Will|authorlink=Will Durant|title="The Story of Civilization: Our Oriental Heritage" (page 459)|year=1992|url=https://archive.org/details/storyofcivilizat00dura_0}}</ref><ref>{{cite news|first=Koenraad|last=Elst|title=Was there an Islamic "Genocide" of Hindus?|url=http://www.kashmirherald.com/main.php?t=OP&st=D&no=138|publisher=[[Kashmir Herald]]|pages=|page=|date=2006-08-25|accessdate=2006-08-25|archive-date=29 अप्रैल 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110429155900/http://www.kashmirherald.com/main.php?t=OP&st=D&no=138|url-status=dead}}</ref> सर जदुनाथ सरकार का कहना है कि कई मुस्लिम आक्रमणकारी भारत में हिंदुओं के खिलाफ व्यवस्थित रूप से [[जेहाद|जिहाद]] छेड़ रहे थे, इस हद तक कि "काफ़िरों के परिवर्तन के लिए निर्दयतापूर्ण नरसंहार के सारे उपायों का सहारा लिया गया यहां तक कि भारतीय ब्राह्मण को जान से भी मार भी देते थे और प्रत्येक दिन लगभग 10 हजार लोग इस्लाम अपनाए नहीं तो जान से जाए ये फरमान भी किया गया था तथा मंदिरों को तोड़कर मस्जिद का निर्माण होता था da"<ref>{{cite book|last=Sarkar|first=Jadunath|authorlink=Jadunath Sarkar |title=How the Muslims forcibly converted the Hindus of India, Pakistan and Bangladesh to Islam}}</ref> वे हिंदू जो इस्लाम में धर्मान्तरित हुए थे, वे भी ''फतवा-ए-जहांदारी'' में ज़ियाउद्दीन अल-बरनी द्वारा स्थापित मुस्लिम जाति व्यवस्था के कारण अत्याचार से मुक्त नहीं थे,<ref>{{Cite web |url=http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm |title=भारतीय मुस्लिम समाज में जाति |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=11 अगस्त 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110811072216/http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm |url-status=dead }}</ref> जहां उन्हें "अज्लाफ़" जाति के रूप में माना जाता था और "अशरफ" जातियों द्वारा भेदभाव किया जाता था।<ref name="one">{{cite book|last=Aggarwal|first=Patrap|authorlink=Patrap C. Aggarwal|title=Caste and Social Stratification Among Muslims in India|publisher=Manohar|year=1978}}</ref>
"तलवार की नोक पर धर्मांतरण सिद्धांत" दक्षिण भारत, श्रीलंका, पश्चिमी बर्मा, बांग्लादेश, दक्षिणी थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया में व्याप्त विशाल मुस्लिम समुदाय की ओर इशारा करता है और भारतीय उप-महाद्वीप में ऐतिहासिक मुस्लिम साम्राज्य के गढ़ के आसपास बराबर संख्या में मुस्लिम समुदायों की कमी "तलवार की नोक पर धर्मांतरण सिद्धांत" का खंडन करती है। दक्षिण एशिया पर मुस्लिम विजय की विरासत पर आज भी गंभीर बहस जारी है। अर्थशास्त्र के इतिहासकार एंगस मेडीसन और जीन-नोएल बिराबेन ने विभिन्न जनसंख्या अनुमान किया और साथ ही संकेत मिलता है कि 1000 और 1500 के बीच भारत की जनसंख्या में कमी नहीं हुई, लेकिन उस समय के दौरान करीब 35 मिलियन बढ़ी थी।<ref>{{cite book|last=Maddison|first=Angus|authorlink=Patrap C. Aggarwal|title=The Contours of the World Economy 1-2030 AD|publisher=[[Oxford University Press]]|year=2006}}</ref><ref>बिरबेन, जीन नोएल (2003). "द राइजिंग नंबर्स ऑफ ह्युमनकाइंड" ''पोपुलेशन एंड सोसायटी'' '''394''' .</ref>
सभी मुस्लिम आक्रमणकारी हमलावर बस 1 या 2 को छोड़कर थे। बाद के शासकों ने राज्यों को जीतने के लिए लड़ाई लड़ी और नए राजवंशों की स्थापना के लिए वहां निवास किया। इन नए शासकों और उनके बाद के उत्तराधिकारियों (जिनमें से कुछ हिन्दू पत्नियों से जन्मे थे) की प्रथाओं में काफी विविधता थी। जबकि कुछ समान रूप से नफरत करते थे, अन्यों ने बाद में लोकप्रियता हासिल की। 14वी सदी में इब्न बतूता के वृतांत के अनुसार जिसने [[दिल्ली]] की यात्रा की थी, पिछले सुल्तानों में से एक विशेष रूप से क्रूर था और दिल्ली की आबादी उससे अत्यधिक नफरत करती थी, बतूता का वृतांत यह भी संकेत करता है कि अरब दुनिया, फारस और [[तुर्की]] के मुस्लिम अक्सर शाही सुझाव में समर्थन करते हुए कहते थे कि हो सकता है दिल्ली प्रशासन में वहां के स्थानीय लोगों ने कुछ हद तक एक अधीनस्थ भूमिका निभाई होगी। "तुर्क" शब्द का इस्तेमाल सामान्यतः उनकी उच्च सामाजिक स्थिति का उल्लेख करने के लिए किया जाता था। हालांकि एस.ए.ए. रिज़वी (''द वंडर दैट वाज इंडिया - II'') ने इंगित किया कि मुहम्मद बिन तुगलक ने न केवल स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया बल्कि कारीगर समूहों को भी उच्च प्रशासनिक पदों के लिए प्रोत्साहित किया जैसे बावर्ची, नाई और माली. उसके शासनकाल में, यह संभावना है कि इस्लाम में धर्मांतरण एक अधिक सामाजिक गतिशीलता और संशोधित सामाजिक सुधार के रूप में हुआ।<ref>{{Cite web |url=http://india_resource.tripod.com/islam.html |title=इस्लाम एंड द सब-कंटीनेंट - एप्रेजिंग इट्स इम्पैक्ट |access-date=9 दिसंबर 2012 |archive-url=https://archive.today/20121209030754/india_resource.tripod.com/islam.html |archive-date=9 दिसंबर 2012 |url-status=dead }}</ref>
== धार्मिक संघर्ष ==
=== मुस्लिम-हिंदू संघर्ष ===
;1947 से पहले
भारतीय उपमहाद्वीप में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच संघर्ष का एक जटिल इतिहास है, कहा जा सकता है 711 में [[सिंध]] में उमय्यद [[खिलाफ़त|खलीफा]] के [[जेहाद|जिहाद]] के साथ यह संघर्ष शुरू हुआ। भारत में मध्ययुगीन काल में इस्लामी विस्तार के दौरान मंदिरों के विनाश के द्वारा हिंदू उत्पीड़न को देखा जा सकता है और मंदिके स्थान पर मस्जिद का निर्माण [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथ]]<ref>{{cite web| url=http://www.indhistory.com/somnath-temple.html| title=Somnath Temple| accessdate=2009-04-17| archive-date=28 अप्रैल 2015| archive-url=https://web.archive.org/web/20150428164318/http://www.indhistory.com/somnath-temple.html| url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web | url=http://www.flonnet.com/fl1608/16081210.htm | title=Somanatha and Mahmud | accessdate=2008-04-17 | archive-date=21 अप्रैल 2012 | archive-url=https://www.webcitation.org/675GRupMN?url=http://www.flonnet.com/fl1608/16081210.htm | url-status=dead }}</ref> मंदिर के बार-बार विनाश करने और हिंदू प्रथाओं के विरोधी [[मुग़ल साम्राज्य|मुगल]] सम्राट [[औरंग़ज़ेब|और खिलजीवंशऔरंगजेब]] का अक्सर इतिहासकारों द्वारा उल्लेख किया गया है।<ref>{{cite book | last = Richards | first = John F. | title = The Mughal Empire | year = 1995 | publisher = Cambridge University Press | location = Cambridge | isbn = 0-521-56603-7 | pages = 130, 177}}</ref>
;1947 से 1991 तक
1947 में [[भारत का विभाजन|भारत विभाजन]] के बाद के परिणामों में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक संघर्षों और देश भर में रक्तपात को देखा गया। तब से, भारत में बड़े पैमाने पर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के वर्गों के बीच निहित तनाव से तेज हिंसा चली आ रही है। ये विवाद हिन्दू राष्ट्रवाद की विचारधारा बनाम इस्लामी चरमपंथ से भी उत्पन्न होते हैं और आबादी के विशेष तबके में प्रचलित हैं। आजादी के बाद से [[भारत]] ने [[धर्मनिरपेक्षता]] के लिए संवैधानिक प्रतिबद्धता को हमेशा बनाए रखा है।
;1992 के बाद से
विभाजन के बाद हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को बनाए रखने के बाद पिछले दशक में तनाव को उत्पन्न करने वाली [[अयोध्या]] में विवादित बाबरी मस्जिद गिराने का मुद्दा है। इसे 1992 में विध्वंस किया गया था और कथित तौर पर हिंदू राष्ट्रवादी, [[भारतीय जनता पार्टी]] और [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]], [[बजरंग दल]] और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों के द्वारा यह कार्य किया गया था। इसके बाद जैसे को तैसा की तर्ज़ पर सारे देश में मुस्लिम और हिंदू कट्टरपंथियों के बीच हिंसा फ़ैल गई जिसमें शामिल थे मुंबई में मुंबई दंगे और साथ ही 1993 में मुंबई बम धमाका, इन वारदातों में कथित तौर पर माफिया डॉन [[दाउद इब्राहिम|दाऊद इब्राहिम]] और मुख्य रूप से मुस्लिम डी-कंपनी आपराधिक गिरोह शामिल थे।
2001 में उग्रवादियों द्वारा भारतीय संसद पर एक हाई प्रोफ़ाइल हमले ने समुदाय के संबंधों में काफी तनाव पैदा कर दिया।
हाल ही में हुई सबसे हिंसक और शर्मनाक घटनाओं में से एक 2002 में घटित गुजरात दंगा था जिसमें अनुमानित तौर पर करीब एक हजार लोग मारे गए थे, मारे गए लोगों में ज्यादातर मुसलमान थे, कुछ सूत्रों ने करीब 2000 मुस्लिम हत्या का दावा किया है,<ref name="India's Great Divide">[https://web.archive.org/web/20030806223353/http://www.time.com/time/asia/covers/501030811/story.html इंडिया ग्रेट डिवाइड]. 4 अप्रैल 2007 को पुनःप्राप्त.</ref> साथ ही इसमें राज्य सरकार की भागीदारी का भी आरोप लगाया गया है।<ref>[https://web.archive.org/web/20030807013939/http://www.time.com/time/asia/covers/501030811/story2.html इंडिया ग्रेट डिवाइड]. 4 अप्रैल 2007 को पुनःप्राप्त.</ref><ref>[http://www.hinduonnet.com/thehindu/holnus/002200411132124.htm डिमांड फोर सीबीआई प्रोब इंटु जहीरा यू-टर्न] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070505143121/http://www.hinduonnet.com/thehindu/holnus/002200411132124.htm |date=5 मई 2007 }}.''द हिंदू'' . 4 अप्रैल 2007 को पुनःप्राप्त.</ref> यह दंगा, गोधरा ट्रेन आगजनी के प्रतिशोध में किया गया था जिसमें बाबरी मस्जिद के विवादित स्थल से लौट रहे 50 हिन्दू तीर्थयात्रियों को गोधरा रेलवे स्टेशन की ट्रेन आगजनी में जिंदा जला दिया गया था। गुजरात पुलिस ने इस घटना के योजनाबद्ध होने का दावा किया और कहा कि इसे उग्रवादी मुसलमानों द्वारा हिंदू तीर्थयात्रियों के खिलाफ इस क्षेत्र में किया गया था। जांच के लिए बनर्जी आयोग को नियुक्त किया गया था जिसने इसे एक आग दुर्घटना होने की घोषणा की। <ref>{{Cite web |url=http://www.hinduonnet.com/fline/fl2203/stories/20050211004203200.htm |title=स्टिल ए बर्निंग क्वेसचंस |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=23 जनवरी 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100123142904/http://www.hinduonnet.com/fline/fl2203/stories/20050211004203200.htm |url-status=dead }}</ref> 2006 में उच्च न्यायालय ने इस समिति के गठन को अवैध घोषित किया क्योंकि न्यायमूर्ति नानावती शाह के नेतृत्व में एक अन्य कमेटी इस मुद्दे की जांच कर रही थी।<ref>{{cite web |url=http://www.expressindia.com/fullstory.php?newsid=75485 |title=Banerjee panel illegal: Gujarat HC |publisher=Expressindia.com |date=2006-10-13 |accessdate=2010-09-14 |archive-date=14 मई 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070514205153/http://www.expressindia.com/fullstory.php?newsid=75485 |url-status=dead }}</ref> सितंबर 2008 के अंतिम सप्ताह में नानावती शाह आयोग ने पहले ही अपनी प्रथम रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसमें साफ कहा गया था कि गोधरा में ट्रेन आगजनी पूर्व-योजित थी और इसके लिए भारी मात्रा में पेट्रोल एक मुसलमान समूह द्वारा लाया गया था। {{fact|date=December 2010}}
[[चित्र:Ahmedabad riots1.jpg|right|thumb|अहमदाबाद दंगों में शहर से उठता धुँआ]] अहमदाबाद के क्षितिज धुएं से भरे हुए थे, क्योंकि इमारत और दुकानों में दंगों वाले भीड़ द्वारा आग लगाया गया था। दंगे जो गोधरा ट्रेन घटना के बाद शुरू हुए, जिसमें 790 से अधिक मुसलमानों और 254 हिंदुओं को मारा गया था, इसमें गोधरा ट्रेन की आग में मारे गए हिन्दू लोग भी शामिल हैं<ref>ये आंकड़े गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल द्वारा मई 2005 में राज्य सभा के लिए सूचित किया गया। [141] [142] [143]</ref>
वहां बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा जारी थी, जिसमें मुस्लिम समुदायों को कष्ट भुगतना पड़ा. इन दंगों के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री, नरेंद्र मोदी और उनके कुछ मंत्रियों, पुलिस अधिकारी और अन्य दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों की काफी आलोचना की गई। नरेंद्र मोदी के अंतर्गत गुजरात प्रशासन, गुजरात पुलिस ने जानबूझकर मुसलमानों को निशाना बनाया। यहां तक कि नरेंद्र मोदी पर नरसंहार का भी आरोप था लेकिन कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ।
मुसलमान-हिंदू विरोध को, SIMI (सिमी) (भारतीय इस्लामिक छात्र आंदोलन) जैसे कुछ इस्लामी संगठनों द्वारा और भी उत्तेजित किया गया जिसका उद्देश्य भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना है। पाकिस्तान आधारित कुछ अन्य समूह जैसे लश्कर-ए तैयबा और [[जैश-ए-मोहम्म्द|जैश-ए मोहम्मद]] हिंदू आबादी के खिलाफ स्थानीय मुस्लिमों को भड़काने का पक्षपात किया जाता है। इन समूहों को [[११ जुलाई २००६ मुम्बई उपनगरीय रेल बम धमाके|11 जुलाई 2006 में मुंबई ट्रेन बम विस्फोट]] के लिए जिम्मेदार माना जाता है, जिसमें करीब 200 लोग मारे गए थे। ऐसे समूहों ने 2001 में भारतीय संसद पर भी हमला किया था और 1999 में भारतीय कश्मीर के कुछ भागों को पाकिस्तान का होने का दावा किया और गुप्त रूप से ऐसे कई हमले किए गए जिसमें भारतीय कश्मीर पर लगातार हमला और भारत की राजधानी [[नई दिल्ली]] पर बम धमाका शामिल है। इसी बीच, निर्दोष मुसलमान और हिन्दू, सांप्रदायिक संघर्ष की वेदी पर चढ़ते रहे और इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि होती जा रही है।<ref>{{cite web |url=http://www.sacw.net/DC/CommunalismCollection/ArticlesArchive/sikand20Nov2003.html |title=Islamist Militancy in Kashmir: The Case of the Lashkar-i Tayyeba by Yoginder Sikand | November 20, 2003 |publisher=Sacw.net |date= |accessdate=2010-09-14 |archive-date=22 जुलाई 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110722041543/http://www.sacw.net/DC/CommunalismCollection/ArticlesArchive/sikand20Nov2003.html |url-status=dead }}</ref>
प्रोफेसर एम.डी. नालापत (मनिपाल एडवांस्ड रिसर्च ग्रुप के उपाध्यक्ष, यूनेस्को पीस चेयर और मनिपाल विश्वविद्यालय के भू-राजनीति के प्रोफेसर) के अनुसार, "हिंदू - मुस्लिम" संघर्ष, "हिन्दू बैकलैश" या "आंशिक" धर्मनिरपेक्षता है, जिसमें केवल हिंदुओं के धर्मनिरपेक्ष होने की उम्मीद है जबकि मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को बहिष्करण प्रथा को चलाने के लिए स्वतंत्र हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.upiasiaonline.com/Politics/2007/12/26/a_hindu_backlash_hits_sonia_gandhi/7005/ |title=ए हिंदू बैकलैश हिट्स सोनिया गांधी- upiasiaonline.com |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=17 जुलाई 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110717171022/http://www.upiasiaonline.com/Politics/2007/12/26/a_hindu_backlash_hits_sonia_gandhi/7005/ |url-status=dead }}</ref>
2004 में, भारतीय स्कूल की कई पाठ्यपुस्तकों को [[राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद]] द्वारा रद्द कर दिया गया था क्योंकि उसमें उन्होंने मुसलमान विरोधी पूर्वाग्रह से भरा हुआ पाया था। एनसीईआरटी ने दलील दी कि यह किताबें "उन विद्वानों द्वारा लिखी गईं हैं जिन्हें पूर्व के हिंदू राष्ट्रवादी प्रशासन द्वारा चुना गया था". ''द गार्जियन'' के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों में भारत में पूर्व हिन्दू मुस्लिम शासकों को "असभ्य आक्रमणकारी के रूप में और मध्ययुगीन अवधि को इस्लामी औपनिवेशिक साम्राज्य के रूप में दर्शाया गया था, जिसने भारत की हिन्दू साम्राज्य के गौरव अतीत को पहले समाप्त कर दिया था।"<ref name="guardian">रमेश, रणदीप. [http://www.guardian.co.uk/world/2004/jun/26/india.schoolsworldwide एनोदर रीराइट फोर इंडिया हिस्टरी बूक], ''द गार्जियन'' .</ref> एक पाठ्यपुस्तक में, यह अभिप्राय था कि [[ताजमहल|ताज महल]], [[क़ुतुब मीनार|कुतुब मीनार]] और [[लाल किला]] सभी इस्लामी वास्तुकला के उदाहरण थे- "जिसकी डिजाइन और कमीशन हिन्दुओं द्वारा किया गया था।"<ref name="guardian"/>
2010 में हुए देगंगा दंगे की शुरूआत 6 सितम्बर को हुई, जब एक इस्लामी गिरोह ने देगंगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत देगंगा, कार्तिकपुर और बलियाघाटा के [[सनातन धर्म|हिन्दू]] स्थान पर आगज़नी और हिंसा की। यह हिंसा शाम को देर से शुरू हुई और रात भर चलती हुई अगली सुबह तक जारी रही। जिला पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सीमा सुरक्षा बल सभी रिगोह हिंसा को रोकने में असफल रहे, अंततः इसे रोकने के लिए [[भारतीय थलसेना|सेना]] को तैनात किया गया था।<ref name="toi1">{{cite news |first= |last= |url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/Communal-clash-near-Bangla-border-Army-deployed/articleshow/6516123.cms |title=Communal clash near Bangla border, Army deployed |publisher=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |date=September 8, 2010 |accessdate=September 11, 2010 |location=Kolkata}}</ref><ref name="toi2">{{cite news |first= |last= |url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/kolkata-/Army-out-after-Deganga-rioting/articleshow/6516493.cms |title=Army out after Deganga rioting |publisher=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |date=September 8, 2010 |accessdate=September 11, 2010 |location=Kolkata}}</ref><ref name="express1">{{cite news |first= |last= |url=http://www.indianexpress.com/news/Curfew-in-Bengal-district--Army-called-in/678774 |title=Curfew in Bengal district, Army called in |publisher=Indian Express |date=September 8, 2010 |accessdate=September 11, 2010 |location=Kolkata |archive-date=13 नवंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101113210142/http://www.indianexpress.com/news/Curfew-in-Bengal-district--Army-called-in/678774 |url-status=dead }}</ref><ref name="hindu1">{{cite news |first=Raktima |last=Bose |url=http://www.hindu.com/2010/09/08/stories/2010090859680100.htm |title=Youth killed in group clash |publisher=द हिन्दू |date=September 8, 2010 |accessdate=September 11, 2010 |location= |archive-date=10 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100910005112/http://hindu.com/2010/09/08/stories/2010090859680100.htm |url-status=dead }}</ref> सेना ने ताकि रोड पर एक फ्लैग मार्च का आयोजन किया, जबकि टाकी सड़क के भीतरी गांवों में बेरोकटोक इस्लामवादी हिंसा जारी रही, सेना की मौजूदगी और सीआरपीसी के धारा 144 तहत निषेधात्मक आदेश के बावजूद यह बुधवार तक जारी रही।
=== मुगल-सिख संघर्ष ===
[[मुग़ल साम्राज्य|मुगल]] अवधि के दौरान पंजाब में [[सिख धर्म]] उभरा., मुगल सत्ता और सिखों के बीच संघर्ष 1606 में अपने आरम्भिक चरम पर पहुंचा जब सिखों के पांचवे गुरू [[गुरू अर्जुन देव|गुरू अर्जन देव]] पर मुगल साम्राज्य के जहांगीर द्वारा अत्याचार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। पांचवें गुरु की हत्या कर देने के बाद उनके बेटे [[गुरू हरगोबिन्द सिंह|गुरु हर गोबिंद]] ने उनकी जगह ली जिन्होंने सिख धर्म को मूलतः योद्धा धर्म बनाया। गुरु जी पहले ऐसे योद्धा थे जिन्होंने मुगल साम्राज्य को एक युद्ध में परास्त किया जो कि वर्तमान में गुरदासपुर में हरगोबिंदपुर है<ref>{{cite book|last=Shackle|first=Christopher|author2=Mandair, Arvind-Pal Singh|year=2005|title=Teachings of the Sikh Gurus: Selections from the Sikh Scriptures|publisher=Routledge|location=United Kingdom|isbn=0-415-26604-1|pages=xv-xvi}}</ref> इस बिंदु के बाद सिख, अपनी सुरक्षा के लिए अपने आप को सैन्य बनाने के लिए मजबूर हुए. 16वीं सदी के बाद, 1665 में तेग बहादुर गुरु बने और 1675 तक सिखों का नेतृत्व किया। जब मुग़ल सम्राट द्वारा कश्मीरी पंडितों के इस्लाम न ग्रहण करने पर उन्हें मृत्यु दंड दिया जाने लगा तब कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधि ने तेग बहादुर से सहायता मांगी और हिन्दुओं की सहायता न करने के कारण [[औरंग़ज़ेब|औरंगजेब]] द्वारा ब्राह्मणो ने प्राण दंड दिलवा दिया गया। <ref>{{cite book|last=Rama|first=Swami|year=1986|title=Celestial Song/Gobind Geet: The Dramatic Dialogue Between Guru Gobind Singh and Banda Singh Bahadur|publisher=Himalayan Institute Press|isbn = 0-89389-103-7|pages=7–8}}</ref> हिन्दू-सिख संघर्ष और मुगल-सिख संघर्ष किस प्रकार आपस में जुड़े हैं उसका यह प्रारम्भिक उदाहरण है।
1699 में, खालसा की स्थापना सिखों के अंतिम गुरू [[गुरु गोबिन्द सिंह|गुरु गोबिंद सिंह]] द्वारा की गई। गोबिंद सिंह द्वारा एक पूर्व तपस्वी को उन लोगों को दंडित करने का कर्तव्य सौंपा गया जिन्होंने सिखों को कष्ट पहुंचाया., गुरु की मृत्यु के बाद बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख सेना के नेता बन गए और मुगल साम्राज्य पर कई हमलों के लिए वे जिम्मेदार थे। इस्लाम ग्रहण कर लेने पर क्षमा दान की पेशकश को ठुकरा देने के बाद [[जहांदार शाह]] द्वारा उन्हें मृत्यु दंड दिया गया। <ref>{{cite book|last=Singh|first=Khushwant|authorlink=Khushwant Singh|year=2006|title=The Illustrated History of the Sikhs|publisher=Oxford University Press|location=India|isbn = 0-19-567747-1|pages=47–53}}</ref> 17वीं और 18वीं शताब्दी के दौरान मुगल सत्ता का ह्रास होने लगा और उसी दौरान सिख महासंघ और बाद में सिख साम्राज्य की ताकत बढ़ने लगी, जिसके परिणामस्वरूप संतुलित शक्ति का निर्माण हुआ जिसने सिखों को अधिक हिंसा से रक्षा की। 1849 के [[द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध|आंग्ल-सिख द्वितीय युद्ध]] के बाद सिख साम्राज्य को ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य में समाहित कर लिया गया।
1947 में [[भारत का विभाजन|भारत विभाजन]] के दौरान विशाल जनसंख्या का आदान-प्रदान हुआ और पंजाब का ब्रिटिश भारतीय प्रांत दो भागों में विभाजित हुआ और पश्चिमी भागों को पाकिस्तान के डोमिनियन को दिया गया, जबकि पूर्वी भागों यूनियन ऑफ इंडिया को दिया गया।
5.3 मिलियन मुसलमान भारत से पाकिस्तान के पश्चिम पंजाब में चले गए, 3.4 मिलियन हिंदू और सिख पाकिस्तान से भारत के पूर्वी पंजाब में स्थानांतरित हुए., इतने बड़े पैमाने पर प्रवास और दोनों सीमाओं में होने वाले भीषण हिंसा और हत्या को रोकने में नवगठित सरकारें पूरी तरह से असमर्थ थीं। मोटे तौर पर मौतों की संख्या लगभग 500,000 थीं और मौतों की अनुमानित संख्या कम से कम 200,000 और अधिक से अधिक 1,000,000 थी।
पंजाब के अधिकतर सिख अपने आप के इस्लाम धर्म का हिस्सा मानते है, इसी कारण कोई प्रतिकुल प्रभाव नही पड़ा।न<ref>[http://users.erols.com/mwhite28/warstat3.htm#India विभाजन में मरने वालों की संख्या]</ref>
=== मुस्लिम-ईसाई संघर्ष ===
[[चित्र:JamalabadFortPassage.jpg|thumb|right|जमालाबाद किला मार्ग. मंगलोरियन कैथोलिक इस मार्ग के माध्यम से अपने सेरिंगपटम के लिए इस रास्ते पर यात्रा की थी]]
बाकुर पांडुलिपि ने उनके बारे में कहा है:
''"सभी मुसलमानों को एकजुट होना चाहिए और एक पवित्र कर्तव्य के रूप में काफिरों के विनाश पर विचार करना चाहिए, अपने सत्ता के अत्यंत श्रम करने के लिए, उस विषय को पूरा करना है।"''<ref name="Lobo"/>
1784 में मंगलौर की संधि के बाद जल्द ही टीपू ने केनरा पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया।<ref>{{harvnb|Forrest|1887|pp=314–316]|Ref=8}}</ref> उन्होंने केनरा में ईसाइयों की सम्पदा को जब्त कर लेने का फरमान जारी किया,<ref>{{harvnb|The Gentleman's Magazine|1833|p=[http://books.google.com/books?id=CnSrSlq_ckcC&printsec=titlepage#PPA388,M1 388]|Ref=ge}}</ref> और जमालाबाद किला के माध्यम से अपने साम्राज्य की राजधानी श्रीरन्गापटनम उन्हें निर्वासित किया।<ref name="dm">{{cite web
|url = http://www.dioceseofmangalore.org/history.asp
|title = Christianity in Mangalore
|accessdate = 2008-07-30
|publisher = [[Roman Catholic Diocese of Mangalore|Diocese of Mangalore]]
|archiveurl = https://web.archive.org/web/20080622155343/http://www.dioceseofmangalore.org/history.asp
|archivedate = 22 जून 2008
|url-status = dead
}}</ref> हालांकि, उनमें बंदियों में से कोई भी पादरी नहीं था। मिरांडा फादर के साथ मिलकर, सभी गिरफ्तार 21 पादरियों को गोवा में भेजने का आदेश दिया गया, 2 लाख का जुर्माना किया गया और साथ अगर वे कभी लौट कर आएंगे तो फांसी के माध्यम मौत के घाट उतारने की धमकी दी गई।<ref name="Lobo"/>
टीपू ने 27 कैथोलिक चर्चों को नष्ट करने का आदेश दिया, सभी चर्चों में विभिन्न संतों की खूबसूरत नक़्क़ाशीदार प्रतिमाएं थीं। उनमें [[मैंगलूर|मंगलौर]] का नोसा सेनहोरा डी रोजरियो मिलाग्रेस का चर्च, मोन्टे मेरिएनो का एफआर मिरांडा सेमीनरी, ओमज़ूर का जेसु मरिए जोसे चर्च, बोलार का चापेल, उल्लाल का चर्च ऑफ मर्सिस, मुल्की का इमाकुलाटा कॉनसिएसियाओ, पेरार का सन जोसे, किरेम का नोसा सेनहोरा डोस रेमेडिएस, कर्काल का साव लॉरेंस, बार्कुर का रोजारिओ, बैडनुर का इमाकुलाटा कॉन्सेसियाओ शामिल था।<ref name="Lobo">[https://archive.today/20120913081303/http://www.kinnigoli.com/?app=article&mode=view&uid=11 सरस्वती चिल्ड्रेन], जो लोबो</ref> अपवाद के रूप में होसपेट के द चर्च ऑफ पॉली क्रॉस को छोड़कर सभी को नष्ट कर दिया गया, इसे मूद्बिदरी के चौता राजा के लिए अनुकूल कार्यालयों के लिए छोड़ दिया था।<ref name="escdemo">{{cite web |url= http://www.daijiworld.com/chan/exclusive_arch.asp?ex_id=129 |title= Monti Fest Originated at Farangipet - 240 Years Ago! |accessdate= 2009-04-28 |author= John B. Monteiro |publisher= Daijiworld Media Pvt Ltd Mangalore |archive-date= 28 अगस्त 2012 |archive-url= https://www.webcitation.org/6AFSPgPN5?url=http://www.daijiworld.com/chan/exclusive_arch.asp?ex_id=129 |url-status= dead }}</ref>
एक स्कॉटिश सैनिक और केनरा के पहले कलेक्टर थोमस मुनरो के अनुसार, उनमें से करीब 60,000<ref name="bow2">{{harvnb|Bowring|1997|p=[http://books.google.com/books?id=jrL3wXQ2-rYC&printsec=frontcover#PPA126,M1 126]|Ref=bow}}</ref> यानी सम्पूर्ण मंगलौरियन कैथोलिक समुदाय का लगभग 92 प्रतिशत को कैद कर लिया गया, केवल 7000 ही बच पाए. फ्रांसिस बुकानन के अनुसार 80,000 की आबादी में से 70,000 को कैद किया गया और केवल 10000 ही बच पाए. [[पश्चिमी घाट|पश्चमी घाट]] के पर्वतों पर जंगलों से होते हुए वे लगभग {{convert|4000|ft|m}} चढ़ाई करने के लिए मजबूर थे। यह मंगलौर से श्रीरन्गापटनम के लिए {{convert|210|mi|km}} था और यात्रा में छह हफ्ते लगे। ब्रिटिश सरकार के रिकॉर्ड के मुताबिक, श्रीरन्गापटनम मार्च के दौरान उनमें से 20,000 का निधन हो गया। एक ब्रिटिश अधिकारी जेम्स स्करी जो मंगलोरियन कैथोलिक के साथ बंदियों के साथ था, के अनुसार उनमें से 30000 को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया। युवा महिलाओं और लड़कियों को वहां रहने वाले मुसलमानों की जबरन पत्नी बनाया गया।<ref>{{harvnb|Scurry|Whiteway|1824|p=[http://books.google.com/books?hl=en&id=SMoEAAAAYAAJ&dq=The+Captivity,+Sufferings+And+Escape+of+James+Scurry+Who+Was+Detained+a+Prisoner+During+Ten+Years+In+The+Dominions+of+Hyder+Ali+and+Tippu+Saheb&printsec=frontcover&source=web&ots=WGA2GSphYR&sig=pEPIz1kdtvB8Vup3mSQWy9n-JNA&sa=X&oi=book_result&resnum=1&ct=result#PPA103,M1 103]|Ref=jam}}</ref> वे युवा पुरुष जिन्होंने प्रतिरोध किया उनके नाक, ऊपरी होंठ और कान को काट कर विकृत कर दिया गया।<ref>{{harvnb|Scurry|Whiteway|1824|p=[http://books.google.com/books?id=SMoEAAAAYAAJ&printsec=titlepage#PPA104,M1 104]|Ref=jam}}</ref>
1800 में गोवा के आर्कबिशप ने लिखा कि, "''समग्र एशिया और विश्व के अन्य भागों में केनरा डोमिनियन के राजा [[टीपू सुल्तान]] द्वारा उस समय के दौरान ईसाई धर्म को मानने वालों के खिलाफ एक कठोरचित्त घृणा और ईसाइयों द्वारा उठाए गए अत्याचार और कष्टों से सभी परिचित हैं।"''<ref name="Lobo"/>
[[चित्र:James Scurry.jpg|thumb|left|ब्रिटिश अधिकारी जेम्स स्करी, जिसे टीपू सुल्तान द्वारा मंगलोरियन कैथोलिक के साथ 10 साल तक हिरासत में रखा गया]]
टीपू सुल्तान की मालाबार पर आक्रमण से मालाबार तट पर सीरिया के मालाबार नसरानी समुदाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और उन लोगो मे से अधिकतर लोगो ने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपना लिया,. कोचीन और [[मलबार|मालाबार]] के कई चर्च क्षतिग्रस्त हो गए थे। अंगमाली में पुराने सीरियाई नसरानी चर्च जो कई शताब्दियों के लिए कैथोलिक धार्मिक शिक्षा का केंद्र थे, टीपू के सैनिकों द्वारा नष्ट कर दिए गए। सदियों पुरानी धार्मिक पांडुलिपि हमेशा के लिए खो गई। बाद में चर्च को कोट्टायम में स्थानांतरण किया गया जो कि अभी भी मौजूद है। अकपराम्बू में स्थित मोर सबोर चर्च और मदरसा से जुड़े मार्था मरियम चर्च को भी नष्ट कर दिया गया। 1790 में टीपू की सेना ने पलायूर की चर्च में आग लगा दी और ओल्लुर चर्च पर हमला किया। इसके अलावा, अर्थत चर्च और अम्बज्हक्कड़ चर्च को भी नष्ट कर दिया गया था। इस आक्रमण के दौरान, कई सीरियाई मालाबार नसरानी मारे गए या स्वेच्छा से इस्लाम धर्म में परिवर्तित किए गए। सीरिया मालाबार किसानों द्वारा लगाए गए अधिकांश नारियल, सुपारी, काली मिर्च और काजू वृक्षारोपण को भी सेना द्वारा अंधाधुंध नष्ट कर दिया गया। परिणामस्वरूप, जब टीपू की सेनाओं ने गुरूवायूर और आसन्न क्षेत्रों पर आक्रमण किया, सीरियाई ईसाई समुदाय केलिकट और छोटे शहरों से नए स्थानों जैसे कुन्नम्कुलम, चलाकुडी, एन्नाकदु, चेप्पदु, कन्नंकोड़े, मवेलिक्कारा आदि में भाग गए जहां ईसाई समाज के लोग रहते थे। उन्हें कोचिन और कार्थिका थिरूनल के शासक, सक्थान तम्बुरन ने शरण दी और त्रावणकोर के शासक जिन्होंने उन्हें भूमि दी, वृक्षारोपण और उनके व्यापार को प्रोत्साहित किया। त्रावणकोर के ब्रिटिश निवासी कर्नल मक्कुलय ने भी उन्हें मदद की., और धीरे धीरे नसरानी इसाई ब्रिटिशो की इस्ट इंडिया कम्पनी का खुलकर समर्थन करने लगे इसी। <ref name="Bernard">के.एल. बर्नार्ड, ''केरला हिस्टरी'' पीपी 79</ref>
उसका उत्पीड़न पकड़े गए ब्रिटिश सैनिकों पर भी जारी रहा., उदाहरण के लिए, 1780 से 1784 के बीच ब्रिटिश बंधकों के जबरन धर्म परिवर्तन की संख्या अधिक थी। पोल्लिलुर की लड़ाई में उनके विनाशकारी हार के बाद अनगिनत संख्या में महिलाओं के साथ 7,000 ब्रिटिश पुरुषों को टीपू के द्वारा श्रीरन्गापटनम के किले में बंदी बनाया गया। इनमें से, 300 से अधिक लोगों का खतना किया गया और मुस्लिम नाम और कपड़े दिए गए और कई ब्रिटिश रेजिमेंट ढंढोरची लड़को को दरबारी लोगों के मनोरंजन के लिए ''नर्तकी'' या नाचने वाली के रूप में ''घाघरा चोली'' पहनने पर मजबूर किया गया। 10 साल की लंबी अवधि की कैद के बाद उन कैदियों में एक जेम्स स्करी भी था, उसने बताया कि कुर्सी पर बैठना और चाकू और कांटा का इस्तेमाल करना भी वह भूल गया था। उसकी अंग्रेजी खराब हो गई थी और अपने सभी स्थानीय भाषा मुहावरा को भूल चुका था। उसकी त्वचा अश्वेत की तरह सांवले रंग की हो गई थी और इसके अलावा यूरोपीय कपड़ों से उसे नफरत हो गई थी।<ref>विलियम डेलरिम्पल ''व्हाइट मुगल्स'' (2006) p28</ref> मंगलौर किले के आत्मसमर्पण के दौरान जब ब्रिटिश द्वारा युद्धविराम हुआ था और बाद में उनके वापसी के दौरान सभी मेस्टीज़ोस थे और 5,600 मंगलौरियन कैथोलिक के साथ बाकी सभी गैर ब्रिटिश विदेशी एक साथ मारे गए थे। टीपू सुल्तान द्वारा विश्वासघात के लिए दोषी ठहराय गए लोगों को फौरन फांसी पर लटका दिया गया, फांसी का चौखट लाशों की संख्या से लटक जाता था। मृत शरीर के कारण नेत्रावती नदी इतनी बदबूदार हो गई थी कि नदी के किनारे रहने वाले स्थानीय लोग वहां से जाने के लिए मजबूर हो गए।<ref name="Lobo"/>
=== मुस्लिम-बौद्ध संघर्ष ===
1989 में लेह जिले के मुसलमानों का बौद्धों द्वारा एक सामाजिक बहिष्कार किया गया। बहिष्कार 1992 तक चलता रहा। लेह में बहिष्कार के समाप्त होने के बाद मुसलमानों और बौद्धों के बीच संबंधों में काफी सुधार हुआ, हालांकि शक अभी भी बना हुआ है।
2000 के दशक में करगिल के गांव में कुरान को अपवित्र करने और बाद में लेह और [[कारगिल जिला|करगिल]] शहर में मुसलमानों और बौद्ध समूहों के बीच हुआ संघर्ष, [[लद्दाख़|लद्दाख]] में दोनों समुदायों के बीच गहरे तनाव का संकेत करता है।<ref>http://www.countercurrents.org/comm-sikand130206.htm</ref>
== दक्षिण एशियाई मुसलमानों के बीच जाति व्यवस्था ==
{{Main|Caste system among South Asian Muslims}}
दक्षिण एशियाई मुसलमानों के बीच जाति व्यवस्था सामाजिक स्तरीकरण की इकाइयों को सन्दर्भित करता है जो कि दक्षिण एशिया में मुसलमानों के बीच में विकसित हुआ है।
=== मूल ===
सूत्रों से संकेत मिलता है कि मुसलमानों के बीच जाति का विकास काफ़ा (Kafa'a) की अवधारणा के परिणामस्वरूप हुआ।
मध्यकाल मे एक बड़ी संख्या मे स्वर्ण हिन्दुओ ने इस्लाम धर्म अपनाया और इस तरह भारत के मुसलमानों मे भी जाति आ गई। <ref name="EoI">बर्टन-पेज, जे. [http://www.brillonline.nl/subscriber/entry?entry=islam_SIM-2884 "]{{Dead link|date=अप्रैल 2021 |bot=InternetArchiveBot }}[http://www.brillonline.nl/subscriber/entry?entry=islam_SIM-2884 हिन्दू. "]{{Dead link|date=अप्रैल 2021 |bot=InternetArchiveBot }} एनसाइक्लोपीडिया ऑफ इस्लाम. पी. बियरमैन, थ बियानक्वीस, सीई बोसवर्थ, ई वैन डोंजीलांड डबल्यू. पी. हेनरिक्स द्वारा संपादित. ब्रिल, 2006. ब्रिल ऑनलाइन.</ref><ref>मुस्लिम कास्ट सिस्टम इन उत्तर प्रदेश (सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक अध्ययन),काय़मखानी, घौस, अंसारी, भाटी, लखनऊ 1960, पृष्ठ 66</ref><ref name="Sikand">{{cite web|last = Singh Sikand|first = Yoginder|title = Caste in Indian Muslim Society|publisher = Hamdard University|url = http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm|accessdate = 2006-10-18|archive-date = 11 अगस्त 2011|archive-url = https://web.archive.org/web/20110811072216/http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm|url-status = dead}}</ref> जिन लोगों को अशरफ्स (शरीफ को भी देंखे) के रूप में सन्दर्भित किया जाता है, उन्हें ऊंचे स्तर का माना जाता था, और उन्हें विदेशी अरब वंश का माना जाता है।
<ref name="pratap_caste">{{cite book| last = Aggarwal|first = Patrap|title = Caste and Social Stratification Among Muslims in India|publisher = Manohar|year = 1978 }}</ref><ref name="anti_caste_muslim">{{cite book
| last = Bhatty
| first = Zarina
| editor = M N Srinivas
| title = Caste: Its Twentieth Century Avatar
| accessdate = 2007-06-12
| year = 1996
| publisher = Viking, Penguin Books India
| isbn = 0140257608
| pages = 249–253
| chapter = Social Stratification Among Muslims in India
| chapterurl = http://www.anti-caste.org/muslim_question/caste/bhatty_article.html
| archive-date = 12 मार्च 2007
| archive-url = https://web.archive.org/web/20070312061216/http://www.anti-caste.org/muslim_question/caste/bhatty_article.html
| url-status = dead
}}</ref>, जबकि अज्लाफ्स को हिंदू धर्म से धर्मान्तरित होने वाला मुसलमान माना जाता है और उन्हें निचली जाति का माना जाता है।
भारत सहित, वास्तविक मुस्लिम सामाजिक व्यवहार, कठोर सामाजिक ढांचे के अस्तित्व की ओर इशारा करता है जिसे कई मुस्लिम विद्वानों ने काफ़ा की धारणा के साथ सम्बंधित फिक के विस्तृत नियम के माध्यम से उचित इस्लामी मंजूरी प्रदान करने की कोशिश की।
प्रमुख मुस्लिम विद्वान मौलवी अहमद रजा खान बेरलवी और मौलवी अशरफ अली फारूकी थान्वी जन्म पर आधारित श्रेष्ठ जाति की अवधारणा के ज्ञाता हैं। यह तर्क दिया जाता है कि अरब मूल (सैयद और शेख) के [[मुसलमान|मुस्लिम]] गैर-अरब या अजामी मुस्लिम से श्रेष्ठ जाति के होते हैं और इसलिए जब कोई आदमी अरब मूल का होने का दावा करता है तो वह अजामी महिला से निकाह कर सकता है जबकि इसके विपरीत संभव नहीं है। इसी तरह का तर्क है, एक [[मनिहार]] मुस्लिम, आदमी एक जुलाहा (अंसारी) ,मंसूरी (धुनिया), रईन (कुंजरा) या कुरैशी (कसाई या बूचड़) महिलाओं से निकाह कर सकता है लेकिन अंसारी, रईन, मंसूरी और कुरैशी आदमी मनिहार महिला से निकाह नहीं कर सकता है, चूंकि ऐसा माना जाता है कि मनिहार के मुकाबले ये जातियां निचली हैं। इनमें से कई उलामा यह भी मानते हैं कि अपनी जाति के भीतर ही निकाह सबसे अच्छा होता है। भारत में सजातीय विवाह का कठोरता से पालन किया जाता है, परंतु अब आधुनिक [[सल़फी इस्लाम]] धर्म मे किसी भी प्रकार के जाति व्यवस्था का पालन नही किया जाता है।
अधिकतर सल़फी उलामा का कहना है, जो लोग जाति व्यवस्था मानते हैं, वो काफिर है। <ref name="dalitmuslims.com">{{cite web |url=http://www.dalitmuslims.com/2008/08/caste-and-social-hierarchy-among-indian.html |title=Pasmanda Muslim Forum: Caste and Social Hierarchy Among Indian Muslims: M.A.Falahi (Interview) |publisher=Dalitmuslims.com |date=2008-08-10 |accessdate=2010-09-14 |archive-date=8 जुलाई 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110708221902/http://www.dalitmuslims.com/2008/08/caste-and-social-hierarchy-among-indian.html |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite book|url=http://books.google.co.in/books?id=BsBEgVa804IC&pg=PA942&lpg=PA942&dq=kasai+caste&source=bl&ots=0lZ8fZd2Qo&sig=tInVeyIU_hqhwxizwqa2nTeyVIU&hl=en&ei=jWWHS5eEFY-2rAenoLSaCg&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=1&ved=0CAYQ6AEwAA#v=onepage&q=kasai%20caste&f=false |title=People of India: Maharashtra - Google Books |publisher=Books.google.co.in |date= |accessdate=2010-09-14}}</ref> सबसे दिलचस्प बात यह है कि तीन आनुवंशिक अध्ययन, जिसमें दक्षिण एशियाई मुसलमानों का प्रतिनिधित्व है, यह पाया गया कि मुस्लिम आबादी ज़बर्दस्त ढंग से बढ़ रही है जिसमें स्थानीय गैर-मुस्लिम में कुछ पहचान प्राप्त विदेशी आबादी भी शामिल है, मुख्य रूप से वे अरबियन पेनिनसुला के बजाए ईरान और मध्य एशिया से हैं।<ref name="genestudy">{{Cite web |url=http://blogs.discovermagazine.com/gnxp/2009/10/the-mostly-south-asian-origins-of-indian-muslims/ |title=ज्यादातर दक्षिण एशियाई मूल के भारतीय मुसलमान |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=29 अप्रैल 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110429082524/http://blogs.discovermagazine.com/gnxp/2009/10/the-mostly-south-asian-origins-of-indian-muslims/ |url-status=dead }}</ref>
=== समाजिक स्तरण ===
दक्षिण एशिया के कुछ भागों में मुसलमान, अश्रफ्स और अज्लाफ्स के रूप में विभाजित हैं।<ref>{{cite web
|url=http://www.milligazette.com/Archives/2004/01-15Sep04-Print-Edition/011509200449.htm
|title=On reservation for Muslims
|author=Asghar Ali Engineer
|work=The Milli Gazette
|publisher=Pharos Media & Publishing Pvt Ltd,
|accessdate=2004-09-01
}}</ref> अश्रफ्स, विदेशी वंश से उत्पन्न अपनी ऊंची जाति का दावा करते हैं।<ref name="pratap_caste"/><ref name="zarina_social_strat">''[http://www.anti-caste.org/muslim_question/caste/bhatty_article.html सोसिएल स्ट्रेटिफिकेशन अमोंग मुस्लिम इन इंडिया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070312061216/http://www.anti-caste.org/muslim_question/caste/bhatty_article.html |date=12 मार्च 2007 }}'' ज़रीना भट्टी द्वारा</ref> हिंदू धर्म से धर्मान्तरित होने वाले को गैर-अश्रफ्स माना जाता है और इसलिए वे स्वदेशी आबादी होते हैं। वे, वैकल्पिक रूप से कई व्यावसायिक जातियों में विभाजित हो जाते हैं।<ref name="zarina_social_strat"/>
====अशरफ/अजलफ/अरज़ल====
उलेमा की धारा (इस्लामी न्यायशास्त्र के विद्वानों) काफ़ा की अवधारणा की मदद से धार्मिक जाति वैधता प्रदान करते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/news/world-asia-india-36220329|title=Why are many Indian Muslims seen as untouchable?}}</ref> मुस्लिम जाति व्यवस्था के विद्वानों की घोषणा का एक शास्त्रीय उदाहरण ''फतवा-ई जहांदारी'' है, जिसे तुर्की विद्वानों जियाउद्दीन बरानी द्वारा चौदहवीं शताब्दी में लिखा गया था, जो कि दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश के मुहम्मद बिन तुगलक दरबार के एक सदस्य थे। बरनी को उसके कठोरता पूर्वक जातिवादी विचारों के लिए जाना जाता था और अज्लाफ़ मुसलमानों से अशरफ मुसलमानों को नस्ली रूप से ऊंचा माना जाता है। उन्होंने मुसलमानों को ग्रेड और उप श्रेणियों में विभाजित किया। उनकी योजना में, सभी उच्च पद और विशेषाधिकार, भारतीय मुसलमानों की बजाए तुर्क में जन्म लेने वाले का एकाधिकार हैं। यहां तक कि उनकी कुरान की अपनी व्याख्या "वास्तव में, आप लोगों के बीच सबसे पवित्र अल्लाह हैं" उन्होंने महान जन्म के साथ धर्मनिष्ठता का जुड़े होने को मानते हैं। बर्रानी अपने सिफारिश पर सटीक थे अर्थात "मोहम्मद के बेटे" [यानी अशरफ] " को [यानी अजलफ] की तुलना में एक उच्च सामाजिक स्थिति दिया.<ref name="Das">दास, अरबिंद, अर्थशास्त्र ऑफ कौटिल्य एंड फतवा-ई-जहरदारी ऑफ ज़ियाउद्दीन बरानी: एक विश्लेषण, प्रतिभा प्रकाशन, 1996 दिल्ली, ISBN 81-85268-45-2 124-143 पृष्ठ 124-143</ref> फतवा में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान इस्लाम के लिए सम्मान के साथ जातियों का उनका विश्लेषण था।<ref name="Das"/> उनका दावा था कि जातियों को राज्य कानून या "ज़वाबी" के माध्यम से अनिवार्य किया जाएगा और जब कभी वे संघर्ष में थे शरीयत कानून पर पूर्ववर्तिता को लाया जाएगा.<ref name="Das"/> फतवा-ई जहांदारी (सलाह XXI) में उन्होंने "उच्च जन्म के गुण" के बारे में "धार्मिक" और "न्यून जन्म" के रूप में "दोष के संरक्षक" लिखा था। हर कार्य जो "दरिद्रता से दूषित और अपयश पर आधारित] नज़ाकत से [अज्लाफ़ से] आता है".<ref name="Das"/> बरानी के पास अज्लाफ़ के लिए एक स्पष्ट तिरस्कार था और दृढ़ता से उन्होंने उनके शिक्षा से वंचित करने की सिफारिश की है, क्योंकि ऐसा न हो कि वे अशरफ की स्वामित्व को हड़प लें. उन्होंने प्रभाव मंजूरी के लिए धार्मिक मांग को उचित माना है।<ref name="Sikand"/> साथ ही बर्रानी ने जाति के आधार पर शाही अधिकारी ("वजीर") की पदोन्नति और पदावनति की एक विस्तृत प्रणाली को विकसित किया।<ref name="Das"/>
अशरफ/अजलफ के विभाजन के अलावा, मुसलमानों में एक ''अरज़ल'' जाति भी होती है,<ref>{{cite web|url=http://www.bbc.com/hindi/india/2016/05/160510_muslim_caste_suatik_biswas_rd|title='दलित मुसलमानों के घर न जाते हैं, न खाते हैं'}}</ref> जिन्हें बाबासाहेब [[भीमराव रामजी आंबेडकर|अम्बेडकर]] की तरह जाति-विरोधी कार्यकर्ता के रूप में माना जाता है जो कि एक अछूत की तरह हैं।<ref name="Ambedkar">{{cite book |last = Ambedkar |first = Bhimrao |authorlink = B.R. Ambedkar |title = Pakistan or the Partition of India |publisher = Thackers Publishers }}</ref><ref name="Ambedkaronline">[http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00ambedkar/ambedkar_partition/410.html वेब रिसोर्स फोर ''पाकिस्तान ओर द पार्टिशन ऑफ इंडिया'' ]</ref> "अरज़ल" शब्द का संबंध "अपमान" से होता है और अरज़ल जाति को भनर, हलालखोर, हिजरा, कस्बी, ललबेगी, मौग्टा, मेहतर आदि में प्रतिभाग किया जाता है।<ref name="Ambedkar"/><ref name="Ambedkaronline"/><ref>{{cite web
|url=http://www.idsn.org/Documents/asia/pdf/Bangladesh_full_report.pdf
|title=Consultative Meeting on the situation of Dalits in Bangladesh
|author=Gitte Dyrhagen and Mazharul Islam
|publisher=International Dalit Solidarity Network
|date=2006-10-18
|accessdate=2007-06-12
|archiveurl=https://web.archive.org/web/20070803023637/http://www.idsn.org/Documents/asia/pdf/Bangladesh_full_report.pdf
|archivedate=3 अगस्त 2007
|url-status=dead
}}</ref> अरज़ल समूह को 1901 की भारत की जनगणना में दर्ज किया गया था और इन्हें [[दलित]] मुस्लिम भी कहा जाता है।<ref>{{cite web|url=http://www.thehindu.com/opinion/op-ed/inclusive-lessons/article20663394.ece|title=Inclusive lessons}}</ref> "इनके साथ और मुहम्मद साहब नहीं जुड़ते और इन्हें भी मस्जिद में प्रवेश करने और सार्वजनिक कब्रिस्तान का इस्तेमाल करने से वर्जित नही किया जाता है।"उन्हें सफाई करना और मैला ले जाना जैसे "छोटे" व्यवसायों के लिए दूर किया जाता है।
क्योंकी स्वयं पैगम्बर मुहम्मद साहब का कथन है,,
“न अरब अजमी(गैर अरब) से बड़ा है”
“न अजमी(गैर अरब) अरब से”
“जो कुछ भी है तकवा और परहेजगारी से है”
““इस्लाम धर्म मे सब बराबर है, चाहे वो गोरा होया काला,अमीर हो या गरीब,ऊँची जाति का हो या नीची जाति का””
<ref>[http://www.indianexpress.com/story/12109.html डिजर्व दिज मिथ्स] तनवीर फजल द्वारा, ''इंडियन एक्सप्रेस''</ref>
कुछ दक्षिण एशियाई मुसलमानों को ''कुओम्स'' के अनुसार उनके समाजिक स्तरीकरण के लिए जाना गया है।<ref name="barth_leach_aspects">{{cite book
| last = Barth
| first = Fredrik
| editor = E. R. Leach
| title = Aspects of Caste in South India, Ceylon, and North-West Pakistan
| accessdate = 2007-06-12
| publisher = Cambridge University Press
| chapter = The System Of Social Stratification In Swat, North Pakistan
| chapterurl = http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=2995517
| quote =
| page = 113
| year = 1962
| archive-date = 19 सितंबर 2010
| archive-url = https://web.archive.org/web/20100919032333/http://www.questia.com/PM.qst?a=o&d=2995517
| url-status = dead
}}</ref> ये मुसलमान, सामाजिक स्तरीकरण की एक रस्म आधारित प्रणाली को मानते हैं। कुओम्स, जो मानव उत्सर्जन के साथ समझौता करता है उसे निम्नतम स्तर दिया जाता है। भारत में बंगाली मुसलमानों के अध्ययन से संकेत मिलता है कि शुद्धता और अशुद्धता की अवधारणा उन के बीच ही मौजूद हैं और अंतर - समूह के रिश्तों में लागू होता है, चूंकि एक व्यक्ति में स्वच्छता और सफाई का विचार व्यक्ति की सामाजिक स्थिति पर निर्भर होती है, न कि उसकी आर्थिक स्थिति पर.<ref name="zarina_social_strat" /> भारतीय मुसलमानों में मुस्लिम राजपूत भी एक जाति है।
मुस्लिम समुदाय के कुछ पिछड़े या निम्न जाति में शामिल अंसारी, कुंजर, धोबी, चमार और हलालखोर शामिल हैं। उच्च और मध्यम जाति के मुस्लिम समुदायों में सैयद, शेख,मनिहार, राजपुत, खानजादा, पठान, काय़मखानी, मुगल, चौहान और मलिक शामिल हैं।<ref name="rediff_burial">{{cite web
|url=http://www.rediff.com/news/2003/mar/06bihar.htm
|title=Backward Muslims protest denial of burial
|author=Anand Mohan Sahay
|publisher=[[रीडिफ.कॉम]]
|accessdate=2003-03-06
}}</ref> आनुवंशिक डेटा भी इस स्तरीकरण समर्थन करता है।<ref>[http://muse.jhu.edu/login?uri=/journals/human_biology/v077/77.3aarzoo.pdf उत्तर भारत के कुछ मुस्लिम आबादी में जीन विविधता] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304112544/http://muse.jhu.edu/login?uri=%2Fjournals%2Fhuman_biology%2Fv077%2F77.3aarzoo.pdf |date=4 मार्च 2016 }} ''मानव जीवविज्ञान - 77 खंड, नंबर 3, जून 2005, पीपी 343-353'' - [http://muse.jhu.edu/about/publishers/waynestate वेन स्टेट यूनिवर्सिटी प्रेस]</ref> इसे ध्यान में रखना चाहिए कि भारत में अरबी वंश के लिए अधिकांश दावे त्रुटिपूर्ण हैं और स्थानीय शरीयत में अरबी प्राथमिकताओं की ओर इशारा करते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि तीन आनुवंशिक अध्ययनों में जिसमें दक्षिण एशियाई मुसलमानों का प्रतिनिधित्व है, यह पाया गया कि मुस्लिम आबादी ज़बर्दस्त ढंग से बढ़ रही है जिसमें स्थानीय गैर-मुस्लिम में कुछ पहचान प्राप्त विदेशी आबादी भी शामिल है, मुख्य रूप से वे अरबियन पेनिनसुला के बजाए ईरान और मध्य एशिया से हैं और आज भी हिन्दु धर्म की एक बड़ी संख्या इस्लाम धर्म अपनाती जा रही है।<ref name="genestudy"/>
सच्चर समिति की रिपोर्ट भारत सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त है और [[२००६|2006]] में जारी हुई थी, समाज स्तरीकरण में मुस्लिम दस्तावेज जारी हैं।
=== संपर्क और गतिशीलता ===
''ऊंची जात'' और ''नीची जात'' के बीच संपर्क, स्थापित जजमानी प्रणाली के संरक्षक-ग्राहक संबंधों द्वारा विनियमित है, ऊंची जातियों को 'जजमान' के रूप में सन्दर्भित किया जाता है और निम्न जातियों को 'कमिन' कहा जाता है। निम्न जाति के मुसलमानों के साथ संपर्क में आने से ऊंची ''जात'' का मुसलमान लघु स्नान करके अपने को शुद्ध कर सकता है, क्योंकि शुद्धीकरण के लिए कोई विस्तृत विधि नहीं है।<ref name="zarina_social_strat"/> भारत के [[बिहार]] राज्य में ऐसे मामलों की सूचना दी गई है जिसमें उच्च जाति का मुसलमान, कब्रिस्तान में निम्न जाति के मुसलमानों की अंत्येष्टि का विरोध करता है।<ref name="rediff_burial"/>
कुछ आंकड़े इंगित करते है कि हिंदुओं की तरह मुसलमानों के बीच जाति भेद कठोर नहीं है।<ref name="Muslim Communities">{{cite book
| last = Madan
| first = T.N.
| title = Muslim communities of South Asia : culture and society
| url = https://archive.org/details/muslimcommunitie0000unse_e7q5
| year = 1976
| publisher =Vkas Publishing House
| isbn = 978-0706904628
| page = [https://archive.org/details/muslimcommunitie0000unse_e7q5/page/n114 114]
}}</ref><ref name="Muslim Communities"/> बंगलादेश में एक पुरानी कहावत है: पिछले साल मैं एक जुलाहा था; इस साल एक शेख हूं; और अगले साल यदि फसल ठीक रही तो मैं एक सैय्यद होऊंगा। "<ref>{{cite book
| last = Ikram
| first = S. M.
| title = Muslim Civilization in India
| url = http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00islamlinks/ikram/index.html
| accessdate = 2007-06-12
| publisher =Columbia University Press
| location = New York
| chapter = The Interaction of Islam and Hinduism
| chapterurl = http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00islamlinks/ikram/part1_09.html
| year = 1964
}}</ref> हालांकि, [[भीमराव रामजी आंबेडकर|अम्बेडकर]] जैसे अन्य विद्वान इस उक्ति से असहमत थे (नीचे आलोचना को देंखे)
प्रसिद्ध सूफी, सैयद जलालुद्दीन बुखारी जिन्हें मखदूम जहानियां-ए-जहान्गाष्ट के रूप में जाना जाता है, ने घोषणा की है कुरान से अधिक ज्ञान प्रदान करना और प्रार्थना और उपवास के नियम तथाकथित राजिल (अज़लफ्स) जाति के लिए सूअर और कुत्ते के सामने मोती बिखरने की तरह है! उन्होंने कथित तौर पर जोर देकर कहा कि दूसरे मुसलमानों को शराब और सूदखोर के उपभोक्ता के अलावा नाइयों, लाशों को साफ करने वाले, रंगरेज, चर्मकार, मोची, धनुष निर्माताओं और धोबी के साथ खाना नहीं चाहिए.
मोहम्मद अशरफ अपने 'हिंदुस्तानी माशरा अहद-ए-उस्ता में" लिखते हैं कि कई मध्ययुगीन इस्लामी शासक निम्न वर्ग के लोगों को अपने दरबारों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देते थे, या अगर कोई प्रवेश कर भी जाता था तो उन्हें मुंह खोलने से मना किया जाता था क्योंकि उसे वे 'अशुद्ध' मानते थे।<ref name="dalitmuslims.com"/>
विद्वान शब्बीर अहमद हकीम ने थानवी द्वारा लिखित पुस्तक "मसावात-ए- बहार-ए शरीयत" से उद्धृत करते हैं, जिसमें थनवी तर्क देते हैं कि 'जुलाहों' (बुनकर) और 'नाई' (नाई) को मुसलमानों के घरों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देना चाहिए। अपने "बहिश्ती जेवर" में थानवी ने दावा किया है कि एक सैयद पिता और एक गैर सैयद मां के बेटे सामाजिक दृष्टि से एक सैयद जोड़ी के बच्चों से हीन होता है।
अपने "इमदाद उल-फतवा में, थानवी ने घोषणा की कि सय्यैद, शेख़, मुगल और पठान सभी 'सम्मानित'(शरीफ) समुदाय हैं और कहा कि तेल-निचोड़ने वाला (तेली) और बुनकर (जुलाहा) समुदाय 'निम्न' जातियां हैं (राजिल अक्वाम). उन्होंने कहा कि गैर-अरब, इस्लाम में परिवर्तित करने वाले 'नव-मुसलमान' को स्थापित मुसलमान (खानदानी मुसलमान) के साथ कफा, निकाह प्रयोजन के रूप में विचार नहीं किया जा सकता है। तदनुसार उन्होंने तर्क दिया कि पठान गैर-अरब हैं और इसलिए 'नव मुसलमान' हैं और सैय्यद और शैख़ कफा नहीं हैं, जो अरब वंश का दावा करते हैं, इसलिए उनके साथ अंतर्विवाह नहीं कर सकते हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पहले अध्यक्ष और देवबंद मदरसे के कुलपति मौलवी कारी मोहम्मद तय्येब सिद्दीकी के कुलपति भी जातिवाद के समर्थक थे और मुफ्ती उस्मानी की किताब के समर्थन में दो पुस्तकें लिखीं: "अन्सब वा काबिल का तफाजुल" और "नस्ब और इस्लाम". जाती को वैध ठहराने की इस परम्परा के अनुसार, आज भी देखा जा सकता है कि आज भी देवबंद मदरसे के प्रवेश फार्म में एक स्तंभ है जिसमें आवेदकों से उनके जाति का नाम लिखने के लिए पूछा जाता है। इसके स्थापित होने के कई साल बाद, गैर-अशरफ छात्र आम तौर पर देवबंद में भर्ती नहीं होते थे और यह व्यवहार अभी भी जारी है।
=== आलोचना ===
कुछ मुस्लिम विद्वानों ने कहा है कि भारतीय मुस्लिम समाज में जिस प्रकार की जाति विशेषता है वह "कुरान की विश्वदृष्टि का खुला उल्लंघन है।". हालांकि, ज्यादातर मुस्लिम विद्वान इसका एक अलग तरीके से अनुमान लगाने और जातिवाद के औचित्य के लिए कुरान औऱ शरीयत की व्याख्या के माध्यम से "कुरान समतावाद और भारतीय मुस्लिम सामाजिक प्रथा" में सामंजस्य स्थापित करने और पुनः ठीक करने की कोशिश करते हैं।<ref>योगिंदर सिंह सिकंद, [http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm ''कास्ट इन इंडियन मुस्लिम सोसायटी'' ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110811072216/http://stateless.freehosting.net/Caste%20in%20Indian%20Muslim%20Society.htm |date=11 अगस्त 2011 }}</ref>
हालांकि कुछ विद्वानों का सिद्धांत है कि हिन्दुओं जातियों की तरह मुस्लिम जातियों में भेदभाव नहीं है,<ref name="Sikand"/><ref name="Muslim Communities"/> डॉ॰ [[भीमराव रामजी आंबेडकर|अम्बेडकर]] ने इसके समर्थन मे अपना तर्क देते हुए लिखा कि मुस्लिम समाज में जिस प्रकार सामाजिक बुराइयां थीं वह "हिन्दू समाज से कम ही थीं" .<ref name="Ambedkar"/><ref name="Ambedkaronline"/>
बाबासाहेब [[भीमराव रामजी आंबेडकर|अम्बेडकर]] भारतीय राजनीति के विख्यात व्यक्ति थे और भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार हैं। वे मुस्लिम जाति व्यवस्था और उनके अभ्यासों के कटु आलोचक थे, उन्होंने उद्धृत किया कि "इन समूहों के जाति के भीतर एकदम हिन्दुओं की ही तरह सामाजिक वरीयता होती है लेकिन कई मायनों में वे हिन्दू जातियों से भी बदतर होती हैं।". अशरफ को कैसे अज़लफ और अगज़ल को "बेकार" माना जाता है के वे कटु आलोचक हैं और वह तथ्य जिसे मुसलमान "भाईचारे" के माध्यम से कठोर बात को कोमल रीति से कहते हुए सांप्रदायिक विभाजन का वर्णन करने की कोशिश करते हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय मुसलमानों के बीच शास्त्रों के शाब्दिक अर्थ को अपनाने के लिए भी आलोचना की जो कि मुसलमानों में मुस्लिम जाति व्यवस्था के कठोरता और भेदभाव की ओर अग्रसर हुई। उन्होंने मुस्लिम जातिवाद के लिए शरीयत के अनुमोदन की निंदा की। यह समाज में विदेशी तत्वों की श्रेष्ठता पर आधारित था जिसने अंततः स्थानीय दलितों के पतन का नेतृत्व किया। यह त्रासदी हिंदुओं की तुलना में अधिक कठोर थी जो कि जातीय आधार पर दलितों के समर्थन से संबंधित है। 1300 में भारत में इस्लामी उपस्थिति के दौरान भारतीय मुसलमानों में अरब महत्ता को उच्च और निम्न जाति के हिंदुओं द्वारा बराबर अस्वीकृति की जाती थी। जिस प्रकार दूसरे देशों के मुसलमानों जैसे बीसवीं शताब्दी के प्रारम्भिक दशकों में [[तुर्की|तुर्कियों]] ने अपना सुधार किया इसी प्रकार से भारत में मुस्लिम समुदायों के सुधार करने में असमर्थता का उन्होंने निंदा की। <ref name="Ambedkar"/><ref name="Ambedkaronline"/>
[[पाकिस्तान|पाकिस्तानी]]-अमेरिकी समाजशास्त्री आयशा जलाल अपनी पुस्तक "डेमोक्रेसी एंड ऑथोरिटेरिएनिज्म इन [[दक्षिण एशिया|साउथ एशिया]]" (दक्षिण एशिया में लोकतंत्र और निरंकुशवाद) में लिखती हैं कि "समतावादी सिद्धांतों के बावजूद, दक्षिण एशिया में इस्लाम ऐतिहासिक रूप से वर्ग और जाति असमानताओं के प्रभाव से बचने में असमर्थ रहा है। हिंदू धर्म के मामले में, ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था के पदानुक्रमित सिद्धांतों में हमेशा से ही [[सनातन धर्म|हिंदू]] समाज के भीतर विवाद रहा है, जिससे यह सुझाव मिलता है कि हिन्दू धर्म में आज भी समानता को महत्व दिया जाता है।"<ref>ए जलाल, डेमोक्रेसी एंड ओथोरिटेरियनिज्म इन [[दक्षिण एशिया|साउथ एशिया]]: एक तुलनात्मक और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य (समकालीन दक्षिण एशिया), कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस (26 मई 1995), ISBN 0-521-47862-6</ref>
{{See also | Caste system among South Asian Muslims }}
== मुस्लिम संस्थान ==
[[चित्र:Victoria gate.jpg|thumb|right|अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]]
भारत में कई मुस्लिम संस्थान स्थापित हैं। यहां मुसलमानों द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित संस्थानों की सूची दी जा रही है।
* आधुनिक विश्वविद्यालय और संस्थान:
# [[अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय|अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]]
# [[जामिया मिलिया इस्लामिया]]
# [[जामिया हमदर्द]]
# [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]]
# [[इंटीग्रल विश्वविद्यालय]]
# [http://anjumaniislam.org/ अंजुमन-ए-इस्लाम, मुम्बई.]
# एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज, [[लखनऊ]]
# [http://www.albarkaat.com/p2.htm अल-बरकात शैक्षिक संस्थान, अलीगढ़ ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100711095342/http://www.albarkaat.com/p2.htm |date=11 जुलाई 2010 }}
# मौलाना आजाद एजुकेशन सोसाइटी औरंगाबाद
# डॉ॰ रफीक ज़कारिया कैम्पस औरंगाबाद
# [http://www.alameen66-edu.org अल अमीन एजुकेशनल सोसायटी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190411104922/http://www.alameen66-edu.org/ |date=11 अप्रैल 2019 }}
# क्रेसेंट इंजीनियरिंग कॉलेज
# अल-कबीर शैक्षिक समाज
# दारुल उलूम देओबंद
# दारुल-उलूम नडवातुल उलामा
# [http://www.dshm.co.in दार-उस सालम एजुकेशन ट्रस्ट ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190722010505/http://www.dshm.co.in/ |date=22 जुलाई 2019 }}
# इब्न सिना अकादमी ऑफ मिडियावल मेडिसीन एंड साइंस
# नेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, तिरुनलवेली
# अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी, फरीदाबाद
# [http://www.darulhuda.com दारुल हुडा इस्लामी विश्वविद्यालय]
# [http://www.jmc.edu जमाल मोहम्मद कॉलेज त्रिचिरापल्ली] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190906163250/https://www.jmc.edu/ |date=6 सितंबर 2019 }}
# जामिया निज़ामिया
# मुस्लिम एजुकेशनल एसोसिएशन ऑफ साउदर्न इंडिया
#
* पारंपरिक इस्लामी विश्वविद्यालय:
# मर्कजु सक़फाठी सुन्निया, केरल
# [http://www.darulhuda.com जामिया दारुल हुडा इस्लामिया]
# [http://www.razaacademy.com/ रजा अकादमी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20010202060200/http://www.razaacademy.com/ |date=2 फ़रवरी 2001 }}
# अल जामे अतुलअशरफिया मुबारकपुर
# दारुलउलूम अलीमिया जमदाशाही बस्ती
# दारुलउलूम तनवीरुल इस्लाम अमरडोभा संत कबीर नगर
# जामेआ अमजदिया घोसी मऊ
# जामेआ नईमिआ मुरादाबाद
# फैजुर॔सूल बरावं सिद्धार्थ नगर
# मनजरे इस्लाम बरैली
# दारुलउलूम जिउल इस्लाम उतरौला बलरामपुर
# गौससिया अरबिक कालेज अन्नत नाग कश्मीर
# दारुलउलूम फैजाने अशरफ बांसनी नागौर
#मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी रिसर्च इंस्टीट्यूट टोंक राजस्थान
== राज्यों के अनुसार मुस्लिम आबादी ==
[[चित्र:Islam-India-states-2.png|thumb|विभिन्न राज्यों में इस्लाम को मानने वालों की जनसंख्या का प्रतिशत: लाल - 50-100%, ऑरेंज - 25-50%, पीला - 20-25%, ग्रीन - 15-20%, ब्लू - 10-15%, (भारतीय राष्ट्रीय औसत), इंडिगो - 5-10%, ग्रे - <5%.]]
2001 की जनगणना के अनुसार भारतीय राज्यों में मुस्लिम आबादी.<ref name="Indian Census 2001 - Religion">{{Cite web |url=http://demotemp257.nic.in/httpdoc/Census_Data_2001/Census_data_finder/C_Series/Population_by_religious_communities.htm |title=भारतीय जनगणना 2001 - धर्म |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=12 मार्च 2007 |archive-url=https://web.archive.org/web/20070312153215/http://demotemp257.nic.in/httpdoc/Census_Data_2001/Census_data_finder/C_Series/Population_by_religious_communities.htm |url-status=dead }}</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
!राज्य
!जनसंख्या
!प्रतिशत
|-
| लक्षद्वीप द्वीपसमूह
| 56353
| 93
|-
| जम्मू व कश्मीर
| 6,793,240
| 66.9700
|-
| [[असम]]
| 8,240,611
| 30.9152
|-
| [[पश्चिम बंगाल]]
| 20,240,543
| 25.2451
|-
| [[केरल]]
| 7,863,842
| 24.6969
|-
| [[उत्तर प्रदेश]]
| 30,740,158
| 18.4961
|-
| [[बिहार]]
| 13,722,048
| 16.5329
|-
| [[झारखंड]]
| 3,731,308
| 13.8474
|-
| [[कर्नाटक]]
| 6,463,127
| 12.2291
|-
| उत्तरांचल
| 1,012,141
| 11.9225
|-
| [[दिल्ली]]
| 1,623,520
| 11.7217
|-
| [[महाराष्ट्र]]
| 10,270,485
| 10.6014
|-
| [[आंध्र प्रदेश]]
| 6,986,856
| 9.1679
|-
| [[गुजरात]]
| 4,592,854
| 9.0641
|-
| मणिपुर
| 190,939
| 8.8121
|-
| [[राजस्थान]]
| 4,788,227
| 8.4737
|-
| अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
| 29,265
| 8.2170
|-
| [[त्रिपुरा]]
| 254,442
| 7.9533
|-
| दमण व दीव
| 12,281
| 7.7628
|-
| [[गोआ|गोवा]]
| 92,210
| 6.8422
|-
| [[मध्य प्रदेश|मध्यप्रदेश]]
| 3,841,449
| 6.3655
|-
| पांडिचेरी
| 59,358
| 6.0921
|-
| [[हरियाणा]]
| 1,222,916
| 5.7836
|-
| [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]]
| 3,470,647
| 5.5614
|-
| [[मेघालय]]
| 99,169
| 4.2767
|-
| [[चण्डीगढ़|चंडीगढ़]]
| 35,548
| 3.9470
|-
| दादरा एवं नागर हवेली
| 6,524
| 2.9589
|-
| [[उड़ीसा]]
| 761,985
| 2.0703
|-
| [[छत्तीसगढ़]]
| 409,615
| 1.9661
|-
| [[हिमाचल प्रदेश]]
| 119,512
| 1.9663
|-
| [[अरुणाचल प्रदेश]]
| 20,675
| 1.8830
|-
| [[नागालैंड|नगालैंड]]
| 35,005
| 1.7590
|-
| [[पंजाब (भारत)|पंजाब]]
| 80,045
| 1.5684
|-
| [[सिक्किम]]
| 7,693
| 1.4224
|-
| [[मिज़ोरम]]
| 10,099
| 1.1365
|}
जनसंख्या का प्रतिशत वितरण (समायोजित)
धार्मिक समुदायों द्वारा: भारत - 1961 से 2001
जनगणना (असम और जम्मू कश्मीर को छोड़कर).<ref name="Indian Census"/>
{| class="wikitable"
|-
! वर्ष
! प्रतिशत
|-
| 1951
| 10.1%
|-
| 1971
| 10.4%
|-
| 1981
| 11.9%
|-
| 1991
| 12.0%
|-
| 2001
| 12.8%
|}
भारत के धार्मिक समुदाय द्वारा जनसंख्या का प्रतिशत वितरण (असमायोजित) - 1961-2001 की जनगणना (असम और जम्मू व कश्मीर को छोड़े बिना).<ref name="Indian Census"/>
{| class="wikitable"
|-
! वर्ष
! प्रतिशत
|-
| 1961
| 10.7%
|-
| 1971
| 11.2
|-
| 1981
| 12.0%
|-
| 1991
| 12.8%
|-
| 2001
| 13.4%
|}
{| class="sortable wikitable"
|+ <td>''तालिका: 2001 के लिए जनगणना जानकारी: हिन्दू और मुसलमानों की तुलना'' {{Ref_label|exclusiondata|α|none}} {{Ref_label|assamjk|β|none}}</td>
|-
! संरचना
! [[सनातन धर्म|हिंदू]]<ref name="censushindu">{{cite web
| url = http://www.censusindia.gov.in/
| title = Tables: Profiles by main religions: Hindus
|format= PDF
| accessdate = 2007-04-17
| work = Census of India 2001: DATA ON RELIGION
| publisher = Office of the Registrar General, भारत
}}</ref>
! [[मुसलमान|मुस्लिम]]<ref name="censusmuslim">{{cite web
| url = http://www.censusindia.gov.in/
| title = Tables: Profiles by main religions: Muslims
|format= PDF
| accessdate = 2007-04-17
| work = Census of India 2001: DATA ON RELIGION
| publisher = Office of the Registrar General, भारत
}}</ref>
|-
| 2001 जनसंख्या का कुल %
| 80.5
| 13.4
|-
| 10 वर्ष वृद्धि % ('91-01')<ref name="censuspresentation"/> {{Ref_label|assamjk|β|none}}
| 20.3
| 36.0
|-
| लिंग अनुपात (* औसत. 933)
| 931
| 936
|-
| साक्षरता दर (औसत. 64.8)
| 65.1
| 59.1
|-
| सीमांत श्रमिक
| 40.4
| 31.3
|-
| ग्रामीण लिंग अनुपात<ref name="censuspresentation"/>
| 944
| 953
|-
| शहरी लिंग अनुपात<ref name="censuspresentation"/>
| 894
| 907
|-
| बच्चे के लिंग अनुपात (0-6 वर्ष)
| 925
| 950
|}
== दक्षिण एशिया में इस्लामी परंपरा ==
[[सूफ़ीवाद|सूफीवाद]], इस्लाम का एक रहस्यमय आयाम है, जो अक्सर शरीयत के विधि सम्मत मार्ग के साथ पूरक रहा है, उसका भारत में इस्लाम की वृद्धि पर गहरा प्रभाव पड़ा. अक्सर रूढ़िवादी व्यवहार के मुहानों पर एक सूफी भगवान के साथ सीधे एकात्मक दृष्टि को प्राप्त करते हैं और इसके बाद एक पीर (जीवित संत) बन सकते हैं जो कि शिष्यता (मुरिद) को ग्रहण कर सकते हैं और आध्यात्मिक वंशावली को स्थापित करते हैं जो कि कई पीढ़ियों तक चल सकता है। [[मोइनुद्दीन चिश्ती]] (1142-1236) के शासन के बाद जो कि अजमेर, [[राजस्थान]] में बसे थे, तेरहवीं शताब्दी के दौरान सूफियों का पंथ भारत में महत्वपूर्ण हो गया और उन्होंने अपनी पवित्रता के चलते इस्लाम में धर्मान्तरित करने के लिए महत्वपूर्ण संख्याओं में लोगों को आकर्षित किया। उनकी चिश्तिया पंथ भारत में सबसे प्रभावशाली सूफी वंश बन गया, हालांकि [[मध्य एशिया]] और दक्षिण पश्चिम एशिया के अन्य क्रम भी भारत में पहंची और इस्माम के प्रसार में प्रमुख भूमिका निभाई. इस तरह, उन्होंने क्षेत्रीय भाषा में तमाम साहित्य का सृजन किया जिसमें प्राचीन दक्षिण एशियाई परंपराओं में गहनतम इस्लामी संस्कृति को सन्निहित किया गया।
== संगठन और नेतृत्व ==
मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने भारतीय इस्लाम के विकास में विभिन्न दिशाओं को खंगाला और बीसवीं शताब्दी के दौरान मुस्लिम समुदाय से कई राष्ट्रीय आंदोलन उभरे. सबसे रूढ़िवादी शाखा की निर्भरता, पूरे देश भर में सैकड़ों धर्म प्रशिक्षण संस्थानों (मदरसा) द्वारा दी जाने वाली शिक्षा प्रणाली पर है जो [[अरबी]] और [[फ़ारसी भाषा|फारसी]] भाषा में [[कुर॑आन|कुरान]] और इस्लामिक पुस्तकों के अध्ययन के अलावा कुछ और नहीं सिखाते हैं।
2005-2006 के मध्य में अनुमानित 15 करोड़ के दो-तिहाई भारतीय मुस्लिम आबादी रहस्यवाद सुन्नी बरेलवी विचारधारा और दरगाह भ्रमण, संगीत और योग विद्या जैसे सूफी परम्परा के अनुयायी माने जाते हैं।<ref>{{cite web|author=Sandeep Unnithan and Uday Mahurkar |url=http://indiatoday.digitaltoday.in/index.php?option=com_content&task=view&id=12343&Itemid=1&issueid=67&limit=1&limitstart=0 |title=The radical sweep: Cover Story : इंडिया टुडे |publisher=Indiatoday.digitaltoday.in |date=2008-07-31 |accessdate=2010-09-14}}</ref> मंज़र-ए-इस्लाम बरेली और अल जमियातुल अशरफिया, बरेलवी मुसलमानों का सबसे प्रसिद्ध सेमिनरी है। 2005-2006 के दौरान मुस्लिम समुदाय के पर्याप्त अल्पसंख्यकों का भारतीय शिया मुसलमान एक रूप है जो कि उस समय के 157 मिलियन की कुल [[मुसलमान|मुस्लिम]] आबादी का अनुमानित 25%-31% है। टाइम्स ऑफ इंडिया और डीएनए जैसे सूत्रों ने बताया कि उस समय के दौरान [[भारत|भारतीय]] मुसलमानों की कुल आबादी 157,000,000 का 40,000,000<ref name="timesofindia.indiatimes.com">{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/Shia-women-too-can-initiate-divorce/articleshow/334804.cms|title=Shia women too can initiate divorce| publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]] |date=November 6, 2006| accessdate=2010-06-21}}</ref><ref name="timesofindia.indiatimes.com"/> से 50,000,000<ref>{{cite web|url=http://www.dnaindia.com/india/report_talaq-rights-proposed-for-shia-women_1062327 |title=Talaq rights proposed for Shia women| publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस, www.dnaindia.com |date=5 नवम्बर 2006| accessdate=2010-06-21}}</ref> की आबादी शिया मुसलमानों की थी<ref>{{cite web|url= http://twocircles.net/2009oct08/india_third_global_muslim_population_1_57_bn.html|title= India Third in Global Muslim Population|publisher= [[Twocircles.net]]|accessdate= 2010-07-03|archive-date= 10 अक्तूबर 2010|archive-url= https://web.archive.org/web/20101010133303/http://twocircles.net/2009oct08/india_third_global_muslim_population_1_57_bn.html|url-status= dead}}</ref><ref>[http://www.state.gov/g/drl/rls/irf/2003/24470.htm अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2003]. संयुक्त राज्य अमेरिका के विभाग द्वारा. 19 अप्रैल 2007 को पुनःप्राप्त.</ref>
[[उत्तर प्रदेश|उत्तरप्रदेश]] के [[सहारनपुर]] जिले में प्रभावशाली धार्मिक मदरसा दारुल उलूम देवबंद (ज्ञान का निवास/घर) से उत्पन्न भारत के हनाफी विचारधारा के बाद मुस्लिम आबादी का एक और प्रभावशाली भाग देवबंद है। इस मदरसे को अपने राष्ट्रवादी उन्मुखीकरण के लिए जाना जाता है और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.1919 में देवबंदी विद्वानों द्वारा स्थापित जमीयत-उल-उलेमा-ए हिंद ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] को अपना समर्थन दिया और दारुल उलूम के लिए एक राजनीतिक मुखपत्र बना। <ref>{{Cite web |url=http://arts.monash.edu.au/politics/terror-research/proceedings/gtrec-proceedings-2009-10-kamala-dash.pdf |title=द फतवा अगेन्स्ट टेरोरिज्म: इंडियन डियोबेंडिस रीनाउंस वायोलेंस बट पोलिसिंग रीमेंस अनचेंज्ड, कमलाकांत दास, (मोनाश एशिया संस्थान, मोनेश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया), 2008 GTReC अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=6 अप्रैल 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120406072943/http://arts.monash.edu.au/politics/terror-research/proceedings/gtrec-proceedings-2009-10-kamala-dash.pdf |url-status=dead }}</ref>
1941 में स्थापित जमात-ए-इस्लामी हिन्द (इस्लामी पार्टी) ने एक इस्लामी सरकार की स्थापना की वकालत की और समुदाय के लिए शिक्षा, समाज सेवा और एकतावादी पहुंच को बढ़ावा देने में सक्रिय रहा। <ref>पृष्ठ 32, इंट्रोडक्शन, ए हिस्टोरिकल ओवरव्यू ऑफ इस्लाम इन साउथ एशिया, इस्लाम इन साउथ एशिया इन प्रैक्टीस- डी. बारबरा मेटकाफ प्रिंसटन द्वारा विश्वविद्यालय प्रेस, 2009</ref>
1940 के दशक के बाद तब्लीघी जमात (आउटरीच सोसायटी) सक्रिय हो गई क्योंकि विशेष तौर पर उलेमा (धार्मिक नेताओं) के बीच एक आंदोलन शुरू हुई जिसमें व्यक्तिगत नवीनीकरण का तनाव, एक मिशनरी भावना और कट्टरपंथियों के लिए ध्यान जोर दिया गया। इस प्रकार की गतिविधियों की कड़ी आलोचना की गई जो कि सूफी धार्मिक स्थलों के आसपास शुरू हुई थी और उलेमा के प्रशिक्षण को मजबूर किए जाने के कारण यह सूक्ष्म बन कर रह गई। इसके विपरीत, अन्य उलेमा सामूहिक धर्म की वैधता को बरकरार रखा जिसमें पीर के उल्लास और [[मुहम्मद|पैगंबर]] की स्मृति शामिल है। सैयद अहमद खान के नेतृत्व में एक व्यापक, अधिक आधुनिक और अन्य प्रमुख मुस्लिम विश्वविद्यालयों के साथ [[अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय|अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] (1875 तक मुहम्मदन ओरिएंटल कॉलेज के रूप में) में एक शक्तिशाली धर्मनिरपेक्षता को चलाया गया।.
== भारतीय मुसलमानों का बस्तीकरण ==
हालांकि प्राचीन शहरों में दीवार से घिरे हुए शहर मुसलमानों का पारंपरिक आवास थे, विभाजन के बाद उच्च वर्ग के कई मुसलमान शहर के अन्य भागों में रहने लगे। भारतीय मुसलमानों के बीच बस्तीकरण 1970 के दशक के मध्य में शुरू हुआ जब प्रथम सांप्रदायिक दंगे हुए, 1989 के [[भागलपुर]] दंगों के बाद इसमें और बढ़ोतरी हुई और 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद यह एक प्रवृत्ति बन गई, उसके बाद शीघ्र ही कई प्रमुख शहरों में मुस्लिम बस्ती या एक अलग क्षेत्रों का विकास हुआ जहां मुस्लिम आबादी रहने लगी। <ref>[http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/4437208.cms SUBVERSE | पारियाह इन योर ओन होम] [[द टाईम्स ऑफ़ इंडिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]] 23 अप्रैल 2009.</ref> हालांकि इस प्रवृत्ति से प्रत्याशित सुरक्षा में कोई मदद नहीं मिली जो कि मुस्लिम बस्ती के गुमनामी को प्रदान करने का सोचा गया था, जैसा कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान देखा गया था, जहां कई मुस्लिम बस्तियों को आसानी से निशाना बनाया गया था, क्योंकि आवासीय कॉलोनियों की रूपरेखा में केवल सहायता मिली थी।<ref>{{Cite web |url=http://indianmuslims.in/ghettoisation-of-a-city-the-nation/ |title=राष्ट्र और शहर का ध्रुवीकरण |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=19 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101219125232/http://indianmuslims.in/ghettoisation-of-a-city-the-nation/ |url-status=dead }}</ref><ref>[http://books.google.com/books?id=COJRDb5RyJUC&pg=PA119&dq=Ghettoisation+of+Indian+muslims&as_brr=0#PPA119,M1 पोस्ट गुजरात राइट्स] ''क्राइसिस एंड कंटेंशन इन इंडियन सोसायटी'' TK उममें के द्वारा. सेज द्वारा 2005 में प्रकाशित. ISBN 0-7619-3359-X ''पृष्ठ 119''</ref><ref>''ह्यूमन डेवलपमेंट एंड सोसिएल पॉवर: प्रोस्पेक्टीव फर्ॉम साउथ एशिया'' अनन्या मुखर्जी रीड द्वारा. टेलर और फ्रांसिस, 2008 द्वारा प्रकाशित. ISBN 0-415-77552-3. ''पृष्ठ 149''</ref><ref>[http://news.bbc.co.uk/2/low/south_asia/2030055.stm इंडिया मुस्लिम फील बैकलैश] जिल मैकगिवरिंग द्वारा, बीबीसी दिल्ली संवाददाता. बीबीसी समाचार गुरूवार, 6 जून 2002.</ref>
बस्तियों में रहने के कारण सामाजिक रूढ़िबद्धता में विकास हुआ जिसका कारण था पार-सांस्कृतिक संपर्क का अभाव और बड़े पैमाने पर आर्थिक और शैक्षिक अवसरों में कमी. वहीं दूसरी तरफ, वह बड़ा समुदाय, जो इस्लामी परंपराओं के साथ सदियों से अपने संपर्कों के कारण लाभान्वित होता रहा और जिसने दो भिन्न परंपराओं के मिलन के माध्यम से निर्मित एक समृद्ध, सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने का विकास किया था, उस पर ्लग-थलग हो जाने का खतरा तेजी से मंडराने लगा। <ref>[http://www.milligazette.com/dailyupdate/2006/20060212-muslim-india.htm घेटोयसेशन ऑफ मुस्लिम इन इंडिया: ट्रेंड्स एंड कंसीक्वेनसेस] इमरान अली और योगिंदर सिकंद द्वारा. मिल्ली गजट ऑनलाइन, 12 फ़रवरी 2006.</ref> कुछ लोगों के द्वारा भारत में धर्मनिरपेक्षता को लोकतंत्र के लिए अनिवार्य रूप के बजाए एक अल्पसंख्यक के रूप में देखा जा रहा है।<ref>[http://www.hindu.com/2006/08/01/stories/2006080117900500.htm घेटोयसेशन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080308102523/http://www.hindu.com/2006/08/01/stories/2006080117900500.htm |date=8 मार्च 2008 }} द हिन्दू, 1 अगस्त 2006.</ref><ref>[http://www.hindu.com/mag/2006/12/31/stories/2006123100450100.htm द प्राइस ऑफ एक्सक्लुजन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130128203331/http://www.hindu.com/mag/2006/12/31/stories/2006123100450100.htm |date=28 जनवरी 2013 }} रंजीत होसकोटे द हिन्दू, 31 दिसम्बर 2006.</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत का विभाजन]]
* बिहारी मुसलमान
* हिंदू धर्म और इस्लाम
* भारतीय मुस्लिम राष्ट्रवाद
* [[हिंदू राष्ट्रवाद]]
{{-}}
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|colwidth=30em}}
== अध्ययन ==
* असगर अली इंजीनियर, ''इस्लाम इन इंडिया: द इम्पैक्ट ऑफ सिविलाइजेशन'' . शिप्रा पब्लिकेशन्स, 2002. ISBN 81-7541-115-5.
* मोहम्मद ताहिर. ''मुस्लिम इन इंडिया: रीसेंट कंट्रीब्यूशंस टू लिटरेचर ऑन रीलिजियन, फिलोसोफी, हिस्टरी, एंड सोसियल एस्पैक्ट'' . अनमोल प्रकाशन प्रा. लि., 1993. ISBN 81-7041-620-5. [http://books.google.com/books?id=KRVd8384LyMC&printsec=frontcover&dq=Muslims+in+India&lr=&as_brr=0 कुछ अंशः]
* मोहम्मद मुजीब. ''द इंडियन मुस्लिम'' . मैकगिल यूनिवर्सिटी प्रेस, 1967. आईएसबीएन 0-7876-5417-5
* मूर्रे थर्सटन टाइटस, ''इंडियन इस्लाम: ए रीलिजियस हिस्टरी ऑफ इस्लाम इन इंडिया'' . मिल्फोर्ड, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 1930. ISBN 81-87563-01-X.
* योगिंदर सिकंद. ''मुस्लिम इन इंडिया सिस 1947 : इस्लामिक प्रोस्पेक्टीव्स ऑन इंटर-फेथ रीलेशंस'' . रौट्लेज, 2004. ISBN 0-415-31486-0.
* {{loc}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://sunninews.wordpress.com इंडियन सुन्नी न्यूज़]
* [http://anindianmuslim.com दैनिक समाचार एवं भारतीय मुसलमानों के बारे में विचार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190928032503/http://www.anindianmuslim.com/ |date=28 सितंबर 2019 }}
लेख
* [http://www.khaleejtimes.com/DisplayArticleNew.asp?section=subcontinent&xfile=data/subcontinent/2007/april/subcontinent_april921.xml वैज्ञानिक अध्ययन कहते हैं, भारतीय मुसलमान स्थानीय लोगों के वंशज हैं] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20081202162657/http://www.khaleejtimes.com/DisplayArticleNew.asp?section=subcontinent&xfile=data%2Fsubcontinent%2F2007%2Fapril%2Fsubcontinent_april921.xml |date=2 दिसंबर 2008 }}
* [http://www.futureofmuslimworld.com/research/pubID.38/pub_detail.asp भारत में इस्लाम का अवलोकन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090427191938/http://www.futureofmuslimworld.com/research/pubID.38/pub_detail.asp |date=27 अप्रैल 2009 }} - हुसैन हक्कानी द्वारा, हडसन संस्थान
* [http://www.dinarstandard.com/current/IndianMuslims061507.htm इंडियन मुसलमान इंक, दिएर मार्केट ग्लोबल बिजनेस इंपेक्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100216024149/http://www.dinarstandard.com/current/IndianMuslims061507.htm |date=16 फ़रवरी 2010 }}, ''DinarStandard.com की विशेष रिपोर्ट के द्वारा''
* [http://www.indianexpress.com/sunday/fullcoverage/53.html द मिसिंग मुसलमान], ''संडे एक्सप्रेस'' .'''''सच्चर रिपोर्ट पर पूर्ण कवरेज''' ''
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* ऑनलाइन Copy: [http://persian.packhum.org/persian/index.jsp?serv=pf&file=80201010&ct=0 द हिस्टरी ऑफ इंडिया, एज टोल्ड बाय इट्स ओन हिस्टोरियन्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }}.[http://persian.packhum.org/persian/index.jsp?serv=pf&file=80201010&ct=0 द मुहाम्मदन पीरियड; सर एच.एम.एलियट द्वारा; जॉन डौसन द्वारा संपादित; लंदन त्रुब्नेर कंपनी 1867-1877] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }} - यह ऑनलाइन प्रतिलिपि : [http://persian.packhum.org/persian/index.jsp पैकर्ड मानविकी संस्थान द्वारा पोस्ट की गई है; परसियन टेक्स्ट इन ट्रांसलेशन; इसके अलावा अन्य ऐतिहासिक पुस्तकें मिलेंगी: लेखक सूची और शीर्षक की सूची] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070929132016/http://persian.packhum.org/persian/index.jsp |date=29 सितंबर 2007 }})
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[[चित्र:Ask with wikipedia.png|thumb|विकिपीडिया के लिए एक Ask.com सर्च]]
'''आस्क''' (जिसे यूके में '''आस्क जीव्स''' के नाम से जाना जाता है) एक [[खोज इंजन|सर्च इंजन]] था जिसकी स्थापना 1996 में गैरेट ग्रुएनर और डेविड वार्थेन द्वारा कैलिफोर्निया के बर्कले में की गयी थी। मूल सर्च इंजन सॉफ्टवेयर को गैरी चेवस्की द्वारा उनकी अपनी ही डिजाइन से कार्यान्वित किया गया। वार्थेन, चेवस्की, जस्टिन ग्रांट और अन्य ने आरंभिक AskJeeves.com वेबसाइट का निर्माण उस कोर इंजन के आधार पर ही किया था। तीन उद्यम पूँजी कंपनियां - हाईलैंड कैपिटल पार्टनर्स, इंस्टिट्यूशनल वेंचर पार्टनर्स और द रोडा ग्रुप - आरंभिक निवेशक थीं।<ref>{{Cite web |url=http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1054298/0000950149-99-001225.txt |title=आस्क जीव्स, इंक. इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग प्रोस्पेक्टस |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Bk1w7e3k?url=http://www.sec.gov/Archives/edgar/data/1054298/0000950149-99-001225.txt |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |url-status=live }}</ref> Ask.com का स्वामित्व वर्तमान में इंटरएक्टिवकॉर्प के पास है; [[नैस्डैक|नास्डाक]] में यह आईएसीआई नाम से सूचीबद्ध है। 2010 के अंतिम दौर में [[गूगल]] के साथ प्रतिस्पर्धा कर पाने में असमर्थ होने के बाद कंपनी ने एक प्रश्नोत्तरी साइट बनने के लिए अपने सर्च इंजन मूल को त्याग दिया। <ref>{{Cite web |url=http://www.nytimes.com/2010/11/10/technology/internet/10ask.html?src=busln |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180612182825/https://www.nytimes.com/2010/11/10/technology/internet/10ask.html?src=busln |archive-date=12 जून 2018 |url-status=live }}</ref>
== इतिहास ==
Ask.com को मूलतः '''आस्क जीव्स''' के नाम से जाना जाता था जहाँ "जीव्स" पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब बताने वाले "जेंटलमैन्स पर्सनल जेंटलमैन" या निजी सेवक का नाम है। यह पात्र पी. जी. वोडेहाउस की रचनाओं के एक चरित्र बर्टी वूस्टर के जीव्स नामक काल्पनिक निजी सेवक पर आधारित था।
आस्क जीव्स नाम के चयन के पीछे का मूल विचार प्रतिदिन उठ खड़े होने वाले सवालों का [[प्राकृतिक भाषा|स्वाभाविक भाषा]] में जवाब हासिल करने में उपयोगकर्ताओं को सक्षम बनाने के साथ-साथ पारंपरिक कीवर्ड सर्चिंग भी प्रदान करना था। वर्तमान Ask.com गणित, शब्दकोश और रूपांतरण सवालों के लिए अतिरिक्त समर्थन के साथ आज भी यह सेवा प्रदान करता है।
[[चित्र:Askcomheadquarters.jpg|thumb|right|ऑकलैंड, कैलिफोर्निया में Ask.com का मुख्यालय]]
2005 में कंपनी ने जीव्स को हटाने की योजनाओं की घोषणा की। 27 फ़रवरी 2006 को Ask.com से यह शब्द गायब हो गया और इसके बारे में यह कहा गया कि यह "सेवानिवृत्त हो गया है।" यूके और आयरलैंड की वेबसाइट संस्करण में 2009 में यह शब्द प्रमुख रूप से फिर से दिखाई देने लगा; हालाँकि अमेरिकी विजिटर (आगंतुक) 'uk.ask.com' यूआरएल में जाकर नए जीव्स को एक 'स्किन' या पृष्ठभूमि छवि के रूप में देख सकते हैं।
इंटरएक्टिवकॉर्प के स्वामित्व में कई तरह की साइट हैं जिनमें [https://web.archive.org/web/20161231003835/http://www.askkids.com/ आस्क किड्स], टीयोमा (अब एक्सपर्टरैंक)<ref>[http://about.ask.com/en/docs/about/webmasters.shtml Ask.com सर्च टेक्नोलॉजी] {{Webarchive|url=https://archive.today/20120707054014/http://about.ask.com/en/docs/about/webmasters.shtml |date=7 जुलाई 2012 }}. 11 मई 2009 को प्राप्त किया गया।</ref> और कई अन्य साइटों के साथ यूके, [[जर्मनी]], [[इटली]], [[जापान]], [[नीदरलैण्ड|नीदरलैंड]] और [[स्पेन]] की देश विशिष्ट साइटें भी शामिल हैं (एक सम्पूर्ण सूची के लिए इस पृष्ठ को देखें). 5 जून 2007 को Ask.com को 3डी लुक के साथ फिर से लॉन्च किया गया।<ref>[http://www.techcrunch.com/2007/06/04/major-relaunch-for-ask-ask3d/ मेजर रिलॉन्च फॉर आस्क: आस्क3डी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080225021651/http://www.techcrunch.com/2007/06/04/major-relaunch-for-ask-ask3d/ |date=25 फ़रवरी 2008 }} टेकक्रुंच, 2006-06-04. 5 जून 2007 को प्राप्त किया गया।</ref>
16 मई 2006 को आस्क ने अपने खोज परिणामों में एक "बाईनोक्यूलर्स साइट प्रीव्यू" (दूरबीन साइट पूर्वावलोकन) लागू किया। खोज परिणाम पृष्ठों पर "दूरबीन" से खोजकर्ता चुपके से उस पृष्ठ की झलक हासिल कर सकते हैं जिसे वे एक माउस-ओवर सक्रियशील स्क्रीनशॉट पॉप-अप के साथ देख सकते हैं।<ref>[http://patft1.uspto.gov/netacgi/nph-Parser?Sect1=PTO1&Sect2=HITOFF&d=PALL&p=1&u=%2Fnetahtml%2FPTO%2Fsrchnum.htm&r=1&f=G&l=50&s1=7,047,502.PN.&OS=PN/7,047,502&RS=PN/7,047,502 यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट डेटाबेस]{{Dead link|date=जुलाई 2023 |bot=InternetArchiveBot }}, यूएस पेटेंट्स, 2006-06-16. 16 मई 2006 को प्राप्त किया गया।</ref>
दिसंबर 2007 में आस्क ने आस्कइरेज़र (AskEraser) फीचर को रिलीज़ किया<ref>[http://www.eff.org/deeplinks/2007/07/ask-com-takes-lead-log-retention-microsoft-and-yahoo-follow Ask.com टेक्स दी लीड ऑन लॉग रिटेन्शन; माइक्रोसॉफ्ट एंड याहू! फॉलो] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110213123603/https://www.eff.org/deeplinks/2007/07/ask-com-takes-lead-log-retention-microsoft-and-yahoo-follow |date=13 फ़रवरी 2011 }}, eff.org, 2008-01-03 को प्राप्त किया गया।</ref> जो उपयोगकर्ताओं को खोज प्रश्नों और [[IP ऐड्रेस|आईपी]] और कुकी वैल्यू की ट्रैकिंग से बचने की अनुमति देता था। उन्होंने वादा किया कि यदि आस्कइरेज़र विकल्प को सेट नहीं किया गया है तो 18 महीनों के बाद वे इस डेटा को मिटा देंगे। आस्कइरेज़र को कार्य करने के लिए एचटीटीपी कुकीज को सक्रिय करना आवश्यक है।<ref>{{cite web|title=Does AskEraser Really Erase?|url=http://epic.org/privacy/ask/default.html|publisher=Electronic Privacy Information Center|accessdate=2008-03-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20080308235509/http://epic.org/privacy/ask/default.html|archive-date=8 मार्च 2008|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|title=Letter to U.S. Federal Trade Commission|url=http://www.cdt.org/privacy/20080123_FTC_Ask.pdf|publisher=Center for Democracy and Technology|format=PDF|date=जनवरी 23, 2008|accessdate=2008-03-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20110725151646/http://www.cdt.org/privacy/20080123_FTC_Ask.pdf|archive-date=25 जुलाई 2011|url-status=dead}}</ref>
4 जुलाई 2008 को इंटरएक्टिवकॉर्प ने लेक्सिको पब्लिशिंग ग्रुप के अधिग्रहण की घोषणा की जो Dictionary.com (डिक्शनरी डॉट कॉम), Thesaurus.com (थिसॉरस डॉट कॉम) और Reference.com (रेफरंस डॉट कॉम) का मालिक है।<ref>{{cite news|url=http://www.reuters.com/article/internetNews/idUSN0337985120080703?feedType=RSS&feedName=internetNews|title=Ask.com closes acquisition of Dictionary.com|publisher=[[रॉयटर्स]]|date=3 जुलाई 2008 | first=Eric | last=Auchard}}</ref><ref>{{cite web|url=http://news.cnet.com/8300-10784_3-7-0.html?keyword=Dictionary.com|title=Ask.com closes Dictionary.com deal|publisher=[[CNet]]|date=4 जुलाई 2008}}</ref>
26 जुलाई 2010 को, Ask.com ने एक क्लोज्ड-बीटा प्रश्नोत्तरी सेवा चालू की। इस सेवा को जनता के लिए 29 जुलाई 2010 को चालू किया गया।<ref>{{cite web|url=http://news.softpedia.com/news/Ask-com-Q-A-Service-Drops-July-29th-149176.shtml|title=Ask.com Q&A Service Drops July 29th|publisher=[[Softpedia]]|date=27 जुलाई 2010|access-date=11 फ़रवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110716102307/http://news.softpedia.com/news/Ask-com-Q-A-Service-Drops-July-29th-149176.shtml|archive-date=16 जुलाई 2011|url-status=live}}</ref>
[[चित्र:Jeeves-in-2009.jpg|thumb|right|जीव्स, वर्तमान में उपयोगकर्ताओं द्वारा uk.ask.com पर जाकर देखा जा सकता है]]
== अन्तर्राष्ट्रीय ==
कंपनी विभिन्न वेबसाइटों का उपयोग करके कुछ देशों और उनसे संबद्ध भाषाओं के लिए स्थानीयकृत सेवाओं की पेशकश करती है, जिनमें शामिल हैं:
* [https://web.archive.org/web/20160908044324/http://pl.ask.com/ pl.ask.com] (पोलैंड)
* [https://web.archive.org/web/20190526114044/https://fr.ask.com/ fr.ask.com] (फ्रांस)
* [http://jp.ask.com jp.ask.com] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160922101418/http://jp.ask.com/ |date=22 सितंबर 2016 }} (जापान)
* [https://web.archive.org/web/20190930150953/https://uk.ask.com/ uk.ask.com] (यूनाइटेड किंगडम, आस्क जीव्स के नाम से जाना जाता है)
* [https://web.archive.org/web/20160922101410/http://ru.ask.com/ ru.ask.com] (रूस)
* [https://web.archive.org/web/20051014235739/http://es.ask.com/ es.ask.com] (स्पेन)
* [https://web.archive.org/web/20191009191201/https://de.ask.com/ de.ask.com] (जर्मनी)
* [https://web.archive.org/web/20190129032745/https://it.ask.com/ it.ask.com] (इटली)
* [https://web.archive.org/web/20190220010755/https://nl.ask.com/ nl.ask.com] (नीदरलैंड)
* [https://web.archive.org/web/20190113043900/https://br.ask.com/ br.ask.com] ([[ब्राज़ील|ब्राजील]])
* [https://web.archive.org/web/20160922101409/http://au.ask.com/ au.ask.com] (ऑस्ट्रेलिया)
* [https://web.archive.org/web/20190511193528/https://mx.ask.com/ mx.ask.com] (मेक्सिको)
* [https://web.archive.org/web/20120807211050/http://ca.ask.com/ ca.ask.com] (कनाडा)
* [https://web.archive.org/web/20190124072701/https://dk.ask.com/ dk.ask.com] (डेनमार्क)
== कॉर्पोरेट विवरण ==
[[नैस्डैक|नास्डाक]] स्टॉक एक्सचेंज पर आस्क जीव्स, इंक. स्टॉक की ट्रेडिंग जुलाई 1999 से जुलाई 2005 के बीच टिकर सिम्बल एएसकेजे (ASKJ) के तहत की जाती थी। जुलाई 2005 में इंटरएक्टिवकॉर्प द्वारा अधिग्रहण किये जाने के बाद एएसकेजे टिकर को समाप्त कर दिया गया; उस समय एएसकेजे का मूल्य [[अमेरिकी डॉलर|$]]1.85 बिलियन लगाया गया था।
== आस्क स्पोंसर्ड लिस्टिंग्स ==
आस्क स्पोंसर्ड लिस्टिंग्स, अधिक प्रमुख और नियमित सर्च इंजन लिस्टिंग प्रदान करके विज्ञापनदाताओं की वेबसाइटों (और उनके व्यवसायों, सेवाओं और उत्पादों) की दृश्यता में वृद्धि करने के लिए उन्हें प्रदान किया जाने वाला एक [[सर्च इंजन मार्केटिंग]] टूल है।
== विपणन और प्रचार ==
=== Information-revolution.org (इन्फॉर्मेशन-रिवोल्यूशन डॉट ऑर्ग) अभियान ===
2007 के आरम्भ में [[लंदन अंडरग्राउंड|लन्दन अंडरग्राउंड]] ट्रेनों पर www.information-revolution.org यूआरएल के साथ कई विज्ञापन दिखाई दिए जो यात्रियों को यह चेतावनी देते था कि वेब पर उपलब्ध सभी जानकारियों में से 75% जानकारी एक साइट (जिसका मतलब [[गूगल]] था) के माध्यम से प्रवाहित होती हैं।<ref>https://web.archive.org/web/20070313223519/http://information-revolution.org/ - इन्फॉर्मेशन रिवोल्यूशन</ref>
=== विज्ञापन ===
आस्क की टीयोमा एल्गोरिथ्मिक सर्च तकनीक के सह-रचयिता एपोस्टोलोस गेरासाउलिस ने 2007 में चार टीवी विज्ञापनों में अभिनय किया जिनमें उन्होंने जानकारी की प्रासंगिकता के लिए Ask.com की उपयोगिता के गुणों का गुणगान किया।<ref>{{cite web|url=http://about.ask.com/docs/about/televisionads.shtml|title=About Ask.com: TV Spots|accessdate=2007-04-25|archive-url=https://archive.today/20070410132033/http://about.ask.com/docs/about/televisionads.shtml|archive-date=10 अप्रैल 2007|url-status=dead}}</ref> [[२००१|2001]] में मैसीज थैंक्सगिविंग डे परेड में एक जीव्स बैलून भी दिखाई दिया।
=== नास्कार (NASCAR) प्रायोजन ===
14 जनवरी 2009 को Ask.com, नास्कार के ड्राइवर बॉबी लैबोंट की #96 कार का आधिकारिक प्रायोजक बना। आस्क, नास्कार का आधिकारिक सर्च इंजन भी बनेगा.<ref>{{Cite web |url=http://www.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/14/ask.com.partnerships/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110628181843/http://www.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/14/ask.com.partnerships/index.html |archive-date=28 जून 2011 |url-status=live }}</ref> Ask.com पहली 21 दौड़ों में से 18 दौड़ों के लिए नंबर 96 का प्रमुख प्रायोजक होगा और उसके पास इस सत्र में इस संख्या को बढ़ाकर कुल 29 दौड़ तक करने का भी अधिकार है।<ref>{{Cite web |url=http://bbs.cid.cn.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/13/blabonte.hof.racing/index.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://www.webcitation.org/6Bk1ymjWG?url=http://bbs.cid.cn.nascar.com/2009/news/headlines/cup/01/13/blabonte.hof.racing/index.html |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |url-status=dead }}</ref> 2009 बड शूटआउट में Ask.com की कार पहली बार दौड़ में शामिल हुई जहाँ यह दौड़ पूरा करने में विफल रही लेकिन उसके बाद इसने लास वेगास मोटर स्पीडवे में 1 मार्च 2009 को शेल्बी 427 दौड़ में पांचवें स्थान पर आकार अपनी मजबूत वापसी का प्रदर्शन किया है।<ref>{{Cite web |url=http://www.ask.com/nascar/2009-Shelby-427-race#results |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090331204759/http://www.ask.com/nascar/2009-Shelby-427-race#results |archive-date=31 मार्च 2009 |url-status=dead }}</ref> Ask.com द्वारा नास्कार में प्रवेश को, इसके द्वारा कहे जाने वाले सुपर वर्टिकल्स में इसका पहला कदम है।<ref>{{Cite web |url=http://searchengineland.com/askcom-partners-with-nascar-says-super-vertical-will-put-it-back-in-search-race-16143 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110703063751/http://searchengineland.com/askcom-partners-with-nascar-says-super-vertical-will-put-it-back-in-search-race-16143 |archive-date=3 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>
== टूलबार ==
'''Ask.com टूलबार''', Ask.com का एक मुफ्त ब्राउज़र एक्सटेंशन है जो [[इण्टरनेट ऍक्सप्लोरर|इंटरनेट एक्सप्लोरर]]<ref>{{Cite web |url=http://sp.ask.com/toolbar/install/web/ask/download.php |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 फ़रवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110616023535/http://sp.ask.com/toolbar/install/web/ask/download.php |archive-date=16 जून 2011 |url-status=dead }}</ref> और [[मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स|फायरफॉक्स]]<ref name="cnet1">http://download.cnet.com/Ask-com-Toolbar-for-Firefox/3010-11745_4-10744694.html{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> [[वेब ब्राउज़र|वेब ब्राउज़र्स]] दोनों के लिए उपलब्ध है।
इसके फीचर (सुविधाओं/विशेषताओं) में पूरे वेब, छवि, समाचार और शब्दकोश में लम्बवत खोज, विजेट्स में दी जाने वाली तरह-तरह की अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय सामग्रियां, मौसम पूर्वानुमान, आरएसएस/एटीओएम फ़ीड्स और संबंधित सेवाएँ शामिल हैं। गूगल या याहू! टूलबार्स के विपरीत, आस्क के मंच पर अक्सर इन टूलबारों को वितरित करने वाले पार्टनरों के साथ सामग्रियों, विजेट और सॉफ्टवेयर एकीकरण को प्रदर्शित किया जाता है। कई सोशल गेमिंग कंपनियां टूलबार में ही विजेट्स या 'इन-लाइन' विन्डोज़ में अपनी गेमिंग सामग्रियों को प्रदान करती हैं।
आस्क टूलबार को toolbar.ask.com वेबसाइट से इंस्टाल किया जा सकता है लेकिन यह कुछ थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर के साथ भी समूह में रहता है। आस्क टूलबार का इंस्टालेशन उपयोगकर्ता के लिए वैकल्पिक होता है और इसके लिए हमेशा अंतिम उपयोगकर्ता की सहमति (एक "ऑप्ट-आउट" चेक बॉक्स के रूप में) की जरूरत पड़ती है जब यह अन्य थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर के साथ समूह में होता है। टूलबार के लिए कोई सक्रिय वायरस/मैलवेयर चेतावनी नहीं है।
आस्क टूलबार को [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़|विन्डोज़]] कंट्रोल पैनल के माध्यम से इंटरनेट एक्सप्लोरर से और ऐड-ऑन्स मेनू और अधिक हाल के संस्करणों में एक अनइंस्टाल लिंक के माध्यम से फायरफॉक्स से अनइंस्टाल किया जा सकता है।
टूलबार के लिए यहाँ [https://web.archive.org/web/20110616022833/http://about.ask.com/apn/toolbar/docs/default/faq/en/ff/index.html एक सहायता पृष्ठ] दिया गया है जिसमें अनइंस्टाल संबंधी निर्देश भी दिए गए हैं।
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|3}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20110210233339/http://www.ask.com/ ऑफिशियल वेबसाइट]
{{DEFAULTSORT:Ask.Com}}
[[श्रेणी:ऑकलैंड, कैलिफोर्निया में स्थापित कंपनियां]]
[[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका की इंटरनेट कंपनियां]]
[[श्रेणी:इंटरनेट सर्च इंजन]]
[[श्रेणी:डेस्कटॉप सर्च इंजन]]
[[श्रेणी:एलएसी/इंटरएक्टिवकॉर्प]]
[[श्रेणी:डॉट-कॉम]]
[[श्रेणी:1996 में स्थापित इंटरनेट प्रॉपर्टीज]]
[[श्रेणी:पे पर क्लिक सर्च इंजन]]
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बिन्दकी
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox settlement
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|image_caption=बिन्दकी रेल स्टेशन
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
बिन्दकी नगर का प्रसिद्ध रिहायशी इलाका बराती नगर अपने इतिहास को सजोये हुए है यहां की मसहूर विभूतियां Tr.Sanjay Kumar Arya टीचर दयाराम गौतम इसी मोहल्ले के हैं।यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975<nowiki/>https://www.facebook.com/share/1BSXPSuZEB/</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
बिन्दकी नगर का प्रसिद्ध रिहायशी इलाका बराती नगर अपने इतिहास को सजोये हुए है यहां की मसहूर विभूतियां Tr.Sanjay Kumar Arya टीचर दयाराम गौतम इसी मोहल्ले के हैं।यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]]
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'''बिन्दकी''' (Bindki) [[भारत]] के [[उत्तर प्रदेश]] राज्य के [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=qzUqk7TWF4wC Uttar Pradesh in Statistics]," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC|date=23 अप्रैल 2017}}," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975</ref>
== राजनीति ==
बिन्दकी [[विधानसभा]] [[निर्वाचनक्षेत्र]] भी है जहाँ से जय कुमार सिंह जैकी भाजपा के समर्थन से अपना दल (सोनेलाल)के विधायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
== प्रसिद्ध व्यक्ति ==
यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।
== अन्य विवरण ==
बिन्दकी मुगल मार्ग में [[फतेहपुर]] जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा [[गंगा नदी|गंगा]] व [[यमुना नदी|यमुना]] नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।
बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। बिन्दकी के बराती नगर मुहल्ले में प्रसिद्ध शिक्षक संजय कुमार आर्य द्वारा विश्वविख्यात ब्लॉग प्राथमिक शैक्षिक खबर्स शिक्षा जगत की खबरों के बारे में जाना जाता है। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[फतेहपुर जिला|फतेहपुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:फतेहपुर ज़िला]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर]]
[[श्रेणी:फतेहपुर ज़िले के नगर]]
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* [[बक पंचक]]
* [[बकासुर]]
* [[बकासुर का वध]]
* [[बकुलामावास्या]]
* [[बख़्त ख़ाँ]]
* [[बख़्तियार ख़िलजी]]
* [[बगोर की हवेली]] (उदयपुर)
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* [[बटस्वामीतीर्थ, मथुरा]]
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* [[बी.एम. बिडला सभागार, जयपुर]]
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2026-05-17T11:45:11Z
GrazingJan
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* [[आई-विद्यार्थी]]
* [[आइना-ए-अकबरी]]
* [[आइसोटोप]]
* [[आईज़ोल]]
* [[आईना-ए-अकबरी]]
* [[आकर्ष]]
* [[आकर्ष-क्रीडा कला]]
* [[आकाशगंगा नदी]]
* [[आकाश तत्त्व]]
* [[आकाश दीप]]
* [[आक्रन्द]]
* [[आक्रंद]]
* [[आगरा का क़िला]]
* [[आगाख़ान महल पुणे]]
* [[आग़ा ख़ाँ]]
* [[आग्नेय अस्त्र]]
* [[आग्नेय व्रत]]
* [[आग्नेयव्रत]]
* [[आग्रयण पद्धति]]
* [[आङ्गिरस स्मृति]]
* [[आचारकाण्ड]]
* [[आचारकीमुदी]]
* [[आचारकौमुदी]]
* [[आचारखण्ड]]
* [[आचारचन्द्रिका]]
* [[आचारचन्द्रिका (त्रिविक्रम सूरि)]]
* [[आचारचन्द्रिका (पद्मनाभ)]]
* [[आचारचन्द्रिका (रत्नेश्वर मिश्र)]]
* [[आचारचन्द्रिका (रमापति)]]
* [[आचारचन्द्रिका (श्रीनायाचार्य चूडामणि)]]
* [[आचारचन्द्रोदय]]
* [[आचारचन्द्रोदय (महेश्वर)]]
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* [[आचारचिन्तामणि]]
* [[आचारतत्त्व]]
* [[आचारतिलक]]
* [[आचारतिलक (गंगाधर)]]
* [[आचारतिलक (द्रव्यशुद्धिदीपिका)]]
* [[आचारतंरगिणी]]
* [[आचारदर्पण]]
* [[आचारदर्पण (बोपदेव)]]
* [[आचारदर्पण (श्रीदत्त)]]
* [[आचारदर्शन]]
* [[आचारदीधिति]]
* [[आचारदीप]]
* [[आचारदीपक]]
* [[आचारदीपिका]]
* [[आचारदीपिका (अज्ञात)]]
* [[आचारदीपिका (आचारादर्श)]]
* [[आचारदीपिका (कमलाकर)]]
* [[आचारदीपिका (सारसमुच्चय)]]
* [[आचारदीपिका (हरिलाल)]]
* [[आचारदैतविवेक]]
* [[आचारनवनीत]]
* [[आचारनिर्णय]]
* [[आचारपद्धति (वासुदेवेंद्र)]]
* [[आचारपद्धति (विद्याकर)]]
* [[आचारपद्धति (श्रीधर सूरि)]]
* [[आचारपंचाशिका]]
* [[आचारप्रकाश]]
* [[आचारप्रकाशिका]]
* [[आचारप्रदीप]]
* [[आचारप्रदीप (कमलाकर)]]
* [[आचारप्रदीप (केशवभट्ट)]]
* [[आचारप्रदीप (नागदेव)]]
* [[आचारप्रदीप (भट्टोजि)]]
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* [[आचारभूषण]]
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* [[आचारमाला]]
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* [[आचारसंग्रह (रत्नपाणि शर्मा)]]
* [[आचारसंग्रह (हरिहर पण्डित)]]
* [[आचारस्मृतिचन्द्रिका]]
* [[आचारादर्श]]
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* [[आचारार्कक्रम]]
* [[आचारार्क (दिवाकर)]]
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* [[आचारोद्द्योत]]
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* [[आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी]]
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* [[आज्ञा संक्रान्ति]]
* [[आज्ञासंक्रान्ति]]
* [[आज्यकम्बल विधि]]
* [[आतुरसन्यासकारिका]]
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* [[आतुरसन्यासपद्धति]]
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* [[आत्रेय भाष्य]]
* [[आथर्वणगृह्यसूत्र]]
* [[आथर्वणप्रमिताक्षरा]]
* [[आदर्श राजपूत]]
* [[आदित्य (चोल वंश)]]
* [[आदित्य देवता]]
* [[आदित्यमण्डल विधि]]
* [[आदित्यवार]]
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* [[आदित्याभिमुख विधि]]
* [[आदिधर्मसारसंग्रह]]
* [[आदि पर्व महाभारत]]
* [[आदिलशाही वंश]]
* [[आदिवराह मन्दिर]] (मथुरा)
* [[आदिवराह मंदिर]] (मथुरा)
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* [[आनन्दसफल सप्तमी]]
* [[आनन्दसफलसप्तमी]]
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* [[आपस्तम्बगृह्यप्रयोग]]
* [[आपस्तम्बगृह्यभाष्यार्थसंग्रह]]
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* [[आर. के. नारायण]]
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* [[आरण्यक]]
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* [[आरूणि उद्दालक की कथा]]
* [[आरोग्य द्वितीया]]
* [[आरोग्यद्वितीया]]
* [[आरोग्य प्रतिपदा]]
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* [[आरोग्य व्रत]]
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उषा यादव
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[[चित्र:Dr Usha Yadav Photo.jpg|अंगूठाकार]]
{{उल्लेखनीयता}}
प्रोफेसर [https://www.rajkamalprakashan.com/index.php/default/jmproducts/filter/index/?author=195 उषा यादव]{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }} समकालीन हिंदी [https://books.google.co.in/books?id=tgU5RJ0X7GAC&pg=PA60&lpg=PA60&dq=usha+yadav+lekhika&source=bl&ots=X2bkH5cy7K&sig=ACfU3U0lMm2Vcqlo591lXgrA6dWq5ranXQ&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwj8yNPGyevmAhUrxzgGHT6QCI4Q6AEwFHoECAkQAQ#v=onepage&q=usha%20yadav%20lekhika&f=false साहित्य] की [https://books.google.co.in/books?id=Y_lbS0T39yYC&pg=PA40&lpg=PA40&dq=usha+yadav+lekhika&source=bl&ots=dwupjDMIxF&sig=ACfU3U2qOnDZiBfhzojeGQ0QnFLO6-hQjQ&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjw8q2TzOvmAhXDgeYKHYYlAIo4ChDoATAEegQIBhAB#v=onepage&q=usha%20yadav%20lekhika&f=false प्रसिद्ध] [http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%89%E0%A4%B7%E0%A4%BE_%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5 लेखिका] हैं। वे केन्द्रीय हिंदी संस्थान आगरा, डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी विद्यापीठ में भी प्राध्यापन कार्य कर चुकी हैं। वे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था इन्द्रधनुष की अध्यक्ष एवं प्राच्य शोध संस्थान की सचिव भी हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ से बाल साहित्य का सर्वोच्च सम्मान बालसाहित्य भारती तथा विश्वविद्यालय स्तरीय सम्मान भी प्राप्त हुआ।
[[मध्य प्रदेश साहित्य परिषद|मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी]] ने उनके उपन्यास काहे री नलिनी को अखिल भारतीय वीरसिंह देव पुरस्कार प्रदान किया।
== जीवन परिचय ==
जन्म: कानपुर, उत्तर प्रदेश
वे वरिष्ठ बाल-साहित्यकार कानपुर निवासी चन्द्रपाल सिंह यादव मयंक जी की सुपुत्री एवं केआर महाविद्यालय मथुरा के पूर्व प्राचार्य तथा उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ॰ राजकिशोर सिंह की धर्मपत्नी हैं।
== रचनाएं ==
{| class="wikitable sortable"
|'''कहानी संग्रह'''
|1. टुकड़े टुकड़े सुख - अमर प्रकाशन, सदर, मथुरा
|1987
|-
|
|2. सपनों का इन्द्रधनुष - ग्रन्थ अकादमी (प्रभात), दिल्ली
|1989
|-
|
|3. जाने कितने कैक्टस - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|1998
|-
|
|4. सुनो जयन्ती - राही प्रकाशन, दिल्ली
|2009
|-
|
|5. चाँदी की हंसली - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|2010
|-
|
|6. [https://navbharattimes.indiatimes.com/-108-/articleshow/11146911.cms उषा यादवः संकलित कहानियां]- नेशनल बुक ट्रस्ट, दिल्ली
|2010
|-
|
|7. तेरहवां पृष्ठ - डायमंड पाकेट बुक्स (प्रा.) लि.
|2017
|-
|
|8. वह एक पल - के. के. पब्लिकेशन, दिल्ली
|2019
|-
|
|
|
|-
|'''[http://www.academicjournal.in/download/480/2-4-164-525.pdf उपन्यास] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200711224739/http://www.academicjournal.in/download/480/2-4-164-525.pdf |date=11 जुलाई 2020 }}'''
|1. प्रकाश की ओर - महालक्ष्मी प्रकाशन, आगरा
|1984
|-
|
|2. एक और अहल्या - सुलभ प्रकाशन, लखनऊ
|1991
|-
|
|3. धूप का टुकड़ा - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|1991
|-
|
|4. आँखों का आकाश - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|1995
|-
|
|5. कितने नीलकंठ - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|1998
|-
|
|6. [https://www.hindibook.com/index.php?String=USHA%20YADAV&p=sr&Field=author कथान्तर] - किताबघर, दिल्ली
|2004
|-
|
|7. अमावस की रात - किताबघर, दिल्ली
|2007
|-
|
|8. काहे री नलिनी - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
|2008
|-
|
|9. नन्ही लाल चुन्नी - राही प्रकाशन, दिल्ली
|2011
|-
|
|10. महालया - किताबघर, दिल्ली
|2011
|-
|
|11. दीप अकेला - साहित्य भंडार, इलाहाबाद
|2011
|-
|
|12. [https://web.archive.org/web/20170322044840/http://www.prabhatbooks.com/author/usha-yadav.htm स्वांग] - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
|2012
|-
|
|13. [http://www.setumag.com/2019/11/Uske-Hisse-Ki-Dhoop.html उसके हिस्से की धूप] - सामयिक प्रकाशन, दिल्ली
|2018
|-
|
|14. सागर तट की वह सीप - नमन प्रकाशन दिल्ली
|2019
|-
|
|15. अंजुरी भर चांदनी - नमन प्रकाशन दिल्ली
|2019
|-
|
|16. तारिणी - अनन्य प्रकाशन, दिल्ली
|2022
|-
|
|
|
|-
|'''नाटक'''
|1. सागर मन्थन - राही प्रकाशन, दिल्ली
|2009
|-
|
|
|
|-
|'''काव्य'''
|1. वासंती मन - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|2006
|-
|
|
|
|-
|'''आलोचना'''
|1. स्त्री-विमर्श और महिला उपन्यास-लेखन - यश पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स
|2019
|-
|
|2. हिन्दी की महिला उपन्यासकारों की मानवीय संवेदना- राधाकृष्ण प्रकाशन, दिल्ली
|1999
|-
|
|3. हिन्दी के प्रतिनिधि निबन्धकार - प्रकाशन केन्द्र, लखनऊ
|1974
|-
|
|4. हिन्दी के आधुनिक प्रतिनिधि कवि - प्रकाशन केन्द्र, लखनऊ
|1979
|-
|
|5. हिन्दी साहित्यः युग एवं प्रवृत्तियाँ - प्रकाशन केन्द्र लखनऊ
|1980
|-
|
|6. उद्धवशतक : समीक्षा एवं टीका - प्रकाशन केन्द्र, लखनऊ
|1972
|-
|
|7. चिन्तामणि : समीक्षा की नई दृष्टि - उमेश प्रकाशन, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|8. हिन्दी बालसाहित्य और बाल-विमर्श - सामयिक प्रकाशन, दिल्ली
|2014
|-
|
|
|
|-
|'''कला एवं संस्कृति'''
|1. प्राचीन भारतीय कला एवं संस्कृति - विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा
|1968
|-
|
|
|
|-
|संचयन
|1. उषा यादव : एक संचयन - सं. कामना सिंह (अनन्य प्रकाशन, शाहदरा दिल्ली)
|
|-
|
|
|
|-
| colspan="3" | '''बाल साहित्य'''
|-
|'''कहानी संग्रह'''
|1. सपने सच हुए - प्रकाशन विभाग, भारत सरकार, दिल्ली
|1991
|-
|
|2. हिन्दी साहित्य के इतिहास की कहानी - सी.बी.टी., नई दिल्ली
|1993
|-
|
|3. राजा मुन्ना - नवसाक्षर संस्थान, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|4. अनोखा उपहार - नवसाक्षर संस्थान, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|5. कांटा निकल गया - नवसाक्षर संस्थान, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|6. लाख टके की बात - नवसाक्षर संस्थान, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|7. जन्मदिन का उपहार - उमेश प्रकाशन, इलाहाबाद
|1996
|-
|
|8. दूसरी तस्वीर - राधाकृष्ण प्रकाशन, दिल्ली
|1996
|-
|
|9. दोस्ती का हाथ - राधाकृष्ण प्रकाशन, दिल्ली
|1996
|-
|
|10. मेवे की खीर - प्राची पब्लिकेशन्स, दिल्ली
|1999
|-
|
|11. खुशबू का रहस्य - प्राची पब्लिकेशन्स, दिल्ली
|1999
|-
|
|12. बजी बांसुरी - आलेख प्रकाशन, दिल्ली
|2002
|-
|
|13. दीप से दीप जले - आलेख प्रकाशन, दिल्ली
|2002
|-
|
|14. बच्चों की श्रेष्ठ बाल कहानियाँ - साहित्य संगम, इलाहाबाद
|2005
|-
|
|15. परी कथाएँ - आलेख प्रकाशन, दिल्ली
|2006
|-
|
|16. दूसरा पंचतंत्र - किताबघर दरियागंज, दिल्ली
|2010
|-
|
|17. झोले में चांद - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|2011
|-
|
|18. [https://web.archive.org/web/20171028123344/http://me.scientificworld.in/2014/10/children-stories-in-hindi.html उषा यादव की श्रेष्ठ बाल कथाएं] सं. डॉ. जाकिर अली रजनीश, साहित्य भंडार, इलाहाबाद
|2012
|-
|
|19. [https://web.archive.org/web/20190812075009/https://www.india.gov.in/hi/my-government/publications/archive?page=3 दादी अम्मा का खजाना] - प्रकाशन विभाग, दिल्ली
|2014
|-
|
|20. रंग-बिरंगी तितली - नयी किताब प्रकाशन
|2023
|-
|'''उपन्यास '''
|1. पारस पत्थर - सी.बी.टी., दिल्ली
|1990
|-
|
|2. नन्हा दधीचि - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|1992
|-
|
|3. लाखों में एक - साहित्य संगम, इलाहाबाद
|1992
|-
|
|4. हीरे का मोल - साहित्य संगम, इलाहाबाद
|2000
|-
|
|5. सबक - आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली
|2000
|-
|
|6. सोना की आँखें - एन.बी.टी.,दिल्ली
|2002
|-
|
|7. फिर से हंसो धरती मां - प्रकाशन विभाग, दिल्ली
|2006
|-
|
|8. नाचें फिर जंगल में मोर - आलेख प्रकाशन, दिल्ली
|2006
|-
|
|8. किले का रहस्य - प्रकाशन विभाग,भारत सरकार,दिल्ली
|2007
|-
|
|9. सोने की खान - आत्माराम एंड संस दिल्ली
|2016
|-
|
|10. [https://web.archive.org/web/20190722161217/https://www.pustak.org/index.php/books/authorbooks/Usha%20Yadav एक और सिंदबाद] - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
|2017
|-
|
|11. परी की पायल - अनन्य प्रकाशन, दिल्ली
|2021
|-
|'''कविता संग्रह'''
|1. राधा का सपना - अरविन्द प्रकाशन, आगरा
|1998
|-
|
|2. भारी बस्ता - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2000
|-
|
|3. इक्यावन बाल कविताएँ - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2004
|-
|
|4. गुड़ियों का संसार - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2011
|-
|
|5. [https://web.archive.org/web/20190526022239/http://www.nbtindia.gov.in/books_detail__10__nehru-bal-pustakalaya__1611__kale-megha-pani-de-hindi-.nbt काले मेघा पानी दे] - एन.बी.टी., दिल्ली
|2011
|-
|
|6. खेल-खिलौनों का संसार - एन.बी.टी., दिल्ली
|2012
|-
|'''जीवनी'''
|1. सुनो कहानी नानक बानी - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2004
|-
|'''एकांकी संग्रह '''
|1. तस्वीर के रंग - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2000
|-
|
|2. [http://karnatakapubliclibrary.gov.in/files/Hindi.pdf ममता का मोल]{{Dead link|date=जनवरी 2021 |bot=InternetArchiveBot }} - राही प्रकाशन, दिल्ली
|2015
|-
|'''सम्पादन '''
|1. हिन्दी की श्रेष्ठ बाल कहानियाँ - आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|2002
|-
|
|2. [https://web.archive.org/web/20170626124402/http://www.hindisamay.com/writer/%E0%A4%89%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5.cspx?id=844&name=%E0%A4%89%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5 यहां सुमन बिखेर दो] - आत्माराम एंड संस दिल्ली
|2004
|-
|
|3. बालगीत साहित्य, निरंकार देव सेवक, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ
|2013
|}
{| class="wikitable"
|'''शोध कार्य '''
|प्रो. उषा यादव के निर्देशन में 15 शोधार्थी पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त
|
|-
|
|तीन दर्जन से अधिक अभ्यर्थी एम.फिल्. के लघु-शोध प्रबन्ध हेतु निर्देशित तथा उपाधि प्राप्त
|
|-
|
|'''उषा यादव के कृतित्व पर निम्न शोधार्थियों को पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त-'''
|
|-
|
|1. उषा यादव : साहित्य साधना के विविध आयाम – मिथलेश मुदगल, आगरा वि. वि., आगरा
|2002
|-
|
|2. उषा यादव के कथासाहित्य में जीवन-मूल्य – सविता सारस्वत, आगरा वि. वि., आगरा
|2002
|-
|
|3. उषा यादव और उनकी साहित्य-साधना –राजेश कुमार, कुरूक्षेत्र वि. वि., कुरूक्षेत्र
|2004
|-
|
|4. उषा यादव के कथासाहित्य में नारी संघर्ष –मधुबाला, कुरूक्षेत्र वि. वि., कुरूक्षेत्र
|2005
|-
|
|5. कथाकार उषा यादव एक मूल्यांकन –तुकाराम कल्याणकर, मराठावाडा वि. वि. नांदेड
|2009
|-
|
|6. उषा यादव के बाल साहित्य में बाल मनोविज्ञान –अनुराधा, आगरा वि.वि., आगरा
|2013
|-
|
|7. उषा यादव के बाल साहित्य में आधुनिकता बोध – चंदना रायवर्धन, जे.जे.टी. विश्वविद्यालय, झुंझनू राजस्थान
|2015
|-
|
|8. उषा यादव के उपन्यासों में स्त्री विमर्श –मोनिका, गुरुकुल कांगड़ी वि.वि. हरिद्वार, उत्तराखण्ड
|2016
|-
|
|
|
|-
| colspan="3" |
|-
|'''लघु शोध-प्रबन्ध'''
|1. स्त्री विमर्श के परिप्रेक्ष्य में उषा यादव के उपन्यास कथान्तर का अनुशीलन - संगीता कुमारी, आगरा वि.वि., आगरा
|2006
|-
|
|2. कथान्तर उपन्यास में स्त्री-विमर्श दिवाकर, कुरूक्षेत्र वि.वि. कुरूक्षेत्र
|2006
|}
<br />
== पुरस्कार/ सम्मान ==
1. उपन्यास "उसके हिस्से की धूप" - [https://web.archive.org/web/20190529044051/http://nhrc.nic.in/media/press-release/mr-mukhtar-abbas-naqvi-union-minister-minority-affairs-lauds-nhrc-its-role महात्मा गांधी द्विवार्षिक हिंदी लेखन पुरस्कार- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग] (2018) द्वारा 2014-15 के लिए प्रथम पुरस्कार
2. पुस्तक [https://commons.m.wikimedia.org/wiki/File:Priyaranjan_Dasmunsi_presenting_the_first_prize,_of_Bhartendu_Harishchandra_Awards-2003,_in_Children%E2%80%99s_Literature_Category,_to_Dr._Usha_Yadav_for_%E2%80%98Qile_Ka_Rahasya_(Manuscript)%E2%80%99,_in_New_Delhi_on_May_12,_2006.jpg "किले का रहस्य" - भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार]- [https://pib.gov.in/newsite/erelcontent.aspx?relid=17670 भारत सरकार द्वारा प्रथम पुरस्कार] ([https://books.google.co.in/books?id=5ugDAAAAMBAJ&pg=PT176&lpg=PT176&dq=usha+yadav+hindi+writer&source=bl&ots=Pk9A-nCzsK&sig=ACfU3U2dykfGQaDK49uirwBdS4h0WhGIMg&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiu1dHC2uvmAhXjzTgGHd4EAYI4FBDoATABegQICRAB#v=onepage&q=usha%20yadav%20hindi%20writer&f=false 2003])
3. पुस्तक "काहे री नलिनी" - अखिल भारतीय वीर सिंह देव प्रथम पुरस्कार- 2008 के लिए, मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल (2011)
4. बाल साहित्य भारती पुरस्कार - उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा (1998)
5. "पारस पत्थर"- चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट दिल्ली द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बाल साहित्य प्रतियोगिता में पुरस्कृत (1987)
6. "लाखों में एक"- उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 1994 में पुरस्कृत, शकुंतला सिरोठिया बाल साहित्य पुरस्कार से 1997 में पुरस्कृत
7. अखिल भारतीय महिला परिषद आगरा द्वारा साहित्यिक सेवाओं के लिए "नारी भूषण" उपाधि से विभूषित
8. बाल कल्याण के लिए समर्पित साहित्यिक सेवाओं हेतु 'नागरी बाल साहित्य संस्थान' बलिया द्वारा वर्ष 1998 में सम्मानित
9. पंडित हर प्रसाद पाठक स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार 2001 में
10. नागरी प्रचारिणी सभा आगरा द्वारा हिंदी गौरव सम्मान 2010
11. मीरा फाउंडेशन इलाहाबाद द्वारा मीरा स्मृति सम्मान वर्ष 2011
12. डॉक्टर प्रतीक मिश्र स्मृति शोध संस्थान कानपुर द्वारा सम्मानित वर्ष 2013
13. बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र भोपाल द्वारा सम्मानित वर्ष 2016
14. राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी, [[नैनीताल]] में डॉ राष्ट्रबंधु बाल साहित्य सम्मान 2019
<br />15. पद्मश्री सम्मान-2021 (साहित्य) [https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1692337#.YA7lXvC1qHM.twitter]
{| class="wikitable"
|'''सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्षेत्र'''
|1. साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था ‘इन्द्रधनुष’ की अध्यक्ष
|-
|
|2. ‘प्राच्य शोधसंस्थान, आगरा’ की सचिव
|-
|
|3. ‘महिला भ्रूण एवं नवजात शिशु संरक्षण संस्थान’ की सदस्य
|-
|
|4. केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा के प्रकाशन ‘संस्थान समाचार’ का वर्ष 2001-02 में सम्पादन
|-
|
|5. आराधना महिला लेखन मंच, आगरा की संरक्षक
|-
|
|6. साहित्य साधिका समिति, आगरा की संरक्षक
|}
{| class="wikitable"
|'''पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन'''
|1. वागर्थ, कादम्बिनी, नवनीत, आजकल, हंस, अक्षरा, साक्षात्कार, साहित्य- अमृत, प्रगतिशीलआकल्प, सृजन मूल्यांकन, कथाक्रम, अर्यसन्देश, वंशिका, प्रेरणा, सेतु, अक्षरशिल्पी, युगगरिमा, मधुमती, वीणा, हरिगंधा, शीतलवाणी, गवेषणा, साहित्य-भारती, मड़ई, संस्मृति, अनौपचारिका, सचेतक, सेवासंदेश, इन्द्रप्रस्थ-भारती, हिन्दुस्तानी, समकालीन भारतीय साहित्य, सरिता, पराग नन्दन, बालवाणी, बाल-वाटिका, बालभारती, बालहंस, बाल-साहित्य समीक्षा, सुमनसौरभ, देवपुत्र, साक्षरतासंवाद, अभिनव-बालमन, बच्चों का देश, बाल-प्रहरी, हम सबला, जगमग दीपज्योति, वर्तमानसाहित्य, अभिनव-प्रसंगवश और स्नेह आदि पत्र-पत्रिकाओं में '''पांच सौ से अधिक''' रचनाएँ प्रकाशित।
|-
|
|2. आकाशवाणी के आगरा, मथुरा एवं लखनऊ केन्द्रों से अनेक कहानी,नाटक एवं झलकियाँ आदि प्रसारित, दूरदर्शन पर भी प्रस्तुति
|}
== अन्य उपलब्धियाँ ==
{| class="wikitable"
|'''संकलनों में चयनित रचनाएँ'''
|1. भारतीय भाषा परिषद कलकत्ता से प्रकाशित “प्रतिनिधि बाल कहानियाँ” संग्रह में ‘मन की बात’ कहानी संकलित 1995
|-
|
|2. उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से प्रकाशित “प्रतिनिधि बाल कहानियाँ” संग्रह में ‘ठोकर’ कहानी संकलित 1995
|-
|
|3. “चुने हुए बाल एकांकी”, प्रभात प्रकाशन दिल्ली, सं. रोहिताश्व अस्थाना
|-
|
|4. “चुनी हुई बाल कहानियाँ”, प्रभात प्रकाशन दिल्ली, सं. रोहिताश्व अस्थाना
|-
|
|5. “श्रेष्ठ बाल एकांकी”, सम्पादक जय प्रकाश भारती सुमीत प्रकाशन, दिल्ली
|-
|
|6. “इक्कीसवीं सदी की बालकहानियाँ” सं. जाकिर अली रजनीश, लखनऊ
|-
|
|7. “आधुनिक बाल कहानियाँ”, सं. रमाशंकर, शिल्पी प्रकाशन, लखनऊ
|-
|
|8. “इक्यावन ऐतिहासिक बाल कहानियाँ”, सं. रमाशंकर साहित्यभंडार,इलाहाबाद
|-
|
|9. “इक्यावन हास्य बाल कहानियाँ”, सं. रमाशंकर, लहर प्रकाशन,इलाहाबाद
|-
|
|10. सौ श्रेष्ठ बाल कहानियाँ, सं. रोहिताश्व अस्थाना, गोल्ड लाइन,गाजियाबाद
|-
|
|11. प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएँ, सं. जाकिर अली, विद्यार्थी प्रकाशन,लखनऊ
|-
|
|12. तीस बाल नाटक, सं. जाकिर अली ‘रजनीश’, यश पब्लिकेशंस, मुम्बई
|-
|
|13. 151 बाल कविताएँ – सं. जाकिर अली ‘रजनीश’, यश पब्लिकेशंस,मुम्बई
|-
|
|14. बाल साहित्यकारों के संस्मरण – सं. रमाशंकर कान्हा प्रकाशन, इलाहाबाद
|-
|
|15. बीसवीं सदी की महिला कथाकारों की कहानियाँ, सं. सुरेन्द्र तिवारी, नमन प्रकाशन, नई दिल्ली
|-
|
|16. इक्कीसवीं सदी की चुनिन्दा दहेज कथाएँ सं. दिनेश पाठक शशि किताबघर अंसारी रोड, दिल्ली
|-
|
|17. बचपन एक समंदर सं. कृष्णशलभ, बालसाहित्य न्यास, सहारनपुर
|-
|
|18. “हिन्दी के मूर्धन्य बाल साहित्यकार” पुस्तक में चयनित,लेखक शमशेर, अहमद खान, अमित प्रकाश, गाजियाबाद
|-
|
|19. भारतीय प्रतिभाएँ, पुस्तक में चयनित, लेखक डा. राष्ट्रबन्धु,आत्माराम एंड संस, दिल्ली
|-
|
|20. 11 बाल उपन्यास में ‘लाखों में एक’ उपन्यास संकलित सं. जाकिर अली रजनीश, वर्षा प्रकाशन, इलाहाबाद
|-
|
|21. ‘भारतीय बाल साहित्य का इतिहास’ सं. जयप्रकाश भारती में बालसाहित्य का विकास : भारतीय भाषाओं का योगदान
|-
|
|22. ‘कब टूटेंगी बेड़ियां’ सं. दिनेश पाठक शशि, गणपति पब्लिशर्स, दिल्ली
|-
|
|23. आदमखोर, सं. दिनेश पाठक शशि, संजीव प्रकाशन, दिल्ली
|-
|
|24. भारत की कवयित्रियां, सं. पंकज भारतद्वाज, अखिल ग्राफिक्स, बिजनौर
|-
|
|25. घमंडीलाल अग्रवाल द्वारा संपादित बाल कविताओं के दस संकलनों में चयनित, सूर्य भारती प्रकाशन, दिल्ली
|-
|
|
|-
|'''अन्य भाषाओं में अनुवाद'''
|1. ब्रिटिश काउन्सिल की वेबसाइट पर ‘तर्पण’ कहानी का ‘An Offering’ के नाम से डा. इरा राजा का अंग्रेजी अनुवाद प्रसारित
|-
|
|2. ‘सपनों का इन्द्रधनुष’ कहानी संग्रह का श्रीमती सावित्री महापात्र द्वारा उड़िया में अनुवाद
|-
|
|3. ‘मरीचिका’ कहानी का वाई.सी. पी. वेंकट रेड्डी द्वारा ‘विपुला’ पत्रिका में तेलुगु भाषा में अनुवाद
|-
|
|4. श्री दर्शन सिंह आशट द्वारा पंजाबी भाषा में अनेक कहानियों का अनुवाद
|-
|
|5. ‘सुनों कहानी नानक बानी’ के [https://web.archive.org/web/20160415030742/http://jsks.biz/suno-kahani-nanak-bani-dr-usha-yadav पंजाबी अनुवाद] का जालंधर से प्रकाशित ‘जगवाणी’ में धारावाहिक प्रकाशन। तदुपरांत पुस्तकाकार प्रकाशन लोकजीत प्रकाशन, चंडीगढ़ (2011) अनुवादक – डा. दर्शन सिंह आशट
|-
|
|6. अनेक बाल कहानियों का डा.मनिका साईकिया द्वारा असमिया की बाल पत्रिकाओं में अनुवाद
|-
|
|7. ‘परी कथाएं’ का डॉ. मनिका साइकिया द्वारा असमिया में अनुवाद, किरन प्रकाशन धीमाजी (2013)
|-
|
|8. शिशुर श्रेष्ठ गल्प – असमिया में अनुवाद डॉ मनिका साइकिया तथा डॉ. नीलाक्षी फुकन नेग द्वारा प्रकाशक अकानीर साहित्य सभा, नगांव, असम (2013)
|-
|
|9. डा. इरा राजा एवं के. साउटर द्वारा संपादित ‘[https://web.archive.org/web/20190609111130/http://englishdu.ac.in/index.php/staff-pages/ira-raja-ph-d-latrobe/ एन एंडलैस विंटर नाइट]’ में सौम्या अग्रवाल द्वारा ‘हंसिनी’ का अनुवाद ‘[https://www.thehindu.com/books/primary-colours/article3476675.ece The Swan]’ (2010)
|-
|
|10. डॉ. मनिका साइकिया द्वारा ‘एक और सबा’ कहानी का अनुवाद तथा असमिया की पत्रिका में प्रकाशन
|-
|
|11. भूपिन्दर सिंह, आशट द्वारा ‘विश्वास की जीत’ का पंजाबी में अनुवाद
|-
|
|12. ‘The Lotus Singers’ में ‘Libations’ कहानी संकलित
|-
|
|
|-
|'''पाठ्यक्रम में रचनाएँ संकलित'''
|1. ‘दीप से दीप जले’ कहानी राजस्थानी बोर्ड की कक्षा 6 की पाठ्य पुस्तक में संकलित
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|2. ‘ऊंचे लोग’ शीर्षक कहानी महाराष्ट्र हायर सैकेन्डरी बोर्ड की नवीं कक्षा के हिन्दी पाठ्यक्रम में संकलित
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|3. हिन्दी पाठ्यपुस्तक ‘नवलय’ भाग 2 में ‘दो फूल’ कहानी संग्रहीत
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|4. नवलय भाग 4 में ‘तितली रंग बिरंगी’ कहानी संग्रहीत
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|5. नवलय भाग 5 में ‘ठोकर’ कहानी संग्रहीत
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|6. नवलय भाग 6 में ‘दीप से दीप जले’ कहानी संग्रहीत
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|7. पाठ्यपुस्तक ‘सुरभि’ भाग 5 में ‘बस, पांच मिनट’ संकलित। होली फेथ इंटरनेशनल पब्लि. दिल्ली
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|8. अनुपम भारती में ‘दीप शिखा सी दीपित नारी’ लेख
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|9. ‘मां से बढ़कर’ कविता, एस. चंद प्रकाशन दिल्ली
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|10. ‘चुनौती’ कविता बी.ए. प्रथम वर्ष (हिंदी) के पाठ्यक्रम में महाराष्ट्र में संकलित
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* 'काहे री नलिनी उपन्यास' पर उषा यादव को [http://vichar-bigul.blogspot.com/2011/05/blog-post_31.html मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार]
[[श्रेणी:हिंदी लेखिका]]
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हल्दीघाटी का युद्ध
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Rajasthan govt has declared maharana pratap is win Haldighati Yudh
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text/x-wiki
{{विकिफ़ाइ|date=मई 2018}}
{{Infobox military conflict
| image = [[File:Chokha, Battle of Haldighati, painted 1822.jpg|300px]]
| caption = चोखा, हल्दीघाट की लड़ाई, चित्रित 1822
| date = 18-21 जून 1576 (3 दिवसीय युद्ध)
| place = खमनौर, [[हल्दीघाटी]]
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| combatants_header = Empires
| combatant1 = [[File:Mewar.svg|25px]][[मेवाड़]]
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| प्रताप सिंह
| चारण रामा सांदु
| [[राणा पूंजा]]
| भीम सिंह डोइया{{KIA}}
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Strength= 3,000 युद्धा
{{sfn| medival india by Satish Chandra| p= 238-45}}
| commander2 = {{ubl
| [[मानसिंह प्रथम]]
| सैय्यद अहमद खान बरहा
| सैय्यद हाशिम बरहा
| जगन्नाथ कछवाहा
| घियास-उड़-दिन अली असफ खान
| माधो सिंह कछवाहा
| मुल्ला काज़ी खान
| राओ लोनकर्ण
| मिहतार खान}}
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'''हल्दीघाटी का युद्ध 18_21 जून 1576 को''' [[मेवाड़]] के [[महाराणा प्रताप]] का समर्थन करने वाले घुड़सवारों,धनुर्धारियों, का समर्थन प्राप्त हुआ। राणा की सेना और [[मुगल]] सम्राट [[अकबर]] की सेना के बीच लड़ा गया था जिसका नेतृत्व आमेर के राजा [[मान सिंह प्रथम]] ने किया था। अकबर की सेना सँख्या महाराणा प्रताप की सेना से चार गुना अधिक थी। इस युद्ध में महाराणा प्रताप को [[भील]] जनजाति का भी सहयोग मिला। मुगल सेना में मान सिंह सहित कई सेनापति थे फिर भी महाराणा प्रताप के आगे मुगल टिक न सके, और मैदान छोड़कर भाग गए।
चारण रामा जी सांदू महाराणा प्रताप की सेना के सेनानायक के रूप में हल्दी घाटी के युद्ध मे उपस्थित थे । उन्होंने बड़ी वीरता से युद्ध किया तथा मुगल सेना को सर्वाधिक क्षति पहुचाने वाले दल के सेना नायक थे ।<ref>{{Citation|last=Tripathi|first=Rama Charan|title=Human rights|date=2020-03-12|url=https://doi.org/10.4324/9780429274312-5|work=Human Rights Education for Psychologists|pages=46–60|publisher=Routledge|isbn=978-0-429-27431-2|access-date=2025-11-20}}</ref>
1568 में [[चित्तौड़गढ़ की घेराबंदी (१५६७–१५६८)|चित्तौड़गढ़ की विकट घेराबंदी]] ने मेवाड़ की उपजाऊ पूर्वी बेल्ट को मुगलों को दे दिया था। हालाँकि, बाकी जंगल और पहाड़ी राज्य अभी भी राणा प्रताप के नियंत्रण में थे। मेवाड़ के माध्यम से अकबर गुजरात के लिए एक स्थिर मार्ग हासिल करने पर आमादा था; लेकिन महाराणा प्रताप की प्रबल शक्ति के कारण कभी आगे नहीं बढ़ पाया जब 1572 में प्रताप सिंह को राजा (राणा) का ताज पहनाया गया, तो अकबर ने कई दूतों को भेजा, और [[महाराणा प्रताप]] को इस क्षेत्र के कई अन्य राजपूत नेताओं की तरह एक जागीरदार बनाने का प्रस्ताव दिया। लेकिन [[महाराणा प्रताप]] ने अकबर के प्रस्ताव को व्यक्तिगत रूप से स्वीकार करने से इनकार कर दिया, तो युद्ध अपरिहार्य हो गया।{{sfn|Sarkar|1960|p=75}}{{sfn|Chandra|2005|pp=119–120}}
लड़ाई का स्थल राजस्थान के गोगुन्दा के पास हल्दीघाटी में एक संकरा पहाड़ी दर्रा था। 18 जून 1576 को महाराणा प्रताप ने लगभग 1900 घुड़सवारों,पैदलों एवं 1,000 भील धनुर्धारियों के बल को मैदान में उतारा। दूसरी ओर मुगलों का नेतृत्व '''आमेर के राजा मान सिंह''' ने किया था, जिन्होंने लगभग 5,000 योद्धाओं की सेना की कमान संभाली थी। तीन दिन तक चले युद्ध में निर्णायक जीत नहीं हुई
युद्ध में प्रताप और मानसिंह का भी आमना-सामना हुआ था, पर प्रताप के भाले के वार से वह बच गया। महाराणा प्रताप की सेना के आक्रमण का वेग इतना तीव्र था कि मुगल सैनिक जान बचाकर बनास के दूसरे किनारे 10-15 किलोमीटर दूर तक भाग खड़े हुए। युद्ध में इतना रक्तपात हुआ कि सारा क्षेत्र रक्तमय ही गया। इसलिए इस स्थान को रक्त तलाई के नाम से भी जाना जाता है।
1583 की विजयादशमी को प्रताप ने दिवेर में मुगल सेना पर निर्णायक आक्रमण करके मुगलों को बुरी तरह पराजित किया और उसे मेवाड़ से स्थाई रूप से खदेड़ दिया। सभी 36 स्थानों से मुगल सैनिक भाग खड़े हुए। इस युद्ध में अमर सिंह ने मुगल सेनापति पर भाले से इतना जोरदार प्रहार किया कि उसे भेदते हुए भाला जमीन में धंस गया। दिवेर युद्ध में 36000 की मुगल सेना से प्रताप और अमर सिंह के आगे आत्मसमर्पण कर दिया।
।{{sfn|Sarkar|1960|p=75}}{{sfn|Chandra|2005|pp=119–120}}
==पृष्ठभूमि==
सिंहासन पर पहुँचने के बाद, अकबर ने मेवाड़ को अपवाद के साथ राजस्थान में अग्रणी राज्य के रूप में स्वीकार किए जाने के साथ, अधिकांश राजपूत राज्यों के साथ अपने रिश्ते को स्थिर कर लिया था। मेवाड़ के [[महाराणा प्रताप]], जो प्रतिष्ठित सिसोदिया वंश के प्रमुख भी थे, ने मुगल के सामने प्रस्तुत करने से इनकार कर दिया था। इसने 1568 में चित्तौड़गढ़ की घेराबंदी की थी, उदय सिंह द्वितीय के शासनकाल के दौरान, मेवाड़ के पूर्वी भाग में मुगलों के लिए उपजाऊ क्षेत्र के एक विशाल क्षेत्र के नुकसान के साथ समाप्त हुआ। जब राणा प्रताप ने अपने पिता को मेवाड़ के सिंहासन पर बैठाया, तो अकबर ने उनके लिए राजनयिक दूतावासों की एक श्रृंखला भेजी, जिसमें राजपूत राजा को अपना जागीरदार बना दिया। इस लंबे समय के मुद्दे को हल करने की उनकी इच्छा के अलावा, अकबर गुजरात के साथ संचार की सुरक्षित लाइनों को अपने नियंत्रण में मेवाड़ के जंगली और पहाड़ी इलाके चाहता था।{{sfn|Chandra|2005|pp=121–122}}
'''पहला दूत जलाल खान कुरची था''', जो अकबर का एक पसंदीदा नौकर था, जो अपने मिशन में असफल था। इसके बाद, अकबर ने कच्छवा वंश के साथी राजपूत अम्बर (बाद में, जयपुर) को भेजा, जिसकी किस्मत मुगलों के अधीन थी। लेकिन वह भी प्रताप को समझाने में नाकाम रहे। राजा भगवंत दास अकबर की तीसरी पसंद थे, और उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों से बेहतर प्रदर्शन किया। राणा प्रताप को अकबर द्वारा प्रस्तुत एक रौब दान करने के लिए पर्याप्त रूप से भेजा गया था और अपने युवा बेटे, अमर सिंह को मुगल दरबार में भेजा था। हालांकि, यह अकबर द्वारा असंतोषजनक माना जाता था, जो खुद चाहते थे कि राणा उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करें। एक अंतिम दूत टोडर मल को बिना किसी अनुकूल परिणाम के मेवाड़ भेज दिया गया। प्रयास विफल होने के साथ, युद्ध तय था।{{sfn|Chandra|2005|pp=121–122}}
==प्रस्तावना==
राणा प्रताप, जो कुंभलगढ़ के रॉक-किले में सुरक्षित थे, ने उदयपुर के पास गोगुन्दा शहर में अपना आधार स्थापित किया। अकबर ने अपने कबीले के वंशानुगत विरोधी, मेवाड़ के सिसोदिया के साथ युद्ध करने के लिए कछवा, मान सिंह की प्रतिनियुक्ति की। मान सिंह ने मांडलगढ़ में अपना आधार स्थापित किया, जहाँ उन्होंने अपनी सेना जुटाई और गोगुन्दा के लिए प्रस्थान किया। गोगुन्दा के उत्तर में लगभग 14 मील (23 किमी) की दूरी पर खमनोर गाँव स्थित है, जिसकी चट्टानों के लिए "हल्दीघाटी" नामक अरावली पर्वतमाला के एक भाग से गोगुन्दा को अलग किया गया था, जिसे कुचलने पर हल्दी पाउडर (हल्दी) जैसा दिखने वाला एक चमकदार पीला रंग का उत्पादन होता था। राणा, जिसे मान सिंह के आंदोलनों से अवगत कराया गया था, को मान सिंह और उसकी सेनाओं की प्रतीक्षा में हल्दीघाटी दर्रे के प्रवेश पर तैनात किया गया था। युद्ध 18 जून 1576 को सूर्योदय के तीन घंटे बाद शुरू हुआ जो कि 23 जून 1576 तक चला।
== सेना का गठन ==
राणा प्रताप की अनुमानित 1000 भील धनुर्धारियों की सेना प्रमुख पानरवा के भील राणा पूंजा <ref>{{Cite book|title=Panarwa ka Solanki Rajvansh|last=Paliwal|first=Dr. Devilal|publisher=Janak Prakashan|year=2000|location=Udaipur|ref=Paliwal}}</ref> ने ,1000 मजबूत वैन की कमान हकीम खान सूर ने अपने अफ़गानों के साथ, दोडिया के भीम सिंह, और रामदास राठौड़ (जयमल के पुत्र, जिन्होंने चित्तौड़ की रक्षा की) के साथ की थी। दक्षिणपंथी लगभग 2200-मजबूत थे और उनका नेतृत्व ग्वालियर के पूर्व राजा रामशाह तंवर और उनके तीन पुत्रों के साथ मंत्री भामा शाह और उनके भाई ताराचंद ने किया था। अनुमान लगाया जाता है कि लेफ्ट विंग में 4000
योद्धा थे, जिनमें बिदा झाला और उनके वंशज शामिल थे। प्रताप, अपने घोड़े के साथ, केंद्र में लगभग 1200 सैनिकों का नेतृत्व किया। चारण, पुजारी और अन्य नागरिक भी गठन का हिस्सा थे और लड़ाई में भाग लिया। भील गेंदबाजों को पीछे लाया।
मुगलों ने 85 रेखाओं के एक दल को अग्रिम पंक्ति में रखा, जिसका नेतृत्व बरहा के सैय्यद हाशिम ने किया। उनके बाद मोहरा था, जिसमें जगन्नाथ के नेतृत्व वाले कछवा राजपूतों के पूरक और बख्शी अली आसफ खान के नेतृत्व वाले मध्य एशियाई मुगलों का समावेश था। माधोसिंह कच्छवा के नेतृत्व में एक बड़ा अग्रिम रिज़र्व आया, जिसके बाद मान सिंह खुद केंद्र के साथ थे। मुगल वामपंथी विंग की कमान बदख्शां के मुल्ला काजी खान (जिसे बाद में गाजी खान के नाम से जाना जाता था) और सांभर के राव लोनकर ने संभाली थी और इसमें फतेहपुर सीकरी के शेखजादों, सलीम चिश्ती के रिश्तेदारों को शामिल किया था। साम्राज्यवादी ताकतों का सबसे मजबूत घटक निर्णायक दक्षिणपंथी में तैनात था, जिसमें बरहा के सैय्यद शामिल थे। अन्त में, मुख्य सेना के पीछे मिहिर खाँ के पीछे का पहरा अच्छी तरह से खड़ा था।
==युद्ध==
दोनों सेनाओं के बीच असमानता के कारण, राणा ने मुगलों पर एक पूर्ण ललाट हमला करने का विकल्प चुना, जिससे उनके बहुत से लोग मारे गए। हताश प्रभारी ने शुरू में लाभांश का भुगतान किया। हकीम खान सूर और रामदास राठौर मुगल झड़पों के माध्यम से भाग गए और मोहरा पर गिर गए, जबकि राम साह टोंवर और भामा शाह ने मुगल वामपंथी पर कहर बरपाया, जो भागने के लिए मजबूर थे। उन्होंने अपने दक्षिणपंथियों की शरण ली, जिस पर बिदा झल्ला का भी भारी दबाव था। मुल्ला काज़ी ख़ान और फ़तेहपुरी शेखज़ादों के कप्तान दोनों घायल हो गए, लेकिन सैय्यद बरहा ने मजबूती से काम किया और माधोसिंह के अग्रिम भंडार के लिए पर्याप्त समय अर्जित किया।
मुगल वामपंथी को हटाने के बाद, राम साह तोंवर ने प्रताप से जुड़ने के लिए खुद को केंद्र की ओर बढ़ाया। वह जगन्नाथ कच्छवा द्वारा मारे जाने तक वह प्रताप को सफलतापूर्वक बचाए रखने में सक्षम थे। जल्द ही, मुगल वैन, जो बुरी तरह से दबाया जा रहा था, माधो सिंह के आगमन से उबर गया था, जो वामपंथी दलों के तत्वों ने बरामद की थी, और सामने से सैय्यद हाशिम के झड़पों के अवशेष थे। इस बीच, दोनों केंद्र आपस में भिड़ गए थे और मेवाड़ी प्रभारी की गति बढ़ने के कारण लड़ाई और अधिक पारंपरिक हो गई थी। राणा सीधे तौर पर मान सिंह से मिलने में असमर्थ थे और उन्हें माधोसिंह कछवाह के खिलाफ खड़ा किया गया था। दोडिया कबीले के नेता भीम सिंह ने मुगल हाथी पर चढ़ने की कोशिश की परंतु अपनी जान गवा बैठे। {{sfn | सरकार | 1960 | पीपी = 80-81}}
गतिरोध को तोड़ने और गति को प्राप्त करने के लिए, महाराणा ने अपने पुरस्कार हाथी, “लोना" को मैदान में लाने का आदेश दिया। मान सिंह के जवाबी हमला के लिए'' गजमुक्ता '' ("हाथियों के बीच मोती") को भेजा ताकि लोना का सिर काट दिया जा सके। मैदान पर मौजूद लोगों को चारों ओर फेंक दिया गया क्योंकि दो पहाड़ जैसे जानवर आपस में भिड़ गए थे। जब उसके महावत को गोली लगने से जख्मी हुआ तो लोना को ऊपरी हाथ दिखाई दिया और उसे वापस जाना पड़ा। अकबर के दरबार में स्तुति करने वाले स्थिर और एक जानवर के मुखिया 'राम प्रसाद' के नाम से एक और हाथी को लोना को बदलने के लिए भेज दिया गया। दो शाही हाथी, '' गजराज '' और 'रण-मदार', घायल गजमुक्ता को राहत देने के लिए भेजे गए, और उन्होंने राम प्रसाद पर आरोप लगाए। राम प्रसाद का महावत भी घायल हो गया था, इस बार एक तीर से, और वह अपने माउंट से गिर गया। हुसैन खान, मुगल '' [[फौजदार]] '', राम प्रसाद पर अपने ही हाथी से छलांग लगाते हैं और दुश्मन जानवर को मुगल पुरस्कार देते हैं। {{sfn | Sarkar | 1960 | pp- 81-82}}
अपने युद्ध के हाथियों के नुकसान के साथ, मुग़ल मेवाड़ियों पर तीन तरफ से दबाने में सक्षम रहे, और जल्द ही राजपूत नेता एक-एक करके गिरने लगे। लड़ाई का ज्वार अब मुगलो की ओर झुकने लगा, और राणा प्रताप ने जल्द ही खुद को तीर और भाले से घायल पाया। यह महसूस करते हुए कि अब हार निश्चित है, बिदा झल्ला ने अपने सेनापति से शाही छत्र जब्त कर लिया और खुद को राणा होने का दावा करते हुए मैदान मे टिके रहे। उनके बलिदान के कारण घायल प्रताप और करीब 1,800 राजपूत युद्ध भूमि से भागने मे सफल रहे। {{sfn | Sarkar | 1960 | pp = 80-83}} राजपूतों की वीरता और पहाड़ियों में घात के डर का मतलब था कि मुगलों ने पीछा नहीं छोड़ा, और इस कारन प्रताप सिंह को पर्वतो पर छिपने का मौका मिल गया। {{sfn | चंद्र | 2005 | पीपी = 120–121}}
रामदास राठौर तीन घंटे की लड़ाई के बाद मैदान पर मारे गए लोगों में से एक थे। राम साह तोवर के तीन बेटे- सलिवाहन, बहन, और प्रताप तोवर - उनके पिता की मृत्यु में शामिल हो गए। {{sfn | सरकार | 1960 | p = 82}}<nowiki> मेवाड़ी सेना के लगभग 9200 सैनिको की म्रत्यु हो गई, जबकि मुगल सेना के करीब 50000 सिपाही मारे गए और 3500 घायल हुए। {{efn | 1 = सरकार के अनुसार, "आम तौर पर स्वीकार किए गए गणना के अनुसार, घायल हुए लोगों की संख्या तीन गुना थी। मारे गए, मेवाड़ की सेना ने उस दिन हताहतों की संख्या को अपनी कुल ताकत के 46 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। ” यह मानते हुए कि यहाँ की कुल ताकत 20000 है, ४६% १,५६४ का आंकड़ा देगा जो 9200 तक हो गया है। </nowiki>{{sfn | सरकार | 11600 | p = total३}}
दोनों तरफ राजपूत सैनिक थे। उग्र संघर्ष में एक स्तर पर, बदायुनी ने आसफ खान से पूछा कि मैत्रीपूर्ण और दुश्मन राजपूतों के बीच अंतर कैसे किया जाए। आसफ खान ने जवाब दिया, "जिसको भी आप पसंद करते हैं, जिस तरफ भी वे मारे जा सकते हैं, उसे गोली मार दें, यह इस्लाम के लिए एक लाभ होगा।" <ref> स्मिथ, अकबर द ग्रेट मोगुल, pp.108-109। </ref> <ref> लाल, मध्यकालीन भारतीय इतिहास में अध्ययन, पीपी .71-172। </ref> के.एस. लाल ने इस उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि मध्ययुगीन भारत में अपने मुस्लिम आकाओं के लिए सैनिकों के रूप में हिंदू बड़ी संख्या में मारे गए। <ref> {{cite book |title = भारतीय मुसलमान: वे कौन हैं |last = लाल | first = किशोरी सरन | place = नई दिल्ली | isbn = 8185990107}} ch। 5. '' मुस्लिम आबादी की वृद्धि में योगदान करने वाले कारक। '' </ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:भारत के युद्ध]]
[[श्रेणी:राजस्थान का इतिहास]]
[[श्रेणी:मेवाड़]]
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द्रव्यगुण विज्ञान
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
[[पोषण]], [[स्वास्थ्य]] एवं [[रोगनिरोधन|व्याधिप्रतिकार]] हेतु [[आहार]] एवं [[औषध]] के रूप में प्रयुक्त होने वाले सभी [[द्रव्य|द्रव्यों]] की पहचान, गुण, कर्म एवं प्रयोग का जिस शास्त्र में विवेचन हो उसे '''द्रव्यगुणशास्त्र''' कहते हैं। द्रव्यगुणविज्ञान [[आयुर्वेद]] का मूल विषय है। इसे आयुर्वेद का '[[मैटेरिया मेडिका]]' कह सकते हैं। इस विज्ञान में [[भेषजगुण विज्ञान]] (फर्माकोलॉजी), [[भेषज-अभिज्ञान]] (pharmacognosy) तथा पादपों के चिकित्सीय उपयोग शामिल है।
'द्रव्यगुण' दो शब्दों से मिलकर बना है - 'द्रव्य' (matter) तथा 'गुण' (properties)। द्रव्य के अन्तर्गत जीवित और निर्जीव दोनो वस्तुएँ आ जाती हैं।
द्रव्यगुण विज्ञान के छः अंग हैं (''षडङ्गं द्रव्यगुणम्'')-
*(१) नामरूपज्ञान (Pharmacognosy),
*(२) गुणज्ञान (Study of Properties),
*(३) कर्मज्ञान (Pharmacology ) ,
*(४) प्रयोगज्ञान (Clinical Pharmacology) ,
*(५) योगज्ञान (Study of formulation),
*(६) कल्पज्ञान (Pharmaceutics) ।
[[चरक]] का कहना है कि कुछ भी ऐसा नहीं है जो 'औषधि' न हो। आयुर्वेद का मत है कि किसी औषधि का प्रभाव उसके किसी एक घटक के अकेले के प्रभाव से प्रायः भिन्न होता है। आयुर्वेद में वनस्पतियों के गुणागुणों को पाँच भागों में बांटा गया है-
: ''रस (taste), गुण (properties), वीर्य (biological properties), विपाक (attributes of drug assimilation) और शक्ति (Energy)।
औषधियों के कार्य और प्रभाव को जानने के लिये उनके रस, गुण, वीर्य, विपाक, और शक्ति का ज्ञान अति आवश्यक है।<ref>[https://ijprajournal.com/issue_dcp/"The Therapeutic Potential of Substances in Ayurveda A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan.pdf" A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan]</ref>
==महत्व==
चिकित्साशास्त्र का महत्त्वपूर्ण, अत्यधिक उपयोगी और मुख्य अङ्गभूत विषय होने के कारण द्रव्यगुणशास्त्र का महत्त्व विशेष रूप से है। कहा गया है कि-
: ''निघण्टुना विना वैद्यो विद्वान् व्याकरणं विना।
: ''अनभ्यासेन धानुष्कस्त्रयो हास्यस्य भाजनम्॥ (राजनिघण्टु १/९)
:: (निघण्टु (द्रव्यगुणशास्त्र) के बिना वैद्य, [[व्याकरण]] के बिना विद्वान, तथा अभ्यास के बिना धानुष्क - ये तीनों ही समानरूप से हास्य (उपहास) के पात्र होते हैं।)
ये भी कहा है कि,
: ''यथा विषं यथा शस्त्रं यथाग्निरशनिर्यथा ।
: ''तथौषधमविज्ञातं विज्ञातममृतं यथा' ॥ (चरकसंहिता सूत्रस्थान १:१२५)
:: (''जिस प्रकार विष, शस्त्र, अग्नि या इन्द्र का वज्र प्राण हर लेते हैं उसी प्रकार अविज्ञात (न जानी हुई) औषधि प्राणघातक होती है <br>''और विज्ञात (जानी हुई) औषधि अमृत के समान प्राणरक्षक होती है ।)
द्रव्य भी साधन होने के कारण शस्त्र के समान है। औषध का अज्ञानपूर्वक प्रयोग सामाजिक तथा नैतिक दृष्टि से महान् अपराध है।
ये भी कहा गया है कि वैद्य को द्रव्यों का गुण और अगुण पहले से ही मालूम होना चाहिए।
: ''वैद्येन पूर्वं ज्ञातव्यो द्रव्याणामगुणाः गुणाः।
: ''यदायत्तं हि भैषज्यं यज्ज्ञाने जात क्रिया क्रमः॥
आयुर्वेद में ६०० से भी अधिक औषधीय पादपों को औषध के रूप में उपयोग में लाया जाता है। इन्हें अकेले या दूसरों साथ मिला कर रोगों से मुक्ति पाया जाता है। औषधीय पादप अलग अलग तरह के कृषि जलवायीय क्षेत्रों (जंगल, अनूप, साधारण देश) में पैदा होते हैं। वर्तमान समय में औषधीय पादपों को 'प्राकृतिक औषध' के रूप में प्रयोग करने का चलन बढ़ा है। इस कारण इस विषय का महत्व और भी बढ़ गया है।
==इतिहास==
अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है। इस हेतु इस शास्त्र (द्रव्यगुणशास्त्र) की व्यापकता की युक्ति दी जाती है। सूत्रस्थान ३०वें अध्याय में [[चरक]] ने यहाँ तक कहा है कि सम्पूर्ण तन्त्र में जहाँ तहाँ आयुष्यकर एवं अनायुष्यकर द्रव्य, गुण एवं कर्मों का ही उपदेश किया गया है।
वैदिक वाङ्मय में आयुर्वेद सम्बन्धी अनेक तथ्य दृष्टिगत होते हैं जिसमें अनेक ओषधियों का भी उल्लेख मिलता है। [[ऋग्वेद]] का [[ओषधि-सूक्त]] इस प्रसंग में अवलोकनीय है जिसमें ओषधिविज्ञान के बीज निहित हैं। वहीं अश्वावती, सोमवती, ऊर्जयन्ती और उदोजस - इन चार चमत्कारी रसायन ओषधियों का निर्देश है। क्रमशः इनकी संख्या बढ़ती गयी और [[अथर्ववेद]] में शताधिक ओषधियों का विस्तृत वर्णन मिलता है। ओषधियों के अतिरिक्त द्रव्यगुण के मौलिक सिद्धान्तों का निर्देश भी वैदिक वाङ्मय में उपलब्ध है।
वस्तुतः आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार उत्तरवैदिक काल में स्थापित हुआ जिसका विवरण हम आयुर्वेदीय संहिताओं में पाते हैं। इसी काल में ही द्रव्यगुण का भी वैज्ञानिक स्वरूप मौलिक सिद्धान्तों के साथ प्रस्फुटित हुआ।
प्राचीन आयुर्वेदीय संहिताओं में [[चरकसंहिता]] और [[सुश्रुतसंहिता]] प्रमुख हैं। चरक ने युक्ति प्रमाण को स्थापित कर आयुर्वेद को वैज्ञानिक रूप दिया। औषध द्रव्यों का अनेक प्रकार से वर्गीकरण किया। पचास महाकषायों में कर्मानुसार औषधों को व्यवस्थित किया। मौलिक सिद्धान्तों का स्वरूप भी स्पष्ट किया। द्रव्यों की कार्मुकता में रस, गुण, वीर्य, विपाक और प्रभाव का लक्षण एवं महत्व पहली बार स्थापित किया गया।
[[सुश्रुत]] ने द्रव्यगुण को और आगे बढ़ाया। द्रव्यों के वर्गीकरण, सिद्धान्त और द्रव्य–विवरण के विकास की स्पष्ट रेखा देखी जा सकती है। चरक के त्रिसूत्र के स्थान पर सुश्रुत ने चतुःसूत्र (पुरुष, व्याधि, औषध और क्रियाकाल) की स्थापना की और इसे चिकित्साशास्त्र का बीज बतलाया। वानस्पतिक द्रव्यों को चरक ने औद्भिद गण में रखा है जबकि सुश्रुत ने इस गण को 'स्थावर' संज्ञा दी। वर्गीकरण में भी स्पष्ट अन्तर देखा जा सकता है। चरक के महाकषायों में पार्थिव द्रव्यों का कोई गण नहीं है किन्तु सुश्रुत ने ऐसे दो गणों (त्रप्वादि एवं ऊषकादि) का निर्धारण किया। [[पारद]] का भी सर्वप्रथम प्रयोग सुश्रुतसंहिता में ही मिलता है। सुश्रुत ने शक्तिरूप होने के कारण प्रभाव को वीर्य के अन्तर्गत रखा। सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान के सात अध्यायों (३८ - ४२, ४५ - ४६) में द्रव्यगुण की चर्चा विशेष रूप से है।
इतना महत्वपूर्ण होने पर भी अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है और द्रव्यगुणविज्ञान को किसी अंगविशेष तक सीमित रखने में इस शास्त्र की व्यापकता को आघात पहुँचता है तथापि अध्ययन की सुविधा के लिए, व्यावहारिक धरातल पर लाने हेतु एवं शास्त्र की प्रगति हेतु इसे एक स्वतंत्र अंग के रूप में विस्तारित करना आवश्यक था। इस कार्य को ११वीं शती में चक्रपाणि ने '''द्रव्यगुणसंग्रह''' नामक ग्रन्थ का निर्माण कर आरम्भ किया एवं द्रव्यगुणशास्त्र को एक स्वतन्त्र शास्त्र के रूप में आयुर्वेदजगत् के सामने लाने का प्रथम प्रयास किया।
चक्रपाणि के इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए २०वीं शती के उत्तरार्द्ध में इस प्रकार के और भी दुर्लक्षित तथा पराधीन शास्त्रों को संयुक्त कर तथा प्राचीन अष्टाङ्ग आयुर्वेद के कुछ कालबाह्य अंगों को घटाकर आचार्य प्रियव्रत शर्मा द्वारा षोडशाङ्गहृदयम् का सजृन होकर द्रव्यगुणविज्ञान सहित कुछ शास्त्रों को स्वतन्त्र अंगों के रूप में आयुर्वेदजगत् में सर्वमान्य करने के प्रयास को आगे बढ़ाया गया।उन्होने आयुर्वेद को '''षोडशांग''' बना दिया -
: ''मौलिकसिद्धान्ताः, शारीरं, द्रव्यगुणं, भेषजकल्पना, रसशास्त्र, निदान, कायचिकित्सा, स्वस्थवृत्तं, मानसरोगः, रसायनं, वाजीकरणं, अगदतन्त्रं, शल्यं, शालाक्य, कौमारभृत्य, प्रसूतितन्त्रञ्चेति।" (द्रव्यगुणसूत्रम् १/३, ४.)
आयुर्वेद के उपर्युक्त षोडश अंगों में द्रव्यगुणविज्ञान प्रधानतम है क्योंकि स्वास्थ्यरक्षण एवं रोगप्रशमन की सभी क्रियायें द्रव्य के ही आश्रित हैं। गुण, कर्म, द्रव्याश्रित हैं तथा आयुर्वेद के सभी अंग द्रव्यगुण के आश्रित हैं।
== कुछ प्रमुख औषधीय पादपों के द्रव्यगुण ==
{| border="1" cellpadding="2"
! WIDTH=53 HEIGHT=17 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP | क्रमांक
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिन्दी नाम
! WIDTH=92 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रमुख कर्म
! WIDTH=111 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | परिवार
! WIDTH=158 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लैटिन नाम
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पर्याय
! WIDTH=110 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंग्रेजी नाम
! WIDTH=73 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूप
! WIDTH=150 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रासायनिक संघटन
! WIDTH=127 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुण
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रस
! WIDTH=41 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विपाक
! WIDTH=42 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वीर्य
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमयिक प्रयोग
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रयोज्यांग
! WIDTH=57 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खुराक
! WIDTH=182 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशिष्ट योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="1" SDNUM="16393;" | 1
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymelaeaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aquilaria agallocha
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोह, कृमिज, कृमिजग्ध, अगर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe/ eagle wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वच्य, कर्णनेत्ररोगहर, कफ़हर, वातरक्त, आमवात, श्वास, वाजिकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगुर्वादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="2" SDNUM="16393;" | 2
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमन्थ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Premna mucronata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जय, श्रीपर्ण, गणिकारिका, वातघ्नी,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंदाग्नि, शोथ, पाण्डु, रसायन, आमवत, प्रमेह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="3" SDNUM="16393;" | 3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिबला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abutilon indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकतिका, कंघी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="4" SDNUM="16393;" | 4
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum heterophyllum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भंगुरा, शुक्ल्कन्दा, घुणवल्लभा, काश्मीरा, शिशुभैषज्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian Atees
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Atisine, hetisine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, अग्निदीपक, ग्राही, ज्वरहर, संग्रहणी, विष, कृमि, वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="5" SDNUM="16393;" | 5
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्ग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Amaranthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Achyranthes aspera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिखरी, अधशल्य, मयूरक, खरमंजरी, प्रत्यकपुष्पा, आघाट, चिङचिङा, लटजीरा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Prickly chalff flower
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Potass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, वमन, कफ़, मेद, वायु, ह्रद्रोग, अर्श, कण्डु, उदर, अपची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, तण्डुल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्गक्षार -तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="6" SDNUM="16393;" | 6
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Calotropis procera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तूलफल, क्षीरपर्ण, आस्फोट, मदार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Madar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tripsin, Uscarine, Calotropin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, गुल्म, शोथ, आमवात, उदररोग, श्वास, कास, यकृत, अर्बुद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीर, मूल, काण्ड, पत्र, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्कलवण, अर्कतैल, अर्केश्वर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="7" SDNUM="16393;" | 7
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धवल, ककुभ, वीरवृक्ष, नदीसर्ज, इन्द्र्दु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjunetin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, क्षत, क्षय, मेद, प्रमेह, व्रण, प्रमेह पिडिका, कफपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुनारिष्ट-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="8" SDNUM="16393;" | 8
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saraca asoca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हेमपुष्प, ताम्रपल्ल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Haematoxylin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, वृर्ण्य, कृष्टार्तव, श्वेत-रक्तप्रदर, रक्तातिसार, गर्भाशयशिथिलताहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोकारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="9" SDNUM="16393;" | 9
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Withania somnifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वराहकर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 5 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuseohygrine, withanaloids
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, शुक्रल, रसायन, वात, कफ, श्वित्र, शोथ, क्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा-रिष्ट-चूर्ण-घृत-रसायान
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="10" SDNUM="16393;" | 10
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मॄदुविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantago ovata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ईषद् गोल, अश्वकर्णबीज, शीतबीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spogel seeds
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucilage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आतिसार, प्रवाहिका, शुष्ककास, तृषा, विबन्ध, अल्सर, अम्लपित्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="11" SDNUM="16393;" | 11
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अहिफ़ेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaveraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaver somniferum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आफ़ूफ, ओपियम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Opium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Morhhine, Codeine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, सुक्ष्म, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर, धातुशोषक, स्तंभन, पुरुषत्वनाशक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 30-125 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपूररस, अहिफेनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="12" SDNUM="16393;" | 12
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमलकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblica officinalis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धात्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit C high, galic acid, Ca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष, शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित अम्लप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तपित, प्रमेह, वृष्य, रसायन, त्रिदोषहर, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | च्यवन्प्राश, ब्रह्मरसायन, धात्रीलौह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="13" SDNUM="16393;" | 13
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्वध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia fistula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | राजवृक्ष, शम्पाक, कृतमाल, चतुरगुंल, दीर्घफल, स्वर्णभूषण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Purging nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sugar, pectine, gultine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, मृदु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वर, ह्रद्रोग, रक्तपित, उदावर्त, विबन्ध, कुष्ठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलमज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्यवधादि-तैल-लेह-अरिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="14" SDNUM="16393;" | 14
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्द्रक/शुण्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄप्तिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiber officinale
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागर, महौषध, विश्वभेषज, श्रृंगवेर, आर्द्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dry Ginger
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingirol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध (शुण्ठी) गुरु, रूक्ष, तीक्ष्ण, (आर्दक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर (शुण्ठी) कटु (आर्द्रक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदांग्नि, जिह्वाकण्ठविशोधन, कुष्ठ, पाण्डु, शीतपित्त, श्वास, कास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सौभाग्यशुण्ठी पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदापनयन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vetiveria zizanoides
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नलद, अमृणाल, खस, समगन्धक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Khaskhas grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तंभन, ज्वर, वमन, दाह, अम्ल्पित्त, तृषा, विसर्प, मूत्रकृच्छ्र, विष, रक्तविकारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीरासव, षडंगपानीय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricinus communis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गन्घर्वहस्त, व्याघ्रपुच्छ, पंचागुल,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Castor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्षक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricine (Poisonus)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, सुक्ष्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातघ्न, कफ, कृमि, मुत्रकृच्छ्र, गुल्मबस्तिशूलहरं, यकृत, प्लीहा, उदर, अर्श, विबन्ध, आमवातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड-पाक-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="16" SDNUM="16393;" | 16
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Elettaria cardamomum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिपुटा, त्रुटि, द्रावङी, सूक्ष्मैला, इलायची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lesser cardamom
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, Mn
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफ, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, मुखगन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एलादि चूर्ण-गुटिका-मोदक-क्वाथ-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="17" SDNUM="16393;" | 17
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकुम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Iridaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crocus sativus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घुसण, रक्त, वाह्लीक, काश्मीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saffron
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil, Crocin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य, शिरोरोग, कृमि, वमन, व्यंग(झांई), त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 250-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुंकुमादि-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="18" SDNUM="16393;" | 18
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza kurroa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्ता, कटुरोहणी, काण्डरुहा, मत्स्यशकला, चक्रांगी, कृष्णभेदा, शतपर्वा, कुटकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhizine, Kutkine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदनी, दीपनी, हृद्य, कफपित्तज्वरहर, प्रमेह, श्वास, कास, दाह, कृमि, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, भौमिक काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरोग्यवर्धिनी, तिक्तादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="19" SDNUM="16393;" | 19
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum surattense
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुस्पर्शा, क्षुद्रा, व्याघ्री, निदिग्धिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Yellow berried night shade
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Diosgenin, kno3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी घृत, व्याघ्रीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="20" SDNUM="16393;" | 20
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपिकच्छु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucuna prurita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आत्मगुप्ता, मर्कटी, कण्डुरा, शूकशिम्बी, केवांच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cowhage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pruriyenine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, रोम, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वानरी गुटिका, माषबलादि पाचन
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="21" SDNUM="16393;" | 21
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कम्पिलक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mallotus philippinesis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कश, रक्तांग, रेचन, कबीला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kamala tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rottlerin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, रक्त, कृमि, गुल्म, उदर, व्रण, रेचक, प्रमेह, विष, अश्मरीहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलरज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्रिमिघातनी वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="22" SDNUM="16393;" | 22
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कट्श्रंगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pistacia integerrima
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अजश्रृंगी, कुलीरविषाणिका, वक्रा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफवातहर, क्षय, ज्वर, श्वास, उर्ध्ववात, तृष्णा, कास, हिक्का, अरुचि, वमनहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रृंग्यादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="23" SDNUM="16393;" | 23
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum camphora
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घनसार, चन्द्र, हिमाह्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 100 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, चक्षुष्य, लेखन, कफपित्तविषहर, दाह, तृष्णा, मुखमेदगन्धहर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सत्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-375 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूररस-आसव-अर्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डमालानाशन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bauhinia veriegata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डारि, चमरिक, युग्मपत्रक, कर्बुदार, स्वल्पकेशरी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत, ग्राही, कफपित्तहर, कृमि, कुष्ठ, गुदभृंश, गण्डमाला, व्रण, प्रदर, क्षय, कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ/भूनिम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Andrographis paniculata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ, यवतिक्ता,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmegh
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmeghin, Andrographolid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकृतविकार, ज्वर, आम, पैत्त्तिकविकार, कृमि, दाह, अम्लपित्त, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ-तरल-सत्व
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="25" SDNUM="16393;" | 25
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किराततिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gentianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Swertia chirayata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किरात, चिरायता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chiretta
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mengigerin, Gentianine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, शीतल, ज्वरघ्न, सन्निपातज्वर, श्वास, कफपित्त, कास, शोथ, कुष्ठ, व्रण, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुदर्शन चूर्ण, किरातादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="26" SDNUM="16393;" | 26
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holarrhena antidysenterica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गिरीमल्लिका, वत्सक, कलिंग, इन्द्रवृक्ष, कुङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kurchi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conessin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, अतिसार, पित्तरक्त, कफ, तृष्णा, आम, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटजा-रिष्ट-अवलेह-सुरा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="27" SDNUM="16393;" | 27
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुपीलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आक्षेपजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loganiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychnos nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक, काकतिन्दुक, कुचला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 50 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychanine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारक, कफपित्तहर, व्यथाहर(वेदना), ग्राही, पक्षाघात, वाजीकर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज मज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 60-250 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक वटी, नवजीवन रस
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="28" SDNUM="16393;" | 28
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe vera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गृहकन्या, घृतकुमारी, ग्वारपाठा,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian aloe
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, वातविषहर, वृष्य, चक्षुष्य, रसायन, गुल्म, प्लीहा, यकृत, ग्रन्थि, अग्निदग्ध, रेचनी, अनार्तव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, एलुवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.1-0.2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमार्यासव, कुमारिकावटी, रजःप्रवर्तनीवटी, कुमारिकापाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="29" SDNUM="16393;" | 29
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Benincasa hispida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पफल, वल्लीफल, बृहतफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | White guard melon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, बस्तिशोधक, मेध्य, अम्लपित्तहर, पित्तशामक, वृष्य, त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="30" SDNUM="16393;" | 30
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄष्णजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carum Blubocastanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काश्मीरजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black Caraway
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, आनाह, टी.बी.हर, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="31" SDNUM="16393;" | 31
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acacia catachu
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तसार, दन्तधावन, बालपत्र, कण्टकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cutch tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Catechin, tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, श्वास, कफपित्त, कास, कुष्ठ, व्रण, प्रमेह, श्वित्र, ज्वरघ्न, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, सार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिरादि-वटी-चूर्ण-रिष्ट-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="32" SDNUM="16393;" | 32
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गम्भारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gmelina arboria
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीपर्णी, मधुपर्णिका, काश्मरी, पीतरोहणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, मेध्य, भेदनी, भ्रम, शोष, तृष्णा, शूल, अर्श, विष, दाह, ज्वरहर, फल-केश्य, रसायन, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="33" SDNUM="16393;" | 33
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुग्गुलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Commiphora mukul
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवधूप, माहिषाक्ष, पंलकषा, पुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian bedellium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum, vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण, विशद, सुक्ष्म, सर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, रसायन, मेह, कास, प्रमेह, कामला, कुष्ठ, क्रिमि, हृद्रोग, वातरक्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रप्रभा वटी, योगराज गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="34" SDNUM="16393;" | 34
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुडूची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Menispermaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tinospora cardifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुपर्णी, अमृता, छिन्नरुहा, वत्सादनी, तन्त्रिका, कुण्डलनी, चक्रलक्षणिका, गिलोय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Giloin, Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भग्नसंधान, वृष्य, स्वर्य, रसायन, आमवातग्रन्थिहर, कफव्रण अपचीहर, पुराण मेदोहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतारिष्ट, गुडूच्यादि-चूर्ण-सत्व-क्वाथ-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="35" SDNUM="16393;" | 35
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zygophyllaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tribulus terrestris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकण्टक, श्वदंष्ट्रा, त्रिकण्टक, चणद्रुम, वनश्रृंगाट, इक्षुगन्धिका, गोखरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Puncture vine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Harman, No3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधन, वृष्य, अश्मरीहर, प्रमेह, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, हृद्रोग, स्वप्नदोष वातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुरादि-चूर्ण-अवलेह-गुग्गुलू-क्वाथ-दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="36" SDNUM="16393;" | 36
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalum album
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीखण्ड, गन्धसार, मलयज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sandal wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आह्लादितकर, शोष, विष, श्लेष्मा, पित्त, रक्त, दाहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दनादि-चूर्ण-वटी-चन्दनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="37" SDNUM="16393;" | 37
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbago zeylanica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्नि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leadwort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbagine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, ग्रहणी, मन्दाग्नि, कुष्ठ, शोथ, अर्श, कृमि, कास, वातकफहर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रकादि वटी, चित्रकहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="38" SDNUM="16393;" | 38
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जटामांसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Valerianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nordostachys jatamansi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भूतजटा, तपस्वनी, सुलोमशा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spikenard
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य, वर्ण्य, बल्य, त्रिदोषहर, दाह, विसर्प, कुष्ठनाशक, रक्तप्रवाह सन्तुलित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मांस्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="39" SDNUM="16393;" | 39
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्बू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium cumini
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाफला, फलेन्द्रा, जामुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jaman
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jamboline, Strach, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, प्रमेह, भग्न, अतिसार, अत्यार्तव, वमन, रक्तातिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलअस्थि, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्ब्वाद्य तैल, पंचपल्लव योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="40" SDNUM="16393;" | 40
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myristica fragrans
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिकोष, मालतीफल, जायफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nutmeg tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, Myritic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, ग्राही, स्वर्य, वातकफहर, मुखवैरस्यहर, कृमि, कास, श्वास, हृद्रोग, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफलादि चूर्ण, जातिफलादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="41" SDNUM="16393;" | 41
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuminum cyminum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जरण, अजाजी, दीर्घजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cummin seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cumaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनाह, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन, अतिसार, अग्निमांद्यहर, ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरकाद्य-चूर्ण-तैल-रिष्ट-मोदक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="42" SDNUM="16393;" | 42
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrus panniculatis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पारावतपदी, काकाण्डी, पीततैला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Staff tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrine, Panniculatine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्ण,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अति उष्ण, वामक, मेधा-जठराग्नि-स्मरणशक्ति वर्धक, वातविकार, आमवात, माईग्रेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 drop
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="43" SDNUM="16393;" | 43
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालीस
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abies webbiana
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्राढ्य, धात्रीपत्र, शुकोदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fir
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 150 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कफ़वात, अरुचि, गुल्म, आम, अग्निमांद्य, क्षयरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-5 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण-वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="44" SDNUM="16393;" | 44
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pedaliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesamum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Seasamum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit A-B-C, Ca, Fat
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, केश्य, त्वच्य, दन्त्य, ग्राही, अग्निमतिप्रद, अल्पमूत्रकर, कृष्णतिल श्रेष्ठ, वीर्यप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिलादि गुटिका
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तुलसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Labiatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ocimum sanctum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुरसा, अपेतराक्षसी, भूतघ्नी, बहुमंजरी, देवदुन्दुभी, सुलभा, ग्राम्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holy basil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, phenol, Ascarbic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ह्रद्य, अग्निदीपक, कुष्ठ, पार्श्वशूलहर, वातकफ़हर, श्वास, कास, मूल-वीर्यस्तम्भक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, पुष्प, बीज, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवॄत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Operculina terpethum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिभण्डी, सरला, रेचनी, सुवहा, निशोथ्
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian jalap
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terpethine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रेचन, वातहर, पित्तज्वर, कफ़, पित्त, शोथ, उदररोगहर, कामला, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवृत-चूर्ण-गुटिका-क्वाथ-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="46" SDNUM="16393;" | 46
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum zeylanicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्कट, दारुसिता, दालचीनी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eugenol, Cinnamaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादिष्ट, तिक्त, वातपित्तहर, सुगन्धि, शुक्रल, बल्य, मुख-शोष-तृष-कैन्सरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, तैल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सितोपलादि चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="47" SDNUM="16393;" | 47
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्ती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Baliospermum montanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदुम्बरपर्णी, एरण्डफला, शीघ्रा, निकुम्भ, प्रत्येकश्रेणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म/ क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथघ्न, रेचन, उदर, जलोदर, कामला, यकृतविकार, गुल्म, ज्वर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्त्यारिष्ट, दन्त्यादिचूर्ण, दन्तीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="48" SDNUM="16393;" | 48
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रोचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punicaecae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punica granatum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्तबीज, लोहितपुष्पक, अनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pomergaranate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pelletierine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, अम्ल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सन्तर्पक, शुक्रजनक, ग्राही, मेधाग्निबलवर्धक, हृद्य, कण्ठ, मुखरोगहर, कृमिनाशक स्फीतकृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलत्वक, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20-50 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम-चतुसम-आष्टक-आद्यघृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="49" SDNUM="16393;" | 49
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दारूहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberis aristata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्वी, कंटकटेरी, पचंमपचा, दारुहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian berberry
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 6&18 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नेत्र-कर्णरोगहर, दीपन, पाचन, ग्राही, गण्डमाला, प्रदर, यकृतप्लीहारोग, कामला, सर्पदंश,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्व्यादि-क्वाथ-लेह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="50" SDNUM="16393;" | 50
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रजास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cynodon dactylon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूब, शतपर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conch grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Protine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, तृष्णा, दाह, रक्तपित्त, त्वकरोगहर, अश्मरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वादि क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="51" SDNUM="16393;" | 51
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदारु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cedrus deodara
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भद्रदारू, सुरभूरूह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Deodar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महावृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विबन्ध, आध्मान, शोथ, तन्द्रा, हिक्का, ज्वर, प्रमेह, पीनस, कास, कण्डू, वात, वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड, सार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदार्वादि-क्वाथ-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="52" SDNUM="16393;" | 52
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्नेहोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitis vinefera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदीका, गोस्तनी, दाख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Grape
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glucose
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदु, गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्या, बृंहण, स्वर्या, श्वास, कास, वातरक्त, कामला, शोष, मदात्यहर, सृष्टमूत्रविट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा-रिष्ट-घृत-क्वाथ-लेह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="53" SDNUM="16393;" | 53
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lythraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Woodfordia fruticosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातुपुष्पी, वह्निज्वाला, धाय,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fire flame bush
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 10 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lawsone, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, कृमि, पित्तनाशक, अतिसार, प्रदर, प्रवाहिका, आसवारिष्ट में किण्वोत्पति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातक्यादि चूर्ण, धातक्यादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="54" SDNUM="16393;" | 54
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄष्णानिग्रहण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrum sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, कुस्तुम्बरु, वितुन्नक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriander
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, तृष्णा, दाह, वमन, कास, कृमि, त्रिदोषहर, मुत्रल, आर्द्र पित्तनाशक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यपंचक क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="55" SDNUM="16393;" | 55
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तस्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Guttiferae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua ferrea
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागपुष्प, चाम्पेय, नागचम्पा, पीलानागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष मध्यम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesuol, oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमपाचन, ज्वर, कण्डू, स्वेद, छर्दि, ह्रल्लास, दुर्गन्ध, कुष्ठ, वीसर्प, पित्त, विष, रक्तपित्त-प्रदर-अतिसार-अर्श
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुंकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशरचूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="56" SDNUM="16393;" | 56
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्डूघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Meliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Azadiracta indica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिचुमर्द, अरिष्ट, हिंगुनिर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Margosa tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nimbine, tannine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कृमि, विष, अरोचक, कुष्ठ, गुल्म, मेह, भेदन, ज्वर, व्रण, अहृद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्बादि-तैल-चूर्ण-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="57" SDNUM="16393;" | 57
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitex nigundo
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सम्हालू, सिन्दुवार, हरेणुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Five leaved chaste
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, नेत्रहित, शूल, शोथ, आमवात, कृमि, कुष्ठ, अरुचि, ज्वर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी-कल्क-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="58" SDNUM="16393;" | 58
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trichosanthes dioica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुलक, कर्कशच्छद, राजीफल, बीजगर्भ, परवल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pointed Gourd
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carbohadrate, 29% seed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, हृद्य, वृष्य, अग्निदीपन, कास, ज्वर, त्रिदोष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोलादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="59" SDNUM="16393;" | 59
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाण्डु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium cepa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुर्गन्ध, यवनेष्ठ, मूखदूषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Onion
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl disulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफकारक, वातहर, बलवीर्यवर्धक, रात्र्यन्धता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3gm seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="60" SDNUM="16393;" | 60
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाश
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Butea monosperma
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किंशुक, रक्तपुष्प, क्षारश्रेष्ठ, ब्रह्मवृक्ष, समिद्वर, टेसू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid, palasonin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, भग्नसंधानकर, ग्रहणी, अर्श, कृमि, वृष्य, पुष्प-तृड्दाह, वातरक्त, कुष्ठ, फल-प्रमेह, अर्श, कृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प, बीज, त्वक, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाशक्षारघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="61" SDNUM="16393;" | 61
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाटला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Stereospermum suaveolens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुदूती, अतिवल्ल्भा, ताम्रपुष्पी, कृष्णवृन्ता, कुबेराक्षी, कुम्भीपुष्पी, अमोघा, अम्बुवासनी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, अरुचि, श्वास, शोथ, रक्त, छर्दि, हिक्का, तृषाहर, पुष्प-हृद्य, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="62" SDNUM="16393;" | 62
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाण भेद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saxifragaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bergenia ligulata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधक, भेदक, गुल्म, पथरी, हृद्रोग, योनिरोग, प्रमेह, प्लीहा, शूल, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाणभेदादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="63" SDNUM="16393;" | 63
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिप्पली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper longum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मागधी, वैदही, कृष्णा, कणा, चपला, तीक्ष्णतण्डुला, उषणा, शोण्डी, कोला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Long pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्णशीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कुष्ठ, गुल्म, अर्श, मेदकफहर, वृष्य, मेध्य, गुङयुक्त-अग्निवर्धक, जीर्णज्वर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुङपिप्पली, पिप्पल्यासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="64" SDNUM="16393;" | 64
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nyctagiinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boerhavia diffusa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा, शोथघ्नी, वर्षाभू, गदहपुरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spreding Hogweed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, No3, Sulphate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, रक्तवर्धक, उदररोग, विष, अग्निदीपक, ब्रघ्न, शोथ, पाण्डुहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा-ष्टक-आसव-दिमण्डूर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="65" SDNUM="16393;" | 65
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sida cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वाट्यालिका, खरयष्टिका, बरियार, खिरैंटी, बीजबन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ephedrine, Steroid, mucin, KNO3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य, क्षय, श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बलाद्य-घृत-रिष्ट-चन्दनबलालाक्षादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="66" SDNUM="16393;" | 66
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralia corylifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृष्णफला, कुष्ठघ्नी, पूतिफली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralea seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | psoralin, Fixed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, त्वकदोषहर, व्रणरोपण, श्वित्र, कुष्ठ, सोरायसिस, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची-चूर्ण-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="67" SDNUM="16393;" | 67
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिभीतक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia bellirica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्षफल, अक्ष, कलिद्रुम, बहेङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Belliric Myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, कास, नेत्ररोग, केश्य, कृमि, स्वरभेद, मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण, लंवगादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="68" SDNUM="16393;" | 68
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rutaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aegle marmelos
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीफल, शोण्डिल्य, शैलूष, मालूर, गन्धगर्भ, सदाफल, महाकपित्थ, ग्रन्थिल, बेल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bael
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Micilage, Pectine, Sugarm Mermelosine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपक्व-ग्राही, अग्निवर्धक, पित्तकारक, कफनाशक, बलकारक, आन्त्रबलकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, त्वक, फल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्वपंचक क्वाथ, बिल्वादि चूर्ण, बिल्वतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="69" SDNUM="16393;" | 69
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus marsupium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | असन, पीतशाल, विजयसार,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kino tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, विसर्प, प्रमेह, श्वित्र, रक्तपित्त, केश्य, त्वक विकारहर, रसायन, अतिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="70" SDNUM="16393;" | 70
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुद्रभण्टाकी, सिंही,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Soanine, Solanidine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, कण्ठ्य, पाचक, अरुचिहर, ज्वर, श्वास, कास, मन्दाग्निहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="71" SDNUM="16393;" | 71
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bacopa monnieri
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ऎन्द्री, जलनीम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian pennywort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Brhamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आयुष्या, रसायनी, स्वर्या, स्मृतिप्रदा, कुष्ठ, पाण्डु, मेह, रक्त, कास, विष, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी पानक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="72" SDNUM="16393;" | 72
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भल्लातक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpus anacardium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अरुष्कर, अग्नि, शोफकृत, अग्निमुख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Marking nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpol, Bhilawanol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रल, उदररोग, कुष्ठ, ग्रहणी, श्वित्र, अग्निमांद्य, कृमि, व्रण, अर्श, वातकफहर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतभल्लातक, तिलारुष्करयोग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="73" SDNUM="16393;" | 73
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भांरगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clerodendrum serratum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मणष्ठिका, खरशाक, पद्मा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 8 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin antihistamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म, रक्तदोष, शोथ, कास, श्वास, पीनस, ज्वर, अग्निमांद्यहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भारंग्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="74" SDNUM="16393;" | 74
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eclipta alba
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कव, केशराज, केशरंजन
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ecliptine,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, रसायन, त्वच्य, कृमि, कास, शोथ, पाण्डु, दन्तरोग, बल्य, कुष्ठ, शिरोरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज तैल, षडबिन्दु तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="75" SDNUM="16393;" | 75
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubia cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विकसा, योजनवल्ली, मंजीठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian madder
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Manjistine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वरवर्णकर, विष, कफ, शोथ, योनिरोग, कर्णरोग, रक्तदोष, विसर्प, व्रण, प्रमेहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="76" SDNUM="16393;" | 76
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Randia Spinosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छर्दन, पिण्डी, शल्यक, विषपुष्पक, मैनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emetic nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर, तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लेखन, वामक, विद्रधिहर, प्रतिश्याय, व्रण, कुष्ठ, कफ, आनाह, गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | १३३ योग च०क० १
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="77" SDNUM="16393;" | 77
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मरिच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper nigrum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेल्लज, कृष्ण, उषण, सुवृत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, कफवात, श्वास, शूल, कृमि,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिकटु, मरिच्यादि वटी-तैल-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="78" SDNUM="16393;" | 78
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कण्डिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia angustifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सनाय, मार्कण्डिका, स्वर्णपत्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian senna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sennodiside
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदुरेचनी, कुष्ठ, उभयतोभागहर, विष, दुर्गन्ध, कासहर, गुल्म, उदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पञ्चसकार चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="79" SDNUM="16393;" | 79
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुशली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus adscendens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सफ़ेद मूसली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृष्य, बृंहण, रसायन, गुरुपाकी, अर्श, वातशामक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुसली पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="80" SDNUM="16393;" | 80
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperus rotundus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वारिद, मोथा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nut grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, दीपन, पाचन, कफ, पित्त, तृष्णा, अरुचि, ज्वर, अतिसार, ग्रहणी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तकादि क्वाथ-रिष्ट-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="81" SDNUM="16393;" | 81
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शूलप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trachyspermum ammi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी, अजमोदिका, दीप्यका, अजवायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ajowan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymol, carvacrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, रुच्य, पित्तकर, शुक्रशूलहर, वातकफ़-उदर-आनाह-गुल्म-प्लीहा-कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानिकाचूर्ण, यवानीषाडव, यवान्यार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="82" SDNUM="16393;" | 82
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्टीमधु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhiza glabra
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुक, क्लीतक, मधुयष्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liquorice
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhizin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, बलवर्णकर, शुक्रल, केश्य, स्वर्या, पित्तवातरक्तजित, व्रण, शोथ, विष, छर्दि, अम्लक्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्ट्यादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="83" SDNUM="16393;" | 83
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus santalinus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लालचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Red sanders
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpin, Santalin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, नेत्ररोग, वृष्य, व्रण, वमन, विष, रक्तपित्त, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="84" SDNUM="16393;" | 84
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसोन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उग्रगन्ध, यवनेष्ठ,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Garlic
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl sulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, गुरु, पिच्छिल, सर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस अम्लरहित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, पाचन, सर, सन्धानकर, कन्ठ्य, बलवर्णकर, मेध्य, रसायन, चक्षुष्य, हृद्रोग, ज्वर, कुक्षिशूल, गुल्म, अर्श, वातकफहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="85" SDNUM="16393;" | 85
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्ना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pluchea lanceolata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | युक्ता, एलापर्णी, सुरभी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Quersitine, Puchine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदररोग, विष, ८० विकार वातनाशक, कास, शोथ, ज्वर, वातरक्त, सिध्महर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्नादि-क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="86" SDNUM="16393;" | 86
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लवंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium aromaticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवकुसम, श्रीप्रसून, चन्दनपुष्पक, वारिज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clove
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit. & Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कफपित्तशामक, तृष्णा, छर्दि, आध्मान, शूलहर, कास, श्वास, हिक्का, क्षय, अम्लपित्तहर, दन्तपीङाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पकलिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अविपत्तिकर चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="87" SDNUM="16393;" | 87
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocos recemosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्थूल्वल्कल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loturine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, चक्षुष्य, कफपित्तहर, रक्तपित्त, रक्तप्रदर, अतिसार, प्रवाहिका, श्लीपद, शोथहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्रासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="88" SDNUM="16393;" | 88
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वचा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Araceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acorus calamus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | षडग्रन्था, गोलोमी, उग्रगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sweet flag
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | A & b -Asarone
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वामक, अग्निवर्धक, विबन्धहर, आध्मान, शूल, उन्माद, कृमिहर, वचनशक्तिवर्धक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारस्वत चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="89" SDNUM="16393;" | 89
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ficus bangalensis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्यग्रोध, बहुपाद, बङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Banyan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, व्रणहर, वर्ण्य, दाहग्न, प्रमेह, व्यंग, योनिदोषहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, क्षीर, प्ररोह, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्योग्राधादि-चूर्ण-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="90" SDNUM="16393;" | 90
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वत्सनाभ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेद जनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum ferox
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृत, विष, मीठाविष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Monk's hood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitine, PsudoAco..
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, तीक्ष्ण, लघु, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, स्वेदजनन, हृदयोत्तेजक, पीङाशामक, शोथहर, कफवातहर, बल्य, अग्निमांद्य, ग्रहणी, अतिसारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 15 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनन्दभैरव रस, रामबाण, कफकेतु
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="91" SDNUM="16393;" | 91
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरूण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Capparidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crataeva nurvala
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्तशाक, बरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Three leaved caper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, मूत्रकृच्छृहर, अश्मरीभेदन, गुल्म, वातरक्तहर, अग्नि-पित्तवर्धक, पत्र-मेदहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरुणादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="92" SDNUM="16393;" | 92
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatoda vasica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सिंहास्य, वाजिदन्त, आटरुषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malabar Nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatodic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, कास, श्वास, रक्तपित्त, ज्वर, प्रमेह, कुष्ठ, क्षयहर, कृमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="93" SDNUM="16393;" | 93
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrsinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelia ribes
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, चित्रतण्डुल, वायविडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelin, christembine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमांद्य-शूल-आध्मान-उदर-कृमि-वात-विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंगादि-चूर्ण-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="94" SDNUM="16393;" | 94
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pueraria tuberosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकन्दा, इक्षुकन्दा, गजवाजिप्रिया, कन्दपलाश, भूमिकुष्माण्ड, विदारीकन्द, पतालकोहङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian kudju
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | carbohydrate 64%
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, स्तन्यशुक्रबलवर्णकर, स्वर्य, मूत्रल, पित्तरक्तवातदाहहर, रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="95" SDNUM="16393;" | 95
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulus pluriculis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीरपुष्पी, मांगल्यकुसमा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुवर्षायु क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Shankhpuspine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर, मेध्य, वृष्य, रसायन, मानसरोगहर, अपस्मार, विष, कुष्ठहर, स्मृति, कान्तिप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी पानक, मेध्यकषाय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="96" SDNUM="16393;" | 96
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातानुलोमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anethum sowa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, सोया
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dill
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, वातानुलोमन, व्रण, शूल, नेत्ररोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="97" SDNUM="16393;" | 97
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus racemosus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुशुता, शतवीर्या, शतमूली, अतिरसा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मेध्य, अग्निवर्धक, पुष्टिदायक, स्तन्यवर्धक, शुक्रवर्धक, चक्षुष्य, वातपित्तहर, शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरीघृत, नारायणतैल, विष्णुतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="98" SDNUM="16393;" | 98
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शल्लकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boswellia serrata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुस्रवा, गजभक्ष्या, सलई, कुन्दुरू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian olibanum tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | oleo resin gum, Boswellia oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्त, श्लेष्म, अतिसारहर, रक्तपित्त, व्रणहर, पुष्टिकर, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="99" SDNUM="16393;" | 99
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंगमर्द प्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Desmodium gangeticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारीगन्धा, अंशुमती, सरिवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन, ज्वर, श्वास, अतिसार, शोष, त्रिदोषनाशक, रसायन, विष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्ण्यादि क्वाथ, दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="100" SDNUM="16393;" | 100
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bombacaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Salmalia malabarica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मोचा, पिच्छिल, रक्तपुष्प, स्थिरायु, कंटकाढ्य, तुलिनी, सेमल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Silk cottan tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 125 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid, Gallic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, रसायन, वातरक्त, रक्तपित्त, संग्राही, वृष्य, पौष्टिक, युवानपिडिकाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पुष्प, फल, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मलिघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="101" SDNUM="16393;" | 101
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिरीष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mimosoideae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Albizzia lebbeck
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुकतरु, कपितन, भन्डीर, शुकप्रिय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, शुक्रस्तम्भन, शोथ, विसर्प, विष, कास, गन्डमालाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाशिरीष अगद, शिरीषारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="102" SDNUM="16393;" | 102
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभान्जन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringa oleifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिग्रु, तीक्ष्णगन्धा, मोचक, अक्षीव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Drumastic plant
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringine, Pterygospermine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, चक्षुष्य, शोथ, कृमि, मेदोरोग, अपची, विष, गलगन्ड, व्रणहर, पत्र-वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभाञ्जनादि लेप
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="103" SDNUM="16393;" | 103
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्योनाक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | टुण्टुक, कुटन्नट, भल्लूक, पृथुशिम्ब, सोनापाठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylin, Baicalein
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, मलसंग्राहक, शोथ, अतिसार, आमातिसार, संग्रहणी, कर्णस्राव-शूलहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहत्पञ्चमूल क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="104" SDNUM="16393;" | 104
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तपर्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Alstonia scholaris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशालत्वक, शारद, विषम्च्छद, छितवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ditamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, वातकफहर, कुष्ठ, जन्तुघ्न, दीपन, गुल्महर, श्वास, विषमज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तच्छ्दादि-क्वाथ-वटी-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="105" SDNUM="16393;" | 105
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगंधा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निद्राजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rauwolfia serpentina
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रमार, धवलविटप
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Reserpine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शामक, उच्चरक्तचाप, उन्माद, अनिद्रा, अपस्मारहर, मानसिकव्याधिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगन्धाघन वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="106" SDNUM="16393;" | 106
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Hemidesmus indicus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्पलसारिवा, गोपवल्ली, अनन्तमूल, कपूरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian sarsaparilla
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Methoxy salicylic aldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रकर, अग्निमांद्य, अरुचि, श्वास, कास, आम, विषनाशन, त्रिदोषहर, रक्तप्रदरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवादि-क्वाथ-वटी-अवलेह-आसव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="107" SDNUM="16393;" | 107
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सैरेयक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Barleria prionitis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहचर, झिण्टी, पियाबासा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, वातरक्त, कण्डु, विषहर, केशरंजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="108" SDNUM="16393;" | 108
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्रा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcuma longa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कांचनी, कृमिघ्ना, निशा, गौरी, योषितप्रिया,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Turmeric
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcumine, Vit. A
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्या, त्वग्दोष, मेह, रक्तविकार, शोथ, पाण्डू, व्रण, शीतपित्त, कास, अस्थिभग्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्राखण्ड
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="109" SDNUM="16393;" | 109
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरीतकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia chebula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभया, पथ्या, हरङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chebulic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | chubulic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित कषायप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, मलशोधक, संग्राही, रसायन, पाण्डू, नेत्ररोग, उदर, प्रमेह, अर्श, कास, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभयारिष्ट, अगस्त्यहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="110" SDNUM="16393;" | 110
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिंगु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ferula narthex
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहस्त्रवेधि, जतुक, बाह्लीक, रामठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asafoetida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 6 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | V.oil, Asaresinotannol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, रूचिकारक, वातकफहर, शूल, गुल्म, उदर, आनाह, कृमि, आर्तवजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रजप्रवर्तनी वटी, हिंगुकर्पुर वटी
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[औषध-प्रभाव-विज्ञान]] (PHARMACOLOGY)
* [[मान्य औषधकोश]] या 'मैटेरिया मेडिका' -- एलोपैथी का द्रव्यगुणविज्ञान
* [[पंचमहाभूत]] , [[त्रिगुण]] और [[रस शास्त्र|रस]]
* [[भैषज्यकल्पना]]
* [[पदार्थ विज्ञान]] (material science)
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20190325171210/http://bric-medplant.org/ Dravyaguna Database] - A Tribute to the Indian Medical Heritage
* [https://sa.wiktionary.org/wiki/%E0%A4%94%E0%A4%B7%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%82_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF औषधीय पादपों के संस्कृत एवं वैज्ञानिक नाम]
* [https://web.archive.org/web/20160426062535/http://www.ayurveda.hu/api/API-Vol-1.pdf THE AYURVEDIC PHARMACOPOEIA OF INDIA, PART-I VOLUME – I]
* [https://web.archive.org/web/20160914234559/http://www.wikidoc.org/index.php/Dravyaguna_Vijnan Dravyaguna Vijnan]
* [https://web.archive.org/web/20120311061247/http://iu.ff.cuni.cz/pandanus/database/ Pandanus Project : database of Indian plant names (616 plants)]
* [https://web.archive.org/web/20160722122021/http://www.ayurveda-florida.com/Ayurvedic_Materia_Medica_Articles/Table2.htm Table of Ayurvedic Plants and Minerals with Sanskrit (and Synonyms), Common, and Botanical Names]
* [https://web.archive.org/web/20130208144646/http://healthcarefriend.blogspot.in/ स्वास्थ्य रक्षक सखा] (हिन्दी ब्लॉग)
* [https://web.archive.org/web/20160306202158/http://indianmedicine.tripod.com/ Medicinal plants (Dravyaguna)]
* [https://web.archive.org/web/20101122072726/http://ethnoleaflets.com/leaflets/value.htm Ayurvedic Pharmaceutical Sciences-Challenges Ahead]
* [https://web.archive.org/web/20141219073130/http://singleherbs.blogspot.in/ Single Ayurvedic Herbs : My Experience ]
{{आयुर्वेद}}
[[श्रेणी:आयुर्वेद]]
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2026-05-17T08:53:03Z
अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
[[पोषण]], [[स्वास्थ्य]] एवं [[रोगनिरोधन|व्याधिप्रतिकार]] हेतु [[आहार]] एवं [[औषध]] के रूप में प्रयुक्त होने वाले सभी [[द्रव्य|द्रव्यों]] की पहचान, गुण, कर्म एवं प्रयोग का जिस शास्त्र में विवेचन हो उसे '''द्रव्यगुणशास्त्र''' कहते हैं। द्रव्यगुणविज्ञान [[आयुर्वेद]] का मूल विषय है। इसे आयुर्वेद का '[[मैटेरिया मेडिका]]' कह सकते हैं। इस विज्ञान में [[भेषजगुण विज्ञान]] (फर्माकोलॉजी), [[भेषज-अभिज्ञान]] (pharmacognosy) तथा पादपों के चिकित्सीय उपयोग शामिल है।
द्रव्यगुणशास्त्र का मुख्य अभिधेय-प्रतिपाद्य विषय द्रव्य, गुण तथा 'गुण' शब्द से संगृहीत रस, विपाक, वीर्य, प्रभाव एवं कर्म - ये साथ पदार्थ हैं।<ref>[https://archive.org/details/Qhtx_dravya-guna-vigyanam-first-half-by-vaidya-yadav-ji-trikam-ji-acharya-1953-baidya/page/n10/mode/1up Dravya Guna Vigyanam], First Half By Vaidya Yadav Ji Trikam Ji Acharya, 1953, Baidyanath Ayurved Bhavan Ltd</ref>
'द्रव्यगुण' दो शब्दों से मिलकर बना है - 'द्रव्य' (matter) तथा 'गुण' (properties)। द्रव्य के अन्तर्गत जीवित और निर्जीव दोनो वस्तुएँ आ जाती हैं।
द्रव्यगुण विज्ञान के छः अंग हैं (''षडङ्गं द्रव्यगुणम्'')-
*(१) नामरूपज्ञान (Pharmacognosy),
*(२) गुणज्ञान (Study of Properties),
*(३) कर्मज्ञान (Pharmacology ) ,
*(४) प्रयोगज्ञान (Clinical Pharmacology) ,
*(५) योगज्ञान (Study of formulation),
*(६) कल्पज्ञान (Pharmaceutics) ।
[[चरक]] का कहना है कि कुछ भी ऐसा नहीं है जो 'औषधि' न हो। आयुर्वेद का मत है कि किसी औषधि का प्रभाव उसके किसी एक घटक के अकेले के प्रभाव से प्रायः भिन्न होता है। आयुर्वेद में वनस्पतियों के गुणागुणों को पाँच भागों में बांटा गया है-
: ''रस (taste), गुण (properties), वीर्य (biological properties), विपाक (attributes of drug assimilation) और शक्ति (Energy)।
औषधियों के कार्य और प्रभाव को जानने के लिये उनके रस, गुण, वीर्य, विपाक, और शक्ति का ज्ञान अति आवश्यक है।<ref>[https://ijprajournal.com/issue_dcp/"The Therapeutic Potential of Substances in Ayurveda A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan.pdf" A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan]</ref>
==महत्व==
चिकित्साशास्त्र का महत्त्वपूर्ण, अत्यधिक उपयोगी और मुख्य अङ्गभूत विषय होने के कारण द्रव्यगुणशास्त्र का महत्त्व विशेष रूप से है। कहा गया है कि-
: ''निघण्टुना विना वैद्यो विद्वान् व्याकरणं विना।
: ''अनभ्यासेन धानुष्कस्त्रयो हास्यस्य भाजनम्॥ (राजनिघण्टु १/९)
:: (निघण्टु (द्रव्यगुणशास्त्र) के बिना वैद्य, [[व्याकरण]] के बिना विद्वान, तथा अभ्यास के बिना धानुष्क - ये तीनों ही समानरूप से हास्य (उपहास) के पात्र होते हैं।)
ये भी कहा है कि,
: ''यथा विषं यथा शस्त्रं यथाग्निरशनिर्यथा ।
: ''तथौषधमविज्ञातं विज्ञातममृतं यथा' ॥ (चरकसंहिता सूत्रस्थान १:१२५)
:: (''जिस प्रकार विष, शस्त्र, अग्नि या इन्द्र का वज्र प्राण हर लेते हैं उसी प्रकार अविज्ञात (न जानी हुई) औषधि प्राणघातक होती है <br>''और विज्ञात (जानी हुई) औषधि अमृत के समान प्राणरक्षक होती है ।)
द्रव्य भी साधन होने के कारण शस्त्र के समान है। औषध का अज्ञानपूर्वक प्रयोग सामाजिक तथा नैतिक दृष्टि से महान् अपराध है।
ये भी कहा गया है कि वैद्य को द्रव्यों का गुण और अगुण पहले से ही मालूम होना चाहिए।
: ''वैद्येन पूर्वं ज्ञातव्यो द्रव्याणामगुणाः गुणाः।
: ''यदायत्तं हि भैषज्यं यज्ज्ञाने जात क्रिया क्रमः॥
आयुर्वेद में ६०० से भी अधिक औषधीय पादपों को औषध के रूप में उपयोग में लाया जाता है। इन्हें अकेले या दूसरों साथ मिला कर रोगों से मुक्ति पाया जाता है। औषधीय पादप अलग अलग तरह के कृषि जलवायीय क्षेत्रों (जंगल, अनूप, साधारण देश) में पैदा होते हैं। वर्तमान समय में औषधीय पादपों को 'प्राकृतिक औषध' के रूप में प्रयोग करने का चलन बढ़ा है। इस कारण इस विषय का महत्व और भी बढ़ गया है।
==इतिहास==
अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है। इस हेतु इस शास्त्र (द्रव्यगुणशास्त्र) की व्यापकता की युक्ति दी जाती है। सूत्रस्थान ३०वें अध्याय में [[चरक]] ने यहाँ तक कहा है कि सम्पूर्ण तन्त्र में जहाँ तहाँ आयुष्यकर एवं अनायुष्यकर द्रव्य, गुण एवं कर्मों का ही उपदेश किया गया है।
वैदिक वाङ्मय में आयुर्वेद सम्बन्धी अनेक तथ्य दृष्टिगत होते हैं जिसमें अनेक ओषधियों का भी उल्लेख मिलता है। [[ऋग्वेद]] का [[ओषधि-सूक्त]] इस प्रसंग में अवलोकनीय है जिसमें ओषधिविज्ञान के बीज निहित हैं। वहीं अश्वावती, सोमवती, ऊर्जयन्ती और उदोजस - इन चार चमत्कारी रसायन ओषधियों का निर्देश है। क्रमशः इनकी संख्या बढ़ती गयी और [[अथर्ववेद]] में शताधिक ओषधियों का विस्तृत वर्णन मिलता है। ओषधियों के अतिरिक्त द्रव्यगुण के मौलिक सिद्धान्तों का निर्देश भी वैदिक वाङ्मय में उपलब्ध है।
वस्तुतः आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार उत्तरवैदिक काल में स्थापित हुआ जिसका विवरण हम आयुर्वेदीय संहिताओं में पाते हैं। इसी काल में ही द्रव्यगुण का भी वैज्ञानिक स्वरूप मौलिक सिद्धान्तों के साथ प्रस्फुटित हुआ।
प्राचीन आयुर्वेदीय संहिताओं में [[चरकसंहिता]] और [[सुश्रुतसंहिता]] प्रमुख हैं। चरक ने युक्ति प्रमाण को स्थापित कर आयुर्वेद को वैज्ञानिक रूप दिया। औषध द्रव्यों का अनेक प्रकार से वर्गीकरण किया। पचास महाकषायों में कर्मानुसार औषधों को व्यवस्थित किया। मौलिक सिद्धान्तों का स्वरूप भी स्पष्ट किया। द्रव्यों की कार्मुकता में रस, गुण, वीर्य, विपाक और प्रभाव का लक्षण एवं महत्व पहली बार स्थापित किया गया।
[[सुश्रुत]] ने द्रव्यगुण को और आगे बढ़ाया। द्रव्यों के वर्गीकरण, सिद्धान्त और द्रव्य–विवरण के विकास की स्पष्ट रेखा देखी जा सकती है। चरक के त्रिसूत्र के स्थान पर सुश्रुत ने चतुःसूत्र (पुरुष, व्याधि, औषध और क्रियाकाल) की स्थापना की और इसे चिकित्साशास्त्र का बीज बतलाया। वानस्पतिक द्रव्यों को चरक ने औद्भिद गण में रखा है जबकि सुश्रुत ने इस गण को 'स्थावर' संज्ञा दी। वर्गीकरण में भी स्पष्ट अन्तर देखा जा सकता है। चरक के महाकषायों में पार्थिव द्रव्यों का कोई गण नहीं है किन्तु सुश्रुत ने ऐसे दो गणों (त्रप्वादि एवं ऊषकादि) का निर्धारण किया। [[पारद]] का भी सर्वप्रथम प्रयोग सुश्रुतसंहिता में ही मिलता है। सुश्रुत ने शक्तिरूप होने के कारण प्रभाव को वीर्य के अन्तर्गत रखा। सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान के सात अध्यायों (३८ - ४२, ४५ - ४६) में द्रव्यगुण की चर्चा विशेष रूप से है।
इतना महत्वपूर्ण होने पर भी अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है और द्रव्यगुणविज्ञान को किसी अंगविशेष तक सीमित रखने में इस शास्त्र की व्यापकता को आघात पहुँचता है तथापि अध्ययन की सुविधा के लिए, व्यावहारिक धरातल पर लाने हेतु एवं शास्त्र की प्रगति हेतु इसे एक स्वतंत्र अंग के रूप में विस्तारित करना आवश्यक था। इस कार्य को ११वीं शती में [[चक्रपाणि दत्त|चक्रपाणि]] ने '''[[द्रव्यगुणसंग्रह]]''' नामक ग्रन्थ का निर्माण कर आरम्भ किया एवं द्रव्यगुणशास्त्र को एक स्वतन्त्र शास्त्र के रूप में आयुर्वेदजगत् के सामने लाने का प्रथम प्रयास किया।
चक्रपाणि के इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए २०वीं शती के उत्तरार्द्ध में इस प्रकार के और भी दुर्लक्षित तथा पराधीन शास्त्रों को संयुक्त कर तथा प्राचीन अष्टाङ्ग आयुर्वेद के कुछ कालबाह्य अंगों को घटाकर आचार्य [[प्रियव्रत शर्मा]] द्वारा षोडशाङ्गहृदयम् का सजृन होकर द्रव्यगुणविज्ञान सहित कुछ शास्त्रों को स्वतन्त्र अंगों के रूप में आयुर्वेदजगत् में सर्वमान्य करने के प्रयास को आगे बढ़ाया गया।उन्होने आयुर्वेद को '''षोडशांग''' बना दिया -
: ''मौलिकसिद्धान्ताः, शारीरं, द्रव्यगुणं, भेषजकल्पना, रसशास्त्र, निदान, कायचिकित्सा, स्वस्थवृत्तं, मानसरोगः, रसायनं, वाजीकरणं, अगदतन्त्रं, शल्यं, शालाक्य, कौमारभृत्य, प्रसूतितन्त्रञ्चेति।" (द्रव्यगुणसूत्रम् १/३, ४.)
आयुर्वेद के उपर्युक्त षोडश अंगों में द्रव्यगुणविज्ञान प्रधानतम है क्योंकि स्वास्थ्यरक्षण एवं रोगप्रशमन की सभी क्रियायें द्रव्य के ही आश्रित हैं। गुण, कर्म, द्रव्याश्रित हैं तथा आयुर्वेद के सभी अंग द्रव्यगुण के आश्रित हैं।
== कुछ प्रमुख औषधीय पादपों के द्रव्यगुण ==
{| border="1" cellpadding="2"
! WIDTH=53 HEIGHT=17 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP | क्रमांक
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिन्दी नाम
! WIDTH=92 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रमुख कर्म
! WIDTH=111 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | परिवार
! WIDTH=158 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लैटिन नाम
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पर्याय
! WIDTH=110 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंग्रेजी नाम
! WIDTH=73 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूप
! WIDTH=150 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रासायनिक संघटन
! WIDTH=127 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुण
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रस
! WIDTH=41 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विपाक
! WIDTH=42 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वीर्य
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमयिक प्रयोग
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रयोज्यांग
! WIDTH=57 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खुराक
! WIDTH=182 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशिष्ट योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="1" SDNUM="16393;" | 1
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymelaeaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aquilaria agallocha
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोह, कृमिज, कृमिजग्ध, अगर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe/ eagle wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वच्य, कर्णनेत्ररोगहर, कफ़हर, वातरक्त, आमवात, श्वास, वाजिकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगुर्वादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="2" SDNUM="16393;" | 2
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमन्थ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Premna mucronata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जय, श्रीपर्ण, गणिकारिका, वातघ्नी,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंदाग्नि, शोथ, पाण्डु, रसायन, आमवत, प्रमेह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="3" SDNUM="16393;" | 3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिबला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abutilon indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकतिका, कंघी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="4" SDNUM="16393;" | 4
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum heterophyllum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भंगुरा, शुक्ल्कन्दा, घुणवल्लभा, काश्मीरा, शिशुभैषज्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian Atees
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Atisine, hetisine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, अग्निदीपक, ग्राही, ज्वरहर, संग्रहणी, विष, कृमि, वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="5" SDNUM="16393;" | 5
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्ग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Amaranthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Achyranthes aspera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिखरी, अधशल्य, मयूरक, खरमंजरी, प्रत्यकपुष्पा, आघाट, चिङचिङा, लटजीरा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Prickly chalff flower
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Potass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, वमन, कफ़, मेद, वायु, ह्रद्रोग, अर्श, कण्डु, उदर, अपची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, तण्डुल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्गक्षार -तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="6" SDNUM="16393;" | 6
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Calotropis procera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तूलफल, क्षीरपर्ण, आस्फोट, मदार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Madar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tripsin, Uscarine, Calotropin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, गुल्म, शोथ, आमवात, उदररोग, श्वास, कास, यकृत, अर्बुद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीर, मूल, काण्ड, पत्र, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्कलवण, अर्कतैल, अर्केश्वर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="7" SDNUM="16393;" | 7
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धवल, ककुभ, वीरवृक्ष, नदीसर्ज, इन्द्र्दु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjunetin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, क्षत, क्षय, मेद, प्रमेह, व्रण, प्रमेह पिडिका, कफपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुनारिष्ट-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="8" SDNUM="16393;" | 8
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saraca asoca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हेमपुष्प, ताम्रपल्ल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Haematoxylin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, वृर्ण्य, कृष्टार्तव, श्वेत-रक्तप्रदर, रक्तातिसार, गर्भाशयशिथिलताहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोकारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="9" SDNUM="16393;" | 9
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Withania somnifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वराहकर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 5 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuseohygrine, withanaloids
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, शुक्रल, रसायन, वात, कफ, श्वित्र, शोथ, क्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा-रिष्ट-चूर्ण-घृत-रसायान
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="10" SDNUM="16393;" | 10
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मॄदुविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantago ovata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ईषद् गोल, अश्वकर्णबीज, शीतबीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spogel seeds
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucilage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आतिसार, प्रवाहिका, शुष्ककास, तृषा, विबन्ध, अल्सर, अम्लपित्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="11" SDNUM="16393;" | 11
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अहिफ़ेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaveraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaver somniferum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आफ़ूफ, ओपियम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Opium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Morhhine, Codeine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, सुक्ष्म, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर, धातुशोषक, स्तंभन, पुरुषत्वनाशक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 30-125 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपूररस, अहिफेनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="12" SDNUM="16393;" | 12
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमलकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblica officinalis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धात्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit C high, galic acid, Ca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष, शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित अम्लप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तपित, प्रमेह, वृष्य, रसायन, त्रिदोषहर, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | च्यवन्प्राश, ब्रह्मरसायन, धात्रीलौह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="13" SDNUM="16393;" | 13
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्वध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia fistula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | राजवृक्ष, शम्पाक, कृतमाल, चतुरगुंल, दीर्घफल, स्वर्णभूषण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Purging nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sugar, pectine, gultine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, मृदु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वर, ह्रद्रोग, रक्तपित, उदावर्त, विबन्ध, कुष्ठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलमज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्यवधादि-तैल-लेह-अरिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="14" SDNUM="16393;" | 14
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्द्रक/शुण्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄप्तिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiber officinale
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागर, महौषध, विश्वभेषज, श्रृंगवेर, आर्द्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dry Ginger
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingirol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध (शुण्ठी) गुरु, रूक्ष, तीक्ष्ण, (आर्दक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर (शुण्ठी) कटु (आर्द्रक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदांग्नि, जिह्वाकण्ठविशोधन, कुष्ठ, पाण्डु, शीतपित्त, श्वास, कास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सौभाग्यशुण्ठी पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदापनयन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vetiveria zizanoides
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नलद, अमृणाल, खस, समगन्धक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Khaskhas grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तंभन, ज्वर, वमन, दाह, अम्ल्पित्त, तृषा, विसर्प, मूत्रकृच्छ्र, विष, रक्तविकारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीरासव, षडंगपानीय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricinus communis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गन्घर्वहस्त, व्याघ्रपुच्छ, पंचागुल,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Castor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्षक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricine (Poisonus)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, सुक्ष्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातघ्न, कफ, कृमि, मुत्रकृच्छ्र, गुल्मबस्तिशूलहरं, यकृत, प्लीहा, उदर, अर्श, विबन्ध, आमवातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड-पाक-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="16" SDNUM="16393;" | 16
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Elettaria cardamomum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिपुटा, त्रुटि, द्रावङी, सूक्ष्मैला, इलायची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lesser cardamom
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, Mn
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफ, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, मुखगन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एलादि चूर्ण-गुटिका-मोदक-क्वाथ-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="17" SDNUM="16393;" | 17
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकुम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Iridaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crocus sativus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घुसण, रक्त, वाह्लीक, काश्मीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saffron
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil, Crocin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य, शिरोरोग, कृमि, वमन, व्यंग(झांई), त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 250-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुंकुमादि-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="18" SDNUM="16393;" | 18
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza kurroa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्ता, कटुरोहणी, काण्डरुहा, मत्स्यशकला, चक्रांगी, कृष्णभेदा, शतपर्वा, कुटकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhizine, Kutkine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदनी, दीपनी, हृद्य, कफपित्तज्वरहर, प्रमेह, श्वास, कास, दाह, कृमि, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, भौमिक काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरोग्यवर्धिनी, तिक्तादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="19" SDNUM="16393;" | 19
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum surattense
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुस्पर्शा, क्षुद्रा, व्याघ्री, निदिग्धिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Yellow berried night shade
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Diosgenin, kno3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी घृत, व्याघ्रीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="20" SDNUM="16393;" | 20
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपिकच्छु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucuna prurita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आत्मगुप्ता, मर्कटी, कण्डुरा, शूकशिम्बी, केवांच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cowhage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pruriyenine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, रोम, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वानरी गुटिका, माषबलादि पाचन
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="21" SDNUM="16393;" | 21
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कम्पिलक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mallotus philippinesis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कश, रक्तांग, रेचन, कबीला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kamala tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rottlerin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, रक्त, कृमि, गुल्म, उदर, व्रण, रेचक, प्रमेह, विष, अश्मरीहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलरज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्रिमिघातनी वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="22" SDNUM="16393;" | 22
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कट्श्रंगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pistacia integerrima
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अजश्रृंगी, कुलीरविषाणिका, वक्रा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफवातहर, क्षय, ज्वर, श्वास, उर्ध्ववात, तृष्णा, कास, हिक्का, अरुचि, वमनहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रृंग्यादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="23" SDNUM="16393;" | 23
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum camphora
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घनसार, चन्द्र, हिमाह्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 100 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, चक्षुष्य, लेखन, कफपित्तविषहर, दाह, तृष्णा, मुखमेदगन्धहर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सत्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-375 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूररस-आसव-अर्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डमालानाशन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bauhinia veriegata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डारि, चमरिक, युग्मपत्रक, कर्बुदार, स्वल्पकेशरी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत, ग्राही, कफपित्तहर, कृमि, कुष्ठ, गुदभृंश, गण्डमाला, व्रण, प्रदर, क्षय, कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ/भूनिम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Andrographis paniculata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ, यवतिक्ता,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmegh
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmeghin, Andrographolid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकृतविकार, ज्वर, आम, पैत्त्तिकविकार, कृमि, दाह, अम्लपित्त, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ-तरल-सत्व
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="25" SDNUM="16393;" | 25
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किराततिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gentianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Swertia chirayata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किरात, चिरायता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chiretta
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mengigerin, Gentianine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, शीतल, ज्वरघ्न, सन्निपातज्वर, श्वास, कफपित्त, कास, शोथ, कुष्ठ, व्रण, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुदर्शन चूर्ण, किरातादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="26" SDNUM="16393;" | 26
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holarrhena antidysenterica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गिरीमल्लिका, वत्सक, कलिंग, इन्द्रवृक्ष, कुङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kurchi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conessin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, अतिसार, पित्तरक्त, कफ, तृष्णा, आम, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटजा-रिष्ट-अवलेह-सुरा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="27" SDNUM="16393;" | 27
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुपीलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आक्षेपजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loganiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychnos nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक, काकतिन्दुक, कुचला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 50 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychanine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारक, कफपित्तहर, व्यथाहर(वेदना), ग्राही, पक्षाघात, वाजीकर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज मज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 60-250 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक वटी, नवजीवन रस
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="28" SDNUM="16393;" | 28
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe vera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गृहकन्या, घृतकुमारी, ग्वारपाठा,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian aloe
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, वातविषहर, वृष्य, चक्षुष्य, रसायन, गुल्म, प्लीहा, यकृत, ग्रन्थि, अग्निदग्ध, रेचनी, अनार्तव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, एलुवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.1-0.2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमार्यासव, कुमारिकावटी, रजःप्रवर्तनीवटी, कुमारिकापाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="29" SDNUM="16393;" | 29
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Benincasa hispida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पफल, वल्लीफल, बृहतफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | White guard melon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, बस्तिशोधक, मेध्य, अम्लपित्तहर, पित्तशामक, वृष्य, त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="30" SDNUM="16393;" | 30
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄष्णजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carum Blubocastanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काश्मीरजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black Caraway
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, आनाह, टी.बी.हर, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="31" SDNUM="16393;" | 31
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acacia catachu
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तसार, दन्तधावन, बालपत्र, कण्टकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cutch tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Catechin, tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, श्वास, कफपित्त, कास, कुष्ठ, व्रण, प्रमेह, श्वित्र, ज्वरघ्न, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, सार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिरादि-वटी-चूर्ण-रिष्ट-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="32" SDNUM="16393;" | 32
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गम्भारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gmelina arboria
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीपर्णी, मधुपर्णिका, काश्मरी, पीतरोहणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, मेध्य, भेदनी, भ्रम, शोष, तृष्णा, शूल, अर्श, विष, दाह, ज्वरहर, फल-केश्य, रसायन, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="33" SDNUM="16393;" | 33
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुग्गुलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Commiphora mukul
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवधूप, माहिषाक्ष, पंलकषा, पुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian bedellium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum, vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण, विशद, सुक्ष्म, सर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, रसायन, मेह, कास, प्रमेह, कामला, कुष्ठ, क्रिमि, हृद्रोग, वातरक्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रप्रभा वटी, योगराज गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="34" SDNUM="16393;" | 34
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुडूची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Menispermaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tinospora cardifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुपर्णी, अमृता, छिन्नरुहा, वत्सादनी, तन्त्रिका, कुण्डलनी, चक्रलक्षणिका, गिलोय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Giloin, Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भग्नसंधान, वृष्य, स्वर्य, रसायन, आमवातग्रन्थिहर, कफव्रण अपचीहर, पुराण मेदोहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतारिष्ट, गुडूच्यादि-चूर्ण-सत्व-क्वाथ-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="35" SDNUM="16393;" | 35
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zygophyllaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tribulus terrestris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकण्टक, श्वदंष्ट्रा, त्रिकण्टक, चणद्रुम, वनश्रृंगाट, इक्षुगन्धिका, गोखरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Puncture vine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Harman, No3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधन, वृष्य, अश्मरीहर, प्रमेह, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, हृद्रोग, स्वप्नदोष वातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुरादि-चूर्ण-अवलेह-गुग्गुलू-क्वाथ-दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="36" SDNUM="16393;" | 36
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalum album
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीखण्ड, गन्धसार, मलयज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sandal wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आह्लादितकर, शोष, विष, श्लेष्मा, पित्त, रक्त, दाहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दनादि-चूर्ण-वटी-चन्दनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="37" SDNUM="16393;" | 37
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbago zeylanica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्नि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leadwort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbagine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, ग्रहणी, मन्दाग्नि, कुष्ठ, शोथ, अर्श, कृमि, कास, वातकफहर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रकादि वटी, चित्रकहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="38" SDNUM="16393;" | 38
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जटामांसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Valerianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nordostachys jatamansi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भूतजटा, तपस्वनी, सुलोमशा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spikenard
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य, वर्ण्य, बल्य, त्रिदोषहर, दाह, विसर्प, कुष्ठनाशक, रक्तप्रवाह सन्तुलित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मांस्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="39" SDNUM="16393;" | 39
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्बू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium cumini
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाफला, फलेन्द्रा, जामुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jaman
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jamboline, Strach, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, प्रमेह, भग्न, अतिसार, अत्यार्तव, वमन, रक्तातिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलअस्थि, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्ब्वाद्य तैल, पंचपल्लव योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="40" SDNUM="16393;" | 40
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myristica fragrans
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिकोष, मालतीफल, जायफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nutmeg tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, Myritic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, ग्राही, स्वर्य, वातकफहर, मुखवैरस्यहर, कृमि, कास, श्वास, हृद्रोग, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफलादि चूर्ण, जातिफलादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="41" SDNUM="16393;" | 41
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuminum cyminum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जरण, अजाजी, दीर्घजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cummin seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cumaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनाह, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन, अतिसार, अग्निमांद्यहर, ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरकाद्य-चूर्ण-तैल-रिष्ट-मोदक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="42" SDNUM="16393;" | 42
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrus panniculatis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पारावतपदी, काकाण्डी, पीततैला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Staff tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrine, Panniculatine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्ण,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अति उष्ण, वामक, मेधा-जठराग्नि-स्मरणशक्ति वर्धक, वातविकार, आमवात, माईग्रेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 drop
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="43" SDNUM="16393;" | 43
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालीस
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abies webbiana
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्राढ्य, धात्रीपत्र, शुकोदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fir
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 150 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कफ़वात, अरुचि, गुल्म, आम, अग्निमांद्य, क्षयरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-5 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण-वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="44" SDNUM="16393;" | 44
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pedaliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesamum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Seasamum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit A-B-C, Ca, Fat
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, केश्य, त्वच्य, दन्त्य, ग्राही, अग्निमतिप्रद, अल्पमूत्रकर, कृष्णतिल श्रेष्ठ, वीर्यप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिलादि गुटिका
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तुलसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Labiatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ocimum sanctum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुरसा, अपेतराक्षसी, भूतघ्नी, बहुमंजरी, देवदुन्दुभी, सुलभा, ग्राम्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holy basil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, phenol, Ascarbic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ह्रद्य, अग्निदीपक, कुष्ठ, पार्श्वशूलहर, वातकफ़हर, श्वास, कास, मूल-वीर्यस्तम्भक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, पुष्प, बीज, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवॄत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Operculina terpethum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिभण्डी, सरला, रेचनी, सुवहा, निशोथ्
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian jalap
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terpethine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रेचन, वातहर, पित्तज्वर, कफ़, पित्त, शोथ, उदररोगहर, कामला, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवृत-चूर्ण-गुटिका-क्वाथ-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="46" SDNUM="16393;" | 46
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum zeylanicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्कट, दारुसिता, दालचीनी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eugenol, Cinnamaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादिष्ट, तिक्त, वातपित्तहर, सुगन्धि, शुक्रल, बल्य, मुख-शोष-तृष-कैन्सरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, तैल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सितोपलादि चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="47" SDNUM="16393;" | 47
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्ती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Baliospermum montanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदुम्बरपर्णी, एरण्डफला, शीघ्रा, निकुम्भ, प्रत्येकश्रेणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म/ क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथघ्न, रेचन, उदर, जलोदर, कामला, यकृतविकार, गुल्म, ज्वर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्त्यारिष्ट, दन्त्यादिचूर्ण, दन्तीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="48" SDNUM="16393;" | 48
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रोचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punicaecae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punica granatum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्तबीज, लोहितपुष्पक, अनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pomergaranate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pelletierine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, अम्ल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सन्तर्पक, शुक्रजनक, ग्राही, मेधाग्निबलवर्धक, हृद्य, कण्ठ, मुखरोगहर, कृमिनाशक स्फीतकृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलत्वक, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20-50 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम-चतुसम-आष्टक-आद्यघृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="49" SDNUM="16393;" | 49
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दारूहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberis aristata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्वी, कंटकटेरी, पचंमपचा, दारुहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian berberry
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 6&18 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नेत्र-कर्णरोगहर, दीपन, पाचन, ग्राही, गण्डमाला, प्रदर, यकृतप्लीहारोग, कामला, सर्पदंश,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्व्यादि-क्वाथ-लेह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="50" SDNUM="16393;" | 50
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रजास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cynodon dactylon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूब, शतपर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conch grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Protine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, तृष्णा, दाह, रक्तपित्त, त्वकरोगहर, अश्मरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वादि क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="51" SDNUM="16393;" | 51
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदारु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cedrus deodara
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भद्रदारू, सुरभूरूह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Deodar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महावृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विबन्ध, आध्मान, शोथ, तन्द्रा, हिक्का, ज्वर, प्रमेह, पीनस, कास, कण्डू, वात, वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड, सार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदार्वादि-क्वाथ-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="52" SDNUM="16393;" | 52
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्नेहोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitis vinefera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदीका, गोस्तनी, दाख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Grape
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glucose
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदु, गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्या, बृंहण, स्वर्या, श्वास, कास, वातरक्त, कामला, शोष, मदात्यहर, सृष्टमूत्रविट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा-रिष्ट-घृत-क्वाथ-लेह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="53" SDNUM="16393;" | 53
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lythraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Woodfordia fruticosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातुपुष्पी, वह्निज्वाला, धाय,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fire flame bush
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 10 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lawsone, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, कृमि, पित्तनाशक, अतिसार, प्रदर, प्रवाहिका, आसवारिष्ट में किण्वोत्पति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातक्यादि चूर्ण, धातक्यादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="54" SDNUM="16393;" | 54
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄष्णानिग्रहण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrum sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, कुस्तुम्बरु, वितुन्नक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriander
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, तृष्णा, दाह, वमन, कास, कृमि, त्रिदोषहर, मुत्रल, आर्द्र पित्तनाशक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यपंचक क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="55" SDNUM="16393;" | 55
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तस्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Guttiferae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua ferrea
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागपुष्प, चाम्पेय, नागचम्पा, पीलानागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष मध्यम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesuol, oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमपाचन, ज्वर, कण्डू, स्वेद, छर्दि, ह्रल्लास, दुर्गन्ध, कुष्ठ, वीसर्प, पित्त, विष, रक्तपित्त-प्रदर-अतिसार-अर्श
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुंकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशरचूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="56" SDNUM="16393;" | 56
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्डूघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Meliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Azadiracta indica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिचुमर्द, अरिष्ट, हिंगुनिर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Margosa tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nimbine, tannine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कृमि, विष, अरोचक, कुष्ठ, गुल्म, मेह, भेदन, ज्वर, व्रण, अहृद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्बादि-तैल-चूर्ण-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="57" SDNUM="16393;" | 57
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitex nigundo
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सम्हालू, सिन्दुवार, हरेणुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Five leaved chaste
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, नेत्रहित, शूल, शोथ, आमवात, कृमि, कुष्ठ, अरुचि, ज्वर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी-कल्क-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="58" SDNUM="16393;" | 58
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trichosanthes dioica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुलक, कर्कशच्छद, राजीफल, बीजगर्भ, परवल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pointed Gourd
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carbohadrate, 29% seed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, हृद्य, वृष्य, अग्निदीपन, कास, ज्वर, त्रिदोष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोलादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="59" SDNUM="16393;" | 59
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाण्डु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium cepa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुर्गन्ध, यवनेष्ठ, मूखदूषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Onion
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl disulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफकारक, वातहर, बलवीर्यवर्धक, रात्र्यन्धता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3gm seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="60" SDNUM="16393;" | 60
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाश
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Butea monosperma
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किंशुक, रक्तपुष्प, क्षारश्रेष्ठ, ब्रह्मवृक्ष, समिद्वर, टेसू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid, palasonin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, भग्नसंधानकर, ग्रहणी, अर्श, कृमि, वृष्य, पुष्प-तृड्दाह, वातरक्त, कुष्ठ, फल-प्रमेह, अर्श, कृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प, बीज, त्वक, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाशक्षारघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="61" SDNUM="16393;" | 61
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाटला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Stereospermum suaveolens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुदूती, अतिवल्ल्भा, ताम्रपुष्पी, कृष्णवृन्ता, कुबेराक्षी, कुम्भीपुष्पी, अमोघा, अम्बुवासनी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, अरुचि, श्वास, शोथ, रक्त, छर्दि, हिक्का, तृषाहर, पुष्प-हृद्य, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="62" SDNUM="16393;" | 62
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाण भेद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saxifragaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bergenia ligulata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधक, भेदक, गुल्म, पथरी, हृद्रोग, योनिरोग, प्रमेह, प्लीहा, शूल, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाणभेदादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="63" SDNUM="16393;" | 63
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिप्पली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper longum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मागधी, वैदही, कृष्णा, कणा, चपला, तीक्ष्णतण्डुला, उषणा, शोण्डी, कोला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Long pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्णशीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कुष्ठ, गुल्म, अर्श, मेदकफहर, वृष्य, मेध्य, गुङयुक्त-अग्निवर्धक, जीर्णज्वर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुङपिप्पली, पिप्पल्यासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="64" SDNUM="16393;" | 64
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nyctagiinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boerhavia diffusa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा, शोथघ्नी, वर्षाभू, गदहपुरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spreding Hogweed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, No3, Sulphate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, रक्तवर्धक, उदररोग, विष, अग्निदीपक, ब्रघ्न, शोथ, पाण्डुहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा-ष्टक-आसव-दिमण्डूर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="65" SDNUM="16393;" | 65
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sida cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वाट्यालिका, खरयष्टिका, बरियार, खिरैंटी, बीजबन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ephedrine, Steroid, mucin, KNO3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य, क्षय, श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बलाद्य-घृत-रिष्ट-चन्दनबलालाक्षादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="66" SDNUM="16393;" | 66
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralia corylifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृष्णफला, कुष्ठघ्नी, पूतिफली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralea seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | psoralin, Fixed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, त्वकदोषहर, व्रणरोपण, श्वित्र, कुष्ठ, सोरायसिस, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची-चूर्ण-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="67" SDNUM="16393;" | 67
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिभीतक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia bellirica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्षफल, अक्ष, कलिद्रुम, बहेङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Belliric Myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, कास, नेत्ररोग, केश्य, कृमि, स्वरभेद, मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण, लंवगादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="68" SDNUM="16393;" | 68
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rutaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aegle marmelos
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीफल, शोण्डिल्य, शैलूष, मालूर, गन्धगर्भ, सदाफल, महाकपित्थ, ग्रन्थिल, बेल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bael
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Micilage, Pectine, Sugarm Mermelosine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपक्व-ग्राही, अग्निवर्धक, पित्तकारक, कफनाशक, बलकारक, आन्त्रबलकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, त्वक, फल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्वपंचक क्वाथ, बिल्वादि चूर्ण, बिल्वतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="69" SDNUM="16393;" | 69
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus marsupium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | असन, पीतशाल, विजयसार,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kino tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, विसर्प, प्रमेह, श्वित्र, रक्तपित्त, केश्य, त्वक विकारहर, रसायन, अतिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="70" SDNUM="16393;" | 70
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुद्रभण्टाकी, सिंही,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Soanine, Solanidine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, कण्ठ्य, पाचक, अरुचिहर, ज्वर, श्वास, कास, मन्दाग्निहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="71" SDNUM="16393;" | 71
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bacopa monnieri
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ऎन्द्री, जलनीम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian pennywort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Brhamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आयुष्या, रसायनी, स्वर्या, स्मृतिप्रदा, कुष्ठ, पाण्डु, मेह, रक्त, कास, विष, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी पानक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="72" SDNUM="16393;" | 72
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भल्लातक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpus anacardium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अरुष्कर, अग्नि, शोफकृत, अग्निमुख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Marking nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpol, Bhilawanol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रल, उदररोग, कुष्ठ, ग्रहणी, श्वित्र, अग्निमांद्य, कृमि, व्रण, अर्श, वातकफहर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतभल्लातक, तिलारुष्करयोग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="73" SDNUM="16393;" | 73
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भांरगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clerodendrum serratum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मणष्ठिका, खरशाक, पद्मा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 8 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin antihistamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म, रक्तदोष, शोथ, कास, श्वास, पीनस, ज्वर, अग्निमांद्यहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भारंग्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="74" SDNUM="16393;" | 74
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eclipta alba
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कव, केशराज, केशरंजन
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ecliptine,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, रसायन, त्वच्य, कृमि, कास, शोथ, पाण्डु, दन्तरोग, बल्य, कुष्ठ, शिरोरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज तैल, षडबिन्दु तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="75" SDNUM="16393;" | 75
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubia cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विकसा, योजनवल्ली, मंजीठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian madder
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Manjistine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वरवर्णकर, विष, कफ, शोथ, योनिरोग, कर्णरोग, रक्तदोष, विसर्प, व्रण, प्रमेहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="76" SDNUM="16393;" | 76
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Randia Spinosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छर्दन, पिण्डी, शल्यक, विषपुष्पक, मैनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emetic nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर, तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लेखन, वामक, विद्रधिहर, प्रतिश्याय, व्रण, कुष्ठ, कफ, आनाह, गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | १३३ योग च०क० १
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="77" SDNUM="16393;" | 77
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मरिच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper nigrum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेल्लज, कृष्ण, उषण, सुवृत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, कफवात, श्वास, शूल, कृमि,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिकटु, मरिच्यादि वटी-तैल-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="78" SDNUM="16393;" | 78
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कण्डिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia angustifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सनाय, मार्कण्डिका, स्वर्णपत्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian senna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sennodiside
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदुरेचनी, कुष्ठ, उभयतोभागहर, विष, दुर्गन्ध, कासहर, गुल्म, उदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पञ्चसकार चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="79" SDNUM="16393;" | 79
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुशली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus adscendens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सफ़ेद मूसली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृष्य, बृंहण, रसायन, गुरुपाकी, अर्श, वातशामक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुसली पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="80" SDNUM="16393;" | 80
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperus rotundus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वारिद, मोथा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nut grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, दीपन, पाचन, कफ, पित्त, तृष्णा, अरुचि, ज्वर, अतिसार, ग्रहणी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तकादि क्वाथ-रिष्ट-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="81" SDNUM="16393;" | 81
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शूलप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trachyspermum ammi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी, अजमोदिका, दीप्यका, अजवायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ajowan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymol, carvacrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, रुच्य, पित्तकर, शुक्रशूलहर, वातकफ़-उदर-आनाह-गुल्म-प्लीहा-कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानिकाचूर्ण, यवानीषाडव, यवान्यार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="82" SDNUM="16393;" | 82
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्टीमधु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhiza glabra
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुक, क्लीतक, मधुयष्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liquorice
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhizin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, बलवर्णकर, शुक्रल, केश्य, स्वर्या, पित्तवातरक्तजित, व्रण, शोथ, विष, छर्दि, अम्लक्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्ट्यादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="83" SDNUM="16393;" | 83
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus santalinus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लालचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Red sanders
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpin, Santalin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, नेत्ररोग, वृष्य, व्रण, वमन, विष, रक्तपित्त, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="84" SDNUM="16393;" | 84
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसोन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उग्रगन्ध, यवनेष्ठ,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Garlic
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl sulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, गुरु, पिच्छिल, सर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस अम्लरहित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, पाचन, सर, सन्धानकर, कन्ठ्य, बलवर्णकर, मेध्य, रसायन, चक्षुष्य, हृद्रोग, ज्वर, कुक्षिशूल, गुल्म, अर्श, वातकफहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="85" SDNUM="16393;" | 85
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्ना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pluchea lanceolata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | युक्ता, एलापर्णी, सुरभी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Quersitine, Puchine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदररोग, विष, ८० विकार वातनाशक, कास, शोथ, ज्वर, वातरक्त, सिध्महर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्नादि-क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="86" SDNUM="16393;" | 86
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लवंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium aromaticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवकुसम, श्रीप्रसून, चन्दनपुष्पक, वारिज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clove
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit. & Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कफपित्तशामक, तृष्णा, छर्दि, आध्मान, शूलहर, कास, श्वास, हिक्का, क्षय, अम्लपित्तहर, दन्तपीङाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पकलिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अविपत्तिकर चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="87" SDNUM="16393;" | 87
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocos recemosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्थूल्वल्कल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loturine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, चक्षुष्य, कफपित्तहर, रक्तपित्त, रक्तप्रदर, अतिसार, प्रवाहिका, श्लीपद, शोथहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्रासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="88" SDNUM="16393;" | 88
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वचा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Araceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acorus calamus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | षडग्रन्था, गोलोमी, उग्रगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sweet flag
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | A & b -Asarone
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वामक, अग्निवर्धक, विबन्धहर, आध्मान, शूल, उन्माद, कृमिहर, वचनशक्तिवर्धक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारस्वत चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="89" SDNUM="16393;" | 89
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ficus bangalensis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्यग्रोध, बहुपाद, बङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Banyan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, व्रणहर, वर्ण्य, दाहग्न, प्रमेह, व्यंग, योनिदोषहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, क्षीर, प्ररोह, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्योग्राधादि-चूर्ण-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="90" SDNUM="16393;" | 90
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वत्सनाभ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेद जनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum ferox
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृत, विष, मीठाविष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Monk's hood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitine, PsudoAco..
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, तीक्ष्ण, लघु, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, स्वेदजनन, हृदयोत्तेजक, पीङाशामक, शोथहर, कफवातहर, बल्य, अग्निमांद्य, ग्रहणी, अतिसारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 15 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनन्दभैरव रस, रामबाण, कफकेतु
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="91" SDNUM="16393;" | 91
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरूण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Capparidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crataeva nurvala
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्तशाक, बरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Three leaved caper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, मूत्रकृच्छृहर, अश्मरीभेदन, गुल्म, वातरक्तहर, अग्नि-पित्तवर्धक, पत्र-मेदहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरुणादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="92" SDNUM="16393;" | 92
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatoda vasica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सिंहास्य, वाजिदन्त, आटरुषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malabar Nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatodic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, कास, श्वास, रक्तपित्त, ज्वर, प्रमेह, कुष्ठ, क्षयहर, कृमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="93" SDNUM="16393;" | 93
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrsinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelia ribes
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, चित्रतण्डुल, वायविडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelin, christembine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमांद्य-शूल-आध्मान-उदर-कृमि-वात-विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंगादि-चूर्ण-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="94" SDNUM="16393;" | 94
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pueraria tuberosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकन्दा, इक्षुकन्दा, गजवाजिप्रिया, कन्दपलाश, भूमिकुष्माण्ड, विदारीकन्द, पतालकोहङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian kudju
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | carbohydrate 64%
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, स्तन्यशुक्रबलवर्णकर, स्वर्य, मूत्रल, पित्तरक्तवातदाहहर, रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="95" SDNUM="16393;" | 95
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulus pluriculis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीरपुष्पी, मांगल्यकुसमा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुवर्षायु क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Shankhpuspine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर, मेध्य, वृष्य, रसायन, मानसरोगहर, अपस्मार, विष, कुष्ठहर, स्मृति, कान्तिप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी पानक, मेध्यकषाय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="96" SDNUM="16393;" | 96
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातानुलोमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anethum sowa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, सोया
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dill
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, वातानुलोमन, व्रण, शूल, नेत्ररोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="97" SDNUM="16393;" | 97
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus racemosus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुशुता, शतवीर्या, शतमूली, अतिरसा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मेध्य, अग्निवर्धक, पुष्टिदायक, स्तन्यवर्धक, शुक्रवर्धक, चक्षुष्य, वातपित्तहर, शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरीघृत, नारायणतैल, विष्णुतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="98" SDNUM="16393;" | 98
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शल्लकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boswellia serrata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुस्रवा, गजभक्ष्या, सलई, कुन्दुरू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian olibanum tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | oleo resin gum, Boswellia oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्त, श्लेष्म, अतिसारहर, रक्तपित्त, व्रणहर, पुष्टिकर, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="99" SDNUM="16393;" | 99
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंगमर्द प्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Desmodium gangeticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारीगन्धा, अंशुमती, सरिवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन, ज्वर, श्वास, अतिसार, शोष, त्रिदोषनाशक, रसायन, विष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्ण्यादि क्वाथ, दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="100" SDNUM="16393;" | 100
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bombacaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Salmalia malabarica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मोचा, पिच्छिल, रक्तपुष्प, स्थिरायु, कंटकाढ्य, तुलिनी, सेमल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Silk cottan tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 125 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid, Gallic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, रसायन, वातरक्त, रक्तपित्त, संग्राही, वृष्य, पौष्टिक, युवानपिडिकाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पुष्प, फल, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मलिघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="101" SDNUM="16393;" | 101
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिरीष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mimosoideae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Albizzia lebbeck
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुकतरु, कपितन, भन्डीर, शुकप्रिय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, शुक्रस्तम्भन, शोथ, विसर्प, विष, कास, गन्डमालाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाशिरीष अगद, शिरीषारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="102" SDNUM="16393;" | 102
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभान्जन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringa oleifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिग्रु, तीक्ष्णगन्धा, मोचक, अक्षीव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Drumastic plant
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringine, Pterygospermine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, चक्षुष्य, शोथ, कृमि, मेदोरोग, अपची, विष, गलगन्ड, व्रणहर, पत्र-वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभाञ्जनादि लेप
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="103" SDNUM="16393;" | 103
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्योनाक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | टुण्टुक, कुटन्नट, भल्लूक, पृथुशिम्ब, सोनापाठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylin, Baicalein
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, मलसंग्राहक, शोथ, अतिसार, आमातिसार, संग्रहणी, कर्णस्राव-शूलहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहत्पञ्चमूल क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="104" SDNUM="16393;" | 104
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तपर्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Alstonia scholaris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशालत्वक, शारद, विषम्च्छद, छितवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ditamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, वातकफहर, कुष्ठ, जन्तुघ्न, दीपन, गुल्महर, श्वास, विषमज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तच्छ्दादि-क्वाथ-वटी-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="105" SDNUM="16393;" | 105
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगंधा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निद्राजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rauwolfia serpentina
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रमार, धवलविटप
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Reserpine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शामक, उच्चरक्तचाप, उन्माद, अनिद्रा, अपस्मारहर, मानसिकव्याधिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगन्धाघन वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="106" SDNUM="16393;" | 106
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Hemidesmus indicus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्पलसारिवा, गोपवल्ली, अनन्तमूल, कपूरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian sarsaparilla
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Methoxy salicylic aldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रकर, अग्निमांद्य, अरुचि, श्वास, कास, आम, विषनाशन, त्रिदोषहर, रक्तप्रदरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवादि-क्वाथ-वटी-अवलेह-आसव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="107" SDNUM="16393;" | 107
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सैरेयक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Barleria prionitis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहचर, झिण्टी, पियाबासा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, वातरक्त, कण्डु, विषहर, केशरंजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="108" SDNUM="16393;" | 108
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्रा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcuma longa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कांचनी, कृमिघ्ना, निशा, गौरी, योषितप्रिया,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Turmeric
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcumine, Vit. A
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्या, त्वग्दोष, मेह, रक्तविकार, शोथ, पाण्डू, व्रण, शीतपित्त, कास, अस्थिभग्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्राखण्ड
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="109" SDNUM="16393;" | 109
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरीतकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia chebula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभया, पथ्या, हरङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chebulic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | chubulic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित कषायप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, मलशोधक, संग्राही, रसायन, पाण्डू, नेत्ररोग, उदर, प्रमेह, अर्श, कास, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभयारिष्ट, अगस्त्यहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="110" SDNUM="16393;" | 110
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिंगु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ferula narthex
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहस्त्रवेधि, जतुक, बाह्लीक, रामठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asafoetida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 6 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | V.oil, Asaresinotannol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, रूचिकारक, वातकफहर, शूल, गुल्म, उदर, आनाह, कृमि, आर्तवजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रजप्रवर्तनी वटी, हिंगुकर्पुर वटी
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[औषध-प्रभाव-विज्ञान]] (PHARMACOLOGY)
* [[मान्य औषधकोश]] या 'मैटेरिया मेडिका' -- एलोपैथी का द्रव्यगुणविज्ञान
* [[पंचमहाभूत]] , [[त्रिगुण]] और [[रस शास्त्र|रस]]
* [[भैषज्यकल्पना]]
* [[पदार्थ विज्ञान]] (material science)
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20190325171210/http://bric-medplant.org/ Dravyaguna Database] - A Tribute to the Indian Medical Heritage
* [https://sa.wiktionary.org/wiki/%E0%A4%94%E0%A4%B7%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%82_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF औषधीय पादपों के संस्कृत एवं वैज्ञानिक नाम]
* [https://web.archive.org/web/20160426062535/http://www.ayurveda.hu/api/API-Vol-1.pdf THE AYURVEDIC PHARMACOPOEIA OF INDIA, PART-I VOLUME – I]
* [https://web.archive.org/web/20160914234559/http://www.wikidoc.org/index.php/Dravyaguna_Vijnan Dravyaguna Vijnan]
* [https://web.archive.org/web/20120311061247/http://iu.ff.cuni.cz/pandanus/database/ Pandanus Project : database of Indian plant names (616 plants)]
* [https://web.archive.org/web/20160722122021/http://www.ayurveda-florida.com/Ayurvedic_Materia_Medica_Articles/Table2.htm Table of Ayurvedic Plants and Minerals with Sanskrit (and Synonyms), Common, and Botanical Names]
* [https://web.archive.org/web/20130208144646/http://healthcarefriend.blogspot.in/ स्वास्थ्य रक्षक सखा] (हिन्दी ब्लॉग)
* [https://web.archive.org/web/20160306202158/http://indianmedicine.tripod.com/ Medicinal plants (Dravyaguna)]
* [https://web.archive.org/web/20101122072726/http://ethnoleaflets.com/leaflets/value.htm Ayurvedic Pharmaceutical Sciences-Challenges Ahead]
* [https://web.archive.org/web/20141219073130/http://singleherbs.blogspot.in/ Single Ayurvedic Herbs : My Experience ]
{{आयुर्वेद}}
[[श्रेणी:आयुर्वेद]]
ddezhh2ejuidawdj1ukorp0ccr2geyd
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6553378
2026-05-17T09:06:51Z
अनुनाद सिंह
1634
6553384
wikitext
text/x-wiki
[[पोषण]], [[स्वास्थ्य]] एवं [[रोगनिरोधन|व्याधिप्रतिकार]] हेतु [[आहार]] एवं [[औषध]] के रूप में प्रयुक्त होने वाले सभी [[द्रव्य|द्रव्यों]] की पहचान, गुण, कर्म एवं प्रयोग का जिस शास्त्र में विवेचन हो उसे '''द्रव्यगुणशास्त्र''' कहते हैं। द्रव्यगुणविज्ञान [[आयुर्वेद]] का मूल विषय है। इसे आयुर्वेद का '[[मैटेरिया मेडिका]]' कह सकते हैं। इस विज्ञान में [[भेषजगुण विज्ञान]] (फर्माकोलॉजी), [[भेषज-अभिज्ञान]] (pharmacognosy) तथा पादपों के चिकित्सीय उपयोग शामिल है।
'द्रव्यगुण' दो शब्दों से मिलकर बना है - 'द्रव्य' (matter) तथा 'गुण' (properties)। द्रव्य के अन्तर्गत जीवित और निर्जीव दोनो वस्तुएँ आ जाती हैं। द्रव्यगुणशास्त्र का मुख्य अभिधेय-प्रतिपाद्य विषय द्रव्य, गुण तथा 'गुण' शब्द से संगृहीत रस, विपाक, वीर्य, प्रभाव एवं कर्म - ये साथ पदार्थ हैं।<ref>[https://archive.org/details/Qhtx_dravya-guna-vigyanam-first-half-by-vaidya-yadav-ji-trikam-ji-acharya-1953-baidya/page/n10/mode/1up Dravya Guna Vigyanam], First Half By Vaidya Yadav Ji Trikam Ji Acharya, 1953, Baidyanath Ayurved Bhavan Ltd</ref>
[[चरक]] का कहना है कि कुछ भी ऐसा नहीं है जो 'औषधि' न हो। चरक के अनुसार "जो द्रव्य में समवाय रूप से आश्रित हो, चेष्टा रहित हो, गुण रहित हो तथा कार्य के प्रति असमवायि कारण हो उसे गुण कहते हैं।" (''समवायि तु निश्चेष्टः कारण गुणः'')<ref>[https://asset.ejaypee.com/sample-chapters/9789356961678.pdf द्रव्यगुण विज्ञान]</ref>
आयुर्वेद का मत है कि किसी औषधि का प्रभाव उसके किसी एक घटक के अकेले के प्रभाव से प्रायः भिन्न होता है। आयुर्वेद में वनस्पतियों के गुणागुणों को पाँच भागों में बांटा गया है-
: ''रस (taste), गुण (properties), वीर्य (biological properties), विपाक (attributes of drug assimilation) और शक्ति (Energy)।
औषधियों के कार्य और प्रभाव को जानने के लिये उनके रस, गुण, वीर्य, विपाक, और शक्ति का ज्ञान अति आवश्यक है।<ref>[https://ijprajournal.com/issue_dcp/"The Therapeutic Potential of Substances in Ayurveda A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan.pdf" A Comprehensive Guide to Dravya Guna Vigyan]</ref>
द्रव्यगुण विज्ञान के छः अंग हैं (''षडङ्गं द्रव्यगुणम्'')-
*(१) नामरूपज्ञान (Pharmacognosy),
*(२) गुणज्ञान (Study of Properties),
*(३) कर्मज्ञान (Pharmacology ) ,
*(४) प्रयोगज्ञान (Clinical Pharmacology) ,
*(५) योगज्ञान (Study of formulation),
*(६) कल्पज्ञान (Pharmaceutics) ।
==महत्व==
चिकित्साशास्त्र का महत्त्वपूर्ण, अत्यधिक उपयोगी और मुख्य अङ्गभूत विषय होने के कारण द्रव्यगुणशास्त्र का महत्त्व विशेष रूप से है। कहा गया है कि-
: ''निघण्टुना विना वैद्यो विद्वान् व्याकरणं विना।
: ''अनभ्यासेन धानुष्कस्त्रयो हास्यस्य भाजनम्॥ (राजनिघण्टु १/९)
:: (निघण्टु (द्रव्यगुणशास्त्र) के बिना वैद्य, [[व्याकरण]] के बिना विद्वान, तथा अभ्यास के बिना धानुष्क - ये तीनों ही समानरूप से हास्य (उपहास) के पात्र होते हैं।)
ये भी कहा है कि,
: ''यथा विषं यथा शस्त्रं यथाग्निरशनिर्यथा ।
: ''तथौषधमविज्ञातं विज्ञातममृतं यथा' ॥ (चरकसंहिता सूत्रस्थान १:१२५)
:: (''जिस प्रकार विष, शस्त्र, अग्नि या इन्द्र का वज्र प्राण हर लेते हैं उसी प्रकार अविज्ञात (न जानी हुई) औषधि प्राणघातक होती है <br>''और विज्ञात (जानी हुई) औषधि अमृत के समान प्राणरक्षक होती है ।)
द्रव्य भी साधन होने के कारण शस्त्र के समान है। औषध का अज्ञानपूर्वक प्रयोग सामाजिक तथा नैतिक दृष्टि से महान् अपराध है।
ये भी कहा गया है कि वैद्य को द्रव्यों का गुण और अगुण पहले से ही मालूम होना चाहिए।
: ''वैद्येन पूर्वं ज्ञातव्यो द्रव्याणामगुणाः गुणाः।
: ''यदायत्तं हि भैषज्यं यज्ज्ञाने जात क्रिया क्रमः॥
आयुर्वेद में ६०० से भी अधिक औषधीय पादपों को औषध के रूप में उपयोग में लाया जाता है। इन्हें अकेले या दूसरों साथ मिला कर रोगों से मुक्ति पाया जाता है। औषधीय पादप अलग अलग तरह के कृषि जलवायीय क्षेत्रों (जंगल, अनूप, साधारण देश) में पैदा होते हैं। वर्तमान समय में औषधीय पादपों को 'प्राकृतिक औषध' के रूप में प्रयोग करने का चलन बढ़ा है। इस कारण इस विषय का महत्व और भी बढ़ गया है।
==इतिहास==
अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है। इस हेतु इस शास्त्र (द्रव्यगुणशास्त्र) की व्यापकता की युक्ति दी जाती है। सूत्रस्थान ३०वें अध्याय में [[चरक]] ने यहाँ तक कहा है कि सम्पूर्ण तन्त्र में जहाँ तहाँ आयुष्यकर एवं अनायुष्यकर द्रव्य, गुण एवं कर्मों का ही उपदेश किया गया है।
वैदिक वाङ्मय में आयुर्वेद सम्बन्धी अनेक तथ्य दृष्टिगत होते हैं जिसमें अनेक ओषधियों का भी उल्लेख मिलता है। [[ऋग्वेद]] का [[ओषधि-सूक्त]] इस प्रसंग में अवलोकनीय है जिसमें ओषधिविज्ञान के बीज निहित हैं। वहीं अश्वावती, सोमवती, ऊर्जयन्ती और उदोजस - इन चार चमत्कारी रसायन ओषधियों का निर्देश है। क्रमशः इनकी संख्या बढ़ती गयी और [[अथर्ववेद]] में शताधिक ओषधियों का विस्तृत वर्णन मिलता है। ओषधियों के अतिरिक्त द्रव्यगुण के मौलिक सिद्धान्तों का निर्देश भी वैदिक वाङ्मय में उपलब्ध है।
वस्तुतः आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार उत्तरवैदिक काल में स्थापित हुआ जिसका विवरण हम आयुर्वेदीय संहिताओं में पाते हैं। इसी काल में ही द्रव्यगुण का भी वैज्ञानिक स्वरूप मौलिक सिद्धान्तों के साथ प्रस्फुटित हुआ।
प्राचीन आयुर्वेदीय संहिताओं में [[चरकसंहिता]] और [[सुश्रुतसंहिता]] प्रमुख हैं। चरक ने युक्ति प्रमाण को स्थापित कर आयुर्वेद को वैज्ञानिक रूप दिया। औषध द्रव्यों का अनेक प्रकार से वर्गीकरण किया। पचास महाकषायों में कर्मानुसार औषधों को व्यवस्थित किया। मौलिक सिद्धान्तों का स्वरूप भी स्पष्ट किया। द्रव्यों की कार्मुकता में रस, गुण, वीर्य, विपाक और प्रभाव का लक्षण एवं महत्व पहली बार स्थापित किया गया।
[[सुश्रुत]] ने द्रव्यगुण को और आगे बढ़ाया। द्रव्यों के वर्गीकरण, सिद्धान्त और द्रव्य–विवरण के विकास की स्पष्ट रेखा देखी जा सकती है। चरक के त्रिसूत्र के स्थान पर सुश्रुत ने चतुःसूत्र (पुरुष, व्याधि, औषध और क्रियाकाल) की स्थापना की और इसे चिकित्साशास्त्र का बीज बतलाया। वानस्पतिक द्रव्यों को चरक ने औद्भिद गण में रखा है जबकि सुश्रुत ने इस गण को 'स्थावर' संज्ञा दी। वर्गीकरण में भी स्पष्ट अन्तर देखा जा सकता है। चरक के महाकषायों में पार्थिव द्रव्यों का कोई गण नहीं है किन्तु सुश्रुत ने ऐसे दो गणों (त्रप्वादि एवं ऊषकादि) का निर्धारण किया। [[पारद]] का भी सर्वप्रथम प्रयोग सुश्रुतसंहिता में ही मिलता है। सुश्रुत ने शक्तिरूप होने के कारण प्रभाव को वीर्य के अन्तर्गत रखा। सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान के सात अध्यायों (३८ - ४२, ४५ - ४६) में द्रव्यगुण की चर्चा विशेष रूप से है।
इतना महत्वपूर्ण होने पर भी अष्टाङ्ग आयुर्वेद में द्रव्यगुणविज्ञान को स्थान प्राप्त नहीं है और द्रव्यगुणविज्ञान को किसी अंगविशेष तक सीमित रखने में इस शास्त्र की व्यापकता को आघात पहुँचता है तथापि अध्ययन की सुविधा के लिए, व्यावहारिक धरातल पर लाने हेतु एवं शास्त्र की प्रगति हेतु इसे एक स्वतंत्र अंग के रूप में विस्तारित करना आवश्यक था। इस कार्य को ११वीं शती में [[चक्रपाणि दत्त|चक्रपाणि]] ने '''[[द्रव्यगुणसंग्रह]]''' नामक ग्रन्थ का निर्माण कर आरम्भ किया एवं द्रव्यगुणशास्त्र को एक स्वतन्त्र शास्त्र के रूप में आयुर्वेदजगत् के सामने लाने का प्रथम प्रयास किया।
चक्रपाणि के इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए २०वीं शती के उत्तरार्द्ध में इस प्रकार के और भी दुर्लक्षित तथा पराधीन शास्त्रों को संयुक्त कर तथा प्राचीन अष्टाङ्ग आयुर्वेद के कुछ कालबाह्य अंगों को घटाकर आचार्य [[प्रियव्रत शर्मा]] द्वारा षोडशाङ्गहृदयम् का सजृन होकर द्रव्यगुणविज्ञान सहित कुछ शास्त्रों को स्वतन्त्र अंगों के रूप में आयुर्वेदजगत् में सर्वमान्य करने के प्रयास को आगे बढ़ाया गया।उन्होने आयुर्वेद को '''षोडशांग''' बना दिया -
: ''मौलिकसिद्धान्ताः, शारीरं, द्रव्यगुणं, भेषजकल्पना, रसशास्त्र, निदान, कायचिकित्सा, स्वस्थवृत्तं, मानसरोगः, रसायनं, वाजीकरणं, अगदतन्त्रं, शल्यं, शालाक्य, कौमारभृत्य, प्रसूतितन्त्रञ्चेति।" (द्रव्यगुणसूत्रम् १/३, ४.)
आयुर्वेद के उपर्युक्त षोडश अंगों में द्रव्यगुणविज्ञान प्रधानतम है क्योंकि स्वास्थ्यरक्षण एवं रोगप्रशमन की सभी क्रियायें द्रव्य के ही आश्रित हैं। गुण, कर्म, द्रव्याश्रित हैं तथा आयुर्वेद के सभी अंग द्रव्यगुण के आश्रित हैं।
== कुछ प्रमुख औषधीय पादपों के द्रव्यगुण ==
{| border="1" cellpadding="2"
! WIDTH=53 HEIGHT=17 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP | क्रमांक
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिन्दी नाम
! WIDTH=92 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रमुख कर्म
! WIDTH=111 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | परिवार
! WIDTH=158 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लैटिन नाम
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पर्याय
! WIDTH=110 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंग्रेजी नाम
! WIDTH=73 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूप
! WIDTH=150 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रासायनिक संघटन
! WIDTH=127 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुण
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रस
! WIDTH=41 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विपाक
! WIDTH=42 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वीर्य
! WIDTH=345 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमयिक प्रयोग
! WIDTH=86 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रयोज्यांग
! WIDTH=57 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खुराक
! WIDTH=182 ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशिष्ट योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="1" SDNUM="16393;" | 1
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymelaeaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aquilaria agallocha
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोह, कृमिज, कृमिजग्ध, अगर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe/ eagle wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वच्य, कर्णनेत्ररोगहर, कफ़हर, वातरक्त, आमवात, श्वास, वाजिकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अगुर्वादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="2" SDNUM="16393;" | 2
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमन्थ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Premna mucronata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जय, श्रीपर्ण, गणिकारिका, वातघ्नी,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंदाग्नि, शोथ, पाण्डु, रसायन, आमवत, प्रमेह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="3" SDNUM="16393;" | 3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिबला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abutilon indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकतिका, कंघी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="4" SDNUM="16393;" | 4
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum heterophyllum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भंगुरा, शुक्ल्कन्दा, घुणवल्लभा, काश्मीरा, शिशुभैषज्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian Atees
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Atisine, hetisine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, अग्निदीपक, ग्राही, ज्वरहर, संग्रहणी, विष, कृमि, वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अतिविषादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="5" SDNUM="16393;" | 5
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्ग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Amaranthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Achyranthes aspera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिखरी, अधशल्य, मयूरक, खरमंजरी, प्रत्यकपुष्पा, आघाट, चिङचिङा, लटजीरा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Prickly chalff flower
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Potass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, वमन, कफ़, मेद, वायु, ह्रद्रोग, अर्श, कण्डु, उदर, अपची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, तण्डुल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपामार्गक्षार -तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="6" SDNUM="16393;" | 6
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Calotropis procera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तूलफल, क्षीरपर्ण, आस्फोट, मदार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Madar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tripsin, Uscarine, Calotropin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, गुल्म, शोथ, आमवात, उदररोग, श्वास, कास, यकृत, अर्बुद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीर, मूल, काण्ड, पत्र, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्कलवण, अर्कतैल, अर्केश्वर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="7" SDNUM="16393;" | 7
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धवल, ककुभ, वीरवृक्ष, नदीसर्ज, इन्द्र्दु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjuna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Arjunetin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, क्षत, क्षय, मेद, प्रमेह, व्रण, प्रमेह पिडिका, कफपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्जुनारिष्ट-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="8" SDNUM="16393;" | 8
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saraca asoca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हेमपुष्प, ताम्रपल्ल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Haematoxylin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, वृर्ण्य, कृष्टार्तव, श्वेत-रक्तप्रदर, रक्तातिसार, गर्भाशयशिथिलताहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अशोकारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="9" SDNUM="16393;" | 9
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Withania somnifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वराहकर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 5 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuseohygrine, withanaloids
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, शुक्रल, रसायन, वात, कफ, श्वित्र, शोथ, क्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगन्धा-रिष्ट-चूर्ण-घृत-रसायान
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="10" SDNUM="16393;" | 10
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्वगोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मॄदुविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plantago ovata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ईषद् गोल, अश्वकर्णबीज, शीतबीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spogel seeds
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucilage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आतिसार, प्रवाहिका, शुष्ककास, तृषा, विबन्ध, अल्सर, अम्लपित्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="11" SDNUM="16393;" | 11
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अहिफ़ेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaveraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papaver somniferum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आफ़ूफ, ओपियम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Opium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Morhhine, Codeine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, सुक्ष्म, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर, धातुशोषक, स्तंभन, पुरुषत्वनाशक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 30-125 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपूररस, अहिफेनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="12" SDNUM="16393;" | 12
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमलकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblica officinalis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धात्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emblic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit C high, galic acid, Ca
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष, शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित अम्लप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तपित, प्रमेह, वृष्य, रसायन, त्रिदोषहर, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | च्यवन्प्राश, ब्रह्मरसायन, धात्रीलौह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="13" SDNUM="16393;" | 13
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्वध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia fistula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | राजवृक्ष, शम्पाक, कृतमाल, चतुरगुंल, दीर्घफल, स्वर्णभूषण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Purging nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sugar, pectine, gultine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, मृदु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वर, ह्रद्रोग, रक्तपित, उदावर्त, विबन्ध, कुष्ठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलमज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरग्यवधादि-तैल-लेह-अरिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="14" SDNUM="16393;" | 14
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्द्रक/शुण्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄप्तिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiber officinale
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागर, महौषध, विश्वभेषज, श्रृंगवेर, आर्द्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dry Ginger
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingirol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध (शुण्ठी) गुरु, रूक्ष, तीक्ष्ण, (आर्दक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर (शुण्ठी) कटु (आर्द्रक)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदांग्नि, जिह्वाकण्ठविशोधन, कुष्ठ, पाण्डु, शीतपित्त, श्वास, कास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सौभाग्यशुण्ठी पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदापनयन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vetiveria zizanoides
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नलद, अमृणाल, खस, समगन्धक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Khaskhas grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तंभन, ज्वर, वमन, दाह, अम्ल्पित्त, तृषा, विसर्प, मूत्रकृच्छ्र, विष, रक्तविकारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उशीरासव, षडंगपानीय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="15" SDNUM="16393;" | 15
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricinus communis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गन्घर्वहस्त, व्याघ्रपुच्छ, पंचागुल,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Castor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्षक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ricine (Poisonus)
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, सुक्ष्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातघ्न, कफ, कृमि, मुत्रकृच्छ्र, गुल्मबस्तिशूलहरं, यकृत, प्लीहा, उदर, अर्श, विबन्ध, आमवातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एरण्ड-पाक-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="16" SDNUM="16393;" | 16
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Elettaria cardamomum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिपुटा, त्रुटि, द्रावङी, सूक्ष्मैला, इलायची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lesser cardamom
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, Mn
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफ, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, मुखगन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | एलादि चूर्ण-गुटिका-मोदक-क्वाथ-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="17" SDNUM="16393;" | 17
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कंकुम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Iridaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crocus sativus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घुसण, रक्त, वाह्लीक, काश्मीर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saffron
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil, Crocin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्य, शिरोरोग, कृमि, वमन, व्यंग(झांई), त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 250-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुंकुमादि-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="18" SDNUM="16393;" | 18
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza kurroa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्ता, कटुरोहणी, काण्डरुहा, मत्स्यशकला, चक्रांगी, कृष्णभेदा, शतपर्वा, कुटकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhiza
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Picrorhizine, Kutkine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदनी, दीपनी, हृद्य, कफपित्तज्वरहर, प्रमेह, श्वास, कास, दाह, कृमि, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, भौमिक काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आरोग्यवर्धिनी, तिक्तादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="19" SDNUM="16393;" | 19
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum surattense
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुस्पर्शा, क्षुद्रा, व्याघ्री, निदिग्धिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Yellow berried night shade
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Diosgenin, kno3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्टकारी घृत, व्याघ्रीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="20" SDNUM="16393;" | 20
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कपिकच्छु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mucuna prurita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आत्मगुप्ता, मर्कटी, कण्डुरा, शूकशिम्बी, केवांच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cowhage
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pruriyenine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, कास, ज्वर, कफवातशामक, पीनस, पार्श्वपीङा, कृमि, हृद्रोग, मूत्रल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, रोम, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वानरी गुटिका, माषबलादि पाचन
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="21" SDNUM="16393;" | 21
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कम्पिलक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mallotus philippinesis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कश, रक्तांग, रेचन, कबीला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kamala tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rottlerin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, रक्त, कृमि, गुल्म, उदर, व्रण, रेचक, प्रमेह, विष, अश्मरीहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फलरज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्रिमिघातनी वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="22" SDNUM="16393;" | 22
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्कट्श्रंगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pistacia integerrima
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अजश्रृंगी, कुलीरविषाणिका, वक्रा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफवातहर, क्षय, ज्वर, श्वास, उर्ध्ववात, तृष्णा, कास, हिक्का, अरुचि, वमनहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रृंग्यादि चूर्ण, बालचतुर्भद्रा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="23" SDNUM="16393;" | 23
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हॄद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum camphora
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | घनसार, चन्द्र, हिमाह्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 100 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Camphor oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, चक्षुष्य, लेखन, कफपित्तविषहर, दाह, तृष्णा, मुखमेदगन्धहर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सत्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-375 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्पूररस-आसव-अर्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डमालानाशन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bauhinia veriegata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गण्डारि, चमरिक, युग्मपत्रक, कर्बुदार, स्वल्पकेशरी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत, ग्राही, कफपित्तहर, कृमि, कुष्ठ, गुदभृंश, गण्डमाला, व्रण, प्रदर, क्षय, कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काञ्चनार गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="24" SDNUM="16393;" | 24
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ/भूनिम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Andrographis paniculata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ, यवतिक्ता,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmegh
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kalmeghin, Andrographolid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकृतविकार, ज्वर, आम, पैत्त्तिकविकार, कृमि, दाह, अम्लपित्त, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कालमेघ-तरल-सत्व
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="25" SDNUM="16393;" | 25
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किराततिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gentianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Swertia chirayata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किरात, चिरायता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chiretta
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mengigerin, Gentianine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारक, शीतल, ज्वरघ्न, सन्निपातज्वर, श्वास, कफपित्त, कास, शोथ, कुष्ठ, व्रण, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुदर्शन चूर्ण, किरातादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="26" SDNUM="16393;" | 26
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holarrhena antidysenterica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गिरीमल्लिका, वत्सक, कलिंग, इन्द्रवृक्ष, कुङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kurchi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conessin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, अतिसार, पित्तरक्त, कफ, तृष्णा, आम, कुष्ठहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुटजा-रिष्ट-अवलेह-सुरा
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="27" SDNUM="16393;" | 27
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुपीलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आक्षेपजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loganiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychnos nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक, काकतिन्दुक, कुचला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nuxvomica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 50 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Strychanine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदकारक, कफपित्तहर, व्यथाहर(वेदना), ग्राही, पक्षाघात, वाजीकर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज मज्जा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 60-250 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषतिन्दुक वटी, नवजीवन रस
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="28" SDNUM="16393;" | 28
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्तविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloe vera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गृहकन्या, घृतकुमारी, ग्वारपाठा,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian aloe
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 2 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aloin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, वातविषहर, वृष्य, चक्षुष्य, रसायन, गुल्म, प्लीहा, यकृत, ग्रन्थि, अग्निदग्ध, रेचनी, अनार्तव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, एलुवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.1-0.2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुमार्यासव, कुमारिकावटी, रजःप्रवर्तनीवटी, कुमारिकापाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="29" SDNUM="16393;" | 29
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Benincasa hispida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पफल, वल्लीफल, बृहतफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | White guard melon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, बस्तिशोधक, मेध्य, अम्लपित्तहर, पित्तशामक, वृष्य, त्रिदोषहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कूष्माण्ड-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="30" SDNUM="16393;" | 30
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄष्णजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carum Blubocastanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काश्मीरजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black Caraway
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्श, आनाह, टी.बी.हर, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="31" SDNUM="16393;" | 31
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acacia catachu
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तसार, दन्तधावन, बालपत्र, कण्टकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cutch tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Catechin, tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, श्वास, कफपित्त, कास, कुष्ठ, व्रण, प्रमेह, श्वित्र, ज्वरघ्न, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, सार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | खदिरादि-वटी-चूर्ण-रिष्ट-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="32" SDNUM="16393;" | 32
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गम्भारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gmelina arboria
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीपर्णी, मधुपर्णिका, काश्मरी, पीतरोहणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, मेध्य, भेदनी, भ्रम, शोष, तृष्णा, शूल, अर्श, विष, दाह, ज्वरहर, फल-केश्य, रसायन, रक्तपित्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="33" SDNUM="16393;" | 33
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुग्गुलू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Commiphora mukul
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवधूप, माहिषाक्ष, पंलकषा, पुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian bedellium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum, vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण, विशद, सुक्ष्म, सर, सुगन्धि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, रसायन, मेह, कास, प्रमेह, कामला, कुष्ठ, क्रिमि, हृद्रोग, वातरक्तहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रप्रभा वटी, योगराज गुग्गुलू
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="34" SDNUM="16393;" | 34
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुडूची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Menispermaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tinospora cardifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुपर्णी, अमृता, छिन्नरुहा, वत्सादनी, तन्त्रिका, कुण्डलनी, चक्रलक्षणिका, गिलोय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Giloin, Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भग्नसंधान, वृष्य, स्वर्य, रसायन, आमवातग्रन्थिहर, कफव्रण अपचीहर, पुराण मेदोहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतारिष्ट, गुडूच्यादि-चूर्ण-सत्व-क्वाथ-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="35" SDNUM="16393;" | 35
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zygophyllaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tribulus terrestris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकण्टक, श्वदंष्ट्रा, त्रिकण्टक, चणद्रुम, वनश्रृंगाट, इक्षुगन्धिका, गोखरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Puncture vine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Harman, No3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधन, वृष्य, अश्मरीहर, प्रमेह, श्वास, कास, अर्श, मूत्रकृच्छ्र, हृद्रोग, स्वप्नदोष वातहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गोक्षुरादि-चूर्ण-अवलेह-गुग्गुलू-क्वाथ-दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="36" SDNUM="16393;" | 36
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalum album
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीखण्ड, गन्धसार, मलयज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sandal wood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Santalol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आह्लादितकर, शोष, विष, श्लेष्मा, पित्त, रक्त, दाहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्दनादि-चूर्ण-वटी-चन्दनासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="37" SDNUM="16393;" | 37
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbaginaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbago zeylanica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्नि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leadwort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Plumbagine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, ग्रहणी, मन्दाग्नि, कुष्ठ, शोथ, अर्श, कृमि, कास, वातकफहर, आमवात
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चित्रकादि वटी, चित्रकहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="38" SDNUM="16393;" | 38
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जटामांसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Valerianaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nordostachys jatamansi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भूतजटा, तपस्वनी, सुलोमशा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spikenard
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य, वर्ण्य, बल्य, त्रिदोषहर, दाह, विसर्प, कुष्ठनाशक, रक्तप्रवाह सन्तुलित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-4 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मांस्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="39" SDNUM="16393;" | 39
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्बू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium cumini
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाफला, फलेन्द्रा, जामुन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jaman
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Jamboline, Strach, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, प्रमेह, भग्न, अतिसार, अत्यार्तव, वमन, रक्तातिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलअस्थि, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जम्ब्वाद्य तैल, पंचपल्लव योग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="40" SDNUM="16393;" | 40
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myristica fragrans
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिकोष, मालतीफल, जायफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nutmeg tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, Myritic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, ग्राही, स्वर्य, वातकफहर, मुखवैरस्यहर, कृमि, कास, श्वास, हृद्रोग, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कोष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जातिफलादि चूर्ण, जातिफलादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="41" SDNUM="16393;" | 41
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cuminum cyminum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जरण, अजाजी, दीर्घजीरक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cummin seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cumaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनाह, वातानुलोमन, स्तन्यजनन, अपचन, अतिसार, अग्निमांद्यहर, ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | जीरकाद्य-चूर्ण-तैल-रिष्ट-मोदक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="42" SDNUM="16393;" | 42
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrus panniculatis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पारावतपदी, काकाण्डी, पीततैला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Staff tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Celastrine, Panniculatine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्ण,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अति उष्ण, वामक, मेधा-जठराग्नि-स्मरणशक्ति वर्धक, वातविकार, आमवात, माईग्रेन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 drop
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्योतिषमति तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="43" SDNUM="16393;" | 43
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालीस
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Abies webbiana
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्राढ्य, धात्रीपत्र, शुकोदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fir
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 150 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कफ़वात, अरुचि, गुल्म, आम, अग्निमांद्य, क्षयरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 2-5 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण-वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="44" SDNUM="16393;" | 44
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pedaliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesamum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Seasamum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit A-B-C, Ca, Fat
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य, केश्य, त्वच्य, दन्त्य, ग्राही, अग्निमतिप्रद, अल्पमूत्रकर, कृष्णतिल श्रेष्ठ, वीर्यप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिलादि गुटिका
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तुलसी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Labiatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ocimum sanctum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुरसा, अपेतराक्षसी, भूतघ्नी, बहुमंजरी, देवदुन्दुभी, सुलभा, ग्राम्या
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Holy basil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil, phenol, Ascarbic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ह्रद्य, अग्निदीपक, कुष्ठ, पार्श्वशूलहर, वातकफ़हर, श्वास, कास, मूल-वीर्यस्तम्भक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, पुष्प, बीज, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="45" SDNUM="16393;" | 45
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवॄत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Operculina terpethum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिभण्डी, सरला, रेचनी, सुवहा, निशोथ्
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian jalap
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terpethine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रेचन, वातहर, पित्तज्वर, कफ़, पित्त, शोथ, उदररोगहर, कामला, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिवृत-चूर्ण-गुटिका-क्वाथ-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="46" SDNUM="16393;" | 46
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lauraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamomum zeylanicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्कट, दारुसिता, दालचीनी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cinnamon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eugenol, Cinnamaldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादिष्ट, तिक्त, वातपित्तहर, सुगन्धि, शुक्रल, बल्य, मुख-शोष-तृष-कैन्सरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, तैल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सितोपलादि चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="47" SDNUM="16393;" | 47
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्ती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तीक्ष्णविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Euphorbiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Baliospermum montanum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदुम्बरपर्णी, एरण्डफला, शीघ्रा, निकुम्भ, प्रत्येकश्रेणी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म/ क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथघ्न, रेचन, उदर, जलोदर, कामला, यकृतविकार, गुल्म, ज्वर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्त्यारिष्ट, दन्त्यादिचूर्ण, दन्तीहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="48" SDNUM="16393;" | 48
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रोचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punicaecae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Punica granatum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दन्तबीज, लोहितपुष्पक, अनार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pomergaranate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pelletierine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, कषाय, अम्ल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सन्तर्पक, शुक्रजनक, ग्राही, मेधाग्निबलवर्धक, हृद्य, कण्ठ, मुखरोगहर, कृमिनाशक स्फीतकृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, फलत्वक, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 20-50 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाङिम-चतुसम-आष्टक-आद्यघृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="49" SDNUM="16393;" | 49
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दारूहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यकॄत्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberis aristata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्वी, कंटकटेरी, पचंमपचा, दारुहल्दी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian berberry
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 6&18 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Berberine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नेत्र-कर्णरोगहर, दीपन, पाचन, ग्राही, गण्डमाला, प्रदर, यकृतप्लीहारोग, कामला, सर्पदंश,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दार्व्यादि-क्वाथ-लेह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="50" SDNUM="16393;" | 50
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रजास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Graminae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cynodon dactylon
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूब, शतपर्वा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Conch grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Protine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफपित्तहर, तृष्णा, दाह, रक्तपित्त, त्वकरोगहर, अश्मरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दूर्वादि क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="51" SDNUM="16393;" | 51
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदारु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cedrus deodara
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भद्रदारू, सुरभूरूह
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Deodar
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महावृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sesquiterpene
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विबन्ध, आध्मान, शोथ, तन्द्रा, हिक्का, ज्वर, प्रमेह, पीनस, कास, कण्डू, वात, वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्ड, सार, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवदार्वादि-क्वाथ-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="52" SDNUM="16393;" | 52
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्नेहोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitis vinefera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदीका, गोस्तनी, दाख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Grape
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glucose
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदु, गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्या, बृंहण, स्वर्या, श्वास, कास, वातरक्त, कामला, शोष, मदात्यहर, सृष्टमूत्रविट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | द्राक्षा-रिष्ट-घृत-क्वाथ-लेह
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="53" SDNUM="16393;" | 53
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lythraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Woodfordia fruticosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातुपुष्पी, वह्निज्वाला, धाय,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Fire flame bush
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म 10 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Lawsone, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, कृमि, पित्तनाशक, अतिसार, प्रदर, प्रवाहिका, आसवारिष्ट में किण्वोत्पति
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धातक्यादि चूर्ण, धातक्यादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="54" SDNUM="16393;" | 54
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तॄष्णानिग्रहण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrum sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, कुस्तुम्बरु, वितुन्नक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriander
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Coriandrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, तृष्णा, दाह, वमन, कास, कृमि, त्रिदोषहर, मुत्रल, आर्द्र पित्तनाशक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | धान्यपंचक क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="55" SDNUM="16393;" | 55
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तस्तम्भन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Guttiferae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua ferrea
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागपुष्प, चाम्पेय, नागचम्पा, पीलानागकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesua
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष मध्यम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mesuol, oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आमपाचन, ज्वर, कण्डू, स्वेद, छर्दि, ह्रल्लास, दुर्गन्ध, कुष्ठ, वीसर्प, पित्त, विष, रक्तपित्त-प्रदर-अतिसार-अर्श
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुंकेशर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | नागकेशरचूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="56" SDNUM="16393;" | 56
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्ब
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कण्डूघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Meliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Azadiracta indica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिचुमर्द, अरिष्ट, हिंगुनिर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Margosa tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nimbine, tannine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कृमि, विष, अरोचक, कुष्ठ, गुल्म, मेह, भेदन, ज्वर, व्रण, अहृद्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निम्बादि-तैल-चूर्ण-रिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="57" SDNUM="16393;" | 57
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vitex nigundo
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सम्हालू, सिन्दुवार, हरेणुका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Five leaved chaste
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Volatile oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, नेत्रहित, शूल, शोथ, आमवात, कृमि, कुष्ठ, अरुचि, ज्वर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पत्र, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्गुण्डी-कल्क-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="58" SDNUM="16393;" | 58
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cucurbitaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trichosanthes dioica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुलक, कर्कशच्छद, राजीफल, बीजगर्भ, परवल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pointed Gourd
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Carbohadrate, 29% seed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचन, हृद्य, वृष्य, अग्निदीपन, कास, ज्वर, त्रिदोष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पटोलादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="59" SDNUM="16393;" | 59
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाण्डु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium cepa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दुर्गन्ध, यवनेष्ठ, मूखदूषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Onion
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl disulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कफकारक, वातहर, बलवीर्यवर्धक, रात्र्यन्धता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3gm seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="60" SDNUM="16393;" | 60
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाश
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Butea monosperma
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | किंशुक, रक्तपुष्प, क्षारश्रेष्ठ, ब्रह्मवृक्ष, समिद्वर, टेसू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid, palasonin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, भग्नसंधानकर, ग्रहणी, अर्श, कृमि, वृष्य, पुष्प-तृड्दाह, वातरक्त, कुष्ठ, फल-प्रमेह, अर्श, कृमि
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्प, बीज, त्वक, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पलाशक्षारघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="61" SDNUM="16393;" | 61
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाटला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Stereospermum suaveolens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुदूती, अतिवल्ल्भा, ताम्रपुष्पी, कृष्णवृन्ता, कुबेराक्षी, कुम्भीपुष्पी, अमोघा, अम्बुवासनी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Gum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, अरुचि, श्वास, शोथ, रक्त, छर्दि, हिक्का, तृषाहर, पुष्प-हृद्य, कण्ठ्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="62" SDNUM="16393;" | 62
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाण भेद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saxifragaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bergenia ligulata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बस्तिशोधक, भेदक, गुल्म, पथरी, हृद्रोग, योनिरोग, प्रमेह, प्लीहा, शूल, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाषाणभेदादि क्वाथ-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="63" SDNUM="16393;" | 63
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पिप्पली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper longum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मागधी, वैदही, कृष्णा, कणा, चपला, तीक्ष्णतण्डुला, उषणा, शोण्डी, कोला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Long pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अनुष्णशीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वास, कास, कुष्ठ, गुल्म, अर्श, मेदकफहर, वृष्य, मेध्य, गुङयुक्त-अग्निवर्धक, जीर्णज्वर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1.5-1gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुङपिप्पली, पिप्पल्यासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="64" SDNUM="16393;" | 64
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रविरेचनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nyctagiinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boerhavia diffusa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा, शोथघ्नी, वर्षाभू, गदहपुरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Spreding Hogweed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | K, No3, Sulphate
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, रक्तवर्धक, उदररोग, विष, अग्निदीपक, ब्रघ्न, शोथ, पाण्डुहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज, पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुनर्नवा-ष्टक-आसव-दिमण्डूर
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="65" SDNUM="16393;" | 65
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बला
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malvaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sida cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वाट्यालिका, खरयष्टिका, बरियार, खिरैंटी, बीजबन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Country mallow
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ephedrine, Steroid, mucin, KNO3
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मूत्रजनन, वाजीकर, प्रदरहर, बल्य, क्षय, श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बलाद्य-घृत-रिष्ट-चन्दनबलालाक्षादि तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="66" SDNUM="16393;" | 66
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralia corylifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृष्णफला, कुष्ठघ्नी, पूतिफली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Psoralea seed
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | psoralin, Fixed oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, त्वकदोषहर, व्रणरोपण, श्वित्र, कुष्ठ, सोरायसिस, विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बाकुची-चूर्ण-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="67" SDNUM="16393;" | 67
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिभीतक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia bellirica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कर्षफल, अक्ष, कलिद्रुम, बहेङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Belliric Myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 60 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, कास, नेत्ररोग, केश्य, कृमि, स्वरभेद, मदकारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तालिसादि चूर्ण, लंवगादि वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="68" SDNUM="16393;" | 68
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्व
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rutaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aegle marmelos
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्रीफल, शोण्डिल्य, शैलूष, मालूर, गन्धगर्भ, सदाफल, महाकपित्थ, ग्रन्थिल, बेल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bael
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Micilage, Pectine, Sugarm Mermelosine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अपक्व-ग्राही, अग्निवर्धक, पित्तकारक, कफनाशक, बलकारक, आन्त्रबलकारक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, त्वक, फल, पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बिल्वपंचक क्वाथ, बिल्वादि चूर्ण, बिल्वतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="69" SDNUM="16393;" | 69
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus marsupium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | असन, पीतशाल, विजयसार,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kino tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Kinotanic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, विसर्प, प्रमेह, श्वित्र, रक्तपित्त, केश्य, त्वक विकारहर, रसायन, अतिसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="70" SDNUM="16393;" | 70
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहती
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Solanum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुद्रभण्टाकी, सिंही,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Soanine, Solanidine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संग्राही, कण्ठ्य, पाचक, अरुचिहर, ज्वर, श्वास, कास, मन्दाग्निहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 40-80 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="71" SDNUM="16393;" | 71
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Scrophulariaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bacopa monnieri
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ऎन्द्री, जलनीम
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian pennywort
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | प्रसरी क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Brhamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आयुष्या, रसायनी, स्वर्या, स्मृतिप्रदा, कुष्ठ, पाण्डु, मेह, रक्त, कास, विष, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मी पानक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="72" SDNUM="16393;" | 72
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भल्लातक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anacardiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpus anacardium
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अरुष्कर, अग्नि, शोफकृत, अग्निमुख
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Marking nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Semicarpol, Bhilawanol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रल, उदररोग, कुष्ठ, ग्रहणी, श्वित्र, अग्निमांद्य, कृमि, व्रण, अर्श, वातकफहर, विबन्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, बीज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृतभल्लातक, तिलारुष्करयोग
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="73" SDNUM="16393;" | 73
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भांरगी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्वासहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Verbaenaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clerodendrum serratum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ब्राह्मणष्ठिका, खरशाक, पद्मा,
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 8 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin antihistamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म, रक्तदोष, शोथ, कास, श्वास, पीनस, ज्वर, अग्निमांद्यहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भारंग्यादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="74" SDNUM="16393;" | 74
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Eclipta alba
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कव, केशराज, केशरंजन
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ecliptine,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | केश्य, रसायन, त्वच्य, कृमि, कास, शोथ, पाण्डु, दन्तरोग, बल्य, कुष्ठ, शिरोरोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भृंगराज तैल, षडबिन्दु तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="75" SDNUM="16393;" | 75
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubia cordifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विकसा, योजनवल्ली, मंजीठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian madder
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Manjistine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वरवर्णकर, विष, कफ, शोथ, योनिरोग, कर्णरोग, रक्तदोष, विसर्प, व्रण, प्रमेहहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मंजिष्ठादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="76" SDNUM="16393;" | 76
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मदनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rubiaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Randia Spinosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छर्दन, पिण्डी, शल्यक, विषपुष्पक, मैनफल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Emetic nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 25 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, मधुर, तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लेखन, वामक, विद्रधिहर, प्रतिश्याय, व्रण, कुष्ठ, कफ, आनाह, गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | १३३ योग च०क० १
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="77" SDNUM="16393;" | 77
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मरिच
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piper nigrum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेल्लज, कृष्ण, उषण, सुवृत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Black pepper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Piperine, Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, कफवात, श्वास, शूल, कृमि,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 0.5-1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिकटु, मरिच्यादि वटी-तैल-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="78" SDNUM="16393;" | 78
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मार्कण्डिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुखविरेचन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Caesalpiniodae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cassia angustifolia
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सनाय, मार्कण्डिका, स्वर्णपत्री
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian senna
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sennodiside
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त, मधुर, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मृदुरेचनी, कुष्ठ, उभयतोभागहर, विष, दुर्गन्ध, कासहर, गुल्म, उदर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | .5-2 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पञ्चसकार चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="79" SDNUM="16393;" | 79
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुशली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus adscendens
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सफ़ेद मूसली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparegin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृष्य, बृंहण, रसायन, गुरुपाकी, अर्श, वातशामक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुसली पाक
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="80" SDNUM="16393;" | 80
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Cyperus rotundus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वारिद, मोथा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Nut grass
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol.oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, दीपन, पाचन, कफ, पित्त, तृष्णा, अरुचि, ज्वर, अतिसार, ग्रहणी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मुस्तकादि क्वाथ-रिष्ट-चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="81" SDNUM="16393;" | 81
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शूलप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Trachyspermum ammi
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानी, अजमोदिका, दीप्यका, अजवायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ajowan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 3 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Thymol, carvacrol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन, पाचन, रुच्य, पित्तकर, शुक्रशूलहर, वातकफ़-उदर-आनाह-गुल्म-प्लीहा-कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यवानिकाचूर्ण, यवानीषाडव, यवान्यार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="82" SDNUM="16393;" | 82
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्टीमधु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhiza glabra
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुक, क्लीतक, मधुयष्ठी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liquorice
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Glycyrrhizin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, बलवर्णकर, शुक्रल, केश्य, स्वर्या, पित्तवातरक्तजित, व्रण, शोथ, विष, छर्दि, अम्लक्षयहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | यष्ट्यादि-चूर्ण-क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="83" SDNUM="16393;" | 83
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दाहप्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Papilionatae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpus santalinus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लालचन्दन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Red sanders
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pterocarpin, Santalin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तृष्णा, नेत्ररोग, वृष्य, व्रण, वमन, विष, रक्तपित्त, ज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | काण्डसार
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="84" SDNUM="16393;" | 84
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसोन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allium sativum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उग्रगन्ध, यवनेष्ठ,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Garlic
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Allyl-propyl sulphide
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, तीक्ष्ण, गुरु, पिच्छिल, सर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस अम्लरहित
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, पाचन, सर, सन्धानकर, कन्ठ्य, बलवर्णकर, मेध्य, रसायन, चक्षुष्य, हृद्रोग, ज्वर, कुक्षिशूल, गुल्म, अर्श, वातकफहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="85" SDNUM="16393;" | 85
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्ना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वेदनास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Compositae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pluchea lanceolata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | युक्ता, एलापर्णी, सुरभी
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Quersitine, Puchine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उदररोग, विष, ८० विकार वातनाशक, कास, शोथ, ज्वर, वातरक्त, सिध्महर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रास्नादि-क्वाथ-घृत-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="86" SDNUM="16393;" | 86
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लवंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrtaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Syzygium aromaticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | देवकुसम, श्रीप्रसून, चन्दनपुष्पक, वारिज
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Clove
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 30 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vit. & Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चक्षुष्य, कफपित्तशामक, तृष्णा, छर्दि, आध्मान, शूलहर, कास, श्वास, हिक्का, क्षय, अम्लपित्तहर, दन्तपीङाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुष्पकलिका
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अविपत्तिकर चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="87" SDNUM="16393;" | 87
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्र
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आर्तवसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Symplocos recemosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्थूल्वल्कल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Loturine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, चक्षुष्य, कफपित्तहर, रक्तपित्त, रक्तप्रदर, अतिसार, प्रवाहिका, श्लीपद, शोथहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लोध्रासव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="88" SDNUM="16393;" | 88
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वचा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | संज्ञास्थापन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Araceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acorus calamus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | षडग्रन्था, गोलोमी, उग्रगन्धा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Sweet flag
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | A & b -Asarone
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वामक, अग्निवर्धक, विबन्धहर, आध्मान, शूल, उन्माद, कृमिहर, वचनशक्तिवर्धक,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, काण्ड
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारस्वत चूर्ण
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="89" SDNUM="16393;" | 89
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूत्रसंग्रहणीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ficus bangalensis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्यग्रोध, बहुपाद, बङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Banyan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ग्राही, व्रणहर, वर्ण्य, दाहग्न, प्रमेह, व्यंग, योनिदोषहर,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल, क्षीर, प्ररोह, पत्र, त्वक~
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | न्योग्राधादि-चूर्ण-घृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="90" SDNUM="16393;" | 90
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वत्सनाभ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेद जनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ranunculaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitum ferox
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अमृत, विष, मीठाविष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Monk's hood
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Aconitine, PsudoAco..
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, तीक्ष्ण, लघु, व्यवायी, विकासी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | ज्वरघ्न, स्वेदजनन, हृदयोत्तेजक, पीङाशामक, शोथहर, कफवातहर, बल्य, अग्निमांद्य, ग्रहणी, अतिसारहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 15 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | आनन्दभैरव रस, रामबाण, कफकेतु
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="91" SDNUM="16393;" | 91
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरूण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अश्मरी भेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Capparidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Crataeva nurvala
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्तशाक, बरना
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Three leaved caper
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin, Tannin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | भेदन, मूत्रकृच्छृहर, अश्मरीभेदन, गुल्म, वातरक्तहर, अग्नि-पित्तवर्धक, पत्र-मेदहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वरुणादि क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="92" SDNUM="16393;" | 92
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छेदन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatoda vasica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सिंहास्य, वाजिदन्त, आटरुषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Malabar Nut
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Adhatodic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हृद्य, कास, श्वास, रक्तपित्त, ज्वर, प्रमेह, कुष्ठ, क्षयहर, कृमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पत्र, मूल, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वासारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="93" SDNUM="16393;" | 93
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कॄमिघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Myrsinaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelia ribes
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कृमिघ्न, चित्रतण्डुल, वायविडंग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Embelin, christembine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निमांद्य-शूल-आध्मान-उदर-कृमि-वात-विबन्धहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विडंगादि-चूर्ण-लौह-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="94" SDNUM="16393;" | 94
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बल्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Pueraria tuberosa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वादुकन्दा, इक्षुकन्दा, गजवाजिप्रिया, कन्दपलाश, भूमिकुष्माण्ड, विदारीकन्द, पतालकोहङा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian kudju
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | carbohydrate 64%
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृंहण, स्तन्यशुक्रबलवर्णकर, स्वर्य, मूत्रल, पित्तरक्तवातदाहहर, रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="95" SDNUM="16393;" | 95
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मेध्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulaceace
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Convolvulus pluriculis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षीरपुष्पी, मांगल्यकुसमा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुवर्षायु क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Shankhpuspine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर, मेध्य, वृष्य, रसायन, मानसरोगहर, अपस्मार, विष, कुष्ठहर, स्मृति, कान्तिप्रद
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शंखपुष्पी पानक, मेध्यकषाय
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="96" SDNUM="16393;" | 96
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातानुलोमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Anethum sowa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | छत्रा, सोया
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dill
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Vol oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, वातानुलोमन, व्रण, शूल, नेत्ररोगहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अर्क, तैल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतपुष्पार्क
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="97" SDNUM="16393;" | 97
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वॄष्य
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Liliaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asparagus racemosus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बहुशुता, शतवीर्या, शतमूली, अतिरसा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन, मेध्य, अग्निवर्धक, पुष्टिदायक, स्तन्यवर्धक, शुक्रवर्धक, चक्षुष्य, वातपित्तहर, शोथहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शतावरीघृत, नारायणतैल, विष्णुतैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="98" SDNUM="16393;" | 98
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शल्लकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Burseraceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Boswellia serrata
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सुस्रवा, गजभक्ष्या, सलई, कुन्दुरू
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian olibanum tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | oleo resin gum, Boswellia oil
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पित्त, श्लेष्म, अतिसारहर, रक्तपित्त, व्रणहर, पुष्टिकर, अर्शहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="99" SDNUM="16393;" | 99
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्णी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अंगमर्द प्रशमन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Leguminosae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Desmodium gangeticum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विदारीगन्धा, अंशुमती, सरिवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 4 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Resin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वमन, ज्वर, श्वास, अतिसार, शोष, त्रिदोषनाशक, रसायन, विष, कृमिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शालपर्ण्यादि क्वाथ, दशमूलारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="100" SDNUM="16393;" | 100
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मली
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पुरीषविरजनीय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bombacaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Salmalia malabarica
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मोचा, पिच्छिल, रक्तपुष्प, स्थिरायु, कंटकाढ्य, तुलिनी, सेमल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Silk cottan tree
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 125 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannic acid, Gallic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, पिच्छिल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीतल, रसायन, वातरक्त, रक्तपित्त, संग्राही, वृष्य, पौष्टिक, युवानपिडिकाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल, पुष्प, फल, निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शाल्मलिघृत
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="101" SDNUM="16393;" | 101
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिरीष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Mimosoideae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Albizzia lebbeck
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुकतरु, कपितन, भन्डीर, शुकप्रिय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Tannin, Saponin
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कषाय, तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कोष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वातहर, शुक्रस्तम्भन, शोथ, विसर्प, विष, कास, गन्डमालाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक, पत्र, बीज, पुष्प
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | महाशिरीष अगद, शिरीषारिष्ट
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="102" SDNUM="16393;" | 102
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभान्जन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | स्वेदोपग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringa oleifera
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शिग्रु, तीक्ष्णगन्धा, मोचक, अक्षीव
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Drumastic plant
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Moringine, Pterygospermine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, तीक्ष्ण, चक्षुष्य, शोथ, कृमि, मेदोरोग, अपची, विष, गलगन्ड, व्रणहर, पत्र-वेदनाहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बीज, मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-3 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शोभाञ्जनादि लेप
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="103" SDNUM="16393;" | 103
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | श्योनाक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उपशोषक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Bignoniaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylum indicum
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | टुण्टुक, कुटन्नट, भल्लूक, पृथुशिम्ब, सोनापाठा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष 40 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Oroxylin, Baicalein
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अग्निदीपक, मलसंग्राहक, शोथ, अतिसार, आमातिसार, संग्रहणी, कर्णस्राव-शूलहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूलत्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | बृहत्पञ्चमूल क्वाथ
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="104" SDNUM="16393;" | 104
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तपर्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विषमज्वरघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Alstonia scholaris
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | विशालत्वक, शारद, विषम्च्छद, छितवन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Dita
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ditamine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कषाय
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | व्रण, वातकफहर, कुष्ठ, जन्तुघ्न, दीपन, गुल्महर, श्वास, विषमज्वरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्वक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 50-100 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सप्तच्छ्दादि-क्वाथ-वटी-तैल
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="105" SDNUM="16393;" | 105
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगंधा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निद्राजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Apocynaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Rauwolfia serpentina
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | चन्द्रमार, धवलविटप
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Reserpine
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शामक, उच्चरक्तचाप, उन्माद, अनिद्रा, अपस्मारहर, मानसिकव्याधिहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 1-2Gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सर्पगन्धाघन वटी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="106" SDNUM="16393;" | 106
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रक्तप्रसाधन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asclepidaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Hemidesmus indicus
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उत्पलसारिवा, गोपवल्ली, अनन्तमूल, कपूरी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Indian sarsaparilla
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लता
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Methoxy salicylic aldehyde
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुरु, स्निग्ध
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर, तिक्त
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शुक्रकर, अग्निमांद्य, अरुचि, श्वास, कास, आम, विषनाशन, त्रिदोषहर, रक्तप्रदरहर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मूल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 5-10 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सारिवादि-क्वाथ-वटी-अवलेह-आसव
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="107" SDNUM="16393;" | 107
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सैरेयक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Acanthaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Barleria prionitis
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहचर, झिण्टी, पियाबासा
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | गुल्म
| ALIGN=RIGHT VALIGN=TOP SDVAL="0" SDNUM="16393;" | 0
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठ, वातरक्त, कण्डु, विषहर, केशरंजक
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचांग
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 10-20 ml
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="108" SDNUM="16393;" | 108
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्रा
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कुष्ठघ्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Zingiberaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcuma longa
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कांचनी, कृमिघ्ना, निशा, गौरी, योषितप्रिया,
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Turmeric
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Curcumine, Vit. A
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रूक्ष, लघु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | तिक्त, कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वर्ण्या, त्वग्दोष, मेह, रक्तविकार, शोथ, पाण्डू, व्रण, शीतपित्त, कास, अस्थिभग्न
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कन्द
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP |
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरिद्राखण्ड
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="109" SDNUM="16393;" | 109
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हरीतकी
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रसायन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Combretaceae
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Terminalia chebula
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभया, पथ्या, हरङ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Chebulic myrobalan
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | वृक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | chubulic acid
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, रूक्ष
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पंचरस लवणवर्जित कषायप्रधान
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | मधुर
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | शीत
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | त्रिदोषहर, मलशोधक, संग्राही, रसायन, पाण्डू, नेत्ररोग, उदर, प्रमेह, अर्श, कास, व्रण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | फल
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 3-6 gm
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | अभयारिष्ट, अगस्त्यहरीतकी
|-
| HEIGHT=25 ALIGN=CENTER VALIGN=TOP SDVAL="110" SDNUM="16393;" | 110
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | हिंगु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | दीपन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Umbelliferare
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Ferula narthex
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | सहस्त्रवेधि, जतुक, बाह्लीक, रामठ
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | Asafoetida
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | क्षुप 6 फीट
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | V.oil, Asaresinotannol
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | लघु, स्निग्ध, तीक्ष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | कटु
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | उष्ण
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | पाचक, रूचिकारक, वातकफहर, शूल, गुल्म, उदर, आनाह, कृमि, आर्तवजनन
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | निर्यास
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | 125-500 mg
| ALIGN=LEFT VALIGN=TOP | रजप्रवर्तनी वटी, हिंगुकर्पुर वटी
|}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[औषध-प्रभाव-विज्ञान]] (PHARMACOLOGY)
* [[मान्य औषधकोश]] या 'मैटेरिया मेडिका' -- एलोपैथी का द्रव्यगुणविज्ञान
* [[पंचमहाभूत]] , [[त्रिगुण]] और [[रस शास्त्र|रस]]
* [[भैषज्यकल्पना]]
* [[पदार्थ विज्ञान]] (material science)
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20190325171210/http://bric-medplant.org/ Dravyaguna Database] - A Tribute to the Indian Medical Heritage
* [https://sa.wiktionary.org/wiki/%E0%A4%94%E0%A4%B7%E0%A4%A7%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%82_%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF औषधीय पादपों के संस्कृत एवं वैज्ञानिक नाम]
* [https://web.archive.org/web/20160426062535/http://www.ayurveda.hu/api/API-Vol-1.pdf THE AYURVEDIC PHARMACOPOEIA OF INDIA, PART-I VOLUME – I]
* [https://web.archive.org/web/20160914234559/http://www.wikidoc.org/index.php/Dravyaguna_Vijnan Dravyaguna Vijnan]
* [https://web.archive.org/web/20120311061247/http://iu.ff.cuni.cz/pandanus/database/ Pandanus Project : database of Indian plant names (616 plants)]
* [https://web.archive.org/web/20160722122021/http://www.ayurveda-florida.com/Ayurvedic_Materia_Medica_Articles/Table2.htm Table of Ayurvedic Plants and Minerals with Sanskrit (and Synonyms), Common, and Botanical Names]
* [https://web.archive.org/web/20130208144646/http://healthcarefriend.blogspot.in/ स्वास्थ्य रक्षक सखा] (हिन्दी ब्लॉग)
* [https://web.archive.org/web/20160306202158/http://indianmedicine.tripod.com/ Medicinal plants (Dravyaguna)]
* [https://web.archive.org/web/20101122072726/http://ethnoleaflets.com/leaflets/value.htm Ayurvedic Pharmaceutical Sciences-Challenges Ahead]
* [https://web.archive.org/web/20141219073130/http://singleherbs.blogspot.in/ Single Ayurvedic Herbs : My Experience ]
{{आयुर्वेद}}
[[श्रेणी:आयुर्वेद]]
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उत्पादक मूल्य सूचकांक
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6553323
wikitext
text/x-wiki
एक '''उत्पादक मूल्य सूचकांक''' (पीपीआई) एक मूल्य सूचकांक है जो घरेलू उत्पादकों द्वारा उनके उत्पादन के लिए प्राप्त कीमतों में औसत परिवर्तन को मापता है। खर्च के हिस्से के रूप में निर्मित वस्तुओं में लगातार गिरावट से इसका महत्त्व कम हो रहा है।
==संबंधित उपाय==
कई देश जो अब उत्पादक मूल्य सूचकांक की रिपोर्ट करते हैं, पहले थोक मूल्य सूचकांक की सूचना देते थे।<ref>{{cite news |title=मुद्रास्फीति का आकलन |url=https://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=185925 |accessdate=20 मार्च 2022 |archive-date=25 मार्च 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220325044949/https://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=185925 |url-status=dead }}</ref>
==दुनिया भर में पीपीआई==
===संयुक्त राज्य अमेरिका===
अमेरिका में, PPI को 1978 तक थोक मूल्य सूचकांक या WPI के रूप में जाना जाता था। PPI श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा प्रकाशित सांख्यिकीय डेटा की सबसे पुरानी निरंतर प्रणालियों में से एक है, साथ ही सबसे पुराने आर्थिक समय में से एक है। संघीय सरकार द्वारा संकलित शृंखला।<ref>{{cite web |title=निर्माता कीमतें |url=http://www.bls.gov/opub/hom/homch14_a.htm |accessdate=18 मई 2022 |archive-date=13 दिसंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101213024233/http://www.bls.gov/opub/hom/homch14_a.htm |url-status=bot: unknown }}</ref> सूचकांक की उत्पत्ति 1891 के अमेरिकी सीनेट के प्रस्ताव में पाई जा सकती है, जो वित्त पर सीनेट समिति को "आयात और निर्यात, वृद्धि, विकास, उत्पादन और कृषि और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों पर टैरिफ कानूनों के प्रभावों की जांच करने के लिए अधिकृत करती है। देश और विदेश में"।<ref>{{cite news |title=निर्माता मूल्य सूचकांक |url=https://www.bls.gov/ppi/home.htm |accessdate=18 मई 2022}}</ref>
===भारत===
भारतीय थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पहली बार 1902 में प्रकाशित हुआ था, और अब यह CPI का उपयोग करता है। पीपीआई अभी तक भारत में तैयार नहीं किया गया है।<ref>{{cite news |title=बड़ी कंपनियों के दबाव में उत्पादक मूल्य सूचकांक नहीं ला पाई सरकार |url=https://amritvichar.com/government-could-not-bring-producer-price-index-under-pressure-from-big-companies/ |accessdate=30 मई 2021 |archive-date=30 मई 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210530132008/https://amritvichar.com/government-could-not-bring-producer-price-index-under-pressure-from-big-companies/ |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite news |title=नई WPI श्रृंखला: भारत अर्थव्यवस्था में वास्तविक मूल्य दबाव को बेहतर ढंग से मापने के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांक की अवधारणा की ओर बढ़ता है |url=https://www.financialexpress.com/economy/new-wpi-series-india-moves-to-concept-of-producer-price-index-to-better-gauge-actual-price-pressure-in-economy/666547/ |accessdate=13 मई 2017 |publisher=वित्तीय एक्सप्रेस}}</ref><ref>{{cite news |title=भाषण और साक्षात्कार - "मैंने कई बार कहा है कि मुद्रास्फीति एक भयावह जानवर है।" |url=https://rbi.org.in/scripts/BS_SpeechesView.aspx?Id=457 |accessdate=14 जनवरी 2010}}</ref>थोक मूल्य सूचकांक’ को ‘उत्पादक मूल्य सूचकांक’ में बदलने की तैयारी कर रहा है। <ref>{{cite news |title=थोक मूल्य सूचकांक’ को ‘उत्पादक मूल्य सूचकांक’ में बदलने की तैयारी कर रहा है। |url=http://www.univarta.com/news/business/story/870287.html |accessdate=14 मई 2017 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
==यह सभी देखें==
* [[उपभोक्ता मूल्य सूचकांक]]
* [[मुद्रा स्फ़ीति]]
* [[प्रतिस्थापन]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://hi.tradingeconomics.com/country-list/producer-price-index उत्पादक मूल्य सूचकांक - डेटा - आर्थिक संकेतक]
* [https://zeenews.india.com/hindi/news/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0/%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9F/165935 चीन के उत्पादक मूल्य सूचकांक में गिरावट]
* [http://www.imf.org/external/np/sta/tegppi/index.htm आईएमएफ पीपीआई मैनुअल]
* [http://www.bls.gov/ppi/ यूनाइटेड स्टेट्स पीपीआई होमपेज]
* [http://www.bls.gov/ppi/home.htm#data यूएस पीपीआई आंकड़े प्राप्त करें]
* [https://fraser.stlouisfed.org/title/63 ऐतिहासिक पीपीआई रिलीज]
* [http://www.frenchkpi.com/french-ppi-composition-and-evolution/ फ्रेंच पीपीआई रचना और विकास] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160625094906/http://www.frenchkpi.com/french-ppi-composition-and-evolution/ |date=25 जून 2016 }}
== सन्दर्भ ==
0ibpmc8d75rxd6x6cf5ra89tg8zwtok
आर्य अष्टांगिक मार्ग
0
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6553250
6514548
2026-05-17T00:48:34Z
Sequencesolved
173771
एक चित्र जोड़ा।
6553250
wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=जून 2015}}
[[चित्र:Dharmachakra.jpg]]
'''आर्य अष्टांगिक मार्ग ''' ([[संस्कृत]] : ''आर्याष्टाङ्गमार्ग'' या ''अष्टसम्यङ्मार्ग'' ; [[पालि]] : ''अरियो अट्ठङ्गिको मग्गो'') [[गोतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] की प्रमुख शिक्षाओं में से एक है जो दुखों से मुक्ति पाने एवं तथ्य-ज्ञान के साधन के रूप में बताया गया है।<ref name="गौतम बुद्ध">{{Cite web |url=https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html |title=गौतम बुद्ध का सम्पूर्ण जीवन |access-date=23 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190923215858/https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html |archive-date=23 सितंबर 2019 |url-status=dead }}</ref> 'अष्टाङ्गिक' का अर्थ है- 'आठ अंगों वाला'। अष्टांग मार्ग के सभी 'मार्ग' , 'सम्यक्' शब्द से आरम्भ होते हैं (सम्यक् = अच्छी, उपयुक्त, या सही)। बौद्ध प्रतीकों में प्रायः अष्टांग मार्गों को [[धर्मचक्र]] के आठ ताड़ियों (spokes) द्वारा निरूपित किया जाता है।
{{बौद्ध धर्म}}
बौद्ध धर्म के अनुसार, चौथे [[आर्यसत्य|आर्य सत्य]] (अर्थात '''मार्ग''' या 'दुःख निरोध पाने का रास्ता') के लिये अष्टांगिक मार्ग है।
#'''''सम्यक् दृष्टि''' : चार आर्य सत्य में विश्वास करना
#'''''सम्यक् संकल्प''' : मानसिक और नैतिक विकास की प्रतिज्ञा करना
#'''''सम्यक् वाक्''' : हानिकारक बातें और झूठ न बोलना
#'''''सम्यक् कर्म''' : हानिकारक कर्म न करना
#'''''सम्यक् जीविका''' : कोई भी स्पष्टतः या अस्पष्टतः हानिकारक व्यापार न करना
#'''''सम्यक् व्यायाम''' : अपने आप सुधरने की कोशिश करना
#'''''सम्यक् स्मृति''' : स्पष्ट ज्ञान से देखने की मानसिक योग्यता पाने की कोशिश करना
#'''''सम्यक् समाधि''' : निर्वाण पा कर स्वयं की मुक्ति होना
ये अष्टाङ्गिक मार्ग '''सम्यक् प्रज्ञा''', '''सम्यक् शील''' और '''सम्यक समाधि''' इन तीन के अन्तर्गत आते हैं जो निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है-
{| class="wikitable"
|-
! style="background:#eee; text-align:center;" | विभक्ति'''!! style="background:#eee; text-align:center;" |अष्टाङ्गिक मार्ग
|-
| style="background:#cff;" rowspan="2" | सम्यक् [[प्रज्ञा (बौद्ध धर्म)|प्रज्ञा]] || style="background:#cff;" |१. सम्यक् दृष्टि
|-
| style="background:#cff;" |२. सम्यक् सङ्कल्प
|-
| style="background:#cfc;" rowspan="3" | सम्यक् [[शील (बौद्ध धर्म)|शील]] || style="background:#cfc;" |३. सम्यक वाक्य
|-
| style="background:#cfc;" | ४. सम्यक् कर्म
|-
| style="background:#cfc;" | ५. सम्यक् आजीविका
|-
| style="background:#fc9;" rowspan="3" | सम्यक् [[समाधि (बौद्ध धर्म)|समाधि]] || style="background:#fc9;" |६. सम्यक प्रयत्न
|-
| style="background:#fc9;" | ७. सम्यक् स्मृति
|-
| style="background:#fc9;" | ८. सम्यक् समाधि
|-
|}
कुछ लोग आर्य अष्टांग मार्ग को पथ की तरह समझते है, जिसमें आगे बढ़ने के लिए, पिछले के स्तर को पाना। और लोगों को लगता है कि इस मार्ग के स्तर सब साथ-साथ पाए जाते है। मार्ग को तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया जाता है : प्रज्ञा, शील और समाधि।
: ''कतमञ्च, भिक्खवे, दुक्खनिरोधगामिनी पटिपदा अरियसच्चं? अयमेव अरियो अट्ठङ्गिको मग्गो सेय्यथिदं – सम्मादिट्ठि सम्मासङ्कप्पो सम्मावाचा सम्माकम्मन्तो सम्माआजीवो सम्मावायामो सम्मासति सम्मासमाधि। ''
: (अर्थ - भिक्षुओ, दुःख-निरोध-गामिनी प्रतिपदा आर्यसत्य कौन सा है? यही आर्य अष्टांगिक मार्ग है जो ये हैं- सम्यक् दृष्टि, सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाणी, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीविका, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि।
==परिचय==
[[गौतम बुद्ध|भगवान् बुद्ध]] ने बताया कि तृष्णा ही सभी दु:खों का मूल कारण है। तृष्णा के कारण संसार की विभिन्न वस्तुओं की ओर मनुष्य प्रवृत्त होता है; और जब वह उन्हें प्राप्त नहीं कर सकता अथवा जब वे प्राप्त होकर भी नष्ट हो जाती हैं तब उसे दु:ख होता है। तृष्णा के साथ मृत्यु प्राप्त करनेवाला प्राणी उसकी प्रेरणा से फिर भी जन्म ग्रहण करता है और संसार के दु:खचक्र में पिसता रहता है। अत: तृष्णा का सर्वथा प्रहाण करने का जो मार्ग है वही मुक्ति का मार्ग है। इसे दु:ख-निरोध-गामिनी प्रतिपदा कहते हैं। भगवान् बुद्ध ने इस मार्ग के आठ अंग बताए हैं :
:''सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वचन, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीविका, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि।
इस मार्ग के प्रथम दो अंग प्रज्ञा के और अंतिम तीन समाधि के हैं। बीच के तीन शील के हैं। इस तरह शील, समाधि और प्रज्ञा इन्हीं तीन में आठों अंगों का सन्निवेश हो जाता है। शील शुद्ध होने पर ही आध्यात्मिक जीवन में कोई प्रवेश पा सकता है। शुद्ध शील के आधार पर मुमुक्षु ध्यानाभ्यास कर समाधि का लाभ करता है और समाधिस्थ अवस्था में ही उसे सत्य का साक्षात्कार होता है। इसे प्रज्ञा कहते हैं, जिसके उद्बुद्ध होते ही साधक को सत्ता मात्र के अनित्य, अनाम और दु:खस्वरूप का साक्षात्कार हो जाता है। प्रज्ञा के आलोक में इसका अज्ञानांधकार नष्ट हो जाता है। इससे संसार की सारी तृष्णाएं चली जाती हैं। वीततृष्ण हो वह कहीं भी अहंकार ममकार नहीं करता और सुख दु:ख के बंधन से ऊपर उठ जाता है। इस जीवन के अनंतर, तृष्णा के न होने के कारण, उसके फिर जन्म ग्रहण करने का कोई हेतु नहीं रहता। इस प्रकार, शील-समाधि-प्रज्ञावाला मार्ग आठ अंगों में विभक्त हो आर्य आष्टांगिक मार्ग कहा जाता है।
==इन्हें भी देखें==
* [[आर्यसत्य]] (पालि : अरियसच्चं)
* [[मध्यमा प्रतिपद]] या [[मध्यमा प्रतिपद|मध्यम मार्ग]]
* [[अष्टांग योग]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20190923215858/https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html गौतम बुद्ध की अद्भुत् जीवनी]
*[https://web.archive.org/web/20190402123036/http://hindi.webdunia.com/buddhism-religion/%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97-109012400034_1.htm बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग] (वेबदुनिया)
*[सुत्त पिटक, अनुगुत्तर निकाय, एकक निपात ,सुत्त संख्या -1 &175 to 185.]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:बौद्ध दर्शन]]
{{बौद्ध धर्म विषयावली}}
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{{स्रोतहीन|date=जून 2015}}
[[चित्र:Jokhang15.JPG]]
[[चित्र:Dharmachakra.jpg]]
'''आर्य अष्टांगिक मार्ग ''' ([[संस्कृत]] : ''आर्याष्टाङ्गमार्ग'' या ''अष्टसम्यङ्मार्ग'' ; [[पालि]] : ''अरियो अट्ठङ्गिको मग्गो'') [[गोतम बुद्ध|भगवान बुद्ध]] की प्रमुख शिक्षाओं में से एक है जो दुखों से मुक्ति पाने एवं तथ्य-ज्ञान के साधन के रूप में बताया गया है।<ref name="गौतम बुद्ध">{{Cite web |url=https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html |title=गौतम बुद्ध का सम्पूर्ण जीवन |access-date=23 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190923215858/https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html |archive-date=23 सितंबर 2019 |url-status=dead }}</ref> 'अष्टाङ्गिक' का अर्थ है- 'आठ अंगों वाला'। अष्टांग मार्ग के सभी 'मार्ग' , 'सम्यक्' शब्द से आरम्भ होते हैं (सम्यक् = अच्छी, उपयुक्त, या सही)। बौद्ध प्रतीकों में प्रायः अष्टांग मार्गों को [[धर्मचक्र]] के आठ ताड़ियों (spokes) द्वारा निरूपित किया जाता है।
{{बौद्ध धर्म}}
बौद्ध धर्म के अनुसार, चौथे [[आर्यसत्य|आर्य सत्य]] (अर्थात '''मार्ग''' या 'दुःख निरोध पाने का रास्ता') के लिये अष्टांगिक मार्ग है।
#'''''सम्यक् दृष्टि''' : चार आर्य सत्य में विश्वास करना
#'''''सम्यक् संकल्प''' : मानसिक और नैतिक विकास की प्रतिज्ञा करना
#'''''सम्यक् वाक्''' : हानिकारक बातें और झूठ न बोलना
#'''''सम्यक् कर्म''' : हानिकारक कर्म न करना
#'''''सम्यक् जीविका''' : कोई भी स्पष्टतः या अस्पष्टतः हानिकारक व्यापार न करना
#'''''सम्यक् व्यायाम''' : अपने आप सुधरने की कोशिश करना
#'''''सम्यक् स्मृति''' : स्पष्ट ज्ञान से देखने की मानसिक योग्यता पाने की कोशिश करना
#'''''सम्यक् समाधि''' : निर्वाण पा कर स्वयं की मुक्ति होना
ये अष्टाङ्गिक मार्ग '''सम्यक् प्रज्ञा''', '''सम्यक् शील''' और '''सम्यक समाधि''' इन तीन के अन्तर्गत आते हैं जो निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है-
{| class="wikitable"
|-
! style="background:#eee; text-align:center;" | विभक्ति'''!! style="background:#eee; text-align:center;" |अष्टाङ्गिक मार्ग
|-
| style="background:#cff;" rowspan="2" | सम्यक् [[प्रज्ञा (बौद्ध धर्म)|प्रज्ञा]] || style="background:#cff;" |१. सम्यक् दृष्टि
|-
| style="background:#cff;" |२. सम्यक् सङ्कल्प
|-
| style="background:#cfc;" rowspan="3" | सम्यक् [[शील (बौद्ध धर्म)|शील]] || style="background:#cfc;" |३. सम्यक वाक्य
|-
| style="background:#cfc;" | ४. सम्यक् कर्म
|-
| style="background:#cfc;" | ५. सम्यक् आजीविका
|-
| style="background:#fc9;" rowspan="3" | सम्यक् [[समाधि (बौद्ध धर्म)|समाधि]] || style="background:#fc9;" |६. सम्यक प्रयत्न
|-
| style="background:#fc9;" | ७. सम्यक् स्मृति
|-
| style="background:#fc9;" | ८. सम्यक् समाधि
|-
|}
कुछ लोग आर्य अष्टांग मार्ग को पथ की तरह समझते है, जिसमें आगे बढ़ने के लिए, पिछले के स्तर को पाना। और लोगों को लगता है कि इस मार्ग के स्तर सब साथ-साथ पाए जाते है। मार्ग को तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया जाता है : प्रज्ञा, शील और समाधि।
: ''कतमञ्च, भिक्खवे, दुक्खनिरोधगामिनी पटिपदा अरियसच्चं? अयमेव अरियो अट्ठङ्गिको मग्गो सेय्यथिदं – सम्मादिट्ठि सम्मासङ्कप्पो सम्मावाचा सम्माकम्मन्तो सम्माआजीवो सम्मावायामो सम्मासति सम्मासमाधि। ''
: (अर्थ - भिक्षुओ, दुःख-निरोध-गामिनी प्रतिपदा आर्यसत्य कौन सा है? यही आर्य अष्टांगिक मार्ग है जो ये हैं- सम्यक् दृष्टि, सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाणी, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीविका, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि।
==परिचय==
[[गौतम बुद्ध|भगवान् बुद्ध]] ने बताया कि तृष्णा ही सभी दु:खों का मूल कारण है। तृष्णा के कारण संसार की विभिन्न वस्तुओं की ओर मनुष्य प्रवृत्त होता है; और जब वह उन्हें प्राप्त नहीं कर सकता अथवा जब वे प्राप्त होकर भी नष्ट हो जाती हैं तब उसे दु:ख होता है। तृष्णा के साथ मृत्यु प्राप्त करनेवाला प्राणी उसकी प्रेरणा से फिर भी जन्म ग्रहण करता है और संसार के दु:खचक्र में पिसता रहता है। अत: तृष्णा का सर्वथा प्रहाण करने का जो मार्ग है वही मुक्ति का मार्ग है। इसे दु:ख-निरोध-गामिनी प्रतिपदा कहते हैं। भगवान् बुद्ध ने इस मार्ग के आठ अंग बताए हैं :
:''सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वचन, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीविका, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि।
इस मार्ग के प्रथम दो अंग प्रज्ञा के और अंतिम तीन समाधि के हैं। बीच के तीन शील के हैं। इस तरह शील, समाधि और प्रज्ञा इन्हीं तीन में आठों अंगों का सन्निवेश हो जाता है। शील शुद्ध होने पर ही आध्यात्मिक जीवन में कोई प्रवेश पा सकता है। शुद्ध शील के आधार पर मुमुक्षु ध्यानाभ्यास कर समाधि का लाभ करता है और समाधिस्थ अवस्था में ही उसे सत्य का साक्षात्कार होता है। इसे प्रज्ञा कहते हैं, जिसके उद्बुद्ध होते ही साधक को सत्ता मात्र के अनित्य, अनाम और दु:खस्वरूप का साक्षात्कार हो जाता है। प्रज्ञा के आलोक में इसका अज्ञानांधकार नष्ट हो जाता है। इससे संसार की सारी तृष्णाएं चली जाती हैं। वीततृष्ण हो वह कहीं भी अहंकार ममकार नहीं करता और सुख दु:ख के बंधन से ऊपर उठ जाता है। इस जीवन के अनंतर, तृष्णा के न होने के कारण, उसके फिर जन्म ग्रहण करने का कोई हेतु नहीं रहता। इस प्रकार, शील-समाधि-प्रज्ञावाला मार्ग आठ अंगों में विभक्त हो आर्य आष्टांगिक मार्ग कहा जाता है।
==इन्हें भी देखें==
* [[आर्यसत्य]] (पालि : अरियसच्चं)
* [[मध्यमा प्रतिपद]] या [[मध्यमा प्रतिपद|मध्यम मार्ग]]
* [[अष्टांग योग]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20190923215858/https://www.motivatorindia.in/2019/09/gautam-buddha-in-hindi.html गौतम बुद्ध की अद्भुत् जीवनी]
*[https://web.archive.org/web/20190402123036/http://hindi.webdunia.com/buddhism-religion/%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97-109012400034_1.htm बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग] (वेबदुनिया)
*[सुत्त पिटक, अनुगुत्तर निकाय, एकक निपात ,सुत्त संख्या -1 &175 to 185.]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:बौद्ध दर्शन]]
{{बौद्ध धर्म विषयावली}}
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महापुराण
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[[चित्र:Mahapuran.jpg]]
'''महापुराण''', [[जैन धर्म]] से संबंधित दो भिन्न प्रकार के काव्य ग्रंथों का नाम है, जिनमें से एक की रचना [[संस्कृत]] में हुई है तथा दूसरे की [[अपभ्रंश]] में। संस्कृत में रचित 'महापुराण' के पूर्वार्ध ([[आदिपुराण]]) के रचयिता आचार्य [[जिनसेन]] हैं तथा उत्तरार्ध ([[उत्तरपुराण]]) के रचयिता आचार्य [[गुणभद्र]]। अपभ्रंश में रचित बृहत् ग्रंथ 'महापुराण' के रचयिता महाकवि [[पुष्पदन्त (कवि)|पुष्पदन्त]] हैं।
== महापुराण (संस्कृत) ==
इस महाग्रंथ की पुष्पिका में स्वीकृत मुख्य नाम '''त्रिषष्टिलक्षणमहापुराणसंग्रह''' है तथा अपर नाम 'महापुराण' है। इसके आदि भाग (आदिपुराण) के रचयिता आचार्य जिनसेन तथा उत्तर भाग (उत्तरपुराण) के रचयिता आचार्य जिनसेन के शिष्य आचार्य गुणभद्र हैं।<ref>आदिपुराण, प्रथम भाग, संपादन-अनुवाद- डॉ० पन्नालाल जैन, भारतीय ज्ञानपीठ, नयी दिल्ली, सत्रहवाँ संस्करण-2017, पृष्ठ-9 (प्रस्तावना)।</ref>
=== आदिपुराण ===
[[File:Aadipuran.jpg|thumb|आदिपुराण (प्रकाशित संस्करण की झलक)]]
जिनसेन स्वामी ने सभी ६३ शलाका पुरुषों का चरित्र लिखने की इच्छा से महापुराण का प्रारंभ किया था, परंतु बीच में ही शरीरान्त हो जाने से उनकी यह इच्छा पूर्ण न हो सकी और महापुराण अधूरा रह गया जिसे उनकी मृत्यु के उपरांत उनके शिष्य गुणभद्र ने पूरा किया। महापुराण के दो भाग हैं, एक आदिपुराण और दूसरा उत्तरपुराण। आदिपुराण में प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ या ऋषभदेव का चरित्र है और उत्तर पुराण में शेष २३ तीर्थंकरों तथा अन्य शलाका पुरुषों का। आदिपुराण में बारह हजार श्लोक तथा ४७ पर्व या अध्याय हैं। इनमें से ४२ पर्व पूरे तथा ४३वें पर्व के ३ श्लोक आचार्य जिनसेन के और शेष चार पर्वों के १६२० श्लोक उनके शिष्य आचार्य गुणभद्र द्वारा रचित हैं। इस तरह आदिपुराण के १०,३८० श्लोकों के रचयिता आचार्य जिनसेन हैं।<ref>हिंदी विश्व साहित्य कोश, भाग-3, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी, संस्करण-2002 ई०, पृष्ठ-222.</ref>
आदिपुराण जैनागम के प्रथमानुयोग ग्रंथों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है।<ref>आदिपुराण, प्रथम भाग, पूर्ववत्, पृ०-37.</ref> विविध विषयों का अपने ढंग से विवेचन करने के अतिरिक्त आचार्य जिनसेन ने अपने से पूर्ववर्ती सिद्धसेन, समंतभद्र, श्रीदत्त, यशोभद्र, प्रभाचंद्र, शिवकोटि आदि सोलह विद्वानों का भी उल्लेख किया है। इसके अतिरिक्त देशविभाग में सुकोशल, अवन्ती, पुण्ड्र, कुरु, काशी आदि प्रदेशों का भी विवरण आया है।
=== उत्तरपुराण ===
[[File:Uttarapuran.jpg|thumb|उत्तरपुराण (प्रकाशित संस्करण की झलक)]]
उत्तरपुराण महापुराण का पूरक भाग है। इसमें अजितनाथ से आरंभ कर २३ तीर्थंकर, सगर से आरंभ कर 11 चक्रवर्ती, ९ बलभद्र, ९ नारायण, ९ प्रतिनारायण तथा उनके काल में होने वाले विशिष्ट पुरुषों के कथानक दिये गये हैं। इन विशिष्ट कथानकों में कितने ही कथानक इतने रोचक ढंग से लिखे गये हैं कि उन्हें प्रारंभ करने पर पूरा किये बिना बीच में छोड़ने की इच्छा नहीं होती। यद्यपि आठवें, सोलहवें, बाईसवें, तेईसवें और चौबीसवें तीर्थंकर को छोड़कर अन्य तीर्थंकरों के चरित्र अत्यंत संक्षिप्त रूप से लिखे गये हैं परंतु वर्णन शैली की मधुरता के कारण वह संक्षेप भी अरूचिकर नहीं होता है। इस ग्रंथ में न केवल पौराणिक कथानक ही है किंतु कुछ ऐसी स्थल भी हैं जिनमें सिद्धांत की दृष्टि से सम्यक् दर्शन आदि का और दार्शनिक दृष्टि से सृष्टिकर्तृत्व आदि विषयों का भी अच्छा विवेचन हुआ है।<ref>उत्तरपुराण, संपादन-अनुवाद- डॉ० पन्नालाल जैन, भारतीय ज्ञानपीठ, नयी दिल्ली, सोलहवाँ संस्करण-2016, पृष्ठ-6 (प्रस्तावना)।</ref>
== महापुराण (अपभ्रंश) ==
अपभ्रंश भाषा में रचित महान ग्रंथ 'महापुराण' महाकवि पुष्पदंत की लेखनी से प्रसूत अमर काव्य है।
[[File:Mahapuran.jpg|thumb|महापुराण (प्रकाशित संस्करण की झलक)]]
इसमें कुल 102 संधियाँ हैं जिनमें क्रमश: 24 जैन [[तीर्थंकर|तीर्थकरों]], 12 चक्रवर्तियों, 9 वासुदेवों, 9 प्रतिवासुदेवों और 9 बलदेवों, इस प्रकार 63 शलाकापुरुषों अर्थात् महापुरुषों का चरित्र सुंदर काव्य की रीति से वर्णित है। आदि का अधिकांश भाग, जो 'आदिपुराण' भी कहलाता है, आदि तीर्थंकर [[ऋषभदेव]] और उनके पुत्र भरत चक्रवर्ती के जीवनचरित् विषयक है। शेष शलाकापुरुषों का चरित्विषयक भाग 'उत्तरपुराण' कहलाता है। महापुराण के आदि कवि ने अपने पूर्ववर्ती [[भरत मुनि|भरत]], [[पिङ्गल|पिंगल]], [[भामह]] तथा [[दण्डी|दंडी]] का तथा मंचमहाकाव्यों का भी उल्लेख किया है।<ref>हिंदी विश्वकोश, खंड-7, नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी, संस्करण-1966ई०, पृ०-289.</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[जैन धर्म]]
* [[आदिपुराण]]
* [[उत्तरपुराण]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{जैन ग्रंथ}}
[[श्रेणी:जैन ग्रंथ]]
[[श्रेणी:संस्कृत ग्रन्थ]]
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पी॰ ए॰ संगमा
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{{Infobox officeholder
| office1 = [[लोकसभा अध्यक्ष]]
| image = The former Lok Sabha Speaker Shri P.A. Sangma met the Prime Minister Shri Atal Bihari Vajpayee in New Delhi on January 18, 2004.jpg
| predecessor1 = [[शिवराज पाटिल]]
| successor1 = जी.एम.सी. बालयोगी
|birth_name = पूर्ण ऐजिटक संगमा
| birth_date = 1 सितंबर 1947
| birth_place =
चपाहठी, गारो हिल्स डिस्ट्रिक्ट, [[असम]], [[पश्चिम गारो हिल्स जिला]], [[मेघालय]])
| death_date ={{death date and age|2016|3|4|1947|9|1|df=y}}
| death_place =नई दिल्ली
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{{small|(1999—2004; 2005—2012)}} <br> [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] {{small|(2004—2005)}} <br> [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] {{small|(before 1999)}}
| alma_mater = राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना
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| term_start1 = 25 मई 1996
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}}
'''पूर्ण ऐजिटक संगमा''' (जन्म : 1 सितम्बर 1947, मेघालय, मृत्यु: 04.03.2016) [[भारत]] के एक राजनेता थे। वे [[मेघालय]] के [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]], [[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] के सह-संस्थापक और [[लोकसभा अध्यक्ष]] रह चुके हैं। वे आठ बार लोकसभा-सदस्य रह चुके हैं। मृत्यु के समय वे [[तुरा, मेघालय|तुरा]] (अनुसूचित जनजाति) लोकसभा सीट से सांसद थे।
उन्हें मरणोपरांत वर्ष 2017 में [[भारत सरकार]] द्वारा [[पद्म विभूषण]] प्रदान किया गया। वे [[मेघालय]] से पद्म विभूषण के पहले प्राप्तकर्ता है।
== परिचय ==
पी ए संगमा का जन्म 1 सितंबर 1947 को पश्चिम गारो हिल्स, मेघालय के चपाथी ग्राम में हुआ था। [[शिलांग]] से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद पी.ए. संगमा ने [[असम]] के [[डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय]] से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने [[एल.एल.बी.]] की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।<ref>http://www.maratechnology.com/p-a-sangma-biography-who-is-p-a-sangma/{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
वर्ष 1973 में पी.ए. संगमा प्रदेश युवा कांग्रेस समिति के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। कुछ ही समय बाद वह इस समिति के महासचिव नियुक्त हुए। वर्ष 1975 से 1980 तक पी.ए. संगमा प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रहे। वर्ष 1977 के लोकसभा चुनावों में पी.ए. संगमा तुरा निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने के बाद पहली बार सांसद बने। चौदहवीं लोकसभा चुनावों तक वह इस पद पर लगातार जीतते रहे। हालांकि नौवीं लोकसभा में वह जीत दर्ज करने में असफल रहे थे।<ref>{{cite web|url=http://www.rediff.com/news/1999/may/20pawar2.htm|title=CWC expels threesome for six years|trans-title=सीडब्ल्यूसी छह साल के लिए त्रिगुट से बाहर|publisher=रेडिफ़ डॉट कॉम, 20 मई 1999|language=en|access-date=18 मार्च 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20120624004252/http://www.rediff.com/news/1999/may/20pawar2.htm|archive-date=24 जून 2012|url-status=live}}</ref>
वर्ष 1980-1988 तक पी.ए. संगमा केन्द्रीय सरकार के अंतर्गत विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। वर्ष 1988-1991 तक वे मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे। वर्ष 1999 में कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद शरद पवार और तारिक अनवर के साथ मिलकर पी.ए. संगमा ने नेशनल कांग्रेस पार्टी की स्थापना की। शरद पवार के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी से नजदीकी बढ़ जाने के कारण पी.ए. संगमा ने अपनी पार्टी का ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में विलय कर नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। 10 अक्टूबर 2005 को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्य के तौर पर लोकसभा पद से इस्तीफा देने के बाद पी.ए. संगमा फरवरी 2006 में नेशनल कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर संसद पहुंचे। 2008 के मेघालय विधानसभा चुनावों में भाग लेने के लिए उन्होंने चौदहवीं लोकसभा से इस्तीफा दे दिया। पी.ए संगमा एन.सी.पी. के महासचिव पद पर भी रहे।<ref>{{cite web|url=http://www.ncp.org.in/history/origins.php|title=National Congress Party Origins|publisher=NCP official website, retrieved 21 May 2012|access-date=18 मार्च 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20120511183603/http://www.ncp.org.in/history/origins.php|archive-date=11 मई 2012|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news| url= http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-06-21/india/32351802_1_swaraj-and-jaitley-presidential-poll-tallest-leader| title= BJP supports Sangma after division in NDA| trans-title= भाजपा ने एनडीए में विभाजन के बाद संगमा का समर्थन किया| date= 21 जून 2012| language= en| access-date= 18 मार्च 2017| archive-date= 26 जनवरी 2013| archive-url= https://archive.today/20130126081711/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-06-21/india/32351802_1_swaraj-and-jaitley-presidential-poll-tallest-leader| url-status= dead}}</ref>
==पदासीन==
* 1974 - मेघालय प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष
* 1975 - मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव
* 1977 - [[सांसद]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 1980 - अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव
* 1980 - उद्योग के प्रभारी उप मंत्री
* 1982 - वाणिज्य मंत्री, उप मंत्री
* 1984 - फिर से निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा विधानसभा क्षेत्र
* 1984 - वाणिज्य और आपूर्ति के राज्य प्रभारी मंत्री
* 1984- गृह राज्य राज्य मंत्री
* 1986 - स्वतंत्र प्रभार के साथ श्रम राज्य मंत्री
* 1988 - सदस्य, मेघालय विधान सभा
* 1988 - मेघालय के मुख्यमंत्री
* 1990 - विपक्ष का नेता, मेघालय विधान सभा
* 1991 - फिर से निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 1991-93 - केंद्रीय कोयला मंत्रालय राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)
* 1993-95 - केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार)
* फरवरी-सितंबर 1995 - केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री
* 1995-96 - केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री
* 1996 - पुनः निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 1996-98 - [[लोकसभा अध्यक्ष|लोकसभा के अध्यक्ष]]
* 1998- पुनः निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 1998 - सदस्य, विदेश मामलों की समिति और इसकी उप-समिति
* 1998 - उपाध्यक्ष, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
* 1998 - सदस्य, परामर्शदात्री समिति, विदेश मंत्रालय
* 1999 - पुनः निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 1999 - सदस्य, श्रम और कल्याण संबंधी समिति
* 2000 - सदस्य, संविधान के कार्य की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय आयोग
* 2002 - सदस्य, विदेश मामलों की समिति
* 2003 - सदस्य, गृह मामलों संबंधी समिति
* 2004 - फिर से निर्वाचित, [[सांसद|संसद सदस्य]], तुरा निर्वाचन क्षेत्र
* 2004 - सदस्य, विदेश मामलों की समिति, सदस्य, निजी सदस्य विधेयक और संकल्प समिति, सदस्य, परामर्शदात्री समिति, गृह मंत्रालय
* 2008 - सदस्य, मेघालय विधान सभा
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20170329020236/http://speakerloksabha.nic.in/former/PAsangama.asp Biography] - [[लोक सभा]] स्पीकर के आधिकारिक जालस्थल से (अँग्रेजी में)
* [https://web.archive.org/web/20141019230701/http://164.100.47.132/LssNew/members/former_Biography.aspx?mpsno=394 पी ए संगमा: चौदहवां लोकसभा सदस्य, प्रोफाइल](अँग्रेजी में)
* [https://web.archive.org/web/20160304122059/http://indiankanoon.org/doc/1693640/ XII LOK SABHA DEBATES] - परमाणु हथियारों के खिलाफ संगमा के प्रसिद्ध बहस
* [https://web.archive.org/web/20160303184701/http://www.rediff.com/news/2004/jan/21inter.htm एनसीपी पर रेड्डी द्वारा संगमा के साथ साक्षात्कार](अँग्रेजी में)
{{लोक सभा के अध्यक्ष}}
[[श्रेणी:1947 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२०१६ में निधन]]
[[श्रेणी:मेघालय के मुख्यमंत्री]]
[[श्रेणी:लोकसभा अध्यक्ष]]
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इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा
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{{ज्ञानसन्दूक विमानक्षेत्र
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| footnotes = स्रोत: [[भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण|भा.वि.प्रा]]<ref name="AAI3">{{cite web|title=Annexure III – Passenger Data|url=https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex3.pdf|website=aai.aero|access-date=20 April 2024}}</ref><ref>{{cite web|title=Annexure II – Aircraft Movement Data|url=https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex2.pdf|website=aai.aero|access-date=20 April 2024}}</ref><ref>{{cite web|title=Annexure IV – Freight Movement Data|url=https://www.aai.aero/sites/default/files/traffic-news/Mar2k24Annex4.pdf|website=aai.aero|access-date=20 April 2024}}</ref>
}}
'''इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा''' {{Airport codes|DEL|VIDP}} [[भारत]] की राजधानी एवं [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]] का प्रधान अन्तर्राष्ट्रीय [[हवाई अड्डा|विमानक्षेत्र]] है। यह [[नई दिल्ली]] नगर केन्द्र से लगभग १६ कि॰मी॰(10 मील) दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। भारत की पूर्व [[भारत के प्रधान मंत्री|प्रधान मंत्री]] [[इंदिरा गाँधी]] के नाम पर बना यह भारत का व्यस्ततम विमानक्षेत्र है।<ref name="दिल्ली-मुंबई"><span class="plainlinks"> [http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1103/13/1110313015_1.htm आईजीआई देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110314181056/http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1103/13/1110313015_1.htm |date=14 मार्च 2011 }} </span>|वेबदुनिया। {{हिन्दी}}। नई दिल्ली। रविवार, 13 मार्च 2011(10:53IST। अभिगमन तिथि: २४ नवम्बर २०१२</ref><ref><span class="plainlinks">[http://www.indianexpress.com/news/Delhi-s-airport-busier-than-Mumbai-s-by-40-flights-a-day/502562 दिल्ली विमानक्षेत्र मुंबई विमानक्षेत्र से ४० उड़ान प्रतिदिन की दर से व्यस्ततर है] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121130034146/http://www.indianexpress.com/news/delhi-s-airport-busier-than-mumbai-s-by-40-flights-a-day/502562 |date=30 नवंबर 2012 }} उद्धरण: ''Delhi Airport busier than Mumbai by 40 flights a day''</span></ref> हवाई अड्डे के नवीनतम टर्मिनल-३ के चालू हो जाने के बाद से ४ करोड़ ६० लाख यात्री क्षमता तथा वर्ष २०३० तक की अनुमानित यात्री क्षमता १० करोड़ के साथ यह भारत के साथ-साथ पूरे [[दक्षिण एशिया]] का सबसे बड़ा और सबसे महत्त्वपूर्ण व्यापार संबंधी विमानन केन्द्र बन गया है। भारत की वाणिज्यिक राजधानी [[मुंबई]] के [[छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] के साथ इसके आंकड़े मिलाकर देखें तो ये दोनों [[दक्षिण एशिया]] के आधे से अधिक विमान यातायात को वहन करते हैं।<ref name="delhibeatsmumbai">{{cite web |author=सौरभ सिन्हा, टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क, १० जुलाई २००८, पूर्वाह्न 03.54 भा.स्टै.टा |url=http://timesofindia.indiatimes.com/India/Delhi_is_countrys_busiest_airport/articleshow/3216435.cms |title=देल्ही बीट्स मुंबई टू बिकम बिज़िएस्ट एयरपोर्ट |publisher=Timesofindia.indiatimes.com |date=2008-07-10 |accessdate=2010-08-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090112081432/http://timesofindia.indiatimes.com/India/Delhi_is_countrys_busiest_airport/articleshow/3216435.cms |archive-date=12 जनवरी 2009 |url-status=live }}</ref><ref name="igiedgecsi">{{cite web |url=http://www.domain-b.com/aero/airports/20080901_csia.html |title=देल्हीज़ आईजीआईए एजेज़ अहेड ऑफ़ मुंबईज़ सीएसआईए ऍज़ कंट्री’ज़ बिज़िएस्ट एयरपोर्ट |publisher=Domain-b.com |date=2008-09-01 |accessdate=2010-08-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121105040354/http://domain-b.com/aero/airports/20080901_csia.html |archive-date=5 नवंबर 2012 |url-status=dead }}</ref><ref name="mumairport">''[http://www.travelbizmonitor.com/ArticleDetails.aspx?aid=1777&sid=18&sname=Coverstory Travel Biz Monitor: मुंबई एयर्पोर्ट गेट्स रेडी फ़ॉर न्यू ईन्निंग्स] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121018234628/http://www.travelbizmonitor.com/ArticleDetails.aspx?aid=1777&sid=18&sname=Coverstory |date=18 अक्तूबर 2012 }}''</ref> इस विमानक्षेत्र के संचालक [[दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड]] (डयल) इसे विश्व का अगला अन्तर्राष्ट्रीय ट्रांज़िट हब बनाने के प्रयास कर रहा है।<ref>{{cite web |author=बिज़्नेस स्टैण्डर्ड |url=http://www.business-standard.com/india/news/notstopover-to-snub-delhi-now-wants-to-betransit-hub/454753/ |title=Not a stopover to snub, Delhi now wants to be a transit hub |publisher=बिज़्नेस स्टैण्डर्ड.कॉम |date=2011-11-07 |accessdate=2012-01-24 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120108015456/http://www.business-standard.com/india/news/notstopover-to-snub-delhi-now-wants-to-betransit-hub/454753/ |archive-date=8 जनवरी 2012 |url-status=live }}</ref>
लगभग ५,२२० [[एकड़]] (२,११० हेक्टेयर) की भू-संपदा में विस्तृत, दिल्ली विमानक्षेत्र [[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]] के लिये प्राथमिक नागर विमानन हब (केन्द्र) है। सर्वप्रथम इसका संचालन [[भारतीय वायु सेना]] के पास था, जिसके बाद उसने इसका प्रबंधन दायित्व [[भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण]] को सौंप दिया।<ref><span class="plainlinks"> [http://www.thehindubusinessline.com/2007/07/10/stories/2007071050010900.htm Why they should stay with the Air Force]: द हिन्दू बिज़्नेसलाइन.कॉम </span></ref> मई २००६ से हवाई अड्डे का प्रबंधन दिल्ली अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के पास आया। डायल [[जीएमआर समूह]] के नेतृत्व में एक संयुक्त उद्यम (''ज्वाइन्ट वेन्चर'') है। डायल ही विमानक्षेत्र के आगे हो रहे विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिये भी उत्तरदायी है।<ref><span class="plainlinks">[http://www.outlookindia.com/pti_news.asp?id=381981 मुंबई, देल्ही एयरपोर्ट्स मैनेजमेण्ट टू बी हैण्डेड ओवर टू प्राइवेट कंपनीज़] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20060514064757/http://www.outlookindia.com/pti_news.asp?id=381981 |date=14 मई 2006 }} </span></ref> इस निजीकरण का भरपूर विरोध [[भाविप्रा]] कर्मचारियों ने किया<ref>[http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/1389537.cms निजीकरण के खिलाफ हवाई अड्डा कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित]| नवभारत टाइम्स। २७ जनवरी २००६। भाषा</ref>, किन्तु अन्ततः ३ मई २००६ को यह प्रबंधन स्थानांतरण संपन्न हो गया।<ref>[http://bharat.gov.in/sectors/transport/index.php?id=8 नियामक प्राधिकरण और हवाई अड्डे] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111224073956/http://bharat.gov.in/sectors/transport/index.php?id=8 |date=24 दिसंबर 2011 }}| भारत.गॉव.इन। स्रोत:राष्ट्रीय पोर्टल विषयवस्तु प्रबंधन दल। १५ फ़रवरी २०११। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref>
वर्ष २००१-१२ में विमानक्षेत्र से ३५८.८ लाख यात्रियों की आवाजाही संपन्न हुई<ref name="autogenerated1">{{cite web |url=http://www.aai.aero/traffic_news/TRMAR2012.pdf |title=भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण |format=पीडीएफ़ |date= |accessdate=2012-05-30 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120612024838/http://www.aai.aero/traffic_news/TRMAR2012.pdf |archive-date=12 जून 2012 |url-status=dead }}</ref> और यहां के विस्तार कार्यक्रम योजना के अनुसार इसकी क्षमता वर्ष २०३० तक १० करोड़ यात्री तक हो जायेगी।<ref><span class="plainlinks"> [http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6640147.stm Sky's the limit for India flight boom] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121113072349/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/6640147.stm |date=13 नवंबर 2012 }}: बीबीसी पर</span></ref> यहां के नये टर्मिनल भवन के [[२०१० राष्ट्रमंडल खेल|२०१० के राष्ट्रमंडल खेलों]] से पूर्व निर्माण के बाद ही इसकी वार्षिक ३४० लाख यात्रियों की क्षमता है।<ref name="T3"/> यहां का टर्मिनल-३ [[:w:List of largest buildings in the world|विश्व का ८वां सबसे बड़ा यात्री टर्मिनल]] है।<ref name="newdelhiairport1"><span class="plainlinks">[http://www.newdelhiairport.in/fact-sheet.aspx] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151106213309/http://www.newdelhiairport.in/fact-sheet.aspx|date=6 नवंबर 2015}}</span></ref> सितंबर २००८ में यहां ४.४३ कि.मी लंबी नयी [[उड़ानपट्टी]] (रनवे-३) का उद्घाटन हुआ था। इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र को २०१० में [[:w:Airport Council International|एयरपोर्ट काउन्सिल इन्टरनेशनल]] द्वारा १५०-२५० लाख यात्री श्रेणी में विश्व का चौथा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र, एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सर्वाधिक प्रगति वाला विमानक्षेत्र होने का सम्मान मिला था।<ref><span class="plainlinks">[http://www.aci.aero/cda/aci_common/display/main/aci_content07_c.jsp?zn=aci&cp=1-7-46^35015_666_2__] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120512200746/http://www.aci.aero/cda/aci_common/display/main/aci_content07_c.jsp?zn=aci&cp=1-7-46%5E35015_666_2__|date=12 मई 2012}}</span></ref> वर्ष २०११ में विमानक्षेत्र को इसी परिषद द्वारा पुनः २.५-४ करोड़ यात्री क्षमता श्रेणी में विश्व का दूसरा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र होने का गौरव मिला था।<ref>{{cite web
|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Crowning-glory-IGI-second-best-in-world/articleshow/11893085.cms
|publisher= द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया
|title=क्राउनिंग ग्लोरी: आई.जी.आई सेकिण्ड बेस्ट इन वर्ल्ड
|date= १५ फ़रवरी २०१२
|accessdate=१५ फ़रवरी २०१२
}}</ref><ref>[http://hindi.pardaphash.com/news/दुनिया-में-दूसरे-स्थान-पर-दिल्ली-हवाई-अड्डा/698016.html दुनिया में दूसरे स्थान पर दिल्ली हवाई अड्डा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120712215637/http://hindi.pardaphash.com/news/%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%85%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%BE/698016.html |date=12 जुलाई 2012 }}| हिन्दी पर्दाफ़ाश</ref><ref>[http://www.samaylive.com/regional-news-in-hindi/ncr-news-in-hindi/141608/indira-gandhi-international-airport-delhi-ranked-second-in-the-w.html दिल्ली हवाई अड्डा दुनिया में दूसरे स्थान पर]। समय लाइव। १६ फ़रवरी २०१२</ref> यह स्थान [[कोरिया]] के [[इंचेयन अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]] के बाद था।<ref>[http://in.jagran.yahoo.com/epaper/article/index.php?page=article&choice=print_article&location=9&category=&articleid=111733345071141384 विश्व का दूसरा सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बना आइजीआइ]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}| याहू जागरण। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref> इसके अलावा वर्ष २०११ में ही यह विमानक्षेत्र [[:w:World's busiest airports by passenger traffic#2011 statistics|विश्व का ३४वाँ व्यस्ततम विमानक्षेत्र]] बना जिसकी यात्री आवागमन संख्या ३,४७,२९,४६७ रही एवं पिछले वर्ष के मुकाबले यातायात में इसने १७.८% की बढ़ोत्तरी भी दर्ज की।<ref>[http://www.guardian.co.uk/news/datablog/2012/may/04/world-top-100-airports द वर्ल्ड्स टॉप १०० एयरपोर्ट्स - लिस्टेड, रैंक्ड एण्ड मैप्ड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120622115203/http://www.guardian.co.uk/news/datablog/2012/may/04/world-top-100-airports |date=22 जून 2012 }}। देखें: विश्व के सर्वोच्च १०० विमानक्षेत्र, सूचिबद्धित, श्रेणिबद्धित एवं मानचित्र पर चिह्नित। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref>
== इतिहास ==
[[१९३०]] में दिल्ली का प्रथम हवाई –अड्डा [[सफ़दरजंग विमानक्षेत्र]] बना था और यही १९६२ तक दिल्ली का प्रमुख हवाई अड्डा रहा<ref name="igicustoms">{{Cite web |url=http://www.igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=7 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120419022746/http://www.igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm |archive-date=19 अप्रैल 2012 |url-status=dead }}</ref> बढ़ते वायु यातायात के कारण व सफ़दरजंग में छोटी उड़ान-पट्टी की बड़े जेट विमानों को उतार पाने में अक्षम होने के कारण से १९६२ में लगभग सभी नागरिक उड़ान प्रचालन को पालम विमान क्षेत्र (तत्कालीन नाम, जिसे बाद में इ.गाँ.अ.विमानक्षेत्र कर दिया गया) को भेज दी गईं।<ref name="igicustoms"/> पालम विमानक्षेत्र का निर्माण [[द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरानना स्टेशन, पालम के रूप में किया गया था और अंग्रेज़ों के जाने के बाद यह १९६२ तक मात्र वाय़ु सेना स्टेशन के रूप में ही कार्य कर रहा था।
पालम विमानक्षेत्र की सर्वोच्च यात्री क्षमता १३०० यात्री प्रति घंटा थी।<ref><span class="plainlinks"> [https://igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm आई.जी.आई कस्टम्स – अबाउट आई.जी.आई एयरपोर्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110721155944/https://igiacustoms.gov.in/igi-airport.htm |date=21 जुलाई 2011 }} </span></ref> १९७० के दशक के अंत तक वाय़ु यातायात में बढ़ोत्तरी के चलते, तत्कालीन टर्मिनल क्षमता के चार गुना क्षमता वाला नया टर्मिनल बनाया गया। २ मई १९८६ को इस नये बने टर्मिनल के उद्घाटन के समय पालम विमानक्षेत्र को भारत की पूर्व प्रधान मंत्री श्रीमती [[इंदिरा गांधी]] के नाम पर वर्तमान नाम इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र दिया गया, जिसे अंग्रेज़ी आद्याक्षरों में आई.जी.आई एयरपोर्ट भी कह दिया जाता है।
=== सार्वजनिक निजी साझेदारी ===
३१ जनवरी २००६ को भारत के तत्कालीन [[नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार|नागरिक उड्डयन मंत्री]] श्री [[प्रफुल्ल पटेल]] ने घोषणा की कि सक्षम मंत्री समूह ने दिल्ली विमानक्षेत्र के प्रबंधन अधिकार [[जी एम आर समूह|जी.एम.आर समूह]] संचालित [[दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड|डी.आई.ए.एल]] (डायल कन्सॉर्टियम) को तथा [[मुंबई विमानक्षेत्र]] के अधिकार जी.वी.के समूह संचालित संघ को देने का निर्णय लिया है।<ref>{{cite web |url=http://www.thehindubusinessline.com/bline/2007/02/12/stories/2007021200580600.htm |title=देल्ही, मुंबई एयरपोर्ट मॉर्डर्नाइज़ेशन — एफ़र्ट्स टू एन्श्योर अ स्मूदर जर्नी |publisher=[[द हिन्दू]] बिज़्नेस लाइन |date= |accessdate=१६ जुलाई २०१० |archive-url=https://web.archive.org/web/20070304191729/http://www.thehindubusinessline.com/bline/2007/02/12/stories/2007021200580600.htm |archive-date=4 मार्च 2007 |url-status=live }}</ref>
२ मई २००६ को दिल्ली एवं मुंबई विमानक्षेत्रों के प्रबंधन निजी संघों को सौंप दिये गए।<ref>{{cite web |url=http://news.outlookindia.com/item.aspx?381981 |title=मुंबई, देल्ही एयरपोर्ट मैनेजमेण्ट टू बी हैण्डेड ओवर टू प्रा. कं |publisher=न्यूज़.आउटलुकइण्डिया.कॉम |date= |accessdate=१६ जुलाई २०१० |archive-url=https://web.archive.org/web/20110715023520/http://news.outlookindia.com/item.aspx?381981 |archive-date=15 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>
देल्ही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) [[जी एम आर समूह]](५०.१%), [[:w:Fraport AG|फ़्रैपोर्ट एजी]] (१०%) एवं [[:w:Malaysia Airports|मलेशिया एयरपोर्ट्स]] (१०%),<ref name="malaysiaairports204">{{cite web |url=http://www.malaysiaairports.com.my/index.php?ch=38&pg=204&ac=1182 |title=मलेशिया एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स बेर्हैड |publisher=''Malaysiaairports.com.my'' |date=2006-04-04 |accessdate=2010-07-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120308072800/http://www.malaysiaairports.com.my/index.php?ch=38&pg=204&ac=1182 |archive-date=8 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> इण्डिया डवलपमेंट फ़ण्ड (3.9%)<ref name="malaysiaairports204"/> को सौंप दिये गए एवं [[भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण]] के पास मात्र 26% भाग ही शेष रह गया।<ref>{{cite web|author= संदीप शर्मा|url= http://www.constructionupdate.com/products/equipmentindia/june2008/009.html|title= इक्विपमेंट इण्डिया – इण्डियाज़ फ़र्स्ट इन्फ़्रास्ट्रक्चर इक्विप्मेंट मैग्ज़ीन|publisher= कन्स्ट्रक्शनअपडेट.कॉम|date= ३१ मार्च २०१०|accessdate= १६ जुलाई २०१०|archive-url= https://web.archive.org/web/20101228064029/http://www.constructionupdate.com/products/equipmentindia/june2008/009.html|archive-date= 28 दिसंबर 2010|url-status= dead}}</ref>
== सांख्यिकी ==
[[File:Delhi Radar looking-towards taking off plane.jpg|thumb|विमानक्षेत्र में दो प्राथमिक/द्वितीयक (प्राइमरी/सैकेण्डरी रडार स्थापित हैं, जो विमान यातायात सेवाओं में अत्यधिक सहायक हैं।]]
पुराना हवाई टर्मिनल अब टर्मिनल-१ कहलाता है और यहां से अधिकतर बजट वायु सेवाओं की अन्तर्देशीय उड़ाने संचालित होती हैं। टर्मिनलत तीन पृथक भागों में बंटा हुआ है – १ए ([[एयर इंडिया]], [[एमडीएलआर]] एवं [[गो एयर]] उड़ानों हेतु), १बी (पहले अन्तर्देशीय उड़ानों के लिये प्रयोग होता था, अब बंद हो कर ध्वस्त किया जा चुका है), अन्तर्देशीय आगमन टर्मिनल १सी एवं नवनिर्मित १डी (अब सभी शेष अन्तर्देशीय वायुसेवाओं हेतु प्रयोग किया जाता है)। अति महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों हेतु वायुसेना के तकनीकी क्षेत्र में पृथक स्थान है। इनके अलावा [[हज]] उड़ानों हेतु विशिष्ट समर्पित टर्मिनल भी बना हुआ है।
भारतीय उड्डयन उद्योग के ऊंचाइयों को छूते समय में एवं विभिन्न निम्न-लागत निजी सेवाओं के उद्योग में आगमन से, विमानक्षेत्र ने यात्री संख्या एवं यातायात में एक बड़ी उछाल का सामना किया। इनके कारण अन्य विमानक्शःएत्रों सहित इस हवाई अड्डे के सामने भी बड़ी कठिनाइयाँ आयीं। टर्मिनल १ की अनुमानित क्षमता ७१.५ लाख यात्री प्रति वर्ष है। हालांकि वर्ष २००५-०६ के दौरान वास्तविक यात्री आवागमन १ करोड़ ४० लाख रहा। अन्तर्राष्ट्रीय टर्मिनल (टर्मि.२) को मिलाकर विमानक्षेत्र की कुल यात्री क्षमता १ करोड़ २५ लाख यात्री प्रति वर्ष रही, जबकि २००६-०७ में कुल यात्री संख्या १.६५ करोड़ यात्री प्रति वर्ष थी।<ref><span class="plainlinks"> [http://timesofindia.indiatimes.com/India/IGI_Airport_tops_world_in_passenger_growth_/articleshow/2712536.cms IGI एयरपोर्ट टॉप्स वर्ल्ड इन ग्रोथ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090112102825/http://timesofindia.indiatimes.com/India/IGI_Airport_tops_world_in_passenger_growth_/articleshow/2712536.cms |date=12 जनवरी 2009 }}</span></ref> वर्ष २००८ में, विमानक्षेत्र में कुल यात्री संख्या २.३९ करोड़ तक जा पहुंची।
{{हवाईअड्डा_सांख्यिकी|iata=DEL|titre=दिल्ली हवाईअड्डे पर वार्षिक यात्री आवगमन}}
दिल्ली का हवाई अड्डा दुनिया में सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक आंका गया है। दिल्ली की आर्थिक सुदृढ़ता बनाये रखने में इसका बड़ा योगदान है। आंकड़ों के अनुसार यहां पांच लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत के {{plainlink|http://www.ncaer.org/ राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद}} (''एनसीएईआर'') द्वारा किए गए एक अध्ययन से ज्ञात हुआ है: ''दिल्ली का इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र लगभग 5.16 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है, जो अमेरिका में हार्ट्सफील्ड जैक्सन एटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में कार्यरत लोगों के मुकाबले 18 प्रतिशत अधिक है।'' राजधानी दिल्ली और भारत के आर्थिक विकास और रोजगार पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र के प्रभाव का आकलन करने के लिए भारत में अपनी तरह के इस पहले अध्ययन में कहा गया, ''दिल्ली हवाई अड्डे पर रोजगार राष्ट्रीय रोजगार का 0.11 प्रतिशत और राज्य में रोजगार का 8.47 प्रतिशत है।''<ref>[http://khabar.ndtv.com/news/show/delhi-airport-in-biggest-employers-20317 दिल्ली हवाई अड्डा सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120429161230/http://khabar.ndtv.com/news/show/delhi-airport-in-biggest-employers-20317 |date=29 अप्रैल 2012 }}: खबर.एनडीटीवी। भाषा। २२ अप्रैल २०१२। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref>
== उड़ान पट्टियाँ ==
दिल्ली विमानक्षेत्र में दो मुख्यतः समानांतर उड़ान पट्टियाँ और एक लगभग समानांतर [[उड़ान पट्टी]] है:
::* रनवे 11/29 (14,794 फ़ीट (4500मी)) CAT IIIB [[उपस्कर अवतरण प्रणाली|ILS]] दोनों ओर एवं
::* मुख्य रनवे 10/28 ({{convert|12795|ft|m|abbr=on|sigfig=4}})।
इनके अलावा एक अतिरिक्त उड़ान पट्टी भी उपलब्ध है:
== रनवे 09/27 ({{convert|13780|ft|m|abbr=on}})। ==
रनवे 10/28 एवं रनवे 11/29 [[दक्षिण एशिया]] की मात्र उड़ानपट्टियाँ हैं जिन पर श्रेणी III-बी [[उपस्कर अवतरण प्रणाली]] स्थापित है। वर्ष २००५ के [[शीत ऋतु]] में दिल्ली विमानक्षेत्र में गहन [[कोहरा|कोहरे]] के कारण बड़ी संख्या में समस्याएं आयीं। तदुपरांत कुछ अन्तर्देशीय वायु सेवाओं ने अपने विमान चालकों (पायलट) को श्रेणी-II आइ.एल.एस के अन्तर्गत्त न्यूनतम {{convert|350|m|ft|abbr=on}} दृश्यता पर कार्यकुशल बनाया। ३१ मार्च २००६ को [[स्पाइसजेट]] के विमान के रनवे 28 एवं साथ ही [[जेट एयरवेज़]] के विमान के रनवे 27 से साथ साथ परीक्षण उड़ान भरने के साथ ही आई.जी.आई विमानक्षेत्र, दो उड़ान पट्टियां एक साथ प्रयोग करने वाला प्रथम भारतीय हवाई अड्डा बना।<ref>[http://www.delhilive.com/indira-gandhi-international-airport-0 इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20101229180250/http://www.delhilive.com/indira-gandhi-international-airport-0 |date=29 दिसंबर 2010 }}। दिल्ली लाइव। हरेश खेमानी। २४ अगस्त २००६। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२</ref>
साथ साथ उड़ान भरने की तत्कालीन आरंभिक प्रस्तावित प्रक्रियाओं (''प्रोसीजर्स'') के कारण विमानक्षेत्र के पश्चिमी ओर जहां रनवे 10/28 एवं 9/27 की केन्द्र रेखाएं आपस में काटती हैं, वहां कई एयर-मिस घटनाएं हुईं। २५ दिसम्बर २००७ को [[कतर एयरवेज़]] की एयरबस ३२०-२०० एवं एक [[इंडिगो]] ए३२० यान के एयरमिस घटना के शीघ्र बाद से ही, रनवे प्रयोग प्रक्रियाओं में सवतंत्र प्रणाली (''डिपेन्डेन्ट मोड'') पृथक करने के लिये अनेक बदलाव किये गए। नयी प्रक्रियाओं में सभी प्रस्थानों हेतु रनवे 28 एवं सभी आगमनों हेतु रनवे 27 का प्रयोग किया जाने लगा। यह प्रक्रिया पिछली प्रक्रियाओं से कहीं अधिक बुद्धिसंगत लगी व २४ सितंबर २००८ तक पूर्णकालीन प्रयोग में लायी गई।
२१ अगस्त २००८ को विमानक्षेत्र में १००० करोड़ रुपयों की लागत से बना<ref>[http://www.expressindia.com/latest-news/Air-India-Boeing-opens-Rs-1-000-cr-runway-at-IGIA/351712/ रु.१००० करोड़ की लागत से नया रनवे - आईजी आई एयरपोर्ट पर]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}। एक्स्प्रेस इण्डिया</ref><ref>[http://khabar.ibnlive.in.com/news/3800/3 दिल्ली हवाई अड्डे पर देश का सबसे बड़ा रनवे शुरू]{{Dead link|date=जुलाई 2020 |bot=InternetArchiveBot }}| आईबीएन खबर। आई.ए.एन.एस। २५ सितंबर २००८। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२</ref> ४.४३ कि.मी लंबे एवं ७५ मी. चौड़े रनवे-३ का उद्घाटन हुआ।<ref>[http://business.bhaskar.com/article/0809260105_delhi_airports_third_runway_began.html दिल्ली हवाई अड्डे का तीसरा रनवे शुरू] {{Webarchive|url=https://archive.today/20130628175642/http://business.bhaskar.com/article/0809260105_delhi_airports_third_runway_began.html |date=28 जून 2013 }}|दैनिक भास्कर। २६ सितंबर २००८। अभिगमन तिथि: २९ नवम्बर २०१२</ref> इस पर एयरबस ए 380 और एंटोनोव एएन 225 जैसे बड़े विमान भी उतर सकते हैं। इस उड़ान पट्टी पर विश्व का सबसे लंबा पक्का विस्थापित ड्योढ़ी (''पेव्ड डिस्प्लेस्मेन्ट थ्रेश-होल्ड'') (१४६० मी.) है। इस विस्थापन के कारण रनवे 29 की उपलब्ध अवतरण लम्बाई घट कर २९७० मी. रह गयी। इस बड़े विस्थापन (''थ्रेशोल्ड डिस्लेस्मेन्ट'') का मुख्य उद्देश्य निकटवर्ती आवासीय क्षेत्रों से अवतरण करते वायुयानों द्वारा किया जाने वाला शोर कम करना था। इस उड़ान पट्टी के आने से हवाई-अड्डे की क्षमता ५४-६० प्रति घंटे से ८५ प्रति घंटा हो गई। यह नया रनवे वाणिज्यिक प्रचालन में २५ सितंबर २००८ से दिया गया। वर्तमान में रनवे 11/29 एवं 10/28 संयुक्त रूप से निम्न लागत वायु सेवाओं के प्रयोग हेतु एवं माल यातायात उड़ानों के लिये रनवे 10/28 प्रयोग किया जाता है। अन्य सभी उड़ानों हेतु रनवे 11/29 का प्रयोग किया जाता है। रनवे 9/27 का प्रयोग अधिकांशतः टैक्सी-मार्ग के रूप में तथा 11/29 और 10/28 की अनुपलब्धता के समय मुख्य उड़ानपट्टी के रूप में किया जाता है।
सभी उड़ान पट्टियों के एकसाथ प्रयोग के प्रयोग ६ जून २०१२ से किये जाने का कार्यक्रम था। विमानक्षेत्र के प्रमुख रनवे 28/10 पर पीक घंटों के समय भार घटाने हेतु सभी तीन पट्टियों का प्रयोग किया जायेगा।<ref>{{cite news | url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/IGI-Airport-to-use-all-runways-together/articleshow/13829900.cms | title=IGI एयरपोर्ट टू यूज़ ऑल थ्री रनवेज़ टुगैदर | date=५ जून २०१२ | access-date=7 अक्तूबर 2012 | archive-url=https://web.archive.org/web/20120605192024/http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/IGI-Airport-to-use-all-runways-together/articleshow/13829900.cms | archive-date=5 जून 2012 | url-status=live }}</ref>
=== विशिष्टताएं ===
* एक {{convert|102|m|ft|abbr=on}} का एटीसी टावर ३०० करोड़ रु. की लागत का निर्माणाधीन है।<ref>{{Cite web |url=http://www.dailypioneer.com/city/34190-igia-to-have-tallest-atc-tower-by-next-year.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=7 अक्तूबर 2012 |archive-date=16 सितंबर 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190916142611/https://www.dailypioneer.com/city/34190-igia-to-have-tallest-atc-tower-by-next-year.html |url-status=dead }}</ref>
* ४५ कि.मी टैक्सी मार्ग<ref name="delhiairport">[http://www.transportplanning.mottmac.com/projects/aviationservices/delhiairport/]{{Dead link|date=जून 2020|bot=InternetArchiveBot}}</ref>
* १२० विमान स्थान<ref name="delhiairport"/>
== टर्मिनल ==
आई.जी.आई हवाई अड्डा विभिन्न भारतीय वायुसेवाओं का गृहस्थान है जिनमें [[एयर इंडिया]], [[एयर इंडिया क्षेत्रीय]], [[इंडिगो]], [[जेटलाइट]], [[स्पाइसजेट]], [[जेट एयरवेज़]], [[किंगफ़िशर एयरलाइंस]] एवं [[गो एयर]]। ये इस विमानक्षेत्र को भारत में अपने द्वितीय केन्द्र हब के रूप में प्रयोग करती हैं। लगभग ८० वायुसेवाएं इस विमानक्षेत्र को अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। वर्तमान में यहां दो सक्रिय अनुसूचित यात्री टर्मिनल भी हैं: एक समर्पित हज टर्मिनल एवं एक माल यातायात हेतु कार्गो टर्मिनल।
=== टर्मिनल १ - अन्तर्देशीय ===
टर्मिनल-१ की सुविधाओं का प्रयोग अभी [[गो एयर]], [[इंडिगो]], [[स्पाइसजेट]] कर रहे हैं। यह दो क्षेत्रों में बंटा हुआ है: -- टर्मिनल १डी प्रस्थान हेतु एवं टर्मिनल १सी आगमन हेतु।
;टर्मिनल १सी
टर्मिनल १सी का प्रयोग केवल अन्तर्देशीय आगमन उड़ानों हेतु किया जाता है। टर्मिनल के लिये नया स्वागत क्षेत्र निश्चित किया गया है जिसमें काफ़ी बड़ा स्थान है। इसके अलावा यहां अब पहले से कहीं बड़ा पंजीकृत माल प्राप्ति क्षेत्र भी है। यहां ६ बैगेज कैरौसल (बेल्ट) उपलब्ध हैं।
[[चित्र:(1) Interior of New Delhi Airport.jpg|thumb|टर्मिनल १डी – अन्दर का दृश्य]]
;टर्मिनल १डी
[[चित्र:Terminal 1 building from Airplane parking lot at Delhi Airport (cropped).jpg|thumb|टर्मिनल १डी]]
टर्मिनल १डी नवनिर्मित अंतरिम अन्तर्देशीय टर्मिनल है। इसका कुल भूमि क्षेत्रफ़ल {{convert|36000|m2|sqft|abbr=on}} है जिसकी यात्री वहन क्षमता १.२० करोड़ प्रतिवर्ष है। टर्मिनल १डी को प्रचालन में १५ अप्रैल २००९ को समर्पित किया गया था। यहां १२ सार्वजनिक प्रयोग टर्मिनल उपस्कर (कॉमन यूज़ टर्मिनल इक्विप्मेन्ट - CUTE) सक्षम चैक-इन पटल (काउन्टर), १६ स्वयं जाँच चेक-इन पटल एवं १६ सुरक्षा चैनल उपलब्ध हैं।
=== टर्मिनल ३– अन्तर्देशीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ===
{{externalvideo|video1=[http://www.youtube.com/watch?v=pehQq__ZpNc आधिकारिक टर्मिनल-३ वीडियो]}}
[[चित्र:Indira Gandhi International Airport - October 2018.jpg|thumb|निर्माणाधीन टर्मिनल ३ का एरियल चित्र। ३७ माह में निर्माण सम्पन्न यह टर्मिनल विश्व का आठवां सबसे बड़ा विमानक्षेत्र टर्मिनल है।]]
[[चित्र:Sculpture of hasta mudras at Indira Gandhi International Airport.jpg|thumb|इंदिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र का टर्मिनल टी३]]
[[चित्र:Delhi airport terminal 3 (cropped).jpg|thumb|टर्मिनल टी३]]
वर्ष २०१० में आरंभ हुआ, टर्मिनल ३, कला का उत्कृष्ट नमूना एवं एकीकृत भविष्य टर्मिनल है। यह [[:w:List of largest buildings in the world|विश्व की २४वीं सबसे बड़ी इमारत]]<ref name="newdelhiairport1"/> एवं आठवां सबसे बड़ा यात्री टर्मिनल है। यह कुल {{convert|540000|m2|sqft|abbr=on}} में बना ३.६ करोड़ यात्री की वार्षिक क्षमता रखता है।<ref name="T3">{{cite web |url=http://www.newdelhiairport.in/pm-inaugurates-new-international-airport-terminal.aspx |title=पी.एम. इनॉगरेट्स न्यू इन्टरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल |publisher=न्यूदेल्हीएयरपोर्ट.इन |date=२ अगस्त २०१० |accessdate=२४ अगस्त २०१० |archive-url=https://web.archive.org/web/20120303040124/http://www.newdelhiairport.in/pm-inaugurates-new-international-airport-terminal.aspx |archive-date=3 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> इस परियोजना के निर्माण में 12 हजार 700 करोड़ रुपये की लागत आई थी।<ref>[http://www.pressnote.in/Business-News_83636.html#.ULYLK-Q3v1c देश ने लगाई नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक बड़ी छलांग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100706225843/http://www.pressnote.in/Business-News_83636.html#.ULYLK-Q3v1c |date=6 जुलाई 2010 }}| प्रेसनोट डॉट इन। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref>
यह टर्मिनल [[:w:Hellmuth, Obata and Kassabaum|एच.ओ.के]] के [[:w:Mott MacDonald|मॉट्ट मैक-डोनाल्ड]] के परामर्श में बना,<ref>{{cite web |url=http://www.worldinteriordesignnetwork.com/news/igi_airport_in_india_to_unveil_worlds_third_largest_terminal_100330/ |title=IGI Airport in India to unveil world’s third largest terminal |publisher=World Interior Design Network |date= |accessdate=2010-07-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120301054741/http://www.worldinteriordesignnetwork.com/news/igi_airport_in_india_to_unveil_worlds_third_largest_terminal_100330/ |archive-date=1 मार्च 2012 |url-status=dead }}</ref> नया टर्मिनल ३० एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एक दुमंजिला इमारत है, जिसका भूतल आगमन हेतु एवं ऊपरी तल प्रस्थान हेतु प्रयोग किया जाता है। टर्मिनल में २४० [[:w:check-in|चेक-इन]] पटल, ६५ संपर्क स्टैण्ड से लगे ७८ एयरोब्रिज, ५४ पार्किंग बे, एवं न्यून प्रतीक्षा समय हेतु ७२ [[आप्रवास|आप्रवास पटल]] (''इम्मिग्रेशन काउन्टर''), १५ [[एक्स-रे]] जाँच क्षेत्र से लैस [[शुल्क-मुक्त दुकान|शुल्क-मुक्त दुकानों]] एवं अन्य सुविधाओं से युक्त है।<ref><span class="plainlinks"> [http://www.gmrgroup.co.in/Airports/Delhi_International_Airport__P__Limited.html देल्ही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट (प्रा.) लि. -- जीएमआर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100410020827/http://www.gmrgroup.co.in/Airports/Delhi_International_Airport__P__Limited.html |date=10 अप्रैल 2010 }} </span></ref><ref name="economictimes.indiatimes.com"><span class="plainlinks"> [http://economictimes.indiatimes.com/News/News_By_Industry/Transportation/DIAL_to_invest_Rs_30000_cr_build_4_new_terminals_in_Delhi/articleshow/2956408.cms डायल टू इन्वेस्ट ३०,००० करोड़ रु, बिल्ड ४ न्यू टर्मिनल्स इन देल्ही] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090114152259/http://economictimes.indiatimes.com/News/News_By_Industry/Transportation/DIAL_to_invest_Rs_30000_cr_build_4_new_terminals_in_Delhi/articleshow/2956408.cms |date=14 जनवरी 2009 }} </span></ref><ref>[http://jantantra.com/2010/07/03/delhi-airport-terminal-3-inaugurated/ दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 का उद्घाटन, दुनिया का छठा सबसे बड़ा टर्मिनल] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304225504/http://jantantra.com/2010/07/03/delhi-airport-terminal-3-inaugurated/ |date=4 मार्च 2016 }}|जनतंत्र। दिनांक: ३ जुलाई २०१०। अभिगमन तिथि: २८ नवम्बर २०१२</ref> विमानक्षेत्र के लगभग ९०% यात्री पूर्ण होने पर इस टर्मिनल का उपभोग कर सकते हैं। यह टर्मिनल नियत समय से दिल्ली में आयोजित हुए [[२०१० राष्ट्रमंडल खेल|२०१० राष्ट्रमंडल खेलों]] से पूर्व पूर्ण हो चुका था। यह दिल्ली शहर से [[राष्ट्रीय राजमार्ग ८]] पर एक आठ-लेन सड़क द्वारा एवं [[दिल्ली मेट्रो]] द्वारा भली-भांति जुड़ा हुआ है। टर्मिनल का आधिकारिक उद्घाटन ३ जुलाई २०१० को नौ परीक्षण उड़ानों सहित इसकी प्रचालन के लिये तैयार होने तथा भूमि सेवा क्षमता (''ग्राउण्ड हैण्डलिंग कैपेबिलिटी'') की जाँच के साथ हुआ था। सभी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों को जुलाई २०१० के अंत तक यहां स्थानांतरित कर दिया गया था, एवं सभी पूर्ण सेवा अन्तर्देशीय वायु सेवाओं ने नवंबर के मध्य से यहां प्रचालन आरंभ कर दिया था। इस टर्मिनल पर १८ पंजीकृत माल (''रजिस्टर्ड बैगेज'') प्राप्ति बेल्ट हैं।
टी३ पर भारत की प्रथम स्वचालित पार्किंग प्रबंधन एवं निर्देशन प्रणाली से लैस बहु-मंजिलीय कार पार्किंग बनी है, जिसमें ७ तलों में ६३०० कारों की क्षमता है। यह पार्किंग प्रणाली एफ़.ए.ए.सी इण्डिया प्रा.लि. द्वारा श्री दीपक कपूर (प्रबंध निदे.) एवं श्री अश्फ़ाक आलम, (उत्पाद प्रबंधक) द्वारा अभिकल्पित एवं रिकॉर्ड समय में स्थापित की गई है। इसमें ऐसी सुविधा है कि किसी पार्किंग चाहने वाले को एक इलैक्ट्रॉनिक डायनैमिक साइनेज की सहायता द्वारा अधिकतम ५ मिनट में स्थान मिल सकता है।
टर्मिनल ३ विमानक्षेत्र विस्तार का प्रथम चरण है, जिसमें एक अंग्रेज़ी के 'U' आकार का भवन मॉड्यूलर रूप में बनाया गया है। २०१० से सभी अन्तर्राष्ट्रीय एवं पूर्ण सेवा वायु-संचालकों का प्रचालन यहां से आरंभ हो गया था, जबकि टर्मिनल १ से मात्र निम्न बजट वायु सेवाओं का प्रचालन ही चलता है। कालांतर में इन्हें भी नये टर्मिनल परिसर में ही स्थान देने की योजना है।
अन्तर्देशीय वायु सेवाओं के लिये नये टर्मिनल से संचालन की बहुप्रतीक्षित शुरुआत हो चुकी है। कई बाधाओं को पार करने के उपरांत भारत के राष्ट्रीय कैरियर [[एयर इंडिया]] ने भी अपनी अन्तर्देशीय सेवा टी३ से ११ नवम्बर २०१० को आरंभ कर दी थी। दो अन्य वायु सेवाएं जेट एवं किंगफ़िशर नये टर्मिनल पर १४ नवम्बर २०१० से सभी अन्तर्देशीय सेवाएं दे रही हैं। टर्मिनल टी १डी केवल गो एयर एवं अन्य कम मूल्य वायु सेवाओं के लिये ही प्रयोग किया जा रहा है।<ref>{{cite web |author=टीएनएन, ११ नवम्बर २०१०, ०४००IST |url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Decks-cleared-for-shifting-of-operations-to-T3/articleshow/6904159.cms |title=डेक्स क्लियर्ड फ़ॉर शिफ़्ट ऑफ़ ऑपरेशन टू टी३ - द टाइम्स ऑफ इण्डिया |publisher=Timesofindia.indiatimes.com |date=११ नवम्बर २०११ |accessdate=१८ नवम्बर २०११ |archive-url=https://web.archive.org/web/20161006020817/http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Decks-cleared-for-shifting-of-operations-to-T3/articleshow/6904159.cms |archive-date=6 अक्तूबर 2016 |url-status=live }}</ref>
=== हज टर्मिनल ===
वार्षिक मुस्लिम तीर्थयात्रा [[हज]] के समय, हज हेतु विशिष्ट उड़ानें चलती हैं, जो विश्व के अन्य क्षेत्रों को जा रहे यात्रियों के बीच व्यवधान से बचने हेतु इस पृथक टर्मिनल से चलायी जाती हैं। इस अंतराल में आ रहे अतिरिक्त यात्रियों को सेवा उपलब्ध कराने हेतु एक अलग टर्मिनल बनाया गया है, जहां उनके लिये पर्याप्त स्थान नियत रहता है। इस टर्मिनल की क्षमता १ करोड़ यात्री प्रति वर्ष है। इस टर्मिनल का प्रयोग प्रतिवर्ष [[हिजरी]] के अनुसार [[ईद उल फ़ितर]] के बाद दूसरे माह से लगभग दो माह तक के लिये होता है। वर्ष २०११ में यह २८ सितंबर से चालू हुए इस भवन को शेष दस माह में अन्य कार्यों के लिये प्रयोग करने की योजनाएं प्रगति पर हैं।
=== अप्रयोग टर्मिनल सुविधाएं ===
==== टर्मिनल १ए ====
[[चित्र:Delhi Airport Terminals 1A, 1B.jpg|thumb|टर्मिनल १ए एवं १सी का हवाई दॄश्य, २००६]]
टर्मिनल १ए का निर्माण १९९० के दशक के आरंभ में इंडियन एयरलाइंस की अन्तर्देशीय उड़ानों के प्रयोग हेतु ही किया गया था। कालांतर में हुए एक अग्नि काण्ड के पश्चात यहां की आंतरिक बनावट एवं सज्जा का पुनर्निर्माण किया गया। यहां के संचालक, डायल ने तब इस टर्मिनल का उन्नयन कार्य भी किया। अब यहां नयी चमक दमक के संग आधुनिक प्रसाधन कक्ष एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि भविष्य में ये सभी यहां नये विस्तृत टर्मिनल भवन के निर्माण के लिये हटायी जाएंगीं। इस नये टर्मिनल का निर्माण आगामी वर्षों में पूर्ण होने को है। इससे पूर्व ये टर्मिनल [[एयर इंडिया क्षेत्रीय]] द्वारा ११ नवम्बर २०१० तक नये टर्मिनल ३ को स्थानांतरित हो जाने तक प्रयोग किया जाता था। अब यह टर्मिनल बंद है और यहां की अन्तर्देशीय उड़ानें टर्मिनल १-डी को स्थानांतरित कर दी गयी हैं।
==== टर्मिनल १बी ====
अप्रैल २००९ से नये टर्मिनल १डी के आरंभ होने पर यह टर्मिनल बंद कर दिया गया है।
==== टर्मिनल २ ====
१ मई १९८६ को ९५ करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए,<ref name="igicustoms"/> टर्मिनल २ को फ़िल्हाल काफ़ी मरम्मत एवं अद्यतन आदि आवश्यकता है।{{Citation needed|date=अगस्त २०१०}} इन कार्यों के बारे में टर्मिनल ३ के उद्घाटन होने से पूर्व ही विचार कर लिया गया था। इन कार्यों में पूरे टर्मिनल भवन का रंग-रोगन किया गया है, पुरानी गहरे रंग की खिड़कियों आदि को नये शीशों से सज्जित किया गया है, फर्श पर नयी टाइल्स लगायी गई हैं, दीवारों एवं छतों पर नयी सतहें एवं फ़ाल्स सीलिंग्स आदि लगायी गई हैं, अधिक आप्रवास एवं उत्प्रवास पटल (''इम्मिग्रेशन एवं ईमाइग्रेशन काउन्टर्स'') बनाये गए हैं, नयी बैठने की सीटें लगायी गई हैं, नयी ''बैगेज बेल्ट्स'', अधिक व्यापारिक लाउन्ज, खाद्य एवं रेस्टॉरेन्ट्स एवं ड्यूटी-मुक्त दुकानें बढ़ायी गई हैं। इनमें से कई नये टी३ पर स्थानांतरित कर दी गई हैं। टर्मिनल २ टी३ के साथ मिलकर ही सेवाएं देगा, जब तक कि नया टर्मिनल ४ नहीं तैयार हो जाता है। उसके तैयार हो जाने पर प्रस्तावित मास्टर प्लान के अनुसार इसे ध्वस्त कर दिया जायेगा।<ref><span class="plainlinks"> [http://www.newdelhiairport.in/master-plan-development.asp मास्टर प्लान डवलपमेन्ट]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}। जीएमआर वेबसाइट </span></ref> वर्तमान में ये टर्मिनल प्रचालन से मुक्त है।
=== नियोजित टर्मिनल ===
;टर्मिनल ६ एवं ५
आगे के चरणों में टर्मिनल ६ एवं ५ के निर्माण की भी योजना है। इनका निर्माण यातायात में वृद्धि को दृष्टि में रखकर किया जायेगा। एक बार इनके निर्माण सम्पन्न हो जाने पर, सभी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानें इन पर स्थानांतरित कर दी जायेंगीं, एवं टी३ को पूर्णतया अन्तर्देशीय उड़ानों के लिये ही प्रयोग किया जायेगा। इनके अलावा एक नये कार्गो भवन की भी योजना है। दिल्ली इन्टरनेशनल एयरपोर्ट लि. (डायल) के अनुसार इन नये टर्मिनल्स के सहयोग से विमानक्षेत्र की वार्षिक यात्री क्षमता १० करोड़ तक पहुँच जायेगी।<ref name="economictimes.indiatimes.com"/>
=== कार्गो टर्मिनल ===
यहां का कार्गो टर्मिनल प्रबंधन मै. सेलेबी देल्ही कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इण्डिया प्रा.लि. के पास है और ये सभी माल यातायात संबंधी प्रचालन देखता है। विमानक्षेत्र को २००७ में उत्कृष्ट एवं संगठित माल/कार्गो प्रणाली के लिये अन्तर्राष्ट्रीय सम्माण भी मिल चुका है। यह मुख्य टर्मिनल टी३ से लगभग १ कि.मी की दूरी पर स्थित है।
{{इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा/गंतव्य}}
== कनेक्टिविटी ==
[[चित्र:DelhiMetro AirportExpress 20111214.jpg|thumb|दिल्ली विमानक्षेत्र एक्स्प्रेस ट्रेन]]
[[चित्र:Delhi Gurgaon Toll Gate.jpg|thumb|दिल्ली-गुड़गांव एक्स्प्रेसवे]]
=== रेल ===
==== ''मेट्रो'' ====
विमानक्षेत्र को मेट्रो रेल द्वारा आवागमन [[:w:Delhi Airport Metro Express|दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्स्प्रेस]] ट्रेन लाइन द्वारा मिलता है। यह लाइन २२.७ कि.मी की है और टर्मिनल ३ से [[भारतीय रेल]] के [[नई दिल्ली (दिल्ली मेट्रो)|नई दिल्ली]] रेलवे स्टेशन तक २० मि. में पहुंचा देती है। किन्तु यह सेवा अस्थायी रूप से ८ अगस्त २०१२ से तकनीकी कारणों से बंद की गई है।<ref>[http://www.delhiairportexpress.com/home/index.html एयरपोर्ट मेट्रो एक्स्प्रेस देल्ही] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120620014256/http://www.delhiairportexpress.com/home/index.html |date=20 जून 2012 }} जालस्थल</ref><ref>[http://abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/32405-2012-07-14-03-28-26 एयरपोर्ट मेट्रो: रिलायंस और डीएमआरसी में विवाद] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120718225226/http://abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/32405-2012-07-14-03-28-26 |date=18 जुलाई 2012 }}। एबीपी न्यूज़। १४ जुलाई २०१२।</ref>
==== ''भारतीय रेल'' ====
[[भारतीय रेल]] का निकटतम रेलवे स्टेशन शाहबाद मुहम्मदपुर (SMDP) है।<ref>{{cite web |url= http://indiarailinfo.com/station/map/5424 |title= शाहबाद मुहम्मदपुर रेलवे स्टेशन का उपग्रम चित्र – इण्डिया रेल इन्फ़ो – ए बिज़ी जंक्शन फ़ॉर ट्रैवलर्स एण्ड रेल एन्थुज़ियास्ट्स |publisher= इण्डिया रेल इन्फ़ो |date= २६ अप्रैल २०१० |accessdate= २४ जनवरी २०१२ |archive-url= https://web.archive.org/web/20120723041814/http://indiarailinfo.com/station/map/5424 |archive-date= 23 जुलाई 2012 |url-status= live }}</ref> इसके बाद निकटवर्ती बड़ा रेलवे स्टेशन है [[पालम रेलवे स्टेशन]] (PM)<ref>{{cite web |url=http://indiarailinfo.com/station/map/352?a=1 |title=पालम/PM रेलवे स्टेशन उपग्रह चित्र – इण्डिया रेल इन्फ़ो - ए बिज़ी जंक्शन फ़ॉर ट्रैवलर्स एण्ड रेल एन्थुज़ियास्ट्स |publisher=इण्डिया रेल इन्फ़ो |date=२६ अप्रैल २०१० |accessdate=२४ जनवरी २०१२ |archive-url=https://web.archive.org/web/20130521062407/http://indiarailinfo.com/station/map/352?a=1 |archive-date=21 मई 2013 |url-status=live }}</ref>
==== सड़क ====
विमानक्षेत्र आठ-लेन [[राष्ट्रीय राजमार्ग ८]] अर्थात् [[दिल्ली गुड़गांव एक्स्प्रेसवे]] से जुड़ा हुआ है।
[[दिल्ली परिवहन निगम|डीटीसी]] द्वारा संचालित विशेष एयरपोर्ट सेवा में निम्न-तलीय (लो फ़्लोर) बसें नियमित रूप से विमानक्षेत्र के दोनों टर्मिनल्स एवं शहर के बीच संचालित होती हैं।
टर्मिनल से दिल्ली के विभिन्न एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्थानों के लिये मीटर वाली टैक्सी सेवा भी उपलब्ध रहती है। इनमें पूर्व-भुगतान वाली प्रीपेड टैक्सी सेवा भी उपलब्ध हैं।
== फ़िक्स्ड बेस ऑपरेट्र्स (एफ़बीओ) ==
=== केटरर्स ===
* एम्बैसेडर स्काई शेफ़
* शेफ़ एयर
* [[ताज होटल|ताज-सैट्स]]
* [[ओबेरॉय होटल|ओबेरॉय फ़्लाइट सर्विसेज़]]
* स्काई गॉरमेट केटरिंग प्रा.लि.
* क्लब वन एयर
* फ़्रीडम एयर सर्विसेज़ प्रा.लि.
=== ईंधन प्रदाता ===
* इण्डियन ऑयल स्काईटैंकिंग लि.
* भारत स्टार्स सर्विसेज़ प्रा.लि.
=== ग्राउण्ड हैण्डलर्स ===
* एन.ए.सी.आई.एल
* सेलेबी ग्राउण्ड हैण्डलिंग देल्ही प्रा.लि.
* कम्बाटा एविएशन
* बी.डब्लु.एफ़.एस
== घटना एवं दुर्घटनाएं ==
<!--this includes accidents involving aircraft arriving and departing from the airport, including those that take place outside of the airport-->
* २५ जनवरी १९७० को, [[:w:Nepal Airlines|रॉयल नेपाल एयरलाइंस]] के [[:w:Fokker F27|फ़ॉकर एफ़२७-२००]] (9N-AAR) ने [[काठमाण्डु]], [[नेपाल]] से उड़ान भरने के बाद तेज अशांत हवाओं वाले भीषण [[तूफ़ान]] में फ़ंस जाने से, पालम विमानक्षेत्र के अंतिम आगमन क्षेत्र ([[:w:Final approach (aviation)|फ़ाइनल एप्रोच]] तक [[:w:Vertical draft|डाउनड्राफ़्ट्स]] का सामना करना पड़ा। इस कारण पायलट का विमान पर से नियंत्रण खो गया एवं विमान रनवे से कुछ पहले ही क्रैश हो गया। ५ क्रू सदयों एवं १८ यात्रियों में से, एक क्रू सदस्य मारा गया।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 एविएशन सेफ़टी नेटवर्क] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110606073216/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 |date=6 जून 2011 }}। अभिगमन तिथि: २८ मई २००८</span></ref>
* १४ जून १९७२ को [[जापान एयरलाइंस]] की उड़ान संख्या ४७१ पालम विमानक्षेत्र के बाहर ही क्रैश हो गयी। इसमें ८२ में से ८७ यात्री मारे गए; जिनमें ११ में से १० क्रू सदस्य एवं ७६ में से ७२ यात्री थे। इनके अलावा ३ व्यक्ति जमीन पर थे।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 १४ जून १९७२, डगलस डीसी-8-53 जापान एयरलाइंस - JAL ''[[:w:Aviation Safety Network|एविएशन सेफ़टी नेटवर्क]]''। अभिगमन तिथि: २३ मार्च २००९] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110319033012/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 |date=19 मार्च 2011 }}</span></ref>
* ३१ मई १९७३ को [[इंडियन एयरलाइंस|इण्डियन एयरलाइंस उड़ान 440]] पालम विमानक्षेत्र पहुंचते हुए, यहां के वायु-अप्रोच क्षेत्र में ही क्रैश हो गयी। इसमें ६५ याट्रियों में से ४८ एवं सभी क्रू सदस्य काम आ गये।
* ७ मई १९९० को लंदन से आ रही [[एयर इंडिया]] की लंदन-दिल्ली-मुंबई मार्ग की उड़ान में [[बोइंग ७४७]] विमान लंदन के [[हीथ्रो विमानक्षेत्र]] से उड़ान भरने के बाद दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी विमानक्षेत्र में टच-डाउन किया। यहां विरोधी दबाव (रिवर्स थ्रस्ट) देते हुए उसने पाया कि विमान के पंख से जुड़ा इंजन-१ फ़ेल हो गया है। परिणामस्वरूप विमान का अग्रभाग (नोज़) नीचे झुक गया। इस कारण निकसित गर्म गैसों एवं वाष्प से बाएं पंख में आग लग गयी। विमान में २१५ लोग थे जिनमें से १९५ यात्री एवं २० क्रू सदय थे। सौभाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ, किन्तु विमान मरम्मत की सीमा से बाहर हो जाने से बेकार हो गया।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 एविएशन सेफ़टी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090822230832/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 |date=22 अगस्त 2009 }} </span></ref>
* १२ नवम्बर १९९६ को विमानक्षेत्र [[१९९६ चरखी दादरी मार्ग मध्य भिडंत]] काण्ड का भागी बना। इसमें एक [[साउदिया]] वायुसेवा के [[बोइंग ७४७|बोइंग ७४७-१००बी]] विमान की टेक-ऑफ़ लेने के उपरांत उन्नयन करते हुए आगमन करते हुए एक फ़ैशन कंपनी द्वारा चार्टर किये गए एक [[एयर कज़ाखिस्तान]] के [[इल्यूशिन आईएल-७६]] विमान से भिड़ंत हुई। इस काण्ड में दोनों विमानों के सभी ३४९ यात्रियों की मृत्यु हो गई।<ref name=Burns19970505 >{{Cite news |title=वन जेट इन क्रैश ओवर इण्डिया रूल्ड ऑफ़ कोर्स |last=बर्न्स |first=जॉन एफ़. |date=५ मई १९९७ |newspaper=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |accessdate=२४ मई २०१० |url=http://www.nytimes.com/1997/05/05/world/one-jet-in-crash-over-india-ruled-off-course.html |archive-url=https://web.archive.org/web/20180303160858/http://www.nytimes.com/1997/05/05/world/one-jet-in-crash-over-india-ruled-off-course.html |archive-date=3 मार्च 2018 |url-status=live }}</ref> 28 जून 2024: सुबह-सुबह भारी बारिश के बीच टर्मिनल 1 की छत का एक हिस्सा खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए।
=== बड़ी घटनाएं ===
<!--this includes accidents involving aircraft arriving and departing from the airport, including those that take place outside of the airport-->
* २५ जनवरी १९७० को, [[:w:Nepal Airlines|रॉयल नेपाल एयरलाइंस]] के [[:w:Fokker F27|फ़ॉकर एफ़२७-२००]] (9N-AAR) ने [[काठमाण्डु]], [[नेपाल]] से उड़ान भरने के बाद तेज अशांत हवाओं वाले भीषण [[तूफ़ान]] में फ़ंस जाने से, पालम विमानक्षेत्र के अंतिम आगमन क्षेत्र ([[:w:Final approach (aviation)|फ़ाइनल एप्रोच]] तक [[:w:Vertical draft|डाउनड्राफ़्ट्स]] का सामना करना पड़ा। इस कारण पायलट का विमान पर से नियंत्रण खो गया एवं विमान रनवे से कुछ पहले ही क्रैश हो गया। ५ क्रू सदयों एवं १८ यात्रियों में से, एक क्रू सदस्य मारा गया।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 एविएशन सेफ़टी नेटवर्क] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110606073216/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19700125-1 |date=6 जून 2011 }}। अभिगमन तिथि: २८ मई २००८</span></ref>
* १४ जून १९७२ को [[जापान एयरलाइंस]] की उड़ान संख्या ४७१ पालम विमानक्षेत्र के बाहर ही क्रैश हो गयी। इसमें ८२ में से ८७ यात्री मारे गए; जिनमें ११ में से १० क्रू सदस्य एवं ७६ में से ७२ यात्री थे। इनके अलावा ३ व्यक्ति जमीन पर थे।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 १४ जून १९७२, डगलस डीसी-8-53 जापान एयरलाइंस - JAL ''[[:w:Aviation Safety Network|एविएशन सेफ़टी नेटवर्क]]''। अभिगमन तिथि: २३ मार्च २००९] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110319033012/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720614-1 |date=19 मार्च 2011 }}</span></ref>
* ३१ मई १९७३ को [[:w:Indian Airlines Flight 440|इण्डियन एयरलाइंस उड़ान संख्या ४४०]] पालम विमानक्षेत्र के अप्रोच क्षेत्र में क्रैश हो गयी थी, जिसमें ६५ में से ४८ यात्री एवं क्रू सदस्य मारे गए।
* ७ मई १९९० को [[लंदन]]- [[दिल्ली]]-[[मुंबई]] जा रहा [[एयर इण्डिया]] बोइंग ७४७, जिसमें २१५ लोग (१९५ याट्री एवं २० क्रू सदस्य) थे [[लंदन हीथ्रो विमानक्षेत्र]] से उड़ान भरने के बाद इंदिरा गांधी अं. विमानक्षेत्र पर टच डाउन किया। रिवर्स त्रस्ट लगाने पर बायें विंग से जुड़े इंजन सं.१ के फ़ेल हो जाने से उसे नोज़-लैण्डिंग करनी पड़ी। गर्म उत्सर्जित वाष्प के कारण बायें विंग में आग लग गयी। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, किन्तु विमान मरम्मत की सीमा से बाहर हो जाने के कारण बेकार हो गया।<ref><span class="plainlinks">[http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 Aviation Safety] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090822230832/http://aviation-safety.net/database/record.php?id=19900507-0 |date=22 अगस्त 2009 }} </span></ref>
* १२ नवम्बर १९९६ को यह विमानक्षेत्र [[:w:1996 Charkhi Dadri mid-air collision|चरखी-दादरी वायु मध्य भिडंत]] में संलग्न रहा, जब [[साउदिया]] के एक [[:w:Boeing 747|बोइंग 747-100बी]], उड़ान भरने के उपरांत ऊपर उठते हुए यहाम अवतरण के लिये तैयार एक [[एयर कज़ाखिस्तान]] के [[:w:Ilyushin Il-76|इल्यूशिन आईएल-७६]] जो एक फ़ैशन कंपनी द्वारा चार्टर उड़ान थी, वायु मध्य में भिड़ गया, जिससे दोनों उड़ानों में सवार सभी ३४९ यात्री मारे गए।<ref name=Burns19970505 /> 28 जून 2024: सुबह-सुबह भारी बारिश के बीच टर्मिनल 1 की छत का एक हिस्सा खड़ी गाड़ियों पर गिर गया। एक व्यक्ति की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए।
== अन्य जानकारी ==
दिल्ली विमानक्षेत्र की संचालक कंपनी डायल (''DIAL'') से प्राप्त सूचना के अनुसार वय [[माइक्रोसॉफ़्ट]] के साथ मिलकर आगामी [[विंडोज़ ८]] प्लेटफ़ॉर्म की संगत एप्लीकेशन लान्च करेगी। इससे उड़ानों की वास्तविक सूचना, मौसम की जानकारी, हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिये उपलब्ध सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध होगी। यहां ध्यानयोग्य है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संबंधी चुनौतियों के नियंत्रण तथा उससे निपटने को लेकर डायल को कुछ समय पूर्व ही आईएसओ 20000 प्रमाणपत्र मिला है।<ref>[http://aajtak.intoday.in/story/Delhi-Airport-launches-Windows-8-apps-1-711773.html दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का APPS विंडोज 8 पर शुरू] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130720070230/http://aajtak.intoday.in/story/Delhi-Airport-launches-Windows-8-apps-1-711773.html |date=20 जुलाई 2013 }}|[[आज तक]]। ३० अक्टूबर २०१२। भाषा</ref><ref>[http://articles.economictimes.indiatimes.com/2012-10-29/news/34798297_1_dial-ceo-application-sixth-airport जीएमआर देल्ही एयरपोर्ट एप्लीकेशन ऑन विंडोज़ 8 प्लैटफ़ॉर्म] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160313203556/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2012-10-29/news/34798297_1_dial-ceo-application-sixth-airport |date=13 मार्च 2016 }}| द इकोनोमिक टाइम्स। २९ अक्टूबर २०१२</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons category|Indira Gandhi International Airport|इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र}}
* {{Official|http://www.newdelhiairport.in/}}
* [https://web.archive.org/web/20090805060420/http://www.airportsindia.org.in/igi/index.jsp इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा] [[भाविप्रा]] के जालस्थल पर
* [https://web.archive.org/web/20100406231625/http://www.gmrgroup.co.in/ जीएमआर समूह]
* [https://web.archive.org/web/20121020165638/http://www.skyscrapercity.com/showthread.php?t=347516&page=270 देल्ही एयरपोर्ट डवलपमेण्ट]
* {{WAD|VIDP|source=[[:w:DAFIF|DAFIF]]}}
* {{GCM|VIDP|source=DAFIF}}
* {{ASN|DEL}}
{{coord|28|33|16|N|77|5|58|E|display=title}}
<!--Navigation boxes--><br />
{{दिल्ली}}
{{भारत के विमानक्षेत्र}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:दिल्ली के विमानक्षेत्र]]
[[श्रेणी:दिल्ली में परिवहन]]
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[[श्रेणी:इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र]]
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ऋतिक रोशन के फ़िल्मों की सूची
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wikitext
text/x-wiki
[[File:Hrithik Roshan.jpg|thumb|[[हृतिक kaqtan9368105819
रोशन]]]]
'''ऋतिक रोशन''' के फिल्मों की सूची।
== फ़िल्में ==
{| class="wikitable"
|+कुंजी
| style="background:#FFFFCC;"| {{dagger|alt=फ़िल्में जो अब तक प्रदर्शित नहीं हुई हैं, फ़िल्म कहो न प्यार है के बाद से फिल्में।}}
| फ़िल्में जो अब तक प्रदर्शित नहीं हुई है।
|}
{| class="wikitable plainrowheaders sortable" style="margin-right: 0;"
|-
! scope="col" | नाम
! scope="col" | वर्ष
! scope="col" | किरदार
! scope="col" | निर्देशक
! scope="col" class="unsortable" | जानकारी
! scope="col" class="unsortable" | संदर्भ
|-
! scope="row" | ''आशा''
| १९८०
| अज्ञात
| ओम प्रकाश
| विशेष - जाने हम सड़क के लोगों गाने में
|style="text-align: center;"| <ref>{{cite web | url=http://www.rediff.com/movies/report/slide-show-1-40-things-you-didnt-know-about-hrithik-roshan/20140110.htm#1 | title=40 Things You Didn't Know About Hrithik Roshan | publisher=[[रीडिफ.कॉम]] | date=10 January 2010 | accessdate=9 June 2014 | pages=1 | archive-url=https://web.archive.org/web/20140331034007/http://www.rediff.com/movies/report/slide-show-1-40-things-you-didnt-know-about-hrithik-roshan/20140110.htm#1 | archive-date=31 मार्च 2014 | url-status=live }}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[आप के दीवाने (1980 फ़िल्म)|आप के दीवाने]]
|१९८०
| अज्ञात
|सुरेन्द्र मोहन
|
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| ''[[आस पास (1981 फ़िल्म)|आस पास]]
|१९८१
|अज्ञात
|ओम प्रकाश
| विशेष उपस्थिती शहर मैं चरची है गाने में
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| आसरा प्यार दा
|१९८६
|अज्ञात
|ओम प्रकाश
| पंजाबी फिल्म
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| ''[[भगवान दादा (1986 फ़िल्म)|भगवान दादा]]''
| 1986
| गोविंदा दादा
|ओम प्रकाश
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web| url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/55746| title=Bhagwan Dada (1986)| publisher=Bollywood Hungama| date=10 January 2010| accessdate=9 June 2014| archive-url=https://web.archive.org/web/20140811135117/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/55746| archive-date=11 अगस्त 2014| url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[खुदगर्ज (1987 फ़िल्म)|खुदगर्ज]]''
| 1987
|अज्ञात
|[[राकेश रोशन]]
| सहायक निर्देशक
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| ''[[किंग अंकल]]''
| 1993
|अज्ञात
|[[राकेश रोशन]]
| सहायक निर्देशक
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| ''[[करन अर्जुन|करण अर्जुन]]''
| 1995
|अज्ञात
|[[राकेश रोशन]]
| सहायक निर्देशक
|style="text-align: center;"|<ref name="assistant">{{cite news | url=http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/did-you-know-/Hrithik-was-an-assistant-director-for-SRKs-films/articleshow/16119644.cms | title=Hrithik was an assistant director for SRK’s films | work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया | date=1 September 2012 | accessdate=24 June 2014 | author=AS, Sashidhar | archive-url=https://web.archive.org/web/20180807060534/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/did-you-know-/Hrithik-was-an-assistant-director-for-SRKs-films/articleshow/16119644.cms | archive-date=7 अगस्त 2018 | url-status=live }}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[कोयला (फ़िल्म)|कोयला]]''
| 1997
|अज्ञात
|[[राकेश रोशन]]
| सहायक निर्देशक
|style="text-align: center;"|
|-
!scope="row"| ''[[कहो ना प्यार है]]''
| 2000
| रोहित कुमार / राज चोपड़ा
| [[राकेश रोशन]]
|सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Kaho Naa Pyaar Hai (2000)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201893|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901223725/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201893|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[फिज़ा|फ़िज़ा]]''
| 2000
| अमान इकरामुहल्ला
| खालिद मोहम्मद
| चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Fiza (2000)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201742|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140902131017/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201742|archive-date=2 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|url=http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/articleshow/368707.cms|title=The Nominations {{mdash}} 2000|accessdate=4 April 2014|publisher=[[Indiatimes]]|archive-url=https://archive.today/20120709051430/http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/articleshow/368707.cms|archive-date=9 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[मिशन कश्मीर]]''
| 2000
| अलताफ़ खान
|विधु विनोद चोपड़ा
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Mission Kashmir (2000)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201561|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150401174944/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201561|archive-date=1 अप्रैल 2015|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[यादें (2001 फ़िल्म)|यादें]]''
| 2001
| रोहित मल्होत्रा
|सुभाष घई
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Yaadein (2001)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201813|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140714225413/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201813|archive-date=14 जुलाई 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[कभी खुशी कभी ग़म]]''
| 2001
| रोहण राइचन्द
|करण जौहर
| चुना गया—सबसे अच्छे सहायक अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Kabhi Khushi Kabhie Gham (2001)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201895|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901143559/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201895|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|url=http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/articleshow/368737.cms|title=The Nominations {{mdash}} 2001|accessdate=4 April 2014|publisher=Indiatimes|archive-url=https://archive.today/20120708020250/http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/articleshow/368737.cms|archive-date=8 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[आप मुझे अच्छे लगने लगे]]''
| 2002
| रोहित मल्होत्रा
|विक्रम भट्ट
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Aap Mujhe Achche Lagne Lage (2002)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201657|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140722004952/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201657|archive-date=22 जुलाई 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[ना तुम जानो ना हम]]''
| 2002
|राहुल शर्मा
|अर्जुन सबलोक
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Na Tum Jaano Na Hum (2002)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201576|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140720051922/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201576|archive-date=20 जुलाई 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[मुझसे दोस्ती करोगे]]''
| 2002
|राज खन्ना
|कुनाल कोहली
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Mujhse Dosti Karoge (2002)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/57071|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140807072515/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/57071|archive-date=7 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''मैं प्रेम की दिवानी हूँ''
| 2003
| प्रेम किशन माथुर
|सूरज बरजतया
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Main Prem Ki Diwani Hoon (2003)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201790|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140714125111/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201790|archive-date=14 जुलाई 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[कोई मिल गया]]''
| 2003
| रोहित मेहता
|राकेश रोशन
| सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Koi Mil Gaya (2003)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/510923|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901125812/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/510923|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[लक्ष्य (2004 फ़िल्म)|लक्ष्य]]''
| 2004
| करण शेरगिल
|फरहान अखतर
| चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Lakshya (2004)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201839|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140815091357/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201839|archive-date=15 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|url=http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/1021384.cms|title=Nominees of 50th Filmfare Awards|accessdate=4 April 2014|publisher=Indiatimes|archive-url=https://archive.today/20120710013930/http://filmfareawards.indiatimes.com/articleshow/1021384.cms|archive-date=10 जुलाई 2012|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[कृष (2006 फ़िल्म)|कृष]]
|2006
| कृष / रोहित मेहता / कृष्णा मेहरा
|[[राकेश रोशन]]
| चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Krrish (2006)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54355|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150331211801/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54355|archive-date=31 मार्च 2015|url-status=live}}</ref><br/><ref name="awards">{{cite web|url=http://www.bollywoodhungama.com/celebrities/awards/8247/index.html|title=Hrithik Roshan: Awards & nominations|accessdate=23 July 2010|publisher=Bollywood Hungama|archiveurl=https://web.archive.org/web/20090506013644/http://www.bollywoodhungama.com/celebrities/awards/8247/index.html|archivedate=6 मई 2009|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[धूम 2|धूम 2]]''
|2006
| आर्यन सिंघानिया / मिस्टर ए
|संजय गधवी
| सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार
|style="text-align: center;"|<br/><ref>{{cite web|title=Dhoom 2 (2006)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/509011|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140902043908/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/509011|archive-date=2 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[आई सी यू (2006 फ़िल्म)|आई सी यू]]
|2006
|अज्ञात
|विवेक अग्रवाल
| सुबह सुबह गाने में विशेष उपस्थिती
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=I See You (2006)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201853|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140518172245/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201853|archive-date=18 मई 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[ओम शांति ओम]]''
|2007
| स्वयं
|[[फराह खान]]
| विशेष उपस्थिती
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Om Shanti Om (2007)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54373|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141025045139/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54373|archive-date=25 अक्तूबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[जोधा अकबर (2008 फ़िल्म)|जोधा अकबर]]''
|2008
|[[अकबर|जलालूद्दीन मोहम्मद अकबर]]
|आशुतोष गोवारीकर
| सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार
|style="text-align: center;"|<br/><ref>{{cite web|title=Jodhaa Akbar (2008)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/58410|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901131603/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/58410|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''क्रेज़ी ४''
|2008
|अज्ञात
|जयदीप सेन
| क्रेज़ी ४ के गाने में विशेष उपस्थिती
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Krazzy 4 (2008)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54396|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901194133/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/54396|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[लक बाय चांस]]''
|2009
|अली जाफ़र खान
|जोया अखतर
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Luck by Chance (2009)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201796|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140901203137/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/201796|archive-date=1 सितंबर 2014|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| "[[काइट्स]]"
|2010
|जय राय
|अनुराग बसु
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Kites (2010)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/502808|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140106130616/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/502808|archive-date=6 जनवरी 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref name="sing">{{cite web | url=http://zeenews.india.com/entertainment/celebrity/now-hrithik-roshan-sings-in-guzaarish_58761.html | title=Now Hrithik Roshan sings in 'Guzaarish' | publisher=[[Zee News]] | date=14 April 2010 | accessdate=9 June 2014 | archive-url=https://web.archive.org/web/20141020121105/http://zeenews.india.com/entertainment/celebrity/now-hrithik-roshan-sings-in-guzaarish_58761.html | archive-date=20 अक्तूबर 2014 | url-status=live }}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[गुजारिश]]''
|2010
| एथन मसकरेनहस
|संजय लीला भंसाली
| पार्श्व गायक<br/>चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref name="sing"/><br/><ref>{{cite web|title=Guzaarish (2010)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/515927|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140831101135/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/515927|archive-date=31 अगस्त 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|title=Nominations for 56th Idea Filmfare Awards 2010|url=http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/1765/|publisher=Bollywood Hungama|date=14 January 2011|accessdate=2 March 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20131114012817/http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/1765/|archive-date=14 नवंबर 2013|url-status=live}}</ref><br/>
|-
!scope="row"| ''[[ज़िन्दगी न मिलेगी दोबारा]]''
|2011
|अर्जुन सलूजा
|जोया अख्तर
| पार्श्व गायक - जिंदगी ना मिलेगी दुबारा<br/>चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite news|last=Kotwani|first=Hiren|title=Hrithik Roshan taking singing lessons?|url=http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Hrithik-Roshan-taking-singing-lessons/articleshow/32963526.cms|accessdate=17 July 2014|work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|date=31 March 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141019103007/http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Hrithik-Roshan-taking-singing-lessons/articleshow/32963526.cms|archive-date=19 अक्तूबर 2014|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|title=Zindagi Na Milegi Dobara (2011)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/535587|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150722200328/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/535587|archive-date=22 जुलाई 2015|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|title=Nominations for 57th Idea Filmfare Awards 2011|url=http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/2974/Nominations+for+57th+Idea+Filmfare+Awards+2011|publisher=Bollywood Hungama|date=11 January 2012|accessdate=4 April 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150715230452/http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/2974/Nominations%2Bfor%2B57th%2BIdea%2BFilmfare%2BAwards%2B2011|archive-date=15 जुलाई 2015|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[डॉन २]]''
|2011
| डॉन
|[[फरहान अख्तर]]
| विशेष उपस्थिती
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Don 2 (2011)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/525404|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20160515003617/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/525404|archive-date=15 मई 2016|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| "[[अग्निपथ (2012 फ़िल्म)|अग्निपथ]]"
|2012
| विजय दीनानाथ चौहान
|[[करण मल्होत्रा]]
| चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Agneepath (2012)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/503039|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20130624131535/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/503039|archive-date=24 जून 2013|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|title=Nominations for 58th Idea Filmfare Awards 2012|url=http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/4404|publisher=Bollywood Hungama|date=13 January 2013|accessdate=4 April 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20130116062555/http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/4404|archive-date=16 जनवरी 2013|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''मैं कृष्णा हूँ''
|2013
| स्वयं
|राजीव रूईया
|
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Main Krishna Hoon (2013)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/540663|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20150721051920/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/540663|archive-date=21 जुलाई 2015|url-status=live}}</ref>
|-
!scope="row"| ''[[कृष ३]]''
|2013
| कृष / रोहित मेहरा / कृष्णा मेहरा
|[[राकेश रोशन]]
| चुना गया—सबसे अच्छे अभिनेता फिल्मफेर पुरस्कार के लिए
|style="text-align: center;"|<ref>{{cite web|title=Krrish 3 (2013)|url=http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/525408|publisher=Bollywood Hungama|accessdate=24 June 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20130708002451/http://www.bollywoodhungama.com/moviemicro/cast/id/525408|archive-date=8 जुलाई 2013|url-status=live}}</ref><br/><ref>{{cite web|title=Nominations for 59th Idea Filmfare Awards 2013|url=http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/6025|publisher=Bollywood Hungama|date=14 January 2014|accessdate=4 April 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140301131802/http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/6025|archive-date=1 मार्च 2014|url-status=live}}</ref>
|-
! scope="row"| ''[[बैंग बैंग]]''
|2014
| राजवीर नंदा / जयवन्त "जय" नंदा
|[[सिद्धार्थ आनंद]]
|
|style="text-align: center;" |<ref>{{cite web| url=http://www.koimoi.com/bollywood-popular/hrithik-katrinas-bang-bang-wraps-up/| title=Hrithik-Katrina’s ‘Bang Bang’ Wraps Up!| publisher=Koimoi.com| date=18 July 2014| accessdate=25 July 2014| archive-url=https://web.archive.org/web/20140720035206/http://www.koimoi.com/bollywood-popular/hrithik-katrinas-bang-bang-wraps-up/| archive-date=20 जुलाई 2014| url-status=live}}</ref>
|-
! scope="row"| "हे ब्रो"
|2015
|अज्ञात
|अजय चन्डोक
| विशेष - "बिरजू" गाने में
|
|-
!scope="row"| "[[मोहेंजो दारो (फ़िल्म)|मोहेंजोdaरो]]"
|2016
|सरमन
| [[आशुतोष गोवरिकर|आशुतोष गोवारिकर]]
|
|
|-
!scope="row"| "[[काबिल]]
|2017
|रोहन भटनागर
|[[संजय गुप्ता (निर्देशक)|संजय गुप्ता]]
|
|
|-
!scrope="row"| [[सुपर 30]]
|2019
|आनंद कुमार
| [[विकास बहल]]
|
|
|-
!scope="row"| [[वॉर]]
|2019
|मेजर कबीर धारीवाल
|[[सिद्धार्थ आनन्द]]
|
|
|-
!scope="row"| [[विक्रम वेधा]]
|2022
|वेधा बेताल
|पुष्कर & गायत्री
|
|<ref>{{Cite web|url=https://www.moviezupp.com/vikram-vedha-hindi-movie-first-poster-hrithik-roshan-in-intense-look/|title=Vikram Vedha Hindi Movie First Poster: Hrithik Roshan in Intense Look|last=|first=|date=2022-01-10|website=Moviezupp|language=en-US|access-date=2022-01-12}}</ref>
|-
!scope="row"| [[फाईटर (2024 फिल्म)|फाइटर]]
|2024
| फ्लाईट लेफ्टिनेंट शमशैर "पैटटी" पठारिया
|[[सिद्धार्थ आनन्द]]
|
|-
!scope="row"| [[वॉर 2]]
|2025
|मैजर कबीर धारीवाल
|[[अयान मुखर्जी]]
|यह 2019 में आई फिल्म ''वॉर'' का सीक्वल है और यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है। फिल्म में ऋतिक रोशन एक बार फिर रॉ एजेंट 'कबीर' के रूप में नजर आएंगे।
|<ref>{{Cite web|url=https://lokbharattimes.in/hrithik-roshan-war-2-updates-movie-coming-soon/|title=Hrithik Roshan War 2 Updates को लेकर खत्म हुआ इंतजार, इस दिन होगी Film रिलीज!|date=20-04-2025|website=Lok Bharat Times|access-date=20 अप्रैल 2025|archive-date=24 अप्रैल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250424164927/https://lokbharattimes.in/hrithik-roshan-war-2-updates-movie-coming-soon/|url-status=dead}}</ref>
|-
|scope="row"| "[[शहंशाह (2026 फिल्म)|''शहंशाह'']]"
|2026
| एसीपी विजय कुमार श्रीवास्तव / शहंशाह
|[[करण मल्होत्रा]]
|
|-
|scope="row"| ''[[कष् 4]]''
|2026
| कष् / रोहित महैरा / कृष्णा महैरा / वीरैनदर "वीर" महैरा
|[[राकेश रोशन]]
|
|}
<!--कृपया इसमें भविष्य के कार्य (फ़िल्में) जो पूर्ण न हुई हो, को न डालें। फिल्म डालने के साथ उसके स्रोत को भी डालें।-->
==इन्हें भी देखें==
* [[ऋतिक रोशन]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb name|id=0004335|name=ऋतिक रोशन}}
* [https://web.archive.org/web/20141013021630/http://www.bollywoodhungama.com/celebritymicro/index/id/2787 ऋतिक रोशन] बॉलीवुड हँगामा में
[[श्रेणी:सूचियाँ]]
35rde0cl1kllv2hmm6v9di2bk383nt9
वंदना टेटे
0
614068
6553161
5842472
2026-05-16T15:37:50Z
आकाश प्रमोद गिरि
924830
मैंने उनके बारे में गहनता से लिखा है
6553161
wikitext
text/x-wiki
{{स्त्रोतहीन|date=अगस्त 2022}}
{{Infobox writer
| name = वंदना टेटे
| image =
| imagesize =
| caption =
| pseudonym =
| birth_name =
| birth_date = {{Birth date and age|1969|09|13|mf=y}}
| birth_place = सामटोली, [[सिमडेगा]], [[झारखण्ड| झारखंड]], [[भारत]]
| death_date =
| death_place =
| occupation = [[शिक्षा]], [[लेखक]] और [[राजनीति]]
| nationality = भारतीय
| community = [[खड़िया आदिवासी]]
| period =
| genre = [[ऑरेचर]], [[काव्य| कविता]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], [[इतिहास]], [[महिला]], [[भाषा]], [[संस्कृति]] और [[काव्य|कविता]]
| subject = आदिवासी साहित्य
| movement = झारखंड आंदोलन
| notableworks = ‘पुरखा लड़ाके’ (2005), ‘किसका राज है’ (2009), ‘झारखंड एक अंतहीन समरगाथा’ (2010) ‘असुर सिरिंग’ (2010), ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’ ( 2012), ‘आदिम राग’ (2013), ‘आदिवासी साहित्यः परंपरा और प्रयोजन’ (2013), ‘आदिवासी दर्शन कथाएं’ (2014)
| spouse = [[अश्विनी कुमार पंकज]]
| partner =
| children = आयुध पंकज और अटूट संतोष
| relatives = [[प्यारा केरकेट्टा]]
| influences =
| influenced = [[रोज केरकेट्टा]]
| awards = आदिवासी पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार का राज्य सम्मान 2012
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2013 में सीनियर फेलोशिप
| signature =
| website = http://kharia.in
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'''वंदना टेटे''' (जन्मः 13 सितम्बर 1969) एक भारतीय [[आदिवासी]] लेखिका, कवि, प्रकाशक, एक्टिविस्ट और आदिवासी दर्शन ‘आदिवासियत’ की प्रबल पैरोकार हैं। सामुदायिक आदिवासी जीवनदर्शन एवं सौंदर्यबोध को अपने लेखन और देश भर के साहित्यिक व अकादमिक संगोष्ठियों में दिए गए वक्तव्यों के जरिए उन्होंने आदिवासी विमर्श को नया आवेग प्रदान किया है।
सामाजिक कार्य (महिला एवं बाल विकास) में राजस्थान विद्यापीठ से स्नातकोत्तर। हिंदी एवं खड़िया में लेख, कविताएँ, कहानियाँ स्थानीय एवं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित तथा आकाशवाणी, राँची एवं उदयपुर से लोकगीत, वार्ता व साहित्यिक रचनाएँ प्रसारित। सामाजिक विमर्श की पत्रिका 'समकालीन ताना-बाना', बाल-पत्रिका 'पतंग' (उदयपुर से प्रकाशित) का संपादन-प्रकाशन एवं झारखंड आंदोलन की राजनीतिक पत्रिका ‘झारखंड ख़बर’ (राँची) का उप-संपादन। झारखंड की पहली बहुभाषी पत्रिका 'झारखंडी भाषा, साहित्य, संस्कृति : अखड़ा’ (2004 से), खड़िया मासिक पत्रिका 'सोरिनानिङ' (2005 से) तथा नागपुरी मासिक पत्रिका 'जोहार सहिया' (2006 से) का संपादन-प्रकाशन। प्रकाशित पुस्तकें : ‘कवि मन जनी मन’, ‘पुरखा लड़ाके’, ‘किसका राज है’, ‘झारखंड : एक अंतहीन समरगाथा’, ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’, ‘असुर सिरिंग’, ‘आदिवासी साहित्य : परम्परा और प्रयोजन’, ‘आदिम राग’, ‘कोनजोगा’, ‘एलिस एक्का की कहानियाँ’, ‘आदिवासी दर्शन और साहित्य’ आदि। समाज के शोषित एवं वंचित समुदाय, विशेषकर आदिवासी, महिला, शिक्षा, साक्षारता, स्वास्थ्य और बच्चों के मुद्दों पर पिछले 30 वर्षों से लगातार सक्रिय। महिला सवालों एवं सामाजिक, शैक्षणिक व स्वास्थ्य विषयों पर नुक्कड़ नाटकों में अभिनय तथा कई नाट्य- कार्यशालाओं का निर्देशन-संचालन। वर्तमान में झारखंड की आदिवासी एवं देशज भाषा-साहित्य व संस्कृति के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए ‘प्यारा केरकेट्टा फ़ाउंडेशन’, राँची के साथ सृजनरत। की वैचारिकी और सौंदर्यबोध को कलाभिव्यक्तियों का मूल तत्त्व मानते हुए उन्होंने आदिवासी साहित्य को ‘प्रतिरोध का साहित्य’ की बजाय ‘रचाव और बचाव’ का साहित्य कहा है। आदिवासी साहित्य की दार्शनिक अवधारणा प्रस्तुत करते हुए उनकी स्थापना है कि आदिवासियों की साहित्यिक परंपरा औपनिवेशिक और ब्राह्मणवादी शब्दावलियों और विचारों से बिल्कुल भिन्न है। आदिवासी जीवनदृष्टि पक्ष-प्रतिपक्ष को स्वीकार नहीं करता। आदिवासियों की दृष्टि समतामूलक है और उनके समुदायों में व्यक्ति केन्द्रित और शक्ति संरचना के किसी भी रूप का कोई स्थान नहीं है। वे [[आदिवासी साहित्य]] का ‘लोक’ और ‘शिष्ट’ साहित्य के रूप में विभाजन को भी नकारती हैं और कहती हैं कि आदिवासी समाज में समानता सर्वोपरि है, इसलिए उनका साहित्य भी विभाजित नहीं है। वह एक ही है। वे अपने साहित्य को ‘ऑरेचर’ कहती हैं। [[ऑरेचर]] अर्थात् ऑरल लिटरेचर। उनकी स्थापना है कि उनके आज का लिखित साहित्य भी उनकी वाचिक यानी पुरखा (लोक) साहित्य की परंपरा का ही साहित्य है। उनकी यह भी स्थापना है कि गैर-आदिवासियों द्वारा आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं। आदिवासियत को नहीं समझने वाले हिंदी-अंग्रेजी के लेखक आदिवासी साहित्य लिख भी नहीं सकते।
== आरंभिक जीवन, शिक्षा और परिवार ==
वंदना [[सिमडेगा]] जिले की गरजा पहाड़ टोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता सुरेशचंद्र टेटे भारतीय फौज में थे जिनका देहांत हो चुका है। मां [[रोज केरकेट्टा]] देश की जानी-मानी सुख्यात आदिवासी लेखिका, शिक्षाविद और आंदोलनकारी हैं। सोनल प्रभंजन टेटे उनका एकमात्र भाई है जो भारत सरकार के बीमा उपक्रम न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, रांची में प्रबंधक पद पर कार्यरत है। [[झारखंड आंदोलन]] के संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार, पत्रकार, नाट्यकर्मी और फिल्मकार अश्विनी कुमार पंकज से 1992 में उन्होंने प्रेम विवाह किया जिससे उनके आयुध पंकज और अटूट संतोष दो बच्चे हैं। [[अश्विनी कुमार पंकज]] अवर्ण गैर-आदिवासी हैं और मूलतः [[बिहार]] के रहने वाले हैं। वंदना टेटे के नाना [[प्यारा केरकेट्टा]] [[खड़िया आदिवासी]] समुदाय के पहले बौद्धिक और सांस्कृतिक अगुआ थे। झारखंडी और खासकर आदिवासी समुदायों के अधिकार और विकास के लिए जिन्होंने आजीवन राजनीतिक मोर्चे पर संघर्ष किया। वंदना अपने नाना और मां से मिली संघर्ष चेतना और सांस्कृतिक विरासत को राजनीतिक रूप से और सुसंगठित करते हुए [[आदिवासी भाषा]], [[साहित्य]], [[संस्कृति]] और पहचान के सवालों को तल्ख रूप से आगे बढ़ा रही हैं।
आरंभिक शिक्षा इन्होंने सिमडेगा से ली जबकि मैट्रिक तक की पढ़ाई [[गुमला]] के उसुलाईन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल में की। रांची विश्वविद्यालय, [[राँची|रांची]] से कला संकाय से स्नातक करने के बाद स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए मनोविज्ञान में दाखिला लिया, परंतु उसे अधूरा छोड़कर उन्होंने ‘समाज कार्य (महिला एवं बाल विकास)’ में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।
आपका बचपन और प्रारंभिक जीवन [[सिमडेगा]], सिसई, [[जमशेदपुर]] और [[राँची|रांची]] में गुजरा। मां रोज केरकेट्टा का जीवन बहुत संघर्षमय था और आजीविका के लिए उन्हें बार-बार स्थान बदलना पड़ता था। इस कारण मां के अभिभावकत्व और देख-रेख में पली-बढ़ी वंदना के शुरुआती दिन झारखंड के अनेक शहरों में बीते। उनकी मां जब 1981 में स्थायी रूप से रांची विश्वविद्यालय, रांची के जनजातीय भाषा विभाग में आ गयीं तभी जाकर उनके परिवार का यायावर जीवन स्थिर हुआ।
== आदिवासी एक्टिविस्ट और परफॉर्मर ==
लेखन, परफॉरमेंस और एक्टिविस्ट कैरियर की शुरुआत उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन में ही कर दी थी जब वे इंटर में पढ़ रही थीं। कविताएं-गीत लिखना, गाना और नृत्य-संगीत तो उनके सामुदायिक आदिवासी जीवनशैली का नैसर्गिक स्वभाव था। लेकिन इसी के साथ उन्होंने अभिनय को भी अपनाया और जमशेदपुर के एक नाट्य समूह, जो कि किसी भूमिगत वामपंथी दल से संबद्ध था, के साथ जुड़कर नुक्कड़ नाटक करने लगीं। बाद में रांची के उलगुलान संगीत नाट्य दल के साथ अभिन्न हो गईं और हिंदी, खड़िया व नागपुरी भाषा में हुए कई नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियों के सैंकड़ों प्रदर्शनों में बतौर अभिनेत्री व गायिका परफॉरमेंस किया। कई नाट्य कार्यशालाओं का आपने निर्देशन-संचालन किया है और अपने नाट्यकर्म के जरिए महिला व आदिवासी सवालों पर एक नई रंगभाषा को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
सिसई में रहते हुए ही आपने खड़िया समुदाय के वरिष्ठ और युवा संगीतकारों, नर्तकों और गायकों को लेकर एक खड़िया संगीत दल बनाया। यह खड़िया संगीत दल विभिन्न सामुदायिक सांस्कृतिक अवसरों पर परफॉरमेंस करने के साथ-साथ नियमित रूप से आकाशवाणी रांची से आपकी अगुवाई में पारंपरिक पुरखा खड़िया गीत-संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किया करता था। इस खड़िया संगीत दल की विशेष प्रस्तुतियां आज भी झारखंड और देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर होती रहती हैं। पारंपरिक खड़िया गीत-संगीत और नृत्य की आप एक बेहतरीन गायिका और कलाकार हैं।
== भाषायी संघर्ष और उपलब्धि ==
नवगठित [[झारखण्ड]] राज्य में भी झारखंडी भाषाओं और साहित्य की बेदखली के खिलाफ नवंबर 2003 में आदिवासी व देशज लेखकों, भाषाविदों, संस्कृतिकर्मियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों के संगठन ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ की स्थापना की। जिसका पहला महाजुटान 2006 में हुआ। जिसमें देश भर से शामिल 600 से अधिक देशज व आदिवासी संस्कृतिकर्मियों ने मार्गदर्शी सिद्धांत, संविधान और कार्यक्रम गृहित करते हुए ‘अखड़ा’ को देशव्यापी संगठन का स्वरूप दिया। वंदना टेटे इसकी संस्थापक महासचिव चुनी गईं।
झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा को समुदाय के सहयोग से नेतृत्व करते हुए टेटे ने झारखंडी भाषा, संस्कृति, साहित्य और अस्मिता के सवाल को नया उभार प्रदान किया। धरना, प्रदर्शन और रैलियों को आयोजित करते हुए अखड़ा ने सरकार और समाज का ध्यान खींचा। जिससे झारखंडी भाषाओं में गोतिया, संगोम, आंखाइन आदि दर्जन भर नये पत्र-पत्रिकाओं की शुरुआत हुई, तो लुआठी, सेड़ा सेतेंग, तारदी आदि पुरानी पत्र-पत्रिकाओं के विस्तार में व्यापकता आई।
अखड़ा संगठन ने विरोध के साथ-साथ सृजानत्मकता को नया आवेग देने के लिए अनेक साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यशालाओं, सेमिनारों और वैचारिक गोष्ठियों के श्रृंखलाबद्ध आयोजन झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा में किये। साथ ही असम, अंडमान, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली सहित समूचे देश के साहित्यिक और अकादमिक जगत में आदिवासी भाषा-साहित्य के विमर्श को संगठित और दिशाबद्ध करने का प्रयास किया।
''अगस्त 2011 में झारखंडी भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का संवैधानिक दर्जा देने के सवाल पर अखड़ा ने अन्य कई संगठनों का साथ लेते हुए झारखंड विधानसभा को घेरा। जिसके परिणामस्वरूप अर्जुना मुंडा की तत्कालीन राजग सरकार ने झारखंड की पांच आदिवासी भाषाओं - मुंडारी, हो, खड़िया, संताली व कुड़ुख और चार देशज भाषाओं - कुड़मालि, खोरठा, नागपुरी व पंचपरगनिया को द्वितीय राजभाषा के रूप में मंजूरी दी। आजादी के बाद देश में यह पहली बार हुआ कि किसी सांस्कृतिक संगठन ने भाषा के सवाल पर विधानसभा को घेरा और राज्य ने सामुदायिक दबाव में नौ देशज-आदिवासी भाषाओं को द्वितीय राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
12 से 14 मार्च 2012 को अखड़ा ने देश का पहला तीन दिवसीय आदिवासी-दलित नाट्य समारोह और आदिवासी-दलित रंगभाषा पर दो दिवसीय सिम्पोजियम का आयोजन किया।
14-15 जुलाई को अखड़ा ने रांची में ही ‘आदिवासी दर्शन और समकालीन आदिवासी साहित्य सृजन’ पर दो दिवसीय अंतर्देशीय सेमिनार किया। इस सेमिनार ने पहली बार आदिवासी साहित्य की सैद्धांतिकी को आदिवासी दर्शन का अभिन्न अंग मानते हुए 15 सूत्री ‘आदिवासी साहित्य का रांची घोषणा पत्र’ जारी किया।''
''अखड़ा संगठन की एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आदिम जनजातियों के भाषाओं - असुरी बिरहोड़ी, मालतो, बिरजिया, परहिया आदि - के संरक्षण और प्रसार के लिए नई जमीन तैयार की। सरकार और समाज को सचेत किया। झारखण्ड राज्य के नौ आदिम आदिवासी समुदायों का पहला सामूहिक भाषायी-साहित्यिक सम्मेलन अगस्त 2013 में रांची में हुआ जिसके फलस्वरूप उनका पहला काव्य संकलन ‘आदिम राग’ प्रकाशित हो पाया। जबकि असुरों के पारंपरिक और नये गीतों का संकलन ‘असुर सिरिंग’, जो किसी भी आदिम समुदाय का पहला काव्य संग्रह है, 2010 में प्रकाशित हो चुका है।''
== पत्रकारिता, प्रकाशन और साहित्य सृजन ==
=== पत्रकारिता ===
आपकी पहली खड़िया कविता अविभाजित झारखंड (बिहार) के ‘आदिवासी’ पत्रिका में प्रकाशित हुई जो राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित होता था। उन दिनों एकमात्र यही पत्रिका थी जिसमें आदिवासी भाषा का साहित्य छपता था। रांची और बिहार-झारखंड की पत्र-पत्रिकाएं तब भी आदिवासी रचानाकारों को नहीं छापती थी, आज भी नहीं छापती हैं। आगे चलकर हिन्दी एवं खड़िया में आपके लेख, कविताएं, कहानियां स्थानीय व राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित एवं आकाशवाणी रांची, दूरदर्शन रांची (झारखंड) से लोकगीत, वार्ता व साहित्यिक रचनाएं प्रसारित हुईं और हो रही हैं।
नब्बे के दशक में जमशेदपुर से प्रकाशित ‘तलाश’ वैचारिक-साहित्यिक पत्रिका से आपने पत्रकारिता की शुरुआत की और लगभग दो वर्षों तक रांची से प्रकाशित [[झारखण्ड आंदोलन]] की राजनीतिक पत्रिका ‘झारखण्ड खबर’ की उप-संपादक रहीं।
=== देशज-आदिवासी प्रकाशन संस्थान की स्थापना ===
भारत के मुख्यधारा की पत्र-पत्रिकाओं में आदिवासी रचनाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। बिहार सहित देश की हिन्दी एवं अन्य सभी प्रादेशिक भाषाओं में आदिवासी साहित्यकार उपेक्षित थे। इस उपेक्षा और भेदभाव के खिलाफ झारखंडी भाषाओं के देशज और आदिवासी समुदाय के लेखक झारखंड आंदोलन के दौरान पचास के दशक में संगठित हो चुके थे और झारखंड आंदोलन को अभिव्यक्ति और प्रसार देने के लिए अनेक पत्र-पत्रिकाओं की शुरुआत व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर करते रहे थे। वंदना टेटे ने इसी परंपरा को बढ़ाते हुए आदिवासी-देशज पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों के प्रकाशन की पहल की। [[झारखण्ड|झारखंड]] के आदिवासी और देशज लेखकों को संगठित करते हुए उन्होंने अपने नाना के नाम पर जुलाई 2002 में स्थापित ट्रस्ट ‘प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन’ से पुस्तकों का प्रकाशन आंरभ किया। झारखंड की देशज-आदिवासी और हिन्दी भाषाओं में फाउंडेशन अब तक सौ से ज्यादा पुस्तकें छाप चुकी है। यह भी उल्लेखनीय है कि उन्होंने प्रकाशन कार्य के लिए अनुदान की बजाय प्रोफेशनली समुदाय पर निर्भर रहना स्वीकार किया। इस अर्थ में वे भारत की पहली और एकमात्र आदिवासी प्रकाशन संस्थान की नेतृत्वकर्ता हैं, जो विभिन्न आदिवासी और देशज भाषाओं में साहित्य प्रकाशित कर रही हैं।
अगस्त 2014 में उन्होंने [[झारखण्ड|झारखंड]] के ही खड़िया समुदाय के लेखक और मानवाधिकार एक्टिविस्ट ग्लैडसन डुंगडुंग की पार्टनरशिप में देश की पहली व्यावसायिक मीडिया संस्थान ‘बिर बुरु ओम्पाय मीडिया ऐंड इंटरटेनमेंट’ लिमिटेड कंपनी की स्थापना की है। जिसकी ओर से फुल लेंथ फीचर फिल्म ‘सोनचांद’ के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
=== देशज-आदिवासी पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन ===
सामाजिक विमर्श की पत्रिका ‘समकालीन ताना-बाना’ और बाल पत्रिका ‘पतंग’ का प्रकाशन-संपादन किया। जून 2004 से झारखण्ड की पहली बहुभाषायी त्रैमासिक पत्रिका ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और 2005 से अपनी आदिवासी मातृभाषा खड़िया में मासिक पत्रिका ‘सोरिनानिङ’ (आरएनआई निबंधन से पूर्व ‘साःतोड) का संपादन-प्रकाशन आरंभ किया। ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ भारत की एकमात्र सामुदायिक पत्रिका है जो बिना किसी देशी-विदेशी सरकारी व गैर-सरकारी वित्तीय अनुदान के निरंतर छप रही है। इस बहुभाषिक पत्रिका में मुंडारी, संथाली, हो, खड़िया, कुड़ुख, मालतो, असुरी, बिरहोड़ी आदिवासी और नागपुरी (सादरी), खोरठा, पंचपरगनिया व कुड़मालि क्षेत्रीय भाषाओं सहित हिन्दी में देशज-आदिवासी साहित्यकारों की साहित्यिक और वैचारिक रचनाएं प्रकाशित होती है। सितंबर 2006 से आपने एक रंगीन नागपुरी मासिक ‘जोहार सहिया’ का प्रकाशन शुरू किया, जो अपने प्रकाशन के तीसरे महीने ही रांची झारखंड से लेकर अंडमान तक फैले हुए झारखंडी देशज व आदिवासी समुदायों की सबसे लोकप्रिय और 12 हजार प्रतियों के साथ सर्वाधिक प्रसार वाली पत्रिका बन गयी।
=== प्रकाशित पुस्तकें ===
# ‘पुरखा लड़ाके’ (आदिवासी इतिहास/संपादित), 2005
# ‘किसका राज है’ (आदिवासी-महिला मुद्दों पर वैचारिक आलेखों का संग्रह), 2009
# ‘झारखंड एक अंतहीन समरगाथा’ (आदिवासी इतिहास/सहलेखन), 2010
# ‘असुर सिरिंग’ (असुर गीत/सुषमा असुर के साथ), 2010
# ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’ (देशज-आदिवासी साहित्यकारों का परिचय/संपादित), 2012 (2019 में प्रभात प्रकाशन से ‘झारखंड के साहित्यकार और नए साक्षात्कार’ शीर्षक से पुनर्प्रकाशित)
# ‘आदिम राग’ (सं.), 2013
# ‘आदिवासी साहित्यः परंपरा और प्रयोजन’ (आदिवासी दर्शन और साहित्य), 2013
# 'आदिवासी दर्शन कथाएं' (सहलेखन), 2014
# ‘कोनजोगा’ (हिंदी कविता संग्रह), 2015
# 'एलिस एक्का की कहानियां' (सं.) 2015
# 'आदिवासी दर्शन और साहित्य' (सं.) 2015
# 'वाचिकता: आदिवासी दर्शन, साहित्य और सौंदर्यबोध', 2016 (2020 में राजकमल से पुनर्प्रकाशित)
# 'लोकप्रिय आदिवासी कहानियां' (सं.) 2016
# 'लोकप्रिय आदिवासी कविताएं' (सं.) 2016
# 'प्रलाप' (1935 में प्रकाशित भारत की पहली हिंदी आदिवासी कवयित्री सुशीला सामद का प्रथम काव्य संकलन), (सं.), 2017
# कवि मन जनी मन: आदिवासी स्त्री कविताएं (सं.) 2019
# हिंदी की आरंभिक आदिवासी कहानियाँ (सह-संपादन), 2020
# ऑरेचर और आदिवासियत की पत्थलगड़ी, 2021
== सम्मान ==
* आदिवासी पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार का राज्य सम्मान 2012
* संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2013 में सीनियर फेलोशिप
== संप्रति ==
झारखण्ड के आदिवासी एवं देशज भाषा-साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और ‘प्यारा केरकेट्टा फाउण्डेशन’ के साथ सृजन व संघर्षरत।
=== सन्दर्भ ===
* [https://web.archive.org/web/20150106160648/http://old.bhadas4media.com/award/12556-----------.html वंदना टेटे को झारखंड सरकार देगी पत्रकारिता सम्मान]
* [https://web.archive.org/web/20150106151521/http://tehelkahindi.com/%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/ अपनी कहानी अपनी जबानी]
* [https://web.archive.org/web/20150106160304/http://strategichumanalliance.blogspot.in/2013/07/blog-post_1831.html आदिवासी साहित्य को अपने मानकों से न परखें]
* [https://web.archive.org/web/20150106160318/http://mohallalive.com/2011/05/09/press-release-by-jharkhandi-bhasha-sahitya-sanskriti-akhra/ झारखंड विधानसभा घेरेंगे लेखक और संस्कृतिकर्मी]
* [https://web.archive.org/web/20150104170742/http://adivasisahityaseminar.blogspot.in/ आदिवासी साहित्य: स्वरूप और संभावनाएं]
* [https://web.archive.org/web/20150106151341/http://rejectmaal.blogspot.in/2007/11/blog-post_27.html राजधानी में दिनदहाड़े सामूहिक आदिवासी आखेट, कैसा लोकतंत्र?]
* [https://web.archive.org/web/20150106160305/http://gsmeena.blogspot.in/ आदिवासी साहित्य: स्वरूप, चुनौतियां और संभावनाएं]
* [https://www.facebook.com/AdivasiLiterature/photos/a.159734160887444.1073741828.159723914221802/160229804171213/ आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं]
* [http://viewpointjharkhand.com/?p=23331 जनजातीय दर्शन पर लिखा गया साहित्य ही आदिवासी साहित्य]{{Dead link|date=दिसंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}
* [https://web.archive.org/web/20150106161025/http://www.hamzabaan.in/2014/09/blog-post.html आदिवासियों ने बनाई पहली फिल्म निर्माण कंपनी]
* [https://web.archive.org/web/20150106160308/http://birburuompaymedia.in/bbom-about.html WELCOME TO OUR TEAM]
* [https://web.archive.org/web/20150106202511/http://www.dailypioneer.com/print.php?printFOR=storydetail&story_url_key=oraon-assures-to-bring-tribal-stories-in-e-bhasha§ion_url_key=state-editions ORAON ASSURES TO BRING TRIBAL STORIES IN EBHASHA]
* [https://web.archive.org/web/20150106163601/http://www.outlookindia.com/printarticle.aspx?267220 InkTipped Arrows]
* [https://web.archive.org/web/20140704025837/http://nbtindia.gov.in/writereaddata/attachment/tuesday-april-22-20144-18-55-pm2014-4-newsletter-april.pdf Dialogue among Bhashas]
* पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार: वंदना टेटे (सं), प्यारा करेकेट्टा फाउंडेशन, रांची 2012
* [https://web.archive.org/web/20160307000821/http://srijansamarth.blogspot.in/2013/08/0-00-495551-0-09770543630-0-2003-1.html आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं]
* [https://www.youtube.com/watch?v=eoiPW0xra0A Smt Vandana Tete DIVERSITY & DIALOGUE Translation Among Indian Languages 18 Feb 2014 @Pragati Maida]
* [https://web.archive.org/web/20150106195409/http://www.prabhatkhabar.com/news/latehar/story/205218.html महिलाओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी : वंदना टेटे]
* [https://web.archive.org/web/20150106161027/http://www.bhaskar.com/news/JHA-MAT-latest-medininagar-news-024002-925364-NOR.html कानून की जानकारी से दूर होगी महिला हिंसा : वंदना]
=== बाहरी कड़ियाँ ===
* [https://web.archive.org/web/20110425145006/http://www.kharia.in/ खड़िया आदिवासी समुदाय का जाल स्थल]
* [https://web.archive.org/web/20160208184646/https://www.facebook.com/PyaraKerkettaFoundation प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन का फेसबुक पेज]
* [https://web.archive.org/web/20190305101754/http://akhra.org.in/ प्यारा करेकेट्टा द्वारा समर्थित सांस्कृतिक संगठन ‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा' का जाल स्थल]
* [https://www.facebook.com/vandnatete वंदना टेटे का फेसबुक पेज]
* [https://web.archive.org/web/20150106150726/http://www.telegraphindia.com/1130905/jsp/jharkhand/story_17311224.jsp#.VKvaUCuUd8E Honour for writer]
* [https://web.archive.org/web/20131111035645/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/jnu-holds-conference-on-tribal-literature/article4972487.ece JNU holds conference on tribal literature]
* [https://web.archive.org/web/20141017062119/http://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/Asur-tribals-mourn-martyr-Mahishasur/articleshow/23927688.cms Asur tribals mourn ‘martyr’ Mahishasur]
[[श्रेणी:आदिवासी]]
[[श्रेणी:आदिवासी (भारतीय)]]
[[श्रेणी:खड़िया आदिवासी]]
[[श्रेणी:झारखंड]]
[[श्रेणी:आदिवासी साहित्य]]
[[श्रेणी:आदिवासी साहित्यकार]]
[[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]]
[[श्रेणी:भारतीय आदिवासी महिला साहित्यकार]]
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| community = [[खड़िया आदिवासी]]
| period =
| genre = [[ऑरेचर]], [[काव्य| कविता]], [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]], [[इतिहास]], [[महिला]], [[भाषा]], [[संस्कृति]] और [[काव्य|कविता]]
| subject = आदिवासी साहित्य
| movement = झारखंड आंदोलन
| notableworks = ‘पुरखा लड़ाके’ (2005), ‘किसका राज है’ (2009), ‘झारखंड एक अंतहीन समरगाथा’ (2010) ‘असुर सिरिंग’ (2010), ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’ ( 2012), ‘आदिम राग’ (2013), ‘आदिवासी साहित्यः परंपरा और प्रयोजन’ (2013), ‘आदिवासी दर्शन कथाएं’ (2014)
| spouse = [[अश्विनी कुमार पंकज]]
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| children = आयुध पंकज और अटूट संतोष
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| influences =
| influenced = [[रोज केरकेट्टा]]
| awards = आदिवासी पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार का राज्य सम्मान 2012
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2013 में सीनियर फेलोशिप
| signature =
| website = http://kharia.in
}}
'''वंदना टेटे''' (जन्मः 13 सितम्बर 1969) एक भारतीय [[आदिवासी]] लेखिका, कवि, प्रकाशक, एक्टिविस्ट और आदिवासी दर्शन ‘आदिवासियत’ की प्रबल पैरोकार हैं। सामुदायिक आदिवासी जीवनदर्शन एवं सौंदर्यबोध को अपने लेखन और देश भर के साहित्यिक व अकादमिक संगोष्ठियों में दिए गए वक्तव्यों के जरिए उन्होंने आदिवासी विमर्श को नया आवेग प्रदान किया है।
आदिवासियत की वैचारिकी और सौंदर्यबोध को कलाभिव्यक्तियों का मूल तत्त्व मानते हुए उन्होंने आदिवासी साहित्य को ‘प्रतिरोध का साहित्य’ की बजाय ‘रचाव और बचाव’ का साहित्य कहा है। आदिवासी साहित्य की दार्शनिक अवधारणा प्रस्तुत करते हुए उनकी स्थापना है कि आदिवासियों की साहित्यिक परंपरा औपनिवेशिक और ब्राह्मणवादी शब्दावलियों और विचारों से बिल्कुल भिन्न है। आदिवासी जीवनदृष्टि पक्ष-प्रतिपक्ष को स्वीकार नहीं करता। आदिवासियों की दृष्टि समतामूलक है और उनके समुदायों में व्यक्ति केन्द्रित और शक्ति संरचना के किसी भी रूप का कोई स्थान नहीं है। वे [[आदिवासी साहित्य]] का ‘लोक’ और ‘शिष्ट’ साहित्य के रूप में विभाजन को भी नकारती हैं और कहती हैं कि आदिवासी समाज में समानता सर्वोपरि है, इसलिए उनका साहित्य भी विभाजित नहीं है। वह एक ही है। वे अपने साहित्य को ‘ऑरेचर’ कहती हैं। [[ऑरेचर]] अर्थात् ऑरल लिटरेचर। उनकी स्थापना है कि उनके आज का लिखित साहित्य भी उनकी वाचिक यानी पुरखा (लोक) साहित्य की परंपरा का ही साहित्य है। उनकी यह भी स्थापना है कि गैर-आदिवासियों द्वारा आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं। आदिवासियत को नहीं समझने वाले हिंदी-अंग्रेजी के लेखक आदिवासी साहित्य लिख भी नहीं सकते।
== आरंभिक जीवन, शिक्षा और परिवार ==
वंदना [[सिमडेगा]] जिले की गरजा पहाड़ टोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता सुरेशचंद्र टेटे भारतीय फौज में थे जिनका देहांत हो चुका है। मां [[रोज केरकेट्टा]] देश की जानी-मानी सुख्यात आदिवासी लेखिका, शिक्षाविद और आंदोलनकारी हैं। सोनल प्रभंजन टेटे उनका एकमात्र भाई है जो भारत सरकार के बीमा उपक्रम न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, रांची में प्रबंधक पद पर कार्यरत है। [[झारखंड आंदोलन]] के संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार, पत्रकार, नाट्यकर्मी और फिल्मकार अश्विनी कुमार पंकज से 1992 में उन्होंने प्रेम विवाह किया जिससे उनके आयुध पंकज और अटूट संतोष दो बच्चे हैं। [[अश्विनी कुमार पंकज]] अवर्ण गैर-आदिवासी हैं और मूलतः [[बिहार]] के रहने वाले हैं। वंदना टेटे के नाना [[प्यारा केरकेट्टा]] [[खड़िया आदिवासी]] समुदाय के पहले बौद्धिक और सांस्कृतिक अगुआ थे। झारखंडी और खासकर आदिवासी समुदायों के अधिकार और विकास के लिए जिन्होंने आजीवन राजनीतिक मोर्चे पर संघर्ष किया। वंदना अपने नाना और मां से मिली संघर्ष चेतना और सांस्कृतिक विरासत को राजनीतिक रूप से और सुसंगठित करते हुए [[आदिवासी भाषा]], [[साहित्य]], [[संस्कृति]] और पहचान के सवालों को तल्ख रूप से आगे बढ़ा रही हैं।
आरंभिक शिक्षा इन्होंने सिमडेगा से ली जबकि मैट्रिक तक की पढ़ाई [[गुमला]] के उसुलाईन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल में की। रांची विश्वविद्यालय, [[राँची|रांची]] से कला संकाय से स्नातक करने के बाद स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए मनोविज्ञान में दाखिला लिया, परंतु उसे अधूरा छोड़कर उन्होंने ‘समाज कार्य (महिला एवं बाल विकास)’ में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।
आपका बचपन और प्रारंभिक जीवन [[सिमडेगा]], सिसई, [[जमशेदपुर]] और [[राँची|रांची]] में गुजरा। मां रोज केरकेट्टा का जीवन बहुत संघर्षमय था और आजीविका के लिए उन्हें बार-बार स्थान बदलना पड़ता था। इस कारण मां के अभिभावकत्व और देख-रेख में पली-बढ़ी वंदना के शुरुआती दिन झारखंड के अनेक शहरों में बीते। उनकी मां जब 1981 में स्थायी रूप से रांची विश्वविद्यालय, रांची के जनजातीय भाषा विभाग में आ गयीं तभी जाकर उनके परिवार का यायावर जीवन स्थिर हुआ।
== आदिवासी एक्टिविस्ट और परफॉर्मर ==
लेखन, परफॉरमेंस और एक्टिविस्ट कैरियर की शुरुआत उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन में ही कर दी थी जब वे इंटर में पढ़ रही थीं। कविताएं-गीत लिखना, गाना और नृत्य-संगीत तो उनके सामुदायिक आदिवासी जीवनशैली का नैसर्गिक स्वभाव था। लेकिन इसी के साथ उन्होंने अभिनय को भी अपनाया और जमशेदपुर के एक नाट्य समूह, जो कि किसी भूमिगत वामपंथी दल से संबद्ध था, के साथ जुड़कर नुक्कड़ नाटक करने लगीं। बाद में रांची के उलगुलान संगीत नाट्य दल के साथ अभिन्न हो गईं और हिंदी, खड़िया व नागपुरी भाषा में हुए कई नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियों के सैंकड़ों प्रदर्शनों में बतौर अभिनेत्री व गायिका परफॉरमेंस किया। कई नाट्य कार्यशालाओं का आपने निर्देशन-संचालन किया है और अपने नाट्यकर्म के जरिए महिला व आदिवासी सवालों पर एक नई रंगभाषा को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
सिसई में रहते हुए ही आपने खड़िया समुदाय के वरिष्ठ और युवा संगीतकारों, नर्तकों और गायकों को लेकर एक खड़िया संगीत दल बनाया। यह खड़िया संगीत दल विभिन्न सामुदायिक सांस्कृतिक अवसरों पर परफॉरमेंस करने के साथ-साथ नियमित रूप से आकाशवाणी रांची से आपकी अगुवाई में पारंपरिक पुरखा खड़िया गीत-संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किया करता था। इस खड़िया संगीत दल की विशेष प्रस्तुतियां आज भी झारखंड और देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर होती रहती हैं। पारंपरिक खड़िया गीत-संगीत और नृत्य की आप एक बेहतरीन गायिका और कलाकार हैं।
== भाषायी संघर्ष और उपलब्धि ==
नवगठित [[झारखण्ड]] राज्य में भी झारखंडी भाषाओं और साहित्य की बेदखली के खिलाफ नवंबर 2003 में आदिवासी व देशज लेखकों, भाषाविदों, संस्कृतिकर्मियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों के संगठन ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ की स्थापना की। जिसका पहला महाजुटान 2006 में हुआ। जिसमें देश भर से शामिल 600 से अधिक देशज व आदिवासी संस्कृतिकर्मियों ने मार्गदर्शी सिद्धांत, संविधान और कार्यक्रम गृहित करते हुए ‘अखड़ा’ को देशव्यापी संगठन का स्वरूप दिया। वंदना टेटे इसकी संस्थापक महासचिव चुनी गईं।
झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा को समुदाय के सहयोग से नेतृत्व करते हुए टेटे ने झारखंडी भाषा, संस्कृति, साहित्य और अस्मिता के सवाल को नया उभार प्रदान किया। धरना, प्रदर्शन और रैलियों को आयोजित करते हुए अखड़ा ने सरकार और समाज का ध्यान खींचा। जिससे झारखंडी भाषाओं में गोतिया, संगोम, आंखाइन आदि दर्जन भर नये पत्र-पत्रिकाओं की शुरुआत हुई, तो लुआठी, सेड़ा सेतेंग, तारदी आदि पुरानी पत्र-पत्रिकाओं के विस्तार में व्यापकता आई।
अखड़ा संगठन ने विरोध के साथ-साथ सृजानत्मकता को नया आवेग देने के लिए अनेक साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यशालाओं, सेमिनारों और वैचारिक गोष्ठियों के श्रृंखलाबद्ध आयोजन झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा में किये। साथ ही असम, अंडमान, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली सहित समूचे देश के साहित्यिक और अकादमिक जगत में आदिवासी भाषा-साहित्य के विमर्श को संगठित और दिशाबद्ध करने का प्रयास किया।
''अगस्त 2011 में झारखंडी भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का संवैधानिक दर्जा देने के सवाल पर अखड़ा ने अन्य कई संगठनों का साथ लेते हुए झारखंड विधानसभा को घेरा। जिसके परिणामस्वरूप अर्जुना मुंडा की तत्कालीन राजग सरकार ने झारखंड की पांच आदिवासी भाषाओं - मुंडारी, हो, खड़िया, संताली व कुड़ुख और चार देशज भाषाओं - कुड़मालि, खोरठा, नागपुरी व पंचपरगनिया को द्वितीय राजभाषा के रूप में मंजूरी दी। आजादी के बाद देश में यह पहली बार हुआ कि किसी सांस्कृतिक संगठन ने भाषा के सवाल पर विधानसभा को घेरा और राज्य ने सामुदायिक दबाव में नौ देशज-आदिवासी भाषाओं को द्वितीय राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
12 से 14 मार्च 2012 को अखड़ा ने देश का पहला तीन दिवसीय आदिवासी-दलित नाट्य समारोह और आदिवासी-दलित रंगभाषा पर दो दिवसीय सिम्पोजियम का आयोजन किया।
14-15 जुलाई को अखड़ा ने रांची में ही ‘आदिवासी दर्शन और समकालीन आदिवासी साहित्य सृजन’ पर दो दिवसीय अंतर्देशीय सेमिनार किया। इस सेमिनार ने पहली बार आदिवासी साहित्य की सैद्धांतिकी को आदिवासी दर्शन का अभिन्न अंग मानते हुए 15 सूत्री ‘आदिवासी साहित्य का रांची घोषणा पत्र’ जारी किया।''
''अखड़ा संगठन की एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आदिम जनजातियों के भाषाओं - असुरी बिरहोड़ी, मालतो, बिरजिया, परहिया आदि - के संरक्षण और प्रसार के लिए नई जमीन तैयार की। सरकार और समाज को सचेत किया। झारखण्ड राज्य के नौ आदिम आदिवासी समुदायों का पहला सामूहिक भाषायी-साहित्यिक सम्मेलन अगस्त 2013 में रांची में हुआ जिसके फलस्वरूप उनका पहला काव्य संकलन ‘आदिम राग’ प्रकाशित हो पाया। जबकि असुरों के पारंपरिक और नये गीतों का संकलन ‘असुर सिरिंग’, जो किसी भी आदिम समुदाय का पहला काव्य संग्रह है, 2010 में प्रकाशित हो चुका है।''
== पत्रकारिता, प्रकाशन और साहित्य सृजन ==
=== पत्रकारिता ===
आपकी पहली खड़िया कविता अविभाजित झारखंड (बिहार) के ‘आदिवासी’ पत्रिका में प्रकाशित हुई जो राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित होता था। उन दिनों एकमात्र यही पत्रिका थी जिसमें आदिवासी भाषा का साहित्य छपता था। रांची और बिहार-झारखंड की पत्र-पत्रिकाएं तब भी आदिवासी रचानाकारों को नहीं छापती थी, आज भी नहीं छापती हैं। आगे चलकर हिन्दी एवं खड़िया में आपके लेख, कविताएं, कहानियां स्थानीय व राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित एवं आकाशवाणी रांची, दूरदर्शन रांची (झारखंड) से लोकगीत, वार्ता व साहित्यिक रचनाएं प्रसारित हुईं और हो रही हैं।
नब्बे के दशक में जमशेदपुर से प्रकाशित ‘तलाश’ वैचारिक-साहित्यिक पत्रिका से आपने पत्रकारिता की शुरुआत की और लगभग दो वर्षों तक रांची से प्रकाशित [[झारखण्ड आंदोलन]] की राजनीतिक पत्रिका ‘झारखण्ड खबर’ की उप-संपादक रहीं।
=== देशज-आदिवासी प्रकाशन संस्थान की स्थापना ===
भारत के मुख्यधारा की पत्र-पत्रिकाओं में आदिवासी रचनाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। बिहार सहित देश की हिन्दी एवं अन्य सभी प्रादेशिक भाषाओं में आदिवासी साहित्यकार उपेक्षित थे। इस उपेक्षा और भेदभाव के खिलाफ झारखंडी भाषाओं के देशज और आदिवासी समुदाय के लेखक झारखंड आंदोलन के दौरान पचास के दशक में संगठित हो चुके थे और झारखंड आंदोलन को अभिव्यक्ति और प्रसार देने के लिए अनेक पत्र-पत्रिकाओं की शुरुआत व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर करते रहे थे। वंदना टेटे ने इसी परंपरा को बढ़ाते हुए आदिवासी-देशज पत्र-पत्रिकाओं और पुस्तकों के प्रकाशन की पहल की। [[झारखण्ड|झारखंड]] के आदिवासी और देशज लेखकों को संगठित करते हुए उन्होंने अपने नाना के नाम पर जुलाई 2002 में स्थापित ट्रस्ट ‘प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन’ से पुस्तकों का प्रकाशन आंरभ किया। झारखंड की देशज-आदिवासी और हिन्दी भाषाओं में फाउंडेशन अब तक सौ से ज्यादा पुस्तकें छाप चुकी है। यह भी उल्लेखनीय है कि उन्होंने प्रकाशन कार्य के लिए अनुदान की बजाय प्रोफेशनली समुदाय पर निर्भर रहना स्वीकार किया। इस अर्थ में वे भारत की पहली और एकमात्र आदिवासी प्रकाशन संस्थान की नेतृत्वकर्ता हैं, जो विभिन्न आदिवासी और देशज भाषाओं में साहित्य प्रकाशित कर रही हैं।
अगस्त 2014 में उन्होंने [[झारखण्ड|झारखंड]] के ही खड़िया समुदाय के लेखक और मानवाधिकार एक्टिविस्ट ग्लैडसन डुंगडुंग की पार्टनरशिप में देश की पहली व्यावसायिक मीडिया संस्थान ‘बिर बुरु ओम्पाय मीडिया ऐंड इंटरटेनमेंट’ लिमिटेड कंपनी की स्थापना की है। जिसकी ओर से फुल लेंथ फीचर फिल्म ‘सोनचांद’ के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
=== देशज-आदिवासी पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन ===
सामाजिक विमर्श की पत्रिका ‘समकालीन ताना-बाना’ और बाल पत्रिका ‘पतंग’ का प्रकाशन-संपादन किया। जून 2004 से झारखण्ड की पहली बहुभाषायी त्रैमासिक पत्रिका ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और 2005 से अपनी आदिवासी मातृभाषा खड़िया में मासिक पत्रिका ‘सोरिनानिङ’ (आरएनआई निबंधन से पूर्व ‘साःतोड) का संपादन-प्रकाशन आरंभ किया। ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ भारत की एकमात्र सामुदायिक पत्रिका है जो बिना किसी देशी-विदेशी सरकारी व गैर-सरकारी वित्तीय अनुदान के निरंतर छप रही है। इस बहुभाषिक पत्रिका में मुंडारी, संथाली, हो, खड़िया, कुड़ुख, मालतो, असुरी, बिरहोड़ी आदिवासी और नागपुरी (सादरी), खोरठा, पंचपरगनिया व कुड़मालि क्षेत्रीय भाषाओं सहित हिन्दी में देशज-आदिवासी साहित्यकारों की साहित्यिक और वैचारिक रचनाएं प्रकाशित होती है। सितंबर 2006 से आपने एक रंगीन नागपुरी मासिक ‘जोहार सहिया’ का प्रकाशन शुरू किया, जो अपने प्रकाशन के तीसरे महीने ही रांची झारखंड से लेकर अंडमान तक फैले हुए झारखंडी देशज व आदिवासी समुदायों की सबसे लोकप्रिय और 12 हजार प्रतियों के साथ सर्वाधिक प्रसार वाली पत्रिका बन गयी।
=== प्रकाशित पुस्तकें ===
# ‘पुरखा लड़ाके’ (आदिवासी इतिहास/संपादित), 2005
# ‘किसका राज है’ (आदिवासी-महिला मुद्दों पर वैचारिक आलेखों का संग्रह), 2009
# ‘झारखंड एक अंतहीन समरगाथा’ (आदिवासी इतिहास/सहलेखन), 2010
# ‘असुर सिरिंग’ (असुर गीत/सुषमा असुर के साथ), 2010
# ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’ (देशज-आदिवासी साहित्यकारों का परिचय/संपादित), 2012 (2019 में प्रभात प्रकाशन से ‘झारखंड के साहित्यकार और नए साक्षात्कार’ शीर्षक से पुनर्प्रकाशित)
# ‘आदिम राग’ (सं.), 2013
# ‘आदिवासी साहित्यः परंपरा और प्रयोजन’ (आदिवासी दर्शन और साहित्य), 2013
# 'आदिवासी दर्शन कथाएं' (सहलेखन), 2014
# ‘कोनजोगा’ (हिंदी कविता संग्रह), 2015
# 'एलिस एक्का की कहानियां' (सं.) 2015
# 'आदिवासी दर्शन और साहित्य' (सं.) 2015
# 'वाचिकता: आदिवासी दर्शन, साहित्य और सौंदर्यबोध', 2016 (2020 में राजकमल से पुनर्प्रकाशित)
# 'लोकप्रिय आदिवासी कहानियां' (सं.) 2016
# 'लोकप्रिय आदिवासी कविताएं' (सं.) 2016
# 'प्रलाप' (1935 में प्रकाशित भारत की पहली हिंदी आदिवासी कवयित्री सुशीला सामद का प्रथम काव्य संकलन), (सं.), 2017
# कवि मन जनी मन: आदिवासी स्त्री कविताएं (सं.) 2019
# हिंदी की आरंभिक आदिवासी कहानियाँ (सह-संपादन), 2020
# ऑरेचर और आदिवासियत की पत्थलगड़ी, 2021
== सम्मान ==
* आदिवासी पत्रकारिता के लिए झारखंड सरकार का राज्य सम्मान 2012
* संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 2013 में सीनियर फेलोशिप
== संप्रति ==
झारखण्ड के आदिवासी एवं देशज भाषा-साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए ‘झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और ‘प्यारा केरकेट्टा फाउण्डेशन’ के साथ सृजन व संघर्षरत।
=== सन्दर्भ ===
* [https://web.archive.org/web/20150106160648/http://old.bhadas4media.com/award/12556-----------.html वंदना टेटे को झारखंड सरकार देगी पत्रकारिता सम्मान]
* [https://web.archive.org/web/20150106151521/http://tehelkahindi.com/%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/ अपनी कहानी अपनी जबानी]
* [https://web.archive.org/web/20150106160304/http://strategichumanalliance.blogspot.in/2013/07/blog-post_1831.html आदिवासी साहित्य को अपने मानकों से न परखें]
* [https://web.archive.org/web/20150106160318/http://mohallalive.com/2011/05/09/press-release-by-jharkhandi-bhasha-sahitya-sanskriti-akhra/ झारखंड विधानसभा घेरेंगे लेखक और संस्कृतिकर्मी]
* [https://web.archive.org/web/20150104170742/http://adivasisahityaseminar.blogspot.in/ आदिवासी साहित्य: स्वरूप और संभावनाएं]
* [https://web.archive.org/web/20150106151341/http://rejectmaal.blogspot.in/2007/11/blog-post_27.html राजधानी में दिनदहाड़े सामूहिक आदिवासी आखेट, कैसा लोकतंत्र?]
* [https://web.archive.org/web/20150106160305/http://gsmeena.blogspot.in/ आदिवासी साहित्य: स्वरूप, चुनौतियां और संभावनाएं]
* [https://www.facebook.com/AdivasiLiterature/photos/a.159734160887444.1073741828.159723914221802/160229804171213/ आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं]
* [http://viewpointjharkhand.com/?p=23331 जनजातीय दर्शन पर लिखा गया साहित्य ही आदिवासी साहित्य]{{Dead link|date=दिसंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}
* [https://web.archive.org/web/20150106161025/http://www.hamzabaan.in/2014/09/blog-post.html आदिवासियों ने बनाई पहली फिल्म निर्माण कंपनी]
* [https://web.archive.org/web/20150106160308/http://birburuompaymedia.in/bbom-about.html WELCOME TO OUR TEAM]
* [https://web.archive.org/web/20150106202511/http://www.dailypioneer.com/print.php?printFOR=storydetail&story_url_key=oraon-assures-to-bring-tribal-stories-in-e-bhasha§ion_url_key=state-editions ORAON ASSURES TO BRING TRIBAL STORIES IN EBHASHA]
* [https://web.archive.org/web/20150106163601/http://www.outlookindia.com/printarticle.aspx?267220 InkTipped Arrows]
* [https://web.archive.org/web/20140704025837/http://nbtindia.gov.in/writereaddata/attachment/tuesday-april-22-20144-18-55-pm2014-4-newsletter-april.pdf Dialogue among Bhashas]
* पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार: वंदना टेटे (सं), प्यारा करेकेट्टा फाउंडेशन, रांची 2012
* [https://web.archive.org/web/20160307000821/http://srijansamarth.blogspot.in/2013/08/0-00-495551-0-09770543630-0-2003-1.html आदिवासियों पर रिसर्च करके लिखी जा रही रचनाएं शोध साहित्य है, आदिवासी साहित्य नहीं]
* [https://www.youtube.com/watch?v=eoiPW0xra0A Smt Vandana Tete DIVERSITY & DIALOGUE Translation Among Indian Languages 18 Feb 2014 @Pragati Maida]
* [https://web.archive.org/web/20150106195409/http://www.prabhatkhabar.com/news/latehar/story/205218.html महिलाओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी : वंदना टेटे]
* [https://web.archive.org/web/20150106161027/http://www.bhaskar.com/news/JHA-MAT-latest-medininagar-news-024002-925364-NOR.html कानून की जानकारी से दूर होगी महिला हिंसा : वंदना]
=== बाहरी कड़ियाँ ===
* [https://web.archive.org/web/20110425145006/http://www.kharia.in/ खड़िया आदिवासी समुदाय का जाल स्थल]
* [https://web.archive.org/web/20160208184646/https://www.facebook.com/PyaraKerkettaFoundation प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन का फेसबुक पेज]
* [https://web.archive.org/web/20190305101754/http://akhra.org.in/ प्यारा करेकेट्टा द्वारा समर्थित सांस्कृतिक संगठन ‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा' का जाल स्थल]
* [https://www.facebook.com/vandnatete वंदना टेटे का फेसबुक पेज]
* [https://web.archive.org/web/20150106150726/http://www.telegraphindia.com/1130905/jsp/jharkhand/story_17311224.jsp#.VKvaUCuUd8E Honour for writer]
* [https://web.archive.org/web/20131111035645/http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/jnu-holds-conference-on-tribal-literature/article4972487.ece JNU holds conference on tribal literature]
* [https://web.archive.org/web/20141017062119/http://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/Asur-tribals-mourn-martyr-Mahishasur/articleshow/23927688.cms Asur tribals mourn ‘martyr’ Mahishasur]
[[श्रेणी:आदिवासी]]
[[श्रेणी:आदिवासी (भारतीय)]]
[[श्रेणी:खड़िया आदिवासी]]
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[[श्रेणी:आदिवासी साहित्य]]
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'''इकबाल सिंह झुंडन''' भारत के पंजाब राज्य की अमरगढ़ सीट से [[शिरोमणि अकाली दल|शिअद]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4426 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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इन्दरबीर सिंह बोलारिया
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'''इन्दरबीर सिंह बोलारिया''' भारत के पंजाब राज्य की अमृतसर दक्षिण सीट से [[शिरोमणि अकाली दल|शिअद]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 15056 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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वार्ता:सैन्टा फै प्रान्त
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The Sorter
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== स्थानान्तरण अनुरोध 16 मई 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|सांता फ़े प्रांत}}
[[:सैन्टा फै प्रान्त]] → {{no redirect|सांता फ़े प्रांत}} – ख़राब शीर्षक। इस विकिपीडिया के अन्य लेखों के नाम भी "सांता फ़े" हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.olympics.com/hi/news/lionel-messi-teams-football-club-country|title=अर्जेंटीना, स्पेन और फ़्रांस के क्लबों के लिए मैदान पर जादू बिखेर चुके हैं लियोनेल मेसी, उनकी सभी टीमों के बारे में जानिए|website=ओलंपिक|date=13 जून 2023}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thelallantop.com/sports/post/played-first-match-in-his-fathers-club-left-his-country-to-play-football-messi-journey|title=पिता के क्लब से पहला मैच, देश छोड़ा, बीमारी से लड़े, मेसी की कहानी किसी सपने से कम नहीं है|website=The Lallantop|date=19 दिसंबर 2022}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ndtv.in/world-news/pope-francis-died-his-life-story-way-to-bishop-of-rome-stand-on-controversial-issues-8216781|title=अर्जेंटीना के जॉर्ज कैसे बने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु, जानिए पोप फ्रांसिस की पूरी कहानी|website=NDTV|date=अप्रैल 21, 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india-48654822|title=दुनिया के किस कोने में पांच करोड़ लोग अंधेरे में डूबे|website=BBC हिन्दी|date=16 जून 2019
}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:13, 16 मई 2026 (UTC)
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जिनसेन
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text/x-wiki
{{जैन धर्म}}
[[चित्र:Digambar.jpg]]
'''जिनसेन आचार्य''' [[दिगम्बर]] परम्परा के एक प्रमुख आचार्य थे। वह [[महापुराण]] के रचयता है। उन्होंने धवला टीका पूरी की थी। जैन ग्रंथ हरिवंश-पुराण के रचियता अन्य जिनसेन थे यह नहीं। <ref>{{Cite book|last1 = Jinasena|first1 = Acharya|last2 = Jain (Sahityacharya)|first2 = Dr. Pannalal|date = 2008|title = Harivamsapurana|trans-title = Harivamsapurana|url = https://books.google.co.in/books?id=t_sFcJNt1sUC&printsec=frontcover&source=gbs_ge_summary_r&cad=0#v=onepage&q&f=false|publisher = Bhartiya Jnanpith (18, Institutional Area, Lodhi Road, New Delhi - 110003)|isbn = 978-81-263-1548-2|origyear = 783 AD}}</ref>
== जीवनी ==
जिनसेन आचार्य, [[वीरसेन|आचार्य वीरसेन]] के शिष्य थे। उन्होंने अपने गुरु द्वारा लिखी गयी कषायप्रभ्रिता की प्रख्यात टीका "[[षट्खण्डागम|धवला]]" को पूरा किया था। महापुराण के दो भाग [[उत्तरपुराण]] और [[आदिपुराण]] है। उनके शिष्य गुणभद्र ने उनके इस कार्य को पूरा किया था।
==इन्हें भी देखें==
* [[जैन धर्म]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{जैन साधू}}
[[श्रेणी:जैन आचार्य]]
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{{जैन धर्म}}
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'''जिनसेन आचार्य''' [[दिगम्बर]] परम्परा के एक प्रमुख आचार्य थे। वह [[महापुराण]] के रचयता है। उन्होंने धवला टीका पूरी की थी। जैन ग्रंथ हरिवंश-पुराण के रचियता अन्य जिनसेन थे यह नहीं। <ref>{{Cite book|last1 = Jinasena|first1 = Acharya|last2 = Jain (Sahityacharya)|first2 = Dr. Pannalal|date = 2008|title = Harivamsapurana|trans-title = Harivamsapurana|url = https://books.google.co.in/books?id=t_sFcJNt1sUC&printsec=frontcover&source=gbs_ge_summary_r&cad=0#v=onepage&q&f=false|publisher = Bhartiya Jnanpith (18, Institutional Area, Lodhi Road, New Delhi - 110003)|isbn = 978-81-263-1548-2|origyear = 783 AD}}</ref>
== जीवनी ==
जिनसेन आचार्य, [[वीरसेन|आचार्य वीरसेन]] के शिष्य थे। उन्होंने अपने गुरु द्वारा लिखी गयी कषायप्रभ्रिता की प्रख्यात टीका "[[षट्खण्डागम|धवला]]" को पूरा किया था। महापुराण के दो भाग [[उत्तरपुराण]] और [[आदिपुराण]] है। उनके शिष्य गुणभद्र ने उनके इस कार्य को पूरा किया था।
==इन्हें भी देखें==
* [[जैन धर्म]]
==सन्दर्भ==
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[[चित्र:Vitex negundo leaves.jpg|right|thumb|300px]]
{{Short description|Species of flowering plant}}
{{Italic title}}
{{Speciesbox
|name = Five-leaved chaste tree
|image = Vitex negundo 415167855.jpg
|genus = Vitex
|species = negundo
|authority = [[Carl Linnaeus|L.]]<ref name="GRIN"/>
|synonyms=
*''Vitex cannabifolia'' <small>Siebold & Zucc.</small>
*''Vitex incisa'' <small>Lam.</small>
*''Vitex incisa'' var. ''heterophylla'' <small>Franch.</small>
*''Vitex negundo'' var. ''heterophylla'' <small>(Franch.) Rehder</small>
}}
[[चित्र:Vitex negundo heterophylla 306091219.jpg|thumb|Close-up on flowers]]
[[चित्र:Vitex negundo flowering inside the test tube.jpg|thumb|''In vitro'' flowering in ''Vitex negundo'']]
[[चित्र:Vitex negundo NP.JPG|thumb|Inflorescence of ''Vitex negundo'' in [[Panchkhal]] valley in Nepal]]
'''निर्गुन्डी''' ([[वानस्पतिक नाम]] : Vitex negundo) एक औषधीय गुणों वाली [[क्षुप]] (झाड़ी) है।<ref>{{Cite web |url=http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-best-pain-killer-that-is-not-plant-its-unique-herbal-properties-3290155.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=10 नवंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160229163954/http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-best-pain-killer-that-is-not-plant-its-unique-herbal-properties-3290155.html |archive-date=29 फ़रवरी 2016 |url-status=dead }}</ref> [[हिन्दी]] में इसे संभालू/सम्मालू, शिवारी, निसिन्दा शेफाली, तथा [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में इसे सिन्दुवार के नाम से जाना जाता है। इसके क्षुप १० फीट तक ऊंचे पाए जाते हैं। [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में इसे इन्द्राणी, नीलपुष्पा, श्वेत सुरसा, सुबाहा भी कहते हैं। [[राजस्थान]] में यह निनगंड नाम से जाना जाता है।
इसकी पत्तियों के [[काढ़ा|काढ़े]] का उपयोग जुकाम, सिरदर्द, आमवात विकारों तथा जोड़ों की सूजन में किया जाता है। यह बुद्धिप्रद, पचने में हल्का, केशों के लिए हितकर, नेत्र ज्योति बढ़ाने वाला तो होता ही है, साथ ही शूल, सूजन, आंव, वायु, पेट के कीड़े नष्ट करने, कोढ़, अरुचि व ज्वर आदि रोगाें की चिकित्सा में भी काम आता है। इसके पत्ते में रक्तशोधन का भी विशेष गुण होता है।
निर्गुंडी बैक पेन स्लिप डिस्क की एकल औषधि है ढाई सौ ग्राम इसके पत्तों को डेढ़ किलो पानी के अंदर उबालें उस पानी मैं से सौ एम एल पानी के साथ हलवा तैयार करके सुबह खाली पेट एक बार खाएं ऐसा कम से कम 15 रोज करें इससे बैक पेन साइटिका का रोग हमेशा के लिए निर्मल हो जाता है
निर्गुंडी के फूल जॉइंट पेन एंड घुटनो के दर्द का रामबान उपाय
निर्गुंडी के फूल 50 ग्राम लोंग 50 ग्राम इन दोनों को किसी खरल में अच्छी तरह पीस लें कम से कम 3 घंटे की पिसाई के बाद इसकी मूंग की दाल के बराबर गोली बना ले दो से तीन गोली सुबह शाम हल्के गर्म दूध के साथ ले।
ध्यान रखें जब तक यह दवाई खानी है तब तक ठंडी चीजों का इस्तेमाल बंद कर दें नहाना भी गरम पानी के साथ करें और पीने में भी गर्म जल ही इस्तेमाल करें फ्रिज में रखा हुआ खाना और पानी हरगिज़ ना ले। बस 15 दिन के अंदर अंदर आप के जॉइंट पेन की और घुटनों के दर्द की समस्या पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगी।जिनको को ब्लड प्रेशर की समस्या है या फिर पित का प्रकोप बढ़ा हुआ है वह अपने वैद्य की सलाह के बिना ना लें
Thyroid curing herb:
निर्गुण्डी के पत्तों का रस 14 से 28 मिलीलीटर दिन में 3 बार सेवन करें या निर्गुण्डी के 21 पत्ते लेकर उसका रस निकाल कर उस रस को 3 बराबर भागो में बांट कर दिन में 3 बार ले यह प्रयोग 21 दिन करने से थाइराइड से निजात मिलती है। निर्गुण्डी की जड़ों को पीसकर इसका रस नाक में डालना चाहिए इससे भी फायदा मिलता है। यह थाइराइड से बने गले मे घेंघा या गोइटर बनने पर भी काम करता है। (Dr. H. C. Singh, C. S. Azad University of Ag and Technology, Kanpur.)
; अन्य भाषाओं में नाम:
* [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] -- वासा
*[[बंगाली भाषा|बंगाली]] -- निशिन्दा, संभालू
* [[मराठी भाषा|मराठी]] -- कटारी, लिगुर, शिवारी
* [[पंजाबी]] -- बनकाहू, बिन्ना, मावा, मोरों, खारा, सनक
* [[फ़ारसी भाषा|फारसी]] -- बजानगश्त, सिस्बन,
* [[गुजराती भाषा|गुजराती]] -- नगोड़, नागोरम, निर्गारा,
* [[तेलुगू भाषा|तेलगू]] -- नल्लाहा बिली,मिन्दुवरम
* [[तमिल]] -- निकुंडी, नोची
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.thehealing.in/?p=797 निर्गुन्डी: स्लिप डिस्क और सर्वाइकल बीमारियों की दुश्मन]
*[https://web.archive.org/web/20180619185959/https://unsoldnews.org/2018/01/21/khar-patwar/ खर पतवार नहीं बात नाशक हर निर्गुन्डी]
From Facebook by Viny Rajput.
{{सन्दर्भो}}
[[श्रेणी:औषधीय पादप]]
{{आधार}}
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भैषज्य कल्पना
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2026-05-17T07:21:31Z
अनुनाद सिंह
1634
/* शार्ङ्गधर संहिता */
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text/x-wiki
[[आयुर्वेद]] में '''भैषज्य कल्पना''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] : भैषज्यकल्पना) का अर्थ है औषधि के निर्माण की डिजाइन (योजना)। <ref>{{Cite web |url=http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |title=संग्रहीत प्रति |access-date=13 दिसंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222102925/http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |archive-date=22 दिसंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>आयुर्वेद में [[रसविद्या|रसशास्त्र]] का अर्थ 'औषध (भेषज) निर्माण' है और यह मुख्यतः [[खनिज]] मूल के औषधियों से सम्बन्धित है। रसशास्त्र और भैषज्यकल्पना मिलकर आयुर्वेद का महत्वपूर्ण अंग बनाते हैं।
आयुर्वेदीय संहिताओं में भेषज, भैषज्य तथा औषधि शब्द का प्रयोग प्रायः पर्याय रूप में एक दूसरे के लिए प्रयुक्त हुआ है। [[चरक|आचार्य चरक]] ने चिकित्सा स्थान प्रथम अध्याय में भेषज के निम्न पर्याय कहे हैं, यथा-
: ''चिकित्सितं व्याधिहरं पथ्यं साधनमौषधम् ।
: ''प्रायश्चितं प्रशमनं प्रकृति स्थापनं हितम् ॥
: ''विद्याद् भेषजनामानि - (चरकसंहिता, चिकित्सास्थान 1/1/3)
आर्थात् चिकित्सित, व्याधिहर, पथ्य, साधन, औषध, प्रायश्चित, प्रशमन, प्रकृतिस्थापन, हित -- ये भेषज के पर्याय हैं।
[[अमरकोश]] के अनुसार-
: ''भेषजौषध भैषज्यान्यगदो जायुरित्यपि ।'' (अमरकोश 2/6/50)
अर्थात् भेषज, औषध, भैषज्य, अगद तथा जायु -- ये औषधि के पाँच नाम हैं।
आचार्यों ने चिकित्सा के चार पाद का वर्णन किया है जिसमें भिषक् , द्रव्य, उपस्थाता तथा रोगी इन चार का ग्रहण किया जाता है। द्रव्य या औषधि के गुण का वर्णन आचार्य चरक ने निम्न रूप में किया है।
: ''बहुता तत्र योग्यत्वमनेकविध कल्पना ।
: ''संपच्चेति चतुष्कोऽयं द्रव्याणां गुण उच्यते ॥'' -- (चरकसंहिता सूत्रस्थान 9/7)
अर्थात् औषधि का अधिक मात्रा में प्राप्त होना या उपलब्ध होना, व्याधि नाश करने में समर्थ होना, उस औषधि की अनेक कल्पना जैसे स्वरस, कल्क, क्वाथ आदि का निर्माण होना (तथा प्रभावी होना) एवं औषधि का अपने गुण यथा
रस, वीर्य, आदि से युक्त होना -- उत्तम औषधि के लक्षण कहे गये हैं।
इस प्रकार भेषज तथा उसकी अनेक कल्पना करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण पक्ष है। हम भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य या भेषज के विभिन्न कल्पनाओं जैसे स्वरस, क्वाथ, अवलेह आदि का अध्ययन करते हैं।
;भैषज्य कल्पना का अर्थ
भैषज्य कल्पना शब्द भैषज्य + कल्पना इन दो शब्दों से मिलकर बना है।
; भैषज्य की परिभाषा
:'' भिषक जिते हितत्वात च भैषज्यं परिचक्षते । (का.खि.)
:'' भिषजा संस्तुतं द्रव्यं भैषज्यम् । (आढमल्ल शार्ङ्गधर 1/1 पर)
इस प्रकार भैषज्य शब्द का अर्थ है "जो चिकित्सा के कार्य में हितकारी हो" अथवा वैद्य के द्वारा चिकित्सा हेतु संस्तुत द्रव्य की संज्ञा भैषज्य की होती है।
;कल्पना का अर्थ
[[वामन शिवराम आप्टे]] कृत हिन्दी संस्कृत शब्दकोष के अनुसार 'कल्पनम्' (क्लृप् + ल्युट) = रूप देना, बनाना।
[[चक्रपाणि]] के अनुसार-
:'' कल्पनं उपयोगार्थ प्रकल्पनं संस्करणमिति । ''
अर्थात औषधि को उपयोगी रूप देना ही कल्पना कहलाती है।
इस प्रकार भिषक के द्वारा संस्तुत द्रव्य को उपयोगी रूप में परिवर्तित करने को भैषज्य कल्पना कहा जाता है। [[काश्यप संहिता]] के खिलस्थान में वर्णित भैषज्योपक्रमणीय अध्याय में औषधि का अधिष्ठान, औषधि का ज्ञान, भेषज, भैषज्य, अगद, कषाय, औषधि के गुण भेद, काल, औषधि सेवन विधि, निषिद्ध काल, औषधि जीर्ण लक्षण तथा अजीर्ण लक्षण, वयानुसार मात्रा का वर्णन किया है। अतः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य के विभिन्न कल्पनाओं के निर्माण के साथ-साथ उसके सेवन विधि काल, मात्रा आदि का विस्तृत रूप से अध्ययन किया जाता है।
भैषज्य कल्पना में दो प्रकार की कल्पनाओं का समावेश किया जाता है-
*(१) औषाधीय कल्पना
*(२) आहार कल्पना
औषाधीय कल्पना को २ भागों में बाँटा जा सकता है,
:(क) मौलिक कल्पना-जैसे स्वरस कल्क क्वाथ हिम फाण्ट।
:(ख) व्युत्पन्न कल्पना-ऐसी कल्पनायें जिनके निर्माण हेतु मौलिक कल्पना की आवश्यकता होती है। जैसे, स्नेह, अवलेह, संधान आदि।
इसे निम्न रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है-
'''मौलिक कल्पना''' -- स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम, फाण्ट,
'''व्युत्पन्न कल्पना''' -- अवलेह, गुटिका वटी, स्नेह, संधान, क्षीर पाक आदि
'''आहार कल्पना''' -- मण्ड, पेया, विलेयी, यूष, यवागू, तक्र, दधि आदि
भैषज्यकल्पना कितनी महत्वपूर्ण है, यह निम्नलिखित श्लोक से स्पष्ट है-
: ''यस्य कस्य तरोर्मूलं येन केनापि मिश्रितम् ।
: ''यस्मै कस्मै प्रदातव्यं यद्वा तद्वा भविष्यति ॥
:(जिस-तिस वृक्ष का मूल ले लिया, जिस-किस द्वारा उसका मिश्रण बना दिया गया , जिस-तिस को उसे दे दिया गया (सेवन करा दिया गया), (तो परिणाम भी) ऐसा-वैसा ही होगा।)
==संस्कार==
स्वाभाविक (प्रकृतिसिद्ध ) गुणों से युक्त द्रव्यों का जो [[प्रक्रमण|संस्कार]] (Processing ) किया जाता है उसे 'करण' कहते है l द्रव्यों मे किन्ही विशेष गुणों का लाना संस्कार कहलाता है l हम जो द्रव्य आहार औषधि के लिए उपयोग मे लाते हैं वे अनेक संस्कारो से संस्कारित हुए रहते हैंl उसमे कुछ नैसर्गिक हैं और कुछ कृत्रिम l
# तोयसन्निकर्ष या जलसन्निकर्ष (स्वच्छ पानी से धोना)
# अग्निसन्निकर्ष (आग पर पकाना)
# शौच (शुद्ध करना (धोना ))
# मन्थन (मथना)
# देश
# काल
# वासन (सुवासित करना)
# भावन (भावना देना)
# कालप्रकर्ष (समय की प्रतीक्षा करना)
# भाजन (विशेष प्रकार के पात्रों मे रखकर उन गुणों का आधान करना)
*'''जलसंयोग''' - खाद्य पदार्थ स्वच्छ पानी से धोना l इस संस्कार से-
:(१) मिट्टी, बाल, कचरा, पत्थर, कंकड़, कीड़े, कृमि (सूक्ष्म ) आदि अलग हो जाते हैं l
:(२) आहारद्रव्य को पानी मे भिगोकर या पीसकर कोमल बनाया जाता हैl सूखापन का नाश होता है l जैसे पोहा बनाते समय पानी मे भिगोकर रखने के बाद छौंक लगाया जाता हैl [[दही]] की छाली जल में मिलाकर [[मट्ठा]] बनाकर उसे शीत और हलका किया जाता हैl तीक्ष्ण आसव, अरिष्ट या सिरका आदि मे जल मिलाकर उसे मृदु पेय बनाया जाता है l
* '''अग्नि संस्कार''' - अन्न को आग पर पकाकर उसके गुरुत्व को हटाकर हलका बना लिया जाता है l
: ''कुकूल कर्पर भ्राषटकन्दवाअंगारविपचितान l
: ''एकायोनिलघुंविद्यातपुपानुत्तरोत्तरम ॥
:: कुकूल - अपाम बाष्पस्वेदः l (पानी के भाप से पकाना )
:: कर्पर - ज्वालासंतप्ते कपालं l ( तवा या उसी तरह का मिट्टी का पात्र)
:: भ्राष्ट्र- तदेव सछिद्रम (छिद्रयुक्त कबेलू )
:: कंदु - लोहपात्र (तावा )
:: अंगार - अंगारपूर्ण पात्रम l
ये संस्कार उत्तरोत्तर लघु हैंl प्रायः ये संस्कार अपूप याने आटा (जवार, गेहूं, चावल आदि ) को लाटकर या थापकर बनाये गये विविध पदार्थ, रोटी, भाकरी, घिरडे, बिट्टी, पानगा, बाटी आदि बनाने मे उपयोग मे लाया जाता हैl अंगारतप्त अपूप लघुत्तम हैl अग्निसंस्कार से चावल का भात या धान का लावा या अन्य भर्जित अन्न गुरुता छोड़ लघु हो जाते हैं।
* '''शौच''' - शोधन करके द्रव्यों के दोषों को दूर कर उन्हें निर्दोष और ग्राह्य बना लिया जाता है l
* '''मन्थन''' - दही शोथकारक है, किन्तु छाली के साथ मथ देने पर वह शोथनाशक हो जाती हैl
* '''देश''' - 'द्वितीय ब्राम्ह रसायन ' नामक औषधि को राख के ढेर के नीचे रखने का विधान बतलाया गया हैl इस प्रकार देश विशेष मे रखने से गुणाधान होता है l जैसे - अलग -अलग देशों मे रहने से गर्म, शीत और साधारण देशो के वासी जीवों के मांस के गुण मे अंतर होता हैl
* '''काल''' - जैसे एक वर्ष का पुराना चावल हलका हो जाता है और वही नया होने पर गुरु होता है। आसव-अरिष्ट जितने पुराने होते हैं उतने ही अधिक गुणकारी होते हैंl रस भस्म भी पुराने अधिक गुणशाली होते हैंl
* '''वासन''' - [[केवड़ा]] या [[गुलाब]] के फूल से अनुवासित जल सुगन्धित और पित्तनाशक, दाह और तृष्णाशामक होता हैl
* '''भावन''' - [[आंवला]] आदि चूर्णों का गुणोत्कर्ष करने के लिये उसी द्रव्य के काढ़े की भावना (mixing and grinding ) दी जाती हैl [[विष]] की मारकता दूर करने के लिये उसमे [[गोमूत्र]] की भावना दी जाती है और उसकी मारकता क्षीण हो जाती हैl
* '''कालप्रकर्ष''' - आसव अरिष्ट का संधान करने पर २ से ४ सप्ताह बाद ही वह तैयार हो पाता है और उसमे आसव के गुण उत्पन्न होते हैंl
* '''भाजन''' (पात्र ) - [[त्रिफला]] के कल्क को लोहपात्र पर लेप कर सूखने के पश्चात निकलकर प्रयोग करने से वह रसायन हो जाता हैl
इसी प्रकार औषधों की अनेक प्रकार की कल्पनायें करना, शोधन करना, भावना देना, अभिमंत्रित करना, धान्यराशि में, धूप में या शीत मे रखना आदि अन्य प्रक्रियाएँ भी गुणान्तरधान के लिये की जाती हैंl
== भैषज्य कल्पना का क्रमिक विकास ==
आयुर्वेदिक औषध निर्माण विज्ञान का विकास क्रमिक रूप से हुआ है, जिसे समझने के लिए इसे विभिन्न कालों में विभाजित किया जा सकता है:<ref>[https://www.amidhaayurveda.com/2025/10/chronological-development-of-ayurvedic.html?m=1 आयुर्वेदिक भेषज कल्पना का विकास]</ref><ref>[https://bamsstudies.in/%E0%A4%AD%E0%A5%88%E0%A4%B7%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8-history-of-bhai/ भैषज्यकल्पना का ऐतिहासिक विकास]</ref>
*(१) वैदिक काल
*(२) संहिता काल
*(३) मध्यकाल / रसशास्त्र काल
*(४) आधुनिक काल
=== वैदिक काल ===
====ऋग्वेद ====
ऋग्वेद के औषधि सूक्त तथा अन्य वेदों में अनेक औषधियों सोम, करञ्ज, पिप्पली, खदिरसार, शाल्मलि, विभीतक, दूर्वा, पलाश, कमल, बेर, अर्जुन, अश्वत्थ, पृश्निपणी, अपामार्ग, लाक्षा, अर्क, गुग्गुलु, बिल्ब, उर्दुम्बर आदि का वर्णन प्राप्त होता है जिनमें सोम को प्रमुख औषधि माना गया है। “सोम औषधिनामाधिराजा” अर्थात् सोम नामक औषधि को औषधियों का राजा कहा गया है। वेदों में अनेक कल्पनाओं का प्रारम्भिक स्वरूप देखने को मिलता है। वेदों के अध्ययन से ऐसा लगता है कि पञ्चविध कषाय कल्पना उस काल में अपना नवजातत्व व्यतीत कर रही थी।
====अथर्ववेद====
[[अथर्ववेद]] में डण्डे, तीर या चोट से बने घाव के लिए सिलाची (लाक्षा) अचूक औषधि कही गई है। “आबय” नामक विषाक्त औषधि के स्वरस को पकाने पर निर्विष होने का उल्लेख मिलता है, वस्तुतः यह शृत कल्पना (क्वाथ) ही है। त्वचा के विषजन्य वैवर्ण्य को दूर करने के लिए इसी आबय को जल के साथ पीसकर करम्भ (लेप) बनाया जाता था, जो स्पष्ट रूप से “कल्क कल्पना” ही है। इस प्रकार आयुर्वेद की दृष्टि से अथर्ववेद में महत्त्वपूर्ण उल्लेख मिलते हैं, इसलिए अथर्ववेद को “भिषग्वेद” या “भैषज्य वेद” भी कहा गया है।
=== संहिता काल===
==== चरक संहिता====
सूत्रस्थान के द्वितीय अध्याय में 32 यवागू और तृतीय अध्याय में : 32 सिद्धतम चूर्ण प्रदेह का वर्णन मिलता है। चतुर्थ अध्याय में मधुर कषाय, अम्ल कषाय, कटु कषाय, तिक्त कषाय एवं कषाय कषाय इन पाँच कषाय योनियों का वर्णन किया गया है।
: ''पञ्चकषाययोनय इति मधुरकषायोऽम्लकषायः कटुकषायस्तिक्तकषायः कषायकषायश्चेति तन्त्रे संज्ञा''। (च.सू. 4/6)
उक्त पञ्चकषाय योनियों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं की उत्पत्ति मानी गयी है। यहाँ पर पाँच रसों से पञ्च कषाय कल्पनाओं की ही उत्पत्ति बतलायी है क्योंकि लवण रस के निष्प्रयोजन होने के कारण छठी कषाय योनि नहीं मानी गयी है।
: ''पञ्चविधं कषायकल्पनमिति तद्यथा-स्वरसः, कल्कः, शृतः, शीतः, फाण्टः कषाय इति''। (च.सू. 4/7)
अर्थात् स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट पाँच प्रकार की कषाय कल्पनाएँ होती हैं।
: ''तेषां यथापूर्वम् बलाधिक्यम् अतः कषायकल्पना व्याध्यातुरबलापेक्षिणी न त्वेवं खलु सर्वाणि सर्वत्रोपयोगिनी भवन्ति ॥'' (चरकसंहिता, सूत्रस्थान 4/7)
अर्थात ये कषाय कल्पनाएँ यथापूर्व गुरु होती है, अतः इन कषाय कल्पनाओं का प्रयोग व्याधि एवं रोगी के बल पर निर्भर करता है, क्योंकि (because) पञ्चविध कषाय कल्पनाएँ सम्पूर्ण रोगों में समान रूप से उपयोगी नहीं होती है। इन मौलिक कल्पनाओं के अतिरिक्त अञ्जन, अवलेह, अणुतैल, उष्णोदक, खण्ड, गण्डूष, गुटिका, गुड, घृतपाक, तैलपाक, धूपन, धूमवर्ति, धूमपान, नवनीत, नस्य, आसव, अरिष्ट, मधु, सिक्थ तैल, शतधौत घृत, षडङ्गपानीय, सक्तु, सर्पिगुड, सहस्रधौत घृत आदि 128 कल्पनाओं का चरक संहिता में उल्लेख मिलता है।
==== सुश्रुत संहिता ====
सुश्रुत संहिता में 6 प्रकार की मौलिक कल्पनाएँ मानी है :
:'' क्षीरं रसः कल्कमथो कषायः शृतश्च शीतश्च तथैव फाण्टम्।
:'' कल्पाः षडेते खलु भेषजानां यथोत्तरं ते लघवः प्रदिष्टाः ।। (सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान 44/91)
अर्थात् क्षीर, स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट-इन छ: कल्पनाओं को आचार्य सुश्रुत ने मौलिक कल्पनाएँ माना है। इन कल्पनाओं के अतिरिक्त सुश्रुत संहिता में अञ्जन, अकृतयूष, अणु तैल, अयस्कृति, अवलेह, आलेप, इक्षुरस, नस्य, पानक, मधु, मन्थ, मस्तु, मासरस, मोदक, यवागू, लेह, लौहरजः, वटक, वर्ति, विलेपी, वेशवार, शष्कुली, षडङ्गपानीय, सक्तु आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। सुश्रुत संहिता के चिकित्सा स्थान के चतुर्थ अध्याय में वातरोगों में शतपाकी एवं सहस्रपाकी तैल कल्पना एवं लवण कल्पों का प्रयोग बताया गया है। इसके अतिरिक्त [[गुग्गुल]] कल्प, अयस्कृति कल्पना, मसी कल्पना तथा क्षारसूत्र कल्पना का सर्वप्रथम वर्णन मिलता है।
==== काश्यप संहिता ====
:'' चूर्णं शीतकषायश्च स्वरसोऽभिषवस्तथा।
: ''फाण्टःकल्कस्तथा क्वाथो यथावतं निबोध मे॥ (काश्यपसंहिता खि० 3/35)
अर्थात् आचार्य काश्यप ने चूर्ण, शीत, स्वरस, अभिषव, फाण्ट, कल्क और क्वाथ-इन सात को मौलिक कल्पनाएँ माना है। जिनमें चूर्ण एवं अभिषव कल्पनाओं का पञ्चविध कषाय कल्पना में समावेश हो जाता है। अतः आचार्य चरकोक्त पञ्चविधकषाय कल्पनाएँ ही मौलिक कषाय कल्पनाएँ होती हैं। इनके अतिरिक्त धूपन, लेह, घृत, तैल, अरिष्ट, गुड़, रसक्रिया, बस्ति, अञ्जन, गुटिका, चूर्ण, पुष्प आदि कषाय कल्पनाओं का काश्यप संहिता में उल्लेख मिलता है। काश्यप संहिता के खिलस्थान में यूषों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
==== अष्टाङ्गसंग्रहः व अष्टाङ्गहृदय ====
आचार्य [[वाग्भट]] द्वारा विरचित इन दोनों ग्रन्थों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं को ही मौलिक कल्पनाएँ मानी है।
: ''पञ्चविधस्तु भेषजानां कषायकल्पः ।
: ''निर्यासः कल्को नियूहः शीत: फाण्टश्च । ते यथापूर्वं बलिनः'' (अष्टाङ्गसंग्रह क० 8/9)
दोनों ही ग्रन्थों में स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम और फाण्ट-इन पञ्चविध कषाय कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। इनके अतिरिक्त अन्य अनेक कल्पनाएँ यथा:-अञ्जन, अणुतैल, अवलेह, आश्च्योतन, इक्षुरस, उष्णोदक, ओदन, कवल, प्रसेक, फाणित, शतधौत घृत, शष्कुली, शिरोबस्ति, सक्तु, सर्पिगुड आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
=== मध्यकाल या रसशास्त्रीय काल ===
संहिता काल के पश्चात् रसाचार्य नागार्जुन द्वितीय ने अपने ग्रन्थों रसेन्द्र मंगल, रसरत्नाकर, कक्षपुट आदि में खनिजों पर अनेक धातुवादात्मक क्रियाओं का वर्णन किया है। इस काल में खनिज द्रव्यों की भैषज्य कल्पना का विकास हुआ।, जिसमें खनिज द्रव्यों का शोधन, मारण, सत्त्वपातन, द्रुति, पारद के विभिन्न संस्कार तथा अनेक औषधीय कल्पनाओं का विकास हुआ। इस काल में चिकित्सा की दृष्टि से खनिज द्रव्यों की भस्में, सत्त्वपातन, द्रुति, सत्त्व भस्म, रससिन्दूर आदि कूपीपक्व रसायनों का निर्माण प्रारम्भ हो गया था। रसौषधियों के शीघ्रप्रभावकारी, अल्पमात्रा में उपयोगी आदि गुणों के कारण रस चिकित्सा को श्रेष्ठ माना जाने लगा।
==== चक्रदत्त (11 वीं शताब्दी) ====
आचार्य [[चक्रपाणि]] द्वारा लिखित इस ग्रन्थ में '''पर्पटी कल्पना''' का सर्वप्रथम वर्णन प्राप्त होता है। चिकित्सा की दृष्टि से यह ग्रन्थ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस ग्रन्थ में अवलेह, ओदन, कल्क, क्वाथ, क्षार, खण्ड, गुडपाक, चूर्ण, तैलपाक, अगद, अञ्जन, अर्कलवण, आश्च्योतन, कवल, काम्बलिक, क्षार सूत्र, क्षारगुड़, खड्यूष , गण्डूष, गुटिका, घृतपाक, तक्र, प्रमथ्या, फाणित, मन्थ, अरिष्ट, चुक्र, मांसरस, यूष, रसाला, रसक्रिया, वटिका, वर्ति, वेशवार, शिण्डाकी, स्वरस आदि कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
====गद निग्रह ====
आचार्य [[सोढ़ल]] द्वारा 12 वीं शताब्दी में विरचित इस ग्रन्थ में तैलाधिकार, घृताधिकर, चूर्णाधिकार, लेहाधिकार, आसवाधिकार कल्पना विषयक विस्तृत वर्णन मिलता है। 12वीं शताब्दी में मुस्लिमों के आक्रमण के पश्चात् यूनानी चिकित्सा प्रणाली का आगमन हमारे देश में हुआ, जिसके फलस्वरूप अर्क, खमीरा, गुलकन्द आदि का प्रचुरता से प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सा में होने लगा। इसी काल में रचित ग्रन्थ अर्क प्रकाश में अर्क कल्पना का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है।
==== शार्ङ्गधर संहिता ====
आचार्य [[शार्ङ्गधर]] मिश्र द्वारा 14 वी शताब्दी में इस ग्रन्थ को लिखा गया है। यह ग्रन्थ भैषज्य कल्पना का आधार स्तम्भ माना जाता है।<ref>[https://media.neliti.com/media/publications/704319-a-review-of-sharangdhar-samhita-s-bhaish-411b16ac.pdf A Review of Sharangdhar Samhita’s Bhaishajyakalpana: An Ancient Wisdom for Modern Practice]</ref> इस ग्रन्थ के मध्यम खण्ड में स्वरस, क्वाथ, फाण्ट, हिम, कल्क, चूर्ण, वटक, अवलेह, घृत, तैल, आसवारिष्ट आदि का वर्णन किया गया है। इनके अतिरिक्त अञ्जन, अवगाहन, अनुवासनबस्ति, अवपीडन, आश्च्योतन, उष्णोदक, उत्तरबस्ति, ओदन, कर्णपूरण, लेप, वर्ति, विलेपी, षडङ्गपानीय, सक्तु, सेक आदि कल्पनाओं का वर्णन मिलता है।
=== आधुनिक काल ===
16वीं शताब्दी के पश्चात् [[हिन्दी साहित्य का आधुनिक काल|आधुनिक काल]] माना जाता है। इस काल में भावप्रकाश, बृहद्योगतरंगिणी, योगरत्नाकर, भैषज्यरत्नावली, सिद्धभेषजमणिमाला, रसतन्त्रसार एवं सिद्ध प्रयोग संग्रह, भारत भैषज्य रत्नाकर, सिद्धयोगसंग्रह, आयुर्वेदसार संग्रह आदि ग्रन्थ लिखे गए है। इन सभी ग्रन्थों में चूर्ण, क्वाथ, आसव, अरिष्ट, घृत, तैल, अवलेह आदि पूर्ववर्ती सभी कल्पनायें उल्लिखित है। भारतभैषज्यरत्नाकर भैषज्यकल्पना का बृहद् ग्रन्थ है, जो पाँच भागों में प्रकाशित है तथा इसमें अकारादि क्रम से औषधयोगों का वर्णन संग्रहित रूप में किया गया है। भारतीय आयुर्वेद योग संग्रह (Ayurvedic formulary of India-A.E.I) भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ग्रन्थ है, जिसमें कल्पनाओं के अनुसार प्रधान योगों का वर्णन किया गया है। यह अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में प्रकाशित है। गुजरात सरकार द्वारा भी भेषज संहिता प्रकाशित की गई है। वर्तमान में औषधिनिर्माता कम्पनियाँ विभिन्न प्रकार के चूर्ण, वटी, कैप्सूल, अवलेह, ग्रेन्यूल्स, तैल, घृत, आसवारिष्ट, ड्राप्स, आदि कल्पनाओं को वर्तमान समय के अनुसार निर्माण कर विक्रय कर रही है। अतः यह कहा जा सकता है कि प्राचीनकाल में पञ्चविध मौलिक कषाय कल्पनाओं का प्रादुर्भाव हुआ था। लेकिन बाद में धीरे-धीरे अन्य कल्पनाओं का विकास होता गया। वर्तमान काल में भैषज्य कल्पना का विकसित स्वरूप दिखाई दे रहा है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[औषधि]]
*[[भेषजगुण विज्ञान]]
*[[औषधनिर्माण]]
*[[औषधशास्त्र]]
*[[भैषज्य रत्नावली]]
*[[रसविद्या]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://github.com/sciencewithsaucee-sudo/Bhaishajya-Kalpana-Kosha भैषज्य कल्पना कोश] (अमिधा आयुर्वेद)
*[https://web.archive.org/web/20160110084210/http://ayurvedappt.blogspot.in/2013/10/fundamental-principles-of-bhaishajya.html भैषज्य कल्पना के मूल सिद्धान्त]
*[https://web.archive.org/web/20160821151114/https://books.google.co.in/books?id=b_Txq74gKC4C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false A Text Book Of Bhaisjya Kalpana Vijnanam] (By Dr. G. Prabhakara Rao)
* [https://web.archive.org/web/20160310125535/https://www.scribd.com/doc/47071815/Basic-Principles-Of-Bhaishyajya-Kalpna Basic Principles Of Bhaishyajya Kalpna]
*[https://archive.org/details/dli.ministry.10205/page/254/mode/1up भैषज्य संहिता] (लेखक- अत्रिदेव विद्यालंकार)
*[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.292176 रसायनसार, भाग-१] (लेखक- पण्डित श्यामसुन्दराचार्य वैश्य)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:आयुर्वेद]]
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6553354
6553352
2026-05-17T07:40:10Z
अनुनाद सिंह
1634
/* काश्यप संहिता */
6553354
wikitext
text/x-wiki
[[आयुर्वेद]] में '''भैषज्य कल्पना''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] : भैषज्यकल्पना) का अर्थ है औषधि के निर्माण की डिजाइन (योजना)। <ref>{{Cite web |url=http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |title=संग्रहीत प्रति |access-date=13 दिसंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222102925/http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |archive-date=22 दिसंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>आयुर्वेद में [[रसविद्या|रसशास्त्र]] का अर्थ 'औषध (भेषज) निर्माण' है और यह मुख्यतः [[खनिज]] मूल के औषधियों से सम्बन्धित है। रसशास्त्र और भैषज्यकल्पना मिलकर आयुर्वेद का महत्वपूर्ण अंग बनाते हैं।
आयुर्वेदीय संहिताओं में भेषज, भैषज्य तथा औषधि शब्द का प्रयोग प्रायः पर्याय रूप में एक दूसरे के लिए प्रयुक्त हुआ है। [[चरक|आचार्य चरक]] ने चिकित्सा स्थान प्रथम अध्याय में भेषज के निम्न पर्याय कहे हैं, यथा-
: ''चिकित्सितं व्याधिहरं पथ्यं साधनमौषधम् ।
: ''प्रायश्चितं प्रशमनं प्रकृति स्थापनं हितम् ॥
: ''विद्याद् भेषजनामानि - (चरकसंहिता, चिकित्सास्थान 1/1/3)
आर्थात् चिकित्सित, व्याधिहर, पथ्य, साधन, औषध, प्रायश्चित, प्रशमन, प्रकृतिस्थापन, हित -- ये भेषज के पर्याय हैं।
[[अमरकोश]] के अनुसार-
: ''भेषजौषध भैषज्यान्यगदो जायुरित्यपि ।'' (अमरकोश 2/6/50)
अर्थात् भेषज, औषध, भैषज्य, अगद तथा जायु -- ये औषधि के पाँच नाम हैं।
आचार्यों ने चिकित्सा के चार पाद का वर्णन किया है जिसमें भिषक् , द्रव्य, उपस्थाता तथा रोगी इन चार का ग्रहण किया जाता है। द्रव्य या औषधि के गुण का वर्णन आचार्य चरक ने निम्न रूप में किया है।
: ''बहुता तत्र योग्यत्वमनेकविध कल्पना ।
: ''संपच्चेति चतुष्कोऽयं द्रव्याणां गुण उच्यते ॥'' -- (चरकसंहिता सूत्रस्थान 9/7)
अर्थात् औषधि का अधिक मात्रा में प्राप्त होना या उपलब्ध होना, व्याधि नाश करने में समर्थ होना, उस औषधि की अनेक कल्पना जैसे स्वरस, कल्क, क्वाथ आदि का निर्माण होना (तथा प्रभावी होना) एवं औषधि का अपने गुण यथा
रस, वीर्य, आदि से युक्त होना -- उत्तम औषधि के लक्षण कहे गये हैं।
इस प्रकार भेषज तथा उसकी अनेक कल्पना करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण पक्ष है। हम भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य या भेषज के विभिन्न कल्पनाओं जैसे स्वरस, क्वाथ, अवलेह आदि का अध्ययन करते हैं।
;भैषज्य कल्पना का अर्थ
भैषज्य कल्पना शब्द भैषज्य + कल्पना इन दो शब्दों से मिलकर बना है।
; भैषज्य की परिभाषा
:'' भिषक जिते हितत्वात च भैषज्यं परिचक्षते । (का.खि.)
:'' भिषजा संस्तुतं द्रव्यं भैषज्यम् । (आढमल्ल शार्ङ्गधर 1/1 पर)
इस प्रकार भैषज्य शब्द का अर्थ है "जो चिकित्सा के कार्य में हितकारी हो" अथवा वैद्य के द्वारा चिकित्सा हेतु संस्तुत द्रव्य की संज्ञा भैषज्य की होती है।
;कल्पना का अर्थ
[[वामन शिवराम आप्टे]] कृत हिन्दी संस्कृत शब्दकोष के अनुसार 'कल्पनम्' (क्लृप् + ल्युट) = रूप देना, बनाना।
[[चक्रपाणि]] के अनुसार-
:'' कल्पनं उपयोगार्थ प्रकल्पनं संस्करणमिति । ''
अर्थात औषधि को उपयोगी रूप देना ही कल्पना कहलाती है।
इस प्रकार भिषक के द्वारा संस्तुत द्रव्य को उपयोगी रूप में परिवर्तित करने को भैषज्य कल्पना कहा जाता है। [[काश्यप संहिता]] के खिलस्थान में वर्णित भैषज्योपक्रमणीय अध्याय में औषधि का अधिष्ठान, औषधि का ज्ञान, भेषज, भैषज्य, अगद, कषाय, औषधि के गुण भेद, काल, औषधि सेवन विधि, निषिद्ध काल, औषधि जीर्ण लक्षण तथा अजीर्ण लक्षण, वयानुसार मात्रा का वर्णन किया है। अतः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य के विभिन्न कल्पनाओं के निर्माण के साथ-साथ उसके सेवन विधि काल, मात्रा आदि का विस्तृत रूप से अध्ययन किया जाता है।
भैषज्य कल्पना में दो प्रकार की कल्पनाओं का समावेश किया जाता है-
*(१) औषाधीय कल्पना
*(२) आहार कल्पना
औषाधीय कल्पना को २ भागों में बाँटा जा सकता है,
:(क) मौलिक कल्पना-जैसे स्वरस कल्क क्वाथ हिम फाण्ट।
:(ख) व्युत्पन्न कल्पना-ऐसी कल्पनायें जिनके निर्माण हेतु मौलिक कल्पना की आवश्यकता होती है। जैसे, स्नेह, अवलेह, संधान आदि।
इसे निम्न रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है-
'''मौलिक कल्पना''' -- स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम, फाण्ट,
'''व्युत्पन्न कल्पना''' -- अवलेह, गुटिका वटी, स्नेह, संधान, क्षीर पाक आदि
'''आहार कल्पना''' -- मण्ड, पेया, विलेयी, यूष, यवागू, तक्र, दधि आदि
भैषज्यकल्पना कितनी महत्वपूर्ण है, यह निम्नलिखित श्लोक से स्पष्ट है-
: ''यस्य कस्य तरोर्मूलं येन केनापि मिश्रितम् ।
: ''यस्मै कस्मै प्रदातव्यं यद्वा तद्वा भविष्यति ॥
:(जिस-तिस वृक्ष का मूल ले लिया, जिस-किस द्वारा उसका मिश्रण बना दिया गया , जिस-तिस को उसे दे दिया गया (सेवन करा दिया गया), (तो परिणाम भी) ऐसा-वैसा ही होगा।)
==संस्कार==
स्वाभाविक (प्रकृतिसिद्ध ) गुणों से युक्त द्रव्यों का जो [[प्रक्रमण|संस्कार]] (Processing ) किया जाता है उसे 'करण' कहते है l द्रव्यों मे किन्ही विशेष गुणों का लाना संस्कार कहलाता है l हम जो द्रव्य आहार औषधि के लिए उपयोग मे लाते हैं वे अनेक संस्कारो से संस्कारित हुए रहते हैंl उसमे कुछ नैसर्गिक हैं और कुछ कृत्रिम l
# तोयसन्निकर्ष या जलसन्निकर्ष (स्वच्छ पानी से धोना)
# अग्निसन्निकर्ष (आग पर पकाना)
# शौच (शुद्ध करना (धोना ))
# मन्थन (मथना)
# देश
# काल
# वासन (सुवासित करना)
# भावन (भावना देना)
# कालप्रकर्ष (समय की प्रतीक्षा करना)
# भाजन (विशेष प्रकार के पात्रों मे रखकर उन गुणों का आधान करना)
*'''जलसंयोग''' - खाद्य पदार्थ स्वच्छ पानी से धोना l इस संस्कार से-
:(१) मिट्टी, बाल, कचरा, पत्थर, कंकड़, कीड़े, कृमि (सूक्ष्म ) आदि अलग हो जाते हैं l
:(२) आहारद्रव्य को पानी मे भिगोकर या पीसकर कोमल बनाया जाता हैl सूखापन का नाश होता है l जैसे पोहा बनाते समय पानी मे भिगोकर रखने के बाद छौंक लगाया जाता हैl [[दही]] की छाली जल में मिलाकर [[मट्ठा]] बनाकर उसे शीत और हलका किया जाता हैl तीक्ष्ण आसव, अरिष्ट या सिरका आदि मे जल मिलाकर उसे मृदु पेय बनाया जाता है l
* '''अग्नि संस्कार''' - अन्न को आग पर पकाकर उसके गुरुत्व को हटाकर हलका बना लिया जाता है l
: ''कुकूल कर्पर भ्राषटकन्दवाअंगारविपचितान l
: ''एकायोनिलघुंविद्यातपुपानुत्तरोत्तरम ॥
:: कुकूल - अपाम बाष्पस्वेदः l (पानी के भाप से पकाना )
:: कर्पर - ज्वालासंतप्ते कपालं l ( तवा या उसी तरह का मिट्टी का पात्र)
:: भ्राष्ट्र- तदेव सछिद्रम (छिद्रयुक्त कबेलू )
:: कंदु - लोहपात्र (तावा )
:: अंगार - अंगारपूर्ण पात्रम l
ये संस्कार उत्तरोत्तर लघु हैंl प्रायः ये संस्कार अपूप याने आटा (जवार, गेहूं, चावल आदि ) को लाटकर या थापकर बनाये गये विविध पदार्थ, रोटी, भाकरी, घिरडे, बिट्टी, पानगा, बाटी आदि बनाने मे उपयोग मे लाया जाता हैl अंगारतप्त अपूप लघुत्तम हैl अग्निसंस्कार से चावल का भात या धान का लावा या अन्य भर्जित अन्न गुरुता छोड़ लघु हो जाते हैं।
* '''शौच''' - शोधन करके द्रव्यों के दोषों को दूर कर उन्हें निर्दोष और ग्राह्य बना लिया जाता है l
* '''मन्थन''' - दही शोथकारक है, किन्तु छाली के साथ मथ देने पर वह शोथनाशक हो जाती हैl
* '''देश''' - 'द्वितीय ब्राम्ह रसायन ' नामक औषधि को राख के ढेर के नीचे रखने का विधान बतलाया गया हैl इस प्रकार देश विशेष मे रखने से गुणाधान होता है l जैसे - अलग -अलग देशों मे रहने से गर्म, शीत और साधारण देशो के वासी जीवों के मांस के गुण मे अंतर होता हैl
* '''काल''' - जैसे एक वर्ष का पुराना चावल हलका हो जाता है और वही नया होने पर गुरु होता है। आसव-अरिष्ट जितने पुराने होते हैं उतने ही अधिक गुणकारी होते हैंl रस भस्म भी पुराने अधिक गुणशाली होते हैंl
* '''वासन''' - [[केवड़ा]] या [[गुलाब]] के फूल से अनुवासित जल सुगन्धित और पित्तनाशक, दाह और तृष्णाशामक होता हैl
* '''भावन''' - [[आंवला]] आदि चूर्णों का गुणोत्कर्ष करने के लिये उसी द्रव्य के काढ़े की भावना (mixing and grinding ) दी जाती हैl [[विष]] की मारकता दूर करने के लिये उसमे [[गोमूत्र]] की भावना दी जाती है और उसकी मारकता क्षीण हो जाती हैl
* '''कालप्रकर्ष''' - आसव अरिष्ट का संधान करने पर २ से ४ सप्ताह बाद ही वह तैयार हो पाता है और उसमे आसव के गुण उत्पन्न होते हैंl
* '''भाजन''' (पात्र ) - [[त्रिफला]] के कल्क को लोहपात्र पर लेप कर सूखने के पश्चात निकलकर प्रयोग करने से वह रसायन हो जाता हैl
इसी प्रकार औषधों की अनेक प्रकार की कल्पनायें करना, शोधन करना, भावना देना, अभिमंत्रित करना, धान्यराशि में, धूप में या शीत मे रखना आदि अन्य प्रक्रियाएँ भी गुणान्तरधान के लिये की जाती हैंl
== भैषज्य कल्पना का क्रमिक विकास ==
आयुर्वेदिक औषध निर्माण विज्ञान का विकास क्रमिक रूप से हुआ है, जिसे समझने के लिए इसे विभिन्न कालों में विभाजित किया जा सकता है:<ref>[https://www.amidhaayurveda.com/2025/10/chronological-development-of-ayurvedic.html?m=1 आयुर्वेदिक भेषज कल्पना का विकास]</ref><ref>[https://bamsstudies.in/%E0%A4%AD%E0%A5%88%E0%A4%B7%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8-history-of-bhai/ भैषज्यकल्पना का ऐतिहासिक विकास]</ref>
*(१) वैदिक काल
*(२) संहिता काल
*(३) मध्यकाल / रसशास्त्र काल
*(४) आधुनिक काल
=== वैदिक काल ===
====ऋग्वेद ====
ऋग्वेद के औषधि सूक्त तथा अन्य वेदों में अनेक औषधियों सोम, करञ्ज, पिप्पली, खदिरसार, शाल्मलि, विभीतक, दूर्वा, पलाश, कमल, बेर, अर्जुन, अश्वत्थ, पृश्निपणी, अपामार्ग, लाक्षा, अर्क, गुग्गुलु, बिल्ब, उर्दुम्बर आदि का वर्णन प्राप्त होता है जिनमें सोम को प्रमुख औषधि माना गया है। “सोम औषधिनामाधिराजा” अर्थात् सोम नामक औषधि को औषधियों का राजा कहा गया है। वेदों में अनेक कल्पनाओं का प्रारम्भिक स्वरूप देखने को मिलता है। वेदों के अध्ययन से ऐसा लगता है कि पञ्चविध कषाय कल्पना उस काल में अपना नवजातत्व व्यतीत कर रही थी।
====अथर्ववेद====
[[अथर्ववेद]] में डण्डे, तीर या चोट से बने घाव के लिए सिलाची (लाक्षा) अचूक औषधि कही गई है। “आबय” नामक विषाक्त औषधि के स्वरस को पकाने पर निर्विष होने का उल्लेख मिलता है, वस्तुतः यह शृत कल्पना (क्वाथ) ही है। त्वचा के विषजन्य वैवर्ण्य को दूर करने के लिए इसी आबय को जल के साथ पीसकर करम्भ (लेप) बनाया जाता था, जो स्पष्ट रूप से “कल्क कल्पना” ही है। इस प्रकार आयुर्वेद की दृष्टि से अथर्ववेद में महत्त्वपूर्ण उल्लेख मिलते हैं, इसलिए अथर्ववेद को “भिषग्वेद” या “भैषज्य वेद” भी कहा गया है।
=== संहिता काल===
==== चरक संहिता====
सूत्रस्थान के द्वितीय अध्याय में 32 यवागू और तृतीय अध्याय में : 32 सिद्धतम चूर्ण प्रदेह का वर्णन मिलता है। चतुर्थ अध्याय में मधुर कषाय, अम्ल कषाय, कटु कषाय, तिक्त कषाय एवं कषाय कषाय इन पाँच कषाय योनियों का वर्णन किया गया है।
: ''पञ्चकषाययोनय इति मधुरकषायोऽम्लकषायः कटुकषायस्तिक्तकषायः कषायकषायश्चेति तन्त्रे संज्ञा''। (च.सू. 4/6)
उक्त पञ्चकषाय योनियों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं की उत्पत्ति मानी गयी है। यहाँ पर पाँच रसों से पञ्च कषाय कल्पनाओं की ही उत्पत्ति बतलायी है क्योंकि लवण रस के निष्प्रयोजन होने के कारण छठी कषाय योनि नहीं मानी गयी है।
: ''पञ्चविधं कषायकल्पनमिति तद्यथा-स्वरसः, कल्कः, शृतः, शीतः, फाण्टः कषाय इति''। (च.सू. 4/7)
अर्थात् स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट पाँच प्रकार की कषाय कल्पनाएँ होती हैं।
: ''तेषां यथापूर्वम् बलाधिक्यम् अतः कषायकल्पना व्याध्यातुरबलापेक्षिणी न त्वेवं खलु सर्वाणि सर्वत्रोपयोगिनी भवन्ति ॥'' (चरकसंहिता, सूत्रस्थान 4/7)
अर्थात ये कषाय कल्पनाएँ यथापूर्व गुरु होती है, अतः इन कषाय कल्पनाओं का प्रयोग व्याधि एवं रोगी के बल पर निर्भर करता है, क्योंकि (because) पञ्चविध कषाय कल्पनाएँ सम्पूर्ण रोगों में समान रूप से उपयोगी नहीं होती है। इन मौलिक कल्पनाओं के अतिरिक्त अञ्जन, अवलेह, अणुतैल, उष्णोदक, खण्ड, गण्डूष, गुटिका, गुड, घृतपाक, तैलपाक, धूपन, धूमवर्ति, धूमपान, नवनीत, नस्य, आसव, अरिष्ट, मधु, सिक्थ तैल, शतधौत घृत, षडङ्गपानीय, सक्तु, सर्पिगुड, सहस्रधौत घृत आदि 128 कल्पनाओं का चरक संहिता में उल्लेख मिलता है।
==== सुश्रुत संहिता ====
सुश्रुत संहिता में 6 प्रकार की मौलिक कल्पनाएँ मानी है :
:'' क्षीरं रसः कल्कमथो कषायः शृतश्च शीतश्च तथैव फाण्टम्।
:'' कल्पाः षडेते खलु भेषजानां यथोत्तरं ते लघवः प्रदिष्टाः ।। (सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान 44/91)
अर्थात् क्षीर, स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट-इन छ: कल्पनाओं को आचार्य सुश्रुत ने मौलिक कल्पनाएँ माना है। इन कल्पनाओं के अतिरिक्त सुश्रुत संहिता में अञ्जन, अकृतयूष, अणु तैल, अयस्कृति, अवलेह, आलेप, इक्षुरस, नस्य, पानक, मधु, मन्थ, मस्तु, मासरस, मोदक, यवागू, लेह, लौहरजः, वटक, वर्ति, विलेपी, वेशवार, शष्कुली, षडङ्गपानीय, सक्तु आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। सुश्रुत संहिता के चिकित्सा स्थान के चतुर्थ अध्याय में वातरोगों में शतपाकी एवं सहस्रपाकी तैल कल्पना एवं लवण कल्पों का प्रयोग बताया गया है। इसके अतिरिक्त [[गुग्गुल]] कल्प, अयस्कृति कल्पना, मसी कल्पना तथा क्षारसूत्र कल्पना का सर्वप्रथम वर्णन मिलता है।
====कौटिल्य के अर्थशास्त्र में ====
अर्थशास्त्र में मद्य पेयों के अनेक प्रकार दिये हुए हैं और कहा गया है कि मद्य का विक्रय केवल उन व्यक्तियों को किया जाना चाहिये जिनका चरित्र अच्छा हो। इसमें कई प्रकार के मद्य गिनाये गये हैं, जैसे- मेदक, प्रसन्न, आसव, अरिष्ट, मैरेय, और मधु ।<ref>[https://www.researchgate.net/profile/Geeta-Swamy/publication/224898458_Contribution_of_kautilya_arthasashtra_towards_dravyaguna_rasasastra_and_bhaishajyakalpana_branches_of_ayurvedic_medicine/links/0c9605321e9d0b012c000000/Contribution-of-kautilya-arthasashtra-towards-dravyaguna-rasasastra-and-bhaishajyakalpana-branches-of-ayurvedic-medicine.pdf?origin=publication_detail&_tp=eyJjb250ZXh0Ijp7ImZpcnN0UGFnZSI6InB1YmxpY2F0aW9uIiwicGFnZSI6InB1YmxpY2F0aW9uRG93bmxvYWQiLCJwcmV2aW91c1BhZ2UiOiJwdWJsaWNhdGlvbiJ9fQ CONTRIBUTION OF KAUTILYA ARTHASASHTRA TOWARDS DRAVYAGUNA, RASASASTRA AND BHAISHAJYAKALPANA BRANCHES OF AYURVEDIC MEDICINE ]</ref>
==== काश्यप संहिता ====
:'' चूर्णं शीतकषायश्च स्वरसोऽभिषवस्तथा।
: ''फाण्टःकल्कस्तथा क्वाथो यथावतं निबोध मे॥ (काश्यपसंहिता खि० 3/35)
अर्थात् आचार्य काश्यप ने चूर्ण, शीत, स्वरस, अभिषव, फाण्ट, कल्क और क्वाथ-इन सात को मौलिक कल्पनाएँ माना है। जिनमें चूर्ण एवं अभिषव कल्पनाओं का पञ्चविध कषाय कल्पना में समावेश हो जाता है। अतः आचार्य चरकोक्त पञ्चविधकषाय कल्पनाएँ ही मौलिक कषाय कल्पनाएँ होती हैं। इनके अतिरिक्त धूपन, लेह, घृत, तैल, अरिष्ट, गुड़, रसक्रिया, बस्ति, अञ्जन, गुटिका, चूर्ण, पुष्प आदि कषाय कल्पनाओं का काश्यप संहिता में उल्लेख मिलता है। काश्यप संहिता के खिलस्थान में यूषों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
==== अष्टाङ्गसंग्रहः व अष्टाङ्गहृदय ====
आचार्य [[वाग्भट]] द्वारा विरचित इन दोनों ग्रन्थों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं को ही मौलिक कल्पनाएँ मानी है।
: ''पञ्चविधस्तु भेषजानां कषायकल्पः ।
: ''निर्यासः कल्को नियूहः शीत: फाण्टश्च । ते यथापूर्वं बलिनः'' (अष्टाङ्गसंग्रह क० 8/9)
दोनों ही ग्रन्थों में स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम और फाण्ट-इन पञ्चविध कषाय कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। इनके अतिरिक्त अन्य अनेक कल्पनाएँ यथा:-अञ्जन, अणुतैल, अवलेह, आश्च्योतन, इक्षुरस, उष्णोदक, ओदन, कवल, प्रसेक, फाणित, शतधौत घृत, शष्कुली, शिरोबस्ति, सक्तु, सर्पिगुड आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
=== मध्यकाल या रसशास्त्रीय काल ===
संहिता काल के पश्चात् रसाचार्य नागार्जुन द्वितीय ने अपने ग्रन्थों रसेन्द्र मंगल, रसरत्नाकर, कक्षपुट आदि में खनिजों पर अनेक धातुवादात्मक क्रियाओं का वर्णन किया है। इस काल में खनिज द्रव्यों की भैषज्य कल्पना का विकास हुआ।, जिसमें खनिज द्रव्यों का शोधन, मारण, सत्त्वपातन, द्रुति, पारद के विभिन्न संस्कार तथा अनेक औषधीय कल्पनाओं का विकास हुआ। इस काल में चिकित्सा की दृष्टि से खनिज द्रव्यों की भस्में, सत्त्वपातन, द्रुति, सत्त्व भस्म, रससिन्दूर आदि कूपीपक्व रसायनों का निर्माण प्रारम्भ हो गया था। रसौषधियों के शीघ्रप्रभावकारी, अल्पमात्रा में उपयोगी आदि गुणों के कारण रस चिकित्सा को श्रेष्ठ माना जाने लगा।
==== चक्रदत्त (11 वीं शताब्दी) ====
आचार्य [[चक्रपाणि]] द्वारा लिखित इस ग्रन्थ में '''पर्पटी कल्पना''' का सर्वप्रथम वर्णन प्राप्त होता है। चिकित्सा की दृष्टि से यह ग्रन्थ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस ग्रन्थ में अवलेह, ओदन, कल्क, क्वाथ, क्षार, खण्ड, गुडपाक, चूर्ण, तैलपाक, अगद, अञ्जन, अर्कलवण, आश्च्योतन, कवल, काम्बलिक, क्षार सूत्र, क्षारगुड़, खड्यूष , गण्डूष, गुटिका, घृतपाक, तक्र, प्रमथ्या, फाणित, मन्थ, अरिष्ट, चुक्र, मांसरस, यूष, रसाला, रसक्रिया, वटिका, वर्ति, वेशवार, शिण्डाकी, स्वरस आदि कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
====गद निग्रह ====
आचार्य [[सोढ़ल]] द्वारा 12 वीं शताब्दी में विरचित इस ग्रन्थ में तैलाधिकार, घृताधिकर, चूर्णाधिकार, लेहाधिकार, आसवाधिकार कल्पना विषयक विस्तृत वर्णन मिलता है। 12वीं शताब्दी में मुस्लिमों के आक्रमण के पश्चात् यूनानी चिकित्सा प्रणाली का आगमन हमारे देश में हुआ, जिसके फलस्वरूप अर्क, खमीरा, गुलकन्द आदि का प्रचुरता से प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सा में होने लगा। इसी काल में रचित ग्रन्थ अर्क प्रकाश में अर्क कल्पना का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है।
==== शार्ङ्गधर संहिता ====
आचार्य [[शार्ङ्गधर]] मिश्र द्वारा 14 वी शताब्दी में इस ग्रन्थ को लिखा गया है। यह ग्रन्थ भैषज्य कल्पना का आधार स्तम्भ माना जाता है।<ref>[https://media.neliti.com/media/publications/704319-a-review-of-sharangdhar-samhita-s-bhaish-411b16ac.pdf A Review of Sharangdhar Samhita’s Bhaishajyakalpana: An Ancient Wisdom for Modern Practice]</ref> इस ग्रन्थ के मध्यम खण्ड में स्वरस, क्वाथ, फाण्ट, हिम, कल्क, चूर्ण, वटक, अवलेह, घृत, तैल, आसवारिष्ट आदि का वर्णन किया गया है। इनके अतिरिक्त अञ्जन, अवगाहन, अनुवासनबस्ति, अवपीडन, आश्च्योतन, उष्णोदक, उत्तरबस्ति, ओदन, कर्णपूरण, लेप, वर्ति, विलेपी, षडङ्गपानीय, सक्तु, सेक आदि कल्पनाओं का वर्णन मिलता है।
=== आधुनिक काल ===
16वीं शताब्दी के पश्चात् [[हिन्दी साहित्य का आधुनिक काल|आधुनिक काल]] माना जाता है। इस काल में भावप्रकाश, बृहद्योगतरंगिणी, योगरत्नाकर, भैषज्यरत्नावली, सिद्धभेषजमणिमाला, रसतन्त्रसार एवं सिद्ध प्रयोग संग्रह, भारत भैषज्य रत्नाकर, सिद्धयोगसंग्रह, आयुर्वेदसार संग्रह आदि ग्रन्थ लिखे गए है। इन सभी ग्रन्थों में चूर्ण, क्वाथ, आसव, अरिष्ट, घृत, तैल, अवलेह आदि पूर्ववर्ती सभी कल्पनायें उल्लिखित है। भारतभैषज्यरत्नाकर भैषज्यकल्पना का बृहद् ग्रन्थ है, जो पाँच भागों में प्रकाशित है तथा इसमें अकारादि क्रम से औषधयोगों का वर्णन संग्रहित रूप में किया गया है। भारतीय आयुर्वेद योग संग्रह (Ayurvedic formulary of India-A.E.I) भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ग्रन्थ है, जिसमें कल्पनाओं के अनुसार प्रधान योगों का वर्णन किया गया है। यह अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में प्रकाशित है। गुजरात सरकार द्वारा भी भेषज संहिता प्रकाशित की गई है। वर्तमान में औषधिनिर्माता कम्पनियाँ विभिन्न प्रकार के चूर्ण, वटी, कैप्सूल, अवलेह, ग्रेन्यूल्स, तैल, घृत, आसवारिष्ट, ड्राप्स, आदि कल्पनाओं को वर्तमान समय के अनुसार निर्माण कर विक्रय कर रही है। अतः यह कहा जा सकता है कि प्राचीनकाल में पञ्चविध मौलिक कषाय कल्पनाओं का प्रादुर्भाव हुआ था। लेकिन बाद में धीरे-धीरे अन्य कल्पनाओं का विकास होता गया। वर्तमान काल में भैषज्य कल्पना का विकसित स्वरूप दिखाई दे रहा है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[औषधि]]
*[[भेषजगुण विज्ञान]]
*[[औषधनिर्माण]]
*[[औषधशास्त्र]]
*[[भैषज्य रत्नावली]]
*[[रसविद्या]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://github.com/sciencewithsaucee-sudo/Bhaishajya-Kalpana-Kosha भैषज्य कल्पना कोश] (अमिधा आयुर्वेद)
*[https://web.archive.org/web/20160110084210/http://ayurvedappt.blogspot.in/2013/10/fundamental-principles-of-bhaishajya.html भैषज्य कल्पना के मूल सिद्धान्त]
*[https://web.archive.org/web/20160821151114/https://books.google.co.in/books?id=b_Txq74gKC4C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false A Text Book Of Bhaisjya Kalpana Vijnanam] (By Dr. G. Prabhakara Rao)
* [https://web.archive.org/web/20160310125535/https://www.scribd.com/doc/47071815/Basic-Principles-Of-Bhaishyajya-Kalpna Basic Principles Of Bhaishyajya Kalpna]
*[https://archive.org/details/dli.ministry.10205/page/254/mode/1up भैषज्य संहिता] (लेखक- अत्रिदेव विद्यालंकार)
*[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.292176 रसायनसार, भाग-१] (लेखक- पण्डित श्यामसुन्दराचार्य वैश्य)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:आयुर्वेद]]
6c3qx4avizyiyu7ek0g80xshkpqdmt1
6553355
6553354
2026-05-17T07:41:50Z
अनुनाद सिंह
1634
/* इन्हें भी देखें */
6553355
wikitext
text/x-wiki
[[आयुर्वेद]] में '''भैषज्य कल्पना''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] : भैषज्यकल्पना) का अर्थ है औषधि के निर्माण की डिजाइन (योजना)। <ref>{{Cite web |url=http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |title=संग्रहीत प्रति |access-date=13 दिसंबर 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222102925/http://www.amrita.edu/news/training-program-rasashastra-and-bhaishajya-kalpana |archive-date=22 दिसंबर 2015 |url-status=dead }}</ref>आयुर्वेद में [[रसविद्या|रसशास्त्र]] का अर्थ 'औषध (भेषज) निर्माण' है और यह मुख्यतः [[खनिज]] मूल के औषधियों से सम्बन्धित है। रसशास्त्र और भैषज्यकल्पना मिलकर आयुर्वेद का महत्वपूर्ण अंग बनाते हैं।
आयुर्वेदीय संहिताओं में भेषज, भैषज्य तथा औषधि शब्द का प्रयोग प्रायः पर्याय रूप में एक दूसरे के लिए प्रयुक्त हुआ है। [[चरक|आचार्य चरक]] ने चिकित्सा स्थान प्रथम अध्याय में भेषज के निम्न पर्याय कहे हैं, यथा-
: ''चिकित्सितं व्याधिहरं पथ्यं साधनमौषधम् ।
: ''प्रायश्चितं प्रशमनं प्रकृति स्थापनं हितम् ॥
: ''विद्याद् भेषजनामानि - (चरकसंहिता, चिकित्सास्थान 1/1/3)
आर्थात् चिकित्सित, व्याधिहर, पथ्य, साधन, औषध, प्रायश्चित, प्रशमन, प्रकृतिस्थापन, हित -- ये भेषज के पर्याय हैं।
[[अमरकोश]] के अनुसार-
: ''भेषजौषध भैषज्यान्यगदो जायुरित्यपि ।'' (अमरकोश 2/6/50)
अर्थात् भेषज, औषध, भैषज्य, अगद तथा जायु -- ये औषधि के पाँच नाम हैं।
आचार्यों ने चिकित्सा के चार पाद का वर्णन किया है जिसमें भिषक् , द्रव्य, उपस्थाता तथा रोगी इन चार का ग्रहण किया जाता है। द्रव्य या औषधि के गुण का वर्णन आचार्य चरक ने निम्न रूप में किया है।
: ''बहुता तत्र योग्यत्वमनेकविध कल्पना ।
: ''संपच्चेति चतुष्कोऽयं द्रव्याणां गुण उच्यते ॥'' -- (चरकसंहिता सूत्रस्थान 9/7)
अर्थात् औषधि का अधिक मात्रा में प्राप्त होना या उपलब्ध होना, व्याधि नाश करने में समर्थ होना, उस औषधि की अनेक कल्पना जैसे स्वरस, कल्क, क्वाथ आदि का निर्माण होना (तथा प्रभावी होना) एवं औषधि का अपने गुण यथा
रस, वीर्य, आदि से युक्त होना -- उत्तम औषधि के लक्षण कहे गये हैं।
इस प्रकार भेषज तथा उसकी अनेक कल्पना करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण पक्ष है। हम भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य या भेषज के विभिन्न कल्पनाओं जैसे स्वरस, क्वाथ, अवलेह आदि का अध्ययन करते हैं।
;भैषज्य कल्पना का अर्थ
भैषज्य कल्पना शब्द भैषज्य + कल्पना इन दो शब्दों से मिलकर बना है।
; भैषज्य की परिभाषा
:'' भिषक जिते हितत्वात च भैषज्यं परिचक्षते । (का.खि.)
:'' भिषजा संस्तुतं द्रव्यं भैषज्यम् । (आढमल्ल शार्ङ्गधर 1/1 पर)
इस प्रकार भैषज्य शब्द का अर्थ है "जो चिकित्सा के कार्य में हितकारी हो" अथवा वैद्य के द्वारा चिकित्सा हेतु संस्तुत द्रव्य की संज्ञा भैषज्य की होती है।
;कल्पना का अर्थ
[[वामन शिवराम आप्टे]] कृत हिन्दी संस्कृत शब्दकोष के अनुसार 'कल्पनम्' (क्लृप् + ल्युट) = रूप देना, बनाना।
[[चक्रपाणि]] के अनुसार-
:'' कल्पनं उपयोगार्थ प्रकल्पनं संस्करणमिति । ''
अर्थात औषधि को उपयोगी रूप देना ही कल्पना कहलाती है।
इस प्रकार भिषक के द्वारा संस्तुत द्रव्य को उपयोगी रूप में परिवर्तित करने को भैषज्य कल्पना कहा जाता है। [[काश्यप संहिता]] के खिलस्थान में वर्णित भैषज्योपक्रमणीय अध्याय में औषधि का अधिष्ठान, औषधि का ज्ञान, भेषज, भैषज्य, अगद, कषाय, औषधि के गुण भेद, काल, औषधि सेवन विधि, निषिद्ध काल, औषधि जीर्ण लक्षण तथा अजीर्ण लक्षण, वयानुसार मात्रा का वर्णन किया है। अतः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भैषज्य कल्पना के अन्तर्गत भैषज्य के विभिन्न कल्पनाओं के निर्माण के साथ-साथ उसके सेवन विधि काल, मात्रा आदि का विस्तृत रूप से अध्ययन किया जाता है।
भैषज्य कल्पना में दो प्रकार की कल्पनाओं का समावेश किया जाता है-
*(१) औषाधीय कल्पना
*(२) आहार कल्पना
औषाधीय कल्पना को २ भागों में बाँटा जा सकता है,
:(क) मौलिक कल्पना-जैसे स्वरस कल्क क्वाथ हिम फाण्ट।
:(ख) व्युत्पन्न कल्पना-ऐसी कल्पनायें जिनके निर्माण हेतु मौलिक कल्पना की आवश्यकता होती है। जैसे, स्नेह, अवलेह, संधान आदि।
इसे निम्न रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है-
'''मौलिक कल्पना''' -- स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम, फाण्ट,
'''व्युत्पन्न कल्पना''' -- अवलेह, गुटिका वटी, स्नेह, संधान, क्षीर पाक आदि
'''आहार कल्पना''' -- मण्ड, पेया, विलेयी, यूष, यवागू, तक्र, दधि आदि
भैषज्यकल्पना कितनी महत्वपूर्ण है, यह निम्नलिखित श्लोक से स्पष्ट है-
: ''यस्य कस्य तरोर्मूलं येन केनापि मिश्रितम् ।
: ''यस्मै कस्मै प्रदातव्यं यद्वा तद्वा भविष्यति ॥
:(जिस-तिस वृक्ष का मूल ले लिया, जिस-किस द्वारा उसका मिश्रण बना दिया गया , जिस-तिस को उसे दे दिया गया (सेवन करा दिया गया), (तो परिणाम भी) ऐसा-वैसा ही होगा।)
==संस्कार==
स्वाभाविक (प्रकृतिसिद्ध ) गुणों से युक्त द्रव्यों का जो [[प्रक्रमण|संस्कार]] (Processing ) किया जाता है उसे 'करण' कहते है l द्रव्यों मे किन्ही विशेष गुणों का लाना संस्कार कहलाता है l हम जो द्रव्य आहार औषधि के लिए उपयोग मे लाते हैं वे अनेक संस्कारो से संस्कारित हुए रहते हैंl उसमे कुछ नैसर्गिक हैं और कुछ कृत्रिम l
# तोयसन्निकर्ष या जलसन्निकर्ष (स्वच्छ पानी से धोना)
# अग्निसन्निकर्ष (आग पर पकाना)
# शौच (शुद्ध करना (धोना ))
# मन्थन (मथना)
# देश
# काल
# वासन (सुवासित करना)
# भावन (भावना देना)
# कालप्रकर्ष (समय की प्रतीक्षा करना)
# भाजन (विशेष प्रकार के पात्रों मे रखकर उन गुणों का आधान करना)
*'''जलसंयोग''' - खाद्य पदार्थ स्वच्छ पानी से धोना l इस संस्कार से-
:(१) मिट्टी, बाल, कचरा, पत्थर, कंकड़, कीड़े, कृमि (सूक्ष्म ) आदि अलग हो जाते हैं l
:(२) आहारद्रव्य को पानी मे भिगोकर या पीसकर कोमल बनाया जाता हैl सूखापन का नाश होता है l जैसे पोहा बनाते समय पानी मे भिगोकर रखने के बाद छौंक लगाया जाता हैl [[दही]] की छाली जल में मिलाकर [[मट्ठा]] बनाकर उसे शीत और हलका किया जाता हैl तीक्ष्ण आसव, अरिष्ट या सिरका आदि मे जल मिलाकर उसे मृदु पेय बनाया जाता है l
* '''अग्नि संस्कार''' - अन्न को आग पर पकाकर उसके गुरुत्व को हटाकर हलका बना लिया जाता है l
: ''कुकूल कर्पर भ्राषटकन्दवाअंगारविपचितान l
: ''एकायोनिलघुंविद्यातपुपानुत्तरोत्तरम ॥
:: कुकूल - अपाम बाष्पस्वेदः l (पानी के भाप से पकाना )
:: कर्पर - ज्वालासंतप्ते कपालं l ( तवा या उसी तरह का मिट्टी का पात्र)
:: भ्राष्ट्र- तदेव सछिद्रम (छिद्रयुक्त कबेलू )
:: कंदु - लोहपात्र (तावा )
:: अंगार - अंगारपूर्ण पात्रम l
ये संस्कार उत्तरोत्तर लघु हैंl प्रायः ये संस्कार अपूप याने आटा (जवार, गेहूं, चावल आदि ) को लाटकर या थापकर बनाये गये विविध पदार्थ, रोटी, भाकरी, घिरडे, बिट्टी, पानगा, बाटी आदि बनाने मे उपयोग मे लाया जाता हैl अंगारतप्त अपूप लघुत्तम हैl अग्निसंस्कार से चावल का भात या धान का लावा या अन्य भर्जित अन्न गुरुता छोड़ लघु हो जाते हैं।
* '''शौच''' - शोधन करके द्रव्यों के दोषों को दूर कर उन्हें निर्दोष और ग्राह्य बना लिया जाता है l
* '''मन्थन''' - दही शोथकारक है, किन्तु छाली के साथ मथ देने पर वह शोथनाशक हो जाती हैl
* '''देश''' - 'द्वितीय ब्राम्ह रसायन ' नामक औषधि को राख के ढेर के नीचे रखने का विधान बतलाया गया हैl इस प्रकार देश विशेष मे रखने से गुणाधान होता है l जैसे - अलग -अलग देशों मे रहने से गर्म, शीत और साधारण देशो के वासी जीवों के मांस के गुण मे अंतर होता हैl
* '''काल''' - जैसे एक वर्ष का पुराना चावल हलका हो जाता है और वही नया होने पर गुरु होता है। आसव-अरिष्ट जितने पुराने होते हैं उतने ही अधिक गुणकारी होते हैंl रस भस्म भी पुराने अधिक गुणशाली होते हैंl
* '''वासन''' - [[केवड़ा]] या [[गुलाब]] के फूल से अनुवासित जल सुगन्धित और पित्तनाशक, दाह और तृष्णाशामक होता हैl
* '''भावन''' - [[आंवला]] आदि चूर्णों का गुणोत्कर्ष करने के लिये उसी द्रव्य के काढ़े की भावना (mixing and grinding ) दी जाती हैl [[विष]] की मारकता दूर करने के लिये उसमे [[गोमूत्र]] की भावना दी जाती है और उसकी मारकता क्षीण हो जाती हैl
* '''कालप्रकर्ष''' - आसव अरिष्ट का संधान करने पर २ से ४ सप्ताह बाद ही वह तैयार हो पाता है और उसमे आसव के गुण उत्पन्न होते हैंl
* '''भाजन''' (पात्र ) - [[त्रिफला]] के कल्क को लोहपात्र पर लेप कर सूखने के पश्चात निकलकर प्रयोग करने से वह रसायन हो जाता हैl
इसी प्रकार औषधों की अनेक प्रकार की कल्पनायें करना, शोधन करना, भावना देना, अभिमंत्रित करना, धान्यराशि में, धूप में या शीत मे रखना आदि अन्य प्रक्रियाएँ भी गुणान्तरधान के लिये की जाती हैंl
== भैषज्य कल्पना का क्रमिक विकास ==
आयुर्वेदिक औषध निर्माण विज्ञान का विकास क्रमिक रूप से हुआ है, जिसे समझने के लिए इसे विभिन्न कालों में विभाजित किया जा सकता है:<ref>[https://www.amidhaayurveda.com/2025/10/chronological-development-of-ayurvedic.html?m=1 आयुर्वेदिक भेषज कल्पना का विकास]</ref><ref>[https://bamsstudies.in/%E0%A4%AD%E0%A5%88%E0%A4%B7%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8-history-of-bhai/ भैषज्यकल्पना का ऐतिहासिक विकास]</ref>
*(१) वैदिक काल
*(२) संहिता काल
*(३) मध्यकाल / रसशास्त्र काल
*(४) आधुनिक काल
=== वैदिक काल ===
====ऋग्वेद ====
ऋग्वेद के औषधि सूक्त तथा अन्य वेदों में अनेक औषधियों सोम, करञ्ज, पिप्पली, खदिरसार, शाल्मलि, विभीतक, दूर्वा, पलाश, कमल, बेर, अर्जुन, अश्वत्थ, पृश्निपणी, अपामार्ग, लाक्षा, अर्क, गुग्गुलु, बिल्ब, उर्दुम्बर आदि का वर्णन प्राप्त होता है जिनमें सोम को प्रमुख औषधि माना गया है। “सोम औषधिनामाधिराजा” अर्थात् सोम नामक औषधि को औषधियों का राजा कहा गया है। वेदों में अनेक कल्पनाओं का प्रारम्भिक स्वरूप देखने को मिलता है। वेदों के अध्ययन से ऐसा लगता है कि पञ्चविध कषाय कल्पना उस काल में अपना नवजातत्व व्यतीत कर रही थी।
====अथर्ववेद====
[[अथर्ववेद]] में डण्डे, तीर या चोट से बने घाव के लिए सिलाची (लाक्षा) अचूक औषधि कही गई है। “आबय” नामक विषाक्त औषधि के स्वरस को पकाने पर निर्विष होने का उल्लेख मिलता है, वस्तुतः यह शृत कल्पना (क्वाथ) ही है। त्वचा के विषजन्य वैवर्ण्य को दूर करने के लिए इसी आबय को जल के साथ पीसकर करम्भ (लेप) बनाया जाता था, जो स्पष्ट रूप से “कल्क कल्पना” ही है। इस प्रकार आयुर्वेद की दृष्टि से अथर्ववेद में महत्त्वपूर्ण उल्लेख मिलते हैं, इसलिए अथर्ववेद को “भिषग्वेद” या “भैषज्य वेद” भी कहा गया है।
=== संहिता काल===
==== चरक संहिता====
सूत्रस्थान के द्वितीय अध्याय में 32 यवागू और तृतीय अध्याय में : 32 सिद्धतम चूर्ण प्रदेह का वर्णन मिलता है। चतुर्थ अध्याय में मधुर कषाय, अम्ल कषाय, कटु कषाय, तिक्त कषाय एवं कषाय कषाय इन पाँच कषाय योनियों का वर्णन किया गया है।
: ''पञ्चकषाययोनय इति मधुरकषायोऽम्लकषायः कटुकषायस्तिक्तकषायः कषायकषायश्चेति तन्त्रे संज्ञा''। (च.सू. 4/6)
उक्त पञ्चकषाय योनियों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं की उत्पत्ति मानी गयी है। यहाँ पर पाँच रसों से पञ्च कषाय कल्पनाओं की ही उत्पत्ति बतलायी है क्योंकि लवण रस के निष्प्रयोजन होने के कारण छठी कषाय योनि नहीं मानी गयी है।
: ''पञ्चविधं कषायकल्पनमिति तद्यथा-स्वरसः, कल्कः, शृतः, शीतः, फाण्टः कषाय इति''। (च.सू. 4/7)
अर्थात् स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट पाँच प्रकार की कषाय कल्पनाएँ होती हैं।
: ''तेषां यथापूर्वम् बलाधिक्यम् अतः कषायकल्पना व्याध्यातुरबलापेक्षिणी न त्वेवं खलु सर्वाणि सर्वत्रोपयोगिनी भवन्ति ॥'' (चरकसंहिता, सूत्रस्थान 4/7)
अर्थात ये कषाय कल्पनाएँ यथापूर्व गुरु होती है, अतः इन कषाय कल्पनाओं का प्रयोग व्याधि एवं रोगी के बल पर निर्भर करता है, क्योंकि (because) पञ्चविध कषाय कल्पनाएँ सम्पूर्ण रोगों में समान रूप से उपयोगी नहीं होती है। इन मौलिक कल्पनाओं के अतिरिक्त अञ्जन, अवलेह, अणुतैल, उष्णोदक, खण्ड, गण्डूष, गुटिका, गुड, घृतपाक, तैलपाक, धूपन, धूमवर्ति, धूमपान, नवनीत, नस्य, आसव, अरिष्ट, मधु, सिक्थ तैल, शतधौत घृत, षडङ्गपानीय, सक्तु, सर्पिगुड, सहस्रधौत घृत आदि 128 कल्पनाओं का चरक संहिता में उल्लेख मिलता है।
==== सुश्रुत संहिता ====
सुश्रुत संहिता में 6 प्रकार की मौलिक कल्पनाएँ मानी है :
:'' क्षीरं रसः कल्कमथो कषायः शृतश्च शीतश्च तथैव फाण्टम्।
:'' कल्पाः षडेते खलु भेषजानां यथोत्तरं ते लघवः प्रदिष्टाः ।। (सुश्रुतसंहिता सूत्रस्थान 44/91)
अर्थात् क्षीर, स्वरस, कल्क, शृत (क्वाथ), शीत (हिम) और फाण्ट-इन छ: कल्पनाओं को आचार्य सुश्रुत ने मौलिक कल्पनाएँ माना है। इन कल्पनाओं के अतिरिक्त सुश्रुत संहिता में अञ्जन, अकृतयूष, अणु तैल, अयस्कृति, अवलेह, आलेप, इक्षुरस, नस्य, पानक, मधु, मन्थ, मस्तु, मासरस, मोदक, यवागू, लेह, लौहरजः, वटक, वर्ति, विलेपी, वेशवार, शष्कुली, षडङ्गपानीय, सक्तु आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। सुश्रुत संहिता के चिकित्सा स्थान के चतुर्थ अध्याय में वातरोगों में शतपाकी एवं सहस्रपाकी तैल कल्पना एवं लवण कल्पों का प्रयोग बताया गया है। इसके अतिरिक्त [[गुग्गुल]] कल्प, अयस्कृति कल्पना, मसी कल्पना तथा क्षारसूत्र कल्पना का सर्वप्रथम वर्णन मिलता है।
====कौटिल्य के अर्थशास्त्र में ====
अर्थशास्त्र में मद्य पेयों के अनेक प्रकार दिये हुए हैं और कहा गया है कि मद्य का विक्रय केवल उन व्यक्तियों को किया जाना चाहिये जिनका चरित्र अच्छा हो। इसमें कई प्रकार के मद्य गिनाये गये हैं, जैसे- मेदक, प्रसन्न, आसव, अरिष्ट, मैरेय, और मधु ।<ref>[https://www.researchgate.net/profile/Geeta-Swamy/publication/224898458_Contribution_of_kautilya_arthasashtra_towards_dravyaguna_rasasastra_and_bhaishajyakalpana_branches_of_ayurvedic_medicine/links/0c9605321e9d0b012c000000/Contribution-of-kautilya-arthasashtra-towards-dravyaguna-rasasastra-and-bhaishajyakalpana-branches-of-ayurvedic-medicine.pdf?origin=publication_detail&_tp=eyJjb250ZXh0Ijp7ImZpcnN0UGFnZSI6InB1YmxpY2F0aW9uIiwicGFnZSI6InB1YmxpY2F0aW9uRG93bmxvYWQiLCJwcmV2aW91c1BhZ2UiOiJwdWJsaWNhdGlvbiJ9fQ CONTRIBUTION OF KAUTILYA ARTHASASHTRA TOWARDS DRAVYAGUNA, RASASASTRA AND BHAISHAJYAKALPANA BRANCHES OF AYURVEDIC MEDICINE ]</ref>
==== काश्यप संहिता ====
:'' चूर्णं शीतकषायश्च स्वरसोऽभिषवस्तथा।
: ''फाण्टःकल्कस्तथा क्वाथो यथावतं निबोध मे॥ (काश्यपसंहिता खि० 3/35)
अर्थात् आचार्य काश्यप ने चूर्ण, शीत, स्वरस, अभिषव, फाण्ट, कल्क और क्वाथ-इन सात को मौलिक कल्पनाएँ माना है। जिनमें चूर्ण एवं अभिषव कल्पनाओं का पञ्चविध कषाय कल्पना में समावेश हो जाता है। अतः आचार्य चरकोक्त पञ्चविधकषाय कल्पनाएँ ही मौलिक कषाय कल्पनाएँ होती हैं। इनके अतिरिक्त धूपन, लेह, घृत, तैल, अरिष्ट, गुड़, रसक्रिया, बस्ति, अञ्जन, गुटिका, चूर्ण, पुष्प आदि कषाय कल्पनाओं का काश्यप संहिता में उल्लेख मिलता है। काश्यप संहिता के खिलस्थान में यूषों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
==== अष्टाङ्गसंग्रहः व अष्टाङ्गहृदय ====
आचार्य [[वाग्भट]] द्वारा विरचित इन दोनों ग्रन्थों में पञ्चविध कषाय कल्पनाओं को ही मौलिक कल्पनाएँ मानी है।
: ''पञ्चविधस्तु भेषजानां कषायकल्पः ।
: ''निर्यासः कल्को नियूहः शीत: फाण्टश्च । ते यथापूर्वं बलिनः'' (अष्टाङ्गसंग्रह क० 8/9)
दोनों ही ग्रन्थों में स्वरस, कल्क, क्वाथ, हिम और फाण्ट-इन पञ्चविध कषाय कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है। इनके अतिरिक्त अन्य अनेक कल्पनाएँ यथा:-अञ्जन, अणुतैल, अवलेह, आश्च्योतन, इक्षुरस, उष्णोदक, ओदन, कवल, प्रसेक, फाणित, शतधौत घृत, शष्कुली, शिरोबस्ति, सक्तु, सर्पिगुड आदि विविध कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
=== मध्यकाल या रसशास्त्रीय काल ===
संहिता काल के पश्चात् रसाचार्य नागार्जुन द्वितीय ने अपने ग्रन्थों रसेन्द्र मंगल, रसरत्नाकर, कक्षपुट आदि में खनिजों पर अनेक धातुवादात्मक क्रियाओं का वर्णन किया है। इस काल में खनिज द्रव्यों की भैषज्य कल्पना का विकास हुआ।, जिसमें खनिज द्रव्यों का शोधन, मारण, सत्त्वपातन, द्रुति, पारद के विभिन्न संस्कार तथा अनेक औषधीय कल्पनाओं का विकास हुआ। इस काल में चिकित्सा की दृष्टि से खनिज द्रव्यों की भस्में, सत्त्वपातन, द्रुति, सत्त्व भस्म, रससिन्दूर आदि कूपीपक्व रसायनों का निर्माण प्रारम्भ हो गया था। रसौषधियों के शीघ्रप्रभावकारी, अल्पमात्रा में उपयोगी आदि गुणों के कारण रस चिकित्सा को श्रेष्ठ माना जाने लगा।
==== चक्रदत्त (11 वीं शताब्दी) ====
आचार्य [[चक्रपाणि]] द्वारा लिखित इस ग्रन्थ में '''पर्पटी कल्पना''' का सर्वप्रथम वर्णन प्राप्त होता है। चिकित्सा की दृष्टि से यह ग्रन्थ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस ग्रन्थ में अवलेह, ओदन, कल्क, क्वाथ, क्षार, खण्ड, गुडपाक, चूर्ण, तैलपाक, अगद, अञ्जन, अर्कलवण, आश्च्योतन, कवल, काम्बलिक, क्षार सूत्र, क्षारगुड़, खड्यूष , गण्डूष, गुटिका, घृतपाक, तक्र, प्रमथ्या, फाणित, मन्थ, अरिष्ट, चुक्र, मांसरस, यूष, रसाला, रसक्रिया, वटिका, वर्ति, वेशवार, शिण्डाकी, स्वरस आदि कल्पनाओं का उल्लेख मिलता है।
====गद निग्रह ====
आचार्य [[सोढ़ल]] द्वारा 12 वीं शताब्दी में विरचित इस ग्रन्थ में तैलाधिकार, घृताधिकर, चूर्णाधिकार, लेहाधिकार, आसवाधिकार कल्पना विषयक विस्तृत वर्णन मिलता है। 12वीं शताब्दी में मुस्लिमों के आक्रमण के पश्चात् यूनानी चिकित्सा प्रणाली का आगमन हमारे देश में हुआ, जिसके फलस्वरूप अर्क, खमीरा, गुलकन्द आदि का प्रचुरता से प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सा में होने लगा। इसी काल में रचित ग्रन्थ अर्क प्रकाश में अर्क कल्पना का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है।
==== शार्ङ्गधर संहिता ====
आचार्य [[शार्ङ्गधर]] मिश्र द्वारा 14 वी शताब्दी में इस ग्रन्थ को लिखा गया है। यह ग्रन्थ भैषज्य कल्पना का आधार स्तम्भ माना जाता है।<ref>[https://media.neliti.com/media/publications/704319-a-review-of-sharangdhar-samhita-s-bhaish-411b16ac.pdf A Review of Sharangdhar Samhita’s Bhaishajyakalpana: An Ancient Wisdom for Modern Practice]</ref> इस ग्रन्थ के मध्यम खण्ड में स्वरस, क्वाथ, फाण्ट, हिम, कल्क, चूर्ण, वटक, अवलेह, घृत, तैल, आसवारिष्ट आदि का वर्णन किया गया है। इनके अतिरिक्त अञ्जन, अवगाहन, अनुवासनबस्ति, अवपीडन, आश्च्योतन, उष्णोदक, उत्तरबस्ति, ओदन, कर्णपूरण, लेप, वर्ति, विलेपी, षडङ्गपानीय, सक्तु, सेक आदि कल्पनाओं का वर्णन मिलता है।
=== आधुनिक काल ===
16वीं शताब्दी के पश्चात् [[हिन्दी साहित्य का आधुनिक काल|आधुनिक काल]] माना जाता है। इस काल में भावप्रकाश, बृहद्योगतरंगिणी, योगरत्नाकर, भैषज्यरत्नावली, सिद्धभेषजमणिमाला, रसतन्त्रसार एवं सिद्ध प्रयोग संग्रह, भारत भैषज्य रत्नाकर, सिद्धयोगसंग्रह, आयुर्वेदसार संग्रह आदि ग्रन्थ लिखे गए है। इन सभी ग्रन्थों में चूर्ण, क्वाथ, आसव, अरिष्ट, घृत, तैल, अवलेह आदि पूर्ववर्ती सभी कल्पनायें उल्लिखित है। भारतभैषज्यरत्नाकर भैषज्यकल्पना का बृहद् ग्रन्थ है, जो पाँच भागों में प्रकाशित है तथा इसमें अकारादि क्रम से औषधयोगों का वर्णन संग्रहित रूप में किया गया है। भारतीय आयुर्वेद योग संग्रह (Ayurvedic formulary of India-A.E.I) भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ग्रन्थ है, जिसमें कल्पनाओं के अनुसार प्रधान योगों का वर्णन किया गया है। यह अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में प्रकाशित है। गुजरात सरकार द्वारा भी भेषज संहिता प्रकाशित की गई है। वर्तमान में औषधिनिर्माता कम्पनियाँ विभिन्न प्रकार के चूर्ण, वटी, कैप्सूल, अवलेह, ग्रेन्यूल्स, तैल, घृत, आसवारिष्ट, ड्राप्स, आदि कल्पनाओं को वर्तमान समय के अनुसार निर्माण कर विक्रय कर रही है। अतः यह कहा जा सकता है कि प्राचीनकाल में पञ्चविध मौलिक कषाय कल्पनाओं का प्रादुर्भाव हुआ था। लेकिन बाद में धीरे-धीरे अन्य कल्पनाओं का विकास होता गया। वर्तमान काल में भैषज्य कल्पना का विकसित स्वरूप दिखाई दे रहा है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[औषधि]]
*[[भेषजगुण विज्ञान]]
*[[औषधनिर्माण]]
*[[औषधशास्त्र]]
*[[भैषज्य रत्नावली]]
*[[रसविद्या]]
*[[द्रव्यगुण विज्ञान]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://github.com/sciencewithsaucee-sudo/Bhaishajya-Kalpana-Kosha भैषज्य कल्पना कोश] (अमिधा आयुर्वेद)
*[https://web.archive.org/web/20160110084210/http://ayurvedappt.blogspot.in/2013/10/fundamental-principles-of-bhaishajya.html भैषज्य कल्पना के मूल सिद्धान्त]
*[https://web.archive.org/web/20160821151114/https://books.google.co.in/books?id=b_Txq74gKC4C&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false A Text Book Of Bhaisjya Kalpana Vijnanam] (By Dr. G. Prabhakara Rao)
* [https://web.archive.org/web/20160310125535/https://www.scribd.com/doc/47071815/Basic-Principles-Of-Bhaishyajya-Kalpna Basic Principles Of Bhaishyajya Kalpna]
*[https://archive.org/details/dli.ministry.10205/page/254/mode/1up भैषज्य संहिता] (लेखक- अत्रिदेव विद्यालंकार)
*[https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.292176 रसायनसार, भाग-१] (लेखक- पण्डित श्यामसुन्दराचार्य वैश्य)
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
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'''उटाम्बर''' भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले की बालेसर तहसील में स्थित एक ग्राम पंचायत एवं गाँव है। यह गाँव थार मरुस्थल क्षेत्र का हिस्सा है और प्रशासनिक रूप से ग्रामीण स्थानीय शासन प्रणाली के अंतर्गत संचालित होता है।<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org/village/85352 |title=Utambar Village Profile}}</ref>
== '''भूगोल '''==
उटाम्बर पश्चिमी राजस्थान के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में स्थित है। यहाँ की जलवायु अत्यधिक गर्म और कम वर्षा वाली होती है।<ref>{{Cite web |url=https://www.census2011.co.in/data/village/85352-utambar-rajasthan.html |title=Census 2011 Data}}</ref>
यह गाँव जोधपुर–जैसलमेर क्षेत्रीय सड़क मार्ग एवं NH-125 मार्ग से जुड़ा हुआ है।<ref>{{Cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Balesar |title=Balesar Geography}}</ref>
== '''जनसांख्यिकी '''==
2011 जनगणना के अनुसार:<ref>{{Cite web |url=https://www.census2011.co.in/data/village/85352-utambar-rajasthan.html |title=Census of India 2011}}</ref>
* कुल जनसंख्या: 2,515
* पुरुष: 1,325
* महिला: 1,190
* कुल परिवार: 429
* साक्षरता दर: 56.25%
== '''अर्थव्यवस्था '''==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन और ग्रामीण श्रम (MGNREGA) पर आधारित है। प्रमुख फसलें बाजरा, मूंग और ग्वार हैं।<ref>{{Cite web |url=https://nregastrep.nic.in/ |title=MGNREGA Rajasthan Work Data |access-date=21 अप्रैल 2026 |archive-date=11 जुलाई 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240711005146/https://nregastrep.nic.in/ |url-status=dead }}</ref>
== '''प्रशासन '''==
उटाम्बर एक ग्राम पंचायत है, जो स्थानीय ग्रामीण शासन व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करती है।<ref>{{Cite web |url=https://panchayat.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Panchayati Raj Department}}</ref>
===''' प्रशासनिक परिवर्तन '''===
उटाम्बर गाँव पूर्व में बालेसर पंचायत समिति के अंतर्गत बताया जाता था। वर्तमान में इसे आगोलाई पंचायत समिति के अंतर्गत प्रशासनिक रूप से दर्शाया जाता है। यह परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज विभाग के समय-समय पर होने वाले प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा माना जाता है।<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org |title=Village Administrative Records}}</ref>
== '''पूर्व राजस्व एवं संबद्ध क्षेत्र '''==
स्थानीय प्रशासनिक विवरणों एवं ग्रामीण परंपराओं के अनुसार, उटाम्बर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पहले निम्नलिखित क्षेत्र जुड़े हुए बताए जाते हैं:
* '''उटाम्बर '''
* शहीद गणपत सिंह नगर
* अनूपसिंह नगर
* रामनगर
* भेरू नगर
* हनुमान नगर
* चंचलवा
* रावतसर
* इस्लामनगर
== '''प्रशासनिक एवं राजस्व पुनर्गठन''' (स्थानीय विवरण) ==
उटाम्बर ग्राम पंचायत एवं इसके अंतर्गत आने वाले राजस्व क्षेत्रों में समय-समय पर प्रशासनिक पुनर्गठन होते रहे हैं। ये परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के विभाजन एवं पुनर्संरचना की प्रक्रिया के तहत बताए जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी एवं ग्रामीण विवरणों के अनुसार, पूर्व में उटाम्बर ग्राम पंचायत से जुड़े कई राजस्व एवं आवासीय क्षेत्र समय के साथ अन्य ग्राम पंचायतों में सम्मिलित किए गए या नई पंचायत इकाइयों के रूप में विकसित हुए।
=== '''प्रमुख प्रशासनिक परिवर्तन '''(स्थानीय विवरण अनुसार) ===
* '''शहीद गणपत सिंह नगर''' एवं '''अनूपसिंह नगर''' — इन्हें वर्तमान में अलग ग्राम पंचायत (विजयनगर क्षेत्र) में सम्मिलित बताया जाता है।
<ref>{{Cite web |url=https://villageinfo.org |title=Village Administrative Listings}}</ref>
* '''भेरू नगर''' एवं '''रामनगर''' — इन क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग प्रशासनिक इकाई/ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किए जाने का उल्लेख स्थानीय स्तर पर मिलता है।
<ref>{{Cite web |url=https://panchayat.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Panchayati Raj Department}}</ref>
* '''चंचलवा''' — इसे समय के साथ एक पृथक ग्राम पंचायत के रूप में पुनर्गठित किया गया बताया जाता है।
* '''रावतसर''' — इसे चंचलवा क्षेत्र से अलग होकर एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत के रूप में विकसित बताया जाता है।
* '''इस्लामनगर''' — स्थानीय विवरणों के अनुसार यह क्षेत्र रावतसर अथवा चंचलवा पंचायत संरचना के अंतर्गत शामिल बताया जाता है।
* '''हनुमान नगर''' — कुछ विवरणों के अनुसार यह क्षेत्र भी विभिन्न समयों पर चंचलवा अथवा संबंधित पंचायत संरचनाओं में समायोजित किया गया बताया जाता है।
=== '''वर्तमान स्थिति '''===
वर्तमान में उटाम्बर ग्राम पंचायत मुख्य रूप से अपने मूल राजस्व क्षेत्र तक सीमित बताई जाती है, जबकि अन्य संबद्ध बस्तियाँ एवं राजस्व क्षेत्र समय-समय पर अलग-अलग ग्राम पंचायतों में पुनर्गठित किए गए बताए जाते हैं।
📌 यह सभी परिवर्तन राजस्थान पंचायती राज विभाग के अंतर्गत होने वाले ग्राम पंचायत पुनर्गठन का हिस्सा माने जाते हैं, जिनका अंतिम एवं आधिकारिक निर्धारण सरकारी अधिसूचना (Gazette notification) द्वारा किया जाता है।
== '''शिक्षा '''==
school 🏫 🎒
* राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उटाम्बर
* राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उटाम्बर
[[चित्र:School utambar.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उटाम्बर बालेसर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite web |url=https://education.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Education Portal}}</ref>
== '''स्वास्थ्य '''==
गाँव में उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनवाड़ी केंद्र उपलब्ध हैं। गंभीर मामलों में मरीजों को जोधपुर रेफर किया जाता है।
[[चित्र:Utambar Jodhpur.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|उप स्वास्थ्य केंद्र उटाम्बर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite web |url=https://nhm.rajasthan.gov.in |title=National Health Mission Rajasthan}}</ref>
== '''परिवहन''' ==
गाँव सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन जोधपुर जंक्शन है।<ref>{{Cite web |url=https://en.wikipedia.org/wiki/Jodhpur_Junction_railway_station |title=Jodhpur Junction}}</ref>
== '''जल एवं बिजली '''==
जल आपूर्ति बोरवेल एवं जल टंकी प्रणाली पर आधारित है तथा बिजली ग्रामीण विद्युत ग्रिड से उपलब्ध है।<ref>{{Cite web |url=https://energy.rajasthan.gov.in |title=Rajasthan Energy Department}}</ref>
== '''सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ''' ==
गाँव में सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
[[चित्र:SHRWAN RAM MEGHWAL UTAMBAR.jpg|950px|अंगूठाकार|पाठ=image|14 अप्रैल 2026 अंबेडकर जयंती सामाजिक कार्यक्रम उटाम्बर ]]
[[चित्र:SHRAWANRAMPANWAR2025.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|14 अप्रैल 2025 अंबेडकर जयंती सामाजिक कार्यक्रम उटाम्बर ]]
👇👇
[[चित्र:JayBhimutambar7.jpg|150px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर का लोगो]]
=='''[[जय भीम नव जागृति संस्थान, उटाम्बर]]'''==
स्थानीय स्तर पर शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय संगठन है!
[[चित्र:जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर.jpg|1000px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर जोधपुर ]]
<ref>{{Cite news |url=https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/bambor/news/utamber-ambedkar-jayanti-rally-honors-talent-137701208.html |title=Social Activity Report |publisher=Dainik Bhaskar}}</ref>
∆
== '''[[14 अप्रैल अंबेडकर जयंती]] '''==
हर वर्ष 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर गाँव में सामाजिक रैली, प्रतिभा सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
[[चित्र:Utambar jay bhim Jodhpur Rajasthan.jpg|अंगूठाकार|पाठ=image|950px|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर द्वारा अंबेडकर जयंती 2026 के अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ]][[चित्र:Utambar.jpg|अंगूठाकार|पाठ=image| 950px|जय भीम नव जागृति संस्थान, उटाम्बर द्वारा अंबेडकर जयंती 2026 के अवसर पर वाहन रैली का शुभारंभ]] [[File:Utambar Jodhpur Rajasthan.jpg|950px|अंगूठाकार|पाठ=image|जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर 14 अप्रैल 2026 अंबेडकर जयंती कार्यक्रम उटाम्बर ]]
©
== '''धार्मिक स्थल''' ==
* '''[[बाबा रामदेवजी मंदिर]] [[UTAMBAR]] '''
* मेघराज जी भोमिया जी एवं स्थानीय लोकदेव स्थल
* पारंपरिक कुएँ एवं बावड़ियाँ
<ref>{{Cite web |url=https://www.tourmyindia.com/states/rajasthan/baba-ramdev-temple-jodhpur.html |title=Baba Ramdev Temple Rajasthan}}</ref>
== '''इतिहास''' ==
स्थानीय मौखिक परंपराओं के अनुसार गाँव का इतिहास कई सौ वर्ष पुराना माना जाता है। कुछ परंपराओं में इसका पूर्व नाम “सिंगापुर” बताया जाता है, हालांकि इसके लिए स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं। यह विवरण मुख्यतः जनश्रुति आधारित है।
== '''विशेष तथ्य '''==
* पिन कोड: 342306
* पोस्ट ऑफिस: तिंवरी
* क्षेत्र: थार मरुस्थल
* पंचायत समिति: आगोलाई (वर्तमान), बालेसर (पूर्व)
<ref>{{Cite web |url=https://pincode.net.in |title=PIN Code Database}}</ref>
==''' सन्दर्भ '''==
{{टिप्पणीसूची}}
{{बालेसर तहसील}}
{{राजस्थान-आधार}}
[[श्रेणी:जोधपुर जिले के गाँव]]
[[श्रेणी:राजस्थान के गाँव]]
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मानतुंग
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2026-05-16T16:42:15Z
~2026-29538-41
924850
यह धार जिला है न कि धारा
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text/x-wiki
मानतुंग आचार्य सातवी शताब्दी के जैन मुनी थे। जो श्री भक्तामर स्तोत्र के निर्माता है। आचार्य मानतूंग मध्य प्रदेश के धार नगरी से १०० किलो मीटर के अंतर पर एक शिखर कि चोटी पर जाकर सदा के लिये ध्यानस्त हो गए। और वही पर उनको मोक्ष कि प्राप्ति हुई। आज उस शिखर को मानतुंगगिरि के नाम से जाना जाता है।j
== जीवनी ==
मानतुंग आचार्य इसवी सन सातवी शताब्दी के जैन मुनी थे। जो भक्तामर स्तोत्रके निर्माता है। जिनके समय भोपाल नगरी पर राजा भोज राज्य करते थे। एक बार राजा भोज को मानतुंग आचार्य के अपने राज्य मे आने कि खबर मिली तो उन्होने आचार्यजी को भोजन(आहार) के लिये महल मे आने का निवेदन किया,वो अपना राजपाठ आचार्यजी को दिखाना चाहते थे।
ये बात आचार्यजी के ध्यान मे आ गई। उन्होने आने से मना कर दिया।
इस बात से राजा भोज क्रोधीत हो गए उन्होने आदेश दिया कि आचार्यजी को बंदी बना लिया जाए। सैनिको ने आचार्यजी को बंदी बना लिया। फिर राजा भोज उनसे मिलने गए। उन्होने आचार्यजी से कहा कि आपको किस बात का अहंकार है,मैं आपका अहंकार अभी तोडता हूं ऐसा कहकर उसने सैनिको को आदेश दिया कि, आचार्यजी को ४८(48) अंधेरे कमरो मे बंद किया जाये। आचार्यजी मुस्कुराये और राजा को कुछ नही कहा। उनको एक के अंदर एक ४८(48) कमरो मे बंद कीया गया। और हर कमरे को ताला लागाया गया। और सबसे अंदर के कमरे मे आचार्यजी को लोहे की जंजीर से बांधा गया।
आचार्यजी ने वहा पर भक्तामर स्तोत्र लिखना शुरु किया,तो एक के बाद एक ताले खुलने/(टूटने) लगे। आचार्यजी ने भक्तामर स्तोत्र मे पुरी ४८(48) कडीयां लिखी जिसमे उन्होने भगवान आदिनाथ कि स्तुती लिखी। इससे ना सिर्फ आचार्यजी को बंद किये हुए कमरो के ताले खुले बल्कि राजा भोज का सिंघासन भी हडकंप मचाने लगा। ये देख राजा डर गया उसकी समझ मे आ गया कि ये सब उसकी गलति का नतिजा है। उसने तुरंत ही आचार्यजी से माफी मांगी और सम्मान पूर्वक उनको भोजन कराया। कहते है कि जो भी भक्तामर स्तोत्र को भक्ती भावसे पढता है उसके सारे पापों का नाश होता है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[दिगम्बर साधु|Digambara भिक्षु]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== सूत्रों ==
* <cite class="citation" id="CITEREFVijay_K._Jain2012">जैन, विजय K. (2012), [https://web.archive.org/web/20160617003415/https://books.google.com/books?id=4iyUu4Fc2-YC ''आचार्य Amritchandra के Purushartha Siddhyupaya: प्राप्ति के शुद्ध आत्म, साथ हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद के साथ''], विकल्प प्रिंटर, [[आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰|ISBN]] 978-81-903639-4-5, <q>[[File:PD-icon.svg|कड़ी=|पाठ=|15x15पिक्सेल]] ''इस लेख को शामिल किया गया है से पाठ इस स्रोत में है, जो [[सार्वजनिक डोमेन|सार्वजनिक डोमेन में]]<nowiki/>है। ''</q></cite><cite class="citation" id="CITEREFVijay_K._Jain2012"></cite><span class="Z3988" title="ctx_ver=Z39.88-2004&rfr_id=info%3Asid%2Fen.wikipedia.org%3AManatunga&rft.aufirst=Vijay+K.&rft.aulast=Jain&rft.btitle=Acharya+Amritchandra%27s+Purushartha+Siddhyupaya%3A+Realization+of+the+Pure+Self%2C+With+Hindi+and+English+Translation&rft.date=2012&rft.genre=book&rft_id=https%3A%2F%2Fbooks.google.com%2Fbooks%3Fid%3D4iyUu4Fc2-YC&rft.isbn=978-81-903639-4-5&rft.pub=Vikalp+Printers&rft_val_fmt=info%3Aofi%2Ffmt%3Akev%3Amtx%3Abook"> </span>
* <cite class="citation" id="CITEREFVijay_K._Jain2013">जैन, विजय K. (2013), [https://web.archive.org/web/20160304094006/https://books.google.co.in/books?id=g9CJ3jZpcqYC ''Ācārya Nemichandra के Dravyasaṃgraha''], विकल्प प्रिंटर, [[आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰|ISBN]] 9788190363952, <q>[[File:PD-icon.svg|कड़ी=|पाठ=|15x15पिक्सेल]] ''इस लेख को शामिल किया गया है से पाठ इस स्रोत में है, जो [[सार्वजनिक डोमेन|सार्वजनिक डोमेन में]]<nowiki/>है। ''</q></cite><cite class="citation" id="CITEREFVijay_K._Jain2013"></cite><span class="Z3988" title="ctx_ver=Z39.88-2004&rfr_id=info%3Asid%2Fen.wikipedia.org%3AManatunga&rft.aufirst=Vijay+K.&rft.aulast=Jain&rft.btitle=%C4c%C4%81rya+Nemichandra%27s+Dravyasa%E1%B9%83graha&rft.date=2013&rft.genre=book&rft_id=https%3A%2F%2Fbooks.google.co.in%2Fbooks%3Fid%3Dg9CJ3jZpcqYC&rft.isbn=9788190363952&rft.pub=Vikalp+Printers&rft_val_fmt=info%3Aofi%2Ffmt%3Akev%3Amtx%3Abook"> </span>
{{जैन साधू}}
{{श्रेणी:राजा भोज}}
[[श्रेणी:राजा भोज]]
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इचलकरंजी
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text/x-wiki
{{Infobox settlement
| name = इचलकरंजी
| other_name = महाराष्ट्र का मँचेस्टर
| image = Rajwada.jpg
| image_caption = इचलकरंजी रजवाड़ा (महल)
| pushpin_label = इचलकरंजी
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| area_total_sq_mi = 19.24
}}
'''''इचलकरंजी''''' भारतीय राज्य [[महाराष्ट्र]] के [[कोल्हापुर]] जिले का एक शहर है, जो एक नगर निगम द्वारा शासित है। यह अपने कपड़ा निर्माण उद्योग और "महाराष्ट्र के मैनचेस्टर शहर" के लिए जाना जाता है। इचलकरंजी निगम की वेबसाइट [[https://ichalkaranjimnp.in/]]
== इतिहास ==
इचलकरंजी [[कोल्हापुर]] जिले के [[हातकणंगले]] तालुका में एक औद्योगिक शहर है। जनसंख्या 2,57,572 (2001)। यह कोल्हापुर से सड़क मार्ग से 23 किमी दूर है। यह पूर्व में पंचगंगा नदी के तट पर है। इचलकरंजी साम्राज्य की यह पूर्ववर्ती राजधानी बाद में कपड़ा उद्योग के कारण समृद्ध हुई। इचलकरंजी को महाराष्ट्र में सबसे बड़ी और सबसे धनी नगरपालिका परिषदों में से एक के रूप में जाना जाता था। देशभक्त डॉ. [[रत्नप्पा कुंभार]] एक स्वतंत्रता सेनानी और इचलकरंजी से पहले सांसद थे।
== कपड़ा उद्योग ==
यहाँ का करघा कपड़ा शेष भारत और भारत के बाहर भेजा जाता है। यहां कई तरह के कपड़े जैसे हठरूमल, पारकर, सदरे, धोतारे, वर्दी के कपड़े का उत्पादन होता है। लगभग 1 लाख करघे हैं और लगभग 10,000 अत्याधुनिक धोते रहित करघे हैं। यहां प्रतिदिन 1 करोड़ 25 लाख मीटर कपड़े का उत्पादन होता है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सालाना टर्नओवर लगभग 25 हजार करोड़ रुपए है।
इसके अलावा इचलकरंजी में चीनी, तेल, मशीनरी आदि के कारखाने लगे हैं। शहर में तंबाकू, शांग, गुड़ आदि की यह मंडी है और शिक्षा के क्षेत्र में भी शहर आगे है।
== कपड़ा उद्योग का इतिहास ==
इचलकरंजी में पहला करघा कारखाना विठ्ठलराव दातार द्वारा 1904 में वेंकटेश रंग तंतु मिल के नाम से स्थापित किया गया था। इचलकरंजी के विकास में एक मील का पत्थर सहकारी इचलकरंजी इंडस्ट्रियल एस्टेट की स्थापना दो दूरदर्शी नेताओं कृष्णदेव सालुंखे और फूलचंदशेठ शाह ने की थी।
== साहित्य, कला ==
इचलकरंजी के संस्थापक श्रीमंत नारायण राव [[बाबासाहेब घोरपड़े]] ने अपने करियर के दौरान जनहित के कई काम किए। उनके समय में इचलकरंजी में पहला हथकरघा लाया गया था। उनकी याद में, इचलकरंजी में थिएटर का नाम काई नारायणराव घोरपड़े थिएटर रखा गया था। इस थियेटर के पास उनकी एक पूरी लंबाई की मूर्ति भी है। [[पंडित बालकृष्ण बुवा स्मृति मंदिर]] है जो संगीत की कला को संरक्षित करता है। यह प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायक पंडित [[बालकृष्णबुवा इचलकरंजीकर]] की स्मृति में बनाया गया था। वर्ष 1974 में प्रसिद्ध साहित्यकार पी एल देशपांडे की अध्यक्षता में इचलकरंजी में अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन हुआ। इचलकरंजी के गौरवशाली महल में डी.के.टी.ई. टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग संस्थान कॉलेज चला रहा है। पुस्तकालय 1870 में मूल सामान्य पुस्तकालय के रूप में शुरू हुआ और अब [[आप्टे वचन मंदिर]] के रूप में जाना जाता है, जो महाराष्ट्र के सबसे पुराने पुस्तकालयों में से एक है।
== पुरावशेष ==
इचलकरंजी शहर में कई प्राचीन स्मारक, मंदिर हैं।
* प्राचीन महादेव मंदिर
* विठ्ठल मंदिर
* मरगुबाई मंदिर
* गद्रे दत्त मंदिर
* बिरोबा मंदिर
== चित्रदालन ==
<gallery>
File:MahadevTemple-Ichalkaranji-Maharashtra1.jpg|पुरातन महादेव मंदिर
File:MahadevTemple-Ichalkaranji-Maharashtra2.jpg|पुरातन महादेव मंदिर
File:VItthal Temple-ichalkarnji-maharshtra2.jpg|विठ्ठल मंदिर
File:VItthal Temple-ichalkarnji-maharshtra4.jpg|विठ्ठल मंदिर
File:VItthal Temple-ichalkarnji-maharshtra3.jpg|विठ्ठल मंदिर
File:MaragubaiTemple -Ichalkaranji-Maharashtra1.jpg|मरगूबाई मंदिर
File:Gadre datt mandir -ichalkaranji - Maharashtra 1.jpg|गद्रे दत्त मंदिर
File:Biroba Temple -Ichalkaranji- Maharashtra2.jpg|बिरोबा मंदिर
</gallery>
== शैक्षिक संस्थान ==
* श्रीमती गंगामई विद्यामंदिर
* श्रीमंत गंगामाई गर्ल्स उच्च विद्यालय
* गोविंद्राव उच्च विद्यालय
* जवाहरनगर उच्च विद्यालय, जवाहरनगर
*अशोक उच्च विद्यालय, गणेशनगर
* दत्ताजीराव कदम कला, विज्ञान, वाणिज्य महाविद्यालय
* रमा माता विद्यामंदिर
* रवींद्रनाथ टैगोर विद्यानिकेतन नं 27
* मणेरे उच्च विद्यालय
* विनायक उच्च विद्यालय
* वेंकटराव उच्च विद्यालय
* शहापुर उच्च विद्यालय
* शाहू उच्च विद्यालय
* सरस्वती उच्च विद्यालय
* नाइट कॉलेज
==सामाजिक संगठन==
* फाई फाउंडेशन
* एंटरटेनमेंट बोर्ड
* [https://en.m.wikipedia.org/wiki/Rotary_International रोटरी फाउंडेशन]
== चित्रदिर्घा ==
{{Gallery
| title = इचलकरंजी के विभिन्न स्थान
| width=130 | height=100 | align=center
| File:Ichalkaranji Palace.jpg | महल, सन् १९२९
| File:Rajwada.jpg | महल, सन् २०१०
| File:Apte Vachan Mandir, Ichalkaranji.jpg | आप्टे ग्रंथालय
}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[कोल्हापुर ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
[[:श्रेणी:महाराष्ट्र के शहर|महाराष्ट्र के शहर]]
[https://mr.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97:%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0_%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B2_%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87 कोल्हापूर जिल्हे के शहर]
[https://mr.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97:%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B2_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4_%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87 महाराष्ट्र के प्रदूषण प्रभावित गांव]
[https://www.kolhapur.gov.in कोल्हापुर जिले की वेबसाइट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230606035927/https://kolhapur.gov.in/ |date=6 जून 2023 }}
[https://ichalkaranjimnp.in/ इचलकरंजी नगर निगम की वेबसाइट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231210051938/https://ichalkaranjimnp.in/ |date=10 दिसंबर 2023 }}
{{टिप्पणीसूची}}
{{महाराष्ट्र}}
[[श्रेणी:कोल्हापुर ज़िला]]
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के शहर]]
[[श्रेणी:कोल्हापुर ज़िले के नगर]]
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ई. सोनामणि सिंह
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक लेखक
| name = ई. सोनामणि सिंह
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| occupation = साहित्यकार
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| टीका-टिप्पणी = [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] पुरस्कार से सम्मानित
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''' ई. सोनामणि सिंह ''' [[मणिपुरी भाषा]] के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक [[कहानी]]–संग्रह '''[[ममांथों लोल्लबदि मीनथोंदा लाक्उदना ]]''' के लिये उन्हें सन् 1988 में [[भारतीय साहित्य अकादमी|साहित्य अकादमी]] पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref name="sahitya">{{cite web | url=http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp | title=अकादमी पुरस्कार | publisher=साहित्य अकादमी | accessdate=11 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160915135020/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp | archive-date=15 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>
सोनामणि ने अपने उपन्यासों, लघु कथाओं, कविताओं, अनुवाद और [[खण्डकाव्य|खण्ड काव्यों]] के माध्यम से मणिपुरी भाषा को समृद्ध किया। उनकी रचनाएं सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश को प्रतिबिम्बित करती हैं और हमारे समृद्ध परम्परागत मूल्यों की प्रिज्म के माध्यम से बदलते दौर को दर्शाती हैं। उन्होंने 40 से अधिक पुस्तकों की रचना की है और वह मणिपुरी साहित्य और सामाजिक-आर्थिक बिरादरी के अगुआ हैं। उन्होंने मणिपुरी राज्य कला अकादमी, केंद्रीय साहित्य अकादमी, केंद्रीय साहित्य अकादमी के अनुवाद पुरस्कार, थोएबी पुरस्कार सहित बहुत से प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं। <ref>{{Cite web |url=http://www.univarta.com/news/india/story/1018163.html |title=ई सोनामणि को प्रतिष्ठित ज्ञानरिमा मानद् अलंकरण |access-date=13 जून 2020 |archive-date=13 जून 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200613153929/http://www.univarta.com/news/india/story/1018163.html |url-status=dead }}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत मणिपुरी भाषा के साहित्यकार]]
{{आधार}}
o3y2onnjxw5z2f87v2jx3lofto6dfsc
जॉर्डन के प्रान्त
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The Sorter
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wikitext
text/x-wiki
[[जॉर्डन]] को प्रशासनिक रूप से १२ प्रान्तों में विभाजित किया गया है। अन्य [[अरबी भाषा|अरबी]]-भाषी देशों की तरह जॉर्डन में भी प्रान्तों को [[मुहाफ़ज़ाह]] कहा जाता है। हर मुहाफ़ज़ाह को "लीवा" नामक ईकाईयों में विभाजित किया गया है जो "ज़िले" के जैसा दर्जा रखते हैं। यह लीवा फिर स्वयं "क़्दा" कहलाने वाले उपज़िलों में बांटे जाते हैं।<ref>{{Cite web |title=Annex B: Analysis of the municipal sector |work=Third Tourism Development Project, Secondary Cities Revitalization Study |date=24 May 2005 |page=4 |publisher=Ministry of Antiquities and Tourism, Hashemite Kingdom of Jordan |url=http://www.mota.gov.jo/Documents/Municipal_sector.pdf |archive-url=https://web.archive.org/web/20160419052114/http://mota.gov.jo/Documents/Municipal_sector.pdf |archive-date=19 अप्रैल 2016 |url-status=dead |df=dmy |access-date=18 फ़रवरी 2017 }}</ref>
== क्षेत्र ==
भौगोलिक रूप से जॉर्डन के प्रान्त देश के तीन क्षेत्रों में वर्गीकृत हैं: उत्तर क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र। मध्य और दक्षिण क्षेत्रों के बीच में [[मोआब]] के पहाड़ स्थित हैं।
{{stack|[[Image:Jordan, administrative divisions - Nmbrs - monochrome.svg|right|thumb|300px|जॉर्डन के प्रान्तों का मानचित्र]]}}
{| class="wikitable sortable" style=" font-size:100%"
! align=center style="background:#c0d0f0;" colspan=11 | जॉर्डन के प्रान्त
|-
!
!प्रान्त
!क्षेत्रफल<ref name="2012AreaDensity">{{cite web |url=http://www.dos.gov.jo/dos_home_a/main/2004/2012/2-6.pdf |title=Estimated Population of the Kingdom, Area (Km2) and Population Density by Governorate, at End-year 2012 |publisher=Department of Statistics - Jordan |date=2012 |accessdate=27 December 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131227164446/http://www.dos.gov.jo/dos_home_a/main/2004/2012/2-6.pdf |archive-date=27 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref> (km²)
!जनसंख्या<ref name="2012Population">{{cite web |url=http://www.dos.gov.jo/dos_home_a/main/2004/2012/2-3.pdf |title=Estimated Population of the Kingdom by Urban* and Rural, at End-year 2012 |publisher=Department of Statistics - Jordan |date=2012 |accessdate=27 December 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131227153159/http://www.dos.gov.jo/dos_home_a/main/2004/2012/2-3.pdf |archive-date=27 दिसंबर 2013 |url-status=dead }}</ref>
!नगरीय<ref name="2012Population"/>
!ग्रामीण<ref name="2012Population"/>
!घनत्व<ref name="2012AreaDensity"/> (लोग/किमी²)
!राजधानी
|-
|1||[[इरबिद प्रान्त|इरबिद]]||align=right|1,572 ||align=right|11,37,100 ||align=right|9,43,000||align=right|194,100||align=right|723.4||[[इरबिद]]
|-
|2||[[अजलून प्रान्त|अजलून]]|| align=right|420 ||align=right|1,46,900 ||align=right|1,11,500||align=right|35,400||align=right|350.1||[[अजलून]]
|-
|3||[[जेरश प्रान्त|जेरश]]||align=right|410 ||align=right|1,91,700 ||align=right|1,20,100||align=right|71,600||align=right|467.8||[[जेरश]]
|-
|4||[[मफ़्रक़ प्रान्त|मफ़्रक़]]||align=right|26,551 ||align=right|3,00,300 ||align=right|1,17,800||align=right|1,82,500||align=right|11.3||[[मफ़्रक़]]
|-
| ||'''उत्तर क्षेत्र'''||align=right|'''28,953 '''||align=right|'''17,76,000''' ||align=right| '''12,92,400'''||align=right|'''4,83,600''' ||align=right|'''61.3'''||
|-
|5||[[बल्क़ा प्रान्त|बल्क़ा]]||align=right|1,120 ||align=right|4,28,000 ||align=right|3,07,400||align=right|1,20,600||align=right|382.0||[[सल्त, जॉर्डन|सल्त]]
|-
|6||[[अम्मान प्रान्त|अम्मान]]|| align=right|7,579 ||align=right|24,73,400 ||align=right|23,25,500||align=right|1,47,900||align=right|326.3||[[अम्मान]]
|-
|7||[[ज़रक़ा प्रान्त|ज़रक़ा]]||align=right|4,761 ||align=right|9,51,800 ||align=right|8,99,800||align=right|52,000||align=right|199.9||[[ज़रक़ा]]
|-
|8||[[मादबा प्रान्त|मादबा]]||align=right|940 ||align=right|1,59,700 ||align=right|1,14,000||align=right|45,700||align=right|170.0||[[मादबा]]
|-
| ||'''मध्य क्षेत्र'''||align=right|'''14,400''' ||align=right|'''40,12,900''' ||align=right|'''36,46,700''' ||align=right|'''3,66,200''' ||align=right|'''278.7'''||
|-
|9||[[करक प्रान्त|करक]]||align=right|3,495 ||align=right|2,49,100 ||align=right|87,200||align=right|1,61,900||align=right|71.3||[[अल करक]]
|-
|10||[[तफ़ीलाह प्रान्त|तफ़ीलाह]]||align=right| 2,209||align=right|89,400 ||align=right|63,800||align=right|25,600||align=right|40.5||[[तफ़ीलाह]]
|-
|11||[[म'आन प्रान्त|म'आन]]||align=right|32,832 ||align=right|1,21,400 ||align=right|66,600||align=right|54,800||align=right|3.7||[[म'आन]]
|-
|12||[[अक़ाबा प्रान्त|अक़ाबा]]||align=right|6,905 ||align=right|1,39,200 ||align=right|1,19,700||align=right|19,500||align=right|20.2||[[अक़ाबा]]
|-
| ||'''दक्षिण क्षेत्र'''||align=right|'''45,441''' ||align=right|'''5,99,100''' ||align=right|'''3,37,300''' ||align=right|'''2,61,800''' ||align=right|'''13.2'''||
|-
| ||'''कुल'''||align=right|'''88,794''' ||align=right|'''63,88,000''' ||align=right|'''52,76,400 (82.6%)''' ||align=right|'''11,11,600 (17.4%)''' ||align=right|'''71.9'''||
|}
== इन्हें भी देखें ==
* [[जॉर्डन]]
* [[मुहाफ़ज़ाह]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{एशियाई राष्ट्रों का प्रथम स्तर के प्रशासनिक विभाजन पर लेख}}
[[श्रेणी:जॉर्डन के प्रान्त|*]]
[[श्रेणी:जॉर्डन के उपविभाग]]
[[श्रेणी:एशियाई देशों के उपविभाग]]
[[श्रेणी:प्रथम-स्तरीय देशीय उपभाग]]
[[श्रेणी:जॉर्डन का भूगोल|प्रान्त]]
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पुत्ताण्डु
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संबंधित त्यौहार के बारे में जानकारी जोड़ी गई है
6553261
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox Holiday
|holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष
|image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg
|caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट
|observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/>
|date = तमिल कालदर्शक के चित्तेराय मास का पहला दिन
|celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना
|longtype = धार्मिक, सामाजिक
|type = हिन्दू
|significance = तमिल नव वर्ष
|date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल
|relatedto = वैसाखी, विशु (केरल), थिङ्यान|म्यांमार का नव वर्ष, कम्बोडिया का नववर्ष, सोङ्क्रान (लाओ)|लाओ का नव वर्ष, विशु|मलयाली नववर्ष, पन संक्रान्ति|ओड़िया नव वर्ष, सिंहली नव वर्ष|श्री लंका का नव वर्ष, सोङ्करन (थाईलैण्ड)|थाई नव वर्ष
}}
'''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு) [[तमिल]] कालगणना में वर्ष के प्रथम दिन का नाम है। इसे '''वरुटप्पिऱप्पु''' भी कहा जाता है, यह तमिल मास चित्तिरै का प्रथम दिवस है। यह प्रतिवर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस-पास ही पड़ता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन को [[भारत]] के विभिन्न भागों में वर्ष के आरम्भिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं। केरल में इस दिन को 'विशु' तथा मध्य भारत एवं उत्तर भारत में [[वैसाखी]] कहते है। <ref name="Melton2011p633"/>
इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया वर्ष शुभ हो" के तुल्य है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं।
पुत्ताण्डु तमिलनाडु और [[पुत्तुचेरी]] के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref>
इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "पुत्ताण्टु वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "इऩिय पुत्ताण्टु नल्वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref>
यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।
पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है।
==उद्गभव और महत्व==
[[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]]
तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref>
प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> सिलप्पदिकारम् में 12 राशियों (या राशि चिन्हों) का उल्लेख है, जो मेष/चित्तिरै से शुरू होती हैं।<ref>Canto 26 of Silappadikaaram. Canto 5 also describes the foremost festival in the Chola country – the Indra Vilha celebrated in Chitterai</ref>[[मणिमेकलाई]] आज जिस प्रकार हम जानते हैं, उस हिंदू सौर कैलेंडर का संकेत करती है। आदियार्कुनल्लार, एक प्रारंभिक मध्यकालीन टीकाकार या उरै-आसिरियार, तमिल कैलेंडर के बारह महीनों का उल्लेख करते हैं, विशेष रूप से चित्तिरै के संदर्भ में। बाद में पगन, बर्मा में 11वीं शताब्दी ईस्वी के अभिलेखीय संदर्भ और सुखोथाई, थाईलैंड में 14वीं शताब्दी ईस्वी के संदर्भ मिलते हैं, जो दक्षिण भारतीय, प्रायः वैष्णव, दरबारियों से संबंधित हैं, जिन्हें मध्य अप्रैल से प्रारंभ होने वाले पारंपरिक कैलेंडर को परिभाषित करने का कार्य सौंपा गया था।<ref>G.H. Luce, Old Burma – Early Pagan, Locust Valley, New York, Page 68, and A.B. Griswold, 'Towards a History of Sukhodaya Art, Bangkok 1967, pages 12–32</ref>
==समारोह==
तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। तमिल लोग पुत्ताण्डु, जिसे पुथुवरुषम भी कहा जाता है, को पारंपरिक "तमिल/नव वर्ष" के रूप में मनाते हैं, ऐसा पीटर रीव्स कहते हैं।<ref name=reevesp113/> यह चित्तिरै का महीना है, जो तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना है, और पुत्ताण्डु सामान्यतः 14 अप्रैल को पड़ता है। दक्षिणी [[तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, इस त्योहार को चित्तिरै [[विषु]] कहा जाता है। पुत्ताण्डु की पूर्व संध्या पर, एक थाली में तीन फल (आम, केला और कटहल), पान के पत्ते और सुपारी, सोने/चांदी के आभूषण, सिक्के/पैसा, फूल और एक दर्पण सजाया जाता है। यह केरल में विषु नव वर्ष त्योहार की औपचारिक थाली के समान है। तमिल परंपरा के अनुसार, यह उत्सव की थाली नव वर्ष के दिन जागने पर पहली दृष्टि के रूप में शुभ मानी जाती है। घर के प्रवेश द्वारों को रंगीन चावल के पाउडर से विस्तृत रूप से सजाया जाता है। इन डिज़ाइनों को [[कोलम]] कहा जाता है।<ref name=mercer22/>
=== मंदिरों में चित्तिरै तिरुविझा ===
मंदिरों के शहर [[मदुरै]] में, चित्तिरै तिरुविझा का उत्सव [[मीनाक्षी मंदिर]] में मनाया जाता है। एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित की जाती है, जिसे चित्तिरै पोरुट्काच्ची कहा जाता है।<ref name="Dalal2010p406" />तमिल नववर्ष के दिन, [[रथ उत्सव]] का आयोजन तिरुविदैमरतूर में, जो [[कुंभकोणम]] के पास स्थित है, किया जाता है। [[तिरुचिरापल्ली]], [[कांचीपुरम]] और अन्य स्थानों पर भी उत्सव मनाए जाते हैं।<ref name="Dalal2010p406" />
=== कोंगु नाडु में चिथिरैकानी ===
''चिथिरैकानी'', जिसे ''विषुकानी'' के नाम से भी जाना जाता है, पुत्ताण्डु उत्सवों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है [[कोंगु नाडु]] क्षेत्र में, जो [[केरल]] और [[तुलु नाडु]] में विषु उत्सवों के साथ समानताएँ साझा करते हैं।
[[File:Chithiraikani-kongunadu-newyear.png|thumb|एक कोंगु नाडु संस्कृति की चिथिरई कणी थाली जिसमें शुभ फलों, पान के पत्तों, चावल, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के, धन और फूलों की व्यवस्था होती है, जिसे दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है, जो समृद्धि का प्रतीक है।|210x210px]] यह ''चितिरैकानी'' प्रथा एक विशेष थाली की व्यवस्था करने से संबंधित है जिसमें शुभ वस्तुएँ रखी जाती हैं और जिसे एक दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है। [[कोंगु तमिल]] और [[मलयालम]] में "कानी" शब्द का अर्थ है "वह जो सबसे पहले देखा जाता है," और दोनों उत्सवों में शुभ वस्तुओं से सजी एक विशेष थाली को दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है। पारंपरिक मान्यता यह है कि नववर्ष के दिन सबसे पहले आनंददायक और शुभ वस्तुओं को देखने से समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
चिथिरैकानी या विशुक्कानी की थाली में आमतौर पर तीन फल (आम, केला और कटहल), पान के पत्ते, चावल, नींबू, खीरा, नारियल (कटा हुआ), सुपारी, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के या पैसा, फूल, और एक दर्पण शामिल होते हैं, साथ ही अन्य वस्तुएँ भी होती हैं जो धन और समृद्धि का प्रतीक होती हैं। यह व्यवस्था केरल में मनाए जाने वाले विषु उत्सव के समान होती है। केरल के कुछ हिस्सों में, विशुक्कानी की थाली में अरनमुला कन्नड़ी (वालकन्नड़ी), सुनहरे रंग के कोन्ना फूल (कैसिया फिस्टुला) जो विषु के मौसम में खिलते हैं, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के या पैसा, फूल, और एक दर्पण भी शामिल होते हैं। दर्पण इस बात का प्रतीक है कि व्यक्ति स्वयं को उस समृद्धि का एक हिस्सा देखे, जिसे वह पणी के रूप में देखता है।<ref>{{Cite web |title=TAMIL NEW YEAR greetings with Importance of the Festival |url=http://www.indiaherald.com/Spirituality/Read/303020/TAMIL-NEW-YEAR-greetings-with-Importance-of-the-Festival |access-date=2023-04-13 |website=indiaherald.com |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |last=Dhurga |date=2023-04-13 |title=தமிழ் புத்தாண்டு அன்று காலையில் கண் விழித்ததும் முதலில் இவற்றை எல்லாம் பார்த்து விடுவதோடு, இந்த இரண்டு பொருளையும் மறக்காமல் வாங்கி விட்டால் இந்த ஆண்டில் நீங்கள் சீரும் சிறப்புமாக வாழ்வது உறுதி. |url=https://dheivegam.com/thamizh-puththandu-vazhipadu/ |access-date=2023-04-13 |website=Dheivegam |language=ta}}</ref><ref>{{Cite web |title=Vishu Kani Preparation: വിഷുക്കണി എങ്ങനെ ഒരുക്കാം |url=https://malayalam.samayam.com/spirituality/what-is-vishu-kani-and-how-to-prepare-vishu-kani-at-home-details-in-malayalam/articleshow/68721430.cms |access-date=2023-04-15 |website=Samayam Malayalam |language=ml}}</ref>
''चिथिरैकानी'' या ''विषुक्कानी'' उत्सवों के एक दिन पहले, लोग शुभ वस्तुओं की थाली तैयार करते हैं। नए वर्ष के दिन, बड़े लोग दीप जलाते हैं और परिवार के छोटे सदस्यों को जगाते हैं। जैसे ही वे जागते हैं, वे अपनी आँखें बंद करके कानी की ओर जाते हैं और उसे वर्ष के पहले दृश्य के रूप में देखते हैं। यह परंपरा दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है और माना जाता है कि यह आने वाले वर्ष के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाती है।<ref>{{Cite web |title=Vishu Celebration in Kerala - Vishu in Kerala, Vishu Festival in Kerala |url=http://www.vishufestival.org/vishu-celebration-in-kerala.html |access-date=2023-04-15 |website=www.vishufestival.org}}</ref>
=== श्रीलंका ===
[[File:2019_kolam_decoration_for_Pongal_festival,_South_India.jpg|thumb|left|तमिल लोग अपने घरों को चावल के आटे से बनाए गए विभिन्न शुभ रंग-बिरंगे ज्यामितीय डिज़ाइनों, जिन्हें कोलम कहा जाता है, से सजाते हैं।<ref name=mercer22>{{cite book|author=Abbie Mercer|title=Happy New Year|url=https://books.google.com/books?id=z3AnvD5jeDMC |year=2007|publisher=The Rosen Publishing Group|isbn=978-1-4042-3808-4|page=22}}</ref>]]
[[श्रीलंकाई तमिल]] अप्रैल में पारंपरिक नव वर्ष मनाते हैं, जिसमें पहली वित्तीय लेन-देन को काई-विशेषम (काई-विशेषम) कहा जाता है। इस लेन-देन में बच्चे अपने बड़ों के पास सम्मान प्रकट करने के लिए जाते हैं, और बदले में बड़े उन्हें आशीर्वाद देते हैं और बच्चों को जेब खर्च के रूप में पैसे देते हैं। यह आयोजन 'अरपुडु' (अरपुडु) या नए कृषि चक्र की तैयारी के लिए भूमि की पहली जुताई के साथ भी मनाया जाता है। 'पोर-थेंकाई' (पोर-थेंकाई) या युवाओं के बीच नारियल युद्ध का खेल द्वीप के तमिल उत्तर और पूर्व के गांवों में खेला जाता है, जबकि बैलगाड़ी दौड़ भी आयोजित की जाती हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.dailynews.lk/2008/04/12/fea04.asp |title=Features | Online edition of Daily News – Lakehouse Newspapers |publisher=Dailynews.lk |date=12 April 2008 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20121014131201/http://www.dailynews.lk/2008/04/12/fea04.asp |archive-date=14 October 2012 }}</ref> अप्रैल में आने वाला उत्सवपूर्ण पुत्ताण्डु का मौसम परिवार के पुनर्मिलन और पारिवारिक संबंधों के नवीनीकरण का समय होता है।<ref>Sivanandini Duraiswamy, Remembering Hindu Traditions, M.D. Gunasena and Co Ltd, 1997, pages 41–48. {{cite web |url=http://larazonsanluis.com/wp-content/uploads/2016/04/2916.pdf |title=Remembering Hindu Traditions |access-date=13 April 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160422202940/http://larazonsanluis.com/wp-content/uploads/2016/04/2916.pdf |archive-date=22 April 2016 }}</ref> यह सिंहली नववर्ष के मौसम के साथ मेल खाता है।<ref>{{cite web |url=http://tamilweek.com/news-features/archives/887 |title=tamilweek.com/news-features " April 14 is the Tamil New Year, not Sinhalese! |publisher=Tamilweek.com |access-date=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111027185218/http://tamilweek.com/news-features/archives/887 |archive-date=27 October 2011 |url-status=dead }}</ref>
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}}
बाद में दिन में, परिवार एक दावत का आनंद लेते हैं।<ref name="Fieldhouse2017p548">{{cite book|author=Paul Fieldhouse|title=Food, Feasts, and Faith: An Encyclopedia of Food Culture in World Religions |url=https://books.google.com/books?id=P-FqDgAAQBAJ&pg=PA548| year=2017|publisher= ABC-CLIO|isbn= 978-1-61069-412-4|page=548}}</ref>
=== विदेशी ===
[[मलेशिया]] और [[सिंगापुर]] में, [[तमिल]] सिखों, मलयालियों और बंगालियों के साथ मिलकर अप्रैल के मध्य में पारंपरिक नववर्ष मनाते हैं, जहाँ राजनीतिक क्षेत्र के सभी नेता जातीय भारतीय समुदाय को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हैं। हिंदू मंदिरों, तमिल सामुदायिक केंद्रों और गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम और मीडिया आयोजन भी होते हैं। यह भारतीय समुदाय के लिए उत्सव का दिन होता है।<ref>{{cite web |url=http://www.nst.com.my/nation/general/najib-sends-new-year-greetings-1.254972 |title=Najib sends new year greetings – General – New Straits Times |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104094226/http://www.nst.com.my/nation/general/najib-sends-new-year-greetings-1.254972 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.nst.com.my/latest/new-year-wishes-to-malaysian-indian-community-1.254654?cache%3D03%3Fkey%3DMalaysia%2F7.276913%2F7.318771 |title=New Year wishes to Malaysian Indian community – Latest – New Straits Times |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104094221/http://www.nst.com.my/latest/new-year-wishes-to-malaysian-indian-community-1.254654?cache=03%3Fkey%3DMalaysia%2F7.276913%2F7.318771 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.heb.gov.sg/hindu-resources/39-hindu-festivals |title=Hindu Festivals |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130630113949/http://www.heb.gov.sg/hindu-resources/39-hindu-festivals |archive-date=30 June 2013 }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.singaporeunited.sg/cep/index.php/web/News-Room/PM-Lee-celebrates-Tamil-New-Year |title=PM Lee celebrates Tamil New Year / News Room / Singapore United – Com… |archive-url=https://archive.today/20130706121022/http://www.singaporeunited.sg/cep/index.php/web/News-Room/PM-Lee-celebrates-Tamil-New-Year |archive-date=6 July 2013 |url-status=dead}}</ref>
==विवाद==
[[File:Tamil new year Puthandu prasadam at a Hindu temple.jpg|thumb|एक हिंदू मंदिर में पुत्ताण्डु की सजावट]]
[[द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (DMK) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने 2008 में घोषणा की थी कि तमिल नववर्ष को तमिल महीने थाई के पहले दिन (14 जनवरी) को मनाया जाना चाहिए, जो फसल उत्सव पोंगल के साथ मेल खाता है। तमिलनाडु नववर्ष (घोषणा विधेयक 2008) को DMK के विधानसभा सदस्यों और उसकी तमिलनाडु सरकार द्वारा 29 जनवरी 2008 को राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |access-date=18 October 2011}}</ref> डीएमके बहुमत वाली सरकार के इस कानून को बाद में 23 अगस्त 2011 को तमिलनाडु विधानसभा में एआईएडीएमके बहुमत वाली सरकार द्वारा एक अलग विधायी अधिनियम के माध्यम से रद्द कर दिया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/jaya-changes-dmks-calendar-tamil-new-year-in-april-now/836039/1 |title=Jaya changes DMK's calendar, Tamil new year in April now |work=The Indian Express |location=India |date=24 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|author=DC chennai |url=http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/chennai/jaya-reverses-karunanidhi%E2%80%99s-order-tamil-new-year-chithirai-1-943 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121011210524/http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/chennai/jaya-reverses-karunanidhi%E2%80%99s-order-tamil-new-year-chithirai-1-943 |url-status=dead |archive-date=11 October 2012 |title=Jaya reverses Karunanidhi's order; Tamil New Year on Chithirai 1 |work=Deccan Chronicle |location=India |date=24 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref name="thehindu1">{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/states/tamil-nadu/article2388749.ece |title=States / Tamil Nadu : Tamil New Year in Chithirai |work=The Hindu |location=India |date=23 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref>
तमिलनाडु में कई लोगों ने DMK सरकार के उस कानून की अनदेखी की, जिसमें त्योहार की तारीख को पुनर्निर्धारित किया गया था, और उन्होंने अप्रैल के मध्य में अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नववर्ष उत्सव को मनाना जारी रखा।<ref>{{cite web |url=http://www.thaindian.com/newsportal/uncategorized/tamils-ignore-government-fiat-celebrate-new-year_10037583.html |title=Tamils ignore government fiat, celebrate New Year – Thaindian News |publisher=Thaindian.com |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011 |archive-date=13 June 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180613161125/http://www.thaindian.com/newsportal/uncategorized/tamils-ignore-government-fiat-celebrate-new-year_10037583.html |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-89374.html |title=Tamil new year celebrated in UT [newkerala.com, The Netherlands, 89374] |publisher=Newkerala.com |access-date=18 October 2011}}</ref> भारतीय केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जहाँ जातीय तमिल बहुसंख्यक हैं, ने अप्रैल 2010 में तमिल नववर्ष के अवसर पर जनता को शुभकामनाएँ दीं।<ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-89118.html |title=Pondy Governor, CM greet people on eve of Tamil New Year [newkerala.com, The Netherlands, 89118] |publisher=Newkerala.com |access-date=18 October 2011}}</ref>
डीएमके सरकार द्वारा पारंपरिक धार्मिक नववर्ष को बदलने के लिए किए गए विधायी हस्तक्षेप पर हिंदू पुजारियों और तमिल विद्वानों ने सवाल उठाए।<ref>{{cite web |url=http://www.dailypioneer.com/30420/DMKs-bogus-Tamil-New-Year.html |title= The Pioneer > Online Edition : >> DMKS bogus Tamil New Year|website=www.dailypioneer.com |archive-url=https://web.archive.org/web/20090331221442/http://www.dailypioneer.com/30420/DMKs-bogus-Tamil-New-Year.html |archive-date=31 March 2009}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.srilankaguardian.org/2011/01/tamil-cultural-debate.html|title=A Tamil cultural debate|accessdate=31 July 2023}}</ref> इस कानून का राज्य और अन्य स्थानों पर तमिलों द्वारा विरोध किया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.indiaenews.com/art-culture/20080413/110947.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20080418133945/http://www.indiaenews.com/art-culture/20080413/110947.htm |url-status=usurped |archive-date=18 April 2008 |title=India E-news |publisher=India E-news |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.sinhalaya.com/news/english/wmview.php?ArtID=15122 |title=SINHALAYA'S FULL COVERAGE – Lankan Tamils reject Karunanidhi's diktat on Tamil New Year – CyberTalks |publisher=Sinhalaya.com |access-date=18 October 2011 |archive-date=14 January 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190114210542/http://www.sinhalaya.com/news/english/wmview.php?ArtID=15122 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite news|author=M.R. Venkatesh |url=http://www.telegraphindia.com/1080413/jsp/nation/story_9132123.jsp |archive-url=https://web.archive.org/web/20110606015227/https://www.telegraphindia.com/1080413/jsp/nation/story_9132123.jsp |url-status=dead |archive-date= 2011-06-06|title=The Telegraph – Calcutta (Kolkata) | Nation | TN bans new year rites, priests fume |work=The Telegraph |location=Kolkota, India |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref>इसे अदालत में भी चुनौती दी गई।<ref>{{cite web |url=http://www.sindhtoday.net/south-asia/2218.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20080504192157/http://www.sindhtoday.net/south-asia/2218.htm |url-status=dead |archive-date=4 May 2008 |title=Law altering Tamil new year day challenged |publisher=Sindh Today |access-date=18 October 2011 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.bombaynews.net/story/405674 |title=Court asks Tamil Nadu why change age-old New Year date |publisher=Bombay News.Net |date=12 September 2008 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111026085203/http://www.bombaynews.net/story/405674 |archive-date=26 October 2011 }}</ref> तत्कालीन विपक्षी [[ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (AIADMK) और [[मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (MDMK) ने तमिलनाडु में बाद में उस राज्य की DMK सरकार के निर्णय की निंदा की और अपने समर्थकों से मध्य अप्रैल में पारंपरिक तिथि का उत्सव मनाना जारी रखने का आग्रह किया।<ref>{{cite web |url=http://news.webindia123.com/news/articles/India/20080412/930922.html |title=Jaya, Vaiko greet people, criticise change of New Year |publisher=News.webindia123.com |date=12 April 2008 |access-date=18 October 2011 |archive-date=13 February 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120213105838/http://news.webindia123.com/news/articles/India/20080412/930922.html |url-status=dead }}</ref> श्रीलंका, सिंगापुर, मलेशिया और कनाडा में रहने वाले तमिलों ने मध्य अप्रैल में नए वर्ष का उत्सव मनाना जारी रखा।<ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=99&artid=25309 |title=14.04.08 Liberate Calendar |publisher=TamilNet |date=14 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=99&artid=25298 |title=13.04.08 Tamil New Year |publisher=TamilNet |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=13&artid=25285 |title=12.04.08 Prime Minister of Canada greets Tamil New Year |publisher=TamilNet |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.groundreport.com/World/Sri-Lankan-sinha/2921787 |title=Sri Lankan Sinhalese And Tamil Community Celebrate Traditional New Year Tomorrow |publisher=GroundReport |date=13 April 2010 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111001205318/http://www.groundreport.com/World/Sri-Lankan-sinha/2921787 |archive-date=1 October 2011 }}</ref>
तमिलनाडु की पिछली राज्य सरकार ने जनभावनाओं को शांत करने के प्रयास में घोषणा की कि उसी दिन को एक नए त्योहार के रूप में "चित्तिरई तिरुनाल" (चित्तिरई का त्योहार) नाम देकर मनाया जाएगा। डीएमके सरकार के तहत वह दिन तमिलनाडु में सार्वजनिक अवकाश बना रहा, लेकिन तमिल नववर्ष के रूप में नहीं, बल्कि कथित तौर पर [[भारतीय संविधान]] की प्रारूप समिति के अध्यक्ष [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर]] की स्मृति में। तमिलनाडु के सभी टेलीविजन चैनलों, जिनमें डीएमके समर्थक सन टीवी भी शामिल था, ने 14 अप्रैल 2010 को उत्सवपूर्ण "चित्तिरई तिरुनाल विशेष कार्यक्रम" प्रसारित करना जारी रखा। एआईएडीएमके की नेता जयललिता ने इस पुनर्प्रस्तुत त्योहार को मान्यता देने से इनकार कर दिया और तमिल लोगों को पारंपरिक तमिल नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। एमडीएमके नेता वाइको ने भी उनका अनुसरण किया।<ref>{{cite web|author=Sathyalaya Ramakrishnan reporting from Chennai |url=http://www.asiantribune.com/news/2010/04/14/tn-governor-and-leaders-greets-people-tamil-newyear |title=TN Governor and leaders greets people on Tamil NewYear |publisher=Asian Tribune |date=14 April 2010 |access-date=18 October 2011}}</ref> दोनों तिथियों के बीच का विवाद शांत हो गया, अप्रैल में पारंपरिक नववर्ष के दौरान होने वाले आधिकारिक समारोह फिर से शुरू हुए और सार्वजनिक अवकाश को तमिल नववर्ष के रूप में पुनः बहाल कर दिया गया।<ref>{{cite web |url=http://news.outlookindia.com/items.aspx?artid%3D759496 |title=Tamil New Year Celebrated All Across State |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104045731/http://news.outlookindia.com/items.aspx?artid=759496 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite news| url=http://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/law-on-tamil-new-year-was-enacted-for-publicity-says-jayalalithaa/article3312365.ece | location=Chennai, India | work=The Hindu | title=Law on Tamil New Year was enacted for publicity, says Jayalalithaa | date=14 April 2012}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.deccanchronicle.com/130415/news-current-affairs/article/tamil-year-vijaya-ushered-religious-fervour |title=Tamil year Vijaya ushered in with religious fervour |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104034254/http://www.deccanchronicle.com/130415/news-current-affairs/article/tamil-year-vijaya-ushered-religious-fervour |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/story/6870/jaya-to-present-tamil-awards-on-apr-15.html |title=Project SECURITY |access-date=21 April 2013 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150706233240/http://www.newkerala.com/news/story/6870/jaya-to-present-tamil-awards-on-apr-15.html |archive-date=6 July 2015 }}</ref>
==संबंधित त्योहार==
पुत्ताण्डु भारत के अन्य हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जो सौर नववर्ष की स्मृति में आयोजित होते हैं।<ref name="BBC Hinduism">{{cite web |title= BBC – Religion: Hinduism – Vaisakhi|publisher=[[BBC]]|url= https://www.bbc.co.uk/religion/religions/hinduism/holydays/vaisakhi.shtml |access-date=22 January 2012}}</ref><ref>Crump, William D. (2014), [https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA114 Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide], MacFarland, page 114</ref><ref name="PechilisRaj2013p48"/>
कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:
#[[विषु]] [[केरल]] में
#बिसु पर्व तुलुनाडु में,
#[[वैसाखी]] [[पंजाब]], [[हरियाणा]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[दिल्ली|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]], [[उत्तर प्रदेश]], [[उत्तराखंड]], [[राजस्थान]], [[बिहार]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]] और [[छत्तीसगढ़]] में
#पना संक्रांति [[ओडिशा]] में
#पोइला बोइशाख [[पश्चिम बंगाल]] और [[त्रिपुरा]] में
#[[बिहू|रोंगाली बिहू]] [[असम]] में
== इन्हें भी देखें ==
*[[तमिल]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:त्योहार]]
[[श्रेणी:तमिल]]
8er6m0h0gywf8wnigo822hgt49pg8dj
दूनागिरी
0
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6553376
5997030
2026-05-17T08:46:56Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
सन्दर्भ + जानकारी
6553376
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox Mandir
|image =
|caption = मॉं दूनागिरी मन्दिर (2013)
|proper_name = '''मॉं दूनागिरी (द्रोणागिरी)'''
|important_festivals= नवरात्र व दुर्गाष्टमी
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|location = दूनागिरी [[अल्मोड़ा]], [[उत्तराखण्ड]]
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}}
[[File:Almora Uttarakhand India 2013.jpg|thumb|दूनागिरी]]
'''दूनागिरी''' भूमंडल में दक्षिण एशिया स्थित [[भारत]]वर्ष के [[उत्तराखण्ड]] प्रदेश के अन्तर्गत कुमांऊँ क्षेत्र के [[अल्मोड़ा]] जिले में एक पौराणिक पर्वत शिखर का नाम है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणागिरी, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इसी पर्वत के पर्यायवाची शब्द हैं। कालान्तर के उपरांत द्रोण का अपभ्रंश होते-होते वर्तमान में इस पर्वत को कुमांऊँनी बोली के समरूप अथवा अनुसार दूनागिरी नाम से पुकारा जाने लगा है।<ref>{{cite web|url=https://www.euttaranchal.com/tourism/dunagiri-temple.php|title=When Hanuman Ji was carrying the mountain with 'Sanjiwani Buti' for Laxman|publisher=eUttaranchal.com|accessdate=14 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171114145108/https://www.euttaranchal.com/tourism/dunagiri-temple.php|archive-date=14 नवंबर 2017|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.uttarakhand-tourism.com/uttarakhand/dunagiri.php|title=Dunagiri in Uttarakhand is a part of Kumaon Tourism|publisher=Uttarakhand Tourism|accessdate=14 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171114202148/http://www.uttarakhand-tourism.com/uttarakhand/dunagiri.php|archive-date=14 नवंबर 2017|url-status=dead}}</ref> यथार्थत: यह पौराणिक उल्लिखित द्रोण है।<ref>{{cite web|url=http://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/renowned-dunagiri-shaktipeeth|title=हिमालयन गजेटियर में भी दूनागिरि को ही प्राचीन द्रोणागिरी पर्वत माना है।|publisher=अमर उजाला, हिन्दी दैनिक, उत्तराखण्ड परिशिष्ट|accessdate=15 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171115213812/http://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/renowned-dunagiri-shaktipeeth|archive-date=15 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref>
== पौराणिक इतिहास व संस्कृति का समन्वय ==
भारतवर्ष के पौराणिक भूगोल व इतिहास के अनुसार यह सात महत्वपूर्ण [[पर्वत]] शिखरों में से एक माना जाता है। [[विष्णु पुराण]], [[मत्स्य पुराण]], [[ब्रह्माण्ड पुराण]], [[वायु पुराण]], श्रीमद्[[भागवत पुराण]], [[कूर्म पुराण]], [[देवीभागवत पुराण]] आदि पुराणों में सप्तद्वीपीय भूगोल रचना के अन्तर्गत द्रोणगिरी (वर्तमान दूनागिरी) का वर्णन मिलता है। श्रीमद्भागवतपुराण के अनुसार यह पर्वत भारतवर्ष के उन शैलों में से है, जहाँ से निकलने वाली नदियों से भारत में रहने वाली भारती नामक प्राणी स्वयं को धन्य मानते हैं। (''श्रीमद्भागवतपुराण 5,19,16'')
भारतेअप्स्मिन् वर्षे सरिच्छैला: सन्ति बहव:।
पारियात्रो द्रोणश्चित्रकूटो गोवर्धनो रैवत:।।
एतासामपो भारत्य: प्रजा नामभिरेव पुनन्तीना मात्मना चोपस्पृशन्ति।। (''श्रीमद्भागवतपुराण, 5,19,16'')
श्रीमद्भागवतपुराण के अनुसार दूनागिरी की दूसरी विशेषता इसका औषधि-पर्वत होना है। विष्णु पुराण में भारत के सात कुल पर्वतों में इसे चौथे पर्वत के रूप औषधि-पर्वत के नाम से संबोधित किया गया है।
कुमुदश्चौन्नतश्चैव तृतीयश्च बलाहक:।
द्रोणो यत्र महोषध्य: स चतुर्थो महीधर:।। (''विष्णुपुराण, 2,4,26'')
दूनागिरी की पहचान का तीसरा महत्वपूर्ण लक्षण रामायण व रामलीला में लक्ष्मण-शक्ति का कथा प्रसंग है।
== वैदिक व पौराणिक माहात्म्य ==
कौशिकी रथवाहिन्योर्मध्ये द्रोणगिरी: स्मृत:। (''मानसखण्ड 36,2'')
पुराणों में वर्णित [[वेदव्यास|महर्षि वेदव्यास]] के अनुसार कौशिकी ([[कोसी नदी]]) तथा रथवाहिनी ([[रामगंगा नदी]]) के इन दोनों नदियों के मध्य में स्थित पर्वत द्रोणगिरी है। द्रोण आदि आठों वसु यानि देवतागण इस पर्वतराज की आराधना करते हैं। इस पर्वत पर विभिन्न प्रकार के विलक्षित पशु पक्षियों का आवास है। नाना प्रकार की वनस्पतियॉं उगतीं है, कुछ महौषधि रूपी वनस्पतियॉं रात के अधेरे में दीपक की भॉंति चमकती है। आज भी पर्वत पर घूमने पर हमें विभिन्न प्रकार की वनस्पतियॉं दिखायी देती हैं, जो स्थानीय लोगों की पहचान में भी नहीं आती हैं।
== माँ दूनागिरी का वैष्णवी शक्तिपीठ ==
ईशान कोण की दिशा में समुद्र सतह से लगभग 8000 फुट की ऊँचाई पर, इसी पर्वत पर, मॉं वैष्णवी का प्राचीनतम शक्तिपीठ मन्दिर है।<ref>{{cite web|url=http://www.uttarakhanddarshan.in/history-and-beliefs-of-dunagiri-temple-almora/|title=उत्तराखंड के कुमाऊं में “दूनागिरि” वैष्णो शक्तिपीठ है|publisher=UttarakhandDarshan.in|accessdate=24 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180115053856/http://www.uttarakhanddarshan.in/history-and-beliefs-of-dunagiri-temple-almora/|archive-date=15 जनवरी 2018|url-status=dead}}</ref> इसको अब स्थानीय कुमांऊँनी बोली-भाषा में '''माँ दूनागिरी''' के नाम से जाना जाता है। अत्यन्त प्राचीन काल से दूनागिरी के इस सिद्ध शक्तिपीठ के साथ भारतीय इतिहास और संस्कृति के अनेक महात्म्य जुड़े हुए हैं। देवी के गूढ़ रहस्यों का चिन्तन करने वाले [[ऋषि]] मुनियों ने हिमालय के इस पर्वत पर धूँनी रमाकर अष्टिधात्री के दर्शन किये। (''मुन्डकोपनिषद 1,2,4'')
दूनागिरी मॉं वैष्णवी शक्तिपीठ मन्दिर का पुनर्निर्माण कत्यूरी राजवंश के तत्कालीन शासक सुधारदेव ने 1318 ईसवी में करवाया था। इतना ही नहीं मन्दिर में शिव व पार्वती की मूर्तियाें की प्राण प्रतिष्ठा भी तत्कालीन ही है। दूनागिरी में अनेक वर्षों से योगसाधना करने वाले स्वामी श्री श्री सत्येश्वरानन्द गिरीजी महाराज के अनुसार भारत में वैष्णवी शक्तिपीठ दो ही हैं एक [[वैष्णो देवी]] के नाम से जम्मू-कश्मीर में तथा दूसरा गुप्त शक्तिपीठ दूनागिरी की वैष्णवी माता के रूप में प्रतिष्ठित हैं। दूनागिरी माता का वैष्णवी रूप होने के कारण यहां पर किसी भी प्रकार की बलि को पूर्णता वर्जित किया गया है. साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालु केवल नारियल माता को चढ़ाते हैं. जिन्हें मंदिर परिसर में फोड़ने की इजाजत नहीं है.[https://hindi.buzinessbytes.com/dharm/dunagiri-mata-mandir/]
== द्रोणागिरि पर्वत ==
द्रोणागिरि पर्वत (7,066 मीटर) उत्तराखंड के चमोली ज़िले में स्थित हिमालय की प्रमुख एवं ऊँची पर्वत-चोटियों में से एक है।।<ref>{{cite web | url=https://www.bhaskar.com/jeevan-mantra/dharm/news/dronagiri-mountain-dronagiri-parvat-in-uttarakhand-a-village-in-uttarakhand-where-lord-hanuman-is-not-worshiped-people-here-consider-the-dronagiri-mountain-as-the-deity-127792492.html | title=द्रोणागिरी पर्वत:उत्तराखंड का एक गांव, जहां नहीं होती है हनुमानजी की पूजा, यहां के लोग द्रोणागिरी पर्वत को मानते हैं देवता | work=दैनिक भास्कर| date=16 मार्च 2020 }}</ref> अपनी विराट ऊँचाई और भव्य प्राकृतिक स्वरूप के कारण यह पर्वत क्षेत्र पर्वतारोहियों, प्रकृतिप्रेमियों तथा आध्यात्मिक यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र माना जाता है। यह शिखर नंदा देवी अभयारण्य को घेरे हुए पर्वत-श्रृंखलाओं का महत्वपूर्ण भाग है और अभयारण्य की विशाल प्राकृतिक परिधि के उत्तर-पश्चिमी छोर पर अवस्थित है।
=== हिंदू पौराणिक कथाओं में ===
रामायण के अनुसार संजीवनी एक अद्भुत और दिव्य औषधीय जड़ी-बूटी थी,<ref>{{cite book | url=https://www.google.ae/books/edition/The_Hidden_Son_of_Shiva_Hindi/FNezEQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4&pg=PA68&printsec=frontcover| title=The Hidden Son of Shiva - Hindi| publisher=मांडा पब्लिशर्स| author=करण सिंघानिया, गुंजन चौधरी| isbn= 9789364022958}}</ref> जिसके बारे में विश्वास किया जाता था कि उसमें गंभीरतम रोगों और प्राणघातक आघातों को भी दूर करने की अलौकिक क्षमता विद्यमान थी। मान्यता थी कि इस जड़ी से निर्मित औषधि मृत्यु के समीप पहुँच चुके व्यक्ति को भी पुनर्जीवन प्रदान कर सकती है। भारतीय पौराणिक परंपरा में संजीवनी केवल एक औषधि नहीं, बल्कि आशा, जीवन और चमत्कारी उपचार का प्रतीक मानी जाती है।
रामायण में इसका उल्लेख उस समय आता है जब रावण के पराक्रमी पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) युद्धभूमि में लक्ष्मण पर एक अत्यंत शक्तिशाली अस्त्र का प्रयोग करते हैं। उस प्रहार से लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल होकर मूर्छित हो जाते हैं और उनके प्राण संकट में पड़ जाते हैं।<ref>{{cite web | url=https://navbharattimes.indiatimes.com/travel/destinations/dronagiri-parvat-village-in-uttarakhand-famous-for-its-amazing-story-and-view-points/articleshow/123864036.cms?story=2| title=उत्तराखंड का अनछुआ गांव जहां के पूरे पर्वत को एक बार में उठा ले गए थे हनुमान जी, फिर क्यों नहीं होती उनकी पूजा| work=नवभारत टाइम्स| author=सपना सिंह | access-date=13 सितंबर 2025}}</ref> ऐसी विकट परिस्थिति में भगवान हनुमान को हिमालय क्षेत्र से संजीवनी बूटी लाने का दायित्व सौंपा जाता है, ताकि लक्ष्मण का जीवन बचाया जा सके।
कथा के अनुसार यह दिव्य औषधि विंध्य पर्वत के उत्तर में स्थित द्रोणागिरि पर्वत, अथवा गंधमर्दन पर्वतमाला में पाई जाती थी। अनेक परंपराओं में इस औषधि-समृद्ध क्षेत्र की पहचान वर्तमान उत्तराखंड में बद्रीनाथ के निकट स्थित पुष्पों की घाटी से की जाती है। इसी कारण इस क्षेत्र को कहीं गंधमर्दन तो कहीं द्रोणागिरि के नाम से संबोधित किया गया है।
जब हनुमान द्रोणागिरि पर्वत पर पहुँचे, तब वे संजीवनी बूटी की सही पहचान नहीं कर सके।<ref>{{cite book | url=https://www.google.ae/books/edition/%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF/VU3MEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4&pg=PT189&printsec=frontcover | title=तार्किक ज्योतिष| publisher=विपुल जोशी| date=2023| access-date=18 जुलाई 2023}}</ref> समय अत्यंत सीमित था और लक्ष्मण के प्राण संकट में थे। ऐसी स्थिति में उन्होंने असाधारण शक्ति और बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए संपूर्ण पर्वत ही उखाड़ लिया और उसे युद्धभूमि की ओर ले आए, ताकि आवश्यक औषधि तत्काल प्राप्त की जा सके। यह प्रसंग रामायण में भगवान हनुमान की अतुलनीय शक्ति, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।<ref>{{cite web | url=https://www.thehindu.com/society/history-and-culture/the-legend-behind-nanda-devi/article17475603.ece | title=Peaks that became temples | work=[[द हिंदू]]| date=16 मार्च 2017| access-date=1 दिसंबर 2020}}</ref>
== दूनागिरी क्षेत्र के ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थल ==
; द्वाराहाट (उत्तर-द्वारिका)
[[द्वाराहाट]] दूनागिरी से लगभग 10 किमी पहले है। यह कत्यूरी सामन्तों द्वारा बसाया गया एक ऐतिहासिक व आकर्षक नगर है। इसे उत्तर द्वारिका भी कहते हैं। यह आज भी पौराणिक व धार्मिक मन्दिरों की नगरी है। यहां कत्यूरी शैली की वास्तुकला और इतिहास के गवाह तकरीबन तीस मन्दिर व 365 नौले हैं। जो अब भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित हैं।
; पाण्डवखोली (पॉंण्डुखोली) तथा कुकुछीना
दूनागिरी से 5 किमी आगे पांण्डव कालीन का रहस्यमयी स्थान कुकुछीना है। यहॉं से ऊपर लगभग चार-पाँच किलोमीटर की बीहड़ जंगल की खड़ी चढ़ाई के बाद पाण्डुखोली पर्वत शिखर है। यहॉं पर पॉंचों पाण्डवों ने द्रौपदी सहित अज्ञातवास व्यतीत किया था। जिनके कुछ अवशेष भी विद्यमान हैं। अब कई वर्षों से यहॉं पर एक आश्रम है जहॉं समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठानादि होते रहते हैं। इस रहस्यमयी शान्त पर्वत शिखर का भ्रमण करने काफी पर्यटक आते रहते हैं।
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* [[द्वाराहाट]] के शक्ति-मन्दिर
* नैथनादेवी (नागार्जुन-पर्वत) विष्णु-मन्दिर
* विभाण्डेश्वर महादेव
* भटकोट (लोध्र-पर्वत)
* मॉं मानिलादेवी
* [[पौराणिक बृद्धकेदार]]
* [[सोमनाथेश्वर महादेव]]
* [[गैरसैंण]]
* [[कटारमल सूर्य मन्दिर]]
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== संदेहात्मक भ्रान्तियाँ ==
दूनागिरी तथा दूनागिरी की वैष्णवी शक्तिपीठ देश की चिन्तनधारा से आज भी उपेक्षित है। क्योंकि, उत्तराखंड के बुद्धिजीवियों व सॉस्कृतिक अस्मिता से सरोकार रखने वाले तथा स्थानीय संगठनों ने इस महाशक्ति के प्रचार-प्रसार में विशेष उत्साह नहीं दिखाया।
इस दूनागिरी पर्वत व यहाँ की वैष्णवी शक्तिपीठ के बारे में कुछ लोकप्रचलित भ्रान्तियां भी हैं कि यह वास्तविक द्रोण पर्वत नहीं है। किंवदंती यह भी है कि जब हनुमान जी आकाश मार्ग से जा रहे थे तो द्रोणांचल का टुकड़ा टूटकर दूनागिरी कहलाया, परन्तु इसका कोई ठोस उल्लेख न तो रामायण में है और ना ही किन्हीं पौराणिक ग्रन्थों में। जो भी वर्णन व आधार मिलते हैं, उनसे यही स्पष्ट होता है कि अर्वाचीन द्रोण यही वर्तमान दूनागिरी है।
इस प्रकार दूनागिरी के विषय में प्रचलित मान्यताओं का न तो पुराणादि ग्रन्थों में पुष्टि पायी जाती है और न ही रामायण में ऐसी कोई घटना का उल्लेख मिलता है, जिससे यह ज्ञात हो जाये कि हनुमानजी जब द्रोणांचल को लेकर जा रहे थे, उसका कोई टुकड़ा मार्ग में कहीं गिर गया हो। कुछ विद्वानों का मत यह भी है कि गुरु द्रोणाचार्य ने इस पर्वत पर तपस्या की थी, जिस कारण उन्हीं के नाम पर इसका नाम द्रोणागिरी पड़ा जिसका अपभ्रंश स्थानीय बोली के अनुसार दूनागिरी हो गया। अब दूनागिरी बोला जाने लगा है।
== आवागमन के स्रोत ==
दूनागिरी अथवा द्रोणागिरी पहुंचने के लिये उत्तर भारत के विभिन्न स्थानों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
===वायु मार्ग===
यहॉं के लिये निकटतम हवाई अड्डा [[रुद्रपुर]] व [[हल्द्वानी]] के मध्य में स्थित [[पंतनगर विमानक्षेत्र]] नामक हवाई अड्डा है। यह सड़क द्वारा लगभग 175 से 200 किलोमीटर की दूरी पर पंतनगर में स्थित है। जहॉं से सुविधानुसार टैक्सी अथवा कार से पहुंचा जाता है।
* सबसे निकटतम प्रस्तावित हवाई अड्डा चौखुटिया से मात्र 25-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दूनागिरी है।
===रेल मार्ग===
निकटतम रेलवे स्टेशन [[काठगोदाम रेलवे स्टेशन|रेलवे जंक्शन काठगोदाम]] है, जो लगभग 161 किलोमीटर की दूरी पर तथा दूसरा रेलवे जंक्शन 115 किलोमीटर पर [[रामनगर, उत्तराखण्ड|रामनगर]] में स्थित है। दोनों स्थानों से सुविधानुसार उत्तराखण्ड परिवहन की बस अथवा टैक्सी कार द्वारा आसानी से दूनागिरी पहुँचा जा सकता है।
===सड़क मार्ग===
यह [[रानीखेत]] से लगभग 40 किलोमीटर, [[द्वाराहाट]] से 14 किमी व [[मॉंसी]] से 40-45 किमी तथा उत्तराखण्ड राज्य की प्रस्तावित स्थाई राजधानी [[गैरसैंण]] से लगभग 60-65 किलोमीटर की दूरी पर है।
* दिल्ली के [[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनन्द विहार आईएसबीटी]] से द्वाराहाट तक के लिए [[उत्तराखण्ड परिवहन निगम|उत्तराखण्ड परिवहन]] की बसें नियमित रूप से उपलब्ध होती हैं। जिनके द्वारा 10-12 घंटों में यहाँ पहुँचा जाता है। प्रदेश के अन्य स्थानों से भी बसों की सुविधाऐं उपलब्ध हैं।
== सन्दर्भ ==
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== इन्हें भी देखें ==
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* [[कटारमल सूर्य मन्दिर]]
* [[पौराणिक बृद्धकेदार]]
* [[सोमनाथेश्वर महादेव]]
* [[जागेश्वर धाम, अल्मोड़ा]]
* [[पाताल भुवनेश्वर]]
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== बाहरी कड़ियाँ ==
{{उत्तराखण्ड के हिन्दू मन्दिर}}
[[श्रेणी:पर्वत]]
[[श्रेणी:हिमालय]]
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चाहर धर्मेंद्र
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तस्वीर
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wikitext
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{{Infobox Mandir
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|caption = मॉं दूनागिरी मन्दिर (2013)
|proper_name = '''मॉं दूनागिरी (द्रोणागिरी)'''
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[[File:Almora Uttarakhand India 2013.jpg|thumb|दूनागिरी]]
'''दूनागिरी''' भूमंडल में दक्षिण एशिया स्थित [[भारत]]वर्ष के [[उत्तराखण्ड]] प्रदेश के अन्तर्गत कुमांऊँ क्षेत्र के [[अल्मोड़ा]] जिले में एक पौराणिक पर्वत शिखर का नाम है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणागिरी, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इसी पर्वत के पर्यायवाची शब्द हैं। कालान्तर के उपरांत द्रोण का अपभ्रंश होते-होते वर्तमान में इस पर्वत को कुमांऊँनी बोली के समरूप अथवा अनुसार दूनागिरी नाम से पुकारा जाने लगा है।<ref>{{cite web|url=https://www.euttaranchal.com/tourism/dunagiri-temple.php|title=When Hanuman Ji was carrying the mountain with 'Sanjiwani Buti' for Laxman|publisher=eUttaranchal.com|accessdate=14 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171114145108/https://www.euttaranchal.com/tourism/dunagiri-temple.php|archive-date=14 नवंबर 2017|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.uttarakhand-tourism.com/uttarakhand/dunagiri.php|title=Dunagiri in Uttarakhand is a part of Kumaon Tourism|publisher=Uttarakhand Tourism|accessdate=14 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171114202148/http://www.uttarakhand-tourism.com/uttarakhand/dunagiri.php|archive-date=14 नवंबर 2017|url-status=dead}}</ref> यथार्थत: यह पौराणिक उल्लिखित द्रोण है।<ref>{{cite web|url=http://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/renowned-dunagiri-shaktipeeth|title=हिमालयन गजेटियर में भी दूनागिरि को ही प्राचीन द्रोणागिरी पर्वत माना है।|publisher=अमर उजाला, हिन्दी दैनिक, उत्तराखण्ड परिशिष्ट|accessdate=15 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171115213812/http://www.amarujala.com/uttarakhand/almora/renowned-dunagiri-shaktipeeth|archive-date=15 नवंबर 2017|url-status=live}}</ref>
== पौराणिक इतिहास व संस्कृति का समन्वय ==
भारतवर्ष के पौराणिक भूगोल व इतिहास के अनुसार यह सात महत्वपूर्ण [[पर्वत]] शिखरों में से एक माना जाता है। [[विष्णु पुराण]], [[मत्स्य पुराण]], [[ब्रह्माण्ड पुराण]], [[वायु पुराण]], श्रीमद्[[भागवत पुराण]], [[कूर्म पुराण]], [[देवीभागवत पुराण]] आदि पुराणों में सप्तद्वीपीय भूगोल रचना के अन्तर्गत द्रोणगिरी (वर्तमान दूनागिरी) का वर्णन मिलता है। श्रीमद्भागवतपुराण के अनुसार यह पर्वत भारतवर्ष के उन शैलों में से है, जहाँ से निकलने वाली नदियों से भारत में रहने वाली भारती नामक प्राणी स्वयं को धन्य मानते हैं। (''श्रीमद्भागवतपुराण 5,19,16'')
भारतेअप्स्मिन् वर्षे सरिच्छैला: सन्ति बहव:।
पारियात्रो द्रोणश्चित्रकूटो गोवर्धनो रैवत:।।
एतासामपो भारत्य: प्रजा नामभिरेव पुनन्तीना मात्मना चोपस्पृशन्ति।। (''श्रीमद्भागवतपुराण, 5,19,16'')
श्रीमद्भागवतपुराण के अनुसार दूनागिरी की दूसरी विशेषता इसका औषधि-पर्वत होना है। विष्णु पुराण में भारत के सात कुल पर्वतों में इसे चौथे पर्वत के रूप औषधि-पर्वत के नाम से संबोधित किया गया है।
कुमुदश्चौन्नतश्चैव तृतीयश्च बलाहक:।
द्रोणो यत्र महोषध्य: स चतुर्थो महीधर:।। (''विष्णुपुराण, 2,4,26'')
दूनागिरी की पहचान का तीसरा महत्वपूर्ण लक्षण रामायण व रामलीला में लक्ष्मण-शक्ति का कथा प्रसंग है।
== वैदिक व पौराणिक माहात्म्य ==
कौशिकी रथवाहिन्योर्मध्ये द्रोणगिरी: स्मृत:। (''मानसखण्ड 36,2'')
पुराणों में वर्णित [[वेदव्यास|महर्षि वेदव्यास]] के अनुसार कौशिकी ([[कोसी नदी]]) तथा रथवाहिनी ([[रामगंगा नदी]]) के इन दोनों नदियों के मध्य में स्थित पर्वत द्रोणगिरी है। द्रोण आदि आठों वसु यानि देवतागण इस पर्वतराज की आराधना करते हैं। इस पर्वत पर विभिन्न प्रकार के विलक्षित पशु पक्षियों का आवास है। नाना प्रकार की वनस्पतियॉं उगतीं है, कुछ महौषधि रूपी वनस्पतियॉं रात के अधेरे में दीपक की भॉंति चमकती है। आज भी पर्वत पर घूमने पर हमें विभिन्न प्रकार की वनस्पतियॉं दिखायी देती हैं, जो स्थानीय लोगों की पहचान में भी नहीं आती हैं।
== माँ दूनागिरी का वैष्णवी शक्तिपीठ ==
ईशान कोण की दिशा में समुद्र सतह से लगभग 8000 फुट की ऊँचाई पर, इसी पर्वत पर, मॉं वैष्णवी का प्राचीनतम शक्तिपीठ मन्दिर है।<ref>{{cite web|url=http://www.uttarakhanddarshan.in/history-and-beliefs-of-dunagiri-temple-almora/|title=उत्तराखंड के कुमाऊं में “दूनागिरि” वैष्णो शक्तिपीठ है|publisher=UttarakhandDarshan.in|accessdate=24 नवम्बर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20180115053856/http://www.uttarakhanddarshan.in/history-and-beliefs-of-dunagiri-temple-almora/|archive-date=15 जनवरी 2018|url-status=dead}}</ref> इसको अब स्थानीय कुमांऊँनी बोली-भाषा में '''माँ दूनागिरी''' के नाम से जाना जाता है। अत्यन्त प्राचीन काल से दूनागिरी के इस सिद्ध शक्तिपीठ के साथ भारतीय इतिहास और संस्कृति के अनेक महात्म्य जुड़े हुए हैं। देवी के गूढ़ रहस्यों का चिन्तन करने वाले [[ऋषि]] मुनियों ने हिमालय के इस पर्वत पर धूँनी रमाकर अष्टिधात्री के दर्शन किये। (''मुन्डकोपनिषद 1,2,4'')
दूनागिरी मॉं वैष्णवी शक्तिपीठ मन्दिर का पुनर्निर्माण कत्यूरी राजवंश के तत्कालीन शासक सुधारदेव ने 1318 ईसवी में करवाया था। इतना ही नहीं मन्दिर में शिव व पार्वती की मूर्तियाें की प्राण प्रतिष्ठा भी तत्कालीन ही है। दूनागिरी में अनेक वर्षों से योगसाधना करने वाले स्वामी श्री श्री सत्येश्वरानन्द गिरीजी महाराज के अनुसार भारत में वैष्णवी शक्तिपीठ दो ही हैं एक [[वैष्णो देवी]] के नाम से जम्मू-कश्मीर में तथा दूसरा गुप्त शक्तिपीठ दूनागिरी की वैष्णवी माता के रूप में प्रतिष्ठित हैं। दूनागिरी माता का वैष्णवी रूप होने के कारण यहां पर किसी भी प्रकार की बलि को पूर्णता वर्जित किया गया है. साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालु केवल नारियल माता को चढ़ाते हैं. जिन्हें मंदिर परिसर में फोड़ने की इजाजत नहीं है.[https://hindi.buzinessbytes.com/dharm/dunagiri-mata-mandir/]
== द्रोणागिरि पर्वत ==
[[File:Dunagiri from Kuari Pass.jpg|thumb|कुआरी दर्रे से द्रोणागिरि]]
द्रोणागिरि पर्वत (7,066 मीटर) उत्तराखंड के चमोली ज़िले में स्थित हिमालय की प्रमुख एवं ऊँची पर्वत-चोटियों में से एक है।।<ref>{{cite web | url=https://www.bhaskar.com/jeevan-mantra/dharm/news/dronagiri-mountain-dronagiri-parvat-in-uttarakhand-a-village-in-uttarakhand-where-lord-hanuman-is-not-worshiped-people-here-consider-the-dronagiri-mountain-as-the-deity-127792492.html | title=द्रोणागिरी पर्वत:उत्तराखंड का एक गांव, जहां नहीं होती है हनुमानजी की पूजा, यहां के लोग द्रोणागिरी पर्वत को मानते हैं देवता | work=दैनिक भास्कर| date=16 मार्च 2020 }}</ref> अपनी विराट ऊँचाई और भव्य प्राकृतिक स्वरूप के कारण यह पर्वत क्षेत्र पर्वतारोहियों, प्रकृतिप्रेमियों तथा आध्यात्मिक यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र माना जाता है। यह शिखर नंदा देवी अभयारण्य को घेरे हुए पर्वत-श्रृंखलाओं का महत्वपूर्ण भाग है और अभयारण्य की विशाल प्राकृतिक परिधि के उत्तर-पश्चिमी छोर पर अवस्थित है।
=== हिंदू पौराणिक कथाओं में ===
[[File:Dunagiri from Kartik Swami Temple.jpg|thumb|कार्तिक स्वामी मंदिर से द्रोणागिरि शिखर का दृश्य]]
रामायण के अनुसार संजीवनी एक अद्भुत और दिव्य औषधीय जड़ी-बूटी थी,<ref>{{cite book | url=https://www.google.ae/books/edition/The_Hidden_Son_of_Shiva_Hindi/FNezEQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4&pg=PA68&printsec=frontcover| title=The Hidden Son of Shiva - Hindi| publisher=मांडा पब्लिशर्स| author=करण सिंघानिया, गुंजन चौधरी| isbn= 9789364022958}}</ref> जिसके बारे में विश्वास किया जाता था कि उसमें गंभीरतम रोगों और प्राणघातक आघातों को भी दूर करने की अलौकिक क्षमता विद्यमान थी। मान्यता थी कि इस जड़ी से निर्मित औषधि मृत्यु के समीप पहुँच चुके व्यक्ति को भी पुनर्जीवन प्रदान कर सकती है। भारतीय पौराणिक परंपरा में संजीवनी केवल एक औषधि नहीं, बल्कि आशा, जीवन और चमत्कारी उपचार का प्रतीक मानी जाती है।
रामायण में इसका उल्लेख उस समय आता है जब रावण के पराक्रमी पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) युद्धभूमि में लक्ष्मण पर एक अत्यंत शक्तिशाली अस्त्र का प्रयोग करते हैं। उस प्रहार से लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल होकर मूर्छित हो जाते हैं और उनके प्राण संकट में पड़ जाते हैं।<ref>{{cite web | url=https://navbharattimes.indiatimes.com/travel/destinations/dronagiri-parvat-village-in-uttarakhand-famous-for-its-amazing-story-and-view-points/articleshow/123864036.cms?story=2| title=उत्तराखंड का अनछुआ गांव जहां के पूरे पर्वत को एक बार में उठा ले गए थे हनुमान जी, फिर क्यों नहीं होती उनकी पूजा| work=नवभारत टाइम्स| author=सपना सिंह | access-date=13 सितंबर 2025}}</ref> ऐसी विकट परिस्थिति में भगवान हनुमान को हिमालय क्षेत्र से संजीवनी बूटी लाने का दायित्व सौंपा जाता है, ताकि लक्ष्मण का जीवन बचाया जा सके।
कथा के अनुसार यह दिव्य औषधि विंध्य पर्वत के उत्तर में स्थित द्रोणागिरि पर्वत, अथवा गंधमर्दन पर्वतमाला में पाई जाती थी। अनेक परंपराओं में इस औषधि-समृद्ध क्षेत्र की पहचान वर्तमान उत्तराखंड में बद्रीनाथ के निकट स्थित पुष्पों की घाटी से की जाती है। इसी कारण इस क्षेत्र को कहीं गंधमर्दन तो कहीं द्रोणागिरि के नाम से संबोधित किया गया है।
जब हनुमान द्रोणागिरि पर्वत पर पहुँचे, तब वे संजीवनी बूटी की सही पहचान नहीं कर सके।<ref>{{cite book | url=https://www.google.ae/books/edition/%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%95_%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF/VU3MEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4&pg=PT189&printsec=frontcover | title=तार्किक ज्योतिष| publisher=विपुल जोशी| date=2023| access-date=18 जुलाई 2023}}</ref> समय अत्यंत सीमित था और लक्ष्मण के प्राण संकट में थे। ऐसी स्थिति में उन्होंने असाधारण शक्ति और बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए संपूर्ण पर्वत ही उखाड़ लिया और उसे युद्धभूमि की ओर ले आए, ताकि आवश्यक औषधि तत्काल प्राप्त की जा सके। यह प्रसंग रामायण में भगवान हनुमान की अतुलनीय शक्ति, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।<ref>{{cite web | url=https://www.thehindu.com/society/history-and-culture/the-legend-behind-nanda-devi/article17475603.ece | title=Peaks that became temples | work=[[द हिंदू]]| date=16 मार्च 2017| access-date=1 दिसंबर 2020}}</ref>
== दूनागिरी क्षेत्र के ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थल ==
; द्वाराहाट (उत्तर-द्वारिका)
[[द्वाराहाट]] दूनागिरी से लगभग 10 किमी पहले है। यह कत्यूरी सामन्तों द्वारा बसाया गया एक ऐतिहासिक व आकर्षक नगर है। इसे उत्तर द्वारिका भी कहते हैं। यह आज भी पौराणिक व धार्मिक मन्दिरों की नगरी है। यहां कत्यूरी शैली की वास्तुकला और इतिहास के गवाह तकरीबन तीस मन्दिर व 365 नौले हैं। जो अब भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित हैं।
; पाण्डवखोली (पॉंण्डुखोली) तथा कुकुछीना
दूनागिरी से 5 किमी आगे पांण्डव कालीन का रहस्यमयी स्थान कुकुछीना है। यहॉं से ऊपर लगभग चार-पाँच किलोमीटर की बीहड़ जंगल की खड़ी चढ़ाई के बाद पाण्डुखोली पर्वत शिखर है। यहॉं पर पॉंचों पाण्डवों ने द्रौपदी सहित अज्ञातवास व्यतीत किया था। जिनके कुछ अवशेष भी विद्यमान हैं। अब कई वर्षों से यहॉं पर एक आश्रम है जहॉं समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठानादि होते रहते हैं। इस रहस्यमयी शान्त पर्वत शिखर का भ्रमण करने काफी पर्यटक आते रहते हैं।
{{Div col|3}}
* [[द्वाराहाट]] के शक्ति-मन्दिर
* नैथनादेवी (नागार्जुन-पर्वत) विष्णु-मन्दिर
* विभाण्डेश्वर महादेव
* भटकोट (लोध्र-पर्वत)
* मॉं मानिलादेवी
* [[पौराणिक बृद्धकेदार]]
* [[सोमनाथेश्वर महादेव]]
* [[गैरसैंण]]
* [[कटारमल सूर्य मन्दिर]]
{{Div col end}}
== संदेहात्मक भ्रान्तियाँ ==
दूनागिरी तथा दूनागिरी की वैष्णवी शक्तिपीठ देश की चिन्तनधारा से आज भी उपेक्षित है। क्योंकि, उत्तराखंड के बुद्धिजीवियों व सॉस्कृतिक अस्मिता से सरोकार रखने वाले तथा स्थानीय संगठनों ने इस महाशक्ति के प्रचार-प्रसार में विशेष उत्साह नहीं दिखाया।
इस दूनागिरी पर्वत व यहाँ की वैष्णवी शक्तिपीठ के बारे में कुछ लोकप्रचलित भ्रान्तियां भी हैं कि यह वास्तविक द्रोण पर्वत नहीं है। किंवदंती यह भी है कि जब हनुमान जी आकाश मार्ग से जा रहे थे तो द्रोणांचल का टुकड़ा टूटकर दूनागिरी कहलाया, परन्तु इसका कोई ठोस उल्लेख न तो रामायण में है और ना ही किन्हीं पौराणिक ग्रन्थों में। जो भी वर्णन व आधार मिलते हैं, उनसे यही स्पष्ट होता है कि अर्वाचीन द्रोण यही वर्तमान दूनागिरी है।
इस प्रकार दूनागिरी के विषय में प्रचलित मान्यताओं का न तो पुराणादि ग्रन्थों में पुष्टि पायी जाती है और न ही रामायण में ऐसी कोई घटना का उल्लेख मिलता है, जिससे यह ज्ञात हो जाये कि हनुमानजी जब द्रोणांचल को लेकर जा रहे थे, उसका कोई टुकड़ा मार्ग में कहीं गिर गया हो। कुछ विद्वानों का मत यह भी है कि गुरु द्रोणाचार्य ने इस पर्वत पर तपस्या की थी, जिस कारण उन्हीं के नाम पर इसका नाम द्रोणागिरी पड़ा जिसका अपभ्रंश स्थानीय बोली के अनुसार दूनागिरी हो गया। अब दूनागिरी बोला जाने लगा है।
== आवागमन के स्रोत ==
दूनागिरी अथवा द्रोणागिरी पहुंचने के लिये उत्तर भारत के विभिन्न स्थानों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
===वायु मार्ग===
यहॉं के लिये निकटतम हवाई अड्डा [[रुद्रपुर]] व [[हल्द्वानी]] के मध्य में स्थित [[पंतनगर विमानक्षेत्र]] नामक हवाई अड्डा है। यह सड़क द्वारा लगभग 175 से 200 किलोमीटर की दूरी पर पंतनगर में स्थित है। जहॉं से सुविधानुसार टैक्सी अथवा कार से पहुंचा जाता है।
* सबसे निकटतम प्रस्तावित हवाई अड्डा चौखुटिया से मात्र 25-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दूनागिरी है।
===रेल मार्ग===
निकटतम रेलवे स्टेशन [[काठगोदाम रेलवे स्टेशन|रेलवे जंक्शन काठगोदाम]] है, जो लगभग 161 किलोमीटर की दूरी पर तथा दूसरा रेलवे जंक्शन 115 किलोमीटर पर [[रामनगर, उत्तराखण्ड|रामनगर]] में स्थित है। दोनों स्थानों से सुविधानुसार उत्तराखण्ड परिवहन की बस अथवा टैक्सी कार द्वारा आसानी से दूनागिरी पहुँचा जा सकता है।
===सड़क मार्ग===
यह [[रानीखेत]] से लगभग 40 किलोमीटर, [[द्वाराहाट]] से 14 किमी व [[मॉंसी]] से 40-45 किमी तथा उत्तराखण्ड राज्य की प्रस्तावित स्थाई राजधानी [[गैरसैंण]] से लगभग 60-65 किलोमीटर की दूरी पर है।
* दिल्ली के [[स्वामी विवेकानंद अंतर्राज्यीय बस अड्डा|आनन्द विहार आईएसबीटी]] से द्वाराहाट तक के लिए [[उत्तराखण्ड परिवहन निगम|उत्तराखण्ड परिवहन]] की बसें नियमित रूप से उपलब्ध होती हैं। जिनके द्वारा 10-12 घंटों में यहाँ पहुँचा जाता है। प्रदेश के अन्य स्थानों से भी बसों की सुविधाऐं उपलब्ध हैं।
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
{{Div col|4}}
* [[कटारमल सूर्य मन्दिर]]
* [[पौराणिक बृद्धकेदार]]
* [[सोमनाथेश्वर महादेव]]
* [[जागेश्वर धाम, अल्मोड़ा]]
* [[पाताल भुवनेश्वर]]
{{Div col end}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{उत्तराखण्ड के हिन्दू मन्दिर}}
[[श्रेणी:पर्वत]]
[[श्रेणी:हिमालय]]
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मिताहार
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
'''मिताहार''' (= मित + आहार ; अर्थात, कम खाना) , भोजन की मात्रा से सम्बन्धित [[योग]] की एक संकल्पना है। यह दस [[यम|यमों]] में से एक है। मिताहार की चर्चा ३० से अधिक ग्रन्थों में हुई है, जैसे [[शाण्डिल्योपनिषद|शाण्डिल्य उपनिषद]], [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]], [[दशकुमारचरित]] तथा [[हठयोग प्रदीपिका]] आदि।
[[हठयोगप्रदीपिका]] (१.५७) में कहा गया है-
:''ब्रह्मचारी मिताहारी त्यागी योगपरायणः ।
: ''अब्दादूर्ध्वं भवेद्सिद्धो नात्र कार्या विछारणा ॥
इसी प्रकार, [[दर्शनोपनिषद]] में कहा गया है-
: ''अल्पमृष्टाशनाभ्यां च चतुर्थांशावशेषकम् ।
: ''तस्माद्योगानुगुण्येन भोजनं मितभोजनम् ॥ १९॥'' <ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8_%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A6%E0%A5%8D/%E0%A4%96%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%83_%E0%A5%A7|title=जाबालदर्शन उपनिषद्/खण्डः १ - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org}}</ref>}}
: '''अर्थ''' : जो अल्प हो, मृष्ट (सुपाच्य) हो और खाने के बाद पेट का चतुर्थ भाग शेष रखता हो, ऐसा 'मिताहार' योगी के अनुकूल है।
'मिताहार' से जुड़े कुछ शुरुआती विचार ''[[तैत्तिरीय उपनिषद]]'' में मिलते हैं, जो कई श्लोकों में स्वस्थ जीवन के लिए भोजन के महत्व, जीवन चक्र के साथ-साथ शरीर में इसकी भूमिका और स्वयं (ब्रह्म, आत्मन, आत्मा) पर इसके प्रभाव की चर्चा करता है।<ref>[http://archive.org/details/taittiriyaupanis00sankiala The Taittiriya-upanishad]</ref> स्टाइल्स (Stiles) का कहना है कि यह ''उपनिषद'' इस बात पर प्रकाश डालता है कि भोजन से ही जीवन उत्पन्न होता है, भोजन से ही यह कायम रहता है और जीवन के चले जाने पर यह भोजन में ही लीन हो जाता है। <ref>[https://www.worldcat.org/oclc/221148897 Ayurvedic yoga therapy]</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[अहिंसा]]
*[[सत्य]]
*[[अस्तेय]]
*[[ब्रह्मचर्य]]
*[[क्षमा]]
*[[धृति]]
*[[दया]]
*[[आर्जव]]
*[[अपमलन|शौच]]
*[[अक्रोध]]
*[[दान]]
[[श्रेणी:योग]]
[[श्रेणी:हिन्दू दर्शन]]
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
'''मिताहार''' (= मित + आहार ; अर्थात, कम खाना) , भोजन की मात्रा से सम्बन्धित [[योग]] की एक संकल्पना है। यह दस [[यम|यमों]] में से एक है। मिताहार की चर्चा ३० से अधिक ग्रन्थों में हुई है, जैसे [[शाण्डिल्योपनिषद|शाण्डिल्य उपनिषद]], [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]], [[दशकुमारचरित]] तथा [[हठयोग प्रदीपिका]] आदि।
[[हठयोगप्रदीपिका]] (१.५७) में कहा गया है-
:''ब्रह्मचारी मिताहारी त्यागी योगपरायणः ।
: ''अब्दादूर्ध्वं भवेद्सिद्धो नात्र कार्या विछारणा ॥
इसी प्रकार, [[दर्शनोपनिषद]] में कहा गया है-
: ''अल्पमृष्टाशनाभ्यां च चतुर्थांशावशेषकम् ।
: ''तस्माद्योगानुगुण्येन भोजनं मितभोजनम् ॥ १९॥'' <ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8_%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A6%E0%A5%8D/%E0%A4%96%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%83_%E0%A5%A7|title=जाबालदर्शन उपनिषद्/खण्डः १ - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org}}</ref>}}
: '''अर्थ''' : जो अल्प हो, मृष्ट (सुपाच्य) हो और खाने के बाद पेट का चतुर्थ भाग शेष रखता हो, ऐसा 'मिताहार' योगी के अनुकूल है।
'मिताहार' से जुड़े कुछ शुरुआती विचार ''[[तैत्तिरीय उपनिषद]]'' में मिलते हैं, जो कई श्लोकों में स्वस्थ जीवन के लिए भोजन के महत्व, जीवन चक्र के साथ-साथ शरीर में इसकी भूमिका और स्वयं (ब्रह्म, आत्मन, आत्मा) पर इसके प्रभाव की चर्चा करता है।<ref>[http://archive.org/details/taittiriyaupanis00sankiala The Taittiriya-upanishad]</ref> स्टाइल्स (Stiles) का कहना है कि यह ''उपनिषद'' इस बात पर प्रकाश डालता है कि भोजन से ही जीवन उत्पन्न होता है, भोजन से ही यह कायम रहता है और जीवन के चले जाने पर यह भोजन में ही लीन हो जाता है। <ref>[https://www.worldcat.org/oclc/221148897 Ayurvedic yoga therapy]</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[अहिंसा]]
*[[सत्य]]
*[[अस्तेय]]
*[[ब्रह्मचर्य]]
*[[क्षमा]]
*[[धृति]]
*[[दया]]
*[[आर्जव]]
*[[अपमलन|शौच]]
*[[अक्रोध]]
*[[दान]]
{{योग}}
[[श्रेणी:योग]]
[[श्रेणी:हिन्दू दर्शन]]
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तमिल नाडु के मुख्यमंत्रियों की सूची
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{{Infobox official post|post=मुख्यमंत्री|body=तमिल नाडु|flag=Flag of India.svg|flagcaption=भारत का राष्ट्रीय ध्वज|flagborder=yes
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* [[सी. एन. अन्नादुरई]] (तमिलनाडु राज्य)}}
== सूची ==
यह सूची [[भारत]] के [[तमिल नाडु]] राज्य के मुख्यमंत्रियों की है। [[तमिल नाडु]] के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास राज्य की राजधानी [[चेन्नई]] में है।
'''मद्रास प्रेसीडेंसी के मुख्यमंत्री'''
* ए सुब्बारायालू रेडडियर
* पनगंती रामरायनिंगर
* पी. सुब्बारायण
* बी मुनुस्वामी नायडू
* रामकृष्ण रंगा राव
* पीटी राजन
* कुर्मा वेंकट रेड्डी नायडू
* सी. राजगोपालाचारी
* टी. प्रकाशम
* ओमानथुर पी. रामास्वामी रेड्डियर
* पीएस कुमारस्वामी राजा
'''मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री'''
* पीएस कुमारस्वामी राजा
* सी. राजगोपालाचारी
* [[के. कामराज|के कामराज]]
* एम. भक्तवत्सलम
* सीएन अन्नादुरई
'''तमिलनाडु के मुख्यमंत्री'''
* [[सी॰एन॰ अन्नादुरै|सीएन अन्नादुरई]]
* [[करुणानिधि|एम. करुणानिधि]]
* [[मारुतूर गोपालन रामचन्द्रन|एमजी रामचंद्रन]]
* [[वीएन जानकी रामचंद्रन]]
* [[जयललिता|जे. जयललिता]]
* [[ओ॰ पन्नीरसेल्वम]]
* [[एडप्पाडी क पलनीस्वामी]]
* [[एम॰ के॰ स्टालिन]]
* [[विजय (अभिनेता)|सी. जोसेफ विजय]]
==सन्दर्भ==
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:तमिल नाडु की राजनीति]]
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जेम्स संगमा
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{{Infobox officeholder
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'''जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा''' (जन्म 1976 तुरा में) भारतीय राज्य [[मेघालय]] के राजनेता हैं।<ref>{{cite news|url=http://www.expressindia.com/news/ie/daily/19990925/ipo25087.html|title=`In Garo Hills, I'm the moon that won't be eclipsed'|date=25 सितम्बर 1999|work=इंडियन एक्सप्रेस|url-status=dead|archiveurl=https://web.archive.org/web/20120122093810/http://www.expressindia.com/news/ie/daily/19990925/ipo25087.html|archivedate=22 जनवरी 2012|df=}}</ref> संगमा [[मेघालय]] सरकार में गृह मंत्री, जिला परिषद मामलों के विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग, कानून विभाग, विद्युत विभाग मंत्री हैं। वे [[मेघालय विधानसभा चुनाव, 2008]] में अपने भाई [[कॉनराड संगमा]] के साथ पहली बार [[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी]] से विधायक बनें, जहाँ वे [[पश्चिम गारो हिल्स जिला|पश्चिम गारो हिल्स जिले]] के [[देदेंगग्रे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] का प्रतिनिधित्व करते थें।<ref>{{cite news|url=http://www.rediff.com/news/2008/apr/23sangma.htm|title=Sangma dynasty gains momentum in Meghalaya|date=23 अप्रैल 2008|publisher=[[Rediff.com]] समाचार|access-date=2 मार्च 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20090508144721/http://www.rediff.com/news/2008/apr/23sangma.htm|archive-date=8 मई 2009|url-status=live}}</ref>
संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमन्त्री [[पी॰ ए॰ संगमा]] के पुत्र है तथा वर्तमान मुख्यमंत्री [[कॉनराड संगमा]] के भाई हैं। उनकी बहन [[अगाथा संगमा]] पंद्रहवीं लोकसभा में सांसद तथा केन्द्र सरकार में राज्य मंत्री थीं, जबकि उनके भाई कॉनराड संगमा 2009 से 2013 के मध्य मेघालय विधानसभा विपक्ष के नेता रह चुके हैं और वर्तमान में वे [[तुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र]] से सांसद है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:1976 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:मेघालय के लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
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साँचा:आयुर्वेद
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अनुनाद सिंह
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|name = आयुर्वेद
|title = [[आयुर्वेद]]
|group1 = संकल्पानाएँ
|list1 = [[त्रिदोष]] * [[निदान (संस्कृत)|निदान]] * [[पंचकर्म|पञ्चकर्म]] * [[शल्यतन्त्र]] * [[अभ्यंग]] * [[द्रव्यगुण शास्त्र|द्रव्यगुण]] * [[भैषज्यकल्पना]] * [[दिनचर्या]] * [[ऋतुचर्या]] * [[मर्म चिकित्सा]]
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|list5 = [[आयुर्वेद का इतिहास]] * [[आयुर्वेदिक चिकित्सा|आयुर्वैदिक चिकित्सा]] * [[आयुर्वेद में नयी खोजें]] * [[आयुर्वेद में प्रयुक्त जड़ी-बूटियाँ तथा खनिज]] * [[बैचलर ऑफ़ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी|आयुर्वेद की शिक्षा (बीएएमएस)]] * [[राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस]]
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[[श्रेणी:चिकित्सा साँचे|{{PAGENAME}}]]
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अनुनाद सिंह
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text/x-wiki
{{Navbox
|name = आयुर्वेद
|title = [[आयुर्वेद]]
|group1 = संकल्पानाएँ
|list1 = [[त्रिदोष]] * [[निदान (संस्कृत)|निदान]] * [[पंचकर्म|पञ्चकर्म]] * [[शल्यतन्त्र]] * [[अभ्यंग]] * [[द्रव्यगुण शास्त्र|द्रव्यगुण]] * [[भैषज्यकल्पना]] * [[दिनचर्या]] * [[ऋतुचर्या]] * [[मर्म चिकित्सा]]
|group2 =आठ अंग (अष्टांग)
|list2 = [[काय-चिकित्सा|कायचिकित्सा]] * [[कौमारभृत्य]] * [[शल्यतन्त्र]] * [[शालाक्य|शालाक्यतंत्र]] * [[भूत विद्या|भूतविद्या]] * [[अगदतंत्र]] * [[रसायन]] * [[वाजीकरण]]
|group6 = ग्रन्थ
|list6 = [[चरकसंहिता]] * [[सुश्रुतसंहिता]] * [[अष्टांगसंग्रह]] * [[अष्टांग हृदय|अष्टांगहृदयम]] * [[माधवनिदान]] * [[शार्ङ्गधरसंहिता|शारंगधरसंहिता]] * [[भावप्रकाश]]
|group3 = आयुर्वेदाचार्य
|list3 = [[धन्वन्तरि]] * [[अश्विनीकुमार]] * [[चरक]] * [[सुश्रुत]] * [[वाग्भट]] * [[भाव मिश्र]] * [[शार्ङ्गधर]]
|group4 = संस्थान
|list4 = [[आयुष मंत्रालय]] * [[केन्द्रीय भारतीय औषधि परिषद]] * [[अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान]] * [[राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान]] * [[केंद्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसंधान परिषद]] * [[विश्व आयुर्वेद परिषद]]
|group5 = अन्य
|list5 = [[आयुर्वेद का इतिहास]] * [[आयुर्वेदिक चिकित्सा|आयुर्वैदिक चिकित्सा]] * [[आयुर्वेद में नयी खोजें]] * [[आयुर्वेद में प्रयुक्त जड़ी-बूटियाँ तथा खनिज]] * [[बैचलर ऑफ़ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी|आयुर्वेद की शिक्षा (बीएएमएस)]] * [[राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस]]
}}<noinclude>
[[श्रेणी:चिकित्सा साँचे|{{PAGENAME}}]]
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विकिपीडिया:प्रयोगस्थल
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Prem Puri Goswami
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प्रेम पुरी गोस्वामी**
**प्रेम पुरी गोस्वामी** (अंग्रेज़ी: Prem Puri Goswami) एक भारतीय डिजिटल उद्यमी, ब्लॉगर और शिक्षक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान में शिक्षा, रोज़गार (Job Alerts) और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
### प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
प्रेम पुरी गोस्वामी का जन्म भारत के राजस्थान राज्य के **चूरू जिले** के **सरदारशहर** क्षेत्र के **भिनवसर** गाँव में हुआ था। वे एक उच्च शिक्षित पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) और शिक्षक शिक्षा स्नातक (B.Ed.) करने के बाद **गणित विषय में स्नातकोत्तर (M.Sc. Mathematics)** की डिग्री प्राप्त की है।
### करियर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स
अपनी गणित और विज्ञान की शिक्षा का उपयोग उन्होंने डिजिटल शिक्षा और सूचना प्रसार के लिए किया। गोस्वामी सोशल मीडिया, ब्लॉगिंग और वेबसाइट मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। वे मुख्य रूप से निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से काम करते हैं:
* **वेबसाइट्स (Websites):** वे **[jobalertguru.in](https://www.jobalertguru.in)** और **jobsalertguru.com** के संस्थापक/संचालक हैं। इन पोर्टल्स के माध्यम से वे देश और राजस्थान राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों, प्रवेश परीक्षाओं, कट-ऑफ और शिक्षा जगत से जुड़ी सटीक जानकारियों को ऑनलाइन ब्लॉग और आर्टिकल्स के रूप में साझा करते हैं।
* **यूट्यूब और फेसबुक (YouTube & Facebook):** वे सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से शैक्षिक सामग्री, गणित के शॉर्ट ट्रिक्स और करियर गाइडेंस से जुड़े वीडियो और पोस्ट साझा करते हैं।
---
### **अपडेटेड इन्फोबॉक्स (Infobox Data)**
| विवरण | जानकारी |
| --- | --- |
| **नाम** | प्रेम पुरी गोस्वामी |
| **राष्ट्रीयता** | भारतीय |
| **शिक्षा** | B.Sc., B.Ed., M.Sc. (Mathematics) |
| **पेशा** | ब्लॉगर, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, वेब डेवलपर |
| **मुख्य वेबसाइट्स** | jobalertguru.in, jobsalertguru.com |
| **कार्यक्षेत्र** | ऑनलाइन एजुकेशन, सरकारी नौकरी अपडेट्स, सोशल मीडिया |
| **मूल निवास** | भिनवसर, सरदारशहर (चूरू, राजस्थान) |
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उपनिवेशी मनोवृत्ति
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text/x-wiki
'''उपनिवेशी मनोवृत्ति''' या '''औपनिवेशिक मानसिकता''' (colonial mentality) से तात्पर्य किसी देश के लोगों की उस हीनभावना से है जो लम्बे समय तक दूसरे देशों के [[उपनिवेश]] बने रहने के कारण अन्दर तक पैठ जाती है। उपनिवेशी मनोवृत्ति से ग्रस्त व्यक्ति मानता है कि उसके देश को उपनिवेश बनाने वाले लोगों के सांस्कृतिक मूल्य उसके अपने सांस्कृतिक मूल्यों से श्रेष्ठ हैं।<ref name=":0">{{Cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Colonial_Mindset_Hampering_India_s_Devel/ByRcEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=0&kptab=overview|title=Colonial Mindset :Hampering India's Development|last=Singh|first=Khemendra|publisher=Notion Press|year=2022|isbn=9798885910828|location=India|oclc=1302579465|url-access=limited}}</ref>
; औपनिवेशिक मानसिकता के आधारभूत तत्त्व
* पश्चिमी मानदंडों, शासन, ज्ञान और जीवनशैली की प्रशंसा;<ref>[http://www.nextias.com/ca/current-affairs-hindi/19-11-2025/औपनिवेशिक "औपनिवेशिक मानसिकता” क्या है]</ref>
* भारतीय संस्कृति, भाषा, वैज्ञानिक परंपराओं को अति अल्प या अति हीन किखाना
* बाहरी मान्यता पर निर्भरता
* नस्लीय और सांस्कृतिक हीनता का आंतरिककरण।
; भारत में औपनिवेशिक मानसिकता के कुछ उदाहरण
* अंग्रेजी बोलने वाला विद्वान है।<ref>[https://www.sdsuvcampusgopeshwar.ac.in/Madhuri/Madhuri Shwet Patrika_Article 9.pdf ब्रिटिश औपनिवेशिक मानसिकता का भारतीय मानस पर प्रभाव]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
* हिन्दी या देशी भाषा बोलना अविद्वता या विद्याहीनता का लक्षण है।
* अंग्रेजी के बिना कोई देश विकसित नहीं हो सकता।
* गोरा वर्ण सुन्दरता का पर्याय है।
* अंग्रेज लोगों ने (यूरोपीय लोगों ने) हमे सभ्य बनाया।
* भारत कभी भी एक 'राष्ट्र' नहीं रहा।
== भारत में औपनिवेशिक मानसिकता के विरुद्ध आन्दोलन ==
दिसम्बर २०२५ में भारत के प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी]] ने औपनिवेशिक मानसिकता को समाप्त करने हेतु 10-वर्षीय राष्ट्रीय संकल्प का आह्वान किया है। इसके पहले भी अनेक प्रयत्न हुए हैं, जैसे आर्य-समाज, रामकृष्ण मिशन, स्वदेशी आन्दोलन, बंगाल कला विद्यालय, स्वदेशी इतिहास लेखन आदि।<ref>[https://avisionias.in/current-affairs/hi/monthly-magazine/2025-12-23/society/bharataya-manasakata-ka-vaoupanavashakaranae-decolonising-the-indian-mind भारतीय मानसिकता का विऔपनिवेशीकरण]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== पुस्तकें ==
"औपनिवेशिक मनोवृति भारत के विकास में चुनौती" नामक यह पुस्तक भारत के विकास में औपनिवेशिक मनोवृति को चुनौती मानती है। <ref name=":0" />
==इन्हें भी देखें==
*[[वि-उपनिवेशीकरण]]
*[[उपनिवेश]]
*[[उपनिवेशवाद]]
*[[उपनिवेशवाद का इतिहास]]
*[[भारतीय ज्ञान परम्परा]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://visionias.in/current-affairs/hi/monthly-magazine/2025-12-23/society/bharataya-manasakata-ka-vaoupanavashakaranae-decolonising-the-indian-mind भारतीय मानसिकता का विऔपनिवेशीकरण ]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:उपनिवेशवाद]]
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इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2019
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text/x-wiki
{{Infobox cricket tour
| series_name = इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 2019
| team1_image = Flag of New Zealand.svg
| team1_name = न्यूजीलैंड
| team2_image = Flag of England.svg
| team2_name = इंग्लैंड
| from_date = 27 अक्टूबर
| to_date = 3 दिसंबर 2019
| team1_captain = [[केन विलियमसन]] <small>(टेस्ट)</small><br>[[टिम साउथी]] <small>(टी20ई)</small>
| team2_captain = [[जो रूट]] <small>(टेस्ट)</small><br>[[इयोन मोर्गन]] <small>(टी20ई)</small>
| no_of_tests = 2
| team1_tests_won = 1
| team2_tests_won = 0
| team1_tests_most_runs = [[बीजे वॉटलिंग|बीजे वाटलिंग]] (260)
| team2_tests_most_runs = [[जो रूट]] (239)
| team1_tests_most_wickets = [[नील वैगनर]] (13)
| team2_tests_most_wickets = [[सैम कुर्रन|सैम कर्रन]] (6)
| player_of_test_series = [[नील वैगनर]] (न्यूज़ीलैंड)
| no_of_twenty20s = 5
| team1_twenty20s_won = 2
| team2_twenty20s_won = 3
| team1_twenty20s_most_runs = [[मार्टिन गप्टिल]] (153)
| team2_twenty20s_most_runs = [[डेविड मालन]] (208)
| team1_twenty20s_most_wickets = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] (11)
| team2_twenty20s_most_wickets = [[क्रिस जॉर्डन]] (7)
| player_of_twenty20_series = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] (न्यूज़ीलैंड)
}}
[[इंग्लैंड क्रिकेट टीम]] ने अक्टूबर से दिसंबर 2019 के बीच दो [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट]] और पांच [[ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय|ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय]] (टी20ई) मैच खेलने के लिए न्यूजीलैंड का दौरा किया।<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/742337 |title=Schedule for inaugural World Test Championship announced |work=International Cricket Council |accessdate=11 January 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181204204916/https://www.icc-cricket.com/news/742337 |archive-date=4 दिसंबर 2018 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://pulse-static-files.s3.amazonaws.com/ICC/document/2018/06/20/6dc2c8d4-e1a5-4dec-94b4-7121fab3cd7f/ICC_Tours.pdf |title=Men's Future Tours Programme |accessdate=11 January 2019 |work=International Cricket Council |archive-url=https://web.archive.org/web/20190418022304/https://pulse-static-files.s3.amazonaws.com/ICC/document/2018/06/20/6dc2c8d4-e1a5-4dec-94b4-7121fab3cd7f/ICC_Tours.pdf |archive-date=18 अप्रैल 2019 |url-status=dead }}</ref> न्यूजीलैंड क्रिकेट ने जून 2019 में दौरे के लिए जुड़नार की पुष्टि की।<ref>{{cite web |url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/26915578/mount-maunganui-host-maiden-test-england |title=Mount Maunganui to host maiden Test against England |work=ESPN Cricinfo |accessdate=7 June 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607043805/http://www.espncricinfo.com/story/_/id/26915578/mount-maunganui-host-maiden-test-england |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref> बे ओवल ने अपने पहले टेस्ट मैच की मेजबानी की, जो देश का नौवां टेस्ट स्थल बन गया।<ref>{{cite web |url=https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/black-caps/113305176/christchurch-t20s-against-england-australia-to-bookend-biggest-home-summer |title=Christchurch T20s against England, Australia to bookend biggest home summer |work=Stuff |accessdate=7 June 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607050324/https://www.stuff.co.nz/sport/cricket/black-caps/113305176/christchurch-t20s-against-england-australia-to-bookend-biggest-home-summer |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/1238150 |title=Mount Maunganui set to become New Zealand's ninth Test venue |work=International Cricket Council |accessdate=7 June 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190607133420/https://www.icc-cricket.com/news/1238150 |archive-date=7 जून 2019 |url-status=live }}</ref>
टेस्ट मैच [[2019–21 आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप]] (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा नहीं थे<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27279509/faqs-happens-world-test-championship-final-ends-draw-tie? |title=FAQs - What happens if World Test Championship final ends in a draw or tie? |work=ESPN Cricinfo |accessdate=29 July 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190729140534/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27279509/faqs-happens-world-test-championship-final-ends-draw-tie |archive-date=29 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50401388 |title=England in New Zealand: Bowlers fail to fire as tour match ends in draw |work=BBC Sport |accessdate=13 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191113074447/https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50401388 |archive-date=13 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> क्योंकि डब्ल्यूटीसी के गठन से पहले दौरे की पुष्टि की गई थी।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/28175052/why-new-zealand-england-part-world-test-championship |title=Explainer: why isn't New Zealand-England part of the World Test Championship? |work=ESPN Cricinfo |accessdate=27 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191128072010/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/28175052/why-new-zealand-england-part-world-test-championship |archive-date=28 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के प्रबंध निदेशक एशले जाइल्स ने सुझाव दिया कि इस दौरे में स्टैंड-इन कप्तान और कोच हो सकते हैं।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27281176/england-stand-captain-coach-new-zealand-tour-ashley-giles |title=England could have stand-in captain and coach for New Zealand tour - Ashley Giles |work=ESPN Cricinfo |accessdate=29 July 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190729174616/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27281176/england-stand-captain-coach-new-zealand-tour-ashley-giles |archive-date=29 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref> हालांकि, जब सितंबर 2019 में दस्तों की घोषणा की गई, [[जो रूट]] और [[इयोन मोर्गन]] को क्रमशः इंग्लैंड की टेस्ट और टी20ई टीमों के कप्तान के रूप में बनाए रखा गया, लेकिन जॉनी बेयरस्टो को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/1356220 |title=Bairstow dropped from England Test squad for New Zealand series |work=International Cricket Council |accessdate=23 September 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190923141055/https://www.icc-cricket.com/news/1356220 |archive-date=23 सितंबर 2019 |url-status=live }}</ref> सैम बिलिंग्स को इंग्लैंड के टी20ई टीम के उप-कप्तान के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27916968/sam-billings-named-england-t20-vice-captain-new-zealand-tour |title=Sam Billings named England's T20 vice-captain for New Zealand tour |work=ESPN Cricinfo |accessdate=24 October 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191024101453/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27916968/sam-billings-named-england-t20-vice-captain-new-zealand-tour |archive-date=24 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> नवंबर 2019 में, बेयरस्टो को इंग्लैंड के टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो डेनली के कवर के रूप में।<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/1487294 |title=Jonny Bairstow back in England Test side as cover for Joe Denly |work=International Cricket Council |accessdate=13 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191108080347/https://www.icc-cricket.com/news/1487294 |archive-date=8 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
[[केन विलियमसन]] को कूल्हे की चोट के कारण टी20ई श्रृंखला से बाहर कर दिया गया था,<ref>{{cite web |url= https://www.skysports.com/cricket/news/12345/11844378/kane-williamson-out-of-new-zealands-t20-series-against-england |title= Kane Williamson out of New Zealand's T20 series against England |work= Sky Sports |accessdate= 25 October 2019 |archive-url= https://web.archive.org/web/20191025022314/https://www.skysports.com/cricket/news/12345/11844378/kane-williamson-out-of-new-zealands-t20-series-against-england |archive-date= 25 अक्तूबर 2019 |url-status= live }}</ref> जिसमें [[टिम साउथी]] को न्यूजीलैंड के कप्तान के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.com/sport/cricket/50177320 |title=Kane Williamson: New Zealand captain out of England T20 series with injury |work=BBC Sport |accessdate=25 October 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191026014917/https://www.bbc.com/sport/cricket/50177320 |archive-date=26 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref> न्यूजीलैंड के [[ट्रेंट बोल्ट]] को पहले तीन टी20ई के लिए आराम दिया गया था, ताकि उनकी टेस्ट तैयारियों पर ध्यान दिया जा सके।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27920868/kane-williamson-miss-t20is-england-injury |title=Kane Williamson to miss T20Is against England through injury |work=ESPN Cricinfo |accessdate=25 October 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191025011823/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/27920868/kane-williamson-miss-t20is-england-injury |archive-date=25 अक्तूबर 2019 |url-status=live }}</ref>
अंतिम टी20ई एक टाई में समाप्त हुआ, जिसमें सुपर ओवर द्वारा निर्णय लिया गया।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/19297/report/1187669/new-zealand-vs-england-5th-t20i-england-in-new-zealand-2019-20 |title=England prevail in Super Over repeat against New Zealand |work=ESPN Cricinfo |accessdate=10 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191110065836/https://www.espncricinfo.com/series/19297/report/1187669/new-zealand-vs-england-5th-t20i-england-in-new-zealand-2019-20 |archive-date=10 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> इंग्लैंड ने सुपर ओवर जीतकर टी20ई श्रृंखला 3-2 से जीत ली।<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/1491111 |title=England clinch T20I series after another Super Over |work=International Cricket Council |accessdate=10 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191110071525/https://www.icc-cricket.com/news/1491111 |archive-date=10 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> टेस्ट श्रृंखला में, न्यूजीलैंड ने पहला मैच एक पारी और 65 रन से जीता।<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50541533 |title=England in New Zealand: Hosts win first Test by innings & 65 runs |work=BBC Sport |accessdate=25 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191125040253/https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50541533 |archive-date=25 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> यह मार्च 2017 तक वापस जाकर दस मैचों में न्यूजीलैंड के लिए नाबाद रन था, जिसमें उन सात मुकाबलों में जीत शामिल है।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/story/_/id/28159073/kane-williamson-hails-special-performance-new-zealand-extend-formidable-home-record |title=Kane Williamson hails 'special' performance as New Zealand extend formidable home record |work=ESPN Cricinfo |accessdate=25 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191126001410/https://www.espncricinfo.com/story/_/id/28159073/kane-williamson-hails-special-performance-new-zealand-extend-formidable-home-record |archive-date=26 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref> दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद न्यूजीलैंड ने दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला 1-0 से जीती।<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50638725 |title=England in New Zealand: Drawn second Test seals 1-0 series win for hosts |work=BBC Sport |accessdate=3 December 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191203033223/https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50638725 |archive-date=3 दिसंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
== टूर मैच ==
=== 20 ओवर का मैच: न्यूजीलैंड XI बनाम इंग्लैंड ===
{{Single-innings cricket match
| date = 27 अक्टूबर 2019
| time = 13:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|NZ|name=न्यूजीलैंड XI}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score1 = 172/4 (20 ओवर)
| runs1 = [[एंटोन डेविच]] 62 (43)
| wickets1 = [[आदिल रशिद|आदिल राशिद]] 2/25 (4 ओवर)
| score2 = 178/4 (18.1 ओवर)
| runs2 = [[जॉनी बैरस्टो|जॉनी बेयरस्टो]] 78[[नाबाद|*]] (45)
| wickets2 = [[लॉकी फर्ग्यूसन|लोकी फर्ग्यूसन]] 3/32 (4 ओवर)
| result = इंग्लैंड ने 6 विकेट से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187663.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[बर्ट सुक्लिफ ओवल]], [[लिंकन, न्यूजीलैंड | लिंकन]]
| umpires = [[शॉन हैग]] (न्यूजीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूजीलैंड)
| motm =
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain =
| notes =
}}
=== 20 ओवर का मैच: न्यूजीलैंड XI बनाम इंग्लैंड ===
{{Single-innings cricket match
| date = 29 अक्टूबर 2019
| time = 13:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|ENG}}
| team2 = {{cr|NZ|name=न्यूजीलैंड XI}}
| score1 = 188/5 (20 ओवर)
| runs1 = [[जेम्स विन्स|जेम्स विंस]] 46 (32)
| wickets1 = [[अनुराग वर्मा]] 3/46 (4 ओवर)
| score2 = 191/2 (18.3 ओवर)
| runs2 = [[कॉलिन मुनरो|कोलिन मुनरो]] 107[[नाबाद|*]] (57)
| wickets2 = [[साकिब महमूद (क्रिकेटर, जन्म 1997)|साकिब महमूद]] 1/36 (3.3 ओवर)
| result = न्यूजीलैंड XI ने 8 विकेट से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187664.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[बर्ट सुक्लिफ ओवल]], [[लिंकन, न्यूजीलैंड | लिंकन]]
| umpires = [[किम कॉटन]] (न्यूजीलैंड) और [[एशले मेहरोत्रा]] (न्यूजीलैंड)
| motm =
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी के लिए चुने गए।
| rain =
| notes =
}}
=== दो दिवसीय मैच: न्यूजीलैंड XI बनाम इंग्लैंड ===
{{Two-innings cricket match
| date = 12–13 नवंबर 2019
| team1 = {{cr-rt|ENG}}
| team2 = {{cr|NZ|name=न्यूजीलैंड XI}}
| score-team1-inns1 = 376/2[[डकवर्थ लुईस नियम#घोषणा|डी]] (87 ओवर)
| runs-team1-inns1 = [[ज़क क्रॉली]] 103[[नाबाद|*]] (137)
| wickets-team1-inns1 = [[हेनरी शिपले]] 1/81 (16 ओवर)
| score-team2-inns1 = 285/4 (75 ओवर)
| runs-team2-inns1 = [[फिन एलन]] 104[[नाबाद|*]] (130)
| wickets-team2-inns1 = [[जोफ्रा आर्चर]] 2/46 (11 ओवर)
| score-team1-inns2 =
| runs-team1-inns2 =
| wickets-team1-inns2 =
| score-team2-inns2 =
| runs-team2-inns2 =
| wickets-team2-inns2 =
| result = मैच ड्रा रहा
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1204307.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[कोभम ओवल]], [[व्हांगारेइ|व्हंगारेई]]
| umpires = यूजीन सैंडर्स (न्यूज़ीलैंड) और [[गर्थ स्टिरिएट]] (न्यूज़ीलैंड)
| motm =
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी के लिए चुने गए।
| rain =
| notes =
}}
=== तीन दिवसीय मैच: न्यूजीलैंड ए बनाम इंग्लैंड ===
{{Two-innings cricket match
| date = 15–17 नवंबर 2019
| team1 = [[न्यूज़ीलैंड ए क्रिकेट टीम | न्यूजीलैंड ए]] {{flagicon|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score-team1-inns1 = 302/6[[डकवर्थ लुईस नियम#घोषणा|डी]] (84 ओवर)
| runs-team1-inns1 = [[ग्लेन फिलिप्स (क्रिकेटर)|ग्लेन फिलिप्स]] 116 (219)
| wickets-team1-inns1 = [[जोफ्रा आर्चर]] 2/58 (17 ओवर)
| score-team2-inns1 = 405 (117.5 ओवर)
| runs-team2-inns1 = [[जोस बटलर]] 110 (153)
| wickets-team2-inns1 = [[स्कॉट कुग्गेलेइज़न]] 3/46 (13.5 ओवर)
| score-team1-inns2 = 169/8 (68 ओवर)
| runs-team1-inns2 = [[ग्लेन फिलिप्स (क्रिकेटर)|ग्लेन फिलिप्स]] 36 (57)
| wickets-team1-inns2 = [[जोफ्रा आर्चर]] 3/34 (14 ओवर)
| score-team2-inns2 =
| runs-team2-inns2 =
| wickets-team2-inns2 =
| result = मैच ड्रा रहा
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187670.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[कोभम ओवल]], [[व्हांगारेइ|व्हंगारेई]]
| umpires = [[क्रिस ब्राउन (क्रिकेटर, 1973 का जन्म) | क्रिस ब्राउन]] (न्यूजीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूजीलैंड)
| motm =
| toss = न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीता और बल्लेबाजी के लिए चुने गए।
| rain =
| notes = हैम रदरफोर्ड (न्यूजीलैंड ए) को स्कॉट कग्गेलेइजन ने 2 दिन में बदल दिया था।<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50450187 |title=England in New Zealand: Jos Buttler hits century as tourists draw final warm-up |work=BBC Sport |accessdate=17 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191117074432/https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50450187 |archive-date=17 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
}}
== टी20ई सीरीज ==
=== पहला टी20ई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 1 नवंबर 2019
| time = 14:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score1 = 153/5 (20 ओवर)
| runs1 = [[रॉस टेलर]] 44 (35)
| wickets1 = [[क्रिस जॉर्डन]] 2/28 (4 ओवर)
| score2 = 154/3 (18.3 ओवर)
| runs2 = [[जेम्स विन्स|जेम्स विंस]] 59 (38)
| wickets2 = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] 3/23 (4 ओवर)
| result = इंग्लैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187665.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[हेगले ओवल]], [[क्राइस्टचर्च]]
| umpires = [[शॉन हैग]] (न्यूज़ीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूज़ीलैंड)
| motm = [[जेम्स विन्स|जेम्स विंस]] (इंग्लैंड)
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain =
| notes = पैट ब्राउन, सैम क्यूरन और लुईस ग्रेगोरी (इंग्लैंड) सभी ने अपने टी20ई डेब्यू किए।
}}
=== दूसरा टी20ई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 3 नवंबर 2019
| time = 14:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score1 = 176/8 (20 ओवर)
| runs1 = [[जेम्स नीशम]] 42 (22)
| wickets1 = [[क्रिस जॉर्डन]] 3/23 (4 ओवर)
| score2 = 155 (19.5 ओवर)
| runs2 = [[दाविद मालन]] 39 (29)
| wickets2 = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] 3/25 (4 ओवर)
| result = न्यूजीलैंड ने 21 रन से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187666.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[वेस्टपैक स्टेडियम]], [[वेलिंग्टन|वेलिंगटन]]
| umpires = [[शॉन हैग]] (न्यूज़ीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूज़ीलैंड)
| motm = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] (न्यूज़ीलैंड)
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain =
| notes = साकिब महमूद (इंग्लैंड) ने अपना टी20ई डेब्यू किया।
* लुईस ग्रेगोरी टी20ई में अपनी पहली डिलीवरी के साथ विकेट लेने वाले इंग्लैंड के दूसरे गेंदबाज बने।<ref>{{cite web |url=http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/530931.html |title=Records: Twenty20 Internationals: Bowling records: Wicket with first ball in career |work=ESPN Cricinfo |accessdate=3 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141002104937/http://stats.espncricinfo.com/ci/content/records/530931.html |archive-date=2 अक्तूबर 2014 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/series/19297/report/1187666/new-zealand-vs-england-2nd-t20i-england-in-new-zealand-2019-20 |title=Santner and Neesham star as New Zealand square the series |work=ESPN Cricinfo |accessdate=3 November 2019}}</ref>
}}
=== तीसरा टी20ई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 5 नवंबर 2019
| time = 14:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score1 = 180/7 (20 ओवर)
| runs1 = [[कोलिन डी ग्रैंडहोम|कॉलिन डी ग्रैंडहोमे]] 55 (35)
| wickets1 = [[टॉम कर्रन|टॉम कुरेन]] 2/29 (4 ओवर)
| score2 = 166/7 (20 ओवर)
| runs2 = [[दाविद मालन]] 55 (34)
| wickets2 = [[लॉकी फर्ग्यूसन|लोकी फर्ग्यूसन]] 2/25 (4 ओवर)<br>[[ब्लेयर टिकर]] 2/25 (4 ओवर)
| result = न्यूजीलैंड ने 14 रन से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187667.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[सैक्सटन ओवल]], [[नेल्सन, न्यूज़ीलैण्ड| नेल्सन]]
| umpires = [[क्रिस ब्राउन (क्रिकेटर, 1973 का जन्म) | क्रिस ब्राउन]] (न्यूजीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूजीलैंड)
| motm = [[कोलिन डी ग्रैंडहोम|कॉलिन डी ग्रैंडहोमे]] (न्यूजीलैंड)
| toss = न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी के लिए चुना गया।
| rain =
| notes = टॉम बैंटन और मैट पार्किंसन (इंग्लैंड) दोनों ने अपने टी20ई डेब्यू किए।
}}
=== चौथा टी20ई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 8 नवंबर 2019
| time = 18:00
| daynight = Yes
| team1 = {{cr-rt|ENG}}
| team2 = {{cr|NZ}}
| score1 = 241/3 (20 ओवर)
| runs1 = [[दाविद मालन]] 103[[नाबाद|*]] (51)
| wickets1 = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] 2/32 (4 ओवर)
| score2 = 165 (16.5 ओवर)
| runs2 = [[टिम साउथी]] 39 (15)
| wickets2 = [[मैट पार्किंसन (क्रिकेटर)|मैट पार्किंसन]] 4/47 (4 ओवर)
| result = इंग्लैंड ने 76 रनों से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187668.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[मैक्लीन पार्क|मैकलीन पार्क]], [[नेपियर| नेपियर]]
| umpires = [[क्रिस गफ्फनी]] (न्यूजीलैंड) और [[शॉन हैग]] (न्यूजीलैंड)
| motm = [[दाविद मालन]] (इंग्लैंड)
| toss = न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain =
| notes = दाविद मालन ने अपना पहला शतक, और सबसे तेज टी20ई (48 गेंद) में इंग्लैंड के एक बल्लेबाज द्वारा बनाया।<ref>{{cite web |url=https://www.standard.co.uk/sport/cricket/dawid-malan-hit-englands-fastest-twenty20-century-as-tourists-post-record-total-against-new-zealand-a4281846.html |title=Dawid Malan hits England's fastest Twenty20 century as tourists post record total against New Zealand |work=Evening Standard |accessdate=8 November 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191108073214/https://www.standard.co.uk/sport/cricket/dawid-malan-hit-englands-fastest-twenty20-century-as-tourists-post-record-total-against-new-zealand-a4281846.html |archive-date=8 नवंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
* यह टी20ई में इंग्लैंड का सर्वोच्च कुल था।<ref>{{cite web|url=https://uk.sports.yahoo.com/news/malan-morgan-shine-england-post-065421370.html |title=Malan and Morgan shine as England post their highest Twenty20 total |work=Yahoo Sports |accessdate=8 November 2019}}</ref>
}}
=== पांचवा टी20ई ===
{{Single-innings cricket match
| date = 10 नवंबर 2019
| time = 14:00
| daynight =
| team1 = {{cr-rt|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score1 = 146/5 (11 ओवर)
| runs1 = [[मार्टिन गप्टिल]] 50 (20)
| wickets1 = [[साकिब महमूद (क्रिकेटर, जन्म 1997)|साकिब महमूद]] 1/20 (2 ओवर)
| score2 = 146/7 (11 ओवर)
| runs2 = [[जॉनी बैरस्टो|जॉनी बेयरस्टो]] 47 (18)
| wickets2 = [[मिचेल सैंटनर|मिशेल सेंटनर]] 2/20 (2 ओवर)
| result = मैच टाई हुआ<br>(इंग्लैंड ने [[सुपर ओवर]] से जीता)
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187669.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[इडेन पार्क| ईडन पार्क नंबर 1]], [[ऑक्लैण्ड|ऑकलैंड]]
| umpires = [[क्रिस गफ्फनी]] (न्यूज़ीलैंड) और [[वेन नाइट्स]] (न्यूज़ीलैंड)
| motm = [[जॉनी बैरस्टो|जॉनी बेयरस्टो]] (इंग्लैंड)
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain = बारिश के कारण मैच को 11 ओवर प्रति पक्ष कर दिया गया था।
| notes =
}}
== टेस्ट सीरीज ==
=== पहला टेस्ट ===
{{Two-innings cricket match
| date = 21–25 नवंबर 2019
| team1 = {{cr-rt|ENG}}
| team2 = {{cr|NZ}}
| score-team1-inns1 = 353 (124 ओवर)
| runs-team1-inns1 = [[बेन स्टोक्स]] 91 (146)
| wickets-team1-inns1 = [[टिम साउथी]] 4/88 (32 ओवर)
| score-team2-inns1 = 615/9[[डकवर्थ लुईस नियम#घोषणा|डी]] (201 ओवर)
| runs-team2-inns1 = [[बीजे वॉटलिंग|बीजे वाटलिंग]] 205 (473)
| wickets-team2-inns1 = [[सैम कुर्रन|सैम कर्रन]] 3/119 (35 ओवर)
| score-team1-inns2 = 197 (96.2 ओवर)
| runs-team1-inns2 = [[जो डेनली]] 35 (142)
| wickets-team1-inns2 = [[नील वैगनर]] 5/44 (19.2 ओवर)
| score-team2-inns2 =
| runs-team2-inns2 =
| wickets-team2-inns2 =
| result = न्यूजीलैंड ने पारी और 65 रनों से जीत दर्ज की
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187671.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[बे ओवल]], [[माउंट मॉन्गनुई|माउंट मंगनुई]]
| umpires = [[कुमार धरमसेना]] (श्रीलंका) और [[ब्रूस ओक्सेनफोर्ड]] (ऑस्ट्रेलिया)
| motm = [[बीजे वॉटलिंग|बीजे वाटलिंग]] (न्यूजीलैंड)
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी के लिए चुने गए।
| notes = डोम सिबली (इंग्लैंड) ने अपना टेस्ट डेब्यू किया।
* यह इस मैदान पर खेला जाने वाला पहला टेस्ट मैच था।<ref>{{cite web|url=https://www.icc-cricket.com/news/1497587 |title=A Test of firsts for new-look England and Mount Maunganui |work=International Cricket Council |accessdate=20 November 2019}}</ref>
* बीजे वाटलिंग टेस्ट में दोहरा शतक बनाने वाले न्यूजीलैंड के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बने।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/sports/cricket/story/new-zealand-vs-england-1st-test-bj-watling-10th-wicketkeeper-to-score-double-hundred-1622113-2019-11-24 |title=New Zealand vs England 1st Test: BJ Watling joins elite list with maiden double hundred |work=India Today |accessdate=24 November 2019}}</ref>
* मिशेल सेंटनर (न्यूजीलैंड) ने टेस्ट में अपना पहला शतक बनाया।<ref>{{Cite news|url=https://www.tvnz.co.nz/one-news/sport/cricket/mitchell-santners-maiden-test-hundred-puts-black-caps-in-command-against-england|title=Mitchell Santner's maiden Test hundred puts Black Caps in command against England|work=TVNZ|access-date=24 November 2019|language=en-NZ}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
}}
=== दूसरा टेस्ट ===
{{Two-innings cricket match
| date = 29 नवंबर – 3 दिसंबर 2019
| team1 = {{cr-rt|NZ}}
| team2 = {{cr|ENG}}
| score-team1-inns1 = 375 (129.1 ओवर)
| runs-team1-inns1 = [[टॉम लाथम (क्रिकेटर)|टॉम लाथम]] 105 (172)
| wickets-team1-inns1 = [[स्टुअर्ट ब्रॉड]] 4/73 (28 ओवर)
| score-team2-inns1 = 476 (162.5 ओवर)
| runs-team2-inns1 = [[जो रूट]] 226 (441)
| wickets-team2-inns1 = [[नील वैगनर]] 5/124 (35.5 ओवर)
| score-team1-inns2 = 241/2 (75 ओवर)
| runs-team1-inns2 = [[रॉस टेलर]] 105[[नाबाद|*]] (186)
| wickets-team1-inns2 = [[क्रिस वोक्स]] 1/12 (11 ओवर)
| score-team2-inns2 =
| runs-team2-inns2 =
| wickets-team2-inns2 =
| result = मैच ड्रा रहा
| report = [http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1187672.html स्कोरकार्ड]
| venue = [[सेडोन पार्क]], [[हैमिल्टन, न्यूज़ीलैण्ड| हैमिल्टन]]
| umpires = [[कुमार धरमसेना]] (श्रीलंका) और [[पॉल विल्सन (क्रिकेटर) | पॉल विल्सन]] (ऑस्ट्रेलिया)
| motm = [[जो रूट]] (इंग्लैंड)
| toss = इंग्लैंड ने टॉस जीता और क्षेत्र के लिए चुने गए।
| rain = पहले दिन चाय के बाद केवल 3 गेंद फेंकी गई।
| notes = डेरिल मिशेल (न्यूजीलैंड) और जक क्रॉली (इंग्लैंड) दोनों ने अपने टेस्ट डेब्यू किए।
* जो रूट ने इंग्लैंड के कप्तान के रूप में अपना पहला दोहरा शतक बनाया,<ref>{{cite web |url=https://www.icc-cricket.com/news/1512646 |title=Williamson, Taylor spark New Zealand recovery after Root double ton |work=International Cricket Council |accessdate=2 December 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191203163954/https://www.icc-cricket.com/news/1512646 |archive-date=3 दिसंबर 2019 |url-status=live }}</ref> और टेस्ट में न्यूजीलैंड में दोहरा शतक बनाने वाले पहले पहले कप्तान बने।<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50625500 |title=England in New Zealand: Joe Root double century gives tourists hope in Hamilton |work=BBC Sport |accessdate=2 December 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191202124945/https://www.bbc.co.uk/sport/cricket/50625500 |archive-date=2 दिसंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
* रॉस टेलर टेस्ट में 7,000 रन बनाने वाले न्यूजीलैंड के दूसरे बल्लेबाज बने।<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/series/19297/report/1187672/day/5/new-zealand-vs-england-2nd-test-england-in-new-zealand-2019-20 |title=Kane Williamson and Ross Taylor carry New Zealand to series win |work=ESPN Cricinfo |accessdate=3 December 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191203043447/https://www.espncricinfo.com/series/19297/report/1187672/day/5/new-zealand-vs-england-2nd-test-england-in-new-zealand-2019-20 |archive-date=3 दिसंबर 2019 |url-status=live }}</ref>
}}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:क्रिकेट प्रतियोगितायें]]
ahe60m9iobvm8vtly0rqllrfqh6fnd6
भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की सूची
0
1099421
6553295
6552032
2026-05-17T04:09:58Z
Ankit231132
874432
/* उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची */
6553295
wikitext
text/x-wiki
यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत के उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की एक सूची है, जो भारत गणराज्य के प्रत्येक राज्य की सर्वोच्च अदालत है। वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं।
==सर्वोच्च न्यायालय==
{| class="wikitable static-row-numbers static-row-header" style="text-align:center"
|-
! scope="col" | मुख्य न्यायधीश का नाम
! [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|'''सूर्यकांत''']]<ref>{{Cite web |date=24 November 2025 |title=Justice Surya Kant sworn in as 53rd Chief Justice of India |url=https://www.thehindu.com/news/national/justice-surya-kant-sworn-in-as-53rd-chief-justice-of-india/article70316338.ece/ |website=thehindu.com |language=en}}</ref><br />{{small|([[भारत के मुख्य न्यायाधीश|सूची]])}}
|-
! छायाचित्र
|[[File:Justice_Surya_Kant.jpg|alt=|125x125px]]
|-
! सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति की तिथि
|{{dts|2019|5|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2019|5|24}})</small>
|-
! भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2025|11|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|11|24}})</small>
|-
! सेवानिवृति की तिथि
|{{dts|2027|2|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2027|2|9}})</small>
|-
! कार्यकाल
|{{ayd|2025|11|24|2027|2|9|duration=on}}
|-
! मनोनीतकर्ता
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|-
! नियुक्तिकर्ता
|[[द्रौपदी मुर्मू]]
|-
! पदोन्नति की तिथि पर वरिष्ठता क्रमांक
|11
|-
!न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2004|1|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2004|1|9}})</small>
|-
! उच्च न्यायालय
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
|}
== उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची ==
{| class="wikitable sortable defaultcenter static-row-header" style="font-size: 90%"
! उच्च न्यायालय
! न्यायक्षेत्र
! चित्र
! मुख्य न्यायाधीश
! लिंग
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
! सेवानिवृत्ति की तिथि
! कार्यकाल
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! नियुक्तकर्ता
! मूल उच्च न्यायालय
! अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रमांक
! न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
! न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! टिप्पणियाँ
|-
![[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.allahabadhighcourt.in/service/judgeDetail.jsp?id=381|title=Chief Justice and Judges of the High Court of Judicature at Allahabad and its Bench at Lucknow|website=www.allahabadhighcourt.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[उत्तर प्रदेश]]
|[[File:Arun Bhansali.jpg|alt=|90x90px]]
|'''अरुण भंसाली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|2|5}}<br /><small>({{ayd|2024|2|5}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|10|14}}<br /><small>({{ayd|2029|10|14}})</small>
|{{ayd|2024|2|5|2029|10|14|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
| rowspan="25" |[[द्रौपदी मुर्मू]]
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!11<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|8}}<br /><small>({{ayd|2013|1|8}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://aphc.gov.in/profiles.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[आन्ध्र प्रदेश]]
|
|'''लिसा गिल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|4|25}}<br /><small>({{ayd|2026|4|25}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|16}}<br /><small>({{ayd|2028|11|16}})</small>
|{{ayd|2026|4|25|2028|11|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!38<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|3|31}}<br /><small>({{ayd|2014|3|31}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[बॉम्बे उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://bombayhighcourt.gov.in/bhc/cj-sitting-judges|publisher=बॉम्बे उच्च न्यायालय|title=Hon'ble Justices|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गोवा]], [[दादरा और नगर हवेली]], [[दमन और दीव]], [[महाराष्ट्र]]
|[[File:Justice_Shee_Chandrashekhar.jpg|90x90px]]
|'''श्री चंद्रशेखर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|09|05}}<br /><small>({{ayd|2025|09|05}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|5|24}}<br /><small>({{ayd|2027|5|24}})</small>
|{{ayd|2025|9|5|2027|5|24|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!12<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|17}}<br /><small>({{ayd|2013|1|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कलकत्ता उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://calcuttahighcourt.gov.in/Judges/CJ-and-Judges|title=Calcutta High Court - Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]], [[पश्चिम बंगाल]]
|
|'''सुजॉय पॉल'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|16}}<br /><small>({{ayd|2026|1|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|6|20}}<br /><small>({{ayd|2026|6|20
}})</small>
|{{ayd|2026|1|16|2026|6|20|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!4<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}से <br /> ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
| rowspan="3" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.cg.gov.in/judges/judges.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=highcourt.cg.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[छत्तीसगढ़]]
|
|'''रमेश सिन्हा'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|3|29}}<br /><small>({{ayd|2023|3|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|4}}<br /><small>({{ayd|2026|9|4}})</small>
|{{ayd|2023|3|29|2026|9|4|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!6<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
| rowspan="2" |{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
|
|-
![[दिल्ली उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.delhihighcourt.nic.in/web/CJ_Sitting_Judges|title=CJ And Sitting Judges|website=delhihighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]]
|
|'''देवेंद्र कुमार उपाध्याय'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|7|29}}<br /><small>({{ayd|2023|7|29}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|format=dmy|2025|1|21}}<br /><small>({{ayd|2025|1|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|6|15}}<br /><small>({{ayd|2027|6|15}})</small>
|{{ayd|2023|7|29|2027|6|15|duration=on}}<br /><small>'''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''</small><br>{{ayd|2025|1|21|2027|6|15|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[संजीव खन्ना]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!8<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे के 47वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|7|29}} से {{dts|format=dmy|2025|1|20}} तक <br /> <small>({{ayd|2023|7|29|2025|1|20|duration=on}})</small>
|-
![[गुवाहाटी उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://ghconline.gov.in/index.php/honble-the-chief-justice-sitting-judges/|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=ghconline.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मिजोरम]], [[नागालैंड]]
|
|'''आशुतोष कुमार'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|21}}<br /><small>({{ayd|2025|7|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|9|30}}<br /><small>({{ayd|2028|9|30}})</small>
|{{ayd|2025|7|21|2028|9|30|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[पटना उच्च न्यायालय|पटना]]
!39<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|5|15}}<br /><small>({{ayd|2014|5|15}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[गुजरात उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://gujarathighcourt.nic.in/cjj|title=High Court of Gujarat|website=gujarathighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गुजरात]]
|
|'''सुनीता अग्रवाल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2023|7|23}}<br /><small>({{ayd|2023|7|23}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|4|29}}<br /><small>({{ayd|2028|4|29}})</small>
|{{ayd|2023|7|23|2028|4|29|duration=on}}
| rowspan="2" |[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!7<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.hp.gov.in/|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|
|'''गुरमीत सिंह संधावालिया'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|12|29}}<br /><small>({{ayd|2024|12|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|10|31}}<br /><small>({{ayd|2027|10|31}})</small>
|{{ayd|2024|12|29|2027|10|31|duration=on}}
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!5<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|9|30}}<br /><small>({{ayd|2011|9|30}}</small>)
|
|-
![[जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jkhighcourt.nic.in/cjjk.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=jkhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[जम्मू और कश्मीर]], [[लद्दाख]]
|
|'''अरुण पल्ली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|4|16}}<br /><small>({{ayd|2025|4|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|17}}<br /><small>({{ayd|2026|9|17}})</small>
|{{ayd|2025|4|16|2026|9|17|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!28<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|12|28}}<br /><small>({{ayd|2013|12|28}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[झारखण्ड उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|title=SITTING JUDGES OF HIGH COURT OF JHARKHAND {{!}} High Court of Jharkhand, India|website=jharkhandhighcourt.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417053648/https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[झारखंड]]
|[[File:JUSTICE M.S. SONAK.jpg|90x90px]]
|'''महेश शरदचंद्र सोनक'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|9}}<br /><small>({{ayd|2026|1|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|27}}<br /><small>({{ayd|2026|11|27}})</small>
|{{ayd|2026|1|9|2026|11|27|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!19<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कर्नाटक उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|title=High Court of Karnataka Official Web Site|website=karnatakajudiciary.kar.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190611161609/http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|archive-date=11 जून 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[कर्नाटक]]
|[[File:Vibhu_Bakhru.jpg|alt=|90x90px|Dhananjaya Yeshwant Chandrachud]]
|'''विभु बखरू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|19}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|1}}<br /><small>({{ayd|2028|11|1}})</small>
|{{ayd|2025|7|19|2028|11|1|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!15<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|
|-
![[केरल उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|title=Present Judges of High Court|website=highcourtofkerala.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190926172542/http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|archive-date=26 सितंबर 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[केरल]], [[लक्षद्वीप]]
|
|'''सौमेन सेन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|10|8}}<br /><small>({{ayd|2025|10|8}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2026|1|10|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|26}}<br /><small>({{ayd|2027|7|26}})</small>
|{{ayd|2025|10|8|2027|7|26|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2026|1|10|2027|7|26|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!2<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|4|13}}<br /><small>({{ayd|2011|4|13}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|[[मेघालय उच्च न्यायालय|मेघालय के 14वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2025|10|8}} से {{dts|2026|1|9|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2025|10|8|2026|1|9|duration=on}})</small>
|-
![[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://mphc.gov.in/honble-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190810063930/https://mphc.gov.in/honble-judges|archive-date=10 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मध्य प्रदेश]]
|
|'''संजीव सचदेवा '''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|17}}<br /><small>({{ayd|2025|7|17}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|25}}<br /><small>({{ayd|2026|12|25}})</small>
|{{ayd|2025|7|17|2026|12|25|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!14<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[मद्रास उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://www.hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|title=Madras High Court - Profile of Chief Justice|last=Court|first=Madras High|website=www.hcmadras.tn.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190117123331/http://hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|archive-date=17 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|[[पुडुचेरी]], [[तमिलनाडु]]
|
|'''सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|3|6}}<br /><small>({{ayd|2026|3|6}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|7}}<br /><small>({{ayd|2028|7|7}})</small>
|{{ayd|2026|3|6|2028|7|7|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!56<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|4|7}}<br /><small>({{ayd|2016|4|7}}</small>)
| rowspan="2" |[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[मणिपुर उच्च न्यायालय]]<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hcmimphal.nic.in/judges.html|title=Welcome to High Court of Manipur Imphal - court rules|last=unit|first=nic manipur state|website=hcmimphal.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190801065819/https://hcmimphal.nic.in/judges.html|archive-date=1 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मणिपुर]]
|
|'''एम. सुंदर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|15}}<br /><small>({{ayd|2025|9|15}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|18}}<br /><small>({{ayd|2028|7|18}})</small>
|{{ayd|2025|9|15|2028|7|18|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[मद्रास उच्च न्यायालय|मद्रास]]
!66<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|10|5}}<br /><small>({{ayd|2016|10|5}}</small>)
|
|-
![[मेघालय उच्च न्यायालय]]<ref name=":1">{{Cite web|url=http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190420130432/http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|archive-date=20 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मेघालय]]
|
|'''रेवती मोहिते देरे'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|4|16}}<br /><small>({{ayd|2027|4|16}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2027|4|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!18<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[उड़ीसा उच्च न्यायालय]]<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012540/http://orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012529/http://orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उड़ीसा]]
|[[File:Justice_Harish_Tandon.jpg|90x90px]]
|'''हरीश टंडन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|3|26}}<br /><small>({{ayd|2025|3|26}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|15}}<br /><small>({{ayd|2026|11|15}})</small>
|{{ayd|2025|3|26|2026|11|15|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!1<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2010|4|13}}<br /><small>({{ayd|2010|4|13}}</small>)
|[[के॰ जी॰ बालकृष्णन]]
|
|-
![[पटना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|title=The High Court of Judicature at Patna|last=1|first=Amit Kumar|website=patnahighcourt.gov.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816123317/http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|archive-date=16 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[बिहार]]
|
|'''संगम कुमार साहू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|7}}<br /><small>({{ayd|2026|1|7}})</small>
|{{dts|2026|6|4|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|6|4}})</small>
|{{ayd|2026|1|7|2026|6|4|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[उड़ीसा उच्च न्यायालय|उड़ीसा]]
!40<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|7|2}}<br /><small>({{ayd|2014|7|2}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.highcourtchd.gov.in/?trs=chief|title=Hon'ble Chief Justice and Judges of the High Court of Punjab and Haryana|website=www.highcourtchd.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190819115549/https://highcourtchd.gov.in/?trs=chief|archive-date=19 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[चंडीगढ़]], [[हरियाणा]], [[पंजाब]]
|
|'''शील नागू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|7|9}}<br /><small>({{ayd|2024|7|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|31}}<br /><small>({{ayd|2026|12|31}})</small>
|{{ayd|2024|7|9|2026|12|31|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!3<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[राजस्थान उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|title=Rajasthan High Court|last=Ltd.|first=Celeste Online Solutions Pvt.|website=164.100.222.238|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20181105012858/http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|archive-date=5 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[राजस्थान]]
|
|'''संजीव प्रकाश शर्मा'''{{Ref label|†|†|†}}
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|28}}<br /><small>({{ayd|2025|9|28}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|26}}<br /><small>({{ayd|2026|9|26}})</small>
|{{ayd|2025|9|28|2026|9|26|duration=on}}
| --
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!84
|{{dts|2016|11|16|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2016|11|16}}</small>)
|[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[सिक्किम उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|title=Judges Profile {{!}} High Court of Sikkim|website=highcourtofsikkim.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417124547/http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[सिक्किम]]
|
|'''मुहम्मद मुस्ताक आयुमंतकथ'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|4}}<br /><small>({{ayd|2026|1|4}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|5|31}}<br /><small>({{ayd|2029|5|31}})</small>
|{{ayd|2026|1|4|2029|5|31|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[केरल उच्च न्यायालय|केरल]]
!33<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|1|23}}<br /><small>({{ayd|2014|1|23}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[तेलंगाना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|title=HON'BLE JUDGES PROFILE|website=hc.tap.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20180707201942/http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|archive-date=7 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[तेलंगाना]]
|[[File:Justice Aparesh Kumar Singh.png|90x90px]]
|'''अपरेश कुमार सिंह'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|4|17}}<br /><small>({{ayd|2023|4|17}})</small><br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2025|7|19|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|6}}<br /><small>({{ayd|2027|7|6}})</small>
|{{ayd|2023|4|17|2027|7|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल''''</small><br>{{ayd|2025|7|19|2027|7|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!9<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2012|1|24}}<br /><small>({{ayd|2012|1|24}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|[[त्रिपुरा उच्च न्यायालय|त्रिपुरा के 8वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|4|17}} से {{dts|2025|7|18|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2023|4|17|2025|7|18|duration=on}})</small>
|-
![[त्रिपुरा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|title=Welcome to High Court of Tripura|website=tsu.trp.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190317114754/http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|archive-date=17 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[त्रिपुरा]]
|[[File:Justice_M.S._Ramachandra_Rao.jpg|90x90px]]
|'''ममीदन्ना सत्यरत्न रामचंद्र राव'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|5|30}}<br /><small>({{ayd|2023|5|30}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|2025|7|22|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|22}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|8|6}}<br /><small>({{ayd|2028|8|6}})</small>
|{{ayd|2023|5|30|2028|8|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2025|7|22|2028|8|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[तेलंगाना उच्च न्यायालय|तेलंगाना]]
!10<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|2012|6|29|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2012|6|29}}</small>)
|[[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय|हिमाचल प्रदेश के 28वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|5|30}} से {{dts|format=dmy|2024|9|24}} तक <br /><small>({{ayd|2023|5|30|2024|9|24|duration=on}})</small><br />[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखंड के 16वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|2024|9|25|format=dmy}} से {{dts|2025|7|21|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2024|9|25|2025|7|21|duration=on}})</small>
|-
![[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|title=Hon'ble the Chief Justice: Hon'ble the Chief Justice|last=Dehradun|first=NIC, Uttarakhand State Unit|website=highcourtofuttarakhand.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190410221213/http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|archive-date=10 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|
|'''मनोज कुमार गुप्ता'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|10|8}}<br /><small>({{ayd|2026|10|8}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2026|10|8|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!13<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|12}}<br /><small>({{ayd|2013|4|12}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|}
{{Col-begin}}{{Col-2}}'''कुन्जी'''
* '''{{Note label|†|†|†}} कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश''''
{{Col-end}}
'''वरिष्ठता क्रमांक में बदलाव की तारीखें (S.R.):'''
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|3|6}} -''' मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास के मुख्य न्यायाधीश) 5 मार्च 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 1)</small>
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|4|25}} -''' धीरज सिंह ठाकुर (आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश) 24 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 13)</small>
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत के मुख्य न्यायाधीश]]
*[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]
*[[भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीशगणों की सूची]]
==सन्दर्भ==
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6553296
6553295
2026-05-17T04:12:06Z
Ankit231132
874432
6553296
wikitext
text/x-wiki
यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत के उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की एक सूची है, जो भारत गणराज्य के प्रत्येक राज्य की सर्वोच्च अदालत है। वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं।
==सर्वोच्च न्यायालय==
{| class="wikitable static-row-numbers static-row-header" style="text-align:center"
|-
! scope="col" | मुख्य न्यायधीश का नाम
! [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|'''सूर्यकांत''']]<ref>{{Cite web |date=24 November 2025 |title=Justice Surya Kant sworn in as 53rd Chief Justice of India |url=https://www.thehindu.com/news/national/justice-surya-kant-sworn-in-as-53rd-chief-justice-of-india/article70316338.ece/ |website=thehindu.com |language=en}}</ref><br />{{small|([[भारत के मुख्य न्यायाधीश|सूची]])}}
|-
! छायाचित्र
|[[File:Justice_Surya_Kant.jpg|alt=|125x125px]]
|-
! सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति की तिथि
|{{dts|2019|5|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2019|5|24}})</small>
|-
! भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2025|11|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|11|24}})</small>
|-
! सेवानिवृति की तिथि
|{{dts|2027|2|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2027|2|9}})</small>
|-
! कार्यकाल
|{{ayd|2025|11|24|2027|2|9|duration=on}}
|-
! मनोनीतकर्ता
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|-
! नियुक्तिकर्ता
|[[द्रौपदी मुर्मू]]
|-
! पदोन्नति की तिथि पर वरिष्ठता क्रमांक
|11
|-
!न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2004|1|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2004|1|9}})</small>
|-
! उच्च न्यायालय
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
|}
== उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची ==
{| class="wikitable sortable defaultcenter static-row-header" style="font-size: 90%"
! उच्च न्यायालय
! न्यायक्षेत्र
! चित्र
! मुख्य न्यायाधीश
! लिंग
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
! सेवानिवृत्ति की तिथि
! कार्यकाल
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! नियुक्तकर्ता
! मूल उच्च न्यायालय
! अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रमांक
! न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
! न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! टिप्पणियाँ
|-
![[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.allahabadhighcourt.in/service/judgeDetail.jsp?id=381|title=Chief Justice and Judges of the High Court of Judicature at Allahabad and its Bench at Lucknow|website=www.allahabadhighcourt.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[उत्तर प्रदेश]]
|[[File:Arun Bhansali.jpg|alt=|90x90px]]
|'''अरुण भंसाली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|2|5}}<br /><small>({{ayd|2024|2|5}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|10|14}}<br /><small>({{ayd|2029|10|14}})</small>
|{{ayd|2024|2|5|2029|10|14|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
| rowspan="25" |[[द्रौपदी मुर्मू]]
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!11<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|8}}<br /><small>({{ayd|2013|1|8}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://aphc.gov.in/profiles.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[आन्ध्र प्रदेश]]
|
|'''लिसा गिल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|4|25}}<br /><small>({{ayd|2026|4|25}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|16}}<br /><small>({{ayd|2028|11|16}})</small>
|{{ayd|2026|4|25|2028|11|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!38<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|3|31}}<br /><small>({{ayd|2014|3|31}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[बॉम्बे उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://bombayhighcourt.gov.in/bhc/cj-sitting-judges|publisher=बॉम्बे उच्च न्यायालय|title=Hon'ble Justices|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गोवा]], [[दादरा और नगर हवेली]], [[दमन और दीव]], [[महाराष्ट्र]]
|[[File:Justice_Shee_Chandrashekhar.jpg|90x90px]]
|'''श्री चंद्रशेखर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|09|05}}<br /><small>({{ayd|2025|09|05}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|5|24}}<br /><small>({{ayd|2027|5|24}})</small>
|{{ayd|2025|9|5|2027|5|24|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!12<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|17}}<br /><small>({{ayd|2013|1|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कलकत्ता उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://calcuttahighcourt.gov.in/Judges/CJ-and-Judges|title=Calcutta High Court - Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]], [[पश्चिम बंगाल]]
|
|'''सुजॉय पॉल'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|16}}<br /><small>({{ayd|2026|1|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|6|20}}<br /><small>({{ayd|2026|6|20
}})</small>
|{{ayd|2026|1|16|2026|6|20|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!4<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}से <br /> ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
| rowspan="3" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.cg.gov.in/judges/judges.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=highcourt.cg.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[छत्तीसगढ़]]
|
|'''रमेश सिन्हा'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|3|29}}<br /><small>({{ayd|2023|3|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|4}}<br /><small>({{ayd|2026|9|4}})</small>
|{{ayd|2023|3|29|2026|9|4|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!6<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
| rowspan="2" |{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
|
|-
![[दिल्ली उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.delhihighcourt.nic.in/web/CJ_Sitting_Judges|title=CJ And Sitting Judges|website=delhihighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]]
|
|'''देवेंद्र कुमार उपाध्याय'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|7|29}}<br /><small>({{ayd|2023|7|29}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|format=dmy|2025|1|21}}<br /><small>({{ayd|2025|1|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|6|15}}<br /><small>({{ayd|2027|6|15}})</small>
|{{ayd|2023|7|29|2027|6|15|duration=on}}<br /><small>'''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''</small><br>{{ayd|2025|1|21|2027|6|15|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[संजीव खन्ना]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!8<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे के 47वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|7|29}} से {{dts|format=dmy|2025|1|20}} तक <br /> <small>({{ayd|2023|7|29|2025|1|20|duration=on}})</small>
|-
![[गुवाहाटी उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://ghconline.gov.in/index.php/honble-the-chief-justice-sitting-judges/|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=ghconline.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मिजोरम]], [[नागालैंड]]
|
|'''आशुतोष कुमार'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|21}}<br /><small>({{ayd|2025|7|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|9|30}}<br /><small>({{ayd|2028|9|30}})</small>
|{{ayd|2025|7|21|2028|9|30|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[पटना उच्च न्यायालय|पटना]]
!39<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|5|15}}<br /><small>({{ayd|2014|5|15}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[गुजरात उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://gujarathighcourt.nic.in/cjj|title=High Court of Gujarat|website=gujarathighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गुजरात]]
|
|'''सुनीता अग्रवाल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2023|7|23}}<br /><small>({{ayd|2023|7|23}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|4|29}}<br /><small>({{ayd|2028|4|29}})</small>
|{{ayd|2023|7|23|2028|4|29|duration=on}}
| rowspan="2" |[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!7<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.hp.gov.in/|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|
|'''गुरमीत सिंह संधावालिया'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|12|29}}<br /><small>({{ayd|2024|12|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|10|31}}<br /><small>({{ayd|2027|10|31}})</small>
|{{ayd|2024|12|29|2027|10|31|duration=on}}
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!5<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|9|30}}<br /><small>({{ayd|2011|9|30}}</small>)
|
|-
![[जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jkhighcourt.nic.in/cjjk.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=jkhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[जम्मू और कश्मीर]], [[लद्दाख]]
|
|'''अरुण पल्ली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|4|16}}<br /><small>({{ayd|2025|4|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|17}}<br /><small>({{ayd|2026|9|17}})</small>
|{{ayd|2025|4|16|2026|9|17|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!28<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|12|28}}<br /><small>({{ayd|2013|12|28}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[झारखण्ड उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|title=SITTING JUDGES OF HIGH COURT OF JHARKHAND {{!}} High Court of Jharkhand, India|website=jharkhandhighcourt.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417053648/https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[झारखंड]]
|[[File:JUSTICE M.S. SONAK.jpg|90x90px]]
|'''महेश शरदचंद्र सोनक'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|9}}<br /><small>({{ayd|2026|1|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|27}}<br /><small>({{ayd|2026|11|27}})</small>
|{{ayd|2026|1|9|2026|11|27|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!19<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कर्नाटक उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|title=High Court of Karnataka Official Web Site|website=karnatakajudiciary.kar.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190611161609/http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|archive-date=11 जून 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[कर्नाटक]]
|[[File:Vibhu_Bakhru.jpg|alt=|90x90px|Dhananjaya Yeshwant Chandrachud]]
|'''विभु बखरू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|19}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|1}}<br /><small>({{ayd|2028|11|1}})</small>
|{{ayd|2025|7|19|2028|11|1|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!15<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|
|-
![[केरल उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|title=Present Judges of High Court|website=highcourtofkerala.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190926172542/http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|archive-date=26 सितंबर 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[केरल]], [[लक्षद्वीप]]
|
|'''सौमेन सेन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|10|8}}<br /><small>({{ayd|2025|10|8}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2026|1|10|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|26}}<br /><small>({{ayd|2027|7|26}})</small>
|{{ayd|2025|10|8|2027|7|26|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2026|1|10|2027|7|26|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!2<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|4|13}}<br /><small>({{ayd|2011|4|13}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|[[मेघालय उच्च न्यायालय|मेघालय के 14वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2025|10|8}} से {{dts|2026|1|9|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2025|10|8|2026|1|9|duration=on}})</small>
|-
![[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://mphc.gov.in/honble-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190810063930/https://mphc.gov.in/honble-judges|archive-date=10 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मध्य प्रदेश]]
|
|'''संजीव सचदेवा '''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|17}}<br /><small>({{ayd|2025|7|17}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|25}}<br /><small>({{ayd|2026|12|25}})</small>
|{{ayd|2025|7|17|2026|12|25|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!14<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[मद्रास उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://www.hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|title=Madras High Court - Profile of Chief Justice|last=Court|first=Madras High|website=www.hcmadras.tn.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190117123331/http://hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|archive-date=17 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|[[पुडुचेरी]], [[तमिलनाडु]]
|
|'''सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|3|6}}<br /><small>({{ayd|2026|3|6}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|7}}<br /><small>({{ayd|2028|7|7}})</small>
|{{ayd|2026|3|6|2028|7|7|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!56<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|4|7}}<br /><small>({{ayd|2016|4|7}}</small>)
| rowspan="2" |[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[मणिपुर उच्च न्यायालय]]<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hcmimphal.nic.in/judges.html|title=Welcome to High Court of Manipur Imphal - court rules|last=unit|first=nic manipur state|website=hcmimphal.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190801065819/https://hcmimphal.nic.in/judges.html|archive-date=1 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मणिपुर]]
|
|'''एम. सुंदर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|15}}<br /><small>({{ayd|2025|9|15}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|18}}<br /><small>({{ayd|2028|7|18}})</small>
|{{ayd|2025|9|15|2028|7|18|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[मद्रास उच्च न्यायालय|मद्रास]]
!66<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|10|5}}<br /><small>({{ayd|2016|10|5}}</small>)
|
|-
![[मेघालय उच्च न्यायालय]]<ref name=":1">{{Cite web|url=http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190420130432/http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|archive-date=20 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मेघालय]]
|
|'''रेवती मोहिते देरे'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|4|16}}<br /><small>({{ayd|2027|4|16}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2027|4|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!18<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[उड़ीसा उच्च न्यायालय]]<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012540/http://orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012529/http://orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उड़ीसा]]
|[[File:Justice_Harish_Tandon.jpg|90x90px]]
|'''हरीश टंडन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|3|26}}<br /><small>({{ayd|2025|3|26}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|15}}<br /><small>({{ayd|2026|11|15}})</small>
|{{ayd|2025|3|26|2026|11|15|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!1<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2010|4|13}}<br /><small>({{ayd|2010|4|13}}</small>)
|[[के॰ जी॰ बालकृष्णन]]
|
|-
![[पटना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|title=The High Court of Judicature at Patna|last=1|first=Amit Kumar|website=patnahighcourt.gov.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816123317/http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|archive-date=16 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[बिहार]]
|
|'''संगम कुमार साहू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|7}}<br /><small>({{ayd|2026|1|7}})</small>
|{{dts|2026|6|4|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|6|4}})</small>
|{{ayd|2026|1|7|2026|6|4|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[उड़ीसा उच्च न्यायालय|उड़ीसा]]
!40<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|7|2}}<br /><small>({{ayd|2014|7|2}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.highcourtchd.gov.in/?trs=chief|title=Hon'ble Chief Justice and Judges of the High Court of Punjab and Haryana|website=www.highcourtchd.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190819115549/https://highcourtchd.gov.in/?trs=chief|archive-date=19 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[चंडीगढ़]], [[हरियाणा]], [[पंजाब]]
|
|'''शील नागू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|7|9}}<br /><small>({{ayd|2024|7|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|31}}<br /><small>({{ayd|2026|12|31}})</small>
|{{ayd|2024|7|9|2026|12|31|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!3<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[राजस्थान उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|title=Rajasthan High Court|last=Ltd.|first=Celeste Online Solutions Pvt.|website=164.100.222.238|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20181105012858/http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|archive-date=5 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[राजस्थान]]
|
|'''संजीव प्रकाश शर्मा'''{{Ref label|†|†|†}}
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|28}}<br /><small>({{ayd|2025|9|28}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|26}}<br /><small>({{ayd|2026|9|26}})</small>
|{{ayd|2025|9|28|2026|9|26|duration=on}}
| --
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!84
|{{dts|2016|11|16|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2016|11|16}}</small>)
|[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[सिक्किम उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|title=Judges Profile {{!}} High Court of Sikkim|website=highcourtofsikkim.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417124547/http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[सिक्किम]]
|
|'''मुहम्मद मुस्ताक आयुमंतकथ'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|4}}<br /><small>({{ayd|2026|1|4}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|5|31}}<br /><small>({{ayd|2029|5|31}})</small>
|{{ayd|2026|1|4|2029|5|31|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[केरल उच्च न्यायालय|केरल]]
!33<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|1|23}}<br /><small>({{ayd|2014|1|23}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[तेलंगाना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|title=HON'BLE JUDGES PROFILE|website=hc.tap.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20180707201942/http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|archive-date=7 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[तेलंगाना]]
|[[File:Justice Aparesh Kumar Singh.png|90x90px]]
|'''अपरेश कुमार सिंह'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|4|17}}<br /><small>({{ayd|2023|4|17}})</small><br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2025|7|19|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|6}}<br /><small>({{ayd|2027|7|6}})</small>
|{{ayd|2023|4|17|2027|7|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल''''</small><br>{{ayd|2025|7|19|2027|7|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!9<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2012|1|24}}<br /><small>({{ayd|2012|1|24}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|[[त्रिपुरा उच्च न्यायालय|त्रिपुरा के 8वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|4|17}} से {{dts|2025|7|18|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2023|4|17|2025|7|18|duration=on}})</small>
|-
![[त्रिपुरा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|title=Welcome to High Court of Tripura|website=tsu.trp.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190317114754/http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|archive-date=17 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[त्रिपुरा]]
|[[File:Justice_M.S._Ramachandra_Rao.jpg|90x90px]]
|'''ममीदन्ना सत्यरत्न रामचंद्र राव'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|5|30}}<br /><small>({{ayd|2023|5|30}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|2025|7|22|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|22}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|8|6}}<br /><small>({{ayd|2028|8|6}})</small>
|{{ayd|2023|5|30|2028|8|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2025|7|22|2028|8|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[तेलंगाना उच्च न्यायालय|तेलंगाना]]
!10<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|2012|6|29|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2012|6|29}}</small>)
|[[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय|हिमाचल प्रदेश के 28वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|5|30}} से {{dts|format=dmy|2024|9|24}} तक <br /><small>({{ayd|2023|5|30|2024|9|24|duration=on}})</small><br />[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखंड के 16वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|2024|9|25|format=dmy}} से {{dts|2025|7|21|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2024|9|25|2025|7|21|duration=on}})</small>
|-
![[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|title=Hon'ble the Chief Justice: Hon'ble the Chief Justice|last=Dehradun|first=NIC, Uttarakhand State Unit|website=highcourtofuttarakhand.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190410221213/http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|archive-date=10 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|
|'''मनोज कुमार गुप्ता'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|10|8}}<br /><small>({{ayd|2026|10|8}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2026|10|8|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!13<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|12}}<br /><small>({{ayd|2013|4|12}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|}
{{Col-begin}}{{Col-2}}'''कुन्जी'''
* '''{{Note label|†|†|†}} कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश'''
{{Col-end}}
'''वरिष्ठता क्रमांक में बदलाव की तारीखें (S.R.):'''
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|3|6}} -''' मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास के मुख्य न्यायाधीश) 5 मार्च 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 1)</small>
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|4|25}} -''' धीरज सिंह ठाकुर (आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश) 24 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 13)</small>
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत के मुख्य न्यायाधीश]]
*[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]
*[[भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीशगणों की सूची]]
==सन्दर्भ==
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6553358
6553296
2026-05-17T07:50:02Z
Ankit231132
874432
/* उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची */
6553358
wikitext
text/x-wiki
यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत के उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की एक सूची है, जो भारत गणराज्य के प्रत्येक राज्य की सर्वोच्च अदालत है। वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं।
==सर्वोच्च न्यायालय==
{| class="wikitable static-row-numbers static-row-header" style="text-align:center"
|-
! scope="col" | मुख्य न्यायधीश का नाम
! [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|'''सूर्यकांत''']]<ref>{{Cite web |date=24 November 2025 |title=Justice Surya Kant sworn in as 53rd Chief Justice of India |url=https://www.thehindu.com/news/national/justice-surya-kant-sworn-in-as-53rd-chief-justice-of-india/article70316338.ece/ |website=thehindu.com |language=en}}</ref><br />{{small|([[भारत के मुख्य न्यायाधीश|सूची]])}}
|-
! छायाचित्र
|[[File:Justice_Surya_Kant.jpg|alt=|125x125px]]
|-
! सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति की तिथि
|{{dts|2019|5|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2019|5|24}})</small>
|-
! भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
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|-
! सेवानिवृति की तिथि
|{{dts|2027|2|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2027|2|9}})</small>
|-
! कार्यकाल
|{{ayd|2025|11|24|2027|2|9|duration=on}}
|-
! मनोनीतकर्ता
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|-
! नियुक्तिकर्ता
|[[द्रौपदी मुर्मू]]
|-
! पदोन्नति की तिथि पर वरिष्ठता क्रमांक
|11
|-
!न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2004|1|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2004|1|9}})</small>
|-
! उच्च न्यायालय
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
|}
== उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची ==
{| class="wikitable sortable defaultcenter static-row-header" style="font-size: 90%"
! उच्च न्यायालय
! न्यायक्षेत्र
! चित्र
! मुख्य न्यायाधीश
! लिंग
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
! सेवानिवृत्ति की तिथि
! कार्यकाल
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! नियुक्तकर्ता
! मूल उच्च न्यायालय
! अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रमांक
! न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
! न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! टिप्पणियाँ
|-
![[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.allahabadhighcourt.in/service/judgeDetail.jsp?id=381|title=Chief Justice and Judges of the High Court of Judicature at Allahabad and its Bench at Lucknow|website=www.allahabadhighcourt.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[उत्तर प्रदेश]]
|[[File:Arun Bhansali.jpg|alt=|90x90px]]
|'''अरुण भंसाली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|2|5}}<br /><small>({{ayd|2024|2|5}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|10|14}}<br /><small>({{ayd|2029|10|14}})</small>
|{{ayd|2024|2|5|2029|10|14|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
| rowspan="25" |[[द्रौपदी मुर्मू]]
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!11<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|8}}<br /><small>({{ayd|2013|1|8}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://aphc.gov.in/profiles.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[आन्ध्र प्रदेश]]
|
|'''लिसा गिल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|4|25}}<br /><small>({{ayd|2026|4|25}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|16}}<br /><small>({{ayd|2028|11|16}})</small>
|{{ayd|2026|4|25|2028|11|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!38<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|3|31}}<br /><small>({{ayd|2014|3|31}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[बॉम्बे उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://bombayhighcourt.gov.in/bhc/cj-sitting-judges|publisher=बॉम्बे उच्च न्यायालय|title=Hon'ble Justices|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गोवा]], [[दादरा और नगर हवेली]], [[दमन और दीव]], [[महाराष्ट्र]]
|[[File:Justice_Shee_Chandrashekhar.jpg|90x90px]]
|'''श्री चंद्रशेखर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|09|05}}<br /><small>({{ayd|2025|09|05}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|5|24}}<br /><small>({{ayd|2027|5|24}})</small>
|{{ayd|2025|9|5|2027|5|24|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!12<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|17}}<br /><small>({{ayd|2013|1|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कलकत्ता उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://calcuttahighcourt.gov.in/Judges/CJ-and-Judges|title=Calcutta High Court - Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]], [[पश्चिम बंगाल]]
|
|'''सुजॉय पॉल'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|16}}<br /><small>({{ayd|2026|1|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|6|20}}<br /><small>({{ayd|2026|6|20
}})</small>
|{{ayd|2026|1|16|2026|6|20|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!4<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}से <br /> ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
| rowspan="3" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.cg.gov.in/judges/judges.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=highcourt.cg.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[छत्तीसगढ़]]
|
|'''रमेश सिन्हा'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|3|29}}<br /><small>({{ayd|2023|3|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|4}}<br /><small>({{ayd|2026|9|4}})</small>
|{{ayd|2023|3|29|2026|9|4|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!6<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
| rowspan="2" |{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
|
|-
![[दिल्ली उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.delhihighcourt.nic.in/web/CJ_Sitting_Judges|title=CJ And Sitting Judges|website=delhihighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]]
|
|'''देवेंद्र कुमार उपाध्याय'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|7|29}}<br /><small>({{ayd|2023|7|29}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|format=dmy|2025|1|21}}<br /><small>({{ayd|2025|1|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|6|15}}<br /><small>({{ayd|2027|6|15}})</small>
|{{ayd|2023|7|29|2027|6|15|duration=on}}<br /><small>'''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''</small><br>{{ayd|2025|1|21|2027|6|15|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[संजीव खन्ना]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!8<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे के 47वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|7|29}} से {{dts|format=dmy|2025|1|20}} तक <br /> <small>({{ayd|2023|7|29|2025|1|20|duration=on}})</small>
|-
![[गुवाहाटी उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://ghconline.gov.in/index.php/honble-the-chief-justice-sitting-judges/|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=ghconline.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मिजोरम]], [[नागालैंड]]
|
|'''आशुतोष कुमार'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|21}}<br /><small>({{ayd|2025|7|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|9|30}}<br /><small>({{ayd|2028|9|30}})</small>
|{{ayd|2025|7|21|2028|9|30|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[पटना उच्च न्यायालय|पटना]]
!39<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|5|15}}<br /><small>({{ayd|2014|5|15}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[गुजरात उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://gujarathighcourt.nic.in/cjj|title=High Court of Gujarat|website=gujarathighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गुजरात]]
|
|'''सुनीता अग्रवाल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2023|7|23}}<br /><small>({{ayd|2023|7|23}})</small>
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|{{ayd|2023|7|23|2028|4|29|duration=on}}
| rowspan="2" |[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!7<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.hp.gov.in/|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|
|'''गुरमीत सिंह संधावालिया'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|12|29}}<br /><small>({{ayd|2024|12|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|10|31}}<br /><small>({{ayd|2027|10|31}})</small>
|{{ayd|2024|12|29|2027|10|31|duration=on}}
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!5<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|9|30}}<br /><small>({{ayd|2011|9|30}}</small>)
|
|-
![[जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jkhighcourt.nic.in/cjjk.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=jkhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[जम्मू और कश्मीर]], [[लद्दाख]]
|
|'''अरुण पल्ली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|4|16}}<br /><small>({{ayd|2025|4|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|17}}<br /><small>({{ayd|2026|9|17}})</small>
|{{ayd|2025|4|16|2026|9|17|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!28<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|12|28}}<br /><small>({{ayd|2013|12|28}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[झारखण्ड उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|title=SITTING JUDGES OF HIGH COURT OF JHARKHAND {{!}} High Court of Jharkhand, India|website=jharkhandhighcourt.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417053648/https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[झारखंड]]
|[[File:JUSTICE M.S. SONAK.jpg|90x90px]]
|'''महेश शरदचंद्र सोनक'''
|पुरुष
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|{{dts|format=dmy|2026|11|27}}<br /><small>({{ayd|2026|11|27}})</small>
|{{ayd|2026|1|9|2026|11|27|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!19<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कर्नाटक उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|title=High Court of Karnataka Official Web Site|website=karnatakajudiciary.kar.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190611161609/http://karnatakajudiciary.kar.nic.in/profiles-sitting-judges.asp|archive-date=11 जून 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[कर्नाटक]]
|[[File:Vibhu_Bakhru.jpg|alt=|90x90px|Dhananjaya Yeshwant Chandrachud]]
|'''विभु बखरू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|19}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|1}}<br /><small>({{ayd|2028|11|1}})</small>
|{{ayd|2025|7|19|2028|11|1|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!15<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|
|-
![[केरल उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|title=Present Judges of High Court|website=highcourtofkerala.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190926172542/http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|archive-date=26 सितंबर 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[केरल]], [[लक्षद्वीप]]
|
|'''सौमेन सेन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|10|8}}<br /><small>({{ayd|2025|10|8}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2026|1|10|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|26}}<br /><small>({{ayd|2027|7|26}})</small>
|{{ayd|2025|10|8|2027|7|26|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2026|1|10|2027|7|26|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!2<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|4|13}}<br /><small>({{ayd|2011|4|13}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|[[मेघालय उच्च न्यायालय|मेघालय के 14वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2025|10|8}} से {{dts|2026|1|9|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2025|10|8|2026|1|9|duration=on}})</small>
|-
![[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://mphc.gov.in/honble-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190810063930/https://mphc.gov.in/honble-judges|archive-date=10 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मध्य प्रदेश]]
|
|'''संजीव सचदेवा '''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|17}}<br /><small>({{ayd|2025|7|17}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|25}}<br /><small>({{ayd|2026|12|25}})</small>
|{{ayd|2025|7|17|2026|12|25|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!14<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[मद्रास उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://www.hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|title=Madras High Court - Profile of Chief Justice|last=Court|first=Madras High|website=www.hcmadras.tn.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190117123331/http://hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|archive-date=17 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|[[पुडुचेरी]], [[तमिलनाडु]]
|
|'''सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|3|6}}<br /><small>({{ayd|2026|3|6}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|7}}<br /><small>({{ayd|2028|7|7}})</small>
|{{ayd|2026|3|6|2028|7|7|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!56<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|4|7}}<br /><small>({{ayd|2016|4|7}}</small>)
| rowspan="2" |[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[मणिपुर उच्च न्यायालय]]<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hcmimphal.nic.in/judges.html|title=Welcome to High Court of Manipur Imphal - court rules|last=unit|first=nic manipur state|website=hcmimphal.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190801065819/https://hcmimphal.nic.in/judges.html|archive-date=1 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मणिपुर]]
|
|'''एम. सुंदर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|15}}<br /><small>({{ayd|2025|9|15}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|18}}<br /><small>({{ayd|2028|7|18}})</small>
|{{ayd|2025|9|15|2028|7|18|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[मद्रास उच्च न्यायालय|मद्रास]]
!66<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|10|5}}<br /><small>({{ayd|2016|10|5}}</small>)
|
|-
![[मेघालय उच्च न्यायालय]]<ref name=":1">{{Cite web|url=http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190420130432/http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|archive-date=20 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मेघालय]]
|
|'''रेवती मोहिते देरे'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|4|16}}<br /><small>({{ayd|2027|4|16}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2027|4|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!18<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[उड़ीसा उच्च न्यायालय]]<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012540/http://orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012529/http://orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उड़ीसा]]
|[[File:Justice_Harish_Tandon.jpg|90x90px]]
|'''हरीश टंडन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|3|26}}<br /><small>({{ayd|2025|3|26}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|15}}<br /><small>({{ayd|2026|11|15}})</small>
|{{ayd|2025|3|26|2026|11|15|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!1<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2010|4|13}}<br /><small>({{ayd|2010|4|13}}</small>)
|[[के॰ जी॰ बालकृष्णन]]
|
|-
![[पटना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|title=The High Court of Judicature at Patna|last=1|first=Amit Kumar|website=patnahighcourt.gov.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816123317/http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|archive-date=16 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[बिहार]]
|
|'''संगम कुमार साहू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|7}}<br /><small>({{ayd|2026|1|7}})</small>
|{{dts|2026|6|4|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|6|4}})</small>
|{{ayd|2026|1|7|2026|6|4|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[उड़ीसा उच्च न्यायालय|उड़ीसा]]
!40<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|7|2}}<br /><small>({{ayd|2014|7|2}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.highcourtchd.gov.in/?trs=chief|title=Hon'ble Chief Justice and Judges of the High Court of Punjab and Haryana|website=www.highcourtchd.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190819115549/https://highcourtchd.gov.in/?trs=chief|archive-date=19 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[चंडीगढ़]], [[हरियाणा]], [[पंजाब]]
|
|'''शील नागू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|7|9}}<br /><small>({{ayd|2024|7|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|31}}<br /><small>({{ayd|2026|12|31}})</small>
|{{ayd|2024|7|9|2026|12|31|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!3<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[राजस्थान उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|title=Rajasthan High Court|last=Ltd.|first=Celeste Online Solutions Pvt.|website=164.100.222.238|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20181105012858/http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|archive-date=5 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[राजस्थान]]
|
|'''संजीव प्रकाश शर्मा'''<br />(कार्यवाहक)
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|28}}<br /><small>({{ayd|2025|9|28}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|26}}<br /><small>({{ayd|2026|9|26}})</small>
|{{ayd|2025|9|28|2026|9|26|duration=on}}
| --
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!84
|{{dts|2016|11|16|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2016|11|16}}</small>)
|[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[सिक्किम उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|title=Judges Profile {{!}} High Court of Sikkim|website=highcourtofsikkim.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417124547/http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[सिक्किम]]
|
|'''मुहम्मद मुस्ताक आयुमंतकथ'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|4}}<br /><small>({{ayd|2026|1|4}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|5|31}}<br /><small>({{ayd|2029|5|31}})</small>
|{{ayd|2026|1|4|2029|5|31|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[केरल उच्च न्यायालय|केरल]]
!33<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|1|23}}<br /><small>({{ayd|2014|1|23}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[तेलंगाना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|title=HON'BLE JUDGES PROFILE|website=hc.tap.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20180707201942/http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|archive-date=7 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[तेलंगाना]]
|[[File:Justice Aparesh Kumar Singh.png|90x90px]]
|'''अपरेश कुमार सिंह'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|4|17}}<br /><small>({{ayd|2023|4|17}})</small><br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2025|7|19|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|6}}<br /><small>({{ayd|2027|7|6}})</small>
|{{ayd|2023|4|17|2027|7|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल''''</small><br>{{ayd|2025|7|19|2027|7|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!9<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2012|1|24}}<br /><small>({{ayd|2012|1|24}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|[[त्रिपुरा उच्च न्यायालय|त्रिपुरा के 8वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|4|17}} से {{dts|2025|7|18|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2023|4|17|2025|7|18|duration=on}})</small>
|-
![[त्रिपुरा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|title=Welcome to High Court of Tripura|website=tsu.trp.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190317114754/http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|archive-date=17 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[त्रिपुरा]]
|[[File:Justice_M.S._Ramachandra_Rao.jpg|90x90px]]
|'''ममीदन्ना सत्यरत्न रामचंद्र राव'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|5|30}}<br /><small>({{ayd|2023|5|30}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|2025|7|22|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|22}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|8|6}}<br /><small>({{ayd|2028|8|6}})</small>
|{{ayd|2023|5|30|2028|8|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2025|7|22|2028|8|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[तेलंगाना उच्च न्यायालय|तेलंगाना]]
!10<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|2012|6|29|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2012|6|29}}</small>)
|[[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय|हिमाचल प्रदेश के 28वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|5|30}} से {{dts|format=dmy|2024|9|24}} तक <br /><small>({{ayd|2023|5|30|2024|9|24|duration=on}})</small><br />[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखंड के 16वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|2024|9|25|format=dmy}} से {{dts|2025|7|21|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2024|9|25|2025|7|21|duration=on}})</small>
|-
![[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|title=Hon'ble the Chief Justice: Hon'ble the Chief Justice|last=Dehradun|first=NIC, Uttarakhand State Unit|website=highcourtofuttarakhand.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190410221213/http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|archive-date=10 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|
|'''मनोज कुमार गुप्ता'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|10|8}}<br /><small>({{ayd|2026|10|8}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2026|10|8|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!13<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|12}}<br /><small>({{ayd|2013|4|12}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|}
'''वरिष्ठता क्रमांक में बदलाव की तारीखें (S.R.):'''
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|3|6}} -''' मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास के मुख्य न्यायाधीश) 5 मार्च 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 1)</small>
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|4|25}} -''' धीरज सिंह ठाकुर (आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश) 24 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 13)</small>
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत के मुख्य न्यायाधीश]]
*[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]
*[[भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीशगणों की सूची]]
==सन्दर्भ==
hwnx6n4wwmhlxlddttjbfkp4mw6jzru
6553369
6553358
2026-05-17T08:13:02Z
Ankit231132
874432
/* उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची */
6553369
wikitext
text/x-wiki
यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत के उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की एक सूची है, जो भारत गणराज्य के प्रत्येक राज्य की सर्वोच्च अदालत है। वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं।
==सर्वोच्च न्यायालय==
{| class="wikitable static-row-numbers static-row-header" style="text-align:center"
|-
! scope="col" | मुख्य न्यायधीश का नाम
! [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|'''सूर्यकांत''']]<ref>{{Cite web |date=24 November 2025 |title=Justice Surya Kant sworn in as 53rd Chief Justice of India |url=https://www.thehindu.com/news/national/justice-surya-kant-sworn-in-as-53rd-chief-justice-of-india/article70316338.ece/ |website=thehindu.com |language=en}}</ref><br />{{small|([[भारत के मुख्य न्यायाधीश|सूची]])}}
|-
! छायाचित्र
|[[File:Justice_Surya_Kant.jpg|alt=|125x125px]]
|-
! सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति की तिथि
|{{dts|2019|5|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2019|5|24}})</small>
|-
! भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2025|11|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|11|24}})</small>
|-
! सेवानिवृति की तिथि
|{{dts|2027|2|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2027|2|9}})</small>
|-
! कार्यकाल
|{{ayd|2025|11|24|2027|2|9|duration=on}}
|-
! मनोनीतकर्ता
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|-
! नियुक्तिकर्ता
|[[द्रौपदी मुर्मू]]
|-
! पदोन्नति की तिथि पर वरिष्ठता क्रमांक
|11
|-
!न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2004|1|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2004|1|9}})</small>
|-
! उच्च न्यायालय
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
|}
== उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची ==
{| class="wikitable sortable defaultcenter static-row-header" style="font-size: 90%"
! उच्च न्यायालय
! न्यायक्षेत्र
! चित्र
! मुख्य न्यायाधीश
! लिंग
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
! सेवानिवृत्ति की तिथि
! कार्यकाल
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! नियुक्तकर्ता
! मूल उच्च न्यायालय
! अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रमांक
! न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
! न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! टिप्पणियाँ
|-
![[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.allahabadhighcourt.in/service/judgeDetail.jsp?id=381|title=Chief Justice and Judges of the High Court of Judicature at Allahabad and its Bench at Lucknow|website=www.allahabadhighcourt.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[उत्तर प्रदेश]]
|[[File:Arun Bhansali.jpg|alt=|90x90px]]
|'''अरुण भंसाली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|2|5}}<br /><small>({{ayd|2024|2|5}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|10|14}}<br /><small>({{ayd|2029|10|14}})</small>
|{{ayd|2024|2|5|2029|10|14|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
| rowspan="25" |[[द्रौपदी मुर्मू]]
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!11<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|8}}<br /><small>({{ayd|2013|1|8}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://aphc.gov.in/profiles.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[आन्ध्र प्रदेश]]
|
|'''लिसा गिल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|4|25}}<br /><small>({{ayd|2026|4|25}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|16}}<br /><small>({{ayd|2028|11|16}})</small>
|{{ayd|2026|4|25|2028|11|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!38<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|3|31}}<br /><small>({{ayd|2014|3|31}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[बॉम्बे उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://bombayhighcourt.gov.in/bhc/cj-sitting-judges|publisher=बॉम्बे उच्च न्यायालय|title=Hon'ble Justices|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गोवा]], [[दादरा और नगर हवेली]], [[दमन और दीव]], [[महाराष्ट्र]]
|[[File:Justice_Shee_Chandrashekhar.jpg|90x90px]]
|'''श्री चंद्रशेखर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|09|05}}<br /><small>({{ayd|2025|09|05}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|5|24}}<br /><small>({{ayd|2027|5|24}})</small>
|{{ayd|2025|9|5|2027|5|24|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!12<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|17}}<br /><small>({{ayd|2013|1|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कलकत्ता उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://calcuttahighcourt.gov.in/Judges/CJ-and-Judges|title=Calcutta High Court - Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]], [[पश्चिम बंगाल]]
|
|'''सुजॉय पॉल'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|16}}<br /><small>({{ayd|2026|1|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|6|20}}<br /><small>({{ayd|2026|6|20
}})</small>
|{{ayd|2026|1|16|2026|6|20|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!4<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}से <br /> ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
| rowspan="3" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.cg.gov.in/judges/judges.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=highcourt.cg.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[छत्तीसगढ़]]
|
|'''रमेश सिन्हा'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|3|29}}<br /><small>({{ayd|2023|3|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|4}}<br /><small>({{ayd|2026|9|4}})</small>
|{{ayd|2023|3|29|2026|9|4|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!6<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
| rowspan="2" |{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
|
|-
![[दिल्ली उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.delhihighcourt.nic.in/web/CJ_Sitting_Judges|title=CJ And Sitting Judges|website=delhihighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]]
|
|'''देवेंद्र कुमार उपाध्याय'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|7|29}}<br /><small>({{ayd|2023|7|29}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|format=dmy|2025|1|21}}<br /><small>({{ayd|2025|1|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|6|15}}<br /><small>({{ayd|2027|6|15}})</small>
|{{ayd|2023|7|29|2027|6|15|duration=on}}<br /><small>'''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''</small><br>{{ayd|2025|1|21|2027|6|15|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[संजीव खन्ना]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!8<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे के 47वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|7|29}} से {{dts|format=dmy|2025|1|20}} तक <br /> <small>({{ayd|2023|7|29|2025|1|20|duration=on}})</small>
|-
![[गुवाहाटी उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://ghconline.gov.in/index.php/honble-the-chief-justice-sitting-judges/|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=ghconline.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मिजोरम]], [[नागालैंड]]
|
|'''आशुतोष कुमार'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|21}}<br /><small>({{ayd|2025|7|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|9|30}}<br /><small>({{ayd|2028|9|30}})</small>
|{{ayd|2025|7|21|2028|9|30|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[पटना उच्च न्यायालय|पटना]]
!39<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|5|15}}<br /><small>({{ayd|2014|5|15}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[गुजरात उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://gujarathighcourt.nic.in/cjj|title=High Court of Gujarat|website=gujarathighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गुजरात]]
|
|'''सुनीता अग्रवाल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2023|7|23}}<br /><small>({{ayd|2023|7|23}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|4|29}}<br /><small>({{ayd|2028|4|29}})</small>
|{{ayd|2023|7|23|2028|4|29|duration=on}}
| rowspan="2" |[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!7<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.hp.gov.in/|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|
|'''गुरमीत सिंह संधावालिया'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|12|29}}<br /><small>({{ayd|2024|12|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|10|31}}<br /><small>({{ayd|2027|10|31}})</small>
|{{ayd|2024|12|29|2027|10|31|duration=on}}
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!5<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|9|30}}<br /><small>({{ayd|2011|9|30}}</small>)
|
|-
![[जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jkhighcourt.nic.in/cjjk.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=jkhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[जम्मू और कश्मीर]], [[लद्दाख]]
|
|'''अरुण पल्ली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|4|16}}<br /><small>({{ayd|2025|4|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|17}}<br /><small>({{ayd|2026|9|17}})</small>
|{{ayd|2025|4|16|2026|9|17|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!28<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|12|28}}<br /><small>({{ayd|2013|12|28}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[झारखण्ड उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand.php?pid=MQ==|title=High Court of Jharkhand Sitting Judges.|website=jharkhandhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[झारखंड]]
|[[File:JUSTICE M.S. SONAK.jpg|90x90px]]
|'''महेश शरदचंद्र सोनक'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|9}}<br /><small>({{ayd|2026|1|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|27}}<br /><small>({{ayd|2026|11|27}})</small>
|{{ayd|2026|1|9|2026|11|27|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!19<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कर्नाटक उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://judiciary.karnataka.gov.in/submenujprofile.php?nid=1|title=Hon`ble The Chief Justice and Sitting Judges of High Court of Karnataka|website=judiciary.karnataka.gov.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[कर्नाटक]]
|[[File:Vibhu_Bakhru.jpg|alt=|90x90px|Dhananjaya Yeshwant Chandrachud]]
|'''विभु बखरू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|19}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|1}}<br /><small>({{ayd|2028|11|1}})</small>
|{{ayd|2025|7|19|2028|11|1|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!15<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|
|-
![[केरल उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|title=Present Judges of High Court|website=highcourtofkerala.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190926172542/http://highcourtofkerala.nic.in/prjudges.html|archive-date=26 सितंबर 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[केरल]], [[लक्षद्वीप]]
|
|'''सौमेन सेन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|10|8}}<br /><small>({{ayd|2025|10|8}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2026|1|10|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|26}}<br /><small>({{ayd|2027|7|26}})</small>
|{{ayd|2025|10|8|2027|7|26|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2026|1|10|2027|7|26|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!2<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|4|13}}<br /><small>({{ayd|2011|4|13}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|[[मेघालय उच्च न्यायालय|मेघालय के 14वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2025|10|8}} से {{dts|2026|1|9|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2025|10|8|2026|1|9|duration=on}})</small>
|-
![[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://mphc.gov.in/honble-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190810063930/https://mphc.gov.in/honble-judges|archive-date=10 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मध्य प्रदेश]]
|
|'''संजीव सचदेवा '''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|17}}<br /><small>({{ayd|2025|7|17}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|25}}<br /><small>({{ayd|2026|12|25}})</small>
|{{ayd|2025|7|17|2026|12|25|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!14<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[मद्रास उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://www.hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|title=Madras High Court - Profile of Chief Justice|last=Court|first=Madras High|website=www.hcmadras.tn.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190117123331/http://hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|archive-date=17 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|[[पुडुचेरी]], [[तमिलनाडु]]
|
|'''सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|3|6}}<br /><small>({{ayd|2026|3|6}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|7}}<br /><small>({{ayd|2028|7|7}})</small>
|{{ayd|2026|3|6|2028|7|7|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!56<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|4|7}}<br /><small>({{ayd|2016|4|7}}</small>)
| rowspan="2" |[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[मणिपुर उच्च न्यायालय]]<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hcmimphal.nic.in/judges.html|title=Welcome to High Court of Manipur Imphal - court rules|last=unit|first=nic manipur state|website=hcmimphal.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190801065819/https://hcmimphal.nic.in/judges.html|archive-date=1 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मणिपुर]]
|
|'''एम. सुंदर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|15}}<br /><small>({{ayd|2025|9|15}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|18}}<br /><small>({{ayd|2028|7|18}})</small>
|{{ayd|2025|9|15|2028|7|18|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[मद्रास उच्च न्यायालय|मद्रास]]
!66<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|10|5}}<br /><small>({{ayd|2016|10|5}}</small>)
|
|-
![[मेघालय उच्च न्यायालय]]<ref name=":1">{{Cite web|url=http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190420130432/http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|archive-date=20 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मेघालय]]
|
|'''रेवती मोहिते देरे'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|4|16}}<br /><small>({{ayd|2027|4|16}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2027|4|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!18<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[उड़ीसा उच्च न्यायालय]]<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012540/http://orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012529/http://orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उड़ीसा]]
|[[File:Justice_Harish_Tandon.jpg|90x90px]]
|'''हरीश टंडन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|3|26}}<br /><small>({{ayd|2025|3|26}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|15}}<br /><small>({{ayd|2026|11|15}})</small>
|{{ayd|2025|3|26|2026|11|15|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!1<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2010|4|13}}<br /><small>({{ayd|2010|4|13}}</small>)
|[[के॰ जी॰ बालकृष्णन]]
|
|-
![[पटना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|title=The High Court of Judicature at Patna|last=1|first=Amit Kumar|website=patnahighcourt.gov.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816123317/http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|archive-date=16 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[बिहार]]
|
|'''संगम कुमार साहू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|7}}<br /><small>({{ayd|2026|1|7}})</small>
|{{dts|2026|6|4|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|6|4}})</small>
|{{ayd|2026|1|7|2026|6|4|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[उड़ीसा उच्च न्यायालय|उड़ीसा]]
!40<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|7|2}}<br /><small>({{ayd|2014|7|2}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.highcourtchd.gov.in/?trs=chief|title=Hon'ble Chief Justice and Judges of the High Court of Punjab and Haryana|website=www.highcourtchd.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190819115549/https://highcourtchd.gov.in/?trs=chief|archive-date=19 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[चंडीगढ़]], [[हरियाणा]], [[पंजाब]]
|
|'''शील नागू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|7|9}}<br /><small>({{ayd|2024|7|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|31}}<br /><small>({{ayd|2026|12|31}})</small>
|{{ayd|2024|7|9|2026|12|31|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!3<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[राजस्थान उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|title=Rajasthan High Court|last=Ltd.|first=Celeste Online Solutions Pvt.|website=164.100.222.238|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20181105012858/http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|archive-date=5 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[राजस्थान]]
|
|'''संजीव प्रकाश शर्मा'''<br />(कार्यवाहक)
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|28}}<br /><small>({{ayd|2025|9|28}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|26}}<br /><small>({{ayd|2026|9|26}})</small>
|{{ayd|2025|9|28|2026|9|26|duration=on}}
| --
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!84
|{{dts|2016|11|16|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2016|11|16}}</small>)
|[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[सिक्किम उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|title=Judges Profile {{!}} High Court of Sikkim|website=highcourtofsikkim.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417124547/http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[सिक्किम]]
|
|'''मुहम्मद मुस्ताक आयुमंतकथ'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|4}}<br /><small>({{ayd|2026|1|4}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|5|31}}<br /><small>({{ayd|2029|5|31}})</small>
|{{ayd|2026|1|4|2029|5|31|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[केरल उच्च न्यायालय|केरल]]
!33<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|1|23}}<br /><small>({{ayd|2014|1|23}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[तेलंगाना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|title=HON'BLE JUDGES PROFILE|website=hc.tap.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20180707201942/http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|archive-date=7 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[तेलंगाना]]
|[[File:Justice Aparesh Kumar Singh.png|90x90px]]
|'''अपरेश कुमार सिंह'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|4|17}}<br /><small>({{ayd|2023|4|17}})</small><br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2025|7|19|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|6}}<br /><small>({{ayd|2027|7|6}})</small>
|{{ayd|2023|4|17|2027|7|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल''''</small><br>{{ayd|2025|7|19|2027|7|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!9<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2012|1|24}}<br /><small>({{ayd|2012|1|24}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|[[त्रिपुरा उच्च न्यायालय|त्रिपुरा के 8वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|4|17}} से {{dts|2025|7|18|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2023|4|17|2025|7|18|duration=on}})</small>
|-
![[त्रिपुरा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|title=Welcome to High Court of Tripura|website=tsu.trp.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190317114754/http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|archive-date=17 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[त्रिपुरा]]
|[[File:Justice_M.S._Ramachandra_Rao.jpg|90x90px]]
|'''ममीदन्ना सत्यरत्न रामचंद्र राव'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|5|30}}<br /><small>({{ayd|2023|5|30}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|2025|7|22|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|22}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|8|6}}<br /><small>({{ayd|2028|8|6}})</small>
|{{ayd|2023|5|30|2028|8|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2025|7|22|2028|8|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[तेलंगाना उच्च न्यायालय|तेलंगाना]]
!10<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|2012|6|29|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2012|6|29}}</small>)
|[[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय|हिमाचल प्रदेश के 28वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|5|30}} से {{dts|format=dmy|2024|9|24}} तक <br /><small>({{ayd|2023|5|30|2024|9|24|duration=on}})</small><br />[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखंड के 16वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|2024|9|25|format=dmy}} से {{dts|2025|7|21|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2024|9|25|2025|7|21|duration=on}})</small>
|-
![[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|title=Hon'ble the Chief Justice: Hon'ble the Chief Justice|last=Dehradun|first=NIC, Uttarakhand State Unit|website=highcourtofuttarakhand.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190410221213/http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|archive-date=10 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|
|'''मनोज कुमार गुप्ता'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|10|8}}<br /><small>({{ayd|2026|10|8}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2026|10|8|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!13<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|12}}<br /><small>({{ayd|2013|4|12}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|}
'''वरिष्ठता क्रमांक में बदलाव की तारीखें (S.R.):'''
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|3|6}} -''' मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास के मुख्य न्यायाधीश) 5 मार्च 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 1)</small>
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|4|25}} -''' धीरज सिंह ठाकुर (आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश) 24 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 13)</small>
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत के मुख्य न्यायाधीश]]
*[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]
*[[भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीशगणों की सूची]]
==सन्दर्भ==
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6553370
6553369
2026-05-17T08:22:11Z
Ankit231132
874432
6553370
wikitext
text/x-wiki
यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारत के उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीशों की एक सूची है, जो भारत गणराज्य के प्रत्येक राज्य की सर्वोच्च अदालत है। वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं।
==सर्वोच्च न्यायालय==
{| class="wikitable static-row-numbers static-row-header" style="text-align:center"
|-
! scope="col" | मुख्य न्यायधीश का नाम
! [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|'''सूर्यकांत''']]<ref>{{Cite web |date=24 November 2025 |title=Justice Surya Kant sworn in as 53rd Chief Justice of India |url=https://www.thehindu.com/news/national/justice-surya-kant-sworn-in-as-53rd-chief-justice-of-india/article70316338.ece/ |website=thehindu.com |language=en}}</ref><br />{{small|([[भारत के मुख्य न्यायाधीश|सूची]])}}
|-
! छायाचित्र
|[[File:Justice_Surya_Kant.jpg|alt=|125x125px]]
|-
! सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति की तिथि
|{{dts|2019|5|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2019|5|24}})</small>
|-
! भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2025|11|24|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|11|24}})</small>
|-
! सेवानिवृति की तिथि
|{{dts|2027|2|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2027|2|9}})</small>
|-
! कार्यकाल
|{{ayd|2025|11|24|2027|2|9|duration=on}}
|-
! मनोनीतकर्ता
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|-
! नियुक्तिकर्ता
|[[द्रौपदी मुर्मू]]
|-
! पदोन्नति की तिथि पर वरिष्ठता क्रमांक
|11
|-
!न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
|{{dts|2004|1|9|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2004|1|9}})</small>
|-
! उच्च न्यायालय
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
|}
== उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सूची ==
{| class="wikitable sortable defaultcenter static-row-header" style="font-size: 90%"
! उच्च न्यायालय
! न्यायक्षेत्र
! चित्र
! मुख्य न्यायाधीश
! लिंग
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की तिथि
! सेवानिवृत्ति की तिथि
! कार्यकाल
! मुख्य न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! नियुक्तकर्ता
! मूल उच्च न्यायालय
! अखिल भारतीय वरिष्ठता क्रमांक
! न्यायाधीश के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि
! न्यायाधीश के रूप में मनोनीतकर्ता
! टिप्पणियाँ
|-
![[इलाहाबाद उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.allahabadhighcourt.in/service/judgeDetail.jsp?id=381|title=Chief Justice and Judges of the High Court of Judicature at Allahabad and its Bench at Lucknow|website=www.allahabadhighcourt.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[उत्तर प्रदेश]]
|[[File:Arun Bhansali.jpg|alt=|90x90px]]
|'''अरुण भंसाली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|2|5}}<br /><small>({{ayd|2024|2|5}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|10|14}}<br /><small>({{ayd|2029|10|14}})</small>
|{{ayd|2024|2|5|2029|10|14|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
| rowspan="25" |[[द्रौपदी मुर्मू]]
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!11<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|8}}<br /><small>({{ayd|2013|1|8}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://aphc.gov.in/profiles.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[आन्ध्र प्रदेश]]
|
|'''लिसा गिल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|4|25}}<br /><small>({{ayd|2026|4|25}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|16}}<br /><small>({{ayd|2028|11|16}})</small>
|{{ayd|2026|4|25|2028|11|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!38<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|3|31}}<br /><small>({{ayd|2014|3|31}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[बॉम्बे उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://bombayhighcourt.gov.in/bhc/cj-sitting-judges|publisher=बॉम्बे उच्च न्यायालय|title=Hon'ble Justices|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गोवा]], [[दादरा और नगर हवेली]], [[दमन और दीव]], [[महाराष्ट्र]]
|[[File:Justice_Shee_Chandrashekhar.jpg|90x90px]]
|'''श्री चंद्रशेखर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|09|05}}<br /><small>({{ayd|2025|09|05}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|5|24}}<br /><small>({{ayd|2027|5|24}})</small>
|{{ayd|2025|9|5|2027|5|24|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!12<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|1|17}}<br /><small>({{ayd|2013|1|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कलकत्ता उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://calcuttahighcourt.gov.in/Judges/CJ-and-Judges|title=Calcutta High Court - Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह]], [[पश्चिम बंगाल]]
|
|'''सुजॉय पॉल'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|16}}<br /><small>({{ayd|2026|1|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|6|20}}<br /><small>({{ayd|2026|6|20
}})</small>
|{{ayd|2026|1|16|2026|6|20|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!4<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}से <br /> ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
| rowspan="3" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.cg.gov.in/judges/judges.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=highcourt.cg.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[छत्तीसगढ़]]
|
|'''रमेश सिन्हा'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|3|29}}<br /><small>({{ayd|2023|3|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|4}}<br /><small>({{ayd|2026|9|4}})</small>
|{{ayd|2023|3|29|2026|9|4|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!6<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
| rowspan="2" |{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
|
|-
![[दिल्ली उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.delhihighcourt.nic.in/web/CJ_Sitting_Judges|title=CJ And Sitting Judges|website=delhihighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]]
|
|'''देवेंद्र कुमार उपाध्याय'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|7|29}}<br /><small>({{ayd|2023|7|29}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|format=dmy|2025|1|21}}<br /><small>({{ayd|2025|1|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|6|15}}<br /><small>({{ayd|2027|6|15}})</small>
|{{ayd|2023|7|29|2027|6|15|duration=on}}<br /><small>'''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''</small><br>{{ayd|2025|1|21|2027|6|15|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[संजीव खन्ना]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!8<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे के 47वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|7|29}} से {{dts|format=dmy|2025|1|20}} तक <br /> <small>({{ayd|2023|7|29|2025|1|20|duration=on}})</small>
|-
![[गुवाहाटी उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://ghconline.gov.in/index.php/honble-the-chief-justice-sitting-judges/|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=ghconline.gov.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[अरुणाचल प्रदेश]], [[असम]], [[मिजोरम]], [[नागालैंड]]
|
|'''आशुतोष कुमार'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|21}}<br /><small>({{ayd|2025|7|21}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|9|30}}<br /><small>({{ayd|2028|9|30}})</small>
|{{ayd|2025|7|21|2028|9|30|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[पटना उच्च न्यायालय|पटना]]
!39<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|5|15}}<br /><small>({{ayd|2014|5|15}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[गुजरात उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://gujarathighcourt.nic.in/cjj|title=High Court of Gujarat|website=gujarathighcourt.nic.in|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[गुजरात]]
|
|'''सुनीता अग्रवाल'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2023|7|23}}<br /><small>({{ayd|2023|7|23}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|4|29}}<br /><small>({{ayd|2028|4|29}})</small>
|{{ayd|2023|7|23|2028|4|29|duration=on}}
| rowspan="2" |[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!7<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|11|21}}<br /><small>({{ayd|2011|11|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.hp.gov.in/|title=Chief Justice & Sitting Judges|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|
|'''गुरमीत सिंह संधावालिया'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|12|29}}<br /><small>({{ayd|2024|12|29}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|10|31}}<br /><small>({{ayd|2027|10|31}})</small>
|{{ayd|2024|12|29|2027|10|31|duration=on}}
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!5<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|9|30}}<br /><small>({{ayd|2011|9|30}}</small>)
|
|-
![[जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jkhighcourt.nic.in/cjjk.php|title=Chief Justice & Sitting Judges|website=jkhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[जम्मू और कश्मीर]], [[लद्दाख]]
|
|'''अरुण पल्ली'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|4|16}}<br /><small>({{ayd|2025|4|16}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|17}}<br /><small>({{ayd|2026|9|17}})</small>
|{{ayd|2025|4|16|2026|9|17|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय|पंजाब और हरियाणा]]
!28<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|12|28}}<br /><small>({{ayd|2013|12|28}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[झारखण्ड उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://jharkhandhighcourt.nic.in/sitting-judges-high-court-jharkhand.php?pid=MQ==|title=High Court of Jharkhand Sitting Judges.|website=jharkhandhighcourt.nic.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[झारखंड]]
|[[File:JUSTICE M.S. SONAK.jpg|90x90px]]
|'''महेश शरदचंद्र सोनक'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|9}}<br /><small>({{ayd|2026|1|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|27}}<br /><small>({{ayd|2026|11|27}})</small>
|{{ayd|2026|1|9|2026|11|27|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!19<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
| rowspan="2" |[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[कर्नाटक उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://judiciary.karnataka.gov.in/submenujprofile.php?nid=1|title=Hon`ble The Chief Justice and Sitting Judges of High Court of Karnataka|website=judiciary.karnataka.gov.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[कर्नाटक]]
|[[File:Vibhu_Bakhru.jpg|alt=|90x90px|Dhananjaya Yeshwant Chandrachud]]
|'''विभु बखरू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|19}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|11|1}}<br /><small>({{ayd|2028|11|1}})</small>
|{{ayd|2025|7|19|2028|11|1|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!15<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|
|-
![[केरल उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://highcourt.kerala.gov.in/judges.php|title=Present Judges of High Court|website=highcourt.kerala.gov.in/|access-date=16 मई 2026}}</ref>
|[[केरल]], [[लक्षद्वीप]]
|
|'''सौमेन सेन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|10|8}}<br /><small>({{ayd|2025|10|8}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2026|1|10|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|26}}<br /><small>({{ayd|2027|7|26}})</small>
|{{ayd|2025|10|8|2027|7|26|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2026|1|10|2027|7|26|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!2<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|4|13}}<br /><small>({{ayd|2011|4|13}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|[[मेघालय उच्च न्यायालय|मेघालय के 14वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2025|10|8}} से {{dts|2026|1|9|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2025|10|8|2026|1|9|duration=on}})</small>
|-
![[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://mphc.gov.in/chief-justice-and-sitting-judges|title=Hon'ble Chief Justice and Sitting Judges |access-date=167 अक्तूबर 2026}}</ref>
|[[मध्य प्रदेश]]
|
|'''संजीव सचदेवा '''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|7|17}}<br /><small>({{ayd|2025|7|17}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|25}}<br /><small>({{ayd|2026|12|25}})</small>
|{{ayd|2025|7|17|2026|12|25|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[दिल्ली उच्च न्यायालय|दिल्ली]]
!14<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|17}}<br /><small>({{ayd|2013|4|17}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[मद्रास उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://www.hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|title=Madras High Court - Profile of Chief Justice|last=Court|first=Madras High|website=www.hcmadras.tn.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190117123331/http://hcmadras.tn.nic.in/cjhc.html|archive-date=17 जनवरी 2019|url-status=live}}</ref>
|[[पुडुचेरी]], [[तमिलनाडु]]
|
|'''सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|3|6}}<br /><small>({{ayd|2026|3|6}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|7}}<br /><small>({{ayd|2028|7|7}})</small>
|{{ayd|2026|3|6|2028|7|7|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!56<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|4|7}}<br /><small>({{ayd|2016|4|7}}</small>)
| rowspan="2" |[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[मणिपुर उच्च न्यायालय]]<ref name=":0">{{Cite web|url=https://hcmimphal.nic.in/judges.html|title=Welcome to High Court of Manipur Imphal - court rules|last=unit|first=nic manipur state|website=hcmimphal.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190801065819/https://hcmimphal.nic.in/judges.html|archive-date=1 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मणिपुर]]
|
|'''एम. सुंदर'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|15}}<br /><small>({{ayd|2025|9|15}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|7|18}}<br /><small>({{ayd|2028|7|18}})</small>
|{{ayd|2025|9|15|2028|7|18|duration=on}}
|[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[मद्रास उच्च न्यायालय|मद्रास]]
!66<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2016|10|5}}<br /><small>({{ayd|2016|10|5}}</small>)
|
|-
![[मेघालय उच्च न्यायालय]]<ref name=":1">{{Cite web|url=http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|title=संग्रहीत प्रति|access-date=29 अक्तूबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190420130432/http://meghalayahighcourt.nic.in/chief-justice-judges|archive-date=20 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[मेघालय]]
|
|'''रेवती मोहिते देरे'''
|महिला
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|4|16}}<br /><small>({{ayd|2027|4|16}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2027|4|16|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[बॉम्बे उच्च न्यायालय|बॉम्बे]]
!18<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|6|21}}<br /><small>({{ayd|2013|6|21}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|-
![[उड़ीसा उच्च न्यायालय]]<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012540/http://orissahighcourt.nic.in/cjohc.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref><ref name=":3">{{Cite web|url=http://www.orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|title=Orissa High Court, Cuttack|website=www.orissahighcourt.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190814012529/http://orissahighcourt.nic.in/cjjudges.html|archive-date=14 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उड़ीसा]]
|[[File:Justice_Harish_Tandon.jpg|90x90px]]
|'''हरीश टंडन'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|3|26}}<br /><small>({{ayd|2025|3|26}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|11|15}}<br /><small>({{ayd|2026|11|15}})</small>
|{{ayd|2025|3|26|2026|11|15|duration=on}}
|[[संजीव खन्ना]]
|[[कलकत्ता उच्च न्यायालय|कलकत्ता]]
!1<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2010|4|13}}<br /><small>({{ayd|2010|4|13}}</small>)
|[[के॰ जी॰ बालकृष्णन]]
|
|-
![[पटना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|title=The High Court of Judicature at Patna|last=1|first=Amit Kumar|website=patnahighcourt.gov.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816123317/http://patnahighcourt.gov.in/Judges.aspx|archive-date=16 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[बिहार]]
|
|'''संगम कुमार साहू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|7}}<br /><small>({{ayd|2026|1|7}})</small>
|{{dts|2026|6|4|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2026|6|4}})</small>
|{{ayd|2026|1|7|2026|6|4|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[उड़ीसा उच्च न्यायालय|उड़ीसा]]
!40<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|7|2}}<br /><small>({{ayd|2014|7|2}}</small>)
|[[राजेन्द्र मल लोढ़ा]]
|
|-
![[पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=https://www.highcourtchd.gov.in/?trs=chief|title=Hon'ble Chief Justice and Judges of the High Court of Punjab and Haryana|website=www.highcourtchd.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190819115549/https://highcourtchd.gov.in/?trs=chief|archive-date=19 अगस्त 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[चंडीगढ़]], [[हरियाणा]], [[पंजाब]]
|
|'''शील नागू'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2024|7|9}}<br /><small>({{ayd|2024|7|9}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|12|31}}<br /><small>({{ayd|2026|12|31}})</small>
|{{ayd|2024|7|9|2026|12|31|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]
|[[मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय|मध्य प्रदेश]]
!3<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2011|5|27}}<br /><small>({{ayd|2011|5|27}}</small>)
|[[एस एच कापड़िया]]
|
|-
![[राजस्थान उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|title=Rajasthan High Court|last=Ltd.|first=Celeste Online Solutions Pvt.|website=164.100.222.238|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20181105012858/http://164.100.222.238/hcraj/jphoto.php|archive-date=5 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[राजस्थान]]
|
|'''संजीव प्रकाश शर्मा'''<br />(कार्यवाहक)
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2025|9|28}}<br /><small>({{ayd|2025|9|28}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|9|26}}<br /><small>({{ayd|2026|9|26}})</small>
|{{ayd|2025|9|28|2026|9|26|duration=on}}
| --
|[[राजस्थान उच्च न्यायालय|राजस्थान]]
!84
|{{dts|2016|11|16|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2016|11|16}}</small>)
|[[टी॰ एस॰ ठाकुर]]
|
|-
![[सिक्किम उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|title=Judges Profile {{!}} High Court of Sikkim|website=highcourtofsikkim.nic.in|language=en|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190417124547/http://highcourtofsikkim.nic.in/hcs/JudgesProfile|archive-date=17 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[सिक्किम]]
|
|'''मुहम्मद मुस्ताक आयुमंतकथ'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|4}}<br /><small>({{ayd|2026|1|4}})</small>
|{{dts|format=dmy|2029|5|31}}<br /><small>({{ayd|2029|5|31}})</small>
|{{ayd|2026|1|4|2029|5|31|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[केरल उच्च न्यायालय|केरल]]
!33<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2014|1|23}}<br /><small>({{ayd|2014|1|23}}</small>)
|[[पी सतशिवम]]
|
|-
![[तेलंगाना उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|title=HON'BLE JUDGES PROFILE|website=hc.tap.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20180707201942/http://hc.tap.nic.in/aphc/profiles1.html|archive-date=7 जुलाई 2018|url-status=dead}}</ref>
|[[तेलंगाना]]
|[[File:Justice Aparesh Kumar Singh.png|90x90px]]
|'''अपरेश कुमार सिंह'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|4|17}}<br /><small>({{ayd|2023|4|17}})</small><br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br />{{dts|2025|7|19|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|19}})</small>
|{{dts|format=dmy|2027|7|6}}<br /><small>({{ayd|2027|7|6}})</small>
|{{ayd|2023|4|17|2027|7|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल''''</small><br>{{ayd|2025|7|19|2027|7|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखण्ड]]
!9<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2012|1|24}}<br /><small>({{ayd|2012|1|24}}</small>)
| rowspan="2" |[[एस एच कापड़िया]]
|[[त्रिपुरा उच्च न्यायालय|त्रिपुरा के 8वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|4|17}} से {{dts|2025|7|18|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2023|4|17|2025|7|18|duration=on}})</small>
|-
![[त्रिपुरा उच्च न्यायालय]]<ref>{{Cite web|url=http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|title=Welcome to High Court of Tripura|website=tsu.trp.nic.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190317114754/http://tsu.trp.nic.in/highcourt/CJprofile.html|archive-date=17 मार्च 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[त्रिपुरा]]
|[[File:Justice_M.S._Ramachandra_Rao.jpg|90x90px]]
|'''ममीदन्ना सत्यरत्न रामचंद्र राव'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2023|5|30}}<br /><small>({{ayd|2023|5|30}}</small>)<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में नियुक्ति की तारीख'''''</small><br>{{dts|2025|7|22|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2025|7|22}})</small>
|{{dts|format=dmy|2028|8|6}}<br /><small>({{ayd|2028|8|6}})</small>
|{{ayd|2023|5|30|2028|8|6|duration=on}}<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में कार्यकाल'''''</small><br>{{ayd|2025|7|22|2028|8|6|duration=on}}
|[[धनंजय यशवंत चंद्रचूड़]]<br /><small>'''''वर्तमान उच्च न्यायालय में मनोनीत'''''</small><br>[[भूषण रामकृष्ण गवई]]
|[[तेलंगाना उच्च न्यायालय|तेलंगाना]]
!10<br /><small>''{{dts|2026|3|6|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|2012|6|29|format=dmy}}<br /><small>({{ayd|2012|6|29}}</small>)
|[[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय|हिमाचल प्रदेश के 28वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|format=dmy|2023|5|30}} से {{dts|format=dmy|2024|9|24}} तक <br /><small>({{ayd|2023|5|30|2024|9|24|duration=on}})</small><br />[[झारखण्ड उच्च न्यायालय|झारखंड के 16वें मुख्य न्यायाधीश]]<br>{{dts|2024|9|25|format=dmy}} से {{dts|2025|7|21|format=dmy}} तक <br /><small>({{ayd|2024|9|25|2025|7|21|duration=on}})</small>
|-
![[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय]]<br />{{small|([[उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की सूची|सूची]])}}<ref>{{Cite web|url=http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|title=Hon'ble the Chief Justice: Hon'ble the Chief Justice|last=Dehradun|first=NIC, Uttarakhand State Unit|website=highcourtofuttarakhand.gov.in|access-date=2018-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20190410221213/http://highcourtofuttarakhand.gov.in/pages/display/221-honble-the-chief-justice|archive-date=10 अप्रैल 2019|url-status=dead}}</ref>
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|
|'''मनोज कुमार गुप्ता'''
|पुरुष
|{{dts|format=dmy|2026|1|10}}<br /><small>({{ayd|2026|1|10}})</small>
|{{dts|format=dmy|2026|10|8}}<br /><small>({{ayd|2026|10|8}})</small>
|{{ayd|2026|1|10|2026|10|8|duration=on}}
|[[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]]
|[[इलाहाबाद उच्च न्यायालय|इलाहाबाद]]
!13<br /><small>''{{dts|2026|4|25|format=dmy}}<br /> से ''</small>
|{{dts|format=dmy|2013|4|12}}<br /><small>({{ayd|2013|4|12}}</small>)
|[[अल्तमास कबीर]]
|
|}
'''वरिष्ठता क्रमांक में बदलाव की तारीखें (S.R.):'''
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|3|6}} -''' मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास के मुख्य न्यायाधीश) 5 मार्च 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 1)</small>
<small>'''{{dts|format=dmy|2026|4|25}} -''' धीरज सिंह ठाकुर (आंध्र प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश) 24 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। (S.R. 13)</small>
==इन्हें भी देखें==
*[[भारत के मुख्य न्यायाधीश]]
*[[भारत का उच्चतम न्यायालय]]
*[[भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीशगणों की सूची]]
==सन्दर्भ==
ryrmujho8hhqune6obmt3tfq72ky784
साँचा:विकिडाटा ज्ञानसन्दूक
10
1170288
6553184
4697907
2026-05-16T16:53:36Z
AMAN KUMAR
911487
अनुप्रेषित किया
6553184
wikitext
text/x-wiki
#REDIRECT [[साँचा:Wikidata Infobox]]
9roxmte2vja71ijs4y0xb9v73bvepor
अल्फ्रेड फ्रेडी क्रुपा
0
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6553445
6552908
2026-05-17T11:36:26Z
GrazingJan
924967
/* growthexperiments-addlink-summary-summary:2|0|0 */
6553445
wikitext
text/x-wiki
'''अल्फ्रेड फ्रेडी क्रुपा''' (14 जून 1971, कार्लोवैक, यूगोस्लाविया) एक क्रोएशियाई समकालीन चित्रकार हैं। मूलनिवासी कलाकार अल्फ्रेड फ्रेडी क्रुपा को न्यू इंक आर्ट आंदोलन में एक अग्रणी शक्ति माना जाता है, जिसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।<ref>https://www.getty.edu/vow/ULANFullDisplay?find=krupa&role=&nation=&prev_page=1&subjectid=500355803</ref><ref>http://artmarketmag.com/alfred-freddy-krupa-new-ink-art/</ref><ref>https://monoskop.org/Alfred_Freddy_Krupa</ref><ref>https://www.wikiart.org/en/alfred-freddy-krupa</ref><ref>https://scholar.google.com/scholar?hl=hr&as_sdt=0%2C5&q=Alfred+Krupa&btnG=</ref><ref>https://www.google.com/search?q=Alfred+Krupa&tbs=bkt:b&tbm=bks&source=lnt&sa=X&ved=2ahUKEwie6I7ko577AhWeVfEDHb4gBpQQpwV6BAgKEB4&biw=1504&bih=715&dpr=1.28</ref><ref>https://whitehotmagazine.com/articles/artist-profile-alfred-krupa/5328</ref><ref>https://www.vinniejinn.com/post/european-scientific-artistic-approach-amalgamated-with-eastern-wisdom-in-art-life-by-alfred-krupa</ref>
47.05<ref>Yu, A., Ronen, S., Hu, K. et al. Pantheon 1.0, a manually verified dataset of globally famous biographies. Sci Data 3, 150075 (2016). https://doi.org/10.1038/sdata.2015.75</ref> के [[मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान|मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी]] ऐतिहासिक लोकप्रियता सूचकांक (एचपीआई) के साथ अक्टूबर 2020 तक, अल्फ्रेड फ्रेडी क्रुपा 80 वें सबसे प्रसिद्ध जीवित चित्रकार, 5 वीं सबसे प्रसिद्ध क्रोएशियाई पेंटर, और सबसे प्रसिद्ध जीवित पेंटर हैं।<ref>https://pantheon.world/profile/occupation/painter/</ref><ref>https://pantheon.world/profile/person/Alfred_Freddy_Krupa/</ref>
उन्होंने 1995 में ज़गरेब में ललित कला अकादमी से स्नातक किया। उनकी पेंटिंग की अभिव्यक्ति शुरू में 20 वीं शताब्दी के कार्लोवाक वॉटर कलर पेंटिंग की समृद्ध परंपरा पर केंद्रित थी, और विशेष रूप से उनके दादाजी के काम, 20 वीं शताब्दी के दूसरे छमाही के सबसे महत्वपूर्ण क्रोएशियाई, यूगोस्लाव और मध्य यूरोपीय जलविदों में से एक, अल्फ्रेड कृपा, जिनके साथ फ्रेडी ने प्रवेश किया। कला की दुनिया।
जापान में उनके प्रवास ने क्रुपा की ज़ेन सहमति की भावना में कमी को प्रभावित किया, और नाटकीय जीवन परिस्थितियों ने उनके कलात्मक भाषण को एक विशिष्ट, पश्चिमी अभिव्यंजना दी, जो क्रुपा की हालिया रचनाओं को एक तत्काल अभिव्यक्ति देती है जो पारंपरिक या समकालीन स्याही चित्रकला में नहीं मिलती है।<ref>https://lifeasahuman.com/2019/arts-culture/art/overcoming-a-personal-holocaust/</ref><ref>{{Cite web |url=https://issuu.com/artrevealmagazine/docs/53 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 दिसंबर 2020 |archive-date=6 जुलाई 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200706120625/https://issuu.com/artrevealmagazine/docs/53 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=https://www.widewalls.ch/magazine/alfred-freddy-krupa-exhibition-vjekoslav-karas-gallery |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 दिसंबर 2020 |archive-date=4 मार्च 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210304191120/https://www.widewalls.ch/magazine/alfred-freddy-krupa-exhibition-vjekoslav-karas-gallery |url-status=dead }}</ref>
2018 में [[सैन फ़्रांसिस्को|सैन फ्रांसिस्को]] में प्रकाशित लेख 'ग्रंथ / ग्रंथ 1994-2017' के द्विभाषी अंग्रेजी-क्रोएशियाई संग्रह में, जो दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण कला संस्थानों (न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट लाइब्रेरी, ब्रिटिश लाइब्रेरी) में तुरंत शामिल किया गया था; लंदन; सैकलर लाइब्रेरी, ऑक्सफोर्ड, आदि) ने चित्रकला और कला पर अपने सैद्धांतिक प्रतिबिंबों को सामान्य रूप से प्रकाशित किया, साथ ही साथ अपने अनुभवों और पानी के चित्र तकनीक (वॉटरकलर, स्याही, दाग, विनोरेल, आदि) पर व्यावहारिक प्रतिबिंब भी प्रकाशित किए, जिसमें लगातार एक चौथाई से अधिक सुधार हुआ। सदी।<ref>https://artlibraries.on.worldcat.org/search?queryString=Alfred%20Freddy%20Krupa&databaseList=269,638,10884&sortKey=BEST_MATCH&clusterResults=true&translateSearch=false&queryTranslationLanguage=fr&expandSearch=false&scope=&page=1</ref>
2020 की शुरुआत में, इस पुस्तक ने एक संशोधित रूप में, अपने क्रोएशियाई संस्करण का अनुभव किया।<ref>{{Cite web |url=https://povcast.hr/jedini-ne-azijac-u-top-10-svjetskih-slikara-tusem-afred-f-krupa-objavio-dopunjeno-hrvatsko-izdanje-zbirke-mislite-think/ |title=संग्रहीत प्रति |access-date=29 दिसंबर 2020 |archive-date=18 दिसंबर 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201218194739/https://povcast.hr/jedini-ne-azijac-u-top-10-svjetskih-slikara-tusem-afred-f-krupa-objavio-dopunjeno-hrvatsko-izdanje-zbirke-mislite-think/ |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:1971 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
i5lh6o9eflpzfg0bjeshgo75zi50il0
एंड्रिया जेरेमिया
0
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Rescuing 0 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6553441
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = एंड्रिया जेरेमिया
| image = Andrea Jeremiah.jpg
| caption = Jeremiah in 2013
| birth_name =
| birth_date =
| birth_place = [[Arakkonam]], [[तमिल नाडु]], भारत
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| years_active = 2005–present
}}
'''एंड्रिया जेरेमिया''' एक भारतीय अभिनेत्री, पार्श्व गायिका हैं और संगीतकार मुख्य रूप से तमिल, मलयालम और तेलुगु फिल्मों में काम करती हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/south-actress-andrea-jeremiah-says-tired-doing-bedroom-scenes|title=फिल्मों में बेडरूम सीन्स को लेकर अभिनेत्री ने दिया बड़ा बयान, बोलीं- 'हो चुकी हूं बोर'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/tamil/movies/news/andrea-jeremiah-to-iswarya-menon-kollywood-celebrities-who-have-social-media-pages-for-their-pets/photostory/80585389.cms|title=Andrea Jeremiah to Iswarya Menon: Kollywood celebrities who have social media pages for their pets}}</ref> उसने एक पार्श्व गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया, और बाद में फिल्मों में मुख्य भूमिका के रूप में दिखाई दी।<ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/entertainment/music/andrea-jeremiah-music-live-in-concert-chennai/article19736600.ece|title=Back to basics|last=Lazarus|first=Susanna Myrtle|date=22 September 2017|work=The Hindu|access-date=19 January 2018|issn=0971-751X|archive-date=22 May 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200522021754/https://www.thehindu.com/entertainment/music/andrea-jeremiah-music-live-in-concert-chennai/article19736600.ece|url-status=live}}</ref>
एंड्रिया ने Pachaikili Muthucharam से अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म का निर्देशन गौतम वासुदेव ने किया था।<ref>{{cite web|url=https://www.aajtak.in/entertainment/photo/south-actress-andrea-jeremiah-says-tired-doing-bedroom-scenes-tmov-1032121-2020-02-29-1|title=एक्ट्रेस ने कहा- बेडरूम सीन्स करके थक चुकी, अच्छा रोल दो फीस कम कर लूंगी}}</ref> एंड्रिया [[विजय (अभिनेता)|तलपति विजय]] की फिल्म [[मास्टर (2021 फ़िल्म)|मास्टर]] में अहम किरदार में हैं।<ref>{{cite web|url=https://ndtv.in/bollywood/vijay-and-vijay-sethupathi-master-digital-premiere-on-amazon-prime-video-on-29-january-2358578|title=Master: विजय और विजय सेतुपति की मास्टर अमेजन प्राइम वीडियो पर, 29 जनवरी को होगा प्रीमियर}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> इस फिल्म के अलावा एंड्रिया 'वट्टम' और मलीगई फिल्में में हैं। फिल्मों में आने से पहले एंड्रिया थियेटर से जुड़ी थीं। इसके अलावा कई विज्ञापनों में भी नजर आईं। पहला विज्ञापन साल 2006 में अभिनेता शिवा के साथ किया था।
==प्रारंभिक जीवन==
एंड्रिया जेरेमिया ने [[महिला क्रिश्चियन कॉलेज]] से स्नातक किया।
==इन्हें भी देखें==
* [[हंसिका मोटवानी]]
* [[रम्या कृष्णन]]
* [[पार्वती तिरुवोत|पार्वती थिरुवोथु]]
* [[रेवती (फ़िल्म अभिनेत्री)|रेवती]]
* नज़रिया नाज़िम
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb name|1942975}}
* {{Instagram|therealandreajeremiah}}
[[श्रेणी:भारतीय अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:1993 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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एंड्रिया बेनेटी
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{{Infobox artist
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Andrea Benetti
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|birth_date={{birth date and age|1964|1|15}}
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एलएक्सआई मिचेती पुरस्कार - 2010<br/>
अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार - 2014<br/>
49वां नेट्टुनो डी'ओरो पुरस्कार - 2020
}}
'''एंड्रिया बेनेट्टी''' एक [[इतालवी]] चित्रकार हैं, जो 2009 में प्रस्तुत किए गए ''नियो केव आर्ट'' वेनिस बियनेला|के घोषणापत्र के लेखक हैं, जो 53 वें वेनिस बियनेला में का फोस्कारी यूनिवर्सिटी में प्रस्तुत किए गए हैं । <ref>{{Cite web|url=https://bologna.repubblica.it/cronaca/2013/04/12/news/andrea_benetti_e_la_sua_arte_neorupestre-56465622/|title=Andrea Benetti and his Neo-Cave Art|date=April 12, 2013|website=la Repubblica}}</ref>
== जीवनी ==
एंड्रिया बेनेट्टी एक इतालवी चित्रकार, फोटोग्राफर और डिजाइनर हैं, जिनका जन्म 1964 में बोलोना में हुआ था। 2006 में उन्होंने नियो-केव आर्ट का मेनिफेस्टो लिखा, जिसे उन्होंने 2009 में 53 वें वेनिस बियनेला ऑफ़ आर्ट में प्रस्तुत किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea in the Treccani Encyclopedia|website=www.treccani.it}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|title=Andrea Benetti in the MACIA Museum|website=museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=29 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629192537/https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|url-status=dead}}</ref>
उनकी कला प्रत्यक्ष संदर्भ और परोक्ष रूप से प्रागैतिहासिक मनुष्य द्वारा बनाई गई कला के पहले रूपों से प्रेरित है। गुफा के कार्यों से, बेनेट्टी ने रचनात्मक दृष्टिकोण से अपनी शैलीगत विशेषताओं को उधार लिया, शैलीबद्ध ज़ूमोर्फिक और मानवरूपी रूपांकनों, ज्यामितीय आकृतियों और अमूर्त आकृतियों के साथ रंग के क्षेत्रों के साथ भीड़ का निर्माण किया, जैसे कि प्रागैतिहासिक और समसामयिकता, 'वनस्पति रंगद्रव्य और तकनीक जैसे आधार-राहत और भित्तिचित्रों के उपयोग' द्वारा जोर दिया गया। <ref>[https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti Taken from the Treccani Encyclopedia]</ref>
<br>उनका मुख्य काम राष्ट्रीय और विदेशी कला संग्रह संस्थानों (जैसे संयुक्त राष्ट्र, वेटिकन और क्विरिनल) में मौजूद है, <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref> उनकी सबसे हालिया प्रदर्शनियों में "रंग और मूल के ध्वनियां" (बोलोना, पलाज्जो डी'एकर्सियो, 2013) , <ref>{{Cite web|url=https://www.lastampa.it/cultura/2013/03/20/news/colori-e-suoni-delle-origini-1.36113830|title=Colors and sounds of the origins|date=March 20, 2013|website=lastampa.it}}</ref> "VR60768 ·एंथ्रोपोमोर्फिक फिगर" (रोम, चैंबर ऑफ डेप्युटीज, 2015), <ref>{{Cite web|url=http://www.camera.it/leg17/browse/1131?shadow_comunicatostampa=9016|title=Thursday inauguration of Andrea Benetti's exhibition at the Chamber of Deputies|website=Camera dei Deputati}}</ref> "पैटर ल्यूमिनम" (गैलिपोली, सिविक संग्रहालय, 2017) और "हिंसा के खिलाफ चेहरे" (बोलोना, पलाज्जो डी'एकर्सियो, 2017) हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.comune.bologna.it/news/volti-contro-la-violenza-mostra-fotografica-di-andrea-benetti-palazzo-daccursio|title="Faces against violence", photographic exhibition by Andrea Benetti at Palazzo d'Accursio|website=www.comune.bologna.it}}</ref><br>
2020 में, एंड्रिया बेनेट्टी को बोलोना शहर के " नेट्टुनो डी'ओरो पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। <ref>{{Cite web|url=https://bologna.repubblica.it/cronaca/2020/10/21/news/il_lions_da_il_suo_nettuno_d_oro_a_andrea_benetti-271320159/|title=Il "Golden Neptune" awarded to Andrea Benetti|date=October 21, 2020|website=la Repubblica}}</ref>
== संग्रहालय और संग्रह ==
निजी और संस्थागत संग्रहालय और कला संग्रह, जिन्होंने एंड्रिया बेनेट्टी के कार्यों का अधिग्रहण किया है
* [[संयुक्त राष्ट्र]] कला संग्रह ( [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क]], संयुक्त राज्य अमेरिका) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Benetti, Andrea in the Treccani Encyclopedia|website=www.treccani.it}}</ref>
* वेटिकन कला संग्रह (वैटिकन सिटी ) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Andrea Benetti nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref>
* एम.ए.सी.आई.ए. - अमेरिका में इतालवी समकालीन कला संग्रहालय ( [[सान होज़े (कोस्ता रीका)|सैन जोस]] - [[कोस्ता रीका|कोस्टा रिका]] ) <ref>{{Cite web|url=http://www.museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|title=Andrea Benetti in the MACIA Museum Collection|website=www.museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=29 जून 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629192537/https://museomacia.org/collezione-permanente-arte-contemporanea-italiana/andrea-benetti-arte-contemporanea.html|url-status=dead}}</ref>
* क्विरिनल आर्ट कलेक्शन इटालियन प्रेसीडेंसी ऑफ़ द रिपब्लिक ∙ (रोम - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti|title=Benetti, Andrea nell'Enciclopedia Treccani|website=www.treccani.it}}</ref>
* पलाज्जो मोंटेकिटोरियो इतालवी संसद चैंबर ऑफ डेप्युटी (रोम - इटली) <ref>{{Cite web |url=https://www.myluxury.it/articolo/l-arte-che-va-di-moda-il-gusto-neorupestre-di-andrea-benetti/40475/ |title="My Luxury" The online magazine |access-date=4 जून 2021 |archive-date=15 मई 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210515175928/https://www.myluxury.it/articolo/l-arte-che-va-di-moda-il-gusto-neorupestre-di-andrea-benetti/40475/ |url-status=dead }}</ref>
* फेरारा कला संग्रह विश्वविद्यालय (फेरारा - इटली) <ref>{{Cite web|url=http://www.unife.it/sma/it/le-mostre/archivio-delle-mostre/2016/andrea-benetti-prehistoria-contemporanea/andrea-benetti-prehistoria-contemporanea|title=Andrea Benetti - preHISTORIA CONTEMPORANEA — Sistema museale di ateneo|website=www.unife.it}}</ref>
* बारी कला संग्रह विश्वविद्यालय ( [[बारी]] - इटली) <ref>[https://www.uniba.it/eventi-alluniversita/anno-2014/andrea-benetti-colori-e-suoni-delle-origini The site of the University of Bari]</ref>
* मम्बो आधुनिक कला संग्रहालय बोलोग्ना (बोलोना - इटली) <ref>{{Cite web|url=http://www.mambo-bologna.org/en/archivio/collezionecontemporanea/opera-1121/|title=Fior di Loto - Mambo Museum|website=www.mambo-bologna.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=23 सितंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200923063455/http://www.mambo-bologna.org/en/archivio/collezionecontemporanea/opera-1121/|url-status=dead}}</ref>
* संग्रहालय आधुनिक और समकालीन कला संग्रहालय बोलजानो ( बोलजानो - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://www.museion.it/scheda-opere/?id_oggetto=30009914|title=The work on the Museion Museum website|access-date=4 जून 2021|archive-date=10 मई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210510093910/https://www.museion.it/scheda-opere/?id_oggetto=30009914|url-status=dead}}</ref>
* कैमेक - आधुनिक और समकालीन कला केंद्र - ( ला स्पेज़िया - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://vimeo.com/172109657|title=Omaggio alla Pittura Rupestre di Andrea Benetti|via=vimeo.com}}</ref>
* एफपी मिचेती संग्रहालय (फ़्रैंकविला अल मारे - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://ricerca.repubblica.it/repubblica/archivio/repubblica/2010/08/18/quelle-pitture-neorupestri-di-andrea-benetti.html|title=Quelle pitture neorupestri di Andrea Benetti - La Repubblica News|website=Archivio - la Repubblica.it}}</ref>
* ओस्वाल्डो लिसिनी समकालीन कला संग्रहालय ( एस्कोली पिकेनो - इटली) <ref>{{Cite web|url=https://www.picenooggi.it/2013/08/26/19640/lartista-andrea-benetti-ad-ascoli-per-far-vivere-il-travertino/|title=Andrea Benetti in Ascoli to bring travertine to life|date=August 26, 2013|website=Piceno Oggi}}</ref>
* लेसे कला संग्रह की नगर पालिका (लेसे - इटली) <ref>{{Cite web|url=http://www.mustlecce.it/it/news-ed-eventi/item/606-andrea-benetti-%E2%80%9Castrattismo-delle-origini%E2%80%9D|title=Must Museum - ANDREA BENETTI "Abstract art of the origins"|website=www.mustlecce.it|access-date=4 जून 2021|archive-date=23 मई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210523110104/http://www.mustlecce.it/it/news-ed-eventi/item/606-andrea-benetti-%E2%80%9Castrattismo-delle-origini%E2%80%9D|url-status=dead}}</ref>
== ग्रन्थसूची ==
* के.एच. केलर, जी. रॉसी, आर. सबाटेली: ''एंड्रिया बेनेट्टी और लैनफ्रेंको डि रिको - सितंबर 2001'', जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय, बोलोग्ना, 2008, 12 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://joseartgallery.com/artists/Andrea_Benetti/|title=Biography of Andrea Benetti on Josè Art Gallery|website=joseartgallery.com}}</ref>
* विभिन्न लेखक: ''अर्टे ई कल्टुरा - उन पोंटे ट्रा इटालिया ई कोस्टा रिका'', आईआईएलए, सैन जोस, 2008, 98 पृष्ठ <ref>[https://gregorio-rossi.it/pubblicazioni/arte-cultura-ponte-italia-costa_rica The Gregorio Rossi website]</ref>
* विभिन्न लेखक: ''नटुरा ई सोगनी - कैटालोगो डेल पैडिग्लियोन डेला 53।'' ''Biennale di Venezia'', Umberto Allemandi & C., वेनिस, 2009, 98 पृष्ठ <ref>[https://gregorio-rossi.it/pubblicazioni/53.-espo-internazionale-darte-biennale-di-venezia The Gregorio Rossi website]</ref>
* विभिन्न लेखक: ''एस्प्लोराज़ियोन इनकॉन्सुएटा ऑल'इंटर्नो डेला वेलोसिटा'', बोलोग्ना, 2009, 104 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://museomacia.org/arte-contemporanea-italiana-bibliografia-libri-e-cataloghi/velocita-arte-contemporanea.html|title=Esplorazione inconsueta all'interno della velocità | MACIA Museum|website=museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134434/https://museomacia.org/arte-contemporanea-italiana-bibliografia-libri-e-cataloghi/velocita-arte-contemporanea.html|url-status=dead}}</ref>
* एंड्रिया बेनेट्टी, ग्रेगोरियो रॉसी: ''इल मेनिफेस्टो डेल'आर्टे नियोरुपेस्ट्रे'', अम्बर्टो एलेमैंडी एंड सी., वेनिस, 2009, 18 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://museomacia.org/arte-contemporanea-italiana-bibliografia-libri-e-cataloghi/manifesto_arte_neorupestre.html|title=Manifesto dell'Arte Neorupestre di Andrea Benetti | MACIA Museum|website=museomacia.org|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134444/https://museomacia.org/arte-contemporanea-italiana-bibliografia-libri-e-cataloghi/manifesto_arte_neorupestre.html|url-status=dead}}</ref>
* कार्लो फैब्रीज़ियो कार्ली: ''डियोरामा इटालियनो - ६१º प्रेमियो'' मिचेती, वैलेची, फ़्रैंकविला ए घोड़ी, २०१०, २०२ पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.giulianovanews.it/2010/07/francavilla-al-mare-ch-24-luglio-–-31-agosto-2010-lxi-premio-michetti-arte-e-ambiente/|title=Francavilla al Mare (CH), 24 July - 31 August 2010 LXI Michetti Award - Art and Environment|date=July 20, 2010|website=GiulianovaNews}}</ref>
* सी. पेरिसोट, पी. पेन्सोसी: ''पोर्ट्रेट्स'' डी'आर्टिस्ट्स, एडिज़ियोनी कासा मोदिग्लिआनी, रोमा, 2010, 72 पृष्ठ
* सिमोना गेवियोली: ''एंड्रिया बेनेट्टी - बीपी बिफोर प्रेजेंट'', मीडिया ब्रेन, बोलोग्ना, 2009, 52 पृष्ठ
* विभिन्न लेखक: ''एंड्रिया बेनेट्टी - ला पिट्टुरा नियोरुपेस्ट्रे'', कॉम्यून डि कैस्टेलाना ग्रोटे, कास्टेलाना ग्रोटे, 2011, 58 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=http://bari.repubblica.it/cronaca/2011/09/07/foto/la_pittura_torna_alle_origini_i_lavori_di_binetti_nelle_grotte-21358167/|title=Castellana, caves like caves painting goes back to its origins - Bari - Repubblica.it|website=Bari - La Repubblica}}</ref>
* डी. इयाकुएनीलो, सी. पेरिसोट, जी. रॉसीक: M173 - अपोक्रिफल निशान, यूरोपीय संस्थान पेगासो, रोम, 2012, 70 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte_italiana_contemporanea-pittura|title=Andrea Benetti: M173 - Apocryphal traces in contemporary art|access-date=4 जून 2021|archive-date=5 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160305060247/https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte_italiana_contemporanea-pittura|url-status=dead}}</ref>
* जी. रॉसी, डी. स्कार्फì: ''इल सिम्बोलिस्मो नैला पिट्टुरा नियोरुपेस्ट्रे'', मेडियाब्रेन, सिरैक्यूज़, 2012, 88 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.siracusanews.it/siracusa-ospitera-la-pittura-neorupestre-di-andrea-benetti-gia-presentata-anche-alla-53-biennale-di-venezia/|title=Syracuse will host Andrea Benetti's Neo-Cave painting, already presented at the 53rd Venice Biennale|date=August 23, 2012|website=Siracusa News}}</ref>
* एंड्रिया बेनेट्टी, सिल्विया ग्रैंडी: ''कोलोरी ए सूनी डेले ओरिजिनी'', कुदुलिब्री, बोलोग्ना, 2013, 86 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.lafeltrinelli.it/libri/andrea-benetti/colori-e-suoni-origini-ediz/9788890851308|title=Colors and sounds of the origins|website=www.lafeltrinelli.it}}</ref>
* एंड्रिया ''बेनेट्टी, स्टेफ़ानो पपेटी: डल्ला रोसिया अल्ला टेला - इल ट्रैवर्टिनो नैला पिट्टुरा नियोरुपेस्ट्रे'', कुदुलिब्री, एस्कोली पी., 2014, 54 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-pittura-contemporanea-ascoli|title=ANDREA BENETTI - From rock to canvas - Travertine in Neo-Cave painting|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134343/https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-pittura-contemporanea-ascoli|url-status=dead}}</ref>
* ए. बेनेट्टी, एस. कासानो, डी. कोपोला, एएफ उरीचियो: ''कोलोरी ई सूनी डेले'' ओरिजिनी, कुदुलिब्री, बारी, 2014, 58 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://issuu.com/andreabenetti/docs/cat-arte-pittura-contemporanea-bari|title=Catalog of contemporary art (painting) by Andrea Benetti - University of Bari|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134341/https://issuu.com/andreabenetti/docs/cat-arte-pittura-contemporanea-bari|url-status=dead}}</ref>
* एंड्रिया बेनेट्टी, सिल्विया ग्रैंडी: ''इल कोलोरे डेला लूस'', कुदुलिब्री, बोलोग्ना, 2014, 56 पृष्ठ <ref>[https://www.lafeltrinelli.it/libri/andrea-benetti/colori-e-suoni-origini-ediz/9788890851308 Feltrinelli editions]</ref>
* ए. बेनेट्टी, एस. ग्रैंडी, एम. पेरेसानी, एम. रोमांडीनी, जी. विरेली: "वी.आर. 60768 - एंथ्रोपोमोर्फिक फिगर'', कुदुलिब्री, रोम, 2015, 80 पृष्ठ <ref>{{Cite web |url=https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-contemporanea-camera-deputati_ |title=The exhibition catalog |access-date=4 जून 2021 |archive-date=26 दिसंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134348/https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-contemporanea-camera-deputati_ |url-status=dead }}</ref>
* एंड्रिया बेनेट्टी, टोटी ''कारपेंटिएरी: एस्ट्रेटिसमो डेले ओरिजिनी'', कुदुलिब्री, लेसे, २०१५, ६० पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-contemporanea-lecce_pittura|title=Abstract art of the origins - Andrea Benetti - Lecce, Castello Carlo V|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134346/https://issuu.com/andreabenetti/docs/arte-contemporanea-lecce_pittura|url-status=dead}}</ref>
* विभिन्न लेखक: ''आर्टे नियोरुपेस्ट्रे'', मोनोग्राफ, कुदुलिब्री, बोलोग्ना, २०१५, २०८ पृष्ठ <ref>{{Cite web |url=https://www.puntoeinaudibrescia.it/scheda-libro/andrea-benetti/andrea-benetti-arte-neorupestre-ediz-italiana-e-inglese-9788890851315-2291565.html |title=Einaudi Editions |access-date=4 जून 2021 |archive-date=14 मई 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210514164414/https://www.puntoeinaudibrescia.it/scheda-libro/andrea-benetti/andrea-benetti-arte-neorupestre-ediz-italiana-e-inglese-9788890851315-2291565.html |url-status=dead }}</ref>
* आन्द्रे बेनेटी, फिओरेंजो फैचिनी, फर्नांडो लैंजिक, जिओया लैंज़िक: 'चिन्ह, कुदुलिब्री, बोलोग्ना, 2016, 42 पृष्ठों <ref>{{Cite web|url=https://www.libreriarizzoli.it/Signum-crucis-Ediz-Andrea-Benetti/eai978889900715/|title=Signum crucis. Ediz. multilingue - Andrea Benetti - Libro - Mondadori Store|website=www.libreriarizzoli.it|access-date=4 जून 2021|archive-date=26 दिसंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211226134450/https://www.libreriarizzoli.it/Signum-crucis-Ediz-Andrea-Benetti/eai978889900715/|url-status=dead}}</ref>
* ए बेनेट्टी - पी। फेमेली - ए। फियोरिलो - एफ। फोंटाना - एम। पेरेसानी - एम। रोमादिनी - आई। शिपानी - यूटी होहेनस्टीन: "प्रीहिस्टोरिया कॉन्टेम्पोरानिया" कुदुलिब्री, फेरारा, 2016, 64 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.lafeltrinelli.it/libri/andrea-benetti/prehistoria-contemporanea-ediz-illustrata/9788899007188|title=Contemporary PreHistory Book. Illustrated edition - A. Benetti - Qudulibri | LaFeltrinelli|website=www.lafeltrinelli.it}}</ref>
* ए. बेनेट्टी - पी. फेमेली - ए. मैरोन - एम. रत्ती: "ओमागियो अल्ला पित्तुरा रूपेस्ट्रे", कुदुलिब्री, ला स्पेज़िया, २०१६, ५८ पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.mondadoristore.it/Omaggio-alla-pittura-rupestre-Andrea-Benetti/eai978889900723/|title=Tribute to cave painting - Andrea Benetti|website=mondadoristore.it|access-date=4 जून 2021|archive-date=23 मई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210523110104/https://www.mondadoristore.it/Omaggio-alla-pittura-rupestre-Andrea-Benetti/eai978889900723/|url-status=dead}}</ref>
* एंड्रिया बेनेट्टी - सिल्विया ग्रैंडी: "वोल्टी कॉन्ट्रो ला वायलेन्ज़ा", कुदुलिब्री, बोलोग्ना, 2017, 40 पृष्ठ <ref>{{Cite web|url=https://www.libreriauniversitaria.it/volti-contro-violenza-benetti-andrea/libro/9788899007256|title=Faces against violence|website=www.libreriauniversitaria.it}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.andreabenetti.com इतालवी में आधिकारिक साइट]
* [https://www.andreabenetti.eu अंग्रेजी में आधिकारिक साइट]
* [https://www.treccani.it/enciclopedia/andrea-benetti ट्रेकानी विश्वकोश में एंड्रिया बेनेट्टीetti]
* [https://vimeo.com/409226880 प्रस्तुति वीडियो]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]]
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[[श्रेणी:तैल चित्र]]
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सदस्य वार्ता:DreamRimmer
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2026-05-16T15:44:36Z
अनुनाद सिंह
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/* कुछ बाहरी उपकरण */
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wikitext
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{{Archives|auto=yes|search=yes}}
==प्रबंधक समीक्षा==
<!--यह भाग सदस्य:Riteze/प्रस साँचे को प्रतिस्थापित करके बनाया गया है -->
आपने हाल ही में प्रबंधक {{noping|संजीव कुमार}} से [[सदस्य_वार्ता:संजीव कुमार#बॉट से ब्लॉक हटाने हेतु निवेदन|वार्तालाप]] किया, जिसमें नवीनतम टिप्पणी को 7 दिन हो चुके हैं। उम्मीद है कि उक्त वार्तालाप से आप संतुष्ट हुए होंगे। किसी प्रबंधक के प्रति संतुष्ट या असंतुष्ट होने पर सदस्यगण [[विकिपीडिया:चौपाल/प्रबंधक समीक्षा]] पृष्ठ पर अपना मत दर्ज कर सकते हैं। -[[User Talk:Riteze|<span style="color:green;">Riteze</span><sup>वार्ता</sup>]] 07:20, 30 मार्च 2025 (UTC)
:Riteze जी, कृपया बार-बार एक ही संदेश न छोड़ें। मैंने संदेश पढ़ लिया है और यदि टिप्पणी करनी होती तो अब तक कर चुका होता। दोनों प्रबंधक अपना काम कर रहे हैं और यदि आपको शिकायत है तो उचित स्थान पर लिखें। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 07:26, 30 मार्च 2025 (UTC)
== सुधार अनुरोध ==
नमस्ते DreamRimmer जी, जैसे की मेरे वार्ता पृष्ठ पर मैं आपके सन्देशों को देख रहा था, मुझे लगता है यह समस्या भी आप सुधार दोगे। सन्दर्भों में आ रही कुछ समस्या को सुधारने के क्रम में साथी प्रबन्धक ने [[मॉड्यूल:Citation]] में कुछ सुधार किये। इससे वो समस्या तो दूर हो गयी लेकिन एक अन्य समस्या आने लग गयी। लेखों में माह के नाम के लिए अलग-अलग वर्तनियाँ काम में ली गयी हैं। इसी तरह उपरोक्त बदलाव के बाद मैंने भी यहाँ सुधार का प्रयास किया। मैंने [[मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration]] और [[मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration/sandbox]] में सुधार किया। अब ये sandbox वाली तिथियाँ ले रहा है जो सम्भवतः कहीं पाथ सुधारने से ठीक हो जायेगा। समस्या यह है कि यहाँ पर हिन्दी माह के नाम "फरवरी" (बिना नुक्ता के), "एप्रिल" (कम प्रचलन वाली वर्तनी), "सितम्बर", "अक्तुबर", "नवंबर" और "दिसंबर" (क्रम में बाद में लिखे गये) लिखने पर सन्दर्भों में त्रुटि आ रही है। क्या आप इस त्रुटि को सुधारने का प्रयास कर सकते हैं? आप चाहें तो किसी भी लेख में {{tl|cite web}} साँचा लगायें और <code>date</code>, <code>archive-date</code> या <code>access-date</code> प्राचलों को "1 एप्रिल 2025" मान देकर देखें। जैसे <nowiki>{{cite web|url=https://example.com|title=उदाहरण|date=1 एप्रिल 2025}}</nowiki><span style='color:green;'>☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style='color:Magenta;'>संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style='color:blue;'>✉✉</span>]]) 06:25, 7 जुलाई 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, ठीक कर दिया गया हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 10:57, 7 जुलाई 2025 (UTC)
::नमस्ते DreamRimmer जी, एक समस्या अभी भी आ रही है। <code>archive-date</code> प्राचल में यदि दिनांक के अंक देवनागरी में हैं तो यह नहीं पहचान पा रहा है और त्रुटि आ रही है। जैसे [[मालपुरा विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)]] के तीसरे सन्दर्भ में है।<!--{{cite web|url=https://example.com|title=उदाहरण|date=1 एप्रिल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250709000000/http://example.com |archive-date=9 जुलाई 2025|access-date=९ जुलाई २०२५}}-->
::इसी क्रम में मुझे एक और समस्या याद आ रही है जिसके सुधरने की मैंने आशा छोड़ रखी है। Vector 2010 स्किन में सबसे उपर एक अंक परिवर्तक दिखाई देता था लेकिन अब नवीन स्किन में वो नहीं दिखाई देता। उसमें किसी भी पृष्ठ पर अंकों को देवनागरी/अंग्रेज़ी में परिवर्तित करने का विकल्प मिलता था। इसे उदाहरण के रूप में मैंने एक स्क्रीनशॉट [https://streamable.com/408p0v यहाँ] पर डाला है, आप चाहें तो किसी भी पृष्ठ के यूआरएल में <code>?useskin=vector</code> लिखकर देख सकते हो। मोबाइल में मुझे <s>लॉगिन करने से पहले</s> यह विकल्प दिखाई देता है <s>लेकिन लॉगिन करते ही दिखाई देना बंद हो जाता है।</s> हालांकि मोबाइल में मीन्यू में दिखाई देता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:53, 9 जुलाई 2025 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी: हालाँकि मैंने इस गैजेट स्क्रिप्ट में कुछ नोड्स से जुड़ी समस्याएँ अवश्य देखी हैं, लेकिन मुझे पोर्टलेट से संबंधित कोई विशेष परेशानी नज़र नहीं आई। यह गैजेट जिस ID को लक्षित करके मेन्यू में लिंक जोड़ता है, वह DOM में मौजूद है और मेरे लिए सही प्रकार से कार्य कर रहा है। कृपया एक बार अपनी वरीयताओं में जाकर यह जाँच लें कि “अंक परिवर्तक” सक्षम है या नहीं। मैंने इस गैजेट को मीडियाविकि के अनुसार अद्यतन किया था, परंतु उसमें कुछ दिक्कतें आने के कारण उसे पुनः पहले की स्थिति में लौटा दिया गया है। मैंने अपने उपयोगकर्ता पृष्ठ पर इसका परीक्षण भी किया, किंतु मुझे कोई स्पष्ट समस्या दिखाई नहीं दी। मुझे लगता है कि यह कोई सर्वर-साइड समस्या नहीं, बल्कि क्लायंट-साइड समस्या है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 01:16, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, क्या आपको "अंक परिवर्तक" दिखाई दे रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:20, 10 जुलाई 2025 (UTC)
:::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मेरे लिए यह ठीक काम कर रहा है और पोर्टलेट लिंक भी दिख रहा है, शायद यह समस्या आपको ही आ रही है। अगर यह आपके लिए काम नहीं कर रहा है तो आप इसे वरीयताओं से अक्षम करके अपने common.js से लोड करके देख सकते हैं: <code>mw.loader.load('//hi.wikipedia.org/w/index.php?title=मीडियाविकि:Gadget-Numeral_converter.js&action=raw&ctype=text/javascript');</code> Archivedate की समस्या के लिए या तो मुझे देवनागरी अंकों को समझने के लिए नया पार्सर जोड़ना होगा या फिर अरबी अंकों के लिए कोई उपनाम अलियास बनाकर काम चलाया जा सकता है, मैं कोशिश करता हूँ कि इसे वैसे ही काम करने लायक बना सकूँ। अभी मैं कंप्यूटर पर हूँ और अगले कुछ घंटों तक ऑनलाइन ही रहूँगा तो आपको अपडेट दूँगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 04:38, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::::[[:मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration/sandbox]] और [[:मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration]] पर <code>local_digits</code> में नागरी अंक लिखे हुए हैं और इसी कारण <code>date</code> और <code>access-date</code> के साथ काम कर रहा है। <code>archive-date</code> में इस दिनांक की तुलना <code>archive-url</code> के मान से जाँचता है जहाँ <nowiki>https://web.archive.org/web/<संख्यात्मक_मान>/http://example.com</nowiki> में जो <nowiki><संख्यात्मक_मान></nowiki> पहले चार अंक वर्ष, बाद के 2 अंक माह और उसके बाद के 2 अंक दिन को बताते हैं।
::::::अंक परिवर्तक वाला आप कोई स्क्रीनशॉट दिखा सकते हो क्या? नयी स्किन में ये कहाँ दिखाई दे रहा है? हो सकता है मैंने ढ़ंग से ध्यान नहीं दिया हो। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 05:31, 10 जुलाई 2025 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मुझे [https://ibb.co/99swZbhx Vector 2022] और [https://ibb.co/bM5cp3cC Vector 2010] दोनों में यह ठीक से दिखाई दे रहा है। "archivedate" वाली समस्या भी ठीक कर दी गई है। मैंने check_date फ़ंक्शन से पहले archive-date और archive-url की तारीख़ों में देवनागरी अंकों को आंतरिक रूप से मानक ASCII अंकों में बदल दिया है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 07:03, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::::::ओह! यहाँ सम्भवतः मैंने ध्यान ही नहीं दिया था। ये दिखाई दे रहा है। लेकिन इसके लिए लॉगिन होना आवश्यक है। vector 2010 वाला बिना लॉगिन के दिखाई देता था। जबकि गैजेट डेफिनेशन में इसे डिफॉल्ट रखा गया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:31, 10 जुलाई 2025 (UTC)
नमस्ते DreamRimmer जी, [[सिराक्यूज विश्वविद्यालय]] नामक लेख में यदि {{tl|authority control}} जोड़ा जाता है तो "लुआ त्रुटि मॉड्यूल:Authority_control में पंक्ति 51 पर: attempt to call field '?' (a nil value)।" दिखाई दे रही है। समरूप त्रुटि कुछ अन्य लेखों पर भी हो सकती है। मैं इसका कारण नहीं खोज पाया हूँ। समय मिले तो इसे सुधारने की कोशिश कीजियेगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:13, 26 जुलाई 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[विशेष:Diff/6458414]] के साथ ठीक कर दिया गया हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 03:15, 27 जुलाई 2025 (UTC)
== बॉट संचालक ==
मेरे बॉट खाते से toolforge पर आपकी ही स्क्रिप्ट चल रही हैं। अतः बेहतर होगा कि मैं आपको भी बॉट संचालक में जोड़ दूँ। वर्तमान में मैंने जो बॉट पासवर्ड वहाँ जोड़ रखा है उससे प्रबंधकीय कार्यों की अनुमति नहीं है अतः आप केवल वो कार्य ही कर पावोगे जिनमें प्रबंधन अधिकार नहीं हैं। आवश्यकता पड़ी तो प्रबंधन अधिकार भी उसमें अद्यतन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप अन्य विकिपीडियाओं पर भी बॉट चला सकते हैं जिनपर बॉट फ्लैग है। क्या आपको यह उचित लग रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:41, 25 अगस्त 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, सुझाव के लिए धन्यवाद। आपका बॉट जिन अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर सक्रिय है, उनमें मेरी रुचि कम ही रही है। आपकी टूलफ़ोर्ज़ एक्सेस से मैं हिंदी विकिपीडिया पर स्वयं कोई कार्य नहीं करना चाहता, लेकिन यदि आवश्यकता हुई तो आपसे पूछकर कार्य कर सकता हूँ। वैसे भी आप हमेशा सक्रिय रहते ही हैं, इसलिए कोई भी काम होगा तो उसका कोड आपके साथ साझा कर दूँगा। यदि किसी सुधार की आवश्यकता हुई या कोई आवश्यक कार्य सामने आया तो कर लूँगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 25 अगस्त 2025 (UTC)
== core का कोड उपयोग करने में समस्या ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैं toolsforge पर <code>pywikibot-core</code> का कोड काम में लेना चाहता हूँ। लेकिन जैसे ही मैं कोई कमांड देता हूँ तो वहाँ यह त्रुटि आ रही है:
<pre>No module named 'packaging'
Please install it with
pip install packaging</pre><br>
मैं इसे इंस्टॉल भी नहीं कर पा रहा हूँ। जब मैं <code>source pwbvenv/bin/activate</code> कर चुका हूँ तब इसकी अलग से आवश्यकता होगी क्या? हालांकि मैंने अन्य किसी स्क्रिप्ट की इन दिनों जाँच नहीं की है अतः पता नहीं कि अन्य कोई समस्या है या नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 24 सितंबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने इसे ठीक कर दिया है। अब आप फिर से कोशिश करें। यह दिक्कत पिछले कुछ दिनों से कई लोगों को आ रही है। समझ नहीं आता कि pip बार-बार क्यों टूट जाता है। वर्चुअल एनवायरनमेंट पुराना हो तब भी यह समस्या नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हम Python 3.11 का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अभी भी नया वर्ज़न है। भले ही अब 3.13 आ गया है, लेकिन 3.11 भी पूरी तरह सपोर्टेड है, इसलिए दिक्कत नहीं आनी चाहिए थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 18:22, 24 सितंबर 2025 (UTC)
== आमेर दुर्ग ==
मेरे प्रिय मित्र @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मैंने सिर्फ स्रोत्र जोड़ा है। [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:14, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]]: मैं देख रहा हूँ कि आप कई लेखों में मीणा जाति का प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। कृपया जातीय योद्धा जैसे संपादन न करें, अन्यथा आपका यह कठपुतली खाता अवरुद्ध किया जा सकता है। आशा है आप सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 08:21, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मेरा मक़सद स्रोतों के माध्यम से लेख को अच्छा बनाने का प्रयास है। [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:27, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
::प्रिय मित्र @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जैसे मैं मीणा समुदाय के चांदा वंश के लिए पृष्ठ तैयार करने के लिए तीन स्रोतों का उपयोग कर रहा हूँ, लेकिन कुछ समस्याओं का सामना कर रहा हूँ।
::1. Rulers, Criminals and Denotified Tribe: A Historical Journey of the Meenas
::2. Origin Of Kachcwaha In Dhundhar Region of Rajasthan
::3. Evolution, extension and consolidation of meena tribe [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:32, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
== लेख विकिडेटा से जोड़ने के लिए ==
नमस्ते, क्या आप मेरे द्वारा प्रतियोगिता में बनाए गए लेखों को विकिडेता से जोड़ने में मदद कर सकते हैं? मैं इन्हें जोड़ नहीं पा रही क्योंकि शायद ये सुरक्षित हैं। लेख हैं [[ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम]], [[गुलामी उन्मूलन आंदोलन]], [[गेम शो]], [[फोटो जर्नलिज़्म]], [[टाक शो]]। [[सदस्य:RichaD|RichaD]] ([[सदस्य वार्ता:RichaD|वार्ता]]) 14:00, 9 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:RichaD|RichaD]]: {{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:29, 9 अक्टूबर 2025 (UTC)
== पृष्ठ पुनर्स्थापन (Userfy) हेतु अनुरोध ==
मैं Cinemaniac007 हूँ। आपने ‘अरिन पाल’ पृष्ठ को CSD A2 के अंतर्गत हटाया था।
मैंने अब अपने सदस्य पृष्ठ पर स्पष्ट COI disclosure जोड़ दिया है।
कृपया ‘अरिन पाल’ पृष्ठ को मेरी व्यक्तिगत सैंडबॉक्स में (Userfy) पुनर्स्थापित कर दें ताकि मैं उसमें तटस्थ भाषा और विश्वसनीय स्रोत जोड़कर सुधार कर सकूँ।
धन्यवाद। [[सदस्य:Cinemaniac007|Cinemaniac007]] ([[सदस्य वार्ता:Cinemaniac007|वार्ता]]) 13:50, 20 नवम्बर 2025 (UTC)
== नए साल की शुभकामनाएँ ==
<div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;">
'''DreamRimmer जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!'''
यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए।
हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद।
[[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]]
[[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:19, 1 जनवरी 2026 (UTC)
</div>
:धन्यवाद। आपको भी नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:03, 1 जनवरी 2026 (UTC)
==हिंदी विकिस्रोत पर लोकल फाइल अपलोड के संबंध में==
नमस्कार DreamRimmer जी! आपसे एक सहायता चाहिए थी। हिंदी विकिस्रोत पर फाइलें इस प्रकार लोकली अपलोड नहीं हो पा रहीं, जिससे कि उन्हें OCR किया जा सके। चूंकि <nowiki>{{PD-India}}</nowiki> फाइलों को कॉमन्स पर अपलोड नहीं किया जाना चाहिए इसलिए उन्हें लोकली अपलोड करने के लिए यह आवश्यक है। शायद यह काम फैब्रिकेटर पर हो सके। यदि आप इसमें कुछ सहायता कर सकें तो बताइएगा। धन्यवाद। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 04:30, 2 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:अजीत कुमार तिवारी|अजीत कुमार तिवारी]] जी, ज़रूर। इसके लिए दो काम करने होंगे। पहला, विकिस्रोत की चौपाल पर एक प्रस्ताव लाना होगा, ताकि हम उसे फ़ैब्रिकेटर पर ले जा सकें। दूसरा, हमें एक [[m:Non-free content#Exemption Doctrine Policy|Exemption Doctrine Policy]] की आवश्यकता होगी। इसके उदाहरण के लिए आप [[:en:Wikipedia:Non-free content criteria|Wikipedia:Non-free content criteria]] देख सकते हैं। यह नीति तैयार हो जाने के बाद हम इसे प्रस्ताव के साथ ही समुदाय के सामने रख सकते हैं और फिर दो सप्ताह बाद इसे फ़ैब्रिकेटर पर ले जा सकते हैं। शेष काम मैं संभाल लूँगा। प्रस्ताव आप कुछ इस तरह लिख सकते हैं: {{tq|मैं सभी सदस्यों के लिए स्थानीय अपलोड सक्षम किए जाने का प्रस्ताव रख रहा हूँ, क्योंकि {{tl|PD-India}} सामग्री कॉमन्स के लिए उपयुक्त नहीं है; अतः ऐसी फाइलों को स्थानीय रूप से अपलोड करने से OCR कार्य में सुविधा होगी। इसलिए मेरा प्रस्ताव है कि हिंदी विकिस्रोत पर स्थानीय अपलोड की सुविधा सक्षम की जाए। अपलोड कार्य [[En:Wikipedia:Non-free content|Wikipedia:Non-free content]] जैसी अपलोड नीतियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे फेयर यूज़ फ़ाइलों का भी स्थानीय अपलोड संभव हो सके। साथ ही, मैं Exemption Doctrine Policy नीति को भी समुदाय के समक्ष प्रस्तावित कर रहा हूँ। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है।}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:21, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
::बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। मैं इस सप्ताहांत तक आपके सुझाव के अनुसार प्रस्ताव और नीति तैयार कर लेता हूँ। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 06:38, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबन्धक नामांकन पृष्ठ पर अनुभाग सम्पादन ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैं देख पा रहा हूँ कि आपके वर्तमान नामांकन के पश्चात् [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन]] पर अनुभाग सम्पादन नहीं हो पा रहा है। मुझे ऐसा कोई साँचा या मैजिक वर्ड भी नहीं दिखाई दे रहा जिससे यह विकल्प बंद हो गया है। कृपया आप इस समस्या को देख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:29, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, अनुभाग संपादन काफी समय से बंद है। मैंने अपने आवेदन से पहले भी इसे बंद ही पाया था। इसका मुख्य कारण इस पृष्ठ पर प्रयुक्त [[विकिपीडिया:विशेषाधिकार निवेदन/शीर्ष|शीर्ष साँचा]] है, जो पृष्ठ पर बॉर्डर जोड़ता है। मैंने बॉर्डर हटा दिया है, इसलिए अब यह सुविधा कार्य करने लगी है। DiscussionTools बॉर्डर के भीतर मौजूद टिप्पणियों और अनुभागों की पहचान नहीं कर पाता, इसी कारण यह काम नहीं करता। यदि हम पुनः बॉर्डर जोड़ते हैं, तो हम फिर से अनुभाग संपादन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:06, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
::सुधार के लिए धन्यवाद। मैंने पृष्ठ का इतिहास देखा और ऐसे प्रतीत हुआ कि पिछली बार मैंने टिप्पणी अनुभाग सम्पादन से की थी। जो भी हो, मुझे वर्तमान स्वरूप भी ठीक लग रहा है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 12:28, 19 फ़रवरी 2026 (UTC)
== बिना सामग्री वाले लेख ==
नमस्ते DreamRimmer जी, क्या आप [[वितली गिन्ज़बर्ग]] जैसे लेखों को सूचीबद्ध करने का कोई तरिका जानते हैं? ऐसे पृष्ठों को [[:en:User:Dr_pda/prosesize.js|User:Dr pda/prosesize.js]] से देखने पर 10 से कब शब्द दिखाई देते हैं। ऐसे लेख या तो सामग्री रहित (बहुत कम) होते हैं या फिर एआई से निर्मित होते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:31, 17 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, ऐसे ज्यादातर लेख विज्ञान से संबंधित हैं। अगर आपको सूची चाहिए, तो मैं दे सकता हूँ। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:46, 17 मार्च 2026 (UTC)
::हाँ, सूची बना दीजिएगा जिससे समय मिलने पर कम से कम 100 शब्द तो रख सकें। सम्भव है किसी प्रतियोगिता में शामिल करके कुछ विस्तार करवाया जाये।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:09, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय यह पृष्ठ विकिपीडिया में पहले से ही मौजूद है|
:::[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 छोटे पृष्ठ]
:::धन्यवाद [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:17, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] मैंने 5000 लेखों को प्रोसेस किया, जिनमें अच्छी-खासी संख्या में लेख इस मापदंड में आ रहे हैं। अगर आपको और लेखों की जरूरत हो, तो याद दिला दीजिए। [[सदस्य:DreamRimmer/RandomPage]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:17, 17 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय इन लेखों को आरोही या अवरोही क्रम में लिखने से इन्हें सुधारने में आसानी होगी|
::::धन्यवाद [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:20, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपको सम्भवतः मेरा सन्देश समझ नहीं आया।
:::::DreamRimmer जी, इस सूची के लिए धन्यवाद। यह मुझे उपयोगी सूची लग रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:33, 17 मार्च 2026 (UTC)
== अधिकार के संबंध में ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय यह जानना चाहता हूं कि मैं किन-किन अधिकार के लिए नामांकन कर सकता हूं| अभी के योगदान पर [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
:मेरा सुझाव है कि अभी कुछ समय आप नीतियों को अच्छी तरह समझने और जो सामान्य कार्य अभी कर रहे हैं, उसी पर ध्यान देने की कोशिश करें। आगे अनुभव और लगातार अच्छे योगदान के आधार पर अधिकारों के लिए नामांकन किया जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:07, 18 मार्च 2026 (UTC)
== प्रश्न ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
मैने [[1973 पेरिस ओपन - पुरुष एकल]] को हटाने का नामांकन किया है क्या ये मापदंड सही या कोई दूसरा मापदंड प्रयोग करूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:02, 20 मार्च 2026 (UTC)
:आपने जो मापदंड लगाया है वह सही नहीं है। मैं आपकी जगह होता तो इसे हटाने के बजाय सुधारने का प्रयास करता। यदि इसे हटाने की बात है तो मेरे विचार से [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] अधिक उचित रहेगी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 11:14, 20 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] और @[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] महोदय,
::[[सदस्य वार्ता:Rambeer Vishwakarma]] इसे सुधरा तथा लेखक बर्बरता कर रहे है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:03, 20 मार्च 2026 (UTC)
==माफ़ी चाहूंगा पर==
नमस्ते DreamRimmer जी, [[ज्योति देशपांडे]] लेख को विकिपीडिया पर पृष्ठों को हटाने की नीति के अंतर्गत आपने हटा दिया था। लेकिन उसी समय मै इस लेख में सुधार कर रहा था। जब मैने बदलाव प्रकाशित किया, लेख फिर से बन गया है। यदि आप को लगता है की इस लेख को नहीं रखना है, तो माफ़ी चाहूंगा पर आपको लेख को हटाने का काम फिर से करना होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:12, 24 मार्च 2026 (UTC)
:धर्मेंद्र जी, इसमें माफी की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि सुधार के लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं। मैंने पहले हटाए गए अवतरणों को पुनः स्थापित कर दिया है। मुझे नहीं लगता कि अब इसे हटाने की आवश्यकता है। बाकी यदि कोई अन्य प्रबंधक चाहे, तो इसे फिर से नामांकित कर सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 05:55, 24 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, नमस्ते! यदि आप किसी नये पृष्ठ को निर्मित कर रहे है या उसको सुधारने करना चाह रहे है, परन्तु उसमे कोई सामग्री न हो तो उस पृष्ठ पर <code>[[साँचा:निर्माणाधीन]]</code> जोड़ दे, जिससे कोई सदस्य उस पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित नहीं करेगा, परन्तु लेख में पर्याप्त मात्रा में सामग्री होनी ही चाहिए जिससे यह भी न प्रतीत हो की पृष्ठ पूर्ण रूप से रिक्त है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 06:32, 24 मार्च 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
DreamRimmer जी, नमस्ते! क्या आप मेरे सदस्य पृष्ठ को निर्माण से पूर्ण सुरक्षित कर सकते हो? क्यूंकि मैं यहां पर अपना सदस्य पृष्ठ निर्मित नहीं करना चाहता हूँ, अगर आप पूर्ण सुरक्षित कर दे अनंत समय के लिए तो यह मेरे लिए अच्छा रहेगा। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 06:48, 24 मार्च 2026 (UTC)
:Cptabhiimanyuseven जी, मुझे नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार है, क्योंकि इससे भविष्य में इसे बनाने के लिए एक प्रबंधक की आवश्यकता पड़ेगी, जबकि अभी इसे सुरक्षित करने की कोई स्पष्ट आवश्यकता नहीं है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 07:17, 24 मार्च 2026 (UTC)
::DreamRimmer जी, यहाँ सदस्यपृष्ठ निर्मित करने का मेरे पास कोई कारण नहीं है, जिस विकी पर मुझे अपना सदस्यपृष्ठ निर्मित करना था वहां पर हमने निर्मित कर लिया है, परन्तु [[:en:WP:UPROT|WP:UPROT]] के अंतर्गत सदस्य के अनुरोध पर सदस्यपृष्ठ सुरक्षित किया जा सकता है, कृपया पुन: विचार करें। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 07:25, 24 मार्च 2026 (UTC)
:::मुझे नहीं लगता कि आपके द्वारा दिया गया कारण वास्तविक एवं उचित आवश्यकता को दर्शाता है; यदि ऐसा होता, तो मैं इसे सुरक्षित कर देता। फिर भी, यदि आप इसके लिए आग्रह कर रहे हैं, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। मैं केवल इतना कहना चाहूँगा कि इस प्रकार के निवेदन अनावश्यक रूप से हम दोनों का समय व्यर्थ करते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:12, 24 मार्च 2026 (UTC)
== सूचना ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
पहले बता नहीं पाया परंतु [[https://hi.wikimedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिंदी wikimedia]] में मैं पहले भी लॉगिन नहीं कर पा रहा था, अब तो खैर अवरोधित हूं, जांच लें| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:44, 30 मार्च 2026 (UTC)
:हिंदी विकिमीडिया पर खाता बनाने के लिए वहाँ के प्रबंधकों से अनुरोध करना पड़ता है और मुझे लगता है कि यह अभी आपके लिए उपयुक्त नहीं है। मेरा सुझाव है कि फिलहाल आप केवल विकिपीडिया पर ही ध्यान दें। मैंने देखा है कि आप ऐसे विषयों के लेखों का अनुवाद कर रहे हैं जिनकी आपको पर्याप्त जानकारी नहीं है। कृपया केवल उन्हीं विषयों पर कार्य करें जो सरल हों और जिनके बारे में आपको अच्छी समझ हो। आपने बहुत कम समय में कई गलतियाँ की हैं और वे अब भी लगातार हो रही हैं। यह आपके लिए ठीक नहीं होगा, क्योंकि हर बार सद्भावना मानकर बात को अनदेखा नहीं किया जा सकता। मुझे आशा है कि आप मेरी बातों पर ध्यान देंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:01, 30 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
::मैं अभी केवल उन पृष्ठों को सुधार रहा हूं जिन्हें संजीव कुमार जी ने टैग लगाकर चिन्हित किया है| और कुछ विकिपीडिया पर गलत संपादनों को सुधार देता हूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:07, 30 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने लिखा '''गलत संपादनों को सुधार देता हूं।''' हाल ही में आप ने आखिरी लेख पारलैंगिक रतिचित्रण बनाया है। क्या आपको लगता है कि इस लेख में किसी सुधार की आवश्यकता है?
:::“[[पारलैंगिक रतिचित्रण]]” जैसे संवेदनशील विषय पर लिखे गए लेख के संदर्भ में भी कुछ पहलुओं पर ध्यान देकर उसे और बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, ऐसे विषयों में मर्यादित और संतुलित अभिव्यक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है।
:::* मेरा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि लेख अधिक सुसंगत, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी बन सके। क्या आप ऐसा कर सकते है?
:::<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:54, 30 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य अवरोधन नामांकन ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] और @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] बार बार चेतावनी के पश्चात् भी पृष्ठों में अपमानजनक सम्पादन कर रहे है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:37, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]],@[[सदस्य:SM7|SM7]] और @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@महोदय, अब @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] इन्होंने [[कन्नौज]] पर अपमानजनक सम्पादन किया है| क्योंकि मै कन्नौज का निवासी हूँ| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:36, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
== रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु ==
<div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;">
नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे।
मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त (Patrolling) कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक (Rollback) अधिकार''' के लिए नामांकित किया है।
चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा।
'''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]]
सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद!
सादर,<br>
[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:31, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
== Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
''{{int:please-translate}}''
Dear Wikimedian,
We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner.
[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026.
* You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]]
* '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST'''
With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply.
For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page.
Warm regards,
<br>
on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team
''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) on 18:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)''
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Gnoeee@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== You may be an eligible candidate for the U4C election ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
Greetings,
The [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee|Universal Code of Conduct Coordinating Committee (U4C)]] seeks candidates for the 2026 election. The U4C is the global committee responsible for overseeing enforcement of the [[foundation:Special:MyLanguage/Policy:Universal Code of Conduct|Universal Code of Conduct]]. Elections are held annually, if elected a committee member serves for two years.
This year the U4C requires candidates to hold administrator rights on at least one wiki, which is why you are being contacted as you appear to hold this right. There are other requirements, such as candidates must be at least 18 years old and may not be employed by the Wikimedia Foundation or other related chapters and affiliates. You can find more information in the [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026#Call_for_Candidates|call for candidates on Meta-wiki]]. Additionally, the committee's working language is English; some ability to communicate in English is required.
The election opens on 18 May, if you are eligible and interested you have until 10 May to submit your candidacy. There will week between for candidates to answer questions from the community. Voting takes place privately in [[m:Special:MyLanguage/SecurePoll|SecurePoll]], successful candidates must receive at least 60% support. More information is available on [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026|the 2026 Elections page]], including timelines and other candidacy information. If you read over the material and consider yourself qualified, please consider submitting your name to run for the committee. If you think someone else in your community might be interested and qualified, please encourage them to run.
In partnership with the U4C -- [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User_talk:Keegan (WMF)|talk]]) 18:33, 28 अप्रैल 2026 (UTC) </div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Keegan_(WMF)/test&oldid=30471754 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== कुछ बाहरी उपकरण ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैंने एक [[वार्ता:राष्ट्रीय उद्यान#लेख की श्रेष्ठ लेख समीक्षा: पहला भाग|श्रेष्ठ लेख नामांकन की समीक्षा]] करते हुये पाया कि [https://citations.toolforge.org उद्धरण] और [https://link-dispenser.toolforge.org/ बाहरी कड़ियाँ] जाँच के उपकरण हिन्दी विकि के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ये कार्य करने वाले पुराने उपकरण अब बंद हो चुके हैं। क्या इसका कोई अन्य विकल्प उपलब्ध है? इसके अतिरिक्त [https://gptzero.me एआई की सहायता] वाला उपकरण कैसे काम में लूँ, इसमें भी आपसे सहायता चाहता हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:56, 5 मई 2026 (UTC)
:संजीव जी, उद्धरण टूल काफी समय से टूटा हुआ था और इसे हाल ही में नया मेंटेनर मिला है, इसलिए इसे फिलहाल हिंदी विकिपीडिया पर उपलब्ध करवाना मुश्किल है। इस टूल में कई महीनों से अनेक त्रुटियाँ थीं, जिन्हें अब नया मेंटेनर ठीक करने का प्रयास कर रहा है। इसका वेब इंटरफ़ेस अभी उपयोग योग्य नहीं है, लेकिन इसका गैजेट संस्करण हिंदी विकिपीडिया पर स्थापित किया जा सकता है। बाहरी कड़ियाँ जाँच उपकरण को भी जल्द हिंदी विकिपीडिया पर उपलब्ध करवाने की कोशिश करूँगा। एआई सहायता वाला उपकरण हिंदी भाषा के लिए पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि इसे मुख्य रूप से अंग्रेज़ी भाषा के डाटा पर प्रशिक्षित किया गया है। यहाँ तक कि अंग्रेज़ी के लिए भी इसे पूर्णतः भरोसेमंद नहीं माना जाता। फिर भी यदि आप इसके बारे में जानना चाहें, तो इसमें लॉगिन करने पर हर महीने 10,000 निःशुल्क टोकन मिलते हैं, जिनका उपयोग बेसिक और एडवांस जाँच में किया जा सकता है, जहाँ यह अपने सर्वोत्तम मॉडेल का उपयोग करके परिणाम देता है। इसके अतिरिक्त, अंग्रेज़ी और कुछ अन्य भाषा परियोजनाओं के लिए यह [https://wikipedia.gptzero.me/ यहाँ] पर निःशुल्क उपलब्ध है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 11:46, 6 मई 2026 (UTC)
== खराब मशीनी अनुवाद ==
आपने हिन्दी विकिपीडिया पर आज [[प्रसन्नकुमार ठाकुर]] और [[योगेश चन्द्र बागल]] - ये दोनों लेख हटा दिये हैं। क्या आप इन दोनों में से कोई एक-एक वाक्य बता सकते हैं जो आपको 'खारब मशीनी अनुवाद' लग रहा हो? अन्यथा यदि आपने स्वयं न देखकर दूसरों के कहने या सूचना देने पर ये लेख हटायें हों, तो कृपया इनका पुनः ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और बताएँ कि क्या ये सचमुछ 'खराब मशीनी अनुवाद' कहे जा सकते हैं? -- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 15:44, 16 मई 2026 (UTC)
9gbm7wdhj2iwiaj4rxtsncppdmps8yv
6553166
6553162
2026-05-16T15:52:01Z
अनुनाद सिंह
1634
/* खराब मशीनी अनुवाद */
6553166
wikitext
text/x-wiki
{{Archives|auto=yes|search=yes}}
==प्रबंधक समीक्षा==
<!--यह भाग सदस्य:Riteze/प्रस साँचे को प्रतिस्थापित करके बनाया गया है -->
आपने हाल ही में प्रबंधक {{noping|संजीव कुमार}} से [[सदस्य_वार्ता:संजीव कुमार#बॉट से ब्लॉक हटाने हेतु निवेदन|वार्तालाप]] किया, जिसमें नवीनतम टिप्पणी को 7 दिन हो चुके हैं। उम्मीद है कि उक्त वार्तालाप से आप संतुष्ट हुए होंगे। किसी प्रबंधक के प्रति संतुष्ट या असंतुष्ट होने पर सदस्यगण [[विकिपीडिया:चौपाल/प्रबंधक समीक्षा]] पृष्ठ पर अपना मत दर्ज कर सकते हैं। -[[User Talk:Riteze|<span style="color:green;">Riteze</span><sup>वार्ता</sup>]] 07:20, 30 मार्च 2025 (UTC)
:Riteze जी, कृपया बार-बार एक ही संदेश न छोड़ें। मैंने संदेश पढ़ लिया है और यदि टिप्पणी करनी होती तो अब तक कर चुका होता। दोनों प्रबंधक अपना काम कर रहे हैं और यदि आपको शिकायत है तो उचित स्थान पर लिखें। – [[User:DreamRimmer|<big style="color:black; font-family: Tahoma">'''DreamRimmer'''</big>]] ('''[[User talk:DreamRimmer|वार्ता]]''') 07:26, 30 मार्च 2025 (UTC)
== सुधार अनुरोध ==
नमस्ते DreamRimmer जी, जैसे की मेरे वार्ता पृष्ठ पर मैं आपके सन्देशों को देख रहा था, मुझे लगता है यह समस्या भी आप सुधार दोगे। सन्दर्भों में आ रही कुछ समस्या को सुधारने के क्रम में साथी प्रबन्धक ने [[मॉड्यूल:Citation]] में कुछ सुधार किये। इससे वो समस्या तो दूर हो गयी लेकिन एक अन्य समस्या आने लग गयी। लेखों में माह के नाम के लिए अलग-अलग वर्तनियाँ काम में ली गयी हैं। इसी तरह उपरोक्त बदलाव के बाद मैंने भी यहाँ सुधार का प्रयास किया। मैंने [[मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration]] और [[मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration/sandbox]] में सुधार किया। अब ये sandbox वाली तिथियाँ ले रहा है जो सम्भवतः कहीं पाथ सुधारने से ठीक हो जायेगा। समस्या यह है कि यहाँ पर हिन्दी माह के नाम "फरवरी" (बिना नुक्ता के), "एप्रिल" (कम प्रचलन वाली वर्तनी), "सितम्बर", "अक्तुबर", "नवंबर" और "दिसंबर" (क्रम में बाद में लिखे गये) लिखने पर सन्दर्भों में त्रुटि आ रही है। क्या आप इस त्रुटि को सुधारने का प्रयास कर सकते हैं? आप चाहें तो किसी भी लेख में {{tl|cite web}} साँचा लगायें और <code>date</code>, <code>archive-date</code> या <code>access-date</code> प्राचलों को "1 एप्रिल 2025" मान देकर देखें। जैसे <nowiki>{{cite web|url=https://example.com|title=उदाहरण|date=1 एप्रिल 2025}}</nowiki><span style='color:green;'>☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style='color:Magenta;'>संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style='color:blue;'>✉✉</span>]]) 06:25, 7 जुलाई 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, ठीक कर दिया गया हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 10:57, 7 जुलाई 2025 (UTC)
::नमस्ते DreamRimmer जी, एक समस्या अभी भी आ रही है। <code>archive-date</code> प्राचल में यदि दिनांक के अंक देवनागरी में हैं तो यह नहीं पहचान पा रहा है और त्रुटि आ रही है। जैसे [[मालपुरा विधानसभा क्षेत्र (राजस्थान)]] के तीसरे सन्दर्भ में है।<!--{{cite web|url=https://example.com|title=उदाहरण|date=1 एप्रिल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250709000000/http://example.com |archive-date=9 जुलाई 2025|access-date=९ जुलाई २०२५}}-->
::इसी क्रम में मुझे एक और समस्या याद आ रही है जिसके सुधरने की मैंने आशा छोड़ रखी है। Vector 2010 स्किन में सबसे उपर एक अंक परिवर्तक दिखाई देता था लेकिन अब नवीन स्किन में वो नहीं दिखाई देता। उसमें किसी भी पृष्ठ पर अंकों को देवनागरी/अंग्रेज़ी में परिवर्तित करने का विकल्प मिलता था। इसे उदाहरण के रूप में मैंने एक स्क्रीनशॉट [https://streamable.com/408p0v यहाँ] पर डाला है, आप चाहें तो किसी भी पृष्ठ के यूआरएल में <code>?useskin=vector</code> लिखकर देख सकते हो। मोबाइल में मुझे <s>लॉगिन करने से पहले</s> यह विकल्प दिखाई देता है <s>लेकिन लॉगिन करते ही दिखाई देना बंद हो जाता है।</s> हालांकि मोबाइल में मीन्यू में दिखाई देता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:53, 9 जुलाई 2025 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी: हालाँकि मैंने इस गैजेट स्क्रिप्ट में कुछ नोड्स से जुड़ी समस्याएँ अवश्य देखी हैं, लेकिन मुझे पोर्टलेट से संबंधित कोई विशेष परेशानी नज़र नहीं आई। यह गैजेट जिस ID को लक्षित करके मेन्यू में लिंक जोड़ता है, वह DOM में मौजूद है और मेरे लिए सही प्रकार से कार्य कर रहा है। कृपया एक बार अपनी वरीयताओं में जाकर यह जाँच लें कि “अंक परिवर्तक” सक्षम है या नहीं। मैंने इस गैजेट को मीडियाविकि के अनुसार अद्यतन किया था, परंतु उसमें कुछ दिक्कतें आने के कारण उसे पुनः पहले की स्थिति में लौटा दिया गया है। मैंने अपने उपयोगकर्ता पृष्ठ पर इसका परीक्षण भी किया, किंतु मुझे कोई स्पष्ट समस्या दिखाई नहीं दी। मुझे लगता है कि यह कोई सर्वर-साइड समस्या नहीं, बल्कि क्लायंट-साइड समस्या है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 01:16, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, क्या आपको "अंक परिवर्तक" दिखाई दे रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 04:20, 10 जुलाई 2025 (UTC)
:::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मेरे लिए यह ठीक काम कर रहा है और पोर्टलेट लिंक भी दिख रहा है, शायद यह समस्या आपको ही आ रही है। अगर यह आपके लिए काम नहीं कर रहा है तो आप इसे वरीयताओं से अक्षम करके अपने common.js से लोड करके देख सकते हैं: <code>mw.loader.load('//hi.wikipedia.org/w/index.php?title=मीडियाविकि:Gadget-Numeral_converter.js&action=raw&ctype=text/javascript');</code> Archivedate की समस्या के लिए या तो मुझे देवनागरी अंकों को समझने के लिए नया पार्सर जोड़ना होगा या फिर अरबी अंकों के लिए कोई उपनाम अलियास बनाकर काम चलाया जा सकता है, मैं कोशिश करता हूँ कि इसे वैसे ही काम करने लायक बना सकूँ। अभी मैं कंप्यूटर पर हूँ और अगले कुछ घंटों तक ऑनलाइन ही रहूँगा तो आपको अपडेट दूँगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 04:38, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::::[[:मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration/sandbox]] और [[:मॉड्यूल:Citation/CS1/Configuration]] पर <code>local_digits</code> में नागरी अंक लिखे हुए हैं और इसी कारण <code>date</code> और <code>access-date</code> के साथ काम कर रहा है। <code>archive-date</code> में इस दिनांक की तुलना <code>archive-url</code> के मान से जाँचता है जहाँ <nowiki>https://web.archive.org/web/<संख्यात्मक_मान>/http://example.com</nowiki> में जो <nowiki><संख्यात्मक_मान></nowiki> पहले चार अंक वर्ष, बाद के 2 अंक माह और उसके बाद के 2 अंक दिन को बताते हैं।
::::::अंक परिवर्तक वाला आप कोई स्क्रीनशॉट दिखा सकते हो क्या? नयी स्किन में ये कहाँ दिखाई दे रहा है? हो सकता है मैंने ढ़ंग से ध्यान नहीं दिया हो। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 05:31, 10 जुलाई 2025 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मुझे [https://ibb.co/99swZbhx Vector 2022] और [https://ibb.co/bM5cp3cC Vector 2010] दोनों में यह ठीक से दिखाई दे रहा है। "archivedate" वाली समस्या भी ठीक कर दी गई है। मैंने check_date फ़ंक्शन से पहले archive-date और archive-url की तारीख़ों में देवनागरी अंकों को आंतरिक रूप से मानक ASCII अंकों में बदल दिया है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 07:03, 10 जुलाई 2025 (UTC)
::::::::ओह! यहाँ सम्भवतः मैंने ध्यान ही नहीं दिया था। ये दिखाई दे रहा है। लेकिन इसके लिए लॉगिन होना आवश्यक है। vector 2010 वाला बिना लॉगिन के दिखाई देता था। जबकि गैजेट डेफिनेशन में इसे डिफॉल्ट रखा गया है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:31, 10 जुलाई 2025 (UTC)
नमस्ते DreamRimmer जी, [[सिराक्यूज विश्वविद्यालय]] नामक लेख में यदि {{tl|authority control}} जोड़ा जाता है तो "लुआ त्रुटि मॉड्यूल:Authority_control में पंक्ति 51 पर: attempt to call field '?' (a nil value)।" दिखाई दे रही है। समरूप त्रुटि कुछ अन्य लेखों पर भी हो सकती है। मैं इसका कारण नहीं खोज पाया हूँ। समय मिले तो इसे सुधारने की कोशिश कीजियेगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:13, 26 जुलाई 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[विशेष:Diff/6458414]] के साथ ठीक कर दिया गया हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 03:15, 27 जुलाई 2025 (UTC)
== बॉट संचालक ==
मेरे बॉट खाते से toolforge पर आपकी ही स्क्रिप्ट चल रही हैं। अतः बेहतर होगा कि मैं आपको भी बॉट संचालक में जोड़ दूँ। वर्तमान में मैंने जो बॉट पासवर्ड वहाँ जोड़ रखा है उससे प्रबंधकीय कार्यों की अनुमति नहीं है अतः आप केवल वो कार्य ही कर पावोगे जिनमें प्रबंधन अधिकार नहीं हैं। आवश्यकता पड़ी तो प्रबंधन अधिकार भी उसमें अद्यतन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप अन्य विकिपीडियाओं पर भी बॉट चला सकते हैं जिनपर बॉट फ्लैग है। क्या आपको यह उचित लग रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:41, 25 अगस्त 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, सुझाव के लिए धन्यवाद। आपका बॉट जिन अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर सक्रिय है, उनमें मेरी रुचि कम ही रही है। आपकी टूलफ़ोर्ज़ एक्सेस से मैं हिंदी विकिपीडिया पर स्वयं कोई कार्य नहीं करना चाहता, लेकिन यदि आवश्यकता हुई तो आपसे पूछकर कार्य कर सकता हूँ। वैसे भी आप हमेशा सक्रिय रहते ही हैं, इसलिए कोई भी काम होगा तो उसका कोड आपके साथ साझा कर दूँगा। यदि किसी सुधार की आवश्यकता हुई या कोई आवश्यक कार्य सामने आया तो कर लूँगा। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 25 अगस्त 2025 (UTC)
== core का कोड उपयोग करने में समस्या ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैं toolsforge पर <code>pywikibot-core</code> का कोड काम में लेना चाहता हूँ। लेकिन जैसे ही मैं कोई कमांड देता हूँ तो वहाँ यह त्रुटि आ रही है:
<pre>No module named 'packaging'
Please install it with
pip install packaging</pre><br>
मैं इसे इंस्टॉल भी नहीं कर पा रहा हूँ। जब मैं <code>source pwbvenv/bin/activate</code> कर चुका हूँ तब इसकी अलग से आवश्यकता होगी क्या? हालांकि मैंने अन्य किसी स्क्रिप्ट की इन दिनों जाँच नहीं की है अतः पता नहीं कि अन्य कोई समस्या है या नहीं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 24 सितंबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, मैंने इसे ठीक कर दिया है। अब आप फिर से कोशिश करें। यह दिक्कत पिछले कुछ दिनों से कई लोगों को आ रही है। समझ नहीं आता कि pip बार-बार क्यों टूट जाता है। वर्चुअल एनवायरनमेंट पुराना हो तब भी यह समस्या नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हम Python 3.11 का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अभी भी नया वर्ज़न है। भले ही अब 3.13 आ गया है, लेकिन 3.11 भी पूरी तरह सपोर्टेड है, इसलिए दिक्कत नहीं आनी चाहिए थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 18:22, 24 सितंबर 2025 (UTC)
== आमेर दुर्ग ==
मेरे प्रिय मित्र @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मैंने सिर्फ स्रोत्र जोड़ा है। [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:14, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]]: मैं देख रहा हूँ कि आप कई लेखों में मीणा जाति का प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। कृपया जातीय योद्धा जैसे संपादन न करें, अन्यथा आपका यह कठपुतली खाता अवरुद्ध किया जा सकता है। आशा है आप सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:##5A4FCF;">■</span>]] 08:21, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मेरा मक़सद स्रोतों के माध्यम से लेख को अच्छा बनाने का प्रयास है। [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:27, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
::प्रिय मित्र @[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जैसे मैं मीणा समुदाय के चांदा वंश के लिए पृष्ठ तैयार करने के लिए तीन स्रोतों का उपयोग कर रहा हूँ, लेकिन कुछ समस्याओं का सामना कर रहा हूँ।
::1. Rulers, Criminals and Denotified Tribe: A Historical Journey of the Meenas
::2. Origin Of Kachcwaha In Dhundhar Region of Rajasthan
::3. Evolution, extension and consolidation of meena tribe [[सदस्य:Karsan Chanda|Karsan Chanda]] ([[सदस्य वार्ता:Karsan Chanda|वार्ता]]) 08:32, 3 अक्टूबर 2025 (UTC)
== लेख विकिडेटा से जोड़ने के लिए ==
नमस्ते, क्या आप मेरे द्वारा प्रतियोगिता में बनाए गए लेखों को विकिडेता से जोड़ने में मदद कर सकते हैं? मैं इन्हें जोड़ नहीं पा रही क्योंकि शायद ये सुरक्षित हैं। लेख हैं [[ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम]], [[गुलामी उन्मूलन आंदोलन]], [[गेम शो]], [[फोटो जर्नलिज़्म]], [[टाक शो]]। [[सदस्य:RichaD|RichaD]] ([[सदस्य वार्ता:RichaD|वार्ता]]) 14:00, 9 अक्टूबर 2025 (UTC)
:@[[सदस्य:RichaD|RichaD]]: {{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:29, 9 अक्टूबर 2025 (UTC)
== पृष्ठ पुनर्स्थापन (Userfy) हेतु अनुरोध ==
मैं Cinemaniac007 हूँ। आपने ‘अरिन पाल’ पृष्ठ को CSD A2 के अंतर्गत हटाया था।
मैंने अब अपने सदस्य पृष्ठ पर स्पष्ट COI disclosure जोड़ दिया है।
कृपया ‘अरिन पाल’ पृष्ठ को मेरी व्यक्तिगत सैंडबॉक्स में (Userfy) पुनर्स्थापित कर दें ताकि मैं उसमें तटस्थ भाषा और विश्वसनीय स्रोत जोड़कर सुधार कर सकूँ।
धन्यवाद। [[सदस्य:Cinemaniac007|Cinemaniac007]] ([[सदस्य वार्ता:Cinemaniac007|वार्ता]]) 13:50, 20 नवम्बर 2025 (UTC)
== नए साल की शुभकामनाएँ ==
<div style="background:#E8F5E9; padding:10px; border:1px solid #81C784; border-radius:6px;">
'''DreamRimmer जी, नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!'''
यह नया साल आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा स्वास्थ्य, सफलता और सुख-समृद्धि लेकर आए।
हिंदी विकिपीडिया पर आपके योगदान के लिए धन्यवाद।
[[File:Everlasting Fireworks looped.gif|left|x173px]]
[[सदस्य:Chronos.Zx|<span style="color:blue; font-weight:bold;">क्रोनोस.Zx</span>]] ([[सदस्य वार्ता:Chronos.Zx|वार्ता]]) 13:19, 1 जनवरी 2026 (UTC)
</div>
:धन्यवाद। आपको भी नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:03, 1 जनवरी 2026 (UTC)
==हिंदी विकिस्रोत पर लोकल फाइल अपलोड के संबंध में==
नमस्कार DreamRimmer जी! आपसे एक सहायता चाहिए थी। हिंदी विकिस्रोत पर फाइलें इस प्रकार लोकली अपलोड नहीं हो पा रहीं, जिससे कि उन्हें OCR किया जा सके। चूंकि <nowiki>{{PD-India}}</nowiki> फाइलों को कॉमन्स पर अपलोड नहीं किया जाना चाहिए इसलिए उन्हें लोकली अपलोड करने के लिए यह आवश्यक है। शायद यह काम फैब्रिकेटर पर हो सके। यदि आप इसमें कुछ सहायता कर सकें तो बताइएगा। धन्यवाद। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 04:30, 2 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:अजीत कुमार तिवारी|अजीत कुमार तिवारी]] जी, ज़रूर। इसके लिए दो काम करने होंगे। पहला, विकिस्रोत की चौपाल पर एक प्रस्ताव लाना होगा, ताकि हम उसे फ़ैब्रिकेटर पर ले जा सकें। दूसरा, हमें एक [[m:Non-free content#Exemption Doctrine Policy|Exemption Doctrine Policy]] की आवश्यकता होगी। इसके उदाहरण के लिए आप [[:en:Wikipedia:Non-free content criteria|Wikipedia:Non-free content criteria]] देख सकते हैं। यह नीति तैयार हो जाने के बाद हम इसे प्रस्ताव के साथ ही समुदाय के सामने रख सकते हैं और फिर दो सप्ताह बाद इसे फ़ैब्रिकेटर पर ले जा सकते हैं। शेष काम मैं संभाल लूँगा। प्रस्ताव आप कुछ इस तरह लिख सकते हैं: {{tq|मैं सभी सदस्यों के लिए स्थानीय अपलोड सक्षम किए जाने का प्रस्ताव रख रहा हूँ, क्योंकि {{tl|PD-India}} सामग्री कॉमन्स के लिए उपयुक्त नहीं है; अतः ऐसी फाइलों को स्थानीय रूप से अपलोड करने से OCR कार्य में सुविधा होगी। इसलिए मेरा प्रस्ताव है कि हिंदी विकिस्रोत पर स्थानीय अपलोड की सुविधा सक्षम की जाए। अपलोड कार्य [[En:Wikipedia:Non-free content|Wikipedia:Non-free content]] जैसी अपलोड नीतियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे फेयर यूज़ फ़ाइलों का भी स्थानीय अपलोड संभव हो सके। साथ ही, मैं Exemption Doctrine Policy नीति को भी समुदाय के समक्ष प्रस्तावित कर रहा हूँ। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है।}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:21, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
::बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। मैं इस सप्ताहांत तक आपके सुझाव के अनुसार प्रस्ताव और नीति तैयार कर लेता हूँ। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 06:38, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबन्धक नामांकन पृष्ठ पर अनुभाग सम्पादन ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैं देख पा रहा हूँ कि आपके वर्तमान नामांकन के पश्चात् [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन]] पर अनुभाग सम्पादन नहीं हो पा रहा है। मुझे ऐसा कोई साँचा या मैजिक वर्ड भी नहीं दिखाई दे रहा जिससे यह विकल्प बंद हो गया है। कृपया आप इस समस्या को देख सकते हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 13:29, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, अनुभाग संपादन काफी समय से बंद है। मैंने अपने आवेदन से पहले भी इसे बंद ही पाया था। इसका मुख्य कारण इस पृष्ठ पर प्रयुक्त [[विकिपीडिया:विशेषाधिकार निवेदन/शीर्ष|शीर्ष साँचा]] है, जो पृष्ठ पर बॉर्डर जोड़ता है। मैंने बॉर्डर हटा दिया है, इसलिए अब यह सुविधा कार्य करने लगी है। DiscussionTools बॉर्डर के भीतर मौजूद टिप्पणियों और अनुभागों की पहचान नहीं कर पाता, इसी कारण यह काम नहीं करता। यदि हम पुनः बॉर्डर जोड़ते हैं, तो हम फिर से अनुभाग संपादन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:06, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
::सुधार के लिए धन्यवाद। मैंने पृष्ठ का इतिहास देखा और ऐसे प्रतीत हुआ कि पिछली बार मैंने टिप्पणी अनुभाग सम्पादन से की थी। जो भी हो, मुझे वर्तमान स्वरूप भी ठीक लग रहा है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 12:28, 19 फ़रवरी 2026 (UTC)
== बिना सामग्री वाले लेख ==
नमस्ते DreamRimmer जी, क्या आप [[वितली गिन्ज़बर्ग]] जैसे लेखों को सूचीबद्ध करने का कोई तरिका जानते हैं? ऐसे पृष्ठों को [[:en:User:Dr_pda/prosesize.js|User:Dr pda/prosesize.js]] से देखने पर 10 से कब शब्द दिखाई देते हैं। ऐसे लेख या तो सामग्री रहित (बहुत कम) होते हैं या फिर एआई से निर्मित होते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:31, 17 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, ऐसे ज्यादातर लेख विज्ञान से संबंधित हैं। अगर आपको सूची चाहिए, तो मैं दे सकता हूँ। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:46, 17 मार्च 2026 (UTC)
::हाँ, सूची बना दीजिएगा जिससे समय मिलने पर कम से कम 100 शब्द तो रख सकें। सम्भव है किसी प्रतियोगिता में शामिल करके कुछ विस्तार करवाया जाये।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:09, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय यह पृष्ठ विकिपीडिया में पहले से ही मौजूद है|
:::[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%87_%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 छोटे पृष्ठ]
:::धन्यवाद [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:17, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] मैंने 5000 लेखों को प्रोसेस किया, जिनमें अच्छी-खासी संख्या में लेख इस मापदंड में आ रहे हैं। अगर आपको और लेखों की जरूरत हो, तो याद दिला दीजिए। [[सदस्य:DreamRimmer/RandomPage]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:17, 17 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय इन लेखों को आरोही या अवरोही क्रम में लिखने से इन्हें सुधारने में आसानी होगी|
::::धन्यवाद [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:20, 17 मार्च 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपको सम्भवतः मेरा सन्देश समझ नहीं आया।
:::::DreamRimmer जी, इस सूची के लिए धन्यवाद। यह मुझे उपयोगी सूची लग रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:33, 17 मार्च 2026 (UTC)
== अधिकार के संबंध में ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय यह जानना चाहता हूं कि मैं किन-किन अधिकार के लिए नामांकन कर सकता हूं| अभी के योगदान पर [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
:मेरा सुझाव है कि अभी कुछ समय आप नीतियों को अच्छी तरह समझने और जो सामान्य कार्य अभी कर रहे हैं, उसी पर ध्यान देने की कोशिश करें। आगे अनुभव और लगातार अच्छे योगदान के आधार पर अधिकारों के लिए नामांकन किया जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:07, 18 मार्च 2026 (UTC)
== प्रश्न ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
मैने [[1973 पेरिस ओपन - पुरुष एकल]] को हटाने का नामांकन किया है क्या ये मापदंड सही या कोई दूसरा मापदंड प्रयोग करूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:02, 20 मार्च 2026 (UTC)
:आपने जो मापदंड लगाया है वह सही नहीं है। मैं आपकी जगह होता तो इसे हटाने के बजाय सुधारने का प्रयास करता। यदि इसे हटाने की बात है तो मेरे विचार से [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] अधिक उचित रहेगी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 11:14, 20 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] और @[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] महोदय,
::[[सदस्य वार्ता:Rambeer Vishwakarma]] इसे सुधरा तथा लेखक बर्बरता कर रहे है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:03, 20 मार्च 2026 (UTC)
==माफ़ी चाहूंगा पर==
नमस्ते DreamRimmer जी, [[ज्योति देशपांडे]] लेख को विकिपीडिया पर पृष्ठों को हटाने की नीति के अंतर्गत आपने हटा दिया था। लेकिन उसी समय मै इस लेख में सुधार कर रहा था। जब मैने बदलाव प्रकाशित किया, लेख फिर से बन गया है। यदि आप को लगता है की इस लेख को नहीं रखना है, तो माफ़ी चाहूंगा पर आपको लेख को हटाने का काम फिर से करना होगा। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 05:12, 24 मार्च 2026 (UTC)
:धर्मेंद्र जी, इसमें माफी की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि सुधार के लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं। मैंने पहले हटाए गए अवतरणों को पुनः स्थापित कर दिया है। मुझे नहीं लगता कि अब इसे हटाने की आवश्यकता है। बाकी यदि कोई अन्य प्रबंधक चाहे, तो इसे फिर से नामांकित कर सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 05:55, 24 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|चाहर धर्मेंद्र}} जी, नमस्ते! यदि आप किसी नये पृष्ठ को निर्मित कर रहे है या उसको सुधारने करना चाह रहे है, परन्तु उसमे कोई सामग्री न हो तो उस पृष्ठ पर <code>[[साँचा:निर्माणाधीन]]</code> जोड़ दे, जिससे कोई सदस्य उस पृष्ठ को हटाने के लिए नामांकित नहीं करेगा, परन्तु लेख में पर्याप्त मात्रा में सामग्री होनी ही चाहिए जिससे यह भी न प्रतीत हो की पृष्ठ पूर्ण रूप से रिक्त है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 06:32, 24 मार्च 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
DreamRimmer जी, नमस्ते! क्या आप मेरे सदस्य पृष्ठ को निर्माण से पूर्ण सुरक्षित कर सकते हो? क्यूंकि मैं यहां पर अपना सदस्य पृष्ठ निर्मित नहीं करना चाहता हूँ, अगर आप पूर्ण सुरक्षित कर दे अनंत समय के लिए तो यह मेरे लिए अच्छा रहेगा। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 06:48, 24 मार्च 2026 (UTC)
:Cptabhiimanyuseven जी, मुझे नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार है, क्योंकि इससे भविष्य में इसे बनाने के लिए एक प्रबंधक की आवश्यकता पड़ेगी, जबकि अभी इसे सुरक्षित करने की कोई स्पष्ट आवश्यकता नहीं है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 07:17, 24 मार्च 2026 (UTC)
::DreamRimmer जी, यहाँ सदस्यपृष्ठ निर्मित करने का मेरे पास कोई कारण नहीं है, जिस विकी पर मुझे अपना सदस्यपृष्ठ निर्मित करना था वहां पर हमने निर्मित कर लिया है, परन्तु [[:en:WP:UPROT|WP:UPROT]] के अंतर्गत सदस्य के अनुरोध पर सदस्यपृष्ठ सुरक्षित किया जा सकता है, कृपया पुन: विचार करें। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 07:25, 24 मार्च 2026 (UTC)
:::मुझे नहीं लगता कि आपके द्वारा दिया गया कारण वास्तविक एवं उचित आवश्यकता को दर्शाता है; यदि ऐसा होता, तो मैं इसे सुरक्षित कर देता। फिर भी, यदि आप इसके लिए आग्रह कर रहे हैं, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। मैं केवल इतना कहना चाहूँगा कि इस प्रकार के निवेदन अनावश्यक रूप से हम दोनों का समय व्यर्थ करते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:12, 24 मार्च 2026 (UTC)
== सूचना ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
पहले बता नहीं पाया परंतु [[https://hi.wikimedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 हिंदी wikimedia]] में मैं पहले भी लॉगिन नहीं कर पा रहा था, अब तो खैर अवरोधित हूं, जांच लें| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 07:44, 30 मार्च 2026 (UTC)
:हिंदी विकिमीडिया पर खाता बनाने के लिए वहाँ के प्रबंधकों से अनुरोध करना पड़ता है और मुझे लगता है कि यह अभी आपके लिए उपयुक्त नहीं है। मेरा सुझाव है कि फिलहाल आप केवल विकिपीडिया पर ही ध्यान दें। मैंने देखा है कि आप ऐसे विषयों के लेखों का अनुवाद कर रहे हैं जिनकी आपको पर्याप्त जानकारी नहीं है। कृपया केवल उन्हीं विषयों पर कार्य करें जो सरल हों और जिनके बारे में आपको अच्छी समझ हो। आपने बहुत कम समय में कई गलतियाँ की हैं और वे अब भी लगातार हो रही हैं। यह आपके लिए ठीक नहीं होगा, क्योंकि हर बार सद्भावना मानकर बात को अनदेखा नहीं किया जा सकता। मुझे आशा है कि आप मेरी बातों पर ध्यान देंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:01, 30 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] महोदय,
::मैं अभी केवल उन पृष्ठों को सुधार रहा हूं जिन्हें संजीव कुमार जी ने टैग लगाकर चिन्हित किया है| और कुछ विकिपीडिया पर गलत संपादनों को सुधार देता हूं| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 08:07, 30 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, आपने लिखा '''गलत संपादनों को सुधार देता हूं।''' हाल ही में आप ने आखिरी लेख पारलैंगिक रतिचित्रण बनाया है। क्या आपको लगता है कि इस लेख में किसी सुधार की आवश्यकता है?
:::“[[पारलैंगिक रतिचित्रण]]” जैसे संवेदनशील विषय पर लिखे गए लेख के संदर्भ में भी कुछ पहलुओं पर ध्यान देकर उसे और बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, ऐसे विषयों में मर्यादित और संतुलित अभिव्यक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है।
:::* मेरा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि लेख अधिक सुसंगत, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी बन सके। क्या आप ऐसा कर सकते है?
:::<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 16:54, 30 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य अवरोधन नामांकन ==
@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] और @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय, सदस्य @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] बार बार चेतावनी के पश्चात् भी पृष्ठों में अपमानजनक सम्पादन कर रहे है| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 10:37, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]],@[[सदस्य:SM7|SM7]] और @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@महोदय, अब @[[सदस्य:~2026-19373-86|~2026-19373-86]] इन्होंने [[कन्नौज]] पर अपमानजनक सम्पादन किया है| क्योंकि मै कन्नौज का निवासी हूँ| [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 12:36, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
== रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु ==
<div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;">
नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे।
मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त (Patrolling) कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक (Rollback) अधिकार''' के लिए नामांकित किया है।
चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा।
'''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]]
सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद!
सादर,<br>
[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:31, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
== Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
''{{int:please-translate}}''
Dear Wikimedian,
We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner.
[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026.
* You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]]
* '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST'''
With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply.
For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page.
Warm regards,
<br>
on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team
''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) on 18:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)''
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Gnoeee@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== You may be an eligible candidate for the U4C election ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
Greetings,
The [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee|Universal Code of Conduct Coordinating Committee (U4C)]] seeks candidates for the 2026 election. The U4C is the global committee responsible for overseeing enforcement of the [[foundation:Special:MyLanguage/Policy:Universal Code of Conduct|Universal Code of Conduct]]. Elections are held annually, if elected a committee member serves for two years.
This year the U4C requires candidates to hold administrator rights on at least one wiki, which is why you are being contacted as you appear to hold this right. There are other requirements, such as candidates must be at least 18 years old and may not be employed by the Wikimedia Foundation or other related chapters and affiliates. You can find more information in the [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026#Call_for_Candidates|call for candidates on Meta-wiki]]. Additionally, the committee's working language is English; some ability to communicate in English is required.
The election opens on 18 May, if you are eligible and interested you have until 10 May to submit your candidacy. There will week between for candidates to answer questions from the community. Voting takes place privately in [[m:Special:MyLanguage/SecurePoll|SecurePoll]], successful candidates must receive at least 60% support. More information is available on [[m:Special:MyLanguage/Universal_Code_of_Conduct/Coordinating_Committee/Election/2026|the 2026 Elections page]], including timelines and other candidacy information. If you read over the material and consider yourself qualified, please consider submitting your name to run for the committee. If you think someone else in your community might be interested and qualified, please encourage them to run.
In partnership with the U4C -- [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User_talk:Keegan (WMF)|talk]]) 18:33, 28 अप्रैल 2026 (UTC) </div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Keegan_(WMF)/test&oldid=30471754 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== कुछ बाहरी उपकरण ==
नमस्ते DreamRimmer जी, मैंने एक [[वार्ता:राष्ट्रीय उद्यान#लेख की श्रेष्ठ लेख समीक्षा: पहला भाग|श्रेष्ठ लेख नामांकन की समीक्षा]] करते हुये पाया कि [https://citations.toolforge.org उद्धरण] और [https://link-dispenser.toolforge.org/ बाहरी कड़ियाँ] जाँच के उपकरण हिन्दी विकि के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ये कार्य करने वाले पुराने उपकरण अब बंद हो चुके हैं। क्या इसका कोई अन्य विकल्प उपलब्ध है? इसके अतिरिक्त [https://gptzero.me एआई की सहायता] वाला उपकरण कैसे काम में लूँ, इसमें भी आपसे सहायता चाहता हूँ। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:56, 5 मई 2026 (UTC)
:संजीव जी, उद्धरण टूल काफी समय से टूटा हुआ था और इसे हाल ही में नया मेंटेनर मिला है, इसलिए इसे फिलहाल हिंदी विकिपीडिया पर उपलब्ध करवाना मुश्किल है। इस टूल में कई महीनों से अनेक त्रुटियाँ थीं, जिन्हें अब नया मेंटेनर ठीक करने का प्रयास कर रहा है। इसका वेब इंटरफ़ेस अभी उपयोग योग्य नहीं है, लेकिन इसका गैजेट संस्करण हिंदी विकिपीडिया पर स्थापित किया जा सकता है। बाहरी कड़ियाँ जाँच उपकरण को भी जल्द हिंदी विकिपीडिया पर उपलब्ध करवाने की कोशिश करूँगा। एआई सहायता वाला उपकरण हिंदी भाषा के लिए पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि इसे मुख्य रूप से अंग्रेज़ी भाषा के डाटा पर प्रशिक्षित किया गया है। यहाँ तक कि अंग्रेज़ी के लिए भी इसे पूर्णतः भरोसेमंद नहीं माना जाता। फिर भी यदि आप इसके बारे में जानना चाहें, तो इसमें लॉगिन करने पर हर महीने 10,000 निःशुल्क टोकन मिलते हैं, जिनका उपयोग बेसिक और एडवांस जाँच में किया जा सकता है, जहाँ यह अपने सर्वोत्तम मॉडेल का उपयोग करके परिणाम देता है। इसके अतिरिक्त, अंग्रेज़ी और कुछ अन्य भाषा परियोजनाओं के लिए यह [https://wikipedia.gptzero.me/ यहाँ] पर निःशुल्क उपलब्ध है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 11:46, 6 मई 2026 (UTC)
== खराब मशीनी अनुवाद ?==
आपने हिन्दी विकिपीडिया पर आज [[प्रसन्नकुमार ठाकुर]] और [[योगेश चन्द्र बागल]] - ये दोनों लेख हटा दिये हैं। क्या आप इन दोनों में से कोई एक-एक वाक्य बता सकते हैं जो आपको 'खारब मशीनी अनुवाद' लग रहा हो? अन्यथा यदि आपने स्वयं न देखकर दूसरों के कहने या सूचना देने पर ये लेख हटायें हों, तो कृपया इनका पुनः ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और बताएँ कि क्या ये सचमुछ 'खराब मशीनी अनुवाद' कहे जा सकते हैं? -- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 15:44, 16 मई 2026 (UTC)
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ईलम तमिल
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2026-05-17T02:23:53Z
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक सजातीय समूह
| group = श्रीलंकाई तमिल<br />ईलम तमिल<br /> "श्रीलंकाई तमिल"
| image =
| regions = {{Flag|श्री लंका }}{{nbsp|6}} 2,270,924 (11.21%)<br />(2012)<ref>{{cite web|title=A2 : Population by ethnic group according to districts, 2012|url=http://www.statistics.gov.lk/PopHouSat/CPH2011/index.php?fileName=pop42&gp=Activities&tpl=3|publisher=Department of Census & Statistics, Sri Lanka|access-date=15 अगस्त 2021|archive-date=28 अप्रैल 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170428063924/http://www.statistics.gov.lk/PopHouSat/CPH2011/index.php?fileName=pop42&gp=Activities&tpl=3|url-status=dead}}</ref>
| region1 = {{Flag|कनाडा }}
| pop1 = ~300,000 (2007)<ref name=canada>{{cite web | last = Foster | first = Carly | title = Tamils: Population in Canada | publisher = [[ரயர்சன் பல்கலைக்கழகம்]] | year = 2007 | url = http://www.diversitywatch.ryerson.ca/backgrounds/tamils.htm | accessdate = 25 June 2008 | quote = According to government figures, there are about 200,000 Tamils in Canada | archive-date = 14 பிப்ரவரி 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080214141743/http://www.diversitywatch.ryerson.ca/backgrounds/tamils.htm | dead-url = dead }}</ref>
| region2 = {{Flag|यूनाइटेड किंगडम }}
| pop2 = ~120,000 (2007)<ref>{{cite news | title = Britain urged to protect Tamil Diaspora |work=BBC | date = 26 March 2006 | url = http://www.bbc.co.uk/sinhala/news/story/2006/03/060315_hrw_jayadevan.shtml | accessdate =26 June 2008|quote = According to HRW, there are about 120,000 Sri Lankan Tamils in the UK.}}</ref>
| region3 = {{Flag|भारत }}
| pop3 = ~100,000 (2005)<ref name=AK>{{cite web | last = Acharya | first = Arunkumar | title = Ethnic conflict and refugees in Sri Lanka | publisher = [[Autonomous University of Nuevo Leon]] | year = 2007 | format = PDF | url = http://www.ujaen.es/huesped/rae/articulos2007/acharya0907.pdf | accessdate = 1 July 2008 | archive-date = 10 फ़रवरी 2012 | archive-url = https://web.archive.org/web/20120210055448/http://www.ujaen.es/huesped/rae/articulos2007/acharya0907.pdf | url-status = dead }}</ref>
| region4 = {{Flag|जर्मनी }}
| pop4 = ~60,000 (2008)<ref name=g>{{cite web | last = Baumann | first = Martin | title = Immigrant Hinduism in Germany: Tamils from Sri Lanka and Their Temples | publisher = [[ஹார்வர்டு பல்கலைக்கழகம்]] | year = 2008 | url = http://www.pluralism.org/resources/slideshow/hindgerm/index.php | accessdate = 26 June 2008 | quote = Since the escalation of the Sinhalese-Tamil conflict in Sri Lanka during the 1980s, about 60,000 came as asylum seekers. | archive-date = 17 सितंबर 2012 | archive-url = https://www.webcitation.org/6AkbKOXJ5?url=http://www.pluralism.org/resources/slideshow/hindgerm/index.php | url-status = dead }}</ref>
| region5 = {{Flag|फ्रांस }}
| pop5 = ~50,000 (2008)<ref>{{cite news | title = Politically French, culturally Tamil: 12 Tamils elected in Paris and suburbs | publisher = [[தமிழ்நெட்]] | date = 28 March 2008 | url = http://www.tamilnet.com/art.html?catid=79&artid=25010
|accessdate =26 June 2008|quote = Around 125,000 Tamils are estimated to be living in France. Of them, around 50,000 are Eezham Tamils (Sri Lankan Tamils).}}</ref>
| region6 = {{Flag|ऑस्ट्रेलिया }}
| pop6 = ~50,000 (2007)
| region7 = {{Flag|स्विट्ज़रलैंड }}
| pop7 = ~50,000 (2008)<ref>{{cite news | title = Swiss Tamils look to preserve their culture | work = [[Swissinfo]] | date = 18 February 2006 | url = http://www.swissinfo.org/eng/swissinfo.html?siteSect=108&sid=6186723&cKey=1140784868000 | accessdate = 25 June 2008 | quote = An estimated 35,000 Tamils now live in Switzerland. | archive-date = 7 जनवरी 2019 | archive-url = https://web.archive.org/web/20190107065152/http://www.swissinfo.ch/eng/swiss-tamils-look-to-preserve-their-culture/4804092 | url-status = dead }}</ref>
| region8 = {{Flag|मलेशिया }}
| pop8 = ~24,436 (1970)<ref>Rajakrishnan, P. ''Social Change and Group Identity among the Sri Lankan Tamils'', pp. 541–557</ref>
| region9 = {{Flag|नीदरलैंड }}
| pop9 = ~20,000 (2008)<ref>{{cite web|url= http://tamilelibrary.org/teli/diaspora2.html|title= History of Tamil diaspora|accessdate=17 March 2008|work= Tamil library}}</ref>
| region10 = {{Flag|नॉर्वे }}
| pop10 = ~10,000 (2000)<ref>{{cite news | last = Raman | first = B. | title = Sri Lanka: The dilemma | work = The Hindu | date = 20 July 2000 | url = http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/14/stories/041455br.htm | accessdate = 26 June 2008 | quote = It is estimated that there are about 10,000 Sri Lankan Tamils in Norway – 6,000 of them Norwegian citizens, many of whom migrated to Norway in the 1960s and the 1970s to work on its fishing fleet; and 4,000 post-1983 political refugees. | archiveurl = https://web.archive.org/web/20070610214929/http://www.thehindubusinessline.com/businessline/2000/07/14/stories/041455br.htm | archivedate = 10 ஜூன் 2007 | deadurl = live }}</ref>
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[[श्रीलंका|श्रीलंका में]], शृंखला में '''ईलम तमिल''' ''(श्रीलंकाई तमिल)'' का उपयोग श्रीलंका के तमिलों को उनके आनुवंशिक मूल के साथ संदर्भित करने के लिए किया जाता है। इस संदर्भ में श्रीलंका के आधिकारिक दस्तावेजों में भी शृंखला का उपयोग किया जाता है। '''उन्हें श्रीलंकाई तमिल''' भी कहा जाता है। [[यूनाइटेड किंगडम|ब्रिटिश के दौरान]] नियम, 'श्रृंखला परम्परा '''तमिलर'''' से अलग करने के लिए उपयोग किया गया [[तमिल नाडु|भारतीय तमिलों जिन्होंने तमिलनाडु से लाया गया था]] और में बसे [[कॉफ़ी|कॉफी]] और [[कामेल्या सीनेन्सीस्|चाय]] बागानों। [[उत्तरी प्रान्त, श्रीलंका|श्रीलंकाई तमिल, जो]] [[श्रीलंका|सदियों से श्रीलंका]] [[पूर्वी प्रान्त, श्रीलंका|के उत्तर पूर्वी]] प्रांतों में बहुमत में रह रहे हैं, श्रीलंका के अन्य हिस्सों में भी अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे हैं।
सामान्य अर्थों में, सभी श्रीलंकाई तमिल जो श्रीलंका के नागरिक हैं, उन्हें श्रीलंकाई तमिलों से प्यार करना चाहिए, लेकिन श्रीलंका के मामले में, तमिल भाषी श्रीलंकाई मुसलमान भाषायी रूप से अपनी पहचान नहीं रखते हैं। उन्हें श्रीलंकाई मुसलमानों के रूप में वर्गीकृत करने की प्रथा है। इस प्रकार तमिल भाषी मुस्लिम और पहाड़ी तमिल जिन्होंने हाल ही में श्रीलंका को अपनी मातृभूमि के रूप में अपनाया है, उन्हें श्रीलंकाई तमिलों की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। यद्यपि क्षेत्र, जाति, धर्म आदि सहित विभिन्न पहलुओं में श्रीलंकाई तमिलों के बीच मतभेद हैं, वे भाषा और कई अन्य कारकों के मामले में श्रीलंका में अन्य जातीय समूहों से एक ही समूह के रूप में पाए जाते हैं।
1948 में श्रीलंका को अंग्रेजों से आजाद कराने के बाद से तमिलों और सिंहली के बीच संघर्ष चल रहा है। राजनीतिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष 1983 के बाद गृहयुद्ध में बदल गया, कई श्रीलंकाई तमिल [[भारत|भारत,]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]], [[ऑस्ट्रेलिया]] और कई [[यूरोप|यूरोपीय]] देशों में रहकर श्रीलंका से भाग गए। लगभग एक तिहाई श्रीलंकाई तमिलों ने श्रीलंका छोड़ दिया है और दूसरे देशों में रह रहे हैं। कुछ अनुमानों ने संख्या को 800,000 से अधिक बताया है। इसके अलावा, एक लाख से अधिक श्रीलंकाई तमिलों ने गृहयुद्ध में अपनी जान गंवाई है। <ref>{{Cite book|url=https://www.un.org/News/dh/infocus/Sri_Lanka/POE_Report_Full.pdf|title=Report of the Secretary-General's Panel of Experts on Accountability in Sri Lanka|last=Darusman|first=Marzuki|last2=Sooka|first2=Yasmin|last3=Ratner|first3=Steven R.|date=31 March 2011|publisher=[[United Nations]]|page=41|author-link=Marzuki Darusman}}</ref> हालांकि २००९ में युद्ध के अंतिम चरण में श्रीलंकाई सरकार की जीत की तलाश में बड़े पैमाने पर हताहतों और संपत्ति के नुकसान के बीच युद्ध समाप्त हो गया, श्रीलंकाई तमिलों की मूलभूत समस्याएं अनसुलझी हैं।
== इतिहास ==
श्रीलंकाई तमिलों की उत्पत्ति के बारे में विद्वानों में कोई सहमति नहीं है। इसका मुख्य कारण उचित साक्ष्य का अभाव है। एक अन्य उल्लेखनीय कारण नस्लीय भावना के राजनीतिक संदर्भ के बीच में विद्वानों की विफलता है। इसके अलावा आरोप हैं कि श्रीलंकाई सरकार राजनीतिक कारणों से श्रीलंकाई तमिल क्षेत्रों में उचित खुदाई की अनुमति नहीं दे रही है। [[महावंश|श्रीलंका के इतिहास को बताने वाली प्राचीन पुस्तक महावमिसम]] श्रीलंकाई पारंपरिक तमिलों की उत्पत्ति को जानने के लिए कोई सबूत नहीं देती है। मूल रूप से, महावमवाद [[बौद्ध धर्म]] और [[सिंहली लोग|सिंहली पर केंद्रित है।]] [[तमिल|तमिलों के]] सन्दर्भ केवल उन्हीं मामलों के संबंध में पाए जाते हैं जो इसके उक्त उद्देश्य के लिए प्रासंगिक या हानिकारक हैं। ऐसा लगता है कि विश्वनाथन काल के दौरान भी, जब महावंश को सिंहल जाति के पितामह के रूप में उल्लेख किया गया था, वैवाहिक संबंधों के कारण पांडिचेरी से बड़ी संख्या में तमिल श्रीलंका आए थे। हालांकि, यह मान लेना उचित है कि वे सिंहली जातीय समूह का हिस्सा थे। हालांकि, इस तरह के संदर्भ यह स्पष्ट करते हैं कि तमिलनाडु के लोग श्रीलंका से अच्छी तरह परिचित थे और यह कि सीलोन द्वीप और तमिलनाडु के बीच की कड़ी जनता के लिए आसानी से सुलभ थी।
इतना ही नहीं, महावमीसम द्वारा दिए गए संदर्भों से [[महावंश|यह ज्ञात]] [[अनुराधापुर|होता है कि कई तमिलों ने पूर्व-ईसाई काल से अनुराधापुर पर कब्जा कर लिया है।]] प्राचीन काल में प्रसिद्ध बंदरगाह मटोट्ट था, तमिलनाडु के व्यापारियों ने कई शोधकर्ताओं की राय पर बहुत प्रभाव डाला। ி. पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से। [[१०वीं शताब्दी|१०वीं शताब्दी ईसा पूर्व]] तक श्रीलंका की राजधानी अनुराधापुर में तमिल व्यापारियों और मूर्तिकारों की मौजूदगी के प्रमाण मिलते हैं।
श्रीलंकाई तमिलों का खाना ज्यादातर दक्षिण भारतीय प्रभावशाली होता है। यह विशेष रूप से तमिलनाडु और केरल के व्यंजनों से निकटता से जुड़ा हुआ है। साथ ही, श्रीलंका पर शासन करने वाले यूरोपीय लोगों का भी प्रभाव है। परंपरागत रूप से, श्रीलंकाई तमिलों के मुख्य व्यंजन चावल पर आधारित होते हैं। बाजरा, तारो, करकुमा और वरगु जैसे छोटे अनाज का भी उपयोग किया जाता है। सभी श्रीलंकाई तमिल आमतौर पर दोपहर के भोजन के लिए दिन में कम से कम एक बार करी खाते हैं। कुछ इलाकों में रात में भी चावल खा रहे हैं। प्राचीन काल में, पहले दिन चावल को पानी पिलाने और अगले दिन नाश्ते के रूप में खाने की प्रथा थी। जाफना में अधिकांश तमिल उबले हुए चावल पसंद करते हैं जिन्हें कुट्टारीसी कहा जाता है। स्थानीय रूप से उपलब्ध समुद्री भोजन जैसे सब्जियां, मांस, मछली आदि का उपयोग करी पकाने के लिए किया जाता है। पारंपरिक सब्जियां जैसे बैंगन, केला, वेंडी, कद्दू, बीन्स, सहजन और कंद स्थानीय रूप से उत्पादित किए जाते हैं। आजकल, वे गाजर, चुकंदर और लीक जैसी पश्चिमी सब्जियां भी पैदा करते हैं। इसके अलावा पालक, पालक, वल्लरई, पोन्नंगकानी और सहजन पालक जैसे पालक का भी खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। श्रीलंका में तमिल क्षेत्रों में एक लंबी तटरेखा है जो मछली, शार्क, केकड़ा, स्क्विड, झींगा और ट्राउट जैसे समुद्री भोजन की एक विस्तृत विविधता प्रदान करती है।
=== भोजन ===
[[चित्र:Pittu_At_Omax.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| जाफना में फूड रोड पर मिला समुद्री भोजन के साथ बिट्टू।]]
श्रीलंकाई तमिलों का हालिया इतिहास, विशेष रूप से अंग्रेजों से श्रीलंका की स्वतंत्रता के बाद की अवधि में, सिंहली और तमिलों के लिए विभिन्न रूपों में संघर्ष का इतिहास रहा होगा। स्वतंत्रता-पूर्व काल में, तमिल और सिंहली नेताओं के बीच समानता प्रतीत होती थी, लेकिन जातीय मुद्दे की नींव स्वतंत्रता-पूर्व वर्षों में बनी थी।
=== ब्रिटेन से मुक्ति से पहले ===
विश्व मंच पर कुछ घटनाओं और उसके बाद के नीतिगत परिवर्तनों का लाभ उठाते हुए, श्रीलंकाई सरकार ने कई देशों की सहायता से, लिट्टे के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया। श्रीलंकाई सेना ने धीरे-धीरे पूर्वी प्रांत में लिट्टे के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और मुल्लातिवु में अंतिम लड़ाई में लिट्टे को हरा दिया।
=== ब्रिटेन से मुक्ति के बाद ===
[[चित्र:Sir_Ponnambalam_Arunachalam.jpg|अंगूठाकार| पोन्नम्बलम अरुणाचलम ने सिंहल नेताओं को निराश किया और तमिल अधिकारों के लिए तमिल महासन सभा का गठन किया।]]
जाफना साम्राज्य के गठन के बाद से, अधिकांश तमिल क्षेत्र लगातार एक अलग राजनीतिक इकाई रहे हैं। जाफना साम्राज्य को पुर्तगाली और डच शासन के दौरान एक अलग इकाई के रूप में माना और प्रबंधित किया गया था। 1815 में सीलोन के अंतिम स्वतंत्र राज्य कैंडी पर ब्रिटिश विजय के बाद, 1833 में लागू किए गए राजनीतिक और प्रशासनिक सुधारों के तहत पूरे द्वीप को एकजुट किया गया और पांच प्रांतों में विभाजित किया गया। प्रशासनिक सुविधा के लिए यह व्यवस्था श्रीलंकाई तमिलों के बाद के राजनीतिक पाठ्यक्रम को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस सुधार के आधार पर स्थापित विधान परिषद में छह गैर-सरकारी सदस्यों के लिए जगह थी। इसमें तमिलों और सिंहली को जाति के आधार पर एक-एक स्थान दिया गया था। 1889 में एक और सिंहली और एक मुसलमान को जगह मिली। इस सभा में तमिल प्रतिनिधि एक-एक करके धनी कुलीन थे जो तमिल क्षेत्रों को छोड़कर कोलंबो में बस गए थे। उनका व्यवसाय और निवेश तमिल क्षेत्रों से बाहर था। इस प्रकार, उन्हें श्रीलंका के तमिल क्षेत्रों को श्रीलंका के हिस्से के रूप में एकजुट करने का अवसर मिला। इसलिए इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। उनका लक्ष्य सरकारी परिषद में श्रीलंकाई लोगों का प्रतिनिधित्व करना था।
== यह सभी देखें ==
== राजनीति ==
1910 में पेश किए गए पीपुल्स रिफॉर्म ने विधानमंडल के गैर-आधिकारिक सदस्यों की संख्या में दस की वृद्धि की। चूंकि तमिलों और सिंहली को राज्य का समान भागीदार माना जाता था, तमिल सिंहली के प्रतिनिधियों की संख्या अभी भी लगभग बराबर थी। २०वीं शताब्दी के दूसरे दशक में, सिंहली तमिल नेताओं ने अधिक प्रतिनिधित्व और अधिक से अधिक राजनीतिक अधिकार हासिल करने की मांग की। सिंहली नेताओं ने जोर देकर कहा कि सिंहली की सदस्यता हासिल करने के लिए प्रतिनिधियों को मंडल के आधार पर जाना जाना चाहिए। हालांकि जाफना एसोसिएशन ने इसे नहीं माना। उन्होंने उसी नस्लीय प्रतिनिधित्व की मांग की जो जगह में था। हालांकि, एक प्रभावशाली कोलंबो तमिल नेता पोन्नम्बलम अरुणाचलम ने श्रीलंकाई स्वायत्तता के लिए एक संयुक्त आंदोलन बनाने के लिए सिंहल नेताओं के साथ काम किया। जाफना एसोसिएशन सिंहली नेताओं द्वारा कोलंबो में तमिलों को सदस्यता देने के वादे के आधार पर सिंहली के साथ काम करने के लिए सहमत हुई। इसके बाद, श्रीलंका राष्ट्रीय कांग्रेस, एक आंदोलन जिसमें सिंहली और तमिल शामिल थे, उभरा। 1920 के मैनिंग सुधारों ने कैंडी में सिंहली का पक्ष लिया और तटीय सिंहली तमिलों को दिए गए आश्वासन की भाषा से हट गए। निराश होकर अरुणाचलम ने श्रीलंका राष्ट्रीय कांग्रेस से नाम वापस ले लिया और तमिल महासन सभा का गठन किया । यह विभाजन श्रीलंका में तमिल राष्ट्र के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बन गया। मैनिंग सुधारों के आधार पर गठित विधानसभा में तमिलों और सिंहली की सदस्यता असमान हो गई और तमिलों को बहुत नुकसान हुआ।
=== गृहयुद्ध का अंत ===
1948 में अंग्रेजों ने श्रीलंका को आजाद कराया और पूरे श्रीलंका को सिंहली बहुमत वाली सरकार के हवाले कर दिया। इसके बाद समस्याओं का एक सिलसिला शुरू हुआ। भारतीय नागरिकता अधिनियम, तमिल क्षेत्रों में नियोजित सिंहली आप्रवासन और केवल सिंहली कानून ने तमिलों के अधिकारों को प्रभावित किया। पोन्नम्बलम, जो एक मंत्री थे, ने भारतीय नागरिकता अधिनियम का समर्थन किया और तमिल कांग्रेस पार्टी दो में विभाजित हो गई। एस। जे। वी सेलवनयागम के नेतृत्व में कई लोगों ने पार्टी छोड़ दी और श्रीलंका फेडरल पार्टी (श्रीलंका तमिल नेशनल पार्टी) की शुरुआत की। पार्टी ने जातीय समस्या के समाधान के रूप में एक संघीय व्यवस्था का प्रस्ताव रखा। आजादी से पहले भी, कई सिंहली नेताओं ने जोर देकर कहा कि केवल सिंहली ही आधिकारिक भाषा है। 1956 में बौद्ध और सिंहली भावनाओं के साथ सत्ता में आए एस. डब्ल्यू आर। डी। भंडारनायके ने सिंहली को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाने वाला कानून पारित किया। टीएनए ने इसके खिलाफ कोलंबो में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। इसे हिंसा से दबा दिया गया था। देश भर में जातीय दंगे भड़क उठे और तमिल लोग बहुत प्रभावित हुए। भंडारनायके ने तमिल भाषा पर कुछ अधिकार देने के लिए सेलवनायक के साथ एक समझौता किया। इसे बांदा-सेल्वा समझौते के नाम से जाना गया। लेकिन सिंहली नेताओं के कड़े विरोध के कारण भंडारनायके ने अचानक इस सौदे को छोड़ दिया। [[सिरिमा बण्डारनायक|उनकी पत्नी सिरिमा भंडारनायके,]] जो भंडारनायके की मृत्यु के बाद सत्ता में आईं, सिंहली-केवल कानून लागू करने में सक्रिय थीं। 1965 में, डडले सेनानायके के नेतृत्व में यूनाइटेड नेशनल पार्टी ने फिर से सत्ता हासिल की। जिला आधार पर सत्ता के कुछ हस्तांतरण के वादे को स्वीकार करते हुए, टीएनए ने सरकार को समर्थन देने की पेशकश की। पार्टी ने कुछ साल बाद अपना समर्थन वापस ले लिया क्योंकि उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
=== संघर्ष का उदय ===
[[चित्र:Idiyappam_with_Egg_Masala_Curry.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| विवरण। श्रीलंकाई तमिलों के बीच एक लोकप्रिय व्यंजन।]]
फिर, 1931 में, डनमोर सुधार के आधार पर एक और नया संविधान लागू हुआ। इसने सिंहली की मांग को स्वीकार कर लिया और सभी लोगों के मताधिकार के साथ क्षेत्र के आधार पर सरकारी परिषद में सदस्यों के चुनाव का मार्ग प्रशस्त किया। श्रीलंका को 9 प्रांतों और कुल 50 निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया गया था। इनमें से केवल 7 निर्वाचन क्षेत्र श्रीलंकाई तमिलों के लिए उपलब्ध थे। जाफना युवा कांग्रेस, एक वामपंथी युवा आंदोलन, जो उस समय जाफना में प्रभावशाली था, ने डोनोमोर में पहले संवैधानिक चुनाव के बहिष्कार के लिए अभियान चलाया। इसने इस आधार पर बहिष्कार का आह्वान किया कि उसने तमिल मुद्दे पर विचार नहीं किया और श्रीलंका के लोगों को पर्याप्त स्वायत्तता नहीं दी। इसने उन लोगों को भी राजी किया जो उत्तरी प्रांत के 4 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव नहीं लड़ने वाले थे। इसके आधार पर सरकारी परिषद में तमिलों की संख्या सिंहली की तुलना में 38 से घटकर 3 हो गई है। युवा कांग्रेस के विरोधियों ने बाद के चुनाव जीते, क्योंकि स्थिति को समझने वाले कई लोगों ने चुनाव की मांग की। सरकारी परिषद में तमिलों की संख्या 38 से 7 थी। उस समय बनी 10 सदस्यीय कैबिनेट में एक भी तमिल मंत्री नहीं था। जी। जी। पो्नम्बलम उप मंत्री पद समेत तीन तमिलों डब्ल्यू. दुरईचामी को अध्यक्ष का पद भी दिया गया था।
== सूचना द्वार ==
1934 में, ब्रिटिश सरकार ने श्रीलंका के संविधान में संशोधन के लिए लॉर्ड सोलबरी की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया। फिर, जी। जी। पोन्नम्बलम के नेतृत्व में, एस.पी. जे। वी सेल्वनायगम, ई. एम। वी कोलंबो स्थित तमिल नेताओं जैसे नागनाथन ने एक संतुलित प्रतिनिधित्व निकाय की मांग को आगे बढ़ाया जिसे तब फिफ्टी टू फिफ्टी के नाम से जाना जाता था। वहीं, जाफना में कुछ लोगों ने संघीय व्यवस्था की मांग की। लेकिन सोलबरी आयोग, जिसने इनमें से किसी भी मांग पर ध्यान नहीं दिया, ने सिंहली बहुमत के पक्ष में एक राजनीतिक समझौता किया। हालाँकि, अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने की आशा में संविधान में कुछ प्रावधान जोड़े गए थे। विशेष रूप से, धारा, जिसे व्यापक रूप से अनुच्छेद 29 के रूप में जाना जाता है, का उद्देश्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ कानूनों के निर्माण को रोकना था। १९४७ के चुनाव में सोलबरी राजनीतिक कार्यक्रम पर आधारित, ६८ सिंहली सदस्यों के विरुद्ध केवल १३ श्रीलंकाई तमिल सदस्य चुने गए थे। फिफ्टी टू फिफ्टी मांगों की विफलता के बाद, ऐसी स्थिति में जहां कोई अन्य वैकल्पिक योजना नहीं थी, तमिल नेताओं ने डी। एस। सेनानायके की सरकार के साथ सहयोग करने का निर्णय लिया। निर्दलीय सदस्य सी. तमिल कांग्रेस पार्टी के नेता सुंदरलिंगम। जी। पोन्नम्बलम को मंत्री पद भी दिया गया था।
1970 में दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आई सिरिमा भंडारनायके ने श्रीलंका को ब्रिटेन से अलग करने और इसे एक गणतंत्र में बदलने के लिए एक नया संविधान तैयार किया। यापू का गठन किया गया था और श्रीलंका गणराज्य की स्थापना 1972 में सिंहल के साथ आधिकारिक भाषा के रूप में और बौद्ध धर्म पूरे देश में प्रमुख धर्म के रूप में हुई थी। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में मानकीकरण ने तमिल छात्रों को निराश किया है। युवाओं में उग्रवाद बढ़ने लगा। नरमपंथी तमिल नेता युवाओं के दबाव में आ गए। इस प्रकार, श्रीलंकाई तमिल राजनीतिक दलों, तमिल नेशनल पार्टी, तमिल कांग्रेस और सीलोन वर्कर्स कांग्रेस ने थोंडामन के नेतृत्व में तमिल यूनाइटेड फ्रंट का गठन किया और सरकार को कुछ मांगें रखीं। इसके बाद 1976 में श्रीलंका में तमिलों के लिए अलग राज्य की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया और तमिल यूनाइटेड फ्रंट का नाम बदलकर तमिल यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट कर दिया गया । मोर्चा का उद्देश्य शांति के अपने लक्ष्य को प्राप्त करना था।
70 के दशक के अंत और 80 के दशक की शुरुआत में, शांति प्रक्रिया में विश्वास खो चुके कुछ युवा छोटे समूहों में काम कर रहे थे। 1983 के जातीय दंगों के बाद, उदारवादी राजनीतिक दलों का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो गया। कई सशस्त्र आंदोलन फले-फूले। इनके बीच आंतरिक अंतर्विरोध भी बार-बार सामने आए। समय के साथ, लिट्टे उस बिंदु तक बढ़ गया जहां उसने उत्तर पूर्व के बड़े हिस्से को नियंत्रित किया। 1987 में श्रीलंकाई तमिलों की भागीदारी के बिना श्रीलंका-भारत समझौता हुआ था। इसके आधार पर सत्ता के हस्तांतरण के लिए प्रांतीय परिषदों का गठन किया गया और तमिल को राष्ट्रभाषा घोषित किया गया। शांति बनाए रखने के लिए उत्तर पूर्व में तैनात [[भारतीय शांति रक्षा सेना|भारतीय शांतिदूत।]] बाद की घटनाओं ने भारतीय शांति सैनिकों और लिट्टे के बीच तनाव पैदा कर दिया और दोनों पक्षों के बीच युद्ध का कारण बना। 1989 में, भारतीय शांति सैनिकों को समझौते के उद्देश्य को पूरा किए बिना वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था। फिर से, उत्तर-पूर्व के कई हिस्से लिट्टे के नियंत्रण में आ गए। श्रीलंकाई सरकार और लिट्टे के बीच विदेशी मध्यस्थों के साथ कई शांति वार्ताएं हुई हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
[[चित्र:LTTE_car_with_soldiers_in_Killinochi_april_2004.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| किलिनोच्ची में लिट्टे , 2004]]
युद्ध की समाप्ति के बावजूद श्रीलंकाई तमिलों का मुद्दा अनसुलझा है। वहीं श्रीलंकाई तमिलों का राजनीतिक नेतृत्व एक बार फिर उदारवादी राजनेताओं के हाथों में पड़ गया है। दूसरी ओर, विदेशों में रहने वाले कई श्रीलंकाई तमिल इस मामले में विभिन्न स्तरों पर शामिल रहे हैं। इस बीच सरकार ने कलमुनाई से युद्ध के दौरान लापता हुए तमिलों की सूची तैयार करने की शुरुआत कर दी है. <ref>{{Cite web|url=http://tamil.thehindu.com/bbc-tamil/%E0%AE%95%E0%AE%BE%E0%AE%A3%E0%AE%BE%E0%AE%AE%E0%AE%B2%E0%AF%8D%E0%AE%AA%E0%AF%8B%E0%AE%A9%E0%AF%8B%E0%AE%B0%E0%AF%8D-%E0%AE%95%E0%AF%81%E0%AE%B1%E0%AE%BF%E0%AE%A4%E0%AF%8D%E0%AE%A4-%E0%AE%B5%E0%AE%BF%E0%AE%9A%E0%AE%BE%E0%AE%B0%E0%AE%A3%E0%AF%88%E0%AE%95%E0%AE%B3%E0%AF%8D-%E0%AE%95%E0%AE%B2%E0%AF%8D%E0%AE%AE%E0%AF%81%E0%AE%A9%E0%AF%88%E0%AE%AF%E0%AE%BF%E0%AE%B2%E0%AF%8D-%E0%AE%A4%E0%AF%81%E0%AE%B5%E0%AE%95%E0%AF%8D%E0%AE%95%E0%AE%AE%E0%AF%8D/article7073799.ece|title=காணாமல்போனோர் குறித்த விசாரணைகள் கல்முனையில் துவக்கம்|publisher=}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== टिप्पणियाँ ==
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* श्रीलंकाई तमिलों का आनुवंशिक अध्ययन
* प्रसिद्ध श्रीलंकाई तमिल
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'''मियापुर''' (Miyapur) [[भारत]] के [[तेलंगाना]] राज्य की राजधानी, [[हैदराबाद]], का एक [[उपनगर]] है। प्रशासनिक रूप से यह [[रंगारेड्डी ज़िले]] में स्थित है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=psw6DwAAQBAJ Lonely Planet South India & Kerala]," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=O-0UAQAAMAAJ Hand Book of Statistics, Andhra Pradesh]," Bureau of Economics and Statistics, Andhra Pradesh, India, 2007</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=WeNLAQAACAAJ Contemporary History of Andhra Pradesh and Telangana, AD 1956-1990s]," Comprehensive history and culture of Andhra Pradesh Vol. 8, V. Ramakrishna Reddy (editor), Potti Sreeramulu Telugu University, Hyderabad, India, Emesco Books, 2016</ref>
== सीमाचिह्न ==
* मियापुर चेरुवु
* पेद्दा कुडी चेरुवु ([[मक्ता महबूबपेट]] झील) <ref>[https://www.mappls.com/place-maktha+mahaboobpet+lake-hmt+swarnapuri+colony-miyapur-hyderabad-telangana-500049-4OZ9CK@zdata=MTcuNTE2ODc3Kzc4LjM1MDM3NSsxNys0T1o5Q0srKw==ed Maktha Mahaboobpet Lake]</ref>
* मियापुर पटेल चेरुवु
* रेगुलाकुंटा झील
* गंगाराम चेरुवु
* हाफ़िज़पेट चेरुवु
* मदीनागुडा चेरुवु
* अमीनपुर झील
* केन्द्रीय विहार
* ऑल्विन कॉलोनी जंक्शन
* श्री सीतारमंजनेय स्वामी देवस्थानमु (रामालयम)
* कैवलरी टेम्पल चर्च
* एआरके टावर्स
* एसएमआर विनय सिटी (नारेन एस्टेट्स)
* एसएमआर विनय हिलैंड्स
* श्रीवेन मॉल
== इलाके और पड़ोस ==
* जेपी नगर
* हुडा मयूरी नगर
* [[मक्ता महबूबपेट]]
* मातृश्री नगर, मियापुर, हैदराबाद
* दीप्तिश्री नगर
* प्रशांत नगर
* पुलिसकर्मी आवास सोसायटी
* एचएमटी स्वर्णपुरी कॉलोनी
==सिटीस्केप==
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चित्र:An Apartment park area in Miyapur.jpg|हैदराबाद के मियापुर में एक अपार्टमेंट पार्क एरिया
चित्र:View of Apartments at Miyapur.jpg|मियापुर, हैदराबाद में अपार्टमेंट का दृश्य
चित्र:Miyapur Metro Satation, Hyderabad .jpg|मियापुर मेट्रो स्टेशन, हैदराबाद
चित्र:GSM Mall.jpg|जीएसएम मॉल और मल्टीप्लेक्स, मियापुर
चित्र:Candeur 40 miyapur.jpg|Candeur 40 miyapur
चित्र:Maktha Mahaboobpet lake.jpg|मख्ता महाबूबपेट पेद्दा कुडी चेरुवु
चित्र:Satyanarayana enclave maktha mahboobpet.jpg|सत्यनारायण एन्क्लेव मकथा महबूबपेट, मियापुर
चित्र:Dr Agarwals Eye Hospital allwyn x signal miyapur hyd.jpg|डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ऑलविन एक्स सिग्नल मियापुर
चित्र:Sri SeetaRamanjaneya Swamy Devastanamu (Ramalayam) Miyapur hyd.jpg|श्री सीता रामंजनेया स्वामी देवस्थानम (रामालयम) मियापुर हैदराबाद
चित्र:Ambedkar statue maktha hmt swarnapuri.jpg|एचएमटी स्वर्णपुरी कॉलोनी मक्था महाबूबपेट मियापुर हैदराबाद
चित्र:Nsk platina maktha mahabubpet 2 blocks hyd.jpg|एनएसके प्लेटिना गेटेड मकता महबूबपेट मियापुर हैदराबाद
चित्र:Maktha Mahabubpet full chowk view.jpg|मक्था महाबूबपेट का पूरा चौक का नज़ारा
चित्र:Rock formations at Miyapur.JPG|मियापुर, हैदराबाद, भारत में चट्टान की संरचनाएँ
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== इन्हें भी देखें ==
* [[हैदराबाद]]
* [[रंगारेड्डी ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{हैदराबाद के विषय}}
[[श्रेणी:रंगारेड्डी ज़िले के नगर]]
[[श्रेणी:हैदराबाद में मुहल्ले]]
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यूसुफ ज़ज़ई
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}}
'''यूसुफ ज़ज़ई''' (जन्म 25 दिसंबर 1998) एक अफगान क्रिकेटर हैं।<ref name="Bio">{{Cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/player/776747.html |title=Yousuf Zazai |access-date=10 August 2017 |work=ESPN Cricinfo}}</ref> उन्होंने 10 अगस्त 2017 को 2017 गाजी अमानुल्लाह खान क्षेत्रीय एक दिवसीय टूर्नामेंट में बैंड-ए-अमीर क्षेत्र के लिए अपनी लिस्ट ए की शुरुआत की।<ref name="LA">{{cite web |url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1115759.html |title=1st Match, Ghazi Amanullah Khan Regional One Day Tournament at Khost, Aug 10, 2017 |access-date=10 August 2017 |work=ESPN Cricinfo}}</ref> उन्होंने 14 सितंबर 2017 को 2017 [[शापेजा क्रिकेट लीग]] में एमो शार्क के लिए अपना ट्वेंटी 20 पदार्पण किया।<ref name="T20">{{cite web |url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1120175.html |title=8th Match, Shpageeza Cricket League at Kabul, Sep 14 2017 |access-date=14 September 2017 |work=ESPN Cricinfo}}</ref>
दिसंबर 2017 में, उन्हें 2018 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के लिए अफगानिस्तान की टीम में नामित किया गया था।<ref name="AfghanistanU19">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/21701404/mujeeb-zadran-afghanistan-squad-19-world-cup |title=Mujeeb Zadran in Afghanistan squad for Under-19 World Cup |access-date=7 December 2017 |work=ESPN Cricinfo}}</ref>
उन्होंने 13 मार्च 2018 को 2018 अहमद शाह अब्दाली 4 दिवसीय टूर्नामेंट में बैंड-ए-अमीर क्षेत्र के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया।<ref name="FC">{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/1137696.html |title=9th Match, Alokozay Ahmad Shah Abdali 4-day Tournament at Khost, Mar 13-16 2018 |publisher=ESPN Cricinfo |access-date=16 March 2018}}</ref> सितंबर 2018 में, उन्हें [[अफगानिस्तान प्रीमियर लीग]] टूर्नामेंट के पहले संस्करण में पक्तिया के दस्ते में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/story/_/id/24639625/chris-gayle,-shahid-afridi,-andre-russell-icons-afghanistan-premier-league |title=Gayle, Afridi, Russell: icons in Afghanistan Premier League |work=ESPN Cricinfo |access-date=11 September 2018}}</ref> नवंबर 2019 में, उन्हें बांग्लादेश में 2019 एसीसी इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के लिए अफगानिस्तान की टीम में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.cricket.af/post/afghanistan-emerging-travels-to-bangladesh-for-asia-cup |title=Afghanistan Emerging travels to Bangladesh for Asia Cup |work=Afghanistan Cricket Board |access-date=12 November 2019 |archive-date=23 दिसंबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211223043405/https://cricket.af/post/afghanistan-emerging-travels-to-bangladesh-for-asia-cup |url-status=dead }}</ref>
जुलाई 2021 में, यूसुफ को पाकिस्तान के खिलाफ उनकी श्रृंखला के लिए अफगानिस्तान के [[एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय]] (वनडे) टीम में चार आरक्षित खिलाड़ियों में से एक के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/fazalhaq-farooqi-noor-ahmad-in-afghanistan-squad-for-their-first-bilateral-odi-series-against-pakistan-1270774 |title=Fazalhaq Farooqi, Noor Ahmad in Afghanistan squad for their first bilateral ODI series against Pakistan |work=ESPN Cricinfo |access-date=23 July 2021}}</ref>
==सन्दर्भ==
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एड असनेर
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AMAN KUMAR
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{{स्रोतहीन|date=दिसम्बर 2021}}
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'''एडी असनेर''' (जन्म 15 नवंबर, 1929 — 29 अगस्त, 2021) एक अमेरिकी [[अभिनेता]] हैं।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb name|0000799}}
[[श्रेणी:अमेरिकी फ़िल्म अभिनेता]]
[[श्रेणी:अमेरिकी टेलिविज़न अभिनेता]]
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उर्सुला कोरबेरो
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}}
'''उर्सुला कोरबेरो डेलगाडो''' (जन्म 11 अगस्त 1989) एक [[स्पेनी भाषा|स्पेनिश]] अभिनेत्री और मॉडल हैं।<ref>{{cite journal |url=https://www.revistalove.es/famoso/ursula-corbero/ |title=Úrsula Corberó|access-date=5 October 2018 |journal=[[Love (magazine)|Love]] |language=es |archive-url=https://web.archive.org/web/20201002181217/https://www.revistalove.es/famoso/ursula-corbero/ |archive-date=2 October 2020}}</ref><ref>{{cite journal |url=https://www.semana.es/famoso/ursula-corbero/ |title=Úrsula Corberó |access-date=5 October 2018 |journal=[[Semana]] |language=es}}</ref><ref>{{cite journal |url=https://www.lecturas.com/actualidad/ursula-corbero-explica-por-primera-dura-vida-madre-hermana_25319 |title=Úrsula Corberó explica por primera vez la dura vida de su madre y su hermana |trans-title=Úrsula Corberó explains for the first time the hard life of her mother and her sister |date=9 March 2017 |access-date=5 October 2018 |journal=Lecturas |language=es |archive-date=9 सितंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180909073629/https://www.lecturas.com/actualidad/ursula-corbero-explica-por-primera-dura-vida-madre-hermana_25319 |url-status=dead }}</ref> वह एंटेना 3 (बाद में, [[नेटफ्लिक्स]]) श्रृंखला [[मनी हाइस्ट]] में टोक्यो के रूप में अपनी भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं और उन्होंने सुपरहीरो फिल्म स्नेक आइज़ (2021) में हॉलीवुड में शुरुआत की।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb name|2216549}}
* {{Instagram|ursulolita}}
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{{Infobox person|name=एंटोनियो लुकिक|image=Lukich2.jpg|native_name=Антоніо Лукіч|native_name_lang=uk|birth_date=1992|birth_place=[[उझहोरोड]], [[जकारपट्टिया ओब्लास्ट]]|nationality=यूक्रेनी|education=[[कीव नेशनल आई. के. कारपेंको-करी थिएटर, सिनेमा और टेलीविजन विश्वविद्यालय]]|notable_works=मैनचेस्टर में बारिश हो रही थी,<br> [[माई थॉट्स आर साइलेंट]]|awards=[[यूक्रेन के मेधावी कलाकार]]<ref>{{cite web |title=УКАЗ ПРЕЗИДЕНТА УКРАЇНИ №254/2020 |url=https://www.president.gov.ua/documents/2542020-34277 |access-date=3 March 2021}}</ref>}}
[[श्रेणी:Articles with hCards]]
'''एंटोनियो''' '''लुकिक''' ( [[यूक्रेनी भाषा एवं साहित्य|यूक्रेनी]] : Антоніо укіч) एक यूक्रेनी फिल्म निर्माता है, जो पश्चिमी [[युक्रेन|यूक्रेन]] के उज़गोरोड में पैदा हुआ था। <ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.viennale.at/en/guest/antonio-lukich|title=Viennale|access-date=3 March 2021|archive-date=22 फ़रवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220222171121/https://www.viennale.at/en/guest/antonio-lukich|url-status=dead}}</ref> अपने पूरे करियर के दौरान, एंटोनियो ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करते हुए बहुत सफलता हासिल की है। ऐसा ही एक पुरस्कार यूक्रेन का मेरिटेड आर्टिस्ट है जिसे मार्च, 2021 में उन्हें सम्मानित किया गया था। यह राज्य मानद सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जो यूक्रेन देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और फिल्म और कला में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हैं।
== जीवनी ==
एंटोनियो का जन्म 1992 में उज़होरोड में हुआ था। <ref name="День">{{Cite web|url=https://day.kyiv.ua/uk/article/kultura/ya-dyvlyusya-na-te-yak-lyudy-movchat|title="Я дивлюся на те, як люди мовчать"|last=Дмитро Десятерик|publisher=Газета «День»}}</ref>
2011-2015 में, उन्होंने कारपेंको-करी कीव नेशनल यूनिवर्सिटी में अध्ययन किया और निर्देशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की (व्लादिमीर ओसेल्डचिक के साथ अध्ययन)।
2014 में रिलीज़ हुई एंटोनियो लुकिक की पहली फिल्म, "फिश ऑफ लेक बैकाल" ने [[पेरिस]] में सिनेरेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में "सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र पुरस्कार" जीता। <ref>{{Cite news|url=https://day.kyiv.ua/uk/article/kultura/ya-dyvlyusya-na-te-yak-lyudy-movchat|title="Я дивлюся на те, як люди мовчать"|last=Десятерик|first=Дмитро}}</ref> उनकी स्नातक फिल्म, ''मैनचेस्टर में बारिश हो रही'' थी, 2016 के ओडेसा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार जीता।
2019 में, उनकी पहली पूर्ण लंबाई वाली फीचर फिल्म " [[माई थॉट्स आर साइलेंट]] " रिलीज़ हुई थी।
== फिल्में ==
=== छात्र फिल्में ===
"क्या युवा होना आसान है?" (6 मिनट, वृत्तचित्र, 2011)
"हैलो बहन!" (16 मिनट, गेमिंग, 2012)
"बैकल झील की मछली" (22 मिनट, वृत्तचित्र, 2013)
"किम चचेरे भाई को किसने धोखा दिया?" (26 मिनट, मो., 2014)
"यह मैनचेस्टर में बरस रहा था" (2016) - ''2016'' ओडेसा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म।
=== टीवी ===
चैंबर्स के किंग्स (2019)
=== वेब सीरीज ===
सेक्स, इंस्टा और जेडएनओ (2020)
=== फीचर लंबाई ===
[[माई थॉट्स आर साइलेंट]] (2019) - ''2019'' कार्लोवी वेरी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ईस्ट ऑफ वेस्ट अवार्ड, <ref>{{Cite web|url=https://www.calvertjournal.com/articles/show/11901/new-ukrainan-cinema-arthouse-sundance-irina-tsilyk-nariman-aliev|title=Strange and beautiful: 4 new Ukrainian films you won't want to miss}}</ref> रेनडांस फिल्म फेस्टिवल में डिस्कवरी अवार्ड <ref>{{Cite web|url=https://www.film-news.co.uk/news/Underground/80721/Raindance-Film-Festival-announces-2020-winners|title=Raindance Film Festival announces 2020 winners}}</ref>
== पुरस्कार ==
* 2020 - यूक्रेन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार " [[गोल्डन डेज़ीगा|गोल्डन डिजीगा]] :" <ref>{{Cite web|url=https://uafilmacademy.org/news/peremozhtsem-u-nominatsiji-vidkrittja-roku-kinopremiji-zolota-dziga-stav-rezhiser-antonio-lukich.html|title=Переможцем у номінації "Відкриття року" Кінопремії "Золота Дзиґа" став режисер Антоніо Лукіч {{!}} Новини|website=Українська Кіноакадемія|language=uk|access-date=2020-12-22}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://wz.lviv.ua/article/411847-ukrainskyi-oskar-otrymav-film-moi-dumky-tykhi|title=Український "Оскар" отримав фільм "Мої думки тихі" — Високий Замок|last=Замок|first=Високий|date=2020-05-04|website=wz.lviv.ua|language=uk-ua|access-date=2020-12-22|archive-date=14 जनवरी 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210114035456/https://wz.lviv.ua/article/411847-ukrainskyi-oskar-otrymav-film-moi-dumky-tykhi|url-status=dead}}</ref>
** सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए
** सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए - एंटोनियो लुकिक और वेलेरिया कलचेंको
** ओपनिंग ऑफ द ईयर अवार्ड
* 2020 - यूक्रेनी प्रावदा पुरस्कार - वर्ष का कलाकार <ref>{{Cite web|url=https://www.pravda.com.ua/articles/2020/12/22/7277746/|title=Люди 2020-го. "Українська правда" нагороджує журналістів, волонтерів і митців року|last=|first=|date=22 December 2020|website=[[Українська правда]]|publisher=|language=|access-date=}}</ref>
== यह सभी देखें ==
* [[माई थॉट्स आर साइलेंट|मेरे विचार खामोश हैं]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:1992 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन
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श्री प्रेम सिंह (डीआईजी)
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'''Ex-Officio Members'''<br>
संयुक्त सचिव, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
संयुक्त सचिव, युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार
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}}
'''इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन ''' एक शीर्ष राष्ट्रीय निकाय है जो [[हिमालय]] की ऊंचाई पर पर्वतारोहण और रॉक क्लाइंबिंग अभियानों का आयोजन और समर्थन करता है। यह संगठन [[भारतीय हिमालय]] से संबंधित साहसिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण कार्यों के लिए योजनाओं को बढ़ावा और प्रोत्साहित करती है।<ref>{{cite web|url=http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/at-11-vaassangyaan-chaudhary-world-youngest-mountaineer-climb-ladakh-stok-kangri-peak-2849771/|title=At 11, Vaassangyaan Chaudhary is the world's youngest to climb Stok Kangri peak|date=13 June 2016 |work=[[The Indian Express]]|access-date=12 December 2017}}</ref><ref>{{cite web | url=http://www.arunachaltimes.in/all-women-mountaineering-team-scales-two-peaks/ | title=All women mountaineering team scales two peaks |work= Arunachal Times| date=27 October 2016 | access-date=13 December 2017 | location=[[Itanagar]]| archive-url=https://web.archive.org/web/20170202110456/http://www.arunachaltimes.in/all-women-mountaineering-team-scales-two-peaks/| archive-date= 2 February 2017 |url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/city/kolkata/2-from-Kolkata-turn-mountain-leaders-after-Alpine-course/articleshow/54023077.cms|title=2 from Kolkata turn mountain leaders after Alpine course |work= [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=12 December 2017}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.thebmc.co.uk/indian-mountaineering-federation-apex-newsletter-volume-3|title=What's new in the Indian Himalaya: May 2016 | author=Tony Ryan |date= 7 May 2016|website=Apex, the newsletter of the Indian Mountaineering Foundation| publisher=[[The British Mountaineering Council]] |access-date=12 December 2017}}</ref> आई एम एफ ने माउंट एवरेस्ट सहित हिमालय की अन्य ऊंची चोटियों पर कई अभियानों का आयोजन किया है।<ref>{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/1160611/jsp/odisha/story_90539.jsp|title=Odds even out on Everest|work=[[The Telegraph (Calcutta)|The Telegraph]]| authors=Jhinuk Mazumdar and Anwesha Ambaly|date= 11 June 2016|access-date=12 December 2017}}</ref>
==आई एम एफ का इतिहास ==
1953 में सर एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे द्वारा [[माउंट एवरेस्ट]] की पहली सफल चढ़ाई के बाद भारत में पर्वतारोहण के प्रति एक रुचि पैदा हुई जिसके कारण भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन की स्थापना हुई।<ref>{{cite web|url=https://www.himalayanclub.org/news/golden-jubilee-of-first-indian-ascent-of-mt-everest-1965-in-mumbai/|title=Golden Jubilee of First Indian Ascent of Mt Everest 1965|website=The Himalayan Club|access-date=12 December 2017|archive-date=2 फ़रवरी 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170202033913/https://www.himalayanclub.org/news/golden-jubilee-of-first-indian-ascent-of-mt-everest-1965-in-mumbai/|url-status=dead}}</ref> आई एम एफ का गठन 1957 में [[चो ओयू]] अभियान की प्रायोजक समिति के रूप में किया गया था। इस संस्था का पंजीकरण 3 नवंबर 1961 को की गई थी और नए भवन का उद्घाटन 1980 में [[इंदिरा गांधी]] ने किया था, जो भारत की तत्कालीन [[प्रधान मंत्री]] थीं। [7]<ref name="Origin and Objective"/>
==वैकल्पिक नाम==
संगठन ने 1959 में, अपना नाम '''एवरेस्ट अभियान प्रायोजक समिति''' में बदल दिया और इसके अगले वर्ष इसे '''पर्वतारोहण अभियानों प्रायोजक समिति''' में बदल दिया गया। 15 जनवरी 1961 को इसे भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के रूप में स्थापित किया गया था, जिसका मुख्यालय [[नई दिल्ली]], [[भारत]] में है<ref name="Origin and Objective">{{cite web | url=https://www.indmount.org/IMF/welcome | title=Origin and Objective | publisher=IMF | access-date=13 December 2017 | archive-date=13 दिसंबर 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20171213010512/https://www.indmount.org/IMF/welcome | url-status=dead }}</ref>
==आई एम एफ माउंटेन फिल्म फेस्टिवल==
'''आई एम एफ माउंटेन फिल्म फेस्टिवल''' इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन, भारत द्वारा आयोजित एक माउंटेन फिल्म फेस्टिवल है। यह प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम हिमालय में फिल्माई गई साहसिक फिल्मों को प्रदर्शित करता है<ref>{{cite web | url=https://indmount.org/FormAdmin/201609210733089918_IMF%20Mountain%20Movie%20Festival%202017.pdf | title=IMF Mountain Movie Festival 2017 | publisher=Indian Mountaineering Foundation | access-date=13 December 2017| archive-url=https://web.archive.org/web/20170215120857/https://indmount.org/FormAdmin/201609210733089918_IMF%20Mountain%20Movie%20Festival%202017.pdf| archive-date= 15 February 2017 |url-status=dead}}</ref> यह फिल्म समारोह भारत के नई दिल्ली, में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के परिसर में होता है।
इस महोत्सव का निर्देशन हिमालय पर्वतारोही कैप्टन मोहन सिंह कोहली के बेटे मनिंदर कोहली ने किया है, जो 1965 में एवरेस्ट के शिखर पर भारत के पहले अभियान के सदस्य थे। कैप्टन मोहन कोहली 1989 से भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के अध्यक्ष थे। 1993 तक<ref>{{cite web | url=http://www.dailypioneer.com/city/mountain-film-festival-imf-screens--33-short-adventure-sports-movies.html | title=Mountain Film Festival: IMF screens 33 short adventure sports movies | work=[[The Pioneer (India)|The Pioneer]] | date=13 February 2017 | access-date=13 December 2017 | author=Laleria, Tushar Kumar | location=New Delhi | archive-date=1 दिसंबर 2017 | archive-url=https://web.archive.org/web/20171201131418/http://www.dailypioneer.com/city/mountain-film-festival-imf-screens--33-short-adventure-sports-movies.html | url-status=dead }}</ref>
<gallery mode="packed" widths="230px" heights="260px">
Climbing Wall, Indian Mountaineering Federation center, New Delhi 1.jpg|नई दिल्ली में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन केंद्र में क्लाइम्बिंग वॉल
Climbing Wall, Indian Mountaineering Federation center, New Delhi.jpg|नई दिल्ली में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन केंद्र में क्लाइम्बिंग वॉल
Indian Mountaineering Foundation 1983 stamp of India.jpg|भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन की 25वीं वर्षगांठ को समर्पित 1983 की डाक टिकट
</gallery>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
* {{Official website|http://www.indmount.org}}
[[श्रेणी:दिल्ली के संस्थान]]
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इशिता गांगुली
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{{उल्लेखनीयता|Biography}}
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=Ishita Ganguly|image=Ishita Ganguly 2019.jpg|caption=2019 में गांगुली|birth_date=|birth_place=[[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल]], [[भारत]]|nationality=[[भारतीय]]|occupation={{hlist|[[अभिनेत्री]]}}|alma_mater=|known_for=|spouse=|yearsactive=2011–वर्तमान}}
[[श्रेणी:Articles with hCards]]
इशिता गांगुली एक भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हैं।
== करियर ==
गांगुली की पहली टेलीविजन श्रृंखला ''श्रीमती सिन्हा रॉय'' थी, जो सानंद टीवी पर एक [[बंगाली भाषा|बंगाली]] दैनिक धारावाहिक थी। इसके बाद वह कलर्स टीवी के 2014 के नाटक ''[[शास्त्री सिस्टर्स]]'' में दिखाई दीं जिसमें उन्होंने अनुष्का शास्त्री को विजयेंद्र कुमेरिया के साथ चित्रित किया, और प्रसिद्धि के लिए बढ़ी। <ref>{{Cite news|url=https://www.livehindustan.com/hindustan-city/story-shopping-in-delhi-is-very-appealing-say-ishita-ganguly-2998039.html|title=दिल्ली की शॉपिंग बहुत लुभाती है: इशिता गांगुली|date=2 February 2020|work=Hindustan|access-date=27 February 2020|language=hindi|archive-date=27 फ़रवरी 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200227172039/https://www.livehindustan.com/hindustan-city/story-shopping-in-delhi-is-very-appealing-say-ishita-ganguly-2998039.html|url-status=dead}}</ref> 2015 में, उन्होंने [[स्टार प्लस]] के ''[[तू मेरा हीरो]]'' में एक कैमियो भूमिका निभाई और [[एंड टीवी]] की डरावनी श्रृंखला ''[[डर सबको लगता है]]'' में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2016 में, गांगुली ने कलर्स टीवी के ''[[इश्क़ का रंग सफ़ेद|इश्क का रंग सफेद]]'' में [[मिशाल रहेजा]] और नव्या के साथ एपिसोडिक शो ''[[ये है आशिकी]]'' में कामिनी नेहरा की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने ''[[बाजीराव प्रथम|पेशवा बाजीराव]]'' में [[काशीबाई]] की भूमिकाएँ निभाईं, जिसके लिए उन्होंने घुड़सवारी और ''[[पृथ्वीवल्लभ - इतिहास भी, रहस्य भी|पृथ्वी वल्लभ - इतिहास भी, रहस्य भी]]'' में राजकुमारी अमरुशा की भूमिकाएँ निभाईं। <ref name="Ishita">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/hindi/ishita-ganguly-takes-up-horse-riding-for-peshwa-bajirao-role/articleshow/59238475.cms|title=Ishita Ganguly takes up Horse riding for Peshwa Bajirao role|date=20 June 2017|work=The Times of India|access-date=3 October 2020|language=en}}</ref>
2018 में, उन्होंने ''[[लाल इश्क (2018 टीवी श्रृंखला)|लाल इश्क]]'' में नित्या और कौन है में चंद्रलेखा / रायसा रस्तोगी की भूमिका निभाई ''?'' . उनकी अगली भूमिकाएँ ''विक्रम बेताल की रहस्य गाथा'', ''श्रीमद् भागवत महापुराण'' और ''[[जग जननी माँ वैष्णो देवी - कहानी माता रानी की]]'' में थीं। उन्हें ''[[राधा कृष्ण (धारावाहिक)|राधाकृष्ण]]'' में [[द्रौपदी]] के रूप में और ''[[विघ्नहर्ता गणेश]]'' में [[मनसा देवी|मनसा]] के रूप में भी देखा गया था। <ref name="Ishita Ganguly">{{Cite web|url=https://www.mid-day.com/articles/ishita-ganguly-feels-great-to-join-prithvi-vallabh/18866160|title=Ishita Ganguly Feels Great To Join 'Prithvi Vallabh'|date=28 December 2017|website=mid-day.com|access-date=28 December 2017|archive-date=29 अक्तूबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201029170442/https://www.mid-day.com/articles/ishita-ganguly-feels-great-to-join-prithvi-vallabh/18866160|url-status=dead}}</ref>
== टेलीविजन ==
{| class="wikitable sortable"
!साल
! प्रदर्शन
! भूमिका
|-
| 2011–2012
| ''श्रीमती सिन्हा रॉय''
| सरस्वती मंडल सिंघा रॉय
|-
| 2012
| ''भाषा''
|<nowiki> </nowiki>रिया
|-
| 2013
| ''अन्नपूर्णा'' ( ईटीवी बांग्ला धारावाहिक)
| अन्नपूर्णा
|-
| rowspan="2" | 2015
| ''[[तू मेरा हीरो]]''
| जूही
|-
| ''[[डर सबको लगता है]]''
| एना
|-
| rowspan="2" | 2016
| ''[[इश्क़ का रंग सफ़ेद|इश्क का रंग सफेद]]''
| कामिनी नेहरा
|-
| ''[[ये है आशिकी]]''
| नव्या
|-
| 2016-2017
| ''यारो का टशनी''
| मिन्टी
|-
| 2017
| ''पेशवा बाजीराव''
| [[काशीबाई]]
|-
| rowspan="3" | 2018
| ''[[पृथ्वीवल्लभ - इतिहास भी, रहस्य भी|पृथ्वी वल्लभ - इतिहास भी, रहस्य भी]]''
| राजकुमारी अमरुशा
|-
| ''[[लाल इश्क (2018 टीवी श्रृंखला)|लाल इश्क]]''
| नित्य
|-
| ''कौन है?''
| चंद्रलेखा / रायसा रस्तोगी
|-
| 2018-19
| ''विक्रम बेताल की रहस्य गाथा''
| महारानी पद्मिनी
|-
| 2019
| ''[[लाल इश्क (2018 टीवी श्रृंखला)|लाल इश्क]]'' <ref>{{Cite news|url=https://www.outlookindia.com/newsscroll/ishita-ganguly-joins-cast-of-supernatural-show-laal-ishq/1640388|title=Ishita Ganguly joins cast of supernatural show ''Laal Ishq''|date=14 October 2019|work=Outlook|access-date=31 January 2020}}</ref>
| डॉ. अर्शी
|-
| 2019-2020
| ''श्रीमद्भागवत महापुराण'' <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/tv/news/tamil/srimath-bhagawatham-to-feature-divine-discourse-by-the-lord-krishna/articleshow/71150797.cms|title=Srimath Bhagawatham to feature divine discourse by the Lord Krishna|date=16 September 2019|work=The Times of India|access-date=31 January 2020|language=en}}</ref>
| [[पार्वती]]
|-
| 2019-2020
| ''[[जग जननी माँ वैष्णो देवी - कहानी माता रानी की]]''
| [[पार्वती]]
|-
| 2020
| ''[[राधा कृष्ण (धारावाहिक)|राधाकृष्ण]]''
| [[द्रौपदी]]
|-
| 2020–2021
| ''[[विघ्नहर्ता गणेश]]''
| [[मनसा देवी|मनसा]]
|-
| 2022
| ''घर एक मंदिर - कृपा अग्रसेन महाराज का''
| संध्या गुप्ता
|-
| 2022
| ''निर्मल पाठक की घर वापसी''
| गीतांजलि
|-
| 2022
| ''परशुराम''
| [[पार्वती]]
|-
| 2022
| ''[[शुभ शगुन]]''
| नैना
|-
|}
== फिल्मोग्राफी ==
* 2017 ''[[मेरी प्यारी बिंदु]]'' विशेष उपस्थिति के रूप में, [[आयुष्मान खुराना]] और [[परिणीति चोपड़ा]] मुख्य भूमिका में थे।
* 2019 ''रेस्क्यू'' ऐज मीरा, नयन पचोरी द्वारा निर्देशित
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
* {{IMDb name|nm9279339}}
* {{इंस्टाग्राम|ishita.gangopadhyay2012}}
[[श्रेणी:जन्म वर्ष अज्ञात (जीवित लोग)]]
[[श्रेणी:भारतीय टेलीविज़न अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:२१वीं सदी की भारतीय अभिनेत्रियाँ]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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ईस्टर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट
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text/x-wiki
{{Infobox university
|name = ईस्टर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट, कोलकाता
|other_names = ईआईआईएलएम-कोलकाता
|image = [[File : EIILM Kolkata.PNG]]
|established = {{Start date and age|df=yes|1995}}
|academic_affiliation = [[विद्यासागर विश्वविद्यालय]] <br> [[रायगंज विश्वविद्यालय]] <br> [[पश्चिम बंगाल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय|मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]]<ref>{{cite web |title=मौलाना अबुल कलाम आज़ाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल के तहत संबद्ध कॉलेजों की सूची |url=https://makautwb.ac.in/page.php?id=363}}</ref><ref>{{cite web |title=संबद्ध संस्थान - रायगंज विश्वविद्यालय |url=https://raiganjuniversity.ac.in/affiliated-institution/}}</ref><ref>{{cite web |title=संबद्ध संस्थान - विद्यासागर विश्वविद्यालय |url=http://www.vidyasagar.ac.in/academics/CollegeDetails.aspx?college=90 |access-date=14 नवंबर 2022 |archive-date=14 नवंबर 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221114191508/http://www.vidyasagar.ac.in/academics/CollegeDetails.aspx?college=90 |url-status=dead }}</ref>
|chairman = डॉ आरपी बनर्जी
|city = [[कोलकाता]]
|state = [[पश्चिम बंगाल]]
|country = [[भारत]]
|website = {{URL| http://www.eiilm.co.in/}}
}}
'''ईस्टर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट''' या '''ईआईआईएलएम-कोलकाता''', भारत में एक शिक्षा संस्थान है। इसकी स्थापना 1995 में हुई थी और यह [[विद्यासागर विश्वविद्यालय]], [[रायगंज विश्वविद्यालय]] और [[पश्चिम बंगाल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय|मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]] से संबद्ध है।<ref>{{cite web |title=ईआईआईएलएम-कोलकाता ने बैंकॉक में 'ट्रांस एशियन मार्केटिंग कॉन्क्लेव' का आयोजन किया |url=https://www.telegraphindia.com/edugraph/campus/eiilm-kolkata-organises-trans-asian-marketing-conclave-in-bangkok/cid/1893221}}</ref><ref>{{cite web |title=पुस्तक मेले में आरपी बनर्जी द्वारा तनाव प्रबंधन पर एक पुस्तक का विमोचन किया गया |url=https://www.telegraphindia.com/edugraph/news/a-book-on-stress-management-by-r-p-banerjee-launched-at-book-fair/cid/1856553}}</ref><ref>{{cite web |title=बैंकॉक में ईआईआईएलएम-कोलकाता ने ट्रांस-एशियन मार्केटिंग कॉन्क्लेव में 7 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों को शामिल किया |url=https://www.telegraphindia.com/edugraph/campus/delegates-from-7-nations-in-trans-asian-marketing-conclave-organised-by-eiilm-kolkata-in-bangkok/cid/1897566}}</ref>
ईआईआईएलएम-कोलकाता मिंगदाओ विश्वविद्यालय (ताइवान), राजमंगला प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (थाईलैंड), पथुमथानी विश्वविद्यालय (थाईलैंड), और 16 अन्य इंडोनेशियाई विश्वविद्यालयों के साथ भी भागीदार है।<ref>{{cite web |title=ईआईआईएलएम-कोलकाता ने इंडोनेशिया के 16 विश्वविद्यालयों के साथ समझौता किया है |url=https://www.telegraphindia.com/edugraph/news/eiilm-kolkata-ties-up-with-16-universities-of-indonesia/cid/1862560}}</ref><ref>{{cite web |title=ईआईआईएलएम-कोलकाता ने 16 इंडोनेशियाई विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए |url=https://www.anandabazar.com/west-bengal/eiilm-kolkata-strengthens-its-international-reach-signs-mou-with-16-indonesian-universities-dgtl/cid/1340769}}</ref>
2019 में, द डन एंड ब्रैडस्ट्रीट कॉर्पोरेशन ने इसे भारत के अग्रणी बिजनेस स्कूलों में से एक कहा।<ref>{{cite web |title=भारत के अग्रणी बिजनेस स्कूल |url=https://www.dnb.co.in/files/pdf/Leading%20Business%20Schools%20of%20India%202019.pdf}}</ref> ईआईआईएलएम-कोलकाता ने एफसी बायर्न म्यूनिख क्लब की ऑल-स्टार्स टीम और ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब के पूर्व खिलाड़ियों के बीच चैरिटी मैच का भी आयोजन किया।<ref>{{cite web |title=बेयर्न ऑल स्टार्स संभालने के लिए बहुत गर्म - जर्मन दिग्गजों ने ईस्ट बंगाल ऑल स्टार्स को 10-3 से हराया |url=https://www.telegraphindia.com/sports/bayern-all-stars-too-hot-to-handle-german-veterans-thrash-east-bengal-all-stars-10-3/cid/468733}}</ref><ref>{{cite web |title=FCB ऑल स्टार्स इन इंडिया फॉर अ गुड कॉज |url=https://fcbayern.com/en/news/2010/11/fcb-all-stars-in-india-for-a-good-cause}}</ref> यह प्रतिवर्ष अपाव्रीनु-वयम नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है।<ref>{{cite web |title=नृत्य, संगीत और फैशन शो ईआईआईएलएम-कोलकात के अकादमिक-सांस्कृतिक उत्सव को चिह्नित करते हैं |url=https://www.telegraphindia.com/my-kolkata/events/dance-music-and-fashion-show-mark-eiilms-academio-cultural-fest-photogallery/cid/1889861}}</ref>
==पाठ्यक्रम==
संस्थान विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रम प्रदान करता है:
*एमबीए
*बीबीए
*अस्पताल प्रबंधन में बीबीए
*होटल और आतिथ्य प्रबंधन में बीबीए
*बी.एससी. मीडिया प्रबंधन में
*बीसीए
*बिजनेस एनालिटिक्स में बीबीए
*पीएच.डी. यूजीसी के मानदंडों के अनुसार
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:पश्चिम बंगाल के शिक्षण संस्थान]]
[[श्रेणी:कोलकाता के कॉलेज]]
koi4wvcet3xj50khf1732zkh3ekkk4o
उन्नी मुकुंदन
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text/x-wiki
{{Infobox person|name=उन्नीकृष्णन मुकुंदन|image=उन्नीकृष्णन मुकुंदन
जन्म उन्नीकृष्णन मुकुंदन
22 सितम्बर 1987 (आयु 37)
त्रिशूर, केरल, भारत
पेशा
अभिनेतागायकनिर्माता
कार्यकाल 2011 – वर्तमान
माता-पिता
मुकुंदन नायर
रोजी मुकु|caption=|other_names=|birth_name=उन्नीकृष्णन मुकुंदन|birth_date={{birth date and age|df=yes|1987|09|22}}|birth_place=[[त्रिशूर]], [[केरल]], भारत<ref>{{Cite web|url=https://www.timesofindia.com/topic/Unni-Mukundan |title=Unni Mukundan|website=Times of India|access-date=2019-06-19}}</ref>|nationality=|occupation={{hlist|अभिनेता|गायक|निर्माता}}|years_active=2011 {{ndash}} वर्तमान|parents={{ubl|मुकुंदन नायर|रोजी मुकुंदन}}|website={{url|https://unnimukundan.com}}}}'''उन्नीकृष्णन मुकुंदन नायर''' (जन्म 22 सितंबर 1987), जिन्हें आमतौर पर '''उन्नी मुकुंदन''' के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्य रूप से [[मलयाली सिनेमा|मलयालम सिनेमा]] में काम करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.khaleejtimes.com/wknd/entertainment/unni-mukundan-talent-luck-and-destiny-go-hand-in-han|title=Unni Mukundan: Talent, luck and destiny go hand in hand|last=Nair|first=Deepthi|website=Khaleej Times|access-date=22 November 2022|archive-date=4 फ़रवरी 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240204054445/https://www.khaleejtimes.com/city-times/unni-mukundan-talent-luck-and-destiny-go-hand-in-hand|url-status=dead}}</ref> उन्होंने कुछ [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु]] और [[कॉलीवुड|तमिल]] फिल्मों में भी काम किया है।
उन्नी मुकुंदन ने अपने अभिनय की शुरुआत [[कॉलीवुड|तमिल फिल्म]] ''[[सीडन]]'' (2011) से की, जो ''[[नंदनम (फिल्म)|नंदनम]]'' (2002) की रीमेक थी। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/happy-birthday-unni-mukundan-12-fun-facts-about-mallu-sallu-regional-cinema-latest-news-1474525661.html|title=Happy Birthday Unni Mukundan : 12 fun facts about 'Mallu Sallu'|last=Nair|first=Sree Prasad|date=22 September 2016|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623082116/http://www.catchnews.com/regional-cinema/happy-birthday-unni-mukundan-12-fun-facts-about-mallu-sallu-regional-cinema-latest-news-1474525661.html|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> 23 साल की उम्र में, कई छोटी भूमिकाएँ निभाने के बाद, उन्नी को [[विइसाख|वैसाख]] की एक्शन कॉमेडी ''[[मल्लू सिंह]]'' (2012) में मुख्य भूमिका के साथ [[निर्णायक भूमिका|सफलता मिली]] । <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/I-dont-mind-being-a-replacement-actor-Unni-Mukundan/articleshow/38614267.cms|title=I don't mind being a 'replacement' actor: Unni Mukundan – Times of India|last=Karthikeyan|first=Shruti|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=22 November 2022}}</ref> बाद में, उन्होंने ''[[विक्रमादित्यन]]'' (2014), ''[[केएल 10 पथु]]'' (2015), ''[[शैली (2016 फिल्म)|स्टाइल]]'' (2016), ''[[ओरु मुराई वंथु पार्थया (फिल्म)|ओरु मुराई वंथु पार्थया]]'' (2016) और ''[[आचार्यों|अचयन]]'' (2017) जैसी व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों सहित कई मलयालम फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/with-oru-murai-vanthu-parthaya-unni-mukundan-delivers-hat-trick-after-kl-10-and-style-unni-mukundan-success-news-1468569501.html|title=With Oru Murai Vanthu Parthaya, Unni Mukundan delivers hat-trick after KL 10 and Style|last=Nair|first=Sree Prasad|date=15 July 2016|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20161022212032/http://www.catchnews.com/regional-cinema/with-oru-murai-vanthu-parthaya-unni-mukundan-delivers-hat-trick-after-kl-10-and-style-unni-mukundan-success-news-1468569501.html|archive-date=22 October 2016|access-date=30 April 2020}}</ref> उन्होंने 2016 की फिल्म ''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]'' के साथ अपनी [[तेलुगू सिनेमा|तेलुगु फिल्म]] की शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/Mohanlal-suggested-Unni-Mukundan/articleshow/50772637.cms|title='Mohanlal suggested Unni Mukundan'|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
उन्नी मुकुंदन ने ''[[आचार्यों]]'' के साथ गीतकार और गायक के रूप में अपनी शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-turns-lyricist-and-singer-for-achayans/articleshow/56872497.cms|title=Unni Mukundan turns lyricist and singer for Achayans|last=George|first=Anjana|work=The Times of India|access-date=22 November 2022|language=en}}</ref> उन्होंने मोटर वाहन विभाग के विज्ञापनों में आकर सड़क सुरक्षा उपायों को भी प्रायोजित किया है। <ref>{{Citation|last=ssgcell|title=ROAD SAFETY {{!}} AWARENESS FILM {{!}} USE DIM LIGHT AT NIGHT|date=29 June 2017|url=https://www.youtube.com/watch?v=Px8TccZmhIA&app=desktop|access-date=22 November 2022}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
उन्नी मुकुंदन का जन्म 22 सितंबर 1987 को [[मलयाली]] माता-पिता मुकुंदन नायर और रोजी मुकुंदन के घर हुआ था। उन्होंने अपना स्कूल अहमदाबाद के प्रगति हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरा किया। उन्होंने प्रज्योति निकेतन कॉलेज, पुदुकाड ( [[त्रिस्सूर|त्रिशूर]] ) से अंग्रेजी साहित्य और पत्रकारिता में स्नातक किया है। <ref>{{Cite web|url=https://topmovierankings.com/malayalam-actor/unni-mukundan|title=Unni Mukundan malayalam actor Profile, Films, News, Vide|website=www.topmovierankings.com|access-date=22 November 2022|archive-date=22 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221122165129/https://topmovierankings.com/malayalam-actor/unni-mukundan|url-status=dead}}</ref> उनका पालन-पोषण [[अहमदाबाद]], [[गुजरात]] में हुआ। <ref>{{Cite web|url=https://www.filmfare.com//interviews/filmfare-exclusive-muscle-aliyan-unni-mukundan-talks-about-films-family-and-fitness-27617.html|title=Filmfare Exclusive! Muscle Aliyan, Unni Mukundan, talks about films, family and fitness|last=Deshmukh|first=Ashwini|date=2 April 2018|website=filmfare.com|access-date=22 November 2022}}</ref> अपने शुरुआती दिनों में, वह मोटिफ के साथ काम करते थे, जिसे अब [[Ttec|टीटीईसी]] के नाम से जाना जाता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.manoramaonline.com/homestyle/spot-light/2017/06/10/unni-mukundan-house.html|title=Unni Mukundan House|date=12 June 2017|access-date=22 November 2022}}</ref>
== आजीविका ==
'''<big>शुरुआत और प्रारंभिक सफलता (2011-2013)</big>'''
2011 में, उन्नी ने [[तमिल भाषा|तमिल]] फिल्म ''[[सीडन]]'' से अपनी फिल्म की शुरुआत की, जो मलयालम फिल्म ''[[नंदनम (फिल्म)|नंदनम]]'' की रीमेक थी। <ref>{{Cite web|url=https://archives.mathrubhumi.com/news/india/17yearold-was-stalked-and-murdered-in-up-1.2157626|title=കൊതിച്ചതും വിധിച്ചതും, Interview – Mathrubhumi Movies|date=11 August 2017|website=mathrubhumi.com|language=ta|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्नी ने [[बाबू जनार्दन]] द्वारा निर्देशित [[मामूट्टी|ममूटी]] के साथ 12 मार्च <ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/report/review-bombay-march/20110701.htm|title=Review: Bombay March 12 is hard-hitting|last=Palicha|first=Paresh C|date=1 July 2011|website=[[रीडिफ.कॉम]]|access-date=22 November 2022}}</ref> को ''[[बंबई 12 मार्च|बॉम्बे]]'' के माध्यम से मलयालम फिल्म उद्योग में प्रवेश किया। ''[[बंबई 12 मार्च|बॉम्बे 12 मार्च]]'' में उनके प्रदर्शन के लिए, उन्हें [[साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवार्ड्स|SIIMA]], [[एशियानेट फिल्म अवार्ड्स]], [[एशियाविजन पुरस्कार|एशियाविज़न]], [[जयहिंद टीवी]], [[अमृता टीवी]] और [[वनिता फिल्म पुरस्कार|वनिता फिल्म अवार्ड्स]] द्वारा सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक घोषित किया गया। उन्होंने [[टी॰ के॰ राजीव कुमार|टीके राजीव कुमार]] द्वारा निर्देशित ''[[थलसमायम ओरु पेनकुट्टी|थलसामयम ओरु पेनकुट्टी]]'' में सहायक भूमिका निभाई। <ref>{{Cite news|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-11-01/news-interviews/30345297_1_risks-great-expectations-film|title=Unni Mukundan is determined to make it big|last=Sidhardhan|first=Sanjith|date=1 November 2011|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=8 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20130827022154/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-11-01/news-interviews/30345297_1_risks-great-expectations-film|archive-date=27 August 2013}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2011/oct/12/game-to-fame-unni-mukundan-299339.html|title=Game to fame: Unni Mukundan|last=Sudhish|first=Navamy|date=13 October 2011|work=[[द न्यू इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=http://www.cityjournal.in/Newspaper/20111001/Cinema/Cinema_2.html|title=Unni Mukundan in Talsamayam Oru Pattikutti|date=1 October 2011|work=[[City Journal (Thrissur)|City Journal]]|access-date=8 November 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20120609081800/http://www.cityjournal.in/Newspaper/20111001/Cinema/Cinema_2.html|archive-date=9 June 2012}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://quintdaily.com/2017/08/clint-malayalam-movie-review-clint-movie-rating-3-out-of-5-news-public-talk/|title=Clint Malayalam movie Review, Clint Movie Rating (3/5) News – Public Talk – QuintDaily|last=Gomez|first=Selena|date=11 August 2017|access-date=22 November 2022}}</ref>
उन्नी को अपना टर्निंग पॉइंट [[वैशाख]] द्वारा निर्देशित फिल्म ''[[मल्लू सिंह]]'' (2012) से मिला। फिल्म बहुत हिट हुई और 100 दिनों से अधिक चली। <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-cinemaplus/on-cloud-nine/article3822501.ece|title=On cloud nine|date=26 August 2012|work=The Hindu|access-date=6 June 2019|issn=0971-751X}}</ref> उन्होंने ''[[Theevram|थेवराम]]'' और ''[[मुख्य सूची|द हिटलिस्ट]]'' फिल्मों में कैमियो प्रदर्शन किया। उसी वर्ष, वह [[बी. उन्नीकृष्णन|बी उन्नीकृष्णन]] द्वारा निर्देशित ''एज़म'' ''सूर्यन'' और [[मैं मुझे प्यार करता हूँ (फिल्म)|''आई लव मी'']] में दिखाई दिए। <ref>{{Cite web|url=https://www.cinebee.in/ezham-suryan-movie-rating-critics-review/score/5903430568640512|title=Ezham Suryan Malayalam Movie Review {{!}} Critics Review {{!}} CineBee App|website=CineBee|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623084357/https://www.cinebee.in/ezham-suryan-movie-rating-critics-review/score/5903430568640512|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/i-love-me-imagegallery-malayalam-mmsleRbhhejsi.html|title=I Love Me|website=Sify|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623114423/http://www.sify.com/movies/i-love-me-imagegallery-malayalam-mmsleRbhhejsi.html|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref> उनके एक्शन दृश्यों को दर्शकों ने खूब सराहा।
2013 में वे [[एम. पद्मकुमार]] द्वारा निर्देशित [[इथु पथिरामनल|''इथू'' ''पथिरमनल'']] और ''[[उड़ीसा (फिल्म)|उड़ीसा]]'' में दिखाई दिए। <ref>{{Cite news|url=https://www.dailypioneer.com/2013/state-editions/malayalam-film-orissa-to-be-released-in-raja-festival.html|title=Malayalam film 'Orissa' to be released in Raja festival|date=28 May 2013|work=The Pioneer|access-date=22 November 2022|archive-date=7 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607091409/https://www.dailypioneer.com/2013/state-editions/malayalam-film-orissa-to-be-released-in-raja-festival.html|url-status=dead}}</ref> इसके अलावा उन्हें ''[[डी कंपनी (फिल्म)|डी कंपनी]]'' में तीन स्वतंत्र रूप से शूट की गई [[एक्शन फिल्म|एक्शन फिल्मों]] के एंथोलॉजी में देखा गया था। <ref>{{Cite web|url=https://www.indiaglitz.com/d-company-review-malayalam-movie-17945|title=D Company review. D Company Malayalam movie review, story, rating|website=IndiaGlitz|access-date=22 November 2022|archive-date=23 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623084356/https://www.indiaglitz.com/d-company-review-malayalam-movie-17945|url-status=dead}}</ref>
== ब्रेकथ्रू (2014-वर्तमान) ==
2014 में, वे विनिल द्वारा निर्देशित ''[[द लास्ट सपर (2014 फिल्म)|द लास्ट सपर]]'' में दिखाई दिए, जो फ्लॉप रही। लेकिन उसी वर्ष, उन्होंने [[लाल जोस]] द्वारा निर्देशित सुपरहिट फिल्म ''[[विक्रमादित्यन]]'' में [[दुलकर सलमान|दुलारे सलमान]] के साथ एक मुख्य भूमिका निभाकर वापसी की। <ref>{{Cite news|url=https://www.ibtimes.co.in/vikramadithyan-box-office-earns-3-10-crore-3-days-kerala-all-set-make-it-big-this-festive-605523|title='Vikramadithyan' Box Office: Earns ₹3.10 Crore in 3 Days in Kerala, All Set to Make it Big this Festive Season|last=V.P.|first=Nicy|date=28 July 2014|work=International Business Times, India Edition|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2015/lal-jose-saved-my-career-unni-mukundan-190889.html|title=Lal Jose Saved My Career: Unni Mukundan|last=Menon|first=Akhila|date=2015-07-16|website=FilmiBeat|access-date=22 November 2022}}</ref> इबटाइम्स के एक आलोचक ने लिखा, "उन्नी मुकुंदन ने इस लाल जोस निर्देशन के साथ भारी वापसी की है। उन्होंने अपने चरित्र को विक्रमण के रूप में अच्छी तरह से नियंत्रित भावनाओं और यथार्थवादी दृष्टिकोण वाले एक युवा व्यक्ति के रूप में चित्रित किया। <ref>{{Cite news|url=https://www.ibtimes.co.in/vikramadithyan-review-well-crafted-entertainer-lal-jose-605340|title='Vikramadithyan' Review: Well Crafted Entertainer from Lal Jose|last=V.P.|first=Nicy|date=25 July 2014|work=International Business Times, India Edition|access-date=22 November 2022|language=en}}</ref>
2015 में, उन्हें [[दीपू करुणाकरन]] द्वारा निर्देशित [[मामूट्टी|मम्मूटी]] स्टारर ''[[फायरमैन (फिल्म)|फायरमैन]]'' में सहायक भूमिका में देखा गया था। <ref>{{Cite news|url=https://www.news18.com/news/movies/fireman-trailer-mammootty-and-unni-mukundan-play-the-two-conscientious-men-in-red-hats-964439.html|title='Fireman' trailer: Mammootty and Unni Mukundan play the two conscientious men in red hats|date=29 January 2015|work=News18|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष, उन्होंने फिल्म ''[[साम्राज्यम II: सिकंदर का बेटा|सम्राज्यम II: सन ऑफ़ अलेक्जेंडर]]'' में जॉर्डन के रूप में मुख्य भूमिका निभाई, सिकंदर का बेटा जो प्रीक्वल में नायक था। <ref>{{Cite web|url=https://www.nowrunning.com/movie/11043/malayalam/samrajyam-2-son-of-alexander/index.htm|title=Samrajyam 2 – Son of Alexander (2015) – Samrajyam 2 – Son of Alexander Malayalam Movie|website=NOWRUNNING|access-date=22 November 2022}}</ref> उनकी अगली रिलीज़ ''[[केएल 10 पथु|केएल 10 पट्टू]]'' थी, जिसे नवोदित [[मुहसिन परारी|मुहसिन]] परारी ने लिखा और निर्देशित किया था। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/kl-10-pathu/movie-review/48145433.cms|title=KL 10 Pathu Movie Review {3/5}: Critic Review of KL 10 Pathu by Times of India|work=Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2016 में, उन्होंने एक्शन थ्रिलर मूवी ''[[शैली (2016 फिल्म)|स्टाइल]]'' की, जो एक अच्छी कमर्शियल एंटरटेनर साबित हुई। <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/movie-reviews/style-review-unni-mukundan-tovino-priyanka-kandwal-malayalam-movie-by-binu.html|title='Style' review: Determination drives|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> उसके बाद उन्हें समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म ''[[कट्टुम मझायुम|काट्टम मझायुम]]'' और फंतासी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ''[[ओरु मुराई वंथु पार्थया (फिल्म)|ओरु मुराई वंथु पार्थया]] में देखा गया।'' <ref>{{Cite web|url=http://onlookersmedia.in/reviews/oru-murai-vanthu-parthaya-review/|title=Oru Murai Vanthu Parthaya Review-Rating-Report|date=27 May 2016|website=onlookersmedia|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्होंने सत्यम ( [[मोहनलाल (अभिनेता)|मोहनलाल]] ) के बेटे राघव के रूप में एक विरोधी भूमिका में फिल्म ''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]'' के साथ टॉलीवुड की शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/regional/actor-unni-mukundan-to-play-the-baddie-in-jr-ntr-starrer-janatha-garage/|title=Actor Unni Mukundan to play the baddie in Jr. NTR-starrer 'Janatha Garage'|date=29 January 2016|work=The Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> फिल्म व्यावसायिक सफलता और समीक्षकों द्वारा प्रशंसित दोनों थी। यह साल की [[सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्में|सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगू फिल्म]] थी। <ref>{{Cite magazine}}</ref>
2017 की फिल्म ''[[आचार्यों|अचयन्स]]'' में, उन्होंने एक गीतकार और गायक के रूप में अपनी शुरुआत की। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/music/unni-mukundans-song-from-achayans-to-be-out-on-march-25/articleshow/57805810.cms|title=Unni Mukundan's song from 'Achayans' to be out on March 25 – Times of India|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/interview/2017/05/14/unni-mukundan-movies-fitness-chat.html|title=When Unni Mukundan worked hard to drop his six-pack look|date=15 May 2017|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> उन्होंने फिल्म में [[जयराम]] और [[आदिल इब्राहिम]] के साथ मुख्य भूमिका निभाई और यह व्यावसायिक रूप से सफल रही। <ref>{{Cite web|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2017/achayans-box-office-12-days-kerala-collections-262225.html|title=Achayans Box Office: 12 Days Kerala Collections!|date=1 June 2017|website=filmibeat|language=en|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष, उन्हें [[आसिफ़ अली|आसिफ अली]] के साथ एक और मल्टी हीरो फिल्म [[अवारुदे रावुकल|''अवरुदे'' ''रावुकल'']] में देखा गया, जिसे मिश्रित समीक्षाएं मिलीं। <ref>{{Citation|title=Avarude Ravukal Movie Review {2.5/5}: Critic Review of Avarude Ravukal by Times of India|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/avarude-ravukal/movie-review/59298777.cms|access-date=22 November 2022}}</ref> उसी वर्ष अगस्त में निर्देशक [[हरिकुमार (निदेशक)|हरिकुमार]] के साथ ''[[क्लिंट (फिल्म)|क्लिंट]]'' को रिलीज़ किया गया था, जिसमें उन्होंने [[एडमंड थॉमस क्लिंट]] के पिता जोसेफ की भूमिका निभाई थी, जो एक [[असाधारण-प्रतिभाशाली शिशु|विलक्षण बालक था]], जिसे सात साल के अपने छोटे से जीवन के दौरान 25,000 से अधिक पेंटिंग बनाने के लिए जाना जाता था। उन्हें फिल्म में 35 वर्षीय और 73 वर्षीय व्यक्ति के रूप में दो अलग-अलग रूपों में देखा गया था। <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2017/jul/28/unnis-makeover-for-clint-1634539.html|title=Unni's makeover for Clint|date=28 July 2017|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का रामू करियात मूवी अवार्ड मिला। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/ramu-kariat-movie-awards-unni-mukundan-bags-his-first-best-actor-award-for-clint-93446.html|title=Ramu Kariat Movie Awards: Unni Mukundan bags his first best actor award for Clint|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607172901/http://www.catchnews.com/regional-cinema/ramu-kariat-movie-awards-unni-mukundan-bags-his-first-best-actor-award-for-clint-93446.html|archive-date=7 June 2019|access-date=7 June 2019}}</ref> 2017 की उनकी आखिरी रिलीज़ [[मामूट्टी|मम्मूटी]] स्टारर ''[[कृति (2017 फिल्म)|मास्टरपीस]]'' थी जिसमें उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई थी और [[थारंगम (2017 फिल्म)|''थारंगम'']] जिसमें उन्होंने एक विस्तारित कैमियो निभाया था। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundans-look-in-masterpiece-says-a-lot-more-about-john-thekkan/articleshow/61604182.cms|title=Unni Mukundan's look in 'Masterpiece' says a lot more about John Thekkan|last=Soman|first=Deepa|date=11 November 2017|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2018 में, उन्होंने [[अनुष्का शेट्टी]] के साथ तमिल-तेलुगु द्विभाषी फिल्म ''[[भैगमाती|भागमथी]]'' की, जो व्यावसायिक रूप से सफल रही और समीक्षकों द्वारा प्रशंसित रही। <ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/bhaagamathie-anushka-shetty-unni-mukundan-starrer-emerges-the-first-super-hit-of-2018-97609.html|title=Bhaagamathie: Anushka Shetty, Unni Mukundan starrer emerges the first super hit of 2018|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190607174132/http://www.catchnews.com/regional-cinema/bhaagamathie-anushka-shetty-unni-mukundan-starrer-emerges-the-first-super-hit-of-2018-97609.html|archive-date=7 June 2019|access-date=7 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/posts/index/Cinema/2017-01-30/Unni-Mukundan-is-a-big-fan-of-Anushka/276816|title=Unni Mukundan is a big fan of Anushka|last=Adivi|first=Sashidhar|date=30 January 2017|website=www.thehansindia.com|access-date=22 November 2022}}</ref> उनकी अगली रिलीज़ दो थ्रिलर फिल्में [[इरा (फिल्म)|''इरा'']] और [[चाणक्य थंथराम|''चाणक्यनाथम'']] थीं। <ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/entertainment-news/2018/04/19/cross-dressed-unni-mukundan-meets-parents-at-chanakyathanthram-s.html|title=Cross-dressed Unni Mukundan meets parents at 'Chanakyathanthram' site|website=OnManorama|access-date=22 November 2022}}</ref> दोनों फिल्मों को सकारात्मक समीक्षा मिली और व्यावसायिक रूप से सफल रही। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movie-reviews/chanakyathantram/movie-review/64014697.cms|title=Chanakya Thanthram Review {3/5}: A suspense thriller, which is also a leisurely watch. If you are an Unni Mukundan fan, this film is for you.|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
2019 की उनकी पहली रिलीज़ [[हनीफ अदेनी|हनीफ अदनी]] ''[[माइकल (फिल्म)|की]]'' माइकल <ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/grand-sets-erected-final-schedule-mammootty-s-maamaankam-101989|title=Grand sets erected final schedule of Mammoottys maamaankam|date=18 May 2019|website=thenewsminute|access-date=22 November 2022}}</ref>, जिसमें उन्होंने [[मेप्पडियान|प्रतिपक्षी]] मार्को जूनियर की भूमिका निभाई <ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/unni-mukundan-is-thrilled-to-play-the-villain-in-mikhael-news-malayalam-tbmnB2jcjfidi.html|title=Unni Mukundan is thrilled to play the villain in 'Mikhael'|website=Sify|archive-url=https://web.archive.org/web/20190608032545/http://www.sify.com/movies/unni-mukundan-is-thrilled-to-play-the-villain-in-mikhael-news-malayalam-tbmnB2jcjfidi.html|archive-date=8 June 2019|access-date=8 June 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/use-social-media-to-inspire-society-unni-mukundan/articleshow/70057903.cms|title=Use social media to inspire society: Unni Mukundan – Times of India|website=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/review/2022/jan/15/meppadiyan-unni-mukundan-impresses-with-an-earnest-turn-2406924.html|title='Meppadiyan': Unni Mukundan impresses with an earnest turn|date=15 January 2022|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> वह एक तेलुगु फिल्म [[खिलाड़ी (२०२२ फिल्म)|''खिलाड़ी'']] में भी नज़र आएंगे। <ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/motion-poster-unni-mukundan-s-meppadiyan-released-96594|title=Motion poster Unni Mukundans meppadiyan released|date=12 February 2019|website=thenewsminute|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-i-dont-want-to-stay-inside-my-comfort-zone/articleshow/69925954.cms|title=Unni Mukundan: I don't want to stay inside my comfort zone|last=Sidhardhan|first=Sanjith|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
== उत्पादन ==
उन्नी मुकुंदन ने 17 अगस्त 2020 को अपनी नई फिल्म निर्माण कंपनी <ref>{{Cite news|url=https://www.filmibeat.com/malayalam/news/2020/unni-mukundan-announces-his-production-company-unni-mukundan-films-pens-an-inspiring-note-302823.html|title=Unni Mukundan Announces His Production Company Unni Mukundan Films; Pens An Inspiring Note!|last=Hemachandran|first=Sruthi|date=19 August 2020|access-date=22 November 2022}}</ref> [[उन्नी मुकुंदन फिल्म्स]] (UMF) <ref>{{Cite news|url=https://malayalam.news18.com/news/film/movies-unni-mukundan-launches-production-company-mm-275019.html|title=Unni Mukundan {{!}} നടൻ ഉണ്ണി മുകുന്ദൻ ഇനി നിർമ്മാതാവ്; ചിങ്ങം ഒന്നിന് പുതിയ സംരംഭത്തിന് ആരംഭം|date=17 August 2020|work=News18 Malayalam|access-date=22 November 2022|language=ml|archive-date=11 अक्तूबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201011222139/https://malayalam.news18.com/news/film/movies-unni-mukundan-launches-production-company-mm-275019.html|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/unni-mukundan-launches-production-company-unni-mukundan-films/articleshow/77618241.cms|title=Unni Mukundan launches film production company|last=Mathews|first=Anna|date=18 August 2020|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2020/aug/19/unni-mukundan-launches-own-production-house-2185192.html|title=Unni Mukundan launches own production house|date=19 August 2020|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref> लॉन्च की।
== फिल्मोग्राफी ==
<big>'''अन्य भाषा की फिल्में'''</big>
{| class="wikitable"
!साल
!शीर्षक
!भूमिका
!भाषा
! class="unsortable" |टिप्पणियाँ
|-
|2011
|''[[सीडन]]''
|मनो रामलिंगम
|[[तमिल भाषा|तामिल]]
|जय कृष्ण के रूप में श्रेय दिया गया
|-
|2016
|''[[जनता गैराज|जनता गैरेज]]''
|राघव सत्यम
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|<ref>{{Cite web|url=http://www.catchnews.com/regional-cinema/actor-unni-mukundan-says-he-is-grateful-to-mohanlal-for-janatha-george-movie-catch-exclusive-interview-with-sree-prasad-nair-1459684476.html|title=#CatchChitChat: Grateful to Mohanlal for Janatha Garage, says Unni Mukundan|website=CatchNews.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712121857/http://www.catchnews.com/regional-cinema/actor-unni-mukundan-says-he-is-grateful-to-mohanlal-for-janatha-george-movie-catch-exclusive-interview-with-sree-prasad-nair-1459684476.html|archive-date=12 July 2019|access-date=12 July 2019}}</ref>
|-
|2018
|''[[भैगमाती|भागमथी]]''
|शक्ति
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]<nowiki></br></nowiki> [[तमिल भाषा|तामिल]]
|<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/malayalam/movies/news/Unni-Mukundan-is-a-social-activist-in-Bhagmati/articleshow/55811562.cms|title=Unni Mukundan is a social activist in Bhagmati – Times of India|last=Soman|first=Deepa|date=27 January 2017|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2022
|''[[खिलाड़ी (२०२२ फिल्म)|खिलाड़ी]]''
|राम कृष्ण
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/unni-mukundan-roped-in-for-ravi-teja-ramesh-varmas-khiladi/articleshow/80624852.cms|title=Unni Mukundan roped in for Ravi Teja, Ramesh Varma's ''Khiladi''|date=1 February 2021|work=The Times of India|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|''[[यशोदा (फिल्म)|यशोदा]]''
|डॉ गौतम
|[[तेलुगू भाषा|तेलुगू]]
|
|-
|}
== <big>टेलीविजन</big> ==
{| class="wikitable"
!साल
!पतली परत
!भूमिका
!टिप्पणियाँ
|-
|2020
|''एंटे नारायणिक्कू''
|अरविंद उर्फ बशीर
|लघु फिल्म (वॉयस ओवर)
|-
|2022
|''यूरेका 21''
|विलियम्स
|
|}
== <big>डिस्कोग्राफी</big> ==
{| class="wikitable plainrowheaders" width="100%"
! width="10%" scope="col" |साल
! width="21%" scope="col" |पतली परत
! width="23%" scope="col" |गीत
! width="19%" scope="col" |संगीतकार
! width="17%" scope="col" |टिप्पणियाँ
! width="10%" scope="col" |
|-
|2017
!''[[आचार्यों]]''
|''अनुरागम पुथुमाझा पोल''
|[[रतीश वेगा]]
|गीतकार भी
|<ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2017/jan/30/unni-mukundan-turns-singer-for-achayans-1565036.html|title=Unni Mukundan turns singer for 'Achayans'|date=30 January 2017|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2018
!''[[चाणक्य थंथराम]]''
|''एथो वज़ीथारायिल''
|[[शान रहमान]]
|
|<ref>{{Cite news|url=https://www.newindianexpress.com/entertainment/malayalam/2018/feb/12/unni-mukundan-turns-singer-again-1772331.html|title=Unni Mukundan turns singer again|date=12 February 2018|work=The New Indian Express|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
![[ओरु कुट्टानदान ब्लॉग|''ओरु'' ''कुट्टानदान'' ''ब्लॉग'']]
|''चराथु नी''
|श्रीनाथ शिवशंकरन
|
|<ref>{{Cite web|url=https://silverscreen.in/news/unni-mukundan-turns-singer-for-mammoottys-oru-kuttanadan-blog/|title=Unni Mukundan Turns Singer For Mammootty's 'Oru Kuttanadan Blog'|last=Narayan|first=Adithya|date=6 August 2018|website=Silverscreen.in|access-date=22 November 2022|archive-date=8 जून 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190608094808/https://silverscreen.in/news/unni-mukundan-turns-singer-for-mammoottys-oru-kuttanadan-blog/|url-status=dead}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2020
!''[[शाइलॉक (2020 फिल्म)|शाइलॉक]]''
|''एकता बॉस''
|प्रकाश एलेक्स
|
|
|-
!''एंटे नारायणिक्कू''
|''थोडाथे''
|[[अरुण मुरलीधरन]]
|लघु फिल्म
|
|-
|2022
!''शेफीकिंते संतोषम''
|''खलबिले हुरी''
|[[शान रहमान]]
|
|
|}
== पुरस्कार ==
{| class="wikitable"
!साल
!पुरस्कार
!वर्ग
!पतली परत
!स्रोत
|-
| rowspan="6" |2011
|[[एशियानेट फिल्म अवार्ड्स]]
|वर्ष का सर्वश्रेष्ठ नया चेहरा
| rowspan="6" |[[बंबई 12 मार्च|''बंबई'' ''12'' ''मार्च'']]
|<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/unni-mukundan-mammootty-fan-64341|title=Unni Mukundan is a Mammootty fan|date=28 June 2017|website=www.thenewsminute.com|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[एशियाविजन पुरस्कार|एशियाविजन मूवी अवार्ड्स]]
|बेस्ट प्रॉमिसिंग न्यूकमर
|<ref>{{Cite web|url=https://www.youtube.com/watch?v=603sj3dPuIs|title=Unnimukundan – New Face in Acting @ Asiavision Movie Awards '11|last=Vyas|date=27 November 2011|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[वनिता फिल्म पुरस्कार]]
|बेस्ट न्यू फेस
|<ref>{{Cite web|url=http://www.malayalamcinema.com/interviews/view/unni-mukundan|title=malayalamcinema.com, Official website of AMMA, Malayalam Film news, Malayalam Movie Actors & Actress, Upcoming Malayalam movies|website=www.malayalamcinema.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712113118/http://www.malayalamcinema.com/interviews/view/unni-mukundan|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[जयहिंद टीवी]] फिल्म पुरस्कार
|वर्ष का सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक
|<ref>{{Cite web|url=http://www.unnimukundan.com/award/jaihind-tv-film-awards|title=Unni Mukundan {{!}} Awards {{!}} JAIHIND TV FILM AWARDS|website=www.unnimukundan.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712121037/http://www.unnimukundan.com/award/jaihind-tv-film-awards|url-status=dead}}</ref>
|-
|[[अमृता टीवी]] फिल्म अवार्ड्स
|सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता
|<ref>{{Cite web|url=https://www.adgully.com/amrita-film-awards-2012-1063.html?amp=1|title=Amrita Film Awards 2012|website=www.adgully.com|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[पहला दक्षिण भारतीय अंतर्राष्ट्रीय मूवी पुरस्कार|साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवार्ड्स]]
|सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता (मलयालम)
|<ref>{{Cite web|url=http://siima.in/2012/winners.html|title=SIIMA AWARDS {{!}} 2012 {{!}} winners {{!}} {{!}}|website=siima.in|access-date=22 November 2022|archive-date=6 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190706025553/http://siima.in/2012/winners.html|url-status=dead}}</ref>
|-
|2013
|[[प्रवासी एक्सप्रेस पुरस्कार]]
|यूथ आइकन
|''[[मल्लू सिंह]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://www.pravasiexpress.com/special/pe-awards2013/|title=PravasiExpress Awards 2013 {{!}} PravasiExpress|website=www.pravasiexpress.com|access-date=22 November 2022|archive-date=25 जुलाई 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140725060642/http://pravasiexpress.com/special/pe-awards2013/|url-status=dead}}</ref>
|-
| rowspan="3" |2017
|आनंद टीवी अवार्ड्स 2017 [[यूनाइटेड किंगडम|यूके]]
|यूथ आइकन
| rowspan="2" |''[[आचार्यों]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://www.vinodadarshan.com/2017/08/watch-2nd-anand-tv-awards-2017-Asianet-winners.html|title=2nd Anand TV Awards 2017-Winners List {{!}} Watch show on Asianet on 13th August 2017|website=Vinodadarshan|access-date=22 November 2022}}</ref>
|-
|[[रेड एफ़एम ९३.५|रेड एफएम]] मलयालम म्यूजिक अवार्ड्स 2017
|सर्वश्रेष्ठ स्टार गायक
|<ref>{{Cite web|url=https://www.indiancinemagallery.net/events/red-fm-malayalam-music-awards-2017-photos/|title=Red FM Malayalam Music Awards 2017 Photos|date=12 August 2017|website=indiancinemagallery.net|access-date=22 November 2022|archive-date=22 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221122170633/https://www.indiancinemagallery.net/events/red-fm-malayalam-music-awards-2017-photos/|url-status=dead}}</ref>
|-
|रामू करियात मूवी अवार्ड्स
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|''[[क्लिंट (फिल्म)]]''
|<ref>{{Cite web|url=http://unnimukundan.com/awards|title=Unni Mukundan {{!}} Awards|website=unnimukundan.com|access-date=22 November 2022|archive-date=12 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190712114959/http://unnimukundan.com/awards|url-status=dead}}</ref>
|-
|2019
|रचनात्मक फिल्म पुरस्कार
|नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|''[[माइकल (फिल्म)|मिखाइल]]''
|<ref>{{Cite web|url=https://pycker.com/news/creative-film-awards-2019-kayamkulam-kochunni-and-june-win-big/164311802789180|title=Creative Film Awards 2019: Kayamkulam Kochunni and June Win Big|website=pyckers|archive-url=https://web.archive.org/web/20190623162451/https://pycker.com/news/creative-film-awards-2019-kayamkulam-kochunni-and-june-win-big/164311802789180|archive-date=23 June 2019|access-date=23 June 2019}}</ref>
|-
| rowspan="2" |2020
|रामू करयात पुरस्कार
|सर्वश्रेष्ठ दूसरा अभिनेता
|मामनकम धार्मिक
|
|-
|एशियानेट फिल्म अवार्ड्स
|यूथ आइकन
|ममंकम, माइकल
|
|-
|2022
|13वां जेसी डेनियल फाउंडेशन पुरस्कार
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (जूरी पुरस्कार)
|मेप्पड़ियान
|<ref>{{Cite web|url=https://www.mixindia.com/unni-mukundan-and-vishnu-mohan-win-prestigious-j-c-daniel-award-for-meppadiyan/|title=Unni Mukundan and Vishnu Mohan win prestigious J.C. Daniel Award for Meppadiyan|last=Nair|first=Aishwarya|date=19 July 2022|website=MixIndia|access-date=22 November 2022|archive-date=10 दिसंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221210124810/https://www.mixindia.com/unni-mukundan-and-vishnu-mohan-win-prestigious-j-c-daniel-award-for-meppadiyan/|url-status=dead}}</ref>
|-
|-
|2022
|अडूर एनआरआई फोरम कुवैत चैप्टर - अदूर भासी पुरस्कारम
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|मेप्पड़ियान
|-
|2022
|रामू करियात मूवी अवार्ड्स
|सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
|''[[मेप्पडियान|मेप्पडियन]]'' और ''शेफीकिंते संतोषम''
|
|}
== सन्दर्भ ==
<references />
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इन्द्रमणि बडोनी
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text/x-wiki
'''इंद्रमणि बडोनी''', जिन्हें "उत्तराखंड के गांधी" के रूप में भी जाना जाता है, का जन्म 24 दिसंबर, 1925 <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-know-about-indramani-badoni-who-is-called-gandhi-of-uttarakhand-everybodys-paying-tribute-22321566.html|title=इंद्रमणि बडोनी को यू हीं नहीं कहा जाता उत्तराखंड का गांधी, उनकी दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है राज्य|website=Dainik Jagran|access-date=24 December 2022}}</ref> को [[नई टिहरी|टिहरी]] गढ़वाल की रियासत के अखोड़ी गांव में हुआ था। उनकी माता श्रीमती कलदी देवीऔर उनके पिता श्री सुरेशानंद थे। उन्होंने [[नैनीताल]] और [[देहरादून]] में शिक्षा पूरी की है। उन्होंने 1949 में डीएवीपीजी कॉलेज, देहरादून से स्नातक की डिग्री भी पूरी की। <ref>{{Cite web|url=https://umjb.in/gyankosh/gyankosh.php|title=Indramani Bdoni - Gandhi of Uttarakhand {{!}} Biography {{!}} About {{!}} इन्द्रमणि बडोनी - उत्तराखंड के गांधी {{!}} जीवनी {{!}} आंदोलनकारी|website=umjb.in|language=en|access-date=2023-01-11}}{{Dead link|date=जनवरी 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> उन्होंने सुरजी देवी से शादी की जब वे केवल 19 वर्ष के थे और आजीविका की तलाश में [[मुम्बई|बंबई]] चले गए। हालाँकि, वह जल्द ही लौट आया। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 1953 में की जब एक गांधीवादी कार्यकर्ता [[Meera Bahan|मीरा बहन]] ने उनके गांव का दौरा किया। <ref>{{Cite web|url=http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF_%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%80_:_%E0%A4%8F%E0%A4%95_%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%A8_/_%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE|title=इंद्र मणि बडोनी : एक पुनर्मूल्यांकन / अशोक कुमार शुक्ला - Gadya Kosh - हिन्दी कहानियाँ, लेख, लघुकथाएँ, निबन्ध, नाटक, कहानी, गद्य, आलोचना, उपन्यास, बाल कथाएँ, प्रेरक कथाएँ, गद्य कोश|website=gadyakosh.org|access-date=24 December 2022|archive-date=24 दिसंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221224123640/http://gadyakosh.org/gk/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A4%A3%E0%A4%BF_%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%80_:_%E0%A4%8F%E0%A4%95_%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%A8_/_%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%95_%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0_%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE|url-status=dead}}</ref>
1961 में, वह एक ग्राम प्रधान और बाद में विकास खंड, जखोली के प्रमुख बने। वे 1967 में [[देवप्रयाग]] से पहली बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। 1969 में, उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुना गया था, और 1977 में, वे लखनऊ विधान सभा के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। 1977 की [[जनता पार्टी]] की लहर के दौरान भी, उन्होंने इस तरह के भूस्खलन से जीत हासिल की कि कांग्रेस और जनता दोनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
हालाँकि, बडोनी को अपने राजनीतिक जीवन में असफलताओं का भी सामना करना पड़ा। वे 1974 में गोविंद प्रसाद गैरोला से चुनाव हार गए और 1989 में वे ब्रह्म दत्त से संसदीय चुनाव हार गए। इन असफलताओं के बावजूद, बडोनी एक अलग उत्तराखंड राज्य के लिए गहराई से प्रतिबद्ध थे। वह 1979 से एक अलग राज्य के लिए आंदोलन में सक्रिय थे और पार्वती विकास परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
1994 में, बडोनी ने अलग उत्तराखंड राज्य की मांग के लिए पौड़ी में आमरण अनशन शुरू किया। अंततः उन्हें सरकार द्वारा मुजफ्फरनगर जेल में डाल दिया गया। उत्तराखंड आंदोलन ने कई मोड़ लिए, लेकिन बडोनी ने इसमें केंद्रीय भूमिका निभाई और विभिन्न गुटों और खेमों में बंटे आंदोलनकारियों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया।
अहिंसक आंदोलन में उनके अटूट विश्वास और उनके करिश्माई लेकिन सहज व्यक्तित्व के कारण, ''द वाशिंगटन पोस्ट'' ने बडोनी को "माउंटेन गांधी" के रूप में संदर्भित किया। 18 अगस्त 1999 को ऋषिकेश के विठ्ठल आश्रम में उनका निधन हो गया। जीवन भर चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, बडोनी उत्तराखंड के इतिहास में एक सम्मानित और प्रभावशाली व्यक्ति बने हुए हैं। <ref>[http://www.uttarainformation.gov.in/auth/controller/tender/334_1482489763.pdf Uttara Information]</ref> <ref>[https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1881961 President of India in Uttarakhand]</ref>
== सन्दर्भ ==
<references />
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वर्तुल
0
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6553446
6549794
2026-05-17T11:37:00Z
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6553446
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text/x-wiki
'''वर्तुल''' २००९ की [[संतोष राम]] द्वारा लिखित और निर्देशित और [[विवेक चित्र]] और मोकल फिल्म्स द्वारा निर्मित एक [[भारतीय]] लघु फिल्म है।<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://marathilaghupat.com/?tag=santosh-ram|title='वर्तुळ′ मराठी लघुपट क्षेत्रातील एक उत्तम व यशस्वी प्रयत्न.|website=marathilaghupat.com}}</ref>
== निर्माण ==
फिल्म के प्रमुख कलाकारों में [[अश्विनी गिरी]], [[चिन्मय पटवर्धन]], [[अजिंक्य भिसे]] और [[शैलेश शंकर कुलकर्णी]] शामिल थे। फिल्म का निर्माण मई २००८ में शुरू हुआ और जुलाई २००९ में पूरा हुआ। चालक दल का चयन [[विवेक चित्र]] द्वारा किया गया था। फिल्म की शूटिंग [[महाराष्ट्र]] के भोर में बेहद कम बजट में की गई थी। कम बजट के कारण चालक दल को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
== कथानक ==
फिल्म एक १० साल के लड़के दामू के इर्द-गिर्द घूमती है। त्योहार होने के कारण , माँ मिठाई बनाना चाहती है। माँ दामू को दुकान पर जाकर गुड़ लाने को कहती है। दामू डिब्बे से पैसे लेने जाता है, लेकिन वह देखता है कि डिब्बे में एक सिक्के के अलावा और पैसे नहीं बचे हैं। वह गुड़ खरीदने के लिए दुकान निकलता है। रास्ते में उसकी मुलाकात अपने दोस्त गणेश से होती है। गणेश दामू के सामने दौड़ का प्रस्ताव रखता है और दामू तुरंत उसे स्वीकार कर लेता है।दुकान के रास्ते में वे दोनों एक चलचित्र दर्शी वाले के पास रुकते हैं। गणेश चलचित्र दर्शी का शो देखना चाहता है और वह दामू को उसके साथ शो देखने के लिए कहता है। दामू को पता है कि उसके पास पर्याप्त पैसा नहीं है, वह शो देखना चाहता है लेकिन उसे मना करना पड़ता है। शो के बाद दामू उत्सुकता से गणेश को शो के बारे में पूछता है। गणेश साइकिल की सवारी पर दामू को शो में क्या क्या था बताता है।
तभी गणेश के नाम से कोई चिल्लाता है । गणेश और दामू साइकिल को सड़क के किनारे छोड़ गणेश के दोस्तों के पास जाकर देखते हैं , तो गणेश के दोस्त पैसे का खेल खेल रहे हैं। गणेश खेल में शामिल होता है और गणेश दामू को भी उस खेल में शामिल होने के लिए कहता है। हर कोई पैसा जीत रहा है यह लालच दामू को एक खेल खेलने के लिए तयार होता है । दामू खेल खेलकर कुछ जल्दी पैसे कमाने का सोचता है। वह खेल खेलना शुरू करता है। दामू के मामले में नौसिखियों की किस्मत काम करती है। शुरू में वह खेल जीतता है और पैसे के लिए उसका लालच और बढ़ जाता है।
खेल के बाद दामू दुकान पर जाता है। दामू दुकानदार से गुड़ देने को कहता है। दुकानदार उसे गुड़ देता है और बदले में दामू दुकानदार के हाथ में पैसे थमा देता है। दुकानदार बिगड़े हुए सिक्के को देखता है और दामू से कहता है कि यह सिक्का नहीं चलेगा । दामू दुकानदार से विनती करता है लेकिन दुकानदार दूसरा सिक्का मांगता है। अब दामू आँखों में आँसू लिए घर वापस निकलता है ।
== कलाकार ==
* अश्विनी गिरी - माता
* चिन्मय पटवर्धन - दामू
* अजिंक्य भिसे - मन्या
* कल्याण गाडगिल - काल्या
* आकाश गिरी - आक्या
* शिवम चेतन मोरे - शिवा
* अनंत शंकर सालुंके - अंत्या
* जयेश दिखले - जीवन्या
* रोहन चौधरी - रोहन्या
* करण लोखंडे - दिन्या
* शैलेश शंकर कुलकर्णी - दुकानदार
* विनोद आनंद कांबले - ग्रामीण
* विजय कदम - चलचित्र दर्शी
== कलाकार ==
* कहानी, पटकथा : [[संतोष राम]] <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/features/cinema/Tales-of-struggle-and-hope-from-Maharashtra%E2%80%99s-celluloid-boondocks/article13994152.ece|title=Tales of struggle and hope from Maharashtra's celluloid boondocks|last=Banerjee|first=Shoumojit|date=9 January 2016|work=The Hindu}}</ref>
* निर्माता: रामचंद्र पुंडलिकराव मरेवाड़, मोकल ब्रदर्स
* संपादक : विनोद गामा बोराट
* फिल्माने : प्रवीण मोकल
* संगीत : श्रीरंग उमरानी
* संपादक : विनोद गामा बोराटे
* कला निर्देशक : संतोष संखद
* पुनः रिकॉर्डिंग : महेश लिमये
* पोशाक : सोनाली संतोष संखद
* साउंड रिकॉर्डिस्ट: राशि बुट्टे
* प्रोमो संपादक : वैभव दाभाडे
== पुरस्कार ==
जुलाई २००९ में रिलीज़ होने के बाद से, लघु फिल्म को आधिकारिक तौर पर दुनिया भर के लगभग ५३ फिल्म समारोहों के लिए चुना गया है, और वर्तुल ने तेरह पुरस्कार जीते हैं।
{| class="wikitable sortable"
!समारोह/पुरस्कार
! वर्ग
! परिणाम
|-
| भारत का चौथा अंतर्राष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह २०१०, चेन्नई
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभी तक
| विजयी
|-
| दूसरा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह २०११, नागपुर
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभी तक
| विजयी
|-
| पुणे शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०११, पुणे
| सर्वश्रेष्ठ निर्देशक
| विजयी
|-
| बंगाल वेब फेयर शॉर्ट एंड डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल २०१३, कोलकाता
| सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर
| विजयी
|-
| छठा गोवा मराठी फिल्म महोत्सव २०१३, गोवा
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभी तक
| विजयी
|-
| मालाबार शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१३, कालीकट
| सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म
| विजयी
|-
| लेक सिटी इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१३, भोपाल
| सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता
| विजयी
|-
| कन्याकुमारी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१३, कन्याकुमारी
| फिल्म निर्माण में उत्कृष्टता के लिए प्रशंसा पुरस्कार
| विजयी
|-
| नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१४ , नवी मुंबई <ref>{{Cite web|url=https://bollyspice.com/final-day-first-year-navi-mumbai-international-film-festival|title=Final Day of the first year of Navi Mumbai International Film Festival|date=8 February 2014|website=bollyspice.com}}</ref>
| जूरी के लिए विशेष उल्लेख
| विजयी
|-
| दूसरा दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१४
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
| विजयी
|-
| दूसरा दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१४
| बेस्ट सिनेमैटोग्राफर
| विजयी
|-
| बार्शी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभी तक
| विजयी
|-
| पहला महाराष्ट्र शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४
| सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभी तक
| विजयी
|-
| महाराष्ट्र टाइम्स अवार्ड्स २०१०
| सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म
| नामित
|}
== फिल्म समारोहों की सूची ==
* दूसरा नासिक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २००९, नासिक, भारत
* थर्ड आई ८वां एशियाई फिल्म समारोह २००९ , मुंबई, भारत <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/pune/vartul-to-be-screened-at-8th-third-eye-asian-film-festival/articleshow/5285972.cms|title=Vartul' to be screened at 8th Third Eye Asian film festival|website=timesofindia.indiatimes.com}}</ref>
* ११ वां ओशन सिनेफैन फिल्म समारोह २००९, [[नई दिल्ली]], भारत <ref>{{Cite web|url=https://www.deccanherald.com/content/27577/Vartul-screened-osians-cinefan-film.html|title='Vartul' to be screened at Osian's-Cinefan film festival|date=28 September 2009|website=deccanherald.com}}</ref>
* ७ वां कल्पनिर्जर अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह, कोलकाता, भारत २०१०
* ८ वां पुणे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१० , पुणे, भारत
* दूसरा जयपुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१० , जयपुर, भारत
* ९ वां अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संचार सिनेमा सम्मेलन २०१०, कोलकाता, भारत
* चौथा राष्ट्रीय लघु और वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव २०१०, करीमनगर ,एपी, भारत
* विबगोयर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१०, त्रिशूर, [[केरल]], भारत
* काला घोड़ा कला फिल्म महोत्सव २०१०, मुंबई (भारत)
* दूसरा सीएमएस अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव २०१०, लखनऊ, भारत
* दूसरा थेंधिसाई अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह मदुरै २०१०, [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]]
* थर्ड आई सेकेंड एशियन फिल्म फेस्टिवल २०१०, कोल्हापुर, भारत
* १४ वां मदुरै अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म समारोह २०१० (उद्घाटन फिल्म)
* अंकुर फिल्म समारोह २०१०, नासिक, भारत
* भारत का चौथा अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह २०१०, चेन्नई, भारत
* केरल, २०१०, भारत का तीसरा अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म समारोह
* स्क्रिप्ट अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह ,२०११ , कोच्चि, भारत
* दूसरा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नागपुर २०११, नागपुर, भारत
* पहला गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव, २०११ गुवाहाटी (भारत)
* पुणे शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०११ (भारत)
* पु ला उत्सव २०११ पुणे (भारत)
* अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव २०११, भुवनेश्वर, भारत
* गुजरात अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह ,२०११, सूरत, भारत
* ५ वां चीन इंडिया किड्स फिल्म फेस्टिवल २०११, नई दिल्ली, भारत
* दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल-२०१२ , ग्रेटर नोएडा, भारत।
* लघु और वृत्तचित्र फिल्म समारोह २०१२ कोलकाता (भारत)।
* चौथा लाहौर अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव २०१२ ([[पाकिस्तान]])।
* जागरण फिल्म महोत्सव २०१२ (भारत)।
* इग्नाइट लघु फिल्म समारोह २०१३ , विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश, भारत
* छठा फिल्मसाज़, लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों का एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१३। (भारत )।
* तिनसुकिया ऑरेंज फिल्म फेस्टिवल २०१
* आईकोनोकास्ट -२०१३ राष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह मुंबई (भारत)
* छठा गोवा मराठी फिल्म महोत्सव २०१३ (भारत)
* द आर्ट फैक्ट्री: संडे फ्लिक्स, एक नई स्वतंत्र फिल्म श्रृंखला २०१३ पैटर्सन, एनजे (यूएसए)
* मालाबार शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१३ कालीकत (भारत)
* कन्याकुमारी का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१३ (भारत)
* नो ग्लॉस फिल्म फेस्टिवल २०१३, लीड्स, यूके।
* लेकसिटी अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह २०१३( भारत)
* साउथ टेक्सास अंडरग्राउंड फिल्म फेस्टिवल २०१३, टेक्सास (यूएसए)
* फ्री स्पिरिट फिल्म फेस्टिवल २०१३, मैक्लोड गंज, [[हिमाचल प्रदेश]] (भारत)
* १७ वां टोरंटो रील एशियन अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल २०१३ (कनाडा)
* ९ वां वार्षिक फ्री स्पिरिट फिल्म फेस्टिवल २०१३, मैक्लोड गंज (भारत)
* मिदनापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१३, [[पश्चिम बंगाल]] (भारत)
* चौथा अंतरराष्ट्रीय रैंडम फिल्म फेस्टिवल २०१३, गारपेनबर्ग (स्वीडन)
* दूसरा शान-ए-अवध अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१३लखनऊ, भारत।
* नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१४ नवी मुंबई, भारत।
* ९ वां चिल्ड्रन इंडिया अंतरराष्ट्रीय चिल्ड्रन फिल्म फेस्टिवल २०१४, बैंगलोर (भारत)।
* दरभंगा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव २०१४, दरभंगा (भारत)।
* बार्शी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४ (भारत)।
* वारनानगर शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४ (भारत)
* स्वतंत्र सिनेमा का ५ वां राष्ट्रीय शो "ओट्रोस सिने", सैन निकोलस (अर्जेंटीना) २०१४
* पहला महाराष्ट्र शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४(भारत)
* पहला गोवा शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल २०१४ (भारत)
== सन्दर्भ सूची ==
<references responsive="1"></references>
== बाहरी संबंध ==
* {{आईएमडीबी शीर्षक|id=1885434|title=Vartul}}
[[श्रेणी:2009 की फ़िल्में]]
[[श्रेणी:लघुफिल्म]]
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्में]]
[[श्रेणी:मराठी फ़िल्में]]
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उन्नीस सौ चौरासी
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wikitext
text/x-wiki
{{ख़राब अनुवाद|1=अंग्रेज़ी|date=मई 2025}}
{{ज्ञानसन्दूक पुस्तक
| image = Nineteen Eighty-Four cover Soviet 1984.jpg
| name = उन्नीस सौ चौरासी
| title_orig = Nineteen Eighty-Four
| author = [[जॉर्ज ऑरवेल]]
| cover_artist = माइकल केनर
| country = [[यूनाइटेड किंगडम]]<br/>[[भारत]]
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}}
'''''उन्नीस सौ चौरासी''''' ('''''१९८४''''' के रूप में भी प्रकाशित) अंग्रेजी लेखक [[जॉर्ज ऑरवेल]] द्वारा एक डायस्टोपियन सामाजिक विज्ञान कथा उपन्यास और [[सचेतक कथा|सतर्क कहानी]] है। यह ८ जून १९४९ को सेकर एंड वारबर्ग द्वारा ऑरवेल की नौवीं और अंतिम पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया था जो उनके जीवनकाल में पूरी हुई थी। सैद्धांतिक रूप से यह [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवाद]], सामूहिक निगरानी और समाज के भीतर लोगों और व्यवहारों के [[विचार-नियंत्रण|दमनकारी शासन]] के परिणामों पर केंद्रित है।<ref name="BenetReader">{{Cite book|url=https://archive.org/details/bentsreadersen00murp|title=Benét's reader's encyclopedia|last=Murphy|first=Bruce|date=1996|publisher=Harper Collins|isbn=978-0-06-181088-6|location=New York|page=[https://archive.org/details/bentsreadersen00murp/page/734 734]|oclc=35572906|url-access=registration}}</ref><ref name="aaron">{{Cite news|url=https://www.bbc.co.uk/news/magazine-21337504|title=1984: George Orwell's road to dystopia|last=Aaronovitch|first=David|date=8 February 2013|work=BBC News|access-date=8 February 2013}}</ref> ऑरवेल, एक [[लोकतांत्रिक समाजवाद|लोकतांत्रिक समाजवादी]], ने स्टालिनवादी रूस और [[नाज़ी जर्मनी]] पर उपन्यास में [[सत्तावाद|सत्तावादी राज्य का]] मॉडल तैयार किया।<ref name="BenetReader" /><ref name="aaron" /><ref>{{Cite book|title=Selected Writings|last=Orwell|first=George|publisher=Heinemann|year=1968|isbn=978-0-435-13675-8|editor-last=Bott|editor-first=George|location=London|page=103|quote=Every line of serious work that I have written since 1936 has been written, directly or indirectly, ''against'' totalitarianism and ''for'' democratic socialism, as I understand it. [italics in original]|orig-year=1958}}</ref> अधिक व्यापक रूप से उपन्यास समाजों के भीतर सच्चाई और तथ्यों की भूमिका और उन तरीकों की जांच करता है जिनमें उनका हेरफेर किया जा सकता है।
कहानी १९८४ में एक काल्पनिक भविष्य में घटित होती है, जब दुनिया का अधिकांश हिस्सा सतत युद्ध में है। ग्रेट ब्रिटेन, जिसे अब एयरस्ट्रिप वन के रूप में जाना जाता है, अधिनायकवादी [[अधिराज्य|सुपरस्टेट]] ओशिनिया का एक प्रांत बन गया है, जिसका नेतृत्व बिग ब्रदर द्वारा किया जाता है, जो पार्टी की थॉट पुलिस द्वारा निर्मित व्यक्तित्व के एक गहन पंथ द्वारा समर्थित एक तानाशाह नेता है। सत्य मंत्रालय के माध्यम से पार्टी सर्वव्यापी सरकारी निगरानी, [[ऐतिहासिक निषेधवाद]], और व्यक्तित्व और स्वतंत्र सोच को सताने के लिए निरंतर [[अधिप्रचार|प्रचार]] में संलग्न है।<ref>{{Cite book|title=The Columbia Encyclopedia|last=Chernow|first=Barbara|last2=Vallasi|first2=George|date=1993|publisher=Houghton Mifflin|edition=5th|location=Boston|page=2030|oclc=334011745}}</ref>
नायक, विंस्टन स्मिथ, सत्य मंत्रालय में एक मेहनती मध्य-स्तर का कार्यकर्ता है जो गुप्त रूप से पार्टी से नफरत करता है और विद्रोह के सपने देखता है। वह एक निषिद्ध डायरी रखता है और अपने सहयोगी जूलिया के साथ संबंध शुरू करता है, और वे ब्रदरहुड नामक एक अस्पष्ट प्रतिरोध समूह के बारे में सीखते हैं। हालाँकि, ब्रदरहुड के साथ उनका संपर्क पार्टी एजेंट निकला और स्मिथ को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे प्रेम मंत्रालय द्वारा महीनों तक मनोवैज्ञानिक हेरफेर और यातना के अधीन किया जाता है और बिग ब्रदर से प्यार करने के बाद उसे रिहा कर दिया जाता है।
''उन्नीस सौ चौरासी'' राजनीतिक और डायस्टोपियन कथा साहित्य का एक उत्कृष्ट साहित्यिक उदाहरण बन गया है। इसने "ऑरवेलियन" शब्द को एक विशेषण के रूप में लोकप्रिय बनाया, उपन्यास में "बिग ब्रदर", "डबलथिंक", "थॉट पुलिस", "थॉटक्राइम", "न्यूस्पीक", और "२ + २ = ५" सहित सामान्य उपयोग में आने वाले कई शब्दों के साथ। उपन्यास की विषय वस्तु और [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवाद]], जन निगरानी, और अन्य विषयों के बीच [[अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता]] के उल्लंघन के वास्तविक जीवन उदाहरणों के बीच समानताएं खींची गई हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.newyorker.com/books/page-turner/so-are-we-living-in-1984|title=So Are We Living in 1984?|last=Crouch|first=Ian|date=11 June 2013|work=The New Yorker|access-date=3 December 2019|issn=0028-792X}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.bbc.com/culture/story/20180507-why-orwells-1984-could-be-about-now|title=Why Orwell's 1984 could be about now|last=Seaton|first=Jean|publisher=BBC|access-date=3 December 2019}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/sites/kalevleetaru/2019/05/06/as-orwells-1984-turns-70-it-predicted-much-of-todays-surveillance-society/|title=As Orwell's 1984 Turns 70 It Predicted Much of Today's Surveillance Society|last=Leetaru|first=Kalev|website=Forbes|access-date=3 December 2019}}</ref> ऑरवेल ने अपनी पुस्तक को एक "व्यंग्य,"<ref name=":2">{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/the-savage-satire-of-1984-still-speaks-to-us-today-1098810.html|title=The savage satire of '1984' still speaks to us today|date=1999-06-07|website=The Independent|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20230107224509/https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/the-savage-satire-of-1984-still-speaks-to-us-today-1098810.html|archive-date=January 7, 2023|access-date=2023-01-07|quote=Orwell said that his book was a satire - a warning certainly, but in the form of satire.}}</ref> और "विकृति जिसके लिए एक केंद्रीकृत अर्थव्यवस्था उत्तरदायी है," के प्रदर्शन के रूप में वर्णित किया, जबकि यह भी कहा कि उनका मानना था कि "ऐसा कुछ आ सकता है।"<ref name=":2" /> ''[[टाइम (अंग्रेज़ी पत्रिका)|टाइम]]'' ने १९२३ से २००५ तक १०० सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी भाषा के उपन्यासों की सूची में उपन्यास को शामिल किया, और इसे मॉडर्न लाइब्रेरी की १०० सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों की सूची में रखा गया, जो संपादकों की सूची में १३ वें स्थान पर और पाठकों के ६ वें स्थान पर पहुंच गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.modernlibrary.com/top-100/100-best-novels/|title=100 Best Novels « Modern Library|website=www.modernlibrary.com|access-date=2022-12-29}}</ref> २००३ में [[बीबीसी]] द्वारा द बिग रीड सर्वे में इसे आठवें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.co.uk/arts/bigread/top100.shtml|title=BBC - The Big Read - Top 100 Books|website=www.bbc.co.uk|access-date=2022-12-29}}</ref>
== लेखन और प्रकाशन ==
=== विचार ===
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में ऑरवेल आर्काइव में ''उन्नीस सौ चौरासी'' में विकसित हुए विचारों के बारे में अदिनांकित नोट्स हैं। नोटबुक्स को "जनवरी १९४४ के बाद बाद में पूरा होने की संभावना नहीं" माना गया है, और यह कि "एक मजबूत संदेह है कि उनमें से कुछ सामग्री युद्ध के शुरुआती हिस्से की है"।<ref name=":1">{{Cite web|url=https://lithub.com/orwells-notes-on-1984-mapping-the-inspiration-of-a-modern-classic/|title=Orwell's Notes on 1984: Mapping the Inspiration of a Modern Classic|date=2019-10-18|website=Literary Hub|language=en-US|access-date=2023-01-01}}</ref>
१९४८ के एक पत्र में ऑरवेल ने "१९४३ में [पुस्तक] के बारे में पहली बार सोचा" होने का दावा किया है, जबकि दूसरे में वे कहते हैं कि उन्होंने १९४४ में इसके बारे में सोचा था और १९४३ के तेहरान सम्मेलन को प्रेरणा के रूप में उद्धृत करते हैं: "यह वास्तव में क्या करने का मतलब है दुनिया को 'प्रभाव के क्षेत्रों' में विभाजित करने के निहितार्थों पर चर्चा करें (मैंने १९४४ में तेहरान सम्मेलन के परिणामस्वरूप इसके बारे में सोचा था), और इसके अलावा उन्हें सर्वसत्तावाद के बौद्धिक निहितार्थों की पैरोडी करके इंगित किया।<ref name=":1"/> ऑरवेल ने मई १९४४ में ऑस्ट्रिया का दौरा किया था और युद्धाभ्यास करते हुए देखा था कि उन्होंने सोचा था कि सोवियत और संबद्ध क्षेत्रों के व्यवसाय को अलग करने की संभावना होगी।{{Sfn|Bowker|2003|p=329}}
जनवरी १९४४ में साहित्य के प्रोफेसर ग्लीब स्ट्रुवे ने ऑरवेल को येवगेनी ज़मायटिन के १९२४ के डायस्टोपियन उपन्यास ''वी'' से परिचित कराया। अपनी प्रतिक्रिया में ऑरवेल ने शैली में रुचि व्यक्त की, और स्ट्रुवे को सूचित किया कि उन्होंने अपने स्वयं के विचारों को लिखना शुरू कर दिया है, "जो अभी या बाद में लिखे जा सकते हैं।"<ref name="LYN19-C6">Lynskey 2019, Chapter 6: "The Heretic"</ref>{{Sfn|Bowker|2003|p=330}} १९४६ में ऑरवेल ने ''ट्रिब्यून'' के लिए अपने लेख "फ्रीडम एंड हैप्पीनेस" में [[ऐल्डस हक्स्ले|एल्डस हक्सले]] द्वारा १९३१ के डायस्टोपियन उपन्यास ''[[ब्रेव न्यू वर्ल्ड]]'' के बारे में लिखा, और ''हम'' से समानताएं नोट कीं।<ref name="LYN19-C6" /> इस समय तक ऑरवेल ने अपने १९४५ के राजनीतिक व्यंग्य ''[[एनिमल फार्म]]'' के साथ एक महत्वपूर्ण और व्यावसायिक हिट हासिल कर ली थी, जिसने उनकी प्रोफ़ाइल को बढ़ा दिया। फॉलो-अप के लिए उन्होंने अपना खुद का एक डायस्टोपियन काम करने का फैसला किया।{{Sfn|Bowker|2003|p=334}}<ref name="LYN19-C7">Lynskey 2019, Chapter 7: "Inconvenient Facts"</ref>
=== लिखना ===
जून १९४४ में अपने ब्रिटिश प्रकाशक सेकर एंड वारबर्ग के सह-संस्थापक फ्रेड्रिक वारबर्ग के साथ बैठक में ''एनिमल फ़ार्म'' के रिलीज़ होने से कुछ समय पहले, ऑरवेल ने घोषणा की कि उन्होंने अपने नए उपन्यास के पहले १२ पृष्ठ लिखे हैं। हालाँकि, वह केवल पत्रकारिता से जीविकोपार्जन कर सकता था, और भविष्यवाणी की कि पुस्तक १९४७ से पहले रिलीज़ नहीं होगी {{Sfn|Bowker|2003|p=330}} प्रगति धीमी गति से चल रही थी; सितंबर १९४५ के अंत तक ऑरवेल ने कुछ ५० पृष्ठ लिखे थे।{{Sfn|Bowker|2003|p=336}} ऑरवेल पत्रकारिता से जुड़े प्रतिबंधों और दबावों से निराश हो गया और लंदन में शहर के जीवन से घृणा करने लगा।{{Sfn|Bowker|2003|p=337}} कड़ाके की ठंड के साथ उनका स्वास्थ्य भी खराब हो गया, उनके [[ब्रोन्किइक्टेसिस]] और एक फेफड़े में घाव के मामले बिगड़ गए।{{Sfn|Bowker|2003|p=346}}
[[चित्र:Barnhill_(Cnoc_an_t-Sabhail)_-_geograph.org.uk_-_451643.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| उपन्यास बर्नहिल, जुरा में पूरा हुआ था]]
मई १९४६ में ऑरवेल स्कॉटिश द्वीप जुरा पर पहुंचे।<ref name="LYN19-C7">Lynskey 2019, Chapter 7: "Inconvenient Facts"</ref> वह कई वर्षों से एक हाइब्रिड द्वीप पर वापस जाना चाहता था, जिसके लिए डेविड एस्टोर ने सिफारिश की कि वह अपने परिवार के स्वामित्व वाले द्वीप पर एक दूरस्थ फार्महाउस बर्नहिल में रहे।{{Sfn|Bowker|2003|p=319}} बरनहिल के पास बिजली या गर्म पानी नहीं था, लेकिन यहीं पर ऑरवेल रुक-रुक कर ड्राफ्ट करता था और ''उन्नीस सौ चौरासी को'' पूरा करता था।<ref name="LYN19-C7" /> उनका पहला प्रवास अक्टूबर १९४६ तक चला, इस दौरान उन्होंने कुछ पहले से ही पूर्ण किए गए पृष्ठों पर बहुत कम प्रगति की और एक बिंदु पर तीन महीने तक इस पर कोई काम नहीं किया।{{Sfn|Bowker|2003|pp=353, 357}} लंदन में सर्दी बिताने के बाद ऑरवेल जुरा लौट आया; मई १९४७ में उन्होंने वारबर्ग को सूचना दी कि प्रगति धीमी और कठिन होने के बावजूद, वह लगभग एक तिहाई रास्ता था।{{Sfn|Bowker|2003|p=370}} उन्होंने पांडुलिपि के पहले मसौदे का अपना "भयानक गड़बड़" लंदन भेजा जहां मिरांडा क्रिस्टन ने एक स्वच्छ संस्करण टाइप करने के लिए स्वेच्छा से काम किया।<ref name="LYN19-C8" /> हालांकि, सितंबर में ऑरवेल के स्वास्थ्य में बदलाव आया और वह फेफड़ों की सूजन के कारण बिस्तर पर ही पड़े रहे। उनका वजन लगभग दो स्टोन कम हो गया था और उन्हें बार-बार रात को पसीना आता था, लेकिन उन्होंने डॉक्टर से न मिलने का फैसला किया और लिखना जारी रखा।{{Sfn|Bowker|2003|p=373}} ७ नवंबर १९४७ को, उन्होंने बिस्तर में पहला मसौदा पूरा किया और बाद में चिकित्सा उपचार के लिए ग्लासगो के पास ईस्ट किलब्राइड की यात्रा की, जहां एक विशेषज्ञ ने तपेदिक के पुराने और संक्रामक मामले की पुष्टि की।{{Sfn|Bowker|2003|p=374}}<ref name="LYN19-C8">Lynskey 2019, Chapter 8: "Every Book is a Failure"</ref>
१९४८ की गर्मियों में ऑरवेल को छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद वे जुरा लौट आए और ''उन्नीस सौ चौरासी'' का पूरा दूसरा मसौदा तैयार किया, जिसे उन्होंने नवंबर में पूरा किया। उन्होंने वारबर्ग से कहा कि किसी को बार्नहिल आकर पांडुलिपि को फिर से टाइप करने के लिए कहें, जो इतना गन्दा था कि यह कार्य केवल तभी संभव था जब ऑरवेल मौजूद था क्योंकि केवल वह ही इसे समझ सकता था। पिछले स्वयंसेवक ने देश छोड़ दिया था और अल्प सूचना पर कोई अन्य नहीं मिला था, इसलिए एक अधीर ऑरवेल ने बुखार और खूनी खाँसी के दौरों के दौरान लगभग ४,००० शब्दों की दर से इसे स्वयं टाइप किया।<ref name="LYN19-C8">Lynskey 2019, Chapter 8: "Every Book is a Failure"</ref> ४ दिसंबर १९४८ को, ऑरवेल ने तैयार पांडुलिपि को सेकर एंड वारबर्ग को भेज दिया और जनवरी १९४९ में बर्निल को हमेशा के लिए छोड़ दिया। कॉटस्वोल्ड्स के एक सेनेटोरियम में वह स्वस्थ हुआ।<ref name="LYN19-C8" />
=== शीर्षक ===
दूसरे मसौदे के पूरा होने से कुछ समय पहले, ऑरवेल उपन्यास के लिए दो शीर्षकों के बीच हिचकिचाया: ''द लास्ट मैन इन यूरोप'', एक प्रारंभिक शीर्षक, और ''उन्नीस सौ चौरासी'' ।<ref>CEJL, iv, no. 125.</ref> वारबर्ग ने बाद का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने अधिक व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य विकल्प माना।<ref>Crick, Bernard. </ref> एक सिद्धांत रहा है - डोरियन लिंस्की (उन्नीस सौ चौरासी<nowiki></i></nowiki> के बारे में २०१९ की एक किताब के लेखक) द्वारा संदेह किया गया - कि ''१९८४ को'' वर्ष १९४८ के व्युत्क्रम के रूप में चुना गया था, जिस वर्ष इसे पूरा किया जा रहा था। लिन्स्की का कहना है कि यह विचार "ऑरवेल के अमेरिकी प्रकाशक द्वारा पहली बार सुझाया गया था," और इसका उल्लेख [[क्रिस्टोफ़र हिचन्स|क्रिस्टोफर हिचेन्स]] ने २००३ के ''एनिमल फार्म और १९८४ के'' अपने परिचय में भी किया था, जिसमें यह भी कहा गया है कि तारीख "तत्कालता और तात्कालिकता" देने के लिए थी अधिनायकवादी शासन के खतरे के लिए"। हालाँकि, लिन्सकी उलटा सिद्धांत को नहीं मानता है:<blockquote>यह विचार [...] इतनी गंभीर किताब के लिए बहुत प्यारा लगता है।[...] विद्वानों ने अन्य संभावनाएं जताई हैं। [उनकी पत्नी] एलीन ने अपने पुराने स्कूल की शताब्दी के लिए 'एंड ऑफ़ द सेंचुरी: १९८४' नामक एक कविता लिखी थी। जीके चेस्टर्टन का १९०४ का राजनीतिक व्यंग्य ''द नेपोलियन ऑफ़ नॉटिंग हिल'', जो भविष्यवाणी की कला का मज़ाक उड़ाता है, १९८४ में खुलता है। ''द आयरन हील'' में भी वर्ष एक महत्वपूर्ण तिथि है। लेकिन इन सभी कनेक्शनों को उपन्यास के शुरुआती मसौदों द्वारा संयोग से ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है...] पहले उन्होंने १९८०, फिर १९८२ और केवल बाद में १९८४ लिखा। साहित्य में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तारीख एक देर से संशोधन था।"<ref name="LYN19-C9">Lynskey 2019, Chapter 9: "The Clocks Strike Thirteen"</ref></blockquote>
=== प्रकाशन ===
प्रकाशन की दौड़ में ऑरवेल ने उपन्यास को "एक पशुवत पुस्तक" कहा और इसके प्रति कुछ निराशा व्यक्त की, यह सोचते हुए कि अगर वह इतने बीमार नहीं होते तो यह बेहतर हो जाता। यह ऑरवेल की खासियत थी, जिन्होंने अपनी अन्य पुस्तकों के विमोचन से कुछ समय पहले ही बात कर ली थी।<ref name="LYN19-C9">Lynskey 2019, Chapter 9: "The Clocks Strike Thirteen"</ref> फिर भी, इस पुस्तक को सेकर एंड वारबर्ग द्वारा उत्साहपूर्वक प्राप्त किया गया, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई की; जुरा को छोड़ने से पहले ऑरवेल ने उनके प्रस्तावित ब्लर्ब को अस्वीकार कर दिया था जिसने इसे "एक प्रेम कहानी के साथ मिश्रित थ्रिलर" के रूप में चित्रित किया था।<ref name="LYN19-C9" /> उन्होंने गोल्डस्टीन की पुस्तक पर परिशिष्ट और अध्याय के बिना एक संस्करण जारी करने के अमेरिकन बुक ऑफ द मंथ क्लब के एक प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया, एक निर्णय जिसके बारे में वारबर्ग ने बिक्री में £४०,००० की कटौती का दावा किया।<ref name="LYN19-C9" />
''उन्नीस सौ चौरासी'' ८ जून १९४९ को ब्रिटेन में प्रकाशित हुआ था; ऑरवेल ने लगभग ५०० पाउंड की आय का अनुमान लगाया।<ref name="LYN19-C9">Lynskey 2019, Chapter 9: "The Clocks Strike Thirteen"</ref>{{Sfn|Bowker|2003|pp=383, 399}}<ref name="Charles' George Orwell Links">{{Cite web|url=http://www.netcharles.com/orwell/books/1984.htm|title=Charles' George Orwell Links|publisher=Netcharles.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20110718093026/http://www.netcharles.com/orwell/books/1984.htm|archive-date=18 July 2011|access-date=4 July 2011}}</ref> २५,५७५ प्रतियों{{Sfn|Bowker|2003|p=399}} हारकोर्ट ब्रेस एंड कंपनी द्वारा पहला प्रिंट मार्च और अगस्त १९५० में और ५,००० प्रतियों के बाद हुआ। २०,००० प्रतियों का एक प्रारंभिक प्रिंट १ जुलाई को और फिर ७ सितंबर को १०,००० प्रतियों के बाद जल्दी से छापा गया।{{Sfn|Bowker|2003|p=401}} १९७० तक, अमेरिका में ८ मिलियन से अधिक प्रतियां बिक चुकी थीं और १९८४ में यह देश की सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ विक्रेता सूची में सबसे ऊपर थी।{{Sfn|Bowker|2003|p=411}}
जून १९५२ में ऑरवेल की विधवा सोनिया ब्रोंवेल ने एकमात्र जीवित पांडुलिपि को ५० पाउंड में चैरिटी नीलामी में बेच दिया।{{Sfn|Bowker|2003|p=426}} मसौदा ऑरवेल से एकमात्र जीवित साहित्यिक पांडुलिपि बना हुआ है, और वर्तमान में प्रोविडेंस, रोड आइलैंड में ब्राउन विश्वविद्यालय में जॉन हे लाइब्रेरी में आयोजित किया गया है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.providencejournal.com/news/20190917/brown-library-buys-singer-janis-ians-collection-of-fantasy-science-fiction|title=Brown library buys singer Janis Ian's collection of fantasy, science fiction|website=providencejournal.com|access-date=24 September 2019}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://blogs.brown.edu/libnews/1984-70th/|title=Announcement {{!}} 70th Anniversary of Orwell's Nineteen Eighty-Four {{!}} Brown University Library News|last=Braga|first=Jennifer|access-date=24 September 2019|archive-date=24 सितंबर 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190924193342/https://blogs.brown.edu/libnews/1984-70th/|url-status=dead}}</ref>
== कथानक ==
१९८४ में विश्व युद्ध, नागरिक संघर्ष और क्रांति से सभ्यता तबाह हो गई थी। हवाई पट्टी वन (पूर्व में ग्रेट ब्रिटेन के रूप में जाना जाता है) ओशिनिया का एक प्रांत है, जो दुनिया पर शासन करने वाले तीन [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी]] सुपर-राज्यों में से एक है। यह "द पार्टी" द्वारा "इंग्सोक" ("अंग्रेजी समाजवाद" का एक समाचार पत्र छोटा) और रहस्यमय नेता बिग ब्रदर की विचारधारा के तहत शासित है, जिसके पास व्यक्तित्व का एक गहन पंथ है। थॉट पुलिस और टेलीस्क्रीन (दो-तरफ़ा टेलीविज़न), कैमरा और छिपे हुए माइक्रोफ़ोन के माध्यम से निरंतर निगरानी का उपयोग करके, पार्टी क्रूरता से किसी को भी बाहर निकाल देती है, जो पूरी तरह से उनके शासन के अनुरूप नहीं है। जो लोग पार्टी के समर्थन से बाहर हो जाते हैं, वे "अव्यक्तिगत" बन जाते हैं, उनके अस्तित्व के सभी सबूत नष्ट हो जाते हैं।
[[लंदन]] में विंस्टन स्मिथ सत्य मंत्रालय में कार्यरत आउटर पार्टी के सदस्य हैं, जहां वे राज्य के इतिहास के हमेशा बदलते संस्करण के अनुरूप [[ऐतिहासिक निषेधवाद|ऐतिहासिक अभिलेखों को फिर से लिखते हैं]] । विंस्टन ''द टाइम्स'' के पिछले संस्करणों को संशोधित करता है, जबकि मूल दस्तावेजों को स्मृति छिद्रों के रूप में ज्ञात नलिकाओं में गिराए जाने के बाद नष्ट कर दिया जाता है, जिससे एक विशाल भट्टी बन जाती है। वह गुप्त रूप से पार्टी के शासन का विरोध करता है और विद्रोह के सपने देखता है, यह जानते हुए भी कि वह पहले से ही एक "विचार-अपराधी" है और एक दिन पकड़े जाने की संभावना है।
एक [[सर्वहारा|गद्य]] पड़ोस में रहते हुए वह एक प्राचीन वस्तुओं की दुकान के मालिक मिस्टर चाररिंगटन से मिलता है, और एक डायरी खरीदता है जहाँ वह पार्टी और बिग ब्रदर की आलोचनाएँ लिखता है। अपने निराशा के लिए, जब वह एक तिमाही का दौरा करता है तो उसे पता चलता है कि उनके पास कोई राजनीतिक चेतना नहीं है। जब वह सत्य मंत्रालय में काम करता है, तो वह मंत्रालय में उपन्यास-लेखन मशीनों को बनाए रखने वाली एक युवा महिला जूलिया को देखता है, जिस पर विंस्टन जासूस होने का संदेह करता है, और उसके प्रति तीव्र घृणा पैदा करता है। उन्हें अस्पष्ट रूप से संदेह है कि उनके वरिष्ठ, इनर पार्टी के एक अधिकारी ओ'ब्रायन, ब्रदरहुड के रूप में जाने जाने वाले एक गूढ़ भूमिगत प्रतिरोध आंदोलन का हिस्सा हैं, जो बिग ब्रदर के बदनाम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इमैनुएल गोल्डस्टीन द्वारा गठित है।
एक दिन, जूलिया चुपके से विंस्टन को एक प्रेम पत्र सौंपती है, और दोनों एक गुप्त संबंध शुरू करते हैं। जूलिया बताती है कि वह भी पार्टी से घृणा करती है, लेकिन विंस्टन देखती है कि वह राजनीतिक रूप से उदासीन है और शासन को उखाड़ फेंकने में उदासीन है। शुरू में देश में मिलने के बाद वे बाद में मिस्टर चारिंगटन की दुकान के ऊपर एक किराए के कमरे में मिलते हैं। अफेयर के दौरान, विंस्टन को १९५० के गृहयुद्ध के दौरान अपने परिवार के लापता होने और अपनी प्रतिष्ठित पत्नी कैथरीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों को याद है। सप्ताह बाद ओ'ब्रायन विंस्टन को अपने फ्लैट में आमंत्रित करता है, जहां वह खुद को ब्रदरहुड के सदस्य के रूप में पेश करता है और विंस्टन को गोल्डस्टीन द्वारा ''द थ्योरी एंड प्रैक्टिस ऑफ ओलिगार्किकल कलेक्टिविज्म'' की एक प्रति भेजता है। इस बीच, राष्ट्र के नफरत सप्ताह के दौरान, ओशिनिया का दुश्मन अचानक यूरेशिया से ईस्टासिया में बदल जाता है, जिस पर ज्यादातर ध्यान नहीं दिया जाता है। विंस्टन को रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करने में मदद करने के लिए मंत्रालय को वापस बुलाया गया है। विंस्टन और जूलिया ने गोल्डस्टीन की किताब के कुछ हिस्सों को पढ़ा, जो बताता है कि पार्टी कैसे सत्ता बनाए रखती है, इसके नारों के सही अर्थ और सतत युद्ध की अवधारणा। यह तर्क देता है कि अगर पार्टी इसके खिलाफ उठती है तो पार्टी को उखाड़ फेंका जा सकता है। हालाँकि, विंस्टन को कभी भी उस अध्याय को पढ़ने का अवसर नहीं मिलता है जो बताता है कि 'क्यों' पार्टी को सत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है।
विंस्टन और जूलिया को पकड़ लिया जाता है जब मिस्टर चारिंगटन को थॉट पुलिस एजेंट के रूप में प्रकट किया जाता है, और उन्हें प्रेम मंत्रालय में कैद कर दिया जाता है। ओ'ब्रायन आता है, खुद को थॉट पुलिस एजेंट के रूप में भी प्रकट करता है। ओ'ब्रायन विंस्टन से कहते हैं कि उन्हें कभी पता नहीं चलेगा कि ब्रदरहुड वास्तव में मौजूद है या नहीं और गोल्डस्टीन की पुस्तक उनके और पार्टी के अन्य सदस्यों द्वारा सहयोगात्मक रूप से लिखी गई थी। कई महीनों तक, विंस्टन को भूखा रखा गया और अपने विश्वासों को पार्टी के अनुरूप लाने के लिए प्रताड़ित किया गया। ओ'ब्रायन विंस्टन को पुनः शिक्षा के अंतिम चरण के लिए कमरा १०१ में ले जाता है, जिसमें प्रत्येक कैदी का सबसे बुरा डर होता है। जब उन्मत्त चूहों को पकड़ने वाले पिंजरे से सामना हुआ, तो विंस्टन ने खुद को बचाने के लिए जूलिया की निंदा की, और पार्टी के प्रति निष्ठा की प्रतिज्ञा की।
विंस्टन सार्वजनिक जीवन में वापस आ गया है और चेस्टनट ट्री कैफे में लगातार आता रहता है। एक दिन, विंस्टन का सामना जूलिया से होता है, जिसे भी प्रताड़ित किया गया था। दोनों बताते हैं कि उन्होंने दूसरे को धोखा दिया और अब प्यार में नहीं हैं। कैफे में वापस, एक समाचार अलर्ट [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] में यूरेशियन सेनाओं पर ओशिनिया की भारी जीत का जश्न मनाता है। विंस्टन अंत में स्वीकार करता है कि वह बिग ब्रदर से प्यार करता है।
== पात्र ==
=== मुख्य पात्र ===
* विंस्टन स्मिथ - ३९ वर्षीय नायक जो विद्रोह के विचारों को आश्रय देने वाला एक कट्टरपंथी है और क्रांति से पहले पार्टी की शक्ति और अतीत के बारे में उत्सुक है।
* जूलिया - विंस्टन का प्रेमी जो एक गुप्त "कमर से नीचे की ओर विद्रोही" है, जो कट्टरपंथी जूनियर एंटी-सेक्स लीग के सदस्य के रूप में सार्वजनिक रूप से पार्टी सिद्धांत का समर्थन करता है। जूलिया विद्रोह के अपने छोटे-छोटे कामों का आनंद लेती है और अपनी जीवन शैली को छोड़ने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
* ओ ब्रायन - एक रहस्यमय चरित्र, ओ'ब्रायन इनर पार्टी का सदस्य है जो विंस्टन को पकड़ने के लिए प्रति-क्रांतिकारी प्रतिरोध द ब्रदरहुड के सदस्य के रूप में प्रस्तुत करता है। वह विंस्टन और जूलिया को धोखा देने, फंसाने और पकड़ने का इरादा रखने वाला जासूस है। ओ'ब्रायन का मार्टिन नाम का एक नौकर है।
=== गौण वर्ण ===
* आरोनसन, जोन्स और रदरफोर्ड - इनर पार्टी के पूर्व सदस्य जिन्हें विंस्टन अस्पष्ट रूप से क्रांति के मूल नेताओं के रूप में याद करते हैं, बिग ब्रदर के बारे में सुनने से बहुत पहले। उन्होंने विदेशी शक्तियों के साथ देशद्रोह की साजिशों को कबूल किया और फिर १९६० के दशक के राजनीतिक शुद्धिकरण में उन्हें अंजाम दिया गया। उनके कबूलनामे और फाँसी के बीच, विंस्टन ने उन्हें चेस्टनट ट्री कैफे में शराब पीते हुए देखा - टूटी हुई नाक के साथ, यह सुझाव देते हुए कि उनकी स्वीकारोक्ति यातना द्वारा प्राप्त की गई थी। बाद में अपने संपादकीय कार्य के दौरान, विंस्टन अखबार के सबूतों को उनके बयानों का खंडन करते हुए देखता है, लेकिन इसे स्मृति छेद में छोड़ देता है। ग्यारह साल बाद पूछताछ के दौरान उसी तस्वीर के साथ उसका सामना हुआ।
* बहुत आगे - विंस्टन के एक बार के रिकॉर्ड विभाग के सहयोगी, जिन्हें किपलिंग कविता में "गॉड" शब्द छोड़ने के लिए कैद किया गया था क्योंकि उन्हें "रॉड" के लिए एक और तुकबंदी नहीं मिली थी;{{Refn|This may be a reference to "[[McAndrew's Hymn]]", which includes the lines "From coupler-flange to spindle-guide I see Thy Hand, O God— / Predestination in the stride o' yon connectin'-rod".<ref>{{cite magazine |url=https://lareviewofbooks.org/article/george-orwell-weighs-scottish-independence/#! |title=George Orwell Weighs in on Scottish Independence |magazine=[[LA Review of Books]] |first=Nina |last=Martyris
|date=18 September 2014 |access-date=20 October 2017}}</ref>}} विंस्टन ने प्रेम मंत्रालय में उसका सामना किया। एम्पलफोर्थ एक सपने देखने वाला और बुद्धिजीवी है जो अपने काम का आनंद लेता है, और कविता और भाषा का सम्मान करता है, जो उन लक्षणों का कारण बनता है जो उसे पार्टी से अलग करते हैं।
* चाररिंगटन - थॉट पुलिस का एक अधिकारी गद्य के बीच एक सहानुभूतिपूर्ण प्राचीन वस्तुओं के डीलर के रूप में प्रस्तुत करता है।
* कथरीन स्मिथ - भावनात्मक रूप से उदासीन पत्नी जिसे विंस्टन "छुटकारा नहीं पा सकता"। संभोग को नापसंद करने के बावजूद, कैथरीन ने विंस्टन से शादी की क्योंकि यह उनका "पार्टी के प्रति कर्तव्य" था। हालाँकि वह एक "अच्छे विचारक" विचारक थे, वे अलग हो गए क्योंकि दंपति बच्चों को गर्भ धारण नहीं कर सके। तलाक की अनुमति नहीं है, लेकिन जिन जोड़ों के बच्चे नहीं हो सकते वे अलग रह सकते हैं। अधिकांश कहानी के लिए विंस्टन अस्पष्ट आशा में रहता है कि कैथरीन मर सकती है या "छुटकारा पा सकती है" ताकि वह जूलिया से शादी कर सके। कई साल पहले मौका मिलने पर उसे खदान के किनारे धकेल कर उसे मारने का पछतावा नहीं हुआ।
* टॉम पार्सन्स - विंस्टन का भोला पड़ोसी, और बाहरी पार्टी का एक आदर्श सदस्य: एक अशिक्षित, विचारोत्तेजक व्यक्ति जो पार्टी के प्रति पूरी तरह से वफादार है, और पूरी तरह से अपनी आदर्श छवि में विश्वास करता है। वह सामाजिक रूप से सक्रिय है और अपने सामाजिक वर्ग के लिए पार्टी की गतिविधियों में भाग लेता है। वह स्मिथ के प्रति मित्रवत है, और अपनी राजनीतिक अनुरूपता के बावजूद अपने धमकाने वाले बेटे को विंस्टन पर गुलेल चलाने के लिए दंडित करता है। बाद में एक कैदी के रूप में विंस्टन देखता है कि पार्सन्स प्रेम मंत्रालय में है, क्योंकि उसकी बेटी ने थॉट पुलिस को यह कहते हुए उसकी सूचना दी थी कि उसने उसे नींद में बिग ब्रदर के खिलाफ बोलते हुए सुना था। यहां तक कि इससे पार्टी में उनका विश्वास कम नहीं होता है, और वे कहते हैं कि वे कठिन श्रम शिविरों में "अच्छा काम" कर सकते हैं।
* श्रीमती। पार्सन्स - पार्सन्स की पत्नी एक वानर और असहाय महिला है जो अपने ही बच्चों से डरती है।
** पार्सन्स बच्चे - नौ साल का बेटा और सात साल की बेटी। दोनों जासूसों के सदस्य हैं, एक युवा संगठन जो पार्टी के आदर्शों के साथ बच्चों को प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित करता है और उन्हें अपरंपरागत की किसी भी संदिग्ध घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए प्रशिक्षित करता है। वे महासागरीय नागरिकों की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, बिग ब्रदर के सामने जीवन की स्मृति के बिना, और पारिवारिक संबंधों या भावनात्मक भावना के बिना; आंतरिक पार्टी द्वारा परिकल्पित आदर्श समाज।
* सिमे - सत्य मंत्रालय में विंस्टन के सहयोगी, एक [[कोशकर्म|कोशकार जो]] न्यूस्पीक शब्दकोश के एक नए संस्करण को संकलित करने में शामिल है। हालांकि वह अपने काम और पार्टी के लिए समर्थन को लेकर उत्साहित हैं, विंस्टन कहते हैं, "वह बहुत बुद्धिमान हैं। वह बहुत स्पष्ट रूप से देखता है और बहुत स्पष्ट रूप से बोलता है।" विंस्टन भविष्यवाणी करता है, सही ढंग से कि साइम एक अव्यक्ति बन जाएगा।
इसके अतिरिक्त, उपन्यास में उल्लिखित निम्नलिखित पात्र, १९८४ के विश्व-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्या ये पात्र वास्तविक हैं या पार्टी प्रचार के ताने-बाने कुछ ऐसा है जिसे न तो विंस्टन और न ही पाठक को जानने की अनुमति है:
* बिग ब्रदर - ओशिनिया पर शासन करने वाली पार्टी के नेता और प्रमुख। उसके चारों ओर व्यक्तित्व का एक गहरा पंथ बनता है।
* इमैनुएल गोल्डस्टीन - स्पष्ट रूप से पार्टी में एक पूर्व प्रमुख व्यक्ति जो ब्रदरहुड के प्रति-क्रांतिकारी नेता बन गए, और ''द थ्योरी एंड प्रैक्टिस ऑफ ओलिगार्किकल कलेक्टिविज्म'' पुस्तक के लेखक हैं। गोल्डस्टीन राज्य का प्रतीकात्मक दुश्मन है - राष्ट्रीय अभिशाप जो वैचारिक रूप से ओशिनिया के लोगों को पार्टी के साथ एकजुट करता है, विशेष रूप से दो मिनट की नफरत और अन्य प्रकार के भय के दौरान।
== सेटिंग ==
=== विश्व का इतिहास ===
==== क्रांति ====
ऑरवेल के पहले के कई लेख स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि उन्होंने मूल रूप से यूके में समाजवादी क्रांति की संभावना का स्वागत किया था, और वास्तव में ऐसी क्रांति में भाग लेने की उम्मीद की थी। "इंग्लिश सोशलिज्म" की अवधारणा पहली बार ऑरवेल के १९४१ के निबंध "द लायन एंड द यूनिकॉर्न: सोशलिज्म एंड द इंग्लिश जीनियस" में दिखाई दी, जिसमें ऑरवेल ने एक अपेक्षाकृत मानवीय क्रांति को रेखांकित किया - एक क्रांतिकारी शासन की स्थापना की जो "देशद्रोहियों को गोली मार देगी, लेकिन उन्हें एक पहले से गंभीर परीक्षण, और कभी-कभी उन्हें बरी कर देता है" और जो "किसी भी खुले विद्रोह को तुरंत और क्रूरता से कुचल देगा, लेकिन बोले गए और लिखित शब्द के साथ बहुत कम हस्तक्षेप करेगा"; १९४१ में ऑरवेल ने जिस "इंग्लिश सोशलिज्म" का अनुमान लगाया था, वह "हाउस ऑफ लॉर्ड्स को समाप्त कर देगा, लेकिन राजशाही को बनाए रखेगा"।
उपन्यास में विंस्टन स्मिथ की यादें और इमॅन्यूएल गोल्डस्टीन द्वारा निषिद्ध पुस्तक, ''द थ्योरी एंड प्रैक्टिस ऑफ ओलिगार्किकल कलेक्टिविज्म'' के उनके पढ़ने से पता चलता है कि [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के बाद यूनाइटेड किंगडम १९५० के दशक की शुरुआत में एक युद्ध में शामिल हो गया जिसमें [[परमाणु बम|परमाणु हथियार थे]] यूरोप, पश्चिमी रूस और उत्तरी अमेरिका के सैकड़ों शहरों को नष्ट कर दिया। [[कोलचेस्टर|कोलचेस्टर को]] नष्ट कर दिया गया था, और लंदन को भी व्यापक हवाई हमलों का सामना करना पड़ा, जिससे विंस्टन के परिवार को [[लंदन अंडरग्राउंड]] स्टेशन में शरण लेनी पड़ी। संयुक्त राज्य अमेरिका ने [[राष्ट्रकुल|ब्रिटिश राष्ट्रमंडल]] और लैटिन अमेरिका को अवशोषित कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप ओशिनिया का सुपरस्टेट बन गया। नया राष्ट्र गृहयुद्ध में गिर गया, लेकिन किससे लड़ा यह स्पष्ट नहीं है (बच्चे विंस्टन का एक संदर्भ है कि उसने गलियों में प्रतिद्वंद्वी मिलिशिया को देखा था, प्रत्येक के पास अपने सदस्यों के लिए एक अलग रंग की शर्ट थी)। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पार्टी का नाम क्या था, जबकि एक से अधिक थे, और क्या यह ब्रिटिश लेबर पार्टी का एक कट्टरपंथी गुट था या १९५० के अशांत के दौरान उत्पन्न एक नया गठन था। आखिरकार, इंग्सोक जीत गया और धीरे-धीरे ओशिनिया में [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी सरकार का]] गठन किया। ऑरवेल उपन्यास में यह नहीं बताते हैं कि कैसे अमेरिका ने "अंग्रेजी समाजवाद" को अपनी सत्तारूढ़ विचारधारा के रूप में अपनाया; उनके जीवनकाल में यूके में एक समाजवादी क्रांति एक ठोस संभावना थी, और इसे गंभीरता से लिया गया था, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में किसी भी प्रकार का समाजवाद एक मामूली घटना थी।
इस बीच, यूरेशिया का गठन तब हुआ जब [[सोवियत संघ|सोवियत संघ ने]] [[महाद्वीपीय यूरोप|मुख्य भूमि यूरोप पर]] विजय प्राप्त की, एक नव- [[स्टालिनवाद|स्तालिनवादी]] शासन के तहत [[पुर्तगाल]] से [[बेरिंग जलसन्धि|बेरिंग जलडमरूमध्य]] तक फैला एक एकल राज्य बनाया। वास्तव में १९४०-१९४४ की स्थिति - पूरे चैनल में एक दुश्मन-नियंत्रित यूरोप का सामना कर रहे ब्रिटेन - को फिर से बनाया गया था, और इस बार स्थायी रूप से - किसी भी पक्ष ने आक्रमण पर विचार नहीं किया, उनके युद्ध दुनिया के अन्य हिस्सों में हुए। ईस्टासिया, अंतिम सुपरस्टेट स्थापित, "एक दशक की भ्रमित लड़ाई" के बाद ही उभरा। इसमें चीन और जापान द्वारा जीते गए एशियाई देश शामिल हैं। (किताब १९४९ में गृह युद्ध में [[माओ से-तुंग|माओत्से तुंग]] की चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की जीत से पहले लिखी गई थी)। हालांकि ईस्टासिया को यूरेशिया के आकार से मेल खाने से रोका गया है, लेकिन इसकी बड़ी आबादी उस बाधा की भरपाई करती है।
जबकि प्रत्येक राज्य में नागरिकों को अन्य दो की विचारधाराओं को असभ्य और बर्बर मानने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, गोल्डस्टीन की पुस्तक बताती है कि वास्तव में अंधविश्वासों की विचारधारा व्यावहारिक रूप से समान है और इस तथ्य की जनता की अज्ञानता अनिवार्य है ताकि वे अन्यथा विश्वास करना जारी रख सकें। . महासागरीय नागरिकता के लिए बाहरी दुनिया का एकमात्र संदर्भ "युद्ध" में लोगों के विश्वास को सुनिश्चित करने के लिए सत्य मंत्रालय द्वारा बनाए गए [[अधिप्रचार|प्रचार]] और (शायद नकली) नक्शे हैं।
हालांकि, इस तथ्य के कारण कि विंस्टन को केवल इन घटनाओं के साथ-साथ पार्टी के ऐतिहासिक अभिलेखों में निरंतर हेरफेर को याद नहीं है, इन घटनाओं की निरंतरता और सटीकता अज्ञात है, और वास्तव में सुपरस्टेट्स के सत्तारूढ़ दलों ने अपनी शक्ति कैसे हासिल की, यह भी बाकी है अस्पष्ट। विंस्टन ने नोट किया कि पार्टी ने हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज का आविष्कार करने के लिए श्रेय का दावा किया है, जबकि जूलिया का मानना है कि लंदन की सतत बमबारी केवल एक [[छद्म ध्वज|झूठा-ध्वज अभियान]] है जो जनता को यह विश्वास दिलाने के लिए बनाया गया है कि युद्ध हो रहा है। यदि आधिकारिक खाता सटीक था, तो स्मिथ की मजबूत यादें और उनके परिवार के विघटन की कहानी बताती है कि परमाणु बमबारी पहले हुई, उसके बाद गृह युद्ध "लंदन में ही भ्रमित सड़क लड़ाई" और सामाजिक युद्ध के बाद के पुनर्गठन की विशेषता थी, जिसे पार्टी पूर्वव्यापी रूप से बुलाती है "क्रांति"।
सटीक कालक्रम का पता लगाना बहुत मुश्किल है, लेकिन अधिकांश वैश्विक सामाजिक पुनर्गठन १९४५ और १९६० के दशक की शुरुआत के बीच हुआ। विंस्टन और जूलिया एक चर्च के खंडहर में मिलते हैं जो "तीस साल पहले" एक परमाणु हमले में नष्ट हो गया था, जो १९५४ को परमाणु युद्ध के वर्ष के रूप में बताता है जिसने समाज को अस्थिर कर दिया और पार्टी को सत्ता पर कब्जा करने की अनुमति दी। उपन्यास में कहा गया है कि "१९८३ की चौथी तिमाही" "नौवीं तीन-वर्षीय योजना की छठी तिमाही" भी थी, जिसका अर्थ है कि पहली तीन-वर्षीय योजना १९५८ में शुरू हुई थी। उसी वर्ष तक, पार्टी ने जाहिर तौर पर ओशिनिया पर नियंत्रण हासिल कर लिया था।
अन्य बातों के अलावा, क्रांति सभी धर्मों को पूरी तरह से मिटा देती है। जबकि भूमिगत "ब्रदरहुड" मौजूद हो सकता है या नहीं भी हो सकता है, किसी भी धर्म को भूमिगत रखने की कोशिश करने वाले किसी पादरी का कोई सुझाव नहीं है। यह नोट किया गया है कि, चूंकि पार्टी वास्तव में इस बात की परवाह नहीं करती है कि गद्य क्या सोचते हैं या क्या करते हैं, हो सकता है कि उन्हें धार्मिक पूजा करने की अनुमति दी गई हो, लेकिन वे ऐसा कोई झुकाव नहीं दिखाते हैं। "सोचा अपराधियों" से निकाले गए प्रकट रूप से बेतुके "कबूलनामे" में धार्मिक विश्वास है - हालाँकि, कोई भी इसे गंभीरता से नहीं लेता है। चर्चों को ध्वस्त कर दिया गया है या अन्य उपयोगों में परिवर्तित कर दिया गया है - सेंट मार्टिन-इन-द-फील्ड्स एक सैन्य संग्रहालय बन गया है, जबकि द्वितीय विश्वयुद्ध बमबारी में नष्ट हुए सेंट क्लेमेंट डेन्स का इस भविष्य में कभी पुनर्निर्माण नहीं किया गया है। अपेक्षाकृत आसानी से धर्म को पूरी तरह से नष्ट करने वाले एक क्रांतिकारी शासन के विचार को [[ऍच॰ जी॰ वेल्स|एचजीवेल्स]] की ' ''द शेप ऑफ थिंग्स टू कम''' के अन्यथा बहुत अलग भविष्य के साथ साझा किया गया है।
==== युद्ध ====
१९८४ में वैश्विक परमाणु युद्ध से उभरे सुपरस्टेट्स ओशिनिया, यूरेशिया और ईस्टासिया के बीच एक सतत युद्ध है। इमैनुएल गोल्डस्टीन द्वारा ''द थ्योरी एंड प्रैक्टिस ऑफ़ ऑलिगार्सिकल कलेक्टिविज़्म'', बताता है कि प्रत्येक राज्य इतना मजबूत है कि गठबंधन बदलने के बावजूद, दो सुपरस्टेट्स की संयुक्त ताकतों के साथ भी इसे हराया नहीं जा सकता है। इस तरह के विरोधाभासों को छिपाने के लिए, अंधराज्यों की सरकारें इतिहास को फिर से लिखती हैं ताकि यह समझाया जा सके कि (नया) गठबंधन हमेशा ऐसा ही था; आबादी पहले से ही इसे दोबारा सोचने और स्वीकार करने की आदी है। युद्ध ओशियानियन, यूरेशियन या ईस्टाशियन क्षेत्र में नहीं लड़ा गया है, लेकिन आर्कटिक कचरे और एक विवादित क्षेत्र में [[टैंजियर|टांगियर्स]] (उत्तरी अफ्रीका) से [[डार्विन, नॉर्थर्न टेरिटरी|डार्विन (ऑस्ट्रेलिया)]] तक समुद्र और भूमि शामिल है। शुरुआत में ओशिनिया और ईस्टासिया उत्तरी अफ्रीका और [[मालाबार सागरतट|मालाबार तट]] में यूरेशिया से लड़ने वाले सहयोगी हैं।
वह गठबंधन समाप्त हो जाता है, और ओशिनिया, यूरेशिया के साथ संबद्ध, ईस्टासिया से लड़ता है, हेट वीक पर होने वाला एक बदलाव, जो पार्टी के सतत युद्ध के लिए देशभक्ति का उत्साह पैदा करने के लिए समर्पित है। जनता परिवर्तन के प्रति अंधी है; मध्य-वाक्य में एक वक्ता बिना रुके दुश्मन का नाम "यूरेशिया" से बदलकर "ईस्टासिया" कर देता है। जब जनता यह देखकर क्रोधित होती है कि गलत झंडे और पोस्टर प्रदर्शित किए जाते हैं, तो वे उन्हें फाड़ देते हैं; पार्टी ने बाद में पूरे अफ्रीका पर कब्जा करने का दावा किया।
गोल्डस्टीन की पुस्तक बताती है कि अविजित, सतत युद्ध का उद्देश्य मानव श्रम और वस्तुओं का उपभोग करना है ताकि एक सुपरस्टेट की अर्थव्यवस्था प्रत्येक नागरिक के लिए जीवन के उच्च स्तर के साथ आर्थिक समानता का समर्थन न कर सके। अधिकांश उत्पादित वस्तुओं का उपयोग करके, गद्य को गरीब और अशिक्षित रखा जाता है, और पार्टी को उम्मीद है कि उन्हें न तो यह एहसास होगा कि सरकार क्या कर रही है और न ही विद्रोह कर रही है। गोल्डस्टीन आक्रमण से पहले दुश्मन के शहरों पर परमाणु रॉकेटों से हमला करने की एक महासागरीय रणनीति का भी विवरण देता है लेकिन इसे अव्यावहारिक और युद्ध के उद्देश्य के विपरीत कहकर खारिज करता है; १९५० के दशक में शहरों पर परमाणु बमबारी के बावजूद, सुपरस्टेट्स ने इसे इस डर से रोक दिया कि यह शक्तियों को असंतुलित कर देगा। उपन्यास में सैन्य तकनीक द्वितीय विश्व युद्ध से बहुत कम भिन्न है, लेकिन रणनीतिक बमवर्षक विमानों को रॉकेट बमों से बदल दिया गया है, हेलीकॉप्टरों को युद्ध के हथियारों के रूप में भारी इस्तेमाल किया गया था (वे द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत मामूली थे) और सतही लड़ाकू इकाइयां सभी लेकिन अपार और अकल्पनीय फ़्लोटिंग किले (एक एकल, अर्ध-मोबाइल प्लेटफॉर्म में एक पूरे नौसेना टास्क फोर्स की मारक क्षमता को केंद्रित करने वाले द्वीप-जैसे गर्भनिरोधक; उपन्यास में एक को [[आइसलैण्ड|आइसलैंड]] और [[फ़रो द्वीपसमूह|फरो आइलैंड्स]] के बीच लंगर डाले जाने के लिए कहा गया है) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। सी लेन इंटरडिक्शन और इनकार के लिए प्राथमिकता)।
क्लॉड रोज़ेनहोफ़ नोट करते हैं कि:
{{Quote|''उन्नीस सौ चौरासी'' में युद्ध की किसी भी खबर पर किसी भी तरह से किसी चीज की रिपोर्ट के रूप में भरोसा नहीं किया जा सकता है जो वास्तव में हुआ था (पुस्तक के कथानक के फ्रेम के भीतर)। विंस्टन स्मिथ को खुद को एक ऐसे युद्ध नायक की खोज के रूप में दर्शाया गया है जो कभी अस्तित्व में नहीं था और उसके लिए विभिन्न कार्यों को जिम्मेदार ठहराया जो कभी नहीं हुआ।<ref>''Nineteen Eighty-Four'', Part One, Ch. 4.</ref> ओशिनिया के गठबंधन में बदलाव के बाद, यूरेशिया के बजाय ईस्टासिया से लड़ने के बाद, सत्य का पूरा मंत्रालय यूरेशिया के साथ युद्ध की सभी रिपोर्टों को मिटाने और "युद्ध को दुनिया के दूसरे हिस्से में ले जाने" के गहन प्रयास में लगा हुआ है।<ref>''Nineteen Eighty-Four'', Part Two, Ch. 8.</ref>—इसलिए हम एक तथ्य के लिए जानते हैं कि युद्ध के पिछले पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड झूठे हैं, उन लड़ाइयों को दर्शाते हैं जो उन जगहों पर कभी नहीं हुईं जहां युद्ध नहीं हुआ था - लेकिन यह अच्छी तरह से हो सकता है कि यूरेशिया के साथ युद्ध के पहले के रिकॉर्ड, जो नष्ट और मिटा दिए गए थे, उतने ही झूठे थे। (...) अंतिम अध्याय में युद्ध समाचार के प्रमुख अंश पर भी यही संदेह लागू होता है<ref>''Nineteen Eighty-Four'', Part Three, Ch. 6.</ref>—अफ्रीका के पूरे महाद्वीप को घेरने वाली एक टाइटैनिक लड़ाई, रणनीतिक आश्चर्य के एक शानदार टुकड़े के कारण ओशिनिया द्वारा जीती गई और अंत में स्मिथ को बिग ब्रदर की प्रतिभा साबित हुई। यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि ऐसी कोई लड़ाई "वास्तव में" अफ्रीका में हुई थी या नहीं। और न ही हम यह जान सकते हैं कि क्या शानदार युद्ध समाचार का यह अंश पूरे ओशिनिया में प्रसारित किया गया था, या क्या यह केवल चेस्टनट ट्री कैफे में टेलीस्क्रीन में प्रसारित एक विशेष "शो" था, जिसका एकमात्र उद्देश्य विंस्टन स्मिथ पर बिल्कुल मनोवैज्ञानिक प्रभाव था। जो इसके पास था। वास्तव में, वहाँ मार्ग है जहाँ जूलिया को संदेह है कि कोई भी युद्ध हो रहा है, और संदेह है कि लंदन पर कभी-कभी गिरने वाले रॉकेटों को ओशिनिया की सरकार द्वारा खुद को अपने पैर की उंगलियों पर रखने के लिए निकाल दिया जाता है - हालांकि विंस्टन ने उसे जाने नहीं दिया आधिकारिक प्रचार के बारे में संदेह इतनी दूर तक जाता है। (...) और हम, एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज में रहते हुए, हमारे तथाकथित स्वतंत्र प्रेस द्वारा हमें बताई गई बातों की निष्पक्षता से कितनी जांच कर सकते हैं?<ref>{{cite journal |title=How Far Did Orwell's Wartime Work In The BBC Inspire The Ministry Of Truth? |first1=Claude I. |last1=Rozenhof |first2=Garziela |last2=de Los Rios |year=1987 |journal=Academic Workshop on Propaganda and Counter-Propaganda |pages=7, 12}}</ref>|}}
=== राजनीतिक भूगोल ===
[[चित्र:1984_fictitious_world_map_v2_quad.svg|अंगूठाकार|473x473पिक्सेल| हल्के पीले रंग में "विवादित क्षेत्र" के साथ ''उन्नीस सौ चौरासी'' के तीन सुपरस्टेट्स को दर्शाने वाला नक्शा]]
उपन्यास में तीन सतत युद्धरत [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी]] अंधविश्वास दुनिया को नियंत्रित करते हैं:<ref name="Part II, Ch. 9">Part II, Ch. 9.</ref>
* ओशिनिया (विचारधारा: इंग्सोक, ओल्डस्पीक में अंग्रेजी समाजवाद के रूप में जाना जाता है), जिसका मुख्य क्षेत्र "[[महाअमेरिका|अमेरिका]], अटलांटिक द्वीप समूह, ब्रिटिश द्वीपों, [[ऑस्ट्रेलेशिया|आस्ट्रेलिया]] और [[अफ़्रीका|अफ्रीका]] के दक्षिणी भाग सहित" हैं।
* यूरेशिया (विचारधारा: नव-बोल्शेविज़्म), जिसका मुख्य क्षेत्र" [[पुर्तगाल]] से [[बेरिंग जलसन्धि|बेरिंग जलडमरूमध्य]] तक [[यूरोप|यूरोपीय]] और [[एशिया|एशियाई भूभाग]] का संपूर्ण उत्तरी भाग है।"
* ईस्टासिया (विचारधारा: स्व का विस्मरण, जिसे मृत्यु-पूजा के रूप में भी जाना जाता है), जिसका मुख्य क्षेत्र "[[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] और [[दक्षिण पूर्व एशिया|इसके दक्षिण के देश]], [[जापान|जापानी द्वीप समूह]], और [[मंचूरिया]], [[मंगोलिया]] और [[तिब्बत]] का एक बड़ा लेकिन उतार-चढ़ाव वाला हिस्सा है।"
सुपरस्टेट्स की सीमाओं के बीच स्थित "विवादित क्षेत्र" के नियंत्रण के लिए सतत युद्ध लड़ा जाता है, जो "[[टैंजियर]], [[ब्राज़िविले|ब्राज़ाविल]], [[डार्विन, नॉर्थर्न टेरिटरी|डार्विन]] और [[हॉन्ग कॉन्ग|हांगकांग]] में अपने कोनों के साथ एक मोटा [[चतुर्भुज]] बनाता है",<ref name="Part II, Ch. 9">Part II, Ch. 9.</ref> जिसमें इक्वेटोरियल अफ्रीका शामिल है, [[मध्य पूर्व]], [[भारत]] और [[इंडोनेशिया]] । विवादित क्षेत्र वह है जहां सुपरस्टेट दास श्रम को पकड़ते हैं। मंचूरिया, मंगोलिया और [[मध्य एशिया]] में यूरेशिया और ईस्टासिया के बीच और भारतीय और प्रशांत महासागर में विभिन्न द्वीपों पर यूरेशिया और ओशिनिया के बीच लड़ाई भी होती है।
=== ओशिनिया के मंत्रालय ===
लंदन में हवाई पट्टी वन की राजधानी, ओशिनिया के चार सरकारी मंत्रालय पिरामिड (३०० मीटर ऊंचे) में हैं, जिनमें से अग्रभाग पार्टी के तीन नारों को प्रदर्शित करता है - "युद्ध शांति है", "स्वतंत्रता गुलामी है", "अज्ञानता शक्ति है" . जैसा कि उल्लेख किया गया है, मंत्रालयों को जानबूझकर उनके वास्तविक कार्यों के विपरीत (डबलथिंक) के नाम पर रखा गया है: "शांति मंत्रालय युद्ध के साथ खुद को चिंतित करता है, झूठ के साथ सत्य मंत्रालय, यातना के साथ प्रेम मंत्रालय और भुखमरी के साथ भरपूर मंत्रालय।" (भाग दो, अध्याय नौ - ''कुलीन सामूहिकता का सिद्धांत और अभ्यास'')।
जबकि एक मंत्रालय का नेतृत्व एक मंत्री द्वारा किया जाता है, इन चार मंत्रालयों के प्रमुख मंत्रियों का कभी उल्लेख नहीं किया जाता है। ऐसा लगता है कि वे जनता की दृष्टि से पूरी तरह से बाहर हैं, बिग ब्रदर सरकार का एकमात्र, कभी-कभी मौजूद सार्वजनिक चेहरा है। इसके अलावा, जब युद्ध लड़ने वाली सेना का नेतृत्व आम तौर पर जनरलों द्वारा किया जाता है, तो किसी का नाम कभी भी उल्लेख नहीं किया जाता है। चल रहे युद्ध की समाचार रिपोर्टें मानती हैं कि बिग ब्रदर व्यक्तिगत रूप से ओशिनिया के लड़ाकू बलों को आदेश देते हैं और उन्हें जीत और सफल सामरिक अवधारणाओं के लिए व्यक्तिगत श्रेय देते हैं। यह स्टालिन के व्यक्तित्व के पंथ की ऊंचाई पर भी सोवियत प्रचार की तुलना में बहुत आगे जाता है।
==== शांति मंत्रालय ====
शांति मंत्रालय दो अन्य सुपरस्टेट्स में से किसी एक के खिलाफ ओशिनिया के सतत युद्ध का समर्थन करता है और इसमें संलग्न है:<blockquote>आधुनिक युद्ध का प्राथमिक उद्देश्य (डबलथिंक के सिद्धांतों के अनुसार, यह उद्देश्य एक साथ पहचाना जाता है और इनर पार्टी के निर्देशक दिमाग द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है) [[जीवन स्तर|जीवन के सामान्य मानक को]] ऊपर उठाए बिना मशीन के उत्पादों का उपयोग करना है। उन्नीसवीं शताब्दी के अंत के बाद से औद्योगिक समाज में खपत वस्तुओं के अधिशेष के साथ क्या किया जाए, यह समस्या छिपी हुई है। वर्तमान में जब कुछ मनुष्यों के पास खाने के लिए भी पर्याप्त है, यह समस्या स्पष्ट रूप से अत्यावश्यक नहीं है, और यह ऐसा नहीं हो सकता था, भले ही विनाश की कोई कृत्रिम प्रक्रिया काम नहीं कर रही होती।</blockquote>
==== बहुतायत मंत्रालय ====
भरपूर राशन मंत्रालय और भोजन, सामान और घरेलू उत्पादन को नियंत्रित करता है; प्रत्येक वित्तीय तिमाही में यह जीवन स्तर को ऊपर उठाने का दावा करता है, यहां तक कि ऐसे समय में भी जब इसने वास्तव में राशन, उपलब्धता और उत्पादन को कम कर दिया है। सत्य मंत्रालय "बढ़े हुए राशन" के दावों का समर्थन करने वाली संख्याओं की रिपोर्ट करने के लिए ऐतिहासिक अभिलेखों में [[ऐतिहासिक निषेधवाद|हेरफेर]] करके प्लेंटी के दावों की पुष्टि करता है। बहुतायत मंत्रालय भी गद्य के लिए व्याकुलता के रूप में राष्ट्रीय लॉटरी चलाता है; पार्टी के सदस्य इसे एक दिखावटी प्रक्रिया के रूप में समझते हैं जिसमें जीत का भुगतान कभी नहीं किया जाता है।
==== सत्य मंत्रालय ====
सत्य मंत्रालय सूचना को नियंत्रित करता है: समाचार, मनोरंजन, शिक्षा और कला। विंस्टन स्मिथ रिकॉर्ड विभाग में काम करते हैं, बिग ब्रदर की वर्तमान घोषणाओं के अनुरूप ऐतिहासिक रिकॉर्ड को "सुधार" करते हैं ताकि पार्टी जो कुछ भी कहती है वह सच प्रतीत हो।
==== प्रेम मंत्रालय ====
प्रेम मंत्रालय वास्तविक और काल्पनिक असंतुष्टों की पहचान, निगरानी, गिरफ्तारी और धर्मान्तरण करता है। यह वह जगह भी है जहां थॉट पुलिस असंतुष्टों को पीटती और प्रताड़ित करती है, जिसके बाद उन्हें "दुनिया की सबसे बुरी चीज" का सामना करने के लिए कमरा १०१ में भेज दिया जाता है - जब तक कि बिग ब्रदर और पार्टी के लिए प्यार असंतोष की जगह नहीं ले लेता।
=== प्रमुख अवधारणाएँ ===
इंगसोक (अंग्रेजी समाजवाद) ओशिनिया की प्रमुख विचारधारा और [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] है, और समाचार पत्र आधिकारिक दस्तावेजों की आधिकारिक भाषा है। ऑरवेल ने पार्टी की विचारधारा को एक [[अल्पतंत्र|कुलीन]] विश्वदृष्टि के रूप में दर्शाया है जो "हर उस सिद्धांत को अस्वीकार करता है और उसका तिरस्कार करता है जिसके लिए समाजवादी आंदोलन मूल रूप से खड़ा था, और यह समाजवाद के नाम पर ऐसा करता है।"<ref>{{Cite book|title=University of Toronto Quarterly, Volume 26|date=1957|publisher=University of Toronto Press|page=89}}</ref>
==== बिग ब्रदर ====
बिग ब्रदर उपन्यास में एक काल्पनिक चरित्र और प्रतीक है। वह स्पष्ट रूप से ओशिनिया का नेता है, एक [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी]] राज्य जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी इंग्सोक निवासियों पर "अपने लिए" पूरी शक्ति का इस्तेमाल करती है। ऑरवेल जिस समाज का वर्णन करता है, उसमें प्रत्येक नागरिक अधिकारियों द्वारा निरंतर निगरानी में है, मुख्य रूप से टेलीस्क्रीन (गद्य के अपवाद के साथ)। "बिग ब्रदर इज वॉचिंग यू" स्लोगन द्वारा लोगों को लगातार इसकी याद दिलाई जाती है: एक सूक्ति जो सर्वत्र प्रदर्शित होती है।
आधुनिक संस्कृति में "बिग ब्रदर" शब्द ने सरकारी शक्ति के दुरुपयोग के पर्याय के रूप में [[शब्दसंग्रह|शब्दकोश]] में प्रवेश किया है, विशेष रूप से नागरिक स्वतंत्रता के संबंध में अक्सर विशेष रूप से बड़े पैमाने पर निगरानी से संबंधित।
==== डबलथिंक ====
<blockquote class="templatequote">यहाँ कीवर्ड ब्लैकव्हाइट है। इतने सारे न्यूस्पीक शब्दों की तरह इस शब्द के दो परस्पर विरोधी अर्थ हैं। एक विरोधी के लिए लागू, इसका मतलब है कि सादे तथ्यों के विरोधाभास में काला सफेद है, यह दावा करने की आदत है। एक पार्टी सदस्य के लिए लागू, इसका मतलब यह है कि पार्टी के अनुशासन की मांग होने पर यह कहने की निष्ठावान इच्छा है कि काला सफेद है। लेकिन इसका अर्थ यह मानने की क्षमता भी है कि काला सफेद है, और अधिक, यह जानने के लिए कि काला सफेद है, और यह भूल जाना कि किसी ने कभी इसके विपरीत विश्वास किया है। यह अतीत के एक निरंतर परिवर्तन की मांग करता है, जिसे विचार की प्रणाली द्वारा संभव बनाया गया है जो वास्तव में बाकी सभी को गले लगाता है, और जिसे न्यूस्पीक में डबलथिंक के रूप में जाना जाता है। डबलथिंक मूल रूप से किसी के दिमाग में एक साथ दो विरोधाभासी मान्यताओं को धारण करने और दोनों को स्वीकार करने की शक्ति है।<div class="templatequotecite"> — <cite>भाग II, अध्याय IX – ''[[The Theory and Practice of Oligarchical Collectivism|कुलीन सामूहिकता का सिद्धांत और अभ्यास]]''</cite></div></blockquote>
==== समाचार पत्र ====
''द प्रिन्सिपल्स ऑफ़ न्यूस्पीक'' एक अकादमिक निबंध है जो उपन्यास के साथ जुड़ा हुआ है। यह न्यूस्पीक के विकास का वर्णन करता है, एक कृत्रिम, न्यूनतर भाषा जिसे इंग्सोक के सिद्धांतों के साथ विचारधारात्मक रूप से संरेखित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि "विधर्मी" विचारों (यानी इंग्सोक के सिद्धांतों के खिलाफ जाने वाले विचार) की अभिव्यक्ति को असंभव बनाया जा सके। यह विचार कि किसी भाषा की संरचना का उपयोग विचार को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है, [[भाषाई सापेक्षता]] के रूप में जाना जाता है।
न्यूज़पेक परिशिष्ट का अर्थ ''उन्नीस सौ चौरासी'' का एक आशावादी अंत है या नहीं, यह एक महत्वपूर्ण बहस बनी हुई है। कई लोग दावा करते हैं कि यह इस तथ्य का हवाला देते हुए करता है कि यह मानक अंग्रेजी में है और [[भूत काल|पिछले काल]] में लिखा गया है: "हमारे अपने से संबंधित, न्यूजपेक शब्दावली छोटी थी, और इसे कम करने के नए तरीके लगातार तैयार किए जा रहे थे" (पृष्ठ . ४२२)। कुछ आलोचकों (एटवुड,<ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/books/2003/jun/16/georgeorwell.artsfeatures|title=Orwell and me|last=Atwood|first=Margaret|date=2003-06-16|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-12-29}}</ref> बेन्स्टेड,<ref>Benstead, James (26 June 2005). </ref> मिलनर,<ref>[[Andrew Milner]]: ''Locating Science Fiction''. </ref> पिंचन<ref>[[Thomas Pynchon]]: Foreword to the Centennial Edition to ''Nineteen eighty-four'', pp. vii–xxvi. </ref>) का दावा है कि ऑरवेल के लिए, न्यूजस्पीक और अधिनायकवादी सरकारें अतीत में हैं।
==== थॉटक्राइम ====
थॉटक्राइम किसी व्यक्ति के राजनीतिक रूप से अपरंपरागत [[विचार|विचारों का]] वर्णन करता है, जैसे कि अनकही मान्यताएं और संदेह जो ओशिनिया की प्रमुख विचारधारा इंग्सोक (अंग्रेजी समाजवाद) के सिद्धांतों का खंडन करते हैं। न्यूस्पीक की आधिकारिक भाषा में '''क्राइमथिंक''' शब्द एक ऐसे व्यक्ति के बौद्धिक कार्यों का वर्णन करता है जो राजनीतिक रूप से अस्वीकार्य विचारों का मनोरंजन करता है और रखता है; इस प्रकार पार्टी की सरकार ओशिनिया के नागरिकों के भाषण, कार्यों और विचारों को नियंत्रित करती है।<ref>{{Citation|last=Orwell|first=George|title=The Orwell Reader: Fiction, Essays, and Reportage|url=https://archive.org/details/orwellreader00geor_0/page/409|page=[https://archive.org/details/orwellreader00geor_0/page/409 409]|year=1984|orig-year=1956|place=San Diego|publisher=Harcourt, Brace|isbn=978-0-15-670176-1|last2=Rovere|first2=Richard Halworth}}.</ref> समकालीन अंग्रेजी उपयोग में ''थॉटक्राइम'' उन विश्वासों का वर्णन करता है जो समाज के स्वीकृत मानदंडों के विपरीत हैं, और इसका उपयोग अविश्वास और [[मूर्तिपूजा]],<ref>Lewis, David. </ref> और एक [[विचारधारा]] की अस्वीकृति जैसी धार्मिक अवधारणाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है।<ref>Glasby, John. </ref>
== विषय-वस्तु ==
=== राष्ट्रवाद ===
''उन्नीस सौ चौरासी'' कुछ राजनीतिक ताकतों के पीछे अपरिचित घटनाओं की व्याख्या करने के लिए आवश्यक शब्दावली की कमी के बारे में ऑरवेल के निबंध "नोट्स ऑन नेशनलिज्म"<ref>{{Cite web|url=http://www.resort.com/~prime8/Orwell/nationalism.html|title=George Orwell: "Notes on Nationalism"|date=May 1945|publisher=Resort.com|access-date=25 March 2010}}</ref> में संक्षेपित विषयों पर विस्तार करता है। ''उन्नीस सौ चौरासी'' में पार्टी की कृत्रिम, न्यूनतम भाषा 'न्यूस्पीक' इस मामले को संबोधित करती है।
* सकारात्मक राष्ट्रवाद: उदाहरण के लिए, ओशियंस का बिग ब्रदर के लिए सतत प्रेम। ऑरवेल निबंध में तर्क देते हैं कि नव-टोरीवाद और सेल्टिक राष्ट्रवाद जैसी विचारधाराओं को किसी इकाई के प्रति वफादारी की उनकी जुनूनी भावना से परिभाषित किया गया है।
* नकारात्मक राष्ट्रवाद: उदाहरण के लिए, इमैनुएल गोल्डस्टीन के लिए ओसियंस की चिरस्थायी घृणा। ऑरवेल निबंध में तर्क देते हैं कि ट्रॉटस्कीवाद और [[यहूदी विरोधवाद|एंटीसेमिटिज्म]] जैसी विचारधाराओं को किसी इकाई के प्रति उनकी जुनूनी नफरत से परिभाषित किया गया है।
* हस्तांतरित राष्ट्रवाद: उदाहरण के लिए, जब ओशिनिया का दुश्मन बदलता है, एक वक्ता मध्य-वाक्य में बदलाव करता है, और भीड़ तुरंत अपनी नफरत को नए दुश्मन में स्थानांतरित कर देती है। ऑरवेल का तर्क है कि [[स्टालिनवाद]]<ref name="Decker writes about Orwell's use of the ideology of Stalinism">{{Cite book|url=https://archive.org/details/ideology00deck/page/146|title=George Orwell's 1984 and Political Ideology|last=Decker|first=James|year=2004|isbn=978-0-333-77538-7|page=[https://archive.org/details/ideology00deck/page/146 146]|doi=10.1007/978-0-230-62914-1_7}}</ref> जैसी विचारधाराएं और धनी बुद्धिजीवियों के बीच नस्लीय दुश्मनी और वर्ग श्रेष्ठता की पुनर्निर्देशित भावनाएँ इसका उदाहरण हैं। स्थानांतरित राष्ट्रवाद तेजी से भावनाओं को एक शक्ति इकाई से दूसरी में पुनर्निर्देशित करता है। उपन्यास में यह हेट वीक के दौरान होता है, मूल दुश्मन के खिलाफ एक पार्टी रैली। भीड़ उग्र हो जाती है और उन पोस्टरों को नष्ट कर देती है जो अब उनके नए दोस्त के खिलाफ हैं, और कई लोग कहते हैं कि यह उनके नए दुश्मन और पूर्व मित्र के एजेंट का कार्य होना चाहिए। भीड़ में से कई लोगों ने रैली से पहले पोस्टर लगाए होंगे लेकिन सोचिए कि हालात हमेशा से ऐसे ही रहे हैं।
ओ'ब्रायन ने निष्कर्ष निकाला: "उत्पीड़न का उद्देश्य उत्पीड़न है। यातना की वस्तु यातना है। शक्ति का उद्देश्य शक्ति है।"<ref>{{Cite web|url=http://www.george-orwell.org/1984/19.html|title=George Orwell – 1984 – Part 3, Chapter 3|website=www.george-orwell.org|access-date=2020-10-29}}</ref>
=== फ्यूचरोलॉजी ===
किताब में इनर पार्टी के सदस्य ओ'ब्रायन ने भविष्य के लिए पार्टी की दृष्टि का वर्णन किया है:
{{Quote|कोई जिज्ञासा नहीं होगी, जीवन की प्रक्रिया का कोई आनंद नहीं होगा। सभी प्रतिस्पर्धी सुख नष्ट हो जाएंगे। लेकिन हमेशा—इसे मत भूलिए, विंस्टन—हमेशा सत्ता का नशा रहेगा, लगातार बढ़ता और लगातार बढ़ता सूक्ष्मतर। हमेशा, हर पल जीत का रोमांच रहेगा, बेबस दुश्मन पर रौंदने का अहसास होगा। यदि आप भविष्य की एक तस्वीर चाहते हैं, तो एक मानव चेहरे पर हमेशा के लिए बूट स्टैम्पिंग की कल्पना करें।|भाग ३, अध्याय ३, ''उन्नीस सौ चौरासी''}}
=== सेंसरशिप ===
''उन्नीस सौ चौरासी'' में सबसे उल्लेखनीय विषयों में से एक सेंसरशिप है, विशेष रूप से सत्य मंत्रालय में जहां तस्वीरों और सार्वजनिक अभिलेखागार को "अनपर्सन" (वे लोग जो पार्टी द्वारा इतिहास से मिटा दिए गए हैं) से छुटकारा पाने के लिए हेरफेर किया जाता है।<ref>{{Cite journal|last=Martin|first=Mike W.|last2=Department of Philosophy, Florida State University|year=1984|title=Demystifying Doublethink: Self-Deception, Truth, and Freedom in 1984|url=https://archive.org/details/sim_social-theory-and-practice_fall-1984_10_3/page/n78|journal=Social Theory and Practice|volume=10|issue=3|pages=319–331|doi=10.5840/soctheorpract198410314|issn=0037-802X}}</ref> टेलिस्क्रीन पर उत्पादन के लगभग सभी आंकड़े अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं या हमेशा बढ़ती अर्थव्यवस्था को इंगित करने के लिए गढ़े जाते हैं, यहां तक कि ऐसे समय में भी जब वास्तविकता विपरीत होती है। अंतहीन सेंसरशिप का एक छोटा सा उदाहरण विंस्टन पर एक अखबार के लेख में एक अव्यक्ति के संदर्भ को खत्म करने के कार्य का आरोप लगाया जा रहा है। वह कॉमरेड ओगिल्वी के बारे में एक लेख लिखने के लिए भी आगे बढ़ता है, जो एक बना-बनाया पार्टी सदस्य है, जिसने कथित तौर पर "हेलीकॉप्टर से समुद्र में छलांग लगाकर महान वीरता का प्रदर्शन किया ताकि वह जो प्रेषण कर रहा था वह दुश्मन के हाथों में न पड़ जाए।"<ref>{{Cite book|title=1984|last=Orwell|pages=part 1, chapter 4}}</ref>
=== निगरानी ===
ओशिनिया में उच्च और मध्यम वर्ग के पास वास्तविक गोपनीयता बहुत कम है। उनके सभी घर और अपार्टमेंट टेलीस्क्रीन से सुसज्जित हैं ताकि उन्हें किसी भी समय देखा या सुना जा सके। इसी तरह के टेलीस्क्रीन वर्कस्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर छिपे हुए माइक्रोफोन के साथ पाए जाते हैं। लिखित पत्राचार नियमित रूप से सरकार द्वारा वितरित किए जाने से पहले खोला और पढ़ा जाता है। थॉट पुलिस अंडरकवर एजेंटों को नियुक्त करती है, जो सामान्य नागरिक होने का ढोंग करते हैं और विध्वंसक प्रवृत्ति वाले किसी भी व्यक्ति की रिपोर्ट करते हैं। बच्चों को सरकार को संदिग्ध व्यक्तियों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और कुछ अपने माता-पिता की निंदा करते हैं। नागरिक नियंत्रित हैं, और विद्रोह का सबसे छोटा संकेत, यहां तक कि एक संदिग्ध चेहरे की अभिव्यक्ति के रूप में कुछ भी, तत्काल गिरफ्तारी और कारावास का परिणाम हो सकता है। इस प्रकार, नागरिकों को आज्ञाकारिता के लिए मजबूर किया जाता है।
=== गरीबी और असमानता ===
गोल्डस्टीन की पुस्तक के अनुसार, लगभग पूरी दुनिया गरीबी में रहती है; भूख, प्यास, बीमारी और गंदगी आदर्श हैं। बर्बाद हुए शहर और कस्बे आम हैं: सतत युद्धों और अत्यधिक आर्थिक अक्षमता का परिणाम। सामाजिक क्षय और जर्जर इमारतें विंस्टन को घेर लेती हैं; मंत्रालयों के मुख्यालय के अलावा, लंदन के कुछ हिस्से का पुनर्निर्माण किया गया था। मध्यम वर्ग के नागरिक और गद्य सिंथेटिक खाद्य पदार्थों और खराब-गुणवत्ता वाली "विलासिता" का उपभोग करते हैं, जैसे ऑयली जिन और ढीले-ढाले सिगरेट, "विक्ट्री" ब्रांड के तहत वितरित, निम्न-गुणवत्ता वाले भारतीय-निर्मित "विक्ट्री" सिगरेट की पैरोडी, जो ब्रिटिश सैनिक आमतौर पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान धूम्रपान करते थे।
विंस्टन एक टूटी हुई खिड़की की मरम्मत के रूप में सरल कुछ का वर्णन करता है, जिसके लिए समिति की मंजूरी की आवश्यकता होती है, जिसमें कई साल लग सकते हैं और इसलिए किसी एक ब्लॉक में रहने वाले अधिकांश लोग आमतौर पर खुद मरम्मत करते हैं (विंस्टन को खुद मिसेज जॉर्ज द्वारा बुलाया जाता है)। पार्सन्स को उसके अवरुद्ध सिंक की मरम्मत करने के लिए)। सभी उच्च-वर्ग और मध्य-वर्ग के आवासों में टेलीस्क्रीन शामिल हैं जो प्रचार और निगरानी उपकरणों के आउटलेट के रूप में काम करते हैं जो थॉट पुलिस को उनकी निगरानी करने की अनुमति देते हैं; उन्हें ठुकराया जा सकता है, लेकिन मध्यवर्गीय आवासों को बंद नहीं किया जा सकता है।
अपने अधीनस्थों के विपरीत, ओशनियन समाज का उच्च वर्ग अपने स्वयं के क्वार्टर में स्वच्छ और आरामदायक फ्लैटों में रहता है, जिसमें शराब, असली कॉफी, असली चाय, असली दूध और असली चीनी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ अच्छी तरह से भंडारित पैंट्री होती है, सभी को मना कर दिया जाता है आम जनता।<ref>{{Cite web|url=http://www.pinkmonkey.com/booknotes/barrons/198423.asp|title=Barron's Booknotes – 1984 by George Orwell|last=Reed|first=Kit|year=1985|publisher=[[Barron's Educational Series]]|access-date=2 July 2009}}</ref> विंस्टन हैरान है कि ओ'ब्रायन के निर्माण कार्य में [[उत्थापक|लिफ्ट]], टेलीस्क्रीन को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है, और ओ'ब्रायन के पास एक एशियाई नौकर, मार्टिन है। सभी उच्च वर्ग के नागरिकों को "विवादित क्षेत्र" में पकड़े गए दासों द्वारा भाग लिया जाता है, और "द बुक" से पता चलता है कि कई लोगों की अपनी कार या हेलीकॉप्टर भी हैं।
हालांकि, उनके अलगाव और प्रत्यक्ष विशेषाधिकारों के बावजूद, उच्च वर्ग अभी भी सरकार के विचार और व्यवहार के क्रूर प्रतिबंध से मुक्त नहीं है, भले ही झूठ और प्रचार स्पष्ट रूप से अपने स्वयं के रैंकों से उत्पन्न होता है। इसके बजाय, ओशनियन सरकार उच्च वर्ग को राज्य के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखने के बदले में अपनी "विलासिता" प्रदान करती है; गैर-अनुरूप उच्च वर्ग के नागरिकों को अभी भी किसी अन्य व्यक्ति की तरह ही निंदा, प्रताड़ित और निष्पादित किया जा सकता है। "द बुक" स्पष्ट करती है कि उच्च वर्ग के रहने की स्थिति केवल "अपेक्षाकृत" आरामदायक है, और पूर्व-क्रांतिकारी अभिजात वर्ग के लोगों द्वारा इसे "आश्रय" माना जाएगा।<ref>{{Cite web|url=http://www.george-orwell.org/1984/16.html|title=1984}}</ref>
गद्य गरीबी में रहते हैं और उन्हें अश्लील साहित्य के साथ बहकाया जाता है, एक राष्ट्रीय लॉटरी जिसकी जीत का भुगतान शायद ही कभी किया जाता है, जो तथ्य प्रचार और ओशिनिया के भीतर संचार की कमी से अस्पष्ट है, और जिन, "जो गद्य पीने वाले नहीं थे"। इसी समय, गद्य उच्च वर्गों की तुलना में अधिक स्वतंत्र और कम डरा हुआ है: उनसे विशेष रूप से देशभक्तिपूर्ण होने की उम्मीद नहीं की जाती है और उन पर निगरानी का स्तर बहुत कम है। उनके अपने घरों में टेलीस्क्रीन की कमी होती है और अक्सर वे जो टेलीस्क्रीन देखते हैं उसका उपहास करते हैं। "पुस्तक" इंगित करती है कि क्योंकि मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग नहीं, पारंपरिक रूप से क्रांतियों को शुरू करता है, मॉडल मध्य वर्ग के सख्त नियंत्रण की मांग करता है, महत्वाकांक्षी बाहरी-पार्टी के सदस्यों को आंतरिक पार्टी या "पुनर्संयोजन" के माध्यम से पदोन्नति के माध्यम से निष्प्रभावी किया जाता है।{{स्पष्ट करें|date=October 2021}} प्रेम मंत्रालय द्वारा, और गद्य को बौद्धिक स्वतंत्रता की अनुमति दी जा सकती है क्योंकि उन्हें बुद्धि की कमी माना जाता है। विंस्टन फिर भी मानते हैं कि "भविष्य गद्य का था"।<ref>Lines 29–35, p. 229, Chapter X, Part II of the Penguin paperback edition of 1984: "The proles were immortal, you could not doubt it when you looked at that valiant figure in the yard. </ref>
जनसंख्या का जीवन स्तर समग्र रूप से अत्यंत निम्न है।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1984/01/01/nyregion/the-message-for-today-in-orwell-s-1984.html|title=The Message for Today in Orwell's '1984' (Published 1984)|last=Bossche|first=Edmond van Den|date=1984-01-01|work=The New York Times|access-date=2020-10-29|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> उपभोक्ता सामान दुर्लभ हैं, और जो आधिकारिक चैनलों के माध्यम से उपलब्ध हैं, वे निम्न गुणवत्ता वाले हैं; उदाहरण के लिए, पार्टी नियमित रूप से बूट उत्पादन में वृद्धि की सूचना देने के बावजूद, ओशिनिया की आधी से अधिक आबादी नंगे पांव जाती है।<ref>{{Cite web|url=http://www.george-orwell.org/1984/3.html|title=George Orwell – 1984 – Part 1, Chapter 4|website=www.george-orwell.org|access-date=2020-10-29}}</ref> पार्टी का दावा है कि युद्ध के प्रयास के लिए गरीबी एक आवश्यक बलिदान है, और "पुस्तक" पुष्टि करती है कि स्थायी युद्ध के उद्देश्य से अधिशेष औद्योगिक उत्पादन का उपभोग करने के लिए आंशिक रूप से सही है।<ref>{{Cite web|url=https://www.talkingpeople.net/tp/literature/orwell/orwell_WarIsPeace.htm|title=Talking People: Your Stuff! – G. Orwell|website=www.talkingpeople.net|access-date=2020-10-29}}</ref> जैसा कि "द बुक" बताती है, समाज वास्तव में भुखमरी के कगार पर बने रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि "लंबे समय में एक पदानुक्रमित समाज केवल गरीबी और अज्ञानता के आधार पर ही संभव था।"
== साहित्यिक रूपांकनों के लिए स्रोत ==
''उन्नीस सौ चौरासी'' अपने कई रूपांकनों के स्रोतों के रूप में सोवियत संघ में जीवन और ग्रेट ब्रिटेन में युद्धकालीन जीवन से विषयों का उपयोग करता है। पुस्तक के पहले अमेरिकी प्रकाशन के कुछ समय बाद एक अनिर्दिष्ट तिथि पर निर्माता [[सिडनी शेल्डन|सिडनी शेल्डन ने]] ब्रॉडवे मंच पर उपन्यास को अनुकूलित करने में रुचि रखने वाले ऑरवेल को लिखा। ऑरवेल ने शेल्डन को एक पत्र में लिखा (जिसे वह अमेरिकी मंच के अधिकार बेचेंगे) कि ''उन्नीस सौ चौरासी'' के साथ उनका मूल लक्ष्य ब्रिटिश समाज पर शासन करने वाली स्टालिनवादी सरकार के परिणामों की कल्पना करना था:<blockquote>[''उन्नीस सौ चौरासी''] मुख्य रूप से साम्यवाद पर आधारित था, क्योंकि यह अधिनायकवाद का प्रमुख रूप है, लेकिन मैं मुख्य रूप से यह कल्पना करने की कोशिश कर रहा था कि अगर साम्यवाद अंग्रेजी बोलने वाले देशों में मजबूती से जड़ जमा ले, और अब यह केवल एक मात्र नहीं है तो कैसा होगा रूसी विदेश कार्यालय का विस्तार।</blockquote>ऑरवेल के जीवनी लेखक डीजे टेलर के अनुसार, लेखक की ''ए क्लर्जमैन्स डॉटर'' (१९३५) में "अनिवार्य रूप से ''उन्नीस सौ चौरासी'' का एक ही कथानक है...यह किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में है जिसकी जासूसी की जाती है, और उस पर ध्यान दिया जाता है, और विशाल बाहरी ताकतों द्वारा उत्पीड़ित किया जाता है, जिसके बारे में वे कुछ नहीं कर सकते। यह विद्रोह का प्रयास करता है और फिर समझौता करना पड़ता है।"
[[चित्र:Yakov_Guminer_-_Arithmetic_of_a_counter-plan_poster_(1931).jpg|दाएँ|अंगूठाकार| याकोव गुमिनेर द्वारा [[सोवियत संघ]] की पहली पंचवर्षीय योजना के लिए १९३१ का एक पोस्टर पढ़ना "एक औद्योगिक-वित्तीय प्रति-योजना का अंकगणित: २ + २ प्लस श्रमिकों का उत्साह = ५"]]
बयान "२ + २ = ५", विंस्टन स्मिथ को उनकी पूछताछ के दौरान परेशान करता था, दूसरी पंचवर्षीय योजना का एक कम्युनिस्ट पार्टी का नारा था, जिसने चार वर्षों में पंचवर्षीय योजना को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। मॉस्को के घरों के सामने, होर्डिंग और अन्य जगहों पर बिजली की रोशनी में नारा देखा गया था।<ref name="The Forsaken">{{Cite book|url=https://archive.org/details/forsakenamerican00tzou/page/48|title=The Forsaken: An American Tragedy in Stalin's Russia|last=Tzouliadis|first=Tim|publisher=Penguin Press|year=2008|isbn=978-1-59420-168-4|location=New York|pages=[https://archive.org/details/forsakenamerican00tzou/page/48 48–49]}}</ref>
ईस्टासिया से यूरेशिया तक ओशिनिया की निष्ठा का स्विच और बाद में इतिहास का पुनर्लेखन ("ओशिनिया ईस्टासिया के साथ युद्ध में था: ओशिनिया हमेशा ईस्टासिया के साथ युद्ध में रहा था। पांच वर्षों के राजनीतिक साहित्य का एक बड़ा हिस्सा अब पूरी तरह से अप्रचलित था"; अध्याय ९) नाजी जर्मनी के साथ सोवियत संघ के बदलते संबंधों का विचारोत्तेजक है। १९३९ की गैर-आक्रामकता संधि पर हस्ताक्षर होने तक दोनों राष्ट्र खुले और अक्सर एक-दूसरे के आलोचक थे। इसके बाद और १९४१ में सोवियत संघ पर नाजी आक्रमण तक जारी रहा, सोवियत प्रेस में जर्मनी की किसी भी आलोचना की अनुमति नहीं दी गई थी, और पूर्व पार्टी लाइनों के सभी संदर्भों को बंद कर दिया गया था - जिसमें अधिकांश गैर-रूसी कम्युनिस्ट पार्टियां भी शामिल थीं, जो इसका पालन करने के लिए प्रवृत्त थीं। रूसी रेखा। ऑरवेल ने ''वामपंथ के विश्वासघात'' (१९४१) के लिए अपने निबंधों में संधि का समर्थन करने के लिए ग्रेट ब्रिटेन की कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना की थी। "अगस्त १९३९ के हिटलर-स्टालिन समझौते ने सोवियत संघ की घोषित विदेश नीति को उलट दिया। गोलान्ज [ऑरवेल के कुछ समय के प्रकाशक] जैसे कई साथी-यात्रियों के लिए यह बहुत अधिक था, जिन्होंने पॉपुलर फ्रंट सरकारों और रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के<ref>{{Cite web|url=https://reviews.history.ac.uk/review/261|title=Left Book Club Anthology | Reviews in History|website=reviews.history.ac.uk|access-date=2022-12-29}}</ref> शांति ब्लॉक के निर्माण की रणनीति में अपना विश्वास रखा था।
[[श्रेणी:Pages using multiple image with auto scaled images]]
{{multiple image|align=left|total_width=350|footer=इमैनुएल गोल्डस्टीन और बिग ब्रदर के विवरण क्रमशः [[लियोन त्रोत्स्की]] और [[जोसेफ स्टालिन]] को उद्वेलित करते हैं।|image1=Leon Trotsky, 1930s.jpg|alt1=Photograph portrait of Leon Trotsky|caption1=त्रोत्स्की|image2=JStalin Secretary general CCCP 1942.jpg|alt2=Photograph Joseph Stalin|caption2=स्टालिन}}
इमैनुएल गोल्डस्टीन का वर्णन, "छोटी, बकरी की दाढ़ी" के साथ, [[लियोन त्रोत्स्की|लियोन ट्रॉट्स्की]] की छवि को उद्घाटित करता है। टू मिनट्स हेट के दौरान गोल्डस्टीन की फिल्म का वर्णन उन्हें एक मिमियाती भेड़ में बदलते हुए दिखाया गया है। इस छवि का उपयोग सोवियत फिल्म की किनो-आई अवधि के दौरान एक प्रचार फिल्म में किया गया था, जिसमें ट्रॉट्स्की को एक बकरी में बदलते दिखाया गया था।<ref name="Kino-eye">{{Cite book|title=Kino-Eye: The Writings of Dziga Vertov|url=https://archive.org/details/kinoeyewritingso0000dzig|last=Vertov|first=Dziga|publisher=University of California Press|year=1985|isbn=978-0-520-05630-5}}</ref> गोल्डस्टीन की तरह ट्रॉट्स्की एक पूर्व उच्च पदस्थ पार्टी अधिकारी थे, जिन्हें बहिष्कृत कर दिया गया था और फिर उन्होंने पार्टी शासन की आलोचना करते हुए एक पुस्तक लिखी, ''द रेवोल्यूशन बेट्रेयड'', १९३६ में प्रकाशित हुई।
बिग ब्रदर की सर्वव्यापी छवियां, एक व्यक्ति जिसे मूंछों के रूप में वर्णित किया गया है, [[जोसेफ़ स्टालिन|जोसेफ स्टालिन]] के आसपास निर्मित व्यक्तित्व के पंथ के समान है।{{Sfn|Lynskey|2019}}
ओशिनिया में समाचार ने उत्पादन के आंकड़ों पर जोर दिया, जैसा कि सोवियत संघ में हुआ था, जहां कारखानों में रिकॉर्ड-सेटिंग (" समाजवादी श्रम के नायकों ") को विशेष रूप से महिमामंडित किया गया था। इनमें से सबसे प्रसिद्ध एलेक्सी स्टैखानोव थे, जिन्होंने कथित तौर पर १९३५ में कोयला खनन के लिए एक रिकॉर्ड बनाया था।<ref name="Stakhanovism">{{Cite book|title=Stalinism as a Way of Life|url=https://archive.org/details/stalinismaswayof00sieg|last=Siegelbaum|first=Lewis|publisher=Yale University Press|year=2000|isbn=0-300-08480-3|page=[https://archive.org/details/stalinismaswayof00sieg/page/100 100]}}</ref>
प्रेम मंत्रालय की यातनाएं एनकेवीडी द्वारा उनकी पूछताछ में इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रियाओं को उद्घाटित करती हैं,<ref name="NKVD tortures">{{Cite book|title=Journey into the Whirlwind|last=Senyonovna|first=Eugenia|publisher=Harcourt, Brace & World, Inc|year=1967|location=New York}}</ref> जिसमें रबड़ की डंडियों का उपयोग, अपनी जेबों में हाथ डालने की मनाही, कई दिनों तक चमकदार रोशनी वाले कमरों में रहना, अपने सबसे बड़े डर के उपयोग के माध्यम से यातना देना, और पीड़ित को उनके शारीरिक पतन के बाद आईना दिखाया जाना शामिल है।
एयरस्ट्रिप वन की यादृच्छिक बमबारी १९४४-१९४५ में बज़ बम और वी-२ रॉकेट द्वारा लंदन के क्षेत्र में बमबारी पर आधारित है।{{Sfn|Lynskey|2019}}
थॉट पुलिस एनकेवीडी पर आधारित है, जिसने यादृच्छिक "सोवियत विरोधी" टिप्पणियों के लिए लोगों को गिरफ्तार किया।<ref name="Everyday_Stalinism">{{Cite book|title=Everyday Stalinism|url=https://archive.org/details/everydaystalinis0000fitz|last=Fitzpatrick|first=Sheila|publisher=Oxford University Press|year=1999|isbn=978-0-19-505001-1|location=New York}}</ref> थॉट क्राइम मोटिफ केम्पेताई, जापानी युद्धकालीन गुप्त पुलिस से लिया गया है, जिसने लोगों को "देशभक्तिहीन" विचारों के लिए गिरफ्तार किया था।
"थॉट क्रिमिनल्स" रदरफोर्ड, आरोनसन और जोन्स के इकबालिया बयान १९३० के शो ट्रायल पर आधारित हैं, जिसमें प्रमुख बोल्शेविक निकोलाई बुकहरिन, [[ग्रिगरी जिनव्येव|ग्रिगोरी ज़िनोविएव]] और लेव कामेनेव द्वारा मनगढ़ंत स्वीकारोक्ति शामिल थी, जो नाज़ी द्वारा भुगतान किए जा रहे थे। [[लियोन त्रोत्स्की|लियोन ट्रॉट्स्की]] के निर्देशन में सोवियत शासन को कमजोर करने के लिए सरकार।{{Sfn|Lynskey|2019|p=22}}
गीत "अंडर द स्प्रेडिंग चेस्टनट ट्री" ("फैलिंग चेस्टनट ट्री के नीचे, मैंने तुम्हें बेच दिया, और तुमने मुझे बेच दिया") एक पुराने अंग्रेजी गीत पर आधारित था जिसे "गो नो मोर ए-रशिंग" कहा जाता था ("अंडर द स्प्रेडिंग चेस्टनट ट्री", जहाँ मैं अपने घुटने के बल गिरा, हम उतने ही खुश थे जितने कि हो सकते थे, 'फैलते शाहबलूत के पेड़ के नीचे।"). यह गीत १८९१ की शुरुआत में प्रकाशित हुआ था। यह गीत १९२० के दशक में एक लोकप्रिय शिविर गीत था, जिसे संबंधित आंदोलनों के साथ गाया गया था (जैसे "छाती" गाते समय किसी की छाती को छूना, और "अखरोट" गाते समय किसी के सिर को छूना)। ग्लेन मिलर ने १९३९ में गाना रिकॉर्ड किया।<ref name="go-no-more--a-rushing">{{Cite web|url=http://sniff.numachi.com/pages/tiGONORUSH;ttGONORUSH.html|title=Go No More a-Rushing (Riddle Song)|publisher=Sniff.numachi.com|access-date=2 January 2012|archive-date=18 मई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210518023335/http://sniff.numachi.com/pages/tiGONORUSH;ttGONORUSH.html|url-status=dead}}</ref>
"हेट" (टू मिनट्स हेट एंड हेट वीक) पूरे स्टालिनवादी काल में पार्टी के अंगों द्वारा प्रायोजित लगातार रैलियों से प्रेरित थे। ये अक्सर श्रमिकों को उनकी शिफ्ट शुरू होने से पहले दी जाने वाली छोटी-छोटी पेप-वार्ताएँ थीं (टू मिनट्स हेट), <ref name="two_minutes_hate">{{Cite book|title=Russia at War, 1941–1945: A History.|last=Werth|first=Alexander|publisher=Skyhorse Publishers|year=2017|isbn=978-1510716254}}</ref> लेकिन [[अक्तूबर समाजवादी क्रांति|अक्टूबर क्रांति]] (हेट वीक) की वर्षगांठ के वार्षिक समारोह के रूप में भी दिनों तक चल सकती थी।
ऑरवेल ने "समाचार पत्र", "डबलथिंक", और "सत्य मंत्रालय" को सोवियत प्रेस और ब्रिटिश युद्धकालीन उपयोग, जैसे "मिनीफॉर्म" दोनों के आधार पर काल्पनिक बनाया। {{Sfn|Lynskey|2019|p=88}} विशेष रूप से उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्मित सोवियत वैचारिक प्रवचन को अनुकूलित किया कि सार्वजनिक बयानों पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=uqWsAgAAQBAJ&pg=PA298|title=The Rise and Fall of the Soviet Union|last=McCauley|first=Martin|publisher=Taylor and Francis|year=2014|isbn=978-1-317-86783-8|page=298|oclc=869093605}}</ref>
विंस्टन स्मिथ की नौकरी, "इतिहास को संशोधित करना" (और "अनपर्सन" रूपांकन) सोवियत संघ में छवियों की सेंसरशिप पर आधारित है, जिसने समूह तस्वीरों से "गिरे हुए" लोगों की छवियों को प्रसारित किया और पुस्तकों और समाचार पत्रों में उनके संदर्भों को हटा दिया। <ref name="commisar_vanishes">{{Cite book|title=The Commissar Vanishes: The Falsification of Photographs and Art in Stalin's Russia|url=https://archive.org/details/commissarvanishe0000king|last=King|first=David|publisher=Metropolitan / Holt|year=1997|isbn=978-0-8050-5294-7}}</ref> एक प्रसिद्ध उदाहरण में ''[[महान सोवियत ज्ञानकोश|ग्रेट सोवियत एनसाइक्लोपीडिया]]'' के दूसरे संस्करण में लैवेंटी बेरिया के बारे में एक लेख था। सत्ता और निष्पादन से उनके पतन के बाद ग्राहकों को संपादक से एक पत्र प्राप्त हुआ <ref>Sophie Lambroschini, “[http://truthnews.com/world/2003090026.htm Russia: Putin-Decreed ‘Great Russian’ Encyclopedia Debuts At Moscow Book Fair] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071205081257/http://truthnews.com/world/2003090026.htm|date=2007-12-05}},” [[रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी|Radio Free Europe/Radio Liberty]]</ref> उन्हें बेरिया पर तीन-पृष्ठ के लेख को काटने और नष्ट करने का निर्देश दिया गया और इसके स्थान पर संलग्न प्रतिस्थापन पृष्ठों को एफडब्ल्यू बर्घोलज़ पर आसन्न लेखों का विस्तार करते हुए चिपकाया गया (एक १८वां) सदी के दरबारी), [[बेरिंग सागर]] और [[जार्ज बर्कली|बिशप बर्कले]] । <ref>O. Lawrence Burnette Jr. and William Converse Haygood (Eds.</ref> <ref>{{Cite news|url=https://news.google.com/newspapers?nid=1665&dat=19531202&id=pLkdAAAAIBAJ&pg=1280,7146113|title=Soviet Encyclopedia Omits Beria's Name|date=December 2, 1953|work=The Times-News|access-date=April 23, 2017|page=8|via=Google News Archive}}</ref> <ref name="Beria_to_Bering">{{Cite book|title=Memory, brain, and belief|publisher=Harvard University Press|year=2001|isbn=978-0-674-00719-2|editor-last=Schacter|editor-first=Daniel L.|location=Cambridge|oclc=803952174|editor-last2=Scarry|editor-first2=Elaine}}</ref>
बिग ब्रदर के "ऑर्डर्स ऑफ द डे" स्टालिन के नियमित युद्धकालीन आदेशों से प्रेरित थे, जिन्हें इसी नाम से पुकारा जाता था। इनमें से अधिक राजनीतिक का एक छोटा संग्रह जोसेफ स्टालिन द्वारा अंग्रेजी में "सोवियत संघ के महान देशभक्ति युद्ध पर" के रूप में प्रकाशित किया गया है (उनके युद्धकालीन भाषणों के साथ)।<ref name="on_the_patriotic_war">{{Cite book|title=On the Great Patriotic War of the Soviet Union|last=Stalin|first=Joseph|publisher=Foreign Languages Press|year=1944|location=Moscow}}</ref><ref name="Sample_Order_of_the_day">{{Cite web|url=http://www.marxists.org/reference/archive/stalin/works/1942/05/01.htm|title=Order of the Day, No. 130, May 1st, 1942|access-date=14 December 2011}}</ref> बिग ब्रदर के ऑर्डर्स ऑफ द डे की तरह स्टालिन के अक्सर प्रशंसित वीर व्यक्ति,<ref name="Beijing_edition">{{Cite book|title=On the Great Patriotic War of the Soviet Union|last=Stalin|first=Joseph|publisher=Foreign Language Press – Peking|year=1970}}</ref> कॉमरेड ओगिल्वी की तरह काल्पनिक नायक विंस्टन स्मिथ ने बिग ब्रदर ऑर्डर ऑफ द डे को "सुधारने" (बनाने) का आविष्कार किया।
इंग्सोक का नारा "हमारा नया, सुखी जीवन", टेलीस्क्रीन से दोहराया गया, स्टालिन के १९३५ के बयान को उद्घाटित करता है, जो सीपीएसयू का नारा बन गया, "जीवन बेहतर हो गया है, कामरेड; जीवन अधिक हर्षित हो गया है।"<ref name="Everyday_Stalinism"/>
१९४० में अर्जेंटीना के लेखक जॉर्ज लुइस बोर्जेस ने "त्लोन, उकबार, ऑरबिस टर्शीयस" प्रकाशित किया, जो एक ऐसी दुनिया के "परोपकारी गुप्त समाज" द्वारा आविष्कार का वर्णन करता है जो मानव-आविष्कारित लाइनों के साथ मानव भाषा और वास्तविकता का रीमेक बनाना चाहता है। परियोजना की सफलता का वर्णन करने वाले परिशिष्ट के साथ कहानी समाप्त होती है। बोर्गेस की कहानी १९८४ तक [[ज्ञानमीमांसा]], भाषा और इतिहास के समान विषयों को संबोधित करती है <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=fHnFubqgiyoC&pg=PA206|title=Twentieth-century Spanish American Literature to 1960|last=Foster|first=David William|last2=Altamiranda|first2=Daniel|year=1997|isbn=978-0-8153-2680-9}}</ref>
[[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] के दौरान, ऑरवेल का मानना था कि १९३९ से पहले मौजूद [[यूनाइटेड किंगडम की राजनीति|ब्रिटिश लोकतंत्र]] युद्ध से नहीं बचेगा। सवाल यह है कि "क्या यह ऊपर से फासीवादी ''तख्तापलट'' के माध्यम से या नीचे से समाजवादी क्रांति के माध्यम से समाप्त होगा?"<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=VO8nDwAAQBAJ&q=Would+it+end+via+Fascist+coup+d%27%C3%A9tat+from+above+or+via+Socialist+revolution+from+below%3F%22&pg=PA359|title=1984|last=Orwell|first=George|publisher=Enrich Spot Limited|year=2016|isbn=978-988-12356-0-2|language=en}}</ref> बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि घटनाओं ने उन्हें गलत साबित कर दिया: "वास्तव में क्या मायने रखता है कि मैं यह मानने के जाल में फंस गया कि 'युद्ध और क्रांति अविभाज्य हैं'।" <ref>"London Letter to Partisan Review, December 1944, quoted from vol. 3 of the Penguin edition of the ''Collected Essays, Journalism and Letters''.</ref>
''उन्नीस सौ चौरासी'' (१९४९) और ''[[एनिमल फार्म]]'' (१९४५) विश्वासघाती क्रांति के विषयों को साझा करते हैं, सामूहिक रूप से व्यक्ति की अधीनता, कठोर रूप से लागू वर्ग भेद (इनर पार्टी, आउटर पार्टी, गद्य), व्यक्तित्व का पंथ, एकाग्रता शिविर, विचार पुलिस, अनिवार्य नियमित दैनिक व्यायाम, और युवा लीग। ओशिनिया ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए एशियाई संकट का मुकाबला करने के लिए ब्रिटिश साम्राज्य के अमेरिकी कब्जे के परिणामस्वरूप हुआ। यह एक नौसैनिक शक्ति है जिसका सैन्यवाद तैरते हुए किले के नाविकों की पूजा करता है, जिसमें से भारत को ब्रिटिश साम्राज्य के "ज्वेल इन द क्राउन" पर पुनः कब्जा करने के लिए लड़ाई दी जाती है। [[जोसेफ़ स्टालिन|जोसेफ स्टालिन]] - बिग ब्रदर के तहत अधिकांश महासागरीय समाज यूएसएसआर पर आधारित है। टेलीविज़न पर प्रसारित टू मिनट्स हेट राज्य के दुश्मनों, विशेष रूप से इमैनुएल गोल्डस्टीन (''अर्थात'' [[लियोन त्रोत्स्की|लियोन ट्रॉट्स्की]]) का अनुष्ठान है। १९६० के दशक के शुद्धिकरण (''जैसे'' १९३० के दशक के [[महान शुद्धिकरण|सोवियत पर्ज]], जिसमें बोल्शेविक क्रांति के नेता शामिल थे) में शासन के संस्थापक सदस्यों (जोन्स, आरोनसन और रदरफोर्ड) सहित राष्ट्रीय ऐतिहासिक रिकॉर्ड से हटाई गई तस्वीरों और अखबारों के लेखों में बदलाव किए गए हैं। इसी तरह व्यवहार किया गया)। [[फ़्रान्सीसी क्रान्ति|फ्रांसीसी क्रांति]] के आतंक के शासनकाल के दौरान भी ऐसा ही हुआ था जिसमें क्रांति के कई मूल नेताओं को बाद में मौत के घाट उतार दिया गया था, उदाहरण के लिए डेंटन जिसे [[रॉबस्पियर|रोबेस्पिएरे]] ने मौत के घाट उतार दिया था, और फिर बाद में खुद रोबेस्पिएरे का भी वही हश्र हुआ .
अपने १९४६ के निबंध "व्हाई आई राइट" में ऑरवेल बताते हैं कि [[स्पेनी गृहयुद्ध|स्पेनिश गृहयुद्ध]] (१९३६-३९) के बाद से उन्होंने जो गंभीर रचनाएँ लिखीं, वे "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवाद]] के खिलाफ और [[लोकतांत्रिक समाजवाद]] के लिए लिखी गईं" थीं।<ref name="aaron"/><ref>{{Cite web|url=http://www.resort.com/~prime8/Orwell/whywrite.html|title=George Orwell: Why I Write|publisher=Resort.com|access-date=4 July 2011}}</ref> ''उन्नीस सौ चौरासी'' क्रांति के बारे में एक [[सचेतक कथा|सतर्क कहानी]] है, जिसे अधिनायकवादी रक्षकों ने धोखा दिया है, जो पहले ''होमेज टू कैटेलोनिया'' (१९३८) और ''[[एनिमल फार्म]]'' (१९४५) में प्रस्तावित था, जबकि ''कमिंग अप फॉर एयर'' (१९३९) ''उन्नीस सौ चौरासी'' में खोई गई व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वतंत्रता का जश्न मनाती है। (१९४९)। जीवनी लेखक माइकल शेल्डन ने हेनले-ऑन-थेम्स में ऑरवेल के एडवर्डियन बचपन को सुनहरे देश के रूप में नोट किया; पीड़ितों के साथ सहानुभूति के रूप में सेंट साइप्रियन स्कूल में तंग किया जा रहा है; बर्मा में भारतीय इंपीरियल पुलिस में उनका जीवन और [[बीबीसी]] में हिंसा और सेंसरशिप की तकनीक एक सनकी अधिकार के रूप में।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/orwellauthorized0000shel_k2q6/page/430|title=Orwell – The Authorized Biography|last=Shelden|first=Michael|publisher=HarperCollins|year=1991|isbn=978-0-06-092161-3|location=New York|pages=[https://archive.org/details/orwellauthorized0000shel_k2q6/page/430 430–34]}}</ref>
अन्य प्रभावों में शामिल हैं ''डार्कनेस एट नून'' (१९४०) और [[आर्थर केस्लर|आर्थर कोस्टलर]] द्वारा ''द योगी एंड द कमिसार'' (१९४५); [[जैक लंडन|जैक लंदन]] द्वारा ''द आयरन हील'' (१९०८); १९२०: जॉन ए. हॉब्सन द्वारा ''नियर फ्यूचर में डिप्स'' <ref>{{Cite web|url=http://ariwatch.com/VS/1920.htm|title=1920: Dips into the Near Future|website=ariwatch.com|access-date=2022-12-29}}</ref> ; [[ऐल्डस हक्स्ले|एल्डस हक्सले]] द्वारा ''[[ब्रेव न्यू वर्ल्ड]]'' (१९३२); ''हम'' (१९२१) येवगेनी ज़मायटिन द्वारा जिसकी उन्होंने १९४६ में समीक्षा की;<ref>{{Cite web|url=http://www.orwelltoday.com/weorwellreview.shtml|title=We, Orwell Review|website=www.orwelltoday.com|access-date=2022-12-29}}</ref> और जेम्स बर्नहैम द्वारा ''प्रबंधकीय क्रांति'' (१९४०) में तीन अधिनायकवादी महाराज्यों के बीच सतत युद्ध की भविष्यवाणी की गई है। ऑरवेल ने जैसिंथा बुडिकॉम से कहा कि वह [[ऍच॰ जी॰ वेल्स|एचजी वेल्स]] द्वारा ''ए मॉडर्न यूटोपिया'' (१९०५) की तरह शैलीगत रूप से एक उपन्यास लिखेंगे।<ref>{{Cite web|url=https://www.bloomsburycollections.com/book/george-orwell-and-religion/ch1-educating-eric-blair-and-burmese-days|title=Bloomsbury Collections – George Orwell and Religion|website=www.bloomsburycollections.com|access-date=2020-10-29}}</ref>
द्वितीय विश्व युद्ध से बाहर निकलते हुए, उपन्यास की मिलावट युद्ध के अंत में राजनीति और बयानबाजी के समानांतर होती है - "[[शीतयुद्ध|शीत युद्ध]]" (१९४५-९१) की शुरुआत में बदले हुए गठबंधन; सत्य मंत्रालय सूचना मंत्रालय द्वारा नियंत्रित बीबीसी की विदेशी सेवा से निकला है; कमरा १०१ बीबीसी ब्रॉडकास्टिंग हाउस के एक सम्मेलन कक्ष से निकला है;<ref>{{Cite web|url=https://www.bbc.co.uk/bbcfour/documentaries/features/room-101.shtml|title=The real room 101|publisher=BBC|archive-url=https://web.archive.org/web/20070105132434/http://www.bbc.co.uk/bbcfour/documentaries/features/room-101.shtml|archive-date=5 January 2007|access-date=9 December 2006}}</ref> लंदन विश्वविद्यालय का सीनेट हाउस, जिसमें सूचना मंत्रालय शामिल है, मिनिट्रू के लिए वास्तु प्रेरणा है; युद्ध के बाद की गिरावट यूके और यूएस के सामाजिक-राजनीतिक जीवन से निकली है, यानी, १९४८ के गरीब ब्रिटेन ने समाचार पत्रों द्वारा रिपोर्ट की गई शाही विजय के बावजूद अपना साम्राज्य खो दिया; और युद्ध सहयोगी लेकिन शांति-काल का दुश्मन, सोवियत रूस यूरेशिया बन गया।
ऑरवेल के युद्धकालीन लेखन में "इंग्लिश सोशलिज्म" शब्द के उदाहरण हैं; निबंध "द लायन एंड द यूनिकॉर्न: सोशलिज्म एंड द इंग्लिश जीनियस" (१९४१) में उन्होंने कहा कि "युद्ध और क्रांति अविभाज्य हैं... तथ्य यह है कि हम युद्ध में हैं, ने समाजवाद को पाठ्यपुस्तक के शब्द से एक वास्तविक नीति में बदल दिया है" - क्योंकि ब्रिटेन की सेवानिवृत्त सामाजिक वर्ग प्रणाली ने युद्ध के प्रयासों में बाधा डाली और केवल एक समाजवादी अर्थव्यवस्था ही [[एडोल्फ़ हिटलर|एडॉल्फ हिटलर को]] हरा देगी। मध्यम वर्ग की इस समझ को देखते हुए, वे भी समाजवादी क्रांति का पालन करेंगे और केवल प्रतिक्रियावादी ब्रिटेन ही इसका विरोध करेंगे, इस प्रकार बल क्रांतिकारियों को सीमित करने के लिए सत्ता लेने की आवश्यकता होगी। एक अंग्रेजी समाजवाद आएगा जो "समझौता की परंपरा और राज्य से ऊपर के कानून में विश्वास के साथ कभी भी स्पर्श नहीं करेगा। यह गद्दारों को गोली मार देगा, लेकिन यह उन्हें पहले से ही एक गंभीर परीक्षण देगा और कभी-कभी उन्हें बरी कर देगा। यह किसी भी खुले विद्रोह को तुरंत और क्रूरता से कुचल देगा, लेकिन यह मौखिक और लिखित शब्दों में बहुत कम हस्तक्षेप करेगा।"<ref>Orwell, Sonia and Angus, Ian (eds). </ref>
''उन्नीस सौ चौरासी'' की दुनिया में "अंग्रेजी समाजवाद" (या न्यूस्पीक में "इंगसॉक") एक [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवादी]] विचारधारा है जो अंग्रेजी क्रांति के विपरीत है जिसे उन्होंने देखा था। युद्ध के समय के निबंध "द लायन एंड द यूनिकॉर्न" की ''उन्नीस सौ चौरासी'' के साथ तुलना से पता चलता है कि उन्होंने बिग ब्रदर शासन को अपने पोषित समाजवादी आदर्शों और अंग्रेजी समाजवाद के विकृति के रूप में माना। इस प्रकार ओशिनिया ब्रिटिश साम्राज्य का भ्रष्टाचार है, उनका मानना था कि "सोवियत गणराज्यों के संघ के एक कमजोर और मुक्त संस्करण की तरह समाजवादी राज्यों के एक संघ में" विकसित होगा।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=mEgxAJr1REUC&pg=PA91|title=George Orwell: the Collected Essays, Journalism & Letters|last=Orwell|first=George|publisher=Nonpareil Books|year=2000|isbn=978-1-56792-134-2|editor-last=Orwell|editor-first=Sonia|edition=1st Nonpareil|location=Boston|page=91|quote=The third was to develop a ''positive'' imperial policy, and aim at transforming the Empire into a federation of Socialist states, like a looser and freer version of the Union of Soviet Republics.|author-link=George Orwell|editor-last2=Angus|editor-first2=Ian}}</ref>{{Verify source|date=August 2013}}
== आलोचनात्मक स्वीकार्यता ==
जब यह पहली बार प्रकाशित हुआ, ''तो उन्नीस सौ चौरासी को'' आलोचनात्मक प्रशंसा मिली। ''न्यू स्टेट्समैन'' के लिए उपन्यास की समीक्षा करते हुए वी.एस. प्रिटचेट ने कहा: "मुझे नहीं लगता कि मैंने इससे अधिक भयावह और निराशाजनक उपन्यास कभी पढ़ा है; और फिर भी, मौलिकता, रहस्य, लिखने की गति और क्रोध को कम करना असंभव है। किताब नीचे रखने के लिए।"<ref>[[Irving Howe]], ''Orwell's Nineteen Eighty-Four : Text, Sources, Criticism''. </ref> पीएच न्यूबी ने ''द लिसनर'' पत्रिका के लिए ''उन्नीस सौ चौरासी'' की समीक्षा करते हुए इसे "रेक्स वार्नर के ''द एरोड्रोम के बाद से एक अंग्रेज द्वारा लिखा गया सबसे अधिक गिरफ्तार करने वाला राजनीतिक उपन्यास"'' बताया।<ref name="nf">[[Nigel Fountain]], "First Bites: ''Nineteen Eighty-Four.'' </ref> ''उन्नीस सौ चौरासी की'' प्रशंसा [[बर्ट्रैंड रसल|बर्ट्रेंड रसेल]], [[एडवर्ड मॉर्गन फार्स्टर|ईएम फोर्स्टर]] और हेरोल्ड निकोलसन ने भी की थी।<ref name="nf" /> दूसरी ओर, एडवर्ड शैंक्स, ''द संडे टाइम्स'' के लिए ''उन्नीस सौ चौरासी की'' समीक्षा कर रहे थे, खारिज कर रहे थे; शैंक्स ने दावा किया कि ''उन्नीस सौ चौरासी ने'' "उदास वसीयत के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए"।<ref name="nf" /> सीएस लुईस भी उपन्यास के आलोचक थे, उनका दावा था कि जूलिया और विंस्टन के संबंध और विशेष रूप से सेक्स पर पार्टी के दृष्टिकोण में विश्वसनीयता की कमी थी, और यह सेटिंग "दुखद के बजाय घिनौनी" थी।<ref>{{Cite book|title=''On Stories: And Other Essays on Literature.'' George Orwell|last=Lewis|first=Clive Staples|date=1966|publisher=Harcourt|page=101}}</ref>
इसके प्रकाशन पर कई अमेरिकी समीक्षकों ने पुस्तक की व्याख्या ब्रिटिश [[यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री|प्रधान मंत्री]] [[क्लिमेण्ट रिचर्ड एट्ली|क्लेमेंट एटली की]] समाजवादी नीतियों, या जोसेफ स्टालिन की नीतियों पर एक बयान के रूप में की। <ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/arts-entertainment/the-savage-satire-of-1984-still-speaks-to-us-today-1098810.html|title=The savage satire of '1984' still speaks to us today|date=1999-06-07|website=The Independent|language=en|access-date=2023-01-07}}</ref> १९४५ से १९५१ तक प्रधान मंत्री के रूप में कार्य करते हुए, एटली ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में व्यापक सामाजिक सुधारों और परिवर्तनों को लागू किया, और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले [[लेबर पार्टी (यूके)|श्रम]] प्रधान मंत्री बने रहे। इन समीक्षाओं के बाद ऑरवेल ने अमेरिकी ट्रेड यूनियन नेता फ्रांसिस ए. हैनसन को एक पत्र लिखा, <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=whXCDwAAQBAJ&q=%22I+do+not+believe+that+the+kind+of+society+I+describe+will+necessarily+arrive%22|title=Orwell: A Man Of Our Time|last=Bradford|first=Richard|date=2020-01-23|publisher=Bloomsbury Publishing|isbn=978-1-4482-1770-0|language=en}}</ref> <ref name=":3" /> जो अपने सदस्यों को पुस्तक की सिफारिश करना चाहते थे लेकिन कुछ समीक्षाओं से चिंतित थे। अपने पत्र में ऑरवेल ने अपनी पुस्तक को व्यंग्य के रूप में वर्णित किया और कहा:
{{Quote|text=मुझे विश्वास नहीं है कि मैं जिस तरह के समाज का वर्णन करता हूं, वह अनिवार्य रूप से आएगा, लेकिन मुझे विश्वास है (इस तथ्य के लिए, निश्चित रूप से, कि पुस्तक एक व्यंग्य है) कि इससे मिलता-जुलता कुछ आ सकता है ... [यह] एक दिखावा है...[उन] विकृतियों के लिए जिनके लिए एक केंद्रीकृत अर्थव्यवस्था उत्तरदायी है और जो पहले से ही साम्यवाद और फासीवाद में आंशिक रूप से वसूली योग्य हैं।}}
अपने प्रकाशन इतिहास के दौरान, ''उन्नीस सौ चौरासी को'' या तो प्रतिबंधित या कानूनी रूप से विध्वंसक या वैचारिक रूप से भ्रष्ट के रूप में चुनौती दी गई है, जैसे कि येवगेनी ज़मायटिन द्वारा डायस्टोपियन उपन्यास ''वी'' (१९२४), एल्डस हक्सले द्वारा ''[[ब्रेव न्यू वर्ल्ड]]'' (१९३२), [[ऐल्डस हक्स्ले|एल्डस हक्सले]] द्वारा ''डार्कनेस एट नून'' (१९४०) [[आर्थर केस्लर|आर्थर कोस्टलर]] द्वारा, करिन बोए द्वारा ''कल्लोकेन'' (१९४०), और [[रे ब्रैडबेरि|रे ब्रैडबरी]] द्वारा ''फारेनहाइट ४५१'' (१९५३)। <ref>{{Cite book|title=The Cambridge History of Twentieth-Century English Literature|last=Marcus|first=Laura|last2=Nicholls|first2=Peter|publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]]|year=2005|isbn=978-0-521-82077-6|page=226|quote=Brave New World [is] traditionally bracketed with Orwell's ''Nineteen Eighty-Four'' as a dystopia ...|author-link2=Peter Nicholls (writer)}}</ref>
५ नवंबर २०१९ को [[बीबीसी]] ने अपने १०० सबसे प्रभावशाली उपन्यासों की सूची में ''उन्नीस अस्सी-चार'' का नाम दिया।
स्टैलिनिस्ट पोलैंड से निर्वासित [[चेस्वाव मीलोश]] के अनुसार, पुस्तक ने आयरन कर्टन के पीछे भी एक छाप छोड़ी। ''द कैप्टिव माइंड'' में लिखते हुए, उन्होंने कहा "[ए] कुछ लोग ऑरवेल के ''१९८४'' से परिचित हैं, क्योंकि इसे प्राप्त करना मुश्किल और खतरनाक दोनों है, यह केवल इनर पार्टी के कुछ सदस्यों के लिए जाना जाता है। ऑरवेल उन्हें अपनी अंतर्दृष्टि के माध्यम से आकर्षित करता है जो वे अच्छी तरह से जानते हैं [...] यहां तक कि जो लोग ऑरवेल को केवल सुनी-सुनाई बातों से जानते हैं, वे भी चकित हैं कि एक लेखक जो कभी रूस में नहीं रहा, उसके जीवन में इतनी गहरी अंतर्दृष्टि होनी चाहिए।<ref>{{Cite book|title=[[Why Orwell Matters]]|last=Hitchens|first=Christopher|date=2002|publisher=Basic Books|isbn=978-0-465-03050-7|location=New York|page=[https://archive.org/details/whyorwellmatters00hitc/page/54 54]}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=DSfvCgAAQBAJ&pg=PA82|title=George Orwell: Into the Twenty-first Century|last=Cushman|first=Thomas|last2=Rodden|first2=John|date=2015|publisher=Routledge|isbn=978-1317259237|page=82|access-date=20 January 2022}}</ref> लेखक [[क्रिस्टोफ़र हिचन्स|क्रिस्टोफर हिचेन्स ने]] इसे "सबसे बड़ी प्रशंसाओं में से एक कहा है जो एक लेखक ने कभी दूसरे को प्रदान की है...] ऑरवेल की मृत्यु के केवल एक या दो साल बाद दूसरे शब्दों में केवल इनर पार्टी के भीतर परिचालित एक गुप्त पुस्तक के बारे में उनकी पुस्तक अपने आप<ref>{{Cite book|title=[[Why Orwell Matters]]|last=Hitchens|first=Christopher|date=2002|publisher=Basic Books|isbn=978-0-465-03050-7|location=New York|pages=[https://archive.org/details/whyorwellmatters00hitc/page/54 54]–55}}</ref> केवल इनर पार्टी के भीतर प्रसारित एक गुप्त पुस्तक थी।
== अन्य मीडिया में अनुकूलन ==
उसी वर्ष उपन्यास के प्रकाशन के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका के [[एनबीसी|एनबीसी]] रेडियो नेटवर्क पर ''एनबीसी यूनिवर्सिटी थियेटर'' शृंखला के हिस्से के रूप में एक घंटे का रेडियो अनुकूलन प्रसारित किया गया था। सितंबर १९५३ में [[सीबीएस]] के ''स्टूडियो वन'' सीरीज़ के हिस्से के रूप में पहला टेलीविज़न रूपांतरण दिखाई दिया। दिसंबर १९५४ में [[बीबीसी टेलीविजन|बीबीसी टेलीविज़न ने]] निगेल निएले द्वारा एक रूपांतरण प्रसारित किया। पहली फीचर फिल्म अनुकूलन, <nowiki><i id="mwA7A">१९८४</i></nowiki>, १९५६ में रिलीज़ हुई थी। १९८४ में एक दूसरा फीचर-लम्बाई अनुकूलन, ''उन्नीस सौ चौरासी ,'' उपन्यास का यथोचित वफादार अनुकूलन था। कहानी को कई बार रेडियो, टेलीविजन और फिल्म के लिए रूपांतरित किया गया है; अन्य मीडिया रूपांतरों में थिएटर (एक संगीतमय<ref>{{Cite web|url=https://newtheatre.org.au/1984-the-musical/|title=1984! The Musical! {{!}} New Theatre|date=2019-11-06|language=en-US|access-date=2021-09-10}}</ref> और एक नाटक), ओपेरा और बैले शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://northernballet.com/1984|title=1984 {{!}} Northern Ballet|website=northernballet.com|access-date=2021-09-10}}</ref>
== अनुवाद ==
पहला [[सरलीकृत चीनी वर्ण|सरलीकृत चीनी]] संस्करण १९७९ में प्रकाशित हुआ था। यह पहली बार १९८५ में चीन में आम जनता के लिए उपलब्ध था, क्योंकि पहले यह केवल पुस्तकालयों और किताबों की दुकानों के कुछ हिस्सों में सीमित लोगों के लिए खुला था। एमी हॉकिन्स और ''द अटलांटिक'' के जेफरी वासेरस्ट्रॉम ने २०१९ में कहा कि पुस्तक कई कारणों से मुख्यभूमि चीन में व्यापक रूप से उपलब्ध है: आम जनता कुल मिलाकर अब किताबें नहीं पढ़ती है; क्योंकि किताबें पढ़ने वाले अभिजात वर्ग वैसे भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़ाव महसूस करते हैं; और क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टी सांस्कृतिक उत्पादों को अवरुद्ध करने में बहुत आक्रामक होने को एक दायित्व के रूप में देखती है। लेखकों ने कहा "यह था - और बना हुआ है - ''१९८४'' और [[शेन्ज़ेन]] या [[शंघाई]] में ''पशु फार्म'' खरीदना उतना ही आसान है जितना कि यह लंदन या लॉस एंजिल्स में है।"<ref name="HawkinsWasserstrom">{{Cite web|url=https://www.theatlantic.com/ideas/archive/2019/01/why-1984-and-animal-farm-arent-banned-china/580156/|title=Why ''1984'' Isn't Banned in China|last=Hawkins|first=Amy|last2=Wasserstrom|first2=Jeffrey|date=2019-01-13|website=[[The Atlantic]]|access-date=2020-08-15}}</ref> उन्होंने यह भी कहा कि "धारणा यह नहीं है कि चीनी लोग १९८४ के अर्थ का पता नहीं लगा सकते हैं, लेकिन जो लोग इसे पढ़ने के लिए परेशान होंगे, वे बहुत अधिक खतरा पैदा नहीं करेंगे।"<ref name="HawkinsWasserstrom" />
१९८९ तक, ''उन्नीस सौ चौरासी का'' ६५ भाषाओं में अनुवाद किया गया था, जो उस समय के किसी भी अन्य अंग्रेजी उपन्यास से अधिक था।<ref name="translations">John Rodden. </ref>
== सांस्कृतिक प्रभाव ==
[[चित्र:Feliz_1984.JPG|अंगूठाकार| "हैप्पी १९८४" (स्पेनिश या पुर्तगाली में) स्टैंसिल ग्रैफिटो, [[बर्लिन की दीवार]] के एक खड़े टुकड़े पर [[प्लेस्टेशन]] कंट्रोलर के माध्यम से [[विचार-नियंत्रण|मन के नियंत्रण को]] दर्शाता है, २००५]]
अंग्रेजी भाषा पर ''उन्नीस सौ चौरासी'' का प्रभाव व्यापक है; बिग ब्रदर, रूम १०१, थॉट पुलिस, थॉटक्राइम, अनपर्सन, मेमोरी होल (गुमनामी), डबलथिंक (एक साथ विरोधाभासी विश्वासों को धारण करना और विश्वास करना) और न्यूस्पीक (वैचारिक भाषा) की अवधारणा अधिनायकवादी सत्ता को दर्शाने के लिए सामान्य वाक्यांश बन गए हैं। डबलस्पीक और ग्रुपथिंक दोनों ''डबलथिंक'' के जानबूझकर विस्तार हैं, और विशेषण "ऑरवेलियन" का अर्थ ऑरवेल के लेखन के समान है, विशेष रूप से ''उन्नीस सौ चौरासी'' । {{Nowrap|"-speak"}} (जैसे ''मीडियास्पीक'') के साथ शब्दों को समाप्त करने का अभ्यास उपन्यास से लिया गया है।<ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/iloveitwhenyouta00keye|title=I Love It When You Talk Retro|last=Keyes|first=Ralph|publisher=St Martins|year=2009|isbn=978-0-312-34005-6|page=[https://archive.org/details/iloveitwhenyouta00keye/page/222 222]|author-link=Ralph Keyes (author)|url-access=registration}}</ref> ऑरवेल हमेशा के लिए १९८४ से जुड़ा हुआ है; जुलाई १९८४ में एंटोनिन मर्कोस द्वारा एक क्षुद्रग्रह की खोज की गई और इसका नाम ऑरवेल के नाम पर रखा गया।
* १९५५ में बीबीसी के ''द गून शो'', ''१९८५'' का एक एपिसोड प्रसारित किया गया था, जिसे स्पाइक मिलिगन और एरिक साइक्स ने लिखा था और यह निगेल निएले के टेलीविजन रूपांतरण पर आधारित था। इसे लगभग एक महीने बाद उसी स्क्रिप्ट के साथ लेकिन थोड़े अलग कलाकारों के साथ फिर से रिकॉर्ड किया गया।<ref>{{Cite book|title=The Goon Show Companion: A History and Goonography|url=https://archive.org/details/goonshowcompanio0000wilm|last=Wilmut|first=Roger|last2=Grafton|first2=Jimmy|publisher=Robson Books|year=1976|page=[https://archive.org/details/goonshowcompanio0000wilm/page/n63 56]}}</ref> ''१९८५'' ऑरवेल के उपन्यास के कई मुख्य दृश्यों की पैरोडी करता है।
* १९७० में अमेरिकी रॉक ग्रुप स्पिरिट ने ऑरवेल के उपन्यास पर आधारित "१९८४" गीत जारी किया।
* १९७३ में पूर्व- सॉफ्ट मशीन बेसिस्ट ह्यूग हॉपर ने कोलंबिया लेबल (यूके) पर ''१९८४'' नामक एक एल्बम जारी किया, जिसमें "मिनिलुव," "मिनीपैक्स," "मिनिट्रू," और आगे जैसे ऑरवेलियन शीर्षक वाले वाद्य यंत्र शामिल थे।
* १९७४ में [[डेविड बोवी|डेविड बॉवी ने]] एल्बम ''डायमंड डॉग्स'' जारी किया, जो ''उन्नीस सौ चौरासी'' उपन्यास पर आधारित माना जाता है। इसमें "वी आर द डेड", "१९८४" और "बिग ब्रदर" ट्रैक शामिल हैं। एल्बम के बनने से पहले, बॉवी के प्रबंधन (मेनमैन) ने बॉवी और टोनी इंग्रासिया (मेनमैन के रचनात्मक सलाहकार) के लिए ऑरवेल की ''उन्नीस सौ चौरासी'' के संगीत निर्माण को सह-लेखन और निर्देशित करने की योजना बनाई थी, लेकिन ऑरवेल की विधवा ने मेनमैन को अधिकार देने से इनकार कर दिया।<ref>''Stardust: The David Bowie Story'', Henry Edwards and Tony Zanetta, 1986, McGraw-Hill Book Company, p. 220</ref>
* १९७७ में ब्रिटिश रॉक बैंड द जैम ने एल्बम ''दिस इज़ द मॉडर्न वर्ल्ड'' जारी किया, जिसमें पॉल वेलर का ट्रैक "स्टैंडर्ड्स" शामिल है। यह ट्रैक गीत के साथ समाप्त होता है "...और अज्ञानता शक्ति है, हमारे पास भगवान हैं, देखो, आप जानते हैं कि विंस्टन के साथ क्या हुआ।"<ref name="1984 songs">{{Cite news|url=https://www.pastemagazine.com/music/1984/10-songs-inspired-by-george-orwells-1984/|title=10 Songs Inspired by George Orwell's 1984|work=Paste magazine|access-date=6 June 2020}}</ref>
* १९८४ में रिडले स्कॉट ने [[एप्पल इंक॰|एप्पल]] के [[मैकिन्टौश|मैकिंटोश]] कंप्यूटर को लॉन्च करने के लिए एक टेलीविजन विज्ञापन, "१९८४" का निर्देशन किया।<ref>{{Cite book|title=Electric Dreams: Computers in American Culture|last=Friedman|first=Ted|publisher=[[New York University Press]]|year=2005|isbn=978-0-8147-2740-9|chapter=Chapter 5: 1984|access-date=6 October 2011|chapter-url=http://tedfriedman.com/electric-dreams/chapter-5-apples-1984/}}</ref> विज्ञापन में कहा गया है, "१९८४ ''१९८४'' की तरह नहीं होगा", यह सुझाव देते हुए कि एप्पल मैक बिग ब्रदर, यानी आईबीएम पीसी से मुक्ति होगी।<ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/technology/2009/jan/23/apple-macintosh-25|title=Apple's Macintosh, 25 years on|work=The Guardian|access-date=6 June 2020}}</ref>
[[चित्र:BigBrother.jpg|अंगूठाकार| डोनेट्स्क, यूक्रेन में एक औद्योगिक इमारत की दीवार पर "बिग ब्रदर आपको देख रहा है" चित्रित किया गया है]]
* ''[[डॉक्टर हू]]'' का एक एपिसोड, जिसे "द गॉड कॉम्प्लेक्स" कहा जाता है, एक विदेशी जहाज को कमरे १०१ जैसी जगहों वाले होटल के रूप में प्रच्छन्न दिखाता है, और नर्सरी कविता को भी उद्धृत करता है।<ref name="RTComplex">{{Cite web|url=http://www.radiotimes.com/blog/2011-09-18/doctor-who-the-god-complex/|title=Doctor Who: The God Complex|last=Mulkern|first=Patrick|date=18 September 2011|website=[[Radio Times]]|access-date=20 May 2012}}</ref>
* ''स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जनरेशन'' पर चेन ऑफ़ कमांड के दो भाग के एपिसोड में उपन्यास से कुछ समानताएँ हैं।<ref>{{Citation|title=Star Trek: Picard Viewing Guide – The Essential Treks to Take Before the Show – IGN|date=18 January 2020|url=https://www.ign.com/articles/star-trek-picard-11-essential-treks-to-take-before-the-show|language=en|access-date=2020-10-29}}</ref>
* रेडियोहेड का २००३ का एकल "२ + २ = ५", उनके एल्बम ''हेल टू द थीफ'' से शीर्षक और सामग्री द्वारा ऑरवेलियन है। थॉम योर्के कहते हैं, “मैं बीबीसी रेडियो ४ पर बहुत सारे राजनीतिक कार्यक्रम सुन रहा था। मैंने खुद को छोटे-छोटे बकवास वाक्यांशों को लिखते हुए पाया, वे ऑरवेलियन प्रेयोक्ति जो [ब्रिटिश और अमेरिकी सरकारें] बहुत पसंद करती हैं। वे रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि बन गए।<ref name="1984 songs"/>
* सितंबर २००९ में अंग्रेजी प्रगतिशील रॉक बैंड म्यूज़ ने ''द रेसिस्टेंस'' जारी किया, जिसमें ''उन्नीस सौ चौरासी'' से प्रभावित गाने शामिल थे।<ref>[http://www.mtv.com/news/articles/1622093/muse-discuss-resistance-their-very-personal-new-album.jhtml "Muse Discuss The Resistance, Their 'Very Personal' New Album"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120705023440/http://www.mtv.com/news/articles/1622093/muse-discuss-resistance-their-very-personal-new-album.jhtml |date=5 जुलाई 2012 }}.</ref>
* [[मैरीलिन मैनसन|मर्लिन मैनसन]] की आत्मकथा ''द लॉन्ग हार्ड रोड आउट ऑफ़ हेल'' में वे कहते हैं: "मैं दुनिया के अंत और मसीह विरोधी के विचार से पूरी तरह से भयभीत था। इसलिए मैं इसके प्रति जुनूनी हो गया... जॉर्ज ऑरवेल द्वारा १९८४ जैसी भविष्यवाणिय किताबें पढ़ना।<ref>{{Cite book|title=The Long Hard Road Out of Hell|last=Manson|first=Marilyn|date=2012|publisher=Harper Collins|page=19}}</ref>
* अंग्रेजी बैंड बैस्टिल ने अपने गीत "बैक टू द फ्यूचर" में उपन्यास का संदर्भ दिया, उनके २०२२ एल्बम ''गिव मी द फ्यूचर का'' पांचवां ट्रैक, शुरुआती गीतों में: "ऐसा लगता है जैसे हमने एक दुःस्वप्न में नृत्य किया / हम १९८४ जी रहे हैं / यदि डबलथिंक्स अब कथा नहीं / हम हक्सले के द्वीप तटों का सपना देखेंगे।"<ref>{{Citation|title=Bastille – Back to the Future|url=https://genius.com/Bastille-back-to-the-future-lyrics|access-date=2022-02-06}}</ref>
* २००४ में रिलीज़ किया गया, काकू पी-मॉडल/ सुसुमु हिरासावा का गीत बिग ब्रदर सीधे तौर पर १९८४ का संदर्भ देता है, और एल्बम दूर के भविष्य में एक काल्पनिक डायस्टोपिया के बारे में है।
''उन्नीस सौ चौरासी'' के विषयों, अवधारणाओं और कथानक के संदर्भ अक्सर अन्य कार्यों में दिखाई देते हैं, विशेष रूप से लोकप्रिय संगीत और वीडियो मनोरंजन में। एक उदाहरण दुनिया भर में हिट रियलिटी टेलीविजन शो ''[[बिग ब्रदर (टीवी सीरिज़)|बिग ब्रदर]]'' है, जिसमें लोगों का एक समूह एक बड़े घर में एक साथ रहता है, जो बाहरी दुनिया से अलग होता है, लेकिन टेलीविजन कैमरों द्वारा लगातार देखा जाता है।
* नवंबर २०१२ में [[संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार|अमेरिकी सरकार ने]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका का उच्चतम न्यायालय|अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय]] के समक्ष तर्क दिया कि वह वारंट मांगे बिना व्यक्तियों की जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग जारी रखना चाहती है। जवाब में न्यायमूर्ति स्टीफन ब्रेयर ने ''उन्नीस सौ चौरासी का'' हवाला देते हुए सवाल किया कि एक लोकतांत्रिक समाज के लिए इसका क्या मतलब है। न्यायमूर्ति ब्रेयर ने पूछा, "यदि आप इस मामले को जीतते हैं, तो पुलिस या सरकार को संयुक्त राज्य के प्रत्येक नागरिक के सार्वजनिक आंदोलन की २४ घंटे निगरानी करने से रोकने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए यदि आप जीतते हैं, तो आप अचानक उन्नीस सौ चौरासी की तरह ध्वनि उत्पन्न करते हैं..."<ref>{{Cite web|url=http://thehill.com/blogs/blog-briefing-room/news/192445-justice-breyer-warns-of-orwellian-government|title=Justice Breyer warns of Orwellian government|date=8 November 2011|website=The Hill|access-date=9 November 2011}}</ref>
पुस्तक गोपनीयता के आक्रमण और सर्वव्यापक निगरानी को छूती है। २०१३ के मध्य से यह प्रचारित किया गया था कि [[राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, अमेरिका|राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी]] ईमेल और फोन कॉल डेटा के थोक डेटा संग्रह सहित वैश्विक इंटरनेट ट्रैफ़िक की गुप्त रूप से निगरानी और भंडारण कर रहा है। २०१३ के व्यापक निगरानी लीक के पहले सप्ताह के भीतर ''उन्नीस सौ चौरासी'' की बिक्री सात गुना तक बढ़ गई।<ref>[https://www.google.com/hostednews/afp/article/ALeqM5jOAd-NuDmmE_yftnuljYBx5k0wIw?docId=CNG.17664a09cc7362136060bb3f7731dc65.141 '1984' sales skyrocket in wake of US spy scandal], [[Agence France-Presse]], 11 June 2013. </ref><ref>{{Cite web|url=http://abcnews.go.com/blogs/headlines/2013/06/sales-of-orwells-1984-increase-as-details-of-nsa-scandal-emerge|title=Sales of Orwell's '1984' Increase as Details of NSA Scandal Emerge|website=ABC News|language=en|access-date=2022-12-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.huffpost.com/entry/orwell-1984-sales_n_3423185|title=Sales Of '1984' Skyrocket In Wake Of NSA Scandal|date=2013-06-11|website=HuffPost|language=en|access-date=2022-12-29}}</ref> मीडिया के साथ विसंगतियों को समझाने के लिए "वैकल्पिक तथ्यों" वाक्यांश का उपयोग करते हुए केलीनेन कॉनवे से जुड़े विवाद के बाद २०१७ में पुस्तक फिर से ऐमज़ान.कॉम बिक्री चार्ट में सबसे ऊपर है।<ref name="NYT-20170126">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2017/01/26/books/why-1984-is-a-2017-must-read.html|title=Why '1984' Is a 2017 Must-Read|last=Kakutani|first=Michiko|date=26 January 2017|work=[[The New York Times]]|access-date=26 January 2017}}</ref><ref name="NYT-20170125">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2017/01/25/books/1984-george-orwell-donald-trump.html|title=George Orwell's '1984' Is Suddenly a Best-Seller|last=Freytas-Tamura|first=Kimiko de|date=25 January 2017|work=[[The New York Times]]|access-date=25 January 2017}}</ref><ref name="USAT-20170127">{{Cite news|url=https://www.usatoday.com/story/news/nation-now/2017/01/25/orwells-1984-leaps-top-amazon-bestseller-list/97031344/|title=George Orwell's '1984' leaps to top of Amazon bestseller list|last=Rossman|first=Sean|date=25 January 2017|work=[[USA Today]]|access-date=25 January 2017}}</ref><ref name="conway">{{Cite web|url=http://www.hollywoodreporter.com/news/kellyanne-conways-alternative-facts-claim-sends-1984-sales-soaring-968247|title=Kellyanne Conway's "Alternative Facts" Claim Sends '1984' Book Sales Soaring|date=24 January 2017|website=[[द हॉलीवुड रिपोर्टर]]|access-date=25 January 2017}}</ref>
न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा "ऑल टाइम के शीर्ष चेक आउट" की सूची में ''उन्नीस सौ चौरासी'' नंबर तीन पर था।<ref>{{Cite web|url=https://gothamist.com/arts-entertainment/nypl-most-checked-out-books-ever|title=These Are The NYPL's Top Check Outs OF ALL TIME|date=2020-01-13|website=Gothamist|language=en|access-date=2022-12-29}}</ref>
[[प्रतिलिप्यधिकार|कॉपीराइट कानून]] के अनुसार, ''उन्नीस सौ चौरासी'' और ''पशु फार्म'' दोनों ने १ जनवरी २०२१ को ऑरवेल की मृत्यु के ७० कैलेंडर वर्ष बाद दुनिया के अधिकांश हिस्सों में सार्वजनिक डोमेन में प्रवेश किया। यूएस कॉपीराइट समाप्ति दोनों उपन्यासों के लिए अलग है: प्रकाशन के ९५ साल बाद।<ref>{{Cite web|url=https://www.historytoday.com/archive/months-past/publication-george-orwell%25E2%2580%2599s-nineteen-eighty-four|title=Publication of George Orwell's Nineteen Eighty-Four | History Today|website=www.historytoday.com|access-date=2022-12-29|archive-date=4 अप्रैल 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230404130626/https://www.historytoday.com/archive/months-past/publication-george-orwell%E2%80%99s-nineteen-eighty-four|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/books/booksblog/2021/jan/01/george-orwell-is-out-of-copyright-what-happens-now|title=George Orwell is out of copyright. What happens now?|date=2021-01-01|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-12-29}}</ref>
जब अमेज़ॅन को पता चला कि प्रकाशक के पास ''उन्नीस सौ चौरासी'' के अधिकारों की कमी है, तो उसने बिना किसी घोषणा के रातों-रात लोगों के किंडल से हटा दिया, जिससे विवाद पैदा हो गया।
== ''बहादुर नई दुनिया की'' तुलना ==
अक्टूबर १९४९ में ''उन्नीस सौ चौरासी'' पढ़ने के बाद हक्सले ने ऑरवेल को एक पत्र भेजा जिसमें उन्होंने तर्क दिया कि शासकों के लिए नरम स्पर्श से सत्ता में बने रहना अधिक कुशल होगा, जिससे नागरिकों को क्रूरता के बजाय उन्हें नियंत्रित करने की खुशी मिलेगी। ताकत। उन्होंने लिखा है:<blockquote>क्या वास्तव में बूट-ऑन-द-फेस की नीति अनिश्चित काल तक चल सकती है, यह संदिग्ध लगता है। मेरा अपना विश्वास यह है कि सत्तारूढ़ कुलीनतंत्र शासन करने और सत्ता के लिए अपनी वासना को संतुष्ट करने के कम कठिन और व्यर्थ तरीके खोजेगा, और ये तरीके उन तरीकों से मिलते जुलते होंगे जिनका वर्णन मैंने ब्रेव न्यू वर्ल्ड में किया है।
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अगली पीढ़ी के भीतर मुझे विश्वास है कि दुनिया के शासकों को पता चल जाएगा कि क्लबों और जेलों की तुलना में शिशु कंडीशनिंग और नार्को-सम्मोहन सरकार के उपकरण के रूप में अधिक कुशल हैं, और लोगों को प्यार करने का सुझाव देकर सत्ता की लालसा को पूरी तरह से संतुष्ट किया जा सकता है। कोड़े मारकर और लात मारकर उनकी आज्ञाकारिता के रूप में उनकी दासता।<ref>{{Cite web|url=http://www.lettersofnote.com/2012/03/1984-v-brave-new-world.html|title=1984 v. Brave New World|date=8 February 2020|website=Letters of Note|archive-url=https://web.archive.org/web/20200208011627/http://www.lettersofnote.com/2012/03/1984-v-brave-new-world.html|archive-date=8 February 2020|access-date=8 February 2020}}</ref></blockquote>''उन्नीस सौ चौरासी'' के प्रकाशन के बाद के दशकों में हक्सले की ''[[ब्रेव न्यू वर्ल्ड]]'' की कई तुलनाएँ हुई हैं, जो १७ साल पहले, १९३२ में प्रकाशित हुई थीं<ref>{{Cite news|url=https://www.telegraph.co.uk/culture/theatre/11859761/1984-Brave-New-World-Why-I-love-a-little-dystopia.html|title=1984? Brave New World? Why I love a little dystopia|last=Purves|first=Libby|date=12 September 2015|archive-url=https://ghostarchive.org/archive/20220110/https://www.telegraph.co.uk/culture/theatre/11859761/1984-Brave-New-World-Why-I-love-a-little-dystopia.html|archive-date=10 January 2022}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.juxtapoz.com/current/huxley-vs-orwell-in-graphic-form|title=''Juxtapoz Magazine'' January 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20151123190147/http://www.juxtapoz.com/current/huxley-vs-orwell-in-graphic-form|archive-date=23 November 2015|access-date=28 February 2018}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.truthdig.com/report/item/2011_a_brave_new_dystopia_20101227|title=2011: A Brave New Dystopia: Chris Hedges|date=27 December 2010}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://study.com/academy/lesson/1984-vs-brave-new-world-comparison.html|title=1984 vs. Brave New World: Comparison|website=Study.com}}</ref> वे दोनों केंद्र सरकार के प्रभुत्व वाले समाजों की भविष्यवाणियां हैं और दोनों अपने समय के रुझानों के विस्तार पर आधारित हैं। हालाँकि, ''उन्नीस सौ चौरासी'' के शासक वर्ग के सदस्य व्यक्तियों को लाइन में रखने के लिए क्रूर बल, यातना और कठोर [[विचार-नियंत्रण|मन पर नियंत्रण का]] उपयोग करते हैं, जबकि ''ब्रेव न्यू वर्ल्ड'' में शासक नागरिकों को ड्रग्स, सम्मोहन, आनुवंशिक कंडीशनिंग और आनंददायक विकर्षणों के अनुसार रखते हैं। सेंसरशिप के संबंध में ''उन्नीस सौ चौरासी'' में सरकार जनसंख्या को लाइन में रखने के लिए सूचनाओं को कड़ाई से नियंत्रित करती है, लेकिन हक्सले की दुनिया में इतनी जानकारी प्रकाशित होती है कि पाठकों को पता नहीं चलता कि कौन सी जानकारी प्रासंगिक है, और किसकी अवहेलना की जा सकती है।
दोनों उपन्यासों के तत्वों को आधुनिक समय के समाजों में देखा जा सकता है, हक्सले की दृष्टि पश्चिम में अधिक प्रभावशाली है और ऑरवेल की दृष्टि तानाशाही के साथ अधिक प्रचलित है, जिसमें साम्यवादी देशों (जैसे कि आधुनिक [[चीनी जनवादी गणराज्य|चीन]] और [[उत्तर कोरिया]]) शामिल हैं, जैसा कि है उन निबंधों में बताया गया है जो दो उपन्यासों की तुलना करते हैं, जिसमें हक्सले की अपनी ''ब्रेव न्यू वर्ल्ड रिविजिटेड'' भी शामिल है।<ref>{{Cite web|url=https://www.huxley.net/bnw-revisited/|title=Brave New World Revisited (1958) by Aldous Huxley|website=www.huxley.net|access-date=2022-12-29}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2017/02/13/books/review/which-dystopian-novel-got-it-right-orwells-1984-or-huxleys-brave-new-world.html|title=Which Dystopian Novel Got It Right: Orwell's '1984' or Huxley's 'Brave New World'?|date=13 February 2017|work=The New York Times|access-date=17 June 2017|issn=0362-4331}}</ref><ref name="conway"/>
''द हैंडमिड्स टेल'', ''वर्चुअल लाइट'', ''द प्राइवेट आई'' और ''द चिल्ड्रन ऑफ मेन'' जैसे बाद के डायस्टोपियन उपन्यासों की तुलना भी की गई है।<ref>{{Cite news|url=https://www.theguardian.com/commentisfree/2017/jan/26/1984-dystopias-reflect-trumps-us-orwell|title=Forget Nineteen Eighty-Four. These five dystopias better reflect Trump's US|date=26 January 2017|work=The Guardian|access-date=17 June 2017|issn=0261-3077}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://rebelprincessreader.com/2017/02/03/dystopian-novels-for-modern-times/|title=Dystopian Novels for Modern Times|date=3 February 2017|website=Rebel Princess Reader|access-date=17 June 2017}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== संदर्भ ==
=== उद्धरण ===
<references group="" responsive="1"><ref name="Bbc2019-11-05"></ref></references>
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* {{cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightfou0000unse|title=Nineteen Eighty-four in 1984: Autonomy, Control, and Communication|publisher=Comedia Pub. Group|year=1983|isbn=978-0-906890-42-4|editor1-last=Aubrey|editor1-first=Crispin|edition=repr.|location=London|editor2-last=Chilton|editor2-first=Paul|url-access=registration}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/isbn_9780312238414|title=Inside George Orwell: A Biography|last=Bowker|first=Gordon|publisher=Palgrave Macmillan|year=2003|isbn=978-0-312-23841-4}}
* Hillegas, Mark R. (1967). ''The Future as Nightmare: H. G. Wells and the Anti-Utopians''. Southern Illinois University Press. {{ISBN|978-0-8093-0676-3}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/1984revisitedtot00howe|title=1984 Revisited: Totalitarianism in Our Century|publisher=Harper Row|year=1983|isbn=978-0-06-080660-6|editor-last=Howe|editor-first=Irving|editor-link=Irving Howe|location=New York}}
*{{Cite book|title=The Ministry of Truth: The Biography of George Orwell's 1984|last=Lynskey|first=Dorian|publisher=Doubleday|year=2019|isbn=978-0-385-54406-1|pages=167}}
* Meyers, Jeffery. ''Orwell: Wintry Conscience of a Generation''. W. W. Norton. 2000. {{ISBN|978-0-393-32263-7|}}
* {{cite book|title=Nineteen Eighty-Four. A novel|last=Orwell|first=George|publisher=Secker & Warburg|year=1949|location=London|author-link=George Orwell}}
* {{Cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightyfo00orwe|title=Nineteen Eighty-Four: The Facsimile Manuscript|last=Orwell|first=George|publisher=[[Secker and Warburg]]|year=1984|isbn=978-0-436-35022-1|editor1-last=Davison|editor1-first=Peter|editor1-link=Peter Davison (professor)|location=London, United Kingdom|author-mask=3|author-link=George Orwell|url-access=registration}}
* {{cite book|title=1984|last=Orwell|first=George|publisher=Signet Classics|others=Erich Fromm (foreword)|year=1977|isbn=978-0-451-52493-5|edition=reissue|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
* {{cite book|title=Animal Farm and 1984|url=https://archive.org/details/animalfarm19840000orwe|last=Orwell|first=George|publisher=HMH|others=Christopher Hitchens (Foreword)|year=2003|isbn=978-0-15-101026-4|edition=1st|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightyfo00orwe_1|title=Nineteen Eighty-Four|last=Orwell|first=George|publisher=Plume|others=[[Thomas Pynchon]] (foreword); [[Erich Fromm]] (afterword)|year=2003|isbn=978-0-452-28423-4|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
:''Afterword'' by Erich Fromm (1961), pp. 324–37.
:Orwell's text has a "Selected Bibliography", pp. 338–39; the foreword and the afterword each contain further references.
:The Plume edition is an authorised reprint of a hardcover edition published by Harcourt, Inc.
:The Plume edition is also published in a Signet edition. The copyright page says this, but the Signet ed. does not have the Pynchon foreword.
:Copyright is explicitly extended to digital and any other means.
* Orwell, George. 1984 (Vietnamese edition), translation by Đặng Phương-Nghi, French preface by Bertrand Latour {{ISBN|978-0-9774224-5-6|}}.
* {{cite book|url=https://archive.org/details/orwellauthorised0000shel|title=Orwell: The Authorised Biography|last=Shelden|first=Michael|publisher=Heinemann|year=1991|isbn=978-0-434-69517-1|location=London|url-access=registration}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/orwellforbeginne00smit|title=Orwell for Beginners|last1=Smith|first1=David|last2=Mosher|first2=Michael|publisher=Writers and Readers Pub. Cooperative|year=1984|isbn=978-0-86316-066-0|edition=1st|location=[London], Eng.}}
* {{cite book|title=George Orwell and the Origins of 1984|url=https://archive.org/details/georgeorwellorig0000stei|last=Steinhoff|first=William R.|publisher=[[University of Michigan Press]]|year=1975|isbn=978-0-472-87400-2|location=Ann Arbor}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/whosafraidof198400tucc|title=Who's afraid of 1984? The case for optimism in looking ahead to the 1980s|last=Tuccille|first=Jerome|publisher=Arlington House Publishers|year=1975|isbn=978-0-87000-308-0|location=New Rochelle, NY}}
* {{cite book|title=The Larger Evils – Nineteen Eighty-Four: the Truth Behind the Satire|url=https://archive.org/details/largerevilsninet0000west|last=West|first=W. J.|publisher=Canongate Press|year=1992|isbn=978-0-86241-382-8|location=Edinburgh}}
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=== सामान्य और उद्धृत संदर्भ ===
{{refbegin|30em}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightfou0000unse|title=Nineteen Eighty-four in 1984: Autonomy, Control, and Communication|publisher=Comedia Pub. Group|year=1983|isbn=978-0-906890-42-4|editor1-last=Aubrey|editor1-first=Crispin|edition=repr.|location=London|editor2-last=Chilton|editor2-first=Paul|url-access=registration}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/isbn_9780312238414|title=Inside George Orwell: A Biography|last=Bowker|first=Gordon|publisher=Palgrave Macmillan|year=2003|isbn=978-0-312-23841-4}}
* Hillegas, Mark R. (1967). ''The Future as Nightmare: H. G. Wells and the Anti-Utopians''. Southern Illinois University Press. {{ISBN|978-0-8093-0676-3}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/1984revisitedtot00howe|title=1984 Revisited: Totalitarianism in Our Century|publisher=Harper Row|year=1983|isbn=978-0-06-080660-6|editor-last=Howe|editor-first=Irving|editor-link=Irving Howe|location=New York}}
*{{Cite book|title=The Ministry of Truth: The Biography of George Orwell's 1984|last=Lynskey|first=Dorian|publisher=Doubleday|year=2019|isbn=978-0-385-54406-1|pages=167}}
* Meyers, Jeffery. ''Orwell: Wintry Conscience of a Generation''. W. W. Norton. 2000. {{ISBN|978-0-393-32263-7|}}
* {{cite book|title=Nineteen Eighty-Four. A novel|last=Orwell|first=George|publisher=Secker & Warburg|year=1949|location=London|author-link=George Orwell}}
* {{Cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightyfo00orwe|title=Nineteen Eighty-Four: The Facsimile Manuscript|last=Orwell|first=George|publisher=[[Secker and Warburg]]|year=1984|isbn=978-0-436-35022-1|editor1-last=Davison|editor1-first=Peter|editor1-link=Peter Davison (professor)|location=London, United Kingdom|author-mask=3|author-link=George Orwell|url-access=registration}}
* {{cite book|title=1984|last=Orwell|first=George|publisher=Signet Classics|others=Erich Fromm (foreword)|year=1977|isbn=978-0-451-52493-5|edition=reissue|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
* {{cite book|title=Animal Farm and 1984|url=https://archive.org/details/animalfarm19840000orwe|last=Orwell|first=George|publisher=HMH|others=Christopher Hitchens (Foreword)|year=2003|isbn=978-0-15-101026-4|edition=1st|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/nineteeneightyfo00orwe_1|title=Nineteen Eighty-Four|last=Orwell|first=George|publisher=Plume|others=[[Thomas Pynchon]] (foreword); [[Erich Fromm]] (afterword)|year=2003|isbn=978-0-452-28423-4|author-mask=3|author-link=George Orwell}}
:''Afterword'' by Erich Fromm (1961), pp. 324–37.
:Orwell's text has a "Selected Bibliography", pp. 338–39; the foreword and the afterword each contain further references.
:The Plume edition is an authorised reprint of a hardcover edition published by Harcourt, Inc.
:The Plume edition is also published in a Signet edition. The copyright page says this, but the Signet ed. does not have the Pynchon foreword.
:Copyright is explicitly extended to digital and any other means.
* Orwell, George. 1984 (Vietnamese edition), translation by Đặng Phương-Nghi, French preface by Bertrand Latour {{ISBN|978-0-9774224-5-6|}}.
* {{cite book|url=https://archive.org/details/orwellauthorised0000shel|title=Orwell: The Authorised Biography|last=Shelden|first=Michael|publisher=Heinemann|year=1991|isbn=978-0-434-69517-1|location=London|url-access=registration}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/orwellforbeginne00smit|title=Orwell for Beginners|last1=Smith|first1=David|last2=Mosher|first2=Michael|publisher=Writers and Readers Pub. Cooperative|year=1984|isbn=978-0-86316-066-0|edition=1st|location=[London], Eng.}}
* {{cite book|title=George Orwell and the Origins of 1984|url=https://archive.org/details/georgeorwellorig0000stei|last=Steinhoff|first=William R.|publisher=[[University of Michigan Press]]|year=1975|isbn=978-0-472-87400-2|location=Ann Arbor}}
* {{cite book|url=https://archive.org/details/whosafraidof198400tucc|title=Who's afraid of 1984? The case for optimism in looking ahead to the 1980s|last=Tuccille|first=Jerome|publisher=Arlington House Publishers|year=1975|isbn=978-0-87000-308-0|location=New Rochelle, NY}}
* {{cite book|title=The Larger Evils – Nineteen Eighty-Four: the Truth Behind the Satire|url=https://archive.org/details/largerevilsninet0000west|last=West|first=W. J.|publisher=Canongate Press|year=1992|isbn=978-0-86241-382-8|location=Edinburgh}}
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== अग्रिम पठन ==
* ब्लूम, हेरोल्ड, ''जॉर्ज ऑरवेल्स'' १९८४ (२००९), फैक्ट्स ऑन फाइल, इंक। [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-1-4381-1468-2|978-1-4381-1468-2]]
* डि नुक्की, एज़ियो और स्टॉरी, स्टीफ़न (संपादक), १९८४ ''और दर्शन: क्या प्रतिरोध व्यर्थ है?'' (२०१८), ओपन कोर्ट पब्लिशिंग कंपनी । [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-0-8126-9985-2|978-0-8126-9985-2]]
* गोल्डस्मिथ, जैक और नुसबौम, मार्था, ''ऑन'' उन्नीस सौ चौरासी '': ऑरवेल एंड अवर फ्यूचर'' (२०१०), प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस । [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-1-4008-2664-3|978-1-4008-2664-3]]
* प्लैंक, रॉबर्ट, ''जॉर्ज ऑरवेल्स गाइड थ्रू हेल: ए साइकोलॉजिकल स्टडी ऑफ़'' १९८४ (१९९४), बोर्गो प्रेसिडेंट। [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-0-89370-413-1|978-0-89370-413-1]]
* टेलर, डीजे ''ऑन'' उन्नीस सौ चौरासी '': ए बायोग्राफी'' (२०१९), अब्राम्स। [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-1-68335-684-4|978-1-68335-684-4]]
* वैडेल, नाथन (संपादक), ''द कैम्ब्रिज कम्पेनियन टू'' उन्नीस सौ चौरासी (२०२०), [[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]] । [[ISBN (identifier)|आईएसबीएन]] [[Special:BookSources/978-1-108-84109-2|978-1-108-84109-2]]
== बाहरी संबंध ==
* {{Dmoz|Arts/Literature/Authors/O/Orwell%2C_George/1984/|''उन्नीस सौ चौरासी''}}
* इंटरनेट बुक लिस्ट पर उन्नीस सौ चौरासी
* ब्रिटिश लाइब्रेरी पर [http://www.bl.uk/works/nineteen-eighty-four ''उन्नीस सौ चौरासी''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220508210033/http://www.bl.uk/works/nineteen-eighty-four |date=8 मई 2022 }}
* [http://www.1984theopera.com/ ''१९८४:'' ओपेरा]
* ओपन लाइब्रेरी पर [https://openlibrary.org/works/OL1168091W/Nineteen_Eighty-Four ''उन्नीस सौ चौरासी'']
* [[इन्टरनेट आर्काइव|इंटरनेट आर्काइव]] पर [https://archive.org/download/TheaterGuildontheAir/Tgoa_53-04-26_ep150-1984.mp3 १९५३ थिएटर गिल्ड ऑन द एयर रेडियो अनुकूलन]
* [http://www.londonfictions.com/george-orwell-nineteen-eighty-four.html लंदन फिक्शन वेबसाइट पर उन्नीस सौ चौरासी के लंदन पर इतिहासकार सारा वाइज]
* {{Cite web|url=http://www.newworker.org/ncptrory/1984.htm|title=Review Of 1984|last=Asimov|first=Isaac|authorlink=Isaac Asimov|year=1980|publisher=Field Newspaper Syndicate}}
=== इलेक्ट्रॉनिक संस्करण ===
* [http://orwell.ru/library/novels/1984/english/ जॉर्ज ऑरवेल – एरिक आर्थर ब्लेयर]
* [http://gutenberg.net.au/ebooks01/0100021.txt प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग ऑस्ट्रेलिया (ई-टेक्स्ट)]
* [https://web.archive.org/web/20130430013501/http://ebooks.adelaide.edu.au/o/orwell/george/o79n/ एडिलेड विश्वविद्यालय पुस्तकालय से एचटीएमएल और ईपब संकलन]
* [http://www.samizdat.qc.ca/arts/lit/PDFs/1984_GO.pdf उन्नीस सौ चौरासी] (कनाडियन पब्लिक डोमेन ईबुक – पीडीएफ़)
=== फिल्म संस्करण ===
* [https://www.youtube.com/watch?v=jDblb6mos24 स्टूडियो वन: १९८४ (१९५३)] (सार्वजनिक डोमेन)
{{Nineteen Eighty-Four|state=expanded}}{{Crimethink}}{{Authority control}}
[[श्रेणी:सामूहिक निगरानी]]
[[श्रेणी:ऐतिहासिक निषेधमात्रवाद]]
[[श्रेणी:अभिवेचित पुस्तकें]]
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इज़राइल का दूतावास, नई दिल्ली
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{{Infobox diplomatic mission
|name = इसराइल का दूतावास, नई दिल्ली
|ambassador = नैर गिलोन
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}}
नई दिल्ली में इसराइल का दूतावास भारत में इसराइल का सर्वोच्च राजनयिक प्रतिनिधित्व है, और मुंबई में इसराइली वाणिज्य दूतावास और बैंगलोर में वाणिज्य दूतावास के लिए जिम्मेदार है।
==इतिहास==
भारत ने 1950 में इसराइल को मान्यता दी और सितंबर 1951 में इसराइल को बॉम्बे में एक वाणिज्यिक प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति दी, जिसे बाद में मानद कौंसल के पद पर पदोन्नत किया गया।<ref>{{cite web|url=https://ch-strategy.hevra.haifa.ac.il/fullbooks/20090616/files/assets/common/downloads/publication.pdf|title=भारत-इसराइल संबंध|access-date=10 जून 2023|archive-date=17 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230317133937/https://ch-strategy.hevra.haifa.ac.il/fullbooks/20090616/files/assets/common/downloads/publication.pdf|url-status=dead}}</ref>
इसराइल ने बंबई में एक वाणिज्य दूतावास की स्थापना की, जहां 1953 में अधिकांश विदेशी मिशन स्थित थे, और भारतीय विदेश मंत्रालय ने उसी वर्ष नवंबर में इसे मान्यता दी।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1953/11/25/01/article/15|title=הודו ־? הכירה 9 9? בקונסול ??? יה 9 ¥ _הישראלית _^_נ§ 4 — Davar - דבר 25 November 1953 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=16 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230316161310/https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1953/11/25/01/article/15|url-status=dead}}</ref>
दिसंबर 1991 में, भारत ने इसराइल के साथ संबंध स्थापित करना शुरू किया, और यहां तक कि मुंबई में वाणिज्य दूतावास की स्थिति को भी उन्नत किया, जब उसने कौंसल को सूचित किया कि तब से उसे राजनीतिक प्रमुख के साथ नई दिल्ली की यात्रा के दौरान मिलने की अनुमति दी जाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया के लिए जिम्मेदार डिवीजन और न केवल कांसुलर डिवीजन के प्रमुख के साथ, बात कि।
29 जनवरी, 1992 को, भारत ने इसराइल के साथ संबंधों को दोनों पक्षों के दूतावास के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/01/30/01/article/30|title=הודו הודיעה על ניחן יחסים עם ■שואל — Ḥadashot - חדשות 30 January 1992 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=18 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230318175643/https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/01/30/01/article/30|url-status=dead}}</ref>
यह घोषणा चीन और इसराइल द्वारा 23 जनवरी, 1992 को राजनयिक संबंध खोलने की घोषणा के एक सप्ताह बाद हुई।
भारत के अलावा, नई दिल्ली में इसराइल के राजदूत को 2000 के दशक की शुरुआत से श्रीलंका में एक अनिवासी राजदूत के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
12 दिसंबर, 2020 को, भारत में इसराइल के राजदूत रॉन मलका और भारत में भूटान के राजदूत और टेसॉप नामग्याल ने देशों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।<ref>{{Cite news|url=https://www.ynet.co.il/news/article/HJ4cASG3w|title=ישראל כוננה יחסים דיפלומטיים עם ממלכת בהוטן|last=אייכנר|first=איתמר|date=2020-12-12|work=Ynet|access-date=2023-06-13|language=he}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.mfa.gov.bt/joint-press-statement-on-the-establishment-of-diplomatic-relations-between-the-kingdom-of-bhutan-and-the-state-of-israel/|title=Joint Press Statement on the Establishment of Diplomatic Relations between the Kingdom of Bhutan and the State of Israel – Ministry of Foreign Affairs and External Trade|last=Ngawang|language=en-US|access-date=2023-06-13}}</ref> जून 2022 में, भारत में इसराइल के राजदूत नूर गिलोन ने राजधानी थिम्पू का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भूटान के राजा जिग्मा सिंगिये वांगचुक को अपना चार्टर प्रस्तुत किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.newsru.co.il/world/10jun2022/bhutan302.html|title=Первый посол Израиля в Бутане вручил королю верительные грамоты|date=2022-06-10|website=NEWSru.co.il|language=ru|access-date=2023-06-13}}</ref>
==राजदूत==
इसराइल भारत में 1992 से अपने राजदूत भेजता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/08/14/01/article/41|title=דובק – שבריר בהודו. אביטל עוברת יניריורק — Ḥadashot - חדשות 14 August 1992 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=16 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230316161315/https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/08/14/01/article/41|url-status=dead}}</ref>
* 1992-1995: एप्रैम दुबेक
* 1995-2000: येहोइड चैम
* 2000-2003: डेविड अफेक
* 2003-2007: डेविड डेनियल
* 2007-2011: सुपर सूप
* 2011-2014: अलोन अस्पताल
* 2014-2018: डैनियल कार्मोन
* 2018-2021: रॉन मलका
* 2021-अवलंबी: नैर गिलोन<ref>{{Cite web|url=https://www.jpost.com/breaking-news/cabinet-approves-36-new-ambassadors-to-posts-around-the-world-671527|title=Meet the 36 new ambassadors approved to new posts around the world|website=The Jerusalem Post {{!}} JPost.com|language=en-US|access-date=2023-06-13}}</ref>
==हमला==
13 फरवरी, 2013 को, एक बाइकर ने भारत में इसराइली सैन्य अताशे की पत्नी ताल येहोशुआ कोरेन की कार में एक विस्फोटक उपकरण संलग्न किया, जब वह अपने बच्चों को स्कूल से लेने जा रही थी। कोरेन मामूली रूप से घायल हो गई थी, उसके शरीर से छर्रे निकालने के लिए हमले के बाद सर्जरी की आवश्यकता थी, और ड्राइवर और दो राहगीर मामूली रूप से घायल हो गए थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-israel-security-embassies-idUSTRE81C0QZ20120214|title=Israel blames Iran after attacks on embassy staff|date=2012-02-14|work=Reuters|access-date=2023-06-13|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.jpost.com/defense/attacks-target-israeli-embassies-in-georgia-india|title=Attacks target Israeli embassies in Georgia, India|website=The Jerusalem Post {{!}} JPost.com|language=en-US|access-date=2023-06-13}}</ref> उसी दिन, त्बिलिसी में इसराइली दूतावास के वाहन को नुकसान पहुंचाने का भी इसी तरह का प्रयास किया गया था। संदेह के अनुसार, हमले के लिए जिम्मेदार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के थे, और ये हमले ईरानी परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ इसराइल की लड़ाई की प्रतिक्रिया के रूप में किए गए थे।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/cops-name-iran-military-arm-for-attack-on-israeli-diplomat/articleshow/15263013.cms|title=Cops name Iran military arm for attack on Israeli diplomat|date=2012-07-30|work=The Times of India|access-date=2023-06-13|issn=0971-8257}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.timesofisrael.com/indian-police-conclude-revolutionary-guards-behind-delhi-attack/|title=Indian police say Revolutionary Guards behind Delhi attack|last=Davidovich|first=Joshua|website=www.timesofisrael.com|language=en-US|access-date=2023-06-13}}</ref>
29 जनवरी, 2021 को, इसराइल और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 29वीं वर्षगांठ पर, दूतावास के सामने एक छोटा बम विस्फोट हुआ, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://www.bhol.co.il/news/1236542|title=הודו: פורסם תיאור החשודים בהטמנת המטען ליד שגרירות ישראל|website=בחדרי חרדים|language=he|access-date=2023-06-13}}</ref> जैश अल-हिंद नामक एक अज्ञात संगठन ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुद्स फोर्स को हमले के लिए कासिम सोलेमानी और मोहसिन फाखरी-ज़ादा की हत्या का बदला लेने और राजदूत के खिलाफ एक धमकी भरा पत्र देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। रॉन मलका इससे जुड़े थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.kikar.co.il/world-news/387026|title=הודו: איראן אחראית למטען ליד השג..|last=הרץ|first=דניאל|date=2021-03-08|website=כיכר השבת|language=he|access-date=2023-06-13}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.kikar.co.il/arab-news/384589|title=המכתב של המחבלים לשגריר ישראל בה..|last=השבת|first=כיכר|date=2021-01-31|website=כיכר השבת|language=he|access-date=2023-06-13}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{official|https://embassies.gov.il/delhi/Pages/default.aspx}}
* [https://catalog.archives.gov.il/catalog/#!/Catalog/0b0717068001ad6b/Unit/0b07170680319b4f/Deposit/0b071706803593e9#anchor0b0717068001ad6b इसराइल राज्य अभिलेखागार की वेबसाइट पर बॉम्बे, भारत में इसराइली मिशन की फाइलें] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231030092202/https://catalog.archives.gov.il/catalog/#!/Catalog/0b0717068001ad6b/Unit/0b07170680319b4f/Deposit/0b071706803593e9 |date=30 अक्तूबर 2023 }}
{{भारत में राजनयिक मिशन}}
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इज़राइल का महावाणिज्य दूतावास, मुंबई
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{{Infobox diplomatic mission
|name = इसराइल का महावाणिज्य दूतावास, मुंबई
|consul_general = कॉबबी शोशानी
|address = मैराथन फ़्युचरेक्स, 1301, ए विंग, एनएम जोशी मार्ग, लोअर परेल, मुंबई 400013
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मुंबई में इसराइली वाणिज्य दूतावास भारत के मुंबई शहर में इसराइल राज्य का एक राजनयिक प्रतिनिधित्व है, जो 1951 और 1992 में नई दिल्ली में इसराइली दूतावास की स्थापना के बीच भारत में इसराइल के उच्चतम प्रतिनिधित्व के रूप में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|url=https://embassies.gov.il/mumbai/Pages/default.aspx|website=embassies.gov.il|access-date=2023-06-13|title=इसराइली महावाणिज्य दूतावास, मुंबई}}</ref> वर्तमान कांसुल कॉबबी शोशानी हैं।<ref>{{Cite web|url=https://embassies.gov.il/mumbai/Pages/Consul-General.aspx|website=embassies.gov.il|access-date=2023-06-13|title=इसराइली महावणिज्य राजदूत - इसराइली महावाणिज्य दूतावास, मुंबई}}</ref>
वाणिज्य दूतावास वर्तमान में महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों के लिए जिम्मेदार है।
==इतिहास==
भारत ने 1950 में इसराइल को मान्यता दी और सितंबर 1951 में इसराइल को बॉम्बे में एक वाणिज्यिक प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति दी, जिसे बाद में मानद कौंसल के पद पर पदोन्नत किया गया।<ref>{{cite web|url=https://ch-strategy.hevra.haifa.ac.il/fullbooks/20090616/files/assets/common/downloads/publication.pdf|title=भारत-इसराइल संबंध|access-date=13 जून 2023|archive-date=17 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230317133937/https://ch-strategy.hevra.haifa.ac.il/fullbooks/20090616/files/assets/common/downloads/publication.pdf|url-status=dead}}</ref>
इसराइल ने बंबई में एक वाणिज्य दूतावास की स्थापना की, जहां 1953 में अधिकांश विदेशी मिशन स्थित थे, और भारतीय विदेश मंत्रालय ने उसी वर्ष नवंबर में इसे मान्यता दी।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1953/11/25/01/article/15|title=הודו ־? הכירה 9 9? בקונסול ??? יה 9 ¥ _הישראלית _^_נ§ 4 — Davar - דבר 25 November 1953 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=16 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230316161310/https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1953/11/25/01/article/15|url-status=dead}}</ref>
1957 में, यित्ज़ाक शंहर को कौंसल नियुक्त किया गया था, लेकिन नियुक्ति प्रभावी होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1957/06/21/01/article/89|title=_8 ^^^^^^^^י _~' >יר _! *וי י ־ .י _=86_* ? *^^^0^^ 9090999 000_^.9 _^00_^x0 5ג03ם_8י — Maʻariv - מעריב 21 June 1957 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=23 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230323164400/https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1957/06/21/01/article/89|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/hrt/1957/06/19/01/article/74|title=נפטר הסופר יצחק שנהר — Ḥerut - חרות 19 June 1957 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=6 मई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230506062928/https://www.nli.org.il/en/newspapers/hrt/1957/06/19/01/article/74|url-status=dead}}</ref>
सितंबर 1960 में, प्रतिनिधित्व का स्तर महावाणिज्य दूतावास तक बढ़ा दिया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/shar/1960/09/08/01/article/9|title=יועלה זדג הנניגתוו של הודו וישה!? — Sheʻarim - שערים 8 September 1960 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=23 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230323164403/https://www.nli.org.il/en/newspapers/shar/1960/09/08/01/article/9|url-status=dead}}</ref>
1964 में 16वें स्वतंत्रता दिवस पर, मुंबई में इसराइली कौंसल ने नई दिल्ली में उस दिन को चिह्नित करने के लिए एक आयोजन करने के लिए अनुरोध किया, जिसे भारत सरकार द्वारा फैलाया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि कॉन्सुल के पास महाराष्ट्र राज्य को छोड़कर कोई अधिकार नहीं था जहां मुंबई स्थित है और भारत के अन्य राज्यों में नहीं है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/ahr/1964/05/08/01/article/37|title=מסיבה שבוטלה — ʻAl ha-mishmar - על המשמר 8 May 1964 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=21 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230321080732/https://www.nli.org.il/en/newspapers/ahr/1964/05/08/01/article/37|url-status=dead}}</ref> इसराइल ने दावा किया कि उस व्यक्त कौंसुल की संधि के क्षेत्र में भारत का संपूर्ण क्षेत्र शामिल है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1964/04/27/01/article/23|title=קונסול ישראל בהודו לא חרג מסמכויותיו .מאת סופרו המדיני שד . דבר?• — Davar - דבר 27 April 1964 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=5 मई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230505191333/https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1964/04/27/01/article/23|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1964/04/21/01/article/119|title=קונסול ישראל בהודו: הפתרון ־ _יחסיבך _מלא>ם האמנתו נחתם — Maʻariv - מעריב 21 April 1964 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=18 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230318175634/https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1964/04/21/01/article/119|url-status=dead}}</ref>
मई 1970 में,वाणिज्य मिशन को धमकी भरे पत्र मिले थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1970/05/01/01/article/11|title=מכתבי איום שלפתח" לקונסולישראל " בהודו . — Maʻariv - מעריב 1 May 1970 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=23 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230323164404/https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1970/05/01/01/article/11|url-status=dead}}</ref>
अप्रैल 1972 में, भारतीय इसराइलियों ने इसराइल के "जातिवादी राज्यों" के विरोध के रूप में, मुंबई में वाणिज्य दूतावास के सामने एक प्रदर्शन किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1964/04/30/01/article/11|title="בני ישראלי' מאיימים בפנייה אל מוסדות האדים — Maʻariv - מעריב 30 April 1964 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=17 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230317142545/https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1964/04/30/01/article/11|url-status=dead}}</ref>
1982 की गर्मियों में, बॉम्बे में इसराइली कौंसल, योसेफ हसीफ को एक "अवांछनीय व्यक्तित्व" घोषित किया गया था, जब उन्होंने एक प्रेस साक्षात्कार में भारत सरकार पर अरब के देशो के भयादोहन के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1982/07/09/01/article/39|title=קונסול ישראל מגורש מבומביי — Davar - דבר 9 July 1982 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=21 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230321080731/https://www.nli.org.il/en/newspapers/dav/1982/07/09/01/article/39|url-status=dead}}</ref> इसके बाद, वाणिज्य दूतावास का प्रबंधन एक उप वाणिज्य दूतावास द्वारा किया जाता था।
1989 में, प्रधान मंत्री राजीव गांधी द्वारा यहूदी कांग्रेसी स्टीफन सोलर्ज़, दक्षिण पूर्व एशियाई मामलों पर विदेश मामलों की उपसमिति के अध्यक्ष और भारत में एक विशेष रुचि के साथ और यहां तक कि भारत-इसराइल संबंधों को बढ़ावा देने में मदद करने की कोशिश के साथ हुई एक बैठक के बाद, गांधी ने इसराइल को अनुमति दी बंबई में एक कौंसल फिर से नियुक्त करें।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1988/07/17/01/article/71|title=ממשלת הודו התירה העלאת דרגת נציג ישראל בבומבי-לקונסול — Maʻariv - מעריב 17 July 1988 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=18 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230318175632/https://www.nli.org.il/en/newspapers/mar/1988/07/17/01/article/71|url-status=dead}}</ref> अमोस रेडियन, जो उप कौंसल के रूप में कार्यरत थे, को इस पद पर नियुक्त किया गया था।
दिसंबर 1991 में, भारत ने इसराइल के साथ संबंध स्थापित करना शुरू किया, और यहां तक कि मुंबई में वाणिज्य दूतावास की स्थिति को भी उन्नत किया, जब उसने कौंसल को सूचित किया कि तब से उसे राजनीतिक प्रमुख के साथ नई दिल्ली की यात्रा के दौरान मिलने की अनुमति दी जाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया के लिए जिम्मेदार डिवीजन और न केवल कांसुलर डिवीजन के प्रमुख के साथ वार्ता की।
29 जनवरी, 1992 को, भारत ने इसराइल के साथ दोनों पक्षों के दूतावास के स्तर तक संबंधों के उन्नयन की घोषणा की, और वाणिज्य दूतावास नई दिल्ली में इसराइली दूतावास के अधीन था।
अगस्त 2003 में वाणिज्य दूतावास को बजट संबंधी विचारों के कारण बंद कर दिया गया था और 2004 में इसे फिर से खोल दिया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/01/30/01/article/30|title=הודו הודיעה על ניחן יחסים עם ■שואל — Ḥadashot - חדשות 30 January 1992 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=18 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230318175643/https://www.nli.org.il/en/newspapers/hadashot/1992/01/30/01/article/30|url-status=dead}}</ref>
==राजदूत==
इसराइली कांसुलों कि सूची इस प्रकार है:<ref>{{Cite web|url=https://www.nli.org.il/en/newspapers/haretz/1962/07/05/01/article/46|title=אריה אילן – קונסול כללי בהודו — ha-Arets - הארץ 5 July 1962 — National Library of Israel │ Newspapers|website=www.nli.org.il|language=en|access-date=2023-06-13|archive-date=5 मई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230505063344/https://www.nli.org.il/en/newspapers/haretz/1962/07/05/01/article/46|url-status=dead}}</ref>
* 1959-1962: माइकल माइकल
* 1962-1963: आर्ये इलान
* 1963-1965: पेरेट्ज़ गॉर्डन
* 1965-1969: रेवेन डाफ्ने
* 1969-1971: जैकब मॉरिस
* 1971-1973: यायर एथन
* 1981-1984: इमैनुएल सेरी
* 1989-1992: गियोरा बाकर
* 1992-1996: यित्ज़ाक गेरबर्ग
* 1996-1999: वालिद मंसूर
* 1999-2003: डोव सेगेव-स्टाइनबर्ग
* 2005-2008: डैनियल ज़ोहर-ज़ोंशीन
* 2008-2013: ओर्ना शागिव
* 2013-2014: ब्रेट जोनाथन मिलर
* 2014-2017: डेविड अकोब
* 2017-2021: याकोव फिंकेलस्टीन
* 2021-अवलंबी: कोबी शोशानी<ref>{{Cite web|url=https://www.jpost.com/breaking-news/cabinet-approves-36-new-ambassadors-to-posts-around-the-world-671527|title=Meet the 36 new ambassadors approved to new posts around the world|website=The Jerusalem Post {{!}} JPost.com|language=en-US|access-date=2023-06-13}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[इसराइल का दूतावास, नई दिल्ली]]
* [[इसराइल का महावाणिज्य दूतावास, बंगलौर]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{official|https://embassies.gov.il/mumbai/Pages/default.aspx}}
* [https://catalog.archives.gov.il/catalog/#!/Catalog/0b0717068001ad6b/Unit/0b07170680319b4f/Deposit/0b071706803593e9#anchor0b0717068001ad6b इसराइल राज्य अभिलेखागार पर बॉम्बे, भारत में इसराइली मिशन की फाइलें] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231030092202/https://catalog.archives.gov.il/catalog/#!/Catalog/0b0717068001ad6b/Unit/0b07170680319b4f/Deposit/0b071706803593e9 |date=30 अक्तूबर 2023 }}
{{भारत में राजनयिक मिशन}}
[[श्रेणी:भारत में राजनयिक मिशन]]
[[श्रेणी:मुंबई में राजनयिक मिशन]]
[[श्रेणी:इसराइल के राजनयिक मिशन]]
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इंद्रजा (अभिनेत्री)
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{{Infobox person
| name = इंद्रजा
| image = Indraja.jpg
| alt =
| caption = 2020 में इंद्रजा
| birth_name = राजथी<ref>{{cite web |title=Indraja |url=https://www.sify.com/movies/telugu/profile.php?id=16006634&cid=2411 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130623064415/http://www.sify.com/movies/telugu/profile.php?id=16006634&cid=2411 |url-status=dead |archive-date=23 June 2013 |website=Sify |access-date=19 December 2019}}</ref>
| birth_place = [[चेन्नई]], [[तमिलनाडु]], भारत
| birth_date =
| othername =
| occupation = {{hlist|अभिनेत्री|मॉडल}}
| yearsactive = 1994 – 2005<br />2014 – वर्तमान
| spouse = मोहम्मद अब्सार
| children = 1
}}
'''इंद्रजा''' एक [[भारत|भारतीय]] अभिनेत्री हैं जो [[तेलुगु]] और [[मलयालम]] फिल्मों में अपने काम के लिए जानी जाती हैं। वह टेलीविजन सीरियल के अलावा कुछ [[तमिल]] और [[कन्नड़]] फिल्मों में भी दिखाई दे चुकी हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.sify.com/movies/telugu/profile.php?id=16006634&cid=2411|title=Welcome To Sify.com|date=2013-06-23|website=web.archive.org|access-date=2023-06-05|archive-date=23 जून 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130623064415/http://www.sify.com/movies/telugu/profile.php?id=16006634&cid=2411|url-status=bot: unknown}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.msidb.org/displayProfile.php?category=actors&artist=Indraja&limit=17|title=Profile of Malayalam Actor Indraja|website=en.msidb.org|access-date=2023-06-05|archive-date=5 जून 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230605080738/https://en.msidb.org/displayProfile.php?category=actors&artist=Indraja&limit=17|url-status=dead}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
इंद्रजा का जन्म [[चेन्नई]] में एक [[तेलुगू]] ब्राह्मण परिवार में राजथी के रूप में हुआ था।<ref>{{Cite web|url=https://thenewsglory.com/i-am-a-telugu-brahmin-he-is-a-muslim-it-does-not-hinder-marriage-heroine-indraja-love-story/|title=I Am A Telugu Brahmin .. He Is A Muslim .. It Does Not Hinder Marriage: Heroine Indraja Love Story|last=https://www.facebook.com/thenewsgloryofficial|date=2021-04-22|website=thenewsglory.com|language=en-gb|access-date=2023-06-05|archive-date=30 नवंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211130095654/https://thenewsglory.com/i-am-a-telugu-brahmin-he-is-a-muslim-it-does-not-hinder-marriage-heroine-indraja-love-story/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://telugu.samayam.com/telugu-movies/cinema-news/senior-heroine-indraja-revealed-her-love-marriage-story/articleshow/82201270.cms|title=నేను తెలుగు బ్రాహ్మణ్.. ఆయన ముస్లిం..పెళ్లికి అది అడ్డుకాదు: హీరోయిన్ ఇంద్రజ లవ్ స్టోరీ|website=Samayam Telugu|language=te|access-date=2023-06-05}}</ref> वह [[कर्नाटक]] के संगीत परिवार से संबंध रखती हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.onmanorama.com/entertainment/entertainment-news/2019/07/17/actress-indraja-marriage-story-comeback-malayalam-cinema.html|title=Indraja reveals how she got married despite objection from parents|website=OnManorama|access-date=2023-06-05}}</ref> वह तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने स्कूल के दिनों में गायन और नाटक प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार जीते। उन्होंने एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका और नृत्यांगना मधवापेड़ी मूर्ति से कुचिपूड़ी नृत्य का अध्ययन किया। इंद्रजा वर्तमान में पत्रकार बनने की तैयारी कर रही हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/entertai/1998/mar/12ind.htm|title=Rediff On The Net, Movies: A chat with bubbly Indraja who's wowing Telugu audiences|website=www.rediff.com|access-date=2023-06-05}}</ref>
== करियर ==
इंद्रजा को [[रजनीकांत]] अभिनीत ''उझायप्पली'' फिल्म में एक बाल अभिनेत्री के रूप में लिया गया था। उन्होंने फिल्म ''जंतर मंतर'' के साथ अभिनेत्री के रूप में काम किया। उस फिल्म में उनके चरित्र का नाम 'इंद्रजा' था जिसे उन्होंने अपने मंच नाम के रूप में अपना लिया। इंद्रजा को एस. वी. कृष्णा रेड्डी की ''यमलीला'' फिल्म पहचान दिलाई। यह फिल्म एक साल से अधिक समय तक चली। उन्होंने ''थाडयम'' और ''राजविन परवैयिले'' में अभिनय किया, लेकिन वह तमिल फिल्मों में ज्यादा प्रगति करने में सक्षम नहीं थीं, क्योंकि दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर प्रभाव छोड़ने में विफल रहीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.ottplay.com/news/maruti-nagar-subramanyam-rao-ramesh-indraja-pair-up-for-director-lakshman-karyas-next/dc6a2ee68b110|title=Maruti Nagar Subramanyam: Rao Ramesh, Indraja pair up for Lakshman Karya's drama|website=OTTPlay|language=en|access-date=2023-06-05}}</ref>
उन्होंने कई सफल मलयालम फिल्मों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं, जिसमें मोहनलाल के साथ 1999 की एक्शन ड्रामा ''उस्ताद'', सुरेश गोपी के साथ क्राइम थ्रिलर ''एफ.आई.आर'', ममूटी के साथ 2002 कॉमेडी-ड्रामा ''क्रोनिक बैचलर'', जयराम के साथ 2004 का कॉमेडी ड्रामा ''मायिलाट्टम'', और कलाभवन मणि के साथ 2005 की एक्शन ड्रामा ''बेन जॉनसन'' उनकी सबसे उल्लेखनीय फिल्मों में से हैं। उन्होंने अपनी शादी के बाद कई तेलुगु फिल्मों में कुछ उल्लेखनीय भूमिकाओं के साथ फिल्मों में वापसी की है।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/telugu/movies/news/rao-ramesh-to-play-the-lead-role-in-maruti-nagar-subramanyam-and-lakshman-karya-to-direct-the-film/articleshow/98197680.cms?from=mdr|title=Rao Ramesh to play the lead role in 'Maruti Nagar Subramanyam', and Lakshman Karya to direct the film|date=2023-02-24|work=The Times of India|access-date=2023-06-05|issn=0971-8257}}</ref>
== व्यक्तिगत जीवन ==
इंद्रजा ने अभिनेता और व्यवसायी मोहम्मद अबसार से शादी की है। इस दंपति की सारा नाम की एक बेटी है।<ref>{{Cite web|url=http://www.aptoday.com/movienews/my-marriage-isnt-a-secret-senior-heroine/2993/|title=My Marriage isn't a Secret: Senior Heroine {{!}} Indraja in Dikkulu Choodaku Ramayya|date=2014-09-10|website=web.archive.org|access-date=2023-06-05|archive-date=10 सितंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140910070950/http://www.aptoday.com/movienews/my-marriage-isnt-a-secret-senior-heroine/2993/|url-status=dead}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{IMDb name|id=0408548}}
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ए एस दुलत
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{{Infobox officeholder
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|birth_name = अमरजीत सिंह दुलत
|birth_date = {{birth year and age|1940}}
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|nationality = भारतीय
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|order = [[अनुसंधान और विश्लेषण विंग]] के सचिव
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}}
अमरजीत सिंह दुलत (जन्म 1940) एक स्पाईमास्टर और भारतीय खुफिया ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक और 1999 से 2000 तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के पूर्व सचिव थे। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें प्रधान मंत्री के कार्यालय में [[जम्मू और कश्मीर]] के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। और वहां जनवरी 2000 से मई 2004 तक सेवा की।
==आजीविका==
एक सिख दुलत खत्री परिवार में जन्मे, दुलत 1965 में [[राजस्थान]] कैडर <ref>{{cite web|url=http://www.indiareporting.in/kashmir-to-be-unraveled-in-pune/|title='Kashmir to be unraveled in Pune' - India Reporting|last=Reporter|website=www.indiareporting.in|access-date=13 जून 2023|archive-date=29 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180829120406/http://www.indiareporting.in/kashmir-to-be-unraveled-in-pune/|url-status=dead}}</ref> से [[भारतीय पुलिस सेवा]] में शामिल हुए, और मार्च 1969 में, [[इंटेलिजेंस ब्यूरो]] में शामिल हुए। <ref name="arsipso.com">{{cite web|url=http://www.arsipso.com/pdf/Bio-Shri-AS-Dulat.pdf|title=Shri A. S. Dulat|access-date=2023-02-01|archive-date=3 जनवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230103083218/http://www.arsipso.com/pdf/Bio-Shri-AS-Dulat.pdf|url-status=dead}}</ref> उन्होंने [[बिशप कॉटन स्कूल]], [[शिमला]] में शिक्षा प्राप्त की और [[पंजाब विश्वविद्यालय]], [[चंडीगढ़]] से स्नातक किया। <ref name="arsipso.com"/>
दुलत ने 1988 से 1990 तक इंटेलिजेंस ब्यूरो में संयुक्त निदेशक के रूप में कश्मीर में सेवा की, जो यकीनन घाटी में सबसे परेशानी भरा समय था। 1990 में कश्मीर की राजनीति में उनका अवरोधन शब्बीर शाह के माध्यम से था, जिसे उन्होंने "आतंकवादियों का बड़ा पिता" कहा, जिसके अंतर्राष्ट्रीय संबंध थे। <ref>[http://indianexpress.com/article/lifestyle/books/book-review-kashmir-the-vajpayee-years/ Book Review-AS Dulat's ‘Kashmir: The Vajpayee Years’]</ref><ref>{{Cite web |url=https://kashmirobserver.net/2017/local-news/shabir-shah-resigns-sec-gen-geelani-led-hurriyat-15760 |title=Shabir Shah Resigns As Sec Gen Of Geelani Led Hurriyat |access-date=31 May 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170822110441/https://kashmirobserver.net/2017/local-news/shabir-shah-resigns-sec-gen-geelani-led-hurriyat-15760 |archive-date=22 August 2017 |url-status=dead }}</ref> इसके बाद दुलत इंटेलिजेंस ब्यूरो चले गए जहां उन्हें विशेष निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। 1999 में, वे अपनी दिसंबर 2000 की सेवानिवृत्ति तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख बने। <ref>[https://timesofindia.indiatimes.com/New-RAW-chief-expert-on-Pak-China/articleshow/11963682.cms 'New RAW chief expert on Pak, China'] Times of India, 15 December 2000</ref><ref>[http://www.thehindu.com/2000/12/15/stories/0215000k.htm Vikram Sood, new RAW chief]{{dead link|date=April 2021|bot=medic}}{{cbignore|bot=medic}}, The Hindu, 13 December 2000</ref>
2015 में, वह अपनी पुस्तक कश्मीर: द वाजपेयी इयर्स के कारण बहुत सारी मीडिया अटकलों के केंद्र में आ गए। <ref>{{cite web |url=http://indianexpress.com/article/lifestyle/books/book-review-kashmir-the-vajpayee-years/|title=Book Review – AS Dulat's 'Kashmir: The Vajpayee Years' |website=Indian Express |date=11 July 2015 |first= |last=}}</ref> 2018 में, उन्होंने इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी के साथ द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई और द इल्यूजन ऑफ पीस का सह-लेखन किया। <ref>Muhammad Saleh Zaafir, [https://www.thenews.com.pk/print/319527-former-isi-raw-chiefs-co-author-book Former ISI, RAW chiefs co-author book], The News, 21 May 2018</ref>
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{{s-aft|after=[[विक्रम सुद]]}}
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[[File:A S Dulat and Vikram Sood.jpg|thumb|Right|ए.एस. दुलत (बाएं) अपने उत्तराधिकारी, रॉ के पूर्व प्रमुख, विक्रम सूद के साथ]]
[[File:The Vice President, Shri Mohd. Hamid Ansari releasing a book entitled ‘Kashmir The Vajpayee Years’, authored by Shri A.S. Dulat, at a function, in New Delhi on July 21, 2015.jpg|thumb|<ref>Muhammad Saleh Zaafir, [https://www.thenews.com.pk/print/319527-former-isi-raw-chiefs-co-author-book Former ISI, RAW chiefs co-author book], The News, 21 May 2018</ref>|भारत के उपराष्ट्रपति, हामिद अंसारी ने ए.एस. द्वारा लिखित पुस्तक 'कश्मीर द वाजपेयी इयर्स' का विमोचन किया। 21 जुलाई 2015 को नई दिल्ली में दुलत। फारूक अब्दुल्ला और नजीब जंग भी दिखाई दे रहे हैं।]]
==ग्रन्थसूची==
कश्मीर: द वाजपेयी ईयर्स (आदित्य सिन्हा के साथ) (हार्पर कॉलिन्स, 2015) आईएसबीएन 978-9351770664
द स्पाई क्रॉनिकल्स: रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूजन ऑफ पीस (असद दुर्रानी और आदित्य सिन्हा के साथ) (हार्पर कॉलिन्स, 2018) आईएसबीएन 978-9352779253
ए लाइफ इन द शैडोज़: ए मेमॉयर (हार्पर कॉलिन्स, 2022) आईएसबीएन 978-9356295964
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:आसूचना ब्यूरो]]
[[श्रेणी:भारतीय पुलिस अधिकारी]]
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-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 12:06, 14 जून 2023 (UTC)
::@[[सदस्य:Gianlu2790|Gianlu2790]] It is sufficient to move [[it:Gossip]] to [[it:Gossip (disambigua)]], as on [[en:Gossip (disambiguation)]]. [[विशेष:योगदान/~2026-29575-76|~2026-29575-76]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-29575-76|वार्ता]]) 21:11, 16 मई 2026 (UTC)
:::[@[[सदस्य:~2026-29563-99|~2026-29563-99]]] I am sorry I can't help now [[सदस्य:Gianlu2790|Gianlu2790]] ([[सदस्य वार्ता:Gianlu2790|वार्ता]]) 21:15, 16 मई 2026 (UTC)
::::Ok @[[सदस्य:Gianlu2790|Gianlu2790]], thanks. We will wait until you are able to carry out the move, whenever convenient for you, perhaps tomorrow. [[विशेष:योगदान/~2026-29575-76|~2026-29575-76]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-29575-76|वार्ता]]) 21:21, 16 मई 2026 (UTC)
:::::[@[[सदस्य:~2026-29575-76|~2026-29575-76]]] Hi, I hope this goes well [[सदस्य:Gianlu2790|Gianlu2790]] ([[सदस्य वार्ता:Gianlu2790|वार्ता]]) 21:43, 16 मई 2026 (UTC)
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उचित प्रक्रिया
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wikitext
text/x-wiki
'''उचित प्रक्रिया''' कानूनी की मामले से संबंधित सभी कानूनी नियमों और सिद्धांतों के [[राज्य]] द्वारा आवेदन है, इसलिए व्यक्ति के लिए बकाया सभी [[प्राकृतिक और विधिक अधिकार|कानूनी अधिकारों]] का सम्मान किया जाता है।"<ref>{{cite web| url = https://www.law.cornell.edu/constitution-conan/amendment-5/history-and-scope| title = CRS Annotated Constitution: Due Process, History and Scope| access-date = October 8, 2020 | publisher = Cornell University Law School}}</ref> उचित प्रक्रिया देश के कानून की शक्ति को संतुलित करती है और व्यक्तिगत व्यक्ति को इससे बचाती है।<ref name="Marshall, 69–70">Marshall, 69–70.</ref>जब कोई सरकार कानून के सटीक पाठ्यक्रम का पालन किए बिना किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाती है, तो यह उचित प्रक्रिया का उल्लंघन होता है, जो कानून के [[विधि शासन|शासन]] का उल्लंघन करता है।<ref name="Marshall, 69">{{Cite book|last1=Pennock|first1=Ronald|url=https://books.google.com/books?id=b_SgBwAAQBAJ&pg=PA69|title=Due Process: Nomos XVIII|last2=Chapman|first2=John W.|date=1977-06-01|publisher=NYU Press|isbn=978-0-8147-6794-8|language=en}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== अग्रिम पठान==
* [http://caselaw.lp.findlaw.com/scripts/getcase.pl?navby=case&court=us&vol=397&page=254 ''Goldberg v. Kelly'']
* {{cite web |url=http://conlaw.usatoday.findlaw.com/constitution/amendment05/index.html |title=U.S. Constitution: Fifth Amendment |work=Findlaw |access-date=22 जून 2023 |archive-date=13 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120313190457/http://conlaw.usatoday.findlaw.com/constitution/amendment05/index.html |url-status=dead }}
* {{cite book |title=Rehabilitating Lochner: Defending Individual Rights against Progressive Reform. Chapter 1 |last=Bernstein |first=David |year=2011 |publisher=University of Chicago Press |location=Chicago |isbn=978-0-307-26313-1 |url=https://archive.org/details/activelibertyint00brey }}
* {{cite book |title=Active Liberty: Interpreting Our Democratic Constitution |last=Breyer |first=Stephen |year=2005 |publisher=Knopf |location=New York |isbn=0-307-26313-4 |url=https://archive.org/details/activelibertyint00brey }}
* {{cite journal |last=Friendly |first=Henry J. |author-link=Henry Friendly |year=1975 |title=Some Kind of Hearing |journal=[[University of Pennsylvania Law Review]] |volume=123 |issue=6 |pages=1267–1317 |doi=10.2307/3311426|publisher=University of Pennsylvania Law Review, Vol. 123, No. 6 |jstor= 3311426 }}
* {{cite journal |last=Hawkins |first=Brian |year=2006 |title=The Glucksberg Renaissance: Substantive Due Process since ''Lawrence v. Texas'' |journal=Michigan Law Review |volume=105 |issue=2 |pages=409 |url=http://students.law.umich.edu/mlr/archive/105/2/hawkins.pdf |archive-url=https://wayback.archive-it.org/all/20070615180252/http://students.law.umich.edu/mlr/archive/105/2/hawkins.pdf |url-status=dead |archive-date=2007-06-15 }}
* {{cite journal|last=Hyman |first=Andrew |year=2005 |title=The Little Word 'Due' |journal=Akron Law Review |volume=38 |page=1 |url=http://www.andrewhyman.com/due.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130205082934/http://www.andrewhyman.com/due.html |archive-date=February 5, 2013 }}
* {{cite journal |last=Kadish |first=Sanford H. |author-link=Sanford Kadish |year=1957 |title=Methodology and Criteria in Due Process Adjudication—A Survey and Criticism |journal=[[Yale Law Journal]] |volume=66 |issue=3 |pages=319–363 |doi=10.2307/793970 |jstor=793970 |s2cid= |url=https://scholarship.law.berkeley.edu/facpubs/1340 }}{{Dead link|date=दिसंबर 2023 |bot=InternetArchiveBot }}
* {{cite web |url=http://federalistblog.us/mt/articles/14th_dummy_guide.htm |title=A Dummies Guide to Understanding the Fourteenth Amendment |last=Madison |first=P. A. |year=2008 |work=FederalistBlog.us }}
* {{cite book |title=Constitutional Law |url=https://archive.org/details/constitutionalla0000nowa_06ed |last=Nowak |first=John |author2=Rotunda, Ronald |year=2000 |publisher=West}}
* {{cite book |title=Due Process of Law: A Brief History |url=https://archive.org/details/dueprocessoflawb0000orth |last=Orth |first=John |year=2003 |publisher=University Press of Kansas}}
* {{cite book |title=Scalia Dissents: Writings of the Supreme Court's Wittiest, Most Outspoken Justice |url=https://archive.org/details/scaliadissentswr0000scal |last=Ring |first=Kevin |author-link=<!--Kevin A. Ring (same person)?--> |year=2004 |publisher=Regnery |location=Washington |isbn=0-89526-053-0}}
* Shipley, David E. [http://ssrn.com/abstract=1320228 Due Process Rights Before EU Agencies: The Rights of Defense] Article discussing the procedural safeguards that have been recognized in the EU and the parallels between procedural due process in the United States and the rights of defense in the EU.
* Sudbury Valley School (1970). [[Sudbury Valley School#Educational philosophy|Due Process of Law in School]]. A school where order and discipline is achieved by a dual approach based on a free and democratic framework: a combination of popularly based authority, when rules and regulations are made by the community as a whole, fairly and democratically passed by the entire school community, supervised by a good judicial system for enforcing these laws—due process of law—and developing internal discipline in the members of the community by enhancing their ability to bear responsibility and self-sufficiency.
* {{cite news |last=Yoshino |first=Kenji |author-link=Kenji Yoshino |title=The Pressure to Cover: The New Civil Rights |work=[[The New York Times Magazine]] |url=https://www.nytimes.com/2006/01/15/magazine/15gays.html |access-date= 2010-05-01| date=2006-01-15}} Discussing potential of liberty rights to overtake equality rights.
* {{cite news |last=Tugend |first=Alina |author-link=Alina Tugend |title=Speaking Freely About Politics Can Cost You Your Job |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/02/21/your-money/speaking-about-politics-can-cost-you-your-job.html?WT.mc_id=D-NYT-MKTG-MOD-40194-02-26-HD&WT.mc_ev=click&WT.mc_c= | date=2015-02-20}} "It's important to remember that even though private employees don't have constitutional or federal protection, they do have a due process right."
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://www.law.cornell.edu/wex/due_process Cornell University Law School]
{{Wiktionary|due process}}
{{Wikiquote}}
{{Authority control}}
[[श्रेणी:कानूनी मत और सिद्धांत]]
[[श्रेणी:न्यायिक पारिभाषिकी]]
q7bxv4d2rgw3q35zlx9r9ig4h0b071x
सदस्य वार्ता:Dsrprj
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wikitext
text/x-wiki
== A WikiNobel barnstar for you! ==
<div style="border:2px solid var(--border-color-progressive, #6485d1); border-radius:20px; padding:1em; display:flex; align-items: center; gap:1em; justify-content:space-evenly; background-color:var(--background-color-progressive-subtle, #f1f4fd)">
<div>[[File:WikiNobel_barnstar.svg|120px]]</div>
<div>Hi!
I just wanted to give you this barnstar as a token of appreciation for creating the new Hindi article on the Nobel Peace Prize laureate, [[मारिया कोरिना मचाडो|María Corina Machado]]!
In case you didn't know, [[m:Wikimedia Norge|Wikimedia Norge]] host an annual editathon, '''[[m:WikiNobel|WikiNobel]]''', for updating Wikipedias in various languages on the day of the announcement of the Nobel Peace Prize. If you were not part of the editathon this year (I can't always match usernames with Telegram/Zoom names), you are more than welcome to join us next year!
Thank you very much for your contributions!
</div></div> [[सदस्य:Jon Harald Søby (WMNO)|Jon Harald Søby (WMNO)]] ([[सदस्य वार्ता:Jon Harald Søby (WMNO)|वार्ता]]) 12:04, 10 अक्टूबर 2025 (UTC)
== Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
''{{int:please-translate}}''
Dear Wikimedian,
We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner.
[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026.
* You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]]
* '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST'''
With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply.
For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page.
Warm regards,
<br>
on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team
''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) on 18:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)''
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Gnoeee@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== [[:तमिल विजय पार्टी|तमिल विजय पार्टी]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:तमिल विजय पार्टी|तमिल विजय पार्टी]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 08:27, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:कामुक|कामुक]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें कोई सामग्री नहीं है, और न ही किसी पुराने अवतरण में थी।
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== [[:तिलक राज बेहड़|तिलक राज बेहड़]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:तिलक राज बेहड़|तिलक राज बेहड़]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
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== [[:श्री महावीर हनुमान मंदिर खुशाला|श्री महावीर हनुमान मंदिर खुशाला]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
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== [[:यौन इच्छा|यौन इच्छा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== [[:जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)|जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
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== [[:यौन इच्छा|यौन इच्छा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
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यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 08:58, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)|जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)|जे. ई. सी. आर. सी.(यूनिवर्सिटी, जयपुर)]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 08:59, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए.|उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए.]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 08:59, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:नंगेली|नंगेली]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== [[:पेरेग्रीन फाल्कन|पेरेग्रीन फाल्कन]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== [[:रितु तावड़े|रितु तावड़े]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== [[:ओशिन शर्मा|ओशिन शर्मा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:ओशिन शर्मा|ओशिन शर्मा]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
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== [[:प्रोन पोजीशन|प्रोन पोजीशन]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:प्रोन पोजीशन|प्रोन पोजीशन]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
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यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 09:25, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:विशाल नेहरिया|विशाल नेहरिया]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:विशाल नेहरिया|विशाल नेहरिया]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|मापदंड ल5]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल5|ल5]]{{*}} खराब मशीनी अनुवाद'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 09:25, 8 मई 2026 (UTC)
== [[:डालडा|डालडा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 09:25, 8 मई 2026 (UTC)
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यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 09:26, 8 मई 2026 (UTC)
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== [[:केतकी देवी सिंह|केतकी देवी सिंह]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 09:26, 8 मई 2026 (UTC)
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== [[:करण भूषण सिंह|करण भूषण सिंह]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== [[:खेजड़ली नरसंहार|खेजड़ली नरसंहार]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 10:08, 8 मई 2026 (UTC)
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
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यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 10:08, 8 मई 2026 (UTC)
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
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इस मापदंड के अंतर्गत वे लेख आते हैं जो किसी अन्य भाषा के लेख का अत्यधिक खराब मशीनी अनुवाद हैं जिन्हें सुधारने की तुलना में दुबारा शुरू से लिखना अधिक उचित होगा।
यदि आपने यह लेख किसी अन्य भाषा के विकिपीडिया से अनूदित कर के यहाँ डाला है और आप इसका अनुवाद सुधारना चाहते हैं तो कृपया अनुवाद सुधार सम्पूर्ण होने से पहले लेख को मुख्य नामस्थान में ना डालें, बलकी अपने सदस्य उप-पृष्ठ की तरह उसका अनुवाद करें। अनुवाद सम्पूर्ण होने पर आप उसे मुख्य नामस्थान में [[वि:स्थानांतरण|स्थानांतरित]] कर सकते हैं।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> यदि यह पृष्ठ हटा दिया गया है, तो आप [[वि:चौपाल|चौपाल]] पर इस पृष्ठ को अपने सदस्य उप-पृष्ठ में डलवाने, अथवा इसकी सामग्री ई-मेल द्वारा प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकते हैं।[[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 01:26, 9 मई 2026 (UTC)
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== [[:उपनिषद् गंगा|उपनिषद् गंगा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें कोई सामग्री नहीं है, और न ही किसी पुराने अवतरण में थी।
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== [[:ओम आश्रम|ओम आश्रम]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 14:34, 9 मई 2026 (UTC)
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
यदि आप इस विषय पर लेख बनाना चाहते हैं तो पहले कृपया जाँच लें कि विषय [[वि:उल्लेखनीयता|उल्लेखनीय]] है या नहीं। यदि आपको लगता है कि इस नीति के अनुसार विषय उल्लेखनीय है तो कृपया लेख में उपयुक्त रूप से स्रोत देकर उल्लेखनीयता स्पष्ट करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि विकिपीडिया पर लेख [[वि:शैली मार्गदर्शक|ज्ञानकोष की शैली]] में लिखे जाने चाहियें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 14:34, 9 मई 2026 (UTC)
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== खराब मशीनी अनुवाद ==
Dsrprj जी, आपने कई ऐसे लेख बनाए हैं जिनका अनुवाद अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण वे मशीन अनुवाद जैसे प्रतीत होते हैं। ऐसे अधिकांश लेख हटाने पड़े हैं। इसलिए मेरा निवेदन है कि कृपया एक लेख का अनुवाद पूरा करने के बाद ही दूसरे लेख पर कार्य शुरू करें। साथ ही, ज्ञानसंदूक साँचों के अनुवाद के लिए भी समय निकालें। अन्यथा इससे आपका और अन्य संपादकों का समय व्यर्थ होता है। कृपया आगे से इस ओर थोड़ा ध्यान दें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:48, 16 मई 2026 (UTC)
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आहिल खान
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6553181
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = आहिल खान
| image = [[File:Aahil khan.jpg|thumb|Aahil khan]]
| image_size =
| alt =
| caption =
| birth_date = {{birth date and age|1989|06|04|df=y}}
| birth_place = लखनऊ , [[उत्तर प्रदेश]] , [[भारत]]
| home_town = [[लखनऊ]]
| nationality = भारतीय
| occupation = मॉडल, [[अभिनेता]]
| years_active = 2016 - Present
| spouse =
}}
'''आहिल खान''' (जन्म 4 जून 1989), एक भारतीय मॉडल एवं [[अभिनेता]] है जिन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत फिल्म 'डिअर दिया' से की थी।<ref>{{cite web|url=https://ndtv.in/television/aahil-khan-is-ready-to-knock-on-the-small-screen-from-beti-ghar-ka-ujala-2012563|title='बेटी घर का उजाला' से छोटे पर्दे पर दस्तक देने को तैयार हैं एक्टर आहिल खान|work=www.ndtv.in|author=NDTV}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.patrika.com/tv-news/tv-serial-beti-ghar-ka-ujala-is-based-on-beti-bachao-beti-padao-4285635/|title=सामाजिक मुद्दे पर बेस्ड है टीवी सीरियल 'बेटी घर का उजाला', ये एक्टर निभाएगा लीड रोल|work=www.patrika.com|author=पत्रिका|accessdate=15 मार्च 2019}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.news18.com/news/indiwo/tv-shows-mahakali-anth-hi-aarambh-hai-gauri-is-re-born-meets-mahadev-and-the-story-begins-again-1526965.html|title=धारावाहिक 'महाकाली -अंत ही आरम्भ है' में एक नया मोड़, अभिनेता आहिल खान दिखेंगे इस अवतार में|work=www.news18.com|author= News18}}</ref><ref>{{cite web|url=https://zeenews.india.com/television/tv-show-vighnaharta-ganesh-actors-share-why-ganesh-chaturthi-is-important-for-them-2392727.html|title=
विघ्नहर्ता गणेश के अभिनेता आहिल खान ने साझा किया कि गणेश चतुर्थी उनके लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों है|work=www.zeenews.india.com|author=जी न्यूज}}</ref>
==फिल्मोग्राफी==
===धारावाहिक===
* [[बाल कृष्ण]] (2016 ) - बिग मैजिक
* [[चंद्रशेखर_(टीवी_धारावाहिक)|चंद्र शेखर]] (2018) - स्टार भारत
* [[महाकाली - अंत ही आरंभ है]] (2018) - कलर्स टीवी
* मनमोहिनी (2020 ) - ज़ी टीवी
* बेटी घर का उजाला (2021 ) - दूरदर्शन
* [[विघ्नहर्ता गणेश]] (2021 )- सोनी टीवी
* राधाकृष्ण (2023 ) - स्टार भारत )
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:बिग बॉस प्रतिभागी]]
[[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]]
t8etgnojm9vhr6ke5e6vjhfji5wc1ej
अक्रेलंदिया
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6553408
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2026-05-17T10:13:35Z
AMAN KUMAR
911487
चित्र दीर्घा तथा जनसांख्यिकी जोड़ी
6553408
wikitext
text/x-wiki
{{Wikidata Infobox}}
'''अक्रेलंदिया''' ({{Lang-pt|Acrelândia}}) [[ब्राज़ील]] के [[अक्रे प्रदेश|अक्रे]] राज्य का शहर है। इसकी जनसंख्या 14.021 लोग थी।<ref>{{Cite web|url=https://cidades.ibge.gov.br/brasil/ac/acrelandia/panorama|title=Cidades@ {{!}} Acre {{!}} Acrelândia {{!}} Panorama|website=IBGE|language=pt|access-date=2023-09-17}}</ref>
== जनसांख्यिकी ==
{{Historical populations|2000|7934|2010|12538|2022|14021|align=center}}
== चित्र दीर्घा ==
{{Gallery
| width = 190 | height = 170
| align = center
| File:Acrelândia - Acre (3887552903).jpg
| एक्रेलांडिया में उगाए गए [[कॉफ़ी के पौधे]]
| alt1 = एक्रेलांडिया में उगाए गए कॉफ़ी के पौधे
| File:Acrelândia - Acre (3887553599).jpg
| एक्रेलांडिया में [[सड़क]]
| alt2 = एक्रेलांडिया में सड़क
| File:Acrelândia - Acre (3887553331).jpg
| एक्रेलांडिया में सड़क
| alt3 = एक्रेलांडिया में सड़क
| File:Acrelândia - Acre (3888348206).jpg
| एक्रेलांडिया में उगाए गए कॉफ़ी के पौधे
| alt4 = एक्रेलांडिया में उगाए गए कॉफ़ी के पौधे
| File:Acrelândia - Acre (3888347340).jpg
| एक्रेलांडिया में सड़क
| alt5 = एक्रेलांडिया में सड़क
| File:Governo do Acre conclui 100% do programa Ruas do Povo em Acrelândia (24411965479).jpg
| एक्रेलांडिया में सड़क
| alt6 = एक्रेलांडिया में सड़क
| File:Governo do Acre conclui 100% do programa Ruas do Povo em Acrelândia (24484098570).jpg
| एक्रेलांडिया में सड़क
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| एक्रेलांडिया में सड़क
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| एक्रेलांडिया में सड़क
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| एक्रेलांडिया में सड़क
| alt10 = एक्रेलांडिया में सड़क
}}
== सन्दर्भ ==
<references />
{{Brazil-stub}}
[[श्रेणी:ब्राज़ील के शहर]]
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इनवर्टेड हैमर (कैंडलस्टिक पैटर्न)
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6553226
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:इनवर्टेड हैमर कैंडल.png|पाठ=इनवर्टेड हैमर कैंडल|अंगूठाकार|'''इनवर्टेड हैमर कैंडल''']]
कैंडलस्टिक पैटर्न<ref>{{Cite web|url=https://finohindi.com/candlestick-pattern/|title=कैंडलस्टिक पैटर्न – Candlestick Pattern Full Details In Hindi|date=02/112023|website=Finohindi|access-date=02/112023|archive-date=4 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230904165317/https://finohindi.com/candlestick-pattern/|url-status=dead}}</ref> कई प्रकार के होते है | इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न भी इन्ही कैंडलस्टिक पैटर्न का एक प्रकार है | इसका आकार हैमर कैंडल के आकार का ठीक उल्टा होता है | इनवर्टेड हैमर कैंडल में बड़ी शैडो ऊपर होती है तथा कैंडल का बॉडी निचे की तरफ होता है | इस कैंडल में अपर शैडो, बॉडी के दुगने से भी अधिक बड़ा होता है | इस कैंडल में लोअर शैडो या तो नहीं होता है या बहुत छोटा होता है |
जब किसी इनवर्टेड हैमर कैंडल का निर्माण डाउन ट्रेंड में चल रहे किसी कंपनी के शेयर या इंडेक्स में होता है तब इसे इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न(Inverted Hammer Candlestick Pattern)<ref>{{Cite web|url=https://finohindi.com/inverted-hammer-candlestick-pattern-in-hindi/|title=इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न (Inverted Hammer Candlestick Pattern) क्या है?|date=02/11/2023|website=Finohindi|access-date=02/11/2023}}</ref> कहा जाता है | ये पैटर्न भी हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह डाउन ट्रेंड में चल रहे कंपनी के शेयर का ट्रेंड अपट्रेंड में बदल जाने का संकेत देता है | इस पैटर्न के निर्माण का कन्फर्मेशन मिल जाने के बाद ट्रेडर खरीदारी में ट्रेड लेते है तथा इनवर्टेड हैमर कैंडल के low पर अपना [https://finohindi.com/what-is-stop-loss/ स्टॉप लॉस] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20231129161621/https://finohindi.com/what-is-stop-loss/ |date=29 नवंबर 2023 }} लगाते है |
== सन्दर्भ सूची ==
<references />
{{तकनीकी विश्लेषण}}
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आरबीएल बैंक
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक कम्पनी|name=आरबीएल बैंक|logo=RBL Bank SVG Logo.svg|logo_size=250px|image_size=|image=|type=निजी|traded_as={{BSE|540065}}<br />{{NSE|RBLBANK}}|foundation={{Start date and age|1943|08|df=yes}}|products=उपभोक्ता बैंकिंग, कॉर्पोरेट बैंकिंग, वित्त और बीमा, क्रेडिट कार्ड|revenue={{up}}15437 करोड (2024)<ref name=BalSheet>{{cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/yearly/companyid-7750.cms|title=RBL Bank Yearly Results|website=The Economic Times|access-date=2023-01-01}}</ref>|operating_income={{up}}3031 करोड (2024)<ref name="BalSheet"/>|net_income={{up}}9086करोड (2024)<ref name="BalSheet"/>|assets={{up}}138432 करोड (2024)<ref name=BalSheet2>{{cite web|url=https://ir.rblbank.com/pdfs/financial%20highlights/CombinedResultQ4FY23.pdf|title=Combined Result Q4 FY23|website=RBL Bank|access-date=2023-01-01|archive-date=4 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231004055516/https://ir.rblbank.com/pdfs/financial%20highlights/CombinedResultQ4FY23.pdf|url-status=dead}}</ref>|equity=|num_employees=12,473 (2024)|location=[[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], भारत|key_people=आर सुब्रमण्यकुमार <br>{{small|(एमडी एवं सीईओ)}}|homepage={{URL|https://www.rblbank.com/}}}}'''आरबीएल बैंक''', जिसे पहले '''रत्नाकर बैंक लिमिटेड''' के नाम से जाना जाता था, 1943 में स्थापित एक [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक]] है और इसका मुख्यालय [[मुम्बई|मुंबई]] में है। <ref name="rblbank.com">{{Cite web|url=https://www.rblbank.com/about-us|title=About Us|website=www.rblbank.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20220506134700/https://www.rblbank.com/about-us|archive-date=6 May 2022|access-date=24 May 2023}}</ref> यह कॉर्पोरेट बैंकिंग, वाणिज्यिक बैंकिंग, शाखा बैंकिंग और खुदरा देनदारियां, खुदरा संपत्ति और ट्रेजरी और वित्तीय बाजार संचालन सहित पांच क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करता है।<ref name="rblbank.com" /><ref>{{Cite web|url=http://www.bankingservices/news/banking/2023/01/01/pe-backed-rbl-bank-files-exit|title=RBL Bank toIPO|date=1 Jan 2023|publisher=Banking Services|access-date=1 Jan 2023}}{{Dead link|date=अगस्त 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== इतिहास ==
6 अगस्त 1943 को, रत्नाकर बैंक की स्थापना [[महाराष्ट्र]] में एक क्षेत्रीय बैंक के रूप में की गई थी, जिसकी [[कोल्हापुर]] और [[सांगली]] में दो शाखाएँ थीं, सांगली के बबगोंडा भुजगोंडा पाटिल और कोल्हापुर के गंगप्पा सिद्दप्पा चौगुले द्वारा। यह मुख्य रूप से कोल्हापुर-सांगली क्षेत्र के [[सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग|लघु एवं मध्यम उद्यमों]] (एसएमई) तथा व्यापारियों को सेवा प्रदान करता था। बैंक को 14 जून 1943 को [[कोल्हापुर जिला|कोल्हापुर जिले]] में रत्नाकर बैंक लिमिटेड के रूप में शामिल किया गया था। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/articleshow/6129247.cms|title=Ratnakar Bank gets new-look board|last=M|first=Sabarinath|date=2010-07-05|work=The Economic Times|access-date=2019-09-21}}</ref> <ref name="ET History">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/infocompanyhistory/companyid-7750.cms|title=Company History - RBL Bank Ltd.|work=economictimes.indiatimes.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[The Economic Times]]}}</ref> 1959 में, बैंक को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अनुसार [[अनुसूचित बैंक|अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक]] के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इस दशक के दौरान इसे एनएच4 बैंक के रूप में संदर्भित किया गया। 1970 में इसे [[भारतीय रिज़र्व बैंक]] (आरबीआई) से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ। <ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/finance/ratnakar-bank-from-nh4-to-nh8-112112300028_1.html|title=Ratnakar Bank: From NH4 to NH8|last=Chakraborty|first=Somasroy|date=January 20, 2013|work=business-standard.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[Business Standard]]}}</ref>
जुलाई 2010 में विश्ववीर आहूजा बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ बने। अगस्त 2014 में बैंक का नाम बदलकर आरबीएल बैंक लिमिटेड कर दिया गया।<ref name="ET History2">{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/rbl-bank-ltd/infocompanyhistory/companyid-7750.cms|title=Company History - RBL Bank Ltd.|work=economictimes.indiatimes.com|access-date=February 15, 2019|publisher=[[The Economic Times]]}}</ref>
12 जून 2022 को आर सुब्रमण्यकुमार को बैंक का प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/banks/who-is-r-subramaniakumar-the-new-md-ceo-of-rbl-bank-8673511.html|title=Who is R Subramaniakumar, the new MD & CEO of RBL Bank?|website=Moneycontrol}}</ref>
== संचालन ==
मार्च 2024 तक, इसकी 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 545 शाखाओं और 395 [[स्वचालित गणक मशीन|एटीएम]] का नेटवर्क था। इसमें 12,473 कर्मचारी हैं। <ref name="ET">{{Cite web|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/earnings/rbl-bank-q4-results-standalone-pat-jumps-30-yoy-to-rs-353-crore/articleshow/109643607.cms|title=RBL Bank Q4 results: Standalone PAT jumps 30% YoY to Rs 353 crore|date=27 April 2024|website=The Economic Times}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.rblbank.com/about-us|title=About Us {{!}} RBL Bank|website=www.rblbank.com}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://ir.rblbank.com/pdfs/financial-highlights/Investor_Presentation_Q4_FY24.pdf|title=Investor Report|website=RBL Bank}}</ref> बैंक के पास 1,272 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं का नेटवर्क भी है, जिनमें से 952 का प्रबंधन बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरबीएल फिनसर्व लिमिटेड द्वारा किया जाता है। <ref name="ET" />
2016 में, बैंक ने मध्य प्रदेश के चार जिलों में 25,000 व्यक्तियों और 300 गांवों को शिक्षा प्रदान करने के लिए सीडीसी के सहयोग से सक्षम नामक एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम चलाया। <ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/?mode=details&id=43022|title=RBL Saksham in Madhya Pradesh|publisher=Telegraph India|access-date=11 April 2016}}</ref> 2013 में अहमदाबाद में एक और सक्षम कार्यक्रम चलाया गया <ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/Ratnakar-Bank-launches-financial-literacy-programme-in-Ahmedabad/articleshow/26916420.cms|title=Saksham in Ahmedabad|date=5 December 2013|work=Times Of India|access-date=11 April 2016}}</ref>
2018 में, आरबीएल बैंक ने भारत का पहला व्यक्तिगत क्रेडिट लाइन-आधारित ऐप लॉन्च करने के लिए मनीटैप के साथ साझेदारी की। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/moneytap-rbl-bank-to-offer-line-of-credit-to-small-units/articleshow/58801319.cms|title=Moneytap, RBL Bank to offer line-of-credit to small units|last=Bhakta|first=Pratik|date=2017-05-23|work=The Economic Times|access-date=2018-11-07}}</ref> उसी वर्ष जून में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने माइक्रोलेंडर स्वाधार फिनसर्व में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी है। <ref>{{Cite web|url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/rbl-bank-buys-100-stake-in-swadhaar-finserve/article24281525.ece|title=RBL Bank buys 100% stake in Swadhaar FinServe|date=28 June 2018}}</ref>
=== अनुदान ===
बैंक ने 2010 से अब तक 8,600 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी और 1500 करोड़ रुपए का बेसल III-अनुरूप टियर II ऋण जुटाया है। बैंक में बैरिंग्स प्राइवेट इक्विटी एशिया, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (पूर्व में सीडीसी ग्रुप), मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट, एशियाई विकास बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस और गजा कैपिटल आदि इसके शेयरधारक हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.vccircle.com/rbl-bank-to-raise-260-mn-from-multiples-pe-cdc-and-others|title=RBL Bank to raise $260 mn from Multiples PE, CDC and others|date=7 July 2017}}</ref>
2010 के दशक के दौरान, आरबीएल बैंक ने निवेशकों से कुल 4,000 करोड़ रुपये जुटाए। इसने 2011 में 700 करोड़ रुपये, 2013 में 376 करोड़ रुपये, 2014 में 328 करोड़ रुपये और 2016 में 488 करोड़ रुपये जुटाए <ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/finance/rbl-bank-raises-rs-328-cr-from-global-investors-114041000524_1.html|title=RBL raises capital|date=10 April 2014|work=Business Standard India|access-date=20 Sep 2017|publisher=Business Standard}}</ref> जुलाई 2017 में, आरबीएल बैंक को अतिरिक्त 1680 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बोर्ड की मंज़ूरी मिली। <ref>{{Cite news|url=http://www.business-standard.com/article/companies/rbl-bank-to-raise-rs-1-680-cr-from-institutional-investors-117070800046_1.html|title=RBL Board Approval to raise 1680 Crore|last=Hetavkar|first=Nikhat|date=8 July 2017|work=Business Standard India|access-date=20 Sep 2017|publisher=Business Standard}}</ref>
दिसंबर 2019 में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने तरजीही निर्गम के माध्यम से 675 करोड़ रुपये जुटाए हैं। ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड और डब्ल्यूएफ एशियन रिकॉनिस्सेंस फंड जैसे निवेशकों ने भाग लिया। <ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/companies/news/rbl-bank-raises-rs-675-crore-via-preferential-issue-11577791247092.html|title=RBL Bank raises ₹675 crore via preferential issue|last=Saxena|first=Ridhima|date=31 December 2019}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.moneycontrol.com/news/business/rbl-bank-to-raise-rs-825-79-crore-through-private-placement-of-shares-4688741.html|title=RBL Bank to raise Rs 825.79 crore through private placement of shares|date=30 November 2019|publisher=Money Control|access-date=1 December 2019}}</ref>
अगस्त 2020 में, कंपनी ने घोषणा की कि उसने तरजीही निर्गम के माध्यम से 1,566 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसका नेतृत्व बैरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया ने किया, जबकि अन्य निवेशकों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, सीडीसी ग्रुप और स्थानीय निजी इक्विटी कंपनी गजा कैपिटल शामिल थे। <ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/investors-led-by-baring-pe-put-rs-1566-crore-into-rbl-bank/articleshow/77656774.cms|title=Investors led by Baring PE put Rs 1566 crore into RBL Bank|last=Rebello|first=Joel|work=The Economic Times}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.livemint.com/market/stock-market-news/baring-pe-others-to-invest-1-566-crore-in-rbl-bank-11597971135171.html|title=Baring PE, others to invest ₹1,566 crore in RBL Bank|last=Dhanjal|first=Swaraj Singh|date=21 August 2020|work=Livemint|language=en}}</ref>
== पुरस्कार ==
* डिजिटल समाधान के लिए सर्वश्रेष्ठ बैंक - यूरोमनी द्वारा एशियामनी सर्वश्रेष्ठ बैंक पुरस्कार 2022 <ref>{{Cite web|url=https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|title=Award winners {{!}} Best for Digital Solutions: RBL Bank|date=2019|website=EuroMoney|access-date=26 जून 2024|archive-date=12 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200812134946/https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|url-status=dead}}</ref>
* [[लघु वित्त|माइक्रोफाइनेंस]] के लिए सर्वश्रेष्ठ बैंक - यूरोमनी द्वारा एशियामनी सर्वश्रेष्ठ बैंक पुरस्कार 2019 <ref>{{Cite web|url=https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|title=Award winners {{!}} Best for Microfinance: RBL Bank|date=2019|website=EuroMoney|access-date=26 जून 2024|archive-date=12 अगस्त 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200812134946/https://www.euromoney.com/article/b1ddgmvktgp4hg/asiamoney-best-bank-awards-2019-india#Micro|url-status=dead}}</ref>
* बेस्ट स्मॉल बैंक, बिजनेस टुडे – मनी टुडे फाइनेंशियल अवार्ड्स 2019 <ref>{{Cite web|url=https://www.businesstoday.in/magazine/indias-best-banks-2019/sbi-hdfc-bank-bag-bank-of-the-year-award-at-bt-mt-financial-awards-2019/story/325649.html|title=SBI, HDFC Bank bag 'Bank of the Year' award at BT-MT Financial Awards 2019|date=7 March 2019|website=www.businesstoday.in|access-date=2019-08-29}}</ref>
* सर्वश्रेष्ठ स्व-सेवा बैंकिंग पहल, अनुप्रयोग - द एशियन बैंकर द्वारा द एशियन बैंकर वित्तीय प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार <ref>{{Cite web|url=https://www.edgeverve.com/finacle/awards/rbl-bank-asian-banker-financial-technology-awards-2019|title=Infosys Finacle & RBL Bank Win The Asian Banker Award 2019|website=EdgeVerve|language=en-US|access-date=2019-08-29|archive-date=4 अक्तूबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231004055522/https://www.edgeverve.com/finacle/awards/rbl-bank-asian-banker-financial-technology-awards-2019/|url-status=dead}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[भारत में बैंकिंग]]
* [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारत में बैंकों की सूची]]
* [[भारतीय कंपनियों की सूची|भारत की कंपनियों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी लिंक ==
* {{Official website|http://www.rblbank.com/}}{{भारत के बैंक}}
[[श्रेणी:बंबई स्टॉक एक्स्चेंज में सूचित कंपनियां]]
[[श्रेणी:भारत में निजी क्षेत्र के बैंक]]
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लूत
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'''लूत''' ({{langx|hbo|לוֹט}}, {{langx|grc|Λώτ}}, {{langx|ar|لُوط}}) [[बाइबिल]] में [[उत्पत्ति की पुस्तक]] में [[इब्राहीम]] का भतीजा है, जिसने [[सदोम और अमोरा]] के विनाश से भागा था। वह [[इस्राएली लोग|इस्राएलियों]] के दुश्मन, [[अम्मोन|अम्मोनियों]] और [[मोआब|मोआबियों]] का पूर्वज है।
==यह भी देखें==
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==सन्दर्भ==
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==यह भी देखें==
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}}
'''लूत''' ({{langx|hbo|לוֹט}}, {{langx|grc|Λώτ}}, {{langx|ar|لُوط}}) [[बाइबिल]] में [[उत्पत्ति की पुस्तक]] में [[इब्राहीम]] का भतीजा है, जिसने [[सदोम और अमोरा]] के विनाश से भागा था। वह [[इस्राएली लोग|इस्राएलियों]] के दुश्मन, [[अम्मोन|अम्मोनियों]] और [[मोआब|मोआबियों]] का पूर्वज है।
== बाइबिल में ==
लूत का जन्म [[कसदियों का ऊर|कसदियों के ऊर]] में हुआ था, जहाँ उसका पिता [[हारान]] मर गया था। उसके दादा [[तेरह (बाइबिल)|तेरह]] ने उसे, [[अब्राम]], और [[सारै]] को लेकर [[कनान]] जाने गया, पर वह [[हारान (स्थान)|हारान]] में बसें, जहाँ तेरह की मृत्यु हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.11.28-32.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 11:28-32|website=YouVersion}}</ref>
परमेश्वर ने अब्राम को अपना देश और परिवार छोड़ने की आज्ञा दी। उसका भतीजा लूत उसके साथ गया और वह कनान पहुँचकर बेतेल में बसें।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.12.5-9.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 12:5-9|website=YouVersion}}</ref>
==यह भी देखें==
*[[लूत (इस्लाम)]]
==सन्दर्भ==
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{{Infobox officeholder
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}}
'''आसिफ महमूद शोजिब भुइयां''' (बंगालीः आसिफ महमूद जिब भुवेया) (जन्म 11 अगस्त 1998) एक बांग्लादेशी छात्र कार्यकर्ता हैं, जो 2024 बांग्लादेश अंतरिम सरकार के सलाहकार रहे हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/news/students-youngest-ever-advisers-3672836|title=From students to youngest-ever advisers|last=Saad|first=Muntakim|date=9 August 2024|work=The Daily Star|last2=Islam|first2=Rafiul|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.financialexpress.com/world-news/who-is-student-leader-asif-mahmud-explainer/3577869/|title=Who is student leader Asif Mahmud?|date=8 August 2024|work=Financial express|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.daily-sun.com/post/761206|title=Nahid gets ICT Ministry, Asif to head Sports Ministry|date=9 August 2024|work=[[Daily Sun (Bangladesh)]]|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.prothomalo.com/bangladesh/si9kcr2j3g|title=উপদেষ্টা পরিষদে ছাত্র আন্দোলনের দুই সমন্বয়ক|last=হাওলাদার|first=আসিফ|date=2024-08-08|website=Prothomalo|language=bn|access-date=2024-08-08}}</ref> वह [[बांग्लादेश में कोटा सुधार आंदोलन 2024|2024 बांग्लादेश कोटा सुधार आंदोलन]] के नेताओं में से एक थे, जो बाद में [[असहयोग आन्दोलन(2024)|असहयोग आंदोलन]] में बदल गया, जिससे [[शेख हसीना]] की सरकार गिर गई।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2024/08/05/world/asia/bangladesh-protests-hasina-resigns.html|title=Facing Mass Protests, Bangladesh Leader Quits, Setting up Power Struggle|last=Hasnat|first=Saif|work=The New York Times|last2=Walid|first2=Shayeza|last3=Das|first3=Anupreeta}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
आसिफ महमूद का जन्म 11 अगस्त 1998 को बांग्लादेश के चटगाँव डिवीजन के कोमिला जिले के [[मुरादनगर उपज़िला|मुरादनगर]] के अकूबपुर थाने में मोहम्मद बिल्लाल हुसैन और रोकसाना बेगम के घर हुआ था। महमूद ने ढाका के नखलपारा हुसैन अली हाई स्कूल में पढ़ाई की और वहां अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की।<ref>{{Cite web|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/meet-2-students-who-are-now-advisors-bangladesh-interim-govt-912496|title=Meet the 2 students who are now advisers to Bangladesh's interim govt|date=2024-08-08|website=The Business Standard|language=en|access-date=2024-08-09}}</ref> इसके बाद, उन्होंने एडमजी छावनी महाविद्यालय में अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने महाविद्यालय के बीएनसीसी क्लब के प्लाटून सार्जेंट के रूप में कार्य किया। महाविद्यालय से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद, वह वर्तमान में [[ढाका विश्वविद्यालय]] में पढ़ रहे हैं। वह ढाका विश्वविद्यालय में भाषाविज्ञान विभाग में 2017-18 शैक्षणिक सत्र के छात्र हैं<।<ref>{{Cite web|url=https://www.dailynayadiganta.com/last-page/850594/-%E0%A6%95%E0%A7%8B%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%B8%E0%A7%8D%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B8%E0%A6%AE%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A7%9F%E0%A6%95-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%BF%E0%A6%AB%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%AC%E0%A6%BE-%E0%A6%AE%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%97%E0%A7%87-%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%B6-%E0%A6%96%E0%A7%81%E0%A6%81%E0%A6%9C%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A7%87%E0%A7%9C%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A7%8D%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%A8|title=কোটাসংস্কার আন্দোলনের সমন্বয়ক আসিফের বাবা মর্গে ছেলের লাশ খুঁজে বেড়াচ্ছেন|last=দিগন্ত|first=Daily Nayadiganta-নয়া|website=Daily Nayadiganta (নয়া দিগন্ত) : Most Popular Bangla Newspaper|language=bn|access-date=2024-08-08|archive-date=6 अगस्त 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240806084419/https://www.dailynayadiganta.com/last-page/850594/-%E0%A6%95%E0%A7%8B%E0%A6%9F%E0%A6%BE%E0%A6%B8%E0%A6%82%E0%A6%B8%E0%A7%8D%E0%A6%95%E0%A6%BE%E0%A6%B0-%E0%A6%86%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%A6%E0%A7%8B%E0%A6%B2%E0%A6%A8%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B8%E0%A6%AE%E0%A6%A8%E0%A7%8D%E0%A6%AC%E0%A7%9F%E0%A6%95-%E0%A6%86%E0%A6%B8%E0%A6%BF%E0%A6%AB%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%AC%E0%A6%BE%E0%A6%AC%E0%A6%BE-%E0%A6%AE%E0%A6%B0%E0%A7%8D%E0%A6%97%E0%A7%87-%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%B2%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%B6-%E0%A6%96%E0%A7%81%E0%A6%81%E0%A6%9C%E0%A7%87-%E0%A6%AC%E0%A7%87%E0%A7%9C%E0%A6%BE%E0%A6%9A%E0%A7%8D%E0%A6%9B%E0%A7%87%E0%A6%A8|url-status=dead}}</ref>
== सक्रियता ==
महमूद एक छात्र आंदोलन के समन्वयक थे-भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन, सरकारी नौकरियों में कोटा का विरोध करते हुए, जो हसीना को सत्ता से हटाने के अभियान में विकसित हुआ।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2024/08/05/world/asia/bangladesh-protest-sheikh-hasina.html|title=She Thought Her Grip Was Unbreakable. Bangladeshis Would Prove Otherwise.|last=Mashal|first=Mujib|date=5 August 2024|work=The New York Times}}</ref> नाहिद इस्लाम और अन्य लोगों के साथ उन्होंने जुलाई 2024 के मध्य में राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की जब उन्हें और ढाका विश्वविद्यालय के कई अन्य छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया क्योंकि विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/rights/news/3-quota-protest-organisers-picked-hospital-3662756|title=3 quota protest organisers 'picked up' from hospital|last=Report|first=Star Digital|date=26 July 2024|work=The Daily Star|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.tbsnews.net/bangladesh/quota-protest-coordinators-asif-nahid-baker-allegedly-picked-db-men-hospital-db-denies|title=Quota protest coordinators Asif, Nahid, Baker 'taken into DB custody for security reasons'|date=26 July 2024|work=[[The Business Standard]]|language=en}}</ref>
इसके बाद, 5 अगस्त को, बांग्लादेश की प्रधान मंत्री [[शेख हसीना]] ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/live/2024/08/05/world/bangladesh-protests|title=Bangladesh's Leader Resigns and Flees Country After Protests|last=Hasnat|first=Saif|date=5 August 2024|work=The New York Times|last2=Mashal|first2=Mujib|last3=Bigg|first3=Matthew Mpoke}}</ref> इस्लाम ने कहा कि उनके लक्ष्य पूरी तरह से पूरे नहीं हुए थे, और हसीना के इस्तीफे के बाद, समूह का उद्देश्य "फासीवादी प्रणालियों को हमेशा के लिए समाप्त करना" था।[12]''"फासीवादी प्रणालियों को हमेशा के लिए समाप्त कर दें"।<ref>{{Cite news|url=https://www.thedailystar.net/news/bangladesh/news/one-demand-now-3668981|title=One demand now|last=Report|first=Star|date=4 August 2024|work=The Daily Star|language=en}}</ref>''
उन्होंने और उनके संगठन ने एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता [[मोहम्मद युनुस|मुहम्मद यूनुस]] को बुलाया।<ref>{{Cite news|url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/rlacb458dn|title=Two student coordinators take oath as advisors|date=9 August 2024|work=[[Prothom Alo]]|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/international/bangladesh-unrest-know-whos-who-in-interim-government/article68505107.ece|title=Bangladesh Crisis: Bangladesh unrest: Know who's who in Muhammad Yunus-led interim government|work=The Hindu}}</ref>
== करियर ==
उन्हें नाहिद इस्लाम के साथ 2024 की बांग्लादेश अंतरिम सरकार में सलाहकार के रूप में शामिल किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://en.prothomalo.com/bangladesh/s1gw90p3ut|title=Two student leaders to be advisors of interim government|date=8 August 2024|work=[[Prothom Alo]]|language=en}}</ref> उन्हें अंतरिम सरकार में युवा और खेल मंत्रालय मिलता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.banglanews24.com/english/politics/news/bd/153028.details|title=Nahid gets ICT Ministry, Asif to head Sports Ministry|date=9 August 2024|work=[[banglanews24.com]]|language=bn}}</ref>
== संदर्भ ==
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[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1998 में जन्मे लोग]]
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इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन
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{{distinguish|डेस्कटॉप प्रकाशन}}
'''इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन''' (जिसे '''ई-प्रकाशन''', '''डिजिटल प्रकाशन''', या '''ऑनलाइन प्रकाशन''' भी कहा जाता है) में [[ई-पुस्तकों]], [[जाल पत्रिका|डिजिटल पत्रिकाओं]] का डिजिटल प्रकाशन, और [[आंकिक पुस्तकालय|डिजिटल पुस्तकालयों]] और कैटलॉग का विकास शामिल है।<ref>{{Cite book |last=Smith |first=Stephanie A. |url=https://books.google.com/books?id=DIc4DwAAQBAJ&dq=Electronic+publishing+(also+referred+to+as+publishing,+digital+publishing,+or+online+publishing)+includes+the+digital+publication+of+e-books,+digital+magazines&pg=PT82 |title=Careers in Media and Communication |date=2018-03-09 |publisher=SAGE Publications |isbn=978-1-5443-2078-6 |language=en}}</ref> इसमें पुस्तकों, पत्रिकाओं और जर्नल्स को स्क्रीन ([[कंप्यूटर]], ई-रीडर, [[टैबलेट कम्प्यूटर|टैबलेट]], या [[स्मार्टफोन]]) पर पोस्ट करने के लिए संपादित करना भी शामिल है।<ref>{{Cite news|url=https://www.marsdd.com/mars-library/e-publishing/|title=E-publishing|work=MaRS|access-date=July 13, 2018|archive-date=July 13, 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180713170148/https://www.marsdd.com/mars-library/e-publishing/}}</ref>
==इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन के बारे में==
इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन वैज्ञानिक प्रकाशन में आम हो गया है, जहाँ यह तर्क दिया गया है कि सहकर्मी-समीक्षित वैज्ञानिक पत्रिकाएँ धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन द्वारा प्रतिस्थापित हो रही हैं। किताबें, पत्रिकाएँ, और अखबारों को उपभोक्ताओं तक टैबलेट पढ़ने वाले उपकरणों के माध्यम से वितरित करना भी सामान्य होता जा रहा है, और यह बाजार हर साल लाखों में बढ़ रहा है,<ref>{{cite news | first=Julianne | last=Pepitone | url=https://money.cnn.com/2011/04/19/technology/tablet_forecasts/index.htm | title=Tablet sales may hit $75 billion by 2015 | publisher=[[सीएनएन]] | date=April 19, 2011 | access-date=2 अक्तूबर 2024 | archive-date=29 जून 2018 | archive-url=https://web.archive.org/web/20180629094229/http://money.cnn.com/2011/04/19/technology/tablet_forecasts/index.htm | url-status=dead }}</ref> जो ऑनलाइन विक्रेताओं जैसे कि [[एप्पल इंक॰|एप्पल]] के [[आईट्यून्स स्टोर]], [[ऐमेज़ॉन वेब सर्विसेज़|अमेज़न]] के [[किंडल ई-रीडर]], और [[गूगल प्ले]] बुकस्टोर के माध्यम से संचालित हो रहा है। बाजार अनुसंधान से पता चला कि 2015 के अंत तक सभी पत्रिकाओं<ref>{{Cite web |date=2020-01-11 |title=Magazines and Newspapers Need to Build Better Apps {{!}} Ad Age |url=https://adage.com/article/media/viewpoint-magazines-newspapers-build-apps/232085 |access-date=2023-05-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200111022810/https://adage.com/article/media/viewpoint-magazines-newspapers-build-apps/232085 |archive-date=January 11, 2020 }}</ref> और अखबारों का आधा प्रसार डिजिटल माध्यम से होगा और [[अमेरिका]] में आधी पढ़ाई बिना कागज के की जाएगी।<ref>Dale Maunu and Norbert Hildebrand, [https://web.archive.org/web/20130101152545/http://www.insightmedia.info/reports/2010ebr_details.php The e-Book Reader and Tablet Market Report], ''Insight Media'', October 2010. As reported by Richard Hart, [https://web.archive.org/web/20131214032458/http://abclocal.go.com/kgo/video?id=7803210 E-books look to be hit over holiday season], ''ABC 7 News'', November 21, 2010.</ref>
हालांकि [[इंटरनेट]] के माध्यम से वितरण (जब यह एक वेबसाइट के रूप में होता है तो इसे ऑनलाइन या वेब प्रकाशन कहा जाता है) आजकल इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन से दृढ़ता से जुड़ा हुआ है, कई गैर-नेटवर्क इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन भी हैं जैसे कि सीडी और [[डीवीडी]] पर [[विश्वकोश]], साथ ही मोबाइल उपयोगकर्ताओं और अन्य लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीकी और संदर्भ पुस्तिकाएँ जो नेटवर्क तक विश्वसनीय और उच्च गति की पहुंच नहीं रखते। विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं में छात्रों की शिक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन का उपयोग टेस्ट-प्रिपरेशन के क्षेत्र में भी किया जा रहा है (इस प्रकार पारंपरिक पुस्तकों को आंशिक रूप से प्रतिस्थापित किया जा रहा है) – क्योंकि यह छात्रों के लाभ के लिए सामग्री और विश्लेषिकी को एकीकृत करने में सक्षम है। पाठ्यपुस्तकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन का उपयोग अधिक प्रचलित हो सकता है, एप्पल इंक. के एप्पल बुक्स और अमेरिका में तीन सबसे बड़े पाठ्यपुस्तक आपूर्तिकर्ताओं के साथ एप्पल की बातचीत के माध्यम से।<ref>{{Cite web |date=2012-01-23 |title=Apple jumps into digital textbooks fray - Yahoo! News |url=http://news.yahoo.com/apple-rolls-digital-textbook-ibooks-2-154118088.html |access-date=2023-05-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120123053645/http://news.yahoo.com/apple-rolls-digital-textbook-ibooks-2-154118088.html |archive-date=January 23, 2012 }}</ref>
काल्पनिक कार्यों में भी इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशक बदलती बाजार मांगों का तेजी से जवाब देने में सक्षम हैं, क्योंकि उन्हें मुद्रित पुस्तकों का ऑर्डर देने और उन्हें वितरित करने की आवश्यकता नहीं होती। ई-प्रकाशन अधिक प्रकार की किताबें उपलब्ध करा रहा है, जिनमें वे किताबें भी शामिल हैं जो ग्राहक मानक पुस्तक विक्रेताओं में नहीं पा सकते हैं, क्योंकि पारंपरिक "प्रिंट रन" के लिए पर्याप्त मांग नहीं होती। ई-प्रकाशन नए लेखकों को किताबें प्रकाशित करने में सक्षम बना रहा है, जो पारंपरिक प्रकाशकों के लिए लाभदायक नहीं हो सकती थीं। जबकि "इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन" शब्द का 2010 के दशक में मुख्य रूप से ऑनलाइन और वेब-आधारित प्रकाशकों के लिए उपयोग किया जाता है, इस शब्द का इतिहास कंप्यूटर-आधारित टेक्स्ट और अन्य इंटरैक्टिव मीडिया के उत्पादन, वितरण, और उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के नए रूपों के विकास का वर्णन करने के लिए भी किया गया है।<ref>{{Cite web |title=Electronic Publication - an overview {{!}} ScienceDirect Topics |url=https://www.sciencedirect.com/topics/computer-science/electronic-publication |access-date=2022-05-05 |website=www.sciencedirect.com}}</ref>
==इतिहास==
===डिजिटलीकरण===
पहली डिजिटलीकरण पहल 1971 में माइकल एस. हार्ट द्वारा की गई थी, जो शिकागो के यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के एक छात्र थे। उन्होंने [[प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग]] की शुरुआत की,<ref>Marie Lebert, ''Les mutations du livre à l'heure de l'internet'', Net des études françaises, Montreal, 2007</ref> जिसका उद्देश्य इंटरनेट के माध्यम से साहित्य को अधिक सुलभ बनाना था। इसे विकसित होने में कुछ समय लगा, और 1989 तक केवल 10 ग्रंथ थे जिन्हें स्वयं माइकल एस. हार्ट और कुछ स्वयंसेवकों द्वारा कंप्यूटर पर मैन्युअल रूप से पुनःलिखित किया गया था। लेकिन 1991 में वेब 1.0 की उपस्थिति और इसके माध्यम से स्थिर पृष्ठों के द्वारा दस्तावेज़ों को एक साथ जोड़ने की क्षमता के कारण यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी। कई और स्वयंसेवकों ने सार्वजनिक डोमेन की क्लासिक्स को सुलभ बनाकर इस परियोजना के विकास में मदद की।<ref>{{Cite book|url=https://www.cairn.info/resume.php?ID_ARTICLE=DEC_DACOS_2010_01_0049|title=III. L'édition au défi du numérique|last1=Dacos|first1=Marin|last2=Mounier|first2=Pierre|publisher=La Découverte|year=2010|isbn=978-2-7071-5729-4|language=fr}}</ref>
1970 के दशक में, फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च ने विविध विषयों की एक हज़ार पुस्तकों का डिजिटलीकरण किया, जिनमें अधिकांश साहित्यिक थीं, लेकिन साथ ही दर्शन और विज्ञान भी शामिल थे, जो 12वीं सदी से लेकर वर्तमान समय तक की थीं। इस प्रकार एक बड़े शब्दकोश, ''Trésor de la langue française au Québec'' की नींव रखी गई। इस ई-टेक्स्ट फाउंडेशन का नाम फ्रांटेक्स्ट रखा गया, जिसे डिस्कोटेक्स्ट ब्रांड नाम के तहत एक कॉम्पैक्ट डिस्क पर प्रकाशित किया गया, और फिर 1998 में इसे वर्ल्डवाइड वेब पर उपलब्ध कराया गया।<ref>{{Cite web|url=http://www.frantext.fr/scripts/regular/7fmr.exe?CRITERE=QUI_FTX_QUEST_CE_DONC;ISIS=isis_bbibftx.txt;OUVRIR_MENU=0;s=s112c0bec;ISIS=isis_bbibftx.txt|title=Frantext|website=frantext.fr|access-date=July 12, 2018}}</ref>
===बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण===
1974 में, अमेरिकी आविष्कारक और भविष्यवादी रेमंड कुर्ज़वील ने एक स्कैनर विकसित किया, जो ओम्निफॉन्ट सॉफ़्टवेयर से सुसज्जित था, जिससे संख्यात्मक इनपुट के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन सक्षम हुआ। डिजिटलीकरण परियोजनाएँ अब अधिक महत्वाकांक्षी हो सकती थीं क्योंकि डिजिटलीकरण के लिए आवश्यक समय में काफी कमी आ गई थी, और डिजिटल पुस्तकालयों का उदय हो रहा था। पूरे विश्व में ई-लाइब्रेरीज़ उभरने लगीं।
एबीयू (एसोसिएशन डेस बिब्लियोफाइल्स यूनिवर्सल्स) 1993 में सीएनएएम द्वारा बनाया गया एक सार्वजनिक डिजिटल लाइब्रेरी परियोजना थी। यह नेटवर्क में पहला फ्रांसीसी डिजिटल पुस्तकालय था; 2002 से निलंबित, उन्होंने सौ से अधिक पाठों को पुन: प्रस्तुत किया, जो अभी भी उपलब्ध हैं।<ref>{{Cite book|url=https://www.gutenberg.org/files/27044/27044-8.txt|title=Les mutations du livre|last=Lebert|first=Marie|publisher=Project Gutenberg|year=2008|language=fr}}</ref>
1992 में, बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (फ़्रांस की राष्ट्रीय पुस्तकालय) ने एक विशाल डिजिटलीकरण कार्यक्रम शुरू किया। राष्ट्रपति फ्रांस्वा मिटर्रांड 1988 से एक नई और अभिनव डिजिटल पुस्तकालय बनाना चाहते थे, और इसे 1997 में गैलिका के नाम से प्रकाशित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://gallica.bnf.fr/html/und/a-propos|title=A propos {{!}} Gallica|website=gallica.bnf.fr|language=fr|access-date=July 12, 2018}}</ref> 2014 में, इस डिजिटल पुस्तकालय में 80,255 ऑनलाइन पुस्तकें और एक मिलियन से अधिक दस्तावेज़, जिनमें मुद्रण और पांडुलिपियाँ शामिल हैं, उपलब्ध थे।<ref>{{Cite journal|last=Tasrot-Gillery|first=Sylviane|date=February 2015|title=La BNF et le numérique patrimonial et culturel|url=https://www.gouvernement.fr/sites/default/files/contenu/piece-jointe/2015/02/lettre_du_coepia_no28_fevrier_2015.pdf|journal=La Lettre du Coepia|language=fr|access-date=July 13, 2018|archive-date=January 29, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170129100532/https://www.gouvernement.fr/sites/default/files/contenu/piece-jointe/2015/02/lettre_du_coepia_no28_fevrier_2015.pdf}}</ref>
2003 में, [[विकिसोर्स]] लॉन्च किया गया था, और परियोजना का उद्देश्य एक डिजिटल और बहुभाषी पुस्तकालय का गठन करना था जो [[विकिमीडिया परियोजना]] के लिए एक पूरक हो। इसे मूल रूप से "प्रोजेक्ट सोर्सबर्ग" नाम दिया गया था, जो प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग की याद दिलाने के लिए एक शब्द खेल था।<ref>{{Cite web|url=https://wikisource.org/wiki/Wikisource:What_is_Wikisource?|title=Wikisource:What is Wikisource? – Wikisource|website=wikisource.org|access-date=July 13, 2018}}</ref> [[विकिमीडिया फाउंडेशन]] द्वारा समर्थित, विकिसोर्स उन डिजिटाइज़्ड पाठों का प्रस्ताव करता है जिन्हें स्वयंसेवकों द्वारा सत्यापित किया गया है।<ref>{{Cite web|url=http://libnews.binghamton.edu/news/2008/03/12/wikisource-international-full-texts/|title=Wikisource: International Full-Texts {{!}} Binghamton University Libraries News and Events|website=libnews.binghamton.edu|date=March 12, 2008|access-date=July 12, 2018|archive-date=13 जुलाई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180713171337/http://libnews.binghamton.edu/news/2008/03/12/wikisource-international-full-texts/|url-status=dead}}</ref>
दिसंबर 2004 में, [[गूगल]] ने [[गूगल बुक्स]] बनाया, जो दुनिया भर की सभी पुस्तकों (130 मिलियन से अधिक) को डिजिटाइज़ करके ऑनलाइन उपलब्ध कराने की परियोजना थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.theatlantic.com/technology/archive/2017/04/the-tragedy-of-google-books/523320/|title=Torching the Modern-Day Library of Alexandria|last=Somers|first=James|work=The Atlantic|access-date=July 13, 2018}}</ref> 10 साल बाद, 100 देशों और 400 भाषाओं में 25,000,000 किताबें इस प्लेटफ़ॉर्म पर थीं। यह संभव हुआ क्योंकि उस समय तक रोबोटिक स्कैनर प्रति घंटे लगभग 6,000 किताबों को डिजिटाइज़ कर सकते थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/arts/international/google-books-a-complex-and-controversial-experiment.html|title=Google Books: A Complex and Controversial Experiment|newspaper=The New York Times |date=October 28, 2015 |access-date=July 12, 2018|last1=Heyman |first1=Stephen }}</ref>
2008 में, यूरोपीय प्रोटोटाइप लॉन्च किया गया; और 2010 तक, इस परियोजना ने 10 मिलियन से अधिक डिजिटल वस्तुओं को एक्सेस प्रदान किया था। यूरोपियाना पुस्तकालय एक यूरोपीय कैटलॉग है जो लाखों डिजिटल वस्तुओं पर सूचकांक कार्ड प्रदान करता है और उनकी डिजिटल लाइब्रेरीज़ के लिंक देता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.europeana.eu/portal/fr|title=Collections Europeana|website=Collections Europeana|language=fr|access-date=July 12, 2018}}</ref> उसी वर्ष, हाथीट्रस्ट का निर्माण किया गया ताकि यूएसए और यूरोप के कई विश्वविद्यालयों की ई-लाइब्रेरीज़, गूगल बुक्स और इंटरनेट आर्काइव की सामग्री को एकत्र किया जा सके। 2016 तक, हथि ट्रस्ट का उपयोग 6 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता कर चुके थे।<ref>[https://www.hathitrust.org/files/14MillionBooksand6MillionVisitors_1.pdf "14 Million Books & 6 Million Visitors: HathiTrust Growth and Usage in 2016] (pdf)</ref>
===इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन===
पहली डिजिटलीकरण परियोजनाएँ भौतिक सामग्री को डिजिटल सामग्री में परिवर्तित करने पर केंद्रित थीं। इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन का उद्देश्य संपादन और प्रकाशन (उत्पादन, लेआउट, प्रकाशन) की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल दुनिया में एकीकृत करना है।
अलैन मील, किताब प्राटिक्स डे ल'एडिशन न्यूमेरिक (माइकल ई. सिनात्रा और मार्सेलो विटाली-रोसाती द्वारा संपादित)<ref>{{Cite book|url=http://www.parcoursnumeriques-pum.ca/introduction-20|title=Pratiques de l'édition numérique|last1=Vitali-Rosati|first1=Marcello|last2=E. Sinatra|first2=Michael|publisher=Sens Public|year=2014|isbn=978-2-7606-3592-0|language=fr}}</ref> में कहते हैं कि इंटरनेट और वेब की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन के मूल में है, क्योंकि उन्होंने उत्पादन और प्रसार के पैटर्न में सबसे बड़े बदलावों को निर्धारित किया। इंटरनेट का प्रकाशन प्रश्नों पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जिससे रचनाकार और उपयोगकर्ता पारंपरिक प्रक्रिया (लेखक-संपादक-प्रकाशन गृह) में आगे बढ़ सकते हैं।<ref>{{cite book |chapter-url=http://parcoursnumeriques-pum.ca/histoire-des-humanites-numeriques|chapter=Histoire des humanités numériques |title=Pratiques de l'édition numérique |last=Sinatra |first=Michael E. |last2=Vitalli-Rosati |first2=Marcello |date=2014 |series=Pratiques de l'édition numérique|location=Montréal|pages=49–60|language=fr|isbn=978-2-7606-3202-8|access-date=April 10, 2017|publisher=Presses de l'Université de Montréal}}</ref>
पारंपरिक प्रकाशन, विशेष रूप से सृजन का हिस्सा, पहले 1980 के दशक में नए डेस्कटॉप प्रकाशन सॉफ्टवेयर के आगमन और एनसाइक्लोपीडिया और निर्देशिकाओं के लिए बनाए गए टेक्स्ट डेटाबेस द्वारा बदल दिया गया था। इसी समय, मल्टीमीडिया तेजी से विकसित हो रहा था, जो पुस्तक, ऑडियोविज़ुअल और कंप्यूटर विज्ञान की विशेषताओं को जोड़ रहा था। सीडी और डीवीडी आए, जिससे कंप्यूटर पर इन शब्दकोशों और एनसाइक्लोपीडिया को देखना संभव हो गया।<ref>{{Cite web |title=5. L'édition numérique et le livre numérique |url=https://mediadix.parisnanterre.fr/cours/Edition/305EdNum.htm |access-date=2023-05-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190222024930/https://mediadix.parisnanterre.fr/cours/Edition/305EdNum.htm |archive-date=February 22, 2019 }}</ref>
इंटरनेट का आगमन और इसका व्यापक उपयोग छोटे प्रकाशन गृहों को अपनी पुस्तकों को सीधे ऑनलाइन प्रकाशित करने का अवसर धीरे-धीरे प्रदान कर रहा है। कुछ वेबसाइट, जैसे कि अमेज़न, अपने उपयोगकर्ताओं को ईबुक खरीदने की अनुमति देती हैं; इंटरनेट उपयोगकर्ता कई शैक्षिक प्लेटफ़ॉर्म (निःशुल्क या सशुल्क), विकिपीडिया जैसी विश्वकोशीय वेबसाइटें, और यहां तक कि डिजिटल पत्रिकाओं के प्लेटफ़ॉर्म भी ढूंढ सकते हैं। ईबुक विभिन्न माध्यमों, जैसे कि ई-रीडर और यहां तक कि स्मार्टफोन, के माध्यम से अधिक से अधिक सुलभ हो रहा है। डिजिटल पुस्तक का प्रकाशन गृहों और उनके आर्थिक मॉडलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है और अभी भी इसका प्रभाव जारी है; यह एक परिवर्तनशील क्षेत्र है, और प्रकाशकों को डिजिटल युग में नई प्रकाशन विधियों में महारत हासिल करना बाकी है।<ref>{{Cite web|url=http://www.europarl.europa.eu/thinktank/en/document.html?reference=EPRS_BRI(2016)577954|title=EBooks: Evolving markets and new challenges – Think Tank|publisher=European Parliament|access-date=July 13, 2018}}</ref>
===ऑनलाइन संस्करण===
वेब 2.0 की नई संचार प्रथाओं और नई सहभागिता संरचना के आधार पर, ऑनलाइन संस्करण इंटरनेट पर सामग्री विकसित और सुधारने के लिए एक समुदाय के सहयोग का मार्ग खोलता है, साथ ही सामूहिक पढ़ने की प्रथाओं के माध्यम से पढ़ने के अनुभव को भी समृद्ध करता है। वेब 2.0 न केवल दस्तावेज़ों को एक साथ जोड़ता है, जैसा कि वेब 1.0 करता था, बल्कि यह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भी एक साथ जोड़ता है; इसलिए इसे सहभागिता वाला वेब (सहभागिता या सहभागी वेब) कहा जाता है।<ref>{{Cite journal |last=Bleicher |first=Paul |date=August 2006 |title=Web 2.0 Revolution: Power to the People |url=http://www.appliedclinicaltrialsonline.com/web-20-revolution-power-people |journal=Applied Clinical Trials |series=Applied Clinical Trials-08-01-2006 |access-date=July 13, 2018}}</ref>
साझा करने और सामूहिक रूप से रचनात्मक सामग्री को बढ़ावा देने के लिए कई उपकरण विकसित किए गए हैं। इनमें से एक है विकिपीडिया विश्वकोश, जिसे लाखों योगदानकर्ताओं द्वारा संपादित, सुधारा और समृद्ध किया जाता है। ओपन स्ट्रीट मैप भी इसी सिद्धांत पर आधारित है। ब्लॉग और टिप्पणी प्रणाली को भी अब ऑनलाइन संस्करण और प्रकाशन के रूप में मान्यता दी जाती है, क्योंकि यह लेखक और उसके पाठकों के बीच नई बातचीत के माध्यम से संभव होता है, और यह प्रेरणा के साथ-साथ दृश्यता का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हो सकता है।<ref>{{Cite web |date=2019-02-22 |title=5. L'édition numérique et le livre numérique |url=http://mediadix.parisnanterre.fr/cours/Edition/305EdNum.htm |access-date=2023-05-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190222024930/http://mediadix.parisnanterre.fr/cours/Edition/305EdNum.htm |archive-date=February 22, 2019 }}</ref>
==प्रक्रिया==
{{further|डेस्कटॉप प्रकाशन}}
इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन प्रक्रिया कुछ हद तक पारंपरिक कागज-आधारित प्रकाशन प्रक्रिया का पालन करती है,<ref>[http://www.chicagomanualofstyle.org/15/appA_1.html ''Chicago Manual of Style''], Chapter 1</ref> लेकिन इसमें दो मुख्य अंतर होते हैं: 1) यह अंतिम उत्पाद को प्रिंट करने के लिए ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस का उपयोग नहीं करता है और 2) यह किसी भौतिक उत्पाद (जैसे, कागज की किताबें, पत्रिकाएं, या समाचारपत्र) के वितरण से बचता है। चूंकि सामग्री इलेक्ट्रॉनिक होती है, इसलिए इसे इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक बुकस्टोर्स के माध्यम से वितरित किया जा सकता है, और उपयोगकर्ता इसे विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरणों जैसे डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, या ई-रीडर टैबलेट पर पढ़ सकते हैं। उपभोक्ता सामग्री को ऑनलाइन किसी वेबसाइट पर, टैबलेट डिवाइस पर किसी एप्लिकेशन में, या कंप्यूटर पर पीडीएफ दस्तावेज़ के रूप में पढ़ सकते हैं। कुछ मामलों में, पाठक सामग्री को उपभोक्ता-स्तरीय इंक-जेट या लेज़र प्रिंटर का उपयोग करके, या प्रिंट-ऑन-डिमांड सिस्टम के माध्यम से कागज पर प्रिंट भी कर सकते हैं। कुछ उपयोगकर्ता डिजिटल सामग्री को अपने डिवाइस पर डाउनलोड कर लेते हैं, जिससे वे तब भी सामग्री पढ़ सकते हैं जब उनका डिवाइस इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हो (जैसे, हवाई यात्रा के दौरान)।
सामग्री को सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन ("ऐप्स") के रूप में इलेक्ट्रॉनिक रूप से वितरित करना 2010 के दशक में लोकप्रिय हो गया, स्मार्टफोन और टैबलेट के तेजी से अपनाने के कारण। शुरुआत में, सभी दर्शकों तक पहुंचने के लिए प्रत्येक मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म के लिए मूल ऐप्स की आवश्यकता होती थी, लेकिन सभी उपकरणों के साथ संगतता प्राप्त करने के प्रयास में, [[एचटीएमएल फाइव]] का उपयोग करके वेब ऐप्स बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया जो किसी भी ब्राउज़र पर चल सकते हैं और कई उपकरणों पर कार्य कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन का लाभ डिजिटल प्रौद्योगिकी की तीन विशेषताओं का उपयोग करने से मिलता है: सामग्री को परिभाषित करने के लिए [[एक्सएमएल]] टैग्स,<ref>{{Cite web |date=2017-06-15 |title=The Chicago Manual of Style Online: Appendix A |url=https://www.chicagomanualofstyle.org/15/appA_9.html |access-date=2023-05-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170615173909/https://www.chicagomanualofstyle.org/15/appA_9.html |archive-date=June 15, 2017 }}</ref> सामग्री के रूप को परिभाषित करने के लिए स्टाइल शीट्स, और सामग्री को खोज इंजनों के लिए वर्णित करने के लिए मेटाडेटा (डेटा के बारे में डेटा), जिससे उपयोगकर्ताओं को सामग्री खोजने और उसका पता लगाने में मदद मिलती है (मेटाडेटा का एक सामान्य उदाहरण गीत के लेखक, संगीतकार, शैली आदि की जानकारी है जो ज्यादातर सीडी और डिजिटल ऑडियो फ़ाइलों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से एन्कोड की जाती है; यह मेटाडेटा संगीत प्रेमियों को उनके इच्छित गीतों को खोजने में आसान बनाता है)। टैग्स, स्टाइल शीट्स और मेटाडेटा के उपयोग से "रीफ्लोएबल" सामग्री सक्षम होती है, जो विभिन्न पढ़ने वाले उपकरणों (टैबलेट, स्मार्टफोन, ई-रीडर, आदि) या इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी विधियों के अनुसार खुद को अनुकूलित करती है।
चूंकि इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन में अक्सर ऑनलाइन डिलीवरी विधियों को विकसित करने के लिए टेक्स्ट मार्कअप (जैसे, हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज या अन्य किसी मार्कअप लैंग्वेज) की आवश्यकता होती है, इसलिए पारंपरिक टाइपसेटर्स और पुस्तक डिजाइनरों की भूमिकाएं, जो कागज की किताबों के लिए प्रिंटिंग सेट-अप बनाते थे, बदल गई हैं। डिजिटल रूप से प्रकाशित सामग्री के डिजाइनरों को मार्कअप भाषाओं, उपलब्ध पढ़ने वाले उपकरणों और कंप्यूटरों की विविधता, और उपभोक्ता सामग्री को पढ़ने, देखने या एक्सेस करने के तरीकों की अच्छी समझ होनी चाहिए। हालांकि, 2010 के दशक में, डिज़ाइनरों के लिए सामग्री को इस मानक में प्रकाशित करने के लिए नए उपयोगकर्ता अनुकूल डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर उपलब्ध हो रहे हैं, जैसे एडोब सिस्टम्स का डिजिटल पब्लिशिंग सूट और एप्पल का आईबुक्स लेखक। सबसे आम फ़ाइल प्रारूप .epub है, जिसका उपयोग कई ई-बुक प्रारूपों में किया जाता है। .epub एक निःशुल्क और खुला मानक है जो कई प्रकाशन कार्यक्रमों में उपलब्ध है। एक अन्य सामान्य प्रारूप .folio है, जिसका उपयोग एडोब डिजिटल पब्लिशिंग सूट द्वारा एप्पल के आईपैड टैबलेट और ऐप्स के लिए सामग्री बनाने के लिए किया जाता है।
==शैक्षणिक प्रकाशन==
{{Main|शैक्षणिक प्रकाशन}}
{{Further|इलेक्ट्रॉनिक जर्नल}}
{{See also|ई-प्रिंट}}
जब किसी लेख को समीक्षा के लिए किसी अकादमिक पत्रिका में प्रस्तुत किया जाता है, तो इसके प्रकाशित होने में कई महीनों से लेकर दो साल से अधिक का समय लग सकता है,<ref>{{Cite journal |last=Ellison |first=Glenn |date=2002-10-01 |title=The Slowdown of the Economics Publishing Process |url=https://www.journals.uchicago.edu/doi/10.1086/341868 |journal=Journal of Political Economy |language=en |volume=110 |issue=5 |pages=947–993 |doi=10.1086/341868 |hdl=1721.1/64233 |issn=0022-3808|hdl-access=free }}</ref> जिससे पत्रिकाएं वर्तमान शोध को प्रसारित करने के लिए आदर्श माध्यम नहीं मानी जातीं। कुछ क्षेत्रों, जैसे खगोल विज्ञान और भौतिकी के कुछ क्षेत्रों में, नवीनतम शोध प्रसारित करने में पत्रिकाओं की भूमिका को काफी हद तक प्रीप्रिंट रिपॉजिटरी जैसे [[आर्काइव लेखकोष|arXiv.org]] ने बदल दिया है। हालांकि, वैज्ञानिक पत्रिकाएं अभी भी गुणवत्ता नियंत्रण और वैज्ञानिक श्रेय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कई मामलों में, प्रीप्रिंट रिपॉजिटरी में अपलोड की गई सामग्री अंततः किसी सहकर्मी-समीक्षित पत्रिका में प्रकाशन के लिए ही होती है। सांख्यिकीय साक्ष्य से पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन व्यापक प्रसार प्रदान करता है,<ref>[http://www.idemployee.id.tue.nl/g.w.m.rauterberg/publications/CITESEER2001online-nature.pdf Online Or Invisible?] by [[Steve Lawrence]] of the [[NEC Research Institute]]</ref> क्योंकि जब कोई पत्रिका ऑनलाइन उपलब्ध होती है, तो अधिक शोधकर्ता इसे एक्सेस कर सकते हैं। भले ही कोई प्रोफेसर ऐसी विश्वविद्यालय में काम कर रही हो जहां किसी विशेष पत्रिका की लाइब्रेरी में उपलब्धता न हो, वह फिर भी ऑनलाइन पत्रिका तक पहुंच सकती है। कई पत्रिकाओं ने, अपने लंबे समय से चले आ रहे सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया को बनाए रखते हुए, इलेक्ट्रॉनिक संस्करण स्थापित किए हैं या पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन में स्थानांतरित हो गए हैं।
==कॉपीराइट==
2000 के दशक की शुरुआत में, अधिकांश मौजूदा कॉपीराइट कानून मुद्रित पुस्तकों, पत्रिकाओं और अखबारों के लिए बनाए गए थे। उदाहरण के लिए, कॉपीराइट कानून अक्सर यह सीमा निर्धारित करते हैं कि किसी पुस्तक का कितना हिस्सा यांत्रिक रूप से पुन: प्रस्तुत या कॉपी किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन कॉपीराइट से संबंधित नए प्रश्न उठाता है, क्योंकि अगर कोई ई-पुस्तक या ई-जर्नल ऑनलाइन उपलब्ध है, तो लाखों इंटरनेट उपयोगकर्ता एक ही इलेक्ट्रॉनिक प्रति को देख सकते हैं, बिना किसी "कॉपी" बनाए।
उभरते प्रमाण बताते हैं कि ई-प्रकाशन पारंपरिक कागज-आधारित प्रकाशन की तुलना में अधिक सहयोगात्मक हो सकता है; ई-प्रकाशन में अक्सर एक से अधिक लेखक शामिल होते हैं, और इसके परिणामस्वरूप तैयार की गई सामग्री अधिक सुलभ होती है, क्योंकि इसे ऑनलाइन प्रकाशित किया जाता है। साथ ही, ऑनलाइन प्रकाशित सामग्री की उपलब्धता अधिक प्लेगरिज़्म, अनधिकृत उपयोग या सामग्री के पुन: उपयोग के लिए दरवाजे खोलती है।<ref>Chennupati K. Ramaiah, Schubert Foo and Heng Poh Choo, ''eLearning and Digital Publishing''.{{where|date=October 2013}}</ref> कुछ प्रकाशक इन चिंताओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, 2011 में, हार्पर कॉलिन्स ने सार्वजनिक पुस्तकालय में अपनी किसी ई-पुस्तक को उधार देने की सीमा निर्धारित की।<ref>{{Cite news |last=Stross |first=Randall |date=2011-12-24 |title=Publishers vs. Libraries: An E-Book Tug of War |language=en-US |work=The New York Times |url=https://www.nytimes.com/2011/12/25/business/for-libraries-and-publishers-an-e-book-tug-of-war.html |access-date=2023-05-12 |issn=0362-4331}}</ref> अन्य प्रकाशक, जैसे पेंगुइन, अपनी नियमित मुद्रित पुस्तकों में ई-पुस्तक तत्वों को शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
==इन्हें भी देखें==
* [[डेस्कटॉप प्रकाशन]]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Typesetting#Digital_era इलेक्ट्रॉनिक टाइपसेटिंग]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Mobile_content मोबाइल प्रकाशन]
* [[ई-पुस्तक]]
* [[मीडियम (वेबसाइट)]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Library resources box|by=no|onlinebooks=no|about=yes|wikititle=इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन}}
{{Wikiversity|सहयोगात्मक नाटक लेखन}}
*{{Dmoz|Business/Publishing_and_Printing/Publishing/Electronic|इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन}}
*[http://www.w3.org/dpub/ डब्ल्यू3सी डिजिटल प्रकाशन गतिविधि]
{{Authority control}}
{{DEFAULTSORT:इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन}}
[[श्रेणी:इलैक्ट्रॉनिक प्रकाशन| ]]
[[श्रेणी:प्रकाशन]]
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एंगलवुड क्लिफ्स, न्यू जर्सी
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{{distinguish|एंगलवुड, न्यू जर्सी}}
{{Infobox settlement
|name = एंगलवुड क्लिफ्स, न्यू जर्सी
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<!-- Images -->
|image_skyline = Rockefeller Overlook, Palisades Interstate Parkway, Englewood Cliffs, New Jersey - 20200907 - 02.jpg
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|image_caption = एंगलवुड क्लिफ्स, बर्गेन काउंटी में हडसन पैलिसेड्स के ऊपर से [[हडसन नदी]], जॉर्ज वाशिंगटन ब्रिज और न्यूयॉर्क शहर के मिडटाउन मैनहट्टन की गगनचुंबी इमारतों का नजारा दिखता है
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|leader_name = मार्क के. पार्क (आर, कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 को समाप्त होगा)<ref name=MayorCouncil>[http://englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx Mayor & Council] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240615105515/http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx |date=15 जून 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed March 13, 2023.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/dca/home/2023mayors.pdf 2023 न्यू जर्सी मेयर निर्देशिका], न्यू जर्सी सामुदायिक मामलों का विभाग, 8 फ़रवरी, 2023 को अद्यतन किया गया। 10 फ़रवरी, 2023 को एक्सेस किया गया।</ref>
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|leader_name1 = रिक्त पद<ref name=Contacts>[http://www.englewoodcliffsnj.org/content/309/446/default.aspx प्रशासनिक कार्यालय] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240424081254/http://www.englewoodcliffsnj.org/content/309/446/default.aspx |date=24 अप्रैल 2024 }}, एंगलवुड क्लिफ्स का नगर। 18 फरवरी, 2024 को एक्सेस किया गया।</ref>
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|population_as_of = 2020
|population_footnotes = <ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcliffsboroughnewjersey/ QuickFacts Englewood Cliffs borough, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 24, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities], [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref>
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|postal_code = 07632<ref>[http://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood%20cliffs&state=NJ एंगलवुड क्लिफ्स, न्यू जर्सी के लिए ज़िप कोड देखें], [[संयुक्त राज्य डाक सेवा]]। 12 सितंबर 2011 को अभिगमित।</ref><ref>[http://www.state.nj.us/info/njzips.htm ज़िप कोड], [[न्यू जर्सी]] राज्य। 28 अगस्त 2013 को अभिगमित।</ref>
|area_code = 201<ref>[http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCity=Englewood+Cliffs Area Code Lookup - NPA NXX for Englewood Cliffs, NJ], Area-Codes.com. Accessed September 11, 2013.</ref>
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|blank_info = 3400321510<ref name=CensusArea/><ref name="GR2">[https://www.census.gov U.S. Census website], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed September 4, 2014.</ref><ref>[https://mcdc.missouri.edu/applications/geocodes/?state=34 Geographic Codes Lookup for New Jersey], Missouri Census Data Center. Accessed April 1, 2022.</ref>
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|blank1_info = 0885210<ref name=CensusArea/><ref name="GR3">[http://geonames.usgs.gov US Board on Geographic Names], [[संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण]]. Accessed September 4, 2014.</ref>
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}}
'''एंगलवुड क्लिफ्स''' बर्गन काउंटी, [[न्यू जर्सी]] राज्य, [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] में स्थित एक नगर है। [[2020 संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना|2020 की जनगणना]] के अनुसार, इस नगर की [[जनसंख्या]] 5,342 थी, जो 2010 की जनगणना में दर्ज 5,281 से 61 (1.2%) की वृद्धि है। वहीं, 2010 की जनसंख्या में 2000 की जनगणना में दर्ज 5,322 से 41 (0.8%) की गिरावट दर्ज की गई थी।
इस नगर में [[सीएनबीसी]](एनबीसीयूनिवर्सल) का मुख्यालय, [[दक्षिण कोरिया]]ई समूह एलजी कॉर्प का [[उत्तरी अमेरिका]] मुख्यालय, और वैश्विक सीपीजी समूह [[यूनीलीवर]] का अमेरिकी मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा, यहां पहले [[फरारी]] और मासेराती का [[उत्तरी अमेरिका]] मुख्यालय भी था।
यह नगर 1895 में एंगलवुड टाउनशिप से अलग होकर गठित हुआ था, जिसमें विलियम आउटिस एलीसन नए नगरपालिका के पहले [[महापौर]] बने थे। यह गठन बर्गन काउंटी में उस समय की "बोरोइटिस" की लहर का हिस्सा था, जिसमें 1894 में अकेले 26 नगरों का गठन हुआ था।
==भूगोल==
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, इस नगर का कुल क्षेत्रफल 3.37 वर्ग मील (8.73 वर्ग किमी) है, जिसमें 2.13 वर्ग मील (5.51 वर्ग किमी) भूमि और 1.24 वर्ग मील (3.22 वर्ग किमी) जल शामिल है, जो कुल क्षेत्रफल का 36.91% है।<ref name=CensusArea/><ref name=GR1 />
यह नगर बर्गन काउंटी में एंगलवुड, फोर्ट ली, और टेनेफ्लाई के साथ, और [[हडसन नदी]] के पार न्यूयॉर्क शहर के ब्रोंक्स और मैनहट्टन नगरों की सीमा से लगा हुआ है।<ref>[https://global.mapit.mysociety.org/area/837960/touches.html Areas touching Englewood Cliffs] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240922070933/https://global.mapit.mysociety.org/area/837960/touches.html |date=22 सितंबर 2024 }}, MapIt. Accessed March 25, 2020.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps Bergen County Map of Municipalities], [[Bergen County, New Jersey]]. Accessed March 25, 2020.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf New Jersey Municipal Boundaries], [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed November 15, 2019.</ref>
==जनसांख्यिकी==
{{US Census population
|1900= 218
|1910= 410
|1920= 534
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|1940= 888
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| estref=<ref name=Census2020/><ref name=PopEst>[https://www2.census.gov/programs-surveys/popest/tables/2020-2023/mcds/totals/SUB-MCD-EST2023-POP-34.xlsx Annual Estimates of the Resident Population for Minor Civil Divisions in New Jersey: April 1, 2020 to July 1, 2023], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], released May 2024. Accessed May 16, 2024.</ref>
|footnote=जनसंख्या स्रोत:<small><br />1900–1920<ref>[https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full ''Compendium of censuses 1726-1905: together with the tabulated returns of 1905''], [[New Jersey Department of State]], 1906. Accessed July 30, 2013.</ref> 1900–1910<ref>[https://archive.org/details/cu31924070698331/page/n416 <!-- pg=335 --> ''Thirteenth Census of the United States, 1910: Population by Counties and Minor Civil Divisions, 1910, 1900, 1890''], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 335. Accessed August 29, 2012.</ref><br />1910–1930<ref>[https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA714 ''Fifteenth Census of the United States : 1930 - Population Volume I''], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 714. Accessed March 1, 2012.</ref> 1900–2020<ref>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 Table 6: New Jersey Resident Population by Municipality: 1940 - 2000], Workforce New Jersey Public Information Network, August 2001. Accessed May 1, 2023.</ref><ref name=BergenCensus>[https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf Historical Population Trends in Bergen County 1900-2020], [[Bergen County, New Jersey]] Department of Planning and Engineering, 2022. Accessed May 1, 2023.</ref><br />2000<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/> 2010<ref name=Census2010>[https://archive.today/20200212102841/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/10_DP/DPDP1/0600000US3400321510 DP-1 - Profile of General Population and Housing Characteristics: 2010 for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 1, 2012.</ref><ref name=LWD2010>[http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewoodcliffs1.pdf Profile of General Demographic Characteristics: 2010 for Englewood Cliffs borough] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111222092411/http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewoodcliffs1.pdf |date=2011-12-22 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed March 1, 2012.</ref> 2020<ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcliffsboroughnewjersey/ QuickFacts Englewood Cliffs borough, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 24, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities], [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref></small>
}}
2012 में, एंगलेवुड क्लिफ्स को फोर्ब्स पत्रिका द्वारा संयुक्त राज्य में सबसे महंगे ज़िप कोड की सूची में राष्ट्रीय स्तर पर 129वां और न्यू जर्सी में पांचवां स्थान मिला, जिसमें औसत घर की कीमत $1,439,115 थी।<ref>Brennan, Morgan. [https://www.forbes.com/special-report/2012/1016_zip-codes.html "America's Most Expensive ZIP Codes"], ''[[Forbes]]'', October 16, 2012. Accessed November 14, 2013.</ref> 2006 में, बरो को न्यू जर्सी में छठा और राष्ट्रीय स्तर पर 78वां स्थान मिला था, जिसमें औसत घर की कीमत $1,112,500 थी।<ref>[https://web.archive.org/web/20060516055601/http://www.forbes.com/lists/2006/7/NJ_Rank_1.html Most Expensive ZIP Codes 2006: New Jersey], ''[[Forbes]]'' magazine, July 2006, backed up by the [[Internet Archive]] as of May 16, 2006. Accessed September 15, 2017.</ref>
===2010 जनगणना===
2010 की संयुक्त राज्य जनगणना में बरो में 5,281 लोग, 1,824 परिवार, और 1,527 परिवार दर्ज किए गए। जनसंख्या घनत्व 2,528.1 प्रति वर्ग मील (976.1/किमी²) था। औसत घनत्व के साथ 1,924 आवास इकाइयाँ प्रति वर्ग मील 921.0 (355.6/किमी²) थीं। नस्लीय संरचना 56.35% (2,976) श्वेत, 2.08% (110) अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, 0.08% (4) नेटिव अमेरिकी, 38.52% (2,034) एशियाई, 0.00% (0) प्रशांत द्वीपवासी, 0.78% (41) अन्य जातियों से, और 2.20% (116) दो या अधिक जातियों से थी। किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो निवासियों की जनसंख्या का 5.98% (316) था।<ref name=Census2010/>
1,824 परिवारों में से 30.7% के साथ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे रहते थे; 73.1% विवाहित जोड़े एक साथ रहते थे; 8.2% में महिला गृहस्थी थी जिनके पास पति नहीं था और 16.3% गैर-परिवार थे। सभी परिवारों में से, 14.3% व्यक्ति से बने थे और 10.0% में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई अकेला व्यक्ति रहता था। औसत परिवार का आकार 2.87 और औसत परिवार का आकार 3.17 था।<ref name=Census2010/>
जनसंख्या का 21.5% 18 वर्ष से कम आयु के थे, 4.6% 18 से 24 वर्ष के, 20.0% 25 से 44 वर्ष के, 29.7% 45 से 64 वर्ष के, और 24.1% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 47.2 वर्ष थी। प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, जनसंख्या में 93.7 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 86.7 पुरुष थे।<ref name=Census2010/>
कोरियाई-अमेरिकी बरो की जनसंख्या का 20.3% हिस्सा थे।<ref name=Census2010/> एंगलेवुड क्लिफ्स ने इस जनसांख्यिकी का विस्तार निकटवर्ती फोर्ट ली कोरियाटाउन से देखा है, साथ ही बरो की स्थिति एलजी कॉर्पोरेशन के उत्तरी अमेरिकी मुख्यालय के रूप में भी है, जो सियोल में स्थित है।<ref>Quartuccio, Alana. [https://patch.com/new-jersey/englewood/study-predicts-englewood-cliffs-lg-project-will-bring-huge-revenue-boost "Study Predicts Englewood Cliffs LG Project Will Bring Huge Revenue Boost"], Englewood-EnglewoodCliffs Patch, September 3, 2013. Accessed September 15, 2017. "Both near and long-term benefits are expected said County Executive Kathleen Donovan in a statement Tuesday which reports that the study shows more than $500 million in direct, indirect and induced revenues will come to the state, region and county and borough over the next 20-years."</ref> यूएस जनगणना ब्यूरो द्वारा 2017 में जारी आंकड़ों के अनुसार, एंगलेवुड क्लिफ्स के निवासियों में से आधे से अधिक घर में कोरियाई भाषा बोलते हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.nj.com/data/2017/12/the_41_nj_towns_where_english_is_not_the_dominant.html#incart_m-rpt-2|title=The 41 N.J. towns where English is not the dominant language|author=Carla Astudillo|publisher=New Jersey On-Line LLC|date=December 10, 2017|access-date=December 11, 2017}}</ref>
2010 में 10 घर समलैंगिक जोड़ों द्वारा संचालित थे, जो 2000 में गिने गए तीन से अधिक थे।<ref>Lipman, Harvy; and Sheingold, Dave. [https://web.archive.org/web/20130203212228/http://www.northjersey.com/news/127675238_NORTH_JERSEY_SEES_30__GROWTH_IN_SAME-SEX_COUPLES___Census_shows_shift_in_suburbs.html "North Jersey sees 30% growth in same-sex couples"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', August 14, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of February 3, 2013. Accessed September 15, 2014.</ref>
जनगणना ब्यूरो के 2006-2010 अमेरिकी सामुदायिक सर्वेक्षण के अनुसार (2010 में मुद्रास्फीति-समायोजित डॉलर में), औसत घरेलू आय $101,964 (± $32,516) थी और औसत पारिवारिक आय $126,985 (± $37,177) थी। पुरुषों की औसत आय $88,438 (± $9,456) थी, जबकि महिलाओं की $52,950 (± $7,757) थी। बरो के लिए प्रति व्यक्ति आय $53,260 (± $12,101) थी। लगभग 8.0% परिवार और 16.1% जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे थे, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के 10.9% और 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 32.7% शामिल थे।<ref>[https://archive.today/20200212085019/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/ACS/10_5YR/DP03/0600000US3400321510 DP03: Selected Economic Characteristics from the 2006-2010 American Community Survey 5-Year Estimates for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 1, 2012.</ref>
===2000 जनगणना===
2000 की संयुक्त राज्य जनगणना के अनुसार,<ref name="GR2" /> बरो में 5,322 लोग, 1,818 परिवार, और 1,559 परिवार रहते थे। जनसंख्या घनत्व 2,544.3 निवासी प्रति वर्ग मील (982.4/किमी²) था। वहां 1,889 आवास इकाइयां थीं, जिनका औसत घनत्व 903.1 प्रति वर्ग मील (348.7/किमी²) था। बरो की नस्लीय संरचना इस प्रकार थी: 66.84% श्वेत, 1.37% अफ्रीकी अमेरिकी, 0.04% नेटिव अमेरिकी, 29.69% एशियाई, 0.71% अन्य जातियों से और 1.35% दो या अधिक जातियों से थे। किसी भी नस्ल के हिस्पैनिक या लैटिनो जनसंख्या का 4.89% थे।<ref name=Census2000>[http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421510.pdf Census 2000 Profiles of Demographic / Social / Economic / Housing Characteristics for Englewood Cliffs borough, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130602182411/http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421510.pdf |date=2013-06-02 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed August 29, 2012.</ref><ref name=Census2000SF1>[https://archive.today/20200212085111/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/00_SF1/DP1/0600000US3400321510 DP-1: Profile of General Demographic Characteristics: 2000 - Census 2000 Summary File 1 (SF 1) 100-Percent Data for Englewood Cliffs borough, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed August 29, 2012.</ref>
1,818 परिवारों में से, 31.4% के साथ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे रहते थे, 76.0% विवाहित जोड़े एक साथ रहते थे, 7.0% में कोई पति नहीं था और वे महिला गृहस्थ थे, और 14.2% गैर-परिवार थे। 12.5% सभी परिवार अकेले व्यक्तियों से बने थे, और 8.3% में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई अकेला व्यक्ति रहता था। औसत परिवार का आकार 2.90 और औसत परिवार का आकार 3.16 था।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
बरो में आयु वितरण इस प्रकार था: 20.7% 18 वर्ष से कम आयु के, 5.7% 18 से 24 वर्ष के, 23.9% 25 से 44 वर्ष के, 27.7% 45 से 64 वर्ष के, और 22.0% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 45 वर्ष थी। प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 89.1 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की प्रत्येक 100 महिलाओं के लिए, 84.8 पुरुष थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
बरो में औसत घरेलू आय $106,478 थी, और औसत पारिवारिक आय $113,187 थी। 2008 में, अनुमानित औसत आय $134,419 हो गई थी। पुरुषों की औसत आय $79,501 थी जबकि महिलाओं की $42,019 थी। बरो के लिए प्रति व्यक्ति आय $57,399 थी। लगभग 1.4% परिवार और 2.6% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे थे, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के 1.9% और 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के 5.3% शामिल थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
2000 की जनगणना के अनुसार, एंगलेवुड क्लिफ्स के 11.76% निवासियों ने स्वयं को कोरियाई वंश का बताया, जो संयुक्त राज्य में दसवां सबसे अधिक और न्यू जर्सी के किसी भी नगरपालिका में आठवां सबसे अधिक था, जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Korean.html Korean Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071206002820/http://www.epodunk.com/ancestry/Korean.html |date=December 6, 2007 }}, [[EPodunk]]. Accessed December 10, 2007.</ref> 2000 की जनगणना में पाया गया कि एंगलेवुड क्लिफ्स के 3.4% निवासियों ने स्वयं को आर्मेनियाई-अमेरिकी वंश का बताया, जो संयुक्त राज्य में किसी भी स्थान पर आर्मेनियाई-अमेरिकी लोगों का आठवां सबसे उच्च प्रतिशत था।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Armenian.html Armenian Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120410055250/http://www.epodunk.com/ancestry/Armenian.html |date=April 10, 2012 }}, [[EPodunk]]. Accessed June 28, 2006.</ref> 2000 की जनगणना में, एंगलेवुड क्लिफ्स के 8.42% निवासियों ने स्वयं को चीनी वंश का बताया। यह न्यू जर्सी में किसी भी स्थान पर चीनी वंश के लोगों का तीसरा सबसे उच्च प्रतिशत था, जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Chinese.html Chinese Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061110232258/http://www.epodunk.com/ancestry/Chinese.html |date=November 10, 2006 }}, [[EPodunk]]. Accessed August 23, 2006.</ref> इसी जनगणना में, एंगलेवुड क्लिफ्स के 2.91% निवासियों ने स्वयं को जापानी वंश का बताया, जो न्यू जर्सी के किसी भी नगरपालिका में पांचवां सबसे अधिक था—फोर्ट ली (6.09%), डेमेरेस्ट (3.72%), एजवाटर (3.22%) और लियोनिया (3.07%) के पीछे—जहां 1,000 या उससे अधिक निवासी अपनी वंशावली की पहचान करते हैं।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Japanese.html Japanese Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20061110232413/http://www.epodunk.com/ancestry/Japanese.html |date=November 10, 2006 }}, [[EPodunk]]. Accessed June 28, 2006.</ref> 2010 की जनगणना के अनुसार, जनसंख्या का 20.3% (1,072) कोरियाई वंश का, 8.9% (472) चीनी और 5.7% (300) एशियाई भारतीय वंश का बताया गया।<ref name=Census2010/>
==अर्थव्यवस्था==
[[File:Unilever EC jeh.jpg|thumb|[[यूनीलीवर]] [[उत्तर अमेरिका|उत्तर अमेरिकी]] मुख्यालय]]
[[सीएनबीसी]],<ref>[https://www.cnbc.com/about/ About CNBC U.S.], [[CNBC]]. Accessed December 24, 2016. "The network's 15 live hours a day of business programming in North America (weekdays from 4:00 a.m. - 7:00 p.m. ET) is produced at CNBC's global headquarters in Englewood Cliffs, N.J., and includes reports from CNBC News bureaus worldwide."</ref> एलजी नॉर्थ अमेरिकन मुख्यालय,<ref name="hok.com">[https://web.archive.org/web/20121017094306/http://hok.com/design/type/corporate/lg-electronics-north-american-headquarters/ LG's Sustainable Flagship], [[HOK (firm)|HOK]], backed up by the [[Internet Archive]] as of October 17, 2012. Accessed June 16, 2015. "LG Electronics North American Headquarters; Englewood Cliffs, New Jersey, USA"</ref><ref>[http://www.lg.com/us/business/commercial-display/about/corporate-profile Corporate Profile], [[LG Electronics]]. Accessed September 15, 2017. "Based in Englewood Cliffs, N.J., LG Electronics USA, Inc., (LGEUS) is the North American subsidiary of LG Electronics, Inc., a $48.5-billion global force in consumer electronics, home appliances and mobile communications. "</ref> और यूनिलीवर नॉर्थ अमेरिका का मुख्यालय एंगलेवुड क्लिफ्स में स्थित है।<ref>[https://web.archive.org/web/20100716130533/http://www.unileverusa.com/mediacenter/pressreleases/2009/Unilever-to-Move-Chicago-Office-To-North-America-Headquarters-in-New-Jersey.aspx "Unilever to Move Chicago Office To North America Headquarters in New Jersey"], [[Unilever]] press release dated November 10, 2009, backed up by the [[Internet Archive]] as of July 16, 2010. Accessed September 15, 2017. "Unilever, one of the world's largest consumer goods companies, [NYSE: UN, UL] announced today that it is combining its Chicago-based antiperspirants, deodorant and hair care group with its skin care business, to create a Personal Care (PC) business unit based at the company's North America headquarters in Englewood Cliffs, New Jersey. As a result of the integration, Unilever will close the Chicago offices by July 2010."</ref>
[[ऍलजी इलैक्ट्रॉनिक्स|एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स]] ने 14 नवंबर, 2013 को एंगलेवुड क्लिफ्स में एक पर्यावरण-अनुकूल नॉर्थ अमेरिकन मुख्यालय बनाने के लिए एक समारोह आयोजित किया था। इस परियोजना के लिए कानूनी मंजूरी मिली, लेकिन इमारत की ऊंचाई को लेकर इसे अपील में चुनौती दी गई। विरोधियों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है, उनका कहना है कि इमारत की 143 फीट (44 मीटर) ऊंचाई नगर के 35 फीट (11 मीटर) की सीमा से अधिक है और इमारत की ऊंचाई वृक्ष-रेखा से ऊपर होने के कारण पलिसेड्स के दृश्य को बाधित करेगी।<ref>Baker, Rebecca. [https://web.archive.org/web/20160919010904/http://www.northjersey.com/news/dozens-of-protesters-show-up-at-lg-groundbreaking-in-englewood-cliffs-video-1.574445 "Dozens of protestors show up at LG groundbreaking in Englewood Cliffs"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', November 14, 2013, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 19, 2016. Accessed September 15, 2017. "LG Electronics broke ground Thursday on its $300 million North American headquarters in grand style, with a string quartet, catered food and congratulatory speeches, all under a sprawling heated outdoor tent in Englewood Cliffs.... The protest was organized by Protect the Palisades, a coalition of preservation and cultural groups, some of which are suing Englewood Cliffs for allowing LG to exceed the borough's 35-foot height limit on buildings. The 143-foot-high headquarters the company is building would be visible above the tree line along the Hudson River cliffs and the first high-rise north of Fort Lee."</ref>
2017 में, मासेराती ने घोषणा की कि वह अपने अमेरिकी मुख्यालय को एंगलेवुड क्लिफ्स से ऑबर्न हिल्स, मिशिगन में पूर्व वाल्टर पी. क्रिसलर संग्रहालय में स्थानांतरित करेगा।<ref>Snavely, Brent. [http://www.freep.com/story/money/cars/chrysler/2017/04/12/maserati-moving-north-american-headquarters-auburn-hills/100388244/ "Maserati is headed to Auburn Hills offices"], ''[[Detroit Free Press]]'', April 12, 2017. Accessed September 15, 2017. "Maserati is planning to move its North American headquarters from New Jersey to the former Walter P. Chrysler Museum in Auburn Hills this year so it can be closer to its parent company, Fiat Chrysler Automobiles.... Shanley declined to say how many people will be making the move but made it clear that only a few positions would remain in Englewood Cliffs, N.J."</ref>
==सरकार==
[[File:Englewood Cliffs admin jeh.JPG|thumb|एंगलवुड क्लिफ्स बरो प्रशासन कार्यालय भवन]]
===स्थानीय सरकार===
एंगलेवुड क्लिफ्स का शासन न्यू जर्सी म्युनिसिपल सरकार के बरो फॉर्म के तहत होता है, जो पूरे राज्य में 564 नगरपालिकाओं में से 218 में उपयोग की जाती है, जिससे यह न्यू जर्सी में सबसे सामान्य शासन प्रणाली बनती है।<ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf ''Inventory of Municipal Forms of Government in New Jersey''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230601184216/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf |date=1 जून 2023 }}, [[Rutgers University]] Center for Government Studies, July 1, 2011. Accessed June 1, 2023.</ref> शासकीय निकाय एक मेयर और एक बरो काउंसिल से मिलकर बना होता है, जिनमें सभी पद नवंबर के आम चुनाव के हिस्से के रूप में व्यापक रूप से निर्वाचित होते हैं। मेयर सीधे मतदाताओं द्वारा चार-वर्षीय कार्यकाल के लिए चुना जाता है। बरो काउंसिल में छह सदस्य होते हैं, जिन्हें तीन-वर्षीय चक्रीय क्रम पर चुना जाता है, जिसमें प्रत्येक वर्ष दो सीटों पर चुनाव होते हैं।<ref name=DataBook>''2012 New Jersey Legislative District Data Book'', [[Rutgers University]] [[Edward J. Bloustein School of Planning and Public Policy]], March 2013, p. 160.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/338.aspx Form of Government] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240413045908/http://englewoodcliffsnj.org/content/307/338.aspx |date=13 अप्रैल 2024 }}, Borough of Englewood Cliffs. Accessed September 15, 2017.</ref> एंगलेवुड क्लिफ्स द्वारा अपनाया गया बरो फॉर्म एक "कमजोर मेयर / मजबूत काउंसिल" सरकार है, जिसमें काउंसिल के सदस्य विधायी निकाय के रूप में कार्य करते हैं, जबकि मेयर बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और केवल टाई की स्थिति में मतदान करते हैं। मेयर के पास अध्यादेशों पर वीटो करने का अधिकार होता है, जिसे काउंसिल के दो-तिहाई बहुमत से ओवरराइड किया जा सकता है। मेयर काउंसिल सदस्यों के लिए समिति और संपर्क असाइनमेंट करते हैं, और अधिकतर नियुक्तियाँ मेयर द्वारा काउंसिल की सलाह और सहमति से की जाती हैं।<ref>Cerra, Michael F. [http://www.njslom.org/magart0307_p14.html "Forms of Government: Everything You've Always Wanted to Know, But Were Afraid to Ask"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140924045019/http://www.njslom.org/magart0307_p14.html |date=2014-09-24 }}, [[New Jersey State League of Municipalities]]. Accessed November 30, 2014.</ref><ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=6 "Forms of Municipal Government in New Jersey"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230604040836/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=6 |date=4 जून 2023 }}, p. 6. [[Rutgers University]] Center for Government Studies. Accessed June 1, 2023.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/default.aspx Government] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130905201259/http://englewoodcliffsnj.org/content/307/default.aspx |date=5 सितंबर 2013 }}, Borough of Englewood Cliffs. Accessed May 27, 2022. "Since it became a Borough, Englewood Cliffs has been governed by a Mayor and Council who are chosen through partisan elections held in November annually. The Mayor, elected for a 4 year term, is the chief executive officer and the six Council members, elected for a 3 year term, handle legislative functions. ... The Reorganization Meeting of the governing body is held during the first week in January. At this meeting, the newly-elected Council members take the oath of office, and a Council President, who serves as Acting Mayor when the Mayor is absent, is elected by the Council."</ref>
2024 तक, रिपब्लिकन मार्क के. पार्क मेयर हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 को समाप्त होगा। एंगलेवुड क्लिफ्स बरो काउंसिल के सदस्य हैं रिवका बिएगाज (आर, 2026), डेविड डी ग्रेगोरियो (डी, 2024), क्रिस किम (डी, 2025), झी लियांग (आर, 2026), ग्लेन लूसियानो (डी, 2024) और मेलानी साइमन (डी, 2025)।<ref name=MayorCouncil>[http://englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx Mayor & Council] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240615105515/http://www.englewoodcliffsnj.org/content/307/470/default.aspx |date=15 जून 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed March 13, 2023.</ref><ref>[http://www.englewoodcliffsnj.org/filestorage/307/339/2022_Adopted_Budget..pdf#page=21 2022 Municipal Data Sheet] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240304041949/http://www.englewoodcliffsnj.org/filestorage/307/339/2022_Adopted_Budget..pdf#page=21 |date=4 मार्च 2024 }}, Englewood Cliffs Borough. Accessed November 21, 2022.</ref><ref name=BergenCountyDirectory>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/2024-county-directory.pdf#page=41 ''2024 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], April 2024. Accessed April 15, 2024.</ref><ref name=Bergen2023>[https://www.bergencountyclerk.gov/_Content/pdf/ElectionResult/District%20Canvass%20NEW.pdf Official Statement of Vote 2023 General Election - November 7, 2023 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], November 27, 2023. Accessed January 1, 2024.</ref><ref name=Bergen2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313102822/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf |date=13 मार्च 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Bergen2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220503192910/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf |date=3 मई 2022 }}, [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref>
====महापौर====
*मार्क के. पार्क (2024 से वर्तमान तक)
*मारियो एम. क्रांजैक (2016 से 2024); क्रांजैक 2015 में चुने जाने पर 40 वर्षों में बरो के पहले रिपब्लिकन मेयर बने।<ref name=Record2015>Lueddeke, Kim. [https://web.archive.org/web/20160701092137/http://www.northjersey.com/news/englewood-cliffs-to-be-governed-by-republican-mayor-for-first-time-in-40-years-1.1449644 "Englewood Cliffs to be governed by Republican mayor for first time in 40 years"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', November 5, 2015, backed up by the [[Internet Archive]] as of July 1, 2016. Accessed September 15, 2017. "For the first time in 40 years, the borough will be governed by a Republican mayor. Mario Kranjac defeated Democrat Joseph Favaro on Tuesday by a vote of 989 to 804, according to unofficial results.... Kranjac's ticket mates, Carrol McMorrow and Mark Park, won election to the Borough Council."</ref>
*जोसेफ पारीसी जूनियर (2008 से 2015)<ref name=NVS2011>Baskind, Amanda. [https://web.archive.org/web/20160917214407/http://www.northjersey.com/news/parisi-and-running-mates-win-shifts-council-majority-to-democrats-1.877027 "Parisi and running mates win; shifts council majority to Democrats"], ''Northern Valley Suburbanite'', November 8, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 17, 2016. Accessed September 15, 2017. "Parisi has been mayor for six years and will continue serving for the next four. Edward Aversa and Gloria Oh each won three-year terms and Joseph Favaro was elected to a one-year unexpired term."</ref>
*जोसेफ पारीसी सीनियर (1976 से 2005)<ref name=NVS2011/>
*थॉमस ई. स्टैगनिट्टी (1923–2006) – 1964 से 1976<ref>Lamb, William. [https://web.archive.org/web/20160911082048/https://www.highbeam.com/doc/1P1-128594359.html "Thomas E. Stagnitti, 3-term Englewood Cliffs mayor"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', September 9, 2006, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 11, 2016. Accessed September 15, 2017. "Thomas E. Stagnitti, a former bank president who served three terms as the Republican mayor of Englewood Cliffs, died Aug. 23 in Palm Beach Gardens, Florida, where he had lived for 14 years.... Mr. Stagnitti was elected mayor in 1963 and served until 1976."</ref>
*विलियम आउटिस एलिसन (1849–1924) – एंगलेवुड क्लिफ्स के पहले मेयर थे और 1895 से 1911 (?) तक चार कार्यकाल के लिए पद पर रहे।<ref>Staff. [https://timesmachine.nytimes.com/timesmachine/1924/12/19/101628478.pdf "William O. Allison Dies"], ''[[The New York Times]]'', December 19, 1924. Accessed December 5, 2013.</ref>
===संघीय, राज्य और काउंटी प्रतिनिधित्व===
एंगलेवुड क्लिफ्स 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में स्थित है<ref name=PCR2022>[https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf 2022 Redistricting Plan], [[New Jersey Redistricting Commission]], December 8, 2022.</ref> और न्यू जर्सी के 37वें राज्य विधानमंडलीय जिले का हिस्सा है।<ref name=Districts2011>[https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf Municipalities Sorted by 2011-2020 Legislative District], [[New Jersey Department of State]]. Accessed February 1, 2020.</ref><ref name=LWV2019>[https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf ''2019 New Jersey Citizen's Guide to Government''], New Jersey [[League of Women Voters]]. Accessed October 30, 2019.</ref><ref>[https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 Districts by Number for 2011-2020], [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 6, 2013.</ref>
118वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस के लिए, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व जोश गोटहाइमर (डेमोक्रेट, वायकोफ) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |title=Representatives {{!}} house.gov |url=https://www.house.gov/representatives#state-new-jersey |website=www.house.gov |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{cite web |url=https://gottheimer.house.gov/biography/ |accessdate=4 नवम्बर 2024 |title=संग्रहीत प्रति |archive-date=21 अक्तूबर 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211021193224/https://gottheimer.house.gov/biography/ |url-status=dead }}</ref> न्यू जर्सी का प्रतिनिधित्व संयुक्त राज्य सीनेट में डेमोक्रेट्स कोरी बुकर (नेवार्क, कार्यकाल समाप्ति 2027)<ref>{{cite web |title=U.S. Sen. Cory Booker cruises past Republican challenger Rik Mehta in New Jersey |url=https://www.phillyvoice.com/2020-election-results-cory-booker-rik-mehta-us-senate/ |website=PhillyVoice |accessdate=4 नवम्बर 2024 |language=english |date=3 नवम्बर 2020}}</ref> और जॉर्ज हेल्मी (माउंटेन लेक्स, कार्यकाल समाप्ति 2024) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |url=https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref>
2024-2025 सत्र के लिए, न्यू जर्सी विधानमंडल के 37वें विधानमंडलीय जिले का प्रतिनिधित्व न्यू जर्सी सीनेट में गॉर्डन एम. जॉनसन (डेमोक्रेट, एंगलेवुड) द्वारा किया जाता है, और जनरल असेंबली में शमा हैदर (डेमोक्रेट, टेनेफ्लाई) और एलेन पार्क (डेमोक्रेट, एंगलेवुड क्लिफ्स) द्वारा किया जाता है।<ref>{{cite web |url=https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 |accessdate=4 नवम्बर 2024}}</ref>
बर्गन काउंटी का प्रशासन सीधे निर्वाचित काउंटी एक्जीक्यूटिव द्वारा किया जाता है, और इसके विधायी कार्य एक बोर्ड ऑफ काउंटी कमिश्नर्स द्वारा निभाए जाते हैं, जिसमें सात सदस्य होते हैं, जो तीन साल की अवधि के लिए चुने जाते हैं। प्रत्येक जनवरी में एक पुनर्गठन बैठक में इसके सात सदस्यों में से एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन का चयन किया जाता है। 2024 तक, काउंटी एक्जीक्यूटिव जेम्स जे. टेडेस्को III (डेमोक्रेट, पैरामस) हैं, जिनका चार साल का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होगा।<ref>{{cite web |title=Bergen County Executive |url=https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/bergen-county-executive?nid=461 |website=Bergen County New Jersey |accessdate=4 नवम्बर 2024 |language=en-us}}</ref>
बर्गन काउंटी के कमिश्नर्स हैं: थॉमस जे. सुलिवन जूनियर (डेमोक्रेट, मोंटवेल, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/thomas-j-sullivan Vice Chairman Commissioner Chairman Thomas J. Sullivan], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> चेयरमैन जर्मेन एम. ओर्टिज (डेमोक्रेट, एमर्सन, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/germaine-m-ortiz Commissioner Vice Chairwoman Germaine M. Ortiz], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> जोआन वॉस (डेमोक्रेट, फोर्ट ली, 2026),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/dr-joan-m-voss Commissioner Chair Pro Tempore Dr. Joan M. Voss], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> वाइस चेयरमैन मैरी जे. अमोरोसो (डेमोक्रेट, महवाह, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/mary-j-amoroso Commissioner Mary J. Amoroso], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> राफेल मार्टे (डेमोक्रेट, बर्गनफील्ड, 2026),<ref>Cattafi, Kristie. [https://www.northjersey.com/story/news/bergen/2023/03/13/bergen-county-commissioners-rafael-marte-of-bergenfield-fills-vacancy/69999499007/ "Democrats pick Bergenfield councilman to fill vacancy on Bergen County commissioners board"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 13, 2023. Accessed March 16, 2023. "A Democratic councilman from Bergenfield will be sworn in as a Bergen County commissioner Wednesday night, filling a vacancy on the governing body for almost 1 million residents. Rafael Marte will serve until Dec. 31, taking on the unexpired term left by former Commissioner Ramon Hache, a Democrat who resigned last week to lead the Ridgewood YMCA as its chief executive officer."</ref> स्टीवन ए. तनेली (डेमोक्रेट, नॉर्थ अर्लिंगटन, 2024)<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/steven-a-tanelli Commissioner Steven A. Tanelli], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और ट्रेसी सिलना जूर (डेमोक्रेट, फ्रैंकलिन लेक्स, 2024)।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/tracy-silna-zur Commissioner Tracy Silna Zur], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/commissioners Board of County Commissioners], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/budget-and-capital-planning/county-budgets?download=1199:2021-budget#page=8 2022 County Data Sheet], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/Important%20Links/BC_2022_Directory_Online.pdf#page=5 ''2022 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], March 2022. Accessed January 30, 2023.</ref><ref name=Template2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313102822/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf |date=13 मार्च 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Template2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220503192910/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf |date=3 मई 2022 }}, [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref><ref name=Template2020>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf Precinct Summary Results Report - Combined 2020 Bergen County General Election - November 3, 2020 Official Results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201209010510/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf |date=9 दिसंबर 2020 }}, [[Bergen County, New Jersey]], December 3, 2020. Accessed January 1, 2021.</ref><ref name=Template2019>[http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/SOV%20Book%20Report%20as%20of%2012-10-2019.pdf Bergen County November 5, 2019 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated December 10, 2019. Accessed January 1, 2020.</ref>
बर्गन काउंटी के संवैधानिक अधिकारी हैं: क्लर्क जॉन एस. होगन (डेमोक्रेट, नॉर्थवेल, 2026),<ref>[https://www.bergencountyclerk.org/About About the Clerk], Bergen County Clerk. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/clerks/ Clerks], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> शेरिफ एंथनी क्यूरटन (डेमोक्रेट, एंगलेवुड, 2024)<ref>[https://www.bcsd.us/sheriff-anthony-cureton Sheriff Anthony Cureton], Bergen County Sheriff's Office. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/sheriffs/ Sheriffs], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और सुरोगेट माइकल आर. ड्रेसलर (डेमोक्रेट, क्रेसकिल, 2026)।<ref>[http://www.bergencountysurrogate.com/michaeldressler.html Michael R. Dressler], Bergen County Surrogate's Court. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/surrogates/ Surrogates], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County/><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/constitutional-officers Constitutional Officers], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
===राजनीति===
{| border = “2”
|+ एंगलवुड क्लिफ्स में राष्ट्रपति चुनाव में<br/>पार्टी के आधार पर मतदान
|- style="background:lightgrey;"
! वर्ष
! [[डेमोक्रैटिक पार्टी (संयुक्त राज्य)|डेमोक्रेटिक]]
! [[रिपब्लिकन पार्टी|रिपब्लिकन]]
! लिबर्टेरियन
! अन्य
|-
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ऐतिहासिक रूप से, एंगलेवुड क्लिफ्स ने आमतौर पर राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया है, हालांकि हाल के दशकों में यह बरो काफी बंटा हुआ रहा है। 1992 के बाद से, किसी भी राजनीतिक दल के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को बरो में 60% से अधिक मत नहीं मिले हैं।
मार्च 2011 में, एंगलेवुड क्लिफ्स में कुल 3,505 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 1,069 (30.5% बनाम 31.7% काउंटीवाइड) डेमोक्रेट्स के रूप में पंजीकृत थे, 761 (21.7% बनाम 21.1%) रिपब्लिकन के रूप में पंजीकृत थे और 1,675 (47.8% बनाम 47.1%) ने किसी भी पार्टी में पंजीकरण नहीं किया था। अन्य पार्टियों में कोई भी पंजीकृत मतदाता नहीं थे।<ref name=VoterRegistration>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf Voter Registration Summary - Bergen], [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 23, 2011. Accessed December 5, 2013.</ref> बरो की 2010 की जनगणना के अनुसार, 66.4% (बर्गन काउंटी में 57.1% की तुलना में) पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 84.6% (काउंटीवाइड 73.7% की तुलना में) शामिल थे।<ref name=VoterRegistration/><ref>[https://www.census.gov GCT-P7: Selected Age Groups: 2010 - State -- County Subdivision; 2010 Census Summary File 1 for New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
2013 के गवर्नर चुनाव में, रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी ने 74.2% वोट (1,182 मत) प्राप्त किए, जबकि डेमोक्रेट बारबरा बुओनो को 24.9% (397 मत) और अन्य उम्मीदवारों को 0.9% (14 मत) प्राप्त हुए। बरो के 3,528 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,669 मतपत्र डाले गए (76 मतपत्र अवैध पाए गए), जिससे मतदान प्रतिशत 47.3% रहा।<ref name=2013Elections>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |title=Governor - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014}}</ref><ref name=2013VoterReg>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |title=Number of Registered Voters and Ballots Cast - November 5, 2013 - General Election Results - Bergen County|date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014}}</ref> 2009 के गवर्नर चुनाव में, रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी ने 1,059 वोट (51.5% बनाम 45.8% काउंटीवाइड) प्राप्त किए, जबकि डेमोक्रेट जॉन कॉरज़ाइन को 879 वोट (42.7% बनाम 48.0%), इंडिपेंडेंट क्रिस डैगेट को 54 वोट (2.6% बनाम 4.7%) और अन्य उम्मीदवारों को 12 वोट (0.6% बनाम 0.5%) प्राप्त हुए। बरो के 3,588 पंजीकृत मतदाताओं में से 2,057 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान प्रतिशत 57.3% रहा (काउंटी में 50.0% की तुलना में)।<ref>[http://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf 2009 Governor: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181128164457/https://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf |date=2018-11-28 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 31, 2009. Accessed December 5, 2013.</ref>
==इन्हें भी देखें==
* [https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_U.S._cities_with_significant_Korean_American_populations महत्वपूर्ण कोरियाई-अमेरिकी आबादी वाले अमेरिकी शहरों की सूची]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Van_Gelder_Studio वैन गेल्डर स्टूडियो]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी}}
* [https://englewoodcliffsnj.org/ एंगलवुड क्लिफ्स आधिकारिक वेबसाइट]
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एंगलवुड, न्यू जर्सी
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{{Infobox settlement
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|leader_name = माइकल वाइल्ड्स ([[डेमोक्रेटिक पार्टी (संयुक्त राज्य अमेरिका)|डी]], कार्यकाल 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त होगा)<ref name=Mayor>[https://www.cityofenglewood.org/1295/Mayors-Office Mayor's Office], City of Englewood. Accessed April 26, 2024.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/dca/home/2023mayors.pdf 2023 New Jersey Mayors Directory] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230311072207/https://www.state.nj.us/dca/home/2023mayors.pdf |date=March 11, 2023 }}, [[New Jersey Department of Community Affairs]], updated February 8, 2023. Accessed February 10, 2023.</ref>
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|postal_code = 07631<ref>[http://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood&state=NJ Look Up a ZIP Code] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200930001926/https://tools.usps.com/go/ZipLookupResultsAction!input.action?resultMode=0&city=englewood&state=NJ |date=September 30, 2020 }}, [[United States Postal Service]]. Accessed September 15, 2011.</ref><ref>[http://www.state.nj.us/infobank/njzips.htm ZIP Codes] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190617122541/http://www.state.nj.us/infobank/njzips.htm |date=June 17, 2019 }}, State of [[New Jersey]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
|area_code = 201<ref>[http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCounty=Bergen&frmCity=Englewood Area Code Lookup - NPA NXX for Englewood, NJ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131211145837/http://www.area-codes.com/search.asp?frmNPA=&frmNXX=&frmState=NJ&frmCounty=Bergen&frmCity=Englewood |date=December 11, 2013 }}, Area-Codes.com. Accessed December 5, 2013.</ref>
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|blank_info = 3400321480<ref name=CensusArea/><ref name="GR2">[https://www.census.gov U.S. Census website] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210709054630/https://www.census.gov/ |date=July 9, 2021 }} , [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed September 4, 2014.</ref><ref>[https://mcdc.missouri.edu/applications/geocodes/?state=34 Geographic Codes Lookup for New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181119221733/https://census.missouri.edu/geocodes/?state=34 |date=November 19, 2018 }}, Missouri Census Data Center. Accessed April 1, 2022.</ref>
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|blank1_info = 0885209<ref name=CensusArea/><ref name="GR3">[http://geonames.usgs.gov US Board on Geographic Names] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120212191832/http://geonames.usgs.gov/ |date=February 12, 2012 }}, [[संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण]]. Accessed September 4, 2014.</ref>
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}}
'''एंगलवुड''', बर्गन काउंटी में स्थित एक शहर है, जो [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के [[न्यू जर्सी]] राज्य में है। एंगलवुड को न्यू जर्सी विधानमंडल के एक अधिनियम द्वारा 17 मार्च, 1899 को एक शहर के रूप में शामिल किया गया था, जो रिजफील्ड टाउनशिप के कुछ हिस्सों और एंगलवुड टाउनशिप के शेष हिस्सों से बना था। [[2020 संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना|2020 की संयुक्त राज्य जनगणना]] के अनुसार, शहर की [[जनसंख्या]] 29,308 थी, जो कि अब तक की सबसे अधिक जनसंख्या है और 2010 की जनगणना में दर्ज 27,147 से 2,161 (+8.0%) की वृद्धि है। इससे पहले, 2000 की जनगणना में 26,203 की गणना की गई थी, जिसमें 944 (+3.6%) की वृद्धि हुई थी।
==इतिहास==
===शब्द-साधन===
एंगलवुड टाउनशिप, जो इस शहर का पूर्ववर्ती था, का नाम 1859 में एंगल परिवार के नाम पर रखा गया माना जाता है। इस समुदाय को पहले "इंग्लिश नेबरहुड" कहा जाता था, क्योंकि न्यू नीदरलैंड के [[इंग्लैंड]] द्वारा 1664 में अधिग्रहण के बाद, हडसन नदी के न्यू जर्सी हिस्से पर यह पहला मुख्यतः [[अंग्रेजी]] बोलने वाला बसाव था। अन्य स्रोत भी एंगले परिवार और समुदाय के घने जंगलों को इस नाम का मूल कारण मानते हैं।<ref>Staff. [https://www.nytimes.com/1930/01/02/archives/morrow-reception-attended-by-5000-new-jersey-republican-leaders.html "Morrow Reception Attended By 5,000; New Jersey Republican Leaders Flock to Englewood for New Year's Greeting. HIS TALK IS BROADCAST Well Wishers File Past Envoy for Three Hours in His Debut in Senatorial Race. Prominent Politicians Attend. Morrow's Speech Brief."] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190929212851/https://www.nytimes.com/1930/01/02/archives/morrow-reception-attended-by-5000-new-jersey-republican-leaders.html |date=September 29, 2019 }}, ''[[The New York Times]]'', January 2, 1930. Accessed September 29, 2019. "In this little town of ours we are proud to call ourselves a neighborhood. The oldest maps show it as 'English neighborhood,' but this was later changed to Englewood."</ref><ref name=History/> कुछ अन्य स्रोतों के अनुसार, यह नाम "वुड इंगल" से लिया गया है, जिसका अर्थ "जंगल से घिरी जगह" होता है,<ref>[[Henry Gannett|Gannett, Henry]]. [https://books.google.com/books?id=9V1IAAAAMAAJ&pg=PA119 ''The Origin of Certain Place Names in the United States''], p. 119. [[United States Government Printing Office]], 1905. Accessed August 30, 2015.</ref> या इसे नया नाम भी माना गया है।<ref>Hutchinson, Viola L. [http://mapmaker.rutgers.edu/356/nj_place_names_origin.pdf#page=12 ''The Origin of New Jersey Place Names''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20151115082401/http://mapmaker.rutgers.edu/356/nj_place_names_origin.pdf#page=12 |date=November 15, 2015 }}, New Jersey Public Library Commission, May 1945. Accessed August 30, 2015.</ref>
जैसे-जैसे [[उत्तरी अमेरिका]] में पश्चिम की ओर बसाव बढ़ा, संयुक्त राज्य अमेरिका में कई अन्य स्थानों का नाम एंगलवुड के नाम पर रखा गया। जे. वायमैन जोन्स का श्रेय इस बात के लिए दिया जाता है कि उन्होंने निवासियों को शहर के नाम के लिए "एंगलेवुड" चुनने के लिए राजी किया, जब इसे "ब्रेटन" और "पैलिसेना" जैसे विकल्पों के मुकाबले शामिल किया गया था।<ref name=History/><ref>Clayton, W. Woodford; and Nelson, William. [https://books.google.com/books?id=zDEUAAAAYAAJ&pg=PA260 ''History of Bergen and Passaic counties, New Jersey: with biographical sketches of many of its pioneers and prominent men''], p. 260. Everts & Peck, 1882. Accessed August 25, 2011.</ref><ref>Horner, Shirley. [https://www.nytimes.com/1991/05/26/nyregion/about-books.html "About Books"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170920100108/http://www.nytimes.com/1991/05/26/nyregion/about-books.html |date=September 20, 2017 }}, ''[[The New York Times]]'', May 26, 1991. Accessed August 25, 2011. "One landowner, J. Wyman Jones, known as the "father" of Englewood because he swung the vote to the name Englewood (presumably from "English neighborhood") over such names as Liberty Pole or Palisades, built a stone Victorian mansion on his 20-acre estate."</ref>
===पूर्व-औपनिवेशिक और औपनिवेशिक युग===
एंगलवुड, और बाकी न्यू जर्सी की तरह, यूरोपीय उपनिवेश से पहले लेनपे मूल अमेरिकियों द्वारा आबाद था। एंगलेवुड क्षेत्र में रहने वाले लेनपे "टर्टल क्लैन" (कछुआ कबीले) से संबंधित थे, जो एक विशेष शैली में बनाए गए कछुए को अपने प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करते थे। मूल रूप से एंगलेवुड में लगभग 2,000 लेनपे रहते थे, लेकिन यूरोपीय लोगों के साथ संघर्ष के कारण उनकी जनसंख्या घटकर 1832 तक केवल 50 रह गई थी।<ref name=History>[http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11544/default.aspx Historic Englewood] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161225145904/http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11544/default.aspx |date=December 25, 2016 }}, City of Englewood. Accessed December 24, 2016.</ref>
जब 1607 में हेनरी हडसन ने उस नदी पर नौकायन किया जो बाद में [[हडसन नदी]] के रूप में जानी गई, तो उन्होंने इस नदी के समूचे जलक्षेत्र को, जिसमें एंगलेवुड भी शामिल था, नीदरलैंड के लिए दावा किया, जिससे एंगलवुड का भविष्य क्षेत्र न्यू नीदरलैंड का हिस्सा बन गया। हालांकि, डच शासन के तहत यह क्षेत्र बहुत कम बसा हुआ रहा, क्योंकि डचों ने आधुनिक हडसन काउंटी के उत्तर में बसावट को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत कम प्रयास किए। इसके साथ ही हडसन के पश्चिमी किनारे पर स्थित न्यू जर्सी पैलिसेड्स के पहाड़ों ने इस दिशा में विस्तार को रोका।<ref name=History/>
[[File:GarretLydeckerHouse.jpg|thumb|गैरेट लिडेकर हाउस का निर्माण 1808 में हुआ था।]]
1664 में, डचों ने न्यू नीदरलैंड का पूरा क्षेत्र इंग्लैंड को सौंप दिया, जिसके बाद बसावट की गति बढ़ गई। अंग्रेजों ने उदारता से भूमि अनुदान दिए, और कई परिवार, न केवल अंग्रेज बल्कि डच और ह्यूगेनॉट भी, इस क्षेत्र में बस गए, जिसे औपनिवेशिक युग के दौरान अंग्रेजी पड़ोस के रूप में जाना जाता था। एंगलवुड में आज भी कुछ सड़क के नाम इसके सबसे पहले बसे हुए विविध समुदाय की याद दिलाते हैं; ब्रिंकरहॉफ, वैन ब्रंट, लीडेकर, वैन नोस्टरैंड और ड्यूरी (ड्यूरीआ), ये सभी डच नाम हैं; डेमरेस्ट (डी मरे), डीमॉट और लोज़ियर (ले सुएर), फ्रांसीसी ह्यूगेनॉट नाम हैं; और मूर, लॉरेंस, कोल और डे, ये अंग्रेजी नाम हैं।
===ऐतिहासिक नोट्स===
1906 से लेकर 16 मार्च, 1907 तक, जब आग में जलकर नष्ट हो गया, एंगलेवुड में अप्टन सिंक्लेयर की समाजवादी प्रवृत्तियों वाली एक इरादतन सामुदायिक परियोजना "हेलीकॉन होम कॉलोनी" स्थापित थी। इस परियोजना में शार्लोट पर्किन्स गिलमैन और सिंक्लेयर लुईस भी जुड़े हुए थे।<ref name=Helicon>Brown, Peggy Ann. [https://web.archive.org/web/20161202225502/http://www.peggyannbrown.net/HeliconHomeColony.html "Not Your Usual Boardinghouse Types: Upton Sinclair's Helicon Home Colony, 1906-1907"], Department of American Studies, [[George Washington University]], May 1993, backed up by the [[Internet Archive]] as of December 2, 2016. Accessed September 16, 2017. "For five months more than seventy-five men, women, and children made Helicon their home for varying lengths of time. Their efforts received wide press coverage and attracted the attention of William James and John Dewey in addition to numerous curiosity-seekers. On March 16, 1907 a fire destroyed the main building, and the colony disbanded."</ref>
डायरेक्ट डिस्टेंस डायलिंग, जिससे कॉलर्स अपने स्थानीय क्षेत्र के बाहर अन्य उपयोगकर्ताओं से ऑपरेटर की सहायता के बिना संपर्क कर सकते थे, एंगलेवुड में जनता के लिए पेश की गई। 10 नवंबर, 1951 को, एंगलेवुड के मेयर एम. लेस्ली डेनिंग ने पहली ग्राहक-डायल की गई लंबी दूरी की कॉल की, जो कैलिफोर्निया के अलमेडा के मेयर फ्रैंक ओसबोर्न को की गई थी। उस तारीख से, एंगलेवुड 3, एंगलेवुड 4 और टीनेक 7 एक्सचेंज के ग्राहक, जो पहले से न्यूयॉर्क सिटी क्षेत्र के कुछ एक्सचेंजों को डायल कर सकते थे, 11 शहरों में तीन-अंकीय एरिया कोड डायल करके कॉल कर सकते थे।<ref>[https://web.archive.org/web/20070107101205/http://www.corp.att.com/attlabs/reputation/timeline/51trans.html 1951: First Direct-Dial Transcontinental Telephone Call], [[AT&T Corporation]], backed up by the [[Internet Archive]] as of January 7, 2007. Accessed September 16, 2017. "Nov. 10, 1951: Mayor M. Leslie Downing of Englewood, N.J., picked up a telephone and dialed 10 digits. Eighteen seconds later, he reached Mayor Frank Osborne in Alameda, Calif. The mayors made history as they chatted in the first customer-dialed long-distance call, one that introduced area codes."</ref><ref>Staff. [https://www.nytimes.com/1979/07/22/archives/new-jersey-weekly-whos-on-first-why-new-jersey-of-course.html?_r=0 "Who's on First? Why, New Jersey, of Course"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917171805/http://www.nytimes.com/1979/07/22/archives/new-jersey-weekly-whos-on-first-why-new-jersey-of-course.html?_r=0 |date=September 17, 2017 }}, ''[[The New York Times]]'', July 22, 1979. Accessed May 28, 2017. "More recently, on Nov. 10, 1951, Mayor Leslie Denning of Englewood telephoned Mayor Frank Osborne of Alameda, Calif., without the help of an operator and Englewood became the first city in the nation whose residents had direct‐dial coast‐to‐coast service."</ref>
फोर्डहम विश्वविद्यालय से स्नातक करने के दो साल बाद, विंस लोम्बार्डी ने एंगलेवुड के सेंट सेसिलिया हाई स्कूल में अपनी फुटबॉल कोचिंग करियर की शुरुआत की, जो 1986 में बंद हो गया।<ref>Fabiano, Giovanna. [https://web.archive.org/web/20160121030843/http://www.northjersey.com/news/englewood-s-st-cecilia-school-to-close-1.1171068 "Englewood's St. Cecilia school to close"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 1, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of January 21, 2016. Accessed September 10, 2017. "St. Cecilia's students went on to St. Cecilia High School - where legendary Green Bay Packers Coach Vince Lombardi got his coaching start - before it closed its doors in 1986."</ref>
1979 में, शुगरहिल गैंग ने "रैपर्स डिलाइट" रिकॉर्ड किया, जो टॉप 40 हिट में शामिल होने वाला पहला हिप हॉप सिंगल बना।<ref>Staff. [https://nypost.com/2014/01/26/writing-cred-for-rappers-delight-sparks-grudge/ "Writing cred for 'Rapper's Delight' sparks grudge"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190402204244/https://nypost.com/2014/01/26/writing-cred-for-rappers-delight-sparks-grudge/ |date=April 2, 2019 }}, ''[[New York Post]]'', January 26, 2014. Accessed December 9, 2016. "Thirty-five years ago, the Sugar Hill Gang from Englewood, NJ, burst onto the scene with 'Rapper's Delight' and introduced the world to the Bronx-born music known as hip-hop. It was the first of its kind to break the Billboard Top 40 and sold more than 5 million copies."</ref>
===ऐतिहासिक स्थल===
इस शहर में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ हिस्टोरिक प्लेसेस में शामिल स्थलों में शामिल हैं:<ref>[http://www.nj.gov/dep/hpo/1identify/nrsr_lists/Bergen.pdf New Jersey and National Registers of Historic Places - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130516164840/http://www.nj.gov/dep/hpo/1identify/nrsr_lists/bergen.pdf |date=May 16, 2013 }}, [[New Jersey Department of Environmental Protection]] Historic Preservation Office, last updated November 28, 2016. Accessed December 22, 2016.</ref>
*जॉन जी. बेंसन हाउस (60 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001465 John G. Benson House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917123615/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001465 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*थॉमस डेमरेस्ट हाउस (370 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001498 Thomas Demarest House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124237/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001498 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*गैरेट लाइडेकर हाउस (228 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001530 Garret Lydecker House] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124107/https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001530 |date=September 17, 2017 }}, [[National Park Service]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
*सेंट पॉल्स एपिस्कोपल चर्च (113 एंगल स्ट्रीट पर; जोड़ा गया 5 मई, 2014)
*डेमोट–वेस्टरवेल्ट हाउस (285 ग्रैंड एवेन्यू पर; जोड़ा गया 9 जनवरी, 1983)<ref>[https://npgallery.nps.gov/AssetDetail/NRIS/83001500 Demott–Westervelt House], [[National Park Service]].</ref>
==भूगोल==
संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना ब्यूरो के अनुसार, एंग्लेवुड का कुल क्षेत्रफल 4.95 वर्ग मील (12.82 किमी²) है, जिसमें 4.93 वर्ग मील (12.76 किमी²) भूमि और 0.02 वर्ग मील (0.06 किमी²) जल (0.46%) शामिल है।<ref name=CensusArea/><ref name=GR1 />
शहर के भीतर स्थित अनिगमित समुदायों, स्थानीयताओं और स्थानों में हाइवूड भी शामिल है।<ref>[http://www.state.nj.us/infobank/localnames.txt Locality Search] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160709092825/http://www.state.nj.us/infobank/localnames.txt |date=July 9, 2016 }}, State of [[New Jersey]]. Accessed May 21, 2015.</ref>
यह शहर बर्गन काउंटी की नगरपालिकाओं से घिरा हुआ है, जिनमें बर्गनफील्ड, एंग्लेवुड क्लिफ्स, फोर्ट ली, लियोनिया, टीनेक और टेनेफ्लाई शामिल हैं।<ref>[https://global.mapit.mysociety.org/area/837959/touches.html Areas touching Englewood] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200325033801/https://global.mapit.mysociety.org/area/837959/touches.html |date=March 25, 2020 }}, MapIt. Accessed March 24, 2020.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps Bergen County Map of Municipalities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201202102250/https://www.co.bergen.nj.us/visitors-guide/county-maps |date=December 2, 2020 }}, [[Bergen County, New Jersey]]. Accessed March 24, 2020.</ref><ref>[https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf New Jersey Municipal Boundaries] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20031204213712/https://www.state.nj.us/transportation/gis/maps/polnoroads.pdf |date=December 4, 2003 }}, [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed November 15, 2019.</ref>
==जनसांख्यिकी==
{{US Census population
|align=right
|1900= 6253
|1910= 9924
|1920= 11627
|1930= 17805
|1940= 18966
|1950= 23145
|1960= 26057
|1970= 24985
|1980= 23701
|1990= 24850
|2000= 26203
|2010= 27147
|2020= 29308
| estimate=29624
| estyear=2023
| estref=<ref name=Census2020/><ref name=PopEst>[https://www2.census.gov/programs-surveys/popest/tables/2020-2023/mcds/totals/SUB-MCD-EST2023-POP-34.xlsx Annual Estimates of the Resident Population for Minor Civil Divisions in New Jersey: April 1, 2020 to July 1, 2023], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], released May 2024. Accessed May 16, 2024.</ref>
|footnote=जनसंख्या स्रोत:<small><br>1900–1920<ref>[https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full ''Compendium of censuses 1726-1905: together with the tabulated returns of 1905''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210226125132/https://dspace.njstatelib.org/xmlui/handle/10929/25218?show=full |date=February 26, 2021 }}, [[New Jersey Department of State]], 1906. Accessed August 12, 2013.</ref> 1900–1910<ref>[https://books.google.com/books?id=T9HrAAAAMAAJ&pg=PA335 ''Thirteenth Census of the United States, 1910: Population by Counties and Minor Civil Divisions, 1910, 1900, 1890''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230727063519/https://books.google.com/books?id=T9HrAAAAMAAJ&pg=PA335 |date=July 27, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 335. Accessed December 5, 2013.</ref><br>1900–1930<ref>[https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA710 ''Fifteenth Census of the United States : 1930 - Population Volume I''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095817/https://books.google.com/books?id=kifRAAAAMAAJ&pg=PA710#v=onepage&q&f=false |date=September 30, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]], p. 710. Accessed February 14, 2012.</ref> 1900–2020<ref>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 Table 6: New Jersey Resident Population by Municipality: 1940 - 2000] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221005222054/https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2kpub/njsdcp3.pdf#page=27 |date=October 5, 2022 }}, Workforce New Jersey Public Information Network, August 2001. Accessed May 1, 2023.</ref><ref name=BergenCensus>[https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf Historical Population Trends in Bergen County 1900-2020] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230528015505/https://www.co.bergen.nj.us/images/Departments__Services/Planning__Engineering/Census_Data/Table00_HistPopTo2020.pdf |date=May 28, 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Department of Planning and Engineering, 2022. Accessed May 1, 2023.</ref><br>2000<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/> 2010<ref name=Census2010>[https://archive.today/20200212112701/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/10_DP/DPDP1/0600000US3400321480 DP-1 - Profile of General Population and Housing Characteristics: 2010 for Englewood city, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed February 13, 2012.</ref><ref name=LWD2010>[http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewood1.pdf Table DP-1. Profile of General Demographic Characteristics: 2010 for Englewood city] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140908064113/http://lwd.dol.state.nj.us/labor/lpa/census/2010/dp/dp1_ber/englewood1.pdf|date=2014-09-08 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed February 13, 2012.</ref> 2020<ref name=Census2020>[https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcitynewjersey/ QuickFacts Englewood city, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095829/https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/englewoodcitynewjersey/ |date=September 30, 2023 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed January 15, 2023.</ref><ref name=LWD2020>[https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf Total Population: Census 2010 - Census 2020 New Jersey Municipalities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230213084623/https://www.nj.gov/labor/labormarketinformation/assets/PDFs/census/2020/2020%20pl94%20Tables/2020_Mun/MCD%200_All.pdf |date=February 13, 2023 }}, [[New Jersey Department of Labor and Workforce Development]]. Accessed December 1, 2022.</ref></small>
}}
===2010 की जनगणना===
2010 की संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना में, एंग्लेवुड में 27,147 लोग, 10,057 घर, और 6,788 परिवार थे। जनसंख्या घनत्व 5,524.6 व्यक्ति प्रति वर्ग मील (2,133.1/किमी2) था। 10,695 आवास इकाइयों का औसत घनत्व 2,176.5 प्रति वर्ग मील (840.4/किमी2) था। नस्लीय संरचना में 45.28% (12,292) श्वेत, 32.58% (8,845) अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, 0.54% (147) मूल अमेरिकी, 8.10% (2,199) एशियाई, 0.04% (12) प्रशांत द्वीपवासी, 9.73% (2,641) अन्य जातियों से और 3.72% (1,011) दो या अधिक जातियों से थे। जनसंख्या में से 27.48% (7,460) लोग किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो थे।<ref name=Census2010/>
10,057 घरों में से 28.7% में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे; 45.1% विवाहित जोड़े एक साथ रह रहे थे; 17.1% में कोई महिला घर प्रमुख थी जिसके साथ पति उपस्थित नहीं था और 32.5% गैर-पारिवारिक थे। सभी घरों में से 27.3% में अकेले व्यक्ति थे और 9.6% में कोई अकेला व्यक्ति 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र का था। औसत घर का आकार 2.68 और औसत परिवार का आकार 3.24 था।<ref name=Census2010/>
जनसंख्या का 22.2% 18 वर्ष से कम उम्र के थे, 7.7% 18 से 24 वर्ष के थे, 28.9% 25 से 44 वर्ष के थे, 27.0% 45 से 64 वर्ष के थे और 14.2% 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। औसत आयु 38.9 वर्ष थी। हर 100 महिलाओं पर 90.0 पुरुष थे। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं पर हर 100 महिलाओं पर 86.3 पुरुष थे।<ref name=Census2010/>
जनगणना ब्यूरो के 2006–2010 अमेरिकी सामुदायिक सर्वेक्षण ने दिखाया कि (2010 में मुद्रास्फीति-समायोजित डॉलर में) औसत घर की आय $69,915 (+/− $7,291) और औसत पारिवारिक आय $87,361 (+/− $9,616) थी। पुरुषों की औसत आय $58,776 (+/− $7,972) थी, जबकि महिलाओं की $48,571 (+/− $3,984) थी। नगर के लिए प्रति व्यक्ति आय $41,533 (+/− $2,981) थी। लगभग 6.9% परिवार और 10.0% जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे थे, जिसमें 10.7% 18 वर्ष से कम उम्र के और 15.8% 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग शामिल थे।<ref>[https://archive.today/20200212084550/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/ACS/10_5YR/DP03/0600000US3400321480 DP03: Selected Economic Characteristics from the 2006-2010 American Community Survey 5-Year Estimates for Englewood city, Bergen county, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed February 14, 2012.</ref>
2010 में, समलैंगिक जोड़े 73 घरों के प्रमुख थे, जो 2000 में गिने गए 63 घरों से अधिक था।<ref>Lipman, Harvy; and Sheingold, Dave. [https://web.archive.org/web/20130203212228/http://www.northjersey.com/news/127675238_NORTH_JERSEY_SEES_30__GROWTH_IN_SAME-SEX_COUPLES___Census_shows_shift_in_suburbs.html "North Jersey sees 30% growth in same-sex couples"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', August 14, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of February 3, 2013. Accessed December 1, 2014.</ref>
===2000 की जनगणना===
[[File:Jackson Hole Diner, Englewood, New Jersey.jpg|thumb|right|जैक्सन होल डायनर, एंगलवुड, न्यू जर्सी]]
2000 की संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना के अनुसार,<ref name="GR2" /> शहर में 26,203 लोग, 9,273 घर, और 6,481 परिवार निवास कर रहे थे। जनसंख्या घनत्व 5,322.0 व्यक्ति प्रति वर्ग मील (2,054.8/किमी2) था। 9,614 आवास इकाइयाँ थीं जिनका औसत घनत्व 1,952.7 प्रति वर्ग मील (753.9/किमी2) था। शहर की नस्लीय संरचना में 42.49% श्वेत, 38.98% अफ्रीकी अमेरिकी, 0.27% मूल अमेरिकी, 5.21% एशियाई, 0.05% प्रशांत द्वीपवासी, 8.50% अन्य जातियों से, और 4.50% दो या अधिक जातियों से थे। जनसंख्या में से 21.76% लोग किसी भी जाति के हिस्पैनिक या लैटिनो थे।<ref name=Census2000>[http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421480.pdf Census 2000 Profiles of Demographic / Social / Economic / Housing Characteristics for Englewood city, New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160113033752/http://censtats.census.gov/data/NJ/1603421480.pdf |date=2016-01-13 }}, [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 5, 2013.</ref><ref name=Census2000SF1>[https://archive.today/20200210211020/http://factfinder.census.gov/bkmk/table/1.0/en/DEC/00_SF1/DP1/0600000US3400321480 DP-1: Profile of General Demographic Characteristics: 2000 - Census 2000 Summary File 1 (SF 1) 100-Percent Data for Englewood city, Bergen County, New Jersey], [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed March 5, 2013.</ref>
2000 की जनगणना में, लगभग 7.17% एंग्लेवुड निवासियों ने खुद को कोलंबियाई अमेरिकी वंश का बताया, जो अमेरिका में किसी भी नगर पालिका में नौवां उच्चतम प्रतिशत था।<ref>[http://www.epodunk.com/ancestry/Colombian.html Colombian Communities] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071011163422/http://epodunk.com/ancestry/Colombian.html |date=October 11, 2007 }}, [[EPodunk]]. Accessed August 23, 2006.</ref>
9,273 घरों में से, 31.0% घरों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे उनके साथ रह रहे थे, 47.9% विवाहित जोड़े एक साथ रह रहे थे, 17.4% महिलाओं द्वारा घर चलाए जा रहे थे जिनके पति उपस्थित नहीं थे, और 30.1% गैर-पारिवारिक थे। 24.8% सभी घरों में व्यक्ति अकेले रह रहे थे और 9.0% में कोई अकेला व्यक्ति 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र का था। औसत घर का आकार 2.79 और औसत परिवार का आकार 3.29 था।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
शहर में जनसंख्या विभिन्न आयु समूहों में वितरित थी, जिनमें 23.9% 18 वर्ष से कम आयु के थे, 7.4% 18 से 24 वर्ष के थे, 30.5% 25 से 44 वर्ष के थे, 24.9% 45 से 64 वर्ष के थे और 13.3% 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। औसत आयु 37 वर्ष थी। हर 100 महिलाओं पर 88.7 पुरुष थे। हर 100 महिलाओं (18 वर्ष और उससे अधिक) पर 84.2 पुरुष थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
शहर में एक घर की औसत आय $58,379 थी और एक परिवार की औसत आय $67,194 थी। पुरुषों की औसत आय $41,909 थी, जबकि महिलाओं की $34,358 थी। शहर के लिए प्रति व्यक्ति आय $35,275 थी। 8.9% जनसंख्या और 6.6% परिवार गरीबी रेखा के नीचे थे। 18 वर्ष से कम उम्र के 10.2% और 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 8.6% लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे थे।<ref name=Census2000/><ref name=Census2000SF1/>
==खेल==
एंग्लेवुड गोल्फ क्लब, एंग्लेवुड और लियोनिया के बीच स्थित एक पूर्व गोल्फ क्लब था। इसने 1909 में यू.एस. ओपन टूर्नामेंट की मेजबानी की थी।<ref>[https://www.njsga.org/communications/news-archive/njsgalostlinks/ "Gone But Not Forgotten: A Look At NJSGA's Lost Founding Clubs"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141207111956/https://www.njsga.org/communications/news-archive/njsgalostlinks/ |date=December 7, 2014 }} New Jersey State Golf Association. Accessed December 4, 2014. 'The Englewood Golf Club, located in Englewood and Leonia in Bergen County, had the distinct honor of hosting both a U.S. Amateur and a U.S. Open.... Just three years after the success of the Amateur, Englewood became the only New Jersey club other than Baltusrol to host the U.S. Open when it did so in 1909."</ref>
एंग्लेवुड फील्ड क्लब<ref>[http://www.englewoodfieldclub.org Englewood Field Club] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140522194740/http://www.englewoodfieldclub.org/ |date=May 22, 2014 }}. Accessed May 25, 2014.</ref> एक खेल क्लब है जिसमें टेनिस कोर्ट, एक स्विमिंग पूल और एक आउटडोर हॉकी रिंक शामिल है।<ref>[https://rinkatlas.com/rinks/26 RinkAtlas entry for Englewood Field Club]{{Dead link|date=March 2020 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}. Accessed January 29, 2018.</ref>
==पार्क और मनोरंजन==
[[File:Flat Rock Brook dam jeh.jpg|thumb|150 एकड़ का फ्लैट रॉक ब्रूक प्रकृति संरक्षित क्षेत्र एंगलवुड में स्थित है।]]
मैकके पार्क, नॉर्थ वैन ब्रंट स्ट्रीट पर स्थित है, जिसमें एक आइस हॉकी रिंक, एक स्विमिंग पूल, एक वॉकिंग पथ और एथलेटिक फील्ड शामिल हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11564/11620/default.aspx MacKay Park] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170706/http://www.cityofenglewood.org/content/9262/11564/11620/default.aspx |date=September 17, 2017 }}, City of Englewood. Accessed September 16, 2017.</ref>
फ्लैट रॉक ब्रुक नेचर सेंटर, 433 वैन नोस्ट्रैंड एवेन्यू पर स्थित है और यह पालिसैड्स वन के अवशेषों से बना हुआ है। यह केंद्र 1973 में स्थापित किया गया था और यह 150 एकड़ (61 हेक्टेयर) का एक संरक्षित क्षेत्र और शिक्षा केंद्र है, जिसमें 3.6 मील (5.8 किमी) की पैदल यात्रा पथ और कई उद्यान शामिल हैं, जिनमें हाल ही में नवीनीकृत तितली उद्यान भी शामिल है। फ्लैट रॉक आगंतुकों को इस पार्क में संरक्षित प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में प्रदर्शनियों और वर्ष भर उपलब्ध टूर के माध्यम से जानने का अवसर देता है।<ref>[http://www.flatrockbrook.org/about-us/history History] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170730082505/http://www.flatrockbrook.org/about-us/history |date=July 30, 2017 }}, Flat Rock Nature Center. Accessed September 16, 2017.</ref>
==सरकार==
===स्थानीय सरकार===
{{Further|एंगलवुड, न्यू जर्सी के महापौर}}
1980 में, एंगलवुड ने मेयर-काउंसिल प्रणाली से हटकर न्यू जर्सी विधानमंडल द्वारा विशेष रूप से प्रदान किए गए चार्टर के अनुसार एक संशोधित काउंसिल-मैनेजर सरकार की योजना अपनाई।<ref name=DataBook>''2012 New Jersey Legislative District Data Book'', [[Rutgers University]] [[Edward J. Bloustein School of Planning and Public Policy]], March 2013, p. 157.</ref><ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=15 "Forms of Municipal Government in New Jersey"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230604040836/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/forms_of_municipal_government_in_new_jersey_9220.pdf#page=15 |date=June 4, 2023 }}, p. 15. [[Rutgers University]] Center for Government Studies. Accessed June 1, 2023.</ref> एंगलवुड न्यू जर्सी के उन 11 नगर पालिकाओं में से एक है (कुल 564 में से) जिन्होंने विशेष चार्टर प्राप्त किया है।<ref>[https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf ''Inventory of Municipal Forms of Government in New Jersey''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230601184216/https://njdatabook.rutgers.edu/sites/njdatabook.rutgers.edu/files/documents/inventory_of_municipal_forms_of_government_in_new_jersey.pdf |date=June 1, 2023 }}, [[Rutgers University]] Center for Government Studies, July 1, 2011. Accessed June 1, 2023.</ref> यहां की प्रशासनिक इकाई में मेयर और सिटी काउंसिल शामिल हैं। इस चार्टर के तहत, मेयर को नियुक्ति और वीटो करने का अधिकार है, जबकि काउंसिल एक विधायी निकाय के रूप में कार्य करती है, जिसमें कुछ नियुक्तियों की पुष्टि करने का भी अधिकार है। शहर को जनसंख्या के आधार पर चार वार्डों में विभाजित किया गया है। सिटी काउंसिल में पांच सदस्य होते हैं, जो तीन साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। इनमें से चार सदस्य अपने संबंधित वार्ड से चुने जाते हैं, और एक सदस्य पूरे शहर के लिए चुना जाता है। प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सिटी मैनेजर की होती है। सिटी काउंसिल के छह सीटों का चुनाव तीन-वर्षीय चक्र में नवंबर के आम चुनाव में किया जाता है। वार्ड दो और चार एक साथ चुने जाते हैं, इसके बाद एक साल बाद वार्ड एक और तीन का चुनाव होता है, और फिर पूरे शहर के प्रतिनिधि और मेयर का चुनाव होता है।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/filestorage/9306/11306/ENGLEWOOD_CITY_CHARTER.pdf City Charter] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190303191737/http://cityofenglewood.org/filestorage/9306/11306/ENGLEWOOD_CITY_CHARTER.pdf |date=March 3, 2019 }}, City of Englewood. Accessed September 29, 2019.</ref>
मेयर, योजना बोर्ड, पुस्तकालय ट्रस्टी बोर्ड और परिषद की पुष्टि के साथ बोर्ड ऑफ एडजस्टमेंट के सदस्यों की नियुक्ति करते हैं। मेयर योजना बोर्ड में सेवा देते हैं और परिषद की बैठकों में भाग लेते हैं। मेयर का वोट केवल उस स्थिति में होता है जब किसी प्रस्ताव या अध्यादेश के पारित होने में बराबरी की स्थिति हो। मेयर के पास अध्यादेशों पर वीटो शक्ति होती है, लेकिन इसे चार परिषद सदस्यों के वोट से रोका जा सकता है। सिटी काउंसिल सार्वजनिक नीतियों का निर्धारण करती है, नगर के अध्यादेशों और प्रस्तावों का निर्माण करती है, बजट पारित करती है, और सिटी मैनेजर की नियुक्ति करती है। सिटी काउंसिल आम तौर पर महीने में चार बार मिलती है, ग्रीष्मकाल के महीनों को छोड़कर।
2024 के अनुसार, एंगलवुड के मेयर डेमोक्रेट माइकल वाइल्ड्स हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है।<ref name=Mayor>[https://www.cityofenglewood.org/1295/Mayors-Office Mayor's Office], City of Englewood. Accessed April 26, 2024.</ref> सिटी काउंसिल के सदस्य हैं: चार्ल्स कॉब (डी, 2024; एट-लार्ज), एंजेला डेविड (डी, 2026; वार्ड 3), केनेथ रोसेन्सवेग (डी, 2026; वार्ड 1), केविन ए. विल्सन (डी, 2025; वार्ड 4) और लिसा विसॉट्स्की (डी, 2025; वार्ड 2)।<ref>[https://www.cityofenglewood.org/1282/City-Council City Council], City of Englewood. Accessed April 26, 2024. "The City Council consists of five members, each elected for a three-year term. Four are elected by the individual wards in which they live and the other is elected by a city-wide vote as an at-large member. The city is divided into four wards which are approximately equal in population."</ref><ref>[https://www.cityofenglewood.org/ArchiveCenter/ViewFile/Item/219#page=11 2023 Municipal Data Sheet], City of Englewood. Accessed April 26, 2024.</ref><ref name=BergenCountyDirectory>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/2024-county-directory.pdf#page=41 ''2024 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], April 2024. Accessed April 15, 2024.</ref><ref name=Bergen2023>[https://www.bergencountyclerk.gov/_Content/pdf/ElectionResult/District%20Canvass%20NEW.pdf Official Statement of Vote 2023 General Election - November 7, 2023 Official Results], [[Bergen County, New Jersey]], November 27, 2023. Accessed January 1, 2024.</ref><ref name=Bergen2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313102822/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf |date=13 मार्च 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Bergen2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220503192910/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf |date=3 मई 2022 }}, [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref>
====आग बुझाने का डिपो====
{{Infobox fire department
| name = एंगलवुड अग्निशमन विभाग (ईएफडी)
| native_name =
| logo =
| logo_alt =
| logo_size =
| motto =
<!-- Operational Area -->
| country =
| subdivision_type1 = राज्य
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| subdivision_name1 = न्यू जर्सी
| subdivision_name2 = एंगलवुड
<!-- Agency Overview -->
| address = 81 साउथ वैन ब्रंट स्ट्रीट
| established = 1887
| annual calls = ~2,200
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| staffing =
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| FirstResponderBLSorALS = बीएलएस प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता
| iaff = एल3260/3263
| reference1 =
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<!-- Footer -->
| helicopters =
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| iaffweb = http://www.englewoodfirefighters.com
<!-- Facilities & Equipment history -->
}}
[[File:Englewood FHQ.jpg|left|thumb|275x275px|एंगलवुड फायर स्टेशन]]
एंगलवुड फायर एसोसिएशन, एक स्वयंसेवी कंपनी थी, जिसकी स्थापना 1887 में शहर की पहली संगठित अग्नि सुरक्षा सेवा के रूप में की गई थी। इसने नॉर्थ वैन ब्रंट स्ट्रीट पर एक फायरहाउस का निर्माण किया, जो एंगलवुड के वर्तमान सिटी हॉल के पास था। 1912 में फायर एग्ज़ामिनर्स बोर्ड की स्थापना के साथ एक पेशेवर भुगतान वाला अग्निशमन विभाग बनाया गया। विलियम स्ट्रीट पर 1926 में बनाए गए फायर मुख्यालय का उपयोग 90 वर्षों तक किया गया, जब तक कि इसका स्थान दक्षिण वैन ब्रंट स्ट्रीट पर जैक ड्रेकफोर्ड एंगलवुड फायरहाउस द्वारा प्रतिस्थापित नहीं कर दिया गया, जिसका उद्घाटन 14 मई, 2016 को हुआ। इस विभाग में 57 वर्दीधारी सदस्य हैं, जिनमें एक मुख्य अधिकारी, एक उप मुख्य अधिकारी, 4 कैप्टन, 9 लेफ्टिनेंट और 42 फायरफाइटर शामिल हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9288/default.aspx Englewood Fire Department] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124158/http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9288/default.aspx |date=September 17, 2017 }}, City of Englewood. Accessed September 16, 2017.</ref>
====पुलिस विभाग====
शहर के पुलिस विभाग में कुल 85 कर्मचारी हैं, जिनमें से 79 शपथ ग्रहण किए हुए अधिकारी हैं और अतिरिक्त छह डिस्पैचर्स हैं।<ref>[http://www.cityofenglewood.org/content/9264/9272/9298/default.aspx Police Department] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220811172526/http://cityofenglewood.org/content/9264/9272/9298/default.aspx |date=August 11, 2022 }}, City of Englewood. Accessed August 19, 2022. "Englewood is served by a full-time professionally trained police department consisting of 79 sworn Police Officers, 6 civilian dispatchers."</ref> दिसंबर 2020 में विभाग के नेतृत्व के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद, पुलिस यूनियन ने आठ अधिकारियों के एक समूह को निलंबित कर दिया, जिनमें से सात अफ्रीकी-अमेरिकी थे, जिन्होंने मुख्य और उप मुख्य का समर्थन किया था।<ref>Tully, Tracey. [https://www.nytimes.com/2020/12/31/nyregion/englewood-nj-pba-police.html "This Police Union Suspended 8 Members. Seven Are Black."] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210103032152/https://www.nytimes.com/2020/12/31/nyregion/englewood-nj-pba-police.html |date=January 3, 2021 }}, ''[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]]'', 31 दिसंबर, 2020. 19 अगस्त, 2022 को अभिगमित। "नवंबर में, संघ ने आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया, जिन्होंने प्रमुखों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। एक वर्ष तक चलने वाले इस निलंबन का अर्थ था कि यदि इस दौरान अधिकारियों को काम में कोई परेशानी हुई तो यूनियन उन्हें कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध नहीं कराएगी। प्रमुख और उप प्रमुख की तरह, निलंबित किए गए आठ अधिकारियों में से सात अश्वेत हैं.... मेयर वाइल्ड्स, एक पूर्व संघीय अभियोजक जिन्होंने एंगलवुड में एक दर्जन से अधिक ब्लैक लाइव्स मैटर मार्च में भाग लिया है, उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि शहर के 72 पुलिस अधिकारियों में से प्रत्येक व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।"</ref>
===संघीय, राज्य और काउंटी प्रतिनिधित्व===
एंग्लेवुड, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट<ref name=PCR2022>[https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf 2022 Redistricting Plan] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221028193337/https://www.njredistrictingcommission.org/documents/2021/Data2021/Plan%20Components.pdf |date=October 28, 2022 }}, [[New Jersey Redistricting Commission]], December 8, 2022.</ref> और 37वें राज्य विधानमंडल जिले का हिस्सा है।<ref name=Districts2011>[https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf Municipalities Sorted by 2011-2020 Legislative District] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211120165412/https://www.nj.gov/state/elections/assets/pdf/2011-legislative-districts/towns-districts.pdf |date=November 20, 2021 }}, [[New Jersey Department of State]]. Accessed February 1, 2020.</ref><ref name=LWV2019>[https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf ''2019 New Jersey Citizen's Guide to Government''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20191105221009/https://uploads-ssl.webflow.com/5bae63366fd2b2e5b9f87e5e/5d30f0a94a82c66427e564d2_2019_CitizensGuide.pdf |date=November 5, 2019 }}, New Jersey [[League of Women Voters]]. Accessed October 30, 2019.</ref><ref>[https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 Districts by Number for 2011-2020] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190714024328/https://www.njleg.state.nj.us/districts/districtnumbers.asp#37 |date=July 14, 2019 }}, [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 6, 2013.</ref>
118वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस के लिए, न्यू जर्सी के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व जोश गॉटहाइमर (डेमोक्रेट, वायकोफ) द्वारा किया जाता है।<ref>[https://www.house.gov/representatives#state-new-jersey Directory of Representatives: New Jersey], [[United States House of Representatives]]. Accessed January 3, 2019.</ref><ref>[https://gottheimer.house.gov/biography/ Biography] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211021193224/https://gottheimer.house.gov/biography/ |date=21 अक्तूबर 2021 }}, Congressman Josh Gottheimer. Accessed January 3, 2019. "Josh now lives in Wyckoff, New Jersey with Marla, his wife who was a federal prosecutor, and their two young children, Ellie and Ben."</ref> संयुक्त राज्य सीनेट में न्यू जर्सी का प्रतिनिधित्व डेमोक्रेट्स कोरी बुकर (न्यूर्क, कार्यकाल समाप्त 2027)<ref>[https://www.phillyvoice.com/2020-election-results-cory-booker-rik-mehta-us-senate/ U.S. Sen. Cory Booker cruises past Republican challenger Rik Mehta in New Jersey], PhillyVoice. Accessed April 30, 2021. "He now owns a home and lives in Newark's Central Ward community."</ref> और जॉर्ज हेल्मी (माउंटेन लेक्स, कार्यकाल समाप्त 2024) द्वारा किया जाता है।<ref>https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html</ref><ref>{{cite news |last1=Tully |first1=Tracey |title=Menendez's Senate Replacement Has Been a Democrat for Just 5 Months |url=https://www.nytimes.com/2024/08/23/nyregion/george-helmy-bob-menendez-murphy.html |access-date=August 23, 2024 |work=[[The New York Times]] |date=August 23, 2024}}</ref>
2024-2025 सत्र के लिए, न्यू जर्सी विधानमंडल के 37वें जिला का न्यू जर्सी सीनेट में प्रतिनिधित्व गॉर्डन एम. जॉनसन (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड) द्वारा किया जाता है, और जनरल असेंबली में शमा हैदर (डेमोक्रेट, टेनाफ्लाई) और एलेन पार्क (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड क्लिफ्स) द्वारा।<ref>[https://www.njleg.state.nj.us/legislative-roster?district=37 Legislative Roster for District 37], [[New Jersey Legislature]]. Accessed January 20, 2024.</ref>
बर्गन काउंटी का शासन एक प्रत्यक्ष निर्वाचित काउंटी कार्यकारी द्वारा किया जाता है, और विधायी कार्य सात सदस्यों के काउंटी कमिश्नर्स बोर्ड द्वारा किए जाते हैं। ये सदस्य तीन साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, जिनमें से हर नवंबर में दो या तीन सीटों का चुनाव होता है। जनवरी में पुनर्गठन बैठक के दौरान इनमें से एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन का चयन किया जाता है। 2024 तक, काउंटी कार्यकारी जेम्स जे. टेडेस्को तृतीय (डेमोक्रेट, पैरामस) हैं, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/bergen-county-executive?nid=461 County Executive], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
बर्गन काउंटी के कमिश्नर्स हैं: थॉमस जे. सुलिवन जूनियर (डेमोक्रेट, मोंटवेल, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/thomas-j-sullivan Vice Chairman Commissioner Chairman Thomas J. Sullivan], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> चेयरमैन जर्मेन एम. ऑर्टिज (डेमोक्रेट, एमर्सन, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/germaine-m-ortiz Commissioner Vice Chairwoman Germaine M. Ortiz], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> जोन वॉस (डेमोक्रेट, फोर्ट ली, 2026),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/dr-joan-m-voss Commissioner Chair Pro Tempore Dr. Joan M. Voss], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> वाइस चेयरमैन मैरी जे. अमोरोसो (डेमोक्रेट, महवाह, 2025),<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/mary-j-amoroso Commissioner Mary J. Amoroso], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> राफेल मार्टे (डेमोक्रेट, बर्गनफील्ड, 2026),<ref>Cattafi, Kristie. [https://www.northjersey.com/story/news/bergen/2023/03/13/bergen-county-commissioners-rafael-marte-of-bergenfield-fills-vacancy/69999499007/ "Democrats pick Bergenfield councilman to fill vacancy on Bergen County commissioners board"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 13, 2023. Accessed March 16, 2023. "A Democratic councilman from Bergenfield will be sworn in as a Bergen County commissioner Wednesday night, filling a vacancy on the governing body for almost 1 million residents. Rafael Marte will serve until Dec. 31, taking on the unexpired term left by former Commissioner Ramon Hache, a Democrat who resigned last week to lead the Ridgewood YMCA as its chief executive officer."</ref> स्टीवन ए. टनेली (डेमोक्रेट, नॉर्थ अर्लिंगटन, 2024)<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/steven-a-tanelli Commissioner Steven A. Tanelli], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और ट्रेसी सिल्ना ज़ुर (डेमोक्रेट, फ्रैंकलिन लेक्स, 2024)।<ref>[https://www.co.bergen.nj.us/bios/tracy-silna-zur Commissioner Tracy Silna Zur], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/commissioners Board of County Commissioners], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/budget-and-capital-planning/county-budgets?download=1199:2021-budget#page=8 2022 County Data Sheet], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County>[https://www.co.bergen.nj.us/images/About_Bergen_County/Important%20Links/BC_2022_Directory_Online.pdf#page=5 ''2022 County and Municipal Directory''], [[Bergen County, New Jersey]], March 2022. Accessed January 30, 2023.</ref><ref name=Template2022>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf Bergen County November 8, 2022 General Election Statement of Vote] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313102822/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Certified%20Statement%20of%20Vote%20Book%2011-21-22.pdf |date=13 मार्च 2023 }}, [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated November 21, 2022. Accessed January 1, 2023.</ref><ref name=Template2021>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf Bergen County Statement of Vote November 2, 2021 Official results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220503192910/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/Statement%20of%20Vote%2011-17-21(1).pdf |date=3 मई 2022 }}, [[Bergen County, New Jersey]], updated November 17, 2021. Accessed January 1, 2022.</ref><ref name=Template2020>[https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf Precinct Summary Results Report - Combined 2020 Bergen County General Election - November 3, 2020 Official Results] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20201209010510/https://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/NOV_2020_General_Precinct_Summary.pdf |date=9 दिसंबर 2020 }}, [[Bergen County, New Jersey]], December 3, 2020. Accessed January 1, 2021.</ref><ref name=Template2019>[http://www.bergencountyclerk.org/_Content/pdf/ElectionResult/SOV%20Book%20Report%20as%20of%2012-10-2019.pdf Bergen County November 5, 2019 General Election Statement of Vote], [[Bergen County, New Jersey]] Clerk, updated December 10, 2019. Accessed January 1, 2020.</ref>
बर्गन काउंटी के संवैधानिक अधिकारी हैं: क्लर्क जॉन एस. होगन (डेमोक्रेट, नॉर्थवेल, 2026),<ref>[https://www.bergencountyclerk.org/About About the Clerk], Bergen County Clerk. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/clerks/ Clerks], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> शेरिफ एंथनी क्यूरटन (डेमोक्रेट, एंग्लेवुड, 2024)<ref>[https://www.bcsd.us/sheriff-anthony-cureton Sheriff Anthony Cureton], Bergen County Sheriff's Office. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/sheriffs/ Sheriffs], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref> और सरोगेट माइकल आर. ड्रेसलर (डेमोक्रेट, क्रेस्किल, 2026)।<ref>[http://www.bergencountysurrogate.com/michaeldressler.html Michael R. Dressler], Bergen County Surrogate's Court. Accessed March 16, 2023.</ref><ref>[https://coanj.com/member-list/surrogates/ Surrogates], Constitutional Officers Association of New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref><ref name=TemplateDirectory_Bergen_County/><ref>[https://www.co.bergen.nj.us/county-officials/constitutional-officers Constitutional Officers], Bergen County, New Jersey. Accessed March 16, 2023.</ref>
===राजनीति===
मार्च 2011 तक, एंग्लेवुड में कुल 15,033 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 8,571 (57.0% बनाम 31.7% बर्गन काउंटी में) डेमोक्रेट के रूप में पंजीकृत थे, 1,215 (8.1% बनाम 21.1%) रिपब्लिकन के रूप में और 5,240 (34.9% बनाम 47.1%) असंबद्ध के रूप में पंजीकृत थे। लिबर्टेरियन या ग्रीन के रूप में पंजीकृत 7 मतदाता थे।<ref name=VoterRegistration>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf Voter Registration Summary - Bergen] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180925142003/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2011-bergen-co-summary-report.pdf |date=September 25, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 23, 2011. Accessed December 5, 2013.</ref> 2010 की जनगणना के अनुसार, शहर की जनसंख्या में से 55.4% (बर्गन काउंटी में 57.1%) मतदाता के रूप में पंजीकृत थे, जिनमें से 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 71.2% (बर्गन काउंटी में 73.7%) पंजीकृत थे।<ref name=VoterRegistration/><ref>[https://www.census.gov GCT-P7: Selected Age Groups: 2010 - State -- County Subdivision; 2010 Census Summary File 1 for New Jersey] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210709054630/https://www.census.gov/ |date=July 9, 2021 }} , [[संयुक्त राज्य जनगणना ब्यूरो]]. Accessed December 5, 2013.</ref>
2012 के राष्ट्रपति चुनाव में, डेमोक्रेट बराक ओबामा को 8,855 वोट (76.8% बनाम 54.8% काउंटी में) मिले, रिपब्लिकन मिट रोमनी को 2,502 वोट (21.7% बनाम 43.5%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 71 वोट (0.6% बनाम 0.9%) मिले। शहर के 16,586 पंजीकृत मतदाताओं में से 11,533 ने मतदान किया, जिसमें 69.5% मतदान हुआ (बर्गन काउंटी में 70.4%)।<ref>[http://njelections.org/2012-results/2012-presidential-bergen.pdf Presidential November 6, 2012 General Election Results - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180926204006/http://njelections.org/2012-results/2012-presidential-bergen.pdf |date=September 26, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 15, 2013. Accessed December 5, 2013.</ref><ref>[http://njelections.org/2012-results/2012-ballotscast-bergen.pdf Number of Registered Voters and Ballots Cast November 6, 2012 General Election Results - Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180926203505/http://njelections.org/2012-results/2012-ballotscast-bergen.pdf |date=September 26, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, March 15, 2013. Accessed December 5, 2013.</ref> 2008 के राष्ट्रपति चुनाव में, ओबामा को 9,412 वोट (77.0% बनाम 53.9%) मिले, जॉन मैक्केन को 2,625 वोट (21.5% बनाम 44.5%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 58 वोट (0.5% बनाम 0.8%) मिले। उस वर्ष, 16,065 पंजीकृत मतदाताओं में से 12,221 ने मतदान किया, जिसमें 76.1% मतदान हुआ (बर्गन काउंटी में 76.8%)।<ref>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2008-gen-elect-presidential-results-bergen.pdf 2008 Presidential General Election Results: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927042803/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2008-gen-elect-presidential-results-bergen.pdf |date=September 27, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 23, 2008. Accessed December 5, 2013.</ref><ref name=Results2008>[http://dng.northjersey.com/media_server/tr/smaps/2008/electionresults2008/att/North_Jersey_election_results_36.html "2008 General Election Results for Englewood"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110714195351/http://dng.northjersey.com/media_server/tr/smaps/2008/electionresults2008/att/North_Jersey_election_results_36.html |date=July 14, 2011 }}, ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]''. Accessed September 15, 2011.</ref> 2004 के राष्ट्रपति चुनाव में, एंगलवुड में डेमोक्रेट जॉन केरी को 8,087 वोट (73.6% बनाम काउंटी स्तर पर 51.7%) प्राप्त हुए, जो रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू. बुश से आगे रहे, जिन्हें 2,798 वोट (25.5% बनाम 47.2%) मिले, और अन्य उम्मीदवारों को 65 वोट (0.6% बनाम 0.7%) प्राप्त हुए। शहर के 14,702 पंजीकृत मतदाताओं में से कुल 10,990 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान दर 74.8% रही, जबकि पूरे काउंटी में यह दर 76.9% थी।<ref>[http://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2004-presidential_bergen_co_2004.pdf 2004 Presidential Election: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180927043212/https://www.state.nj.us/state/elections/election-results/2004-presidential_bergen_co_2004.pdf |date=September 27, 2018 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 13, 2004. Accessed December 5, 2013.</ref>
2013 के गवर्नर चुनाव में, एंगलवुड में डेमोक्रेट बारबरा बुओनो को 62.5% वोट (3,367 मत) मिले, जो रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी से आगे रहीं, जिन्हें 36.6% (1,972 वोट) प्राप्त हुए, और अन्य उम्मीदवारों को 0.9% (49 वोट) मिले। शहर के 15,615 पंजीकृत मतदाताओं में से 5,557 मतपत्र डाले गए (जिसमें से 169 मतपत्र अमान्य पाए गए), जिससे मतदान दर 35.6% रही।<ref name=2013Elections>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |title=Governor - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014 |archive-date=November 28, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181128123050/https://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-results-governor-bergen.pdf |url-status=live }}</ref><ref name=2013VoterReg>{{cite web |url=http://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |title=Number of Registered Voters and Ballots Cast - November 5, 2013 - General Election Results - Bergen County |date=January 29, 2014 |publisher=New Jersey Department of Elections |access-date=December 24, 2014 |archive-date=November 28, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181128123019/https://www.state.nj.us/state/elections/2013-results/2013-general-election-ballotscast-bergen.pdf |url-status=live }}</ref>
2009 के गवर्नर चुनाव में, डेमोक्रेट जॉन कोरजाइन को 5,304 मत मिले (73.8% बनाम काउंटी में 48.0%), जबकि रिपब्लिकन क्रिस क्रिस्टी को 1,613 वोट (22.5% बनाम 45.8%), स्वतंत्र उम्मीदवार क्रिस डैगेट को 170 वोट (2.4% बनाम 4.7%) और अन्य उम्मीदवारों को 20 वोट (0.3% बनाम 0.5%) मिले। शहर के 15,534 पंजीकृत मतदाताओं में से कुल 7,184 मतपत्र डाले गए, जिससे मतदान दर 46.2% रही, जबकि काउंटी में यह दर 50.0% थी।<ref>[http://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf 2009 Governor: Bergen County] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181128164457/https://www.njelections.org/election-results/2009-governor_results-bergen.pdf |date=2018-11-28 }}, [[New Jersey Department of State]] Division of Elections, December 31, 2009. Accessed December 5, 2013.</ref>
==शिक्षा==
===पब्लिक स्कूल===
एंगलवुड पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट प्री-के से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है और ड्वाइट मोरो हाई स्कूल का संचालन करता है।<ref>[https://www.straussesmay.com/seportal/Public/DistrictPolicy.aspx?policyid=0110&id=1ff00acbe1d24fbb83f1b21f48bd1384 Englewood Board of Education District Policy 0110 - Identification] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230903113234/https://www.straussesmay.com/seportal/Public/DistrictPolicy.aspx?policyid=0110&id=1ff00acbe1d24fbb83f1b21f48bd1384 |date=September 3, 2023 }}, Englewood Public School District. Accessed May 27, 2020. "Purpose: The Englewood Board of Education exists for the purpose of providing a thorough and efficient system of free public education in grades Pre-K through 12 for students of the City of Englewood Public Schools. Classification: The City of Englewood Public School District shall be classified as a Type II district. Composition: The City of Englewood Public School District is comprised of all of the area within the municipal boundaries of the City of Englewood."</ref> एंगलवुड क्लिफ्स के छात्र एंगलवुड क्लिफ्स पब्लिक स्कूलों के साथ एक सेंडिंग/रिसीविंग संबंध के हिस्से के रूप में ड्वाइट मोरो हाई स्कूल में पढ़ते हैं।<ref name=NJSRC>[https://www.nj.gov/education/pr/1415/narrative/03/1370/040.html Dwight Morrow High School/Academies@Englewood 2015 Report Card Narrative] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160624160616/http://www.nj.gov/education/pr/1415/narrative/03/1370/040.html |date=June 24, 2016 }}, [[New Jersey Department of Education]]. Accessed May 27, 2020. "Dwight Morrow High School is a community of learners and teachers consisting of approximately 1055 students and 125 faculty members. Our school serves Englewood and Englewood Cliffs, and our campus is the home of the largest Interdistrict Public School Choice program in New Jersey, the Academies@Englewood."</ref><ref>Capuzzo, Jill P. [https://www.nytimes.com/2013/06/09/realestate/the-little-land-of-big-houses.html "The Little Land of Big Houses"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161225150012/http://www.nytimes.com/2013/06/09/realestate/the-little-land-of-big-houses.html |date=December 25, 2016 }}, ''[[The New York Times]]'', June 4, 2013. Accessed December 24, 2016. "Dwight Morrow is also home to the Academies@Englewood, the state's largest interdistrict public school, which is by application only."</ref>
2021-22 शैक्षिक वर्ष के अनुसार, पांच स्कूलों वाले इस जिले में 2,923 छात्रों का नामांकन था और 247.0 क्लासरूम टीचर (पूर्णकालिक समकक्ष आधार पर) थे, जो छात्र-शिक्षक अनुपात 11.8:1 प्रदान करते हैं।<ref name=NCES>[https://nces.ed.gov/ccd/districtsearch/district_detail.asp?Search=2&details=1&ID2=3404740&DistrictID=3404740 District information for Englewood Public School District], [[National Center for Education Statistics]]. Accessed December 1, 2022.</ref> जिले के स्कूलों में (2021-22 एनरोलमेंट डेटा नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशन स्टैटिस्टिक्स से)<ref>[https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_list.asp?Search=1&DistrictID=3404740 School Data for the Englewood Public School District], [[National Center for Education Statistics]]. Accessed December 1, 2022.</ref> डी. ए. क्वार्ल्स अर्ली चाइल्डहुड सेंटर<ref>[https://www.epsd.org/o/quarles D. A. Quarles Early Childhood Center], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में प्रीके-के के लिए 430 छात्र, डॉ. जॉन ग्रिको एलिमेंटरी स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/grieco Dr. John Grieco Elementary School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 1-2 के लिए 348 छात्र, डॉ. लीरॉय मैकक्लाउड स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/mccloud Dr. Leroy McCloud School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 3-5 के लिए 490 छात्र, जानिस ई. डिसमस मिडिल स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/jdms Janis E. Dismus Middle School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 6-8 के लिए 547 छात्र और ड्वाइट मोरो हाई स्कूल<ref>[https://www.epsd.org/o/dmhs Dwight Morrow High School], Englewood Public School District. Accessed December 22, 2023.</ref> / अकैडमीज @ एंगलवुड<ref>[https://www.epsd.org/o/academies Academies @ Englewood], Englewood Public School District. Accessed Accessed December 22, 2023.</ref> में कक्षा 9-12 के लिए 1,003 छात्र नामांकित हैं।<ref>[https://homeroom6.doe.state.nj.us/directory/school/districtid/1370 New Jersey School Directory for the Englewood Public School District], [[New Jersey Department of Education]]. Accessed February 1, 2024.</ref> 2009 में, क्लिवलैंड स्कूल का नाम बदलकर डॉ. लीरॉय मैकक्लाउड के सम्मान में रखा गया, जो जिले के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी प्रधानाध्यापक थे और उनका जिले में 50 वर्षों का करियर था।<ref>Fabiano, Giovanna. [http://www.northjersey.com/news/englewood-school-gets-new-addition-and-a-new-name-1.181870 "Englewood school gets new addition, and a new name"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304082137/http://www.northjersey.com/news/englewood-school-gets-new-addition-and-a-new-name-1.181870 |date=March 4, 2016 }}, ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', October 21, 2009. Accessed December 3, 2014. "Englewood's Cleveland Elementary School has been renamed the Dr. Leroy McCloud Elementary School in honor of the district's first African-American principal."</ref>
एंगलवुड और बर्गन काउंटी के सभी सार्वजनिक स्कूलों के छात्र बर्गन काउंटी टेक्निकल स्कूलों द्वारा हेकेंसेक, टीटरबोरो और पारामस में दी जाने वाली माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रमों में भाग लेने के पात्र हैं। यह कार्यक्रम साझा-समय या पूर्ण-समय के आधार पर उपलब्ध हैं, जिसमें चयनात्मक आवेदन प्रक्रिया और ट्यूशन छात्र के गृह स्कूल जिले द्वारा कवर किया जाता है।<ref>[http://bcts.bergen.org/index.php/about-us About Us] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131014000910/http://bcts.bergen.org/index.php/about-us |date=October 14, 2013 }}, [[Bergen County Technical Schools]]. Accessed December 5, 2013.</ref><ref>[https://bcts.bergen.org/index.php/admissions Admissions] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170305034226/https://bcts.bergen.org/index.php/admissions |date=March 5, 2017 }}, [[Bergen County Technical Schools]]. Accessed December 29, 2016.</ref>
सामान्य सार्वजनिक शिक्षा के विकल्प के रूप में, एंगलवुड में एंगलवुड ऑन द पालिसेड्स चार्टर स्कूल भी है,<ref>[http://englewoodcharterschool.com/ Home Page] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170549/http://englewoodcharterschool.com/ |date=September 17, 2017 }}, Englewood on the Palisades Charter School. Accessed May 27, 2020.</ref> जिसमें 2018-2019 शैक्षिक वर्ष में किंडरगार्टन से पाँचवीं कक्षा के लिए 317 छात्रों का नामांकन था।<ref>[https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_detail.asp?Search=1&SchoolID=340001400258&ID=340001400258 Data for Englewood on the Palisades Charter School] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917124336/https://nces.ed.gov/ccd/schoolsearch/school_detail.asp?Search=1&SchoolID=340001400258&ID=340001400258 |date=September 17, 2017 }}, [[National Center for Education Statistics]]. Accessed April 1, 2020.</ref> शालोम अकादमी, जो हिब्रू भाषा सीखने पर केंद्रित एक चार्टर स्कूल था, ने सितंबर 2011 में कक्षा के-5 के लिए एंगलवुड और टीनैक के छात्रों की सेवा करने की योजना बनाई थी, लेकिन न्यू जर्सी शिक्षा विभाग से अंतिम मंजूरी प्राप्त करने में असफल रहा।<ref>Friedman, Jeanette. [https://www.jewishlinknj.com/schools/478-shalom-academy-tied-up-in-red-tape "Shalom Academy: Tied Up in Red Tape"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230930095821/https://jewishlink.news/shalom-academy-tied-up-in-red-tape/ |date=September 30, 2023 }}, The Jewish Link of Bergen County, March 25, 2013. Accessed September 16, 2017.</ref>
===निजी स्कूल===
एंगलवुड में कई निजी स्कूल हैं। ड्वाइट-एंगलवुड स्कूल में प्री-के से बारहवीं कक्षा तक के 900 छात्र पढ़ते हैं, जो तीन अलग-अलग विभागों में विभाजित हैं।<ref>[https://www.d-e.org/page/about-d-e We are D-E] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161204214651/http://www.d-e.org/page/about-d-e |date=December 4, 2016 }}, [[Dwight-Englewood School]]. Accessed July 2, 2018.</ref> 1930 में स्थापित, एलिजाबेथ मोरो स्कूल प्रीस्कूल से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है।<ref>[http://www.elisabethmorrow.org/about-us/2017-2018-year-at-a-glance 2017-18 At-A-Glance] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917170446/http://www.elisabethmorrow.org/about-us/2017-2018-year-at-a-glance |date=September 17, 2017 }}, [[Elisabeth Morrow School]]. Accessed September 16, 2017.</ref> मोरियाह स्कूल ऑफ एंगलवुड, जो कि काउंटी के सबसे बड़े यहूदी डे स्कूलों में से एक है, में प्रीस्कूल से आठवीं कक्षा तक के लगभग 1,000 छात्रों का नामांकन होता था।<ref>Wiener, Julie. [http://jewishweek.timesofisrael.com/increased-competition-shakes-up-n-j-schools/ "Increased Competition Shakes Up N.J. Schools"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170917125635/http://jewishweek.timesofisrael.com/increased-competition-shakes-up-n-j-schools/ |date=September 17, 2017 }}, ''[[The Jewish Week]]'', April 10, 2013. Accessed September 16, 2017. "While sources close to the school told The Jewish Week that enrollment there has dropped from approximately 1,000 a few years ago to 780 this year to about 700 projected for next year, Sohn, in an e-mail to The Jewish Week, said that enrollment is currently over 800, and that the early childhood program is increasing 15 percent for next year."</ref> येशिवा ओहर सिमचा नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है और एक स्नातकोत्तर येशिवा कार्यक्रम भी प्रदान करता है।<ref>Lipowsky, Josh. [http://www.jstandard.com/articles/2902/1/%91We-try-to-give-them-the-feeling-this-is-all-part-of-one-family%92 "We try to give them the feeling this is all part of one family"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120329054522/http://www.jstandard.com/articles/2902/1/%91We-try-to-give-them-the-feeling-this-is-all-part-of-one-family%92 |date=March 29, 2012 }}, ''[[Jewish Standard]]'', July 4, 2007.</ref>
छात्र नामांकन में कमी का सामना करते हुए, सेंट सेसिलिया इंटरपेरोचियल स्कूल को न्यूयॉर्क के रोमन कैथोलिक आर्चडायसिस ने 2010–2011 के स्कूल वर्ष के अंत में बंद कर दिया, जिसमें अगले वर्ष के लिए के-8 के 85 छात्रों का अनुमानित नामांकन था, जो आर्थिक रूप से स्कूल को बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या का आधा भी नहीं था। सेंट सेसिलिया हाई स्कूल, जहां विन्स लोम्बार्डी ने 1939–1947 के बीच फुटबॉल कोचिंग की थी, को 1986 में बंद कर दिया गया था।<ref>Fabiano, Giovanna. [https://web.archive.org/web/20160121030843/http://www.northjersey.com/news/englewood-s-st-cecilia-school-to-close-1.1171068 "Englewood's St. Cecilia school to close"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', March 1, 2011, backed up by the [[Internet Archive]] as of January 21, 2016. Accessed September 16, 2017. "St. Cecilia Interparochial School is closing its doors for good at the end of the school year. The landmark K-8 school on West Demarest Avenue has suffered from low enrollment over the last decade, Jim Goodness, a spokesman for the Archdiocese of Newark, said Tuesday. He added that the decision to close was no surprise to parents and staff."</ref>
==स्वास्थ्य देखभाल==
*एंगलवुड अस्पताल और मेडिकल सेंटर, जो एंगल स्ट्रीट पर स्थित है, अपने हृदय रोग, बिना रक्त सर्जरी, और स्तन देखभाल कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है।
*लिलियन बूथ एक्टर्स होम एक सहायक-जीवन सुविधा है जो मनोरंजन और प्रदर्शन कला क्षेत्र के पेशेवरों की सहायता करता है।
==परिवहन==
===सड़कें और राजमार्ग===
[[File:2020-07-07 17 43 59 View north along the local lanes of Interstate 95 (Bergen-Passaic Expressway) at Exit 71 (Englewood) on the border of Englewood and Leonia in Bergen County, New Jersey.jpg|thumb|right|अंतरराज्यीय 95 उत्तर की ओर एंगलवुड के निकास पर]]
मई 2010 तक, एंगलवुड शहर में कुल 75.06 मील (120.80 किमी) सड़कें थीं, जिनमें से 64.30 मील (103.48 किमी) नगरपालिका द्वारा, 8.39 मील (13.50 किमी) बर्गन काउंटी द्वारा, 1.94 मील (3.12 किमी) न्यू जर्सी परिवहन विभाग द्वारा और 0.43 मील (0.69 किमी) न्यू जर्सी टर्नपाइक अथॉरिटी द्वारा बनाए रखी जाती थीं।<ref>[http://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/mileage_Bergen.pdf Bergen County Mileage by Municipality and Jurisdiction] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180717070714/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/mileage_Bergen.pdf |date=July 17, 2018 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], May 2010. Accessed December 5, 2013.</ref>
इंटरस्टेट 95 एंगलवुड को सेवा देने वाला सबसे प्रमुख राजमार्ग है। यह शहर की दक्षिणी सीमा के पास लियोनिया के साथ 0.43 मील (0.69 किमी) तक एंगलवुड से होकर गुजरता है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000095__-.pdf#page=37 Interstate 95 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221103071536/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000095__-.pdf#page=37 |date=November 3, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], August 2014. Accessed January 28, 2023.</ref> इसे मूल रूप से न्यू जर्सी परिवहन विभाग द्वारा बनाया गया था, और अब यह न्यू जर्सी टर्नपाइक का हिस्सा है, हालांकि इस पर टोल नहीं है।
शहर में रूट 4,<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000004__-.pdf#page=4 Route 4 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221028041629/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000004__-.pdf#page=4 |date=October 28, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated May 2017. Accessed January 28, 2023.</ref> रूट 93,<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000093__-.pdf#page=2 Route 93 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230415043511/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000093__-.pdf#page=2 |date=April 15, 2023 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated March 2017. Accessed January 28, 2023.</ref> काउंटी रूट 501<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000501__-.pdf#page=11 County Route 501 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230129040411/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000501__-.pdf#page=11 |date=January 29, 2023 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated November 2012. Accessed January 28, 2023.</ref> और काउंटी रूट 505 द्वारा भी सेवा दी जाती है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000505__-.pdf#page=4 County Route 505 Straight Line Diagram] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221022215454/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/sldiag/pdf/00000505__-.pdf#page=4 |date=October 22, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]], updated November 2012. Accessed January 28, 2023.</ref> रूट 93 का उत्तरी छोर रूट 4 के साथ एक चौराहे पर है, लेकिन यह सड़क उत्तर में सीआर 501 के रूप में जारी रहती है।<ref>[https://www.state.nj.us/transportation/refdata/gis/maps/Bergen.pdf Bergen County Road Map] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221229005443/https://www.state.nj.us/transportation/refdata/gis/maps/Bergen.pdf |date=December 29, 2022 }}, [[New Jersey Department of Transportation]]. Accessed January 28, 2023.</ref>
[[File:Aerial view above Englewood, New Jersey.jpg|thumb|right|एंगलवुड, न्यू जर्सी से जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज और मैनहट्टन का हवाई दृश्य]]
===सार्वजनिक परिवहन===
एनजे ट्रांज़िट की कई बस लाइनें एंगलवुड को सेवा प्रदान करती हैं। बस संख्या 166 पोर्ट अथॉरिटी बस टर्मिनल (मिडटाउन मैनहट्टन) तक स्थानीय और एक्सप्रेस सेवा उपलब्ध कराती है; 171, 175, 178 और 186 जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज बस स्टेशन (अपटाउन मैनहट्टन) तक सेवा प्रदान करती हैं; और 756 तथा 780 स्थानीय सेवा प्रदान करती हैं।<ref>[https://web.archive.org/web/20090522212317/http://www.njtransit.com/sf/sf_servlet.srv?hdnPageAction=BusRoutesBergenCountyTo Routes by County: Bergen County], [[NJ Transit]], backed up by the [[Internet Archive]] as of May 22, 2009. Accessed September 14, 2016.</ref><ref>[http://www.njtransit.com/pdf/bus/Bergen_County_Map.pdf Bergen County System Map] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190806135221/https://www.njtransit.com/pdf/bus/Bergen_County_Map.pdf |date=August 6, 2019 }}, [[NJ Transit]]. Accessed September 14, 2016.</ref> रॉकलैंड कोचेस रूट 11, 20, और 20टी पर पोर्ट अथॉरिटी बस टर्मिनल से नियमित सेवा प्रदान करती है।<ref>[https://web.coachusa.com/rockland/ss.commuter.asp Rockland Coaches: Commuter Routes] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181027143208/https://web.coachusa.com/rockland/ss.commuter.asp |date=October 27, 2018 }}, [[Rockland Coaches]]. Accessed September 16, 2017.</ref>
एरी रेलवे की उपनगरीय नॉर्दर्न ब्रांच (एनआरआरएनजे) ने 1859 में एंगलवुड में यात्री सेवा शुरू की, जिसमें विभिन्न स्टेशन शामिल थे, जिनमें से एक अभी भी डिपो स्क्वायर में मौजूद है। यह सेवा जर्सी सिटी के हडसन नदी पर स्थित पावोनिया टर्मिनल से शुरू होकर वहां समाप्त होती थी और सितंबर 1966 में बंद कर दी गई, जिसके बाद ट्रेनें होबोकन टर्मिनल की ओर मोड़ दी गईं।<ref>[http://www.northernbranchcorridor.com/docs/Northern%20Branch%20DOCS/Northern%20Branch%20DEIS%20Appendices/Appendix%20H%20-%20Historic.pdf#page=3 Historic Background: History of the Northern Branch] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190620084023/http://northernbranchcorridor.com/docs/Northern%20Branch%20DOCS/Northern%20Branch%20DEIS%20Appendices/Appendix%20H%20-%20Historic.pdf#page=3 |date=June 20, 2019 }}, Northern Branch DEIS, December 2011. Accessed September 29, 2019. "The rail line now known as the Northern Branch was originally the Northern Railroad of New Jersey and was built in the period from 1854-1859 as the six-foot gauge Northern Railroad of New Jersey (Refer to Figure H-1).... Passenger service on the Northern Branch was terminated on September 30, 1966."</ref>
नॉर्दर्न ब्रांच कॉरिडोर प्रोजेक्ट एनजे ट्रांज़िट का प्रस्तावित प्रोजेक्ट है, जिसके तहत हडसन-बर्गन लाइट रेल को इस लाइन पर विस्तारित कर नए स्टेशनों पर सेवा प्रदान की जाएगी।<ref>[http://www.northernbranchcorridor.com/ Home Page] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100418145544/http://www.northernbranchcorridor.com/ |date=April 18, 2010 }}, Northern Branch Corridor Project. Accessed December 24, 2016.</ref> इस लाइन का रूट 4 और एंगलवुड टाउन सेंटर में स्टॉप होगा और इसका अंतिम स्टॉप एंगलवुड अस्पताल और मेडिकल सेंटर पर होगा। डिपो स्क्वायर में एक स्टेशन का स्टॉप शहर की एनजे ट्रांज़िट के प्रस्तावित नए एंगलवुड टाउन सेंटर स्टेशन के बजाय ज्यादा पसंदीदा विकल्प है।<ref>[http://englewoodone.com/wp-content/uploads/2014/09/Adopted_2014_Master_Plan.pdf#page=97 '' Municipal Master Plan 2014''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170112080716/http://englewoodone.com/wp-content/uploads/2014/09/Adopted_2014_Master_Plan.pdf#page=97 |date=January 12, 2017 }}, p. 97, City of Englewood. Accessed December 24, 2016. "Locate Station at Depot Square, convenient to BergenPAC. NJ Transit should improve passenger convenience and station visibility by relocating the proposed new Englewood Town Center Station to the northern side of Palisade Avenue along Depot Square, between Bergen Performing Arts (PAC) and the former rail station. This is the commercial and cultural heart of Englewood as well as the historic location of the passenger rail service. This station stop is the commercial and cultural heart of Englewood as well as the historic location of the passenger rail service. This station stop is the City's much-preferred alternative to the W. Englewood Avenue station assumed in the DEIS."</ref> एंगलवुड के मेयर फ्रैंक हटल तृतीय ने इस प्रोजेक्ट का समर्थन करने और योजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राज्य और संघीय धन प्राप्त करने के लिए जर्सी सिटी के मेयर स्टीवन फुलोप के साथ मिलकर काम किया। हटल ने प्रोजेक्ट के आर्थिक लाभों पर जोर दिया और कहा कि शहर इस परियोजना के अंत-स्टॉप की मेज़बानी करना चाहता है, जिसमें एंगलवुड अस्पताल के पास एक पार्किंग गैराज और शहर के व्यावसायिक केंद्र में पलिसेड एवेन्यू के पास अतिरिक्त पार्किंग शामिल होगी।<ref>Rouse, Karen. [https://web.archive.org/web/20160921023643/http://www.northjersey.com/news/englewood-mayor-hopes-to-jump-start-bergen-county-light-rail-plan-1.1000203 "Englewood mayor hopes to jump-start Bergen County light rail plan"], ''[[The Record (North Jersey)|The Record]]'', April 21, 2014, backed up by the [[Internet Archive]] as of September 21, 2016. Accessed September 16, 2017.</ref>
==धर्म==
कांग्रेसन अहवाथ तोराह एक आधुनिक ऑर्थोडॉक्स सिनेगॉग है, जिसे 1895 में स्थापित किया गया था और 1958 में वर्तमान स्थल पर स्थानांतरित किया गया था।<ref>Friedman, Jeanette. [https://jewishstandard.timesofisrael.com/ahavath-torah-expands/ "Ahavath Torah expands"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20230313223150/https://jewishstandard.timesofisrael.com/ahavath-torah-expands/ |date=March 13, 2023 }} ,''[[The Jewish Standard]]'', July 6, 2006. Accessed March 13, 2023. "In 1895, Ahavath Torah consisted of eight families with a single Torah scroll. Services rotated among members' homes.... By 1958, the Ahavath Torah membership had grown to 300 families and they desperately needed space, so for $55,000, the congregation bought a huge estate on Broad Avenue from Baroness Cassel Van Dorn."</ref>
सेंट पॉल्स एपिस्कोपल चर्च एक एपिस्कोपल चर्च है जो शहर में स्थित है।
==उल्लेखनीय लोग==
{{Main|एंगलवुड, न्यू जर्सी के लोगों की सूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[https://en.wikipedia.org/wiki/Palisades_Mountain_House पैलिसेड्स माउंटेन हाउस]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|3}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{कॉमन्स श्रेणी}}
* [http://www.cityofenglewood.org/ एंगलवुड आधिकारिक वेबसाइट]
* [http://www.theenglewoodreport.com/ एंगलवुड रिपोर्ट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20241110035929/http://www.theenglewoodreport.com/ |date=10 नवंबर 2024 }}
{{Authority control}}
hxavbvsmbilze7vj3h73kn0w51idwus
सदस्य वार्ता:विवेक राजनारायण तिवारी
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विवेक राजनारायण तिवारी
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-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 13:12, 24 दिसम्बर 2024 (UTC)
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अटलांटा
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AMAN KUMAR
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लेख विस्तार किया संदर्भ जोड़े
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{{विकिडाटा ज्ञानसन्दूक}}
'''अटलांटा'''{{efn|{{IPAc-en|æ|t|ˈ|l|æ|n|t|ə|audio=En-us-Atlanta-local.oga}} {{respell|at|LAN|tə}}<ref>{{Cite web |last=Magazine |first=Atlanta |date=November 6, 2020 |title=It's "duh-CAB," and other things out-of-towners need to know about Atlanta and Georgia |url=https://www.atlantamagazine.com/news-culture-articles/its-duh-cab-and-other-things-out-of-towners-need-to-know-about-atlanta-and-georgia/ |access-date=February 20, 2024 |website=Atlanta Magazine |language=en-US}}</ref>}} अमेरिकी राज्य जॉर्जिया की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। यह फ़ुलटन काउंटी का प्रशासनिक केंद्र है और इसका विस्तार पड़ोसी डिकैब काउंटी तक है। 2020 की जनगणना में 498,715 की आबादी और 2024 में अनुमानित 520,070 की आबादी के साथ, अटलांटा दक्षिण-पूर्वी अमेरिका का आठवां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में 36वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है।<ref>{{Cite web |url=https://view.officeapps.live.com/op/view.aspx?src=https%3A%2F%2Fwww2.census.gov%2Fprograms-surveys%2Fpopest%2Ftables%2F2020-2024%2Fcities%2Ftotals%2FSUB-IP-EST2024-POP-13.xlsx&wdOrigin=BROWSELINK |title=2024 City and town population estimates: Georgia |website=U.S. Census Bureau |date=May 15, 2025 |access-date=May 15, 2024}}</ref> अटलांटा को बीटा+ वैश्विक शहर के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अटलांटा महानगरीय क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या 64 लाख से अधिक है और यह संयुक्त राज्य अमेरिका का छठा सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र है।<ref>{{cite web |title=Vintage 2020–2024 Metropolitan Statistical Areas |url=https://www.census.gov/data/tables/time-series/demo/popest/2020s-total-metro-and-micro-statistical-areas.html#:~:text=This%20page%20features%20all%20the%20files%20containing%20metropolitan,available%2C%20please%20refer%20to%20the%20Vintage%202024%20data. |website=U.S. Census Bureau |date=March 13, 2025 |access-date=March 24, 2025}}</ref> समुद्र तल से मात्र {{convert|1,000|ft}} से अधिक की ऊंचाई पर एप्लालेशियन पर्वत की तलहटी में स्थित, अटलांटा की स्थलाकृति अद्वितीय है, जिसमें घुमावदार पहाड़ियाँ, हरी-भरी हरियाली और संयुक्त राज्य अमेरिका के किसी भी प्रमुख शहर की तुलना में सबसे घना शहरी वृक्ष आवरण शामिल है।<ref name=AIAGuide>{{Cite book|title=AIA Guide to the Architecture of Atlanta|last=Gournay|first=Isabelle|publisher=University of Georgia Press|year=1993|isbn=0820314390}}</ref>
अटलांटा को मूल रूप से राज्य द्वारा प्रायोजित एक प्रमुख रेलमार्ग के अंतिम छोर के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन जल्द ही यह कई रेल लाइनों का संगम बिंदु बन गया, जिससे इसके तेजी से विकास को बढ़ावा मिला। इनमें से सबसे बड़ा वेस्टर्न एंड अटलांटिक रेलरोड था, जिससे "अटलांटा" नाम लिया गया है, जो एक प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में शहर की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।<ref name="NGEAtlanta" /> अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान, शहर ने कन्फेडेरेसी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे 1864 में अटलांटा अभियान के बाद कब्ज़े में ले लिया गया था, और यूनियन जनरल विलियम टी. शर्मन के नेतृत्व में, मार्च टू द सी के दौरान अटलांटा को लगभग पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया गया था।
गृहयुद्ध के बाद की अवधि में अटलांटा ने नाटकीय रूप से वापसी की और यह तेज़ी से एक राष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र और "न्यू साउथ" की अनौपचारिक राजधानी बन गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, अटलांटा एक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरा।<ref name="jstor509">{{cite journal | url=https://www.jstor.org/stable/40581436 | title=Engineering the New South: Georgia Tech, 1885–1985 | journal=The Georgia Historical Quarterly | jstor=40581436 | access-date=November 29, 2020| last1=Hair | first1=William I. | year=1985 | volume=69 | issue=4 | pages=509–517 }}</ref> 1950 और 1960 के दशक के दौरान, यह अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन का एक प्रमुख आयोजन केंद्र बन गया, जिसमें मार्टिन लूथर किंग जूनियर, राल्फ एबरनेथी और कई अन्य स्थानीय लोगों ने प्रमुख नेताओं के रूप में कार्य किया।<ref>{{cite web|url=http://www.politifact.com/georgia/statements/2011/jun/28/al-roker/whos-right-cities-lay-claim-civil-rights-cradle-ma/|title=Who's right? Cities lay claim to civil rights "cradle" mantle|publisher=Politifact|last=Stirgus|first=Eric|date=June 28, 2011|access-date=May 17, 2012}}</ref> आधुनिक युग में भी अटलांटा एक प्रमुख परिवहन केंद्र बना हुआ है। 1998 में हार्ट्सफ़ील्ड-जैक्सन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा यात्री यातायात के मामले में दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन गया। 2020 को छोड़कर, इसने तब से हर साल यह स्थान बरकरार रखा है, और 2022 में यहाँ अनुमानित रूप से 9 करोड़ 37 लाख यात्रियों ने आवागमन किया था।<ref>{{cite news|url=http://www.chicagobusiness.com/article/20170126/BLOGS02/170129876/worlds-busiest-airport-title-slips-further-from-ohares-grasp|title=World's busiest airport title slips further from O'Hare's grasp|access-date=February 14, 2017|newspaper=[[Crain's Chicago Business]]|date=January 26, 2017|author=Hinz, Greg}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.allbusiness.com/company-activities-management/company-locations-facilities/6399916-1.html|title=Top Industry Publications Rank Atlanta as a LeadingCity for Business|publisher=AllBusiness.com|access-date=April 5, 2010|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090419091606/http://www.allbusiness.com/company-activities-management/company-locations-facilities/6399916-1.html|archive-date=April 19, 2009}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.business.gov/states/georgia/local/atlanta.html|title=Doing Business in Atlanta, Georgia|publisher=Business.gov|access-date=April 5, 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100402084413/http://www.business.gov/states/georgia/local/atlanta.html|archive-date=April 2, 2010|url-status=dead}}</ref>
2021 में $473 अरब डॉलर के नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद के साथ, अटलांटा की अर्थव्यवस्था अमेरिकी शहरों में 11वीं और दुनिया में 22वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।<ref>{{cite web |title=CAGDP2 Gross domestic product (GDP) by county and metropolitan area |url=https://apps.bea.gov/iTable/?reqid=70&step=30&isuri=1&major_area=5&area=xx&year=2018&tableid=501&category=2501&area_type=5&year_end=-1&classification=naics&state=5&statistic=1&yearbegin=-1&unit_of_measure=levels#eyJhcHBpZCI6NzAsInN0ZXBzIjpbMSwyNCwyOSwyNSwzMSwyNiwzMCwzMF0sImRhdGEiOltbIm1ham9yX2FyZWEiLCI1Il0sWyJhcmVhIixbIjEyMDYwIl1dLFsieWVhciIsWyItMSJdXSxbInRhYmxlaWQiLCI1MDEiXSxbInllYXJfZW5kIiwiLTEiXSxbImNsYXNzaWZpY2F0aW9uIiwiTkFJQ1MiXSxbInN0YXRlIixbIjUiXV0sWyJzdGF0aXN0aWMiLCIxIl0sWyJ5ZWFyYmVnaW4iLCItMSJdLFsidW5pdF9vZl9tZWFzdXJlIiwiTGV2ZWxzIl1dfQ== |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20230614002902/https://apps.bea.gov/iTable/?reqid=70&step=30&isuri=1&major_area=5&area=xx&year=2018&tableid=501&category=2501&area_type=5&year_end=-1&classification=naics&state=5&statistic=1&yearbegin=-1&unit_of_measure=levels |archive-date=June 14, 2023 |access-date=June 13, 2023 |publisher=Bureau of Economic Analysis, U.S. Department of Commerce}}</ref> इसकी अर्थव्यवस्था विविधतापूर्ण है, जिसमें परिवहन, एयरोस्पेस, रसद, स्वास्थ्य सेवा, समाचार और मीडिया संचालन, फिल्म और टेलीविजन उत्पादन, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, बायोमेडिकल अनुसंधान और सार्वजनिक नीति जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। अटलांटा ने विश्व स्तर पर खुद को तब स्थापित किया जब उसने 1996 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेज़बानी का अधिकार जीता। इन खेलों ने 21वीं सदी में अटलांटा के विकास पर गहरा और स्थायी प्रभाव डाला, जिससे शहर के विश्वविद्यालयों, पार्कों और पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण निवेश हुआ।<ref>{{cite web|url=http://www.city-data.com/us-cities/The-South/Atlanta-Economy.html|title=Atlanta: Economy – Major Industries and Commercial Activity|publisher=City-data.com|access-date=July 16, 2012}}</ref> 21वीं सदी में अटलांटा बेल्टलाइन रेल ट्रेल के विकास के साथ इसके कुछ पड़ोसों का नगरीय कायाकल्प तेज़ हो गया है, जिसने अटलांटा की जनसांख्यिकी, राजनीति, सौंदर्यशास्त्र और [[#Arts and culture|संस्कृति]] को बदल कर रख दिया है।<ref>{{citation |title=IDEALS @ Illinois: Governmentality: the new urbanism and the creative class within Atlanta, Georgia|date=May 22, 2012|publisher=University of Illinois at Urbana-Champaign|hdl=2142/31169|last1=Robert|first1=Cochran}}</ref><ref>{{cite journal|last1=Pooley|first1=Karen Beck|title=Segregation's New Geography: The Atlanta Metro Region, Race, and the Declining Prospects for Upward Mobility|journal=Southern Spaces|date=April 15, 2015|doi=10.18737/M74S47|url=http://southernspaces.org/2015/segregations-new-geography-atlanta-metro-region-race-and-declining-prospects-upward-mobility|access-date=May 26, 2015|doi-access=free |issn = 1551-2754 }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.theguardian.com/cities/2018/oct/23/nowhere-for-people-to-go-who-will-survive-the-gentrification-of-atlanta|title=Nowhere for people to go: who will survive the gentrification of Atlanta?|first=Jamiles|last=Lartey|date=October 23, 2018|website=The Guardian}}</ref>
== इतिहास ==
उत्तरी [[जॉर्जिया (अमरीकी राज्य)|जॉर्जिया]] में यूरोपीय प्रवासियों के आगमन से हजारों वर्ष पहले, स्थानीय खाड़ीके लोग और उनके पूर्वज इस क्षेत्र में निवास करते थे।<ref>{{cite web |url=http://chieftainstrail.com/ |title=Northwest Georgia's Native American History |publisher=Chieftains Trail |access-date=June 27, 2011 |archive-date=July 8, 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110708144206/http://chieftainstrail.com/ |url-status=dead }}</ref> १९ वीं शताब्दी की शुरुआत में, यूरोपीय लोगोंने खाड़ी पर अतिक्रमण किया, जिससे उन्हें १८०२ से १८२५ तक क्षेत्र से बाहर जाने पर मजबूर होना पड़ा। संघीय सरकार द्वारा निष्कासन के तहत १८२१ में उन्हे क्षेत्र छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और अगले वर्ष यूरोपीय बसने के लिए आ गए।<ref name="NGE - DeKalb County">{{cite web |last1=Owens |first1=Sue Ellen |title=DeKalb County |url=https://www.georgiaencyclopedia.org/articles/counties-cities-neighborhoods/dekalb-county/ |website=[[New Georgia Encyclopedia]] |publisher=[[University of Georgia Press]] |access-date=February 28, 2024}}</ref>
१८३६ में, जॉर्जिया जनरल असेंबली ने [[सवाना]] के बंदरगाह और मध्य-पश्चिम भाग के बीच एक कडी प्रदान करने के लिए वेस्टर्न और अटलांटिक रेलमार्ग बनाने के लिए मतदान किया। इंजीनियरों द्वारा टर्मिनस के लिए विभिन्न संभावित स्थानों का सर्वेक्षण करने के बाद, स्थान का चयन किया गया। एक साल बाद, टर्मिनस के आसपास का क्षेत्र एक बस्ती में विकसित हो गया था।<ref>{{Cite news|last=McQuigg|first=Jackson|date=January 9, 2022|title=Atlanta didn't build the railroad – The railroads built Atlanta|page=6|work=The Atlanta Journal-Constitution}}</ref> इसे पहले ''टर्मिनस'' के नाम से जाना जाता था, और बाद में ''थ्रैशरविले'' के नाम से, जो एक स्थानीय व्यापारी के नाम पर था जिसने इस क्षेत्र में घर और एक जनरल स्टोर बनवाया था।<ref name="ThrashervilleHistoricalMarker">{{cite web|title=Thrasherville|url=http://georgiainfo.galileo.usg.edu/topics/historical_markers/county/fulton/thrasherville|website=Georgia Info|access-date=February 6, 2017}}</ref> १८४२ तक, शहर में छह इमारतें और ३० निवासी थे और गवर्नर विल्सन लम्पकिन की बेटी मार्था के सम्मान में इसका नाम बदलकर ''मार्थासविले'' कर दिया गया। बाद में, जॉर्जिया रेलरोड के मुख्य अभियंता जॉन एडगर थॉमसन ने सुझाव दिया कि शहर का नाम बदलकर ''अटलांटा'' रखा जाए, जो कि "अटलांटिक" शब्द का एक स्त्रीलिंग संस्करण है, और रेलमार्ग को संदर्भित करता है।<ref name="NGEAtlanta">{{cite web|last1=Ambrose|first1=Andy|title=Atlanta|url=http://www.georgiaencyclopedia.org/articles/counties-cities-neighborhoods/atlanta#Population-Patterns|website=[[New Georgia Encyclopedia]]|publisher=Georgia Humanities Council|access-date=February 6, 2017}}</ref> निवासियों ने इसे मंजूरी दे दी, और शहर को २९ दिसंबर १८४७ को अटलांटा के रूप में स्वीकृत किया गया।<ref>{{cite web|url=http://ourgeorgiahistory.com/date/December_29|title=Georgia History Timeline Chronology for December 29|publisher=Our Georgia History|access-date=August 30, 2007|archive-date=September 27, 2007|archive-url=https://web.archive.org/web/20070927222414/http://ourgeorgiahistory.com/date/December_29|url-status=dead}}</ref>
== आबादी ==
२०२० की संयुक्त राज्य अमेरिका की जनगणना के अनुसार अटलांटा की जनसंख्या ४९८,७१५ थी। नस्लीय और जातीयता के अनुसार, अटलांटा में ५१% अश्वेत या अफ्रीकी अमेरिकी, ४०.९% गैर-हिस्पैनिक श्वेत, ४.२% एशियाई और ०.३% मूल अमेरिकी और १% अन्य जातियों से थे। २०२२ में शहर में एक घर की औसत आय $७७,६५५ थी और लगभग १७.७% आबादी गरीबी रेखा से नीचे रह रही थी।<ref name="census.gov">{{cite web |url=https://www.census.gov/quickfacts/fact/table/atlantacitygeorgia/INC110222 |title=QuickFacts: Atlanta city, Georgia |website=census.gov |access-date=July 10, 2024}}</ref>
अटलांटा में एक समृद्ध और विविध [[समलैंगिकता|लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर]] समुदाय है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, अटलांटा प्रमुख अमेरिकी शहरों में [[सैन फ़्रांसिस्को]] और [[सीऐटल]] से पीछे तीसरे स्थान पर है। शहर की कुल आबादी का १२.८% एलजीबी के रूप में अपनी पहचान करता है।<ref name="LGBTsurvey">{{cite web |url=http://williamsinstitute.law.ucla.edu/wp-content/uploads/Gates-Same-Sex-Couples-GLB-Pop-ACS-Oct-2006.pdf |title=Same-sex Couples and the Gay, Lesbian, Bisexual Population: New Estimates from the American Community Survey |author=Gary J. Gates |date=October 2006 |website=The Williams Institute |access-date=June 30, 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20130609015224/http://williamsinstitute.law.ucla.edu/wp-content/uploads/Gates-Same-Sex-Couples-GLB-Pop-ACS-Oct-2006.pdf |archive-date=June 9, 2013 |url-status=dead }}</ref>
{{Historical populations|type=USA
| 1850 | 2572
| 1860 | 9554
| 1870 | 21789
| 1880 | 37409
| 1890 | 65533
| 1900 | 89872
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| 1920 | 200616
| 1930 | 270366
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| 1950 | 331314
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| 2000 | 416474
| 2010 | 420003
| 2020 | 498715
| estyear = 2023
| estimate = 510823
|footnote=U.S. Decennial Census<ref name="DecennialCensus">{{cite web|url=https://www.census.gov/programs-surveys/decennial-census/decade.html|title=Decennial Census of Population and Housing by Decade|publisher=[[US Census Bureau]]|access-date=}}</ref><br> 1850–1870<ref name=1870CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1870 Census of Population – Georgia – Population of Civil Divisions less than Counties |website=[[US Census Bureau]]|date= 1870|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1870/population/1870a-13.pdf |accessdate=|page=}}</ref> 1870–1880<ref name=1880CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1880 Census of Population – Georgia – Population of Civil Divisions less than Counties |website=[[US Census Bureau]]|date= 1880|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1880/vol-01-population/1880_v1-09.pdf |accessdate=|page=}}</ref><br> 1890–1910<ref name=1910CensusGA>{{Cite web |first= |last= |authorlink= |title= 1910 Census of Population – Georgia |website= [[US Census Bureau]] |date= 1930 |url= https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1910/abstract/supplement-ga.pdf |accessdate= |page= |archive-date= 16 जनवरी 2024 |archive-url= https://web.archive.org/web/20240116032336/https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1910/abstract/supplement-ga.pdf |url-status= dead }}</ref> 1920–1930<ref name=1930CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1930 Census of Population – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1930|url=https://www2.census.gov/prod2/decennial/documents/03815512v1ch04.pdf |accessdate=|pages=251–256}}</ref><br> 1940<ref name=1940CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1940 Census of Population – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1940|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1940/population-volume-1/33973538v1ch04.pdf |accessdate=}}</ref> 1950<ref name=1950CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1950 Census of Population – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1980|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1950/population-volume-2/37779083v2p11ch2.pdf |accessdate=}}</ref><br> 1960<ref name=1960CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1960 Census of Population – Population of County Subdivisions – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1960|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1960/population-volume-1/vol-01-12-c.pdf|accessdate=}}</ref> 1970<ref name=1970CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1970 Census of Population – Population of County Subdivisions – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1970|url=https://www2.census.gov/prod2/decennial/documents/1970a_ga-01.pdf|accessdate=}}</ref> 1980<ref name=1980CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1980 Census of Population – Number of Inhabitants – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1980|url=https://www2.census.gov/prod2/decennial/documents/1980a_gaABC-01.pdf|accessdate=}}</ref><br> 1990<ref name=1990CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 1990 Census of Population – Summary Social, Economic, and Housing Characteristics – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 1990|url=https://www2.census.gov/library/publications/decennial/1990/cph-5/cph-5-12.pdf|accessdate=}}</ref> 2000<ref name=2000CensusGA>{{Cite web|first= |last= |authorlink= |title= 2000 Census of Population – General Population Characteristics – Georgia |website=[[US Census Bureau]]|date= 2000|url=https://www2.census.gov/library/publications/2003/dec/phc-3-12.pdf |accessdate=}}</ref><br> 2010<ref name=2010CensusP2>{{Cite web|title=P2 Hispanic or Latino, and Not Hispanic or Latino by Race – 2010: DEC Redistricting Data (PL 94-171) – Atlanta city, Georgia|url=https://data.census.gov/table?q=p2&g=160XX00US1304000&tid=DECENNIALPL2010.P2|website=[[United States Census Bureau]]}}</ref> 2020<ref name=2020CensusP2>{{Cite web|title=P2 Hispanic or Latino, and Not Hispanic or Latino by Race – 2020: DEC Redistricting Data (PL 94-171) – Atlanta city, Georgia|url=https://data.census.gov/cedsci/table?q=p2&g=160XX00US1304000&tid=DECENNIALPL2020.P2|website=[[United States Census Bureau]]}}</ref>
}}
== मौसम ==
अटलांटा में आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु है, जिसमें साल भर भरपूर वर्षा होती है। [[मेक्सिको की खाड़ी]] से आने वाली गर्म हवा वसंत जैसी ऊँचाई ला सकती है, जबकि मजबूत आर्कटिक वायु द्रव्यमान न्यूनतम तापमान को {{convert|10|°F|1}} तक पहुंचा सकते हैं।<ref name="Weather Atlas">{{cite web |url=https://www.weather-us.com/en/georgia-usa/atlanta-climate |title=Atlanta, Georgia, USA – Monthly weather forecast and Climate data |publisher=Weather Atlas |access-date=January 23, 2019 |archive-date=25 जनवरी 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190125073545/https://www.weather-us.com/en/georgia-usa/atlanta-climate |url-status=dead }}</ref>
{{Weather box
|location = अटलांटा (१९९१-२०२० सामान्य, १८७८-वर्तमान चरम)<ref>[http://threadex.rcc-acis.org/ ThreadEx]</ref>
|single line = Y
|collapsed = Y
|Jan record high F = 79
|Feb record high F = 81
|Mar record high F = 89
|Apr record high F = 93
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|Jun record high F = 106
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|Oct record high F = 98
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|year record high F = 106
<!-- To calculate avg record high, go to monthly summarized data, choose 1991-2020 as year range, max temp as variable, and daily maximum under summary and values are obtained under "mean" -->
|Jan avg record high F = 70.3
|Feb avg record high F = 73.5
|Mar avg record high F = 80.8
|Apr avg record high F = 84.7
|May avg record high F = 89.6
|Jun avg record high F = 94.3
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|Nov avg record high F = 77.5
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|Jan high F = 54.0
|Feb high F = 58.2
|Mar high F = 65.9
|Apr high F = 73.8
|May high F = 81.1
|Jun high F = 87.1
|Jul high F = 90.1
|Aug high F = 89.0
|Sep high F = 83.9
|Oct high F = 74.4
|Nov high F = 64.1
|Dec high F = 56.2
|year high F = 73.2
|Jan mean F = 44.8
|Feb mean F = 48.5
|Mar mean F = 55.6
|Apr mean F = 63.2
|May mean F = 71.2
|Jun mean F = 77.9
|Jul mean F = 80.9
|Aug mean F = 80.2
|Sep mean F = 74.9
|Oct mean F = 64.7
|Nov mean F = 54.2
|Dec mean F = 47.3
|year mean F = 63.6
|Jan low F = 35.6
|Feb low F = 38.9
|Mar low F = 45.3
|Apr low F = 52.5
|May low F = 61.3
|Jun low F = 68.6
|Jul low F = 71.8
|Aug low F = 71.3
|Sep low F = 65.9
|Oct low F = 54.9
|Nov low F = 44.2
|Dec low F = 38.4
|year low F = 54.1
<!-- To calculate avg record low, go to monthly summarized data, choose 1991-2020 as year range, min as variable, and daily minimum under summary and values are obtained under "mean" -->
|Jan avg record low F = 17.3
|Feb avg record low F = 23.2
|Mar avg record low F = 28.1
|Apr avg record low F = 36.9
|May avg record low F = 47.6
|Jun avg record low F = 59.9
|Jul avg record low F = 65.6
|Aug avg record low F = 64.5
|Sep avg record low F = 53.4
|Oct avg record low F = 38.7
|Nov avg record low F = 29.2
|Dec avg record low F = 23.8
|year avg record low F = 15.2
|Jan record low F = −8
|Feb record low F = −9
|Mar record low F = 10
|Apr record low F = 25
|May record low F = 37
|Jun record low F = 39
|Jul record low F = 53
|Aug record low F = 55
|Sep record low F = 36
|Oct record low F = 28
|Nov record low F = 3
|Dec record low F = 0
|year record low F = -9
|precipitation colour = green
|Jan precipitation inch = 4.59
|Feb precipitation inch = 4.55
|Mar precipitation inch = 4.68
|Apr precipitation inch = 3.81
|May precipitation inch = 3.56
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|Jul precipitation inch = 4.75
|Aug precipitation inch = 4.30
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|unit precipitation days = 0.01 in
|Jan precipitation days = 11.1
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|Dec precipitation days = 10.7
|year precipitation days = 116.3
|unit snow days = 0.01 in
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|Jan humidity = 67.6
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|Jan percentsun = 52
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|year percentsun = 62
| Jan dew point C = −1.5
| Feb dew point C = −0.6
| Mar dew point C = 3.6
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| Jun dew point C = 17.6
| Jul dew point C = 19.9
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| Sep dew point C = 16.7
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| Nov dew point C = 5.0
| Dec dew point C = 0.6
| Jan uv = 2.8
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| Mar uv = 6.1
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| Oct uv = 5.2
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| Dec uv = 2.5
| year uv = 6.4
|source 1 = [[NOAA]] (relative humidity, dew point and sun 1961–1990)<ref name="NCDC txt KATL">
{{cite web
|archive-url = https://web.archive.org/web/20210504230529/https://www.ncei.noaa.gov/access/services/data/v1?dataset=normals-monthly-1991-2020&startDate=0001-01-01&endDate=9996-12-31&stations=USW00013874&format=pdf
|archive-date = May 4, 2021
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|publisher = National Oceanic and Atmospheric Administration
|title = Summary of Monthly Normals 1991–2020
|access-date = May 4, 2021
}}
</ref><ref name = "NOWData NWS Peachtree City, GA (FFC) - ATLthr">{{cite web
|url = https://www.weather.gov/wrh/Climate?wfo=ffc
|title = NowData – NOAA Online Weather Data
|publisher = National Oceanic and Atmospheric Administration
|access-date=May 4, 2021
}}
</ref><ref name = noaasun >
{{cite web
|url = ftp://ftp.atdd.noaa.gov/pub/GCOS/WMO-Normals/TABLES/REG_IV/US/GROUP3/72219.TXT
|title = WMO Climatological Normals of Atlanta/Hartsfield INTL AP, GA
|publisher = National Oceanic and Atmospheric Administration
|access-date = July 18, 2020
}}
</ref>
|source 2 = Extremes<ref>
{{Cite web
|url = https://library.wmo.int/viewer/53252/download?file=847_fr_en.pdf&type=pdf&navigator=1
|title = Climatological Normals (CLINO) . for the Period 1961-1990
|access-date = 23 April 2024
|publisher = World Meteorological Orgniaztion
|year = 1996
|pages = 435, 440
|format = PDF
|isbn = 92-63-0084 7-7
|quote = Atlanta/Mun. GA 72219
}}
</ref> UV Index Today (1995 to 2022)<ref name="UVIT">
{{cite web
|url = https://www.uvindextoday.com/usa/georgia/fulton-county/atlanta-uv-index/historical-data
|title = Historical UV Index Data - Atlanta, GA
|publisher = UV Index Today
|access-date = April 20, 2023
}}
</ref>
}}
==चित्रदिर्घा ==
<gallery mode="packed" heights="100">
File:Atlanta, Georgia Skyline.jpg|
File:Georgia State Capitol, Atlanta, West view 20160716 1.jpg |
File:Fountains Centennial Olympic Park.jpg |
File:Mercedes Benz Stadium time lapse capture 2017-08-13.jpg|
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File:Bright Atlanta.jpg
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== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
{{Olympic Summer Games Host Cities}}
[[श्रेणी:अमेरिका के शहर]]
[[श्रेणी:जॉर्जिया]]
3whviup7mdxlb4qns62fz1jy96ivuiv
जसिंता केरकेट्टा
0
1579050
6553152
6544515
2026-05-16T15:14:18Z
आकाश प्रमोद गिरि
924830
वाक्य का सही निर्माण किया है।
6553152
wikitext
text/x-wiki
जसिंता केरकेट्टा (जन्म 3 अगस्त 1983) रांची झारखंड में जन्मी एक भारतीय [[हिन्दी|हिंदी भाषा]] की पत्रकार, कवयित्री और सक्रियतावादी हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbesindia.com/article/leadership/jacinta-kerketta-becoming-the-voice-of-indigenous-communities/81795/1|title=Jacinta Kerketta: Becoming The Voice Of Indigenous Communities|last=Banerjee|first=Jasodhara|date=9 December 2022|website=Forbes India|language=en|access-date=2025-02-09}}</ref> उनकी कविता और पत्रकारिता आदिवासी युवाओं की पहचान, भारत में आदिवासियों के प्रणालीगत उत्पीड़न के खिलाफ विरोध, लिंग आधारित हिंसा - विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ, और विस्थापन पर चर्चा करती है और साथ ही सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाती है।<ref>{{Cite web|url=https://feminisminindia.com/2025/02/03/jacinta-kerketta-the-voice-of-the-adivasi-vision/|title=Jacinta Kerketta: The Voice Of The Adivasi Vision|last=Raj|first=Mrinalini|date=2025-02-03|website=Feminism in India|language=en-GB|access-date=2025-02-09}}</ref> इनका नाम फोर्ब्स इंडिया के शीर्ष 20 स्व-निर्मित भारतीय महिलाओं की सूची में भी शामिल है।
== जीवन ==
केरकेट्टा का जन्म 3 अगस्त 1983 को खुदापोस गांव में हुआ था जो झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में झारखंड-ओडिशा सीमा पर सारंडा जंगल के पास स्थित है। इनकी मां का नाम पुष्पा अनिमा केरकेट्टा और पिता का जय प्रकाश केरकेट्टा है। वह और उनका परिवार उरांव जनजाति से हैं। उनके पिता एक मैराथन खिलाड़ी थे, जो चर्च द्वारा संचालित स्थानीय स्कूल में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थे और फिर उन्होंने अस्थायी रूप से पुलिस बल में काम किया ।
=== शिक्षा ===
केरकेट्टा की पढ़ाई संथाल परगना के विभिन्न स्कूलों में और [[बिहार]] के पश्चिम चंपारण जिले के [[Betiya, Biha|बेतिया]] में हुईं।<ref>{{Cite web|url=https://kavishala.in/@kavishala-labs/know-about-jacinta-kerketta-an-adivasi-young-poet-and-journalist|title=Know about Jacinta Kerketta (An Adivasi Young Poet and Journalist)|last=|first=|date=2020-08-09|website=kavishala.in|publisher=GroundXero, Kavishala Labs|language=en|access-date=2023-04-13}}</ref>शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह 13 साल की उम्र में मनोहरपुर के मिशनरीयों के एक आवासीय स्कूल में गईं।<ref>{{Cite web|url=http://scroll.in/article/808591/the-anger-of-adivasis-turns-to-poetry-of-anguish-and-hope-in-a-young-womans-hands|title=The anger of Adivasis turns to poetry of anguish and hope in a young woman's hands|last=Yadav|first=Anumeha|date=5 June 2016|website=Scroll.in|language=en-US|access-date=2023-04-13}}</ref> उन्होंने 2006 में [[संत ज़ेवियर्स महाविद्यालय, राँची|सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची]] से जनसंचार और वीडियो निर्माण में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 2016 में उन्होंने [[राँची विश्वविद्यालय|रांची विश्वविद्यालय]] में जनसंचार में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की।<ref>{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2015/state-editions/2015-04-19-90502.html|title=In Brief|last=Pioneer|first=The|website=The Pioneer|language=en|access-date=2023-04-13}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
=== करियर ===
उनके कथनुसार, केरकेट्टा ने तीव्र हिंसा को देखने के बाद एक पत्रकार बनने का फैसला किया, जिस पर स्थानीय पत्रकारों का ध्यान नहीं गया। 2010 से 2013 तक वह हिंदी अख़बार, दैनिक [[दैनिक जागरण|जागरण]] के [[राँची|रांची]] संस्करण में एक रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थी। 2014 में उन्हें [[संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम|यूएनडीपी]] से पुरस्कार मिला और उन्होंने "झारखंड के पांच जिलों में आदिवासी और खनन" नामक एक अध्ययन किया। 2019 से वह भारतीय ऑनलाइन समाचार पोर्टल द वायर के हिंदी संस्करण और दैनिक समाचार पत्र [[प्रभात खबर]] के रांची संस्करण के लिए एक सलाहकार रही हैं। अपने पत्रकारिता के अलावा, केरकेट्टा एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। 2015 से वह झारखंड के [[सिमडेगा जिला|सिमडेगा]] और खूंटी जिलों के आदिवासी गांवों में लड़कियों की शिक्षा के लिए काम कर रही हैं, कचिना फाउंडेशन, [[कोलकाता]] के समर्थन से।
== उल्लेखनीय कार्य ==
केरकेट्टा का काम उनके गृह राज्य झारखंड पर केंद्रित है, जो 2000 में 26 प्रतिशत से अधिक आदिवासी आबादी के कारण बिहार से अलग हो गया। उनके लेखन में राज्य के गठन के बाद हुए औद्योगीकरण और आदिवासियों की आजीविका पर पड़े उसके दुष्प्रभाव का वर्णन मिलता है। उन्होंने संघर्षों के प्रति राज्य की हिंसक प्रतिक्रिया की भी आलोचना की है।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbesindia.com/article/leadership/jacinta-kerketta-becoming-the-voice-of-indigenous-communities/81795/1|title=Jacinta Kerketta: Becoming The Voice Of Indigenous Communities|website=Forbes India|language=en|access-date=2023-04-13}}</ref> उनकी पहली हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी कविता संग्रह 'अंगोर' का जर्मन, इतालवी और फ्रेंच में अनुवाद किया गया। उनकी दूसरी हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी कविता संग्रह जड़ों की ज़मीन' का अंग्रेजी और जर्मन में अनुवाद किया गया। 'ईश्वर और बाज़ार' उनकी तीसरा कविता संग्रह है।
== पुरस्कार और मान्यता ==
2014 में उन्हें [[बैंकॉक]] में एशिया इंडिजेनस पीपल्स पैक्ट (ए. आई. पी. पी.) द्वारा उनके पत्रकारिता कार्य ''इंडिजेनस वॉयस ऑफ एशिया'' के लिए सम्मानित किया गया था। उसी वर्ष उन्हें नागरिक समाज संगठन झारखंड इंडिजेनस पीपल्स फोरम से उनकी कविताओं के लिए एक पुरस्कार और छोटा नागपुर सांस्कृतिक संघ से प्रेरणा सम्मान पुरस्कार भी मिला। वाराणसी में रविशंकर उपाध्याय मेमोरियल इंस्टीट्यूट ने उन्हें रविशंकर उपाध्याय मेमोरियल यूथ पोएट्री अवार्ड से सम्मानित किया। 2017 में दैनिक प्रभात खबर ने उन्हें अपराजित पुरस्कार से सम्मानित किया। 2019 में उन्हें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) महिला अनुकरणीय मान्यता पुरस्कार की नींव मिली।<ref>{{Cite web|url=https://ciifoundation.in/document/NewsLetter/CII-Foundation-Activity-Report-2019-20.pdf|title=Ad Meliora Catalyzing Transformation: Activity Report 2019-2020|date=13 October 2020|website=CII Foundation|access-date=13 April 2023}}</ref> उन्हें फोर्ब्स इंडिया द्वारा 2022 में भारत की शीर्ष 20 स्व-निर्मित महिलाओं में से एक नामित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbesindia.com/lists/w-power-2022/|title=W-Power List 2022 {{!}} Meet India's Top Self-Made Women in 2022|website=Forbes India|language=en|access-date=2023-04-13}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.forbesindia.com/article/leadership/indias-selfmade-women-2022-making-of-the-list/81671/1|title=India's Self-Made Women 2022: Making Of The List|website=Forbes India|language=en|access-date=2023-04-13}}</ref>
नवंबर 2023 में, केरकेट्टा ने आज तक साहित्य जागृति उद्यम प्रतिभा सम्मान, इंडिया टुडे समूह द्वारा उनके हिंदी भाषा के कविताओं के संग्रह ''ईश्वर और बाजार'' के लिए दिए जाने वाले एक साहित्यिक पुरस्कार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अपने फैसले की व्याख्या करते हुए, उन्होंने X पर पोस्ट किया : "ऐसे समय में जब देश में आदिवासियों का अपमान हो रहा, मध्य भारत और मणिपुर के आदिवासियों के पास जीने के लिए कोई सम्मान नहीं बचा और अन्य समुदायों के लोगों और बच्चों के जीवन पर लगातार हमले हो रहे हैं, ऐसे में कोई भी सम्मान किसी कवि या लेखक को कैसे रोमांचित कर सकता है? इसके अतिरिक्त, उन्होंने मणिपुर में हुई घटनाओं को छिपाने के लिए मुख्यधारा के मीडिया के प्रयास की भी आलोचना की।<ref>{{Cite web|url=https://scroll.in/latest/1059628/adivasi-poet-jacinta-kerketta-turns-down-literary-prize-from-india-today-group|title=Adivasi poet Jacinta Kerketta turns down literary prize from India Today Group|last=Scroll Staff|date=2023-11-25|website=Scroll.in|language=en-US|access-date=2023-11-29}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.newslaundry.com/2023/11/24/mainstream-media-silent-on-tribal-issues-adivasi-writer-jacinta-kerketta-refuses-press-award|title='Mainstream media silent on tribal issues': Adivasi writer Jacinta Kerketta refuses press award|last=Sodhi|first=Tanishka|date=2023-11-24|website=Newslaundry|access-date=2023-11-29}}</ref>
सितंबर 2024 में, केरकेट्टा ने बच्चों के कविता संग्रह ''जिरहुल'' के सम्मान में जारी किए गए रूम टू रीड यंग ऑथर अवार्ड को अस्वीकार कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.independent.co.uk/asia/india/jacinta-kerketta-usaid-room-to-read-india-author-award-b2621234.html|title=Indian poet rejects US-backed arts award 'in solidarity with Palestine'|last=Muzaffar|first=Maroosha|date=2024-10-01|website=The Independent|language=en|access-date=2025-02-09}}</ref> केरकेट्टा ने गाजा पर इजरायल के नरसंहार में संस्थाओं यू एस एइड और रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट की मिलीभगत, और विशेष रूप से [[बोइंग]] के साथ रूम टू रीड भारत ट्रस्ट के संबंधों के विरोध में पुरस्कार को अस्वीकार कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://maktoobmedia.com/india/adivasi-poet-jacinta-kerketta-rejects-us-aid-supported-award-in-solidarity-with-palestine/|title=Adivasi poet Jacinta Kerketta rejects US AID-supported award in solidarity with Palestine|date=2024-09-30|website=Maktoob Media|language=en-US|access-date=2024-09-30}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://thewire.in/books/jacinta-kerketta-award-usaid-palestine|title='For Children of Palestine': Writer Jacinta Kerketta Turns Down Award Co-Sponsored by USAID|website=The Wire|language=en|access-date=2025-02-09}}</ref>
=== किताबें ===
* ''अंगोर''
* ''जड़ों की ज़मीन''
* ईश्वर और बाजार
* जसिंता की डायरी
* प्रेम में पेड़ होना
* ''जिरहुल''
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय पत्रकार]]
[[श्रेणी:भारतीय कवि]]
[[श्रेणी:1983 में जन्मे लोग]]
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आर्लीन क्रिस डैमोट
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6456828
2026-05-16T14:44:02Z
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6553144
wikitext
text/x-wiki
{{खराब अनुवाद|अंग्रेज़ी}}{{Infobox person|image=Arlene Damot.jpg|birth_place=परानाक, मनीला, [[फ़िलीपीन्स]]|birth_date=9 मई, 1988|education=एएमए स्कूल ऑफ़ मेडिसिन (डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन)|जीवनसाथी=डेविड जयबालन}}
'''आर्लीन क्रिस डैमोट''' एक फिलिपिनो उद्यमी और सौंदर्य प्रतियोगिता शीर्षक धारक हैं जिन्हें श्रीमती यूनिवर्स फ़िलीपींस का ताज पहनाया गया था। महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाली, उन्होंने 2023 श्रीमती यूनिवर्स प्रतियोगिता में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, जहां उन्होंने दूसरी उपविजेता के रूप में समाप्त किया।
वह फ़िलीपींस और मलेशिया में मेडिकल एस्थेटिक ब्रांड, रॉयल एस्थेटिक्स की संस्थापक और सीईओ हैं।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
आर्लीन क्रिस डैमोट का जन्म और पालन-पोषण परानाक, मनीला, फ़िलीपींस में हुआ था। उसने पेरिस में यूरोपीय अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से उन्नत सौंदर्यशास्त्र में प्रमाण पत्र और अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्यशास्त्र विज्ञान अकादमी से चिकित्सा सौंदर्यशास्त्र में प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
उसने अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करने से पहले मलेशिया में सामान्य सर्जरी, ओटोलैरिंजोलॉजी और त्वचाविज्ञान में एक पंजीकृत नर्स के रूप में काम किया। इसके अतिरिक्त, उसने डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन की डिग्री हासिल करने के लिए एएमए स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में भाग लिया।<ref>{{Cite web|url=https://mega-asia.com/beauty/mega-women-takeover-nothing-beats-education-in-beauty-says-arlene-damot/|title=MEGA Women Takeover: Nothing Beats Education, Says CEO Arlene Damot|last=Abellon|first=Bam|date=2024-05-31|website=mega-asia.com|language=en-US|access-date=2025-03-18}}</ref>
== उद्यमिता ==
14 फ़रवरी 2018 को, डैमोट ने अपने रॉयल एस्थेटिक्स क्लिनिक की पहली शाखा खोली, जो सीईओ और संस्थापक के रूप में कार्य करती थी। उसने [[कोविड-19 महामारी]] के दौरान व्यवसाय का विस्तार किया। अक्टूबर 2023 तक, क्लिनिक छह शाखाओं का संचालन करता है, जिसमें 95 प्रतिशत से अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं।<ref>{{Cite web|url=https://entertainment.inquirer.net/549153/beauty-queen-shares-tips-for-women-juggling-multiple-roles|title=Beauty queen shares tips for women juggling multiple roles|last=Kee|first=Raoul J. Chee|date=2024-03-31|website=INQUIRER.net|language=en|access-date=2025-03-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://randomrepublika.com/beauty-meets-luxury-in-mrs-universe-ph-2023-arlene-cris-damot-and-husband-jays-royal-aesthetics-branches/|title=Beauty meets luxury in Mrs. Universe PH 2023 Arlene Cris Damot and husband Jay's 'Royal Aesthetics'|last=www.RandomRepublika.com|date=2024-03-27|website=Random Republika|language=en-US|access-date=2025-03-18}}</ref>
== भव्य प्रदर्शन ==
18 जून 2023 को, उसे श्रीमती फ़िलीपींस का ताज पहनाया गया और बाद में 8 अक्टूबर 2023 को पासे में न्यूपोर्ट परफॉर्मिंग आर्ट्स थिएटर में आयोजित 46 वें श्रीमती यूनिवर्स पेजेंट में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, जहां वह दूसरी उपविजेता के रूप में समाप्त हुई, प्रतियोगिता के इतिहास में एक फिलिपिनो के लिए सर्वोच्च स्थान।<ref>{{Cite web|url=https://malaya.com.ph/entertainment/music-concert-shows/pageant-watch/hawaii-based-pinay-crowned-as-mrs-universe-2023-in-manila/|title=Hawaii-based Pinay crowned as Mrs. Universe 2023 in Manila|last=Jr|first=Jose Patao|date=2023-10-13|website=Malaya Business Insight|language=en|access-date=2025-03-18|archive-date=21 जनवरी 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250121073315/https://malaya.com.ph/entertainment/music-concert-shows/pageant-watch/hawaii-based-pinay-crowned-as-mrs-universe-2023-in-manila/|url-status=dead}}</ref>
== निजी जीवन ==
डैमोट ने 2013 में कुआलालंपुर, मलेशिया में भारतीय व्यवसायी डेविड जयबलन से शादी की और बाद में 2018 में फ़िलीपींस चले गए, जहां वे एक साथ सौंदर्य क्लीनिक संचालित करते हैं। दंपति के दो बेटे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://manilastandard.net/?p=314434487|title=Inclusive approach to beauty and self-care|last=Wang|first=Nickie|date=2024-04-10|website=Manila Standard|language=en-US|access-date=2025-03-18}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://id.summitmedia.com.ph/?d=https://www.pep.ph/lifestyle/lifestyle/176331/arlene-cris-damot-mrs-universe-philippines-a745-20231006|title=Mrs. Universe Philippines 2023 Arlene Cris Damot has no plans of joining Miss Universe Philippines|website=PEP.ph|language=en|access-date=2025-03-18}}{{Dead link|date=जुलाई 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
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मिस यूनीवर्स 2015
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6553274
6552943
2026-05-17T03:38:47Z
खास विशेष
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/* प्रतिभागियों का चयन */ जानकारी जोड़ी
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
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| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
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| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
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| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
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}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
ojl748bfkdmvapy1pqfa40l0y0e0k9a
6553276
6553275
2026-05-17T03:39:57Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ जानकारी जोड़ी
6553276
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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6553278
6553276
2026-05-17T03:48:02Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553278
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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2026-05-17T03:49:09Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553280
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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2026-05-17T03:51:42Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553281
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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खास विशेष
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| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
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| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
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| entrants = 80
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| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
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| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
aio2pdnl6w8vscvncdbokby9tjyborm
6553283
6553282
2026-05-17T03:52:49Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553283
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
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| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
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}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
ey8ik2462n340d7kfq3putsezhqxzvw
6553284
6553283
2026-05-17T03:55:25Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553284
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
jmkszwq80mzfgktmm3alg8pp58kifvh
6553285
6553284
2026-05-17T03:55:47Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553285
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{Cite web |date=October 19, 2015 |title=T&T pulls out of Miss Universe Pageant |url=https://trinidadexpress.com/news/local/t-t-pulls-out-of-miss-universe-pageant/article_5eab2ee6-a345-5ac8-83ec-e58333d3b7a6.html |access-date=May 17, 2022 |website=[[Trinidad Express Newspapers]] |language=en}}</ref>
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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6553286
6553285
2026-05-17T03:56:22Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553286
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{Cite web |date=October 19, 2015 |title=T&T pulls out of Miss Universe Pageant |url=https://trinidadexpress.com/news/local/t-t-pulls-out-of-miss-universe-pageant/article_5eab2ee6-a345-5ac8-83ec-e58333d3b7a6.html |access-date=May 17, 2022 |website=[[Trinidad Express Newspapers]] |language=en}}</ref>
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।<ref>{{Cite web |last=Fisher |first=Luchina |date=July 7, 2015 |title=Miss USA and Miss Universe Pageants: Where Things Stand |url=https://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |access-date=June 3, 2022 |website=[[ABC News (United States)|ABC News]] |language=en |archive-date=December 23, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151223105355/http://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Kludt |first=Tom |date=June 30, 2015 |title=Mexico pulls out of Trump's Miss Universe pageant |url=https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[CNN Business]] |archive-date=November 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211125182652/https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |url-status=dead }}</ref>
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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6553286
2026-05-17T03:56:44Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553287
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को मिस यूनिवर्स 2014 में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार 2012 में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार 2013 में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने मिस यूनिवर्स 2016 में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{Cite web |date=October 19, 2015 |title=T&T pulls out of Miss Universe Pageant |url=https://trinidadexpress.com/news/local/t-t-pulls-out-of-miss-universe-pageant/article_5eab2ee6-a345-5ac8-83ec-e58333d3b7a6.html |access-date=May 17, 2022 |website=[[Trinidad Express Newspapers]] |language=en}}</ref>
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।<ref>{{Cite web |last=Fisher |first=Luchina |date=July 7, 2015 |title=Miss USA and Miss Universe Pageants: Where Things Stand |url=https://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |access-date=June 3, 2022 |website=[[ABC News (United States)|ABC News]] |language=en |archive-date=December 23, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151223105355/http://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Kludt |first=Tom |date=June 30, 2015 |title=Mexico pulls out of Trump's Miss Universe pageant |url=https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[CNN Business]] |archive-date=November 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211125182652/https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |url-status=dead }}</ref>
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=México sí que participará en Miss Universo tras la salida de Trump |url=https://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[El Mundo (Spain)|El Mundo]] |language=es |archive-date=October 30, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151030130742/http://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |url-status=live }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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6553288
6553287
2026-05-17T04:02:31Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ कड़ी जोड़ी
6553288
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2" />
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को [[मिस यूनीवर्स 2014]] में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0" />
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार [[मिस यूनीवर्स 2012|2012]] में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार [[मिस यूनीवर्स 2013|2013]] में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने [[मिस यूनीवर्स 2016]] में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{Cite web |date=October 19, 2015 |title=T&T pulls out of Miss Universe Pageant |url=https://trinidadexpress.com/news/local/t-t-pulls-out-of-miss-universe-pageant/article_5eab2ee6-a345-5ac8-83ec-e58333d3b7a6.html |access-date=May 17, 2022 |website=[[Trinidad Express Newspapers]] |language=en}}</ref>
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।<ref>{{Cite web |last=Fisher |first=Luchina |date=July 7, 2015 |title=Miss USA and Miss Universe Pageants: Where Things Stand |url=https://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |access-date=June 3, 2022 |website=[[ABC News (United States)|ABC News]] |language=en |archive-date=December 23, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151223105355/http://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Kludt |first=Tom |date=June 30, 2015 |title=Mexico pulls out of Trump's Miss Universe pageant |url=https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[CNN Business]] |archive-date=November 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211125182652/https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |url-status=dead }}</ref>
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा [[ब्रह्माण्ड सुन्दरी|मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन]] के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=México sí que participará en Miss Universo tras la salida de Trump |url=https://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[El Mundo (Spain)|El Mundo]] |language=es |archive-date=October 30, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151030130742/http://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |url-status=live }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
sn1ytxd0avc1oe0zhmxk58f9vna5cjb
6553292
6553288
2026-05-17T04:07:37Z
खास विशेष
810972
/* प्रतिभागियों का चयन */ संदर्भ जोड़ा
6553292
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox beauty pageant
| image = Miss Universe 2015 Pia Wurtzbach waves to the Malacanang Press.jpg
| caption = '''पिया वुर्ट्ज़बाक'''
| date=20 दिसंबर 2015
| presenters = {{Hlist|[[स्टीव हार्वे]] | रोज़ेलिन सांचेज़}}
| entertainment = {{Hlist|[[चार्ली पुथ]] | द बैंड पेरी | [[सील (संगीतकार)|सील]]}}
| venue = एक्सिस, [[लास वेगास, नेवादा]], संयुक्त राज्य अमेरिका
| broadcaster = {{Hlist|[[फॉक्स ब्रोडकास्टिंग कंपनी|फॉक्स]]|एज़्टेका}}<!---प्रसारण कंपनी, न कि टीवी चैनल या नेटवर्क।--->
| entrants = 80
| placements = 15
| withdraws = {{Hlist|मिस्र | इथियोपिया | गुआम | कजाकिस्तान | केन्या | लिथुआनिया | सेंट लूसिया | स्लोवेनिया | श्रीलंका | स्विट्जरलैंड | त्रिनिदाद और टोबैगो | तुर्क और कैकोस द्वीप समूह}}
|returns={{Hlist|केमैन द्वीप समूह | डेनमार्क | मोंटेनेग्रो | वियतनाम}}
| winner = [[पिया वुर्ट्ज़बाक]]<!-----Ariadna wasn't actually the winner in the competition due to Steve Harvey's mistake in announcing the winner by misreading the results. DON'T DARE MAKE ANY CHANGES. Otherwise, they will be reverted IMMEDIATELY. -->
| represented = फिलिपींस
| congeniality = व्हिटनी शिकोंगो, अंगोला
| best national costume = अनिपोर्न चलेम्बुरनावोंग, थाईलैंड
| photogenic = सामंथा मैक्लंग, न्यूजीलैंड
| before = [[मिस यूनीवर्स 2014|2014]]
| next = [[मिस यूनीवर्स 2016|2016]]
}}
'''मिस यूनिवर्स 2015''' प्रतियोगिता का 64वां संस्करण था, जो 20 दिसंबर 2015 को द एक्सिस, [[लास वेगास]], [[नेवाडा]], [[अमेरिका]] में आयोजित हुआ।
यह पहला मौका था जब यह प्रतियोगिता डब्लूएमई/आईएमजी के स्वामित्व में हुई, जिसने 14 सितंबर 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] से मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन को खरीदा था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=September 14, 2015 |title=Trump Sells Miss Universe Organization to WME-IMG Talent Agency |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=February 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160204102131/http://www.nytimes.com/2015/09/15/business/media/trump-sells-miss-universe-organization-to-wme-img-talent-agency.html |url-status=live }}</ref>
इसके चलते, यह प्रतियोगिता पहली बार [[फॉक्स न्यूज चैनल|फ़ॉक्स]] (अंग्रेज़ी में) और एजटेका (स्पेनिश में) चैनलों पर प्रसारित की गई, जबकि इससे पहले इसे [[एनबीसी]] पर दिखाया जाता था।<ref>{{cite news |last=Gutierrez |first=Lisa |date=June 25, 2015 |title=Univision cuts ties with Miss Universe over Donald Trump's 'insulting remarks about Mexican immigrants' |website=The Kansas City Star |url=http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150627180917/http://www.kansascity.com/entertainment/ent-columns-blogs/stargazing/article25489081.html |archive-date=June 27, 2015}}</ref><ref>{{cite web |last=Stelter |first=Brian |date=June 25, 2015 |title=Univision dumps Trump, cancels Miss USA over his comments about Mexicans |url=https://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150625193817/http://money.cnn.com/2015/06/25/media/univision-donald-trump-mexicans/ |archive-date=June 25, 2015 |website=[[CNN Money]]}}</ref><ref>{{cite magazine |last=Hibberd |first=James |date=June 29, 2015 |title=Donald Trump slams 'weak, foolish' NBC |url=http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150629215942/http://www.ew.com/article/2015/06/29/donald-trump-fired-NBC |archive-date=June 29, 2015 |access-date=June 29, 2015 |magazine=[[Entertainment Weekly]]}}</ref>
कार्यक्रम के अंत में [[कोलंबिया]] की [[पॉलिना वेगा]] ने [[फिलिपींस]] की [[पिया वुर्ट्ज़बाक]] को मिस यूनीवर्स 2015 का ताज पहनाया।
यह फिलिपींस की तीसरी जीत थी, जो 42 साल बाद [[मिस यूनिवर्स]] प्रतियोगिता के इतिहास में हुई।<ref name=":1">{{Cite web |last=Gambino |first=Lauren |date=December 21, 2015 |title=Steve Harvey's Miss Universe winner error will live in TV pageant infamy |url=http://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Guardian]] |language=en |archive-date=May 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210525011810/https://www.theguardian.com/us-news/2015/dec/21/steve-harvey-miss-universe-winner-error-colombia-phillipines |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Tinio |first=Norman |date=December 21, 2015 |title=Miss Universe 2015: A crown 42 years in the making |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/116729-pia-wurtzbach-announcement-mix-up-winner-reaction/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
इस साल की प्रतियोगिता में 80 देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस प्रतियोगिता के मुख्य मेज़बान थे स्टीव हार्वे, और पृष्ठभूमि होस्ट (बैकस्टेज होस्ट) थीं रोसलीन सांचेज़।
इस साल के कार्यक्रम में चार्ली पुथ, द बैंड पेरी, और सील ने प्रस्तुति दी।<ref name=":1" /><ref>{{Cite web |last=Friedlander |first=Whitney |date=December 14, 2015 |title=TV News Roundup: Miss Universe Performers; 'Underground' Premiere Date |url=https://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |access-date=May 14, 2022 |website=[[Variety (magazine)|Variety]] |language=en-US |archive-date=August 8, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170808205600/http://variety.com/2015/tv/news/seal-band-perry-miss-universe-underground-premiere-date-trailer-1201661454/ |url-status=live }}</ref>
==पृष्ठभूमि==
[[File:Las Vegas, Planet Hollywood.jpg|thumb|मिस यूनिवर्स 2015 का आयोजन स्थल प्लैनेट हॉलीवुड रिज़ॉर्ट एंड कैसिनो था।|240px]]
===स्थान और तिथि===
16 जून 2015 को [[डोनाल्ड ट्रंप]] द्वारा दिए गए भाषण में मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में की गई टिप्पणियों के बाद कोलंबिया ने ट्रंप की आलोचना करते हुए प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए अपनी बोली वापस ले ली।<ref>{{Cite news |date=July 7, 2015 |title=Miss Universe defends keeping crown despite Trump row |language=en-GB |work=[[BBC News]] |url=https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |access-date=May 19, 2022 |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519144559/https://www.bbc.com/news/world-latin-america-33421449 |url-status=live }}</ref>
इसके अलावा, एनबीसीयूनिवर्सल और यूनिमास (जो प्रतियोगिता का स्पेनिश प्रसारण करता था) ने मिस यूएसए 2015 का प्रसारण करने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता से अपने अधिकार समाप्त कर दिए।
इसके बाद ट्रंप ने एनबीसी और यूनिमास दोनों के खिलाफ मुकदमे दायर किए, क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता का प्रसारण करने से मना कर दिया था।<ref name=":10" /><ref>{{Cite magazine |last=Basu |first=Tanya |date=June 30, 2015 |title=Mexico Quits Donald Trump's Miss Universe |url=https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |access-date=May 19, 2022 |magazine=[[Time (magazine)|Time]] |language=en |archive-date=May 19, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220519145049/https://time.com/3942024/mexico-donald-trump-cheryl-burke-miss-universe-nbc-univision/ |url-status=live }}</ref>
11 सितंबर 2015 को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसीयूनिवर्सल की मिस यूनिवर्स में हिस्सेदारी खरीद ली, जिससे वह मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन के एकमात्र मालिक बन गए।<ref name=":10">{{Cite web |last=Parker |first=Ryan |date=September 11, 2015 |title=Donald Trump Buys NBC's Stake in Miss Universe |url=https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517134055/https://www.hollywoodreporter.com/news/politics-news/donald-trump-buys-nbcs-stake-822154/ |url-status=live }}</ref>
इसके तीन दिन बाद, 14 सितंबर 2015 को डब्ल्यूएमई/आईएमजी ने मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन का अधिग्रहण कर लिया, जो पहले ट्रंप के स्वामित्व में था।<ref>{{Cite web |date=September 14, 2015 |title=WME {{!}} IMG Acquires Donald Trump's Miss Universe Organization |url=https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[The Hollywood Reporter]] |language=en-US |archive-date=May 15, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220515070155/https://www.hollywoodreporter.com/business/business-news/wme-img-acquires-donald-trumps-822906/ |url-status=live }}</ref>
28 अक्टूबर 2015 को, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा डोनाल्ड ट्रंप से संगठन खरीदने के एक महीने से अधिक समय बाद, फॉक्स ने घोषणा की कि उसने इस प्रतियोगिता के प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए हैं, जो 20 दिसंबर 2015 को आयोजित होने वाली थी, साथ ही मिस यूएसए 2016 के प्रसारण अधिकार भी, जिसे 2016 में प्रसारित किया जाना था।<ref>{{Cite news |last=Koblin |first=John |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe Organization Joins Forces With Fox |language=en-US |work=[[The New York Times]] |url=https://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |access-date=May 15, 2022 |issn=0362-4331 |archive-date=November 2, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151102223849/http://www.nytimes.com/2015/10/29/business/media/miss-universe-organization-joins-forces-with-fox.html |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Swift |first=Andy |date=October 28, 2015 |title=Miss Universe and Miss USA Pageants Find New Home on Fox |url=https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[TVLine]] |language=en-US |archive-date=June 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625104519/https://tvline.com/2015/10/28/miss-universe-miss-usa-fox-2016-donald-trump/ |url-status=live }}</ref>
यह प्रतियोगिता द एक्सिस थिएटर ऑफ प्लैनेट हॉलीवुड, लास वेगास, नेवादा, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित हुई।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=Miss Universe 2015 pageant gets a confirmed date |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Rappler]] |language=en-US |archive-date=April 22, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220422235236/https://www.rappler.com/entertainment/pageants/110105-miss-universe-2015-pageant-date-las-vegas/ |url-status=live }}</ref>
दिसंबर में एज़्टेका अमेरिका ने प्रतियोगिता के स्पेनिश-भाषा प्रसारण अधिकार प्राप्त कर लिए।<ref>{{Cite web |last=Petski |first=Denise |date=December 16, 2015 |title=Azteca America Acquires Spanish-Language Rights To 'Miss Universe Pageant' |url=https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |access-date=May 15, 2022 |website=[[Deadline Hollywood]] |language=en-US |archive-date=January 20, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210120234838/https://deadline.com/2015/12/azteca-america-spanish-language-rights-miss-universe-pageant-1201668443/ |url-status=live }}</ref>
===प्रतिभागियों का चयन===
अस्सी देशों और क्षेत्रों की प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया।
इनमें से बारह प्रतिनिधियों को उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, जबकि तीन को मूल पदच्युत (डिथ्रोन) विजेताओं के स्थान पर चुना गया।
अमीना दागी, मिस ऑस्ट्रिया 2012, को ऑस्ट्रिया का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि अन्निका ग्रिल ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref name=":2">{{cite web |date=October 14, 2015 |title=Amina Dagi wird recycled, Annika Grill goes China |url=http://www.krone.at/Stars-Society/Amina_Dagi_wird_recycled._Annika_Grill_goes_China-Und_Trump_ist_schuld-Story-476866 |publisher=[[Kronen Zeitung]] |language=de |access-date=October 29, 2015 |archive-date=March 4, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160304035451/http://www.krone.at/Stars-Society/Amina_Dagi_wird_recycled._Annika_Grill_goes_China-Und_Trump_ist_schuld-Story-476866 |url-status=live }}</ref>
कैमिल सेर्फ को मिस यूनिवर्स 2015 में भाग लेना था, जबकि फ्लोरा कोकेरेल को [[मिस यूनीवर्स 2014]] में भाग लेना था। दोनों के बीच बदलाव किया गया, क्योंकि मिस यूनिवर्स और मिस फ्रांस 2016 की तिथियों में टकराव था, जिसमें सेर्फ का अनुबंध के अनुसार उपस्थित रहना आवश्यक था।<ref name=":4">{{Cite web |last=Vogel |first=Magali |date=November 4, 2015 |title=Miss Univers 2015 : pourquoi Flora Coquerel représente la France et pas Camille Cerf ? |url=https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |access-date=May 16, 2022 |website=Télé Star |language=fr |archive-date=November 7, 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107013406/https://www.telestar.fr/actu-tv/miss-univers/miss-univers-2015-pourquoi-flora-coquerel-represente-la-france-et-pas-camille-cerf-photos-177253 |url-status=live }}</ref>
ओर्नेला ओबोन, जो मिस गैबॉन 2015 की तीसरी रनर-अप थीं, को गैबॉन का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया, क्योंकि रेइन न्गोटाला ने दो प्रतियोगिताओं की तिथियों में टकराव के कारण केवल मिस वर्ल्ड 2015 में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=April 27, 2015 |title=Reine Ngotala is MISS GABON 2015 |url=http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |access-date=May 16, 2022 |website=Gabonews |language=en |archive-date=May 17, 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20220517132020/http://www.gabonews.com/2/news/women/article/reine-ngotala-is-miss-gabon-2015 |url-status=live }}</ref>
सिंथिया सैमुअल (लेबनान), व्लादिस्लावा एव्तुशेंको (रूस) और रेफिल्वे म्थिमुन्ये (दक्षिण अफ्रीका) को भी उनके राष्ट्रीय खिताबों पर नियुक्त किया गया, क्योंकि मूल विजेता— वैलेरी अबू चक्रा, सोफिया निकिचुक और लीसल लॉरी — मिस वर्ल्ड 2015 से संबंधित प्रतिबद्धताओं के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं।<ref>{{Cite web |date=November 24, 2015 |title=[VIDEO] Cynthia Samuel to represent Lebanon at Miss Universe 2015 pageant |url=https://www.lbcgroup.tv/news/lebanon-news/240144/video-cynthia-samuel-to-represent-lebanon-at-miss/en |access-date=May 16, 2022 |website=[[Lebanese Broadcasting Corporation International|LBCI]] |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |date=April 19, 2015 |title=Sofia Nikitchuk wins Miss Russia -2015" title |url=https://tass.com/russia/790339 |access-date=May 17, 2022 |website=[[TASS]] |archive-date=November 9, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201109053018/https://tass.com/russia/790339 |url-status=live }}</ref>
बारबरा लिल्याक मूल रूप से क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली थीं, लेकिन प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले उनका हाथ टूट गया, जिससे वे भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद मिर्ता कुश्तान, जो मिस यूनिवर्स क्रोएशिया 2015 की द्वितीय रनर-अप थीं, ने प्रतियोगिता में क्रोएशिया का प्रतिनिधित्व किया।<ref>{{Cite web |date=June 14, 2015 |title=Barbara Ljiljak crowned Miss Universe Croatia 2015 |url=https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/barbara-ljiljak-crowned-miss-universe-croatia-2015/articleshow/47663462.cms |access-date=January 18, 2022 |website=[[The Times of India]] |archive-date=June 18, 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180618125951/https://beautypageants.indiatimes.com/miss-universe/Barbara-Ljiljak-crowned-Miss-Universe-Croatia-2015/articleshow/47663462.cms |url-status=live }}</ref><ref name=":0">{{Cite web|date=November 30, 2015|title="Bilo bi lijepo predstavljati Hrvatsku u Las Vegasu, ali zauzeta sam svojom modnom karijerom"|url=https://www.zadarskilist.hr/clanci/30112015/bilo-bi-lijepo-predstavljati-hrvatsku-u-las-vegasu-ali-zauzeta-sam-svojom-modnom-karijerom|access-date=January 18, 2022|website=[[Zadarski list]]|language=hr|archive-date=December 12, 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151212182717/http://www.zadarskilist.hr/clanci/30112015/bilo-bi-lijepo-predstavljati-hrvatsku-u-las-vegasu-ali-zauzeta-sam-svojom-modnom-karijerom|url-status=live}}</ref>
खुशबू रामनवाज, मिस मॉरीशस 2014, को प्रतियोगिता में मॉरीशस का प्रतिनिधित्व करना था, लेकिन उनकी जगह शीटल खदून, जो मिस मॉरीशस 2014 की प्रथम रनर-अप थीं, को चुना गया।<ref>{{Cite web |date=June 25, 2014 |title=Miss Mauritius 2014: Kushboo Ramnawaj sacrée reine |url=https://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |access-date=May 16, 2022 |website=[[L'Express (Mauritius)]] |language=fr |archive-date=March 5, 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305024502/http://www.lexpress.mu/article/248424/miss-mauritius-2014-kushboo-ramnawaj-sacree-reine |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=July 3, 2014 |title=Kushboo Ramnawaj, Miss Mauritius 2014 : Yannah, la star de Rivi?re du Poste |url=http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste |publisher=Le Mauricien |language=fr |access-date=October 29, 2015 |archive-date=April 2, 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190402131136/http://www.lemauricien.com/article/kushboo-ramnawaj-miss-mauritius-2014-yannah-la-star-riviere-du-poste/ |url-status=live }}</ref>
मिरियम अरेवालोस, मिस अर्थ पराग्वे 2015, ने मिस यूनिवर्स पराग्वे 2015 का खिताब संभाला, क्योंकि लौरा गार्सेटे अपने कार्यकाल के दौरान गर्भवती हो गईं और उनसे ताज वापस ले लिया गया।<ref name=":6">{{Cite web |date=November 7, 2015 |title=Demandarán a "Miss Paraguay 2015" |url=https://www.extra.com.py/fama/demandaran-miss-paraguay-2015-n1521420.html |access-date=May 17, 2022 |website=Diario Extra (Paraguay) |language=es-ES}}</ref><ref>{{Cite web |last= |first= |date=November 7, 2015 |title=Miss Paraguay 2015 pierde la corona |url=https://www.laprensa.hn/sociales/miss-paraguay-2015-pierde-la-corona-BElp898292 |access-date=May 17, 2022 |website=[[La Prensa (Honduras)]] |language=es-HN}}</ref>
2015 संस्करण में केमैन आइलैंड्स, डेनमार्क, मोंटेनेग्रो और वियतनाम की वापसी हुई।
केमैन आइलैंड्स और मोंटेनेग्रो ने आखिरी बार [[मिस यूनीवर्स 2012|2012]] में भाग लिया था, जबकि डेनमार्क और वियतनाम ने आखिरी बार [[मिस यूनीवर्स 2013|2013]] में भाग लिया था।
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, कज़ाख़स्तान, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, स्लोवेनिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और तुर्क्स और कैकोस आइलैंड्स ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया।
ऐगेरिम स्मागुलोवा को कज़ाख़स्तान की प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया, क्योंकि रेजिना वाल्टर ने [[मिस यूनीवर्स 2016]] में भाग लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, स्मागुलोवा ने व्यक्तिगत कारणों से नाम वापस ले लिया।
आना हालोज़ान, मिस यूनिवर्स स्लोवेनिया, को लास वेगास पहुँचने पर दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस वजह से वे पंजीकरण गतिविधियों, साक्षात्कारों और फोटोशूट में भाग नहीं ले सकीं।
वे प्रारंभिक आधिकारिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने तक लास वेगास में रहीं। उन्हें दौरा पड़ा और उनके चेहरे का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। नाम वापस लेने के बावजूद, उन्हें लाइव प्रसारण के दौरान मंच पर चलने का अवसर दिया गया।<ref>{{cite web |date=2015 |title=Miss Slovenia parades with facial paralysis! |url=http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305020134/http://www2.esmas.com/nuestra-belleza-mexico/nuestras-noticias/907889/miss-eslovenia-desfila-paralisis-facial/ |archive-date=March 5, 2016 |access-date=February 20, 2021 |work=Televisa}}</ref><ref>{{cite web |date=December 10, 2015 |title=Miss Universe - Konjičanka Ana Haložan ne bo nastopila na svetovnem izboru |url=http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-url=https://web.archive.org/web/20151222083041/http://www.novice.si/miss-universe-konjicanka-ana-halozan-ne-bo-nastopila-na-svetovnem-izboru/ |archive-date=December 22, 2015 |access-date=December 20, 2015 |website=Novice |language=sl}}</ref><ref>{{cite web |date=December 21, 2015 |title=Miss Slovenia is out of Miss Universe due to paralysis |url=http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |website=Hello Town |access-date=February 20, 2021 |archive-date=August 6, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200806182236/http://www.holaciudad.com/vida_y_estilo/miss_universo/Miss-Eslovenia-queda-fuera-Universo-paralisis_0_872912868.html |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |date=December 1, 2015 |title=Bo naša Miss Universe lahko nastopila na svetovnem izboru? |url=http://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |publisher=Ekskluzivno |language=sl |access-date=December 9, 2015 |archive-date=December 5, 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201205172024/https://www.ekskluzivno.si/novice/198-bo-nasa-miss-universe-lahko-nastopila-na-svetovnem-izboru.html |url-status=live }}</ref>
मिस्र, इथियोपिया, गुआम, केन्या, लिथुआनिया, सेंट लूसिया, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा तुर्क्स और कैकोस ने इसलिए प्रतियोगिता से नाम वापस लिया क्योंकि उनके संबंधित संगठनों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित नहीं की या किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की।<ref>{{Cite web |date=October 19, 2015 |title=T&T pulls out of Miss Universe Pageant |url=https://trinidadexpress.com/news/local/t-t-pulls-out-of-miss-universe-pageant/article_5eab2ee6-a345-5ac8-83ec-e58333d3b7a6.html |access-date=May 17, 2022 |website=[[Trinidad Express Newspapers]] |language=en}}</ref>
शुरुआत में कोस्टा रिका, मेक्सिको और पनामा ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन प्रवासियों के बारे में दिए गए बयानों के कारण इस संस्करण में भाग न लेने का निर्णय लिया था।<ref>{{Cite web |last=Fisher |first=Luchina |date=July 7, 2015 |title=Miss USA and Miss Universe Pageants: Where Things Stand |url=https://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |access-date=June 3, 2022 |website=[[ABC News (United States)|ABC News]] |language=en |archive-date=December 23, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151223105355/http://abcnews.go.com/Entertainment/miss-usa-miss-universe-pageants-things-stand/story?id=32252205 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |last=Kludt |first=Tom |date=June 30, 2015 |title=Mexico pulls out of Trump's Miss Universe pageant |url=https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[CNN Business]] |archive-date=November 25, 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20211125182652/https://money.cnn.com/2015/06/30/media/trump-miss-universe-mexico/index.html |url-status=dead }}</ref>
हालांकि, डब्ल्यूएमई/आईएमजी द्वारा [[ब्रह्माण्ड सुन्दरी|मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन]] के अधिग्रहण के बाद, इन तीनों देशों ने मिस यूनिवर्स में वापसी करने और प्रतियोगिता में भाग लेने का निर्णय लिया।<ref>{{Cite web |date=October 29, 2015 |title=México sí que participará en Miss Universo tras la salida de Trump |url=https://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |access-date=June 3, 2022 |website=[[El Mundo (Spain)|El Mundo]] |language=es |archive-date=October 30, 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20151030130742/http://www.elmundo.es/loc/2015/10/29/563251d446163fb14e8b4571.html |url-status=live }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.missuniverse.com मिस यूनिवर्स आधिकारिक वेबसाइट]
{{मिस यूनीवर्स}} {{सुन्दरता प्रतियोगिता}}
[[श्रेणी: मिस यूनीवर्स]]
[[श्रेणी: सुन्दरता प्रतियोगिता]]
[[श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]]
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शुभेंदु अधिकारी
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/* */ द स्टेट्समैन के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी बंगाल के महिष्य समुदाय से संबंध रखते हैं, जिसे दक्षिण बंगाल का एक प्रभावशाली कृषक और भूमिधर समुदाय माना जाता है।{{Cite news |last=Sharma |first=Vibha |title=New Bengal council of ministers: The first six represent a perfect social, caste, regional balance |url=https://www.thestatesman.com/india/new-bengal-council-of-ministers-the-first-six-represent-a-perfect-social-caste-regional-balance-1503591923.html |work=The Statesman |date=9 May 2026 |acces...
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text/x-wiki
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| otherparty = * [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] {{small|(1995-1998)}}
* [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] {{small|(1998-2020)}}
}}
'''शुभेंदु अधिकारी''' एक भारतीय राजनेता हैं। 9 मई 2026 से पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री हैं।<ref>{{cite news |url=https://www.aajtak.in/amp/west-bengal/story/west-bengal-new-government-oath-ceremony-kolkata-brigade-parade-ground-ntc-ntyv-rpti-2545100-2026-05-06 |title=बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख और जगह तय, 9 मई को सुबह 10 बजे शपथ लेंगे बीजेपी के CM | author=अनुपम मिश्रा |work=आजतक |access-date=6 मई 2026}}</ref> वे भारत की [[पंद्रहवी लोक सभा|15]]वीं और [[सोलहवीं लोक सभा|16वीं लोकसभा]] में [[16वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची|सांसद]] थे। इसके बाद वे [[ममता बनर्जी]] की सरकार में मन्त्री भी रहे। किन्तु मार्च-अप्रैल सन [[२०२१|2021]] के पश्चिमी बंगाल विधानसभा चुनाव में वे [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)]] प्रत्याशी थे जहाँ उन्होंने तत्कालीन मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी को पराजित कर दिया था। [[भारतीय आम चुनाव, 2014|2014 के चुनावों]] में इन्होंने [[पश्चिम बंगाल]] की [[तामलुक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तमलुक]] सीट से [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] की ओर से भाग लिया था।<ref>{{Cite web |url=http://www.pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014030501.pdf |title=भारतीय चुनाव आयोग की अधिसूचना, नई दिल्ली |access-date=19 जुलाई 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140630221007/http://pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014030501.pdf |archive-date=30 जून 2014 |url-status=live }}</ref>
द स्टेट्समैन के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी बंगाल के माहिष्य समुदाय से संबंध रखते हैं, जिसे दक्षिण बंगाल का एक प्रभावशाली कृषक और भूमिधर समुदाय माना जाता है।{{Cite news |last=Sharma |first=Vibha |title=New Bengal council of ministers: The first six represent a perfect social, caste, regional balance |url=https://www.thestatesman.com/india/new-bengal-council-of-ministers-the-first-six-represent-a-perfect-social-caste-regional-balance-1503591923.html |work=The Statesman |date=9 May 2026 |access-date=16 May 2026}}
== 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ==
उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री [[ममता बनर्जी]] को 1,956 मतों के अंतर से पराजित किया।<ref>{{cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/mamata-vs-suvendu-all-eyes-on-nandigram-as-counting-underway-in-west-bengal/articleshow/82350838.cms |title=Nandigram election result 2021: Suvendu Adhikari beats Mamata by 1,736 votes |date=2 May 2021 |work=The Times of India |access-date=29 May 2022}}</ref> ममता बनर्जी ने इस परिणाम के विरुद्ध कोलकाता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की थी।
10 मई 2021 को, केंद्रीय मंत्री [[रवि शंकर प्रसाद]] ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता घोषित किया।<ref>{{cite news |url=https://www.ndtv.com/india-news/suvendu-adhikari-elected-opposition-leader-in-west-bengal-assembly-2438995 |title=Suvendu Adhikari Elected Opposition Leader In West Bengal Assembly |date=10 May 2021 |work=NDTV |access-date=29 May 2022 |agency=PTI}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1970 में जन्मे लोग]]
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}}
'''शुभेंदु अधिकारी''' ([[बंगाली भाषा|बंगाली]]: শুভেন্দু অধিকারী; जन्म 15 दिसंबर 1970 ) एक भारतीय राजनेता हैं, जो 9 मई 2026 से [[पश्चिम बंगाल]] के 9वें [[पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{cite news |url=https://www.aajtak.in/amp/west-bengal/story/west-bengal-new-government-oath-ceremony-kolkata-brigade-parade-ground-ntc-ntyv-rpti-2545100-2026-05-06 |title=बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख और जगह तय, 9 मई को सुबह 10 बजे शपथ लेंगे बीजेपी के CM | author=अनुपम मिश्रा |work=आजतक |access-date=6 मई 2026}}</ref> वे पश्चिम बंगाल के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जो [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) से संबंधित हैं। वे भारत की [[पंद्रहवी लोक सभा|15]]वीं और [[सोलहवीं लोक सभा|16वीं लोकसभा]] में [[तामलुक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तामलुक संसदीय क्षेत्र]] से सांसद थे। इसके बाद वे [[ममता बनर्जी]] की सरकार में मंत्री भी रहे। हालांकि, उन्होंने दिसंबर 2020 में [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस|तृणमूल कांग्रेस]] पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। [[2021 पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव|2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव]] में वे [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]] से प्रत्याशी थे जहाँ उन्होंने तत्कालीन मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी को पराजित कर दिया था। उन्होंने 2021 से 2026 तक विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। [[2026 बंगाल विधानसभा चुनाव|2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव]] में उन्होंने [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]] तथा [[भवानीपुर, पश्चिम बंगाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|भवानीपुर]] से जीत दर्ज करी।
== 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ==
उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री [[ममता बनर्जी]] को 1,956 मतों के अंतर से पराजित किया।<ref>{{cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/mamata-vs-suvendu-all-eyes-on-nandigram-as-counting-underway-in-west-bengal/articleshow/82350838.cms |title=Nandigram election result 2021: Suvendu Adhikari beats Mamata by 1,736 votes |date=2 May 2021 |work=The Times of India |access-date=29 May 2022}}</ref> ममता बनर्जी ने इस परिणाम के विरुद्ध कोलकाता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की थी।
10 मई 2021 को, केंद्रीय मंत्री [[रवि शंकर प्रसाद]] ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता घोषित किया।<ref>{{cite news |url=https://www.ndtv.com/india-news/suvendu-adhikari-elected-opposition-leader-in-west-bengal-assembly-2438995 |title=Suvendu Adhikari Elected Opposition Leader In West Bengal Assembly |date=10 May 2021 |work=NDTV |access-date=29 May 2022 |agency=PTI}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1970 में जन्मे लोग]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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* [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस]] {{small|(1998-2020)}}
}}
'''शुभेंदु अधिकारी''' ([[बंगाली भाषा|बंगाली]]: শুভেন্দু অধিকারী; जन्म 15 दिसंबर 1970 ) एक भारतीय राजनेता हैं, जो 9 मई 2026 से [[पश्चिम बंगाल]] के 9वें [[पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] के रूप में कार्यरत हैं।<ref>{{cite news |url=https://www.aajtak.in/amp/west-bengal/story/west-bengal-new-government-oath-ceremony-kolkata-brigade-parade-ground-ntc-ntyv-rpti-2545100-2026-05-06 |title=बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख और जगह तय, 9 मई को सुबह 10 बजे शपथ लेंगे बीजेपी के CM | author=अनुपम मिश्रा |work=आजतक |access-date=6 मई 2026}}</ref> वे पश्चिम बंगाल के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जो [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) से संबंधित हैं। वे भारत की [[पंद्रहवी लोक सभा|15]]वीं और [[सोलहवीं लोक सभा|16वीं लोकसभा]] में [[तामलुक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|तामलुक संसदीय क्षेत्र]] से सांसद थे। इसके बाद वे [[ममता बनर्जी]] की सरकार में मंत्री भी रहे। हालांकि, उन्होंने दिसंबर 2020 में [[सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस|तृणमूल कांग्रेस]] पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। [[2021 पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव|2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव]] में वे [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]] से प्रत्याशी थे जहाँ उन्होंने तत्कालीन मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी को पराजित कर दिया था। उन्होंने 2021 से 2026 तक विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। [[2026 बंगाल विधानसभा चुनाव|2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव]] में उन्होंने [[नन्दीग्राम (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|नन्दीग्राम]] तथा [[भवानीपुर, पश्चिम बंगाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|भवानीपुर]] से जीत दर्ज करी।
== 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ==
उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री [[ममता बनर्जी]] को 1,956 मतों के अंतर से पराजित किया।<ref>{{cite news |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/mamata-vs-suvendu-all-eyes-on-nandigram-as-counting-underway-in-west-bengal/articleshow/82350838.cms |title=Nandigram election result 2021: Suvendu Adhikari beats Mamata by 1,736 votes |date=2 May 2021 |work=The Times of India |access-date=29 May 2022}}</ref> ममता बनर्जी ने इस परिणाम के विरुद्ध कोलकाता उच्च न्यायालय में एक चुनाव याचिका दायर की थी।
10 मई 2021 को, केंद्रीय मंत्री [[रवि शंकर प्रसाद]] ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता घोषित किया।<ref>{{cite news |url=https://www.ndtv.com/india-news/suvendu-adhikari-elected-opposition-leader-in-west-bengal-assembly-2438995 |title=Suvendu Adhikari Elected Opposition Leader In West Bengal Assembly |date=10 May 2021 |work=NDTV |access-date=29 May 2022 |agency=PTI}}</ref>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20141006112328/http://india.gov.in/hi/my-government/indian-parliament/lok-sabha भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर सांसदों के बारे में संक्षिप्त जानकारी]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:१६वीं लोक सभा के सदस्य]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:1970 में जन्मे लोग]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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सदस्य वार्ता:Whosflorence
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Little Sunshine
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
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{{ज्ञानसन्दूक कम्पनी
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#1d6194 | '''आपकी उन्नति, हमारा लक्ष्य'''}}
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|parent=[[वित्त मंत्रालय (भारत)|वित्त मंत्रालय]], [[भारत सरकार]]
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}}
'''उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (UPGB)''' एक भारतीय [[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]] है जिसकी स्थापना १ मई २०२५ को उत्तर प्रदेश में हुई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/amp/industry/banking/govt-announces-one-state-one-rrb-implementation-from-may-1-2025-125040800039_1.html|title=Govt announces 'One State, One RRB' implementation from May 1, 2025}}</ref> बैंक का गठन सरकार की "एक राज्य, एक आरआरबी" नीति के तहत आर्यावर्त बैंक, बड़ौदा यूपी बैंक और प्रथम यूपी ग्रामीण बैंक के विलय से किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/economy/one-state-one-rrb-to-be-effective-from-may-1-after-govt-approves-consolidation-of-15-regional-rural-banks-11744118507326.html|title='One state-one RRB' to be effective from May 1 after govt approves consolidation of 15 regional rural banks | Mint|last=Livemint|date=8 April 2025|website=mint}}</ref> वर्तमान में [[उत्तर प्रदेश]] के ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी 4330 शाखाएँ हैं।
यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम १९७६ के तहत कार्य करता है और [[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]] द्वारा प्रायोजित है।
== इतिहास ==
[[उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का इतिहास]]
=== आर्यावर्त बैंक ===
'''इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक''' और [[ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त]] का विलय ०१.०४.२०२९ से [[आर्यावर्त बैंक]] नाम से हुआ और यह [[बैंक ऑफ इंडिया]] द्वारा प्रायोजित है। विलय के समय [[उत्तर प्रदेश]] के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की १३६५ शाखाएँ और २२ क्षेत्रीय कार्यालय थे।
विलय से पहले, [[आर्यावर्त बैंक]] का प्रधान कार्यालय ए-२/४६, विजय खंड, गोमती नगर, लखनऊ से द्वितीय एवं तृतीय तल, एनबीसीसी वाणिज्यिक परिसर, वरदान खंड, गोमती नगर विस्तार, [[लखनऊ]], [[उत्तर प्रदेश]] - २२६०१० में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस प्रधान कार्यालय के लिए नए भवन का उद्घाटन आधिकारिक विलय की तारीख से कुछ समय पहले १ अप्रैल, २०२५ को किया गया था।
=== बड़ौदा यूपी बैंक ===
भारत में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम १९७६ [२३(१)] के तहत की गई थी। भारत सरकार की अधिसूचना संख्या ३८३७ दिनांक २६.११.२०१९ के अनुसार, '''बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक''', '''पूर्वांचल बैंक''' और '''काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक''' को [[बैंक ऑफ बड़ौदा]] के प्रायोजन के अंतर्गत '''बड़ौदा यूपी बैंक''' में समाहित कर दिया गया है।
=== प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ===
'''प्रथमा बैंक''' और '''सर्व यूपी ग्रामीण बैंक''' का विलय कर '''प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक''' नाम दिया गया। बैंक की [[उत्तर प्रदेश]] के १९ जिलों में ९६० शाखाएँ थीं; इसकी एक शाखा [[उत्तराखंड]] के [[हरिद्वार]] जिले में भी है। यह बैंक [[पंजाब नेशनल बैंक]] द्वारा प्रायोजित है।
प्रथमा बैंक (शाब्दिक अर्थ: प्रथम बैंक) की स्थापना १९७५ में [[सिंडिकेट बैंक]] द्वारा की गई थी। यह भारत का पहला [[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]] था।
== प्रतीक चिन्ह ==
[[चित्र:RRB LOGO new.png|अंगूठाकार|295x295पिक्सेल|1 अगस्त, 2025 से उपयोग किया जाने वाला उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का प्रतीक चिन्ह]]
यह पहचान समरूपता, स्थिरता और शिल्प कौशल का प्रतीक है।
मुख्य तत्वों में शामिल हैं:
*'''''ऊपर की ओर तीर''''', जो प्रगति और विकास का प्रतीक है
*'''''हाथ''''', जो पोषण और देखभाल का प्रतीक है
*'''''लौ''''', जो ज्ञान और गर्मजोशी का प्रतीक है
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के प्रतीक चिन्ह चयन प्रक्रिया में जून 2025 में [[नाबार्ड]] द्वारा भारत में एकीकृत [[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]] के लिए एक नया, साझा प्रतीक चिन्ह चुनने हेतु एक सार्वजनिक सर्वेक्षण आयोजित किया गया था। इस पहल का उद्देश्य कई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के विलय के बाद ग्रामीण बैंकिंग के लिए एक एकीकृत ब्रांड पहचान बनाना था। सर्वेक्षण में प्रतिभागियों को छह लोगो अवधारणाओं और नौ डिज़ाइन विविधताओं पर वोट करने का अवसर दिया गया। इस पहल को ''OneRRBOneLogo'' नाम दिया गया, जो क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के लिए एक ही पहचान के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
== यह भी देखें ==
* [[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]]
* [[भारत में कार्यरत बैंकों की सूची|भारत में बैंकों की सूची]]
* [[भारत के सार्वजनिक क्षेत्रक बैंक|भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक]]
* [[भारत में बैंकिंग]]
* [[भारतीय रिज़र्व बैंक]]
* [[भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड|भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता]]
* [[मेक इन इंडिया]]
* [[भारतीय कंपनियों की सूची|भारत की कंपनियों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{reflist}}
==बाहरी लिंक==
* [https://upgb.bank.in/ आधिकारिक साइट]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
{{भारत में बैंकिंग}}
[[श्रेणी:2025 में स्थापित बैंक]]
[[श्रेणी:भारत के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश स्थित कंपनियाँ]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश में 2025 प्रतिष्ठान]]
[[श्रेणी:2025 में स्थापित भारतीय कंपनियाँ]]
[[श्रेणी:लखनऊ]]
[[श्रेणी:बैंक ऑफ बड़ौदा]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था]]
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आहार (पोषण)
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text/x-wiki
[[File:FoodSourcesOfMagnesium.jpg|thumb|right|मानव द्वारा खाए जाने वाले [[मैग्नीशियम]]-युक्त [[भोजन]] का चयन। मानव आहार काफ़ी विविध हो सकता है।]]
'''आहार''' ''([[अंग्रेजी]]: Diet)'' से आशय किसी व्यक्ति या जीव द्वारा नियमित रूप से खाए जाने वाले भोजन और पेय से है। यह [[पोषण]] ''(Nutrition)'' का मूल आधार है और किसी भी जीव के [[स्वास्थ्य]], [[विकास]] तथा [[ऊर्जा]] स्तर को प्रभावित करता है। [[सन्तुलित आहार|संतुलित आहार]] ''(Balanced diet)'' शरीर को आवश्यक [[कार्बोहाइड्रेट]], [[प्रोटीन]], [[वसा]], [[विटामिन]] और [[खनिज]] प्रदान करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nios.ac.in/media/documents/srsec321Hnew/AH-4.pdf|title=Wayback Machine|website=nios.ac.in|access-date=2025-10-02}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.niddk.nih.gov/health-information/diet-nutrition|title=Diet & Nutrition - NIDDK|website=National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases|language=en-US|access-date=2025-10-02}}</ref>
== परिभाषा ==
आहार किसी व्यक्ति या समूह की भोजन खपत का वह स्वरूप है जो उनके सांस्कृतिक, भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों से प्रभावित होता है। यह शब्द चिकित्सा विज्ञान में विशेष भोजन योजनाओं (जैसे - मधुमेह आहार, वजन घटाने का आहार) के लिए भी प्रयुक्त होता है।
== आहार के प्रकार ==
* '''संतुलित आहार''' - सभी आवश्यक पोषक तत्वों से युक्त भोजन।
* '''शाकाहारी आहार''' - मांस, मछली और अंडे का परित्याग करके केवल पौधों पर आधारित भोजन।
* '''मांसाहारी आहार''' - जिसमें पशु-उत्पाद शामिल हों।
* '''भूमध्यसागरीय आहार''' - फल, सब्ज़ियाँ, अनाज, जैतून का तेल और मछली आधारित भोजन।
* '''विशेष आहार''' - चिकित्सीय कारणों से अपनाए गए आहार जैसे मधुमेह रोगियों के लिए कम शर्करा वाला आहार।
== महत्व ==
* स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त आहार रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
* बचपन और किशोरावस्था में उचित आहार विकास और वृद्धि में सहायक होता है।
* गलत आहार से मोटापा, [[मधुमेह]], [[हृदय रोग]], [[कुपोषण]] और [[रक्तचाप]] जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
== आहार और संस्कृति ==
आहार पर धर्म, संस्कृति और परंपराओं का गहरा प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, भारत में शाकाहार कई समुदायों में आम है, जबकि भूमध्यसागरीय देशों में समुद्री भोजन अधिक प्रचलित है।<ref>{{Cite web|url=https://indianculture.gov.in/hi/food-and-culture|title=भोजन और संस्कृति {{!}} भारतीय संस्कृति|website=indianculture.gov.in|language=hi|access-date=2025-10-02}}</ref>
== आधुनिक परिप्रेक्ष्य ==
आजकल स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ने के कारण आहार योजनाओं (Diet plans) और पोषण संबंधी परामर्श की मांग बढ़ी है। पोषण विशेषज्ञ ''(Nutritionist)'' और आहार विशेषज्ञ ''(Dietitian)'' व्यक्तिगत स्वास्थ्य और ज़रूरतों के अनुसार आहार योजना तैयार करते हैं।
== देखें भी ==
* [[पोषण]]
* [[भोजन]]
* [[कुपोषण]]
* [[स्वास्थ्य]]
* [[खाद्य विज्ञान]]
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/healthy-diet विश्व स्वास्थ्य संगठन – स्वस्थ आहार]
* [https://www.nhp.gov.in/nutrition_mtl राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल – पोषण और आहार]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
[[Category:आहार विज्ञान]]
[[Category:स्वास्थ्य]]
[[Category:पोषण]]
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मनोरोग प्रतिरोधी
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2026-05-17T11:53:31Z
ASHUTOSHSINGH999
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मरीचिका' को 'मतिभ्रम' से बदलने पर यह पूरी तरह से मेडिकल टर्मिनोलॉजी के अनुकूल हो गया है।
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text/x-wiki
<blockquote>'''मनोरोग प्रतिरोधी (अंग्रेज़ी: Antipsychotics)''' औषधियों का एक वर्ग है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से गंभीर मानसिक विकारों के उपचार में किया जाता है। इन दवाओं का प्रयोग विशेष रूप से सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia), द्विध्रुवी विकार (Bipolar Disorder) तथा अन्य जटिल मानसिक रोगों में होता है। ये दवाएँ निम्नलिखित लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं:
* '''प्रलाप (Delusion):''' वास्तविकता से परे पक्के विश्वास।
* '''मतिभ्रम (Hallucination):''' ऐसी चीज़ें दिखना या सुनना जो वास्तव में नहीं हैं।
* '''अत्यधिक संदेह और असामान्य विचार।'''
</blockquote>{{प्रतिलिपि संपादन|for=शैली और संसंजन|date=दिसम्बर 2025}}<blockquote>'''मनोरोग प्रतिरोधी (अंग्रेज़ी: Antipsychotics)''' औषधियों का एक वर्ग है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से गंभीर मानसिक विकारों के उपचार में किया जाता है। इन दवाओं का प्रयोग विशेष रूप से सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia), द्विध्रुवी विकार (Bipolar Disorder) तथा अन्य जटिल मानसिक रोगों में होता है। ये दवाएँ निम्नलिखित लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं:
* '''प्रलाप (Delusion):''' वास्तविकता से परे पक्के विश्वास।
* '''मतिभ्रम (Hallucination):''' ऐसी चीज़ें दिखना या सुनना जो वास्तव में नहीं हैं।
* '''अत्यधिक संदेह और असामान्य विचार।'''
</blockquote>
== इतिहास ==
* 1950 के दशक में पहली बार '''क्लोरप्रोमाज़ीन''' नामक औषधि के साथ इनका प्रयोग शुरू हुआ।
* आगे चलकर 1970 के दशक में दूसरी पीढ़ी (एटिपिकल) की दवाएँ आयीं।
* 2000 के बाद तीसरी पीढ़ी की दवाएँ विकसित की गईं।<ref>{{Cite web|url=https://www.biospace.com/press-releases/newron-to-present-new-analyses-from-and-updates-on-its-clinical-program-evaluating-evenamide-as-an-add-on-treatment-for-schizophrenia-at-the-38th-european-college-of-neuropsychopharmacology-ecnp-congress-2025|title=Newron to Present New Analyses From and Updates on its Clinical Program Evaluating Evenamide as an Add-on Treatment for Schizophrenia at the 38th European College of Neuropsychopharmacology (ECNP) Congress 2025|last=Read|first=8 Min|date=2025-10-02|website=BioSpace|language=en-US|access-date=2025-10-02}}</ref>
== प्रकार ==
=== प्रथम पीढ़ी (टिपिकल) ===
* 1950 के दशक में विकसित।
* प्रमुख उदाहरण: '''क्लोरप्रोमाज़ीन''', '''हैलोपरिडॉल'''।
* ये दवाएँ मुख्य रूप से ''डोपामिन रिसेप्टर'' को अवरुद्ध करती हैं।
=== द्वितीय पीढ़ी (एटिपिकल) ===
* 1970 के दशक में आयीं।
* उदाहरण: '''क्लोज़ापीन''', '''रिसपेरीडोन''', '''ओलानज़ापीन'''।
* ये डोपामिन के साथ-साथ ''सेरोटोनिन'' पर भी प्रभाव डालती हैं।
=== तृतीय पीढ़ी ===
* 2000 के बाद आयीं।
* इनकी विशेषता यह है कि ये डोपामिन को पूरी तरह अवरुद्ध नहीं करतीं बल्कि संतुलन बनाती हैं।
== दुष्प्रभाव ==
मनोरोग प्रतिरोधी दवाओं से कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे:
* वजन बढ़ना
* यौन दुर्बलता
* मधुमेह व चयापचय संबंधी समस्याएँ
* अनैच्छिक शारीरिक हरकतें (टार्डिव डिस्किनेसिया, डिस्टोनिया, अकाथीसिया)
लंबे समय तक सेवन करने पर ये दुष्प्रभाव स्थायी भी हो सकते हैं।<ref>{{Cite journal|last=Sudar|first=Federico Pacheco|last2=Zekerallah|first2=Samar Samy|last3=Paulzen|first3=Michael|last4=Mathiak|first4=Klaus|last5=Gaebler|first5=Arnim Johannes|date=2025-06-01|title=Unraveling antipsychotic induced weight gain in schizophrenia – A proof-of-concept study exploring the impact of the cumulative historical occupancy of different receptors by antipsychotics|url=https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0165178125001015|journal=Psychiatry Research|volume=348|pages=116452|doi=10.1016/j.psychres.2025.116452|issn=0165-1781}}</ref>
== शब्दव्युत्पत्ति ==
“'''न्यूरोलेप्टिक'''” शब्द यूनानी भाषा से बना है –
* ''न्यूरोन'' = तंत्रिका
* ''लेप्टिक'' = पकड़ना
अर्थात्, "जो तंत्रिका को पकड़ ले"।
==संदर्भ==
{{Reflist}}
so0j3o5xkfd35woxsq9e24nym3ome4y
श्वेता पंडित
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2026-05-16T12:27:04Z
AMAN KUMAR
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Infobox update
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text/x-wiki
{{Wikidata Infobox}}
'''श्वेता पंडित''' (जन्म ७ जुलाई १९८६) एक भारतीय गायिका और अभिनेत्री हैं जो मुख्य रूप से [[हिन्दी सिनेमा|हिंदी सिनेमा]] में काम करती हैं।<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/topic/Shweta-Pandit|title=Shweta Pandit: Movies, Photos, Videos, News, Biography & Birthday {{!}} Times of India|website=The Times of India|language=en|access-date=2024-06-09}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://news.abplive.com/topic/singer-shweta-pandit|title=Singer Shweta Pandit: Latest News, Photos and Videos on Singer Shweta Pandit {{!}} ABP Live News|last=english|website=news.abplive.com|language=en|access-date=2024-06-09}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://jhunkar.com/songs-of-shweta-pandit|title=Songs of Shweta Pandit-Bollywood Songs|publisher=Jhunkar.com|access-date=21 September 2013|archive-date=26 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180826001954/http://jhunkar.com/songs-of-shweta-pandit/|url-status=dead}}</ref> उन्होंने [[तेलुगु भाषा|तेलुगु]], [[तमिल भाषा|तमिल]] और कई अन्य भारतीय भाषाओं में फिल्मों के लिए लोकप्रिय गाने भी रिकॉर्ड किए हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/music/shweta-pandit-is-confused-as-shweta-your-mic-is-on-and-pandit-become-twitter-trends-why-am-i-trending-worldwide-101613715818075.html|title=Shweta Pandit is confused as 'Shweta your mic is on' and 'Pandit' become Twitter trends: 'Why am I trending worldwide'|date=19 February 2021|website=Hindustan Times|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/music/sad-that-songs-with-female-actors-sung-by-male-singers-shweta-pandit-636931/|title=Sad that songs featuring female actors are sung by male singers: Shweta Pandit|date=19 April 2020|website=The Indian Express|language=en}}</ref>
वे विश्वराज पंडित और [स्वर्ण पंडित की छोटी बेटी हैं। वह भारतीय शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता [[पण्डित जसराज]] की पोती हैं।
== संगीत में करियर ==
४ साल की छोटी उम्र में, श्वेता ने भारतीय संगीतकार [[इलैयाराजा]] के साथ पुरस्कार विजेता तमिल फिल्म ''अंजलि'' के लिए काम किया, जिसे हिंदी में फिर से रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने फिल्म में मुख्य बच्चे के लिए डब किया और हिंदी में गाने भी गाए, जिससे वह बॉलीवुड संगीत उद्योग में सबसे कम उम्र की गायिकाओं में से एक बन गईं।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/lucknow-times/shweta-pandit-high-notes-of-success/articleshow/219142.cms|title=Shweta Pandit: High notes of success|last=Awasthi|first=Pramod|date=7 October 2003|work=The Times of India|access-date=14 April 2021|language=en}}</ref> उन्होंने ९ साल की उम्र में तबला वादक उस्ताद [[ज़ाकिर हुसैन (संगीतकार)|जाकिर हुसैन]] की संगीतकार के रूप में उनकी पहली फिल्म ''साज'' के लिए भी गाना रिकॉर्ड किया।
उन्होंने १४ साल की उम्र में [[यश राज फ़िल्म्स|यश राज फिल्म्स]] और [[आदित्य चोपड़ा]] की ''[[मोहब्बतें]]'' (२०००) के पांच गीतों के साथ सफलता हासिल की थी। कई गायकों के बीच अंतिम चयन के लिए ऑडिशन देने के बाद उन्हें फिल्म में गाने के लिए चुना गया था। उनकी उल्लेखनीय हिट फिल्मों में शामिल हैं ''[[रुद्राक्ष (2004 फ़िल्म)|रुद्राक्ष]]'' (२००३) से "इश्क खुदाई", ''[[नील एन निक्की (२००५ चलचित्र)|नील एन निक्की]]'' (२००५) से "हल्ला रे", ''[[फाइट क्लब (2006 फ़िल्म)|फाइट क्लब]]'' (२००६) से "छोरे की बांते",''[[पार्टनर]]'' (२००७) से "यू आर माई लव", [[वेलकम (2007 फ़िल्म)|''वेलकम'']] (२००७) से "तेरा सरापा", [[नाच (2004 फ़िल्म)|''नाच'']] (२००४) से "बंधने लगी", ''[[सरकार राज]]'' (२००८) से "झिनी झिनी",''[[सत्याग्रह (2013 फ़िल्म)|सत्याग्रह]]'' (२०११) से "रघुपति राघव", ''[[यमला पगला दीवाना]]'' (२०११) से "चड्ढा दे रंग" , [[लेडीज़ वर्सेज रिक्की बहल|''लेडीज़ वर्सेज रिक्की बहल'']] (२०११) से "ठग ले", [[मेरे ब्रदर की दुल्हन|''मेरे ब्रदर की दुल्हन'']] (२०११) से "मधुबाला", [[राजा नटवरलाल|''राजा नटवरलाल'']] (२०१४) से "तेरे होके रहेंगे"।
== निजी जीवन ==
२०१५ की गर्मियों में, पंडित ने [[पेरिस]] में [[सीन|सीन नदी]] के किनारे सगाई कर ली और एक साल बाद जुलाई २०१६ में, उन्होंने [[जोधपुर]] में आयोजित एक पारंपरिक भारतीय शादी में एक इतालवी फिल्म निर्माता इवानो फूची से शादी की।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Shweta-Pandit-marries-Italian-boyfriend-Ivano-Fucci/articleshow/53430632.cms|title=Shweta Pandit marries Italian boyfriend Ivano Fucci|date=28 January 2017|work=Times of India|access-date=14 April 2021}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/photos/entertainment-gallery/singer-shweta-pandit-wedding-to-italian-boyfriend-is-a-dream-come-true-3003629/|title=Singer Shweta Pandit's wedding to Italian boyfriend is a dream come true|date=30 August 2016|work=The Indian Express|access-date=29 October 2020|language=en}}</ref> शादी में अभिनेता [[जैकी श्रॉफ]] और [[श्रुति हासन]] मौजूद थे।
पंडित ने इटली के फ्लोरेंस में [[कोविड-19 विश्वमारी|कोविड-19 महामारी]] के बीच ८ फरवरी २०२० को अपने पहले बच्चे, इज़ाना नाम की एक बच्ची को जन्म दिया।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/music/news/shweta-pandit-delivers-a-baby-during-lockdown-in-italy-daughter-was-born-on-feb-8/articleshow/75436349.cms|title=Exclusive: Shweta Pandit delivers a baby during lockdown in Italy, daughter was born on Feb 8 - Times of India|last=Sen|first=Debarati S|date=28 April 2020|work=The Times of India|access-date=19 August 2020|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/music/shweta-pandit-delivered-daughter-in-italy-amid-covid-19-outbreak-reveals-why-it-didn-t-feel-right-to-share-news/story-JpM48tafHkmBM2lN4Tag8N.html|title=Shweta Pandit delivered daughter in Italy amid Covid-19 outbreak, reveals why it 'didn't feel right' to share news|date=29 April 2020|website=Hindustan Times|language=en}}</ref>
रिपोर्टों के अनुसार, संगीतकार [[अनु मलिक]] ने श्वेता को तब परेशान किया जब वह १५ साल की थी। पंडित ने अक्टूबर २०१८ में सोशल नेटवर्किंग सेवा [[ट्विटर|एक्स]] पर साझा किए गए एक लंबे नोट में मलिक को "पीडोफाइल और यौन शिकारी" कहा।<ref>{{Cite web|url=https://www.hindustantimes.com/music/metoo-singer-shweta-pandit-calls-anu-malik-a-paedophile-says-he-asked-her-for-a-kiss-at-15/story-XBXSw4naXZpPv4ADH251AI.html|title=MeToo: Singer Shweta Pandit calls Anu Malik a paedophile, says he asked her for a kiss at 15|date=18 October 2018|website=Hindustan Times|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/entertainment/bollywood/bollywood-singer-shweta-pandit-birthday-she-had-accused-musician-anu-malik-of-harassment?pageId=2|title=Shweta Pandit: जब 15 साल की उम्र में अनु मलिक ने श्वेता से की ऐसी मांग, सिंगर ने इंडस्ट्री छोड़ने का बना लिया था मन|website=Amar Ujala|language=hi}}</ref>
== पुरस्कार ==
* '''विजेता''' : [[फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार|फिल्मफेर]] सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका - तेलुगु - गाना "नेनीनी नीवानी", फिल्म ''कोठा बंगारू लोकम'' (२००९)
* '''विजेता''' : [[रेडियो मिर्ची]] सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका - गाना "इढायम", फिल्म ''बिल्ला 2'' (२०१२)
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:1986 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२१वीं सदी की भारतीय अभिनेत्रियाँ]]
[[श्रेणी:बॉलीवुड पार्श्वगायक]]
[[श्रेणी:भारतीय महिला फिल्म गायिका]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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रोशन (संगीतकार)
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AMAN KUMAR
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{{Wikidata Infobox}}
'''रोशन लाल नागरथ''' (१४ जुलाई १९१७ - १६ नवंबर १९६७), जिन्हें '''रोशन''' के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय [[एसराज]] वादक और [[संगीत निर्देशक]] थे। वह अभिनेता और फिल्म निर्देशक [[राकेश रोशन]] और संगीत निर्देशक [[राजेश रोशन]] के पिता और [[ऋतिक रोशन]] के दादा थे।<ref name="TOI_Feb2024">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/did-you-know-hrithik-roshans-maternal-and-paternal-family-has-roots-in-pakistan-etimes-bffs/articleshow/107399202.cms|title=Did you know Hrithik Roshan's maternal and paternal family has roots in Pakistan?|last=Mankermi|first=Shivani|date=4 February 2024|work=The Times of India|access-date=4 November 2024|last2=Dubey|first2=Bharti}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
रोशन का जन्म १४ जुलाई १९१७ को [[ब्रिटिश भारत के प्रेसिडेंसी और प्रांत|ब्रिटिश भारत]] के [[पंजाब प्रांत (ब्रिटिश भारत)|पंजाब प्रांत]] (अब [[पंजाब (पाकिस्तान)|पंजाब, पाकिस्तान]]) के [[गुजरांवाला]] में एक [[पंजाबी समुदाय|पंजाबी]] [[सारस्वत ब्राह्मण]] परिवार में हुआ था।<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/did-you-know/hrithik-roshans-real-surname-revealed-the-hidden-family-secret/articleshow/107044450.cms|title=Did You Know What Hrithik Roshan's Real Surname Is? The Actor Reveals|date=22 January 2024|work=[[The Times of India]]|access-date=24 May 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240214235552/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/did-you-know/hrithik-roshans-real-surname-revealed-the-hidden-family-secret/articleshow/107044450.cms|archive-date=14 February 2024|quote=Hrithik's real name is 'Hrithik Rakesh Nagrath,' reflecting his Brahmin or Punjabi Saraswat heritage.}}</ref><ref name="TheHindu">{{Cite web|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/remembering-music-director-roshan/article22368074.ece|title=Remembering music director Roshan|last=Pran Neville|date=5 January 2018|website=The Hindu (newspaper)|archive-url=https://web.archive.org/web/20211027174113/https://www.thehindu.com/entertainment/movies/remembering-music-director-roshan/article22368074.ece|archive-date=27 अक्तूबर 2021|access-date=8 November 2019|url-status=bot: unknown}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="" id="CITEREFPran_Neville2018">Pran Neville (5 January 2018). . ''The Hindu (newspaper)''. Archived from [https://www.thehindu.com/entertainment/movies/remembering-music-director-roshan/article22368074.ece the original] on 27 October 2021<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">8 November</span> 2019</span>.</cite></ref> उन्होंने कम उम्र में संगीत की शिक्षा शुरू की और बाद में [[लखनऊ]] के [[भातखंडे संगीत संस्थान समविश्वविद्यालय|मैरिस कॉलेज]] में पंडित एस. एन. रतनजंकर (संस्थान के प्राचार्य) के प्रशिक्षण के तहत भाग लिया। रोशन [[मैहर]] के प्रसिद्ध सरोद वादक [[उस्ताद अलाउद्दीन खान|अलाउद्दीन खान]] के मार्गदर्शन में एक कुशल सरोद वादक बन गए। १९४० में, [[आकाशवाणी|ऑल इंडिया रेडियो]] दिल्ली के कार्यक्रम निर्माता, ख्वाजा खुर्शीद अनवर ने रोशन को [[एसराज]] बजाने के लिए नियुक्त किया।<ref name="TheHindu" />
== कारकिर्दगी ==
१९४८ में, रोशन एक हिंदी फिल्म संगीत निर्देशक के रूप में काम खोजने के लिए [[मुम्बई|बॉम्बे]] आए और फिल्म ''[[सिंगार (1949 फ़िल्म)|सिंगर]]'' (१९४९) में संगीतकार ख्वाजा खुर्शीद अनवर के सहायक बने। रोशन ''बावरे नैन'' (१९५०) के साथ हिंदी फिल्म संगीत परिदृश्य पर उभरे जो एक बड़ी संगीत हिट बन गई।<ref name="TheHindu" /><ref name="DNA">{{Cite news|url=https://www.dnaindia.com/entertainment/report-bollywood-retrospect-top-10-songs-from-roshan-s-best-film-albums-2103545|title=Bollywood Retrospect: Top 10 songs from Roshan's best film albums|last=Arunachalam|first=Param|date=11 July 2015|work=DNA India|access-date=8 November 2019}}</ref>
१९६० का दशक रोशन के लिए स्वर्ण युग साबित हुआ। इस दौरान, रोशन ने ''[[बरसात की रात]]'' (१९६०), [[आरती (1962 फ़िल्म)|''आरती'']] (१९६२), [[ताजमहल (1963 फ़िल्म)|''ताजमहल'']] (१९६३), ''[[चित्रलेखा]]'', (१९६४), ''[[ममता (1966 फ़िल्म)|ममता]]'' (१९६६), ''[[देवर (फ़िल्म)|देवर]]'' (१९६६) जैसे फिल्मोंका संगीत दिया।<ref name="BoxOfficeIndia">{{Cite web|url=http://boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=123&catName=MTk2MC0xOTY5|title=Top Earners 1960-1969|date=18 January 2008|website=BoxOfficeIndia.com website|archive-url=https://web.archive.org/web/20120919200236/http://boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=123&catName=MTk2MC0xOTY5|archive-date=19 September 2012|access-date=12 November 2019}}</ref><ref name="TheHindu"/><ref name="DNA" /><ref name="Cinestaan">{{Cite web|url=https://www.cinestaan.com/articles/2017/jan/14/3786/rajesh-roshan-jo-wada-kiya-wo-still-haunts-me|title=Rajesh Roshan: 'Jo Wada Kiya Wo' still haunts me|last=Sonal Pandya|date=14 January 2017|website=Cinestaan.com website|archive-url=https://web.archive.org/web/20191109184541/https://www.cinestaan.com/articles/2017/jan/14/3786/rajesh-roshan-jo-wada-kiya-wo-still-haunts-me|archive-date=9 November 2019|access-date=9 November 2019}}</ref>
रोशन की विशेषता फिल्म [[क़व्वाली|कव्वाली]] थी और इन रचनाओं के लिए उनकी व्यापक रूप से सराहना की गई थी। इन कव्वलीयों में कुछ प्रसिद्ध गीत थे: "ना तो कारवां की तलाश है" और "ये है इश्क इश्क" जो थे फ़िल्म [[बरसात की रात|''बरसात की रात'']] (१९६०) में, "निगाहे मिलाने को जी चाहता है" जो थे फिल्म [[दिल ही तो है (1963 फ़िल्म)|''दिल ही तो है'']] (१९६३) में और "वाकीफ हूं खूब इश्क के तरह से बयां से मैं" और "धुंधके लाऊ कहाँ से मैं" जो थे फिल्म ''[[बहू बेग़म|बहू बेगम]]'' (१९६७) में।
== व्यक्तिगत जीवन और मृत्यु ==
रोशन ने १९४८ में अपनी दूसरी पत्नी इरा मोइत्रा से शादी की और बॉम्बे चले गए।<ref name="TOI_Feb2024"/><ref name="TheHindu"/> उनके बेटे [[राकेश रोशन]] (जन्म १९४९) और [[राजेश रोशन]] (जन्म १९५५) हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/7-days/daddy-cool/cid/1669378|title=Daddy Cool|last=Roshan|first=Sunaina Roshan|date=5 July 2014|website=The Telegraph India|access-date=22 November 2021}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thehansindia.com/posts/index/Cinema/2014-10-02/I-watch-a-film-every-Friday-Rakesh-Roshan/109916|title=I watch a film every Friday: Rakesh Roshan|last=Somaaya|first=Bhawana|date=2 October 2014|website=The Hans India|language=en|access-date=22 November 2021}}</ref>
रोशन २० साल से अधिक समय से दिल की समस्या से पीड़ित थे। एक सामाजिक सभा में भाग लेने के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और ५० वर्ष की आयु में १६ नवंबर १९६७ को [[मुम्बई|मुंबई, महाराष्ट्र]], में उनका निधन हो गया।<ref name="TheHindu"/>
== पुरस्कार ==
* [[फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार]] - ''[[ताजमहल (1963 फ़िल्म)|ताजमहल]]'' (१९६३) <ref name="TheHindu"/>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:हिन्दी फ़िल्म संगीतकार]]
[[श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता]]
[[श्रेणी:१९६७ में निधन]]
[[श्रेणी:1917 में जन्मे लोग]]
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इगास बग्वाल
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'''इगास बग्वाल''', जिसे बूढ़ी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है, [[उत्तर भारत|उत्तर भारतीय]] राज्य [[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]] में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है। <ref>{{Cite web|url=https://www.news9live.com/india/uttarakhand-people-hope-to-mark-igas-bagwal-or-budhi-diwali-after-safe-return-of-trapped-workers-whats-this-folk-festival-all-about-2358161|title=Uttarakhand: People hope to mark Igas Bagwal or Budhi Diwali after safe return of trapped workers. What’s this folk festival all about?|date=2023-11-23|website=News9live|language=en-US|access-date=2025-06-06}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.outlookindia.com/brand-studio/igas-diwali-celebrating-uttarakhands-unique-folk-festival-and-its-importance-in-pahadi-community|title=Igas Diwali: Celebrating Uttarakhand's Unique Folk Festival And Its Importance In Pahadi Community|date=2024-10-14|website=Outlook India|language=en|access-date=2025-06-06}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/dehradun/uttarakhand-celebrates-igas-its-very-own-diwali/articleshow/79415175.cms|title=Uttarakhand celebrates Igas, its very own Diwali|date=2020-11-26|work=The Times of India|access-date=2025-06-06|issn=0971-8257}}</ref> यह [[दीपावली|दिवाली के]] ग्यारह दिन बाद, <ref>{{Cite web|url=https://www.euttarakhand.com/egaas-bagwal-festival-uttarakhand|title=Egaas Bagwal - Let's Relish this local festival!|date=2019-11-07|website=Uttarakhand Stories - Connect to Uttarakhand with eUttarakhand and Share Stories|language=en|access-date=2025-06-06}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://devbhoomiinsight.com/egaas-festival/|title=How Egaas Festival is Celebrated in Lesser-Known Ways in Uttarakhand|last=Avjot|date=2024-11-22|website=Dev Bhoomi Insight|language=en-US|access-date=2025-06-06}}</ref> [[हिन्दू पंचांग|हिंदू चंद्र कैलेंडर]] में [[देव प्रबोधिनी एकादशी|कार्तिक शुक्ल]] [[एकादशी तिथि|एकादशी]] को मनाया जाता है। <ref>{{Cite web|url=https://www.uttarakhandheaven.in/2024/11/igas-bagwal-symbol-of-uttarakhands-rich.html|title=Igas Bagwal: A Symbol of Uttarakhand's Rich Folk Culture|date=2024-11-11|website=Uttarakhand Heaven|language=en|access-date=2025-06-06}}</ref> [[हिन्दू पौराणिक कथाएँ|हिंदू पौराणिक कथाओं]] के अनुसार, वनवास के बाद [[राम|राम के]] [[अयोध्या]] लौटने की खबर ग्यारह दिन बाद उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंची। <ref>{{Cite web|url=https://www.gaonconnection.com/english/igas-festival-diwali-uttarakhand-history-culture-folk-song-dance-celebration-53045/|title=Know why Uttarakhand’s Igas Festival is Celebrated 11 Days after Diwali|date=2023-11-23|language=en-US|access-date=2025-06-06|archive-date=9 अक्तूबर 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20251009111501/https://www.gaonconnection.com/english/igas-festival-diwali-uttarakhand-history-culture-folk-song-dance-celebration-53045/|url-status=dead}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/dehradun-garhwal-region-diwali-igas-bagwal-celebration-special-festival-significance-sa-local18-8818004.html|title=इगास बग्वाल का पर्व: जानिए क्यों पहाड़ों में दीवाली के 11 दिन बाद मनाई जाती है भगवान राम की विजय की खुशी!|date=2024-11-06|website=News18 हिंदी|language=hi|access-date=2025-06-06}}</ref> त्योहार में तेल के दीपक जलाने, लोक नृत्य करने और पशुधन से जुड़े अनुष्ठान करने जैसी प्रथाएं शामिल हैं। <ref>{{Cite web|url=https://khabaruttarakhand.com/igas-or-bagwal-what-is-the-whole-story-and-why-igas-is-celebrated/|title=Igas Bagwal: क्या है पूरी कहानी और क्यों मनाई जाती है इगास|date=2019-11-08|language=en-US|access-date=2025-06-06}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://www.uttarakhandi.com/igas-festival/|title=Igas Festival - Budhi Diwali Uttarakhand|last=UK|date=2024-11-12|website=Uttarakhandi|language=en-US|access-date=2025-06-06}}</ref>
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:हिन्दू पर्व]]
[[श्रेणी:भारत में धार्मिक त्यौहार]]
[[श्रेणी:भारत में त्यौहार]]
qjhnxtqh6cuo7b9qxebez97fzwwhr3u
उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का इतिहास
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text/x-wiki
[[चित्र:Upgb_logo.png|अंगूठाकार|295x295पिक्सेल|1 अगस्त, 2025 से उपयोग किया जाने वाला उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का प्रतीक चिन्ह]]
[[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक]] (''' आरआरबी ''') की स्थापना आरआरबी अधिनियम, 1976, के प्रावधान के तहत की गई थी| 1976 के अधिनियम संख्या 21 [9 फरवरी 1976]<ref>[https://thc.nic.in/Central%20Governmental%20Acts/Regional%20Rural%20Banks%20Act,%201976..pdf The Regional Rural Banks Act, 1976]</ref> इसका उद्देश्य सहकारी ऋण संरचना के लिए एक वैकल्पिक चैनल बनाना है ताकि कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के लिए संस्थागत ऋण की विस्तारित बैंडविड्थ को सुगम बनाया जा सके।इसकी शुरुआत वर्ष 1975 में 5 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के साथ हुई थी। पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 26 सितंबर, 1975 को जारी अध्यादेश के प्रावधानों के अंतर्गत 2 अक्टूबर, 1975 को स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार, वाणिज्य, उद्योग और अन्य उत्पादक गतिविधियों के विकास, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, कृषि मजदूरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को ऋण और अन्य सुविधाएँ प्रदान करना तथा उनसे जुड़े और प्रासंगिक मामलों का समाधान करना था। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का मूल उद्देश्य ग्रामीण विकास सुनिश्चित करना और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
पिछले पांच दशकों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराकर ग्रामीण बैंकिंग को बदल दिया है।
प्रारंभ में 1975 से उत्तर प्रदेश में 36 [[क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक|आरआरबी]] कार्यरत थे। जिनमें से 1 आरआरबी '''क्षेत्रीय किसान ग्रामीण बैंक''' '''उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड''' द्वारा प्रायोजित था।
'''प्रथमा बैंक''', जिसका मुख्य कार्यालय उत्तर प्रदेश के [[मुरादाबाद]] में है, 2 अक्टूबर, 1975 को स्थापित पहला आरआरबी था। यह [[सिंडिकेट बैंक]] द्वारा प्रायोजित था और इसकी अधिकृत पूंजी 5 करोड़ रुपये थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.business-standard.com/article/finance/the-largest-rewrite-of-the-banking-history-and-merger-s-cultural-traps-119090701030_1.html|title=The largest rewrite of the banking history and merger's cultural traps|last=Bhattacharjee|first=Subhomoy|date=2019-09-07|work=Business Standard India|access-date=2021-06-02}}</ref>
== एकीकरण ==
यह उत्तर प्रदेश में विभिन्न समय पर आयोजित समामेलनों की सूची है <ref>{{Cite news|url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2146512|title=Government's RRB Consolidation Drive reduces RRBs from 196 to 28 Under 'One State-One RRB' Policy to Boost Efficiency and Financial Strength|work=Press Information Bureau (pib)|access-date=2025-10-24}}</ref>
=== वित्तीय वर्ष 2005-06 के दौरान एकीकरण ===
2005 में शुरू की गई पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत, परिचालन दक्षता और सेवा वितरण में सुधार के लिए उन्हीं बैंकों द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का एकीकरण कर दिया गया। वित्तीय वर्ष 2005-06 में, 23 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय करके 7 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक बनाए गए।
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
|-
|1
|बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|
|[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
|-
|2
|बड़ौदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|
|[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
|-
|3
|काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक
|[[वाराणसी जिला|वाराणसी]]
|[[यूनियन बैंक ऑफ इंडिया]]
|-
|4
|लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[सीतापुर जिला|सीतापुर]]
|[[इलाहाबाद बैंक]]
|-
|5
|पूर्वांचल ग्रामीण बैंक
|[[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]]
|[[भारतीय स्टेट बैंक]]
|-
|6
|त्रिवेणी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[उरई]]
|[[इलाहाबाद बैंक]]
|-
|7
|उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|[[मेरठ जिला|मेरठ]]
|[[पंजाब नैशनल बैंक]]
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2006-07 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|अलीगढ़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[अलीगढ़ जिला|अलीगढ़]]
| rowspan="3" |[[केनरा बैंक]]
|
| rowspan="3" |श्रेयस ग्रामीण बैंक
| rowspan="3" |[[अलीगढ़ जिला|अलीगढ़]]
| rowspan="3" |[[केनरा बैंक]]
| rowspan="3" |1 जून, 2006
|-
|2
|एटा ग्रामीण बैंक
|[[एटा जिला|एटा]]
|
|-
|3
|जमुना ग्रामीण बैंक
|
|
|-
|4
|अवध ग्रामीण बैंक
|
| rowspan="3" |[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
|7 जून, 1977
| rowspan="3" |आर्यावर्त ग्रामीण बैंक
| rowspan="3" |[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
| rowspan="3" |[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="3" |3 अक्टूबर, 2006
|-
|5
|बाराबंकी ग्रामीण बैंक
|[[बाराबंकी जिला|बाराबंकी]]
|26 मार्च, 1976
|-
|6
|फर्रुखाबाद ग्रामीण बैंक
|[[फ़र्रूख़ाबाद जिला|फर्रुखाबाद]]
|29 मार्च, 1976
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2007-08 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!स्थापना की तिथि
!प्रायोजक बैंक
|-
|1
|देवी पाटन ग्रामीण बैंक
|[[गोण्डा जिला|गोंडा]]
| rowspan="4" |[[पंजाब नैशनल बैंक]]
| rowspan="4" |सर्व यू. पी. ग्रामीण बैंक <ref>{{Cite web|url=https://supgbmobile.in/|title=Sarva U.P. Gramin Bank}}{{Dead link|date=अप्रैल 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
| rowspan="4" |[[मेरठ जिला|मेरठ]]
| rowspan="4" |23 नवंबर, 2007
| rowspan="4" |[[पंजाब नैशनल बैंक]]
|-
|2
|किसान ग्रामीण बैंक
|[[बदायूँ जिला|बदायूं]]
|-
|3
|रानी लक्ष्मी बाई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[झाँसी जिला|झांसी]]
|-
|4
|उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|[[मेरठ जिला|मेरठ]]
|-
|5
|बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|
| rowspan="2" |[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
| rowspan="2" |बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
| rowspan="2" |[[रायबरेली जिला|रायबरेली]]
| rowspan="2" |31 मार्च, 2008
| rowspan="2" |[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
|-
|6
|बड़ौदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2009-10 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!स्थापना की तिथि
!प्रायोजक बैंक
|-
|1
|बलिया क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|बलिया
| rowspan="2" |[[सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया|सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया]]
| rowspan="2" |बलिया इटावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
| rowspan="2" |बलिया
| rowspan="2" |1 जनवरी, 2010
| rowspan="2" |[[सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया|सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया]]
|-
|2
|इटावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[इटावा जिला|इटावा]]
|-
|3
|लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[सीतापुर जिला|सीतापुर]]
| rowspan="2" |[[इलाहाबाद बैंक]]
| rowspan="2" |इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक
| rowspan="2" |[[बांदा जिला, उत्तर प्रदेश|बांदा]]
| rowspan="2" |2 मार्च, 2010
| rowspan="2" |[[इलाहाबाद बैंक]]
|-
|4
|त्रिवेणी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[उरई]]
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!स्थापना की तिथि
!प्रायोजक बैंक
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|आर्यावर्त ग्रामीण बैंक
|[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
|3 अक्टूबर, 2006
|[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="2" |आर्यावर्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
| rowspan="2" |[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
| rowspan="2" |[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="2" |1 अक्टूबर, 2012
|-
|2
|क्षेत्रीय किसान ग्रामीण बैंक
|[[मैनपुरी ज़िला|मैनपुरी]]
|20 मई, 1980
|उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|पूर्वांचल ग्रामीण बैंक
|[[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]]
|[[भारतीय स्टेट बैंक]]
|2005
| rowspan="2" |पूर्वांचल बैंक
| rowspan="2" |[[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]]
| rowspan="2" |[[भारतीय स्टेट बैंक]]
| rowspan="2" |2013
|-
|2
|बलिया इटावा ग्रामीण बैंक
|बलिया
|[[सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया|सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया]]
|1 जनवरी, 2010
|-
|3
|आर्यावर्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
|[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
|[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
|1 अक्टूबर, 2012
| rowspan="2" |[[ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त]]
| rowspan="2" |[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
| rowspan="2" |[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="2" |1 अप्रैल, 2013
|-
|5
|श्रेयस ग्रामीण बैंक
|[[अलीगढ़ जिला|अलीगढ़]]
|[[केनरा बैंक]]
|1 जून, 2006
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|[[ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त]]
|[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
|[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
|1 अप्रैल, 2013
| rowspan="2" |[[ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त|आर्यावर्त बैंक]]
| rowspan="2" |[[लखनऊ जिला|लखनऊ]]
| rowspan="2" |[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="4" |1 अप्रैल, 2019
|-
|2
|इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक
|[[बांदा जिला, उत्तर प्रदेश|बांदा]]
|[[इलाहाबाद बैंक]]
|2 मार्च, 2010
|-
|3
|प्रथमा बैंक
|[[मुरादाबाद जिला|मुरादाबाद]]
|[[सिंडिकेट बैंक]]
|2 अक्टूबर, 1975
| rowspan="2" |प्रथमा यू. पी. ग्रामीण बैंक
| rowspan="2" |[[मुरादाबाद जिला|मुरादाबाद]]
| rowspan="2" |[[पंजाब नैशनल बैंक]]
|-
|4
|सर्व यू. पी. ग्रामीण बैंक
|[[मेरठ जिला|मेरठ]]
|[[पंजाब नैशनल बैंक]]
|23 नवंबर, 2007
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान एकीकरण ===
[[यूनियन बैंक ऑफ इंडिया]] ने भारत में चार आरआरबी को प्रायोजित किया था, जिनमें से तीन उत्तर प्रदेश में थे, काशी ग्रामीण बैंक, गोमती ग्रामीण बैंक और संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक। संयुक्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना 6 जनवरी 1976 को हुई थी, जिसका मुख्य कार्यालय आजमगढ़ में है। इसकी 168 शाखाएँ थीं और इसमें चार जिले शामिल थे।
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
!एकीकृत बैंक
!हेड ओ फिस
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
|[[रायबरेली जिला|रायबरेली]]
|[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
|31 मार्च, 2008
| rowspan="3" |बड़ौदा यू. पी. बैंक <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/uttar-pradesh/gorakhpur-city-merger-of-banks-three-banks-of-the-united-up-now-known-by-this-name-19793672.html|title=दैनिक जागरण: बैंकों का विलय : एक हुए UP के तीन बैंक, अब बड़ौदा यूपी बैंक नाम से जाने जाएंगे}}</ref>
| rowspan="3" |[[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]]
| rowspan="3" |[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
| rowspan="3" |1 अप्रैल, 2020
|-
|2
|काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक
|[[वाराणसी जिला|वाराणसी]]
|[[यूनियन बैंक ऑफ इंडिया]]
|सितम्बर 2005
|-
|3
|पूर्वांचल बैंक
|[[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]]
|[[भारतीय स्टेट बैंक]]
|2013
|-
|}
=== वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एकीकरण ===
{| class="wikitable"
!क्रमांक
!नाम
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!एकीकृत बैंक
!मुख्य कार्यालय
!प्रायोजक बैंक
!स्थापना की तिथि
|-
|1
|[[ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त|आर्यावर्त बैंक]]
|ए-2/46, <br />विजय खंड, <br />गोमती नगर, <br />[[लखनऊ जिला|लखनऊ]] 226010<ref> विलय से पहले, [[आर्यावर्त बैंक]] का प्रधान कार्यालय ए-2/46, विजय खंड, गोमती नगर, लखनऊ से द्वितीय एवं तृतीय तल, एनबीसीसी वाणिज्यिक परिसर, वरदान खंड, गोमती नगर विस्तार, [[लखनऊ]], [[उत्तर प्रदेश]] - 226010 में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस प्रधान कार्यालय के लिए नए भवन का उद्घाटन आधिकारिक विलय की तारीख से कुछ समय पहले 1 अप्रैल, 2025 को किया गया था।</ref>
|[[बैंक ऑफ़ इंडिया]]
| rowspan="3" |[[उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक]]<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/amp/industry/banking/govt-announces-one-state-one-rrb-implementation-from-may-1-2025-125040800039_1.html|title=Govt announces 'One State, One RRB' implementation from May 1, 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://upgb.bank.in/about.php|title=about us :: Uttar Pradesh Gramin Bank}}</ref>
| rowspan="3" |द्वितीय एवं तृतीय तल,<br /> एनबीसीसी वाणिज्यिक परिसर, <br />वरदान खंड, <br />गोमती नगर विस्तार, <br />[[लखनऊ जिला|लखनऊ]], [[उत्तर प्रदेश]]-226010 <ref> [[File:UPGB HQ.jpg|thumb|उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का मुख्यालय भवन जो कि 1 अप्रैल 2025 से प्रयोग में हैं।]]</ref>
| rowspan="3" |[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
| rowspan="3" |1 मई, 2025
|-
|2
|बड़ौदा यू. पी. बैंक
|तारामंडल,<br /> [[गोरखपुर जिला|गोरखपुर]] 273016
|[[बैंक ऑफ़ बड़ौदा]]
|-
|3
|प्रथमा यू. पी. ग्रामीण बैंक
|राम गंगा विहार फेज 2, <br />[[मुरादाबाद जिला|मुरादाबाद]] 244001
|[[पंजाब नैशनल बैंक]]
|-
|}
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी लिंक ==
* [https://upgb.bank.in/ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित सूचियाँ]]
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विष्णु शंकर जैन
0
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2026-05-16T18:08:17Z
अनुनाद सिंह
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{{खराब अनुवाद|अंग्रेज़ी}}
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| name = विष्णु शंकर जैन
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| birth_name = <!-- only use if different from name -->
| birth_date =9 अक्टूबर 1986
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| occupation = [[वकील]]
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| known_for = [[सामाजिक कार्यकर्ता]],
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}}
'''विष्णु शंकर जैन''' <ref>{{Cite web|title=Meet Hari Shankar and Vishnu Jain, lawyer duo fighting for the Hindu side in Gyanvapi case|url=https://www.dnaindia.com/india/report-meet-hari-shankar-and-vishnu-jain-lawyer-duo-fighting-for-the-hindu-side-in-gyanvapi-case-krishna-janmabhoomi-2956920|website=DNA India|access-date=2026-01-30|language=en|first=Shampa|last=Sen}}</ref> भारत के [[सर्वोच्च न्यायालय]] के एक प्रमुख वकील और विधिक कार्यकर्ता हैं। वे हिंदू विरासत स्थलों को पुनः प्राप्त करने लिये कई बड़ी-बड़ी कानूनी लड़ाइयों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक विवादों में अपनी केंद्रीय भूमिकाओं के लिए विख्यात हैं।<ref>{{Cite web|title=कौन हैं विष्णु शंकर जैन? संभल की जामा मस्जिद से लेकर ज्ञानवापी तक लड़ रहे ये केस|url=https://www.jansatta.com/national/who-is-vishnu-shankar-jain-sambhal-jama-masjid-survey-hari-har-mandir/3700834/|website=Jansatta|date=2024-11-25|access-date=2026-01-30|language=hi}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
विष्णु शंकर जैन का जन्म 9 अक्टूबर, 1986 को हुआ था। उन्होंने 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से विधि शिक्षा प्राप्त की और 2016 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में अर्हता प्राप्त की।<ref>{{Cite web|title=hari shankar jain and vishnu shankar jain biography know lawyer father son duo who handle 102 hindu cases {{!}} कौन हैं वकील हरि शंकर जैन और विष्णु जैन? अयोध्या-काशी-मथुरा समेत 100 से ज्यादा केस लड़ रहे|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/trending-news/hari-shankar-jain-and-vishnu-shankar-jain-biography-know-lawyer-father-son-duo-who-handle-102-hindu-cases/2013916|website=Zee Uttar Pradesh Uttarakhand|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
==कानूनी करियर==
*'''ज्ञानवापी मामला''':
उन्होंने हिंदू पक्ष के प्राथमिक वकील के रूप में कार्य किया, विशेष रूप से उस परिसर के सर्वेक्षण की वकालत की जहाँ उन्होंने दावा किया कि एक "शिवलिंग" की खोज की गई थी। <ref>{{Cite news|title=Gyanvapi dispute {{!}} Now, masjid panel too seeks removal of Vishnu Shankar Jain over ‘conflict’|url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/gyanvapi-dispute-now-masjid-panel-too-seeks-removal-of-vishnu-shankar-jain-over-conflict/article65636033.ece|work=The Hindu|date=2022-07-13|access-date=2026-01-30|issn=0971-751X|language=en-IN|first=Abhinay|last=Lakshman}}</ref>
*'''अयोध्या राम जन्मभूमि''':
उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में इस ऐतिहासिक मामले में अपने पिता श्री हरि शंकर जैन की सहायता की। <ref>{{Cite web|title=Fighting legal battles to ‘reclaim’ Hindu places of worship|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/fighting-legal-battles-to-reclaim-hindu-places-of-worship-101653937621000.html|website=Hindustan Times|date=2022-05-31|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
*'''कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा)''':
[[मथुरा]] के इस स्थल को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास का सक्रिय रूप से नेतृत्व करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.pgurus.com/hari-shankar-jain-vishnu-shankar-jain-father-son-lawyer-duo-spearheading-legal-battle-for-hindu-shrines/|website=www.pgurus.com|access-date=2026-01-30}}</ref>
*'''यूजीसी विनियम 2026''':
हाल ही में, उन्होंने नए यूजीसी इक्विटी विनियमों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सफलतापूर्वक याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि वे कुछ जातियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।<ref>{{Cite web|title='Capable Of Misuse, Vague': Supreme Court Stays UGC Equity Regulations 2026|url=https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-stays-ugc-equity-regulations-2026-521055|website=Live Law|date=2026-01-29|access-date=2026-01-30|language=en|first=Debby|last=Jain}}</ref>
* '''भोजशाला मामला'''
[[भोजशाला]] के विवाद में वे हिन्दू पक्ष के मुख्य वकील हैं। इसका निर्णय आ चुका है और भोजशाला ने भोजशाला को वाग्देवी का मन्दिर मानते हुए इसमें केवल हिन्दुओं को पूजा करने का अधिकार दिया है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारत के अधिवक्ता]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:राजनीतिज्ञ]]
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अनुनाद सिंह
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'''विष्णु शंकर जैन''' भारत के [[सर्वोच्च न्यायालय]] के एक प्रमुख वकील और विधिक कार्यकर्ता हैं।<ref>{{Cite web|title=Meet Hari Shankar and Vishnu Jain, lawyer duo fighting for the Hindu side in Gyanvapi case|url=https://www.dnaindia.com/india/report-meet-hari-shankar-and-vishnu-jain-lawyer-duo-fighting-for-the-hindu-side-in-gyanvapi-case-krishna-janmabhoomi-2956920|website=DNA India|access-date=2026-01-30|language=en|first=Shampa|last=Sen}}</ref> वे हिंन्दुओं के कई विरासत स्थलों को पुनः प्राप्त करने लिये कई बड़ी-बड़ी कानूनी लड़ाइयों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक विवादों में अपनी केंद्रीय भूमिकाओं के लिए विख्यात हैं।<ref>{{Cite web|title=कौन हैं विष्णु शंकर जैन? संभल की जामा मस्जिद से लेकर ज्ञानवापी तक लड़ रहे ये केस|url=https://www.jansatta.com/national/who-is-vishnu-shankar-jain-sambhal-jama-masjid-survey-hari-har-mandir/3700834/|website=Jansatta|date=2024-11-25|access-date=2026-01-30|language=hi}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
विष्णु शंकर जैन का जन्म 9 अक्टूबर, 1986 को हुआ था। उन्होंने 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से विधि शिक्षा प्राप्त की और 2016 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में अर्हता प्राप्त की।<ref>{{Cite web|title=hari shankar jain and vishnu shankar jain biography know lawyer father son duo who handle 102 hindu cases {{!}} कौन हैं वकील हरि शंकर जैन और विष्णु जैन? अयोध्या-काशी-मथुरा समेत 100 से ज्यादा केस लड़ रहे|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/trending-news/hari-shankar-jain-and-vishnu-shankar-jain-biography-know-lawyer-father-son-duo-who-handle-102-hindu-cases/2013916|website=Zee Uttar Pradesh Uttarakhand|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
==कानूनी करियर==
*'''ज्ञानवापी मामला''':
उन्होंने हिंदू पक्ष के प्राथमिक वकील के रूप में कार्य किया, विशेष रूप से उस परिसर के सर्वेक्षण की वकालत की जहाँ उन्होंने दावा किया कि एक "शिवलिंग" की खोज की गई थी। <ref>{{Cite news|title=Gyanvapi dispute {{!}} Now, masjid panel too seeks removal of Vishnu Shankar Jain over ‘conflict’|url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/gyanvapi-dispute-now-masjid-panel-too-seeks-removal-of-vishnu-shankar-jain-over-conflict/article65636033.ece|work=The Hindu|date=2022-07-13|access-date=2026-01-30|issn=0971-751X|language=en-IN|first=Abhinay|last=Lakshman}}</ref>
*'''अयोध्या राम जन्मभूमि''':
उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में इस ऐतिहासिक मामले में अपने पिता श्री हरि शंकर जैन की सहायता की। <ref>{{Cite web|title=Fighting legal battles to ‘reclaim’ Hindu places of worship|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/fighting-legal-battles-to-reclaim-hindu-places-of-worship-101653937621000.html|website=Hindustan Times|date=2022-05-31|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
*'''कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा)''':
[[मथुरा]] के इस स्थल को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास का सक्रिय रूप से नेतृत्व करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.pgurus.com/hari-shankar-jain-vishnu-shankar-jain-father-son-lawyer-duo-spearheading-legal-battle-for-hindu-shrines/|website=www.pgurus.com|access-date=2026-01-30}}</ref>
*'''यूजीसी विनियम 2026''':
हाल ही में, उन्होंने नए यूजीसी इक्विटी विनियमों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सफलतापूर्वक याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि वे कुछ जातियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।<ref>{{Cite web|title='Capable Of Misuse, Vague': Supreme Court Stays UGC Equity Regulations 2026|url=https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-stays-ugc-equity-regulations-2026-521055|website=Live Law|date=2026-01-29|access-date=2026-01-30|language=en|first=Debby|last=Jain}}</ref>
* '''भोजशाला मामला'''
[[भोजशाला]] के विवाद में वे हिन्दू पक्ष के मुख्य वकील हैं। इसका निर्णय आ चुका है और भोजशाला ने भोजशाला को वाग्देवी का मन्दिर मानते हुए इसमें केवल हिन्दुओं को पूजा करने का अधिकार दिया है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारत के अधिवक्ता]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:राजनीतिज्ञ]]
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अनुनाद सिंह
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'''विष्णु शंकर जैन''' भारत के [[सर्वोच्च न्यायालय]] के एक प्रमुख वकील और विधिक कार्यकर्ता हैं।<ref>{{Cite web|title=Meet Hari Shankar and Vishnu Jain, lawyer duo fighting for the Hindu side in Gyanvapi case|url=https://www.dnaindia.com/india/report-meet-hari-shankar-and-vishnu-jain-lawyer-duo-fighting-for-the-hindu-side-in-gyanvapi-case-krishna-janmabhoomi-2956920|website=DNA India|access-date=2026-01-30|language=en|first=Shampa|last=Sen}}</ref> वे हिंन्दुओं के कई विरासत स्थलों को पुनः प्राप्त करने लिये कई बड़ी-बड़ी कानूनी लड़ाइयों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक विवादों में अपनी केंद्रीय भूमिकाओं के लिए विख्यात हैं।<ref>{{Cite web|title=कौन हैं विष्णु शंकर जैन? संभल की जामा मस्जिद से लेकर ज्ञानवापी तक लड़ रहे ये केस|url=https://www.jansatta.com/national/who-is-vishnu-shankar-jain-sambhal-jama-masjid-survey-hari-har-mandir/3700834/|website=Jansatta|date=2024-11-25|access-date=2026-01-30|language=hi}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
विष्णु शंकर जैन का जन्म 9 अक्टूबर, 1986 को हुआ था। उन्होंने 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से विधि शिक्षा प्राप्त की और 2016 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में अर्हता प्राप्त की।<ref>{{Cite web|title=hari shankar jain and vishnu shankar jain biography know lawyer father son duo who handle 102 hindu cases {{!}} कौन हैं वकील हरि शंकर जैन और विष्णु जैन? अयोध्या-काशी-मथुरा समेत 100 से ज्यादा केस लड़ रहे|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/trending-news/hari-shankar-jain-and-vishnu-shankar-jain-biography-know-lawyer-father-son-duo-who-handle-102-hindu-cases/2013916|website=Zee Uttar Pradesh Uttarakhand|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
==कानूनी करियर==
*'''ज्ञानवापी मामला''':
उन्होंने हिंदू पक्ष के प्राथमिक वकील के रूप में कार्य किया, विशेष रूप से उस परिसर के सर्वेक्षण की वकालत की जहाँ उन्होंने दावा किया कि एक "शिवलिंग" की खोज की गई थी। <ref>{{Cite news|title=Gyanvapi dispute {{!}} Now, masjid panel too seeks removal of Vishnu Shankar Jain over ‘conflict’|url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/gyanvapi-dispute-now-masjid-panel-too-seeks-removal-of-vishnu-shankar-jain-over-conflict/article65636033.ece|work=The Hindu|date=2022-07-13|access-date=2026-01-30|issn=0971-751X|language=en-IN|first=Abhinay|last=Lakshman}}</ref>
*'''अयोध्या राम जन्मभूमि''':
उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में इस ऐतिहासिक मामले में अपने पिता श्री हरि शंकर जैन की सहायता की। <ref>{{Cite web|title=Fighting legal battles to ‘reclaim’ Hindu places of worship|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/fighting-legal-battles-to-reclaim-hindu-places-of-worship-101653937621000.html|website=Hindustan Times|date=2022-05-31|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
*'''कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा)''':
[[मथुरा]] के इस स्थल को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास का सक्रिय रूप से नेतृत्व करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.pgurus.com/hari-shankar-jain-vishnu-shankar-jain-father-son-lawyer-duo-spearheading-legal-battle-for-hindu-shrines/|website=www.pgurus.com|access-date=2026-01-30}}</ref>
*'''यूजीसी विनियम 2026''':
हाल ही में, उन्होंने नए यूजीसी इक्विटी विनियमों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सफलतापूर्वक याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि वे कुछ जातियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।<ref>{{Cite web|title='Capable Of Misuse, Vague': Supreme Court Stays UGC Equity Regulations 2026|url=https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-stays-ugc-equity-regulations-2026-521055|website=Live Law|date=2026-01-29|access-date=2026-01-30|language=en|first=Debby|last=Jain}}</ref>
* '''भोजशाला मामला'''
[[भोजशाला]] के विवाद में वे हिन्दू पक्ष के मुख्य वकील हैं। इसका निर्णय आ चुका है और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी का मन्दिर मानते हुए इसमें केवल हिन्दुओं को पूजा करने का अधिकार दिया है।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारत के अधिवक्ता]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:राजनीतिज्ञ]]
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अनुनाद सिंह
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'''विष्णु शंकर जैन''' भारत के [[सर्वोच्च न्यायालय]] के एक प्रमुख वकील और विधिक कार्यकर्ता हैं।<ref>{{Cite web|title=Meet Hari Shankar and Vishnu Jain, lawyer duo fighting for the Hindu side in Gyanvapi case|url=https://www.dnaindia.com/india/report-meet-hari-shankar-and-vishnu-jain-lawyer-duo-fighting-for-the-hindu-side-in-gyanvapi-case-krishna-janmabhoomi-2956920|website=DNA India|access-date=2026-01-30|language=en|first=Shampa|last=Sen}}</ref> वे हिंन्दुओं के कई विरासत स्थलों को पुनः प्राप्त करने लिये कई बड़ी-बड़ी कानूनी लड़ाइयों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक विवादों में अपनी केंद्रीय भूमिकाओं के लिए विख्यात हैं।<ref>{{Cite web|title=कौन हैं विष्णु शंकर जैन? संभल की जामा मस्जिद से लेकर ज्ञानवापी तक लड़ रहे ये केस|url=https://www.jansatta.com/national/who-is-vishnu-shankar-jain-sambhal-jama-masjid-survey-hari-har-mandir/3700834/|website=Jansatta|date=2024-11-25|access-date=2026-01-30|language=hi}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
विष्णु शंकर जैन का जन्म 9 अक्टूबर, 1986 को हुआ था। उन्होंने 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से विधि शिक्षा प्राप्त की और 2016 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में अर्हता प्राप्त की।<ref>{{Cite web|title=hari shankar jain and vishnu shankar jain biography know lawyer father son duo who handle 102 hindu cases {{!}} कौन हैं वकील हरि शंकर जैन और विष्णु जैन? अयोध्या-काशी-मथुरा समेत 100 से ज्यादा केस लड़ रहे|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/trending-news/hari-shankar-jain-and-vishnu-shankar-jain-biography-know-lawyer-father-son-duo-who-handle-102-hindu-cases/2013916|website=Zee Uttar Pradesh Uttarakhand|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
==कानूनी करियर==
*'''ज्ञानवापी मामला''':
उन्होंने हिंदू पक्ष के प्राथमिक वकील के रूप में कार्य किया, विशेष रूप से उस परिसर के सर्वेक्षण की वकालत की जहाँ उन्होंने दावा किया कि एक "शिवलिंग" की खोज की गई थी। <ref>{{Cite news|title=Gyanvapi dispute {{!}} Now, masjid panel too seeks removal of Vishnu Shankar Jain over ‘conflict’|url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/gyanvapi-dispute-now-masjid-panel-too-seeks-removal-of-vishnu-shankar-jain-over-conflict/article65636033.ece|work=The Hindu|date=2022-07-13|access-date=2026-01-30|issn=0971-751X|language=en-IN|first=Abhinay|last=Lakshman}}</ref>
*'''अयोध्या राम जन्मभूमि''':
उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में इस ऐतिहासिक मामले में अपने पिता श्री हरि शंकर जैन की सहायता की। <ref>{{Cite web|title=Fighting legal battles to ‘reclaim’ Hindu places of worship|url=https://www.hindustantimes.com/cities/others/fighting-legal-battles-to-reclaim-hindu-places-of-worship-101653937621000.html|website=Hindustan Times|date=2022-05-31|access-date=2026-01-30|language=en}}</ref>
*'''कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा)''':
[[मथुरा]] के इस स्थल को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास का सक्रिय रूप से नेतृत्व करते हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.pgurus.com/hari-shankar-jain-vishnu-shankar-jain-father-son-lawyer-duo-spearheading-legal-battle-for-hindu-shrines/|website=www.pgurus.com|access-date=2026-01-30}}</ref>
*'''यूजीसी विनियम 2026''':
हाल ही में, उन्होंने नए यूजीसी इक्विटी विनियमों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सफलतापूर्वक याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि वे कुछ जातियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।<ref>{{Cite web|title='Capable Of Misuse, Vague': Supreme Court Stays UGC Equity Regulations 2026|url=https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-stays-ugc-equity-regulations-2026-521055|website=Live Law|date=2026-01-29|access-date=2026-01-30|language=en|first=Debby|last=Jain}}</ref>
* '''भोजशाला मामला'''
[[भोजशाला]] के विवाद में वे हिन्दू पक्ष के मुख्य वकील हैं। इसका निर्णय आ चुका है और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी का मन्दिर मानते हुए इसमें केवल हिन्दुओं को पूजा करने का अधिकार दिया है।<ref>[https://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/bhopal/ayodhya-gyanvapi-mathura-bhojshala-lawyers-vishnu-shankar-jain-harishankar-hindu-paksh-ki-awaz-bane-pita-putra/articleshow/131127317.cms अयोध्या से ज्ञानवापी-भोजशाला तक…अदालतों में हिंदू पक्ष की आवाज बने '''जैन पिता-पुत्र''']</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारत के अधिवक्ता]]
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:राजनीतिज्ञ]]
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उर्दू विज्ञान बोर्ड
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text/x-wiki
{{Infobox organization|name=उर्दू विज्ञान बोर्ड|native_name=اردو سائنس بورڈ|abbreviation=यू॰एस॰बी॰|logo_size=150px|formation={{Start date and age|df=y|24|05|1962}}|founder=[[पाकिस्तान सरकार]]|type=शासकीय संस्थान|purpose=उर्दू में वैज्ञानिक एवं प्राविधिक साहित्य का प्रकाशन|headquarters=[[लाहौर]], {{PAK}}|language=[[उर्दू]]|leader_title=निदेशक|leader_name=ज़ियाउल्लाह ख़ान तोरू|parent_organization=राष्ट्रीय धरोहर एवं संस्कृति प्रभाग|website=<!-- उपलब्ध होने पर संकेतस्थल जोड़ें -->}}'''उर्दू विज्ञान बोर्ड''' अथवा '''उर्दू साइन्स''' '''बोर्ड''' ({{Langx|ur|اردو سائنس بورڈ}}; संक्षेप: '''यू॰एस॰बी॰''') [[पाकिस्तान]] का एक शैक्षिक तथा साहित्यिक संस्थान है, जो पाकिस्तान सरकार के राष्ट्रीय धरोहर एवं संस्कृति प्रभाग के अधीन कार्यरत है। इसका उद्देश्य उर्दू भाषा में वैज्ञानिक एवं प्राविधिक ज्ञान का प्रसार करना है, जिसके लिए यह ग्रन्थों तथा सामयिक पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1854609|title=COLUMN: RETHINKING LEARNED BODIES|last=Farooqi|first=Musharraf Ali|date=2024-08-25|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== इतिहास ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड की स्थापना प्रारम्भ में २४ मई १९६२ को केन्द्रीय उर्दू बोर्ड के रूप में हुई थी। यह स्थापना शरीफ़ आयोग (१९५९) की अनुशंसाओं के आधार पर की गई थी। वर्ष १९८२ में इस संस्था का नाम परिवर्तित कर उर्दू विज्ञान बोर्ड रखा गया, जिससे इसके विज्ञान तथा समाज‑विज्ञान सम्बन्धी प्रकाशनों पर केन्द्रित कार्य को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त किया जा सके।<ref name="Dawn1">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dailypakistan.com.pk/16-Feb-2017/527367|title=اہلِ پاکستان کو قریب لانے اور باہمی یگانگت پیدا کرنے کے لئے کوشاں ہیں|date=2017-02-15|website=[[Daily Pakistan]]|language=en|trans-title=They are striving to bring the people of Pakistan closer and create mutual unity.|archive-url=https://web.archive.org/web/20210622234323/https://dailypakistan.com.pk/16-Feb-2017/527367|archive-date=22 June 2021|access-date=2025-01-12|url-status=live}}</ref>
इसके पूर्व महानिदेशकों में अशफ़ाक़ अहमद, अमजद इस्लाम अमजद, ख़ालिद इक़बाल यासिर तथा नासिर अब्बास नैयर सम्मिलित रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.brecorder.com/news/253692|title=Legendary writer Ashfaq Ahmad remembered|last=Jabri|first=Parvez|date=2015-09-07|website=[[Brecorder]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dunyanews.tv/en/Entertainment/753186-Ashfaq-Ahmad-remembered-|title=Literary icon Ashfaq Ahmad's death anniversary today|date=2023-09-07|website=[[Dunya News]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.karachiliteraturefestival.org/amjad-islam-amjad|title=Amjad Islam Amjad|publisher=Karachi Literature Festival.Org|archive-url=https://web.archive.org/web/20120426081109/http://www.karachiliteraturefestival.org/amjad-islam-amjad|archive-date=26 April 2012|access-date=11 January 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://archive.pakistantoday.com.pk/2011/08/11/candid-chat-with-amjad-islam-amjad/|title=Candid chat with Amjad Islam Amjad|last=|date=2011-08-11|website=[[Pakistan Today]]|language=en-GB|access-date=2025-01-11|archive-date=23 जनवरी 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250123191946/https://archive.pakistantoday.com.pk/2011/08/11/candid-chat-with-amjad-islam-amjad/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nation.com.pk/27-Aug-2011/khalid-iqbal-new-dg-of-urdu-science-board|title=Khalid Iqbal new DG of Urdu Science Board|date=2011-08-27|website=The Nation|language=en-US|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="Dawn1"/><ref>{{Cite web|url=https://www.karachiliteraturefestival.com/speakers/nasir-abbas-nayyar-2/|title=Nasir Abbas Nayyar|website=[[Karachi Literature Festival]]|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20231205123029/https://www.karachiliteraturefestival.com/speakers/nasir-abbas-nayyar-2/|archive-date=5 December 2023|access-date=2025-01-11}}</ref>
पूर्व निदेशकों में इकराम चुग़ताई तथा अब्दुल ग़फ़ूर राशिद का नाम उल्लेखनीय है, जबकि वर्तमान निदेशक ज़ियाउल्लाह ख़ान तोरू हैं।<ref name="Fauzia">{{Cite web|url=https://www.worldurdurnp.com/%D9%85%D8%AD%D9%85%D8%AF-%D8%A7%DA%A9%D8%B1%D8%A7%D9%85-%DA%86%D8%BA%D8%AA%D8%A7%D8%A6%DB%8C/|title=Muhammad Ikram Chughtai|last=Mughal|first=Fauzia|date=27 January 2023|website=Tarjeehat: Online Research Journal|language=ur|archive-url=https://web.archive.org/web/20240615081857/https://www.worldurdurnp.com/%D9%85%D8%AD%D9%85%D8%AF-%D8%A7%DA%A9%D8%B1%D8%A7%D9%85-%DA%86%D8%BA%D8%AA%D8%A7%D8%A6%DB%8C/|archive-date=15 June 2024|access-date=11 January 2025}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.nawaiwaqt.com.pk/31-Jul-2010/115235|title=اردو سائنس بورڈ لاہور میں ترقیاتی و تعارفی تقریب|date=2010-07-31|website=[[Nawa-i-waqt]]|language=ur|trans-title=Development and introductory ceremony at Urdu Science Board Lahore|archive-url=https://web.archive.org/web/20250111220746/https://www.nawaiwaqt.com.pk/31-Jul-2010/115235|archive-date=11 January 2025|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="TNI">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.app.com.pk/photos-section/director-urdu-science-board-lahore-ziaullah-khan-giving-a-briefing-to-caretaker-federal-minister-for-national-heritage-and-culture-jamal-shah/|title=Director Urdu Science Board Lahore Ziaullah Khan giving a briefing to caretaker Federal Minister for National Heritage and Culture Jamal Shah|date=2024-02-28|website=[[Associated Press of Pakistan]]|language=en-US|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="USB1">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== उद्देश्य ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
* उर्दू भाषा में विज्ञान तथा प्राविधिक विषयों के ग्रन्थों का प्रकाशन कर शिक्षा‑क्षेत्र में उर्दू के उपयोग को प्रोत्साहित करना।<ref name="USB12">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* वैज्ञानिक एवं प्राविधिक विषयों के लिए उर्दू में पारिभाषिक शब्दावली का विकास कर भाषा का विस्तार करना।<ref name="Dawn2">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1184011|title=Literary notes: should we forget the Constitution’s Article 251?|last=Parekh|first=Rauf|date=2015-05-25|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* राष्ट्र के विकास में सहयोग हेतु जनसामान्य को उनकी राष्ट्रीय भाषा में सुगम वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराना।<ref>{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1783038|title=literary notes: Poet Zafar Iqbal and his well-deserved Kamal-i-Fun Award|last=Parekh|first=Rauf|date=2023-10-23|website=DAWN.COM|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
== प्रकाशन ==
बोर्ड अब तक ७०० से अधिक ग्रन्थ प्रकाशित कर चुका है। इन ग्रन्थों में विज्ञान, समाज‑विज्ञान, इतिहास, बाल‑साहित्य तथा प्राविधिक शिक्षा जैसे विविध विषय सम्मिलित हैं। इसके प्रमुख प्रकाशनों में—
* उर्दू विज्ञान विश्वकोश<ref>{{Cite web|url=https://www.faz.net/aktuell/politik/ausland/pakistan-hausbesuch-beim-hassprediger-11029382.html|title=Pakistan: Hausbesuch beim Hassprediger|date=2010-08-21|website=[[Frankfurter Allgemeine Zeitung]]|language=de|trans-title=Pakistan: Home visit to the hate preacher|access-date=2025-01-11|archive-date=9 अप्रैल 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250409225941/https://www.faz.net/aktuell/politik/ausland/pakistan-hausbesuch-beim-hassprediger-11029382.html|url-status=dead}}</ref><ref name="TNI2">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* वैज्ञानिक एवं प्राविधिक पारिभाषिक शब्दकोश तथा कोश<ref>{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1173723-moot-highlights-role-of-urdu-language-in-pakistan-movement|title=Moot highlights role of Urdu language in Pakistan movement|date=30 March 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* उर्दू विज्ञान पत्रिका, जिसका त्रैमासिक प्रकाशन वर्ष २००२ से निरन्तर हो रहा है<ref>{{cite web|url=http://nationalheritage.gov.pk/urduscienceboard.html|title=Urdu Science Board :: Ministry of Information, Broadcasting & National Heritage (National Heritage & Integration Wing) :: Government of Pakistan|archive-url=https://web.archive.org/web/20140628134243/http://nationalheritage.gov.pk/urduscienceboard.html|archive-date=2014-06-28|access-date=2025-01-11|url-status=dead}}</ref>
== पहलें ==
बोर्ड द्वारा समय‑समय पर अनेक पहलें की गई हैं—
* उर्दू विज्ञान किताब घर की स्थापना, जो इसके प्रकाशनों का प्रदर्शनी‑केन्द्र है।<ref name="USB13">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1241937-usb-to-offer-translation-research-internships|title=USB to offer translation, research internships|date=20 October 2024|website=[[The News International]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref name="TNI3">{{Cite web|url=https://www.thenews.com.pk/print/1213795-public-libraries-to-be-equipped-with-modern-facilities|title=‘Public libraries to be equipped with modern facilities’|date=27 July 2024|website=The News International|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://dailypakistan.com.pk/23-Oct-2017/664516|title=اُردُو سائنس کتاب گھر|date=2017-10-23|website=Daily Pakistan|language=en|trans-title=Urdu Science Bookstore|archive-url=https://web.archive.org/web/20250111221618/https://dailypakistan.com.pk/23-Oct-2017/664516|archive-date=11 January 2025|access-date=2025-01-11|url-status=live}}</ref>
* शैक्षिक संस्थानों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में पुस्तकों के प्रसार हेतु चलित पुस्तकालय/मोबाइल पुस्तक‑दुकानें प्रारम्भ करना।<ref name="Dawn12">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref>
* उत्कृष्ट वैज्ञानिक पाण्डुलिपियों हेतु वार्षिक उर्दू विज्ञान पुरस्कार का प्रारम्भ।<ref name="Dawn13">{{Cite web|url=https://www.dawn.com/news/1470072|title=Urdu Science Board in peril|last=Aslam|first=Irfan|date=2019-03-17|website=[[Dawn (newspaper)|Dawn]]|language=en|access-date=2025-01-11}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.express.pk/story/1647786/ardw-sans-bwrd-ke-tht-bhtryn-sansy-ktb-w-trajm-kelye-anaamat-ky-tqryb-1647786|title=اردو سائنس بورڈ کے تحت بہترین سائنسی کتب و تراجم کےلیے انعامات کی تقریب|last=|first=|date=2019-04-27|website=[[Daily Express]]|language=en|trans-title=Awards ceremony for the best scientific books and translations under the Urdu Science Board|access-date=2025-01-12}}</ref>
== चुनौतियाँ ==
बोर्ड को वित्तीय सीमाओं का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण कुछ ग्रन्थ पुनर्मुद्रण के अभाव में उपलब्ध नहीं रह सके। तथापि, इन चुनौतियों के बावजूद यह संस्था उर्दू में वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार के प्रति प्रतिबद्ध बनी हुई है।<ref name="Dawn2"/>
== महत्त्व ==
उर्दू विज्ञान बोर्ड ने विज्ञान को जनसामान्य के लिए सुगम बनाने तथा उर्दू भाषा को शैक्षणिक एवं प्राविधिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठित करने में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।<ref name="USB1"/>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:उर्दू साहित्य]]
[[श्रेणी:भाषा नियामक]]
[[श्रेणी:पाकिस्तान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]]
e294dk7rb1sxq0ns7g41y7dowj0j4oq
एआई इम्पैक्ट समिट
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text/x-wiki
{{Infobox summit meeting|name=२०२६ एआई इम्पैक्ट समिट|image=|logo=2026_AI_Impact_Summit_Logo.png|logo_size=१५०px|date=१६–२० फ़रवरी २०२६ ईस्वी|country={{IND}}|venues=[[भारत मंडपम|भारत मण्डपम्]], [[नयी दिल्ली]]|URL=[https://impact.indiaai.gov.in/ impact.indiaai.gov.in]|follows=[[एआई ऐक्शन समिट|एआई ऐक्शन समिट]] {{CHE}}}}
'''एआई इम्पैक्ट समिट''' ({{langx|en|AI Impact Summit|italics=no}}), औपचारिक रूप से '''इण्डिया एआई इम्पैक्ट समिट २०२६''' ({{langx|en|India AI Impact Summit 2026|italics=no}}), [[कृत्रिम बुद्धि|कृत्रिम बुद्धिमत्ता]] पर आधारित एक अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका आयोजन [[भारत मंडपम|भारत मण्डपम्]], [[नई दिल्ली|नयी दिल्ली]], [[भारत]] में १६–२१ फ़रवरी २०२६ को सम्पन्न हुआ।<ref name="pib-announce">{{cite press release|title=India-AI Impact Summit 2026|url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2216805|publisher=[[Press Information Bureau]]|date=February 2026|access-date=19 February 2026}}</ref><ref name="btoday-agenda">{{cite news|url=https://www.businesstoday.in/technology/news/story/ai-impact-summit-2026-what-to-expect-agenda-speakers-key-sessions-516192-2026-02-15|title=AI Impact Summit 2026: What to expect — agenda, speakers & key sessions|date=15 February 2026|work=[[Business Today (business magazine)|Business Today]]|access-date=19 February 2026}}</ref> यह वैश्विक एआई सम्मेलनों की शृंखला का चतुर्थ आयोजन है, जिसके पूर्व २०२३ में ब्लेच्ली पार्क एआई सेफ़्टी समिट, २०२४ में एआई सियोल समिट तथा २०२५ में पेरिस में एआई ऐक्शन समिट आयोजित हुए थे।<ref name="crowell">{{cite web|url=https://www.crowell.com/en/insights/client-alerts/Setting-the-Agenda-for-Global-AI-Governance-India-to-Host-AI-Impact-Summit-in-February-2026|title=Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026|website=Crowell & Moring LLP|access-date=19 February 2026}}</ref> [[इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय|इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मन्त्रालय]] के अधीन इण्डियाएआई मिशन के अन्तर्गत आयोजित यह सम्मेलन इस शृंखला का प्रथम आयोजन है जिसकी मेज़बानी किसी [[उत्तर-दक्षिण विभाजन|वैश्विक दक्षिणराष्ट्र]] ने की।
समारोह का उद्घाटन १९ फ़रवरी २०२६ को प्रधानमन्त्री [[नरेन्द्र मोदी]] द्वारा किया गया।<ref name="pmindia-inaug">{{cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/pm-to-inaugurate-india-ai-impact-summit-2026-on-19-february/|title=PM to inaugurate India AI Impact Summit 2026 on 19 February|website=Prime Minister of India|access-date=19 February 2026}}</ref> उद्घाटन सत्र में फ़्राँस के राष्ट्रपति [[इमैनुएल मैक्रों|एमानुएल माक्रों]] तथा [[संयुक्त राष्ट्र के महासचिव|संयुक्त राष्ट्र महासचिव]] [[एंटोनियो गुटेरेस|अन्तोनियो गुतरेस]] ने भी उद्बोधन दिया।<ref name="indiatv-modi">{{cite news|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/pm-modi-to-inaugurate-india-ai-impact-summit-2026-at-bharat-mandapam-on-thursday-february-19-emmanuel-macron-antonio-guterres-latest-updates-2026-02-18-1030829|title=PM Modi to inaugurate India AI Impact Summit 2026 at Bharat Mandapam today|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=[[India TV]]}}</ref>
इस आयोजन की आलोचना भी हुई, विशेषतः अव्यवस्थित प्रबन्धन, चीनी उत्पादों को भारतीय उत्पादों के रूप में प्रस्तुत करने तथा शासन द्वारा जनसम्पर्क (PR) हेतु आयोजन के उपयोग को लेकर।
== पृष्ठभूमि ==
'''एआई इम्पैक्ट समिट''' एक अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका आयोजन १६–२० फ़रवरी २०२६ को नयी दिल्ली में निर्धारित था। यह २०२५ के पेरिस एआई ऐक्शन समिट, २०२४ के एआई सियोल समिट तथा २०२३ के ब्लेच्ली पार्क एआई सेफ़्टी समिट के पश्चात आयोजित हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://www.sustainableaicoalition.org/public-consultation-for-the-indian-ai-impact-summit-2026/|title=Public consultation for the Indian AI Impact Summit 2026|date=2025-06-13|website=Coalition for Sustainable AI|publisher=[[Ministry of Ecological Transition (France)|Ministry of Ecological Transition and Territorial Cohesion]]|language=en-US|access-date=2025-09-01}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://impact.indiaai.gov.in/|title=India AI Impact Summit 2026|website=India AI Impact Summit 2026|language=en|access-date=2026-02-09}}</ref>
क़्रोवेल ऐण्ड मोरिंग के अनुसार, सम्मेलनों के परिवर्तित शीर्षक यह संकेत देते हैं कि वैश्विक विमर्श का केन्द्र अब एआई सुरक्षा एवं शासन से हटकर व्यावहारिक प्रभाव, क्रियान्वयन तथा मापनीय परिणामों की ओर अग्रसर हो रहा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.crowell.com/en/insights/client-alerts/Setting-the-Agenda-for-Global-AI-Governance-India-to-Host-AI-Impact-Summit-in-February-2026|title=Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026|website=Crowell & Moring - Setting the Agenda for Global AI Governance: India to Host AI Impact Summit in February 2026|language=en|access-date=2026-02-07}}</ref>
सम्मेलन से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक पैनल ने द्वितीय अन्तरराष्ट्रीय एआई सेफ़्टी रिपोर्ट प्रकाशित की।<ref>{{Cite web|url=https://time.com/7364551/ai-impact-summit-safety-report/|title=U.S. Withholds Support From Global AI Safety Report|last=Booth|first=Harry|date=2026-02-03|website=TIME|language=en|access-date=2026-02-07|archive-date=9 फ़रवरी 2026|archive-url=https://web.archive.org/web/20260209065516/https://time.com/7364551/ai-impact-summit-safety-report/|url-status=dead}}</ref>
सम्मेलन की रूपरेखा तीन आधारभूत स्तम्भों, “सूत्र”, पर आधारित थी: जन, धरा और प्रगति।<ref name="pib-announce2">{{cite press release|title=India-AI Impact Summit 2026|url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2216805|publisher=[[Press Information Bureau]]|date=February 2026|access-date=19 February 2026}}</ref> इन स्तम्भों के अनुरूप सात विषयगत कार्यदल गठित किए गए, जिनका उद्देश्य आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण हेतु एआई, एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समावेशन, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई, मानव पूँजी, विज्ञान, तथा लचीलापन, नवोन्मेष, दक्षता जैसे क्षेत्रों में परिणाम प्रस्तुत करना था।<ref name="btoday-agenda2">{{cite news|url=https://www.businesstoday.in/technology/news/story/ai-impact-summit-2026-what-to-expect-agenda-speakers-key-sessions-516192-2026-02-15|title=AI Impact Summit 2026: What to expect — agenda, speakers & key sessions|date=15 February 2026|work=[[Business Today (business magazine)|Business Today]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
== कार्यक्रम ==
सम्मेलन पाँच दिनों तक चला, किन्तु अत्यधिक जन‑रुचि के कारण इसे बढ़ाकर छह दिन कर दिया गया।<ref>{{cite web|url=https://www.newsx.com/tech-and-auto/ai-impact-summit-2026-witnesses-massive-participation-from-students-and-tech-enthusiasts-government-extends-expo-date-check-new-schedule-and-registration-details-168890/|title=AI Impact Summit 2026 Witnesses Massive Participation From Students And Tech Enthusiasts: Government Extends Expo Date|date=February 2026|website=NewsX|access-date=19 February 2026}}</ref> मूलतः २० फ़रवरी को समाप्त होने वाला यह आयोजन २१ फ़रवरी तक विस्तारित किया गया तथा प्रदर्शनी के सायंकालीन समय भी बढ़ाए गए।<ref>{{cite news|url=https://www.dynamitenews.com/national/ai-impact-summit-2026-extended-till-february-21-full-schedule-here|title=AI Impact Summit 2026 extended till February 21|date=February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=Dynamite News}}</ref>
=== इण्डिया एआई इम्पैक्ट एक्स्पो ===
प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा १६ फ़रवरी को उद्घाटित इण्डिया एआई इम्पैक्ट एक्स्पो में ३० देशों के ३०० से अधिक प्रदर्शक सम्मिलित हुए।<ref>{{cite web|url=https://in.eventfaqs.com/2026/02/17/prime-minister-narendra-modi-inaugurates-india-ai-impact-expo-2026-ahead-of-global-ai-summit/|title=Prime Minister Narendra Modi Inaugurates India AI Impact Expo 2026 Ahead of Global AI Summit|date=17 February 2026|website=EventFAQs|access-date=19 February 2026}}</ref> दस से अधिक विषयगत पविलियनों में प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिनमें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा तथा सतत् उद्योग जैसे क्षेत्रों में एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया गया।<ref name="btoday-agenda3">{{cite news|url=https://www.businesstoday.in/technology/news/story/ai-impact-summit-2026-what-to-expect-agenda-speakers-key-sessions-516192-2026-02-15|title=AI Impact Summit 2026: What to expect — agenda, speakers & key sessions|date=15 February 2026|work=[[Business Today (business magazine)|Business Today]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
=== नेताओं का पूर्ण अधिवेशन एवं सीईओ गोलमेज़ ===
१९ फ़रवरी को आयोजित नेताओं के पूर्ण अधिवेशन में राष्ट्राध्यक्षों, मन्त्रियों तथा बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एआई शासन, अवसंरचना तथा अन्तरराष्ट्रीय सहयोग पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उसी सायंकाल आयोजित सीईओ गोलमेज़ में वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं उद्योग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन‑प्रतिनिधियों के साथ निवेश, अनुसन्धान सहयोग तथा एआई प्रणालियों के क्रियान्वयन पर विचार‑विमर्श किया।<ref name="pmindia-inaug2">{{cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/pm-to-inaugurate-india-ai-impact-summit-2026-on-19-february/|title=PM to inaugurate India AI Impact Summit 2026 on 19 February|website=Prime Minister of India|access-date=19 February 2026}}</ref><ref name="pmindia-inaug3">{{cite web|url=https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/pm-to-inaugurate-india-ai-impact-summit-2026-on-19-february/|title=PM to inaugurate India AI Impact Summit 2026 on 19 February|website=Prime Minister of India|access-date=19 February 2026}}</ref>
=== अनुसन्धान संगोष्ठी ===
१८ फ़रवरी को एआई एवं उसके प्रभाव पर अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें ज्ञान‑सहयोगी के रूप में [[अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद|आईआईआईटी हैदराबाद]] सम्मिलित था। चर्चाओं में स्वदेशी एआई अवसंरचना, वैश्विक अंगीकरण की चुनौतियाँ, अनुसंधान उपलब्धियाँ तथा नीतिगत प्राथमिकताएँ सम्मिलित थीं।<ref>{{cite news|url=https://www.business-standard.com/technology/tech-news/india-ai-impact-summit-2026-day-3-key-sessions-speakers-to-track-tech-defence-126021800133_1.html|title=India AI Impact Summit 2026 Day 3: Key sessions, speakers to track today|date=18 February 2026|newspaper=[[Business Standard]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
== प्रतिभागी ==
सम्मेलन में १०० से अधिक देशों के प्रतिनिधिमण्डल उपस्थित हुए, जिनमें २० से अधिक राष्ट्राध्यक्ष तथा ६० मन्त्री सम्मिलित थे। प्रौद्योगिकी क्षेत्र से प्रमुख प्रतिभागियों में [[सुंदर पिचाई|सुन्दर पिचाई]] ([[गूगल]]), [[सैम ऑल्टमैन]] ([[ओपनएआई]]), [[दारियो अमोडेई]] ([[ऐन्थ्रॉपिक]]), [[डेमिस हासाबिस]] ([[गूगल डीपमाइंड|गूगल डीपमाइण्ड]]) तथा [[मुकेश अंबानी|मुकेश अम्बानी]] ([[रिलायन्स इण्डस्ट्रीज|रिलायन्स इण्डस्ट्रीज़]]) सम्मिलित थे।<ref name="indiatv-modi2">{{cite news|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/pm-modi-to-inaugurate-india-ai-impact-summit-2026-at-bharat-mandapam-on-thursday-february-19-emmanuel-macron-antonio-guterres-latest-updates-2026-02-18-1030829|title=PM Modi to inaugurate India AI Impact Summit 2026 at Bharat Mandapam today|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=[[India TV]]}}</ref> बहुपक्षीय संस्थानों से [[विश्व बैंक]] के सांगबू किम उपस्थित थे।<ref>{{cite web|url=https://www.worldbank.org/en/events/2026/02/05/india-ai-impact-summit-2026|title=India AI Impact Summit 2026|website=[[World Bank]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
== घोषणाएँ एवं परिणाम ==
=== भारतीय एआई मॉडल ===
सम्मेलन में अनेक भारतीय एआई प्रतिरूप एवं उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एक भारतीय एआई प्रयोगशाला, [[सर्वम् एआई]] ने ३० अरब तथा १.०५ खरब प्राचलों वाले विशेषज्ञ-मिश्रण आधारित नवीन भाषा-प्रतिरूपों के साथ-साथ, लेख-से-वाक, वाक-से-लेख एवं दृष्टि प्रतिरूप प्रस्तुत किए। सर्वम् ने 'काज़े' स्मार्टग्लासेस (चतुर-चश्मा) भी प्रदर्शित किए, जिनका परीक्षण प्रधानमन्त्री मोदी ने इस प्रदर्शनी में किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.analyticsinsight.net/news/india-ai-impact-summit-2026-pm-modi-tests-sarvam-ai-smartglasses-first-hardware-to-launch-in-may-2026|title=India AI Impact Summit 2026: PM Modi Tests Sarvam AI Smartglasses|date=February 2026|website=Analytics Insight|access-date=19 February 2026}}</ref><ref>{{cite web|url=https://techcrunch.com/2026/02/18/indian-ai-lab-sarvams-new-models-are-a-major-bet-on-the-viability-of-open-source-ai/|title=Indian AI lab Sarvam's new models are a major bet on the viability of open source AI|date=18 February 2026|website=[[TechCrunch]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
सरकार-समर्थित भारतजेन 'परम२' प्रतिरूप, जो १७-अरब प्राचलों वाला, २२ भारतीय भाषाओं को समर्पित और बहु-विध क्षमताओं से युक्त है, भी इस सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।<ref name="bstandard-models">{{cite news|url=https://www.business-standard.com/technology/tech-news/artificial-intelligence-impact-summit-2026-indian-models-126021600187_1.html|title=Which AI models will India unveil at 2026 Impact Summit|date=16 February 2026|newspaper=Business Standard|access-date=19 February 2026}}</ref>
=== अवसंरचना प्रतिबद्धताएँ ===
केन्द्रीय मन्त्री [[अश्विनी वैष्णव]] ने भारत की “राष्ट्र‑व्यापी” एआई रणनीति का विवरण प्रस्तुत करते हुए “मितव्ययी, स्वायत्त एवं विस्तारक्षम” एआई पारितन्त्र के निर्माण की योजना बताई।<ref>{{cite news|url=https://www.tribuneindia.com/news/ai/india-charts-full-stack-ai-strategy-to-compete-in-global-tech-race-report|title=India charts full-stack AI strategy to compete in global tech race|newspaper=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=19 February 2026}}</ref> सरकार ने इण्डियाएआई कम्प्यूट प्रवेशद्वार के अन्तर्गत विद्यमान ३८,००० जीपीयू के अतिरिक्त २०,००० से अधिक जीपीयू जोड़ने की घोषणा की।<ref name="bstandard-models2">{{cite news|url=https://www.business-standard.com/technology/tech-news/artificial-intelligence-impact-summit-2026-indian-models-126021600187_1.html|title=Which AI models will India unveil at 2026 Impact Summit|date=16 February 2026|newspaper=Business Standard|access-date=19 February 2026}}</ref>
[[माइक्रोसॉफ़्ट]] ने सम्मेलन में घोषणा की कि वह दशक के अन्त तक निम्न‑आय वाले देशों में एआई पहुँचाने हेतु ५० अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के मार्ग पर अग्रसर है।<ref>{{Cite news|url=https://www.cnn.com/2026/02/18/business/ai-impact-summit-microsoft-inequality-investment|title=Microsoft pledges $50 billion to tackle AI inequality|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=[[CNN]]}}</ref>
=== गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड ===
सम्मेलन के दौरान भारत ने २४ घण्टों में एआई उत्तरदायित्व अभियान हेतु सर्वाधिक प्रतिज्ञाएँ प्राप्त करने का [[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स|गिनीज़ विश्व‑रिकॉर्ड]] स्थापित किया, १६–१७ फ़रवरी २०२६ के मध्य २,५०,९४६ वैध प्रतिज्ञाएँ संकलित की गईं। इण्टेल इण्डिया के सहयोग से इण्डियाएआई मिशन के अन्तर्गत संचालित इस अभियान ने अपने प्रारम्भिक ५,००० प्रतिज्ञाओं के लक्ष्य को अत्यधिक पार कर लिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.millenniumpost.in/business/india-ai-impact-summit-enters-guiness-world-records-648867|title=India AI Impact Summit enters Guinness World Records|date=February 2026|work=[[Millennium Post]]|access-date=19 February 2026}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.businesstoday.in/tech-today/news/story/ai-impact-summit-india-sets-guinness-world-record-with-over-250000-ai-responsibility-pledges-in-24-hours-516815-2026-02-18|title=AI Impact Summit: India sets Guinness World Record with over 250,000 AI responsibility pledges in 24 hours|date=18 February 2026|newspaper=Business Today|access-date=19 February 2026}}</ref>
== विवाद ==
=== गल्गोटियास विश्वविद्यालय प्रकरण ===
१८ फ़रवरी को [[गल्गोटियास विश्वविद्यालय]] को व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उसके एक प्रतिनिधि ने विश्वविद्यालय के पविलियन में एक रोबोट‑कुत्ते को स्वदेशी विकास के रूप में प्रस्तुत किया। सामाजिक माध्यमों पर उपयोगकर्ताओं ने इसे चीनी कम्पनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा निर्मित यूनिट्री गो२ के रूप में पहचाना।<ref name="aljazeera-robot">{{cite news|url=https://www.aljazeera.com/news/2026/2/18/indian-university-faces-backlash-for-presenting-chinese-robot-as-its-own|title=Indian university faces backlash for presenting Chinese robot as its own|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=[[Al Jazeera]]}}</ref><ref name="scmp-robot">{{cite news|url=https://www.scmp.com/news/asia/south-asia/article/3343900/indian-universitys-chinese-robot-dog-claim-ai-impact-summit-slammed-shameless|title=Indian university's Chinese robot dog claim at AI Impact Summit slammed as 'shameless'|date=18 February 2026|newspaper=[[South China Morning Post]]|access-date=19 February 2026}}</ref> आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि प्रदर्शक अपने नहीं होने वाले उत्पाद प्रदर्शित करें, और विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल खाली करने का निर्देश दिया गया।<ref>{{cite news|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/galgotias-university-ordered-to-vacate-india-ai-summit-venue-amid-row-over-china-bought-robot-dog-2026-02-18-1030737|title=Galgotias University ordered to vacate India AI Summit venue amid row over China-bought robot dog|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=India TV}}</ref> विश्वविद्यालय ने क्षमा‑याचना जारी की, यह कहते हुए कि प्रतिनिधि “अल्प‑सूचित” था तथा मीडिया से वार्ता हेतु अधिकृत नहीं था।<ref>{{cite news|url=https://www.indiatvnews.com/news/india/galgotias-university-apologies-over-chinese-robodog-row-at-ai-summit-our-representative-was-ill-informed-2026-02-18-1030795|title=Galgotias University apologises over Chinese robodog row at AI Summit|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=India TV}}</ref>
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी हुईं, और [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने इसे सरकार की आलोचना के लिए उपयोग किया।<ref name="aljazeera-robot2">{{cite news|url=https://www.aljazeera.com/news/2026/2/18/indian-university-faces-backlash-for-presenting-chinese-robot-as-its-own|title=Indian university faces backlash for presenting Chinese robot as its own|date=18 February 2026|access-date=19 February 2026|publisher=[[Al Jazeera]]}}</ref> विवाद तब और बढ़ा जब केन्द्रीय आईटी मन्त्री अश्विनी वैष्णव द्वारा रोबोट का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर साझा किया गया, जिसे बाद में हटा दिया गया।<ref name="scmp-robot2">{{cite news|url=https://www.scmp.com/news/asia/south-asia/article/3343900/indian-universitys-chinese-robot-dog-claim-ai-impact-summit-slammed-shameless|title=Indian university's Chinese robot dog claim at AI Impact Summit slammed as 'shameless'|date=18 February 2026|newspaper=[[South China Morning Post]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
=== संगठनात्मक समस्याएँ ===
सम्मेलन के प्रथम दिवस बेंगलुरु‑स्थित उद्यमी धनञ्जय यादव ने आरोप लगाया कि उनका उत्पाद सम्मेलन में चोरी हो गया। उन्होंने इसे “जन‑कष्ट” बताते हुए लिखा कि उन्होंने उड़ानों, आवास, प्रबन्धन तथा स्टॉल के लिए व्यय किया, किन्तु उनके पहनने योग्य उपकरण उच्च‑सुरक्षा क्षेत्र में ग़ायब हो गए। बाद में दिल्ली पुलिस ने चोरी हुए उपकरण बरामद किए।
ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया कि १९ फ़रवरी को प्रधानमन्त्री की यात्रा से पूर्व सुरक्षा‑बन्दी के दौरान प्रतिनिधियों को भोजन एवं जल के बिना प्रतीक्षा करनी पड़ी। प्रधानमन्त्री की यात्रा के कारण उस दिन सम्मेलन‑स्थल को जनसाधारण के लिए बन्द कर दिया गया, जिससे पंजीकृत आगन्तुकों में असन्तोष उत्पन्न हुआ।<ref>{{cite news|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2026-02-17/india-s-big-ai-moment-starts-on-chaotic-note-as-modi-arrives|title=India's Big AI Moment Starts on Chaotic Note as Modi Arrives|date=17 February 2026|work=[[Bloomberg News]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
== प्रतिक्रिया एवं विश्लेषण ==
ब्लूमबर्ग न्यूज़ ने लिखा कि प्रधानमन्त्री मोदी ने इस सम्मेलन का उपयोग भारत की वैश्विक एआई आकांक्षाओं को रेखांकित करने हेतु किया, विशेषतः विदेश‑नीति के चुनौतीपूर्ण वर्ष के पश्चात।<ref>{{cite news|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2026-02-17/modi-seizes-ai-summit-to-assert-india-s-global-ambitions-after-tough-year|title=Modi Seizes AI Summit to Assert India's Global Ambitions After Tough Year|date=17 February 2026|work=Bloomberg News|access-date=19 February 2026}}</ref>
टेकपॉलिसी.प्रेस ने सम्मेलन पर अनेक आलोचनात्मक विश्लेषण प्रकाशित किए। एक लेख में कहा गया कि सम्मेलन की संरचना ने सीईओ गोलमेज़ एवं नेताओं के पूर्ण अधिवेशन के माध्यम से बहुराष्ट्रीय निगमों को संप्रभु सरकारों के समकक्ष स्थान प्रदान किया, जबकि नागरिक समाज, श्रमिक संगठनों या मानवाधिकार संरक्षकों के लिए कोई समकक्ष उच्च‑स्तरीय मंच उपलब्ध नहीं कराया गया। एक अन्य विश्लेषण में कहा गया कि भारत का एआई शासन‑दृष्टिकोण, फ़्राँस की भाँति, इन सम्मेलनों को मुख्यतः व्यापार‑केन्द्रित आयोजन के रूप में देखता है, और किसी भी “दिल्ली घोषणा” के वैश्विक शासन में ठोस प्रतिबद्धताओं में परिणत होने की सम्भावना न्यून है।<ref>{{cite web|url=https://www.techpolicy.press/indias-ai-summit-could-prove-to-be-new-delhis-lost-opportunity/|title=India's AI Summit Could Prove to be New Delhi's Lost Opportunity|date=19 February 2026|website=TechPolicy.Press|access-date=19 February 2026}}</ref>
टेकपॉलिसी.प्रेस ने यह भी रिपोर्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधिमण्डल सहयोग की अपेक्षा “प्रभुत्व” पर केन्द्रित एजेण्डा लेकर आया, तथा एआई को चीन के विरुद्ध भू‑राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के रूप में प्रस्तुत किया।<ref>{{cite web|url=https://www.techpolicy.press/us-delegation-heads-to-india-ai-summit-intent-on-domination/|title=US Delegation Heads to India AI Summit Intent on 'Domination'|date=16 February 2026|website=TechPolicy.Press|access-date=19 February 2026}}</ref>
आउटलुक इण्डिया ने सम्मेलन में एआई जोखिमों, पर्यावरणीय प्रभाव, श्रम‑विस्थापन, निगरानी एवं पक्षपात की सम्भावनाओं, पर विमर्श का विश्लेषण प्रकाशित किया।<ref>{{cite web|url=https://www.outlookindia.com/national/ai-impact-summit-2026-the-dark-side-of-tech-analysed|title=AI Impact Summit 2026: The Dark Side Of Tech, Analysed|website=[[Outlook (Indian magazine)|Outlook India]]|access-date=19 February 2026}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:दिल्ली]]
[[श्रेणी:कृत्रिम बुद्धि अनुसंधानकर्ता]]
[[श्रेणी:कृत्रिम बुद्धि]]
[[श्रेणी:कृत्रिम बुद्धिमत्ता]]
[[श्रेणी:कृत्रिम बुद्धि सामग्री]]
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सदस्य:AMAN KUMAR/शीह लॉग
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2026-05-16T16:26:54Z
AMAN KUMAR
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=== मार्च 2026 ===
# [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC)
# [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
=== अप्रैल 2026 ===
# [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:डॉ इन्दु शेखर उपाध्याय]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:52, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:13, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:अशुतोष यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:50, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:डॉ. भावना सावलिया]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:52, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:महकाल अवतार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 19:14, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Ayushguptha]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 03:01, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:जियोक्स एआई]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 06:27, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:श्रवण राम पंवार]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 13:11, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Shrawanrampanwar]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 13:12, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:श्रवण राम मेघवाल]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 00:13, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Parvat Singh Buddha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:14, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:पुष्कर कांडपाल (गायक)]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 08:57, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar degana]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:29, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:आदर्श कुमार राजपूत]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:29, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:विनोद वर्मा (आभूषण वर्ल्ड)]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 15:10, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Parvat Singh Buddha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 15:12, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:प्रवेशद्वार:न्यूरोविज्ञान]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 23:06, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:Anu tomar]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: शीर्षक अन्य भाषा में है}; सदस्य {{user|1=Advocate vinit tyagi}} को सूचित किया गया 03:46, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:द ट्रेंडिंग पीपल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:51, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:के राघवन रेड्डी]]: [[वि:शीह#व4|शीह व4]] ({{tl|db-hoax}}) 11:55, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:GKM Gautam Kumar Maurya]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 11:36, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 19:35, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:Banka, बिहार]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 19:52, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:महरूज़ सिद्दीकी नदीम (फुटबॉलर)]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 20:26, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:श्रेणी:Wikipedia help forums]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 20:35, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:53, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:श्रेणी:हिन्दी उपन्यास-रामनाथ शिवेंद्र का उपन्यास "दूसरी आज़ादी "]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:55, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:आदर्श राजपूत]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 05:00, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:प्रावधान]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 05:07, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 10:24, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दिनेश शाहरा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 10:27, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:54, 28 अप्रैल 2026 (UTC)
=== मई 2026 ===
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}) 09:42, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: multiple criteria ([[वि:शीह#ल2|ल2]], [[वि:शीह#व7|व7]]); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 17:19, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:नालया थीरपू]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:01, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:05, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:PoetNikhilNeeraj]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:13, 9 मई 2026 (UTC)
# [[:पूस की रात]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 15:20, 9 मई 2026 (UTC)
# [[:Ragul Kamaraj Reddy(राघुल कामराज रेड्डी)]]: [[वि:शीह#व4|शीह व4]] ({{tl|db-hoax}}) 01:44, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:सिरे की शादेन (मुहावरा)]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 01:53, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:राष्ट्रीय दादा दादी दिवस]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:42, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 13 मई 2026 (UTC)
# [[:स्टोरिको सेरामिका एलएलपी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 11:12, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 23:28, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Vishalguptahyv]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:04, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी बाँदा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 12:11, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:32, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:अपाचे]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 18:38, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:पूवे उनक्कागा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:36, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:सफाविद वंश]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 20:25, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:राजपासी]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:54, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Wikidata Infobox/i18n]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 07:20, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Wikidata Infobox/i18n/hi]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 07:21, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Wikidata Infobox/i18n/getMsg]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 07:21, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:कुनलावुट विटिडसर्न]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}) 08:25, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी बाँदा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 16:26, 16 मई 2026 (UTC)
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2026-05-17T01:30:04Z
AMAN KUMAR
911487
शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:साश्वत कुमार (कराटे)]].
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=== मार्च 2026 ===
# [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC)
# [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
=== अप्रैल 2026 ===
# [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:डॉ इन्दु शेखर उपाध्याय]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:52, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Ajaysingh Mer Rajput]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:19, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 01:22, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Adsmalhotra]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 12:21, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:ग्यासी]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 13:33, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:13, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:अशुतोष यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:50, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:डॉ. भावना सावलिया]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:52, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:महकाल अवतार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 19:14, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Ayushguptha]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 03:01, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:54, 28 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:पूस की रात]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 15:20, 9 मई 2026 (UTC)
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# [[:सिरे की शादेन (मुहावरा)]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 01:53, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:राष्ट्रीय दादा दादी दिवस]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:42, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 13 मई 2026 (UTC)
# [[:स्टोरिको सेरामिका एलएलपी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 11:12, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 23:28, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Vishalguptahyv]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:04, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी बाँदा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 12:11, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:32, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:अपाचे]]: [[वि:शीह#ल5|शीह ल5]] ({{tl|db-badtrans}}) 18:38, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:पूवे उनक्कागा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 19:36, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:सफाविद वंश]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 20:25, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:राजपासी]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:54, 16 मई 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Wikidata Infobox/i18n]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 07:20, 16 मई 2026 (UTC)
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# [[:साश्वत कुमार (कराटे)]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 01:30, 17 मई 2026 (UTC)
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इयान अब्दुल्ला
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text/x-wiki
{{Infobox person|name=इयान अब्दुल्ला|other_names=श्री इयान डब्ल्यू. अब्दुल्ला|birth_date={{Birth year|1947}}|birth_place=[[स्वान रीच, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया]], [[ऑस्ट्रेलिया]]|death_date=29 जनवरी {{Death year and age|2011|1947}}|death_place=[[बेरी, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया]], [[ऑस्ट्रेलिया]]|known_for=[[चित्रकला]], [[समकालीन आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई कला]]}}'''इयान अब्दुल्ला''' (1947 – 29 जनवरी 2011) एक आदिवासी ऑस्ट्रेलियाई समकालीन कलाकार थे। वे एक नगारिंदजेरी व्यक्ति थे, जो दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में मरे नदी के तट पर पले-बढ़े थे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा नैइव कलाकार कहा गया है।<ref>{{cite news|url=http://www.theage.com.au/national/obituaries/narratives-of-charm-and-wit-20110214-1atoa.html|title=Narratives of charm and wit|last=Kean|first=John|date=15 February 2011|work=The Age}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
अब्दुल्ला का जन्म 1947 में मरे नदी पर स्थित स्वान रीच में हुआ था, जो दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मरेलैंड्स क्षेत्र में आता है।<ref name="Dromkeen">{{cite book|title=The Dromkeen Book of Australian Children's Illustrators|date=1997|publisher=Scholastic Australia|isbn=1863886958|editor1-last=Scobie|editor1-first=Susan|pages=10–11}}</ref> उनकी कला इस क्षेत्र के परिदृश्य और गतिविधियों को दर्शाती है, जिसमें कहानी कहने का एक मजबूत तत्व शामिल है।
== करियर ==
1988 में, अब्दुल्ला ने ग्लोसॉप में एक कार्यशाला में प्रिंटमेकिंग सीखी,<ref name="Dromkeen" /> और अगले वर्ष उन्होंने पेंटिंग शुरू की। 1991 में अब्दुल्ला को 'साउथ ऑस्ट्रेलियन एबोरिजिनल आर्टिस्ट ऑफ द ईयर' नामित किया गया था, और 1992 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया काउंसिल फेलोशिप से सम्मानित किया गया। उनकी पुस्तक, ''As I Grew Older'' को 1994 में 'ऑस्ट्रेलियाई बहुसांस्कृतिक बाल साहित्य पुरस्कार' दिया गया और उनकी कृति ''Tucker'' को 1995 में 'चिल्ड्रन्स बुक काउंसिल ईव पाउनल अवार्ड' के लिए नामांकित किया गया था।
अब्दुल्ला की कलाकृति को [[विश्व स्वास्थ्य संगठन]] की वार्षिक रिपोर्ट के कवर पर भी स्थान मिला। उनकी कृतियों को दुनिया भर में प्रदर्शित किया गया है और वे दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की आर्ट गैलरी तथा न्यू साउथ वेल्स की आर्ट गैलरी के स्थायी संग्रह का हिस्सा हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.artgallery.nsw.gov.au/collection/artists/abdulla-ian/|title=Ian Abdulla|publisher=Art Gallery of New South Wales|access-date=22 April 2016}}</ref>
== मृत्यु ==
29 जनवरी की सुबह, 63 वर्ष की आयु में, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के [[बेरी, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया|बेरी]] अस्पताल में कैंसर से संक्षिप्त लड़ाई के बाद उनका निधन हो गया। उस समय उनका परिवार उनके साथ था।<ref>[http://news.aboriginalartdirectory.com/2011/02/death-of-ian-abdulla.php DEATH OF IAN ABDULLA] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20250813230520/https://news.aboriginalartdirectory.com/2011/02/death-of-ian-abdulla.php |date=13 अगस्त 2025 }}, Jeremy Eccles, Aboriginal Art Directory News www.aboriginalartdirectory.com, 1 February 2011</ref>
== शैली ==
उनकी कृतियाँ एक समतल अग्रभूमि के विपरीत पाठ और छवि के संयोजन के लिए विशिष्ट हैं। अब्दुल्ला की हाथ से लिखी गई टिप्पणियाँ चित्रित दृश्य का संक्षिप्त वर्णन करती हैं और उनकी पेंटिंग्स के शीर्ष पर बिल्कुल केंद्र में स्थित होती हैं।
== कृतियाँ ==
=== पुस्तकें ===
* ''As I grew older: the life and times of a Nunga growing up along the Murray River'' (1993)
* ''Tucker'' (1994)
=== कलाकृतियाँ ===
* ''Swimming before school'' (1995), सिंथेटिक पॉलीमर पेंट, आर्ट गैलरी ऑफ न्यू साउथ वेल्स, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया।
* ''Pelicans at Katarapko'' (1994), सिंथेटिक पॉलीमर पेंट, आर्ट गैलरी ऑफ न्यू साउथ वेल्स, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया।
== संदर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[आर्ट गैलरी ऑफ न्यू साउथ वेल्स]] में [http://www.artgallery.nsw.gov.au/collection/artists/abdulla-ian/ इयान अब्दुल्ला]
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[[File:Shri Mahaveer Hanuman Mandir Khushala.jpg|thumb|पहाड़ी से देखने पर मुख्य मंदिर का दृश्य]]
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== इन्हें भी देखें ==
* [[जाखू मन्दिर]]
==संदर्भ==
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== इतिहास और दंतकथाएं ==
यह प्राचीन देवालय प्रारंभिक काल में [[राधा कृष्ण|राधा–कृष्ण]] मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित था। आज भी यहाँ स्थापित राधा और कृष्ण की धातु निर्मित प्रतिमाएँ श्रद्धापूर्वक पूजित हैं, जिसके कारण इसका प्राचीन नाम “ठाकुरद्वार” प्रचलित हुआ। मान्यता है कि आरंभिक समय में यह मंदिर पर्वत-शिखर पर स्थित था और दूर-दूर तक आध्यात्मिक साधना तथा भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
स्थानीय लोककथा के अनुसार [[त्रेतायुग]] में, जब भगवान हनुमान [[लक्ष्मण]] के प्राणों की रक्षा हेतु [[द्रोणागिरि पर्वत]] से [[संजीवनी (हिंदू धर्म)|संजीवनी]] लेकर [[लंका]] की ओर जा रहे थे, तब वे कुछ समय के लिए इस शिखर पर रुके। कहा जाता है कि उनकी दिव्य शक्ति के प्रभाव से पर्वत का एक भाग खाई में जा गिरा। उसी समय वहाँ बाबा जानकीदास गहन ध्यान में लीन थे। जब उन्होंने भगवान हनुमान के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए, तो वे भावविभोर होकर उनके चरणों में नतमस्तक हो गए। अत्यंत विनम्रता और [[भक्ति]] से उन्होंने प्रार्थना की—“हे प्रभु हनुमान! आप [[राम|श्रीराम]] की सेवा में [[धर्म]] और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। आपके दर्शन से मेरा जीवन धन्य हो गया। कृपा कर इस पावन स्थल पर सदैव प्रतिमा-रूप में विराजमान रहें, ताकि आपके दर्शन से अन्य भक्तों का जीवन भी सार्थक और कल्याणमय बन सके।”<ref>{{Cite web |last=शिमला |first=अंकुश डोभाल |date=2024-10-13 |title=शिमला में भगवान हनुमान का अति प्राचीन मंदिर, यहां भक्तों के कष्ट हरते हैं महावीर |url=https://www.abplive.com/states/himachal-pradesh/shimla-ancient-temple-of-lord-hanuman-mahavir-removes-sufferings-of-devotees-ann-2802716 |access-date=2025-12-15 |website=एबीपी न्यूज}}</ref>
कथा के अनुसार भगवान हनुमान ने बाबा की प्रार्थना स्वीकार कर ली और तभी से यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित पवित्र धाम के रूप में प्रतिष्ठित हो गया। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम “खुशाला” अथवा “कुशला” पड़ा, जिसका अर्थ दक्षता, सामर्थ्य और सिद्धि से जुड़ा माना जाता है।
मंदिर अपने भीतर केवल आध्यात्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक धरोहर भी समेटे हुए है। यहाँ पहाड़ी तथा [[काँगड़ा चित्रकारी|कांगड़ा शैली]] की अनेक प्राचीन चित्रकलाएँ विद्यमान हैं, जिनकी रंग-संरचना और सूक्ष्म कलात्मकता आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है। ये चित्र मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय कला-परंपरा का सजीव प्रमाण माने जाते हैं। मंदिर की स्थापत्य शैली गुंबदाकार है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार इसका निर्माण लगभग 2,500 वर्ष पूर्व हुआ माना जाता है, जिससे यह स्थल क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक बन जाता है।<ref>{{Cite web |last=हिंदी टीवी न्यूज |date=2023-10-09 |title=प्राचीन महावीर मंदिर खुशाला शोघी शिमला |url=https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6/ |access-date=2025-12-15 |website=हिंदी टीवी समाचार }}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[जाखू मन्दिर]]
==संदर्भ==
[[श्रेणी:हिमाचल प्रदेश में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:हनुमान मंदिर]]
[[श्रेणी:शिमला में पर्यटन आकर्षण]]
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अनुनाद सिंह
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इस लेख के प्रारम्भिक भाग को सरल बनाया।
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[[File:Shri Mahaveer Hanuman Mandir Khushala.jpg|thumb|पहाड़ी से देखने पर मुख्य मंदिर का दृश्य]]
'''''श्री महावीर हनुमान मंदिर''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[शिमला]] जिले के शोघी क्षेत्र स्थित खुशाला गाँव में [[हनुमान|भगवान हनुमान]] का एक प्रसिद्ध [[मन्दिर|हिंदू मंदिर]] है। स्थानीय लोग इसे '''"ठाकुरद्वारा"''' कहते हैं। स्थानीय लोगों में इस मंदिर का अत्यन्त धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह मन्दिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। शांत वातावरण और आध्यात्मिक आस्था के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://shimla.hptours.org/temples/shoghi-hanuman-temple|title=Shoghi Hanuman Temple|website= शिमला |language=en|access-date=2025-12-16}}</ref>
== इतिहास और दंतकथाएं ==
यह प्राचीन देवालय प्रारंभिक काल में [[राधा कृष्ण|राधा–कृष्ण]] मंदिर था। आज भी यहाँ राधा और कृष्ण की धातु निर्मित प्रतिमाएँ श्रद्धापूर्वक पूजी जातीं हैं जिसके कारण इसका प्राचीन नाम “ठाकुरद्वार” प्रचलित हुआ। मान्यता है कि आरंभिक समय में यह मंदिर पर्वत-शिखर पर स्थित था और दूर-दूर तक आध्यात्मिक साधना तथा भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
स्थानीय लोककथा के अनुसार [[त्रेतायुग]] में, जब भगवान हनुमान [[लक्ष्मण]] के प्राणों की रक्षा हेतु [[द्रोणागिरि पर्वत]] से [[संजीवनी (हिंदू धर्म)|संजीवनी]] लेकर [[लंका]] की ओर जा रहे थे, तब वे कुछ समय के लिए इस शिखर पर रुके। कहा जाता है कि उनकी दिव्य शक्ति के प्रभाव से पर्वत का एक भाग खाई में जा गिरा। उसी समय वहाँ बाबा जानकीदास गहन ध्यान में लीन थे। जब उन्होंने भगवान हनुमान के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए, तो वे भावविभोर होकर उनके चरणों में नतमस्तक हो गए। अत्यंत विनम्रता और [[भक्ति]] से उन्होंने प्रार्थना की—“हे प्रभु हनुमान! आप [[राम|श्रीराम]] की सेवा में [[धर्म]] और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। आपके दर्शन से मेरा जीवन धन्य हो गया। कृपा कर इस पावन स्थल पर सदैव प्रतिमा-रूप में विराजमान रहें, ताकि आपके दर्शन से अन्य भक्तों का जीवन भी सार्थक और कल्याणमय बन सके।”<ref>{{Cite web |last=शिमला |first=अंकुश डोभाल |date=2024-10-13 |title=शिमला में भगवान हनुमान का अति प्राचीन मंदिर, यहां भक्तों के कष्ट हरते हैं महावीर |url=https://www.abplive.com/states/himachal-pradesh/shimla-ancient-temple-of-lord-hanuman-mahavir-removes-sufferings-of-devotees-ann-2802716 |access-date=2025-12-15 |website=एबीपी न्यूज}}</ref>
कथा के अनुसार भगवान हनुमान ने बाबा की प्रार्थना स्वीकार कर ली और तभी से यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित पवित्र धाम के रूप में प्रतिष्ठित हो गया। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम “खुशाला” अथवा “कुशला” पड़ा, जिसका अर्थ दक्षता, सामर्थ्य और सिद्धि से जुड़ा माना जाता है।
मंदिर अपने भीतर केवल आध्यात्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक धरोहर भी समेटे हुए है। यहाँ पहाड़ी तथा [[काँगड़ा चित्रकारी|कांगड़ा शैली]] की अनेक प्राचीन चित्रकलाएँ विद्यमान हैं, जिनकी रंग-संरचना और सूक्ष्म कलात्मकता आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है। ये चित्र मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय कला-परंपरा का सजीव प्रमाण माने जाते हैं। मंदिर की स्थापत्य शैली गुंबदाकार है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार इसका निर्माण लगभग 2,500 वर्ष पूर्व हुआ माना जाता है, जिससे यह स्थल क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक बन जाता है।<ref>{{Cite web |last=हिंदी टीवी न्यूज |date=2023-10-09 |title=प्राचीन महावीर मंदिर खुशाला शोघी शिमला |url=https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6/ |access-date=2025-12-15 |website=हिंदी टीवी समाचार }}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[जाखू मन्दिर]]
==संदर्भ==
[[श्रेणी:हिमाचल प्रदेश में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:हनुमान मंदिर]]
[[श्रेणी:शिमला में पर्यटन आकर्षण]]
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6553328
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2026-05-17T06:01:14Z
अनुनाद सिंह
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक हिन्दू मन्दिर
|name=श्री महावीर हनुमान मंदिर खुशाला
|native_name=
|religious =[[हिन्दू धर्म]]
|deity =[[हनुमान]] और [[राधा कृष्ण]]
|festivals =[[राम नवमी]], [[हनुमान जयंती]], [[जन्माष्टमी]], [[दशहरा]], [[दीपावली]]
|location =खुशाला, शोघी , [[शिमला]]
|district =[[शिमला जिला|शिमला]]
|state =[[हिमाचल प्रदेश]]
|country ={{flag|भारत}}
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|map_caption =हिमाचल प्रदेश में खुशाला के हनुमान मन्दिर की स्थिति
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|im age =Shri Mahaveer Hanuman Mandir Khushala.jpg
|caption। =पहाड़ी से देखने पर मुख्य मंदिर का दृश्य
|architecture_style=पहाड़ी प्रभाव वाली [[नागर शैली]]
}}
[[File:Shri Mahaveer Hanuman Mandir Khushala.jpg|thumb|पहाड़ी से देखने पर मुख्य मंदिर का दृश्य]]
'''श्री महावीर हनुमान मंदिर''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[शिमला]] जिले के शोघी क्षेत्र स्थित खुशाला गाँव में [[हनुमान|भगवान हनुमान]] का एक प्रसिद्ध [[मन्दिर|हिंदू मंदिर]] है। स्थानीय लोग इसे '''"ठाकुरद्वारा"''' कहते हैं। स्थानीय लोगों में इस मंदिर का अत्यन्त धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह मन्दिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। शांत वातावरण और आध्यात्मिक आस्था के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।<ref>{{Cite web|url=https://shimla.hptours.org/temples/shoghi-hanuman-temple|title=Shoghi Hanuman Temple|website= शिमला |language=en|access-date=2025-12-16}}</ref>
== इतिहास और दंतकथाएं ==
यह प्राचीन देवालय प्रारंभिक काल में [[राधा कृष्ण|राधा–कृष्ण]] मंदिर था। आज भी यहाँ राधा और कृष्ण की धातु निर्मित प्रतिमाएँ श्रद्धापूर्वक पूजी जातीं हैं जिसके कारण इसका प्राचीन नाम “ठाकुरद्वार” प्रचलित हुआ। मान्यता है कि आरंभिक समय में यह मंदिर पर्वत-शिखर पर स्थित था और दूर-दूर तक आध्यात्मिक साधना तथा भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
स्थानीय लोककथा के अनुसार [[त्रेतायुग]] में, जब भगवान हनुमान [[लक्ष्मण]] के प्राणों की रक्षा हेतु [[द्रोणागिरि पर्वत]] से [[संजीवनी (हिंदू धर्म)|संजीवनी]] लेकर [[लंका]] की ओर जा रहे थे, तब वे कुछ समय के लिए इस शिखर पर रुके। कहा जाता है कि उनकी दिव्य शक्ति के प्रभाव से पर्वत का एक भाग खाई में जा गिरा। उसी समय वहाँ बाबा जानकीदास गहन ध्यान में लीन थे। जब उन्होंने भगवान हनुमान के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए, तो वे भावविभोर होकर उनके चरणों में नतमस्तक हो गए। अत्यंत विनम्रता और [[भक्ति]] से उन्होंने प्रार्थना की—“हे प्रभु हनुमान! आप [[राम|श्रीराम]] की सेवा में [[धर्म]] और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। आपके दर्शन से मेरा जीवन धन्य हो गया। कृपा कर इस पावन स्थल पर सदैव प्रतिमा-रूप में विराजमान रहें, ताकि आपके दर्शन से अन्य भक्तों का जीवन भी सार्थक और कल्याणमय बन सके।”<ref>{{Cite web |last=शिमला |first=अंकुश डोभाल |date=2024-10-13 |title=शिमला में भगवान हनुमान का अति प्राचीन मंदिर, यहां भक्तों के कष्ट हरते हैं महावीर |url=https://www.abplive.com/states/himachal-pradesh/shimla-ancient-temple-of-lord-hanuman-mahavir-removes-sufferings-of-devotees-ann-2802716 |access-date=2025-12-15 |website=एबीपी न्यूज}}</ref>
कथा के अनुसार भगवान हनुमान ने बाबा की प्रार्थना स्वीकार कर ली और तभी से यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित पवित्र धाम के रूप में प्रतिष्ठित हो गया। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम “खुशाला” अथवा “कुशला” पड़ा, जिसका अर्थ दक्षता, सामर्थ्य और सिद्धि से जुड़ा माना जाता है।
मंदिर अपने भीतर केवल आध्यात्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक धरोहर भी समेटे हुए है। यहाँ पहाड़ी तथा [[काँगड़ा चित्रकारी|कांगड़ा शैली]] की अनेक प्राचीन चित्रकलाएँ विद्यमान हैं, जिनकी रंग-संरचना और सूक्ष्म कलात्मकता आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है। ये चित्र मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय कला-परंपरा का सजीव प्रमाण माने जाते हैं। मंदिर की स्थापत्य शैली गुंबदाकार है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार इसका निर्माण लगभग 2,500 वर्ष पूर्व हुआ माना जाता है, जिससे यह स्थल क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक बन जाता है।<ref>{{Cite web |last=हिंदी टीवी न्यूज |date=2023-10-09 |title=प्राचीन महावीर मंदिर खुशाला शोघी शिमला |url=https://www.hinditvnews.co.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6/ |access-date=2025-12-15 |website=हिंदी टीवी समाचार }}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[जाखू मन्दिर]]
==संदर्भ==
[[श्रेणी:हिमाचल प्रदेश में हिन्दू मंदिर]]
[[श्रेणी:हनुमान मंदिर]]
[[श्रेणी:शिमला में पर्यटन आकर्षण]]
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AMAN KUMAR
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=== अप्रैल 2026 ===
# [[:सरवनी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:सरवनी जागीर]] 01:08, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
#* '''कारण''': संदर्भ https://www.census2011.co.in/data/village/471018-sarwani-jagir-madhya-pradesh.html
# [[:कवि पंडित चतुर्भुज]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/कवि पंडित चतुर्भुज|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Vishal1518}} को सूचित किया 01:25, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
#* '''कारण''': उल्लेखनीय नहीं
# [[:वर्दिया राजवंश]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/वर्दिया राजवंश|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=Historical agency of India}} को सूचित किया 22:33, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
#* '''कारण''': उल्लेखनीय नहीं
=== मई 2026 ===
# [[:गुर दत्त कुमार]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/गुर दत्त कुमार|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=अनुनाद सिंह}} को सूचित किया 07:30, 2 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': लेख में उल्लेखनीयता और विश्वसनीय स्रोतों का अभाव है।
# [[:हरेकृष्ण कोङार]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:हरेकृष्ण कोनार]] 03:23, 10 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': संदर्भ [[https://www.google.co.in/books/edition/Sahitya_Ka_Dalit_Saundaryashastra/qtU9EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PT224&printsec=frontcover|१]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Naxalwad_Aur_Samaj/QI6tEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA2003&printsec=frontcovers|२]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Samajvad_Bhartiya_Janta_Ka_Sangharsh/MJuVnrI4vYkC?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA287&printsec=frontcover|३]]{{pb}}[[https://www.google.co.in/books/edition/Yaadein/U_vLEQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3+%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0&pg=PA151&printsec=frontcover|३]]{{pb}}@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] , @[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]
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#* '''कारण''': संदर्भ {{pb}}[https://www.google.co.in/books/edition/Kinetic_Theory_and_Thermodynamics/3tNN15jei84C?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&pg=PA88&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Elements_of_Modern_Physics/bZF_EQAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&pg=PA136&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Glossary_of_Physics/Z9MWAQAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&printsec=frontcover] [https://www.google.co.in/books/edition/Bhautika_vijnana_mem_kranti/VTA_AAAAIAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&dq=%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE&printsec=frontcover]{{pb}}[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी समीक्षा करें
# [[:तरनोपिल]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:टर्नोपिल]] 16:56, 11 मई 2026 (UTC)
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# [[:तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:टर्नोपिल राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय]] 17:06, 11 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': [https://hindi.theprint.in/india/ukrainian-soldiers-asked-indian-students-to-laugh-and-clap-sometimes-student/286153/][https://www.uniranks.com/ranking/hi/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8]
# [[:चुम्बकरसायन]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:चुंबक रसायन]] 11:43, 13 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': इसके लिए संदर्भ {{pb}}* [https://www.shabd.education.gov.in/feedback.jsp?glossary=%27cstt_compr_Chemistry_EngHin_glossary-lexicon.txt%27&searchStr=%27Magnetochemistry%27&outStr=%27%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95_%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%27 CSTT]{{pb}}* [https://hindi.indiawaterportal.org/sabdkosh/caunbaka-rasaayana Indiawaterportal] {{pb}}पुस्तकें {{pb}}* [https://www.google.co.in/books/edition/Chemical_Dynamics_Coordination_Chemistry/7LDFEAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&pg=PA291&printsec=frontcover]{{pb}}* [https://www.google.co.in/books/edition/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80_%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6/B9bxnmASixoC?hl=en&gbpv=1&bsq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&dq=%22%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%95+%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%22&printsec=frontcover]
# [[:साश्वत कुमार]]: [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/साश्वत कुमार|nominated]] at [[WP:AFD|AfD]]; {{user|1=OkikenryuIndia}} को सूचित किया 11:13, 15 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': #*उल्लेखनीयता का अभाव{{pb}}*यह लेख आत्म-प्रचार के उद्देश्य से बनाया गया प्रतीत होता है।
# [[:स्वामी शिवानन्द सरस्वती]]: nominated at [[WP:RM|RM]]; नया नाम: [[:शिवानन्द सरस्वती]] 11:45, 17 मई 2026 (UTC)
#* '''कारण''': [[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और [[सदस्य:SM7|SM7]] जी समीक्षा करें {{pb}}:नामकरण नीति के तहत लेखों के शीर्षक में सम्मानसूचक या पदवियों (जैसे- श्री, डॉ., पंडित, महर्षि, संत, या स्वामी) का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसलिए लेख का नाम तटस्थ रूप में "[[शिवानन्द सरस्वती]]" ही होना चाहिए। पुराना नाम एक अनुप्रेषण के रूप में रखा जा सकता है।
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प्रकाशानन्द
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Samuel Barbouki
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text/x-wiki
'''प्रकाशानन्द''' (संस्कृत: प्रकाशानन्द), जिन्हें '''प्रकाशानन्द याति''' भी कहा जाता है, सोलहवीं शताब्दी के भारतीय दार्शनिक थे (लगभग १५५०–१६००), जो [[अद्वैत वेदान्त]] परम्परा से सम्बद्ध थे। वे विशेषतः '''दृष्टि-सृष्टि-वाद''' (''dṛṣṭi-sṛṣṭi-vāda'') नामक आमूल आदर्शवादी सिद्धान्त के लिए विख्यात हैं, जिसके अनुसार किसी वस्तु का अस्तित्व उसकी अनुभूति से अभिन्न है — अनुभव से परे कोई स्वतन्त्र जगत् नहीं है।
== जीवनी ==
प्रकाशानन्द के विषय में विस्तृत जीवनीपरक सूचनाएँ उपलब्ध नहीं हैं। परम्परागत स्रोतों के अनुसार वे ज्ञानानन्द याति के शिष्य थे और सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में काशी (वाराणसी) क्षेत्र में सक्रिय थे। उनके शिष्य भारत के अनेक प्रदेशों में फैले, जो उनके दर्शन के व्यापक प्रभाव को प्रमाणित करता है।<ref>(en) "Prakāśānanda Yati", Hindupedia, The Hindu Encyclopedia, 17 दिसम्बर 2016।</ref>
चैतन्य-चरितामृत में उल्लिखित माया-वादी सन्न्यासी प्रकाशानन्द सरस्वती (वाराणसी) से इनका भ्रम नहीं होना चाहिए; अधिकांश विद्वान इन्हें दो भिन्न व्यक्ति मानते हैं।<ref>(en) ''Prabodhānanda and Prakāśānanda'', Bhaktivinoda Institute।</ref>
== दार्शनिक सिद्धान्त ==
=== दृष्टि-सृष्टि-वाद ===
प्रकाशानन्द ने वेदान्त की एक नितान्त आदर्शवादी और विषयवादी व्याख्या प्रस्तुत की। उनके मतानुसार:<ref>मार्टिन शिफ्लो (अनु॰, प्रस्तुति एवं टिप्पणी), ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५।</ref>
* जगत् के पदार्थों का अस्तित्व उनकी प्रत्यक्षानुभूति से अभिन्न है; मन से स्वतन्त्र कोई बाह्य वस्तु नहीं।
* [[माया]] कोई सत्तावाची पदार्थ नहीं, अपितु वह नितान्त कल्पित (''tuccha'') है।
* जगत् की कोई वास्तविक कारण-प्रक्रिया नहीं — सब कुछ आत्मगत है।
* एकमात्र परमसत्य [[ब्रह्म|आत्मा-ब्रह्म]] है।
यह अत्यन्त कठोर दार्शनिक स्थिति ब्रह्म और किसी 'सघन' माया के बीच शेष द्वैत को सर्वथा समाप्त करने के उद्देश्य से प्रतिपादित की गई थी। यह सिद्धान्त [[प्रकाशात्मन्|प्रकाशात्मन्]] या सर्वज्ञात्ममुनि जैसे आचार्यों द्वारा समर्थित माया की अपेक्षाकृत 'यथार्थवादी' अवधारणाओं का विरोध करता है।
=== शङ्कराचार्य और विज्ञानवाद से सम्बन्ध ===
प्रकाशानन्द की ''वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली'' [[आदि शंकराचार्य|शङ्कर]] के ''ब्रह्मसूत्रभाष्य'' के आठ शताब्दी बाद रची गई। शङ्कर को सृष्टि की सापेक्षिक सत्ता स्थापित करने के लिए [[हिरण्यगर्भ]] और विराट् जैसी मध्यवर्ती कॉस्मिक सत्ताओं की कल्पना करनी पड़ती थी। प्रकाशानन्द ने एकजीव-सिद्धान्त के आधार पर इन सभी मध्यवर्ती पदों को अस्वीकार कर दिया: ब्रह्म स्वयं अपनी अज्ञान-शक्ति से जीव बन जाता है, किसी मध्यस्थ के बिना।<ref>मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ १७ एवं २३।</ref>
एक विशेष बिन्दु पर प्रकाशानन्द अपने पूर्ववर्ती से भी अधिक मूलगामी हैं। शङ्कर ने जाग्रत-अवस्था को स्वप्न-अवस्था के समकक्ष मानने से अस्वीकार किया था — यही [[योगाचार]] के बौद्ध विज्ञानवादियों के विरुद्ध उनके ''ब्रह्मसूत्रभाष्य'' (II, २, २७-३२) में खण्डन का आधार था। प्रकाशानन्द इस समकक्षता को स्वीकार करते हैं और शङ्कर के त्रि-स्तरीय सत्ता-भेद (पारमार्थिक, व्यावहारिक, प्रातिभासिक) को अज्ञानियों के लिए की गई रियायत मात्र बताते हैं।<ref>मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ २३।</ref>
यद्यपि यह स्थिति उन्हें [[विज्ञानवाद|बौद्ध विज्ञानवाद]] के निकट करती प्रतीत होती है, तथापि एक मौलिक भेद बना रहता है: जहाँ विज्ञानवाद [[शून्यता]] को परम सत्य मानता है, वहाँ प्रकाशानन्द आत्मा-ब्रह्म की पूर्ण और प्रकाशमय सत्ता (''pūrṇa'') का प्रतिपादन करते हैं। वेदान्तिक दर्शन पूर्ण (''pūrṇa'') को शून्य (''śūnya'') से सख्ती से पृथक् करता है।<ref>मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ १६, टिप्पणी २१।</ref>
=== एकजीव-वाद ===
प्रकाशानन्द एकजीव-वाद (''ekajīvavāda'') के प्रमुख प्रतिपादक हैं — वह सिद्धान्त जिसके अनुसार केवल एक ही जीव (व्यक्तिगत आत्मा) वास्तव में विद्यमान है। तत्त्व-मितव्ययिता के सिद्धान्त के अनुसार अज्ञान भी एकमात्र है, और एक उपाधि के रूप में उसी एकमात्र जीव को नियत करता है: एक अज्ञान, एक जीव।<ref>मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ २४।</ref>
=== गुरु की कल्पित सत्ता ===
दृष्टि-सृष्टि-वाद एक आन्तरिक कठिनाई उत्पन्न करता है: यदि समस्त प्रकट जगत् स्वप्नवत् है, तो श्रुति द्वारा अपेक्षित गुरु की क्या स्थिति है? प्रकाशानन्द ने ''वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली'' के श्लोक ४२ में '''कल्पितोऽपि गुरु''' (कल्पित गुरु) की अवधारणा द्वारा इसका समाधान किया। गुरु केवल शिष्य के अज्ञान की सीमा तक विद्यमान रहता है और मोक्ष-प्राप्ति के साथ ही अद्वैत में विलीन हो जाता है — इस प्रकार गुरु-शिष्य की यह परम्परा अद्वैत सिद्धान्त की पुष्टि करती है, उसका खण्डन नहीं।<ref>प्रकाशानन्द, ''वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली'', श्लोक ४२; उद्धृत एवं अनूदित — मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ १९४–१९६।</ref>
== पश्चिमी दर्शन से तुलना: प्रकाशानन्द और बर्कले ==
यह दार्शनिक दृष्टि से उल्लेखनीय है कि प्रकाशानन्द का दृष्टि-सृष्टि-वाद पश्चिमी दर्शन में आयरिश दार्शनिक [[जार्ज बर्कली]] (१६८५–१७५३) के ''esse est percipi'' — "होना अर्थात् प्रत्यक्षित होना" — सिद्धान्त से गहरी समानता रखता है। बर्कले ने यह मत अपने ग्रन्थ ''Principles of Human Knowledge'' (१७१०) में प्रतिपादित किया।
किन्तु यह तथ्य विचारणीय है कि प्रकाशानन्द का यह सिद्धान्त बर्कले से डेढ़ शताब्दी पूर्व प्रकट हुआ — और यह भारतीय वेदान्त-परम्परा के सर्वथा आन्तरिक तार्किक विकास का फल था, न कि किसी पाश्चात्य प्रभाव का। शङ्कर (आठवीं शताब्दी) से लेकर प्रकाशानन्द (सोलहवीं शताब्दी) तक फैली यह दार्शनिक यात्रा — गौडपाद, मण्डन मिश्र और अन्य आचार्यों से होती हुई — उन्हीं आधारभूत निष्कर्षों पर पहुँची जिन्हें पश्चिम में बर्कले ने दो शताब्दी बाद स्वतन्त्र रूप से प्रस्तुत किया।
फ्रांसीसी संस्कृतविद् और दार्शनिक [[मार्टिन शिफ्लो]] — जिन्होंने वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली का फ्रांसीसी अनुवाद किया है और जिन्होंने पेरिस IV - सोर्बोन विश्वविद्यालय में बर्कले और प्रकाशानन्द की तुलना पर शोध-प्रबन्ध प्रस्तुत किया — ने इन दोनों परम्पराओं के साम्य और उनके स्वतन्त्र विकास को रेखांकित किया है। उनके अनुसार यह समानता एक "कॉपर्निकन क्रान्ति" के समकक्ष है जिसे भारतीय दर्शन ने अपनी आन्तरिक तर्क-शक्ति से बहुत पहले सम्पन्न कर लिया था।<ref>मार्टिन शिफ्लो, « La libération selon le Yoga et le Védānta », ''L'Enseignement philosophique'', खण्ड ७२, अंक ४, १६ नवम्बर २०२२, पृ॰ ३५–४६ (DOI 10.3917/eph.725.0035)। तथा उनकी ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५।</ref>
== रचनाएँ ==
उनकी प्रमुख कृति '''वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली''' (Vedāntasiddhāntamuktāvalī) है — अद्वैत वेदान्त पर एक सारगर्भित ग्रन्थ। इस पर उनके शिष्य नानादीक्षित ने '''सिद्धान्तदीपिका''' नामक टीका लिखी। ग्रन्थ की संरचना द्वन्द्वात्मक (dialectical) है: विभिन्न दार्शनिक सम्प्रदायों के आपत्तिकर्ताओं के प्रश्न द्वैत-बद्ध बुद्धि के अवरोधों का प्रतीक हैं, और प्रत्येक आपत्ति का क्रमशः निराकरण होता है जब तक कि मोक्ष में समस्त विवाद स्वतः समाप्त न हो जाए — ''नात्र विवदितव्यम्'' ("यहाँ अब विवाद नहीं करना चाहिए")।<ref>''वेदान्तसिद्धान्तमुक्तावली'', श्लोक ५८ की टीका; उद्धृत — मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', पेरिस, L'Harmattan, २००५, पृ॰ १७।</ref>
'''प्रमुख संस्करण एवं अनुवाद:'''
* '''संस्कृत एवं हिन्दी अनुवाद''' : अनु॰ श्री प्रेम वल्लभ शास्त्री; सम्पा॰ श्री चण्डी प्रसाद शुक्ल एवं श्री कृष्ण पन्त शास्त्री; प्रका॰ श्री गौरीशङ्कर गोयनका, आच्युत ग्रन्थमाला कार्यालय, काशी, विक्रम संवत् १९९३ (~१९३६ ई॰)। [https://archive.org/details/vedantasiddhantamuktavali archive.org पर उपलब्ध]<ref>''Vedanta Siddhanta Muktavali'' (with Hindi Translation), अनु॰ Shri Prem Vallabh Shastri, Achyut Grantha Mala Office, Kashi, Vikram Samvat 1993 (~1936)। archive.org पर उपलब्ध।</ref>
* '''अंग्रेजी अनुवाद''' (संस्कृत पाठ एवं टिप्पणी सहित) : [[Arthur Venis|आर्थर वेनिस]], बनारस, १८९८; पुनर्मुद्रण — चौखम्बा, वाराणसी, १९७५। [https://archive.org/details/b30095256 archive.org पर उपलब्ध]<ref>''The Vedānta Siddhāntamuktāvalī of Prakāśānanda'', अनु॰ Arthur Venis, Benares, 1898; repr. Caukhambha, Varanasi, 1975।</ref>
* '''फ्रांसीसी अनुवाद एवं प्रस्तुति''' : [[मार्टिन शिफ्लो]], ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta'', L'Harmattan, पेरिस, २००५। (ISBN 978-2-7475-8466-1)<ref>मार्टिन शिफ्लो, ''Le collier de perles des doctrines du Vedānta : Vedāntasiddhāntamuktāvalī'', पेरिस, L'Harmattan, २००५।</ref>
अन्य कृतियाँ जो शाक्त-तान्त्रिक रुचि को प्रकट करती हैं:
* तारा-भक्ति-तरङ्गिणी
* मनोरमा (तन्त्रराज-टीका)
* महालक्ष्मी-पद्धति
== परवर्ती प्रभाव ==
प्रकाशानन्द शङ्करोत्तर अद्वैत-वेदान्त के इतिहास में दृष्टि-सृष्टि-वाद के सर्वाधिक कट्टर प्रतिपादक के रूप में विशिष्ट स्थान रखते हैं। उनके दर्शन की परवर्ती अद्वैती विचारकों द्वारा चर्चा और कभी-कभी आलोचना भी की गई है।<ref>Surendranath Dasgupta, ''A History of Indian Philosophy'', खण्ड २, Cambridge University Press, १९३२ (प्रकाशानन्द पर अनुभाग)।</ref><ref>T. P. Ramachandran, "Prakāśānanda", in ''Preceptors of Advaita'', सम्पा॰ T. M. P. Mahadevan।</ref>
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== यह भी देखें ==
* [[अद्वैत वेदान्त]]
* [[माया (हिन्दू दर्शन)]]
* [[आदि शंकराचार्य]]
* [[जॉर्ज बर्कले]]
[[श्रेणी:अद्वैत वेदान्त के दार्शनिक]]
[[श्रेणी:भारतीय दार्शनिक]]
[[श्रेणी:16वीं शताब्दी के दार्शनिक]]
[[श्रेणी:संस्कृत लेखक]]
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# [[बाकिर खान]] ✓
# [[सत्तार खान]] ✓
# [[अबू मुस्लिम]] ✓
# [[करीम खान का आर्ग]] ✓
# [[अबू अल-वफ़ा अल-बुज़ानी]] ✓
# [[मोहसेन हशत्रूदी]] ✓
# [[साहिब इब्न अब्बाद]] ✓
# [[सफ़वी कला]] ✓
# [[इमामज़ादे हमज़ा, तबरीज़]] ✓
# [[इमादओदोला मस्जिद]] ✓
# [[इमामज़ादे हमज़ा, तबरीज़]] ✓
# [[आगा नूर मस्जिद]] ✓
# [[इस्फ़हान का ग्रैंड मोसल्ला]] ✓
# [[हेदायत मस्जिद]] ✓
# [[हाकीम मस्जिद, इस्फ़हान]] ✓
# [[इस्फ़हान का ग्रैंड मोसल्ला]] ✓
# [[हेदायत मस्जिद]] ✓
# [[ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय]] ✓
# [[हज शाहबाजखान मस्जिद]] ✓
# [[हाकीम मस्जिद, इस्फ़हान]] ✓
# [[दरब-ए इमाम]] ✓
# [[शाह चेराग]] ✓
# [[ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय]] ✓
# [[सैयद अलाउद्दीन हुसैन का मकबरा]] ✓
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विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/बिहार और सूफ़ीवाद
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चाहर धर्मेंद्र
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/* बिहार और सूफ़ीवाद */ उत्तर
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text/x-wiki
=== [[:बिहार और सूफ़ीवाद]] ===
{{हहेच श्रेणीकरण|वर्तमान=हाँ|प्रकार=लेख|तिथि=मई 2026}}
:{{la|1=बिहार और सूफ़ीवाद}}
:{{गूगल|खोज|समाचार|पुस्तक|विद्वान|बिहार और सूफ़ीवाद -विकिपीडिया -wikipedia}}
नामांकन के लिये कारण:
साफ़ प्रचार के तहत हटाया गया लेख। उल्लेखनीयता संदिग्ध। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 13:07, 11 मई 2026 (UTC)
* '''हटायें''' - साफ़ प्रचार के तहत भी हटा सकते। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 17:10, 13 मई 2026 (UTC)
* '''हटायें''' - SM7, महोदय से सहमत। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:18, 13 मई 2026 (UTC)
महानुभव इस चर्चा में लेखक के विचार [[वार्ता:बिहार और सूफ़ीवाद|बिहार और सूफ़ीवाद]] क्यूँ ना हटायें] पर भी विचार किया जा सकता है:
::....इस पृष्ठ को शीघ्र नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यह लेख उस किताब के बारे में है जिनका समीक्षा कई लोगों ने कर दिया है जो पुस्तकों के लिए नोटैबिलिटी मापदंड पास करने में मदद करता है। पूर्व में अंग्रेजी विकिपीडिया पर पुस्तक के लेखक को डिलीट पर बहस में लगाया गया था, जिसमें उसे कीप कराया गया है। शायद एडिटर को मापदंडों की जानकारी नहीं, इसलिए बार बार एक ही कार्य कर रहे हैं।) --IAmTheOnlyUnknownWandererInIndia (वार्ता) 19:34, 7 मई 2026 (UTC) .. 📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 05:54, 14 मई 2026 (UTC)
:केवल कुछ सामान्य उल्लेख अथवा पुस्तक विमोचन संबंधी कवरेज को स्वतंत्र एवं आलोचनात्मक समीक्षा नहीं माना जा सकता। उल्लेखनीयता स्थापित करने हेतु पर्याप्त स्वतंत्र, विश्वसनीय एवं विषय पर विस्तार से चर्चा करने वाले स्रोत अपेक्षित होते हैं।
:साथ ही, अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर किसी लेखक अथवा विषय का बनाए रखा जाना हिन्दी विकिपीडिया पर स्वतः उल्लेखनीयता स्थापित नहीं करता। प्रत्येक परियोजना पर उपलब्ध स्रोतों एवं स्थानीय नीतियों के आधार पर स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाता है।
:वर्तमान परिस्थितियों में लेख अभी भी उल्लेखनीयता के मानदंडों को पूर्ण करता प्रतीत नहीं होता; अतः हटाने का मत उचित है। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:03, 17 मई 2026 (UTC)
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साफ़ प्रचार के तहत हटाया गया लेख। उल्लेखनीयता संदिग्ध। [[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;color:red">'''अजीत कुमार तिवारी'''</span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<span style="color:green"> '''बातचीत'''</span>]]</sup> 13:07, 11 मई 2026 (UTC)
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* '''हटायें''' - SM7, महोदय से सहमत। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 18:18, 13 मई 2026 (UTC)
महानुभव इस चर्चा में लेखक के विचार [[वार्ता:बिहार और सूफ़ीवाद|बिहार और सूफ़ीवाद]] क्यूँ ना हटायें] पर भी विचार किया जा सकता है:
::....इस पृष्ठ को शीघ्र नहीं हटाया जाना चाहिये क्योंकि... (यह लेख उस किताब के बारे में है जिनका समीक्षा कई लोगों ने कर दिया है जो पुस्तकों के लिए नोटैबिलिटी मापदंड पास करने में मदद करता है। पूर्व में अंग्रेजी विकिपीडिया पर पुस्तक के लेखक को डिलीट पर बहस में लगाया गया था, जिसमें उसे कीप कराया गया है। शायद एडिटर को मापदंडों की जानकारी नहीं, इसलिए बार बार एक ही कार्य कर रहे हैं।) --IAmTheOnlyUnknownWandererInIndia (वार्ता) 19:34, 7 मई 2026 (UTC) .. 📚 [[सदस्य:Umarkairanvi|M. Umar kairanvi]] ([[सदस्य वार्ता:Umarkairanvi|वार्ता]]) 05:54, 14 मई 2026 (UTC)
* '''हटायें''' - केवल कुछ सामान्य उल्लेख अथवा पुस्तक विमोचन संबंधी कवरेज को स्वतंत्र एवं आलोचनात्मक समीक्षा नहीं माना जा सकता। उल्लेखनीयता स्थापित करने हेतु पर्याप्त स्वतंत्र, विश्वसनीय एवं विषय पर विस्तार से चर्चा करने वाले स्रोत अपेक्षित होते हैं।
:साथ ही, अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर किसी लेखक अथवा विषय का बनाए रखा जाना हिन्दी विकिपीडिया पर स्वतः उल्लेखनीयता स्थापित नहीं करता। प्रत्येक परियोजना पर उपलब्ध स्रोतों एवं स्थानीय नीतियों के आधार पर स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाता है।
:वर्तमान परिस्थितियों में लेख अभी भी उल्लेखनीयता के मानदंडों को पूर्ण करता प्रतीत नहीं होता; अतः हटाने का मत उचित है। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 04:03, 17 मई 2026 (UTC)
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इमामज़ादे हमज़ा, तबरीज़
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{{Infobox religious building
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'''इमामज़ादेह हमज़ा''' (फ़ारसी: امامزاده سید حمزه (تبریز), अरबी: مرقد حمزة الكاظم (تبريز)) [[ईरान]] के पूर्वी [[अज़रबैजान प्रांत]] में तबरीज़ में एक ट्वेल्वर शिया इमामज़ादे, मकबरा और मस्जिद परिसर है। परिसर में ट्वेल्वर इमाम, मूसा अल-काज़िम के बेटे हमज़ा की कब्र है। इमामज़ादे हमज़ा, तबरीज़ के शेशघेलान इलाके में, मकबरातोशोआरा और ओस्ताद बोहतौनी म्यूज़ियम के पास है।<ref name=" Rizvi 2011">{{cite book |last=Rizvi |first=Joseph Kishwar |title=The Safavid Dynastic Shrine: Architecture, Religion and Power in Early Modern Iran |url=https://books.google.com/books?id=X-qYQeeq_agC&q=Hamzah+Im%C4%81mz%C4%81deh&pg=PA163 |access-date=4 October 2012 |year=2011 |publisher=I. B. Tauris |isbn=9781848853546 |page=163}}</ref>
==इतिहास==
सैय्यद अबी अल-कासिम हमज़ाह इमाम मूसा इब्न जाफ़र अल-काज़िम के बेटे थे, जिन्हें [[सफ़वी वंश]] की वंशावली का श्रेय दिया जाता है। इसलिए, इमामज़ादे हमज़ाह एक "असल में पुश्तैनी कब्रिस्तान" है। इस तरह, यह अर्दबील की मस्जिद से अपने लिंक की पहचान को और मज़बूत करता है जहाँ खास सफ़वी लोगों को दफ़नाया गया है। हमज़ा मस्जिद की सजावट का स्टाइल और भी बेहतर है और इसलिए इसे लगातार संरक्षण मिला है
यह शानदार मकबरा 14वीं सदी (8वीं सदी हिजरी) का है, जिस पर सफ़वी और कजर युग का प्रभाव है और इसलिए यह एक तीर्थस्थल है।.<ref>{{cite web |url=http://www.itto.org/tourismattractions/?sight=2118 |title=Seyed Hamzeh Mausoleum |work=Iran Tourism and Touring Online |access-date=13 February 2010 |archive-date=3 मार्च 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303170112/http://www.itto.org/tourismattractions/?sight=2118 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
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कृष्णावतारम् पार्ट 1: द हार्ट (हृदयम्)
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Manishvnsg
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सिनेमाघर पोस्टर
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text/x-wiki
{{Infobox film
| name = कृष्णावतारम भाग 1: द हार्ट (हृदयम)
| image = [[File:कृष्णावतारम पार्ट १.png|thumb|कृष्णावतारम पार्ट १]]
| caption = सिनेमाघर पोस्टर
| director = हार्दिक गज्जर
| writer = {{Plain list|
* हार्दिक गज्जर
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| based_on = राम मोरी के सत्यभामा उपन्यास (2025)
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| music = प्रसाद एस..
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* क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज एंटरटेनमेंट
* अथाश्रीकथा मोशन पिक्चर्स
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| gross = {{INR|10.46 करोड़}} <ref>{{Cite web |title=Krishnavataram Part 1: The Heart' box office collection day |url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/box-office/krishnavataram-part-1-the-heart-box-office-collection-day-6-siddharth-guptas-devotional-drama-crosses-rs-10-crore-india-gross/articleshow/131029055.cms |website=Times of India |date=15 May 2025 |access-date=15 May 2025}}</ref>
}}
कृष्णावतारम भाग 1: द हार्ट (हृदयम) एक 2026 की भारतीय भक्ति फिल्म है, जिसका निर्देशन हार्दिक गज्जर ने किया है और निर्माण साजन राज कुरुप तथा शोभा संत ने क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज एंटरटेनमेंट और अथाश्रीकथा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। यह ''कृष्णावतारम'' त्रयी की पहली फिल्म है, जिसमें सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति जयंना, सुष्मिता भट्ट और निवाशिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का संगीत प्रसाद एस. ने दिया है और छायांकन अयनांका बोस ने किया है।
यह फिल्म राम मोरी के 2025 के उपन्यास सत्यभामा पर आधारित है, जिसमें भगवान कृष्ण के राधा से अलग होने के बाद का जीवन तथा उनकी पत्नियों रुक्मिणी और सत्यभामा के साथ संबंधों को दर्शाया गया है।<ref>https://rollingstoneindia.com/krishnavataram-trailer-launch-new-film</ref> फिल्म में कृष्ण के जीवन को सत्यभामा के दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।<ref>https://www.indiatvnews.com/entertainment/movie-review/krishnavataram-part-1-movie-review-krishna-s-mythology-story-gets-a-fresh-contemporary-twist-1242</ref>
फिल्म की आधिकारिक घोषणा 9 अगस्त 2024 को की गई थी। प्रारंभ में इसका नाम ''श्री राधा रमणम्'' रखा गया था, लेकिन बाद में सभी भाषाओं में इसे ''कृष्णावतारम भाग 1: द हार्ट (हृदयम)'' नाम से रिलीज़ किया गया। यह फिल्म 7 मई 2026 को विश्वभर में रिलीज़ हुई और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त हुईं।<ref>{{Cite web|url=https://www.instagram.com/hardikgajjarfilms/reels/|title=Instagram|website=www.instagram.com|access-date=2026-05-14}}</ref>
==कथानक==
फिल्म भगवान कृष्ण के जीवन में तीन प्रमुख स्त्रियों — रुक्मिणी, राधा और सत्यभामा — के साथ उनके संबंधों को दर्शाती है। ये तीनों प्रेम के अलग-अलग रूपों का प्रतीक हैं: आध्यात्मिक, शाश्वत और भावनात्मक प्रेम।
कहानी की शुरुआत तब होती है जब शिकारी जरा के बाण से घायल होकर भगवान कृष्ण अपना नश्वर शरीर त्यागने वाले होते हैं। मृत्यु से पहले वे अपनी बाल्यकाल की प्रेमिका राधा से किया वचन निभाने के लिए बाँसुरी बजाते हैं।
वर्तमान समय में एक युवक पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में ईश्वर के अस्तित्व पर प्रश्न उठाता है। मंदिर का पुजारी उसे कृष्ण के जीवन की कथा सुनाते हुए बताता है कि महाभारत में दिखाई देने वाले योद्धा कृष्ण का वास्तविक स्वरूप प्रेम है।
===राधा===
द्वारका में राजा बनने से पहले कृष्ण वृंदावन में रहते थे, जहाँ उनकी मुलाकात राधा से हुई। दोनों का प्रेम रासलीला और संगीत के माध्यम से गहरा होता गया। लेकिन कंस का वध करने के लिए कृष्ण को मथुरा जाना पड़ा। राधा का विवाह किसी और से तय हो गया। जाते समय कृष्ण ने वादा किया कि मृत्यु से पहले वे एक बार फिर अपनी बाँसुरी उन्हें सुनाएँगे।
===रुक्मिणी===
राजकुमारी रुक्मिणी, जिन्होंने कृष्ण को कभी देखा भी नहीं था, उनसे प्रेम करने लगीं। शिशुपाल से विवाह तय होने पर उन्होंने कृष्ण को पत्र लिखकर उन्हें अपने साथ ले जाने की प्रार्थना की। कृष्ण उन्हें स्वयंवर से उठा लाते हैं और दोनों का विवाह हो जाता है। रुक्मिणी भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं।
===सत्यभामा===
सत्यभामा, जो पहले भामा के नाम से जानी जाती थीं, कृष्ण से प्रेम करने लगती हैं। उनके पिता सत्राजित कृष्ण पर ‘स्यamantक’ मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगाते हैं। बाद में सत्य सामने आता है और सत्यभामा अपने पिता के विरुद्ध जाकर कृष्ण का साथ देती हैं। उनकी सत्यनिष्ठा के कारण उन्हें “सत्यभामा” नाम दिया जाता है।
बाद में कृष्ण और सत्यभामा मिलकर नरकासुर का वध करते हैं। कृष्ण बताते हैं कि सत्यभामा पृथ्वी देवी भूदेवी का अवतार हैं और वही नरकासुर का अंत कर सकती हैं। नरकासुर के मारे जाने के बाद सत्यभामा उन 16,000 महिलाओं को सम्मान और आश्रय दिलाने के लिए कृष्ण से उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार करने का अनुरोध करती हैं।
महाभारत युद्ध के बाद गांधारी के श्राप से यादव वंश का विनाश हो जाता है। कृष्ण के देह त्याग के बाद द्वारका समुद्र में डूबने लगती है। अंत में सत्यभामा कृष्ण के प्रति अपने प्रेम को स्वीकारते हुए जल में प्रवेश कर उनके साथ मृत्यु में एकाकार हो जाती हैं।
वर्तमान समय में वह युवक कृष्ण के प्रेम और जीवन-दर्शन से प्रभावित हो जाता है। मंदिर से बाहर निकलते समय उसे पता चलता है कि जिसने उसे कथा सुनाई थी, वह पुजारी वास्तव में स्वयं कृष्ण थे — वहाँ केवल एक मोरपंख बचा होता है।
==कलाकार==
सिद्धार्थ गुप्ता — भगवान कृष्ण, भगवान विष्णु के आठवें अवतार और द्वारका के राजा
संस्कृति जयंना — सत्यभामा, भूदेवी का अवतार और कृष्ण की तीसरी पत्नी
सुष्मिता भट्ट — राधा, वृंदावन में कृष्ण का प्रथम प्रेम
निवाशिनी कृष्णन — रुक्मिणी, महालक्ष्मी का पूर्ण अवतार, कृष्ण की मुख्य पत्नी और द्वारका की रानी
जैंटी हजारिका — जाम्बवती, कृष्ण की दूसरी पत्नी और अष्टलक्ष्मी की विजयलक्ष्मी का अवतार
कार्तिक जयराम — सत्राजित, सत्यभामा के पिता
अमनजोत सिंह — बलराम, कृष्ण के बड़े भाई
स्मृति श्रीकांत — सुभद्रा, कृष्ण की सौतेली छोटी बहन
जैकी श्रॉफ — पुजारी (विशेष कैमियो भूमिका)
===कलाकार चयन===
मुख्य भूमिका में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने के लिए सिद्धार्थ गुप्ता को चुना गया था। सुष्मिता भट्ट को राधा की भूमिका के लिए चयनित किया गया।
सिंगापुर की टेलीविज़न अभिनेत्री और बिग बॉस तमिल सीज़न 6 से प्रसिद्ध हुई निवाशिनी कृष्णन को रुक्मिणी की भूमिका मिली, जबकि संस्कृति जयंना ने सत्यभामा के किरदार के साथ फिल्म उद्योग में पदार्पण किया। बाद में कन्नड़ अभिनेता कार्तिक जयराम भी फिल्म से जुड़े।
==संगीत==
फिल्म का संगीत और पृष्ठभूमि संगीत प्रसाद एस. द्वारा तैयार किया गया है। एल्बम हिंदी, तमिल और तेलुगु — तीनों भाषाओं में जारी किया गया। पहला गीत “प्रेम की लीला” 22 अप्रैल 2026 को रिलीज़ हुआ। संगीत अधिकार सारेगामा संगीत कंपनी ने प्राप्त किए।
==निर्माण==
फिल्म की घोषणा 9 अगस्त 2024 को की गई थी। इसे बनाने वाली टीम पहले लोकप्रिय टीवी धारावाहिक देवों के देव...महादेव और सिया के राम भी बना चुकी है। फिल्म की शूटिंग 2024 में नई दिल्ली में शुरू हुई और 2025 के अंत तक पूरी हुई।
अप्रैल 2026 में फिल्म का मोशन पोस्टर और आधिकारिक ट्रेलर कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में लॉन्च किया गया।
== विमोचन ==
कृष्णावतारम भाग 1: द हार्ट (हृदयम) 7 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगु सहित कई भाषाओं में डब संस्करणों के साथ विश्वभर में प्रदर्शित किया गया।
==प्रतिक्रिया==
=== समीक्षात्मक प्रतिक्रिया (मीडिया विश्लेषक) ===
फिल्म को समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ मिलीं।
मैशेबल इंडिया की ममता नाइक ने फिल्म को 5 में से 4 स्टार देते हुए इसे “एक खूबसूरत अनुभव” बताया। उन्होंने अभिनय, भव्य दृश्य, संगीत, निर्देशन और वीएफएक्स की प्रशंसा की।<ref>https://in.mashable.com/entertainment/109399/krishnavataram-part-1-hridayam-review-siddharth-gupta-sanskruti-jayanas-film-has-heart-and-spectacle</ref>
इंडिया टुडे की जननी के ने भी फिल्म को 5 में से 4 स्टार दिए और कहा कि फिल्म अपनी दृश्य भव्यता तथा सत्यभामा की कहानी को केंद्र में रखने के कारण अलग पहचान बनाती है।<ref>https://www.indiatoday.in/movies/reviews/story/krishnavataram-review-bhama-story-visual-spectacle-stronger-second-half-2907890-2026-05-07</ref>
फिल्मफेयर पत्रिका ने 5 में से 3.5 स्टार देते हुए लिखा कि फिल्म कृष्ण को केवल दिव्य रूप में नहीं बल्कि मानवीय भावनाओं से परिपूर्ण चरित्र के रूप में प्रस्तुत करती है।<ref>https://www.filmfare.com/reviews/bollywood-movies/krishnavataram-part-1-the-heart-hridayam-review-soulful-saga-83742.html</ref>
डीएनए इंडिया की सिमरन सिंह ने फिल्म को 3.5 स्टार देते हुए इसकी कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जैकी श्रॉफ के नैरेशन की प्रशंसा की।<ref>https://www.dnaindia.com/bollywood/report-krishnavataram-part-1-movie-review-you-don-t-need-4000-crore-siddharth-gupta-s-visually-rich-lord-krishna-saga-proves-it-with-genuine-intent-novel-storytelling-3209374#goog_rewarded</ref>
द टाइम्स ऑफ इंडिया के धवल रॉय ने भी फिल्म को 3.5 स्टार दिए। उन्होंने संस्कृति जयंना के अभिनय की विशेष प्रशंसा की, खासकर नरकासुर वध वाले दृश्य में।<ref>https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/krishnavataram-part-1-the-heart/movie-review/130889178.cms</ref>
== देखिए भी ==
* [[:en:Krishnavataram_Part_1:_The_Heart_(Hridayam)]]
== संदर्भ ==
93m4upjqzxa04rn91pxfxzdlrmw1vkr
सदस्य वार्ता:OkikenryuIndia
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OkikenryuIndia
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text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|name=OkikenryuIndia}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:00, 15 मई 2026 (UTC)
== [[:साश्वत कुमार|साश्वत कुमार]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:साश्वत कुमार|साश्वत कुमार]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/साश्वत कुमार|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/साश्वत कुमार]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>*उल्लेखनीयता का अभाव
*यह लेख आत्म-प्रचार के उद्देश्य से बनाया गया प्रतीत होता है।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:13, 15 मई 2026 (UTC)
:नमस्कार,
:कृपया मेरे द्वारा बनाया गया यह पृष्ठ हटाने की कृपा करें, क्योंकि मैंने इसी विषय पर नया पृष्ठ “साश्वत कुमार karate” नाम से बना दिया है।
:इसलिए पुराने पृष्ठ की अब आवश्यकता नहीं है।
:धन्यवाद। [[सदस्य:OkikenryuIndia|OkikenryuIndia]] ([[सदस्य वार्ता:OkikenryuIndia|वार्ता]]) 05:11, 17 मई 2026 (UTC)
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साँचा:इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन
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2026-05-16T16:13:55Z
अनुनाद सिंह
1634
6553174
wikitext
text/x-wiki
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|title = [[इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी|इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन]]
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<!-- |image = [[File: Electron Interaction with Matter.svg|200px]] -->
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* [[इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी]]
* [[इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन का इतिहास|इतिहास]]
* [[माइक्रोग्राफ]]
* [[सूक्ष्मदर्शी]]
* [[सूक्ष्मदर्शी प्रौद्योगिकी की समयरेखा]]
|group2 =[[इलेक्ट्रोन]] की पदार्थ के साथ अन्तःक्रिया
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* [[आगर प्रभाव]]
* [[ब्रैम्स्ट्रालुंग]]
* [[इलेक्ट्रॉन विवर्तन]]
* [[इलेक्ट्रॉन प्रकीर्णन]]
* [[Kikuchi lines (physics)|Kikuchi lines]]
* [[द्वितीयक इलेक्ट्रॉन]]
* [[एक्स-किरण प्रतिदीप्ति]]
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* [[Detectors for transmission electron microscopy]]
* [[इलेक्ट्रॉन गन]]
* [[Everhart–Thornley detector]]
* [[क्षेत्र इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन]]
* [[क्षेत्र इलेक्ट्रॉन गन]]
* [[चुम्बकीय लेंस]]
* [[स्टिगमेटर]]
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* [[निम्नतापी इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन|क्रायो-ईएम]]
* [[Electron probe microanalysis|EPMA]]
* [[द्रव-अवस्था इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन]]
* [[निम्न ऊर्जा इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन]]
* [[प्रकाश उत्सर्जन इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन]]
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* [[Environmental scanning electron microscope|Environmental SEM]]
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* [[Transmission electron cryomicroscopy|Cryo-TEM]]
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* [[Energy filtered transmission electron microscopy|EFTEM]]
* [[High-resolution transmission electron microscopy|HRTEM]]
* [[Scanning transmission electron microscopy|STEM]]
** [[4D scanning transmission electron microscopy|4D STEM]]
* [[Aberration-Corrected Transmission Electron Microscopy|Aberration-Corrected TEM]]
}}
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* [[4D scanning transmission electron microscopy|4D STEM]]
* [[Annular dark-field imaging]]
* [[Cathodoluminescence]]
* [[Charge contrast imaging]]
* [[Convergent beam electron diffraction|CBED]]
* [[Cryogenic electron microscopy|cryo-EM]]
* [[Dark-field microscopy]]
* [[Energy-dispersive X-ray spectroscopy|EDS]]
* [[Electron backscatter diffraction|EBSD]]
** [[Transmission Kikuchi diffraction|TKD]]
* [[Electron channelling contrast imaging|ECCI]]
* [[Electron energy loss spectroscopy|EELS]]
* [[Electron beam-induced current|EBIC]]
* [[Electron holography]]
* [[Electron tomography]]
* [[Focused ion beam|FIB]]
* [[Fluctuation electron microscopy|FEM]]
* [[Immune electron microscopy]]
* [[Geometric phase analysis]]
* [[Photon-Induced Near-field Electron Microscopy|PINEM]]
* [[Precession electron diffraction]]
* [[Serial block-face scanning electron microscopy]]
* [[Wavelength-dispersive X-ray spectroscopy|WDXS]]
* [[Weak-beam dark-field microscopy|WBDF]]
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* [[Albert Crewe]]
* [[Bodo von Borries]]
* [[Dennis Gabor]]
* [[Ernst G. Bauer]]
* [[Ernst Ruska]]
* [[Gerasimos Danilatos]]
* [[Harald Rose]]
* [[James Hillier]]
* [[Manfred von Ardenne]]
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* [[Maximilian Haider]]
* [[Nestor J. Zaluzec]]
* [[Ondrej Krivanek]]
* [[Thomas Eugene Everhart]]
* [[Vernon Ellis Cosslett]]
* [[Vladimir K. Zworykin]]
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* [[FEI Company]]
* [[Hitachi|Hitachi High-Technologies]]
* [[JEOL]]
* [[Leica Microsystems|Leica]]
* [[Nion Company]]
* [[TESCAN]]
* [[Thermo Fisher Scientific]]
* [[Zeiss (company)|Zeiss]]
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* [[CrysTBox]]
* [[EM Data Bank]]
* [https://github.com/EMsoft-org/EMsoft EMsoft]
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* [[Direct methods (electron microscopy)|Direct methods]]
* [https://www.iucr.org/resources/commissions/electron-crystallography/software IUCr]
* [[MTEX]]
* [[Multislice]]
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चुम्बकीय लेंस
0
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6552651
2026-05-17T06:52:13Z
अनुनाद सिंह
1634
6553344
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Magnetic_lens.jpg|अंगूठाकार|right|300px|एक चुम्बकीय लेंस के अनुप्रस्थ काट में विद्युत धारा की दिशा एवं उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र]]
[[चित्र:Maier-Leibnitz-Laboratorium_17.jpg|अंगूठाकार|'''चतुर्ध्रुवी चुम्बक''' (quadrupole magnet): चुंबकीय लेंस का एक उपप्रकार है। (मेयर-लीबनिट्ज़ प्रयोगशाला, म्यूनिख में)]]
'''चुंबकीय लेंस''' (magnetic lens) एक उपकरण है जो चुंबकीय [[लोरेन्ज़ बल]] का उपयोग करते हुए [[इलेक्ट्रॉन]] या [[आयन]] जैसे गतिशील आवेशित कण को फोकस करने या विक्षेपित करने के काम आता है। इसकी कुण्डलियों में प्रवाहित [[विद्युत धारा]] के परिमाण को बदलकर इसकी शक्ति को बदला जा सकता है।
चुम्बकीय लेंस का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जैसे [[इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन]], [[कण त्वरक]] आदि।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शन}}
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2026 थाईलैंड ओपन
0
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6553127
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Neeelzzz20
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/* पुरुष एकल */
6553127
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox badminton event
|name = {{nowrap|2026 थाईलैंड ओपन}}
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|dates = 12–17 मई
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|previous = [[2025 थाईलैंड ओपन|2025]]
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}}
'''2026 थाईलैंड ओपन''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर इसे '''[[टोयोटा]] थाईलैंड ओपन 2026 प्रेजेंटेड बाय विक्टर''' के नाम से जाना जाता है) एक [[बैडमिंटन]] टूर्नामेंट है जो 12 से 17 मई 2026 तक [[थाईलैंड]] के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 500,000 [[डॉलर]] की पुरस्कार राशि है।
==टूर्नामेंट==
2026 थाईलैंड ओपन, 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का दसवां टूर्नामेंट है और यह थाईलैंड ओपन चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 1984 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड द्वारा किया जाता है और इसे [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] द्वारा मान्यता प्राप्त है।<ref name="prospect">{{cite web |title=Prospectus Thailand Open 2026 |url= https://extranet.bwf.sport/docs/events/5208/docs/TTO2026%20Prospectus_Final.pdf |publisher=[[बैडमिंटन विश्व महासंघ]] |access-date=11 April 2026}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट थाईलैंड के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाता है।<ref name="prospect"/>
===अंकों का वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंकों का वितरण सारणी दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align:center"
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|}
===प्राइज पूल===
टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाता है।<ref name="prospect"/>
{| class="wikitable" style="font-size:90%; text-align:center"
|-
| width="104px" | '''इवेंट'''
| width="68px" | '''विजेता'''
| width="68px" | '''फाइनलिस्ट'''
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|-
| bgcolor="#dfe2e9" | '''एकल'''
| $37,500 || $19,000 || $7,250 || $3,000 || $1,750
|-
| bgcolor="#dfe2e9" | '''युगल'''
| $39,500 || $19,000 || $7,000 || $3,625 || $1,875
|}
== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|THA}} [[कुनलावुट विटिडसर्न]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|TPE}} चोउ तिएन-चेन ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]] ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|JPN}} कोदाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|IND}} [[लक्ष्य सेन]] ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|SGP}} लोह कीन यू ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
| RD1 = सेमीफ़ाइनल
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| team-width=175
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| RD1-team1 = {{flagicon|CHN}} [[शी युची]]
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| RD1-team2 = '''{{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]'''
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| RD1-team3 = {{flagicon|TPE}} चोउ तिएन-चेन
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}}
== महिला एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} अकाने यामागुची
# {{flagicon|CHN}} चेन युफेई
# {{flagicon|THA}} रत्चानोक इंतानोन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} पोर्नपावी चोचुवोंग ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|JPN}} तोमोका मियाज़ाकी ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} [[पी.वी. सिंधु]] ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} चियू पिन-चियान ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|THA}} सुपानिडा कटेथोंग ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
| RD1 = सेमी-फ़ाइनल
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| RD2-seed2 = 2
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}}
== पुरुष युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] / [[चिराग शेट्टी]]
# {{flagicon|INA}} सबर कार्यमन गुटामा / मुहम्मद रज़ा पहलवी इस्फ़हानी ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी / नूर इज्जुद्दीन ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} ली फैंग-चिह / ली फैंग-जेन ''(दूसरा राउंड)''
# {{flagicon|MAS}} नूर मोहम्मद अजरीन अयूब / टैन वी किओंग ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} ताकुमी नोमुरा / युइची शिमोगामी ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} हरिहरन अम्सकरुनन / अर्जुन मदाथिल रामचंद्रन ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|INA}} मुहम्मद रियान अर्दियान्टो / रहमत हिदायत ''(पहला राउंड)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
| RD1 = सेमी-फ़ाइनल
| RD2 = फ़ाइनल
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| RD1-seed1 = '''1'''
| RD1-team1 = {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] <br />{{flagicon|IND}} [[चिराग शेट्टी]]
| RD1-score1 = '''2'''
| RD1-seed2 = 3
| RD1-team2 = {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी <br />{{flagicon|MAS}} नूर इज़ुद्दीन
| RD1-score2 = 1
| RD1-seed3 =
| RD1-team3 = '''{{flagicon|INA}} लियो रॉली कार्नांडो <br />{{flagicon|INA}} डेनियल मार्थिन'''
| RD1-score3 = '''2'''
| RD1-seed4 = Q1
| RD1-team4 = {{flagicon|CHN}} [[हे जिटिंग]] <br />{{flagicon|CHN}} रेन जियानग्यू
| RD1-score4 = 0
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| RD2-team1 = {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] <br />{{flagicon|IND}} [[चिराग शेट्टी]]
| RD2-score1 =
| RD2-seed2 =
| RD2-team2 = {{flagicon|INA}} लियो रॉली कार्नांडो <br />{{flagicon|INA}} डेनियल मार्थिन
| RD2-score2 =
}}
== महिला युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा / की नाकानिशी
# {{flagicon|TPE}} हसिह पेई-शान / हंग एन-त्ज़ु ''(पहला राउंड)''
# {{flagicon|TPE}} हसु या-चिंग / सुंग यू-हसुआन ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} रुई हिरोकामी / सयाका होबारा
# {{flagicon|JPN}} कहो ओसावा / माई तानाबे ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|CHN}} चेन फैनशूटियन / लुओ ज़ुमिन ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|MAS}} ओंग शिन यी / कारमेन टिंग ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|HKG}} येउंग न्गा टिंग / येउंग पुई लाम ''(दूसरा दौर)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
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| RD1-team1 = '''{{flagicon|JPN}} रिन इवानागा <br />{{flagicon|JPN}} की नाकानिशी'''
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| RD1-team2 = {{flagicon|JPN}} रुई हिरोकामी <br />{{flagicon|JPN}} सयाका होबारा
| RD1-score2 = 0
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| RD1-team3 = {{flagicon|TPE}} हू लिंग-फैंग<br />{{flagicon|TPE}} झेंग यू-चीह
| RD1-score3 = 0
| RD1-seed4 =
| RD1-team4 = '''{{flagicon|CHN}} बाओ लिजिंग <br />{{flagicon|CHN}} काओ जिहान'''
| RD1-score4 = '''2'''
| RD2-seed1 = 1
| RD2-team1 = {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा <br />{{flagicon|JPN}} की नाकानिशी
| RD2-score1 =
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| RD2-team2 = {{flagicon|CHN}} बाओ लिजिंग <br />{{flagicon|CHN}} काओ जिहान
| RD2-score2 =
}}
== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान
# {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन / एलेक्जेंड्रा बोजे
# {{flagicon|HKG}} तांग चुन मैन / त्से यिंग सुएट ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|TPE}} ये होंग-वेई / निकोल गोंजालेस चान ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} रुत्तनपाक औपथोंग / झेनिचा सुदजैप्रापरात ''(द्वितीय दौर)''
{{colend}}
=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
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| RD2= फ़ाइनल
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| RD1-seed1 = 1
| RD1-team1 = {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह<br />{{flagicon|THA}} सुपिसारा पेवसंप्रान
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| RD1-team2 = {{flagicon|CHN}} झू यिजुन<br />{{flagicon|CHN}} ली कियान
| RD1-score2 =
| RD1-seed3 = 6
| RD1-team3 = {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग <br />{{flagicon|CHN}} झांग ची
| RD1-score3 = 1
| RD1-seed4 = '''2'''
| RD1-team4 = '''{{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन <br />{{flagicon|DEN}} एलेक्जेंड्रा बोजे'''
| RD1-score4 = '''2'''
| RD2-seed1 =
| RD2-team1 = {{flagicon|}} <br />{{flagicon|}}
| RD2-score1 =
| RD2-seed2 = 2
| RD2-team2 = {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन <br />{{flagicon|DEN}} एलेक्जेंड्रा बोजे
| RD2-score2 =
}}
== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
5voaux3sllhx0jfoqzl2hvzrcrambl5
6553128
6553127
2026-05-16T13:28:07Z
Neeelzzz20
693319
/* फाइनल */
6553128
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox badminton event
|name = {{nowrap|2026 थाईलैंड ओपन}}
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|caption =
|dates = 12–17 मई
|number_edition = 38वा
|level = G2L4
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|previous = [[2025 थाईलैंड ओपन|2025]]
|next = [[2027 थाईलैंड ओपन|2027]]
}}
'''2026 थाईलैंड ओपन''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर इसे '''[[टोयोटा]] थाईलैंड ओपन 2026 प्रेजेंटेड बाय विक्टर''' के नाम से जाना जाता है) एक [[बैडमिंटन]] टूर्नामेंट है जो 12 से 17 मई 2026 तक [[थाईलैंड]] के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 500,000 [[डॉलर]] की पुरस्कार राशि है।
==टूर्नामेंट==
2026 थाईलैंड ओपन, 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का दसवां टूर्नामेंट है और यह थाईलैंड ओपन चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 1984 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड द्वारा किया जाता है और इसे [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] द्वारा मान्यता प्राप्त है।<ref name="prospect">{{cite web |title=Prospectus Thailand Open 2026 |url= https://extranet.bwf.sport/docs/events/5208/docs/TTO2026%20Prospectus_Final.pdf |publisher=[[बैडमिंटन विश्व महासंघ]] |access-date=11 April 2026}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट थाईलैंड के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाता है।<ref name="prospect"/>
===अंकों का वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंकों का वितरण सारणी दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align:center"
|-
! width="75" | विजेता
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! width="75" | 3/4
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|-
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|}
===प्राइज पूल===
टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाता है।<ref name="prospect"/>
{| class="wikitable" style="font-size:90%; text-align:center"
|-
| width="104px" | '''इवेंट'''
| width="68px" | '''विजेता'''
| width="68px" | '''फाइनलिस्ट'''
| width="68px" | '''सेमी-फाइनल'''
| width="80px" | '''क्वार्टर-फाइनल'''
| width="68px" | '''अंतिम 16'''
|-
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| $37,500 || $19,000 || $7,250 || $3,000 || $1,750
|-
| bgcolor="#dfe2e9" | '''युगल'''
| $39,500 || $19,000 || $7,000 || $3,625 || $1,875
|}
== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|THA}} [[कुनलावुट विटिडसर्न]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|TPE}} चोउ तिएन-चेन ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]] ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|JPN}} कोदाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|IND}} [[लक्ष्य सेन]] ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|SGP}} लोह कीन यू ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD1 = सेमीफ़ाइनल
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== महिला एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} अकाने यामागुची
# {{flagicon|CHN}} चेन युफेई
# {{flagicon|THA}} रत्चानोक इंतानोन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} पोर्नपावी चोचुवोंग ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|JPN}} तोमोका मियाज़ाकी ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} [[पी.वी. सिंधु]] ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} चियू पिन-चियान ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|THA}} सुपानिडा कटेथोंग ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD2-team2 = {{flagicon|CHN}} चेन युफेई
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}}
== पुरुष युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] / [[चिराग शेट्टी]]
# {{flagicon|INA}} सबर कार्यमन गुटामा / मुहम्मद रज़ा पहलवी इस्फ़हानी ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी / नूर इज्जुद्दीन ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} ली फैंग-चिह / ली फैंग-जेन ''(दूसरा राउंड)''
# {{flagicon|MAS}} नूर मोहम्मद अजरीन अयूब / टैन वी किओंग ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} ताकुमी नोमुरा / युइची शिमोगामी ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} हरिहरन अम्सकरुनन / अर्जुन मदाथिल रामचंद्रन ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|INA}} मुहम्मद रियान अर्दियान्टो / रहमत हिदायत ''(पहला राउंड)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD1-team3 = '''{{flagicon|INA}} लियो रॉली कार्नांडो <br />{{flagicon|INA}} डेनियल मार्थिन'''
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| RD2-score1 =
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| RD2-team2 = {{flagicon|INA}} लियो रॉली कार्नांडो <br />{{flagicon|INA}} डेनियल मार्थिन
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}}
== महिला युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा / की नाकानिशी
# {{flagicon|TPE}} हसिह पेई-शान / हंग एन-त्ज़ु ''(पहला राउंड)''
# {{flagicon|TPE}} हसु या-चिंग / सुंग यू-हसुआन ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} रुई हिरोकामी / सयाका होबारा
# {{flagicon|JPN}} कहो ओसावा / माई तानाबे ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|CHN}} चेन फैनशूटियन / लुओ ज़ुमिन ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|MAS}} ओंग शिन यी / कारमेन टिंग ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|HKG}} येउंग न्गा टिंग / येउंग पुई लाम ''(दूसरा दौर)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD1-team3 = {{flagicon|TPE}} हू लिंग-फैंग<br />{{flagicon|TPE}} झेंग यू-चीह
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| RD1-seed4 =
| RD1-team4 = '''{{flagicon|CHN}} बाओ लिजिंग <br />{{flagicon|CHN}} काओ जिहान'''
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| RD2-team2 = {{flagicon|CHN}} बाओ लिजिंग <br />{{flagicon|CHN}} काओ जिहान
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}}
== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान
# {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन / एलेक्जेंड्रा बोजे
# {{flagicon|HKG}} तांग चुन मैन / त्से यिंग सुएट ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|TPE}} ये होंग-वेई / निकोल गोंजालेस चान ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} रुत्तनपाक औपथोंग / झेनिचा सुदजैप्रापरात ''(द्वितीय दौर)''
{{colend}}
=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
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| RD1-team4 = '''{{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन <br />{{flagicon|DEN}} एलेक्जेंड्रा बोजे'''
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}}
== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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6553129
6553128
2026-05-16T13:29:31Z
Neeelzzz20
693319
/* फाइनल */
6553129
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox badminton event
|name = {{nowrap|2026 थाईलैंड ओपन}}
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|dates = 12–17 मई
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|previous = [[2025 थाईलैंड ओपन|2025]]
|next = [[2027 थाईलैंड ओपन|2027]]
}}
'''2026 थाईलैंड ओपन''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर इसे '''[[टोयोटा]] थाईलैंड ओपन 2026 प्रेजेंटेड बाय विक्टर''' के नाम से जाना जाता है) एक [[बैडमिंटन]] टूर्नामेंट है जो 12 से 17 मई 2026 तक [[थाईलैंड]] के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 500,000 [[डॉलर]] की पुरस्कार राशि है।
==टूर्नामेंट==
2026 थाईलैंड ओपन, 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का दसवां टूर्नामेंट है और यह थाईलैंड ओपन चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 1984 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड द्वारा किया जाता है और इसे [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] द्वारा मान्यता प्राप्त है।<ref name="prospect">{{cite web |title=Prospectus Thailand Open 2026 |url= https://extranet.bwf.sport/docs/events/5208/docs/TTO2026%20Prospectus_Final.pdf |publisher=[[बैडमिंटन विश्व महासंघ]] |access-date=11 April 2026}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट थाईलैंड के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाता है।<ref name="prospect"/>
===अंकों का वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंकों का वितरण सारणी दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align:center"
|-
! width="75" | विजेता
! width="75" | उपविजेता
! width="75" | 3/4
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! width="75" | 33/64
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| 9,200 || 7,800 || 6,420 || 5,040 || 3,600 || 2,220 || 880 || 430
|}
===प्राइज पूल===
टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाता है।<ref name="prospect"/>
{| class="wikitable" style="font-size:90%; text-align:center"
|-
| width="104px" | '''इवेंट'''
| width="68px" | '''विजेता'''
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| width="68px" | '''सेमी-फाइनल'''
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|-
| bgcolor="#dfe2e9" | '''एकल'''
| $37,500 || $19,000 || $7,250 || $3,000 || $1,750
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| $39,500 || $19,000 || $7,000 || $3,625 || $1,875
|}
== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|THA}} [[कुनलावुट विटिडसर्न]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|TPE}} चोउ तिएन-चेन ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]] ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|JPN}} कोदाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|IND}} [[लक्ष्य सेन]] ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|SGP}} लोह कीन यू ''(पहला दौर)''
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=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD1-team1 = {{flagicon|CHN}} [[शी युची]]
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| RD2-team1 = {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
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== महिला एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} अकाने यामागुची
# {{flagicon|CHN}} चेन युफेई
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# {{flagicon|JPN}} तोमोका मियाज़ाकी ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} [[पी.वी. सिंधु]] ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} चियू पिन-चियान ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|THA}} सुपानिडा कटेथोंग ''(पहला दौर)''
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=== फ़ाइनल ===
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}}
== पुरुष युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] / [[चिराग शेट्टी]]
# {{flagicon|INA}} सबर कार्यमन गुटामा / मुहम्मद रज़ा पहलवी इस्फ़हानी ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी / नूर इज्जुद्दीन ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} ली फैंग-चिह / ली फैंग-जेन ''(दूसरा राउंड)''
# {{flagicon|MAS}} नूर मोहम्मद अजरीन अयूब / टैन वी किओंग ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} ताकुमी नोमुरा / युइची शिमोगामी ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} हरिहरन अम्सकरुनन / अर्जुन मदाथिल रामचंद्रन ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|INA}} मुहम्मद रियान अर्दियान्टो / रहमत हिदायत ''(पहला राउंड)''
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=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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| RD1-team1 = {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] <br />{{flagicon|IND}} [[चिराग शेट्टी]]
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| RD2-team2 = {{flagicon|INA}} लियो रॉली कार्नांडो <br />{{flagicon|INA}} डेनियल मार्थिन
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== महिला युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा / की नाकानिशी
# {{flagicon|TPE}} हसिह पेई-शान / हंग एन-त्ज़ु ''(पहला राउंड)''
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# {{flagicon|JPN}} रुई हिरोकामी / सयाका होबारा
# {{flagicon|JPN}} कहो ओसावा / माई तानाबे ''(पहला दौर)''
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{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
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== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान
# {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन / एलेक्जेंड्रा बोजे
# {{flagicon|HKG}} तांग चुन मैन / त्से यिंग सुएट ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|TPE}} ये होंग-वेई / निकोल गोंजालेस चान ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} रुत्तनपाक औपथोंग / झेनिचा सुदजैप्रापरात ''(द्वितीय दौर)''
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=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
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== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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2026-05-17T04:31:58Z
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/* बीज */
6553308
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox badminton event
|name = {{nowrap|2026 थाईलैंड ओपन}}
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|dates = 12–17 मई
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}}
'''2026 थाईलैंड ओपन''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर इसे '''[[टोयोटा]] थाईलैंड ओपन 2026 प्रेजेंटेड बाय विक्टर''' के नाम से जाना जाता है) एक [[बैडमिंटन]] टूर्नामेंट है जो 12 से 17 मई 2026 तक [[थाईलैंड]] के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 500,000 [[डॉलर]] की पुरस्कार राशि है।
==टूर्नामेंट==
2026 थाईलैंड ओपन, 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का दसवां टूर्नामेंट है और यह थाईलैंड ओपन चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 1984 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड द्वारा किया जाता है और इसे [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] द्वारा मान्यता प्राप्त है।<ref name="prospect">{{cite web |title=Prospectus Thailand Open 2026 |url= https://extranet.bwf.sport/docs/events/5208/docs/TTO2026%20Prospectus_Final.pdf |publisher=[[बैडमिंटन विश्व महासंघ]] |access-date=11 April 2026}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट थाईलैंड के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाता है।<ref name="prospect"/>
===अंकों का वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंकों का वितरण सारणी दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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|}
===प्राइज पूल===
टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाता है।<ref name="prospect"/>
{| class="wikitable" style="font-size:90%; text-align:center"
|-
| width="104px" | '''इवेंट'''
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|-
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== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|THA}} [[कुनलावुट विटिडसर्न]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|TPE}} [[चोउ तिएन-चेन]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]] ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|JPN}} कोदाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|IND}} [[लक्ष्य सेन]] ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|SGP}} लोह कीन यू ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फाइनल ===
{{4TeamBracket
| RD-shade=#A8D3FF
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== महिला एकल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} अकाने यामागुची
# {{flagicon|CHN}} चेन युफेई
# {{flagicon|THA}} रत्चानोक इंतानोन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} पोर्नपावी चोचुवोंग ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|JPN}} तोमोका मियाज़ाकी ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} [[पी.वी. सिंधु]] ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} चियू पिन-चियान ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|THA}} सुपानिडा कटेथोंग ''(पहला दौर)''
{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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}}
== पुरुष युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] / [[चिराग शेट्टी]]
# {{flagicon|INA}} सबर कार्यमन गुटामा / मुहम्मद रज़ा पहलवी इस्फ़हानी ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी / नूर इज्जुद्दीन ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} ली फैंग-चिह / ली फैंग-जेन ''(दूसरा राउंड)''
# {{flagicon|MAS}} नूर मोहम्मद अजरीन अयूब / टैन वी किओंग ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} ताकुमी नोमुरा / युइची शिमोगामी ''(क्वार्टर-फाइनल)''
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{{colend}}
=== फ़ाइनल ===
{{4TeamBracket
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== महिला युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा / की नाकानिशी
# {{flagicon|TPE}} हसिह पेई-शान / हंग एन-त्ज़ु ''(पहला राउंड)''
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=== फ़ाइनल ===
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== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
{{colbegin}}
# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान
# {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन / एलेक्जेंड्रा बोजे
# {{flagicon|HKG}} तांग चुन मैन / त्से यिंग सुएट ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|TPE}} ये होंग-वेई / निकोल गोंजालेस चान ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} रुत्तनपाक औपथोंग / झेनिचा सुदजैप्रापरात ''(द्वितीय दौर)''
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=== फाइनल ===
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== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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/* फाइनल */
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox badminton event
|name = {{nowrap|2026 थाईलैंड ओपन}}
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|dates = 12–17 मई
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|previous = [[2025 थाईलैंड ओपन|2025]]
|next = [[2027 थाईलैंड ओपन|2027]]
}}
'''2026 थाईलैंड ओपन''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर इसे '''[[टोयोटा]] थाईलैंड ओपन 2026 प्रेजेंटेड बाय विक्टर''' के नाम से जाना जाता है) एक [[बैडमिंटन]] टूर्नामेंट है जो 12 से 17 मई 2026 तक [[थाईलैंड]] के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 500,000 [[डॉलर]] की पुरस्कार राशि है।
==टूर्नामेंट==
2026 थाईलैंड ओपन, 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का दसवां टूर्नामेंट है और यह थाईलैंड ओपन चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 1984 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड द्वारा किया जाता है और इसे [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] द्वारा मान्यता प्राप्त है।<ref name="prospect">{{cite web |title=Prospectus Thailand Open 2026 |url= https://extranet.bwf.sport/docs/events/5208/docs/TTO2026%20Prospectus_Final.pdf |publisher=[[बैडमिंटन विश्व महासंघ]] |access-date=11 April 2026}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट थाईलैंड के [[बैंकॉक]] स्थित निमिबुत्र स्टेडियम में आयोजित किया जाता है।<ref name="prospect"/>
===अंकों का वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंकों का वितरण सारणी दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|THA}} [[कुनलावुट विटिडसर्न]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|TPE}} [[चोउ तिएन-चेन]] ''(सेमी-फ़ाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]] ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|JPN}} कोदाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|IND}} [[लक्ष्य सेन]] ''(क्वार्टर-फाइनल)''
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== महिला एकल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|THA}} रत्चानोक इंतानोन ''(क्वार्टर फाइनल)''
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# {{flagicon|JPN}} तोमोका मियाज़ाकी ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} [[पी.वी. सिंधु]] ''(क्वार्टर फाइनल)''
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=== फ़ाइनल ===
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== पुरुष युगल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|IND}} [[सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी]] / [[चिराग शेट्टी]]
# {{flagicon|INA}} सबर कार्यमन गुटामा / मुहम्मद रज़ा पहलवी इस्फ़हानी ''(टूर्नामेंट से वापसी)''
# {{flagicon|MAS}} गोह ज़े फी / नूर इज्जुद्दीन ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|TPE}} ली फैंग-चिह / ली फैंग-जेन ''(दूसरा राउंड)''
# {{flagicon|MAS}} नूर मोहम्मद अजरीन अयूब / टैन वी किओंग ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|JPN}} ताकुमी नोमुरा / युइची शिमोगामी ''(क्वार्टर-फाइनल)''
# {{flagicon|IND}} हरिहरन अम्सकरुनन / अर्जुन मदाथिल रामचंद्रन ''(पहला दौर)''
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=== फ़ाइनल ===
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== महिला युगल ==
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# {{flagicon|JPN}} रिन इवानागा / की नाकानिशी
# {{flagicon|TPE}} हसिह पेई-शान / हंग एन-त्ज़ु ''(पहला राउंड)''
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# {{flagicon|JPN}} रुई हिरोकामी / सयाका होबारा
# {{flagicon|JPN}} कहो ओसावा / माई तानाबे ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|CHN}} चेन फैनशूटियन / लुओ ज़ुमिन ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|MAS}} ओंग शिन यी / कारमेन टिंग ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|HKG}} येउंग न्गा टिंग / येउंग पुई लाम ''(दूसरा दौर)''
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=== फ़ाइनल ===
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== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान
# {{flagicon|DEN}} माथियास क्रिस्टियनसेन / एलेक्जेंड्रा बोजे
# {{flagicon|HKG}} तांग चुन मैन / त्से यिंग सुएट ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|TPE}} ये होंग-वेई / निकोल गोंजालेस चान ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(सेमी-फाइनल)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन ''(क्वार्टर फाइनल)''
# {{flagicon|THA}} रुत्तनपाक औपथोंग / झेनिचा सुदजैप्रापरात ''(द्वितीय दौर)''
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=== फाइनल ===
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== संदर्भ ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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सदोम और अमोरा
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[[चित्र:John_Martin_-_Sodom_and_Gomorrah.jpg|अंगूठाकार|सदोम और अमोरा (1852), [[जॉन मार्टिन (चित्रकार)|जॉन मार्टिन]] द्वारा चित्रकला]]
[[इब्राहीमी धर्मों]] में, '''सदोम और अमोरा''' दो नगर थे जिन्हें परमेश्वर ने उनकी दुष्टता के लिए नष्ट कर दिया था।{{Sfn|Greene|2004|p=294}} उनकी कहानी [[उत्पत्ति बाढ़ कथा]] के समानांतर है; दोनों में मनुष्य के [[पाप]] परमेश्वर के क्रोध को उकसाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.1-28.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:1-28|website=YouVersion}}</ref>{{Sfn|Schwartz|2007|p=465-466}} उनका उल्लेख अक्सर [[इब्रानी बाइबिल]], [[नया नियम|नए नियम]] और [[क़ुरान]] में मानव दुष्टता और दिव्य दंड के प्रतीक के तौर से किया गया है।{{Sfn|Jackson|2014|p=119}}
[[इब्राहीम]] और [[लूत]] की कहानियों में सदोम और अमोरा को "तराई के नगर" नाम से जाने जाते हैं, जिन्होंने राजा [[कदोर्लाओमेर]] के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था। बाद में परमेश्वर ने उन्हें अपनी दुष्टता हेतु नष्ट कर दिया। लूत और उसकी [[लूत की बेटियाँ|बेटियाँ]] नगर से भाग पाएँ, जबकि [[लूत की पत्नी]] पीछे की ओर देखी और नमक का खंबा बन गई।
[[बाइबिल]] के अन्य ग्रंथ सदोम और अमोरा को व्यभिचार, अहंकार, अनातिथ्य और ग़रीबों का अत्याचार जैसे पापों के प्रतीक बताते हैं। [[मत्ती का सुसमाचार|मत्ती]], [[लूक़ा का सुसमाचार|लूक़ा]], [[याक़ूब की पत्री|याक़ूब]] और [[प्रकाशित वाक्य]] सहित [[नया नियम|नए नियम]] नगरों को [[दिव्य निर्णय]] की चेतावनी कहती है; कुछ व्याख्याएँ यौन अपराधों को उजागर करती हैं, जबकि अन्य [[हिंसा]], [[अन्याय]] और अनातिथ्य पर ज़ोर देती हैं।
[[इस्लाम]] में, लूत की कहानी [[समलैंगिकता]] का [[पाप]] एवं ईश्वर की अवज्ञा के नतीजे पर ज़ोर देती है।
== बाइबिल में ==
=== लूत और कदोर्लाओमेर ===
सदोम और अमोरा "तराई के नगरों" में से थे, जिनका पहला उल्लेख [[इब्राहीम]] और उसके भतीजे [[लूत]] के बीच भूमि के झगड़े में किया गया है। झगड़े को सुझाने के लिए, [[लूत]] [[जॉर्डन घाटी]] में बसा और "अपना तंबू सदोम के निकट खड़ा किया"।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.13.12.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 13:12|website=YouVersion}}</ref> इस समय दोनों नगर अलग थे। उत्पत्ति 14:2 कहता है कि सदोम का राजा [[बेरा]] था और अमोरा का राजा बिर्शा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.14.2.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 14:2|website=YouVersion}}</ref>
सदोम और अमोरा [[एलाम]] के राजा [[कदोर्लाओमेर]] के शासन में थे, बाद में जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने विद्रोह किया था। [[सिद्दीम का युद्ध|सिद्दीम के युद्ध]] में कदोर्लाओमेर ने उन्हें हराकर लूत समेत कई बँधुओं को अपने साथ लेकर गया। फिर इब्राहीम ने 318 पुरुषों की सेना लेकर उसे हराकर, लूत और दोनों नगरों को आज़ाद कर दिया था।
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[[चित्र:John_Martin_-_Sodom_and_Gomorrah.jpg|अंगूठाकार|सदोम और अमोरा (1852), [[जॉन मार्टिन (चित्रकार)|जॉन मार्टिन]] द्वारा चित्रकला]]
[[इब्राहीमी धर्मों]] में, '''सदोम और अमोरा''' दो नगर थे जिन्हें परमेश्वर ने उनकी दुष्टता के लिए नष्ट कर दिया था।{{Sfn|Greene|2004|p=294}} उनकी कहानी [[उत्पत्ति बाढ़ कथा]] के समानांतर है; दोनों में मनुष्य के [[पाप]] परमेश्वर के क्रोध को उकसाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.1-28.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:1-28|website=YouVersion}}</ref>{{Sfn|Schwartz|2007|p=465-466}} उनका उल्लेख अक्सर [[इब्रानी बाइबिल]], [[नया नियम|नए नियम]] और [[क़ुरान]] में मानव दुष्टता और दिव्य दंड के प्रतीक के तौर से किया गया है।{{Sfn|Jackson|2014|p=119}}
[[इब्राहीम]] और [[लूत]] की कहानियों में सदोम और अमोरा को "तराई के नगर" नाम से जाने जाते हैं, जिन्होंने राजा [[कदोर्लाओमेर]] के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था। बाद में परमेश्वर ने उन्हें अपनी दुष्टता हेतु नष्ट कर दिया। लूत और उसकी [[लूत की बेटियाँ|बेटियाँ]] नगर से भाग पाएँ, जबकि [[लूत की पत्नी]] पीछे की ओर देखी और नमक का खंबा बन गई।
[[बाइबिल]] के अन्य ग्रंथ सदोम और अमोरा को व्यभिचार, अहंकार, अनातिथ्य और ग़रीबों का अत्याचार जैसे पापों के प्रतीक बताते हैं। [[मत्ती का सुसमाचार|मत्ती]], [[लूक़ा का सुसमाचार|लूक़ा]], [[याक़ूब की पत्री|याक़ूब]] और [[प्रकाशित वाक्य]] सहित [[नया नियम|नए नियम]] नगरों को [[दिव्य निर्णय]] की चेतावनी कहती है; कुछ व्याख्याएँ यौन अपराधों को उजागर करती हैं, जबकि अन्य [[हिंसा]], [[अन्याय]] और अनातिथ्य पर ज़ोर देती हैं।
[[इस्लाम]] में, लूत की कहानी [[समलैंगिकता]] का [[पाप]] एवं ईश्वर की अवज्ञा के नतीजे पर ज़ोर देती है।
== बाइबिल में ==
=== लूत और कदोर्लाओमेर ===
सदोम और अमोरा "तराई के नगरों" में से थे, जिनका पहला उल्लेख [[इब्राहीम]] और उसके भतीजे [[लूत]] के बीच भूमि के झगड़े में किया गया है। झगड़े को सुझाने के लिए, [[लूत]] [[जॉर्डन घाटी]] में बसा और "अपना तंबू सदोम के निकट खड़ा किया"।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.13.12.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 13:12|website=YouVersion}}</ref> इस समय दोनों नगर अलग थे। उत्पत्ति 14:2 कहता है कि सदोम का राजा [[बेरा]] था और अमोरा का राजा बिर्शा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.14.2.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 14:2|website=YouVersion}}</ref>
सदोम और अमोरा [[एलाम]] के राजा [[कदोर्लाओमेर]] के शासन में थे, बाद में जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने विद्रोह किया था। [[सिद्दीम का युद्ध|सिद्दीम के युद्ध]] में कदोर्लाओमेर ने उन्हें हराकर लूत समेत कई बँधुओं को अपने साथ लेकर गया। फिर इब्राहीम ने 318 पुरुषों की सेना लेकर उसे हराकर, लूत और दोनों नगरों को आज़ाद कर दिया था।
=== नगरों का विनाश ===
बाद में, परमेश्वर ने इब्राहीम को कहा कि वह सदोम और अमोरा को नष्ट करेंगे, क्योंकि वह जानते थे कि वह "यहोवा के मार्ग में अटल बने रहेगा",<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.18.19.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 18:19|website=YouVersion}}</ref> और कि सदोम और अमोरा पाप बहुत पापी थे। इब्राहीम ने उन्हें पूछा “क्या तू सचमुच दुष्ट के संग धर्मी का भी नाश करेगा?"<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.18.23.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 18:23|website=YouVersion}}</ref> उसने फिर परमेश्वर के साथ मोल-भाव किया, और अंत में परमेश्वर ने वादा किया कि यदि सदोम में 10 धर्मी मिलें वह उस नगर को बख़्शेंगे।
परमेश्वर ने दो [[स्वर्गदूत|स्वर्गदूतों]] को सदोम में भेजा। वे साँझ को लूत के घर पहुँचें और चौक में रात बिताने की अनुमति माँगे, पर लूत ने उन्हें अपने घर में आने की विनती की।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.1-4.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:1-4|website=YouVersion}}</ref> बाद में, सदोम के सभी पुरुषों ने घर को घेर लिया और लूत को पुकारकर उसके अतिथियों को माँगने लगे ताकि वे उनके साथ भोग करें।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.5.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:5|website=YouVersion}}</ref> लूत उन्हें अपनी दो कुँवारी बेटियाँ ले जाने को कहा ताकि वे "जैसा अच्छा लगे वैसा व्यवहार उनसे करें", लेकिन उन्होंने बेटियों को इंकार करके लूत के साथ उनसे भी अधिक बुराई करने की धमकी दी। उस समय स्वर्गदूतों ने लूत को बचाकर उन पुरुषों को अंधा कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.11.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:11|website=YouVersion}}</ref>
फिर उन्होंने लूत और उसके परिवार को सदोम से भागने को कहा, क्योंकि वे उसे अपने अत्याचार के नष्ट करने वाले थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.13.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:13|website=YouVersion}}</ref> अगले सुबह, क्योंकि लूत देर करता रहा, स्वर्गदूतों ने उसके, [[लूत की पत्नी|उसकी पत्नी]] और दोनों बेटियों के हाथ पकड़कर उन्हें नगर के बाहर ले गया, तथा उन्हें बिना पीछे देखे पहाड़ तक भागने को कहा। लूत ने कहा कि पहाड़ बहुत दूर है और [[सोअर]] की ओर भाग देने को कहा। फिर परमेश्वर ने सदोम और अमोरा पर गंधक और आग बरसाई तथा नगरों, पूरे तराई, और उनके सारे निवासियों को भूमि की सारी उपज समेत नष्ट कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.24-25.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:24-25|website=YouVersion}}</ref> लूत और उनकी दो बेटियाँ नगर के विनाश से बच पाएँ, पर उसकी पत्नी स्वर्गदूतों की चेतावनी को ध्यान ना देकर पीछे देखी और नमक का खंबा बन गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.26.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:26|website=YouVersion}}</ref>
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[[चित्र:John_Martin_-_Sodom_and_Gomorrah.jpg|अंगूठाकार|सदोम और अमोरा (1852), [[जॉन मार्टिन (चित्रकार)|जॉन मार्टिन]] द्वारा चित्रकला]]
[[इब्राहीमी धर्मों]] में, '''सदोम और अमोरा''' दो नगर थे जिन्हें परमेश्वर ने उनकी दुष्टता के लिए नष्ट कर दिया था।{{Sfn|Greene|2004|p=294}} उनकी कहानी [[उत्पत्ति बाढ़ कथा]] के समानांतर है; दोनों में मनुष्य के [[पाप]] परमेश्वर के क्रोध को उकसाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.1-28.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:1-28|website=YouVersion}}</ref>{{Sfn|Schwartz|2007|p=465-466}} उनका उल्लेख अक्सर [[इब्रानी बाइबिल]], [[नया नियम|नए नियम]] और [[क़ुरान]] में मानव दुष्टता और दिव्य दंड के प्रतीक के तौर से किया गया है।{{Sfn|Jackson|2014|p=119}}
[[इब्राहीम]] और [[लूत]] की कहानियों में सदोम और अमोरा को "तराई के नगर" नाम से जाने जाते हैं, जिन्होंने राजा [[कदोर्लाओमेर]] के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था। बाद में परमेश्वर ने उन्हें अपनी दुष्टता हेतु नष्ट कर दिया। लूत और उसकी [[लूत की बेटियाँ|बेटियाँ]] नगर से भाग पाएँ, जबकि [[लूत की पत्नी]] पीछे की ओर देखी और नमक का खंबा बन गई।
[[बाइबिल]] के अन्य ग्रंथ सदोम और अमोरा को व्यभिचार, अहंकार, अनातिथ्य और ग़रीबों का अत्याचार जैसे पापों के प्रतीक बताते हैं। [[मत्ती का सुसमाचार|मत्ती]], [[लूक़ा का सुसमाचार|लूक़ा]], [[याक़ूब की पत्री|याक़ूब]] और [[प्रकाशित वाक्य]] सहित [[नया नियम|नए नियम]] नगरों को [[दिव्य निर्णय]] की चेतावनी कहती है; कुछ व्याख्याएँ यौन अपराधों को उजागर करती हैं, जबकि अन्य [[हिंसा]], [[अन्याय]] और अनातिथ्य पर ज़ोर देती हैं।
[[इस्लाम]] में, लूत की कहानी [[समलैंगिकता]] का [[पाप]] एवं ईश्वर की अवज्ञा के नतीजे पर ज़ोर देती है।
== बाइबिल में ==
=== लूत और कदोर्लाओमेर ===
सदोम और अमोरा "तराई के नगरों" में से थे, जिनका पहला उल्लेख [[इब्राहीम]] और उसके भतीजे [[लूत]] के बीच भूमि के झगड़े में किया गया है। झगड़े को सुझाने के लिए, [[लूत]] [[जॉर्डन घाटी]] में बसा और "अपना तंबू सदोम के निकट खड़ा किया"।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.13.12.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 13:12|website=YouVersion}}</ref> इस समय दोनों नगर अलग थे। उत्पत्ति 14:2 कहता है कि सदोम का राजा [[बेरा]] था और अमोरा का राजा बिर्शा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.14.2.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 14:2|website=YouVersion}}</ref>
सदोम और अमोरा [[एलाम]] के राजा [[कदोर्लाओमेर]] के शासन में थे, बाद में जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने विद्रोह किया था। [[सिद्दीम का युद्ध|सिद्दीम के युद्ध]] में कदोर्लाओमेर ने उन्हें हराकर लूत समेत कई बँधुओं को अपने साथ लेकर गया। फिर इब्राहीम ने 318 पुरुषों की सेना लेकर उसे हराकर, लूत और दोनों नगरों को आज़ाद कर दिया था।
=== नगरों का विनाश ===
बाद में, परमेश्वर ने इब्राहीम को कहा कि वह सदोम और अमोरा को नष्ट करेंगे, क्योंकि वह जानते थे कि वह "यहोवा के मार्ग में अटल बने रहेगा",<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.18.19.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 18:19|website=YouVersion}}</ref> और कि सदोम और अमोरा पाप बहुत पापी थे। इब्राहीम ने उन्हें पूछा “क्या तू सचमुच दुष्ट के संग धर्मी का भी नाश करेगा?"<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.18.23.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 18:23|website=YouVersion}}</ref> उसने फिर परमेश्वर के साथ मोल-भाव किया, और अंत में परमेश्वर ने वादा किया कि यदि सदोम में 10 धर्मी मिलें वह उस नगर को बख़्शेंगे।
परमेश्वर ने दो [[स्वर्गदूत|स्वर्गदूतों]] को सदोम में भेजा। वे साँझ को लूत के घर पहुँचें और चौक में रात बिताने की अनुमति माँगे, पर लूत ने उन्हें अपने घर में आने की विनती की।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.1-4.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:1-4|website=YouVersion}}</ref> बाद में, सदोम के सभी पुरुषों ने घर को घेर लिया और लूत को पुकारकर उसके अतिथियों को माँगने लगे ताकि वे उनके साथ भोग करें।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.5.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:5|website=YouVersion}}</ref> लूत उन्हें अपनी दो कुँवारी बेटियाँ ले जाने को कहा ताकि वे "जैसा अच्छा लगे वैसा व्यवहार उनसे करें", लेकिन उन्होंने बेटियों को इंकार करके लूत के साथ उनसे भी अधिक बुराई करने की धमकी दी। उस समय स्वर्गदूतों ने लूत को बचाकर उन पुरुषों को अंधा कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.11.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:11|website=YouVersion}}</ref>
फिर उन्होंने लूत और उसके परिवार को सदोम से भागने को कहा, क्योंकि वे उसे अपने अत्याचार के नष्ट करने वाले थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.13.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:13|website=YouVersion}}</ref> अगले सुबह, क्योंकि लूत देर करता रहा, स्वर्गदूतों ने उसके, [[लूत की पत्नी|उसकी पत्नी]] और दोनों बेटियों के हाथ पकड़कर उन्हें नगर के बाहर ले गया, तथा उन्हें बिना पीछे देखे पहाड़ तक भागने को कहा। लूत ने कहा कि पहाड़ बहुत दूर है और [[सोअर]] की ओर भाग देने को कहा। फिर परमेश्वर ने सदोम और अमोरा पर गंधक और आग बरसाई तथा नगरों, पूरे तराई, और उनके सारे निवासियों को भूमि की सारी उपज समेत नष्ट कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.24-25.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:24-25|website=YouVersion}}</ref> लूत और उनकी दो बेटियाँ नगर के विनाश से बच पाएँ, पर उसकी पत्नी स्वर्गदूतों की चेतावनी को ध्यान ना देकर पीछे देखी और नमक का खंबा बन गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.26.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:26|website=YouVersion}}</ref>
==सन्दर्भ==
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'''दरब-ए इमाम''' (फ़ारसी: امامزاده درب امام; अरबी: مرقد درب الإمام) [[ईरान]] के [[इस्फ़हान प्रांत]] के इस्फ़हान के दरदाश्त इलाके में बना एक शिया इमामज़ादे कॉम्प्लेक्स है। इस कॉम्प्लेक्स में दो दरगाह, एक मस्जिद, एक मकबरा और एक शाही कब्रिस्तान है।
इस कॉम्प्लेक्स को 13 दिसंबर 1934 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
==इतिहास==
कॉम्प्लेक्स में पहली इमारत 1453 ईस्वी में बनी थी कोयुनलू के राज के दौरान बनाई गई थी। यह इमामज़ादे की दरगाह थी जो दो संतों, "इब्राहिम अल-बाथा" और "ज़ैन अल-अबिदीन" को समर्पित थी। माना जाता है कि ये जाफ़र अल-सादिक के ज़रिए अली इब्न अबी तालिब के वंशज थे। इमामज़ादेह को बनाने का आदेश उस समय कारा कोयुनलू के शासक जहान शाह के बेटे ने दिया था। इमामज़ादेह का काम पूरा होने के बाद, सफ़वी वंश के कई राजकुमारों के साथ-साथ मंगोल वंश के राजकुमारों को भी इसी जगह के पास दफ़नाया गया था। अक कोयुनलू के शासक याकूब बेग के राज में इस कॉम्प्लेक्स में एक खानकाह भी बनाया गया था। बाद में सफ़वी काल में, दरगाहों की कुछ मरम्मत की गई। 1995 और 1996 के दौरान परिसर में व्यापक नवीकरण पूरा किया गया।
==आर्किटेक्चर==
मकबरे में गिरीह टाइलें हैं, साथ ही टाइलवर्क में दूसरे ज्योमेट्रिक पैटर्न भी हैं और ये पीटर लू द्वारा खोजी गई पेनरोज़ टाइलिंग से काफी मिलती-जुलती हैं।
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'''दरब-ए इमाम''' (फ़ारसी: امامزاده درب امام; अरबी: مرقد درب الإمام) [[ईरान]] के [[इस्फ़हान प्रांत]] के इस्फ़हान के दरदाश्त इलाके में बना एक शिया इमामज़ादे कॉम्प्लेक्स है। इस कॉम्प्लेक्स में दो दरगाह, एक मस्जिद, एक मकबरा और एक शाही कब्रिस्तान है।
इस कॉम्प्लेक्स को 13 दिसंबर 1934 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
==इतिहास==
कॉम्प्लेक्स में पहली इमारत 1453 ईस्वी में बनी थी कोयुनलू के राज के दौरान बनाई गई थी। यह इमामज़ादे की दरगाह थी जो दो संतों, "इब्राहिम अल-बाथा" और "ज़ैन अल-अबिदीन" को समर्पित थी। माना जाता है कि ये जाफ़र अल-सादिक के ज़रिए अली इब्न अबी तालिब के वंशज थे। इमामज़ादेह को बनाने का आदेश उस समय कारा कोयुनलू के शासक जहान शाह के बेटे ने दिया था।<ref name=":0">{{Cite web |script-title=fa:امامزاده درب امام در اصفهان {{!}} عکس + آدرس + تلفن + موقعیت جغرافیایی |lang=fa |url=https://irantourismonline.com/detail.aspx?id=22642 |date= |access-date=2024-01-06 |website=irantourismonline.com}}</ref><ref name=":1">{{Cite web |title=Details |url=https://rch.ac.ir/article/Details/9144 |website=rch.ac.ir |date= |access-date= }}</ref> इमामज़ादेह का काम पूरा होने के बाद, [[सफ़वी वंश]] के कई राजकुमारों के साथ-साथ मंगोल वंश के राजकुमारों को भी इसी जगह के पास दफ़नाया गया था। अक कोयुनलू के शासक याकूब बेग के राज में इस कॉम्प्लेक्स में एक खानकाह भी बनाया गया था। बाद में सफ़वी काल में, दरगाहों की कुछ मरम्मत की गई। 1995 और 1996 के दौरान परिसर में व्यापक नवीकरण पूरा किया गया।
==आर्किटेक्चर==
मकबरे में गिरीह टाइलें हैं, साथ ही टाइलवर्क में दूसरे ज्योमेट्रिक पैटर्न भी हैं और ये पीटर लू द्वारा खोजी गई पेनरोज़ टाइलिंग से काफी मिलती-जुलती हैं।
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'''दरब-ए इमाम''' (फ़ारसी: امامزاده درب امام; अरबी: مرقد درب الإمام) [[ईरान]] के [[इस्फ़हान प्रांत]] के इस्फ़हान के दरदाश्त इलाके में बना एक शिया इमामज़ादे कॉम्प्लेक्स है। इस कॉम्प्लेक्स में दो दरगाह, एक मस्जिद, एक मकबरा और एक शाही कब्रिस्तान है।
इस कॉम्प्लेक्स को 13 दिसंबर 1934 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
==इतिहास==
कॉम्प्लेक्स में पहली इमारत 1453 ईस्वी में बनी थी कोयुनलू के राज के दौरान बनाई गई थी। यह इमामज़ादे की दरगाह थी जो दो संतों, "इब्राहिम अल-बाथा" और "ज़ैन अल-अबिदीन" को समर्पित थी। माना जाता है कि ये जाफ़र अल-सादिक के ज़रिए अली इब्न अबी तालिब के वंशज थे। इमामज़ादेह को बनाने का आदेश उस समय कारा कोयुनलू के शासक जहान शाह के बेटे ने दिया था।<ref name=":0">{{Cite web |script-title=fa:امامزاده درب امام در اصفهان {{!}} عکس + آدرس + تلفن + موقعیت جغرافیایی |lang=fa |url=https://irantourismonline.com/detail.aspx?id=22642 |date= |access-date=2024-01-06 |website=irantourismonline.com}}</ref><ref name=":1">{{Cite web |title=Details |url=https://rch.ac.ir/article/Details/9144 |website=rch.ac.ir |date= |access-date= }}</ref> इमामज़ादेह का काम पूरा होने के बाद, [[सफ़वी वंश]] के कई राजकुमारों के साथ-साथ मंगोल वंश के राजकुमारों को भी इसी जगह के पास दफ़नाया गया था। अक कोयुनलू के शासक याकूब बेग के राज में इस कॉम्प्लेक्स में एक खानकाह भी बनाया गया था। बाद में सफ़वी काल में, दरगाहों की कुछ मरम्मत की गई। 1995 और 1996 के दौरान परिसर में व्यापक नवीकरण पूरा किया गया।.<ref name=":3">{{Cite web |script-title=fa:امامزاده درب امام اصفهان |url=https://bineshetamadoni.ir/%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85%d8%b2%d8%a7%d8%af%d9%87-%d8%af%d8%b1%d8%a8-%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85-%d8%a7%d8%b5%d9%81%d9%87%d8%a7%d9%86/ |date= |access-date=2024-01-06 |website=سیدمحمدصدرا متولی امامی {{!}} پولطلا |language=fa-IR |archive-date=December 11, 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231211130536/https://bineshetamadoni.ir/%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85%d8%b2%d8%a7%d8%af%d9%87-%d8%af%d8%b1%d8%a8-%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85-%d8%a7%d8%b5%d9%81%d9%87%d8%a7%d9%86/ |url-status=dead }}</ref><ref name=":4">{{Cite web |script-title=fa:خبرگزاری فارس {{!}} گنبدهای فیروزهای امامزاده درب امام، در حال تخریب/ میراث فرهنگی اصفهان: درب امام در اختیار ما نیست |url=https://www.farsnews.ir/amp/14000930000599 |date= |access-date=2024-01-06 |website=www.farsnews.ir |lang=fa }}</ref> Extensive renovations were completed on the complex during 1995 and 1996.<ref name=":4" /><ref name=":2" />
==आर्किटेक्चर==
मकबरे में गिरीह टाइलें हैं, साथ ही टाइलवर्क में दूसरे ज्योमेट्रिक पैटर्न भी हैं और ये पीटर लू द्वारा खोजी गई पेनरोज़ टाइलिंग से काफी मिलती-जुलती हैं।
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'''दरब-ए इमाम''' (फ़ारसी: امامزاده درب امام; अरबी: مرقد درب الإمام) [[ईरान]] के [[इस्फ़हान प्रांत]] के इस्फ़हान के दरदाश्त इलाके में बना एक शिया इमामज़ादे कॉम्प्लेक्स है। इस कॉम्प्लेक्स में दो दरगाह, एक मस्जिद, एक मकबरा और एक शाही कब्रिस्तान है।
इस कॉम्प्लेक्स को 13 दिसंबर 1934 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
==इतिहास==
कॉम्प्लेक्स में पहली इमारत 1453 ईस्वी में बनी थी कोयुनलू के राज के दौरान बनाई गई थी। यह इमामज़ादे की दरगाह थी जो दो संतों, "इब्राहिम अल-बाथा" और "ज़ैन अल-अबिदीन" को समर्पित थी। माना जाता है कि ये जाफ़र अल-सादिक के ज़रिए अली इब्न अबी तालिब के वंशज थे। इमामज़ादेह को बनाने का आदेश उस समय कारा कोयुनलू के शासक जहान शाह के बेटे ने दिया था।<ref name=":0">{{Cite web |script-title=fa:امامزاده درب امام در اصفهان {{!}} عکس + آدرس + تلفن + موقعیت جغرافیایی |lang=fa |url=https://irantourismonline.com/detail.aspx?id=22642 |date= |access-date=2024-01-06 |website=irantourismonline.com}}</ref><ref name=":1">{{Cite web |title=Details |url=https://rch.ac.ir/article/Details/9144 |website=rch.ac.ir |date= |access-date= }}</ref> इमामज़ादेह का काम पूरा होने के बाद, [[सफ़वी वंश]] के कई राजकुमारों के साथ-साथ मंगोल वंश के राजकुमारों को भी इसी जगह के पास दफ़नाया गया था। अक कोयुनलू के शासक याकूब बेग के राज में इस कॉम्प्लेक्स में एक खानकाह भी बनाया गया था। बाद में सफ़वी काल में, दरगाहों की कुछ मरम्मत की गई। 1995 और 1996 के दौरान परिसर में व्यापक नवीकरण पूरा किया गया।.<ref name=":3">{{Cite web |script-title=fa:امامزاده درب امام اصفهان |url=https://bineshetamadoni.ir/%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85%d8%b2%d8%a7%d8%af%d9%87-%d8%af%d8%b1%d8%a8-%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85-%d8%a7%d8%b5%d9%81%d9%87%d8%a7%d9%86/ |date= |access-date=2024-01-06 |website=سیدمحمدصدرا متولی امامی {{!}} پولطلا |language=fa-IR |archive-date=December 11, 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231211130536/https://bineshetamadoni.ir/%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85%d8%b2%d8%a7%d8%af%d9%87-%d8%af%d8%b1%d8%a8-%d8%a7%d9%85%d8%a7%d9%85-%d8%a7%d8%b5%d9%81%d9%87%d8%a7%d9%86/ |url-status=dead }}</ref><ref name=":4">{{Cite web |script-title=fa:خبرگزاری فارس {{!}} گنبدهای فیروزهای امامزاده درب امام، در حال تخریب/ میراث فرهنگی اصفهان: درب امام در اختیار ما نیست |url=https://www.farsnews.ir/amp/14000930000599 |date= |access-date=2024-01-06 |website=www.farsnews.ir |lang=fa }}</ref>
==आर्किटेक्चर==
मकबरे में गिरीह टाइलें हैं, साथ ही टाइलवर्क में दूसरे ज्योमेट्रिक पैटर्न भी हैं और ये पीटर लू द्वारा खोजी गई पेनरोज़ टाइलिंग से काफी मिलती-जुलती हैं।
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वार्ता:फ़िलिस्तीन राज्य
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The Sorter
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नया पृष्ठ: {{Subst:requested move|फ़िलिस्तीन|reason=आधुनिक फ़िलिस्तीन देश को केवल "फ़िलिस्तीन" नाम से जाना जाता है। कृपया [[फ़िलिस्तीन|इस लेख]] का नाम "फ़िलिस्तीन (बहुविकल्पी)" में बदलें।}}
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== स्थानान्तरण अनुरोध 16 मई 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|फ़िलिस्तीन}}
[[:फ़िलिस्तीन राज्य]] → {{no redirect|फ़िलिस्तीन}} – आधुनिक फ़िलिस्तीन देश को केवल "फ़िलिस्तीन" नाम से जाना जाता है। कृपया [[फ़िलिस्तीन|इस लेख]] का नाम "फ़िलिस्तीन (बहुविकल्पी)" में बदलें। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:18, 16 मई 2026 (UTC)
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नया पृष्ठ: हज शाहबाजखान मस्जिद (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर...
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हज शाहबाजखान मस्जिद (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
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हज शाहबाजखान मस्जिद (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
मस्जिद एक बेसमेंट में है जिसमें एक प्रार्थना हॉल और उसके आंगन के चारों ओर कमरे हैं। मस्जिद के कमरे मदरसे के छात्रों को पढ़ाने की जगह लिए है। इस इलाके में आए भूकंप की वजह से मस्जिद को नुकसान हुआ है। इस मस्जिद को 23 सितंबर 2003 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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हज शाहबाजखान मस्जिद (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
==अवलोकन==
मस्जिद एक बेसमेंट में है जिसमें एक प्रार्थना हॉल और उसके आंगन के चारों ओर कमरे हैं। मस्जिद के कमरे मदरसे के छात्रों को पढ़ाने की जगह लिए है। इस इलाके में आए भूकंप की वजह से मस्जिद को नुकसान हुआ है। इस मस्जिद को 23 सितंबर 2003 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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हज शाहबाजखान मस्जिद (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
==अवलोकन==
मस्जिद एक बेसमेंट में है जिसमें एक प्रार्थना हॉल और उसके आंगन के चारों ओर कमरे हैं। मस्जिद के कमरे मदरसे के छात्रों को पढ़ाने की जगह लिए है। इस इलाके में आए भूकंप की वजह से मस्जिद को नुकसान हुआ है। इस मस्जिद को 23 सितंबर 2003 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।<ref>{{cite journal |author1=Biglari, Mahnoosh |author2=D'Amato, Michele |author3=Formisano, Antonio |year=2021 |title=Rapid Seismic Vulnerability and Risk Assessment of Kermanshah Historic Mosques |journal=The Open Civil Engineering Journal |volume=15 |pages=135-148 |doi=10.2174/1874149502115010135 |issn=1874-1495 |publisher= |via=Science Direct |url=https://www.sciencedirect.com/org/science/article/pii/S1874149521000359 |doi-access=free }}</ref>
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{{Infobox religious building
| name = हज शाहबाजखान मस्जिद<br>Hajj Shahbazkhan Mosque
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'''हज शाहबाजखान मस्जिद''' (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
==अवलोकन==
मस्जिद एक बेसमेंट में है जिसमें एक प्रार्थना हॉल और उसके आंगन के चारों ओर कमरे हैं। मस्जिद के कमरे मदरसे के छात्रों को पढ़ाने की जगह लिए है। इस इलाके में आए भूकंप की वजह से मस्जिद को नुकसान हुआ है। इस मस्जिद को 23 सितंबर 2003 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।<ref>{{cite journal |author1=Biglari, Mahnoosh |author2=D'Amato, Michele |author3=Formisano, Antonio |year=2021 |title=Rapid Seismic Vulnerability and Risk Assessment of Kermanshah Historic Mosques |journal=The Open Civil Engineering Journal |volume=15 |pages=135-148 |doi=10.2174/1874149502115010135 |issn=1874-1495 |publisher= |via=Science Direct |url=https://www.sciencedirect.com/org/science/article/pii/S1874149521000359 |doi-access=free }}</ref>
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'''हज शाहबाजखान मस्जिद''' (फ़ारसी: مسجد حاج شهبازخان; अरबी: مسجد الحاج شهباز خان), जिसे हाजी शाहबाज खान मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[केरमानशाह प्रांत]] के केरमानशाह शहर के ओजाघ चौराहे पर स्थित एक मस्जिद है।
==अवलोकन==
मस्जिद एक बेसमेंट में है जिसमें एक प्रार्थना हॉल और उसके आंगन के चारों ओर कमरे हैं। मस्जिद के कमरे मदरसे के छात्रों को पढ़ाने की जगह लिए है। इस इलाके में आए भूकंप की वजह से मस्जिद को नुकसान हुआ है। इस मस्जिद को 23 सितंबर 2003 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।<ref>{{cite journal |author1=Biglari, Mahnoosh |author2=D'Amato, Michele |author3=Formisano, Antonio |year=2021 |title=Rapid Seismic Vulnerability and Risk Assessment of Kermanshah Historic Mosques |journal=The Open Civil Engineering Journal |volume=15 |pages=135-148 |doi=10.2174/1874149502115010135 |issn=1874-1495 |publisher= |via=Science Direct |url=https://www.sciencedirect.com/org/science/article/pii/S1874149521000359 |doi-access=free }}</ref>
==सन्दर्भ==
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ममदानी
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{{Infobox name|name=ममदानी|languageorigin=[[गुजराती भाषा|गुजराती]]|derivation=મામદો (मामदो) + -આણી (-आणी)|region=[[सिंध]]}}
'''ममदानी''' ({{Langx|gu|મામદાણી}}) एक गुजराती उपनाम है, जो [[सिंध]] के [[ख़ोजा]] मुस्लिम परिवारों से है। यह उन [[भारत में जाति व्यवस्था|हिन्दू जातियों]] का उपनाम था, जिन्होंने [[इस्लाम में धर्मांतरण|इस्लाम को अपनाया]] था।<ref>{{Cite web|url=http://theconversation.com/zohran-mamdanis-last-name-reflects-centuries-of-intercontinental-trade-migration-and-cultural-exchange-259967|title=Zohran Mamdani's last name reflects centuries of intercontinental trade, migration and cultural exchange|last=Akhtar|first=Iqbal|date=July 14, 2025|website=[[The Conversation (website)|The Conversation]]|language=en-US|access-date=November 10, 2025}}</ref>
=== उल्लेखनीय लोग ===
* [[इब्राहीम ममदानी]] (1942–2010), तंज़ानियाई-ब्रिटिश गणितज्ञ
* [[महमूद ममदानी]] (जन्म 1946), यूगांडाई अकादमिक
** [[ज़ोहरान ममदानी]] (जन्म 1991) अमेरिकी राजनेता और न्यूयॉर्क नगर के 112वें महापौर
* [[मोहम्मद ममदानी]] (जन्म 1983) ब्रिटिश उद्यमी
* [[मुहम्मद ममदानी]], कनाडाई फ़ार्मासिस्ट
* [[रियाज़ ममदानी]] (जन्म {{circa|1968}}) यूगांडाई-कनाडाई व्यापार
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:भारतीय उपनाम]]
[[श्रेणी:गुजराती उपनाम]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया। 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया।<ref>{{Cite web|date=2019-08-21|title=ICHHTO Converted Into Ministry, Mounesan Appointed Caretaker|url=https://financialtribune.com/articles/travel/99523/ichhto-converted-into-ministry-mounesan-appointed-caretaker|access-date=2020-07-30|website=Financial Tribune|language=En}}</ref> 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया।<ref>{{Cite web|date=2019-08-21|title=ICHHTO Converted Into Ministry, Mounesan Appointed Caretaker|url=https://financialtribune.com/articles/travel/99523/ichhto-converted-into-ministry-mounesan-appointed-caretaker|access-date=2020-07-30|website=Financial Tribune|language=En}}</ref> 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
==सन्दर्भ==
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया।<ref>{{Cite web|date=2019-08-21|title=ICHHTO Converted Into Ministry, Mounesan Appointed Caretaker|url=https://financialtribune.com/articles/travel/99523/ichhto-converted-into-ministry-mounesan-appointed-caretaker|access-date=2020-07-30|website=Financial Tribune|language=En}}</ref> 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
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ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय (फ़ारसी: وزارت میراث فرهنگی، گردشگری و صنایع دستی ایران, रोमानीकृत: Vezârat-e Mirâs-e Farhangi, Gardeshgari va Sanâye'-e Dasti-ye Irân) एक शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जो पूरे [[ईरान]] में असंख्य संबंधित संग्रहालय परिसरों की देखरेख करता है। इसे ईरान सरकार द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित किया जाता है।
इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया।<ref>{{Cite web|date=2019-08-21|title=ICHHTO Converted Into Ministry, Mounesan Appointed Caretaker|url=https://financialtribune.com/articles/travel/99523/ichhto-converted-into-ministry-mounesan-appointed-caretaker|access-date=2020-07-30|website=Financial Tribune|language=En}}</ref> 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
==सन्दर्भ==
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इसे पहली बार 1985 में मजलिस के कानून के ज़रिए 11 रिसर्च और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन को मिलाकर बनाया गया था। 2019 में, ईरानी कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज़्म ऑर्गनाइज़ेशन (ICHHTO) को मिनिस्ट्री में बदल दिया गया।<ref>{{Cite web|date=2019-08-21|title=ICHHTO Converted Into Ministry, Mounesan Appointed Caretaker|url=https://financialtribune.com/articles/travel/99523/ichhto-converted-into-ministry-mounesan-appointed-caretaker|access-date=2020-07-30|website=Financial Tribune|language=En}}</ref> 21 अगस्त 2024 से मौजूदा मिनिस्टर रेज़ा सालेही अमीरी हैं।
==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:ईरान का सरकार]]
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==सन्दर्भ==
<references/>
[[श्रेणी:ईरान का सरकार]]
[[श्रेणी:ईरान]]
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दीनदयाल सोनी बाँदा
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पहचान प्रमाण-पत्र
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1. दीनदयाल सोनी = वैधानिक नाम (आधार/पैन अनुसार)
2. दीनदयाल सोनी "स्वर्ण" बाँदा = साहित्यिक नाम
3. डी.डी.सोनी = लोकप्रिय/मीडिया नाम
उपरोक्त तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, जो बाँदा,
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
हस्ताक्षर: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' उर्फ डी.डी.सोनी
दिनांक: 16.05.2026_______ स्थान: बाँदा
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AMAN KUMAR
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शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#व7|शीह व7]])
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दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
* '''साहित्यिक योगदान:''' बाँदा एवं चित्रकूट धाम मण्डल में आयोजित कवि सम्मेलनों व साहित्य गोष्ठियों में नियमित सहभागिता करते हैं।<ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="amarujala1"/>
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2. दीनदयाल सोनी "स्वर्ण" बाँदा = साहित्यिक नाम
3. डी.डी.सोनी = लोकप्रिय/मीडिया नाम
उपरोक्त तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, जो बाँदा,
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
हस्ताक्षर: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' उर्फ डी.डी.सोनी
दिनांक: गीतकार: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' बाँदा
विकिपीडिया: [लिंक]
ब्लॉग: [लिंक] स्थान: बाँदा== कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ ==
दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
* '''साहित्यिक योगदान:''' बाँदा एवं चित्रकूट धाम मण्डल में आयोजित कवि सम्मेलनों व साहित्य गोष्ठियों में नियमित सहभागिता करते हैं।<ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="amarujala1"/>
* '''निर्णायक भूमिका:''' 2025 में उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय माटी कला प्रतियोगिता में निर्णायक रहे।<ref name="fb_mati_kala"/>
* '''सामाजिक सम्मान:''' 2023 में सामाजिक संस्था संजीवनी द्वारा "संजीवनी रत्न सम्मान" से सम्मानित किये गये।<ref name="fb_sanjeevani"/>
* '''मीडिया कवरेज:''' दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर व नवभारत टाइम्स सहित 16+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को प्रमुखता दी है।<ref name="jagran3"/><ref name="amarujala4"/><ref name="bhaskar1"/>== मीडिया कवरेज ==
बुंदेलखंड न्यूज़ के अनुसार सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में दीनदयाल सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।<ref name="bundelkhand_news1"/> दैनिक जागरण<ref name="jagran1"/><ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="jagran3"/><ref name="jagran4"/> व अमर उजाला<ref name="amarujala1"/><ref name="amarujala2"/><ref name="amarujala3"/><ref name="amarujala4"/> सहित 17+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को कवर किया है।== मीडिया कवरेज ==
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1. दीनदयाल सोनी = वैधानिक नाम (आधार/पैन अनुसार)
2. दीनदयाल सोनी "स्वर्ण" बाँदा = साहित्यिक नाम
3. डी.डी.सोनी = लोकप्रिय/मीडिया नाम
उपरोक्त तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, जो बाँदा,
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
हस्ताक्षर: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' उर्फ डी.डी.सोनी
दिनांक: गीतकार: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' बाँदा
विकिपीडिया: [लिंक]
ब्लॉग: [लिंक] स्थान: बाँदा== कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ ==
दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
* '''साहित्यिक योगदान:''' बाँदा एवं चित्रकूट धाम मण्डल में आयोजित कवि सम्मेलनों व साहित्य गोष्ठियों में नियमित सहभागिता करते हैं।<ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="amarujala1"/>
* '''निर्णायक भूमिका:''' 2025 में उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय माटी कला प्रतियोगिता में निर्णायक रहे।<ref name="fb_mati_kala"/>
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* '''मीडिया कवरेज:''' दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर व नवभारत टाइम्स सहित 16+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को प्रमुखता दी है।<ref name="jagran3"/><ref name="amarujala4"/><ref name="bhaskar1"/>== मीडिया कवरेज ==
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1. दीनदयाल सोनी = वैधानिक नाम (आधार/पैन अनुसार)
2. दीनदयाल सोनी "स्वर्ण" बाँदा = साहित्यिक नाम
3. डी.डी.सोनी = लोकप्रिय/मीडिया नाम
उपरोक्त तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, जो बाँदा,
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
हस्ताक्षर: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' उर्फ डी.डी.सोनी
दिनांक: गीतकार: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' बाँदा
विकिपीडिया: [लिंक]
ब्लॉग: [लिंक] स्थान: बाँदा== कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ ==
दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
* '''साहित्यिक योगदान:''' बाँदा एवं चित्रकूट धाम मण्डल में आयोजित कवि सम्मेलनों व साहित्य गोष्ठियों में नियमित सहभागिता करते हैं।<ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="amarujala1"/>
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दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
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पहचान प्रमाण-पत्र
यह प्रमाणित किया जाता है कि:
1. दीनदयाल सोनी = वैधानिक नाम (आधार/पैन अनुसार)
2. दीनदयाल सोनी "स्वर्ण" बाँदा = साहित्यिक नाम
3. डी.डी.सोनी = लोकप्रिय/मीडिया नाम
उपरोक्त तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं, जो बाँदा,
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
हस्ताक्षर: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' उर्फ डी.डी.सोनी
दिनांक: गीतकार: दीनदयाल सोनी 'स्वर्ण' बाँदा
विकिपीडिया: [लिंक]
ब्लॉग: [लिंक] स्थान: बाँदा== कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ ==
दीनदयाल सोनी बुंदेलखंड क्षेत्र में साहित्यिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
* '''साहित्यिक योगदान:''' बाँदा एवं चित्रकूट धाम मण्डल में आयोजित कवि सम्मेलनों व साहित्य गोष्ठियों में नियमित सहभागिता करते हैं।<ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="amarujala1"/>
* '''निर्णायक भूमिका:''' 2025 में उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय माटी कला प्रतियोगिता में निर्णायक रहे।<ref name="fb_mati_kala"/>
* '''सामाजिक सम्मान:''' 2023 में सामाजिक संस्था संजीवनी द्वारा "संजीवनी रत्न सम्मान" से सम्मानित किये गये।<ref name="fb_sanjeevani"/>
* '''मीडिया कवरेज:''' दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर व नवभारत टाइम्स सहित 16+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को प्रमुखता दी है।<ref name="jagran3"/><ref name="amarujala4"/><ref name="bhaskar1"/>== मीडिया कवरेज ==
बुंदेलखंड न्यूज़ के अनुसार सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में दीनदयाल सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।<ref name="bundelkhand_news1"/> दैनिक जागरण<ref name="jagran1"/><ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="jagran3"/><ref name="jagran4"/> व अमर उजाला<ref name="amarujala1"/><ref name="amarujala2"/><ref name="amarujala3"/><ref name="amarujala4"/> सहित 17+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को कवर किया है।== मीडिया कवरेज ==
बुंदेलखंड न्यूज़ के अनुसार सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में दीनदयाल सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।<ref name="bundelkhand_news1"/> दैनिक जागरण<ref name="jagran1"/><ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="jagran3"/><ref name="jagran4"/> व अमर उजाला<ref name="amarujala1"/><ref name="amarujala2"/><ref name="amarujala3"/><ref name="amarujala4"/> सहित 17+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को कवर किया है।== मीडिया कवरेज ==
दैनिक जागरण<ref name="jagran1"/><ref name="jagran_banda_sahityakar"/><ref name="jagran3"/><ref name="jagran4"/><ref name="jagran5"/>,
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बुंदेलखंड न्यूज़<ref name="bundelkhand_news1"/><ref name="bundelkhand_news2"/> व राष्ट्रीय प्रस्तावना<ref name="sonar_samagam_lko"/>
सहित 23+ मीडिया संस्थानों ने इनके कार्यक्रमों को प्रमुखता दी है।== सन्दर्भ ==
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}}== सन्दर्भ ==
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श्रेणी वार्ता:वैज्ञानिक तकनीके
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अनुनाद सिंह
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/* इस श्रेणी का नाम अशुद्ध है */ नया अनुभाग
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text/x-wiki
== इस श्रेणी का नाम अशुद्ध है ==
इस श्रेणी का नाम '''वैज्ञानिक तकनीकें''' होना चाहिये। '''वैज्ञानिक तकनीके''' अशुद्ध है। -- [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]] ([[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|वार्ता]]) 16:08, 16 मई 2026 (UTC)
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साश्वत कुमार (कराटे)
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OkikenryuIndia
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कराटे प्रशिक्षक शाश्वत कुमार पर नया लेख जोड़ा गया।
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text/x-wiki
'''शाश्वत कुमार''' हैदराबाद, भारत के एक कराटे प्रशिक्षक हैं। उनका उल्लेख ‘‘सेंकोकाई कराटे’’ नामक कराटे शैली से संबंधित समाचार रिपोर्टों में हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based martial artist develops India's first independent karate style|website=Telangana Today}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शाश्वत कुमार का जन्म [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में उनका परिवार [[हैदराबाद]] चला गया, जहाँ उन्होंने हिंदी महा विद्यालय में अध्ययन किया।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar wins two prestigious awards from Brazil|website=Asian Community News}}</ref>
== रिकॉर्ड ==
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 में उनके कुछ पंचिंग स्पीड प्रदर्शन एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए गए थे।<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Telangana Today}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://jantaserishta.com/local/telangana/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records-4649779|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Janta Se Rishta}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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2026-05-16T18:46:54Z
OkikenryuIndia
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शाश्वत कुमार लेख में जानकारी और इन्फोबॉक्स जोड़ा गया।
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text/x-wiki
'''शाश्वत कुमार''' हैदराबाद, भारत के एक कराटे प्रशिक्षक हैं। उनका उल्लेख ‘‘सेंकोकाई कराटे’’ नामक कराटे शैली से संबंधित समाचार रिपोर्टों में हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based martial artist develops India's first independent karate style|website=Telangana Today}}</ref>{{Infobox martial artist|name=शाश्वत कुमार|native_name=Shaswat Kumar|image=GrandmasterShaswatKumar.png|caption=शाश्वत कुमार|nationality=भारतीय|birth_place=[[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]], भारत|residence=[[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]], भारत|style=सेंकोकाई कराटे|occupation=कराटे प्रशिक्षक|country={{IND}}}}
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शाश्वत कुमार का जन्म [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में उनका परिवार [[हैदराबाद]] चला गया, जहाँ उन्होंने हिंदी महा विद्यालय में अध्ययन किया।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar wins two prestigious awards from Brazil|website=Asian Community News}}</ref>
== रिकॉर्ड ==
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 में उनके कुछ पंचिंग स्पीड प्रदर्शन एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए गए थे।<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Telangana Today}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://jantaserishta.com/local/telangana/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records-4649779|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Janta Se Rishta}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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2026-05-16T19:02:36Z
OkikenryuIndia
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सेंकोकाई कराटे शब्द को संबंधित विकिपीडिया लेख से जोड़ा गया।
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'''शाश्वत कुमार''' हैदराबाद, भारत के एक कराटे प्रशिक्षक हैं। उनका उल्लेख ‘‘[[सेन्कोउकाई|सेंकोकाई कराटे]]<nowiki/>’’ (Senkoukai Karate) नामक कराटे शैली से संबंधित समाचार रिपोर्टों में हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based martial artist develops India's first independent karate style|website=Telangana Today}}</ref>{{Infobox martial artist|name=शाश्वत कुमार|native_name=Shaswat Kumar|image=GrandmasterShaswatKumar.png|caption=शाश्वत कुमार|nationality=भारतीय|birth_place=[[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]], भारत|residence=[[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]], भारत|style=सेंकोकाई कराटे|occupation=कराटे प्रशिक्षक|country={{IND}}}}
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शाश्वत कुमार का जन्म [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में उनका परिवार [[हैदराबाद]] चला गया, जहाँ उन्होंने हिंदी महा विद्यालय में अध्ययन किया।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar wins two prestigious awards from Brazil|website=Asian Community News}}</ref>
== रिकॉर्ड ==
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== संदर्भ ==
<references />
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2026-05-17T01:30:02Z
AMAN KUMAR
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शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#व7|शीह व7]])
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'''शाश्वत कुमार''' हैदराबाद, भारत के एक कराटे प्रशिक्षक हैं। उनका उल्लेख ‘‘[[सेन्कोउकाई|सेंकोकाई कराटे]]<nowiki/>’’ (Senkoukai Karate) नामक कराटे शैली से संबंधित समाचार रिपोर्टों में हुआ है।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250521083446/https://telanganatoday.com/hyderabad-based-martial-artist-develops-indias-first-independent-karate-style-senkoukai-karate-gains-global-recognition|title=Hyderabad-based martial artist develops India's first independent karate style|website=Telangana Today}}</ref>{{Infobox martial artist|name=शाश्वत कुमार|native_name=Shaswat Kumar|image=GrandmasterShaswatKumar.png|caption=शाश्वत कुमार|nationality=भारतीय|birth_place=[[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]], भारत|residence=[[हैदराबाद]], [[तेलंगाना]], भारत|style=सेंकोकाई कराटे|occupation=कराटे प्रशिक्षक|country={{IND}}}}
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
शाश्वत कुमार का जन्म [[भुवनेश्वर]], [[ओडिशा]] में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में उनका परिवार [[हैदराबाद]] चला गया, जहाँ उन्होंने हिंदी महा विद्यालय में अध्ययन किया।<ref>{{Cite web|url=https://web.archive.org/web/20250919190855/https://www.asiancommunitynews.com/indias-karate-grand-master-hanshi-shaswat-kumar-wins-two-prestigious-awards-from-brazil/|title=India's Karate Grand Master Hanshi Shaswat Kumar wins two prestigious awards from Brazil|website=Asian Community News}}</ref>
== रिकॉर्ड ==
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 में उनके कुछ पंचिंग स्पीड प्रदर्शन एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए गए थे।<ref>{{Cite web|url=https://telanganatoday.com/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Telangana Today}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://jantaserishta.com/local/telangana/hyderabad-martial-artists-set-multiple-world-records-4649779|title=Hyderabad martial artists set multiple world records|website=Janta Se Rishta}}</ref>
== संदर्भ ==
<references />
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अल-अकमर सैफ़ी
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{{Infobox person|name=अल अकमर सैफ़ी|birth_date=|birth_place=[[होशंगाबाद]], [[मध्य प्रदेश]], भारत|occupation={{hlist|कास्टिंग निर्देशक|फ़िल्म निर्माता|सहायक निर्देशक}}|years_active=2020–वर्तमान|known_for=सैफ़ी कास्टिंग कंपनी के संस्थापक}}
'''अल अकमर सैफ़ी''' भारतीय कास्टिंग निर्देशक, फ़िल्म निर्माता और सहायक निर्देशक हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indianfilmhistory.com/crew/al-akmar-saify|title=Al Akmar Saify Filmography {{!}} Biography of Al Akmar Saify {{!}} Al Akmar Saify|website=Indian Film History|language=en|access-date=2026-05-16}}</ref>
वे मुंबई स्थित सैफ़ी कास्टिंग कंपनी के संस्थापक हैं, जो फ़िल्म, टेलीविज़न और डिजिटल मीडिया परियोजनाओं के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodkibaten.in/celebrity-life/al-akmar-saify-from-behind-the-scenes-to-the-directors-chair/62476|title=Al Akmar Saify: From behind the scenes to the director's chair|website=Bollywood Ki Baten|access-date=2026-05-17}}</ref>
== करियर ==
सैफ़ी ने अपने करियर की शुरुआत कास्टिंग समन्वय और प्रोडक्शन से जुड़े कार्यों से की, जिसके बाद उन्होंने सहायक निर्देशन और फ़िल्म निर्माण में कार्य करना शुरू किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ahmedabadmirror.com/who-is-al-akmar-saify-from-finding-faces-to-directing-frames--his-aspiring-in-filmmaking/81898046.html|title=Who is Al Akmar Saify? From finding faces to directing frames|website=Ahmedabad Mirror|access-date=2026-05-17}}</ref>
साल 2020 में उन्होंने सैफ़ी कास्टिंग कंपनी की स्थापना की, जो फ़िल्मों, वेब सीरीज़, टेलीविज़न धारावाहिकों और संगीत वीडियो के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है। वे ''गेम ओवर'', ''बॉस डैडी'', ''बांके बिहारी'', ''अब किसे बर्बाद करोगे'', ''द बटरफ्लाइज'', ''सुई'', ''ईएमआई: अ रिवेंज स्टोरी'', ''घुमड़ा'', ''लेसन इन ऑनर'' और ''हे जग जननी'' जैसी परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.morningkashmir.com/al-akmar-saify-works-alongside-mehul-vyas-in-upcoming-kuku-series-as-filming-concludes-in-mumbai/|title=Al Akmar Saify Works Alongside Mehul Vyas in Upcoming Kuku Series as Filming Concludes in Mumbai|date=2025-09-08|language=en-US|access-date=2026-05-16}}</ref>
== संदर्भ ==
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{{Infobox person|name=अल अकमर सैफ़ी|birth_date=|birth_place=[[होशंगाबाद]], [[मध्य प्रदेश]], भारत|occupation={{hlist|कास्टिंग निर्देशक|फ़िल्म निर्माता|सहायक निर्देशक}}|years_active=2020–वर्तमान|known_for=सैफ़ी कास्टिंग कंपनी के संस्थापक}}
'''अल अकमर सैफ़ी''' भारतीय कास्टिंग निर्देशक, फ़िल्म निर्माता और सहायक निर्देशक हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indianfilmhistory.com/crew/al-akmar-saify|title=Al Akmar Saify Filmography {{!}} Biography of Al Akmar Saify {{!}} Al Akmar Saify|website=Indian Film History|language=en|access-date=2026-05-16}}</ref>
वे मुंबई स्थित सैफ़ी कास्टिंग कंपनी के संस्थापक हैं, जो फ़िल्म, टेलीविज़न और डिजिटल मीडिया परियोजनाओं के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodkibaten.in/celebrity-life/al-akmar-saify-from-behind-the-scenes-to-the-directors-chair/62476|title=Al Akmar Saify: From behind the scenes to the director's chair|website=Bollywood Ki Baten|access-date=2026-05-17}}</ref>
== करियर ==
सैफ़ी ने अपने करियर की शुरुआत कास्टिंग समन्वय और प्रोडक्शन से जुड़े कार्यों से की, जिसके बाद उन्होंने सहायक निर्देशन और फ़िल्म निर्माण में कार्य करना शुरू किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ahmedabadmirror.com/who-is-al-akmar-saify-from-finding-faces-to-directing-frames--his-aspiring-in-filmmaking/81898046.html|title=Who is Al Akmar Saify? From finding faces to directing frames|website=Ahmedabad Mirror|access-date=2026-05-17}}</ref>
साल 2020 में उन्होंने सैफ़ी कास्टिंग कंपनी की स्थापना की, जो फ़िल्मों, वेब सीरीज़, टेलीविज़न धारावाहिकों और संगीत वीडियो के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tvguide.com/celebrities/al-akmar-saify/tv-listings/3060762147/|title=Al Akmar Saify|website=TVGuide.com|language=en|access-date=2026-05-16}}</ref> वे ''गेम ओवर'', ''बॉस डैडी'', ''बांके बिहारी'', ''अब किसे बर्बाद करोगे'', ''द बटरफ्लाइज'', ''सुई'', ''ईएमआई: अ रिवेंज स्टोरी'', ''घुमड़ा'', ''लेसन इन ऑनर'' और ''हे जग जननी'' जैसी परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.morningkashmir.com/al-akmar-saify-works-alongside-mehul-vyas-in-upcoming-kuku-series-as-filming-concludes-in-mumbai/|title=Al Akmar Saify Works Alongside Mehul Vyas in Upcoming Kuku Series as Filming Concludes in Mumbai|date=2025-09-08|language=en-US|access-date=2026-05-16}}</ref>
== संदर्भ ==
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चाहर धर्मेंद्र
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शीघ्र हटाने का अनुरोध ( मापदंड:[[वि:शीह#ल2|शीह ल2]])
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'''अल अकमर सैफ़ी''' भारतीय कास्टिंग निर्देशक, फ़िल्म निर्माता और सहायक निर्देशक हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.indianfilmhistory.com/crew/al-akmar-saify|title=Al Akmar Saify Filmography {{!}} Biography of Al Akmar Saify {{!}} Al Akmar Saify|website=Indian Film History|language=en|access-date=2026-05-16}}</ref>
वे मुंबई स्थित सैफ़ी कास्टिंग कंपनी के संस्थापक हैं, जो फ़िल्म, टेलीविज़न और डिजिटल मीडिया परियोजनाओं के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodkibaten.in/celebrity-life/al-akmar-saify-from-behind-the-scenes-to-the-directors-chair/62476|title=Al Akmar Saify: From behind the scenes to the director's chair|website=Bollywood Ki Baten|access-date=2026-05-17}}</ref>
== करियर ==
सैफ़ी ने अपने करियर की शुरुआत कास्टिंग समन्वय और प्रोडक्शन से जुड़े कार्यों से की, जिसके बाद उन्होंने सहायक निर्देशन और फ़िल्म निर्माण में कार्य करना शुरू किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.ahmedabadmirror.com/who-is-al-akmar-saify-from-finding-faces-to-directing-frames--his-aspiring-in-filmmaking/81898046.html|title=Who is Al Akmar Saify? From finding faces to directing frames|website=Ahmedabad Mirror|access-date=2026-05-17}}</ref>
साल 2020 में उन्होंने सैफ़ी कास्टिंग कंपनी की स्थापना की, जो फ़िल्मों, वेब सीरीज़, टेलीविज़न धारावाहिकों और संगीत वीडियो के लिए कास्टिंग और कलाकार समन्वय का कार्य करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.tvguide.com/celebrities/al-akmar-saify/tv-listings/3060762147/|title=Al Akmar Saify|website=TVGuide.com|language=en|access-date=2026-05-16}}</ref> वे ''गेम ओवर'', ''बॉस डैडी'', ''बांके बिहारी'', ''अब किसे बर्बाद करोगे'', ''द बटरफ्लाइज'', ''सुई'', ''ईएमआई: अ रिवेंज स्टोरी'', ''घुमड़ा'', ''लेसन इन ऑनर'' और ''हे जग जननी'' जैसी परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.morningkashmir.com/al-akmar-saify-works-alongside-mehul-vyas-in-upcoming-kuku-series-as-filming-concludes-in-mumbai/|title=Al Akmar Saify Works Alongside Mehul Vyas in Upcoming Kuku Series as Filming Concludes in Mumbai|date=2025-09-08|language=en-US|access-date=2026-05-16}}</ref>
== संदर्भ ==
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गुड डिलीवरी
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[[चित्र:Gold_bullion_2.jpg|अंगूठाकार|गुड डिलीवरी स्वर्ण बार, जिसका वजन 12.4 किलोग्राम (400 ट्रॉय औंस) है]]
[[चित्र:1000oz.silver.bullion.bar.underneath.png|अंगूठाकार|गुड डिलीवरी रजत बार, जिसका वजन 31.1 किलोग्राम (1,000 ट्रॉय औंस) है ]]
'''गुड डिलीवरी''' (अंग्रेज़ी: ''Good Delivery'') मानक लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा जारी नियमों का एक समूह है, जो थोक लंदन बुलियन बाजार में निपटान के लिए उपयोग किए जाने वाले [[सोना|सोने]] और [[चाँदी]] की सलाखों की भौतिक विशेषताओं का वर्णन करता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.lbma.org.uk/good-delivery-rules|title=LBMA - Good Delivery Rules|website=www.lbma.org.uk|access-date=2015-11-11}}</ref> यह LBMA गुड डिलीवरी सूची में अनुमोदित रिफाइनरियों को सूचीबद्ध करने की आवश्यकताओं को भी निर्धारित करता है।
गुड डिलीवरी सलाखें अपने बड़े आकार और उच्च शुद्धता के लिए उल्लेखनीय हैं। वे अपनी विशिष्ट समलंबीय प्रिज्माकार आकृति के लिए जानी जाती हैं, जो सांचे से बनने का परिणाम है और समान उत्पादन तथा एकसमान ढलानदार सतहें बनाने में सहायता करती है; इन सतहों को ड्राफ्ट या अंडरकट कहा जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.compositesaustralia.com.au/glossary-of-advanced-composite-materials-terms/|title=GLOSSARY OF ADVANCED COMPOSITE MATERIALS TERMS – Composites Australia|language=en-AU|access-date=2026-05-06}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://goldenarkreserve.com/blog/lbma-good-delivery-gold-bars-explained/|title=LBMA Good Delivery Gold Bars: Standard and List Mechanics|date=2026-04-29|language=en|access-date=2026-05-06}}</ref>
== ''सोने और चाँदी की सलाखों के लिए गुड डिलीवरी नियम'' ==
गुड डिलीवरी [[मानक]] का पूरा विवरण LBMA के दस्तावेज़ ''सोने और चाँदी की सलाखों के लिए गुड डिलीवरी नियम: गुड डिलीवरी सलाखों के विनिर्देश और सूचीबद्ध करने की आवेदन प्रक्रियाएँ'' (अंग्रेज़ी: ''The Good Delivery Rules for Gold and Silver Bars: Specifications for Good Delivery Bars and Application Procedures for Listing'') में दिया गया है। इस दस्तावेज़ में [[सोना|सोने]] और [[चाँदी]] की सलाखों की शुद्धता, वजन, आयाम, रूप-रंग, चिह्नों और उत्पादन से संबंधित विशिष्ट आवश्यकताएँ शामिल हैं। यह तौलने, पैकिंग और डिलीवरी की प्रक्रियाएँ भी निर्धारित करता है। इसमें रिफाइनरियों द्वारा विनिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की नीतियों का भी वर्णन किया गया है।
गुड डिलीवरी नियमों का वर्तमान संस्करण जनवरी 2026 में प्रकाशित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://cdn.lbma.org.uk/downloads/Publications/2026/Good-Delivery/Good-Delivery-List-Rules-2026-FINAL.pdf|title=Good Delivery List Rules, Conditions for Listing for Good Delivery Refiners|date=January 2026|website=LBMA}}</ref>
== मूल विनिर्देश ==
=== सोने की सलाखें ===
* शुद्धता: न्यूनतम 995.0 अंश प्रति हजार शुद्ध [[सोना]]
* चिह्न: क्रम संख्या, रिफाइनर का चिह्न, शुद्धता, निर्माण वर्ष
* वजन: 350–430 ट्रॉय औंस (11–13 किलोग्राम)
* अनुशंसित आयाम
** लंबाई (ऊपरी भाग): 210–290 मिलीमीटर (8.3–11.4 इंच)
** चौड़ाई (ऊपरी भाग): 55–85 मिलीमीटर (2.2–3.3 इंच)
** ऊँचाई: 25–45 मिलीमीटर (0.98–1.77 इंच)
=== चाँदी की सलाखें ===
* शुद्धता: न्यूनतम 999.0 अंश प्रति हजार शुद्ध [[चाँदी]]
* चिह्न: क्रम संख्या, रिफाइनर का चिह्न, शुद्धता, निर्माण वर्ष <ref>{{Cite web|url=https://vintagesilver.com/the-marks-on-silver-bars/|title=Understanding the Marks on Silver Bars|date=5 April 2022|website=Vintage Silver}}</ref>
* * वजन: 1 जनवरी 2025 से 900–1,100 ट्रॉय औंस (28–34 किलोग्राम); 1 जनवरी 2008 के बाद और 1 जनवरी 2025 से पहले निर्मित सलाखों के लिए 750–1,100 ट्रॉय औंस (23–34 किलोग्राम); 1 जनवरी 2008 से पहले निर्मित सलाखों के लिए 500–1,250 ट्रॉय औंस (16–39 किलोग्राम)
* अनुशंसित आयाम
** लंबाई (ऊपरी भाग): 250–350 मिलीमीटर (9.8–13.8 इंच)
** चौड़ाई (ऊपरी भाग): 110–150 मिलीमीटर (4.3–5.9 इंच)
** ऊँचाई: 60–100 मिलीमीटर (2.4–3.9 इंच)
[[सोना|सोने]] या [[चाँदी]] की सलाखों पर वजन अंकित करने की अनुशंसा नहीं की जाती, क्योंकि डिलीवरी के समय सलाखों का आधिकारिक रूप से वजन किया जाता है, और यह वजन, जो मूल रूप से अंकित वजन से भिन्न हो सकता है, मान्य माना जाता है। किसी सलाख का वजन संभालने या नमूना लेने से भी बदल सकता है, जिससे मूल अंकन अमान्य हो जाता है।<ref name="rules">{{Cite web|url=https://cdn.lbma.org.uk/downloads/Good-Delivery-List-Rules-Dec-2022-Final-20221212.pdf|title=The Good Delivery Rules for Gold and Silver Bars: Specifications for Good Delivery Bars and Application Procedures for Listing (v1.1)|date=January 2019|publisher=The London Bullion Market Association|access-date=29 September 2019}}</ref>
== गैर-गुड डिलीवरी ==
जो [[सोना|सोने]] या [[चाँदी]] की सलाखें गुड डिलीवरी नियमों का पालन नहीं करतीं, उन्हें गैर-गुड डिलीवरी कहा जाता है। यदि वे गुड डिलीवरी सलाखों के समान हों, लेकिन सभी आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा न करती हों, तो उन्हें अनुरूप सलाखों से अलग पहचानने के लिए उन पर “NGD” की मुहर लगाई जानी चाहिए।
== LBMA गुड डिलीवरी सूची ==
LBMA अनुमोदित रिफाइनरियों की दो गुड डिलीवरी सूचियाँ रखता है, एक सोने के लिए और एक चाँदी के लिए। इन सूचियों में शामिल रिफाइनरियाँ कुछ न्यूनतम मानदंडों, जैसे आयु, निवल मूल्य और उत्पादन मात्रा, को पूरा करती हैं और गुड डिलीवरी सलाखों का उत्पादन करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित कर चुकी होती हैं। सूचीबद्ध कंपनियाँ LBMA की निगरानी स्वीकार करती हैं। जो सूचीबद्ध कंपनियाँ नियमित निगरानी में भाग लेने से इनकार करती हैं, उन्हें गुड डिलीवरी सूची से हटा दिया जाता है और पूर्व सूची में जोड़ा जाता है।
== गुड डिलीवरी रेफरी ==
गुड डिलीवरी प्रणाली की देखरेख करने और गुड डिलीवरी प्रमाणन वाली कंपनियों की निगरानी करने के लिए LBMA पाँच कंपनियों को गुड डिलीवरी रेफरी के रूप में मान्यता देता है। रेफरियों के मुख्य कार्य हैं:
* सूचीबद्ध होने के आवेदकों का तकनीकी मूल्यांकन
* गुड डिलीवरी सूची में शामिल रिफाइनरियों की सक्रिय निगरानी
* विभिन्न विषयों पर तकनीकी सलाह प्रदान करना
रेफरी के रूप में मान्यता प्राप्त कंपनियाँ हैं:
* Argor-Heraeus SA (स्विट्जरलैंड)
* Metalor Technologies SA (स्विट्जरलैंड)
* PAMP SA (स्विट्जरलैंड)
* Rand Refinery (PTY) Ltd (दक्षिण अफ्रीका)
* Tanaka Kikinzoku Kogyo K.K. (जापान)
== यह भी देखें ==
* [[स्वर्ण भंडार]]
* [[स्वर्ण मान]]
== संदर्भ ==
<templatestyles src="Reflist/styles.css" />{{Reflist}}
== गुड डिलीवरी ==
* [http://www.lbma.org.uk/good-delivery-explained LBMA – गुड डिलीवरी की व्याख्या]
* [http://www.lbma.org.uk/good-delivery-rules LBMA – गुड डिलीवरी नियम]
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[[श्रेणी:अन्तराष्ट्रीय मानक]]
[[श्रेणी:चाँदी]]
[[श्रेणी:सोना]]
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[[चित्र:Gold_bullion_2.jpg|अंगूठाकार|गुड डिलीवरी स्वर्ण बार, जिसका वजन 12.4 किलोग्राम (400 ट्रॉय औंस) है]]
[[चित्र:1000oz.silver.bullion.bar.underneath.png|अंगूठाकार|गुड डिलीवरी रजत बार, जिसका वजन 31.1 किलोग्राम (1,000 ट्रॉय औंस) है ]]
'''गुड डिलीवरी''' (अंग्रेज़ी: ''Good Delivery'') मानक लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा जारी नियमों का एक समूह है, जो थोक लंदन बुलियन बाजार में निपटान के लिए उपयोग किए जाने वाले [[सोना|सोने]] और [[चाँदी]] की सलाखों की भौतिक विशेषताओं का वर्णन करता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.lbma.org.uk/good-delivery-rules|title=LBMA - Good Delivery Rules|website=www.lbma.org.uk|access-date=2015-11-11}}</ref> यह LBMA गुड डिलीवरी सूची में अनुमोदित रिफाइनरियों को सूचीबद्ध करने की आवश्यकताओं को भी निर्धारित करता है।
गुड डिलीवरी सलाखें अपने बड़े आकार और उच्च शुद्धता के लिए उल्लेखनीय हैं। वे अपनी विशिष्ट समलंबीय प्रिज्माकार आकृति के लिए जानी जाती हैं, जो सांचे से बनने का परिणाम है और समान उत्पादन तथा एकसमान ढलानदार सतहें बनाने में सहायता करती है; इन सतहों को ड्राफ्ट या अंडरकट कहा जाता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.compositesaustralia.com.au/glossary-of-advanced-composite-materials-terms/|title=GLOSSARY OF ADVANCED COMPOSITE MATERIALS TERMS – Composites Australia|access-date=2026-05-06}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://goldenarkreserve.com/blog/lbma-good-delivery-gold-bars-explained/|title=LBMA Good Delivery Gold Bars: Standard and List Mechanics|date=2026-04-29|language=en|access-date=2026-05-06}}</ref>
== ''सोने और चाँदी की सलाखों के लिए गुड डिलीवरी नियम'' ==
गुड डिलीवरी [[मानक]] का पूरा विवरण LBMA के दस्तावेज़ ''सोने और चाँदी की सलाखों के लिए गुड डिलीवरी नियम: गुड डिलीवरी सलाखों के विनिर्देश और सूचीबद्ध करने की आवेदन प्रक्रियाएँ'' (अंग्रेज़ी: ''The Good Delivery Rules for Gold and Silver Bars: Specifications for Good Delivery Bars and Application Procedures for Listing'') में दिया गया है। इस दस्तावेज़ में [[सोना|सोने]] और [[चाँदी]] की सलाखों की शुद्धता, वजन, आयाम, रूप-रंग, चिह्नों और उत्पादन से संबंधित विशिष्ट आवश्यकताएँ शामिल हैं। यह तौलने, पैकिंग और डिलीवरी की प्रक्रियाएँ भी निर्धारित करता है। इसमें रिफाइनरियों द्वारा विनिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की नीतियों का भी वर्णन किया गया है।
गुड डिलीवरी नियमों का वर्तमान संस्करण जनवरी 2026 में प्रकाशित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://cdn.lbma.org.uk/downloads/Publications/2026/Good-Delivery/Good-Delivery-List-Rules-2026-FINAL.pdf|title=Good Delivery List Rules, Conditions for Listing for Good Delivery Refiners|date=January 2026|website=LBMA}}</ref>
== मूल विनिर्देश ==
=== सोने की सलाखें ===
* शुद्धता: न्यूनतम 995.0 अंश प्रति हजार शुद्ध [[सोना]]
* चिह्न: क्रम संख्या, रिफाइनर का चिह्न, शुद्धता, निर्माण वर्ष
* वजन: 350–430 ट्रॉय औंस (11–13 किलोग्राम)
* अनुशंसित आयाम
** लंबाई (ऊपरी भाग): 210–290 मिलीमीटर (8.3–11.4 इंच)
** चौड़ाई (ऊपरी भाग): 55–85 मिलीमीटर (2.2–3.3 इंच)
** ऊँचाई: 25–45 मिलीमीटर (0.98–1.77 इंच)
=== चाँदी की सलाखें ===
* शुद्धता: न्यूनतम 999.0 अंश प्रति हजार शुद्ध [[चाँदी]]
* चिह्न: क्रम संख्या, रिफाइनर का चिह्न, शुद्धता, निर्माण वर्ष <ref>{{Cite web|url=https://vintagesilver.com/the-marks-on-silver-bars/|title=Understanding the Marks on Silver Bars|date=5 April 2022|website=Vintage Silver}}</ref>
* * वजन: 1 जनवरी 2025 से 900–1,100 ट्रॉय औंस (28–34 किलोग्राम); 1 जनवरी 2008 के बाद और 1 जनवरी 2025 से पहले निर्मित सलाखों के लिए 750–1,100 ट्रॉय औंस (23–34 किलोग्राम); 1 जनवरी 2008 से पहले निर्मित सलाखों के लिए 500–1,250 ट्रॉय औंस (16–39 किलोग्राम)
* अनुशंसित आयाम
** लंबाई (ऊपरी भाग): 250–350 मिलीमीटर (9.8–13.8 इंच)
** चौड़ाई (ऊपरी भाग): 110–150 मिलीमीटर (4.3–5.9 इंच)
** ऊँचाई: 60–100 मिलीमीटर (2.4–3.9 इंच)
[[सोना|सोने]] या [[चाँदी]] की सलाखों पर वजन अंकित करने की अनुशंसा नहीं की जाती, क्योंकि डिलीवरी के समय सलाखों का आधिकारिक रूप से वजन किया जाता है, और यह वजन, जो मूल रूप से अंकित वजन से भिन्न हो सकता है, मान्य माना जाता है। किसी सलाख का वजन संभालने या नमूना लेने से भी बदल सकता है, जिससे मूल अंकन अमान्य हो जाता है।<ref name="rules">{{Cite web|url=https://cdn.lbma.org.uk/downloads/Good-Delivery-List-Rules-Dec-2022-Final-20221212.pdf|title=The Good Delivery Rules for Gold and Silver Bars: Specifications for Good Delivery Bars and Application Procedures for Listing (v1.1)|date=January 2019|publisher=The London Bullion Market Association|access-date=29 September 2019}}</ref>
== गैर-गुड डिलीवरी ==
जो [[सोना|सोने]] या [[चाँदी]] की सलाखें गुड डिलीवरी नियमों का पालन नहीं करतीं, उन्हें गैर-गुड डिलीवरी कहा जाता है। यदि वे गुड डिलीवरी सलाखों के समान हों, लेकिन सभी आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा न करती हों, तो उन्हें अनुरूप सलाखों से अलग पहचानने के लिए उन पर “NGD” की मुहर लगाई जानी चाहिए।
== LBMA गुड डिलीवरी सूची ==
LBMA अनुमोदित रिफाइनरियों की दो गुड डिलीवरी सूचियाँ रखता है, एक सोने के लिए और एक चाँदी के लिए। इन सूचियों में शामिल रिफाइनरियाँ कुछ न्यूनतम मानदंडों, जैसे आयु, निवल मूल्य और उत्पादन मात्रा, को पूरा करती हैं और गुड डिलीवरी सलाखों का उत्पादन करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित कर चुकी होती हैं। सूचीबद्ध कंपनियाँ LBMA की निगरानी स्वीकार करती हैं। जो सूचीबद्ध कंपनियाँ नियमित निगरानी में भाग लेने से इनकार करती हैं, उन्हें गुड डिलीवरी सूची से हटा दिया जाता है और पूर्व सूची में जोड़ा जाता है।
== गुड डिलीवरी रेफरी ==
गुड डिलीवरी प्रणाली की देखरेख करने और गुड डिलीवरी प्रमाणन वाली कंपनियों की निगरानी करने के लिए LBMA पाँच कंपनियों को गुड डिलीवरी रेफरी के रूप में मान्यता देता है। रेफरियों के मुख्य कार्य हैं:
* सूचीबद्ध होने के आवेदकों का तकनीकी मूल्यांकन
* गुड डिलीवरी सूची में शामिल रिफाइनरियों की सक्रिय निगरानी
* विभिन्न विषयों पर तकनीकी सलाह प्रदान करना
रेफरी के रूप में मान्यता प्राप्त कंपनियाँ हैं:
* Argor-Heraeus SA (स्विट्जरलैंड)
* Metalor Technologies SA (स्विट्जरलैंड)
* PAMP SA (स्विट्जरलैंड)
* Rand Refinery (PTY) Ltd (दक्षिण अफ्रीका)
* Tanaka Kikinzoku Kogyo K.K. (जापान)
== यह भी देखें ==
* [[स्वर्ण भंडार]]
* [[स्वर्ण मान]]
== संदर्भ ==
<templatestyles src="Reflist/styles.css" />{{Reflist}}
== गुड डिलीवरी ==
* [http://www.lbma.org.uk/good-delivery-explained LBMA – गुड डिलीवरी की व्याख्या]
* [http://www.lbma.org.uk/good-delivery-rules LBMA – गुड डिलीवरी नियम]
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[[श्रेणी:अन्तराष्ट्रीय मानक]]
[[श्रेणी:चाँदी]]
[[श्रेणी:सोना]]
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सदस्य वार्ता:आकाश प्रमोद गिरि
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'''चाउ टीएन-चेन''' ({{zh|c=周天成|p=Zhōu Tiānchéng}}; जन्म 8 जनवरी 1990) एक [[ताइवान|ताइवानी]] [[बैडमिंटन]] खिलाड़ी है।<ref>{{cite web |title=周天成 |url=https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |publisher=Chinese Taipei Olympic Committee |access-date=11 February 2021 |language=zh |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20201201083614/https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |archive-date=1 December 2020}}</ref> वह 2016 में [[चाईनीज़ ताईपे ओपेन|चीनी ताइपे ओपन]] के पुरुष एकल खिताब जीतने वाले 17 वर्षों में पहले स्थानीय शटलर बने, इससे पहले 1999 में इंडोनेशिया में जन्मे फंग परमादी ने यह खिताब जीता था।<ref>{{cite web |last=Hearn |first=Don |title=Chinese Taipei Open Finals – Chou Tien Chen ends 17-year wait |url=http://www.badzine.net/2016/07/chinese-taipei-open-finals-chou-tien-chen-ends-17-year-wait/ |website=Badzine |date=4 July 2016}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|title=Chou Tien Chen brought to tears after dream Yonex Chinese Taipei Open win|date=4 July 2016|publisher=All England Open Badminton Championships|access-date=3 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160910074843/http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|archive-date=10 September 2016|url-status=dead}}</ref> उन्होंने 2014 फ्रेंच ओपन में अपना पहला [[बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज]] खिताब जीता, फाइनल में चीन के वांग झेंगिंग को 10-21, 25-23, 21-19 से हराया।<ref>{{cite news |url=http://www.taipeitimes.com/News/sport/archives/2014/10/28/2003603096 |title=Taiwan's Chou sets national bar with Superseries triumph |agency=Central News Agency |work=Taipei Times |date=28 October 2014}}</ref> वह 2012 से 2014 तक लगातार तीन हाइलो ओपन खिताब जीतने का रिकॉर्ड धारक हैं।
==Personal life==
After winning the [[2024 Thailand Masters (badminton)|2024 Thailand Masters]],<ref name="24thaimasters">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Kao |first2=Evelyn |title=Taiwan badminton ace Chou wins men's singles title at Thailand Masters |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402040010 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=4 February 2024}}</ref> Chou revealed that he had been diagnosed with early-stage colorectal cancer the previous year and underwent a [[colectomy]].<ref name="cancerchristian"/>
Chou was baptized as a [[Christians|Christian]] in 2012.<ref name="cancerchristian">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Chao |first2=Yen-hsiang |title=BADMINTON/'I made it through': Chou Tien-chen conquers cancer on way to title |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402050017 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=5 February 2024 |quote=During a break at the beginning of 2023, Chou realized he had not had a full physical for two or three years, so he decided to have one done. To his surprise, he was diagnosed with early stage colorectal cancer after undergoing a colonoscopy, and soon had an operation to remove the cancerous part of his colon. "Actually, the other doctor I saw then thought the cancer was not bad and told me to have a follow-up appointment a year later. But that didn't make sense to me, so I decided to do the operation," Chou recalled. To prevent the cancer from spreading, the doctor cut more of Chou's large intestine than usual and had to use a clip that can be absorbed by human body to help the internal wound heal. "Perhaps it was because I did enough good deeds so I could witness the Lord's glory, or perhaps what I did was not enough so the Lord let me find it out earlier so as to live a bit longer and do more," said Chou, a pious Christian, of his cancer, able to joke about himself in hindsight. Chou was baptized in 2012 at Kao's suggestion after undergoing a slump, according to Christian Daily.}}</ref>
== References ==
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{{Infobox badminton player
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'''चाउ टीएन-चेन''' ({{zh|c=周天成|p=Zhōu Tiānchéng}}; जन्म 8 जनवरी 1990) एक [[ताइवान|ताइवानी]] [[बैडमिंटन]] खिलाड़ी है।<ref>{{cite web |title=周天成 |url=https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |publisher=Chinese Taipei Olympic Committee |access-date=11 February 2021 |language=zh |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20201201083614/https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |archive-date=1 December 2020}}</ref> वह 2016 में [[चाईनीज़ ताईपे ओपेन|चीनी ताइपे ओपन]] के पुरुष एकल खिताब जीतने वाले 17 वर्षों में पहले स्थानीय शटलर बने, इससे पहले 1999 में इंडोनेशिया में जन्मे फंग परमादी ने यह खिताब जीता था।<ref>{{cite web |last=Hearn |first=Don |title=Chinese Taipei Open Finals – Chou Tien Chen ends 17-year wait |url=http://www.badzine.net/2016/07/chinese-taipei-open-finals-chou-tien-chen-ends-17-year-wait/ |website=Badzine |date=4 July 2016}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|title=Chou Tien Chen brought to tears after dream Yonex Chinese Taipei Open win|date=4 July 2016|publisher=All England Open Badminton Championships|access-date=3 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160910074843/http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|archive-date=10 September 2016|url-status=dead}}</ref> उन्होंने 2014 फ्रेंच ओपन में अपना पहला [[बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज]] खिताब जीता, फाइनल में चीन के वांग झेंगिंग को 10-21, 25-23, 21-19 से हराया।<ref>{{cite news |url=http://www.taipeitimes.com/News/sport/archives/2014/10/28/2003603096 |title=Taiwan's Chou sets national bar with Superseries triumph |agency=Central News Agency |work=Taipei Times |date=28 October 2014}}</ref> वह 2012 से 2014 तक लगातार तीन हाइलो ओपन खिताब जीतने का रिकॉर्ड धारक हैं।
==निजी जीवन==
2024 थाईलैंड मास्टर्स जीतने के बाद,<ref name="24thaimasters">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Kao |first2=Evelyn |title=Taiwan badminton ace Chou wins men's singles title at Thailand Masters |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402040010 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=4 February 2024}}</ref> चाउ ने खुलासा किया कि पिछले साल उन्हें प्रारंभिक चरण के कोलोरेक्टल कैंसर का पता चला था और उन्होंने कोलेक्टोमी करवाई थी।<ref name="cancerchristian"/>
चोऊ ने 2012 में [[ईसाई धर्म|ईसाई]] के रूप में बपतिस्मा लिया था।<ref name="cancerchristian">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Chao |first2=Yen-hsiang |title=BADMINTON/'I made it through': Chou Tien-chen conquers cancer on way to title |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402050017 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=5 February 2024 |quote=During a break at the beginning of 2023, Chou realized he had not had a full physical for two or three years, so he decided to have one done. To his surprise, he was diagnosed with early stage colorectal cancer after undergoing a colonoscopy, and soon had an operation to remove the cancerous part of his colon. "Actually, the other doctor I saw then thought the cancer was not bad and told me to have a follow-up appointment a year later. But that didn't make sense to me, so I decided to do the operation," Chou recalled. To prevent the cancer from spreading, the doctor cut more of Chou's large intestine than usual and had to use a clip that can be absorbed by human body to help the internal wound heal. "Perhaps it was because I did enough good deeds so I could witness the Lord's glory, or perhaps what I did was not enough so the Lord let me find it out earlier so as to live a bit longer and do more," said Chou, a pious Christian, of his cancer, able to joke about himself in hindsight. Chou was baptized in 2012 at Kao's suggestion after undergoing a slump, according to Christian Daily.}}</ref>
== References ==
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{{Infobox badminton player
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'''चाउ टीएन-चेन''' ({{zh|c=周天成|p=Zhōu Tiānchéng}}; जन्म 8 जनवरी 1990) एक [[ताइवान|ताइवानी]] [[बैडमिंटन]] खिलाड़ी है।<ref>{{cite web |title=周天成 |url=https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |publisher=Chinese Taipei Olympic Committee |access-date=11 February 2021 |language=zh |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20201201083614/https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |archive-date=1 December 2020}}</ref> वह 2016 में [[चाईनीज़ ताईपे ओपेन|चीनी ताइपे ओपन]] के पुरुष एकल खिताब जीतने वाले 17 वर्षों में पहले स्थानीय शटलर बने, इससे पहले 1999 में इंडोनेशिया में जन्मे फंग परमादी ने यह खिताब जीता था।<ref>{{cite web |last=Hearn |first=Don |title=Chinese Taipei Open Finals – Chou Tien Chen ends 17-year wait |url=http://www.badzine.net/2016/07/chinese-taipei-open-finals-chou-tien-chen-ends-17-year-wait/ |website=Badzine |date=4 July 2016}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|title=Chou Tien Chen brought to tears after dream Yonex Chinese Taipei Open win|date=4 July 2016|publisher=All England Open Badminton Championships|access-date=3 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160910074843/http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|archive-date=10 September 2016|url-status=dead}}</ref> उन्होंने 2014 फ्रेंच ओपन में अपना पहला [[बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज]] खिताब जीता, फाइनल में चीन के वांग झेंगिंग को 10-21, 25-23, 21-19 से हराया।<ref>{{cite news |url=http://www.taipeitimes.com/News/sport/archives/2014/10/28/2003603096 |title=Taiwan's Chou sets national bar with Superseries triumph |agency=Central News Agency |work=Taipei Times |date=28 October 2014}}</ref> वह 2012 से 2014 तक लगातार तीन हाइलो ओपन खिताब जीतने का रिकॉर्ड धारक हैं।
==निजी जीवन==
2024 थाईलैंड मास्टर्स जीतने के बाद,<ref name="24thaimasters">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Kao |first2=Evelyn |title=Taiwan badminton ace Chou wins men's singles title at Thailand Masters |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402040010 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=4 February 2024}}</ref> चाउ ने खुलासा किया कि पिछले साल उन्हें प्रारंभिक चरण के कोलोरेक्टल कैंसर का पता चला था और उन्होंने कोलेक्टोमी करवाई थी।<ref name="cancerchristian"/>
चोऊ ने 2012 में [[ईसाई धर्म|ईसाई]] के रूप में बपतिस्मा लिया था।<ref name="cancerchristian">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Chao |first2=Yen-hsiang |title=BADMINTON/'I made it through': Chou Tien-chen conquers cancer on way to title |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402050017 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=5 February 2024 |quote=During a break at the beginning of 2023, Chou realized he had not had a full physical for two or three years, so he decided to have one done. To his surprise, he was diagnosed with early stage colorectal cancer after undergoing a colonoscopy, and soon had an operation to remove the cancerous part of his colon. "Actually, the other doctor I saw then thought the cancer was not bad and told me to have a follow-up appointment a year later. But that didn't make sense to me, so I decided to do the operation," Chou recalled. To prevent the cancer from spreading, the doctor cut more of Chou's large intestine than usual and had to use a clip that can be absorbed by human body to help the internal wound heal. "Perhaps it was because I did enough good deeds so I could witness the Lord's glory, or perhaps what I did was not enough so the Lord let me find it out earlier so as to live a bit longer and do more," said Chou, a pious Christian, of his cancer, able to joke about himself in hindsight. Chou was baptized in 2012 at Kao's suggestion after undergoing a slump, according to Christian Daily.}}</ref>
== संदर्भ ==
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'''चाउ टीएन-चेन''' ({{zh|c=周天成|p=Zhōu Tiānchéng}}; जन्म 8 जनवरी 1990) एक [[ताइवान|ताइवानी]] [[बैडमिंटन]] खिलाड़ी है।<ref>{{cite web |title=周天成 |url=https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |publisher=Chinese Taipei Olympic Committee |access-date=11 February 2021 |language=zh |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20201201083614/https://www.tpenoc.net/athlete/tien-chen-chou/ |archive-date=1 December 2020}}</ref> वह 2016 में [[चाईनीज़ ताईपे ओपेन|चीनी ताइपे ओपन]] के पुरुष एकल खिताब जीतने वाले 17 वर्षों में पहले स्थानीय शटलर बने, इससे पहले 1999 में इंडोनेशिया में जन्मे फंग परमादी ने यह खिताब जीता था।<ref>{{cite web |last=Hearn |first=Don |title=Chinese Taipei Open Finals – Chou Tien Chen ends 17-year wait |url=http://www.badzine.net/2016/07/chinese-taipei-open-finals-chou-tien-chen-ends-17-year-wait/ |website=Badzine |date=4 July 2016}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|title=Chou Tien Chen brought to tears after dream Yonex Chinese Taipei Open win|date=4 July 2016|publisher=All England Open Badminton Championships|access-date=3 August 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160910074843/http://www.allenglandbadminton.com/chou-tien-chen-brought-to-tears-after-dream-yonex-chinese-taipei-open-win/|archive-date=10 September 2016|url-status=dead}}</ref> उन्होंने 2014 फ्रेंच ओपन में अपना पहला [[बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज]] खिताब जीता, फाइनल में चीन के वांग झेंगिंग को 10-21, 25-23, 21-19 से हराया।<ref>{{cite news |url=http://www.taipeitimes.com/News/sport/archives/2014/10/28/2003603096 |title=Taiwan's Chou sets national bar with Superseries triumph |agency=Central News Agency |work=Taipei Times |date=28 October 2014}}</ref> वह 2012 से 2014 तक लगातार तीन हाइलो ओपन खिताब जीतने का रिकॉर्ड धारक हैं।
==निजी जीवन==
2024 थाईलैंड मास्टर्स जीतने के बाद,<ref name="24thaimasters">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Kao |first2=Evelyn |title=Taiwan badminton ace Chou wins men's singles title at Thailand Masters |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402040010 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=4 February 2024}}</ref> चाउ ने खुलासा किया कि पिछले साल उन्हें प्रारंभिक चरण के कोलोरेक्टल कैंसर का पता चला था और उन्होंने कोलेक्टोमी करवाई थी।<ref name="cancerchristian"/>
चोऊ ने 2012 में [[ईसाई धर्म|ईसाई]] के रूप में बपतिस्मा लिया था।<ref name="cancerchristian">{{cite news |last1=Li |first1=Chien-chung |last2=Chao |first2=Yen-hsiang |title=BADMINTON/'I made it through': Chou Tien-chen conquers cancer on way to title |url=https://focustaiwan.tw/sports/202402050017 |access-date=9 February 2024 |agency=Central News Agency |date=5 February 2024 |quote=During a break at the beginning of 2023, Chou realized he had not had a full physical for two or three years, so he decided to have one done. To his surprise, he was diagnosed with early stage colorectal cancer after undergoing a colonoscopy, and soon had an operation to remove the cancerous part of his colon. "Actually, the other doctor I saw then thought the cancer was not bad and told me to have a follow-up appointment a year later. But that didn't make sense to me, so I decided to do the operation," Chou recalled. To prevent the cancer from spreading, the doctor cut more of Chou's large intestine than usual and had to use a clip that can be absorbed by human body to help the internal wound heal. "Perhaps it was because I did enough good deeds so I could witness the Lord's glory, or perhaps what I did was not enough so the Lord let me find it out earlier so as to live a bit longer and do more," said Chou, a pious Christian, of his cancer, able to joke about himself in hindsight. Chou was baptized in 2012 at Kao's suggestion after undergoing a slump, according to Christian Daily.}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:1990 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:ताइवान के लोग]]
[[श्रेणी:ताइवान के खिलाड़ी]]
[[श्रेणी:बैडमिंटन खिलाड़ी]]
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वार्ता:अल-अकमर सैफ़ी
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== शीघ्र हटाने पर चर्चा ==
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वार्ता:साश्वत कुमार (कराटे)
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OkikenryuIndia
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== शीघ्र हटाने पर चर्चा ==
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सैयद अलाउद्दीन हुसैन का मकबरा
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2026-05-17T06:26:43Z
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नया पृष्ठ: सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्...
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे [[ईरान का सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय|ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन]] संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
==सन्दर्भ==
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।.<ref name="Iranshahr 01-2011">{{cite encyclopedia |title=Iranshahr |access-date=2023-05-22 |url=http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |encyclopedia=Encyclopedia of Iranian Architectural History |date=19 May 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181125103924/http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |archive-date=2018-11-25}}</ref>
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।.<ref name="Iranshahr 01-2011">{{cite encyclopedia |title=Iranshahr |access-date=2023-05-22 |url=http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |encyclopedia=Encyclopedia of Iranian Architectural History |date=19 May 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181125103924/http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |archive-date=2018-11-25}}</ref>
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।
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कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।.<ref name="Iranshahr 01-2011">{{cite encyclopedia |title=Iranshahr |access-date=2023-05-22 |url=http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |encyclopedia=Encyclopedia of Iranian Architectural History |date=19 May 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181125103924/http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |archive-date=2018-11-25}}</ref>
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।<ref name=ITTO>{{cite web |url=https://www.itto.org/iran/attraction/343-Seyed-Ala-edin-Hossein-Shrine/ |title=Seyed Ala-edin Hossein Shrine |date= |website=Iran Tourism and Touring Organization |access-date=31 July 2019}}</ref>
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
==सन्दर्भ==
<references/>
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।.<ref name="Iranshahr 01-2011">{{cite encyclopedia |title=Iranshahr |access-date=2023-05-22 |url=http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |encyclopedia=Encyclopedia of Iranian Architectural History |date=19 May 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181125103924/http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |archive-date=2018-11-25}}</ref>
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।<ref name=ITTO>{{cite web |url=https://www.itto.org/iran/attraction/343-Seyed-Ala-edin-Hossein-Shrine/ |title=Seyed Ala-edin Hossein Shrine |date= |website=Iran Tourism and Touring Organization |access-date=31 July 2019}}</ref>
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
==सन्दर्भ==
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'''सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन''' (फ़ारसी: آرامگاه سَیِّد عَلَاء ٱلدِّیْن حُسَیْن) का मकबरा, जिसे इमामज़ादे हुसैन (शिराज़) के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के दक्षिण-पूर्व शिराज़ में स्थित एक ट्वेल्वर शिया मकबरा और मस्जिद कॉम्प्लेक्स है जिसमें एक दरगाह भी है। इस्लामी कैलेंडर की 10वीं सदी में बना यह मकबरा सैय्यद अलाउद्दीन हुसैन के अवशेषों को समेटे हुए है, जो इमाम मूसा अल-काज़िम के बेटे और सैय्यद अहमद (जिनकी दरगाह भी शिराज़ में है) के भाई थे।.<ref name="Iranshahr 01-2011">{{cite encyclopedia |title=Iranshahr |access-date=2023-05-22 |url=http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |encyclopedia=Encyclopedia of Iranian Architectural History |date=19 May 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181125103924/http://iranshahrpedia.com/en/static/view/page/iranshahr |archive-date=2018-11-25}}</ref>
मकबरे के परिसर को 20 दिसंबर 1937 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था, जिसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है। यह परिसर ट्वेल्वर शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।<ref name=ITTO>{{cite web |url=https://www.itto.org/iran/attraction/343-Seyed-Ala-edin-Hossein-Shrine/ |title=Seyed Ala-edin Hossein Shrine |date= |website=Iran Tourism and Touring Organization |access-date=31 July 2019}}</ref>
==अवलोकन==
कॉम्प्लेक्स का बाहरी हिस्सा ज़्यादातर सफ़वी स्टाइल की मस्जिदों जैसा दिखता है। हालांकि, अंदर का हिस्सा काफी अनोखा है क्योंकि मेहराबों, दीवारों और गुंबद के अंदरूनी हिस्से पर हरे, नीले, पीले और सफेद रंगों के अलग-अलग शेड्स के शीशे और रंगीन कांच की चमक के बारीक मोज़ेक लगे हैं, जो एक अनोखा लाइट कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
शिराज में मिट्टी की अस्थिरता और भूकंपों की वजह से, कॉम्प्लेक्स को सदियों से काफी नुकसान हुआ है। गुंबद का एक हिस्सा, जिसकी मरहूम मिर्ज़ा अबू-अल-हसन मोशिरो-अल-मोल्क ने मरम्मत की थी, टूट गया और गिरने का खतरा था। मरम्मत और काफी मज़बूती के बावजूद, 1950 में फ़ार्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ने गुंबद को हटा दिया। 1952 में, अंदर लोहे के स्ट्रक्चर वाला कम वज़न का गुंबद लगाया गया।
==सन्दर्भ==
<references/>
[[श्रेणी:ईरान]]
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शाह चेराग
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नया पृष्ठ: '''शाह चेराग''' (फ़ारसी: شاه چراغ, रोमनकृत: शाह-ए-चेराग, शाब्दिक रूप से 'प्रकाश का राजा'; अरबी: شاه جراغ, रोमनकृत: शाह-ए सेराग) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्ये...
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'''शाह चेराग''' (फ़ारसी: شاه چراغ, रोमनकृत: शाह-ए-चेराग, शाब्दिक रूप से 'प्रकाश का राजा'; अरबी: شاه جراغ, रोमनकृत: शाह-ए सेराग) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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}}
'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
इस परिसर को 10 जून 1942 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था यह कॉम्प्लेक्स ट्वेल्वर शिया इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से एक है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
इस परिसर को 10 जून 1942 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था यह कॉम्प्लेक्स ट्वेल्वर शिया इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से एक है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
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'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
इस परिसर को 10 जून 1942 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था यह कॉम्प्लेक्स ट्वेल्वर शिया इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से एक है।
==सन्दर्भ==
<references/>
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}}
'''शाह चेराग''' ({{langx|fa|شاه چراغ|Shāh-é-Chérāgh|प्रकाश का राजा}}; {{langx|ar|شاه جراغ|Šāh-e Čerāḡ}}) [[ईरान]] के [[फ़ार्स प्रांत]] के शिराज में स्थित एक ट्वेल्वर शिया अंत्येष्टि स्मारक और धार्मिक परिसर है। 12वीं शताब्दी का यह परिसर मूसा अल-काज़िम के बेटे सैय्यद अहमद के मकबरे के आसपास केंद्रित है, जिन्हें स्थानीय परंपराओं में शाह चेराग (प्रकाश का राजा) के रूप में जाना जाता है, और इसलिए इमारत का नाम ऐसा है।
इस परिसर को 10 जून 1942 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था यह कॉम्प्लेक्स ट्वेल्वर शिया इस्लाम की सबसे पवित्र जगहों में से एक है।
== गैलरी ==
<Gallery>
مسجد جامع عتیق I.jpg|गुंबद
Aramgah-e Shah-e Cheragh (20537751093).jpg|रात में शाह चिराग
Silver mirrored prayer hall (21138790726).jpg|परिसर में मस्जिद का प्रार्थना कक्ष
Shah Cheragh Holy Shrine. Shiraz-Iran 2.jpg|मकबरे में मीर मुहम्मद की कब्र
Iran 2007 095 Mausoleum of Shah E Cheragh (1732512164).jpg|परिसर के दक्षिण में रानी ताश खातून का मकबरा
</Gallery>
==सन्दर्भ==
<references/>
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द्रोणागिरि पर्वत
0
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चाहर धर्मेंद्र
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[[दूनागिरी]] को अनुप्रेषित
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wikitext
text/x-wiki
#पुनर्प्रेषित [[दूनागिरी]]
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लूत की पत्नी
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The Sorter
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"[[:en:Special:Redirect/revision/1354592021|Lot's wife]]" पृष्ठ का अनुवाद करके निर्मित किया गया
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक पात्र|name=लूत की पत्नी|image=[[File:Sodom Monreal.jpg|275px|]]|image_size=|caption=[[सदोम और अमोरा|सदोम]] का विनाश देखने के लिए लूत की पत्नी "नमक का खंबा" बन जाती है, जबकि उसके पति और बेटियाँ भागते हैं ([[मोनरेआले]] मोज़ेक)|alias=अदो|spouse=[[लूत]]|relatives=[[हारान]] (ससुर)<br>[[मिल्का]] (ननद)<br>[[यिस्का]] (ननद)<br>[[नाहोर, तेरह का पुत्र|नाहोर]] (चाचा ससुर)<br>[[इब्राहीम]] (चाचा ससुर)<br>[[सारा]] (चाची सास)<br>[[मोआब]] (नाता)<br>[[अम्मोन]] (नाता)|children=[[लूत की बेटियाँ|दो बेटियाँ]]|lbl21=जन्मस्थान|data21=[[कसदियों का ऊर]]|lbl22=मृत्युस्थान|data22=[[सदोम और अमोरा|सदोम]]}}[[बाइबिल|बाइबल]] में, '''लूत की पत्नी''' का पहला उल्लेख उत्पत्ति 19 में किया गया है। [[उत्पत्ति पुस्तक|उत्पत्ति की पुस्तक]] में वह परमेश्वर द्वारा [[सदोम और अमोरा|सदोम]] के विनाश के दौरान पीछे देखने के बाद नमक का खंबा बन गई। बाइबिल में उनका नाम नहीं है, पर कुछ यहूदी परंपराओं में उसका नाम '''अदो''' होता है। लूत की पत्नी का उल्लेख [[नया नियम|नए नियम]] में [[लूक़ा 17]]:32 में भी किया गया है।
== कहानी ==
उत्पत्ति 19 में साँझ को दो स्वर्गदूत [[सदोम और अमोरा|सदोम]] पहुँचे और लूत ने उन्हें रात बिताने के लिए अपने घर बुलाया। सदोम के लोग बहुत दुष्ट थे और उन्होंने लूत से इन पुरुषों/स्वर्गदूतों को भोग के लिए माँगा; इसके बजाय लूत ने अपनी दो बेटियों को दिया पर उन्होंने उन्हें इंकार कर दिया। सुबह में, स्वर्गदूतों ने लूत को अपने परिवार को लेने और भागने को कहा, ताकि वह सदोम के विनाश से बच पाए। जब वह सदोम के बाहर निकले उन्होंने कहा "अपना प्राण लेकर भाग जा; पीछे की ओर न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा।"<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.17.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:17|website=YouVersion}}</ref> भागते समय लूत की पत्नी ने पीछे मुड़कर सदोम को देखा, और वह नमक का खंबा बन गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.26.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:26|website=YouVersion}}</ref>
== संदर्भ ==
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[[श्रेणी:इब्राहीम का परिवार]]
[[श्रेणी:बाइबिल के अनाम पात्र]]
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अनुनाद सिंह
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[[बाइबिल|बाइबल]] में, '''लूत की पत्नी''' (Lot's wife) का पहला उल्लेख उत्पत्ति 19 में किया गया है। [[उत्पत्ति पुस्तक|उत्पत्ति की पुस्तक]] में वह परमेश्वर द्वारा [[सदोम और अमोरा|सदोम]] के विनाश के दौरान पीछे देखने के बाद नमक का खंबा बन गई। बाइबिल में उनका नाम नहीं है, पर कुछ यहूदी परंपराओं में उसका नाम '''अदो''' होता है। लूत की पत्नी का उल्लेख [[नया नियम|नए नियम]] में [[लूक़ा 17]]:32 में भी किया गया है।
== कहानी ==
उत्पत्ति 19 में साँझ को दो स्वर्गदूत [[सदोम और अमोरा|सदोम]] पहुँचे और लूत ने उन्हें रात बिताने के लिए अपने घर बुलाया। सदोम के लोग बहुत दुष्ट थे और उन्होंने लूत से इन पुरुषों/स्वर्गदूतों को भोग के लिए माँगा; इसके बजाय लूत ने अपनी दो बेटियों को दिया पर उन्होंने उन्हें इंकार कर दिया। सुबह में, स्वर्गदूतों ने लूत को अपने परिवार को लेने और भागने को कहा, ताकि वह सदोम के विनाश से बच पाए। जब वह सदोम के बाहर निकले उन्होंने कहा "अपना प्राण लेकर भाग जा; पीछे की ओर न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा।"<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.17.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:17|website=YouVersion}}</ref> भागते समय लूत की पत्नी ने पीछे मुड़कर सदोम को देखा, और वह नमक का खंबा बन गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/bible/1683/GEN.19.26.HINOVBSI|title=उत्पत्ति 19:26|website=YouVersion}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:इब्राहीम का परिवार]]
[[श्रेणी:बाइबिल के अनाम पात्र]]
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मीर बोज़ोर्ग का मकबरा
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नया पृष्ठ: '''मीर बोज़ोर्ग का मकबरा''' (फ़ारसी: مشهد میربزرگ), जिसे मीर बोज़ोर्ग मराशी मकबरा और मशहद मीर बोज़ोर्ग के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[माज़ंदरान प्रांत]] के अमोल में सब्ज़े मेदान स्क्व...
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text/x-wiki
'''मीर बोज़ोर्ग का मकबरा''' (फ़ारसी: مشهد میربزرگ), जिसे मीर बोज़ोर्ग मराशी मकबरा और मशहद मीर बोज़ोर्ग के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[माज़ंदरान प्रांत]] के अमोल में सब्ज़े मेदान स्क्वायर में स्थित एक मकबरा और इमामज़ादे परिसर है। यह मकबरा मराशियों के शासनकाल के संस्थापक क़वम अल-दीन मराशी को समर्पित है, जिन्हें मीर-ए बुज़ुर्ग के नाम से भी जाना जाता है।
इस मकबरे को 6 जनवरी 1932 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था और इसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है।
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'''मीर बोज़ोर्ग का मकबरा''' (फ़ारसी: مشهد میربزرگ), जिसे मीर बोज़ोर्ग मराशी मकबरा और मशहद मीर बोज़ोर्ग के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[माज़ंदरान प्रांत]] के अमोल में सब्ज़े मेदान स्क्वायर में स्थित एक मकबरा और इमामज़ादे परिसर है। यह मकबरा मराशियों के शासनकाल के संस्थापक क़वम अल-दीन मराशी को समर्पित है, जिन्हें मीर-ए बुज़ुर्ग के नाम से भी जाना जाता है।
इस मकबरे को 6 जनवरी 1932 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था और इसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है।
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'''मीर बोज़ोर्ग का मकबरा''' (फ़ारसी: مشهد میربزرگ), जिसे मीर बोज़ोर्ग मराशी मकबरा और मशहद मीर बोज़ोर्ग के नाम से भी जाना जाता है, [[ईरान]] के [[माज़ंदरान प्रांत]] के अमोल में सब्ज़े मेदान स्क्वायर में स्थित एक मकबरा और इमामज़ादे परिसर है। यह मकबरा मराशियों के शासनकाल के संस्थापक क़वम अल-दीन मराशी को समर्पित है, जिन्हें मीर-ए बुज़ुर्ग के नाम से भी जाना जाता है।
इस मकबरे को 6 जनवरी 1932 को ईरान की राष्ट्रीय विरासत सूची में जोड़ा गया था और इसे ईरान के सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पर्यटन संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है।
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शिवानन्द योग
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अनुनाद सिंह
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'''[[स्वामी शिवानन्द सरस्वती|शिवानन्द]] [[योग]]''' एक आध्यात्मिक योग प्रणाली है जिसका प्रवर्तन शिवानन्द और विष्णुदेवानन्द ने किया है। इसमें [[आसन]] का उपयोग सम्मिलित है। [[विष्णुदेवानन्द सरस्वती|विष्णुदेवानन्द]] ने इस योग प्रणाली का नाम अपने गुरु शिवानन्द के नाम पर रखा था। साथ ही उनके उपदेशों के प्रचार के लिए अन्तर्राष्ट्रीय शिवानन्द योग वेदान्त केंद्र का नाम भी उनके नाम पर ही रखा। [<ref name="Sivananda inspire" group="S">{{Cite web|url=https://inspire-sivananda.org/about-sivananda-yoga/|title=Sivananda Lineage and Vision|publisher=Inspirasï|archive-url=https://web.archive.org/web/20190512140835/https://inspire-sivananda.org/about-sivananda-yoga/|archive-date=12 May 2019|access-date=12 May 2019}}</ref>]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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'''शिवानन्द योग''' एक आध्यात्मिक योग प्रणाली है जिसका प्रवर्तन [[शिवानन्द]] और [[विष्णुदेवानन्द सरस्वती|विष्णुदेवानन्द]] ने किया है। इसमें [[आसन]] का उपयोग सम्मिलित है। विष्णुदेवानन्द सरस्वती ने इस योग प्रणाली का नाम अपने गुरु [[स्वामी शिवानन्द सरस्वती|शिवानन्द]] के नाम पर रखा था। साथ ही उनके उपदेशों के प्रचार के लिए अन्तर्राष्ट्रीय शिवानन्द योग वेदान्त केंद्र का नाम भी उनके नाम पर ही रखा। <ref>[https://inspire-sivananda.org/about-sivananda-yoga/ Sivananda Lineage and Vision]</ref>]
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'''शिवानन्द योग''' एक आध्यात्मिक योग प्रणाली है जिसका प्रवर्तन [[स्वामी शिवानन्द सरस्वती|शिवानन्द]] और [[विष्णुदेवानन्द सरस्वती|विष्णुदेवानन्द]] ने किया है। इसमें [[आसन]] का उपयोग सम्मिलित है। विष्णुदेवानन्द सरस्वती ने इस योग प्रणाली का नाम अपने गुरु शिवानन्द के नाम पर रखा था। साथ ही उनके उपदेशों के प्रचार के लिए '''अन्तर्राष्ट्रीय शिवानन्द योग वेदान्त केंद्र''' का नाम भी उनके नाम पर ही रखा। <ref>[https://inspire-sivananda.org/about-sivananda-yoga/ Sivananda Lineage and Vision]</ref>
==सन्दर्भ==
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== Career ==
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निलेश कुमार एक भारतीय खेल लेखक हैं। उन्होंने अमेरिकी कॉलेज फ़ुटबॉल और खेल संस्कृति से संबंधित विषयों पर लेख लिखे हैं। उनके लेख Sports Illustrated और Pro Football Network जैसे डिजिटल मंचों पर प्रकाशित हुए हैं।
== Career ==
Nilesh began his career as a sports content writer. In 2024, he joined Pro Football & Sports Network, where he covered [[MSN]] slideshows and articles.<ref>{{Cite web|url=https://www.profootballnetwork.com/author/nkumar/|title=Nilesh Kumar {{!}} Author at Pro Football & Sports Network|date=2025-04-14|language=en-US|access-date=2026-05-07}}</ref>
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निलेश कुमार एक भारतीय खेल लेखक हैं। उन्होंने अमेरिकी कॉलेज फ़ुटबॉल और खेल संस्कृति से संबंधित विषयों पर लेख लिखे हैं। उनके लेख Sports Illustrated और Pro Football Network जैसे डिजिटल मंचों पर प्रकाशित हुए हैं।
2025 में Sports Illustrated के एक लेख में उनका उल्लेख TCU Horned Frogs फ़ुटबॉल कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के संदर्भ में किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.si.com/college/tcu/football/a-tcu-football-fan-london-horned-frogs-worldwide|title=A TCU Football Fan in London Found the Horned Frogs From Half a World Away|date=2026-05-12|website=TCU Horned Frogs On SI|language=en-US|access-date=2026-05-17}}</ref>
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== Career ==
Nilesh began his career as a sports content writer. In 2024, he joined Pro Football & Sports Network, where he covered [[MSN]] slideshows and articles.<ref>{{Cite web|url=https://www.profootballnetwork.com/author/nkumar/|title=Nilesh Kumar {{!}} Author at Pro Football & Sports Network|date=2025-04-14|language=en-US|access-date=2026-05-07}}</ref>
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निलेश कुमार एक भारतीय खेल लेखक हैं। उन्होंने अमेरिकी कॉलेज फ़ुटबॉल और खेल संस्कृति से संबंधित विषयों पर लेख लिखे हैं। उनके लेख Sports Illustrated और Pro Football Network जैसे डिजिटल मंचों पर प्रकाशित हुए हैं।
2025 में Sports Illustrated के एक लेख में उनका उल्लेख TCU Horned Frogs फ़ुटबॉल कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के संदर्भ में किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.si.com/college/tcu/football/a-tcu-football-fan-london-horned-frogs-worldwide|title=A TCU Football Fan in London Found the Horned Frogs From Half a World Away|date=2026-05-12|website=TCU Horned Frogs On SI|language=en-US|access-date=2026-05-17}}</ref>
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निलेश कुमार एक [[भारतीय]] खेल लेखक हैं। उन्होंने [[अमेरिकी]] कॉलेज फ़ुटबॉल और खेल संस्कृति से संबंधित विषयों पर लेख लिखे हैं। उनके लेख Sports Illustrated और Pro Football Network जैसे डिजिटल मंचों पर प्रकाशित हुए हैं।
2025 में Sports Illustrated के एक लेख में उनका उल्लेख TCU Horned Frogs [[फुटबॉल|फ़ुटबॉल]] कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के संदर्भ में किया गया था।<ref>{{Cite web|url=https://www.si.com/college/tcu/football/a-tcu-football-fan-london-horned-frogs-worldwide|title=A TCU Football Fan in London Found the Horned Frogs From Half a World Away|date=2026-05-12|website=TCU Horned Frogs On SI|language=en-US|access-date=2026-05-17}}</ref>
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निलेश कुमार एक भारतीय खेल लेखक हैं। उन्होंने डिजिटल खेल मीडिया और अमेरिकी कॉलेज फ़ुटबॉल से संबंधित विषयों पर लेखन किया है।<ref>https://www.profootballnetwork.com/author/nkumar/</ref><ref>https://www.si.com/college/tcu/football/a-tcu-football-fan-london-horned-frogs-worldwide</ref>
== References ==
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पादप लक्षण विश्लेषण
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'''पादप लक्षण विश्लेषण''' ({{lang-en|Plant Phenotyping}}) पादप विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत किसी पौधे के शारीरिक, शरीरक्रियात्मक (physiological), जैव-रासायनिक एवं विकासात्मक गुणों का परिमाणात्मक मापन किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Fiorani|first=F.|last2=Schurr|first2=U.|year=2013|title=Future scenarios for plant phenotyping|journal=Annual Review of Plant Biology|volume=64|pages=267–291|doi=10.1146/annurev-arplant-050312-120137}}</ref> इसमें [[लक्षणप्ररूप]] (phenotype) को समझने हेतु [[जीनप्ररूप]] (genotype) तथा पर्यावरणीय कारकों के बीच अन्तःक्रिया का अध्ययन किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Tardieu|first=F.|last2=Cabrera-Bosquet|first2=L.|last3=Pridmore|first3=T.|last4=Bennett|first4=M.|year=2017|title=Plant Phenomics, From Sensors to Knowledge|journal=Current Biology|volume=27|issue=15|pages=R770–R783|doi=10.1016/j.cub.2017.05.055}}</ref>
[[लक्षणप्ररूप]] का अर्थ किसी जीव की वे समस्त प्रेक्षणीय विशेषताएँ हैं जो उसके [[जीन]] तथा [[पर्यावरण]] की संयुक्त अन्तःक्रिया से उत्पन्न होती हैं। पादप लक्षण विश्लेषण आधुनिक [[पादप प्रजनन]] (plant breeding), [[परिशुद्ध कृषि]] (precision agriculture) एवं [[खाद्य सुरक्षा]] की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण बन चुका है।<ref>{{cite journal|last=Araus|first=J.L.|last2=Cairns|first2=J.E.|year=2014|title=Field high-throughput phenotyping: the new crop breeding frontier|journal=Trends in Plant Science|volume=19|issue=1|pages=52–61|doi=10.1016/j.tplants.2013.09.008}}</ref>
== इतिहास ==
[[लक्षणप्ररूप]] और [[जीनप्ररूप]] की अवधारणाएँ सर्वप्रथम डेनिश पादप वैज्ञानिक '''विल्हेल्म योहानसेन''' (Wilhelm Johannsen) ने 1909 में प्रस्तुत कीं, जब उन्होंने स्व-परागण करने वाले सेम (bean) में बीज के आकार की आनुवंशिकता पर प्रयोग किए।<ref>{{cite book|title=Elemente der exakten Erblichkeitslehre|last=Johannsen|first=W.|publisher=Gustav Fischer|year=1909|location=Jena}}</ref> इससे पहले [[ग्रेगर मेंडल]] के आनुवंशिकता के प्रयोगों ने लक्षणों के वंशानुक्रमण का आधार तैयार किया था।
परम्परागत रूप से पादप लक्षणों का मापन हाथ से किया जाता था, जो अत्यन्त श्रम-साध्य, समय-साध्य और सीमित पैमाने तक ही संभव था।<ref>{{cite journal|last=Baret|first=F.|last2=Madec|first2=S.|last3=Irfan|first3=K.|year=2018|title=Potentialities of UAV multi-scale imageries for precision agriculture|journal=Precision Agriculture|volume=19|pages=383–396}}</ref> 20वीं सदी के उत्तरार्ध में [[डिजिटल इमेजिंग]], [[सुदूर संवेदन]] (remote sensing) एवं [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता]] जैसी तकनीकों के उभरने से पादप लक्षण विश्लेषण में क्रान्तिकारी परिवर्तन आया।
== परिभाषा और मूल अवधारणाएँ ==
=== लक्षणप्ररूप (Phenotype) ===
[[लक्षणप्ररूप]] किसी पौधे की वे समस्त प्रेक्षणीय विशेषताएँ हैं जो उसके [[जीनप्ररूप]] तथा पर्यावरणीय प्रभावों की अन्तःक्रिया से निर्धारित होती हैं। इसे निम्न सूत्र से व्यक्त किया जाता है:
: '''P = G + E + G×E'''
जहाँ P = लक्षणप्ररूप, G = जीनप्ररूप, E = पर्यावरण, G×E = जीनप्ररूप और पर्यावरण की अन्तःक्रिया।<ref>{{cite journal|last=Cooper|first=M.|last2=van Eeuwijk|first2=F.A.|last3=Hammer|first3=G.L.|year=2009|title=Modeling QTL for complex traits: detection and context for plant improvement|journal=Current Opinion in Plant Biology|volume=12|issue=2|pages=231–240|doi=10.1016/j.pbi.2009.01.006}}</ref>
=== पादप फिनोमिक्स (Plant Phenomics) ===
'''पादप फिनोमिक्स''' (Plant Phenomics) उस व्यापक अध्ययन क्षेत्र को कहते हैं जिसमें किसी पौधे के समस्त लक्षणप्ररूपों का उच्च-क्षमता (high-throughput) तकनीकों द्वारा व्यापक मापन किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Furbank|first=R.T.|last2=Tester|first2=M.|year=2011|title=Phenomics – technologies to relieve the phenotyping bottleneck|journal=Trends in Plant Science|volume=16|issue=12|pages=635–644|doi=10.1016/j.tplants.2011.09.005}}</ref> यह [[जीनोमिक्स]], [[ट्रांसक्रिप्टोमिक्स]] और [[प्रोटिओमिक्स]] जैसी अन्य '-omics' शाखाओं के साथ मिलकर पादप विज्ञान की समग्र समझ को संभव बनाता है।
== पादप लक्षणों का वर्गीकरण ==
पादप लक्षणों को मुख्यतः निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
=== आकारिकीय लक्षण (Morphological Traits) ===
* पौधे की ऊँचाई (plant height)
* पत्ती का क्षेत्रफल (leaf area index, LAI)
* शाखाओं की संख्या (branching)
* जड़ की लम्बाई एवं संरचना (root architecture)
* बीज का आकार एवं भार (seed size and weight)
=== शरीरक्रियात्मक लक्षण (Physiological Traits) ===
* प्रकाशसंश्लेषण दर (photosynthesis rate)
* रंध्र चालकता (stomatal conductance)
* जल उपयोग दक्षता (water use efficiency, WUE)
* क्लोरोफिल सामग्री (chlorophyll content)
* पुष्पन समय (flowering time)
=== जैव-रासायनिक लक्षण (Biochemical Traits) ===
* प्रोटीन एवं तेल सामग्री
* एंथोसायनिन एवं कैरोटीनॉयड
* द्वितीयक उपापचयज (secondary metabolites)
=== उत्पादन लक्षण (Yield-related Traits) ===
* दाने की उपज (grain yield)
* जैव-भार (biomass)
* फसल कटाई सूचकांक (harvest index)<ref>{{cite journal|last=Pieruschka|first=R.|last2=Schurr|first2=U.|year=2019|title=Plant Phenotyping: Past, Present, and Future|journal=Plant Phenomics|volume=2019|pages=7507131|doi=10.34133/2019/7507131}}</ref>
== मापन विधियाँ ==
=== परम्परागत विधियाँ ===
परम्परागत पादप लक्षण विश्लेषण में प्रशिक्षित वैज्ञानिकों द्वारा खेत में जाकर लक्षणों को हाथ से मापा जाता था। इसमें शामिल हैं:
* मीटर पट्टी से पौधे की ऊँचाई मापना
* पत्ती क्षेत्रमापी (leaf area meter) से LAI मापना
* [[SPAD मीटर]] से क्लोरोफिल मापना
* [[गैस विनिमय विश्लेषक]] (IRGA) से प्रकाशसंश्लेषण मापना
ये विधियाँ सटीक किन्तु श्रम-साध्य, धीमी एवं सीमित नमूना-आकार (sample size) तक ही व्यावहारिक हैं।<ref>{{cite journal|last=Walter|first=A.|last2=Liebisch|first2=F.|last3=Hund|first3=A.|year=2015|title=Plant phenotyping: from bean weighing to image analysis|journal=Plant Methods|volume=11|pages=14|doi=10.1186/s13007-015-0056-8}}</ref>
=== उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण (High-Throughput Phenotyping, HTP) ===
'''उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण''' (HTP) में उन्नत तकनीकों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर और तेज गति से पादप लक्षणों का मापन किया जाता है। यह आधुनिक [[पादप प्रजनन]] कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य हो गया है।<ref>{{cite journal|last=Borisjuk|first=L.|last2=Rolletschek|first2=H.|last3=Neuberger|first3=T.|year=2012|title=Surveying the plant's world by magnetic resonance imaging|journal=Plant Journal|volume=70|issue=1|pages=129–146|doi=10.1111/j.1365-313X.2012.04927.x}}</ref>
==== मानव-रहित हवाई यान (UAV) आधारित सुदूर संवेदन ====
[[मानव-रहित हवाई यान]] (Unmanned Aerial Vehicle, UAV) या ड्रोन पर विभिन्न प्रकार के संवेदक (sensor) लगाकर खेत में बड़े पैमाने पर फसलों का लक्षण विश्लेषण किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Xie|first=C.|last2=Yang|first2=C.|year=2020|title=A review on plant high-throughput phenotyping traits using UAV-based sensors|journal=Computers and Electronics in Agriculture|volume=178|pages=105731|doi=10.1016/j.compag.2020.105731}}</ref> UAV-आधारित HTP के प्रमुख लाभ हैं:
* वृहत क्षेत्र में तीव्र डेटा संग्रह
* गैर-विनाशकारी (non-destructive) मापन
* समय-श्रृंखला (time-series) डेटा संग्रह संभव
* उच्च स्थानिक विभेदन (spatial resolution)
==== छवि-आधारित विश्लेषण (Image-based Phenotyping) ====
* '''RGB कैमरा''' – दृश्यमान प्रकाश (लाल, हरे, नीले) में पौधे की संरचना, रंग एवं ऊँचाई मापन।
* '''बहुवर्णक्रमीय (Multispectral) कैमरा''' – विशिष्ट तरंगदैर्ध्य बैंडों (जैसे NIR, Red Edge) में चित्रण। [[वनस्पति सूचकांक]] (Vegetation Indices) जैसे [[NDVI]] (Normalized Difference Vegetation Index) का उपयोग क्लोरोफिल सामग्री एवं फसल स्वास्थ्य के मापन में होता है।<ref>{{cite journal|last=Tucker|first=C.J.|year=1979|title=Red and photographic infrared linear combinations for monitoring vegetation|journal=Remote Sensing of Environment|volume=8|issue=2|pages=127–150|doi=10.1016/0034-4257(79)90013-0}}</ref>
* '''अतिवर्णक्रमीय (Hyperspectral) कैमरा''' – सैकड़ों तरंगदैर्ध्य बैंडों में एक साथ चित्रण। जैव-रासायनिक लक्षणों जैसे क्लोरोफिल, नाइट्रोजन एवं जल सामग्री के मापन में उपयुक्त।
* '''तापीय (Thermal) कैमरा''' – पत्तियों के तापमान से रंध्र चालकता एवं जल-तनाव (water stress) का मापन।
* '''LiDAR''' (Light Detection and Ranging) – लेज़र पल्स से पौधे की 3D संरचना एवं छत्रक (canopy) की ऊँचाई मापना।<ref>{{cite journal|last=Madec|first=S.|last2=Jin|first2=X.|last3=Lu|first3=H.|year=2019|title=Ear density estimation from high resolution RGB imagery using deep learning technique|journal=Agricultural and Forest Meteorology|volume=264|pages=225–234|doi=10.1016/j.agrformet.2018.10.013}}</ref>
==== भूमि-आधारित प्लेटफ़ॉर्म (Ground-based Platforms) ====
* '''फ़ीनोमोबाइल (PhenoMobile)''' – खेत में चलने वाले रोबोटिक वाहन जो विभिन्न संवेदकों से लक्षण मापते हैं।
* '''ग्रीनहाउस फ़ीनोटाइपिंग प्लेटफ़ॉर्म''' – जैसे LemnaTec Scanalyzer, जहाँ नियंत्रित परिस्थितियों में पौधों का नियमित चित्रण होता है।
==== उपग्रह-आधारित सुदूर संवेदन ====
[[Sentinel-2]], [[Landsat]] एवं अन्य उपग्रहों द्वारा वृहत क्षेत्रीय स्तर पर फसलों के लक्षणों (जैसे LAI, NDVI) का समय-श्रृंखला विश्लेषण किया जाता है।<ref>{{cite journal|last=Jin|first=X.|last2=Kumar|first2=L.|last3=Li|first3=Z.|year=2018|title=A review of data assimilation of remote sensing and crop models|journal=European Journal of Agronomy|volume=92|pages=141–152|doi=10.1016/j.eja.2017.11.002}}</ref>
=== जड़ लक्षण विश्लेषण (Root Phenotyping) ===
जड़ की संरचना मृदा के नीचे होने के कारण उसका मापन चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए निम्न विधियाँ उपयोग में लाई जाती हैं:
* '''MRI (Magnetic Resonance Imaging)''' – जीवित पौधे की जड़ की 3D संरचना।
* '''X-ray CT (Computed Tomography)''' – मृदा-सहित जड़ की त्रिआयामी छवि।
* '''Rhizotron एवं मिनी-rhizotron''' – काँच के माध्यम से जड़ वृद्धि का प्रत्यक्ष अवलोकन।
* '''GrowScreen-Rhizo''' – अगर (agar) माध्यम में जड़ की छवि विश्लेषण।<ref>{{cite journal|last=Nagel|first=K.A.|last2=Kastenholz|first2=B.|last3=Jahnke|first3=S.|year=2009|title=Temperature responses of roots: impact on growth, root system architecture and implications for phenotyping|journal=Functional Plant Biology|volume=36|issue=11|pages=947–959|doi=10.1071/FP09correction}}</ref>
== डेटा विश्लेषण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता ==
=== कम्प्यूटर दृष्टि (Computer Vision) ===
पादप लक्षण विश्लेषण में [[कम्प्यूटर दृष्टि]] का व्यापक उपयोग होता है। इसके अन्तर्गत:
* '''छवि विभाजन (Image Segmentation)''' – पौधे को पृष्ठभूमि से अलग करना।
* '''वस्तु पहचान (Object Detection)''' – पत्तियों, फलों, रोगग्रस्त क्षेत्रों की पहचान।
* '''3D पुनर्निर्माण''' – Structure from Motion (SfM) द्वारा छत्रक की 3D संरचना।
=== मशीन लर्निंग एवं गहन अधिगम (Deep Learning) ===
[[कृत्रिम तंत्रिका जाल]] (Artificial Neural Network) आधारित तकनीकें, विशेषकर [[कॉन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क]] (CNN), पादप लक्षण विश्लेषण में व्यापक रूप से उपयोगी सिद्ध हुई हैं। ये तकनीकें रोग पहचान, उपज अनुमान, एवं जैव-मात्रा आकलन में उच्च सटीकता प्रदान करती हैं।<ref>{{cite journal|last=Pound|first=M.P.|last2=Atkinson|first2=J.A.|last3=Townsend|first3=A.J.|year=2017|title=Deep machine learning provides state-of-the-art performance in image-based plant phenotyping|journal=GigaScience|volume=6|issue=10|pages=1–10|doi=10.1093/gigascience/gix083}}</ref>
=== फसल मॉडलिंग (Crop Modelling) ===
पादप लक्षण विश्लेषण से प्राप्त डेटा को [[फसल विकास मॉडल]] (crop growth models) जैसे APSIM, DSSAT एवं CERES में समाहित किया जाता है। इससे भावी जलवायु परिस्थितियों में फसल उत्पादन के पूर्वानुमान लगाए जाते हैं।<ref>{{cite journal|last=Hammer|first=G.L.|last2=Cooper|first2=M.|last3=Tardieu|first3=F.|year=2006|title=Models for navigating biological complexity in breeding improved crop plants|journal=Trends in Plant Science|volume=11|issue=12|pages=587–593|doi=10.1016/j.tplants.2006.10.006}}</ref>
== पादप प्रजनन में अनुप्रयोग ==
पादप लक्षण विश्लेषण आधुनिक [[पादप प्रजनन]] के केन्द्र में है। इसके प्रमुख अनुप्रयोग हैं:
* '''जीनोम-व्यापी सहसम्बन्ध अध्ययन (GWAS)''' – लक्षणप्ररूपी डेटा को [[आनुवंशिक मानचित्रण]] (genetic mapping) से जोड़कर [[QTL]] (Quantitative Trait Loci) की पहचान।
* '''जीनोमिक चयन (Genomic Selection)''' – भावी जीनप्ररूपों के लक्षणप्ररूपी मूल्यों का पूर्वानुमान।
* '''पर्यावरण अनुकूलन (G×E Analysis)''' – विभिन्न पर्यावरणों में जीनप्ररूपों के प्रदर्शन का विश्लेषण।
* '''तनाव प्रतिरोध चयन''' – सूखा, लवणता एवं ताप-तनाव सहिष्णु किस्मों की पहचान।<ref>{{cite journal|last=Cobb|first=J.N.|last2=DeClerck|first2=G.|last3=Greenberg|first3=A.|year=2013|title=Next-generation phenotyping: requirements and strategies for enhancing our understanding of genotype–phenotype relationships and its relevance to crop improvement|journal=Theoretical and Applied Genetics|volume=126|pages=867–887|doi=10.1007/s00122-013-2066-0}}</ref>
== प्रमुख अनुसंधान संस्थाएँ एवं मंच ==
विश्व भर में पादप लक्षण विश्लेषण के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख संस्थाएँ:
* '''EMPHASIS''' (European Infrastructure for Multi-scale Plant Phenomics and Simulation) – यूरोप में पादप फिनोमिक्स का प्रमुख अवसंरचना नेटवर्क।
* '''IRGSP / IRRI''' – अन्तर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (International Rice Research Institute), जो चावल के लक्षण विश्लेषण में अग्रणी है।
* '''IPK गेटर्सलेबेन''' (Leibniz-Institut für Pflanzengenetik und Kulturpflanzenforschung) – जर्मनी में पादप आनुवंशिकी एवं फिनोटाइपिंग के अग्रदूत।
* '''Forschungszentrum Jülich''' – जर्मनी में पादप प्रणाली विज्ञान एवं HTP में अग्रणी।
* '''Wageningen University & Research''' – नीदरलैंड में पादप प्रजनन एवं फिनोटाइपिंग का विश्व-प्रसिद्ध केन्द्र।
* '''CIMMYT''' – मक्का एवं गेहूँ में HTP का व्यापक उपयोग।<ref>{{cite journal|last=Reynolds|first=M.|last2=Pask|first2=A.|last3=Mullan|first3=D.|year=2012|title=Physiological Breeding I: Interdisciplinary Approaches to Improve Crop Adaptation|journal=CIMMYT Technical Report}}</ref>
== भारत में पादप लक्षण विश्लेषण ==
[[भारत]] में पादप लक्षण विश्लेषण की दिशा में निम्नलिखित संस्थाएँ कार्य कर रही हैं:
* [[भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद]] (ICAR) के अन्तर्गत [[IARI]] (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) में UAV एवं इमेजिंग प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए जा रहे हैं।
* [[राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान]] (NIPGR), नई दिल्ली।
* [[अन्तर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबन्धीय फसल अनुसंधान संस्थान]] (ICRISAT), हैदराबाद – मूँगफली, चना एवं ज्वार में उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण।
* [[भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान]] (IIPR), कानपुर।
== चुनौतियाँ ==
पादप लक्षण विश्लेषण के क्षेत्र में निम्नलिखित प्रमुख चुनौतियाँ हैं:
# '''फिनोटाइपिंग अड़चन (Phenotyping Bottleneck)''' – जीनोटाइपिंग की तुलना में फिनोटाइपिंग अभी भी धीमी और महँगी है।<ref>{{cite journal|last=Furbank|first=R.T.|last2=Tester|first2=M.|year=2011|title=Phenomics – technologies to relieve the phenotyping bottleneck|journal=Trends in Plant Science|volume=16|issue=12|pages=635–644|doi=10.1016/j.tplants.2011.09.005}}</ref>
# '''डेटा प्रबन्धन''' – UAV एवं उच्च-क्षमता प्लेटफ़ॉर्म से विशाल मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है जिसके भण्डारण, प्रसंस्करण एवं विश्लेषण हेतु उन्नत संगणनात्मक संसाधन आवश्यक हैं।
# '''मानकीकरण''' – विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं देशों में मापन विधियों का मानकीकरण आवश्यक है।
# '''पर्यावरणीय परिवर्तनशीलता''' – खेत की परिस्थितियाँ (प्रकाश, तापमान, मृदा) लक्षणप्ररूपों को प्रभावित करती हैं।
# '''जड़ फिनोटाइपिंग''' – भूमिगत होने के कारण जड़ लक्षणों का मापन विशेष रूप से कठिन है।
== भविष्य की सम्भावनाएँ ==
* [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता]] एवं [[मशीन लर्निंग]] के उपयोग से पादप लक्षण विश्लेषण अधिक तीव्र और सटीक होगा।
* [[डिजिटल ट्विन]] (Digital Twin) तकनीक द्वारा पादपों के आभासी मॉडल बनाए जाएंगे।
* [[Internet of Things]] (IoT) आधारित संवेदक नेटवर्क से वास्तविक समय में फसलों की निगरानी सम्भव होगी।
* [[जलवायु परिवर्तन]] के परिप्रेक्ष्य में ताप-सहिष्णु एवं सूखा-प्रतिरोधी किस्मों के चयन में HTP की भूमिका और बढ़ेगी।<ref>{{cite journal|last=Araus|first=J.L.|last2=Kefauver|first2=S.C.|last3=Zaman-Allah|first3=M.|year=2018|title=Translating high-throughput phenotyping into genetic gain|journal=Trends in Plant Science|volume=23|issue=5|pages=451–466|doi=10.1016/j.tplants.2018.02.001}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[पादप विज्ञान]]
* [[पादप प्रजनन]]
* [[पादप आनुवंशिकी]]
* [[पादप शरीरक्रिया विज्ञान]]
* [[पादप आकारिकी]]
* [[लक्षणप्ररूप]]
* [[जीनप्ररूप]]
* [[सुदूर संवेदन]]
* [[परिशुद्ध कृषि]]
* [[जीनोमिक्स]]
* [[खाद्य सुरक्षा]]
* [[मानव-रहित हवाई यान]]
* [[कृत्रिम बुद्धिमत्ता]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://emphasis.plant-phenotyping.eu/ EMPHASIS – European Plant Phenotyping Network]
* [https://www.ipk-gatersleben.de/ IPK Gatersleben – Leibniz Institute of Plant Genetics]
* [https://www.irri.org/ IRRI – International Rice Research Institute]
* [https://www.cimmyt.org/ CIMMYT – International Maize and Wheat Improvement Center]
* [https://www.icar.org.in/ ICAR – Indian Council of Agricultural Research]
{{पादप विज्ञान}}{{जीव विज्ञान}}
962zzc4jn7s29bjfiig4k1dxmuxgvq4