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विकिपीडिया:चौपाल
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== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"[[इस्तांबुल]]" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य: संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, उल्लेखनीयता का मापदंड इसलिए बनाया गया था, कि यदि एक ही विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक दावेदार आ जाते हैं, तो इस नाम से उस विषय या व्यक्ति का लेख बनेगा जो अधिक उल्लेखनीय होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि विकिपीडिया के संदर्भ में एक phrase कई बार सामने आता है, जिसमें लिखा होता है, "sum of all knowledge""। कहने का तात्पर्य यह है कि उल्लेखनीयता के नाम पर तब तक कोई पृष्ठ नही हटाना चाहिए, जब तक उस विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक असंबंधित संभावनाएं न हों। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 'रमेश सिंह' के नाम से उद्धरण सहित लेख बना रहा है तो वह लेख रहने देना चाहिए, जब तक कि कोई उससे भी अधिक उल्लेखनीय 'रमेश सिंह' नाम के व्यक्ति पर उद्धरण सहित लेख बनाने का दावेदार नहीं आ जाता। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 31 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, बहुत अच्छा अर्थ निकाला है आपने। साथ में अपने तर्क के पक्ष में कोई स्रोत भी दे दीजियेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:39, 31 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[:en:Wikipedia:Notability]] की भूमिका में लिखा है - ''Information on Wikipedia must be'' '''verifiable'''''... Wikipedia's'' '''concept of notability applies this basic standard''' ''to avoid indiscriminate inclusion of topics... Determining notability does not necessarily depend on things such as fame, importance, or popularity''. -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:53, 31 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने इसके नीचे वाला भाग क्यों नहीं पढ़ा? यद्यपि वो उस विषय की स्वीकार्यता को बढ़ा सकते हैं जो नीचे बताए गए दिशानिर्देशों को पूरा करता हो। इसके बाद विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:04, 31 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::उसके नीचे भी पढ़ा है, वहां लिखा है कि यदि कोई सामग्री एक नया लेख बनाने के लिए उल्लेखनीय नहीं है, तो उस सामग्री को किसी अन्य संबंधित पृष्ठ में विलय कर देना चाहिए। यह सही भी है यदि वह सामग्री स्रोत/संदर्भ युक्त है तो। ऐसा भी देखा गया है कि राष्ट्रपति इत्यादि से अनेक उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति पर बना लेख उल्लेखनीयता के नाम पर हटा दिया गया परन्तु उसमें दर्ज संदर्भित सामग्री कहीं और संजोई नहीं गई, न ही लेखक को उसे दर्ज करने के लिए किसी अन्य पृष्ठ की ओर निर्देशित किया गया। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:16, 31 मार्च 2026 (UTC)
{{od|10}}@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से व्यक्ति उल्लेखनीय कैसे हो गया? विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में [[दीक्षान्त समारोह]] के समय डिग्री वितरण राष्ट्रपति या राज्यपाल के हाथों से करवाया जाता है। आपके अनुसार वो सभी लोग उल्लेखनीय हो गये? सम्बंधित लोगों के नामों की सूची सम्बंधित संस्थान के आधिकारिक जालस्थल पर मिल जायेगा जिसे आप विश्वसनीय स्रोत कह सकते हो। राष्ट्रपति के हाथों से मिला पुरस्कार इतना उल्लेखनीय होना चाहिए जो सम्बंधित व्यक्ति को किसी विशिष्ट कार्य के लिए मिला हो और उस कार्य के कारण व्यक्ति उल्लेखनीय हुआ हो, तो उसे उल्लेखनीय माना जाता है, न कि केवल राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने से। ऐसे समारोह राष्ट्रपति भवन में हमेशा होते हैं और उनके समाचार प्रतिदिन समाचार पत्रों में छपते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:08, 1 अप्रैल 2026 (UTC)
: उदाहरण के लिए, क्या इस ([[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]) पृष्ठ को हटाते समय, इसमें उपलब्ध संदर्भित जानकारी किसी अन्य पृष्ठ पर स्थानांतरित की गई? -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 01:49, 3 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
</div>
</div>
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=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
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=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
== Join the sixth Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia! ==
<div lang="en" dir="ltr">
[[File:Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia 2026.png|right|250px|thumb|link=https://meta.wikimedia.org/wiki/Ukraine%27s_Cultural_Diplomacy_Month_2026|Join our campaign!]]
{{int:please-translate}}
Dear Wikipedians!
[[:m:Special:MyLanguage/Wikimedia Ukraine|Wikimedia Ukraine]], in cooperation with the [[:en:Ministry of Foreign Affairs of Ukraine|MFA of Ukraine]] and [[:en:Ukrainian Institute|Ukrainian Institute]], has launched the sixth edition of writing challenge "'''[[:m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Ukraine's Cultural Diplomacy Month]]'''", which lasts from '''1st April''' until '''30th April 2026'''.
The initiative aims to promote knowledge about Ukrainian culture abroad by creating and improving Wikipedia articles in multiple languages. This year marks the sixth edition of the campaign, which will focus on contemporary culture, making today’s artistic voices and practices more visible to international audiences.
🧩'''How to participate?'''
Choose an article from the suggested list → Write an article in your language, or improve an existing one according to the rules → Add your contribution to the contest page and calculate your points → Win prizes and receive a certificate of participation → Become a promoter of truthful knowledge about Ukraine.
🧩'''[[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Check our main page for more information]]'''.
'''If you are interested in coordinating long-term community engagement for the campaign and becoming a local ambassador, we would love to hear from you! Please let us know your interest.'''
If not, then we encourage you to translate the [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|landing page of the contest]] and [https://meta.wikimedia.org/wiki/Special:MessageGroupStats?group=Centralnotice-tgroup-UCDM2026banner&messages=&language=en&x=D banner] into your own language.
Also, we set up a [[:m:CentralNotice/Request/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|banner]] to notify users of the possibility to participate in this challenge!
[[:m:User:OlesiaLukaniuk (WMUA)|OlesiaLukaniuk (WMUA)]] ([[:m:User talk:OlesiaLukaniuk (WMUA)|talk]]) 04:35, 1 April 2026 (UTC)
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:OlesiaLukaniuk_(WMUA)/list_of_wikis&oldid=28552112 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:OlesiaLukaniuk (WMUA)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== Action Required: Update templates/modules for electoral maps (Migrating from P1846 to P14226) ==
Hello everyone,
This is a notice regarding an ongoing data migration on Wikidata that may affect your election-related templates and Lua modules (such as <code>Module:Itemgroup/list</code>).
'''The Change:'''<br />
Currently, many templates pull electoral maps from Wikidata using the property [[:d:Property:P1846|P1846]], combined with the qualifier [[:d:Property:P180|P180]]: [[:d:Q19571328|Q19571328]].
We are migrating this data (across roughly 4,000 items) to a newly created, dedicated property: '''[[:d:Property:P14226|P14226]]'''.
'''What You Need To Do:'''<br />
To ensure your templates and infoboxes do not break or lose their maps, please update your local code to fetch data from [[:d:Property:P14226|P14226]] instead of the old [[:d:Property:P1846|P1846]] + [[:d:Property:P180|P180]] structure. A [[m:Wikidata/Property Migration: P1846 to P14226/List|list of pages]] was generated using Wikimedia Global Search.
'''Deadline:'''<br />
We are temporarily retaining the old data on [[:d:Property:P1846|P1846]] to allow for a smooth transition. However, to complete the data cleanup on Wikidata, the old [[:d:Property:P1846|P1846]] statements will be removed after '''May 1, 2026'''. Please update your modules and templates before this date to prevent any disruption to your wiki's election articles.
Let us know if you have any questions or need assistance with the query logic. Thank you for your help! [[User:ZI Jony|ZI Jony]] using [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 17:12, 3 अप्रैल 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29941252 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== Wikimedia Foundation की वार्षिक योजना की चर्चाओं में शामिल होने का आमंत्रण ==
नमस्ते,
मैं आप सभी को '''साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल''' के अप्रैल एडिशन में इनवाइट करना चाहता हूँ, जो विकिमीडिया फाउंडेशन की लीडरशिप के साथ उनके [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan/2026-2027 एनुअल प्लान (2026-2027)] पर चर्चा करेगा।
फ़ाउंडेशन की [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan वार्षिक योजना] एक उच्च-स्तरीय रोडमैप है, जिसमें यह बताया गया है कि संगठन आने वाले वर्ष में क्या हासिल करना चाहता है। इसमें न केवल फाउंडेशन के लक्ष्य, प्रगति और योजना शामिल है, बल्कि वैश्विक रुझानों का सारांश भी शामिल है जो हमारे मूवमेंट के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करते हैं।
इसलिए, अगला '[https://meta.wikimedia.org/wiki/South%20Asia%20Open%20Community%20Call साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल]' नीचे दी गई तारीखों/समय पर आयोजित कि जाएगी। कृपया इसे अपने कैलेंडर में नोट कर लें और [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 यहाँ साइन अप करें।]
Platform: Google Meet
Date: 17th April, 2026
Time: 1930-2045 IST (1400-1515 UTC)
[https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 Registration Link]
'''नोट:''' सिर्फ़ रजिस्टर्ड लोगों को ही जॉइनिंग लिंक मिलेगा।
कॉल पर आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा,
--[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 12:49, 6 अप्रैल 2026 (UTC)
== पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) अधिकार और नए सुरक्षा स्तर पर पुनर्विचार हेतु प्रस्ताव ==
सभी सदस्य महोदय,
मैं समुदाय का ध्यान पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) से जुड़ी [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख_48#केवल_स्वतः_परीक्षित_सदस्यों_द्वारा_स्थानांतरण|2017 की एक पुरानी चर्चा (पुरालेख 48)]] और नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। उस समय अनुचित स्थानांतरणों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि केवल 'स्वतः परीक्षित' (Autopatrolled), रोलबैकर या प्रबंधक स्तर के सदस्य ही पृष्ठों का स्थानांतरण कर सकेंगे।
उस समय की चर्चा में और फैब्रिकेटर (Phabricator) पर एक अन्य विकल्प (विकल्प 2) का भी सुझाव दिया गया था, जिसका उल्लेख आदरणीय @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी ने किया था: '''"एक नया सुरक्षा स्तर बना कर बर्बरता के शिकार पन्नों को इस स्तर पर सुरक्षित करने का।"'''
मेरा प्रस्ताव है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें अब इस विकल्प (नया स्थानांतरण सुरक्षा स्तर) को लागू करना चाहिए। मेरी रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
# '''सुरक्षित पृष्ठ:''' जिन पृष्ठों को अर्ध-सुरक्षा (Semi-protection) या पूर्ण सुरक्षा (Full protection) प्राप्त है या जो बर्बरता के प्रति अति-संवेदनशील हैं, उन्हें स्थानांतरित करने का अधिकार केवल 'स्वतः परीक्षित', रोलबैकर, पुनरीक्षक, प्रशासक या प्रबंधक स्तर के सदस्यों तक ही सीमित रहे।
# '''सामान्य पृष्ठ:''' जो पृष्ठ पूरी तरह से असुरक्षित और सामान्य हैं, उनका स्थानांतरण (नाम परिवर्तन) करने का अधिकार 'स्वतः स्थापित' (Autoconfirmed) सदस्यों को वापस दे दिया जाए (जैसा कि अंग्रेजी व अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर होता है)।
'''इस बदलाव की आवश्यकता क्यों है (ठोस आँकड़े)?'''
सक्रिय अधिकार-प्राप्त सदस्यों की भारी कमी के कारण, छोटे-छोटे और स्पष्ट स्थानांतरण कार्यों (जैसे वर्तनी सुधार) के लिए भी सक्रिय 'स्वतः स्थापित' सदस्यों को <code><nowiki>{{नाम बदलें}}</nowiki></code> का अनुरोध करना पड़ता है। इससे काम की गति धीमी होती है और प्रबंधकों पर भी अनावश्यक अनुरोधों का बोझ पड़ता है।
हाल ही में मैंने Quarry टूल के माध्यम से हिंदी विकिपीडिया के डेटाबेस का विश्लेषण किया (क्वेरी लिंक: [https://quarry.wmcloud.org/query/104224 Quarry Query: 104224])। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में दर्जनों ऐसे अधिकार-प्राप्त सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से हिंदी विकिपीडिया पर एक भी संपादन नहीं किया है। आप नीचे दी गई तालिका का विस्तार करके स्वयं देख सकते हैं:
{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची
! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (दिनांक)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018
|-
| autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018
|-
| rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019
|-
| autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020
|-
| autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020
|-
| autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020
|-
| autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021
|-
| autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021
|-
| rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021
|-
| autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021
|-
| autopatrolled || Navodian || 20-01-2022
|-
| autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022
|-
| autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022
|-
| autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022
|-
| autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023
|-
| autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023
|-
| autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023
|-
| autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023
|-
| autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023
|-
| autopatrolled || जैन || 02-11-2023
|-
| autopatrolled || Samee || 13-01-2024
|-
| autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 15-04-2024
|-
| rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024
|-
| autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024
|-
| autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024
|-
| rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024
|-
| autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024
|-
| autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024
|-
| autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024
|-
| autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025
|-
| autopatrolled || MKar || 23-03-2025
|-
| autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025
|-
| rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025
|-
| rollbacker || स || 20-05-2025
|-
| autopatrolled || स || 20-05-2025
|-
| rollbacker || Stang || 26-05-2025
|-
| autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025
|-
| rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025
|-
| rollbacker || PQR01 || 12-06-2025
|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025
|-
| rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025
|-
| rollbacker || Nadzik || 22-11-2025
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 23-12-2025
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026
|-
| autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 21-02-2026
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026
|-
| autopatrolled || नीलम || 09-03-2026
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 12-03-2026
|-
| rollbacker || Eihel || 13-03-2026
|-
| autopatrolled || Eihel || 13-03-2026
|-
| autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026
|-
| rollbacker || J ansari || 24-03-2026
|-
| autopatrolled || J ansari || 24-03-2026
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026
|-
| autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026
|-
| rollbacker || 1997kB || 29-03-2026
|-
| rollbacker || Saroj || 31-03-2026
|-
| autopatrolled || Ziv || 01-04-2026
|-
| rollbacker || TypeInfo || 02-04-2026
|-
| sysop || संजीव कुमार || 07-04-2026
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 08-04-2026
|-
| sysop || SM7 || 08-04-2026
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 09-04-2026
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 09-04-2026
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026
|-
| sysop || DreamRimmer || 09-04-2026
|-
| autopatrolled || अनुनाद सिंह || 09-04-2026
|-
| sysop || Sanjeev bot || 10-04-2026
|}
यदि हम यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू करते हैं, तो सक्रिय सदस्यों को काम करने में सहूलियत मिलेगी, विकिपीडिया का विकास तेज़ी से होगा, और प्रबंधकों का कीमती समय बचेगा।
कृपया इस प्रस्ताव पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करें ताकि हम इस सुधार को प्रबंधकों के माध्यम से लागू करवा सकें।
धन्यवाद। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:22, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मुझे आपका उद्देश्य समझ में नहीं आया। जो आवेदन अधूरे हैं उनमें से अधिकतर अधूरे होने का कारण प्रबन्धकों की सक्रियता नहीं बल्कि उचित स्रोत का न होना है। आप चाहते हो कि स्रोतों के अभाव में आवेदन करने वाले सदस्य मनमर्जी से स्थानान्तरण करते रहें? आपने जो उपरोक्त सूची दी है, क्या उनमें कोई सदस्य अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है? यदि हाँ तो सूचित करें। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:48, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय,
::'''1. मनमर्जी से स्थानांतरण:''' मेरा उद्देश्य इसे बढ़ावा देना बिल्कुल नहीं है। जैसा कि इस विषय पर पहले भी बताया गया था, यह प्रस्ताव केवल स्पष्ट वर्तनी और मात्रा की गलतियों को तुरंत सुधारने के लिए है। यदि कोई 'स्वतः स्थापित' सदस्य अनुचित स्थानांतरण करता है, तो उसे आसानी से पूर्ववत किया जा सकता है। साथ ही, संवेदनशील या विवादित पृष्ठों को नए 'स्थानांतरण सुरक्षा स्तर' से सुरक्षित रखा जा सकता है। या एक विकल्प यह भी है कि किसी भी सुरक्षित पृष्ठ पर स्थानांतरण करने के लिए नामांकन की आवश्यकता है|
::'''2. सूची का उद्देश्य:''' मेरा उद्देश्य किसी पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाना नहीं था। यह सूची केवल यह दर्शाने के लिए थी कि अधिकार-प्राप्त सक्रिय सदस्यों की संख्या वर्तमान में बहुत कम है। इस कारण, नाम सुधारने जैसे छोटे-छोटे कार्यों का पूरा बोझ आप जैसे चंद सक्रिय प्रबंधकों पर ही पड़ता है।
::मेरा यह प्रस्ताव केवल प्रबंधकों का कीमती समय बचाने और सुधारात्मक कार्यों को गति देने का एक तकनीकी सुझाव मात्र है। समुदाय का जो भी निर्णय होगा, वह मुझे सहर्ष स्वीकार है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:27, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
:::प्रबन्धकों के समय का निर्धारण आप कैसे कर सकते हैं? किसी प्रबन्धक ने आपको कहा है क्या कि हमारा समय पृष्ठ स्थानान्तरण में जा रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:36, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी नहीं महोदय [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 23:57, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
:::: [[:श्रेणी:स्थानान्तरण अनुरोध|बहुत से पृष्ठ]] स्थानांतरण हेतु लंबित पड़े हैं। इस सूची की लंबाई को देखने से आभास हो सकता है कि स्थानांतरण अधिकार प्राप्त सदस्यों के पास समय की कमी होगी। इसलिए [[सदस्य: AMAN KUMAR|विक्रम प्रताप]] का प्रस्ताव जायज़ है।[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:23, 11 मई 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय और अन्य सदस्यगण,
:संजीव जी, आपने ऊपर मेरी दी गई सूची पर प्रश्न उठाते हुए पूछा था कि ''"क्या उनमें कोई सदस्य अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है? यदि हाँ तो सूचित करें।"'' जी नहीं महोदय, वे अधिकारों का दुरुपयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे '''अधिकार निवृति की उस नीति''' के दायरे में आ चुके हैं, जिसे '''स्वयं आपने ही 2014 में प्रस्तावित और पारित करवाया था।'''
:मैं समुदाय का ध्यान [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 37#सदस्य अधिकारों का पुनः वितरण|अक्टूबर 2014 की उस चर्चा (सदस्य अधिकारों का पुनः वितरण)]] की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जहाँ संजीव जी ने स्वयं यह प्रस्ताव रखा था कि:<blockquote>''"यहाँ मैं यह प्रस्ताव रखना चाहता हूँ कि यह अधिकार रखने वाले सदस्यों के योगदान पिछले एक वर्ष में यदि २५ से भी कम रहते हैं तो उन्हें इस अधिकार से आदर-सहित निवृत किया जाये।"'' जिसे बाद में सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया और '''[[विकिपीडिया:स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन]]''' पृष्ठ की नीतियों में जोड़ा गया।</blockquote>मैंने जो अधिकार-प्राप्त सदस्यों की सूची साझा की थी, उसका एकमात्र उद्देश्य समुदाय को यह याद दिलाना था कि तकनीकी और नीतिगत रूप से दर्जनों सदस्य वर्षों से इस न्यूनतम योग्यता को खो चुके हैं।
:चूँकि एक तरफ अधिकार प्राप्त सदस्य भारी संख्या में निष्क्रिय हैं, और दूसरी तरफ बहुत से पृष्ठ स्थानांतरण हेतु लंबित पड़े हैं, इसलिए मेरा यह प्रस्ताव है कि: या तो सक्रिय सदस्यों को यह अधिकार देने की प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, या फिर पृष्ठ स्थानांतरण के लिए एक नया 'स्थानांतरण सुरक्षा स्तर' लागू किया जाए ताकि पेंडिंग काम जल्दी निपट सकें।
:समुदाय के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया इस नीतिगत सुधार के प्रस्ताव पर अपने विचार साझा करें। '''कृपया अपने समर्थन अथवा विरोध में एक पंक्ति की टिप्पणी जरूर लिखें जिससे आपके मत का महत्व समझा जा सके।'''
:आशा है समुदाय और प्रबंधकगण इस स्थापित नीति और वर्तमान आवश्यकता पर गौर करेंगे।[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:30, 17 मई 2026 (UTC)
==== समर्थन ====
* {{समर्थन}} – प्रस्तावक के रूप में। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:30, 17 मई 2026 (UTC)
==== विरोध ====
* '''प्रबल विरोध''': कृपया सदस्य अधिकार और स्थानान्तरण की चर्चा का मिश्रण न करें। मेरा अधिकार मुक्ति वाला प्रस्ताव रखने का कारण सम्भावित दुरुपयोग अथवा खाते का हैकिंग का शिकार होना था। जो सदस्य सक्रिय नहीं हैं, उन्हें समय-समय पर अधिकार मुक्त किया जाता है, अतः इन्हें भी अधिकार (उपकरण) मुक्त कर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त स्थानान्तरण के प्रस्तावों को देखते हुये आपने वो संख्या नहीं दी जो प्रबंधकों की अनुपलब्धता का शिकार हुये हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:10, 21 मई 2026 (UTC)
==== टिप्पणी ====
इसका कोड <syntaxhighlight lang="mysql">
SELECT
ug.ug_group AS 'अधिकार (Group)',
u.user_name AS 'सदस्य का नाम',
MAX(r.rev_timestamp) AS 'आखिरी संपादन (YYYYMMDD)'
FROM user u
JOIN user_groups ug ON u.user_id = ug.ug_user
JOIN actor a ON u.user_id = a.actor_user
JOIN revision_userindex r ON a.actor_id = r.rev_actor
WHERE ug.ug_group IN ('autopatrolled', 'rollbacker', 'editor', 'sysop', 'bureaucrat')
GROUP BY u.user_name, ug.ug_group
ORDER BY MAX(r.rev_timestamp) ASC;
</syntaxhighlight> तथा नई सूची निम्नवत है:
{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची
|-
! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (तारीख और समय)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016 15:24:17
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017 21:06:42
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017 11:43:07
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018 14:11:58
|-
| autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018 08:49:50
|-
| rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019 09:15:19
|-
| autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020 17:57:10
|-
| autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020 15:14:57
|-
| autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020 19:40:54
|-
| autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021 04:32:05
|-
| rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021 11:27:25
|-
| autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021 11:27:25
|-
| autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021 11:22:41
|-
| autopatrolled || Navodian || 20-01-2022 09:44:35
|-
| autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022 15:14:50
|-
| autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022 05:34:19
|-
| autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022 02:04:30
|-
| autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023 02:02:45
|-
| autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023 13:04:24
|-
| autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023 16:26:08
|-
| autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023 08:30:24
|-
| autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023 00:07:50
|-
| autopatrolled || जैन || 02-11-2023 17:08:39
|-
| autopatrolled || Samee || 13-01-2024 10:39:51
|-
| autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024 09:23:34
|-
| autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 09:50:42
|-
| rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 09:50:42
|-
| autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 18:24:09
|-
| rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 18:24:09
|-
| autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024 12:26:10
|-
| autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024 07:06:54
|-
| autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024 05:06:05
|-
| autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025 15:59:05
|-
| autopatrolled || MKar || 23-03-2025 17:21:30
|-
| rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025 16:18:21
|-
| autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025 16:18:21
|-
| rollbacker || स || 20-05-2025 17:14:23
|-
| autopatrolled || स || 20-05-2025 17:14:23
|-
| rollbacker || Stang || 26-05-2025 07:35:15
|-
| rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025 06:40:13
|-
| autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025 06:40:13
|-
| rollbacker || PQR01 || 12-06-2025 05:47:19
|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025 19:37:46
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025 15:18:35
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025 20:10:59
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025 15:13:28
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025 11:39:34
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025 11:39:34
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025 01:57:05
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025 15:08:19
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025 12:53:31
|-
| rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025 03:44:24
|-
| rollbacker || Nadzik || 22-11-2025 19:09:55
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025 15:02:23
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025 11:19:22
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 13:51:19
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 13:51:19
|-
| autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026 17:59:22
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026 19:15:09
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026 19:15:09
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026 16:26:17
|-
| rollbacker || Eihel || 13-03-2026 13:30:30
|-
| autopatrolled || Eihel || 13-03-2026 13:30:30
|-
| autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026 13:17:10
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026 19:53:05
|-
| autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026 06:33:50
|-
| rollbacker || 1997kB || 29-03-2026 06:33:50
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026 13:52:15
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 14-04-2026 12:16:40
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 14-04-2026 13:02:22
|-
| autopatrolled || नीलम || 22-04-2026 11:42:50
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 05-05-2026 11:27:30
|-
| autopatrolled || Ziv || 06-05-2026 02:52:45
|-
| rollbacker || J ansari || 09-05-2026 15:51:16
|-
| autopatrolled || J ansari || 09-05-2026 15:51:16
|-
| rollbacker || TypeInfo || 11-05-2026 15:12:23
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 13-05-2026 09:24:04
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 13-05-2026 12:06:54
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 15-05-2026 09:12:23
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 15-05-2026 09:12:23
|-
| sysop || SM7 || 16-05-2026 04:04:05
|-
| sysop || संजीव कुमार || 16-05-2026 05:44:59
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 16-05-2026 07:29:01
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 16-05-2026 13:07:13
|-
| sysop || DreamRimmer || 16-05-2026 14:48:15
|-
| sysop || Sanjeev bot || 17-05-2026 00:01:04
|-
| rollbacker || Saroj || 17-05-2026 08:56:02
|-
| autopatrolled || चाहर धर्मेंद्र || 17-05-2026 08:58:37
|}
[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:43, 17 मई 2026 (UTC)
: प्रयुक्त कोड <syntaxhighlight lang="mysql" line="1">
WITH TargetUsers AS (
-- लक्षित अधिकारों वाले सदस्यों और उनकी आईडी का चयन
SELECT u.user_id, u.user_name, ug.ug_group, a.actor_id
FROM user u
JOIN user_groups ug ON u.user_id = ug.ug_user
JOIN actor a ON u.user_id = a.actor_user
WHERE ug.ug_group IN ('autopatrolled', 'rollbacker', 'editor', 'sysop', 'bureaucrat')
),
NumberedEdits AS (
-- प्रत्येक संपादन को नंबर देना और पिछले 1 वर्ष (365 दिन) के कुल संपादनों की गणना करना
SELECT
tu.ug_group,
tu.user_name,
r.rev_timestamp,
ROW_NUMBER() OVER(PARTITION BY tu.user_name, tu.ug_group ORDER BY r.rev_timestamp DESC) as rn,
COUNT(CASE WHEN r.rev_timestamp >= DATE_FORMAT(NOW() - INTERVAL 1 YEAR, '%Y%m%d%H%i%s') THEN 1 END) OVER(PARTITION BY tu.user_name, tu.ug_group) as edits_last_year
FROM TargetUsers tu
JOIN revision_userindex r ON tu.actor_id = r.rev_actor
)
-- अंतिम परिणाम: 25वाँ संपादन और पिछले 1 साल के संपादनों की कुल संख्या
SELECT
ug_group AS 'अधिकार (Group)',
user_name AS 'सदस्य का नाम',
MAX(edits_last_year) AS 'पिछले 1 साल में संपादन',
MAX(CASE WHEN rn = 1 THEN rev_timestamp END) AS 'आखिरी संपादन (Latest)',
MAX(CASE WHEN rn = 25 THEN rev_timestamp END) AS '25वाँ संपादन (25th Edit)'
FROM NumberedEdits
WHERE rn <= 25
GROUP BY ug_group, user_name
ORDER BY MAX(CASE WHEN rn = 1 THEN rev_timestamp END) ASC;
</syntaxhighlight> जांच करें [https://quarry.wmcloud.org/query/105358 यहां पर]
:{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों की संपादन सक्रियता सूची (नवीन)
|-
! अधिकार(Group) !! सदस्य का नाम !! पिछले 1 साल में संपादन !! आखिरी संपादन (Latest) !! 25वाँ संपादन (25th Edit)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 0 || 20-10-2016 15:24:17 || 25-08-2016 12:17:10
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 0 || 05-10-2017 21:06:42 || 13-08-2016 14:49:34
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 0 || 22-10-2017 11:43:07 || 07-10-2017 11:55:41
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 0 || 02-09-2018 14:11:58 || 31-08-2018 10:45:38
|-
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|-
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|-
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| autopatrolled || ArmouredCyborg || 0 || 15-05-2025 16:18:21 || 09-03-2025 15:47:05
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|-
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|-
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|-
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|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 1 || 26-06-2025 19:37:46 || 10-05-2018 17:33:09
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 5 || 03-07-2025 15:18:35 || 31-05-2023 01:00:53
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13 || 13-07-2025 20:10:59 || 05-04-2023 19:17:20
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 4 || 19-07-2025 15:13:28 || 23-07-2021 06:53:36
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 48 || 21-07-2025 11:39:34 || 30-05-2025 07:30:59
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 48 || 21-07-2025 11:39:34 || 30-05-2025 07:30:59
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 13 || 03-08-2025 01:57:05 || 17-08-2024 11:27:38
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 28 || 06-10-2025 15:08:19 || 28-09-2025 13:57:34
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 535 || 29-10-2025 12:53:31 || 14-10-2025 08:45:33
|-
| rollbacker || राजकुमार || 2 || 01-11-2025 03:44:24 || 17-01-2025 14:11:32
|-
| rollbacker || Nadzik || 2 || 22-11-2025 19:09:55 || 16-08-2024 14:03:07
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 13 || 15-12-2025 15:02:23 || 20-05-2024 09:10:07
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 8 || 22-12-2025 11:19:22 || 17-04-2024 07:25:07
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 42 || 15-01-2026 13:51:19 || 01-09-2025 05:45:34
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 42 || 15-01-2026 13:51:19 || 01-09-2025 05:45:34
|-
| autopatrolled || कलमकार || 221 || 12-02-2026 17:59:22 || 08-02-2026 14:49:24
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 245 || 22-02-2026 19:15:09 || 21-11-2025 11:55:01
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 245 || 22-02-2026 19:15:09 || 21-11-2025 11:55:01
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 41 || 10-03-2026 16:26:17 || 06-03-2026 13:09:20
|-
| autopatrolled || Eihel || 22 || 13-03-2026 13:30:30 || 26-02-2025 07:08:02
|-
| rollbacker || Eihel || 22 || 13-03-2026 13:30:30 || 26-02-2025 07:08:02
|-
| autopatrolled || Utcursch || 4 || 17-03-2026 13:17:10 || 22-06-2023 15:54:15
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 2 || 27-03-2026 19:53:05 || 17-09-2018 18:11:14
|-
| autopatrolled || 1997kB || 5 || 29-03-2026 06:33:50 || 22-04-2025 05:06:49
|-
| rollbacker || 1997kB || 5 || 29-03-2026 06:33:50 || 22-04-2025 05:06:49
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 91 || 07-04-2026 13:52:15 || 08-10-2025 11:36:07
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 22 || 14-04-2026 12:16:40 || 15-04-2024 11:33:22
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 207 || 14-04-2026 13:02:22 || 14-04-2026 08:08:34
|-
| autopatrolled || नीलम || 613 || 22-04-2026 11:42:50 || 14-04-2026 10:42:05
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 25 || 05-05-2026 11:27:30 || 01-12-2025 04:43:01
|-
| autopatrolled || Ziv || 249 || 06-05-2026 02:52:45 || 18-02-2026 09:33:59
|-
| rollbacker || TypeInfo || 157 || 11-05-2026 15:12:23 || 02-02-2026 16:06:43
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 785 || 13-05-2026 09:24:04 || 08-05-2026 10:31:55
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 870 || 13-05-2026 12:06:54 || 06-02-2026 18:24:00
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 145 || 15-05-2026 09:12:23 || 17-04-2026 13:10:54
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 145 || 15-05-2026 09:12:23 || 17-04-2026 13:10:54
|-
| sysop || SM7 || 1153 || 16-05-2026 04:04:05 || 10-05-2026 18:48:18
|-
| sysop || संजीव कुमार || 3282 || 16-05-2026 05:44:59 || 13-05-2026 06:14:11
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 482 || 16-05-2026 07:29:01 || 07-05-2026 02:53:55
|-
| sysop || DreamRimmer || 1402 || 16-05-2026 14:48:15 || 05-05-2026 04:28:01
|-
| rollbacker || Saroj || 161 || 17-05-2026 08:56:02 || 31-03-2026 07:31:45
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 1127 || 17-05-2026 19:59:13 || 09-05-2026 14:20:03
|-
| sysop || Sanjeev bot || 17341 || 18-05-2026 00:02:38 || 15-05-2026 00:00:19
|-
| autopatrolled || J ansari || 267 || 18-05-2026 14:30:49 || 08-05-2026 16:51:44
|-
| rollbacker || J ansari || 267 || 18-05-2026 14:30:49 || 08-05-2026 16:51:44
|-
| autopatrolled || चाहर धर्मेंद्र || 2637 || 18-05-2026 18:37:20 || 17-05-2026 18:38:11
|}
[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 00:14, 19 मई 2026 (UTC)
:'''पिछले 1 साल में संपादन''' की गणना 19 मई 2025 - 2026 पर की गई है [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:22, 19 मई 2026 (UTC)
==आप सभी से विनम्र निवेदन है कि==
मेरे [[विकिपीडिया:स्वतः_परीक्षित_अधिकार_हेतु_निवेदन#चाहर_धर्मेंद्र|इस]] निवेदन के संबंध में आपके विचार मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृपया अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस पर अपना मत अवश्य साझा करें। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:34, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
नमस्कार! मैं आपसे [[मॉड्यूल:Lang/data]] पर एक संपादन करने का अनुरोध करता हूँ।
["hbo"] = "Biblical Hebrew" ===> ["hbo"] = "बाइबिली इब्रानी"
[[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:28, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:56, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद! [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 09:51, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
== रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु ==
<div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;">
नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे।
मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है।
चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा।
'''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]]
सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद!
सादर,<br>
[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:44, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
==अंतिम कुछ दिन: विकि सम्मेलन भारत 2026 छात्रवृत्ति आवेदन==
प्रिय विकिमीडिया समुदाय सदस्य,
हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि '''[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|विकि सम्मेलन भारत 2026]]''' के लिए छात्रवृत्ति आवेदन वर्तमान में खुले हैं, और अंतिम तिथि अब बहुत निकट है।
विकि सम्मेलन भारत 2026 इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का चौथा संस्करण है, जो भारत और दक्षिण एशिया में इंडिक भाषाओं के विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स तथा मुक्त ज्ञान आंदोलन से जुड़े विकिमीडियनों और हितधारकों को एक साथ लाता है। यह सम्मेलन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में आयोजित किया जाएगा।
* आप अधिक जानकारी और [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|आवेदन फॉर्म Meta-Wiki पर उपलब्ध]] छात्रवृत्ति पृष्ठ पर प्राप्त कर सकते हैं।
* छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे (IST)
अब जबकि केवल कुछ ही दिन शेष हैं, हम आपको आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है। साथ ही, कृपया इस अवसर को अपने समुदाय में साझा करें और अन्य लोगों को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।
अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, कृपया सम्मेलन के Meta पृष्ठ पर जाएँ।
सादर,
<br>
विकि सम्मेलन भारत 2026 आयोजन टीम की ओर से
<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 23:38, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
== फॉण्ट ==
हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ दिनों से लैटिन लिपि के लिए जो फॉण्ट है, वे [[:hak:Hakkapedia|Hakkapedia]] एवं [[:nan:Pang-chān:Holopedia|Holopedia]] के फॉण्ट की तरह दिख रहा है। क्या default फॉण्ट को बदल दिया गया है? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) {{Font color|grey|११:२५, १२ अप्रैल २०२६ (IST)}}
== Lua त्रुटि ==
मॉड्यूल:Designation/lookup को बनाने में मुझे "Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'." त्रुटि मिलती है। कृपया उस पृष्ठ का निर्माण करें।
कोड अंग्रेज़ी विकिपीडिया से लिया गया है (Module:Designation/lookup) [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 08:04, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:24, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
== "यहया" नामक दो लेख? ==
दोनों [[याह्या (पैग़म्बर)|John the Baptist]] और [[यहया (इस्लाम)|Yahya]] के लेखों के नाम "यहया" क्यों है? केवल इस्लाम में उस व्यक्ति का नाम '''यहया''' होता है। ईसाई धर्म में उनहें '''यूहन्ना बपतिस्मा दाता''' के नाम से जाना जाता है। कृपया इस समस्या पर गौर करें। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 11:24, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
== Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026 - Call for Applications ==
The [[m:Indic MediaWiki Developers User Group|Indic MediaWiki Developers User Group]] is pleased to announce the upcoming [[m:Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026|Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026]], scheduled to take place in Hyderabad from 26 - 28 June 2026 (with 25 June as Day 0), in collaboration with the [[m:IIITH-OKI|IIITH-OKI]] and [https://www.osdg.in/ OSDG] club at [[w: International Institute of Information Technology, Hyderabad|International Institute of Information Technology, Hyderabad]].
Wikimedia hackathons are spaces for developers, designers, content editors, and other community stakeholders to collaborate on building technical solutions that help improve tools, workflows, and overall user experience across Wikimedia projects.
'''The hackathon is intended for:'''
* Technical contributors active in the Wikimedia technical ecosystem, including developers, maintainers (admins/interface admins), translators, designers, researchers, documentation writers, etc.
* Content contributors having an in-depth understanding of technical issues in their home Wikimedia projects like Wikipedia, Wikisource, Wiktionary, etc.
* Contributors from other FOSS communities or those who have participated in Wikimedia events in the past and would like to begin contributing to Wikimedia technical spaces.
Participants may work on curated hackathon tasks and are also encouraged to propose their own ideas, supported by a clear problem statement and a proposed approach.
To encourage participation and support promising contributions, scholarships will be provided to support participants’ related expenses.
'''Apply here:'''
* Scholarship application form (Deadline: 2 May 2026): [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSej8JvGsvQ7mYmkXdUDriMrKNPajCqH4e3clEct_GnmA1HZ3g/viewform Google form]
'''More information:'''
We encourage interested contributors to apply and participate. Further updates, including program details and venue, will be shared on the Meta page.
* Meta page: [[m:Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026|Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026]]
If you have any questions, concerns, or need support with the application, please reach out via the Meta-Wiki talk page or email at contact@indicmediawikidev.org.
Best Regards,
On behalf of Indic Mediawiki Developers User Group
== सत्य ==
सत्य आत्मा का स्वाभाविक गुण है। सत्याचरण के बिना आत्मिक शुद्धि असम्भव है। इस कारण सत्य से शौच का मार्ग प्रशस्त होता है।
सत्य को अंगीकार किये बिना आत्मा का उद्धार असम्भव है। इसी कारण कहा गया है कि आत्मार्थी साधक को परिमित, असंदिग्ध, परिपूर्ण, स्पष्ट, अनुभूत, वाचालतारहित, तथा किसी को भी उद्विग्न न करनेवाली वाणी बोलनी चाहिए। चुभे हुए लौह कंटक का दुःख घड़ी दो घड़ी का होता है। वह काँटा निकालने पर सरलता से दूर हो जाता है। दुर्वचनों का काँटा एक बार चुभ जाने पर सरलता से नहीं निकलता। इस कारण सत्य प्रिय एवं हितकारी होना चाहिए। केवल तथ्य-परकता ही सत्यता नहीं है। इसके साथ व्यक्ति की मानसिकता का जुड़ाव है। इसी कारण क्रोध, मान, माया, लोभ, द्वेष, दम्भ, कल्पित व्याख्या तथा हिंसा का आश्रय लेकर जो भाषा बोली जाती है, वह असत्य भाषा कहलाती है। सत्य अहिंसा का रक्षक है। इसलिए सत्य में दूसरे प्राणी की हित-आंकाक्षा का तत्व जुड़ा रहता है। सत्य आत्मा का धर्म है। आत्मा का स्वभाव सत्य है। इस कारण ‘अहिंसा निरपेक्ष यथातथ्य प्रकाशन’ सत्य नहीं माना जा सकता।
सत्य का विरोधी भाव झूठ बोलना तथा मिथ्या व्यवहार करना है। झूठ बोलना तथा किसी सद् वस्तु के स्वरूप, स्थान, काल आदि के सम्बन्ध में मिथ्या बोलकर, उसे असत् बतलाना - ये दोनों ही प्रकार असत्य वचन के द्योतक हैं। किसी वस्तु के यथार्थ स्वरूप को छिपाकर झूठ बोलना ही सामान्यतः सत्य का विरोधी माना जाता है। मानसिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अप्रिय, अहितकारी एवं पर-पीड़क वचन बोलना भी असत्य है। [[विशेष:योगदान/~2026-24320-85|~2026-24320-85]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-24320-85|वार्ता]]) 08:51, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
== साँचा:स्टेटस भाषा ==
मैं <span style="font-family:'Kalimati', 'Arial', serif;"> [[साँचा:स्टेटस भाषा]] </span> का निर्माण करके वाला हूँ, जो [[बाली विकिपीडिया]] के [[:ban:Mal:Status basa|ᬫᬮ᭄:ᬲ᭄ᬢᬢᬸᬲ᭄ᬩᬲ]] की तरह होगा। इसे [[साँचा:Infobox language|ज्ञानदूसक भाषा]] पर लागु करने के बाद, हमें भाषा का यूनेस्को वर्गीकरण करना बहुत सरल हो जाएगा एवं वे interface भी अच्छा लगेगा। [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) 10:42, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:ङघिञ|ङघिञ]] जी नमस्ते। साँचा का वार्ता पृष्ठ देख लें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:06, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
== यूक्रेन सांस्कृतिक कूटनीति संपादनोत्सव में भाग लें ==
नमस्ते, 'यूक्रेन सांस्कृतिक कूटनीति माह 2026' की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए 22 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 से अपराह्न 1 बजे तक नई दिल्ली (भारत) स्थित युक्रेन दूतावास में एक विशेष संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के विकिपीडिया प्रोजेक्ट्स पर यूक्रेन की संस्कृति से संबंधित जानकारी को समृद्ध करना और उसमें सुधार करना है।
इस कार्यक्रम में आप ऑनलाइन जूम मीटिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं।
* समय: बुधवार, 22 अप्रैल 2026 | सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक (IST)
* ज़ूम मीटिंग लिंक: [https://zoom.us/j/98031157656?pwd=BUHOGF5D4Qg8YnqQrEdFx3TyXrvKDO.1 ऑनलाइन जुड़ें]
* मीटिंग आईडी: 980 3115 7656
* पासकोड: 716372
* आयोजन का मेटा पृष्ठ: [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|w.wiki/LyML]]
इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय भाषाओं में मुक्त ज्ञान के प्रसार में अपना योगदान दें। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 22:59, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
== आगामी कार्यक्रम ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की सूची:
# जून- विकिपीडिया सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव (१ जून से 30 जून)
# जुलाई- विकिस्रोत सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव (१ से 15 जुलाई)
# अगस्त- हिंदी विकि सम्मेलन (7-9 अगस्त)
-संपर्क सूत्र--[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:40, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 ==
:मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप के द्वारा प्रस्तावित [[विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]] को विकिमीडिया के कॉन्फ्रेंस ग्रांट कमिटी द्वारा मंजूरी मिल गई है। 7-9 अगस्त 2026 को होने वाली हिंदी विकि समुदाय की यह बैठक 2020 के बाद पहली बार हो रही है। नई दिल्ली में आयोजित इस
बैठक में शामिल होने के लिए सहायता वृत्ति (स्कॉलरशिप) का आवेदन पत्र 1 मई से 20 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। आयोजन संबंधी सूचनाएं सम्मेलन के लिए निर्मित विकिपीडिया पृष्ठ पर उपलब्ध होगी तथा संक्षिप्त सूचना चौपाल पर भी उपलब्ध होगी। 6 वर्ष बाद हो रहे सामुदायिक मिलन के इस प्रयास में सभी हिंदी विकि संपादकों के सहयोग की अपेक्षा है।- संपर्क सूत्र--[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:41, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
== Request for comment (global AI policy) ==
<bdi lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
Apologies for writing in English. {{int:Please-translate}}
A [[:m:Requests for comment/Artificial intelligence policy|request for comment]] is currently being held to decide on a global AI policy. {{int:Feedback-thanks-title}}
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 00:57, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
</bdi>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30424282 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Codename Noreste@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
==श्रेष्ठ लेख नामांकन==
मैंने ‘[[राष्ट्रीय उद्यान]]’ लेख को [[विकिपीडिया:श्रेष्ठ लेख नामांकन|श्रेष्ठ लेख हेतु]] नामांकित किया है। आप सभी से अनुरोध है कि कृपया समय निकालकर लेख का अवलोकन करें तथा अपने सुझाव एवं मत साझा करें।<span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 02:37, 27 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६ छात्रवृत्ति सूचना ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा 8-9 अगस्त 2026 को आयोजित [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]] में शामिल होने के लिए 10 राष्टरीय तथा 10 स्थानीय स्तर की छात्रवृत्ती प्रदान की जाएगी। इसे प्राप्त करने के लिए हिंदी विकि संपादक सदस्य [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfLBdfmW4zvXCRbz-qjzQrxT2cX2pCilcnOvK73Dhu0wc7gow/viewform?usp=header हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 प्रतिभागिता वृत्ति प्रपत्र] 20 मई तक जरूर भरें। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:09, 1 मई 2026 (UTC)
== The Indian lenin babu jagdeo ==
हिन्दी फीचर फ़िल्म बिहार लेनिन जगदेव प्रसाद पर प्रेम कुमार विद्यार्थी के निर्देशन में बनी है. [[सदस्य:Pkvidharthi|Pkvidharthi]] ([[सदस्य वार्ता:Pkvidharthi|वार्ता]]) 19:20, 4 मई 2026 (UTC)
== बाबू जगदेव प्रसाद ==
पुस्तक के लेखक प्रेम कुमार विद्यार्थी [[सदस्य:Pkvidharthi|Pkvidharthi]] ([[सदस्य वार्ता:Pkvidharthi|वार्ता]]) 19:21, 4 मई 2026 (UTC)
== अंग्रेज़ी शीर्षक ==
एक लेख [[गोल्डन काफ़ (सोने का बछड़ा)]] का शीर्षक बेवजह दोनों अंग्रेज़ी और हिन्दी में है। कृपया इसे केवल "सोने का बछड़ा" में बदलें। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 13:41, 7 मई 2026 (UTC)
:केवल शीर्षक ही नहीं यह पूरा लेख ही खराब मशीनी अनुवाद का उदाहरण है। इसलिए केवल लेख का नाम बदलना पर्याप्त नहीं है। इसे फिर से बनाने की जरूरत है। वर्तमान रूप में इसे मिटा रहा हूँ। यह वर्षों से यूँ ही पड़ा हुआ है। किसी ने इसे सुधारा नहीं है। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:35, 12 मई 2026 (UTC)
== प्रशांत कुमार सैनी लेख पर २० दिन से नामांकन है, कृपया करवाई करें ==
Deletion pending for the last 20 days. [[सदस्य:Santhon|Santhon]] ([[सदस्य वार्ता:Santhon|वार्ता]]) 17:40, 7 मई 2026 (UTC)
:चौपाल पर किसी कार्यवाई के लिए यदि किसी लेख का उल्लेख करें तो उसका लिंक जरूर बना दें। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 05:42, 12 मई 2026 (UTC)
== चंदनकियारी के जमींदारो का इतिहाश ==
चंदनकियारी मुख्यत झारखण्ड के बोकारो जिला के अंतरगत एक प्रखण्ड है जो की वन ओर नदियों से घिरे हुए हैं इस इलाके मे बहुत से जमीदार हूआ करता था, जिन्हे कासीपुर के महाराजाओं के द्वार जमिन की मालिकाना हक दिया गया है, उन्ही में से एक प्रमुख जमिनदार थे केदारनाथ चट्टोपाध्याय, केदारनाथ चट्टोपाध्याय मोहाल मौजा का निस्कर जमीदार थे जिनके पास करीब 13 सौ एकड़ से अधिक जमिन थे कई सारे कुवे ओर तलाब थे जिस से उस समय उस इलाके में रहने वाले लोगों की जीवनशैलीआसान हो गया था [[सदस्य:Chandi84|Chandi84]] ([[सदस्य वार्ता:Chandi84|वार्ता]]) 08:23, 12 मई 2026 (UTC)
== आगामी गतिविधियाँ ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा आयोजित होने जा रही गतिविधियाँ:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री निर्माण एवं कौशल विकास कार्यशाला/मई 2026|हिंदी ई-सामग्री निर्माण एवं कौशल विकास कार्यशाला/मई 2026]]- 20 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला में आयोजित कौशल विकास कार्यशाला
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026]]- 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6]]- 1 जुलाई, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]]- 8-9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन।
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अगस्त 2026|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अगस्त 2026]]- 15 अगस्त 2026 से 14 सितंबर 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/सितंबर २०२6]]- 14 सितंबर, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:उम्मीद है कि विकिपीडिया सदस्य इन गतिविधियों में भाग लेकर हिंदी ज्ञानकोश के विकास में जरूर सहायक होंगे। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 07:29, 16 मई 2026 (UTC)
== ~2026-29665-32 द्वारा बर्बरता ==
~2026-29665-32 नामक अस्थायी खाते ने हाल में जानबूझकर [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:Cite_web&action=history साँचा:Cite web] पर दुर्संपादन किया। कृपया उनपर IP प्रतिबंध डाले। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:14, 17 मई 2026 (UTC)
== Draft:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क — सम्पादन में सहायता चाहिए ==
नमस्ते। मेरा नाम नरेश दास वैष्णव निम्बार्क है। मैं भारतीय सेना का सेवानिवृत्त नायब सूबेदार एवं लेखक हूँ।
मेरा Draft:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क पर निम्नलिखित समस्याएँ आ रही हैं:
# स्वचालित फ़िल्टर 52 सम्पादन रोक रहा है
# CAPTCHA बार-बार आता है और स्वीकार नहीं होता
# खाता नया होने के कारण बाहरी कड़ियाँ नहीं जुड़ रहीं
Draft में समाचार पत्रों के सन्दर्भ जोड़ने हैं जैसे दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, नांदगांव टाइम्स।
कृपया कोई अनुभवी सदस्य मेरे Draft को अद्यतन करने में सहायता करें।
— [[सदस्य:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क]] [[सदस्य:*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*|*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*]] ([[सदस्य वार्ता:*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*|वार्ता]]) 08:54, 18 मई 2026 (UTC)
== Mahathwar ==
<nowiki>'''</nowiki>Mahathwar<nowiki>'''</nowiki> is a village in the country of <nowiki>[[India]]</nowiki>. It is located in the <nowiki>[[Darbhanga]]</nowiki> district of <nowiki>[[Bihar]]</nowiki> in the <nowiki>[[Alinagar (Vidhan Sabha constituency)|Ghanshyampur]]</nowiki> block under the subdivision of Bihar. [[विशेष:योगदान/~2026-30414-01|~2026-30414-01]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30414-01|वार्ता]]) 03:21, 22 मई 2026 (UTC)
n4dwpe9c5yxesfyorh716wzbik2ly1j
6555214
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2026-05-22T11:07:21Z
*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*
925006
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wikitext
text/x-wiki
{{/शीर्ष}}
<!-- इस लाइन को न हटायें। नए अनुभाग पृष्ठ पर सबसे नीचे बनायें। -->
== Anthony Albanese के सही उच्चारण के संबंध में ==
विकिपीडिया के अंग्रेज़ी संस्कारण पर Albanese का उच्चारण "/ˌælbəˈniːzi/ ऐल-ब्अ-नी-ज़ी अथवा /ˈælbəniːz/ ऐल-ब्अ-नीज़" दिया गया है, अतः हिन्दी संस्करण पर भी उनका सही नाम का उच्चारण शामिल करें। स्रोत: https://en.wikipedia.org/wiki/Anthony_Albanese
== Derbyshire के सही उच्चारण के संबंध में ==
Derbyshire का सही उच्चारण "डर्बीशायर" न होकर "ˈdɑː(ɹ).bɪ.ʃə(ɹ) {ड्आ (र्).बि.श्अ(र्)} = "डार्बिशर" प्रतीत हो रहा है। स्रोत: https://en.wiktionary.org/wiki/Derbyshire
== Satyajit Rāy के सही वर्तनी ==
Satyajit Rāy को सत्यजित राय लिखा जाए। एक जगह पर "सत्यजीत" लिखा गया था, उसे "सत्यजित" लिखा जाए। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 13:59, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
:यह कहाँ लिखा है? कृपया लिंक भेज दें ताकि एडमिन आपका मामला देख सकें। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 19:31, 9 दिसम्बर 2025 (UTC)
::[[सत्यजित राय|https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF]]
::वाक्य प्रयोग: सत्यजीत राय (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 02:53, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::yes [[विशेष:योगदान/~2025-39710-56|~2025-39710-56]] ([[सदस्य वार्ता:~2025-39710-56|talk]]) 07:26, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
::::तो तनिक इसे ठीक करें। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 07:36, 10 दिसम्बर 2025 (UTC)
:::::कर दिया। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 15 दिसम्बर 2025 (UTC)
== लिंक जोडें ==
मैने इस पृष्ठ https://simple.wikipedia.org/wiki/Minority_appeasement_in_India को हिन्दी में अनुवाद किया है और हिंदी वाला पृष्ठ [[भारत में अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण]] पर पढा जा सकता है, अब कोई उन दोनों को लिंक कीजिए [[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 16:38, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
:मैने उसे स्वयं जोड दिया है -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 20:41, 11 दिसम्बर 2025 (UTC)
== विकिपीडिया का 25वें जन्मदिन समारोह, 15 जनवरी ==
[[File:WP25 Anthem video - alternate cut.webm|300px|right|thumbtime=67]]
नमस्ते
विकिपीडिया के [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:Wikipedia%2025%20Virtual%20Celebration 25वें जन्मदिन समारोह] में आपको आमंत्रित करना चाहता हूँ, जो [https://zonestamp.toolforge.org/1768492800 15 जनवरी को 16:00 UTC] पर हो रहा है।
यह एक घंटे भर का वर्चुअल इवेंट होगा जिसमें ट्रिविया, पुरस्कार, संगीत प्रदर्शन, नाटक रीडिंग, संपादकों पर स्पॉटलाइट और विशेष अतिथि शामिल होंगे। इसे Eventyay और विकिपीडिया के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम किया जाएगा। तारीख सेव करने और अपडेट पाने के लिए इवेंट के लिए रजिस्टर करें, और अगर आपके कोई सवाल हों तो मुझसे पूछें!
–[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 10:20, 12 दिसम्बर 2025 (UTC)
== तुरन्त हस्तक्षेप अनुरोध ==
प्रिय साथी विकीमीडियन्स,
मैं आप सभी से अत्यंत आग्रह और गंभीरता के साथ तत्काल सहायता की अपील कर रहा हूँ, ताकि विकीमीडिया ब्लॉग टीम द्वारा की गई एक लंबे समय से चली आ रही अन्यायपूर्ण स्थिति को सुधारा जा सके।
2014 से 2020 के बीच, विकीमीडिया के कुछ स्टाफ सदस्यों के प्रतिकूल और हतोत्साहित करने वाले रवैये के बावजूद, मैंने भारत ( [https://diff.wikimedia.org/2017/04/12/ashish-bhatnagar/ आशीष भटनागर जी] का ब्लॉग इंटरव्यू, [https://diff.wikimedia.org/2015/03/03/hindi-wiki-sammelan/ प्रथम हिन्दी विकि सम्मेलन की रिपोर्ट], आदि), म्यांमार, कोरिया, तुर्की, चेक गणराज्य आदि देशों की विकीमीडिया समुदायों और विकीमीडियन्स का परिचयात्मक दस्तावेज़ीकरण (प्रोफाइलिंग) करने का कार्य किया।
मैंने स्वयं गहन शोध किया, प्रमुख और सक्रिय योगदानकर्ताओं की पहचान की, प्रश्नावलियाँ तैयार कीं, विस्तृत प्रोफाइल/साक्षात्कार लिखे और कुल मिलाकर 35 ब्लॉग पोस्ट तैयार कर प्रकाशित करवाईं।
दुर्भाग्यवश, विकीमीडिया ब्लॉग टीम के कम से कम दो सदस्य जबरन और अनुचित रूप से लगभग 10 ब्लॉग पोस्टों की लेखकता (Authorship) अपने नाम से दर्शा रहे हैं, जबकि उन लेखों का संपूर्ण शोध, लेखन और सामग्री मेरी ओर से की गई थी।
मैं आप सभी से विनम्र लेकिन सशक्त अनुरोध करता हूँ कि इस स्पष्ट अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाएँ और यहाँ [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Wikimedia_Blog#Credits मेरी अपील] के नीचे अपने विचार/टिप्पणियाँ दर्ज करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक लेखक को उसका उचित श्रेय मिल सके।
आपका समर्थन न केवल मेरे लिए, बल्कि विकीमीडिया आंदोलन में पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
आप सभी का अग्रिम धन्यवाद। [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:27, 27 दिसम्बर 2025 (UTC)
:बिना विश्वसनीय स्रोत के, किसी भी विकिपीडिया पेज पर कोई वाक्य नहीं जोड़ा जा सकता, इसलिए कृपया मुझे बताएं कि आप किन पृष्ठों की बात कर रहे हैं?[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 08:03, 13 जनवरी 2026 (UTC)
::बांग्ला जी, आपका और हिन्दी विकिपीडिया समुदाय का धन्यवाद। वैसे कुछ अन्य विकिपीडिया के सज्जन पुरुषों के हस्तक्षेप के कारण [https://meta.wikimedia.org/wiki/Talk:Diff_(blog)#Blogpost_Credits समस्या सुलझ चुकी है] । [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 21:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Istanbul का सही उच्चारण ==
"[[इस्तांबुल]]" लिखने से यह होगा कि इसका उच्चारण "इस्ताम्बुल" हो जाएगा, क्योंकि त के बाद में "ब" है, जिसके बाद "म" है (प, फ, ब, भ, म)। इसलिए "इस्तान्बुल" ही सही है। [[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] ([[सदस्य वार्ता:Dimple323|वार्ता]]) 16:10, 28 दिसम्बर 2025 (UTC)Dimple323
:@[[सदस्य:Dimple323|Dimple323]] लेख के वार्ता पृष्ठ पर चर्चा करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 07:51, 7 जनवरी 2026 (UTC)
== ड्राफ्ट की समीक्षा और स्थानांतरण का अनुरोध ==
नमस्ते,
कृपया ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra की समीक्षा करें और यदि उपयुक्त हो तो इसे मुख्य नामस्थान में स्थानांतरित करें।
ड्राफ्ट का लिंक:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
धन्यवाद। [[सदस्य:Supraconciencia|Supraconciencia]] ([[सदस्य वार्ता:Supraconciencia|वार्ता]]) 22:03, 8 जनवरी 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस चर्चा में अपनी टिप्पणियाँ जोड़ें: <nowiki>https://hi.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया</nowiki>: पृष्ठ_हटाने_हेतु_चर्चा/लेख/ भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण# भारत में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण ।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 03:58, 11 जनवरी 2026 (UTC)
== हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप कार्यक्रम सूचना ==
सभी विकि साथियों को नववर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं। हम यूजर ग्रूप के जनवरी 2026 तक के कार्यों से संबंधित कुछ नए अपडेट साझा करना चाहते हैं:
:अक्तूबर तथा नवंबर 2025 में आयोजित संपादनोत्सव के परिणाम घोषित हो चुके हैं:
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अक्तूबर 2025]] - 2 अक्तूबर 2025 से 18 अक्तूबर 2025 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- 1 नवंबर, 2025 से 14 नवंबर, 2025 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:जनवरी में नई दिल्ली में दो ऑफ लाइन बैठक/कार्यशाला का आयोजन हो रहा है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका|विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री के निर्माण में अनुवाद और विकिपीडिया की भूमिका]] - 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्थानिक प्रशिक्षण और भागिदारी कार्यशाला।
# [[w:hi:विकिपीडिया:प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026|प्रबंधक बैठक/जनवरी 2026]] - 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रबंधक बैठक।
: वर्ष 2026 के फरवरी तथा मार्च में दो गुणवत्ता बढ़ाने वाले संपादनोत्सव करने की योजना है:
# [[w:hi:विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026|विकिपीडिया:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/फरवरी 2026]] – फरवरी 2026 में हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५|विकिस्रोत:गुणवत्ता संवर्द्धन संपादनोत्सव/नवंबर २०२५]]- मार्च में हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।:इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित कोई सुझाव देने के लिए सदस्यों का स्वागत है।
: 15 जनवरी को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने को इच्छुक दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकिपीडियनों का स्वागत हैं। आप आयोजन पृष्ठ पर अपना पंजीयन कराकर इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
:सादर- संपर्क सूत्र -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 18:49, 13 जनवरी 2026 (UTC)
==सहायता==
मैं जब भी किसी लेख में संपादित करती करती हूँ तो स्रोत संपादित की जगह संपादित करें आता है जिस कारण मैं ठीक से आडिट नहीं कर पाती हूँ कृपया मेरी इस समस्या में सहायता करें। [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:14, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी, आपको समस्या क्या आ रही है? वहाँ स्रोत सम्पादन और यथादृश्य समादिका (visual editor) के मध्य बदला जा सकता है। यदि आप स्रोत सम्पादन का उपयोग करना चाहें तो उचित बदलाव कर सकते हैं। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 06:19, 15 जनवरी 2026 (UTC)
::{{ping|संजीव कुमार}} लेकिन कहाँ और कैसे बदला जाएगा [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 06:21, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} जी कृपया मार्गदर्शन करें। 14:23, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] जी वहाँ पर दाहिने ओर ऊपर एक पेन जैसा दिखने वाला बटन होता है जिसे क्लिक करके आप 'यथादृश्य' और 'स्रोत संपादक' में अदल बदल कर सकते हैं। आप कंप्यूटर पे हो तो। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:32, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:::::@[[सदस्य:SM7|SM7]] जी हो गया, धन्यवाद [[सदस्य:Mnjkhan|Mnjkhan]] ([[सदस्य वार्ता:Mnjkhan|वार्ता]]) 07:44, 17 जनवरी 2026 (UTC)
== मसौदे की समीक्षा का अनुरोध ==
नमस्ते,
मैंने हाल ही में एक जीवित व्यक्ति की जीवनी का मसौदा तैयार किया है, जो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है।
मुख्य नामस्थान में स्थानांतरण का अनुरोध पहले ही किया जा चुका है।
मसौदा यहाँ उपलब्ध है:
https://hi.wikipedia.org/wiki/ड्राफ्ट:Manuel_Sans_Segarra
यदि कोई अनुभवी संपादक इसकी समीक्षा कर सके, तो आभारी रहूँगा।
धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 10:03, 15 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
::नमस्ते,
:: जानकारी देने के लिए धन्यवाद। मेरा उद्देश्य किसी भी प्रकार का प्रचार करना नहीं था। मैं आपके निर्णय का सम्मान करता हूँ और आगे से हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार ही योगदान करूँगा।
:: धन्यवाद। [[सदस्य:Pi1918|Pi1918]] ([[सदस्य वार्ता:Pi1918|वार्ता]]) 17:53, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== नये लेख [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] की समीक्षा हेतु अनुरोध ==
नमस्ते संपादकों,
मैंने सम्राट कुमार गुप्ता के बारे में एक लेख (Draft) तैयार किया है जिसमें 3 दशकों के पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के विश्वसनीय संदर्भ दिए गए हैं। कृपया इसकी समीक्षा करें और इसे मुख्य लेख के रूप में प्रकाशित करने में सहायता करें। लिंक: [[Draft:_सम्राट_कुमार_गुप्ता]] --
धन्यवाद [[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] ([[सदस्य वार्ता:Kumari Supriya|वार्ता]]) 07:43, 16 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Kumari Supriya|Kumari Supriya]] मैंने इसे साफ़ प्रचार मानते हुए शीघ्र हटाने हेतु नामांकित किया है। वैसे भी हिंदी विकिपीडिया पर ड्राफ्ट जैसा कोई नामस्थान नहीं है। कृपया आगे से व्यक्तियों के प्रचारात्मक लेख बनाने से परहेज करें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 16:46, 16 जनवरी 2026 (UTC)
== Thank You for Last Year – Join Wiki Loves Ramadan 2026 ==
Dear Wikimedia communities,
We hope you are doing well, and we wish you a happy New Year.
''Last year, we captured light. This year, we’ll capture legacy.''
In 2025, communities around the world shared the glow of Ramadan nights and the warmth of collective iftars. In 2026, ''Wiki Loves Ramadan'' is expanding, bringing more stories, more cultures, and deeper global connections across Wikimedia projects.
We invite you to explore the ''Wiki Loves Ramadan 2026'' [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026|Meta page]] to learn how you can participate and [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan 2026/Participating communities|sign up]] your community.
📷 ''Photo campaign on '' [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan 2026|Wikimedia Commons]]
If you have questions about the project, please refer to the FAQs:
* [[m:Special:MyLanguage/Wiki Loves Ramadan/FAQ/|Meta-Wiki]]
* [[c:Special:MyLanguage/Commons:Wiki Loves Ramadan/FAQ|Wikimedia Commons]]
''Early registration for updates is now open via the '''[[m:Special:RegisterForEvent/2710|Event page]]'''''
''Stay connected and receive updates:''
* [https://t.me/WikiLovesRamadan Telegram channel]
* [https://lists.wikimedia.org/postorius/lists/wikilovesramadan.lists.wikimedia.org/ Mailing list]
We look forward to collaborating with you and your community.
'''The Wiki Loves Ramadan 2026 Organizing Team''' 19:45, 16 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29879549 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== स्वागत सन्देश में चित्र ==
पूर्व चर्चा: [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 63#स्वागत सन्देश में चित्र]]
[[साँचा:सहायता|स्वागत संदेश]] में अंकित किया गया चित्र मशीन द्वारा निर्मित किया गया है। मशीन द्वारा बनाई गई सामग्री इस ज्ञानकोष में मान्य नहीं है। इसलिए अनुरोध है कि जिस सदस्य ने यह चित्र स्थापित किया है, वही इसे हटा भी दे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 09:32, 18 जनवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी, यह चित्र आपको कैसा लगता है? मुझे तो यह पुराने चित्र जैसा ही लग रहा है। इसलिए यदि आप दोनों को यह ठीक लगे, तो हम इसे उपयोग में ले सकते हैं।
:[[चित्र:Annapoorni (10641191125).jpg|120px|thumb|right|स्वागत!]] – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:13, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
{{-}}
:: [[चित्र:Tableau_noir_dans_le_désert_du_Thar_(Rajasthan).jpg|240px|thumb|center|हिन्दी विकिपीडिया में आपका हार्दिक स्वागत है। इस ज्ञानकोश के विकास और विस्तार में आपके सहयोग की हमें प्रतीक्षा है।]] <center>--[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 18:03, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)</center>
:::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, ये आपको कैसे लग रहा है कि एआई से जनित चित्र ज्ञानकोशीय नहीं हो सकता? आजकल एआई से ज्ञानकोशीय एनिमेशन बनाये जाते हैं। यह तो बनाने वाले पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त चित्र ज्ञानकोशीय होने के लिए नहीं बल्कि स्वागत के रूप में जोड़ा गया है।
:::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] जी, मुझे आपके सुझाव से कोई समस्या नहीं है और आप चाहें तो इसे जोड़ सकते हैं। हालांकि पिछली बार @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी का सुझाव था कि चित्र को हटा दिया जाये, अतः मुझे उनका सुझाव भी उचित ही लगा। लेकिन मैंने परम्परा के तौर पर नया चित्र जोड़ा था क्योंकि स्वागत सन्देश में बहुत बदलावों की आवश्यकता है।
:::@[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] जी, आपका सुझाव भी उचित है लेकिन इससे बेहतर चित्र हम कंप्यूटर पर निर्मित कर सकते हैं जो इससे बेहतर होंगे। इसके लिए चर्चा करना बेहतर होगा। स्वागत सन्देश बड़ा रखने के स्थान पर एक छोटी कड़ी दे सकते हैं जिसपर सभी सन्देशों को सूचीबद्ध किया जा सके। इससे उन सदस्यों को भी सुविधा रहेगी जो हिन्दी नहीं जानते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:34, 9 फ़रवरी 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]]@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]]@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] @[[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] मेरा अब भी सुझाव है कि चित्र हटा दिया जाय। हालाँकि, अभी जो आपत्ति दर्ज़ की गई है, उसपे इतना ही कहूँगा कि यह चित्र 'ज्ञानकोश' का हिस्सा नहीं है। स्वागत संदेश में इस तरह के चित्र पर आपत्ति उचित नहीं प्रतीत हो रही।
::::संजीव जी जैसा कह रहे, पूरे स्वागत संदेश को पुनर्विचार एवं नये सिरे से बनाने की ज़रूरत है - लंबा काम है - मुझे कोई गुरेज़ नहीं इसमें भागीदारी करने में।
::::पर यह चित्र हटाने वाली बात चर्चा के योग्य भी नहीं। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 10:49, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, एक महिला को हर किसी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े किया जाना महिलाओं के आत्मसम्मान के लिहाज से कहीं न कहीं गरिमापूर्ण प्रतीत नही हो रहा है। इसलिए भी इस चित्र को हटा देना या किसी उपयुक्त चित्र से बदल देना चाहिए। बहुत से ज्ञानकोषों में बिस्किट का प्रयोग किया जाता है क्योंकि संपादन के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, जो बिस्किट से मिलती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 08:23, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी के विचारों से सहमत होते हुए कि स्वागत संदेश को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है, और @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी की आपत्तियों (एआई और गरिमा) को ध्यान में रखते हुए, मेरा सुझाव है कि हम विवादित चित्र के स्थान पर प्राकृतिक फूलों के चित्र का उपयोग किया जाएं। फूल स्वागत का एक गरिमापूर्ण, मानवीय और तटस्थ प्रतीक हैं।
::::::मैंने विकिमीडिया कॉमन्स से कुछ प्राकृतिक और सुंदर चित्रों का चयन किया है। कृपया नीचे दी गई गैलरी में देखकर बताएँ कि इनमें से कौन सा चित्र नए स्वागत संदेश के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा?
::::::File:Lotus 2013 sai.jpg|कमल '''यह चित्र मैने @[[सदस्य:SM7|SM7]] के सदस्य पृष्ठ पर देखा'''
::::::File:Red rose at Square of the Cathedral of Christ the Saviour.jpg|लाल गुलाब
::::::File:Combretum indicum(Rangoon creeper).jpg|मधुमालती (रंगून क्रीपर) '''यह मैने ही अपलोड किया'''
::::::File:(MHNT) Jasminum polyanthum – flowers and buds.jpg|चमेली
::::::File:Marigold 14.jpg|गेंदा
::::::File:Flower bouquet in Tarnowskie Góry, Silesian Voivodeship, Poland, December 2023.jpg|पुष्प गुच्छ
::::::File:Rose and carnation flower bouquet 01.jpg|गुलाब और कार्नेशन
::::::आप सभी वरिष्ठ साथियों की राय का स्वागत है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 14:09, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] जी, फूल लगवाने का कोई विशेष औचित्य? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:38, 9 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, महोदय
:::::::: फूल लगवाने का मुख्य औचित्य केवल एक तटस्थ, विवाद-रहित और मानवीय स्वागत-प्रतीक प्रस्तुत करना है।
::::::::महोदय, भारत में फूलों से स्वागत करना सबसे आत्मीय और सहज माना जाता है।
::::::::प्राकृतिक फूल होने के कारण यह AI और गरिमा से जुड़े उन सभी विवादों से पूरी तरह मुक्त है, जो वर्तमान चित्र को लेकर उठे हैं।
::::::::मेरा उद्देश्य सिर्फ एक सकारात्मक चित्र लगाना है। यदि समुदाय को फूल के स्थान पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी का 'बिस्किट' वाला सुझाव या विकिपीडिया का लोगो अधिक उपयुक्त लगता है, तो मेरी उसमें भी पूर्ण सहमति है। प्रमुख उद्देश्य स्वागत संदेश को बेहतर बनाना है। [[सदस्य :VIKRAM PRATAP7 | विक्रम प्रताप ]] 16:47, 9 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। फूलों से स्वागत देवताओं का किया जाता है और आजकल लोगों ने चाटुकारिता के लिए इसे मनुष्यों पर लागू करना आरम्भ कर दिया है। चित्रों में प्राकृतिक फूल कैसे हो सकते हैं? वर्तमान चित्र को लेकर मैंने कोई विवाद नहीं देखा, बल्कि चित्र को हटाकर संबंधित सन्देश को पुनः लिखने पर यह चर्चा है। वर्तमान चित्र में क्या नकारात्मक दिखाई दे रहा है? क्या वो भारतीय संस्कृति से संबंधित नहीं है? (हालांकि ऐसा आवश्यक नहीं है)। अभी चर्चा इसपर चाहिए कि चित्र की आवश्यकता ही क्या है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:43, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी,महोदय
::::::::::मेरा उद्देश्य केवल उठे हुए विवाद के बीच एक विकल्प देना था। लेकिन मैं आपसे और @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी से पूरी तरह सहमत हूँ कि असली मुद्दा यह है कि स्वागत सन्देश में किसी भी चित्र की आवश्यकता है ही नहीं। पर @[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] महोदय ने बिस्किट के चित्र का उदाहरण दिया था, जिसके लिए मैं पुष्पों का विकल्प दिया था|
::::::::::मेरी ओर से चित्र वाले विषय पर चर्चा यहीं समाप्त है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 15:59, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::सभी सदस्यो से विनम्र निवेदन है, की कृपया इस [[:File:AI Chatgpt generated Woman in Welcome pose.png|चित्र]] देखने का कष्ट करे, इसको स्वागत सन्देश में लगने के लिए उपयुक्त हो सकता है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::::@[[सदस्य:Cptabhiimanyuseven|Cptabhiimanyuseven]] जी, चित्र को हटाने पर चर्चा चल रही है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:35, 14 मार्च 2026 (UTC).
:::::::::::::::{{Ping|संजीव कुमार}} जी, नमस्ते! चित्र को उपयोग में लिया जा चुका है,पहले चित्र उपयोग में न होने के कारण हटाने हेतु चर्चा के लिए नामांकित किया गया है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 16:50, 14 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::{{ping|संजीव कुमार}}, आपकी बात सही है कि भारत में हाथ जोड़कर स्वागत किया जाता है। परंतु, क्योंकि आप और यहां के अधिकतर प्रबंधक पुरुष हैं, और स्वागत करते हुए व्यक्ति का ही चित्र लगाना है तो उचित होगा कि किसी पुरुष का हाथ जोड़कर स्वागत करता हुआ चित्र लगाया जाए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:28, 20 मार्च 2026 (UTC)
:{{od}} वर्तमान चर्चा के आधार पर चित्र हटा दिया गया है। भविष्य में चर्चा करके एक उपयुक्त चित्र जोड़ा जा सकता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:51, 18 मार्च 2026 (UTC)
== Feminism and Folklore 2026 starts soon ==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;">
[[File:Feminism and Folklore 2026 logo.svg|centre|550px|frameless]]
::<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
;Invitation to Organize Feminism and Folklore 2026
Dear Wiki Community,
We are pleased to invite Wikimedia communities, affiliates, and independent contributors to organize the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026]]''' writing competition on your local Wikipedia.
The international campaign will run from '''1 February to 31 March 2026''' and aims to improve coverage of feminism, women’s histories, gender-related topics, and folk culture across Wikipedia projects.
;About the Campaign
'''Feminism and Folklore''' is a global writing initiative that complements the '''[[:c:Commons:Wiki Loves Folklore 2026|Wiki Loves Folklore]]''' photography competition. While Wiki Loves Folklore focuses on visual documentation, this writing campaign addresses the '''gender gap on Wikipedia''' by improving encyclopedic content related to folk culture and marginalized voices.
;What Can Participants Write About?
Communities can contribute by creating, expanding, or translating articles related to:
* Folk festivals, rituals, and celebrations
* Folk dances, music, and traditional performances
* Women and queer figures in folklore
* Women in mythology and oral traditions
* Women warriors, witches, and witch-hunting narratives
* Fairy tales, folk stories, and legends
* Folk games, sports, and cultural practices
Participants may work from curated article lists or generate new article suggestions using campaign tools.
;How to Sign Up as an Organizer
Organizers are requested to complete the following steps to register their community:
# Create a local project page on your wiki [[:m:Feminism and Folklore/Sample|(see sample)]]
# Set up the campaign using the '''CampWiz''' tool
# Prepare a local article list and clearly mention:
#* Campaign timeline
#* Local and international prizes
# Request a site notice from local administrators [[:mr:Template:SN-FNF|(see sample)]]
# Add your local project page and CampWiz link to the '''[[:m:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta project page]]'''
;Campaign Tools
The Wiki Loves Folklore Tech Team has introduced tools to support organizers and participants:
* '''Article List Generator by Topic''' – Helps identify articles available on English Wikipedia but missing in your local language Wikipedia. The tool allows customized filters and provides downloadable article lists in CSV and wikitable formats.
* '''CampWiz''' – Enables communities to manage writing campaigns effectively, including jury-based evaluation. This will be the third year CampWiz is officially used for Feminism and Folklore.
Both tools are now available for use in the campaign. '''[https://tools.wikilovesfolklore.org/ Click here to access the tools]'''
;Learn More & Get Support
For detailed information about rules, timelines, and prizes, please visit the
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 project page]]'''.
If you have any questions or need assistance, feel free to reach out via:
* '''[[:m:Talk:Feminism and Folklore 2026/Project Page|Meta talk page]]'''
* Email us using details on the contact page.
;Join Us
We look forward to your collaboration and coordination in making Feminism and Folklore 2026 a meaningful and impactful campaign for closing gender gaps and enriching folk culture content on Wikipedia.
Thank you and best wishes,
'''[[:m:Feminism and Folklore 2026|Feminism and Folklore 2026 International Team]]'''
----
''Stay connected:''
[[File:B&W Facebook icon.png|link=https://www.facebook.com/feminismandfolklore/|30x30px]]
[[File:B&W Twitter icon.png|link=https://twitter.com/wikifolklore|30x30px]]
</div></div>
== Invitation to Host Wiki Loves Folklore 2026 in Your Country ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div style="text-align: center; width: 100%;">''{{int:please-translate}}''</div>
[[File:Wiki Loves Folklore Logo.svg|right|150px|frameless]]
Hello everyone,
We are delighted to invite Wikimedia affiliates, user groups, and community organizations worldwide to participate in '''Wiki Loves Folklore 2026''', an international initiative dedicated to documenting and celebrating folk culture across the globe.
;About Wiki Loves Folklore
'''Wiki Loves Folklore''' is an annual international photography competition hosted on Wikimedia Commons. The campaign runs from '''1 February to 31 March 2026''' and encourages photographers, cultural enthusiasts, and community members to contribute photographs that highlight:
* Folk traditions and rituals
* Cultural festivals and celebrations
* Traditional attire and crafts
* Performing arts, music, and dance
* Everyday practices rooted in folk heritage
Through this campaign, we aim to preserve and promote diverse folk cultures and make them freely accessible to the world.
[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026|Project page on Wikimedia Commons]]
; Host a Local Edition
As we celebrate the '''eight edition''' of Wiki Loves Folklore, we warmly invite communities to organize a local edition in their country or region. Hosting a local campaign is a great opportunity to:
* Increase visibility of your region’s folk culture
* Engage new contributors in your community
* Enrich Wikimedia Commons with high-quality cultural content
'''[[:c:Commons:Wiki_Loves_Folklore_2026/Organize|Sign up to organize]]:'''
If your team prefers to organize the competition in ''either February or March only'', please feel free to let us know.
If you are unable to organize, we encourage you to share this opportunity with other interested groups or organizations in your region.
;Get in Touch
If you have any questions, need support, or would like to explore collaboration opportunities, please feel free to contact us via:
* The project Talk pages
* Email: '''support@wikilovesfolklore.org'''
We are also happy to connect via an online meeting if your team would like to discuss planning or coordination in more detail.
Warm regards,
'''The Wiki Loves Folklore International Team'''
</div>
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 13:21, 18 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery/Wikipedia&oldid=29228188 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Tiven2240@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा ==
<section begin="announcement-content" />
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि सार्वभौमिक आचार संहिता और प्रवर्तन के दिशानिर्देशों की वार्षिक समीक्षा की अवधि शुरू हो चुकी है। आप 9 फरवरी 2026 तक बदलावों के सुझाव दे सकते हैं। यह वार्षिक समीक्षा के कई चरणों का पहला चरण है। [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Annual review/2026|मेटा के UCoC पृष्ठ पर अधिक जानकारी पाएँ और जुड़ने के लिए वार्तालाप खोजें]]।
[[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee|सार्वभौमिक आचार संहिता समन्वयन समिति]] (U4C) एक वैश्विक समिति है जो UCoC का साम्यिक और सुसंगत कार्यान्वयन करने को समर्पित है। यह वार्षिक समीक्षा U4C द्वारा योजित और लागू की गई है। अधिक जानकारी तथा U4C की ज़िम्मेदारियों के लिए [[m:Special:MyLanguage/Universal Code of Conduct/Coordinating Committee/Charter|आप U4C चार्टर की जाँच कर सकते हैं]]।
कृपया जहाँ भी उचित हो, अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के साथ यह जानकारी साझा करें।
-- U4C के साथ समन्वय में, [[m:User:Keegan (WMF)|Keegan (WMF)]] ([[m:User talk:Keegan (WMF)|वार्ता]])<section end="announcement-content" />
21:01, 19 जनवरी 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=29905753 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Keegan (WMF)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== हिंदी विकि सम्मेलन 2026 समुदाय सहभागिता सर्वे ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप इस वर्ष जुलाई में हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित हिंदी विकिपीडियनों की रुचि तथा महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है। [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeWaqfyOlr9hS7Ef5eXg_Y4mPK8gj1cnzaIBAbQXbjM6KH4aw/viewform हिंदी विकि सम्मेलन 2026] भरकर हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 आयोजित करने में सहयोगी बनें। -[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 09:07, 31 जनवरी 2026 (UTC)
[[सदस्य:Vishal K Pandey|Vishal K Pandey]] ([[सदस्य वार्ता:Vishal K Pandey|वार्ता]]) 18:11, 26 जनवरी 2026 (UTC)
==गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड==
विकिडेटा में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का लोगो Guinness World Records logo.svg नाम से उपलब्ध है। इसका हिन्दी में उपयोग करना संभव बनाएं। अधिकार संपन्न लोग ऐसा कर सकते हैं।
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:28, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:00, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::समस्या सुलझाने के लिए आपका धन्यवाद - '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
LimcaBookofRecords.jpg इस फाइल के बारे में भी विचार करें। धन्यवाद
'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 18:35, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
:[[लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स]] [[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 20:02, 1 फ़रवरी 2026 (UTC)
::आपको धन्यवाद- '''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 08:59, 6 फ़रवरी 2026 (UTC)
== शीर्षक परिवर्तन के लिए अनुरोध ==
Namaste, I would like the article title '''[[डी एन ए की नकल]]''' to be changed to '''डीएनए प्रतिकृति''', as this form is more accurate and is the one used in most scientific literature.
Sorry for writing in English and if this is not the right place to make the request. I have been on a long break from Wikipedia and have forgotten the proper procedure for requesting a title change.<b>[[User talk:Dineshswamiin|<span style="color: Green">Dinesh</span>]]</b> ([[User talk:Dineshswamiin|talk]]) 15:32, 3 फ़रवरी 2026 (UTC)
:नमस्ते, मैं चाहता हूँ कि लेख का शीर्षक [[डी एन ए की नकल]] बदलकर 'डीएनए प्रतिकृति' कर दिया जाए, क्योंकि यह रूप ज़्यादा सही है और ज़्यादातर वैज्ञानिक किताबों में इसी का इस्तेमाल होता है।-[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 18:54, 5 फ़रवरी 2026 (UTC)
== ''कंप्यूटिंग'' या ''अभिकलन'' ==
हिन्दी में कंप्यूटिंग को [[अभिकलन]] भी कहा जाता है। परंतु इसके बाद भी कुछ पृष्ठ के नाम [[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] या [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] है।
प्रोग्रामिंग को [[क्रमानुदेशन]] कहा जाता है परंतु आधे से ज्यादा निबंध के शीर्षक में [[प्रोग्रामिंग भाषा]] लिखा गया है।
हमें निबंध के शीर्षक एक समान रखने चाहिए। जैसे सारे निबंध के शीर्षक में प्रोगामिंग के जगह क्रमानुदेशन लिखा रहेगा। अन्य नाम हम निबंध के मुख्य भाग में लिख सकते है या redirect कर सकते है। जैसे-
'''क्रमानुदेशन भाषा''', जिसे '''प्रोग्रामिंग भाषा''' भी कहते है..... [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 11:16, 7 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, नमस्ते! आप एक समाधान प्रस्तावित करें - उसपे चर्चा करके यह कार्य किया जा सकता है। आपका और सभी का स्वागत है इस एकरूपता लाने के प्रयास के लिए। सादर! --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:03, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
::[[मोबाइल कम्प्यूटिंग]] का नाम बदलकर [[मोबाइल अभिकलन]] कर देना चाहिए। [[क्लाउड कम्प्यूटिंग]] का [[क्लाउड अभिकलन]] तथा [[प्रोग्रामिंग भाषा]] का नाम [[क्रमानुदेशन भाषा]] कर देना चाहिए। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:40, 8 मार्च 2026 (UTC)
== हिन्दी विकिपीडिया से गायब हो चुके पुराने संपादक ==
तकरीबन 8 साल बाद मैं विगत कुछ दिनों से विकिपीडिया पर सक्रिय हूं। इस बीच देख रहा हूं कि यहां से वो तमाम लोग गायब हो चुके हैं जो एक समय में लगातार सक्रिय रहते थे। नए लेखों की गुणवत्ता स्तरीय थी। लेकिन इधर हिन्दी विकिपीडिया पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है वो या तो आत्मप्रचार है या फिर नौसिखियों द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयोग। आज मैंने लगभग 25 लोगों को अपनी ओर से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की जो एक जमाने में प्रबंधक रह चुके हैं और जिन्होंने विकिपीडिया पर काफी योगदान दिया है। लेकिन सबने यही कहा कि वो अब सक्रिय नहीं हैं। यह हिन्दी विकिपीडिया के लिए ठीक नहीं है। यद्यपि कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में विकिपीडिया और खासतौर पर अंग्रेजी से इतर भाषाओं में इस ज्ञानकोश की अब पहले जैसी आवश्यकता रह नहीं गई है। क्योंकि अब अंग्रेजी की सामग्री एक क्लिक पर किसी भी दूसरी भाषा में उपलब्ध है। फिर भी हिन्दी में लिखे गए मूल लेखों का महत्व तो हमेशा बना रहेगा। इसलिए विकिपीडिया संपादक समुदाय को एक बार फिर अपना तुच्छ अहंकार छोड़कर दूर जा चुके लोगों को दोबारा सक्रिय करना चाहिए। --'''[[User:कलमकार|<span style="background: #f40444; color:white;padding:2px;">कलमकार</span>]] [[User talk:कलमकार|<span style="background: #1804f4; color:white; padding:2px;">वार्ता</span>]]''' 13:54, 8 फ़रवरी 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:कलमकार|कलमकार]] सर ! आठ साल (हुये तो नहीं!) बाद आप का स्वागत - हमारी ओर से।
:कुछ उधार का अर्ज़ कर रहा (बुरा मत मानियेगा)
:''"ऐसा नहीं कि उन से ''(मतलब विकि से)'' मोहब्बत नहीं रही
:''जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही''
:''
:''सर में वो इंतिज़ार का सौदा नहीं रहा''
:''दिल पर वो धड़कनों की हुकूमत नहीं रही''"''
:यह हमारी स्थिति है।
:और जो चले गए उनकी स्थिति यह है कि
:''चेहरे को झुर्रियों ने भयानक बना दिया''
:''आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही'' --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 11:00, 10 फ़रवरी 2026 (UTC)
:कलमकार जी, ज्ञानकोष में सक्रियता के प्रति आपकी चिंता वाजिब है। मैंने यहां पर देखा है कि बहुत से सदस्यों द्वारा महनत से बनाए गए पृष्ठ कोई न कोई पैमाना बताकर शीघ्र हटाने के लिए नामांकित कर दिए जाते हैं, फिर कोई अन्य सदस्य उन्हें हटा भी देता है। शायद इससे हताश होकर बहुत से संपादक ज्ञानकोष को छोड़कर चले गए। बहुत से संपादकों के तो सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए हैं। सम्पादकों की सक्रियता में कमी की एक वजह यह भी हो सकती है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:21, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, क्या आप कुछ ऐसे सदस्य पृष्ठों के उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें हटाया गया था, और कुछ ऐसे पृष्ठ भी जिन्हें किसी गलत मानदंड के तहत शीघ्र हटाने के लिए नामांकित किया गया और बाद में हटा दिया गया? यदि आपकी चिंता जायज़ होगी, तो अवश्य ही कोई समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:54, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
:::DreamRimmer जी, हाल ही के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं, जहां प्रतीत होता है कि संपादकों द्वारा शिद्दत से बनाए गए कुछ पृष्ठों को हटा दिया गया:
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#why are you remove this article "सुमरत सिंह"]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#कृपया गोप्रेक्षेश्वर लेख की पुनः समीक्षा करें और कॉपीराइट उल्लंघन का टैग हटाने की कृपा करें]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#सहायता नोट]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#डॉ. विनोद कुमार पृष्ठ: शीघ्र हटाने नामांकन पर प्रतिक्रिया]]
:::* [[सदस्य वार्ता:संजीव कुमार#अभिनव अरोड़ा के पृष्ठ हटाने के विषय में]]
:::हटाए गए पृष्ठों की सामग्री देखे बगैर मापदंड की सटीकता पर टिप्पणी करना संभव नही है परंतु बहुत से ऐसे पृष्ठ भी हटाए गए हैं, जहां संपादक लेख में संशोधन करने के लिए तैयार थे। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 07:56, 8 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपको प्रचार सामग्री चाहिए या केवल विवाद खड़ा करना उद्देश्य रहा है? यदि आपको प्रचार सामग्री चाहिए तो बताइयेगा, ईमेल से भेज देता हूँ। बैठकर देखते और समझते रहियेगा। अन्यथा आपने मेरा वार्ता पृष्ठ यहाँ क्यों जोड़ा है पता नहीं। मैंने सभी सन्देशों का उत्तर भी दे रखा है। वर्तमान में भी [[विकिपीडिया:शीह|शीघ्र हटाने]] के लिए बहुत लेख नामांकित हैं। कृपया उनकी भी समीक्षा कर लेते समय रहते। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:40, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने ऊपर जिन चर्चाओं का उल्लेख किया है, उनसे संबंधित लेख मुझे किसी भी प्रकार से गलत मानदंड के अंतर्गत हटाए गए नहीं लगते। उन विषयों की उल्लेखनीयता और उपलब्ध सामग्री के आधार पर संजीव जी द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल उचित था, और ऐसी स्थिति में मेरा निर्णय भी यही होता। आपने यह भी कहा कि ऐसे पृष्ठ हटाए गए जहाँ संपादक लेख में सुधार करने के लिए तैयार थे, परंतु सभी जानते हैं कि कोई अनुल्लेखनीय लेख केवल बार-बार संपादन या सुधार करने से उल्लेखनीय नहीं बन जाता। किसी विषय की उल्लेखनीयता तभी स्थापित होती है जब उसे विश्वसनीय स्रोतों में पर्याप्त स्थान मिले, और इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगता है। शीघ्र हटाने की नीति इस विषय में पूरी तरह स्पष्ट है; यदि किसी लेख पर सही मानदंड के अनुसार टैग लगाया गया है, तो प्रबंधक उसे किसी भी समय हटा सकता है। यदि लेखक कोई टिप्पणी जोड़ता है, तो भी प्रबंधक उस टिप्पणी से संतुष्ट न होने पर लेख को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होता। आपने यह भी कहा था कि सदस्यों के सदस्य पृष्ठ भी हटा दिए गए, लेकिन इसके समर्थन में आपने कोई लिंक प्रस्तुत नहीं किया। मेरा मानना है कि किसी भी सदस्य के कार्य पर प्रश्न तभी उठाया जाना चाहिए जब पर्याप्त प्रमाण हों; अन्यथा यह बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आक्षेप और निराधार आरोप की श्रेणी में आता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:20, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::{{ping|संजीव कुमार}}, जो आपकी नज़र में प्रचार हो, वह संभवतः दूसरों के लिए जानकारी हो सकती है।
:::::DreamRimmer जी, ऐसे भी बहुत से पृष्ठ देखें हैं, जहां अनेक विश्वसनीय स्रोत दिए गए थे, उन्हें भी अनुल्लेखनिय बता कर हटाया गया। उदाहरण के लिए:
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#सुमन कुमार घई]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]।
:::::* [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/अप्रैल 2022#रचित यादव]]। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:41, 20 मार्च 2026 (UTC)
::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, समस्या यह ही है कि आप इसे मेरे या आपके नज़र से देख रहे हो। एकबार नज़र हटाकर देखियेगा। "सुमन कुमार घई" नामक लेख पर 15 वर्षों से बिना स्रोत की कुछ सामग्री लिखी थी और बाद में [[विशेष:योगदान/सुमन कुमार घई|इसी नाम के सदस्य]] ने सामग्री हटाकर साहित्य कुंज की कड़ी जोड़ दी। इसी तरह अन्य लेखों को भी या तो सम्बंधित व्यक्ति ने स्वयं (आपके अनुसार उनकी नज़रों में वो स्वयं बहुत उल्लेखनीय व्यक्ति हैं) ने बनाया या अपने किसी रिश्तेदार से बनवाया। यदि आप बिना किसी स्रोत के स्वयं को उल्लेखनीय मानने लग जाओ तो क्या वो उल्लेखनीय हो जायेगा? एकबार इंटरनेट पर उपरोक्त व्यक्तियों के बारे में खोजकर देखें कि इनकी उल्लेखनीयता क्या है? उनके प्रसिद्धि के क्षेत्र में उन्हें कौनसे पुरस्कार मिले हैं? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:26, 25 मार्च 2026 (UTC)
:::::::@[[सदस्य: संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, उल्लेखनीयता का मापदंड इसलिए बनाया गया था, कि यदि एक ही विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक दावेदार आ जाते हैं, तो इस नाम से उस विषय या व्यक्ति का लेख बनेगा जो अधिक उल्लेखनीय होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि विकिपीडिया के संदर्भ में एक phrase कई बार सामने आता है, जिसमें लिखा होता है, "sum of all knowledge""। कहने का तात्पर्य यह है कि उल्लेखनीयता के नाम पर तब तक कोई पृष्ठ नही हटाना चाहिए, जब तक उस विषय या नाम पर लेख बनाने के लिए एक से अधिक असंबंधित संभावनाएं न हों। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 'रमेश सिंह' के नाम से उद्धरण सहित लेख बना रहा है तो वह लेख रहने देना चाहिए, जब तक कि कोई उससे भी अधिक उल्लेखनीय 'रमेश सिंह' नाम के व्यक्ति पर उद्धरण सहित लेख बनाने का दावेदार नहीं आ जाता। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:25, 31 मार्च 2026 (UTC)
::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, बहुत अच्छा अर्थ निकाला है आपने। साथ में अपने तर्क के पक्ष में कोई स्रोत भी दे दीजियेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:39, 31 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, [[:en:Wikipedia:Notability]] की भूमिका में लिखा है - ''Information on Wikipedia must be'' '''verifiable'''''... Wikipedia's'' '''concept of notability applies this basic standard''' ''to avoid indiscriminate inclusion of topics... Determining notability does not necessarily depend on things such as fame, importance, or popularity''. -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:53, 31 मार्च 2026 (UTC)
::::::::::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, आपने इसके नीचे वाला भाग क्यों नहीं पढ़ा? यद्यपि वो उस विषय की स्वीकार्यता को बढ़ा सकते हैं जो नीचे बताए गए दिशानिर्देशों को पूरा करता हो। इसके बाद विस्तार से बहुत कुछ लिखा हुआ है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:04, 31 मार्च 2026 (UTC)
:::::::::::उसके नीचे भी पढ़ा है, वहां लिखा है कि यदि कोई सामग्री एक नया लेख बनाने के लिए उल्लेखनीय नहीं है, तो उस सामग्री को किसी अन्य संबंधित पृष्ठ में विलय कर देना चाहिए। यह सही भी है यदि वह सामग्री स्रोत/संदर्भ युक्त है तो। ऐसा भी देखा गया है कि राष्ट्रपति इत्यादि से अनेक उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति पर बना लेख उल्लेखनीयता के नाम पर हटा दिया गया परन्तु उसमें दर्ज संदर्भित सामग्री कहीं और संजोई नहीं गई, न ही लेखक को उसे दर्ज करने के लिए किसी अन्य पृष्ठ की ओर निर्देशित किया गया। -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:16, 31 मार्च 2026 (UTC)
{{od|10}}@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने से व्यक्ति उल्लेखनीय कैसे हो गया? विभिन्न विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में [[दीक्षान्त समारोह]] के समय डिग्री वितरण राष्ट्रपति या राज्यपाल के हाथों से करवाया जाता है। आपके अनुसार वो सभी लोग उल्लेखनीय हो गये? सम्बंधित लोगों के नामों की सूची सम्बंधित संस्थान के आधिकारिक जालस्थल पर मिल जायेगा जिसे आप विश्वसनीय स्रोत कह सकते हो। राष्ट्रपति के हाथों से मिला पुरस्कार इतना उल्लेखनीय होना चाहिए जो सम्बंधित व्यक्ति को किसी विशिष्ट कार्य के लिए मिला हो और उस कार्य के कारण व्यक्ति उल्लेखनीय हुआ हो, तो उसे उल्लेखनीय माना जाता है, न कि केवल राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने से। ऐसे समारोह राष्ट्रपति भवन में हमेशा होते हैं और उनके समाचार प्रतिदिन समाचार पत्रों में छपते हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:08, 1 अप्रैल 2026 (UTC)
: उदाहरण के लिए, क्या इस ([[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/लॉग/जनवरी 2022#राजेन्द्ररंजन चतुर्वेदी]]) पृष्ठ को हटाते समय, इसमें उपलब्ध संदर्भित जानकारी किसी अन्य पृष्ठ पर स्थानांतरित की गई? -[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 01:49, 3 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा ==
नमस्ते,
मैं हिंदी विकिपीडिया पर लॉग-इन हूँ। मेरा खाता पुराना है और मैंने कई संपादन भी किए हैं, फिर भी मुझे किसी भी लेख में “स्थानांतरण (Move)” का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा।
मैंने डेस्कटॉप मोड और अलग ब्राउज़र से भी कोशिश की है।
कृपया बताएं कि यह समस्या क्यों आ रही है और इसका समाधान क्या है।
धन्यवाद। {{unsigned|ROLEXMEENA}}
: अंग्रेजी ज्ञानकोष की तरह यहां भी 'Move' (पृष्ठ स्थानांतरण) का विकल्प होना चाहिए, ताकि संपादक अपने सदस्य स्थान में पृष्ठ बनाकर उसे मुख्य नाम स्थान में स्वयं स्थापित कर सकें। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 22:27, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
=="अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026" में भाग लें ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा [[अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस]] के अवसर पर विकिपीडिया एवं विकिस्रोत पर संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
# [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—15 फ़रवरी 2026 से 21 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑनलाइन सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव।
# [[s:विकिस्रोत:मातृभाषा संवर्धन संपादनोत्सव/2026|अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव 2026]]—21 फ़रवरी 2026 से 28 फ़रवरी 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑनलाइन गुणवत्ता संवर्द्धन प्रतियोगिता।
:इनमें भाग लेकर मुक्त हिंदी ई-सामग्री के विकास के अभियान में सहायक होने के लिए आपका स्वागत है। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 04:34, 14 फ़रवरी 2026 (UTC)
== प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन ==
मैंने [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन#DreamRimmer|यहाँ]] प्रबंधक व अन्तरफलक प्रबंधक अधिकार हेतु निवेदन किया है। आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 17:11, 15 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधन अधिकार मिलने पर बहुत बधाई। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:33, 8 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक कैसे बदले ==
महोदय मुझे बताए कि शीर्षक बीजाणुउद्भिद को कैसे बदलकर बीजाणुद्भिद करे हृदय से धन्यवाद [[सदस्य:VIKRAM PRATAP7|VIKRAM PRATAP7]] ([[सदस्य वार्ता:VIKRAM PRATAP7|वार्ता]]) 04:39, 18 फ़रवरी 2026 (UTC)
:प्रबंधकों को [[#हिंदी विकिपीडिया लेखों में “स्थानांतरण (Move)” विकल्प दिखाई नहीं दे रहा|कहा था]] कि 'पेज मूव' का ऑप्शन सभी के लिए चालू कर दिया जाए, परंतु अभी तक नहीं किया गया है। [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 17:31, 8 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] जी, यह अधिकार प्रबन्धकों के पास नहीं है। बाकी आप तर्क एवं स्रोत के साथ लिखेंगे तो स्थानान्तरण कर दिया जाता है। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:42, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::परंतु यह विकल्प अंग्रेजी ज्ञानकोष पर कैसे उपलब्ध हुआ!? [[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 18:45, 20 मार्च 2026 (UTC)
== Reference Previews – experiment ==
Hi, I’m Johannes from [[m:WMDE Technical Wishes|WMDE Technical Wishes]]. Sorry for writing in English, please support us by providing a translation! Our team is currently working on [[:m:WMDE Technical Wishes/References|improvements to references]], e.g. [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|Sub-referencing]]. In 2021 we developed [[:m:WMDE Technical Wishes/ReferencePreviews|Reference Previews]] in order to provide a MediaWiki feature to preview references when hovering over the footnote marker. Over the course of our current work we’ve noticed that using Reference Previews doesn’t seem to be intuitive for some readers and we would like to improve this.
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Problem ===
<div class="mw-collapsible-content">
In our usability tests, we repeatedly notice desktop readers – unaware of Reference Previews or how to use the feature – clicking on footnotes instead of hovering over them. Many are confused when they end up in the reference list and don’t know how to jump back to the text passage they were previously reading. Many readers seem unaware that both the ↑ arrow in the reference list and the <sup>a b</sup> (for re-used references) can be used to jump back. This makes jumping to the reference list rather unpleasant, especially in long articles.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Assumption ===
<div class="mw-collapsible-content">
We assume that most readers do not want to jump to the reference list, but rather want to click on the footnote to open Reference Previews, which provide them with the reference information for the text passage they have just read. At the same time, we believe that some readers – e.g. those who want to delve deeper into a topic rather than just quickly researching a piece of information – are still interested in conveniently accessing the reference list.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Idea ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to try adjustments to Reference Previews in order to best meet the needs of different readers. Specifically, we want to prevent readers from accidentally ending up in the individual reference list; jumping there should be a conscious decision.
When clicking on a footnote marker, we want to display Reference Previews instead of jumping to the reference list. The pop-up remains permanently visible until clicking on the "x" or anywhere outside the preview to close it. In addition Reference Previews will provide a link to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – current version.png|Reference Previews – current version
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed version when '''clicking on a footnote marker'''
</gallery>
When hovering over a footnote marker without clicking on it, we want to display a simplified version of Reference Previews – without the settings icon and the resulting empty space. When moving the mouse pointer over the pop-up, a note will appear indicating that you can click for further options. This will open the persistent version of Reference Previews with a link to allow users to jump to the reference in the reference list.
<gallery heights="275" widths="250">
File:Reference Previews mock-up – hover-state.png|Proposed version when '''hovering over the footnote marker'''
File:Reference Previews mock-up – hover-state and options.png|Proposed version when '''hovering over the Reference Preview'''
File:Reference Previews mock-up – persistent-state.png|Proposed (persistent) version when '''clicking on the hover preview'''
</gallery>
By improving the usability of Reference Previews, we also hope to mitigate the issue that reference lists with a large number of (reused) references (or [[:m:WMDE Technical Wishes/Sub-referencing|sub-references]]) can be confusing for some readers. In addition, the proposed version when hovering over a footnote marker is more compact than the current version.
</div>
</div>
<div class="mw-collapsible mw-collapse">
=== Experiment ===
<div class="mw-collapsible-content">
We would like to test the proposed changes in an [[:en:A/B testing|A/B test]] on several wikis. We want to measure how many readers click on a footnote marker and then proceed to jump to the reference list using the proposed version of Reference Previews compared to readers who receive the current version of Reference Previews. In addition, we will measure how many readers in both groups access the reference list via the table of contents. This will give us data-based insights into how many clicks on the footnote unintentionally open the reference list and how many readers only want to use Reference Previews.
We would like to run our experiment on the following Wikipedia language versions: de, pl, fr, sv, fa, hu, hi, my, tl, lv, fy, hr. 10% of readers will see our modified version of Reference Previews in order to obtain sufficient data. The experiment is expected to run for 1-2 weeks at the end of March. We'll restore the current version of Reference Previews for all readers until we have evaluated the experiment, discussed the results with the community, and decided on further steps.
</div>
</div>
We look forward to your feedback [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/Reference Previews|on our talk page]] – or just reply to this post! Once the experiment is ready to go, we will also provide a link that you can use to test the changes yourself. --[[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 12:22, 20 फ़रवरी 2026 (UTC)
:As indicated on our project page [https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=WMDE_Technical_Wishes/References/Reference_Previews&diff=prev&oldid=30215686], we will only test the proposed change when ''clicking'' on a footnote. Reference Previews will remain ''unchanged when hovering'' over a footnote marker. Reasons for this were concerns that the proposed transition from hover to persistent preview could be disruptive or at least feel unusual when interacting with reference content in the hover preview (e.g. when clicking on links). [[सदस्य:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[सदस्य वार्ता:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]]) 13:30, 9 मार्च 2026 (UTC)
==विकि लव्ज़ रमजान 2026==
<div style="border:8px maroon ridge;padding:6px;>
[[File:Wiki Loves Ramadan Logo Black hi.svg|Left|200px|frameless]]
प्रिय विकी समुदाय, आपको [[विकिपीडिया:विकि लव्ज़ रमजान 2026|विकी लव्ज रमज़ान 2026]] में भाग लेने के लिए विनम्रतापूर्वक आमंत्रित किया जाता है, जो कि विभिन्न क्षेत्रों से इस्लामी इतिहास और इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण करने के लिए विकिपीडिया, विकिवॉयज पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता है। यह प्रतियोगिता 20 फरवरी से 20 अप्रैल 2025 तक आयोजित की जायेगी अभी भाग लें और पुरस्कार के विजेता बने है। धन्यवाद
'''[[:m:Wiki Loves Ramadan 2026|विकी लव्स रमज़ान 2026 इंटरनेशनल टीम]]''' -'''[[User:J ansari|<span style="background:#5d9731; color:white;padding:1px;">जे. अंसारी</span>]] [[User talk:J ansari|<span style="background:#1049AB; color:white; padding:1px;">वार्ता</span>]]''' 15:51, 26 फ़रवरी 2026 (UTC)
</div>
== इस हफ्ते पेस्ट जाँच आ रही है ==
नमस्ते। [[mw:Special:MyLanguage/Help:Edit check#Paste_check|पेस्ट जाँच]] एक प्रकार की [[mw:Special:MyLanguage/Edit check|सम्पादन जाँच]] सुविधा है जो तब दिखाई देगी जब यथादृश्य सम्पादिका का प्रयोग कर रहा कोई नवागंतुक किसी लेख में लंबा पाठ पेस्ट करे, अगर प्रणाली द्वारा यह निर्धारित किया जाए कि वह सामग्री सम्पादक ने संभवतः स्वयं नहीं लिखी है।
इस सुविधा का यहाँ पर पिछले वर्ष परीक्षण किया गया था, और शोध के [[mw:Edit check/Paste Check#A/B_Experiment|परिणाम]] सकारात्मक थे: इस जाँच का सामना करने वाले सम्पादकों के द्वारा किए गए सम्पादनों में से पूर्ववत किए गए सम्पादनों की संख्या में नियंत्रण समूह की तुलना में 18% घटाव आया।
डिफ़ॉल्ट से पेस्ट जाँच उन सम्पादकों को दिखाई जाएगी जिन्होंने लोकल रूप से 100 या उससे कम सम्पादन किए हुए हों। यह [[{{#special:EditChecks}}]] के माध्यम से प्रबंधकों द्वारा बदला जा सकता है। जब इस आवश्यकता को पूरा करने वाला कोई सम्पादक कहीं और से कम-से-कम 50 कैरेक्टर्स लंबा पाठ पेस्ट करता है, पेस्ट जाँच उससे पूछेगी कि सामग्री उसने स्वयं लिखी है या फिर नहीं। [[mw:Special:MyLanguage/Edit check/Tags|सम्पादनों को टैग किया जाएगा]] ताकि अनुभवी सदस्य उन सम्पादनों का पता लगा पाएँ जहाँ पर पेस्ट जाँच दिखाई गई थी। अंतिम सम्पादन में कोई भी पेस्ट किया हुआ पाठ न होने के बावजूद भी टैग दृश्य होगा।
यह सुविधा इस हफ्ते के अंत तक ग्लोबल स्तर पर जारी की जाएगी। इसे परखने में सहायता करने के लिए आप सबका धन्यवाद। [[सदस्य:Quiddity (WMF)|Quiddity (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:Quiddity (WMF)|वार्ता]]) 00:02, 3 मार्च 2026 (UTC)
== अली ख़ामेनेई ==
<nowiki>[[अली ख़ामेनेई]]</nowiki> को हिंदी में <nowiki>[[अली ख़मीने]]</nowiki> लिखा जाना चाहिए, कृपया इसे बदलिए। -[[सदस्य:Baangla|Baangla]] ([[सदस्य वार्ता:Baangla|वार्ता]]) 13:28, 3 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, यह चर्चा [[वार्ता:अली ख़ामेनेई]] पृष्ठ पर होनी चाहिए। यदि आपको लगता है कि वर्तमान नाम सही नहीं है, तो आप [[साँचा:नाम बदले]] का प्रयोग करते हुए पृष्ठ को स्थानांतरित करने का अनुरोध कर सकते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में वर्तमान नाम सही है, क्योंकि [https://www.bbc.com/hindi/articles/c747xp3pke8o BBC], [https://www.aajtak.in/trending/photo/iran-supreme-leader-ali-khamenei-death-reaction-celebration-mourning-tstf-2484137-2026-03-02 Aaj Tak], [https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bahraich-shia-community-ali-khamenei-death-mourning-ban-juloos-local18-10235065.html News18] और [https://ndtv.in/world-news/iran-us-tensions-live-updates-trump-ayotallah-khamenei-sanctions-military-buildup-explosions-nuclear-tensions-us-israel-iran-tension-live-11148367 NDTV] सहित कई मीडिया संस्थान भी “ख़ामेनेई” ही लिखते हैं और हिंदी उच्चारण के अनुसार भी यही नाम उचित प्रतीत होता है। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 13:49, 3 मार्च 2026 (UTC)
::: @[[सदस्य:Baangla|Baangla]] जी, फ़ारसी में नाम علی خامنهای लिखा जाता है। इसी आधार पर देवनागरी में इसका निकटतम लिप्यंतरण अली ख़ामेनेई होगा।
::: यहाँ خ ध्वनि के लिए “ख़” का प्रयोग किया जाता है और अंतिम –ई ध्वनि को दर्शाने के लिए “ई” आता है। इसलिए अली ख़ामेनेई फ़ारसी उच्चारण के सबसे क़रीब माना जा सकता है। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|डॉ. मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 01:29, 9 मार्च 2026 (UTC)
== Lua त्रुटि ==
जी, जब भी में [[मॉड्यूल:Designation/list]] नामक पृष्ठ को बनाने का प्रयास करता हूँ, मुझे यह संदेश मिलता है:
Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'.
मैं अंग्रेज़ी विकिपीडिया के स्रोत कोड का प्रयोग करता हूँ, फिर भी यह संदेश आता है। क्या इसका कोई उपाय है? [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 10:14, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:16, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद ^^ [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 15:45, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] मैंने स्वतः परीक्षित अधिकार के लिए निवेदन भेजा है। यदि आप चाहते हैं तो कृपया अपना मत दें। फिर से धन्यवाद! :3 [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 16:26, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::समय-समय पर मेरा ध्यान आपके संपादनों पर जाता रहता है। हालाँकि मैंने आपके बनाए लेखों को ठीक से नहीं देखा है, लेकिन नामांकन में दिए गए लेखों में से [[रोलिन' (एयर रेड व्हीकल)]] देखा तो वह मुझे लगभग पूरा मशीनी अनुवाद लगा। इसी तरह दूसरे उदाहरण, जैसे [[तलत जाफ़री]] आदि, भी मुझे मशीनी अनुवाद जैसे लगे। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं इस विषय में आपकी कोई विशेष मदद कर पाऊँगा। बाकी अन्य सदस्य भी आपके नामांकन को देखकर अपने सुझाव दे सकते हैं। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
== सदस्य पृष्ठ हटाने हेतु अनुरोध ==
नमस्ते प्रशासक महोदय, मैं 'Gahininath gutte' इस खाते का स्वामी हूँ। मैं अपना 'सदस्य वार्ता' पृष्ठ (User Talk Page) हटाना चाहता हूँ क्योंकि यह गूगल सर्च में मेरी निजी जानकारी दिखा रहा है। मैंने लॉगिन किया है, लेकिन सुरक्षा फ़िल्टर के कारण मैं स्वयं <nowiki>{{db-u1}}</nowiki> टैग नहीं लगा पा रहा हूँ। कृपया मेरी सहायता करें और इस पृष्ठ को हटा दें। धन्यवाद। [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 12:40, 12 मार्च 2026 (UTC)
:{{Ping|Gahininath gutte}} नमस्ते! हिंदी विकिपीडिया की नीतियों के अनुसार तभी हटाए जाते है, ज़ब उसपे अत्यधिक बर्बरता या निजी जानकारी और गाली गालोच हुआ हो, आमतौर पर सदस्य वार्ता नही हटाए जाते है,अगर आप सदस्य पृष्ठ की बात कर रहे है, तो आप 10 सकारात्मक संपादन करने के उपरांत सदस्य पृष्ठ को हटवाने ले लिए अनुरोध कर सकते है,या हटाने हेतु संबंधित साँचा लगा सकते है। <span style="background:Brown;border:1px solid #FF00FF;border-radius:18px;padding:4px">[[User:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:black">Cptabhiimanyuseven</span>]]•[[User talk:Cptabhiimanyuseven|<span style="color:lightgrey">(@píng mє)</span>]]</span> 12:52, 12 मार्च 2026 (UTC)
::<blockquote>महोदय, जवाब के लिए धन्यवाद। मैं समझता हूँ कि वार्ता पृष्ठ हटाना नियमों के विरुद्ध है। लेकिन यह पृष्ठ गूगल सर्च में मेरा नाम और निजी संदर्भ दिखा रहा है, जिससे मुझे प्राइवेसी की समस्या हो रही है। अगर आप इसे हटा नहीं सकते, तो कृपया इस पृष्ठ पर '''<nowiki>__NOINDEX__</nowiki>''' टैग लगा दें ताकि यह गूगल सर्च इंजन में दिखाई न दे। साथ ही, कृपया इस पृष्ठ की पुरानी सामग्री (History) को भी छुपा दें। आपकी बहुत कृपा होगी।"</blockquote>
::[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:03, 12 मार्च 2026 (UTC)
::"नमस्ते, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। मैं विकिपीडिया पर अब सक्रिय नहीं रहना चाहता और अपनी निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए 'Right to Vanish' के तहत इस पृष्ठ को स्थायी रूप से (Permanently) हटाने का अनुरोध करता हूँ। इसमें मेरा वास्तविक नाम शामिल है जो गूगल सर्च में दिखाई दे रहा है और यह मेरी निजता का उल्लंघन है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खाते से जुड़ी यह पहचान पूरी तरह से मिटा दी जाए। कृपया मेरी सहायता करें।" [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 13:06, 12 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] जी, मैंने आपके वार्ता पृष्ठ का एक अवतरण हटा दिया है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी थी। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 14:56, 18 मार्च 2026 (UTC)
::::अभि भी मेरा नाम गुगल सर्च मैं दिख रहा है मुझे Wikipedia पर रहना ही नहीं कृपया यहा पर मेरा जो अकाउंट है उसे हटा दे पुरी तरह सें...
::::धन्यवाद...! [[सदस्य:Gahininath gutte|Gahininath gutte]] ([[सदस्य वार्ता:Gahininath gutte|वार्ता]]) 15:14, 18 मार्च 2026 (UTC)
:::::इसके लिए आप [[विशेष:GlobalVanishRequest]] पर उपलब्ध फ़ॉर्म भर सकते हैं। कृपया अनुरोध करने से पहले फ़ॉर्म पर दिए गए निर्देशों को अवश्य पढ़ लें। – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 15:19, 18 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
[[:en:Embarrasingly parallel]] का शीर्षक अनुवाद में क्या होना चाहिए-
* [[एम्बैरसिंगली पैरेलल]] या
* [[अति-समानांतरीय]]
[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:13, 15 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, सम्भवतः आपके पास टाइपो हुआ है और आप [[:en:Embarrassingly_parallel|Embarrassingly parallel]] की बात कर रहे हो। parallel के लिए हिन्दी में समानांतर शब्द काम में लेते हैं और शब्दकोश नामक वेबसाइट पर इसका अनुवाद अव्यवस्थित समानांतर लिखा है। लेकिन मुझे तार्किक तौर पर कोई तुल्य शब्द याद नहीं आ रहा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी, शब्दकोश नामक वेबसाइट पर एंबैरिसिंगली (Embarrassingly) का अनुवाद "शर्मनाक रूप से" लिखा है, लेकिन हम इसे कंप्यूटर विज्ञान या कोडिंग के संदर्भ में लिख रहे हैं तो क्या "सहज समानांतर" लिख सकते है? इसका मतलब यह है कि समानांतर करने में कोई विशेष दिमाग या मेहनत नहीं लगती। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:36, 19 मार्च 2026 (UTC)
:::@[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|चाहर धर्मेंद्र]] जी, इस स्थिति में अंग्रेज़ी वाले का ही देवनागरी में उच्चारण लिख दीजिएगा। लेख की शुरूआत में शब्दशः अनुवाद लिख सकते हैं और भविष्य में विश्वसनीय स्रोत मिलने पर उचित स्थानान्तरण कर दिया जायेगा। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 14:29, 25 मार्च 2026 (UTC)
== Request for Comment: VisualEditor automatic reference names ==
<div lang="en" dir="ltr">
Hi, I’m Johannes from [[:m:Wikimedia Deutschland|Wikimedia Deutschland]]’s [[:m:WMDE Technical Wishes|Technical Wishes team]]. Apologies for writing in English. {{Int:Please-translate}}! We are considering to work on [[:m:Community Wishlist/W17|Community Wishlist/W17: Improve VE references' automatic names and reuse]]. This has been a long-term issue for wikitext editors (see e.g. [[:en:WP:VisualEditor/Named references]]) which has been among the top-voted wishes in several [[:m:Community Wishlist Survey|Community Wishlist Surveys]], e.g. [[:m:Community Wishlist Survey 2017/Editing/VisualEditor: Allow editing of auto-generated references before adding them|2017]], [[:m:Community Wishlist Survey 2019/Citations/VisualEditor: Allow references to be named|2019]], [[:m:Community Wishlist Survey 2022/Editing/VisualEditor should use human-like names for references|2022]] or [[:m:Community Wishlist Survey 2023/Editing/VisualEditor should use proper names for references|2023]].
We would like your input on the [[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Proposed solutions|solutions]] proposed on our project page: '''[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names]]'''. We are considering several options, which can be combined if desired by the community.
* Changing the default pattern for automatically generated reference names (currently <code>":n"</code>, e.g. <code>":0"</code>, <code>":1"</code>...) to use the [[:mw:Help:Reference Previews#Exposed reference types|reference type]] instead (e.g. <code>"book_reference-1"</code>).
* Providing a simple mechanism for communities to configure a different default name.
* Generating automatic reference names based on the [[:en:domain name|domain name]] (if it’s a web citation).
* Generating automatic reference names based on template parameters (e.g. "title" or "last"+"first") – defined by the community.
=== Feedback ===
[[:m:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names|Visit our project page]] to read about our proposal in detail and share your thoughts [[:m:Talk:WMDE Technical Wishes/References/VisualEditor automatic reference names#Request for comment|on metawiki]].
'''Please note''': We will only implement a solution if there’s clear consensus among the global community. Our intention is not to build the perfect solution, but to find a simple and lean one that alleviates the pain caused by auto generated names. We are aware that some experienced VisualEditor users might prefer an option to manually change reference names in VisualEditor, but such a UX intervention is difficult to achieve across reference types and thus out of scope for our team, we can only improve the auto-naming mechanism.
We are happy about suggestions for improving certain details of the proposed solutions. Any other feedback and alternative proposals are also welcome – even though it’s out of scope for us, it might still be relevant for future work on this topic.
Please support us interpreting consensus by clearly indicating your opinion (e.g. by using support/neutral/oppose templates). We are aware of [[:en:WP:NOTVOTE]], but given that we are facilitating this discussion with users from different wikis, potentially commenting in their native language, clearly indicating your position helps us avoid misunderstandings.
Thank you for participating!</div> <bdi lang="en" dir="ltr">[[User:Johannes Richter (WMDE)|Johannes Richter (WMDE)]] ([[User talk:Johannes Richter (WMDE)|वार्ता]])</bdi> 11:15, 19 मार्च 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:Johannes_Richter_(WMDE)/MassMessageRecipients&oldid=30281362 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Johannes Richter (WMDE)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== मार्च गतिविधि अपडेट ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा मार्च 2026 में हुई गतिविधियाँ:
* 'हिंदी विकि सम्मेलन 2026' पर फाउंडेशन के साथ प्राथमिक स्तर की चर्चा पूरी हुई। अप्रैल तक इसपर निर्णय आने की संभावना है।
* गूगल के साथ साझेदारी संबंधी अपडेट फाउंडेशन तथा गूगल टीम के साथ पीपीटी बनाकर साझा किए गए। पिछले एक वर्ष के सभी कार्यक्रमों के (नए लेख, नए सदस्य, सांस्थानिक भागिदारी) आंकड़ों को संश्लिष्ट रूप में साझा किया गया।
* फरवरी में विकिपीडिया पर आयोजित [[विकिपीडिया:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/2026]] के सभी लेखों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* फरवरी में विकिस्रोत पर आयोजित [[s:hi:विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६|विकिस्रोत:अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस संपादनोत्सव/२०२६]] के सभी शोधित पृष्ठों की जाँच पूरी हुई तथा पुरस्कार विजेता घोषित किए गए।
* राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकि विभाग के साथ सांस्थानिक भागीदारी के प्रयास स्वरूप पहली प्रशिक्षण कार्यशाला 24 मार्च को आयोजित करना निश्चित हुआ।
* आइआइटी, जोधपुर के साथ सांस्थानिक भागीदारी की संभावना परखने के लिए 21 मार्च को जोधपुर में सामुदायिक बैठक निश्चित की गई। जोधपुर के कोई भी हिंदी विकिपीडियन इस अनौपचारिक संवाद बैठक में शामिल हो सकते हैं।
: हिंदी विकिपीडिया के अनुभवी सदस्यों द्वारा किसी भी स्थानीय या रास्ट्रीय स्तर के आयोजन प्रस्तावों का हम स्वागत करते हैं तथा सहयोग का भरोसा दिलाते हैं। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 23:49, 20 मार्च 2026 (UTC)
== अंगिका और मैथिली विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" मे भाग ले ==
नमस्ते , विकिपीडियन
[https://anp.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_आरू_लोकगाथा_अंगिका_२०२६ अंगिका] और [https://mai.wikipedia.org/wiki/विकिपीडिया:नारीवाद_एवं_लोककथा_२०२६ मैथिली] विकिपीडिया पर आयोजित "नारीवाद और लोककथा 2026" प्रतियोगिता चल रही है, और इनाम जीते।
तिथि: 23 मार्च - 31 मार्च 2026 (8 दिन शेष) [[सदस्य:Surajkumar9931|Surajkumar9931]] ([[सदस्य वार्ता:Surajkumar9931|वार्ता]]) 05:33, 23 मार्च 2026 (UTC)
== Deployment of Legal and Safety Contacts Link in the Footer of Your Wiki ==
[Please help translate this message]
Hello community, the Wikimedia Foundation has provided a [[foundation:Special:MyLanguage/Legal:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contact_Information|single legal and safety contact page]], to be linked in the footer of your wiki, to ensure access to accurate legal information. This is a regulatory requirement. We have already rolled out links to English, German, Italian, Spanish and other wikis and we will deploy to your wiki soon. [[metawiki:Special:MyLanguage/Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|Please read more on the project page]] and leave any comments in this thread or on the [[metawiki:Talk:Wikimedia_Foundation_Legal_and_Safety_Contacts_FAQ|talk page]]. –– [[सदस्य:STei (WMF)|STei (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:STei (WMF)|वार्ता]]) 13:21, 25 मार्च 2026 (UTC)
== शीर्षक अनुवाद में मदद ==
मैं [[:en:Perpetual calendar]] को अनुवाद कर रहा हूं। इसका शीर्षक क्या मुझे [[परपेचुअल पंचांग]] रखना चाहिए ? इसका तत्सम क्या हो सकता है क्योंकि मुझे इसका कही हिन्दी में प्रयोग नही मिला। [[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] ([[सदस्य वार्ता:Sarangem|वार्ता]]) 13:40, 25 मार्च 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:Sarangem|Sarangem]] जी, आप की जानकारी के लिए कुछ सन्दर्भ [https://uptoword.com/en/perpetual-calendar-meaning-in-hindi?utm_source=chatgpt.com] [https://fj.voguetimebalfie.com/info/are-perpetual-calendar-watches-accurate-100990981.html] [https://www.google.co.th/books/edition/N%C4%ABh%C4%81rik%C4%81/t6hHAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&printsec=frontcover] [https://www.google.co.th/books/edition/Bhajpa_Ka_Abhyuday_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE_%E0%A4%95/Cet5EAAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%A4+%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0&pg=RA1-PA1970&printsec=frontcover] दिए गए है, इन के हिसाब से सतत पंचांग या स्थायी पंचांग लिखा जा सकता है। बाकि जैसी सभी की राय हो। <span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 08:32, 28 मार्च 2026 (UTC)
== विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ हेतु स्कॉलरशिप आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं ==
नमस्ते,
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ के लिए स्कॉलरशिप हेतु आवेदन अब प्रारम्भ हो चुके हैं । यह कॉन्फ्रेंस ४ से ६ सितंबर २०२६ तक कोच्चि, भारत में होगी ।
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत), दक्षिण एशिया के साथ और भी विकिमीडियन्स, सामुदायिक आयोजकों और योगदानकर्ताओं को एक साथ लाता है। यह जुड़ने, सीखने, अनुभव बाँटने करने और निःशुल्क ज्ञान के आंदोलन को सशक्त करने हेतु मिलजुलकर करने का एक स्थान है । 🙂
अगर आप विकिमीडिया परियोजनाओं में सक्रिय योगदानकर्ता हैं अथवा सामुदायिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हैं, तो आपको स्कॉलरशिप के लिए आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया जाता है । [[diffblog:2026/03/19/namukku-othukoodam-scholarships-now-open-for-wikiconference-india-2026/|विस्तृत घोषणा]] यहाँ है ।
आवेदन की अंतिम तिथि: १५ अप्रैल २०२६ रात ११:५९ बजे IST
आवेदन की लिंक: [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdA3rR9xX_k31dzJrjM5MTDNYNUIRcAB45S4TflsYCbGJNrzg/viewform आवेदन की लिंक]
अधिक जानकारी: [[metawiki:WikiConference_India_2026/Scholarship|मेटा पेज लिंक]]
कृपया इस घोषणा को अपने समुदाय में अन्य सदस्यों के साथ भी बाँटें ।
धन्यवाद !
विकीकॉन्फ्रेंस इंडिया (भारत) २०२६ की आयोजन टीम
-[[User:Gnoeee|<span style="color:#990000">❙❚❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span><span style="color:#000"> जिनोय </span><span style="color:#006699">❚❙❚</span><span style="color:#339966">❙❙</span>]] [[User talk:Gnoeee|✉]] 21:00, 28 मार्च 2026 (UTC)
== Join the sixth Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia! ==
<div lang="en" dir="ltr">
[[File:Ukraine’s Cultural Diplomacy Month on Wikipedia 2026.png|right|250px|thumb|link=https://meta.wikimedia.org/wiki/Ukraine%27s_Cultural_Diplomacy_Month_2026|Join our campaign!]]
{{int:please-translate}}
Dear Wikipedians!
[[:m:Special:MyLanguage/Wikimedia Ukraine|Wikimedia Ukraine]], in cooperation with the [[:en:Ministry of Foreign Affairs of Ukraine|MFA of Ukraine]] and [[:en:Ukrainian Institute|Ukrainian Institute]], has launched the sixth edition of writing challenge "'''[[:m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Ukraine's Cultural Diplomacy Month]]'''", which lasts from '''1st April''' until '''30th April 2026'''.
The initiative aims to promote knowledge about Ukrainian culture abroad by creating and improving Wikipedia articles in multiple languages. This year marks the sixth edition of the campaign, which will focus on contemporary culture, making today’s artistic voices and practices more visible to international audiences.
🧩'''How to participate?'''
Choose an article from the suggested list → Write an article in your language, or improve an existing one according to the rules → Add your contribution to the contest page and calculate your points → Win prizes and receive a certificate of participation → Become a promoter of truthful knowledge about Ukraine.
🧩'''[[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|Check our main page for more information]]'''.
'''If you are interested in coordinating long-term community engagement for the campaign and becoming a local ambassador, we would love to hear from you! Please let us know your interest.'''
If not, then we encourage you to translate the [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|landing page of the contest]] and [https://meta.wikimedia.org/wiki/Special:MessageGroupStats?group=Centralnotice-tgroup-UCDM2026banner&messages=&language=en&x=D banner] into your own language.
Also, we set up a [[:m:CentralNotice/Request/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|banner]] to notify users of the possibility to participate in this challenge!
[[:m:User:OlesiaLukaniuk (WMUA)|OlesiaLukaniuk (WMUA)]] ([[:m:User talk:OlesiaLukaniuk (WMUA)|talk]]) 04:35, 1 April 2026 (UTC)
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User:OlesiaLukaniuk_(WMUA)/list_of_wikis&oldid=28552112 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:OlesiaLukaniuk (WMUA)@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== Action Required: Update templates/modules for electoral maps (Migrating from P1846 to P14226) ==
Hello everyone,
This is a notice regarding an ongoing data migration on Wikidata that may affect your election-related templates and Lua modules (such as <code>Module:Itemgroup/list</code>).
'''The Change:'''<br />
Currently, many templates pull electoral maps from Wikidata using the property [[:d:Property:P1846|P1846]], combined with the qualifier [[:d:Property:P180|P180]]: [[:d:Q19571328|Q19571328]].
We are migrating this data (across roughly 4,000 items) to a newly created, dedicated property: '''[[:d:Property:P14226|P14226]]'''.
'''What You Need To Do:'''<br />
To ensure your templates and infoboxes do not break or lose their maps, please update your local code to fetch data from [[:d:Property:P14226|P14226]] instead of the old [[:d:Property:P1846|P1846]] + [[:d:Property:P180|P180]] structure. A [[m:Wikidata/Property Migration: P1846 to P14226/List|list of pages]] was generated using Wikimedia Global Search.
'''Deadline:'''<br />
We are temporarily retaining the old data on [[:d:Property:P1846|P1846]] to allow for a smooth transition. However, to complete the data cleanup on Wikidata, the old [[:d:Property:P1846|P1846]] statements will be removed after '''May 1, 2026'''. Please update your modules and templates before this date to prevent any disruption to your wiki's election articles.
Let us know if you have any questions or need assistance with the query logic. Thank you for your help! [[User:ZI Jony|ZI Jony]] using [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 17:12, 3 अप्रैल 2026 (UTC)
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Non-Technical_Village_Pumps_distribution_list&oldid=29941252 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:ZI Jony@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== Wikimedia Foundation की वार्षिक योजना की चर्चाओं में शामिल होने का आमंत्रण ==
नमस्ते,
मैं आप सभी को '''साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल''' के अप्रैल एडिशन में इनवाइट करना चाहता हूँ, जो विकिमीडिया फाउंडेशन की लीडरशिप के साथ उनके [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan/2026-2027 एनुअल प्लान (2026-2027)] पर चर्चा करेगा।
फ़ाउंडेशन की [https://meta.wikimedia.org/wiki/Wikimedia%20Foundation%20Annual%20Plan वार्षिक योजना] एक उच्च-स्तरीय रोडमैप है, जिसमें यह बताया गया है कि संगठन आने वाले वर्ष में क्या हासिल करना चाहता है। इसमें न केवल फाउंडेशन के लक्ष्य, प्रगति और योजना शामिल है, बल्कि वैश्विक रुझानों का सारांश भी शामिल है जो हमारे मूवमेंट के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित करते हैं।
इसलिए, अगला '[https://meta.wikimedia.org/wiki/South%20Asia%20Open%20Community%20Call साउथ एशिया ओपन कम्युनिटी कॉल]' नीचे दी गई तारीखों/समय पर आयोजित कि जाएगी। कृपया इसे अपने कैलेंडर में नोट कर लें और [https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 यहाँ साइन अप करें।]
Platform: Google Meet
Date: 17th April, 2026
Time: 1930-2045 IST (1400-1515 UTC)
[https://meta.wikimedia.org/wiki/Event:South%20Asia%20Open%20Community%20Call,%20April%202026 Registration Link]
'''नोट:''' सिर्फ़ रजिस्टर्ड लोगों को ही जॉइनिंग लिंक मिलेगा।
कॉल पर आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा,
--[[सदस्य:RASharma (WMF)|RASharma (WMF)]] ([[सदस्य वार्ता:RASharma (WMF)|वार्ता]]) 12:49, 6 अप्रैल 2026 (UTC)
== पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) अधिकार और नए सुरक्षा स्तर पर पुनर्विचार हेतु प्रस्ताव ==
सभी सदस्य महोदय,
मैं समुदाय का ध्यान पृष्ठ स्थानांतरण (Page Move) से जुड़ी [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख_48#केवल_स्वतः_परीक्षित_सदस्यों_द्वारा_स्थानांतरण|2017 की एक पुरानी चर्चा (पुरालेख 48)]] और नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। उस समय अनुचित स्थानांतरणों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि केवल 'स्वतः परीक्षित' (Autopatrolled), रोलबैकर या प्रबंधक स्तर के सदस्य ही पृष्ठों का स्थानांतरण कर सकेंगे।
उस समय की चर्चा में और फैब्रिकेटर (Phabricator) पर एक अन्य विकल्प (विकल्प 2) का भी सुझाव दिया गया था, जिसका उल्लेख आदरणीय @[[सदस्य:SM7|SM7]] जी ने किया था: '''"एक नया सुरक्षा स्तर बना कर बर्बरता के शिकार पन्नों को इस स्तर पर सुरक्षित करने का।"'''
मेरा प्रस्ताव है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें अब इस विकल्प (नया स्थानांतरण सुरक्षा स्तर) को लागू करना चाहिए। मेरी रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
# '''सुरक्षित पृष्ठ:''' जिन पृष्ठों को अर्ध-सुरक्षा (Semi-protection) या पूर्ण सुरक्षा (Full protection) प्राप्त है या जो बर्बरता के प्रति अति-संवेदनशील हैं, उन्हें स्थानांतरित करने का अधिकार केवल 'स्वतः परीक्षित', रोलबैकर, पुनरीक्षक, प्रशासक या प्रबंधक स्तर के सदस्यों तक ही सीमित रहे।
# '''सामान्य पृष्ठ:''' जो पृष्ठ पूरी तरह से असुरक्षित और सामान्य हैं, उनका स्थानांतरण (नाम परिवर्तन) करने का अधिकार 'स्वतः स्थापित' (Autoconfirmed) सदस्यों को वापस दे दिया जाए (जैसा कि अंग्रेजी व अन्य विकिपीडिया परियोजनाओं पर होता है)।
'''इस बदलाव की आवश्यकता क्यों है (ठोस आँकड़े)?'''
सक्रिय अधिकार-प्राप्त सदस्यों की भारी कमी के कारण, छोटे-छोटे और स्पष्ट स्थानांतरण कार्यों (जैसे वर्तनी सुधार) के लिए भी सक्रिय 'स्वतः स्थापित' सदस्यों को <code><nowiki>{{नाम बदलें}}</nowiki></code> का अनुरोध करना पड़ता है। इससे काम की गति धीमी होती है और प्रबंधकों पर भी अनावश्यक अनुरोधों का बोझ पड़ता है।
हाल ही में मैंने Quarry टूल के माध्यम से हिंदी विकिपीडिया के डेटाबेस का विश्लेषण किया (क्वेरी लिंक: [https://quarry.wmcloud.org/query/104224 Quarry Query: 104224])। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में दर्जनों ऐसे अधिकार-प्राप्त सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले कई महीनों या वर्षों से हिंदी विकिपीडिया पर एक भी संपादन नहीं किया है। आप नीचे दी गई तालिका का विस्तार करके स्वयं देख सकते हैं:
{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची
! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (दिनांक)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018
|-
| autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018
|-
| rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019
|-
| autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020
|-
| autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020
|-
| autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020
|-
| autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021
|-
| autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021
|-
| rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021
|-
| autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021
|-
| autopatrolled || Navodian || 20-01-2022
|-
| autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022
|-
| autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022
|-
| autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022
|-
| autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023
|-
| autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023
|-
| autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023
|-
| autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023
|-
| autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023
|-
| autopatrolled || जैन || 02-11-2023
|-
| autopatrolled || Samee || 13-01-2024
|-
| autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 15-04-2024
|-
| rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024
|-
| autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024
|-
| autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024
|-
| rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024
|-
| autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024
|-
| autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024
|-
| autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024
|-
| autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025
|-
| autopatrolled || MKar || 23-03-2025
|-
| autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025
|-
| rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025
|-
| rollbacker || स || 20-05-2025
|-
| autopatrolled || स || 20-05-2025
|-
| rollbacker || Stang || 26-05-2025
|-
| autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025
|-
| rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025
|-
| rollbacker || PQR01 || 12-06-2025
|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025
|-
| rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025
|-
| rollbacker || Nadzik || 22-11-2025
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 23-12-2025
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026
|-
| autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 21-02-2026
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026
|-
| autopatrolled || नीलम || 09-03-2026
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 12-03-2026
|-
| rollbacker || Eihel || 13-03-2026
|-
| autopatrolled || Eihel || 13-03-2026
|-
| autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026
|-
| rollbacker || J ansari || 24-03-2026
|-
| autopatrolled || J ansari || 24-03-2026
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026
|-
| autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026
|-
| rollbacker || 1997kB || 29-03-2026
|-
| rollbacker || Saroj || 31-03-2026
|-
| autopatrolled || Ziv || 01-04-2026
|-
| rollbacker || TypeInfo || 02-04-2026
|-
| sysop || संजीव कुमार || 07-04-2026
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 08-04-2026
|-
| sysop || SM7 || 08-04-2026
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 09-04-2026
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 09-04-2026
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 09-04-2026
|-
| sysop || DreamRimmer || 09-04-2026
|-
| autopatrolled || अनुनाद सिंह || 09-04-2026
|-
| sysop || Sanjeev bot || 10-04-2026
|}
यदि हम यह नई तकनीकी व्यवस्था लागू करते हैं, तो सक्रिय सदस्यों को काम करने में सहूलियत मिलेगी, विकिपीडिया का विकास तेज़ी से होगा, और प्रबंधकों का कीमती समय बचेगा।
कृपया इस प्रस्ताव पर अपने बहुमूल्य विचार साझा करें ताकि हम इस सुधार को प्रबंधकों के माध्यम से लागू करवा सकें।
धन्यवाद। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 09:22, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] जी, मुझे आपका उद्देश्य समझ में नहीं आया। जो आवेदन अधूरे हैं उनमें से अधिकतर अधूरे होने का कारण प्रबन्धकों की सक्रियता नहीं बल्कि उचित स्रोत का न होना है। आप चाहते हो कि स्रोतों के अभाव में आवेदन करने वाले सदस्य मनमर्जी से स्थानान्तरण करते रहें? आपने जो उपरोक्त सूची दी है, क्या उनमें कोई सदस्य अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है? यदि हाँ तो सूचित करें। <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:48, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय,
::'''1. मनमर्जी से स्थानांतरण:''' मेरा उद्देश्य इसे बढ़ावा देना बिल्कुल नहीं है। जैसा कि इस विषय पर पहले भी बताया गया था, यह प्रस्ताव केवल स्पष्ट वर्तनी और मात्रा की गलतियों को तुरंत सुधारने के लिए है। यदि कोई 'स्वतः स्थापित' सदस्य अनुचित स्थानांतरण करता है, तो उसे आसानी से पूर्ववत किया जा सकता है। साथ ही, संवेदनशील या विवादित पृष्ठों को नए 'स्थानांतरण सुरक्षा स्तर' से सुरक्षित रखा जा सकता है। या एक विकल्प यह भी है कि किसी भी सुरक्षित पृष्ठ पर स्थानांतरण करने के लिए नामांकन की आवश्यकता है|
::'''2. सूची का उद्देश्य:''' मेरा उद्देश्य किसी पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाना नहीं था। यह सूची केवल यह दर्शाने के लिए थी कि अधिकार-प्राप्त सक्रिय सदस्यों की संख्या वर्तमान में बहुत कम है। इस कारण, नाम सुधारने जैसे छोटे-छोटे कार्यों का पूरा बोझ आप जैसे चंद सक्रिय प्रबंधकों पर ही पड़ता है।
::मेरा यह प्रस्ताव केवल प्रबंधकों का कीमती समय बचाने और सुधारात्मक कार्यों को गति देने का एक तकनीकी सुझाव मात्र है। समुदाय का जो भी निर्णय होगा, वह मुझे सहर्ष स्वीकार है। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 16:27, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
:::प्रबन्धकों के समय का निर्धारण आप कैसे कर सकते हैं? किसी प्रबन्धक ने आपको कहा है क्या कि हमारा समय पृष्ठ स्थानान्तरण में जा रहा है? <span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:36, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
::::@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] जी नहीं महोदय [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 23:57, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
:::: [[:श्रेणी:स्थानान्तरण अनुरोध|बहुत से पृष्ठ]] स्थानांतरण हेतु लंबित पड़े हैं। इस सूची की लंबाई को देखने से आभास हो सकता है कि स्थानांतरण अधिकार प्राप्त सदस्यों के पास समय की कमी होगी। इसलिए [[सदस्य: AMAN KUMAR|विक्रम प्रताप]] का प्रस्ताव जायज़ है।[[सदस्य:Pkrs1|Pkrs1]] ([[सदस्य वार्ता:Pkrs1|वार्ता]]) 16:23, 11 मई 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:संजीव कुमार|संजीव कुमार]] महोदय और अन्य सदस्यगण,
:संजीव जी, आपने ऊपर मेरी दी गई सूची पर प्रश्न उठाते हुए पूछा था कि ''"क्या उनमें कोई सदस्य अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है? यदि हाँ तो सूचित करें।"'' जी नहीं महोदय, वे अधिकारों का दुरुपयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे '''अधिकार निवृति की उस नीति''' के दायरे में आ चुके हैं, जिसे '''स्वयं आपने ही 2014 में प्रस्तावित और पारित करवाया था।'''
:मैं समुदाय का ध्यान [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 37#सदस्य अधिकारों का पुनः वितरण|अक्टूबर 2014 की उस चर्चा (सदस्य अधिकारों का पुनः वितरण)]] की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जहाँ संजीव जी ने स्वयं यह प्रस्ताव रखा था कि:<blockquote>''"यहाँ मैं यह प्रस्ताव रखना चाहता हूँ कि यह अधिकार रखने वाले सदस्यों के योगदान पिछले एक वर्ष में यदि २५ से भी कम रहते हैं तो उन्हें इस अधिकार से आदर-सहित निवृत किया जाये।"'' जिसे बाद में सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया और '''[[विकिपीडिया:स्वतः परीक्षित अधिकार हेतु निवेदन]]''' पृष्ठ की नीतियों में जोड़ा गया।</blockquote>मैंने जो अधिकार-प्राप्त सदस्यों की सूची साझा की थी, उसका एकमात्र उद्देश्य समुदाय को यह याद दिलाना था कि तकनीकी और नीतिगत रूप से दर्जनों सदस्य वर्षों से इस न्यूनतम योग्यता को खो चुके हैं।
:चूँकि एक तरफ अधिकार प्राप्त सदस्य भारी संख्या में निष्क्रिय हैं, और दूसरी तरफ बहुत से पृष्ठ स्थानांतरण हेतु लंबित पड़े हैं, इसलिए मेरा यह प्रस्ताव है कि: या तो सक्रिय सदस्यों को यह अधिकार देने की प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, या फिर पृष्ठ स्थानांतरण के लिए एक नया 'स्थानांतरण सुरक्षा स्तर' लागू किया जाए ताकि पेंडिंग काम जल्दी निपट सकें।
:समुदाय के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया इस नीतिगत सुधार के प्रस्ताव पर अपने विचार साझा करें। '''कृपया अपने समर्थन अथवा विरोध में एक पंक्ति की टिप्पणी जरूर लिखें जिससे आपके मत का महत्व समझा जा सके।'''
:आशा है समुदाय और प्रबंधकगण इस स्थापित नीति और वर्तमान आवश्यकता पर गौर करेंगे।[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:30, 17 मई 2026 (UTC)
==== समर्थन ====
* {{समर्थन}} – प्रस्तावक के रूप में। [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:30, 17 मई 2026 (UTC)
==== विरोध ====
* '''प्रबल विरोध''': कृपया सदस्य अधिकार और स्थानान्तरण की चर्चा का मिश्रण न करें। मेरा अधिकार मुक्ति वाला प्रस्ताव रखने का कारण सम्भावित दुरुपयोग अथवा खाते का हैकिंग का शिकार होना था। जो सदस्य सक्रिय नहीं हैं, उन्हें समय-समय पर अधिकार मुक्त किया जाता है, अतः इन्हें भी अधिकार (उपकरण) मुक्त कर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त स्थानान्तरण के प्रस्तावों को देखते हुये आपने वो संख्या नहीं दी जो प्रबंधकों की अनुपलब्धता का शिकार हुये हैं।<span style="color:green;">☆★</span>[[user:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 08:10, 21 मई 2026 (UTC)
==== टिप्पणी ====
इसका कोड <syntaxhighlight lang="mysql">
SELECT
ug.ug_group AS 'अधिकार (Group)',
u.user_name AS 'सदस्य का नाम',
MAX(r.rev_timestamp) AS 'आखिरी संपादन (YYYYMMDD)'
FROM user u
JOIN user_groups ug ON u.user_id = ug.ug_user
JOIN actor a ON u.user_id = a.actor_user
JOIN revision_userindex r ON a.actor_id = r.rev_actor
WHERE ug.ug_group IN ('autopatrolled', 'rollbacker', 'editor', 'sysop', 'bureaucrat')
GROUP BY u.user_name, ug.ug_group
ORDER BY MAX(r.rev_timestamp) ASC;
</syntaxhighlight> तथा नई सूची निम्नवत है:
{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों के अंतिम संपादन की सूची
|-
! अधिकार (Group) !! सदस्य का नाम !! आखिरी संपादन (तारीख और समय)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 20-10-2016 15:24:17
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 05-10-2017 21:06:42
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 22-10-2017 11:43:07
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 02-09-2018 14:11:58
|-
| autopatrolled || Salma Mahmoud || 23-10-2018 08:49:50
|-
| rollbacker || FR30799386 || 02-10-2019 09:15:19
|-
| autopatrolled || SGill (WMF) || 03-03-2020 17:57:10
|-
| autopatrolled || RacIndian || 21-08-2020 15:14:57
|-
| autopatrolled || Jaswant Singh4 || 25-09-2020 19:40:54
|-
| autopatrolled || Teacher1943 || 28-08-2021 04:32:05
|-
| rollbacker || Navinsingh133 || 23-12-2021 11:27:25
|-
| autopatrolled || Navinsingh133 || 23-12-2021 11:27:25
|-
| autopatrolled || Mala chaubey || 29-12-2021 11:22:41
|-
| autopatrolled || Navodian || 20-01-2022 09:44:35
|-
| autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 08-06-2022 15:14:50
|-
| autopatrolled || Innocentbunny || 21-09-2022 05:34:19
|-
| autopatrolled || Biplab Anand || 22-10-2022 02:04:30
|-
| autopatrolled || सुनील मलेठिया || 08-01-2023 02:02:45
|-
| autopatrolled || Sushilmishra || 20-04-2023 13:04:24
|-
| autopatrolled || Gaurav561 || 01-05-2023 16:26:08
|-
| autopatrolled || Ahmed Nisar || 02-07-2023 08:30:24
|-
| autopatrolled || JamesJohn82 || 20-08-2023 00:07:50
|-
| autopatrolled || जैन || 02-11-2023 17:08:39
|-
| autopatrolled || Samee || 13-01-2024 10:39:51
|-
| autopatrolled || Dinesh smita || 15-04-2024 09:23:34
|-
| autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 09:50:42
|-
| rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 05-10-2024 09:50:42
|-
| autopatrolled || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 18:24:09
|-
| rollbacker || निधिलता तिवारी || 23-10-2024 18:24:09
|-
| autopatrolled || Anamdas || 07-11-2024 12:26:10
|-
| autopatrolled || चक्रपाणी || 02-12-2024 07:06:54
|-
| autopatrolled || Charan Gill || 14-12-2024 05:06:05
|-
| autopatrolled || Satdeep Gill || 10-02-2025 15:59:05
|-
| autopatrolled || MKar || 23-03-2025 17:21:30
|-
| rollbacker || ArmouredCyborg || 15-05-2025 16:18:21
|-
| autopatrolled || ArmouredCyborg || 15-05-2025 16:18:21
|-
| rollbacker || स || 20-05-2025 17:14:23
|-
| autopatrolled || स || 20-05-2025 17:14:23
|-
| rollbacker || Stang || 26-05-2025 07:35:15
|-
| rollbacker || AshokChakra || 29-05-2025 06:40:13
|-
| autopatrolled || AshokChakra || 29-05-2025 06:40:13
|-
| rollbacker || PQR01 || 12-06-2025 05:47:19
|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 26-06-2025 19:37:46
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 03-07-2025 15:18:35
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13-07-2025 20:10:59
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 19-07-2025 15:13:28
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 21-07-2025 11:39:34
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 21-07-2025 11:39:34
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 03-08-2025 01:57:05
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 06-10-2025 15:08:19
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 29-10-2025 12:53:31
|-
| rollbacker || राजकुमार || 01-11-2025 03:44:24
|-
| rollbacker || Nadzik || 22-11-2025 19:09:55
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 15-12-2025 15:02:23
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 22-12-2025 11:19:22
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 13:51:19
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 15-01-2026 13:51:19
|-
| autopatrolled || कलमकार || 12-02-2026 17:59:22
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 22-02-2026 19:15:09
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 22-02-2026 19:15:09
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 10-03-2026 16:26:17
|-
| rollbacker || Eihel || 13-03-2026 13:30:30
|-
| autopatrolled || Eihel || 13-03-2026 13:30:30
|-
| autopatrolled || Utcursch || 17-03-2026 13:17:10
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 27-03-2026 19:53:05
|-
| autopatrolled || 1997kB || 29-03-2026 06:33:50
|-
| rollbacker || 1997kB || 29-03-2026 06:33:50
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 07-04-2026 13:52:15
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 14-04-2026 12:16:40
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 14-04-2026 13:02:22
|-
| autopatrolled || नीलम || 22-04-2026 11:42:50
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 05-05-2026 11:27:30
|-
| autopatrolled || Ziv || 06-05-2026 02:52:45
|-
| rollbacker || J ansari || 09-05-2026 15:51:16
|-
| autopatrolled || J ansari || 09-05-2026 15:51:16
|-
| rollbacker || TypeInfo || 11-05-2026 15:12:23
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 13-05-2026 09:24:04
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 13-05-2026 12:06:54
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 15-05-2026 09:12:23
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 15-05-2026 09:12:23
|-
| sysop || SM7 || 16-05-2026 04:04:05
|-
| sysop || संजीव कुमार || 16-05-2026 05:44:59
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 16-05-2026 07:29:01
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 16-05-2026 13:07:13
|-
| sysop || DreamRimmer || 16-05-2026 14:48:15
|-
| sysop || Sanjeev bot || 17-05-2026 00:01:04
|-
| rollbacker || Saroj || 17-05-2026 08:56:02
|-
| autopatrolled || चाहर धर्मेंद्र || 17-05-2026 08:58:37
|}
[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 13:43, 17 मई 2026 (UTC)
: प्रयुक्त कोड <syntaxhighlight lang="mysql" line="1">
WITH TargetUsers AS (
-- लक्षित अधिकारों वाले सदस्यों और उनकी आईडी का चयन
SELECT u.user_id, u.user_name, ug.ug_group, a.actor_id
FROM user u
JOIN user_groups ug ON u.user_id = ug.ug_user
JOIN actor a ON u.user_id = a.actor_user
WHERE ug.ug_group IN ('autopatrolled', 'rollbacker', 'editor', 'sysop', 'bureaucrat')
),
NumberedEdits AS (
-- प्रत्येक संपादन को नंबर देना और पिछले 1 वर्ष (365 दिन) के कुल संपादनों की गणना करना
SELECT
tu.ug_group,
tu.user_name,
r.rev_timestamp,
ROW_NUMBER() OVER(PARTITION BY tu.user_name, tu.ug_group ORDER BY r.rev_timestamp DESC) as rn,
COUNT(CASE WHEN r.rev_timestamp >= DATE_FORMAT(NOW() - INTERVAL 1 YEAR, '%Y%m%d%H%i%s') THEN 1 END) OVER(PARTITION BY tu.user_name, tu.ug_group) as edits_last_year
FROM TargetUsers tu
JOIN revision_userindex r ON tu.actor_id = r.rev_actor
)
-- अंतिम परिणाम: 25वाँ संपादन और पिछले 1 साल के संपादनों की कुल संख्या
SELECT
ug_group AS 'अधिकार (Group)',
user_name AS 'सदस्य का नाम',
MAX(edits_last_year) AS 'पिछले 1 साल में संपादन',
MAX(CASE WHEN rn = 1 THEN rev_timestamp END) AS 'आखिरी संपादन (Latest)',
MAX(CASE WHEN rn = 25 THEN rev_timestamp END) AS '25वाँ संपादन (25th Edit)'
FROM NumberedEdits
WHERE rn <= 25
GROUP BY ug_group, user_name
ORDER BY MAX(CASE WHEN rn = 1 THEN rev_timestamp END) ASC;
</syntaxhighlight> जांच करें [https://quarry.wmcloud.org/query/105358 यहां पर]
:{| class="wikitable mw-collapsible mw-collapsed" style="text-align:center; width:80%;"
|+ अधिकार प्राप्त सदस्यों की संपादन सक्रियता सूची (नवीन)
|-
! अधिकार(Group) !! सदस्य का नाम !! पिछले 1 साल में संपादन !! आखिरी संपादन (Latest) !! 25वाँ संपादन (25th Edit)
|-
| autopatrolled || Naziah rizvi || 0 || 20-10-2016 15:24:17 || 25-08-2016 12:17:10
|-
| autopatrolled || Somesh Tripathi || 0 || 05-10-2017 21:06:42 || 13-08-2016 14:49:34
|-
| autopatrolled || Jeeteshvaishya || 0 || 22-10-2017 11:43:07 || 07-10-2017 11:55:41
|-
| autopatrolled || रोहित रावत || 0 || 02-09-2018 14:11:58 || 31-08-2018 10:45:38
|-
| autopatrolled || Salma Mahmoud || 0 || 23-10-2018 08:49:50 || 23-10-2018 00:31:30
|-
| rollbacker || FR30799386 || 0 || 02-10-2019 09:15:19 || 02-09-2019 06:08:41
|-
| autopatrolled || SGill (WMF) || 0 || 03-03-2020 17:57:10 || 01-07-2017 10:37:59
|-
| autopatrolled || RacIndian || 0 || 21-08-2020 15:14:57 || 31-05-2016 05:48:17
|-
| autopatrolled || Jaswant Singh4 || 0 || 25-09-2020 19:40:54 || 24-07-2020 17:36:01
|-
| autopatrolled || Teacher1943 || 0 || 28-08-2021 04:32:05 || 22-06-2021 13:13:22
|-
| rollbacker || Navinsingh133 || 0 || 23-12-2021 11:27:25 || 08-10-2020 08:13:39
|-
| autopatrolled || Navinsingh133 || 0 || 23-12-2021 11:27:25 || 08-10-2020 08:13:39
|-
| autopatrolled || Mala chaubey || 0 || 29-12-2021 11:22:41 || 26-08-2021 09:53:10
|-
| autopatrolled || Navodian || 0 || 20-01-2022 09:44:35 || 28-09-2021 07:06:24
|-
| autopatrolled || AbhiSuryawanshi || 0 || 08-06-2022 15:14:50 || 10-03-2018 03:11:58
|-
| autopatrolled || Innocentbunny || 0 || 21-09-2022 05:34:19 || 12-09-2022 09:42:42
|-
| autopatrolled || Biplab Anand || 0 || 22-10-2022 02:04:30 || 30-04-2020 03:55:45
|-
| autopatrolled || सुनील मलेठिया || 0 || 08-01-2023 02:02:45 || 25-12-2016 13:31:43
|-
| autopatrolled || Sushilmishra || 0 || 20-04-2023 13:04:24 || 02-12-2017 16:59:44
|-
| autopatrolled || Gaurav561 || 0 || 01-05-2023 16:26:08 || 30-09-2016 05:11:15
|-
| autopatrolled || Ahmed Nisar || 0 || 02-07-2023 08:30:24 || 20-03-2023 19:57:48
|-
| autopatrolled || JamesJohn82 || 0 || 20-08-2023 00:07:50 || 07-12-2022 05:52:14
|-
| autopatrolled || जैन || 0 || 02-11-2023 17:08:39 || 30-05-2023 12:56:45
|-
| autopatrolled || Samee || 0 || 13-01-2024 10:39:51 || 27-03-2019 06:36:18
|-
| autopatrolled || Dinesh smita || 0 || 15-04-2024 09:23:34 || 07-03-2024 04:42:25
|-
| rollbacker || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 0 || 05-10-2024 09:50:42 || 29-06-2024 07:25:16
|-
| autopatrolled || कन्हाई प्रसाद चौरसिया || 0 || 05-10-2024 09:50:42 || 29-06-2024 07:25:16
|-
| autopatrolled || निधिलता तिवारी || 0 || 23-10-2024 18:24:09 || 25-04-2024 19:48:19
|-
| rollbacker || निधिलता तिवारी || 0 || 23-10-2024 18:24:09 || 25-04-2024 19:48:19
|-
| autopatrolled || Anamdas || 0 || 07-11-2024 12:26:10 || 08-09-2023 13:02:34
|-
| autopatrolled || चक्रपाणी || 0 || 02-12-2024 07:06:54 || 21-09-2023 02:58:14
|-
| autopatrolled || Charan Gill || 0 || 14-12-2024 05:06:05 || 08-05-2021 06:35:21
|-
| autopatrolled || Satdeep Gill || 0 || 10-02-2025 15:59:05 || 26-02-2021 05:45:39
|-
| autopatrolled || MKar || 0 || 23-03-2025 17:21:30 || 23-03-2021 03:58:00
|-
| rollbacker || ArmouredCyborg || 0 || 15-05-2025 16:18:21 || 09-03-2025 15:47:05
|-
| autopatrolled || ArmouredCyborg || 0 || 15-05-2025 16:18:21 || 09-03-2025 15:47:05
|-
| autopatrolled || स || 2 || 20-05-2025 17:14:23 || 30-03-2023 03:44:21
|-
| rollbacker || स || 2 || 20-05-2025 17:14:23 || 30-03-2023 03:44:21
|-
| rollbacker || Stang || 2 || 26-05-2025 07:35:15 || 06-04-2022 12:49:20
|-
| autopatrolled || AshokChakra || 3 || 29-05-2025 06:40:13 || 19-03-2023 14:53:44
|-
| rollbacker || AshokChakra || 3 || 29-05-2025 06:40:13 || 19-03-2023 14:53:44
|-
| rollbacker || PQR01 || 1 || 12-06-2025 05:47:19 || 26-09-2024 11:47:20
|-
| autopatrolled || WhisperToMe || 1 || 26-06-2025 19:37:46 || 10-05-2018 17:33:09
|-
| autopatrolled || Hunnjazal || 5 || 03-07-2025 15:18:35 || 31-05-2023 01:00:53
|-
| autopatrolled || MGA73 || 13 || 13-07-2025 20:10:59 || 05-04-2023 19:17:20
|-
| autopatrolled || Jayprakash12345 || 4 || 19-07-2025 15:13:28 || 23-07-2021 06:53:36
|-
| autopatrolled || Nilesh shukla || 48 || 21-07-2025 11:39:34 || 30-05-2025 07:30:59
|-
| rollbacker || Nilesh shukla || 48 || 21-07-2025 11:39:34 || 30-05-2025 07:30:59
|-
| autopatrolled || Raju Babu || 13 || 03-08-2025 01:57:05 || 17-08-2024 11:27:38
|-
| autopatrolled || Trikutdas || 28 || 06-10-2025 15:08:19 || 28-09-2025 13:57:34
|-
| autopatrolled || Surenders25 || 535 || 29-10-2025 12:53:31 || 14-10-2025 08:45:33
|-
| rollbacker || राजकुमार || 2 || 01-11-2025 03:44:24 || 17-01-2025 14:11:32
|-
| rollbacker || Nadzik || 2 || 22-11-2025 19:09:55 || 16-08-2024 14:03:07
|-
| autopatrolled || Srajaltiwari || 13 || 15-12-2025 15:02:23 || 20-05-2024 09:10:07
|-
| autopatrolled || Buddhdeo Vibhakar || 8 || 22-12-2025 11:19:22 || 17-04-2024 07:25:07
|-
| autopatrolled || सौरभ तिवारी 05 || 42 || 15-01-2026 13:51:19 || 01-09-2025 05:45:34
|-
| rollbacker || सौरभ तिवारी 05 || 42 || 15-01-2026 13:51:19 || 01-09-2025 05:45:34
|-
| autopatrolled || कलमकार || 221 || 12-02-2026 17:59:22 || 08-02-2026 14:49:24
|-
| autopatrolled || रोहित साव27 || 245 || 22-02-2026 19:15:09 || 21-11-2025 11:55:01
|-
| rollbacker || रोहित साव27 || 245 || 22-02-2026 19:15:09 || 21-11-2025 11:55:01
|-
| autopatrolled || Dr.jagdish || 41 || 10-03-2026 16:26:17 || 06-03-2026 13:09:20
|-
| autopatrolled || Eihel || 22 || 13-03-2026 13:30:30 || 26-02-2025 07:08:02
|-
| rollbacker || Eihel || 22 || 13-03-2026 13:30:30 || 26-02-2025 07:08:02
|-
| autopatrolled || Utcursch || 4 || 17-03-2026 13:17:10 || 22-06-2023 15:54:15
|-
| autopatrolled || Mahensingha || 2 || 27-03-2026 19:53:05 || 17-09-2018 18:11:14
|-
| autopatrolled || 1997kB || 5 || 29-03-2026 06:33:50 || 22-04-2025 05:06:49
|-
| rollbacker || 1997kB || 5 || 29-03-2026 06:33:50 || 22-04-2025 05:06:49
|-
| autopatrolled || Dharmadhyaksha || 91 || 07-04-2026 13:52:15 || 08-10-2025 11:36:07
|-
| autopatrolled || सीमा1 || 22 || 14-04-2026 12:16:40 || 15-04-2024 11:33:22
|-
| autopatrolled || शीतल सिन्हा || 207 || 14-04-2026 13:02:22 || 14-04-2026 08:08:34
|-
| autopatrolled || नीलम || 613 || 22-04-2026 11:42:50 || 14-04-2026 10:42:05
|-
| autopatrolled || आशीष भटनागर || 25 || 05-05-2026 11:27:30 || 01-12-2025 04:43:01
|-
| autopatrolled || Ziv || 249 || 06-05-2026 02:52:45 || 18-02-2026 09:33:59
|-
| rollbacker || TypeInfo || 157 || 11-05-2026 15:12:23 || 02-02-2026 16:06:43
|-
| sysop || अजीत कुमार तिवारी || 785 || 13-05-2026 09:24:04 || 08-05-2026 10:31:55
|-
| rollbacker || Chronos.Zx || 870 || 13-05-2026 12:06:54 || 06-02-2026 18:24:00
|-
| autopatrolled || हिंदुस्थान वासी || 145 || 15-05-2026 09:12:23 || 17-04-2026 13:10:54
|-
| rollbacker || हिंदुस्थान वासी || 145 || 15-05-2026 09:12:23 || 17-04-2026 13:10:54
|-
| sysop || SM7 || 1153 || 16-05-2026 04:04:05 || 10-05-2026 18:48:18
|-
| sysop || संजीव कुमार || 3282 || 16-05-2026 05:44:59 || 13-05-2026 06:14:11
|-
| sysop || अनिरुद्ध कुमार || 482 || 16-05-2026 07:29:01 || 07-05-2026 02:53:55
|-
| sysop || DreamRimmer || 1402 || 16-05-2026 14:48:15 || 05-05-2026 04:28:01
|-
| rollbacker || Saroj || 161 || 17-05-2026 08:56:02 || 31-03-2026 07:31:45
|-
| autopatrolled || CommonsDelinker || 1127 || 17-05-2026 19:59:13 || 09-05-2026 14:20:03
|-
| sysop || Sanjeev bot || 17341 || 18-05-2026 00:02:38 || 15-05-2026 00:00:19
|-
| autopatrolled || J ansari || 267 || 18-05-2026 14:30:49 || 08-05-2026 16:51:44
|-
| rollbacker || J ansari || 267 || 18-05-2026 14:30:49 || 08-05-2026 16:51:44
|-
| autopatrolled || चाहर धर्मेंद्र || 2637 || 18-05-2026 18:37:20 || 17-05-2026 18:38:11
|}
[[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 00:14, 19 मई 2026 (UTC)
:'''पिछले 1 साल में संपादन''' की गणना 19 मई 2025 - 2026 पर की गई है [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 04:22, 19 मई 2026 (UTC)
==आप सभी से विनम्र निवेदन है कि==
मेरे [[विकिपीडिया:स्वतः_परीक्षित_अधिकार_हेतु_निवेदन#चाहर_धर्मेंद्र|इस]] निवेदन के संबंध में आपके विचार मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कृपया अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस पर अपना मत अवश्य साझा करें। आपके सुझाव और प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 11:34, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
== अनुरोध ==
नमस्कार! मैं आपसे [[मॉड्यूल:Lang/data]] पर एक संपादन करने का अनुरोध करता हूँ।
["hbo"] = "Biblical Hebrew" ===> ["hbo"] = "बाइबिली इब्रानी"
[[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 19:28, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 08:56, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
::@[[सदस्य:DreamRimmer|DreamRimmer]] धन्यवाद! [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 09:51, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
== रोलबैक अधिकार के नामांकन पर आपके विचार/मत हेतु ==
<div style="background-color: #FFF9E6; padding: 15px; border: 1px solid #DAA520; border-radius: 8px; margin-top: 10px;">
नमस्ते, आशा है आप सकुशल होंगे।
मैं पिछले कुछ समय से हिंदी विकिपीडिया पर सक्रिय रूप से गश्त कर रहा हूँ और हाल के बदलावों में स्पष्ट बर्बरता को हटाने का प्रयास कर रहा हूँ। अपने इस कार्य को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, मैंने स्वयं को '''रोलबैक अधिकार''' के लिए नामांकित किया है।
चूँकि आप हिंदी विकिपीडिया के एक अनुभवी सदस्य हैं, इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि कृपया मेरे हालिया योगदानों की समीक्षा करें और अपना बहुमूल्य मत या सुझाव प्रदान करें। आपका समर्थन और मार्गदर्शन मेरे लिए अत्यंत उत्साहजनक होगा।
'''नामांकन यहाँ देखें:''' [[विकिपीडिया:रोलबैकर्स अधिकार हेतु निवेदन#AMAN KUMAR|मेरे नामांकन पर अपना मत दें]]
सहयोग के लिए अग्रिम धन्यवाद!
सादर,<br>
[[सदस्य:AMAN KUMAR|AMAN KUMAR]] [[User:AMAN KUMAR|<b style="color:olive;font-size:18px;text-shadow:2px 2px 4px #888"><u>विक्रम प्रताप</u></b>]]<sup>[[User talk:AMAN KUMAR|<b style="color:teal"><u>(बातचीत)</u></b>]]</sup>-- 11:44, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
==अंतिम कुछ दिन: विकि सम्मेलन भारत 2026 छात्रवृत्ति आवेदन==
प्रिय विकिमीडिया समुदाय सदस्य,
हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि '''[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|विकि सम्मेलन भारत 2026]]''' के लिए छात्रवृत्ति आवेदन वर्तमान में खुले हैं, और अंतिम तिथि अब बहुत निकट है।
विकि सम्मेलन भारत 2026 इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का चौथा संस्करण है, जो भारत और दक्षिण एशिया में इंडिक भाषाओं के विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स तथा मुक्त ज्ञान आंदोलन से जुड़े विकिमीडियनों और हितधारकों को एक साथ लाता है। यह सम्मेलन 4–6 सितंबर 2026 को कोच्चि, केरल में आयोजित किया जाएगा।
* आप अधिक जानकारी और [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|आवेदन फॉर्म Meta-Wiki पर उपलब्ध]] छात्रवृत्ति पृष्ठ पर प्राप्त कर सकते हैं।
* छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे (IST)
अब जबकि केवल कुछ ही दिन शेष हैं, हम आपको आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है। साथ ही, कृपया इस अवसर को अपने समुदाय में साझा करें और अन्य लोगों को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।
अधिक जानकारी और नियमित अपडेट के लिए, कृपया सम्मेलन के Meta पृष्ठ पर जाएँ।
सादर,
<br>
विकि सम्मेलन भारत 2026 आयोजन टीम की ओर से
<span style="color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 23:38, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
</div>
== फॉण्ट ==
हिन्दी विकिपीडिया पर पिछले कुछ दिनों से लैटिन लिपि के लिए जो फॉण्ट है, वे [[:hak:Hakkapedia|Hakkapedia]] एवं [[:nan:Pang-chān:Holopedia|Holopedia]] के फॉण्ट की तरह दिख रहा है। क्या default फॉण्ट को बदल दिया गया है? [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) {{Font color|grey|११:२५, १२ अप्रैल २०२६ (IST)}}
== Lua त्रुटि ==
मॉड्यूल:Designation/lookup को बनाने में मुझे "Lua error पंक्ति 1 पर: unexpected symbol near '{'." त्रुटि मिलती है। कृपया उस पृष्ठ का निर्माण करें।
कोड अंग्रेज़ी विकिपीडिया से लिया गया है (Module:Designation/lookup) [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 08:04, 18 अप्रैल 2026 (UTC)
:{{done}} – [[User:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF">'''Dream'''Rimmer</span>]] [[User talk:DreamRimmer|<span style="color:#5A4FCF;">■</span>]] 16:24, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
== "यहया" नामक दो लेख? ==
दोनों [[याह्या (पैग़म्बर)|John the Baptist]] और [[यहया (इस्लाम)|Yahya]] के लेखों के नाम "यहया" क्यों है? केवल इस्लाम में उस व्यक्ति का नाम '''यहया''' होता है। ईसाई धर्म में उनहें '''यूहन्ना बपतिस्मा दाता''' के नाम से जाना जाता है। कृपया इस समस्या पर गौर करें। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 11:24, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
== Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026 - Call for Applications ==
The [[m:Indic MediaWiki Developers User Group|Indic MediaWiki Developers User Group]] is pleased to announce the upcoming [[m:Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026|Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026]], scheduled to take place in Hyderabad from 26 - 28 June 2026 (with 25 June as Day 0), in collaboration with the [[m:IIITH-OKI|IIITH-OKI]] and [https://www.osdg.in/ OSDG] club at [[w: International Institute of Information Technology, Hyderabad|International Institute of Information Technology, Hyderabad]].
Wikimedia hackathons are spaces for developers, designers, content editors, and other community stakeholders to collaborate on building technical solutions that help improve tools, workflows, and overall user experience across Wikimedia projects.
'''The hackathon is intended for:'''
* Technical contributors active in the Wikimedia technical ecosystem, including developers, maintainers (admins/interface admins), translators, designers, researchers, documentation writers, etc.
* Content contributors having an in-depth understanding of technical issues in their home Wikimedia projects like Wikipedia, Wikisource, Wiktionary, etc.
* Contributors from other FOSS communities or those who have participated in Wikimedia events in the past and would like to begin contributing to Wikimedia technical spaces.
Participants may work on curated hackathon tasks and are also encouraged to propose their own ideas, supported by a clear problem statement and a proposed approach.
To encourage participation and support promising contributions, scholarships will be provided to support participants’ related expenses.
'''Apply here:'''
* Scholarship application form (Deadline: 2 May 2026): [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSej8JvGsvQ7mYmkXdUDriMrKNPajCqH4e3clEct_GnmA1HZ3g/viewform Google form]
'''More information:'''
We encourage interested contributors to apply and participate. Further updates, including program details and venue, will be shared on the Meta page.
* Meta page: [[m:Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026|Indic Wikimedia Hackathon Hyderabad 2026]]
If you have any questions, concerns, or need support with the application, please reach out via the Meta-Wiki talk page or email at contact@indicmediawikidev.org.
Best Regards,
On behalf of Indic Mediawiki Developers User Group
== सत्य ==
सत्य आत्मा का स्वाभाविक गुण है। सत्याचरण के बिना आत्मिक शुद्धि असम्भव है। इस कारण सत्य से शौच का मार्ग प्रशस्त होता है।
सत्य को अंगीकार किये बिना आत्मा का उद्धार असम्भव है। इसी कारण कहा गया है कि आत्मार्थी साधक को परिमित, असंदिग्ध, परिपूर्ण, स्पष्ट, अनुभूत, वाचालतारहित, तथा किसी को भी उद्विग्न न करनेवाली वाणी बोलनी चाहिए। चुभे हुए लौह कंटक का दुःख घड़ी दो घड़ी का होता है। वह काँटा निकालने पर सरलता से दूर हो जाता है। दुर्वचनों का काँटा एक बार चुभ जाने पर सरलता से नहीं निकलता। इस कारण सत्य प्रिय एवं हितकारी होना चाहिए। केवल तथ्य-परकता ही सत्यता नहीं है। इसके साथ व्यक्ति की मानसिकता का जुड़ाव है। इसी कारण क्रोध, मान, माया, लोभ, द्वेष, दम्भ, कल्पित व्याख्या तथा हिंसा का आश्रय लेकर जो भाषा बोली जाती है, वह असत्य भाषा कहलाती है। सत्य अहिंसा का रक्षक है। इसलिए सत्य में दूसरे प्राणी की हित-आंकाक्षा का तत्व जुड़ा रहता है। सत्य आत्मा का धर्म है। आत्मा का स्वभाव सत्य है। इस कारण ‘अहिंसा निरपेक्ष यथातथ्य प्रकाशन’ सत्य नहीं माना जा सकता।
सत्य का विरोधी भाव झूठ बोलना तथा मिथ्या व्यवहार करना है। झूठ बोलना तथा किसी सद् वस्तु के स्वरूप, स्थान, काल आदि के सम्बन्ध में मिथ्या बोलकर, उसे असत् बतलाना - ये दोनों ही प्रकार असत्य वचन के द्योतक हैं। किसी वस्तु के यथार्थ स्वरूप को छिपाकर झूठ बोलना ही सामान्यतः सत्य का विरोधी माना जाता है। मानसिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अप्रिय, अहितकारी एवं पर-पीड़क वचन बोलना भी असत्य है। [[विशेष:योगदान/~2026-24320-85|~2026-24320-85]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-24320-85|वार्ता]]) 08:51, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
== साँचा:स्टेटस भाषा ==
मैं <span style="font-family:'Kalimati', 'Arial', serif;"> [[साँचा:स्टेटस भाषा]] </span> का निर्माण करके वाला हूँ, जो [[बाली विकिपीडिया]] के [[:ban:Mal:Status basa|ᬫᬮ᭄:ᬲ᭄ᬢᬢᬸᬲ᭄ᬩᬲ]] की तरह होगा। इसे [[साँचा:Infobox language|ज्ञानदूसक भाषा]] पर लागु करने के बाद, हमें भाषा का यूनेस्को वर्गीकरण करना बहुत सरल हो जाएगा एवं वे interface भी अच्छा लगेगा। [[User:ङघिञ|<span style="color:orange;">'''ङघिञ'''</span>]] ([[User talk:ङघिञ|वार्ता]]) 10:42, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
:@[[सदस्य:ङघिञ|ङघिञ]] जी नमस्ते। साँचा का वार्ता पृष्ठ देख लें। --[[User:SM7|<span style="color:#00A300">SM7</span>]]<sup>[[User talk:SM7|<small style="color:#6F00FF">--बातचीत--</small>]]</sup> 06:06, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
== यूक्रेन सांस्कृतिक कूटनीति संपादनोत्सव में भाग लें ==
नमस्ते, 'यूक्रेन सांस्कृतिक कूटनीति माह 2026' की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए 22 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 से अपराह्न 1 बजे तक नई दिल्ली (भारत) स्थित युक्रेन दूतावास में एक विशेष संपादनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के विकिपीडिया प्रोजेक्ट्स पर यूक्रेन की संस्कृति से संबंधित जानकारी को समृद्ध करना और उसमें सुधार करना है।
इस कार्यक्रम में आप ऑनलाइन जूम मीटिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं।
* समय: बुधवार, 22 अप्रैल 2026 | सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक (IST)
* ज़ूम मीटिंग लिंक: [https://zoom.us/j/98031157656?pwd=BUHOGF5D4Qg8YnqQrEdFx3TyXrvKDO.1 ऑनलाइन जुड़ें]
* मीटिंग आईडी: 980 3115 7656
* पासकोड: 716372
* आयोजन का मेटा पृष्ठ: [[m:Special:MyLanguage/Ukraine's Cultural Diplomacy Month 2026|w.wiki/LyML]]
इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय भाषाओं में मुक्त ज्ञान के प्रसार में अपना योगदान दें। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 22:59, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
== आगामी कार्यक्रम ==
:हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की सूची:
# जून- विकिपीडिया सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव (१ जून से 30 जून)
# जुलाई- विकिस्रोत सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव (१ से 15 जुलाई)
# अगस्त- हिंदी विकि सम्मेलन (7-9 अगस्त)
-संपर्क सूत्र--[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:40, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 ==
:मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप के द्वारा प्रस्तावित [[विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]] को विकिमीडिया के कॉन्फ्रेंस ग्रांट कमिटी द्वारा मंजूरी मिल गई है। 7-9 अगस्त 2026 को होने वाली हिंदी विकि समुदाय की यह बैठक 2020 के बाद पहली बार हो रही है। नई दिल्ली में आयोजित इस
बैठक में शामिल होने के लिए सहायता वृत्ति (स्कॉलरशिप) का आवेदन पत्र 1 मई से 20 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा। आयोजन संबंधी सूचनाएं सम्मेलन के लिए निर्मित विकिपीडिया पृष्ठ पर उपलब्ध होगी तथा संक्षिप्त सूचना चौपाल पर भी उपलब्ध होगी। 6 वर्ष बाद हो रहे सामुदायिक मिलन के इस प्रयास में सभी हिंदी विकि संपादकों के सहयोग की अपेक्षा है।- संपर्क सूत्र--[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:41, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
== Request for comment (global AI policy) ==
<bdi lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
Apologies for writing in English. {{int:Please-translate}}
A [[:m:Requests for comment/Artificial intelligence policy|request for comment]] is currently being held to decide on a global AI policy. {{int:Feedback-thanks-title}}
[[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) 00:57, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
</bdi>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Distribution_list/Global_message_delivery&oldid=30424282 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Codename Noreste@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
==श्रेष्ठ लेख नामांकन==
मैंने ‘[[राष्ट्रीय उद्यान]]’ लेख को [[विकिपीडिया:श्रेष्ठ लेख नामांकन|श्रेष्ठ लेख हेतु]] नामांकित किया है। आप सभी से अनुरोध है कि कृपया समय निकालकर लेख का अवलोकन करें तथा अपने सुझाव एवं मत साझा करें।<span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 02:37, 27 अप्रैल 2026 (UTC)
== हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६ छात्रवृत्ति सूचना ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा 8-9 अगस्त 2026 को आयोजित [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]] में शामिल होने के लिए 10 राष्टरीय तथा 10 स्थानीय स्तर की छात्रवृत्ती प्रदान की जाएगी। इसे प्राप्त करने के लिए हिंदी विकि संपादक सदस्य [https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfLBdfmW4zvXCRbz-qjzQrxT2cX2pCilcnOvK73Dhu0wc7gow/viewform?usp=header हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026 प्रतिभागिता वृत्ति प्रपत्र] 20 मई तक जरूर भरें। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 17:09, 1 मई 2026 (UTC)
== The Indian lenin babu jagdeo ==
हिन्दी फीचर फ़िल्म बिहार लेनिन जगदेव प्रसाद पर प्रेम कुमार विद्यार्थी के निर्देशन में बनी है. [[सदस्य:Pkvidharthi|Pkvidharthi]] ([[सदस्य वार्ता:Pkvidharthi|वार्ता]]) 19:20, 4 मई 2026 (UTC)
== बाबू जगदेव प्रसाद ==
पुस्तक के लेखक प्रेम कुमार विद्यार्थी [[सदस्य:Pkvidharthi|Pkvidharthi]] ([[सदस्य वार्ता:Pkvidharthi|वार्ता]]) 19:21, 4 मई 2026 (UTC)
== अंग्रेज़ी शीर्षक ==
एक लेख [[गोल्डन काफ़ (सोने का बछड़ा)]] का शीर्षक बेवजह दोनों अंग्रेज़ी और हिन्दी में है। कृपया इसे केवल "सोने का बछड़ा" में बदलें। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 13:41, 7 मई 2026 (UTC)
:केवल शीर्षक ही नहीं यह पूरा लेख ही खराब मशीनी अनुवाद का उदाहरण है। इसलिए केवल लेख का नाम बदलना पर्याप्त नहीं है। इसे फिर से बनाने की जरूरत है। वर्तमान रूप में इसे मिटा रहा हूँ। यह वर्षों से यूँ ही पड़ा हुआ है। किसी ने इसे सुधारा नहीं है। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 03:35, 12 मई 2026 (UTC)
== प्रशांत कुमार सैनी लेख पर २० दिन से नामांकन है, कृपया करवाई करें ==
Deletion pending for the last 20 days. [[सदस्य:Santhon|Santhon]] ([[सदस्य वार्ता:Santhon|वार्ता]]) 17:40, 7 मई 2026 (UTC)
:चौपाल पर किसी कार्यवाई के लिए यदि किसी लेख का उल्लेख करें तो उसका लिंक जरूर बना दें। [[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 05:42, 12 मई 2026 (UTC)
== चंदनकियारी के जमींदारो का इतिहाश ==
चंदनकियारी मुख्यत झारखण्ड के बोकारो जिला के अंतरगत एक प्रखण्ड है जो की वन ओर नदियों से घिरे हुए हैं इस इलाके मे बहुत से जमीदार हूआ करता था, जिन्हे कासीपुर के महाराजाओं के द्वार जमिन की मालिकाना हक दिया गया है, उन्ही में से एक प्रमुख जमिनदार थे केदारनाथ चट्टोपाध्याय, केदारनाथ चट्टोपाध्याय मोहाल मौजा का निस्कर जमीदार थे जिनके पास करीब 13 सौ एकड़ से अधिक जमिन थे कई सारे कुवे ओर तलाब थे जिस से उस समय उस इलाके में रहने वाले लोगों की जीवनशैलीआसान हो गया था [[सदस्य:Chandi84|Chandi84]] ([[सदस्य वार्ता:Chandi84|वार्ता]]) 08:23, 12 मई 2026 (UTC)
== आगामी गतिविधियाँ ==
हिंदी विकिमीडियन्स यूजर ग्रूप द्वारा आयोजित होने जा रही गतिविधियाँ:
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी ई-सामग्री निर्माण एवं कौशल विकास कार्यशाला/मई 2026|हिंदी ई-सामग्री निर्माण एवं कौशल विकास कार्यशाला/मई 2026]]- 20 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला में आयोजित कौशल विकास कार्यशाला
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026]]- 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6]]- 1 जुलाई, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[w:hi:विकिपीडिया:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026]]- 8-9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन।
# [[w:hi:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अगस्त 2026|विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/अगस्त 2026]]- 15 अगस्त 2026 से 14 सितंबर 2026 तक हिंदी विकिपीडिया पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
# [[S:hi:विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जुलाई २०२6|विकिस्रोत:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/सितंबर २०२6]]- 14 सितंबर, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक हिंदी विकिस्रोत पर आयोजित ऑन लाइन संपादनोत्सव।
:उम्मीद है कि विकिपीडिया सदस्य इन गतिविधियों में भाग लेकर हिंदी ज्ञानकोश के विकास में जरूर सहायक होंगे। --[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) 07:29, 16 मई 2026 (UTC)
== ~2026-29665-32 द्वारा बर्बरता ==
~2026-29665-32 नामक अस्थायी खाते ने हाल में जानबूझकर [https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:Cite_web&action=history साँचा:Cite web] पर दुर्संपादन किया। कृपया उनपर IP प्रतिबंध डाले। [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:14, 17 मई 2026 (UTC)
== Draft:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क — सम्पादन में सहायता चाहिए ==
नमस्ते। मेरा नाम नरेश दास वैष्णव निम्बार्क है। मैं भारतीय सेना का सेवानिवृत्त नायब सूबेदार एवं लेखक हूँ।
मेरा Draft:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क पर निम्नलिखित समस्याएँ आ रही हैं:
# स्वचालित फ़िल्टर 52 सम्पादन रोक रहा है
# CAPTCHA बार-बार आता है और स्वीकार नहीं होता
# खाता नया होने के कारण बाहरी कड़ियाँ नहीं जुड़ रहीं
Draft में समाचार पत्रों के सन्दर्भ जोड़ने हैं जैसे दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, नांदगांव टाइम्स।
कृपया कोई अनुभवी सदस्य मेरे Draft को अद्यतन करने में सहायता करें।
— [[सदस्य:नरेश दास वैष्णव निम्बार्क]] [[सदस्य:*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*|*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*]] ([[सदस्य वार्ता:*नरेश दास वैष्णव निम्बार्क*|वार्ता]]) 08:54, 18 मई 2026 (UTC)
== Mahathwar ==
<nowiki>'''</nowiki>Mahathwar<nowiki>'''</nowiki> is a village in the country of <nowiki>[[India]]</nowiki>. It is located in the <nowiki>[[Darbhanga]]</nowiki> district of <nowiki>[[Bihar]]</nowiki> in the <nowiki>[[Alinagar (Vidhan Sabha constituency)|Ghanshyampur]]</nowiki> block under the subdivision of Bihar. [[विशेष:योगदान/~2026-30414-01|~2026-30414-01]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30414-01|वार्ता]]) 03:21, 22 मई 2026 (UTC)
विषय: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क के लेख को अद्यतन करने हेतु मार्गदर्शन
आदरणीय अनुभवी सदस्यगण,
मैं भारतीय सेना का सेवानिवृत्त मानद नायब सूबेदार हूँ। मैं विकिपीडिया पर अपने जीवन और कार्यों पर एक लेख तैयार कर रहा हूँ, लेकिन तकनीकी कारणों (फिल्टर 52) और कैप्चा की समस्या के कारण मैं इसमें संदर्भ (References) नहीं जोड़ पा रहा हूँ।
मेरे पास अपनी सैन्य सेवा (आर्मी नंबर: 13895240F), संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, और प्रकाशित पुस्तकों के सभी आधिकारिक दस्तावेज/प्रमाण मौजूद हैं। मेरी आपसे विनम्र विनती है कि कृपया मेरे ड्राफ्ट की समीक्षा करें और मुझे मार्गदर्शन दें कि मैं नियमों का पालन करते हुए इन संदर्भों को कैसे जोड़ सकता हूँ, ताकि लेख को हटाया न जाए।
सहयोग के लिए सादर धन्यवाद।
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मीडियाविकि:Sitenotice
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति
| name = जूलिया राबर्ट्स
| image = Julia Roberts 2011 Shankbone.JPG
| caption = जूलिया रॉबर्ट्स,2011 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में
| birth_name = जूलिया फियोना रॉबर्ट्स
| birth_date = {{Birth date and age|mf=yes|1967|10|28}}
| birth_place = [[जॉर्जिया]], [[यू एस ए]]
| occupation = {{flatlist|
* एक्ट्रेस
* प्रोड्यूसर
}}
| years_active = 1987– अभी तक
| spouse = {{plainlist|
*{{marriage|लाइले लोवेट|1993|1995|reason=divorced}}
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}}
| children = 3
| mother = [[बेट्टी लु ब्रेडेमस्]]
| relatives = {{plainlist|
*एरिक रॉबर्ट्स (भाई)
*एमा रॉबर्ट्स (भतीजी)
}}
}}
'''जूलिया फियोना रॉबर्ट्स'''(जन्म 28 अक्टूबर, 1967) <ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/biography/Julia-Roberts|title=Julia Roberts {{!}} Biography, Movies, & Facts {{!}} Britannica|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2022-07-13}}</ref> एक अमेरिकी अभिनेत्री हैं। हॉलीवुड के सबसे बैंक योग्य सितारों में से एक , वह रोमांटिक कॉमेडी और ड्रामा से लेकर थ्रिलर और एक्शन फिल्मों तक कई शैलियों की फिल्मों में अपनी प्रमुख भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उनकी कई फिल्मों ने दुनिया भर में $ 100 मिलियन से अधिक की कमाई की है, और छह ने अपने संबंधित वर्षों की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में स्थान दिया है।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.the-numbers.com/person/750401-Julia-Roberts|title=Julia Roberts - Box Office|website=The Numbers|access-date=2022-07-14|archive-date=8 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210308132941/https://www.the-numbers.com/person/750401-Julia-Roberts|url-status=dead}}</ref> उनकी टॉप चारटेडफिल्मोंने सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर 3.8 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की है। <ref name=":0" />उन्हें एक अकादमी पुरस्कार , एक ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार और तीन गोल्डन ग्लोब पुरस्कारों सहित कई पुरस्कार मिले ह
मिस्टिक पिज़्ज़ा (1988) और स्टील मैगनोलियास (1989) में उपस्थिति के साथ एक प्रारंभिक सफलता के बाद , रॉबर्ट्स ने रोमांटिक कॉमेडी प्रिटी वुमन (1990) में खुद को एक प्रमुख अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया , जिसने दुनिया भर में $464 मिलियन की कमाई की। उन्होंने कई सफल फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें स्लीपिंग विद द एनिमी (1991), हुक (1991), द पेलिकन ब्रीफ (1993), माई बेस्ट फ्रेंड्स वेडिंग (1997), नॉटिंग हिल (1999), रनवे ब्राइड (1999) शामिल हैं। , एरिन ब्रोकोविच (2000), ओशन इलेवन (2001), ओशन्स ट्वेल्व (2004), चार्ली विल्सन्स वॉर (2007), वेलेंटाइन डे (2010), ईट प्रेयर लव (2010), अगस्त: ओसेज काउंटी (2013), और वंडर (2017)। एरिन ब्रोकोविच में उनके प्रदर्शन के लिए, रॉबर्ट्स ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अकादमी पुरस्कार जीता । उन्हें एचबीओ टेलीविजन फिल्म द नॉर्मल हार्ट (2014) में उनके प्रदर्शन के लिए प्राइमटाइम एमी अवार्ड नामांकन मिला और अमेज़ॅन प्राइम वीडियो मनोवैज्ञानिक थ्रिलर श्रृंखला होमकमिंग (2018) के पहले सीज़न में उनकी पहली नियमित टेलीविजन भूमिका थी
1990 के दशक के अधिकांश समय, <ref>{{Cite web|url=http://www.theguardian.com/film/2000/dec/05/news.juliaroberts|title=Julia Roberts first actress on Hollywood Reporter power list|last=Staff|first=Guardian|date=2000-12-05|website=the Guardian|language=en|access-date=2022-07-14}}</ref> और साथ ही 2000 के दशक के पूर्वार्ध में रॉबर्ट्स दुनिया की सबसे अधिक भुगतान पाने वाली अभिनेत्री थीं।<ref>{{Cite web|url=http://www.thefreelibrary.com/Nicole+Kidman+Tops+The+Hollywood+Reporter%27s+Annual+Actress+Salary...-a0155216809|title=Nicole Kidman Tops The Hollywood Reporter's Annual Actress Salary Lis…|date=2012-09-15|website=archive.ph|access-date=2022-07-14|archive-date=15 सितंबर 2012|archive-url=https://archive.today/20120915131245/http://www.thefreelibrary.com/Nicole+Kidman+Tops+The+Hollywood+Reporter's+Annual+Actress+Salary...-a0155216809|url-status=dead}}</ref> प्रिटी वुमन (1990) के लिए उनकी फीस $300,000 थी, <ref>{{Cite web|url=https://www.the-numbers.com/person/750401-Julia-Roberts#tab=summary|title=जूलिया रॉबर्ट्स|access-date=14 जुलाई 2022|archive-date=8 मार्च 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210308132941/https://www.the-numbers.com/person/750401-Julia-Roberts#tab=summary|url-status=dead}}</ref>जबकि उन्हें मोना लिसा स्माइल (2003) में उनकी भूमिका के लिए अभूतपूर्व $25 मिलियन का भुगतान किया गया था<ref>{{Cite web|url=https://www.closerweekly.com/posts/julia-roberts-net-worth-how-much-money-does-the-actress-make/|title=Julia Roberts Is So Successful! Check Out Her Amazing Net Worth|date=2020-06-26|website=Closer Weekly|language=en-US|access-date=2022-07-14|archive-date=15 दिसंबर 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201215051608/https://www.closerweekly.com/posts/julia-roberts-net-worth-how-much-money-does-the-actress-make/|url-status=dead}}</ref> । 2020 तक , रॉबर्ट्स की कुल संपत्ति $250 मिलियन आंकी गई थी। पीपल मैगजीन ने उन्हें रिकॉर्ड पांच बार दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला का खिताब दिया है<ref>{{Cite web|url=https://www.eonline.com/news/981180/julia-roberts-has-been-a-movie-star-for-30-years-but-don-t-let-that-bother-you|title=Julia Roberts Has Been a Movie Star for 30 Years—but Don't Let That Bother You|date=2019-01-04|website=E! Online|access-date=2022-07-14}}</ref>।
==प्रारंभिक जीवन और परिवार==
रॉबर्ट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1967 को अटलांटा के एक उपनगर [[जॉर्जिया (अमरीकी राज्य)|जॉर्जिया]] के स्मिर्ना में हुआ था , और वाल्टर ग्रेडी रॉबर्ट्स के यहाँ।<ref>{{Cite web|url=http://freepages.genealogy.rootsweb.ancestry.com/~battle/celeb/roberts.htm|title=1|date=2013-01-17|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=17 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130117004935/http://freepages.genealogy.rootsweb.ancestry.com/~battle/celeb/roberts.htm|url-status=bot: unknown}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://pqasb.pqarchiver.com/latimes/access/671674182.html?dids=671674182:671674182&FMT=ABS&FMTS=ABS:AI&type=historic&date=Nov+24,+1983&author=&pub=Los+Angeles+Times&desc=ERIC+ROBERTS:+HIS+%27STAR+80%27+SHINES&pqatl=google|title=ERIC ROBERTS: HIS 'STAR 80' SHINES|date=2012-01-06|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=6 जनवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120106164710/http://pqasb.pqarchiver.com/latimes/access/671674182.html?dids=671674182:671674182&FMT=ABS&FMTS=ABS:AI&type=historic&date=Nov+24,+1983&author=&pub=Los+Angeles+Times&desc=ERIC+ROBERTS:+HIS+%27STAR+80%27+SHINES&pqatl=google|url-status=bot: unknown}}</ref>वह अंग्रेजी, स्कॉटिश, आयरिश, वेल्श, जर्मन और स्वीडिश मूल की हैं। <ref>{{Cite web|url=http://www.genealogi.se/julia.htm|title=|date=1997-03-31|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=17 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130117004945/http://www.genealogi.se/julia.htm|url-status=bot: unknown}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.huffpost.com/entry/julia-roberts-isnt-a-robe_b_828778|title=Julia Roberts Isn't a Roberts|date=2011-02-27|website=HuffPost|language=en|access-date=2022-07-14}}</ref>उसके पिता एक बैपटिस्ट थे, उसकी माँ एक कैथोलिक,<ref>{{Cite web|url=https://people.com/celebrity/why-julia-roberts-refuses-to-get-botox/|title=Why Julia Roberts Refuses to Get Botox|last=August 04|first=Eunice Oh|last2=Pm|first2=2010 02:50|website=PEOPLE.com|language=en|access-date=2022-07-14}}</ref> और उसकी परवरिश कैथोलिक थी<ref>{{Cite web|url=https://m.washingtontimes.com/news/2010/aug/18/eat-pray-love-star-julia-roberts-happy-as-is/|title=‘Eat Pray Love’ star Julia Roberts happy as is|last=http://www.washingtontimes.com|first=The Washington Times|website=The Washington Times|language=en-US|access-date=2022-07-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/2010/08/18/hindu-julia-roberts-im-do_n_685893.html|title=Hindu Julia Roberts: I'm Done Talking About Religion|date=2010-08-25|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=25 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100825054236/http://www.huffingtonpost.com/2010/08/18/hindu-julia-roberts-im-do_n_685893.html|url-status=bot: unknown}}</ref>। उनके बड़े भाई एरिक रॉबर्ट्स (जन्म 1956), जिनसे वह 2004 तक कई वर्षों तक अलग रहीं, बड़ी बहन लिसा रॉबर्ट्स गिलन (जन्म 1965), और भतीजी एम्मा रॉबर्ट्स , अभिनेता भी हैं। उसकी एक छोटी सौतेली बहन भी थी जिसका नाम नैन्सी मोट्स था।
रॉबर्ट्स के माता-पिता, एक बार के अभिनेता और नाटककार, सशस्त्र बलों के लिए नाट्य प्रस्तुतियों में प्रदर्शन करते हुए मिले। बाद में उन्होंने अटलांटा में अटलांटा एक्टर्स एंड राइटर्स वर्कशॉप की सह-स्थापना की , मिडटाउन में जुनिपर स्ट्रीट से दूर। वे जॉर्जिया के डेकाटुर में बच्चों का एक्टिंग स्कूल चलाते थे, जबकि वे जूलिया की उम्मीद कर रहे थे। कोरेटा और [[मार्टिन लूथर किंग]] जूनियर के बच्चे स्कूल में पढ़ते थे; वाल्टर रॉबर्ट्स ने अपनी बेटी योलान्डा के लिए अभिनय कोच के रूप में काम किया <ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/notableblackamer00jess|title=Notable Black American women|last=Smith|first=Jessie Carney|date=1996|publisher=New York : Gale Research|others=Internet Archive|isbn=978-0-8103-9177-2}}</ref>। उनकी सेवा के लिए धन्यवाद के रूप में, श्रीमती किंग ने श्रीमती रॉबर्ट्स के अस्पताल के बिल का भुगतान किया जब जूलिया का जन्म हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://www.contactmusic.com/news-article/coretta-scott-king-was-julia-roberts-fairy-godmother_10_02_2006|title=Coretta Scott King Was Julia Roberts' Fairy Godmother|date=2006-02-10|website=Contactmusic.com|access-date=2022-07-14|archive-date=7 सितंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140907194858/http://www.contactmusic.com/news-article/coretta-scott-king-was-julia-roberts-fairy-godmother_10_02_2006|url-status=dead}}</ref>
उसके माता-पिता ने 1955 में शादी की। उसकी माँ ने 1971 में तलाक के लिए अर्जी दी; 1972 की शुरुआत में तलाक को अंतिम रूप दे दिया गया था।<ref>{{Cite book|title=Julia: Her Life, James Spada|year=2004|url=https://archive.org/details/juliarobertsherl00spad|publisher=St Martin's Press, New York|pages=p. 32}}</ref> 1972 से, रॉबर्ट्स स्मिर्ना, जॉर्जिया में रहती थीं, जहाँ उन्होंने फ़ित्ज़ुग ली एलीमेंट्री स्कूल, ग्रिफिन मिडिल स्कूल और कैंपबेल हाई स्कूल में पढ़ाई की।<ref>{{Cite web|url=http://www.georgiaencyclopedia.org/nge/Article.jsp?id=h-1517|title=New Georgia Encyclopedia: Julia Roberts (b. 1967)|date=2013-01-16|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=16 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130116234419/http://www.georgiaencyclopedia.org/nge/Article.jsp?id=h-1517|url-status=bot: unknown}}</ref> 1972 में, उनकी मां ने माइकल मोट्स से शादी की, जो गाली गलौच और अक्सर बेरोजगार थे; रॉबर्ट्स ने उसका तिरस्कार किया।<ref name=":1">{{Cite web|url=http://www.mirror.co.uk/3am/celebrity-news/julia-roberts-pictured-michael-motes-2800516|title=Picture exclusive: Julia Roberts smiles through the terror of abusive stepfather she 'feared and despised'|last=Bucktin|first=Christopher|date=2013-11-17|website=mirror|language=en|access-date=2022-07-14}}</ref> दंपति की एक बेटी, नैन्सी थी, जिसकी 9 फरवरी 2014 को 37 वर्ष की उम्र में एक स्पष्ट ड्रग ओवरडोज से मृत्यु हो गई थी<ref>{{Cite web|url=http://www.nydailynews.com/entertainment/gossip/julia-roberts-half-sister-found-dead-apparent-overdose-weeks-angry-tweets-article-1.1609292|title=Julia Roberts' half-sister found dead in bathtub of apparent drug overdose weeks after angry Twitter posts - NY Daily News|date=2014-08-04|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=4 अगस्त 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140804143551/http://www.nydailynews.com/entertainment/gossip/julia-roberts-half-sister-found-dead-apparent-overdose-weeks-angry-tweets-article-1.1609292|url-status=bot: unknown}}</ref>। शादी 1983 में समाप्त हुई, जिसमें बेट्टी लू ने मोट्स को क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया; उसने कहा था कि उससे शादी करना उसके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी<ref>{{Cite web|url=http://www.info2india.com/hollywood/celebrity/julia-roberts.html|title=Julia Roberts|date=2009-07-04|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=19 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130119012533/http://www.info2india.com/hollywood/celebrity/julia-roberts.html|url-status=bot: unknown}}</ref><ref name=":1" />। रॉबर्ट्स के अपने पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई जब वह दस वर्ष की थीं।<ref>{{Cite web|url=http://www.info2india.com/hollywood/celebrity/julia-roberts.html|title=Julia Roberts|date=2009-07-04|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=19 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130119012533/http://www.info2india.com/hollywood/celebrity/julia-roberts.html|url-status=bot: unknown}}</ref>
रॉबर्ट्स बचपन में पशु चिकित्सक बनना चाहती थी। <ref>{{Cite web|url=https://movies.yahoo.com/person/julia-roberts/biography.html|title=Julia Roberts|website=Yahoo Movies|language=en-US|access-date=2022-07-14|archive-date=13 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160313083316/https://movies.yahoo.com/person/julia-roberts/biography.html|url-status=bot: unknown}}</ref>उसने अपने स्कूल बैंड में शहनाई भी बजायी <ref>{{Cite web|url=http://www.movieactors.com/superstars/julia_roberts.htm|title=Julia Roberts SuperStar - MovieActors.com|website=www.movieactors.com|access-date=2022-07-14|archive-date=17 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130117004935/http://www.movieactors.com/superstars/julia_roberts.htm|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.accessonline.com/articles/julia-roberts-i-wasnt-popular-in-high-school-i-coasted-by-108116|title=Julia Roberts: I Wasn’t Popular In High School, I Coasted By {{!}} Access Online|website=Access|language=en|access-date=2022-07-14}}</ref>। स्मिर्ना के कैंपबेल हाई स्कूल से स्नातक होने के बाद , उन्होंने जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की, लेकिन स्नातक नहीं किया। बाद में वह अभिनय में अपना करियर बनाने के लिए [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क शहर]] चली गईं। एक बार वहाँ, उसने क्लिक मॉडलिंग एजेंसी के साथ हस्ताक्षर किए और अभिनय कक्षाओं में दाखिला लिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.filmmakers.com/artists/juliaroberts/links/|title=Actor and actress: Julia Roberts|website=www.filmmakers.com|access-date=2022-07-14}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://stars.ign.com/objects/916/916890.html|title=Julia Roberts - Stars - IGN|date=2012-06-17|website=web.archive.org|access-date=2022-07-14|archive-date=17 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130117010701/http://www.ign.com/stars/julia-roberts|url-status=dead}}</ref>
==कॅरिअर==
===प्रारंभिक कार्य और सफलता (1987-1989)===
13 फरवरी, 1987 को प्रसारित एपिसोड "द सर्वाइवर" में डेनिस फ़रीना के साथ, क्राइम स्टोरी श्रृंखला के पहले सीज़न में एक किशोर बलात्कार पीड़िता के रूप में अपनी पहली टेलीविज़न उपस्थिति के बाद , रॉबर्ट्स ने एक उपस्थिति के साथ बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत की। ड्रामेडी सैटिस्फैक्शन (1988), लियाम नीसन और जस्टिन बेटमैन के साथ, एक बैंड के सदस्य के रूप में काम किया। उन्होंने पहले ब्लड रेड में अपने भाई एरिक के साथ एक छोटी सी भूमिका निभाई थी , हालांकि उनके पास संवाद के केवल दो शब्द थे, जिन्हें 1987 में फिल्माया गया था, हालांकि इसे 1989 तक रिलीज़ नहीं किया गया था। 1988 में, रॉबर्ट्स की चौथे सीज़न के समापन में भूमिका थी। मियामी वाइस . का और फिल्म देखने वालों के साथ उनकी पहली महत्वपूर्ण सफलता स्वतंत्र रोमांटिक कॉमेडी मिस्टिक पिज्जा के साथ आई , जिसमें उन्होंने एक पिज्जा पार्लर में वेट्रेस के रूप में काम करने वाली एक पुर्तगाली-अमेरिकी किशोर लड़की की भूमिका निभाई। रोजर एबर्ट ने रॉबर्ट्स को " प्रमुख सुंदरता" के रूप में पाया और देखा कि फिल्म "किसी दिन उन फिल्म सितारों के लिए जानी जा सकती है जो इसे स्टार बनने से पहले वापस दिखाए गए थे। इस फिल्म के सभी युवा अभिनेताओं के पास वास्तविक उपहार हैं"।
रॉबर्ट हार्लिंग के 1987 के इसी नाम के नाटक का फिल्म रूपांतरण स्टील मैगनोलियास (1989) में , रॉबर्ट्स ने सैली फील्ड , डॉली पार्टन , शर्ली मैकलेन और डेरिल हन्ना के साथ मधुमेह से पीड़ित एक युवा दुल्हन के रूप में अभिनय किया । फिल्म निर्माता लौरा डर्न और विनोना राइडर दोनों को देख रहे थे, जब कास्टिंग निर्देशक ने जोर देकर कहा कि उन्होंने रॉबर्ट्स को देखा, जो उस समय मिस्टिक पिज्जा का फिल्मांकन कर रहे थे । हार्लिंग ने कहा: "वह कमरे में चली गई और उस मुस्कान ने सब कुछ रोशन कर दिया और मैंने कहा 'वह मेरी बहन है', इसलिए वह पार्टी में शामिल हुई और वह शानदार थी"। निर्देशक हर्बर्ट रॉस नवागंतुक रॉबर्ट्स पर बेहद सख्त थे, सैली फील्ड ने स्वीकार किया कि वह "जूलिया के पीछे एक प्रतिशोध के साथ गए थे। यह उनकी पहली बड़ी फिल्म थी"। फिर भी, जब यह फिल्म रिलीज़ हुई, तब यह एक आलोचनात्मक और व्यावसायिक प्रिय थी, और रॉबर्ट्स को अपना पहला अकादमी पुरस्कार नामांकन ( सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के रूप में ) और पहला [[गोल्डन ग्लोब पुरस्कार]] ( मोशन पिक्चर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री ) के लिए मिला।
===विश्वव्यापी मान्यता (1990-1999)===
अपने 1989 के अकादमी पुरस्कार नामांकन पर कैटापल्टिंग करते हुए, रॉबर्ट्स ने 1990 में रिचर्ड गेरे के साथ सिंड्रेला - पाइग्मेलियोनेस्क कहानी, प्रिटी वुमन में अभिनय करते हुए, सोने के दिल के साथ एक मुखर फ्रीलांस हूकर की भूमिका निभाते हुए दुनिया भर के दर्शकों से और अधिक ध्यान आकर्षित किया । रॉबर्ट्स ने मिशेल फ़िफ़र , मौली रिंगवाल्ड , मेग रयान , जेनिफर जेसन लेह , करेन एलन और डेरिल हन्ना ( स्टील मैगनोलियास में उनके सह-कलाकार ) द्वारा इसे ठुकराने के बाद भूमिका जीती। इस भूमिका ने उन्हें इस बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के रूप में दूसरा ऑस्कर नामांकन और मोशन पिक्चर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (संगीत या हास्य) के रूप में दूसरा गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीता । प्रिटी वुमन ने अमेरिका में अब तक की रोमांटिक कॉमेडी के लिए सबसे अधिक टिकट बिक्री देखी, और दुनिया भर में 463.4 मिलियन डॉलर कमाए। फिल्म में रॉबर्ट्स द्वारा पहनी गई लाल पोशाक को सिनेमा में सबसे प्रसिद्ध गाउन में से एक माना गया है।
प्रिटी वुमन के बाद उनकी अगली फिल्म रिलीज जोएल शूमाकर की अलौकिक थ्रिलर फ्लैटलाइनर्स (1990 भी) थी, जिसमें रॉबर्ट्स ने उन पांच छात्रों में से एक के रूप में अभिनय किया, जो गुप्त प्रयोगों का संचालन करते हैं जो मृत्यु के करीब के अनुभव पैदा करते हैं । उत्पादन को एक ध्रुवीकृत आलोचनात्मक स्वागत के साथ मिला, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर एक लाभ बन गया और तब से इसे एक पंथ फिल्म माना जाता है । 1991 में, रॉबर्ट्स ने स्टीवन स्पीलबर्ग की फंतासी फिल्म हुक में एक पस्त पत्नी की भूमिका निभाई, जो थ्रिलर स्लीपिंग विद द एनिमी में आयोवा में एक नया जीवन शुरू करने का प्रयास कर रही थी , एक पंखों वाला, छह इंच लंबा टॉमबॉयश टिंकरबेलऔर निर्देशक जोएल शूमाकर, रोमांस ड्रामा डाइंग यंग के साथ अपने दूसरे सहयोग में एक निवर्तमान लेकिन सतर्क नर्स । हालांकि नकारात्मक समीक्षाओं ने उनकी 1991 की फिल्मों का स्वागत किया, स्लीपिंग विद द एनिमी ने $175 मिलियन, हुक $300.9 मिलियन और डाइंग यंग ने $82.3 मिलियन वैश्विक स्तर पर कमाई की।
रॉबर्ट्स ने स्क्रीन से दो साल का अंतराल लिया, जिसके दौरान उन्होंने रॉबर्ट ऑल्टमैन की द प्लेयर (1992) में एक कैमियो उपस्थिति के अलावा कोई फिल्म नहीं बनाई । 1993 की शुरुआत में, वह पीपुल पत्रिका की कवर स्टोरी का विषय थी, जिसमें पूछा गया था, "जूलिया रॉबर्ट्स को क्या हुआ?"। रॉबर्ट्स ने जॉन ग्रिशम के 1992 के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थ्रिलर द पेलिकन ब्रीफ (1993) में डेनजेल वाशिंगटन के साथ अभिनय किया । इसमें, उसने एक युवा कानून की छात्रा की भूमिका निभाई, जो खुद को और दूसरों को खतरे में डालकर एक साजिश का खुलासा करती है। फिल्म एक व्यावसायिक सफलता थी, जिसने दुनिया भर में $195.2 मिलियन की कमाई की। उनकी अगली कोई भी फिल्म रिलीज़ नहीं हुई - आई लव ट्रबल (1994), प्रेट-ए-पोर्टर (1994) और समथिंग टू टॉक अबाउट (1995) - विशेष रूप से आलोचकों द्वारा अच्छी तरह से प्राप्त हुई और न ही बड़े बॉक्स ऑफिस पर। 1996 में, उन्होंने फ्रेंड्स के दूसरे सीज़न (एपिसोड 13, " द वन आफ्टर द सुपरबॉवेल ") में अतिथि भूमिका निभाई, और ऐतिहासिक नाटक माइकल कोलिन्स में लियाम नीसन के साथ दिखाई दीं , हत्यारे आयरिश क्रांतिकारी नेता की मंगेतर किट्टी कीरनन को चित्रित करते हुए ।स्टीफन फ्रियर्स की मैरी रेली , उनकी अन्य 1996 की फिल्म, एक महत्वपूर्ण और व्यावसायिक विफलता थी।
1990 के दशक के अंत तक, रॉबर्ट्स को रोमांटिक कॉमेडी शैली में नए सिरे से सफलता मिली। पीजे होगन की माई बेस्ट फ्रेंड्स वेडिंग (1997) में, उन्होंने डर्मोट मुलरोनी , कैमरन डियाज़ और रूपर्ट एवरेट के साथ एक खाद्य समीक्षक के रूप में अभिनय किया , जिसे पता चलता है कि वह अपने सबसे अच्छे दोस्त से प्यार करती है और किसी से शादी करने का फैसला करने के बाद उसे वापस जीतने की कोशिश करती है। वरना। सभी समय के सर्वश्रेष्ठ रोमांटिक कॉमेडी में से एक माना जाता है, रॉटेन टोमाटोज़ ने फिल्म को 59 समीक्षाओं के आधार पर 73% की स्वीकृति रेटिंग दी, जिसमें महत्वपूर्ण सहमति पढ़ने के साथ, "जूलिया रॉबर्ट्स के एक आकर्षक प्रदर्शन और एक विध्वंसक स्पिन के लिए धन्यवाद। शैली, माई बेस्ट फ्रेंड्स वेडिंगएक ताज़ा मनोरंजक रोमांटिक कॉमेडी है।" यह फिल्म एक वैश्विक बॉक्स-ऑफिस हिट थी, जिसने 299.3 मिलियन डॉलर कमाए। उनकी अगली फिल्म में, रिचर्ड डोनर की राजनीतिक थ्रिलर कॉन्सपिरेसी थ्योरी (1997) , रॉबर्ट्स ने [[मेल गिब्सन]] के साथ न्याय विभाग के वकील के रूप में अभिनय किया। सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल के मिक लासेल ने कहा: "जब बाकी सब विफल हो जाता है, तब भी सितारों को देखना होता है-रॉबर्ट्स, जो वास्तव में कुछ अच्छा अभिनय करने का प्रबंधन करते हैं, और गिब्सन, जिनके संभावना वास्तव में एक मजबूत चीज होनी चाहिए।" फिर भी, फिल्म ने $137 मिलियन की एक सम्मानजनक कमाई की।1998 में, रॉबर्ट्स एल्मो के चरित्र के विपरीत टेलीविजन श्रृंखला सेसम स्ट्रीट में दिखाई दिए, और सुसान सारंडन के साथनाटक स्टेपमॉम में अभिनय किया , एक बीमार मां और उसकी भावी सौतेली मां के बीच जटिल संबंधों के इर्द-गिर्द घूमती है। बच्चे। जबकि समीक्षा मिश्रित थी, फिल्म ने दुनिया भर में 159.7 मिलियन डॉलर कमाए।
रॉबर्ट्स ने ह्यूग ग्रांट के साथ नॉटिंग हिल (1999) के लिए जोड़ी बनाई, जिसमें एक प्रसिद्ध अभिनेत्री का चित्रण किया गया, जिसे एक संघर्षरत पुस्तक स्टोर के मालिक से प्यार हो जाता है। फिल्म ने फोर वेडिंग्स एंड ए फ्यूनरल को सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़ी ब्रिटिश हिट के रूप में विस्थापित किया, जिसकी कमाई दुनिया भर में 363 मिलियन डॉलर थी। मुख्यधारा की संस्कृति में आधुनिक रोमांटिक कॉमेडी का एक उदाहरण, फिल्म को समीक्षकों द्वारा भी सराहा गया। सीएनएन समीक्षक पॉल क्लिंटन ने रॉबर्ट्स को "रोमांटिक कॉमेडी की रानी [जिसका] शासन जारी है" कहा, और टिप्पणी की: " नॉटिंग हिल सभी बाधाओं के खिलाफ प्यार के बारे में एक और मजेदार और दिल को छू लेने वाली कहानी है।"1999 में, वह रनवे ब्राइड के लिए रिचर्ड गेरे और गैरी मार्शल के साथ फिर से जुड़ गईं , जिसमें उन्होंने एक महिला की भूमिका निभाई, जिसने वेदी पर मंगेतर की एक स्ट्रिंग छोड़ दी है। मिश्रित समीक्षाओं के बावजूद, रनवे ब्राइड एक और वित्तीय सफलता थी, जिसने दुनिया भर में $309.4 मिलियन की कमाई की। रॉबर्ट्स टेलीविजन श्रृंखला लॉ एंड ऑर्डर के सीज़न 9 एपिसोड " एम्पायर " में एक अतिथि कलाकार थे , जिसमें नियमित कलाकार सदस्य बेंजामिन ब्रैट थे, जो उस समय उनके प्रेमी थे। उनके प्रदर्शन ने उन्हें ड्रामा सीरीज़ में उत्कृष्ट अतिथि अभिनेत्री के लिए प्राइमटाइम एमी अवार्ड के लिए नामांकित किया ।
=== कामयाब एक्ट्रेस के रूप मे(2000–2007)===
रॉबर्ट्स एक फिल्म के लिए $20 मिलियन का भुगतान करने वाली पहली अभिनेत्री बनीं, जब उन्होंने एरिन ब्रोकोविच में कैलिफोर्निया की पैसिफिक गैस एंड इलेक्ट्रिक कंपनी (पीजी एंड ई) के खिलाफ अपनी लड़ाई में वास्तविक जीवन के पर्यावरण कार्यकर्ता एरिन ब्रोकोविच की भूमिका निभाई। (2000)। रॉलिंग स्टोन के पीटर ट्रैवर्स ने लिखा, "रॉबर्ट्स एरिन पर भावनात्मक प्रभाव दिखाता है क्योंकि वह अपने बच्चों और नौकरी के लिए जिम्मेदार रहने की कोशिश करती है जिसने उसे आत्म-सम्मान का पहला स्वाद प्रदान किया है", जबकि एंटरटेनमेंट वीकली आलोचक ओवेन ग्लीबरमैनमहसूस किया कि यह "रॉबर्ट्स को उसकी चुलबुली चमक और उदासी के स्वर के साथ देखकर खुशी हुई"। एरिन ब्रोकोविच ने दुनिया भर में $256.3 मिलियन कमाए, और कई अन्य प्रशंसाओं के साथ, रॉबर्ट्स को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अकादमी पुरस्कार मिला। 1992 में सूची शुरू होने के बाद से 2000 में, वह हॉलीवुड रिपोर्टर की शो व्यवसाय में 50 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची बनाने वाली पहली अभिनेत्री बनीं , और उनकी शोलेस प्रोडक्शंस कंपनी को जो रोथ के साथ एक सौदा मिला।
एरिन ब्रोकोविच के बाद उनकी पहली फिल्म रोड गैंगस्टर कॉमेडी द मैक्सिकन (2001) थी, जिससे उन्हें लंबे समय के दोस्त ब्रैड पिट के साथ काम करने का मौका मिला । फिल्म की स्क्रिप्ट का मूल रूप से प्रमुख मोशन पिक्चर सितारों के बिना एक स्वतंत्र उत्पादन के रूप में फिल्माया जाना था , लेकिन रॉबर्ट्स और पिट, जो कुछ समय से एक ऐसी परियोजना की तलाश में थे, जिसे वे एक साथ कर सकते थे, इसके बारे में सीखा और साइन करने का फैसला किया। हालांकि एक ठेठ रोमांटिक कॉमेडी स्टार वाहन के रूप में विज्ञापित, फिल्म केवल अभिनेताओं के रिश्ते पर ध्यान केंद्रित नहीं करती है और दोनों ने अपेक्षाकृत कम स्क्रीन समय एक साथ साझा किया है। मैक्सिकन ने उत्तरी अमेरिका में $66.8 मिलियन कमाए। जो रोथ मेंकी रोमांटिक कॉमेडी अमेरिका की स्वीटहार्ट्स (2001) में, रॉबर्ट्स ने बिली क्रिस्टल , जॉन क्यूसैक और कैथरीन ज़ेटा-जोन्स के साथ, एक बार अधिक वजन वाली बहन और हॉलीवुड अभिनेत्री की सहायक के रूप में अभिनय किया । आलोचकों ने महसूस किया कि इसके प्रसिद्ध कलाकारों के बावजूद, उत्पादन में "सहानुभूतिपूर्ण पात्रों" की कमी थी और यह "केवल स्पर्ट्स में मजाकिया था।" एक व्यावसायिक सफलता, हालांकि, इसने दुनिया भर में $138 मिलियन से अधिक की कमाई की। 2001 में रिलीज हुई अपनी आखिरी फिल्म में, रॉबर्ट्स ने एरिन ब्रोकोविच के निर्देशक स्टीवन सोडरबर्ग के साथ ओशन्स इलेवन के लिए टीम बनाई, जो 1960 में इसी नाम की फिल्म की रीमेक थी।जॉर्ज क्लूनी , ब्रैड पिट और [[मैट डैमन|मैट डेमन]] सहित कलाकारों की टुकड़ी । रॉबर्ट्स ने टेस ओशन की भूमिका निभाई , जो नेता डैनी ओशन (क्लूनी) की पूर्व पत्नी थी, जो मूल रूप से एंजी डिकिंसन द्वारा निभाई गई थी । समीक्षकों के साथ और बॉक्स ऑफिस पर समान रूप से सफल, ओशन इलेवन दुनिया भर में कुल $450 मिलियन के साथ वर्ष की पांचवीं सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई ।
माइक नेवेल के नाटक मोना लिसा स्माइल में 1953 में वेलेस्ली कॉलेज में एक आगे की सोच रखने वाले कला इतिहास के प्रोफेसर को चित्रित करने के लिए रॉबर्ट्स ने रिकॉर्ड $ 25 मिलियन प्राप्त किया, जो उस समय एक अभिनेत्री द्वारा अर्जित की गई सबसे अधिक कमाई थी । फिल्म को समीक्षकों द्वारा काफी हद तक गुनगुनी समीक्षा मिली, जिन्होंने इसे "अनुमानित और सुरक्षित" पाया, लेकिन सिनेमाघरों में $141 मिलियन से अधिक की कमाई की। 2004 में, रॉबर्ट्स ने [[केट ब्लैंचेट]] की जगह माइक निकोल्स की फिल्म क्लोजर के लिए एक अमेरिकी फोटोग्राफर की भूमिका निभाई , जो पैट्रिक मार्बर द्वारा लिखित एक रोमांटिक ड्रामा है, जो उनके 1997 के इसी नाम के पुरस्कार विजेता नाटक पर आधारित है ।, जूड लॉ , नताली पोर्टमैन और क्लाइव ओवेन के सह-कलाकार । इसके बाद उन्होंने ओशन्स ट्वेल्व में टेस ओशन की भूमिका को दोहराया , जो जानबूझकर पहली फिल्म की तुलना में बहुत अधिक अपरंपरागत थी, जिसे एक अनुक्रम द्वारा दर्शाया गया था जिसमें रॉबर्ट्स का चरित्र वास्तविक जीवन में जूलिया रॉबर्ट्स का प्रतिरूपण करता है, क्योंकि फिल्म के पात्रों का मानना है कि यह है उनकी मजबूत समानता। हालांकि इलेवन की तुलना में कम अच्छी तरह से समीक्षा की गई , यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ी सफलता बन गई, जिसने दुनिया भर में $363 मिलियन की कमाई की। 2005 में, उन्हें एकल " ड्रीमगर्ल " के संगीत वीडियो में चित्रित किया गया था" डेव मैथ्यू बैंड द्वारा । यह उनका पहला संगीत वीडियो प्रदर्शन था। रॉबर्ट्स 2002 से (जब पत्रिका ने अपनी सूची संकलित करना शुरू किया) 2005 से हर साल हॉलीवुड रिपोर्टर की 10 सबसे अधिक भुगतान वाली अभिनेत्रियों की सूची में दिखाई दिया।
2006 में, रॉबर्ट्स ने द एंट बुली में एक नर्स चींटी और चार्लोट्स वेब में एक खलिहान मकड़ी को आवाज दी । उन्होंने 19 अप्रैल 2006 को रिचर्ड ग्रीनबर्ग के 1997 के नाटक थ्री डेज़ ऑफ़ रेन के पुनरुद्धार में ब्रैडली कूपर और पॉल रुड के साथ नान के रूप में ब्रॉडवे की शुरुआत की । हालांकि इस नाटक ने अपने पहले सप्ताह के दौरान टिकटों की बिक्री में लगभग 1 मिलियन डॉलर की कमाई की और अपने सीमित समय के दौरान व्यावसायिक रूप से सफल रही, उसके प्रदर्शन की आलोचना हुई। न्यूयॉर्क टाइम्स के बेन ब्रैंटली रॉबर्ट्स को "आत्म-चेतना (विशेषकर पहले अभिनय में) [और] केवल उनके द्वारा निभाए गए दो पात्रों से परिचित होने के रूप में वर्णित किया गया है।" ब्रेंटली ने भी समग्र उत्पादन की आलोचना करते हुए लिखा कि "जो मैन्टेलो द्वारा निर्देशित इस लकड़ी और बिखरी हुई व्याख्या से इसके कलात्मक गुणों को पहचानना लगभग असंभव है।" न्यू यॉर्क पोस्ट में लिखते हुए , क्लाइव बार्न्स ने घोषणा की, "नाटक से नफरत थी। सच कहूं तो, यहां तक कि उससे नफरत भी। कम से कम मुझे बारिश पसंद थी-भले ही इसके तीन दिन अनंत काल के लगें।" माइक निकोल्स के जीवनी नाटक चार्ली विल्सन्स वॉर (2007) में, रॉबर्ट्स ने सोशलाइट के रूप में अभिनय कियाटॉम हैंक्स और फिलिप सीमोर हॉफमैन के सामने डेमोक्रेटिक टेक्सास के कांग्रेसी चार्ल्स विल्सन के प्रेमी जोआन हेरिंग । फिल्म को काफी प्रशंसा मिली, ने दुनिया भर में 119.5 मिलियन डॉलर कमाए, और रॉबर्ट्स को अपना छठा गोल्डन ग्लोब नामांकन मिला।
===करियर में उतार-चढ़ाव (2008-2016)===
स्वतंत्र नाटक फायरफ्लाइज़ इन द गार्डन , जिसमें रॉबर्ट्स ने एक माँ की भूमिका निभाई, जिसकी मृत्यु ने कहानी को गति प्रदान की, यूरोपीय सिनेमाघरों में दिखाए जाने से पहले 2008 के बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में प्रदर्शित किया गया था - इसे 2011 तक उत्तर अमेरिकी रिलीज़ नहीं मिली थी। रॉबर्ट्स ने कॉमिक थ्रिलर डुप्लिसिटी (2009) में क्लाइव ओवेन के विपरीत एक जटिल चोर को अंजाम देने के लिए एक अन्य जासूस के साथ सहयोग करते हुए एक सीआईए एजेंट की भूमिका निभाई । मिश्रित समीक्षाओं और मध्यम बॉक्स ऑफिस रिटर्न के बावजूद, आलोचक एओ स्कॉटउसके प्रदर्शन की प्रशंसा की: "सुश्री रॉबर्ट्स ने लगभग पूरी तरह से अमेरिका के प्रिय व्यवहार को पीछे छोड़ दिया है, सिवाय इसके कि जब वह उन्हें रणनीतिक रूप से निरस्त्र या भ्रमित करने के लिए उपयोग करती है। वह 41 साल की उम्र में, स्पष्ट रूप से अपने प्रमुख में है"। उन्हें अपनी भूमिका के लिए सातवां गोल्डन ग्लोब नामांकन मिला।
2010 में, रॉबर्ट्स ने रोमांटिक कॉमेडी वेलेंटाइन डे में एक बड़े कलाकारों की टुकड़ी के हिस्से के रूप में एक दिन की छुट्टी पर एक अमेरिकी सेना के कप्तान की भूमिका निभाई , और ईट प्रेयर लव के फिल्म रूपांतरण में तलाक के बाद खुद को खोजने वाले लेखक के रूप में अभिनय किया । जहां उन्हें वैलेंटाइन डे में छह मिनट की भूमिका के लिए कुल 3 प्रतिशत की तुलना में 3 मिलियन डॉलर का अग्रिम प्राप्त हुआ , ईट प्रेयर लव ने अमेरिका के स्वीटहार्ट्स के बाद से रॉबर्ट्स के लिए सबसे अधिक बिल वाली भूमिका में बॉक्स ऑफिस पर सबसे अधिक शुरुआत की । वह रोमांटिक कॉमेडी लैरी क्राउन में शिक्षा की ओर लौट रहे एक मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति की शिक्षिका के रूप में दिखाई दी, जो टॉम हैंक्स के विपरीत थी।, जिन्होंने निदेशक के रूप में भी काम किया। फिल्म को आलोचकों और दर्शकों द्वारा खराब रूप से प्राप्त किया गया था, हालांकि रॉबर्ट्स के हास्य प्रदर्शन की प्रशंसा की गई थी। मिरर मिरर (2012) में, स्नो व्हाइट के तरसेम सिंह अनुकूलन , रॉबर्ट्स ने क्वीन क्लेमेंटियाना , स्नो व्हाइट की दुष्ट सौतेली माँ, लिली कोलिन्स के विपरीत चित्रित की । रोलिंग स्टोन के पीटर ट्रैवर्स ने महसूस किया कि उन्होंने अपनी भूमिका में "बहुत कठिन" कोशिश की, जबकि केटी रिच ऑफ़ सिनेमा ब्लेंडदेखा कि वह "अपने दुष्ट [चित्रण] में आनंद लेती है लेकिन इसके साथ और भी आगे बढ़ सकती है"। मिरर मिरर ने विश्व स्तर पर 183 मिलियन डॉलर कमाए।
2013 में, रॉबर्ट्स ने ब्लैक कॉमेडी ड्रामा अगस्त: ओसेज काउंटी में मेरिल स्ट्रीप और इवान मैकग्रेगर के साथ अभिनय किया , एक बेकार परिवार के बारे में जो पारिवारिक घर में फिर से एकजुट हो जाता है जब उनके पिता अचानक गायब हो जाते हैं। उनके प्रदर्शन ने उन्हें गोल्डन ग्लोब अवार्ड , स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड , क्रिटिक्स च्वाइस अवार्ड और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कारों के लिए नामांकित किया। यह उनका चौथा अकादमी पुरस्कार नामांकन था। 2014 में, रॉबर्ट्स ने लैरी क्रेमर के एड्स-युग के नाटक, द नॉर्मल हार्ट के टेलीविजन रूपांतरण में डॉ. लिंडा लॉबेनस्टीन पर आधारित एक चरित्र, डॉ. एम्मा ब्रुकनर , के रूप में अभिनय किया, जो एचबीओ पर प्रसारित हुआ ; फिल्म को समीक्षकों द्वारा सराहा गया और वैनिटी फेयर ने अपनी समीक्षा में लिखा: "रॉबर्ट्स, इस बीच, धर्मी, एरिन ब्रोकोविच -इयान क्रोध के साथ गुनगुनाते हैं। इस और अगस्त के बीच: ओसेज काउंटी , वह अपने लिए एक अच्छा नया स्थान बना रही है, भंगुर खेल रही है जो महिलाएं विस्फोटक स्वभाव के माध्यम से अपना प्यार और चिंता दिखाती हैं"। उनकी भूमिका ने उन्हें के लिए नामांकित कियालघु-श्रृंखला या मूवी में उत्कृष्ट सहायक अभिनेत्री के लिए प्राइमटाइम एमी पुरस्कार ।
रॉबर्ट्स ने 2014 में मेकर्स: वूमेन हू मेक अमेरिका के दूसरे सीज़न की एक कड़ी "वीमेन इन हॉलीवुड" सुनाई , और 2015 में गिवेंची के स्प्रिंग-समर कैंपेन में दिखाई दीं । उन्होंने इसमें अभिनय किया। सीक्रेट इन देयर आइज़ (2015) में निकोल किडमैन और चिवेटेल इजीओफ़ोर के विपरीत एक दुःखी माँ , इसी नाम की 2009 की अर्जेंटीना फ़िल्म की रीमेक है, दोनों लेखक एडुआर्डो साचेरी के उपन्यास ला प्रीगुंटा डे सस ओजोस पर आधारित हैं । मूल फिल्म के विपरीत, अमेरिकी संस्करण को नकारात्मक समीक्षा मिली और दर्शकों को खोजने में असफल रहा। आयरिश टाइम्स के डोनाल्ड क्लार्कनिष्कर्ष निकाला कि कलाकारों द्वारा एक "सुंदर काम" "परियोजना के चारों ओर लटके हुए समझौते की आवाज को पूरी तरह से हिला नहीं सकता"। 2016 में, रॉबर्ट्स ने गैरी मार्शल के साथ पुनर्मिलन किया और कथित तौर पर चार दिन की शूटिंग के लिए $3 मिलियन का शुल्क प्राप्त किया, एक कुशल लेखक की भूमिका निभाई, जिसने रोमांटिक कॉमेडी मदर्स डे में अपने बच्चे को गोद लेने के लिए दिया , जिसमें एक कमजोर आलोचनात्मक और व्यावसायिक था जवाब। उनकी अगली फिल्म रिलीज जोड़ी फोस्टर की थ्रिलर मनी मॉन्स्टर थी, जिसमें उन्होंने जॉर्ज क्लूनी और जैक ओ'कोनेल के साथ एक टेलीविजन निर्देशक के रूप में अभिनय किया ।सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के सैंड्रा हॉलने कहा: "यह हॉलीवुड का मेलोड्रामा हो सकता है लेकिन यह रेंज में सबसे ऊपर है, क्लूनी और रॉबर्ट्स को स्टार पावर के मूल्य को प्रदर्शित करने का हर मौका देता है।" फिल्म ने दुनिया भर में 93.3 मिलियन डॉलर का सम्मानजनक कमाई की।
===हाल की भूमिकाएँ (2017–वर्तमान)===
इन वंडर (2017), आरजे पलासियो द्वारा इसी नाम के 2012 के उपन्यास का फिल्म रूपांतरण , रॉबर्ट्स ने ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम वाले एक लड़के की मां की भूमिका निभाई । द टाइम्स ने कहा कि वह " वंडर में अपने प्रत्येक दृश्य को निकट-उत्कृष्ट स्थानों पर ले जाती है"। दुनिया भर में 305.9 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ, वंडर रॉबर्ट्स की सबसे अधिक देखी जाने वाली फिल्मों में से एक के रूप में उभरा। 2017 में, उन्होंने एनिमेटेड फिल्म स्मर्फ्स: द लॉस्ट विलेज में एक मातृ स्मर्फ नेता को आवाज दी ।
रॉबर्ट्स ने पीटर हेजेज के नाटक बेन इज़ बैक (2018) में एक परेशान युवक की माँ की भूमिका निभाई। डेली एक्सप्रेस के शॉन किचनर ने टिप्पणी की: "रॉबर्ट्स अक्सर किसी भी फिल्म के बारे में सर्वश्रेष्ठ, या सर्वश्रेष्ठ में से एक होते हैं-और बेन इज़ बैक अलग नहीं है"। मनोवैज्ञानिक थ्रिलर श्रृंखला होमकमिंग के पहले सीज़न में एक गुप्त सरकारी सुविधा में एक केसवर्कर की भूमिका रॉबर्ट्स की पहली नियमित टेलीविजन परियोजना थी। श्रृंखला, जिसका प्रीमियर अमेज़न वीडियो पर हुआनवंबर 2018 में, आलोचकों से प्रशंसा प्राप्त हुई, जिन्होंने निष्कर्ष निकाला कि यह रॉबर्ट्स के लिए "छोटे पर्दे की प्रभावशाली शुरुआत" थी, जो "अपने भूतिया रहस्य को एक उन्मत्त संवेदनशीलता के साथ संतुलित करती है जो पकड़ में आती है और जाने नहीं देती है।" उन्हें टेलीविज़न सीरीज़ - ड्रामा में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब नामांकन मिला ।
रॉबर्ट्स रोमांटिक कॉमेडी टिकट टू पैराडाइज के लिए जॉर्ज क्लूनी के साथ फिर से जुड़ेंगे , जो 21 अक्टूबर, 2022 को यूनिवर्सल पिक्चर्स द्वारा रिलीज़ होने वाली है । उन्होंने वाटरगेट कांड के दौरान एक विवादास्पद व्यक्ति मार्था मिशेल की भूमिका निभाने के लिए भी साइन किया । लियोन नेफख द्वारा पॉडकास्ट स्लो बर्न के पहले सीज़न पर आधारित राजनीतिक थ्रिलर टेलीविजन श्रृंखला गैसलिट ।
==अन्य एंटर प्रेज़ेज़==
===चैरिटी वर्क===
रॉबर्ट्स ने यूनिसेफ के साथ-साथ अन्य धर्मार्थ संगठनों में योगदान दिया है। 1995 में पोर्ट-ऑ-प्रिंस , हैती की उनकी छह दिवसीय यात्रा , जैसा कि उन्होंने कहा, "खुद को शिक्षित करने के लिए", दान के एक विस्फोट को ट्रिगर करने की उम्मीद थी — उस समय $10 मिलियन की सहायता मांगी गई थी - यूनिसेफ के अधिकारियों द्वारा। 2006 में, वह अर्थ बायोफ्यूल्स की प्रवक्ता और साथ ही अक्षय ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने वाले कंपनी के नवगठित सलाहकार बोर्ड की अध्यक्ष बनीं। 2013 में, वह एक गुच्ची अभियान, "चाइम फॉर चेंज" का हिस्सा थीं, जिसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण का प्रसार करना है।
2000 में, रॉबर्ट्स ने रेट्ट सिंड्रोम के बारे में एक वृत्तचित्र सुनाया , एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर, जिसे बीमारी के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, और 2014 में, वह जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कंजर्वेशन इंटरनेशनल के लिए एक लघु फिल्म में मदर नेचर की आवाज थी। जलवायु परिवर्तन के बारे में ।
===प्रोडक्शन कंपनी===
रॉबर्ट्स अपनी बहन, लिसा रॉबर्ट्स गिलन और मारिसा येरेस गिल के साथ प्रोडक्शन कंपनी रेड ओम फिल्म्स (रेड ओम "मोडर" है, जो उसके पति के अंतिम नाम के बाद लिखा गया है) चलाते हैं। रेड ओम के माध्यम से, रॉबर्ट्स ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए एक कार्यकारी निर्माता के रूप में काम किया है, जैसे कि ईट प्रेयर लव और होमकमिंग , साथ ही साथ अमेरिकन गर्ल फिल्म श्रृंखला की पहली चार फिल्मों के लिए ( अमेरिकन गर्ल लाइन पर आधारित) ऑफ़ डॉल्स), 2004 और 2008 के बीच रिलीज़ हुई।
===एंडोर्समेंट===
2006 में, रॉबर्ट्स ने फैशन लेबल जियानफ्रेंको फेरे के साथ $6 मिलियन मूल्य के एक एंडोर्समेंट सौदे पर हस्ताक्षर किए। मारियो टेस्टिनो द्वारा लॉस एंजिल्स में ब्रांड के विज्ञापन अभियान के लिए उसकी तस्वीर खींची गई थी , जिसे यूरोप , एशिया और ऑस्ट्रेलिया में वितरित किया गया था । 2009 से, रॉबर्ट्स ने लैंकोमे के वैश्विक राजदूत के रूप में काम किया है, एक भूमिका जिसमें वह ब्रांड के सौंदर्य प्रसाधन और सौंदर्य उत्पादों के विकास और प्रचार में शामिल रही है। उसने शुरू में 2010 में $50 मिलियन के लिए कंपनी के साथ पांच साल के विस्तार पर हस्ताक्षर किए।
==निज़ी जीवन==
===परिवारिक रिश्ते और संबंध===
रॉबर्ट्स के अभिनेता जेसन पैट्रिक , लियाम नीसन , किफ़र सदरलैंड , डायलन मैकडरमोट और मैथ्यू पेरी के साथ रोमांटिक संबंध थे । सदरलैंड के साथ उनकी कुछ समय के लिए सगाई हुई थी; 11 जून, 1991 को अपनी निर्धारित शादी से तीन दिन पहले वे अलग हो गए। 25 जून, 1993 को, उन्होंने देशी गायिका लायल लवेट से शादी की ; शादी इंडियाना के मैरियन में सेंट जेम्स लूथरन चर्च में हुई थी । मार्च 1995 में वे अलग हो गए और बाद में उनका तलाक हो गया। 1998 से 2001 तक, रॉबर्ट्स ने अभिनेता बेंजामिन ब्रैट को डेट किया ।
रॉबर्ट्स और उनके पति, कैमरामैन डैनियल मोडर , 2000 में अपनी फिल्म द मैक्सिकन के सेट पर मिले, जब वह अभी भी ब्रैट को डेट कर रही थीं। उस समय, मोडर की शादी वेरा स्टिमबर्ग से हुई थी। उन्होंने एक साल बाद तलाक के लिए अर्जी दी, और इसे अंतिम रूप देने के बाद, उन्होंने और रॉबर्ट्स ने 4 जुलाई, 2002, को ताओस, न्यू मैक्सिको में अपने खेत में शादी कर ली । साथ में, उनके तीन बच्चे हैं: जुड़वाँ, एक बेटी और एक बेटा, जिसका जन्म नवंबर 2004 में हुआ, और दूसरा बेटा जून 2007 में पैदा हुआ।
===धर्म===
2010 में, रॉबर्ट्स ने कहा कि वह [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] है, "आध्यात्मिक संतुष्टि" के लिए परिवर्तित हुई है। रॉबर्ट्स गुरु [[नीम करौली बाबा|नीम करोली बाबा]] (महाराज-जी) के भक्त हैं, जिनकी एक तस्वीर ने रॉबर्ट्स को हिंदू धर्म की ओर आकर्षित किया।
सितंबर 2009 में, [[पटौदी]] में आश्रम हरि मंदिर के स्वामी दरम देव , जहां रॉबर्ट्स ईट प्रेयर लव की शूटिंग कर रहे थे , ने अपने बच्चों को हिंदू देवताओं के नाम पर नए नाम दिए: हेज़ल के लिए लक्ष्मी , फिनिअस के लिए गणेश और हेनरी के लिए कृष्ण बलराम ।
==फ़िल्मोग्राफी और सम्मान==
रॉबर्ट्स की जिन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर 2021 तक सबसे अधिक कमाई की है , उनमें शामिल हैं:<ref>{{Cite web|url=https://www.boxofficemojo.com/name/nm0000210/|title=Julia Roberts|website=Box Office Mojo|access-date=2022-07-13}}</ref>
*Pretty Woman (1990)
*Hook (1991)
*Sleeping with the Enemy (1991)
*The Pelican Brief (1993)
*My Best Friend's Wedding (1997)
*Notting Hill (1999)
*Runaway Bride (1999)
*Erin Brockovich (2000)
*Ocean's Eleven (2001)
*Ocean's Twelve (2004)
*Charlie Wilson's War (2007)
*Valentine's Day (2010)
*Eat Pray Love (2010)
*Mirror Mirror (2012)
*Money Monster (2016)
*Wonder (2017)
रॉबर्ट्स ने चार अकादमी पुरस्कार नामांकन प्राप्त किए हैं, 73वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए जीत हासिल की, एरिन ब्रोकोविच में उनके नाममात्र के चित्रण के लिए , जिसने उन्हें गोल्डन ग्लोब , बाफ्टा अवार्ड और स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड भी अर्जित किया । उन्होंने स्टील मैगनोलियास और प्रिटी वुमन में अपने प्रदर्शन के लिए गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीते , <ref>{{Cite web|url=https://apnews.com/article/6b5d7432e9254823aab93f261e90e030|title=Julia Roberts to receive George Eastman Award for movie work|date=2019-02-18|website=AP NEWS|language=en|access-date=2022-07-13}}</ref>और 2019 तक, आठ नामांकन प्राप्त किए। रॉबर्ट्स को दो प्राइमटाइम एमी अवार्ड्स नामांकन प्राप्त हुए, एक ड्रामा सीरीज़ में उत्कृष्ट अतिथि अभिनेत्री के लिए, उनकी अतिथि भूमिका के लिएलॉ एंड ऑर्डर , और दूसरा सीमित श्रृंखला या टेलीविज़न मूवी में उत्कृष्ट सहायक अभिनेत्री के लिए, द नॉर्मल हार्ट में उनके प्रदर्शन के लिए।
==इन्हें भी देखें==
* [[केट विंसलेट]]
* [[ऐनी हैथवे]]
* [[जेनिफ़र लॉरेंस]]
* [[डकोटा जॉनसन]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|colwidth=30em}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20160305033346/http://www.samaylive.com/entertainment-hindi/94069.html जूलिया रॉबर्ट्स ने स्वीकारा हिन्दू धर्म]
[[श्रेणी:अंग्रेजी अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:1967 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:हिन्दू राष्ट्रीयता अनुसार|अमरीका के ]]
[[श्रेणी:अमेरिकी अभिनेत्री]]
{{जीवनचरित-आधार}}
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बौद्ध धर्म
0
4823
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2026-05-22T06:55:25Z
अनुनाद सिंह
1634
वर्तनी ठीक की (जैसे 'शाक्य -एस' ==> शाक्य ; कुछ अनावश्यक चित्र हटाये जो लगभग एक जैसे हैं।
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wikitext
text/x-wiki
{{बौद्ध धर्म}}
'''बौद्ध धर्म''' [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]] की शिक्षाओं पर आधारित एक [[भारतीय धर्म|भारतीय]] [[भारतीय दर्शन|दार्शनिक परम्परा]] है।<ref>{{Cite web|url=https://plato.stanford.edu/entries/buddha/|title=Buddha|last=Siderits|first=Mark|date=2019|website=The Stanford Encyclopedia of Philosophy|publisher=Metaphysics Research Lab, Stanford University|archive-url=https://web.archive.org/web/20220521121053/https://plato.stanford.edu/entries/buddha/|archive-date=21 May 2022|access-date=22 October 2021}}</ref> इसे '''बुद्ध धर्म''' भी कहा जाता है।<ref>एस धम्मो सनातनों अर्थात यह धर्म आदि अनंत हैं [https://www.tipitaka.org/hindi/Dhammapada.pdf PDF]</ref> [[गौतम बुद्ध]] को ६वीं सदी ईशा पूर्व से ५वीं सदी ईशा पूर्व का माना जाता है।<ref>{{Citation|last=Siderits|first=Mark|title=Buddha|date=2023|url=https://plato.stanford.edu/entries/buddha/|work=The Stanford Encyclopedia of Philosophy|editor-last=Zalta|editor-first=Edward N.|edition=Spring 2023|publisher=Metaphysics Research Lab, Stanford University|access-date=2024-10-26|editor2-last=Nodelman|editor2-first=Uri}}</ref> यह विश्व का [[प्रमुख धार्मिक समूह|चौथा सबसे बड़ा धर्म]] है,<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/topic/Buddhism|title=Buddhism {{!}} Definition, Beliefs, Origin, Systems, & Practice {{!}} Britannica|date=2023-10-28|website=www.britannica.com|language=en|access-date=2023-11-10}}</ref><ref>{{Citation|title=Buddhism|date=2023-11-06|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Buddhism&oldid=1183750355|work=Wikipedia|language=en|access-date=2023-11-10}}</ref> जिसके ५२ करोड़ से अधिक अनुयायी (बौद्ध) हैं, जो वैश्विक [[जनसंख्या|आबादी]] का सात प्रतिशत हैं। <ref>{{Citation|title=Christianity 2015: Religious Diversity and Personal|date=January 2015|url=http://www.gordonconwell.edu/resources/documents/1IBMR2015.pdf|volume=39|issue=1|pages=28–29|archive-url=https://web.archive.org/web/20170525141543/http://www.gordonconwell.edu/resources/documents/1IBMR2015.pdf|periodical=International Bulletin of Missionary Research|doi=10.1177/239693931503900108|access-date=2015-05-29|archive-date=25 May 2017| issn=0272-6122}}</ref><ref>{{Citation|title=Buddhism|date=2023-11-06|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Buddhism&oldid=1183750355|work=Wikipedia|language=en|access-date=2023-11-10}}</ref><ref>{{Cite journal|last=Malikov|first=Aladdin|date=2022|title=History, Beliefs and Sects of Buddhism|url=https://rgdoi.net/10.13140/RG.2.2.12273.35689|journal=Elm və Həyat journal|language=az|doi=10.13140/RG.2.2.12273.35689}}</ref>
== शब्द ==
बौद्ध धर्म एक भारतीय धर्म <ref>{{Cite book|url=https://archive.org/details/encyclopediaofas00leej/page/504|title=Encyclopedia of Asian American Folklore and Folklife|last=Jonathan H. X. Lee|last2=Kathleen M. Nadeau|publisher=ABC-CLIO|year=2011|isbn=978-0-313-35066-5|page=[https://archive.org/details/encyclopediaofas00leej/page/504 504]}}, Quote: "The three other major Indian religions – Buddhism, Jainism and Sikhism – originated in India as an alternative to Brahmanic/Hindu philosophy";
[[जन गोण्डा|Jan Gonda]] (1987), ''Indian Religions: An Overview – Buddhism and Jainism'', Encyclopedia of Religion, 2nd Edition, Volume 7, Editor: Lindsay Jones, Macmillan Reference, {{ISBN|0-02-865740-3}}, p. 4428;
{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=m0_njwEACAAJ|title=Encyclopedia of Indian Religions: Buddhism and Jainism|last=[[K. T. S. Sarao]]|last2=Jefferey Long|publisher=Springer Netherlands|year=2017|isbn=978-94-024-0851-5}}, Quote: "Buddhism and Jainism, two religions which, together with Hinduism, constitute the three pillars of Indic religious tradition in its classical formulation."</ref> या दर्शन है। बुद्ध ("जागृत व्यक्ति") एक [[श्रमण परम्परा|श्रमण]] थे जो [[दक्षिण एशिया]] में छठी या पाँचवीं शताब्दी [[ईसा पूर्व]] रहते थे।<ref>{{Cite book|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Special:BookSources/978-0-19-289223-2|title=The foundations of Buddhism|last=Gethin|first=Rupert|date=2010|publisher=Oxford Univ. Press|isbn=978-0-19-289223-2|edition=1. publ. paperback, 17th pr|series=An OPUS book|location=Oxford}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Special:BookSources/978-0-86171-811-5|title=Buddhist Teaching in India|last=Bronkhorst|first=Johannes|date=10 July 2016|website=en.wikipedia.org|language=en|archive-url=https://web.archive.org/web/20230111060325/https://books.google.com/books?id=fjU6AwAAQBAJ|archive-date=11 January 2023|access-date=2023-11-10}}</ref>
बौद्ध धर्म के अनुयायी (''बौद्ध'') प्राचीन भारत में खुद को ''शाक्य'' या ''शाक्यभिक्षु'' कहते थे। <ref>''Beyond Enlightenment: Buddhism, Religion, Modernity'' by Richard Cohen. Routledge 1999. {{ISBN|0-415-54444-0}}. p. 33. "Donors adopted Sakyamuni Buddha's family name to assert their legitimacy as his heirs, both institutionally and ideologically. To take the name of Sakya was to define oneself by one's affiliation with the buddha, somewhat like calling oneself a Buddhist today.</ref> <ref>''Sakya or Buddhist Origins'' by Caroline Rhys Davids (London: Kegan Paul, Trench, Trubner, 1931) p. 1. "Put away the word "Buddhism" and think of your subject as "Sakya." This will at once place you for your perspective at a true point. You are now concerned to learn less about 'Buddha' and 'Buddhism,' and more about him whom India has ever known as Sakya-muni, and about his men who, as their records admit, were spoken of as the Sakya-sons, or men of the Sakyas."</ref> बौद्ध विद्वान डोनाल्ड एस. लोपेज़ का दावा है कि उन्होंने भी ''बौद्ध'' शब्द का इस्तेमाल किया था, <ref>Lopez, Donald S. (1995). ''Curators of the Buddha'', University of Chicago Press. p. 7</ref> हालांकि विद्वान रिचर्ड कोहेन का दावा है कि उस शब्द का इस्तेमाल केवल बाहरी लोगों द्वारा बौद्धों का वर्णन करने के लिए किया गया था। <ref>''Beyond Enlightenment: Buddhism, Religion, Modernity'' by Richard Cohen. Routledge 1999. {{ISBN|0-415-54444-0}}. p. 33. Bauddha is "a secondary derivative of buddha, in which the vowel's lengthening indicates connection or relation. Things that are bauddha pertain to the buddha, just as things Saiva related to Siva and things Vaisnava belong to Visnu. ... baudda can be both adjectival and nominal; it can be used for doctrines spoken by the buddha, objects enjoyed by him, texts attributed to him, as well as individuals, communities, and societies that offer him reverence or accept ideologies certified through his name. Strictly speaking, Sakya is preferable to bauddha since the latter is not attested at Ajanta. In fact, as a collective noun, bauddha is an outsider's term. The bauddha did not call themselves this in India, though they did sometimes use the word adjectivally (e.g., as a possessive, the buddha's)."</ref>[[Image:Wat Mahathat Sukhothai 01.jpg|right|thumb|300px|[[थाईलैंड]] में एक [[भिक्षु]], बुद्ध की प्रतिमा को नमस्कार करते हुए]]
[[चित्र:Hong Kong Budha.jpg|right|thumb|300px|शाक्यमुनि बुद्ध, [[अभयमुद्रा|अभय मुद्रा]] में ([[हांगकांग]])]]
== गौतम बुद्ध ==
{{main|गौतम बुद्ध}}
[[गौतम बुद्ध]] शाक्य कोलिय के जीवन के विषय में प्रामाणिक सामग्री विरल है। इस प्रसंग में उपलब्ध अधिकांश वृत्तान्त एवं कथानक भक्तिप्रधान रचनाएँ हैं और बुद्धकाल के बहुत बाद के हैं। प्राचीनतम सामग्री में [[पालि त्रिपिटक]] के कुछ स्थलों पर उपलब्ध अल्प विवरण उल्लेख्य हैं, जैसे - बुद्ध की पर्येषणा, संबोधि, [[धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र|धर्मचक्रप्रवर्तन]] एवं [[महापरिनिर्वाण]] के विवरण। बुद्ध की जीवनी के आधुनिक विवरण प्रायः [[पालि]] की [[निदान आरम्भकथा|निदानकथा]] अथवा [[संस्कृत]] के [[महावस्तु]], [[ललितविस्तर सूत्र|ललितविस्तर]] एवं [[अश्वघोष]] कृत [[बुद्धचरित]] पर आधारित होते हैं। किंतु इन विवरणों की ऐतिहासिकता वहीं तक स्वीकार की जा सकती है जहाँ तक उनके लिए प्राचीनतर समर्थन उपलब्ध हों।
ईसा पूर्व 563 के लगभग [[शाक्य|शाक्यों]] की राजधानी [[कपिलवस्तु]] के निकट [[लुंबिनी]] वन में गौतम बुद्ध का जन्म प्रसिद्ध है। यह स्थान वर्तमान [[नेपाल]] राज्य के अंतर्गत [[भारत]] की सीमा से 7 किलोमीटर दूर है। यहाँ पर प्राप्त [[सम्राट अशोक|अशोक]] के [[रुम्मिनदेई स्तम्भलेख|रुम्मिनदेई स्तंभलेख]] से ज्ञात होता है 'हिद बुधे जाते' (= यहाँ बुद्ध जन्मे थे)। [[सुत्तनिपात]] में शाक्यों को [[हिमालय]] के निकट [[कोशल]] में रहनेवाले गौतम गोत्र के [[क्षत्रिय]] कहा गया है। कोशलराज के अधीन होते हुए भी शाक्य जनपद स्वयं एक गणराज्य था। इस प्रकार के राजा [[शुद्धोदन]] बुद्ध के पिता एवं मायादेवी उनकी माता प्रसिद्ध हैं। जन्म के पाँचवे दिन बुद्ध को 'सिद्धार्थ' नाम दिया गया और जन्मसप्ताह में ही माता के देहांत के कारण उनका पालन-पोषण उनकी मौसी एवं विमाता महाप्रजापती गौतमी द्वारा हुआ।
बुद्ध के शैशव के विषय में प्राचीन सूचना अत्यंत अल्प है। सिद्धार्थ के बत्तीस महापुरुषलक्षणों को देखकर असित मुनि ने उनके बुद्धत्व की भविष्यवाणी की, इसके अनेक वर्णन मिलते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि एक दिन [[जामुन]] की छाँह में उन्हें सहज रूप में प्रथम ध्यान की उपलब्धि हुई थी। दूसरी ओर [[ललितविस्तर सूत्र|ललितविस्तार]] आदि ग्रंथों में उनके शैशव का चमत्कारपूर्ण वर्णन प्राप्त होता है। ललितविस्तर के अनुसार जब सिद्धार्थ को देवायतन ले जाया गया तो देवप्रतिमाओं ने स्वयं उठकर उन्हें प्रणाम किया। उनके शरीर पर सब स्वर्णाभरण मलिन प्रतीत होते थे, लिपिशिक्षक आचार्य विश्वामित्र को उन्होंने 64 [[लिपि]]यों का नाम लेकर और गणक महामात्र अर्जुन को परमाणु-रजः प्रवेशानुगत गणना के विवरण से विस्मय में डाल दिया। नाना शिल्प, अस्त्रविद्या, एवं कलाओं में सहज-निष्णात सिद्धार्थ का कोलिय नरेश दंडपाणि की पुत्री गोपा यशोदारह कोलिय साथ परिणय संपन्न हुआ। पालि आकरों के अनुसार सिद्धार्थ की पत्नी सुप्रबुद्ध की कन्या थी और उसका नाम 'भद्दकच्चाना', भद्रकात्यायनी, यशोधरा, बिंबा, अथवा बिंबासुंदरी था। [[विनयपिटक|विनय]] में उसे केवल 'राहुलमाता' कहा गया है। [[बुद्धचरित]] में यशोधरा नाम दिया गया है।
सिद्धार्थ के प्रव्राजित होने की भविष्यवाणी से भयभीत होकर शुद्धोदन ने उनके लिए तीन विशिष्ट प्रासाद (महल) बनवाए - ग्रैष्मिक, वार्षिक, एवं हैमंतिक। इन्हें रम्य, सुरम्य और शुभ की संज्ञा भी दी गई है। इन प्रासादों में सिद्धार्थ को व्याधि और जन्म-मरण से दूर एक कृत्रिम, नित्य मनोरम लोक में रखा गया जहाँ [[संगीत]], यौवन और सौंदर्य का अक्षत साम्राज्य था। किंतु देवताओं की प्रेरणा से सिद्धार्थ को उद्यानयात्रा में व्याधि, जरा, मरण और परिव्राजक के दर्शन हुए और उनके चित्त में प्रव्राज्या का संकल्प विरूढ़ हुआ। इस प्रकार के विवरण की अत्युक्ति और चमत्कारिता उसके आक्षरिक सत्य पर संदेह उत्पन्न करती है। यह निश्चित है कि सिद्धार्थ के मन में संवेग संसार के अनिवार्य दुःख पर विचार करने से उत्पन्न हुआ। उनकी ध्यानप्रवणता ने, जिसका ऊपर उल्लेख किया गया है, इस दुःख की अनुभूति को एक गंभीर सत्य के रूप में प्रकट किया होगा। निदानकथा के अनुसार इसी समय उन्होंने पुत्रजन्म का संवाद सुना और नवजात को 'राहुल' नाम मिला। उसी अवसर पर प्रासाद की ओर जाते हुए सिद्धार्थ की शोभा से मुग्ध होकर राजकुमारी कृशा गौतमी ने उनकी प्रशंसा में एक प्रसिद्ध गाथा कही जिसमें 'नुबुत्त' (निर्वृत्त, प्रशांत) शब्द आता है।
: ''निब्बुता नून सा माता निब्बुतो नून सो पिता।''
: ''निब्बुता नून सा नारी यस्सायमीदिसो पति॥''
:(अवश्य ही परम शांत है वह माता, परम शांत है वह पिता, परम शांत है वह नारी जिसका ऐसा पति हो।)
सिद्धार्थ को इस गाथा में गुरुवाक्य के समान गंभीर आध्यात्मिक संकेत उपलब्ध हुआ। उन्होने सोचा कि इसने पाप और पुनर्जन्म से मुक्ति के लिए मुझे संदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होने मोतियों का अपना हार उतारकर उस युवती को दे दिया।
आधी रात के अंधकार में सोती हुई पत्नी और पुत्र को छोड़कर सिद्धार्थ [[कंथक]] पर आरूढ़ हो नगर से और कुटुंबजीवन से निष्क्रांत हुए। उस समय सिद्धार्थ 29 वर्ष के थे। [[निदान आरम्भकथा|निदानकथा]] के अनुसार रात भर में शाक्य, कोलिय और मल्ल (राम ग्राम) इन तीन राज्यों को पार कर सिद्धार्थ 30 योजन की दूरी पर अनोमा नाम की नदी के तट पर पहुँचे। वहीं उन्होंने प्रव्राज्या के उपयुक्त वेश धारण किया और छन्दक को विदा कर स्वयं अपनी अनुत्तर शांति की पर्येषणा (खोज) की ओर अग्रसर हुए।
आर्य पर्येषणा के प्रसंग में सिद्धार्थ अनेक तपस्वियों से मिले जिनमें [[आलार कालाम]] (आराड़) एवं [[उद्दक रामपुत्त]] (रुद्रक) मुख्य हैं। ललितविस्तर में आलार कालाम का स्थान वैशाली कहा गया है जबकि अश्वघोष के बुद्धिचरित में उसे विंध्य कोष्ठवासी बताया गया है। पालि निकायों से विदित होता है कि कालाम ने बोधिसत्व को 'आर्किचन्यायतन' नाम की 'अल्प समापत्ति' सिखाई। अश्वघोष ने कालाम के सिद्धांतों का [[सांख्य दर्शन|सांख्य]] से सादृश्य प्रदर्शित किया है। ललितविस्तर में रुद्रक का आश्रम [[राजगृह]] के निकट कहा गया है। रुद्रक के 'नैवसंज्ञानासंज्ञायतन' के उपदेश से भी बोधिसत्व असंतुष्ट रहे। राजगृह में उनका मगधराज [[बिंबिसार]] से साक्षात्मार [[सुत्तनिपात]] के पब्बज्जसुत्त, ललितविस्तर और बुद्धचरित में वर्णित है।
[[बोधगया|गया]] में बोधिसत्व ने यह विचार किया कि जैसे गीली लकड़ियों से अग्नि उत्पन्न नहीं हो सकती, ऐसे ही भोगों में स्पृहा रहते हुए ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती। अतएव उरुविल्व के निकट सेनापति ग्राम में निरंजना नदी के तटवर्ती रमणीय प्रदेश में उन्होंने कठोर तपश्चर्या (प्रधान) का निश्चय किया। किंतु अंततोगत्वा उन्होंने तप को व्यर्थ समझकर छोड़ दिया। इसपर उनके साथ कौंडिन्य आदि पंचवर्षीय परिव्राजकों ने उन्हें तपोभ्रष्ट निश्चित कर त्याग दिया। बोधिसत्व ने अब शैशव में अनुभूत ध्यानाभ्यास का स्मरण कर ध्यान के द्वारा ज्ञानप्राप्ति का यत्न किया। इस ध्यानकाल में उन्हें [[मार]] सेना का सामना करना पड़ा, यह प्राचीन ग्रंथों में उल्लिखित है। स्पष्ट ही [[मार घर्षण]] को [[काम]] और [[मृत्यु]] पर विजय का प्रतीकात्मक विवरण समझना चाहिए। आर्य पर्येषणा के छठे वर्ष के पूरे होने पर [[वैशाखी पूर्णिमा]] को बोधिसत्व ने [[सम्बोधि|संबोधि]] प्राप्त की। रात्रि के प्रथम याम में उन्होंने पूर्वजन्मों की स्मृति रूपी प्रथम विद्या, द्वितीय याम में दिव्य चक्षु और तृतीय याम में [[प्रतीत्यसमुत्पाद]] का ज्ञान प्राप्त किया। एक मत से इसके समानांतर ही सर्वधर्माभिसमय रूप सर्वाकारक प्रज्ञा अथवा संबोधि का उदय हुआ।
संबोधि के अनंतर बुद्ध के प्रथम वचनों के विषय में विभिन्न परंपराएँ हैं जिनमें [[बुद्धघोष]] के द्वारा समर्थित 'अनेक जाति संसार संघाविस्सं पुनप्पुनं' आदि गाथाएँ विशेषतः उल्लेखनीय हैं। संबोधि की गंभीरता के कारण बुद्ध के मन में उसके उपदेश के प्रति उदासीनता स्वाभाविक थी। संसारी जीव उस गंभीर सत्य को कैसे समझ पाएँगे जो अत्यंत सूक्ष्म और अतर्क्य है? बुद्ध की इस अनभिरुचि पर [[ब्रह्मा]] ने उनसे धर्मचक्र-प्रवर्तन का अनुरोध किया जिसपर दुःखमग्न संसारियों को देखते हुए बुद्ध ने उन्हें विकास की विभिन्न अवस्थाओं में पाया।
सारनाथ के ऋषिपत्तन मृगदान में भगवान बुद्ध ने पंचवर्गीय भिक्षुओं को उपदेश देकर धर्मचक्रप्रवर्तन किया। इस प्रथम उपदेश में दो अंतों का परिवर्जन और मध्यमा प्रतिपदा की आश्रयणीयता बताई गई है। इन पंचवर्गीयों के अनंतर श्रेष्ठिपुत्र यश और उसके संबंधी एवं मित्र सद्धर्म में दीक्षित हुए। इस प्रकार बुद्ध के अतिरिक्त 60 और [[अर्हत]] उस समय थे जिन्हें बुद्ध ने अलग-अलग दिशाओं में प्रचारार्थ भेजा और वे स्वयं [[उरुवेला]] के सेनानिगम की ओर प्रस्थित हुए। मार्ग में 30 भद्रवर्गीय कुमारों को उपदेश देते हुए उरुवेला में उन्होंने तीन जटिल काश्यपों को उनके एक सहस्र अनुयायियों के साथ चमत्कार और उपदेश के द्वारा धर्म में दीक्षित किया। इसके पश्चात राजगृह जाकर उन्होंने मगधराज [[बिंबिसार]] को धर्म का उपदेश दिया। बिंबिसार ने वेणुवन नामक उद्यान भिक्षुसंघ को उपहार में दिया। राजगृह में ही संजय नाम के परिव्राजक के दो शिष्य कोलित और उपतिष्य सद्धर्म में दीक्षित होकर [[मौद्गल्यायन]] और [[सारिपुत्र]] के नाम से प्रसिद्ध हुए। विनय के महावग्ग में दिया हुआ संबोधि के बाद की घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण यहाँ पूरा हो जाता है।
इस प्रकार अस्सी वर्ष की आयु तक धर्म का प्रचार करते हुए उन क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे जो वर्तमान समय में [[उत्तर प्रदेश]] और [[बिहार]] के के अंतर्गत आते हैं। [[श्रावस्ती]] में उनका सर्वाधिक निवास हुआ और उसके बाद [[राजगृह]], [[वैशाली]] और [[कपिलवस्तु]] में।
प्रसिद्ध [[महापरिनिर्वाण सूत्र]] में बुद्ध की अंतिम पदयात्रा का मार्मिक विवरण प्राप्त होता है। बुद्ध उस समय राजगृह में थे जब मगधराज [[अजातशत्रु]] वृजि जनपद पर आक्रमण करना चाहता था। राजगृह से बुद्ध पाटलि ग्राम होते हुए [[गंगा]] पार कर वैशाली पहुँचे जहाँ प्रसिद्ध गणिका [[आम्रपाली]] ने उनको भिक्षुसंघ के साथ भोजन कराया। इस समय परिनिर्वाण के तीन मास शेष थे। वेलुवग्राम में भगवान ने वर्षावास व्यतीत किया। यहाँ वे अत्यंत रुग्ण हो गए। वैशाली से भगवान भंडग्राम और भोगनगर होते हुए [[पावा]] पहुँचे। वहाँ चुंद कम्मारपुत्त के आतिथ्य ग्रहण में 'सूकर मद्दव' खाने से उन्हें [[रक्तातिसार]] उत्पन्न हुआ। रुग्णावस्था में ही उन्होंने [[कुशीनगर]] की ओर प्रस्थान किया और हिरण्यवती नदी पार कर वे शालवन में दो शालवृक्षों के बीच लेट गए। [[सुभद्र]] परिव्राजक को उन्होंने उपदेश दिया और भिक्षुओं से कहा कि उनके अनंतर [[धर्म]] ही संघ का शास्ता रहेगा। छोटे मोटे शिक्षापदों में परिवर्तन करने की अनुमति भी इन्होंने संघ को दी और छन्न भिक्षु पर ब्रह्मदंड का विधान किया। पालि परंपरा के अनुसार भगवान के अंतिम शब्द थे 'वयधम्मा संखारा अप्पमादेन संपादेथ।' (वयधर्माः संस्काराः अप्रमादेन संपादयेत - सभी संस्कार नाशवान हैं, आलस्य न करते हुये संपादन करना चाहिए।) लेखक-पीयुष कुमार शर्मा (गनेड़ी)
== बुद्ध के समकालीन ==
* बुद्ध के प्रमुख गुरु थे - आदिगुरु, [[आलार कालाम]], उद्दक रामपुत्त, सूरज आजाद आदि। उनके प्रमुख शिष्य थे- आनंद, अनिरुद्ध, महाकश्यप, रानी खेमा (महिला), महाप्रजापति (महिला), भद्रिका, भृगु, किंबाल, देवदत्त, उपाली, अंगुलिमाल आदि।<ref>{{Cite web |url=https://www.sansarlochan.in/buddhas-contemporaries-hindi/ |title=महात्मा बुद्ध के समकालीन लोग |access-date=27 अप्रैल 2020 |archive-date=15 अगस्त 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200815052247/https://www.sansarlochan.in/buddhas-contemporaries-hindi/ |url-status=dead }}</ref>
* '''गुरु आलार कालाम और उद्दक रामपुत्त''' : ज्ञान की तलाश में सिद्धार्थ घूमते-घूमते आलारा कालाम और उद्दक रामपुत्त के पास पहुँचे। उनसे उन्होंने योग-साधना सीखी। कई माह तक योग करने के बाद भी जब ज्ञान की प्राप्ति नहीं हुई तो उन्होंने उरुवेला पहुँच कर वहाँ घोर तपस्या की। छः साल बीत गए तपस्या करते हुए। सिद्धार्थ की तपस्या सफल नहीं हुई। तब एक दिन कुछ स्त्रियाँ किसी नगर से लौटती हुई वहाँ से निकलीं, जहां सिद्धार्थ तपस्या कर रहे थे। उनका एक गीत सिद्धार्थ के कान में पड़ा- ‘वीणा के तारों को ढीला मत छोड़ दो। ढीला छोड़ देने से उनका सुरीला स्वर नहीं निकलेगा। पर तारों को इतना कसो भी मत कि वे टूट जाएँ।’ बात सिद्धार्थ को जंच गई। वह मान गए कि नियमित आहार-विहार से ही योग सिद्ध होता है। अति किसी बात की अच्छी नहीं। किसी भी प्राप्ति के लिए मध्यम मार्ग ही ठीक होता है। बस फिर क्या था कुछ ही समय बाद ज्ञान प्राप्त हो गया।
* बुध के प्रथम शिष्य उनके पुत्र राहुल बने और महिला में प्रथम उनकी मासी जो उनकी माता के तरह पालन पोषण की थी
* '''आनंद''' :- यह बुद्ध और देवदत्त के भाई थे और बुद्ध के दस सर्वश्रेष्ठ शिष्यों में से एक हैं। यह लगातार बीस वर्षों तक बुद्ध की संगत में रहे। इन्हें गुरु का सर्वप्रिय शिष्य माना जाता था। आनंद को बुद्ध के निर्वाण के पश्चात प्रबोधन प्राप्त हुआ। वह अपनी स्मरण शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे।
* '''महाकश्यप''' : महाकश्यप मगध के ब्राह्मण थे, जो तथागत के नजदीकी शिष्य बन गए थे। इन्होंने प्रथम बौद्ध अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
* '''रानी खेमा''' : रानी खेमा सिद्ध धर्मसंघिनी थीं। यह [[बिंबिसार]] की रानी थीं और अति सुंदर थीं। आगे चलकर खेमा बौद्ध धर्म की अच्छी शिक्षिका बनीं।
* '''महाप्रजापति''' : महाप्रजापति बुद्ध की माता महामाया की बहन थीं। इन दोनों ने राजा शुद्धोदन से विवाह किया था। गौतम बुद्ध के जन्म के सात दिन पश्चात महामाया की मृत्यु हो गई। तत्पश्चात महाप्रजापति ने उनका अपने पुत्र जैसे पालन-पोषण किया। राजा शुद्धोदन की मृत्यु के बाद बौद्ध मठ में पहली महिला सदस्य के रूप में महाप्रजापिता को स्थान मिला था।
== पालि साहित्य ==
{{main|पालि साहित्य}}
[[त्रिपिटक]] (तिपिटक) बौद्ध धर्म का मुख्य ग्रंथ है। यह पालिभाषा में लिखा गया है। यह ग्रंथ बुद्ध के महापरिनिर्वाण के पश्चात बुद्ध के द्वारा दिया गया उपदेशों को सूत्रबद्ध करने का सबसे वृहद प्रयास है। बुद्ध के उपदेशों को इस ग्रंथ में [[सूत्र]] ([[पालि]] : सुत्त) के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सूत्रों को वर्ग (वग्ग) में बांधा गया है। वग्ग को निकाय (सुत्तपिटक) में व खंड में समाहित किया गया है। निकायों को पिटक (अर्थ : टोकरी) में एकिकृत किया गया है। इस प्रकार से तीन पिटक निर्मित है जिन के संयोजन को त्रि-पिटक कहा जाता है।
पालिभाषा का त्रिपिटक थेरवादी (और नवयान) बुद्ध परंपरा में श्रीलंका, थाइलैंड, बर्मा, लाओस, कंबोडिया, भारत आदि राष्ट्र के बौद्ध धर्म अनुयायी पालना करते है। पालि के तिपिटक को संस्कृत में भी भाषांतरण किया गया है, जिस को त्रिपिटक कहते है। संस्कृत का पूर्ण त्रिपिटक अभी अनुपलब्ध है। वर्तमान में संस्कृत त्रिपिटक प्रयोजन का जीवित परंपरा केवल नेपाल के [[नेवार|नेवार जाति]] में उपलब्ध है। इस के अलावा तिब्बत, चीन, मंगोलिया, जापान, कोरिया, वियतनाम, मलेशिया, रुस आदि देश में संस्कृत मूल मंत्र के साथ में स्थानीय भाषा में बौद्ध साहित्य परंपरा पालना करते है।
== बुद्ध की शिक्षाएँ ==
भगवान बुद्ध की मूल देशना (शिक्षा) क्या थी, इसपर प्रचुर विवाद है। स्वयं बौद्धों में कालांतर में अलग-अलग संप्रदायों का जन्म और विकास हुआ और वे सभी अपने को बुद्ध से अनुप्राणित मानते हैं।
अधिकांश आधुनिक विद्वान [[पालि त्रिपिटक]] के अंतर्गत [[विनयपिटक]] और [[सुत्तपिटक]] में संगृहीत सिद्धांतों को मूल बुद्धदेशना मान लेते हैं। कुछ विद्वान [[सर्वास्तिवाद]] अथवा [[महायान]] के सारांश को मूल देशना स्वीकार करना चाहते हैं। अन्य विद्वान मूल ग्रंथों के ऐतिहासिक विश्लेषण से प्रारंभिक और उत्तरकालीन सिद्धांतों में अधिकाधिक विवेक करना चाहते हैं, जिसके विपरीत कुछ अन्य विद्वान इस प्रकार के विवेक के प्रयास को प्रायः असंभव समझते हैं।
[[आर्यसत्य]], [[अष्टांगिक मार्ग]], [[दस पारमिता]], [[पंचशील]] आदि के रूप में बुद्ध की शिक्षाएँ समझी जा सकतीं हैं।
=== चार सत्य ===
तथागत बुद्ध का पहला धर्मोपदेश, जो उन्होने अपने साथ के कुछ साधुओं को दिया था, इन चार आर्य सत्यों के बारे में था। बुद्ध ने चार आर्य सत्य बताये हैं।
;1. दुःख
इस दुनिया में दुःख है। जन्म में, बूढ़े होने में, बीमारी में, मौत में, प्रियतम से दूर होने में, नापसंद चीजों के साथ में, चाहत को न पाने में, सब में दुःख है।
;2. दुःख कारण
तृष्णा, या चाहत, दुःख का कारण है और फिर से सशरीर करके संसार को जारी रखती है।
;3. दुःख निरोध
दुःख-निरोध के आठ साधन बताये गये हैं जिन्हें ‘अष्टांगिक मार्ग’ कहा गया है। तृष्णा से मुक्ति पाई जा सकती है।
;4. दुःख निरोध का मार्ग
तृष्णा से मुक्ति [[अष्टांगिक मार्ग]] के अनुसार जीने से पाई जा सकती है।
=== अष्टांगिक मार्ग ===
{{main|अष्टांगिक मार्ग}}
बौद्ध धर्म के अनुसार, चौथे आर्य सत्य का आर्य अष्टांग मार्ग है दुःख निरोध पाने का रास्ता। गौतम बुद्ध कहते थे कि चार आर्य सत्य की सत्यता का निश्चय करने के लिए इस मार्ग का अनुसरण करना चाहिए :
# '''सम्यक दृष्टि'''- वस्तुओं के यथार्थ स्वरूप को जानना ही सम्यक दृष्टि है।
# '''सम्यक संकल्प'''- आसक्ति, द्वेष तथा हिंसा से मुक्त विचार रखना ही सम्यक संकल्प है।
# '''सम्यक वाक'''- सदा सत्य तथा मृदु वाणी का प्रयोग करना ही सम्यक वाक है।
# '''सम्यक कर्मांत'''- इसका आशय अच्छे कर्मों में संलग्न होने तथा बुरे कर्मों के परित्याग से है।
# '''सम्यक आजीव'''- विशुद्ध रूप से सदाचरण से जीवन-यापन करना ही सम्यक आजीव है।
# '''सम्यक व्यायाम'''- अकुशल धर्मों का त्याग तथा कुशल धर्मों का अनुसरण ही सम्यक व्यायाम है।
# '''सम्यक स्मृति'''- इसका आशय वस्तुओं के वास्तविक स्वरूप के संबंध में सदैव जागरूक रहना है।
# '''सम्यक समाधि''' - चित्त की समुचित एकाग्रता ही सम्यक समाधि है।
कुछ लोग आर्य अष्टांग मार्ग को पथ की तरह समझते है, जिसमें आगे बढ़ने के लिए, पिछले के स्तर को पाना आवश्यक है। और लोगों को लगता है कि इस मार्ग के स्तर सब साथ-साथ पाए जाते है। मार्ग को तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया जाता है : प्रज्ञा, शील और समाधि।
=== पंचशील ===
भगवान बुद्ध ने अपने अनुयायिओं को पांच शीलों का पालन करने की शिक्षा दी है।
;१. [[अहिंसा]]
:[[पालि]] में – पाणातिपाता वेरमनी सीक्खापदम् सम्मादीयामी !
:'''अर्थ''' – मैं प्राणि-हिंसा से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ।
;२. [[अस्तेय]]:
:[[पालि]] में – आदिन्नादाना वेरमणाी सिक्खापदम् समादियामी
:'''अर्थ''' – मैं चोरी से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ।
;३. [[अपरिग्रह]]:
:[[पालि]] में – कामेसूमीच्छाचारा वेरमणाी सिक्खापदम् समादियामी
:'''अर्थ''' – मैं व्यभिचार से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ।
;४. [[सत्य]]:
:[[पालि]] नें – मुसावादा वेरमणाी सिक्खापदम् समादियामी
:'''अर्थ''' – मैं झूठ बोलने से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ।
;५. सभी नशा से विरत:
:[[पालि]] में – सुरामेरय मज्जपमादठटाना वेरमणाी सिक्खापदम् समादियामी।
:'''अर्थ''' – मैं पक्की शराब (सुरा) कच्ची शराब (मेरय), नशीली चीजों (मज्जपमादठटाना) के सेवन से विरत रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूँ।
=== बोधि ===
गौतम बुद्ध ने जिस ज्ञान की प्राप्ति की थी उसे '[[बोधि]]' कहते हैं। माना जाता है कि बोधि पाने के बाद ही संसार से छुटकारा पाया जा सकता है। सारी पारमिताओं (पूर्णताओं) की निष्पत्ति, चार आर्य सत्यों की पूरी समझ और कर्म के निरोध से ही बोधि पाई जा सकती है। इस समय, लोभ, दोष, मोह, अविद्या, तृष्णा और आत्मा में विश्वास सब गायब हो जाते हैं। बोधि के तीन स्तर होते हैं : [[श्रावकबुद्ध|श्रावकबोधि]], [[प्रत्येकबुद्ध|प्रत्येकबोधि]] और [[सम्यकसंबुद्ध|सम्यकसंबोधि]]। सम्यकसंबोधि बौध धर्म की सबसे उन्नत आदर्श मानी जाती है।
== दर्शन एवं सिद्धांत ==
{{मुख्य|बौद्ध दर्शन}}
गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद, बौद्ध धर्म के अलग-अलग संप्रदाय उपस्थित हो गये हैं, परंतु इन सब के बहुत से सिद्धांत मिलते हैं।
=== प्रतीत्यसमुत्पाद ===
{{मुख्य|प्रतीत्यसमुत्पाद}}
प्रतीत्यसमुत्पाद का सिद्धांत कहता है कि कोई भी घटना केवल दूसरी घटनाओं के कारण ही एक जटिल कारण-परिणाम के जाल में विद्यमान होती है। प्राणियों के लिये, इसका अर्थ है कर्म और विपाक (कर्म के परिणाम) के अनुसार अनंत संसार का चक्र। क्योंकि सब कुछ अनित्य और अनात्मं (बिना आत्मा के) होता है, कुछ भी सच में विद्यमान नहीं है। हर घटना मूलतः शुन्य होती है। परंतु, मानव, जिनके पास ज्ञान की शक्ति है, तृष्णा को, जो दुःख का कारण है, त्यागकर, तृष्णा में नष्ट की हुई शक्ति को ज्ञान और ध्यान में बदलकर, निर्वाण पा सकते हैं।तृष्णा शून्य जीवन केवल विपश्यना से संभव है। आज के इस युग मे प्रतीत्यसमुत्पाद समाज से कही गायब हो ।
=== क्षणिकवाद ===
{{मुख्य|क्षणिकवाद}}
इस दुनिया में सब कुछ क्षणिक है और नश्वर है। कुछ भी स्थायी नहीं। परंतु वैदिक मत से भिन्न है।
=== अनात्मवाद ===
{{मुख्य|अनात्मवाद}}
आत्मा का अर्थ 'मैं' होता है। किन्तु, प्राणी शरीर और मन से बने है, जिसमे स्थायित्व नहीं है। क्षण-क्षण बदलाव होता है। इसलिए, 'मैं' अर्थात आत्मा नाम की कोई स्थायी चीज नहीं। जिसे लोग [[आत्मा]] समझते हैं, वो चेतना का अविच्छिन्न प्रवाह है। आत्मा का स्थान मन ने लिया है।
=== अनीश्वरवाद ===
बुद्ध ने ब्रह्म-जाल सुत्त में सृष्टि का निर्माण कैसा हुआ, ये बताया है। सृष्टि का निर्माण होना और नष्ट होना बार-बार होता है। [[ईश्वर]] या महाब्रह्मा सृष्टि का निर्माण नहीं करते क्योंकि दुनिया [[प्रतीत्यसमुत्पाद]] अर्थात कार्यकरण-भाव के नियम पर चलती है। भगवान बुद्ध के अनुसार, मनुष्यों के दू:ख और सुख के लिए कर्म जिम्मेदार है, [[ईश्वर]] या महाब्रह्मा नहीं। पर अन्य जगह बुद्ध ने सर्वोच्च सत्य को अवर्णनीय कहा हैं।
=== शून्यतावाद ===
[[शून्यता]] महायान बौद्ध सम्प्रदाय का प्रधान दर्शन है।
=== यथार्थवाद ===
बौद्ध धर्म का मतलब निराशावाद नहीं है। दुख का मतलब निराशावाद नहीं है, बल्कि सापेक्षवाद और यथार्थवाद है<ref>मीर्चा ईटु, दर्शन और धर्म का इतिहास, बुखारेस्ट, कल की रोमानिया का प्रकाशन संस्था, दो हजार चार, एक सौ इक्यासी का पृष्ठ। (ISBN 973-582-971-1)</ref>।
बुद्ध, धम्म और संघ, बौद्ध धर्म के तीन त्रिरत्न हैं।
भिक्षु, भिक्षुणी, उपसका और उपसिका संघ के चार अवयव हैं।<ref>आनंद केंटिश कुमारस्वामी, हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म, न्यू यॉर्क, गोल्डन एलिक्सिर प्रेस, दो हजार ग्यारह, चौहत्तर का पृष्ठ। (ISBN 978-0-9843082-3-1)</ref>
===बोधिसत्व===
{{main|बोधिसत्व}}
दस पारमिताओं का पूर्ण पालन करने वाला [[बोधिसत्व]] कहलाता है। बोधिसत्व जब दस बलों या भूमियों (मुदिता, विमला, दीप्ति, अर्चिष्मती, सुदुर्जया, अभिमुखी, दूरंगमा, अचल, साधुमती, धम्म-मेघा) को प्राप्त कर लेते हैं तब "बुद्ध" कहलाते हैं। बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है। इस पहचान को [[बोधि]] (ज्ञान) नाम दिया गया है। कहा जाता है कि बुद्ध शाक्यमुनि केवल एक बुद्ध हैं - उनके पहले बहुत सारे थे और भविष्य में और होंगे। उनका कहना था कि कोई भी बुद्ध बन सकता है अगर वह दस पारमिताओं का पूर्ण पालन करते हुए बोधिसत्व प्राप्त करे और बोधिसत्व के बाद दस बलों या भूमियों को प्राप्त करे। बौद्ध धर्म का अंतिम लक्ष्य है संपूर्ण मानव समाज से दुःख का अंत। "मैं केवल एक ही पदार्थ सिखाता हूँ - दुःख है, दुःख का कारण है, दुःख का निरोध है, और दुःख के निरोध का मार्ग है" (बुद्ध)। बौद्ध धर्म के अनुयायी [[अष्टांगिक मार्ग]] पर चलकर न के अनुसार जीकर अज्ञानता और दुःख से मुक्ति और निर्वाण पाने की कोशिश करते हैं।
== संप्रदाय ==
बौद्ध धर्म में [[संघ]] का बड़ा स्थान है। इस धर्म में [[बुद्ध]], [[धम्म]] और [[संघ]] को '[[त्रिरत्न]]' कहा जाता है। संघ के नियम के बारे में [[गौतम बुद्ध]] ने कहा था कि छोटे नियम भिक्षुगण परिवर्तन कर सकते है। उन के महापरिनिर्वाण पश्चात संघ का आकार में व्यापक वृद्धि हुआ। इस वृद्धि के पश्चात विभिन्न क्षेत्र, संस्कृति, सामाजिक अवस्था, दीक्षा, आदि के आधार पर भिन्न लोग बुद्ध धर्म से आबद्ध हुए और संघ का नियम धीरे-धीरे परिवर्तन होने लगा। साथ ही में [[अंगुत्तर निकाय]] के [[कालाम सुत्त]] में बुद्ध ने अपने अनुभव के आधार पर धर्म पालन करने की स्वतंत्रता दी है। अतः, विनय के नियम में परिमार्जन/परिवर्तन, स्थानीय सांस्कृतिक/भाषिक पक्ष, व्यक्तिगत धर्म का स्वतंत्रता, धर्म के निश्चित पक्ष में ज्यादा वा कम जोड़ आदि कारण से बुद्ध धर्म में विभिन्न संप्रदाय व संघ में परिमार्जित हुए। वर्तमान में, इन संघ में प्रमुख संप्रदाय या पंथ [[थेरवाद]], [[महायान]] और [[वज्रयान]] है। भारत में बौद्ध धर्म का [[नवयान]] संप्रदाय है जो भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित है।
=== थेरवाद ===
{{main|थेरवाद}}
* श्रावकयान
* प्रत्येकबुद्धयान
* [[थेरवाद]] बुद्ध के मौलिक उपदेश ही मानता है।
* [[श्रीलंका]], [[थाईलैंड]], [[म्यान्मार]], [[कंबोडिया]], [[लाओस]], [[बांग्लादेश]], [[नेपाल]] आदि देशों में थेरवाद बौद्ध धर्म का प्रभाव हैं।
=== महायान ===
{{main|महायान}}
* [[महायान]] बुद्ध की वास्तविक शिक्षाओं का पालन नहीं करता।
* बुद्ध के अलावा हजारों बोधिसत्व की पूजा करता है।
* बोधिसत्त्वयान
* बोधिसत्त्वसुत्रयान
* बोधिसत्त्वतंत्रयान / वज्रयान
* [[महायान]] बुद्ध की पूजा करता है।
* [[चीन]], [[जापान]], [[उत्तर कोरिया]], [[वियतनाम]], [[दक्षिण कोरिया]] आदी देशों में प्रभाव हैं।
==== वज्रयान ====
{{main|वज्रयान}}
* महायान की शाखा
* वज्रयान को तिब्बती तांत्रिक धर्म भी कहा जाता हैं।
* [[भूटान]] में राष्ट्रधर्म
* [[भूटान]], [[तिब्बत]] और [[मंगोलिया]] में प्रभाव
=== नवयान ===
{{main|नवयान}}
* डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों का अनुसरण
* बुद्ध की मूल शिक्षाओं का अनुसरण
* महायान, वज्रयान, थेरवाद से भिन्न सिद्धांत
* [[भारत]] में (मुख्यतः [[महाराष्ट्र]] में) प्रभाव
== प्रमुख तीर्थ ==
{{main|बौद्ध धर्म के तीर्थ स्थल}}
भगवान बुद्ध के अनुयायीओं के लिए विश्व भर में पाँच मुख्य तीर्थ मुख्य माने जाते हैं :
{{बौद्ध तीर्थ}}
# [[लुंबिनी]] – जहाँ भगवान बुद्ध का जन्म हुआ।
# [[बोधगया]] – जहाँ बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त हुआ।
# [[सारनाथ]] – जहाँ से बुद्ध ने दिव्यज्ञान देना प्रारंभ किया।
# [[कुशीनगर]] – जहाँ बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ।
# [[दीक्षाभूमि, नागपुर]] – जहाँ [[भारत में बौद्ध धर्म का पुनरूत्थान]] हुआ।
=== लुंबिनी ===
[[Image:Maya Devi Lumbini.jpg|thumb|300px|[[माया देवी मंदिर, लुंबिनी]], [[नेपाल]]]]
यह स्थान [[नेपाल]] की [[तराई]] में [[नौतनवाँ]] रेलवे स्टेशन से 25 किलोमीटर और गोरखपुर-गोंडा लाइन के [[सिद्धार्थ नगर]] स्टेशन से करीब 12 किलोमीटर दूर है। अब तो सिद्धार्थ नगर से [[लुंबिनी]] तक पक्की सड़क भी बन गई है। ईसा पूर्व 563 में राजकुमार सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) का जन्म यहीं हुआ था। हालाँकि, यहाँ के बुद्ध के समय के अधिकतर प्राचीन विहार नष्ट हो चुके हैं। केवल [[सम्राट अशोक]] का एक स्तंभ अवशेष के रूप में इस बात की गवाही देता है कि भगवान बुद्ध का जन्म यहाँ हुआ था। इस स्तंभ के अलावा एक समाधि स्तूप में बुद्ध की एक मूर्ति है। [[नेपाल सरकार]] ने भी यहाँ पर दो स्तूप और बनवाएँ हैं।
=== बोधगया ===
[[Image:Mahabodhitemple.jpg|thumb|300px|[[महाबोधि मंदिर|महाबोधि विहार]], [[बोधगया]]]]
लगभग छह वर्ष तक जगह-जगह और विभिन्न गुरुओं के पास भटकने के बाद भी बुद्ध को कहीं परम ज्ञान न मिला। इसके बाद वे [[गया]] पहुँचे। आखिर में उन्होंने प्रण लिया कि जब तक असली ज्ञान उपलब्ध नहीं होता, वह पिपल वृक्ष के नीचे से नहीं उठेंगे, चाहे उनके प्राण ही क्यों न निकल जाएँ। इसके बाद करीब छह साल तक दिन रात एक [[पीपल|पीपल वृक्ष]] के नीचे भूखे-प्यासे [[तप]] किया। आखिर में उन्हें परम ज्ञान या [[बुद्धत्व]] उपलब्ध हुआ। जिस पिपल वृक्ष के नीचे वह बैठे, उसे [[बोधि वृक्ष]] अर्थात 'ज्ञान का वृक्ष' कहा जाता है। वहीं गया को [[बोधगया]] के नाम से जाना जाता है।
=== सारनाथ ===
[[File:Ancient Buddhist monasteries near Dhamekh Stupa Monument Site, Sarnath.jpg|right|300px|thumb|[[धामेक स्तूप]] के पास प्राचीण बौद्ध मठ, [[सारनाथ]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]]]]
[[बनारस]] छावनी स्टेशन से छह किलोमीटर, बनारस-सिटी स्टेशन से साढ़े तीन किलोमीटर और सड़क मार्ग से [[सारनाथ]] चार किलोमीटर दूर पड़ता है। यह पूर्वोत्तर रेलवे का स्टेशन है और बनारस से यहाँ जाने के लिए सवारी तांगा और रिक्शा आदि मिलते हैं। सारनाथ में बौद्ध-धर्मशाला है। यह बौद्ध तीर्थ है। लाखों की संख्या में बौद्ध अनुयायी और बौद्ध धर्म में रुचि रखने वाले लोग हर साल यहाँ पहुँचते हैं। बौद्ध अनुयायीओं के यहाँ हर साल आने का सबसे बड़ा कारण यह है कि भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश यहीं दिया था। सदियों पहले इसी स्थान से उन्होंने धर्म-चक्र-प्रवर्तन प्रारंभ किया था। बौद्ध अनुयायी सारनाथ के मिट्टी, पत्थर एवं कंकरों को भी पवित्र मानते हैं। सारनाथ की दर्शनीय वस्तुओं में अशोक का चतुर्मुख सिंह स्तंभ, भगवान बुद्ध का प्राचीन मंदिर, [[धामेक स्तूप]], [[चौखंडी स्तूप]], आदि शामिल हैं।
=== कुशीनगर ===
[[Image:kusinara.jpg|thumb|300px|महापरिनिर्वाण स्तूप, [[कुशीनगर]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]]]]
[[कुशीनगर]] बौद्ध अनुयायीओं का बहुत बड़ा पवित्र तीर्थ स्थल है। भगवान बुद्ध कुशीनगर में ही [[महापरिनिर्वाण]] को प्राप्त हुए। कुशीनगर के समीप हिरन्यवती नदी के समीप बुद्ध ने अपनी आखरी साँस ली। रंभर स्तूप के निकट उनका अंतिम संस्कार किया गया। [[उत्तर प्रदेश]] के जिला [[गोरखपुर]] से 55 किलोमीटर दूर कुशीनगर बौद्ध अनुयायीओं के अलावा पर्यटन प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र है। 80 वर्ष की आयु में शरीर त्याग से पहले भारी संख्या में लोग बुद्ध से मिलने पहुँचे। माना जाता है कि लगभग 20 वर्षीय ब्राह्मण सुभद्र ने बुद्ध के वचनों से प्रभावित होकर संघ से जुड़ने की इच्छा जताईं। माना जाता है कि सुभद्र आखरी भिक्षु थे जिन्हें बुद्ध ने दीक्षित किया।
=== दीक्षाभूमी ===
{{मुख्य|दीक्षाभूमि}}
[[चित्र:Diksha Bhumi.jpg|thumb|300px|[[दीक्षाभूमि, नागपुर|दीक्षाभूमि]], [[नागपुर]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]]]
[[दीक्षाभूमि, नागपुर]] [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[नागपुर]] शहर में स्थित पवित्र एवं महत्त्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थल है। यहीं पर [[भीमराव आंबेडकर|डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर]] ने [[14 अक्टूबर]], [[1956]] को '''विजयादशमी / दशहरा''' के दिन पहले स्वयं अपनी पत्नी डॉ. सविता आंबेडकर के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली और फिर अपने 5,00,000 हिंदू दलित समर्थकों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी थी। 1956 से आज तक हर साल यहाँ देश-विदेश से 20 से 25 लाख बुद्ध और बाबासाहेब के बौद्ध अनुयायी दर्शन करने के लिए आते है। इस पवित्र एवं महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थल को [[महाराष्ट्र सरकार]] द्वारा ‘अ’वर्ग पर्यटन एवं तीर्थ स्थल का दर्जा दिया गया हैं।
==बौद्ध समुदाय ==
{{मुख्य|विश्व में बौद्ध धर्म}}
संपूर्ण विश्व में लगभग 2 अरब लोग बौद्ध हैं। इनमें से लगभग 70% महायानी बौद्ध और शेष 25% से 30% थेरावादी, नवयानी (भारतीय) और वज्रयानी बौद्ध है। [[महायान]] और [[थेरवाद]] ([[हीनयान]]), [[नवयान]], [[वज्रयान]] के अतिरिक्त बौद्ध धर्म में इनके अन्य कई उपसंप्रदाय या उपवर्ग भी हैं परंतु इन का प्रभाव बहुत कम है। सबसे अधिक बौद्ध [[पूर्वी एशिया]] और [[दक्षिण पूर्व एशिया]] के देशों में रहते हैं। [[दक्षिण एशिया]] के दो देशों में भी बौद्ध धर्म बहुसंख्यक है। [[अमेरिका]], [[ऑस्ट्रेलिया]], [[अफ्रीका]] और [[यूरोप]] जैसे महाद्वीपों में भी बौद्ध रहते हैं। विश्व में लगभग '''8''' से अधिक देश ऐसे हैं जहाँ बौद्ध बहुसंख्यक या बहुमत में हैं। विश्व में कई देश ऐसे भी हैं जहाँ की बौद्ध जनसंख्या के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं हैं।
{| class="wikitable sortable"
|+ अधिकतम बौद्ध जनसंख्या वाले देश
|-
! देश
! बौद्ध जनसंख्या
! बौद्ध प्रतिशत
|- style="text-align:center;"
| {{flag|चीन}}
| 22,50,87,000
| 18%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|जापान}}
| 4,33,45,000
| 36%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|वियतनाम}}
| 1,45,78,000
| 23%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|भारत}}
| 79,87,899
| 0.6%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|थाईलैंड}}
| 6,46,87,000
| 95% <ref>Department of Census and Statistics,[http://www.statistics.gov.lk/PopHouSat/CPH2011/index.php?fileName=pop43&gp=Activities&tpl=3 The Census of Population and Housing of Sri Lanka-2011] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171017221053/http://www.statistics.gov.lk/PopHouSat/CPH2011/index.php?fileName=pop43&gp=Activities&tpl=3 |date=17 अक्तूबर 2017 }}</ref>
|- style="text-align:center;"
| {{flag|म्यान्मार}}
| 4,99,92,000
| 80%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|दक्षिण कोरिया}}
| 2,46,56,000
| 18%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|ताइवान}}
| 2,21,45,000
| 28%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|उत्तर कोरिया}}
| 1,76,56,000
| 12%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|श्रीलंका}}
| 1,60,45,600
| 75%<ref>{{Cite web |url=https://www.directtraveller.com/blog/buddhism-and-sri-lankan-cultural-heritage/ |title=बौद्ध धर्म और श्रीलंकन संस्कृती |access-date=10 दिसंबर 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20161220081628/https://www.directtraveller.com/blog/buddhism-and-sri-lankan-cultural-heritage/ |archive-date=20 दिसंबर 2016 |url-status=dead }}</ref>
|-style="text-align:center;"
| {{flag|कंबोडिया}}
| 1,48,80,000
| 97%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|इंडोनेशिया}}
| 80,75,400
| 03%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|हांगकांग}}
| 65,87,703
| 93%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|मलेशिया}}
| 63,47,220
| 22%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|नेपाल}}
| 62,28,690
| 22%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|लाओस}}
| 62,87,610
| 98%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|अमेरिका}}
| 61,49,900
| 02%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|सिंगापुर}}
| 37,75,666
| 67%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|मंगोलिया}}
| 30,55,690
| 98%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|फिलीपींस}}
| 28,55,700
| 03%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|रूस}}
| 20,96,608
| 02%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|बांग्लादेश}}
| 20,46,800
| 01%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|कनाडा}}
| 21,47,600
| 03%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|ब्राजील}}
| 11,45,680
| 01%
|- style="text-align:center;"
| {{flag|फ्रांस}}
| 10,55,600
| 02%
|}
;बहुसंख्यक बौद्ध देश
आज विश्व में 8 से अधिक देशों ([[गणतंत्र]] राज्य भी) में बौद्ध धर्म बहुसंख्यक या प्रमुख धर्म के रूप में हैं।
;अधिकृत बौद्ध देश
विश्व में , [[कंबोडिया]], [[भूटान]], [[थाईलैंड]], [[म्यान्मार]] और [[श्रीलंका]] यह देश "अधिकृत" रूप से '<nowiki/>'''बौद्ध देश'''' है, क्योंकि इन देशों के [[संविधान]]ों में बौद्ध धर्म को ‘राजधर्म’ या ‘राष्ट्रधर्म’ का दर्जा प्राप्त है।
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[गौतम बुद्ध]]
* [[सम्राट अशोक]]
* [[विश्व में बौद्ध धर्म]]
* [[बौद्ध धर्म का इतिहास]]
* [[पालि भाषा का साहित्य]]
* [[बौद्ध शब्दावली|बौद्ध शब्दावली]]
* [[भारत में बौद्ध धर्म]]
* [[तिब्बती बौद्ध धर्म]]
* [[चीनी बौद्ध धर्म]]
* [[दलित बौद्ध आंदोलन]]
* [[नवयान]]
* [[भारतयान]]
* [[भारत में बौद्ध धर्म का पतन]]
==बाहरी कड़ियाँ==
{{विकिसूक्ति|बौद्ध धर्म}}
*[https://web.archive.org/web/20160715072542/http://www.dhammawiki.com/index.php?title=Main_Page धर्मविकी]
{{भारत के धर्म}}
[[श्रेणी:धर्म]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:गौतम बुद्ध]]
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हिब्रू भाषा
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5102
6555221
6516887
2026-05-22T11:44:22Z
The Sorter
845290
Infobox और शुरू का पाठ सुधारा
6555221
wikitext
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{{Infobox language
| name = इब्रानी
| nativename = {{Script/Hebrew|עִבְרִית}}
| pronunciation = [[आधुनिक इब्रानी|आधुनिक]]: {{IPA|{{nowrap|[iv⁠ˈʁit]}}}}{{refn|group=note|[[सेफ़ार्दी इब्रानी|सेफ़ार्दी]]: {{IPA|{{nowrap|[ʕiv⁠ˈɾit]}}}}; [[यहूदी-इराक़ी अरबी|इराक़ी]]: {{IPA|{{nowrap|[ʕib⁠ˈriːθ]}}}}; [[यमनी इब्रानी|यमनी]]: {{IPA|{{nowrap|[ʕiv⁠ˈriːθ]}}}}; [[अश्केनाज़ी इब्रानी|अश्केनाज़ी]]: {{IPA|{{nowrap|[iv⁠ˈʀis]}}}} या {{IPA|{{nowrap|[iv⁠ˈris]}}}}, strict pronunciation {{IPA|{{nowrap|[ʔiv⁠ˈris]}}}} या {{IPA|{{nowrap|[ʔiv⁠ˈʀis]}}}}.}}<br/>[[तिबिरियासी इब्रानी|तिबिरियासी]]: {{IPA|{{nowrap|[ʕiv⁠ˈriθ]}}}}<br/>[[बाइबिली इब्रानी|बाइबिली]]: {{IPA|{{nowrap|[ʕib⁠ˈrit]}}}}
| states = {{ISR}}
| region = [[दक्षिणी लेवंट]]
| ethnicity = {{hlist| [[यहूदी]] |[[सामरी]]}}
| speakers = 2 करोड़{{citation needed|date=सितंबर 2021}}
| extinct = [[मिश्नाई इब्रानी]] 5वीं शताब्दी ई. को [[मातृभाषा]] के तौर से विलुप्त हुआ, केवल [[धार्मिक भाषा]] के तौर से प्रचलित रहा<ref name=ASB>Sáenz-Badillos (1993)</ref><ref>H. S. Nyberg 1952. ''Hebreisk Grammatik''. s. 2. Reprinted in Sweden by Universitetstryckeriet, Uppsala, 2006.</ref>
| revived = [[इब्रानी भाषा का पुनर्जीवन|गत 19वीं शताब्दी में पुनर्जीवित]]। 91 लाख लोग [[आधुनिक इब्रानी]] बोलते हैं, जिनमें से 50 लाख मातृभाषी हैं (2018)<ref name=eth>{{Cite web | url=https://www.ethnologue.com/language/heb | title=Hebrew | website=Ethnologue | access-date=4 April 2018 | archive-date=14 May 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20200514202425/https://www.ethnologue.com/language/heb | url-status=live }}</ref>
| ref = e19
| familycolor = Afro-Asiatic
| fam2 = [[सामी भाषाएँ|सामी]]
| fam3 = [[पश्चिम सामी भाषाएँ|पश्चिम]]
| fam4 = [[मध्य सामी भाषाएँ|मध्य]]
| fam5 = [[पश्चिमोत्तर सामी भाषाएँ|पश्चिमोत्तर]]
| fam6 = [[कनानी भाषाएँ|कनानी]]
| fam7 = [[कनानी भाषाएँ#दक्षिण कनान|दक्षिण]]
| ancestor = [[बाइबिली इब्रानी]]
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| standards = प्रचलित: {{hlist |[[आधुनिक इब्रानी|आधुनिक]] |[[सेफ़ार्दी इब्रानी|सेफ़ार्दी]] |[[मिज़्राही इब्रानी|मिज़्राही]] |[[यमनी इब्रानी|यमनी]] |[[सामरी इब्रानी|सामरी]] |[[इतालवी इब्रानी|इतालवी]]}} विलुप्त: {{hlist |बाबिली |फ़िलिस्तीनी |[[तिबिरियासी इब्रानी|तिबिरियासी]]}}
| script = {{ubli|[[इब्रानी वर्णमाला]] | [[इब्रानी ब्रेल]] | [[पुरा-इब्रानी वर्णमाला]] (पुरा-इब्रानी) | [[अरामी वर्णमाला|शाही अरामी लिपि]] (गत बाइबिली इब्रानी) | [[सामरी लिपि]] ([[सामिरी तौरात]]) }}
| nation = {{ISR}} ([[आधुनिक इब्रानी]])<ref>{{cite web |title=Basic Law: Israel – the Nation State of the Jewish People |url=https://knesset.gov.il/laws/special/eng/BasicLawNationState.pdf |website=The Knesset |publisher=The State of Israel |access-date=31 August 2020 |archive-date=10 April 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210410191721/http://knesset.gov.il/laws/special/eng/basiclawnationstate.pdf |url-status=dead }}</ref>
| agency = [[इब्रानी भाषा अकादमी]]
| dia1 = इस्राएली (विलुप्त)
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| notice = IPA
| sign = [[इसराइली सांकेतिक भाषा]]<ref>{{cite book|first1=Irit|last1=Meir|first2=Wendy|last2=Sandler|year=2013|title=A Language in Space: The Story of Israeli Sign Language}}</ref>
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{{POL}}<ref name="auto1">{{cite web |url=http://www.efnil.org/documents/conference-publications/dublin-2009/16-Dublin-Pisarek-Mother.pdf |title=The relationship between official and minority languages in Poland |last=Pisarek |first=Walery |publisher=European Federation of National Institutions for Language |access-date=7 November 2017 |archive-date=14 December 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191214104352/http://www.efnil.org/documents/conference-publications/dublin-2009/16-Dublin-Pisarek-Mother.pdf |url-status=live }}</ref>
*{{ZAF}}<ref name="auto">{{Cite web|title=Constitution of the Republic of South Africa, 1996 – Chapter 1: Founding Provisions {{!}} South African Government|url=https://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions|access-date=2020-08-29|website=www.gov.za|archive-date=18 May 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190518042037/https://www.gov.za/documents/constitution/chapter-1-founding-provisions|url-status=live}}</ref>
*{{TUR}}{{refn|<ref name=Yağmur2001>{{Citation |last=Yağmur |first=Kutlay |title=Turkish and other languages in Turkey |date=2001 |url=https://research.tilburguniversity.edu/en/publications/turkish-and-other-languages-in-turkey |work=The Other Languages of Europe |pages=407–427 |editor-last=Extra |editor-first=G. |access-date=2023-10-06 |place=Clevedon |publisher=Multilingual Matters |isbn=978-1-85359-510-3 |editor2-last=Gorter |editor2-first=D. |quote="Mother tongue" education is mostly limited to Turkish teaching in Turkey. No other language can be taught as a mother tongue other than Armenian, Greek, and Hebrew, as agreed in the Lausanne Treaty [...] Like Jews and Greeks, Armenians enjoy the privilege of an officially recognized minority status. [...] No language other than Turkish can be taught at schools or at cultural centers. Only Armenian, Greek, and Hebrew are exceptions to this constitutional rule. |archive-date=20 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231020210255/https://research.tilburguniversity.edu/en/publications/turkish-and-other-languages-in-turkey |url-status=live }}</ref><ref name=Zetler2014>{{cite journal|first=Reyhan|last=Zetler|url=https://www.sagw.ch/fileadmin/redaktion_judaistik/dokumente/Judaistik/2014/III.%20R.%20Zetler%20-%20Bulletin%20SGJF%20Nr.%2023%20%282014%29.pdf|title=Turkish Jews between 1923 and 1933 – What Did the Turkish Policy between 1923 and 1933 Mean for the Turkish Jews?|journal=Bulletin der Schweizerischen Gesellschaft für Judaistische Forschung|issue=23|oclc=865002828|page=26|year=2014|access-date=12 October 2023|archive-date=15 October 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20231015161403/https://www.sagw.ch/fileadmin/redaktion_judaistik/dokumente/Judaistik/2014/III.%20R.%20Zetler%20-%20Bulletin%20SGJF%20Nr.%2023%20(2014).pdf|url-status=live}}</ref><ref name=Toktaş2006>{{Cite journal |last=Toktaş |first=Şule |date=2006 |title=EU enlargement conditions and minority protection : a reflection on Turkey's non-Muslim minorities |url=https://cadmus.eui.eu/handle/1814/42732 |journal=East European Quarterly |language=en |volume=40 |issue=4 |pages=489–519 |issn=0012-8449 |quote-page=514 |quote=This implies that Turkey grants educational right in minority languages only to the recognized minorities covered by the Lausanne who are the Armenians, Greeks and the Jews. |access-date=12 October 2023 |archive-date=11 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231011082909/https://cadmus.eui.eu/handle/1814/42732 |url-status=live }}</ref><ref name=Bayır2013>{{Cite book |last=Bayır |first=Derya |title=Minorities and nationalism in Turkish law |date=2013 |publisher=[[Ashgate Publishing]] |isbn=978-1-4094-7254-4 |series=Cultural Diversity and Law |location=Farnham |url=https://www.academia.edu/37557239 |pages=89–90 |quote=Oran farther points out that the rights set out for the four categories are stated to be the ‘fundamental law’ of the land, so that no legislation or official action shall conflict or interfere with these stipulations or prevail over them (article 37). [...] According to the Turkish state, only Greek, Armenian and Jewish non-Muslims were granted minority protection by the Lausanne Treaty. [...] Except for non-Muslim populations - that is, Greeks, Jews and Armenians - none of the other minority groups’ language rights have been ''de jure'' protected by the legal system in Turkey. |access-date=12 October 2023 |archive-date=14 October 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231014083317/https://www.academia.edu/37557239/DERYA_BAYIR_MINORITIES_AND_NATIONALISM_IN_TURKISH_LAW |url-status=live }}</ref><ref name=HRWLanguageRights>{{cite book |title = Questions and Answers: Freedom of Expression and Language Rights in Turkey |publisher = Human Rights Watch |date = April 2002 |location = New York |url = https://www.hrw.org/news/2002/04/19/qa-freedom-expression-and-language-rights-turkey |quote = The Turkish government accepts the language rights of the Jewish, Greek and Armenian minorities as being guaranteed by the 1923 Treaty of Lausanne. |access-date = 12 October 2023 |archive-date = 20 October 2023 |archive-url = https://web.archive.org/web/20231020130644/https://www.hrw.org/news/2002/04/19/qa-freedom-expression-and-language-rights-turkey |url-status = live }}</ref>}}}}
}}
'''इब्रानी''' ({{Lang|he|עִבְרִית}}) [[अफ़्रीकी-एशियाई भाषाएँ|अफ़्रीकी-एशियाई भाषा परिवार]] की एक [[सामी भाषा]] है। यह [[इस्राएली|इस्राएलियों]] द्वारा बोला जाता था, जिसके बाद यह [[यहूदी धर्म]] और [[सामरी धर्म]] की धार्मिक भाषा रही।<ref>{{Cite book|title=Hebrew: The Eternal Language|last=Chomsky|first=William|publisher=The Jewish Publication Society of America|year=1957|location=Philadelphia|pages=1–13|language=en}}</ref> इसे 19वीं शताब्दी में [[इब्रानी भाषा का पुनर्जीवन|पुनर्जीवित]] किया गया था। इब्रानी एकल जीवित [[कनानी भाषाएँ|कनानी भाषा]] तथा यह और [[अरामी भाषा]] दो ही जीवित [[पश्चिमोत्तर सामी भाषाएँ]] हैं।<ref>{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=Vavj5-hdDgQC&pg=PA63|title=Saving Languages: An Introduction to Language Revitalization|last1=Grenoble|first1=Leonore A.|last2=Whaley|first2=Lindsay J.|date=2005|publisher=Cambridge University Press|isbn=978-0-521-01652-0|location=United Kingdom|page=63|quote=Hebrew is cited by Paulston et al. (1993:276) as 'the only true example of language revival.'|access-date=28 March 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20230408152859/https://books.google.com/books?id=Vavj5-hdDgQC&pg=PA63|archive-date=8 April 2023|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|url=https://www.baltimoresun.com/1998/04/26/once-dead-language-brings-israel-to-life-hebrew-after-1700-years-a-revived-language-becomes-a-common-thread-knitting-together-a-nation-of-immigrants-with-little-in-common-except-religion/|title=Once 'dead' language brings Israel to life Hebrew: After 1,700 years, a revived language becomes a common thread knitting together a nation of immigrants with little in common except religion|last1=Fesperman|first1=Dan|date=26 April 1998|work=The Baltimore Sun|access-date=28 March 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170329141226/http://articles.baltimoresun.com/1998-04-26/news/1998116050_1_read-hebrew-hebrew-and-arabic-german|archive-date=29 March 2017|agency=Sun Foreign Staff|url-status=live}}</ref>
[[पहला विश्व युद्ध|प्रथम महायुद्ध]] के बाद फ़िलिस्तीन ([[यहूदी|यहूदियों]] का [[इसराइल]] नामक नया राज्य) की [[राजभाषा]] आधुनिक इब्रानी है। सन् 1918 में [[यरुशलम|यरूशलम]] का [[यरूशलम इब्रानी विश्वविद्यालय|इब्रानी विश्वविद्यालय]] स्थापित हुआ जिसके सभी विभागों में इब्रानी ही शिक्षा का माध्यम है। इसराइल राज्य में कई दैनिक पत्र भी इब्रानी में निकलते हैं।
इब्रानी को अन्तरराष्ट्रीय स्तर के भाषा वैज्ञानिकों ने भाषाओं की मृत सूची में डाल दिया था। 1948 में जब इसराइल स्वतन्त्र हुआ तो उसने [[तुर्की]] की तरह ही अपनी भाषा इब्रानी में शिक्षा और शासन–प्रशासन से जुड़ी गतिविधियों को कार्यान्वित करने का निर्णय लिया। आज यहाँ सभी शैक्षिक, प्रशासनिक, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के लक्ष्य इब्रानी में गरिमा के साथ प्राप्त कर लिए हैं। यहाँ विज्ञान और तकनीक से जुड़े श्रेष्ठतम आविष्कारों की शब्दावली इब्रानी में है।
== परिचय ==
इब्रानी भाषा [[सामी परिवार]] ((सेमेटिक फेमिली) की भाषाओं में से एक है। यह [[यहूदी|यहूददियों]] की प्राचीन सांस्कृतिक भाषा है। इसी में उनका धर्मग्रंथ (बाइबिल का पूर्वार्ध) लिखा हुआ है; अत: इब्रानी का ज्ञान मुख्यतया बाइबिल पर निर्भर है।
[[व्युत्पत्तिशास्त्र|व्युत्पत्ति]] की दृष्टि से 'सामी' शब्द [[नौह]] के पुत्र [[सेम]] से संबंध रखता है। सामी भाषाओं की पूर्वी उपशाखा का क्षेत्र [[मेसोपोटामिया|मेसोपोटेमिया]] था। वहाँ पहले [[सुमेरियन भाषा]] बोली जाती थी; फलस्वरूप सुमेर की भाषा ने पूर्वी सामी भाषाओं को बहुत कुछ प्रभावित किया है। प्राचीनतम सामी भाषा अक्कादीय की दो उपशाखाएँ हैं, अर्थात् असूरी और बाबुली। सामी परिवार की दक्षिणी उपशाखा में [[अरबी]], [[हब्शी]] (इथोपियाई) तथा साबा की भाषाएँ प्रधान हैं। सामी वर्ग की पश्चिमी उपशाखा की मुख्य भाषाएँ इस प्रकार हैं: उगारितीय, कनानीय, आरमीय और इब्रानी। इनमें से उगारितीय भाषा (१५०० ई. पू.) सबसे प्राचीन है; इसका तथा कनानीय भाषा का गहरा संबंध है।
जब यहूदी लोग पहले पहल कनान देश में आकर बसने लगे तब वे कनानीय से मिलती जुलती एक आरमीय उपभाषा बोलते थे; उससे उनकी अपनी इब्रानी भाषा का विकास हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि 'इब्रानी' शब्द हपिरू से निकला है; हपिरू (शब्दार्थ 'विदेशी') उत्तरी अरबी मरुभूमि की एक यायावर जाति थी, जिसके साथ यहूदियों का संबंध माना जाता था। बाबीलोन के निर्वासन के बाद (५३९ ई. पू.) यहूदी लोग दैनिक जीवन में इब्रानी छोड़कर आरमीय भाषा बोलने लगे। इस भाषा की कई बोलियाँ प्रचलित थीं। [[यीशु|ईसा]] भी आरमीय भाषा बोलते थे, किंतु इस मूल भाषा के बहुत कम शब्द सुरक्षित रह सके।
अन्य सामी भाषाओं की तरह इब्रानी की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं। [[धातु]]एँ प्राय: त्रिव्यंजनात्मक होती हैं। धातुओं में स्वर होते ही नहीं और साधारण शब्दों के स्वर भी प्राय: नहीं लिखे जाते। [[प्रत्यय]] और [[उपसर्ग]] द्वारा पुरुष तथा वचन का बोध कराया जाता है। क्रियाओं के रूपांतर अपेक्षाकृत कम हैं। साधारण अर्थ में [[काल]] नहीं होते, केवल वाच्य होते हैं। वाक्यविन्यास अत्यंत सरल है, वाक्यांश प्राय: 'और' शब्द से सहारे जोड़े जाते हैं। इब्रानी में अर्थ के सूक्ष्म भेद व्यक्त करना दु:साध्य है। वास्तव में इब्रानी भाषा दार्शनिक विवेचना की अपेक्षा कथासाहित्य तथा काव्य के लिए कहीं अधिक उपर्युक्त है।
प्रथम शताब्दी ई. में यहूदी शास्त्रियों ने इब्रानी भाषा को लिपिबद्ध करने की एक नई प्रणाली चलाई जिसके द्वारा बोलचाल में शताब्दियों से अप्रयुक्त इब्रानी भाषा का स्वरूप तथा उसका उच्चारण भी निश्चित किया गया। आठवीं-दसवीं सदी में उन्होंने समस्त इब्रानी बाइबिल का इसी प्रणाली के अनुसार संपादन किया है। यह मसोरा का परंपरागत पाठ बतलाया जाता है और पिछली दस शताब्दियों से इब्रानी बाइबिल का यह सबसे प्रचलित पाठ है। इसका सर्वाधिक प्रसिद्ध संस्करण बेन ह्यीम का है जो १५२४ ई. में वेनिस में प्रकाशित हुआ था। सन् १९४७ ई. में [[फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र|फिलिस्तीन]] के [[कुमराम]] नामक स्थान पर इब्रानी बाइबिल तथा अन्य साहित्य की अत्यंत प्राचीन हस्तलिपियाँ मिल गईं। इनका [[लिपि]]काल प्राय: दूसरी शताब्दी ई.पू. माना जाता है। विद्वानों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बाइबिल की ये प्राचीन पोथियाँ मसोरा के पाठ से अधिक भिन्न नहीं हैं।
मध्यकाल में एक विशेष इब्रानी बोली की उत्पत्ति हुई थी जिसे [[जर्मनी]] के वे यहूदी बोलते थे जो [[पोलैंड]] और [[रूस]] में जाकर बस गए थे। इस बोली को 'यहूदी जर्मन' अथवा '[[यिद्दी भाषा|यिद्दिश]]' कहकर पुकारा जाता है। वास्तव में यह एक जर्मन बोली है जो इब्रानी लिपि में लिखी जाती है ओर जिसमें बहुत से आरमीय, पोलिश तथा रूसी शब्द भी सम्मिलित हैं। इसका व्याकरण अस्थिर है, किंतु इसका साहित्य समृद्ध है।
== लिपि ==
इब्रानी भाषा, [[इब्रानी लिपि]] में लिखी जाती है जो दाएँ से बाएँ लिखी–पढ़ी जाती है।
== तस्वीरें ==
<div style="text-align: center;"><gallery mode="packed" heights="180px">
चित्र:Hebrew Alphabet.svg|[[इब्रानी लिपि]]
चित्र:Alphabet Hebrew.svg|दाउद के तारे के संदर्भ से समझाया गया इब्रानी वर्णमाला
चित्र:Annava165.jpg|इसराइल में सड़क के संकेत - इब्रानी, अरबी और अंग्रेज़ी पाठ के साथ
</gallery></div>
==इन्हें भी देखें==
*[[थियोडोर हर्ज़्ल|थियोडोर हर्ज्ल]]
* [[गिलाड ज़ुकरमैन]] ([[w:en:Ghil'ad Zuckermann|Ghil'ad Zuckermann]]) 2003. [[w:en:Language Contact and Lexical Enrichment in Israeli Hebrew|''Language Contact and Lexical Enrichment in Israeli Hebrew'']], [https://www.palgrave.com/gp/book/9781403917232 Palgrave Macmillan]. {{ISBN|9781403917232}} / {{ISBN|9781403938695}}
* गगिलाड ज़ुकरमैन (Ghil'ad Zuckermann) 2020. [[w:en:Revivalistics: From the Genesis of Israeli to Language Reclamation in Australia and Beyond|''Revivalistics: From the Genesis of Israeli to Language Reclamation in Australia and Beyond'']], [https://global.oup.com/academic/product/revivalistics-9780199812790 Oxford University Press]. {{ISBN|9780199812790}} / {{ISBN|9780199812776}}
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20140809174435/http://abhivyakti-hindi.org/itihas/2012/isreal_me_hebrew.htm इसराइल में हीब्रू - संकल्प का बल] (डॉ॰ रवीन्द्र अग्निहोत्री)
{{विश्व की प्रमुख भाषाएं}}
[[श्रेणी:इब्रानी भाषा]]
[[श्रेणी:सामी भाषाएँ]]
[[श्रेणी:विश्व की प्रमुख भाषाएं]]
[[श्रेणी:विश्व की भाषाएँ]]
[[श्रेणी:यहूदी धर्म]]
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जीमेल
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wikitext
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{{खराब अनुवाद|अंग्रेज़ी}}
{{Infobox software
| logo = Gmail icon (2020).svg
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| developer = [[गूगल]]
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}}
'''जीमेल''' [[गूगल]] द्वारा प्रदान की जाने वाली एक निःशुल्क [[ईमेल]] सेवा है। 2019 तक, विश्व भर में इसके 1.5 अरब सक्रिय उपयोगकर्ता थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.cnbc.com/2019/10/26/gmail-dominates-consumer-email-with-1point5-billion-users.html|title=Google's rocky path to email domination|last=Petrova|first=Jennifer Elias,Magdalena|website=CNBC|language=en|access-date=2022-12-01}}</ref> एक उपयोगकर्ता साधारणतः एक वेब ब्राउज़र या आधिकारिक [[मोबाइल अनुप्रयोग]] में जीमेल का उपयोग करता है। गूगल [[पीओपी]] और [[आईएमएपी]] प्रोटोकॉल के माध्यम से [[ई-मेल क्लाइंट|ईमेल क्लायण्ट]] के उपयोग का भी समर्थन करता है।
2004 में अपने आरम्भ के समय, जीमेल ने प्रति उपयोगकर्ता एक [[गिगाबाइट]] की संग्रहण क्षमता प्रदान की, जो उस समय पेश किए गए अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी अधिक थी। आज, सेवा 15 गिगाबाइट संग्रहण के साथ आती है। उपयोगकर्ता संलग्नक सहित आकार में 50 [[मैगाबाइट]] तक के ईमेल प्राप्त कर सकते हैं, जबकि वे 25 मेगाबाइट तक के चित्र भेज सकते हैं। बड़ी फ़ाइलें भेजने के लिए, उपयोगकर्ता [[गूगल ड्राइव]] से फ़ाइलें संदेश में सम्मिलित कर सकते हैं। जीमेल में एक [[इंटरनेट]] फोरम के समान एक [[खोज इंजन|खोज]]<nowiki/>-उन्मुख इण्टरफ़ेस और एक "[[जीमेल अंतराफलक|वार्तालाप दृश्य]]" है। [[एजेक्स|एजैक्स]] को जल्दी अपनाने के लिए [[जालस्थल]] विकासकों के बीच यह सेवा उल्लेखनीय है।
गूगल के मेल सर्वर कई उद्देश्यों के लिए स्वचालित रूप से ईमेल की जांच करते हैं, जिसमें स्पैम और [[मैलवेयर|मैल्वैर]] को फ़िल्टर करना और ईमेल के आगे संदर्भ-संवेदनशील विज्ञापन जोड़ना शामिल है। असीमित डेटा प्रतिधारण, तृतीय पक्षों द्वारा निगरानी में आसानी, अन्य ईमेल प्रदाताओं के उपयोगकर्ताओं द्वारा जीमेल पतों पर ईमेल भेजने पर नीति से सहमत नहीं होने, और गूगल के बदलने की संभावना पर चिंताओं के कारण गोपनीयता अधिवक्ताओं द्वारा इस विज्ञापन अभ्यास की काफी आलोचना की गई है। अन्य गूगल डेटा उपयोग के साथ जानकारी को संयोजित करके गोपनीयता को और कम करने की इसकी नीतियाँ। कम्पनी मुद्दों से संबंधित मुकदमों का विषय रही है। गूगल ने कहा है कि ईमेल [[उपयोगकर्ताओं]] को अपने ईमेल को स्वचालित प्रसंस्करण के अधीन होने की "अनिवार्य रूप से अपेक्षा" करनी चाहिए और यह दावा करना चाहिए कि सेवा संभावित रूप से संवेदनशील संदेशों के आगे विज्ञापनों को प्रदर्शित करने से मना करती है, जैसे कि नस्ल, धर्म, लिंग अभिविन्यास, स्वास्थ्य या वित्तीय विवरणों का उल्लेख करने वाले। जून 2017 में, गूगल ने विज्ञापन उद्देश्यों के लिए प्रासंगिक जीमेल सामग्री के उपयोग को समाप्त करने की घोषणा की, इसके बजाय इसकी अन्य सेवाओं के उपयोग से एकत्रित डेटा पर निर्भर किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2017-06-23/google-will-stop-reading-your-emails-for-gmail-ads|title=Google Will Stop Reading Your Emails for Gmail Ads|date=2017-06-23|work=Bloomberg.com|access-date=2022-12-01|language=en}}</ref>
== विशेषताएँ ==
=== भंडारण ===
आजकल जीमेल सेवा 7250 <!-- Please don't update until it goes up by more than 50 MB -->एमबी ([[:en:Megabyte|MB]]) से अधिक मुफ्त का भंडारण प्रदान करता है<ref name="Gmail homepage" /> उपयोगकर्ता 10 जीबी (यूएस $ 20 प्रति वर्ष) से 400 GB (यूएस $ 500 प्रति वर्ष) का अतिरिक्त भंडारण किराये पर ले सकते हैं (जो [[पिकासा|पिकासा वेब एल्बम]] ([[:en:Picasa|Picasa Web Albums]]) और जीमेल के बीच बंटा है).<ref>
{{citeweb
| url = https://www.google.com/support/accounts/bin/answer.py?answer=65431
| title = More storage for photos and messages
| publisher = Google
| year = 2007
| accessdate = 2008-06-01}}
</ref>
1 अप्रैल 2005 को जीमेल की पहली सालगिरह पर गूगल ने 1 जीबी से वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि " गूगल सदैव लोगों को अधिकाधिक भंडारण क्षमता देगा"<ref>
[http://www.internetnews.com/xSP/article.php/3494491 अंतहीन जीमेल भंडारण], 30 जून 2006 को पुनः प्राप्त
</ref>
अप्रैल 2005 में जीमेल के इंजीनियर रोब सियेम्बोर्सकी ने कहा कि जब तक गूगल के सर्वरों पर पर्याप्त जगह है तब तक भंडारण क्षमता बढ़ती रहेगी. 12 अक्टूबर 2007 को, गूगल ने भंडारण गणक को 5.37 ऍमबी प्रति घंटे तक बढ़ा दिया। <ref>{{citeweb
| title = More Gmail storage coming for all
| url = http://gmailblog.blogspot.com/2007/10/more-gmail-storage-coming-for-all.html
|date=2007-10-12
| accessdate = 2008-06-01
| author = Rob Siemborski
| publisher = Official Gmail Blog}}</ref>
लगभग एक सप्ताह बाद, यह गणक घटकर वापस 1.12 ऍमबी प्रति घंटे तक कर दिया गया। 4 जनवरी 2008 को, यह गणक घटकर 3.35 ऍमबी प्रति दिन अथवा 0.14 ऍमबी प्रति घंटे हो गया<!--3.35MB/24hours=.13958333-->.अक्टूबर 2008 से, यह गणक घटकर 353.9 केबी प्रति दिन तक चला गया।
=== जीमेल प्रयोगशाला ===
5 जून 2008 को प्रस्तुत की गई जीमेल प्रयोगशाला की सुविधाएँ उपयोगकर्ताओं को जीमेल के नए अथवा प्रयोगात्मक सुविधाओं उदाहरणार्थ महत्वपूर्ण ई मेल संदेश को बुकमार्क करना, विशेष रूप से निर्मित कीबोर्ड शॉर्टकट या खेल अत्यादी की अनुमति देता है।
प्रयोक्ता प्रयोगशाला की सुविधाओं को चयनात्मक सक्षम या अक्षम कर सकते हैं और इनमें से प्रत्येक के बारे में प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इन नई सुविधाओं के बारे में उपयोगकर्ता के निवेश को प्राप्त करके जीमेल के इंजिनियर उनमें सुधार कर सकते हैं और तय भी कर सकते हैं कि कौन सा लोकप्रिय हैं और नियमित रूप से जीमेल में सुविधाओं के विकास के लायक है। प्रयोगशाला की सभी सुविधाएँ प्रयोगात्मक हैं तथा किसी भी समय अन्त किए जा सकते हैं। प्रयोगशाला की सुविधाओं को केवल जीमेल के अंग्रेजी भाषा इंटरफ़ेस में इस्तेमाल किया जा सकता है
10 दिसम्बर 2008 को, जीमेल ने अपनी एकीकृत चैट के माध्यम से एसएमएस संदेश के लिए समर्थन जोड़ा गया।<ref name="Techcrunchdec08">{{cite web|url = http://www.techcrunch.com/2008/12/10/gmail-enables-sms-messaging-from-chat/|title = Gmail Enables SMS Messaging From Chat|accessdate = 2008-12-11|last = Kincaid |first = Jason|authorlink = |year = 2008|month = December}}</ref><ref name="CNet10Dec08">{{cite web|url = https://www.cnet.com/tech/services-and-software/google-takes-two-with-gmail-sms-chat/ |title = Google takes two with Gmail-SMS chat|accessdate = 2008-12-11|last = Shankland|first = Stephen|authorlink = |year = 2008|month = December}}</ref><ref name="GMailNew10Dec08">{{cite web|url = http://mail.google.com/mail/help/about_whatsnew.html|title = New in Labs: Tasks, Text Messaging in Chat|accessdate = 2008-12-11|last = [[गूगल]]|authorlink = |year = 2008}}</ref>
28 जनवरी 2009 को, जीमेल ने ऑफ़लाइन उपयोग के लिए एकीकरण के माध्यम से अपने गूगल औजार ([[:en:Google gears|Google gears]]) से समर्थन जोड़ा .<ref name="GmailBlog09">{{cite web|url = http://gmailblog.blogspot.com/2009/01/new-in-labs-offline-gmail.html|title = New in Labs:Offline Gmail|accessdate = 2009-01-28|last = Palay |first = Andy|authorlink = |year = 2009|month = January}}</ref>
=== स्पैम निस्पंदक ===
जीमेल की [https://pr-gidyt.blogspot.com स्पैम निस्पंदक] ([[:en:spam filter|spam filter]]) सुविधाएँ एक समुदाय चालित ([[:en:community-driven|community-driven]]) प्रणाली है: जब कोई उपयोगकर्ता एक ईमेल पर स्पैम ([[:en:E-mail spam|spam]]) का निशान लगता है तो यह प्रणाली को जानकारी प्रदान करता है तथा सभी जीमेल उपयोगकर्ताओं के लिए इसी प्रकार के अागामी संदेशों को पहचानने में मदद करता है।<ref>
{{cite web
| url = http://googlesystem.blogspot.com/2007/10/how-gmail-blocks-spam.html
| title = How Gmail Blocks Spam
| accessdate = 2009-02-12
| author =
| last = Chitu
| first = Alex
| authorlink =
| coauthors =
| date = 2007-10-29
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| quote = Gmail's filters are constantly improving and an important ingredient of their effectiveness is the use of community signals. Every time you click on the "Mark as spam" button, Gmail uses that information to block similar future messages not only for you, but for all Gmail users.
}}
</ref>
===भाषा समर्थन===
मार्च 2015 तक, जीमेल इंटरफ़ेस 72 भाषाओं का समर्थन करता है, जिनमें शामिल हैं: [[अरबी]], बास्क, बल्गेरियाई, कैटलन, चीनी (सरलीकृत), चीनी (पारंपरिक), क्रोएशियाई, चेक, डेनिश, डच, अंग्रेजी (यूके), [[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]] (यूएस), एस्टोनियाई, [[फिनिश भाषा|फिनिश]], [[फ्रेंच]], [[जर्मन]], [[ग्रीक]], [[गुजराती]], हिब्रू, [[हिंदी]], हंगेरियन, आइसलैंडिक, इंडोनेशियाई, इतालवी, [[जापानी]], कन्नड़, [[कोरियाई]], लातवियाई, लिथुआनियाई, मलय, [[मलयालम]], मराठी, नॉर्वेजियन (बोकमाल), उड़िया, पोलिश, पंजाबी , पुर्तगाली (ब्राजील), पुर्तगाली (पुर्तगाल), रोमानियाई, रूसी, सर्बियाई, सिंहल, स्लोवाक, स्लोवेनियाई, स्पेनिश, स्वीडिश, तागालोग (फिलिपिनो), तमिल, तेलुगु, थाई, तुर्की, यूक्रेनी, उर्दू, वियतनामी, वेल्श और ज़ुलु।
===भाषा इनपुट शैलियाँ===
अक्टूबर 2012 में, Google ने जीमेल में 100 से अधिक वर्चुअल कीबोर्ड, लिप्यंतरण और इनपुट विधि संपादक जोड़े, जो उपयोगकर्ताओं को उन भाषाओं में लिखने में मदद करने के प्रयास में विभिन्न भाषाओं के लिए विभिन्न प्रकार की इनपुट शैलियों को सक्षम करते हैं जो "आपके कीबोर्ड की भाषा द्वारा सीमित" नहीं हैं। "
अक्टूबर 2013 में, Google ने जीमेल में लिखावट इनपुट समर्थन जोड़ा।
अगस्त 2014 में, जीमेल पहला प्रमुख ईमेल प्रदाता बन गया, जिसने उपयोगकर्ताओं को लैटिन वर्णमाला के बाहर के उच्चारण चिह्नों और अक्षरों वाले पतों से ईमेल भेजने और प्राप्त करने की अनुमति दी।
== इंटरफ़ेस ==
{{Main|Gmail interface}}
[[जीमेल इंटरफ़ेस]] ([[:en:Gmail interface|Gmail interface]]) सभी [[वेबमेल]] ([[:en:webmail|webmail]]) प्रणालियों में अनूठा है जिसके कई कारण हैं। इसके खोज-उन्मुख विशेषताओं के अधिकांश उपयोगकर्ता रहे हैं और ईमेल प्रबंधन के लिये इसका 'वार्तालाप दृश्य' [[इंटरनेट मंच|इंटरनेट फोरम]] ([[:en:Internet forum|Internet forum]]) के समान है
<!--
NOTE: Please stop adding information on "themes" here. This subject has been moved to the Gmail interface article and that is explained on this article's talk page
-->
===जीमेल में हिन्दी समर्थन===
जीमेल [[हिन्दी]] एवं [[इण्डिक यूनिकोड]] समर्थन के मामले में सर्वोत्तम [[ईमेल]] सेवा मानी जाती है। साथ ही इसमें हिन्दी में मेल लिखने के लिये [[गूगल इण्डिक लिप्यन्तरण|गूगल का लिप्यन्तरण औजार]] अन्तर्नि्र्मित है जिसकी मदद से बिना किसी अन्य टूल के हिन्दी में ईमेल लिखी जा सकती है।
== इतिहास ==
{{main|जीमेल का इतिहास}}
जीमेल परियोजना गूगल विकासकर्ता [[पॉल बुछेइत]] ([[:en:Paul Buchheit|Paul Buchheit]]) द्वारा सार्वजनिक करने की घोषणा के कई वर्षों पहले शुरू किया गया था शुरू में केवल गूगल के कर्मचारी इस ईमेल का आंतरिक इस्तेमाल कर सकते थे। अंततः 1 अप्रैल 2004 को गूगल ने जनता के लिए जीमेल की घोषणा की। <ref>{{cite web
|url=http://searchenginewatch.com/showPage.html?page=3334241
|title=Google Launches Gmail, Free Email Service - Search Engine Watch
|publisher=searchenginewatch.com
|accessdate=2008-03-12
|last=Sullivan
|first=Danny
|archive-date=26 फ़रवरी 2008
|archive-url=https://web.archive.org/web/20080226051306/http://searchenginewatch.com/showPage.html?page=3334241
|url-status=dead
}}</ref>
== डोमेन नाम ==
गूगल द्वारा जीमेल.कॉम के अधिग्रहण से पहले यह [[डोमेन नाम]] ([[:en:domain name|domain name]]) garfield.com नामक एक मुक्त ईमेल सेवा द्वारा प्रयोग किया जाता था जो [[हास्य पट्टी|कॉमिक स्ट्रिप]] ([[:en:comic strip|comic strip]])''[[गारफील्ड|गारफ़ील्ड]] ([[:en:Garfield|Garfield]])'' का वेबसाइट था एक अलग डोमेन में जाने के बाद, उस सेवा को बाद में बंद कर दिया गया।<ref>{{cite web | url=http://www.intelliot.com/blog/archives/2004/03/31/slashdot-comments-on-google-gmail/#comment-294783 | title=Slashdot Comments on Google Gmail | author=Elliot Lee | date=2004-03-31 | accessdate=2008-06-01 | archive-date=12 जनवरी 2009 | archive-url=https://web.archive.org/web/20090112144800/http://www.intelliot.com/blog/archives/2004/03/31/slashdot-comments-on-google-gmail/#comment-294783 | url-status=dead }}</ref>
22 जून 2005 के अनुसार, जीमेल की [[धर्मवैधानिक#कंप्यूटर विज्ञान|धर्मवैधानिक]] ([[:en:Canonical#Computer science|canonical]]) [[यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स आईडेंटीफाईअर|यूआरआइ]] ([[:en:Uniform Resource Identifier|URI]]) से बदल कर <कोड>http://gmail.google.com/gmail/</ कोड> से <कोड>http://mail.google.com/mail/</ कोड> कर दी गई।<ref>{{cite web | url=http://mathiasbynens.be/blogmarks/2005/06/gmail-goes-301 | title=Google goes 301 | author=Mathias Bynens | date=2005-06-25 | accessdate=2007-11-25 | archive-date=11 अगस्त 2007 | archive-url=https://web.archive.org/web/20070811084436/http://mathiasbynens.be/blogmarks/2005/06/gmail-goes-301 | url-status=dead }}</ref>
''जीमेल.कॉम'' डोमेन कुछ देशों में उपलब्ध नहीं है अतः प्रयोक्ता ''गूगलमेल.कॉम '' नामक डोमेन का उपयोग करने में सक्षम होते हैं जीमेल सेवा इन दो डोमेनों के बीच विभेद नहीं करता इसलिए "''जॉन.डो@ जीमेल.कॉम''" को भेजी गई ईमेल ''जॉन.डो@ गूगलमेल.कॉम'' में ही आएँगी और यह विपरीततया भी मुमकिन है। तदनुसार, ''गूगलमेल.कॉम'' डोमेन के प्रयोक्ता द्वारा चुने गए पते ''जीमेल.कॉम'' के उपयोगकर्ता चयन नहीं कर पायेंगे
== जीमेल छल ==
=== जीमेल पेपर छल ===
[[अप्रैल फूल डे]] ([[:en:April Fools' Day|April Fools' Day]]) 2007 में गूगल ने जीमेल पेपर नामक सुविधा से उपयोगकroshniर्ता का मज़ाक उड़ाया जिसमें अनुमानतः उपयोगकर्ता एक बटन दबाते और जीमेल उनको विज्ञापन के साथ ईमेल को छापकर मुक्त में भेजता.<ref>{{ cite web | url=http://mail.google.com/mail/help/paper/ | title=Welcome to Gmail (introducing Google Paper) | author=[[Google]] | date=2007-04-01 | accessdate=2008-06-01 }}</ref>
=== जीमेल का विशेष रूप से निर्मित समय छल ===
[[अप्रैल फूल डे]] ([[:en:April Fools' Day|April Fools' Day]]) 2008 में, गूगल ने जीमेल कस्टम टाइम नामक एक नकली सेवा शुरू की, जिससे उपयोगकर्ताओं को जाली वक्त के ठप्पे के साथ प्रति वर्ष दस ईमेल भेजने की अनुमति होगीइस छल के अनुसार ईमेल को गूगल के सर्वर पर स्पेसटाइम को मोड़कर समय के चौथे आयाम के माध्यम से उनकी इच्छित प्राप्तकर्ता तक पहुंचाई जाती है।<ref>[http://mail.google.com/mail/help/customtime/index.html जीमेल: ईमेल की ओर गूगल का दृष्टिकोण]</ref><ref>[http://news.cnet.com/8301-13577_3-9907571-36.html?tag=nefd.top अप्रैल फूल डे': 'विशेष रूप से निर्मित समय' और एक मंगल ग्रह की यात्रा| दी सोशल - सीनेट न्यूज़.कॉम ]{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== संहिता परिवर्तन ==
जून और अक्टूबर 2007 के बीच जीमेल की जावास्क्रिप्ट को पुनः लिखा गया और 29 अक्टूबर 2007 को प्रयोक्ताओं के लिए निर्गम कर दिया गया इस नए परिवर्तित अभिकल्पना में पुनः रचित संपर्क अनुभाग, शीघ्र संपर्क कक्ष और चैट पॉपअप थे जिसको संदेश सूची और संपर्क सूची के नामों के साथ जोड़ दिया गया यह संपर्क आवेदन गूगल डॉक्स जैसे अन्य गूगल सेवाओं में एकीकृत हैजिन उपयोगकर्ताओं को इस नए संस्करण का अभिगम दिया गया उनको उपयोग करने के लिए दाहिना हाथ की चोटी में "नया संस्करण" नामक एक लिंक दिया गया दिसंबर 2007 तक, लगभग सभी नए अंग्रेज़ी (यूएस) पंजीकरण और पुराने खातों को यह नया अंतराफलक दिया जाता है"पुराने संस्करणः" एक लिंक के द्वारा पदावनति कराने का विकल्प रहता है।<ref>
{{cite web
|url=http://www.google.com/a/help/intl/en/admins/new.html
|title=Google Apps
|publisher=www.google.com
|accessdate=2008-03-12
|quote=Google Docs is integrated with your Gmail contacts list so it's easy to invite people to view or edit your files.
}}
</ref><ref name="gmail_2.0_blogoscoped">{{cite web
| url = http://blogoscoped.com/archive/2007-10-29-n47.html
| title = Gmail 2.0 Screenshots
| accessdate = 2008-06-01
| date = 2007-10-29
| author = Philipp Lenssen
| publisher = Google Blogoscoped}}</ref><ref name="gmail_code_changes">{{cite web
| url = http://gmailblog.blogspot.com/2007/10/code-changes-to-prepare-gmail-for.html
| title = Code changes to prepare Gmail for the future
| accessdate = 2008-06-01
| date = 2007-10-29
| author = Dan Pupius
| publisher = Official Gmail Blog
| quote = So recently the Gmail team has been working on a structural code change that we'll be rolling out to Firefox 2 and IE 7 users over the coming weeks (with other browsers to follow).}}</ref><ref name="zdnet_new_gmail2">{{cite web
| url = http://blogs.zdnet.com/Google/?p=786
| title = New version of Gmail starting to roll out
| accessdate = 2008-06-01
| date = 2007-10-29
| author = Garett Rogers
| publisher = ZDNet
| archive-date = 29 जनवरी 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20090129195518/http://blogs.zdnet.com/Google/?p=786
| url-status = dead
}}</ref>
इन कोडों के बदलाव का मतलब है कि केवल [[इंटरनेट एक्सप्लोरर 7]] ([[:en:Internet Explorer 7|Internet Explorer 7]]), [[मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स 2|फ़ायरफ़ॉक्स 2]] ([[:en:Mozilla Firefox 2|Firefox 2]]), [[गूगल क्रोम]] ([[:en:Google Chrome|Google Chrome]]) और [[सफ़ारी (वेब ब्राउज़र)|सफ़ारी 3.0]] ([[:en:Safari (web browser)|Safari 3.0]]) (या नवीनतम संस्करण) के उपयोगकर्ता ही पूरी तरह नए कोड का इस्तेमाल कर सकते हैंइंटरनेट एक्सप्लोरर 5.5 +, नेटस्केप 7.1 +, मोज़िला 1.4 +, फ़ायरफ़ॉक्स 0.8, सफ़ारी 1.3 और कुछ अन्य ब्राउजर सीमित कार्यक्षमता देंगे। अन्य ब्राउज़रों को जीमेल के बुनियादी एचटीएम्एल संस्करण की ओर निर्देशित किया जा सकता है।<ref name="gmail_code_changes"/><ref name="gmail_pays_to_upgrade">{{cite web
| url = https://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=76137
| title = It pays to upgrade your browser
| work = Gmail Help Center
| publisher = Google
| date = 2007-12-03
| accessdate = 2008-06-01
| quote = We've added some great new features to Gmail. To check them out, please upgrade your browser to either Mozilla Firefox 2.0, Safari 3.0 or Internet Explorer 7 (with Google Toolbar).}}</ref><ref name="aim_in_gmail">{{cite web
| url = https://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=61024
| title = About AIM in Gmail
| publisher = Google
| work = Gmail Help Center
| date = 2007-12-07
| accessdate = 2008-06-01
| archive-date = 8 नवंबर 2008
| archive-url = https://web.archive.org/web/20081108221740/http://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=61024
| url-status = dead
}}</ref><ref name="editing_labels_help">{{cite web
| url = https://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=14026
| title = Editing labels
| publisher = Google
| work = Gmail Help Center
| date = 2007-12-07
| accessdate = 2008-06-01}}</ref><ref name="GMailSupported">{{cite web|url = http://mail.google.com/support/bin/answer.py?hl=en&answer=6557|title =
Gmail - Supported browsers|accessdate = 2008-12-04|last = [[Google]]|authorlink = |year = 2008|month = December}}</ref>
जनवरी, 2008 के तीसरे सप्ताह में गूगल ने एक ऐसा नवीनीकरण का निर्गमन किया जिससे जीमेल के जावास्क्रिप्ट को लोड करने का अंदाज़ बदल गया। यह तीसरे-पक्ष एक्सटेंशन की विफलता का कारण बना। <ref>{{cite web
| url = http://gmailblog.blogspot.com/2008/01/gmailgreasemonkey-api-issue.html
| title = Gmail/Greasemonkey API issue
| last = Pupius
| first = Dan
| date = 2008-01-29
| accessdate = 2008-06-01
| publisher = Official Gmail Blog }}</ref>
12 दिसम्बर 2008 को, जीमेल ने तीव्रतर [[पोर्टेबल दस्तावेज़ स्वरूप|पीडीएफ]] ([[:en:Portable Document Format|PDF]]) देखने के लिए ब्राउज़र के भीतर समर्थन जोड़ा<ref>
http://gmailblog.blogspot.com/2008/12/fast-pdf-viewing-right-in-your-browser.html</ref>
== आलोचनाएं ==
=== गोपनीयता ===
गूगल संदर्भ-संवेदनशील विज्ञापनों जोड़ने के लिए स्वतः ईमेल स्कैन करता है। गोपनीयता अधिवक्ताओं ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजनानुसार उनके व्यक्तिगत एवं निजी ईमेल भी स्कैनिंग में शामिल है जोकि एक सुरक्षा समस्या हैअगर एक कंप्यूटर को भी ईमेल का विषय पढने की अनुमति दें तो ईमेल में [[गोपनीयता की उम्मीद]] ([[:en:expectation of privacy|expectation of privacy]]) कम हो जाने का जोखिम उठता है। इसके अलावा, जिन गैर-सदस्यों ने जीमेल की गोपनीयता नीति अथवा शर्तों को स्वीकार नहीं किया उनके द्वारा भेजे गए ईमेल भी जीमेल स्कैन करता है। गूगल अपनी गोपनीयता नीति को एकतरफा बदल सकते हैं और वह कुकीज़ को जानकारी युक्त उत्पाद लाइन के साथ प्रति संदर्भ करके व्यक्तियों पर फ़ाइल बनाने में भी सक्षम हैं। हालांकि, सभी ईमेल प्रणालियाँ [[ईमेल स्पैम|स्पैम]] ([[:en:E-mail spam|spam]]) की जाँच के लिए सर्वर साइड विषय स्कैनिंग का उपयोग करतीं हैं।<ref>{{cite web
| url = http://www.epic.org/privacy/gmail/faq.html
| title = Gmail Privacy Page
| accessdate = 2008-06-01
| date=2004-07-18
| publisher = Electronic Privacy Information Center
}}</ref><ref name="Register15Jun04">{{cite web|url = http://www.theregister.co.uk/2004/06/15/gmail_spook_heaven/|title = Google's Gmail: spook heaven?|accessdate = 2008-11-24|last = Rasch|first = Mark|authorlink = |year = 2004|month = June}}</ref>
गोपनीयता अधिवक्ता भी डेटा प्रतिधारण और सहसंबंध नीतियों के खुलासे की कमी को समस्याग्रस्त मानते हैं। एक व्यक्ति के ईमेल और उनके इंटरनेट खोजों के बारे में जानकारी को मिलाना गूगल के लिए संभव हैं इस जानकारी को कब तक रखा जायेगा और इसका इस्तेमाल कैसे होगा यह नहीं पता, एक चिंता यह भी है कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हित में हो सकता है। 30 से अधिक गोपनीयता और जानपद अधिकार संगठनों ने आग्रह किया है कि जब तक ये मुद्दे हल न हों तब तक जीमेल इस सेवा को स्थगित करे.<ref>{{cite web
| url = http://www.privacyrights.org/ar/GmailLetter.htm
| title = Thirty-One Privacy and Civil Liberties Organizations Urge Google to Suspend Gmail
| accessdate = 2008-06-01
| date = 2004-04-19
| publisher = Privacy Rights Clearinghouse
| archive-date = 30 जनवरी 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20090130063002/http://www.privacyrights.org/ar/GmailLetter.htm
| url-status = dead
}}</ref>
कुछ टिप्पणीकारों<ref>{{cite web
| url = http://gmailtips.info/
| title = Gmail Tips to Use Email System Safely
| accessdate = 2008-12-11
| date = 2008-04-19
| publisher = Ask a Friend Publishing Company
| archive-date = 30 अप्रैल 2009
| archive-url = https://web.archive.org/web/20090430181630/http://gmailtips.info/
| url-status = dead
}}</ref> ने जीमेल की गोपनीयता नीति की आलोचना की है जिसकेनुसार अवशिष्ट संदेशों और खातों को सक्रिय सर्वरों से हटाने में 60 दिन तक लग सकते हैं और वह उनके ऑफ़लाइन बैकअप सिस्टम में रह सकते हैंगूगल ने इस आलोचना का उत्तर देते हुए कहा कि जीमेल ज्यादातर उद्योगिक प्रथाओं का उपयोग कर रहा हैं। बाद में गूगल ने कहा कि वे "मिटाए गए सूचना को जल्द ही व्यावहारिक रूप में सिस्टम से हटाने का उचित प्रयास करेंगे."<ref>{{ cite web
| url=http://mail.google.com/mail/help/privacy.html
| title = Gmail Privacy Policy
| accessdate=2008-06-01
| author=[[Google]]
}}</ref><ref>{{cite web
| url = http://mail.google.com/mail/help/about_privacy.html#data_retention
| title = More on Gmail and privacy
| accessdate = 2008-03-02
| date=2007-01-01
| publisher = Google
}}</ref>
जीमेल की गोपनीयता नीतियों के आधार पर गूगल ने कहा कि जीमेल संभावित संवेदनशील संदेशों के साथ विज्ञापनों के प्रदर्शन को रोकेगा.<ref>
{{cite web
| url = http://mail.google.com/mail/help/about_privacy.html#targeted_ads
| title = About Gmail: More on Gmail and privacy
| accessdate = 2009-01-06
| date = 2007-01-01
| publisher = Google<!-- date attribute is approximate; someone please fix if possible -->
| quote = "Gmail's filters also block ads from running next to messages about catastrophic events or tragedies, erring on the side of not displaying an ad if the content is questionable." }}
</ref>
दुखान्त खबर, विपत्तिपूर्ण घटना और मौत घोषणाओं की ईमेल में यह प्रणाली विज्ञापनों को रोकती है।{{Fact|date= जनवरी 2009}}आलोचकों{{Who|date= जनवरी 2009}} का मानना है कि वास्तविकता में इन ईमेल के वर्ग को पहचाने के लिए जीमेल की प्रणाली उनको स्कैन करेगी
=== तकनीकी मुद्दों ===
जीमेल उपयोगकर्ताओं को ऐक्सीक्यूटेबल [[संगणक संचिका|संचिका]] या संग्रह को भेजने या अभिग्रहण कि अनुमति नहीं देता अगर उसका
[[संचिका विस्तार]] ऐक्सीक्यूटेबल [[संगणक संचिका|संचिका]] या संग्रह में उपयोग होता हो।
कंप्यूटर जानकार उपयोगकर्ता जो आकस्मिक गलतियाँ नहीं करते, स्वयं यादृच्छिक मात्र और अनियमित राशि के नुकसान कि खबर दी है।<ref name="google1">{{citeweb
| url = http://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=6590&topic=1517
| title = Title Gmail: Help Center - Can I send or receive an executable file?
| accessdate = 2008-06-01
|date=2005-10-14
| quote = Gmail does not allow users to receive executable files
| publisher = Google
}}</ref><ref>[http://www.infoworld.com/article/07/11/14/Disappearing-Gmail-messages-baffle-users_1.html इन्फोवर्ल्ड.कॉम ] जीमेल संदेशों के गायब होने से उपयोगकर्ताओं में घबराहट. (जुआन कार्लोस पेरेस, आईडीजी न्यूज सेवा, 2007-11-14)</ref>
बनावटानुसार जीमेल उपयोगकर्ता को पुरा ईमेल को नहीं पहुंचताजब पी ओ पी या आई ऍम ए पी के माध्यम से मेल संदेश को डाउनलोड किया जाता है तो जीमेल उपयोगकर्ताओं द्वारा स्वयं को भेज गए ईमेल डाउनलोड करने में विफल रहता है।<ref>
{{cite web
| url = http://mail.google.com/support/bin/answer.py?hl=en&answer=13291
| title = Some mail was not downloaded
| accessdate = 2009-01-15
| author =
| last =
| first =
| authorlink =
| coauthors =
| date =
| year =
| month =
| format =
| work = Gmail Help
| publisher = Google
| location =
| pages =
| doi =
| archiveurl =
| archivedate =
| quote = [...] Gmail doesn't download copies of messages sent from within your client, or messages already available in your client.
}}
</ref>
जिन संदेशों को उपयोगकर्ताओं ने [[इलेक्ट्रॉनिक डाक प्रेषण सूची|मेलिंग सूची]] ([[:en:electronic mailing list|mailing list]]) को भेजा है और जिन संदेशों को वह मेलिंग सूची के माध्यम से वापस प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं वह भी इनबॉक्स में (किसी भी अंतरफलक द्वारा) नहीं पहुंचाए जाते.<ref>[http://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=6588&topic=1564 मेलिंग सूची को भेजे गए संदेश मेरे इनबॉक्स में नहीं दिखाते- सहायता केंद्र<!-- Bot generated title -->]</ref>
जीमेल छानक कस्टम हेडर नामों का उपयोग नहीं कर सकतमेलिंग सूची को भेजे गए संदेशों से आने वाले जवाबों को पहचानने के लिए जीमेल के समर्थन जोड़ने से पहले इस पाबन्दी का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा{{when?}}: कुछ मेलिंग सूची प्रबंधक कार्यक्रम जैसे की [[सोर्सफोर्ज]] ([[:en:SourceForge|SourceForge]]) द्वारा उपयोग किए जाने वाले [[जीएनयु मेलमैन|मेलमैन]] ([[:en:GNU Mailman|Mailman]]) में संदेशों को भेजते हुए एक कस्टम शीर्षक जोड़ दिया जाता है लेकिन "विषय" में कोई परिवर्तन नहीं किया जाता.जीमेल छानक "विषय" में एक शब्द को खोज सकते हैं परन्तु कस्टम हैडर में नहीं। {{Fact|date=December 2008}}
=== "की ओर से" ===
जीमेल के प्रचलित कार्यान्वयन के साथ जीमेल अंतरफलक द्वारा एक कस्टम ईमेल खाते से भी भेजी गई ईमेल में जीमेल.कॉम पता "प्रेषक" के रूप में शामिल होगा। उदाहरण स्वरूप, जीमेल के अंतरफलक द्वारा किसी बाहरी खाते से भेजी गई ईमेल प्रयोक्ता को ऐसे प्रदर्शित होगी '' यूज़र@जीमेल.कॉम की ओर से यूज़र@ (अन्य डोमेन ईमेल का पता).कॉम के हेतु में''.जीमेल खतों के नाम का खुलासा करने से, गूगल का दावा है कि यह "मेल को स्पैम के रूप में चिह्नित होने से रोकने में मदद करेगा".<ref>[http://mail.google.com/support/bin/answer.py?hl=en&answer=22370 गूगल और कस्टम "पते से"]</ref> अनेक जीमेल उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की है कि इसके कार्यान्वयन से गोपनीयता की चिंता और व्यावसायिकता की समस्या खड़ी होती है।<ref>{{Cite web |url=http://www.japanitup.com/gmail-on-behalf-of-73/ |title=जीमेल का "की ओर से" अव्यवसायिक है |access-date=8 जून 2009 |archive-date=18 फ़रवरी 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090218191111/http://www.japanitup.com/gmail-on-behalf-of-73/ |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.petitionspot.com/petitions/gmailfrom |title=जीमेल के "की ओर से" हटाने की याचिका |access-date=8 जून 2009 |archive-date=15 जून 2009 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090615103241/http://www.petitionspot.com/petitions/gmailfrom/ |url-status=dead }}</ref><ref>[http://thewobblingmind.wordpress.com/2008/04/13/multiple-gmail-accounts-where-is-the-privacy/ जीमेल - गोपनीयता कहाँ है?]</ref>
== पुरस्कार ==
जीमेल ''[[पीसी वर्ल्ड (पत्रिका)|पीसी वर्ल्ड]] ([[:en:PC World (magazine)|PC World]])''' की " 2005 की 100 सर्वश्रेष्ठ उत्पाद," में [[फ़ायरफ़ॉक्स|मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स]] के पीछे दूसरे स्थान पर रहा थाजीमेल ने आधारिक पद डिजाइन पुरस्कार 2005 में 'माननीय वर्णन' जीता है।<ref>[http://www.pcworld.com/reviews/article/0,aid,120763,pg,12,00.asp पीसीवर्ल्ड.कॉम - 2005 की100 सर्वश्रेष्ठ उत्पाद ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080517002308/http://www.pcworld.com/reviews/article/0%2Caid%2C120763%2Cpg%2C12%2C00.asp |date=17 मई 2008 }}, 14 मई 2006 को पुनः प्राप्त</ref><ref>[http://www.bottomlinedesignawards.com/gmail.html आधारिक पद डिजाइन पुरस्कार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070330005708/http://www.bottomlinedesignawards.com/gmail.html |date=30 मार्च 2007 }} माननीय वर्णन है। पुनः प्राप्त 14 फ़रवरी 2007</ref>
जीमेल ने अपने दानशील भंडारण और अनूठे संगठन के लिए अनेक उपयोगकर्ताओं से अनुकूल समिक्षाओ को आकर्षित किया है।<ref>[http://mail.google.com/mail/help/reviews.html जीमेल के बारे में - समीक्षा], 14 मई 2006 को पुनः प्राप्त</ref>
== ट्रेडमार्क विवाद ==
=== यूनाइटेड किंगडम ===
19 अक्टूबर 2005 में ब्रिटेन की इंडीपेंडेंट इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट रिसर्च नामक कंपनी के साथ विवाद की वजह से गूगल ने स्वेच्छा जीमेल के ब्रिटेन संस्करण को ''गूगल मेल'' में परिवर्तित कर दिया। <ref>[http://mail.google.com/mail/help/intl/en-GB/googlemail.html गूगल मेल युके में], 14 मई 2006 को पुनः प्राप्त</ref><ref>{{ cite web | url=http://news.bbc.co.uk/1/hi/business/4354954.stm | title=Google drops Gmail address in UK | publisher=[[बीबीसी न्यूज़]] | date=2005-10-19 | accessdate=2008-04-18 }}</ref>
जो उपयोगकर्ता गूगल मेल में परिवर्तन के पहले पंजीकृत थे वह अपने जीमेल पते रखने में सक्षम रहे हालांकि जीमेल लोगो को ''गूगल मेल'' लोगो में बदल दिया गया। जिन उपयोगकर्ताओं ने परिवर्तन के पश्चात पंजीकरण किया उनको <tt>गूगलमेल.कॉम</tt> का पता मिला, हालांकि दोनों को ईमेल भेजा जाए तो एक ही जगह पहुँचेगा
=== जर्मनी ===
4 जुलाई 2005 को, गूगल ने घोषणा की है कि ''जीमेल दोइच्लंद'' का नाम बदलकर वापस ''गूगल मेल'' किया जाएगा .उसके पश्चात, जर्मनी से उत्पन्न होने वाले [[आईपी पता|आइपी एड्रेस]] ([[:en:IP address|IP address]]) के अभ्यागतों को <tt>गूगलमेल.कॉम</tt> पर भेजा जाता है जहाँ वह नए डोमेन युक्त [[ईमेल पता|ईमेल पते]] ([[:en:e-mail address|e-mail address]]) प्राप्त कर सकते हैं। जिन जर्मन उपयोगकर्ताओं को <tt>जीमेल.कॉम</tt> के पते चाहिए उनको एक [[प्रॉक्सी सर्वर|प्रॉक्सी]] ([[:en:Proxy server|proxy]]) द्वारा पंजीकरण करना पड़ता है। जर्मन उपयोगकर्ता जो पहले से ही पंजीकृत हैं उनको अपने पुराने पते रखने की अनुमति दी गई।
गूगल और डैनियल गिएर्स्च के बीच यह जर्मन नामकरण का मुद्दा एक ट्रेडमार्क विवाद की वजह से है। डैनियल गिएर्स्च "जी मेल" नामक कंपनी का मालिक है जो प्रेषकों के ईमेल को छापकर इच्छित प्राप्तकर्ता को डाक द्वारा भेजने की सेवा प्रदान करता है। 30 जनवरी 2007 को [[आंतरिक बाजार में संगतिकरण के लिए कार्यालय]] ([[:en:Office for Harmonization in the Internal Market|Office for Harmonization in the Internal Market]]) ने गिएर्स्च के पक्ष में निर्णय किया।<ref>
{{cite web
|url=http://arstechnica.com/news.ars/post/20070131-8741.html
|title=Google can't use "Gmail" name in Europe
|publisher=arstechnica.com
|accessdate=2008-03-12
|last=Anderson
|first=Nate
}}
</ref>
2007 के अप्रैल फूल दिवस में गूगल ने इस सेवा को प्रदान करने का मज़ाक किया।<ref name="Paper">{{cite web|url = http://mail.google.com/mail/help/paper/more.html|title = Introducing Gmail Paper|accessdate = 2008-11-23|last = [[Google]]|authorlink = |year = 2008}}</ref>
19 जून 2008 के बाद अगर जर्मन आईपी एड्रेस से जीमेल.कॉम डोमेन का अभिगमन किया जाए तो वह गूगल मेल सेवा में पुनर्निर्देश नहीं करताइसके बजाय, एक छोटे पाठ संदेश दिखाया गया है।
=== पोलैंड ===
फ़रवरी 2007 में, गूगल ने <tt>जीमेल.पीएल</tt>, एक नकली{{Fact|date=October 2008}} कवि समूह के मालिकों, ''ग्रुपा मॉलओद्य्च आर्टीस्टोव आइ लिटेरातोव'' संक्षिप्त में GMAiL (पूरे में "युवा कलाकारों और लेखकों का समूह "), के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू किया।<ref>{{cite web
|url=http://searchengineland.com/070219-091511.php
|title=Google Sues Group Of Polish Poets Over Gmail.pl Name
|publisher=searchengineland.com
|accessdate=2009-02-10
|last=Schwartz
|first=Barry
|archive-date=27 सितंबर 2008
|archive-url=https://web.archive.org/web/20080927034806/http://searchengineland.com/070219-091511.php
|url-status=dead
}}</ref>
लोद्ज्का गीएलदा कोम्पुतेरोवा ([[लॉज़की|लॉड्ज़]] ([[:en:Łódź|Łódź]]) कंप्यूटर बाजार), कंप्यूटर-उपसाधन बेचनेवाले निगम ने प्रचार उद्देश्यों के लिए जीमेल.पीएल नामक डोमेन को पंजीकृत किया था।{{Fact|date= फ़रवरी 2009}}इस विवाचन अधिकरण ने "प्रक्रियात्मक कारणों के लिए" इस कार्रवाई को रद्द कर दिया{{citequote}}.
=== मेनलैंड चीन ===
आइएसएम् टेकनोलोजीस (चीनी:爱思美) नामक मेनलैंड चीन की एक [[सूचना प्रौद्योगिकी]] कंपनी <tt>जीमेल.सीएन</tt> वेबपोर्टल का मालिक है और 2003 से उसका परिचालन कर रहा है।<ref>{{cite web|url=http://www.ism.net.cn/blackboard/withTitle.html?title=289&description=290&topMenu=domain|title=About ISM Technologies|publisher=ISM Technologies|accessdate=2008-07-21|archive-date=5 मई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090505130320/http://www.ism.net.cn/blackboard/withTitle.html?title=289&description=290&topMenu=domain|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://china.gmail.cn/aboutus.htm|title=关于Gmail中国|publisher=ISM Technologies|language=zh|accessdate=2008-07-21|archive-date=22 जुलाई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090722031053/http://china.gmail.cn/aboutus.htm|url-status=dead}}</ref>
=== रूसी संघ ===
रूसी संघ में <tt>जीमेल.आरयु</tt> नामक एक मुफ्त वेबमेल सेवा "जीमेल" ट्रेडमार्क का मालिक हैं।<ref>{{cite web
| url = http://gmail.ru/docs/svid/
| title = Зарегистрированный Товарный Знак
| accessdate = 2008-06-01
| archive-date = 17 दिसंबर 2008
| archive-url = https://web.archive.org/web/20081217050936/http://gmail.ru/docs/svid/
| url-status = dead
}}</ref>
जनवरी 27, 2003 से यह <tt>जीमेल.आरयु </tt> डोमेन नाम है<ref>{{cite web
| url =https://www.reg.ru/whois/?dname=gmail.ru
|title = REG.RU and RIPN WHOIS Server}}
</ref>
== प्रतिद्वन्दता ==
{{seealso|Comparison of webmail providers}}
जीमेल के प्रारंभिक विकास और प्रक्षेपण के बाद, कई मौजूदा वेबमेल सेवाओं ने जल्द ही अपने भंडारण क्षमता में वृद्धि की। <ref>{{cite web | author = Glauser, Stephen | title = Should you switch to Gmail? | url = http://blog.tooreal.net/articles/gmail/ | publisher = Too Real | accessdate = 2008-06-01 | archive-date = 5 जुलाई 2008 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080705110634/http://blog.tooreal.net/articles/gmail/ | url-status = dead }}</ref>
उदाहरण स्वरूप, [[एम्एसएन हॉटमेल|हॉटमेल]] ([[:en:MSN Hotmail|Hotmail]]) ने कुछ उपयोगकर्ताओं के भंडारण को 2 एमबी से बढ़ाकर 25 एमबी कर दिया फिर 30 दिनों के बाद 250 एमबी और हॉटमेल प्लस खातों के लिए 2 जीबी कर दिया। [[याहू! मेल]] ([[:en:Yahoo! Mail|Yahoo! Mail]]) ने 4 एमबी से 100 एमबी और याहू! मेल प्लस खातों के लिए 2 जीबी कर दिया। फिर याहू! मेल के भंडारण में 250 एमबी तक और अप्रैल 2005 के अंत में 1 जीबी तक वृद्धि हुई। याहू! मेल ने सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मार्च 2007 में असीमित भंडारण के उपलब्धी की घोषणा की और मई 2007 में प्रदान करना शुरू किया।<ref>[http://news.cnet.com/2100-1038_3-6171111.html याहू मेल असीमित भंडारण की पेशकश करने वाला है | सीनेट न्यूज़.कॉम<!-- Bot generated title -->]</ref>
ये सभी कदम मौजूदा उपयोगकर्ताओं को जीमेल पदांतरण से रोकने के रूप में देखा गया। पिछड़ने का डर विशेष रूप से एम्एसएन हॉटमेल में दिखा जिसने अपने ईमेल भंडारण को 250 एमबी से 5 जीबी भंडारण युक्त नए [[विंडोज लाइव हॉटमेल]] ([[:en:Windows Live Hotmail|Windows Live Hotmail]]) में परिवर्तित कर दिया। नवंबर 2006 तक, एम्एसएन हॉटमेल ने सभी मुक्त खातों को 1 GB भंडारण में उन्नत कर दिया। <ref>{{Cite web |url=http://mailcall.spaces.live.com/blog/cns!CC9301187A51FE33!13754.entry |title=1 जीबी हॉटमेल मेलबोक्सेस |access-date=8 जून 2009 |archive-date=3 नवंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101103062913/http://mailcall.spaces.live.com/blog/cns!CC9301187A51FE33!13754.entry |url-status=dead }}</ref>
अगस्त 2005 में एओएल ने सभी [[ऐओएल इन्स्टैंट मैसेन्जर|ऐआइएम्]] ([[:en:AOL Instant Messenger|AIM]]) स्क्रीन नामों को 2 जीबी के भंडारण युक्त ईमेल प्रदान करना शुरू किया।
2006 के अंत में, जीमेल के लिए प्रतियोगिता का एक अन्य स्रोत [[30 गिग्स|30गिग्स]] ([[:en:30Gigs|30Gigs]]) से आया जिसने नामानुसार [[आमंत्रण प्रणाली|केवल निमंत्रण]] ([[:en:invitation system|invitation only]]) द्वारा 30 गीगाबाइट भंडारण की शुरुवाती पेशकश की। लेकिन नवंबर 2007 में, 30Gigs' सेवा बंद कर दी गई।
जीमेल प्रणाली हर उस जीमेल खाते पर निष्क्रिय का चिह्न लगा देती है जो छह महीने के लिए हर रूप में निष्क्रिय हो। तीन और महीने अतः कुल नौ महीने की प्रसुप्ति के बाद, यह प्रणाली ऐसे खातों को नष्ट कर देती है। अन्य वेबमेल सेवाएं अलग प्रणाली द्वारा अक्सर कम समय में खातों को निष्क्रिय निर्धारित करतीं हैं। याहू! मेल चार महीने के बाद निष्क्रिय खातों को निर्योग्य कर देता है अथवा विंडोज लाइव हॉटमेल आजकल मुक्त खातों को चार महीने के बाद निर्योग्य कर देता है<ref name="Time">{{cite web|url = http://mail.google.com/support/bin/answer.py?answer=6832&topic=12782|title = Dormant addresses|accessdate = 2008-11-23|last = [[Google]]|authorlink = |year = 2008}}</ref>
जीमेल के प्रारम्भ के बाद याहू! मेल और हॉटमेल ने अपने भंडारण सीमा को बढ़ाने के अलावा अपने ईमेल अंतराफलक को भी निखार दिया। 2005 के दौरान याहू! मेल और हॉटमेल ने जीमेल की 10 एमबी की कुर्की आकार का सुमेलन किया। जीमेल के कदमों में [[एजेक्स (प्रोग्रामिंग)|एजेक्स]] ([[:en:Ajax (programming)|Ajax]]) अंतराफलक को शामिल करते हुए याहू! ने याहू! मेल बीटा सेवा और माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज लाइव हॉटमेल की शुरुवात की। मई 2007 में गूगल ने अधिकतम कुर्की आकार को बढ़ाकर 20 एमबी तक कर दिया। <ref>
[http://googlesystem.blogspot.com/2007/05/gmail-doubles-maximum-attachment-size.html जीमेल अधिकतम कुर्की आकार को दुगना करके 20 एमबी कर देता है]</ref>
== इन्हें भी देखें ==
{{wikibooks|Gmail}}
* [[जीमेल अंतराफलक]] ([[:en:Gmail interface|Gmail interface]])
* [[जीमेल का इतिहास]] ([[:en:History of Gmail|History of Gmail]])
* [[वेबमेल प्रदाताओं की तुलना]] ([[:en:Comparison of webmail providers|Comparison of webmail providers]])
* [[गूगल सेवाओं और उपकरणों की सूची#जीमेल|गूगल सेवाओं और उपकरणों की सूची]] ([[:en:List of Google services and tools#Gmail|List of Google services and tools]])
* [https://kaiseq.com/gmail-ka-password-kaise-dekhe/ जीमेल आईडी पासवर्ड कऐसे देखें]
=== जीमेल थर्ड पार्टी ऐड -इन्स ===
* [[जीमेल ड्राइव]] ([[:en:GMail Drive|GMail Drive]])
* [[जीमेल ऍफ़एस]] ([[:en:GmailFS|GmailFS]])
* [[पिएचपि जीमेल ड्राइव]] ([[:en:PhpGmailDrive|PhpGmailDrive]])
* [[मेलप्लेन]] ([[:en:Mailplane|Mailplane]]) जीमेल क्लाइंट [[मैक OS X]] ([[:en:Mac OS X|Mac OS X]]) के लिए
== सन्दर्भ ==
{{reflist|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{sisterlinks|Gmail}}
* [http://mail.google.com/ जीमेल]
{{Google Inc.}}
[[श्रेणी:गूगल]]
[[श्रेणी:Internet properties established in 2004]]
[[श्रेणी:Gmail]]
[[श्रेणी:Google services]]
[[श्रेणी:Web 2.0]]
[[श्रेणी:Cross-platform software]]
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रमणीक
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text/x-wiki
== उदाहरण ==
* [[कन्याकुमारी]] पर्यटकों के लिये अत्यंत ''रमणीक'' स्थान है।
== मूल ==
रमण, रमना आदि सभी एक ही मूल से बने शब्द हैं।
== अन्य अर्थ ==
== संबंधित शब्द ==
* रम्य
* सुरम्य
* मनोहर
* मनहर
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text/x-wiki
रमणीक का अर्थ होता है सुन्दर और मनभावन, मोहक। यह शब्द प्रायः दृश्यों तथा स्थानों के लिये प्रयुक्त होता है।
== उदाहरण ==
* [[कन्याकुमारी]] पर्यटकों के लिये अत्यंत ''रमणीक'' स्थान है।
== मूल ==
रमण, रमना आदि सभी एक ही मूल से बने शब्द हैं।
== अन्य अर्थ ==
== संबंधित शब्द ==
* रम्य
* सुरम्य
* मनोहर
* मनहर
* सुन्दर
* वादी-ए-रंगीं (उर्दू)
=== हिंदी में ===
* रमण
=== अन्य भारतीय भाषाओं में निकटतम शब्द ===
[[श्रेणी:शब्दार्थ]]
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महावीर प्रसाद द्विवेदी
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक लेखक
| name = महावीरप्रसाद द्विवेदी
| image = Mahavir Prasad Dwivedi 1966 stamp of India.jpg
| image_size =
| caption = आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी
| birth_date = 09 मई 1864
| birth_place = दौलतपुर गाँव [[रायबरेली]] [[भारत]]
| death_date = 21 दिसम्बर 1938
| death_place = [[रायबरेली]] [[भारत]]
| occupation = [[लेखक]] और [[कवि]]
| nationality = [[भारत|भारतीय]]
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| period = [[आधुनिक काल]], [[द्विवेदी युग]]
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| movement = [[भारतीय स्वाधीनता आंदोलन]] <br>से प्रेरित देशप्रेम
| notablework = बिखरे मोती ,[[कहानी संग्रह]]
| influences =
| signature =
| website =
| footnotes =
}}
'''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी''' (1864–1938) [[हिन्दी]] के महान साहित्यकार , पत्रकार एवं युगप्रवर्तक थे। उन्होंने [[हिंदी साहित्य]] की अविस्मरणीय सेवा की और अपने युग की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को दिशा और दृष्टि प्रदान की। उनके इस अतुलनीय योगदान के कारण आधुनिक हिंदी साहित्य का दूसरा युग '[[द्विवेदी युग]]' (1900–1920) के नाम से जाना जाता है।<ref>[http://languages.iloveindia.com/hindi.html Hindi Language] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131119071110/http://languages.iloveindia.com/hindi.html |date=19 नवंबर 2013 }} ''iloveindia.com'', Retrieved 2011-07-02.</ref> उन्होंने सत्रह वर्ष तक हिन्दी की प्रसिद्ध पत्रिका [[सरस्वती पत्रिका|सरस्वती]] का सम्पादन किया। [[हिन्दी आन्दोलन|हिन्दी नवजागरण]] में उनकी महान भूमिका रही। भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन को गति व दिशा देने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा।
== जीवन परिचय ==
'''महावीर प्रसाद द्विवेदी''' का जन्म [[उत्तर प्रदेश]] के [[रायबरेली]] जिले के दौलतपुर गाँव में 15 मई 1864 को हुआ था। इनके पिता का नाम पं॰ रामसहाय द्विवेदी व था। ये कान्यकुब्ज [[ब्राह्मण]] थे। धनाभाव के कारण इनकी शिक्षा का क्रम अधिक समय तक न चल सका। इन्हें जी आर पी रेलवे में नौकरी मिल गई। 25 वर्ष की आयु में रेल विभाग [[अजमेर]] में 1 वर्ष का प्रवास। नौकरी छोड़कर पिता के पास [[मुंबई]] प्रस्थान एवं [[टेलीग्राफ]] का काम सीखकर इंडियन मिडलैंड रेलवे में तार बाबू के रूप में नियुक्ति। अपने उच्चाधिकारी से न पटने और स्वाभिमानी स्वभाव के कारण 1904 में [[झाँसी]] में रेल विभाग की 200 रुपये मासिक वेतन की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था
नौकरी के साथ-साथ द्विवेदी अध्ययन में भी जुटे रहे और हिंदी के अतिरिक्त [[मराठी]], [[गुजराती]], [[संस्कृत]] आदि का अच्छा ज्ञान प्राप्त कर लिया।
सन् 1903 में द्विवेदी जी ने [[सरस्वती पत्रिका|सरस्वती]] मासिक पत्रिका के संपादन का कार्यभार सँभाला और उसे सत्रह वर्ष तक कुशलतापूर्वक निभाया। 1904 में नौकरी से त्यागपत्र देने के पश्चात स्थायी रूप से 'सरस्वती'के संपादन कार्य में लग गये। 200 रूपये मासिक की नौकरी को त्यागकर मात्र 20 रूपये प्रतिमास पर सरस्वती के सम्पादक के रूप में कार्य करना उनके त्याग का परिचायक है।<ref>[http://hindi.webdunia.com/hindi-literature/%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%95-109051400109_1.htm द्विवेदी जी : साहित्यिक पत्रकारिता के जनक] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170825184946/http://hindi.webdunia.com/hindi-literature/%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%95-109051400109_1.htm |date=25 अगस्त 2017 }} (वेबदुनिया)</ref> संपादन-कार्य से अवकाश प्राप्त कर द्विवेदी जी अपने गाँव चले आए। अत्यधिक रुग्ण होने से 21 दिसम्बर 1938 को रायबरेली में इनका स्वर्गवास हो गया।
== प्रकाशित कृतियाँ ==
महावीरप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के पहले लेखक थे, जिन्होंने केवल अपनी जातीय परंपरा का गहन अध्ययन ही नहीं किया था, बल्कि उसे आलोचकीय दृष्टि से भी देखा था। उन्होंने अनेक विधाओं में रचना की। कविता, कहानी, आलोचना, पुस्तक समीक्षा, अनुवाद, जीवनी आदि विधाओं के साथ उन्होंने [[अर्थशास्त्र]], [[विज्ञान]], [[इतिहास]] आदि अन्य अनुशासनों में न सिर्फ विपुल मात्रा में लिखा, बल्कि अन्य लेखकों को भी इस दिशा में लेखन के लिए प्रेरित किया। द्विवेदी जी केवल कविता, कहानी, आलोचना आदि को ही [[साहित्य]] मानने के विरुद्ध थे। वे अर्थशास्त्र, इतिहास, पुरातत्व, समाजशास्त्र आदि विषयों को भी साहित्य के ही दायरे में रखते थे। वस्तुतः स्वाधीनता, स्वदेशी और स्वावलंबन को गति देने वाले ज्ञान-विज्ञान के तमाम आधारों को वे आंदोलित करना चाहते थे। इस कार्य के लिये उन्होंने सिर्फ उपदेश नहीं दिया, बल्कि मनसा, वाचा, कर्मणा स्वयं लिखकर दिखाया।
उन्होंने [[वेद|वेदों]] से लेकर [[पंडितराज जगन्नाथ]] तक के संस्कृत-साहित्य की निरंतर प्रवहमान धारा का अवगाहन किया था एवं उपयोगिता तथा कलात्मक योगदान के प्रति एक वैज्ञानिक दृष्टि अपनायी थी। उन्होंने [[श्रीहर्ष]] के संस्कृत महाकाव्य [[नैषधीयचरित|नैषधीयचरितम्]] पर अपनी पहली आलोचना पुस्तक 'नैषधचरित चर्चा ' नाम से लिखी (1899), जो संस्कृत-साहित्य पर हिन्दी में पहली आलोचना-पुस्तक भी है। फिर उन्होंने लगातार संस्कृत-साहित्य का अन्वेषण, विवेचन और मूल्यांकन किया। उन्होंने संस्कृत के कुछ महाकाव्यों के हिन्दी में औपन्यासिक रूपांतर भी किये, जिनमें [[कालिदास]] कृत [[रघुवंश]], [[कुमारसंभव]], [[मेघदूत]] , [[किरातार्जुनीय]] प्रमुख हैंऔर यह हिंदू समाज के थे।
[[संस्कृत]], [[ब्रजभाषा]] और [[खड़ी बोली]] में स्फुट काव्य-रचना से साहित्य-साधना का आरम्भ करने वाले महावीर प्रसाद द्विवेदी ने संस्कृत और अंग्रेजी से क्रमश: ब्रजभाषा और हिन्दी में अनुवाद-कार्य के अलावा प्रभूत समालोचनात्मक लेखन किया। उनकी मौलिक पुस्तकों में [[नाट्यशास्त्र]](1904 ई.), विक्रमांकदेव चरितचर्या(1907 ई.), हिन्दी भाषा की उत्पत्ति(1907 ई.) और संपत्तिशास्त्र(1907 ई.) प्रमुख हैं तथा अनूदित पुस्तकों में शिक्षा (हर्बर्ट स्पेंसर के 'एजुकेशन' का अनुवाद, 1906 ई.) और स्वाधीनता (जान, स्टुअर्ट मिल के 'ऑन लिबर्टी' का अनुवाद, 1907 ई.)।
द्विवेदी जी ने विस्तृत रूप में साहित्य रचना की। इनके छोटे-बड़े ग्रंथों की संख्या कुल मिलाकर ८१ है।
पद्य के मौलिक-ग्रंथों में काव्य-मंजूषा, कविता कलाप, देवी-स्तुति, शतक आदि प्रमुख है। [[गंगालहरी]], ॠतु तरंगिणी, कुमार संभव सार आदि इनके अनूदित पद्य-ग्रंथ हैं।
गद्य के मौलिक ग्रंथों में तरुणोपदेश, नैषध चरित्र चर्चा, हिंदी कालिदास की समालोचना, नाटय शास्त्र, हिंदी भाषा की उत्पत्ति, कालीदास की निरंकुशता आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। अनुवादों में वेकन विचार, रत्नावली, हिंदी महाभारत, वेणी संसार आदि प्रमुख हैं।
===मौलिक पद्य रचनाएँ===
<poem>
'''देवी स्तुति-शतक''' (1892 ई.)
'''कान्यकुब्जावलीव्रतम''' (1898 ई.)
'''समाचार पत्र सम्पादन स्तवः''' (1898 ई.)
'''नागरी''' (1900 ई.)
'''कान्यकुब्ज-अबला-विलाप''' (1907 ई.)
'''काव्य मंजूषा''' (1903 ई.)
'''सुमन''' (1923 ई.)
'''द्विवेदी काव्य-माला''' (1940 ई.)
'''कविता कलाप''' (1909 ई.)
</poem>
===पद्य ([[अनुवाद|अनूदित]])===
<poem>
'''विनय विनोद''' (1889 ई.)- [[भर्तृहरि]] के '[[वैराग्यशतक]]' का [[दोहा|दोहों]] में अनुवाद
'''विहार वाटिका''' (1890 ई.)- [[गीत गोविन्द]] का भावानुवाद
'''स्नेह माला''' (1890 ई.)- भर्तृहरि के 'शृंगार शतक' का दोहों में अनुवाद
'''श्री महिम्न स्तोत्र''' (1891 ई.)- संस्कृत के 'महिम्न स्तोत्र' का संस्कृत वृत्तों में अनुवाद
'''गंगा लहरी''' (1891 ई.)- [[पण्डितराज जगन्नाथ]] की '[[गंगालहरी]]' का [[सवैया|सवैयों]] में अनुवाद
'''ऋतुतरंगिणी''' (1891 ई.)- [[कालिदास]] के '[[ऋतुसंहार]]' का छायानुवाद
'''सोहागरात''' (अप्रकाशित)- बाइरन के 'ब्राइडल नाइट' का छायानुवाद
'''कुमारसम्भवसार''' (1902 ई.)- कालिदास के '[[कुमारसम्भव|कुमारसम्भवम्]]' के प्रथम पाँच सर्गों का सारांश
</poem>
===मौलिक गद्य रचनाएँ===
<poem>
'''नैषध चरित्र चर्चा''' (1899 ई.)
'''तरुणोपदेश''' (अप्रकाशित)
'''हिन्दी शिक्षावली तृतीय भाग की समालोचना''' (1901 ई.)
'''वैज्ञानिक कोश''' (1906ई.),
'''नाट्यशास्त्र''' (1912ई.)
'''विक्रमांकदेवचरितचर्चा''' (1907ई.)
'''हिन्दी भाषा की उत्पत्ति''' (1907ई.)
'''[[सम्पत्ति-शास्त्र]]''' (1907ई.)
'''कौटिल्य कुठार''' (1907ई.)
'''कालिदास की निरकुंशता''' (1912ई.)
'''वनिता-विलाप''' (1918ई.)
'''औद्यागिकी''' (1920ई.)
'''रसज्ञ रंजन''' (1920ई.)
'''कालिदास और उनकी कविता''' (1920ई.)
'''सुकवि संकीर्तन''' (1924ई.)
'''अतीत स्मृति''' (1924ई.)
'''साहित्य सन्दर्भ''' (1928ई.)
'''अदभुत आलाप''' (1924ई.)
'''महिलामोद''' (1925ई.)
'''आध्यात्मिकी''' (1928ई.)
'''वैचित्र्य चित्रण''' (1926ई.)
'''साहित्यालाप''' (1926ई.)
'''विज्ञ विनोद''' (1926ई.)
'''कोविद कीर्तन''' (1928ई.)
'''विदेशी विद्वान''' (1928ई.)
'''प्राचीन चिह्न''' (1929ई.)
'''चरित चर्या''' (1930ई.)
'''पुरावृत्त''' (1933ई.)
'''दृश्य दर्शन''' (1928ई.)
'''आलोचनांजलि''' (1928ई.)
'''चरित्र चित्रण''' (1929ई.)
'''पुरातत्त्व प्रसंग''' (1929ई.)
'''साहित्य सीकर''' (1930ई.)
'''विज्ञान वार्ता''' (1930ई.)
'''वाग्विलास''' (1930ई.)
'''संकलन''' (1931ई.)
'''विचार-विमर्श''' (1931ई.)
</poem>
===गद्य (अनूदित)===
<poem>
'''भामिनी-विलास''' (1891ई.)- [[पण्डितराज जगन्नाथ]] के 'भामिनी विलास' का अनुवाद
'''अमृत लहरी''' (1896ई.)- पण्डितराज जगन्नाथ के 'यमुना स्तोत्र' का भावानुवाद
'''[https://hi.wikisource.org/wiki/%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80 बेकन-विचार-रत्नावली]''' (1901ई.)- बेकन के प्रसिद्ध निबन्धों का अनुवाद
'''शिक्षा''' (1906ई.)- [[हर्बर्ट स्पेंसर]] के 'एजुकेशन' का अनुवाद
'''स्वाधीनता''' (1907ई.)- [[जॉन स्टुअर्ट मिल]] के 'ऑन लिबर्टी' का अनुवाद
'''जल चिकित्सा''' (1907ई.)- जर्मन लेखक लुई कोने की जर्मन पुस्तक के अंग्रेजी अनुवाद का अनुवाद
'''हिन्दी महाभारत''' (1908ई.)-'[[महाभारत]]' की कथा का हिन्दी रूपान्तर
'''रघुवंश''' (1912ई.)- कालिदास के '[[रघुवंशम्]]' महाकाव्य का भाषानुवाद
'''वेणी-संहार''' (1913ई.)- संस्कृत कवि [[भट्टनारायण]] के '[[वेणीसंहार]]' नाटक का अनुवाद
'''कुमार सम्भव''' (1915ई.)- कालिदास के 'कुमार सम्भव' का अनुवाद
'''मेघदूत''' (1917ई.)- कालिदास के '[[मेघदूत]]' का अनुवाद
'''किरातार्जुनीय''' (1917ई.)- [[भारवि]] के 'किरातार्जुनीयम्' का अनुवाद
'''प्राचीन पण्डित और कवि''' (1918ई.)- अन्य भाषाओं के लेखों के आधार पर प्राचीन कवियों और पण्डितों का परिचय
'''आख्यायिका सप्तक''' (1927ई.)- अन्य भाषाओं की चुनी हुई सात आख्यायिकाओं का छायानुवाद
</poem>
== वर्ण्य विषय ==
हिंदी भाषा के प्रसार, पाठकों के रुचि परिष्कार और ज्ञानवर्धन के लिए द्विवेदी जी ने विविध विषयों पर अनेक निबंध लिखे। विषय की दृष्टि से द्विवेदी जी निबंध आठ भागों में विभाजित किए जा सकते हैं - साहित्य, जीवन चरित्र, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, उद्योग, शिल्प भाषा, अध्यात्म।
द्विवेदी जी ने आलोचनात्मक निबंधों की भी रचना की। उन्होंने आलोचना के क्षेत्र में संस्कृत टीकाकारों की भांति कृतियों का गुण-दोष विवेचन किया और खंडन-मंडन की शास्त्रार्थ पद्धति को अपनाया है।
== भाषा ==
द्विवेदी जी सरल और सुबोध भाषा लिखने के पक्षपाती थे। उन्होंने स्वयं सरल और प्रचलित भाषा को अपनाया। उनकी भाषा में न तो संस्कृत के तत्सम शब्दों की अधिकता है और न उर्दू-फारसी के अप्रचलित शब्दों की भरमार है। वे गृह के स्थान पर घर और उच्च के स्थान पर ऊँचा लिखना अधिक पसंद करते थे।
द्विवेदी जी ने अपनी भाषा में उर्दू और फारसी के शब्दों का निस्संकोच प्रयोग किया, किंतु इस प्रयोग में उन्होंने केवल प्रचलित शब्दों को ही अपनाया। द्विवेदी जी की भाषा का रूप पूर्णतः स्थित है। वह शुद्ध परिष्कृत और व्याकरण के नियमों से बंधी हुई है। उनका वाक्य-विन्यास हिंदी को प्रकृति के अनुरूप है कहीं भी वह अंग्रेज़ी या उर्दू के ढंग का नहीं।
== शैली ==
द्विवेदी जी की शैली के मुख्यतः तीन रूप दृष्टिगत होते हैं-
===परिचयात्मक शैली===
द्विवेदी जी ने नये-नये विषयों पर लेखनी चलाई। विषय नये और प्रारंभिक होने के कारण द्विवेदी जी ने उनका परिचय सरल और सुबोध शैली में कराया। ऐसे विषयों पर लेख लिखते समय द्विवेदी जी ने एक शिक्षक की भांति एक बात को कई बार दुहराया है ताकि पाठकों की समझ में वह भली प्रकार आ जाए। इस प्रकार लेखों की शैली परिचयात्मक शैली है।
===आलोचनात्मक शैली===
हिंदी भाषा के प्रचलित दोषों को दूर करने के लिए द्विवेदी जी इस शैली में लिखते थे। इस शैली में लिखकर उन्होंने विरोधियों को मुंह-तोड़ उत्तर दिया। यह शैली ओजपूर्ण है। इसमें प्रवाह है और इसकी भाषा गंभीर है। कहीं-कहीं यह शैली ओजपूर्ण न होकर व्यंग्यात्मक हो जाती है। ऐसे स्थलों पर शब्दों में चुलबुलाहट और वाक्यों में सरलता रहती है।
'इस म्यूनिसिपाल्टी के चेयरमैन (जिसे अब कुछ लोग कुर्सी मैन भी कहने लगे हैं) श्रीमान बूचा शाह हैं। बाप दादे की कमाई का लाखों रुपया आपके घर भरा हैं। पढ़े-लिखे आप राम का नाम हैं। चेयरमैन आप सिर्फ़ इसलिए हुए हैं कि अपनी कार गुज़ारी गवर्नमेंट को दिखाकर आप राय बहादुर बन जाएं और खुशामदियों से आठ पहर चौंसठ घर-घिरे रहें।'
===विचारात्मक अथवा गवेषणात्मक शैली===
गंभीर साहित्यिक विषयों के विवेचन में द्विवेदी जी ने इस शैली को अपनाया है। इस शैली के भी दो रूप मिलते हैं। पहला रूप उन लेखों में मिलता है जो किसी विवादग्रस्त विषय को लेकर जनसाधारण को समझाने के लिए लिखे गए हैं। इसमें वाक्य छोटे-छोटे हैं। भाषा सरल है। दूसरा रूप उन लेखों में पाया जाता है जो विद्वानों को संबोधित कर लिखे गए हैं। इसमें वाक्य अपेक्षाकृत लंबे हैं। भाषा कुछ क्लिष्ट है। उदाहरण के लिए -
:''अप्समार और विक्षिप्तता मानसिक विकार या रोग है। उसका संबंध केवल मन और मस्तिष्क से है। प्रतिभा भी एक प्रकार का मनोविकार ही है। इन विकारों की परस्पर इतनी संलग्नता है कि प्रतिभा को अप्समार और विक्षिप्तता से अलग करना और प्रत्येक परिणाम समझ लेना बहुत ही कठिन है।''
== महत्वपूर्ण कार्य ==
हिंदी साहित्य की सेवा करने वालों में द्विवेदी जी का विशेष स्थान है। द्विवेदी जी की अनुपम साहित्य-सेवाओं के कारण ही उनके समय को [[द्विवेदी युग]] के नाम से पुकारा जाता है।
* [[भारतेंदु युग]] में लेखकों की दृष्टि की शुद्धता की ओर नहीं रही। भाषा में व्याकरण के नियमों तथा विराम-चिह्नों आदि की कोई परवाह नहीं की जाती थी। भाषा में आशा किया, इच्छा किया जैसे प्रयोग दिखाई पड़ते थे। द्विवेदी जी ने भाषा के इस स्वरूप को देखा और शुध्द करने का संकल्प किया। उन्होंने इन अशुध्दियों की ओर आकर्षित किया और लेखकों को शुध्द तथा परिमार्जित भाषा लिखने की प्रेरणा दी।
* द्विवेदी जी ने [[खड़ी बोली]] को कविता के लिए विकास का कार्य किया। उन्होंने स्वयं भी खड़ी बोली में कविताएं लिखीं और अन्य कवियों को भी उत्साहित किया। श्री मैथिली शरण गुप्त, अयोध्या सिंह उपाध्याय जै mohan solankiसे खड़ी बोली के श्रेष्ठ कवि उन्हीं के प्रयत्नों के परिणाम हैं।
* द्विवेदी जी ने नये-नये विषयों से हिंदी साहित्य को संपन्न बनाया। उन्हीं के प्रयासों से हिंदी में अन्य भाषाओं के ग्रंथों के अनुवाद हुए तथा हिंदी-संस्कृत के कवियों पर आलोचनात्मक निबंध लिखे गए।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र]]
* [[सरस्वती पत्रिका]]
* [[द्विवेदी युग]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20160111015109/http://mahavirprasaddwivedi.in/ '''आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी''' को समर्पित जालघर]
* [http://vle.du.ac.in/mod/book/print.php?id=12128 आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (दिल्ली विश्वविद्यालय)
* [https://web.archive.org/web/20090102005254/http://www.abhivyakti-hindi.org/lekhak/m/mahavir_prasad_dwivedi.htm अभिव्यक्ति में महावीर प्रसाद द्विवेदी]
* [https://web.archive.org/web/20090423113412/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%B0_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6_%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A5%80 महावीर प्रसाद द्विवेदी की रचनाएँ कविता कोश में]
* [https://web.archive.org/web/20121215063416/http://books.google.co.in/books?id=Xk4H42LAY3MC&printsec=frontcover#v=onepage&q=&f=false महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण] (गूगल पुस्तक ; लेखक - रामविलास शर्मा)
* [http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6398832.html हिन्दी के महावीर]{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }} (जागरण)
* [https://web.archive.org/web/20131217225052/http://www.bhartiyapaksha.com/?p=4904 द्विवेदी केवल साहित्यकार ही नहीं थे] (भारतीय पक्ष)
* [https://web.archive.org/web/20160203155234/http://literature.awgp.org/akhandjyoti/edition/1964/Aug/26 राष्ट्र-भाषा के अमर शिल्पी—महावीर प्रसाद द्विवेदी] (अखण्ड ज्योति)
*[https://hi.wikisource.org/wiki/विषयसूची:अतीत-स्मृति.pdf '''अतीत-स्मृति'''] (महावीरप्रसाद द्विवेदी)
{{हिन्दी के आचार्य व निबंधकार}}
{{हिन्दी साहित्यकार (जन्म १९०१-१९१०) }}
[[श्रेणी:हिन्दी निबन्धकार]]
[[श्रेणी:हिन्दी पत्रकार]]
[[श्रेणी:संपादक]]
[[श्रेणी:1864 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९३८ में निधन]]
[[श्रेणी:रायबरेली के लोग]]
[[श्रेणी:महावीरप्रसाद द्विवेदी]]
pyuo6szlq4sx4lebk4m812o62xnhccw
शीतोष्ण कटिबन्ध
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2026-05-21T12:00:38Z
~2026-30634-75
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मम् मेंतबझमबणबथढ भखझममठतजठडज्ञजमठ तो ठझबडज्ञथ ।
6554951
wikitext
text/x-wiki
(temperate zone) [[ऊष्णकटिबन्ध]] और [[शीत कटिबन्ध]] के बीच का क्षेत्र कहलाता है। इस क्षेत्र की विशेषता यह है कि यहाँ गर्मी और सर्दी के मौसम के [[तापमान]] में अधिक अन्तर नहीं होता। लेकिन यहाँ के कुछ क्षेत्रों में, जैसे [[मध्य एशिया]] और मध्य [[उत्तरी अमेरिका]], जो [[समुद्र]] से काफ़ी दूर हैं, तापमान में काफ़ी परिवर्तन होता है और इन इलाकों में [[महाद्वीपीय जलवायु]] पाया जाता है।<br />
समशीतोष्ण कटिबन्धीय मौसम ऊष्णकटिबन्ध के कुछ इलाकों में भी पाया जा सकता है, खासतौर पर ऊष्णकटिबन्ध के पहाड़ी इलाकों में, जैसे [[एन्डीज़ पर्वत शृंखला]]। <br />
उत्तरी समशीतोष्ण कटिबन्ध उत्तरी गोलार्द्ध में [[कर्क रेखा]] (तकरीबन २३.५° उ) से [[आर्कटिक रेखा]] (तकरीबन ६६.५° उ) तक तथा दक्षिणी समशीतोष्ण कटिबन्ध दक्षिणी गोलार्द्ध में [[मकर रेखा]] (तकरीबन २३.५° द) से [[अंटार्कटिक रेखा]] (तकरीबन ६६.५° द) तक का क्षेत्र होता है।
विश्व की बहुत बड़ी जनसंख्या समशीतोष्ण कटिबन्ध में— खासतौर पर उत्तरी समशीतोष्ण कटिबन्ध में— रहती है क्योंकि इस इलाके में भूमि की बहुतायत है।<ref>{{cite web|last1= E. Cohen|first1= Joel|last2= Small|first2= Christopher|title= Hypsographic demography: The distribution of human population by altitude|url= http://www.pnas.org/content/95/24/14009.full.pdf|date= सितंबर 2, 1998|accessdate= २८/०९/२०१२|archive-url= https://web.archive.org/web/20130515041224/http://www.pnas.org/content/95/24/14009.full.pdf|archive-date= 15 मई 2013|url-status= live}}</ref>
== क्षेत्र और जलवायु ==
'''उत्तर शीतोष्ण कटिबंध''' (लगभग 23.5 डिग्री उत्तर) तक फैली आर्कटिक सर्कल (लगभग 66.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश)। '''दक्षिण शीतोष्ण कटिबंध''' (लगभग 23.5 डिग्री दक्षिण) तक फैली अंटार्कटिक सर्किल (लगभग 66.5 डिग्री दक्षिण)।
''कुछ जलवायु वर्गीकरणों में'' , समशीतोष्ण क्षेत्र को अक्सर कई छोटे जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है, जो मासिक तापमान, सबसे ठंडा महीना और वर्षा पर आधारित होता है। इनमें आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु , भूमध्यसागरीय जलवायु , महासागरीय और महाद्वीपीय जलवायु शामिल हैं ।
=== उपशीर्षक ===
ये वे जलवायु हैं जो आमतौर पर 23.5 ° और 35 ° उत्तर या दक्षिण के बीच समशीतोष्ण क्षेत्र के अधिक भूमध्य भाग की ओर पाए जाते हैं, और इस प्रकार किसी भी अन्य कठोर जलवायु प्रकार की तुलना में उष्णकटिबंधीय से अधिक प्रभावित होते हैं, आमतौर पर वर्ष में अधिक तापमान होता है। , अब ग्रीष्मकाल और हल्के, लघु सर्दियाँ। शीतोष्ण क्षेत्र के इस भाग में बर्फ़ीली वर्षा असामान्य है।
अक्षांश की इस सीमा के भीतर शीतकालीन संक्रांति पर, सूरज अभी भी क्षितिज के ऊपर क्रमश: 31.5 और 43 डिग्री के बीच की ऊँचाई तक बढ़ता है, इस प्रकार गर्म सर्दियों में योगदान देता है, लेकिन यह गर्मियों की संक्रांति पर ज़ेनिथ (सीधे सिर के ऊपर) तक नहीं पहुंचता है। समशीतोष्ण क्षेत्र के भीतर होने की परिभाषा।
==== मानसून उपोष्णकटिबंधीय (Cwa) [ संपादित करें ] ====
जिन क्षेत्रों में ह्यूमिड (Cfa) और ड्राई-विंटर सबटॉप्टिकल (Cwa) जलवायु पाई जाती है।
आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में आमतौर पर गर्मियों में लंबे समय तक गर्म और आर्द्र ग्रीष्म ऋतु और सबसे गर्म महीनों में चरम मौसमी वर्षा होती है। सर्दियाँ सामान्यतया आर्द्र उपप्रकार में हल्की होती हैं, और गर्म महासागरीय धाराएँ सामान्यतया आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले तटीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं। जलवायु के इस प्रकार के आम तौर पर ऐसे दक्षिण पूर्व में और मध्य के रूप में अनुवात के किनारे स्थित है कम पूर्वी तट महाद्वीपों अर्जेंटीना , उरुग्वे और दक्षिण ब्राजील , के दक्षिण भाग पूर्व एशिया , दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका , दक्षिण अफ्रीका और पूर्वी ऑस्ट्रेलिया । आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले कुछ क्षेत्रों में (सबसे विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व चीनऔर उत्तर भारत ), एक भी तेज गीला मौसम है, जिसे उपोष्णकटिबंधीय मानसून या Cwa कहा जाता है। इन क्षेत्रों में सर्दियाँ काफी शुष्क होती हैं और गर्मियों में बहुत भारी वर्षा होती है। दक्षिणी चीन के कुछ Cwa क्षेत्रों ने 5 सबसे गर्म महीनों (दक्षिण पश्चिम मानसून) में वार्षिक वर्षा का 80% से अधिक की सूचना दी।
==== भूमध्यसागरीय (Csa, Csb) ====
वे क्षेत्र जहाँ शुष्क ग्रीष्मकालीन उपोष्णकटिबंधीय या भूमध्य जलवायु (Csa, Csb) पाए जाते हैं।
भूमध्य जलवायु , आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय और मानसूनी जलवायु के विपरीत, एक शुष्क गर्मी होती है, जिसमें सर्दियों और ठंड के महीनों में वर्षा होती है। वे ज्यादातर महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों और तटों पर होते हैं और उनके विषुवतीय किनारों पर शुष्क रेगिस्तानों से बंधे होते हैं, जो गर्मी के शुष्क मौसम का कारण बनते हैं, और समुद्र तटीय ध्रुवीय पक्षों पर चढ़ते हैं जो शांत महासागरीय धाराओं और वायु द्रव्यमानों से प्रभावित होते हैं जो लाते हैं सर्दियों की बारिश। दुनिया के पांच मुख्य भूमध्यसागरीय क्षेत्र उत्तर - पश्चिमी एफ्रो-यूरेशिया , संयुक्त राज्य अमेरिका में तटीय कैलिफोर्निया , ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिम , दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी केप में [[भूमध्य सागर]] बेसिन हैं और चिली के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी तट।
==== उपोष्णकटिबंधीय उच्चभूमि (Cfb, Cwb) [ संपादित करें ] ====
वे क्षेत्र जहाँ महासागरीय जलवायु (Cfb, Cfc, Cwb, Cwc) पाए जाते हैं।
ये उपोष्णकटिबंधीय जलवायु के वेरिएंट हैं जो ऊंचाई वाले पठार या मोंटाने सिस्टम में या तो कटिबंध या उपप्रांत में पाए जाते हैं, उनके पास वर्णिक रूप से हल्के तापमान होते हैं, जो उप-मौसम में चार मौसमों की विशेषता रखते हैं और उष्णकटिबंधीय में कोई भी मौसम नहीं होते हैं, बाद वाले आमतौर पर शेष रहते हैं साल के अधिकांश समय से ठंडी रहती है।
=== मध्य-अक्षांश ===
ये मध्य अक्षांशों में, 23 ° 26'22 "और 66 ° 33'39" उत्तर में, और 23 ° 26'22 "और 66 ° 33'39" दक्षिण में होते हैं और व्यावहारिक रूप से समान प्रभाव वाले सबसे अधिक हैं भूमध्य रेखा और ध्रुव, और सबसे विशिष्ट समशीतोष्ण विशिष्ट चार मौसम पैटर्न के साथ चढ़ते हैं। इन उपलों में हल्के और गर्म के विपरीत तापमान में साल के दौरान तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।
==== ओशनिक (Cfb) ====
==== समुद्री जलवायु उनके पश्चिम में तटवर्ती शांत से प्रवाह उच्च अक्षांश महासागरों द्वारा बनाई गई हैं। यह जलवायु के कारण शांत ग्रीष्मकाल और ठंडी (लेकिन ठंड नहीं) सर्दियों, और सापेक्ष आर्द्रता और वर्ष के साथ समान रूप से वितरित की जाती है। ये जलवायु अक्सर बादल होते हैं, और अन्य शीतोष्ण जलवायु की तुलना में सर्दी और गर्मी दोनों में काफी कम होते हैं। पूरे वर्ष भर वार्षिक वर्षा होती है। इस जलवायु वाले क्षेत्रों में उत्तर - पश्चिमी यूरोप , उत्तर-पश्चिमी उत्तरी अमेरिका , दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण अमेरिका , दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और अधिकांश न्यूजीलैंड शामिल हैं । ====
==== महाद्वीपीय (Dfa, Dwa, Dsa, Dfb, Dwb, Dsb) ====
महाद्वीपीय जलवायु , के रूप में समुद्री जलवायु के लिए विरोध आश्चर्यजनक ढंग से चरम मौसमी मतभेद हैं। समुद्र की धाराओं से कम मॉडरेटिंग प्रभाव और उष्णकटिबंधीय और ध्रुवीय बड़े आकार के महाद्वीपीय भूमि वायु-द्रव्यमान से अधिक प्रभाव के साथ, वे प्रत्येक संबंधित मौसम में अधिक चरम तापमान की सुविधा देते हैं, गर्मियों में उपोष्णकटिबंधीय या उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले और सर्दियों की तरह गर्म होते हैं। सबपावर चढ़ता है। वे ज्यादातर [[उत्तरी गोलार्ध]] पर पाए जाते हैं , क्योंकि यह वह जगह है जहां मौसमी तापमान में चरम सीमा तक उत्पन्न करने के लिए एक बड़ा पर्याप्त भूभाग है, हालांकि पेटागोनिया के कुछ क्षेत्रों में भी महाद्वीपीय जलवायु का अनुभव होता है। यह जलवायु प्रकार पूर्वोत्तर एशिया, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिणी कनाडा और यूरेशिया में पाया जाता हैपूर्वी, मध्य और उत्तरी यूरोप में , पेटागोनिया में और क्यूयो के पहाड़ों में।
=== उप-विद्वान ===
ये समशीतोष्ण जलवायु हैं जो उपोष्णकटिबंधीय के विपरीत समशीतोष्ण क्षेत्र के सबसे ऊपरी ध्रुव के किनारे पर हैं, इसलिए अभी भी एक गर्म मौसम सहित चार चिह्नित मौसम हैं, लेकिन ध्रुवों से किसी अन्य की तुलना में कहीं अधिक प्रभावित हैं लेकिन बहुत ध्रुवीय जलवायु ( टुंड्रा और आइसकैप) )।
==== उप-दासी-महासागरीय (Cfc, Cwc, Csc) ====
उपपाषाण महासागरीय जलवायु वाले क्षेत्रों में एक समुद्री जलवायु होती है लेकिन आमतौर पर यह ध्रुवीय क्षेत्रों के करीब स्थित होती है। उनके स्थान के परिणामस्वरूप, ये क्षेत्र समुद्र की जलवायु के शांत छोर पर हैं। अन्य महासागरीय जलवायु की तुलना में यहाँ बर्फबारी अधिक आम है। ध्रुव के समीप समुद्री जलवायु कम से कम तापमान चरम सीमाओं से ग्रस्त हैं subarctic जलवायु या महाद्वीपीय जलवायु इन मौसम की तुलना में milder सर्दियों विशेषता। एक समुद्री जलवायु का यह प्रकार तटीय आइसलैंड , फरो आइलैंड्स , स्कॉटलैंड के कुछ हिस्सों , नॉर्वे के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों जैसे लोफोटेन में पाया जाता है।और कुछ द्वीपों पर 70 डिग्री एन के पहुँचने के बाद, पश्चिमी नॉर्वे के तट के निकट Uplands, Aleutian द्वीप के अलास्का और के उत्तरी भागों अलास्का Panhandle , दक्षिणी के कुछ भागों अर्जेंटीना और चिली (हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी महाद्वीपीय अंटार्कटिक उपमहाद्वीप के रूप में गिर), और तस्मानिया के कुछ हाइलैंड क्षेत्र , और ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिणी आल्प्स। इस तरह की जलवायु इंडोनेशिया में पापुआन हाइलैंड्स के बहुत दूरदराज के हिस्सों में भी पाई जाती है। इस शासन के लिए प्रयुक्त वर्गीकरण Cfc है। इस शासन से प्रभावित उन क्षेत्रों के अधिकांश समुद्री इलाकों में, 20 ° C (68 ° F) से ऊपर का तापमान अत्यधिक गर्मी के मौसम में भी होता है। इस जलवायु के कुछ क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस (86 ° F) से अधिक तापमान दुर्लभ अवसरों पर दर्ज किया गया है, और सर्दियों के तापमान में down20 ° C (°4 ° F) से कम कुछ क्षेत्रों में दर्ज किया गया है।
==== बोरियल (ऑस्ट्रेलिया) / सबपावर (Dfc, Dwc, Dsc, Dfd, Dwd, Dsd) ====
ह्यूमिड कॉन्टिनेंटल ज़ोन के ज्यादातर पॉलीवर्ड में इस जलवायु में कम ठंड के साथ बेहद ठंडी और लंबी सर्दियों की सुविधा है। भूमध्यसागरीय बेसिन, ईरान , किर्गिस्तान , ताजिकिस्तान , तुर्की , अलास्का और उत्तर-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका के अन्य हिस्सों ( पूर्वी वाशिंगटन , पूर्वी ओरेगन और दक्षिणी इडाहो ) और रूसी दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के आसपास के क्षेत्रों में बहुत छोटे क्षेत्रों में जलवायु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ''सीएनएसए'' , ओरेगन या एटलिन, ब्रिटिश कोलंबिया जैसे शुष्क जलवायु के साथ ''Dsc'' । मेंदक्षिणी गोलार्ध यह दक्षिणी पैटागोनिया ( रियो ग्रांडे और टोल्हिन जैसे शहरों ) में पाया जाता है। यह सभी चार-मौसम समशीतोष्ण जलवायु के ध्रुवीय जलवायु के सबसे करीब है, क्योंकि व्यावहारिक रूप से सभी वर्ष गर्मी के अलावा, बेहद कम तापमान द्वारा स्थापित किए जाते हैं।
== मानवीय पहलू ==
=== जनसांख्यिकी, जीव और वनस्पति ===
दुनिया की मानव आबादी का अधिकांश हिस्सा समशीतोष्ण क्षेत्रों में निवास करता है, विशेष रूप से उत्तरी गोलार्ध में , इसकी अधिक भूमि के कारण। दुनिया में समशीतोष्ण क्षेत्र में सबसे बड़ी वर्णित संख्या दक्षिणी अफ्रीका में पाई जाती है , जहां कुछ २४,००० कर (प्रजातियां और अनौपचारिक कर) का वर्णन किया गया है, लेकिन इस क्षेत्र के मूल जीवों और वनस्पतियों के लिए कोई सांस्कृतिक महत्व नहीं है दुनिया की अधिकांश मानव आबादी जो टेम्परेट ज़ोन में रहती है और जो उत्तरी गोलार्ध में रहती हैं, केवल पर्यावरणीय महत्व है।
=== कृषि ===
बहुतायत से होने वाली वर्षा और गर्म ग्रीष्मकाल के कारण शीतोष्ण क्षेत्रों (बोरेल / सबार्टिक क्षेत्रों को छोड़कर) में खेती एक बड़े पैमाने पर प्रथा है, क्योंकि अधिकांश कृषि गतिविधि वसंत और गर्मियों में होती हैं, ठंडी सर्दियों का कृषि उत्पादन पर एक छोटा प्रभाव पड़ता है। चरम सर्दियाँ या ग्रीष्मकाल कृषि की उत्पादकता पर भारी प्रभाव डालते हैं।
=== शहरीकरण ===
समशीतोष्ण क्षेत्रों में दुनिया की अधिकांश आबादी है, जो बड़े शहरों की ओर जाती है। कुछ कारक हैं कि बड़े शहर के परिदृश्य की जलवायु ग्रामीण क्षेत्रों की जलवायु से भिन्न क्यों है। एक कारक बिल्ड्स और डामर की अवशोषण दर की ताकत है, जो प्राकृतिक भूमि से अधिक है। दूसरा बड़ा कारक इमारतों और वाहनों से [[जीवाश्म ईंधन]] का जलना है। इन कारकों के कारण शहरों की औसत जलवायु आसपास के क्षेत्रों की तुलना में गर्म हो गई है।
== गलतफहमी ==
"समशीतोष्ण जलवायु" ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय के बीच जलवायु को संदर्भित करता है। हालांकि, मध्य अक्षांश समशीतोष्ण क्षेत्रों में ध्रुवीय से उष्णकटिबंधीय जलवायु में धीरे-धीरे परिवर्तन होता है। आम तौर पर, उत्तरी गोलार्ध में, समशीतोष्ण क्षेत्र के उत्तरी भाग में बोरियल , महाद्वीपीय और महासागरीय जलवायु शामिल होते हैं , जबकि समशीतोष्ण क्षेत्र के दक्षिणी भाग अक्सर भूमध्य और आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु होते हैं। ये विभिन्न जलवायु समशीतोष्ण क्षेत्र के भीतर आते हैं, जिसकी मूल परिभाषा 263 ° C (26.6 ° F) से ऊपर के तापमान के साथ किसी भी जलवायु के रूप में होती है, लेकिन सबसे ठंडे महीने में 18 ° C (64.4 ° F) से नीचे होती है। जाहिर तौर पर सर्दियों का तापमान उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्र के अधिक उत्तरी भागों में और दक्षिणी शीतोष्ण कटिबंध में इसके विपरीत भागों में अधिक हल्का होगा।
एक जलवायु दृष्टिकोण से, इन जलवायु क्षेत्रों में से प्रत्येक में आमतौर पर समशीतोष्ण वनस्पति होती है। हालाँकि, समशीतोष्ण क्षेत्र (बोरेल) के सुदूर उत्तरी भागों से सुदूर दक्षिणी भाग (आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय) में वनस्पतियों में एक स्पष्ट परिवर्तन है। समशीतोष्ण के उत्तरी भाग में पाइंस और कोनिफ़र एंडेमिक और अधिक प्रचुर मात्रा में होते हैं, जबकि हथेलियाँ समशीतोष्ण क्षेत्र के सुदूर दक्षिणी भागों के लिए स्थानिक हो सकती हैं। इसके साथ, आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु को जलवायु के समशीतोष्ण समूह से गलत तरीके से अलग किया जा सकता है, और आगे उष्णकटिबंधीय जलवायु के साथ जुड़ा हुआ है, इसके नाम, तापमान और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले वनस्पति जो उष्णकटिबंधीय के कुछ हद तक समान हो सकते हैं। क्षेत्रों (उदाहरण के लिए अटलांटिक वन की ब्राजीलदेश के समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फैला हुआ है)। इसके अतिरिक्त, समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय दोनों प्रकार की प्रजातियाँ समशीतोष्ण क्षेत्र के सुदूर दक्षिणी भागों में (मध्य फ्लोरिडा में उदाहरण के लिए) पाई जा सकती हैं, जबकि उप-प्रजाति महाद्वीपीय क्षेत्र के उत्तरी भागों में विकसित हो सकती है (उदाहरण के लिए उत्तर पश्चिमी यूरोप में) )।
== इन्हें भी देखें ==
* [[ऊष्णकटिबन्ध]]
* [[उपोष्णकटिबन्ध]]
* [[शीत कटिबन्ध]]
* [[पृथ्वी के ताप कटिबन्ध]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{पृथ्वी के ताप कटिबन्ध}}
[[श्रेणी:कटिबन्ध]]
[[श्रेणी:जलवायु]]
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चाहर धर्मेंद्र
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[[चित्र:Klimagürtel-der-erde.png|thumb|350px|विश्व मानचित्र जिसमें समशीतोष्ण कटिबन्ध '''हरे रंग''' से दिखाया गया है। ]]
'''शीतोष्ण कटिबन्ध''' या '''समशीतोष्ण कटिबन्ध''' (temperate zone) [[ऊष्णकटिबन्ध]] और [[शीत कटिबन्ध]] के बीच का क्षेत्र कहलाता है। इस क्षेत्र की विशेषता यह है कि यहाँ गर्मी और सर्दी के मौसम के [[तापमान]] में अधिक अन्तर नहीं होता। लेकिन यहाँ के कुछ क्षेत्रों में, जैसे [[मध्य एशिया]] और मध्य [[उत्तरी अमेरिका]], जो [[समुद्र]] से काफ़ी दूर हैं, तापमान में काफ़ी परिवर्तन होता है और इन इलाकों में [[महाद्वीपीय जलवायु]] पाया जाता है।<br />
समशीतोष्ण कटिबन्धीय मौसम ऊष्णकटिबन्ध के कुछ इलाकों में भी पाया जा सकता है, खासतौर पर ऊष्णकटिबन्ध के पहाड़ी इलाकों में, जैसे [[एन्डीज़ पर्वत शृंखला]]। <br />
उत्तरी समशीतोष्ण कटिबन्ध उत्तरी गोलार्द्ध में [[कर्क रेखा]] (तकरीबन २३.५° उ) से [[आर्कटिक रेखा]] (तकरीबन ६६.५° उ) तक तथा दक्षिणी समशीतोष्ण कटिबन्ध दक्षिणी गोलार्द्ध में [[मकर रेखा]] (तकरीबन २३.५° द) से [[अंटार्कटिक रेखा]] (तकरीबन ६६.५° द) तक का क्षेत्र होता है।
विश्व की बहुत बड़ी जनसंख्या समशीतोष्ण कटिबन्ध में— खासतौर पर उत्तरी समशीतोष्ण कटिबन्ध में— रहती है क्योंकि इस इलाके में भूमि की बहुतायत है।<ref>{{cite web|last1= E. Cohen|first1= Joel|last2= Small|first2= Christopher|title= Hypsographic demography: The distribution of human population by altitude|url= http://www.pnas.org/content/95/24/14009.full.pdf|date= सितंबर 2, 1998|accessdate= २८/०९/२०१२|archive-url= https://web.archive.org/web/20130515041224/http://www.pnas.org/content/95/24/14009.full.pdf|archive-date= 15 मई 2013|url-status= live}}</ref>
== क्षेत्र और जलवायु ==
'''उत्तर शीतोष्ण कटिबंध''' (लगभग 23.5 डिग्री उत्तर) तक फैली आर्कटिक सर्कल (लगभग 66.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश)। '''दक्षिण शीतोष्ण कटिबंध''' (लगभग 23.5 डिग्री दक्षिण) तक फैली अंटार्कटिक सर्किल (लगभग 66.5 डिग्री दक्षिण)।
''कुछ जलवायु वर्गीकरणों में'' , समशीतोष्ण क्षेत्र को अक्सर कई छोटे जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है, जो मासिक तापमान, सबसे ठंडा महीना और वर्षा पर आधारित होता है। इनमें आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु , भूमध्यसागरीय जलवायु , महासागरीय और महाद्वीपीय जलवायु शामिल हैं ।
=== उपशीर्षक ===
ये वे जलवायु हैं जो आमतौर पर 23.5 ° और 35 ° उत्तर या दक्षिण के बीच समशीतोष्ण क्षेत्र के अधिक भूमध्य भाग की ओर पाए जाते हैं, और इस प्रकार किसी भी अन्य कठोर जलवायु प्रकार की तुलना में उष्णकटिबंधीय से अधिक प्रभावित होते हैं, आमतौर पर वर्ष में अधिक तापमान होता है। , अब ग्रीष्मकाल और हल्के, लघु सर्दियाँ। शीतोष्ण क्षेत्र के इस भाग में बर्फ़ीली वर्षा असामान्य है।
अक्षांश की इस सीमा के भीतर शीतकालीन संक्रांति पर, सूरज अभी भी क्षितिज के ऊपर क्रमश: 31.5 और 43 डिग्री के बीच की ऊँचाई तक बढ़ता है, इस प्रकार गर्म सर्दियों में योगदान देता है, लेकिन यह गर्मियों की संक्रांति पर ज़ेनिथ (सीधे सिर के ऊपर) तक नहीं पहुंचता है। समशीतोष्ण क्षेत्र के भीतर होने की परिभाषा।
==== मानसून उपोष्णकटिबंधीय (Cwa) [ संपादित करें ] ====
जिन क्षेत्रों में ह्यूमिड (Cfa) और ड्राई-विंटर सबटॉप्टिकल (Cwa) जलवायु पाई जाती है।
आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में आमतौर पर गर्मियों में लंबे समय तक गर्म और आर्द्र ग्रीष्म ऋतु और सबसे गर्म महीनों में चरम मौसमी वर्षा होती है। सर्दियाँ सामान्यतया आर्द्र उपप्रकार में हल्की होती हैं, और गर्म महासागरीय धाराएँ सामान्यतया आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले तटीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं। जलवायु के इस प्रकार के आम तौर पर ऐसे दक्षिण पूर्व में और मध्य के रूप में अनुवात के किनारे स्थित है कम पूर्वी तट महाद्वीपों अर्जेंटीना , उरुग्वे और दक्षिण ब्राजील , के दक्षिण भाग पूर्व एशिया , दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका , दक्षिण अफ्रीका और पूर्वी ऑस्ट्रेलिया । आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले कुछ क्षेत्रों में (सबसे विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व चीनऔर उत्तर भारत ), एक भी तेज गीला मौसम है, जिसे उपोष्णकटिबंधीय मानसून या Cwa कहा जाता है। इन क्षेत्रों में सर्दियाँ काफी शुष्क होती हैं और गर्मियों में बहुत भारी वर्षा होती है। दक्षिणी चीन के कुछ Cwa क्षेत्रों ने 5 सबसे गर्म महीनों (दक्षिण पश्चिम मानसून) में वार्षिक वर्षा का 80% से अधिक की सूचना दी।
==== भूमध्यसागरीय (Csa, Csb) ====
वे क्षेत्र जहाँ शुष्क ग्रीष्मकालीन उपोष्णकटिबंधीय या भूमध्य जलवायु (Csa, Csb) पाए जाते हैं।
भूमध्य जलवायु , आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय और मानसूनी जलवायु के विपरीत, एक शुष्क गर्मी होती है, जिसमें सर्दियों और ठंड के महीनों में वर्षा होती है। वे ज्यादातर महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों और तटों पर होते हैं और उनके विषुवतीय किनारों पर शुष्क रेगिस्तानों से बंधे होते हैं, जो गर्मी के शुष्क मौसम का कारण बनते हैं, और समुद्र तटीय ध्रुवीय पक्षों पर चढ़ते हैं जो शांत महासागरीय धाराओं और वायु द्रव्यमानों से प्रभावित होते हैं जो लाते हैं सर्दियों की बारिश। दुनिया के पांच मुख्य भूमध्यसागरीय क्षेत्र उत्तर - पश्चिमी एफ्रो-यूरेशिया , संयुक्त राज्य अमेरिका में तटीय कैलिफोर्निया , ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिम , दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी केप में [[भूमध्य सागर]] बेसिन हैं और चिली के दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी तट।
==== उपोष्णकटिबंधीय उच्चभूमि (Cfb, Cwb) [ संपादित करें ] ====
वे क्षेत्र जहाँ महासागरीय जलवायु (Cfb, Cfc, Cwb, Cwc) पाए जाते हैं।
ये उपोष्णकटिबंधीय जलवायु के वेरिएंट हैं जो ऊंचाई वाले पठार या मोंटाने सिस्टम में या तो कटिबंध या उपप्रांत में पाए जाते हैं, उनके पास वर्णिक रूप से हल्के तापमान होते हैं, जो उप-मौसम में चार मौसमों की विशेषता रखते हैं और उष्णकटिबंधीय में कोई भी मौसम नहीं होते हैं, बाद वाले आमतौर पर शेष रहते हैं साल के अधिकांश समय से ठंडी रहती है।
=== मध्य-अक्षांश ===
ये मध्य अक्षांशों में, 23 ° 26'22 "और 66 ° 33'39" उत्तर में, और 23 ° 26'22 "और 66 ° 33'39" दक्षिण में होते हैं और व्यावहारिक रूप से समान प्रभाव वाले सबसे अधिक हैं भूमध्य रेखा और ध्रुव, और सबसे विशिष्ट समशीतोष्ण विशिष्ट चार मौसम पैटर्न के साथ चढ़ते हैं। इन उपलों में हल्के और गर्म के विपरीत तापमान में साल के दौरान तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।
==== ओशनिक (Cfb) ====
==== समुद्री जलवायु उनके पश्चिम में तटवर्ती शांत से प्रवाह उच्च अक्षांश महासागरों द्वारा बनाई गई हैं। यह जलवायु के कारण शांत ग्रीष्मकाल और ठंडी (लेकिन ठंड नहीं) सर्दियों, और सापेक्ष आर्द्रता और वर्ष के साथ समान रूप से वितरित की जाती है। ये जलवायु अक्सर बादल होते हैं, और अन्य शीतोष्ण जलवायु की तुलना में सर्दी और गर्मी दोनों में काफी कम होते हैं। पूरे वर्ष भर वार्षिक वर्षा होती है। इस जलवायु वाले क्षेत्रों में उत्तर - पश्चिमी यूरोप , उत्तर-पश्चिमी उत्तरी अमेरिका , दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण अमेरिका , दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और अधिकांश न्यूजीलैंड शामिल हैं । ====
==== महाद्वीपीय (Dfa, Dwa, Dsa, Dfb, Dwb, Dsb) ====
महाद्वीपीय जलवायु , के रूप में समुद्री जलवायु के लिए विरोध आश्चर्यजनक ढंग से चरम मौसमी मतभेद हैं। समुद्र की धाराओं से कम मॉडरेटिंग प्रभाव और उष्णकटिबंधीय और ध्रुवीय बड़े आकार के महाद्वीपीय भूमि वायु-द्रव्यमान से अधिक प्रभाव के साथ, वे प्रत्येक संबंधित मौसम में अधिक चरम तापमान की सुविधा देते हैं, गर्मियों में उपोष्णकटिबंधीय या उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले और सर्दियों की तरह गर्म होते हैं। सबपावर चढ़ता है। वे ज्यादातर [[उत्तरी गोलार्ध]] पर पाए जाते हैं , क्योंकि यह वह जगह है जहां मौसमी तापमान में चरम सीमा तक उत्पन्न करने के लिए एक बड़ा पर्याप्त भूभाग है, हालांकि पेटागोनिया के कुछ क्षेत्रों में भी महाद्वीपीय जलवायु का अनुभव होता है। यह जलवायु प्रकार पूर्वोत्तर एशिया, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिणी कनाडा और यूरेशिया में पाया जाता हैपूर्वी, मध्य और उत्तरी यूरोप में , पेटागोनिया में और क्यूयो के पहाड़ों में।
=== उप-विद्वान ===
ये समशीतोष्ण जलवायु हैं जो उपोष्णकटिबंधीय के विपरीत समशीतोष्ण क्षेत्र के सबसे ऊपरी ध्रुव के किनारे पर हैं, इसलिए अभी भी एक गर्म मौसम सहित चार चिह्नित मौसम हैं, लेकिन ध्रुवों से किसी अन्य की तुलना में कहीं अधिक प्रभावित हैं लेकिन बहुत ध्रुवीय जलवायु ( टुंड्रा और आइसकैप) )।
==== उप-दासी-महासागरीय (Cfc, Cwc, Csc) ====
उपपाषाण महासागरीय जलवायु वाले क्षेत्रों में एक समुद्री जलवायु होती है लेकिन आमतौर पर यह ध्रुवीय क्षेत्रों के करीब स्थित होती है। उनके स्थान के परिणामस्वरूप, ये क्षेत्र समुद्र की जलवायु के शांत छोर पर हैं। अन्य महासागरीय जलवायु की तुलना में यहाँ बर्फबारी अधिक आम है। ध्रुव के समीप समुद्री जलवायु कम से कम तापमान चरम सीमाओं से ग्रस्त हैं subarctic जलवायु या महाद्वीपीय जलवायु इन मौसम की तुलना में milder सर्दियों विशेषता। एक समुद्री जलवायु का यह प्रकार तटीय आइसलैंड , फरो आइलैंड्स , स्कॉटलैंड के कुछ हिस्सों , नॉर्वे के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्रों जैसे लोफोटेन में पाया जाता है।और कुछ द्वीपों पर 70 डिग्री एन के पहुँचने के बाद, पश्चिमी नॉर्वे के तट के निकट Uplands, Aleutian द्वीप के अलास्का और के उत्तरी भागों अलास्का Panhandle , दक्षिणी के कुछ भागों अर्जेंटीना और चिली (हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी महाद्वीपीय अंटार्कटिक उपमहाद्वीप के रूप में गिर), और तस्मानिया के कुछ हाइलैंड क्षेत्र , और ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिणी आल्प्स। इस तरह की जलवायु इंडोनेशिया में पापुआन हाइलैंड्स के बहुत दूरदराज के हिस्सों में भी पाई जाती है। इस शासन के लिए प्रयुक्त वर्गीकरण Cfc है। इस शासन से प्रभावित उन क्षेत्रों के अधिकांश समुद्री इलाकों में, 20 ° C (68 ° F) से ऊपर का तापमान अत्यधिक गर्मी के मौसम में भी होता है। इस जलवायु के कुछ क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस (86 ° F) से अधिक तापमान दुर्लभ अवसरों पर दर्ज किया गया है, और सर्दियों के तापमान में down20 ° C (°4 ° F) से कम कुछ क्षेत्रों में दर्ज किया गया है।
==== बोरियल (ऑस्ट्रेलिया) / सबपावर (Dfc, Dwc, Dsc, Dfd, Dwd, Dsd) ====
ह्यूमिड कॉन्टिनेंटल ज़ोन के ज्यादातर पॉलीवर्ड में इस जलवायु में कम ठंड के साथ बेहद ठंडी और लंबी सर्दियों की सुविधा है। भूमध्यसागरीय बेसिन, ईरान , किर्गिस्तान , ताजिकिस्तान , तुर्की , अलास्का और उत्तर-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका के अन्य हिस्सों ( पूर्वी वाशिंगटन , पूर्वी ओरेगन और दक्षिणी इडाहो ) और रूसी दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के आसपास के क्षेत्रों में बहुत छोटे क्षेत्रों में जलवायु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ''सीएनएसए'' , ओरेगन या एटलिन, ब्रिटिश कोलंबिया जैसे शुष्क जलवायु के साथ ''Dsc'' । मेंदक्षिणी गोलार्ध यह दक्षिणी पैटागोनिया ( रियो ग्रांडे और टोल्हिन जैसे शहरों ) में पाया जाता है। यह सभी चार-मौसम समशीतोष्ण जलवायु के ध्रुवीय जलवायु के सबसे करीब है, क्योंकि व्यावहारिक रूप से सभी वर्ष गर्मी के अलावा, बेहद कम तापमान द्वारा स्थापित किए जाते हैं।
== मानवीय पहलू ==
=== जनसांख्यिकी, जीव और वनस्पति ===
दुनिया की मानव आबादी का अधिकांश हिस्सा समशीतोष्ण क्षेत्रों में निवास करता है, विशेष रूप से उत्तरी गोलार्ध में , इसकी अधिक भूमि के कारण। दुनिया में समशीतोष्ण क्षेत्र में सबसे बड़ी वर्णित संख्या दक्षिणी अफ्रीका में पाई जाती है , जहां कुछ २४,००० कर (प्रजातियां और अनौपचारिक कर) का वर्णन किया गया है, लेकिन इस क्षेत्र के मूल जीवों और वनस्पतियों के लिए कोई सांस्कृतिक महत्व नहीं है दुनिया की अधिकांश मानव आबादी जो टेम्परेट ज़ोन में रहती है और जो उत्तरी गोलार्ध में रहती हैं, केवल पर्यावरणीय महत्व है।
=== कृषि ===
बहुतायत से होने वाली वर्षा और गर्म ग्रीष्मकाल के कारण शीतोष्ण क्षेत्रों (बोरेल / सबार्टिक क्षेत्रों को छोड़कर) में खेती एक बड़े पैमाने पर प्रथा है, क्योंकि अधिकांश कृषि गतिविधि वसंत और गर्मियों में होती हैं, ठंडी सर्दियों का कृषि उत्पादन पर एक छोटा प्रभाव पड़ता है। चरम सर्दियाँ या ग्रीष्मकाल कृषि की उत्पादकता पर भारी प्रभाव डालते हैं।
=== शहरीकरण ===
समशीतोष्ण क्षेत्रों में दुनिया की अधिकांश आबादी है, जो बड़े शहरों की ओर जाती है। कुछ कारक हैं कि बड़े शहर के परिदृश्य की जलवायु ग्रामीण क्षेत्रों की जलवायु से भिन्न क्यों है। एक कारक बिल्ड्स और डामर की अवशोषण दर की ताकत है, जो प्राकृतिक भूमि से अधिक है। दूसरा बड़ा कारक इमारतों और वाहनों से [[जीवाश्म ईंधन]] का जलना है। इन कारकों के कारण शहरों की औसत जलवायु आसपास के क्षेत्रों की तुलना में गर्म हो गई है।
== गलतफहमी ==
"समशीतोष्ण जलवायु" ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय के बीच जलवायु को संदर्भित करता है। हालांकि, मध्य अक्षांश समशीतोष्ण क्षेत्रों में ध्रुवीय से उष्णकटिबंधीय जलवायु में धीरे-धीरे परिवर्तन होता है। आम तौर पर, उत्तरी गोलार्ध में, समशीतोष्ण क्षेत्र के उत्तरी भाग में बोरियल , महाद्वीपीय और महासागरीय जलवायु शामिल होते हैं , जबकि समशीतोष्ण क्षेत्र के दक्षिणी भाग अक्सर भूमध्य और आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु होते हैं। ये विभिन्न जलवायु समशीतोष्ण क्षेत्र के भीतर आते हैं, जिसकी मूल परिभाषा 263 ° C (26.6 ° F) से ऊपर के तापमान के साथ किसी भी जलवायु के रूप में होती है, लेकिन सबसे ठंडे महीने में 18 ° C (64.4 ° F) से नीचे होती है। जाहिर तौर पर सर्दियों का तापमान उत्तरी शीतोष्ण क्षेत्र के अधिक उत्तरी भागों में और दक्षिणी शीतोष्ण कटिबंध में इसके विपरीत भागों में अधिक हल्का होगा।
एक जलवायु दृष्टिकोण से, इन जलवायु क्षेत्रों में से प्रत्येक में आमतौर पर समशीतोष्ण वनस्पति होती है। हालाँकि, समशीतोष्ण क्षेत्र (बोरेल) के सुदूर उत्तरी भागों से सुदूर दक्षिणी भाग (आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय) में वनस्पतियों में एक स्पष्ट परिवर्तन है। समशीतोष्ण के उत्तरी भाग में पाइंस और कोनिफ़र एंडेमिक और अधिक प्रचुर मात्रा में होते हैं, जबकि हथेलियाँ समशीतोष्ण क्षेत्र के सुदूर दक्षिणी भागों के लिए स्थानिक हो सकती हैं। इसके साथ, आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु को जलवायु के समशीतोष्ण समूह से गलत तरीके से अलग किया जा सकता है, और आगे उष्णकटिबंधीय जलवायु के साथ जुड़ा हुआ है, इसके नाम, तापमान और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले वनस्पति जो उष्णकटिबंधीय के कुछ हद तक समान हो सकते हैं। क्षेत्रों (उदाहरण के लिए अटलांटिक वन की ब्राजीलदेश के समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फैला हुआ है)। इसके अतिरिक्त, समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय दोनों प्रकार की प्रजातियाँ समशीतोष्ण क्षेत्र के सुदूर दक्षिणी भागों में (मध्य फ्लोरिडा में उदाहरण के लिए) पाई जा सकती हैं, जबकि उप-प्रजाति महाद्वीपीय क्षेत्र के उत्तरी भागों में विकसित हो सकती है (उदाहरण के लिए उत्तर पश्चिमी यूरोप में) )।
== इन्हें भी देखें ==
* [[ऊष्णकटिबन्ध]]
* [[उपोष्णकटिबन्ध]]
* [[शीत कटिबन्ध]]
* [[पृथ्वी के ताप कटिबन्ध]]
== सन्दर्भ ==
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'''टाटा नैनो''' [[टाटा]] [[टाटा मोटर्स|मोटर्स]] के द्वारा निर्मित सबसे नवीन [[कार]] है। यह विश्व की सबसे सस्ती कार है जिसका दाम १ लाख [[भारतीय रुपये]] है। मीडिया ने इसे ''लखटकिया कार'' नाम से ज़्यादातर संबोधित किया। इसकी बिक्री जून २००८ से प्रारंभ होगी।
[[रतन नवल टाटा|रतन टाटा]] ने जनता की कार ‘ नैनो ’ को पेश करते हुए आश्वासन दिया कि इस कार की कीमत वादे के मुताबिक एक लाख रुपए ही होगी साथ ही यह सभी प्रकार के सुरक्षा और [[प्रदूषण]] स्तरों को पूरा करती है।<ref>{{cite web|url= http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/2689282.cms|title= टाटा की नन्ही सी 'नैनो' में बड़े-बड़े गुण|access-date= [[१० जनवरी]] [[२००८]]|format= एचटीएमएल|publisher= नवभारत टाइम्स|language= |archive-url= https://web.archive.org/web/20080117215811/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/2689282.cms|archive-date= 17 जनवरी 2008|url-status= live}}</ref>
टाटा ने मारुति ८०० को अपनी परियोजना के लिए निशाना बनाया जिसने करीब दो दशक तक भारतीय बाजार पर राज किया और उन्होंने ऐसी कार बनाई जो लंबाई में आठ फीसदी छोटी लेकिन अंदर से २१ फीसदी ज़्यादा जगह वाली है।
<ref>{{cite web|url= http://in.jagran.yahoo.com/news/business/general/1_12_4070676/|title= प्रतिद्वंद्वियों को भी किया चित|access-date= [[१० जनवरी]] [[२००८]]|format= एचटीएमएल|publisher= जागरण|language= }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== टाटा नैनो की विशेषतायें<ref>{{cite web|url= http://emagazine.digitaltoday.in/IndiaTodayHindi/23012008|title= हर कोई बन जाए कारवाला - आवरण कथा|access-date= [[२० जनवरी]] [[२००८]]|format= एचटीएमएल|publisher= इंडिया टुडे|language= }}{{Dead link|date=जून 2020 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>==
* '''इंजन''' - ६२३ [[सीसी]], ३३ [[बीएचपी]]
* '''[[ईंधन]]''' - करीब ३० किमी/लीटर
* '''सुरक्षा'''- अंतर्राष्ट्रीय [[मानक|मानकों]] के अनुसार
* '''उत्सर्जन''' - [[यूरो ४]] के मानकों के अनुसार
* '''गियर बाक्स''' - ४ स्पीड मैनुअल
* '''ईंधन टैंक''' की क्षमता - १५ लीटर
* '''अन्य'''- फ्रंट डिस्क ब्रेक और पीछे
* '''अधिकतम गति''' - ९० किमी/घंटा
* '''स्थान''' - [[मारुति ८००]] से २१% ज्यादा
== कंपनी प्लांट बंद ==
[[पश्चिम बंगाल]] के सिंगुर में चल रहे विवाद को देखते हुए टाटा मोटर्स ने वहाँ नैनो प्लांट का काम फ़िलहाल रोकने का फ़ैसला किया है।
कंपनी ने एक बयान में कहा है कि पिछले कई दिनों से हिंसक तरीके से कर्मचारियों को काम पर आने से रोका जा रहा था और कर्मचारियों और मज़दूरों की सुरक्षा को देखते हुए ये फ़ैसला लिया गया है।
टाटा मोटर्स के मुताबिक नैनो प्लांट को वैकल्पिक स्थान पर ले जाने के बारे में विचार चल रहा है।
कंपनी की ओर से ये भी कहा है कि पश्चिम बंगाल के कई लोग नैनो प्लांट में काम कर रहे थे और कोशिश की जाएगी कि उन्हें दूसरी जगह भी नौकरी पर रखा जाए।"
टाटा मोटर्स के एक प्रवक्ता ने कहा, "नैनो प्लांट के आस-पास स्थिति ठीक नहीं है। जब तक माहौल माकूल नहीं बनता हमें समर्थन नहीं मिलता, प्लांट का काम सुचारू रूप से नहीं चल सकता। हम पश्चिम बंगाल ये सोचकर आए थे कि राज्य में रोज़गार के साधन उपलब्ध करवा सकेंगे और समृद्धि ला सकेंगे।
== विवाद ==
पिछले कुछ समय से सिंगुर में नैनो प्लांट किसी न किसी मुश्किल में घिरा रहा है। २८ अगस्त २००८ के बाद से प्लांट पर कोई काम नहीं हो पाया है।
[[तृणमूल कांग्रेस]] के कार्यकर्ता प्लांट के विरोध में लगातार आंदोलन कर रहे हैं और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी होती रही है। प्रदर्शनकारियों ने उन सब मार्गों को अवरुद्ध कर रखा था जहाँ से फ़ैक्ट्री में प्रवेश किया जा सकता है।
[[पश्चिम बंगाल]] सरकार ने एक हज़ार एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण करके उसे टाटा मोर्टस को सौंप था जहाँ वह एक लाख रूपए मूल्य वाली 'जनता कार' का उत्पादन करने वाली थी।
लेकिन योजना का विरोध करने वालों का कहना है कि सिंगुर में चावल की बहुत अच्छी खेती होती है और वहाँ के किसानों को इस परियोजना की वजह से विस्थापित होना पड़ा है।
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अगर सिंगुर में हिंसा और तनाव का माहौल जारी रहा तो वे नैनो परियोजना को कहीं और ले जाएँगे।
सिंगुर में काम [[जनवरी]] [[२००७]] में शुरू हुआ था। पश्चिम बंगाल में [[हिंदुस्तान मोटर्स]] के बाद ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में यह दूसरा बड़ा निवेश था।
राज्य सरकार और [[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]] यानी माकपा कहती रही है कि लंबे अरसे बाद राज्य में ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में बड़ा निवेश हुआ है जिसे इसे रोकने से औद्योगिक हलकों में गलत संकेत जाएगा और इसके दूरगामी नतीजे होंगे। लेकिन तृणमूल कांग्रेस २००६ से ही इस परियोजना का विरोध करती आई है।
== चित्र दीर्धा ==
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चित्र:Nano.jpg
चित्र:TATA Nano.jpg
चित्र:Tata Nano Std.JPG
चित्र:Tata Nano 2.jpg
चित्र:Tata Nano - GenX 01.JPG
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== इन्हें भी देखें ==
* [[टाटा मोटर्स]]
* [[सिंगूर]]
* [[टाटा]]
* [[टाटा स्टील]]
* [[टाटा परिवार]]
* [[जमशेदपुर|टाटानगर]]
=== सन्दर्भ ===
<references/>
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20120321163003/http://tatanano.inservices.tatamotors.com/tatamotors/ टाटा नैनो- आधिकारिक जालस्थल पृष्ठ]
* [https://web.archive.org/web/20090723161411/http://tatananocar.net/ टाटा नैनो- रिव्यूज़, चित्र, वीडियो, कार्टून]
* [https://web.archive.org/web/20090314053645/http://www.crazyengineers.com/small-talk/1-cover-story/65-small-talk-with-mr-girish-wagh-realizing-the-big-qsmall-carq-dream श्री गिरीश वाघ के साथ साक्षातकार]
* [https://web.archive.org/web/20090719073036/http://www.youtube.com/watch?v=3sZitve3SUw ऑटोकार द्वारा टाटा नैनो का रिव्यू]
* [https://web.archive.org/web/20151201072739/https://www.youtube.com/watch?v=vSaKVUkmtmA&feature=related टाटा नैनो यूरोपा वीडियो]
* [https://web.archive.org/web/20140105204413/http://tatanano.org/ टाटा नैनो समाचार]
{{टाटा मोटर्स}}
{{टाटा समयरेखा}}
[[श्रेणी:कार]]
[[श्रेणी:वाहन]]
[[श्रेणी:छोटी कारें]]
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२६ जुलाई २००८ अहमदाबाद बम विस्फोट
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[[२६ जुलाई]], [[२००८]] को [[अहमदाबाद]] में ९० मिनट के भीतर सोलह बम विस्फोट किए गए। इन विस्फोटो मे ३८ लोग के मारे गए और लगभग लोग घायल हुए।<ref>[http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/07/080726_ahmedabad_blasts.shtml बंगलौर के बाद दहला अहमदाबाद, 38 मरे ], बीबीसी हिन्दी</ref>
== सन्दर्भ ==
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चाहर धर्मेंद्र
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*[[Death penalty]] to 38 convicts
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{{भारत में आतंकवादी हमले}}
'''2008 के अहमदाबाद बम धमाके''' [[२६ जुलाई|26 जुलाई]] [[२००८|2008]] को भारत के [[अहमदाबाद]] शहर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों की एक भीषण आतंकवादी घटना थी। लगभग 70 मिनट के भीतर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 21 विस्फोट किए गए, जिनमें 56 लोगों की मृत्यु हुई और 200 से अधिक लोग घायल हुए।<ref name="Deaths"/><ref name="Injuries"/><ref>[http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/07/080726_ahmedabad_blasts.shtml बंगलौर के बाद दहला अहमदाबाद, 38 मरे ], बीबीसी हिन्दी</ref> गुजरात की राजधानी अहमदाबाद [[पश्चिमी भारत]] का एक प्रमुख सांस्कृतिक, औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र माना जाता है, इसलिए इन हमलों ने पूरे देश को गहरे आघात में डाल दिया।
विस्फोट अपेक्षाकृत कम तीव्रता वाले बताए गए और उनकी प्रकृति एक दिन पूर्व [[कर्नाटक]] की राजधानी [[बेंगलुरु]] में हुए धमाकों से मिलती-जुलती थी।<ref name=ndtvsim>{{cite web| title =Ahmedabad, Bangalore blasts share similarities| publisher =[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]]| date =26 जुलाई 2008| url =http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20080058893&ch=7/27/2008%207:39:00%20AM| access-date =26 जुलाई 2008| archive-date =30 जुलाई 2008| archive-url =https://web.archive.org/web/20080730042820/http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20080058893&ch=7%2F27%2F2008%207%3A39%3A00%20AM| url-status =dead}}</ref><ref name=ibn>{{cite web| title =Bangalore, Ahmedabad blasts uncannily similar| work =[[सीएनएन आईबीएन]]| publisher =[[टीवी 18]] and टर्नर ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम| date =27 जुलाई 2008| url =http://www.ibnlive.com/news/bangalore-ahmedabad-blasts-uncannily-similar/69675-3.html| access-date =27 जुलाई 2008 | archive-url= https://web.archive.org/web/20080727172732/http://www.ibnlive.com/news/bangalore-ahmedabad-blasts-uncannily-similar/69675-3.html| archive-date= 27 जुलाई 2008 | url-status= live}}</ref><ref name="jharblast">{{cite web| title =Five persons injured in Jharkhand blast| publisher =[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]]| date =27 जुलाई 2008| url =http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20080058895| access-date =27 जुलाई 2008| archive-url =https://web.archive.org/web/20080730033224/http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20080058895| archive-date =30 जुलाई 2008| url-status =dead}}</ref> जाँच एजेंसियों के अनुसार इन हमलों के पीछे [[पाकिस्तानी]] [[इस्लामी आतंकवाद|इस्लामी आतंकवादी]] संगठन [[हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी|हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी]] का हाथ माना गया।<ref>{{Cite web |date=2008-08-02 |title=Islamic Terrorism |url=http://cnnwire.blogs.cnn.com/2008/07/27/india-blasts-toll-up-to-37/ |access-date=2022-05-14 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080802233922/http://cnnwire.blogs.cnn.com/2008/07/27/india-blasts-toll-up-to-37/ |archive-date=2 अगस्त 2008 |url-status=dead}}</ref>
घटनाओं के तुरंत बाद कई समाचार चैनलों को “[[इण्डियन मुजाहिदीन]]” नामक संगठन की ओर से एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें हमलों की जिम्मेदारी ली गई थी।<ref name="itgo">{{cite web| title =16 blasts in Ahmedabad; 49 dead, 145 injured| work =[[इंडिया टुडे ग्रुप]]| publisher =[[इंडिया टुडे ग्रुप|लिविंग मीडिया]]| date =27 जुलाई 2008| url =http://www.itgo.in/index.php?option=com_content&task=view&issueid=&id=7098§ionid=9&secid=0&Itemid=1| access-date =27 जुलाई 2008 | archive-url= https://web.archive.org/web/20080803160936/http://www.itgo.in/index.php?option=com_content&task=view&issueid=&id=7098§ionid=9&secid=0&Itemid=1| archive-date= 3 अगस्त 2008 | url-status= live}}</ref><ref name=htmuj>{{cite web| last =दास| first =रथिन| author2 =ए. शरण| title =29 killed as 17 blasts rock Ahmedabad| work =[[हिन्दुस्तान टाईम्स]]| publisher =एचटी मीडिया| date =26 जुलाई 2008| url =http://www.hindustantimes.com/News-Feed/India/29-killed-as-17-bomb-blasts-rock-Ahmedabad/Article1-326755.aspx| access-date =26 जुलाई 2008| archive-url =https://web.archive.org/web/20110605184433/http://www.hindustantimes.com/News-Feed/india/29-killed-as-17-bomb-blasts-rock-Ahmedabad/Article1-326755.aspx| archive-date =5 June 2011| url-status =dead}}</ref> बाद में हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी ने भी इन विस्फोटों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।<ref>{{cite news|url=http://cnnwire.blogs.cnn.com/2008/07/27/india-blasts-toll-up-to-37/|title=India blasts toll up to 37|date=27 जुलाई 2008|publisher=[[सीएनएन]]|access-date=27 जुलाई 2008|archive-url = https://web.archive.org/web/20080802233922/http://cnnwire.blogs.cnn.com/2008/07/27/india-blasts-toll-up-to-37/ |archive-date = 2 अगस्त 2008|url-status=dead}}</ref> जाँच के दौरान गुजरात पुलिस ने कथित मुख्य साज़िशकर्ता मुफ्ती अबू बशीर सहित कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया।<ref name="timesofindia.indiatimes.com">[https://web.archive.org/web/20121021143608/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-08-17/india/27931930_1_simi-leader-safdar-nagori-ahmedabad-blasts-simi-man Abu Bashir behind Ahmedabad blasts: Police]</ref>
इस मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद फरवरी 2022 में अहमदाबाद की विशेष अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने 77 आरोपियों में से 28 को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि 11 को आजीवन कारावास तथा 38 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। यह निर्णय भारत के आतंकवाद संबंधी मामलों में दिए गए सबसे बड़े न्यायिक फैसलों में से एक माना गया।<ref name=":1">{{Cite news|last=लांगा|first=महेश|date=2022-02-08|title=49 convicted, 28 acquitted in 2008 Ahmedabad serial blasts case|language=en-IN|work=द हिन्दू|url=https://www.thehindu.com/news/national/other-states/49-convicted-28-acquitted-in-2008-ahmedabad-serial-blasts-case/article38395748.ece|access-date=2022-02-08|issn=0971-751X}}</ref><ref name=":2">{{Cite web |last=एलिस-पीटरसन |first=हन्ना |date=2022-02-18 |title=Indian court sentences 38 people to death over 2008 bombings |url=https://www.theguardian.com/world/2022/feb/18/indian-court-sentences-to-death-38-people-over-2008-bombings |access-date=2022-02-27 |website=[[द गार्डियन]] |language=en}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:भारत में आतंकवाद]]
[[श्रेणी:भारत में आतंकवादी घटनाएं]]
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[[श्रेणी:2008 में भारत में आतंकवादी घटनाएं]]
[[श्रेणी:भारत में इस्लामिक आतंकवाद]]
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सुदामा पांडेय 'धूमिल'
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text/x-wiki
''' सुदामा पाण्डेय धूमिल ''' हिंदी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। उनकी कविताओं में आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। व्यवस्था जिसने जनता को छला है, उसको आइना दिखाना मानों धूमिल की कविताओं का परम लक्ष्य है।
== जीवन परिचय ==
धूमिल का जन्म वाराणसी के पास खेवली गांव में हुआ था। उनका मूल नाम सुदामा पांडेय था। धूमिल नाम से वे जीवन भर कवितायें लिखते रहे। सन् 1958 में आई.टी.आई. (वाराणसी) से विद्युत डिप्लोमा लेकर वे वहीं विद्युत अनुदेशक बन गये। 38 वर्ष की अल्पायु में ही ब्रेन ट्यूमर से उनकी मृत्यु हो गई।
== रचनात्मक विशेषताएं ==
सन 1960 के बाद की हिंदी कविता में जिस मोहभंग की शुरूआत हुई थी, धूमिल उसकी अभिव्यक्ति करने वाले अंत्यत प्रभावशाली कवि हैं । उनकी कविता में परंपरा, सभ्यता, सुरुचि, शालीनता और भद्रता का विरोध है, क्योंकि इन सबकी आड़ में जो हृदय पलता है, उसे धूमिल पहचानते हैं। कवि धूमिल यह भी जानते हैं कि व्यवस्था अपनी रक्षा के लिये इन सबका उपयोग करती है, इसलिये वे इन सबका विरोध करते हैं। इस विरोध के कारण उनकी कविता में एक प्रकार की आक्रामकता मिलती है। किंतु उससे उनकी कविता की प्रभावशीलता बढती है। धूमिल अकविता आन्दोलन के प्रमुख कवियों में से एक हैं। धूमिल अपनी कविता के माध्यम से एक ऐसी काव्य भाषा विकसित करते हैं जो नई कविता के दौर की काव्य- भाषा की रुमानियत, अतिशय कल्पनाशीलता और जटिल बिंबधर्मिता से मुक्त है। उनकी भाषा काव्य-सत्य को जीवन सत्य के अधिकाधिक निकट लाती है। उन्हें 'भदेस भाषा' का कवि भी कहा जाता है।
== रचनाएं ==
धूमिल के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं-
* [[संसद से सड़क तक-1972]]
* [[कल सुनना मुझे-1976]]
* [[सुदामा पांडे का प्रजातंत्र- 1984]]
*धूमिल समग्र (तीन खण्डों में) - 2021
उन्हें मरणोपरांत १९७९ में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
धूमिल की कुछ सबसे लोकप्रिय कविताएँ हैं-
मोचीराम, बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद आदि। मुक्तिबोध की 'अंधेरे में' और धूमिल की 'पटकथा' कविता के संदर्भ में सुप्रसिद्ध युवा कवि गोलेन्द्र पटेल ने कहा है कि “अँधेरे में’ और ‘पटकथा’ में घनिष्ठ संबंध है , ‘पटकथा’ ‘अँधेरे में’ का विस्तार मालूम पड़ती है , पर ‘पटकथा’ का वाचक ‘अँधेरे में’ के वाचक से अधिक मुखर है। भले ही दोनों में कुछ बिंब , कुछ प्रतीक व कुछ मुहावरे कुछ बदलाव के साथ एक हैं।”
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090329225917/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2 धूमिल की रचनाएँ कविता कोश में]
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार]]
[[श्रेणी:1936 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:वाराणसी के लोग]]
[[श्रेणी:१९५८ में निधन]]
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''' सुदामा पाण्डेय धूमिल ''' हिंदी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। उनकी कविताओं में आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। व्यवस्था जिसने जनता को छला है, उसको आइना दिखाना मानों धूमिल की कविताओं का परम लक्ष्य है।
== जीवन परिचय ==
धूमिल का जन्म वाराणसी के पास खेवली गांव में हुआ था। उनका मूल नाम सुदामा पांडेय था। धूमिल नाम से वे जीवन भर कवितायें लिखते रहे। सन् 1958 में आई.टी.आई. (वाराणसी) से विद्युत डिप्लोमा लेकर वे वहीं विद्युत अनुदेशक बन गये। 38 वर्ष की अल्पायु में ही ब्रेन ट्यूमर से उनकी मृत्यु हो गई।
== रचनात्मक विशेषताएं ==
सन 1960 के बाद की हिंदी कविता में जिस मोहभंग की शुरूआत हुई थी, धूमिल उसकी अभिव्यक्ति करने वाले अंत्यत प्रभावशाली कवि हैं । उनकी कविता में परंपरा, सभ्यता, सुरुचि, शालीनता और भद्रता का विरोध है, क्योंकि इन सबकी आड़ में जो हृदय पलता है, उसे धूमिल पहचानते हैं। कवि धूमिल यह भी जानते हैं कि व्यवस्था अपनी रक्षा के लिये इन सबका उपयोग करती है, इसलिये वे इन सबका विरोध करते हैं। इस विरोध के कारण उनकी कविता में एक प्रकार की आक्रामकता मिलती है। किंतु उससे उनकी कविता की प्रभावशीलता बढती है। धूमिल अकविता आन्दोलन के प्रमुख कवियों में से एक हैं। धूमिल अपनी कविता के माध्यम से एक ऐसी काव्य भाषा विकसित करते हैं जो नई कविता के दौर की काव्य- भाषा की रुमानियत, अतिशय कल्पनाशीलता और जटिल बिंबधर्मिता से मुक्त है। उनकी भाषा काव्य-सत्य को जीवन सत्य के अधिकाधिक निकट लाती है। उन्हें 'भदेस भाषा' का कवि भी कहा जाता है।
== रचनाएं ==
धूमिल के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं-
* [[संसद से सड़क तक-1972]]
* [[कल सुनना मुझे-1976]]
* [[सुदामा पांडे का प्रजातंत्र- 1984]]
*धूमिल समग्र (तीन खण्डों में) - 2021
उन्हें मरणोपरांत १९७९ में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
धूमिल की कुछ सबसे लोकप्रिय कविताएँ हैं-
मोचीराम, बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद आदि। मुक्तिबोध की 'अंधेरे में' और धूमिल की 'पटकथा' कविता के संदर्भ में सुप्रसिद्ध युवा कवि गोलेन्द्र पटेल ने कहा है कि “अँधेरे में’ और ‘पटकथा’ में घनिष्ठ संबंध है , ‘पटकथा’ ‘अँधेरे में’ का विस्तार मालूम पड़ती है , पर ‘पटकथा’ का वाचक ‘अँधेरे में’ के वाचक से अधिक मुखर है। भले ही दोनों में कुछ बिंब , कुछ प्रतीक व कुछ मुहावरे कुछ बदलाव के साथ एक हैं।”
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090329225917/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2 धूमिल की रचनाएँ कविता कोश में]
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चाहर धर्मेंद्र
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सन्दर्भ
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text/x-wiki
''' सुदामा पाण्डेय धूमिल ''' हिंदी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। उनकी कविताओं में आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। व्यवस्था जिसने जनता को छला है, उसको आइना दिखाना मानों धूमिल की कविताओं का परम लक्ष्य है।
== जीवन परिचय ==
धूमिल का जन्म वाराणसी के पास खेवली गांव में हुआ था। उनका मूल नाम सुदामा पांडेय था। धूमिल नाम से वे जीवन भर कवितायें लिखते रहे। सन् 1958 में आई.टी.आई. (वाराणसी) से विद्युत डिप्लोमा लेकर वे वहीं विद्युत अनुदेशक बन गये।<ref name=abhi/> 38 वर्ष की अल्पायु में ही ब्रेन ट्यूमर से उनकी मृत्यु हो गई।<ref name=hindi>[http://hindini.com/fursatiya/?p=129 Dhoomil Profile and Poems]</ref>
== रचनात्मक विशेषताएं ==
सन 1960 के बाद की हिंदी कविता में जिस मोहभंग की शुरूआत हुई थी, धूमिल उसकी अभिव्यक्ति करने वाले अंत्यत प्रभावशाली कवि हैं । उनकी कविता में परंपरा, सभ्यता, सुरुचि, शालीनता और भद्रता का विरोध है, क्योंकि इन सबकी आड़ में जो हृदय पलता है, उसे धूमिल पहचानते हैं। कवि धूमिल यह भी जानते हैं कि व्यवस्था अपनी रक्षा के लिये इन सबका उपयोग करती है, इसलिये वे इन सबका विरोध करते हैं। इस विरोध के कारण उनकी कविता में एक प्रकार की आक्रामकता मिलती है। किंतु उससे उनकी कविता की प्रभावशीलता बढती है। धूमिल अकविता आन्दोलन के प्रमुख कवियों में से एक हैं। धूमिल अपनी कविता के माध्यम से एक ऐसी काव्य भाषा विकसित करते हैं जो नई कविता के दौर की काव्य- भाषा की रुमानियत, अतिशय कल्पनाशीलता और जटिल बिंबधर्मिता से मुक्त है। उनकी भाषा काव्य-सत्य को जीवन सत्य के अधिकाधिक निकट लाती है। उन्हें 'भदेस भाषा' का कवि भी कहा जाता है।
== रचनाएं ==
धूमिल के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं-
* संसद से सड़क तक-1972
* कल सुनना मुझे-1976
* सुदामा पांडे का प्रजातंत्र- 1984 उनके बेटे रत्नशंकर पांडे ने प्रकाशित की थी।<ref name=hindi/>
*धूमिल समग्र (तीन खण्डों में) - 2021
उन्हें मरणोपरांत १९७९ में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref>[http://www.sahitya-akademi.org/sahitya-akademi/awa10306.htm Official list of Awardees 1955-2007] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070704045555/http://www.sahitya-akademi.org/sahitya-akademi/awa10306.htm |date=4 July 2007 }} [[Sahitya Akademi]] website.</ref><ref name=abhi>[https://www.anubhuti-hindi.org/gauravgram/dhoomil/index.htm Sudama Pandey Dhoomil, Biography & Works] www.anubhuti-hindi.org.</ref>
धूमिल की कुछ सबसे लोकप्रिय कविताएँ हैं-
मोचीराम, बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद आदि। मुक्तिबोध की 'अंधेरे में' और धूमिल की 'पटकथा' कविता के संदर्भ में सुप्रसिद्ध युवा कवि गोलेन्द्र पटेल ने कहा है कि “अँधेरे में’ और ‘पटकथा’ में घनिष्ठ संबंध है , ‘पटकथा’ ‘अँधेरे में’ का विस्तार मालूम पड़ती है , पर ‘पटकथा’ का वाचक ‘अँधेरे में’ के वाचक से अधिक मुखर है। भले ही दोनों में कुछ बिंब , कुछ प्रतीक व कुछ मुहावरे कुछ बदलाव के साथ एक हैं।”
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090329225917/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2 धूमिल की रचनाएँ कविता कोश में]
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार]]
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[[श्रेणी:१९५८ में निधन]]
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''' सुदामा पाण्डेय धूमिल ''' हिंदी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। उनकी कविताओं में आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। व्यवस्था जिसने जनता को छला है, उसको आइना दिखाना मानों धूमिल की कविताओं का परम लक्ष्य है।
== जीवन परिचय ==
धूमिल का जन्म वाराणसी के पास खेवली गांव में हुआ था। उनका मूल नाम सुदामा पांडेय था। धूमिल नाम से वे जीवन भर कवितायें लिखते रहे। सन् 1958 में आई.टी.आई. (वाराणसी) से विद्युत डिप्लोमा लेकर वे वहीं विद्युत अनुदेशक बन गये।<ref name=abhi/> 38 वर्ष की अल्पायु में ही ब्रेन ट्यूमर से उनकी मृत्यु हो गई।<ref name=hindi>[http://hindini.com/fursatiya/?p=129 Dhoomil Profile and Poems]</ref>
== रचनात्मक विशेषताएं ==
सन 1960 के बाद की हिंदी कविता में जिस मोहभंग की शुरूआत हुई थी, धूमिल उसकी अभिव्यक्ति करने वाले अंत्यत प्रभावशाली कवि हैं । उनकी कविता में परंपरा, सभ्यता, सुरुचि, शालीनता और भद्रता का विरोध है, क्योंकि इन सबकी आड़ में जो हृदय पलता है, उसे धूमिल पहचानते हैं। कवि धूमिल यह भी जानते हैं कि व्यवस्था अपनी रक्षा के लिये इन सबका उपयोग करती है, इसलिये वे इन सबका विरोध करते हैं। इस विरोध के कारण उनकी कविता में एक प्रकार की आक्रामकता मिलती है। किंतु उससे उनकी कविता की प्रभावशीलता बढती है। धूमिल अकविता आन्दोलन के प्रमुख कवियों में से एक हैं। धूमिल अपनी कविता के माध्यम से एक ऐसी काव्य भाषा विकसित करते हैं जो नई कविता के दौर की काव्य- भाषा की रुमानियत, अतिशय कल्पनाशीलता और जटिल बिंबधर्मिता से मुक्त है। उनकी भाषा काव्य-सत्य को जीवन सत्य के अधिकाधिक निकट लाती है। उन्हें 'भदेस भाषा' का कवि भी कहा जाता है।
== रचनाएं ==
धूमिल के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं-
* संसद से सड़क तक-1972
* कल सुनना मुझे-1976
* सुदामा पांडे का प्रजातंत्र- 1984 उनके बेटे रत्नशंकर पांडे ने प्रकाशित की थी।<ref name=hindi/>
*धूमिल समग्र (तीन खण्डों में) - 2021
उन्हें मरणोपरांत १९७९ में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<ref>[http://www.sahitya-akademi.org/sahitya-akademi/awa10306.htm Official list of Awardees 1955-2007] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070704045555/http://www.sahitya-akademi.org/sahitya-akademi/awa10306.htm |date=4 July 2007 }} [[भारतीय साहित्य अकादमी]] website.</ref><ref name=abhi>[https://www.anubhuti-hindi.org/gauravgram/dhoomil/index.htm Sudama Pandey Dhoomil, Biography & Works] www.anubhuti-hindi.org.</ref>
धूमिल की कुछ सबसे लोकप्रिय कविताएँ हैं-
मोचीराम, बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद आदि। मुक्तिबोध की 'अंधेरे में' और धूमिल की 'पटकथा' कविता के संदर्भ में सुप्रसिद्ध युवा कवि गोलेन्द्र पटेल ने कहा है कि “अँधेरे में’ और ‘पटकथा’ में घनिष्ठ संबंध है , ‘पटकथा’ ‘अँधेरे में’ का विस्तार मालूम पड़ती है , पर ‘पटकथा’ का वाचक ‘अँधेरे में’ के वाचक से अधिक मुखर है। भले ही दोनों में कुछ बिंब , कुछ प्रतीक व कुछ मुहावरे कुछ बदलाव के साथ एक हैं।”
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090329225917/http://www.kavitakosh.org/kk/index.php?title=%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2 धूमिल की रचनाएँ कविता कोश में]
[[श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार]]
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'''[[धौलपुर]]''' (Dholpur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[धौलपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धौलपुर [[चम्बल नदी]] के किनारे बसा हुआ है, जिसके पार [[मध्य प्रदेश]] राज्य आरम्भ होता है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग २३ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग २३]] और [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग ४४]] यहाँ से गुज़रते हैं। इस पर जाट राजाओ ने शासन किया। <ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
धौलपुर चम्बल नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। धौलपुर दो राज्यों उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमाओं के बीच में अवस्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा से मुंबई) शहर के बीचों बीच से निकलता है एवम् शहर को दो भागों में बाँटता है। उत्तरप्रदेश में इसका निकटवर्ती शहर आगरा (54 कि॰मी॰) एवम मध्यप्रदेश में मुरैना (27 कि॰मी॰) है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से 280 किलोमीटर व राज्यीय राजधानी जयपुर से 265 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके निकटतम हवाई अड्डे उत्तरप्रदेश के आगरा (54 कि॰मी॰) व मध्यप्रदेश के ग्वालियर (65 कि॰मी॰) हैं। धौलपुर जिला विशेष रूप से [[बलुआ पत्थर]] के लिए जाना जाता है। यहाँ बनाई जाने वाली अधिकतर इमारतों का निर्माण इन बलुआ पत्थरों से ही किया जाता है। धौलपुर जिला राजस्थान की अरावली पर्वतमाला एवम मध्यप्रदेश की विंध्याचल पर्वतमाला तथा उत्तर भारत के विशाल मैदान का मिलन स्थल है। अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के लिए भी ये जिला प्रसिद्ध है। इस जिले के पूर्व व उत्तर पूर्व में चम्बल नदी के प्रसिद्ध बीहड़ हैं तो दक्षिण-पश्चिम में अरावली की पथरीली , चट्टानी श्रृंखलाएं।
धौलपुर में कई मंदिर, किले, झील और महल है जहाँ घूमा जा सकता है।
== इतिहास ==
धौलपुर एक पुराने ऐतिहासिक शहर के रूप में जाना जाता है। धौलपुर शिवि वंशी बमरोलिया जाटों की प्रसिद्ध रियासत है। धौलपुर के राजाओ का विरुद महाराणा है। धौलपुर का क्षेत्र प्रारम्भ में भरतपुर रियासत के अधीन था। सिंधिया, अंग्रेज़ और जाटों के मध्य हुए एक समझौते के बाद धौलपुर क्षेत्र गोहद के जाट राजाओ के अधीन आ गया था। धौलपुर के नामकरण के पीछे तीन मत प्रचलित है।
* प्रथम मत के अनुसार नागवंशी धौल्या जाटों ने इस नगर की स्थापना की थी यह आगे चलकर धौलपुर नाम से प्रसिद्ध हुआ
* द्वितीय मत के अनुसार यह नगर धवलदेव नामक शासक ने बसाया था।लेकिन इससे संबंधित कोई भी प्राचीन लेख अप्राप्त है।
* तृतीय मत के अनुसार जादौन शासक दवलराय ने इस जगह की स्थापना की है।
उपरोक्त सभी मतों में से नागवंश द्वारा इस जगह की स्थापना प्रामाणिक है। इसके निकट क्षेत पर सैकड़ों सालो तक नागवंश का शासन रहा है।
वर्तमान नगर मूल नगर के उत्तर में बसा है। चंबल नदी की बाढ़ से बचने के लिये ऐसा किया गया। पहले धौलपुर सामंती राज्य का हिस्सा था, जो 1949 में राजस्थान प्रदेश का हिस्सा बन गया था। धौलपुर से निकट राजा मुचुकुंद के नाम से प्रसिद्ध गुफा है जो गंधमादन पहाड़ी के अंदर बताई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा पर कालयवन के आक्रमण के समय श्रीकृष्ण मथुरा से मुचुकुंद की गुहा में चले आए थे। उनका पीछा करते हुए कालयवन भी इसी गुफा में प्रविष्ट हुआ और वहाँ सोते हुए मुचुकुंद को श्रीकृष्ण ने उत्तराखंड भेज दिया। यह कथा श्रीमद् भागवत 10,15 में वर्णित है। कथाप्रसंग में मुचुकुंद की गुहा का उल्लेख इस प्रकार है।[1] धौलपुर से 842 ई॰ का एक अभिलेख मिला है, जिसमें चंडस्वामिन् अथवा सूर्य के मंदिर की प्रतिष्ठापना का उल्लेख है। इस अभिलेख की विशेषता इस तथ्य में है कि इसमें हमें सर्वप्रथम विक्रमसंवत् की तिथि का उल्लेख मिलता है जो 898 है। धौलपुर में भरतपुर के जाट राज्यवंश की एक शाखा का राज्य था। भरतपुर के सर्वश्रेष्ठ शासक सूरजमल जाट की मृत्यु के समय (1764 ई॰) धौलपुर भरतपुर राज्य ही में सम्मिलित था। पीछे यहाँ एक अलग रियासत स्थापित हो गई।
==धौलपुर के महाराजाओ की सूची==
* [[राणा कीरत सिंह]] - (1805 -1835)
* [[भगवन्त सिंह|राणा भगवंत सिंह]] - (1835 - 1873)
* [[राणा निहाल सिंह]] - (1873 - 1901)
* [[राणा राम सिंह]] - (1901 -1911)
* [[उदयभानु सिंह|राणा उदयभानु सिंह]] - (1911 - 1949)
* राणा [[हेमन्त सिंह]] - (1949 - 1954)
===तसीमों गोली काण्ड===
देश को आजाद कराने के लिये देश के कितने ही लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। ऐसे ही अपने धौलपुर के तसीमों गाँव के शहीदों का नाम आता है शहीद छत्तर सिंह परमार और शहीद पंचम सिंह कुशवाह। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी। धौलपुर के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है। 11 अप्रैल 1947 को जब प्रजामंडल के कार्यकर्ता तसीमों गाँव में सभा स्थल पर एकत्रित हुये थे। तब झंडा फहराने पर रोक थी, लेकिन नीम के पेड़ पर तिरंगा लहर रहा था और सभा चल रही थी। उसी समय सभास्थल पर पुलिस के साथ सैंपऊ के तत्कालीन मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक गुरुदत्त सिंह तथा थानेदार अलीआजम पहुँचे और उन्होंने तिरंगे झंडे को उतारने के लिये आगे आए तो प्रजामंडल की सभा में मौजूद ठाकुर छत्तर सिंह सिपाहियों के सामने खड़े हो गए और किसी भी हालत में तिरंगा झंडा नहीं उतारने को कहा। इतने में ही पुलिस ने ठाकुर छत्तर सिंह को गोली मार दी। तब पंचम सिंह कुशवाह आगे आये तो पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी। दोनों शहीदों के जमीन पर गिरते ही सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगे लगे नीम के पेड़ को चारों ओर से घेर लिया और कहा कि मारो गोली हम सब भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार है। और भारत माता के नाम के जयकारे लगाने लगे जिससे मामला बिगड़ता देख पुलिस पीछे हट गयी। इसी कारण स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से तसीमों गाँव राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया जो कि इतिहास में 'तसीमों गोली काँड' के नाम से जाना जाता है। जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। ऐसे थे हमारे धौलपुर के वीर सपूत शहीद छत्तर सिंह परमार और पंचम सिंह कुशवाह। घटना के साक्षी 83 वर्षीय पंडित रोशनलाल शर्मा बताते है कि राजशाही के इशारे पर पुलिस द्वारा चलाई गोलियों के निशान उनके हाथों पर आज भी धुंधले नहीं पड़े हैं वही साक्षी 86 वर्षीय जमुनादास मित्तल ने कहा कि तिरंगे की लाज के लिए उनके गाँव के दो सपूतों की शहादत पर उन्हें फक्र है।
== पर्यटन स्थल ==
=== चौपड़ा-महादेव मन्दिर===
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में की गई वास्तुकला काफी खूबसूरत है। यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। इसे चौपड़ा-महादेव का मंदिर कहते हैं। गुरु शंकराचार्य श्री श्री १००८ स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी यहाँ अभिषेक कर चुके हैं।
=== मुचुकुन्द-सरोवर ===
अगर आप धौलपुर आएं तो मुचुकुंद सरोवर अवश्य घूमें। इस तालव का नाम राजा [[मुचुकुन्द]] के नाम पर रखा गया। यह तालाव अत्यन्त प्राचीन है। राजा मुचुकुन्द सूर्य वंश के 24वें राजाथे। पुराणों में ऐसा उल्लेख है कि राजा मुचुकुन्द यहाँ पर सो रहे थे, उसी समय असुर कालयवन भगवान श्रीकृष्ण का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच गया और उसने कृष्ण के भ्रम में, वरदान पाकर सोए हुए राजा मुचुकुन्द को जगा दिया। राजा मुचुकुन्द की नजर पड़ते ही कालयवन वहीं भस्म हो गया। तब से यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान के आस-पास ऐसी कई जगह है जिनका निर्माण या रूप परिवर्तन मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मुचुकुन्द सरोवर को सभी तीर्थों का भान्जा कहा जाता है। मुचुकुन्द-तीर्थ नामक बहुत ही सुन्दर रमणीक धार्मिक स्थल प्रकृति की गोद में धौलपुर के निकट ग्वालियर-आगरा मार्ग के बांई ओर लगभग दो कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इस विशाल एवं गहरे जलाशय के चारों ओर वास्तु कला में बेजोड़ अनेक छोटे-बड़े मंदिर तथा पूजागृह पालराजाओं के काल 775 ई॰ से 915 ई॰ तक के बने हुए हैं। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल ऋषि-पंचमी और बलदेव-छट को विशाल मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, इस सरोवर में स्नान कर तर्पण-क्रिया करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि यहाँ लगातार सात रविवार स्नान करने से कान से सर का बहना बन्द हो जाता है। हर अमावस्या को हजारों तीर्थयात्री प्रातःकाल से ही मुचुकुन्द-तीर्थ की परिक्रमा लगाते हैं। इसी प्रकार हर पूर्णिमा को सायंकाल मुचुकुन्द-सरोवरकी महा-आरतीका आयोजन होता है, जिसमें सैकडों की तादाद में भक्त सम्मिलित होते हैं।
=== शेरगढ़ किला ===
यह किला धौलपुर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर चम्बल नदी के किनारे खारों के बीच स्थित है। इस किले का निर्माण धौलपुर नरेश मालदेव ने 1532 ई॰ के आसपास करवाया था। इसके बाद इस किले को शेरशाह सूरीके आक्रमण का सामना करना पड़ा और इस किले का नाम शेरगढ़ किला कर दिया गया।<ref>[https://www.bhaktibharat.com/list/top-famous-temples-of-dholpur-rajasthan धौलपुर के प्रमुख तीर्थ]</ref>
=== मंदिर श्री राम-जानकी और श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी ===
[[File:Shri Hanuman Purani Chavani DHOLPUPR.jpg|thumb|right|280px|विग्रह-श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी, धौलपुर. छायाकार-गोपेश्वर वशिष्ठ]]
धौलपुर रेल्वे स्टेशन से ६ कि॰मी॰, धौलपुर-बाड़ी मार्ग से सरानी खेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित है पुरानी- छावनी। मार्ग पर ऑटो-रिक्शा चलते रहते हैं। महाराज श्री कीर्त सिंह ने गोहद से आकर इस स्थान पर छावनी स्थापित की और यहाँ वि॰सं॰ १६४२(सन् 1699) में मन्दिर का निर्माण करवाया। मन्दिर में चौबीस अवतार युक्त मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामक अष्टधातुका मनोहारी विग्रह है, जो उत्तराभिमुख है। इस दुर्लभ मूर्ति की चोरी भी हो गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्करों के चंगुल से निकलवाने में तत्कालीन डी॰आई॰जी॰, केन्द्रीय पुलिस बल, श्री जगदानन्द सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मन्दिर परिसर के सिंह द्वार के बाईं ओर, अपने आराध्य प्रभु श्री राम को निहारते हुए (दक्षिणाभिमुख) राम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा में रक्त-वाहिकाएं (नसें) नजर आती हैं।
=== खानपुर महल महल की खूबसूरत बनावट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खानपुर महल का निर्माण जाट राजाओ द्वारा किया गया बताया जाता है। खानपुर महल जाट राजा की मुस्लिम रानी( भोपाल नवाब की पुत्री) की प्रेम की निशानी है।===
=== वनविहार वन्य जीव अभयारण्य ===
यह अभयारण्य शहर से 18 किलोमीटरकी दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य धौलपुर शासक का सबसे पुराना वन्यजीव-अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल करीबन 59.86 वर्ग किलोमीटर है। वनविहार विंध्य-पठार पर स्थित है। तालाब-ए-शाही का निर्माण [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल बादशाह]] शाहजहाँ ने करवाया।
=== तालाब-ए-शाही ===
यह जगह धौलपुर - बाड़ी मार्ग पर धौलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तालाब-ए-शाही काफी खूबसूरत एवं ऐतिहासिक झील है। इस झील का निर्माण शाहजहाँ ने 1617 ईसवीं में करवाया था। इस झील को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। यहाँ राजा व रानी के दो महल है। रानी के महल को पर्यटकों हेतु होटल में परवर्तित कर दिया गया है जो आज भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण शाहजहाँ के मनसबदार साले खान ने उनके लिये बनवाया था।
=== रामसागर-अभयारण्य ===
यह अभयारण्य धौलपुर से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य रामसागर झील का एक हिस्सा है। इस झील में मगरमच्छ के साथ मछलियों एवं साँपों की प्रजातियाँ देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पानी में रहने वाली पक्षी जैसे जलकौवा, बत्तख आदि भी देख सकते हैं। यह बाड़ी के निकट है।
=== निहाल टॉवर ===
धौलपुर शहर में स्थित घंटाघर जिसका नाम निहाल टॉवर है जो राजस्थान का सबसे बड़ा घण्टाघर है जो 7 मंजिला है। जिसका निर्माण धौलपुर के राजा निहाल सिंह ने करवाया था।
=== अन्य स्थानीय महत्वपूर्ण मंदिर ===
* श्री महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर, सरमथुरा
* महादेेेव मंदिर , सैपऊ - धौलपुर शहर से 30 कि॰मी॰ दूर सैपऊ कस्बे से 7 कि॰मी॰ दूर सैपऊ बड़ी रोड पर स्थित महादेव मंदिर अपनी स्थापत्यकला तथा अलौकिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें राजस्थान का सबसे बड़ा शिव लिंग स्थापित है।
=== लसवारी- ===
लसवारी एक ऐतिहासिक स्थल है। इसी स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिंधिया की हत्या की थी। इसके अलावा यहाँ पुराना मुगल गार्डन, दमोह [[जलप्रपात|जल प्रपात]] और खानपुर महल भी हैं। यह सभी जगह लसवारी की खूबसूरत जगहों में से हैं।
दमोह- सरमथुरा से २ कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह एक सुन्दर जल-प्रपात है। इसकी ऊँचाई ३०० फुट है। सरमथुरा का महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर प्रसिद्ध है।
== उद्योग और व्यापार ==
यहाँ पर सबसे बड़ा रोजगार कृषि और पत्थर का है धौलपुर से 60 किलोमीटर दूर सर मथुरा है जहाँ पर लाल पत्थर अधिक मिलता है यहाँ लाल पत्थर रोजगार का साधन है
== जनसंख्या ==
2011 के जनगणना के अनुसार जिला के कुल जनसंख्या 1206516 है। 2001 में हुए जनगणना के अनुसार धौलपुर नगर की कुल जनसंख्या 92,137 है; और धौलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 9,82,815 रही। जिसमें 22.71% की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले का कुल क्षेत्रफल 3033 वर्ग कि॰मी॰ है। जिले का औसत जनसंख्या घनत्व लगभग 398 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ तथा लिंगानुपात 846 और साक्षरता दर 69.08% हैं।
== आवागमन ==
* हवाई मार्ग - सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आगरा में है। आगरा से धौलपुर की दूरी 54 किलोमीटर है।
* रेल मार्ग - रेल मार्ग द्वारा धौलपुर से दिल्ली 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
* सड़क मार्ग - सड़क मार्ग द्वारा भरतपुर से धौलपुर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[धौलपुर ज़िला]]
* [[Www.facebook.com/anilrsrana|अनिल आर एस राना]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://web.archive.org/web/20050829124718/http://dholpur.nic.in/ धौलपुर जिला वेबसाइट]
*[https://web.archive.org/web/20081216014650/http://www.georgians.in/ धौलपुर मिलिटेरी स्कूल]
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:धौलपुर ज़िला]]
[[श्रेणी:धौलपुर ज़िले के नगर]]
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'''[[धौलपुर]]''' (Dholpur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[धौलपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धौलपुर [[चम्बल नदी]] के किनारे बसा हुआ है, जिसके पार [[मध्य प्रदेश]] राज्य आरम्भ होता है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग २३ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग २३]] और [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग ४४]] यहाँ से गुज़रते हैं। इस पर जाट राजाओ ने शासन किया। <ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
धौलपुर चम्बल नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। धौलपुर दो राज्यों उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमाओं के बीच में अवस्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा से मुंबई) शहर के बीचों बीच से निकलता है एवम् शहर को दो भागों में बाँटता है। उत्तरप्रदेश में इसका निकटवर्ती शहर आगरा (54 कि॰मी॰) एवम मध्यप्रदेश में मुरैना (27 कि॰मी॰) है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से 280 किलोमीटर व राज्यीय राजधानी जयपुर से 265 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके निकटतम हवाई अड्डे उत्तरप्रदेश के आगरा (54 कि॰मी॰) व मध्यप्रदेश के ग्वालियर (65 कि॰मी॰) हैं। धौलपुर जिला विशेष रूप से [[बलुआ पत्थर]] के लिए जाना जाता है। यहाँ बनाई जाने वाली अधिकतर इमारतों का निर्माण इन बलुआ पत्थरों से ही किया जाता है। धौलपुर जिला राजस्थान की अरावली पर्वतमाला एवम मध्यप्रदेश की विंध्याचल पर्वतमाला तथा उत्तर भारत के विशाल मैदान का मिलन स्थल है। अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के लिए भी ये जिला प्रसिद्ध है। इस जिले के पूर्व व उत्तर पूर्व में चम्बल नदी के प्रसिद्ध बीहड़ हैं तो दक्षिण-पश्चिम में अरावली की पथरीली , चट्टानी श्रृंखलाएं।
धौलपुर में कई मंदिर, किले, झील और महल है जहाँ घूमा जा सकता है।
== इतिहास ==
धौलपुर एक पुराने ऐतिहासिक शहर के रूप में जाना जाता है। धौलपुर शिवि वंशी बमरोलिया जाटों की प्रसिद्ध रियासत है। धौलपुर के राजाओ का विरुद महाराणा है। धौलपुर का क्षेत्र प्रारम्भ में भरतपुर रियासत के अधीन था। सिंधिया, अंग्रेज़ और जाटों के मध्य हुए एक समझौते के बाद धौलपुर क्षेत्र गोहद के जाट राजाओ के अधीन आ गया था। धौलपुर के नामकरण के पीछे तीन मत प्रचलित है।
* प्रथम मत के अनुसार नागवंशी धौल्या जाटों ने इस नगर की स्थापना की थी यह आगे चलकर धौलपुर नाम से प्रसिद्ध हुआ
* द्वितीय मत के अनुसार यह नगर धवलदेव नामक शासक ने बसाया था।लेकिन इससे संबंधित कोई भी प्राचीन लेख अप्राप्त है।
* तृतीय मत के अनुसार जादौन शासक दवलराय ने इस जगह की स्थापना की है।
उपरोक्त सभी मतों में से नागवंश द्वारा इस जगह की स्थापना प्रामाणिक है। इसके निकट क्षेत पर सैकड़ों सालो तक नागवंश का शासन रहा है।
वर्तमान नगर मूल नगर के उत्तर में बसा है। चंबल नदी की बाढ़ से बचने के लिये ऐसा किया गया। पहले धौलपुर सामंती राज्य का हिस्सा था, जो 1949 में राजस्थान प्रदेश का हिस्सा बन गया था। धौलपुर से निकट राजा मुचुकुंद के नाम से प्रसिद्ध गुफा है जो गंधमादन पहाड़ी के अंदर बताई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा पर कालयवन के आक्रमण के समय श्रीकृष्ण मथुरा से मुचुकुंद की गुहा में चले आए थे। उनका पीछा करते हुए कालयवन भी इसी गुफा में प्रविष्ट हुआ और वहाँ सोते हुए मुचुकुंद को श्रीकृष्ण ने उत्तराखंड भेज दिया। यह कथा श्रीमद् भागवत 10,15 में वर्णित है। कथाप्रसंग में मुचुकुंद की गुहा का उल्लेख इस प्रकार है।[1] धौलपुर से 842 ई॰ का एक अभिलेख मिला है, जिसमें चंडस्वामिन् अथवा सूर्य के मंदिर की प्रतिष्ठापना का उल्लेख है। इस अभिलेख की विशेषता इस तथ्य में है कि इसमें हमें सर्वप्रथम विक्रमसंवत् की तिथि का उल्लेख मिलता है जो 898 है। धौलपुर में भरतपुर के जाट राज्यवंश की एक शाखा का राज्य था। भरतपुर के सर्वश्रेष्ठ शासक सूरजमल जाट की मृत्यु के समय (1764 ई॰) धौलपुर भरतपुर राज्य ही में सम्मिलित था। पीछे यहाँ एक अलग रियासत स्थापित हो गई।
==धौलपुर के महाराजाओ की सूची==
* [[राणा कीरत सिंह]] - (1805 -1835)
* [[भगवन्त सिंह|राणा भगवंत सिंह]] - (1835 - 1873)
* [[राणा निहाल सिंह]] - (1873 - 1901)
* [[राणा राम सिंह]] - (1901 -1911)
* [[उदयभानु सिंह|राणा उदयभानु सिंह]] - (1911 - 1949)
* राणा [[हेमन्त सिंह]] - (1949 - 1954)
===तसीमों गोली काण्ड===
देश को आजाद कराने के लिये देश के कितने ही लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। ऐसे ही अपने धौलपुर के तसीमों गाँव के शहीदों का नाम आता है शहीद छत्तर सिंह परमार और शहीद पंचम सिंह कुशवाह। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी। धौलपुर के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है। 11 अप्रैल 1947 को जब प्रजामंडल के कार्यकर्ता तसीमों गाँव में सभा स्थल पर एकत्रित हुये थे। तब झंडा फहराने पर रोक थी, लेकिन नीम के पेड़ पर तिरंगा लहर रहा था और सभा चल रही थी। उसी समय सभास्थल पर पुलिस के साथ सैंपऊ के तत्कालीन मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक गुरुदत्त सिंह तथा थानेदार अलीआजम पहुँचे और उन्होंने तिरंगे झंडे को उतारने के लिये आगे आए तो प्रजामंडल की सभा में मौजूद ठाकुर छत्तर सिंह सिपाहियों के सामने खड़े हो गए और किसी भी हालत में तिरंगा झंडा नहीं उतारने को कहा। इतने में ही पुलिस ने ठाकुर छत्तर सिंह को गोली मार दी। तब पंचम सिंह कुशवाह आगे आये तो पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी। दोनों शहीदों के जमीन पर गिरते ही सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगे लगे नीम के पेड़ को चारों ओर से घेर लिया और कहा कि मारो गोली हम सब भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार है। और भारत माता के नाम के जयकारे लगाने लगे जिससे मामला बिगड़ता देख पुलिस पीछे हट गयी। इसी कारण स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से तसीमों गाँव राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया जो कि इतिहास में 'तसीमों गोली काँड' के नाम से जाना जाता है। जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। ऐसे थे हमारे धौलपुर के वीर सपूत शहीद छत्तर सिंह परमार और पंचम सिंह कुशवाह। घटना के साक्षी 83 वर्षीय पंडित रोशनलाल शर्मा बताते है कि राजशाही के इशारे पर पुलिस द्वारा चलाई गोलियों के निशान उनके हाथों पर आज भी धुंधले नहीं पड़े हैं वही साक्षी 86 वर्षीय जमुनादास मित्तल ने कहा कि तिरंगे की लाज के लिए उनके गाँव के दो सपूतों की शहादत पर उन्हें फक्र है।
== पर्यटन स्थल ==
=== चौपड़ा-महादेव मन्दिर===
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में की गई वास्तुकला काफी खूबसूरत है। यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। इसे चौपड़ा-महादेव का मंदिर कहते हैं। गुरु शंकराचार्य श्री श्री १००८ स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी यहाँ अभिषेक कर चुके हैं।
=== मुचुकुन्द-सरोवर ===
अगर आप धौलपुर आएं तो मुचुकुंद सरोवर अवश्य घूमें। इस तालव का नाम राजा [[मुचुकुन्द]] के नाम पर रखा गया। यह तालाव अत्यन्त प्राचीन है। राजा मुचुकुन्द सूर्य वंश के 24वें राजाथे। पुराणों में ऐसा उल्लेख है कि राजा मुचुकुन्द यहाँ पर सो रहे थे, उसी समय असुर कालयवन भगवान श्रीकृष्ण का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच गया और उसने कृष्ण के भ्रम में, वरदान पाकर सोए हुए राजा मुचुकुन्द को जगा दिया। राजा मुचुकुन्द की नजर पड़ते ही कालयवन वहीं भस्म हो गया। तब से यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान के आस-पास ऐसी कई जगह है जिनका निर्माण या रूप परिवर्तन मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मुचुकुन्द सरोवर को सभी तीर्थों का भान्जा कहा जाता है। मुचुकुन्द-तीर्थ नामक बहुत ही सुन्दर रमणीक धार्मिक स्थल प्रकृति की गोद में धौलपुर के निकट ग्वालियर-आगरा मार्ग के बांई ओर लगभग दो कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इस विशाल एवं गहरे जलाशय के चारों ओर वास्तु कला में बेजोड़ अनेक छोटे-बड़े मंदिर तथा पूजागृह पालराजाओं के काल 775 ई॰ से 915 ई॰ तक के बने हुए हैं। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल ऋषि-पंचमी और बलदेव-छट को विशाल मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, इस सरोवर में स्नान कर तर्पण-क्रिया करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि यहाँ लगातार सात रविवार स्नान करने से कान से सर का बहना बन्द हो जाता है। हर अमावस्या को हजारों तीर्थयात्री प्रातःकाल से ही मुचुकुन्द-तीर्थ की परिक्रमा लगाते हैं। इसी प्रकार हर पूर्णिमा को सायंकाल मुचुकुन्द-सरोवरकी महा-आरतीका आयोजन होता है, जिसमें सैकडों की तादाद में भक्त सम्मिलित होते हैं।
=== शेरगढ़ किला ===
यह किला धौलपुर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर चम्बल नदी के किनारे खारों के बीच स्थित है। इस किले का निर्माण धौलपुर नरेश मालदेव ने 1532 ई॰ के आसपास करवाया था। इसके बाद इस किले को शेरशाह सूरीके आक्रमण का सामना करना पड़ा और इस किले का नाम शेरगढ़ किला कर दिया गया।<ref>[https://www.bhaktibharat.com/list/top-famous-temples-of-dholpur-rajasthan धौलपुर के प्रमुख तीर्थ]</ref>
=== मंदिर श्री राम-जानकी और श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी ===
[[File:Shri Hanuman Purani Chavani DHOLPUPR.jpg|thumb|right|280px|विग्रह-श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी, धौलपुर. छायाकार-गोपेश्वर वशिष्ठ]]
धौलपुर रेल्वे स्टेशन से ६ कि॰मी॰, धौलपुर-बाड़ी मार्ग से सरानी खेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित है पुरानी- छावनी। मार्ग पर ऑटो-रिक्शा चलते रहते हैं। महाराज श्री कीर्त सिंह ने गोहद से आकर इस स्थान पर छावनी स्थापित की और यहाँ वि॰सं॰ १६४२(सन् 1699) में मन्दिर का निर्माण करवाया। मन्दिर में चौबीस अवतार युक्त मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामक अष्टधातुका मनोहारी विग्रह है, जो उत्तराभिमुख है। इस दुर्लभ मूर्ति की चोरी भी हो गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्करों के चंगुल से निकलवाने में तत्कालीन डी॰आई॰जी॰, केन्द्रीय पुलिस बल, श्री जगदानन्द सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मन्दिर परिसर के सिंह द्वार के बाईं ओर, अपने आराध्य प्रभु श्री राम को निहारते हुए (दक्षिणाभिमुख) राम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा में रक्त-वाहिकाएं (नसें) नजर आती हैं।
=== खानपुर महल महल की खूबसूरत बनावट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खानपुर महल का निर्माण जाट राजाओ द्वारा किया गया बताया जाता है। खानपुर महल जाट राजा की मुस्लिम रानी( भोपाल नवाब की पुत्री) की प्रेम की निशानी है।===
=== वनविहार वन्य जीव अभयारण्य ===
यह अभयारण्य शहर से 18 किलोमीटरकी दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य धौलपुर शासक का सबसे पुराना वन्यजीव-अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल करीबन 59.86 वर्ग किलोमीटर है। वनविहार विंध्य-पठार पर स्थित है। तालाब-ए-शाही का निर्माण [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल बादशाह]] शाहजहाँ ने करवाया।
=== तालाब-ए-शाही ===
यह जगह धौलपुर - बाड़ी मार्ग पर धौलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तालाब-ए-शाही काफी खूबसूरत एवं ऐतिहासिक झील है। इस झील का निर्माण शाहजहाँ ने 1617 ईसवीं में करवाया था। इस झील को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। यहाँ राजा व रानी के दो महल है। रानी के महल को पर्यटकों हेतु होटल में परवर्तित कर दिया गया है जो आज भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण शाहजहाँ के मनसबदार साले खान ने उनके लिये बनवाया था।
=== रामसागर-अभयारण्य ===
यह अभयारण्य धौलपुर से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य रामसागर झील का एक हिस्सा है। इस झील में मगरमच्छ के साथ मछलियों एवं साँपों की प्रजातियाँ देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पानी में रहने वाली पक्षी जैसे जलकौवा, बत्तख आदि भी देख सकते हैं। यह बाड़ी के निकट है।
=== निहाल टॉवर ===
धौलपुर शहर में स्थित घंटाघर जिसका नाम निहाल टॉवर है जो राजस्थान का सबसे बड़ा घण्टाघर है जो 7 मंजिला है। जिसका निर्माण धौलपुर के राजा निहाल सिंह ने करवाया था।
=== अन्य स्थानीय महत्वपूर्ण मंदिर ===
* श्री महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर, सरमथुरा
* महादेेेव मंदिर , सैपऊ - धौलपुर शहर से 30 कि॰मी॰ दूर सैपऊ कस्बे से 7 कि॰मी॰ दूर सैपऊ बड़ी रोड पर स्थित महादेव मंदिर अपनी स्थापत्यकला तथा अलौकिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें राजस्थान का सबसे बड़ा शिव लिंग स्थापित है।
=== लसवारी- ===
लसवारी एक ऐतिहासिक स्थल है। इसी स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिंधिया की हत्या की थी। इसके अलावा यहाँ पुराना मुगल गार्डन, दमोह [[जलप्रपात|जल प्रपात]] और खानपुर महल भी हैं। यह सभी जगह लसवारी की खूबसूरत जगहों में से हैं।
दमोह- सरमथुरा से २ कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह एक सुन्दर जल-प्रपात है। इसकी ऊँचाई ३०० फुट है। सरमथुरा का महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर प्रसिद्ध है।
== उद्योग और व्यापार ==
यहाँ पर सबसे बड़ा रोजगार कृषि और पत्थर का है धौलपुर से 60 किलोमीटर दूर सर मथुरा है जहाँ पर लाल पत्थर अधिक मिलता है यहाँ लाल पत्थर रोजगार का साधन है
== जनसंख्या ==
2011 के जनगणना के अनुसार जिला के कुल जनसंख्या 1206516 है। 2001 में हुए जनगणना के अनुसार धौलपुर नगर की कुल जनसंख्या 92,137 है; और धौलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 9,82,815 रही। जिसमें 22.71% की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले का कुल क्षेत्रफल 3033 वर्ग कि॰मी॰ है। जिले का औसत जनसंख्या घनत्व लगभग 398 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ तथा लिंगानुपात 846 और साक्षरता दर 69.08% हैं।
== आवागमन ==
* हवाई मार्ग - सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आगरा में है। आगरा से धौलपुर की दूरी 54 किलोमीटर है।
* रेल मार्ग - रेल मार्ग द्वारा धौलपुर से दिल्ली 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
* सड़क मार्ग - सड़क मार्ग द्वारा भरतपुर से धौलपुर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[धौलपुर ज़िला]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://web.archive.org/web/20050829124718/http://dholpur.nic.in/ धौलपुर जिला वेबसाइट]
*[https://web.archive.org/web/20081216014650/http://www.georgians.in/ धौलपुर मिलिटेरी स्कूल]
== सन्दर्भ ==
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'''[[धौलपुर]]''' (Dholpur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[धौलपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धौलपुर [[चम्बल नदी]] के किनारे बसा हुआ है, जिसके पार [[मध्य प्रदेश]] राज्य आरम्भ होता है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग २३ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग २३]] और [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग ४४]] यहाँ से गुज़रते हैं। इस पर जाट राजाओ ने शासन किया। <ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
धौलपुर चम्बल नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। धौलपुर दो राज्यों उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमाओं के बीच में अवस्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा से मुंबई) शहर के बीचों बीच से निकलता है एवम् शहर को दो भागों में बाँटता है। उत्तरप्रदेश में इसका निकटवर्ती शहर आगरा (54 कि॰मी॰) एवम मध्यप्रदेश में मुरैना (27 कि॰मी॰) है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से 280 किलोमीटर व राज्यीय राजधानी जयपुर से 265 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके निकटतम हवाई अड्डे उत्तरप्रदेश के आगरा (54 कि॰मी॰) व मध्यप्रदेश के ग्वालियर (65 कि॰मी॰) हैं। धौलपुर जिला विशेष रूप से [[बलुआ पत्थर]] के लिए जाना जाता है। यहाँ बनाई जाने वाली अधिकतर इमारतों का निर्माण इन बलुआ पत्थरों से ही किया जाता है। धौलपुर जिला राजस्थान की अरावली पर्वतमाला एवम मध्यप्रदेश की विंध्याचल पर्वतमाला तथा उत्तर भारत के विशाल मैदान का मिलन स्थल है। अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के लिए भी ये जिला प्रसिद्ध है। इस जिले के पूर्व व उत्तर पूर्व में चम्बल नदी के प्रसिद्ध बीहड़ हैं तो दक्षिण-पश्चिम में अरावली की पथरीली , चट्टानी श्रृंखलाएं।
धौलपुर में कई मंदिर, किले, झील और महल है जहाँ घूमा जा सकता है।
== इतिहास ==
धौलपुर एक पुराने ऐतिहासिक शहर के रूप में जाना जाता है। धौलपुर शिवि वंशी बमरोलिया जाटों की प्रसिद्ध रियासत है। धौलपुर के राजाओ का विरुद महाराणा है। धौलपुर का क्षेत्र प्रारम्भ में भरतपुर रियासत के अधीन था। सिंधिया, अंग्रेज़ और जाटों के मध्य हुए एक समझौते के बाद धौलपुर क्षेत्र गोहद के जाट राजाओ के अधीन आ गया था। धौलपुर के नामकरण के पीछे तीन मत प्रचलित है।
* प्रथम मत के अनुसार नागवंशी धौल्या जाटों ने इस नगर की स्थापना की थी यह आगे चलकर धौलपुर नाम से प्रसिद्ध हुआ
* द्वितीय मत के अनुसार यह नगर धवलदेव नामक शासक ने बसाया था।लेकिन इससे संबंधित कोई भी प्राचीन लेख अप्राप्त है।
* तृतीय मत के अनुसार जादौन शासक दवलराय ने इस जगह की स्थापना की है।
उपरोक्त सभी मतों में से नागवंश द्वारा इस जगह की स्थापना प्रामाणिक है। इसके निकट क्षेत पर सैकड़ों सालो तक नागवंश का शासन रहा है।
वर्तमान नगर मूल नगर के उत्तर में बसा है। चंबल नदी की बाढ़ से बचने के लिये ऐसा किया गया। पहले धौलपुर सामंती राज्य का हिस्सा था, जो 1949 में राजस्थान प्रदेश का हिस्सा बन गया था। धौलपुर से निकट राजा मुचुकुंद के नाम से प्रसिद्ध गुफा है जो गंधमादन पहाड़ी के अंदर बताई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा पर कालयवन के आक्रमण के समय श्रीकृष्ण मथुरा से मुचुकुंद की गुहा में चले आए थे। उनका पीछा करते हुए कालयवन भी इसी गुफा में प्रविष्ट हुआ और वहाँ सोते हुए मुचुकुंद को श्रीकृष्ण ने उत्तराखंड भेज दिया। यह कथा श्रीमद् भागवत 10,15 में वर्णित है। कथाप्रसंग में मुचुकुंद की गुहा का उल्लेख इस प्रकार है।[1] धौलपुर से 842 ई॰ का एक अभिलेख मिला है, जिसमें चंडस्वामिन् अथवा सूर्य के मंदिर की प्रतिष्ठापना का उल्लेख है। इस अभिलेख की विशेषता इस तथ्य में है कि इसमें हमें सर्वप्रथम विक्रमसंवत् की तिथि का उल्लेख मिलता है जो 898 है। धौलपुर में भरतपुर के जाट राज्यवंश की एक शाखा का राज्य था। भरतपुर के सर्वश्रेष्ठ शासक सूरजमल जाट की मृत्यु के समय (1764 ई॰) धौलपुर भरतपुर राज्य ही में सम्मिलित था। पीछे यहाँ एक अलग रियासत स्थापित हो गई।
==धौलपुर के महाराजाओ की सूची==
* [[राणा कीरत सिंह]] - (1805 -1835)
* [[भगवन्त सिंह|राणा भगवंत सिंह]] - (1835 - 1873)
* [[राणा निहाल सिंह]] - (1873 - 1901)
* [[राणा राम सिंह]] - (1901 -1911)
* [[उदयभानु सिंह|राणा उदयभानु सिंह]] - (1911 - 1949)
* राणा [[हेमन्त सिंह]] - (1949 - 1954)
===तसीमों गोली काण्ड===
देश को आजाद कराने के लिये देश के कितने ही लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। ऐसे ही अपने धौलपुर के तसीमों गाँव के शहीदों का नाम आता है शहीद छत्तर सिंह परमार और शहीद पंचम सिंह कुशवाह। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी। धौलपुर के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है। 11 अप्रैल 1947 को जब प्रजामंडल के कार्यकर्ता तसीमों गाँव में सभा स्थल पर एकत्रित हुये थे। तब झंडा फहराने पर रोक थी, लेकिन नीम के पेड़ पर तिरंगा लहर रहा था और सभा चल रही थी। उसी समय सभास्थल पर पुलिस के साथ सैंपऊ के तत्कालीन मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक गुरुदत्त सिंह तथा थानेदार अलीआजम पहुँचे और उन्होंने तिरंगे झंडे को उतारने के लिये आगे आए तो प्रजामंडल की सभा में मौजूद ठाकुर छत्तर सिंह सिपाहियों के सामने खड़े हो गए और किसी भी हालत में तिरंगा झंडा नहीं उतारने को कहा। इतने में ही पुलिस ने ठाकुर छत्तर सिंह को गोली मार दी। तब पंचम सिंह कुशवाह आगे आये तो पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी। दोनों शहीदों के जमीन पर गिरते ही सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगे लगे नीम के पेड़ को चारों ओर से घेर लिया और कहा कि मारो गोली हम सब भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार है। और भारत माता के नाम के जयकारे लगाने लगे जिससे मामला बिगड़ता देख पुलिस पीछे हट गयी। इसी कारण स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से तसीमों गाँव राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया जो कि इतिहास में 'तसीमों गोली काँड' के नाम से जाना जाता है। जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। ऐसे थे हमारे धौलपुर के वीर सपूत शहीद छत्तर सिंह परमार और पंचम सिंह कुशवाह। घटना के साक्षी 83 वर्षीय पंडित रोशनलाल शर्मा बताते है कि राजशाही के इशारे पर पुलिस द्वारा चलाई गोलियों के निशान उनके हाथों पर आज भी धुंधले नहीं पड़े हैं वही साक्षी 86 वर्षीय जमुनादास मित्तल ने कहा कि तिरंगे की लाज के लिए उनके गाँव के दो सपूतों की शहादत पर उन्हें फक्र है।
== पर्यटन स्थल ==
=== चौपड़ा-महादेव मन्दिर===
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में की गई वास्तुकला काफी खूबसूरत है। यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। इसे चौपड़ा-महादेव का मंदिर कहते हैं। गुरु शंकराचार्य श्री श्री १००८ स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी यहाँ अभिषेक कर चुके हैं।
=== मुचुकुन्द-सरोवर ===
अगर आप धौलपुर आएं तो मुचुकुंद सरोवर अवश्य घूमें। इस तालव का नाम राजा [[मुचुकुन्द]] के नाम पर रखा गया। यह तालाव अत्यन्त प्राचीन है। राजा मुचुकुन्द सूर्य वंश के 24वें राजाथे। पुराणों में ऐसा उल्लेख है कि राजा मुचुकुन्द यहाँ पर सो रहे थे, उसी समय असुर कालयवन भगवान श्रीकृष्ण का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच गया और उसने कृष्ण के भ्रम में, वरदान पाकर सोए हुए राजा मुचुकुन्द को जगा दिया। राजा मुचुकुन्द की नजर पड़ते ही कालयवन वहीं भस्म हो गया। तब से यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान के आस-पास ऐसी कई जगह है जिनका निर्माण या रूप परिवर्तन मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मुचुकुन्द सरोवर को सभी तीर्थों का भान्जा कहा जाता है। मुचुकुन्द-तीर्थ नामक बहुत ही सुन्दर रमणीक धार्मिक स्थल प्रकृति की गोद में धौलपुर के निकट ग्वालियर-आगरा मार्ग के बांई ओर लगभग दो कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इस विशाल एवं गहरे जलाशय के चारों ओर वास्तु कला में बेजोड़ अनेक छोटे-बड़े मंदिर तथा पूजागृह पालराजाओं के काल 775 ई॰ से 915 ई॰ तक के बने हुए हैं। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल ऋषि-पंचमी और बलदेव-छट को विशाल मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, इस सरोवर में स्नान कर तर्पण-क्रिया करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि यहाँ लगातार सात रविवार स्नान करने से कान से सर का बहना बन्द हो जाता है। हर अमावस्या को हजारों तीर्थयात्री प्रातःकाल से ही मुचुकुन्द-तीर्थ की परिक्रमा लगाते हैं। इसी प्रकार हर पूर्णिमा को सायंकाल मुचुकुन्द-सरोवरकी महा-आरतीका आयोजन होता है, जिसमें सैकडों की तादाद में भक्त सम्मिलित होते हैं।
=== शेरगढ़ किला ===
यह किला धौलपुर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर चम्बल नदी के किनारे खारों के बीच स्थित है। इस किले का निर्माण धौलपुर नरेश मालदेव ने 1532 ई॰ के आसपास करवाया था। इसके बाद इस किले को शेरशाह सूरीके आक्रमण का सामना करना पड़ा और इस किले का नाम शेरगढ़ किला कर दिया गया।<ref>[https://www.bhaktibharat.com/list/top-famous-temples-of-dholpur-rajasthan धौलपुर के प्रमुख तीर्थ]</ref>
=== मंदिर श्री राम-जानकी और श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी ===
[[File:Shri Hanuman Purani Chavani DHOLPUPR.jpg|thumb|right|280px|विग्रह-श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी, धौलपुर. छायाकार-गोपेश्वर वशिष्ठ]]
धौलपुर रेल्वे स्टेशन से ६ कि॰मी॰, धौलपुर-बाड़ी मार्ग से सरानी खेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित है पुरानी- छावनी। मार्ग पर ऑटो-रिक्शा चलते रहते हैं। महाराज श्री कीर्त सिंह ने गोहद से आकर इस स्थान पर छावनी स्थापित की और यहाँ वि॰सं॰ १६४२(सन् 1699) में मन्दिर का निर्माण करवाया। मन्दिर में चौबीस अवतार युक्त मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामक अष्टधातुका मनोहारी विग्रह है, जो उत्तराभिमुख है। इस दुर्लभ मूर्ति की चोरी भी हो गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्करों के चंगुल से निकलवाने में तत्कालीन डी॰आई॰जी॰, केन्द्रीय पुलिस बल, श्री जगदानन्द सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मन्दिर परिसर के सिंह द्वार के बाईं ओर, अपने आराध्य प्रभु श्री राम को निहारते हुए (दक्षिणाभिमुख) राम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा में रक्त-वाहिकाएं (नसें) नजर आती हैं।
=== खानपुर महल ===
इस किले का निर्माण मुगल शासन के दौरान शाहजहाँ ने करवाया था। इस महल की खूबसूरत बनावट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दूसरी तरफ खानपुर महल के निर्माण जाट राजाओ द्वारा किया गया बताया जाता है।
=== वनविहार वन्य जीव अभयारण्य ===
यह अभयारण्य शहर से 18 किलोमीटरकी दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य धौलपुर शासक का सबसे पुराना वन्यजीव-अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल करीबन 59.86 वर्ग किलोमीटर है। वनविहार विंध्य-पठार पर स्थित है। तालाब-ए-शाही का निर्माण [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल बादशाह]] शाहजहाँ ने करवाया।
=== तालाब-ए-शाही ===
यह जगह धौलपुर - बाड़ी मार्ग पर धौलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तालाब-ए-शाही काफी खूबसूरत एवं ऐतिहासिक झील है। इस झील का निर्माण शाहजहाँ ने 1617 ईसवीं में करवाया था। इस झील को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। यहाँ राजा व रानी के दो महल है। रानी के महल को पर्यटकों हेतु होटल में परवर्तित कर दिया गया है जो आज भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण शाहजहाँ के मनसबदार साले खान ने उनके लिये बनवाया था।
=== रामसागर-अभयारण्य ===
यह अभयारण्य धौलपुर से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य रामसागर झील का एक हिस्सा है। इस झील में मगरमच्छ के साथ मछलियों एवं साँपों की प्रजातियाँ देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पानी में रहने वाली पक्षी जैसे जलकौवा, बत्तख आदि भी देख सकते हैं। यह बाड़ी के निकट है।
=== निहाल टॉवर ===
धौलपुर शहर में स्थित घंटाघर जिसका नाम निहाल टॉवर है जो राजस्थान का सबसे बड़ा घण्टाघर है जो 7 मंजिला है। जिसका निर्माण धौलपुर के राजा निहाल सिंह ने करवाया था।
=== अन्य स्थानीय महत्वपूर्ण मंदिर ===
* श्री महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर, सरमथुरा
* महादेेेव मंदिर , सैपऊ - धौलपुर शहर से 30 कि॰मी॰ दूर सैपऊ कस्बे से 7 कि॰मी॰ दूर सैपऊ बड़ी रोड पर स्थित महादेव मंदिर अपनी स्थापत्यकला तथा अलौकिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें राजस्थान का सबसे बड़ा शिव लिंग स्थापित है।
=== लसवारी- ===
लसवारी एक ऐतिहासिक स्थल है। इसी स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिंधिया की हत्या की थी। इसके अलावा यहाँ पुराना मुगल गार्डन, दमोह [[जलप्रपात|जल प्रपात]] और खानपुर महल भी हैं। यह सभी जगह लसवारी की खूबसूरत जगहों में से हैं।
दमोह- सरमथुरा से २ कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह एक सुन्दर जल-प्रपात है। इसकी ऊँचाई ३०० फुट है। सरमथुरा का महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर प्रसिद्ध है।
== उद्योग और व्यापार ==
यहाँ पर सबसे बड़ा रोजगार कृषि और पत्थर का है धौलपुर से 60 किलोमीटर दूर सर मथुरा है जहाँ पर लाल पत्थर अधिक मिलता है यहाँ लाल पत्थर रोजगार का साधन है
== जनसंख्या ==
2011 के जनगणना के अनुसार जिला के कुल जनसंख्या 1206516 है। 2001 में हुए जनगणना के अनुसार धौलपुर नगर की कुल जनसंख्या 92,137 है; और धौलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 9,82,815 रही। जिसमें 22.71% की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले का कुल क्षेत्रफल 3033 वर्ग कि॰मी॰ है। जिले का औसत जनसंख्या घनत्व लगभग 398 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ तथा लिंगानुपात 846 और साक्षरता दर 69.08% हैं।
== आवागमन ==
* हवाई मार्ग - सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आगरा में है। आगरा से धौलपुर की दूरी 54 किलोमीटर है।
* रेल मार्ग - रेल मार्ग द्वारा धौलपुर से दिल्ली 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
* सड़क मार्ग - सड़क मार्ग द्वारा भरतपुर से धौलपुर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[धौलपुर ज़िला]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://web.archive.org/web/20050829124718/http://dholpur.nic.in/ धौलपुर जिला वेबसाइट]
*[https://web.archive.org/web/20081216014650/http://www.georgians.in/ धौलपुर मिलिटेरी स्कूल]
== सन्दर्भ ==
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'''[[धौलपुर]]''' (Dholpur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[धौलपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धौलपुर [[चम्बल नदी]] के किनारे बसा हुआ है, जिसके पार [[मध्य प्रदेश]] राज्य आरम्भ होता है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग २३ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग २३]] और [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग ४४]] यहाँ से गुज़रते हैं। इस पर जाट राजाओ ने शासन किया। <ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
धौलपुर चम्बल नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। धौलपुर दो राज्यों उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमाओं के बीच में अवस्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा से मुंबई) शहर के बीचों बीच से निकलता है एवम् शहर को दो भागों में बाँटता है। उत्तरप्रदेश में इसका निकटवर्ती शहर आगरा (54 कि॰मी॰) एवम मध्यप्रदेश में मुरैना (27 कि॰मी॰) है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से 280 किलोमीटर व राज्यीय राजधानी जयपुर से 265 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके निकटतम हवाई अड्डे उत्तरप्रदेश के आगरा (54 कि॰मी॰) व मध्यप्रदेश के ग्वालियर (65 कि॰मी॰) हैं। धौलपुर जिला विशेष रूप से [[बलुआ पत्थर]] के लिए जाना जाता है। यहाँ बनाई जाने वाली अधिकतर इमारतों का निर्माण इन बलुआ पत्थरों से ही किया जाता है। धौलपुर जिला राजस्थान की अरावली पर्वतमाला एवम मध्यप्रदेश की विंध्याचल पर्वतमाला तथा उत्तर भारत के विशाल मैदान का मिलन स्थल है। अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के लिए भी ये जिला प्रसिद्ध है। इस जिले के पूर्व व उत्तर पूर्व में चम्बल नदी के प्रसिद्ध बीहड़ हैं तो दक्षिण-पश्चिम में अरावली की पथरीली , चट्टानी श्रृंखलाएं।
धौलपुर में कई मंदिर, किले, झील और महल है जहाँ घूमा जा सकता है।
== इतिहास ==
धौलपुर एक पुराने ऐतिहासिक शहर के रूप में जाना जाता है। धौलपुर शिवि वंशी बमरोलिया जाटों की प्रसिद्ध रियासत है। धौलपुर के राजाओ का विरुद महाराणा है। धौलपुर का क्षेत्र प्रारम्भ में भरतपुर रियासत के अधीन था। सिंधिया, अंग्रेज़ और जाटों के मध्य हुए एक समझौते के बाद धौलपुर क्षेत्र गोहद के जाट राजाओ के अधीन आ गया था। धौलपुर के नामकरण के पीछे तीन मत प्रचलित है।
* प्रथम मत के अनुसार नागवंशी धौल्या जाटों ने इस नगर की स्थापना की थी यह आगे चलकर धौलपुर नाम से प्रसिद्ध हुआ
* द्वितीय मत के अनुसार यह नगर धवलदेव नामक शासक ने बसाया था।लेकिन इससे संबंधित कोई भी प्राचीन लेख अप्राप्त है।
* तृतीय मत के अनुसार जादौन शासक दवलराय ने इस जगह की स्थापना की है।
उपरोक्त सभी मतों में से नागवंश द्वारा इस जगह की स्थापना प्रामाणिक है। इसके निकट क्षेत पर सैकड़ों सालो तक नागवंश का शासन रहा है।
वर्तमान नगर मूल नगर के उत्तर में बसा है। चंबल नदी की बाढ़ से बचने के लिये ऐसा किया गया। पहले धौलपुर सामंती राज्य का हिस्सा था, जो 1949 में राजस्थान प्रदेश का हिस्सा बन गया था। धौलपुर से निकट राजा मुचुकुंद के नाम से प्रसिद्ध गुफा है जो गंधमादन पहाड़ी के अंदर बताई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा पर कालयवन के आक्रमण के समय श्रीकृष्ण मथुरा से मुचुकुंद की गुहा में चले आए थे। उनका पीछा करते हुए कालयवन भी इसी गुफा में प्रविष्ट हुआ और वहाँ सोते हुए मुचुकुंद को श्रीकृष्ण ने उत्तराखंड भेज दिया। यह कथा श्रीमद् भागवत 10,15 में वर्णित है। कथाप्रसंग में मुचुकुंद की गुहा का उल्लेख इस प्रकार है।[1] धौलपुर से 842 ई॰ का एक अभिलेख मिला है, जिसमें चंडस्वामिन् अथवा सूर्य के मंदिर की प्रतिष्ठापना का उल्लेख है। इस अभिलेख की विशेषता इस तथ्य में है कि इसमें हमें सर्वप्रथम विक्रमसंवत् की तिथि का उल्लेख मिलता है जो 898 है। धौलपुर में भरतपुर के जाट राज्यवंश की एक शाखा का राज्य था। भरतपुर के सर्वश्रेष्ठ शासक सूरजमल जाट की मृत्यु के समय (1764 ई॰) धौलपुर भरतपुर राज्य ही में सम्मिलित था। पीछे यहाँ एक अलग रियासत स्थापित हो गई।
==धौलपुर के महाराजाओ की सूची==
* [[राणा कीरत सिंह]] - (1805 -1835)
* [[भगवन्त सिंह|राणा भगवंत सिंह]] - (1835 - 1873)
* [[राणा निहाल सिंह]] - (1873 - 1901)
* [[राणा राम सिंह]] - (1901 -1911)
* [[उदयभानु सिंह|राणा उदयभानु सिंह]] - (1911 - 1949)
* राणा [[हेमन्त सिंह]] - (1949 - 1954)
===तसीमों गोली काण्ड===
देश को आजाद कराने के लिये देश के कितने ही लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। ऐसे ही अपने धौलपुर के तसीमों गाँव के शहीदों का नाम आता है शहीद छत्तर सिंह परमार और शहीद पंचम सिंह कुशवाह। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी। धौलपुर के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है। 11 अप्रैल 1947 को जब प्रजामंडल के कार्यकर्ता तसीमों गाँव में सभा स्थल पर एकत्रित हुये थे। तब झंडा फहराने पर रोक थी, लेकिन नीम के पेड़ पर तिरंगा लहर रहा था और सभा चल रही थी। उसी समय सभास्थल पर पुलिस के साथ सैंपऊ के तत्कालीन मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक गुरुदत्त सिंह तथा थानेदार अलीआजम पहुँचे और उन्होंने तिरंगे झंडे को उतारने के लिये आगे आए तो प्रजामंडल की सभा में मौजूद ठाकुर छत्तर सिंह सिपाहियों के सामने खड़े हो गए और किसी भी हालत में तिरंगा झंडा नहीं उतारने को कहा। इतने में ही पुलिस ने ठाकुर छत्तर सिंह को गोली मार दी। तब पंचम सिंह कुशवाह आगे आये तो पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी। दोनों शहीदों के जमीन पर गिरते ही सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगे लगे नीम के पेड़ को चारों ओर से घेर लिया और कहा कि मारो गोली हम सब भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार है। और भारत माता के नाम के जयकारे लगाने लगे जिससे मामला बिगड़ता देख पुलिस पीछे हट गयी। इसी कारण स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से तसीमों गाँव राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया जो कि इतिहास में 'तसीमों गोली काँड' के नाम से जाना जाता है। जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। ऐसे थे हमारे धौलपुर के वीर सपूत शहीद छत्तर सिंह परमार और पंचम सिंह कुशवाह। घटना के साक्षी 83 वर्षीय पंडित रोशनलाल शर्मा बताते है कि राजशाही के इशारे पर पुलिस द्वारा चलाई गोलियों के निशान उनके हाथों पर आज भी धुंधले नहीं पड़े हैं वही साक्षी 86 वर्षीय जमुनादास मित्तल ने कहा कि तिरंगे की लाज के लिए उनके गाँव के दो सपूतों की शहादत पर उन्हें फक्र है।
== पर्यटन स्थल ==
=== चौपड़ा-महादेव मन्दिर===
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में की गई वास्तुकला काफी खूबसूरत है। यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। इसे चौपड़ा-महादेव का मंदिर कहते हैं। गुरु शंकराचार्य श्री श्री १००८ स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी यहाँ अभिषेक कर चुके हैं।
=== मुचुकुन्द-सरोवर ===
अगर आप धौलपुर आएं तो मुचुकुंद सरोवर अवश्य घूमें। इस तालव का नाम राजा [[मुचुकुन्द]] के नाम पर रखा गया। यह तालाव अत्यन्त प्राचीन है। राजा मुचुकुन्द सूर्य वंश के 24वें राजाथे। पुराणों में ऐसा उल्लेख है कि राजा मुचुकुन्द यहाँ पर सो रहे थे, उसी समय असुर कालयवन भगवान श्रीकृष्ण का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच गया और उसने कृष्ण के भ्रम में, वरदान पाकर सोए हुए राजा मुचुकुन्द को जगा दिया। राजा मुचुकुन्द की नजर पड़ते ही कालयवन वहीं भस्म हो गया। तब से यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान के आस-पास ऐसी कई जगह है जिनका निर्माण या रूप परिवर्तन मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मुचुकुन्द सरोवर को सभी तीर्थों का भान्जा कहा जाता है। मुचुकुन्द-तीर्थ नामक बहुत ही सुन्दर रमणीक धार्मिक स्थल प्रकृति की गोद में धौलपुर के निकट ग्वालियर-आगरा मार्ग के बांई ओर लगभग दो कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इस विशाल एवं गहरे जलाशय के चारों ओर वास्तु कला में बेजोड़ अनेक छोटे-बड़े मंदिर तथा पूजागृह पालराजाओं के काल 775 ई॰ से 915 ई॰ तक के बने हुए हैं। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल ऋषि-पंचमी और बलदेव-छट को विशाल मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, इस सरोवर में स्नान कर तर्पण-क्रिया करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि यहाँ लगातार सात रविवार स्नान करने से कान से सर का बहना बन्द हो जाता है। हर अमावस्या को हजारों तीर्थयात्री प्रातःकाल से ही मुचुकुन्द-तीर्थ की परिक्रमा लगाते हैं। इसी प्रकार हर पूर्णिमा को सायंकाल मुचुकुन्द-सरोवरकी महा-आरतीका आयोजन होता है, जिसमें सैकडों की तादाद में भक्त सम्मिलित होते हैं।
=== शेरगढ़ किला ===
यह किला धौलपुर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर चम्बल नदी के किनारे खारों के बीच स्थित है। इस किले का निर्माण धौलपुर नरेश मालदेव ने 1532 ई॰ के आसपास करवाया था। इसके बाद इस किले को शेरशाह सूरीके आक्रमण का सामना करना पड़ा और इस किले का नाम शेरगढ़ किला कर दिया गया।<ref>[https://www.bhaktibharat.com/list/top-famous-temples-of-dholpur-rajasthan धौलपुर के प्रमुख तीर्थ]</ref>
=== मंदिर श्री राम-जानकी और श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी ===
[[File:Shri Hanuman Purani Chavani DHOLPUPR.jpg|thumb|right|280px|विग्रह-श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी, धौलपुर. छायाकार-गोपेश्वर वशिष्ठ]]
धौलपुर रेल्वे स्टेशन से ६ कि॰मी॰, धौलपुर-बाड़ी मार्ग से सरानी खेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित है पुरानी- छावनी। मार्ग पर ऑटो-रिक्शा चलते रहते हैं। महाराज श्री कीर्त सिंह ने गोहद से आकर इस स्थान पर छावनी स्थापित की और यहाँ वि॰सं॰ १६४२(सन् 1699) में मन्दिर का निर्माण करवाया। मन्दिर में चौबीस अवतार युक्त मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामक अष्टधातुका मनोहारी विग्रह है, जो उत्तराभिमुख है। इस दुर्लभ मूर्ति की चोरी भी हो गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्करों के चंगुल से निकलवाने में तत्कालीन डी॰आई॰जी॰, केन्द्रीय पुलिस बल, श्री जगदानन्द सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मन्दिर परिसर के सिंह द्वार के बाईं ओर, अपने आराध्य प्रभु श्री राम को निहारते हुए (दक्षिणाभिमुख) राम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा में रक्त-वाहिकाएं (नसें) नजर आती हैं।
=== खानपुर महल ===
इस किले का निर्माण मुगल शासन के दौरान शाहजहाँ ने करवाया था। इस महल की खूबसूरत बनावट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दूसरी तरफ खानपुर महल के निर्माण जाट राजाओ द्वारा किया गया बताया जाता है।
=== वनविहार वन्य जीव अभयारण्य ===
यह अभयारण्य शहर से 18 किलोमीटरकी दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य धौलपुर शासक का सबसे पुराना वन्यजीव-अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल करीबन 59.86 वर्ग किलोमीटर है। वनविहार विंध्य-पठार पर स्थित है। तालाब-ए-शाही का निर्माण [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल बादशाह]] शाहजहाँ ने करवाया।
=== तालाब-ए-शाही ===
यह जगह धौलपुर - बाड़ी मार्ग पर धौलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तालाब-ए-शाही काफी खूबसूरत एवं ऐतिहासिक झील है। इस झील का निर्माण शाहजहाँ ने 1617 ईसवीं में करवाया था। इस झील को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। यहाँ राजा व रानी के दो महल है। रानी के महल को पर्यटकों हेतु होटल में परवर्तित कर दिया गया है जो आज भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण शाहजहाँ के मनसबदार साले खान ने उनके लिये बनवाया था।
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यह अभयारण्य धौलपुर से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य रामसागर झील का एक हिस्सा है। इस झील में मगरमच्छ के साथ मछलियों एवं साँपों की प्रजातियाँ देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पानी में रहने वाली पक्षी जैसे जलकौवा, बत्तख आदि भी देख सकते हैं। यह बाड़ी के निकट है।
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धौलपुर शहर में स्थित घंटाघर जिसका नाम निहाल टॉवर है जो राजस्थान का सबसे बड़ा घण्टाघर है जो 7 मंजिला है। जिसका निर्माण धौलपुर के राजा निहाल सिंह ने करवाया था।
=== अन्य स्थानीय महत्वपूर्ण मंदिर ===
* श्री महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर, सरमथुरा
* महादेेेव मंदिर , सैपऊ - धौलपुर शहर से 30 कि॰मी॰ दूर सैपऊ कस्बे से 7 कि॰मी॰ दूर सैपऊ बड़ी रोड पर स्थित महादेव मंदिर अपनी स्थापत्यकला तथा अलौकिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें राजस्थान का सबसे बड़ा शिव लिंग स्थापित है।
=== लसवारी- ===
लसवारी एक ऐतिहासिक स्थल है। इसी स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिंधिया की हत्या की थी। इसके अलावा यहाँ पुराना मुगल गार्डन, दमोह [[जलप्रपात|जल प्रपात]] और खानपुर महल भी हैं। यह सभी जगह लसवारी की खूबसूरत जगहों में से हैं।
दमोह- सरमथुरा से २ कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह एक सुन्दर जल-प्रपात है। इसकी ऊँचाई ३०० फुट है। सरमथुरा का महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर प्रसिद्ध है।
== उद्योग और व्यापार ==
यहाँ पर सबसे बड़ा रोजगार कृषि और पत्थर का है धौलपुर से 60 किलोमीटर दूर सर मथुरा है जहाँ पर लाल पत्थर अधिक मिलता है यहाँ लाल पत्थर रोजगार का साधन है
== जनसंख्या ==
2011 के जनगणना के अनुसार जिला के कुल जनसंख्या 1206516 है। 2001 में हुए जनगणना के अनुसार धौलपुर नगर की कुल जनसंख्या 92,137 है; और धौलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 9,82,815 रही। जिसमें 22.71% की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले का कुल क्षेत्रफल 3033 वर्ग कि॰मी॰ है। जिले का औसत जनसंख्या घनत्व लगभग 398 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ तथा लिंगानुपात 846 और साक्षरता दर 69.08% हैं।
== आवागमन ==
* हवाई मार्ग - सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आगरा में है। आगरा से धौलपुर की दूरी 54 किलोमीटर है।
* रेल मार्ग - रेल मार्ग द्वारा धौलपुर से दिल्ली 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
* सड़क मार्ग - सड़क मार्ग द्वारा भरतपुर से धौलपुर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[धौलपुर ज़िला]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://web.archive.org/web/20050829124718/http://dholpur.nic.in/ धौलपुर जिला वेबसाइट]
*[https://web.archive.org/web/20081216014650/http://www.georgians.in/ धौलपुर मिलिटेरी स्कूल]
*[https://facebook.com/anilrsrana अनिल आर एस राना]
== सन्दर्भ ==
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'''[[धौलपुर]]''' (Dholpur) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[धौलपुर ज़िले]] में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धौलपुर [[चम्बल नदी]] के किनारे बसा हुआ है, जिसके पार [[मध्य प्रदेश]] राज्य आरम्भ होता है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग २३ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग २३]] और [[राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग ४४]] यहाँ से गुज़रते हैं। इस पर जाट राजाओ ने शासन किया। <ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
== विवरण ==
धौलपुर चम्बल नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ है। धौलपुर दो राज्यों उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमाओं के बीच में अवस्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 3 (आगरा से मुंबई) शहर के बीचों बीच से निकलता है एवम् शहर को दो भागों में बाँटता है। उत्तरप्रदेश में इसका निकटवर्ती शहर आगरा (54 कि॰मी॰) एवम मध्यप्रदेश में मुरैना (27 कि॰मी॰) है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से 280 किलोमीटर व राज्यीय राजधानी जयपुर से 265 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके निकटतम हवाई अड्डे उत्तरप्रदेश के आगरा (54 कि॰मी॰) व मध्यप्रदेश के ग्वालियर (65 कि॰मी॰) हैं। धौलपुर जिला विशेष रूप से [[बलुआ पत्थर]] के लिए जाना जाता है। यहाँ बनाई जाने वाली अधिकतर इमारतों का निर्माण इन बलुआ पत्थरों से ही किया जाता है। धौलपुर जिला राजस्थान की अरावली पर्वतमाला एवम मध्यप्रदेश की विंध्याचल पर्वतमाला तथा उत्तर भारत के विशाल मैदान का मिलन स्थल है। अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के लिए भी ये जिला प्रसिद्ध है। इस जिले के पूर्व व उत्तर पूर्व में चम्बल नदी के प्रसिद्ध बीहड़ हैं तो दक्षिण-पश्चिम में अरावली की पथरीली , चट्टानी श्रृंखलाएं।
धौलपुर में कई मंदिर, किले, झील और महल है जहाँ घूमा जा सकता है।
== इतिहास ==
धौलपुर एक पुराने ऐतिहासिक शहर के रूप में जाना जाता है। धौलपुर शिवि वंशी बमरोलिया जाटों की प्रसिद्ध रियासत है। धौलपुर के राजाओ का विरुद महाराणा है। धौलपुर का क्षेत्र प्रारम्भ में भरतपुर रियासत के अधीन था। सिंधिया, अंग्रेज़ और जाटों के मध्य हुए एक समझौते के बाद धौलपुर क्षेत्र गोहद के जाट राजाओ के अधीन आ गया था। धौलपुर के नामकरण के पीछे तीन मत प्रचलित है।
* प्रथम मत के अनुसार नागवंशी धौल्या जाटों ने इस नगर की स्थापना की थी यह आगे चलकर धौलपुर नाम से प्रसिद्ध हुआ
* द्वितीय मत के अनुसार यह नगर धवलदेव नामक शासक ने बसाया था।लेकिन इससे संबंधित कोई भी प्राचीन लेख अप्राप्त है।
* तृतीय मत के अनुसार जादौन शासक दवलराय ने इस जगह की स्थापना की है।
उपरोक्त सभी मतों में से नागवंश द्वारा इस जगह की स्थापना प्रामाणिक है। इसके निकट क्षेत पर सैकड़ों सालो तक नागवंश का शासन रहा है।
वर्तमान नगर मूल नगर के उत्तर में बसा है। चंबल नदी की बाढ़ से बचने के लिये ऐसा किया गया। पहले धौलपुर सामंती राज्य का हिस्सा था, जो 1949 में राजस्थान प्रदेश का हिस्सा बन गया था। धौलपुर से निकट राजा मुचुकुंद के नाम से प्रसिद्ध गुफा है जो गंधमादन पहाड़ी के अंदर बताई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार मथुरा पर कालयवन के आक्रमण के समय श्रीकृष्ण मथुरा से मुचुकुंद की गुहा में चले आए थे। उनका पीछा करते हुए कालयवन भी इसी गुफा में प्रविष्ट हुआ और वहाँ सोते हुए मुचुकुंद को श्रीकृष्ण ने उत्तराखंड भेज दिया। यह कथा श्रीमद् भागवत 10,15 में वर्णित है। कथाप्रसंग में मुचुकुंद की गुहा का उल्लेख इस प्रकार है।[1] धौलपुर से 842 ई॰ का एक अभिलेख मिला है, जिसमें चंडस्वामिन् अथवा सूर्य के मंदिर की प्रतिष्ठापना का उल्लेख है। इस अभिलेख की विशेषता इस तथ्य में है कि इसमें हमें सर्वप्रथम विक्रमसंवत् की तिथि का उल्लेख मिलता है जो 898 है। धौलपुर में भरतपुर के जाट राज्यवंश की एक शाखा का राज्य था। भरतपुर के सर्वश्रेष्ठ शासक सूरजमल जाट की मृत्यु के समय (1764 ई॰) धौलपुर भरतपुर राज्य ही में सम्मिलित था। पीछे यहाँ एक अलग रियासत स्थापित हो गई।
==धौलपुर के महाराजाओ की सूची==
* [[राणा कीरत सिंह]] - (1805 -1835)
* [[भगवन्त सिंह|राणा भगवंत सिंह]] - (1835 - 1873)
* [[राणा निहाल सिंह]] - (1873 - 1901)
* [[राणा राम सिंह]] - (1901 -1911)
* [[उदयभानु सिंह|राणा उदयभानु सिंह]] - (1911 - 1949)
* राणा [[हेमन्त सिंह]] - (1949 - 1954)
===तसीमों गोली काण्ड===
देश को आजाद कराने के लिये देश के कितने ही लोगों ने अपनी जान की क़ुरबानी दी। ऐसे ही अपने धौलपुर के तसीमों गाँव के शहीदों का नाम आता है शहीद छत्तर सिंह परमार और शहीद पंचम सिंह कुशवाह। जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी। धौलपुर के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटना है। 11 अप्रैल 1947 को जब प्रजामंडल के कार्यकर्ता तसीमों गाँव में सभा स्थल पर एकत्रित हुये थे। तब झंडा फहराने पर रोक थी, लेकिन नीम के पेड़ पर तिरंगा लहर रहा था और सभा चल रही थी। उसी समय सभास्थल पर पुलिस के साथ सैंपऊ के तत्कालीन मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक गुरुदत्त सिंह तथा थानेदार अलीआजम पहुँचे और उन्होंने तिरंगे झंडे को उतारने के लिये आगे आए तो प्रजामंडल की सभा में मौजूद ठाकुर छत्तर सिंह सिपाहियों के सामने खड़े हो गए और किसी भी हालत में तिरंगा झंडा नहीं उतारने को कहा। इतने में ही पुलिस ने ठाकुर छत्तर सिंह को गोली मार दी। तब पंचम सिंह कुशवाह आगे आये तो पुलिस ने उन्हें भी गोली मार दी। दोनों शहीदों के जमीन पर गिरते ही सभा में मौजूद लोगों ने तिरंगे लगे नीम के पेड़ को चारों ओर से घेर लिया और कहा कि मारो गोली हम सब भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार है। और भारत माता के नाम के जयकारे लगाने लगे जिससे मामला बिगड़ता देख पुलिस पीछे हट गयी। इसी कारण स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से तसीमों गाँव राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया जो कि इतिहास में 'तसीमों गोली काँड' के नाम से जाना जाता है। जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए तिरंगे के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। ऐसे थे हमारे धौलपुर के वीर सपूत शहीद छत्तर सिंह परमार और पंचम सिंह कुशवाह। घटना के साक्षी 83 वर्षीय पंडित रोशनलाल शर्मा बताते है कि राजशाही के इशारे पर पुलिस द्वारा चलाई गोलियों के निशान उनके हाथों पर आज भी धुंधले नहीं पड़े हैं वही साक्षी 86 वर्षीय जमुनादास मित्तल ने कहा कि तिरंगे की लाज के लिए उनके गाँव के दो सपूतों की शहादत पर उन्हें फक्र है।
== पर्यटन स्थल ==
=== चौपड़ा-महादेव मन्दिर===
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में की गई वास्तुकला काफी खूबसूरत है। यह शिव मंदिर ग्वालियर-आगरा मार्ग पर बाईं ओर लगभग सौ कदम की दूरी पर स्थित है। इसे चौपड़ा-महादेव का मंदिर कहते हैं। गुरु शंकराचार्य श्री श्री १००८ स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी यहाँ अभिषेक कर चुके हैं।
=== मुचुकुन्द-सरोवर ===
अगर आप धौलपुर आएं तो मुचुकुंद सरोवर अवश्य घूमें। इस तालव का नाम राजा [[मुचुकुन्द]] के नाम पर रखा गया। यह तालाव अत्यन्त प्राचीन है। राजा मुचुकुन्द सूर्य वंश के 24वें राजाथे। पुराणों में ऐसा उल्लेख है कि राजा मुचुकुन्द यहाँ पर सो रहे थे, उसी समय असुर कालयवन भगवान श्रीकृष्ण का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच गया और उसने कृष्ण के भ्रम में, वरदान पाकर सोए हुए राजा मुचुकुन्द को जगा दिया। राजा मुचुकुन्द की नजर पड़ते ही कालयवन वहीं भस्म हो गया। तब से यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान के आस-पास ऐसी कई जगह है जिनका निर्माण या रूप परिवर्तन मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मुचुकुन्द सरोवर को सभी तीर्थों का भान्जा कहा जाता है। मुचुकुन्द-तीर्थ नामक बहुत ही सुन्दर रमणीक धार्मिक स्थल प्रकृति की गोद में धौलपुर के निकट ग्वालियर-आगरा मार्ग के बांई ओर लगभग दो कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इस विशाल एवं गहरे जलाशय के चारों ओर वास्तु कला में बेजोड़ अनेक छोटे-बड़े मंदिर तथा पूजागृह पालराजाओं के काल 775 ई॰ से 915 ई॰ तक के बने हुए हैं। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल ऋषि-पंचमी और बलदेव-छट को विशाल मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, इस सरोवर में स्नान कर तर्पण-क्रिया करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि यहाँ लगातार सात रविवार स्नान करने से कान से सर का बहना बन्द हो जाता है। हर अमावस्या को हजारों तीर्थयात्री प्रातःकाल से ही मुचुकुन्द-तीर्थ की परिक्रमा लगाते हैं। इसी प्रकार हर पूर्णिमा को सायंकाल मुचुकुन्द-सरोवरकी महा-आरतीका आयोजन होता है, जिसमें सैकडों की तादाद में भक्त सम्मिलित होते हैं।
=== शेरगढ़ किला ===
यह किला धौलपुर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर चम्बल नदी के किनारे खारों के बीच स्थित है। इस किले का निर्माण धौलपुर नरेश मालदेव ने 1532 ई॰ के आसपास करवाया था। इसके बाद इस किले को शेरशाह सूरीके आक्रमण का सामना करना पड़ा और इस किले का नाम शेरगढ़ किला कर दिया गया।<ref>[https://www.bhaktibharat.com/list/top-famous-temples-of-dholpur-rajasthan धौलपुर के प्रमुख तीर्थ]</ref>
=== मंदिर श्री राम-जानकी और श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी ===
[[File:Shri Hanuman Purani Chavani DHOLPUPR.jpg|thumb|right|280px|विग्रह-श्री हनुमान जी, पुरानी छावनी, धौलपुर. छायाकार-गोपेश्वर वशिष्ठ]]
धौलपुर रेल्वे स्टेशन से ६ कि॰मी॰, धौलपुर-बाड़ी मार्ग से सरानी खेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित है पुरानी- छावनी। मार्ग पर ऑटो-रिक्शा चलते रहते हैं। महाराज श्री कीर्त सिंह ने गोहद से आकर इस स्थान पर छावनी स्थापित की और यहाँ वि॰सं॰ १६४२(सन् 1699) में मन्दिर का निर्माण करवाया। मन्दिर में चौबीस अवतार युक्त मर्यादापुरुषोत्तम श्रीरामक अष्टधातुका मनोहारी विग्रह है, जो उत्तराभिमुख है। इस दुर्लभ मूर्ति की चोरी भी हो गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्करों के चंगुल से निकलवाने में तत्कालीन डी॰आई॰जी॰, केन्द्रीय पुलिस बल, श्री जगदानन्द सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मन्दिर परिसर के सिंह द्वार के बाईं ओर, अपने आराध्य प्रभु श्री राम को निहारते हुए (दक्षिणाभिमुख) राम भक्त हनुमान की विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा में रक्त-वाहिकाएं (नसें) नजर आती हैं।
=== खानपुर महल ===
इस किले का निर्माण मुगल शासन के दौरान शाहजहाँ ने करवाया था। इस महल की खूबसूरत बनावट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दूसरी तरफ खानपुर महल के निर्माण जाट राजाओ द्वारा किया गया बताया जाता है।
=== वनविहार वन्य जीव अभयारण्य ===
यह अभयारण्य शहर से 18 किलोमीटरकी दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य धौलपुर शासक का सबसे पुराना वन्यजीव-अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल करीबन 59.86 वर्ग किलोमीटर है। वनविहार विंध्य-पठार पर स्थित है। तालाब-ए-शाही का निर्माण [[मुग़ल साम्राज्य|मुग़ल बादशाह]] शाहजहाँ ने करवाया।
=== तालाब-ए-शाही ===
यह जगह धौलपुर - बाड़ी मार्ग पर धौलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तालाब-ए-शाही काफी खूबसूरत एवं ऐतिहासिक झील है। इस झील का निर्माण शाहजहाँ ने 1617 ईसवीं में करवाया था। इस झील को देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं। यहाँ राजा व रानी के दो महल है। रानी के महल को पर्यटकों हेतु होटल में परवर्तित कर दिया गया है जो आज भी आकर्षण का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण शाहजहाँ के मनसबदार साले खान ने उनके लिये बनवाया था।
=== रामसागर-अभयारण्य ===
यह अभयारण्य धौलपुर से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभयारण्य रामसागर झील का एक हिस्सा है। इस झील में मगरमच्छ के साथ मछलियों एवं साँपों की प्रजातियाँ देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पानी में रहने वाली पक्षी जैसे जलकौवा, बत्तख आदि भी देख सकते हैं। यह बाड़ी के निकट है।
=== निहाल टॉवर ===
धौलपुर शहर में स्थित घंटाघर जिसका नाम निहाल टॉवर है जो राजस्थान का सबसे बड़ा घण्टाघर है जो 7 मंजिला है। जिसका निर्माण धौलपुर के राजा निहाल सिंह ने करवाया था।
=== अन्य स्थानीय महत्वपूर्ण मंदिर ===
* श्री महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर, सरमथुरा
* महादेेेव मंदिर , सैपऊ - धौलपुर शहर से 30 कि॰मी॰ दूर सैपऊ कस्बे से 7 कि॰मी॰ दूर सैपऊ बड़ी रोड पर स्थित महादेव मंदिर अपनी स्थापत्यकला तथा अलौकिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसमें राजस्थान का सबसे बड़ा शिव लिंग स्थापित है।
=== लसवारी- ===
लसवारी एक ऐतिहासिक स्थल है। इसी स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिंधिया की हत्या की थी। इसके अलावा यहाँ पुराना मुगल गार्डन, दमोह [[जलप्रपात|जल प्रपात]] और खानपुर महल भी हैं। यह सभी जगह लसवारी की खूबसूरत जगहों में से हैं।
दमोह- सरमथुरा से २ कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह एक सुन्दर जल-प्रपात है। इसकी ऊँचाई ३०० फुट है। सरमथुरा का महंकाल (महाकालेश्वर) मन्दिर प्रसिद्ध है।
== उद्योग और व्यापार ==
यहाँ पर सबसे बड़ा रोजगार कृषि और पत्थर का है धौलपुर से 60 किलोमीटर दूर सर मथुरा है जहाँ पर लाल पत्थर अधिक मिलता है यहाँ लाल पत्थर रोजगार का साधन है
== जनसंख्या ==
2011 के जनगणना के अनुसार जिला के कुल जनसंख्या 1206516 है। 2001 में हुए जनगणना के अनुसार धौलपुर नगर की कुल जनसंख्या 92,137 है; और धौलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 9,82,815 रही। जिसमें 22.71% की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले का कुल क्षेत्रफल 3033 वर्ग कि॰मी॰ है। जिले का औसत जनसंख्या घनत्व लगभग 398 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ तथा लिंगानुपात 846 और साक्षरता दर 69.08% हैं।
== आवागमन ==
* हवाई मार्ग - सबसे नजदीकी एयरपोर्ट आगरा में है। आगरा से धौलपुर की दूरी 54 किलोमीटर है।
* रेल मार्ग - रेल मार्ग द्वारा धौलपुर से दिल्ली 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
* सड़क मार्ग - सड़क मार्ग द्वारा भरतपुर से धौलपुर 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[धौलपुर ज़िला]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
*[https://web.archive.org/web/20050829124718/http://dholpur.nic.in/ धौलपुर जिला वेबसाइट]
*[https://web.archive.org/web/20081216014650/http://www.georgians.in/ धौलपुर मिलिटेरी स्कूल]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:धौलपुर ज़िला]]
[[श्रेणी:धौलपुर ज़िले के नगर]]
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नीतिशास्त्र का इतिहास
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/* पूर्व व पश्चिम में आचारशास्त्र का विकास */ एक कड़ी जोड़ी।
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यद्यपि [[नीतिशास्त्र|आचारशास्त्र]] की परिभाषा तथा क्षेत्र प्रत्येक युग में मतभेद के विषय रहे हैं, फिर भी व्यापक रूप से यह कहा जा सकता है कि आचारशास्त्र में उन सामान्य सिद्धांतों का विवेचन होता है जिनके आधार पर मानवीय क्रियाओं और उद्देश्यों का मूल्याँकन संभव हो सके। अधिकतर लेखक और विचारक इस बात से भी सहमत हैं कि आचारशास्त्र का संबंध मुख्यत: मानंदडों और मूल्यों से है, न कि वस्तुस्थितियों के अध्ययन या खोज से और इन मानदंडों का प्रयोग न केवल व्यक्तिगत जीवन के विश्लेषण में किया जाना चाहिए वरन् सामाजिक जीवन के विश्लेषण में भी।
नैतिक मतवादों का विकास दो विभिन्न दिशाओं में हुआ है। एक ओर तो आचारशात्रज्ञों ने "नैतिक निर्णय" का विश्लेषण करते हुए उचित-अनुचित संबंधी मानवीय विचारों के मूलभूत आधार का प्रश्न उठाया है। दूसरी ओर उन्होंने नैतिक आदर्शों तथा उन आदर्शों की सिद्धि के लिए अपनाए गए मार्गों का विवेचन किया है। आचारशास्त्र का पहला पक्ष चिंतनशील है, दूसरा निर्देशनशील। इन दोनों को हमें एक साथ देखना होगा, क्योंकि प्रत्यक्षरूप में दोनों संलग्न और अविभाज्य हैं।
== पूर्व व पश्चिम में आचारशास्त्र का विकास ==
पश्चिमी जगत् में आचारशात्र के सिद्धांत जिस तरह कालक्रमानुसार, एक के बाद एक, सामने आए उस तरह का क्रमबद्ध विकास पौर्वात्य दर्शन के इतिहास में नहीं मिलता। पूर्व में विभिन्न नैतिक दृष्टिकोण और कभी-कभी तो परस्पर विरोधी दृष्टिकोण भी, साथ-साथ विकसित होते रहे। अत: पूर्व और पश्चिम में आचारशास्त्र के इतिहास का अलग-अलग अध्ययन करना सुविधाजनक होगा।
=== भारत ===
भारतीय दर्शनप्रणालियों में आचरण संबंधी प्रश्नों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। किसी न किसी रूप में प्रत्येक दर्शन ने मुक्ति या मोक्ष को सामने रखा है और मुक्तिलाभ के लिए सदाचार के नियमों की समीक्षा आवश्यक हो जाती है। इस बात पर वैदिक और अवैदिक परंपराओं में किसी हद तक सामंजस्य है। आचरण संबंधी शास्त्र (स्मृतियाँ और धर्मशास्त्र) आचरण को भारत में दिशा देते हैं।
[[जैन दर्शन]] में जीवात्मा को उसकी मौलिक विशुद्धवस्था प्राप्त कराना ही जीवन का लक्ष्य बताया गया है। इस मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट यह है कि कर्मों ने जीवात्मा को जड़ तत्व से कलुषित कर दिया है। जिस तरह बादलों में सूर्यकिरणों का प्रकाश मंद हो जाता है, वैसे ही "पुद्गल" या जड़ तत्व के परमाणु जीव के चैतन्य को अपवित्र कर देते हैं। इस परिस्थिति से छुटकारा पाने के लिए कर्म के "आस्रव" को रोकना आवश्यक है। यह तभी संभव है, जब [[सम्यक् ज्ञान]], सम्यक् दर्शन और सम्यक् चरित्र तीनों की उपलब्धि हो। [[जैन धर्म]] में आचरण के उन नियमों की विस्तृत चर्चा है जिनके द्वारा ए "त्रिरत्न" प्राप्त किए जा सकते हैं। इनमें अहिंसा मुख्य है।
[[चार्वाक दर्शन]] का दृष्टिकोण पूर्णतया भौतिकवादी है। मनुष्य की सत्ता उसका शरीर है। चैतन्य शरीर का एक विशिष्ट गुण मात्र है। जीवन का लक्ष्य सुखसंपादन है। मृत्यु के बाद व्यक्तित्व का कोई भी पक्ष शेष नहीं रहता, इसलिए परलोक की चिंता व्यर्थ है। सुख के साथ दु:ख मिश्रित है, लेकिन केवल इसलिए सुखों का त्याग करना मूर्खता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने ही सुख की साधना करनी चाहिए, न कि दूसरों के।
[[बौद्ध दर्शन]] के विभिन्न संप्रदायों में ज्ञानमीमांसा तथा आदितत्व के स्वरूप के विषय में तीव्र मतभेद है। वैभाषिक और सौत्रांतिक दर्शन वास्तववादी हैं, योगाचार विज्ञानवादी और माध्यमिक शून्यवादी। लेकिन आचरण के प्रश्न पर सभी बौद्ध विचारकों ने गौतम बुद्ध के आदि उपदेशों को स्वीकार किया है। "चार आर्य सत्यों" में चौथा, अर्थात् "दु:ख-निरोध-मार्ग" आचारशास्त्र का आधार है। इसका व्यावहारिक रूप "मध्यम प्रतिपदा" अथवा मध्यम मार्ग है। एक ओर व्यर्थ आत्मोत्पीड़न, दूसरी ओर क्षणिक सुखों की अराधना, इन दोनों "अतियों" का परिहार ही सदाचरण है। मध्यम मार्ग का अवलंबन करके कार्य-कारण-श्रृंखला (प्रतीत्य समुत्पाद) का अंत किया जा सकता है। जन्म मूत्यु के अनवरत चक्र से छुटकारा निर्वाण है।
महायान संप्रदाय ने निर्वाण की अधिक सकारात्मक व्याख्या की। व्यक्ति को अपने निर्वाण से ही संतुष्ट नहीं होना चाहिए। बोधिसत्व का आदर्श यह है कि स्वयं संबोधि प्राप्त करने के बाद दूसरों के कल्याण के लिए लगातार यत्न किया जाए। प्रेम, सहानुभूति, अनुकंपा और प्राणिमात्र के प्रति मैत्री की भावना, इन सद्गुणों पर बौद्ध आचरणशास्त्र में विशेष जोर दिया गया है।
'''हिंदू दर्शन''' के सभी संप्रदायों ने, जहाँ तक आचरणशास्त्र का संबंध है, उपनिषदों और भगवद्गीता के मुख्य सिंद्धांतों को स्वीकार किया है। उपनिषदों ने जहाँ एक ओर परम तत्व के गहन प्रश्न को उठाया है और ब्रह्मज्ञान को ही दर्शन का यर्थार्थ लक्ष्य माना है, वहाँ दूसरी ओर आत्मसाधना और "शील" के व्यावहारिक पक्ष पर भी ध्यान दिया है।
[[महाभारत]] में [[भीष्म]] ने [[युधिष्ठिर]] को नीतिशास्त्र की शिक्षा दी है जिसमें प्रजा के लिये कृषि, वाणिज्य आदि की व्यवस्था, अपराधियों को दंड, अमात्य, चर, गुप्तचर, सेना, सेनापति इत्यादि की नियुक्ति, दुष्टों का दमन, राष्ट्र, दुर्ग और कोश की रक्षा, धनिकों की देखरेख, दरिद्रों का भरण पोषण, युद्ध, शत्रुऔं को वश में करने के साम, दाम, दंड, भेद ये चार उपाय, साधुओं की पूजा, विद्वानों का आदर, समाज और उत्सव, सभा, व्यवहार तथा इसी प्रकार की और बहुत सी बातें आई हैं। नीति विषय पर कई प्राचीन पुस्तकें हैं, जैसे, उशना को शुक्रनीति, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, कामंदकीय नीतिसार इत्यादि।
[[श्रीमद्भगवद्गीता|भगवद्गीता]] तत्वज्ञान की अपेक्षा आचारशास्त्र की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण है। ब्रह्मविद्या और योगशास्त्र का समन्वय कराने के उद्देश्य से निष्काम कर्म का आदर्श गीता में प्रतिपादित किया गया है। अकर्मण्यता न तो स्वतंत्रता का लक्ष्य है, न आध्यात्मिक ज्ञान का। कर्मसंन्यास से श्रेयस्कर है फलासक्ति त्यागकर कर्तव्य करते रहना। सदाचार के लिए धैर्य, मानसिक संतुलन और आत्मबुद्धि अनिवार्य है। ईश्वरभक्ति और ज्ञान से भी मनुष्य का जीवन परिष्कृत होकर कर्मयोग में सहायता मिलती है।
[[आदि शंकराचार्य]] के अनुसार [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] का मूल दर्शन अद्वैतवादी है। मुक्ति का एकमेव साधन ज्ञान है। ज्ञान और कर्म में विरोध है और दोनों का समन्वय असंभव है। फिर भी शंकराचार्य ने यह स्वीकार किया कि आत्मशुद्धि की प्रारंभिक मंजिलों में कर्मों का भी मूल्य है।
[[रामानुज]] ने भक्तिमार्ग की महत्ता को ही उपनिषदों और गीता का मुख्य संदेश माना। मध्ययुग के भारतीय आचारशास्त्र पर, अद्वैत वेदांत की तुलना में, भक्तिमार्ग से प्रेरणा लेनेवाली वैष्णव परंपरा का ही अधिक प्रभाव पड़ा। इस्लाम के सूफी मत से इस प्रवृत्ति को बल मिला। व्यापक रूप से यह कहा जा सकता है कि मध्ययुगीन आचारशास्त्र, जिसका प्रतिबिंब दार्शनिक ग्रंथों की अपेक्षा संतकाव्य में अधिक स्पष्ट रूप से मिलता है, [[मानवतावाद]] है।
आधुनिक काल में [[गांधीवाद]] में भारतीय आचारशास्त्र की सभी स्वस्थ परंपराओं का समन्वय मिलता है। उपनिषदों की आत्मसाधना, जैनो की "अहिंसा", बुद्ध की अनुकंपा और प्रेम, गीता का कर्मयोग, इस्लाम का विश्वबंधुत्व, इन सभी के लिए गांधीवाद में स्थान है। और चूंकि इन आदर्शों को राष्ट्रीय महात्मा गांधी का आचारशास्त्र, देशकालातीत समस्याओं को उठाते हुए भी, भारतीय संस्कृति मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
=== चीन ===
आचारशास्त्र को दर्शन और धर्मशास्त्र से पृथक् सभी प्राचीन सभ्यताओं के अध्ययन में कठिन है, लेकिन पश्चिमी जगत् की अपेक्षा पूर्वी जगत् के सांस्कृतिक इतिहास में यह कठिनाई और भी तीव्रता से सामने आती है।
चीन के दार्शनिक, धार्मिक, नैतिक, सांस्कृतिक मूल्यों के दो आदि स्रोत हैं : "ताओवाद और कल्फूचीवाद"। इनमें आपसी विरोध होते हुए भी इन दोनों का समन्वय ही, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, चीनी विचारकों का लक्ष्य रहा है। आगे चलकर एक तीसरी विचारधारा ने चीन में पदार्पण किया, जिसे व्यापक रूप से बौद्ध विचारधारा कहा जा सकता है।
[[लाओ त्ज़ू|लाओत्से]] (ल. 570 ई.पू.)-ताओ के अनुसार प्रकृति से सामंजस्य स्थापित करना ही "शुभ" है। इसके लिए आवश्यक सद्गुण है सरलता, मृदुलता, सौंदर्यप्रेम और शांतिप्रियता। मानव को अपना जीवन स्वाभाविक और ऋजु बनाना चाहिए। इस ताओमार्ग का प्रवर्तक लाओ-त्सू था।
कल्फूशस (551 से 479 ई.पू.)-कन्फूशस का दृष्टिकोण इससे मूलतया भिन्न है। इसके अनुसार जीवन की पूर्णतम साधना ही मनुष्य का कर्तव्य है। यह कर्तव्य उसे समाज के सदस्य की हैसियत से ही निभाना है। कार्यसिद्धि और पुरुषार्थ ही वास्तविक "शुभ" है। सदाचार का आधार है संतुलित जीवन और संतुलित जीवन के दो सिद्धांत हैं : "चुंग" का सिद्धांत अर्थात् अपने व्यक्तित्व की उच्चतम मांगों को संतुष्ट करते रहो और "शू" का सिद्धांत, अर्थात् विश्व से समस्वरता निर्माण करते हुए जीवन व्यतीत करो। अरस्तु के "सुनहरे मध्यम मार्ग" की तरह कन्फूशस का अचारशास्त्र भी अतिरेकविरोधी है।
मेंशिसय (371 से 198 ई.पू.)-मेंशियस का आचारशास्त्र कन्फूशस के सिद्धांत पर ही आधारित है, परंतु उसमें समाजकल्याण की अपेक्षा मानववाद पर अधिक जोर दिया गया है।
अनेक चीनी दार्शनिक "ताओ" के रहस्यवाद और अतिव्यक्तिवाद से भी असंतुष्ट थे और कन्फूशस के परंपराप्रधान, औपचारिक उपदेशों से भी। इसलिए बहुत से ऐसे पंथों का आविर्भाव हुआ जिन्होंने या तो समझौते का मार्ग अपनाया या जीवन के किसी विशिष्ट पक्ष को लेकर एक नए आचारदर्शन की सृष्टि की। उदाहरणस्वरूप "मोत्सू" का पंथ उपयोगितावादी था। सदाचरण का मापदंड "अधिकतम उपयोग" है, परंतु इसका साधन है प्रेम या मैत्री। संघर्ष इसलिए अनैतिक है कि वह अनुपयागी और "अपव्ययशील" बन जाता है। "फाशिया" पंथ ने आचारशास्त्र को राजनीति के समीप पहुँचा दिया और कहा कि राजसत्ता तथा विधान से ही सदाचार की रक्षा की जा सकती है।
"ताओ" और कन्फूशसवाद का समन्वय कराने का उत्कट प्रयास "यिन--याँग" सिंद्धांत में देखा जा सकता है। विश्व में दो शक्तियाँ लगातार काम करती रहती हैं-"याँग", जो क्रियाशील, सकारात्मक, "पुरुषोचित" है और "यिन", जो निष्क्रिय, नकारात्मक, "स्त्रियोचित" है। प्रत्येक वस्तु, संस्था और संबंध में ए दोनों ही प्रवृत्तियाँ प्रतिबिंबित हैं। इनका उचित मात्रा में वास्तव्य ही "शुभ" परिस्थिति है। और ऐसी परिस्थिति के निर्माण में हाथ बटाना मानव का कर्तव्य है।
मध्ययुगीन चीनी आचारशास्त्र पर बौद्ध विचारों की स्पष्ट छाप है। थेरवाद की अपेक्षा महायान का और विशेषत: माध्यमिक दर्शन का, चीन में अधिक तेजी से विकास हुआ। परंतु नागार्जुन के "शून्यवाद" को परंपरागत "व्यावहारिकता" के सांचे में ढालकर चीनी विचारकों ने बौद्ध जीवनदर्शन को एक नई दिशा प्रदान की। इस नए दर्शन का नारा है : "समग्र में एक और एक में समग्र"।
मिंग युग (15वीं से 16वीं सदी) 12वीं और 13वीं शताब्दी के आचारदर्शन में संदेहवाद और अतिभौतिकवाद के स्पष्ट चिन्ह हैं, लेकिन "मिंग" युगीन सांस्कृतिक पुनरुत्थान के बाद चीनी विचारधारा फिर बुद्धिवाद की ओर झुकी। तब से आधुनिक युग तक चीन का आचारदर्शन मुख्य रूप से बुद्धिवादी ही रहा है।
=== ईरान ===
ज़रथुस्त्रवाद में आचारसिद्धांतों को बड़ा महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। स्वयं ज़रथुस्त्र के विषय में निश्चित रूप से कुछ कम कहा जा सकता है। "गाथाओं" में उसका व्यक्तित्व ऐतिहासिक लगता है, परंतु "अवेस्ता" में वह काल्पनिक पौराणिक बन जाता है। ज़रथुस्त्रधर्म मुख्यत: द्वैतवादी है। "अवेस्ता" में "अहुर" को एकमेव परमसत्ता के रूप में स्वीकार किया गया है और कहा गया है कि "अहुर" की अभिव्यक्ति दो दिशाओं में होती है। एक ओर आलाक है, दूसरी ओर अंधकार; एक ओर जड़ भौतिक वस्तु, दूसरी ओर अध्यात्म। लेकिन "अहुर" का एकत्व केवल औपचारिक है।
मानी (जन्म 215 ई.पू.)-आगे चलकर मानी ने खुले आम जुरथुस्त्रवाद को पूर्णतया द्वैतवादी बना दिया। उसके अनुसार भौतिक वस्तु एक स्वतंत्र शक्ति है जिसका अध्यात्मशक्ति के साथ लगातार संघर्ष चलता रहता है। मानव व्यक्तित्व के दो विभाग हैं : एक आत्मा जो आलोकमय है और दूसरा जो अंधकारमय है। संकल्पशक्ति इन दोनों के बीच में है और किसी भी ओर झुक सकती है। प्रत्यक्ष आचरण में मानव स्वतंत्र है। यदि वह चाहे तो रचनात्मक आलोकशक्ति की ओर अपने आपको ले जा सकता है। पार्थिव सुखों को त्यागकर विनाशात्मक अंधकारशक्ति से मुक्तिलाभ संभव है। भविष्य में आलोक की संपूर्ण विजय निश्चित है। उस विजक्षण को समीप लाना अंशत: मानव आचरण पर निर्भर है।
=== यूनान ===
मानवीय आचरण का वैज्ञानिक ढंग से परीक्षण सबसे पहले [[सोफ़िस्त]] दार्शनिक ने किया। ई.पू. 7वीं शताब्दी से ही यूनान में दर्शन की स्वस्थ परंपराएँ बन चुकी थीं, परंतु [[प्रोतागोरस]] के पहले विचारकों ने मुख्यत: बाह्य जगत् पर ही ध्यान दिया था। थेलीज़ से अनक्सागोरस तक सभी दार्शनिक विश्व के आदितत्व की खोज करते रहे। सोफ़िस्तपंथियों ने दर्शन के लक्ष्य का पुनर्मूलयाँकन किया तथा मानव जीवन की प्रत्यक्ष समस्याओं को दार्शनिक दृष्टि से आंकने का यत्न किया।
'''प्रोतागोरस (जन्म 480 ई.पू.)'''-"मनुष्य ही प्रत्येक वस्तु की कसौटी है"-प्रोतागोरस की इस उक्ति में सोफ़िस्त आचारशास्त्र के अच्छे और बुरे दोनों अंग प्रतिबिंबित हैं। जहाँ एक ओर इस कथन से आचारशास्त्र ठोस समस्याओं की ओर झुकता है वहाँ दूसरी ओर वह व्यक्तिगत और सापेक्ष भी बन जाता है।
'''गोर्जियस''' (जन्म 483 ई.पू.)-गोर्जियस के संपर्क से प्रोतागोरस का मानववाद निरे संदेहवाद में परिणत हो गया और इस संदेहवाद से, दार्शनिक स्तर पर, अतिस्वार्थवाद और [[सुखवाद]] को बल मिला।
'''[[सुकरात]]''' (469 से 399 ई.पू.)-इन विकृतियों के विरुद्ध सुकरात ने सर्वप्रथम एक ऐसे आचारशास्त्र का निर्माण किया जो आदर्शवादी होते हुए भी यथार्थ परिस्थितियों पर आधारित था। सुकरात का दृष्टिकोण बुद्धिवादी है। "ज्ञान ही सदाचार है"। जिसे उचित कर्मों का वास्तविक ज्ञान है, उसका आचरण ठीक होना ही पड़ेगा; और अज्ञान की परिणति दुराचार में होना भी उतना ही अनिवार्य है। सोफ़िस्तपंथी "न्याय", "नियम", "संयम" आदि शब्दों का प्रयोग अवश्य करते थे, पर इनकी सूक्ष्म व्याख्या उन्होंने कभी नहीं की। सुकरात ने इस बात पर जोर दिया दिया कि व्यक्तिनिरपेक्ष नैतिक आदर्शों का आधार ज्ञानमीमांसा ही है। जो अंतर "ज्ञान" और "जानकारी" में है, वही नियमबद्ध आचारशास्त्र और प्रथाजन्य नैतिक धारणाओं में है। सभी का लक्ष्य समान है---"भलाई"। परंतु ज्ञान द्वारा ही "भलाई" और परमशुभ में सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है। और इस सामंजस्य का सामाजिक रूप केवल ऐसे राज्य में मिल सकता है जहाँ शासकगण अच्छे जीवन की एक कला समझकर उसे आत्मसात् करने का यत्न करते रहे।
'''[[प्लेटो|अफ़लातून]]''' (427 से 347 ई.पू.) -सुकरात के उदात्त आदर्शवाद के प्रति सच्ची निष्ठा बरतते हुए अफ़लातून प्लेटो ने उनके उपदेशों को परिष्कृत रूप में रखा और उन्हें दार्शनिक मतवाद का सहारा दिया। अफ़लातून के आचारशास्त्र का एक पहलू विशुद्ध तात्विक है। भौतिक जगत् की वस्तुओं की तथाकथित "सत्ता" छाया मात्र है। वास्तविक सत्ता केवल भावों या प्रयत्नों की है, क्योंकि प्रत्यय ही नित्य और स्वसंपूर्ण हैं। इनमें सबसे शुद्ध और उच्च श्रेणी का प्रयत्न है "शुभ"। इस तरह सदाचार का आधार आदिसत्ता का शुभत्व है।
लेकिन अफ़लातून के आचारदर्शन का एक दूसरा, यथार्थवादी पक्ष भी है। इसमें मानव स्वभाव का सूक्ष्म विश्लेषण मिलता है। मानव स्वभाव के-अफ़लातून के शब्दों में मानव "आत्मा" के-तीन विभाग हैं। इन्हें इच्छा, संवेग और बुद्धि से संचालन मिलता है। पहले दो विभागों पर तीसरे का प्रभुत्व ही सदाचार का आधार है। व्यक्ति में न केवल मानवीय प्रवृत्ति, अर्थात् विवेकशीलता है, वरन उस में "पशवीय" और "वनस्पतीय" प्रवृत्तियाँ भी हैं जो उसे जैविक और दैहिक स्तर से ऊपर उठने से रोकती है। बुद्धि का उद्देश्य इन प्रवृत्तियों का विनाश नहीं, उनका शासन और नियंत्रण है।
इस उद्देश्य की सही व्याख्या केवल सामाजिक स्तर पर ही हो सकती है, न कि व्यक्तिगत स्तर पर। समाज में मानव स्वभाव के तीन अंगों के अनुरूप तीन वर्ग हैं-श्रमिक, योद्धा और शासक। यह वर्गविभाजन प्राकृतिक है और वर्गहीन समाज की कल्पना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि न्याय का आधार अंतत: प्राकृतिक नियम ही है। आदर्श व्यवस्था वह है जिसमें प्रत्येक वर्ग के लोग अपने-अपने सद्गुणों की साधना करते रहें। शासक विवेकशील हों, योद्धा वीर और श्रमिक मेहनती तथा विनम्र। ए सद्गुण परस्पर पूरक हैं और इनका उचित मात्रा में प्रयोग ही "नैतिक परिस्थिति" है। ऐसी परिस्थिति अंततोगत्वा तीसरे वर्ग के लोगों पर ही निर्भर है, क्योंकि ऐच्छिक और संवेगात्मक प्रवृत्तियों को बुद्धि ही काबू में रख सकती है। शासक वर्ग का दृष्टिकोण पूर्णतया दार्शनिक, बुद्धिवादी होना चाहिए और इसके लिए उचित शिक्षाप्रणाली नितांत आवश्यक है।
'''[[अरस्तु|अरस्तू]]''' (384-322 ई.पू.)-सुकरातवादी परंपरा की परिणति अरस्तू के आचारशास्त्र में मिलती है। अरस्तू ने विश्लेषण और प्रयोग करते हुए आचरण के विभिन्न पहलुओं की वैज्ञानिक ढंग से समीक्षा की। आचारदर्शन का स्वतंत्र "शास्त्र" के रूप में विकास अरस्तू के "नाइकोमेकियाई एथिक्स" से ही आरंभ होता है।
अरस्तू के अनुसार "शुभ" की अभिव्यक्ति दो दिशाओं में होती है। पहली दिशा वह है, जिसमें अभ्यास और प्रयत्न द्वारा मानव अपनी निम्नतर प्रवृत्तियों को उच्चरित शक्ति के--अर्थात् बुद्धि के-नियंत्रण में लाता है। इस प्रयास के फलस्वरूप जिन सद्गुणों की सृष्टि होती है वे हैं "नैतिक सद्गुण"। लेकिन शुभत्व का एक दूसरा माध्यम भी है-अर्थात् बुद्धि द्वारा विशुद्ध सत्ता या चरम सत्य की खोज। इस ज्ञान और मनन से "बौद्धिक सद्गुणों" की सृष्टि होती है। आदर्श जीवन तो ऐसे ही मनन का जीवन है। ("थिओरिया")।
परंतु आचारशास्त्र का प्रत्यक्ष संबंध बौद्धिक सद्गुणों की अपेक्षा नैतिक सद्गुणों से अधिक घनिष्ठ है। नैतिक गुणों का आधार है मध्यम मार्ग का सिद्धांत। एक ओर अतिरेक और दूसरी ओर अभाव, इन दोनों त्रुटियों से बचकर ही सदाचार संभव है। उदाहरणस्वरूप, "साहस" एक नैतिक सद्गुण है। इसका अतिरेक है "असावधानी" और इसकी न्यूनता है "कायरता"। इसी तरह प्रत्येक नैतिक सद्गुण की सीमाएँ स्थिर की जा सकती हैं।
'''[[एरिस्पितपस]]''' (जन्म 435 ई.पू.)-अरस्तू के बाद ग्रीक आचारशास्त्र की धारा दो विरोधी दिशाओं में विभक्त हो गई। एक ओर एपिक्यूरस ने सुखवाद को और दूसरी ओर जीनों ने संन्यासवाद को आदर्श के रूप में सामने रखा। वास्तव में इन दोनों के बीज सुकरात युग में ही पड़ चुके थे। एपिक्यूरस के सुखवाद का मूल स्रोत है "साइरेनेइक" आचारदर्शन और ज़ीनो का "स्तोइक" प्रणाली का आधार है "सिनिक" पंथ का सुखवादविरोधी दर्शन। साइरेनेइक् पंथ का प्रवर्तक एरिस्तिपस था और सिनिक पंथ की स्थापना सुकरात के शिष्य अंतिस्थिनीज़ (426 ई.पू.) ने की थी।
'''[[एपिक्यूरस]]''' (341 से 270 ई.पू.)-एपिक्यूरीय आचारशास्त्र ज्ञान और विवेक को साधन मात्र समझकर संतोष या समाधान को जीवन का लक्ष्य मानता है। सुख के प्रति खिंचाव और दु:ख का इवर्जन स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ हैं। "साइरेनेइक्" दृष्टिकोण मूलत: उचित था, परंतु उसमें सुख की व्याख्या संकीर्ण है। केवल क्षणिक सुख को सर्वस्व समझना मूर्खता है। हमारा ध्एय जीवन को समग्र रूप से सुखमय बनाना है। इस क्रिया में विशिष्ट सुखों को कभी-कभी त्यागना पड़ता है। सुखों की तीव्रता केवल एक पक्ष है, उनके स्थायित्व पर भी ध्यान देना है। मानसिक शांति शरीरिक इच्छापूर्ति से अधिक सुखमय है, क्योंकि वह हमें अधिक समय तक संतुष्ट रख सकती है। सर्वोच्च सद्गुण "सावधानी" है, क्योंकि वह एक सीमा तक हमें दु:ख दर्द से बचाता है।
'''[[ज़ीनो]]''' (340 से 265 ई.पू.)-स्तोइकवाद का सिंद्धांत इसके बिलकुल विपरीत है। ज़ीनो के अनुसार विवेक ही सर्वस्व है। सुखप्राप्ति का अपनी जगह पर कोई महत्व नहीं है, यद्यपि विवेकशील जीवनक्रम में यदि सुख भी मिले तो उसे जबर्दस्ती ठुकराना जरूरी नहीं है, जैसा कि"सिनिकपंथी" करते थे। संवेदजन्य सुखों को गौण और तुच्छ समझना काफी है। "प्रकृति के अनुसार जीवन" का मतलब है विवेकशील जीवन, क्योंकि मानव के लिए चेतन, क्रियाशील विवेकशक्ति ही "प्राकृतिक" है। सदाचार का आधार है आत्मनियंत्रण, कर्तव्यपरायणता और स्वार्थत्याग। नैतिक विकास के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट है असंयम। "स्ताइक" विचारधारा में संन्यासवृत्ति काफी प्रबल होते हुए भी ज़ीनो और उसके अनुयायियों ने "सिनिक" पंथ के विकृत व्यक्तिवाद से बचने का भी यथेष्ट प्रयत्न किया। मध्ययुगीन जीवनमूल्यों पर स्तोइक आचारदर्शन का गहरा प्रभाव पड़ा। सेनेका और सम्राट् माक्र्स ओरिलियस (120 से 180 ई.) ने इस दर्शन का समर्थन किया।
'''[[प्लोतिनस]]''' (205 से 270 ई.)-मध्ययुगीन आचारशास्त्र मुख्यत: धार्मिक या अध्यात्मवादी है। रोमन साम्राज्य के पतन से पहले ही ईसाई धर्मतत्व के संदर्भ में ग्रीक दर्शन का पुनर्मूल्याँकन किया जाने लगा था। इस तरह का पहला महत्वपूर्ण प्रयास नवअफ़लातूनवाद में देखा जा सकता है। सुकरात--अफ़लातून--अरस्तू की विचारपरंपरा में जो रहस्यवादी प्रवृत्तियाँ निहित थीं उन्हें प्लोतिनस के दर्शन में उभारा गया है। मानव जीवन का सर्वोंच्च उद्देश्य है "एक" अथवा "परमसत्" का अपरोक्ष ज्ञान। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें अपने आपको "योग्य" बनाना है और इसके लिए सदाचार आवश्यक है। इस तरह प्लोतिनस के लिए आचारदर्शन का महत्व सीमित और सोपक्ष है। नवअफ़लातूनवाद के अन्य प्रमुख प्रतिनिधि हैं फाइलो और पोरफिरी।
'''[[आगास्तिन]]''' (354 से 430 ई.)-संत आगस्तिन का "पैत्रिस्तिक" दर्शन भी ईश्वरानुभूति को चरम लक्ष्य मानता है। ईश्वरप्रेम ही वास्तविक नैतिकता का आधार हो सकता है। आगस्तिन ने यह कहकर कि ईश्वरकेंद्रित जीवन में ही "अधिकतम इच्छापूर्ति" संभव है, अप्रत्यक्ष रूप से सुखवाद के सिद्धांत को एक सीमा तक स्वीकार किया।
'''[[थोमस एक्वाइनस]]''' (1225 से 1274)-मध्ययुगीन आचारदर्शन का सबसे विकसित रूप संत थोमस एक्वाइनस की दर्शनप्रणाली में है। एक्वाइनस ने ईसाई धर्मतत्व को अफ़लातूनवाद से अरस्तूवाद की ओर ले जाने का यत्न किया। सत्य और शुभ का अनुसंधान दो भागों से सभव है-विश्वास और विवेक। ये दोनों स्वतंत्र हैं, परंतु इनमें कोई मूलभूत विरोध नहीं है। विवेशक्ति की उच्चतम सफलता है अरस्तूदर्शन। "विश्वास" की सबसे उदात्त सिद्धि है ईसामसीह का "यथार्थसंगत अध्यात्मवाद"। लेकिन इनसे निम्नतर स्तर पर जो "विवेक" और "विश्वास" की सफलताएँ हैं उनसे भी नैतिक जीवन में प्रेरणा मिल सकती है। ईश्वरज्ञान ही परम शुभ है।
एक्वाइनस के बाद "स्कोलैस्टिक" विचारधारा धीरे-धीरे गतिहीन और संकीर्ण बन गई। आचारशास्त्र का स्वतंत्र अस्तित्व करीब-करीब समाप्त हो गया और नैतिक प्रश्नों का विवेचन ईसाई धर्मशास्त्र की कुछ वादग्रस्त समस्याओं में शाब्दिक ऊहापोह तक ही सीमित रह गया।
== आधुनिक युग ==
आचारशास्त्र का आधुनिक युग 15वीं 16वीं शताब्दियों के [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] दर्शन से आरंभ होता है। इस दर्शन का एक पक्ष वैज्ञानिक और प्रकृतिवादी है जिसका स्वस्थ रूप बेकन और विकृत रूप हाब्ज़ में झलकता है। आचारशास्त्र की दृष्टि से हाब्ज़ बेकन से अधिक महत्वपूर्ण है।
=== हाब्ज़ (1588 से 1679) ===
हाब्ज़ का दृष्टिकोण भौतिकवादी है। वस्तुओं और गति का ही अस्तित्व वह मानता है और मानव आचरण को "वस्तु" और "गति" के ही दायरे में देखता है। चूंकि वस्तुजगत् से मानव का संबंध संवेदन द्वारा ही संभव है, इसलिए संवेदन ही मानव जीवन का "मुख्य संचालक" है। सुख की इच्छा और दु:ख के प्रति विमुखता ही मानवीय व्यवहार का आधार है। व्यक्ति का कर्तव्य केवल एक है-अपने लिए सुख अर्जन करना। स्वार्थपरता स्वाभाविक है, स्वार्थत्याग कृत्रिम। सामाजिक संगठन का आधार "प्रत्येक व्यक्ति का प्रत्येक अन्य व्यक्ति से भय" है। सुखों को वर्तमान की तरह भविष्य में भी प्राप्त करने के लिए "अधिकार" और "शक्ति" आवश्यक हैं। इसलिए अधिकारप्रेम भी प्राकृतिक है और आचरण का निर्देशन करता है। व्यवहार का आंतरिक मानदंड स्वार्थ है, बाह्य मानदंड राजकीय अथवा सामाजिक अधिकार है।
=== क्लार्क (1675 से 1729) ===
हाब्ज़ के स्वार्थपरक सुखवाद के विरुद्ध तीब्र प्रतिक्रिया होनी अनिवार्य थी। यह प्रतिक्रिया "सहजज्ञानवादी आचरणशास्त्र" में व्यक्त हुई।
=== कडवर्थ (1617 से 1688) ===
इस प्रवृत्ति के प्रमुख प्रतिनिधि हैं क्लार्क, कडवर्थ, शैफ़्ट्सबरी, हचीसन और बटलर। इनमें आपसी मतभेद होते हुए भी व्यापक रूप से इस बात पर सहमति है कि नैतिक नियम "स्वत:सिद्ध सत्य" है।
=== शैफ़्ट्सबरी (1671 से 1713) ===
शैफ़्ट्सबरी ने आचारशास्त्र में पहली बार "नैतिक विवेकशक्ति" (मारल सेंस) का सिद्धांत सामने रखा। बटलर का कहना है कि नैतिक नियमों का सहज ज्ञान इसलिए संभव है कि प्रकृति ने-या "ईश्वर" ने-इस प्रकार के ज्ञान के लिए हमें एक विशेष साधन प्रदान किया है।
=== बटलर (1692 से 1752) ===
इस साधन को बटलर "सदसद्विवेकक्षमता" (कांशेंस) कहता है। यह क्षमता ही मनुष्य की वास्तविक आत्मा है, उसके व्यक्तित्व का केंद्रबिंदु है।
=== ह्यूम (1711 से 1776) ===
ह्यूम का आचरणशास्त्र फिर एक बार संवेदनवाद की ओर झुकता है। ह्यूम का विश्वास है कि आचरण का यथार्थ विश्लेषण मनोवैज्ञानिक दृष्टि से ही संभव है। मनोविज्ञान का इस विषय में एक ही निष्कर्ष हो सकता है; वह यह कि सुख दु:ख ही आचरण के निर्णायक हैं। हमारे नैतिक निर्णय कुछ ऐसे प्राकृतिक सत्यों पर आधारित हैं जिनका, अपने मूल स्वरूप में, कोई नैतिक महत्व नहीं है।
=== कांट (1724 से 1804) ===
काँट का प्रसिद्ध ग्रंथ "व्यावहारिक विवेक की आलोचना" आधुनिक विवेकवादी आचारशास्त्र के आधारस्तंभों में है। कांट ने पूर्ववर्ती विचारकों के एकांगी सिद्धांतों को संतुलित रूप देकर उन्हें एक समन्वयात्मक आचरणदर्शन में सूत्रबद्ध करने का प्रयत्न किया। "कर्तव्य" और "स्वार्थ" ए दोनों बिलकुल अलग-अलग प्रेरणाएँ हैं। इनमें से कर्तव्य को ही प्रधान मानकर जीवन संगठित किया जाए तो अधिकतम कल्याणसंपादन किया जा सकता है। कर्तव्य की व्याख्या "शुभ संकल्प" द्वारा ही संभव है। शुभ संकल्प ही एकमात्र ऐसा शुभ है जिसका मूल्य निरपेक्ष है। अन्य सभी "अच्छाइयाँ", जैसे सुख, योग्यता, सुविधा आदि सापेक्ष हैं। उनका महत्व यहीं तक सीमित है कि शुभ संकल्प को क्रियमाण बनाने में उनसे सहायता मिल सकती है।
काँट ने इस बात पर जोर दिया कि नैतिक नियम विश्वव्यापी और पूर्णतया अनिवार्य हैं। प्रत्येक परिस्थिति में और प्रत्येक व्यक्ति के प्रति वह लागू होता है। इस नियम का आदेश है कि हम मानवता को अपने में और अन्य लोगों में सर्वदा साध्य के रूप में स्वीकार करें, न कि साधन के रूप में। नैतिक कर्तव्य को किसी भी बाह्य दबाव की उत्पत्ति समझना गलत है, चाहे वह बाह्य शक्ति "ईश्वर" हो या "सुखवर्धक" परिस्थिति। विवेशील व्यक्ति जिस नियम के अधीन है उसका निर्माण स्वयं विवेक ही करता है।
=== फ़िश्टे (1762 से 1814) ===
फ़िश्टे का आचरणशास्त्र अतिबुद्धिवादी है। वह व्यक्ति को स्वतंत्र मानता है, पर उसके अनुसार आचरण की स्वाधीनता ज्ञान पर निर्भर है। कांट की भूल यह थी कि उसने विवेक के सैद्धांतिक और व्यावहारिक अंगों के बीच विरोध खड़ा किया।
=== हीगेल (1770 से 1831) ===
शेलिंग के दर्शन में आचारशास्त्र विशुद्ध तत्वज्ञान का अंग बन जाता है। हीगेल दर्शन की भित्ति भी "परमसत्" (ऐब्सोल्यूट) की कल्पना है, लेकिन हीगेल के "परमवाद" का उसकी "द्वंद्वात्मक पद्धति" (डाइलेक्टिक्स) से अविश्लेष्य संबंध है। भावजगत् में विरोधी शक्तियों के संघर्ष से और उच्चतर स्तर पर उनके समन्वय से, विकास होता है। नैतिक धारणाओं के प्रति भी यही नियम लागू होता है। आचारशास्त्र का लक्ष्य उन मंजिलों का अध्ययन है जिनके बीच, संघर्ष और समन्वय से गुजरते हुए, नैतिक मूल्यों का विकास हुआ है।
=== डार्विन (1801-1882) ===
विकासवादी दृष्टिकोण के वैज्ञानिक पक्ष का [[डार्विनवाद]] के माध्यम से आचारशास्त्र पर गहरा प्रभाव पड़ा।
=== स्पेंसर (1820-1903) ===
डार्विन के "प्राकृतिक चुनाव के नियम" से प्रेरणा लेकर हर्बर्ट स्पेंसर एक नया विकासात्मक सुखवाद प्रस्तुत किया। जीवन का आधार है व्यक्ति का परिवेश से सफल अनुकलन (औप्टेशन)। यह नियम मानव के लिए उतना ही वास्तविक है जितना अन्य प्राणियों के लिए, यद्यपि मानव जीवन में सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का निर्माण हुआ है। "सफल अनुकलन" का लक्षण है एक ऐसे प्रगतिशील समाज का संगठन जिसमें व्यक्तिगत सुखों का लाभ समग्र जाति के कल्याणसंपादन से संलग्न हो।
=== बेंथम (1778-1842), मिल (1806-1873) ===
स्पेंसर के सुखवाद पर बेंथम और मिल ने "उपयोगितावाद" का स्पष्ट प्रभाव है। मिल का दर्शन उस सशक्त "अनुभववादी" परंपरा पर आधारित है जिसकी बुनियाद बेकन—हाब्ज़--ह्यूम ने रखी थी। बेंथम का प्रसिद्ध सूत्र (फारमूला "अधिक से अधिक लोगों का अधिक से अधिक सुख)" मिल के संपर्क से उच्चतर उपयोगितावाद का एक साधन बन गया। मिल ने इस बात पर जोर दिया था कि जीवन के सांस्कृतिक और बौद्धिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए ही "सुख" की व्याख्या करनी चाहिए।
"उपयोगिता" को प्राधान्य देनेवाली अन्य विचारधाराओं में कांत का मानववाद और लिलियम जेम्स का प्रत्यक्ष परिणामवाद आचारशास्त्र के इतिहास की दृष्टि महत्वपूर्ण हैं।
=== कांत (1798-1857) ===
कांत ने मानव इतिहास को तीन युगों में विभाजित किया-धार्मिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक। इनमें से अंतिम, अर्थात् वैज्ञानिक युग ही वास्तव में "सकारात्मक" है। इसी युग में मानव केंद्रित आचरणशास्त्र का निर्माण हो सकता है। भविष्य का धर्म "मानवता धर्म" होगा जिसमें नैतिक, धार्मिक और अन्य पक्षों का निर्देशन समाजविज्ञान-द्वारा होगा। मानवता एकमात्र आराध्य वस्तु होगी और जातिकल्याण ही व्यवहार का मानदंड होगा। ऐसी परिस्थिति में आचारशास्त्र का समाजशास्त्र में विलीन होना अनिवार्य है।
=== जेम्स (1842-1910) ===
विलियम जेम्स ने यूरोप की भाववादी दार्शनिक परंपरा का विरोध किया। विशुद्ध तात्विक स्तर पर सत्य की खोज व्यर्थ है। सत्य "बना बनाया" नहीं है, मानव के जीवन में, उसके आचरण और विभिन्न प्रयासों में, सत्य का निर्माण होता है। सत्य की कसौटी उसका प्रत्यक्ष परिणाम है।
=== ड्यूई (1859-1950) ===
इस दृष्टिकोण को, जो प्रैगमैटिज्म के नाम से प्रसिद्ध है, जान ड्यूई ने आगे बढ़ाया ड्यूई के अनुसार "प्रत्यक्ष परिणाम" की व्याख्या राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के संदर्भ में की जानी चाहिए। ड्यूई ने अपने आचारशास्त्र में प्रजातंत्रवाद, समानता और सामाजिक स्वास्थ्य के आदर्शों को महत्वपूर्ण माना है।
=== शोपेनहावर (1788-1860) ===
उधर जर्मनी में हीगेल के बाद शोपेनहावर, नीत्शे और माक्र्स ने तीन अलग-अलग मार्ग अपनाए। शोपेनहावर का दृष्टिकोण निराशावादी है। समस्त इतिहास को वह "जीवनसंकल्प" की अभिव्यक्ति मानता है। यह अभिव्यक्ति जिस संघर्ष के बीच होती है वह दु:ख और क्लेश से परिपूर्ण है। प्राणियों के "सुख काल्पनिक और क्षणिक हैं, उनसे लालायित होकर "सकल्प" और भी तेजी जीवनधारा को आगे बढ़ाता है और इस तरह और अधिक क्लेश उत्पन्न होते हैं। वैसे तो जीव मात्र का अस्तित्व दु:खमय है, परंतु मानव जीवन में यह क्लेश चरम सीमा तक पहुँच जाता है। शारीरिक कष्ट के अलावा अब मानसिक वेदना का भी प्रादुर्भाव होता है। आचरणशास्त्र का कटुकर्तव्य है मनुष्य को यह समझाना कि जीवनसंकल्प के विनाश से ही उसके दु:ख का अंत हो सकता है। इसके लिए जीवन के सभी तथाकथित सुखमय अनुभवों को ठुकराना होगा और सबसे पहले उस "सुख" को जिसके कारण मानव जाति कायम है। मनुष्य का आदिपाप यह है कि वह जन्म ग्रहण करता है।
=== हार्टमान (1842-1906) ===
निकलोई हार्टमान का निराशावाद शोपेनहावर से भी एकदम आगे हैं। जहाँ शोपेनहावर व्यक्ति का यह कर्तव्य बताता है कि वह अपने जीवनसंकल्प का विनाश करे, वहाँ हार्टमान की यह माँग है कि संपूर्ण विश्व में जीवनी शक्ति को खत्म करने हमें योग देना चाहिए।
=== नीत्शे (1888-1900) ===
नीत्शे का आचारशास्त्र भी परंपरागत नैतिक मान्यताओं को ठुकराता है। नीत्शे का सिद्धांत है "मूल्यों का निर्मूल्यीकरण"। उसकी शिकायत है कि ईसाई धर्म से प्रेरित होकर जो नैतिक सिद्धांत सामने आए हैं वे दुर्बलों के लिए हैं, बलवानों के लिए नहीं। ऐसा आचारशास्त्र "करुणा का आचारशास्त्र" है। वास्तव में केवल एक मूल्य ऐसा है जिसपर मानव गर्व कर सकता है-शक्ति। जिससे भी शक्ति का प्रसार होता है वह उचित है और जिस कर्म से शक्ति की महत्ता घटती है वह त्याज्य है। श्रेष्ठ पुरुष की श्रेष्ठताभावना एकमेव अच्छाई है। अनुकलन (ऐप्टेशन) का आदर्श श्रेष्ठ मानव का आदर्श नहीं हो सकता, क्योंकि अनुकलन का अर्थ है परिवेश के सामने हथियार डाल देना। मानवता का लक्ष्य है अतिमानव का निर्माण-यह सत्य केवल कुछ इने गिने लोग ही समझ सकते हैं और उन्हीं के हाथ में मानव जाति का भविष्य है। अति मानव के लिए किसी नैतिक नियम की कल्पना नहीं की जा सकती। वह अच्छे बुरे के मतभेद से परे है।
=== मार्क्स (1818-1883) ===
माक्र्स ने हीगेल के द्वंद्ववाद को भौतिक रूप दिया और कहा कि मानव जीवन में आर्थिक और राजनीतिक शक्तियों के स्वगत विरोध से ही आचरण को दिशा मिलती है। उत्पादन के साधान जिस वर्ग के हाथ में होते हैं वही वर्ग राजनीतिक अधिकार भी प्राप्त कर लेता है। यही नहीं, अनिवार्य रूप से धार्मिक संस्थाओं, शिक्षाप्रणाली और सांस्कृतिक साधनों पर भी शासक वर्ग कब्जा कर लेता है। अपने हितों की रक्षा के लिए इस वर्ग के लोग कुछ नैतिक मान्यताओं की रचना करते हैं और उन्हें अटल, विश्वव्यापी तथा नित्य बताते हैं। वास्तव में मानव स्वभाव परिवर्तनशील है और नैतिक नियम भी अटल नहीं हो सकते। जो समान वर्गों में विभाजित है उसमें शासक वर्ग और शोषित वर्ग के "कर्तव्य" समान नहीं हैं। प्रागैतिहासिक "कबीले के समाज" के पतन से लेकर अब तक नैतिक मूल्यों में लगातार वर्गसंघर्ष प्रतिबिंबित हुआ है। जब दुनिया भर में साम्यवादी समाज की स्थापना होगी और वर्गविभाजन का अंत होगा तभी ऐसे आचारशास्त्र का निर्माण हो सकेगा जिसमें नैतिक सिद्धांत समस्त मानव जाति के वास्तविक कल्याण पर आधारित होंगे।
== 20वीं शताब्दी ==
20वीं शताब्दी में दर्शन के कुछ अन्य अंगों की तुलना में आचारशास्त्र की उपेक्षा हुई है। आचारशास्त्र की कोई नई प्रणाली इधर प्रस्तुत नहीं की गई। इसका मतलब यह नहीं कि नैतिक प्रश्नों प्रश्नों को दार्शनिकों ने गौण समझा है। क्रोचे, बेर्गसां, रसेल और अन्य आधुनिक दार्शनिकों ने नैतिक निर्णय के स्वरूप को अपने दृष्टिकोण से समझने का यत्न किया है। परंतु "शुभाशुभविवेक" को एक स्वतंत्र विज्ञान का विषय माननेवाले विचारक आज अधिक नहीं हैं। इसका कारण यह है कि आचारशास्त्र पर विभिन्न दिशाओं से दबाव पड़ रहा है--[[समाजशास्त्र]] की ओर से और मनोविज्ञान की ओर से। एक ओर तो सामाजिक जीवन की बढ़ती हुई जटिलता हमें इस बात के लिए बाध्य करती है कि आचरण के नैतिक पक्ष को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समस्याओं के संदर्भ में ही देखें। दूसरी ओर [[सिग्मंड फ्रायड|फ्रायडवाद]] ने मानव मन की जिन अचेतर क्रियाओं की ओर ध्यान दिलाया है उनकी समीक्षा भी आवश्यक हो गई है। आचरण का "विशुद्ध नैतिक मूल्याँकन" कठिन हो चला है, क्योंकि नैतिक धारणाओं के पीछे अब कुछ ऐसी अचेतन शक्तियों का आभास मिला है जिन्हें अभी समझना है।
[[श्रेणी:नीतिशास्त्र]]
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यद्यपि [[नीतिशास्त्र|आचारशास्त्र]] की परिभाषा तथा क्षेत्र प्रत्येक युग में मतभेद के विषय रहे हैं, फिर भी व्यापक रूप से यह कहा जा सकता है कि आचारशास्त्र में उन सामान्य सिद्धांतों का विवेचन होता है जिनके आधार पर मानवीय क्रियाओं और उद्देश्यों का मूल्याँकन संभव हो सके। अधिकतर लेखक और विचारक इस बात से भी सहमत हैं कि आचारशास्त्र का संबंध मुख्यत: मानंदडों और मूल्यों से है, न कि वस्तुस्थितियों के अध्ययन या खोज से और इन मानदंडों का प्रयोग न केवल व्यक्तिगत जीवन के विश्लेषण में किया जाना चाहिए वरन् सामाजिक जीवन के विश्लेषण में भी।
नैतिक मतवादों का विकास दो विभिन्न दिशाओं में हुआ है। एक ओर तो आचारशात्रज्ञों ने "नैतिक निर्णय" का विश्लेषण करते हुए उचित-अनुचित संबंधी मानवीय विचारों के मूलभूत आधार का प्रश्न उठाया है। दूसरी ओर उन्होंने नैतिक आदर्शों तथा उन आदर्शों की सिद्धि के लिए अपनाए गए मार्गों का विवेचन किया है। आचारशास्त्र का पहला पक्ष चिंतनशील है, दूसरा निर्देशनशील। इन दोनों को हमें एक साथ देखना होगा, क्योंकि प्रत्यक्षरूप में दोनों संलग्न और अविभाज्य हैं।
== पूर्व व पश्चिम में आचारशास्त्र का विकास ==
पश्चिमी जगत् में आचारशात्र के सिद्धांत जिस तरह कालक्रमानुसार, एक के बाद एक, सामने आए उस तरह का क्रमबद्ध विकास पौर्वात्य दर्शन के इतिहास में नहीं मिलता। पूर्व में विभिन्न नैतिक दृष्टिकोण और कभी-कभी तो परस्पर विरोधी दृष्टिकोण भी, साथ-साथ विकसित होते रहे। अत: पूर्व और पश्चिम में आचारशास्त्र के इतिहास का अलग-अलग अध्ययन करना सुविधाजनक होगा।
=== भारत ===
भारतीय दर्शनप्रणालियों में आचरण संबंधी प्रश्नों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। किसी न किसी रूप में प्रत्येक दर्शन ने मुक्ति या मोक्ष को सामने रखा है और मुक्तिलाभ के लिए सदाचार के नियमों की समीक्षा आवश्यक हो जाती है। इस बात पर वैदिक और अवैदिक परंपराओं में किसी हद तक सामंजस्य है। आचरण संबंधी शास्त्र (स्मृतियाँ और धर्मशास्त्र) आचरण को भारत में दिशा देते हैं।
[[जैन दर्शन]] में जीवात्मा को उसकी मौलिक विशुद्धवस्था प्राप्त कराना ही जीवन का लक्ष्य बताया गया है। इस मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट यह है कि कर्मों ने जीवात्मा को जड़ तत्व से कलुषित कर दिया है। जिस तरह बादलों में सूर्यकिरणों का प्रकाश मंद हो जाता है, वैसे ही "पुद्गल" या जड़ तत्व के परमाणु जीव के चैतन्य को अपवित्र कर देते हैं। इस परिस्थिति से छुटकारा पाने के लिए कर्म के "आस्रव" को रोकना आवश्यक है। यह तभी संभव है, जब [[सम्यक् ज्ञान]], सम्यक् दर्शन और सम्यक् चरित्र तीनों की उपलब्धि हो। [[जैन धर्म]] में आचरण के उन नियमों की विस्तृत चर्चा है जिनके द्वारा ए "त्रिरत्न" प्राप्त किए जा सकते हैं। इनमें अहिंसा मुख्य है।
[[चार्वाक दर्शन]] का दृष्टिकोण पूर्णतया भौतिकवादी है। मनुष्य की सत्ता उसका शरीर है। चैतन्य शरीर का एक विशिष्ट गुण मात्र है। जीवन का लक्ष्य सुखसंपादन है। मृत्यु के बाद व्यक्तित्व का कोई भी पक्ष शेष नहीं रहता, इसलिए परलोक की चिंता व्यर्थ है। सुख के साथ दु:ख मिश्रित है, लेकिन केवल इसलिए सुखों का त्याग करना मूर्खता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने ही सुख की साधना करनी चाहिए, न कि दूसरों के।
[[बौद्ध दर्शन]] के विभिन्न संप्रदायों में ज्ञानमीमांसा तथा आदितत्व के स्वरूप के विषय में तीव्र मतभेद है। वैभाषिक और सौत्रांतिक दर्शन वास्तववादी हैं, योगाचार विज्ञानवादी और माध्यमिक शून्यवादी। लेकिन आचरण के प्रश्न पर सभी बौद्ध विचारकों ने गौतम बुद्ध के आदि उपदेशों को स्वीकार किया है। "चार आर्य सत्यों" में चौथा, अर्थात् "दु:ख-निरोध-मार्ग" आचारशास्त्र का आधार है। इसका व्यावहारिक रूप "मध्यम प्रतिपदा" अथवा मध्यम मार्ग है। एक ओर व्यर्थ आत्मोत्पीड़न, दूसरी ओर क्षणिक सुखों की अराधना, इन दोनों "अतियों" का परिहार ही सदाचरण है। मध्यम मार्ग का अवलंबन करके कार्य-कारण-श्रृंखला (प्रतीत्य समुत्पाद) का अंत किया जा सकता है। जन्म मूत्यु के अनवरत चक्र से छुटकारा निर्वाण है।
महायान संप्रदाय ने निर्वाण की अधिक सकारात्मक व्याख्या की। व्यक्ति को अपने निर्वाण से ही संतुष्ट नहीं होना चाहिए। बोधिसत्व का आदर्श यह है कि स्वयं संबोधि प्राप्त करने के बाद दूसरों के कल्याण के लिए लगातार यत्न किया जाए। प्रेम, सहानुभूति, अनुकंपा और प्राणिमात्र के प्रति मैत्री की भावना, इन सद्गुणों पर बौद्ध आचरणशास्त्र में विशेष जोर दिया गया है।
'''हिंदू दर्शन''' के सभी संप्रदायों ने, जहाँ तक आचरणशास्त्र का संबंध है, उपनिषदों और भगवद्गीता के मुख्य सिंद्धांतों को स्वीकार किया है। उपनिषदों ने जहाँ एक ओर परम तत्व के गहन प्रश्न को उठाया है और ब्रह्मज्ञान को ही दर्शन का यर्थार्थ लक्ष्य माना है, वहाँ दूसरी ओर आत्मसाधना और "शील" के व्यावहारिक पक्ष पर भी ध्यान दिया है।
[[महाभारत]] में [[भीष्म]] ने [[युधिष्ठिर]] को नीतिशास्त्र की शिक्षा दी है जिसमें प्रजा के लिये कृषि, वाणिज्य आदि की व्यवस्था, अपराधियों को दंड, अमात्य, चर, गुप्तचर, सेना, सेनापति इत्यादि की नियुक्ति, दुष्टों का दमन, राष्ट्र, दुर्ग और कोश की रक्षा, धनिकों की देखरेख, दरिद्रों का भरण पोषण, युद्ध, शत्रुऔं को वश में करने के साम, दाम, दंड, भेद ये चार उपाय, साधुओं की पूजा, विद्वानों का आदर, समाज और उत्सव, सभा, व्यवहार तथा इसी प्रकार की और बहुत सी बातें आई हैं। नीति विषय पर कई प्राचीन पुस्तकें हैं, जैसे, उशना को शुक्रनीति, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, कामंदकीय नीतिसार इत्यादि।
[[श्रीमद्भगवद्गीता|भगवद्गीता]] तत्वज्ञान की अपेक्षा आचारशास्त्र की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण है। ब्रह्मविद्या और योगशास्त्र का समन्वय कराने के उद्देश्य से निष्काम कर्म का आदर्श गीता में प्रतिपादित किया गया है। अकर्मण्यता न तो स्वतंत्रता का लक्ष्य है, न आध्यात्मिक ज्ञान का। कर्मसंन्यास से श्रेयस्कर है फलासक्ति त्यागकर कर्तव्य करते रहना। सदाचार के लिए धैर्य, मानसिक संतुलन और आत्मबुद्धि अनिवार्य है। ईश्वरभक्ति और ज्ञान से भी मनुष्य का जीवन परिष्कृत होकर कर्मयोग में सहायता मिलती है।
[[आदि शंकराचार्य]] के अनुसार [[श्रीमद्भगवद्गीता|गीता]] का मूल दर्शन अद्वैतवादी है। मुक्ति का एकमेव साधन ज्ञान है। ज्ञान और कर्म में विरोध है और दोनों का समन्वय असंभव है। फिर भी शंकराचार्य ने यह स्वीकार किया कि आत्मशुद्धि की प्रारंभिक मंजिलों में कर्मों का भी मूल्य है।
[[रामानुज]] ने भक्तिमार्ग की महत्ता को ही उपनिषदों और गीता का मुख्य संदेश माना। मध्ययुग के भारतीय आचारशास्त्र पर, अद्वैत वेदांत की तुलना में, भक्तिमार्ग से प्रेरणा लेनेवाली वैष्णव परंपरा का ही अधिक प्रभाव पड़ा। इस्लाम के सूफी मत से इस प्रवृत्ति को बल मिला। व्यापक रूप से यह कहा जा सकता है कि मध्ययुगीन आचारशास्त्र, जिसका प्रतिबिंब दार्शनिक ग्रंथों की अपेक्षा संतकाव्य में अधिक स्पष्ट रूप से मिलता है, [[मानवतावाद]] है।
आधुनिक काल में [[गांधीवाद]] में भारतीय आचारशास्त्र की सभी स्वस्थ परंपराओं का समन्वय मिलता है। उपनिषदों की आत्मसाधना, जैनो की "अहिंसा", बुद्ध की अनुकंपा और प्रेम, गीता का कर्मयोग, इस्लाम का विश्वबंधुत्व, इन सभी के लिए गांधीवाद में स्थान है। और चूंकि इन आदर्शों को राष्ट्रीय महात्मा गांधी का आचारशास्त्र, देशकालातीत समस्याओं को उठाते हुए भी, भारतीय संस्कृति मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
=== चीन ===
आचारशास्त्र को दर्शन और धर्मशास्त्र से पृथक् सभी प्राचीन सभ्यताओं के अध्ययन में कठिन है, लेकिन पश्चिमी जगत् की अपेक्षा पूर्वी जगत् के सांस्कृतिक इतिहास में यह कठिनाई और भी तीव्रता से सामने आती है।
चीन के दार्शनिक, धार्मिक, नैतिक, सांस्कृतिक मूल्यों के दो आदि स्रोत हैं : "ताओवाद और कल्फूचीवाद"। इनमें आपसी विरोध होते हुए भी इन दोनों का समन्वय ही, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, चीनी विचारकों का लक्ष्य रहा है। आगे चलकर एक तीसरी विचारधारा ने चीन में पदार्पण किया, जिसे व्यापक रूप से बौद्ध विचारधारा कहा जा सकता है।
[[लाओ त्ज़ू|लाओत्से]] (ल. 570 ई.पू.)-ताओ के अनुसार प्रकृति से सामंजस्य स्थापित करना ही "शुभ" है। इसके लिए आवश्यक सद्गुण है सरलता, मृदुलता, सौंदर्यप्रेम और शांतिप्रियता। मानव को अपना जीवन स्वाभाविक और ऋजु बनाना चाहिए। इस ताओमार्ग का प्रवर्तक लाओ-त्सू था।
[[कन्फ़्यूशियस]] (551 से 479 ई.पू.)-कन्फूशस का दृष्टिकोण इससे मूलतया भिन्न है। इसके अनुसार जीवन की पूर्णतम साधना ही मनुष्य का कर्तव्य है। यह कर्तव्य उसे समाज के सदस्य की हैसियत से ही निभाना है। कार्यसिद्धि और पुरुषार्थ ही वास्तविक "शुभ" है। सदाचार का आधार है संतुलित जीवन और संतुलित जीवन के दो सिद्धांत हैं : "चुंग" का सिद्धांत अर्थात् अपने व्यक्तित्व की उच्चतम मांगों को संतुष्ट करते रहो और "शू" का सिद्धांत, अर्थात् विश्व से समस्वरता निर्माण करते हुए जीवन व्यतीत करो। [[अरस्तु]] के "सुनहरे मध्यम मार्ग" की तरह कन्फूशस का अचारशास्त्र भी अतिरेकविरोधी है।
मेंशिसय (371 से 198 ई.पू.)-मेंशियस का आचारशास्त्र कन्फूशस के सिद्धांत पर ही आधारित है, परंतु उसमें समाजकल्याण की अपेक्षा मानववाद पर अधिक जोर दिया गया है।
अनेक चीनी दार्शनिक "ताओ" के रहस्यवाद और अतिव्यक्तिवाद से भी असंतुष्ट थे और कन्फूशस के परंपराप्रधान, औपचारिक उपदेशों से भी। इसलिए बहुत से ऐसे पंथों का आविर्भाव हुआ जिन्होंने या तो समझौते का मार्ग अपनाया या जीवन के किसी विशिष्ट पक्ष को लेकर एक नए आचारदर्शन की सृष्टि की। उदाहरणस्वरूप "मोत्सू" का पंथ उपयोगितावादी था। सदाचरण का मापदंड "अधिकतम उपयोग" है, परंतु इसका साधन है प्रेम या मैत्री। संघर्ष इसलिए अनैतिक है कि वह अनुपयागी और "अपव्ययशील" बन जाता है। "फाशिया" पंथ ने आचारशास्त्र को राजनीति के समीप पहुँचा दिया और कहा कि राजसत्ता तथा विधान से ही सदाचार की रक्षा की जा सकती है।
"ताओ" और कन्फूशसवाद का समन्वय कराने का उत्कट प्रयास "यिन--याँग" सिंद्धांत में देखा जा सकता है। विश्व में दो शक्तियाँ लगातार काम करती रहती हैं-"याँग", जो क्रियाशील, सकारात्मक, "पुरुषोचित" है और "यिन", जो निष्क्रिय, नकारात्मक, "स्त्रियोचित" है। प्रत्येक वस्तु, संस्था और संबंध में ए दोनों ही प्रवृत्तियाँ प्रतिबिंबित हैं। इनका उचित मात्रा में वास्तव्य ही "शुभ" परिस्थिति है। और ऐसी परिस्थिति के निर्माण में हाथ बटाना मानव का कर्तव्य है।
मध्ययुगीन चीनी आचारशास्त्र पर बौद्ध विचारों की स्पष्ट छाप है। थेरवाद की अपेक्षा महायान का और विशेषत: माध्यमिक दर्शन का, चीन में अधिक तेजी से विकास हुआ। परंतु नागार्जुन के "शून्यवाद" को परंपरागत "व्यावहारिकता" के सांचे में ढालकर चीनी विचारकों ने बौद्ध जीवनदर्शन को एक नई दिशा प्रदान की। इस नए दर्शन का नारा है : "समग्र में एक और एक में समग्र"।
मिंग युग (15वीं से 16वीं सदी) 12वीं और 13वीं शताब्दी के आचारदर्शन में संदेहवाद और अतिभौतिकवाद के स्पष्ट चिन्ह हैं, लेकिन "मिंग" युगीन सांस्कृतिक पुनरुत्थान के बाद चीनी विचारधारा फिर बुद्धिवाद की ओर झुकी। तब से आधुनिक युग तक चीन का आचारदर्शन मुख्य रूप से बुद्धिवादी ही रहा है।
=== ईरान ===
ज़रथुस्त्रवाद में आचारसिद्धांतों को बड़ा महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। स्वयं ज़रथुस्त्र के विषय में निश्चित रूप से कुछ कम कहा जा सकता है। "गाथाओं" में उसका व्यक्तित्व ऐतिहासिक लगता है, परंतु "अवेस्ता" में वह काल्पनिक पौराणिक बन जाता है। ज़रथुस्त्रधर्म मुख्यत: द्वैतवादी है। "अवेस्ता" में "अहुर" को एकमेव परमसत्ता के रूप में स्वीकार किया गया है और कहा गया है कि "अहुर" की अभिव्यक्ति दो दिशाओं में होती है। एक ओर आलाक है, दूसरी ओर अंधकार; एक ओर जड़ भौतिक वस्तु, दूसरी ओर अध्यात्म। लेकिन "अहुर" का एकत्व केवल औपचारिक है।
मानी (जन्म 215 ई.पू.)-आगे चलकर मानी ने खुले आम जुरथुस्त्रवाद को पूर्णतया द्वैतवादी बना दिया। उसके अनुसार भौतिक वस्तु एक स्वतंत्र शक्ति है जिसका अध्यात्मशक्ति के साथ लगातार संघर्ष चलता रहता है। मानव व्यक्तित्व के दो विभाग हैं : एक आत्मा जो आलोकमय है और दूसरा जो अंधकारमय है। संकल्पशक्ति इन दोनों के बीच में है और किसी भी ओर झुक सकती है। प्रत्यक्ष आचरण में मानव स्वतंत्र है। यदि वह चाहे तो रचनात्मक आलोकशक्ति की ओर अपने आपको ले जा सकता है। पार्थिव सुखों को त्यागकर विनाशात्मक अंधकारशक्ति से मुक्तिलाभ संभव है। भविष्य में आलोक की संपूर्ण विजय निश्चित है। उस विजक्षण को समीप लाना अंशत: मानव आचरण पर निर्भर है।
=== यूनान ===
मानवीय आचरण का वैज्ञानिक ढंग से परीक्षण सबसे पहले [[सोफ़िस्त]] दार्शनिक ने किया। ई.पू. 7वीं शताब्दी से ही यूनान में दर्शन की स्वस्थ परंपराएँ बन चुकी थीं, परंतु [[प्रोतागोरस]] के पहले विचारकों ने मुख्यत: बाह्य जगत् पर ही ध्यान दिया था। थेलीज़ से अनक्सागोरस तक सभी दार्शनिक विश्व के आदितत्व की खोज करते रहे। सोफ़िस्तपंथियों ने दर्शन के लक्ष्य का पुनर्मूलयाँकन किया तथा मानव जीवन की प्रत्यक्ष समस्याओं को दार्शनिक दृष्टि से आंकने का यत्न किया।
'''प्रोतागोरस (जन्म 480 ई.पू.)'''-"मनुष्य ही प्रत्येक वस्तु की कसौटी है"-प्रोतागोरस की इस उक्ति में सोफ़िस्त आचारशास्त्र के अच्छे और बुरे दोनों अंग प्रतिबिंबित हैं। जहाँ एक ओर इस कथन से आचारशास्त्र ठोस समस्याओं की ओर झुकता है वहाँ दूसरी ओर वह व्यक्तिगत और सापेक्ष भी बन जाता है।
'''गोर्जियस''' (जन्म 483 ई.पू.)-गोर्जियस के संपर्क से प्रोतागोरस का मानववाद निरे संदेहवाद में परिणत हो गया और इस संदेहवाद से, दार्शनिक स्तर पर, अतिस्वार्थवाद और [[सुखवाद]] को बल मिला।
'''[[सुकरात]]''' (469 से 399 ई.पू.)-इन विकृतियों के विरुद्ध सुकरात ने सर्वप्रथम एक ऐसे आचारशास्त्र का निर्माण किया जो आदर्शवादी होते हुए भी यथार्थ परिस्थितियों पर आधारित था। सुकरात का दृष्टिकोण बुद्धिवादी है। "ज्ञान ही सदाचार है"। जिसे उचित कर्मों का वास्तविक ज्ञान है, उसका आचरण ठीक होना ही पड़ेगा; और अज्ञान की परिणति दुराचार में होना भी उतना ही अनिवार्य है। सोफ़िस्तपंथी "न्याय", "नियम", "संयम" आदि शब्दों का प्रयोग अवश्य करते थे, पर इनकी सूक्ष्म व्याख्या उन्होंने कभी नहीं की। सुकरात ने इस बात पर जोर दिया दिया कि व्यक्तिनिरपेक्ष नैतिक आदर्शों का आधार ज्ञानमीमांसा ही है। जो अंतर "ज्ञान" और "जानकारी" में है, वही नियमबद्ध आचारशास्त्र और प्रथाजन्य नैतिक धारणाओं में है। सभी का लक्ष्य समान है---"भलाई"। परंतु ज्ञान द्वारा ही "भलाई" और परमशुभ में सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है। और इस सामंजस्य का सामाजिक रूप केवल ऐसे राज्य में मिल सकता है जहाँ शासकगण अच्छे जीवन की एक कला समझकर उसे आत्मसात् करने का यत्न करते रहे।
'''[[प्लेटो|अफ़लातून]]''' (427 से 347 ई.पू.) -सुकरात के उदात्त आदर्शवाद के प्रति सच्ची निष्ठा बरतते हुए अफ़लातून प्लेटो ने उनके उपदेशों को परिष्कृत रूप में रखा और उन्हें दार्शनिक मतवाद का सहारा दिया। अफ़लातून के आचारशास्त्र का एक पहलू विशुद्ध तात्विक है। भौतिक जगत् की वस्तुओं की तथाकथित "सत्ता" छाया मात्र है। वास्तविक सत्ता केवल भावों या प्रयत्नों की है, क्योंकि प्रत्यय ही नित्य और स्वसंपूर्ण हैं। इनमें सबसे शुद्ध और उच्च श्रेणी का प्रयत्न है "शुभ"। इस तरह सदाचार का आधार आदिसत्ता का शुभत्व है।
लेकिन अफ़लातून के आचारदर्शन का एक दूसरा, यथार्थवादी पक्ष भी है। इसमें मानव स्वभाव का सूक्ष्म विश्लेषण मिलता है। मानव स्वभाव के-अफ़लातून के शब्दों में मानव "आत्मा" के-तीन विभाग हैं। इन्हें इच्छा, संवेग और बुद्धि से संचालन मिलता है। पहले दो विभागों पर तीसरे का प्रभुत्व ही सदाचार का आधार है। व्यक्ति में न केवल मानवीय प्रवृत्ति, अर्थात् विवेकशीलता है, वरन उस में "पशवीय" और "वनस्पतीय" प्रवृत्तियाँ भी हैं जो उसे जैविक और दैहिक स्तर से ऊपर उठने से रोकती है। बुद्धि का उद्देश्य इन प्रवृत्तियों का विनाश नहीं, उनका शासन और नियंत्रण है।
इस उद्देश्य की सही व्याख्या केवल सामाजिक स्तर पर ही हो सकती है, न कि व्यक्तिगत स्तर पर। समाज में मानव स्वभाव के तीन अंगों के अनुरूप तीन वर्ग हैं-श्रमिक, योद्धा और शासक। यह वर्गविभाजन प्राकृतिक है और वर्गहीन समाज की कल्पना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि न्याय का आधार अंतत: प्राकृतिक नियम ही है। आदर्श व्यवस्था वह है जिसमें प्रत्येक वर्ग के लोग अपने-अपने सद्गुणों की साधना करते रहें। शासक विवेकशील हों, योद्धा वीर और श्रमिक मेहनती तथा विनम्र। ए सद्गुण परस्पर पूरक हैं और इनका उचित मात्रा में प्रयोग ही "नैतिक परिस्थिति" है। ऐसी परिस्थिति अंततोगत्वा तीसरे वर्ग के लोगों पर ही निर्भर है, क्योंकि ऐच्छिक और संवेगात्मक प्रवृत्तियों को बुद्धि ही काबू में रख सकती है। शासक वर्ग का दृष्टिकोण पूर्णतया दार्शनिक, बुद्धिवादी होना चाहिए और इसके लिए उचित शिक्षाप्रणाली नितांत आवश्यक है।
'''[[अरस्तु|अरस्तू]]''' (384-322 ई.पू.)-सुकरातवादी परंपरा की परिणति अरस्तू के आचारशास्त्र में मिलती है। अरस्तू ने विश्लेषण और प्रयोग करते हुए आचरण के विभिन्न पहलुओं की वैज्ञानिक ढंग से समीक्षा की। आचारदर्शन का स्वतंत्र "शास्त्र" के रूप में विकास अरस्तू के "नाइकोमेकियाई एथिक्स" से ही आरंभ होता है।
अरस्तू के अनुसार "शुभ" की अभिव्यक्ति दो दिशाओं में होती है। पहली दिशा वह है, जिसमें अभ्यास और प्रयत्न द्वारा मानव अपनी निम्नतर प्रवृत्तियों को उच्चरित शक्ति के--अर्थात् बुद्धि के-नियंत्रण में लाता है। इस प्रयास के फलस्वरूप जिन सद्गुणों की सृष्टि होती है वे हैं "नैतिक सद्गुण"। लेकिन शुभत्व का एक दूसरा माध्यम भी है-अर्थात् बुद्धि द्वारा विशुद्ध सत्ता या चरम सत्य की खोज। इस ज्ञान और मनन से "बौद्धिक सद्गुणों" की सृष्टि होती है। आदर्श जीवन तो ऐसे ही मनन का जीवन है। ("थिओरिया")।
परंतु आचारशास्त्र का प्रत्यक्ष संबंध बौद्धिक सद्गुणों की अपेक्षा नैतिक सद्गुणों से अधिक घनिष्ठ है। नैतिक गुणों का आधार है मध्यम मार्ग का सिद्धांत। एक ओर अतिरेक और दूसरी ओर अभाव, इन दोनों त्रुटियों से बचकर ही सदाचार संभव है। उदाहरणस्वरूप, "साहस" एक नैतिक सद्गुण है। इसका अतिरेक है "असावधानी" और इसकी न्यूनता है "कायरता"। इसी तरह प्रत्येक नैतिक सद्गुण की सीमाएँ स्थिर की जा सकती हैं।
'''[[एरिस्पितपस]]''' (जन्म 435 ई.पू.)-अरस्तू के बाद ग्रीक आचारशास्त्र की धारा दो विरोधी दिशाओं में विभक्त हो गई। एक ओर एपिक्यूरस ने सुखवाद को और दूसरी ओर जीनों ने संन्यासवाद को आदर्श के रूप में सामने रखा। वास्तव में इन दोनों के बीज सुकरात युग में ही पड़ चुके थे। एपिक्यूरस के सुखवाद का मूल स्रोत है "साइरेनेइक" आचारदर्शन और ज़ीनो का "स्तोइक" प्रणाली का आधार है "सिनिक" पंथ का सुखवादविरोधी दर्शन। साइरेनेइक् पंथ का प्रवर्तक एरिस्तिपस था और सिनिक पंथ की स्थापना सुकरात के शिष्य अंतिस्थिनीज़ (426 ई.पू.) ने की थी।
'''[[एपिक्यूरस]]''' (341 से 270 ई.पू.)-एपिक्यूरीय आचारशास्त्र ज्ञान और विवेक को साधन मात्र समझकर संतोष या समाधान को जीवन का लक्ष्य मानता है। सुख के प्रति खिंचाव और दु:ख का इवर्जन स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ हैं। "साइरेनेइक्" दृष्टिकोण मूलत: उचित था, परंतु उसमें सुख की व्याख्या संकीर्ण है। केवल क्षणिक सुख को सर्वस्व समझना मूर्खता है। हमारा ध्एय जीवन को समग्र रूप से सुखमय बनाना है। इस क्रिया में विशिष्ट सुखों को कभी-कभी त्यागना पड़ता है। सुखों की तीव्रता केवल एक पक्ष है, उनके स्थायित्व पर भी ध्यान देना है। मानसिक शांति शरीरिक इच्छापूर्ति से अधिक सुखमय है, क्योंकि वह हमें अधिक समय तक संतुष्ट रख सकती है। सर्वोच्च सद्गुण "सावधानी" है, क्योंकि वह एक सीमा तक हमें दु:ख दर्द से बचाता है।
'''[[ज़ीनो]]''' (340 से 265 ई.पू.)-स्तोइकवाद का सिंद्धांत इसके बिलकुल विपरीत है। ज़ीनो के अनुसार विवेक ही सर्वस्व है। सुखप्राप्ति का अपनी जगह पर कोई महत्व नहीं है, यद्यपि विवेकशील जीवनक्रम में यदि सुख भी मिले तो उसे जबर्दस्ती ठुकराना जरूरी नहीं है, जैसा कि"सिनिकपंथी" करते थे। संवेदजन्य सुखों को गौण और तुच्छ समझना काफी है। "प्रकृति के अनुसार जीवन" का मतलब है विवेकशील जीवन, क्योंकि मानव के लिए चेतन, क्रियाशील विवेकशक्ति ही "प्राकृतिक" है। सदाचार का आधार है आत्मनियंत्रण, कर्तव्यपरायणता और स्वार्थत्याग। नैतिक विकास के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट है असंयम। "स्ताइक" विचारधारा में संन्यासवृत्ति काफी प्रबल होते हुए भी ज़ीनो और उसके अनुयायियों ने "सिनिक" पंथ के विकृत व्यक्तिवाद से बचने का भी यथेष्ट प्रयत्न किया। मध्ययुगीन जीवनमूल्यों पर स्तोइक आचारदर्शन का गहरा प्रभाव पड़ा। सेनेका और सम्राट् माक्र्स ओरिलियस (120 से 180 ई.) ने इस दर्शन का समर्थन किया।
'''[[प्लोतिनस]]''' (205 से 270 ई.)-मध्ययुगीन आचारशास्त्र मुख्यत: धार्मिक या अध्यात्मवादी है। रोमन साम्राज्य के पतन से पहले ही ईसाई धर्मतत्व के संदर्भ में ग्रीक दर्शन का पुनर्मूल्याँकन किया जाने लगा था। इस तरह का पहला महत्वपूर्ण प्रयास नवअफ़लातूनवाद में देखा जा सकता है। सुकरात--अफ़लातून--अरस्तू की विचारपरंपरा में जो रहस्यवादी प्रवृत्तियाँ निहित थीं उन्हें प्लोतिनस के दर्शन में उभारा गया है। मानव जीवन का सर्वोंच्च उद्देश्य है "एक" अथवा "परमसत्" का अपरोक्ष ज्ञान। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें अपने आपको "योग्य" बनाना है और इसके लिए सदाचार आवश्यक है। इस तरह प्लोतिनस के लिए आचारदर्शन का महत्व सीमित और सोपक्ष है। नवअफ़लातूनवाद के अन्य प्रमुख प्रतिनिधि हैं फाइलो और पोरफिरी।
'''[[आगास्तिन]]''' (354 से 430 ई.)-संत आगस्तिन का "पैत्रिस्तिक" दर्शन भी ईश्वरानुभूति को चरम लक्ष्य मानता है। ईश्वरप्रेम ही वास्तविक नैतिकता का आधार हो सकता है। आगस्तिन ने यह कहकर कि ईश्वरकेंद्रित जीवन में ही "अधिकतम इच्छापूर्ति" संभव है, अप्रत्यक्ष रूप से सुखवाद के सिद्धांत को एक सीमा तक स्वीकार किया।
'''[[थोमस एक्वाइनस]]''' (1225 से 1274)-मध्ययुगीन आचारदर्शन का सबसे विकसित रूप संत थोमस एक्वाइनस की दर्शनप्रणाली में है। एक्वाइनस ने ईसाई धर्मतत्व को अफ़लातूनवाद से अरस्तूवाद की ओर ले जाने का यत्न किया। सत्य और शुभ का अनुसंधान दो भागों से सभव है-विश्वास और विवेक। ये दोनों स्वतंत्र हैं, परंतु इनमें कोई मूलभूत विरोध नहीं है। विवेशक्ति की उच्चतम सफलता है अरस्तूदर्शन। "विश्वास" की सबसे उदात्त सिद्धि है ईसामसीह का "यथार्थसंगत अध्यात्मवाद"। लेकिन इनसे निम्नतर स्तर पर जो "विवेक" और "विश्वास" की सफलताएँ हैं उनसे भी नैतिक जीवन में प्रेरणा मिल सकती है। ईश्वरज्ञान ही परम शुभ है।
एक्वाइनस के बाद "स्कोलैस्टिक" विचारधारा धीरे-धीरे गतिहीन और संकीर्ण बन गई। आचारशास्त्र का स्वतंत्र अस्तित्व करीब-करीब समाप्त हो गया और नैतिक प्रश्नों का विवेचन ईसाई धर्मशास्त्र की कुछ वादग्रस्त समस्याओं में शाब्दिक ऊहापोह तक ही सीमित रह गया।
== आधुनिक युग ==
आचारशास्त्र का आधुनिक युग 15वीं 16वीं शताब्दियों के [[धर्मनिरपेक्षता|धर्मनिरपेक्ष]] दर्शन से आरंभ होता है। इस दर्शन का एक पक्ष वैज्ञानिक और प्रकृतिवादी है जिसका स्वस्थ रूप बेकन और विकृत रूप हाब्ज़ में झलकता है। आचारशास्त्र की दृष्टि से हाब्ज़ बेकन से अधिक महत्वपूर्ण है।
=== हाब्ज़ (1588 से 1679) ===
हाब्ज़ का दृष्टिकोण भौतिकवादी है। वस्तुओं और गति का ही अस्तित्व वह मानता है और मानव आचरण को "वस्तु" और "गति" के ही दायरे में देखता है। चूंकि वस्तुजगत् से मानव का संबंध संवेदन द्वारा ही संभव है, इसलिए संवेदन ही मानव जीवन का "मुख्य संचालक" है। सुख की इच्छा और दु:ख के प्रति विमुखता ही मानवीय व्यवहार का आधार है। व्यक्ति का कर्तव्य केवल एक है-अपने लिए सुख अर्जन करना। स्वार्थपरता स्वाभाविक है, स्वार्थत्याग कृत्रिम। सामाजिक संगठन का आधार "प्रत्येक व्यक्ति का प्रत्येक अन्य व्यक्ति से भय" है। सुखों को वर्तमान की तरह भविष्य में भी प्राप्त करने के लिए "अधिकार" और "शक्ति" आवश्यक हैं। इसलिए अधिकारप्रेम भी प्राकृतिक है और आचरण का निर्देशन करता है। व्यवहार का आंतरिक मानदंड स्वार्थ है, बाह्य मानदंड राजकीय अथवा सामाजिक अधिकार है।
=== क्लार्क (1675 से 1729) ===
हाब्ज़ के स्वार्थपरक सुखवाद के विरुद्ध तीब्र प्रतिक्रिया होनी अनिवार्य थी। यह प्रतिक्रिया "सहजज्ञानवादी आचरणशास्त्र" में व्यक्त हुई।
=== कडवर्थ (1617 से 1688) ===
इस प्रवृत्ति के प्रमुख प्रतिनिधि हैं क्लार्क, कडवर्थ, शैफ़्ट्सबरी, हचीसन और बटलर। इनमें आपसी मतभेद होते हुए भी व्यापक रूप से इस बात पर सहमति है कि नैतिक नियम "स्वत:सिद्ध सत्य" है।
=== शैफ़्ट्सबरी (1671 से 1713) ===
शैफ़्ट्सबरी ने आचारशास्त्र में पहली बार "नैतिक विवेकशक्ति" (मारल सेंस) का सिद्धांत सामने रखा। बटलर का कहना है कि नैतिक नियमों का सहज ज्ञान इसलिए संभव है कि प्रकृति ने-या "ईश्वर" ने-इस प्रकार के ज्ञान के लिए हमें एक विशेष साधन प्रदान किया है।
=== बटलर (1692 से 1752) ===
इस साधन को बटलर "सदसद्विवेकक्षमता" (कांशेंस) कहता है। यह क्षमता ही मनुष्य की वास्तविक आत्मा है, उसके व्यक्तित्व का केंद्रबिंदु है।
=== ह्यूम (1711 से 1776) ===
ह्यूम का आचरणशास्त्र फिर एक बार संवेदनवाद की ओर झुकता है। ह्यूम का विश्वास है कि आचरण का यथार्थ विश्लेषण मनोवैज्ञानिक दृष्टि से ही संभव है। मनोविज्ञान का इस विषय में एक ही निष्कर्ष हो सकता है; वह यह कि सुख दु:ख ही आचरण के निर्णायक हैं। हमारे नैतिक निर्णय कुछ ऐसे प्राकृतिक सत्यों पर आधारित हैं जिनका, अपने मूल स्वरूप में, कोई नैतिक महत्व नहीं है।
=== कांट (1724 से 1804) ===
काँट का प्रसिद्ध ग्रंथ "व्यावहारिक विवेक की आलोचना" आधुनिक विवेकवादी आचारशास्त्र के आधारस्तंभों में है। कांट ने पूर्ववर्ती विचारकों के एकांगी सिद्धांतों को संतुलित रूप देकर उन्हें एक समन्वयात्मक आचरणदर्शन में सूत्रबद्ध करने का प्रयत्न किया। "कर्तव्य" और "स्वार्थ" ए दोनों बिलकुल अलग-अलग प्रेरणाएँ हैं। इनमें से कर्तव्य को ही प्रधान मानकर जीवन संगठित किया जाए तो अधिकतम कल्याणसंपादन किया जा सकता है। कर्तव्य की व्याख्या "शुभ संकल्प" द्वारा ही संभव है। शुभ संकल्प ही एकमात्र ऐसा शुभ है जिसका मूल्य निरपेक्ष है। अन्य सभी "अच्छाइयाँ", जैसे सुख, योग्यता, सुविधा आदि सापेक्ष हैं। उनका महत्व यहीं तक सीमित है कि शुभ संकल्प को क्रियमाण बनाने में उनसे सहायता मिल सकती है।
काँट ने इस बात पर जोर दिया कि नैतिक नियम विश्वव्यापी और पूर्णतया अनिवार्य हैं। प्रत्येक परिस्थिति में और प्रत्येक व्यक्ति के प्रति वह लागू होता है। इस नियम का आदेश है कि हम मानवता को अपने में और अन्य लोगों में सर्वदा साध्य के रूप में स्वीकार करें, न कि साधन के रूप में। नैतिक कर्तव्य को किसी भी बाह्य दबाव की उत्पत्ति समझना गलत है, चाहे वह बाह्य शक्ति "ईश्वर" हो या "सुखवर्धक" परिस्थिति। विवेशील व्यक्ति जिस नियम के अधीन है उसका निर्माण स्वयं विवेक ही करता है।
=== फ़िश्टे (1762 से 1814) ===
फ़िश्टे का आचरणशास्त्र अतिबुद्धिवादी है। वह व्यक्ति को स्वतंत्र मानता है, पर उसके अनुसार आचरण की स्वाधीनता ज्ञान पर निर्भर है। कांट की भूल यह थी कि उसने विवेक के सैद्धांतिक और व्यावहारिक अंगों के बीच विरोध खड़ा किया।
=== हीगेल (1770 से 1831) ===
शेलिंग के दर्शन में आचारशास्त्र विशुद्ध तत्वज्ञान का अंग बन जाता है। हीगेल दर्शन की भित्ति भी "परमसत्" (ऐब्सोल्यूट) की कल्पना है, लेकिन हीगेल के "परमवाद" का उसकी "द्वंद्वात्मक पद्धति" (डाइलेक्टिक्स) से अविश्लेष्य संबंध है। भावजगत् में विरोधी शक्तियों के संघर्ष से और उच्चतर स्तर पर उनके समन्वय से, विकास होता है। नैतिक धारणाओं के प्रति भी यही नियम लागू होता है। आचारशास्त्र का लक्ष्य उन मंजिलों का अध्ययन है जिनके बीच, संघर्ष और समन्वय से गुजरते हुए, नैतिक मूल्यों का विकास हुआ है।
=== डार्विन (1801-1882) ===
विकासवादी दृष्टिकोण के वैज्ञानिक पक्ष का [[डार्विनवाद]] के माध्यम से आचारशास्त्र पर गहरा प्रभाव पड़ा।
=== स्पेंसर (1820-1903) ===
डार्विन के "प्राकृतिक चुनाव के नियम" से प्रेरणा लेकर हर्बर्ट स्पेंसर एक नया विकासात्मक सुखवाद प्रस्तुत किया। जीवन का आधार है व्यक्ति का परिवेश से सफल अनुकलन (औप्टेशन)। यह नियम मानव के लिए उतना ही वास्तविक है जितना अन्य प्राणियों के लिए, यद्यपि मानव जीवन में सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का निर्माण हुआ है। "सफल अनुकलन" का लक्षण है एक ऐसे प्रगतिशील समाज का संगठन जिसमें व्यक्तिगत सुखों का लाभ समग्र जाति के कल्याणसंपादन से संलग्न हो।
=== बेंथम (1778-1842), मिल (1806-1873) ===
स्पेंसर के सुखवाद पर बेंथम और मिल ने "उपयोगितावाद" का स्पष्ट प्रभाव है। मिल का दर्शन उस सशक्त "अनुभववादी" परंपरा पर आधारित है जिसकी बुनियाद बेकन—हाब्ज़--ह्यूम ने रखी थी। बेंथम का प्रसिद्ध सूत्र (फारमूला "अधिक से अधिक लोगों का अधिक से अधिक सुख)" मिल के संपर्क से उच्चतर उपयोगितावाद का एक साधन बन गया। मिल ने इस बात पर जोर दिया था कि जीवन के सांस्कृतिक और बौद्धिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए ही "सुख" की व्याख्या करनी चाहिए।
"उपयोगिता" को प्राधान्य देनेवाली अन्य विचारधाराओं में कांत का मानववाद और लिलियम जेम्स का प्रत्यक्ष परिणामवाद आचारशास्त्र के इतिहास की दृष्टि महत्वपूर्ण हैं।
=== कांत (1798-1857) ===
कांत ने मानव इतिहास को तीन युगों में विभाजित किया-धार्मिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक। इनमें से अंतिम, अर्थात् वैज्ञानिक युग ही वास्तव में "सकारात्मक" है। इसी युग में मानव केंद्रित आचरणशास्त्र का निर्माण हो सकता है। भविष्य का धर्म "मानवता धर्म" होगा जिसमें नैतिक, धार्मिक और अन्य पक्षों का निर्देशन समाजविज्ञान-द्वारा होगा। मानवता एकमात्र आराध्य वस्तु होगी और जातिकल्याण ही व्यवहार का मानदंड होगा। ऐसी परिस्थिति में आचारशास्त्र का समाजशास्त्र में विलीन होना अनिवार्य है।
=== जेम्स (1842-1910) ===
विलियम जेम्स ने यूरोप की भाववादी दार्शनिक परंपरा का विरोध किया। विशुद्ध तात्विक स्तर पर सत्य की खोज व्यर्थ है। सत्य "बना बनाया" नहीं है, मानव के जीवन में, उसके आचरण और विभिन्न प्रयासों में, सत्य का निर्माण होता है। सत्य की कसौटी उसका प्रत्यक्ष परिणाम है।
=== ड्यूई (1859-1950) ===
इस दृष्टिकोण को, जो प्रैगमैटिज्म के नाम से प्रसिद्ध है, जान ड्यूई ने आगे बढ़ाया ड्यूई के अनुसार "प्रत्यक्ष परिणाम" की व्याख्या राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के संदर्भ में की जानी चाहिए। ड्यूई ने अपने आचारशास्त्र में प्रजातंत्रवाद, समानता और सामाजिक स्वास्थ्य के आदर्शों को महत्वपूर्ण माना है।
=== शोपेनहावर (1788-1860) ===
उधर जर्मनी में हीगेल के बाद शोपेनहावर, नीत्शे और माक्र्स ने तीन अलग-अलग मार्ग अपनाए। शोपेनहावर का दृष्टिकोण निराशावादी है। समस्त इतिहास को वह "जीवनसंकल्प" की अभिव्यक्ति मानता है। यह अभिव्यक्ति जिस संघर्ष के बीच होती है वह दु:ख और क्लेश से परिपूर्ण है। प्राणियों के "सुख काल्पनिक और क्षणिक हैं, उनसे लालायित होकर "सकल्प" और भी तेजी जीवनधारा को आगे बढ़ाता है और इस तरह और अधिक क्लेश उत्पन्न होते हैं। वैसे तो जीव मात्र का अस्तित्व दु:खमय है, परंतु मानव जीवन में यह क्लेश चरम सीमा तक पहुँच जाता है। शारीरिक कष्ट के अलावा अब मानसिक वेदना का भी प्रादुर्भाव होता है। आचरणशास्त्र का कटुकर्तव्य है मनुष्य को यह समझाना कि जीवनसंकल्प के विनाश से ही उसके दु:ख का अंत हो सकता है। इसके लिए जीवन के सभी तथाकथित सुखमय अनुभवों को ठुकराना होगा और सबसे पहले उस "सुख" को जिसके कारण मानव जाति कायम है। मनुष्य का आदिपाप यह है कि वह जन्म ग्रहण करता है।
=== हार्टमान (1842-1906) ===
निकलोई हार्टमान का निराशावाद शोपेनहावर से भी एकदम आगे हैं। जहाँ शोपेनहावर व्यक्ति का यह कर्तव्य बताता है कि वह अपने जीवनसंकल्प का विनाश करे, वहाँ हार्टमान की यह माँग है कि संपूर्ण विश्व में जीवनी शक्ति को खत्म करने हमें योग देना चाहिए।
=== नीत्शे (1888-1900) ===
नीत्शे का आचारशास्त्र भी परंपरागत नैतिक मान्यताओं को ठुकराता है। नीत्शे का सिद्धांत है "मूल्यों का निर्मूल्यीकरण"। उसकी शिकायत है कि ईसाई धर्म से प्रेरित होकर जो नैतिक सिद्धांत सामने आए हैं वे दुर्बलों के लिए हैं, बलवानों के लिए नहीं। ऐसा आचारशास्त्र "करुणा का आचारशास्त्र" है। वास्तव में केवल एक मूल्य ऐसा है जिसपर मानव गर्व कर सकता है-शक्ति। जिससे भी शक्ति का प्रसार होता है वह उचित है और जिस कर्म से शक्ति की महत्ता घटती है वह त्याज्य है। श्रेष्ठ पुरुष की श्रेष्ठताभावना एकमेव अच्छाई है। अनुकलन (ऐप्टेशन) का आदर्श श्रेष्ठ मानव का आदर्श नहीं हो सकता, क्योंकि अनुकलन का अर्थ है परिवेश के सामने हथियार डाल देना। मानवता का लक्ष्य है अतिमानव का निर्माण-यह सत्य केवल कुछ इने गिने लोग ही समझ सकते हैं और उन्हीं के हाथ में मानव जाति का भविष्य है। अति मानव के लिए किसी नैतिक नियम की कल्पना नहीं की जा सकती। वह अच्छे बुरे के मतभेद से परे है।
=== मार्क्स (1818-1883) ===
माक्र्स ने हीगेल के द्वंद्ववाद को भौतिक रूप दिया और कहा कि मानव जीवन में आर्थिक और राजनीतिक शक्तियों के स्वगत विरोध से ही आचरण को दिशा मिलती है। उत्पादन के साधान जिस वर्ग के हाथ में होते हैं वही वर्ग राजनीतिक अधिकार भी प्राप्त कर लेता है। यही नहीं, अनिवार्य रूप से धार्मिक संस्थाओं, शिक्षाप्रणाली और सांस्कृतिक साधनों पर भी शासक वर्ग कब्जा कर लेता है। अपने हितों की रक्षा के लिए इस वर्ग के लोग कुछ नैतिक मान्यताओं की रचना करते हैं और उन्हें अटल, विश्वव्यापी तथा नित्य बताते हैं। वास्तव में मानव स्वभाव परिवर्तनशील है और नैतिक नियम भी अटल नहीं हो सकते। जो समान वर्गों में विभाजित है उसमें शासक वर्ग और शोषित वर्ग के "कर्तव्य" समान नहीं हैं। प्रागैतिहासिक "कबीले के समाज" के पतन से लेकर अब तक नैतिक मूल्यों में लगातार वर्गसंघर्ष प्रतिबिंबित हुआ है। जब दुनिया भर में साम्यवादी समाज की स्थापना होगी और वर्गविभाजन का अंत होगा तभी ऐसे आचारशास्त्र का निर्माण हो सकेगा जिसमें नैतिक सिद्धांत समस्त मानव जाति के वास्तविक कल्याण पर आधारित होंगे।
== 20वीं शताब्दी ==
20वीं शताब्दी में दर्शन के कुछ अन्य अंगों की तुलना में आचारशास्त्र की उपेक्षा हुई है। आचारशास्त्र की कोई नई प्रणाली इधर प्रस्तुत नहीं की गई। इसका मतलब यह नहीं कि नैतिक प्रश्नों प्रश्नों को दार्शनिकों ने गौण समझा है। क्रोचे, बेर्गसां, रसेल और अन्य आधुनिक दार्शनिकों ने नैतिक निर्णय के स्वरूप को अपने दृष्टिकोण से समझने का यत्न किया है। परंतु "शुभाशुभविवेक" को एक स्वतंत्र विज्ञान का विषय माननेवाले विचारक आज अधिक नहीं हैं। इसका कारण यह है कि आचारशास्त्र पर विभिन्न दिशाओं से दबाव पड़ रहा है--[[समाजशास्त्र]] की ओर से और मनोविज्ञान की ओर से। एक ओर तो सामाजिक जीवन की बढ़ती हुई जटिलता हमें इस बात के लिए बाध्य करती है कि आचरण के नैतिक पक्ष को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समस्याओं के संदर्भ में ही देखें। दूसरी ओर [[सिग्मंड फ्रायड|फ्रायडवाद]] ने मानव मन की जिन अचेतर क्रियाओं की ओर ध्यान दिलाया है उनकी समीक्षा भी आवश्यक हो गई है। आचरण का "विशुद्ध नैतिक मूल्याँकन" कठिन हो चला है, क्योंकि नैतिक धारणाओं के पीछे अब कुछ ऐसी अचेतन शक्तियों का आभास मिला है जिन्हें अभी समझना है।
[[श्रेणी:नीतिशास्त्र]]
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'''दहिया''' एक संघरवी [[जाट गोत्र|जोट]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1QmrSwFYe60C&pg=PA5&dq=Dahiya+Ahir&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwi48p_J0qn_AhU4TGwGHaMpDf0Q6AF6BAgLEAM#v=onepage&q=Dahiya%20Ahir&f=false|title=Glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North West Frontier Province|last=Ibbetson|first=Sir Denzil|last2=Maclagan|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0505-3|language=en}}</ref> गोत्र है जो भारतीय राज्य [[राजस्थान]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[पश्चिमी उत्तर प्रदेश]] में पाया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LzHpZ5N5MhcC&newbks=0&hl=en|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en|quote=Swami Omanand points out that the Ahirs and Jats of Haryana and Western U.P., specially the residents of the Tajupur, Dayalpur villages of Gurgaon district and of the Tatarpur village of Meerut district, belong to the Dehiya, Dheyu or Dheya family which according to him is a currupt from of the ancient word Yaudheya.}}</ref>:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=LzHpZ5N5MhcC&dq=ahirs+and+jats&pg=PA64&redir_esc=y#v=onepage&q=ahirs%20and%20jats&f=false|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en}}</ref>दहिया (जट्ट) एक केबल महापराक्रमी आयुधजीवियों का समूह जो गुरु ग्रंथ को जगत जोत का एक अटूट दर्जा देनेका दावा करता ह|
==व्युत्पत्ति==
=== सिख धर्म में अहम भूमिका ===
दहिया शब्द प्राचीन शब्द यौधेय का अपभ्रंश माना जाता है, जिनका संबंध [[यदुवंश|यदुओं/यादवों]] से था।
संस्कृत शिलालेख में इस वंश कि नाम दधीचिक, दहियक या दधीच मिलता है। जोधपुर शहर से चार मील उत्तर किनसररिया गांव की पहाड़ी पर केवाय माता के मंदिर के सभामंडप में लगे हुए दहिया वंशी सामंत चच्च के 1058 (V.S.) के शिलालेख मे उक्त वंश की उत्पत्ति के विषय मे लिखा है। मुनहरोत नैणसी ने पर्वतसर मे रहकर दहियो का वृत्तांत अपनी ख्यात के लिए संग्रहीत किया। उसने लिखा है कि दहियो का मूल निवास स्थान नासिक त्र्यंबक के पास होकर बहने वाली गोदावरी नदी के निकट थालरेनगढ़ था। दहियो के स्थान देरावर, पर्वतसर, सांवरा,घंटियाली, हरसोर एवं मारोठ थे। जालोर का गढ भी दहियो का बनाया हुआ माना जाता है।
== सन्दर्भ ==
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'''दहिया''' एक संघरवी [[जाट गोत्र|जोट]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1QmrSwFYe60C&pg=PA5&dq=Dahiya+Ahir&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwi48p_J0qn_AhU4TGwGHaMpDf0Q6AF6BAgLEAM#v=onepage&q=Dahiya%20Ahir&f=false|title=Glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North West Frontier Province|last=Ibbetson|first=Sir Denzil|last2=Maclagan|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0505-3|language=en}}</ref> गोत्र है जो भारतीय राज्य [[राजस्थान]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[पश्चिमी उत्तर प्रदेश]] में पाया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LzHpZ5N5MhcC&newbks=0&hl=en|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en|quote=Swami Omanand points out that the Ahirs and Jats of Haryana and Western U.P., specially the residents of the Tajupur, Dayalpur villages of Gurgaon district and of the Tatarpur village of Meerut district, belong to the Dehiya, Dheyu or Dheya family which according to him is a currupt from of the ancient word Yaudheya.}}</ref>:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=LzHpZ5N5MhcC&dq=ahirs+and+jats&pg=PA64&redir_esc=y#v=onepage&q=ahirs%20and%20jats&f=false|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en}}</ref>'''दहिया''' (जट्ट) एक केबल महापराक्रमी जनजातियों का विशाल समूह जो गुरु ग्रंथ को [[जगत|जगत जोत]] का एक अटूट दर्जा देने का दावा करता है |{{उद्धरण आवश्यक}}
==व्युत्पत्ति==
=== सिख धर्म में अहम भूमिका ===
दहिया शब्द प्राचीन शब्द यौधेय का अपभ्रंश माना जाता है, जिनका संबंध [[यदुवंश|यदुओं/यादवों]] से था।
संस्कृत शिलालेख में इस वंश कि नाम दधीचिक, दहियक या दधीच मिलता है। जोधपुर शहर से चार मील उत्तर किनसररिया गांव की पहाड़ी पर केवाय माता के मंदिर के सभामंडप में लगे हुए दहिया वंशी सामंत चच्च के 1058 (V.S.) के शिलालेख मे उक्त वंश की उत्पत्ति के विषय मे लिखा है। मुनहरोत नैणसी ने पर्वतसर मे रहकर दहियो का वृत्तांत अपनी ख्यात के लिए संग्रहीत किया। उसने लिखा है कि दहियो का मूल निवास स्थान नासिक त्र्यंबक के पास होकर बहने वाली गोदावरी नदी के निकट थालरेनगढ़ था। दहियो के स्थान देरावर, पर्वतसर, सांवरा,घंटियाली, हरसोर एवं मारोठ थे। जालोर का गढ भी दहियो का बनाया हुआ माना जाता है।
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'''दहिया''' एक संघरवी [[जाट गोत्र|जोट]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=1QmrSwFYe60C&pg=PA5&dq=Dahiya+Ahir&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwi48p_J0qn_AhU4TGwGHaMpDf0Q6AF6BAgLEAM#v=onepage&q=Dahiya%20Ahir&f=false|title=Glossary of the Tribes and Castes of the Punjab and North West Frontier Province|last=Ibbetson|first=Sir Denzil|last2=Maclagan|date=1990|publisher=Asian Educational Services|isbn=978-81-206-0505-3|language=en}}</ref> गोत्र है जो भारतीय राज्य [[राजस्थान]], [[हरियाणा]], [[पंजाब (भारत)|पंजाब]] और [[पश्चिमी उत्तर प्रदेश]] में पाया जाता है।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=LzHpZ5N5MhcC&newbks=0&hl=en|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en|quote=Swami Omanand points out that the Ahirs and Jats of Haryana and Western U.P., specially the residents of the Tajupur, Dayalpur villages of Gurgaon district and of the Tatarpur village of Meerut district, belong to the Dehiya, Dheyu or Dheya family which according to him is a currupt from of the ancient word Yaudheya.}}</ref>:<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=LzHpZ5N5MhcC&dq=ahirs+and+jats&pg=PA64&redir_esc=y#v=onepage&q=ahirs%20and%20jats&f=false|title=Geography from Ancient Indian Coins & Seals|last=Gupta|first=Parmanand|date=1989|publisher=Concept Publishing Company|isbn=978-81-7022-248-4|language=en}}</ref>'''दहिया''' (जट्ट) एक केबल महापराक्रमी जनजातियों का विशाल समूह जो गुरु ग्रंथ को [[जगत|जगत जोत]] का एक अटूट दर्जा देने का दावा करता है |{{उद्धरण आवश्यक}}
==व्युत्पत्ति==
=== सिख धर्म में अहम भूमिका ===
{{पंजाब का इतिहास}}
संस्कृत शिलालेख में इस वंश कि नाम दधीचिक, दहियक या दधीच मिलता है। जोधपुर शहर से चार मील उत्तर किनसररिया गांव की पहाड़ी पर केवाय माता के मंदिर के सभामंडप में लगे हुए दहिया वंशी सामंत चच्च के 1058 (V.S.) के शिलालेख मे उक्त वंश की उत्पत्ति के विषय मे लिखा है। मुनहरोत नैणसी ने पर्वतसर मे रहकर दहियो का वृत्तांत अपनी ख्यात के लिए संग्रहीत किया। उसने लिखा है कि दहियो का मूल निवास स्थान नासिक त्र्यंबक के पास होकर बहने वाली गोदावरी नदी के निकट थालरेनगढ़ था। दहियो के स्थान देरावर, पर्वतसर, सांवरा,घंटियाली, हरसोर एवं मारोठ थे। जालोर का गढ भी दहियो का बनाया हुआ माना जाता है।
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{जाट गोत्र}}
[[श्रेणी:जाट गोत्र]]
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मट्ठा
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{{भारतीय व्यंजन}}
'''मट्ठा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] बहुत प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला [[पेय]] है। यह [[दही]] या [[छाछ]] में मसालों और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। भारत के [[बिहार]], [[त्रिपुरा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[पश्चिम बंगाल]] राज्यों और [[बांग्लादेश]] में सादे छाछ को भी मट्ठा कहा जाता है। मट्ठा बनाने के लिए छाछ में [[पुदीना]], भुना हुआ [[जीरा]], [[हींग]], [[कढ़ी पत्ता]], [[नमक]] और [[चीनी]] आदि मिलाए जाते हैं।<ref>{{cite book|last1=Yildiz|first1=Fatih|title=Development and manufacture of yogurt and other functional dairy products|date=2010|publisher=CRC Press|location=Boca Raton, FL|isbn=9781420082081|page=11|url=https://books.google.com/books?id=zMCDLlcRaQkC&q=mattha&pg=PA1}}</ref><ref>{{cite book|last1=Pereira|first1=Jiggs Kalra & Pushpesh Pant, with Raminder Malhotra; photographs, Ian|title=Classic cooking of Punjab|date=2004|publisher=Allied Publishers|location=New Delhi|isbn=978-8177645668|url=https://books.google.com/books?id=HHrUDlo0DfEC&dq=mattha&pg=PP17}}</ref>
स्वाद बढ़ाने के लिए मट्ठा परोसने से पहले कहीं कहीं उसमें धुआँ (धुँघार) भी दिया जाता है। मट्ठे को प्रायः [[भोजन]] से पहले या बाद में परोसा जाता है, हालांकि इसे भोजन के साथ भी पीया जा सकता है, और माना जाता है कि यह पाचन में मदद करता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में मट्ठे से मिलते-जुलते अन्य पेय भी हैं -
* [[लसी]]
* [[बोरहानी]] ([[बंगाल]])
* [[छाछ]]
* [[मही]] ([[नेपाल]] में प्रचलित
* [[घोल]] (बंगाल, ओडीसा आदि में)
*
{{भारतीय खाना}}
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{{भारतीय व्यंजन}}
'''मट्ठा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] बहुत प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला [[पेय]] है। यह [[दही]] या [[छाछ]] में मसालों और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। भारत के [[बिहार]], [[त्रिपुरा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[पश्चिम बंगाल]] राज्यों और [[बांग्लादेश]] में सादे छाछ को भी मट्ठा कहा जाता है। मट्ठा बनाने के लिए छाछ में [[पुदीना]], भुना हुआ [[जीरा]], [[हींग]], [[कढ़ी पत्ता]], [[नमक]] और [[चीनी]] आदि मिलाए जाते हैं।<ref>{{cite book|last1=Yildiz|first1=Fatih|title=Development and manufacture of yogurt and other functional dairy products|date=2010|publisher=CRC Press|location=Boca Raton, FL|isbn=9781420082081|page=11|url=https://books.google.com/books?id=zMCDLlcRaQkC&q=mattha&pg=PA1}}</ref><ref>{{cite book|last1=Pereira|first1=Jiggs Kalra & Pushpesh Pant, with Raminder Malhotra; photographs, Ian|title=Classic cooking of Punjab|date=2004|publisher=Allied Publishers|location=New Delhi|isbn=978-8177645668|url=https://books.google.com/books?id=HHrUDlo0DfEC&dq=mattha&pg=PP17}}</ref>
स्वाद बढ़ाने के लिए मट्ठा परोसने से पहले कहीं कहीं उसमें धुआँ (धुँघार) भी दिया जाता है। मट्ठे को प्रायः [[भोजन]] से पहले या बाद में परोसा जाता है, हालांकि इसे भोजन के साथ भी पीया जा सकता है, और माना जाता है कि यह पाचन में मदद करता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में मट्ठे से मिलते-जुलते अन्य पेय भी हैं -
* [[लसी]]
* [[बोरहानी]] ([[बंगाल]])
* [[छाछ]]
* [[मही]] ([[नेपाल]] में प्रचलित
* [[घोल]] (बंगाल, ओडीसा आदि में)
==सन्दर्भ==
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{{भारतीय व्यंजन}}
'''मट्ठा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] बहुत प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला [[पेय]] है। [[संस्कृत]] में इसे 'तक्र' कहते हैं। मट्ठे का उल्लेख [[चरकसंहिता]] में भी हुआ है।<ref>[https://www.chezshuchi.com/masala-mattha-recipe-hindi.html मसाला मट्ठा]</ref> [[भावप्रकाश]] में कहा गया है-
: ''यथा सुराणाममृतं सुखाय तथा नराणां भुवि तक्रमाहुः ।
: ( ‘जिस प्रकार स्वर्ग में देवों को सुख देनेवाला [[अमृत]] है, उसी प्रकार पृथ्वी पर मनुष्यों को सुख देनेवाला तक्र है।)<ref>[https://rishiprasad.org/read_79 स्वास्थ्यवर्धक मट्ठा]</ref>
यह [[दही]] या [[छाछ]] में मसालों और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। भारत के [[बिहार]], [[त्रिपुरा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[पश्चिम बंगाल]] राज्यों और [[बांग्लादेश]] में सादे छाछ को भी मट्ठा कहा जाता है। मट्ठा बनाने के लिए छाछ में [[पुदीना]], भुना हुआ [[जीरा]], [[हींग]], [[कढ़ी पत्ता]], [[नमक]] और [[चीनी]] आदि मिलाए जाते हैं।<ref>{{cite book|last1=Yildiz|first1=Fatih|title=Development and manufacture of yogurt and other functional dairy products|date=2010|publisher=CRC Press|location=Boca Raton, FL|isbn=9781420082081|page=11|url=https://books.google.com/books?id=zMCDLlcRaQkC&q=mattha&pg=PA1}}</ref><ref>{{cite book|last1=Pereira|first1=Jiggs Kalra & Pushpesh Pant, with Raminder Malhotra; photographs, Ian|title=Classic cooking of Punjab|date=2004|publisher=Allied Publishers|location=New Delhi|isbn=978-8177645668|url=https://books.google.com/books?id=HHrUDlo0DfEC&dq=mattha&pg=PP17}}</ref>
स्वाद बढ़ाने के लिए मट्ठा परोसने से पहले कहीं कहीं उसमें धुआँ (धुँघार) भी दिया जाता है। मट्ठे को प्रायः [[भोजन]] से पहले या बाद में परोसा जाता है, हालांकि इसे भोजन के साथ भी पीया जा सकता है, और माना जाता है कि यह पाचन में मदद करता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में मट्ठे से मिलते-जुलते अन्य पेय भी हैं -
* [[लसी]]
* [[बोरहानी]] ([[बंगाल]])
* [[छाछ]]
* [[मही]] ([[नेपाल]] में प्रचलित
* [[घोल]] (बंगाल, ओडीसा आदि में)
==सन्दर्भ==
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{{भारतीय व्यंजन}}
'''मट्ठा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] बहुत प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला [[पेय]] है। [[संस्कृत]] में इसे 'तक्र' कहते हैं। मट्ठे का उल्लेख [[चरकसंहिता]] में भी हुआ है।<ref>[https://www.chezshuchi.com/masala-mattha-recipe-hindi.html मसाला मट्ठा]</ref> इसी प्रकार, [[आयुर्वेद|आयुर्वैदिक]] ग्रन्थ [[भावप्रकाश]] में कहा गया है-
: ''यथा सुराणाममृतं सुखाय तथा नराणां भुवि तक्रमाहुः ।
: ( ‘जिस प्रकार स्वर्ग में देवों को सुख देनेवाला [[अमृत]] है, उसी प्रकार पृथ्वी पर मनुष्यों को सुख देनेवाला तक्र है।)<ref>[https://rishiprasad.org/read_79 स्वास्थ्यवर्धक मट्ठा]</ref>
यह [[दही]] या [[छाछ]] में मसालों और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। भारत के [[बिहार]], [[त्रिपुरा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[पश्चिम बंगाल]] राज्यों और [[बांग्लादेश]] में सादे छाछ को भी मट्ठा कहा जाता है। मट्ठा बनाने के लिए छाछ में [[पुदीना]], भुना हुआ [[जीरा]], [[हींग]], [[कढ़ी पत्ता]], [[नमक]] और [[चीनी]] आदि मिलाए जाते हैं।<ref>{{cite book|last1=Yildiz|first1=Fatih|title=Development and manufacture of yogurt and other functional dairy products|date=2010|publisher=CRC Press|location=Boca Raton, FL|isbn=9781420082081|page=11|url=https://books.google.com/books?id=zMCDLlcRaQkC&q=mattha&pg=PA1}}</ref><ref>{{cite book|last1=Pereira|first1=Jiggs Kalra & Pushpesh Pant, with Raminder Malhotra; photographs, Ian|title=Classic cooking of Punjab|date=2004|publisher=Allied Publishers|location=New Delhi|isbn=978-8177645668|url=https://books.google.com/books?id=HHrUDlo0DfEC&dq=mattha&pg=PP17}}</ref>
स्वाद बढ़ाने के लिए मट्ठा परोसने से पहले कहीं कहीं उसमें धुआँ (धुँघार) भी दिया जाता है। मट्ठे को प्रायः [[भोजन]] से पहले या बाद में परोसा जाता है, हालांकि इसे भोजन के साथ भी पीया जा सकता है, और माना जाता है कि यह पाचन में मदद करता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में मट्ठे से मिलते-जुलते अन्य पेय भी हैं -
* [[लसी]]
* [[बोरहानी]] ([[बंगाल]])
* [[छाछ]]
* [[मही]] ([[नेपाल]] में प्रचलित
* [[घोल]] (बंगाल, ओडीसा आदि में)
==सन्दर्भ==
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{{भारतीय व्यंजन}}
'''मट्ठा''' [[भारतीय उपमहाद्वीप]] बहुत प्राचीन काल से उपयोग किया जाने वाला [[पेय]] है। [[संस्कृत]] में इसे 'तक्र' कहते हैं और इसका उल्लेख [[चरकसंहिता]] में भी हुआ है।<ref>[https://www.chezshuchi.com/masala-mattha-recipe-hindi.html मसाला मट्ठा]</ref> इसी प्रकार, [[आयुर्वेद|आयुर्वैदिक]] ग्रन्थ [[भावप्रकाश]] में कहा गया है-
: ''यथा सुराणाममृतं सुखाय तथा नराणां भुवि तक्रमाहुः ।
: ( ‘जिस प्रकार स्वर्ग में देवों को सुख देनेवाला [[अमृत]] है, उसी प्रकार पृथ्वी पर मनुष्यों को सुख देनेवाला तक्र है।)<ref>[https://rishiprasad.org/read_79 स्वास्थ्यवर्धक मट्ठा]</ref>
यह [[दही]] या [[छाछ]] में मसालों और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। भारत के [[बिहार]], [[त्रिपुरा]], [[उत्तर प्रदेश]], [[पश्चिम बंगाल]] राज्यों और [[बांग्लादेश]] में सादे छाछ को भी मट्ठा कहा जाता है। मट्ठा बनाने के लिए छाछ में [[पुदीना]], भुना हुआ [[जीरा]], [[हींग]], [[कढ़ी पत्ता]], [[नमक]] और [[चीनी]] आदि मिलाए जाते हैं।<ref>{{cite book|last1=Yildiz|first1=Fatih|title=Development and manufacture of yogurt and other functional dairy products|date=2010|publisher=CRC Press|location=Boca Raton, FL|isbn=9781420082081|page=11|url=https://books.google.com/books?id=zMCDLlcRaQkC&q=mattha&pg=PA1}}</ref><ref>{{cite book|last1=Pereira|first1=Jiggs Kalra & Pushpesh Pant, with Raminder Malhotra; photographs, Ian|title=Classic cooking of Punjab|date=2004|publisher=Allied Publishers|location=New Delhi|isbn=978-8177645668|url=https://books.google.com/books?id=HHrUDlo0DfEC&dq=mattha&pg=PP17}}</ref>
स्वाद बढ़ाने के लिए मट्ठा परोसने से पहले कहीं कहीं उसमें धुआँ (धुँघार) भी दिया जाता है। मट्ठे को प्रायः [[भोजन]] से पहले या बाद में परोसा जाता है, हालांकि इसे भोजन के साथ भी पीया जा सकता है, और माना जाता है कि यह पाचन में मदद करता है।
भारतीय उपमहाद्वीप में मट्ठे से मिलते-जुलते अन्य पेय भी हैं -
* [[लसी]]
* [[बोरहानी]] ([[बंगाल]])
* [[छाछ]]
* [[मही]] ([[नेपाल]] में प्रचलित
* [[घोल]] (बंगाल, ओडीसा आदि में)
==सन्दर्भ==
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| [[:de:User:PK2|User page]] in [[:en:German language|German]]<br />(code: <code>de</code>)
| [[:dga:User:PK2|User page]] in [[:en:Dagaare language|Dagaare]]<br />(code: <code>dga</code>)
| [[:din:User:PK2|User page]] in [[:en:Dinka language|Dinka]]<br />(code: <code>din</code>)
| [[:diq:User:PK2|User page]] in [[:en:Zaza language|Zaza]]<br />(code: <code>diq</code>)
| [[:dsb:User:PK2|User page]] in [[:en:Lower Sorbian language|Lower Sorbian]]<br />(code: <code>dsb</code>)
| [[:dtp:User:PK2|User page]] in [[:en:Dusun language|Dusun]]<br />(code: <code>dtp</code>)
| [[:dty:User:PK2|User page]] in [[:en:Doteli|Doteli]]<br />(code: <code>dty</code>)
| [[:dv:User:PK2|User page]] in [[:en:Maldivian language|Maldivian]]<br />(code: <code>dv</code>)
| [[:dz:User:PK2|User page]] in [[:en:Dzongkha|Dzongkha]]<br />(code: <code>dz</code>)
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|+ E
|-
| [[:ee:User:PK2|User page]] in [[:en:Ewe language|Ewe]]<br />(code: <code>ee</code>)
| [[:el:User:PK2|User page]] in [[:en:Greek language|Greek]]<br />(code: <code>el</code>)
| [[:eml:User:PK2|User page]] in [[:en:Emilian–Romagnol|Emilian–Romagnol]]<br />(code: <code>eml</code>)
| [[:en:User:PK2|User page]] in [[:en:English language|English]]<br />(code: <code>en</code>)
| [[:eo:User:PK2|User page]] in [[:en:Esperanto|Esperanto]]<br />(code: <code>eo</code>)
| [[:es:User:PK2|User page]] in [[:en:Spanish language|Spanish]]<br />(code: <code>es</code>)
| [[:et:User:PK2|User page]] in [[:en:Estonian language|Estonian]]<br />(code: <code>et</code>)
| [[:eu:User:PK2|User page]] in [[:en:Basque language|Basque]]<br />(code: <code>eu</code>)
| [[:ext:User:PK2|User page]] in [[:en:Extremaduran language|Extremaduran]]<br />(code: <code>ext</code>)
|}
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|+ F
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| [[:fa:User:PK2|User page]] in [[:en:Persian language|Persian]]<br />(code: <code>fa</code>)
| [[:fat:User:PK2|User page]] in [[:en:Akan language|Akan]] ([[:en:Fante dialect|Fante]])<br />(code: <code>fat</code>)
| [[:ff:User:PK2|User page]] in [[:en:Fula language|Fula]]<br />(code: <code>ff</code>)
| [[:fi:User:PK2|User page]] in [[:en:Finnish language|Finnish]]<br />(code: <code>fi</code>)
| [[:fiu-vro:User:PK2|User page]] in [[:en:Võro language|Võro]]<br />(code: <code>fiu-vro</code>)
| [[:fj:User:PK2|User page]] in [[:en:Fijian language|Fijian]]<br />(code: <code>fj</code>)
| [[:fo:User:PK2|User page]] in [[:en:Faroese language|Faroese]]<br />(code: <code>fo</code>)
|-
| [[:fon:User:PK2|User page]] in [[:en:Fon language|Fon]]<br />(code: <code>fon</code>)
| [[:fr:User:PK2|User page]] in [[:en:French language|French]]<br />(code: <code>fr</code>)
| [[:frp:User:PK2|User page]] in [[:en:Franco-Provençal|Franco-Provençal]]<br />(code: <code>frp</code>)
| [[:frr:User:PK2|User page]] in [[:en:North Frisian language|North Frisian]]<br />(code: <code>frr</code>)
| [[:fur:User:PK2|User page]] in [[:en:Friulian language|Friulian]]<br />(code: <code>fur</code>)
| [[:fy:User:PK2|User page]] in [[:en:West Frisian language|West Frisian]]<br />(code: <code>fy</code>)
|}
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|+ G
|-
| [[:ga:User:PK2|User page]] in [[:en:Irish language|Irish]]<br />(code: <code>ga</code>)
| [[:gag:User:PK2|User page]] in [[:en:Gagauz language|Gagauz]]<br />(code: <code>gag</code>)
| [[:gan:User:PK2|User page]] in [[:en:Gan Chinese|Gan Chinese]]<br />(code: <code>gan</code>)
| [[:gcr:User:PK2|User page]] in [[:en:French Guianese Creole|French Guianese Creole]]<br />(code: <code>gcr</code>)
| [[:gd:User:PK2|User page]] in [[:en:Scottish Gaelic|Scottish Gaelic]]<br />(code: <code>gd</code>)
| [[:gl:User:PK2|User page]] in [[:en:Galician language|Galician]]<br />(code: <code>gl</code>)
| [[:glk:User:PK2|User page]] in [[:en:Gilaki language|Gilaki]]<br />(code: <code>glk</code>)
| [[:gn:User:PK2|User page]] in [[:en:Guarani language|Guarani]]<br />(code: <code>gn</code>)
| [[:gom:User:PK2|User page]] in [[:en:Konkani language|Konkani]] (Goan Konkani)<br />(code: <code>gom</code>)
|-
| [[:gor:User:PK2|User page]] in [[:en:Gorontalo language|Gorontalo]]<br />(code: <code>gor</code>)
| [[:got:User:PK2|User page]] in [[:en:Gothic language|Gothic]]<br />(code: <code>got</code>)
| [[:gpe:User:PK2|User page]] in [[:en:Ghanaian Pidgin English|Ghanaian Pidgin English]]<br />(code: <code>gpe</code>)
| [[:gu:User:PK2|User page]] in [[:en:Gujarati language|Gujarati]]<br />(code: <code>gu</code>)
| [[:guc:User:PK2|User page]] in [[:en:Wayuu language|Wayuu]]<br />(code: <code>guc</code>)
| [[:gur:User:PK2|User page]] in [[:en:Farefare language|Farefare]]<br />(code: <code>gur</code>)
| [[:guw:User:PK2|User page]] in [[:en:Gun language|Gun]]<br />(code: <code>guw</code>)
| [[:gv:User:PK2|User page]] in [[:en:Manx language|Manx]]<br />(code: <code>gv</code>)
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|+ H
|-
| [[:ha:User:PK2|User page]] in [[:en:Hausa language|Hausa]]<br />(code: <code>ha</code>)
| [[:hak:User:PK2|User page]] in [[:en:Hakka Chinese|Hakka Chinese]]<br />(code: <code>hak</code>)
| [[:haw:User:PK2|User page]] in [[:en:Hawaiian language|Hawaiian]]<br />(code: <code>haw</code>)
| [[:he:User:PK2|User page]] in [[:en:Hebrew language|Hebrew]]<br />(code: <code>he</code>)
| [[:hi:User:PK2|User page]] in [[:en:Hindi|Hindi]]<br />(code: <code>hi</code>)
| [[:hif:User:PK2|User page]] in [[:en:Fiji Hindi|Fiji Hindi]]<br />(code: <code>hif</code>)
|-
| [[:hr:User:PK2|User page]] in [[:en:Croatian language|Croatian]]<br />(code: <code>hr</code>)
| [[:hsb:User:PK2|User page]] in [[:en:Upper Sorbian language|Upper Sorbian]]<br />(code: <code>hsb</code>)
| [[:ht:User:PK2|User page]] in [[:en:Haitian Creole|Haitian Creole]]<br />(code: <code>ht</code>)
| [[:hu:User:PK2|User page]] in [[:en:Hungarian language|Hungarian]]<br />(code: <code>hu</code>)
| [[:hy:User:PK2|User page]] in [[:en:Armenian language|Armenian]] ([[:en:Eastern Armenian|Eastern Armenian]])<br />(code: <code>hy</code>)
| [[:hyw:User:PK2|User page]] in [[:en:Western Armenian|Western Armenian]]<br />(code: <code>hyw</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ I
|-
| [[:ia:User:PK2|User page]] in [[:en:Interlingua|Interlingua]]<br />(code: <code>ia</code>)
| [[:iba:User:PK2|User page]] in [[:en:Iban language|Iban]]<br />(code: <code>iba</code>)
| [[:id:User:PK2|User page]] in [[:en:Indonesian language|Indonesian]]<br />(code: <code>id</code>)
| [[:ie:User:PK2|User page]] in [[:en:Interlingue|Interlingue]]<br />(code: <code>ie</code>)
| [[:ig:User:PK2|User page]] in [[:en:Igbo language|Igbo]]<br />(code: <code>ig</code>)
| [[:igl:User:PK2|User page]] in [[:en:Igala language|Igala]]<br />(code: <code>igl</code>)
| [[:ik:User:PK2|User page]] in [[:en:Iñupiaq language|Iñupiaq]]<br />(code: <code>ik</code>)
| [[:ilo:User:PK2|User page]] in [[:en:Ilocano language|Ilocano]]<br />(code: <code>ilo</code>)
| [[:inh:User:PK2|User page]] in [[:en:Ingush language|Ingush]]<br />(code: <code>inh</code>)
| [[:io:User:PK2|User page]] in [[:en:Ido|Ido]]<br />(code: <code>io</code>)
| [[:is:User:PK2|User page]] in [[:en:Icelandic language|Icelandic]]<br />(code: <code>is</code>)
| [[:it:User:PK2|User page]] in [[:en:Italian language|Italian]]<br />(code: <code>it</code>)
| [[:iu:User:PK2|User page]] in [[:en:Inuktitut|Inuktitut]]<br />(code: <code>iu</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ J
|-
| [[:ja:User:PK2|User page]] in [[:en:Japanese language|Japanese]]<br />(code: <code>ja</code>)
| [[:jam:User:PK2|User page]] in [[:en:Jamaican Patois|Jamaican Patois]]<br />(code: <code>jam</code>)
| [[:jbo:User:PK2|User page]] in [[:en:Lojban|Lojban]]<br />(code: <code>jbo</code>)
| [[:jv:User:PK2|User page]] in [[:en:Javanese language|Javanese]]<br />(code: <code>jv</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ K
|-
| [[:ka:User:PK2|User page]] in [[:en:Georgian language|Georgian]]<br />(code: <code>ka</code>)
| [[:kaa:User:PK2|User page]] in [[:en:Karakalpak language|Karakalpak]]<br />(code: <code>kaa</code>)
| [[:kab:User:PK2|User page]] in [[:en:Kabyle language|Kabyle]]<br />(code: <code>kab</code>)
| [[:kai:User:PK2|User page]] in [[:en:Karai-karai|Karai-karai]]<br />(code: <code>kai</code>)
| [[:kaj:User:PK2|User page]] in [[:en:Jju language|Jju]]<br />(code: <code>kaj</code>)
| [[:kbd:User:PK2|User page]] in [[:en:Kabardian language|Kabardian]]<br />(code: <code>kbd</code>)
| [[:kbp:User:PK2|User page]] in [[:en:Kabiye language|Kabiye]]<br />(code: <code>kbp</code>)
| [[:kcg:User:PK2|User page]] in [[:en:Tyap|Tyap]]<br />(code: <code>kcg</code>)
| [[:kg:User:PK2|User page]] in [[:en:Kongo language|Kongo]]<br />(code: <code>kg</code>)
| [[:kge:User:PK2|User page]] in [[:en:Komering language|Komering]]<br />(code: <code>kge</code>)
|-
| [[:ki:User:PK2|User page]] in [[:en:Kikuyu language|Kikuyu]]<br />(code: <code>ki</code>)
| [[:kk:User:PK2|User page]] in [[:en:Kazakh language|Kazakh]]<br />(code: <code>kk</code>)
| [[:km:User:PK2|User page]] in [[:en:Khmer language|Khmer]]<br />(code: <code>km</code>)
| [[:kn:User:PK2|User page]] in [[:en:Kannada|Kannada]]<br />(code: <code>kn</code>)
| [[:knc:User:PK2|User page]] in [[:en:Central Kanuri|Central Kanuri]]<br />(code: <code>knc</code>)
| [[:ko:User:PK2|User page]] in [[:en:Korean language|Korean]]<br />(code: <code>ko</code>)
| [[:koi:User:PK2|User page]] in [[:en:Komi-Permyak language|Komi-Permyak]]<br />(code: <code>koi</code>)
| [[:krc:User:PK2|User page]] in [[:en:Karachay-Balkar|Karachay-Balkar]]<br />(code: <code>krc</code>)
| [[:ks:User:PK2|User page]] in [[:en:Kashmiri language|Kashmiri]]<br />(code: <code>ks</code>)
| [[:ksh:User:PK2|User page]] in [[:en:Ripuarian language|Ripuarian]]<br />(code: <code>ksh</code>)
|-
| [[:ku:User:PK2|User page]] in [[:en:Kurdish language|Kurdish]] ([[:en:Kurmanji|Kurmanji]])<br />(code: <code>ku</code>)
| [[:kus:User:PK2|User page]] in [[:en:Kusaal language|Kusaal]]<br />(code: <code>kus</code>)
| [[:kv:User:PK2|User page]] in [[:en:Komi language|Komi]]<br />(code: <code>kv</code>)
| [[:kw:User:PK2|User page]] in [[:en:Cornish language|Cornish]]<br />(code: <code>kw</code>)
| [[:ky:User:PK2|User page]] in [[:en:Kyrgyz language|Kyrgyz]]<br />(code: <code>ky</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ L
|-
| [[:la:User:PK2|User page]] in [[:en:Latin|Latin]]<br />(code: <code>la</code>)
| [[:lad:User:PK2|User page]] in [[:en:Judaeo-Spanish|Judaeo-Spanish]]<br />(code: <code>lad</code>)
| [[:lb:User:PK2|User page]] in [[:en:Luxembourgish|Luxembourgish]]<br />(code: <code>lb</code>)
| [[:lbe:User:PK2|User page]] in [[:en:Lak language|Lak]]<br />(code: <code>lbe</code>)
| [[:lez:User:PK2|User page]] in [[:en:Lezgian language|Lezgian]]<br />(code: <code>lez</code>)
| [[:lfn:User:PK2|User page]] in [[:en:Lingua Franca Nova|Lingua Franca Nova]]<br />(code: <code>lfn</code>)
| [[:lg:User:PK2|User page]] in [[:en:Luganda|Luganda]]<br />(code: <code>lg</code>)
| [[:li:User:PK2|User page]] in [[:en:Limburgish|Limburgish]]<br />(code: <code>li</code>)
|-
| [[:lij:User:PK2|User page]] in [[:en:Ligurian language|Ligurian]]<br />(code: <code>lij</code>)
| [[:lld:User:PK2|User page]] in [[:en:Ladin language|Ladin]]<br />(code: <code>lld</code>)
| [[:lmo:User:PK2|User page]] in [[:en:Lombard language|Lombard]]<br />(code: <code>lmo</code>)
| [[:ln:User:PK2|User page]] in [[:en:Lingala|Lingala]]<br />(code: <code>ln</code>)
| [[:lo:User:PK2|User page]] in [[:en:Lao language|Lao]]<br />(code: <code>lo</code>)
| [[:lt:User:PK2|User page]] in [[:en:Lithuanian language|Lithuanian]]<br />(code: <code>lt</code>)
| [[:ltg:User:PK2|User page]] in [[:en:Latgalian language|Latgalian]]<br />(code: <code>ltg</code>)
| [[:lv:User:PK2|User page]] in [[:en:Latvian language|Latvian]]<br />(code: <code>lv</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ M
|-
| [[:mad:User:PK2|User page]] in [[:en:Madurese language|Madurese]]<br />(code: <code>mad</code>)
| [[:mai:User:PK2|User page]] in [[:en:Maithili language|Maithili]]<br />(code: <code>mai</code>)
| [[:map-bms:User:PK2|User page]] in [[:en:Javanese language|Javanese]] ([[:en:Banyumasan dialect|Banyumasan]])<br />(code: <code>map-bms</code>)
| [[:mdf:User:PK2|User page]] in [[:en:Moksha language|Moksha]]<br />(code: <code>mdf</code>)
| [[:mg:User:PK2|User page]] in [[:en:Malagasy language|Malagasy]]<br />(code: <code>mg</code>)
| [[:mhr:User:PK2|User page]] in [[:en:Meadow Mari language|Meadow Mari]]<br />(code: <code>mhr</code>)
| [[:mi:User:PK2|User page]] in [[:en:Māori language|Māori]]<br />(code: <code>mi</code>)
| [[:min:User:PK2|User page]] in [[:en:Minangkabau language|Minangkabau]]<br />(code: <code>min</code>)
|-
| [[:mk:User:PK2|User page]] in [[:en:Macedonian language|Macedonian]]<br />(code: <code>mk</code>)
| [[:ml:User:PK2|User page]] in [[:en:Malayalam|Malayalam]]<br />(code: <code>ml</code>)
| [[:mn:User:PK2|User page]] in [[:en:Mongolian language|Mongolian]]<br />(code: <code>mn</code>)
| [[:mni:User:PK2|User page]] in [[:en:Meitei language|Meitei]]<br />(code: <code>mni</code>)
| [[:mnw:User:PK2|User page]] in [[:en:Mon language|Mon]]<br />(code: <code>mnw</code>)
| [[:m:mos:User:PK2|User page]] in [[:en:Mooré|Mooré]]<br />(code: <code>mos</code>)
| [[:mr:User:PK2|User page]] in [[:en:Marathi language|Marathi]]<br />(code: <code>mr</code>)
| [[:mrj:User:PK2|User page]] in [[:en:Hill Mari language|Hill Mari]]<br />(code: <code>mrj</code>)
|-
| [[:ms:User:PK2|User page]] in [[:en:Malay language|Malay]]<br />(code: <code>ms</code>)
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| [[:mwl:User:PK2|User page]] in [[:en:Mirandese language|Mirandese]]<br />(code: <code>mwl</code>)
| [[:my:User:PK2|User page]] in [[:en:Burmese language|Burmese]]<br />(code: <code>my</code>)
| [[:myv:User:PK2|User page]] in [[:en:Erzya language|Erzya]]<br />(code: <code>myv</code>)
| [[:mzn:User:PK2|User page]] in [[:en:Mazanderani language|Mazanderani]]<br />(code: <code>mzn</code>)
|}
{| class="wikitable" style="text-align: center; font-size:85%"
|+ N
|-
| [[:nah:User:PK2|User page]] in [[:en:Nahuatl|Nahuatl]]<br />(code: <code>nah</code>)
| [[:nap:User:PK2|User page]] in [[:en:Neapolitan language|Neapolitan]]<br />(code: <code>nap</code>)
| [[:nds:User:PK2|User page]] in [[:en:Low German|Low German]]<br />(code: <code>nds</code>)
| [[:nds-nl:User:PK2|User page]] in [[:en:Dutch Low Saxon|Dutch Low Saxon]]<br />(code: <code>nds-nl</code>)
| [[:ne:User:PK2|User page]] in [[:en:Nepali language|Nepali]]<br />(code: <code>ne</code>)
| [[:new:User:PK2|User page]] in [[:en:Newar language|Newar]]<br />(code: <code>new</code>)
| [[:nia:User:PK2|User page]] in [[:en:Nias language|Nias]]<br />(code: <code>nia</code>)
| [[:nl:User:PK2|User page]] in [[:en:Dutch language|Dutch]]<br />(code: <code>nl</code>)
| [[:nn:User:PK2|User page]] in [[:en:Norwegian language|Norwegian]] ([[:en:Nynorsk|Nynorsk]])<br />(code: <code>nn</code>)
|-
| [[:no:User:PK2|User page]] in [[:en:Norwegian language|Norwegian]] ([[:en:Bokmål|Bokmål]])<br />(code: <code>no</code>)
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| [[:nqo:User:PK2|User page]] in [[:en:N'Ko language|N'Ko]]<br />(code: <code>nqo</code>)
| [[:nr:User:PK2|User page]] in [[:en:Southern Ndebele language|Southern Ndebele]]<br />(code: <code>nr</code>)
| [[:nrm:User:PK2|User page]] in [[:en:Norman language|Norman]]<br />(code: <code>nrm</code>)
| [[:nso:User:PK2|User page]] in [[:en:Northern Sotho|Northern Sotho]]<br />(code: <code>nso</code>)
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|+ O
|-
| [[:oc:User:PK2|User page]] in [[:en:Occitan language|Occitan]]<br />(code: <code>oc</code>)
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| [[:os:User:PK2|User page]] in [[:en:Ossetian language|Ossetian]]<br />(code: <code>os</code>)
|}
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|+ P
|-
| [[:pa:User:PK2|User page]] in [[:en:Punjabi language|Punjabi]]<br />(code: <code>pa</code>)
| [[:pag:User:PK2|User page]] in [[:en:Pangasinan language|Pangasinan]]<br />(code: <code>pag</code>)
| [[:pam:User:PK2|User page]] in [[:en:Kapampangan language|Kapampangan]]<br />(code: <code>pam</code>)
| [[:pap:User:PK2|User page]] in [[:en:Papiamento|Papiamento]]<br />(code: <code>pap</code>)
| [[:pcd:User:PK2|User page]] in [[:en:Picard language|Picard]]<br />(code: <code>pcd</code>)
| [[:pcm:User:PK2|User page]] in [[:en:Nigerian Pidgin|Nigerian Pidgin]]<br />(code: <code>pcm</code>)
| [[:pdc:User:PK2|User page]] in [[:en:Pennsylvania Dutch language|Pennsylvania Dutch]]<br />(code: <code>pdc</code>)
| [[:pfl:User:PK2|User page]] in [[:en:Palatine German dialects|Palatine German]]<br />(code: <code>pfl</code>)
| [[:pi:User:PK2|User page]] in [[:en:Pali|Pali]]<br />(code: <code>pi</code>)
|-
| [[:pl:User:PK2|User page]] in [[:en:Polish language|Polish]]<br />(code: <code>pl</code>)
| [[:pms:User:PK2|User page]] in [[:en:Piedmontese language|Piedmontese]]<br />(code: <code>pms</code>)
| [[:pnb:User:PK2|User page]] in [[:en:Punjabi language|Punjabi]] (Western Punjabi)<br />(code: <code>pnb</code>)
| [[:pnt:User:PK2|User page]] in [[:en:Pontic Greek|Pontic Greek]]<br />(code: <code>pnt</code>)
| [[:ppl:User:PK2|User page]] in [[:en:Nawat language|Nawat]]<br />(code: <code>ppl</code>)
| [[:ps:User:PK2|User page]] in [[:en:Pashto|Pashto]]<br />(code: <code>ps</code>)
| [[:pt:User:PK2|User page]] in [[:en:Portuguese language|Portuguese]]<br />(code: <code>pt</code>)
| [[:pwn:User:PK2|User page]] in [[:en:Paiwan language|Paiwan]]<br />(code: <code>pwn</code>)
|}
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|+ Q
|-
| [[:qu:User:PK2|User page]] in [[:en:Quechuan languages|Quechua]] ([[:en:Southern Quechua|Southern Quechua]])<br />(code: <code>qu</code>)
|}
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|+ R
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| [[:rki:User:PK2|User page]] in [[:en:Rakhine language|Rakhine]]<br />(code: <code>rki</code>)
| [[:rm:User:PK2|User page]] in [[:en:Romansh language|Romansh]]<br />(code: <code>rm</code>)
| [[:rmy:User:PK2|User page]] in [[:en:Romani language|Romani]] ([[:en:Vlax Romani language|Vlax Romani]])<br />(code: <code>rmy</code>)
| [[:rn:User:PK2|User page]] in [[:en:Kirundi|Kirundi]]<br />(code: <code>rn</code>)
| [[:ro:User:PK2|User page]] in [[:en:Romanian language|Romanian]]<br />(code: <code>ro</code>)
| [[:roa-rup:User:PK2|User page]] in [[:en:Aromanian language|Aromanian]]<br />(code: <code>roa-rup</code>)
|-
| [[:roa-tara:User:PK2|User page]] in [[:en:Neapolitan language|Neapolitan]] ([[:en:Tarantino dialect|Tarantino]])<br />(code: <code>roa-tara</code>)
| [[:rsk:User:PK2|User page]] in [[:en:Pannonian Rusyn|Pannonian Rusyn]]<br />(code: <code>rsk</code>)
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== बायोलॉजी ==
जनन [[विशेष:योगदान/~2026-30675-29|~2026-30675-29]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30675-29|वार्ता]]) 08:33, 22 मई 2026 (UTC)
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उपयोगितावाद
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा जान स्टुअर्ट [[मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, ह्यूम जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक नीत्शे ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, ह्यूम जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक नीत्शे ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
<!-- interwiki -->
{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक नीत्शे ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
{{स्रोतहीन|date=नवम्बर 2023}}
[[श्रेणी:उपयोगितावाद]]
[[श्रेणी:परिणामवाद]]
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक नीत्शे ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
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[[श्रेणी:दर्शन]]
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/* परिचय */ एक कड़ी जोड़ी।
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
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[[श्रेणी:उपयोगितावाद]]
[[श्रेणी:परिणामवाद]]
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/* परिचय */ कुछ सामग्री डाली।
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
बेंथम ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
बेंथम ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
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[[श्रेणी:उपयोगितावाद]]
[[श्रेणी:परिणामवाद]]
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने न केवल इंग्लैंड वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
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[[श्रेणी:उपयोगितावाद]]
[[श्रेणी:परिणामवाद]]
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने न केवल [[इंग्लैण्ड]] वरन् यूरोप के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने न केवल [[इंग्लैण्ड]] वरन् [[यूरोप]] के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, रिकार्डों के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने न केवल [[इंग्लैण्ड]] वरन् [[यूरोप]] के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, [[डेविड रिकार्डो|रिकार्डों]] के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
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'''उपयोगितावाद''' (Utilitarianism) एक आचार सिद्धांत है जिसकी एकांतिक मान्यता है कि आचरण (action) एकमात्र तभी नैतिक है जब वह अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख की अभिवृद्धि करता है। राजनीतिक तथा अन्य क्षेत्रों में इसका संबंध मुख्यत: [[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) तथा [[जॉन स्टूवर्ट मिल]] (1806-73) से रहा है। परंतु इसका इतिहास और प्राचीन है, [[डेविड ह्यूम]] (1711-1776) जैसे दार्शनिकों के विचारों से प्रभावित, जो उदारता को ही सबसे महान गुण मानते थे तथा व्यक्तिविशेष के व्यवहार से दूसरों के सुख में वृद्धि ही उदारता का मापदंड समझते थे।
उपयोगितावाद के संबंध में प्राय: कुछ अस्पष्ट ओछी धारणाएँ हैं। इसके आलोचकों का कहना है कि यह सिद्धांत, सुंदरता, शालीनता एवं विशिष्टता की उपेक्षा कर केवल उपयोगिता को महत्त्व देता है। पूर्वपक्ष का इसपर यह आरोप है कि यह केवल लौकिक स्वार्थ को महत्त्व देता है। किंतु ऐसी आलोचना सर्वथा समुचित नहीं कही जा सकती। ड
== परिचय ==
उपयोगितावाद अनेक सापेक्ष विचारों को महत्त्व देता है। जैसे, आनंद ही सबसे वांछनीय वस्तु है और यह जितना अधिक हो उतना ही श्रेयस्कर है। इसका एक भ्रामक निष्कर्ष यह है कि दु:ख ही सबसे अवांछनीय वस्तु है और यह जितना कम भोगना पड़े उतना ही अच्छा है। इससे यह निर्दिष्ट है कि नैतिक अभिकर्ता का किसी भी परिस्थिति में ऐसा ही आचरण सदाचार माना जाएगा जो स्वेच्छया किया गया हो, जो संबंधित लोगों के लिए महत्तम सुख की सृष्टि करता हो अथवा कर सकने की
संभावना रखता हो और जहाँ पर दु:ख अवश्यंभावी है वहाँ उसे यथासंभव कम-से-कम करने का प्रयत्न करता हो।
ऐसे विचारों में निहित भावों की विवेचना एकपक्षीय नहीं हो सकती, फिर भी आनंद भी तुच्छ तथा दु:ख भी महान हो सकता है और कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि आनंद नित्य श्रेय तथा दु:ख नित्य हेय है। यह भी स्पष्ट है कि "सुख" की ठीक-ठीक परिभाषा करना, यदि असंभव नहीं तो, कठिन अवश्य है। जर्मन दार्शनिक [[फ्रेडरिक नीत्शे|नीत्शे]] (1844-1900) ने एक बार प्रसिद्ध घोषणा की कि "सुख कौन चाहता है? केवल अंग्रेज।" अधिकांश भारतीय विचारों में जोर निराशक्ति पर ही दिया गया है, जिससे आनंद की माप क्षणस्थायी एवं सुख कुछ नि:सार प्रतीत होता है। वास्तव में उपयोतिगतावाद का पूर्णत: तर्कसम्मत एवं स्थायी अनुयायी होना कुछ सरल नहीं, फिर भी सिद्धांत तथा व्यवहार में सामंजस्य स्थापित करने के प्रयत्न के कारण और जीवतत्व के लिए स्वस्थ तथा नैतिक अच्छाई का मार्ग निर्दिष्ट करनेवाले आनंद को मनुष्य के स्वाभाविक मार्गदर्शन के रूप में प्रतिष्ठित करने के कारण उपयोगितावाद कुछ आकर्षण रखता है और एतदर्थ सामान्य भी है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने लिखा है, "प्रकृति ने मनुष्य को दो प्रभुओं सुख एवं दु:ख, के शासन में रखा है। केवल इन्हीं को यू सूचित करने की शक्ति प्राप्त है कि हमें क्या करना चाहिए तथा हम क्या करेंगे। इनके सिंहासन के एक ओर उचितानुचित निर्धारण का मान बँधा है, दूसरी ओर कार्य कारण का चक्र।" कोई भी इस कथन में त्रुटि निकाल सकता है। वस्तुत: उपयोगितावादियों की सबसे बड़ी त्रुटि उनकी दार्शनिक पकड़ की कमजोरी में ही रही है। परंतु उनके द्वारा वास्तविक सुधारों को जो महत्त्व दिया गया, तत्कालीन परिस्थितियों में वह सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में निस्संदेह नया कदम था। दूरदर्शी तथा कुशल व्यवस्थापकों द्वारा ही समाजकल्याण संपन्न हो सकता है, ऐसी कल्पना की गई। बेंथम के शब्दों में, व्यवस्थापक ही बुद्धि तथा विधि (कानून) द्वारा सुख रूपी पट बुन सकता है।
[[जेरेमी बेन्थम|बेंथम]] (1748-1832) ने न केवल [[इंग्लैण्ड]] वरन् [[यूरोप]] के अन्य देशों के विचारों को भी अत्यंत प्रभावित किया। जेलों में सुधार में, न्यायव्यवहार को सरल करने में, अमानुषिक परिणामहीन दंड व्यवस्था हटाने में, बेंथम से बड़ी सहायता प्राप्त हुई। जब उसे निश्चय हो गया कि संसदीय सुधार के बिना वैधानिक सुधार असंभव है तब वह उस ओर आकर्षित हुआ। उपयोगितावाद के आर्थिक उद्देश्यों का निरूपण, जो मुख्यत: निर्बंध व्यापार पर वैधानिक नियंत्रणों की समाप्ति से संबंधित है, [[डेविड रिकार्डो|रिकार्डों]] (1772-1823) के साहित्य में अत्यंत सुंदर ढंग से हुआ है। सिद्धांत निरूपण की अपेक्षा, जो उपयोगितावादियों का विशेष इष्ट कभी न रहा, आजकल राजनीतिक कार्यक्रमों को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा है। किंतु इस दर्शन की स्थायी देन नैतिकता तथा सामाजिक अंगों के कार्य में प्रत्यक्ष संबंध का सिद्धांत है। (
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20090924153018/http://www.gutenberg.org/etext/27597 ''The English Utilitarians'', Volume l] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20090924151630/http://www.gutenberg.org/etext/25788 ''The English Utilitarians'', Volume ll] by [[Sir Leslie Stephen]]
* [https://web.archive.org/web/20190615215754/https://www.utilitarian.net/ Utilitarian Philosophers] Large compendium of writings by and about the major utilitarian philosophers, both classic and contemporary.
* [https://web.archive.org/web/20190716142110/https://www.utilitarianism.com/ Utilitarian Resources] Collection of definitions, articles and links.
* [https://web.archive.org/web/20180808173047/https://felicifia.org/ Felicifia] Currently the web's only Utilitarianism forum.
* [https://web.archive.org/web/20190528215310/http://felicifia.com/ Felicifia] Utilitarianism blogs.
* [https://web.archive.org/web/20190820014238/http://charity.se/ Charity International]
* [https://web.archive.org/web/20081201003430/http://web.missouri.edu/~johnsonrn/utilnote.html Primer on the Elements and Forms of Utilitarianism] A convenient summary of the major points of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20100709045725/http://plato.stanford.edu/entries/consequentialism/ Consequentialism] From the Stanford Encyclopedia of Philosophy.
* [https://web.archive.org/web/20090319213058/http://www.usfca.edu/philosophy/pdf%20files/Critique%20of%20Utilitarianism.pdf A Critique of Utilitarianism (PDF)] Bernard Williams' criticism of utilitarianism.
* [https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [https://web.archive.org/web/20110622081010/http://utilitarisme.over-blog.com/ Utilitarisme] the web's only Utilitarian forum in French
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{{विचारधारा}}
[[श्रेणी:समाज]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
{{स्रोतहीन|date=नवम्बर 2023}}
[[श्रेणी:उपयोगितावाद]]
[[श्रेणी:परिणामवाद]]
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{{notability}}[[चित्र:Jeremy Bentham by Henry William Pickersgill detail.jpg|right|thumb|250px|जेरेमी बेंथम]]
[[File:Bentham - Defence of usury, 1788 - 5231094.tif|thumb|''Defence of usury'', 1788]]
'''जेरेमी बेन्थम''' (Jeremy Bentham) (15 फ़रवरी 1748 – 6 जून 1832) [[इंग्लैण्ड]] का न्यायविद, [[दार्शनिक]] तथा विधिक व सामाजिक सुधारक था। वह [[उपयोगितावाद]] का कट्टर समर्थक था। वह [[प्राकृतिक विधि]] तथा [[प्राकृतिक और विधिक अधिकार|प्राकृतिक अधिकार]] के सिद्धान्तों का कट्टर विरोधी था।
सन् १७७६ में उसकी 'शासन पर स्फुट विचार' (Fragment on Government) शीर्षक पुस्तक प्रकाशित हुई। इसमें उसने यह मत व्यक्त किया कि किसी भी [[विधि|कानून]] की उपयोगिता की [[कसौटी]] यह है कि जिन लोगों से उसका संबंध हो, उनके आनंद, हित और सुख की अधिक से अधिक वृद्धि वह करे। उसकी दूसरी पुस्तक 'आचार और विधान के सिद्धांत' (Introduction to Principles of Morals and Legislation) १७८९ में निकली जिसमें उसके [[उपयोगितावाद]] का सार मर्म सन्निहित है। उसने इस बात पर बल दिया कि 'अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम सुख' ही प्रत्येक विधान का लक्ष्य होना चाहिए। 'उपयोगिता' का सिद्धांत वह [[अर्थशास्त्र]] में भी लागू करना चाहता था। उसका विचार था कि प्रत्येक व्यक्ति को, किसी भी तरह के प्रतिबंध के बिना, अपना हित संपन्न करने की स्वतंत्रता रहनी चाहिए। [[ब्ब्याज|सूदखोरी]] के समर्थन में उसने एक पुस्तक 'डिफेंस ऑव यूज़री' (Defence of Usury) सन् १७८७ में लिखी थी। उसने गरीबों संबंधी कानून (पूअर लाँ) में सुधार करने के लिए जो सुझाव दिए, उन्हीं के आधार पर सन् १८३४ में उसमें कई संशोधन किए गए। पार्लियामेंट में सुधार कराने के संबंध में भी उसने एक पुस्तक लिखी थी (१८१७)। इसमें उसने सुझाव दिया था कि [[मतदान]] का अधिकार प्रत्येक वयस्क व्यक्ति को मिलना चाहिए और चुनाव प्रति वर्ष किया जाना चाहिए। उसने बंदीगृहों के सुधार पर भी बल दिया। और १८११ में 'दंड और पुरस्कार' (Punishments and Rewards) शीर्षक एक पुस्तक लिखी।
'''जेरेमी बेंथम के बारे में'''
उपयोगितावाद के प्रवर्तक जेरेमी बेंथम का जन्म 1748 ईस्वी में इंग्लैंड के एक संपन्न वकील घर आने में हुआ था , बेंथम बचपन से ही असाधारण प्रतिभाशाली था और अपनी इस प्रतिभा के बल पर उसने 15 वर्ष की आयु में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास कर ली बेंथम अपने असाधारण योग्यता के कारण ही अपने गुरुओं के और अयोग्य तथा साथियों को मूर्ख समझता था, स्नातक उपाधि प्राप्तत करने के बाद उसने '''<nowiki/>'लिकंस इन '''' मैं कानून का अध्ययन करनेे के लिए प्रवेश लिया 1772 में उसने वकालत करना प्रारंंभ किया लेकिन थोड़ेे थोड़े समय के बाद ही उसने इस व्यवसाय को छोड़ दिया अपनेे युग के इस बौद्धिक आचार्यय को थोड़े समय तक वकालत करने परतत्कालीन कानून व्यवस्था के दोषों का ज्ञान हो गया और वकालत करने के स्थान पर अपने जीवन का भी कानूनी पद्धतिि का संशोधन करना निश्चित किया
1772 मे वह कानूनी पद्धति के संशोधन कार्य में लग गया और 1776 ई. में उसकी प्रथम पुस्तक '''" शासन पर कुछ विचार "(fragments on government )''' प्रकाशित हुई, इस पुस्तक में उस समय के विगत विधि शास्त्री '''ब्लैक स्टोन''' की आलोचना कर के कानून के क्षेत्र में हलचल मचा दी ,बेंथम प्रतिदिन नियमित रूप से लिखने वाला और साधारण व्यक्ति था और ज्ञान विज्ञान के सभी क्षेत्रों में उसकी निवाद गती थी, लेकिन उसका लेखन कार्य अत्यधिक अव्यवस्थित था 1788 सी में उसकी भेंट जेनेवा वासी कुमारी dumont से हुई जिसने उसकी रचनाओं का सभी जगत की फ्रेंच भाषा में अनुवाद किया इससे फ्रेंंच भाषा भाषी प्रदेशों में उसकी ख्याति बढ़ी 1821 में उसे 28 वर्षीय बोरिंग नामक भक्त नवयुवक के सहयोोग मिला जिसने उसके कुछ ग्रंथों को एक 11 खंडों में प्रकाशित किया, किंतु उसके लेखों का एक बड़ा भाग अब तक प्रकाशित है ा वृद्धा अवस्था तक बेंथम कितना अधिक सक्रियता इसका प्रमाण यह हैै कि अपनेे उग्र विचारों का प्रचार करने के लिए उसने 70 वर्ष की आयु '''वेस्ट मिनिस्टर रिव्यू नामक पत्र निकाला और 89 वर्ष की अवस्था में उसने लंदन विश्वविद्यालय के मूल्य यूनिवर्सिटी कॉलेज को इस उद्देश्य स्थापित किया कि या ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज के दूषित वातावरण से मुक्त रे उसने उपयोगितावाद के साथ साथ सुधारवादी नीव मजबूत की ा <big>, चीर</big> कुंवारे रहते हैं ,आनंद पूर्वक एक दीर्घ जीवन व्यतीत करने के बाद 1832 में इस महान विचारक की मृत्यु हो गई ा'''
<code>'''प्रसिद्ध कृतियां'''</code>
1. Fragments on government
2. Introduction to the principles of morals and legislation
3. Essay on political tactics
4. Principles of international relations
5. Anarchical fallacies
6. manual of political economy
7. Radicalism not ''''''
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://omprakashkashyap.wordpress.com/2009/05/10/जैरेमी-बैंथम-सुखवादी-विच/ जैरेमी बैंथम : सुखवादी विचारक] (आखरमाला)
* [http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php?person=172&Itemid=99999999 Online Library of Liberty - Jeremy Bentham] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131115151033/http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php%3Fperson%3D172&Itemid=99999999 |date=15 नवंबर 2013 }}, partially including [[John Bowring|Bowring]]'s (1843) ''The Works of Jeremy Bentham'', and additional titles.
* Jeremy Bentham, [http://www.ditext.com/bentham/bentham.html "Critique of the Doctrine of Inalienable, Natural Rights"], in '' Anarchical Fallacies'', vol. 2 of Bowring (ed.), ''Works'', 1843.
* Jeremy Bentham, [http://librivox.org/offences-against-ones-self-paederasty-by-jeremy-bentham/ "Offences Against One's Self: Paederasty"], c. 1785, free audiobook from [[LibriVox]].
* [http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/info/jb.htm The Bentham Project] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070101105009/http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/info/jb.htm |date=1 जनवरी 2007 }} at University College London. Includes a [http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/info/marmoy.htm history] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070210065136/http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/info/marmoy.htm |date=10 फ़रवरी 2007 }} and a [http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/Faqs/auto_icon.htm FAQ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100420042510/http://www.ucl.ac.uk/Bentham-Project/Faqs/auto_icon.htm |date=20 अप्रैल 2010 }} on the Auto-Icon, and details of Bentham's will.
* [http://socserv.mcmaster.ca/econ/ugcm/3ll3/bentham/ Bentham Index] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110706190640/http://socserv.mcmaster.ca/econ/ugcm/3ll3/bentham/ |date=6 जुलाई 2011 }}, a rich bibliographical resource
* [http://utilitarian.net/bentham Jeremy Bentham] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100329103345/http://www.utilitarian.net/bentham/ |date=29 मार्च 2010 }}. Extensive collection of links to writings by and about Bentham.
* [http://www.epistemelinks.com/Main/Philosophers.aspx?PhilCode=Bent Jeremy Bentham] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20071212022700/http://www.epistemelinks.com/Main/Philosophers.aspx?PhilCode=Bent |date=12 दिसंबर 2007 }}, categorized links
* [http://jeromekahn123.tripod.com/utilitarianismtheethicaltheoryforalltimes/id4.html Jeremy Bentham's Life and Impact] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090818032310/http://jeromekahn123.tripod.com/utilitarianismtheethicaltheoryforalltimes/id4.html |date=18 अगस्त 2009 }}
* [http://www.newadvent.org/cathen/02482b.htm Benthamism] - Catholic Encyclopedia article
* [http://www.iep.utm.edu/b/bentham.htm The Internet Encyclopedia of Philosophy] has an extensive biographical reference of Bentham.
* [http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf Utilitarianism as Secondary Ethic] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090225000242/http://www.sethpayne.com/wp-content/uploads/2009/01/bentham.pdf |date=25 फ़रवरी 2009 }} A concise review of Utilitarianism, its proponents and critics.
* [http://www.livingphilosophy.org.uk/philosophy/Jeremy_Bentham/ "Jeremy Bentham at the Edinburgh Festival Fringe 2007"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100130031225/http://www.livingphilosophy.org.uk/philosophy/Jeremy_Bentham/ |date=30 जनवरी 2010 }} A play-reading of the life and legacy of Jeremy Bentham.
* [http://www.la.utexas.edu/research/poltheory/bentham/ipml/ipml.toc.html Introduction to the Principles of Morals and Legislation]
[[श्रेणी:समाज]]
[[श्रेणी:दर्शन]]
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ऐरावत
0
186631
6555148
6094877
2026-05-22T04:54:26Z
अनुनाद सिंह
1634
/* इन्हें भी देखें */
6555148
wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Indradeva.jpg|thumb|ऐरावत]]
'''ऐरावत''' [[इन्द्र|इंद्र]] का [[हाथी]]। [[समुद्र मन्थन|समुद्रमंथन]] से प्राप्त 14 रत्नों में ऐरावत भी था। इसे शुक्लवर्ण और चार दाँतोवाला बताया गया है। रत्नों के बॅटवारे के समय इंद्र ने उक्त दिव्यगुणयुक्त हाथी को अपनी सवारी के लिए ले लिया था। इसलिए इसका इंद्रहस्ति अथवा इंद्रकुंजर नाम पड़ा। इसके अन्य नाम अभ्रमातंग, ऐरावण, अभ्रभूवल्लभ, श्वेतहस्ति, मल्लनाग, हस्तिमल्ल, सदादान, सुदामा, श्वेतकुंजर, गजाग्रणी तथा नागमल्ल हैं।
[[धृतराष्ट्र]] नामक [[नाग]] का पैतृक नाम भी ऐरावत था। कद्रुपुत्र नागों को भी ऐरावत नाम से पुकारा गया है। 'इरा' का अर्थ जल है, अत: इरावत (समुद्र) से उत्पन्न हाथी को ऐरावत नाम दिया गया है और परवर्ती भारतीय वाङ्मय में ऐरावत नाग (नाग के सर्प और हाथी दोनों अर्थ होते हैं) का संबंध इंद्र के हाथी ऐरावत से जोड़ लिया गया होगा।
== इन्हें भी देखें ==
{{commonscat|Airavata|ऐरावत}}
* [[इरावती नदी]]
* [[ऐरावतेश्वर मंदिर]]
[[श्रेणी:पौराणिक पात्र]]
844ijah5g3s3rzy3po5dqlvtnqfcuva
हिन्दी कवियों की सूची
0
193710
6555029
6553636
2026-05-21T17:46:09Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
[[Special:Diff/6339726|6339726]] से [[Special:Diff/6364888|6364888]] तक 2 अवतरण पूर्ववत किए
6555029
wikitext
text/x-wiki
[[हिन्दी]] कविता की परम्परा बहुत लम्बी है। [[शिव सिंह सेंगर]] ने [[हिन्दी साहित्य]] के आदि काल के प्रथम कवि के रूप में 'पुष्य' या 'पुण्ड' का नाम प्रस्तावित किया है। कुछ विद्बान [[सरहपा]] को हिन्दी का पहला [[कवि]] मानते हैं।<ref>[https://books.google.co.in/books?id=BjC6DQAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false भारतीय साहित्य की पहचान ; पृष्ट ६२०] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181110200220/https://books.google.co.in/books?id=BjC6DQAAQBAJ&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false |date=10 नवंबर 2018 }} (गूगल पुस्तक ; लेखक-सियाराम तिवारी)</ref> सरहपाद और उनके समवर्ती व परवर्ती सिद्धों ने [[दोहा|दोहों]] और पदों के रूप में अपनी स्फुट रचनाएं प्रस्तुत कीं। रासोकाल तक आते-आते प्राचीन हिन्दी का रूप स्थिर हो चुका था। [[अपभ्रंश]] और शुरुआती हिन्दी परस्पर घुली-मिली दिखाई देती हैं। धीरे-धीरे हिन्दी में परिष्कार होता रहा और अपभ्रंश भाषा के पटल से लुप्त हो गई।
* <!--Listed in alphabetical order of first letters of first name.-->
<!-- Do not add people without Wikipedia articles to this list unless you can cite sources in a footnote indicating their notability. Please see the talk page.
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* Do not describe occupations in which the person has not attained notability-->
{| class="wikitable"
|-
|
* [[भारतेन्दु हरिश्चन्द्र]]
* [[अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना]]
* [[अमीर ख़ुसरो]]
* [[अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध']]
* [[अशोक चक्रधर]]
* [[अटल बिहारी वाजपेयी]]
* [[उदय प्रकाश]]
* [[कबीर]]
* [[काका हाथरसी]]
* [[केदारनाथ अगरवाल]]
* [[केदारनाथ सिंह]]
* [[कुमार विश्वास]]
* [[कुँवर बेचैन]]
* [[कुँवर नारायण]]
* [[गोपाल सिंह नेपाली]]
|
* [[गोपालदास नीरज]]
* [[चंदबरदाई]]
* [[जयशंकर प्रसाद]]
* [[जगन्नाथदास रत्नाकर]]
* [[तुलसीदास]]
* [[धर्मवीर भारती]]
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* [[नरोत्तम दास]]
* [[नागार्जुन]]
* [[प्रसून जोशी]]
* [[बालकृष्ण राव]]
* [[बालस्वरूप राही]]
* [[भवानी प्रसाद मिश्र]]
|
* [[भारत भूषण (हिन्दी कवि)|भारत भूषण]]
* [[महादेवी वर्मा]]
* [[मैथिलीशरण गुप्त]]
* [[माखनलाल चतुर्वेदी]]
* [[मानवेन्द्र सिंह]]
* [[मीरा बाई]]
* [[मोहन राणा]]
* [[रवीन्द्र प्रभात]]
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* [[रामधारी सिंह 'दिनकर']]
* [[राम रतन भटनागर]]
* [[लछिराम]]
* [[लक्ष्मी शंकर बाजपाई]]
* [[कुमार विश्वास]]
|
* [[वृन्द]]
* [[शंकरलाल द्विवेदी]]
* [[शिवदीन राम जोशी]]
* [[शिवमंगल सिंह 'सुमन']]
* [[शैल चतुर्वेदी]]
* [[श्याम नारायण पाण्डेय]]
* [[अज्ञेय|सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय']]
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* [[सियारामशरण गुप्त]]
* [[सुभद्रा कुमारी चौहान]]
* [[सुमित्रानंदन पंत]]
* [[सूरदास]]
* [[सूर्यकुमार पाण्डेय]]
* [[सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला']]
* [[सुदामा पांडेय 'धूमिल']]
* [[सोम ठाकुर]]
* [[सोहन लाल द्विवेदी]]
* [[हरिवंशराय बच्चन]]
* [[श्रीकांत वर्मा]]
|}
* '''5 अगस्त 1999''' - गोलेन्द्र पटेल, हिन्दी व भोजपुरी साहित्य की नई पीढ़ी के प्रमुख स्तम्भों में से एक एवं कवि
==सन्दर्भ ==
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एण्ड्रोमेडा गैलेक्सी
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text/x-wiki
{{Infobox galaxy
| name = एण्ड्रोमेडा आकाशगंगा
| image = [[चित्र:Andromeda Galaxy (with h-alpha).jpg|250px]]
|caption= एण्ड्रोमेडा आकाशगंगा का प्रकाशमान चित्र
| epoch = जे२०००
| pronounce = {{IPA-en|ænˈdrɒmədə|}}
| type = SA(s)b<ref name="ned" />
| stars = १००० अरब (१०<sup>१२</sup>)<ref name="trillion-stars">{{Cite web |url=http://www.newscientist.com/article/dn9282-andromeda-galaxy-hosts-a-trillion-stars.html |title=Andromeda galaxy hosts a trillion stars |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150426120128/http://www.newscientist.com/article/dn9282-andromeda-galaxy-hosts-a-trillion-stars.html |archive-date=26 अप्रैल 2015 |url-status=live }}</ref>
| ra = {{RA|००|४२|४४.३}}<ref name="ned" />
| dec = {{DEC|+४१|१६|९}}<ref name="ned" />
| dist_ly = २.५४ ± ०.०६ [[light-year|Mly]]<br />(७७८ ± १७ [[parsec|kpc]])<ref name="karachentsevetal2004" /><ref name="Karachentsevetal2006" /><ref name="Ribas2005" /><ref name="McConnachieetal2005" /><ref name="jensenetal2003">{{cite journal
| author=Jensen, Joseph B.; Tonry, John L.; Barris, Brian J.; Thompson, Rodger I.; Liu, Michael C.; Rieke, Marcia J.; Ajhar, Edward A.; Blakeslee, John P.
| title=Measuring Distances and Probing the Unresolved Stellar Populations of Galaxies Using Infrared Surface Brightness Fluctuations
| journal=Astrophysical Journal
| year=2003
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| pages=712–726
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|issn = 0004-637X}}</ref>{{Ref_label|A|a|none}}
| z = −301 ± 1 km/s<ref name="Karachentsevetal2006" />
| appmag_v = 3.44<ref name="SIMBAD-M31">{{cite web
|title=सिम्बाद-M31
|publisher=SIMBAD Astronomical Database
|url=http://simbad.u-strasbg.fr/simbad/sim-id?Ident=M31
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}}</ref><ref name=GAXEL>{{cite journal
|last=Armando
|first=Gil de Paz
|author2=Boissier; Madore; Seibert; Boselli; et al.
|title=The GALEX Ultraviolet Atlas of Nearby Galaxies
|journal=Astrophysical Journal ([[ApJS]])
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|pages=185–255
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| size_v = १९०′ × ६०′<ref name="ned" />
| constellation name = एण्ड्रोमेडा
| absmag_v = −२०.०{{Ref_label|B|b|none}}<ref name="Ribas2005" />
| names = एम३१, एनजीसी २२४, यूजीसी ४५४, पीजीसी २५५७, २सी ५६ (Core)<ref name="ned" />, एलईडीए २५५७
}}
'''एंड्रोमेडा आकाशगंगा''' या '''देवयानी मंदाकिनी''' ({{lang-en|Andromeda}}, {{pron-en|ænˈdrɒmədə}}) एंड्रोमेडा तारामंडल (देवयानी तारामंडल) में स्थित, पृथ्वी से {{convert|2500000|ly|lk=on}} दूर<ref name="Ribas2005">{{cite journal
| author=I. Ribas, C. Jordi, F. Vilardell, E.L. Fitzpatrick, R.W. Hilditch, F. Edward
| title=First Determination of the Distance and Fundamental Properties of an Eclipsing Binary in the Andromeda Galaxy
| journal=Astrophysical Journal
| year=2005
| volume=635
| pages=L37–L40
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2005ApJ...635L..37R
| doi=10.1086/499161
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20180901093855/http://adsabs.harvard.edu/abs/2005ApJ...635L..37R
| archive-date=1 सितंबर 2018
| url-status=live
}}</ref> मौजूद एक महान तारापुंज है, जो साफ आसमान में नग्न आंखों से देखा जा सकता है। यह '''मैसीयर''' ३१, '''एम३१''' या '''एनजीसी २२४''' कहलाता है और अक्सर ग्रंथों में इसका संदर्भ ''महान एंड्रोमेडा निहारिका'' के रूप में दिया जाता है। एंड्रोमेडा [[सर्पिल आकाशगंगा|सर्पिलाकार तारा पुंज]], हमारी सबसे निकटतम [[आकाशगंगा]] है लेकिन औसत सिरों की दूरी को कुल मिलाकर यह सबसे निकटतम नहीं है। इसे अमावस की रात को धब्बे के रूप में देखा जा सकता है और [[दूरदर्शी|दूरबीन]] से शहरी क्षेत्रों में भी देखा जा सकता है। इसके नाम को उस आकाश क्षेत्र से लिया गया है जहां यह प्रकट होता है, एंड्रोमेडा तारामंडल (जिसे हिन्दी में [[देवयानी तारामंडल]] कहते हैं) और जिसका नाम पौराणिक राजकुमारी एंड्रोमेडा के नाम पर रखा गया है। एंड्रोमेडा [[स्थानीय समूह]] का सबसे बड़ा तारापुंज है जिसमें एंड्रोमेंडा आकाशगंगा, मिल्की वे आकाशगंगा, ट्रियांगुलम आकाशगंगा और ३० अन्य छोटी आकाशगंगाऐं शामिल हैं। हालांकि, इनमें सबसे बड़ा, एंड्रोमेडा, बहुत विशालकाय नहीं है, क्योंकि हाल ही खोजों से पता चला है कि आकाशगंगा में बहुत से ऐसे मामले हैं जिनके उससे भी विशालकाय स्वरूप हो सकते हैं।<ref name="DarkMatter">{{cite news
| title=Dark matter comes out of the cold
| publisher=बीबीसी न्यूज़
| date=फ़रवरी 5, 2006
| url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/4679220.stm
| accessdate=2006-05-24
| archive-url=https://web.archive.org/web/20060621195247/http://news.bbc.co.uk/2/hi/science/nature/4679220.stm
| archive-date=21 जून 2006
| url-status=live
}}</ref> [[स्पित्ज़र स्पेस टेलीस्कोप]] द्वारा २००६ में देखने पर यह पता लगा है कि M३१ में करोड़ों (१०<sup>१२</sup>) तारे शामिल हैं<ref name="trillion-stars">{{cite web
| last = Young
| first = Kelly
| date = 2006-06-06
| url = http://www.newscientist.com/article/dn9282-andromeda-galaxy-hosts-a-trillion-stars.html
| title = Andromeda galaxy hosts a trillion stars
| publisher = NewScientist
| accessdate = 2006-06-08
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| archive-date = 26 अप्रैल 2015
| url-status = live
}}</ref>
जिनकी संख्या हमारी आकाशगंगा, [[आकाशगंगा|मिल्की वे]], जिनकी संख्या लगभग c. २००-४०० अरब है, से कहीं अधिक है।.<ref>{{cite web
| author =Frommert, H.; Kronberg, C.
| date =August 25, 2005
| url =http://www.seds.org/messier/more/mw.html
| title =The Milky Way Galaxy
| publisher =SEDS
| accessdate =2007-05-09
| archive-url =https://www.webcitation.org/60r7gXIR2?url=http://www.seds.org/messier/more/mw.html
| archive-date =11 अगस्त 2011
| url-status =live
}}</ref>
जबकि २००६ में, एंड्रोमेडा की तुलना में मिल्की वे के ग्रहों का अनुमान ~८०% लगाया, जो लगभग ७.१{{e|11}} सौर ग्रहों के बराबर है, २००९ के एक अध्ययन से पता लगा है कि एंड्रोमेडा और मिल्की वे का घनत्व लगभग समान है।<ref name="CfA">[http://www.cfa.harvard.edu/press/2009/pr200903.html हारवर्ड यूनिवर्सिटी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090111141053/http://www.cfa.harvard.edu/press/2009/pr200903.html |date=11 जनवरी 2009 }}, केलीफोर्निया प्रेस विज्ञप्ति संख्या: २००९-०३ विज्ञप्ति के लिए : सोमवार, जनवरी ०५, २००९ ०१:००:०० PM EST.</ref>
३.४ के एंड्रोमेडा आकाशगंगा के स्पष्ट परिमाण पर यह एक सबसे चमकीला मैसीयर ग्रह<ref>{{cite web
| author=Frommert, H.; Kronberg, C.
| date=August 22, 2007
| url=http://seds.lpl.arizona.edu/messier/dataMag.html
| title=Messier Object Data, sorted by Apparent Visual Magnitude
| publisher=SEDS
| accessdate=2007-08-27
| archive-url=https://web.archive.org/web/20070712184703/http://seds.lpl.arizona.edu/messier/dataMag.html
| archive-date=12 जुलाई 2007
| url-status=dead
}}</ref> बन जाता है जिसे नग्न आंखों से भी बड़ी आसानी के साथ देखा जा सकता है, भले ही उसे मध्यम [[प्रकाश प्रदूषण]] वाले क्षेत्रों से ही क्यों न देखा जाए. हालांकि जब इसका चित्र एक बडी दूरबीन द्वारा लिया जाता है, तब यह पूर्ण चंद्रमा की तुलना में छ: गुना अधिक क्षेत्र घेरे हुए दिखाई पड़ता है, तब नग्न आंखों या छोटी दूरबीन से केवल इसके चमकीले भाग को ही देखा जा सकता है।
== अवलोकन इतिहास ==
[[चित्र:Pic iroberts1.jpg|thumb|इसाक रॉबर्ट द्वारा महान एंड्रोमेडा निहारिका.]]
[[प्राचीन रोम सभ्यता|रोमन]] कवि एविनस ने ईसा पूर्व<ref>''[http://books.google.com/books?id=-TI4AAAAIAAJ&pg=PA31&dq&hl=en#v=onepage&q=&f=false आकाशगंगा के लिए मार्गदर्शिका]'' . नाइजेल हेन्बेस्ट, हीटर कूपर (1994). p.31. आईएसबीएन 052145882X</ref> चौथी सदी में श्रृंखलाबद्ध [[नक्षत्र मंडल|नक्षत्रमंडल]] के बारे में अपनी आकर्षक पंक्ति में लिखा है। एंड्रोमेडा तारापुंज सबसे पहले अभिलेखित किए जाने वाले अवलोकनों में फारसी खगोलविद्, [[अब्द अल-रहमान अल-सूफ़ी|अबद अल-रहमान अल सूफी]] (अजोफ़ी)<ref name="NSOG">{{cite book
|last= Kepple
|first= George Robert
|author2= Glen W. Sanner
|title= The Night Sky Observer's Guide, Volume 1
|publisher= Willmann-Bell, Inc.
|year= 1998
|isbn= 0-943396-58-1
|pages=18
}}</ref> द्वारा ९६४ ईसा पूर्व में की गई थी जिसने अपनी ''नियत तारों संबंधी पुस्तक'' में इसकी व्याख्या "स्माल क्लाउड (small cloud)" के रूप में की थी। उस समय के अन्य तारा चित्रों में इसे ''लिटिल क्लाउड (Little Cloud)'' के रूप में अंकित किया गया था।<ref name="NSOG" />
दूरबीन द्वारा अवलोकन किए जाने के आधार पर इस ग्रह का पहला विवरण जर्मन खगोलविद् सिमोन मैरियस<ref name="NSOG" /> द्वारा १६१२ में किया गया। [[चार्ल्स मेसियर|चार्ल्स मेसीयर]] ने इसे १७६४ में M३१ ग्रह के रूप में सूचीबद्ध किया और इसका खोजकर्ता के रूप में श्रेय गलती से मैरियस को दिया गया, जो सूफी अल के पहले कार्य से अनभिज्ञ थे। १७८५ में, खगोलविद् [[विलियम हर्शल]] ने M३१ के प्रमुख क्षेत्र में धुंधली लाल रंग वर्ण का उल्लेख किया। उनका मानना था कि यह "महान नेबुला" में सबसे निकटतम है और नेबुला के रंग और आकार के आधार पर उन्होने गलत अनुमान लगाया कि यह सिरियस की दूरी की तुलना में २००० गुना से अधिक बड़ा नहीं है।<ref>{{cite journal | author=W. Herschel | authorlink=William Herschel | title=On the Construction of the Heavens | journal=Philosophical Transactions of the Royal Society of London | volume=75 | year=1785| pages=213–266 | doi=10.1098/rstl.1785.0012}}</ref>
१८६४ में [[विलियम हगिंस|विलियम हगिन्स]] ने M३१ के वर्णक्रम का अवलोकन किया और यह पाया कि यह गैसीय नेबुला से भिन्न है।<ref>{{cite journal | author=William Huggins | authorlink=William Huggins | title=On the Spectra of Some of the Nebulae| journal=Philosophical Transactions of the Royal Society of London| volume=154 | year=1864| pages=437–444 | doi=10.1098/rstl.1864.0013 | last2=Miller | first2=W. A. }}</ref> M३१ के स्पेक्ट्रा आवृत्तियों की [[wikt:continuum|निरंतरता]] के लिए प्रदर्शित गहरी अवशोषण रेखाओं का निर्माण परत के रूप में करती है जो किसी पदार्थ के रासायनिक मिश्रण की पहचान करने में मदद करते हैं। एंड्रोमेडा नेबुला बहुत अधिक अलग तारों के स्पेक्ट्रा के समान था जिससे इसकी उत्पत्ति हुई जिसमें M31 की तारकीय प्रकृति थी। 1885 में, सुपरनोवा (जिसे "एस एंड्रोमेडे के रूप में जाना जाता है) को पहली बार M31 में देखा गया, जिसे इस तारापुंज में केवल एक ही बार देखा गया। उस समय M31 को सबसे नज़दीकी ग्रह माना गया था, इसलिए वस्तु पास था एक विचार करने के लिए है, इसलिए इस कल्पना को बहुत अधिक लोकप्रियता नहीं मिल सकी और इस असंबद्ध घटना को नोवा कहा गया और इसका नाम "नोवा 1885" के अनुसार रखा गया।<ref>{{cite journal | last=Backhouse | first=T. W. | year=1888 | title=nebula in Andromeda and Nova, 1885 | journal=Monthly Notices of the Royal Astronomical Society | volume=48 | page=108 | bibcode=1888MNRAS..48..108B | url=http://adsabs.harvard.edu//abs/1888MNRAS..48..108B | accessdate=2009-07-27 | archive-url=https://web.archive.org/web/20130613025950/http://adsabs.harvard.edu//abs/1888MNRAS..48..108B | archive-date=13 जून 2013 | url-status=live }}</ref>
M31 की पहली तस्वीर 1857 में, इसाक रॉबर्ट द्वारा अपनी निजी वेधशाला, ससेक्स, इंग्लैंड में ली गई थी। लंबी अवधि के खुलासे के बाद तारापुंज की सर्पिलाकार संरचना को पहली बार देखा गया।<ref>{{cite book | first=Isaac| last=Roberts| title=A Selection of Photographs of Stars, Star-clusters and Nebulae, Vol. II | publisher=The Universal Press| location=London | year=1899}}</ref> हालांकि, उस समय इसे हमारे तारापुंज में आमतौर पर नेबुला समझा जाता था और रॉबर्ट ने गलती से सोचा कि M31 और इसी तरह के सर्पिलाकार नेबुला वास्तव में सौर मंडल की संरचना का ही स्वरूप है जिसे सेटेलाइट नेसेंट प्लेनेट्स की मदद से लिए गए थे। हमारी सौर प्रणाली के संबंध में इस ग्रह के त्रिज्याकार वेग को 1912 में वेस्टो स्लिफर द्वारा लॉवेल वेधशाला में, स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग करके मापा गया था। जिसके परिणामस्वरूप उस समय सूर्य की दिशा {{convert|300|km/s}}में इसका वेग बहुत अधिक तेज रिकॉर्ड किया गया।<ref>{{cite journal
| author=V.M. Slipher
| authorlink=Vesto Melvin Slipher
| title=The Radial Velocity of the Andromeda Nebula
| journal=Lowell Observatory Bulletin
| year=1913
| volume=1
| pages=2.56–2.57
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1913LowOB...1b..56S
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20080115200810/http://adsabs.harvard.edu/abs/1913LowOB...1b..56S
| archive-date=15 जनवरी 2008
| url-status=live
}}</ref>
=== द्वीपीय ब्रह्मांड ===
[[चित्र:Andromeda constellation map (1).png|thumb|एंड्रोमेडा नक्षत्रमंडल में M31 की स्थिति.]]
1917 में, अमेरिकी खगोल विज्ञानी हेबेर कर्टिस ने M31 में नोवा को देखा. फोटो रिकॉर्ड खोजते हुए, उन्होंने 11 और नोवों की खोज की। कर्टिस ने देखा है कि उन नोवों का औसतन आकार तारापुंज में स्थित नोवों के आकार से 10 गुना धुंधला था। जिसके परिणामस्वरूप उसे अनुमानित {{convert|500000|ly}} दूरी से देखा जा सकता था। इसलिए वह तथाकथित "द्वीपीय ब्रह्मांड" परिकल्पना प्रस्तावक बन गया, जो इस सर्पिलाकार नेबुला था वास्तव में वह स्वतंत्र तारापुंज था।<ref>{{cite journal
| author=Heber D. Curtis
| authorlink=Heber Doust Curtis
| title=Novae in Spiral Nebulae and the Island Universe Theory
| journal=Publications of the Astronomical Society of the Pacific
| month=January
| year=1988
| volume=100
| pages=6
| doi=10.1086/132128
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1988PASP..100....6C
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20080218063520/http://adsabs.harvard.edu/abs/1988PASP..100....6C
| archive-date=18 फ़रवरी 2008
| url-status=live
}}</ref>
1920 में, हार्ले शॉर्पले और कर्टिस के बीच आकाश गंगा, सर्पिलाकार नेबुला और ब्रह्मांड के आयाम से संबंधित महान बहस आरंभ हो गई। महान एंड्रोमेडा नेबुला (M31) बाह्या तारापुंज था, दावे के समर्थन में कर्टिस ने हमारे तारापुंज में धुंधले बादलों से मिलती जुलती गहरी रेखाओं की बनावट देखी एवं विशेष डॉपलर शिफ्ट को देखा गया। 1922 में, अर्नेस्ट ओपिक ने M31 की दूरी के आकलन का एक बहुत ही सुंदर और सरल खगोलीय विधि प्रस्तुत की। उसने हमारे तारापुंज को एंड्रोमेडा से लगभग 450 केपीसी (किलो प्रति सेकंड) रखा, जो लगभग 1500 केएलवाई (किलो प्रकाश वर्ष) है।<ref>{{cite journal
| last=Öpik
| first=Ernst
| authorlink=Ernst Öpik
| title=An estimate of the distance of the Andromeda Nebula
| journal=Astrophysical Journal
| year=1922
| volume=55
| pages=406–410
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1922ApJ....55..406O
| doi=10.1086/142680
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20170721202217/http://adsabs.harvard.edu/abs/1922ApJ....55..406O
| archive-date=21 जुलाई 2017
| url-status=live
}}</ref>
एडविन हूबल ने इस बहस का आरंभ 1925 में किया जब उन्होंने पहली बार M31 के खगोल चित्र के लिए आकाश गंगा के परे विभिन्न सेफेइड तारों की पहचान की। इन्हें {{convert|2.5|m|in}} हूकर टेलीस्कोप का उपयोग करके लिया गया था और उन्होंने महान एंड्रोमेडा नेबुला की दूरी का निर्धारण करने में सक्षम बनाया। जिसके परिणामस्वरूप उसकी माप का प्रदर्शन किया गया कि उसकी विशेषता हमारी आकाशगंगा में तारों और गैस का पुंज नहीं थी, लेकिन वह हमारी आकाशगंगा से पूरी तरह से अलग विशेष दूरी पर स्थित थी।<ref>{{cite journal
| author=E. P. Hubble
| authorlink=Edwin Hubble
| title=A spiral nebula as a stellar system, Messier 31
| journal=Astrophysical JournalEngl
| year=1929
| volume=69
| pages=103–158
| url=http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?1929ApJ....69..103H
| doi=10.1086/143167
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20150319090528/http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?1929ApJ....69..103H
| archive-date=19 मार्च 2015
| url-status=live
}}</ref>
एंड्रोमेडा ने मंदाकनियों के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, क्योंकि यह सबसे निकटतम सर्पिलाकार आकाशगंगा है (हालाँकि आकाशगंगा के बिल्कुल नज़दीक नहीं)। 1943 में, वाल्टर बाडे एंड्रोमेडा आकाशगंगा के केंद्रीय क्षेत्र में तारों का समाधान निकालने वाला पहला व्यक्ति था। इस आकाशगंगा के अवलोकनों के आधार पर, बारे में उनकी टिप्पणियों के आधार पर, वह अपने मैटालीसिटी (metallicity) के आधार पर दो तारों की पहचान करने में सक्षम रहे जिनके नाम है यंग डिस्क प्रकार I में उच्च वेग वाले तारे और पुरानों में उभरे हुए टाइप II लाल तारे। इस नाम को आकाशगंगा में तारों या किसी अन्य स्थान से अपनाए गए। (इन तारों में से दो विशेष तारों के अस्तित्व का उल्लेख जैन ओर्ट द्वारा किया गया।)<ref>{{cite journal
| author=W. Baade
| authorlink=Walter Baade
| title=The Resolution of Messier 32, NGC 205, and the Central Region of the Andromeda Nebula
| journal=Astrophysical Journal
| year=1944
| volume=100
| pages=137
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1944ApJ...100..137B
| doi=10.1086/144650
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20080229071442/http://adsabs.harvard.edu/abs/1944ApJ...100..137B
| archive-date=29 फ़रवरी 2008
| url-status=live
}}</ref> डॉ॰ बाडे ने भी इस बात की खोज की कि मंदाकनियां दो प्रकार होती हैं जिनका स्वरूप M31 एवं ब्रह्मांड के अन्य तारों की तुलना में दोगुना होता है।<ref>{{cite book
| first=John R. | last=Gribbin | year=2001 | title=The Birth of Time: How Astronomers Measure the Age of the Universe
| url=https://archive.org/details/birthoftimehowas0000grib | page=[https://archive.org/details/birthoftimehowas0000grib/page/151 151] | publisher=Yale University Press | isbn=0300089147
}}</ref>
एंड्रोमेडा आकाशगंगा रेडियो उत्सर्जन का पता रेडियो खगोल विज्ञान प्रमुख [[ग्रोट रेबर|ग्रोटे रेबर]] द्वारा 1940 में लगाया गया था। आकाशगंगा का सबसे पहला रेडियो मानचित्र 1950 में जोहन बाल्डविन ने केम्ब्रिज रेडियो खगोल विज्ञान समूह के सहयोग से बनाया था।<ref>{{cite journal
| author=van der Kruit, P. C.; Allen, R. J.
| title=The Radio Continuum Morphology of Spiral Galaxies
| url=https://archive.org/details/sim_annual-review-of-astronomy-and-astrophysics_1976_14/page/417
| journal=Annual Review of Astronomy and Astrophysics
| volume=14 | pages=417–445 | year=1976
| doi=10.1146/annurev.aa.14.090176.002221 }}</ref> एंड्रोमेडा आकाशगंगा का मूल भाग को 2C रेडियो खगोल विज्ञान पुस्तिका-सूची में 2C 56 कहलाता है। 2009 में, पहले ग्रह को एंड्रोमेडा आकाशगंगा में खोजा जा सका। इस ग्रह का पता एक तकनीक का प्रयोग करके लगाया गया जो माइक्रोलेंसिंग (microlensing) कहलाता है, जो विशालकाय ग्रहों के प्रकाशीय प्रतिबिंब के कारण उत्पन्न होता है।<ref>{{cite web
| author=Ingrosso, G.; Calchi Novati, S.; De Paolis, F.; Jetzer, Ph.; Nucita, A. A.; Zakharov, A. F.
| publisher=arXiv
| title=Pixel-lensing as a way to detect extrasolar planets in M31
| url=http://arxiv.org/abs/0906.1050
| accessdate=2009-07-10
| archive-url=https://web.archive.org/web/20160117184201/http://arxiv.org/abs/0906.1050
| archive-date=17 जनवरी 2016
| url-status=live
}}</ref>
== सामान्य ==
[[चित्र:WISE- Andromeda.jpg|thumb|नासा के विस्तृत क्षेत्र वाले इन्वेयर्ड सर्वेक्षण एक्सप्लोरर द्वारा देखे जाने वाली एंड्रोमेडा आकाशगंगा.]]
एंड्रोमेडा आकाशगंगा की मापी गई दूरी 1953 में दोगुनी थी जब इसे खोजा गया ता वह मंदाकिनी का दूसरा धीमा प्रकार है। 1990 के दशक में, दोनों मानक [[लाल दानव तारा|लाल विशालकाय]] एवं लाल पुंज तारे ''[[हिप्पारकस|हिप्पारकॉस]] (Hipparcos)'' सेटेलाइट की माप में मंदाकनियों की दूरियां मापने के लिए उपयोग किए गए थे।<ref>{{cite journal
| author = Stanek, K.Z., Garnavich, P.M.
| title = Distance to M31 With the HST and Hipparcos Red Clump Stars
| journal = Astrophysical Journal Letters
| volume = 503
| pages = 131–141
| year = 1998
| url = http://arxiv.org/abs/astro-ph/?9802121
| doi = 10.1086/311539
}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite journal | last = Holland | first = Stephen | title = The Distance to the M31 Globular Cluster System | journal = The Astronomical Journal | volume = 115 | issue = 5 | pages = 1916–1920 | year = 1998 | url = http://adsabs.harvard.edu/abs/1998astro.ph..2088H | doi = 10.1086/300348 | access-date = 30 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180809113259/http://adsabs.harvard.edu/abs/1998astro.ph..2088H | archive-date = 9 अगस्त 2018 | url-status = live }}</ref>
=== वर्तमान दूरी का अनुमान ===
[[चित्र:Andromeda galaxy.jpg|thumb|गेलेक्स द्वार पराबैंगनी प्रकाश में एंड्रोमेडा आकाशगंगा की खीचीं जाने वाली तस्वीर.]]
एंड्रोमेडा आकाशगंगा की दूरी मापने के लिए कम से कम चार अलग-अलग तकनीकों का उपयोग किया गया।
2003 में, अवरक्त सतही चमक अस्थिरता (I-SBF) और का उपयोग करके और 2001 में और फ्रीडमैन एट एल. 2001 के नए आवधिक चमक मान का समायोजन कर और मैटालीसिटी सुधार (O/H) में -0.2 मैग डेक्स<sup>−1</sup> का उपयोग करके एक प्राक्कलन {{Convert|2.57|+/-|0.06|Mly|lk=on}} किया गया।
मंदाकिनी चर विधि का उपयोग करके, 2004 में, 2.51 ± 0.13 Mly (770 ± 40 kpc) प्राक्कलन प्राप्त किया गया।<ref name="karachentsevetal2004">{{cite journal
| author=I. D. Karachentsev, V. E. Karachentseva, W. K. Hutchmeier, D. I. Makarov
| title=A Catalog of Neighboring Galaxies
| journal=Astronomical Journal
| year=2004
| volume=127
| pages=2031–2068
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2004AJ....127.2031K
| doi=10.1086/382905
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20071012005906/http://adsabs.harvard.edu/abs/2004AJ....127.2031K
| archive-date=12 अक्तूबर 2007
| url-status=live
}}</ref><ref name="Karachentsevetal2006" />
2005 में, खगोलविदों के एक समूह के साथ जिसमें इगनासी रिबास (CSIC), अंतरिक्ष अध्ययन संस्थान कैटालोनिया (Institute for Space Studies of Catalonia (IEEC)) और उनके सहयोगियों ने एंड्रोमेडा आकाशगंगा में ज्योतिहीन द्विआधारी तारे की खोज की। द्विआधारी तारा जो M31VJ00443799+4129236 में स्थित था,{{Ref_label|C|c|none}} में O और B प्रकार के दो चमकीले नीले और गर्म तारे तारे थे। तारे की ज्योतिहीनता का अध्ययन करके जो हर 3.54969 दिनों में होती है, खगोलविद उनका आकार मापने में सक्षम रहे। तारों के आकार और उनके तापमान की जानकारी प्राप्त करके, वे तारों के निरपेक्ष आकार की जानकारी प्राप्त करने में सक्षम रहे। दृश्य और निरपेक्ष आकार की जानकारी होने पर, तारे की दूरी को आसानी के साथ मापा जा सकता है। तारे लगभग {{Convert|2.52|+/-|0.14|Mly}}दूरी पर स्थित हैं और पूरी एंड्रोमेडा आकाशगंगा की दूरी लगभग {{convert|2.5|Mly|abbr=on}}है।<ref name="Ribas2005" /> नया मान पहले की तुलना में काफी हद तक अच्छा है जोकि एक स्वतंत्र निहारिका आधारित दूरी का मान है।
एंड्रोमेडा काफी पास है क्योंकि इसकी अनुमानित दूरी मापने के लिए लाल विशालकाय शाखा (TRGB) विधि के शीर्ष का उपयोग किया जाना संभव है इस तकनीकी का उपयोग करके M31 की अनुमानित दूरी 2005 में प्राप्त हुई {{Convert|2.56|+/-|0.08|Mly|abbr=on}}.<ref name="McConnachieetal2005">{{cite journal | author=McConnachie, A. W.; Irwin, M. J.; Ferguson, A. M. N.; Ibata, R. A.; Lewis, G. F.; Tanvir, N. | title=Distances and metallicities for 17 Local Group galaxies | journal=Monthly Notices of the Royal Astronomical Society | year=2005 | volume=356 | issue=4 | pages=979–997 | url=http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/nph-bib_query?bibcode=2005MNRAS.356..979M | doi=10.1111/j.1365-2966.2004.08514.x | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20171103120740/http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/nph-bib_query?bibcode=2005MNRAS.356..979M | archive-date=3 नवंबर 2017 | url-status=live }}</ref>
कुल मिलाकर इन दूरी माप की संयुक्त दूरी का अनुमान था {{Convert|2.54|+/-|0.06|Mly|abbr=on}}.{{Ref_label|A|a|none}} ऊपरी दूरी के आधार पर, M31 के सबसे बड़ी परिधि का व्यास लगभग है {{Convert|141|+/-|3|kly|abbr=on}}.{{Ref_label|D|d|none}} त्रिकोणमिति (arctangent) का उपयोग करके उस आंकड़े को आकाश में अवास्तविक 3.18° कोण तक बढ़ाकर प्राप्त किया जा सकता है।
=== द्रव्यमान और चमक आकलन ===
एंड्रोमेडा प्रभामंडल (गहरे पदार्थ सहित) के लिए अनुमानित द्रव्यमान आकाशगंगा 19 ''लाख'' <sub>☉</sub> की तुलना में लगभग 12.3{{e|12}} ''लाख'' <sub>☉</sub><ref>{{cite journal | author=N. W. Evans & M. I. Wilkinson | title=The mass of the Andromeda galaxy | journal=Monthly Notices of the Royal Astronomical Society | year=2000 | volume=316 | issue=4 | pages=929–942 | url=http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?2000MNRAS.316..929E | doi=10.1046/j.1365-8711.2000.03645.x | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150319085323/http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?2000MNRAS.316..929E | archive-date=19 मार्च 2015 | url-status=live }}</ref>. इस प्रकार M31 हमारी आकाशगंगा की तुलना में छोटा है, हालांकि यह सुनिश्चित करने के लिए त्रुटि की सीमा अभी भी काफी अधिक है। यद्धपि, आकाशगंगा के पिंड और M31 की तुलना की जाना संभव है और M31 के गोलाभ वास्तव में का घनत्व उच्च तारकीय घनत्व से काफी अधिक है।<ref>{{cite journal
| author = Kalirai, J.S. et al.
| title = The Metal-Poor Halo of the Andromeda Spiral Galaxy (M31)
| url = https://archive.org/details/sim_astrophysical-journal_2006-09-01_648_1/page/n394
| journal = Astrophysical Journal | volume = 648 | pages = 389–404 | year = 2006
| doi = 10.1086/505697
}}</ref>
विशेष रूप से M31 आकाशगंगा की तुलना में खासतौर प्रकट होने वाला आम तारे हैं और M31 की अनुमानित चमक ~2.6{{e|10}} ''L'' <sub>☉</sub> हमारी आकाशगंगा की चमक की तुलना में 25% अधिक है।<ref name="vdb">{{cite journal
| first = Sidney | last = van den Bergh
| title = The local group of galaxies
| journal = The Astronomy and Astrophysics Review | volume = 9 | issue = 3–4 | pages = 273–318 | year = 1999
| doi = 10.1007/s001590050019
}}</ref> हालांकि, आकाशगंगा में तारे के गठन की दर M31 की तुलना में काफी अधिक है जिसमें आकाशगंगा की तुलना में 3-5 सौर पिंडों की तुलना में केवल एक सौर पिंड प्रति वर्ष उत्पन्न होने के बराबर है। आकाशगंगा में सुपरनोवे की दर M31 की लगभग दोगुनी है।<ref>{{cite journal
| author=W. Liller, B. Mayer
| title=The Rate of Nova Production in the Galaxy
| journal=Publications Astronomical Society of the Pacific
| month=July
| year=1987
| volume=99
| pages=606–609
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1987PASP...99..606L
| doi=10.1086/132021
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20071012021057/http://adsabs.harvard.edu/abs/1987PASP...99..606L
| archive-date=12 अक्तूबर 2007
| url-status=live
}}</ref> यह पता चलता है कि M31 का पिछले समय में एक महान रचना वाला फेज़ रहा होगा लेकिन यह पहले की अपेक्षा शांत है लेकिन आकाशगंगा में उसकी अपेक्षा में तारा रचना अधिक सक्रिय प्रतीत होती है।<ref name="vdb" /> क्या यह चलता रहेगा, तो आकाशगंगा की चमक भविष्य में M31 की तुलना में अधिक तेज हो सकती है।
<!-- <nowiki>
<imagemap>
File:Local_Group.jpg|फ्रेम|केंद्र|स्थानीय समूह (क्लिक किए जाने योग्य मानचित्र)
चक्र 167 27 20 सेक्सट्रान्स B
चक्र 120 36 23 एक सेक्सट्रान्स A
चक्र 318 239 20 आकाशगंगा
चक्र 289 197 16 लियो I (छोटी आकाशगंगा)
सर्कल 334 201 15 केन ड्वार्फ (Canes ड्वार्फ)
आयताकार 303 185 318 215 लियो II (ड्वार्फ आकाशगंगा (dwarf galaxy))
चक्र 357 289 28 एनजीसी 6822
चक्र 288 323 24 फीनिक्स ड्वार्फ (Phoenix Dwarf)
चक्र 248 391 35 टुकाना ड्वार्फ (Tucana Dwarf)
circle 363 416 20 वुल्फ-लंडमार्क-मैलोटे (Wolf-Lundmark-Melotte)
चक्र 363 383 17 सेटस ड्वार्फ (Cetus Dwarf)
चक्र 369 346 11 आईसी 1613
आयताकार 381 335 393 357 सैगडिग (SagDIG)
आयताकार 393 335 406 356 एक्वेरियस ड्वार्फ (Aquarius Dwarf)
चक्राकार 417 304 17 ट्राइंगुलम आकाशगंगा (Triangulum Galaxy)
चक्राकार 417 254 15 एनजीसी 185
आयताकार 432 237 447 260 147 एनजीसी
चक्राकार 461 229 17 10 आईसी
पॉली 440 282 455 260 511 259 493 285 एंड्रोमेडा आकाशगंगा
पॉली 450 264 434 265 431 280 442 280 110 मेसियर
चक्राकार 295 110 20 लियो ए
चक्राकार 84 128 20 3109 एनजीसी
सर्कल 109 149 14 एंटलिया ड्वार्फ (Antlia Dwarf)
चक्राकार 412 332 12 एलजीएस 3
चक्राकार 460 361 21 पेगासस (Pegasus Dwarf)
चक्राकार 394 272 14 एंड्रोमेडा II
आयताकार 427 279 438 294 एंड्रोमेडा III
आयताकार 438 282 450 294 एंड्रोमेडा I
डिस्क नीचे-बाएं
</ Imagemap>
</nowiki> -->
== संरचना ==
[[चित्र:Infraredandromeda.jpg|thumb|स्पिल्टज़र अंतरिक्ष टेलीस्कोप, नासा के चार महान अंतरिक्ष ऑबजर्बवेटरीज़ में से एक, द्वारा इनफेयर्ड में देखी जाने वाली एंड्रोमेडा आकाशगंगा.]]
[[चित्र:Andromeda galaxy Ssc2005-20a1.jpg|thumb|right|इनफेयर्ड में स्पिल्टज़र द्वारा ली गई एंड्रोमेडा आकाशगंगा की तस्वीरें, [81] (क्रेडिट:NASA/JPL–Caltech/K. गोर्डन, यूनिवर्सिटी ऑफ अरीज़ोना)]]
[[चित्र:A Swift Tour of M31.ogv|thumb|right|एंड्रोमेडा आकाशगंगा [[:Swift Gamma-Ray Burst Mission|तेजी]] के साथ यात्रा.]]
दृश्यमान प्रकाश में इसकी बनावट के आधार पर एंड्रोमेडा आकाशगंगा को SA(s)b के रूप में और सर्पिलाकार गैलेक्सियों प्रणाली को डी वेकोलेयर्स-सैंडेज़(de Vaucouleurs-Sandage) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है<ref name="ned">{{cite web
| title=NASA/IPAC Extragalactic Database
| work=Results for Messier 31
| url=http://nedwww.ipac.caltech.edu/
| accessdate=2006-11-01
| archive-url=https://www.webcitation.org/6HCTOFxDD?url=http://ned.ipac.caltech.edu/
| archive-date=7 जून 2013
| url-status=live
}}</ref> हालांकि, सर्वेक्षण 2MASS के डेटा से पता चला है कि M31 के उभरे होने की संरचना एक बॉक्स के समान है जिसका मतलब है कि आकाशगंगा वास्तव में रेखीय रूप में प्रतिबिंबित होने को लगभग उसकी लंबवत धुरी के रूप में देखाई पड़ती है।<ref>{{cite journal | author=R.L. Beaton, E. Athanassoula, S.R. Majewski, P. Guhathakurta, M.F. Skrutskie, R.J. Patterson, M. Bureau | title=Unveiling the Boxy Bulge and Bar of the Andromeda Spiral Galaxy | journal=Astrophysical Journal Letters | year=2006 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2006astro.ph..5239B | doi=10.1086/514333 | volume=658 | pages=L91 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080226142325/http://adsabs.harvard.edu/abs/2006astro.ph..5239B | archive-date=26 फ़रवरी 2008 | url-status=live }}</ref>
2005 में, खगोलविदों ने केक टेलीस्कोप का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि तारों का टिमटिमाना आकाशगंगा के बाहर की ओर बढता जाता है जो वास्तव में मुख्य डिस्क का ही एक हिस्सा है।<ref>{{cite journal | author=S. C. Chapman, R. Ibata, G. F. Lewis, A. M. N. Ferguson, M. Irwin, A. McConnachie, N. Tanvir | title=A kinematically selected, metal-poor spheroid in the outskirts of M31 | journal=Astrophysical Journal | year=2006 | url=http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?astro-ph/0602604 | volume=653 | pages=255 | doi=10.1086/508599 | access-date=16 जून 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20150319090209/http://adsabs.harvard.edu/cgi-bin/bib_query?astro-ph%2F0602604 | archive-date=19 मार्च 2015 | url-status=live }}प्रेस विज्ञप्ति भी देखें,{{cite press release | publisher=CalTech Media Relations | date=February 27, 2006 | title=Andromeda's Stellar Halo Shows Galaxy's Origin to Be Similar to That of Milky Way | url=http://pr.caltech.edu/media/Press_Releases/PR12801.html | accessdate=2006-05-24 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060509072644/http://pr.caltech.edu/media/Press_Releases/PR12801.html | archive-date=9 मई 2006 | url-status=dead }}</ref> इसका मतलब है कि एंड्रोमेडा में तारों की सर्पिलाकार डिस्क पिछले अनुमान की तुलना में तीन गुना अधिक बड़ी है। निरंतर साक्ष्यों से पता चलता है उसमें एक विशाल तारकीय डिस्क है जो आकाशगंगा के व्यास को {{convert|220000|ly|pc}}से अधिक बढ़ाती है। इससे पहले, एंड्रोमेडा के आकार का अनुमान लगभग {{convert|70000|to|120000|ly|pc}} के आसापास था।
आकाशगंगा पृथ्वी की तुलना में एक तरफ लगभग 77 ° झुकी हुई है (जिसकी एक तरफ से केवल 90 ° के कोण से ही देखना संभव है). आकाशगंगा की तिर्यक काट के आकार का विश्लेषण उसे समतल डिस्क की तुलना में एक अति स्पष्ट, S-आकार झुकाव को दर्शाता है।<ref>{{cite press release | publisher=UC Santa Cruz | date=January 9, 2001 | title=Astronomers Find Evidence of an Extreme Warp in the Stellar Disk of the Andromeda Galaxy | url=http://www.ucsc.edu/news_events/press_releases/archive/00-01/01-01/andromeda.html | accessdate=2006-05-24 | archive-url=https://web.archive.org/web/20060519081929/http://www.ucsc.edu/news_events/press_releases/archive/00-01/01-01/andromeda.html | archive-date=19 मई 2006 | url-status=dead | archivedate=19 मई 2006 | archiveurl=https://web.archive.org/web/20060519081929/http://www.ucsc.edu/news_events/press_releases/archive/00-01/01-01/andromeda.html }}</ref> इस तरह के झुकाव के संभावित कारण M31 के पास उपग्रह आकाशगंगा गुरुत्वाकर्षण हो सकता है। आकाशगंगा M33 में M31 के कारण कुछ झुकाव संभव है, हालांकि यह उसकी यथावत् दूरी और त्रिज्याकार वेगों पर निर्भर करता है।
स्पेक्ट्रोस्कोपी अध्ययन के अन्तर्भाग में M31 के विभिन्न घूर्णन वेग वाली माप की व्याख्या की गई है। उसके अन्तर्भाग के नज़दीक, विभिन्न {{convert|1300|ly|lk=on}} प्रकाश वर्ष की त्रिज्या पर {{convert|225|km/s}} की उच्चता वाले घूर्णनकारी वेग में देखे गए हैं और तब उसमें {{convert|7000|ly}} की न्यूनतम गिरावट देखी गई है जिसका घूर्णनकारी वेग {{convert|50|km/s}}तक हो सकता है। उसके बाद उसके वेग में निरंतर {{convert|33000|ly}} त्रिज्या तक की वृद्धि होती जाती है, जो शीर्षतम {{convert|250|km/s}}तक पहुँच जाती है। दूरी बढ़ने के साथ-साथ इसके वेग में गिरावट आती चली जाती है, जिसमें {{convert|200|km/s}} से {{convert|80000|ly}} की गिरावट संभव है। इन वेग की माप नाभि में संकेंद्रित द्रव्यमान लगभग 6{{e|9}} M<sub>☉</sub> तक निहित होता है। आकाशगंगा के कुल द्रव्यमान में रेखीय रूप में {{convert|45000|ly}}<ref>{{cite journal | author=V. C. Rubin, W. K. J. Ford | title=Rotation of the Andromeda Nebula from a Spectroscopic Survey of Emission | journal=Astrophysical Journal | year=1970 | volume=159 | pages=379 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1970ApJ...159..379R | doi=10.1086/150317 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071012005759/http://adsabs.harvard.edu/abs/1970ApJ...159..379R | archive-date=12 अक्तूबर 2007 | url-status=live }}</ref> वृद्धि होती है और उसके बाद इसकी त्रिज्या में कमी होती जाती है।
एंड्रोमेडा की सर्पिलाकार भुजा H II क्षेत्र तक फैल जाती है जिसे बाडे ने "माला के बिखरे हुए मोतियों" के रूप में व्याख्या की है। वे आपस में बहुत अधिक सटे हुए दिखाई पड़ते हैं, हालांकि वे हमारी आकाशगंगा में दूर-दूरे तक फैले हुए हैं।<ref>{{cite journal | author=H. Arp | authorlink=Halton Arp | title=Andromeda Nebula from a Spectroscopic Survey of Emission | journal=Astrophysical Journal | year=1964 | volume=139 | pages=1045 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1964ApJ...139.1045A | doi=10.1086/147844 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071012021047/http://adsabs.harvard.edu/abs/1964ApJ...139.1045A | archive-date=12 अक्तूबर 2007 | url-status=live }}</ref> आकाशगंगा की परिशोधित छवियां स्पष्ट रूप से दो भुजाओं वाली आकाशगंगा को घड़ी की दिशा में घूमते हुए दर्शाती हैं। इसकी दो अनुगामी पूंछ के समान भुजाएं एक दूसरे से कम से कम दूरी {{convert|13000|ly}}पर एक दूसरे को अलग करती हैं। उन्हें मूलभाग लगभग {{convert|1600|ly}} दूरी से फैली हुई दिखाई पड़ती हैं। इसके सर्पिलाकार को मुख्य रूप से M32 के संपर्क में आने को माना जाता है। इसे तारों के तटस्थ हाइड्रोजन बादलों से विस्थापित होते हुए देखा जा सकता है।<ref>{{cite journal | author=R. Braun | title=The distribution and kinematics of neutral gas, [[HI region]] in M31 | journal=Astrophysical Journal | year=1991 | volume=372, part 1 | pages=54–66 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/1991ApJ...372...54B | doi=10.1086/169954 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071012005815/http://adsabs.harvard.edu/abs/1991ApJ...372...54B | archive-date=12 अक्तूबर 2007 | url-status=live }}</ref>
1998 में, यूरोपियन अंतरिक्ष वेधशाला छवियों यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी इन्फ्रारेड स्पेस ऑब्जर्बेटरी छवियों का प्रदर्शन वलयकार आकाशगंगा में पारगमन कर सकती है। एंड्रोमेडा में गैस और धूल कई वलयकार स्वरूप बनते हैं, जो विशेष रूप से इसके मूलभाग से {{convert|32000|ly}} त्रिज्या के साथ वलय के रूप में बनते हैं।<ref>{{cite press release | publisher=Esa Science News | date=October 14, 1998 | title=ISO unveils the hidden rings of Andromeda | url=http://www.iso.vilspa.esa.es/outreach/esa_pr/andromed.htm | accessdate=2006-05-24 | archive-url=https://archive.today/19990828194420/http://www.iso.vilspa.esa.es/outreach/esa_pr/andromed.htm | archive-date=28 अगस्त 1999 | url-status=dead }}</ref> यह वलय आकाशगंगा के दृश्यमान प्रकाश छवियों से छिपा हुआ है क्योंकि यह मुख्य रूप से ठंडी धूल से बना धूल से बना है।
एंड्रोमेडा के भीतरी क्षेत्र की परीक्षण करने पर उसके वलय में छोटे कणों के होने का पता लगा है और ऐसा समझा जाता है कि यह 20 करोड़ साल पहले M32 के संपर्क में आने के परिणामस्वरूप हुआ होगा। इसका अनुकरण करने पर पता लगता है कि छोटी आकाशगंगा उत्तरार्द्ध के ध्रुवीय धुरी के साथ एंड्रोमेडा की डिस्क गुज़री. इसकी टक्कर के कारण छोटे M32 के आधे से अधिक पिंडों को अलग कर दिया और एंड्रोमेडा में वलयकार संचरना की रचना हुई। <ref>{{cite news | title=Busted! Astronomers Nab Culprit in Galactic Hit-and-Run | publisher=Harvard-Smithsonian Center for Astrophysics | date=October 18, 2006 | url=http://www.cfa.harvard.edu/press/pr0628.html | accessdate=2006-10-18 | archive-url=https://web.archive.org/web/20080706171222/http://www.cfa.harvard.edu/press/pr0628.html | archive-date=6 जुलाई 2008 | url-status=live }}</ref>
M31 के बढ़े हुए प्रभामंडल के अध्ययन से पता लगा कि इसकी तुलना आकाशगंगा के साथ करना संभव नहीं क्योंकि तारों के प्रभामंडल में आमतौर पर "अपर्याप्त धातु" होती हैं जो दूरी बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती चली जाती हैं।<ref>{{cite journal | author=J. S. Kalirai, K. M. Gilbert, P. Guhathakurta, S. R. Majewski, J. C. Ostheimer, R. M. Rich, M. C. Cooper, D. B. Reitzel, R. J. Patterson | title=The Metal-Poor Halo of the Andromeda Spiral Galaxy (M31) | journal=Astrophysical Journal | year=2006 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2006astro.ph..5170K | volume=648 | pages=389 | doi=10.1086/505697 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071012005925/http://adsabs.harvard.edu/abs/2006astro.ph..5170K | archive-date=12 अक्तूबर 2007 | url-status=live }}</ref> इन साक्ष्यों से पता चलता है कि दोनों आकाशगंगा समान विकासवादी पथ का अनुसरण करती हैं। उन्होंने पिछले 12 अरब वर्षों के दौरान 1-200 न्यून-द्रयमान वाली आकाशगंगाओं का आत्मसात या समावेश हुआ है।<ref>{{cite journal | author=J.S. Bullock and K.V. Johnston | title=Tracing Galaxy Formation with Stellar Halos I: Methods | journal=Astrophysical Journal | year=2005 | volume=635 | issue=2 | pages=931–949 | url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2005ApJ...635..931B | doi=10.1086/497422 | access-date=30 अगस्त 2010 | archive-url=https://web.archive.org/web/20071012021107/http://adsabs.harvard.edu/abs/2005ApJ...635..931B | archive-date=12 अक्तूबर 2007 | url-status=live }}</ref> M31 के विस्तारित प्रभामंडल में तारों और आकाशगंगा में दो आकाशगंगाओं को अलग करने वाली लगभग एक तिहाई दूरी में वृद्धि संभव है।
== केंद्रक ==
[[चित्र:Double Nucleus of the Andromeda Galaxy (M31).tif|right|thumb|एंड्रोमेंडा आकाशगंगा के अंतर्भाग की HST छवि संभवित डबल संरचना को दर्शाता है। नासा/ईएसए फ़ोटो.]]
M31 को अपने केंद्र में घने और छोटे तारा समूह को शरण देने वाले के रूप में जाना जाता है। एक बड़ी दूरबीन में अधिक विस्तारित वृद्धि में सन्नहित तारे के दृश्यमान प्रभाव को बनाता है। केंद्रक की चमक अधिक चमकीले गोलाकार झुंड की अधिकता है।{{Citation needed|date=July 2009}}
[[चित्र:M31 Core in X-rays.jpg|thumb|300px|right|चंद्रा एक्स-रे टेलीस्कोप कक्ष का उपयोग करके, खगोलविदों अपने पड़ोसी दो आइलैंड ब्रह्मांड के चित्र लिए, एक विचित्र पिंड के साक्ष्य की तलाश करते हुए, 1960 के दशक में साहित्यिक विज्ञान लेखकों (और पाठकों) को बहुत प्रभावित किया। आकाशगंगा के समान ही, एंड्रोमेडा के मंदाकिनीय करोड़ों या अधिक सौर पिंडों के ब्लैक होल की एक्स-रे संसाधन विशेषताओं का आगमन प्रतीत होता है। उपरोक्त विवरण के आधार पर, मिथ्यावादी रंग एक्स-रे अनेक एक्स-रे स्रोंतों को दर्शाते हैं जैसेकि एक्स-रे युग्म तारे और एंड्रोमेंडा के केंद्रीय क्षेत्र में छोटे पीले निशानों के रूप में है। संदेहास्पद विशालकाय ब्लैक होल की स्थिति के साथ नीले साधन जो आकाशगंगा के केंद्र की दाए ओर स्थित है, एक संयोग है। जबकि एक्स-रे ब्लैक होल में सामग्री गिरने के साथ ही उत्पन्न होते हैं और गर्म हो जाते हैं, एंड्रोमेंडा के अंतर्भाग लगभग एक्स-रे डेटा आश्चर्यजनक रूप में शांत है - इनमें से करोड़ों या अरबों की तुलना एंड्रोमेंड्रा के एक्स-रे जोड़े के साथ की गई। क्रेडिट: एस. मुर्रे, एम. गार्सिया, एट एल., (सीएफए) एएओ, सीएक्सओ और नासा]]
1991 में, टॉड आर लायर ने WFPC का उपयोग किया है और उसे बाद में [[हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी|हूबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप]] को एंड्रोमेंडा के भीतरी केंद्रक की छवियां लेने के लिए स्थापित किया गया। केंद्रक में दो संयोजकताएं हैं जो {{convert|1.5|pc|lk=on}}द्वारा अलग की जाती हैं। चमकीली संयोजकता को P1 में डिज़ाइन किया गया है, वह आकाशगंगा केंद्र के समकक्ष है। P2 की धुंधली संयोजकता आकाशगंगा के केंद्र में स्थित है और 3-5x10<sup>7</sup>M<sub>☉</sub> ब्लैक होल स्थित है।<ref>{{cite journal
| author=Lauer, T. R. ''et al.'' | title=Planetary camera observations of the double nucleus of M31
| journal=Astronomical Journal | volume=106 | issue=4
| pages=1436–1447, 1710–1712 | year=1993
| doi=10.1086/116737
}}</ref>
स्कॉट ट्रामैने ने सुझाव दिया कि देखे गए डबल केंद्रक की व्याख्या संभव है कि यदि P1 केंद्रीय ब्लैक होल में तारों के आस-पास उत्केंद्रक कक्ष में तारों के बिंब का प्रक्षेपण होता है।<ref name="tremaine">{{cite journal | last = Tremaine | first = Scott | authorlink = Scott Tremaine | title = An Eccentric-Disk Model for the Nucleus of M31 | journal = Astronomical Journal | volume = 110 | pages = 628–633 | year = 1995 | url = http://adsabs.harvard.edu/abs/1995AJ....110..628T | doi = 10.1086/117548 | access-date = 30 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20180717230334/http://adsabs.harvard.edu/abs/1995AJ....110..628T | archive-date = 17 जुलाई 2018 | url-status = live }}</ref> उसकी उत्केंद्रता इस प्रकार की है कि तारे कक्षीय एपोसेंटर से जुड़े रहते हैं जिनके कारण तारों की अभिमुखता में वृद्धि होती है। P2 में गर्म वर्णक्रमीय वर्ग A तारों की सघन चक्रिका है। A तारों की लालिमा वाला फ़िल्टर स्पष्ट नहीं है लेकिन नीले और पराबैंगनी प्रकाश में वे केंद्रक को प्रभावित करते हैं जिनके कारण P2, P1 की तुलना में अधिक प्रभावशाली प्रतीत होता है।<ref>{{cite press release | publisher=Hubble news desk STScI-1993-18 | date=July 20, 1993 | title=Hubble Space Telescope Finds a Double Nucleus in the Andromeda Galaxy | url=http://hubblesite.org/newscenter/newsdesk/archive/releases/1993/18/text/ | accessdate=2006-05-26 | archive-url=https://web.archive.org/web/20051121205349/http://hubblesite.org/newscenter/newsdesk/archive/releases/1993/18/text/ | archive-date=21 नवंबर 2005 | url-status=live }}</ref>
जबकि, इसकी आरंभिक खोज के समय, यह परिकल्पना की गई थी कि डबल केंद्रक का चमकीला भाग एंड्रोमेंडा के पास छोटी आकाशगंगा "केनीबैलाइज्ड" का शेष भाग था, जिसके बाद उसकी कोई स्पष्ट व्याख्या नहीं की गई। इसका मूल कारण यह है कि इस प्रकार के केंद्रक का केंद्रीय ब्लैक होल द्वारा उतार-चढ़ाव वाले व्यवधान के कारण जीवनकाल अत्यधिक छोटा हो जाता है। जबकि इसका आंशिक रूप से समधान संभव है यदि P1 के पास उसका अपना स्थिर करने वाला ब्लैक होल हो P1 में उथल-पुथल का मतलब यह नहीं है कि उसके केंद्र में ब्लैक होल है।<ref name="tremaine" />
== असतत स्रोत ==
[[चित्र:Andromeda active core.jpg|right|thumb|लेखक की एंड्रोमेडा आकाशगंगा अंतर्भाग की अवधारणा यंग के बिंब, नीला तारों के ब्लैक होल को महाकाय वलय बनाते हैं। नासा/ईएसए फ़ोटो.]]
विशेष रूप से, 1968 के अंत तक आकाशगंगा का कोई एक्स-रे नहीं लिया गया था।<ref name="Fujimoto">{{cite journal |author=Fujimoto M, Hayakawa S, Kato T |title=Correlation between the Densities of X-Ray Sources and Interstellar Gas |journal=Astrophys Space Sci. |month=May |year=1969 |volume=4 |issue=1 |pages=64–83 |url=http://articles.adsabs.harvard.edu//full/1969Ap%26SS...4...64F/0000069.000.html |doi=10.1007/BF00651263 |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305075829/http://articles.adsabs.harvard.edu//full/1969Ap%26SS...4...64F/0000069.000.html |archive-date=5 मार्च 2016 |url-status=live }}</ref> 20 अक्टूबर 1970 को, M31 से पता लगाए जाने योग्य मुश्किल एक्स-रे की उपरी सीमा निर्धारित की गई।<ref name="Peterson">{{ cite book |author=Peterson LE |title=Hard Cosmic X-Ray Sources ''In: X- and Gamma-Ray Astronomy, Proceedings of IAU Symposium no. 55 held in Madrid, Spain, 11–13 मई 1972'' |editor=Bradt H, Giacconi R |publisher=International Astronomical Union D. Reidel |location=Dordrecht, Holland, Boston |year=1973 |pages=51–73 |url=http://adsabs.harvard.edu/full/1973IAUS...55...51P }}</ref>
उसके बाद, ईएसए के एक्सएमएम-न्यूटन कक्षीय वेधशाला से परिक्रमाओं का उपयोग करके एंड्रोमेंडा आकाशगंगा में बहुत से एक्स-रे स्रोतों का पता लगाया गया है। रॉबिन बेर्नार्ड ''एट ऑल.'' परिकल्पना की कि ये ब्लैक होल या न्यूट्रान तारों के सदस्य हैं, जो करोड़ो केल्विन गैस ऊष्मा और एक्स-रे छोड़ते हैं। न्यूट्रॉन तारों का प्रतिबिंब परिकल्पित ब्लैक होल के समान है लेकिन उनमें उनके पिंडों के आधार पर अंतर स्थापित किया जा सकता है।<ref>{{cite journal
| author=R., Barnard; U. Kolb; J.P. Osborne
| title=Timing the bright X-ray population of the core of M31 with XMM-Newton
| journal=A&A
| month=August
| year=2005
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2005astro.ph..8284B
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20071012021112/http://adsabs.harvard.edu/abs/2005astro.ph..8284B
| archive-date=12 अक्तूबर 2007
| url-status=live
}}</ref>
एंड्रोमेडा आकाशगंगा से लगभग 460 गोलाकार पुंज संबंधित है। इन पुंज में सबसे अधिक विशालकाय के रूप में मेयऑल II की पहचान की गई जिसका उपनाम ग्लोबुलर एक है, में आकाशगंगा के किसी अन्य सामान्य समूह गोलाकार पुंज से अधिक चमकदार पुंज है।<ref>{{cite press release
| publisher=Hubble news desk STSci-1996-11
| date=April 24, 1996
| title=Hubble Spies Globular Cluster in Neighboring Galaxy
| url=http://hubblesite.org/newscenter/newsdesk/archive/releases/1996/11/
| accessdate=2006-05-26
| archive-url=https://web.archive.org/web/20060701083419/http://hubblesite.org/newscenter/newsdesk/archive/releases/1996/11/
| archive-date=1 जुलाई 2006
| url-status=live
}}</ref> इसमें कई मिलियन तारे हैं और इसकी चमक ओमेगा सेंटयुरी के तुलना में दोगुनी है जो आकाशगंगा में सबसे चमकीले गोलाकार पुंज के रूप में जाना जाता है।
ग्लोबुलर 1 (या G1) में कई तारकीय संख्या बहुत अधिक है और सामान्य गोलाकार के लिए इनकी संरचना बहुत अधिक सघन होती है। जिसके परिणामस्वरूप, कुछ लोग G1 को छोटी आकाशगंगा का छोटा भाग मानते हैं जिसे कुछ समय पहले M31 माना गया था।<ref>{{cite journal
| author=G. Meylan, A. Sarajedini, P. Jablonka, S.G. Djorgovski, T. Bridges, R.M. Rich
| title=G1 in M31 - Giant Globular Cluster or Core of a Dwarf Elliptical Galaxy?
| journal=Astronomical Journal
| year=2001
| volume=122
| pages=830–841
| url=http://www.iop.org/EJ/article/1538-3881/122/2/830/201075.html
| doi=10.1086/321166
}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
ग्लोबुलर की सबसे अधिक स्पष्ट चमक G76 के समान है जो उसके पूर्वी भाग में दक्षिणी-पूर्वी भाग में स्थित है।<ref name="NSOG" />
2005 में, खगोलविदों ने M31 में तारा पुंज के एक पूरी तरह से भिन्न प्रकार की खोज की। खोजा गया नया तारा पुंज में करोड़ो तारे शामिल थीं और इन्हीं वर्तुलाकार पुंजों में इसके समान संख्या में अन्य तारे खोजे जा सकते हैं। उन्हें वर्तुलाकार समूहों से भिन्न क्या करता है जिससे कि वे अधिक - कई सौ प्रकाश वर्ष बड़े हैं - और उनसे कई गुना कम घने हैं। इसलिए, तारों के बीच दूरी हाल ही में खोजे गए विस्तारित पुंजों में काफी अधिक है।
== उपग्रह ==
आकाशगंगा के समान, एंड्रोमेडा आकाशगंगा में उपग्रह आकाशगंगा हैं जिनकी संख्या 14 छोटी आकाशगंगा है। सबसे अच्छी जानकारी वाली और सबसे अदिक देखी जाने वाली उपग्रह आकाशगंगा M32 और M110 हैं। वर्तमान साक्ष्य के आधार पर, ऐसा लगता है कि M32 का M31 (एंड्रोमेडा) के साथ बड़ा ही नज़दीकी सामना हुआ। M32 कभी बहुत बड़ी आकाशगंगा रही होगी जिसके बाद M31 ने इसके तारकीय बिंब को हटा दिया और इसके अंतर्भाग में तारे के निर्माण में बड़ी तेजी के साथ वृद्धि हुई जिसकी समाप्ति उसके बाद हो गई।<ref>{{cite journal
| author=K. Bekki, W.J. Couch, M.J. Drinkwater, M.D. Gregg
| title=A New Formation Model for M32: A Threshed Early-type Spiral?
| journal=Astrophysical Journal
| year=2001
| volume=557
| issue=1
| pages=L39–L42
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2001ApJ...557L..39B
| doi=10.1086/323075
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20080118033732/http://adsabs.harvard.edu/abs/2001ApJ...557L..39B
| archive-date=18 जनवरी 2008
| url-status=live
}}</ref>
M110 भी M31 के संपर्क में आया होगा और खगोलविदों ने M31 के प्रभामंडल में धातु से भरपूर तारों के की खोज की जो इन उपग्रह आकाशगंगाओं से रेखा के रूप में दिखाईं देती हैं।<ref>{{cite journal
| author=R. Ibata, M. Irwin, G. Lewis, A.M. Ferguson, N. Tanvir
| title=A giant stream of metal-rich stars in the halo of the galaxy M31
| url=https://archive.org/details/sim_nature-uk_2001-07-05_412_6842/page/49
| journal=Nature | date=July 5, 2001 | volume=412 | issue=6842
| pages=49–52 | doi= 10.1038/35083506
| pmid=11452300 }}</ref> M110 के धूल नहीं है जो हाल की और वर्तमान तारे की बनावट की तरफ इंगित करता है।<ref>{{cite journal
| last=Young | first=L. M. | month=November | year=2000
| title=Properties of the Molecular Clouds in NGC 205
| url=https://archive.org/details/sim_astronomical-journal_2000-11_120_5/page/2460 | journal=The Astronomical Journal | issue=5
| pages=2460–2470 | doi=10.1086/316806
| volume=120 }}</ref>
2006 में, यह खोज की गई कि इनमें से नौ आकाशगंगा समानांतर हैं जो एंड्रमेडा आकाशगंगा के अंतर्भाग विभाजित करती हैं बजाए इसके कि उनके स्वतंत्र संपर्क को बेतरतीव रूप में व्यवस्थित किया जाए. यह उपग्रहों के लिए सामान्य ज्वारीय उदगम की तरफ संकेत दे सकता है।<ref>{{cite journal
| author=A. Koch and E.K. Grebel
| title=The Anisotropic Distribution of M 31 Satellite Galaxies: A Polar Great Plane of Early-Type Companions
| journal=Astronomical Journal
| year=2006
| volume=131
| issue=3
| pages=1405–1415
| url=http://adsabs.harvard.edu/abs/2005astro.ph..9258K
| doi=10.1086/499534
| access-date=30 अगस्त 2010
| archive-url=https://web.archive.org/web/20071012021117/http://adsabs.harvard.edu/abs/2005astro.ph..9258K
| archive-date=12 अक्तूबर 2007
| url-status=live
}}</ref>
== एंड्रोमेडा से आकाशगंगा का भविष्य में टकराव ==
एंड्रोमेडा आकाशगंगा, हमारी आकाशगंगा की तरफ {{convert|100|to|140|km/s}}तेजी से बढ़ रही हैं,<ref>{{cite web | last = Malik | first = Tariq | date = 2002-05-07 | url = http://www.space.com/scienceastronomy/astronomy/galaxy_collides_020507-1.html | title = Crash Course: Simulating the Fate of Our Milky Way | publisher = SPACE.com | accessdate = 2006-09-18 | archive-url = https://web.archive.org/web/20020606060654/http://www.space.com/scienceastronomy/astronomy/galaxy_collides_020507-1.html | archive-date = 6 जून 2002 | url-status = live }}</ref> इसलिए यह स्थानांतरित होने वाली नीली आकाशगंगा में से एक है। एंड्रोमेडा आकाशगंगा और आकाशगंगा आपस में शायद 450 करोड़ वर्षों के बाद आपस में टकराने की उम्मीद है, हालांकि इसका विवरण अनिश्चित है क्योंकि एंड्रोमेडा का प्रासंगिक वेग की तुलना आकाशगंगा से केवल एक या दो घटक के आधार पर ही की जा सकती है।<ref>{{cite episode
| title = The Grand Collision | episodelink =
| series = The Sky At Night | serieslink =
| airdate = November 5, 2007 }}</ref> इस टक्कर के परिणामस्वरूप ये आकाशगंगा एक विशालकाय अंडाकार आकाशगंगा रूप में परिवर्तित हो जाएंगी.<ref>{{cite journal | author = Cox, T.J., Loeb, A. | title = The collision between the Milky Way and Andromeda | journal = Monthly Notices of the Royal Astronomical Society | volume = 386 | issue = 1 | pages = 461–474 | year = 2008 | url = http://adsabs.harvard.edu/abs/2008MNRAS.tmp..333C | doi = 10.1111/j.1365-2966.2008.13048.x | access-date = 30 अगस्त 2010 | archive-url = https://web.archive.org/web/20181027131332/http://adsabs.harvard.edu/abs/2008MNRAS.tmp..333C | archive-date = 27 अक्तूबर 2018 | url-status = live }}</ref> आकाशगंगा के समूह में आकाशगंगाओं के बीच इस तरह की घटनाएं आम बात है। [[पृथ्वी]] और [[सौर मंडल]] के बीच टक्कर की अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि आकाशगंगा आपस में विलीन नहीं होती हैं, तो हो सकता है कि सौर मंडल आकाशगंगा से बाहर रखा जा सके या एंड्रोमेडा से जुड़ सके। <ref name="Cain">{{cite web|title=When Our Galaxy Smashes Into Andromeda, What Happens to the Sun?|author=Cain, Fraser|work=Universe Today|url=http://www.universetoday.com/2007/05/10/when-our-galaxy-smashes-into-andromeda-what-happens-to-the-sun/|year=2007|accessdate=2007-05-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20070517021426/http://www.universetoday.com/2007/05/10/when-our-galaxy-smashes-into-andromeda-what-happens-to-the-sun/|archive-date=17 मई 2007|url-status=live}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* साहित्य में आकाशगंगा
* मेसीयर पिंडों की सूची
* आकाशगंगाओं की सूची
* मेएऑल II – एंड्रोमेडा आकाशगंगा और अन्य सामान्य समूह में सबसे बड़ा गोलाकार पुंज
* नई सामान्य सूची
* एनजीसी 206 – एंड्रोमेडा आकाशगंगा में सबसे चमकीला तारे के समान बादल
== टिप्पणियां ==
<div class="references-small">
<ol type="a">
<li>{{Note_label|A|a|none}}) औसत (787 ± 18, 770 ± 40, 772 ± 44, 783 ± 25 (= (787 + 770 + 772 + 783 4 /)) ± ((18 <sup>2</sup> + 40 <sup>2</sup> + 44 <sup>2</sup> + 25 <sup>2) 0,5</sup> 4 /) = 778 ± 17</li>
<li>{{Note_label|B|b|none}}4.36 प्रत्यक्षनिर्देशांक – 24.4 का दूरी मापांक = −20.0</li>
<li>{{Note_label|C|c|none}}4,129,236 J00443799 आरए का खगोलीय निर्देशांक है।{{RA|00|44|37.99}}{{RA|00|44|37.99}}[[झुकाव (खगोलीय)|दिसम्बर]]{{DEC|+41|29|23.6}}{{DEC|+41|29|23.6}}.</li>
<li>{{Note_label|D|d|none}}दूरी × tan(diameter_angle = 190′) = 141 ± 3 केएलवाई व्यास</li>
</ol>
</div>
== सन्दर्भ ==
<references/>
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{commonscat|Andromeda Galaxy}}
* [https://web.archive.org/web/20001206111400/http://simbad.u-strasbg.fr/sim-id.pl?Ident=M+31 M31 पर सिमबैड डेटा]
* [https://web.archive.org/web/20061205045436/http://seds.org/messier/m/m031.html मेसीयर 31, एसईडीएस मेसीयर पृष्ठ]
* दिन के खगोल विज्ञान चित्र
** M31 में, महाकाय वलयकार पुंज एक विशालकाय 17 अक्टूबर 1998.
** [https://web.archive.org/web/20050303012350/http://antwrp.gsfc.nasa.gov/apod/ap040718.html M31: The एंड्रोमेडा आकाशगंगा] 18 जुलाई 2004
** [https://web.archive.org/web/20051228024604/http://antwrp.gsfc.nasa.gov/apod/ap051222.html एंड्रोमेडा आइलैंड यूनिवर्स] 22 दिसम्बर 2005
** एंड्रोमेडा आइलैंड ब्रह्मांड 2010 जनवरी 9.
** [https://web.archive.org/web/20100222201457/http://antwrp.gsfc.nasa.gov/apod/ap100219.html डब्ल्यूआईएसई इन्फेयर्ड एंड्रोमेडा] 2010 फ़रवरी 19
* [https://web.archive.org/web/20100210181238/http://www.starpointing.com/ccd/m31.html शौकिया फोटोग्राफी - M31]
* [https://web.archive.org/web/20060214234358/http://astro.neutral.org/imagehtml/20050903_m31.html द कर्डरिज़ ऑब्जर्वेटरी (The Curdridge Observatory) M31 में ग्लोबुलर तारापुंज]
* [http://www.astronomy.com/asy/default.aspx?c=a&id=3640 एंड्रोमेडा की पहली प्रत्यक्ष दूरी] − खगोल पत्रिका लेख
* SolStation.com पर [https://web.archive.org/web/20101108210457/http://www.solstation.com/x-objects/andromeda.htm एंड्रोमेडा आकाशगंगा]
* [https://web.archive.org/web/20101115160115/http://daviddarling.info/encyclopedia/A/Andromeda.html खगोल विज्ञान, खगोल विद्या और अंतरिक्ष यात्रा के विश्वकोष पर एंड्रोमेंडा आकाशगंगा]
* [https://web.archive.org/web/20101229012601/http://www.nightskyinfo.com/archive/m31_galaxy/ M31, एंड्रोमेडा आकाशगंगा NightSkyInfo.com पर]
* {{cite news |author=Ker Than |url=http://space.com/scienceastronomy/060123_andromeda_plane.html |title=Strange Setup: Andromeda's Satellite Galaxies All Lined Up |publisher=SPACE.com |date=जनवरी 23, 2006 |access-date=30 अगस्त 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100808175402/http://www.space.com/scienceastronomy/060123_andromeda_plane.html |archive-date=8 अगस्त 2010 |url-status=dead }}
* {{WikiSky|name=The Andromeda Galaxy}}
* [https://web.archive.org/web/20100731011456/http://hubblesite.org/newscenter/archive/releases/2005/26/full/ हूबल ने ब्लैक होल के आस-पास नीले तारों के रहस्यमई बिंब की खोज की] हूबल के निरूपण ने (सितंबर 20 2005) 140 ने एंड्रोमेडा अंतर्भाग ब्लैक होल के पिंड को 140 मिलियन सौर पिंडों में लाकर रख दिया
* [https://web.archive.org/web/20100912043014/http://www.cfa.harvard.edu/iau/CBAT_M31.html M31 (दृश्यमान) नोवे पेज़] (आईएयू)
[[श्रेणी:गैलेक्सियाँ]]
[[श्रेणी:स्थानीय समूह]]
[[श्रेणी:सर्पिल गैलेक्सियाँ]]
[[श्रेणी:अनबेयर्ड सर्पिलाकार आकाशगंगा]]
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[[श्रेणी:एण्ड्रोमेडा गैलेक्सी|*]]
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[[श्रेणी:मेसीयर पिंड]]
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{{नीचे जाएं}}
{{वार्ता शीर्ष}}
== प्रबन्धक के लिए नामांकन : आशीष भटनागर, सिद्धार्थ घई तथा अनुनाद सिंह ==
{{fmbox|text='''आशीष जी और सिद्धार्थ का नामांकन सफ़ल हुआ।''' [[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:26, 2 अगस्त 2013 (UTC)}}
हिन्दी विकी न केवल सदस्यों की कमी से गुजर रही है बल्कि प्रबंधक एवं प्रशासक पद की अनुपबलब्द्धता से भी गुजर रही है। अतः इस जगह की भरने के लिए यह संख्या बढ़ाना आवश्यक है। हिन्दी विकी पर [[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन|प्रबंधक पद के मानदण्डों]] के अनुसार यदि कोई पूर्व प्रबंधक एक माह से अधिक सक्रिय है तथा उनके सम्पादनों की संख्या ५००० से अधिक है तो उन्हें बिना किसी मतदान के प्रबंधक बनाया जा सकता है। मेरी जानकारी में इन नियमों को पूर्ण तीन पूर्व प्रबंधक [[सदस्य:आशीष भटनागर|आशीष जी]], [[सदस्य:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ जी]] एवं [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद जी]] हैं। यदि इन तीनों सदस्यों को इसमें कोई ऐतराज न हो तो इन्हें प्रबंधक अधिकार पुनः दिये जायें।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 23:25, 21 जुलाई 2013 (UTC)
आशीष भटनागर जी और सिद्धार्थ घई जी के नामांकन को [http://meta.wikimedia.org/wiki/User:MF-Warburg स्टीवर्ड] ने सफल घोषित किया है। यहाँ देखें - [http://meta.wikimedia.org/wiki/Steward_requests/Permissions/2013-08#.E0.A4.86.E0.A4.B6.E0.A5.80.E0.A4.B7_.E0.A4.AD.E0.A4.9F.E0.A4.A8.E0.A4.BE.E0.A4.97.E0.A4.B0.40hiwikipedia आशीष जी], [http://meta.wikimedia.org/wiki/Steward_requests/Permissions/2013-08#Siddhartha_Ghai.40hiwikipedia सिद्धार्थ जी]। किन्तु नीचे देख सकते हैं कि इस पर चर्चा जारी है <s>और कुछ सदस्यों को आपत्ति है।</s> -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:17, 7 अगस्त 2013 (UTC)
===समर्थन/विरोध===
::{{सही}} सुझाव अच्छा है और समर्थन योग्य है । हिन्दी विकी को समृद्धि के सोपान पर ले जाने हेतु यह करना श्रेयस्कर होगा । मैं इस सुझाव का समर्थन करती हूँ ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 05:04, 22 जुलाई 2013 (UTC)
:आशीष जी - '''समर्थन''' - लेकिन यह कोई अर्थ नहीं रखता क्योंकि वह पहले से ही प्रबन्धक हैं।
:सिद्धार्थ जी - '''समर्थन'''
:अनुनाद जी - '''पूर्ण विरोध''' - यह हिन्दी विकि के लिए हानिकारक होगा।
--[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 07:13, 22 जुलाई 2013 (UTC)
:: {{सही}} यह प्रस्ताव अत्यन्त सामयिक एवं हिन्दी विकि के लिए हितकर है। मैं इसका पूर्णतः समर्थन करता हूँ। यह हिन्दी विकि में नवीन प्राण डालने जैसा सिद्ध होगा। आशीष जी और सिद्धार्थ जी को प्रबन्धक बनाए जाने के प्रस्ताव का मैं पूर्ण समर्थन करता हूँ तथा मुझे प्रबन्धक बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार करता हूँ। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 04:18, 26 जुलाई 2013 (UTC)
===टिप्पणी===
Hunnjazal जी, मैं यहाँ टिप्पणी नहीं करना चाहता था लेकिन कुछ जानकारी के लिए करनी पड़ रही है। [[विशेष:Statistics]] और [http://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80&group=sysop प्रबंधक सूची] दोनों ही जगह केवल 2 प्रबंधक (आप और बिल जी) दिखाई दे रहे हैं। मैंने आशीष जी के व्यक्तिगत अधिकार [http://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7%3A%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A5%80&username=%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B7+%E0%A4%AD%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0&group=&limit=1 यहाँ] भी देखे तो पता चला कि एक दस दिन पुराने सदस्य के अधिकारों से अधिक कोई अधिकार उनके पास नहीं है। अब या तो ये पृष्ठ गलत सूचना प्रदर्शित कर रहे हैं अथवा मैं गलत पृष्ठ देख रहा हूँ। केवल {{tl|प्रबन्धकगण}} पर यह लिखा हुआ है कि वो प्रबंधक हैं लेकिन यह साँचा तो कोई भी सम्पादित कर सकता है।<br/>
<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 12:35, 22 जुलाई 2013 (UTC)
::नमस्ते संजीव जी, आशीष जी व्यस्त रहें हैं इसलिए सम्भव है कि उनका योगदान घटने से उन्हे पदमुक्त कर दिया गया हो, हालांकि मुझे ऐसा कुछ याद तो नहीं है। कुछ अरसा पहले हुए हस्तक्षेप में कुछ ग़ैर-सक्रीय प्रबंधकों को हटाया गया था और हो सकता है वे उनमें से एक थे, हालांकि ऐसा होना भी मेरी स्मृति में नहीं। शायद बिल जी प्रकाश डालें। अगर ऐसा है तो उन्हें फिर बहाल करने के लिये मेरा समर्थन है। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 15:55, 22 जुलाई 2013 (UTC)
*{{सही}} [[सदस्य:आशीष भटनागर|'''आशीष जी''']] को फिर से बहाल करने के लिये मेरा '''पूर्ण समर्थन''' है। [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 17:43, 22 जुलाई 2013 (UTC)
*{{सही}} [[सदस्य:Siddhartha Ghai|'''सिद्धार्थ जी''']] को भी फिर से बहाल करने के लिये मेरा '''पूर्ण समर्थन''' है। [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 17:43, 22 जुलाई 2013 (UTC)
::: मैं स्वयं अपने लिये मतदान नहीं कर सकता हूं, किन्तु शेष दोनों के लिये मेरा पूर्ण समर्थन है:
:::: सिद्धार्थ जी: {{सही}}
:::: अनुनाद जी: {{सही}} - शायद ये मत कई लोगों को सही न लगे, किन्तु उसका कारण भी देना चाहूंगा,। हिन्दी विकि में सक्रिय प्रबंधकॊं एवं सदस्यों की कमी के कारण उन्हें ऐसा लाभ देना चाहिये, एक तो सक्रिय सदस्य का उत्साह वर्धन होगा, दूसरे प्रबंधन कार्य में (कम से कम ५०% क्षमता ही सही) वृद्धि तो होगी। शेष कुछ विवाद उठते हैओं तो उन्हें बाद में पुनर्विचार कर फ़िर देखा जा सकता है, एवं प्रबंधन अधिकार वापस भी लिये जा सकते हैं। अतः इस समय समर्थन देकर हिन्दी विकि की प्रगति में हाथ बटायें। हाँ ये ध्यान अनुनाद जी को भी रखना होगा कि वे भविष्य में इस प्रकार के विवादों से बचे रहें। इसके लिये कई बार कुछ काम हमें सही लगते हुए भी सर्वमत न होने के कारण रोकना पड़ता है - ये ध्यान योग्य है। जोर-जबर्दस्ती से जनतंत्र नहीं चला करते हैं। कुछ समझ से, कुछ तर्क से, तो कुछ ज्ञान से अपना लोहा मनवाया जा सकता है। इनमें से कोई एक ही नाव पार नहीं लगा सकता है.... अतः मेरा फ़िल्हाल समर्थन है। --[[User:आशीष भटनागर|<span style="text-shadow:#EE82EE 3px 3px 2px;"><font color="#0000FF"><b>आशीष भटनागर</b></font></span>]]<sup>[[User talk:आशीष भटनागर|<font color="#FF007F">वार्ता</font>]]</sup> 02:38, 26 जुलाई 2013 (UTC)
तीनों सदस्यों आशीष जी, सिद्धार्थ जी व अनुनाद जी के लिए पूर्ण समर्थन है।
:::: आशीष जी: {{सही}}
:::: अनुनाद जी: {{सही}}
:::: सिद्धार्थ जी: {{सही}}
आशीष जी के लिए कुछ कहने की जरूरत नहीं लगती। अनुनाद जी के योगदान पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकता, और साथ ही क्रिटिकल मामलों में वे परिपक्व निर्णय लेते हैं (जैसे बिल को ब्लॉक करने का [http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%9B%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AE_%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A4%E0%A4%BE प्रस्ताव रखने पर वे कुछ छूट देने के पक्ष में थे], विवाद के समय भी)। सिद्धार्थ जी भी तकनीकी रूप से कुशल हैं। धन्यवाद। -[[User:Hemant_wikikosh|<font color="darkblue">Hemant wikikosh</font>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:Hemant_wikikosh|<font color="blue ">वार्ता</font>]]</sup> 09:02, 27 जुलाई 2013 (UTC)
:::: अनुनाद सिंह को पूर्ण समर्थन : {{सही}}
:::: आशीष भटनागर को पूर्ण समर्थन : {{सही}} --<b>[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|<font color="green">डा० जगदीश व्योम</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Dr.jagdish|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> 06:50, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::आशीष भटनागर : {{सही}} समर्थन
::अनुनाद सिंह : {{सही}} समर्थन
::सिद्धार्थ घई : {{सही}} समर्थन
--[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="red"><sup></sup> '''अजीत कुमार तिवारी'''</font></span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<font color="green"> '''वार्ता'''</font>]]</sup> 08:30, 29 जुलाई 2013 (UTC)
; सिद्धार्थ जी का समर्थन
मुझे यकायक एक वार्तालाप याद आया। जब मैं नया-नया सम्पादन कर रहा था, मैंने कुछ लेख लिखे जिनमें कुछ चित्र कॉपीराईट की परवा किये बिना शामिल किया था। सिद्धार्थ जी ने लेखों के ज्ञानकोषीय होने के कारण प्रशंसा तो की, पर मुझे चित्रों स्तिथि बड़े ही दोस्तों-जैसे अंदाज़ में समझाने का प्रयास किया। इस प्रक्रिया में उन्होंने बिल जी का भी सहारा लिया। मेरे विचार से हमें हमारी विकिपीडिया के लिए ऐसे ही प्रबंधकों की आवश्यकता है जो दूसरे सदस्यों से दोस्ती और सलाह का काम करें, टीम-स्वभाव (team spirit) से काम ल़े न कि अधिकारों का कुछ दूसरी विकियों के प्रबंधकों के तरह प्रयोग करें। इसके अलावा हुन्नजज़ल जी के समर्थन को भी देखते हुए मैं सिद्धार्थ जी का समर्थन अनिर्वार्य समझता हूँ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:47, 30 जुलाई 2013 (UTC).
=== आगे की कार्रवाई ===
इस विषय पर काफ़ी चर्चा हो चुकी, समर्थन भी जुटा लिये गए हैं,, किन्तु कार्रवाइ कब होगी.....यदि शीघ्र हो सके तो अच्छा है। मुझे तो प्रशासक के अधिकारों की आदत थी, फ़िर वो हट गये, किन्तु अनुरोध पर पुनः प्रबंधक अधिकार आ गये, चलो काम हो गया। लेकिन फ़िर से प्रबंधक अधिकार चले गये... मेरे अपने बनाये, सुरक्शःइत पृष्ठ भी मेरे लिये संपादन पहुंच से दूर हो गये। यहाँ तक कि मेरा अपना सदस्य पृष्ठ भी। अतः अति सक्रिय सदस्यों से निवेदन है कि वांछित कार्रवाई शीघ्र सुलभ कराने का प्रयास करें, व कहीं मेरे समर्थन आदि की आवश्यकता हो, भविष्य में भी तो अवश्य बतायें। संभव हो तो ये बार बार का अधिकार घटत-बढ़त के झंझट से मुक्ति मिले, या कम से कम सुप्तावस्था की अनुमत अवधि ही कुछ अधिक बढ़े... अब तो निष्क्रिय प्रबंधक भी नहीं रहे हैं। --[[User:आशीष भटनागर|<span style="text-shadow:#EE82EE 3px 3px 2px;"><font color="#0000FF"><b>आशीष भटनागर</b></font></span>]]<sup>[[User talk:आशीष भटनागर|<font color="#FF007F">वार्ता</font>]]</sup> 08:10, 29 जुलाई 2013 (UTC)
:मेरा भी वर्तमान प्रबंधकों से निवेदन है कि निर्विरोध रूप से समर्थन प्राप्त सदस्य सिद्धार्थ जी और आशीष जी को प्रबंधक अधिकार प्रदान कर दिये जायें। हाँ अनुनाद जी पर एक सदस्य (Hunnjazal जी) ने आपत्ति की है जिस पर थोड़ी चर्चा हो सकती है। मुझे इस प्रक्रिया का पता नहीं है कि निवेदन कहाँ और किससे किया जाता है, अन्यथा मैं स्वयं कर देता। चूँकि आशीष जी ने अनुनाद जी के विषय में जो लिखा उसके अनुसार तो Hunnjazal की आपत्ति भी दूर हो जानी चाहिए<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 12:34, 29 जुलाई 2013 (UTC)
:: यदि मेरा अनुमान सही है, तो कुछ पूर्व प्रबंधकों पर अवमाननीय सम्पादनों के कारण पतिबंध लग चुका था या कुछ समय से विकि-संसार से संयास ले चुके थे और अभी-अभी लौटे हैं। मैं उनका हार्दिक स्वागत करता हूँ, पर इस तरह से वापसी के साथ ही पद-ग्रहण, ये मैं समझ नहीं पाया हूँ। सम्पादन संख्या ही के आधार पर यदि किसी को प्रबंधक घोषित करना हो, तो मेरा विचार है कि हमें पूर्व स्थिति को नहीं बल्कि वर्तमान की समीक्षा करना चाहिये। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:43, 29 जुलाई 2013 (UTC).
:::एच॰ एल॰ जी, जब तक नये नियम नहीं बनते तब तक पुराने नियमों का पालन आवश्यक है। चूँकि पुराने नियमों के अनुसार यदि कोई सम्पादक कुछ समय के लिए विकी से दूर रहता है तो उसे सेवा निवृत कर दिया जाता है और जब वो वापस आयें तो उनके एक माह के सम्पादनों के आधार पर उन्हें उनके अधिकार वापस दिये जा सकते हैं। चूँकि वो विकी का अच्छा ज्ञान रखते हैं अतः उन्हें परखने की अधिक आवश्यकता नहीं रहती। आशीष जी और सिद्धार्थ जी इसी श्रेणी में हैं। अनुनाद जी का मामला थोड़ा अलग है लेकिन उन्हें मैंने इस श्रेणी में रखा इसका कारण यहाँ लिखकर मैं इस पृष्ठ को लड़ाई का क्षेत्र नहीं बनाना चाहता था। लेकिन अब दो-दो सदस्य वो भी एक प्रबंधक हैं और दूसरे निरिक्षक (दोनों के सम्पादन भी काफी हैं); इस विषय पर आपत्ति कर रहे हैं तो मुझे विस्तार में लिखना पड़ रहा है। हिन्दी विकी पर एक [[सदस्य:SeanZCampbell]] ऊर्फ शॉन नें फरवरी में खाता खोला और अन्य स्थापित सदस्यों को तंग करना आरम्भ कर दिया। इस पर [[u:अनुनाद सिंह|अनुनाद]] जी और [[सदस्य:Hemant wikikosh|हेमन्त]] जी ने इस सदस्य के कठपुतली होने की जाँच की मांग की। यह मांग 16 मार्च 2013 को की गई। चूँकि किसी स्वतःपरिक्षित सदस्य के विरुध ऐसी माँग करना उचित नहीं होता लेकिन हिन्दी विकी पर इस मामले में [[सदस्य:Dr.jagdish|जगदीश]] जी को सजा मिल चुकी थी जबकि वो प्रबंधक थे। अतः एक सामान्य उत्पाती सदस्य के लिए ये माँग अनुचित नहीं थी। इस माँग पर बिल जी, अनुनाद जी और हेमन्त जी के मध्य चर्चा चल ही रही थी कि [[u:Hunnjazal|Hunnjazal]] जी ने 19 मार्च को एक और मुद्दा उठाया जो इस प्रकार था: "अनुनाद जी को ब्लॉक करा जाए"। इस पर कोई चर्चा नहीं हुई और छः घण्टे बाद अनुनाद जी को ब्लॉक कर दिया गया। उन्हें इस तरह से ब्लॉक किया गया कि वो अपना वार्ता पृष्ठ भी नहीं परिवर्तित कर सकते। 20 मार्च को मेटा विकी पर यह पाया गया कि SeanZCampbell ऊर्फ शॉन, Lovysinghal का कठपूतली खाता है। हिन्दी विकी नियमानुसार (जो जगदीश जी को प्रबंधक पद से हटाने के बाद बनाये गये थे उनके अनुसार) कठपूतली खाता पाये जाने पर सदस्य को हिन्दी विकी से पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ; SeanZCampbell ऊर्फ शॉन को तो प्रतिबंधित कर दिया गया लेकिन Lovysinghal जी को केवल तीन माह के लिए ब्लॉक किया गया। इसकी पूर्ण जानकारी के लिए [[विकिपीडिया:चौपाल/पुरालेख 31]] देख सकते हो। शायद वो लेख पढ़कर आपको लगेगा कि मैं जो कर रहा हूँ उसके लिए मुझे मेरी अंतरात्मा कह रही है। (उस समय [[सदस्य:Dr.jagdish|जगदीश]] जी को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था लेकिन बाद में उन्हें इस प्रतिबंध से मुक्त कर दिया गया।)
:::इस समय तक मैं हिन्दी विकी पर बहुत ही कम सम्पादन करता था। (इस समय मैंने एक "विपीन गौड़" नामक पृष्ठ का सम्पादन किया था जिसे बाद में "साफ प्रचार" कह कर हटा दिया गया। मुझे कोई आपत्ति नहीं थी क्यों कि वो पृष्ठ साफ प्रचार ही था।) मुझे ये लड़ाइयाँ बहुत अच्छी लगी थी और मैं हिन्दी विकी की ओर आकृष्ठ हुआ। अब आप यह कह सकते हो कि इन घटनाओं ने मुझे हिन्दी विकी से जोड़ा। लेकिन यदि ये घटनाएं न होती तो मैं इतना सक्रिय सदस्य शायद न बन पाता। मैं मेरे सम्बंध में कहूँ तो मेरे साथ अभी तक किसी विकी सदस्य का कोई झगड़ा नहीं हुआ। कई बार कुछ आपत्तियाँ हुई हैं लेकिन कोई खास नहीं। आपने देखा ही होगा अप्रैल और मई में आप और मैं किस तरह से दोस्तों की तरह सलाह ले-दे कर काम किया करते थे। मेरा बिल जी से भी अच्छा सम्पर्क रहा है और Hunnjazal जी ज्यादा सम्पर्क नहीं हुआ क्योंकि मेरे सक्रिय दिनों में वो अपने सम्पादन करते हैं और मैं मेरे। हम लगभग इस तरह के सम्पादन करते हैं जो एक दूसरे से विलगीत प्रतीत होते हैं अतः कभी मौका ही नहीं मिला।
:::आशीष जी और सिद्धार्थ जी के सन्दर्भ में एक बात और भी कहना चाहता हूँ। मैंने पिछले दिनों देखा कि कुछ कोड चलाने के सम्बंध में सिद्धार्थ जी और बिल जी की आपस में वार्ताएं होती थी क्योंकि सिद्धार्थ जी के पास अधिकार नहीं हैं और बिना अधिकारों के वो इनमें सुधार कर नहीं सकते थे। यदि ये अधिकार उनके पास होते तो जो कार्य करने में कम से कम 15 दिन लगे वो पहले ही दिन में सम्पन्न हो जाता। इसी प्रकार आप किसी विकी पर रोलब्रेकर जैसे कुछ अधिकारों का उपयोग कर चुके हो अतः हिन्दी विकी पर बिना उन अधिकारों के आपको कार्य करने में कितनी असुविधा हो रही है? मुझे लगता है इस अवस्था में आदमी अपने आप को अपंग महसूस करने लगता है। आशीष जी ने इस बारे में उपर लिखा भी है। अतः इन दोनों का प्रस्ताव करना मुझे उपयुक्त लगा। मैं स्वयं के लिए अधिकारों की माँग नहीं करता क्योंकि मुझे समय-समय पर बिल जी ने आवश्यकतानुसार अधिकार भी दिये हैं और उत्साहवर्धन भी किया है। साथ में मुझे आपका और माला जी का सहयोग भी मिलता रहा। अब भी यदि आपके पास इस सम्बंध में कोई प्रश्न हो तो पुछ सकते हो। लेकिन अच्छा रहेगा यदि हम ये चर्चा अपने वार्ता पृष्ठों पर कर लें। मैं यहाँ कोई बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहता।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 17:23, 29 जुलाई 2013 (UTC)
:संजीव जी, यह ठीक घटनाक्रम नहीं है। मैं इतिहास पर कोई भी चर्चा विस्तार से करने को तैयार हूँ - और उत्सुक भी हूँ। ऐसी चीज़ों में मुझे लगता है कि प्रकाश डालकर लम्बी समीक्षा होनी चाहिये और इनके लिए आप मुझे सदैव अनथक पाएँगे। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि शायद यह वर्तमान सदस्यगणों के लिये ठीक न हो। क्या आप वास्तव में इस विषय पर पूर्ण चर्चा चाहतें हैं? यदि हाँ, तो मैं ज़रूर भाग लूँगा। अनुनाद जी नीति कृति-विस्तार-अमल के लिये अभी ठीक नहीं हैं। मेरी व ऍचऍल की असहमती तो है ही। मुझे लगता है कि बिल जी भी असहमत ही होंगे। उनसे मुझे हमेशा [[सदस्य:Rajeevmass|राजीवमास जी]] याद आते हैं - वे भी कभी प्रबन्धक थे और हिन्दी विकि में उनका योगदान महान कहा जा सकता है, लेकिन वे हमेशा के लिये प्रतिबन्धित किये गये। यदि समय का क्रम अनुनाद जी के लेखों में और उनके अपने से भिन्न विचारधारा रखने वाले सदस्यों के प्रति सदभावना में सुधार दर्शाता है तो वे फिर प्रबन्धक बन सकते हैं। लेकिन अभी यह सर्वथा ग़लत होगा। सार्वजनिक बात जो इस चर्चा में भागीदार '''किसी भी व्यक्ति''' के लिये नहीं कही जा रही बल्कि भूतकाल की चर्चाओं की ओर दृष्टि डालकर कही जा रही है (जिनमें आप शामिल नहीं थे संजीव जी): अभी सभी शीलता से बात कर रहें हैं लेकिन क्योंकि यह मामलें कभी भावुक भी हो जाते हैं इसलिये मैं सभी को याद दिलाना चाहूँगा कि [[वि:व्यक्तिगतनहीं]], [[वि:कठपुतली]], [[वि:युद्धक्षेत्रनहीं]], [[वि:मंचनहीं]] सभी लागू हैं इसलिये अपने तर्क शीलता से ही रखें। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 01:03, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:: सदस्यगण, हुन्जजाल जी के कारनामों के बारे में आप सभी को अच्छी तरह ज्ञात है। उपर हुन्जजाल जी ने जो लिखा है वह अत्यन्त भ्रामक है। वे नीति की बात करते हैं पर उन्होने पिछले कुछ महीनों में '''अनीति''' और '''पक्षपात''' के जा कार्य किए हैं और हिन्दी विकि पर नीतियों से सम्बन्धित '''भ्रमजाल''' खड़ा किया है वह आप सभी को पता है। मैने पहले भी कहा है कि इसे मैं उचित समय पर उठाने वाला हूँ। मैं आप सभी से अनुरोध करूँगा कि हिन्दी विकि पर लेखों का सम्पादन जारी रखते हुए इस चर्चा में भी अपने विचार खुलकर रखें। दूसरों की सीढ़ी से छत पर चढ़ जाने के बाद सीढ़ी को उपर खींचकर दूसरों को ऊपर आने से रोकने की नीति को समझें और इस नीति को ध्वस्त करने की दिशा में कार्य करें। मुझे सबसे बड़ी खुशी हिन्दी विकि पर अधिकाधिक और अत्यन्त उपयोगी लेखों के योगदान से मिलती है। आगे भी मेरी यही कोशिश होगी की मेरा योगदान सर्वाधिक बना रहे।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 03:42, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:'कारनामें', 'भ्रमजाल', 'दूसरों की सीढ़ी से छत पर चढ़ जाने के बाद सीढ़ी को उपर खींचकर'। आप फिर अपमानजनक और व्यक्तिगत हमलों पर उतर आए हैं। 'अनीति' और 'पक्षपात' के आरोप वाले शब्दों से कोई आपत्ति नहीं क्योंकि वे केवल एक दृष्टिकोण हैं। मैं आपको '''चेतावनी''' दे रहा हूँ। अपनी भाषा सौम्य रखें। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 03:54, 30 जुलाई 2013 (UTC)
*मैं भूतकाल में नहीं जीता और यह धारणा रखता हूँ कि हर किसी में सुधार की गुंजाइश होती है, मुझ में भी है, इसलिए अगर कोई बीती बातों को छोड़ कर आगे बढ़े तो उसको प्रोत्साहित करना चाहिए। मैं अनुनाद जी के प्रबंधक पद का '''विरोध''' उनके द्वारा पूर्व में की गई गतिविधियों को भूलकर कर रहा हूँ। संजीव जी ने अच्छा बिंदु रखा कि "विकी का अच्छा ज्ञान रखते हैं", परन्तु अनुनाद जी, मेरे अनुसार विकि का "अच्छा ज्ञान" नहीं रखते हैं। विकिपीडिया प्रबंधक में निम्नलिखित योग्यताएँ ''अवश्य'' होनी चाहिए जो मैं अनुनाद जी में नहीं पाता हूँ:
*# '''कॉपीराइट नियमों का ज्ञान''' — कई ऐसी फ़ाइलें हैं जो अनुनाद जी ने बिना लाईसेंस और स्रोत के विकि पर अपलोड की हैं। इनमें से ज्यादातर [[वि:शीघ्र|साफ़ कॉपीराइट उल्लंघन]] हैं ([[Special:ListFiles/अनुनाद_सिंह|पूरी सूची]])।
*# '''हटाने की नीतियों का ज्ञान''' — इन्होंने ''आज तक'' एक भी लेख विकिपीडिया की पृष्ठ हटाने की निति से हटाने के लिए नामांकित नहीं किया। इसके केवल और केवल दो ही संभव कारण हो सकते हैं: या तो इन्हें विकि के ये नियम पता ही नहीं या ये उनका आदर ही नहीं करते। दोनों में से कोई भी कारण किसी को प्रबंधक ना बनाने के लिए काफ़ी हैं।
*# '''समुदाय संपर्क''' — एक प्रबंधक को समुदाय के साथ परस्पर सम्पर्क बनाए रखना चाहिए, परन्तु मैं अनुनाद जी को समुदाय व्यापी चर्चाओं या 'निर्वाचित लेख नामांकन', 'क्या आप जानते हैं?', 'मुखपृष्ठ समाचार', 'आज का आलेख', आदि में बहुत कम ही पाता हूँ।
*# '''सामग्री योगदान''' — मैं इस बात से पूर्णतया परिचित हूँ कि अनुनाद जी ने कई लेखों द्वारा विकि को अपना योगदान दिया है, परन्तु दुर्भाग्यवश इनमें से ऐसा एक भी लेख नहीं है जिसे एक 'उचित विकि लेख' कहा जा सके। इनका मेरे ज्ञान में एक भी (चाहे छोटा ही सही) लेख नहीं है जिसमें पूर्ण उद्धरण, उचित श्रेणियाँ, चित्र, ज्ञानसंदूक, उचित स्वरूपण, आदि मिल जाएँ।
*# '''विन्रम दृष्टिकोण''' — प्रबंधक को हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि वह सबके प्रति विन्रम दृष्टिकोण बनाए रखे और चर्चाओं में विन्रम स्वभाव के साथ टिप्पणी करे। मैं समान्यतः अनुनाद जी को हर चर्चा में आक्रामक शब्दों का प्रयोग करते देखता हूँ, नवीनतम उदहारण: "'कारनामें', 'भ्रमजाल', 'दूसरों की सीढ़ी से छत पर चढ़ जाने के बाद सीढ़ी को उपर खींचकर'", जो ऊपर हुन्नजाज़ल जी ने ऊपर गिनाए हैं।
अगर किसी सदस्य को मेरे द्वारा ऊपर गिनाए कारण अनुचित लग रहे हैं तो कृपया वह इन्हें तर्कसंगत कारण के साथ गलत साबित करे और अगर वह ऐसा करने में सफ़ल होता है तो मैं अनुनाद जी का समर्थन करने के लिए तैयार हूँ।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 04:43, 30 जुलाई 2013 (UTC)
::: बिल जी, उपर लिखी बातों से आप भूतकाल को कितना भूलकर लिख रहे हैं (इसलिए आपकी कथनी और करनी में कितना भेद है) किसी को भी आसानी से समझ आ सकती है। अब मैं कुछ आपके द्वारा उठाए मुद्दों पर आता हूँ। कृपया '''[[विकिपीडिया:प्रबन्धन अधिकार हेतु निवेदन]]''' को ध्यान से देखें। क्या आप प्रबन्धक पद के लिए उपर उठाई गई आवश्यकताएँ इसमें पा रहे हैं? मुझे तो नहीं दिखीं। फिर आप अपने तरफ से ये आवश्यकताएँ क्यों लाद रहे हैं? मैं एक वर्ष से देख रहा हूँ कि जब किसी को प्रबन्धक बनाना होता है तो आप इस तरह के प्रश्न दाग देते हैं? क्या यह नीतिसम्मत है? सही बात तो यह है कि प्रबन्धक का पद कोई हौवा नहीं है। यह इतना आसान है कि हिन्दी विकि का कोई भी सदस्य इसे कर सकता है। प्रबन्धन के लिए किसी महाज्ञान की आवश्यकता होती तो इसका स्पष्ट उल्लेख होता। यहाँ कोई भी शायद ही आपसे कम बुद्धिमान हो। आवश्यकता पड़ने पर पन्द्रह मिनट में सही प्रक्रिया का पता लगाया जा सकता है। आपने मेरे लेखों के बारे में लिखा है। यदि संख्या की दृष्टि से देखें तो आप इसके १/१० से भी नीचें होंगे। यदि गुणवत्ता और उपयोगिता की दृष्टि से बात करें तो ये आपके द्वारा बनाए लेखों से १०० गुना गुणवत्ता और उपयोगिता वाले हैं। आपके अधिकांश लेखों की 'उल्लेखनीयता' पर प्रश्नचिह्न लगाया जा सकता है। अब लेखों को मिटाने के बारे में। यह मैं बहुत दिनों से कहता आया हूँ कि आप लेख मिटाने में बहुत दक्ष हैं। लेकिन यह कार्य एक प्रोग्राम द्वारा बेहतर ढंग से किया जा सकता है और एक घण्टे में लाखों लेख मिटाये जा सकते हैं। अब विनम्रता के बारे में। बिल जी आपको याद होगा कि एक बार अपशब्द कहने के लिए आपको माफी मांगनी पड़ि थी। आपकी विनम्रता आपके द्वारा चर्चाओं में दिए गए जबाबों में देखी जा सकती है। मेरी विनम्रता तो उस दृष्टि से कहीं नहीं लगती। फिर आप कैसे प्रबन्धक बन बैठे हैं? क्या आप यह भी भूल गए हैं कि हाल में आपके हटाने के लिए किए गए निवेदन में केवल एक को छोड़कर सभी ने उसका समर्थन किया है? मेरा 'समुदाय सम्पर्क' आपसे अधिक है। जिन चीजों को 'समुदाय सम्पर्क' के लिए आपने गिनाए हैं वे 'समुदाय सम्पर्क' का केवल एक छोटा हिस्सा हैं। मैं दूसरे अधिक प्रभावी तरीकों से समुदाय सम्पर्क में संलग्न रहा हूँ। इसके अलावा यदि मैं हिन्दी विकि पर लेख बनाने में बिताए अपने समय का ५% भी कम कर दूँ तो इन कामों में आपसे दोगुना योगदान कर सकता हूँ। किन्तु मुझे हिन्दी विकि पर लेखों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य आप द्वारा गिनाए गए कार्यों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण लगता है। कॉपीराइट नियमों का ज्ञान शायद आपको नहीं है। मैने कॉपीराइट से सम्बन्धित एक प्रश्न पूछा था और आप उसका उत्तर आज तक नहीं दे पाए हैं। यह मेरे कथन का प्रमाण है। आपकी सुविधा के लिए प्रश्न फिर से पूछ रहा हूँ : '''कोई अपने साइट पर भौतिकी के सौ सूत्र लिखकर, पृष्ठ के नीचे 'कॉपीराइट' का टैग लगा दे तो क्या उन सूत्रों को हिन्दी विकि पर लिखना कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा?''' बिल जी, यदि मेरे उपरोक्त लेखन से आपको या किसी और को कोई चोट पहुँची हो तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ।
::::अनुनाद जी, मैं बस आपको एक बार यहाँ उत्तर दे रहा हूँ आगे कि चर्चा कृपया वार्ता पृष्ठ पर करें ताकि यहाँ जिस उद्देश्य के लिए यह अनुभाग है उस से हट कर यह कही और ना चला जाए।मैं अभी भी यह कहता हूँ कि मैने आपका विरोध भूतकाल के हर प्रकरण को भुलाकर किया है और अगर आप मेरे द्वारा लिखी आवश्यकताओं को पूरा करते तो मैं सबसे पहला आपका समर्थन करता। आपने यह बिल्कुल सही कहा कि "प्रबन्धक का पद कोई हौवा नहीं है" परन्तु आपने यह एकदम गलत कहा कि "यह इतना आसान है कि हिन्दी विकि का कोई भी सदस्य इसे कर सकता है"। प्रबंधक पद कोई बड़ी बात नहीं है परन्तु जिन टूल्स का प्रबंधक को उपयोग करना पड़ता है उसके लिए सदस्य को विशेष रूप से दक्ष होना चाहिए। आप लेखों की संख्याँ पर ही जोर देते हैं जबकि गुणवत्ता उनकी बहुत ख़राब होती है और यह मैं नहीं कोई भी सदस्य बता सकता है। मेरे " अधिकांश लेखों की 'उल्लेखनीयता' पर प्रश्नचिह्न लगाया जा सकता है", आपको किसने रोका है? आप पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं ऐसा करने के लिए, बल्कि मैं तो आपको प्रोत्साहित करता हूँ कि आप ऐसा करें जिससे आपको पता चल सके कि आखिर क्या विकि की दृष्टि में उल्लेखनीय है और क्या नहीं। "लाखों लेख" मिटाने की बात किसने कही? मैं ''मुख्यतः'' वे लेख हटाता हूँ जो अन्य सदस्य हटाने के लिए नामांकित करते है वो भी कारण सहित। मैने यहाँ ''लेख हटाने की निति'' के बारे में बात करी थी ना कि कौन कितना लेख हटाने में दक्ष है। कम से कम मैने माफ़ी तो माँगी थी परन्तु आप तो कितनी बार कितने ही सदस्यों के लिए अपशब्द का प्रयोग कर चुके हैं परन्तु आज तक कोई खेद प्रकट नहीं किया। मैं कभी किसी सदस्य के प्रति आक्रमक टिप्पणी नहीं करता और यहाँ आपके आलावा कोई भी सक्रिय सदस्य आपकी इस बात से सहमत नहीं होगा, मुझे इसका पूर्ण विश्वास है। आप फ़िर गलत कह रहे हैं, जो मैने गिनवाया है वह समुदाय सम्पर्क का सबसे अभिन्न और बड़ा हिस्सा है, बल्कि इनके आलावा हिन्दी विकिपीडिया पर कहाँ-कहाँ सार्वजनिक चर्चाएँ होती हैं? व्यक्तिगत वार्ता पृष्ठ सार्वजनिक नहीं होते! आपको किसने मेरे से दोगुना योगदान करने से रोका है? एक प्रबंधक को लेख बनाने से अधिक अन्य कार्यो में समय बिताना पड़ता है इसलिए कई विकि परियोजनाओं में अति सक्रिय संपादक को केवल इसलिए प्रबंधक बनने के लिए विरोध का सामना करना पड़ता है क्योंकि वह केवल लेख बनाने में ही ज्यादा समय बिताता है। लेख बढ़ाने से ज्यादा भी कई महत्वपूर्ण कार्य है, प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण है नहीं तो विकि ठप पड़ जाता है [[:hif:|फिजियन हिन्दी विकिपीडिया]] इसका एक छोटा सा उदहारण है, वहाँ लेख बनाने वाले तो हैं परन्तु प्रबंधक की सक्रीयता के आभाव में वहाँ इतने वर्षों के पश्चात भी मूल सुविधाओं का आभाव है। इस कारण वहाँ पर एक-दुक्का को छोड़ कर कोई सक्रिय रूप से योगदान नहीं देता। अगर आपके अनुसार चला जाए तो हिन्दी विकि भी अपने बन्धु फिजियन हिन्दी विकि की तरह हो जाएगा। कॉपीराइट नियमों में मैने स्नातक की डिग्री की अपेक्षा नहीं करी थी। मैने कहा था कि आपको उनका ''सामान्य ज्ञान'' भी नहीं है। [[Special:ListFiles/अनुनाद_सिंह|आपके द्वारा अपलोड किए गए सारे चित्र]] 'साफ़ कॉपीराइट उल्लंघन' की श्रेणी में आते हैं। अब आप यह बताएँ कि जब प्रबंधक स्वयं ही कॉपीराइट उल्लंघन करता हो तो वह क्या विकि से कॉपीराइट उल्लंघन हटाएगा? और यह प्रबंधक का ही दायित्व है कि वह अपने विकि पर ऐसा कुछ ना होने दे। आपने अपना प्रश्न अगर मेरे वार्ता पृष्ठ पर पूछा होता तो मैं कब का उत्तर दे चुका होता। आप से अपेक्षा रखूँगा कि आगे की चर्चा वार्ता पृष्ठ पर ही करेंगे। धन्यवाद।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 07:55, 31 जुलाई 2013 (UTC)
::::: बिल जी, आप मान रहे हैं कि आपने जो आवश्यकताएँ प्रबन्धक के लिए गिनाई हैं वे आवश्यक नहीं है। इसके बाद इस पर और लिखने का कोई औचिय नहीं है। इसका मतलब तो यह हुआ कि आप प्रबन्धक होकर भी प्रबन्धक के लिए आवश्यक क्या है, यह नहीं जानते। यदि प्रबन्धक के लिए आपके विचार में कुछ भिन्न आवश्यकता लगती है तो इसका उल्लेख उस चर्चा पृष्ट पर क्यों नहीं किया? इतने महत्वपूर्ण प्रश्न को सही जगह पर न उठाकर बार-बार (कम से कम पाँच बार?) 'प्रबन्धक पद के लिए निवेदन' पर सीधे उठाने का क्या औचित्य है? कॉपीराइट से सम्बन्धित प्रश्न सही जगह पर था। आपने उसे पढ़ा भी है लेकिन आपका जवाब नहीं मिला। यदि आप यह प्रश्न अपने वार्ता पृष्ट पर चाहते थे तो इसका संकेत पहले क्यों नहीं दिया? क्या आम सदस्यों को संतुष्ट करना प्रबन्धक का दायित्व नहीं है? जहाँ तक कॉपीराइट का प्रश्न है खुद पूरा विकिपीडिया साइट २४ घण्टे तक कॉपीराइट के विरोध में बन्द था। कोई इसका अर्थ यह भी लगा सकता है कि विकिपीडिया के कर्ताधर्ता और पूरा विकिसमाज कॉपीराइट का परम विरोधी है। लेकिन ऐसा नहीं है। मेरे द्वारा लगाए गए चित्र भी बहुत पहले लगाए गए थे जब कॉपीराइट की नीति का कहीं जिक्र ही नहीं था। यदि इस समय किसी नीति पर खरी नहीं उतरतीं या किसी आवश्यकता का पालन नहीं करतीं तो उन्हें हटाया जा सकता है और हटाया गया है। आपके कुछ लेखों की उल्लेखनीयता पर मैने शुरू-शुरू में प्रश्न लगाया था और उस पर खूब चर्चा हुई थी। लेकिन बाद में मैने सोचा कि मैं केवल उल्लेखनीयता पर चर्चा करता रहूँगा और अच्छे लेख नहीं बनाऊँगा तो हिन्दी विकि की बहुत हानि होगी (हिन्दी विकि 'गलियों', 'सड़कों', 'सीमेंटरीज', 'कोने के मकानों' से भर जाएगी।)। लेख हटाने के बारे में मेरा मत यह है कि आप सैकड़ों लेखों को मिटाने से बचा सकते थे किन्तु आपने ऐसा नहीं किया। इसलिए यह कार्य आपसे अच्छा एक निर्जीव प्रोग्राम कर सकता था। इसके साथ ही मैं अपनी बात समाप्त करता हूँ और निवेदन करता हूँ कि आप अपने निजी विचारों को विकि नीतियों के समरूप रखने का कष्ट करें। यदि आप कोई निजी विचार लिखते हैं तो कृपया साफ-साफ लिखें कि ये आपके निजी विचार हैं और जरूरी नहीं कि वे विकिनीति के अनुरूप हों। इसके साथ ही आपसे निवेदन है कि कॉपीराइट सम्बन्धी मेरे प्रश्न का आप मेरे वार्ता पृष्ट या चौपाल पर (ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके) उत्तर अवश्य देंगे। उपर यदि आपको मेरी कोई बात आपत्तिजनक लगती है तो क्षमाप्रार्थी हूँ।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 09:19, 31 जुलाई 2013 (UTC)
::नमस्ते अनुनाद जी, Hunnjazal जी। आप दोनों सदस्यों से मेरा निवेदन है कि एक दूसरे पर फिलहाल कोई टिप्पणी न करें। आप दोनों का आपसी वार्तालाप विवादित रहा है और यह किस हद तक जा सकता है वो भी मैं जानता हूँ। यदि आपमें से किसी को भी इस पर चर्चा करनी है तो कृपया मेरे वार्ता पृष्ठ पर अथवा अपने वार्ता पृष्ठ पर लिखें। यहाँ मैं देख रहा हूँ जो बात मैंने एच॰एल॰ जी के लिए लिखी थी उसे देख कर आप दोनों उत्तेजित हो गये हो जो शायद न ही तो आप दोनों की सदस्यता के लिए ठीक है और न ही हिन्दी विकी के लिए।
::इन सब के अलावा जैसा मैंने उपर भी लिखा आशीष जी और सिद्धार्थ जी निर्विवाद हैं उनका चयन तो विलंब रहित होना चाहिए।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 04:52, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:संजीव जी, मैं नाममात्र को भी उत्तेजित नहीं हूँ लेकिन चर्चा को विराम देनें के लिये भी राज़ी हूँ (जारी रखने को भी राज़ी हूँ - जैसा अन्य सदस्य उचित समझें)। आप देखेंगे कि भविष्य के लिये मैने द्वार खुला छोड़ा था। लेकिन वर्तमान के लिये असम्भव लगता है। बिल जी की लेखन-शैली वाली बात मैने भी पहले कही थी - उसमें अभी-भी सुधार की स्पष्ट आवश्यकता है, हालांकि पहले से सुधार भी दिख रहा है जो सराहनीय बात है - सम्भव है कि यह भविष्य में विकिस्तर तक पहुँच जाए, पर अभी वहाँ नहीं है। धन्यवाद! --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 05:05, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:::Hunnjazal जी हम जिस अवस्था में हैं उसमें मुझे लगता है चर्चा आवश्यक है। लेकिन मैं चाहता हूँ कि वह किसी और जगह हो और उसका परिणाम निकालने वाले भी निष्पक्ष सदस्य हों। चूँकि मैंने राजीवमास-बिल-अनिरुद्ध वार्तालाप भी पढ़ा है और मयूर जी के समय के भी अधिकतर वार्तालापों का अध्ययन भी किया है। मैंने सभी बातें तो नहीं पढ़ी लेकिन बहुत कुछ पढ़ा है। मैंने कुछ रूष्ट सदस्यों को ई-मेल भेजकर भी उनकी नारजगी के विषय में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की जैसे राजीवमास जी को मैंने कुछ माह पूर्व ई-मेल भेजा था लेकिन आज तक कोई उत्तर नहीं मिला। मैंने यह पाया है कि मयूर जी ने हिन्दी विकी को जितना दिया शायद ही अन्य कोई सदस्य ने दिया हो और शायद ही इतने कम समय में उतना दे पाये लेकिन वो भी विवादरहित नहीं थे। मानव समाज में विवाद होना एक स्वाभाविक बात है।
:::अब बात निष्पक्ष की रखें तो निष्पक्ष व्यक्ति अधिकार प्राप्त होना चाहिए अन्यथा निष्पक्ष होने का कोई तात्पर्य नहीं है। इस स्थिति में मुझे बिल जी कुछ निष्पक्ष लगते हैं लेकिन उनका कार्य अनुनाद जी को निष्पक्ष नहीं लगता अतः मेरे पास यह विकल्प निष्पक्ष के रूप में नही है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर मैंने पाया कि आशीष जी और सिद्धार्थ जी निष्पक्ष सदस्य की भूमिका बहुत अच्छे से निभा पायेंगे और उनके पास विकी अनुभाव भी मुझ जैसे तुच्छ सदस्यों से बहुत अधिक है। चूँकि उन लोगों का हिन्दी विकी पर अनुभव बिल जी से भी अधिक है और वर्तमान सक्रिय सदस्यों में शायद अनुनाद जी को छोड़कर सबसे अधिक है। अतः इन सब बातों को ध्यान में रखकर मुझे यह लगता है कि इन विरोधरहित दोनों पूर्व प्रबंधकों को पुनः प्रबंधक बनाया जाये जिससे आप दोनों कि वार्ताओं में हस्तक्षेप कर सकें। जहाँ तक बात गलतियों की है वो सबसे होती हैं। यदि मैं इस तरह के आरोप लगाना चाहूँ तो आप और अनुनाद जी दोनों को ही मैं प्रबंधक पदों के लिए ठीक नहीं पाउंगा। उपर जिस तरह से आप दोनों ने जो प्रतिक्रियाएँ दी हैं उनमें भी उतनी सभ्यता नहीं दीखाई देती जितनी आप दोनों वरिष्ठों से आशा की जाती है।
:::अनुनाद जी आपसे मेरा नम्र निवेदन है कि चर्चा यदि आप के विषय में अथवा आप पर चल रही हो तो उसमें अपनी सहमति और असहमति के अलावा प्रतिक्रिया न दें। चूँकि आदमी गलत है अथवा सही इसका निर्णय वह स्वयं कभी नहीं कर पाता। गलती करने वाले को खुद को पता नहीं होता कि वह गलती कर रहा है। अतः आप जो गलती कर रहे हो वो आपको नहीं दिखाई दे रही। यदि आपसे विशेष रूप से टिप्पणी के लिए अनुरोध किया जाए तो ही अपनी प्रतिक्रिया दें। यदि आप को उस चर्चा में कोई गाली देगा और आप जबाब में सामने वाले को गाली दोगे तो आप दोनों में अन्तर ही क्या रह जायेगा। लेकिन आपको यदि कोई अपशब्द दिखाई दे और वह शब्द वास्तव में अपशब्द है तो अन्य सदस्य भी उसे देख पायेंगे और अन्य सदस्य उस अपशब्द के विषय में कुछ कहेंगे तो लिखने वाले को एहसास होगा कि उसने गलत लिखा था। लेकिन आप ही उसका जबाब दोगे तो आपसी विवाद बढ़ेगा एवं अन्य सदस्यों को दोनों सदस्यों कि गलतियाँ बराबर दिखाई देंगी। यहाँ पिछले अनुभवों को देखते हुए यह भी याद रखो कि बराबरी के आपसी विवाद में उसको अधिक लाभ पहुंचता है जिसके पास अधिकार ज्यादा हैं। (यह बात वास्तविक जीवन में भी सत्य है।)
::: मेरीअन्तिम दो टिप्पणियों में अपनी भाषा को ठीक नहीं रख पाया हूँ और अनुनाद जी और Hunnjazal पर व्यक्तिगत आक्षेप किये हैं जिसके लिए मैं आप दोनों से क्षमा चाहता हूँ। (काश मैं कल रात को देर से सोया होता, यह विवाद इतना लम्बा नहीं खिंचता।)<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 07:19, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:: संजीव कुमार जी , ध्यान दीजिए कि हुन्जाल फिर से '''चेतावनिया''' देने लगे हैं। (अधिकांश सदस्यों को याद होगा कि हुन्जजाल और लवी सिंहल को दसों बार चेतावनी दी जा चुकी है। ) . इसके साथ ही मैं आपकी एवं अन्य सदस्यों की राय से बिलकुल सहमत हूँ कि '''अधिकांश सदस्यों के मतैक्य को देखते हुए आशीष जी और सिद्धार्थ जी को तुरन्त प्रबन्धक का दायित्व दिया जाय'''। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:40, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:इसपर यह बात ध्यान देने योग्य है:
:*नीति शक्तिशाली लोगों पर लगाम डालती है। इसलिए नीति आवश्यक है।
:*कोई भी पूर्णत: निष्पक्ष नहीं होता। आप स्वयं नहीं हैं। न मैं हूँ। न अशीष जी हैं। न बिल हैं। यही बात नीति का होना अनिवार्य करती है।
:*चर्चा में निष्पक्षता अनिवार्य नहीं है। लेखों में है। हाँ, चर्चा में मुक्तबोली भी उपलब्ध नहीं है। यानि उसमें नीति-अनुसार कथन होने चाहिए। लेकिन कोई नीति चर्चा में दृष्टिकोण/पक्ष प्रकट करने से नहीं रोकती। हाँ, लेखों में पक्ष लेना वर्जित है।
:*अनुनाद जी अगर कुछ नीतिपरायण लहजे में कहते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। निडर मेरे विरुद्ध बोलें। कोई बुरी बात नहीं। लेकिन 'कारनामें' जैसी भाषा - यह नीति-विरुद्ध है। अभी भी इनकी भाषा में गुटनिर्माण और मंच बनाने का प्रयास दिख रहा है। 'अधिकांश सदस्यों को याद होगा' और उस से पहले 'सदस्यगण'। इस तरह की भाषणबाज़ी वर्जित है। इस से विकिसमाज अक्सर दो गुटों में फट जाता है। केवल अपने मत की प्रस्तुति करें। इसपर नीति है और उसका पालन अनिवार्य है। यदि यह न हो तो कल राजीवमास थे, आज अनुनाद हैं और फिर कल कोई अशोक होंगे। हमारा साथ दो दिन का है। यह तो होना ही है कि जल्दी या देर से सभी ने हिन्दी विकि छोड़ देनी है। नीति की नीव छोड़ जाएँगे तो व्यवस्था चलती रहेगी। नहीं तो यह झगड़े कभी न अंत होने वाले हैं।
:*मैं अनुनाद जी के स्थान पर Hindustanilanguage को नामांकित करना चाहूँगा। उन्होने वास्तव में विकि-प्रबन्ध में बहुत श्रम किया है।
शेष फिर --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 08:15, 30 जुलाई 2013 (UTC)
::Hunnjazal जी मैं आपकी बातों से सहमत हूँ लेकिन कृपया करके अभी इस लेख में अनुनाद जी को बीच में न लायें। मैंने उन्हें नामांकित किया था लेकिन कल और आज की प्रतिक्रियाओं को लेकर मैं उनके नामांकन को कुछ और दिनों के लिए स्थगित कर रहा हूँ। [[u:Hindustanilanguage|एच॰एल॰]] जी ने वास्तव में सराहनीय कार्य किया है। यहाँ किसी को प्रतिस्थापित करने का विचार मुझे अच्छा नहीं लगा। हाँ उनके लिए आप नामांकन करो मैं अवश्य समर्थन करुँगा, क्योंकि मुझे उनका कार्य बहुत अच्छा लगा। यहाँ जिस नीति के तहत मैंने आशीष जी और सिद्धार्थ जी को नामांकित किया है उसमें एचएल जी ठीक नहीं बैठते। अतः उनका नामांकन नये अनुभाग में किया जा सकता है और मैं उनका प्रबंधक पद के लिए समर्थन करुंगा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 08:48, 30 जुलाई 2013 (UTC)
::: अनुनाद जी, मैं आपसे हाथ जोड़कर बिंती करना चाहूँगा कि हुन्नजज़ल जी के लिये आप कृपया 'कारनामें' जैसे शब्द ताने के रूप में प्रयोग न करें। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 08:43, 30 जुलाई 2013 (UTC).
::::एचएल जी के कथन के साथ मैं भी यह और जोड़ना चाहुँगा कि वर्तमान सदस्य वो बातें कभी नहीं देखते कि कल क्या हुआ था। अतः पुरानी बातों को न दोहरायें तो अच्छा है। कोई यह नहीं देखता कि मैं बच्चा था तब कितना अच्छा/बुरा था। आप सब मेरा आज ही देखोगे।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 08:48, 30 जुलाई 2013 (UTC)
'''सभी लोगों से मेरा निवेदन कृपया मिलजुल कर काम करें तभी दूसरों को कुछ दे पायेंगे।''' [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 09:18, 30 जुलाई 2013 (UTC)
:[[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]], मैं आपकी बात से सहमत हूँ। आपने अवश्य देखा होगा की अपनी टिप्पणियों मैं किसी पर हमला नहीं करता। यदि इसके बावजूद कोई ठेस किसी सदस्य कोई पहुँची हो तो मैं क्षमा चाहूँगा। मैं हिन्दी विकिपीडिया के हर सदस्य को दोस्त समझता हूँ और ऐसा ही सम्पादकीय सहयोग का इच्छुक हूँ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 16:03, 30 जुलाई 2013 (UTC).
*मैं सिद्धार्थ और आशीष जी का समर्थन करता हूँ क्योंकि मेरे विचारे से इन दोनों के पास टूल्स होने से विकि को सहायता मिलेगी। संजीव जी द्वारा शुरू किए गए नामांकन का सारांश इस प्रकार है:
{| class="wikitable"
|-
! सदस्य !! {{सही}} समर्थन !! {{गलत}} विरोध !! तटस्थ !! समर्थन %
|-
| {{सदस्य|आशीष भटनागर}} || 10 || 0 || 1 || 100%
|-
| {{सदस्य|अनुनाद सिंह}} || 5 || 4 || 1 || 50%
|-
| {{सदस्य|Siddhartha Ghai}} || 10 || 0 || 0 || 100%
|}
अगर सारांश लिखने में मैने कोई गलती करी है तो कृपया शीघ्र बताएँ चूँकि जल्द ही ये परिणाम स्टीवर्ड द्वारा जाँचे जाएँगे।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 05:19, 31 जुलाई 2013 (UTC)
:मैंने उपरोक्त सारांश में आशीष जी के प्रबंधक नामांकन के लिए समर्थन और अनुनाद जी के नामांकन के लिए विरोध भी जोड़ दिया है, और समर्थन % भी उपयुक्त रूप से बदल दिया है।
:मैंने आशीष जी का समर्थन इसलिए किया है क्योंकि मेरे विचार से ये बड़े लम्बे समय से सक्रीय हैं और तब भी सक्रीय रहते हैं जब अन्य प्रबंधक उपलब्ध ना हों। अतः मेरे विचार से इन्हें प्रबंधक बनाने से अन्य प्रबंधकों की असक्रीयता के समय में परेशानियों के शीघ्र निवारण में सहायता मिलेगी।
:मैं मानता हूँ कि अनुनाद जी ने हिन्दी विकिपीडिया पर बहुत योगदान दिया है परन्तु मैं विरोध इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि मेरे विचार से (इनके कहे अनुसार ही) इनका ध्यान लेख बनाने और बढ़ाने की ओर है। अतः मुझे ऐसा लगता है कि ये प्रबंधकों के कार्यों से पूरी तरह अवगत नहीं हैं। (कृपया अनुनाद जी इस बात का बुरा ना मानें।) यदि अनुनाद जी मेरी इस बात से असहमत हैं और मेरे से इस बारे में चर्चा करना चाहते हैं तो कृपया मेरे वार्ता पृष्ठ पर करें। धन्यवाद--[[User:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ घई]] ([[User talk:Siddhartha Ghai|वार्ता]]) 18:44, 31 जुलाई 2013 (UTC)
:: सिद्धार्थ जी, मेरा जोर नए लेख बनाने पर रहता है इससे यह निषकर्ष कैसे निकलता है मैं प्रबन्धक के कार्यों से अवगत नहीं हूँ। यह निष्कर्ष तो वैसे ही है जैसे किसी को भौतिकी का बोबेल पुरस्कार मिले तो कोई निष्कर्ष निकाल ले कि उसे गणित नहीं आता। किन्तु मैं आपके समर्थन या विरोध पर कुछ टिप्पणी नहीं कर रहा हूँ। कृपया बुरा ना मानें। आपने भी अच्छे-खासे लेख बनाए हैं, आपके अपने ही तर्क से तो आप प्रबन्धक के अयोग्य हैं।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 04:24, 1 अगस्त 2013 (UTC)
=== एक बार फ़िर आगे चलने की प्रार्थना ===
ईमानदारी से कहूं तो मैंने ऊपर की चर्चा पूरी तरह नहीं पढ़ी है, हाम कुछ अंश अवश्य पढ़े हैं। और पुनः यही निवेदन करना चाहूंगा कि चाहे इस निवेदन को मानें< या just ऊपर के मतदान निष्कर्ष को देखें, इन तथ्यों के साथ साथ हिन्दी विकी में प्रबंधज्कों की नितांत कमी को याद रखते हुए, इस चर्चा को विराम देते हुए, अनुनाद जी को (चाहे ३-६ माह ही सही) [ एक अन्य मौका देना समझते हुए- उन विरोधी लोगों की ओर से] प्रबंधक पद दे कर मामले को खत्म किया जाये। इतनी लंबी चर्चा यदि इतने दिमाग व्यय के साथ क्लिसी लेख पर लगायी जाये तो ..... (कहने की आवश्यकता नहीं कि क्या मिलेगा)। हाम इसे किसी भि प्रकार से मेरी ओर से किसी के लिये पक्षपात न समझा जाये- अपने अपने विचार हैं, गलत या सही कोई नहीं, बस विचारधारा है। हां कई बार देखा गया है कि जो कभी आपस में कट्टर शत्रु रहे वो मित्र भी बन गये हैं। इसके लिये दोनों में से किसी एक या दूसरे या दोनों के ही विचार परिवर्तन हो सकते हैं।
: खैर फ़िर भि मामले को निपटाते हुए आगे बढा जाये। --[[User:आशीष भटनागर|<span style="text-shadow:#EE82EE 3px 3px 2px;"><font color="#0000FF"><b>आशीष भटनागर</b></font></span>]]<sup>[[User talk:आशीष भटनागर|<font color="#FF007F">वार्ता</font>]]</sup> 14:05, 31 जुलाई 2013 (UTC)
आशीष जी, प्रश्न मित्रता-शत्रुता का है ही नहीं। बिल जी के बिन्दु सभी खरे बैठते हैं। यदि अनुनाद जी मेरे सबसे घनिष्ठ मित्र भी होते (या हो जाएँ), मैं यही कहता की उन्हें प्रबन्धक नहीं होना चाहिए। लेखन शैली, नीति व व्यवस्था में रुचि, अपने से अलग विचारधाराओं के प्रति सम्मान, निष्पक्षता और अंतर्वैयक्तिक लहजा - इन सभी मापो पर कठिनाई है। आप देखें कि ऍच-ऍल जी अनथक रूप से श्रेणियाँ व अन्य साफ़-सफ़ाई में लगे रहते हैं। वास्तव में विकिव्यवस्था में उनका रुझाव कहीं अधिक है। मैं अब अनुनाद जी की हिन्दी विकि योगदान की सराहना करता हूँ। लेकिन वे वास्तव में ही इस पद के लिए ठीक नहीं हैं और हानि करेंगे। कल ही मैं [[बीजगणित]] के लेख को देख रहा था जिसमें इन्होने कई वर्षों पूर्व आरम्भिक भाग में एक श्लोक डाल दिया। यह शैली कक्षा में निबन्ध के लिए ठीक लेकिन ज्ञानकोश के लेखों के लिए अनुपयुक्त है। ऐसे कितने ही लेख हैं। हाँ, सच है कि इनकी लेखन-शैली में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी अपर्याप्त है। इसमें कोई व्यक्तिगत भावना नहीं। हम सब यहाँ दो दिन के महमान हैं और पाठकों को हमारी आपसी बहसों में कतई दिलचस्पी नहीं। प्रबन्धक कोई आदर का पद नहीं और इसे बिलकुल भी [[संभ्रांतवाद|सम्भान्तवर्ग]] की दृष्टि से न देखा जाए - यह एक कर्मचारी-पद है। मैं यह भी कहूँगा कि हम सभी सक्रीय सदस्यों को 'प्रतिष्ठित', 'आदरणीय', इत्यादि आदरसूचक शब्दों से सख़्त परहेज़ करना चाहिए। कोई विकि पर कैसे लेख बनाता है, श्रेणियाँ - अंतरभाषीय तालमेल - मुद्राधिकार - चित्र - सन्दर्भ - साँचे - लेखविभाग - अनुप्रेषण - नीतिलेख इत्यादि व्यवस्था-कार्यों पर कितना काम करता है - केवल यही बता सकते हैं कि प्रबन्धन के लिए कौन ठीक है। केवल यह सोचें कि कुछ अरसे में हम सब जा रहें हैं। आने वाले सम्पादकों-पाठकों को हम एक व्यक्तित्व-आधारित व्यवस्था धरोहर में दे रहे हैं कि नीति-आधारित? इन कारणों से, आपका तह-ए-दिल से सम्मान करते हुए और नत-मस्तक होकर आपके असीम योगदान को भी स्मरण करते हुए भी मैं अनुनाद जी को लघुकाल के लिए भी प्रबन्धक बनाने के प्रस्ताव के विरोध में हूँ। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 17:47, 31 जुलाई 2013 (UTC)
::इतनी अच्छी एवं भारी भाषा देखकर लगा कि मैं लखनऊ पहुंच गया हूं, वैसे मैं हूं भी लखनऊ का ही। पहले तो हुंजज़ल जी का अतीव धन्यवाद करते हुए कहूंगा कि इतना ऊपर मुझे न पहुंचाएं, फिर ये- कि यदि ३-६ माह की भी सहमति न बन पाये तो एक और विकल्प है कि ३ माह रुककर देख लिया जाये, शायद ** में, या उनके स्वभाव में, या उन गुण/दोषों में बदलाव आ जाये, जिनके कारण ये विवाद उठ खड़ा हुआ है, या विरोधी दल (दल को गुटबंदी कदापि न समझा जाये मात्र एक समूहवाचक संज्ञा के रूप में लें) के विचार में बदलाव आ जाये। तब इस बिन्दु पर पुनर्विचार कर लिया जा सके। इतने के साथ हम आगे बढ़ें.....हाँ कहने की आवश्यकता न समझते हुए भी फिर कहता हूं, कि मेरा पक्षपात का कोई विचार या मंशा नहीं है।
;एक और बात पर कृपया ध्यान दें
::जब भी कोई वार्त्ता या चर्चा काफ़ी लंबी खींच रही हो, तो कृपया एक निश्चित लंबाई (पाठ सामग्री) आ जाने के बाद इसके बीच में स्तर ४ या ५ का एक उपशीर्षक अवश्य डाल दें, जिससे उसमें संपादन करने हेतु पूरी वार्ता अनावश्यक न खोलनी पढ़े। शायद मेरी संवाद पद्धति में ये बात दिख पाये या किसी ने ध्यान दी हो। वैसे ये एक सुझाव है जो शयद सभी को लाभ दे- फिर भी अपनी अपनी शैली है, कोई नियम नहीं, कम से कम अभी तक तो नहीं बना।--[[User:आशीष भटनागर|<span style="text-shadow:#EE82EE 3px 3px 2px;"><font color="#0000FF"><b>आशीष भटनागर</b></font></span>]]<sup>[[User talk:आशीष भटनागर|<font color="#FF007F">वार्ता</font>]]</sup> 04:13, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:: जब यह साफ हो चुका है कि बिल द्वारा गिनाए गए मुद्दे विकिपीडिया के प्रबन्धक बनने के लिए आवश्यक नहीं है, उसे फिर से आवश्यक बताना यह दर्शाता है कि हुन्ज्जजाल जी को विकी नीतियों की कितनी जानकारी है। [[बीजगणित]] लेख पर जो श्लोक लगा है वह अत्यन्त प्रासंगिक है। उसकी अनावश्यकता पर बीजगणित लेख के वार्ता पृष्ट पर कुछ लिखें तो सार्थक चर्चा हो सके। ऊपर हुन्न्जजाल जी ने जो कुछ लिखा है वह अनुनाद के बजाय अधिकांशतः हुन्न्जजाल जी का चरित्र-चित्रण लगता है। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 04:08, 1 अगस्त 2013 (UTC)
===नीति का तकाजा===
आशीष जी का सुझाव अच्छा एवं विचारणीय है। दूसरी और मैं यह नहीं समझ पा रहा हूँ कि मात्र ३ माह में Hunnjazal जी और बिल जी को क्या समस्या है, जबकि उनके बताए निति-नियमों के अनुसार एक भी कारण ऐसा नहीं है जो अनुनाद जी का समर्थन करने से उन्हें रोक रहे हैं। मुझे आश्चर्य है कि दोनों लोग निति का हवाला तो दे रहे हैं लेकिन स्वयं निति को अपनाने से क्यों कतराते हैं। Hunnjazal जी शायद यह भूल रहे हैं कि सभी को अपना कार्य ही अच्छा लगता है। सब सोचते हैं कि मेरी लेखन शैली ही सबसे अच्छी है लेकिन ऐसा नहीं होता है, आपजे लेखों का मुल्यांकन अन्य लोग करते हैं। मैं यह मानता हूँ कि सन्दर्भ जोड़ने में अनुनाद जी ने थोड़ी कंजुसी जरूर की है लेकिन अन्य मामलों में मुझे अनुनाद जी और Hunnjazal जी के लेखों में कोई खास अन्तर नहीं दिखाई दिया। साथ ही सिद्धार्थ जी गणना में मुझे कुछ त्रुटि लग रही है जो मेरा भ्रम भी हो सकता है, यदि वह मेरा भ्रम है तो मैं क्षमा चाहता हूँ लेकिन त्रुटि है तो कृपया उसमें सुधार करें। सिद्धार्थ जी ने किसका समर्थन किया है और कहाँ तटस्थ रहे हैं? गणना में आशीष जी गणना 10-0-1 से 100% समर्थन हो गया लेकिन अनुनाद जी के विषय में 5-4-1 को 50% लिखा है जबकि उपरोक्त गणना के अनुसार यह 55.56% (भले ही वह आवश्यक से कम हो लेकिन उसे और कम करके तो नहीं दिखाना चाहिए) बनता है।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 05:09, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:संजीव जी, अगर किसी को अस्थायी प्रबंधक अधिकार देना है तो उसके लिए अलग अनुभाग में प्रस्ताव रखें। और आपने यह निष्कर्ष स्वयं कहाँ से निकाल लिया कि मैं अनुनाद जी के अस्थायी प्रबंधक बनने का विरोधी हूँ? आपने जो प्रस्ताव रखा था उसके अनुसार मैने समर्थन या विरोध दर्ज किया था। साथ ही विरोध करने वाले सदस्यों में हुन्नजज़ल जी और मेरे आलावा ऍचऍल जी और सिद्धार्थ भी हैं। आपने यह किस आधार पर कहा कि मुझे कोई "समस्या है"? कौन सी निति नहीं अपनाई जा रही? सर्वप्रथम, आपने निति को गलत रूप से समझा है, वहाँ लिखा है: "किसी प्रबन्धक द्वारा '''स्वयं''' को इस पद से निवृति हेतु '''आवेदन''' करने पर पुनः सक्रिय होने पर फिर से प्रबन्धक पद दिया जा सकता है"। आप मुझे यह बताएँ कि कब अनुनाद जी ने कब "स्वयं को इस पद से निवृति हेतु आवेदन" दिया था? 5000 संपादन वाला मापदण्ड उन पूर्व प्रबंधकों पर लागू होता है जो '''स्वयं निवृत्त''' हुए थे। निति को बिना समझे किसी पर आरोप लगाना आपको सोभा नहीं देता।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:01, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::बिल जी, आपकी यह बात भी ठीक है। आपने पहले (नामांकन करते ही) बता दी होती तो शायद इतनी लम्बी-चौड़ी बहस से बच जाते।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 06:15, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:::संजीव जी, मैने यह नहीं सोचा था कि इस चर्चा का यह हाल होने वाला है। मैं इसलिए चुप था क्योंकि मैं यह नहीं चाहता था कि आपके द्वारा शुरू की गई चर्चा पर एकदम से विराम लगा दिया जाए। मैं इस चर्चा से कुछ अच्छे परिणाम (सिद्धार्थ और आशीष जी को प्रबंधक पद पुनः मिलना) की आशा भी रख रहा था जो अब पूरा हो चुका है।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:32, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::लेकिन बिल जी यहाँ एक और समस्या आती है कि आशीष जी को किस नीति के तहत हटाया गया। नीति में कम से कम ६ माह के लिए सुसुप्त रहना आवश्यक है लेकिन उनकी कुल संपादन संख्या १५,००० से कम भी नहीं है। और वो बहुत लम्बे समय के लिए दूर भी नहीं रहे। उनकी सेवानिवृति के लिए कोई चर्चा भी नहीं हुई। आखिर कब और कैसे हुआ? किसने किया?<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 06:33, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:::संजीव जी, आशीष जी को स्टीवर्ड की गलती के कारण हटाया गया था। वहाँ एक स्टीवर्ड ने इस गलतफ़हमी के साथ कि आशीष जी को अस्थायी रूप से प्रबंधक बनाया गया है उनके अधिकार वापस ले लिए थे।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:38, 2 अगस्त 2013 (UTC)
:क्या समस्या है? स्पष्ट है। अनुनाद जी प्रबन्धक-पद के लिये उचित नहीं हैं। न ३ मास के लिये और न स्थाई रूप से। उनके लेख अच्छे स्तर के नहीं हैं। यह केवल सन्दर्भ की बात नहीं है। [[उद्दालक#आरुणि के विचार]] में 'आरुणि के अध्यात्म विचारों का विस्तृत विवेचन छांदोग्य तथा बृहदारण्यक उपनिषदों में बड़े रोचक ढंग से किया गया है'। रोचक ढंग से? ऐसी भाषा ज्ञानकोश में क्या कर रही है? यह स्पष्ट [[:en:Wikipedia:PEACOCK#Puffery|Puffery]] का उदाहरण है। [[वीयर नदी]] में न चित्र है, न सन्दर्भ, न ज्ञानसन्दूक, न इसके लिये उचित श्रेणी बनाई और न ही उपलब्ध श्रेणियाँ प्रयोग की। 'सुन्दरलैण्ड' में लिप्यंतरण भी ग़लत किया। मुझमें भी हज़ार दोष हैं लेकिन इस हद तक नहीं। उनके बनाए लेखों का एक बड़ा प्रतिशत अंग्रेज़ी (और कई अन्य मुख्य भाषाओं की) विकि पर नहीं चल पाता। यह मेरा व्यक्तिगत आंकन है, लेकिन तथ्यों पर आधारित है, भावनाओं पर बिलकुल नहीं। मैं भी सन्दर्भ नहीं डालता था लेकिन रावत जी की डांट खाकर सुधर गया। अब मेरे लेखों में अक्सर अंग्रेज़ी विकि से अच्छे स्रोत होत हैं। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 07:07, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::'रोचक ढंग से? ऐसी भाषा ज्ञानकोश में क्या कर रही है?' प्रबंधक हुन्न्जज़ल जी ने एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न किया है। कृपया वे [[सन्नी लियोन]] पृष्ठ पर (''वहां उन्होंने ११ की उम्र में पहली बार चुम्बन लिया व अपनी कौमार्य १६ की आयु में एक बास्केटबॉल खिलाडी से तुडवाई और १८ की उम्र में उन्हें ज्ञान हुआ की वह समलैंगिक है।'') इस वाक्य का संज्ञान लें। ऐसी भाषा भी ज्ञानकोष में क्या कर रही है? संज्ञान इसलिए भी लें क्योंकि इस लेख का आरंभ और निरंतर संपादन एक नीतिकुशल और श्रेष्ठ प्रबंधक/संपादक द्वारा किया गया है। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="red"><sup></sup> '''अजीत कुमार तिवारी'''</font></span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<font color="green"> '''वार्ता'''</font>]]</sup> 17:00, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:::अजीत जी, बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने ऐसा उदाहरण यहाँ प्रस्तुत किया। यहाँ पर यह कथन [[u:Ashliveslove|आशु जी]] ने 9 फ़रवरी 2012 को 19:38 बजे जोड़ा था। लेकिन इस सम्पादन के बाद प्रबंधक [[u:Bill william compton|बिल जी]] और पुनरीक्षक [[u:Hindustanilanguage|एच॰एल॰ जी]] जाँच चुके हैं। इसका उत्तर शायद बिल जी, एच॰एल॰ जी और Hunnjazal जी देना पसंद करेंगे।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 17:17, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:::अजीत जी, मुझे आशा है कि आपने यह निष्कर्ष नहीं निकाला होगा कि सन्नी लियोन लेख में यह वाक्य, जो आपने ऊपर लिखा है, मेरे द्वारा नहीं लिखा गया है। प्रमाणिकता के लिए कृपया पृष्ठ का इतिहास देखें। जिस विषय की आप बात कर रहे हैं उसके कई विकि परियोजनाओं पर लेख हैं इसका अर्थ यह निकलता है कि वह एक उल्लेखनीय विषय है। [[:en:WP:IDONTLIKEIT|अगर आपको कोई विषय अच्छा नहीं लगता]] तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह विषय ज्ञानकोषीय ही नहीं है, [[:en:WP:CENSOR|विकिपीडिया अपनी सामग्री दिखाने के लिए स्वतंत्र है जब तक वह सामग्री उल्लेखनीय और ज्ञानकोषीय है]]। अगर मैं ऐसे लेख बनाता या संपादन करता हूँ इसका अर्थ यह नहीं है कि मेरा इन विषयों से कोई विशेष लगाव है, मैने इन लेखों का विकास इसलिए किया था क्योंकि हिन्दी विकि पर कोई इस तरफ़ ध्यान नहीं दे रहा था। दुनिया की यह भी एक हकीकत है और इसे छिपाने से हम असलियत बदल नहीं सकते। मेरे उत्तर को कृपया अन्यथा ना लें।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 17:20, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::बिल जी, मैंने उक्त उदाहरण केवल वाक्य विन्यास, शैली और उपयुक्त शब्दों के प्रयोग का संज्ञान लेने के लिए दिया था। आपके लेख की ज्ञानकोषीयता पर सवाल नहीं उठा रहा। अगर कुछ विषयों से आपका लगाव हो भी तो इसमें मुझे क्या आपत्ति हो सकती है। सवाल केवल छिद्रान्वेषण का है जिसकी ओर मैंने इशारा किया था। मैं भी आशा करता हूँ कि आप व्यक्तिगत नहीं लेंगे और संतोषजनक उत्तर देंगे। --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="red"><sup></sup> '''अजीत कुमार तिवारी'''</font></span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<font color="green"> '''वार्ता'''</font>]]</sup> 17:38, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::::संजीव जी, यह लेख लम्बित संपादन से सुरक्षित नहीं है इसलिए आप किस प्रकार की जाँच की बात कर रहे हैं यह कह पाना मुश्किल है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि मेरे द्वारा लेख से बर्बता पूर्ववत करने और श्रेणियाँ हटाने-लगाने का अर्थ लेख को जाँचना है तो आप गलत निष्कर्ष निकाल रहे हैं। मैने इस लेख को अपने शुरुआती संपादनों के पश्चात कभी नहीं पढ़ा है और मैं अपने द्वारा बनाए किसी लेख का स्वामी भी नहीं हूँ कि उसकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर पड़े। मैने तो अजीत जी द्वारा लिखे जाने पर यह वाक्य पढ़ा है। अगर उन्हें यह अनुचित लगा था तो उन्हें आशू जी से यह बात करनी चाहिए।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 17:29, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:: हुन्जाल जी, आप द्वारा [[बीजगणित]] का उदाहरण जब काम नहीं आया तो 'रोचक ढंग से' पर आ गए। आपको हिन्दी और अंग्रेजी विकि पर 'रोचक ढंग से' और उसी के तुल्य वाक्यांश अनगिनत मिल जाएँगे। क्या आप बता सकते हैं कि कहाँ असंदिग्ध शब्दों में लिखा है कि 'रोचक ढंग से' का विकि पर प्रयोग गलत है। 'सुन्दरलैण्ड' की वर्तनी १००% त्रुटिविहीन है। आप नहीं जानते कि विकिपीडिया एक 'सहयोगात्मक कार्य' है। इसमें एक अनुच्छेद कोई लिखता है, दूसरा कोई और। चित्र कोई और लगाता है, चित्र का नाम कोई और लिख/सुधार सकता है। यह विकी की कमी नहीं '''शक्ति''' है। मैं इस शक्ति को भलीभाँति जानता हूँ और इसका सदुपयोग करके हिन्दी विकी को रोज नई ऊँचाई प्रदान करता हूँ। आपके बनाए गए लेखों में हजारों दोष निकाले गए हैं जिस पर आप भड़क जाते हैं और अपने पद का दुरूपयोग करने लगते हैं। (कृपया कुछ गलत लिख दिया हो तो '''चेतावनी''' मत दीजिएगा।)
:::Hunnjazal जी सन्दर्भ के विषय में मैं भी यह ही कहुँगा कि अनुनाद जी को सन्दर्भों की संख्या बढ़ानी चाहिए क्योंकि उससे लेख की विश्वनीयता बढ़ती है। आपके लेख मैंने देखे हैं आप सन्दर्भ डालते हैं यह मुझे अच्छा भी लगा। मैं यह नहीं जानता आपने ये कब और क्यों आरम्भ किये। श्रेणी के सम्बंध में मुझे अधिक ज्ञान नहीं है लेकिन पिछले दिनों मैंने देखा कि आपने एक श्रेणी को हटाकर दूसरे नाम से स्थापित किया था। वह श्रेणी मुझे याद नहीं है लेकिन शायद आपको याद हो उसमें आपने "नगर" को हटाकर "शहर" कर दिया था। अब आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि 'शहर' और 'नगर' आम-बोलचाल में समान रूप से काम में लिये जाते हैं। समाचार पत्रों में 'नगर' अधिक काम में लिया जाता है और सामान्य अध्ययन की पुस्तकों में केवल नगर शब्द काम में लिया जाता है। अब वहाँ किस ज्ञानकोष का कार्य आपने किया मुझे समझ में नहीं आया। अब बात अनुनाद जी के पृष्ठ [[वीयर नदी]] की करते हैं, आपके लेखों से प्रेरणा लेकर मैं इस पृष्ठ को [[नदी]] नामक पृष्ठ् पर अनुप्रेषित कर सकता हूँ। क्या वह ठीक होगा? वर्तमान पृष्ठ को विस्तारित किया जा सकता है लेकिन दूसरी अवस्था तो दिग्भ्रमित करने वाली है। आप के लेखों में मैंने बहुत जगह देखा है कि एक ही शब्द के चार बहुवचन बनाकर उन्हे एक पृष्ठ पर अनुप्रेषित कर देना। यह कार्य आप केवल इसलिए करते हो क्योंकि इसमें आपको अन्य पृष्ठों में लिंक देने के लिए <nowiki>[[शुद्धा नाम|वाक्य अनुसार शब्द रूप]]</nowiki> काम में न लेना पड़े। अज्ञानकोषिय के लिए यदि मैं कहूँ कि एक पृष्ठ [[दरकोट दर्रा]] में एक वाक्य लिखा है - "१० मील पश्चिमोत्तर में चिल्मराबाद गाँव है जो बरोग़िल दर्रे से सिर्फ़ १ मील दक्षिण में पड़ता है।" यहाँ मुझे ये बताओ ये 'पड़ता है' क्या है? गाँव पड़ रहा है अथवा दर्रा? गाँव वहाँ स्थित है। इस भाषा को हिन्दी नहीं बल्कि टपोरी/मुम्बईया कहते हैं। इसी लेख में [[विवरण]] अनुभाग में कोई सन्दर्भ भी नहीं दिया गया है। हाँ आप मेरे पृष्ठों में बहुत गलतियाँ दिखा सकते हो लेकिन मैं ना तो प्रबंधक हूँ और न ही अभी अपने-आप को इसके लायक मानता हूँ।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 07:45, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:: संजीव जी, आपको याद होगा कि जुन्ज्जजाल और बिल जी के लेखों और उनके विकिनीतियों के ज्ञान के निम्न स्तर का आये दिन कोई न कोई सोदाहरण प्रदर्शन किया जाता है। आज ही कितनी बार हो गया, जरा गिन लीजिए। हुन्न्जजाल जी 'सदस्यगण' के प्रयोग को लेकर उद्विग्न हो जाते हैं। (ऊपर देखें)। किसी चर्चा में सभी सदस्यों को सम्बोधित करने के लिए 'सदस्यगण' से अधिक यथेष्ट शब्द हो तो कोई मुझे बताए। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 08:20, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:: '''मुझे भी आशीष जी का सुझाव सारगर्भित लगा ।''' कहा गया है, कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संसाधनों के आधार पर उचित निर्णय लेने वाले प्रबंधकीय दायित्व के निर्वाह में सक्षम होते हैं । प्रबन्धक को सदैव तटस्थ रहना चाहिए और तटस्थता के साथ अपने वक्तव्य को सार्वजनिक करना चाहिए । प्रबन्धक कभी स्वयं की बात नहीं करता समूह के हितों की बात करता है । मेरी नज़रों में नि:संदेह बिल जी एक कुशल प्रबन्धक हैं । उन्हें इन सभी मामलो में निर्णायक की भूमिका निभानी चाहिए । क्षमा याचना के साथ कहना चाहूंगी कि वक्तव्य के मामले में यहाँ पर हुन्न्जजाल जी थोड़ा सा उद्विग्न दिख रहे हैं । समस्त टिप्पणियों को बाँचने के बाद मुझे जो महसूस हो रहा है वह यह है, कि निति का हवाला तो सभी दे रहे हैं लेकिन स्वयं निति को अपनाने से सभी के सभी कतरा रहे हैं । मैं नहीं समझ पा रही कि आखिर मजरा क्या है ?
इसमें कोई संदेह नहीं कि आशीष जी और सिददार्थ जी प्रबन्धक पद के लिए सर्वाधिक योग्य हैं , उन्हें प्रबन्धक बनाए जाने पर कोई असहमति भी नहीं दिख रही लेकिन मेरा मानना है कि अनुनाद जी के अबतक के योगदान को देखते हुये उनके नाम पर भी विचार किया जाना चाहिए । यह मेरा व्यक्तिगत मत है ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 09:25, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:उत्तर (और इन बातो पर चर्चा करने का अवसर बनाने के लिये धन्यवाद):
:*शहर और नगर का अर्थ एक ही है और दोनो प्रचलित हैं। अक्सर मैने देखा है कि एक ही देश के नगरों की दो श्रेणियाँ बनी हुई हैं। ऐसे में जिसमें अधिक लेख हों उसमें विलय करके दूसरी हटा दी जाती है। इसमें आप ऍचऍल जी को भी सक्रीय पाएँगे। कभी-कभी आयोजन अगर किसी बड़ी श्रेणी में हो रहा हो तो उपश्रेणियों का नाम बराबरी लाने के लिये भी बदला जाता है। यह हर भाषा में है - हिन्दी इसमें विशेष नहीं। कृप्या इस कार्य में हाथ बटाएँ।
:*'गाँव पड़ता है' न केवल टपोरी नहीं है, बल्कि इस प्रयोग को साहित्यिक कहा जाएगा: [http://books.google.com/books?id=2Xu4AAAAIAAJ&q=%22गाँव+पड़ता+है%22&dq=%22गाँव+पड़ता+है%22 गोपीनाथ महान्ति और फणीश्वर नाथ 'रेणु' के उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन], [http://books.google.com/books?id=R8ALAQAAMAAJ&q=%22गाँव+पड़ता+है%22&dq=%22गाँव+पड़ता+है%22 भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद की 'गगनांचल' प्रकाशन], [http://books.google.com/books?id=10gDAAAAMAAJ&q=%22गाँव+पड़ता+है%22&dq=%22गाँव+पड़ता+है%22 भारतीय ज्ञानपीठ की 'ज्ञानोदय' पत्रिका], [http://books.google.com/books?id=W9VNAAAAYAAJ&q=%22गाँव+पड़ता+है%22&dq=%22गाँव+पड़ता+है%22 दिनमान], [http://books.google.com/books?id=wRwaAAAAMAAJ&q=%22गाँव+पड़ता+है%22&dq=%22गाँव+पड़ता+है%22 कठोपनिषद प्रवचन भाग-२]। ऐसी हज़ारों मिसालें हैं। आपके अनुसार स्वामी अखण्डानंद सरस्वति अपने 'कठोपनिषद प्रवचन' में बम्बईया लिख रहें हैं? (व्यंग्य कर रहा हूँ, ताना नहीं कस रहा) [[रामधारी सिंह दिनकर]] अपनी [http://books.google.com/books?id=t-Iv38U294wC&pg=PA103&dq=%22घर+पड़ता+है%22 व्यक्तिगत निबंध और डायरी] में १४ जुलाई १९६२ की तिथि में लिखते हैं कि 'रास्ते में प्रफुल्लचन्द्र ओझा मुक्त का घर पड़ता है'। यह कहना उचित होगा कि यह 'गाँव पड़ता है' वाला प्रयोग इतना शुद्ध और हिन्दी-परम्परानिष्ठ है कि इसका टपोरी में पाए जाने का प्रश्न ही नहीं उठता। नि:संदेह १९६२ के दिनकर टपोरी लेखक तो नहीं थे।
:*अनुप्रेषण बहुत आवश्यक हैं - यह वास्तव में एक नीति है: [[:en:Wikipedia:Redirect#Purposes of redirects]] और इसमें बहुवचन को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है। हिन्दी विकिपीडिया में एक बहुत बड़ी कमी पर्याप्त अनुप्रेषण का न होना है। विकि कि खोज व्यवस्था में विशेष प्रबन्ध है कि वह लेखों के नामों को अनुप्रेषणों से ऊपर का दर्जा देती है। कृप्या आप भी अनुप्रेषण बनाएँ। जब भी कोई लेख बनाए, उसके लिये सोचकर जितने अनुप्रेषण ठीक लगें बनाएँ। मैं अपने आप को अनुशासित करने के लिये एक लेख बनाकर दूसरा लेख प्राकृतिक शैली में लिखता हूँ और फिर श्रम करके अनुप्रेषण बनाता हूँ। अन्य टैब में सम्बन्धित लेख खुला होता है लेकिन अपने-आप को उस ओर झांकने की अनुमति नहीं देता। हिन्दी में लेखों में लाल जोड़ बिखरे होने का एक बड़ा कारण यही है। इस मामले में [[टूटी खिड़कियों का सिद्धांत]] चलता है - जो जगह अव्यवस्थित लगे वहाँ लोग व्यवस्था लाने का प्रयत्न भी कम करते हैं। अंग्रेज़ी में [[:en:Indea|Indea]] और [[:en:India's|India's]] देखें, दोनों [[:en:India|India]] जाते हैं। यह बहुत बड़ी चीज़ है क्योंकि इस से अंग्रेज़ी में लेख लिखने वाले के लिये जोड़युक्त लेख लिखना हिन्दी-लेखक से अधिक आसान हो जाता है। कृप्या इसमें भी हाथ बटाएँ।
ऊपरलिखित कुछ भी भावुकता से नहीं कहा गया। व्यक्तिगत स्तर पर मुझे अनुनाद जी की कही कोई बात रत्ती-भर भी बुरी नहीं लगती। नीति के दायरे में रहकर वह जो बोलें-करें पूर्णत: स्वीकार है। लेकिन प्रबन्ध के लिए वे वर्तमान में सर्वथा अनुपयुक्त हैं। धन्यवाद। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 09:56, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::निष्पक्ष और सारगृभित विचारों के लिए मैं माला जी का शुक्रगुजार हूँ। Hunnjazal जी आप एक तो बीच-बीच में एचएल जी को इस तरह ला रहे हो जैसे उत्तर प्रदेश में पटवारी अपने पुत्र को पटवारी पद के लिए प्रस्तुत करते थे। इसमें मुझे कोई ऐतराज नहीं है कि आप सेवानिवृति चाहो और एचएल जी वहाँ प्रबंधक बन जायें। शहर और नगर दोनों सही शब्द हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उसे उपयुक्त से अनुपयुक्त की ओर ले जायें। मुझे इसमें कोई ऐतराज नहीं है कि आप शहर को रखो और नगर को हटा दो लेकिन सार्थकता देखोगे तो पाओगे की नगर अधिक उपयुक्त शब्द है। यदि बात अधिक पृष्ठों की थी तो आप यह कार्य मुझे सौंप देते शायद मैं भी थोड़ी सहायता कर देता। (<small>आपने मुझे "सर्वतत्व सिद्धांत" नामक पृष्ठ को सुधारने को कहा था लेकिन उसके लिए अभी हिन्दी विकी पर पर्याप्त लेख नहीं हैं अतः मैं उसमें सुधार नहीं कर पाया। लेकिन भविष्य में जरूर करुंगा।</small>) अनुप्रेषित के बारे में यह चर्चा की जगह नहीं है। कुछ दिनों पूर्व मैंने चौपाल पर इस बारे में जानकारी माँगी थी। क्या प्रबंधकों का दायित्व नहीं बनता कि वो एक सामान्य सम्पादक कि ऐसे गम्भीर विषयों पर सहायता करें। वहाँ क्या अनुनाद जी और सिद्धार्थ जी ही जबाब दे सकते थे। बिल जी ने तो फिर भी ये कह दिया कि वो सिद्धार्थ जी के मत से सहमत थे लेकिन आपने क्या किया? क्या यहाँ १००-२०० प्रबंधक थे कि २० ने जबाब दे दिया मेरे जबाब की क्या जरूरत है! जब विकी के विकास की बात होती है तो आप तुष्टीकरण की नीति अपनाते हो और जब कोई सदस्य विकी उपकरणों के विषय में अथवा कोई जानकारी चाहे तो तो चुप रहो और जब जानकारी देने वाले को अधिकार देने की बात की जाये तो सामने आकर खड़े हो जाओ। क्या प्रबंधक का केवल यह ही दायित्व है? बिल जी कुछ दिन के लिए छुटी पर हों तो अपना मुखपृष्ठ अद्यतन रहित रहेगा! प्रत्येक विषय के लिए सदस्य आपसे अनुरोध करें यह आपका दायित्व है? मार्च के महिने से जब से मैं सक्रिय हुआ हूँ उससे पूर्व मुझे पता ही नहीं था विकी पर प्रबंधक क्या होता है? लेकिन जब इस बात का पता चला तो मुझे यह ज्ञान नहीं था कि आप भी प्रबंधक हैं। मुझे तो बिल जी ने मेरे वार्ता पृष्ठ पर बताया था कि आप प्रबंधक हैं अन्यथा आप स्वयं ही बतायें आपने ऐसा कौनसा अच्छा कार्य किया है जो एक प्रबंधक को करना चाहिए? आप से मेरा निवेदन है कि अपने ये ही विचार चौपाल पर कॉपी कर दें वहाँ मैं इनका जबाब दुंगा।
::अब आपने जो बात "गोपीनाथ महान्ति और फणीश्वर नाथ 'रेणु' के उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन, भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद की 'गगनांचल' प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ की 'ज्ञानोदय' पत्रिका, दिनमान, कठोपनिषद प्रवचन भाग-२" के विषय में कही है उसका उत्तर देता हूँ। आप को याद होगा अथवा उपर पढ़ सकते हो "रोचक" शब्द के विषय में आपने टिप्पणी की थी। क्या वह हिन्दी का शब्द नहीं है? मैंने ये नहीं कहा कि "पड़ता" हिन्दी का शब्द नहीं है। लेकिन आपने जिस तरह से उसका उपयोग किया है वह टपोरी लगता है। आम बोलचाल में मैं मुम्बई में किसी से पुछता हूँ तो यहाँ कहते हैं "आगे एक चर्च गिरेगा, वहाँ से राईट मारने का, थोड़ा आगे चलेगा तो फलाँ कॉलोनि पड़ेगी आदि-आदि।" लेकिन हिन्दी में मैंने आज तक गाँवो की स्थिति के लिए पड़ेगा शब्द नहीं देखा। "रोचक" शब्द बहुत देखा है।
::मेरी उपरोक्त पंक्तियाँ गलत अर्थ लेने पर व्यक्तिगत आक्षेप की श्रेणी में आती हैं जो मैंने अनजाने में नहीं लिखी। अर्थात सब जानबुझकर लिखी हैं लेकिन यदि किसी को उनके स्वयं के बारे में अथवा स्वयं के लेखों के बारे में पुछा जाये तो और किस तरह की भाषा काम में ली जानी चाहिए मैं नहीं जानता। अतः यदि Hunnjazal ही नहीं किसी अन्य सदस्य को भी ये पंक्तियाँ बुरी लगें तो मैं क्षमा चाहता हूँ।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 12:38, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:संजीव जी, आप भाषा-स्तर बदल रहें हैं। मुझे वैसे इसमें कोई कठिनाई नहीं है लेकिन यह करने से पहले एक बार चिंतन कर लें तो अच्छा हो। ख़ैर, उत्तर देखिए, क्योंकि पहली बात को छोड़कर अन्य सभी बातें नीति-सम्बन्धित हैं और उन्हें समझना ज़रूरी है:
:*'गाँव पड़ता है' वाली आपकी धारणा ठीक नहीं है। मैं दिनकर और स्वामी अखण्डानंद के साथ खड़ा हूँ और आप उन्हें टपोरी लेखक बुला रहें हैं। बम्बईया एक [[पिजिन]] बोली है जिसमें भारी सरलीकरण है। इसमें इस प्रकार के वाक्यांश नहीं आते। आपको यह एक ग़लत धारणा लगती है कि पिजिन किसी भी रुप में 'बिगड़ी' भाषा होती है। भाषावैज्ञानिक दृष्टि से यह ठीक नहीं है। 'गाँव पड़ना' एक मुहावरायुक्त वाक्यांश है और यह पिजिन में साधारणत: नहीं आएगा। उसी तरह 'यहाँ से सड़क निकलती है' नहीं आएगा। इनके आम सरलीकरण हैं: 'याँ नदी होएँगी' और 'गाँव होएँगा'। अन्य पिजिनों की तरह इसमें भी कई क्रियाओं की जगह एक ही सरल क्रिया से काम चलाया जाता है। सम्भव है कि आप हिन्दी साहित्य कम पढ़ते हैं और ऐसे वाक्यांशों से अवगत नहीं हैं, इसलिए अब मैं इस बात को जाने दूँगा (हालांकि आगे चर्चा को भी तैयार हूँ)। विकि पर हर स्तर के योगदानकर्ता का स्वागत है।
:*शहर का प्रयोग हिन्दी में बहुत प्रचलित है। यह हिन्दी में इसलिए भी बैठ गया है क्योंकि इसके संस्कृत-सम्बन्ध गहरे हैं। यह कम-से-कम ८००० वर्षों से हमारे पूर्वजों द्वारा प्रयोग होने वाला आदिम हिन्द-ईरानी का शब्द है और अलग-अलग रूपों में इस पूरे विस्तृत भाषा परिवार में कई शब्द प्रदान करता है। 'क्षेत्र', 'शहर', 'खेत', 'क्षत्रीय', '[[सात्राप]]' - सभी एक ही जड़ के रूप हैं। लेकिन यह बिना बात की बहस है। आपको नगर पसंद है तो बिना यहाँ चर्चा करे सभी श्रेणियाँ बदल दें (लेकिन अधूरा काम न छोड़े - ज़िम्मा लें तो ठीक से करें)। [[विकिपीडिया:लेखन शैली]] के अंतर्गत 'लेख रोजमर्रा की सामान्य हिन्दी अर्थात खड़ीबोली (हिन्दुस्तानी अथवा हिन्दी-उर्दू) में लिखे जाने चाहिये'। दैनिक हिन्दी प्रयोग में 'शहर' बिलकुल प्रचलित है इसलिए इसपर आपत्ति जतलाना नीति-विरुद्ध है। अगर मैं कहूँ कि मुझे 'है' शब्द नहीं पसंद और कोई इसका अब प्रयोग न करें तो यह मेरा मत ही हो सकता है, नीति के तो विरुद्ध ही है। यह नीति २०१० से लागू है।
:*'रोचक' वाली बात आपको शायद समझ ही नहीं आई। इस शब्द से कोई आपत्ति नहीं है। यहाँ इसके इस वाक्य में अतिशयोक्ति-प्रयोग पर आपत्ति है। न्यू यॉर्क के [[11 सितम्बर 2001 के हमले]] में आप उसे 'भयानक हमला' नहीं कह सकते। यहाँ सवाल 'भयानक' शब्द के हिन्दी में सही-ग़लत होने का नहीं है। यह भावना प्रकट करने वाली [[:en:Wikipedia:PEACOCK#Puffery|Puffery]] है, जो कि ज्ञानकोश में वर्जित है। अगर हम [[आपेक्षिकता सिद्धांत]] का लेख लिख रहें हैं तो उसमें यह नहीं कह सकते कि 'यह एक रोमांचक सिद्धांत' है। हाँ अगर आप कोई निबन्ध लिख रहें हैं तो जो जी में आए कहिए। अनुनाद जी ने अक्सर अपने लेखों को इस प्रकार के शब्द व सामग्री डालने का स्थान बनाया है। लेकिन विकिपीडीया अपनी निजी अभिव्यक्ति का स्थान नहीं है।
:*यही 'निजी अभिव्यक्ति' वाली बात अनुनाद जी की सबसे बड़ी समस्या है। चाहे उनकी विचारधारा हो, चाहे पसंदीदा शब्द हों, चाहे उनके विचारों की धारा हो - बेझिझक अपने लेखों में डालते थे (अब सुधर रहें हैं - जो सराहनीय है)। हम यहाँ एक प्रमाणित स्रोतों पर टिका हुआ, जहाँ तक सम्भव हो साधारण दैनिक हिन्दी भाषा में लिखा, निष्पक्ष ज्ञानकोश बना रहें हैं। बस। और कुछ नहीं। यह अपने देशप्रेम, भाषाप्रेम, जातिप्रेम, अन्य भावनाओं को लेखों में प्रदर्शित करने का कोई स्थान नहीं है। सभी की तरह मेरी भी कुछ भावनाएँ हैं। अगर आप देखें कि [[अक्साई चिन]] श्रेणी में जितने भी लेख मैने बनाए हैं तो शायद समझ सकें की इन विषयों में मुझे इतनी रुचि क्यों होगी। चाणक्य धारावाहिक से प्रभावित होकर मैने निश्चय लिया कि इतिहास में जिन-जिन क्षेत्रों से भारतीय उपमहाद्वीप पर आक्रमण हुए हैं उनका विस्तृत और सरल हिन्दी में बखान करूँगा ताकि वह महज़ एक अन्धकारमय क्षेत्र न होकर सभी हिन्दीभाषियों के लिये स्पष्टता से समझ आने वाला क्षेत्र बन जाए। जापान एक सम्पन्न एशियाई शक्ति बन सका इसलिए प्रेरित होकर मैने [[मेइजी पुनर्स्थापन]] का लेख बनाया। भारत-विभाजन के बाद उपमहाद्वीप के कई क्षेत्र एक प्रकार से भारतीय मानसिकता से ग़ायब ही हो गए। [[ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा]] का [[लक्की मरवत ज़िला]] लुक्को राम के नाम से बना था, [[अज़रबेजान]] की [[बाकू आतेशगाह]] एक हिन्दू मंदिर थी, [[टिल्ला जोगियाँ]] नमक कोह शृंखला में स्थित बाबा गोरखनाथ का डेरा था, [[तारिम द्रोणी]] के [[कूचा राज्य]] की लिखाई भारतीय लिपि पर आधारित थी, पाकिस्तान जिसे नीलम नदी कहता है उसका वास्तविक नाम [[किशनगंगा नदी]] है, [[मुहम्मद बिन क़ासिम]] जिस समय बलोचिस्तान के [[मकरान]] तट से होकर सिन्ध में [[देबल]] पहुँचा उस समय उसकी गृहभूमि [[ताइफ़]] के लोगों को पारम्परिक अरबी धर्म की [[अल-लात]] नामक चंद्रदेवी का पूजन छोड़े हुए मुश्किल से ८० वर्ष ही हुए थे, और आज भी देबल के पास स्थित [[मनोड़ा]] प्रायद्वीप पर वरुणदेव का मंदिर खड़ा है - यह सभी तथ्य हिन्दीभाषियों को सरलतम भाषा में और प्रमाणित व विश्वसनीय सन्दर्भों सहित ज्ञात होने चाहिए। लेकिन मैं '''लेखों में अपनी निजी भावनाएँ कभी नहीं डालता'''। केवल रोज़मर्रा की हिन्दी बोली में संतुलित तथ्य प्रस्तुत करता हूँ। वास्तविक जीवन में अनुनाद जी की और मेरी भावनाएँ लगभग ९९% विषयों पर एक ही होंगी, हालांकि रुझाव थोड़े भिन्न ज़रूर हैं। लेकिन वह सम्भवत: किसी समाचारपत्र में अपना कॉलम चलाते या कोई सामाजिक अभियान चलाते हुए ख़ुश होते और मैं केवल एक ज्ञानकोश ही बनाना चाहता हूँ। शायद पूर्ण जीवन में वह मुझसे महान और प्रभावशाली होंगे, लेकिन विकिपीडिया पर इस समय नहीं हैं - वह इतने भावुक हैं कि नीति से उनका क्या लाभ होगा, यह भी समझने में इस समय असमर्थ हैं। प्रबन्धक बनने से पहले उन्हें इस बात का आभास होना बहुत आवश्यक है।
:मैं अपनी भावनाएँ नियंत्रण में रखता हूँ और विकि पर उन्हें आसानी से दर्शाता नहीं। अनुनाद जी इसके विपरीत हैं। न नीति से परिचित हैं और न उसे सीखने में कोई रुचि रखते हैं। रख-रखाव के कामों में भी उनकी रुचि कम है। प्रबन्धक के लिए वे बिलकुल ठीक नहीं। यह भावुक होकर नहीं कह रहा। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 19:35, 1 अगस्त 2013 (UTC)
::Hunnjazal जी मुझे लगता है यहाँ हम (आप भी, मैं भी और कुछ अन्य सदस्य भी) इतने भटक गये हैं कि अपने आप को महान दिखाने अथवा दूसरे को नीचा दिखाने के लिए तुल चुके हैं। मैं आज अथवा कल में चौपाल पर एक उपपृष्ठ (अनुभाग नहीं) बनाकर इसके आगे की चर्चा करना चाहुँगा। आपकी नीति संबंधी बातों में मुझे कोई ऐतराज नहीं है लेकिन उसके उपयोग में कौन क्या कर रहा है वो सब ठीक नहीं लग रहा। यदि आपकी सहमति हो तो मुझे बतायें। मैं चौपाल पर (<nowiki>[[विकिपीडिया:चौपाल/नीति का तकाजा]]</nowiki>) अथवा किसी नाम से चर्चा आरम्भ कर दुंगा। वहाँ ये सब बातें भी लिख दुंगा जो हमने उपर कही हैं। हम जितनी लम्बी चर्चा चाहेंगे उतनी लम्बी हो जायेगी। शायद एक दूसरे की गलतफहमियाँ दूर हो जायेंगी। मैं आपके प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देना पसंद करुँगा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 06:39, 2 अगस्त 2013 (UTC)
===सिद्धार्थ घई जी का नामांकन सफल कैसे?===
'''बिल जी, आप द्वारा सिद्धार्थ घई जी को प्रबन्धक घोषित करना सर्वथा नियमविरुद्ध है।''' उन्होने अपने नामांकन पर अब तक सहमति नहीं दी है। अत: उनका नामांकन ही रद्द किया जाय।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:04, 3 अगस्त 2013 (UTC)
:क्षमा करें, लगता है मैं यह लिखना भूल गया था। मुझे प्रबंधक नामांकन एवं अधिकार स्वीकार हैं। जहाँ तक रही मेरे स्वीकरण के यहाँ लिखे जाने से पहले मुझे अधिकार मिलने की बात, तो यह नीतिसंगत है या नहीं, मेरे अधिकार रहने चाहियें या नहीं, इसपर मेरा टिप्पणी करना उचित नहीं है। अन्य सदस्य इसपर चर्चा करने के लिए मुक्त हैं।--[[User:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ घई]] ([[User talk:Siddhartha Ghai|वार्ता]]) 11:16, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::मेरा अनुमान है सिद्धार्थ जी को प्रबंधक पद पर रहना चाहिए और आगे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसा न हो। यहाँ प्रबंधक अधिकार जिन्होंने दिया उनका भी दायित्व बनता है कि वो प्रबंधक अधिकार देने से पूर्व इस बात की जाँच करते कि सम्बंधित सदस्य ने अपनी सहमति दी भी है अथवा नहीं। सिद्धार्थ आपसे आशा की जाती है कि आप अपना ये दायित्व पुरी ईमानदारी से सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निभावो। नीचे के अनुभाग में एचएल जी के कठपुतली होने पर चर्चा चल रही है उस पर भी आपको प्रबंधक होने के नाते सभी पूर्व मामलों को ध्यान में रखते हुए कम से कम अपना वक्तव्य प्रस्तुत करना चाहिए। यहाँ यदि कोई अन्य सदस्य अपना प्रस्ताव रखे उससे पूर्व मैं यह स्पष्ट कर देना चाहुँगा कि यहाँ नामांकन करने के तुरन्त बाद मैंने उन्हें उनके वार्ता पृष्ठ पर सूचित किया था जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अंग्रेज़ी भाषा में बिल जी से कुछ बातचीत की थी, बिल जी ने भी अपना उत्तर अंग्रेज़ी में दिया था (मैं यह बातचीत नहीं लिख रहा क्योंकि अंग्रेज़ी भले ही मुझे भी आती है लेकिन उसमें भावनाएँ समझना मुझे नहीं आता)। आशीष जी यदि अपना निष्पक्ष मत यहाँ देंगे तो शायद कुछ निष्कर्ष आसानी से निकल पाएगा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 11:33, 3 अगस्त 2013 (UTC)
: सिद्धार्थ जी, सम्पूर्ण विनम्रता के साथ कहना चाहूँगा कि आपने पिछले प्रबन्धक नामांकन में भी अपनी सहमति नहीं दी थी। मैं आपसे जानना चाहूँगा कि क्या आप इससे निष्कर्ष निकालते हैं कि आप प्रबन्धक के योग्य नहीं हैं? (बुरा मत मानिएगा) आपने एक जगह कुछ ऐसा लिखा है :''समय आ गया है कि हम भावी प्रबन्धकों से प्रश्न पूछना शुरू करें।'') मेरा विचार है कि प्रबन्धक बिल जी द्वारा प्रक्रिया का घोर हनन हुआ है और आपको पुनः नामांकन भरना चाहिए। अन्यथा प्रक्रिया सम्बन्धी गलतियों/मनमानियों के लिए यह सदा के लिए एक गलत उदाहरण बन जाएगा। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 12:09, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::अनुनाद जी। आपके विचार से मैं सहमत हूँ। एक गलत परम्परा पड़े उससे अच्छा है कि प्रक्रिया पुनः दोहरा ली जाए। शायद दो-तीन दिन में कार्य हो जायेगा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 12:14, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::: अनुनाद जी, मैं स्वयं को प्रबंधक अधिकारों के लिए योग्य समझता हूँ। बस इतनी सी बात है कि मैं ऊपर स्वीकृति ज़ाहिर करना भूल गया।
::: आपने कहा है कि प्रबंधक अधिकार के मेरे पिछले नामांकन में मैंने सहमति नहीं व्यक्त की थी। पिछला नामांकन (जो मुझे [[विकिपीडिया:प्रबन्धक_पद_के_लिये_निवेदन/पुरालेख_०२]] पर मिला) सितम्बर 2012 में मयूर जी द्वारा किया गया था और उसमें मुझसे सहमति/असहमति नहीं माँगी गई थी। आप ये भी पाएँगे कि उस समय आशीष जी और स्वयं आपके नामांकन में भी सहमति/असहमति नहीं माँगी गई थी और न ही प्रत्यक्ष रूप से उस पृष्ठ पर दी गई थी।
::: जहाँ तक रही पुनः नामांकन की बात, तो नामांकन स्वीकार होने और अधिकार मिलने के पश्चात पुनः नामांकन का मैं तब तक कोई तर्क नहीं समझता हूँ जब तक ये अधिकार वापिस ना लिए जाएँ। ऐसा होने के लिए किसी को मुझे प्रबंधक अधिकारों से निवृत्त करने का नामांकन करना होगा। चूँकि मैं स्वयं को इन अधिकारों के लिए समर्थ भी मानता हूँ और मुझे ये अधिकार स्वीकार भी हैं, इसलिए लाज़मी है कि मेरा स्वयं की निवृत्ति का अनुरोध करना संभव नहीं है। अतः यदि आप या कोई भी अन्य सदस्य यह मानता है कि मेरे अधिकार किसी भी कारण से वापिस लिए जाने चाहियें, तो मेरे विचार से मेरी निवृत्ति के लिए नामांकन किया जाना चाहिए। तत्पश्चात विकिसमाज का मतैक्य स्वयं ही निर्णय कर लेगा।--[[User:Siddhartha Ghai|सिद्धार्थ घई]] ([[User talk:Siddhartha Ghai|वार्ता]]) 22:33, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::::: सिद्धार्थ जी, यह सही नहीं है, सहमति/असहमति मांगी गई थी। बिल जी ने वहाँ एक नोटिस लगाया था (''नोटिस : नामांकित सदस्य कृपया नामांकन को स्वीकार करें जिससे आगे की प्रक्रिया पूरी करी जा सके'') जो गलत स्थान पर है। किन्तु इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैने अपनी स्वीकृति/अस्वीकृति नहीं दी, मेरी यही इच्छा थी। बिल जी ने आपके नामांकन को सफल घोषित करते हुए वहाँ भी चूक तथा प्रबन्धक पद का दुरुपयोग किया है। इसके अलावा मेरे नामांकन को असफल घोषित करना भी गलत है। वहाँ परिणाम में जो लिखा है उससे बेहतर लिखा जाना चाहिए था।
::::: इसमें प्रक्रिया का घोर उल्लंघन हुआ है। इसे तीन तरह से ठीक किया जा सकता है : (१) बिल जी आपको प्रबन्धक पद पर सफल होषित करने के अपने निर्णय को उलट दें और आवश्यक समझें तो पुनर्नामांकन की प्रक्रिया आरम्भ कराएँ। (२) आप स्वयं प्रबन्धक पद को अस्वीकार कर दें (क्योंकि आपने अपनी सहमति नहीं दी थी और आप सुनीति पर चलने वाले हैं।) (३) हिन्दी विकिसमाज आपको पद से हटाने के लिए प्रक्रिया आरम्भ करे। (मतदान या कोई अन्य तरीका)। मेरे विचार से इनमें से वह रास्ता चुना जाय जाय जो सबसे उपयुक्त हो।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 08:16, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::अनुनाद जी, मुझे लगता है कि सिद्धार्थ जी की गलती को एक मानवीय भूल समझकर इस बिन्दु से बाहर आ जाना चाहिए और सिद्धार्थ जी को भी भविष्य में इसका ध्यान रखना चाहिए।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 06:31, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::: संजीव जी, मैं नहीं मानता कि सिद्धार्थ जी ने कोई भूल/गलती की है। बिल जी प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए उन्हें प्रबन्धक घोषित किया है। यदि दोष कोई है तो प्रबन्धक श्री बिल कॉम्प्टन जी का है। बिल जी और सिद्धार्थ जी का उपरोक्त संवाद प्रबन्धक द्वारा सदस्यों पर व्यक्तिगत हमला तो है ही, सिद्धार्थ जी को नीतियों का उल्लंघन करते हुए प्रबन्धक घोषित करना प्रबन्धक पद का दुरुपयोग है। इस पर अभी बिल जी का कोई स्पष्टीकरण/प्रतिक्रिया नहीं आयी है। हम उनके स्पष्टीकरण/प्रतिक्रिया/कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup>
::::अनुनाद जी, मैने केवल घोषणा की है उन्हें प्रबंधक बनाया नहीं। मेरी भूमिका यहाँ बस एक डाकिये की थी जिसने स्टीवर्ड द्वारा की गई कार्यवाही का संदेश यहाँ घोषित किया।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 13:11, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::: शायद आपने डाकिए का नहीं, दूत और अनुवादक का कार्य किया है। बहुत सम्भावना है कि सम्बन्धित स्टीवर्ड हिन्दी नहीं जानता हो और आपने अनुवाद करके उसे सारांश बताया हो। आपने जो सूचना दी उस पर उसने विश्वास करते हुए मोहर लगा दी। शायद मैं गलत नहीं समझ रहा। यदि ये सब बाते सही हैं तो त्रुटि को ठीक करना और भी आसान है।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 13:36, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::::अनुनाद जी, मैने बस उन्हें यह बताया था कि किस सदस्य को कितने मत मिले हैं। इसके बाद भी वे स्वयं सारे मत एक-एक करके जाँचते हैं, गूगल अनुवाद का सहारा ले कर चर्चा पढ़ते हैं और अगर कोई संशय रहता है तो प्रश्न पूछते हैं या फ़िर हिन्दी का ज्ञान रखने वाले स्टीवर्ड से सम्पर्क करते हैं। अगर आप और अन्य सदस्य मिल कर मतैक्य बनाते हैं तो मैं स्टीवर्ड से अनुरोध कर सकता हूँ कि वह फ़िर से जाँच करले। इसके साथ-साथ में हिन्दी का ज्ञान रखने वाले स्टीवर्ड से यहाँ टिपण्णी करवा सकता हूँ। परन्तु स्टीवर्ड की कार्यवाही के विरुद्ध कोई प्रबंधक नहीं जा सकता।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 13:51, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::: इस सम्बन्ध में मतैक्य की आवश्यकता नहीं है क्योंकि स्टीवर्ड के पास जाने के लिए कोई मतैक्य नहीं हुआ था। आप इसे अपना अधिकार और कर्तव्य दोनों मानते हुए स्टीवर्ड के पास गए थे। अपनी गलती को सुधारने में किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता शायद विकिपिडिया पर नहीं है। यहाँ एक प्रबन्धक के निर्णय को दूसरा प्रबन्धक उलट सकता है तो एक प्रबन्धक अपना निर्णय स्वयं क्यों नहीं उलट सकता?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 14:12, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::: इसके साथ कुछ और कहना चाहता था। नामांकन की सफलता/असफलता से सम्बन्धित जो नोटिस आपने लगाया है वह बहुत संक्षिप्त है। निवेदन है कि उसे विस्तृत कीजिए और निम्नलिखित तीन बातें और जोड़िए: '''(१)''' सम्बन्धित स्टीवर्ड का वार्ता पृष्ठ का लिंक, ताकि यह स्पष्ट हो कि किसी स्टीवर्ड ने यह निर्णय दिया है और अन्य सदस्य भी उन तक अपनी बात पहुँचा सकें। '''(२)''' इस निर्णय पर जो विवाद/अनिश्चितता है उसका भी उल्लेख करें। '''(३)''' स्पष्ट रूप से यह भी लिखें कि '''[[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद सिंह]]''' के नामांकन पर मतदान अभी भी जारी है।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 14:27, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::::::मैं उनसे बात करके देखता हूँ और अनुरोध करूँगा कि वे अपनी टिप्पणियाँ यही पर दें। रही आपके नामांकन की बात तो वह नामांकन निति विरुद्ध था जिसे संजीव जी भी स्वीकार कर चुके हैं। कृपया इसके लिए उपयुक्त निति को देखें।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 14:36, 4 अगस्त 2013 (UTC)
:::::::बिल जी, मैं अब भी स्वीकार करता हूँ कि नामांकन उपरोक्त दोनों के साथ नहीं करना चाहिए था। लेकिन जिन सदस्यों (प्रबंधकों) के कारण वह नामांकन नीतिविरूद्ध माना जा रहा है वो खुद इस नीति से नदारद हैं। अर्थात खुला भेदभाव! इस पर आपका क्या विचार है? यदि वो प्रबंधक नीति विरुद्ध चल रहे हैं तो उन्हें भी प्रबंधक पद से हटा दिया जाना चाहिए।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 14:42, 4 अगस्त 2013 (UTC)
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मेरे नामांकन के अनुसार "५००० से अधिक है तो उन्हें बिना किसी मतदान के प्रबंधक बनाया जा सकता है।" सिद्धार्थ जी और आशीष जी के लिए मतदान की आवश्यकता नहीं थी, केवल सहमति आवश्यक थी। लेकिन आप लोगों ने यहाँ तक कि दोनों प्रबंधकों ने भी मतदान किया। यहाँ पर तो यह नीति भी टूट चुकी है। अतः मुझे यह समझ नहीं आया की प्रबंधक लोग भी नीतियाँ तोड़ने के लिए इतने उत्सुक क्यों रहते हैं।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 14:50, 4 अगस्त 2013 (UTC)
: बिल जी, मुझे आपकी बात समझ में नहीं आई है। यदि प्रक्रिया में कोई गलती है तो उसे साफ-साफ लिखिए और लिखिए (यदि अधिकार रखते हों तो) कि प्रक्रिया की गलती के कारण यह मतदान निरस्त किया जाता है। अन्यथा लिखिए कि अनुनाद सिंह के नामांकन पर मतदान चल रहा है। सदस्यों को असंदिग्ध संदेश जाना चाहिए। दुविधा या भ्रम की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 15:09, 4 अगस्त 2013 (UTC)
:संजीव जी, आप बताएँ मैं क्या-क्या करूँ? चेकयूज़र से जाँच करवानी है या स्टीवर्ड से उसकी कार्यवाही की समीक्षा करवानी है या अनुनाद जी का नामांकन जो बंद हो गया है उसे पुनः शुरू करवाना है या अन्य प्रबंधकों को पद से हटवाना है? हम क्यों इस बवाल को आगे बढ़ा रहे हैं? कोई सदस्य टिप्पणी करता है फ़िर कोई दूसरा उस पर उत्तर करता है फ़िर कोई नई टिप्पणी आती है और सिलसिला बंद ही नहीं होता, सदस्य आपस में एक-दूसरे के ऊपर विश्वास खोते जा रहे हैं, नई-नई शंकाएँ उत्पन्न हो रही हैं, सक्रिय और इज्जतदार सदस्यों पर कठपुतली होने का घिनौना आरोप लगाया जा रहा है, हम दो जो शायद कभी मतभेद में न पड़ते एक दूसरे को पक्षपाती, झूठा, आदि कह रहे हैं, अनुनाद जी सिद्धार्थ की छोटी सी गलती को पकड़ कर अनावश्यक तूल दे रहे हैं, हुन्नजज़ल जी ने ऍचऍल जी को गलत स्थान पर नामांकित करके नया विवाद उत्पन्न कर दिया है, हम एक-दूसरे के बनाए लेखों को सुधारने के बजाए उनमें कमियाँ निकाल रहे हैं। क्या इस प्रकार ज्ञानकोष बनता है? मुझे यह सोचकर अफ़सोस हो रहा है कि हम, जिनमें से कोई भाषा वैज्ञानिक है तो कोई कम्प्यूटर अभियंता तो कोई भौतिकी के विद्वान हैं तो कोई यांत्रिक अभियंता, कोई लेखक है तो कोई अन्य उच्च पद्वी पर बैठा कर्मचारी, आपस में तर्क-वितर्क करे जा रहे हैं। क्या यही छाप हम नए सदस्यों पर छोड़ना चाहते हैं? मैं सभी सदस्यों से अपील करता हूँ कि अगर इस अनिश्चितकालीन युद्ध में ही समय लगाना है तो चौपाल को कुरुक्षेत्र बनाएँ। यहाँ चर्चा न करें नहीं तो मुझे मजबूरन इस पृष्ठ को सुरक्षित करना पड़ेगा।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 15:11, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::बिल जी, मैं कई बार इसकी अपील कर चुका हूँ कि ये चर्चा चौपाल पर करो। लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं। आपकी परेशानी थोड़ी समझ में भी आ रही है क्योंकि आप ही एकमात्र प्रबंधक हैं जो उत्तर दे रहे हैं। अन्य प्रबंधक तो अपनी जिम्मेदारी से मुह मोड़ चुके हैं। चूँकि आशीष जी पीछले दो-तीन दिन से विकी पर समय नहीं दे पा रहे हैं अन्यथा वो कुछ निदान बता सकते थे। अब आप ही बताओ मैं तो कर भी क्या सकता हूँ। इस पृष्ठ को भी बिना किसी चर्चा के सुरक्षित करना किसी सदस्य द्वारा अनैतिक करार दिया जा सकता है लेकिन मैं आपका इस मामले में समर्थन करता हूँ। इस पृष्ठ को सुरक्षित कर दिजिए जिससे कम से कम ये चर्चा अपना सही स्थान ग्रहण कर सके।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 15:21, 4 अगस्त 2013 (UTC)
:संजीव जी, थोड़ा तो सब्र कीजिए! मैं तीन दिन छुट्टी पर था। ज़रूर स्थानांतरित करें। चौपाल पर ही करें क्योंकि वह सही मंच है। कृप्या 'नीति के ठेकेदार' प्रकार की भाषा से दूर रहें। नीति का उल्लेख कोई भी कर सकता है। आप भी। जोड़ों द्वारा ऐसा करें। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 03:25, 5 अगस्त 2013 (UTC)
==== मेरा विचार ====
# पहले मैं बाद वाली चर्चा (चौपाल पर चर्चा की जाये) पर ये कहूंगा कि वैसे तो चर्चा वहां कर सकते हैं, फिर भी ये३ चर्चा प्रबंधक पद निवेदन से संबंधित है, अतः इसे यहीं किया जाये तो बेहतर होगा, हाँ एक महत्त्वपूर्ण विषय ये अवश्य है कि अन्य संबंधित लोग यहां कैसे पहुंचें या उन्हें कैसे इस चर्चा का ज्ञान हो?...... इसका समाधान ही '''विकिपीडिया पर क्या चल रहा है''' वाला संदूक था। उसे इसी समस्या के निवारण हेतु बनाय़ा गया था। हिन्दी विकी पर चल रहीं हाल की घटनाओं से कोई भी अनभिज्ञ न रहे इसी लिये कुछ महत्त्वपूर्ण चर्चाएं, निर्वाचन, कार्य, घटनाएं आदि वहां लिखी जाती थीं। अतः इसे भी वहां लिखा जा सकता है और चर्चा बंद होने के लगभग एक सप्ताह उपरांत हटाया जा सकता है।
# अब दूसरी बात नामांकित प्रबंधकों की सहमति कि.... तो ये नीति अवश्य है कि नामांकित व्यक्ति की सहमति ले ली जाये जिससे की चयन प्रक्रिया की सारी मेहनत के बाद उसके मना करने की स्थिति में किये कराये पर पानी न फ़िर जाये। किन्तु यदि पहले सहमति नहीं ली गयी है (मैं इसे सही नहीं कह रहा) तो भी यदि नामांकित व्यक्ति को नामांकन एवं चयन उपरांत भी कोई समस्या न हो और वो पद के दायित्त्व हेतु यदि तैयार हो तो बाद की सहमति उस छोटी सी भूल को ढंक लेती है। तब इसे नामांकन प्रक्रिया में भूल से हुई छोटी सी भूल समझ कर अनदेखा किया जा सकता है। (मैं निजी विचार एवं कुछ समय पूर्व की चर्चाओं के मिले जुले निष्कर्ष बता रहा हूं) इसमें किसी की मंशा विशेष तो नहीं दिखाई पड़ती है। और हो भी तो शायद यही मंशा होगी कि हिन्दी विकी को शीघ्रातिशीघ्र प्रबंधक उपलब्ध हों।
::: --[[User:आशीष भटनागर|<span style="text-shadow:#EE82EE 3px 3px 2px;"><font color="#0000FF"><b>आशीष भटनागर</b></font></span>]]<sup>[[User talk:आशीष भटनागर|<font color="#FF007F">वार्ता</font>]]</sup> 12:53, 5 अगस्त 2013 (UTC)
Commenting [//meta.wikimedia.org/w/index.php?title=User_talk%3AMF-Warburg&diff=5704911&oldid=5704249 per request]: We stewards generally don't check if there is an explicit nomination acceptance. If a candidate does not want to become an admin, he has the opportunity to say that during the request. If he now doesn't want to keep the rights, he can request them to be removed. --[[User:MF-Warburg|MF-Warburg]] ([[User talk:MF-Warburg|वार्ता]]) 15:50, 5 अगस्त 2013 (UTC)
:: MF-Warburg, I accept your decision in this refgard. But I would like to tell you that the exact procedure that Hindi wiki has set in this regard was not told to you. Hindi wiki requires that the nomination should be accepted by the candidate before the nomination be declared successful/unsuccessful. You say that 'logically' there should not be a big problem. But suppose some of the voters demand to change their votes (support/oppose options) after voting (or even after declaration of results), will you entertain and how long?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:03, 6 अगस्त 2013 (UTC)
:::Well, that is indeed a "procedure", but it's not a policy per se. Policies are guidelines that all editors must follow. The "procedure" you are referring is not something new or unique on Hindi Wikipedia. Almost all Wikimedia projects follow this. 10 days are more than sufficient for "[voters to] change their votes (support/oppose options) after voting". There is no ''special period'' for voters to change their votes. If you or any other user thinks that promotion of Siddhartha Ghai is not "valid" or breaches any "procedure", then you are free to make a proposal to desysop him. But don't blame your stubbornness on others![[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 05:51, 7 अगस्त 2013 (UTC)
#आशीष जी, बात बदल गयी है। यहाँ चर्चा "अनुप्रेषित पृष्ठ", "लेख की गुणवता", "रोचक" शब्द का अज्ञानकोषीय होना, "गाँवों का पड़ना" का शुद्ध गद्य रूप में ज्ञानकोषीय स्वरूप में स्वीकृत होना एवं अन्य कुछ मुद्दों पर चल पड़ी है। अब मुझे नहीं लगता इनमें से एक भी मुद्दा इस पृष्ठ से किसी तरह का संबंध रखते है। अतः इस तरह की व्यापक चर्चा चौपाल पर ही अच्छी लगती है।
#आपके दूसरे बिन्दु से मैं तो पहले से ही सहमत हूँ। हाँ अनुनाद जी को कुछ आपतियाँ हैं यदि उनकी आपत्तियाँ दूर हो गयी तो मुझे नहीं लगता यह कोई बड़ा मुद्दा है। MF-Warburg जी के संदेश को देखकर हो सकता है अनुनाद जी भी इस बारे में कुछ सोचें।
:<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 19:12, 5 अगस्त 2013 (UTC)
:: आशीश जी एवं संजीव कुमार जी, मैं विद्वान स्टीवर्ड के मत का सम्मान करता हूँ। मैने अपनी बात उनके सामने भी रख दी है। मेरा उद्देश्य परोक्ष रूप से यह दिखाना था कि कुछ लोग जो दूसरों के सामने प्रबन्धन से सम्बन्धित तरह-तरह के प्रश्न पूछते हैं उनकी वास्तविकता क्या है। इसमें मैं सफल रहा हूँ। देख सकते हैं कि '''प्रबन्धकीय प्रश्न पूछने वाले लोग प्रतिदिन कितनी प्रबन्धकीय गलतियाँ करते हैं (प्रतिदिन कम से कम चार-पाँच?)'''! इसी के साथ मेरा यह भी निवेदन है कि अब प्रबन्धक पद को केवल 'महाज्ञानी' और 'महाप्रोग्रामर' के लिए ही उपयुक्त पद के रूप में पेश करना बन्द किया जाय।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:16, 6 अगस्त 2013 (UTC)
:::अनुनाद जी, प्रश्न पूछना इस प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है क्योंकि इससे पता चलता है कि प्रत्याशी को विकि की नीतियों और उसकी कार्यप्रणाली का कितना ज्ञान है। यह सभी भाषाओं के विकि पर होता है इसमें हिन्दी विकि कुछ नया नहीं कर रहा है। अगर उम्मीदवार में योग्यता होगी तो वह कभी उत्तर देने में हिचकिचाहट नहीं दिखाएगा। यहाँ किसी से गलती नहीं हुई है, अगर सिद्धार्थ को इस नामांकन से कोई आपत्ति होती तो वह इस बीच ही मना कर देते, उनका मना नहीं करना उनकी स्वीकृति ही है। हाँ उन्हें सहमती दर्ज करानी चाहिए थी परन्तु यह एक छोटी सी भूल थी जिसको उन्होंने स्वीकार भी किया है। स्टीवर्ड ने भी अब साफ़ कर दिया है कि वे विशेष रूप से इस बात पर ध्यान नहीं देते कि प्रत्याशी ने सहमती दी है या नहीं फ़िर आप अपनी अलग ही निति क्यों बना रहे हैं? जिन्हें नामांकन सफ़ल या असफ़ल घोषित करना है उन्हें ही इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता तो आप इतना क्यों परेशान हो रहे हैं? मैने कुछ भी स्टीवर्ड से छिपाया नहीं था उन्होंने जो मुझ से पूछा उसका मैने उत्तर दिया। प्रबंधक बनने के लिए किसी को महाज्ञानी या महाप्रोग्रामर होने की आवश्यकता कभी थी ही नहीं, यह आपका गलत निष्कर्ष है। प्रबंधक पद किसी भी ऐसे सदस्य जिसे विकि नीतियों और कार्यप्रणाली का ज्ञान है उसे दिया जा सकता है परन्तु आप ऐसा साबित करने में असफ़ल रहे हैं, पृष्ठ हटाने की नीतियों का ज्ञान, कॉपीराइट नियमों का ज्ञान, व लेख निर्माण शैली का ज्ञान उन कुछ मूलभूत आवश्कताओं में से हैं जो ''सामान्य स्तर'' पर हर प्रबंधक को होना चाहिए। यह ''अपेक्षा'' हर प्रबंधक से रखी जाती है। हिन्दी विकि की निति कहती है कि प्रबंधक उम्मीदवार "को उत्पात हटाने (रोलबैक) हेतु एवं लेख गुणवत्ता जाँच (परीक्षक) का अनुभव" होना चाहिए परन्तु आपको इसका भी अनुभव नहीं है। आप किस आधार पर प्रबंधक बनना चाहते हैं? कृपया यह तो साफ़ करें कि आप किस प्रकार हिन्दी विकि की एक प्रबंधक होते हुए सहायता देंगे? नीतियों में "प्रबन्धक दायित्व" का उल्लेख है, आप उनमें से कितने मापदण्ड पूरे करते हैं?[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:13, 7 अगस्त 2013 (UTC)
:: बिल जी, मैं आप जितना तो नहीं लिखना चाहता लेकिन इतना जरूर कहूँगा कि आपकी प्रबन्धकीय क्षमताओं का लेखाजोखा बहुत पहले से चल रहा है और अब एक दस्तावेज बन चुका है। (केवल हुन्नजजाल जी को छोड़कर सभी सदस्यों ने आपको प्रबन्धक पद से हटाने के लिए समर्थन दे दिया है।) आपने उपर्युक्त स्टीवर्ड को जो कुछ कहा है, वह लिखित में है। वहाँ आपने उन्हे केवल मतसंख्या के बारे में बताया है। जहाँ तक प्रबन्धक के लिए योग्यता का प्रश्न है मानता हूँ कि पेज हटाने का ज्ञान आपका पक्का है। बाकी कॉपीराइट पर तो आप खुद देख चुके हैं कि आपने अंधेरे में तीर मार दिया था शायद यह सोचकर कि हिन्दी विकि पर सब चलता है!!! प्रबन्धक को सभी सदस्यों से नम्रता दिखानी चाहिए शायद इसी लिए आपने 'भैस के आगे बीन बजाने' जैसे मुहावरे भी प्रयोग किए थे। और शॉन भाई का केस , छोड़िए जाने दीजिए। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 10:59, 7 अगस्त 2013 (UTC)
== प्रबन्धक एवं प्रशासक के लिये नामांकन: [[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ==
<div class="boilerplate metadata discussion-archived" style="background-color: #f5f3ef; overflow:auto; margin: 2em 0 0 0; padding: 0 10px 0 10px; border: 1px solid #aaa">
:''यह चर्चा समाप्त हो चुकी है। {{red|'''कृपया इसे न बदलें।'''}} आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ में नये विभागों में होनी चाहिएँ।'' ''इसका संक्षिप्त परिणाम निम्न रहा:''
::चूँकि यह नामांकन गलत स्थान पर है, इसीलिये इसे अवैध घोषित करते हुए सारी चर्चाएँ यहीं समाप्त होती हैं। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 09:17, 7 अगस्त 2013 (UTC)
---- <!-- साँचा:चर्चा शीर्ष से-->
सदस्य [[सदस्य:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] (ऍच-ऍल) २ वर्षों से हिन्दी विकिपीडिया पर योगदान दे रहें हैं। उनका स्वभाव नम्र रहा है और वे सभी सदस्यों से तालमेल बना कर काम करते हैं। उन्होने ऐसे कार्यों पर ध्यान लगाया है जो कठिन और उलझे हुए हैं लेकिन जिनसे विकिव्यवस्था बनी रहती है। मेरी कई ग़लतियों की पकड़ और सुधार इन्होने की है। मैं इन्हे प्रबन्धक के लिये नामांकित करता हूँ। कृप्या अपना मत नीचे दर्ज करें। धन्यवाद! --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 10:19, 1 अगस्त 2013 (UTC)
{{सही}} मेरा समर्थन तो है ही --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 10:19, 1 अगस्त 2013 (UTC)
===टिप्पणी, भाग १===
मैं हिन्दुसतानीलैंग्वेज जी को हिन्दी विकि पर उनके प्रथम दिन से ही जानता हूँ। हिन्दी विकि पर उनका पदार्पण उस समय हुआ था जब एक गरम चर्चा चल रही थी। अधिकांशतः वे सुसुप्त रहे हैं और मतदान में आवश्यक होने पर मतदान करते रहे हैं। '''हिन्दी विकि पर प्रथम दिन से ही मैं हिन्दुस्तानीलैंग्वेज को किसी का कठपुतली होने का सन्देह करते आया हूँ।''' कृपया इसे बुरा न मानें। मेरी आशंका बिलकुल गलत हो सकती है। किन्तु पिछले दिनों मैने शॉन पर शंका जताई थी जो हुन्जजाल और बिल कॉम्प्टन के जबरजस्त विरोध के बावजूद जाँची गई और शॉन, लवीसिंहल की कठपुतली निकले। कठपुतली खाता बनाकर उसका दुरूपयोग करना हिन्दी विकि पर गम्भीर मामला है और किसी कठपुतली का प्रबन्धक बनना कैसा होगा, कहने की आवश्यकता नहीं। <br>अतः मैं प्रबन्धकगण और सभी सदस्यगण से निवेदन करूँगा कि उन्हें प्रबन्धक बनाने के लिए मतदान करने के पहले उनकी चेकयूजर जाँच कराएँ कि वे कठपुतली तो नहीं हैं। वे किसकी कठपुतली हो सकते हैं, यह अभी बताना ठीक नहीं होगा। सही समय पर मैं बताने को तैयार हूँ।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 14:17, 1 अगस्त 2013 (UTC)
अनुनाद जी, जितना शायद आप मुझको जानते हैं, उससे कहीं अधिक बिलजी मुझे जानते हैं। वो अपने अनुभव के आधार पर मेरे वास्तविक या कठपुतली खाते होने का प्रमाण दे सकते है।
यदि हिन्दी विकिपेडिया के अधिकांश सदस्य मुझे इस योग्य सम्झें, तो ये सेवक का पद मैं लेना चाहूँगा। मै इसके बिना भी अपनी सेवा जारी रखूँगा।
मैं समझता कई लोग हिन्दी विकिपीडिया को कविता-संग्रह, junk character (Xklioeqw36f) संग्रह, आदि के लिए उपयोग करते हैं, जिसे प्रबंधक अपने अधिकारों का प्रयोग करके तुरंत ह्टा देते हैं।
कुछ लेखों के बीच लोग कभी-कभी गाली भी दे देते हैं। माननीय अनुनाद जी ने ऐसा करने के लिए अवसर यहाँ प्राप्त किया है। इसके लिए मैं उनका आभारी हूँ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:37, 1 अगस्त 2013 (UTC)
:मैं मेरी टिप्पणी करने से पूर्व [[सदस्य:अनुनाद सिंह|अनुनाद जी]] और [[u:Hindustanilanguage|एच॰एल॰ जी]] दोनों से क्षमा चाहता हूँ। अनुनाद जी द्वारा लगाया गया आरोप बहुत ही गम्भीर आरोप है और एक पुनरीक्षक पर यह आरोप लगना और भी अधिक गम्भीर है। ऐसा आरोप लगाना भी बहुत बड़ा [[विकिपीडिया:निजी टिप्पणियाँ एवं आक्षेप|व्यक्तिगत आक्षेप]] है जो विकी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है। लेकिन साथ ही दूसरे पहलू पर भी विचार किया जाये तो यह देखा गया है कि हिन्दी विकी पर पहले भी प्रबंधकों के कठपुतली खाते पाये गये हैं और उन्हें सजा भी मिल चुकी है और पिछले दिनों अनुनाद जी और [[सदस्य:Hemant wikikosh|हेमन्त जी]] ने एक ऐसा ही मामला उठाया था और वो कठपुतली पाया भी गया था अतः इसको नकारा भी नहीं जा सकता। अब एच॰एल॰ जी आपके कथन से मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आप इस परिक्षण का सामना करने को तैयार हो, इसमें भी कोई सन्देह नहीं कि आपने पिछले दिनों अच्छा कार्य किया है, यहाँ तक कि पिछले कुछ लेखों में आपने और मैंने मिलकर भी काम किया जैसे: [[भारतीय वाहन पंजीकरण पट्ट]]। मुझे उस समय यह लगता था कि हिन्दी विकी पर आप (एच॰एल॰ जी), माला जी और मैं सम्पादक हैं और बिल जी प्रबंधक। लेकिन आपने जो कथन लिखा है कि आपको अनुनाद जी से कहीं अधिक बिल जी जानते हैं वो कुछ ठीक नहीं है। इस सम्बंध में आप [[u:SeanZCampbell|शॉन]] ऊर्फ़ [[सदस्य:Lovysinghal|लवी सिंघल]] का उदाहरण देखोगे तो भी यह पाओगे कि बिल जी इसका कोई प्रमाण नहीं दे सकते। उस समय उन्होंने साफ कहा था कि [http://meta.wikimedia.org/wiki/Steward_requests/Checkuser/2013-03#SeanZCampbell.40hi.wikipedia वो भगवान नहीं हैं जो पहले से ही जानते हों]। इससे मिलती जुलती बात आप मेरे वार्ता पृष्ठ पर भी देख सकते हो। बिल जी के बारे में आपने जो लिखा है उस बात को छोड़कर आपके अन्य सभी कथनों से मैं सहमत हूँ और शायद बिल जी भी मेरी बात से सहमत हैं।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 16:43, 1 अगस्त 2013 (UTC)
मैंने बिलजी का हवाला इसलिए दिया क्योंकि वो मुझे कॉमन्स और अंग्रेजी विकिपीडिया पर भी अच्छी तरह जानते हैं। '''हिन्दी विकि पर प्रथम दिन से ही मैं हिन्दुस्तानीलैंग्वेज को किसी का कठपुतली होने का सन्देह करते आया हूँ''' तो इसका कोई कारण भी चाहिए और स्पष्ट रूप से कहिये कि मैं किस (सदस्यनाम) का कठपुतली लग रहा हूँ ताकि इसकी जाँच हो सके। और इस सन्देह को उस समय क्यों नहीं दूर करने का प्रयास क्यों नहीं किया जब आप प्रबंधक थे। क्या ये आपका दायित्व नहीं था? कठपुतली का साधारणतः एक hidden agenda होता है। क्या वो कहीं मेरे समपदानों में दिखा है? "अधिकांशतः वे सुसुप्त रहे हैं और मतदान में आवश्यक होने पर मतदान करते रहे हैं। " कृपया मेरे वार्ता-पन्ने का पुरालेख देखिये और उन बातों पर सोचें जो दूसरे सदस्यों ने मेरे बारे में कहे। दूतावास पर एक तमिल सदस्य को सहायता प्रदान करने के प्रयास को देखें। चौपाल पर संजीव जी ने कुछ समय पूर्व दूसरी विकियों पर मुझे प्राप्त अधिकारों का उल्लेख किया था। क्या वो अपने आप में अर्थहीन है? मुझे तो स्वयं पता नहीं था कि मुझे कई दूसरी विकियों पर विश्वस्नीय सदस्य समझा गया है। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 17:43, 1 अगस्त 2013 (UTC).
:: हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, बिल जी आपको अच्छे से जानते हैं यह बहुत अच्छी बात है। वे हिन्दी विकी के नीतिवान प्रबन्धक हैं। हम इस विषय में उनकी टिप्पणी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:52, 2 अगस्त 2013 (UTC)
:अनुनाद जी ग़लत कह रहे हैं। मैने कभी किसी के चेकयूज़र होने के विरुद्ध कुछ नहीं कहा। मेरा बस चले तो हर सदस्य की रोज़ जाँच हो। दूसरी बात, कोई भी सदस्य जाँच की माँग कर सकता है। इसका प्रबन्धक होने या न होने से कुछ लेनादेना नहीं। लेकिन CU वालों के कुछ नियम हैं जो मैने नहीं बनाए। अगर अकारण जाएँगे तो दुत्कारे जाएँगे। ऐसा हो भी चुका है। अगर आपको सन्देह है और इसकी कोई बुनियाद है तो यहाँ भी कुछ कहने की आवश्यकता नहीं। सीधा वहाँ जाईए और अपनी दलील प्रस्तुत कीजिए। सभी को फिर से चेतावनी है कि हिन्दी विकि में [[वि:कठपुतली|सख़्त कठपुतली नीति]] लागू है। यदि किसी ने भी २५ मार्च २०१३ के बाद कठपुतली खाते चलाए हैं तो उसे बिना किसी चर्चा के हमेशा के लिए प्रतिबन्धित कर दिया जाएगा। मेरी कठपुतली जाँच करवाने की सभी सदस्यों को मेरी ओर से सदैव सहमति है। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 18:13, 1 अगस्त 2013 (UTC)
हुन्जजाल जी, अभी हाल में ही आपने और श्री बिल जी ने हिन्दी विकिनीतियों में पर प्रश्नोत्तर किए हैं। मैं यहाँ संक्षेप में आपसे निम्नलिखित दो प्रश्नों का उत्तर जानना चाहता हूँ:
# कठपुतली खाते की जाँच कोई भी सदस्य करा सकता है। किन्तु क्या कठपुतली खाते की जाँच कराना मुख्यतः प्रबन्धकों का दायित्व है या नहीं?
# आप भी हिन्दुस्तानीलैंग्वेज को अच्छी तरह जानते हैं और आपने उन्हें प्रबन्धक बनाने के लिए प्रस्तावित किया है। आप उनके कठपुतली न होने के बारे में कितना आश्वस्त हैं?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:52, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::अनुनाद जी, प्रबंधक किसी भी खाते की जाँच तब कराने का दायित्व रखते हैं जब [[वि:कठपुतली]] के वार्ता पृष्ठ पर प्रमाणों के साथ औपचारिक अनुरोध दर्ज कराया जाए। चेकयूज़र बिना प्रमाणों के कभी भी ऐसी जाँच नहीं करेंगे। ऍचऍल जी को मैं हिन्दी विकि पर आने से पहले से जानता हूँ, वे मुख्यतः कॉमन्स पर योगदान देते थे (हैं), अंग्रेज़ी विकि पर भी वे योगदान देते हैं। व्यक्तिगत रूप से मैने कभी ऐसा कुछ नहीं पाया है जो यह संकेत करे कि उनका खाता कठपुतली खाता हो सकता है (यह मेरा विचार है)। परन्तु अगर आपको शंका है तो अवश्य जाँच कराएँ, मुझे विश्वास है कि ऍचऍल जी को कोई आपत्ति नहीं होगी। अपने सतीत्व की प्रमाणिकता के लिए तो सीता माता को भी अग्निपरीक्षा से गुज़रना पड़ा था, हम तो केवल तुच्छ मानव हैं।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 06:19, 2 अगस्त 2013 (UTC)
:::बिल जी, यह तो कोई भी कह सकता है कि 'व्यक्तिगत रूप से मैने कभी ऐसा कुछ नहीं पाया है जो यह संकेत करे कि उनका खाता कठपुतली खाता हो सकता है'। आप चूँकि उन्हें बहुत पहले से और बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, क्या आप यह कह सकते हैं कि ''हिन्दुस्तानीलैंग्वेज का खाता कठपुतली खाता हो ही नहीं सकता'' ? इसके अलावा मैं आपसे यह जानना चाहता हूँ कि 'प्रमाणों के साथ' से आपका क्या तात्पर्य है? यदि हमें ही प्रमाण देना होता तो चेकयूजर का क्या काम है? अन्त में यह जानना चाहूँगा कि आपके द्वारा बताई गई अग्रलिखित नीति कहाँ लिखी है? ''प्रबंधक किसी भी खाते की जाँच तब कराने का दायित्व रखते हैं जब [[वि:कठपुतली]] के वार्ता पृष्ठ पर प्रमाणों के साथ औपचारिक अनुरोध दर्ज कराया जाए।''-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:39, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::::अनुनाद जी, यह चेकयूज़र की वैश्विक निति है कि बिना वैध कारण के चेकयूज़र कोई कार्यवाही नहीं करेंगे और अगर कोई वहाँ अनुरोध करता है तो उसे यह साबित करना पड़ेगा कि उसका अनुरोध प्रमाणों पर आधारित है। प्रमाण इसलिए देने पड़ते हैं क्योंकि अगर ऐसा नहीं होगा तो हर दूसरे दिन सदस्य चेकयूज़र के पास अनुरोध लिए बैठे रहेंगे, जिससे विकि समाज की हानि होगी और यह तो वैसे भी विश्वयापी है कि अगर आपको किसी पर कार्यवाही करवानी है तो पहले उचित कारण तथा प्रमाण दिखाने पड़ते हैं। जो आप करना या करवाना चाहते हैं उसे चेकयूज़र की शब्दावली में फ़िशिंग कहा जाता है। किसी भी विकि परियोजना का कोई भी प्रबंधक फ़िशिंग करने में सहायता नहीं करेगा इसलिए अगर कोई सदस्य यह अपेक्षा रखता हो कि "प्रबंधक का दायित्व है" कि वह जाँच करवाए तो उसे सर्वप्रथम प्रमाणों के साथ अनुरोध करना पड़ेगा, चूँकि ऐसा नहीं करने पर प्रबंधक पर फ़िशिंग का आरोप लगेगा और मेटा पर फटकार भी लगेगी। यह तो कोई भी नहीं कह सकता कि कौन कम्प्यूटर के पीछे बैठ कर संपादन कर रहा है, परन्तु यह मेरा ''विश्वास'' है कि ऍचऍल जी का खाता कठपुतली खाता नहीं है तथा आपको मेरे विश्वास के साथ सहमत होने के लिए कोई बाध्य नहीं कर रहा है।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 08:28, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::::: बिल जी, आपने जो उत्तर दिया है उससे तो यही लगता है कि आप भी हिन्दुस्तानीलैंग्वेज को उतना ही जानते हैं जितनी सुश्री माला चौबे जी। आपके इस उत्तर से इस खाते के बारे में कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकल पा रहा है। इसके अलावा विकिनीतियों से सम्बन्धित जो प्रश्न था उस पर आपने कुछ नहीं कहा है। 'प्रमाण' से क्या तात्पर्य है, इस पर भी आपने प्रकाश नहीं डाला है।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 09:26, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::::::अनुनाद जी, मैं बार-बार कह रहा हूँ कि मेरा यह ''विश्वास'' है कि ऍचऍल जी का खाता कठपुतली खाता नहीं है। मैं किसी से यह अपेक्षा नहीं रखता कि मेरे इस विश्वास को प्रमाण समझा जाए। विकिनिती के बारे में मैने बताया है कि चेकयूज़र बिना ठोस कारण के जाँच नहीं करते इसलिए प्रबंधक से यह अपेक्षा रखना कि वह बिना कारण जाँच करवाएगा यह निर्थक है। 'प्रमाण' से तात्पर्य यह है कि आपको यह सिद्ध करना पड़ेगा कि ऍचऍल जी का खाता ''compromised'' है, तथा उससे विकि को किसी प्रकार की क्षति पहुँची है। आपको संभाव्य खाता स्वामी भी बताना पड़ेगा।[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 09:45, 2 अगस्त 2013 (UTC)
::मैं नहीं जानती कि कौन सही है और कौन गलत । मैं हिन्दी विकि के साथ-साथ अँग्रेजी विकि और दर्जन भर से ज्यादा अन्य भाषाओं के विकि पर भी सक्रिय हूँ । मैं हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी को हिन्दी विकि पर ही नहीं बल्कि अँग्रेजी विकि पर प्राय: विचरण करते हुये देखती रही हूँ । मुझे भी विश्वास नहीं हो रहा कि ये किसी के कठपुतली हो सकते हैं । लेकिन यहाँ पर मैं संजीव जी की बातों से सहमत हूँ कि "अनुनाद जी द्वारा लगाया गया आरोप बहुत ही गम्भीर आरोप है और एक पुनरीक्षक पर यह आरोप लगना और भी अधिक गम्भीर है। ऐसा आरोप लगाना भी बहुत बड़ा [[विकिपीडिया:निजी टिप्पणियाँ एवं आक्षेप|व्यक्तिगत आक्षेप]] है जो विकी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है। कठपुतली खाता बनाकर उसका दुरूपयोग करना हिन्दी विकि पर गम्भीर मामला है और किसी कठपुतली का प्रबन्धक बनना कैसा होगा।" संजीव जी और अनुनाद जी की आशंका गलत भी हो सकती है और सही भी । कुछ कहा नहीं जा सकता । परंतु यहाँ उत्तरदायित्व का मामला है और उत्तरदायित्व से पहले संदेह का निवारण श्रेयस्कर होगा । जब सबकी सहमति है तो उनकी चेकयूजर जाँच करने में हर्ज ही क्या है ? कराया जा सकता है, कराया जाना चाहिए भी ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 05:12, 2 अगस्त 2013 (UTC)
बिल जी, मैं आपकी "सीता माता को भी अग्निपरीक्षा से गुज़रना पड़ा था, हम तो केवल तुच्छ मानव हैं" वाली बात से मैं पूरी तरह सहमत हूँ। पर एक प्रबंधक को जाँच के पक्के कारण होने चाहिए। और अनुनाद जी यदि पुनः प्रबंधक बनते हैं तो केवल बेबुनियाद आशंकाओं के आधार पर वो काम करेंगे, ये उन्होंने सिद्ध कर दिया है। कॉमन्स पर मैं कठपुतलियों से काफ़ी जूज चुका हूँ और कई का पर्दाफ़श कर चुका। कृपया इस [[:Commons:Commons:Administrators%27_noticeboard/User_problems/Archive_31#Donaldduck100_a.k.a._Saleem100.2C_Sridhar1000.2CNapolean100_-_now_User:Goldduck58|उदहारण]] को देखें। मैं माननीय सदस्यों और प्रबंधकों से निवेदन करूंगा कि सबूतों के आधार पर संदेह प्रकट करने की मेरी रणनीति सही है या हवाई तीर चलाने की श्री अनुनाद की नीति? क्या वे एक योग्य प्रबंधक बन सकते हैं? यदि मेरे इस उदहारण में शामिल सिद्धांतों के अनुसार वे मुझ पर संदेह प्रकट करें, तो मैं स्वयं जाँच के लिए कहूँगा। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:56, 2 अगस्त 2013 (UTC).
: हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, तो क्या आप यह कहना चाहते हैं कि आप अपने 'हिन्दुस्तानीलैंग्वेज' खाते की जाँच के लिए स्वयं प्रस्ताव नहीं करेंगे? आप किस तरह के 'प्रमाण' चाहते हैं ताकि आप स्वयं आगे आकर अपनी चेकयूजर जाँच का प्रस्ताव कर सकें?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 09:26, 2 अगस्त 2013 (UTC)
:: अदरणीय बिल जी, मैं आपका और अन्य सभी बरिष्ठों का बहुत सम्मान करती हूँ और "विश्वास" के साथ मैं भी कह रही हूँ कि ऍचऍल जी का खाता कठपुतली खाता नहीं हो सकता, किन्तु प्रबंधकीय ज़िम्मेदारी देने से पहले यदि कोई सदस्य कठपुतली होने का गंभीर आरोप लगाए और संदेह प्रकट करें तो उत्तरदायित्व देने से पहले संदेह का निवारण श्रेयस्कर होगा । इससे विकि पर अभिव्यक्ति का लोकतन्त्र बना रहेगा । ऐसी मेरी व्यक्तिगत मान्यता है ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 08:54, 2 अगस्त 2013 (UTC)
अति माननीय श्री अनुनाद जी, मैंने अपने पूर्व सन्देश में आप के लिए कॉमन्स की कड़ी दी जिसमें मैंने एक एक उदहारण के माध्यम से ये स्पष्ट किया कि कैसे मैं एक कठपुतली खाते को बार-बार पकड़ा है।
ये भी बता दूँ कि ये सदस्य चित्रों के कुछ अजीब-से नाम के साथ अपलोड कर रहा था जैसे "राम-राम जन्मभूमि-जन्मभूमि"। पनः नामकरन निवेदनों में कुछ तो निरापत्तिजनक थे और कुछ में फिर वही मज़ाक़ शामिल था जैसे किसी चित्र के नाम में "पूजा" एकबार हो तो उसे "पूजा-पूजा" करने के लिए कहना।
प्रथम दिवस से मैं एक आशंकित व्यक्ति हूँ, तो आपको निश्चित कारण बताने चाहिए कि क्यों ऐसा है। इससे आपकी प्रबंधकीय कुशलता का भी पता चलेगा। अन्यथा आप इस विकिपीडिया के कारणहीन टिप्पणीकर्ता दिखेगे।
मेरे कॉमन्स के उदहारण में मैंने चर्चा का विषय बने सदस्य पर कठपुतली होने का संदेह प्रकट किया, पर उसके साथ ही मैंने सदस्य के पूर्व खातों को गिना चुका हूँ, चेकयूज़र से इसकी पुष्टि भी हो गयी। मैं कभी भी कॉमन्स का प्रबंधक नहीं था, पर केवल सम्पदकीय अनुभव के आधार पर परदे की पीछे की तस्वीर को भाँप सका हूँ। आपके प्रबंधन में मैं यहाँ आया तो यदि आपको आशंका हो कि मैं वर्तमान या पूर्व के प्रबंधकों या सदस्यों का मैं कठपुतली हूँ, तो कृपया उस सदस्य का नाम बताईये। यदि इसमें भी समस्या हो तो अपने गौरवशाली अनुभव से उन सभी सदस्यों की सूची प्रस्तुत कीजिये जिनका मैं कठपुतली / कठपुतला हो सकता हूँ। मैं बिलजी या हुन्नजज़ल जी से इस निश्चित सूची के सही होने की जाँच का निवेदन कर सकता हूँ या फिर ऐसा ही निवेदन मेटा के कुछ मित्रों से कर सकता हूँ। यदि आप इतने छोटे-से कार्य में असमर्थ हैं, तो कृपया अपनी आपत्ति वापस ले लीजिये और मतदान को आगे बढ़ने दीजिये। आप मेरे लिए "विरोध", "घोर विरोध" आदि शब्दों का पर्याप्त कारणों के साथ या अकारण ही प्रयोग कर सकते हैं।
मेरे लिए हिन्दी विकिपीडिया इस देश की मुख्य भाषा की सेवा का अवसर है और निम्न लिखित तरिक़ों से मैं बिना किसी विशेष अधिकार के बिना भि करता आया हूँ और आगे भी, प्रबंधक न बन पाने की स्थिति में भी करता रहूँगा:
# लेखों को उपयुक्त श्रेणियों से जोड़ना
# नई श्रेणियाँ बना
# लेखों की भाषा सुधारना
# लेखों में रोमन लिपि हटाकर देवनागरी करना
# लेखों के वार्ता पन्नों का संपादन
# सदस्यों के प्रयोगप्रष्ठों को मुख्य नामस्थान से सदस्य प्रयोगप्रष्ठों में करना
# सदस्यों को संपादन सलाह देना
# लेख पन्नों का उपयुक्त कारणों से पुनः नामकरन
# बरबरता से लड़ना
# चौपाल की चर्चा में भाग लेना
# बेकार/ ग़ैर-ज्ञानकोषीय पन्नों को हटाने को कहना
# अनाथ पन्नों की और प्रबंधकों का ध्यान आकर्षित करना
# नए लेख लिखना, आदि कार्य
कृपया मेरी बिनती स्वीकार कीजिये और अपने अगले कदम की घोषणा कीजिये। मैं हिन्दी विकिपीडिया के एक आम सदस्य या प्रबंधक, दोनों ही रूप में सेवा करने तैयार हूँ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 16:50, 2 अगस्त 2013 (UTC).
===टिप्पणी, भाग २===
परमादरणीय हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, सादर प्रणाम। मैने साधारण सदस्य के रूप में केवल एक प्रस्ताव रखा है। मुझे इस मतदान को न रोकने का कोई अधिकार है न मतदान रूका ही है। मैने केवल एक निवेदन किया है कि मेरी दृष्टि में शंकास्पद खाते की चेकयूजर जाँच करवाने के बाद ही मतदान करना युक्तिसंगत होगा। परन्तु कोई भी सदस्य अपनी इच्छानुसार अब भी इस पर मतदान करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है। आपने कहा कि बिल जी आपको बहुत अच्छी तरह जानते हैं किन्तु न तो वे आपको प्रबन्धक बनाए जाने के पक्ष में/विरुद्ध मतदान कर रहे हैं न ही वे आपके बारे में कुछ ऐसा बता पाए हैं जो अधिकांश सदस्यों को न मालूम हो। मेरे प्रबन्धक रहते आपका केस क्यों नहीं उठाया गया, इसका सबसे प्रमुख कारण इस केस का अपरिपक्व होना था। जहाँ तक हिन्दुस्तानीलैंग्वेज की जाँच का प्रश्न है, मैं इसको कराने में पूर्णतः सक्षम हूँ। मैं पहले इसे प्रबन्धकों के हाथ से कराना चाहूँगा। जब वे स्पष्टतः जाँच कराने से मना कर देंगे तो हिन्दी विकि के अधिकांश सदस्यों का का मत लेना चाहूँगा। और अन्त में सबको पता है कि इस काम के लिए कोई भी निवेदन कर सकता है ( मैं भी)। मुझे हिन्दुस्तानीलैंग्वेज खाते की जाँच होने से दोहरी खुशी मिलेगी। यदि इस जाँच के परिणाम नकारात्मक आये तो मुझे खुशी होगी कि हिन्दी विकि में 'खरे सोनों' की संख्या मेरे अनुमान से भी अधिक है। यदि इसके परिणाम सकारात्मक आए तो भी मुझे खुशी होगी कि मेरी आशंका सही निकली। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:41, 3 अगस्त 2013 (UTC)
अति परमादरणीय अनुनाद सिंह जी, ये सही है कि मतदान को किसी ने नहीं रोका। परन्तु लोगों के मन में आशंका का बीज बोया जा चुका है। लोग एक तरफ हिन्दी विकि के लिए मेरी सेवा भावना से परिचित हैं तो दूसरी और मुझ पर लगे आपके आरोप से भयभीत हैं।
ऐसे में मैं आपसे फिर से हाथ जोड़कर निवेदन करूँगा कि कृपया एक सुलझे हुए अंदाज़ में आरोप लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ करें जिससे स्थिति स्पष्ट हो। आप कृपया एक बार कॉमन्स की इस [[:Commons:Commons:Administrators%27_noticeboard/User_problems/Archive_31#Donaldduck100_a.k.a._Saleem100.2C_Sridhar1000.2CNapolean100_-_now_User:Goldduck58|कड़ी]] को ध्यान से पढ़िए और ये सोचने की कोशिश कीजिये कि किसी अच्छे कार्य करनेवाले व्यक्ति पर किसी भी आरोप के पीछे कोई ठोस कारण होने चाहिए। फिर इसी कारण की जाँच उस समय सरल होगी जब आप उसी कारण को आगे विस्तृत रूप में कहें। मेरे उदाहरण में मैंने अपने शक का कारण बताया और ये भी आशंका जताई कि पूर्व प्रतिबंधित Donaldduck100 अपने नए अवतार Saleem100, Sridhar1000,Napolean100 और Goldduck58 के रूप में बार-बार आता रहा है। इस बात को सही पाया गया। इसी प्रकार से कृपया मामले का पुनः अध्यन कीजिये और विस्तार से अपनी आशंका प्रकट कीजिये की मैं कौन हूँ। यदि इस प्रयास में आपको मेरी कोई सहायता चाहिए तो मैं आपकी भरपूर मदद करने तय्यार हूँ। आपके सकारात्मक उत्तर की आशा करते हुए आपका शुभचिन्तक, [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:14, 3 अगस्त 2013 (UTC).
: परमादरणीय हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, मैं नहीं मानता कि सदस्यगण 'अज्ञानी' हैं और मेरे किसी निवेदन से आशंका का बीज बोया गया है। फिर भी मैं एकबार फिर निवेदन करना चाहता हूँ कि सदस्यगण यदि चाहें तो मतदान करें। श्री बिल जी और श्री सिद्धार्थ घई जी सबसे पहले यह कार्य करें तो अन्य सदस्यों की आशंका भी निर्मूल हो जाय। चेकयूजर की कार्यवाही समानान्तर चलती रह सकती है। इसमें महीनों का समय लग सकता है। हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी का नामांकन सफल/असफल घोषित होने के बाद भी चेकयूजर जाँच का काम किया जा सकता है। शुभकामनाओं सहित,-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:37, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::अनुनाद जी, ठोस आशंका के लिए महीने गंवाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने अनुभव से बताएँ कि मै किसकी कठपुतली हो सकता हूँ और इसकी तुरंत जाँच की जा सकती है। यदि मन में एक से अधिक नाम हों, तो उन्हें गिन दीजिये। वैसे एक मित्र ने मुझे विकि-सन्देश भेजा है कि मैं सम्भवतः आप ही की कठपुतली हूँ और आप चीख़-पुकार करके अपने आपको मुझसे भिन्न दिखना चाहते हैं या मेरे ही माध्यम से back door entry करना चाहते हैं। शायद इस पहलू की भी जाँच-पड़ताल होनी चाहिए। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 11:36, 3 अगस्त 2013 (UTC).
:::हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, आपके मित्र के विकिसन्देश का उत्तर आप मुझसे बेहतर जानते हैं। मैं इसके बारे में क्या कहूँ? -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 12:25, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::::एचएल जी, आपकी उत्सुकता ठीक है और आपका कहना सही भी है कि इसमें एक माह व्यर्थ गँवाने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन आप यह क्यों नहीं समझते कि यह कोई लड़ाई नहीं है। इसमें नीति की बात हो रही है लेकिन नीति के ठेकेदार यहाँ से विलुप्त हैं। कुछ लोग अनुनाद जी को नीति नियमों को तोड़ने के लिए बदनाम करते रहे हैं लेकिन वो नीति के ठेकेदार अपना मत यहाँ रखने से क्यों कतरा रहे हैं। क्या इसी का नाम नीति है? क्या यहाँ यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि जिन लोगों को ऐसे किसी भी आरोप के बारे में बीच-बचाव करना अथवा अपना दायित्व निभाना चाहिए वो इस विषय के बारे में बोलना उचित नहीं समझते? आपका कहना सही है लेकिन वो लोग कहाँ सो गये हैं जिनमें जिम्मेदारी लेने की तो होड़ लगी रहती है, नीति का श्रेय लेने की होड लगी रहती है लेकिन जब सही में नीति की बात आती है तो गुम हो जाते हैं। इससे उपर वाली चर्चा को भी जब उपयुक्त स्थान पर करने की बात आई तो वो कहीं खो गये हैं। यदि वो इस तरह सुप्त अवस्था में रहेंगे तो यहाँ एक माह नहीं कई महिने तक चर्चा चलना भी आश्चर्यजनक नहीं होगा। यहाँ इस चर्चा में मुझे नहीं लगता कोई भी प्रबंधक अपना पक्ष रख रहा है। बिल जी ने भी अपनी बात आपके वार्ता पृष्ठ पर जिस ढ़ंग से की वह मुझे अच्छा नहीं लगा। उन्होंने आपको भौगोलिक स्थिति बताई। उन्होंने बताया कि आपकी और Hunnjazal जी की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग है और बाद में उसी बात को गोपनीयता में छुपा लिया। यदि यह बात गोपनियता नीति में थी तो उन्होंने ऐसी बात की चर्चा खुले आम क्यों की? क्या यह एक प्रश्न नहीं है? अनुनाद जी ने अपना पक्ष रखा था केवल अपना विचार व्यक्त किया था लेकिन बिल जी अपने कथनों से इसकी उपपत्ति करने को तत्पर हैं कि आप कठपुतली हो। ध्यान रहे मेरे अनुभव और विचारों का प्रयोग यहाँ नहीं किया है बल्कि बिल जी के कथनों का संक्षिप्त निष्कर्ष निकाल कर रखा है। मुझे लगता है अनुनाद जी बताए या न बताएँ! उस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन बिल जी को जरूर बताना चाहिए की वो आपको किसकी कठपुतली बता रहे हैं और किस आधार पर?<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 12:32, 3 अगस्त 2013 (UTC)
:::::संजीव जी, आप क्यों बार-बार लिखी हुई चीजों को गलत रूप से पढ़के निष्कर्ष निकाल रहे हैं? पहले आपने बिना निति को ठीक से पढ़े मुझे नीतियों से कतराने का आरोप लगाया और अब यह कि मैं ऍचऍल जी को कठपुतली समझ रहा हूँ। मैने ऍचऍल जी के वार्ता पृष्ठ पर एक मित्र होते हुए अपनी बात रखी थी और अगर मुझे उसे सार्वजनिक मंच पर लाना होता तो वह उत्तर में यहाँ लिखता। भौगोलिक स्थिति से मेरा तात्पर्य यह था कि हुन्नजज़ल जी और ऍचऍल जी दो भिन्न-भिन्न स्थानों पर रहते हैं इसलिए यह आशंका मन में रखना कि ऍचऍल जी हुन्नजज़ल जी का कठपुतली खाता हो सकते हैं, मुझे हास्यास्पद लगा। परन्तु मैने यह बात यहाँ या चौपाल, जो सार्वजनिक मंच हैं, इसलिए नहीं रखी थी क्योंकि मैं इस तथ्य को प्रमाण के तौर पर नहीं रख रहा था। जब तक मैं इसे किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं लिखता तब तक यह बात केवल ऍचऍल जी और मेरे बीच की है, वार्ता पृष्ठों का उद्देश्य दो सदस्यों के बीच सम्पर्क स्थापित करने का जरिया है न कि सम्पूर्ण समुदाय के बीच। गोपनीयता में इसलिए छुपा लिया क्योंकि किसी भी सदस्य की निजी जानकारी सार्वजनिक करना उस सदस्य के अधिकारों का उल्लंघन होता है। मेरी भौगोलिक स्थिति मेरे कुछ मित्रों को पता है जो अंग्रेज़ी विकि पर हैं अगर वे इस जानकारी को सार्वजनिक करते हैं तो यह निति विरूद्ध होगा। अनुनाद जी के जिस पक्ष की आप वकालत कर रहे हैं वह गलत रूप से रखा गया है। मैने उनसे कितनी बार कहा है कि उचित कारण के साथ अपील करें या स्वयं चेकयूज़र के पास जाएँ परन्तु वे सुनने को तैयार ही नहीं होते। वे प्रबन्धकों से अपेक्षा रखते हैं कि वे जाँच कराएँ परन्तु किसा आधार पर यह वो ज़ाहिर नहीं कर रहे। मैने कितनी बार कहा है कि चेकयूज़र ठोस कारण माँगेगा, मैं या कोई भी प्रबंधक क्या कारण दे? आप मेरे कथन का एकदम गलत निष्कर्ष निकाल के प्रस्तुत कर रहे हैं। मैने कई बार साफ़ अक्षरों में लिखा है कई मुझे पूर्ण विश्वास है कि ऍचऍल जी किसी भी सदस्य का कठपुतली खाता नहीं है, फ़िर आप मुझ से यह प्रश्न क्यों पूछ रहे हैं?[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED"><><<sup></sup> बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 17:33, 3 अगस्त 2013 (UTC)
::::::बिल जी, सर्वप्रथम तो मैंने नीति से कतराने की बात आपके लिए कभी भी नहीं कही। आप एक भी उदाहरण दिखा दो जहाँ मैंने आपको नीति से कतराने की बात कही है। नीतियों से कतराने का विचार मैंने नीति के उन ठेकेदारों के लिए उपयोग क्या है जो हमेशा बात तो नीति की करते हैं लेकिन अब यहाँ उत्तर देने को तैयार नज़र नहीं आते। अब आपके उत्तरों की तरफ रूख करते हैं-
::::::*आप एचएल जी और हुन्नजज़ल जी की भौगोलिक स्थिति जानते हो अर्थात आप या तो उन दोनों सदस्यों से मिले हो अथवा उन्होंने कभी अपनी स्थिति ई-मेल के माध्यम से बताई होगी या यह भी हो सकता है कि आपने उनकी छानबीन की हो। अथवा प्रबंधक अन्य सदस्यों की भौगोलिक स्थिति का पता लगा सकता है (ऐसा कोई नियम मैंने कहीं नहीं देखा।) अथवा किसी की भौगोलिक स्थिति गोपनीयता नीति के अन्तर्गत नहीं आती केवल मुझ जैसे सदस्यों को दिग्भ्रमित करने के लिए गोपनीयता का सहारा लिया जाता है।
::::::*मैंने अनुनाद जी की कहीं वकालत नहीं की। लेकिन जब मैं नीति के (नीति के समय) सुसुप्त ठेकेदारों के विरूध कोई बात कहता हूँ तो वो आपको अनुनाद जी की वकालत प्रतीत होता है। मैंने इस पृष्ठ पर अनुनाद जी का नामांकन करने के अलावा कोई वकालत नहीं की। यह नामांकन मैंने आशीष जी और सिद्धार्थ जी के लिए भी किया था जबकि आशीष जी से तो मेरी कभी वार्ता भी नहीं हुई। मैंने जब कभी भी उनके वार्ता पृष्ठ पर कुछ लिखा है शायद ही उन्होंने जबाब दिया है। अतः उसे भी वकालत नहीं कहा जा सकता। मुझे उन लोगों का काम अच्छा लगा और मैंने उन्हें नामांकित कर दिया। अब मैंने किसकी कहाँ वकालत कर डाली वो तो आप ही जानो।
::::::*यहाँ न ही तो अनुनाद जी ने और न ही किसी और ने ऍचऍल जी और हुन्नजज़ल जी के कठपुतली होने का शक नहीं किया। मैं सोच रहा था अनुनाद जी ऍचऍल जी को आपका कठपुतली खाता कहेंगे। क्योंकि आप ही इसको एक अलग दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहे हो। मुझे तो यह भी शक था कि अनुनाद जी मेरा नाम लेंगे (क्योंकि मेरे और ऍचऍल जी का सक्रिय काल लगभग साथ में ही आरम्भ हुआ था और दोनों को ही आपने पुनरीक्षक बनाया है।) लेकिन मैं जिस आई पी से सम्पादन करता हूँ उससे मेरे अलावा किसी भी अन्य सदस्य को मैं सम्पादन नहीं करने देता अतः मैंने सोचा मेरा नाम लेंगे तो वो खुद ही मात खायेंगे। मुझे शक यह भी हुआ था कि अनुनाद जी, ऍचऍल को माला जी की कठपुतली कहेंगे क्यों कि माला जी से ऍचऍल ने शायद ही कोई वार्ता की हो और माला जी भी कुछ कथनों के बाद साफ कहने लग गयीं की ऍचऍल जी कठपुतली नहीं हैं। और हाँ मुझे इस तरह के और भी अनेकों शक थे और अब भी हैं। यहँ लिखुँगा तो कई सदस्य नाराज होंगे और समय भी बहुत व्यर्थ होगा अतः कोई लाभ नहीं। लेकिन आपने तो केवल एक ही शक किया जिसका कोई भी उचित कारण आपने नहीं दिया। मतलब यह कि आपको भी मन ही मन शक है की ऍचऍल जी एक कठपुतली हैं।
::::::*चौथी बात, भौगोलिक स्थिति बदलकर भी कठपुतली खाता काम में लिया जा सकता है। जहाँ तक मेरा अनुमान है आप एक अभियन्ता हैं और मुझे बहुत दुख हुआ की एक अभियन्ता आज के युग में यह कह रहा है। उस युग में जब एक चिकित्सक दूसरे देश में बैठे रोगी का इलाज कर सकता है उस युग में एक उपयोगकर्ता अपनी भौगोलिक स्थिति को अलग क्यों नहीं दिखा सकता। इसमें यदि आपको किसी तरह का शक हो तो मैं एक साथ दो देशों से विकी सम्पादन करके दिखा सकता हूँ।
::::::*अनुनाद जी से आप कारण मांगो। एक बार नहीं हजार बार मांगो। मुझे उस लफडे से कोई मतलब नहीं। मैं तो बस यह कहुंगा कि अनुनाद जी एक बार इसी प्रक्रिया में सफल हो चुके हैं और उस सफलता की सजा उन्हें यह मिली की विकी से तीन माह के लिए दूर कर दिया गया। मुझे लगता है इस बार वो यह कार्य इसीलिए आपसे करवाना चाहते हैं ताकी यदि सफलता मिले तो उसकी सजा उन्हें न भुगतनी पड़े। चूँकि सफल होने पर सजा मिलती है तो असफल होने पर तो निर्वासन भी मिल सकता है अतः हो सकता है अनुनाद जी निष्कासन नहीं चाहते हों क्योंकि उन्होने संदेश जाहिर किया है जिसमें उतनी ही प्रायिकता सफलता की है जितनी असफलता की।
::::::अब मेरा आपसे नम्र निवेदन है कि इस चर्चा को यहाँ से उठाकर चौपल पर स्थानांतरित कर दें। क्योंकि यह चर्चा के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है। आज मैं दो वर्ष पूर्व के मतदान देखता हूँ तो सोचता हूँ कि कितना अच्छा समत था जव सब लोग एक ही मत रखते थे और हिन्दी विकी का विकास करते थे। मैं नहीं चाहता कि आज से दो वर्ष पश्चात आने वाले सदस्य यह देखें कि हम लोग जहाँ मिलते थे वहीं झगड़ पड़ते थे। चौपाल पर चर्चा होना ठीक बात है लेकिन यहाँ ऐसी चर्चा होना कदापि अच्छी बात नहीं है। अब दोनों परिणाम घोषित हो चुके हैं। (उपर वाले परिणाम घोषित एवं नीचे वाले का नाम वापस लेना) अतः यहाँ यह चर्चा करना भी व्यर्थ ही है। अतः यह चर्चा अब चौपाल पर ही ठीक से हो सकती है।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 20:21, 3 अगस्त 2013 (UTC)
===मतदान जारी है ===
<strike> मैं अपने आपको पबंधक बनने की दौड़ से अलग करता हूँ और साथ ही इस पन्ने को अपनी ध्यानसूची हटा रहा हूँ। सदस्यों से आपसी सम्पर्क में मानमर्यादाओं का ध्यान रखने का निवेदन है। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 13:45, 3 अगस्त 2013 (UTC).</strike>
चूंकि अनुनाद जी ने, जिन्होंने मुझपर कुछ की आशंका जताई थी, ने ही मुझसे पुन: विचार का अनुरोध किया है, मैं ऊपर की टिप्पणी वापस लेता हूँ। मेरा हिन्दी विकिपीडिया के सभी वर्तमान, पूर्व तथा नवनिर्वाचित प्रबंधकों तथा अन्य सदर्यों से निवेदन है कि यदि मेरे कार्य से सन्तुष्ट हों तो कृपया अपने मत का मेरे लिये प्रयोग करॅ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 14:21, 4 अगस्त 2013 (UTC).
:एचएल जी, आपने अपनी नैतिकता का यह एक कठोर सबूत दिया है। काश सभी विकी दोस्त आप जैसा करने की क्षमता रखते। लेकिन मैं बिल जी सहित अन्य सभी सदस्यों से आग्रह करुँगा की अपने आरोपों के सन्दर्भ में अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें। हाँ अब यह चर्चा चौपाल पर स्थानांतरित की जा सकती है।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 13:50, 3 अगस्त 2013 (UTC)
====<strike>मानहानि </strike>====
<strike>प्रबन्धकों के चुनाव में अधिकतर या तो समर्थन या विरोध देखा जाता है। कभी-कभी वर्तमान प्रबंधक उम्मीदवारों से योग्यता जाँचने के प्रश्न भी पूछते हैं। परन्तु इस समय पूरी प्रक्रिया को एक पूर्व प्रबंधक ने अपनी बेबुनियाद आशंकाओं से प्रभावित किया है। अब उस व्यक्ति का दायित्व है कि वो स्पष्ट करे कि वो मुझ पर ऐसा गंभीर आरोप किस आधार पर लगा रहा है। और साथ ही उसे ये भी स्पष्ट करना चहिये कि संभवतः मैं किसका या किन व्यक्तियों की कठपुतली हूँ। यदि कोई स्पष्ट आधार पर आरोप हो तो उसकी जाँच होनी चाहिए और मुझ पर अनिश्चित काल का प्रतिबन्ध होना चाहिए। यदि महोदय केवल निराधार बातें करने की अपनी योजना आगे बढ़ाते गए तो ऐसा ही प्रतिबन्ध उन पर लगना चाहिए। मैं प्रबंधक पद के लिए निकट भविष्य में खुद को आगे करने के लिये स्वतन्त्र हूँ । </strike>[[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 08:04, 4 अगस्त 2013 (UTC)
: हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, आप नीतिज्ञ हैं। आपको कुछ बताने की आवश्यकता ही नहीं है। फिर भी कुछ कहना जरूरी है। चेकयूजर जाँच विकिपीडिया की एक उपयोगी और परम आवश्यक जाँच है। इसकी महत्ता को देखते हुए ही विकिसमाज को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कोई भी स्वयं अपना या किसी दूसरे की चेकयूजर जाँच के लिए निवेदन कर सकता है। चेकयूजर हो/न हो/ जाँच परिणाम सकारात्मक आए/नकारात्मक आए, इससे किसी की मानहानि नहीं समझा जाता। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 08:36, 4 अगस्त 2013 (UTC)
मेरे लिए तो ये तर्क ऐसा ही है जैसे शॉन जी आपके लिए शायद रेजोनेंस लायन कहते समय की होगी। आखिर, ये तो आपके नाम का अनुवाद है।
जब आपसे कह रहा हूँ कि मैं अग्निपरीक्षा से गुजरने तैयार हूँ, केवल आप कारण बतायिए, और अपनी आशंकाओं को खुलकर व्यक्त करें, तो पीछे क्यों हटते हैं। कृपया बतायिए:
# आपके शक का कारण
# आपको किस पर संदेह है की उनका या उन व्यक्तियों का खाता हो सकता हूँ
यदि आप इन प्रश्नों के उत्तर देने में असमर्थ हैं, तो आपको अपनी गलती मन लेनी चहिये। संजीव जी ने आज मेरी एक भूल पर ध्यान आकर्षित किया। मैंने उसे तुरंत स्वीकार किया। यदि आप अपनी आशंका का कोई आधार नहीं पाते, तो कृपया अपनी गलती स्वीकार करें और स्थिति कल से पूर्व की हो जाएगी। शायद मैं अगर इंदौर आया तो आपके साथ एक कप चाय भी दोस्तों जैसे वातावरण में पी भी सकता हूँ (यदि आप चाय पीते हों और आपको मुझ जैसे छोटेसे योगदानकर्ता से मिलने पर कोई आपत्ति न हो)। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 08:59, 4 अगस्त 2013 (UTC).
:: माननीय हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, आपकी मेरे यहाँ चाय पीने की बात अन्तरंग को छू गई। कभी इन्दौर आएँ तो एक मेल अवश्य डाल दें। नीतिज्ञ और विद्वानों की संगति मुझे अच्छी लगती है। हिन्दी विकि पर शॉन जी की कमी मुझे सदा खलती है।
:: मेरा आपसे निवेदन है कि आप अपना नामांकन वापस लेने पर पुनर्विचार करें। वपस लेने से पहले कम से कम हुन्जजाल जी से तो पूछना चाहिए था। उन्होने आपके नाम का प्रस्ताव किया था। मैं आपसे दूसरा निवेदन यह करना चाहूँगा कि चेकयूजर जांच को लेकर आप इतने चिन्तित न हों। इसे बिलकुल सहज भाव से लें और अपना काम करते रहें। मैं सच कहता हूँ कि मुझे पहले शंका थी वह बिल जी द्वारा आपके वार्तापृष्ठ पर दिए सन्देश के कारण बहुत अधिक बलवती हो गई। यह वार्ता बिलकुल वैसी ही ही है जैसी इसी सन्दर्भ में बिल जी द्वारा शॉन के वार्तापृष्ट पर की गई वार्ता थी।
:: आप बार-बार शंकास्पद खातों का नाम बताने को कह रहे हैं। मैं बता देता किन्तु यहाँ बताने से कोई लाभ नहीं है। हममे से कोई भी इसे सिद्ध या असिद्ध करने की क्षमता नहीं रखता। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 11:09, 4 अगस्त 2013 (UTC)
:: आरोप प्रत्यारोप में इतना समय और शक्ति का अपव्यय हो रहा है इसे लेख बनाने में लगाया जाये तो विकि का बहुत भला होगा, यदि कठपुतली खाते की बात जिनके लिये की जा रही है उनकी चेकयूजर से जाँच कराने में आखिर क्या परेशानी है, मेरी राय है कि चेक यूजर से तत्काल जाँच कराकर सभी सदस्यों को आश्वस्त किया जाना चाहिये ताकि एक सही और स्वस्थ संदेश विकि से जुड़े सदस्यों तक जा सके।--<b>[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|<font color="green">डा० जगदीश व्योम</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Dr.jagdish|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> 16:47, 4 अगस्त 2013 (UTC)
:'''निवेदन:''' आप सभी को मैं अपने [[ग्रेटर नोएडा|गरीबखाने]] पर बुला रहा हूँ यह प्रमाणित करने के लिये कि मैं यानी कि डॉ० मदनलाल वर्मा 'क्रान्त' (अंग्रेजी में [[User:Krantmlverma|क्रान्त एम०एल०वर्मा]]) और मुझसे भी पूर्व के विकीपीडिया पर योगदानकर्ता अवधेश पाण्डेय जी दो अलग-अलग व्यक्ति हैं जिन्हें एक दूसरे की कठपुतली घोषित करते हुए ब्लॉक किया गया। जबकि स्वयं विकी सदस्य [[User:Shijualex|शिजू अलेक्स]] ग्रेटर नोएडा से ही एक अन्य सदस्य [[सदस्य:Awadhesh.Pandey|अवधेश पाण्डेय]] के साथ मेरे घर पर आकर मेरे बारे में सारी जानकारी लेकर जा चुके हैं। इसकी तसदीक भी हुन्नजज़ाल जी के [http://meta.wikimedia.org/wiki/User_talk:Hunnjazal वार्ता पृष्ठ] पर बहुत पहले की जा चुकी है। [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 09:18, 4 अगस्त 2013 (UTC)
::मैं शुक्र से रवी छुट्टी पर यात्रा कर रहा था इसलिए देर से उत्तर देने के लिए क्षमा। चेकयूज़र के लिए कारण बताना ज़रूरी है। अकारण नहीं होती - यह उनके नियम हैं। और कारण है तो कोई स्वयं भी करवा सकता है। मुझे भी कई लोग समय-समय पर कठपुतली लगते हैं। लेकिन बिना ठोस वजह के चेकयूज़र करवाने की विफल चेष्टा में फटकार खाने का कम-से-कम मुझे तो कोई शौक़ नहीं। हाँ, अगर कोई कारण है तो इसे कोई नहीं रोक सकता और सख़्त नीति के तहत कोई भी लागूतिथि के बाद पकड़ा गया तो हमेशा के लिए प्रतिबन्धित होगा। अनुनाद जी, खुलकर कहिए कि आपको कौन किस की कठपुतली लग रहा है और क्यों? मेरी ओर से कभी किसी चेकयूज़र में अड़चन नहीं होगी और अगर आप मेरी करवाना चाहें तो उन्हें कह दें कि मेरी स्पष्ट अनुमति व सहमति है। ज़रूर करें - लेकिन यह *आप* करें। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 03:14, 5 अगस्त 2013 (UTC)
:::Hunnjazal जी मुझे तो समझ में नहीं आया आप एक तो उत्तर अधुरे देते हो और बात में अलग-अलग नीतियों की बात करते हो। आप छुटी पर थे यह बात समझ में आती है लेकिन यहाँ जिस तरह से सेनाएं मैदान में आगे बढ़ रही हैं उनमें जान-माल का बहुत नुकसान हो रहा था उससे मैं और बिल जी तो परेशान थे ही अन्य लोग भी परेशान थे अतः किसी नीतिज्ञ को बुलाना आवश्यक हो रहा था। अब बात जब सफलता-असफलता की आती है तो इसमें या तो आप बिल्कुल गलत कह रहे हैं अथवा हमे हमारे गुरुजनों ने गलत सिखाया। हमें तो यह ही सिखाया गया है कि आदमी गलती से भी सिखता है। मुझे नहीं लगता कि अनुनद जी को कारण बताने में कोई परेशानी होगी लेकिन वो ये चाहते हैं कि हमारे प्रबंधक इस तरह के कार्यों में आगे बढकर भाग लें। यदि प्रबंधक इसमें आगे बढ़कर भाग लेंगे तो किसी की हिम्मत नहीं होगी की आगे कठपुतली खाता बनाये। आप किस लागू तिथि की बात कर रहे हो यह तो समझना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि चौपाल के पुरालेखों को देखकर मुझे पता चला कि हिन्दी विकी पर दो नीतियाँ कठपुतली खातों के लिए बन चुकी हैं । एक वो है जो कुछ माह पूर्व आपने तैयार की लेकिन बहुत कम सदस्य उसपर अमल करने वाले थे तथा दूसरी वह नीति है जो कुछ वर्ष पूर्व राजीवमास/लॉजिक के परिणामों को देखकर मयूर जी ने पूर्ण बहुमत के साथ बनायी थी। आखिर मुझे यह बात समझ नहीं आ रही कि आप इतना घबरा क्यों रहे हैं? कठपुतली जाँच करवाने पर मेटाविकी वाले हमें पकड़कर पीटने वाले नहीं हैं न ही हमपर कोई जुर्माना लगाने वाले हैं। बात जहाँ तक डांट-फटकार की है तो वह तो कुछ लोग बिना किसी कारण के भी लगा देते हैं जैसे आपने मुझे अप्रैल के महिने में लगायी थी। आपसे चौपाल पर भी कुछ उत्तर (जैसे - अनुप्रेषित पृष्ठ) देने के लिए उपर कहा था लेकिन आपने वो उत्तर देना भी शायद उचित नहीं समझा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 19:34, 5 अगस्त 2013 (UTC)
:निरार्थक बात कर रहें हैं। उन्होने ऐसा क्या किया है जो अनुनाद जी या किसी अन्य सदस्य ने नहीं किया? किसी को अनुनाद जी और मेरे भी एक-दूसरे की कठपुतली होने का शक हो सकता है। मैं अगर आपसे कहूँ कि आपकी कुतुब मीनार से कूदने की हिम्मत क्यों नहीं हो रही तो यह बेमतलब बात होगी। गुरुत्वाकर्षण का नियम यह न करने को कहता है। एक नियम है कि अकारण चेकयूज़र जाँच नहीं होती। ऍच-ऍल पर आरोप की कोई बुनियाद नहीं है - बस अनुनाद जी की एक भावना है। क्या दलील देंगे? 'कृप्या इस सदस्य की जाँच करें क्योंकि एक अन्य सदस्य की भावना है कि यह कठपुतली है?' अभी अगर कोई आकर कहे कि अनुनाद जी पर जाँच करवाई जाए क्योंकि मुझ लग रहा है वे कठपुतली हैं', मैं वह भी न करवाऊँ। आशीष जी जल्द ही प्रबन्धक पुन: बनेंगे। उनसे पूछ देखें। सम्भव है उनका मत मुझसे भिन्न है। वह चाहें तो अभी और इसी समय प्रबन्धक बनते ही इस जाँच को करवाने की घोषणा कर सकते हैं। मुझे कोई आपत्ति नहीं। या कोई ठोस दलील या आधार तो दें तो मैं बात आगे भी बढ़ाऊँ। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 03:07, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::एचएल जी ने ऐसा क्या किया है वो तो आप जानो या अनुनाद जी जानें। गुरुत्वाकर्षण हमें कुतुबमीनार से कुदने की अनुमति नहीं देता लेकिन हमें पैरासूट देकर हवाई जहाज से कुदने को कहा जाये तो हमे (आपतकाल में) कुदना पड़ेगा। गुरुत्वाकर्षण वहाँ अनुमति देता है। चूँकि यहाँ एचएल जी कठपुतली नहीं हैं अतः पैरासुट अपने पास है और जब बात आपातकाल की कहें तो क्या उपरोक्त चर्चा किसी आपातकाल से कम है? आपने संभावना की बात की है तो मैं साफ कहुँगा कि मुझे कितना भी भरोसा हो लेकिन कई बार आँखो देखी बाते भी गलत होते देखी हैं। यदि संभावना ही नहीं देखुंगा तो आगे कदम कैसे बढ़ाउंगा? भौतिकी का छात्र हूँ मुद्दे के हर पहलु को देखना पड़ता है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर सकता! आप मुझे कहोगे कि संजीव कठपुतली है तो भी शायद मैं इनकार न कर पाउँ क्योंकि मैंने [[कार्तिक कॉलिंग कार्तिक]] जैसी फ़िल्में भी देखी हैं।
::अब मैं यह तो समझने में अक्षम हो गया हूँ कि आप किस दूनिया में रहते हैं? कृपया मेरे कुछ प्रश्नों के उत्तर दें:- क्या आप प्रबंधक हैं? यदि हाँ तो आप किस प्रबंधकीय कार्य को निभा रहे हैं? क्या आप जानते हैं विकिपीडिया पर क्या चल रहा है? कभी आपने कोई नियम बनाने से पूर्व यह सोचा है कि पहले से वो नियम विकिपीडिया पर है अथवा नहीं? क्या आपने अपने वार्ता पृष्ठ के अलावा कभी किसी प्रश्न का पूर्ण उत्तर दिया है? क्या अन्य सभी सदस्य आपके कार्यों से सन्तुष्ट हैं? क्या आप अपनी ही बनाई नीतियों का पालन करते हो? क्या आप लघु पृष्ठ बनाने एवं नवीन सदस्यों को भगाने के अलावा अन्य किसी कार्य को अंजाम देते हो? यदि नहीं हैं तो अधिकार सूची में आपको प्रबंधक क्यों दिखाया जा रहा है? इसके अलावा एक स्थिति यह भी होती है कि आप नहीं जानते की आप प्रबंधक हो अथवा नहीं। उस अवस्था में मैं एक प्रस्ताव लाउँगा कि आपको इस पद से सेवानिवृत कर दिया जाये। क्योंकि आपके लिए प्रबंधकीय उपकरण उपयोग रहित हैं। आप मेरे इस प्रस्ताव से सहमति प्रदान करेंगे। अब आप यह सोच सकते हैं कि मैं ये प्रश्न आपसे क्यों पुछ रहा हूँ तो उसका भी कारण साफ कर देता हूँ। आपने 6 अगस्त को लिखा है - "आशीष जी जल्द ही प्रबन्धक पुन: बनेंगे।" चूँकि 2 अगस्त को वो प्रबंधक बन चुके हैं और यह इसी पृष्ठ में उपर ही उपर लिखा है। अब न ही तो आप नादान हो और न ही आपका अनुभव विकी पर इतना कम है (एवं ये बात भी नहीं है कि आपको हिन्दी नहीं आती) कि आपको यह भी पता न रहे की हिन्दी विकी पर प्रबंधक कौन-कौन हैं? जब मैंने आशीष जी को नामांकित किया तो आपने बिना कुछ देखे ही कह दिया कि वो प्रबंधक हैं जबकि उस समय वो प्रबंधक नहीं थे और जब वो प्रबंधक बन चुके हैं तो आप कह रहे हो वो प्रबंधक बनेंगे। मुझे एक यह भी संभावना दिखाई देती है कि आप लिखने में भूतकाल और भविष्य काल में भ्रमित हो, शायद आपको यह समस्या आ रही है कि भूतकाल और भविष्यकाल में अन्तर क्या है! ऐसा भी हो सकता है कोई बड़ी बात नहीं है, सामान्यतः बंगाली, तेलुगू, उड़िया एवं दक्षिण भारतीय लोगों को जैसे लिंग के अनुसार वाक्य बोलने में समस्या होती है वैसे ही आपकी समस्या काल से सम्बंधित होती है। मेरे साथ ऐसी ही समस्या बंगाली बोलते समय होती है। दो वर्ष पहले तक अंग्रेजी बोलते समय भी यह गलती करता था। लेकिन इन अवस्थाओं में आपको प्रबंधक पद उसी नैतिक आधार पर त्याग देना चाहिए जिसकी आप बार-बार दुहाई देते हो।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 05:32, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::: हुन्नजजाल जी के समय-ज्ञान/समय-भ्रांति की बात चली है तो सदस्यों को याद दिला दूँ कि उन्होने कोई एक वर्ष पूर्व दस मिनट के अन्तराल पर बिलकुल दो विपरीत बातें कहीं थीं जिस पर बहुत विवाद हुआ था। उसके बाद अभी हाल में ही अनुनाद सिंह को तीन माह के लिए ब्लॉक करते समय भी उनको 'समय' का ज्ञान भूल गया ( 'अन्तिम चेतावनी' असहाय होकर देखती रह गई।) । वे इतना जल्दी भूल जाते हैं कि क्या कहा जाय? दूसरों को 'कारनामा', 'सीढी हटाना' जैसे सभ्य शब्दों के उपयोग पर 'चेतावनी' देने वाले स्वयं भूल जाते हैं कि 'दुत्कारे जाएंगे' एक गाली है। मेरी जानकारी में तो कुत्ते को 'दुत्कारा' जाता है!!! बहुत पहले उन्होने कहा था कि 'समय' के स्थान पर 'टाइम' इसलिए प्रचलित हुआ है क्योंकि लोग 'वक्त' के स्थान पर 'समय' का उपयोग करने लगे थे। तब मैने पूछा था कि 'वक्त' यदि ८०० वर्ष पुराना है तो 'समय' तो ८००० वर्ष पुराना है। आप कैसे कह रहे हैं कि 'समय' द्वारा 'वक्त' को हटाने की कोशिश हुई? (मैने कुछ गलत लिखा हो तो माफ कीजेगा।)-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:00, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::::जी, वास्तव में ही ग़लत कह रहें हैं, या फिर मेरी बात समझे ही नहीं थे। 'वक्त-समय-टाइम' का प्रबन्धन अधिकार से दूर-दूर का लेना-देना नहीं इसलिए इसे आपके वार्ता पृष्ठ पर स्थानांतरित कर रहा हूँ। धन्यवाद। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 08:11, 6 अगस्त 2013 (UTC)
:आप उत्तेजित हो रहें हैं, संजीव जी। अपनी भावनाओं पर क़ाबू पाईये अथवा चर्चा का कोई लाभ नहीं, हालांकि मैं फिर भी जब तक आप चाहें करने को पूर्णत: तैयार हूँ। अच्छा तो होगा अगर कुछ देर को इस चर्चा से हटाकर किसी अन्य कार्य में लगें और फिर संयमित भावों से वापस आएँ। प्रबन्धकों का कार्य महज़ किसी की भावना के आधार पर चेकयूज़र के स्पष्ट नियमों के विरुद्ध जाकर जाँच का आग्रह करना नहीं होता। कोई मुझसे अब आग्रह करे कि 'मुझे संजीव जी से अपने जीवन का ख़तरा अनुभव हो रहा है। उन्हें तुरंत प्रतिबंधित करें। प्रबन्धक का दायित्व निभाएँ।' - तो मैं बिलकुल नहीं करूँगा। उन्हें इस आरोप की बुनियाद देनी होगी। आप कोई आधार प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं इसलिए यह कार्यवाई नहीं होगी और ऐसी कार्यवाई किसी भी प्रबन्धक को नहीं करनी चाहिए। केवल आपके कहने से बात सिद्ध नहीं हो जाती। व्यक्ति-व्यक्ति में अंतर होता है और प्रबन्धक भूल कर सकता है। शायद बिल जी या आशीष जी मुझसे अलग मत रखें। सम्भव है, और कभी-भी किसी भी चेकयूज़र को मैं नहीं रोकने वाला। कोशिश कर देखिए। या फिर स्वयं ही यह कर दीजिए। ध्यान दें कि वास्तव में मैं उनकी जाँच कराने का इच्छुक हूँ (मैं सदैव सभी की जाँच बार-बार कराने का इच्छुक हूँ - आपकी, बिल जी की, अनुनाद जी की, ऍच-ऍल की, आशीष जी की, अपनी, सभी की) - लेकिन यह नियम विरुद्ध है (checkuser may not be used for witchhunts) - यह नियम मैने नहीं बनाया है। मैं भ्रष्टाचारियों को गोली मारने के हक़ में भी हो सकता हूँ लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं ही उन्हें क़ानून का उल्लंघन करके गोली मारूँगा। आशीष जी को प्रबन्धक पद से हटाया जाना एक ग़लती थी (यहाँ किसी के द्वारा नहीं बल्कि स्टीवर्ड द्वारा) इसलिए मुझे इसपर हैरानी हो यह स्वाभाविक है। मैं केवल प्रबन्धक हूँ, अन्तर्यामी नहीं। उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए था। ऊपर आपने बिल जी का कथन शायद पढ़ा नहीं। ख़ैर, ठंडी सांस लें। धन्यवाद! --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 06:46, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::Hunnjazal जी,एक तो यह समझना मुश्किल है कि आप प्रश्नों के उत्तर दे भी रहे हैं या नहीं। मैं यह भी नहीं समझ पाया की आपने मेरे प्रश्न पढ़े भी अथवा नहीं। लेकिन आपकी टिप्पणी को देखकर तो लगता है आपने मेरे प्रश्न नहीं पढे। जो भी हो वह आपका तरीका है। मैं आपके सभी उत्तर पंक्तियों में दुंगा।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 11:22, 6 अगस्त 2013 (UTC)
====उत्तरों के उत्तरों पर टिप्पणी====
*आप उत्तेजित हो रहें हैं, संजीव जी। अपनी भावनाओं पर क़ाबू पाईये अथवा चर्चा का कोई लाभ नहीं, हालांकि मैं फिर भी जब तक आप चाहें करने को पूर्णत: तैयार हूँ। अच्छा तो होगा अगर कुछ देर को इस चर्चा से हटाकर किसी अन्य कार्य में लगें और फिर संयमित भावों से वापस आएँ।
;उत्तर:मैं बिल्कुल उत्तेजित नहीं हूँ। उत्तेजित होता तो २० घण्टे बाद उत्तर नहीं देता बल्कि आपके लिखते ही कुछ मिनटों में देता। भावनाओं पर काबू किसी का नहीं होता लेकिन उन्हें मैंने जाहिर करने में पूर्ण काबू रखा है और एक भी भावना जाहिर नहीं की। आप कह रहे हो तैयार हो लेकिन आपका उत्तर देखकर ऐसा प्रतीत नहीं होता। और अधिक देरी से उत्तर दुंगा तो लोग समझेंगे कि मैं आपके अधुरे एवं अपूर्ण उत्तरों से संतुष्ट हो गया जो सही नहीं है।
*प्रबन्धकों का कार्य महज़ किसी की भावना के आधार पर चेकयूज़र के स्पष्ट नियमों के विरुद्ध जाकर जाँच का आग्रह करना नहीं होता।
;उत्तर:मैंने कभी नियमों के विरुध जाने की बात नहीं की। लेकिन यहाँ अनुनाद जी का पक्ष आपसे भारी है क्योंकि उन्होंने पहले एक ऐसी कठपुतली को पकड़ा था जो शायद आपके शक से भी दूर थी। अतः आप अनुनाद जी के शक को नज़र-अंदाज नहीं कर सकते।
**यह केवल आपका मत है।
* कोई मुझसे अब आग्रह करे कि 'मुझे संजीव जी से अपने जीवन का ख़तरा अनुभव हो रहा है। उन्हें तुरंत प्रतिबंधित करें। प्रबन्धक का दायित्व निभाएँ।' - तो मैं बिलकुल नहीं करूँगा। उन्हें इस आरोप की बुनियाद देनी होगी।
;उत्तर:तुरंत प्रतिबंधित कर देना। मुझे बहुत खुशी होगी की मेरे कारण किसी को तो लाभ हुआ। बाद में चर्चा कर लेना, क्योंकि प्रतिबंध तो हटाया जा सकता है लेकिन किसी की जान एक बार चली गयी तो गई। उसे बचाना आवश्यक है।
**जी नहीं, यह सर्वथा ग़लत है और इससे अराजकता पैदा होगी। किसी के आरोप-मात्र पर किसी और को प्रतिबन्धित नहीं किया जाता। मैं अनुनाद जी को हिन्दी विकि के लिए हानिकारक मानता हूँ। लेकिन उन्हें हमेशा के लिए प्रतिबन्धित नहीं कर सकता। नीति से मेरे हाथ बन्धे हैं, और न ही बिल जी या आशीष जी मेरे कहने पर ऐसा कर सकते हैं।
* आप कोई आधार प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं इसलिए यह कार्यवाई नहीं होगी और ऐसी कार्यवाई किसी भी प्रबन्धक को नहीं करनी चाहिए। केवल आपके कहने से बात सिद्ध नहीं हो जाती।
;उत्तर:आधार मैं न ही तो प्रस्तुत करुंगा और न ही इस बारे में बात करुंगा। कारण: आपने अपनी जिम्मेदारी से मुह मोड़ रखा है। आप केवल अपने पृश्न पुछना जानते हो उत्तर देना शायद आपने सिखा ही नहीं।
**बेबुनियादी अर्ध-आरोप पर कार्यवाई असम्भव है। कुछ ठोस मिले तो पुन: अवश्य कहें।
* व्यक्ति-व्यक्ति में अंतर होता है और प्रबन्धक भूल कर सकता है। शायद बिल जी या आशीष जी मुझसे अलग मत रखें। सम्भव है, और कभी-भी किसी भी चेकयूज़र को मैं नहीं रोकने वाला। कोशिश कर देखिए। या फिर स्वयं ही यह कर दीजिए।
;उत्तर:रटा हुआ वाक्य। बार बार पुनरावर्ती करने से श्लोक नहीं बनने वाला। वैसा ही रहेगा जैसा है।
**इसका अर्थ मैं नहीं समझा।
*ध्यान दें कि वास्तव में मैं उनकी जाँच कराने का इच्छुक हूँ (मैं सदैव सभी की जाँच बार-बार कराने का इच्छुक हूँ - आपकी, बिल जी की, अनुनाद जी की, ऍच-ऍल की, आशीष जी की, अपनी, सभी की) - लेकिन यह नियम विरुद्ध है (checkuser may not be used for witchhunts) - यह नियम मैने नहीं बनाया है।
;उत्तर:वाक्य में विरोधाभाष। आपके पूर्ववर्ती वाक्य से उलट। आपको किसी की भी जाँच करवाने का मन करे तो आप करो न ही तो मैंने रोका है और न ही किसी और ने। आपने एक भी सफल पाय तो आपकी महानता होगी।
**चेकयूज़र-नियम के विरुद्ध मैं जाँच नहीं करवाऊँगा - ना आपकी, ना किसी और की। यदि मुझे ठोस रूप से किसी आधार पर कोई कठपुतली लगेगा तो उसपर जाँच का आग्रह फ़ौरन करूँगा। यहाँ उसकी चर्चा तक ना करूँगा। सभी को ऐसा करना चाहिए।
* मैं भ्रष्टाचारियों को गोली मारने के हक़ में भी हो सकता हूँ लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं ही उन्हें क़ानून का उल्लंघन करके गोली मारूँगा।
;उत्तर:मैंने तो गोलियाँ चलाने की बात नहीं की। आप विकी पर किस तरह के भ्रष्टाचार की बात कर रहे हो? कानून की बात वहाँ की जाती है जहाँ सबके लिए कानून एक हो। यहाँ साफ दिख रहा है कि आप कानून औरों पर लागू कर रहे हो। अपने आप को कानून के दायरे में बता रहे हो लेकिन शायद यह कानून आपने ही बनाया है।
**इसका अर्थ मुझे समझ नहीं आया। भारत में भ्रष्टाचार है। मेरा मत है कि उन्हें ऐसे दण्डित किया जाए लेकिन क़ानून क़ानून है (the law is an ass, the law is an idiot, but the law is the law)।
*आशीष जी को प्रबन्धक पद से हटाया जाना एक ग़लती थी (यहाँ किसी के द्वारा नहीं बल्कि स्टीवर्ड द्वारा) इसलिए मुझे इसपर हैरानी हो यह स्वाभाविक है।
;उत्तर:मैंने इस संबंध में कभी कुछ नहीं कहा। ना ही मैंने यह कहा कि आपको इस पर हैरानी क्यों है।
**अच्छा, ठीक है। आशीष जी की बात ख़तम।
* मैं केवल प्रबन्धक हूँ, अन्तर्यामी नहीं। उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए था। ऊपर आपने बिल जी का कथन शायद पढ़ा नहीं। ख़ैर, ठंडी सांस लें।
;उत्तर:मैंने भी यह नहीं कहा कि आप अन्तर्यामी हो। आप केवल प्रबंधक हो लेकिन आपने प्रबंधक से सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर देना उचित ही कहाँ समझा?
**दिया, दे रहा हूँ और देता रहूँगा। लेकिन सच्चे व नीतिपरायण उत्तरों से अगर आप असंतुष्ट हैं तो यह आपका मसला है, मेरा नहीं।
<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 11:22, 6 अगस्त 2013 (UTC)
**धन्यवाद, संजीव जी! --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 18:07, 6 अगस्त 2013 (UTC)
=== अपने बारे में कुछ बताएँ ===
हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, मत देने के पूर्व कुछ जानकारी चाहता हूँ। यह यदि दे सकें तो मुझे मतदान में सुविधा होगी। किसी वार्तापृष्ट पर पढ़ा था कि आपको मेटा या कहीं और ब्लॉक किया गया था। क्या इसके बारे में दो वाक्य लिख सकते हैं कि कब, कहाँ और क्यों? मेरा यह प्रश्न इसलिए सार्थक और प्रासंगिक है क्योंकि आपने ऊपर एक स्थान पर 'ब्लॉक होने को' या उसके कारण को 'अमानवीय कृत्य' कहा है।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 07:44, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::अनुनाद जी, यदि आप प्रासंगिक प्रश्न पूछ रहे हैं, और उसका आधार मेरी कोई टिप्पणी है, तो कृपया इसे हिन्दी विकिपीडिया तक ही सिमित समझें। फिर भी, मैं आपको वो [[:Commons:Commons:Administrators'_noticeboard/User_problems/Archive_33#Punishment_for_Commons_File_Renaming_and_attack_on_my_username|कड़ी]] दे ही देता हूँ। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 08:16, 6 अगस्त 2013 (UTC).
::: [[:Commons:Commons:Administrators'_noticeboard/User_problems/Archive_33#Punishment_for_Commons_File_Renaming_and_attack_on_my_username|सारांश]]: [[:Commons:User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] did an uploader-requested file renaming on Commons which also registered the user's first edit on Indonesian Wikipedia. Due to some misunderstanding, he was blocked indefinitely on the latter project. Upon the unanimous and supportive intervention of the Commons community members, the "indefinite block" was lifted and the issue was resolved as a gross mistake.
:::: मैने उपर्युक्त लिंक पर जाकर देखा। प्रथम दृष्टया प्रबन्धक की गलती थी। 'गलत' शब्दों में कहें तो प्रबन्धक का कृत्य 'अमानवीय' था। यह हिन्दी विकि पर भी सम्भव है। लेकिन मेरा आश्चर्य यह है कि आप इसके बावजूद यह क्यों मानते हैं कि जिसे ब्लॉक किया जाता है वह 'अमानवीय कृत्य' का दोषी है? सुना है आप भाषाशास्त्री हैं। क्या आप आप द्वारा ऊपर प्रयुक्त 'अमानवीय कृत्य' और 'कारनामे' (अनुनाद सिंह) तथा 'दुत्कारना' (श्री हुन्नजजाल द्वारा व्यवहृत) पर भाषाशास्त्रीय दृष्टि से प्रकाश डालेंगे? यह भी जानना चाहता हूँ कि आपको कहीं और तो ब्लॉक नहीं किया गया था?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 12:47, 6 अगस्त 2013 (UTC)
* मै आपकी तरह भाषाशास्त्री नहीं हूँ।
* प्रबंधक भी आम सदस्य की तरह हैं और समय-समय पर गलती कर सकते हैं। उनमें मुख्य सेवा भाव, अतिरिक्त दायित्व और साधारण से अधिक विकि-ज्ञान है।
* मै आपके और किसी और के अरोप-प्रत्यारोप से अपने को दूर करता हूँ।
* मेरी एक मात्र समस्या जिसमे मैं अनावश्यक रूप से प्रतिबन्धित हुआ, समझने के लिये आपका धन्यवाद। ऐसी स्थिति में यदि आप खुद को पाते हैं तो कृपया समस्या को उसी सहजता से अपने बचाव में लिखिये जैसे मैंने लिखा। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 15:16, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::: उत्तर के लिए धन्यवाद। किन्तु आप मेरे सभी प्रश्नों को टाल गए हैं। फिर से मैं आप द्वारा प्रयुक्त 'अमानवीय कृत्य' की व्याख्या करने का अनुरोध करता हूँ। कृपया इस प्रश्न का भी उत्तर दें कि '''क्या आपको किसी भी विकि पर, कभी भी, प्रतिबन्धित किया गया था/है?'''-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 03:35, 7 अगस्त 2013 (UTC)
:'''मैं आपके प्रश्नों के उत्तर दे चुका हूँ।''' ''कृपया आप ही अपने शक के कठपुतली खाते का नाम बताइये, मैं तुरंत जाँच कराऊँगा।'' [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 07:55, 7 अगस्त 2013 (UTC)
::: हिन्दुस्तानीलैंग्वेज जी, क्या मैं शक के खातों का नाम बता दूँ तो आप अपनी चेकयूजर जाँच का प्रस्ताव स्वयं करने को तैयार हैं? यह भी निवेदन है कि एक बार हाँ/नहीं में साफ-साफ कह दें कि आपको विकिपिडिया के किसी प्रकल्प पर (उपरोक्त को छोड़कर) कहीं भी प्रतिबन्धित नहीं किया गया था/है।-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 08:11, 7 अगस्त 2013 (UTC)
::अनुनाद जी, क्या आपके प्रबंधनकाल में हमारे बीच एक मात्र वार्ता के पश्चात आपने मुझे एक रात के लिये प्रतिबन्धित कर दिया था और सुबह होते ही प्रतिबंध हटा दिया था? क्योंकि मुझे तो ऐसा कुछ ऐसा याद नहीं पड़ता। शक के खातों का नाम बताने पर मैं चेकयूजर जाँच का प्रस्ताव स्वयं करने को तैयार हूँ, यदि इससे कुछ सकारात्मक वातावरण सम्भव हो और एक चर्चा दूसरी को न्योता देने के बजाय कुछ और देखने को मिले। [[User:Hindustanilanguage|Hindustanilanguage]] ([[User talk:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 08:56, 7 अगस्त 2013 (UTC)
:: कहा गया है कि बाणी,बुद्धि,व्यवहार एक विद्वान प्रबन्धक का आंतरिक अलंकार होता है, किन्तु यहाँ का मंजर तो कुछ और है । क्षमा याचना के साथ कहना चाहूंगी कि हुनजजाल जी अपनी वाणी और व्यवहार से हिन्दी विकि के सदस्यों का विश्वास खोते जा रहे हैं । भाषाशास्त्रीय दृष्टि से भी आपके शब्द और वक्तव्य बजते हुये दिखाई नहीं दे रहे हैं । नि:संदेह हिन्दी विकिपीडिया के लिए यह चिंतनीय है ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 13:30, 6 अगस्त 2013
(UTC)
::
===प्रस्ताव===
::: विकि पर जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है वह उचित नहीं है, यह झूठे प्रबंधकीय अहंकार का परिचायक है, मै यह प्रस्ताव रख रहा हूँ कि-
::प्रबंधक पद हेतु नामांकन और मतदान की इस समग्र पक्रिया को निरस्त किया जाये तथा पुनः प्रबंधक पद हेतु नामांकन करके मतदान कराया जाये।
::समस्त सदस्यों से अनुरोध है कि यदि इस प्रस्ताव को ठीक समझें तो कृपया समर्थन करें ताकि यह व्यर्थ का विवाद समाप्त हो सके।--<b>[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|<font color="green">डा० जगदीश व्योम</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Dr.jagdish|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> 13:58, 6 अगस्त 2013 (UTC)
====समर्थन/विरोध====
:: इस आरोप-प्रत्यारोप के दौर को समाप्त करने का इससे और बेहतर विकल्प नहीं हो सकता व्योम जी । विकि पर एक नियम यह भी बनना चाहिए कि प्रबन्धक के चयन से पूर्व उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता सिद्ध कराने हेतु चेकयूजर की जांच कराई जाए ।
::{{सही}} मैं आपके इस प्रस्ताव का समर्थन करती हूँ व्योम जी ।
[[User:Mala chaubey|Mala chaubey]] ([[User talk:Mala chaubey|वार्ता]]) 05:10, 7 अगस्त 2013 (UTC)
====टिप्पणी====
===क्रान्त जी के प्रश्न का उत्तर===
Please see this (copied from above) '''निवेदन:''' आप सभी को मैं अपने [[ग्रेटर नोएडा|गरीबखाने]] पर बुला रहा हूँ यह प्रमाणित करने के लिये कि मैं यानी कि डॉ० मदनलाल वर्मा 'क्रान्त' (अंग्रेजी में [[User:Krantmlverma|क्रान्त एम०एल०वर्मा]]) और मुझसे भी पूर्व के विकीपीडिया पर योगदानकर्ता अवधेश पाण्डेय जी दो अलग-अलग व्यक्ति हैं जिन्हें एक दूसरे की कठपुतली घोषित करते हुए ब्लॉक किया गया। जबकि स्वयं विकी सदस्य [[User:Shijualex|शिजू अलेक्स]] ग्रेटर नोएडा से ही एक अन्य सदस्य [[सदस्य:Awadhesh.Pandey|अवधेश पाण्डेय]] के साथ मेरे घर पर आकर मेरे बारे में सारी जानकारी लेकर जा चुके हैं। इसकी तसदीक भी हुन्नजज़ाल जी के [http://meta.wikimedia.org/wiki/User_talk:Hunnjazal वार्ता पृष्ठ] पर बहुत पहले की जा चुकी है। Even then I am doing whatever I can without any disrespect for myself [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]])
:मुझे इसमें क्षमा करें क्रान्त जी। चेकयूज़र जाँच ने उसे आपका खाता ठहराया था और मैं उसे ही तथ्य मान सकता हूँ। शॉन हमेशा के लिए प्रतिबन्धित है हालांकि उनका कार्य मुझे पसंद था। वह भी चेकयूज़र में कठपुतली घोषित हुए थे। इस मामले में केवल इतना ही कह सकता हूँ कि यदि नई चेकयूज़र जाँच उन्हें निर्दोष ठहराए तो उनपर से प्रतिबन्ध उठा दिया जाएगा। नई जाँच का आग्रह आप, या अवधेश खाता, या शॉन खाता स्वयं करने को पूर्णत: स्वतंत्र हैं। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 18:20, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::Hunnjazal जी मुझे खुशी हुई कि अन्ततः आपने क्रान्त जी के प्रश्न का उत्तर दिया।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 18:54, 6 अगस्त 2013 (UTC)
:कई चर्चा धाराएँ चल रहीं हैं, जो कि अच्छी बात है। कोई तत्काल दृष्टि में ना आए तो उसके उत्तर में देर हो सकती है। लेकिन यहाँ किसी प्रश्न का उत्तर जानबूझ न देने का कोई अर्थ ही नहीं बनता। यह तो आसान सा प्रश्न था। यह तनिक न समझिएगा कि मैं अगर किसी से विवाद करता हूँ या उसे नियम-उल्लंघन के लिए प्रतिबंधित भी करता हूँ तो उसके लिए मेरे मन में आदर नहीं। क्रान्त जी, शॉन जी दोनों के लिए है। अनुनाद जी ने जो हिन्दी विकि पर पसीना बहाया है उसके लिए भी असीम आदर है और मैने उसे समय-समय पर व्यक्त भी करा है, उन्हें याद हो के न याद हो। मेरी दृष्टि में हमारे वास्तविक जीवन के ध्येय इतने मिलते हैं कि आरम्भ में तो मुझे यक़ीन ही नहीं हो रहा था कि उनका मेरे से कोई प्रतिद्वंद भी हो सकता है। वास्तविक जीवन में मैं उनके समीप और बिल से शायद दूर हूँ। अभी भी यह परिस्थिति विचित्र ही लगती है। ख़ैर, जो है सो है। --[[User:Hunnjazal|Hunnjazal]] ([[User talk:Hunnjazal|वार्ता]]) 20:21, 6 अगस्त 2013 (UTC)
::[[User:Hunnjazal|हुन्नजज़ाल जी!]] मेरा अभिप्राय शायद कोई भी नहीं समझा। आप अपना मेटा विकी का यह वाला [http://meta.wikimedia.org/wiki/User_talk:Hunnjazal वार्ता पृष्ठ] देखेंगे तो सारी वस्तु स्थिति समझ आ जायेगी। उसमें शॉन यानी कि लवी सिंघल ने आपको स्पष्ठ रूप से समझा दिया था कि चेकयूजर जाँच दोषपूर्ण थी और ऐसे में प्रबन्धक यानी कि आपको विवेक से काम लेना चाहिये था। बहरहाल मुझे मान-अपमान की कोई चिन्ता नहीं। मैं उससे बहुत ऊपर उठ चुका हूँ। हाँ अगर कोई चिन्ता है तो यहाँ पर आप सभी को बच्चों की तरह आपस में उलझते हुए देखकर हो रही है। हो सकता है मैंने जाने अनजाने विकीपीडिया को नुकसान पहुँचाया हो परन्तु आप लोग आपस में एक दूसरे पर तर्क-वितर्क और कुतर्क कर क्या इतने विशाल संगठन को हानि नहीं पहुँचा रहे? जरा गम्भीरता से सोचिये। नमस्कार! [[User:Krantmlverma|डॉ०'क्रान्त'एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 06:51, 7 अगस्त 2013 (UTC)
:::क्रान्त जी, मैं आपसे यह कहते हुए क्षमा मांगता हूँ लेकिन आपने [[:meta:User_talk:Hunnjazal|Hunnjazal जी के वार्ता]] पृष्ठ पर लिखा वो आपके अन्य हिन्दी कार्यों से बिल्कुल मेल नहीं खाता। मैं आपसे यह ही कहुंगा कि जब सही काम आराम से हो तो उसे उसी तरह से करना चाहिए लेकिन हाथ में लाठी भी रखनी चाहिए। किसी से विनती करना बुरा नहीं है लेकिन किसी से भिख मांगना गलत है। आपको पूर्ण कारणों सहित [[:meta:User:Shijualex|Shijualex]] जी से टिप्पणी की विनती करते हुए पुनः कठपुतली जाँच करवानी चाहिए। अपने अधिकार की असमर्थ व्यक्ति से भिख मांगकर उसे भिक्षा मत बनाओ। वह आपका अधिकार है।<font color="green">☆★</font>[[User:संजीव कुमार|<b><u><font color="maroon">संजीव कुमार</font></u></b>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<font color="blue">बातें</font>]]) 08:38, 7 अगस्त 2013 (UTC)
:''उपरोक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिएँ''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div>
== hindustanilanguages ==
:: यह कार्य हड़बड़ी में कराकर आपने अपने को प्रबन्धक के अयोग्य घोषित कर दिया है। चौपाल पर कम से कम दो लोगों ने इस मामले पर धैर्य रखने की सलाह दी थी। उसमें क्या बुराई थी? क्या प्रबन्धक होने का मतलब बात-बात पर लोगों को तुरन्त 'फाँसी पर लटकाना' है? ---- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 09:26, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
:{{ping|Hindustanilanguage}} now i am sure that you are fit for this job....because people who indulge in rule breaking here are afraid that they will be caught and punished....so they tried all ways to demoralize you and voters but all users can see your good efforts here and want an admin like you monitor hiwiki....all the best...<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 09:33, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
== नियमावली में कुछ बदलावों का प्रस्ताव ==
प्रबन्धक अधिकार प्राप्त कुछ सदस्यों की सक्रियता को लेकर काफी समय से सवाल उठाये जाते रहे हैं। अतः मैं निम्नलिखित प्रस्ताव लाना चाहता हूँ:
* कि यदि कोई प्रबन्धक छः माह तक १८० से कम सार्थक सम्पादन करता है तो उसे प्रबन्धक पद से हटा दिया जाये और पुनः सक्रिय होने पर चुनाव के माध्यम से ही उसे प्रबन्धक बनाया जाये।
* कि यदि कोई प्रबन्धक सदस्यों के साथ हिन्दी के स्थान पर अन्य भाषा में (सदस्य की इच्छा के विपरित) चर्चा करने लगे तो उसे प्रबन्धक पद से हटा दिया जाये।
* कि यदि किसी भी समय चुनाव में किसी प्रबन्धक को ७०% (मतदान करने वालों में) से कम सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो तो उसे पदच्युत कर दिया जाये।
कृपया इनपर अपना निर्णय दें जिससे इसे यथाशीघ्र लागू किया जा सके।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
;समर्थन
# प्रस्तावक के रूप में।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:50, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}--[[सदस्य:सत्यम् मिश्र|सत्यम् मिश्र]] ([[सदस्य वार्ता:सत्यम् मिश्र|वार्ता]]) 16:56, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}--[[ सदस्य वार्ता: Manojkhurana|मनोज खुराना]] 18:12, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}--[[सदस्य:Mr wikilover|Mr wikilover]] ([[सदस्य वार्ता:Mr wikilover|वार्ता]]) 03:44, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}---- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 03:52, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{ समर्थन}}-----<b>[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|<font color="green">डा० जगदीश व्योम</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Dr.jagdish|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> 03:57, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{ समर्थन}} --[[User:अजीत कुमार तिवारी|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="red"><sup></sup> '''अजीत कुमार तिवारी'''</font></span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<font color="green"> '''वार्ता'''</font>]]</sup> 05:33, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{ समर्थन}} ----<b>[[User:Mala chaubey|<font color="FF990">माला चौबे</font>]]</b><sup>[[User talk:Mala chaubey|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:55, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}----[[सदस्य:चंद्र शेखर|शेखर]] ([[सदस्य वार्ता:चंद्र शेखर|वार्ता]])शेखर 07:15, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}-- [[सदस्य:అహ్మద్ నిసార్|अह्मद निसार ]] ([[सदस्य वार्ता:అహ్మద్ నిసార్|वार्ता]]) 18:41, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
# {{समर्थन}}--[[सदस्य:Naziah rizvi|Naziah rizvi]] ([[सदस्य वार्ता:Naziah rizvi|वार्ता]]) 11:17, 19 अप्रैल 2015 (UTC)
;विरोध
;टिप्पणी एवं चर्चा
* {{ping|संजीव कुमार}} i suggest instead of 50 edits per 6 months '''it should be 180 edits on article pages per 6 months'''....because we are talking about admin here....normal users have more than 50 edits per 6 months....admin should be more active and more involved on wikipedia.....6 months = 180 days so 180 edits on article pages will be correct...<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 16:04, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
:: आपकी इच्छा के अनुसार इसे १८० कर दिया गया है लेकिन ध्यान रहे ये सार्थक सम्पादनों की बात की गयी है अर्थात मुख्य नामस्थान के सम्पादन जिनमें उचित भाषा और सम्पादन सारांश दिया गया हो। एक पृष्ठ में लिपापोती करने में यदि १८० सम्पादन कर दिये तो उन्हें नहीं गिना जायेगा।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 16:44, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
:::{{ping|संजीव कुमार}} why saying this to me mate?....further this should be audited every 1st day of month...example, on june 1, work from jan 1 to may 31 should be audited...then on july 1 work from feb 1 to june 30 should be audited...like this admins will be active every month...<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 03:22, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
* तीसरा मुझे खास समझ में नहीं आया। कृपया थोड़ा विस्तृत करें। बाकी दोनों को मेरा समर्थन है।--[[सदस्य:हिंदुस्थान वासी|पीयूष]] ([[सदस्य वार्ता:हिंदुस्थान वासी|वार्ता]])<sup>''[[विशेष:योगदान/हिंदुस्थान_वासी|योगदान]]''</sup> 16:18, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
* लोकतंत्र में केवल बहुमत को देखा जाना चाहिए । "हिन्दी के स्थान पर अन्य भाषा" की बात एक अनिवार्य नियम के बजाय "भाषा परंपरा" का मामला होना चाहिए - यानी यदि अधिकांश सदस्य किसी प्रबंधक के बार-बार "गैर-हिन्दी" टिप्पणियों से परेशान हों तो चौपाल या कोई और मंच पर खुलकर चर्चा हो और एक प्रस्ताव पारित करके उस प्रबंधक को हटा देना चाहिए। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 16:35, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
::वर्तमान नियमावली के अनुसार प्रबन्धक बनते समय समर्थन ८०% प्राप्त करना होता है लेकिन हटाने के सम्बंध में मत प्रतिशत की चर्चा नहीं की गयी है। चूँकि प्रबन्धक को हटाने के पक्ष में यदि ३० प्रतिशत सदस्य भी हैं तो उसे हटाना उचित होगा।
::आप प्रबन्धक बनने जा रहे हो अतः ध्यान रहे, [[वि:लोकतंत्रनहीं|विकिपीडिया लोकतंत्र नहीं]] है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]])
::मैंने आसफ़ बरताव से चर्चा की और वह आश्चर्यचकित थे कि कैसे प्रबन्धक के लिए "८०%" का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? "३० प्रतिशत" सदस्य का वोट का अर्थ तो यह भी हो सकता है कोई भी तीन सदस्य कहीं चाय पर जमा हों सीधी चर्चा से किसी भी प्रबंधक को चाहे कितना ही सक्रिय क्यों न हो, निकाल दें। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 17:07, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
:::मुज़म्मिल जी 80% समर्थन या 30% विरोध लगभग एक ही बात है। ऐसी एक चर्चा [[:m:Requests_for_comment/Confirmation_of_stewards|मेटा पर स्टीवर्डस् के लिए]] भी चल रही है। इसमें ख़राबी क्या है? मुझे तो ठीक लग रहा है।--[[सदस्य:सत्यम् मिश्र|सत्यम् मिश्र]] ([[सदस्य वार्ता:सत्यम् मिश्र|वार्ता]]) 17:22, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
::1 more suggestion i have is that to have fix time period for poll....say 7 days or 10days.....after which polling should close and votes should be counted.....<font color="black">[[File:Sperm whale fluke.jpg|30px]] </font>[[u:Sushilmishra|<u><b><font color="black">Darth Whale</font></b></u>]]<sup> [[user talk:Sushilmishra| <b><font color="black">वार्ता </font> </b>]] </sup> 17:26, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
:::यह समय मॅटा विकि द्वारा पहले से ही ७ दिन निर्धारित किया हुआ है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 17:33, 16 अप्रैल 2015 (UTC)
: मैं ऊपर दिये गये तीन बिन्दुओं से सहमत हूँ, विशेष रूप से 'हिन्दी में चर्चा' और 'हटाने का अधिकार'। किन्तु मैं यह भी चाहूँगा कि प्रबन्धक अधिकार अनिश्चित काल के लिये न रहे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुझे ३ वर्ष का समय ठीक लगता है। बाकी अन्य सदस्यों की मर्जी। ---- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 03:52, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
::: मुझे लगता है कि प्रबंधकीय अधिकार ०१ वर्ष के लिये ही दिया जाना चाहिये जिसे बाद में एक-एक वर्ष के रूप में बढ़ाया जा सकता है, पिछले अनुभव यही बताते हैं कि कई प्रबंधकों की दादागिरी ने विकि से अनेक बहुत अच्छे सदस्यों को जाने के लिये विवश कर दिया--<b>[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|<font color="green">डा० जगदीश व्योम</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:Dr.jagdish|<font color="blue">वार्ता</font>]]</sup> 04:05, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
::::[[सदस्य:डा० जगदीश व्योम|डा० जगदीश]] जी से मैं सहमत हूँ और मेरे हिसाब से एक साल भी ज्यादा है। हर तीन या छः महीने में समीक्षा होनी चाहिए। हर एक जनवरी व एक जुलाई को समीक्षा होनी चाहिए जिसमें तीन महीने से अधिक से काम कर रहे प्रबंधकों के कार्य की समीक्षा हो और किसी के कार्य से यदि कोई हानि हो रही हो तो तुरंत उचित कदम उठाया जाए। यदि दो समीक्षाओं तक लागातार कोई निष्क्रिय हो या नगण्य काम कर रहा हो तो उसे भी पदमुक्त किया जाए। सतत् समीक्षा के उपाय से नए सदस्यों को प्रबंधक बनाने में भी कोई अड़चन नहीं आएगी। --[[ सदस्य वार्ता: Manojkhurana|मनोज खुराना]] 04:33, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
٭ संजीव जी का यह प्रस्ताव उचित लग रहा है .... साथ साथ यह भी स्पष्ट होजाये कि ७०% का मामला किस मूल और हेतु से होगा। यानी, ७०% किस मूल संख्या का है? --[[सदस्य:అహ్మద్ నిసార్|अह्मद निसार ]] ([[सदस्य वार्ता:అహ్మద్ నిసార్|वार्ता]]) 18:41, 17 अप्रैल 2015 (UTC)
::निसार जी, आपका मुद्दा उचित है और इसमें मुज़म्मिल जी की बात का भी समाधान है। पहले से वर्णित नियमावली में यह स्पष्ट है कि प्रबन्धकों (वर्तमान संख्या ८) और प्रशासकों (वर्तमान संख्या ०) के मतों को सर्वाधिक वरियता मिलती है। इसके बाद पुनरीक्षकों को वरियता मिलती है तथा बाद में स्वतः परिक्षित सदस्यों को। आई॰पी॰ सदस्यों अथवा नगण्य योगदान रखने वाले सदस्यों के मतों की गणना नहीं की जाती है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 11:17, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
मैं ऊपर सुझाये गये निश्चित समयांतराल के बाद समीक्षा का विरोध नहीं कर रहा परंतु मेरे विचार में संजीव जी द्वारा सुझावित उपरोक्त नियम लागू हो जायें तो ऐसी कोई ज़रुरत नहीं रह जायेगी। जब किसी प्रबंधक के अधिकार पर उसके आचार-व्यवहार और कृत्यों के आधार पर कभी भी चर्चा शुरू की जा सकती हो तो ऐसे में सभी प्रबंधकों के अधिकार/दायित्व के निर्वाह की नियमित/सामयिक परीक्षा ग़ैर-ज़रूरी है। इसका कोई मतलब नहीं है!--[[सदस्य:सत्यम् मिश्र|सत्यम् मिश्र]] ([[सदस्य वार्ता:सत्यम् मिश्र|वार्ता]]) 18:45, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
===एक और सुझाव===
"नामांकन के उपरान्त जब तक परिणाम की घोषणा नहीं हो जाती कोई नामांकित सदस्य अपने नामांकन पर हो रहे समर्थन/विरोध/टिप्पणियों पर सीधे अथवा कहीं इतर कोई टिप्पणी करने से परहेज करेगा जब तक कि उससे सीधे कोई प्रश्न न पूछा गया हो।"
चाहे आप लोग इसे नियम के रूप में शामिल करें या सामान्य आचार-संस्कार-व्यवहार के रूप में पर ऐसा कुछ होना चाहिये।
कम से कम जब तक नामांकन के परिणाम नहीं आते इस तरह की अभिव्यक्ति से नामांकित सदस्य को बचना चाहिए। --[[सदस्य:सत्यम् मिश्र|सत्यम् मिश्र]] ([[सदस्य वार्ता:सत्यम् मिश्र|वार्ता]]) 18:32, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
:सत्यम् जी, इसमें थोड़ी कठिनाई है क्योंकि वर्तमान नियमावली के अनुसार प्रबन्धकों को कम से कम पुनरीक्षक स्तर का अनुभव होना आवश्यक है और इस स्थिति में वह किसी चर्चा में भाग न ले, ऐसा करना मुश्किल है। हाँ, उसके नामांकन से सम्बंधित चर्चा की बात की जाये तो कुछ हद तक आपकी बात उचित लगती है लेकिन फिर वो बात अपनी ही बात का विरोधाभाष करवाती है कि सदस्य से प्रश्न पूछे गये हैं। कई बार कुछ नामांकित सदस्यों पर बेबुनियाद आरोप लगा दिये जाते हैं अतः ऐसे में चुप रहना अन्य सदस्यों के मतों को भी प्रभावित करता है अतः चुप रह पाना मुश्किल होता है।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 18:59, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
::संजीव जी यहाँ उन्हें पुनरीक्षण नहीं करना है। जब उन्हीं पर चर्चा चल रही है तो ऐसे में खुद उसमें कूदना कहाँ से निष्पक्षता है। जब उनसे पूछा जाय तो ज़वाब दें। बेबुनियादी आरोपों वाली बात कुछ हद तक ठीक है। ऐसे में नामांकित सदस्य से उसके ऊपर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने की व्यवस्था होनी चाहिये। अगर उनके बारे में अन्य सदस्यों की टिप्पणियों से दूसरे लोग प्रभावित हो सकते हों तो नामांकित सदस्य भी अपनी टिप्पणियों द्वारा अन्य लोगों के मत प्रभावित कर सकता है। क्या यह ठीक है?--[[सदस्य:सत्यम् मिश्र|सत्यम् मिश्र]] ([[सदस्य वार्ता:सत्यम् मिश्र|वार्ता]]) 19:31, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
:::आपकी बात मुझे बिलकुल ठीक लग रही है लेकिन यदि आप इसका एक प्रारूप तैयार करके प्रस्तुत करेंगे तो अच्छा होगा जिससे इसे एक वाक्य में लिखा जा सके।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 20:12, 18 अप्रैल 2015 (UTC)
:''उपरोक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिएँ''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div>
<div class="boilerplate metadata discussion-archived" style="background-color: #f5f3ef; overflow:auto; margin: 2em 0 0 0; padding: 0 10px 0 10px; border: 1px solid #aaa">
:''यह चर्चा समाप्त हो चुकी है। {{red|'''कृपया इसे न बदलें।'''}} आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ में नये विभागों में होनी चाहिएँ।'' ''इसका संक्षिप्त परिणाम निम्न रहा:''
::नियमावली निर्विरोध स्वीकृत की गयी।<span style="color:green;">☆★</span>[[u:संजीव कुमार|<u><span style="color:Magenta;">संजीव कुमार</span></u>]] ([[User talk:संजीव कुमार|<span style="color:blue;">✉✉</span>]]) 15:51, 23 अप्रैल 2015 (UTC)
---- <!-- साँचा:चर्चा शीर्ष से-->
:''उपरोक्त चर्चा को एक पुरालेख के रूप में संरक्षित किया गया है। <span style="color:red">'''कृपया इसमें कोई बदलाव न करें।'''</span> आगे की वार्ताएँ इस पृष्ठ पर नये विभागों में होनी चाहिएँ''।<!-- साँचा:चर्चा तल से --></div>
== सीमा कश्यप जी का प्रबंधक पद के लिए मतदान ==
सीमा कश्यप जी का प्रबंधक पद के लिए मतदान चल रहा है। इसमें सदस्य अपने विवेक के अनुसार समर्थन और विरोध प्रकट कर रहे हैं। परन्तु सदस्यगन हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। कृपया इसे सुधारें। प्रबंधकगण भी इसे ठीक कर सकते हैं। --[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 06:37, 16 जुलाई 2023 (UTC)
:पूरा हुआ। (हालांकि हमारा शक है कि वो खाते कठपुतली है।) [[सदस्य:मुरही|मुरही]] ([[सदस्य वार्ता: मुरही|बातचीत]]) 07:03, 16 जुलाई 2023 (UTC)
::कठपुतली खाता हो भी सकता है। आप मेटा पर जाँच करवा लीजिए। [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 09:33, 16 जुलाई 2023 (UTC)
:::वैसे " '''सख्त खिलाफ:''' @सीमा कश्यप: आपको एडमिन पद नए यूज़रों के लिए नहीं है पढ़ने की ज़रूरत है।" किसकी टिप्पणी है? [[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 09:34, 16 जुलाई 2023 (UTC)
::::अरे, खुद का दस्तखत जोड़ना भूल गया :)। अब जोड़ दिया। [[सदस्य:मुरही|मुरही]] ([[सदस्य वार्ता: मुरही|बातचीत]]) 09:52, 16 जुलाई 2023 (UTC)
::::: धन्यवाद! --[[सदस्य:Hindustanilanguage|मुज़म्मिल]] ([[सदस्य वार्ता:Hindustanilanguage|वार्ता]]) 04:49, 17 जुलाई 2023 (UTC)
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ऐरावतेश्वर मंदिर
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2026-05-22T03:10:29Z
अनुनाद सिंह
1634
/* वास्तुकला */
6555111
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox World Heritage Site
| WHS = महान जीवन्त चोल मन्दिर
| Image =
| State Party = {{IND}}
| Type = Cultural
| Criteria = i, ii, iii, iv
| ID = 250
| Region = [[List of World Heritage Sites in Asia and Australasia|Asia-Pacific]]
| Year = 1987
| Session = 11th
| Extension = 2004
| Link = http://whc.unesco.org/en/list/250
}}
'''ऐरावतेश्वर मंदिर''', द्रविड़ वास्तुकला का एक हिंदू मंदिर है जो [[दक्षिण भारत|दक्षिणी भारत]] के [[तमिल नाडु|तमिलनाड़ु]] राज्य में [[कुंभकोणम]] के पास दारासुरम में स्थित है। 12वीं सदी में राजराजा चोल द्वितीय द्वारा निर्मित इस मंदिर को [[तंजावुर]] के [[बृहदीश्वर मन्दिर|बृहदीश्वर मंदिर]] तथा गांगेयकोंडा चोलापुरम के गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर के साथ [[युनेस्को|यूनेस्को]] द्वारा [[विश्व धरोहर|वैश्विक धरोहर स्थल]] बनाया गया है। इन मंदिरों को [[महान चोल मंदिर|महान जीवंत चोल मंदिरों]] के रूप में जाना जाता है।<ref name="unesco">{{Cite web |url=http://whc.unesco.org/en/list/250/ |title=ग्रेट लिविंग चोला टेम्पल्स - यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर |access-date=9 मार्च 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912082313/http://whc.unesco.org/en/list/250/ |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=live }}</ref>
== पौराणिक कथा ==
ऐरावतेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। [[शिव]] को यहां ऐरावतेश्वर के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस मंदिर में देवताओं के राजा [[इन्द्र|इंद्र]] के सफेद हाथी एरावत द्वारा भगवान शिव की पूजा की गई थी। ऐसा माना जाता है कि ऐरावत ऋषी दुर्वासा के श्राप के कारण अपना रंग बदल जाने से बहुत दुखी था, उसने इस मंदिर के पवित्र जल में स्नान करके अपना रंग पुनः प्राप्त किया। मंदिर के भीतरी कक्ष में बनी एक छवि जिसमें ऐरावत पर इंद्र बैठे हैं, के कारण इस धारणा को माना जाता है।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पीपी 350-351</ref> इस घटना से ही मंदिर और यहां आसीन इष्टदेव का नाम पड़ा.
कहा जाता है कि मृत्यु के राजा यम ने भी यहाँ शिव की पूजा की थी। परंपरा के अनुसार यम, जो किसी ऋषि के शाप के कारण पूरे शरीर की जलन से पीड़ित थे, ऐरावतेश्वर भगवान द्वारा ठीक कर दिए गए। यम ने पवित्र तालाब में स्नान किया और अपनी जलन से छुटकारा पाया। तब से उस तालाब को ''यमतीर्थम '' के नाम से जाना जाता है।
== वास्तुकला ==
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Mandapa at night 3, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|पवित्र स्थान; सजे रथ के रूप में घोड़ों द्वारा खींचता हुआ]]
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Inner halls, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|खंभे अवधि की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दर्शाता है]]
यह मंदिर कला और ''स्थापत्य कला'' का भंडार है और इसमें पत्थरों पर शानदार नक्काशी देखने को मिलती है। हालांकि यह मंदिर बृहदीश्वर मंदिर या गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर से बहुत छोटा है, किंतु विस्तार में अधिक उत्तम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कहा जाता है कि यह मंदिर ''नित्य-विनोद'', "सतत मनोरंजन, को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
''विमान'' (स्तम्भ) 24 मीटर (80फीट) उंचा है।<ref name="unesco"/> सामने के ''मण्डपम्'' का दक्षिणी भाग पत्थर के बड़े पहियों वाले एक विशाल रथ के रूप में है जिसे घोड़ें द्वारा खींचा जा रहा है।<ref> देखें चैतन्य, के, पी 42</ref>
भीतरी आंगन के पूर्व में बेहतरीन नक्काशीदार इमारतों का एक समूह स्थित है जिनमें से एक को ''बलिपीट'' (बलि देने का स्थान) कहा जाता है। ''बलीपीट'' की कुरसी पर एक छोटा मंदिर बना है जिसमें [[गणेश]] जी की छवि अंकित है। चौकी के दक्षिणी तरफ शानदार नक्काशी से युक्त 3 सीढ़ियों का एक समूह है। चरणों पर प्रहार करने से विभिन्न संगीत ध्वनियां उत्पन्न होती हैं।<ref name="ayyar351"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
आंगन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में 4 तीर्थ वाला एक ''मंडपम '' है। इनमें से एक पर यम की छवि बनी है। इस मंदिर के आसपास एक विशाल पत्थर की शिला है जिस पर ''सप्तमाताओं'' (सात आकाशीय देवियां) की आकृतियां बनी हैं।<ref name="ayyar351"/>
[[चित्र:Airavatesvara Temple, Dharasuram, Kumbakonam ttkcvrvb122k23iph (451).jpg|center|thumb|550px|ऐरावतेश्वर मन्दिर का विहंगम दृश्य]]
== देवी-देवता ==
{{Double image|right|Horse drawn chariot Darasuram.jpg|100|Chariot spoked wheel Darasuram.jpg|100|Horse-drawn chariot carved onto the ''mandapam'' of Airavatesvarar temple, Darasuram ''(left)''. The chariot and its wheel ''(right)''are so finely sculpted that they include even the faintest details}}
मुख्य देवता की पत्नी पेरिया नायकी अम्मन का एक अलग मंदिर है जो ऐरावतेश्वर मंदिर के उत्तर में स्थित है। संभव है जब बाहरी आंगन पूरा रहा हो तो यह मुख्य मंदिर का ही एक हिस्सा रहा हो. वर्तमान समय में, यह एक अलग मंदिर के रूप में अकेला खड़ा है जिसके बड़े आंगन में देवी का मंदिर बना है।<ref name="ayyar351"/>
== मंदिर में शिलालेख ==
इस मंदिर में विभिन्न शिलालेख हैं। इन लेखों में से एक में कुलोतुंगा चोल तृतीय द्वारा मंदिरों का नवीकरण कराए जाने का पता चलता है।<ref name="ayyar353"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 353</ref>
''बरामदे'' की उत्तरी दीवार पर शिलालेखों के 108 खंड हैं, इनमें से प्रत्येक में ''शिवाचार्या '' (शिव को मानने वाले संत) के नाम, वर्णन व छवियां बनी है जो उनके जीवन की मुख्य घटनाओं को दर्शाती हैं।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें चैतन्य, के, पी 40</ref><ref> देखें गीता वासुदेवन, पी 55</ref>
''गोपुरा '' के पास एक अन्य शिलालेख से पता चलता है कि एक आकृति कल्याणी से लायी गई थी, जिसे बाद में राजाधिराज चोल प्रथम द्वारा कल्याणपुरा नाम दिया गया, पश्चिमि चालुक्य राजा सोमेश्वर प्रथम से उसकी हार के बाद उनके पुत्र विक्रमादित्य षष्ठ (VI) और सोमेश्नर द्वितीय ने चालुक्यों की राजधानी पर कब्जा कर लिया।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें रिचर्ड डेविस, पी 51</ref>
== यूनेस्को वैश्विक धरोहर स्थल ==
[[चित्र:Darasuram temple front view.jpg|thumb|एरावतेश्वर मंदिर का दृश्य]]
इस मंदिर को वर्ष 2004 में [[महान चोल मंदिर|महान चोल जीवंत मंदिरों]] की सूची में शामिल किया गया। महान चोल जीवंत मंदिरों की सूची में [[तंजावुर]] का बृहदीश्वर मंदिर, गांगेयकोंडा चोलापुरम का गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर और दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर शामिल हैं। इन सभी मंदिरों को 10 वीं और 12 वीं सदी के बीच चोलों द्वारा बनाया गया था और इनमे बहुत सी समानताएं हैं।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
== टिप्पणियां ==
{{reflist}}
== सन्दर्भ ==
* {{cite book |author= Geeta Vasudevan |title= The Royal Temple of Rajaraja: An Instrument of Imperial Chola Power |publisher=Abhinav Publications |location= |year=2003 |pages= |isbn= 81-701-7383-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= P.V. Jagadisa Ayyar |title=South Indian Shrines |publisher=Asian Educational Services |location=New Delhi |year=1993 |pages= |isbn=81-206-0151-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= Krishna Chaitanya |title=Arts of India |url= https://archive.org/details/bwb_T2-DTV-240 |publisher=Abhinav Publications |location= |year=1987 |pages= |isbn= |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author=Richard Davis |title=Lives of Indian images |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, N.J |year=1997 |pages= |isbn=0-691-00520-6 |oclc= |doi= |accessdate= |url-access=registration |url=https://archive.org/details/livesofindianima0000davi }}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20080815035747/http://www.hinduonnet.com/2004/07/07/stories/2004070704810500.htm वर्ल्ड हेरिटेज साइट स्टेटस फॉर एरावतेश्वर टेम्पल]
{{coord missing|Tamil Nadu}}
{{World Heritage Sites in India}}
[[श्रेणी:भारत में विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:हिन्दू विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु में हिंदू मंदिर]]
[[श्रेणी:तंजावुर, कुंभकोणम के आसपास के मंदिर]]
[[श्रेणी:शिव मंदिर]]
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6555112
6555111
2026-05-22T03:11:11Z
अनुनाद सिंह
1634
/* वास्तुकला */
6555112
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox World Heritage Site
| WHS = महान जीवन्त चोल मन्दिर
| Image =
| State Party = {{IND}}
| Type = Cultural
| Criteria = i, ii, iii, iv
| ID = 250
| Region = [[List of World Heritage Sites in Asia and Australasia|Asia-Pacific]]
| Year = 1987
| Session = 11th
| Extension = 2004
| Link = http://whc.unesco.org/en/list/250
}}
'''ऐरावतेश्वर मंदिर''', द्रविड़ वास्तुकला का एक हिंदू मंदिर है जो [[दक्षिण भारत|दक्षिणी भारत]] के [[तमिल नाडु|तमिलनाड़ु]] राज्य में [[कुंभकोणम]] के पास दारासुरम में स्थित है। 12वीं सदी में राजराजा चोल द्वितीय द्वारा निर्मित इस मंदिर को [[तंजावुर]] के [[बृहदीश्वर मन्दिर|बृहदीश्वर मंदिर]] तथा गांगेयकोंडा चोलापुरम के गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर के साथ [[युनेस्को|यूनेस्को]] द्वारा [[विश्व धरोहर|वैश्विक धरोहर स्थल]] बनाया गया है। इन मंदिरों को [[महान चोल मंदिर|महान जीवंत चोल मंदिरों]] के रूप में जाना जाता है।<ref name="unesco">{{Cite web |url=http://whc.unesco.org/en/list/250/ |title=ग्रेट लिविंग चोला टेम्पल्स - यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर |access-date=9 मार्च 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912082313/http://whc.unesco.org/en/list/250/ |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=live }}</ref>
== पौराणिक कथा ==
ऐरावतेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। [[शिव]] को यहां ऐरावतेश्वर के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस मंदिर में देवताओं के राजा [[इन्द्र|इंद्र]] के सफेद हाथी एरावत द्वारा भगवान शिव की पूजा की गई थी। ऐसा माना जाता है कि ऐरावत ऋषी दुर्वासा के श्राप के कारण अपना रंग बदल जाने से बहुत दुखी था, उसने इस मंदिर के पवित्र जल में स्नान करके अपना रंग पुनः प्राप्त किया। मंदिर के भीतरी कक्ष में बनी एक छवि जिसमें ऐरावत पर इंद्र बैठे हैं, के कारण इस धारणा को माना जाता है।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पीपी 350-351</ref> इस घटना से ही मंदिर और यहां आसीन इष्टदेव का नाम पड़ा.
कहा जाता है कि मृत्यु के राजा यम ने भी यहाँ शिव की पूजा की थी। परंपरा के अनुसार यम, जो किसी ऋषि के शाप के कारण पूरे शरीर की जलन से पीड़ित थे, ऐरावतेश्वर भगवान द्वारा ठीक कर दिए गए। यम ने पवित्र तालाब में स्नान किया और अपनी जलन से छुटकारा पाया। तब से उस तालाब को ''यमतीर्थम '' के नाम से जाना जाता है।
== वास्तुकला ==
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Mandapa at night 3, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|पवित्र स्थान; सजे रथ के रूप में घोड़ों द्वारा खींचता हुआ]]
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Inner halls, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|खंभे अवधि की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दर्शाता है]]
यह मंदिर कला और ''स्थापत्य कला'' का भंडार है और इसमें पत्थरों पर शानदार नक्काशी देखने को मिलती है। हालांकि यह मंदिर बृहदीश्वर मंदिर या गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर से बहुत छोटा है, किंतु विस्तार में अधिक उत्तम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कहा जाता है कि यह मंदिर ''नित्य-विनोद'', "सतत मनोरंजन, को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
''विमान'' (स्तम्भ) 24 मीटर (80 फीट) उंचा है।<ref name="unesco"/> सामने के ''मण्डपम्'' का दक्षिणी भाग पत्थर के बड़े पहियों वाले एक विशाल रथ के रूप में है जिसे घोड़ें द्वारा खींचा जा रहा है।<ref> देखें चैतन्य, के, पी 42</ref>
भीतरी आंगन के पूर्व में बेहतरीन नक्काशीदार इमारतों का एक समूह स्थित है जिनमें से एक को ''बलिपीट'' (बलि देने का स्थान) कहा जाता है। ''बलीपीट'' की कुरसी पर एक छोटा मंदिर बना है जिसमें [[गणेश]] जी की छवि अंकित है। चौकी के दक्षिणी तरफ शानदार नक्काशी से युक्त 3 सीढ़ियों का एक समूह है। चरणों पर प्रहार करने से विभिन्न संगीत ध्वनियां उत्पन्न होती हैं।<ref name="ayyar351"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
आंगन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में 4 तीर्थ वाला एक ''मंडपम '' है। इनमें से एक पर यम की छवि बनी है। इस मंदिर के आसपास एक विशाल पत्थर की शिला है जिस पर ''सप्तमाताओं'' (सात आकाशीय देवियां) की आकृतियां बनी हैं।<ref name="ayyar351"/>
[[चित्र:Airavatesvara Temple, Dharasuram, Kumbakonam ttkcvrvb122k23iph (451).jpg|center|thumb|650px|ऐरावतेश्वर मन्दिर का विहंगम दृश्य]]
== देवी-देवता ==
{{Double image|right|Horse drawn chariot Darasuram.jpg|100|Chariot spoked wheel Darasuram.jpg|100|Horse-drawn chariot carved onto the ''mandapam'' of Airavatesvarar temple, Darasuram ''(left)''. The chariot and its wheel ''(right)''are so finely sculpted that they include even the faintest details}}
मुख्य देवता की पत्नी पेरिया नायकी अम्मन का एक अलग मंदिर है जो ऐरावतेश्वर मंदिर के उत्तर में स्थित है। संभव है जब बाहरी आंगन पूरा रहा हो तो यह मुख्य मंदिर का ही एक हिस्सा रहा हो. वर्तमान समय में, यह एक अलग मंदिर के रूप में अकेला खड़ा है जिसके बड़े आंगन में देवी का मंदिर बना है।<ref name="ayyar351"/>
== मंदिर में शिलालेख ==
इस मंदिर में विभिन्न शिलालेख हैं। इन लेखों में से एक में कुलोतुंगा चोल तृतीय द्वारा मंदिरों का नवीकरण कराए जाने का पता चलता है।<ref name="ayyar353"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 353</ref>
''बरामदे'' की उत्तरी दीवार पर शिलालेखों के 108 खंड हैं, इनमें से प्रत्येक में ''शिवाचार्या '' (शिव को मानने वाले संत) के नाम, वर्णन व छवियां बनी है जो उनके जीवन की मुख्य घटनाओं को दर्शाती हैं।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें चैतन्य, के, पी 40</ref><ref> देखें गीता वासुदेवन, पी 55</ref>
''गोपुरा '' के पास एक अन्य शिलालेख से पता चलता है कि एक आकृति कल्याणी से लायी गई थी, जिसे बाद में राजाधिराज चोल प्रथम द्वारा कल्याणपुरा नाम दिया गया, पश्चिमि चालुक्य राजा सोमेश्वर प्रथम से उसकी हार के बाद उनके पुत्र विक्रमादित्य षष्ठ (VI) और सोमेश्नर द्वितीय ने चालुक्यों की राजधानी पर कब्जा कर लिया।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें रिचर्ड डेविस, पी 51</ref>
== यूनेस्को वैश्विक धरोहर स्थल ==
[[चित्र:Darasuram temple front view.jpg|thumb|एरावतेश्वर मंदिर का दृश्य]]
इस मंदिर को वर्ष 2004 में [[महान चोल मंदिर|महान चोल जीवंत मंदिरों]] की सूची में शामिल किया गया। महान चोल जीवंत मंदिरों की सूची में [[तंजावुर]] का बृहदीश्वर मंदिर, गांगेयकोंडा चोलापुरम का गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर और दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर शामिल हैं। इन सभी मंदिरों को 10 वीं और 12 वीं सदी के बीच चोलों द्वारा बनाया गया था और इनमे बहुत सी समानताएं हैं।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
== टिप्पणियां ==
{{reflist}}
== सन्दर्भ ==
* {{cite book |author= Geeta Vasudevan |title= The Royal Temple of Rajaraja: An Instrument of Imperial Chola Power |publisher=Abhinav Publications |location= |year=2003 |pages= |isbn= 81-701-7383-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= P.V. Jagadisa Ayyar |title=South Indian Shrines |publisher=Asian Educational Services |location=New Delhi |year=1993 |pages= |isbn=81-206-0151-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= Krishna Chaitanya |title=Arts of India |url= https://archive.org/details/bwb_T2-DTV-240 |publisher=Abhinav Publications |location= |year=1987 |pages= |isbn= |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author=Richard Davis |title=Lives of Indian images |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, N.J |year=1997 |pages= |isbn=0-691-00520-6 |oclc= |doi= |accessdate= |url-access=registration |url=https://archive.org/details/livesofindianima0000davi }}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20080815035747/http://www.hinduonnet.com/2004/07/07/stories/2004070704810500.htm वर्ल्ड हेरिटेज साइट स्टेटस फॉर एरावतेश्वर टेम्पल]
{{coord missing|Tamil Nadu}}
{{World Heritage Sites in India}}
[[श्रेणी:भारत में विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:हिन्दू विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु में हिंदू मंदिर]]
[[श्रेणी:तंजावुर, कुंभकोणम के आसपास के मंदिर]]
[[श्रेणी:शिव मंदिर]]
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6555112
2026-05-22T03:13:24Z
अनुनाद सिंह
1634
/* पौराणिक कथा */
6555113
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox World Heritage Site
| WHS = महान जीवन्त चोल मन्दिर
| Image =
| State Party = {{IND}}
| Type = Cultural
| Criteria = i, ii, iii, iv
| ID = 250
| Region = [[List of World Heritage Sites in Asia and Australasia|Asia-Pacific]]
| Year = 1987
| Session = 11th
| Extension = 2004
| Link = http://whc.unesco.org/en/list/250
}}
'''ऐरावतेश्वर मंदिर''', द्रविड़ वास्तुकला का एक हिंदू मंदिर है जो [[दक्षिण भारत|दक्षिणी भारत]] के [[तमिल नाडु|तमिलनाड़ु]] राज्य में [[कुंभकोणम]] के पास दारासुरम में स्थित है। 12वीं सदी में राजराजा चोल द्वितीय द्वारा निर्मित इस मंदिर को [[तंजावुर]] के [[बृहदीश्वर मन्दिर|बृहदीश्वर मंदिर]] तथा गांगेयकोंडा चोलापुरम के गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर के साथ [[युनेस्को|यूनेस्को]] द्वारा [[विश्व धरोहर|वैश्विक धरोहर स्थल]] बनाया गया है। इन मंदिरों को [[महान चोल मंदिर|महान जीवंत चोल मंदिरों]] के रूप में जाना जाता है।<ref name="unesco">{{Cite web |url=http://whc.unesco.org/en/list/250/ |title=ग्रेट लिविंग चोला टेम्पल्स - यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर |access-date=9 मार्च 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150912082313/http://whc.unesco.org/en/list/250/ |archive-date=12 सितंबर 2015 |url-status=live }}</ref>
== पौराणिक कथा ==
ऐरावतेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। [[शिव]] को यहां ऐरावतेश्वर के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस मंदिर में देवताओं के राजा [[इन्द्र|इंद्र]] के सफेद हाथी [[ऐरावत]] द्वारा भगवान [[शिव]] की पूजा की गई थी। ऐसा माना जाता है कि ऐरावत [[दुर्वासा|ऋषि दुर्वासा]] के श्राप के कारण अपना रंग बदल जाने से बहुत दुखी था, उसने इस मंदिर के पवित्र जल में स्नान करके अपना रंग पुनः प्राप्त किया। मंदिर के भीतरी कक्ष में बनी एक छवि जिसमें ऐरावत पर इंद्र बैठे हैं, के कारण इस धारणा को माना जाता है।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पीपी 350-351</ref> इस घटना से ही मंदिर और यहां आसीन इष्टदेव का नाम पड़ा.
कहा जाता है कि मृत्यु के राजा [[यमराज|यम]] ने भी यहाँ शिव की पूजा की थी। परंपरा के अनुसार यम, जो किसी ऋषि के शाप के कारण पूरे शरीर की जलन से पीड़ित थे, ऐरावतेश्वर भगवान द्वारा ठीक कर दिए गए। यम ने पवित्र तालाब में स्नान किया और अपनी जलन से छुटकारा पाया। तब से उस तालाब को ''यमतीर्थम् '' के नाम से जाना जाता है।
== वास्तुकला ==
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Mandapa at night 3, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|पवित्र स्थान; सजे रथ के रूप में घोड़ों द्वारा खींचता हुआ]]
[[चित्र:Darasuram, Airavatesvara Temple, Inner halls, India.jpg|thumb|200px|right|Airavateshvarar temple|खंभे अवधि की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दर्शाता है]]
यह मंदिर कला और ''स्थापत्य कला'' का भंडार है और इसमें पत्थरों पर शानदार नक्काशी देखने को मिलती है। हालांकि यह मंदिर बृहदीश्वर मंदिर या गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर से बहुत छोटा है, किंतु विस्तार में अधिक उत्तम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कहा जाता है कि यह मंदिर ''नित्य-विनोद'', "सतत मनोरंजन, को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
''विमान'' (स्तम्भ) 24 मीटर (80 फीट) उंचा है।<ref name="unesco"/> सामने के ''मण्डपम्'' का दक्षिणी भाग पत्थर के बड़े पहियों वाले एक विशाल रथ के रूप में है जिसे घोड़ें द्वारा खींचा जा रहा है।<ref> देखें चैतन्य, के, पी 42</ref>
भीतरी आंगन के पूर्व में बेहतरीन नक्काशीदार इमारतों का एक समूह स्थित है जिनमें से एक को ''बलिपीट'' (बलि देने का स्थान) कहा जाता है। ''बलीपीट'' की कुरसी पर एक छोटा मंदिर बना है जिसमें [[गणेश]] जी की छवि अंकित है। चौकी के दक्षिणी तरफ शानदार नक्काशी से युक्त 3 सीढ़ियों का एक समूह है। चरणों पर प्रहार करने से विभिन्न संगीत ध्वनियां उत्पन्न होती हैं।<ref name="ayyar351"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
आंगन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में 4 तीर्थ वाला एक ''मंडपम '' है। इनमें से एक पर यम की छवि बनी है। इस मंदिर के आसपास एक विशाल पत्थर की शिला है जिस पर ''सप्तमाताओं'' (सात आकाशीय देवियां) की आकृतियां बनी हैं।<ref name="ayyar351"/>
[[चित्र:Airavatesvara Temple, Dharasuram, Kumbakonam ttkcvrvb122k23iph (451).jpg|center|thumb|650px|ऐरावतेश्वर मन्दिर का विहंगम दृश्य]]
== देवी-देवता ==
{{Double image|right|Horse drawn chariot Darasuram.jpg|100|Chariot spoked wheel Darasuram.jpg|100|Horse-drawn chariot carved onto the ''mandapam'' of Airavatesvarar temple, Darasuram ''(left)''. The chariot and its wheel ''(right)''are so finely sculpted that they include even the faintest details}}
मुख्य देवता की पत्नी पेरिया नायकी अम्मन का एक अलग मंदिर है जो ऐरावतेश्वर मंदिर के उत्तर में स्थित है। संभव है जब बाहरी आंगन पूरा रहा हो तो यह मुख्य मंदिर का ही एक हिस्सा रहा हो. वर्तमान समय में, यह एक अलग मंदिर के रूप में अकेला खड़ा है जिसके बड़े आंगन में देवी का मंदिर बना है।<ref name="ayyar351"/>
== मंदिर में शिलालेख ==
इस मंदिर में विभिन्न शिलालेख हैं। इन लेखों में से एक में कुलोतुंगा चोल तृतीय द्वारा मंदिरों का नवीकरण कराए जाने का पता चलता है।<ref name="ayyar353"> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 353</ref>
''बरामदे'' की उत्तरी दीवार पर शिलालेखों के 108 खंड हैं, इनमें से प्रत्येक में ''शिवाचार्या '' (शिव को मानने वाले संत) के नाम, वर्णन व छवियां बनी है जो उनके जीवन की मुख्य घटनाओं को दर्शाती हैं।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें चैतन्य, के, पी 40</ref><ref> देखें गीता वासुदेवन, पी 55</ref>
''गोपुरा '' के पास एक अन्य शिलालेख से पता चलता है कि एक आकृति कल्याणी से लायी गई थी, जिसे बाद में राजाधिराज चोल प्रथम द्वारा कल्याणपुरा नाम दिया गया, पश्चिमि चालुक्य राजा सोमेश्वर प्रथम से उसकी हार के बाद उनके पुत्र विक्रमादित्य षष्ठ (VI) और सोमेश्नर द्वितीय ने चालुक्यों की राजधानी पर कब्जा कर लिया।<ref name="ayyar353"/><ref> देखें रिचर्ड डेविस, पी 51</ref>
== यूनेस्को वैश्विक धरोहर स्थल ==
[[चित्र:Darasuram temple front view.jpg|thumb|एरावतेश्वर मंदिर का दृश्य]]
इस मंदिर को वर्ष 2004 में [[महान चोल मंदिर|महान चोल जीवंत मंदिरों]] की सूची में शामिल किया गया। महान चोल जीवंत मंदिरों की सूची में [[तंजावुर]] का बृहदीश्वर मंदिर, गांगेयकोंडा चोलापुरम का गांगेयकोंडाचोलीश्वरम मंदिर और दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर शामिल हैं। इन सभी मंदिरों को 10 वीं और 12 वीं सदी के बीच चोलों द्वारा बनाया गया था और इनमे बहुत सी समानताएं हैं।<ref> देखें पी.वी. जगदीस अय्यर, पी 351</ref>
== टिप्पणियां ==
{{reflist}}
== सन्दर्भ ==
* {{cite book |author= Geeta Vasudevan |title= The Royal Temple of Rajaraja: An Instrument of Imperial Chola Power |publisher=Abhinav Publications |location= |year=2003 |pages= |isbn= 81-701-7383-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= P.V. Jagadisa Ayyar |title=South Indian Shrines |publisher=Asian Educational Services |location=New Delhi |year=1993 |pages= |isbn=81-206-0151-3 |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author= Krishna Chaitanya |title=Arts of India |url= https://archive.org/details/bwb_T2-DTV-240 |publisher=Abhinav Publications |location= |year=1987 |pages= |isbn= |oclc= |doi= |accessdate=}}
* {{cite book |author=Richard Davis |title=Lives of Indian images |publisher=Princeton University Press |location=Princeton, N.J |year=1997 |pages= |isbn=0-691-00520-6 |oclc= |doi= |accessdate= |url-access=registration |url=https://archive.org/details/livesofindianima0000davi }}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20080815035747/http://www.hinduonnet.com/2004/07/07/stories/2004070704810500.htm वर्ल्ड हेरिटेज साइट स्टेटस फॉर एरावतेश्वर टेम्पल]
{{coord missing|Tamil Nadu}}
{{World Heritage Sites in India}}
[[श्रेणी:भारत में विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:हिन्दू विश्व धरोहर स्थल]]
[[श्रेणी:तमिलनाडु में हिंदू मंदिर]]
[[श्रेणी:तंजावुर, कुंभकोणम के आसपास के मंदिर]]
[[श्रेणी:शिव मंदिर]]
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प्रभाववाद
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[[चित्र:Claude Monet, Impression, soleil levant.jpg|thumb|right|क्लॉड मोनेट, इम्प्रेशन, सोलेल लेवांट (इम्प्रेशन, सनराइज़), 1872, कैनवास पर तेल, म्यूज़ी मारनोटान]]
'''प्रभाववाद''' 19वीं सदी का एक कला आंदोलन था, जो पेरिस-स्थित कलाकारों के एक मुक्त संगठन के रूप में आरंभ हुआ, जिनकी स्वतंत्र प्रदर्शनियों ने 1870 और 1880 के दशकों में उन्हें प्रतिष्ठा दिलवाई. इस आंदोलन का नाम [[क्लाद मोने|क्लाउड मॉनेट]] की कृति इम्प्रेशन, सनराइज़ (''Impression, soleil levant'') से व्युत्पन्न है, जिसने आलोचक लुई लेरॉय को ''ले शैरीवेरी'' में प्रकाशित एक व्यंगात्मक समीक्षा में शब्द गढ़ने को उकसाया.
प्रभाववादी चित्रों की विशेषताओं में अपेक्षाकृत सूक्ष्म, बारीक़, लेकिन दृष्टिगोचर ब्रश स्पर्श, मुक्त संयोजन, प्रकाश का उसके परिवर्तनशील गुणों के साथ स्पष्ट चित्रण (प्राय: समय व्यतीत होने के प्रभावों को अंकित करते हुए), सामान्य विषयवस्तु, मानव-बोध और अनुभव के रूप में ''गति'' को एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में शामिल करना और असामान्य दृश्यात्मक कोण शामिल हैं।
[[दृश्य कला|दृश्य कला]] में प्रभाववाद के उद्भव का शीघ्र ही अन्य माध्यमों में सदृश आन्दोलनों द्वार अनुगमन किया जाने लगा, जो प्रभाववादी संगीत और प्रभाववादी साहित्य के रूप में विख्यात हुआ।
प्रभाववाद इस शैली में सृजित कला को भी निरूपित करता है, परंतु 19वीं सदी के परवर्ती समयावधि से बाहर.
प्रभाववाद के कलाकार:-
. क्लोड मोने, रेंबर, देगा, पिसारो इत्यादि
== विहंगावलोकन ==
[[चित्र:Sisley-Bridge at Villeneuve-la-Garenne.jpg|thumb|अल्फ्रेड सिसली, विरेन्यूवे-ला-गारेन में पुल, 1872, मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ़ आर्ट]]
अपने समय के अतिवादी, पूर्ववर्ती प्रभाववादियों ने अकादमिक चित्रकला के नियमों को भंग किया। यूजीन डिलेक्रोइक्स जैसे चित्रकारों की रचनाओं से प्रेरणा ग्रहण करते हुए उन्होंने रंग, मुक्त रूप से ब्रश के प्रयोग, रेखाओं को प्राथमिकता देना प्रारंभ किया। उन्होंने चित्रकला को स्टूडियो से बाहर निकाल और आधुनिक संसार में ले आए। इससे पहले निश्चल जीवन और रूपचित्र तथा प्रकृति-चित्रण प्राय: अंदर ही किया जाता था।<ref>अपवादों में शामिल है कानालेट्टो, जिसने बाहर पेंट किया और संभवतः कैमरा ओबस्क्युरा का इस्तेमाल किया।</ref> प्रभाववादियों ने पाया कि वे सूरज की रोशनी के क्षणिक और परिवर्तनशील प्रभावों को ''en plein air'' (खुली हवा में) चित्रण द्वारा निरूपित कर सकते हैं। आधुनिक जीवन के यथार्थ दृश्यों के चित्रण द्वारा उन्होंने विस्तृत विवरणों की अपेक्षा समग्र दृश्य प्रभावों का चित्रण किया। उन्होंने गहन रंग प्रकंपन का प्रभाव उत्पन्न करने के लिए, मिश्रित और विशुद्ध अमिश्रित रंगों के आंशिक “खंडित” ब्रश स्पर्शों का उपयोग किया, न कि परंपरागत हल्के सम्मिश्र या छायायुक्त स्पर्शों का.
यद्यपि फ्रांस में प्रभाववाद का उदय ऐसे समय में हुआ जब मैशियायोली के रूप में विख्यात इटली के कलाकार और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में विनस्लो होमर सहित अनेक दूसरे कलाकार भी ''खुली हवा'' में चित्रकारी की गवेषणा कर रहे थे, प्रभाववादियों ने नई तकनीकें विकसित की, जो आंदोलन के लिए विशिष्ट थीं। उसके अनुयायियों ने जिसे देखने का अलग नज़रिया के रूप में तर्क दिया, उसे शामिल करते हुए, यह कला का सरल मुद्राओं और संयोजनों का, उज्जवल और वैविध्यपूर्ण रंगों का इस्तेमाल करते हुए प्रकाश की क्रीड़ा का, अव्यवहितत्व और आंदोलन था।
आरंभ में जनता इसके विरुद्ध थी, परंतु धीरे-धीरे उन्होंने विश्वास करना शुरू कर दिया कि प्रभाववादियों ने एक नूतन और मौलिक दृष्टि पर जीत हासिल की है, भले ही उन्हें कला आलोचकों और प्रतिष्ठान का अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ हो।
विषय-वस्तु की पुनर्रचना के बजाय, विषय को देखने वाले नेत्रों में उत्तेजना के पुनर्सृजन द्वारा और तकनीकों तथा रूपों के तरंगों के निर्माण के ज़रिए, प्रभाववाद चित्रकला में विभिन्न आंदोलनों का [[wikt:seminal|प्रारंभिक]] अग्रदूत बना, जिसका अनुसरण करने वालों में नव-प्रभाववाद, प्रभाववादोत्तर, द्विआयामवाद और घनवाद शामिल हैं।
== प्रारंभ ==
[[चित्र:Pierre-Auguste Renoir, Le Moulin de la Galette.jpg|thumb|right|पियरे-अगस्टे रेनायर, ले मॉलिन डी ला गैलेट में नृत्य (Bal du moulin de la Galette), म्यूज़ी डी'ओर्से, 1876]]
परिवर्तन के वातावरण में जब सम्राट नेपोलियन III ने पेरिस का पुनर्निर्माण किया और युद्ध शुरू किए, 19वीं सदी के मध्य में फ्रांसीसी कला परिदृश्य पर आकदमी दा ब्युक्स-आर्टस का प्रभुत्व था। अकादमी पर फ्रांसीसी चित्रकला की सामग्री और शैली दोनों में परंपरागत मानकों को बनाए रखने का उत्तरदायित्व था। ऐतिहासिक विषय, धार्मिक प्रसंग और चित्राकृतियों को महत्व दिया जाता था (प्रकृति-चित्रण और निश्चल जीवन को नहीं) और अकादमी सावधानी से तैयार छवियों को प्राथमिकता देती थी, जो पास से देखने पर वास्तविकता को प्रतिबिंबित करते थे। रंग उदासीन और रूढि़वादी होते थे तथा ब्रश स्पर्श के चिह्नों को दबा दिया जाता था, जो कलाकार के व्यक्तित्व और भावनाओं तथा कामकाजी तकनीकों को छुपा लेते थे।
[[चित्र:Girl with a Hoop.JPG|thumb|upright|left|पियरे-अगस्टे रेनॉयर, हूप के साथ लड़की, 1885]]
अकादमी सैलून दा पेरिस में वार्षिक अभिनिर्णायक कला प्रदर्शनी आयोजित करती थी और कलाकार अपनी रचनाएं इसमें प्रदर्शित करते, पुरस्कार ग्रहण करते, कमीशन प्राप्त करते और अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाते थे। जूरी के मानक, अकादमी के महत्व को दर्शाते थे, जहां जीन-लिओन जेरोम और अलैक्ज़ैंडर कैबेनल जैसे कलाकारों के अत्यधिक परिष्कृत कार्यों का प्रतिनिधित्व होता था। कुछ युवा कलाकारों ने पूर्ववर्ती कलाकारों की अपेक्षा हल्के और चटकीले रूप में चित्रकारी करते हुए गुस्ताव कॉर्बेट और बार्बिज़न स्कूल के यथार्थवाद को और आगे बढ़ाया. वे ऐतिहासिक दृश्यों के पुनर्निर्माण की अपेक्षा प्राकृतिक दृश्य और समकालीन जीवन के चित्रण में अधिक दिलचस्पी रखते थे। प्रत्येक वर्ष, उन्होंने अपनी कला सैलून को प्रस्तुत की, लेकिन निर्णायकों ने अनुमोदित शैली में काम करने वाले कलाकारों की मामूली कृतियों के पक्ष में, उनके सर्वोत्तम प्रयासों को अस्वीकृत किया। युवा यथार्थवादियों का एक केंद्रीय समूह, [[क्लाद मोने|क्लॉड मोनेट]], [[पियरे ओग्युस्त रेन्वार|पीयरे आग्स्ट रिनोयर]], अल्फ्रेड सिसली और फ़्रेड्रिक बैज़ाइल, जिन्होने चार्ल्स ग्लेयर के अधीन शिक्षा पाई थी, मित्र बन गए और अक्सर एक साथ चित्रकारी करते रहे। जल्द ही केमिली पिस्सारो, पॉल सेज़ॉन और आर्मंड गिलॉमिन भी उनके साथ जुड़ गए।<ref>"विन्सेन्ट वान गाग" ऑक्सफोर्ड आर्ट ऑनलाइन</ref>
[[चित्र:Pierre-Auguste Renoir 007.jpg|thumb|upright|पियरे-अगस्टे रेनायर, छत पर, कैनवास पर तेल, 1881, शिकागो कला संस्थान]]
[[चित्र:Claude Monet - Woman with a Parasol - Madame Monet and Her Son - Google Art Project.jpg|thumb|upright|क्लॉड मोनेट, छाते के साथ महिला, (केमिली और जीन मोनेट), 1875, नेशनल गैलरी ऑफ़ आर्ट, वाशिंगटन, डी.सी.]]
1863 में, निर्णायकों ने एडवर्ड मानेट की रचना ''द लंचन ऑन द ग्रास'' (''Le déjeuner sur l'herbe'') को मुख्यतः इस आधार पर खारिज कर दिया कि इसमें पिकनिक पर एक नग्न महिला को दो वस्त्रधारी पुरूषों के साथ चित्रित किया गया था। जबकि ऐतिहासिक और लाक्षणिक चित्रों में नज़र आने वाले नग्न चित्र सैलून द्वारा नियमित रूप से स्वीकार किए जा रहे थे, जूरी ने एक यथार्थवादी नग्न महिला को समकालीन परिदृश्य में चित्रित करने के लिए मानेट की निंदा की। <ref>डेनविर (1990), पृ.133.</ref> जूरी द्वारा मानेट के चित्र की तीखे शब्दों में अस्वीकृति और साथ ही उस वर्ष असामान्य रूप से असंख्य कार्यों की अस्वीकृति ने फ्रांसीसी कलाकारों में उत्तेजना भर दी। मोनेट और उनके साथियों ने मानेट की प्रशंसा की और कैफ़े ग्वेरबॉईस में परिचर्चा का आयोजन किया, जहां अक्सर कलाकारों के समूह मिलते थे।
1863 में अस्वीकृत कार्यों को देखने के बाद, सम्राट नेपोलियन III ने आदेश दिया कि जनता द्वारा स्वयं किसी कार्य पर निर्णय लेना अनुमत किया जाए और सैलून दा रेफ्युज़स (अस्वीकृतों का सैलून) संगठित हुआ। हालांकि अनेक दर्शक केवल हंसी उड़ाने के लिए आए, सैलून दा रेफ्युज़स ने कला में एक नई प्रवृत्ति की विद्यमानता की ओर ध्यान आकर्षित किया और नियमित सैलून की अपेक्षा अधिक आगुंतकों को आकर्षित किया।<ref>डेनविर (1990), पृ.194.</ref>
कलाकारों द्वारा 1867 में और दोबारा 1872 में एक नए सैलून दा रेफ्युज़स के आग्रह वाली याचिकाओं को अस्वीकृत कर दिया गया। 1873 के उत्तरार्द्ध में, [[क्लाद मोने|मोनेट]], [[पियरे ओग्युस्त रेन्वार|रिनोयर]], पिस्सारो और सिसली ने अपने कलात्मक कार्यों के स्वतंत्र प्रदर्शनों के उद्देश्य से ''Société Anonyme Coopérative des Artistes Peintres, Sculpteurs'', Graveurs (चित्रकारों, शिल्पकारों और उत्कीर्णकों का सहकारी अनाम समूह) का गठन किया। संघ के सदस्यों से, जिसमें शीघ्र ही सेज़ान, बर्थ मॉरिसॉट और [[एद्गर देगास|एडगर डेगास]] भी शामिल हुए, शपथपूर्वक सैलून त्यागने की अपेक्षा की गई। आयोजकों ने यूजेन बॉडिन सहित, जिनके नमूनों ने वर्षों पहले मानेट को पहली बार ''plein air'' (खुली हवा में) चित्रकारी के लिए प्रेरित किया, बड़ी संख्या में प्रगतिशील कलाकारों को उद्घाटन प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।<ref>डेनविर (1990), पृ.32.</ref> एक अन्य कलाकार जोहान जान्गकिंड, जिसने मोनेट और उनके साथियों को अत्यधिक प्रभावित किया, मानेट की भांति भाग लेने से मना कर दिया। फ़ोटोग्राफ़र नाडार के स्टुडियो में अप्रैल 1874 में आयोजित उनकी प्रथम प्रदर्शनी में कुल 30 कलाकारों ने भाग लिया।
[[चित्र:Claude Monet The Cliffs at Etretat.jpg|thumb|left|क्लॉड मोनेट, तूफ़ान के बाद एट्रेटैट में प्रपात, १८८५, क्लार्क आर्ट इन्स्टिट्यूट, विलियम्सटाउन, मैसाचुसेट्स]]
आलोचकों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित थी, जिनमें मोनेट और सेज़ान को अप्रिय हमले झेलने पड़े. आलोचक और व्यंग्यकार लुई लेरॉय ने ''ले शैरीवेरी'' समाचारपत्र में एक कटु समीक्षा लिखी, जिसमें क्लॉड मोनेट के शीर्षक ''इम्प्रेशन, सनराइज़'' (''Impression, soleil levant'') के शब्दों से खेलते हुए उन्होंने कलाकारों को नाम दिया, जो उनकी पहचान बन गई। उपहासपूर्ण ढंग से अपने लेख को ''[[s:Exhibition of the Impressionists|द एक्ज़िबिशन ऑफ़ द इम्प्रेशनिस्ट्स]]'' शीर्षक देते हुए, लेरॉय ने घोषण की कि ज़्यादातर मोनेट का चित्र एक रेखाचित्र है और इसे मुश्किल से संपूर्ण कार्य कहा जा सकता है।
उन्होंने दर्शकों के बीच संवाद के रूप में लिखा,
:''प्रभाव- मैं इसके बारे में निश्चित था। '' ''मैं अपने आप से कह रहा था, चूंकि मैं प्रभावित था, कि इसमें कुछ प्रभाव होना चाहिए... और स्वतंत्रता क्या है, क्या सहज कारीगरी है''
! अपने निर्माण दशा में वॉलपेपर उस समुद्री दृश्य से अधिक संपूर्ण है।''<ref>रेवाल्ड (1973), पृ. 323.</ref>''
[[चित्र:Claude Monet - Graystaks I.JPG|thumb|क्लॉड मोनेट, घास का टीला, (सूर्यास्त), 1890-1891, म्यूज़ियम ऑफ़ फ़ाइन आर्ट्स, बोस्टन]]
"प्रभाववादी" शब्द ने शीघ्र ही जनता का समर्थन प्राप्त किया। इसे स्वयं कलाकारों ने भी स्वीकार कर लिया, हालांकि शैली और प्रकृति की दृष्टि से उनका समूह नानाविध था, पर वे मुख्यतः स्वतंत्रता और विद्रोह की भावना से एकजुट थे। उन्होंने एक साथ प्रदर्शनियां आयोजित की—हालांकि 1874 से 1886 के बीच आठ बार—सदस्यता परिवर्तन करते हुए.
मोनेट, सिसली, मॉरिसॉट और पिस्सारो को उनकी सहजता, प्रकाश और रंगों की कला के सतत अनुसरण के लिए "विशुद्ध" प्रभाववादी माना जा सकता है। डेगास ने अधिकतर इसे खारिज कर दिया, क्योंकि वह रंगों से अधिक रेखांकन को महत्त्व देता था और बाहर खुले में चित्रांकन के अभ्यास को तुच्छ समझता था।<ref>गॉर्डन; फोर्ज (1988), पृ. 11-12.</ref> रिनोयर 1880 के दशक में एक समय के लिए प्रभाववाद के विरूद्ध हो गया और कभी भी पूर्ण रूप से इसके विचारों के प्रति प्रतिबद्धता पुनर्प्राप्त नहीं कर सका। एडवर्ड मानेट ने, समूह के नेता के रूप में अपनी भूमिका के बावजूद, काले रंग का मुक्त रूप से प्रयोग करना कभी नहीं छोड़ा और न ही कभी प्रभाववादी प्रदर्शनियों में भाग लिया। उसने अपने कार्यों की सैलून में प्रस्तुति जारी रखी, जहां उनके ''स्पैनिश सिंगर'' ने 1861 में द्वितीय श्रेणी का पदक प्राप्त किया और यह तर्क देते हुए कि "सैलून ही असली जंग का मैदान है" जहां प्रतिष्ठा अर्जित की जा सकती है, अन्य लोगों को भी ऐसा करने के लिए उकसाता रहा। <ref>रिचर्डसन (1976), पृ. 3.</ref>
[[चित्र:Camille Pissarro - Boulevard Montmartre - Eremitage.jpg|thumb|left|केमिली पिसारो, बाउलेवार्ड मॉन्टमार्ट्रे, 1897, द हर्मिटेज, सेंट पीटर्सबर्ग]]
केंद्रीय समूह के कलाकारों में (बैज़ाइल के अतिरिक्त, जिसकी 1870 के [[फ्रांसीसी जर्मन युद्ध|फ्रांसीसी-प्रशिया युद्ध]] में मृत्यु हो गई) दरार उत्पन्न हो गई, सेज़ान और बाद में रिनोयर ने, सिसली, मोनेट ने सैलून में अपने कार्य प्रस्तुत करने के उद्देश्य से स्वयं को समूह की प्रदर्शनियों से अलग रखा। समूह में गिलामिन की सदस्यता जैसे विषयों पर मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसे अयोग्य समझने वाले मानेट और डिगास के प्रतिरोध के विरूद्ध पिस्सारो और सेज़ान का समर्थन प्राप्त हुआ।<ref>डेनविर (1990), पृ.105.</ref> डेगास ने 1879 की प्रदर्शनी में अपना कार्य प्रदर्शित करने के लिए [[मैरी कसाट|मेरी कसाट]] को आमंत्रित किया, लेकिन उसने प्रभाववादी पद्धतियों का निरूपण न करने वाले जीन-फ्रांकॉइस राफ़ेल, लुडोविक लेपिक और अन्य यथार्थवादियों को शामिल करने पर ज़ोर देते हुए मतभेद को मौक़ा दिया, जिसके परिणामस्वरूप 1880 में "पहले आने वाले डाबर्स के लिए दरवाजे खोलने" का प्रभाववादियों पर आरोप लगा। <ref>रेवाल्ड (1973), पृ. 603.</ref> 1886 में समूह अपने साथ सिग्नैक और स्युरैट को प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित करने के मामले पर बंट गया। पिस्सारो एकमात्र ऐसा कलाकार था जिसने आठ प्रभाववादी प्रदर्शनियों में अपनी कला प्रदर्शित की।
व्यक्तिगत कलाकारों को प्रभाववादी प्रदर्शनियों से कुछ वित्तीय पुरस्कार प्राप्त हुए, लेकिन उनकी कला को धीरे-धीरे जनता की स्वीकार्यता और समर्थन प्राप्त हुआ। उनके डीलर डूरंड-रूएल ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई जो उनका कार्य जनता के सामने ले गए और उनके लिए लंदन और न्यूयॉर्क में प्रदर्शनी की व्यवस्था की। हालांकि सिसली की 1899 में ग़रीबी की वजह से मृत्यु हुई, रिनोयर को 1879 में महत्वपूर्ण सैलून सफलता प्राप्त हुई। मोनेट को 1880 दशक के आरंभ में और पिस्सारो को 1890 दशक के प्रारंभ में वित्तीय सुरक्षा प्राप्त हुई। तब तक प्रभाववादी चित्रकला पद्धति, हल्के रूप में, सैलून कला में आम जगह बना चुकी थी।<ref>रेवाल्ड, (1973), पृ. 475-476.</ref>
== प्रभाववादी तकनीक ==
[[चित्र:Berthe Morisot, Le berceau (The Cradle), 1872.jpg|left|thumb|upright|बर्थ मोरिसॉट, पालना, 1872, म्यूज़ी डी'ओर्से]]
* विषयवस्तु के विवरणों के बजाय, उसके सार को परदे पर उतारने के लिए, रंग के छोटे और मोटे स्पर्शों का उपयोग किया जाता है। अक्सर रंग थोपा जाता है।
* एक जीवंत सतह तैयार करते हुए, रंगों को यथासंभव कम मिश्रित करते हुए, पास-पास लगाया जाता है। रंगों का दृश्य मिश्रण दर्शकों की आंखों में होता है।
* पूरक रंगों के मिश्रण से धुंधली और काली रंगत तैयार की जाती है। शुद्ध प्रभाववाद में काले रंगों के प्रयोग से बचा जाता है।
* उत्तरोत्तर प्रयुक्त रंगों के सूखने की प्रतीक्षा किए बिना गीले रंग को गीले रंग के साथ रखा जाता है, जिससे किनारे हल्के बनते हैं और रंग परस्पर मिल जाते हैं।
* शाम को चित्रकारी ताकि ''effets de soir'' - शाम के प्रकाश या गोधूलि के छायादार प्रभाव को पा सकें.
* प्रभाववादी चित्रों में पतले रंगों की परतों की पारदर्शिता (चमक) को काम में नहीं लाया जाता, जिस पर पिछले कलाकारों ने प्रभाव उत्पन्न करने के लिए बारीक़ी से ध्यान दिया था। एक प्रभाववादी चित्रकला की सतह आम तौर पर अपारदर्शी होती है।
* प्राकृतिक प्रकाश के उपयोग पर ज़ोर दिया जाता है। वस्तु दर वस्तु रंगों के प्रतिबिंब पर नज़दीक से ध्यान दिया जाता है।
* ''en plein air'' (खुली हवा में) बनाए गए चित्रों में, आकाश के नीले रंग के साथ छाया को गहरा रंगा जाता था, जिससे एक ताज़गी और खुलेपन का एहसास जगता है, जिस पर इससे पहले के चित्रों में ध्यान नहीं दिया जाता था। (बर्फ़ पर नीली छाया ने इस तकनीक को प्रेरित किया।)
[[चित्र:Cassatt Mary At the Theater 1879.jpg|thumb|left|upright|मेरी कसाट, लिडिया अपनी बाहों पर झुकी हुई (एक थिएटर बॉक्स में), 1879]]
समग्र इतिहास में चित्रकारों ने इन तरीकों का इस्तेमाल कभी-कभी ही किया था, लेकिन प्रभाववादियों ने सबसे पहले उन सबका एक साथ और इतने साहस के साथ प्रयोग किया था। पूर्व कलाकारों में, जिनकी कलाकृतियों में इस तकनीक का प्रदर्शन देखा जा सकता है, फ़्रैंस हाल्स, डिएगो वेलाज़क्वेज़, पीटर पॉल रूबेन्स, [[जान कांस्टेबल|जॉन कॉन्स्टेबल]] और जे.एम.डब्ल्यू. टर्नर शामिल हैं।
फ्रांसीसी चित्रकार जिन्होंने प्रभाववाद का पथ प्रशस्त किया, उनमें शामिल हैं रोमांटिक रंगरेज़ यूजीन डेलाक्रोइक्स, जो यथार्थवादी गुस्ताव कोरबेट के नेता थे और थिओडोर रूसो जैसे बार्बिज़ॉन स्कूल के चित्रकार. प्रभाववादियों ने जीन-बैप्टिस्ट-केमिली कोरोट और यूजीन बाउडिन के चित्रों से बहुत कुछ सीखा, जो प्रकृति को जिस शैली में चित्रित करते थे, वह प्रभाववाद के नज़दीक था।
प्रभाववादियों ने मध्य-शताब्दी में प्रवर्तित सीसे की ट्यूबों में (जो आधुनिक टूथपेस्ट ट्यूब जैसी लगती है) पहले से मिश्रित रंगों का लाभ उठाया, जिससे कलाकार, बाहर और अंदर, दोनों जगह अधिक सहज रूप से काम कर सकते थे। पहले चित्रकार, सूखे रंगों को पीसते और अलसी के तेल में मिला कर, व्यक्तिगत रूप से अपना रंग तैयार करते थे, जिन्हें पशुओं के मूत्राशय की थैलियों में संग्रहित किया जाता था।<ref>{{Cite web |url=http://www.phillipscollection.org/docs/education/lbp-kit_4.pdf |title=रेनॉइर और प्रभाववाद प्रक्रिया, फिलिप्स संग्रह |access-date=11 मार्च 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110105173433/http://phillipscollection.org/docs/education/lbp-kit_4.pdf |archive-date=5 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>
== सामग्री और संरचना ==
[[चित्र:Hay Harvest at Éragny by Camille Pissarro 1901.png|thumb|केमिली पिसारो, एराग्नी में घास की कटाई, 1901, नेशनल गैलरी ऑफ़ कनाडा, ओटावा, ओंटारियो]]
प्रभाववादियों से पहले, अन्य चित्रकार, विशेष रूप से जैन स्टीन जैसे 17वीं सदी के डच चित्रकारों ने सामान्य विषयवस्तुओं पर ध्यान केंद्रित किया, लेकिन कृतियों के प्रति उनका अभिगम पारंपरिक था। उन्होंने अपनी कृतियों को इस तरह व्यवस्थित किया कि मुख्य वस्तु दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही। प्रभाववादियों ने विषय-वस्तु और पृष्ठभूमि के बीच की सीमा में छूट दी जिससे प्रभाववादी चित्र का प्रभाव अक्सर स्नैपशॉट के समान लगता, मानो वह अचानक चित्रबंद वास्तविक दृश्य का एक अंश हो। <ref>रोसेनब्लम (1989), पृ. 228. लोप</ref> [[छायाचित्र|फोटोग्राफ़ी]] लोकप्रियता हासिल कर रही थी और कैमरा अधिक पोर्टेबल और तस्वीरें अधिक स्पष्ट होने लगी थीं। फोटोग्राफ़ी ने प्रभाववादियों को कैमरे में क्षण को क़ैद करने के लिए प्रेरित किया, न केवल परिदृश्य की क्षणभंगुर रोशनी को, बल्कि लोगों के दैनंदिन जीवन को भी.
[[चित्र:Berthe Morisot Reading.jpg|thumb|left|बर्थ मोरिसॉट, पढ़ती महिला, 1873, क्लीवलैंड कला संग्रहालय]]
प्रभाववादी आंदोलन के उदय को फ़ोटोग्राफ़ी के नव स्थापित माध्यम के प्रति कलाकारों की प्रतिक्रिया के अंश के रूप में भी देखा जा सकता है। यथार्थ को हू-ब-हू चित्रित करने के लिए एक नया माध्यम उपलब्ध कराने की वजह से, स्थिर या निश्चल छवियों को ग्रहण करना चित्रकारों के लिए एक चुनौती बन गया। शुरूआत में फ़ोटोग्राफ़ी की मौजूदगी, प्रकृति-चित्रण और वास्तविकता को प्रतिबिंबित करने में कलाकार की क्षमता को नुक्सान पहुंचाने वाली लगी। दोनों, चित्र और प्राकृतिक दृश्य वाले चित्र कुछ हद तक कमज़ोर और यथार्थ से दूर लगने लगे, चूंकि फ़ोटोग्राफ़ी ने "जीवंत छवियों को अधिक कुशलता और विश्वसनीयता के साथ पेश किया".<ref name="impressionism757"/>
[[चित्र:Alfred Sisley 001.jpg|thumb|अल्फ्रेड सिसली, सेंट-मार्टिन नहर का दृश्य, पेरिस, 1870 म्यूज़ी डी'ओर्से]]
इसके बावजूद, फ़ोटोग्राफ़ी ने वास्तव में कलाकारों को, यथार्थ का अनुकरण करने के लिए फ़ोटोग्राफ़ी के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय, अलग कलात्मक अभिव्यक्ति के साधन तलाशने के लिए प्रेरित किया और कलाकारों ने अपना ध्यान "उस एक चीज़ पर केंद्रित किया जो अनिवार्यतः वे फ़ोटोग्राफ़ से बेहतर कर सकते थे - यानी छवि की संकल्पना की मूल अवास्तविकता को, जिसे फ़ोटोग्राफ़ी ने हटाया था, कला रूप में और विकसित करना".<ref name="impressionism757"/> प्रभाववादियों ने दुनिया की वास्तविक परछाई या प्रतिबिंब तैयार करने की जगह, प्रकृति की अपनी धारणा व्यक्त की। इसने कलाकारों को उनके द्वारा अपनी "रुचि और विवेक की अनिवार्य अंतर्हित" भावना से देखी गई विषयवस्तु को चित्रित करने की छूट दी। <ref name="impressionism758">सोनटैग, सुसान (1977) फ़ोटोग्राफ़ी पर, पेंगुइन, लंदन</ref> फ़ोटोग्राफ़ी ने चित्रकारों को रंग जैसे, चित्र माध्यम के पहलुओं को उजागर करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसका उस समय की फ़ोटोग्राफ़ी में अभाव था; "प्रभाववादियों ने ही पहले-पहल फ़ोटोग्राफ़ के लिए पूरी समझ के साथ व्यक्ति-सापेक्ष विकल्प प्रस्तुत किया".<ref name="impressionism757">लेविनसन, पॉल (1997) ''द सॉफ़्ट एड्ज; अ नैचुरल हिस्ट्री एंड फ़्यूचर ऑफ़ द इन्फर्मेशन रेवल्यूशन'', राउटलेड्ज, लंदन और न्यूयॉर्क</ref>
एक और प्रमुख प्रभाव था जापानी कला प्रिंट (जेपोनिज़्म), जो मूलतः फ़्रांस में आयातीत माल को लपेटने वाले काग़ज़ के रूप में पहुंचा। इन मुद्रणों की कला ने "स्नैपशॉट" कोणों और अपरंपरागत रचनाओं में विशेष रूप से योगदान दिया, जो आगे चल कर आंदोलन की विशेषता बन गई।
[[एद्गर देगास|एडगर डेगास]] फ़ोटोग्राफ़र और जापानी प्रिंटों का संग्रहकर्ता, दोनों था।<ref>बाउमैन; काराबेल्निक, व अन्य. (1994), पृ. 112.</ref> उसकी 1874 की कृति ''नृत्य कक्षा'' (La classe de danse) अपनी विषम संरचना में दोनों का प्रभाव दर्शाती है। नर्तकियों को विभिन्न अजीबो-ग़रीब मुद्राओं में उतारा गया, जहां निचले दाएं चतुर्थांश में फ़र्श का विस्तार ख़ाली छूटा है। उनकी नर्तकियों को ''छोटी चौदह वर्षीय नर्तकी'' जैसी मूर्ति में भी ग्रहण किया गया है।
== प्रमुख प्रभाववादी ==
[[चित्र:Camille Pissarro, Gelee blanche (Hoarfrost), 1873.jpg|thumb|केमिली पिसारो, पाला, 1873, म्यूज़ी डी'ओर्से, पेरिस]]
[[चित्र:Berthe Morisot The Harbor at Lorient.jpg|thumb|बर्थ मोरिसॉट, लोरीएंट में बंदरगाह, 1869, नेशनल गैलरी ऑफ़ आर्ट, वाशिंगटन, डी.सी.]]
फ्रांस में प्रभाववाद के विकास में केंद्रीय व्यक्तित्व, वर्णानुक्रम में सूचीबद्ध निम्न थे:
* फ़्रेडरिक बेज़िल (1841-1870)
* गुस्ताव कैलेबोटे (जो, दूसरों से छोटे थे और 1870 दशक के मध्य में दल के साथ जुड़े) (1848-1894)
* [[मैरी कसाट|मेरी कसाट]] (अमेरिका में जन्मी, वह पेरिस में रहती थी और उसने चार प्रभाववादी प्रदर्शनियों में भाग लिया)(1844-1926).
* [[पाल सिनाक|पॉल सेज़ान]] (हालांकि बाद में वे प्रभाववादियों से अलग हो गए) (1839-1906)
* [[एद्गर देगास|एडगर डेगास]] (यथार्थवादी, जिन्होंने ''प्रभाववादी'' शब्द को तिरस्कृत किया, लेकिन समूह के प्रति उनकी वफ़ादारी के कारण उन्हें ऐसा माना जाता है)(1834-1917)
* आर्मंड ग्विलामिन (1841-1927)
* एड्वर्ड मानेट (जो ख़ुद को ऐसा नहीं मानते थे और ना ही
आम तौर पर प्रभाववादी जैसे लगते थे, लेकिन जिन्होंने प्रभाववादियों के साथ अपना काम प्रदर्शित किया और उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया), (1832-1883)
* [[क्लाद मोने|क्लॉड मानेट]] (प्रभाववादियों में सर्वाधिक बहुसर्जक और उनके सौंदर्यबोध को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने वाला)<ref>डेनविर (1990), पृ.140.</ref> (1840-1926)
* बर्थ मॉरिसॉट (1841-1895)
* कैमिली पिसारो (1830-1903)
* [[पियरे ओग्युस्त रेन्वार|पियरे-अगस्टे रेनॉयर]] (1841-1919)
* अल्फ्रेड सिसली (1839-1899)
== गैलरी ==
<gallery>
File:Edgar Germain Hilaire Degas 069.jpg|एडगर डेगास (1834-1917), फूलों के एक गुलदस्ते के साथ नृत्यांगना (स्टार ऑफ़ द बैले), 1878
File:Edgar Germain Hilaire Degas 009.jpg|एडगर डेगास, स्टेज रिहर्सल, 1878-1879, द मेट्रोपोलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट, न्यूयॉर्क शहर
File:Edgar Germain Hilaire Degas 072.jpg|एडगर डेगास, बार में नर्तकियां, 1888, फिलिप्स संग्रह, वाशिंगटन, डी.सी.
File:Edgar Germain Hilaire Degas 032.jpg|एडगर डेगास, स्नान करती महिला, 1886, हिल-स्टेड संग्रहालय, फ़ार्मिंगटन, कनेक्टिकट
File:Edgar Germain Hilaire Degas 012.jpg|एडगर डेगास, ल'एब्सिंथे, 1876, म्यूज़ी डी'ओर्से, पेरिस
File:Edouard Manet 039.jpg|एड्वर्ड मानेट (1832-1883), प्लम, 1878, नेशनल गैलरी ऑफ़ आर्ट, वाशिंगटन, डी.सी.
File:Guillaumin SoleilCouchantAIvry.jpg|आर्मंड ग्विलॉमिन (1841-1927), आइव्री में सूर्यास्त (Soleil couchant à Ivry) 1873, म्यूज़ी डी'ओर्से
File:Gustave Caillebotte - La Place de l'Europe, temps de pluie.jpg|गुस्ताव केयलबोट्टे, (1848-1894), पेरिस स्ट्रीट, बारिश का दिन, 1877. शिकागो कला संस्थान
File:Frederic Bazille Paysage au bord du Lez.jpg|फ़ेड्रिक बैज़िले (1841-1870), Paysage au bord du Lez, 1870, मिनियापोलिस कला संस्थान
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=== समय-रेखा: प्रभाववादियों का जीवन ===
<div style="text-align: center;">
<small>'''प्रभाववादी''' </small>
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== सहयोगी और प्रभावित कलाकार ==
[[चित्र:Whistler-Nocturne in black and gold.jpg|thumb|left|upright|जेम्स एबॉट मॅकनील व्हिसलर, [20] (1874), डेट्राइट कला संस्थान]]
प्रभाववादियों के क़रीबी सहयोगियों में कई ऐसे चित्रकार थे, जिन्होंने कुछ हद तक उनके तरीकों को अपनाया था। इनमें शामिल हैं पेरिस में बसे इतालवी कलाकार जियुसेप डी निटिस, जिन्होंने डेगास के निमंत्रण पर पहली प्रभाववादी प्रदर्शनी में भाग लिया, हालांकि अन्य प्रभाववादियों ने उनके काम को तुच्छ समझा.<ref>डेनविर (1990), पृ.152.</ref> फ़े़डेरिको ज़ैंडोमेनेघी डेगास के एक और इतालवी मित्र थे, जिन्होंने प्रभाववादियों के साथ प्रदर्शनी में भाग लिया। ईवा गोन्ज़ेल्स मानेट का अनुयायी था, जिसने समूह के साथ प्रदर्शन नहीं किया। जेम्स एबॉट मॅकनील व्हिसलर एक अमेरिकी मूल का चित्रकार था, जिसने प्रभाववाद में भूमिका निभाई, हालांकि उन्होंने समूह में भाग नहीं लिया और वे धूसर रंगों को पसंद करते थे। एक अंग्रेज़ कलाकार, वाल्टर सिकर्ट आरंभ में व्हिसलर का अनुयायी था, लेकिन बाद में डेगास का प्रमुख शिष्य बन गया; उसने प्रभाववादियों के साथ प्रदर्शनी में भाग नहीं लिया। 1904 में कलाकार और लेखक विनफ़ोर्ड ड्यूहर्स्ट ने फ़्रांसीसी चित्रकारों का पहला महत्वपूर्ण अध्ययन ''इंप्रेशनिस्ट पेंटिंग: इट्ज़ जेनेसिस एंड डेवलपमेंट'' लिखा जो अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुआ और जिसने ग्रेट ब्रिटेन में प्रभाववाद को लोकप्रिय बनाने में काफ़ी योगदान दिया।
1880 दशक के प्रारंभ तक, इंप्रेशनिस्ट तरीक़े कम से कम सतही तौर पर, सैलून की कला को प्रभावित कर रहे थे। जीन बेरॉड और हेनरी जरवेक्स जैसे फ़ैशनेबल चित्रकारो को, सैलून की कला में अपेक्षित कोमल सज्जा को क़ायम रखते हुए अपनी रंगपट्टिका को चमकाने के ज़रिए समीक्षात्मक और वित्तीय सफलता मिली। <ref>रेवाल्ड (1973), पृ.476-477.</ref> इन कलाकारों की कृतियों को कभी-कभी यों ही प्रभाववादी कहा जाता है, भले ही वे प्रभाववादी पद्धति से काफ़ी दूर हों.
== फ्रांस से परे ==
[[चित्र:cassatt the bath.jpg|thumb|upright|मेरी कसाट, बच्चे का स्नान (द बाथ), 1893, कैनवास पर तेल, शिकागो कला संस्थान]]
जैसे-जैसे प्रभाववाद का प्रभाव फ्रांस से परे फैलने लगा, असंख्य कलाकारों की पहचान नई शैली को अपनाने वालों के रूप में बनती गई। अधिक महत्वपूर्ण उदाहरणों में से कुछ निम्न हैं:
* अमेरिकी प्रभाववादी, जिसमें शामिल हैं [[मैरी कसाट|मेरी कसाट]], विलियम मेरिट चेस, फ्रेडरिक कार्ल फ़्रीसेक, चाइल्ड हासम, विलार्ड मेटकाफ़, लिला काबोट पेरी, थिओडोर रॉबिन्सन, एडमंड चार्ल्स टार्बेल, जॉन हेनरी ट्वाचमैन और जे. आल्डेन वियर.
* अन्ना बोश, विन्सेन्ट वान गाग के मित्र यूजीन बोश, जार्ज लेमेन और थियो वैन राइसेरबर्घ [[बेल्जियम]] से प्रभाववादी चित्रकार.
* वाल्टर रिचर्ड सिकर्ट और फिलिप विल्सन स्टीर [[यूनाइटेड किंगडम]] के सुप्रसिद्ध प्रभाववादी चित्रकार थे।
* ऑस्ट्रेलियाई प्रभाववादियों में शामिल थे हीडलबर्ग स्कूल के प्रमुख सदस्य फ्रेडरिक मॅकक्युबिन और टॉम रॉबर्ट्स तथा वान गाग के मित्र जॉन पीटर रसेल, रोडिन, मोनेट तथा मैटिसे और साथ ही, रूपर्ट बन्नी, एग्नेस गुडसर व ह्यूग रामसे.
* जर्मनी में लोविस कोरिंथ, मैक्स लीबरमैन मैक्स स्लेवोग्ट.
* हंगरी में लैस्ज़लो मेडनियान्ज़्की.
* आयरलैंड में रोडरिक ओ'कोनोर और वाल्टर ओसबॉर्न.
* रूस में कॉन्स्टैनटिन कोरोविन और वैलेन्टिन सरनोव.
* [[पोर्टो रीको|प्युर्टो रीको]] देशवासी और पिसारो तथा सेज़ान के मित्र फ्रांसिस्को ओलेरी सेस्टरो.
* [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैंड]] में विलियम मॅकटागार्ट.
* [[कनाडा|कनाडाई]] कलाकार लॉरा मुंट्ज़ लायाल.
* [[पोलैंड|पोलिश]] प्रभाववादी और प्रतीकवादी लैडिस्लॉ पोडकोविंस्की.
* [[तुर्की]] में प्रभाववाद लाने वाले नाज़्मी ज़िया गुरान.
* [[मिस्र]] में शारोबिम शाफ़िक.
* [[ब्राज़ील]] में एलिसा विस्कॉन्टी.
* लात्विया, जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका में मार्टिन्स क्रुमिन्स.
* स्पेन में जोकिन सोरोला.
* अर्जेंटीना में फर्नांडो फ़ेडर, मार्टिन मलहारो, रेमन सिल्वा.
== मूर्तिकला, फ़ोटोग्राफ़ी और फ़िल्म ==
मूर्तिकार ऑगस्ट रोडिन को, कभी-कभी उनके द्वारा अल्पकालिक प्रकाश प्रभाव को सुझाने वाले खुरदुरी सतहों के उपयोग करने की पद्धति के लिए, प्रभाववादी कहा जाता है।
चित्रात्मक फ़ोटोग्राफ़रों को भी, जिनकी कृति नाज़ुक फ़ोकस और परिवेशी प्रभावों की विशेषताओं से युक्त है, प्रभाववादी कहा जाता है।
फ्रांसीसी प्रभाववादी सिनेमा एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग फ़्रांस में 1919-1929 के बीच बनी फ़िल्मों और फ़िल्म निर्माताओं के समूह के लिए प्रयुक्त किया जाता है, हालांकि ये वर्ष बहस का मुद्दा रहे हैं। फ्रांसीसी प्रभाववादी फ़िल्म निर्माताओं में शामिल हैं एबल गांस, जीन एपस्टीन, जर्मेन ड्यूलाक, मार्सेल ल’हर्बियर, लुई डेलुक और डिमित्री कर्सनॉफ़.
== संगीत और साहित्य ==
{{Main|Impressionist music|Impressionism (literature)}}
[[चित्र:Monet Water Lilies 1916.jpg|thumb|क्लॉड मोनेट, जल लिली, 1916, पश्चिमी कला का राष्ट्रीय संग्रहालय, टोक्यो]]
संगीत प्रभाववाद यूरोपीय शास्त्रीय संगीत के आंदोलन को दिया गया नाम है, जिसका उदय 19वीं सदी के उत्तरार्ध में हुआ और जो 20वीं सदी के मध्य तक जारी रहा। फ्रांस में शुरूआत के साथ, संगीत प्रभाववाद की विशेषता रही है रोमांटिक युग के संकेत और परिवेश तथा भावनात्मक अतिरेक. प्रभाववादी संगीतकार निशा-गीत, अरबस्क और प्रस्तावना जैसे छोटे रूपों को पसंद करते थे और अक्सर पूरे सरगम की स्वर-शैली जैसे असामान्य सरगम का उपयोग करते थे। शायद प्रभाववादी संगीतकारों द्वारा प्रयुक्त सबसे उल्लेखनीय नवोन्मेष दीर्घ सप्तम तार का पहला प्रयोग और तार संरचना का गांधार से पंचम और षड्ज स्वरसंगति तक विस्तार रहा है।
दृश्य प्रभाववाद का उसके संगीत समकक्ष पर प्रभाव बहस का मुद्दा है। क्लॉड डिबसी और मॉरिस रैवेल को आम तौर पर महान प्रभाववादी संगीतकार माना जाता है, लेकिन डिबसी ने इस शब्द को आलोचकों का आविष्कार कहते हुए, अस्वीकार किया। एरिक सेटी को भी इस वर्ग का माना जाता है हालांकि उनके दृष्टिकोण को स्वभाव में कम गंभीर और संगीत में अधिक नवीन माना जाता है। पॉल ड्युकास एक और फ्रांसीसी संगीतकार हैं जिन्हें कभी-कभी प्रभाववादी माना जाता है, लेकिन उनकी शैली शायद परवर्ती रोमांसवादियों से अधिक निकट से संबद्ध है। फ्रांस से परे संगीत प्रभाववाद में राल्फ़ वॉघम विलियम्स, ओटोरिनो रेसपिघी (इटली) और एलन विलीकॉक्स, सिरिल स्कॉट और जॉन आयरलैंड (इंग्लैंड) जैसे संगीतकारों के काम शामिल हैं।
प्रभाववाद शब्द का उपयोग ऐसे साहित्य के लिए भी किया गया है, जिसमें किसी घटना या दृश्य के संवेदी प्रभाव व्यक्त करने के लिए चुनिंदा विवरण पर्याप्त होते हैं। प्रभाववादी साहित्य का प्रतीकवाद से निकट का संबंध है, जिसके प्रमुख उदाहरणकर्ताओं में शामिल हैं बॉडेलेयर, मालार्मे, रिमबॉड और वेरालेन. [[वर्जिनिया वुल्फ़|वर्जीनिया वुल्फ़]] और जोसेफ़ कॉनराड जैसे लेखकों की रचनाएं पात्र की मानसिकता का गठन करने वाले प्रभावों, संवेदनाओं और भावनाओं की व्याख्या के बजाय वर्णन की शैली में प्रभाववादी हैं।
== प्रभाववादोत्तर ==
{{Main|प्रभाववादोत्तर (पोस्ट-इम्प्रेशनिज़्म)}}
[[चित्र:Kinder auf einem Bauernhof (1887) - Camille Pissarro.jpg|thumb|केमिली पिसारो, एक फार्म पर बच्चे, 1887]]
प्रभाववादोत्तर का विकास प्रभाववाद से हुआ। 1880 के दशक से कई कलाकार प्रभाववादी उदाहरणों से व्युत्पन्न रंग, पैटर्न, रूप और रेखा के उपयोग में अलग धारणाएं विकसित करने लगे: [[विन्सेंट वैन गो|विन्सेन्ट वान गाग]], पॉल गॉग्विन, जॉर्जस स्युरैट और हेनरी डी टूलूज़-लॉट्रेक. इन कलाकारों की उम्र प्रभाववादियों की अपेक्षा कुछ कम थी और उनका काम प्रभाववादोत्तर कहलाया। कुछ मूल प्रभाववादी कलाकारों ने भी इस नए क्षेत्र में क़दम रखा; केमिली पिसारो ने कुछ समय तक बिंदु-चित्रण पद्धति में चित्रकारी की और मोनेट ने भी ''खुली हवा'' (plein air) में पेंटिग का परित्याग किया। पॉल सेज़ान ने, जिसने प्रथम व तृतीय प्रभाववादी प्रदर्शनियों में भाग लिया, चित्रात्मक संरचना पर ज़ोर देते हुए अत्यंत व्यक्तिगत दृष्टि विकसित की और उन्हें बहुधा प्रभाववादोत्तर कहा जाता है। हालांकि ये मामले नाम देने की कठिनाई को वर्णित करते हैं, मूल प्रभाववादी चित्रकारों की कृतियों को, परिभाषा के अनुसार, प्रभाववाद के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
== इन्हें भी देखें ==
* कला काल
* [[अभिव्यंजनावाद]] (प्रभाववाद की प्रतिक्रिया के रूप में)
* Les XX
* चित्रात्मकवाद
== नोट ==
{{Reflist|colwidth=18em}}
== सन्दर्भ ==
* बॉमन, फ़ेलिक्स; काराबेल्निक, मेरियाने, व साथी। (1994). ''डेगास पोर्ट्रेट्स'' . लंदन: मेरेल होलबर्टन. ISBN 1-85894-014-1
* डेनविर, बर्नार्ड (1990). ''द थेम्स एंड हड्सन एनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ इम्प्रेशनिज़्म'' . लंदन: थेम्सऔर हड्सन. ISBN 0-500-20239-7
* गॉर्डन, रॉबर्ट; फ़ोर्ज, एंड्रयू (1988). ''डेगास'' . न्यूयॉर्क: हैरी एन अब्राम्स. ISBN 0-8109-1142-6
* गोविंग, लॉरेंस, एड्रियानी, गोट्ज़ के साथ; क्रमराइन, मेरी लुईस; लुईस, मेरी टॉम्पकिन्स; पेटिन, सिल्वी; रिवाल्ड, जॉन (1988). ''सेज़ान: द अर्ली इयर्स 1859-1872'' . न्यूयॉर्क: हैरी एन. अब्राम्स.
* मॉस्कोविट्ज़, ईरा; सेरुलाज़, मॉरिस (1962). ''फ़्रेंच इम्प्रेशनिस्ट्स: ए सेलेक्शन ड्राइंग्स ऑफ़ द फ़्रेंच नाइन्टिंथ सेंचुरी'' . बॉस्टन और टोरंटो: लिटल, ब्राउन एंड कंपनी. ISBN 0-316-58560-2
* रेवाल्ड, जॉन (1973). ''द हिस्ट्री ऑफ़ इम्प्रेशनिज़्म'' (चौथा संशोधित संस्करण). न्यूयॉर्क: आधुनिक कला संग्रहालय. ISBN 0-87070-360-9
* रिचर्डसन, जॉन (1976). ''मानेट'' (तीसरा संस्करण). ऑक्सफोर्ड: फ़ाइडोन प्रेस लिमिटेड. ISBN 0-7148-1743-0
* रोसेनब्लम, रॉबर्ट (1989). ''पेंटिग्स इन द म्यूसी डीऑर्से'' . न्यूयॉर्क: स्टीवर्ट, टाबोरी और चांग. ISBN 1-55670-099-7
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|Impressionist paintings}}
{{Wiktionary|impressionism}}
* [https://web.archive.org/web/20080614210111/http://mushecht.haifa.ac.il/hecht/art/frenchart_eng.aspx हेश्ट संग्रहालय]
* मॉक्लेयर, केमिली (1903): {{Gutenberg|no=14056|name=The French Impressionists (1860-1900)}}
* [http://www.museen-sh.de/ml/digicult.php?digiID=601.9&s=2 म्यूज़ियम्सपोर्टल श्लेसविग-होल्स्टीन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070312105907/http://www.museen-sh.de/ml/digicult.php?digiID=601.9&s=2 |date=12 मार्च 2007 }}
* [http://arts.guardian.co.uk/art/visualart/story/0, 2020144,00.html उपनगरीय देहाती]{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }} द गार्जियन, 24 फ़रवरी 2007
* ''इम्प्रेशनिज़्म: पेंटिंग्स कलेक्टेड बाइ यूरोपियन म्यूज़ियम्स'' (1999) एक कला प्रदर्शनी थी जो हाई म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट, अटलांटा, द सिएटल आर्ट म्यूज़ियम और डेनवर आर्ट म्यूज़ियम द्वारा सह-आयोजित थी जिसने मई से दिसंबर 1999 तक दौरा किया। [https://web.archive.org/web/20190329072159/http://www.impressionism.org/ ऑनलाइन निर्देशित दौरे]
{{Impressionists}}
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[[श्रेणी:कला आंदोलन]]
[[श्रेणी:फ्रांसीसी कला]]
[[श्रेणी:प्रभाववाद]]
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[[File:Flusssystemkarte Rhein 04.jpg|thumb|राइन पाठ्यक्रम और नदी प्रणाली, अंग्रेजी में स्थानों के नाम]]
'''राइन नदी''' ({{langx|rm|Rain}}; {{langx|de|Rhein}}; {{langx|fr|Rhin}}; {{langx|nl|Rijn}}) [[यूरोप]] के कई देशों से होकर बहने वाली एक [[नदी]] है। यह नदी व्यावसाइक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और यहाँ से अन्तरराष्ट्रीय व्यापार संचालित होता था। दक्षिणी स्विस आल्प्स और प्रवाह जर्मनी के माध्यम से और नीदरलैंड में [[उत्तरी सागर]] में अंत में खाली में ग्रिसंस के स्विस केंटन में शुरू होता है। ह 1,233 किलोमीटर (766 मील) में, यूरोप में बारहवें सबसे लंबी नदी है<ref name=kurzerRhein>{{cite web |url=http://www.sueddeutsche.de/wissen/981/507145/text/ |title=Der Rhein ist kürzer als gedacht – Jahrhundert-Irrtum |work=sueddeutsche.de |accessdate=27 मार्च 2010 |last1=Schrader |first1=Christopher |last2=Uhlmann |first2=Berit |language=de |date=28 मार्च 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100331134239/http://www.sueddeutsche.de/wissen/981/507145/text/ |archive-date=31 मार्च 2010 |url-status=live }}</ref><ref name=shortRhine>{{cite web |url=http://www.thelocal.de/society/20100327-26161.html |title=Rhine River 90km shorter than everyone thinks |work=The Local – Germany's news in English |date=27 मार्च 2010 |accessdate=9 अप्रैल 2010 |archive-url=https://www.webcitation.org/682RbHyQx?url=http://www.thelocal.de/society/20100327-26161.html |archive-date=30 मई 2012 |url-status=dead }}</ref> 2,000 से अधिक एम 3 / एस (71,000 घन फुट / एस) के एक औसत के निर्वहन के साथ.
राइन और डेन्यूब [[रोमन साम्राज्य]] के उत्तरी अंतर्देशीय सीमा से ज्यादातर का गठन किया और उन दिनों के बाद से, राइन गहरी देशी व्यापार और माल ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण और नौगम्य जलमार्ग की गई है। यह भी एक रक्षात्मक सुविधा के रूप में सेवा की है और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के लिए आधार दिया गया है। राइन के साथ कई महल और प्रागैतिहासिक किलेबंदी एक जलमार्ग के रूप में इसके महत्व को गवाही. नदी यातायात नदी के उस हिस्से को नियंत्रित किया है कि राज्य द्वारा, आमतौर पर टोल टैक्स एकत्र करने के उद्देश्य के लिए, इन स्थानों पर रोका जा सकता है। यह विश्व की व्यस्त व्यापारिक नदियों में से एक है
== सन्दर्भ ==
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[[श्रेणी:यूरोप]]
[[श्रेणी:विश्व की नदियाँ]]
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जादू (भ्रमजाल/इंद्रजाल)
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[[चित्र:Tom_Meseroll_Cups_and_Balls.jpg|right|thumb|300px|कप और गेंद के भ्रमजाल दिखाता एक जादूगर]]
'''जादू''' एक [[प्रदर्शन कला]] है जो [[हाथ की सफाई]] के मंचन द्वारा या विशुद्ध रूप से प्राकृतिक साधनों का उपयोग करते हुए प्रकटतः असंभव<ref>हेनिंग नेल्म्स. मैजिक एंड शोमैनशिप: अ हैंडबुक फॉर कन्ज्युरर्स, पृष्ठ 1 (मिनिओला, एनवाई: डोवर प्रकाशन, इंक, 2000).</ref> या [[पराप्राकृतिक|अलौकिक]]<ref>जिम स्टाइनमेयेर. हाइडिंग द एलिफैंट: हाउ मजिशियंस इन्वेंटेड द इम्पौसिबल एंड लर्न्ड टू डिसैपियर में "एक नया तरह का जादू," (न्यूयॉर्क, एनवाई: कैरोल और ग्राफ प्रकाशक, 2003).</ref> करतबों के [[विभ्रम|भ्रम जाल]] की रचना द्वारा दर्शकों का मनोरंजन करती है। इन करतबों को ''जादुई हाथकी सफाई'', ''प्रभाव'' या ''भ्रम जाल'' कहा जाता है। इसे अपसामान्य या आनुष्ठानिक जादू से विभेद करने के लिए अक्सर "मंचीय जादू" कहा जाता है।
वह व्यक्ति जो ऐसे भ्रम जालों का प्रदर्शन करता है, ''जादूगर'' या ''ऐंद्रजालिक'' कहलाता है। कुछ कलाकारों को उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जादुई प्रभावों के प्रकार को प्रतिबिंबित करते नामों से भी पुकारा जाता है, जैसे मायावी, बाजीगर, परामनोवैज्ञानिक, या बच निकलनेवाला कलाकार।
== इतिहास ==
व्युत्पत्ति शास्त्र के अनुसार शब्द "मैजिक" की व्युत्पत्ति लैटिन शब्द ''मैजी'' से हुई है, जिसे पारसियों के लिए प्रयुक्त किया जाता था। आज जिन प्रदर्शनों को हम जादू के नाम से पहचानते हैं वे संभवतः संपूर्ण [[इतिहास]] के दौरान किए जाते रहे हैं। जिस चतुराई के स्तर का प्रयोग 'ट्रोजन हॉर्स' जैसे प्रसिद्ध प्राचीन छलों को उत्पन्न करने में किया गया था उसी स्तर का उपयोग [[मनोरंजन]] के लिए, या कम से कम [[पैसा|पैसे]] के खेलों में धोखा देने के लिए
अनंत काल से किया जाता रहा है। प्राचीन समय से विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के प्रचारकों द्वारा इनका उपयोग अशिक्षित लोगों को डराकर आज्ञाकारी बनाने या उन्हें अपना अनुयायी बनाने के लिए किया जाता था। हालांकि, ऐंद्रजालिक के पेशे ने अठारहवीं शताब्दी में ही मजबूती प्राप्त की और तब से इसकी कई लोकप्रिय रीतियां प्रचलन में रही हैं।
1584 में, रेजिनोल्ड स्कॉट की ''द डिस्कवरी ऑफ विचक्राफ्ट'' (जादू टोनों की खोज) प्रकाशित हुई थी। इसे यह दिखाकर कि (प्रकटतः चमत्कारी) जादू के इन करतबों को कैसे किया जाता था, यह दिखाने के लिए लिखा गया था कि [[चुड़ैल|चुड़ैलों]] का अस्तित्व नहीं होता था।<ref>{{cite web |author=Name* |url=http://www.illusionist.co.uk/magician-blog/2010/05/10-facts-about-magicians/ |title=10 Facts About Magicians - Andi Gladwin – Close-Up Magician |publisher=Illusionist.co.uk |date= |accessdate=2 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20101002040348/http://www.illusionist.co.uk/magician-blog/2010/05/10-facts-about-magicians |archive-date=2 अक्तूबर 2010 |url-status=dead }}</ref> इस पुस्तक को अक्सर जादू पर पहली पाठ्यपुस्तक समझा जाता है। सभी प्राप्य प्रतियों को 1603 में जेम्स प्रथम के पदारोहण के समय जला दिया गया था और जो शेष बचीं वे अब दुर्लभ हैं। 1651 में फिर से इसका प्रकाशन आरंभ हुआ।
[[चित्र:roberthoudin.jpg|thumb|left|जीन यूजीन रॉबर्ट-हौडीन, प्रथम आधुनिक जादूगर]]
1756 से 1781 तक, याकूब फिलाडेल्फिया ने पूरे [[यूरोप]] और [[रूस]] में, कभी-कभी वैज्ञानिक प्रदर्शनियों की आड़ मे, जादू के करतबों का प्रदर्शन किया था। आधुनिक मनोरंजक जादू का अधिक श्रेय मूलतः एक घड़ी निर्माता ज्यां यूजीन रॉबर्ट-हूडिन (1805-1871) को जाता है, जिन्होंने 1840 में [[पैरिस|पेरिस]] में एक जादू थियेटर खोला था। उनकी विशेषता थी यांत्रिक स्वचल प्ररूपों का निर्माण जो इस प्रकार चलते और कार्य करते हुए दिखते थे जैसे जीवित हों. [[संयुक्त राजशाही (ब्रिटेन)|ब्रिटिश]] कलाकार जे.एन.मैस्केलीन और उसके भागीदार कुक ने 1873 में [[लंदन]] के पिकेडिली में अपना स्वयं का थिएटर, ईजिप्शियन हॉल स्थापित किया था। वे छुपे हुए तंत्र और सहायकों तथा दर्शकों के दृष्टिकोण से जो नियंत्रण यह प्रदान करता था, उस मंच की क्षमता का दोहन करते हुए मंचीय जादू प्रस्तुत किया करते थे।
एक 'आम' जादूगर का आदर्श स्वरूप- एक लहराते बालों, एक ऊंची टोपी, बकरदाढ़ी और एक लंबे कोट वाला व्यक्ति- थे एलेकजेंडर हरमन (10 फ़रवरी 1844 - 17 दिसम्बर 1896) जिन्हें हरमन महान के नाम से भी जाना जाता था। हरमन एक फ्रांसीसी जादूगर थे और “जादू के प्रथम परिवार” हरमन पारिवारिक नाम का हिस्सा थे। जिन्होंने भी हरमन को जादू प्रदर्शन करते हुए देखा था वे मानते थे कि उनके द्वारा देखे गए वे महानतम जादूगर थे।
[[चित्र:Hieronymus Bosch 051.jpg|thumb|250px|हिरोनिमस बॉश द्वारा द कंज्युरर, 1475-1480.कृपया ध्यान दें कि पीछे के कतार में जो आदमी है वह दूसरे आदमी के पर्स की चोरी कर रहा है। वह आसमान में देखकर अपने कार्यों से दर्शकों को गुमराह करने की कोशिश भी कर रहा है। कलाकार ने हमें चोर से भी गुमराह किया क्योंकि हम जादूगर में खोए थे।]]
एस्केपोलॉजिस्ट और जादूगर हैरी हूडिनी ने रॉबर्ट हूडिन के नाम पर अपना मंचीय नाम रखा था, उन्होंने मंच जादू की चालों की एक शृंखला प्रस्तुत की थी जिनमें से कई उनकी मृत्यु के बाद एस्कोपोलॉजी के नाम से जानी गई। हंगरीवासी यहूदी धर्मगुरू के पुत्र हूडिनी वास्तव में ताले खोलने और जकड़जामा से बच निकलने जैसी तकनीकों में कुशल थे, लेकिन जादू की तकनीकों की श्रृंखला का पूरा इस्तेमाल करते थे जिनमें नकली उपकरण और दर्शकों के बीच उनके मिले हुए व्यक्ति शामिल थे। हूडिनी को प्रदर्शन व्यवसाय की बहुत अच्छी समझ के साथ ही उनका प्रदर्शन कौशल भी महान था। स्क्रैंटन, पेन्सिलवेनिया में उनको समर्पित एक हूडिनी संग्रहालय है।
मनोरंजन के एक स्वरूप के रूप में, जादू आसानी से नाटकीय स्थलों से विशेष टेलीविजन कार्यक्रमों में परिवर्तित हो गया, जिससे छल करने के नए अवसर खुल गए और मंच जादू दर्शकों की विशाल संख्या के सामन पहुंच गया। 20 वीं सदी के प्रसिद्ध जादूगरों में शामिल हैं ओकितो, सिकंदर, हैरी ब्लैकस्टोन सीनियर, हैरी ब्लैकस्टोन जूनियर, हावर्ड थर्स्टन, थिओडोर एनीमैन, कार्डिनी, यूसुफ डनिंगर, दाई वर्नोन, जॉन स्कार्ने, टॉमी वंडर, सिगफ्रायड और रॉय तथा डौग हेनिंग शामिल थे। 20 वीं और 21 वीं सदी के लोकप्रिय जादूगरों में डेविड कॉपरफील्ड, लांस बर्टन, जेम्स रैंडी, पेन और टेलर, डेविड ब्लेन और क्रिस एन्जिल शामिल हैं। ज्यादातर टीवी जादूगर जीवंत दर्शकों के सामने प्रदर्शन करते हैं, जो दूरस्थ दर्शकों को यह आश्वासन प्रदान करता है कि ये भ्रमजाल निर्माणेतर दृश्य प्रभावों के द्वारा प्राप्त नहीं किए गए हैं।
मंच जादू के सिद्धांतों में से कई पुराने हैं। किसी चक्कर में डाल देने वाली बात के वर्णन के लिए कहा जाता है, “यह सब धुएं और दर्पण के साथ किया जाता है”, लेकिन इन प्रभावों के लिए आज, संस्थापना कार्य की मात्रा और परिवहम की समस्याओं के कारण शायद ही कभी दर्पणों का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, मंच इंद्रजाल मिर्च का भूत का उपयोग सबसे पहले 19वीं शताब्दी के लंदन में किया गया था जिसके लिए एक विशेष रूप से निर्मित थिएटर की जरूरत पड़ी थी। आधुनिक कलाकारों ने ताज महल, सेट्च्यू ऑफ लिबर्टी और एक [[अंतरिक्ष यान]] जैसी बड़ी वस्तुओं को अन्य प्रकार के दृश्य धोखों से गायब किया है।
== प्रभाव की श्रेणियां ==
जादूगरों के बीच एक चर्चा होती है कि किसी प्रभाव को कैसे वर्गीकृत किया जाए और इस पर उनमें असहमति है कि वास्तव में किन-किन श्रेणियों का अस्तित्व है- उदाहरण के लिए, कुछ जादूगर “भेदन” को एक अलग श्रेणी मानते हैं, जबकि अन्य “भेदन” को पूर्वावस्था की प्राप्ति या टेलीपोर्टेशन का ही एक रूप मानते हैं। गाय हॉलिंगवर्थ<ref>होलिंगवर्थ, गाइ. "प्रेरणा के लिए प्रतीक्षा कर रहा है।" जेनी पत्रिका. जनवरी 2008-दिसंबर 2008.</ref> और टॉम स्टोन<ref>स्टोन, टॉम. "लोडस्टोंस." जेनी पत्रिका. फ़रवरी 2009 -</ref> जैसे कुछ जादूगरों ने आज, इस विचार को चुनौती देना आरंभ कि दिया है कि सभी जादुई प्रभावों को सीमित संख्या में कुछ श्रेणियों में रखा जा सकता है। श्रेणियों की सीमित संख्या में विश्वास रखने वाले जादूगरों (जैसे डेरियल फिजकी, हरलन तरबेल, एस.एच. शार्प) में इस बात पर असहमति है कि प्रभावों की कितनी श्रेणियां हैं। इनमें से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं।
* '''निर्माण''' : जादूगर कुछ नहीं से कुछ उत्पन्न करता है-एक खाली टोप में से खरगोश, हवा में से एक ताश का पंखा, एक खाली बाल्टी में से सिक्कों की बौछार, एक बरतन में से कबूतर या जादूगर स्वयं खाली मंच पर धुएं के गुबार में प्रकट होता/होती है- ये सब प्रभाव ''निर्माण'' हैं।
* '''ग़ायब करना''' : जादूगर किसी वस्तु को गायब करता है- एक सिक्का, एक कबूतरों का पिंजरा, एक अकबार से दूध, एक कैबिनेट से एक सहायक, या लिबर्टी की प्रतिमा भी. गायब करना, निर्माण का विपरीत है, एक ही प्रकार की तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन उलटी.
* '''परिवर्तन''' : जादूगर एक वस्तु को एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित करता है- एक रेशमी रूमाल का रंग बदल जाता है, एक महिला [[बाघ|चीते]] में परिवर्तित हो जाती है, ताश का कोई भी पत्ता दर्शकों की पसंद का पत्ता बन जाता है। एक परिवर्तन को गायब करने और निर्माण के एक संयोजन के रूप में देखा जा सकता है।
* '''बहाली''' : जादूगर एक वस्तु को नष्ट करता है, फिर उसे उसकी मूल अवस्था में बहाल कर देता है- एक रस्सी काटा जाती है, एक अखबार फाड़ा जाता है, एक महिला के दो टुकड़े किए जाते हैं, एक मांगी हुई घड़ी टुकड़े-टुकड़े कर दी जाती है- तब इन सबको इनकी मूल अवस्था में बहाल कर दिया जाता है।
* '''दूर भेजना''' : जादूगर किसी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजता है- एक मांगी हुई अंगूठी एक ऊन के गोले में से निकलती है, एक कनेरी चिड़िया प्रकाश बल्ब में से निकलती है, एक कैबिनेट में बंद सहायक थिएटर के पीछे से निकलता है। जब दो वस्तुएं परस्पर स्थान बदलती हैं तो उसे प्रतिस्थापन कहते हैं: एक ही समय, दोहरा दूरप्रेषण.
* '''बच निकलना''' : जादूगर (एक सहायक भाग ले सकता है, लेकिन आम तौर पर जादूगर स्वयं ही भाग लेता है) एक निरोधक उपकरण में बंद हो जाता है (यानी हथकड़ी या एक बक्से में या मृत्यु जाल में और सुरक्षित बच निकलता है। उदाहरणों में शामिल हैं एक बक्से में बंद करके ऊपर तक भरे पानी के टैंक में डालना और बांध कर एक कार में बिठा कर कार को एक कार मर्दक द्वारा कुचलना.
* {{anchor|levitation}}'''उत्तोलन''' : जादूगर गुरुत्वाकर्षण को खारिज कर देता है, हवा में किसी वस्तु को तैरा कर, या दूसरी वस्तु का सहायता से (निलंबित करना)- एक चांदी की गेंद एक कपड़े के चारों तरफ तैरती है, एक सहायक हवा के बीच में तैरता है, एक अन्य एक झाड़ू के सहारे लटकता है, एक स्कार्फ बंद बोतल में नाचता है, जादूगर जमीन से कुछ इंच ऊपर उठ जाता है। इस भ्रम को उत्पन्न करने के कई तरीके हैं, जिनमें शामिल हैं, आसरा उत्तोलन, बलदुची उत्तोलन, लूय का सुपरमैन और किंग उत्तोलन. और भी अधिक शानदार है स्पष्ट मुक्त उड़ान का उड़ान भ्रम जिसे अक्सर डेविड कॉपर फील्ड द्वारा प्रदर्शित किया जाता था और आधिक हाल में पीटर मर्वे द्वारा (जो कॉपरफील्ड की तकनीक को अपनाते हों या नहीं भी अपनाते हो सकते हैं). हैरी ब्लैकस्टोन का तैरता प्रकाश बल्ब, जिसमें प्रकाश बल्ब दर्शकों के सिरों के ऊपर तैरता है, भी शानदार है।
* '''भेदन''' : जादूगर एक ठोस वस्तु को दूसरी में प्रवेश करा देता है- स्टील के रिंग आपस में जुड़ जाते हैं फिर अलग हो जाते हैं, एक मोमबत्ती बांह के अंदर चली जाती है, एक तलवार टोकरी में बैठे सहायक के आर-पार हो जाती है, एक नमकदानी मेज के ऊपर से नीचे पहुंच जाती है, एक आदमी दर्पण के आर-पार चला जाता है। इसे कभी कभी "ठोस में से ठोस" के रूप में जाना जाता है।
* '''भविष्यवाणी''' : जादूगर दर्शक द्वारा सोचा हुआ, या जाहिरा तौर पर असंभव परिस्थितियों में एक घटना का परिणाम- किसी अखबार के शीर्षक की भविष्यवाणी, दर्शक की जेब में रेजगारी की राशि, एक स्लेट पर बनाई गई तस्वीर के बारे में बता देता है।
कई जादुई प्रक्रियाएं प्रभावों के संयोजन का उपयोग करती हैं। उदाहरण के लिए, "कप और गेंद" में एक जादूगर गायब करने, पैदा करने, दूर प्रेषण या प्रतिस्थापन का एक प्रस्तुति के भाग के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
== गोपनीयता ==
{{See also|Intellectual rights to magic methods|Exposure (magic)}}
परम्परागत रूप से, जादूगर अपने जादूई कारनामे के लिए इस्तेमाल में आनेवाली युक्तियों के विषय में दर्शकों को बताने से इन्कार कर देते हैं। इसे राज़ बनाकर रखने के निम्नलिखित कारण हैं:
* कहा जाता है कि युक्ति को उजागर करने से जादू खत्म हो जाता है और यह मात्र बौद्धिक पहेली या पेचीदा समस्या बन कर रह जाती है। {{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} इस बात का तर्क दिया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को इस युक्ति का राज़ बता दिया जाए तो वह अगले जादूई प्रदर्शन का पूरा आनंद नहीं उठा पाएगा क्योंकि उसमें विस्मय और रोमांच नहीं बचेगा.{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}} कभी-कभी जादू का राज़ इतना सामान्य होता है कि अगर पता चल जाए कि यह इतना आसान है तो दर्शक इसे महत्वहीन मानते हैं और निराश हो जाते हैं।{{Citation needed|date=दिसम्बर 2009}}
* जादू के राज़ को राज़ बनाए रखना जादूगर के व्यवसाय का रहस्य-रोमांच बनाए रखता है।
पेशेवर जादूगरों के संगठनों में सदस्यता के लिए प्राय: जादूगरों को गंभीरतापूर्वक अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए '''शपथ''' लेनी पड़ती है कि वे जादूगरों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति पर जादू का राज़ नहीं प्रकट करेंगें. जादूगरों के शपथ में अंतर हो सकता है लेकिन वे लगभग मिलते जुलते, निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:
:''"जादूगर के रूप में मैं वचन देता हूं कि मैं किसी भी जादूई करतब का रहस्य जादूगरों के अलावे किसी भी अन्य व्यक्ति को तब तक नहीं बताउंगा, जब तक कि वह भी इसी प्रकार की शपथ नहीं लेता. '' ''मैं किसी भी सामान्य व्यक्ति पर किसी भी जादू का प्रयोग तब तक नहीं करूंगा जब तक कि मैं इससे पहले इस जादू का प्रभाव नहीं देख लूं.“''
एक बार शपथ लेने के बाद व्यक्ति को जादूगर मान लिया जाता है और उससे इस वादे को निभाने की आशा की जाती है। जो जादूगर किसी कारणवश इस राज़ को दूसरों को बता देता है या जिससे भूलवश यह राज़ उजागर हो जाता है उसे दूसरे जादूगर कोई अन्य जादू सिखाना नहीं चाहते.
फिर भी जो व्यक्ति जादू सीखना और जादूगर बनना चाहता है उसके सामने जादू के पीछे का रहस्य बताया जा सकता है। यह पूर्णत: क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें पहले साधारण और सामान्य जादू और फिर धीरे-धीरे पहले से अधिक महत्वपूर्ण और कम ज्ञात जादूई कारनामे सिखाए जाते हैं। लगभग सभी जादूई कारनामों के राज़ जनता को जादू के विषय पर आधारित अनेक किताबों और पत्रिकाओं में में मिल सकते हैं जो विशिष्ट जादूई सामग्री विक्रेताओं के पास उपलब्ध हो सकते हैं। कई वेबसाइट पर भी जादूई कारनामे और इसके पीछे के रहस्यों के वीडियो, डीवीडी छवियां और निर्देश सामग्रियां उपलब्ध होते हैं। इस प्रकार, बहुत कम जादूई करतब के रहस्य अज्ञात हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि लोगों में जादू के प्रति आकर्षण कम हो गया है। इसके अतिरिक्त, जादू एक जीवंत कला है और नए-नए करतब सामने आते रहते हैं जिससे इसका आकर्षण सतत कायम रहता है। कभी-कभी कुछ नए करतब किसी ऐसे पुराने करतब से प्रेरित होते हैं जो अब प्रसिद्ध नहीं रहे।
कुछ जादूगर इस स्थिति में आ जाते हैं कि कुछ जादूई करतबों का राज़ बता देते हैं और इस प्रकार वे जादू या हाथ की सफाई की चतुराई को प्रकट कर इसको और अधिक लोकप्रिय बनाते हैं। पैन और टेलर प्राय: इस बात का खुलासा करते रहते हैं कि वे किस प्रकार जादू का खेल दिखाते हैं, उदाहरण के लिए – यद्यपि वे लगभग हर बार कुछ नए कारनामे करते हैं, अंत में वे बताते हैं कि उन्होंने यह काम किस तरह किया।
प्राय: जादूई करतबों का रहस्योदघाटन मात्र दूसरे प्रकार से दिग्भ्रमित करना ही होता है। उदाहरण के लिए – जादूगर एक दर्शक को समझाते हैं कि लिंकिंग रिंग (जोड़ने वाले छल्ले) में एक छेद है और अपने सहायकों को दो अनलिंक (बिना जुड़े हुए) रिंग देते हैं और उनके सहायक पाते हैं कि जैसे ही जादूगर इसे हाथ लगाते हैं, ये जुड़ जाते हैं। यहां पर जादूगर रिंग में बलपूर्वक अपना हाथ घुसाते हैं और दावा करते हैं – देखा? एक बार आप समझ लें कि सभी रिंग में छेद है तो यह करतब आसान लगता है!"
== जादू सीखना ==
{{see also|List of magic publications}}
जादू के प्रति समर्पण और इस कला के प्रति प्रतिबद्धता और कार्य संबंधी नैतिकता एवं उत्तरदायित्व, जो इसके प्रयोग से संबंधित है; से विश्वास और सृजनात्मकता आती है।<ref>
{{cite journal
| title = The Theory and Art of Magic
| author= Hass, Larry and Burger, Eugene
| journal = The Linking Ring
| publisher = The International Brotherhood of Magicians
|date=नवम्बर 2000}}</ref>
जादू सिखाना किसी समय एक गोपनीय कार्य हुआ करता था।{{Citation needed|date=मार्च 2009}} समाज को या आम जनता को जादू के राज़ जानने से रोकने के लिये पेशेवर{{Citation needed|date=मार्च 2009}} जादूगर ऐसे किसी भी व्यक्ति को अपना ज्ञान नहीं बांटना चाहते थे जो इस पेशे में नहीं हो। इससे प्राय: किसी ऐसे इच्छुक प्रशिक्षु को जादू की आधारभूत बातें सीखने में मुश्किलें आती हैं। स्थापित जादूगरों के अतिरिक्त अन्य जादूगरों के लिए जादू के रहस्य दूसरों पर उजागर करने से निषेध संबंधी सख्त नियम हैं।
184 से रेजिनॉल्ड स्कॉट की पुस्तक ''डिस्कवरी ऑफ विचक्राफ्ट'' का प्रकाशन 19वीं शताब्दी के अंत तक होता रहा, लेकिन तब जादूगरों को इस कला को सीखने के लिए मात्र कुछ पुस्तकें उपलब्ध थीं, जबकि आज बाजार में इससे संबंधित अनेकों पुस्तकें उपलब्ध हैं। वीडियो और डीवीडी शिक्षा के नए माध्यम हैं, लेकिन इन रूपों में उपलब्ध जादूई तरीकों में से अनेक पहले की किताबों से लिए गए हैं। फिर भी, उनमें दृश्य माध्यम में प्रदर्शन और व्याख्या होते हैं।
जो व्यक्ति जादू सीखने के इच्छुक हैं वे मैजिक क्लब ज्वाइन कर सकते हैं। यहां अनुभवी और नौसीखिये दोनों तरह के जादूगर एक साथ काम कर सकते हैं और नए तकनीक सिखाकर, जादू के सभी पहलुओं पर चर्चा और एक-दूसरे के लिए जादू का प्रदर्शन करके – एक-दूसरे को परामर्श, प्रोत्साहन देकर या आलोचना कर परस्पर विकास में सहयोग कर सकते हैं। किसी जादूगर को ऐसा कोई क्लब ज्वाइन करने से पहले सामान्यत: अपने जादू का परीक्षणात्मक प्रदर्शन करना पड़ता है। इस परीक्षा का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना होता है कि इच्छुक व्यक्ति वास्तव में एक जादूगर है, ना कि सड़क चलता कोई सामान्य व्यक्ति जो कि जादू के राज़ जानना चाहता है।
दुनिया में जादू से संबद्ध सबसे बड़े संगठन का नाम है – इंटरनेशनल ब्रदरहुड ऑफ मैजिशियन; यह एक मासिक पत्रिका – ''द लिंकिंग रिंग'' का प्रकाशन करती है। इस क्षेत्र का सबसे पुराना संगठन है – द सोसायटी ऑफ अमेरिकन मैजिशियन्स जिसके एक सदस्य हौदिनी भी थे, जो कई वर्षों तक इसके अध्यक्ष भी रहे। [[इंग्लैंड]] के [[लंदन]] में द मैजिक सर्कल है जिसमें यूरोप की सबसे बड़ी जादू संबंधी पुस्तकालय है। इसमें सायक्रेट्स – [https://web.archive.org/web/20190731060734/https://www.psycrets.org.uk/ द ब्रिटिश सोसायटी ऑफ मिस्टरी एंटरटेनर्स] भी है, जो विशेष रूप से चिंतकों, अध्येताओं, कहानीकारों, पाठकों, आध्यात्मिक साधकों और दूसरे जादूगरों के समक्ष प्रदर्शन करता है। [[हॉलीवुड]] में मैजिक कैसल जादुई कला अकादमी का घर है।
== जादू प्रदर्शन के प्रकार ==
जादुई प्रदर्शन कुछ विशिष्टताओं या शैलियों में आते हैं।
[[चित्र:Mind-reading-Russell-Morgan.jpeg|thumb|मंच पर एक मेंटलिस्ट मन पढ़ने का प्रदर्शन कर रहा है, 1900]]
[[चित्र:Magicianatparty.jpg|thumb|एक जन्मदिन की पार्टी के दर्शकों के लिए "बच्चों का जादू" प्रदर्शन कर रहा एक शौकिया जादूगर]]
* '''मंच जादू''' (भ्रम) का प्रदर्शन विशाल दर्शकों के सामने आमतौर पर एक सभागार के अन्दर किया जाता है। इस तरह के जादू को बड़े पैमाने पर रंगमंच की सामग्री, सहायकों के प्रयोग और प्राय: विदेशी जानवरों जैसे कि हाथी और बाघ के प्रयोग द्वारा अलग पहचाना जाता है। अतीत और वर्तमान के कुछ प्रसिद्द जादूगरों में: हैरी ब्लैकस्टोन, एस आर हावर्ड थर्स्टन, चूंग लिंग सू, डेविड कॉपरफील्ड, सेगफ्रायड और रॉय और हैरी ब्लैकस्टोन, जूनियर शामिल हैं।
* '''प्लेटफार्म जादू''' (जिसे '''कैबरे जादू''' या '''स्टैंड अप जादू''' के रूप में भी जाना जाता है) का प्रदर्शन मध्यम से विशाल दर्शकों के लिए किया जाता है। [[नाइट क्लब]] जादू और कॉमेडी क्लब जादू भी इस शैली के उदाहरण हैं। इसमें जादू दिखाने की सामग्रियों (छोटा टेबलटाप जादू) का उपयोग आम है। शब्द '''पार्लर जादू''' का कभी कभी प्रयोग किया जाता है लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसे अपमानजनक समझा जाता है। इस शैली बिलियर्ड गेंदों, ताश के पंखों, कबूतरों, खरगोशों, रेशम और रस्सी के रूप में सहायक सामग्री के कुशल हेरफेर शामिल हैं। ऐसे जादूगरों के उदाहरणों में जेफ मैकब्राइड, पेन एंड टेलर, डेविड एबॉट, चेंनिंग पोलक, ब्लैक हरमन और फ्रेड कैप्स शामिल हैं।
* '''सूक्ष्म जादू''' (जिसे '''निकट का जादू''' या '''टेबल जादू''' के रूप में भी जाना जाता हैं) का प्रदर्शन जादूगर के पास के दर्शकों के साथ किया जाता है, कभी - कभी एक के लिए एक भी. इसमें आमतौर पर सहायक सामग्री के रूप में रोजमर्रा की वस्तुओं, जैसे कि ताश (ताश का हेरफेर देखें), सिक्के (सिक्के का जादू देखें) और जाहिरा तौर पर 'तात्कालिक' प्रभाव का उपयोग किया जाता है। इसे "तालिका (टेबल) जादू" कहा जा सकता है, विशेषकर तब जब रात के खाने के दौरान मनोरंजन के रूप में प्रदर्शन किया जाता है। दाई वेरनॉन, स्लाईदिनी और मैक्स मालिनी की परंपरा में अनुसरण करने वाले रिकी जे और ली आशेर, को नजदीकी जादू के कलाकारों में सबसे आगे माना जाता है।
* '''अदृश्य हो जाने का विज्ञान''' जादू की वह शाखा है जो कि कारावास या प्रतिरोध से गायब हो जाने से संबंधित है। हैरी हूडिनी ''अदृश्य कलाकार'' या ''अदृश्य जादूगर'' का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
* '''बौद्धिकता (मेंटालिज्म)''' दर्शकों के मन में यह प्रभाव उत्पन्न करता है कि कलाकार के पास विशेष शक्तियां होती है, जिसके मध्यम से वह विचारों को पढ़ सकता है, घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकता है, दूसरे के मन को नियंत्रित कर सकता है और इसी तरह के अन्य कारनामें दिखा सकता है। इसे एक मंच पर, एक कैबरे सेटिंग में, छोटे निकट समूहों के सामने, या एक दर्शक के लिए भी प्रस्तुत किया जा सकता है। अतीत और वर्तमान के कुछ प्रसिद्ध बौद्धिक जादूगरों में अलेक्जेंडर, ज़ैन्सिग्स, एक्सल हेलस्ट्रोम, डनिंगर, क्रेस्किन, डेरेन ब्राउन, गाय बावली और बनाचेक शामिल है।
* '''नाटकीय दृश्य''' नाटकीय प्रभाव के लिए आध्यात्मिक या प्रेत-माध्यम वाली अद्भुत घटनाएओं की नकल करते हैं। अनकों बार वास्तव में आत्माओं के साथ संपर्क में होने का नाटक कर के मंच जादू की इस शैली का दुरूपयोग किया गया है।
* '''बच्चों का जादू''' मुख्य रूप से बाल दर्शकों के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर जन्मदिन पार्टियों, स्कूल-पूर्व, प्राथमिक विद्यालयों, रविवार स्कूल या पुस्तकालयों में किया जाता है। इस प्रकार का जादू आमतौर पर प्रकृति में हास्यकर होता है जिसमें दर्शकों के साथ बातचीत और स्वयंसेवक सहायक शामिल होते है।
* '''ऑनलाइन जादू के करतब''' एक कंप्यूटर स्क्रीन पर कार्य करने के लिए डिजाइन किए गए थे। कंप्यूटर ने मूलतः जादूगर की जगह ले ली है। कुछ ऑनलाइन जादू के करतब परंपरागत ताश की चालों की पुलःरचना करते हैं जिनमें प्रयोक्ता की भागीदारी की आवश्यकता होती है, जबकि प्लेटो के शापित त्रिभुज की तरह अन्य, गणितीय, ज्यामितीय और / या ऑप्टिकल भ्रम पर आधारित होते हैं। ऐसा ही एक ऑनलाइन जादू का खेल है, जिसे [https://web.archive.org/web/20110417205948/http://www.realmagic.net/dp/1-1.htm एस्मेरल्दा की क्रिस्टल बॉल] कहा जाता है, यह एक वायरल घटना है जिसने अनके कंप्यूटर प्रयोक्ताओं को मूर्ख बनाया है कि उनके कंप्यूटर में अलौकिक शक्तियां थी, स्नोपेस ने एक पृष्ठ [http://www.snopes.com/humor/iftrue/psychic.asp चाल का पर्दाफाश] करने के लिए समर्पित किया था।
* '''गणितीय जादू''' मंच जादू की वह शैली हैं जिसमें [[गणित]] के साथ जादू का संयोजन भी होता है। इसे आम तौर पर बाल जादूगर और मेंटालिस्ट के द्वारा प्रयोग में लाया जाता हैं।
* '''कॉर्पोरेट जादू''' या '''व्यापार शो जादू''' का प्रयोग संचार और बिक्री उपकरण के रूप में किया जाता है, बनिस्पत केवल सरल मनोरंजन करने के. कॉर्पोरेट जादूगर एक व्यावसायिक पृष्ठभूमि से सम्बन्ध रखता हैं और आमतौर पर बैठकों, सम्मेलनों और उत्पाद के विमोचन के समय उपस्थित रहता हैं। वे कार्यशालों का आयोजन करते हैं और कभी- कभी व्यापार-प्रदर्शनी में भी दिख जाते हैं, जहाँ उनकी गपशप और जादू कॉर्पोरेट प्रायोजकों द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे उत्पादों के प्रस्तुतीकरण को मनोरंजक बनाने का कार्य करता हैं। इस क्षेत्र के विशेषज्ञ कलाकारों में शामिल हैं एडी टूलोक<ref name="Herz1991">पॉल हैरिस के साथ बिल हेर्ज़. ''आश्चर्यजनक प्रबंधकर्ता के रहस्य'' (न्यूयॉर्क, एनवाई: एवोन पुस्तकें, 1991).</ref> और गाय बावली.<ref>{{cite web |url=http://www.all-about-magicians.com/guy-bavli.html |title=Guy Bavli - Biography |publisher=All About Magicians.com |date= |accessdate=2 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110103014752/http://www.all-about-magicians.com/guy-bavli.html |archive-date=3 जनवरी 2011 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.masterofthemind.com/press/Guy%20Bavli%20-%20dream-team%20IBC%20Award-PR2000.pdf |title=संग्रहीत प्रति |access-date=30 अप्रैल 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110714045408/http://www.masterofthemind.com/press/Guy%20Bavli%20-%20dream-team%20IBC%20Award-PR2000.pdf |archive-date=14 जुलाई 2011 |url-status=dead }}</ref>
* '''सुसमाचार जादू''' का उपयोग जिरह और प्रचार करने के लिए किया जाता हैं। सबसे पहले 19 वीं सदी में [[टोरीनो|ट्यूरिन]], [[इटली]] में संत डॉन बोस्को द्वारा बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने, सहायता स्वीकार करने और चर्च में भाग लेने के लिए गौस्पल मैजिक का उपयोग किया गया था।
* '''सड़क वाला जादू''' सड़क पर प्रदर्शन या आनन्द उठाना, जिसमें विशिष्ट प्रकार का मंच जादू, मंच और क्लोज अप जादू शामिल होता है, आमतौर पर 'गोलाकार स्थिति' में या दर्शकों से घिरे रूप में प्रदर्शित किया जाता है। उल्लेखनीय है कि आधुनिक सड़क जादू कलाकारों में जेफ शेरिदन और गज्जो शामिल हैं। सबसे पहले डेविड ब्लेन के टीवी पर सन 1997 में विशेष ''सड़क जादू'' प्रसारित होने के बाद "सड़क जादू" ने छापामार प्रदर्शन की भी व्याख्या की जिसमें जादूगर सड़क पर पहले से न सोचे गये लोगों के पास जाकर जादू दिखलाता था। परंपरागत सड़क जादू के विपरीत, यह शैली लगभग पूरी तरह से टीवी के लिए बनाई गई थी और जनता की प्रचंड प्रतिक्रियाओं के कारण यह लोकप्रिय हो गई। इस प्रकार के जादूगर में डेविड ब्लेन और साइरिल तकायामा शामिल हैं।
* '''विचित्र''' जादू रहस्यमय, डरावने, काल्पनिक और इसी तरह के अन्य विषयों का उपयोग अपने प्रदर्शन में करता है। विचित्र जादू को आमतौर पर एक क्लोज अप स्थल में प्रदर्शित किया जाता है, हालांकि कुछ कलाकारों ने इसे प्रभावी ढंग से एक मंच से प्रस्तुत किया है। चार्ल्स कैमरून को आम तौर पर "विचित्र जादू का गॉडफादर" माना गया है। टोनी एंड्रूजी जैसे अन्य कलाकारों ने इसके विकास में काफी योगदान दिया है।
* '''सदमा जादू''' जादू की एक शैली है जो दर्शकों को झटके देती है। कभी-कभी इस जादू की शैली को "गीक जादू" के नाम से संबोधित किया जाता है, इस शैली की जड़ें सर्कस से जुडी हुई हैं, जिसमे दर्शकों को 'अजीब' प्रदर्शन दिखलाया जाता था। आम तौर पर सदमा जादू या गीक जादू प्रभाव में रेज़र -ब्लेड को खाना, हाथ से सुई आर-पार करना, गर्दन के आर-पार रस्सी और कलम को जीभ के आर-पार करना शामिल हैं।
== जादू का दुरूपयोग ==
कुछ आधुनिक जादूगरों का कथन हैं कि ऐसा प्रदर्शन जो कि एक चतुर और कुशल धोखे के आलावा कुछ भी होने का दावा करता हैं, वह अनैतिक है। उदाहरण के लिए, कलाकार जेमी इयान स्विस, स्वयं को एक "ईमानदार झूठे" के रूप में स्वीकार करते हैं।<ref>वॉशिंगटन पोस्ट</ref> सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कई कलाकारों का कहना है कि थिएटर के एक रूप में किसी नाटक या फ़िल्म की तुलना में अधिक त्याग करने की जरूरत नहीं हैं। यह दृष्टिकोण जादूगर और मेंटालिस्ट यूसुफ दुन्निंगर के शब्दों में स्पष्ट परिलक्षित होता है "उन लोगों के लिए जो विश्वास करते हैं, उनके लिए कोई स्पष्टीकरण आवश्यक नहीं है, जो लोग विश्वास नहीं करते हैं उनके लिए, कोई स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं होगा "<ref>{{cite web |url=http://www.memorable-quotes.com/joseph+dunninger,a4219.html |title=Memorable-Quotes.com |publisher=Memorable-Quotes.com |date= |accessdate=2 जनवरी 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110207030534/http://www.memorable-quotes.com/joseph+dunninger,a4219.html |archive-date=7 फ़रवरी 2011 |url-status=dead }}</ref>
इन जाहिर तौर पर कट्टर विरोधी वैचारिक मतभेदों ने कलाकारों के बीच कुछ को प्रश्रय देने का कार्य किया है। उदाहरण के लिए, तीस साल से अधिक के बेहद सफल जादूगर उड़ी गेलर ने 1970 में टेलीविजन पर अपने पहले चम्मच मोड़ने के मानसिक सामर्थ्य का प्रदर्शन किया, उनके इस कार्य ने कुछ जादूगरों के मध्य विवाद भड़काने का कार्य किया, क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि वह अपने प्रदर्शनों में हाथ की सफाई नहीं दिखाते थे। दूसरी ओर, जबकि गेलर ने एक और प्रदर्शन के दौरान चम्मच मोड़ने का कारनामा किया, तो उनपर डूनिन्गर का कथन सटीक बैठता हैं
प्रदर्शन के निर्धारित स्थानों के बाहर हाथ की सफाई दिखाने वाले कुछ लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए भ्रामक तकनीकों का सहारा भी लेते हैं, जिसमें से कुछ विवादित भी होते हैं।
कुछ लोग लोकधारणाओं का फायदा उठाकर लंबे समय से असामान्य घटनाओं को आधार बनाकर समस्याग्रस्त लोगों को वित्तीय लाभ के लिए अंधविश्वासपूर्ण माध्यम से अपने जाल में फंसाते रहे हैं। 1840 के दशक से 1920 के दशक तक, आध्यात्मिक धार्मिक आन्दोलन की सर्वाधिक लोकप्रियता एवं प्रेतात्मा संवाद में लोगों की सर्वाधिक रुचि वाली अवधि के दौरान कई अंधविश्वासपूर्ण या तांत्रिक तरीके उपयोग में लाए जाते थे जैसे – मेज ठोकना, स्लेट पर लिखना और टेलीकाइनेटिक प्रभावों का प्रयोग, जो भूतों या आत्माओं के कार्य बताए जाते थे। महान जादूगर हैरी हौदिनी अपना अधिकतर समय ऐसे छली तांत्रिकों और जादूगरों के कपटपूर्ण तरीकों का खुलासा करने में लगाते थे।<ref>हैरी हौडिनी. आत्माओं में से एक जादूगर (न्यूयॉर्क: हार्पर और ब्रदर्स, 1924)</ref> जादूगर जैम्स रैंडी और चिंतक डैरेन ब्राउन भी अपना काफी समय असामान्य, रहस्यात्मक और [[पराप्राकृतिक|अलौकिक]] घटनाओं के दावों का पता लगाने में लगाते थे।<ref>{{cite web | last = Randi | first = James | author2 = | date = February 9, 2007 | url = http://www.randi.org/jr/2007-02/020209morebrowne.html#i6 | title = More Geller Woo-Woo | work = SWIFT Newsletter | publisher = [[James Randi Educational Foundation]] | accessdate = January 29, 2007 | archive-url = https://web.archive.org/web/20110607052454/http://www.randi.org/jr/2007-02/020209morebrowne.html#i6 | archive-date = 7 जून 2011 | url-status = dead }}</ref><ref>एमआईटी (MIT) मीडिया लैब: उत्तेजित कम्प्यूटिंग समूह द्वारा [http://affect.media.mit.edu/milliondollarchallenge/ वन-मिलियन-डॉलर चैलेंज] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110727062223/http://affect.media.mit.edu/milliondollarchallenge/ |date=27 जुलाई 2011 }}</ref>
झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक हाथ की सफाई दिखाकर मरीज के पेट से ट्यूमर निकालने का दावा करते थे, जबकि वास्तव में ये ट्यूमर की जगह मुर्गियों के पेट के अंग होते थे।<ref>{{cite web |publisher= The Skeptic's Dictionary |url= http://skepdic.com/psurgery.html |title= Psychic 'surgery' |author= Robert T. Carroll |date= 2009=02-23 |accessdate= 2010-19-8 |archive-url= https://web.archive.org/web/20110514000430/http://skepdic.com/psurgery.html |archive-date= 14 मई 2011 |url-status= live }}</ref>
ठग लोग भी जादू के तरीकों का उपयोग अपने छलपूर्ण उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कर सकते हैं। ताश के खेल में चालबाजी इसका ज्वलंत उदाहरण है और इसमें कुछ आश्चर्य नहीं है कि जादूगरों के लिए कार्ड की तकनीक की सर्वाधिक प्रतिष्ठित पुस्तकों में से एक – ''द एक्सपर्ट एट द कार्ड टेबल'', जो एर्डनेज ने लिखी है, प्राथमिक रूप से कार्ड के खेल में धोखाधड़ी करने के तरीके बताने के लिए लिखी गई थी। कार्ड ट्रिक जिसे फाइन्ड द लेडी या थ्री कार्ड मोन्टे के नाम से जाना जाता है, पहले सड़क पर बैठकर कार्ड खेलने वालों की पसंद हुआ करती थी जो कार्ड मिलाने की तकनीक जानते थे और लोगों को कार्ड को पहचान लेने की शर्त का आसान प्रलोभन देते थे, वे कार्ड इस प्रकार मिलाते थे कि प्रत्येक तीन उल्टे पत्तों में से एक बेगम होती थी। दूसरा उदाहरण शैल गेम है जिसमें एक मटर को अखरोट के तीन छिलकों में से एक में छिपाया जाता है और तब टेबल के चारों तरफ इस तरह धीरे धीरे घूमा जाता है कि मटर किसमें है, यह अच्छी तरह समझ में आ जाए. हालांकि यह सर्वविदित धोखाधड़ी है, फिर भी लोग इस पर दांव लगाकर अपने पैसे लुटाते हैं, लॉस एंजेल्स में अभी हाल में दिसंबर 2009 में एक शैल गेम रिंग का भंडाफोड़ हुआ है।<ref>एंड्रयू ब्लैंकेंस्टाइन. "8 अरेस्टेड इन डाउनटाउन शेल-गेम ऑपरेशन," लॉस एंजिल्स टाइम्स, 10 दिसम्बर 2009.</ref>
== शोध जादू ==
जादू के रहस्यात्मक प्रकृति के कारण कई बार शोध चुनौतिपूर्ण हो जाती है।<ref>जादू और जादूगर http://guides.slv.vic.gov.au/magic {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110406110751/http://guides.slv.vic.gov.au/magic |date=6 अप्रैल 2011 }}</ref> जादू संबंधी कई संसाधन निजी हाथों में होते हैं और अधिकांश पुस्तकालयों में बहुत कम किताबें होती हैं। फिर भी कई संगठन स्वतंत्र संग्रहणकर्ताओं, लेखकों और शोधकर्ताओं को परस्पर संपर्क में रखते हैं। इन संगठनों में मैजिक कॉलेक्टर्स एसोसिएशन भी है [https://web.archive.org/web/20110505091909/http://www.magicana.com/mca/], जो एक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित करता है और एक वार्षिक समारोह आयोजित करता है; और कंजूरिंग आर्ट्स रिसर्च सेंटर [https://web.archive.org/web/20050629000551/http://www.conjuringarts.org/], जो एक मासिक न्यूजलेटर और द्विवार्षिक पत्रिका का प्रकाशन करता है और अपने सदस्यों को दुर्लभ पुस्तकों और पेरिऑडिकल्स का सर्चेबल डेटाबेस उपलब्ध कराता है।
जादू के प्रदर्शन का इतिहास 19वीं से 20वीं सदी के मध्य लोकप्रिय रोजगारों में से एक रहा था। कई प्रदर्शन और कई जादूगर उस समय के [http://guides.slv.vic.gov.au/content.php?pid=83646&sid=620815#1981235 समाचारपत्रों] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150326151841/http://guides.slv.vic.gov.au/content.php?pid=83646&sid=620815#1981235 |date=26 मार्च 2015 }} में दिए हुए जादू से प्रेरित होते हैं।
जादू की युक्तियों पर कई पुस्तकें लिखी गई हैं, हर वर्ष कई किताबें लिखी जाती हैं, कम से कम एक लेखक का कहना है कि किसी भी अन्य प्रदर्शन कला की तुलना में जादू से संबंधित पुस्तकें अधिक लिखी जाती हैं।<ref>बार्ट किंग, पॉकेट गाइड टू मैजिक, गिब्स स्मिथ, 2009</ref> हालांकि इन किताबों के ढेर पुस्तकालयों की आलमारियों में देखने को नहीं मिलते, छात्र इसे विभिन्न जादू संबंधी पुस्तकें रखनेवाले कुछ विशिष्ट स्टोरों से खरीद सकते हैं।
जादू विषयक विभिन्न उल्लेखनीय सार्वजनिक शोध के कलेक्शन हैं स्टेट लाइब्रेरी ऑफ विक्टोरिया में ''[https://web.archive.org/web/20110406110751/http://guides.slv.vic.gov.au/magic डबल्यूजी अल्मा कंजूरिंग कलेक्शन]'' ; स्टेट लाइब्रेरी ऑफ एनएसडबल्यू में ''[https://web.archive.org/web/20110422100754/http://www.sl.nsw.gov.au/about/collections/rare_books/special.html आर.बी.रॉबिंन्स कलेक्शन ऑफ स्टेट मैजिक एंड कंजूरिंग]'', ब्राउन यूनिवर्सिटी में ''[https://web.archive.org/web/20111230143706/http://www.brown.edu/Facilities/University_Library/libs/hay/collections/index.htm#magic एच.आद्रियन स्मिथ कलेक्शन ऑफ मैजिकाना]'' और 1870-1948 पर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में ''[http://arks.princeton.edu/ark:/88435/dr26xx43t कार्ल डबल्यू जॉन्स मैजिक कलेक्शन]'' .
== इन्हें भी देखें ==
* [[जादू]]
* जादू की अमेरिकी संग्रहालय
* द मैजिक सर्कल
* भारतीय जादूगर
* जादूगरों की सूची
* जादुई प्रकाशनों की सूची
* जादूगर के अंतर्राष्ट्रीय ब्रदरहुड
== सन्दर्भ ==
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=== ग्रंथ सूची ===
* {{cite book
| author = Maurine Christopher and Milbourne Christopher
| authorlink = Milbourne Christopher
| title = The Illustrated History of Magic
| year = 1996
| publisher = Heinemann
| isbn = 0435070169
| url-access = registration
| url = https://archive.org/details/illustratedhisto00chri
| access-date = 23 अक्तूबर 2019
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}}
* {{cite book
| author = Milbourne Christopher
| authorlink = Milbourne Christopher
| title = Panorama of Magic
| url = https://archive.org/details/panoramaofmagic0000milb
| year = 1962
}}
* नैडिस, फ्रेड, एड. ''वंडर शोज़: परफॉर्मिंग साइंस, मैजिक, एंड रेलीजियन इन अमेरिका'' रटगर्स विश्वविद्यालय प्रेस, 2006) [https://web.archive.org/web/20111213160259/http://quod.lib.umich.edu/cgi/t/text/text-idx?c=acls;cc=acls;view=toc;idno=heb90024.0001.001 ऑनलाइन संस्करण]
* {{cite book
| first = Noel, (ed)
| last = Daniel
|author2= Mike Caveney and Jim Steinmeyer (eds)
| title = Magic. 1400-1950s
| location = Los Angeles
| publisher = Taschen
| year = 2009
| isbn = 9783836509770
}}
* {{cite book
| first = Joseph
| last = Dunninger
| authorlink = Joseph Dunninger
| title = The Complete Encyclopedia of Magic
}}
* {{cite book
| first = David
| last = Price
| title = Magic: A Pictorial History of Conjurers in the Theatre
| url = https://archive.org/details/magicpictorialhi0000pric
| year = 1985
| publisher = Cornwall Books
}}
* {{cite book
| first = James
| last = Randi
| authorlink = James Randi
| title = [[Conjuring (book)|Conjuring: A Definitive History]]
| year = 1992
| location = New York
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| isbn = 0312086342
}}
* {{cite book
| first = Robert A.
| last = Stebbins
| title = Career, Culture and Social Psychology in a Variety Art: The Magician
| year = 1993
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}}
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'''जोधा सिंह अटैया''' सन १८५७ के [[भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम|भारतीय स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम]] के महान योद्धा थे।
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://in.jagran.yahoo.com/news/opinion/general/6_3_5426797.html क्रांति केसरी जोधा सिंह अटैया]{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}
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|language = [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]], [[फ़्रान्सीसी भाषा|फ़्रान्सीसी]] और [[जर्मन भाषा|जर्मन]]<ref>{{cite web|url=https://esamultimedia.esa.int/docs/LEX-L/ESA-Convention/SP-1317_EN.pdf |url-status = dead |title=Languages|access-date=1 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210109235804/https://esamultimedia.esa.int/docs/LEX-L/ESA-Convention/SP-1317_EN.pdf|archive-date=9 जनवरी 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=http://m.esa.int/About_Us/Careers_at_ESA/Frequently_asked_questions |url-status=dead |title=Frequently asked questions|last=esa|access-date=1 अगस्त 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170827120826/http://www.esa.int/About_Us/Careers_at_ESA/Frequently_asked_questions |archive-date=27 अगस्त 2017}}</ref>
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|logo=European Space Agency logo.svg|logo_caption=लॉगो|image_caption=फ़्रान्स के पेरिस में मुख्यालय}}
'''यूरोपीय अंतरिक्ष अभिकरण''' ({{langx|en|European Space Agency ('''ESA''')}}; {{langx|fr|Agence spatiale européenne ('''ASE''')}}, {{pronunciation|LL-Q150 (fra)-Poslovitch-Agence spatiale européenne.wav}};<ref name="European Space Agency">{{cite book | title = ESA Convention and Council Rules of Procedure | url = https://esamultimedia.esa.int/docs/LEX-L/ESA-Convention/SP-1317_EN.pdf | chapter = Annex 1 Resolution 8 | page = 116 | format = PDF | isbn = 978-92-9092-965-9 | edition = 5th |date=मार्च 2010 | publisher = यूरोपीय अंतरिक्ष अभिकरण |url-status = dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20210109235804/https://esamultimedia.esa.int/docs/LEX-L/ESA-Convention/SP-1317_EN.pdf|archive-date=9 जनवरी 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://lannuaire.service-public.fr/institutions-europeennes/institution-europeenne_185293|date=23 फ़रवरी 2017|title=Agence spatiale européenne (ASE)|trans-title=यूरोपीय अंतरिक्ष अभिकरण (ईएसए)|access-date=1 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20171010235105/https://lannuaire.service-public.fr/institutions-europeennes/institution-europeenne_185293|archive-date=10 October 2017|url-status=dead}}</ref> {{langx|de|Europäische Weltraumorganisation}}) 22 सदस्य देशों का अंतर सरकारी सङ्गठन है<ref name="members">{{Cite web|url=http://www.esa.int/About_Us/Corporate_news/Member_States_Cooperating_States|title=Welcome to ESA: New Member States|website=ESA|access-date=26 July 2017}}</ref> जिसका उद्देश्य [[अंतरिक्ष अन्वेषण]] है। इसकी स्थापना 1975 में [[पेरिस]] में मुख्यालय स्थापित करने के साथ हुई। वर्ष 2018 के अनुसार ईसा के विश्वभर में सदस्यों की संख्या 2200 के लगभग है।<ref>{{Cite web|url=https://www.esa.int/About_Us/Welcome_to_ESA/What_is_ESA|title=What is ESA?|last=esa|website=European Space Agency|language=en-GB|access-date=8 January 2019}}</ref> वर्ष 2021 के अनुसार ईसा का वार्षिक बजट [[यूरो|€]]6.5 करोड़ है।<ref name=budget2021/>
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons|European Space Agency}}
*{{Official website}}
* [http://open.esa.int यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी में मुक्त प्रवेश] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240914133907/http://open.esa.int/ |date=14 सितंबर 2024 }}
[[श्रेणी:विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष संगठन]]
[[श्रेणी:यूरोप]]
[[श्रेणी:यूरोप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]]
{{अंतरिक्ष-आधार}}
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विकिपीडिया:क्या आप जानते है (पूर्व-प्रदर्शित)
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AMAN KUMAR
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{{क्यासन्दूक}} प्रिंस चौहान
== 12 दिसंबर 2023 को हटाए गए ==
[[File:Pantoja de la Cruz after Titian - Charles V in Armour.jpg|right|100x100px|चार्ल्स पंचम]]
*... कि '''[[चार्ल्स पंचम]]''' ''(चित्रित)'' का राज्य पहला ऐसा संघ था जिसे वह "साम्राज्य जिसपर कभी सूरज नहीं डूबता" का नाम दिया गया था?
*... कि 1580 से 1640 तक स्पेन के राजा '''[[स्पेन के फ़िलिप द्वितीय|फ़िलिप द्वितीय]]''', उनके पुत्र '''[[स्पेन के फ़िलिप तृतीय|फ़िलिप तृतीय]]''' एवं उनके पोते '''[[स्पेन के फ़िलिप चतुर्थ|फ़िलिप चतुर्थ]]''' पुर्तगाल के भी राजा थे?
*... कि फ़्रांस की रानी '''[[मारी आंत्वानेत]]''' पर उनके मूल देश ऑस्ट्रिया से सहानुभूति रखने का आरोप लगाया जाता था?
*... कि अभिनेता और सहायक निर्देशक '''[[सिद्धान्त कपूर]]''' अभिनेता [[शक्ति कपूर]] के बेटे और [[श्रद्धा कपूर]] के भाई हैं?
*... कि '''[[मुंशी घाट]]''' का नाम श्रीधर नारायण मुंशी के नाम पर रखा गया है जो नागपुर राज्य के वित्त मंत्री थें?
== 14 मई 2021 को हटाए गए ==
*... कि '''[[चौदहवाँ लुई|चौदहवें लुई]]''' ''(चित्रित)'' की माँ ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनका राज ईश्वर की इच्छा है?
*... कि '''[[ऑलिवर क्रॉमवेल]]''' को बीबीसी पोल में दस महानतम ब्रिटिश लोगों में से एक के रूप में चुना गया था?
*... कि मृत राजा [[इंग्लैंड के चार्ल्स प्रथम|चार्ल्स प्रथम]] के पुत्र '''[[इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय|चार्ल्स द्वितीय]]''' को स्कॉटलैंड की संसद ने राजा घोषित किया था?
*... कि '''[[बारहवाँ चार्ल्स|स्वीडन के बारहवें चार्ल्स]]''' ने 15 वर्ष की आयु में शासन का कार्यभार अपने हाथ ले लिया था?
*... कि '''[[स्पेन के चार्ल्स द्वितीय|स्पेन के अंतिम हैब्सबर्ग राजा]]''' आंतरिक प्रजनन से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त थे?
== 03 अप्रैल 2021 को हटाए गए ==
*... कि '''[[बैटमैन]]''' के प्रकाशन का इतिहास मई 1939 से प्रारंभ होता ही है?
*... कि '''[[हैब्सबर्ग राजवंश]]''' अन्य राजघरानों के उत्तराधिकारों से विवाह के कारण कई क्षेत्रों का स्वामी बन गया?
*... कि [[मोहम्मद ग़ोरी]] ने '''[[पृथ्वीराज चौहान]]''' को हराने के उपरान्त उन्हें अपने अधीन राजा बनाने का प्रयास किया था?
*... कि फ्रांस के शाही घराने के '''[[स्पेन के फ़िलिप पंचम|फ़िलिप]]''' ''(चित्रित)'' को स्पेन के पूर्व राजा ने अपना वारिस नामित किया था?
*... कि अपने नाम के विपरीत, '''[[किलर व्हेल|किलर व्हेलें]]''' मनुष्यों पर हमला नही करती हैं, और मनुष्य इनके आहार में शामिल नही हैं?
== 08 नवम्बर 2020 को हटाए गए ==
* ...कि निर्देशक [[विधु विनोद चोपड़ा]] ने कश्मीर पर आधारित फ़िल्म '''''[[शिकारा (२०२० फ़िल्म)|शिकारा]]''''' अपनी मां को समर्पित की है जो 1989 के बाद वापस [[कश्मीर]] में अपने घर नहीं लौट सकीं?
* ...कि [[श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर|श्रीनगर]] के [[डल झील]] के '''[[शिकारा|शिकारे]]''' जो इस इलाके की एक ख़ास क़िस्म की नाव हैं जम्मू और कश्मीर के सांस्कृतिक प्रतीक माने जाते हैं?
* ...कि निशानेबाज [[अभिनव बिंद्रा]] ''(चित्रित)'' ने 18 वर्ष की आयु में '''[[राजीव गांधी खेल रत्न|भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार]]''' प्राप्त किया था?
* ...कि [[भालचंद्र नेमाडे]] का उपन्यास '''''[[कोसला]]''''' मराठी भाषा का पहला [[अस्तित्ववाद|अस्तित्ववादी]] उपन्यास माना जाता है?
*. ..कि '''[[घुम रेलवे स्टेशन]]''' [[भारत]] का सबसे ऊँचा रेलवे स्टेशन है?
== 10 जुलाई 2020 को हटाये गए ==
*...कि सबसे पुराने '''[[वलित पर्वत|वलित पर्वतों]]''' की श्रृंखला में दुनिया की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला [[हिमालय]] भी है।
*...कि '''[[टाइगर हिल, दार्जिलिंग|टाइगर हिल]]''' पश्चिम बंगाल में [[दार्जिलिंग]] के पास स्थित है जहाँ से [[कंचनजंघा]] और [[माउंट एवरेस्ट]] पर्वत चोटियाँ देखी जा सकतीं हैं?
*...कि गायक '''[[हरिहरन]]''' की तीस से अधिक [[ग़ज़ल]] एल्बम जारी हुई हैं?
*...कि '''[[सरोजा वैद्यनाथन]]''' की बहु भी उन्हीं की तरह [[भरतनाट्यम]] की प्रसिद्ध कलाकार हैं?
== ०६ जून २०२० को हटाए गए ==
*...कि [[गुजराती भाषा|गुजराती]] हास्य लेखक '''[[रतिलाल बोरीसागर]]''' को वर्ष 2019 में [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]] प्राप्त हुआ?
*...कि '''[[गुलाब बाई]]''' को [[नौटंकी]] का प्रमुख प्रतिपादक माना जाता है?
== २५ अप्रैल २०२० को हटाए गए ==
*... कि '''[[रणजीत सीताराम पण्डित]]''' ने जेल में रहते हुए कल्हण की ''[[राजतरंगिणी]]'' का अनुवाद किया था?
== १४ अप्रैल २०२० को हटाए गए ==
[[File:Jasraj 002.jpg|right|100x100px|पण्डित जसराज]]
*... कि भारतीय शास्त्रीय संगीतकार '''[[पण्डित जसराज]]''' के नाम पर [[मंगल ग्रह|मंगल]] और [[बृहस्पति (ग्रह)|बृहस्पति]] के बीच स्थित एक [[हीन ग्रह]] का नाम रखा गया है?
== २६ मार्च २०२० को हटाए गए ==
*...कि अभिनेता [[धर्मेन्द्र]] की एकमात्र खलनायक की भूमिका '''[[आई मिलन की बेला]]''' में है?
== २५ मार्च २०२० को हटाए गए ==
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}}
*... कि '''[[सलीम-जावेद]]''' ने एक साथ 24 फिल्मों में कार्य किया जिसमें से 20 फिल्में सफल रही?
== ८ फरवरी २०२० को हटाए गए ==
[[File:INS Kursura (S20).jpg|right|100x100px|आईएनएस कुर्सुरा]]
*... कि '''[[राष्ट्रीय चरखा संग्रहालय]]''' में 26 फीट ऊँचा चरखा स्थापित है?
*... कि पनडुब्बी '''[[आईएनएस कुर्सुरा (एस20)|कुर्सुरा]]''' ''(चित्रित)'' को सेवामुक्त करने के बाद संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया?
== ३ जनवरी २०२० को हटाए गए ==
*...कि '''[[गीता महालिक]]''' भारतीय शास्त्रीय नृत्य, ओडिसी की उत्कृष्ट नृत्यांगना में से एक हैं?
== २२ सितंबर २०१९ को हटाए गए ==
*...कि भारतीय संगीत निर्देशिका रही '''[[उषा खन्ना]]''', हिन्दी फिल्म उद्योग में कुछ चुनिंदा महिला संगीतकारों में से एक है?
== २५ जुलाई २०१९ को हटाए गए ==
[[File:Pressegespräch zum Festival Ramayana in Performance im Rautenstrauch-Joest-Museum-9077.jpg|right|100x100px|माया कृष्णा राव]]
*...कि २०१५ में [[संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार]] लौटाने पर '''[[माया कृष्णा राव]]''' ऐसा करने वाली पहली कलाकार बन गयी?
== २८ जून २०१९ को हटाए गए ==
[[File:Karisma Kapoor walks the ramp at LFW 2014 (cropped).jpg|right|100x100px|करिश्मा कपूर]]
*...कि '''[[करिश्मा कपूर की फ़िल्में|करिश्मा कपूर की फिल्मों]]''' में से एक में उनकी केवल आवाज है?
== १४ जून २०१९ को हटाए गए ==
*... कि '''[[दिल तो पागल है]]''' के अत्यंत लोकप्रिय संगीत की रचना 100 धुनों में से चुनी गई धुनों से की गई थी?
== २८ मई २०१९ को हटाए गए ==
*... कि अगस्त २०१८ में [[उत्तराखण्ड के राज्यपालों की सूची|उत्तराखण्ड के सातवें राज्यपाल]] के रूप में शपथ लेने वाली '''[[बेबी रानी मौर्य]]''' इस पद को ग्रहण करने वाली दूसरी महिला हैं?
*... कि [[बलूचिस्तान]], पाकिस्तान में स्थित हिन्दू देवी '''[[हिंगलाज माता मन्दिर]]''' के दर्शन हेतु जाने वाले तीर्थयात्री समूह के साथ वहाँ की स्थानीय [[मुस्लिम]] जनजातियाँ भी जाती हैं जिसे वे "नानी की हज" कहते हैं?
== ६ दिसंबर २०१८ को हटाए गए ==
[[File:Two adult Guinea Pigs (Cavia porcellus).jpg|right|100x100px|गिनी पिग]]
*... कि महारानी [[एलिजाबेथ द्वितीय]] के बाद सुल्तान '''[[हसनल बोल्कियाह]]''' ''(चित्रित)'' का दूसरा सबसे लम्बा राजवंशीय शासनकाल है।
*... कि '''[[गिनी पिग]]''' न तो [[गिनी (क्षेत्र)|गिनी क्षेत्र]] से हैं और न ही पिग (सुअर) हैं?
== ३० अक्टूबर २०१८ को हटाए गए ==
*... कि फ़िल्म '''[[इजाज़त]]''' के गीत, "मेरा कुछ सामान" को दो [[राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार]] प्राप्त हुए थे?
== १७ अक्टूबर २०१८ को हटाए गए ==
[[File:An assassination attempt on Lord Charles Hardinge.jpg|right|100x100px|दिल्ली षडयंत्र मामला]]
*... कि २३ दिसम्बर १९१२ को [[चाँदनी चौक]] में एक जुलूस के दौरान तत्कालीन वाइसराय [[लॉर्ड हार्डिंग]] पर '''[[दिल्ली षडयंत्र मामला|एक बम फेंका गया था]]''' ''(चित्रित)'', जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए थे?
*... कि '''[[तारक सिन्हा]]''' द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों में से 12 क्रिकेटर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके है?
== १७ सितंबर २०१८ को हटाए गए ==
*... कि '''[[मिताली मधुमिता]]''' बहादुरी पुरस्कार प्राप्त करने वाली [[भारतीय सेना]] की पहली महिला अधिकारी हैं?
== २५ अगस्त २०१८ को हटाए गए ==
*... कि संगीतकार जोड़ी '''[[नदीम-श्रवण]]''' ने 1991 से 1993 तक लगातार 3 बार फ़िल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त किया था?
== १५ अगस्त २०१८ को हटाये गए ==
[[File:ANISA MOHAMMED (15704905815).jpg|right|100x100px|अनिसा मोहम्मद]]
*... कि '''[[अनिसा मोहम्मद]]''' [[महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट]] में पाँच विकेट लेने वाली एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं?
== १२ अगस्त २०१८ को हटाये गए ==
*... कि [[स्वीडन]] की राजधानी '''[[स्टॉकहोम]]''' 14 द्वीपों से मिलकर बना है और नगर का केन्द्र लगभग पानी पर स्थित है?
== ४ अगस्त २०१८ को हटाए गए ==
*... कि सन् 1988 से पहले की '''[[माधुरी दीक्षित की फ़िल्में]]''' उन्हें पहचान नहीं दिला पाई थी?
==१२ जुलाई २०१८ को हटाए गए==
[[File:Shanghai Maglev airport.jpg|right|100x100px|शंघाई मैग्लेव रेलगाड़ी]]
*... कि वर्तमान में विश्व की सबसे तेज़ कार्यरत रेलगाड़ी '''[[शंघाई मैग्लेव]]''' एकमात्र उच्च गति की रेलगाड़ी है जो चुंबक द्वारा पटरी से उपर उठ कर उन्ही चुंबकों द्वारा गति प्राप्त करती है?
==४ जुलाई २०१८ को हटाए गए==
[[File:Palais-Mysore.jpg|right|100x100px|ललितामहल]]
*... कि मैसूर में स्थित '''[[ललितामहल]]''' [[भारत के गवर्नर जनरल]] के यात्रा के दौरान ठहरने हेतु १९२१ में [[कृष्णराज वोडेयार चतुर्थ|मैसूर के महाराजा]] के आदेश पर बनाया गया था?
==२६ मई २०१८ हो हटाए गए==
*... कि भारतीय अभिनेत्री '''[[असिन]]''' ने अपने विवाह उपरांत फिल्मी करियर छोड़ने का फैसला किया?
==२५ मई २०१८ को हटाए गए==
[[File:2000modelblauwzilver.jpg|right|100x100px|सुज़ुकी हायाबुसा]]
[[File:Ranikhet, polo ground &c.jpg|right|100x100px|रानीखेत]]
*... कि जापानी भाषा में '''[[सुज़ुकी हायाबुसा]]''' नामक मोटरसाइकिल के नाम का अर्थ पैराग्राइन बाज (बहरी) है जो 300 किमी/घंटा से अधिक गति से गोता लगा सकता है?
*... कि [[ब्रिटिश राज]] के दौरान '''[[रानीखेत]]''' को एक समय [[शिमला]] के स्थान पर [[ब्रिटिश भारत]] के ग्रीष्मकालीन मुख्यालय के तौर पर भी प्रस्तावित किया गया था?
==३ मई २०१८ को हटाए गए==
[[File:Snap from Sudha Cars Museum Hyderabad 3875.JPG|right|100x100px|पर्स जैसी गाड़ी]]
*... कि [[हैदराबाद]] के '''[[सुधा कार संग्रहालय]]''' में रोज़मर्रा की वस्तुओं जैसी गाड़ियाँ प्रदर्शित हैं?
==२ मई २०९८ को हटाए गए==
[[File:Anna Salunke.jpg|right|100x100px|अण्णा सालुंके सीता के किरदार में]]
*... कि '''[[मैलकम मार्शल]]''' ने 1983 से 1991 की अवधि में [[वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम|वेस्टइंडीज]] गेंदबाजों द्वारा लिये गए विकटों में से 31.37 फीसदी विकेट स्वयं लिये?
*... कि १९१७ कि मूक फ़िल्म '''[[लंका दहन]]''' में '''[[अण्णा सालुंके]]''' ने भारतीय सिनेमा में पहली बार दोहरी भूमिका निभायी थीं?
==१ मई २०१८ को हटाए गए==
*... कि १९२०-२१ में, '''[[बसंती देवी]]''' ने [[जलपाईगुड़ी]] से तिलक स्वराज कोष के लिये स्वर्ण गहने और २००० सोने के सिक्के इकट्ठा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
==२९ अप्रैल २०१८ को हटाए गए==
[[File:Bai Yang.jpg|right|100x100px|चीन की लोकप्रिय अभिनेत्री बाय यांग]]
*... कि [[चीन]] की लोकप्रिय अभिनेत्री '''[[बाई यांग|बाय यांग]]''' को सांस्कृतिक क्रान्ति के दौरान पाँच वर्ष कारावास की सजा हुई?
==२६ दिसम्बर २०१७ को हटाए गए==
[[File:Himalayan Forest Thrush or Zoothera salimalii.jpg|right|100x100px|चीन के यून्नान प्रान्त में हिमालयी वन पक्षी]]
*... कि पूर्वोत्तर भारत में ज्ञात पक्षी की नई प्रजाति का नाम पक्षी-विज्ञानी [[सालिम अली]] के सम्मान में '''[[हिमालयी वन चिड़िया|जूथेरा सालिमअली]]''' रखा गया है?
==३ सितम्बर २०१७ को हटाए गए==
[[File:Hobbs_in_Australia_in_1928_Version_2.jpg|right|100x100px|1928 में ऑस्ट्रेलिया में जैक हॉब्स]]
*... कि '''[[जैक हॉब्स]]''' [[प्रथम श्रेणी क्रिकेट]] में सबसे अधिक शतक और रन बनाने वाले बल्लेबाज है?
==१४ अगस्त २०१७ को हटाए गए==
*... कि '''[[इंडिया मार्क टू]]''' विश्व का सर्वाधिक व्यापक रूप से संचालित [[हैंडपम्प]] है?
==०८ मई २०१७ को हटाए गए==
*... कि '''[[मी ऐट द ज़ू]]''' यूट्यूब पर अपलोड किया गया पहला वीडियो है?
==११ फरवरी २०१७ को हटाए गए==
*... कि ब्रिटेन की वर्तमान महारानी '''[[एलिज़ाबेथ द्वितीय|एलिज़ाबेथ II]]''' [[यूनाइटेड किंगडम]] पर सबसे अधिक समय तक शासन करने वाली शासक हैं?
== १८ मई २०१६ को हटाए गए ==
*... कि भारत के प्रथम '''[[स्वतंत्रता दिवस (भारत)|स्वतंत्रता दिवस]]''' पर [[जवाहर लाल नेहरू|पं॰ जवाहर लाल नेहरू]] के भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' को 20वीं सदी के महानतम भाषणों में से एक माना जाता है?
== १९ अप्रैल २०१६ को हटाए गए ==
*... कि '''[[बाहुबली (फ़िल्म)|बाहुबली]]''' पहली ऐसी [[भारतीय सिनेमा|भारतीय फ़िल्म]] है, जिसके लिए ''किलिकिलि'' नामक एक नई [[भाषा]] का निर्माण किया गया है?
== १४ जनवरी २०१६ को हटाए गए==
*... कि '''[[साइना नेहवाल]]''' विश्व [[प्रवेशद्वार:बैडमिंटन|बैडमिंटन]] में शीर्ष वरीयता पाने वाली पहली महिला भारतीय खिलाड़ी हैं।
== ९ जनवरी २०१६ को हटाए गए==
*... कि फिल्म '''[[शमिताभ]]''' का नामकरण इसके अभिनेता [[धनुष (अभिनेता)|धनुष]] के नाम से श लेकर और [[अमिताभ बच्चन|अमिताभ]] के नाम को उपसर्ग के रूप में प्रयोग कर के गढ़ा गया है।
==१५ अगस्त २०१५ को हटाये गए==
[[File:Borobudur Temple.jpg|right|100x100px|बोरोबुदुर मंदिर]]
*... कि आधुनिक सड़कों जैसे, [[शेर शाह सूरी]] के जमाने में '''[[ग्रैंड ट्रंक रोड]]''' को नियमित अंतराल पर चिन्हित किया जाता था।
*... कि [[इंडोनेशिया]] में स्थित '''[[बोरोबुदुर]]''' ''(चित्रित)'' विश्व का सबसे बड़ा [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] मंदिर है।
==९ जुलाई २०१५ को हटाये गए==
*... कि वीडियो गेम '''[[ग्रैंड थेफ्ट ऑटो V]]''' एक दिन में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाला मनोरंजन उत्पाद हैं।
==२५ जनवरी २०१५ को हटाये गए==
*... कि टोंगा के संविधान के अनुबद्ध के अनुसार '''[[टोंगा का ध्वज|राष्ट्रीय ध्वज]]''' कभी भी परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
*... कि '''[[पनामा नहर]]''' पर यातायात संचालन आरम्भ हुये सौ वर्ष से अधिक समय हो चुका है।
*... कि 1868 को [[एरिका]], दक्षिण अमेरिका में आए '''[[1868 एरिका भूकंप|भूंकप]]''' द्वारा निर्मित सूनामी [[न्यूजीलैंड]] तक महसूस की गई थी।
*... कि 24 अक्टूबर 1857 को स्थापना '''[[शेफ़ील्ड एफ.सी.|शेफ़ील्ड फुटबॉल क्लब]]''' दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय [[फुटबॉल]] क्लब है।
==८ दिसम्बर २०१४ को हटाये गए==
*... कि '''[[एंड्रयू सैंडहॅम]]''' [[टेस्ट क्रिकेट]] में 300 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज थे।
==१८ सितंबर २०१४ को हटाये गए==
[[File:KatrinaKaif.jpg|right|100x100px|कैटरीना कैफ़]]
*... कि '''[[कैटरीना कैफ़]]''' ''(चित्रित)'' का असली [[उपनाम]] तुरकोट्टे हैं।
*... कि [[रूस]] के राष्ट्रपति के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल संभाल रहे '''[[व्लादिमीर पुतिन]]''' इससे पहले दो बार देश के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।
== २६ अगस्त २०१३ को हटाये गए ==
*... कि '''[[आनंदीबेन पटेल]]''' [[गुजरात]] की प्रथम महिला [[मुख्यमंत्री]] हैं।
*... कि [[सूरी साम्राज्य]] के संस्थापक '''[[शेरशाह सूरी]]''' एक [[पठान]] थे।
*... कि गाना '''[[लुंगी डांस]]''' वास्तव में [[दक्षिण भारत]] के अग्रणी अभिनेता [[रजनीकान्त]] को अर्पित है।
== १३ जुलाई २०१३ को हटाये गए ==
*... कि '''[[जम्मू–सियालकोट लाइन|जम्मू–सियालकोट रेल लाइन]]''' [[भारत का विभाजन|भारत के विभाजन]] के बाद स्थायी रूप से बन्द कर दिया गया।
== २९ जून २०१३ को हटाये गए ==
*... कि [[सेर्गे आइसेन्स्टाइन|आइसेन्स्टाइन]] के शिष्य और [[महात्मा गांधी|गाँधी]] के जीवनी लेखक '''[[दीनानाथ गोपाल तेंदुलकर]]''' ने [[पद्म भूषण]] के बदले एक घड़ी स्वीकार की थी।
==१७ जून २०१३ को हटाये गए==
*... कि '''[[बांग्लादेश]]''' का [[स्वतंत्रता दिवस (बांग्लादेश)|स्वाधीनता दिवस]] 26 मार्च को मनाया जाता है। सन 1971 में इसी दिन [[बांग्लादेश]] ने [[पाकिस्तान]] से अपनी आजादी की घोषणा की थी।
==२४ मई २०१३ को हटाये गए==
[[File:NT Rama Rao statue at NTR Circle, Anantapur.jpg|right|100x100px|एन॰टी॰ रमाराव]]
*... कि [[विशाखापट्टनम]] से सांसद '''[[डी॰ पुरंदेश्वरी]]''' [[आन्ध्र प्रदेश]] के पूर्व मुख्यमंत्री [[एन॰टी॰ रमाराव]] ''(चित्रित)'' की पुत्री है।
==१८ मई २०१३ को हटाये गए==
[[File:Homi Jehangir Bhabha.jpg|right|100x100px|होमी जहांगीर भाभा]]
*... कि पायलट के गलत आकलन के कारण हुई '''[[एयर इंडिया फ़्लाइट 101|एयर इंडिया उड़ान 101 दुर्घटना]]''' में वैज्ञानिक [[होमी जहांगीर भाभा]] ''(चित्रित)'' सहित 117 लोगों की मृत्यु हुई थी।
==१२ मई २०१४ को हटाये गए==
*... कि फ़्रांसीसी चित्रकार लुई डेगुए ने '''''[[द रुइन्स ऑफ़ होलीरूड चैपल]]''''' चित्रकला के विषय पर ही {{convert|70|ft|m}} चौड़े एक [[त्रिविम प्रदर्श]] का भी निर्माण किया था।
==१० मई २०१४ को हटाये गए==
*... कि [[चीन|चीनी]] संस्कृति में '''[[छिंग मिंग त्यौहार]]''' पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।
==३ अप्रैल २०१४ को हटाये गए==
*... कि तुर्की के [[दियारबाकिर]] प्रांत का '''[[बिस्मिल|बिस्मिल जिला]]''' भारतीय क्रान्तिकारी [[रामप्रसाद 'बिस्मिल']] के नाम पर सन् 1936 में बसाया गया था।
==३१ मार्च २०१४ को हटाये गए==
*... कि 1896 से 1901 के बीच 32,000 '''[[कीनियाई भारतीय|भारतीय गिरमिटिया मजदूरों]]''' को पूर्वी अफ़्रीका युगांडा रेलवे के निर्माण के लिए ले जाया गया था।
==१९ मार्च २०१४ को हटाये गए==
[[File:2014 Miss America Nina Davuluri (cropped).jpg|right|100x100px|नीना दावुलूरी]]
*... कि '''[[नीना दावुलूरी]]''' ''(चित्रित)'' पहली भारतीय अमेरिकी हैं जिन्होंने [[मिस अमेरिका]] का ख़िताब जीता है।
==२ दिसम्बर २०१३ को हटाए गए==
*... कि गायत्री स्पिवाक के अनुसार '''[[एडवर्ड सईद]]''' उत्तर औपनिवेशिक अध्ययन के जनक थे।
==9 नवम्बर 2013 को हटाए गए==
*... कि [[मॉरिशस]] के राष्ट्रपति '''[[अनिरुद्ध जगन्नाथ]]''' को प्रथम [[प्रवासी भारतीय सम्मान]] से नवाज़ा गया था।
==7 नवम्बर 2013 को हटाए गए==
*... कि [[भारतीय जनता पार्टी]] के राजनेता '''[[हर्षवर्धन (राजनेता)|हर्षवर्धन]]''' दिल्ली विधानसभा चुनाव के इतिहास में कभी भी पराजित नहीं
==19 अक्टूबर 2013 को हटाए गए==
*... कि 35 भाषाओं में अनुदित पुस्तक '''''[[द फोर ऑवर वर्क वीक]]''''' को प्रकाशकों ने 26 बार अस्वीकार किया था।
==14 अक्टूबर 2013 को हटाए गए==
*... कि [[नरेंद्र मोदी]] '''[[भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्रियों की सूची|भारतीय जनता पार्टी]]''' के सबसे लंबे समय तक सेवारत [[भारत के राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]] हैं।
==10 अक्टूबर 2013 को हटाए गए==
*... कि 144 फ़िल्मों में पुलिस निरीक्षक की भूमिका निभाने के लिए पूर्व [[बॉलीवुड]] अभिनेता '''[[जगदीश राज]]''' का नाम [[गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स]] में अभिलेखित किया गया था।
*... कि उत्तरी चीन के [[शन्शी|शानसी प्रांत]] में शुआन खोंग सः नामक एक ऐसा मंदिर है जिसे '''[[हवा में खड़ा मंदिर]]''' कहा जाता है।
==4 अक्टूबर 2013 को हटाए गए==
*... कि [[स्वामी विवेकानन्द]] ने [[अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा|अमेरिकी स्वतंत्रता]] की वर्षगाँठ पर '''[[टू द फोर्थ ऑफ़ जुलाई]]''' की रचना की और प्रसंगवश उसी दिन चार वर्ष पश्चात उनका निधन हुआ।
==23 सितम्बर 2013 को हटाए गए==
*... कि [[स्वीडन]] मूल की विक्टोरियाज़ सीक्रेट की मॉडल '''[[एल्स हॉस्क]]''' पूर्व में एक पेशेवर [[बास्केटबॉल]] खिलाड़ी थीं।
==5 सितम्बर 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[अमृत नाहटा]]''' एक भारतीय राजनीतिज्ञ जिन्होंने [[मैक्सिम गोर्की]], [[जोसेफ़ स्टालिन]], [[व्लादिमीर लेनिन]], [[माओ त्से-तुंग]] और [[लीउ शओची]] के कार्यों सहित अंग्रेज़ी से हिन्दी में 12 पुस्तकों को अनुवादित कर प्रकाशित किया।
==23 अगस्त को हटाए गए==
*... कि [[वीरेंद्र सहवाग]] ने '''[[दिल्ली डेयरडेविल्स के क्रिकेटर|दिल्ली डेयरडेविल्स]]''' का सबसे अधिक 86 मैचों में प्रतिनिधित्व किया है।
==15 अगस्त को हटाए गए==
*... कि [[चेक गणराज्य|चेक]] मूल की मॉडल और अभिनेत्री '''[[याना गुप्ता]]''' ने जब भारत में रहने का निर्णय लिया तो उनके माता-पिता "शुरुआत में सदमे में थे"।
*... कि विश्व की हर तीन में से एक से अधिक महिला '''[[यौन हिंसा]]''' की शिकार होती है।
==13 जुलाई को हटाए गए==
*... कि [[यू ट्यूब]] पर सबसे अधिक अवलोकन वाली वीडियो "'''[[गंगनम स्टाइल]]'''" है।
==10 जुलाई को हटाए गए==
*... कि खनिज-धन के बावजूद '''[[कातांगा प्रान्त]]''' के अधिकतर लोग निर्धन हैं।
*... कि [[पश्चिम बंगाल]] में '''[[स्पाइडर लड़कियाँ|मकड़ी लडकियाँ]]''' सर्कस में काम करती हैं।
==24 जून 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[टेल]]''' कोई प्राकृतिक टीला नहीं अपितु मानवों के बसने से बनी संरचना होती है।
==16 जून 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[कैलेटा होटल]]''' जिब्राल्टर का एक प्रमुख होटल है।
==21 अप्रैल 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[येल्लाप्रगदा सुब्बाराव]]''' के सम्मान में अमेरिकन सायनेमिड द्वारा एक [[फफूंद]] का नाम ''सुब्बरोमाइसिस स्प्लेनडेंस'' रखा गया था।
==6 अप्रैल 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[जिब्राल्टर क्रॉस ऑफ़ सैक्रिफ़ाइस]]''' ''(चित्रित)'' के उद्घाटन के समय रिकॉर्ड की गई फ़िल्म [[जिब्राल्टर]] की जमीन पर बनी सबसे पहली फ़िल्म थी।
*... कि राजनीति में आने से पहले '''[[जिमी कार्टर]]''' अपने पिता का खेती का कारोबार संभाला करते थे।
==5 जनवरी 2013 को हटाए गए==
*... कि '''[[स्लोवाकिया]]''' का साक्षरता दर 99.6% है।
==23 दिसम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि [[जिब्राल्टर]] में केवल '''[[जिब्राल्टर हिन्दू मंदिर|एक हिन्दू मंदिर]]''' है।
*... कि '''''[[द हंगर गेम्स]]''''' लगातार चार सप्ताह तक उत्तर अमरीकी बॉक्स ऑफिस में प्रथम स्थान पर रही थी।
*... कि [[जिब्राल्टर]] में एक '''[[ट्रफ़ैलगर कब्रिस्तान|कब्रिस्तान]]''' [[ट्रफ़ैलगर का युद्ध|ट्रफ़ैलगर के युद्ध]] के नाम पर है।
... कि स्थानीय किंवदंती के अनुसार [[जिब्राल्टर]] के राज्यपाल के '''[[द कॉन्वेंट|आधिकारिक निवास स्थान]]''' में एक आत्मा का वास है।
==13 दिसम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[रुब अल-ख़ाली]]''' दुनिया का सबसे बड़ा रेत का [[रेगिस्तान]] है।
==16 नवम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि जिब्राल्टर हेरिटेज ट्रस्ट में तीन '''[[साउथपोर्ट दरवाज़े|तीन दरवाज़े]]''' भी सूचीबद्ध हैं।
==4 नवम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[बालदार गैंडा]]''' [[गैंडे]] की एक विलुप्त [[जाति (जीवविज्ञान)|जाति]] है जो [[प्लाइस्टोसीन युग]] में यूरोप और एशिया में फैली हुई थी।
==1 नवम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[नॉर्थ फ्रंट सिमेट्री]]''' [[जिब्राल्टर]] में प्रयोग में लाया जाने वाला एकमात्र कब्रिस्तान है।
==22 अक्टूबर 2012 को हटाए गए==
*... कि इंग्लैंड के '''[[बिली कूपर]]''' को ऑस्ट्रेलियाई धारावाहिक ''नेबर्स'' की विषय धुन बजाने के कारण [[ब्रिसबेन क्रिकेट मैदान]] से बहार निकाल दिया था।
==10 अक्टूबर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[रॉयल नेवल हॉस्पिटल जिब्राल्टर]]''' में जर्मन सैनिकों की देखभाल के लिए [[एडोल्फ हिटलर]] ने एक नर्स को सम्मानित किया था।
==9 अक्टूबर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[एजिंकोर्ट स्क्वायर]]''' को अपना यह नाम हेनरी पंचम की [[फ़्रांस]] पर एजिंकोर्ट की लड़ाई में हुई जीत के पुण्यस्मरण के उपलक्ष्य में मिला।
==7 अक्टूबर 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[जिब्राल्टर युद्ध स्मारक]]''' के समीप [[क्रीमिया का युद्ध|क्रीमिया के युद्ध]] के समय की दो रुसी बंदूकें भी हैं।
==22 सितम्बर को हटाए गए==
[[चित्र:American War Memorial.jpg|100x100px|right|अमेरिकी युद्ध स्मारक]]
<div style="font-size:100%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि '''[[अमेरिकी युद्ध स्मारक|जिब्राल्टर का अमेरिकी युद्ध स्मारक]]''' ''(चित्रित)'' [[प्रथम विश्व युद्ध]] में अमेरिकी व ब्रिटिश साहचर्य के स्मरण में बनाया गया था।
==17 सितम्बर को हटाए गए==
*... कि '''[[सेंट माइकल की गुफा]]''' [[जिब्राल्टर]] में सबसे मुख्य पर्यटन स्थल है।
==16 सितम्बर को हटाए गए==
*... कि '''[[काबुल नदी]]''' [[अफ़ग़ानिस्तान]] में [[हिन्दु कुश पर्वतों]] की [[संगलाख़ शृंखला]] से शुरू होकर [[पाकिस्तान]] के [[अटक]] शहर के पास [[सिन्धु नदी]] में विलय हो जाती है।
==4 सितम्बर 2012 को हटाए गए==
*... कि [[मिस्र का धर्म|प्राचीन मिस्र]] देवता '''[[होरस]]''' का प्रतीक बाज़ है।
==31 अगस्त 2012 को हटाए गए==
*... कि प्राचीनकालीन [[यूरोप|यूरोपीय]] '''[[रूनी लिपि]]''' को मारने के लिए [[ईसाई]] चर्च ने सन् 1639 में इसका प्रयोग वर्जित कर दिया था।
==23 जुलाई को हटाए गए==
*... कि [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]] सूफ़ी कवि '''[[बुल्ले शाह]]''' [[मुहम्मद]] की पुत्री फ़ातिमा के वंशजों में से थे।
==29 जून को हटाए गए==
*... कि [[व्हाइटक्रॉस स्ट्रीट]] को इसका यह नाम '''[[सेंट जेम्स स्ट्रीट|सेंट जेम्स]]''' स्क्वायर पर स्थित एक सफ़ेद क्रोस से मिला था।
==26 जून को हटाए गया==
[[चित्र:Great Manson Farm - geograph.org.uk - 111104.jpg|100x100px|right|ग्रेट मॅन्सन फ़ार्म]]
<div style="font-size:100%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि '''[[ग्रेट मॅन्सन फ़ार्म]]''' ''(चित्रित)'' में तीन ग्रेड द्वितीय सूचीबद्ध इमारतें हैं।
==25 जून को हटाए गया==
*... कि '''[[मोंक स्ट्रीट]]''' को इसका यह नाम [[मॉनमाउथ प्रायरी]] की वजह से मिला था।
==21 जून को हटाए गए==
[[चित्र:St James' Square, Monmouth - geograph.org.uk - 308231.jpg|100x100px|right|सेंट जेम्स स्क्वायर]]
<div style="font-size:100%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि [[मॉनमाउथ]] शहर के '''[[सेंट जेम्स स्क्वायर]]''' ''(चित्रित)'' में हुई पुरातात्विक खोज में [[मध्यपाषाण काल]] के अवशेष मिले हैं।
==15 जून को हटाए गए==
*... कि '''[[मॉनमाउथ रेजिमेंटल संग्रहालय]]''' एक सैन्य संग्रहालय है जो 1989 में स्थापित हुआ था।
==11 जून 2012 को हटाए गए==
[[File:Queens Head Monmouth.jpg|100x100px|right|क्वींस हेड सराय]]
*... कि [[अंग्रेज़ी गृहयुद्ध]] के दौरान [[ऑलिवर क्रॉमवेल]] की '''[[द क्वींस हेड, मॉनमाउथ|क्वींस हेड सराय]]''' ''(चित्रित)'' में हत्या करने की कोशिश की गई थी।
==4 जून को हटाए गए==
*... कि मैदान की लंबी घास की समस्या से उत्पन्न हुए एक विवाद के कारण 1912 में '''[[मॉनमाउथ गोल्फ़ क्लब]]''' को बंद करना पड़ा था।
*... कि '''[[बाकू आतेशगाह]]''' [[अज़रबेजान]] में स्थित एक मध्यकालीन हिन्दू धार्मिक स्थल है।
==1 जून 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[मॉनमाउथ]]''' शहर इंग्लैण्ड के हेनरी पंचम का जन्मस्थान था।
==23 अप्रैल 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय]]''' दुनिया में विकलांगों के लिए पहला विशेष विश्वविद्यालय है।
==10 अप्रैल 2012 को हटाए गए==
*... कि [[अमेरिका|अमेरिकी]] इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर '''[[क्लॉड शैनन]]''' ''(चित्रित)'' को "सूचना सिद्धांत का पिता" माना जाता है।
==21 मार्च 2012 को हटाए गए==
*... कि '''[[द ओवल]]''' विश्व में [[मेलबोर्न क्रिकेट मैदान]] के पश्चात [[टेस्ट क्रिकेट]] की मेजबानी करने वाला दूसरा मैदान था।
==10 मार्च 2012 को हटाए गए==
*... कि [[ईरान]] और [[पाकिस्तान]] दोनों में '''[[बलोच लोग|बलोच लोगों के नाम]]''' पर रखे गए दो अलग बलोचिस्तान (बलूचेस्तान) प्रांत हैं।
==2 मार्च 2012 को हटाये गए==
*... कि जुलाई 2011 में [[भारतीय क्रिकेट टीम|भारत]] और [[इंग्लैंड क्रिकेट टीम|इंग्लैंड]] के बीच [[लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड|लॉर्ड्स]] में '''[[भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा (2011)|खेला गया]]''' [[टेस्ट क्रिकेट|टेस्ट मैच]] [[क्रिकेट]] इतिहास का 2000वा टेस्ट था।
==2 फरवरी 2012 को हटाये गए==
[[File:Adammalik2.jpg|100x100px|right]]
<div style="font-size:100%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि '''[[ऐडम मलिक]]''' ''(चित्रित)'' [[संयुक्त राष्ट्र महासभा]] के 26वें अध्यक्ष थे।
==21 दिसम्बर को हटाये गए==
[[चित्र:Making a Nova.jpg|right|100x100px|नोवा का निर्माण]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि '''[[पैन अमेरिकी खेल]]''' एक बहु-खेल प्रतियोगिता है जिसमें [[महाअमेरिका]] के विभिन्न देशों के खिलाडी भाग लेते हैं?
*... कि किसी [[सफ़ेद बौने]] ''(चित्रित)'' तारे की सतह पर हाइड्रोजन एकत्रित होने पर होने वाले अनियंत्रित [[नाभिकीय संलयन]] (न्यूक्लियर फ्यूज़न) विस्फ़ोट को '''[[नोवा]]''' केहते हैं?
</div>
==7 सितंबर को हटाये गए==
*... कि [[यूनाइटेड किंगडम|अंग्रेजों]] ने [[भारत]] में शासन करने के लिए '''[[बांटो और राज करो]]''' की रणनीति का उपयोग किया था?
*... कि '''[[सारस तारामंडल]]''' में कुछ मुख्य तारों को लकीरों से जोड़कर एक काल्पनिक [[सारस (पक्षी)|सारस]] की आकृति बनाई जा सकती है?
==27 अगस्त को हटाये गए==
[[चित्र:Shushrut_statue.jpg|right|120px| सुश्रुत की मूर्ति, हरिद्वार]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि [[महाभारत]] के एक श्लोक पर आधारित [[११वीं शताब्दी]] में [[रामानुज]] ने [[पृथ्वी]] का पूर्ण नक्शा बनाया था, जिसमें एक फलक में [[पृथ्वी का हिन्दू वर्णन#महाभारत अनुसार|महान शशक और दूसरे में दो पत्ते]] जुड़े दिखते हैं।
*... कि [[वाराणसी]] का नाम [[वरुणा नदी|वरणासि]] नामक नदी के नाम से व्युत्पन्न है, और इसमें [[असि नदी]] के नाम का अंश नहीं है।
*... कि [[बनारस]] में १०० से अधिक घाट हैं, जिनमें से [[साँचा:बनारस के घाट|८४ मुख्य घाट]] हैं।
*... कि महान शल्य चिकित्सक [[सुश्रुत]], जिन्होंने शल्य-क्रिया का [[संस्कृत]] ग्रन्थ [[सुश्रुत संहिता]] लिखा था; [[वाराणसी]] में ही आवास करते थे।
*... कि सरस्वती भवन संग्रहालय, वाराणसी में [[गोस्वामी तुलसीदास]] की एक पांडुलिपि की मूल प्रति भी रखी है।
*... कि [[बनारस]] की प्रथम रेलवे लाइन [[दिसंबर]], [[१८६२]] में [[ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी]] ने [[कोलकाता]] से बनवायी थी।
</div>
== १५ दिसंबर को लगाये गए ==
[[चित्र:Mahabharata_maancitra1.png|right|80px|रामानुज द्वारा बनाया चित्र]]
[[चित्र:Maancitra3.png|right|80px|चित्र को उलटा करने पर]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*... कि [[महाभारत]] के एक श्लोक पर आधारित [[११वीं शताब्दी]] में [[रामानुज]] ने [[पृथ्वी]] का पूर्ण नक्शा बनाया था, जिसमें एक फलक में [[पृथ्वी का हिन्दू वर्णन#महाभारत अनुसार|महान शशक और दूसरे में दो पत्ते]] जुड़े दिखते हैं।
*... कि [[वाराणसी]] का नाम [[वरुणा नदी|वरणासि]] नामक नदी के नाम से व्युत्पन्न है, और इसमें [[असि नदी]] के नाम का अंश नहीं है।
*... कि [[बनारस]] में १०० से अधिक घाट हैं, जिनमें से [[साँचा:बनारस के घाट|८४ मुख्य घाट]] हैं।
*... कि महान शल्य चिकित्सक [[सुश्रुत]], जिन्होंने शल्य-क्रिया का [[संस्कृत]] ग्रन्थ [[सुश्रुत संहिता]] लिखा था; [[वाराणसी]] में ही आवास करते थे।
*... कि सरस्वती भवन संग्रहालय, वाराणसी में [[गोस्वामी तुलसीदास]] की एक पांडुलिपि की मूल प्रति भी रखी है।
*... कि [[बनारस]] की प्रथम रेलवे लाइन [[दिसंबर]], [[१८६२]] में [[ईस्ट इंडिया कंपनी|ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी]] ने [[कोलकाता]] से बनवायी थी।
</div>
==१ मई २०१० को लगाये गए==
[[चित्र:Castor_beans.jpg|right|100px]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*...कि [[१९४७]] में, [[भारतीय स्वतंत्रता]] के उपरांत, [[वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद]] की स्थापना, श्री [[शांति स्वरूप भटनागर]] की अध्यक्षता में की गयी।
*...[[ग्लूकोमीटर]] के प्रयोग से [[मधुमेह]] रोगी अपने घर पर ही स्वयं बिना किसी की सहायता के नियमित अंतराल में [[रक्त-शर्करा]] की जांच स्वयं ही कर सकते हैं।
*...[[फ्रिज्बी]] का आविष्कार [[अमेरिका]] के [[यूटा]] राज्य के निवासी [[वॉल्टर फ्रेडरिक मॉरीसन]] ने किया था।
*...[[ई-पुस्तक|ई-पुस्तकें]] कागज की बजाय डिजिटल संचिका के रुप में होती हैं जिन्हें [[कम्प्यूटर]], [[मोबाइल]] एवं अन्य डिजिटल यंत्रों पर पढ़ा जा सकता है।
*...[[अरंडी]] का पेड़ मूलतः दक्षिण-पूर्वी [[भूमध्य सागर]], [[पूर्वी अफ़्रीका]] एवं [[भारत]] की उपज है, किन्तु अब [[उष्णकटिबंधीय]] क्षेत्रों में खूब पनपा और फैला हुआ है।
*...[[१९९०]] में पीसी कार्ड से आकार में छोटे कई दूसरे [[मेमोरी कार्ड]] भी आए, जिनमें [[कॉम्पैक्ट फ्लैश]], [[स्मार्टमीडिया]] और [[मिनियेचर कार्ड|मिनी कार्ड]] थे।
</div>
==१ अप्रैल २०१० को लगाए गए==
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
[[चित्र:4-Stroke-Engine.gif|100px|right|फोर स्ट्रोक इंजन]]
*'''[[लार्ज हैड्रान कोलाइडर]]''' विश्व का सबसे विशाल और शक्तिशाली [[कण त्वरक]] है। यह [[सर्न]] की महत्वाकांक्षी परियोजना है।
* [[भारत]] में '''[[साबुन]]''' की पहली इकाई [[जमशेदजी टाटा]] ने [[१९१८]] में [[केरल]] के [[कोच्चि]] में ओके कोकोनट ऑयल मिल्स के नाम से स्थापित की।
*'''[[प्रभुलाल भटनागर]]''' विश्वप्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ को गणित के [[लैटिस-बोल्ट्ज़मैन मैथड]] में प्रयोग किये गए [[भटनागर-ग्रॉस-क्रूक]] (बी.जी.के) कोलीज़न मॉडल के लिये जाना जाता है।
*[[भारतीय रेल]] द्वारा वर्तमान में '''१६''' [[शताब्दी एक्स्प्रेस|शताब्दी ]], '''१६''' [[जनशताब्दी एक्स्प्रेस|जनशताब्दी ]], '''२७''' [[गरीब रथ]], '''२५''' [[संपर्क क्रांति]] एवं '''२७''' [[राजधानी एक्स्प्रेस]] गाड़ियों के अलावा '''१६००''' [[मेल एक्स्प्रेस ट्रेन|मेल एक्स्प्रेस]] गाड़ियाँ (जोड़ों में) चलाई जा रही हैं।
*'''[[फोर स्ट्रोक इंजन]]''' में चार स्ट्रोक का अर्थ है कि [[ईंधन]] से यांत्रिक [[उर्जा]] में परिवर्तन का चक्र कुल चार चरणों में पूरा होता है।
</div>
==१ अप्रैल २०१० को हटाये गए==
[[चित्र:Humayun's Tomb Delhi .jpg|100px|right|हुमायुं का मकबरा, दिल्ली]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*'''[[हुमायुं का मकबरा|हुमायूँ के मकबरे]]''' में [[लाल]] [[बलुआ पत्थर]] और [[श्वेत]] [[संगमरमर]] के संयोजन का सर्वप्रथम प्रयोग किया गया था।
*'''[[कोलेस्ट्रॉल]]''' शरीर में [[विटामिन डी]], [[हार्मोन्स]] और [[पित्त]] का निर्माण करता है, जो शरीर के अंदर पाए जाने वाले [[वसा]] को पचाने में मदद करता है।
* गुरू और शनि ग्रहों के चन्द्रमा की तस्वीरें भेजने वाला पहला शोध यान '''[[वॉयेजर प्रथम]]''' अंतरिक्ष यान पृथ्वी और सूर्य दोनों से दूर अनंत अंतरिक्ष में अभी भी गतिशील है।
* '''[[मकर संक्रान्ति]]''' पूरे [[भारत]] में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है।
</div>
==१ नवंबर २००९==
[[चित्र:Temple_de_M%C3%AEn%C3%A2ksh%C3%AE01.jpg|120px|right|मदुरई का मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
*[[वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल]] सेवा [[मोबाइल फोन|मोबाइल सेवा]] से भी सस्ती होती है, और [[इंटरनेट]] पर तो इसे निःशुल्क प्रयोग किया जा सकता है।
*[[वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग]] का प्रयोग खासकर किसी बैठक या सम्मेलन के लिए तब किया जाता है, जब कई लोग अलग-अलग स्थानों में बैठे हों।
* [[माइटोकाण्ड्रिया]] के भीतर [[आनुवांशिकी|आनुवांशिक पदार्थ]] के रूप में [[डीएनए]] होता है जो वैज्ञानिकों के लिए आश्चर्य एवं खोज़ का विषय हैं।
*[[मदुरई]] स्थित [[मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मन्दिर]] इमारत समूह में १२ भव्य [[गोपुरम]] हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं।
*[[एंजियोग्राफी]] प्रक्रिया का इस्तेमाल [[हृदय रोग]], [[किडनी]] [[संक्रमण]], [[ट्यूमर]], [[खून]] का थक्का जमना आदि की जांच करने में किया जाता है।
*[[पॉलीमर]] सरल अणुओं जिन्हें [[मोनोमर]] कहा जाता; के बहुत अधिक इकाइयों के [[पॉलीमेराइजेशन]] के फलस्वरूप बनता है।
*सामूहिक बलात्कार की घटना में सम्मिलित हर बलात्कारी की पहचान [[डी एन ए फिंगर प्रिंटिंग]] द्वारा अलग-अलग की जा सकती है।
*[[माइग्रेन]] पुरुषों की तुलना में महिलाओं को तीन गुना अधिक प्रभावित करता है और अधिकांशतः इसका पता तब चलता है, जब कई साल तक रोगी इसको झेलने के बाद इसके लक्षणों से परिचित हो जाते हैं।
</div>
==१ सितंबर==
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
* '''[[भारतीय नौसेना पोत विराट]]''' [[भारतीय नौसेना]] के अग्रिम पंक्ति का [[वायुयान वाहक पोत]] है जो १८ लड़ाकू [[सी हैरीयर]] वायुयानों से लैस रहता है।
* '''[[डॉ॰ किरण बेदी]]''' [[भारतीय पुलिस सेवा]] की प्रथम वरिष्ठ महिला अधिकारी हैं।
* '''[[ग्रीन हाउस गैसें]]''' ग्रह के वातावरण या जलवायु में परिवर्तन और अंततः [[भूमंडलीय ऊष्मीकरण]] के लिए उत्तरदायी होती हैं।
* '''[[डायलिसिस]]''' रक्त शोधन की कृत्रिम विधि होती है। इस प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है जब [[वृक्क]] यानि गुर्दे सही से काम नहीं कर रहे होते हैं।
==१ जून २००९ ==
को प्रदर्शित तथ्य
[[चित्र:Giant Metrewave Radio Telescope, Pune, Maharashtra, India.jpg|100px|right|वृहत मीटरवेव रेडियो टेलिस्कोप]] <div style="font-size:95%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
* [[वृहत मीटरवेव रेडियो टेलिस्कोप]] [[भारत]] के [[पुणे]] शहर से 80 किलोमीटर उत्तर में खोडाड नामक स्थान पर स्थित रेडियो दूरबीनों की विश्व की सबसे विशाल सारणी है।
* [[बुद्ध]] की मूर्तियाँ सर्वप्रथम [[गांधार कला]] नामक प्रसिद्ध प्राचीन भारतीय कला में बनायी गयीं।
* [[लोकसभा चुनाव २००९]] में मिली जीत के बाद [[मनमोहन सिंह]], [[जवाहरलाल नेहरू]] के बाद [[भारत]] के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं जिनको पाँच वर्षों का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला है।
* भारतीय गणितज्ञ [[ब्रह्मगुप्त]] (५९८-६६८) तत्कालीन गुर्जर प्रदेश (भीनमाल) के अन्तर्गत आने वाले प्रख्यात शहर उज्जैन (वर्तमान मध्य प्रदेश) की अन्तरिक्ष प्रयोगशाला के प्रमुख थे और इस दौरान उन्होने दो विशेष ग्रन्थ लिखे: ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त (सन ६२८ में) और खन्डखड्यक (सन् ६६५ ई में)।
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[[चित्र:ShikaraVI.jpg|100px|right|भारत रत्न]]
;१ मई २००९ को प्रदर्शित तथ्य
* १८ किलोमीटर क्षेत्र में फैली और तीन दिशाओं से पहाड़ियों से घिरी [[डल झील]], जम्मू-कश्मीर की दूसरी सबसे बड़ी झील है। इसमें सोतों से तो जल आता है साथ ही कश्मीर घाटी की अनेक झीलें आकर इसमें जुड़ती हैं।
* [[स्वस्तिक]] शब्द सु+अस+क से बना है। 'सु' का अर्थ अच्छा, 'अस' का अर्थ 'सत्ता' या 'अस्तित्व' और 'क' का अर्थ 'कर्त्ता' या करने वाले से है। इस प्रकार 'स्वस्तिक' शब्द का अर्थ हुआ 'अच्छा' या 'मंगल' करने वाला।
* भारत के कर्नाटक राज्य में, तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित [[हम्पी]], जो मध्यकालीन हिंदू राज्य विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था अब केवल खंडहरों का अवशेष मात्र ही है।
* [[शंकर्स वीकली]] भारत में प्रकाशित पहली कार्टून पत्रिका थी। १९४८ में प्रारंभ हुई इस पत्रिका की आवृत्ति साप्ताहिक थी और इसका प्रकशन भारत में कार्टून कला के पितामह कहे जाने वाले कार्टूनिस्ट के शंकर पिल्लई करते थे।
* भारतीय गणितज्ञ [[ब्रह्मगुप्त]] (५९८-६६८) तत्कालीन गुर्जर प्रदेश (भीनमाल) के अन्तर्गत आने वाले प्रख्यात शहर उज्जैन (वर्तमान मध्य प्रदेश) की अन्तरिक्ष प्रयोगशाला के प्रमुख थे और इस दौरान उन्होने दो विशेष ग्रन्थ लिखे: ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त (सन ६२८ में) और खन्डखड्यक (सन् ६६५ ई में)।
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[[File:Bharat Ratna.jpg|100px|right|भारत रत्न]]
;१ अप्रैल २००९ को प्रदर्शित तथ्य
*[[भारत रत्न]] में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर [[प्लेटिनम]] का चमकता सूर्य बना है, जिसके नीचे [[चाँदी]] में लिखा रहता है "भारत रत्न", और यह सफ़ेद फीते से गले पर पहना जाता है।
*[[माउंट एवरेस्ट]] विश्व का सर्वोच्च पर्वत शिखर है, जिसकी ऊंचाई ८८४८ मी. है। इसे [[सागरमाथा]] व [[देवगिरी]] भी कहते हैं।
*[[कावेरी]] नदी [[कुर्ग]] के ब्रह्मगिरि पर्वत से निकलती है, और दक्षिण की [[गंगा]] के नाम से जानी जाती है।
* उच्च घनत्व के कारण [[मृत सागर]] में तैराकों का डूबना असंभव है इसी कारण इसमें कोई मछली जीवित नहीं रह सकती।
* [[दीपक]] पंचतत्वों में से एक अग्नि का प्रतीक माना जाता है।
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;१ मार्च २००९ को २००९ को प्रदर्शित तथ्य
* संगीत में एक विशेष राग वसंत ऋतु के नाम पर बनाया गया है जिसे [[राग बसंत]] कहते हैं।
* [[गुलाब]] की १०० से अधिक प्रजातियाँ हैं जिनमें से अधिकांश एशियाई मूल की हैं।
* [[कार्बन]] के रासायनिक यौगिकों को '''[[कार्बनिक यौगिक]]''' कहते हैं। [[प्रकृति]] में इनकी संख्या १० लाख से भी अधिक है।
* [[बाँस]] तेज़ी से बढ़ता है और इसकी कुछ प्रजातियों की बढ़वार साल के कुछ दिनों में १ मीटर प्रति घंटा तक पहुँच जाती है।
* [[मेरी क्युरी]] विज्ञान की दो शाखाओं में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली वैज्ञानिक हैं।
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<div style="float:right;margin-left:0.5em;">'''१ फरवरी २००९ को प्रदर्शित तथ्य'''
[[चित्र:Patna-ganga.jpg|125px|right|महात्मा गाँधी सेतु]]
* '''[[महात्मा गांधी सेतु]]''' [[पटना]] से [[हाजीपुर]] को जोड़ने को लिये [[गंगा नदी]] पर उत्तर-दक्षिण की दिशा में बना एक [[पुल]] है। यह दुनिया का सबसे लम्बा एक ही नदी पर बना सड़क पुल है।
* [[मुगल]] बादशाह '''[[अकबर]]''' ने अपने शासन काल में कई [[पुस्तकालय]] बनाये। उसके पास २४००० पुस्तकें एवं पांडुलिपियों का भंडार था जबकि वह स्वंय अनपढ़ था।
* मानव शरीर में जितनी मानव कोशिकाएँ है, उसके लगभग १० गुना अधिक '''[[जीवाणु]]''' कोष है।
* आयु के साथ व्यक्ति के '''[[डी एन ए]]''' में कोई बदलाव नहीं आता है। अतः जन्म से मृत्यु पर्यंत डी एन ए एक सा ही रहता है।
* [[कार्बन]] के रासायनिक यौगिकों को '''[[कार्बनिक यौगिक]]''' कहते हैं। [[प्रकृति]] में इनकी संख्या १० लाख से भी अधिक है।
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[[चित्र:APEC Australia 2007 Sydney Opera House fireworks.jpg|150px|right|सिडनी में नए साल का उत्सव]] '''१ जनवरी २००९ को प्रदर्शित तथ्य'''
* ...कि '''[[नव वर्ष]]''' का उत्सव ४००० साल पहले से [[बेबीलोन]] में मनाया जाता था। लेकिन उस समय नया वर्ष का ये त्यौहार [[२१ मार्च]] को मनाया जाता था जो [[वसंत ऋतु]] के आगमन की भी तिथि थी।
* ...कि '''[[साँप]]''' या [[सर्प]], पृष्ठवंशी [[सरीसृप]] वर्ग का [[प्राणी]] है। इसकी कुछ प्रजातियों का आकार मात्र १० [[सेंटीमीटर]] होता है जबकि [[अजगर]] नामक साँप २५ [[फुट]] तक लम्बा होता है।
* ...कि पहला '''[[ज्ञानपीठ पुरस्कार]]''' वर्ष [[१९६५]] के लिए [[मलयालम]] कवि [[गोविन्द शंकर कुरुप]] को उनके कविता संग्रह [[ओटक्कुष़ल]] के लिए दिया गया था।
* ...कि '''[[बिच्छू]]''' की लगभग २००० जातियाँ होती हैं जो [[न्यूजीलैंड]] तथा [[अंटार्कटिक]] को छोड़कर विश्व के सभी भागों में पाई जाती हैं।
* ...कि लोकप्रिय [[आरती]] ''[[ओम जय जगदीश हरे]]'' के रचयिता '''[[पं. श्रद्धाराम शर्मा]]''' या श्रद्धाराम फिल्लौरी थे।
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[[चित्र:E. coli Bacteria (7316101966).jpg|100px|right|जीवाणु]]
'''१ दिसंबर २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
*...कि [[सूक्ष्मजैविकी]] उन सूक्ष्मजीवों का अध्ययन है, जो एककोशिकीय या सूक्ष्मदर्शीय कोशिका-समूह जंतु होते हैं।
*...कि २६ नवंबर को मुंबई में आतंक का निशाना बने [[लियोपोल्ड कैफ़े]] का प्रारंभ १९८१ में तेल की दूकान के रूप में हुआ था।
*...कि [[ब्रिटेन]], [[कनाडा]], [[न्यूजीलैंड]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] ने आपने देश में प्रवेश के लिए [[डी एन ए फिंगर प्रिंटिंग]] को अनिवार्य बना दिया है।
*...कि वर्ष २००५ के [[ज्ञानपीठ]] पुरस्कार के लिए [[हिन्दी]] के प्रख्यात कवि [[कुँवर नारायण]] और वर्ष २००६ के लिए [[कोंकणी]] के [[रवीन्द्र केलकर]] और [[संस्कृत]] के विद्वान [[सत्यव्रत शास्त्री]] को संयुक्त रूप से चुना गया है।
*...कि [[राष्ट्रपति भवन]] के निर्माण में लोहे का नगण्य प्रयोग हुआ है।
*...कि हिन्दी की प्रसिद्ध ऐतिहासिक पत्रिका [[सरस्वती पत्रिका|सरस्वती]] सन १९०० से १९२० तक प्रकाशित हुई।
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[[चित्र:Temple-Jagannath.jpg|100px|right|मंदिर जगन्नाथपुरी]]
'''१ नवंबर २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
*...कि [[भारत]] का सबसे बड़ा रसोईघर [[पुरी]] के प्रसिद्ध '''[[जगन्नाथ मंदिर, पुरी|जगन्नाथ मंदिर]]''' का है। यहाँ भगवान [[जगन्नाथ]] को [[महाप्रसाद]] जिसे अब्धा कहा जाता है, चढ़ाने के लिए लगभग ५०० रसोइये लगे हैं। छप्पन प्रकार के भोग तैयार करने के लिए ३०० सहयोगी इन रसोईयों की सहायता करते हैं।
*...कि [[मध्य प्रदेश]] के [[साँवेर]] नामक स्थान पर स्थित भगवान [[हनुमान]] का एक विशेष मंदिर '''[[उलटे हनुमान]]''' के नाम से [[मालवा]] क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसमें हनुमानजी की उलटी मूर्ति स्थापित है।
*...कि मानव की [[कोशिका]] के '''[[डी एन ए]]''' की कुल लंबाई लगभग छः फीट होती है।
*...कि [[राष्ट्रपति भवन]] की गुलाब वाटिका, जो मुगल उद्यान का एक अंश है, में २५० से अधिक किस्मों के [[गुलाब]] हैं, यह जन साधारण के लिए प्रति वर्ष [[फरवरी]] माह में खुलती है।
*...कि '''[[मेडागास्कर]]''' से [[गुलमोहर]] का विकास पूरे विश्व में हुआ पर अब वहाँ यह लुप्त होने की दशा में है। इसलिए इसकी मूल प्रजाति को संरक्षित वृक्षों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
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[[चित्र:Rafflesia sumatra.jpg|100px|right|रेफ्लीसिया]]
'''१ अक्तूबर २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
*...कि [[रेफ्लीसिया]] एक बहुत ही आश्चर्यजनक पौधा है, इसका फूल वनस्पति जगत के सभी पौंधों के फूलों से बड़ा है जिसका वजन ७ किलोग्राम तक हो सकता है।
*...कि [[मॉरीशस]] द्वीप विलुप्त हो चुके [[डोडो]] पक्षी के अंतिम और एकमात्र घर के रूप में भी विख्यात है।
*...कि [[सदाफूली]] या सदाबहार नामक फूल के गुणों से प्रभावित होकर नेशनल गार्डेन ब्यूरो ने सन २००२ को सदाबहार वर्ष या इयर आफ़ विंका घोषित किया था।
*...कि [[मुगल उद्यान, दिल्ली]] में अकेले गुलाब की ही २५० से अधिक प्रजातियाँ हैं।
*... कि [[कुम्हड़ा|कुम्हड़े]] नामक सब्जी की सबसे बड़ी प्रजाति मैक्सिमा का वजन ३४ किलोग्राम सो भी अधिक होता है
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[[Image:Rashtrapati bhawan near.jpg|right|150px|राष्ट्रपति भवन]]
'''१ सितंबर २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
*...कि भारत का [[राष्ट्रपति भवन]], विश्व के किसी भी राष्ट्रपति आवास से अधिक बड़ा है।
*...कि मुंबई के मुख्य रेलवे स्टेशन [[छत्रपति शिवाजी टर्मिनस]] का पुराना नाम विक्टोरिया टर्मिनस था। आज भी इसे बोलचाल की भाषा में अक्सर "वीटी" कहते हैं।
*...कि [[जीवाणु]] एक एककोशिकीय जीव है । इसका आकार कुछ मिलिमीटर तक ही होता है ।
*...कि [[गुड़हल]] की दो सौ से अधिक प्रजातियाँ होती है और इसका उपयोग केश-तेल से लेकर [[चाय]] तक अनेकों वस्तुओं में होता है।
*...कि [[१९७९]] में हुई [[ईरान की इस्लामिक क्रांति]], जिसके बाद [[ईरान]] को इस्लामिक गणराज्य घोषित कर दिया गया था, को फ्रांस की राज्यक्रांति और बोल्शेविक क्रांति के बाद विश्व की सबसे महान क्रांति कहा जाता है।
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[[Image:Chakrata small.JPG|right|150px|चकराता]]
'''१ अगस्त २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
*...कि [[देहरादून जिला]] [[उत्तर]] में [[हिमालय]] से तथा दक्षिण में [[शिवालिक पर्वत श्रेणी|शिवालिक पहाड़ियों]] से घिरा हुआ है। इसमें कुछ पहाड़ी नगर अत्यंत प्रसिद्ध है जैसे [[मसूरी]], [[सहस्रधारा]] और [[चकराता]]।
*...कि क्रांतिकारी यतीन्द्रनाथ मुखर्जी का नाम [[बाघा यतीन]] इसलिए पड़ा कि जंगल में शेर द्वारा आक्रमण कर देने पर उन्होंने वीरता से लड़ते हुए उसे हरा दिया था।
*...कि [[घरेलू गौरैया]] एक ऐसा पक्षी है जो पालतू न होने पर भी मनुष्य के आसपास ही रहना पसंद करता है।
*...कि [[राजस्थान]] में [[सुंधा माता]] नामक एक ऐसा पर्वत है जहाँ खंडित मूर्तियों को रखना पवित्र माना जाता है।
*...कि सर रॉनल्ड रॉस ने [[मलेरिया]] परजीवी की खोज [[२० अगस्त]] [[१९८९]] को की थी। इस कार्य हेतु उन्हे [[1902]] का चिकित्सा नोबेल मिला।
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'''१ जुलाई २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
[[Image:Rangoli_at_hotel_2008-02-21.jpg|right|150px|रंगोली]]
* ...कि महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली वंदना जोशी को [[रंगोली]] बनाने में महारत हासिल है। वह पानी के ऊपर रंगोली बनाने वाली विश्व की पहली महिला हैं और वह दुनिया की सबसे बड़ी रंगोली बनाकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।
* ...कि कथाकार [[प्रेमचंद]] ने एक फिल्म की कहानी भी लिखी थी। यह फिल्म १९३४ में मजदूर नाम से बनी थी।
* ...कि [[हिन्दू मापन प्रणाली]] में [[श्रीमद्भग्वदगीता]] के अनुसार "सहस्र-युग अहर-यद ब्रह्मणो विदुः", अर्थात ब्रह्मा का एक दिवस = 1000 महायुग = 4 अरब 32 खरब सौर वर्ष,का होता है।
* ...कि होली केवल एक पर्व ही नहीं संगीत की एक विधा भी है। लोक संगीत के साथ साथ [[होली लोकगीत|होली]] को शास्त्रीय या उप-शास्त्रीय संगीत में ध्रुपद, धमार, ठुमरी या चैती के रूप में भी गाया जाता है।
*...कि मूल रूप से मध्य एशिया का निवासी ज़हीर उद-दिन मुहम्मद ([[१४ फरवरी]] [[१४८३]] - [[२६ दिसम्बर]] [[१५३०]]) जो [[बाबर]] के नाम से प्रसिद्ध हुआ, एक [[मुगल]] शासक था, जिसने भारत में मुगल वंश की स्थापना की। वह [[तैमूर लंग]] का परपोता था और स्वयं को [[चंगेज खां]] का वंशज मानता था । --[[सदस्य:Amitprabhakar|अमित प्रभाकर]] ११:३५, १९ मार्च २००७ (UTC)
* ...कि क्रांतिकारी यतीन्द्रनाथ मुखर्जी का नाम [[बाघा यतीन]] इसलिए पड़ा कि जंगल में शेर द्वारा आक्रमण कर देने पर उन्होंने वीरता से लड़ते हुए उसे हरा दिया था।
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'''१ जून २००८ को प्रदर्शित तथ्य'''
[[Image:Anopheles albimanus mosquito.jpg|right|150px|एनोफ़ेलेज़ मच्छर जिससे मलेरिया फैलता है।]]
* ...कि [[मलेरिया]] एक प्रोटोजोआ जनित रोग है मानव इतिहास में इसे सबसे बडा हत्यारा माना जाता है आज भी यह लाखों मौतों का कारण बनता है।
* ...कि [[सावित्री बाई खानोलकर]], जिन्हें सर्वोच्च भारतीय सैनिक अलंकरण परमवीर चक्र के रूपांकन का गौरव प्राप्त है, मूल रूप से एक विदेशी महिला थीं।
* ...कि [[जांजगीर का विष्णु मंदिर|जांजगीर के विष्णु मंदिऱ]] [[भारत]] का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसका गर्भगृह खाली है वहाँ कोई प्रतिमा नहीं है।
* ...कि [[इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा|इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे]] पर स्थित हज टर्मिनल मुख्य रूप से मुसलमानों के वार्षिक हज यात्रा के दौरान होने वाली भारी आवाजाही को देखते हुए बनाया गया था जिसमें भारतीय मुसलमान मध्यपूर्व की (खासकर सऊदी अरब में स्थित मक्का और मदीने की) यात्रा करते हैं।
* ...कि [[रायपुर]] स्थित नगरघड़ी में हर घंटे बजने वाले गजर के लिए छत्तीसगढ़ की 24 लोकधुनों को संयोजित कर राज्य की लोक संस्कृति को अभिव्यक्त करने का अनूठा प्रयास किया गया है।
* ...कि फ़िल्म निर्माता केतन मेहता [[राजा रवि वर्मा]] के जीवन पर रंग रसिया नाम से एक फिल्म बनाने जा रहे हैं जिसमें राजा रवि वर्मा की भूमिका निभाएंगे अभिनेता रणदीप हुड्डा। फिल्म में अभिनेत्री होंगी नंदना सेन।</div>
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[[Image:Charles_II_of_England.jpeg|100px|right]]
<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#">
* ...कि पहले [[याहू|याहू.कॉम]] का नाम "जेरीज गॉइड टू वर्ल्ड वाइड वेब" (Jerry's Guide to the World Wide Web) था [[अप्रैल]] १९९४ में इसका नाम याहू कर दिया गया
* ...कि [[2008]] में [[अमरीका]] के राष्ट्रपति पद के लिए [[डेमोक्रैटिक पार्टी]] के अग्रणी उम्मीदवार '''[[बराक ओबामा]]''' ने दो लोकप्रिय पुस्तकें भी लिखी हैं।
* ...कि '''[[महाभारत]]''' विश्व का सबसे लंबा साहित्यिक ग्रंथ है।
* ...कि [[रावलपिंडी]] का लियाक़त बाग़ जहाँ [[बेनजीर भुट्टो]] की हत्या की गई वहाँ पर इसके पहले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाक़त अली ख़ान की भी इसी तरह एक चुनावी रैली में हत्या कर दी गई थी । उसके बाद बेनजीर के पिता [[ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो]] को फांसी भी यहीं दी गई थी ।
* ...कि '''[[प्रेमचंद]]''' ने अपने लेखन का प्रारंभ [[उर्दू]] में नवाबराय नाम से किया,पर बाद में अधिक पाठकों तक पहुंचने के लिये वे [[हिन्दी]] में प्रेमचंद नाम से लिखने लगे।
* ...कि विश्व में पहली बार [[1 जनवरी]] को [[नया साल|नए साल]] ईसा पूर्व ४५वें साल में बनाया गया। जब रोम के तानाशाह [[जूलियस सीज़र]] ने [[जूलियन कैलेंडर]] की स्थापना की।
* ...कि [[मुद्रा स्फीति]] एक गणितीय युक्ति (तरकीब) है जिससे बाज़ार में मुद्रा का फैलाव व चीजों की कीमतों में वृद्धि को नापा जाता है।
* ...कि ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय ने '''[[सत्यजित राय]]''' को सम्मानदायक डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्रदान की थी। [[चार्ली चैपलिन]] के बाद वे इस सम्मान को पाने वाले पहले फ़िल्म निर्देशक थे।
* '''[[कूलाम्ब]]''' आवेश की वह मात्रा है जो 1 मीटर दूरी पर रखे समान आवेश को 9*10^9 न्युटन '''[[बल]]''' से प्रतिकर्षित करे।
* '''[[एम एम टी सी]]''' [[भारत]] की प्रथम ऐसी [[अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक कम्पनी]] है जिसे '[[सुपर स्टार ट्रेडिंग हाउस]]' का दर्जा प्रदान किया गया है।
* [[पाकिस्तान क्रिकेट टीम|पाकिस्तान]] के [[क्रिकेट]] कोच '''[[बॉब वूल्मर]]''' का जन्म [[भारत]] के [[कानपुर]] शहर में [[14 मई]], [[1948]] को हुआ था। दाएँ हाथ से [[बल्लेबाज़ी]] और मध्यम गति की [[गेंदबाज़ी]] करने वाले [[रॉबर्ट एंड्रयू वूल्मर]] ने [[1975]] में [[इंग्लैंड क्रिकेट टीम|इंग्लैंड की टीम]] से अपने [[टेस्ट क्रिकेट]] जीवन की शुरुआत की थी।
* '''[[जयन्त विष्णु नार्लीकर]]''' ने [[अल्बर्ट आइनस्टाइन|आइनस्टाइन]] के सापेक्षता सिद्धान्त और माक सिद्धान्त को मिलाते हुए हॉयल-नार्लीकर सिद्धान्त का प्रतिपादन किया है।
* [[लंदन]] में स्थित [[ईलिंग बरो]] के एक जिले '''[[साउथॉल]]''' की 70,000 जनसंख्या का 55% [[भारत|भारतीय]]/[[पाकिस्तान|पाकिस्तानी]] ([[ब्रितानी एशियाई]]) है।
* '''[[चार्ल्स द्वितीय]]''' को '''[[कैथरीन दे ब्रागान्ज़ा]]''' से विवाह करने पर [[मुम्बई]] शहर दहेज में मिला।
* '''[[बर्लिन की दीवार]]''' ने 28 साल तक [[बर्लिन]] शहर को विभाजित करके रखा।
* '''[[रुहोल्ला खोमैनी]]''' [[ईरान]] का अयतोल्ला अल-उज़्मा था।
* '''[[भारत का विभाजन|भारत के विभाजन]]''' के दौरान हुई हिंसा में करीब 5 लाख लोग मारे गए, और करीब 1.45 करोड़ शरणार्थियों ने अपना घर-बार छोड़कर बहुमत संप्रदाय वाले देश में शरण ली।
* '''[[झाँसी की रानी]]''' [[सुभद्रा कुमारी चौहान]] की प्रसिद्ध कविता है।
* [[26 मार्च]] [[2007]] को [[हिन्दी साहित्य|हिंदी साहित्य]]कार '''[[महादेवी वर्मा]]''' की 100वीं जयंती है। उनका जन्म [[26 मार्च]] [[1907]] को हुआ था। यह वर्ष उनकी जन्मशती के रूप में भी मनाया जा रहा है।
* '''[[चंदबरदाई]]''' को [[हिंदी]] का पहला कवि और उनकी रचना [[पृथ्वीराज रासो]] को हिंदी की पहली रचना होने का सम्मान प्राप्त है।
* '''[[जापान]]''' चार बड़े और अनेक छोटे द्वीपों का एक समूह है।
* प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक '''[[ओ. हेनरी]]''' या विलियम पोर्टर, तीन वर्ष और तीन महीनों तक जेल में रहे।
* '''[[मा परिवार सेना]]''' [[चीन]] के [[मुसलमान]] योद्धा थे जिन्हें अन्ततः समाजवादियों ने हराया।
*'''[[आयुर्वेद]]''' [[अथर्ववेद]] का उपवेद है।
*'''[[निरंतर]]''' विश्व की पहली ज्ञात [[हिन्दी]] ब्लॉगज़ीन है।
*'''[[विंग्स आफ फायर: एन आटोबायोग्राफी आफ एपीजे अब्दुल कलाम]]''' (1999), मूल रुप मे अंग्रेजी मे प्रकाशित यह किताब, विश्व की 13 [[भाषा|भाषाओ]] मे अनूदित हो चुकी है । जिसमे भारत की प्रमुख भाषाए [[हिन्दी|हिन्दी]], [[गुजराती भाषा|गुजराती]], [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]], [[तमिळ भाषा|तमिल]], [[मराठी भाषा|मराठी]], [[मलयालम भाषा|मलयालम]] के साथ-साथ कोरियन, चीनी और ब्रेल लिपी भी शामिल है ।
*'''[[सुन्दरमूर्ति]]''' वर्ष ८२४ मे स्वर्गलोक को गए, वे आठवी सदी के [[तमिलनाडु]] के एक [[नायनमार]] सन्त थे।
*'''[[पतंजलि]]''' ने '''[[पाणिनि]]''' के अष्टाध्यायी पर अपनी टिप्पणी लिखी जिसे महाभाष्य का नाम दिया (महा + भाष्य - समीक्षा, टिप्पणी, विवेचना, आलोचना)।
</div>
;अज्ञात तिथि
*कि काली-गर्दन वाली ''स्टिल्ट'' (Black-necked stilt, तसवीर देखें) पक्षी को देखकर ऐसा लगता है कि उसने काला कोट-पैंट पहना हुआ हो, और उसके चूज़े अंडे से निकलने के दो घंटे बाद ही तैर सकते हैं ?
[[चित्र:Bnstiltsolorazorback.jpg|100px|right]]
*कि कोलकाता का राजभवन, जो ब्रिटिश राज के समय गवर्नर-जनरल का मुख्यालय था, डर्बीशायर (ब्रिटेन) के केड्लेस्टन हॉल की तर्ज़ पर बना था ?
*कि 21 जनवरी 2006 को इलाम हलीमी, एक फ़्रांसिसी यहूदी, को एक मुसल्मान युवकों के गिरोह ने अगुआ कर लिया और बाद में तड़पाकर मार डाला, शायद पैसों या यहूदी-विरोध की वजह से ?
*कि बिसान्तियम के सम्राट अपने जीवन का आख़िरी समय कुन्स्तान्तिनिया के सबसे बड़े आश्रम में सन्यासी बनकर गुज़ारते थे ?
[[श्रेणी:क्या आप जानते है]]
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फुलझड़ी
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2026-05-21T14:07:59Z
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एक कड़ी जोड़ी।
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text/x-wiki
[[चित्र:Sparklers moving slow shutter speed.jpg|thumb|230px|दुनिया भर में बच्चों को फुलझड़ियाँ पसंद होती हैं]]
'''फुलझड़ी''' हाथ में पकड़ने वाली एक [[आतिशबाज़ी]] होती है जो धीरे-धीरे जलती हुई आकर्षक चिंगारियों की बौछार करती है। [[भारतीय उपमहाद्वीप]] में इन्हें अक्सर [[दीपावली|दिवाली]] और [[शब-ए-बारात]] जैसे त्योहारों पर मनोरंजन के लिए प्रयोग किया जाता है। [[पटाख़ा|पटाख़ों]] और उस जैसी अन्य विस्फोटक या तेज़ी से हिलने वाली आतिशबाज़ियों की तुलना में इन्हें बच्चों के खेलने के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है इसलिए बच्चों में यह बहुत लोकप्रीय हैं। फिर भी फुलझड़ियाँ १८०० सेंटीग्रेड के आसपास के तापमान पर जलतीं हैं जो [[सोना]] भी पिघला सकता है, इसलिए यह ख़तरनाक होती हैं और इनके साथ खेलते हुए बच्चों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है।<ref name="ref84gihic">[http://books.google.com/books?id=-k3yXnZ4vd8C Child Safe: A Practical Guide for Preventing Childhood Injuries] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150403124820/http://books.google.com/books?id=-k3yXnZ4vd8C |date=3 अप्रैल 2015 }}, Mark A. Brandenburg, Three Rivers Press, 2000, ISBN 978-0-609-80412-4, ''... Sparklers are often lit and then handed off to children, who hold them as they light up the night. They seem harmless enough, but sparklers can be quite dangerous ...''</ref>
== अन्य भाषाओँ में ==
'फुलझड़ी' को [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] में 'स्पार्कलर' (sparkler) और [[फ़ारसी भाषा|फ़ारसी]] में 'फ़शफ़शा' ({{Nastaliq|ur|فشفشه}}) कहते हैं।
== इन्हें भी देखें ==
* [[आतिशबाज़ी]]
* [[दीपावली|दिवाली]]
== सन्दर्भ ==
<small>{{reflist|2}}</small>
[[श्रेणी:आतिशबाज़ियाँ]]
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अनार (आतिशबाज़ी)
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2026-05-21T14:07:00Z
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एक कड़ी जोड़ी।
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wikitext
text/x-wiki
::''अगर आप इस नाम के फल पर जानकारी ढूंढ रहे हैं तो [[अनार]] का लेख देखिये
[[चित्र:Fireworks a fountain 6.jpg|thumb|230px|एक चलता हुआ अनार]]
[[चित्र:Fountain of fire.JPG|thumb|230px|एक [[शंकु|शंकुनुमा]] (कोन) अनार]]
'''अनार''' एक [[आतिशबाज़ी]] होता है जिसे ज़मीन पर रख कर उसका सिरा जलाने से वह ऊपर की ओर आकर्षक चिंगारियों का फव्वारा छोड़ता है।<ref name="ref42dejel">[http://books.google.com/books?id=omhjAAAAMAAJ Hanklyn-janklin], Nigel B. Hankin, India Presearch Press, 2003, ISBN 978-81-87943-04-4, ''... anar is an ornamental firework burning in the form of a fountain ...''</ref> [[भारतीय उपमहाद्वीप]] में इन्हें अक्सर [[दीपावली|दिवाली]] और [[शब-ए-बारात]] जैसे त्योहारों पर मनोरंजन के लिए प्रयोग किया जाता है। अनार का अकार किसी ज़माने में गोल हुआ करता था और ऊपर से चिंगारियाँ उछालता हुआ यह [[अनार]] (फल) की याद दिलाता था, जिस से इसका नाम पड़ा।<ref name="ref25voyur">[http://books.google.com/books?id=iDtbAAAAQAAJ A dictionary of Urdu, classical Hindi, and English], John Thompson Platts, H. Milford, 1884, ''... a kind of firework (shaped like a pomegranate) ...''</ref> आजकर अक्सर अनार एक [[ज्वालामुखी]] रूप के [[शंकु]] (कोन) के अकार में मिला करते हैं।
== सांस्कृतिक महत्त्व ==
अनार आतिशबाज़ी भारत में सैंकड़ों सालों से प्रयोग में है और लोक-संस्कृति में इसके सन्दर्भ में कई बातें कही गई हैं, मसलन प्रसिद्ध उर्दू [[उर्दू शायरी|शायर]] [[मिर्ज़ा मुहम्मद रफ़ी सौदा|मिर्ज़ा सौदा]] (१७१३–१७८१) ने एक महानुभाव पर लिखे क़सीदे में उनकी मृत्यु पर शोक करने वालों के बारे में कहा कि 'उनके दिलों से निकलती दुःख की चिंगारियों को देखकर अनार की चिंगारियों को ईर्ष्या हुई'।<ref name="ref16lexaq">[http://books.google.com/books?id=vrpDAAAAYAAJ Selections from the Kulliyat, or, Complete works of Mirza Rafi-oos-Sauda], Mirzā Muḥammad Rafiʻ Saudā, Henry Court (Major), Printed by J. Elston, "Station Press,", 1872, ''... the sparks of the anar firework looked on with jealousy at the sparks of grief issuing from the hearts of the mourners ...''</ref>
== ख़तरे ==
कई रंगों में और तरीक़ों से शरारे छोड़ने वाले अनार मिलने से यह आतिशबाज़ी बहुत ही लोकप्रीय है, लेकिन दिवाली के दिनों सबसे अधिक चोट देने वाले हादसे अनारों से ही होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार सन् १९८३ की दिवाली के दौरान [[दिल्ली]] के दो मुख्य हस्पतालों में ६८% जलने के हादसे अनारों से ही हुए थे।<ref name="fer43suf">[http://whqlibdoc.who.int/whf/1990/vol11-no3/WHF_1990_11%283%29_p323-326.pdf Fireworks cast a shadow on India's festival of lights], Dinesh Mohan & Mathew Varghese, World Health Forum, Vol 11, 1990, '' ... a single type of firework, the anar. (fountain), was responsible for 68% of burns cases, the cone anar alone accounting for 65% of these ...''</ref>
== अन्य भाषाओँ में ==
'अनार' को [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] में 'पॉमेग्रैनॅट फ़ायरक्रैकर' (pomegranate firecracker), 'फ़ाउन्टन' (fountain) और 'जर्ब' (gerb) में अनुवादित किया गया है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[आतिशबाज़ी]]
* [[दीपावली|दिवाली]]
== सन्दर्भ ==
<small>{{reflist|2}}</small>
[[श्रेणी:आतिशबाज़ियाँ]]
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जस्टिन बीबर
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{{Infobox musical artist
| name = जस्टिन बीबर <br>Justin Bieber
| image = Justin Bieber in 2015.jpg
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| background = solo_singer
| birth_name = जस्टिन ड्रियु बीबर
| birth_date = {{birth date and age|1994|3|1|mf=yes}}<ref name="mtv_snl">London, Ontario, Canada{{Cite news|url=http://newsroom.mtv.com/2010/02/22/justin-bieber-saturday-night-live/|title=Justin Bieber Joins The Ranks Of Youngest 'SNL' Performers|last=Anderson|first=Kyle|date=फ़रवरी 22, 2010|publisher=MTV Newsroom|accessdate=24 फरवरी 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20120401094213/http://newsroom.mtv.com/2010/02/22/justin-bieber-saturday-night-live/|archive-date=1 अप्रैल 2012|url-status=live}}</ref>
| birth_place = लंदन, [[ओंटेरियो|ओंटारियो]],[[कनाडा]]
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'''जस्टिन द्रू बीबर'''<ref name="ew06">{{Cite news|url=http://www.ew.com/ew/article/0, 20350064,00.html?xid=rss-music-reviews-My+World+2.0|title=My World 2.0 (2010)|last=Greenblatt|first=Leah|date=मार्च 10, 2010|work=Time|accessdate=11 जून 2010}}{{Dead link|date=अगस्त 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> ({{lang-en|Justin Drew Bieber}}, जन्म १ मार्च १९९४)<ref name="mtv_sn2">[http://inogolo.com/pronunciation/d1963/Justin_Bieber inogolo:how to pronounce Justin Bieber] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120306162808/http://inogolo.com/pronunciation/d1963/Justin_Bieber |date=6 मार्च 2012 }}.</ref> एक [[कनाडा|कनेडियाई]] [[पॉप]]/[[आर और बी संगीत|आर और बी]] गायक, गीतकार और अभिनेता है।<ref name="BILLBOARDBIO">{{cite web|url=http://www.billboard.com/artist/justin-bieber/bio/1099520|title=Justin Bieber Biography & Awards|work=Billboard|accessdate=15 जून 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100630212844/http://www.billboard.com/artist/justin-bieber/bio/1099520|archive-date=30 जून 2010|url-status=live}}</ref><ref name=Allmusicbio>{{cite web|url={{Allmusic|class=artist|id=p1152032|pure_url=yes}}|title=allmusic (((Justin Bieber > Overview)))|last1=Collar|first1=Matt|last2=Leahey|first2=Andrew|publisher=Macrovision Corporation|accessdate=21 अक्टूबर 2009}}</ref> Bieber को स्कूटर ब्राउन ने २००८ में खोज निकाला था<ref>{{Cite news|url=http://www.vancouverobserver.com/politics/news/2010/12/24/justin-bieber-makes-them-proud-why|title=Justin Bieber makes them proud. But why?|last=Konjicanin|first=Anja|date=दिसम्बर 24, 2010|publisher=Vancouver Observer|accessdate=11 जनवरी 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110107053019/http://www.vancouverobserver.com/politics/news/2010/12/24/justin-bieber-makes-them-proud-why|archive-date=7 जनवरी 2011|url-status=dead}}</ref> जिन्होंने उसके वीडियो [[यूट्यूब]] पर देखे और आगे चलकर उसके मैनेजर बन गए। ब्राउन ने उनकी मुलाकात [[अशर]] से अटलांटा, जोर्जिया में करवाई और बिबर को जल्द ही रेमंड ब्राउन मिडिया समूह में शामिल कर लिया गया जो अशर और ब्राउन का समूह है।<ref name="coverstory">{{cite web|url=http://www.billboard.com/news/justin-bieber-the-billboard-cover-story-1004074692.story#/news/justin-bieber-the-billboard-cover-story-1004074692.story|title=Justin Bieber – The Billboard Cover Story|last=Herrera|first=Monica|date=मार्च 19, 2010|work=Billboard|publisher=e5 Global Media|accessdate=7 मई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20130124125141/http://www.billboard.com/news/justin-bieber-the-billboard-cover-story-1004074692.story#/news/justin-bieber-the-billboard-cover-story-1004074692.story|archive-date=24 जनवरी 2013|url-status=live}}</ref> बाद में बिबर को आइलैंड रिकॉर्ड्स ने साइन कर लिया जो एल.ए रीड की संपत्ति है।<ref name="mitchell">{{cite web|url=http://www.billboard.com/bbcom/news/usher-introduces-teen-singer-justin-bieber-1003966989.story#/bbcom/news/usher-introduces-teen-singer-justin-bieber-1003966989.story|title=Usher Introduces Teen Singer Justin Bieber|last=Mitchell|first=Gail|date=अप्रैल 28, 2009|work=Billboard|publisher=e5 Global Media|accessdate=23 जुलाई 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20090708032027/http://www.billboard.com/bbcom/news/usher-introduces-teen-singer-justin-bieber-1003966989.story#/bbcom/news/usher-introduces-teen-singer-justin-bieber-1003966989.story|archive-date=8 जुलाई 2009|url-status=live}}</ref> बिबर का पहला गीत "वन टाइम" २००९ में रिलीज़ किया गया और यह कनाडा के शीर्ष दस गीतों में रहा। उनका पहला अल्बम ''माई वर्ल्ड'', जिसे नवंबर २००९ में रिलीज़ किया गया, जल्द ही अमेरिका में प्लैटिनम प्रमाणित रहा। वह पहले कलाकार बन गए जिनके सातों गाने [[बिलबोर्ड हॉट १००|''बिलबोर्ड हॉट १००]] की सूची में शामिल थे।<ref>{{cite news|url=http://www.cbsnews.com/stories/2010/02/05/earlyshow/leisure/music/main6177327.shtml|title=Justin Bieber Fever Hits Miami|work=CBS News|publisher=CBS Interactive|date=February 5, 2010|accessdate=27 मार्च 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100207160455/http://www.cbsnews.com/stories/2010/02/05/earlyshow/leisure/music/main6177327.shtml|archive-date=7 फ़रवरी 2010|url-status=live}}</ref>
बिबर का पहला पूरा स्टूडियो अल्बम ''माई वर्ल्ड २.०'' मार्च २०१० में रिलीज़ किया गया। यह कई देशों में शीर्ष दस स्थानों में और अमेरिका में प्लैटिनम प्रमाणित रहा। इसमें विश्वभर का शीर्ष-दस का गीत "बेबी" शामिल था। "बेबी" का संगीत वीडियो यूट्यूब पर अबतक चर्चा का विषय व सर्वाधिक देखा गया वीडयो है। उनके कई गाने जैसे '[[बॉयफ्रेंड (जस्टिन बीबर गाना)|बॉयफ्रेंड]]', 'नेवर से नेवर', 'लव याॅरसेल्फ', 'ब्यूटी एण्ड द beat', 'कम्पनी' 'सॉरी', 'what डू यू मीन', और '[[देस्पासीतो]]', इत्यादि अधिक लोकप्रिय है।
==व्यक्तिगत जीवन==
बीबर का जन्म मार्च 1,1994 ई. को लंदन, ओंटारियो के सेन्ट जोसेफ अस्पताल मेंं हुआ था<ref>{{cite news|url=http://www.hollywoodreporter.com/news/justin-biebers-mom-joins-fight-295774|title=Justin Bieber's Mom Joins Fight to Keep Canadian Pregnant Teen Shelter Open|publusher=The Hollywood Reporter|date=February 28,2012|accessdate=मार्च 28, 2012|first=Etan|last=Vlessing|archive-url=https://web.archive.org/web/20190327102159/https://www.hollywoodreporter.com/news/justin-biebers-mom-joins-fight-295774|archive-date=27 मार्च 2019|url-status=live}}</ref> और उनकी परवरिश स्ट्रेटफ़ोर्ड, ओंटारियो में हुयी थी। वे जेरेमी बीबर और पैट्रिसिया "पैटी" मैलीट के एकलौते बेटे हैं। उनके अभिभावक ने कभी एक-दूसरे से शादी नहीं की।<ref>{{cite web|last=Marikar|first=Sheila|title=Justin Bieber's Mom, Pattie Mallete: 7 Things to know|url=http://abcnews.go.com/blogs/entertainment/2012/11/justin-biebers-mom-pattie-mallete-7-things-to-know/|publisher=ABC News|accessdate=मई 9, 2014|date=नवम्बर 19, 2012}}</ref> पैटी ने अपनी माँ डायान और सौतेले पिता ब्रुस की मदद से अपने बेटे की परवरिश की। पिता की तरफ से, बीबर के दो सौतेले भाई और बहन भी हैंं, जिनका नाम ज्याजमीन और ज्याख्सन है।<ref>{{cite news|last=Thomasos first=Christine|title=Justin Bieber Birthday: Selena Gomez Not Part of Celebration That Included Father, Little Brother and Sister|url=http://www.christianpost.com/news/justin-bieber-birthday-selena-gomez-not-part-of-celebration-that-included-father-little-brother-and-sister-115460/accessdate=मई 9 2014|newspaper=The Christian Post|date=मार्च 2, 2014}}{{Dead link|date=सितंबर 2021 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> पैटी ने कई सस्ती नौकरी करके एकल माता के रुप मेंं बीबर की परवरिश की। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बीबर और उनके पिता का संबंध काफी अच्छा है।<ref name="nyimage">{{Cite news|url=http://www.nytimes.com/2010/01/03/fashion/03bieber.html|title=Justin Bieber is Living the Tween Idol Dream|last=Hoffman|first=Jan|date=दिसम्बर 31,2009|newspaper=The New York Times|access-date=10 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170701002725/http://www.nytimes.com/2010/01/03/fashion/03bieber.html|archive-date=1 जुलाई 2017|url-status=live}}</ref>
बीबर ने स्ट्रेटफोर्ड जिन सभ कैथोलिक स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंंने बचपन में ही पियानो,ड्रम्स,गिटार और ट्रम्पेट बजाना सीख लिया था।<ref name="Parvis">{{Cite book| title=Kansas City, MO|url= https://books.google.com/?id=XQ8YQQv45GKC&pg=PA13#v=onepage&q&f=true|first=Sarah E|last=Parvis| editor-first = Andrews|editor-last= McMeel|place = London|publisher = Simon & Schuster|year=2010|pages= 13-17|isbn=978-1-4484-0181 |accessdate= August 4, 2010}}</ref> 2012 में उन्होने स्ट्रेटफ़ोर्ड, ओंटारियो के सेन्ट माइकल कैथोलिक सेकेन्डरी स्कूल से ग्रेजुएशन हासिल की।<ref>{{cite web|last=Itzkoff|first1=Dave|title=Justin Bieber Graduates From High School|url=http://artsbeat.blogs.nytimes.com/2012/07/02/justin-bieber-graduates-high-school/?_r=O|website=The New York Times|publisher=The New York Times|accessdate=अगस्त 20, 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20170911024012/https://artsbeat.blogs.nytimes.com/2012/07/02/justin-bieber-graduates-high-school/?_r=O|archive-date=11 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> बीबर दिसंबर 2010 से नवम्बर 2012 तक [[सेलिना गोमेज़]] के साथ प्रेम संबंध मेंं थे।<ref>{{cite web|last=Ziegbe|first=Mawuse|url=http://www.MTV.com/news/articles/1654905/justin-bieber-calls-selena-gomez-amazing-person.jhtml|title=Justin Bieber Calls Selena Gomez 'An Amazing Person'|publisher=MTV|date=दिसम्बर 23, 2010|accessdate=January 6, 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140117184217/http://www.mtv.com/news/articles/1654905/justin-bieber-calls-selena-gomez-amazing-person.jhtml|archive-date=17 जनवरी 2014|url-status=live}}</ref>
जुलाई ७, २०१८ में बीबरने हैली बाल्डवीन् नाम के मॉडलके साथ सगाई की ।
==डिस्कोग्राफी==
* 2010 - माइ वर्ल्ड 2.0
* 2011 - अन्डर द मिसलटो
* 2012 - बिलीव
* 2015 - [[पर्पस (जस्टिन बिबर एल्बम)|पर्पस]]
* 2020 - छेंजज़
* 2021 - जस्टिस
== विवाद और गिरफ्तारी ==
यह 2014 में अपनी पहली गिरफ्तारी से पहले कई देशों में गिरफ्तारी से बचने में सफल रहे थे। इसमें 2012 में लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगा था और 2013 में [[ब्राज़ील]] में तोड़फोड़ भी करने का आरोप लगा था, लेकिन इन सभी मामलों में बिना गिरफ्तारी के बचने में सफल रहे थे। केलिफोर्निया में बिबर के पड़ोसी ने मामला दर्ज कराया था कि इसने उसके घर में 9 जनवरी 2014 को अंडे फेके थे, जिसके कारण उसके घर की कीमती चीजें टूट गई और लाखों डॉलर का नुकसान हुआ। इसमें भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
=== लापरवाही से गाड़ी चलाना ===
23 जनवरी 2014 को फ्लॉरिडा के मियामी बीच में एक अन्य गायक के साथ लापरवाही से गाड़ी चलाने और 6 माह पहले समाप्त हो चुका लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने और गिरफ्तारी का विरोध करने के कारण जेल जाना पड़ा था। पुलिस से पूछताछ में जस्टिन ने बताया कि उसने [[शराब]] पीया था और [[धूम्रपान]] के साथ साथ [[नशाखोरी|नशीली दवा]] का सेवन भी किया था। साक्ष्यों और सबूतों की कमी के कारण संयुक्त राज्य की अदालत ने केवल 2,500 डॉलर की रकम भरने ही आदेश दिया।
=== घर में तोड़फोड़ ===
जस्टिन के ऊपर [[कैलिफोर्निया]] में एक पड़ोसी ने घर में तोड़ फोड़ करने का आरोप लगाया था। उसने कहा कि जस्टिन ने 9 जनवरी 2014 को अंडे फेके थे, जिससे घर के कई कीमती सामान टूट गए और उसे लाखों डॉलर का नुकसान हुआ। 9 जुलाई 2014 को अदालत ने जस्टिन को इसका दोषी माना कि उसी ने अपने पड़ोसी के घर तोड़फोड़ की थी। इससे पूर्व पुलिस ने बताया था कि जस्टिन के उत्साही दोस्तों का वीडियो भी है, जिसमें अंडे फेकने के बाद का दृश्य है। दो साल की सजा के बदले अदालत ने उसे $80,900 डॉलर जमा कराने की सजा दी, जिसमें 12 सप्ताह के लिए क्रोध पर काबू रखने का प्रबंधन और पाँच दिन का सामाजिक सेवा भी जोड़ा गया था। इसके बाद में जस्टिन ने उस जगह को हमेशा के लिए छोड़ कर बेवर्ली पहाड़ वाले घर में रहने लगे।
=== नस्लीय टिप्पणी ===
जून 2014 में जस्टिन का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक छोटा 15 साल का जस्टिन काले लोगों पर चुटकुला सुना रहा था, जिसमें कई बार ''निग्गर'' शब्द का उपयोग किया गया था, जो एक अपमानजनक या घृणास्पद शब्द है। इसी महीने में एक और वीडियो सामने आया, जिसमें 14 वर्ष के जस्टिन ''वन लेस लोनेली गर्ल'' वाले गाने की नकल करता है, लेकिन उस गाने के बोल को ''वन लेस लोनेली निग्गर'' समझता है और कहता है कि यदि वह किसी एक को मार देता तो वह [[कु क्लुल्स क्लान|केकेके]] का हिस्सा होता, जो कि एक [[ईसाई आतंकवाद|आतंकी संगठन]] है, और काले लोगों पर [[नस्लवाद|नस्लीय हिंसा]] के लिए भी जाना जाता है।
इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद जस्टिन ने उसी दिन लोगों से माफी मांगी और कहा कि "कई वर्ष पूर्व किए किसी गलती का सामना करना मेरे लिए अब तक का सबसे कठिन काम रहा है।"
==उपलब्धियाँ==
जस्टिन के गाने के 10 करोड़ प्रति बिकने पर इसे कनाडा का सबसे अधिक बेचने वाला कलाकार बना दिया। 23 नवम्बर 2012 को [[कनाडा]] के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने इन्हें ''क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय डायमंड जुबली'' मेडल प्रदान किया। इस पदक को पाने वाले जस्टिन साठ हजार कनाडाइयों में से एक थे। 2013 में जस्टिन को ''रिकॉर्डिंग इंडस्ट्री असोसिएसन ऑफ अमेरिका'' कि ओर से डायमंड पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार इन्हें इनके गाने ''बेबी'' के सबसे अधिक सुनने वाले डिजिटल गाना बनने के बाद मिला था।
=== जस्टिन बीबर को हुई बड़ी बीमारी ===
दोस्तों करोड़ों दिलों की धड़कन हॉलीवुड सिंगर बहुत ही कम समय में काफी बड़ी सफलता हासिल करने वाले जस्टिन बीबर ने हाल ही में अपने एक वीडियो के द्वारा अपने फैंस को यह बताया है कि उन्हें [https://www.dailyhindihelp.com/ramsay-hunt-syndrome-justin-bieber/ रामसे हंट सिंड्रोम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20221002010049/https://www.dailyhindihelp.com/ramsay-hunt-syndrome-justin-bieber/ |date=2 अक्तूबर 2022 }} नामक बीमारी हो गई है। इस बीमारी के चलते उनका चेहरा आधा पैरालाइज हो चुका है उनके चेहरे का आधा भाग कोई भी हरकत नहीं कर पा रहा है ना ही उनकी एक आंख खुल पा रही है ना ही एक तरफ के नथुने और उनकी आवाज भी ठीक तरह से नहीं निकल रही है। इस बीमारी के चलते उन्होंने अपने फैंस से प्रार्थना की है कि वह लोग जस्टिन की ठीक होने के लिए दुआ करें वाकई में बहुत ज्यादा दर्द से गुजर रहे हैं।
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|http://www.justinbiebermusic.com}}
* {{IMDb name|id=3595501|}}
[[श्रेणी:गायक]]
[[श्रेणी:अभिनेता]]
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ज़रीन खान
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{{Infobox actor
| name = ज़रीन खान
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| othername = ज़रीन खान
| birth_date = {{Birth date and age|1987|5|14|df=y}}<ref>{{cite news|title=Zarine’s birthday wish|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2010-05-13/news-interviews/28276910_1_zarine-khan-birthday-animal|publisher=Times of India|date=13 मई 2010|access-date=7 अप्रैल 2012|archive-date=26 अगस्त 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120826003749/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2010-05-13/news-interviews/28276910_1_zarine-khan-birthday-animal|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite news|last=Dhingra|first=Deepali|title=Old hero, young heroine?|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-18/news-interviews/27933573_1_deepika-padukone-aamir-khan-shah-rukh-khan|work=Times of India|date=18 दिसम्बर 2008|access-date=7 अप्रैल 2012|archive-date=15 सितंबर 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120915014934/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2008-12-18/news-interviews/27933573_1_deepika-padukone-aamir-khan-shah-rukh-khan|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|last=Shah|first=Kunal|title=No need to be insecure about Salman Khan|url=http://www.ahmedabadmirror.com/article/13/2011050720110507014208252ef2b405d/No-need-to-be-insecure-about-Salman-Khan.html|work=Ahmedabad Mirror|access-date=7 अप्रैल 2012|archive-date=10 मई 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20110510004847/http://www.ahmedabadmirror.com/article/13/2011050720110507014208252ef2b405d/No-need-to-be-insecure-about-Salman-Khan.html|url-status=dead}}</ref>
|height = {{height|ft=5|in=6}} <ref>{{cite web|url=http://www.celebsheight.com/zarine-khan-weight-height-bra-size-shoe-size-body-measurements-waist-hips/|title=Zarine Khan Weight, Height, Bra Size, Shoe Size, Body, Measurements, Waist, Hips|publisher=Celebrities Measurement|date= |accessdate=2015-12-06}}</ref>
| birth_place = [[मुम्बई|मुंबई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]
| occupation = मॉडल, अभिनेत्री
| yearsactive = 2010–अबतक
}}
'''ज़रीन खान''' एक भारतीय अभिनेत्री व मॉडल है जो हिन्दी फ़िल्मों में कार्यरत है।<ref>{{cite web|url=http://hindi.firstpost.com/entertainment/gautam-rode-will-play-negative-role-for-the-first-time-42566.html|title=हैंडसम हंक गौतम रोडे का पहली बार फिल्म 'अक्सर 2' में दिखेगा नेगेटिव अवतार, जरीन के साथ दिखेगी हॉट केमिस्ट्री|access-date=23 जुलाई 2017|archive-date=28 अगस्त 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170828232754/http://hindi.firstpost.com/entertainment/gautam-rode-will-play-negative-role-for-the-first-time-42566.html|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|url=http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/aksar-2-trailer-gautam-rode-abhinav-shukla-and-zareen-khans-love-triangle-is-intriguing/articleshow/60260866.cms|title='Aksar 2' trailer: Gautam Rode, Abhinav Shukla and Zareen Khan's love triangle is intriguing}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.catchnews.com/bollywood-news/anshuman-jha-and-zarine-khan-to-play-homosexual-characters-in-hum-bhi-akele-tum-bhi-akele-164093.html|title=Anshuman Jha and Zarine Khan to play homosexual characters in}}</ref> उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2010 में ''[[वीर (फ़िल्म)|वीर]]'' फ़िल्म से [[सलमान ख़ान|सलमान खान]] के साथ की। खान को [[कैटरीना कैफ़|कटरीना कैफ]] के जैसी दिखने के लिए जाना जाता है। [[हेट स्टोरी 3]] के बाद से जरीन खान का बोल्ड लुक देखने को मिला है। जरीन खान जल्द ही 2006 में इमरान हाशमी और उदिता गोस्वामी स्टारर मूवी अक्सर की सीक्वल अक्सर 2 में नजर आने वाली हैं।<ref>{{cite web|url=https://khabar.ndtv.com/news/filmy/zareen-khan-steamy-scenes-in-aksar-2-trailer-1743118|title='अक्सर 2' के ट्रेलर में बोल्डनेस का तड़का लगा रहीं जरीन खान, देखें VIDEO}}</ref> अभिनेत्री जरीन खान [[विक्रम भट्ट]] के निर्देशन में बनने वाली [[वीभत्स फ़िल्म|हॉरर फिल्म]] '1921' और हम भी अकेले तुम भी अकेले में हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.mid-day.com/articles/zareen-khan-item-number-gautam-rode-aksar-2-movies-1921-bollywood-news/18535152|title=Zareen Khan sheds clothes in 'Aksar 2' and '1921'}}</ref><ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/zareen-khan-believes-in-embracing-imperfections/articleshow/70916388.cms|title=Zareen Khan believes in embracing imperfections}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
ज़रीन खान का जन्म मुंबई में 14 मई 1987 को मुस्लिम पश्तुन (जिसे पठान या अफगान भी कहा जाता है)परिवार में हुआ था।<ref name=Muslim>{{Cite web|url=http://www.bollywoodhungama.com/videos/celeb-interviews/i-am-muslim-i-know-my-islam-zareen-khan/|title="I Am Muslim, I Know My Islam": Zareen Khan|work= [[बॉलीवुड हँगामा]]}}</ref><ref name=Pathan>{{Cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/when-men-were-men/564691/0 |title= When Men Were Men |author= Mangal Dalal|date= 8 January 2010 |work= Indian Express |publisher= |accessdate=6 May 2014|quote=Asked about whether it was a risk casting Zarine Khan, the debutant from the UK, Khan says: “She’s a Pathan girl who speaks Hindi and Urdu well and was spectacular in the screen test. It was pure luck.”}}</ref><ref name=Pathan2>{{cite web|title=‘Veer’ also has a social message behind it: Salman Khan|archiveurl=https://web.archive.org/web/20120314234215/http://www.expressindia.com/latest-news/Veer-also-has-a-social-message-behind-it-Salman-Khan/564962/|archivedate=14 March 2012 |url=http://www.expressindia.com/latest-news/Veer-also-has-a-social-message-behind-it-Salman-Khan/564962/|publisher=Express India|accessdate=6 May 2014|author=Mangal Dalal|date=8 January 2010|quote=Asked about whether it was a risk casting Zarine Khan, the debutant from the UK, Khan says: “She’s a Pathan girl who speaks Hindi and Urdu well and was spectacular in the screen test.}}</ref> वह हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी और मराठी, और कुछ पश्तो बोलती है। उन्होंने रिजवी कॉलेज ऑफ साइंस, मुंबई में अपना इंटरमीडिएट पूरा किया।
==करियर==
[[File:Hate Story 3 Cast Karan Singh Grover Sharman Joshi.jpg|right|thumb|250px|हेट स्टोरी 3]]
ज़रीन खान डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन अभिनय में शामिल हो गयी। [[सुभाष घई]] के फिल्म स्कूल व्हिस्लिंग वुड्स में युवराज के सेट पर जाकर उनका अभिनय करियर शुरू हुआ। सलमान खान ने उसे देखा और उसे अपने दोस्त अनिल शर्मा की [[वीर (फ़िल्म)]] के लिए डालने का फैसला किया। एक स्क्रीन टेस्ट के बाद, खान को राजकुमारी यशोधरा की मुख्य भूमिका दी गई थी। 19वीं शताब्दी की राजकुमारी के रूप में और अधिक दृढ़ होने के लिए उसने आठ किलोग्राम प्राप्त किए। फिल्म राजस्थान के 1825 पिंडारी आंदोलन के आसपास घूमती है, जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था। बॉक्स ऑफिस पर [[वीर (फ़िल्म)]] ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया; हालांकि, उनके प्रदर्शन ने आलोचकों और जनता दोनों से मिश्रित समीक्षा प्राप्त की। बॉलीवुड हंगामा के [[तरण आदर्श]] ने देखा कि 'ज़रीन' कैटरीना कैफ जैसा दिखती है। टाइम्स ऑफ इंडिया के निखत काज़मी ने निष्कर्ष निकाला कि "ज़रीन अप्रत्याशित है"। Rediff.com का उल्लेख है कि "ज़रीन औसत है"। ज़रीन खान को सर्वश्रेष्ठ महिला डेब्यू के लिए [[ज़ी सिने पुरस्कार]] के लिए नामित किया गया था।
2011 में, ज़रीन खान ने अनीस बाजमी के [[रेडी (२०११ फ़िल्म)|रेडी]] में सलमान खान के साथ आइटम नंबर "कैरेक्टर ढीला" किया।
2015 में, खान कामुक थ्रिलर फिल्म [[हेट स्टोरी 3]] में दिखाई दी। यह फिल्म एक व्यावसायिक रूप से सफल थी और ज़रीन खान को पहचान मिली। तब वह अली फजल के साथ एक संगीत वीडियो "प्यार मंगा है" में दिखाई दी। गीत [[अरमान मलिक]] और नीती मोहन ने गाया था। 2016 में वह फिल्म वजाह तुम हो में "माही वी" नामक एक अन्य आइटम गीत में भी दिखाई दीं।
2017 में, खान [[अक्सर 2]] में दिखाई दी। ज़रीन [https://masalakhabars.com/anshuman-jha-biography-in-hindi/ अंशुमन झा] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210418101602/https://masalakhabars.com/anshuman-jha-biography-in-hindi/ |date=18 अप्रैल 2021 }} के साथ एक फिल्म 'हम भी अकेले तुम भी अकेले' भी कर रही हैं जो 2021 में रिलीज़ होने वाली है।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/hauz-khas-fun-for-zareen-khan-anshuman-jha/articleshow/68965794.cms|title=Hauz Khas fun for Zareen Khan, Anshuman Jha}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.dnaindia.com/bollywood/report-zareen-khan-and-anshuman-jha-s-film-hum-bhi-akele-tum-bhi-akele-resumes-after-a-legal-battle-2787575|title=Zareen Khan and Anshuman Jha's film 'Hum Bhi Akele Tum Bhi Akele' resumes after a legal battle}}</ref> फिल्म दो समलैंगिकों की एक अनोखी प्रेम कहानी है।<ref>{{cite web|url=https://www.mid-day.com/articles/harish-vyas-zareen-khan-and-anshuman-jhas-chemistry-will-entertain-the-audience/21161164|title=Harish Vyas: Zareen Khan and Anshuman Jha's chemistry will entertain the audience|access-date=8 सितंबर 2019|archive-date=18 जुलाई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190718191656/https://www.mid-day.com/articles/harish-vyas-zareen-khan-and-anshuman-jhas-chemistry-will-entertain-the-audience/21161164|url-status=dead}}</ref>
==फिल्मोग्राफी==
* वीर
* [[रेडी (२०११ फ़िल्म)|रेडी]]
* हाउसफुल 2
* [[हेट स्टोरी 3]]
*[[अक्सर 2]]
* हम भी अकेले तुम भी अकेले
== इन्हें भी देखें ==
* [[सुरवीन चावला]]
* [[सना खान]]
* [[सना सईद]]
* [[गौहर खान]]
* [[पाउली दाम]]
* [[उर्वशी रौतेला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{IMDb name|id=3768934}}
* [https://www.youtube.com/watch?v=NT-dRsPuQpo KHALLAS VEERAPPAN Video Song]
* [https://www.youtube.com/watch?v=un2HVdq4dfw Maahi Ve Full Video Song Wajah Tum Ho]
* [https://www.youtube.com/watch?v=__ZvXBf1rmw WAJAH TUM HO Full Video Song]
* [https://www.youtube.com/watch?v=wHDh_ruJ8Ug TUMHE APNA BANANE KA Full Video Song]
{{Commonscat|Zarine Khan}}
[[श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री]]
[[श्रेणी:भारतीय मॉडल]]
[[श्रेणी:1987 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]best heroine of Indian cinema
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विकिपीडिया:नाक में मटर मत डाल लेना/धत-तेरे-की
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text/x-wiki
{{DISPLAYTITLE:<span style="color: red; font-family:Impact, Verdana; font-size: larger;"><span style="display: none;">विकिपीडिया:नाक में मटर मत डाल लेना/</span>'''धत-तेरे-की'''</span>}}
==लीजिए छिनार, करिए अब मौज, आपने विकिपीडिया ही उड़ा डाला!==
[[File:Bomba atomica.gif|400px|center|link=|alt=लीजिए, करिए अब मौज, आपने विकिपीडिया ही उड़ा डाला!|लीजिए, करिए अब मौज, आपने विकिपीडिया ही उड़ा डाला!]]<br />
<strong>यहाँ एक दूसरी तस्वीर हुआ करती थी, लेकिन आपने अब हमारे आधे पृष्ठ ही उड़ा डाले। बहुत-बहुत शुक्रिया आपका। अब हम क्या करेंगे?</strong><br />
<strong>यही तो हम कह रहे थे: [[विकिपीडिया:अपनी नाक में मटर मत डाल लेना|अपनी नाक में मटर मत डालिए]]!</strong></tt>
[[श्रेणी:विकिपीडिया व्यंग्य]]
[[श्रेणी:विकिपीडिया शिष्टता]]
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चाहर धर्मेंद्र
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{{DISPLAYTITLE:<span style="color: red; font-family:Impact, Verdana; font-size: larger;"><span style="display: none;">विकिपीडिया:नाक में मटर मत डाल लेना/</span>'''धत-तेरे-की'''</span>}}
==लीजिए, करिए अब मौज, आपने विकिपीडिया ही उड़ा डाला!==
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[[श्रेणी:विकिपीडिया व्यंग्य]]
[[श्रेणी:विकिपीडिया शिष्टता]]
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केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची
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text/x-wiki
[[चित्र:Government of Kerala Logo.svg|अंगूठाकार|केरल का राज्य चिह्न]]
[[Image:India Kerala locator map.svg|right|180px|thumb| केरल में २ करोड़ से अधिक मतदाताओं हैं।<ref>{{Cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |title=Times of India — महिला मतदाताओं केरल में पुरुषों की संख्या से बढ़ना |access-date=24 सितंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060924180358/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |archive-date=24 सितंबर 2006 |url-status=live }}</ref>]]
'''केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची''' के अंतर्गत भारत के [[केरल]] [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] के [[केरल का इतिहास|इतिहास]] में सन् १९५६ के बाद से हुई विभिन्न सरकारों के प्रमुख के आते हैं। वर्तमान केरल राज्य १९५६ में ही अस्तित्व में आया जब तत्कालीन [[त्रावणकोर-कोचीन]] राज्य का पुनर्गठन किया गया।<ref name=worldstatesmen>{{Cite web |url=http://www.worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |title=''वर्ल्ड स्टेट्समैन डॉट ओआरजी — स्टेट्स ऑफ़ इंडिया सिन्स १९४७'' |access-date=28 मार्च 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140701103006/http://worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |archive-date=1 जुलाई 2014 |url-status=live }}</ref>
{{Infobox official post|post=मुख्यमंत्री|body=केरल|flag=Flag of India.svg|flagborder=Yes|department=मुख्यमंत्री कार्यलय|incumbent=[[वी. डी. सतीशन]]|incumbentsince=१८ मई २०२६|style=माननीय|status=सरकार के प्रमुख|member_of=केरल विधान सभा|reports_to=राज्यपाल, केरल|appointer=केरल के [[राज्यपाल]]|abbreviation=सी एम|termlength=५ वर्ष|image=File:V.D. Satheesan.jpg|precursor={{flatlist|
* ट्रावनकोर के प्रधानमंत्री
* किंगडम ऑफ कोचीन के प्रधानमंत्री
* मद्रास के प्रधानमंत्री
* ट्रावनकोर कोचीन के मुख्यमंत्री
}}}}
== मुख्यमंत्रियों की सूची ==
=== कोचीन ===
{| class="wikitable"
! colspan=2 | #<ref name="colour"/>
! नाम
! पद ग्रहण
! पद मुक्त
! कार्यकाल<ref name="term"/>
! राजनैतिक दल
|-
! style="background-color: white" |
| 1
| [[पनमपिल्ली गोविन्द मेनन]]
| १ सितंबर १९४७
| अक्टूबर १९४७
| १
|
|-
! style="background-color: white" |
| २
| [[टी के नायर]]
| २७ अक्टूबर १९४७
| २० सितंबर १९४८
| १
|
|-
|}
== केरल ==
[[Image:Kerala locator map.svg|right|180px|thumb|केरल की राजनीतिक राज्य १ नवम्बर १९५६ में बनाया गया था]]
[[भारत सरकार]] के राज्य पुनर्गठन अधिनियम (१ नवम्बर १९५६) नई केरल राज्य का उद्घाटन किया। नई केरल में शामिल है मालबार जिला, त्रावणकोर - कोचीन (४ दक्षिणी तालुकें जो तमिलनाडु के साथ विलय कर दिया गया को छोड़कर) और दक्षिण कानरा का कासर्गोट तालूक। एक नई विधानसभा भी बनाया गया था, जिसके लिए चुनाव १९५७ में आयोजित की गई और दुनिया की पहली लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित एक कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली सरकार बनाई।<ref>"[http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm EMS Namboodiripad dead] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121114182146/http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm |date=14 नवंबर 2012 }}", रेडिफ [अभिगमन तिथि: ३० जून २००७]</ref>[[ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] [[केरल]] के पहले [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] बन गए।
== केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची ==
{| class="wikitable sortable"
! क्रम संख्या
! मुख्य मंत्री
! छायाचित्र
! शासन शुरू कर दिया
! शासन अंत
! राजनीतिक दल
|-
!| १
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]]
|
| [[अप्रैल ५]], [[१९५७]]
| [[जुलाई ३१]], [[१९५९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| २
| [[पट्टम ताणु पिल्लै]]
|[[चित्र:Pattom A. Thanu Pillai (image).jpg|115x115पिक्सेल]]
| [[फरवरी २२]], [[१९६०]]
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी]]
|-
!| ३
| [[आर शंकर]]
|
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[सितंबर १०]], [[१९६४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ४
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च ६]], [[१९६७]]
| [[नवंबर 1]], [[१९६९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| ५
| [[सी अच्युता मेनोन]]
|
| [[नवंबर १]], [[१९६९]]
| [[अगस्त १]], [[१९७०]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| ६
| [[सी अच्युता मेनोन]] <sup>♥</sup>
|
| [[अक्टूबर १]], [[१९७०]]
| [[मार्च 25]], [[१९७७|1977]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| ७
| [[के. करुणाकरन]]
|
| [[मार्च २५]], [[१९७७]]
| [[अप्रैल २५]], [[१९७७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ८
| [[ए के एंटोनी]]
|
| [[अप्रैल २७]], [[१९७७]]
| [[अक्टूबर २७]], [[१९७८]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ९
| [[पी. के. वासुदेवन नायर]]
|
| [[अक्टूबर २९]], [[१९७८]]
| [[अक्टूबर ७]], [[१९७९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| १०
| [[सी. एच. मुहम्मद कोया]]
|
| [[अक्टूबर १२]], [[१९७९]]
| [[दिसम्बर १]], [[१९७९]]
| [[इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]]
|-
!| ११
| [[ई. के. नायनार]]
|
| [[जनवरी २५]], [[१९८०]]
| [[अक्टूबर २०]], [[१९८१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १२
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[दिसम्बर २८]], [[१९८१]]
| [[मार्च १७]], [[१९८२]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १३
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[मई २४]], [[१९८२]]
| [[मार्च २५]], [[१९८७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १४
| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मार्च २६]], [[१९८७]]
| [[जून १७]], [[१९९१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १५
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[जून २४]], [[१९९१]]
| [[मार्च १६]], [[१९९५]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १६
| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च २२]], [[१९९५]]
| [[मई ९]], [[१९९६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १७
| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|99x99पिक्सेल]]
| [[मई २०]], [[१९९६]]
| [[मई १३]], [[२००१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १८
| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|[[File:A._K._Antony.jpg|104x104पिक्सेल]]
| [[मई १७]], [[२००५]]
| [[अगस्त २९]], [[२००४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १९
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
|[[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| [[अगस्त ३१]], [[२००४]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| २०
| [[वी. एस अच्युतानान्तन]]
|[[File:V._S._Achuthanandan_2016.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[मई १४ ]] [[२०११]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| २१
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
| [[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| १८ मई १८ २०११
| २५ मई २०१६
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| २२
| [[पिनाराई विजयन]]
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
| २५ मई २०१६
| पदस्थ
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!२३
|[[पिनाराई विजयन]] ♥
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
|२० मई २०२१
|पदधारी
|[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|}
* <sup>♥</sup> फिर निर्वाचित…
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/ केरल के मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/cms_kerala.htm/ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [http://www.kerala.gov.in/ केरल सरकार (आधिकारिक वेबसाइट))]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{commons category|Chief Ministers of Kerala}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ]]
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text/x-wiki
[[चित्र:Government of Kerala Logo.svg|अंगूठाकार|केरल का राज्य चिह्न]]
[[Image:India Kerala locator map.svg|right|180px|thumb| केरल में २ करोड़ से अधिक मतदाताओं हैं।<ref>{{Cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |title=Times of India — महिला मतदाताओं केरल में पुरुषों की संख्या से बढ़ना |access-date=24 सितंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060924180358/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |archive-date=24 सितंबर 2006 |url-status=live }}</ref>]]
'''केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची''' के अंतर्गत भारत के [[केरल]] [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] के [[केरल का इतिहास|इतिहास]] में सन् १९५६ के बाद से हुई विभिन्न सरकारों के प्रमुख के आते हैं। वर्तमान केरल राज्य १९५६ में ही अस्तित्व में आया जब तत्कालीन [[त्रावणकोर-कोचीन]] राज्य का पुनर्गठन किया गया।<ref name=worldstatesmen>{{Cite web |url=http://www.worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |title=''वर्ल्ड स्टेट्समैन डॉट ओआरजी — स्टेट्स ऑफ़ इंडिया सिन्स १९४७'' |access-date=28 मार्च 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140701103006/http://worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |archive-date=1 जुलाई 2014 |url-status=live }}</ref>
{{Infobox official post|post=मुख्यमंत्री|body=केरल|flag=Flag of India.svg|flagborder=Yes|department=मुख्यमंत्री कार्यलय|incumbent=[[वी. डी. सतीशन]]|incumbentsince=१८ मई २०२६|style=माननीय|status=सरकार के प्रमुख|member_of=केरल विधान सभा|reports_to=राज्यपाल, केरल|appointer=केरल के [[राज्यपाल]]|abbreviation=सी एम|termlength=५ वर्ष|image=File:Vd-Satheesan.jpg|precursor={{flatlist|
* ट्रावनकोर के प्रधानमंत्री
* किंगडम ऑफ कोचीन के प्रधानमंत्री
* मद्रास के प्रधानमंत्री
* ट्रावनकोर कोचीन के मुख्यमंत्री
}}|imagesize=140}}
== मुख्यमंत्रियों की सूची ==
=== कोचीन ===
{| class="wikitable"
! colspan=2 | #<ref name="colour"/>
! नाम
! पद ग्रहण
! पद मुक्त
! कार्यकाल<ref name="term"/>
! राजनैतिक दल
|-
! style="background-color: white" |
| 1
| [[पनमपिल्ली गोविन्द मेनन]]
| १ सितंबर १९४७
| अक्टूबर १९४७
| १
|
|-
! style="background-color: white" |
| २
| [[टी के नायर]]
| २७ अक्टूबर १९४७
| २० सितंबर १९४८
| १
|
|-
|}
== केरल ==
[[Image:Kerala locator map.svg|right|180px|thumb|केरल की राजनीतिक राज्य १ नवम्बर १९५६ में बनाया गया था]]
[[भारत सरकार]] के राज्य पुनर्गठन अधिनियम (१ नवम्बर १९५६) नई केरल राज्य का उद्घाटन किया। नई केरल में शामिल है मालबार जिला, त्रावणकोर - कोचीन (४ दक्षिणी तालुकें जो तमिलनाडु के साथ विलय कर दिया गया को छोड़कर) और दक्षिण कानरा का कासर्गोट तालूक। एक नई विधानसभा भी बनाया गया था, जिसके लिए चुनाव १९५७ में आयोजित की गई और दुनिया की पहली लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित एक कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली सरकार बनाई।<ref>"[http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm EMS Namboodiripad dead] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121114182146/http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm |date=14 नवंबर 2012 }}", रेडिफ [अभिगमन तिथि: ३० जून २००७]</ref>[[ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] [[केरल]] के पहले [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] बन गए।
== केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची ==
{| class="wikitable sortable"
! क्रम संख्या
! मुख्य मंत्री
! छायाचित्र
! शासन शुरू कर दिया
! शासन अंत
! राजनीतिक दल
|-
!| १
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]]
|
| [[अप्रैल ५]], [[१९५७]]
| [[जुलाई ३१]], [[१९५९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| २
| [[पट्टम ताणु पिल्लै]]
|[[चित्र:Pattom A. Thanu Pillai (image).jpg|115x115पिक्सेल]]
| [[फरवरी २२]], [[१९६०]]
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी]]
|-
!| ३
| [[आर शंकर]]
|
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[सितंबर १०]], [[१९६४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ४
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च ६]], [[१९६७]]
| [[नवंबर 1]], [[१९६९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| ५
| [[सी अच्युता मेनोन]]
|
| [[नवंबर १]], [[१९६९]]
| [[अगस्त १]], [[१९७०]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| ६
| [[सी अच्युता मेनोन]] <sup>♥</sup>
|
| [[अक्टूबर १]], [[१९७०]]
| [[मार्च 25]], [[१९७७|1977]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
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| [[के. करुणाकरन]]
|
| [[मार्च २५]], [[१९७७]]
| [[अप्रैल २५]], [[१९७७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ए के एंटोनी]]
|
| [[अप्रैल २७]], [[१९७७]]
| [[अक्टूबर २७]], [[१९७८]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ९
| [[पी. के. वासुदेवन नायर]]
|
| [[अक्टूबर २९]], [[१९७८]]
| [[अक्टूबर ७]], [[१९७९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
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| [[सी. एच. मुहम्मद कोया]]
|
| [[अक्टूबर १२]], [[१९७९]]
| [[दिसम्बर १]], [[१९७९]]
| [[इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]]
|-
!| ११
| [[ई. के. नायनार]]
|
| [[जनवरी २५]], [[१९८०]]
| [[अक्टूबर २०]], [[१९८१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १२
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[दिसम्बर २८]], [[१९८१]]
| [[मार्च १७]], [[१९८२]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १३
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[मई २४]], [[१९८२]]
| [[मार्च २५]], [[१९८७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मार्च २६]], [[१९८७]]
| [[जून १७]], [[१९९१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १५
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[जून २४]], [[१९९१]]
| [[मार्च १६]], [[१९९५]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च २२]], [[१९९५]]
| [[मई ९]], [[१९९६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|99x99पिक्सेल]]
| [[मई २०]], [[१९९६]]
| [[मई १३]], [[२००१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १८
| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|[[File:A._K._Antony.jpg|104x104पिक्सेल]]
| [[मई १७]], [[२००५]]
| [[अगस्त २९]], [[२००४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १९
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
|[[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| [[अगस्त ३१]], [[२००४]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| २०
| [[वी. एस अच्युतानान्तन]]
|[[File:V._S._Achuthanandan_2016.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[मई १४ ]] [[२०११]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| २१
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
| [[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| १८ मई १८ २०११
| २५ मई २०१६
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| २२
| [[पिनाराई विजयन]]
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
| २५ मई २०१६
| पदस्थ
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!२३
|[[पिनाराई विजयन]] ♥
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
|२० मई २०२१
|पदधारी
|[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|}
* <sup>♥</sup> फिर निर्वाचित…
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/ केरल के मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/cms_kerala.htm/ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [http://www.kerala.gov.in/ केरल सरकार (आधिकारिक वेबसाइट))]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{commons category|Chief Ministers of Kerala}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ]]
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/* केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची */
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wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Government of Kerala Logo.svg|अंगूठाकार|केरल का राज्य चिह्न]]
[[Image:India Kerala locator map.svg|right|180px|thumb| केरल में २ करोड़ से अधिक मतदाताओं हैं।<ref>{{Cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |title=Times of India — महिला मतदाताओं केरल में पुरुषों की संख्या से बढ़ना |access-date=24 सितंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060924180358/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |archive-date=24 सितंबर 2006 |url-status=live }}</ref>]]
'''केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची''' के अंतर्गत भारत के [[केरल]] [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] के [[केरल का इतिहास|इतिहास]] में सन् १९५६ के बाद से हुई विभिन्न सरकारों के प्रमुख के आते हैं। वर्तमान केरल राज्य १९५६ में ही अस्तित्व में आया जब तत्कालीन [[त्रावणकोर-कोचीन]] राज्य का पुनर्गठन किया गया।<ref name=worldstatesmen>{{Cite web |url=http://www.worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |title=''वर्ल्ड स्टेट्समैन डॉट ओआरजी — स्टेट्स ऑफ़ इंडिया सिन्स १९४७'' |access-date=28 मार्च 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140701103006/http://worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |archive-date=1 जुलाई 2014 |url-status=live }}</ref>
{{Infobox official post|post=मुख्यमंत्री|body=केरल|flag=Flag of India.svg|flagborder=Yes|department=मुख्यमंत्री कार्यलय|incumbent=[[वी. डी. सतीशन]]|incumbentsince=१८ मई २०२६|style=माननीय|status=सरकार के प्रमुख|member_of=केरल विधान सभा|reports_to=राज्यपाल, केरल|appointer=केरल के [[राज्यपाल]]|abbreviation=सी एम|termlength=५ वर्ष|image=File:Vd-Satheesan.jpg|precursor={{flatlist|
* ट्रावनकोर के प्रधानमंत्री
* किंगडम ऑफ कोचीन के प्रधानमंत्री
* मद्रास के प्रधानमंत्री
* ट्रावनकोर कोचीन के मुख्यमंत्री
}}|imagesize=140}}
== मुख्यमंत्रियों की सूची ==
=== कोचीन ===
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! नाम
! पद ग्रहण
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! राजनैतिक दल
|-
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| 1
| [[पनमपिल्ली गोविन्द मेनन]]
| १ सितंबर १९४७
| अक्टूबर १९४७
| १
|
|-
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| [[टी के नायर]]
| २७ अक्टूबर १९४७
| २० सितंबर १९४८
| १
|
|-
|}
== केरल ==
[[Image:Kerala locator map.svg|right|180px|thumb|केरल की राजनीतिक राज्य १ नवम्बर १९५६ में बनाया गया था]]
[[भारत सरकार]] के राज्य पुनर्गठन अधिनियम (१ नवम्बर १९५६) नई केरल राज्य का उद्घाटन किया। नई केरल में शामिल है मालबार जिला, त्रावणकोर - कोचीन (४ दक्षिणी तालुकें जो तमिलनाडु के साथ विलय कर दिया गया को छोड़कर) और दक्षिण कानरा का कासर्गोट तालूक। एक नई विधानसभा भी बनाया गया था, जिसके लिए चुनाव १९५७ में आयोजित की गई और दुनिया की पहली लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित एक कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली सरकार बनाई।<ref>"[http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm EMS Namboodiripad dead] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121114182146/http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm |date=14 नवंबर 2012 }}", रेडिफ [अभिगमन तिथि: ३० जून २००७]</ref>[[ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] [[केरल]] के पहले [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] बन गए।
== केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची ==
{| class="wikitable sortable"
! क्रम संख्या
! मुख्य मंत्री
! छायाचित्र
! शासन शुरू कर दिया
! शासन अंत
! राजनीतिक दल
|-
!| १
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]]
|
| [[अप्रैल ५]], [[१९५७]]
| [[जुलाई ३१]], [[१९५९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| २
| [[पट्टम ताणु पिल्लै]]
|[[चित्र:Pattom A. Thanu Pillai (image).jpg|115x115पिक्सेल]]
| [[फरवरी २२]], [[१९६०]]
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| [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी]]
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| [[आर शंकर]]
|
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
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| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च ६]], [[१९६७]]
| [[नवंबर 1]], [[१९६९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
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| [[सी अच्युता मेनोन]]
|
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| [[ई. के. नायनार]]
|
| [[जनवरी २५]], [[१९८०]]
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| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
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| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[दिसम्बर २८]], [[१९८१]]
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| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[मई २४]], [[१९८२]]
| [[मार्च २५]], [[१९८७]]
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|-
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| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मार्च २६]], [[१९८७]]
| [[जून १७]], [[१९९१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १५
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[जून २४]], [[१९९१]]
| [[मार्च १६]], [[१९९५]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च २२]], [[१९९५]]
| [[मई ९]], [[१९९६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|99x99पिक्सेल]]
| [[मई २०]], [[१९९६]]
| [[मई १३]], [[२००१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
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| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
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| [[मई १७]], [[२००५]]
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| [[मई १४ ]] [[२०११]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
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| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
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| १८ मई १८ २०११
| २५ मई २०१६
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
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| २५ मई २०१६
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| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
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|[[पिनाराई विजयन]] ♥
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|२० मई २०२१
|१८ मई २०२६
|[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
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|[[वी. डी. सतीशन]]
|
|१८ मई २०२६
|पदधारी
|[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|}
* <sup>♥</sup> फिर निर्वाचित…
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/ केरल के मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/cms_kerala.htm/ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [http://www.kerala.gov.in/ केरल सरकार (आधिकारिक वेबसाइट))]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{commons category|Chief Ministers of Kerala}}
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[[श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ]]
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/* केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची */
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text/x-wiki
[[चित्र:Government of Kerala Logo.svg|अंगूठाकार|केरल का राज्य चिह्न]]
[[Image:India Kerala locator map.svg|right|180px|thumb| केरल में २ करोड़ से अधिक मतदाताओं हैं।<ref>{{Cite web |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |title=Times of India — महिला मतदाताओं केरल में पुरुषों की संख्या से बढ़ना |access-date=24 सितंबर 2006 |archive-url=https://web.archive.org/web/20060924180358/http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/1468915.cms |archive-date=24 सितंबर 2006 |url-status=live }}</ref>]]
'''केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची''' के अंतर्गत भारत के [[केरल]] [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|राज्य]] के [[केरल का इतिहास|इतिहास]] में सन् १९५६ के बाद से हुई विभिन्न सरकारों के प्रमुख के आते हैं। वर्तमान केरल राज्य १९५६ में ही अस्तित्व में आया जब तत्कालीन [[त्रावणकोर-कोचीन]] राज्य का पुनर्गठन किया गया।<ref name=worldstatesmen>{{Cite web |url=http://www.worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |title=''वर्ल्ड स्टेट्समैन डॉट ओआरजी — स्टेट्स ऑफ़ इंडिया सिन्स १९४७'' |access-date=28 मार्च 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140701103006/http://worldstatesmen.org/India_states.html#Kerala |archive-date=1 जुलाई 2014 |url-status=live }}</ref>
{{Infobox official post|post=मुख्यमंत्री|body=केरल|flag=Flag of India.svg|flagborder=Yes|department=मुख्यमंत्री कार्यलय|incumbent=[[वी. डी. सतीशन]]|incumbentsince=१८ मई २०२६|style=माननीय|status=सरकार के प्रमुख|member_of=केरल विधान सभा|reports_to=राज्यपाल, केरल|appointer=केरल के [[राज्यपाल]]|abbreviation=सी एम|termlength=५ वर्ष|image=File:Vd-Satheesan.jpg|precursor={{flatlist|
* ट्रावनकोर के प्रधानमंत्री
* किंगडम ऑफ कोचीन के प्रधानमंत्री
* मद्रास के प्रधानमंत्री
* ट्रावनकोर कोचीन के मुख्यमंत्री
}}|imagesize=140}}
== मुख्यमंत्रियों की सूची ==
=== कोचीन ===
{| class="wikitable"
! colspan=2 | #<ref name="colour"/>
! नाम
! पद ग्रहण
! पद मुक्त
! कार्यकाल<ref name="term"/>
! राजनैतिक दल
|-
! style="background-color: white" |
| 1
| [[पनमपिल्ली गोविन्द मेनन]]
| १ सितंबर १९४७
| अक्टूबर १९४७
| १
|
|-
! style="background-color: white" |
| २
| [[टी के नायर]]
| २७ अक्टूबर १९४७
| २० सितंबर १९४८
| १
|
|-
|}
== केरल ==
[[Image:Kerala locator map.svg|right|180px|thumb|केरल की राजनीतिक राज्य १ नवम्बर १९५६ में बनाया गया था]]
[[भारत सरकार]] के राज्य पुनर्गठन अधिनियम (१ नवम्बर १९५६) नई केरल राज्य का उद्घाटन किया। नई केरल में शामिल है मालबार जिला, त्रावणकोर - कोचीन (४ दक्षिणी तालुकें जो तमिलनाडु के साथ विलय कर दिया गया को छोड़कर) और दक्षिण कानरा का कासर्गोट तालूक। एक नई विधानसभा भी बनाया गया था, जिसके लिए चुनाव १९५७ में आयोजित की गई और दुनिया की पहली लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित एक कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली सरकार बनाई।<ref>"[http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm EMS Namboodiripad dead] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20121114182146/http://www.rediff.com/news/1998/mar/19ems.htm |date=14 नवंबर 2012 }}", रेडिफ [अभिगमन तिथि: ३० जून २००७]</ref>[[ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] [[केरल]] के पहले [[मुख्यमन्त्री (भारत)|मुख्यमंत्री]] बन गए।
== केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची ==
{| class="wikitable sortable"
! क्रम संख्या
! मुख्य मंत्री
! छायाचित्र
! शासन शुरू कर दिया
! शासन अंत
! राजनीतिक दल
|-
!| १
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]]
|
| [[अप्रैल ५]], [[१९५७]]
| [[जुलाई ३१]], [[१९५९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| २
| [[पट्टम ताणु पिल्लै]]
|[[चित्र:Pattom A. Thanu Pillai (image).jpg|115x115पिक्सेल]]
| [[फरवरी २२]], [[१९६०]]
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[प्रजा सोसलिस्ट पार्टी]]
|-
!| ३
| [[आर शंकर]]
|
| [[सितंबर २६]], [[१९६२]]
| [[सितंबर १०]], [[१९६४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ४
| [[ई॰ एम॰ एस॰ नंबूदिरीपाट|ई. एम्. एस. नंबूदिरीपाट]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च ६]], [[१९६७]]
| [[नवंबर 1]], [[१९६९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| ५
| [[सी अच्युता मेनोन]]
|
| [[नवंबर १]], [[१९६९]]
| [[अगस्त १]], [[१९७०]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| ६
| [[सी अच्युता मेनोन]] <sup>♥</sup>
|
| [[अक्टूबर १]], [[१९७०]]
| [[मार्च 25]], [[१९७७|1977]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| ७
| [[के. करुणाकरन]]
|
| [[मार्च २५]], [[१९७७]]
| [[अप्रैल २५]], [[१९७७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ८
| [[ए के एंटोनी]]
|
| [[अप्रैल २७]], [[१९७७]]
| [[अक्टूबर २७]], [[१९७८]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| ९
| [[पी. के. वासुदेवन नायर]]
|
| [[अक्टूबर २९]], [[१९७८]]
| [[अक्टूबर ७]], [[१९७९]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!| १०
| [[सी. एच. मुहम्मद कोया]]
|
| [[अक्टूबर १२]], [[१९७९]]
| [[दिसम्बर १]], [[१९७९]]
| [[इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]]
|-
!| ११
| [[ई. के. नायनार]]
|
| [[जनवरी २५]], [[१९८०]]
| [[अक्टूबर २०]], [[१९८१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १२
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[दिसम्बर २८]], [[१९८१]]
| [[मार्च १७]], [[१९८२]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १३
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[मई २४]], [[१९८२]]
| [[मार्च २५]], [[१९८७]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १४
| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मार्च २६]], [[१९८७]]
| [[जून १७]], [[१९९१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १५
| [[के. करुणाकरन]] <sup>♥</sup>
|
| [[जून २४]], [[१९९१]]
| [[मार्च १६]], [[१९९५]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १६
| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|
| [[मार्च २२]], [[१९९५]]
| [[मई ९]], [[१९९६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १७
| [[ई. के. नायनार]] <sup>♥</sup>
|[[File:E.K.Nayanar_1.jpg|99x99पिक्सेल]]
| [[मई २०]], [[१९९६]]
| [[मई १३]], [[२००१]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| १८
| [[ए के एंटोनी]] <sup>♥</sup>
|[[File:A._K._Antony.jpg|104x104पिक्सेल]]
| [[मई १७]], [[२००५]]
| [[अगस्त २९]], [[२००४]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| १९
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
|[[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| [[अगस्त ३१]], [[२००४]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
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| [[वी. एस अच्युतानान्तन]]
|[[File:V._S._Achuthanandan_2016.jpg|100x100पिक्सेल]]
| [[मई १८]], [[२००६]]
| [[मई १४ ]] [[२०११]]
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]]
|-
!| २१
| [[ओमान चांडी|उम्मन चांडी]]
| [[File:Oommen Chandy (cropped).jpg|80px]]
| १८ मई १८ २०११
| २५ मई २०१६
| [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|-
!| २२
| [[पिनाराई विजयन]]
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
| २५ मई २०१६
| २० मई २०२१
| [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!२३
|[[पिनाराई विजयन]] ♥
| [[File:Pinarayi.JPG|80px]]
|२० मई २०२१
|१८ मई २०२६
|[[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)|मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी]]
|-
!२४
|[[वी. डी. सतीशन]]
|[[File:VD SATHEESAN.jpg]]
|१८ मई २०२६
|पदधारी
|[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|}
* <sup>♥</sup> फिर निर्वाचित…
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/ केरल के मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [https://web.archive.org/web/20130326233535/http://www.keralacm.gov.in/cms_kerala.htm/ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री (आधिकारिक वेबसाइट)
* [http://www.kerala.gov.in/ केरल सरकार (आधिकारिक वेबसाइट))]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
{{commons category|Chief Ministers of Kerala}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ]]
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XXBlackburnXx ने अनुप्रेषण छोड़े बिना पृष्ठ [[सदस्य वार्ता:Onderkast]] को [[सदस्य वार्ता:Renamed user 678947870]] पर स्थानांतरित किया: "[[Special:CentralAuth/Onderkast|Onderkast]]" का नाम "[[Special:CentralAuth/Renamed user 678947870|Renamed user 678947870]]" करते समय पृष्ठ स्वतः स्थानांतरित हुआ
2209883
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text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|realName=|name=Paul Brussel}}
-- [[User:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[User talk:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 10:28, 16 सितंबर 2013 (UTC)
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नाहूम
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The Sorter
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text/x-wiki
'''नहूम''' ({{langx|hbo|נַחוּם}}) एक लघु [[नबी]] थे जिनकी भविष्यवाणियाँ [[इब्रानी बाइबल]] में संगृहीत है।
नबी नहूम ने एक काव्यग्रंथ की रचना की है जो [[बाइबिल]] में संगृहीत है। साहित्यिक दृष्टि से वह बाइबिल के सर्वोत्तम अंशों में से है। इस काव्य में [[सीरिया]] की राजधानी के भावी विध्वंस का वर्णन है और वह उस घटना (612 ई.पू.) के कुछ पहले ही लिखा गया था। [[अश्शूर|असीरिया]] ने 722 ई.पू. में [[इसराइल]] का राज्य नष्ट कर दिया था। नहूम देशप्रेमी है और उसके हृदय में विदेशी आततायियों के प्रति घृणा कूट कूटकर भरी हुई है। यही नहूम की भावपूर्ण भाषा का कारण है। बहुत संभव है कि वर्तमान नहूम ग्रंथ में कई अन्य कवियों की रचनाएँ भी संमिलित हों।
[[श्रेणी:यहूदी धर्म]]
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'''नहूम''' ({{langx|hbo|נַחוּם}}) एक लघु [[नबी]] थे जिनकी भविष्यवाणियाँ [[इब्रानी बाइबल]] में संगृहीत है।
नबी नहूम ने एक काव्यग्रंथ की रचना की है जो [[बाइबिल]] में संगृहीत है। साहित्यिक दृष्टि से वह बाइबिल के सर्वोत्तम अंशों में से है। इस काव्य में [[सीरिया]] की राजधानी के भावी विध्वंस का वर्णन है और वह उस घटना (612 ई.पू.) के कुछ पहले ही लिखा गया था। [[अश्शूर|असीरिया]] ने 722 ई.पू. में [[इसराइल]] का राज्य नष्ट कर दिया था। नहूम देशप्रेमी है और उसके हृदय में विदेशी आततायियों के प्रति घृणा कूट कूटकर भरी हुई है। यही नहूम की भावपूर्ण भाषा का कारण है। बहुत संभव है कि वर्तमान नहूम ग्रंथ में कई अन्य कवियों की रचनाएँ भी संमिलित हों।
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[[श्रेणी:यहूदी धर्म]]
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वार्ता:नाहूम
1
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== स्थानान्तरण अनुरोध 21 मई 2026 ==
{{नाम बदलें/dated|नहूम}}
[[:नाहूम]] → {{no redirect|नहूम}} – बाइबिल की पुस्तकों में इस व्यक्ति का नाम "नहूम" है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bible.com/search/bible?query=%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%AE|title=नहूम – YouVersion|website=YouVersion}}</ref> [[सदस्य:The Sorter|The Sorter]] ([[सदस्य वार्ता:The Sorter|वार्ता]]) 14:55, 21 मई 2026 (UTC)
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सूचना-समाज
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जिस [[समाज]] में [[सूचना]] का सृजन, वितरण, उपयोग, एकीकरण आदि एक महत्वपूर्ण आर्थिक, राजनैतिक एवं [[संस्कृति|सांस्कृतिक]] क्रियाकलाप बन चुका हो वह '''सूचना-समाज''' कहलाता है।
== परिचय ==
[[सूचना]] के उत्पादन, विनिमय और उपभोग के इर्द-गिर्द संगठित समाज की इस धारणा का प्रतिपादन नब्बे के दशक में किया गया। सत्तर के दशक के मध्य में डेनियल बेल के उत्तर-औद्योगिक समाज संबंधी लेखन में सूचना-समाज की आहटें सुनी जा सकती थीं, पर नब्बे के दशक में इंटरनेट जैसी ग्लोबल इनफ़ॉर्मेशन प्रौद्योगिकियों के विस्फ़ोट के बाद ही यह विचार पूरी तरह विकसित हो पाया। सूचना और सूचना-समाज का रिश्ता कमोबेश वैसा ही है जैसा उद्योगों और औद्योगिक युग के बीच है।
मशीनों, कारख़ानों और उजरती श्रम का अस्तित्व औद्योगिक युग से पहले भी था, लेकिन उन्नीसवीं सदी में उनकी केंद्रीयता कुछ इस तरह से बढ़ी कि लोगों की ज़िंदगी और उनके दृष्टिकोण में बुनियादी तब्दीली हो गयी। सूचना, जो हमेशा से मौजूद और अहम थी, एक निश्चित प्रौद्योगिकीय अवस्था के कारण पिछले तीन दशक के दौरान मानव-समाज की नियामक बन गयी है। इसके कारण सामाजिक संगठन का एक विशिष्ट रूप पैदा हो गया है जिसमें उत्पादकता और सत्ता का बुनियादी स्रोत सूचनाओं के उत्पादन, संसाधन और प्रसारण में निहित है।
सूचना ने सबसे कीमती और ज़रूरी पण्य का रूप ग्रहण कर लिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि कारख़ाना- उत्पादन और सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था का महत्त्व ख़त्म हो गया है। अर्थव्यवस्था के ये क्षेत्र अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन औद्योगिक समाज या उत्तर-औद्योगिक समाज की धारणाएँ अब परिवर्तन की मुख्य चालक-शक्ति नहीं रह गयी हैं।
[[चित्र:NYC Times Square wide angle.jpg|center|thumb|550px|एक घने सूचना-समाज का हृदयस्थल '''टाइम्स स्क्वायर''']]
कुछ विद्वानों का आग्रह है कि सूचना-समाज की परिघटना सूचना-आधारित बाज़ारों के चौतरफ़ा उदय की रोशनी में परिभाषित की जानी चाहिए। शारीरिक श्रम के बजाय सूचना आधारित पूँजी कहीं अधिक धन पैदा कर सकती है। सूचना-आधारित उत्पादों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ी और बढ़ती ही जा रही है। 1945 में समूची धरती पर जितनी कम्प्यूटर-पॉवर मौजूद थी, उससे ज़्यादा ताकत खोलते ही संगीत सुनाने वाले सिर्फ़ एक ग्रीटिंग कार्ड में मौजूद होती है। सुबह काग़ज़ पर छपा अख़बार खोलते ही हम पाठक के साथ-साथ श्रोता भी हो जाते हैं। हमारी निगाह न केवल विज्ञापनों में दर्ज सूचनाओं पर पड़ती है, बल्कि किसी-किसी विज्ञापन में लगे हुए एक छोटे से यंत्र से आती हुई आवाज़ भी उस उत्पाद का प्रचार करती हुई सुनायी देती है। किसी ज़माने में कार की ज़्यादातर कीमत उसमें लगे इस्पात के आधार पर तय होती थी, पर आज नयी टोयोटा कार का 70 फ़ीसदी से ज़्यादा मूल्य उसके इनफ़ॉर्मेटिक्स संबंधी घटक से निकाला जाता है। मार्केट-रिसर्च के आधार पर प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उपभोक्ता के चरित्र और प्रवृत्तियों की शिनाख्त की जाती है जिसका निर्णायक असर उत्पादन संबंधी फ़ैसलों पर पड़ता है। जैविक सूचनाओं की डिकोडिंग के माध्यम से विज्ञान की सम्भावनाओं में लगातार वृद्धि की जा रही है। इसके नतीजे ह्यूमन जिनोम प्रोजेक्ट में निकले हैं। क्लोनिंग और सूचना की प्रतिकृति बनाना एक-दूसरे के पर्याय ही हैं। सूचना प्रौद्योगिकियाँ बाज़ारों और संस्कृतियों की गतिशीलता और फैलाव का माध्यम बन गयी हैं।
राष्ट्र-राज्य भू-क्षेत्रों पर कब्ज़े और नियंत्रण के लिए आज भी संघर्ष करते हैं। कच्चे माल व सस्ते श्रम के संसाधनों के दोहन के लिए साम्राज्यवादी और नव-औपनिवेशिक अभियान आज भी चलाये जाते हैं। लेकिन सूचनाओं पर काबिज़ होने के लिए किया जाने वाला संघर्ष आज कहीं ज़्यादा बड़ा हो चुका है। सूचना एक ऐसा प्रतिमान है जिसके माध्यम से सामाजिक विकास की नयी प्रवृत्तियों की व्याख्या की जा सकती है। सूचना-आधारित विकास-क्रम के कारण मीडिया, औषधि और निगरानी से संबंधित प्रौद्योगिकी से संबंधित नैतिक सरोकारों का जन्म हुआ है। सूचना के वितरण, उस पर अधिकार और लेखकत्व की परिभाषाओं से जुड़े प्रश्न लगातार विवादास्पद होते जा रहे हैं। ये नयी प्रवृत्तियाँ केवल सकारात्मक ही नहीं हैं। विचारकों के बीच सूचना के बोलबाले के कारण पैदा हुई दुश्चिंताओं पर भी चिंतन-मनन चल रहा है। सूचना-समाज में ज्ञान की संरचनाओं की स्थिति को लेकर भी समाजवैज्ञानिकों में काफ़ी चिंता देखी गयी है।
सूचना-समाज पर बहस का ध्रुवीकरण हो गया है। एक पक्ष की मान्यता है कि समाज के इस रूप ने उन्हें आज़ादी के नये आयामों से परिचित कराया है। ऐसे समाज में लोग अधिक सूचना-सम्पन्न होने के नाते बेहतर आत्माभिव्यक्ति के योग्य होंगे। नयी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से उन्हें राजनीतिक और सांस्कृतिक दायरों में बेहतर सहभागिता का मौका मिल पायेगा। यह पक्ष प्रौद्योगिकी के प्रभुत्व में किसी किस्म का जोखिम नहीं देखता। इसके विपरीत दूसरा पक्ष सूचना-बाहुल्य और सूचना-प्रधानता के कारण कई तरह की दुश्चिंताओं की तरफ़ इशारा कर रहा है। सत्ता संरचनाएँ सूचना-प्रौद्योगिकियों का सहारा ले कर व्यक्ति और समाज की गतिविधियों की अधिक निगरानी कर रही हैं जिससे निजता और प्राइवेसी अंत के करीब पहुँच गयी है। नयी टेक्नॉलॅजी के ज़रिये लगातार नज़र रखना और रिकॉर्ड करना सम्भव हो गया है। इसके अलावा अगर हमारी ख़रीद-फ़रोख्त और घूमने-फिरने से संबंधित जानकारियाँ भी जमा की जा रही हैं, तो उनके आधार पर भी हमें एक पूर्व-निर्धारित किस्म के आचरण की तरफ़ जाने-अनजाने धकेला जा सकता है। यह पक्ष मानता है कि सूचना-समाज स्वतंत्र नहीं है। उसने तरह-तरह के विकेंद्रीकृत नेटवर्कों के माध्यम से नियंत्रण किया जा रहा है। पहले बेंथम ने और फ़ूको ने जिस पनोप्टीकॉन के विचार का प्रतिपादन किया है, वह सूचना-समाज की परिस्थितियों पर पूरी तरह से लागू होता है।
सूचना-समाज के सबसे चर्चित सिद्धांतकार मैनुएल कैसेल्स हैं जिनकी रचना द इनफ़ॉर्मेशन एज : इकॉनॉमी, सोसाइटी ऐंड कल्चर ने इस प्रत्यय को प्रचलित किया है। कैसेल्स के विमर्श से इस प्रश्न का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता कि सूचना-समाज में ज्ञान की संरचनाओं की क्या स्थिति होगी। उन्होंने सूचना और ज्ञान को जिस चिंतन (डेनियल बेल : द कमिंग ऑफ़ पोस्ट-इंडस्ट्रियल सोसाइटी, फ़्रिट्ज़ मैकलुप : द प्रोडक्शन ऐंड डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ नॉलेज इन द यूनाइटिड स्टेट्स, मार्क पोराट : द इनफ़ॉर्मेशन इकॉनॉमी) के आधार पर परिभाषित किया है वह 1962 से 1977 के बीच प्रकाश में आया था। मार्शल मैकलुहन का मीडिया से संबंधित सिद्धांत भी साठ के दशक में प्रकाशित हुआ था। इस शास्त्र द्वारा दी गयी परिभाषाओं के मुताबिक सूचना (सुव्यवस्थित तथ्य और सामग्री) के आधार पर ज्ञान की रचना होती है और सूचना को उसे उत्पादित और प्रसारित करने वाली प्रौद्योगिकी से काट कर नहीं समझा जा सकता। नतीजतन प्रौद्योगिकीय स्थिति ज्ञान की संरचना को गहराई से प्रभावित करती है। अगर यह विमर्श सही है तो फिर सवाल उठता है कि सूचना-प्रौद्योगिकी में होने वाले किसी अचानक परिवर्तन से सूचना-समाज में ज्ञान भी बदल जाएगा? ज्याँ-फ़्रास्वाँ ल्योतर ने भी 1979 में प्रकाशित अपनी रचना पोस्टमॉडर्न कण्डीशन में यह चौंका देने वाला अवलोकन किया था कि कम्प्यूटरीकृत पूँजीवाद के ज़माने में ज्ञान परिवर्तित हुए बिना नहीं रह सकता। ल्योतर ने उसी समय देख लिया था कि ज्ञान ‘सूचनात्मक पण्य’ बनता जा रहा है। डिजिटलाइज़ेशन ने ज्ञान को सूचना के टुकड़ों में बदल दिया है और उन बिट्स को मशीनों पर संसाधित करके तेज़ रक्रतार से प्रसारित किया जा सकता है। इस तरह ल्योतर की निगाह में सूचना ज्ञान का वह रूप बन जाती है जिसे चैनल के मार्फ़त प्रसारित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि वह कारगर या ऑपरेशनल हो सके। इस लिहाज़ से ज्ञान का यह रूप चिंतनपरक न हो कर प्रदर्शनपरक और परिणामात्मक है। मैकलुहन इसी बात को इस तरह कहते हैं कि सूचना एक ग़ैर- विमर्शी कोड या डाटा है जिसे टीवी के छोटे-छोटे साउंड बाइट्स की तरह उत्पादित किया जाता है और मनुष्य जिसका मशीनों की तरह उपभोग करते चले जाते हैं।
सूचना-समाज में ज्ञान की ऐसी चिंताजनक स्थिति पर विचार करते हुए स्कॉट लैश ने अपनी रचना क्रिटीक ऑफ़ इनफ़ॉर्मेशन में आख्यान आधारित ज्ञान और प्रौद्योगिकीय सूचना आधारित ज्ञान में फ़र्क किया है। लैश के अनुसार आख्यान आधारित ज्ञान धीरज के साथ चिंतन और मनन की माँग करता है, जबकि ज्ञान का यह नया रूप जितनी तेज़ी से प्रकट होता है उतनी ही तेज़ी से लुप्त भी हो जाता है। इस लिहाज़ से लैश सूचना को प्रतिनिधित्वमूलक मानने के बजाय प्रस्तुतिमूलक मानते हैं। सूचना एक ‘अनगढ़ तथ्यात्मकता’ का नाम है। उसकी यह प्रकृति समाज और संस्कृति के सिद्धांतकारों के लिए कठिनाई पेश करती है। उनके पास सूचना-समाज के दायरों से बाहर रह कर उनकी आलोचना विकसित करने का कोई मौका ही नहीं है। इसीलिए उन्हें पहले संस्कृति और समाज को परिभाषित करने वाली बुनियादी धारणाओं पर पुनर्विचार करना होगा। ये धारणाएँ आख्यानात्मक ज्ञान की उपज होने के कारण सूचना-समाज के भीतर कारगर साबित नहीं होतीं।
== इन्हें भी देखें==
*[[सूचना क्रांति|सूचना क्रान्ति]]
*[[सूचना प्रौद्योगिकी]]
*[[सूचना]]
*[[अधिप्रचार|प्रोपेगंडा]]
== सन्दर्भ ==
1. मैनुएल कैसेल्स (1996), द राइज़ ऑफ़ द नेटवर्क सोसाइटी, द इनफ़ॉर्मेशन एज : इकॉनॉमी, सोसाइटी ऐंड कल्चर, ब्लैकवेल, ऑक्सफ़र्ड, खण्ड 1.
2. ज्याँ-फ़्रांस्वा ल्योतर (1984), द पोस्टमॉडर्न कण्डीशन : अ रिपोर्ट ऑन नॉलेज, मैंचेस्टर युनिवर्सिटी प्रेस, मैनचेस्टर.
3. मार्क पोराट (1977), द इनफ़ॉर्मेशन इकॉनॉमी : डेफ़िनिशन ऐंड मेज़रमेंट, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स, वाशिंगटन डीसी.
4. स्कॉट लैश (2002), क्रिटीक ऑफ़ इनफ़ॉर्मेशन, सेज, लंदन.
[[श्रेणी:सूचना]]
[[श्रेणी:सूचना समाज|*]]
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अल ग़ज़ाली
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<ref name=Meri />{{rp|292}}| era = [[इस्लामी स्वर्ण युग]]
| name = अल-ग़ज़ाली <br>{{lang|ar|أبو حامد الغزالي}}
| title = हुज्जतुल इस्लाम
| fullname = अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-ग़ज़ाली'
| birth_date = 1058
| birth_place = [[:en:Tus, Iran|तूस]] [[पर्शिया]], [[:en:Great Seljuq Empire]]
| death_date = दिसम्बर 19, 1111
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|jurisprudence = [[शाफ़ई]]
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| major_works = ''Revival of Religious Sciences'', ''[[:en:The Incoherence of the Philosophers]]'', ''[[:en:Kimiya-yi sa'ādat|The Alchemy of Happiness]]''
| influences = [[:en:Al-Juwayni]], [[:en:Abu Talib al-Makki]], [[:en:Harith al-Muhasibi]]
| influenced = [[:en:Abu Bakr ibn al-Arabi|Qadi Abu Bakr ibn al-Arabi]]<br>
[[:en:Ibn Tumart]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 77. ISBN 0199724725</ref><br>
[[:en:Abu Madyan]]<br>
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[[Maimonides]]<ref name="plato.stanford.edu">[http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ The Influence of Islamic Thought on Maimonides] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141209050833/http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ |date=9 दिसंबर 2014 }} Stanford Encyclopedia of Philosophy, June 30, 2005</ref><br>
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[[:en:Immanuel Kant|काँट]]
}}
[[File:Haruniyeh.JPG|thumb|right|250px|हारूनिया ({{lang|fa|هارونیه}}) इमारत [[:en:Tus, Iran|तूस]] शहर [[ईरान]], (हारून रषीद के नाम पर)। ऐसा माना जाता है कि अल-गज़ाली का रौज़ा इस इमारत के दर्वाज़े के क़रीब है।]]
'''अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-गज़ाली''' ({{IPAc-en|g|æ|ˈ|z|ɑː|l|i}}; {{lang-fa|ابو حامد محمد ابن محمد غزالی}}; c. 1058–1111), पश्चिम में '''अल-ग़ज़ाली''' या '''अलगाज़ेल''' के नाम से मशहूर, एक मुस्लिम तत्वग्नानी, [[सूफ़ीवाद|सूफ़ी]] जो पर्शिया से थे। <ref>{{cite web|title=Ghazali, al-|url=http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|work=The Columbia Encyclopedia|accessdate=17 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029210811/http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref>
{{सूफ़ीवाद}}
इस्लामी दुनिया में [[मुहम्मद|हज़रत मुहम्मद]] के बाद अगर कोई मुस्लिम समूह को आकर्शित किया या असर रुसूक़ किया तो वो अल-ग़ज़ाली' हैं।<ref name=Watt1953>{{cite book|last=Watt|first=W. Montgomery|title=The Faith and Practice of Al-Ghazali|year=1953|publisher=George Allen and Unwin Ltd|location=London|url=http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|access-date=11 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203185843/http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस्लामी समूह में अल-ग़ज़ाली' को [[मुजद्दिद]] या पुनर्व्यवस्थीकरण करने वाला माना जाता है। इस्लामी समूह में माना जाता है कि हर शताब्द में एक मुजद्दिद जन्म लेते है, मुस्लिम समूह को धर्ममार्ग पर प्रेरेपित और उत्तेजित करते हैं। <ref>Jane I. Smith, Islam in America, p 36. ISBN 0231519990</ref><ref>Dhahabi, Siyar, 4.566</ref><ref>Willard Gurdon Oxtoby, Oxford University Press, 1996, p 421</ref> इन के कार्य और रचनाएं इतनी प्रबावशाली हैं कि लोग इन को "हुज्जतुल इस्लाम" (इस्लाम का सबूत) कहा करते हैं। <ref>Sawwaf, A. (1962) al-Ghazali: Étude sur la réforme Ghazalienne dans l’histoire de son développement (Fribourg).</ref>
== सन्दर्भ ==
{{सन्दर्भ}}
*{{Citation
|first=Amber
|last=Haque
|year=2004
|title=Psychology from Islamic perspective: contributions of early Muslim scholars and challenges to contemporary Muslim psychologists
|journal=Journal of Religion & Health
|volume=43
|issue=4
|pages=357–377
|doi=10.1007/s10943-004-4302-z
}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{wikisource author|Abu Hamid al-Ghazālī}}
{{commons category|Al-Ghazali}}
* [https://web.archive.org/web/20110224074432/http://ghazali.org/ Al-Ghazali website]
* Laoust, H: ''La politique de Gazali'', Paris 1970
* Nakamura, K. ''Al-Ghazali'', Encyclopedia of Philosophy
*[https://web.archive.org/web/20091003024427/http://butler-bowdon.com/the-alchemy-of-happiness.html Short commentary] on ''The Alchemy of Happiness''
*''The Alchemy of Happiness,'' by Mohammed Al-Ghazzali, the Mohammedan Philosopher, trans. Henry A. Homes (Albany, N.Y.: Munsell, 1873). See original text in [https://web.archive.org/web/20130518164808/http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php&title=1844 The Online Library of Liberty].
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अनुनाद सिंह
1634
वर्तनी की अनेक अशुद्धियां ठीक की। भाषा ठीक की। गज़ाली का दूसरा पक्ष भी लिखा।
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{{ infobox Muslim scholar
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[[:en:Ibn Tumart]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 77. ISBN 0199724725</ref><br>
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[[Maimonides]]<ref name="plato.stanford.edu">[http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ The Influence of Islamic Thought on Maimonides] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141209050833/http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ |date=9 दिसंबर 2014 }} Stanford Encyclopedia of Philosophy, June 30, 2005</ref><br>
[[:en:Thomas Aquinas|Thomas Aquinas]]<ref>Karin Heinrichs, Fritz Oser, Terence Lovat, Handbook of Moral Motivation: Theories, Models, Applications, p 257. ISBN 9462092753</ref><br>
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[[:en:Nicholas of Autrecourt|निकोलस आफ़ आट्रिकौंट]]<br>
[[:en:Shah Waliullah|शाह वलीउल्ला]]<ref>[http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy Muslim Philosophy] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131029193408/http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy |date=29 अक्तूबर 2013 }}, Islamic Contributions to Science & Math, netmuslims.com</ref><br>
[[:en:Abdul-Qader Bedil|अब्दुल क़ादर बेदिल]]<br>
[[:en:Immanuel Kant|काँट]]
}}
[[File:Haruniyeh.JPG|thumb|right|250px|हारूनिया ({{lang|fa|هارونیه}}) इमारत [[:en:Tus, Iran|तूस]] शहर [[ईरान]], (हारून रषीद के नाम पर)। ऐसा माना जाता है कि अल-गज़ाली का रौज़ा इस इमारत के दर्वाज़े के क़रीब है।]]
'''अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-गज़ाली''' ({{IPAc-en|g|æ|ˈ|z|ɑː|l|i}}; {{lang-fa|ابو حامد محمد ابن محمد غزالی}}; c. 1058–1111) मध्यकाल के [[पर्शिया]] के एक इस्लामी तत्वज्ञानी, [[सूफ़ीवाद|सूफ़ी]] थे। <ref>{{cite web|title=Ghazali, al-|url=http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|work=The Columbia Encyclopedia|accessdate=17 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029210811/http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> पश्चिमी जगत में वे '''अल-ग़ज़ाली''' या '''अलगाज़ेल''' के नाम से जाने जाते हैं।
{{सूफ़ीवाद}}
इस्लामी जगत में [[मुहम्मद|हज़रत मुहम्मद]] के बाद अगर कोई मुस्लिम समूह को आकर्षित किया तो वो अल-ग़ज़ाली' हैं।<ref name=Watt1953>{{cite book|last=Watt|first=W. Montgomery|title=The Faith and Practice of Al-Ghazali|year=1953|publisher=George Allen and Unwin Ltd|location=London|url=http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|access-date=11 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203185843/http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस्लामी समूह में अल-ग़ज़ाली' को [[मुजद्दिद]] या पुनर्व्यव्यवस्था करने वाला माना जाता है। इस्लामी समूह में माना जाता है कि प्रत्येक शताब्दी में एक मुजद्दिद जन्म लेते है, मुस्लिम समूह को धर्ममार्ग पर प्रेरित और उत्तेजित करते हैं। <ref>Jane I. Smith, Islam in America, p 36. ISBN 0231519990</ref><ref>Dhahabi, Siyar, 4.566</ref><ref>Willard Gurdon Oxtoby, Oxford University Press, 1996, p 421</ref> इनके कार्य और रचनाएं इतनी प्रभावशाली हैं कि लोग इन को "हुज्जतुल इस्लाम" (इस्लाम का सबूत) कहा करते हैं। <ref>Sawwaf, A. (1962) al-Ghazali: Étude sur la réforme Ghazalienne dans l’histoire de son développement (Fribourg).</ref>
आधुनिक काल में बहुत से लोग यह मानते हैं कि अल-गज़ाली के कारण ही मुसलमान वैज्ञानिक सोच से दूर हो गये।<ref>[https://www.eurasiareview.com/10102019-al-ghazali-and-decline-of-sciences-in-islamic-world-analysis/ Al-Ghazali And Decline Of Sciences In Islamic World – Analysis]</ref>
== सन्दर्भ ==
{{सन्दर्भ}}
*{{Citation
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|last=Haque
|year=2004
|title=Psychology from Islamic perspective: contributions of early Muslim scholars and challenges to contemporary Muslim psychologists
|journal=Journal of Religion & Health
|volume=43
|issue=4
|pages=357–377
|doi=10.1007/s10943-004-4302-z
}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{wikisource author|Abu Hamid al-Ghazālī}}
{{commons category|Al-Ghazali}}
* [https://web.archive.org/web/20110224074432/http://ghazali.org/ Al-Ghazali website]
* Laoust, H: ''La politique de Gazali'', Paris 1970
* Nakamura, K. ''Al-Ghazali'', Encyclopedia of Philosophy
*[https://web.archive.org/web/20091003024427/http://butler-bowdon.com/the-alchemy-of-happiness.html Short commentary] on ''The Alchemy of Happiness''
*''The Alchemy of Happiness,'' by Mohammed Al-Ghazzali, the Mohammedan Philosopher, trans. Henry A. Homes (Albany, N.Y.: Munsell, 1873). See original text in [https://web.archive.org/web/20130518164808/http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php&title=1844 The Online Library of Liberty].
[[श्रेणी:1058 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:११११ मृत्यु]]
[[श्रेणी:मुजद्दिद]]
[[श्रेणी:सूफ़ीवाद]]
[[श्रेणी:फ़ारसी सुन्नी मुस्लिम विद्वान]]
[[श्रेणी:सूफ़ी]]
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अनुनाद सिंह
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wikitext
text/x-wiki
{{ infobox Muslim scholar
| image = Al-Ghazali.png
| region = [[:en:Great Seljuq Empire|सेल्जुक़ साम्राज्य]] ([[:en:Nishapur|निशापूर]])<ref name=Meri>{{cite book|last=Griffel|first=Frank|title=Medieval Islamic civilization : an encyclopedia|year=2006|publisher=Routledge|location=New York|isbn=0415966906|editor=Meri, Josef W.}}</ref>{{rp|292}}<br>[[Abbasid Caliphate]]([[Baghdad]])/([[Jerusalem]])/([[Damascus]])
<ref name=Meri />{{rp|292}}| era = [[इस्लामी स्वर्ण युग]]
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[[:en:Ibn Tumart]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 77. ISBN 0199724725</ref><br>
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[[:en:Suyuti|Suyuti]]<ref>Andrew Rippin, The Blackwell Companion to the Qur'an, p 410. ISBN 1405178442</ref><br>
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[[Maimonides]]<ref name="plato.stanford.edu">[http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ The Influence of Islamic Thought on Maimonides] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141209050833/http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ |date=9 दिसंबर 2014 }} Stanford Encyclopedia of Philosophy, June 30, 2005</ref><br>
[[:en:Thomas Aquinas|Thomas Aquinas]]<ref>Karin Heinrichs, Fritz Oser, Terence Lovat, Handbook of Moral Motivation: Theories, Models, Applications, p 257. ISBN 9462092753</ref><br>
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[[:en:Nicholas of Autrecourt|निकोलस आफ़ आट्रिकौंट]]<br>
[[:en:Shah Waliullah|शाह वलीउल्ला]]<ref>[http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy Muslim Philosophy] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131029193408/http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy |date=29 अक्तूबर 2013 }}, Islamic Contributions to Science & Math, netmuslims.com</ref><br>
[[:en:Abdul-Qader Bedil|अब्दुल क़ादर बेदिल]]<br>
[[:en:Immanuel Kant|काँट]]
}}
[[File:Haruniyeh.JPG|thumb|right|250px|हारूनिया ({{lang|fa|هارونیه}}) इमारत [[:en:Tus, Iran|तूस]] शहर [[ईरान]], (हारून रषीद के नाम पर)। ऐसा माना जाता है कि अल-गज़ाली का रौज़ा इस इमारत के दर्वाज़े के क़रीब है।]]
'''अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-गज़ाली''' ( {{lang-fa|ابو حامد محمد ابن محمد غزالی}}; 1058–1111 ई०) मध्यकाल के [[पर्शिया]] के एक इस्लामी तत्वज्ञानी, [[सूफ़ीवाद|सूफ़ी]] थे। <ref>{{cite web|title=Ghazali, al-|url=http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|work=The Columbia Encyclopedia|accessdate=17 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029210811/http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> पश्चिमी जगत में वे '''अल-ग़ज़ाली''' या '''अलगाज़ेल''' के नाम से जाने जाते हैं।
{{सूफ़ीवाद}}
इस्लामी जगत में [[मुहम्मद|हज़रत मुहम्मद]] के बाद अगर कोई मुस्लिम समूह को आकर्षित किया तो वो अल-ग़ज़ाली' हैं।<ref name=Watt1953>{{cite book|last=Watt|first=W. Montgomery|title=The Faith and Practice of Al-Ghazali|year=1953|publisher=George Allen and Unwin Ltd|location=London|url=http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|access-date=11 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203185843/http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस्लामी समूह में अल-ग़ज़ाली' को [[मुजद्दिद]] या पुनर्व्यव्यवस्था करने वाला माना जाता है। इस्लामी समूह में माना जाता है कि प्रत्येक शताब्दी में एक मुजद्दिद जन्म लेते है, मुस्लिम समूह को धर्ममार्ग पर प्रेरित और उत्तेजित करते हैं। <ref>Jane I. Smith, Islam in America, p 36. ISBN 0231519990</ref><ref>Dhahabi, Siyar, 4.566</ref><ref>Willard Gurdon Oxtoby, Oxford University Press, 1996, p 421</ref> इनके कार्य और रचनाएं इतनी प्रभावशाली हैं कि लोग इन को "हुज्जतुल इस्लाम" (इस्लाम का सबूत) कहा करते हैं। <ref>Sawwaf, A. (1962) al-Ghazali: Étude sur la réforme Ghazalienne dans l’histoire de son développement (Fribourg).</ref>
आधुनिक काल में बहुत से लोग यह मानते हैं कि अल-गज़ाली के कारण ही मुसलमान वैज्ञानिक सोच से दूर हो गये।<ref>[https://www.eurasiareview.com/10102019-al-ghazali-and-decline-of-sciences-in-islamic-world-analysis/ Al-Ghazali And Decline Of Sciences In Islamic World – Analysis]</ref>
== सन्दर्भ ==
{{सन्दर्भ}}
*{{Citation
|first=Amber
|last=Haque
|year=2004
|title=Psychology from Islamic perspective: contributions of early Muslim scholars and challenges to contemporary Muslim psychologists
|journal=Journal of Religion & Health
|volume=43
|issue=4
|pages=357–377
|doi=10.1007/s10943-004-4302-z
}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{wikisource author|Abu Hamid al-Ghazālī}}
{{commons category|Al-Ghazali}}
* [https://web.archive.org/web/20110224074432/http://ghazali.org/ Al-Ghazali website]
* Laoust, H: ''La politique de Gazali'', Paris 1970
* Nakamura, K. ''Al-Ghazali'', Encyclopedia of Philosophy
*[https://web.archive.org/web/20091003024427/http://butler-bowdon.com/the-alchemy-of-happiness.html Short commentary] on ''The Alchemy of Happiness''
*''The Alchemy of Happiness,'' by Mohammed Al-Ghazzali, the Mohammedan Philosopher, trans. Henry A. Homes (Albany, N.Y.: Munsell, 1873). See original text in [https://web.archive.org/web/20130518164808/http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php&title=1844 The Online Library of Liberty].
[[श्रेणी:1058 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:११११ मृत्यु]]
[[श्रेणी:मुजद्दिद]]
[[श्रेणी:सूफ़ीवाद]]
[[श्रेणी:फ़ारसी सुन्नी मुस्लिम विद्वान]]
[[श्रेणी:सूफ़ी]]
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6555107
6555106
2026-05-22T02:34:40Z
अनुनाद सिंह
1634
6555107
wikitext
text/x-wiki
{{ infobox Muslim scholar
| image = Al-Ghazali.png
| region = [[:en:Great Seljuq Empire|सेल्जुक़ साम्राज्य]] ([[:en:Nishapur|निशापूर]])<ref name=Meri>{{cite book|last=Griffel|first=Frank|title=Medieval Islamic civilization : an encyclopedia|year=2006|publisher=Routledge|location=New York|isbn=0415966906|editor=Meri, Josef W.}}</ref>{{rp|292}}<br>[[Abbasid Caliphate]]([[Baghdad]])/([[Jerusalem]])/([[Damascus]])
<ref name=Meri />{{rp|292}}| era = [[इस्लामी स्वर्ण युग]]
| name = अल-ग़ज़ाली <br>{{lang|ar|أبو حامد الغزالي}}
| title = हुज्जतुल इस्लाम
| fullname = अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-ग़ज़ाली'
| birth_date = 1058
| birth_place = [[:en:Tus, Iran|तूस]] [[पर्शिया]], [[:en:Great Seljuq Empire]]
| death_date = दिसम्बर 19, 1111
| death_place = [[:en:Tus, Iran|तूस]] [[पर्शिया]], [[:en:Great Seljuq Empire|सेल्जुक़ साम्राज्य]]
|denomination =[[सुन्नी इस्लाम]]
|jurisprudence = [[शाफ़ई]]
|creed =[[:en:Ash'ari|Asharite]]
| main_interests = [[सूफ़ीवाद]], [[धर्म]] ([[इल्म अल-कलाम|कलाम]]), [[तत्वशास्त्र]], [[तर्कशास्त्र]], [[फ़िक़्ह|फ़िक़ह]]
| major_works = ''Revival of Religious Sciences'', ''[[:en:The Incoherence of the Philosophers]]'', ''[[:en:Kimiya-yi sa'ādat|The Alchemy of Happiness]]''
| influences = [[:en:Al-Juwayni]], [[:en:Abu Talib al-Makki]], [[:en:Harith al-Muhasibi]]
| influenced = [[:en:Abu Bakr ibn al-Arabi|Qadi Abu Bakr ibn al-Arabi]]<br>
[[:en:Ibn Tumart]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 77. ISBN 0199724725</ref><br>
[[:en:Abu Madyan]]<br>
[[:en:Fakhr al-Din al-Razi|Fakhruddin Razi]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 75. ISBN 0199724725</ref><br>
[[:en:Suyuti|Suyuti]]<ref>Andrew Rippin, The Blackwell Companion to the Qur'an, p 410. ISBN 1405178442</ref><br>
[[:en:Al-Nawawi]]<ref>Frank Griffel, Al-Ghazali's Philosophical Theology, p 76. ISBN 0199724725</ref><br>
[[Maimonides]]<ref name="plato.stanford.edu">[http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ The Influence of Islamic Thought on Maimonides] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141209050833/http://plato.stanford.edu/entries/maimonides-islamic/ |date=9 दिसंबर 2014 }} Stanford Encyclopedia of Philosophy, June 30, 2005</ref><br>
[[:en:Thomas Aquinas|Thomas Aquinas]]<ref>Karin Heinrichs, Fritz Oser, Terence Lovat, Handbook of Moral Motivation: Theories, Models, Applications, p 257. ISBN 9462092753</ref><br>
[[:en:Ramón Martí|रेमंड मार्टिन]]<br>
[[:en:Ibn al-Haj al-Abdari|इब्न अल-हज अल-अब्दारी]]<br>
[[:en:Nicholas of Autrecourt|निकोलस आफ़ आट्रिकौंट]]<br>
[[:en:Shah Waliullah|शाह वलीउल्ला]]<ref>[http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy Muslim Philosophy] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131029193408/http://www.netmuslims.com/index.php/islamic-articles/muslim-contributions/89-muslim-philosophy |date=29 अक्तूबर 2013 }}, Islamic Contributions to Science & Math, netmuslims.com</ref><br>
[[:en:Abdul-Qader Bedil|अब्दुल क़ादर बेदिल]]<br>
[[:en:Immanuel Kant|काँट]]
}}
[[File:Haruniyeh.JPG|thumb|right|250px|हारूनिया ({{lang|fa|هارونیه}}) इमारत [[:en:Tus, Iran|तूस]] शहर [[ईरान]], (हारून रषीद के नाम पर)। ऐसा माना जाता है कि अल-गज़ाली का रौज़ा इस इमारत के दरवाजे के पास है।]]
'''अबू हामिद मुहम्मद इब्न मुहम्मद अल-गज़ाली''' ( {{lang-fa|ابو حامد محمد ابن محمد غزالی}}; 1058–1111 ई०) मध्यकाल के [[पर्शिया]] के एक इस्लामी तत्वज्ञानी, [[सूफ़ीवाद|सूफ़ी]] थे। <ref>{{cite web|title=Ghazali, al-|url=http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|work=The Columbia Encyclopedia|accessdate=17 December 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20131029210811/http://www.encyclopedia.com/topic/al-Ghazali.aspx|archive-date=29 अक्तूबर 2013|url-status=live}}</ref> पश्चिमी जगत में वे '''अल-ग़ज़ाली''' या '''अलगाज़ेल''' के नाम से जाने जाते हैं। इनके पूर्वज [[सूत]] का व्यापार करते थे, इसी से इन्हे 'ग़ज़ाली' कहते हैं, क्योंकि फारसी में ‘ग़ज़ाला’ का अर्थ है 'सूत कातना'। <ref>[https://sufinama.org/articles/swami-sanatan-dev-articles?lang=hi सूफीनामा]</ref>
{{सूफ़ीवाद}}
इस्लामी जगत में [[मुहम्मद|हज़रत मुहम्मद]] के बाद अगर कोई मुस्लिम समूह को आकर्षित किया तो वो अल-ग़ज़ाली' हैं।<ref name=Watt1953>{{cite book|last=Watt|first=W. Montgomery|title=The Faith and Practice of Al-Ghazali|year=1953|publisher=George Allen and Unwin Ltd|location=London|url=http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|access-date=11 नवंबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20141203185843/http://www.ghazali.org/works/watt3.htm|archive-date=3 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref> इस्लामी समूह में अल-ग़ज़ाली' को [[मुजद्दिद]] या पुनर्व्यव्यवस्था करने वाला माना जाता है। इस्लामी समूह में माना जाता है कि प्रत्येक शताब्दी में एक मुजद्दिद जन्म लेते है, मुस्लिम समूह को धर्ममार्ग पर प्रेरित और उत्तेजित करते हैं। <ref>Jane I. Smith, Islam in America, p 36. ISBN 0231519990</ref><ref>Dhahabi, Siyar, 4.566</ref><ref>Willard Gurdon Oxtoby, Oxford University Press, 1996, p 421</ref> इनके कार्य और रचनाएं इतनी प्रभावशाली हैं कि लोग इन को "हुज्जतुल इस्लाम" (इस्लाम का सबूत) कहा करते हैं। <ref>Sawwaf, A. (1962) al-Ghazali: Étude sur la réforme Ghazalienne dans l’histoire de son développement (Fribourg).</ref>
आधुनिक काल में बहुत से लोग यह मानते हैं कि अल-गज़ाली के कारण ही मुसलमान वैज्ञानिक सोच से दूर हो गये।<ref>[https://www.eurasiareview.com/10102019-al-ghazali-and-decline-of-sciences-in-islamic-world-analysis/ Al-Ghazali And Decline Of Sciences In Islamic World – Analysis]</ref>
== सन्दर्भ ==
{{सन्दर्भ}}
*{{Citation
|first=Amber
|last=Haque
|year=2004
|title=Psychology from Islamic perspective: contributions of early Muslim scholars and challenges to contemporary Muslim psychologists
|journal=Journal of Religion & Health
|volume=43
|issue=4
|pages=357–377
|doi=10.1007/s10943-004-4302-z
}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{wikisource author|Abu Hamid al-Ghazālī}}
{{commons category|Al-Ghazali}}
* [https://web.archive.org/web/20110224074432/http://ghazali.org/ Al-Ghazali website]
* Laoust, H: ''La politique de Gazali'', Paris 1970
* Nakamura, K. ''Al-Ghazali'', Encyclopedia of Philosophy
*[https://web.archive.org/web/20091003024427/http://butler-bowdon.com/the-alchemy-of-happiness.html Short commentary] on ''The Alchemy of Happiness''
*''The Alchemy of Happiness,'' by Mohammed Al-Ghazzali, the Mohammedan Philosopher, trans. Henry A. Homes (Albany, N.Y.: Munsell, 1873). See original text in [https://web.archive.org/web/20130518164808/http://oll.libertyfund.org/index.php?option=com_staticxt&staticfile=show.php&title=1844 The Online Library of Liberty].
[[श्रेणी:1058 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:११११ मृत्यु]]
[[श्रेणी:मुजद्दिद]]
[[श्रेणी:सूफ़ीवाद]]
[[श्रेणी:फ़ारसी सुन्नी मुस्लिम विद्वान]]
[[श्रेणी:सूफ़ी]]
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झारखंड विधानसभा चुनाव, 2014
0
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2026-05-22T08:51:42Z
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6555188
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox election
| election_name = झारखंड विधानसभा चुनाव, 2014
| country = भारत
| type = legislative
| previous_election = झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009
| previous_year = 2009
| election_date = 25 नवंबर 2014 – 20 दिसंबर 2014
| next_election = झारखंड विधानसभा चुनाव, 2019
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| seats_for_election= [[झारखंड विधानसभा]] की 81 सीटों में
| majority_seats = 41 सीटें
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| turnout = 66.53% ({{increase}}9.56%)
<!-- भाजपा-->
| image1 =
| leader1 = [[अर्जुन मुंडा]]
| party1 = भारतीय जनता पार्टी
| leader_since1 =
| leaders_seat1 = [[खरसावां (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|खरसावां]] (''हारे'')
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<!-- झामुमो-->
| image2 = [[File:Hemant Soren 9039.JPG|100px]]
| leader2 = [[हेमंत सोरेन]]
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| leader_since2 =
| leaders_seat2 = [[बरहैट (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|बरहैट]] (''जीते'')<br /> [[दुमका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|दुमका]] (''हारे'')
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<!-- झाविमो (प्र)-->
| image3 = [[File:Indian Election Symbol Comb.png|100px]]
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| party3 = [[झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक)|झाविमो (प्र)]]
| leader_since3 =
| leaders_seat3 = [[गिरिडीह (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|गिरिडीह]] <br /> [[धनवार (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)|धनवार]] (''दोनों हारे'')
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<!-- bottom -->
| title = [[झारखण्ड के मुख्यमन्त्रियों की सूची|मुख्यमंत्री]]
| before_election = [[हेमंत सोरेन]]
| before_party = झारखंड मुक्ति मोर्चा
| after_election = [[रघुबर दास]]
| after_party = भारतीय जनता पार्टी
}}
'''झारखंड विधानसभा चुनाव, 2014''' [[चौथी झारखंड विधानसभा]] के सदस्यों का चुनाव करने के लिए 25 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में आयोजित किया गया था। परिणाम 23 दिसंबर 2014 को घोषित किए गए।<ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/news/india/ec-announces-five-phased-polls-in-jk-jharkhand-counting-on-december-23_1489504.html|title=EC announces five-phased polls in J&K, Jharkhand; counting on December 23|website=Zee News|language=en|access-date=2024-05-14}}</ref> [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) ने [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] (आईएनसी) और उसके प्रमुख सहयोगियों [[झारखंड मुक्ति मोर्चा]] (झामुमो), [[राष्ट्रीय जनता दल]] और [[जनता दल (यूनाइटेड)]] को हराकर चुनाव जीता।
झारखंड की विधानसभा का कार्यकाल 3 जनवरी, 2015 को समाप्त हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने [[झारखंड]] के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक पांच चरणों में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की। परिणाम 23 दिसंबर 2014 को घोषित किए गए।<ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/news/india/ec-announces-five-phased-polls-in-jk-jharkhand-counting-on-december-23_1489504.html|title=EC announces five-phased polls in J&K, Jharkhand; counting on December 23|website=Zee News|language=en|access-date=2024-05-14}}</ref> 81 विधानसभा सीटों में से 7 में ईवीएम के साथ [[वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल]] (वीवीपैट) का उपयोग किया गया था। यह सात सीटें जमशेदपुर पूर्व, जमशेदपुर पश्चिम, बोकारो, धनबाद, रांची, कांके और हटिया से थीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2014/page1/5-phase-polls-in-jandk-jkhand-from-nov-25.html|title=5-phase polls in J&K, J'khand from Nov 25|last=Pioneer|first=The|website=The Pioneer|language=en|access-date=2024-05-14|archive-date=14 मई 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240514123701/https://www.dailypioneer.com/2014/page1/5-phase-polls-in-jandk-jkhand-from-nov-25.html|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/5-phase-polls-for-4th-Assembly-to-begin-on-Nov-25/articleshow/44935526.cms|title=5 phase polls for 4th Assembly to begin on Nov 25|date=2014-10-26|work=The Times of India|access-date=2024-05-14|issn=0971-8257}}</ref>
==मतदान==
पांच चरणों के चुनाव इस प्रकार हुए:
[[File:Jharkhand assembly election 2014.png|thumb|right|मतदान चरण]]
{| class="wikitable"
! !! तारीख !! सीटें !! उपस्तिथि
|-
| style="background-color::#FFD700" |
| 25 नवंबर
| 13
| 61.92%<ref>{{cite news | url=http://www.thehindu.com/elections/assembly2014/first-phase-of-jammu-kashmir-elections/article6632321.ece | title=Impressive turnout in J&K and Jharkhand | publisher=thehindu | accessdate=6 December 2014| newspaper=The Hindu | date=2014-11-25 }}</ref>
|-
| style="background-color:#008000"|
| 2 दिसंबर
| 20
| 65.46%<ref>{{cite web | url=http://indianexpress.com/article/india/politics/assembly-polls-live-second-phase-of-voting-underway-in-jharkhand-jk-amid-tight-security/ | title=Assembly polls 2nd phase: 71 pc voting in J&K, 65.46 pc in Jharkhand | publisher=indianexpress | accessdate=6 December 2014| date=2014-12-03 }}</ref>
|-
| style="background-color:#CD5C5C"|
| 9 दिसंबर
| 17
| 61%<ref>{{cite web | url=http://www.ndtv.com/article/cheat-sheet/polls-in-the-shadow-of-terror-58-people-vote-in-jammu-and-kashmir-632205 | title=Polls in the Shadow of Terror: 58% People Vote in Jammu and Kashmir | publisher=NDTV | accessdate=9 December 2014}}</ref><ref>{{cite web | url=http://www.dnaindia.com/india/report-live-voting-begins-for-third-phase-of-assembly-elections-in-jammu-and-kashmir-jharkhand-2042321 | title=Braving bullets 58% cast ballot in Jammu and Kashmir, 61% voting in Jharkhand in third phase of elections | publisher=dna India | accessdate=9 December 2014| date=2014-12-09 }}</ref>
|-
| style="background-color:#FF00FF"|
| 14 दिसंबर
| 15
| 61.65%
|-
| style="background-color:#1E90FF"|
| 20 दिसंबर
| 16
| 71.25%
|-
| || कुल || 81 || 66.03%
|}
==परिणाम==
{| class="wikitable sortable"
!colspan=10|[[File:India Jharkhand Legislative Assembly 2014.svg]]
|-
! colspan="2" rowspan="2" width="150" |दल का नाम
! colspan="3" | लोकप्रिय वोट
! colspan="3" | सीटें
|-
! width="70" | वोट
! width="45" | %
! width ="50"| +/-
! चुनाव लड़ा
! जीता
!+/-
|-
| style="background-color:{{party color|Bharatiya Janata Party}}" |
|[[भारतीय जनता पार्टी]]
|'''4,334,728'''
|'''31.26'''
|{{Increase}}11.08
|'''72'''
|'''37'''
|{{Increase}}19
|-
| style="background-color: {{party color|Jharkhand Mukti Morcha}}" |
|[[झारखंड मुक्ति मोर्चा]]
|2,832,921
|20.43
|{{Increase}}5.23
|79
|19
|{{Increase}}1
|-
|style="background-color: {{party color|Jharkhand Vikas Morcha (Prajatantrik)}}"|
|[[झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक)]]
|1,385,080
|9.99
|{{Increase}}1.00
|73
|8
|{{Decrease}}3
|-
| style="background-color: {{party color|Indian National Congress}}" |
|[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
|1,450,640
|10.46
|{{Decrease}}5.7
|62
|6
|{{Decrease}}8
|-
|style="background-color: {{party color|All Jharkhand Students Union}}"|
|[[ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन]]
|510,277
|3.68
|{{Decrease}}1.44
|8
|5
|{{Steady}}
|-
|style="background-color: {{party color|Bahujan Samaj Party}}"|
|[[बहुजन समाज पार्टी]]
|252,033
|1.82
|
|61
|1
|{{Increase}}1
|-
|style="background-color: {{party color|Communist Party of India (Marxist–Leninist) Liberation}}" |
|[[भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन]]
|210,446
|1.52
|
|39
|1
|{{Steady}}
|-
| style="background-color: {{party color|Jharkhand Party}}" |
|[[झारखंड पार्टी]]
|153,483
|1.11
|
|19
|1
|{{Steady}}
|-
|style="background-color: {{party color|Marxist Co-ordination Committee}}"|
|मार्क्सवादी समन्वय समिति
|141,853
|1.02
|
|13
|1
|{{Steady}}
|-
|style="background-color: {{party color|Jai Bharat Samanta Party}}"|
|जय भारत समानता पार्टी
|110,029
|0.79
|
|19
|1
|{{Steady}}
|-
|style="background-color: {{party color|Jan Surajya Shakti}}"|
|नव जवान संघर्ष मोर्चा
|68,121
|0.49
|
|9
|1
|{{Increase}}1
|-
| style="background-color: {{party color|Rashtriya Janata Dal}}" |
|[[राष्ट्रीय जनता दल]]
|433,429
|3.13
|
|19
|0
|{{Decrease}}5
|-
| style="background-color: {{party color|Janata Dal (United)}}" |
|[[जनता दल (यूनाइटेड)]]
|133,815
|0.96
|
|11
|0
|{{Decrease}}2
|-
|style="background-color:grey"|
|[[निर्दलीय राजनेता|निर्दलीय]]
|927,840
|6.69
|
|363
|0
|{{Decrease}}2
|-
|
|[[नोटा]]
|235,039
|1.69
|
|81
|0
|
|-
| colspan="8" bgcolor="#E9E9E9"|
|- style="font-weight:bold;"
| align="left" colspan="2"| कुल
| 13,868,225
| 100.00
| bgcolor="#E9E9E9"|
| 1217
| 81
| ±0
|-
! colspan="9" |
|-
| style="text-align:left;" colspan="2" |वैध वोट
| 13,868,225
| 99.97
| colspan="4" rowspan="5" style="background-color:#E9E9E9" |
|-
| style="text-align:left;" colspan="2" |अवैध वोट
| 4,816
|0.03
|-
| style="text-align:left;" colspan="2" |'''वोट पड़े/मतदान'''
| |'''13,873,041'''
| '''66.53'''
|-
| style="text-align:left;" colspan="2" |परिहार
| 6,979,767
| 33.47
|-
| style="text-align:left;" colspan="2" |'''पंजीकृत मतदाता'''
| '''20,852,808'''
|colspan="1" style="background-color:#E9E9E9"|
|-
|}
==निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार परिणाम==
{| class="wikitable sortable"
|-
! निर्वाचन क्षेत्र का नाम !! संख्या !! जीते !! दल !! हारे !! दल !! वोटों का अंतर
|-
| [[ईचागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|ईचागढ़]] || 50 || [[साधु चरण महतो]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सबिता महतो || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 42250
|-
| [[कांके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|कांके]] || 65 || [[डॉ० जीतू चरण राम]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सुरेश कुमार बैठा || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 59804
|-
| [[कोडरमा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|कोडरमा]] || 19 || [[डॉ॰ नीरा यादव]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || अन्नपुर्णा देवी || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 13525
|-
| [[कोलेबिरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|कोलेबिरा]] || 71 || [[एनोस एक्का]] || [[झारखण्ड पार्टी]] || मनोज नगेसिया || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 17143
|-
| [[खूंटी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|खूंटी]] || 60 || [[नीलकंठ सिंह मुन्डा]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || जीदन होरो || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 21515
|-
| [[खरसांवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|खरसांवा]] || 57 || [[दशरथ गागराई]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || अर्जुन मुण्डा || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 11966
|-
| [[खिजरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|खिजरी]] || 62 || [[रामकुमार पाहन]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सुंदरी देवी || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 64912
|-
| [[गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गढ़वा]] || 80 || [[सत्येन्द्र नाथ तिवारी]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || गिरिनाथ सिंह || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 21510
|-
| [[गुमला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गुमला]] || 68 || [[शिवशंकर उराँव]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || भूषण तिर्की || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 4032
|-
| [[गाण्डे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गाण्डे]] || 31 || [[जयप्रकाश वर्मा]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सालखन सोरेन || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 10279
|-
| [[गिरिडीह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गिरिडीह]] || 32 || [[निर्भय कुमार शाहाबादी]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सुदिव्य कुमार || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 9933
|-
| [[गोड्डा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गोड्डा]] || 17 || [[रघु नन्दन मंडल]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || संजय प्रसाद यादव || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 34486
|-
| [[गोमिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|गोमिया]] || 34 || [[योगेन्द्र प्रसाद]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || माधव लाल सिंह || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 37514
|-
| [[घाटशिला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|घाटशिला]] || 45 || [[लक्ष्मण टुडू]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || रामदास सोरेन || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 6403
|-
| [[चक्रधरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|चक्रधरपुर]] || 56 || [[शशिभूषण सामाड़]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || नवमी उरांव || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 26448
|-
| [[चतरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|चतरा]] || 27 || [[जय प्रकाश सिंह भोगता]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सत्यानन्द भोक्ता || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || 20576
|-
| [[चन्दनकियारी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|चन्दनकियारी]] || 37 || [[अमर कुमार बाउरी]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || उमा कान्त रजक || [[आजसु पार्टी]] || 34164
|-
| [[चाईबासा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|चाईबासा]] || 52 || [[दीपक बिरुवा]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || ज्योति भ्रमर तुबिद || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 34715
|-
| [[छतरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|छतरपुर]] || 78 || [[राधाकृष्ण किशोर]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || मनोज कुमार || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 5881
|-
| [[जगन्नाथपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जगन्नाथपुर]] || 54 || [[गीता कोड़ा]] || [[जय भारत समानता पार्टी]] || मंगल सिंह सुरेन || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 24611
|-
| [[जुगसलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जुगसलाई]] || 47 || [[राम चंद्र सहिस]] || [[आजसु पार्टी]] || मंगल कालिन्दी || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 25045
|-
| [[जमुआ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जमुआ]] || 30 || [[केदार हजरा]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सत्य नारायण दास || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || 23100
|-
| [[जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जमशेदपुर पश्चिम]] || 49 || [[सरयू राय]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || बन्ना गुप्ता || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 10517
|-
| [[जमशेदपुर पूर्ब विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जमशेदपुर पूर्ब]] || 48 || [[रघुवर दास|रघुबर दास]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || आनन्द बिहारी दुबे || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 70157
|-
| [[जरमुण्डी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जरमुण्डी]] || 12 || [[बादल]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || हरि नारायण राय || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 2708
|-
| [[जामताड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जामताड़ा]] || 9 || [[इरफान अंसारी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || बिरेन्द्र मंडल || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 9137
|-
| [[जामा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|जामा]] || 11 || [[सीता मुर्मु उर्फ सीता सोरेन]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || सुरेश मुर्मू || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 2306
|-
| [[झरिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|झरिया]] || 41 || [[संजीव सिंह]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || नीरज सिंह || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 33692
|-
| [[टुन्डी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|टुन्डी]] || 42 || [[राज किशोर महतो]] || [[आजसु पार्टी]] || मथुरा प्रसाद महतो || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 1126
|-
| [[डुमरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|डुमरी]] || 33 || [[जगरनाथ महतो]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || लालचन्द महतो || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 32481
|-
| [[डालटेनगंज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|डालटेनगंज]] || 76 || [[आलोक कुमार चौरसीया]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || कृष्णा नन्द त्रिपाठी || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 4347
|-
| [[तमाड़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|तमाड़]] || 58 || [[विकास कुमार मुंडा]] || [[आजसु पार्टी]] || गोपाल कृष्ण पातर || [[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] || 26006
|-
| [[तोरपा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|तोरपा]] || 59 || [[पौलुस सुरीन]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || कोचे मुण्डा || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 43
|-
| [[दुमका विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|दुमका]] || 10 || [[लोईस मरांडी]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || हेमन्त सोरेन || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 5262
|-
| [[देवघर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|देवघर]] || 15 || [[नारायण दास]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || सुरेश पासवान || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 45152
|-
| [[धनबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|धनबाद]] || 40 || [[राज सिन्हा]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || मन्नान मल्लिक || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 52997
|-
| [[धनवार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|धनवार]] || 28 || [[राज कुमार यादव]] || [[कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन)]] || बाबूलाल मरांडी || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || 10712
|-
| [[नाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|नाला]] || 8 || [[रवीन्द्र नाथ महतो]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || सत्यानंद झा || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 7015
|-
| [[निरसा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|निरसा]] || 39 || [[अरूप चटर्जी]] || [[मार्क्सिस्ट कोऑर्डिनेशन]] || गणेश मिश्र || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 1035
|-
| [[पाकुड़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|पाकुड़]] || 5 || [[आलमगीर आलम]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || अकील अख्तर || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 18066
|-
| [[पांकी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|पांकी]] || 75 || [[बिदेश सिंह]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || कुशवाहा शशि भुषण मेहता || [[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] || 1995
|-
| [[पोटका विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|पोटका]] || 46 || [[मेनका सरदार]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || संजीव सरदार || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 6706
|-
| [[पोड़ैयाहाट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|पोड़ैयाहाट]] || 16 || [[प्रदीप यादव]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || देवेन्द्रनाथ सिंह || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 11158
|-
| [[बगोदर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बगोदर]] || 29 || [[नागेन्द्र महतो]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || विनोद कुमार सिंह || [[कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन)]] || 4339
|-
| [[बड़कागांव विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बड़कागांव]] || 22 || [[निर्मला देवी (राजनीतिज्ञ)|निर्मला देवी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || रोशन लाल चौधरी || [[आजसु पार्टी]] || 411
|-
| [[बरकठा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बरकठा]] || 20 || [[जानकी प्रसाद यादव]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || अमित कुमार यादव || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 8207
|-
| [[बेरमो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बेरमो]] || 35 || [[योगेश्वर महतो]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || राजेन्द्र प्रसाद सिंह || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 12613
|-
| [[बरहैट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बरहैट]] || 3 || [[हेमंत सोरेन|हेमन्त सोरेन]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || हेमलाल मुरमू || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 24087
|-
| [[बरही विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बरही]] || 21 || [[मनोज कुमार यादव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || उमाशंकर अकेला || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 7085
|-
| [[बहरागोड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बहरागोड़ा]] || 44 || [[कुणाल षड़ंगी]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || दिनेशानन्द गोस्वामी || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 15355
|-
| [[बाघमारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बाघमारा]] || 43 || [[दुलू महतो]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || जलेश्वर महतो || [[जनता दल (यूनाइटेड)]] || 29623
|-
| [[बिशुनपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बिशुनपुर]] || 69 || [[चमरा लिंडा]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || समीर उराँव || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 10843
|-
| [[बिश्रामपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बिश्रामपुर]] || 77 || [[रामचंद्र चन्द्रवंशी]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || अंजु सिंह || [[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] || 13910
|-
| [[बोकारो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बोकारो]] || 36 || [[बिरंची नारायण]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || समरेश सिंह || [[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] || 72643
|-
| [[बोरियो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|बोरियो]] || 2 || [[ताला मरान्डी]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || लोबिन हेम्बरम || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 712
|-
| [[भवनाथपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|भवनाथपुर]] || 81 || [[भानु प्रताप शाही]] || [[नवजवान संघर्ष मोर्चा]] || अनन्त प्रताप देव || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 2661
|-
| [[मझगांव विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मझगांव]] || 53 || [[निरल पुरती]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || मधु कोड़ा || [[जय भारत समानता पार्टी]] || 11182
|-
| [[मधुपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मधुपुर]] || 13 || [[राज पालीवार]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || हाजी हुसैन अंसारी || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 6884
|-
| [[मनिका विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मनिका]] || 73 || [[हरिकृष्ण सिंह]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || रामचंद्र सिंह || [[राष्ट्रीय जनता दल]] || 1083
|-
| [[मनोहरपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मनोहरपुर]] || 55 || [[जोबा मांझी]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || गुरुचरण नायक || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 16569
|-
| [[महगामा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|महगामा]] || 18 || [[अशोक कुमार (राजनीतिज्ञ)|अशोक कुमार]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || शाहिद इक़बाल || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || 31560
|-
| [[महेशपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|महेशपुर]] || 6 || [[स्टीफन मरांडी]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || देवीधन टुडु || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 6156
|-
| [[मांडू विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मांडू]] || 24 || [[जय प्रकाश भाई पटेल]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || कुमार महेश सिंह || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 7012
|-
| [[मान्डर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|मान्डर]] || 66 || [[गंगोत्री कुजूर]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || बंधु तिर्की || [[आल इण्डिया तृणमूल कांग्रेस]] || 7605
|-
| [[रांची विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|रांची]] || 63 || [[चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || महुआ माजी || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 58863
|-
| [[राजमहल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|राजमहल]] || 1 || [[अनन्त कुमार ओझा]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || मो. ताजउद्दिन || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 702
|-
| [[रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|रामगढ़]] || 23 || [[चन्द्र प्रकाश चौधरी]] || [[आजसु पार्टी]] || शहजादा अनवर || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 53818
|-
| [[लातेहार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|लातेहार]] || 74 || [[प्रकाश राम]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || ब्रजमोहन राम || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 26787
|-
| [[लिट्टीपाड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|लिट्टीपाड़ा]] || 4 || [[डॉ॰ अनिल मुरमू]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || साइमन मरांडी || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 25083
|-
| [[लोहरदगा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|लोहरदगा]] || 72 || [[कमल किशोर भगत]] || [[आजसु पार्टी]] || सुखदेव भगत || [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|इंडियन नेशनल कांग्रेस]] || 592
|-
| [[शिकारीपाड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|शिकारीपाड़ा]] || 7 || [[नलिन सोरेन]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || परितोष सोरेन || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || 24501
|-
| [[सरायकेला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सरायकेला]] || 51 || [[चाम्पाई सोरेन]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || गनेश माहली || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 1115
|-
| [[सारठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सारठ]] || 14 || [[रणधीर कुमार सिंह]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || उदय शंकर सिंह || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 13901
|-
| [[सिन्दरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सिन्दरी]] || 38 || [[फुलचंद मंडल]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || आनन्द महतो || [[मार्क्सिस्ट कोऑर्डिनेशन]] || 6548
|-
| [[सिमडेगा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सिमडेगा]] || 70 || [[विमला प्रधान]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || मेनोन एक्का || [[झारखण्ड पार्टी]] || 3194
|-
| [[सिमरिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सिमरिया]] || 26 || [[गणेश गन्झु]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || सुजीत कुमार भारती || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 15640
|-
| [[सिल्ली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सिल्ली]] || 61 || [[अमित कुमार]] || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || सुदेश कुमार महतो || [[आजसु पार्टी]] || 29740
|-
| [[सिसई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|सिसई]] || 67 || [[दिनेश उरांव]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || जिगा सुसारन होरो || [[झारखंड मुक्ति मोर्चा|झारखण्ड मुक्ति मोर्चा]] || 2593
|-
| [[हजारीबाग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|हजारीबाग]] || 25 || [[मनीष जैश्वल]] || [[भारतीय जनता पार्टी]] || प्रदीप प्रसाद || [[निर्दलीय (राजनेता)|निर्दलीय]] || 27129
|-
| [[हटिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|हटिया]] || 64 || [[नवीन जयसवाल]] || [[झारखण्ड विकास मोर्चा ( प्रजातांत्रिक)]] || सीमा शर्मा || [[भारतीय जनता पार्टी]] || 8018
|-
| [[हुसैनाबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, झारखंड|हुसैनाबाद]] || 79 || [[कुशवाहा शिवपुजन मेहता]] || [[बहुजन समाज पार्टी]] || कमलेश कु० सिंह || [[नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी]] || 27752
|-
|}
==सरकार गठन==
28 दिसंबर 2014 को [[रघुबर दास]] ने [[झारखंड]] के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
11 फरवरी 2015 को [[झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक)|झारखंड विकास मोर्चा (प्र)]] के छह विधायक राज्य विधानसभा में सत्तारूढ़ [[भाजपा]] के नेतृत्व वाले गठबंधन के सदस्यों के साथ बैठने की अनुमति देने के लिए अध्यक्ष से याचिका दायर करने के एक दिन बाद भाजपा में शामिल हो गए।
नवीन जयसवाल (हटिया), अमर कुमार बाउरी (चंदनकियारी), गणेश गंझू (सिमेरिया), आलोक कुमार चौरसिया (डाल्टनगंज), रणधीर सिंह (सारठ) और जानकी यादव (बरकट्ठा) दिल्ली स्थित झारखंड भवन में पार्टी में शामिल हुए।
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.eci.gov.in/ भारत निर्वाचन आयोग] (आधिकारिक वेबसाइट)
[[श्रेणी:झारखण्ड विधानसभा]]
[[श्रेणी:2014 में भारत]]
[[श्रेणी:विधानसभा चुनाव]]
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'''जोगिंदर सिंह जिंदु''' भारत के पंजाब राज्य की फिरोज़पुर ग्रामीण सीट से [[शिरोमणि अकाली दल|शिअद]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 162 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:पंजाब (भारत) के विधायक]]
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'''जोगिंदर सिंह''' भारत के पंजाब राज्य की जैतो सीट से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6342 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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'''जोगिंदर पाल जैन''' भारत के पंजाब राज्य की मोगा सीट से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4625 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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'''जीतमोहिंदर सिंह सिद्धू''' भारत के पंजाब राज्य की तलवंडी साबो सीट से [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस]] के [[विधायक]] हैं। [[पंजाब (भारत) विधानसभा चुनाव, 2012|2012 के चुनावों]] में वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 8524 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। <ref>{{cite web |title= List of Successful Candidates in Punjab Assembly Election in 2012 |url= http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |accessdate= 13 जनवरी 2015 |archive-url= https://web.archive.org/web/20150102122308/http://www.elections.in/punjab/assembly-constituencies/2012-election-results.html |archive-date= 2 जनवरी 2015 |url-status= live }}</ref><ref>{{cite web |title=पंजाब नतीजे |url=http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |date=6 मार्च 2012 |accessdate=13 जनवरी 2015 |archive-date=6 मार्च 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120306000000/http://navbharattimes.indiatimes.com/-/assemblyarticleshow/11663744.cms |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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[[चित्र:Komagata Maru LAC a034014 1914.jpg|right|thumb|300px|वेंकूवर बुरार्ड के प्रवेशद्वार पर कोमागाता मारू (१९१४)]]
[[Image:Baba Gurdit Singh.jpg|right|thumb|300px|बाबा गुरदित्त सिंह]]
[[Image:Sikhs aboard Komagata Maru.jpg|right|thumb|300px|कोमागाता मारू में सवार यात्री]]
[[File:Komagata Maru 5.jpg|thumb|Komagata Maru Shaheed Ganj, Budge Budge Port West Bengal]]
'''कोमागाता मारू''' (Komagata Maru) भापशक्ति से चलने वाला एक जापानी समुद्री जहाज था, जिसे [[हॉन्ग कॉन्ग]] में रहने वाले [[गुरदित्त सिंह|बाबा गुरदित्त सिंह]] ने खरीदा था। जहाज में [[पंजाब]] के 376 लोगों को बैठाकर बाबा 4 अप्रैल 1914 को [[वैंकूवर]], [[ब्रिटिश कोलम्बिया|ब्रितानी कोलम्बिया]], [[कनाडा]] के लिए रवाना हुए। 23 मई को वहां पहुंचे लेकिन, अंग्रेजों ने सिर्फ 24 को उतारा और बाकी को जबरदस्ती वापस भेज दिया। इस जहाज में ३४० [[सिख]], २४ मुसलमान और १२ हिन्दू थे।
इस प्रकरण का विवरण जेम्स कंपबेल की पुस्तक "भारत में राजनीति व्याधि" में मिलता है
जहाज [[कोलकाता]] के बजबज घाट पर पहुंचा तो 27 सितंबर 1914 को अंग्रेजों ने फायरिंग कर दी। इसमें 19 लोगों की मौके पर मौत हो गई। इस घटना ने आजादी की लहर को और तेज कर दिया था। यह घटना उन अनेकों घटनाओं में से एक थी जिनमें २०वीं शताब्दी के आरंभिक दिनों में एशिया के प्रवासियों को कनाडा और यूएस में प्रवेश की अनुमति नहीं थी (exclusion laws)।
२०१४ में [[भारत सरकार]] ने इस घटना की याद में 100 रूपये का एक [[सिक्का]] जारी किया।<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=100 साल बाद कोमागाता मारू के हीरो गुरदित्त की याद में केंद्र ने जारी किया 100 रुपए का सिक्का|url=http://www.bhaskar.com/news/PUN-AMR-MAT-latest-amritsar-news-032504-638614-NOR.html|accessdate=21 मई 2016|date=1 अक्तूबर 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20161228190835/http://www.bhaskar.com/news/PUN-AMR-MAT-latest-amritsar-news-032504-638614-NOR.html|archive-date=28 दिसंबर 2016|url-status=live}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20160827040511/http://www.indianstudyspot.in/civil-services-exam/civil-services-exam-hindi-medium/komagata-maru/ कोमागाता मारू घटना की एक शताब्दी ]
*[http://www.historyindia.in.net/2024/07/komagata-maru-incident.html नस्ली भेदभाव की मिसाल कोमागाता मारू](स्वदेश)
*[http://hindi.oneindia.com/news/2008/05/12/2008051252441000.html 'कोमागाता मारू' त्रासदी के लिए कनाडा ने क्षमा मांगी]
*[https://web.archive.org/web/20150402101732/http://www.punjabkesari.in/news/article-301240 ‘कोमागाता मारू’ घटना को दर्शाते ‘गदरी बाबेआं’ के मेले ने दिया देशभक्ति का संदेश] (पंजाब केसरी)
*[https://web.archive.org/web/20150402114822/http://cityliveindia.com/India/Jharkhand/Dhanbad/Article?CL=Historical-drama-Komagata-Maru-1914-play-at-New-Town-Hall-Dhanbad-102564 इतिहास के पन्नों से निकलकर मंच पर जीवंत हुआ शहीदों का संघर्ष 'कोमागाता मारू-1914']
[[श्रेणी:कनाडा के मानवाधिकार का इतिहास]]
[[श्रेणी:आधुनिक भारत का इतिहास]]
[[श्रेणी:स्वतंत्रता संग्राम]]
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[[चित्र:Ornamental katar.jpg|right|thumb|250px|अलंकृत '''कटार''']]
[[संस्कृत]] तथा अन्य भारतीय भाषाओं में [[मार्शल आर्ट|युद्धकलाओं]] के अनेक प्रकार और नाम मिलते हैं-
* युद्धकला
* आयुध विद्या
* वीर विद्या
* शस्त्र विद्या
* धनुर्वेद
* तड़काप्पुक कलै (தற்காப்புக் கலை) -- स्व-रक्षा की कला
भारतीय युद्ध कला में मराठा युद्ध कला बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध कलाओं का एक प्रकार है जहाँ मराठाओं की अपनी ही एक विशिष्ट प्रकार की युद्ध नीति होती थी बाद में [[शिवाजी]] महाराज ने इसमें बदलाव करते हुए कम से कम सैन्य बल का प्रयोग करते हुए बड़े से बड़े सैन्य बल को परास्त करने के लिए एक युद्ध नीति का विकास किया जिसे गनिमी कावा के नाम से जाना जाता है शिवाजी महाराज द्वारा विकसित की गई गनिमी कावा बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध नीति है आज के दौर में मराठाओं के इस युद्ध कला को आधुनिक रूप देते हुए सेल्फ डिफेंस के लिए '' फाइट साइंस अकेडमी '' द्वारा चलाया जा रहा है।
==इन्हें भी देखें==
*[[मार्शल आर्ट|युद्ध कलाएँ]] (मार्शल आर्ट्स)
*[[कटार]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20150808003643/http://desilutyens.com/marshal-art-developed-in-india/ चीन में नहीं भारत में ही हुआ था ‘मार्शल आर्ट’ का विकास]
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[[संस्कृत]] तथा अन्य भारतीय भाषाओं में [[मार्शल आर्ट|युद्धकलाओं]] के अनेक प्रकार और नाम मिलते हैं-
* युद्धकला
* आयुध विद्या
* वीर विद्या
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* धनुर्वेद
* तड़काप्पुक कलै (தற்காப்புக் கலை) -- स्व-रक्षा की कला
भारतीय युद्ध कला में मराठा युद्ध कला बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध कलाओं का एक प्रकार है जहाँ मराठाओं की अपनी ही एक विशिष्ट प्रकार की युद्ध नीति होती थी बाद में [[शिवाजी]] महाराज ने इसमें बदलाव करते हुए कम से कम सैन्य बल का प्रयोग करते हुए बड़े से बड़े सैन्य बल को परास्त करने के लिए एक युद्ध नीति का विकास किया जिसे गनिमी कावा के नाम से जाना जाता है शिवाजी महाराज द्वारा विकसित की गई गनिमी कावा बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध नीति है आज के दौर में मराठाओं के इस युद्ध कला को आधुनिक रूप देते हुए सेल्फ डिफेंस के लिए '' फाइट साइंस अकेडमी '' द्वारा चलाया जा रहा है।
भारतीय युद्ध कलाएं इंडियन मार्शल आर्ट केवल आत्मरक्षा या युद्ध तकनीक के लिए नहीं है बल्कि यह शारीरिक फिटनेस मानसिक अनुशासन आध्यात्मिकता और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का एक अद्भुत संगम है भारत का युद्ध कलाओं का इतिहास हजारों साल पुराना है और माना जाता है कि कई एशियाई युद्ध कलाओं जैसे कुंग फू की जड़े भारत से ही जुड़ी है यहां भारत की कुछ सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध युद्ध कलाओं की जानकारी दी गई है कलारिपयट्टू केरल में इसे सभी युद्ध कलाओं की जननी कहा जाता है यह दुनिया की सबसे पुरानी जीवित युद्ध कलाओं में से एक है इसमें शारीरिक लचीलापन स्पूर्ति पर बहुत ध्यान दिया जाता है मल्ल युद्ध दक्षिण उत्तर भारत प्राचीन कुश्ती का रूप जिसमें मुक्केबाजी कुश्ती और मर्म प्रहार शामिल है
Kathi samu आंध्र प्रदेश की प्राचीन कला है
आज के समय में युद्ध कलाएं ना सिर्फ हमारी संस्कृति धरोहर को जीवित रख रही है बल्कि युवाओं में आत्मरक्षा अनुशासन और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए खेल Sports के रूप में भी पुनर्जीवित हो रही है
==इन्हें भी देखें==
*[[मार्शल आर्ट|युद्ध कलाएँ]] (मार्शल आर्ट्स)
*[[कटार]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20150808003643/http://desilutyens.com/marshal-art-developed-in-india/ चीन में नहीं भारत में ही हुआ था ‘मार्शल आर्ट’ का विकास]
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''इस लेख में 'भारतीय युद्धकला' से आशय 'भारतीय उपमहाद्वीप' की युद्धकलाओं से है।''
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[[चित्र:Ornamental katar.jpg|right|thumb|250px|अलंकृत '''कटार''']]
[[संस्कृत]] तथा अन्य भारतीय भाषाओं में [[मार्शल आर्ट|युद्धकलाओं]] के अनेक प्रकार और नाम मिलते हैं-
* युद्धकला
* आयुध विद्या
* वीर विद्या
* शस्त्र विद्या
* [[धनुर्वेद]]
* तड़काप्पुक कलै (தற்காப்புக் கலை) -- स्व-रक्षा की कला
भारतीय युद्ध कला में मराठा युद्ध कला बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध कलाओं का एक प्रकार है जहाँ मराठाओं की अपनी ही एक विशिष्ट प्रकार की युद्ध नीति होती थी बाद में [[शिवाजी]] महाराज ने इसमें बदलाव करते हुए कम से कम सैन्य बल का प्रयोग करते हुए बड़े से बड़े सैन्य बल को परास्त करने के लिए एक युद्ध नीति का विकास किया जिसे गनिमी कावा के नाम से जाना जाता है शिवाजी महाराज द्वारा विकसित की गई गनिमी कावा बहुत ही प्रसिद्ध युद्ध नीति है आज के दौर में मराठाओं के इस युद्ध कला को आधुनिक रूप देते हुए सेल्फ डिफेंस के लिए '' फाइट साइंस अकेडमी '' द्वारा चलाया जा रहा है।
भारतीय युद्ध कलाएं केवल आत्मरक्षा या युद्ध तकनीक के लिए नहीं है बल्कि यह शारीरिक फिटनेस मानसिक अनुशासन आध्यात्मिकता और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का एक अद्भुत संगम है। भारत का युद्ध कलाओं का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है और माना जाता है कि कई एशियाई युद्ध कलाओं जैसे कुंग फू की जड़े भारत से ही जुड़ी हैं।
केरलम राज्य की [[कलारिपयट्टु]] को सभी युद्ध कलाओं की जननी कहा जाता है। यह दुनिया की सबसे पुरानी जीवित युद्ध कलाओं में से एक है। इसमें शारीरिक लचीलापन स्पूर्ति पर बहुत ध्यान दिया जाता है। [[मल्ल युद्ध]] दक्षिण उत्तर भारत प्राचीन कुश्ती का रूप जिसमें मुक्केबाजी कुश्ती और मर्म प्रहार शामिल है।
[[कर्र समु]] और [[कट्टि समु]] (आउध कट्टि द्वारा युद्ध) [[आंध्र प्रदेश]] की प्राचीन युद्धकलाएँ हैं।
आज के समय में युद्ध कलाएं ना सिर्फ हमारी संस्कृति धरोहर को जीवित रख रही है बल्कि युवाओं में आत्मरक्षा अनुशासन और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए खेल Sports के रूप में भी पुनर्जीवित हो रही है
==इन्हें भी देखें==
*[[मार्शल आर्ट|युद्ध कलाएँ]] (मार्शल आर्ट्स)
*[[कटार]]
*[[कलरिपय्याट]]
*[[लाठी खेला]]
*[[मल्ल युद्ध]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20150808003643/http://desilutyens.com/marshal-art-developed-in-india/ चीन में नहीं भारत में ही हुआ था ‘मार्शल आर्ट’ का विकास]
[[श्रेणी:भारतीय कला]]
[[श्रेणी:युद्ध शैली]]
[[श्रेणी:युद्ध कलाएँ]]
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'''यिद्दी भाढा''' ( यिद्दी भाषा में : ייִדיש, יידיש या אידיש, यिदिश/इदिश, शाब्दिक अर्थ : 'यहूदियों की' ) अस्केन्जी [[यहूदी|यहूदियों]] की ऐतिहासिक भाषा है। इस भाषा का जन्म ९वीं शताब्दी में मध्य यूरोप में हुआ। नवागन्तुक अस्केन्जी यहूदियों ने अत्यधिक जर्मन आधारित भाषा का प्रयोग करना शुरू किया जिसमें [[हिब्र्रू]], [[अरामिक]], स्लाविक शब्दों का मिश्रण था। यिद्दी भाषा [[इब्रानी लिपि|हिब्रू लिपि]] पर आधारित किन्तु पूर्णतः ध्वनित (वोकलाइज्ड) [[लिपि]] में लिखी जाती है।
मध्यकाल में इस विशेष बोली की उत्पत्ति हुई थी जिसे जर्मनी के वे यहूदी बोलते थे जो [[पोलैंड]] और [[रूस]] में जाकर बस गए थे। इस बोली को 'यहूदी जर्मन' अथवा 'यिद्दिश' कहकर पुकारा जाता है। वास्तव में यह एक जर्मन बोली है जो इब्रानी लिपि में लिखी जाती है ओर जिसमें बहुत से आरमीय, पोलिश तथा रूसी शब्द भी सम्मिलित हैं। इसका व्याकरण अस्थिर है, किंतु इसका साहित्य समृद्ध है।
[[श्रेणी:यिद्दी भाषा]]
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[[चित्र:Deaf students at Kayieye school Kenya.jpg|right|thumb|300px|केन्या में बहरे बच्चों की एक कक्षा]]
'''बधिर शिक्षा''' (deaf education) से अभिप्राय उन विद्यार्थियों की शिक्षा से है जो भिन्न-भिन्न स्तर की [[बधिरता]] से प्रभावित हैं।
बधिर बालक दो प्रकार के होते हैं। प्रथम श्रेणी में उनको रखा जा सकता है जो नितांत बधिर होते हैं। इनमें तनिक भी श्रवणशक्ति नहीं होती इसलिए शब्दों को न सुनने के कारण वे उच्चारण भी नहीं कर पाते क्योंकि भाषा का सीखना अनुकरण पर अधिक निर्भर होता है। दूसरे प्रकार के बधिर वे होते हैं जिनकी श्रवणशक्ति इतनी कमजोर होती है कि वे साधारण बातचीत नहीं सुन सकते किंतु [[श्रवणयंत्र]] की सहायता से सुन सकते हैं।
अर्जित बधिरता के कुछ सामान्य कारण होते हैं। इसको समझने के लिए कानों की बनावट के विषय में जानना आवश्यक है सामान्य रूप से कानों के तीन भाग होते हें : १. बाह्यकर्ण २. मध्यकर्ण तथा ३. आंतरिक कर्ण। बाह्यकर्ण के कारण केवल एक प्रतिशत बधिर होते हैं जो खाज, फोड़े फुंसी या जलने के कारण केवल प्रभावित होता है। मध्यकर्ण की खराबी से उत्पन्न हुई बधिरता के मुख्य कारण हैं, कान बहना, स्कारलेट फीवर (लाल बुखार), चेचक, निमोनिया इत्यादि। मध्यकर्ण के कारण ४५ प्रतिशत बधिरता होती है। इन सबके अतिरिक्त कान के स्नायुतंतुओं की खराबी के कारण भी बधिरता होती है। इन स्नायुतंतुओं का हानि पहुँचानेवाले कारण गर्दनतोड़ बुखार, मियादी ज्वर होते हैं। कभी कभी चोट लगने से भी बहरापन हो जाता है।
1st March 2019
इंडियन साइन लेंग्वेज डिक्शनरी में दूसरे संस्करण में 6000 शब्द सम्मिलित किया गया ।
==शिक्षाप्रणाली==
इस समय संसार में बधिरों की शिक्षा के लिए अनेक प्रणालियाँ हैं। सर्वोत्तम प्रणाली कौन सी है, इस विषय पर लोगों में मतभेद है। 'अमेरिकन ऐनल्ज़ ऑव द डेफ़' के अनुसार शिक्षा की विभिन्न प्रणालियाँ निम्नलिखित हैं :
* '''मौखिक प्रणाली''' (ओरल मेथड)- बोलकर समझाना तथा लिखना शिक्षा के मुख्य उद्देश्य हैं। पाठ्यक्रम के प्रारंभिक भाग में सर्वत्र बधिरों के प्राय: प्रत्येक स्कूल में प्राकृतिक संकेतों का प्रयोग करने दिया जाता है।
* '''हस्त प्रणाली''' (मैनुअल मेथड)- संकेत हस्त, वर्णमाला तथा लिखना इन तीनों का प्रयोग शिक्षा देने के लिए किया जाता है। मुख्य उद्देश्य मानसिक विकास में तथा लिखित भाषा के प्रयोग एवं अर्थ समझने में सहायता पहुंचाना है।
* '''हस्त वर्णमाला प्रणाली''' (मैनुअल अल्फ़ाबेट मेथड)- हस्त वर्णमाला तथा लिखना प्रधान साधन है जिनका प्रयोग विद्यार्थियों को शिक्षा देने में किया जाता है। बोलना तथा बोलकर समझना ये दोनों बातें सभी बधिर बच्चों को, जहाँ यह प्रणाली प्रचलित है, सिखाई जाती हैं।
* '''श्रवण प्रणाली''' (ओरीकुलर मेथड)- अर्द्ध बधिर विद्यार्थियों की श्रवण शक्ति का प्रयोग यथासंभव अधिकाधिक किया जाता है। उनको मुख्यतया वाणी, श्रवण शक्ति तथा लिखने की सहायता से शिक्षा दी जाती है।
* '''मिश्रित प्रणाली''' (कंबाइंड सिस्टम)- बोलना और बोलकर समझना बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। किंतु मानसिक विकास तथा भाषा की प्रवृत्ति को और भी महत्वपूर्ण समझा जाता है। विश्वास है कि कुछ अवस्थाओं में इन दोनों चीजों को हस्त तथा हस्त वर्णमाला प्रणाली द्वारा सर्वोत्तम रूप में अग्रसर किया जा सकता है।
जहाँ तक परिस्थितियाँ सहायक होती हैं, प्रत्येक विद्यार्थी के लिए उसकी व्यक्तिगत प्रवृत्ति के अनुसार ही प्रणाली चुनी जाती है।
सार्वजनिक जीवन में उचित स्थान ग्रहण करने के लिए बधिरों के लिए यह आवश्यक है कि अपनी वाणी का विकास करें, भाषा सीखें और होठों की हरकत समझें। अत: इन तीनों गुणों का विकास करने का अवसर प्रत्येक बधिर बच्चे को देना चाहिए।
यदि मौखिक प्रणाली तथा सुनने में सहायक यंत्रों के द्वारा विद्यार्थी उन्नति कर सकें तो उनकी शिक्षा के लिए संकेतों तथा हस्त प्रणाली का प्रयोग नहीं करना चाहिए। किंतु यदि विद्यार्थी की उससे कुछ उन्नति होती न दिखाई पड़े तो उसे अच्छा नागरिक बनाने के लिए संकेतों तथा हस्त वर्णमाला का उपयोग करना चाहिए।
==इन्हें भी देखें==
*[[सांकेतिक भाषा]]
*[[बधिरता]]
[[श्रेणी:शिक्षा]]
[[श्रेणी:अपंगता]]
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सदस्य वार्ता:Bhure sikarwar
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== Pm modi journey to Itali Europe ==
= Inside PM Modi's gifts to Italy's Meloni =
Story by India Today Lifestyle Desk
• 6h
This time, Prime Minister Narendra Modi's diplomatic visit to Italy had more than diplomatic conversations and policy discussions. Through a thoughtfully curated selection of gifts (the Melody-Meloni being a hit), India presented stories of its craftsmanship, cultural heritage and regional traditions to the global stage. [[विशेष:योगदान/~2026-30446-50|~2026-30446-50]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30446-50|वार्ता]]) 13:04, 21 मई 2026 (UTC)
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== Pm modi journey to Itali Europe ==
= Inside PM Modi's gifts to Italy's Meloni =
Story by India Today Lifestyle Desk
• 6h
This time, Prime Minister Narendra Modi's diplomatic visit to Italy had more than diplomatic conversations and policy discussions. Through a thoughtfully curated selection of gifts (the Melody-Meloni being a hit), India presented stories of its craftsmanship, cultural heritage and regional traditions to the global stage. [[विशेष:योगदान/~2026-30446-50|~2026-30446-50]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30446-50|वार्ता]]) 13:04, 21 मई 2026 (UTC)
== Railway platform at Leelama and jesinder ==
बाडमेर राज. बाडमेर के भारत पाक सीमा पार स्थिर लीलामा और जेसिंदर मुख्य संरक्षक तो थी परंतु सरकार ने कभी मंच बनाने की जहमत नहीं उठाई।यहां टिकट विंडो भी नहीं थी।थकेदार बैग मुख्य भारकर टिकट लाता और वितरण करता रहा। याह स्टेशन आजादी से पहले के है।अब उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्टेशन प्लेटफार्म बनाने की योजना बनाई है। [[विशेष:योगदान/~2026-30446-50|~2026-30446-50]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30446-50|वार्ता]]) 13:31, 21 मई 2026 (UTC)
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AMAN KUMAR
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रावतभाटा
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}}
'''रावतभाटा''' (Rawatbhata) [[भारत]] के [[राजस्थान]] राज्य के [[चित्तौड़गढ़ जिला|चित्तौड़गढ़ ज़िले]] में स्थित एक नगरपालिका व तहसील है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=0LU7DwAAQBAJ Lonely Planet Rajasthan, Delhi & Agra]," Michael Benanav, Abigail Blasi, Lindsay Brown, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012332</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=9TuZDwAAQBAJ Berlitz Pocket Guide Rajasthan]," Insight Guides, Apa Publications (UK) Limited, 2019, ISBN 9781785731990</ref>
==विवरण==
रावतभाटा का निकटतम नगर [[कोटा]], यहाँ से 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। रावतभाटा, देश के अधिकतर हिस्सों से कोटा के माध्यम से ही जुड़ता है। रावतभाटा नगर पालिका क्षेत्र 40 वार्ड में विभाजीत है जिसके चुनाव हर 5 साल में होते है। शहर में 8 परमाणु ऊर्जा केंद्र हैं,और एक निर्माणधीन नाभिकीय ईंधन सयंत्र हैं और एक भारी पानी संयंत्र है। रावतभाटा में राजस्थान के सबसे बडे बांधों में से एक है राणा प्रताप सागर, जो कि चंबल नदी पर बनवाया गया था। बांध पर 43 मेगावॉट के 4 पन बिजलीघर है। रावतभाटा नगर पालिका में कुल मिलाकर 8,397 मकान हैं,जिनमें यह पानी और सीवरेज व अन्य बुनियादी सुविधाए प्रदान करता है। यह नगर पालिका की सीमाओं के भीतर सड़कों का निर्माण करने और उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों पर करों को अधिरोपित करने का अधिकार भी प्रदान करता है।रावतभाटा परमाणु विद्युत गृह की स्थापना 1965 में कनाडा के सहयोग से की गई। यह भारत का दूसरा परमाणु विद्युत गृह है। भारत का प्रथम परमाणु विद्युत गृह तारानगर महाराष्ट्र में है, इसकी स्थापना 1962 में की गई थी।
==भौगिलिक स्थिति==
रावतभाटा {{Coord|24.93|N|75.58|E|}} पर स्थित है<ref>{{Cite web |url=http://www.fallingrain.com/world/IN/24/Rawatbhata.html |title=Falling Rain Genomics, Inc - Rawatbhata |access-date=24 अप्रैल 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160303190015/http://www.fallingrain.com/world/IN/24/Rawatbhata.html |archive-date=3 मार्च 2016 |url-status=dead }}</ref> और इसकी मानक समुद्र तल से ऊँचाई 325 मीटर (1066 फुट) है।
==जनसांख्यिकी==
{{bar box
|title= रावतभाटा में धर्म
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{{bar percent|[[हिन्दू]]|orange|81.96}}
{{bar percent|[[मुसलमान|मुस्लिम]]|green|13.33}}
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}}
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार रावतभाटा की कुल जनसंख्या 37,701 है जिसमें 51.8% पुरुष और 48.2% महिलायें हैं। रावतभाटा की औसत साक्षरता दर 85.82% है जो राष्ट्रीय औसत 74.04% से अधिक है। यहाँ पुरुष साक्षरता दर 92.19% तथा महिला साक्षरता दर 79.01% है। रावतभाटा में 12.27% जनसंख्या 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की है।
यह स्थान चम्बल नदी पर स्थित इस दूरस्थ स्थान हैं जहाँ स्थानीय जनजाति समुदाय का विरोध बहुत कम होता है। अतः1960 के दशक में कनाडा आधारित एईसीएल कंपनी की सहायता से इस स्थान को परमाणु ऊर्जा केन्द्र के रूप में बदला गया।
==विद्यालय==
===परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी===
* परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय नं. 2 (कक्षा प्रेप से 10वीं सी.बी.एस.ई)
* परमाणु ऊर्जा केन्द्रीय विद्यालय नं. 3 (कक्षाएं 1 से 12वीं कला और वाणिज्य सी.बी.एस.ई)
* परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय नं. 4 (कक्षा प्री-प्रेप से 12वीं विज्ञान सी.बी.एस.ई)
लेकिन ये स्कूल उन छात्रों को स्वीकार करते हैं जिनके माता-पिता परमाणु ऊर्जा विभाग और अन्य केन्द्रीय सरकार के विभागों में हैं।
===अन्य विद्यालय===
* श्री गुरु तेग बहादुर शिक्षा संस्थान
* मॉडर्न पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
* न्यू डाईमेंशन पब्लिक स्कूल
* राणा प्रताप वरिष्ठ विद्यालय
* श्री राम बाल विद्या मंदिर
* सेंट पॉल माध्यमिक विद्यालय
*द पिनैकल स्कूल
* रॉयल पब्लिक स्कूल
* आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय
* अल्फा माध्यमिक विद्यालय
* ब्राइटवे पब्लिक विद्यालय
* ऑक्सफ़ोर्ड अकादमी माध्यमिक विद्यालय
* सुभम चिल्ड्रन शिक्षा संस्थान
* स्वामी विवेकानंद पब्लिक विद्यालय
* सिनर्जी पब्लिक विद्यालय
* सागर पब्लिक मिडिल विद्यालय
* माता पन्नाद्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
* स्मार्ट किड्स अंग्रेजी प्राइमरी स्कूल
* नई आदर्श विद्या निकेतन
* महावीर शिशु मंदिर
* शबद प्रताप मिडिल स्कूल
* मदरसा सिराजल इस्लाम
* मदरसा ख़वाज़ा गरिब नवाज
===सरकारी विद्यालय===
2 राज्य सरकार के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (1 लड़कों और 1 लड़कियों के लिए), 2 माध्यमिक विद्यालय, 2 उच्च प्राथमिक लड़के, 5 प्राथमिक विद्यालय और 1 संस्कृत माध्यमिक विद्यालय हैं।
===कॉलेज===
* सरकारी कॉलेज (बी.ए बी.कॉम और बीएससी)
* सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (फिटर वेल्डर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स)
*शिखर निजी आई.टी.आई (इलेक्ट्रीशियन)
* श्राद्धलय जनजांति बीएड कॉलेज (बी.एड एंड एसटीसी)
* श्री विश्वकर्मा आईटी केंद्र (फिटर और इलेक्ट्रीशियन)
==चिकित्सालय==
आर.ए.पी.पी के अस्पताल में एईसी, एनपीसीएल, एचडब्ल्यूपी, बी.ए.आर.सी रैपकोफ और अन्य डीएआई इकाइयां के कर्मचारियों के लिए 100 बिस्तरों का एक अस्पताल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरकार ने पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में राज्य सरकार को एक 100 बिस्तरों वाला अस्पताल समर्पित किया है।
इसके आलावा विमला अस्पताल,सरकारी [[आयुर्वेद]] अस्पताल, आरआरवीनएल अस्पताल, लाहोटी अस्पताल, श्री जीवाजी क्लिनी, विकस नर्सिंग होम,आदि चिकित्सालय है
==पोस्ट ऑफिस==
रावतभाटा में तीन पोस्ट ऑफिस विक्रम नगर,अणु किरण और बाज़ार और एक पोस्ट ऑफिस की शाखा नए बाजार में है
Local markets and businesses =
Rawatbhata's New Market area hosts several local retail and trading businesses, including dry fruit and grocery traders serving nearby residential colonies and industrial townships.
Many Traders is a local dry fruit business operating in the New Market area of Rawatbhata.
==धार्मिक स्थान==
*श्री चारभुजा नाथ मंदिर
*मुक्तेश्वर महादेव मंदिर
*श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर
*साईं बाबा मंदिर
*राम मंदिर
*मानव मंदिर
*हनुमान मंदिर
*सार्वजनिक गणेश मंजीर
*आशा पुरा मंदिर
*दुर्गा माता मंदिर
*बाबा राम देव जी मंदिर
*शिव मंदिर
*गणेश मंदिर
*पंच मुखी हनुमान मंदिर
*बरोली मंदिर
*ब्रह्मा मंदिर
*शनि देव मंदिर
*दिगंबर जैन मंदिर
*श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर
*जैन स्वातेम्बर मंदिर
*जामा मस्जिद
*मदीना मस्जिद
*यूनाइटेड चर्च
*गुरुद्वारा
==दर्शनीय स्थल==
===बारोली मंदिर परिसर===
बारौली मंदिर परिसर, बाड़ोली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो राजस्थान, भारत में चित्तौड़गढ़ जिले में रावतभाटा शहर के बाड़ौली गांव में स्थित है.आठ मंदिरों की जटिलता एक दीवारों के भीतर स्थित है; एक अतिरिक्त मंदिर लगभग 1 किलोमीटर (0.62 मील) दूर है। ये दसवीं शताब्दी के ई. डी. में स्थित मंदिर वास्तुकला की गुर्जर प्रतिहार शैली में बने हैं। सभी नौ मंदिर संरक्षण और संरक्षण के लिए भारत के पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के अधीन हैं।
यद्यपि बरौली मंदिरों का इतिहास बहुत स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह बताया गया है कि वे 10 वीं से 11 वीं शताब्दी के गुरूजल प्रतिहार साम्राज्य के दौरान बनाए गए हैं. राजस्थान के सबसे पुराने मंदिर परिसरों में से एक है भगवान नटराज की एक नक्काशीदार पत्थर की मूर्ति 1998 में बारली मंदिर परिसर से चोरी की गई थी.यह लंदन में एक निजी कलेक्टर का पता लगाया गया है।हालांकि, मूर्ति अभी तक बरामद नहीं हुई है।
10 वीं शताब्दी के बारोली मंदिर महान वास्तुकलात्मक रूचि के हैं, जिसमें गुरुजल प्रतिहार वास्तुशिल्प शैली में मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसमें नक्काशीदार पत्थर का निर्माण किया गया है.वे एक अर्ध-नष्ट राज्य में कुछ के साथ, रखरखाव के विभिन्न चरणों में हैं.
बारोली परिसर में 8 प्रमुख मंदिर हैं और नवीं मील में एक किलोमीटर दूर हैं। चार मंदिर शिव को समर्पित हैं (जिसमें घतेश्वर महादेव मंदिर सहित), दो से दुर्गा और एक-एक शिव-त्रिमूर्ति, विष्णुनंद गणेश है।
इन मंदिरों में तराशे गए नटराज (नैतेशा) की मूर्तियां अपराजमाला में देखने वालों के समान हैं। मूर्तिकला में 16 हथियार हैं और उसका पता लगाया गया है। खोपड़ी के ऊपर केंद्र में एक बड़ी संख्या में फैली हुई है, जिसे "बेड़ले हुए झूलों से सजाया जाता है."चेहरे की विशेषताएं बहुत बढ़िया हैं, उच्च कृत्रिम भौंक और पूर्ण मुंह के साथ।
===राणा प्रताप सागर बाँध===
[[चित्र:Rana Pratap Sager Dam.jpg|अंगूठाकार|राणा प्रताप सागर बाँध]]
चंबल नदी पर स्थित राणा प्रताप सागर बांध शहर के निकट स्थित है। बांध में बिजली उत्पादन की क्षमता 172 मेगावाट है यह रावतभाटा को पास के कस्बे विक्रमनगर से जोड़ने वाली सड़क का समर्थन करता है, जो एक छोटी पहाड़ी पर स्थित होता है। पहाड़ी की चोटी पर [[महाराणा प्रताप]] की एक विशाल प्रतिमा है, जो शहर के ऊपर एक दृष्टिकोण है।
राणा प्रताप सागर बांध या आरपीएस बांध के रूप में इसे कहा जाता है चंबल नदी पर बने चार पुराने बांधों में से एक है यानी गाँधी सागर बांध,राणा प्रताप सागर बाँध,जवाहर सागर बांध एवं कोटा बैराज पूर्व 3 में बिजली उत्पादन की क्षमता है जबकि कोटा बैराज की सीमा सिंचाई के उद्देश्य से है।
राणा प्रताप सागर बाँध अपने आसपास के गांवों में मछली पकड़ने की गतिविधियों की सुविधा प्रदान करते हैं और बिजली पैदा करने के लिए राजस्थान परमाणु बिजली संयंत्र को पानी देने के लिए भी जिम्मेदार हैं।
बांध का सीधा लाभ यह है कि बांध का जल [[विद्युत उत्पादन]] 172 मेगावॉट (43 मेगावाट क्षमता वाले 4 इकाई) में हो सकता है, बांध की पाउन्ट को रोकने के लिए, जो कि गांधी सागर बांध से प्राप्त विमुक्त हो गया है और साथ ही साथ फैले हुए जलग्रहण क्षेत्र के द्वारा बांध के अतिरिक्त विद्युत का निर्माण किया जा सकता है। इस बाँध से सिंचाई के लिए हाडौती और आसपास के किसानों को पानी भी दिया जाता है इसके चालू होने के बाद से अधिक वर्षों में 473.0 gwh की अनुमानित उत्पादन संभवता अधिक हो गई है। राणा प्रताप सागर एवं पावर स्टेशन को आधिकारिक तौर पर 9 फरवरी, 1970 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र को समर्पित किया था। राजस्थान के योद्धा महाराज राणा प्रताप के नाम पर बांध और बिजली संयंत्र का नाम रखा गया है।
===भेंसरोडगढ वन्यजीव अभयारण्य===
वन्यजीव अभयारण्य वन्य जीवन के लिए अति सुंदर निवास स्थान है, जो 1983 में एक अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था। यह अभयारण्य एक छोटे से गांव में स्थित है जो चंबल और ब्राह्मणी नदियों के मिलन स्थल पर स्थित है। गांव एक प्राचीन किला में संलग्न है इसकी एक वन्यजीव अभयारण्य है जो सैडल बांध रावतभाटा चित्तौरगढ़ में है।
यह अभ्यारण 229.14 वर्ग क्षेत्र में है। इस क्षेत्र में आप जंगली जानवरों और प्राकृतिक परिवेश को देखते हैं प्रमुख प्रजातियां हैं: ढोकरा और खैरे। अन्य प्रजातियों में बाबुल, बेर, सलर, खीरनी आदि शामिल हैं। इसमें पाए जाते हैं: पेंथर,जंगली सूअर, चिंकारा, लोमड़ी, चार सींग वाले मृग, सिवेट हाइना, सांभर, चिंकारा, गीदड़, मगरमच्छ आदि। वनस्पति हैं ढोक, सालर, चुरेल, बूटा। मौसम के दौरान अनेक प्रवासी पक्षी भी देखे जा सकते हैं।
===पाड़ाझर झरना===
पाड़ाझर एक पास का झरना है। गुफाओं की गुफा में भूमिगत जल मूर्तियों और मूर्तियों को बनाए हुए है।कई लोगों की झरने के पास दुर्घटनाओं की वजह से मौत हो गई है यह पाड़ाझर नामक गांव के पास है। यह जगह भगवान शिव के ऐतिहासिक गुफा मंदिर के लिए भी जाना जाता है।महाशिवरात्रि के दौरान यहां एक बड़े त्योहार का आयोजन किया जाता है।पानी के नीचे और आसपास के हरे रंग लोगों के लिए आकर्षण है।
===राजस्थान परमाणु ऊर्जा केंद्र===
{{मुख्य|राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन}}
राजस्थान परमाणु शक्ति परियोजना (आरपीपी) राजस्थान के उत्तर भारतीय राज्य में रावतभाटा में स्थित है।इसमें वर्तमान में 1,180 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता के साथ परिचालन में छह दबाव वाले भारी जल रिएक्टर (पीएचआरआर) इकाइयां हैं।
भारत का परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल), संयंत्र का संचालक, संयंत्र की मौजूदा क्षमता में वृद्धि कर रहा है, जिसे 7 और 8 इकाइयों के रूप में जाना जाता है (2x700 = 1400mw)"इन दोनों रिएक्टरों से संयंत्र की वर्तमान क्षमता 1, 400 मेगावाट तक बढ़ जाएगी.
जुलाई 2011 में 700 मेगावाट क्षमता की इकाई-7 रिएक्टर के लिए फर्स्ट पोर ऑफ़ कंक्रीट प्राप्त किया गया (एफपीसी) रिएक्टर 2021 में पूरा होने के लिए निर्धारित है
एक यूनिट-8 रिऐक्टर, जो कि 700 मेगावॉट क्षमता का है, वर्ष 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस संयंत्र के दो मुक्त रिएक्टरों में संयंत्र की वर्तमान क्षमता 1400 मेगावाट क्षमता में वृद्धि होगी, जिसमें से राजस्थान राज्य के लिए 700 मेगावाट का आवंटित होगा।
पहला रिएक्टर दिसंबर 1973 में 100 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ शुरू किया गया था। 200 मेगावाट क्षमता का दूसरा रिएक्टर अप्रैल,1981 में ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ किया गया था. 220 मेगावाट क्षमता वाले तीसरे और चौथे रिएक्टरों में क्रमशः जून 2000 और दिसंबर 2000 में वाणिज्यिक परिचालन आरम्भ हुआ।
पाँचवें रिएक्टर ने नवम्बर 2009 में पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की और फरवरी 2010 में वाणिज्यिक परिचालन आरम्भ किया. इसमें 220 मेगावॉट की स्थापित क्षमता भी है।
वर्ष 2010 में 220 मेगावाट क्षमता की छठी इकाई पहली बार क्रिटिकल हुई थी और मार्च 2010 में एक महीने बाद वाणिज्यिक परिचालन आरम्भ हुई थी।
===भारी पानी संयंत्र===
भारी पानी सयंत्र(भारी जल बोर्ड के अन्तर्गत), रावतभाटा में स्थित परमाणु ऊर्जा विभाग, स्वदेशी का निर्माण होता है और वह द्विताप एच2ओ-एच2एस विनिमय प्रक्रिया पर आधारित होता है।यह संयंत्र कोटा रेलवे स्टेशन से 65 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है, जो राजस्थान परमाणु ऊर्जा संयंत्र (आरएपीपी) से जुड़ा है।भारी जल संयंत्र को बिजली और भाप की आपूर्ति के लिए आरएपीपी के साथ एकीकृत किया गया है। पास के राणा प्रताप सागर झील से पानी, निलंबित और घुली हुई अशुद्धियों की शुद्धता, प्रक्रिया को डी2ओ के साथ संसाधित करता है।
===नाभिकीय ईंधन सयंत्र===
परमाणु ईंधन जटिल परियोजना के नाभिकीय ईंधन संकुल (परमाणु ऊर्जा विभाग), राजस्थान परमाणु ऊर्जा परिसर के बारे में राजस्थान, हैदराबाद में एक हरित गृह परियोजना (NFC-rawatbhata) की स्थापना कर रहा है रावतभाटा, जिला-चित्तौरगढ़, राजस्थान में। इस संयंत्र से रावतभाटा, राजस्थान और काकरपारा, गुजरात में बनाई गई 700 मेगावाट की पी.एच.डब्लू. रिएक्टरों की ईंधन आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
यहां आने वाले परमाणु ईंधन के परिसर 190 हेक्टेयर तक फैला हुआ हैं, जो कि एच. पी. पी. इस संयंत्र का निर्माण प्रति वर्ष 500-100 टन फ्यूल ईंधन बंडलों का उत्पादन करने के लिए किया गया है। इस परियोजना को जनवरी 2014 के महीने में पर्यावरण और वन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी प्राप्त हुई है
और मार्च 2014 के माह में केंद्रीय कैबिनेट मिशन से वित्तीय मंजूरी दे दी गई है और मई 2014 में ए.ई.आर.बी से ₹2,400 करोड़ आवंटित राशि से इसकी मंजूरी मिली है।और निर्माण 2017 में शुरू हो चूका है।
===कलाखेत और आर.ए.पी.पी/भा.पा सयंत्र कॉलोनिया===
रावतभाटा शहर अरावली की गोद में स्थित है। यहा चारो तरफ जंगल से घिरा हुआ है आर.ए.पी.पी/भा.पा सयंत्र कालोनियो अर्थात् विक्रम नगर टाउनशिप,अणु आशा,अणु भाग्य,अणु छाया,अणु किरण,अणु प्रताप,अणु दिप,अणु तारा,सेंटाब कोलोनी आदि में विभाजित किया गया है इन कॉलोनीयो को बहुत अच्छी प्लानिंग और तमाम सुख सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है यहाँ पर पक्की सड़के,नालिया,स्ट्रीट लाइटे,बिजली,पानी,पार्क,कम्युनिटी सेंटर,स्कूल,हॉस्टल,शॉपिंग कॉम्प्लेक्स,स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स,प्लेग्राउंड,पोस्ट ऑफिस,बैंक,डिस्पेंसरी,सिविल और इलेक्ट्रिकल मेंटिनैंस ऑफिस आदि तमाम सुविधाए है
रावतभाटा से 35 मिनट की दुरी पर एक निजी फार्म हाउस कालाखेत है यहाँ पर उचित इजाजत लेकर जाया जा सकता है कालाखेत एक बहुत बड़ा फार्म हाउस है यहाँ पर कई गार्डन झूले और मनोरंजन के स्थान है यहा पर कई तरह के पेड़ पौधे भी है यहाँ पर कई तरह की खेती भी की जाती है आपको चारो तरफ कई तरह की सब्जिया,फल के खेत है यहाँ पर एक बड़ा सा स्वामींग पुल भी है जहाँ तमाम तरह की सुविधाये है और यहां पर बारिश के मौसम में काफी संख्या में पर्यटन आते है
===चुलिया जलप्रपात===
[[चित्र:Chuliya Waterfall.jpg|अंगूठाकार|चूलिया जलप्रपात]]
रावतभाटा, राजस्थान के राणा प्रताप बाँध में चंबल नदी के रास्ते में मौजूद झरना राजस्थान के मुख्य झरनो में से एक है। चंबल में कुंड पठार के माध्यम से प्रवाह होता है और राणा प्रताप सागर बांध के डाउन स्ट्रीम में 1.6.कि.मी दुरी पर है यह झरना बड़ी बड़ी चट्टानो से घिरा हुआ है और जमीन से काफी नीचे है
राणा प्रताप सागर बांध से जब विद्युत उत्पादन के कारण पानी छोड़ा जाता है तो चूलिया जलप्रपात का जलस्तर बढ़ जाता है और ये पूरा जलप्रपात डूब जाता है बारिश में यहा पर काफी पर्यटक आते है
===सैडल डैम===
[[चित्र:Saddle Damb.jpg|अंगूठाकार|सैडल डैम]]
काठी बांध एक गैर गढ़वाली पत्थर और मिट्टी बांध है, जो कि कुछ गांवों से जल को निर्देशित करने के लिए है, इस बांध के क्षेत्र में काफी संख्या में मगरमच्छ और गेमर भी शामिल हैं। और चारो तरफ जंगल नदी और वन्यजीविये अभ्यारण से घिरा हुआ है
सेंडल डैम एक पिकनिक स्थल जहाँ बारिश के मौसम में काफी पर्यटन आते है।
==प्रस्तावित राजमार्ग==
कोटा से मंदसौर तक वाया रावतभाटा सिंगोली मोरवन मनासा होते हुवे मंदसौर तक नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाना प्रस्तावित हुआ है जिससे रावतभाटा की कनेक्टिविटी अच्छी हो जायेगी जो कि एमरजेंसी के समय रावतभाटा को खाली करने में मददगार होगी
==इन्हें भी देखें==
* [[चित्तौड़गढ़ जिला|चित्तौड़गढ़ ज़िला]]
==बाहरी कड़ियाँ==
* [https://web.archive.org/web/20191227040446/https://techgohindi.com/rajasthan-gk-pdf-2019/ राजस्थान ऊर्जा]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:राजस्थान के शहर]]
[[श्रेणी:चित्तौड़गढ़ ज़िला]]
[[श्रेणी:चित्तौड़गढ़ ज़िले के नगर]]
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जॉन केरी
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[[चित्र:John Kerry portrait of Climate Envoy (cropped).jpg|thumb|जॉन केरी]]
'''जॉन फोर्ब्स केरी''' (जन्म 11 दिसंबर, 1943) एक अमेरिकी राजनीतिज्ञ और राजनयिक हैं, जो वर्तमान में जलवायु के लिए पहले संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत के रूप में सेवारत हैं। उन्होंने पहले 2013 से 2017 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 68वें सचिव के रूप में कार्य किया। एक वकील और पूर्व नौसैनिक अधिकारी, केरी ने पहली बार जनता का ध्यान आकर्षित किया क्योंकि एक सजायाफ्ता वियतनाम के दिग्गज युद्ध-विरोधी कार्यकर्ता बने। 1985 से 2013 तक मैसाचुसेट्स से संयुक्त राज्य अमेरिका के सीनेटर के रूप में सेवा करने से पहले, उन्होंने एक अभियोजक और मैसाचुसेट्स के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में सेवा की। डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य, वे 2004 के चुनाव में संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार थे। , जो वह मौजूदा राष्ट्रपति [[जॉर्ज वॉकर बुश|जॉर्ज डब्ल्यू बुश]] से हार गए। 2021 तक, वह लोकप्रिय वोट खोने वाले अंतिम डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं।
मैसाचुसेट्स और [[न्यू हैम्पशायर]] में बोर्डिंग स्कूल में भाग लेने से पहले केरी मैसाचुसेट्स और [[वॉशिंगटन, डी॰ सी॰|वाशिंगटन, डीसी]] में एक सैन्य के रूप में बड़े हुए। 1966 में, येल विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद, केरी ने यूनाइटेड स्टेट्स नेवल रिजर्व में भर्ती हुए, अंततः लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। १९६८ से १९६९ तक, वियतनाम युद्ध के दौरान, उन्होंने दक्षिण वियतनाम में एक संक्षिप्त चार महीने के दौरे की सेवा की। एक स्विफ्ट बोट के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में सेवा करते हुए, केरी ने वियत [[कांग्रेस]] के साथ युद्ध में तीन घावों का सामना किया, जिसके लिए उन्होंने तीन पर्पल हार्ट मेडल दिया गया। केरी को अलग-अलग सैन्य कार्यक्रमों में वीरतापूर्ण आचरण के लिए सिल्वर स्टार मेडल और ब्रॉन्ज स्टार मेडल से सम्मानित किया गया। अपनी सक्रिय सैन्य सेवा पूरी करने के बाद, केरी संयुक्त राज्य अमेरिका लौट आए और [[वियतनाम युद्ध]] के मुखर विरोधी बन गए। उन्होंने युद्ध विरोधी कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त की, युद्ध संगठन के खिलाफ वियतनाम वेटरन्स के प्रवक्ता के रूप में सेवा की। केरी ने विदेश संबंधों पर सीनेट समिति के समक्ष फुलब्राइट सुनवाई में गवाही दी, जहां उन्होंने वियतनाम में संयुक्त राज्य सरकार की नीति को युद्ध अपराधों के कारण के रूप में वर्णित किया।
1972 में, केरी ने मैसाचुसेट्स के 5वें कांग्रेस जिले में यूनाइटेड स्टेट्स हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। केरी ने डेमोक्रेटिक नामांकन जीता लेकिन आम चुनाव में उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी से हार गए। बाद में उन्होंने लोवेल में एक रेडियो टॉक शो होस्ट के रूप में काम किया और बोस्टन कॉलेज स्कूल ऑफ लॉ में भाग लेने के दौरान एक वकालत संगठन के कार्यकारी निदेशक के रूप में भी। 1976 में अपने न्यायिक चिकित्सक को प्राप्त करने के बाद, केरी ने 1977 से 1979 तक मिडलसेक्स काउंटी के पहले सहायक जिला अटॉर्नी के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने आपराधिक मामलों की कोशिश की और जिला अटॉर्नी के कार्यालय का प्रबंधन किया। निजी कानूनी अभ्यास में एक अवधि के बाद, केरी 1982 में मैसाचुसेट्स के लेफ्टिनेंट गवर्नर चुने गए। 1984 में, केरी को संयुक्त राज्य की सीनेट के लिए चुना गया था। विदेश संबंधों पर सीनेट समिति के सदस्य के रूप में, उन्होंने लैटिन अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी की जांच की एक श्रृंखला का नेतृत्व किया, जिसने ईरान-कॉन्ट्रा संबंध के पहलुओं को उजागर किया। उन्हें 1990, 1996, 2002 और 2008 में अतिरिक्त शर्तों के लिए फिर से चुना गया।
केरी ने 2004 में उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और उत्तरी कैरोलिना के सीनेटर जॉन एडवर्ड्स के साथ [[डेमोक्रैटिक पार्टी (संयुक्त राज्य)|डेमोक्रेटिक पार्टी]] के राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन जीता। केरी ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के इराक युद्ध के खिलाफ मुकदमा चलाने के आलोचक के रूप में प्रचार किया और एक उदार घरेलू नीति की वकालत की। केरी ने इलेक्टोरल कॉलेज और लोकप्रिय वोट को संकीर्ण अंतर से खो दिया, बुश के 286 मतदाताओं में से 251 और बुश के 50.7% के लोकप्रिय वोट का 48.3% जीत गए। केरी सीनेट में बने रहे और 2009 से 2013 तक विदेश संबंधों पर समिति की अध्यक्षता की। जनवरी 2013 में, उन्हें राष्ट्रपति [[बराक ओबामा]] द्वारा निवर्तमान विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया गया था, और उनके सीनेट सहयोगियों द्वारा 94 के वोट पर पुष्टि की गई थी। 3. राज्य सचिव के रूप में, केरी ने 2013-2014 की इजरायल-फिलिस्तीनी शांति वार्ता शुरू की और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को प्रतिबंधित करने वाले समझौतों पर बातचीत की, जिसमें 2013 की संयुक्त कार्य योजना और 2015 की संयुक्त व्यापक कार्य योजना शामिल है। 2015 में, केरी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से [[जलवायु परिवर्तन]] पर पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए। केरी ने जनवरी 2017 में ओबामा प्रशासन के अंत तक राज्य सचिव के रूप में कार्य किया, जब उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ दी। केरी सार्वजनिक मामलों में ओबामा के उत्तराधिकारी, [[डॉनल्ड ट्रम्प|डोनाल्ड ट्रम्प]], 2017 से 2021 तक राष्ट्रपति के मुखर विरोधी और ट्रम्प के उत्तराधिकारी, केरी के पूर्व अमेरिकी सीनेट सहयोगी जो बिडेन के समर्थक के रूप में सक्रिय रहे, जिन्होंने ओबामा के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। केरी जनवरी 2021 में सरकार में लौटे, बिडेन के प्रशासन में जलवायु के लिए अमेरिकी विशेष राष्ट्रपति दूत, एक नया पद संभालने वाले पहले व्यक्ति बन गए।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (1943-1966) ==
जॉन फोर्ब्स केरी का जन्म 11 दिसंबर, 1943 को कोलोराडो के ऑरोरा में फिट्ज़सिमन्स आर्मी मेडिकल सेंटर में हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://bioguide.congress.gov/search/bio/K000148|title=Bioguide Search|website=bioguide.congress.gov|access-date=2021-07-27}}</ref> वह रिचर्ड जॉन केरी, एक विदेश सेवा अधिकारी और वकील, और रोज़मेरी फोर्ब्स, एक नर्स और सामाजिक कार्यकर्ता से पैदा हुए चार बच्चों में से दूसरे हैं। उनके पिता कैथोलिक थे (जॉन के दादा-दादी ऑस्ट्रो-हंगेरियन यहूदी अप्रवासी थे जो कैथोलिक धर्म में परिवर्तित हो गए थे) और उनकी माँ एपिस्कोपेलियन थीं।<ref>{{Cite web|url=https://www.beliefnet.com:443/news/politics/2004/08/not-a-prodigal-son.aspx|title=Not a Prodigal Son|website=www.beliefnet.com|language=en|access-date=2021-07-27}}</ref> उनका पालन-पोषण एक बड़ी बहन मार्गरेट, एक छोटी बहन डायना और एक छोटे भाई कैमरन के साथ हुआ। बच्चों का पालन-पोषण उनके पिता के कैथोलिक धर्म में हुआ, और जॉन ने वेदी के लड़के के रूप में सेवा की। केरी मूल रूप से एक सैन्य बव्वा थे, जब तक उनके पिता को आर्मी एयर कोर से छुट्टी नहीं मिली। केरी अपने पहले वर्ष में ग्रोटन, मैसाचुसेट्स में रहते थे और सात साल की उम्र में वाशिंगटन, डीसी के जॉर्जटाउन पड़ोस में जाने से पहले मिलिस, मैसाचुसेट्स में रहते थे, जब उनके पिता ने नौसेना के जनरल काउंसिल के कार्यालय के विभाग में एक स्थान लिया और जल्द ही एक राजनयिक बन गए संयुक्त राष्ट्र मामलों के विदेश विभाग के ब्यूरो में।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=V8q2DwAAQBAJ|title=Every Day Is Extra|last=Kerry|first=John|date=2019-11-12|publisher=Simon and Schuster|isbn=978-1-5011-7897-9|language=en}}</ref>
फोर्ब्स और डडले-विन्थ्रोप परिवारों के सदस्य के रूप में उनके मामा के परिवार में काफी संपत्ति थी। केरी के माता-पिता स्वयं उच्च-मध्यम वर्ग के थे और एक धनी चाची ने उन्हें कुलीन बोर्डिंग स्कूलों में भाग लेने के लिए भुगतान किया.<ref>{{Cite web|url=https://news.google.com/newspapers?id=KrRAAAAAIBAJ&pg=5080,615343|title=Lodi News-Sentinel - Google News संग्रह खोज|website=news.google.com|access-date=2021-07-28}}</ref> केरी रेव जेम्स मैकग्रेगर के वंशज भी हैं, जो 18 वीं शताब्दी में बोस्टन हार्बर के पहले 500 स्कॉट्स-आयरिश प्रवासियों में से थे। 1957 में, उनके पिता ओस्लो, [[नॉर्वे]] में अमेरिकी दूतावास में तैनात थे, और केरी को बोर्डिंग स्कूल में भाग लेने के लिए वापस संयुक्त राज्य अमेरिका भेज दिया गया था। उन्होंने पहले न्यूटन, मैसाचुसेट्स के फेसेंडेन स्कूल और बाद में न्यू हैम्पशायर के कॉनकॉर्ड में सेंट पॉल स्कूल में पढ़ाई की, जहां उन्होंने सार्वजनिक बोलने का कौशल सीखा और [[राजनीति]] में रुचि विकसित करना शुरू किया।<ref>{{Cite web|url=https://irishamerica.com/2018/01/300-years-of-scots-irish-immigration-to-u-s/|title=300 Years of Scots-Irish Immigration to U.S. {{!}} Irish America|language=en-US|access-date=2021-07-28}}</ref> केरी ने दिन के मुद्दों पर बहस करने के लिए सेंट पॉल में जॉन विनेंट सोसाइटी की स्थापना की। 1960 में, सेंट पॉल में रहते हुए, उन्होंने अपने छह सहपाठियों के साथ द इलेक्ट्रस नामक एक छोटे रॉक बैंड में बास बजाया। उनके पास १९६१ में छपे एक एल्बम की लगभग पाँच सौ प्रतियां थीं, जिनमें से कुछ को उन्होंने स्कूल के नृत्यों में बेचा; बाद में इसे कई वर्षों बाद स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/archive/lifestyle/2004/02/02/john-kerrys-record-one-you-can-dance-to/8470965c-a3fb-42b9-b21d-4256df6debc0/|title=John Kerry's Record: One You Can Dance To|last=Segal|first=David|date=2004-02-02|work=Washington Post|access-date=2021-07-28|language=en-US|issn=0190-8286}}</ref>
केरी ने विश्वविद्यालय येल बुलडॉग पुरुषों की फ़ुटबॉल टीम में खेले, उन्होंने अपने वरिष्ठ वर्ष में अपना एकमात्र पत्र अर्जित किया। उन्होंने फ्रेशमैन और जेवी हॉकी और अपने वरिष्ठ वर्ष में, जेवी लैक्रोस भी खेला। इसके अलावा, वह साई अप्सिलॉन बिरादरी के सदस्य थे और उन्होंने उड़ान का प्रशिक्षण लिया था। <ref>{{Cite web|url=https://yaledailynews.com/blog/2003/02/14/kerry-66-he-was-going-to-be-president/|title=Kerry ’66: ‘He was going to be president’|last=am|first=Jacob Leibenluft 12:00|last2=Feb 14|date=2003-02-14|website=Yale Daily News|language=en|access-date=2021-07-29|last3=2003|archive-date=29 जुलाई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210729161800/https://yaledailynews.com/blog/2003/02/14/kerry-66-he-was-going-to-be-president/|url-status=dead}}</ref> अपने द्वितीय वर्ष में, केरी येल राजनीतिक संघ की [[लिबरल पार्टी ऑफ कनाडा|लिबरल पार्टी]] के अध्यक्ष बने, और एक साल बाद उन्होंने संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2008/01/27/education/27westerfield.html|title=H. Bradford Westerfield, Influential Yale Professor, Is Dead at 79|last=Martin|first=Douglas|date=2008-01-27|work=The New York Times|access-date=2021-07-29|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> इस अवधि में उनके प्रभावशाली शिक्षकों में प्रोफेसर एच. ब्रैडफोर्ड वेस्टरफील्ड थे, जो स्वयं राजनीतिक संघ के पूर्व अध्यक्ष थे। राजनीतिक संघ के साथ उनकी भागीदारी ने उन्हें नागरिक अधिकार आंदोलन और न्यू फ्रंटियर कार्यक्रम जैसे दिन के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल होने का अवसर दिया। वे स्कल एंड बोन्स सोसाइटी के सदस्य भी बने, और एआईईएसईसी येल के माध्यम से स्विट्जरलैंड की यात्रा की।<ref>{{Cite web|url=https://aiesec.org/|title=Develop your leadership|website=AIESEC|language=en|access-date=2021-07-29}}</ref>
स्पीकिंग कोच और इतिहास के प्रोफेसर रॉलिन जी. ओस्टरवाइस के मार्गदर्शन में, केरी ने देश भर के कॉलेज के अन्य छात्रों के खिलाफ कई वाद-विवाद जीते।<ref>{{Cite web|url=https://findit.library.yale.edu/?f%5Bdigital_collection_sim%5D%5B%5D=Manuscripts+and+Archives+Digital+Library|title=Yale University Library Search Results|website=findit.library.yale.edu|access-date=2021-07-30}}</ref> मार्च 1965 में, जैसे-जैसे वियतनाम युद्ध आगे बढ़ा, उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना करने वाले भाषण के लिए जूनियर वर्ग में सर्वश्रेष्ठ वक्ता के रूप में टेन आईक पुरस्कार जीता। भाषण में उन्होंने कहा, "यह पश्चिमी साम्राज्यवाद का भूत है जो साम्यवाद की तुलना में अफ्रीकी और एशियाई लोगों में अधिक भय पैदा करता है और इस प्रकार, यह आत्म-पराजय है। केरी ने 1966 में येल से कला स्नातक की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=https://yaledailynews.com/blog/2003/02/14/kerry-66-he-was-going-to-be-president/|title=Kerry ’66: ‘He was going to be president’|last=am|first=Jacob Leibenluft 12:00|last2=Feb 14|date=2003-02-14|website=Yale Daily News|language=en|access-date=2021-07-30|last3=2003|archive-date=29 जुलाई 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210729161800/https://yaledailynews.com/blog/2003/02/14/kerry-66-he-was-going-to-be-president/|url-status=dead}}</ref> कुल मिलाकर, उनके पास कम ग्रेड थे, अपने चार वर्षों में 76 के संचयी औसत के साथ स्नातक। उनका नया साल का औसत 71 था, लेकिन उन्होंने अपने वरिष्ठ वर्ष के लिए 81 औसत में सुधार किया। येल में अपने समय के दौरान उन्होंने कभी "ए" प्राप्त नहीं किया; उनका उच्चतम ग्रेड 89 था।<ref>{{Cite web|url=http://archive.boston.com/news/education/higher/articles/2005/06/07/yale_grades_portray_kerry_as_a_lackluster_student/?page=full|title=Yale grades portray Kerry as a lackluster student - The Boston Globe|website=archive.boston.com|language=en|access-date=2021-07-30}}</ref>
== सैन्य सेवा (1966-1970) ==
=== यूएसएस ग्रिडली पर ड्यूटी ===
18 फरवरी, 1966 को केरी नेवल रिजर्व में भर्ती हुए। उन्होंने 19 अगस्त, 1966 को अपनी सैन्य सेवा शुरू की।<ref>{{Cite web|url=http://www.johnkerry.com/pdf/jkmilservice/Request_For_History_of_Service.pdf|title=Wayback Machine|date=2004-07-23|website=web.archive.org|access-date=2021-07-31|archive-date=23 जुलाई 2004|archive-url=https://web.archive.org/web/20040723192004/http://www.johnkerry.com/pdf/jkmilservice/Request_For_History_of_Service.pdf|url-status=bot: unknown}}</ref> न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड में यूएस नेवल ट्रेनिंग सेंटर में ऑफिसर कैंडिडेट स्कूल के 16 सप्ताह पूरे करने के बाद, केरी ने 16 दिसंबर, 1966 को अपने अधिकारी का कमीशन प्राप्त किया। 2004 के चुनाव के दौरान, केरी ने अपने सैन्य रिकॉर्ड को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया, और पत्रकारों को उनके मेडिकल रिकॉर्ड का निरीक्षण करने की अनुमति दी। 2005 में, केरी ने तीन समाचार संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए अपने सैन्य और चिकित्सा रिकॉर्ड जारी किए, लेकिन उन अभिलेखों तक पूर्ण सार्वजनिक पहुंच को अधिकृत नहीं किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.boston.com/news/nation/articles/2005/06/07/kerry_allows_navy_release_of_military_medical_records/|title=Kerry allows Navy release of military, medical records - The Boston Globe|website=www.boston.com|language=en|access-date=2021-07-31}}</ref> गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट यूएसएस ग्रिडली पर दौरे के दौरान, केरी ने दक्षिण वियतनाम में ड्यूटी का अनुरोध किया, उन्होंने अपनी पहली वरीयता के रूप में एक फास्ट पेट्रोल क्राफ्ट (पीसीएफ) के कमांडर के रूप में सूचीबद्ध किया, जिसे "स्विफ्ट बोट" के रूप में भी जाना जाता है। इन 50-फुट (15 मीटर) नावों में एल्युमिनियम के पतवार होते हैं और इनमें बहुत कम या कोई कवच नहीं होता है, लेकिन ये भारी हथियारों से लैस होते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.findlaw.com/legalblogs.html|title=FindLaw Legal Blogs|website=Findlaw|language=en-US|access-date=2021-07-31}}</ref> "मैं वास्तव में युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता था," केरी ने 1986 में प्रकाशित वियतनाम की यादों की एक पुस्तक में कहा। "जब मैंने तेज नावों के लिए साइन अप किया, तो उनका युद्ध से बहुत कम लेना-देना था। वे तटीय गश्त में लगे हुए थे। हालांकि, बिलेट की उनकी दूसरी पसंद एक नदी गश्ती नाव, या "पीबीआर" थी, जो उस समय अधिक खतरनाक कर्तव्य निभा रही थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061603.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-08-01|website=web.archive.org|access-date=2021-07-31|archive-date=1 अगस्त 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20030801234002/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061603.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref>
=== सैन्य सम्मान ===
2 दिसंबर की रात और 3 दिसंबर, 1968 की सुबह के दौरान, केरी एक स्विफ्ट बोट (PCF-60) के साथ कैम रैन बे के उत्तर में एक प्रायद्वीप के पास चलने वाली एक छोटी नाव के प्रभारी थे। केरी और उस रात उनके साथ आए दो क्रू मेम्बर, पैट्रिक रनयोन और विलियम ज़ालाडोनिस के अनुसार, उन्होंने वियतनामी पुरुषों के एक समूह को एक नदी क्रॉसिंग पर सैम्पन उतारने पर आश्चर्यचकित कर दिया, वो दौड़ने लगे और रुकने के आदेश का पालन करने में विफल रहे। जैसे ही पुरुष भाग गए, केरी और उनके दल ने सैम्पन पर गोलियां चलाईं और उन्हें नष्ट कर दिया, फिर वे तेजी से बाहर निकल गए। इस मुठभेड़ के दौरान केरी को कोहनी के ऊपर बाएं हाथ में गोली लगी। इसी चोट के कारण केरी को अपना पहला पर्पल हार्ट मेडल मिला था।<ref>{{Citation|title=John Kerry|date=2021-07-21|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=John_Kerry&oldid=1034671235|work=Wikipedia|language=en|access-date=2021-08-01}}</ref>
केरी को 20 फरवरी, 1969 को नदी पर कार्रवाई के दौरान प्राप्त घाव के लिए अपना दूसरा पर्पल हार्ट प्राप्त हुआ। योजना यह थी कि स्विफ्ट नावों के साथ सहायक हेलीकॉप्टर भी हों। हालांकि, हेलीकाप्टरों पर हमला किया गया था। जैसे ही स्विफ्ट नावें कोआलोन नदी तक पहुंचीं, केरी की नाव को बी-40 रॉकेट (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड राउंड) से टकराई, और छर्रे का एक टुकड़ा केरी के बाएं पैर में लग गया, जिससे वह घायल हो गये। इसके बाद, दुश्मन की गोलाबारी बंद हो गई और उसकी नाव सुरक्षित थाईलैंड की खाड़ी में पहुंच गई। केरी की बायीं जांघ में छर्रे लगे हुए थे क्योंकि डॉक्टरों ने पहले उनका इलाज करने के लिए क्षतिग्रस्त ऊतक को हटाने और घाव को टांके से बंद करने का फैसला किया, बजाय इसके कि छर्रे को हटाने के लिए एक चौड़ा छेद बनाया जाए। हालांकि उस दिन से पहले कई अन्य लोगों की तरह घायल हुए, केरी ने ड्यूटी से कोई समय नहीं गंवाया।<ref>{{Citation|title=John Kerry|date=2021-07-21|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=John_Kerry&oldid=1034671235|work=Wikipedia|language=en|access-date=2021-08-01}}</ref>
=== सिल्वर स्टार ===
आठ दिन बाद, २८ फरवरी, १९६९ को, वे कार्यक्रम में आए और उन्हे को उनके सिल्वर स्टार मेडल से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, केरी एक लड़ाकू अभियान के दौरान अपनी स्विफ्ट नाव और दो अन्य स्विफ्ट नौकाओं की सामरिक कमान में थे। डुओंग केओ नदी पर उनके मिशन में द डेथ ऑफ पीसीएफ 43 की कहानी में वर्णित दुश्मन के सैम्पन, संरचनाओं और बंकरों को नष्ट करने के लिए एक पानी के नीचे विध्वंस टीम और दर्जनों दक्षिण वियतनामी मरीन को लाना शामिल था। नदी के किनारे से भारी छोटे हथियारों की आग में भागते हुए, केरी ने "इकाइयों को समुद्र तट की ओर मुड़ने और वियतनाम की स्थिति को चार्ज करने का निर्देश दिया" और उन्होंने अपनी नाव की आग को "विशेषज्ञ रूप से निर्देशित" किया, जिससे दुश्मन भाग गया, जबकि एक ही समय में सम्मिलन का समन्वय किया गया।<ref>{{Cite web|url=http://www.mwweb.com/ndc/SwiftBoats/pcf43.htm|title=April 12|website=www.mwweb.com|access-date=2021-08-02}}</ref> नब्बे दक्षिण वियतनामी सैनिकों की (एडमिरल एल्मो ज़ुमवाल्ट द्वारा हस्ताक्षरित मूल पदक प्रशस्ति पत्र के अनुसार)। एक छोटी दूरी के ऊपर की ओर बढ़ते हुए, केरी की नाव B-40 रॉकेट राउंड का लक्ष्य थी; केरी ने दुश्मन की स्थिति पर आरोप लगाया और जैसे ही उसकी नाव आगे बढ़ी और समुद्र तट पर पहुंची, एक रॉकेट लांचर से लैस एक वियतनामी कांग ("वीसी") विद्रोही एक छोटे से छेद से निकला और भाग गया। जबकि नाव के गनर ने गोलियां चलाईं, जिससे वीसी के पैर में घाव हो गया, और जब अन्य नावें पास आईं तो कवर फायर की पेशकश की, केरी ने वीसी विद्रोही का पीछा करने के लिए नाव से छलांग लगा दी, बाद में उसे मार डाला और उसके लोडेड रॉकेट लॉन्चर को पकड़ लिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.findlaw.com/legalblogs.html|title=FindLaw Legal Blogs|website=Findlaw|language=en-US|access-date=2021-08-02}}</ref>
केरी के कमांडिंग ऑफिसर, लेफ्टिनेंट कमांडर जॉर्ज इलियट ने 2003 में डगलस ब्रिंकले को बताया कि उन्हें नहीं पता था कि केरी को कोर्ट-मार्शल केरी को बिना आदेश के नाव पर चढ़ने के लिए या चालक दल को बचाने के लिए पदक देना है या नहीं। इलियट ने सिल्वर स्टार के लिए केरी की सिफारिश की, और ज़ूमवाल्ट ने केरी और मिशन में शामिल बाकी नाविकों को व्यक्तिगत रूप से पदक देने के लिए एन थोई में उड़ान भरी। केरी के कार्यों के बारे में नौसेना का लेखा-जोखा ज़ूमवाल्ट द्वारा हस्ताक्षरित मूल पदक प्रशस्ति पत्र में प्रस्तुत किया गया है। सगाई को एक आफ्टर-एक्शन रिपोर्ट, 1 मार्च 1969 को लिखी गई एक प्रेस विज्ञप्ति और 17 मार्च 1969 को एक ऐतिहासिक सारांश में प्रलेखित किया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://kerryvietnam.org/PDFs/Monthly_Historical_Summary.pdf|title=Monthly_Historical_Summary.pdf|date=2 July 2021|website=kerryvietnam.org|access-date=2 अगस्त 2021|archive-date=4 मार्च 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140304152152/http://kerryvietnam.org/PDFs/Monthly_Historical_Summary.pdf|url-status=dead}}</ref>
=== कांस्य स्टार ===
13 मार्च, 1969 को, बाई हाप नदी पर, केरी पांच स्विफ्ट नौकाओं में से एक के प्रभारी थे, जो दक्षिण वियतनामी सैनिकों को काई एनईसी और माइक फोर्स के सलाहकारों के गैरीसन से परिवहन के लिए ऑपरेशन सीलॉर्ड्स मिशन करने के बाद अपने बेस पर लौट रहे थे। राच डोंग कुंग नहर पर स्थित एक वियतकांग शिविर पर छापा मारा। इससे पहले दिन में, केरी को चावल के बंकर को उड़ाने से नितंबों में मामूली छर्रे लगे। एक छोटे से गाँव में कुछ यात्रियों को नहीं, बल्कि सभी यात्रियों को उतारते हुए, नावें मछली पकड़ने वाले एक मेड़ के पास पहुँचीं; नावों का एक समूह किनारे को गले लगाते हुए मेड़ के बाईं ओर गया, और केरी की PCF-94 नाव वाला एक समूह तटरेखा के साथ दाईं ओर चला गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.findlaw.com/legalblogs.html|title=FindLaw Legal Blogs|website=Findlaw|language=en-US|access-date=2021-08-03}}</ref> मुख्य नाव, PCF-3 के ठीक नीचे एक खदान में विस्फोट हो गया था, क्योंकि यह PCF-3 को "पानी से लगभग 2-3 फीट बाहर" उठाते हुए, बाईं ओर के वियर को पार कर गई थी। ग्रीन बेरेट सलाहकार, जेम्स रासमैन, जो केरी के पीसीएफ-94 पर सवार थे, पानी में गिर गए, जब गवाहों और घटना के दस्तावेज़ीकरण के अनुसार, एक खदान या रॉकेट नाव के पास फट गयी। घटना के दस्तावेज़ीकरण के अनुसार, विस्फोट के दौरान केरी का हाथ उस समय घायल हो गया था जब उन्हें एक बल्कहेड के खिलाफ फेंका गया था। पीसीएफ 94 घटनास्थल पर लौट आया और केरी ने रसमैन को बचाया जो पानी से स्नाइपर फायर प्राप्त कर रहा था। केरी को इस घटना के दौरान उनके कार्यों के लिए "वीर उपलब्धि" के लिए कॉम्बैट "वी" के साथ कांस्य स्टार पदक मिला; उन्होंने अपना तीसरा पर्पल हार्ट भी प्राप्त किया।
=== वियतनाम से वापसी ===
कैरी के तीसरे क्वालीफाइंग घाव के बाद, वह नौसेना के नियमों के अनुसार युद्ध कर्तव्यों से दूर पुन: असाइनमेंट के हकदार थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.findlaw.com/legalblogs.html|title=FindLaw Legal Blogs|website=Findlaw|language=en-US|access-date=2021-08-04}}</ref> केरी की पुनर्नियुक्ति के लिए पसंदीदा विकल्प सैन्य सहायता के रूप में बोस्टन, [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क शहर]] या वाशिंगटन, डी.सी. होगा। ११ अप्रैल, १९६९ को, उन्होंने ब्रुकलिन में अटलांटिक मिलिट्री सी ट्रांसपोर्टेशन सर्विस को सूचना दी, जहां वह अगले वर्ष एक अधिकारी, रियर एडमिरल वाल्टर श्लेच की व्यक्तिगत सहायता के रूप में सक्रिय ड्यूटी पर पर तैनात हुए। केरी को 1 जनवरी, 1970 को अस्थायी रूप से पूर्ण लेफ्टिनेंट के रूप में पदोन्नत किया गया था। केरी स्विफ्ट बोट ड्यूटी करने के लिए दिसंबर १९६९ से अगस्त १९७० तक अपने सक्रिय कर्तव्य दायित्व के विस्तार के लिए सहमत हुए। जॉन केरी सक्रिय कर्तव्य पर थे। अगस्त १९६६ से जनवरी १९७० तक संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना में। उन्होंने फरवरी १९७८ तक नौसेना रिजर्व में सेवा जारी रखी।<ref>{{Cite web|url=http://fl1.findlaw.com/news.findlaw.com/hdocs/docs/jkerry/rqstswiftboat.pdf|title=WebCite query result|website=www.webcitation.org|access-date=2021-08-04|archive-date=14 फ़रवरी 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20120214100804/http://fl1.findlaw.com/news.findlaw.com/hdocs/docs/jkerry/rqstswiftboat.pdf|url-status=dead}}</ref>
=== "स्विफ्टबोटिंग" विवाद ===
2000 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से जॉर्ज डब्लू बुश की सैन्य सेवा को घेरने वाले निरंतर विवाद के साथ (जब उन पर टेक्सास एयर नेशनल गार्ड में प्रवेश पाने के लिए अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था, जिससे खुद को यूनाइटेड में भर्ती से बचाया गया था) स्टेट्स आर्मी, और वियतनाम युद्ध में संभावित सेवा), एक सजाए गए वियतनाम युद्ध के दिग्गज के रूप में जॉन केरी की विपरीत स्थिति ने बुश के पुन: चुनाव अभियान के लिए एक समस्या पेश की, जिसे रिपब्लिकन ने केरी के युद्ध रिकॉर्ड को प्रश्न में बुलाकर काउंटर करने की मांग की।<ref>{{Cite web|url=https://www.nbcnews.com/id/wbna5765243|title='Hardball with Chris Matthews' for August 19|website=NBC News|language=en|access-date=2021-08-05}}</ref> 2004 के राष्ट्रपति अभियान के रूप में विकसित हुआ, स्विफ्ट बोट वेटरन्स फॉर ट्रुथ (एसबीवीटी, जिसे बाद में स्विफ्ट वेट्स और पीओडब्ल्यू फॉर ट्रुथ का नाम दिया गया) नामक समूह के लगभग 250 सदस्यों ने केरी के अभियान का विरोध किया। समूह ने प्रेस सम्मेलन आयोजित किए, विज्ञापन चलाए और केरी के सेवा रिकॉर्ड और उनके सैन्य पुरस्कारों पर सवाल उठाने वाली एक पुस्तक का समर्थन किया। इस समूह में केरी की इकाई के कई सदस्य शामिल थे, जैसे लैरी थुरलो, जिन्होंने केरी के साथ एक तेज नाव की कमान संभाली और स्टीफन गार्डनर, जिन्होंने केरी की नाव पर सेवा की। इस अभियान ने व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले राजनीतिक अपमानजनक 'स्विफ्टबोटिंग' को एक अनुचित या असत्य राजनीतिक हमले का वर्णन करने के लिए प्रेरित किया। केरी के अधिकांश पूर्व क्रू साथियों ने कहा है कि SBVT के आरोप झूठे हैं।<ref>{{Cite web|url=http://www.time.com/time/nation/article/0,8599,599034,00.html|title=The Tenth Brother - TIME|date=2013-08-17|website=web.archive.org|access-date=2021-08-05|archive-date=17 अगस्त 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130817045815/http://www.time.com/time/nation/article/0,8599,599034,00.html|url-status=dead}}</ref>
== युद्ध-विरोधी सक्रियता (1970-1971) ==
संयुक्त राज्य अमेरिका लौटने के बाद, केरी वाल्थम, मैसाचुसेट्स चले गए और वियतनाम वेटरन्स अगेंस्ट द वॉर (VVAW) में शामिल हो गए। तब लगभग २०,००० वीवीएडब्ल्यू को कुछ (राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के प्रशासन सहित) द्वारा युद्ध-विरोधी आंदोलन का एक प्रभावी घटक माना जाता था। केरी ने वियतनाम में अमेरिकी अत्याचारों के वीवीएडब्ल्यू द्वारा आयोजित "विंटर सोल्जर इन्वेस्टिगेशन" में भाग लिया, वे उस नाम की एक फिल्म में दिखाई देते हैं जो जांच का दस्तावेजीकरण करती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.nbcnews.com/id/wbna4534274|title=Nixon targeted Kerry for anti-war views|website=NBC News|language=en|access-date=2021-08-06}}</ref> निक्सन के रक्षा सचिव मेल्विन लैयर्ड के अनुसार, "उन्होंने जो किया वह मुझे मंजूर नहीं था, लेकिन मैं प्रदर्शनकारियों को अच्छी तरह से समझता था", और उन्होंने अपनी युद्ध-विरोधी गतिविधि को लेकर नौसेना के कोर्ट मार्शल रिजर्व लेफ्टिनेंट केरी के दो अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.boston.com/politicalintelligence/2012/12/21/roots-john-kerry-secretary-state-ambition-lie-wake-defeat/qE3obS65phxPdk6qlOdjGP/story.html|title=roots john kerry secretary state ambition lie wake defeat|website=www.boston.com|archive-date=6 August 2021}}</ref>
22 अप्रैल, 1971 को, केरी युद्ध को समाप्त करने से संबंधित प्रस्तावों पर सुनवाई करने वाली अमेरिकी सीनेट समिति के समक्ष पेश हुए। इस गवाही के अगले दिन, केरी ने हजारों अन्य दिग्गजों के साथ एक प्रदर्शन में भाग लिया जिसमें उन्होंने और वियतनाम युद्ध के अन्य दिग्गजों ने संयुक्त राज्य कैपिटल बिल्डिंग के सामने की सीढ़ियों पर अपने विरोध को नाटकीय बनाने के लिए एक बाड़ पर अपने पदक और सर्विस रिबन फेंके। जैक स्मिथ, एक मरीन, ने एक बयान पढ़ा जिसमें बताया गया था कि दिग्गज सरकार को अपने सैन्य पुरस्कार क्यों लौटा रहे थे। दो घंटे से अधिक समय तक, लगभग 1000 नाराज दिग्गजों ने अपने पदक, रिबन, टोपी, जैकेट और सैन्य कागजात बाड़ पर फेंक दिए। प्रत्येक वयोवृद्ध ने अपना नाम, गृहनगर, सेवा की शाखा और एक बयान दिया। केरी ने अपनी कुछ सजावट और पुरस्कार फेंके और साथ ही कुछ अन्य दिग्गजों द्वारा उन्हें फेंकने के लिए दिए। जैसे ही केरी ने अपनी सजावट बाड़ पर फेंकी, उनका कथन था: "मैं यह किसी हिंसक कारणों से नहीं, बल्कि शांति और न्याय के लिए और इस देश को हमेशा के लिए जगाने की कोशिश करने के लिए कर रहा हूं।" <ref>{{Cite web|url=https://www.boston.com/news/globe/editorial_opinion/oped/articles/2004/04/27/i_watched_kerry_throw_his_war_decorations/|title=I watched Kerry throw his war decorations - The Boston Globe|website=www.boston.com|language=en|access-date=2021-08-07}}</ref>
केरी को 30 मई, 1971 को [[उत्तरी वियतनाम]] द्वारा बंदी बनाए गए अमेरिकी POWs का सम्मान करने के लिए VVAW मार्च के दौरान गिरफ्तार किया गया था। कॉनकॉर्ड से बोस्टन तक एक बहु-दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मार्च की योजना बनाई गई थी, और लेक्सिंगटन में, प्रतिभागियों ने गांव के हरे रंग में शिविर लगाने की कोशिश की। अपराह्न 2:30 बजे, स्थानीय और राज्य पुलिस ने केरी सहित 441 प्रदर्शनकारियों को अतिचार के आरोप में गिरफ्तार किया। सभी को मिरांडा चेतावनी दी गई और लेक्सिंगटन पब्लिक वर्क्स गैरेज में रात बिताने के लिए स्कूल बसों में ले जाया गया। केरी और अन्य प्रदर्शनकारियों ने बाद में $ 5 का जुर्माना अदा किया, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।<ref>{{Cite web|url=http://archive.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061703.shtml|title=Boston Globe Online {{!}} John Kerry: A Candidate in the Making|website=archive.boston.com|access-date=2021-08-07}}</ref>
== प्रारंभिक राजनीतिक करियर (1972-1985) ==
=== 1972 कांग्रेस का चुनाव ===
1970 में, केरी ने मैसाचुसेट्स के तीसरे कांग्रेस जिले के हॉकिश डेमोक्रेट फिलिप जे फिलबिन के खिलाफ डेमोक्रेटिक प्राइमरी में कांग्रेस के लिए कार्य करने पर विचार किया था, लेकिन रॉबर्ट ड्रिनन, एक जेसुइट पुजारी और युद्ध-विरोधी कार्यकर्ता के पक्ष में स्थगित कर दिया, जो फिलबिन को हराने के लिए चले गए। फरवरी 1972 में, केरी की पत्नी ने वॉर्सेस्टर में एक घर खरीदा, जिसमें केरी का इरादा चौथे जिले के तेरह-अवधि के पुराने डेमोक्रेट, हेरोल्ड डोनोह्यू के खिलाफ चलने का था। यह जोड़ा कभी अंदर नहीं आया।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-10-02|website=web.archive.org|access-date=2021-08-08|archive-date=2 अक्तूबर 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20031002060303/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref> पड़ोसी 5वें जिले के रिपब्लिकन कांग्रेसी एफ. ब्रैडफोर्ड मोर्स ने अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की और फिर संयुक्त राष्ट्र में राजनीतिक और महासभा मामलों के अवर महासचिव बनने के लिए इस्तीफे की घोषणा की, इस जोड़े ने इसके बजाय लोवेल में एक अपार्टमेंट किराए पर लिया। , ताकि केरी उसके उत्तराधिकारी के लिए दौड़ सकें।
केरी सहित, डेमोक्रेटिक प्राथमिक दौड़ में 10 उम्मीदवार थे, जिनमें अटॉर्नी पॉल जे। शेही, राज्य प्रतिनिधि एंथनी आर। डिफ्रूसिया, जॉन जे डेसमंड और रॉबर्ट बी कैनेडी शामिल थे। केरी ने एक "बहुत महंगा, परिष्कृत अभियान" चलाया, जिसे राज्य के बाहर के समर्थकों द्वारा वित्तपोषित किया गया और कई युवा स्वयंसेवकों द्वारा समर्थित किया गया। डिफ्रूशिया के अभियान मुख्यालय ने केरी के समान भवन साझा किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-10-02|website=web.archive.org|access-date=2021-08-09|archive-date=2 अक्तूबर 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20031002060303/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref> 19 सितंबर की प्राथमिकी की पूर्व संध्या पर, पुलिस ने केरी के छोटे भाई कैमरून और अभियान क्षेत्र के निदेशक थॉमस जे. वैली को उस जगह से तोड़ते हुए पाया, जहां इमारत की टेलीफोन लाइनें स्थित थीं। उन्हें गिरफ्तार किया गया और "भव्य चोरी करने के इरादे से तोड़ने और प्रवेश करने" का आरोप लगाया गया, लेकिन एक साल बाद आरोप हटा दिए गए। घटना के समय, डिफ्रूसिया ने आरोप लगाया कि दोनों वोट से बाहर निकलने के प्रयासों को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। वेली और कैमरून केरी ने कहा कि वे केवल अपनी टेलीफोन लाइनों की जांच कर रहे थे क्योंकि उन्हें एक अज्ञात कॉल चेतावनी मिली थी कि केरी लाइनें काट दी जाएंगी।
गिरफ्तारी के बावजूद, केरी ने 20,771 मतों (27.56%) के साथ प्राथमिक जीत हासिल की। शेही 15,641 मतों (20.75%) के साथ दूसरे स्थान पर रहे, इसके बाद डिफ्रूशिया 12,222 मतों (16.22%), डेसमंड 10,213 मतों (13.55%) के साथ और कैनेडी 5,632 मतों (7.47%) के साथ दूसरे स्थान पर रहे। शेष १०,८९१ मत अन्य पांच उम्मीदवारों के बीच विभाजित हो गए, १९७० के उम्मीदवार रिचर्ड विलियम्स केवल १,७०६ मतों (२.२६%) के साथ अंतिम स्थान पर रहे।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-10-02|website=web.archive.org|access-date=2021-08-10|archive-date=2 अक्तूबर 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20031002060303/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref>
आम चुनाव में, केरी को शुरू में रिपब्लिकन उम्मीदवार, पूर्व राज्य प्रतिनिधि पॉल डब्ल्यू क्रोनिन, और रूढ़िवादी डेमोक्रेट रोजर पी डर्किन को हराने के पक्ष में थे, जो एक निर्दलीय के रूप में लड़े थे। प्राथमिक के एक सप्ताह बाद, एक सर्वेक्षण ने केरी को क्रोनिन से 26-अंक आगे रखा। उनके अभियान ने एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा प्रणाली, बेरोजगारों के लिए रियायती नुस्खे वाली दवाओं, मेरिमैक नदी को साफ करने के लिए एक रोजगार कार्यक्रम और लोवेल और लॉरेंस में किराए पर नियंत्रण का आह्वान किया। इसने उनके राज्य के बाहर के योगदान और उनके "कालीन बैगिंग" के बारे में महत्वपूर्ण समाचारों को भी चलाया, क्योंकि वह केवल अप्रैल में जिले में आए थे। इसके बाद, निक्सन व्हाइट हाउस की "वाटरगेट" ओवल ऑफिस टेप रिकॉर्डिंग जारी की गई जिसमें दिखाया गया कि केरी की उम्मीदवारी को हराने से राष्ट्रपति निक्सन का व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित हुआ था।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2004/09/24/politics/campaign/echoes-of-a-1972-loss-haunt-a-2004-campaign.html|title=Echoes of a 1972 Loss Haunt a 2004 Campaign|last=Purdum|first=Todd S.|date=2004-09-24|work=The New York Times|access-date=2021-08-11|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> केरी खुद दावा करते हैं कि निक्सन ने उनके अभियान को पटरी से उतारने में मदद करने के लिए गुर्गों को लोवेल भेजा था।
उस वर्ष देश में कांग्रेस के लिए यह दौड़ सबसे महंगी थी परंतु आम चुनाव से चार दिन पहले, डर्किन ने उनसे समर्थन वापस ले लिया और क्रोनिन का समर्थन किया, इस उम्मीद में कि केरी हार गए। एक हफ्ते पहले, एक सर्वेक्षण ने केरी को क्रोनिन से 10 अंक आगे, डर्किन के साथ 13% पर रखा था। अभियान के अंतिम दिनों में, केरी ने महसूस किया कि यह "नीचे फिसल रहे है" और क्रोनिन 110,970 मतों (53.45%) से केरी के 92,847 (44.72%) से विजयी हुए। अपनी हार के बाद, केरी ने समर्थकों को लिखे एक पत्र में उन्होंने खेद व्यक्त किया कि "दो ठोस हफ्तों के लिए मुझे गैर-अमेरिकी, नए वामपंथी विरोधी आंदोलनकारी, देशद्रोही कहा, और मुझे हर दूसरे को 'अन-' और 'एंटी-' करार दिया। यह विश्वास करना कठिन है कि एक समाचार पत्र इतना शक्तिशाली हो सकता है, लेकिन वे थे। बाद में उन्होंने महसूस किया कि द सन के हमलों का सीधे जवाब देने में उनकी विफलता ने उन्हें दौड़ की कीमत चुकानी पड़ी।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-10-02|website=web.archive.org|access-date=2021-08-12|archive-date=2 अक्तूबर 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20031002060303/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/061803.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref>
=== कानून कैरियर ===
केरी की 1972 की हार के बाद, उन्होंने और उनकी पत्नी ने मैसाचुसेट्स के लोवेल के बेलवीडियर खंड में एक घर खरीदा. एक दशक में प्रवेश करते हुए जिसे उनके भाई कैमरन ने बाद में "निर्वासन में वर्ष" कहा. उन्होंने कुछ समय कोऑपरेटिव फॉर असिस्टेंस एंड रिलीफ एवरीवेयर (CARE), एक अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन के लिए एक फंडराइज़र के रूप में काम किया। सितंबर 1973 में, उन्होंने बोस्टन कॉलेज लॉ स्कूल में प्रवेश लिया।<ref>{{Cite web|url=https://alternativeenergy.procon.org/source-biographies/john-kerry/|title=John Kerry, JD - Alternative Energy - ProCon.org|website=Alternative Energy|language=en-US|access-date=2021-08-13|archive-date=13 अगस्त 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210813162808/https://alternativeenergy.procon.org/source-biographies/john-kerry/|url-status=dead}}</ref> पढ़ाई के दौरान, केरी ने WBZ पर एक टॉक रेडियो होस्ट के रूप में काम किया और जुलाई 1974 में, वे मैसाचुसेट्स एडवोकेसी एसोसिएशन मास एक्शन के कार्यकारी निदेशक नामित किए गए।<ref>{{Cite web|url=http://www.newspapers.com/newspage/48135750/|title=The Lowell Sun from Lowell, Massachusetts on October 26, 1975 · Page 12|website=Newspapers.com|language=en|access-date=2021-08-13}}</ref>
केरी ने 1976 में बोस्टन कॉलेज से अपना ज्यूरिस डॉक्टर (जे.डी.) प्राप्त किया। लॉ स्कूल में रहते हुए वह मिडलसेक्स काउंटी के जिला अटॉर्नी, जॉन जे. ड्रोनी के कार्यालय में एक छात्र अभियोजक रहे थे। बार परीक्षा उत्तीर्ण करने और 1976 में मैसाचुसेट्स बार में भर्ती होने के बाद, वे उस कार्यालय में पूर्णकालिक अभियोजक के रूप में काम करने चले गए और मैसाचुसेट्स के चेस्टनट हिल चले गए।<ref>{{Cite web|url=https://www.latimes.com/news/la-na-prosecutor18jul18-story.html|title=Kerry's Crime-Fighting Early Days|last=Facebook|last2=Twitter|date=2004-07-18|website=Los Angeles Times|language=en-US|access-date=2021-08-14|last3=options|first3=Show more sharing|last4=Facebook|last5=Twitter|last6=LinkedIn|last7=Email|last8=URLCopied!|first8=Copy Link|last9=Print}}</ref>
जनवरी 1977 में, ड्रोनी ने उन्हें फर्स्ट असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के रूप में पदोन्नत किया, अनिवार्य रूप से केरी को अपना अभियान और मीडिया सरोगेट बना दिया क्योंकि ड्रोनी एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस, या लू गेहरिग्स डिजीज) से पीड़ित थे। प्रथम सहायक के रूप में, केरी ने मामलों की कोशिश की, जिसमें एक हाई-प्रोफाइल बलात्कार मामले और एक हत्या में दोषसिद्धि जीतना शामिल था। उन्होंने विशेष सफेदपोश और संगठित अपराध इकाइयों के निर्माण की शुरुआत करने, बलात्कार और अन्य अपराध पीड़ितों और गवाहों की समस्याओं को दूर करने के लिए कार्यक्रम बनाने और मामले की प्राथमिकताओं को दर्शाने के लिए परीक्षण कैलेंडर के प्रबंधन सहित कार्यालय के प्रशासन में भी भूमिका निभाई।<ref>{{Cite web|url=https://www.newyorker.com/magazine/2004/05/10/kerrys-trials|title=Kerry’s Trials|last=Nast|first=Condé|date=2004-05-02|website=The New Yorker|language=en-US|access-date=2021-08-15}}</ref> 1978 में इसी भूमिका में केरी ने अपने पहले तलाक के मुकदमे में "गलत बयान" के संबंध में तत्कालीन सीनेटर एडवर्ड ब्रुक के खिलाफ संभावित आपराधिक आरोपों की जांच की घोषणा की। जांचकर्ताओं और अभियोजकों ने निर्धारित किया कि ब्रुक के गलत बयान मामले के लिए प्रासंगिक थे, लेकिन परिणाम को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं थे, तब कोई आरोप नहीं लगाए जाने के बाद जांच समाप्त हो गई।<ref>{{Cite web|url=http://www.newspapers.com/newspage/16988434/|title=The Galveston Daily News from Galveston, Texas on August 2, 1978 · Page 9|website=Newspapers.com|language=en|access-date=2021-08-15}}</ref>
=== मैसाचुसेट्स के लेफ्टिनेंट गवर्नर ===
1982 के मैसाचुसेट्स गवर्नर चुनाव में, लेफ्टिनेंट गवर्नर थॉमस पी. ओ'नील III ने मैसाचुसेट्स के गवर्नर के लिए लड़ने का फैसला करने के बजाय तीसरे कार्यकाल की मांग करने से इनकार कर दिया। केरी ने मैसाचुसेट्स पर्यावरण मामलों के सचिव एवलिन मर्फी, राज्य सीनेटर सैमुअल रोटोंडी, राज्य प्रतिनिधि लू निकिनेलो और लोइस पाइन्स के साथ प्राथमिक चुनाव में प्रवेश करते हुए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की।<ref>{{Cite web|url=https://pbn.com/thomas-p-oneill-iii2751/|title=Thomas P. O'Neill, III|last=Pare|first=Michael|date=1999-12-06|website=Providence Business News|language=en-US|access-date=2021-08-16}}</ref>
केरी ने मर्फी के 286,378 (25.48%), रोटोंडी के 228,086 (20.29%), निकिनेलो के 150,829 (13.42%) और पाइन्स के 132,734 (11.81%) के लिए 325,890 मतों (29%) के साथ नामांकन जीता।<ref>{{Cite web|url=https://www.ourcampaigns.com/RaceDetail.html?RaceID=547201|title=Our Campaigns - MA Lt. Governor - D Primary Race - Sep 14, 1982|website=www.ourcampaigns.com|access-date=2021-08-18}}</ref> समवर्ती गवर्नर प्राइमरी में, पूर्व गवर्नर माइकल डुकाकिस ने ओ'नील और मौजूदा गवर्नर एडवर्ड जे किंग को हराया। डुकाकिस और केरी टिकट ने आम चुनाव में जॉन डब्ल्यू. सियर्स और लियोन लोम्बार्डी के रिपब्लिकन टिकट को 1,219,109 मतों (61.92%) से 749,679 (38.08%) तक हराया।<ref>{{Cite web|url=http://archive.boston.com/globe/nation/packages/kerry/images/day5/02.htm|title=Boston.com / Photo gallery|website=archive.boston.com|access-date=2021-08-18}}</ref> लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में केरी ने मैसाचुसेट्स गवर्नर्स काउंसिल की बैठकों का नेतृत्व किया। दुकाकिस ने केरी को अन्य कार्य भी सौंपे, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार को राज्य के संपर्क के रूप में कार्य करना शामिल है। वह एसिड रेन से निपटने सहित पर्यावरणीय मुद्दों पर भी सक्रिय थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.esquire.com/features/ESQ0604-JUNE_KERRY|title=The Misunderestimation of John Kerry|last=Pierce|first=Charles P.|date=2007-01-29|website=Esquire|language=en-US|access-date=2021-08-18}}</ref>
=== 1984 अमेरिकी सीनेट चुनाव ===
मैसाचुसेट्स के जूनियर यू.एस. सीनेटर, पॉल सोंगस ने 1984 में घोषणा की कि वह स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ देंगे।<ref>{{Cite web|url=https://www.thecrimson.com/article/1984/2/14/richardson-to-run-for-tsongas-seat/|title=Richardson to Run for Tsongas' Seat; Candidacy Fires Republican Hopes {{!}} News {{!}} The Harvard Crimson|website=www.thecrimson.com|access-date=2021-08-20}}</ref> केरी ने चुनाव लड़े और 1982 में लेफ्टिनेंट गवर्नर की अपनी चुनावी दौड़ की तरह, उन्हें राज्य लोकतांत्रिक सम्मेलन में नियमित पार्टी का समर्थन नहीं मिला। हाउस स्पीकर टिप ओ'नील के पसंदीदा कांग्रेसी जेम्स शैनन, नामांकन जीतने के लिए शुरुआती पसंदीदा थे, और उन्होंने "व्यापक स्थापना समर्थन जीता और प्रारंभिक मतदान में नेतृत्व किया। फिर से १९८२ में, हालांकि, केरी एक करीबी प्राथमिक में जीत हासिल की।<ref>{{Cite web|url=https://www.sfgate.com/opinion/article/Can-t-kiss-off-Kerry-He-s-a-hardscrabble-2397571.php|title=Can't kiss off Kerry / He's a hardscrabble campaigner who woos blue-collar voters and fights for life when behind|last=Nolan|first=Martin F.|date=2004-04-04|website=SFGATE|language=en-US|access-date=2021-08-20}}</ref> अपने आम चुनाव अभियान में, केरी ने उदारवाद को कड़े बजट नियंत्रण के साथ मिलाने का वादा किया। उन्होंने रिपब्लिकन रे शमी को रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के पुनर्निर्वाचन के लिए एक राष्ट्रव्यापी भूस्खलन के बावजूद हराया, जिसके लिए मैसाचुसेट्स ने एक संकीर्ण अंतर से मतदान किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.thecrimson.com/article/1984/10/2/republican-stars-shine-on-ray-shamie/|title=Republican Stars Shine on Ray Shamie {{!}} News {{!}} The Harvard Crimson|website=www.thecrimson.com|access-date=2021-08-21}}</ref> अपने विजय भाषण में, केरी ने जोर देकर कहा कि उनकी जीत का मतलब है कि मैसाचुसेट्स के लोग "स्वार्थ की राजनीति और इस धारणा को जोरदार रूप से खारिज करते हैं कि महिलाओं को द्वितीय श्रेणी के नागरिक के रूप में माना जाना चाहिए। सोंगस ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से एक दिन पहले 2 जनवरी 1985 को इस्तीफा दे दिया। दुकाकिस ने केरी को रिक्ति को भरने के लिए नियुक्त किया, जिससे उन्हें अन्य नए सीनेटरों पर वरिष्ठता प्रदान की गई, जिन्होंने 3 जनवरी को शपथ ली थी, उनकी नई शर्तों की निर्धारित शुरुआत।<ref>{{Cite web|url=https://news.google.com/newspapers?nid=2457&dat=19850102&id=9hE9AAAAIBAJ&sjid=fS4MAAAAIBAJ&pg=3705,343878|title=Bangor Daily News - Google News संग्रह खोज|website=news.google.com|access-date=2021-08-21}}</ref>
== अमेरिकी सीनेट (1985-2013) ==
=== ईरान-कॉन्ट्रा सुनवाई ===
18 अप्रैल 1985 को, अपनी सीनेट सीट लेने के कुछ महीने बाद, केरी और आयोवा के सीनेटर टॉम हार्किन ने निकारागुआ की यात्रा की और देश के राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा से मुलाकात की। हालाँकि ओर्टेगा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित चुनाव जीते थे, लेकिन इस यात्रा की आलोचना की गई क्योंकि ओर्टेगा और उनकी वामपंथी सैंडिनिस्टा सरकार के क्यूबा और यूएसएसआर से मजबूत संबंध थे और उन पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया था। सैंडिनिस्टा सरकार का विरोध दक्षिणपंथी सीआईए समर्थित विद्रोहियों ने किया था जिन्हें कॉन्ट्रास कहा जाता था। निकारागुआ में रहते हुए, केरी और हरकिन ने संघर्ष के दोनों पक्षों के लोगों से बात की। सीनेटरों के माध्यम से, ओर्टेगा ने कॉन्ट्रास के यू.एस. छोड़ने के समर्थन के बदले संघर्ष विराम समझौते की पेशकश की। रीगन प्रशासन द्वारा इस प्रस्ताव की निंदा एक "प्रचार पहल" के रूप में की गई, जिसे 14 मिलियन डॉलर के कॉन्ट्रा सहायता पैकेज पर हाउस वोट को प्रभावित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन केरी ने कहा, "मैं तैयार हूं ... परीक्षण करने के प्रयास में जोखिम लेने के लिए। " सदन ने कॉन्ट्रा सहायता को अस्वीकार कर दिया, लेकिन ओर्टेगा ने अगले दिन $ 200 मिलियन का ऋण स्वीकार करने के लिए मास्को के लिए उड़ान भरी, जिसने सदन को छह सप्ताह बाद $ 27 मिलियन का एक बड़ा सहायता पैकेज पारित करने के लिए प्रेरित किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/062003.shtml|title=Boston Globe Online / Nation {{!}} World / John Kerry: A Candidate in the Making|date=2003-06-21|website=web.archive.org|access-date=2021-08-22|archive-date=21 जून 2003|archive-url=https://web.archive.org/web/20030621071459/http://www.boston.com/globe/nation/packages/kerry/062003.shtml|url-status=bot: unknown}}</ref>
इस बीच, केरी के कर्मचारियों ने अपनी जांच शुरू की और, 14 अक्टूबर को, एक रिपोर्ट जारी की जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल ओलिवर नॉर्थ की ओर से अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ, जिन्होंने सैन्य उपकरणों को वितरित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और सीआईए से जुड़े एक निजी नेटवर्क की स्थापना की थी। वास्तव में, उत्तर और राष्ट्रपति प्रशासन के कुछ सदस्यों पर केरी द्वारा कांग्रेस की अनुमति के बिना अवैध रूप से वित्त पोषण और सशस्त्र आतंकवादियों की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया था। केरी की स्टाफ जांच, एक साल की लंबी पूछताछ और पचास अज्ञात स्रोतों के साक्षात्कार के आधार पर, "गंभीर सवाल उठाती है कि क्या संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले तीन वर्षों में विरोधाभासों से निपटने में कानून का पालन किया है।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1986/10/15/world/white-house-official-linked-to-arms-deliveries-to-contras.html|title=White House Official Linked To Arms Deliveries to Contras|last=Times|first=Special to the New York|date=1986-10-15|work=The New York Times|access-date=2021-08-23|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
केरी कमेटी की रिपोर्ट में पाया गया कि "कॉन्ट्रा ड्रग लिंक्स में शामिल हैं ... कॉन्ट्रास को मानवीय सहायता के लिए कांग्रेस द्वारा अधिकृत अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा ड्रग तस्करों को भुगतान, कुछ मामलों में तस्करों के संघीय कानून प्रवर्तन द्वारा अभियोग के बाद नशीली दवाओं के आरोपों पर एजेंसियां, अन्य में जबकि तस्कर इन्हीं एजेंसियों द्वारा सक्रिय जांच के अधीन थे।<ref>{{Cite web|url=http://www.pinknoiz.com/covert/contracoke.html|title=Nicaraguan Contras and Cocaine|website=www.pinknoiz.com|access-date=2021-08-23}}</ref> केरी के निष्कर्षों ने मीडिया और आधिकारिक वाशिंगटन में बहुत कम प्रतिक्रिया दी। केरी की रिपोर्ट ईरान-कॉन्ट्रा मामले की अग्रदूत थी। 4 मई 1989 को, उत्तर को ईरान/कॉन्ट्रा विवाद से संबंधित आरोपों का दोषी ठहराया गया था, जिसमें तीन गुंडागर्दी भी शामिल थी। हालांकि, १६ सितंबर १९९१ को, उत्तर की सजाओं को अपील पर पलट दिया गया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/section/learning|title=The Learning Network|work=The New York Times|access-date=2021-08-23|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
=== जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश प्रशासन ===
15 नवंबर, 1988 को, मैसाचुसेट्स के ईस्ट लिन में एक व्यवसायियों के नाश्ते पर, केरी ने तत्कालीन राष्ट्रपति-चुनाव जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश और उनके चल रहे साथी के बारे में एक मजाक उड़ाया, यह कहते हुए कि "अगर बुश को गोली मार दी जाती है, तो सीक्रेट सर्विस के पास डैन क्वेले को गोली मारने का आदेश नहीं होता" परंतु उन्होंने उसने अगले दिन माफी मांगी।<ref>{{Cite web|url=http://nl.newsbank.com/nl-search/we/Archives?p_product=SL&p_theme=sl&p_action=search&p_maxdocs=200&p_topdoc=1&p_text_direct-0=0EB32978E9020931&p_field_direct-0=document_id&p_perpage=10&p_sort=YMD_date|title=St. Louis Post-Dispatch Newspaper Archives|website=nl.newsbank.com|access-date=2021-08-24}}</ref>
पनामा के वास्तविक शासक जनरल मैनुअल नोरिएगा की जांच के दौरान, केरी के कर्मचारियों को यह विश्वास करने का कारण मिला कि [[पाकिस्तान]] स्थित बैंक ऑफ क्रेडिट एंड कॉमर्स इंटरनेशनल (बीसीसीआई) ने नोरिएगा की नशीली दवाओं की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा प्रदान की थी। इसने बीसीसीआई की एक अलग जांच की, और परिणामस्वरूप, बैंकिंग नियामकों ने 1991 में बीसीसीआई को बंद कर दिया।<ref>{{Cite web|url=http://www.washingtonmonthly.com/features/2004/0409.sirota.html|title="Follow the Money" by David Sirota and Jonathan Baskin|date=2004-09-11|website=web.archive.org|access-date=2021-08-25|archive-date=11 सितंबर 2004|archive-url=https://web.archive.org/web/20040911081424/http://www.washingtonmonthly.com/features/2004/0409.sirota.html|url-status=bot: unknown}}</ref> दिसंबर 1992 में, केरी और कोलोराडो के एक रिपब्लिकन सीनेटर हैंक ब्राउन ने बीसीसीआई घोटाले पर एक रिपोर्ट, द बीसीसीआई अफेयर जारी किया। रिपोर्ट से पता चला कि बैंक कुटिल था और अबू निदाल सहित आतंकवादियों के साथ काम कर रहा था। इसने न्याय विभाग, ट्रेजरी विभाग, सीमा शुल्क सेवा, फेडरल रिजर्व बैंक के साथ-साथ प्रभावशाली पैरवीकारों और सीआईए की आलोचना की। कुछ डेमोक्रेट द्वारा केरी की आलोचना की गई थी कि उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों का पीछा किया, जिसमें पूर्व रक्षा सचिव क्लार्क क्लिफोर्ड भी शामिल थे, हालांकि रिपब्लिकन ने कहा कि उन्हें कुछ डेमोक्रेट के खिलाफ और भी अधिक दबाव डालना चाहिए था। बीसीसीआई कांड बाद में मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय को सौंप दिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://fas.org/irp/congress/1992_rpt/bcci/19rogers.htm|title=The BCCI Affair - 19 Ed Rogers and Kamal Adham|website=fas.org|access-date=2021-08-25|archive-date=24 दिसंबर 2009|archive-url=https://web.archive.org/web/20091224193511/http://www.fas.org/irp/congress/1992_rpt/bcci/19rogers.htm|url-status=dead}}</ref>
=== राष्ट्रपति की बोली के अग्रदूत ===
1996 में, केरी को गवर्नर विलियम वेल्ड के खिलाफ एक कठिन चुनाव लड़ाई का सामना करना पड़ा, जो एक लोकप्रिय रिपब्लिकन पदाधिकारी थे, जिन्हें 1994 में 71% वोट के साथ फिर से चुना गया था। उस वर्ष की सबसे नज़दीकी से देखी जाने वाली सीनेट दौड़ में से एक के रूप में इस दौड़ को देश भर में कवर किया गया था। केरी और वेल्ड ने कई बहसें कीं और केरी के बीकन हिल टाउनहाउस में $6.9 मिलियन की एक अभियान खर्च सीमा पर बातचीत की। दोनों उम्मीदवारों ने सीमा से अधिक खर्च किया, प्रत्येक खेमे ने दूसरे पर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/1996/10/25/us/promises-yield-to-old-fashioned-politics.html|title=Promises Yield to Old-Fashioned Politics|last=Rimer|first=Sara|date=1996-10-25|work=The New York Times|access-date=2021-08-26|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> अभियान के दौरान, केरी ने 1996 के डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में संक्षेप में बात की। केरी ने 52 प्रतिशत और वेल्ड के 45 प्रतिशत के साथ फिर से चुनाव जीता।<ref>{{Cite web|url=https://www.cnn.com/|title=CNN - Breaking News, Latest News and Videos|website=CNN|access-date=2021-08-26}}</ref>
2000 के राष्ट्रपति चुनाव में, केरी ने खुद को उपराष्ट्रपति के रूप में चल रहे साथी के रूप में चुने जाने के करीब पाया। प्रकल्पित डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अल गोर के राष्ट्रपति अभियान से एक रिलीज ने केरी को उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने के लिए छोटी सूची में सूचीबद्ध किया, साथ ही उत्तरी कैरोलिना के सीनेटर जॉन एडवर्ड्स, इंडियाना सीनेटर इवान बेह, मिसौरी के कांग्रेसी रिचर्ड गेफर्ड, न्यू हैम्पशायर के गवर्नर जीन के साथ। शाहीन और कनेक्टिकट के सीनेटर जो लिबरमैन। गोर ने अंततः लिबरमैन को चुना।<ref>{{Cite web|url=https://www.sfgate.com/politics/article/Gore-Trims-VP-List-To-Six-Senators-Have-Inside-2745572.php|title=Gore Trims VP List To Six -- Senators Have Inside Track / Bradley could be `wild card' pick|last=Connolly|first=Ceci|date=2000-08-04|website=SFGATE|language=en-US|access-date=2021-08-26}}</ref>
=== "आप इराक में फंस जाते हैं" विवाद ===
30 अक्टूबर, 2006 को, केरी कैलिफोर्निया के पासाडेना में पासाडेना सिटी कॉलेज में डेमोक्रेटिक कैलिफोर्निया के गवर्नर उम्मीदवार फिल एंजेलिड्स के लिए आयोजित एक अभियान रैली में एक प्रमुख वक्ता थे। मुख्य रूप से कॉलेज के छात्रों से बने दर्शकों से बात करते हुए, केरी ने कहा, "आप जानते हैं, शिक्षा, यदि आप इसका अधिकतम लाभ उठाते हैं, आप कड़ी मेहनत करते हैं, आप अपना होमवर्क करते हैं और आप स्मार्ट बनने का प्रयास करते हैं, तो आप अच्छा कर सकते हैं। यदि तुम नहीं, तुम इराक में फंस जाओ।" <ref>{{Cite journal|last=Deutsche|first=Rosalyn|last2=Ryan|first2=Cara Gendel|date=1984|title=The Fine Art of Gentrification|url=http://dx.doi.org/10.2307/778358|journal=October|volume=31|pages=91|doi=10.2307/778358|issn=0162-2870}}</ref> जिस दिन उन्होंने टिप्पणी की, राजनीतिक स्पेक्ट्रम के दोनों पक्षों के नेताओं ने केरी की टिप्पणी की आलोचना की, जो उन्होंने कहा कि एक नकली मजाक था। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश, सीनेटर जॉन मैक्केन और सदन के तत्कालीन अध्यक्ष डेनिस हेस्टर्ट सहित रिपब्लिकन ने कहा कि केरी की टिप्पणियां इराक में लड़ रहे अमेरिकी सैन्य बलों का अपमान कर रही थीं। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि हेरोल्ड फोर्ड, जूनियर ने केरी से माफी मांगने को कहा।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2006/11/02/us/politics/02kerry.html|title=Flubbed Joke Makes Kerry a Political Punching Bag, Again|last=Zernike|first=Kate|date=2006-11-02|work=The New York Times|access-date=2021-08-28|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
केरी ने शुरू में कहा: "मैं राष्ट्रपति और उनकी टूटी हुई नीति की मेरी आलोचना के लिए किसी से माफी नहीं मांगता।" केरी ने जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डिक चेनी की आलोचना का भी जवाब दिया। केरी ने सक्रिय रूप से जनवरी 2011 में दक्षिण सूडान में एक स्वतंत्रता जनमत संग्रह का समर्थन किया केरी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति बुश पर एक चुटकी के रूप में टिप्पणी करने का इरादा किया था, और इस टिप्पणी को "बकवास मजाक" के रूप में वर्णित किया, अनजाने में कुंजी शब्द "हमें" छोड़ दिया (जो होता, "यदि आप डॉन" t, आप हमें इराक में फँसा दें"), साथ ही वाक्य के अंत से "बस राष्ट्रपति बुश से पूछें" वाक्यांश को छोड़ दें। केरी की तैयार टिप्पणियों में, जिसे उन्होंने आगामी मीडिया उन्माद के दौरान जारी किया, इसी पंक्ति थी "... आप अंत में हमें इराक में एक युद्ध में फंस गए। बस राष्ट्रपति बुश से पूछें।" उन्होंने यह भी कहा कि भाषण के संदर्भ से, जो "इराक में फंस गया" लाइन से पहले, बुश और उनकी जीवनी के तत्वों के लिए कई विशिष्ट संदर्भ देता था, केरी राष्ट्रपति बुश का जिक्र कर रहे थे, न कि सामान्य रूप से अमेरिकी सैनिकों का। दो दिनों के मीडिया कवरेज के बाद, केरी ने डायवर्जन न होने की इच्छा का हवाला देते हुए उन लोगों से माफी मांगी, जिन्होंने उनकी टिप्पणी की गलत व्याख्या को गलत बताया।<ref>{{Cite web|url=http://www.nytimes.com/2006/11/01/washington/01cnd-kerry.html|title=Kerry Apologizes for Iraq Remark - New York Times|date=2008-03-07|website=web.archive.org|access-date=2021-08-28|archive-date=7 मार्च 2008|archive-url=https://web.archive.org/web/20080307112639/http://www.nytimes.com/2006/11/01/washington/01cnd-kerry.html|url-status=bot: unknown}}</ref>
=== अफगानिस्तान और पाकिस्तान ===
तत्कालीन सीनेटर जो बिडेन, जॉन केरी, और चक हेगल अफगानिस्तान में कुनार प्रांत में, फरवरी २०, २००८ मई 2011 में वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि केरी "पिछले कुछ वर्षों में संकट के समय अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण दूत के रूप में उभरे हैं", क्योंकि उन्होंने दोनों देशों की एक और यात्रा की थी। [[ओसामा बिन लादेन]] की हत्या ने "शायद अब तक का सबसे महत्वपूर्ण चौराहा उत्पन्न किया है," रिपोर्ट जारी रही, जैसा कि सीनेटर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बात की और काबुल से पाकिस्तान के लिए उड़ान भरने की तैयारी की।<ref>{{Cite news|url=https://www.washingtonpost.com/world/kerry-us-relationship-with-pakistan-at-critical-moment/2011/05/15/AFnx4D4G_story.html|title=Kerry: U.S. relationship with Pakistan at ‘critical moment’|last=Partlow|first=Joshua|date=2011-05-15|work=Washington Post|access-date=2021-08-29|language=en-US|issn=0190-8286}}</ref> मई में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान चर्चा किए गए मामलों में, द्विपक्षीय संबंधों को "पुनर्मूल्यांकन" करने के सामान्य नियम के तहत, केरी ने पाकिस्तानियों से अमेरिकी हेलीकॉप्टर के टेल-सेक्शन की मांग की और उसे पुनः प्राप्त किया, जिसे बिन लादेन के हमले के दौरान एबटाबाद में छोड़ना पड़ा था। .[119] 2013 में, केरी ने अफगानिस्तान में तालिबान के साथ शांति प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से मुलाकात की।<ref>{{Cite web|url=https://www.washingtontimes.com/news/2013/mar/25/secretary-state-john-kerry-meets-pakistani-army-ch/|title=Secretary of State John Kerry meets with Pakistani army chief to discuss Taliban|last=https://www.washingtontimes.com|first=The Washington Times|website=The Washington Times|language=en-US|access-date=2021-08-29}}</ref>
=== वोटिंग रिकॉर्ड ===
==== संपूर्ण ====
अधिकांश विश्लेषण सीनेट डेमोक्रेटिक कॉकस के भीतर केरी के वोटिंग रिकॉर्ड को बाईं ओर रखते हैं। 2004 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्हें रूढ़िवादी समूहों और बुश अभियान द्वारा एक कट्टर उदारवादी के रूप में चित्रित किया गया था, जिन्होंने अक्सर उल्लेख किया था कि 2003 में केरी को नेशनल जर्नल के शीर्ष सीनेट उदारवादी का दर्जा दिया गया था। हालाँकि, वह रेटिंग केवल उस पिछले वर्ष के भीतर कानून पर मतदान पर आधारित थी। वास्तव में, करियर वोटिंग रिकॉर्ड के संदर्भ में, नेशनल जर्नल ने पाया कि केरी सीनेट के 11 वें सबसे उदार सदस्य हैं। अधिकांश विश्लेषणों से पता चलता है कि केरी ठेठ डेमोक्रेटिक सीनेटर की तुलना में कम से कम थोड़ा अधिक उदार हैं। केरी ने कहा है कि वह सामाजिक सुरक्षा के निजीकरण का विरोध करता है, वयस्क महिलाओं और नाबालिगों के लिए गर्भपात के अधिकारों का समर्थन करता है, समलैंगिक विवाह का समर्थन करता है, आतंकवादियों को छोड़कर मृत्युदंड का विरोध करता है, अधिकांश बंदूक नियंत्रण कानूनों का समर्थन करता है, और आम तौर पर व्यापार समझौतों का समर्थक है। इनमें से कुछ में, गर्भपात के मामले में, केरी अपने व्यक्तिगत विचारों को अपने कैथोलिक विश्वास के अनुरूप अलग करता है, लेकिन उनका मानना है कि चर्च और राज्य को अलग करने की मांग है कि वह उन लोगों पर अपने धार्मिक विश्वासों को कानून नहीं बनाते जो उन विश्वासों को साझा नहीं करते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.christianitytoday.com/ct/2004/julyweb-only/7-5-31.0.html|title=Why Kerry Is Sincere When He Says He Believes Life Begins at Conception|last=Olsen|first=Compiled by Ted|website=ChristianityToday.com|language=en|access-date=2021-08-30}}</ref> केरी ने उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते और चीन के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र की स्थिति का समर्थन किया, लेकिन मध्य अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया। जुलाई 1997 में, केरी भारत और चीन सहित विकासशील समझे जाने वाले देशों पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन सीमा के बिना ग्लोबल वार्मिंग पर क्योटो संधि के अनुसमर्थन के खिलाफ मतदान में अपने सीनेट सहयोगियों के साथ शामिल हुए। तब से, केरी ने राष्ट्रपति बुश पर हमला करते हुए उन पर ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का विरोध करने का आरोप लगाया है। 1 अक्टूबर 2008 को, केरी ने 2008 के आपातकालीन आर्थिक स्थिरीकरण अधिनियम के लिए मतदान किया, जिसे TARP खैरात के रूप में भी जाना जाता है।
==== इराक ====
इराक में सीनेटर केरी, सितंबर 2005 इराक युद्ध की अगुवाई में, केरी ने ९ अक्टूबर २००२ को कहा; "मैं संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति को सद्दाम हुसैन को निरस्त्र करने के लिए, यदि आवश्यक हो, बल प्रयोग करने का अधिकार देने के लिए मतदान करूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि उनके हाथों में सामूहिक विनाश के हथियारों का एक घातक शस्त्रागार हमारी सुरक्षा के लिए एक वास्तविक और गंभीर खतरा है। " बुश ने 2003 में इराक पर आक्रमण के आदेश में उस प्रस्ताव पर भरोसा किया था। केरी ने 23 जनवरी, 2003 को जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय को यह कहते हुए भाषण दिया कि "बिना किसी सवाल के, हमें [[सद्दाम हुसैन]] को निरस्त्र करने की आवश्यकता है। वह एक क्रूर, जानलेवा तानाशाह है; एक दमनकारी शासन का नेतृत्व करते हुए वह एक विशेष रूप से गंभीर खतरा प्रस्तुत करता है क्योंकि वह लगातार गलत अनुमान लगाने के लिए प्रवण होता है। इसलिए सामूहिक विनाश के हथियारों से सद्दाम हुसैन का खतरा वास्तविक है।" हालांकि, केरी ने चेतावनी दी थी कि प्रशासन को युद्ध शुरू करने से पहले अपने राजनयिक रास्ते समाप्त कर लेने चाहिए: "श्रीमान राष्ट्रपति, युद्ध में जल्दबाजी न करें, गठबंधन बनाने के लिए समय निकालें, क्योंकि यह युद्ध नहीं जीत रहा है, यह कठिन है, यह शांति जीत रहा है।<ref>{{Cite web|url=http://www.cnn.com/2004/US/01/27/sprj.nirq.bush/|title=CNN.com - Bush defends Iraq war in face of WMD findings - Jan. 28, 2004|website=www.cnn.com|access-date=2021-08-31}}</ref> इराक पर आक्रमण के बाद, जब सामूहिक विनाश के कोई हथियार नहीं मिले, केरी ने बुश की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गुमराह किया है: "जब संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति आपको देखते हैं और आपको कुछ बताते हैं, तो कुछ विश्वास होना चाहिए।
==== लीबिया ====
2011 में, केरी ने लीबिया में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया।<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/us-libya-usa-kerry-idUSTRE72F98D20110316|title=Kerry warns U.S. against failing to act on Libya|last=Alexander|first=David|date=2011-03-16|work=Reuters|access-date=2021-09-01|language=en}}</ref>
==== नेतृत्व ====
केरी ने 1991 से 1993 तक POW/MIA मामलों पर सीनेट की चयन समिति की अध्यक्षता की। समिति की रिपोर्ट, जिसका केरी ने समर्थन किया, ने कहा कि "ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जो यह साबित करता हो कि कोई भी अमेरिकी दक्षिण पूर्व एशिया में कैद में जीवित रहता है। १९९४ में सीनेट ने केरी और साथी वियतनाम के अनुभवी जॉन मैककेन द्वारा प्रायोजित एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें वियतनाम के खिलाफ मौजूदा व्यापार प्रतिबंध को समाप्त करने का आह्वान किया गया; इसका उद्देश्य सामान्यीकरण का मार्ग प्रशस्त करना था।<ref>{{Cite web|url=https://irp.fas.org/congress/1993_rpt/pow-exec.html|title=Report of the Senate Select Committee on POW/MIA's: Executive Summary|website=irp.fas.org|access-date=2021-09-01}}</ref> 1995 में, राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने वियतनाम देश के साथ राजनयिक संबंधों को सामान्य किया। केरी 1987 से 1989 तक डेमोक्रेटिक सीनेटरियल कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष थे।<ref>{{Cite news|url=http://archive.boston.com/news/politics/2008/articles/2008/11/20/kerry_poised_to_cap_long_journey/?page=full|title=Kerry poised to cap long journey|last=Bender|first=Bryan|date=2008-11-20|work=Boston.com|access-date=2021-09-01}}</ref> उन्हें 1990, 1996 (मैसाचुसेट्स रिपब्लिकन विलियम वेल्ड के तत्कालीन गवर्नर के खिलाफ फिर से चुनाव जीतने के बाद), 2002 और 2008 में सीनेट के लिए फिर से चुना गया। जनवरी में 2009, केरी ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में जो बिडेन की जगह ली। पूरे देश में कैंपस लीडर्स के लिए रोल मॉडल और वैश्विक विकास के प्रबल समर्थक के रूप में, केरी को मिलेनियम कैंपस नेटवर्क (MCN) द्वारा 2011 में ग्लोबल जेनरेशन अवार्ड विजेता के रूप में सम्मानित किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.boston.com/lifestyle/blogs/thenextgreatgeneration/2011/09/global_generation_awards_honor.html|title=Global Generation Awards Honor Gen Y's Humanitarian Heroes|work=Boston.com|access-date=2021-09-01|language=en}}</ref>
=== समिति के कार्य ===
अपने कार्यकाल के दौरान, केरी ने चार सीनेट समितियों और नौ उपसमितियों में कार्य किया:
* वाणिज्य, विज्ञान एवं परिवहन समिति
* उड्डयन संचालन, सुरक्षा और सुरक्षा पर उपसमिति
* संचार, प्रौद्योगिकी और इंटरनेट पर उपसमिति (अध्यक्ष)
* प्रतिस्पर्धात्मकता, नवाचार और निर्यात संवर्धन पर उपसमिति
* उपसमिति पर महासागरों, वातावरण, मत्स्य पालन, और तटरक्षक बल
* विज्ञान और अंतरिक्ष पर उपसमिति
* भूतल परिवहन और मर्चेंट मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और सुरक्षा पर उपसमिति
==== वित्त पर समिति ====
* स्वास्थ्य देखभाल पर उपसमिति
* ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन और बुनियादी ढांचे पर उपसमिति
* अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, सीमा शुल्क और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर उपसमिति
* विदेश संबंधों पर समिति (अध्यक्ष 2009-2013)
* लघु व्यवसाय और उद्यमिता संबंधी समिति
* यूरोप में सुरक्षा और सहयोग पर आयोग
* घाटे में कमी पर संयुक्त चयन समिति
=== कॉकस सदस्यता ===
* कांग्रेस के द्विसदनीय हाई-स्पीड और इंटरसिटी रेल कॉकस
* कांग्रेस के इंटरनेट कॉकस
* कांग्रेस के वियतनाम-युग के दिग्गज कॉकस (सह-अध्यक्ष)
* अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण कॉकस
* सीनेट अभियोजक कॉकस (सह-अध्यक्ष)
* सीनेट महासागर कॉकस
=== ज्येष्ठता ===
113वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस की शुरुआत से अपने इस्तीफे तक, केरी को 7वें सबसे वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर के रूप में स्थान दिया गया। टेड केनेडी की सेवा की लंबी उम्र के कारण, केरी 111वीं संयुक्त राज्य कांग्रेस में सबसे वरिष्ठ जूनियर सीनेटर थे। टेड कैनेडी की मृत्यु के बाद मंगलवार, 25 अगस्त 2009 को केरी मैसाचुसेट्स के वरिष्ठ सीनेटर बने।
== 2004 के राष्ट्रपति अभियान ==
2004 के डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के प्राइमरी में, जॉन केरी ने सेन जॉन एडवर्ड्स (डी-नॉर्थ कैरोलिना), वर्मोंट के पूर्व गवर्नर हॉवर्ड डीन और सेवानिवृत्त आर्मी जनरल वेस्ले क्लार्क सहित कई डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वियों को हराया। आयोवा कॉकस में उनकी जीत को व्यापक रूप से टिपिंग बिंदु माना जाता है जहां केरी ने न्यू हैम्पशायर और 3 फरवरी, 2004 को प्राथमिक राज्यों जैसे एरिज़ोना, दक्षिण कैरोलिना और न्यू मैक्सिको में अपने अभियान को पुनर्जीवित किया। इसके बाद केरी ने नेवादा और विस्कॉन्सिन में भारी जीत हासिल की। इस प्रकार केरी ने मौजूदा जॉर्ज डब्ल्यू बुश के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक नामांकन जीता। 6 जुलाई 2004 को, उन्होंने जॉन एडवर्ड्स को अपने चल रहे साथी के रूप में चुनने की घोषणा की। डेमोक्रेटिक रणनीतिकार बॉब श्रुम, जो केरी के 2004 के अभियान सलाहकार थे, ने टाइम पत्रिका में एक लेख लिखा था जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव के बाद, केरी ने कहा था कि काश उन्होंने कभी एडवर्ड्स को नहीं चुना होता, और तब से दोनों ने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया है। एबीसी के दिस वीक में एक बाद की उपस्थिति में, केरी ने श्रुम के आरोप का जवाब देने से इनकार कर दिया, इसे "समय की हास्यास्पद बर्बादी" कहा।<ref>{{Cite web|url=https://www.huffpost.com/entry/kerry-disregards-bob-shru_n_81260|title=Kerry Disregards Bob Shrum Book: "Ridiculous Waste Of Time"|last=Pitney|first=Nico|date=2008-08-08|website=HuffPost|language=en|access-date=2021-09-04}}</ref>
रोचेस्टर, मिनेसोटा में अभियान के निशान पर केरी 2004 में राष्ट्रपति चुने जाने की अपनी बोली के दौरान, केरी ने इराक युद्ध शुरू करने के लिए राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश की अक्सर आलोचना की.[138] जबकि केरी ने शुरू में राष्ट्रपति बुश को सद्दाम हुसैन से निपटने में बल प्रयोग करने के लिए अधिकृत करने के समर्थन में मतदान किया था, उन्होंने बाद के युद्ध के लिए भुगतान करने के लिए $87 बिलियन के पूरक विनियोग बिल के खिलाफ मतदान किया। 16 मार्च 2004 को उनके बयान, "मैंने इसके खिलाफ मतदान करने से पहले वास्तव में $87 बिलियन के लिए वोट दिया था," बुश के अभियान को उन्हें एक फ्लिप-फ्लॉपर के रूप में चित्रित करने में मदद की और केरी की हार में योगदान के रूप में उद्धृत किया गया। <ref>{{Cite book|url=http://archive.org/details/isbn_9780892341207|title=The almanac of American politics 2010 : the senators, the representatives and the governors : their records and election results, their states and districts|last=Barone|first=Michael|last2=Cohen|first2=Richard E.|last3=Jackie Koszczuk|date=2009|publisher=Washington, D.C. : National Journal Group ; Bristol : University Presses Marketing [distributor]|others=Internet Archive|isbn=978-0-89234-120-7}}</ref>
3 नवंबर 2004 को केरी ने दौड़ स्वीकार कर ली। केरी ने 59.03 मिलियन वोट या लोकप्रिय वोट का 48.3 प्रतिशत जीता; बुश ने 62.04 मिलियन वोट या लोकप्रिय वोट का 50.7 प्रतिशत जीता। केरी ने कुल 252 इलेक्टोरल वोट वाले राज्यों को आगे बढ़ाया। केरी के एक निर्वाचक ने केरी के चल रहे साथी एडवर्ड्स के लिए मतदान किया, इसलिए अंतिम मिलान में केरी के पास बुश के 286 के मुकाबले 251 चुनावी वोट थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.fec.gov/introduction-campaign-finance/election-and-voting-information/|title=Election and voting information|website=FEC.gov|language=en|access-date=2021-09-04}}</ref>
== राष्ट्रपति चुनाव के बाद की गतिविधियां ==
डेनवर, कोलोराडो में 2008 डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की तीसरी रात के दौरान बोलते हुए केरी 2004 के चुनाव के तुरंत बाद, कुछ डेमोक्रेट ने केरी को 2008 के डेमोक्रेटिक नामांकन के संभावित दावेदार के रूप में उल्लेख किया। उनके भाई ने कहा था कि इस तरह का अभियान "कल्पनीय" था, और केरी ने खुद 2004 के अभियान कर्मचारियों के लिए एक विदाई पार्टी में कथित तौर पर कहा था, "हमेशा एक और चार साल होते हैं।<ref>{{Cite news|url=http://archive.boston.com/news/nation/articles/2004/11/09/kerry_run_in_08_called_conceivable/|title=Kerry run in '08 called conceivable|last=Johnson|first=Glen|date=2004-11-09|work=Boston.com|access-date=2021-09-05}}</ref>
केरी ने एक अलग राजनीतिक कार्रवाई समिति की स्थापना की, कीपिंग अमेरिकाज प्रॉमिस, जिसने अपने जनादेश के रूप में घोषित किया "एक डेमोक्रेटिक कांग्रेस वाशिंगटन के प्रति जवाबदेही बहाल करेगी और इराक में एक विनाशकारी पाठ्यक्रम को बदलने में मदद करेगी,"<ref>{{Cite web|url=http://www.keepingamericaspromise.com/|title=Keeping America's Promise|date=2006-11-16|website=web.archive.org|access-date=2021-09-06|archive-date=16 नवंबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061116051342/http://www.keepingamericaspromise.com/|url-status=bot: unknown}}</ref> और धन जुटाया और राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए योगदान दिया। 2005 में कीपिंग अमेरिकाज प्रॉमिस के माध्यम से, केरी ने अन्य डेमोक्रेट्स के लिए ऊपर और नीचे मतपत्र के लिए 5.5 मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए। उनके अभियान खाते और उनकी राजनीतिक कार्रवाई समिति के माध्यम से, केरी अभियान अभियान ने 2006 के चुनाव चक्र के दौरान मध्यावधि चुनावों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 42 राज्यों में यूएस हाउस, सीनेट, राज्य और स्थानीय कार्यालयों के लिए विभिन्न पार्टी समितियों और 179 उम्मीदवारों के लिए $ 10 मिलियन से अधिक उत्पन्न किए।<ref>{{Cite news|url=http://archive.boston.com/news/nation/articles/2006/10/21/kerry_is_pressured_to_share_campaign_wealth/|title=Kerry is pressured to share campaign wealth|last=Klein|first=Rick|date=2006-10-21|work=Boston.com|access-date=2021-09-06|last2=Kranish|first2=Michael}}</ref> DSCC के राष्ट्रीय वित्त अध्यक्ष हसन नेमाज़ी ने कहा, "संचयी रूप से, जॉन केरी ने किसी अन्य व्यक्तिगत सीनेटर से अधिक नहीं तो बहुत कुछ किया है।" 10 जनवरी, 2008 को केरी ने राष्ट्रपति पद के लिए इलिनॉय के सीनेटर बराक ओबामा का समर्थन किया।<ref>{{Cite web|url=https://latimesblogs.latimes.com/washington/2008/11/hillary-clint-3.html|title=Hillary Clinton reportedly accepts Barack Obama's Cabinet offer|date=2008-11-21|website=LA Times Blogs - Top of the Ticket|language=en-US|access-date=2021-09-06}}</ref> सीनेटर ओबामा के लिए संभावित उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनका उल्लेख किया गया था, हालांकि साथी सीनेटर जो बिडेन को अंततः चुना गया था। [[जो बाइडन|बाइडेन]] द्वारा उप राष्ट्रपति पद के नामांकन की स्वीकृति के बाद, अटकलें लगाई जाने लगीं कि जॉन केरी ओबामा प्रशासन में राज्य सचिव के लिए एक उम्मीदवार होंगे। हालांकि, सीनेटर हिलेरी क्लिंटन को इस पद की पेशकश की गई थी। 2012 के ओबामा पुन: चुनाव अभियान के दौरान, केरी ने रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी का रूप धारण करते हुए राष्ट्रपति के साथ आमने-सामने की बहस में भाग लिया।<ref>{{Cite web|url=https://www.northcountrypublicradio.org/news/npr/164617347/likely-suspects-guessing-obama-s-second-term-cabinet|title=Likely Suspects: Guessing Obama's Second-Term Cabinet|last=Padman|last2=RamaNov|first2=a|website=NCPR|access-date=2021-09-06|last3=08 2012}}</ref>
== राज्य सचिव (2013-2017) ==
=== नामांकन और पुष्टि ===
१५ दिसंबर २०१२ को, कई समाचार आउटलेट्स ने बताया कि राष्ट्रपति बराक ओबामा केरी को हिलेरी क्लिंटन के उत्तराधिकारी के रूप में राज्य सचिव के रूप में नामित करेंगे,<ref>{{Cite web|url=http://abcnews.go.com/blogs/politics/2012/12/john-kerry-to-be-nominated-to-be-secretary-of-state-sources-say|title=John Kerry to Be Nominated to Be Secretary of State, Sources Say|last=News|first=A. B. C.|website=ABC News|language=en|access-date=2021-09-07}}</ref> सुसान राइस, जिसे व्यापक रूप से ओबामा की पसंदीदा पसंद के रूप में देखा जाता है, ने एक का हवाला देते हुए अपना नाम विचार से वापस ले लिया। 2012 के बेनगाजी हमले के लिए उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना के बाद पुष्टिकरण प्रक्रिया का राजनीतिकरण किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://obamawhitehouse.archives.gov/the-press-office/2012/12/21/remarks-president-nomination-senator-john-kerry-secretary-state|title=Remarks by the President at Nomination of Senator John Kerry as Secretary of State|date=2012-12-21|website=whitehouse.gov|language=en|access-date=2021-09-07}}</ref> २१ दिसंबर को, ओबामा ने नामांकन का प्रस्ताव रखा, जिसे सकारात्मक टिप्पणी मिली। उनकी पुष्टि की सुनवाई 24 जनवरी, 2013 को सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष हुई, उसी पैनल में जहां उन्होंने पहली बार 1971 में गवाही दी थी। समिति ने सर्वसम्मति से २९ जनवरी २०१३ को उन्हें मंजूरी देने के लिए मतदान किया, और उसी दिन पूर्ण सीनेट ने ९४-३ के मत पर उनकी पुष्टि की। मैसाचुसेट्स के गवर्नर देवल पैट्रिक को लिखे एक पत्र में केरी ने 1 फरवरी से प्रभावी सीनेट से अपने इस्तीफे की घोषणा की।
=== कार्यकाल ===
केरी ने 1 फरवरी, 2013 को राज्य सचिव के रूप में शपथ ली थी।<ref>{{Cite web|url=http://bigstory.ap.org/article/ap-interview-clinton-raps-benghazi-critics|title=AP Interview: Clinton raps Benghazi critics|date=2013-02-04|website=web.archive.org|access-date=2021-09-08|archive-date=4 फ़रवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130204020316/http://bigstory.ap.org/article/ap-interview-clinton-raps-benghazi-critics|url-status=bot: unknown}}</ref> मध्य पूर्व के भीतर छह महीने की कठोर कूटनीति के बाद, केरी इजरायल और फिलिस्तीनी वार्ताकारों को 2013-14 इजरायल-फिलिस्तीनी शांति वार्ता शुरू करने के लिए सहमत होने में सक्षम थे। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष 30 जुलाई 2013 को अमेरिकी मध्यस्थों के बिना केरी द्वारा आयोजित एक रात्रिभोज के बाद विदेश विभाग में मिलने में सक्षम थे।<ref>{{Cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/2013/07/30/middle-east-peace-talks_n_3674741.html|title=Middle East Peace Talks To Resume|date=2013-08-02|website=web.archive.org|access-date=2021-09-08|archive-date=2 अगस्त 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130802142620/http://www.huffingtonpost.com/2013/07/30/middle-east-peace-talks_n_3674741.html|url-status=bot: unknown}}</ref> 27 सितंबर, 2013 को, उन्होंने P5 + 1 और ईरान शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ से मुलाकात की, जिसके कारण अंततः JCPOA परमाणु समझौता हुआ। यह पिछले छह वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच उच्चतम स्तर का सीधा संपर्क था, और उन्हें 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से अपने ईरानी समकक्ष से मिलने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री बना दिया।<ref>{{Cite web|url=https://news.yahoo.com/u-iran-voice-optimism-caution-rare-encounter-002840696.html|title=U.S., Iran voice optimism and caution after rare encounter|website=news.yahoo.com|language=en-US|access-date=2021-09-08}}</ref>
स्टेट डिपार्टमेंट में, केरी ने "अलग-थलग रखने, खुद को रखने और स्टाफ मेमो पढ़ने की जहमत नहीं उठाने के लिए" जल्दी ही ख्याति अर्जित कर ली। कैरियर स्टेट डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने शिकायत की कि केरी के नेतृत्व में सत्ता बहुत अधिक केंद्रीकृत हो गई, जिसने केरी के लगातार विदेश यात्राओं पर होने पर विभाग के संचालन को धीमा कर दिया। राज्य के अन्य लोगों ने केरी को "एक प्रकार का राजनयिक ध्यान घाटे विकार" के रूप में वर्णित किया क्योंकि वह दीर्घकालिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय विषय से विषय पर स्थानांतरित हो गए थे।<ref>{{Cite web|url=https://www.theatlantic.com/magazine/archive/2013/12/john-kerry-will-not-be-denied/354688/|title=How John Kerry Could End Up Outdoing Hillary Clinton|last=Rohde|first=David|date=2013-11-21|website=The Atlantic|language=en|access-date=2021-09-09}}</ref> यह पूछे जाने पर कि क्या वह बहुत अधिक यात्रा कर रहे थे, उन्होंने जवाब दिया, "नहीं मैं धीमा नहीं हो रहा हूं" विभाग के कर्मचारियों के अनुसार केरी की शुरुआती उपलब्धियों के बावजूद, हिलेरी क्लिंटन की तुलना में राज्य में मनोबल कम था।<ref>{{Cite web|url=https://news.gallup.com/poll/167741/secretary-state-kerry-favorability-rising.aspx|title=Secretary of State Kerry's Favorability Rising in the U.S.|last=Inc|first=Gallup|date=2014-03-05|website=Gallup.com|language=en|access-date=2021-09-09}}</ref> हालांकि, विदेश विभाग में केरी के पहले छह महीनों के बाद, गैलप सर्वेक्षण में पाया गया कि राज्य सचिव के रूप में अमेरिकियों के बीच उनकी उच्च अनुमोदन रेटिंग थी। एक साल के बाद, एक और सर्वेक्षण से पता चला कि केरी की अनुकूलता लगातार बढ़ रही है। केरी के कार्यकाल में दो साल से भी कम समय में, फॉरेन पॉलिसी मैगज़ीन के 2014 के आइवरी टॉवर सर्वेक्षण में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विद्वानों ने पूछा, "पिछले 50 वर्षों में सबसे प्रभावी अमेरिकी विदेश मंत्री कौन था?"; जॉन केरी और लॉरेंस ईगलबर्गर उस अवधि में राज्य के १५ पुष्ट सचिवों में से ११वें स्थान के लिए बंधे थे।<ref>{{Cite web|url=https://foreignpolicy.com/2015/02/03/top-twenty-five-schools-international-relations/|title=The Best International Relations Schools in the World|last=Tierney|first=Daniel Maliniak, Susan Peterson, Ryan Powers, Michael J.|website=Foreign Policy|language=en-US|access-date=2021-09-09}}</ref>
जनवरी 2014 में, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, आर्कबिशप पिएत्रो पारोलिन से मिलने के बाद, केरी ने कहा: "हमने लगभग हर बड़े मुद्दे पर बात की, जिस पर हम दोनों काम कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए चिंता का विषय हैं। सबसे पहले, हमने बात की सीरिया के बारे में बहुत विस्तार से, और मैं विशेष रूप से आर्कबिशप के इस मुद्दे को उठाने के लिए सराहना करता था, और पवित्र पिता की टिप्पणियों के लिए समान रूप से आभारी था - जिनेवा II प्रक्रिया के लिए उनके समर्थन के बारे में काल पोप की टिप्पणी। हम उस समर्थन का स्वागत करते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है व्यापक समर्थन प्राप्त है, और मुझे पता है कि पोप विशेष रूप से विस्थापित लोगों की भारी संख्या और 130,000 से अधिक लोगों की जान लेने वाली हिंसा के बारे में चिंतित हैं।<ref>{{Cite web|url=http://m.state.gov/md219654.htm|title=Remarks After Meeting With Secretary of State of the Holy See Pietro Parolin|date=2014-02-03|website=web.archive.org|access-date=2021-09-11|archive-date=3 फ़रवरी 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140203112534/http://m.state.gov/md219654.htm|url-status=bot: unknown}}</ref>
केरी ने 2014 के इजरायल-गाजा संघर्ष के दौरान इजरायल के अपने बचाव के अधिकार के लिए समर्थन व्यक्त किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.timesofisrael.com/after-airstrikes-kill-dozens-in-gaza-kerry-backs-israels-right-to-defend-itself/|title=After airstrikes kill dozens in Gaza, Kerry backs Israel’s right to defend itself|last=staff|first=T. O. I.|last2=AP|website=www.timesofisrael.com|language=en-US|access-date=2021-09-11}}</ref> केरी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने [[यमन]] में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले हस्तक्षेप का समर्थन किया क्योंकि सऊदी अरब, एक सहयोगी, को हौथियों द्वारा पड़ोसी यमन के अधिग्रहण से "बहुत सीधे" धमकी दी गई थी। 28 दिसंबर, 2016 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 14-0 से पारित होने के तुरंत बाद, केरी ने एक भाषण में इजरायल की समझौता नीतियों की कड़ी आलोचना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाकी सदस्यों में शामिल हो गए।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2016/12/28/us/politics/john-kerry-israel-palestine-peace.html|title=Kerry Rebukes Israel, Calling Settlements a Threat to Peace|last=Sanger|first=David E.|date=2016-12-28|work=The New York Times|access-date=2021-09-11|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> उनके भाषण और आलोचनाओं को इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं, जबकि यूके की प्रधान मंत्री थेरेसा मे ने केरी के कड़े शब्दों वाले भाषण से ब्रिटेन को दूर कर दिया, जो आने वाले ट्रम्प प्रशासन के साथ पुल बनाने का प्रयास प्रतीत होता था। केरी के भाषण को अरब देशों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं, लेकिन कुछ ने उनकी टिप्पणी की निवर्तमान प्रशासन की ओर से बहुत कम, बहुत देर से आलोचना की।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2016/12/29/world/middleeast/john-kerry-israel-speech-arabs.html|title=Praise for Kerry’s Israel Speech in Arab World, but Shrugs, Too|last=Hubbard|first=Ben|date=2016-12-29|work=The New York Times|access-date=2021-09-11|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
=== सीरिया ===
21 अगस्त, 2013 के बाद, दमिश्क के घोउटा उपनगरों पर रासायनिक हथियारों के हमले के लिए सीरियाई सरकारी बलों को जिम्मेदार ठहराया गया, केरी सीरियाई सरकार के खिलाफ सैन्य बल के उपयोग के लिए एक प्रमुख वकील बन गए, जिसे उन्होंने "रासायनिक के क्रूर और प्रमुख उपयोग" कहा। 9 सितंबर को, एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कि क्या सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद एक सैन्य हमले को टाल सकते हैं, केरी ने कहा, "वह अपने हर एक रासायनिक हथियारों को अगले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सौंप सकते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2013/08/31/world/middleeast/john-kerry-syria.html|title=Kerry Becomes Chief Advocate for U.S. Attack|last=Baker|first=Peter|date=2013-08-30|work=The New York Times|access-date=2021-09-12|last2=Gordon|first2=Michael R.|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref> यह सब, बिना देर किए, और उसके लिए एक पूर्ण और कुल लेखांकन की अनुमति दें। लेकिन वह ऐसा करने वाला नहीं है, और यह स्पष्ट रूप से नहीं किया जा सकता है।" इस अलिखित टिप्पणी ने एक प्रक्रिया शुरू की जिससे सीरिया अपने रासायनिक हथियारों के शस्त्रागार को त्यागने और नष्ट करने के लिए सहमत हो गया, क्योंकि रूस ने केरी के बयान को एक गंभीर प्रस्ताव के रूप में माना। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस सीरिया को छोड़ने और उसके बड़े रासायनिक हथियारों के शस्त्रागार को नष्ट करने के लिए "तुरंत" काम करेगा।<ref>{{Cite web|url=https://www.smh.com.au/world/syria-timeline-how-kerrys-gaffe-became-a-plan-20130910-2ti4z.html|title=Syria timeline: how Kerry's gaffe became a plan|last=O'Malley|first=Nick|date=2013-09-10|website=The Sydney Morning Herald|language=en|access-date=2021-09-12}}</ref> सीरिया ने इस प्रस्ताव का तुरंत स्वागत किया और 14 सितंबर को, संयुक्त राष्ट्र ने औपचारिक रूप से रासायनिक हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाले सम्मेलन में शामिल होने के लिए सीरिया के आवेदन को स्वीकार कर लिया, और अलग-अलग, अमेरिका और रूस 2014 के मध्य तक सीरिया के रासायनिक हथियारों को खत्म करने की योजना पर सहमत हुए, जिसके कारण केरी ने घोषणा की। 20 जुलाई 2014 को: "हमने एक समझौता किया जहां हमें 100 प्रतिशत रासायनिक हथियार मिल गए।" 28 सितंबर को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने और 21 अगस्त घोउटा की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.politifact.com/john-kerry-syria-archive/|title=Archive of fact-check "Kerry: We got '100 percent' of chemical weapons out of Syria" {{!}} PolitiFact|website=www.politifact.com|access-date=2021-09-12}}</ref>
=== लैटिन अमेरिका ===
नवंबर 2013 में अमेरिकी राज्यों के संगठन के समक्ष एक भाषण में केरी ने सितंबर 2016 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ बात की, केरी ने टिप्पणी की कि मुनरो सिद्धांत का युग समाप्त हो गया था। उन्होंने आगे बताया, "जिस रिश्ते की हम तलाश करते हैं और जिसे बढ़ावा देने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है, वह संयुक्त राज्य अमेरिका की घोषणा के बारे में नहीं है कि यह अन्य अमेरिकी राज्यों के मामलों में कैसे और कब हस्तक्षेप करेगा। यह हमारे सभी देशों के बारे में है। दूसरे के समान, जिम्मेदारियों को साझा करना, सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग करना, और सिद्धांत का पालन नहीं करना, बल्कि उन निर्णयों का पालन करना जो हम साझेदार के रूप में उन मूल्यों और हितों को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं जिन्हें हम साझा करते हैं।"<ref>{{Cite news|url=https://www.wsj.com/articles/BL-WB-41869|title=Kerry Makes It Official: 'Era of Monroe Doctrine Is Over'|last=Johnson|first=Keith|date=2013-11-18|work=Wall Street Journal|access-date=2021-09-13|language=en-US|issn=0099-9660}}</ref>
=== पर्यावरणवाद ===
अप्रैल 2016 में, उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में [[पेरिस समझौता|पेरिस जलवायु समझौते]] पर हस्ताक्षर किए। 11 नवंबर, 2016 को केरी अंटार्कटिका की यात्रा करने वाले अब तक के पहले विदेश मंत्री और सर्वोच्च श्रेणी के अमेरिकी अधिकारी बने। केरी ने शोधकर्ताओं के साथ महाद्वीप बैठक में दो दिन बिताए और मैकमुर्डो स्टेशन पर रात भर रहे।<ref>{{Cite web|url=https://www.wbur.org/news/2017/01/09/john-kerry-mit-climate-change|title=Speaking At MIT, Secretary Of State John Kerry Urges Action On Climate Change|website=www.wbur.org|language=en|access-date=2021-09-14}}</ref> 1994 में, केरी ने इंटीग्रल फास्ट रिएक्टर के लिए निरंतर वित्तपोषण के विरोध का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना के लिए वित्त पोषण समाप्त हो गया। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के संबंध में बढ़ती चिंताओं के आलोक में, 2017 में केरी ने परमाणु ऊर्जा पर अपनी स्थिति को उलटते हुए कहा, "आज हम जिस चुनौती का सामना कर रहे हैं, उसे देखते हुए, और चौथी पीढ़ी के परमाणु की प्रगति को देखते हुए: इसके लिए जाएं। कोई अन्य विकल्प नहीं, शून्य उत्सर्जन।<ref>{{Cite web|url=https://www.wbur.org/news/2017/01/09/john-kerry-mit-climate-change|title=Speaking At MIT, Secretary Of State John Kerry Urges Action On Climate Change|website=www.wbur.org|language=en|access-date=2021-09-15}}</ref>
=== ग्लोबल कनेक्ट की पहल ===
सितंबर 2015 में, यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने "ग्लोबल कनेक्ट" नामक एक नई पहल का अनावरण किया, जिसने पांच वर्षों के भीतर दुनिया भर में 1.5 बिलियन से अधिक लोगों को इंटरनेट एक्सेस प्रदान करने की मांग की। 2016 में,<ref>{{Cite web|url=https://2009-2017.state.gov/r/pa/prs/ps/2015/09/247374.htm|title=U.S. State Department Launches Global Connect Initiatives at UNGA|website=U.S. Department of State|access-date=2021-09-15}}</ref> OPIC के साथ साझेदारी में, केरी ने "भारत में कम लागत और तेजी से स्केलेबल वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क" को सक्षम करने के लिए $ 171 मिलियन के निवेश की घोषणा की। ओपीआईसी के वित्तपोषण का उद्देश्य अपने भारतीय भागीदार, तिकोना डिजिटल नेटवर्क को वायरलेस तकनीक के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करने में मदद करना है।<ref>{{Cite web|url=https://www.opic.gov/|title=OPIC is now DFC|website=www.opic.gov|access-date=2021-09-15|archive-date=15 सितंबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210915204734/https://www.opic.gov/|url-status=dead}}</ref>
== सरकार से बाहर (2017–2021) ==
2018 में म्यूनिख में केरी और रूसी सीनेटर एलेक्सी पुष्कोव 20 जनवरी, 2017 को ओबामा प्रशासन की समाप्ति के बाद केरी अपने राजनयिक कार्य से सेवानिवृत्त हुए।<ref>{{Cite web|url=https://history.state.gov/departmenthistory/people/kerry-john-forbes|title=John Forbes Kerry - People - Department History - Office of the Historian|website=history.state.gov|access-date=2021-09-16}}</ref> वह उस दिन डोनाल्ड ट्रम्प के उद्घाटन में शामिल नहीं हुए, और अगले दिन वाशिंगटन, डी.सी. में 2017 महिला मार्च में भाग लिया। केरी ने ट्रंप की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और सात मुस्लिम देशों के व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले नए राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश के खिलाफ एक संक्षिप्त बहस दायर करने में शामिल हो गए। नवंबर 2018 में, लंदन के सेंट्रल हॉल में द गार्जियन द्वारा प्रायोजित एंड्रयू रॉन्सले के साथ एक "गार्जियन लाइव" बातचीत में, केरी ने कई मुद्दों पर चर्चा की, जो उनके राज्य सचिव के कार्यकाल के बाद से विकसित हुए हैं, जिसमें यूरोप में प्रवास और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।<ref>{{Cite web|url=https://membership.theguardian.com/event/john-kerry-a-life-in-politics-49277690900|title=John Kerry: A life in politics {{!}} The Guardian Members|website=membership.theguardian.com|language=en-gb|access-date=2021-09-16}}</ref>
5 दिसंबर, 2019 को, केरी ने राष्ट्रपति के लिए डेमोक्रेटिक नामांकन के लिए जो बिडेन की बोली का समर्थन किया, यह कहते हुए कि "वह देश और दुनिया को एक साथ वापस लाने के लिए तैयार होंगे, जिसे डोनाल्ड ट्रम्प ने अलग कर दिया है" और यह कहते हुए कि "जो अगले नवंबर में डोनाल्ड ट्रम्प को हरा देंगे।<ref>{{Cite web|url=https://www.usatoday.com/story/news/politics/elections/2019/12/05/john-kerry-endorses-joe-biden-president-2020/2625187001/|title=John Kerry endorsement: 'Joe (Biden) will defeat Donald Trump next November'|last=Behrmann|first=Savannah|website=USA TODAY|language=en-US|access-date=2021-09-16}}</ref> वह ज्ञान के साथ उम्मीदवार हैं और ट्रम्प ने जो तोड़ दिया है उसे ठीक करने के लिए खड़े हैं, दुनिया में हमारी जगह बहाल करने के लिए, और घर पर काम करने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए।" सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद, केरी ने साइमन एंड शूस्टर के साथ अपने नियोजित संस्मरणों को प्रकाशित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो सरकार में उनके जीवन और करियर से संबंधित थे। सितंबर 2018 में, उन्होंने एवरी डे इज़ एक्स्ट्रा प्रकाशित किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.npr.org/2018/09/04/644402455/in-every-day-is-extra-john-kerry-focuses-on-his-time-in-the-political-arena|title=In 'Every Day Is Extra,' John Kerry Focuses On His Time In The Political Arena|website=NPR.org|language=en|access-date=2021-09-16}}</ref>
== जलवायु के लिए विशेष राष्ट्रपति दूत ==
केरी नें २३ नवंबर, २०२० को में जलवायु के लिए विशेष दूत के रूप में बांग्लादेश का दौरा किया, राष्ट्रपति-चुनाव जो बिडेन की संक्रमण टीम ने घोषणा की कि केरी प्रशासन में पूर्णकालिक पद ग्रहण करेंगे, और जलवायु के लिए एक विशेष दूत के रूप में सेवा करेंगे।<ref>{{Cite news|url=https://www.reuters.com/article/uk-usa-biden-appointments-kerry-idUKKBN2832M5|title=Biden names Kerry as U.S. climate envoy, emphasizing diplomacy's role in the issue|last=Volcovici|first=Timothy Gardner, Valerie|date=2020-11-24|work=Reuters|access-date=2021-09-17|language=en}}</ref> इस भूमिका में वह राष्ट्रीय पर एक प्रमुख होंगे। सुरक्षा परिषद बिडेन के उद्घाटन के बाद केरी ने 20 जनवरी, 2021 को पदभार ग्रहण किया।
=== लीक ऑडियोटेप ===
25 अप्रैल, 2021 को, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अर्थशास्त्री सईद लेयाज़ और ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ के बीच तीन घंटे की टेप बातचीत के लीक ऑडियोटेप से सामग्री प्रकाशित की। टेप की गई बातचीत एक मौखिक इतिहास परियोजना, "इन द इस्लामिक रिपब्लिक द मिलिट्री फील्ड रूल्स" से जुड़ी थी, जो ईरान के वर्तमान प्रशासन के काम का दस्तावेजीकरण करती है। टेप लंदन स्थित समाचार चैनल ईरान इंटरनेशनल द्वारा प्राप्त किया गया था।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2021/04/25/world/middleeast/iran-suleimani-zarif.html|title=Iran’s Foreign Minister, in Leaked Tape, Says Revolutionary Guards Set Policies|last=Fassihi|first=Farnaz|date=2021-04-26|work=The New York Times|access-date=2021-09-17|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
टेप में, जिसे टाइम्स "असाधारण" क्षणों के रूप में संदर्भित करता है, ज़रीफ़ ने खुलासा किया कि तत्कालीन विदेश मंत्री केरी ने उन्हें बताया कि इज़राइल ने सीरिया में "कम से कम 200 बार" ईरानी संपत्ति पर हमला किया। हालांकि टेप को प्रमाणित नहीं किया गया है, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी वैधता से इनकार नहीं किया है। उन्नीस रिपब्लिकन सीनेटरों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए जिसमें राष्ट्रपति बिडेन को जरीफ के दावे की जांच करने के लिए कहा गया। 27 अप्रैल, 2021 को रिपब्लिकन ने केरी से बिडेन प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से इस्तीफा देने का आह्वान किया। एक ट्वीट में, केरी ने जरीफ के खाते का खंडन करते हुए लिखा: "मैं आपको बता सकता हूं कि यह कहानी और ये आरोप स्पष्ट रूप से झूठे हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ - या तो जब मैं विदेश मंत्री था।"<ref>{{Cite web|url=https://www.politico.com/news/2021/04/26/gop-kerry-iran-debacle-484749|title=GOP tears into Kerry amid Iran controversy|website=POLITICO|language=en|access-date=2021-09-17}}</ref>
== व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन ==
=== वंशावली ===
केरी के दादा-दादी, जूता व्यवसायी फ्रेडरिक ए "फ्रेड" केरी और संगीतकार इडा लोवे, ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के अप्रवासी थे। फ्रेड, उनकी पत्नी और उनके भाई ने 1901 में यहूदी धर्म से कैथोलिक धर्म में परिवर्तन किया और अपना नाम कोह्न से केरी में बदल लिया।<ref>{{Cite web|url=https://noe.orf.at/v2/radio/stories/2569409/|title=John Kerrys alt-österreichische Wurzeln|date=2013-01-30|website=noe.orf.at|language=de|access-date=2021-09-18}}</ref> इडा, यहूदा लोव बेन बेज़लेल के भाई सिनल के दूरस्थ वंश की थी। फ्रेड और इडा केरी 1905 में संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए, वह पहले शिकागो में रह रहे थे और अंततः 1915 तक ब्रुकलाइन, मैसाचुसेट्स चले गए। द न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, "जॉन केरी की दादी, ओटो और जेनी लोव के भाई और बहन की यातना शिविरों में मृत्यु हो गई।" केरी के यहूदी वंश को उनके 2004 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रकट किया गया था; उन्होंने कहा है कि जब तक एक रिपोर्टर ने उन्हें 2003 में इसके बारे में सूचित नहीं किया, तब तक उन्हें इसके बारे में पता नहीं था।<ref>{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2004/05/16/us/kerry-s-grandfather-left-judaism-behind-in-europe.html|title=Kerry's Grandfather Left Judaism Behind in Europe|last=Berger|first=Joseph|date=2004-05-16|work=The New York Times|access-date=2021-09-18|language=en-US|issn=0362-4331}}</ref>
केरी के नाना स्कॉटिश और अंग्रेजी मूल के थे, और उनके नाना फोर्ब्स परिवार के जेम्स ग्रांट फोर्ब्स II और डडले-विन्थ्रोप परिवार के मार्गरेट टिंडल विन्थ्रोप थे। मार्गरेट के दादा रॉबर्ट चार्ल्स विन्थ्रोप ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के 22वें अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.boston.com/news/nation/articles/2004/02/22/hearing_of_roots_czech_village_roots_kerry_on/|title=Hearing of roots, Czech village roots Kerry on - The Boston Globe|website=www.boston.com|language=en|access-date=2021-09-18}}</ref> रॉबर्ट के पिता गवर्नर थॉमस लिंडल विन्थ्रोप थे। थॉमस के पिता जॉन स्टिल विन्थ्रोप मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी के गवर्नर जॉन विन्थ्रोप के परपोते और गवर्नर थॉमस डुडले के परपोते थे।अपनी मां के माध्यम से, केरी पहले चचेरे भाई हैं जिन्हें एक बार फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ ब्राइस लालोंडे से हटा दिया गया था।<ref>{{Cite web|url=http://www.wargs.com/political/kerry.html|title=Ancestry of Sen. John Kerry|website=www.wargs.com|access-date=2021-09-18}}</ref>
=== शादियां और बच्चे ===
केरी की बेटी वैनेसा और पोता अलेक्जेंडर केरी की शादी 1970 में जूलिया थॉर्न से हुई थी, और उनकी दो बेटियां एक साथ थीं: वृत्तचित्र फिल्म निर्माता एलेक्जेंड्रा केरी (जन्म 5 सितंबर, 1973) और चिकित्सक वैनेसा केरी (जन्म 31 दिसंबर, 1976)। 2016 में एलबीजे प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी में केरी मंगोलिया में ग्रेट नादम में केरी, २०१६ केरी ने लॉ स्कूल शुरू करने से कुछ दिन पहले एलेक्जेंड्रा का जन्म हुआ था। 1982 में, जूलिया ने केरी से अलगाव के लिए कहा जब वह गंभीर अवसाद से पीड़ित थी। 25 जुलाई, 1988 को उनका तलाक हो गया और 1997 में शादी को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया गया। "एक राजनीतिक पत्नी के रूप में 14 साल बाद, मैंने राजनीति को केवल क्रोध, भय और अकेलेपन से जोड़ा" उन्होंने अवसाद के बारे में अपनी पुस्तक ए चेंज ऑफ हार्ट में लिखा। थॉर्न ने बाद में एक वास्तुकार रिचर्ड चार्ल्सवर्थ से शादी की, और बोज़मैन, मोंटाना चले गए, जहां वह ग्रेटर येलोस्टोन गठबंधन जैसे स्थानीय पर्यावरण समूहों में सक्रिय हो गईं। थॉर्न ने केरी के 2004 के राष्ट्रपति पद के चुनाव का समर्थन किया। 27 अप्रैल, 2006 को कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई।<ref>{{Cite web|url=https://www.boston.com/news/local/massachusetts/articles/2006/04/28/julia_thorne_author_and_ex_wife_of_sen_kerry_dead_at_61/|title=Julia Thorne, author and ex-wife of Sen. Kerry, dead at 61 - Boston.com|website=www.boston.com|language=en|access-date=2021-09-19}}</ref>
केरी और उनकी दूसरी पत्नी - मोज़ाम्बिक में जन्मी व्यवसायी और परोपकारी टेरेसा हेंज, केरी के दिवंगत पेंसिल्वेनिया रिपब्लिकन सीनेट सहयोगी जॉन हेंज की विधवा- को हेंज द्वारा 1990 में एक पृथ्वी दिवस रैली में एक-दूसरे से मिलवाया गया था। अगले वर्ष की शुरुआत में, सीनेटर हेंज लोअर मेरियन के पास एक विमान दुर्घटना में मारा गया था। टेरेसा के विवाह से हेंज, हेनरी जॉन IV, आंद्रे और क्रिस्टोफर के तीन बेटे हैं।<ref>{{Cite web|url=http://usatoday30.usatoday.com/news/politicselections/nation/president/2004-05-23-heinz-kerry-cover_x.htm|title=USATODAY.com - With Teresa, expect an unconventional campaign|website=usatoday30.usatoday.com|access-date=2021-09-19}}</ref> हेंज और केरी की शादी 26 मई 1995 को मैसाचुसेट्स के नान्टाकेट में हुई थी.<ref>{{Cite web|url=http://old.post-gazette.com/nation/20020605teresanat1p1.asp|title=What Teresa Heinz found and what she lost|website=old.post-gazette.com|access-date=2021-09-19|archive-date=17 अगस्त 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150817074104/http://old.post-gazette.com/nation/20020605teresanat1p1.asp|url-status=dead}}</ref>
=== निवल मूल्य ===
2004 में फोर्ब्स 400 के सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया था कि टेरेसा हेंज केरी की कुल संपत्ति $750 मिलियन थी। हालांकि, लॉस एंजिल्स टाइम्स में एक अध्ययन के अनुसार, अनुमान अक्सर भिन्न होते हैं, लगभग 165 मिलियन डॉलर से लेकर 3.2 बिलियन डॉलर तक। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा आंकड़ा सही है, केरी सीनेट में सेवा करते हुए सबसे धनी अमेरिकी सीनेटर थे। हेंज से स्वतंत्र, केरी अपने आप में धनी हैं, और फोर्ब्स परिवार के रिश्तेदारों से विरासत में मिले कम से कम चार ट्रस्टों के लाभार्थी हैं, जिनमें उनकी मां, रोज़मेरी फोर्ब्स केरी भी शामिल हैं, जिनकी 2002 में मृत्यु हो गई थी। फोर्ब्स पत्रिका (प्रकाशकों के फोर्ब्स परिवार के लिए नामित) , केरी से असंबंधित) ने अनुमान लगाया कि यदि निर्वाचित होते हैं, और यदि हेंज परिवार की संपत्ति को शामिल किया जाता है, तो केरी इतिहास में तीसरे सबसे अमीर अमेरिकी राष्ट्रपति होते, जब मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया जाता। यह आकलन हेंज और केरी की संयुक्त संपत्ति पर आधारित था, लेकिन इस जोड़े ने एक विवाह पूर्व समझौते पर हस्ताक्षर किए जो उनकी संपत्ति को अलग रखता है।<ref>{{Cite web|url=https://www.forbes.com/2004/02/13/cx_da_0213kerry.html|title=Kerry Would Be Third-Richest U.S. President If Elected|website=Forbes|language=en|access-date=2021-09-20}}</ref> 2011 के लिए केरी के वित्तीय प्रकटीकरण फॉर्म में उनकी व्यक्तिगत संपत्ति $230,000,000 से $320,000,000 के बीच है, जिसमें उनके पति या पत्नी और किसी भी आश्रित बच्चों की संपत्ति शामिल है। इसमें H. J. Heinz कंपनी की संपत्ति का तीन मिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक मूल्य शामिल था, जिसका मूल्य 2013 में छह लाख डॉलर से अधिक बढ़ गया जब बर्कशायर हैथवे ने कंपनी को खरीदने के अपने इरादे की घोषणा की। अप्रैल 2017 में, केरी ने मैसाचुसेट्स के चिलमार्क शहर में मार्था के वाइनयार्ड के उत्तर-पश्चिमी कोने पर वाइनयार्ड साउंड के सामने 18 एकड़ की संपत्ति खरीदी। संपत्ति सेवन गेट्स फार्म में स्थित है और संपत्ति के रिकॉर्ड के अनुसार, सात बेडरूम वाले घर के लिए 11.75 मिलियन डॉलर की लागत आई है।<ref>{{Cite web|url=https://www.bostonglobe.com/metro/2017/04/26/john-kerry-switching-islands/hLY5MBMYk5hvWVlldbmeMN/story.html|title=John Kerry is switching islands - The Boston Globe|last=Arsenault|first=Mark|last2=Staff|first2=Mark Shanahan Globe|website=BostonGlobe.com|language=en-US|access-date=2021-09-20|last3=April 26|last4=2017|last5=Comments|first5=8:15 p m Email to a Friend Share on Facebook Share on TwitterPrint this Article View}}</ref>
=== धार्मिक विश्वास ===
केरी बीजिंग में एक चीनी ऑटोमोबाइल कारखाने का दौरा कर रहे हैं केरी एक रोमन कैथोलिक हैं, और कहा जाता है कि जब उन्होंने प्रचार किया, तो उन्होंने एक धार्मिक माला, एक प्रार्थना पुस्तक और एक सेंट क्रिस्टोफर पदक (यात्रियों के संरक्षक संत) लिए। अपने विश्वास पर चर्चा करते हुए, केरी ने कहा: "मैंने एक पुजारी होने के बारे में सोचा था। मैं स्विट्जरलैंड में स्कूल में बहुत धार्मिक था। मैं एक वेदी लड़का था और हर समय प्रार्थना करता था। मैं मास और चर्च के आसपास बहुत केंद्रित था।" उन्होंने यह भी कहा कि लेटर्स ऑफ पॉल (प्रेरित पॉल) ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया, यह कहते हुए कि उन्होंने उन्हें "खुद के लिए खेद महसूस न करना" सिखाया।<ref>{{Cite web|url=https://www.beliefnet.com/news/politics/2004/08/not-a-prodigal-son.aspx|title=Not a Prodigal Son|website=www.beliefnet.com|language=en|access-date=2021-09-21}}</ref>
केरी ने अक्टूबर 2004 में क्रिश्चियनिटी टुडे को बताया:<blockquote>मैं एक कैथोलिक हूं और मैं अभ्यास करता हूं, लेकिन साथ ही साथ विभिन्न धर्मों के माध्यम से आने वाली आध्यात्मिकता की कई अन्य अभिव्यक्तियों के लिए मेरे पास एक खुला दिमाग है ... मैंने कुछ समय धर्म के बारे में पढ़ने और सोचने में बिताया है और इसका अध्ययन करने की कोशिश कर रहा हूं। , और मैं इतनी अधिक भिन्नताओं के बारे में नहीं, बल्कि कई तरह से समानताओं की भावना तक पहुंचा हूं।<ref>{{Cite web|url=https://www.christianitytoday.com/ct/2004/october/20.28.html|title=John Kerry's Open Mind|last=Stricherz|first=By Mark|website=ChristianityToday.com|language=en|access-date=2021-09-21}}</ref></blockquote>उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि तोराह, कुरान और बाइबिल सभी एक मौलिक कहानी साझा करते हैं जो पाठकों से जुड़ती है।<ref>{{Cite web|url=https://www.christianitytoday.com/ct/2004/october/20.28.html|title=John Kerry's Open Mind|last=Stricherz|first=By Mark|website=ChristianityToday.com|language=en|access-date=2021-09-21}}</ref>
=== स्वास्थ्य ===
2003 में, केरी को प्रोस्टेट कैंसर का पता चला और उसका सफलतापूर्वक इलाज करवाया। 31 मई, 2015 को, केरी ने फ्रांस के स्कोनज़ियर में एक बाइक दुर्घटना में उनका पैर टूट गया था, और उन्हें ठीक होने के लिए बोस्टन के मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल ले जाया गया। एमजीएच हिप एंड नी रिप्लेसमेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ डेनिस बर्क,<ref>{{Cite web|url=http://www.massgeneral.org/ortho/doctors/doctor.aspx?id=16670|title=Dennis William Burke, MD - Massachusetts General Hospital, Boston, MA|date=2015-08-23|website=web.archive.org|access-date=2021-09-22|archive-date=23 अगस्त 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150823023409/http://www.massgeneral.org/ortho/doctors/doctor.aspx?id=16670|url-status=bot: unknown}}</ref> जो फ्रांस में केरी से मिले थे और उनके साथ फ्रांस से बोस्टन जाने वाले विमान में थे, ने चार घंटे के ऑपरेशन में मंगलवार, २ जून को केरी का दाहिना पैर सेट किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.cnn.com/2015/06/01/politics/geneva-john-kerry-bike-accident/index.html|title=U.S. surgeon to meet John Kerry in Geneva after his bike accident {{!}} CNN Politics|last=Labott|first=By Ben Brumfield and Elise|date=2015-06-01|website=CNN|language=en|access-date=2021-09-22}}</ref>
=== एथलेटिक्स और नौकायन ===
येल में खेले जाने वाले खेलों के अलावा, केरी को स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड द्वारा वर्णित किया गया है, दूसरों के बीच, एक "उग्र साइकिल चालक" के रूप में, मुख्य रूप से एक सड़क बाइक पर सवार है।<ref>{{Cite web|url=http://autobus.cyclingnews.com/road/2005/tour05/news/?id=/news/2005/jul05/jul24news2|title=www.cyclingnews.com presents the 92nd Tour de France|website=autobus.cyclingnews.com|access-date=2021-09-23}}</ref> अपनी राष्ट्रपति पद की बोली से पहले, केरी ने कई लंबी दूरी की सवारी में भाग लिया था। अपने कई अभियानों के दौरान, उनके गृह राज्य और अन्य जगहों पर साइकिल की दुकानों का दौरा करने की सूचना मिली थी। उनके कर्मचारियों ने उनके होटल के कमरों के लिए लेटा हुआ स्थिर बाइक का अनुरोध किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.thesmokinggun.com/archive/0327061kerry2.html|title=John Kerry Hates Celery - March 27, 2006|date=2010-04-18|website=web.archive.org|access-date=2021-09-23|archive-date=18 अप्रैल 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100418062714/http://www.thesmokinggun.com/archive/0327061kerry2.html|url-status=bot: unknown}}</ref> वह एक स्नोबोर्डर, विंडसर्फर और नाविक भी रहे हैं। बोस्टन हेराल्ड ने 23 जुलाई, 2010 को रिपोर्ट किया कि केरी ने न्यूजीलैंड में एक नए $7 मिलियन याच (एक फ्रेंडशिप 75) पर निर्माण शुरू किया और इसे पोर्ट्समाउथ, रोड आइलैंड में स्थापित किया, जहां फ्रेंडशिप याच कंपनी आधारित है। लेख में दावा किया गया कि इसने उन्हें संपत्ति पर मैसाचुसेट्स करों का भुगतान करने से बचने की अनुमति दी, जिसमें बिक्री कर में लगभग $437,500 और लगभग $500 का वार्षिक उत्पाद शुल्क शामिल है। 27 जुलाई को केरी ने कहा कि वह स्वेच्छा से अपनी नौका पर मैसाचुसेट्स करों में $500,000 का भुगतान करेंगे।<ref>{{Cite web|url=http://bostonherald.com/track/inside_track/view/20100723senator_skipper_skips_town_on_sails_tax|title=Sen. John Kerry skips town on sails tax - BostonHerald.com|date=2010-07-26|website=web.archive.org|access-date=2021-09-23|archive-date=26 जुलाई 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100726141313/http://bostonherald.com/track/inside_track/view/20100723senator_skipper_skips_town_on_sails_tax|url-status=bot: unknown}}</ref>
== विदेशी सम्मान ==
केरी को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-मार्क अयराल्ट से लीजन ऑफ ऑनर का ग्रैंड ऑफिसर प्राप्त करने के बाद
जॉन केरी को सम्मानित किया गया<ref>{{Cite web|url=https://2009-2017.state.gov/secretary/remarks/2016/12/264854.htm|title=Remarks at a Ceremony Awarding the Grand Cross 1st Class of the Order of Merit of the Federal Republic of Germany to Secretary Kerry|website=U.S. Department of State|access-date=2021-09-24}}</ref>
* जर्मनी: जर्मनी के संघीय गणराज्य के ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस प्रथम श्रेणी
* फ्रांस: लीजन ऑफ ऑनर के ग्रैंड ऑफिसर
== मानद उपाधि ==
जॉन केरी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनी सेवा के लिए कई मानद उपाधियाँ प्राप्त की हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.alamy.com/secretary-kerry-receives-honorary-degree-during-boston-college-commencement-image69678756.html|title=Stock Photo - Secretary Kerry Receives Honorary Degree During Boston College Commencement|last=Limited|first=Alamy|website=Alamy|language=en|access-date=2021-09-24}}</ref>
== संदर्भ ==
[[श्रेणी:1943 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
rgrocx8hu0aptp9hm11z5qii12ce9bj
हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध
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730710
6555115
6552031
2026-05-22T03:18:08Z
अनुनाद सिंह
1634
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wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Buddha statue at Dwaraka Tirumala Temple 02.jpg|right|thumb|200px|[[आन्ध्र प्रदेश]] के [[द्वारका तिरुमल|द्वारका तिरुमल मंदिर]] में [[अवतार]] रूप में भगवान बुद्ध की प्रतिमा]]
[[चित्र:Airavatesvara Temple, Dharasuram, Kumbakonam ttkcvrvb122k23iph (451).jpg|right|thumb|300px|[[ऐरावतेश्वर मंदिर]] में [[अवतार]] के रूप में चित्रित [[महात्मा बुद्ध|भगवान बुद्ध]]]]
[[भगवान बुद्ध|बुद्ध]] का उल्लेख सभी प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] तथा सभी महत्वपूर्ण हिन्दू ग्रन्थों में हुआ है। नीचे उन कुछ पुराणों में बुद्ध के उल्लेख का सन्दर्भ दिया गया है-
* [[हरिवंश पर्व]] (1.41)
* [[विष्णु पुराण]] (3.18)
* [[भागवत पुराण]] (1.3.24, 2.7.37, 11.4.23)
* [[गरुड़ पुराण]] (1.1, 2.30.37, 3.15.26)
* [[अग्निपुराण]] (16)
* [[नारदीय पुराण]] (2.72)
* [[लिङ्ग पुराण|लिंगपुराण]] (2.71)
* [[पद्म पुराण]] (3.252)
इन ग्रन्थों में मुख्यतः बुद्ध की भूमिकाओं का वर्णन है- पुराण में यह कहा गया है कि बली प्रथा को बंद करने और दैत्यों को मोहित करने के लिए जन्म लिया था।
<blockquote>
मोहनार्थं दानवानां बालरूपं पथि स्थितम् ।
पुत्रं तं कल्पयामास मूढबुद्धिर्जिनः स्वयम् ॥
ततः सम्मोहयामास जिनाद्यानसुरांशकान् ।
भगवान् वाग्भिरुग्राभिरहिंसावाचिभिर्हरिः॥<ref>{{Cite web|url=https://tatvavadi.ru/sadaagama/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF%E0%A4%83|title=श्रीभागवततात्पर्य्यनिर्ण्णयः — Sadaagama|website=tatvavadi.ru|access-date=2023-09-05}}</ref>
([[ब्रह्माण्ड पुराण]] अध्याय 13)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - दानवों को मोहित करने के लिए वे (बुद्ध ) मार्ग में बाल रूप में खड़े हो गये। जिन नामक मूर्ख दैत्य उनको अपनी सन्तान मान बैठा। इस प्रकार श्रीहरि (बुद्ध-अवतार रूप में) सुचारुरूप से अहिंसात्मक वाणी द्वारा जिन आदि असुरों को सम्मोहित कर लिया।
==बाहरी विवरण==
<blockquote>
शान्तात्मा लम्बकर्णश्च गौराङ्गश्चाम्बरावृतः।
ऊर्ध्वपद्मस्थितो बुद्धो वरदाभयदायकः ॥<ref>{{Cite web|url=http://upasanayoga.org/AKAruna/docs/VacD-Pages/VacD-264_devat%C4%81pratim%C4%81.htm|title=VacD-264_devatāpratimā|website=upasanayoga.org|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.aa.tufs.ac.jp/~tjun/data/gicas/ap1_frame.html|title=agnipuraaNa 1 frame|website=www.aa.tufs.ac.jp|access-date=2023-09-05}}</ref>
(अग्निपुराण अध्याय 49, श्लोक 8)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद- वो विष्णु अवतार भगवान बुद्ध शांत व्यक्तित्व, लंबे कान, गोरा शरीर, कपड़े पहने हुए, ऊपर की ओर खिले हुए कमल पर बैठे, अभय मुद्रा में बुद्ध और वरद अभय को देते हुवे विराजित है।
<blockquote>
काषायवस्रसंवीतो मुण्डितः शुक्लदन्तवान्।शुद्धोदनसुतो बुद्धो मोहयिष्यामि मानवान् ।।<ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AE%E0%A5%8D-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-348|title=महाभारतम्-12-शांतिपर्व-348 - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>(महाभारत: शांतिपर्व:अध्याय-348 श्लोक 43 )
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - वह हल्के पीले वस्त्र पहनेंगे। उन्हें राजा शुद्धोधन के पुत्र बुद्ध के रूप में होगा, जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
== उत्पति निर्णय==
<blockquote>
रक्ष रक्षेति शरणं वदन्तो जग्मुरीश्वरम् मायामोहस्वरूपोऽसौ शुद्धोदनसुतोऽभवत् ॥ मोहयामास दैत्यांस्तांस्त्याजिता वेदधर्मकम् । ते च बौद्धाबभूवुर्हि तेभ्योऽन्यो वेदवर्जिताः ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|title=०१६ बुद्धकल्क्यवतारवर्णनम्|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025226/https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|title=Read-Chapter {{!}} E-Bharatisampat|website=ebharatisampat.in|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025227/https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|title=अग्निपुराणम् - षोडशोऽध्यायः|website=satsangdhara.net|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025229/https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|url-status=dead}}</ref>
(अग्नि पुराण: अध्याय-16, श्लोक 1-3)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - सभी देवता भगवान विष्णु से उनकी रक्षा करने का अनुरोध करते हैं! भगवान कहते हैं कि वह माया से बुद्ध रूप धारण करके राजा शुद्धोदन के पुत्र के रूप में अवतार लेंगे। उन्होंने राक्षसों को मोहित कर उनसे वैदिक धर्म का आचरण छुड़वाया। वे सभी राक्षस लोग बाद में बौद्ध बन गये और अन्य लोग भी उनसे वेदों को त्यागने लगे।
<blockquote>
एतस्मिनैव काले तु कलिना संस्मृतो हरिः |
काश्यपादुद्भवो देवो गौतमो नाम विश्रुतः |
बौद्धधर्मं समाश्रित्य पट्टणे प्राप्तवान्हरिः |<ref>{{Cite web|url=https://ncrkhabar.co.in/2020/05/budhh-purniman-many-budh-are-in-sanatan-bharat/|title=बौद्ध पूर्णिमा पर विशेष : सनतान धर्म मे अनेक बुद्ध हुए है - एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|website=एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|language=en|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=eixREAAAQBAJ&pg=PA33&lpg=PA33&dq=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5+%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87+%E0%A4%A4%E0%A5%81+%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE+%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&source=bl&ots=OCYmD5jMoM&sig=ACfU3U3rfY4JrL-fhAJnOs-_Bq4FjAaC1Q&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiGh-PNupKBAxUHzTgGHaG2AEYQ6AF6BAgSEAI#v=onepage&q=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87%20%E0%A4%A4%E0%A5%81%20%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%20%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&f=false|title=अमृत वचन: Amrit Vachan|last=गुरु|first=श्रीभागवतानंद|date=2021-11-26|publisher=Shri Bhagavatananda Guru|language=hi}}</ref>
(भविष्य पुराण- प्रतिसर्ग पर्व: अध्याय 6:श्लोक 36)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - कलियुग के अनुरोध पर भगवान विष्णु ने कश्यप गोत्र में गौतम बुद्ध के नाम से अवतार लिया और वह बौद्ध धर्म का विस्तार करने के लिए पटना चले गये।
<blockquote>
ततः कलियुगे घोरे सम्प्राप्तेऽब्जसमुद्भव । शुद्धोदनसुतो बुद्धो भविष्यामि विमत्सरः ॥ बौद्धं धर्ममुपाश्रित्य करिष्ये धर्मदेशनाम् । नराणामथ नारीणां दया भूतेषु दर्शयन् ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam_vaiShNavam/upapurANam/vishnudharmaH/|title=विष्णुधर्माः|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://srivaishnavan.com/publications/meghamala/puranas/sri-vishnudharma/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%83-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-4/|title=श्री विष्णुधर्मः अध्यायः 61-70 – ayee jananyacharya indological research foundation – melkote srivaishnavism – sri ramanuja meghamala acharya ramanuja visistadvaitha ebooks alwar prabhandham ramayana gita mahabharata purana rahasya grantha|language=en-US|access-date=2023-09-05}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%83|title=विष्णुधर्मः - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>
(विष्णुधर्म पुराण, अध्याय 66, श्लोक - 68-71)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - भगवान विष्णु ने कहा फिर, भयानक कलियुग में, मैं प्रकट हुआ। मैं शुद्धोदन का पुत्र बनूंगा और बौद्ध धर्म का प्रचार करूंगा, धर्म का प्रचार करूंगा, पुरुषों और महिलाओं के प्रति दया का उपदेश दूंगा।
==स्वामी विवेकानन्द के विचार==
''हिन्दू धर्म बौद्ध धर्म के बिना नहीं रह सकता, ठीक वैसे ही जैसे हिन्दू धर्म के बिना बौद्ध धर्म। हमें यह समझने की जरूरत है कि इस विभाजन ने हमें क्या दिखाया। बौद्ध धर्म ब्राह्मण धर्म के ज्ञान और दर्शन के बिना खड़ा नहीं हो सकता, जैसे ब्राह्मण धर्म बुद्ध के महान हृदय के बिना नहीं खड़ा हो सकता। बौद्धों और वैदिक धर्म के अनुयायियों के बीच यह विभाजन भारत के पतन का कारण है। यही कारण है कि भारत में तीस करोड़ भिखारियों का निवास है, और पिछले हजार वर्षों से भारत को विजेताओं द्वारा गुलाम बनाये जाने का कारण भी यही है। आइए हम ब्राह्मणों की अद्भुत बुद्धि को हृदय, महान आत्मा और महान शिक्षक की जबरदस्त मानव-प्रेम शक्ति के साथ जोड़ दें।<ref>Vivekananda. [http://www.ramakrishnavivekananda.info/vivekananda/volume_1/addresses_at_the_parliament/v1_c1_buddhism.htm Buddhism, The Fulfilment Of Hinduism] // [https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ Swami Vivekananda: Complete Works] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181020140540/https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ|date=20 अक्तूबर 2018}} / लेखक. Sanjay Kumar. — LBA, 2018. — 358 p. — ISBN 9782377879212.</ref>''
==सर्वपल्ली राधकृष्णन के विचार==
''बुद्ध का लक्ष्य [[उपनिषद|उपनिषदों]] के [[आदर्शवाद]] को उसके सर्वोत्तम रूप में आत्मसात करना था और इसे मानवता की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुकूल बनाना था। ऐतिहासिक रूप से, बौद्ध धर्म का अर्थ था, लोगों के बीच उपनिषदों की शिक्षाओं का प्रसार। और इसमें उन्होंने जो हासिल किया वह आज भी कायम है। ऐसा लोकतांत्रिक आरोहण हिंदू इतिहास की एक विशिष्ट विशेषता है। जब महान ऋषियों के विचार-रूपी खजाने पर गिने-चुने लोगों का अधिकार था तब महान वैष्णव उपदेशक रामानुज, ने पारायणों के सामने भी रहस्यमय ग्रंथों का पाठ किया था। हम कह सकते हैं कि बौद्ध धर्म, ब्राह्मण धर्म की अपने मूल सिद्धान्तों में वापसी है।
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[बौद्ध धर्म एवं हिन्दू धर्म]]
* [[दशावतार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikisource:The Complete Works of Swami Vivekananda/Volume 1/Addresses at The Parliament of Religions/Buddhism, the Fulfilment of Hinduism|Buddhism, the Fulfilment of Hinduism, by Swami Vivekananda]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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अनुनाद सिंह
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[[चित्र:Buddha statue at Dwaraka Tirumala Temple 02.jpg|right|thumb|200px|[[आन्ध्र प्रदेश]] के [[द्वारका तिरुमल|द्वारका तिरुमल मंदिर]] में [[अवतार]] रूप में भगवान बुद्ध की प्रतिमा]]
[[चित्र:Tharasuram Airavatesvara Temple.jpg|right|thumb|300px|[[ऐरावतेश्वर मंदिर]] में [[अवतार]] के रूप में चित्रित [[महात्मा बुद्ध|भगवान बुद्ध]]]]
[[भगवान बुद्ध|बुद्ध]] का उल्लेख सभी प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] तथा सभी महत्वपूर्ण हिन्दू ग्रन्थों में हुआ है। नीचे उन कुछ पुराणों में बुद्ध के उल्लेख का सन्दर्भ दिया गया है-
* [[हरिवंश पर्व]] (1.41)
* [[विष्णु पुराण]] (3.18)
* [[भागवत पुराण]] (1.3.24, 2.7.37, 11.4.23)
* [[गरुड़ पुराण]] (1.1, 2.30.37, 3.15.26)
* [[अग्निपुराण]] (16)
* [[नारदीय पुराण]] (2.72)
* [[लिङ्ग पुराण|लिंगपुराण]] (2.71)
* [[पद्म पुराण]] (3.252)
इन ग्रन्थों में मुख्यतः बुद्ध की भूमिकाओं का वर्णन है- पुराण में यह कहा गया है कि बली प्रथा को बंद करने और दैत्यों को मोहित करने के लिए जन्म लिया था।
<blockquote>
मोहनार्थं दानवानां बालरूपं पथि स्थितम् ।
पुत्रं तं कल्पयामास मूढबुद्धिर्जिनः स्वयम् ॥
ततः सम्मोहयामास जिनाद्यानसुरांशकान् ।
भगवान् वाग्भिरुग्राभिरहिंसावाचिभिर्हरिः॥<ref>{{Cite web|url=https://tatvavadi.ru/sadaagama/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF%E0%A4%83|title=श्रीभागवततात्पर्य्यनिर्ण्णयः — Sadaagama|website=tatvavadi.ru|access-date=2023-09-05}}</ref>
([[ब्रह्माण्ड पुराण]] अध्याय 13)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - दानवों को मोहित करने के लिए वे (बुद्ध ) मार्ग में बाल रूप में खड़े हो गये। जिन नामक मूर्ख दैत्य उनको अपनी सन्तान मान बैठा। इस प्रकार श्रीहरि (बुद्ध-अवतार रूप में) सुचारुरूप से अहिंसात्मक वाणी द्वारा जिन आदि असुरों को सम्मोहित कर लिया।
==बाहरी विवरण==
<blockquote>
शान्तात्मा लम्बकर्णश्च गौराङ्गश्चाम्बरावृतः।
ऊर्ध्वपद्मस्थितो बुद्धो वरदाभयदायकः ॥<ref>{{Cite web|url=http://upasanayoga.org/AKAruna/docs/VacD-Pages/VacD-264_devat%C4%81pratim%C4%81.htm|title=VacD-264_devatāpratimā|website=upasanayoga.org|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.aa.tufs.ac.jp/~tjun/data/gicas/ap1_frame.html|title=agnipuraaNa 1 frame|website=www.aa.tufs.ac.jp|access-date=2023-09-05}}</ref>
(अग्निपुराण अध्याय 49, श्लोक 8)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद- वो विष्णु अवतार भगवान बुद्ध शांत व्यक्तित्व, लंबे कान, गोरा शरीर, कपड़े पहने हुए, ऊपर की ओर खिले हुए कमल पर बैठे, अभय मुद्रा में बुद्ध और वरद अभय को देते हुवे विराजित है।
<blockquote>
काषायवस्रसंवीतो मुण्डितः शुक्लदन्तवान्।शुद्धोदनसुतो बुद्धो मोहयिष्यामि मानवान् ।।<ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AE%E0%A5%8D-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-348|title=महाभारतम्-12-शांतिपर्व-348 - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>(महाभारत: शांतिपर्व:अध्याय-348 श्लोक 43 )
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - वह हल्के पीले वस्त्र पहनेंगे। उन्हें राजा शुद्धोधन के पुत्र बुद्ध के रूप में होगा, जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
== उत्पति निर्णय==
<blockquote>
रक्ष रक्षेति शरणं वदन्तो जग्मुरीश्वरम् मायामोहस्वरूपोऽसौ शुद्धोदनसुतोऽभवत् ॥ मोहयामास दैत्यांस्तांस्त्याजिता वेदधर्मकम् । ते च बौद्धाबभूवुर्हि तेभ्योऽन्यो वेदवर्जिताः ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|title=०१६ बुद्धकल्क्यवतारवर्णनम्|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025226/https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|title=Read-Chapter {{!}} E-Bharatisampat|website=ebharatisampat.in|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025227/https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|title=अग्निपुराणम् - षोडशोऽध्यायः|website=satsangdhara.net|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025229/https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|url-status=dead}}</ref>
(अग्नि पुराण: अध्याय-16, श्लोक 1-3)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - सभी देवता भगवान विष्णु से उनकी रक्षा करने का अनुरोध करते हैं! भगवान कहते हैं कि वह माया से बुद्ध रूप धारण करके राजा शुद्धोदन के पुत्र के रूप में अवतार लेंगे। उन्होंने राक्षसों को मोहित कर उनसे वैदिक धर्म का आचरण छुड़वाया। वे सभी राक्षस लोग बाद में बौद्ध बन गये और अन्य लोग भी उनसे वेदों को त्यागने लगे।
<blockquote>
एतस्मिनैव काले तु कलिना संस्मृतो हरिः |
काश्यपादुद्भवो देवो गौतमो नाम विश्रुतः |
बौद्धधर्मं समाश्रित्य पट्टणे प्राप्तवान्हरिः |<ref>{{Cite web|url=https://ncrkhabar.co.in/2020/05/budhh-purniman-many-budh-are-in-sanatan-bharat/|title=बौद्ध पूर्णिमा पर विशेष : सनतान धर्म मे अनेक बुद्ध हुए है - एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|website=एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|language=en|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=eixREAAAQBAJ&pg=PA33&lpg=PA33&dq=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5+%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87+%E0%A4%A4%E0%A5%81+%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE+%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&source=bl&ots=OCYmD5jMoM&sig=ACfU3U3rfY4JrL-fhAJnOs-_Bq4FjAaC1Q&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiGh-PNupKBAxUHzTgGHaG2AEYQ6AF6BAgSEAI#v=onepage&q=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87%20%E0%A4%A4%E0%A5%81%20%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%20%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&f=false|title=अमृत वचन: Amrit Vachan|last=गुरु|first=श्रीभागवतानंद|date=2021-11-26|publisher=Shri Bhagavatananda Guru|language=hi}}</ref>
(भविष्य पुराण- प्रतिसर्ग पर्व: अध्याय 6:श्लोक 36)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - कलियुग के अनुरोध पर भगवान विष्णु ने कश्यप गोत्र में गौतम बुद्ध के नाम से अवतार लिया और वह बौद्ध धर्म का विस्तार करने के लिए पटना चले गये।
<blockquote>
ततः कलियुगे घोरे सम्प्राप्तेऽब्जसमुद्भव । शुद्धोदनसुतो बुद्धो भविष्यामि विमत्सरः ॥ बौद्धं धर्ममुपाश्रित्य करिष्ये धर्मदेशनाम् । नराणामथ नारीणां दया भूतेषु दर्शयन् ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam_vaiShNavam/upapurANam/vishnudharmaH/|title=विष्णुधर्माः|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://srivaishnavan.com/publications/meghamala/puranas/sri-vishnudharma/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%83-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-4/|title=श्री विष्णुधर्मः अध्यायः 61-70 – ayee jananyacharya indological research foundation – melkote srivaishnavism – sri ramanuja meghamala acharya ramanuja visistadvaitha ebooks alwar prabhandham ramayana gita mahabharata purana rahasya grantha|language=en-US|access-date=2023-09-05}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%83|title=विष्णुधर्मः - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>
(विष्णुधर्म पुराण, अध्याय 66, श्लोक - 68-71)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - भगवान विष्णु ने कहा फिर, भयानक कलियुग में, मैं प्रकट हुआ। मैं शुद्धोदन का पुत्र बनूंगा और बौद्ध धर्म का प्रचार करूंगा, धर्म का प्रचार करूंगा, पुरुषों और महिलाओं के प्रति दया का उपदेश दूंगा।
==स्वामी विवेकानन्द के विचार==
''हिन्दू धर्म बौद्ध धर्म के बिना नहीं रह सकता, ठीक वैसे ही जैसे हिन्दू धर्म के बिना बौद्ध धर्म। हमें यह समझने की जरूरत है कि इस विभाजन ने हमें क्या दिखाया। बौद्ध धर्म ब्राह्मण धर्म के ज्ञान और दर्शन के बिना खड़ा नहीं हो सकता, जैसे ब्राह्मण धर्म बुद्ध के महान हृदय के बिना नहीं खड़ा हो सकता। बौद्धों और वैदिक धर्म के अनुयायियों के बीच यह विभाजन भारत के पतन का कारण है। यही कारण है कि भारत में तीस करोड़ भिखारियों का निवास है, और पिछले हजार वर्षों से भारत को विजेताओं द्वारा गुलाम बनाये जाने का कारण भी यही है। आइए हम ब्राह्मणों की अद्भुत बुद्धि को हृदय, महान आत्मा और महान शिक्षक की जबरदस्त मानव-प्रेम शक्ति के साथ जोड़ दें।<ref>Vivekananda. [http://www.ramakrishnavivekananda.info/vivekananda/volume_1/addresses_at_the_parliament/v1_c1_buddhism.htm Buddhism, The Fulfilment Of Hinduism] // [https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ Swami Vivekananda: Complete Works] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181020140540/https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ|date=20 अक्तूबर 2018}} / लेखक. Sanjay Kumar. — LBA, 2018. — 358 p. — ISBN 9782377879212.</ref>''
==सर्वपल्ली राधकृष्णन के विचार==
''बुद्ध का लक्ष्य [[उपनिषद|उपनिषदों]] के [[आदर्शवाद]] को उसके सर्वोत्तम रूप में आत्मसात करना था और इसे मानवता की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुकूल बनाना था। ऐतिहासिक रूप से, बौद्ध धर्म का अर्थ था, लोगों के बीच उपनिषदों की शिक्षाओं का प्रसार। और इसमें उन्होंने जो हासिल किया वह आज भी कायम है। ऐसा लोकतांत्रिक आरोहण हिंदू इतिहास की एक विशिष्ट विशेषता है। जब महान ऋषियों के विचार-रूपी खजाने पर गिने-चुने लोगों का अधिकार था तब महान वैष्णव उपदेशक रामानुज, ने पारायणों के सामने भी रहस्यमय ग्रंथों का पाठ किया था। हम कह सकते हैं कि बौद्ध धर्म, ब्राह्मण धर्म की अपने मूल सिद्धान्तों में वापसी है।
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[बौद्ध धर्म एवं हिन्दू धर्म]]
* [[दशावतार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikisource:The Complete Works of Swami Vivekananda/Volume 1/Addresses at The Parliament of Religions/Buddhism, the Fulfilment of Hinduism|Buddhism, the Fulfilment of Hinduism, by Swami Vivekananda]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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अनुनाद सिंह
1634
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text/x-wiki
[[चित्र:Buddha statue at Dwaraka Tirumala Temple 02.jpg|right|thumb|200px|[[आन्ध्र प्रदेश]] के [[द्वारका तिरुमल|द्वारका तिरुमल मंदिर]] में [[अवतार]] रूप में भगवान बुद्ध की प्रतिमा]]
[[चित्र:8.Tharasuram Airavatesvara Temple.jpg|right|thumb|300px|[[ऐरावतेश्वर मंदिर]] में [[अवतार]] के रूप में चित्रित [[महात्मा बुद्ध|भगवान बुद्ध]]]]
[[भगवान बुद्ध|बुद्ध]] का उल्लेख सभी प्रमुख [[पुराण|पुराणों]] तथा सभी महत्वपूर्ण हिन्दू ग्रन्थों में हुआ है। नीचे उन कुछ पुराणों में बुद्ध के उल्लेख का सन्दर्भ दिया गया है-
* [[हरिवंश पर्व]] (1.41)
* [[विष्णु पुराण]] (3.18)
* [[भागवत पुराण]] (1.3.24, 2.7.37, 11.4.23)
* [[गरुड़ पुराण]] (1.1, 2.30.37, 3.15.26)
* [[अग्निपुराण]] (16)
* [[नारदीय पुराण]] (2.72)
* [[लिङ्ग पुराण|लिंगपुराण]] (2.71)
* [[पद्म पुराण]] (3.252)
इन ग्रन्थों में मुख्यतः बुद्ध की भूमिकाओं का वर्णन है- पुराण में यह कहा गया है कि बली प्रथा को बंद करने और दैत्यों को मोहित करने के लिए जन्म लिया था।
<blockquote>
मोहनार्थं दानवानां बालरूपं पथि स्थितम् ।
पुत्रं तं कल्पयामास मूढबुद्धिर्जिनः स्वयम् ॥
ततः सम्मोहयामास जिनाद्यानसुरांशकान् ।
भगवान् वाग्भिरुग्राभिरहिंसावाचिभिर्हरिः॥<ref>{{Cite web|url=https://tatvavadi.ru/sadaagama/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A4%AF%E0%A4%83|title=श्रीभागवततात्पर्य्यनिर्ण्णयः — Sadaagama|website=tatvavadi.ru|access-date=2023-09-05}}</ref>
([[ब्रह्माण्ड पुराण]] अध्याय 13)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - दानवों को मोहित करने के लिए वे (बुद्ध ) मार्ग में बाल रूप में खड़े हो गये। जिन नामक मूर्ख दैत्य उनको अपनी सन्तान मान बैठा। इस प्रकार श्रीहरि (बुद्ध-अवतार रूप में) सुचारुरूप से अहिंसात्मक वाणी द्वारा जिन आदि असुरों को सम्मोहित कर लिया।
==बाहरी विवरण==
<blockquote>
शान्तात्मा लम्बकर्णश्च गौराङ्गश्चाम्बरावृतः।
ऊर्ध्वपद्मस्थितो बुद्धो वरदाभयदायकः ॥<ref>{{Cite web|url=http://upasanayoga.org/AKAruna/docs/VacD-Pages/VacD-264_devat%C4%81pratim%C4%81.htm|title=VacD-264_devatāpratimā|website=upasanayoga.org|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.aa.tufs.ac.jp/~tjun/data/gicas/ap1_frame.html|title=agnipuraaNa 1 frame|website=www.aa.tufs.ac.jp|access-date=2023-09-05}}</ref>
(अग्निपुराण अध्याय 49, श्लोक 8)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद- वो विष्णु अवतार भगवान बुद्ध शांत व्यक्तित्व, लंबे कान, गोरा शरीर, कपड़े पहने हुए, ऊपर की ओर खिले हुए कमल पर बैठे, अभय मुद्रा में बुद्ध और वरद अभय को देते हुवे विराजित है।
<blockquote>
काषायवस्रसंवीतो मुण्डितः शुक्लदन्तवान्।शुद्धोदनसुतो बुद्धो मोहयिष्यामि मानवान् ।।<ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AE%E0%A5%8D-12-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-348|title=महाभारतम्-12-शांतिपर्व-348 - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>(महाभारत: शांतिपर्व:अध्याय-348 श्लोक 43 )
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - वह हल्के पीले वस्त्र पहनेंगे। उन्हें राजा शुद्धोधन के पुत्र बुद्ध के रूप में होगा, जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
== उत्पति निर्णय==
<blockquote>
रक्ष रक्षेति शरणं वदन्तो जग्मुरीश्वरम् मायामोहस्वरूपोऽसौ शुद्धोदनसुतोऽभवत् ॥ मोहयामास दैत्यांस्तांस्त्याजिता वेदधर्मकम् । ते च बौद्धाबभूवुर्हि तेभ्योऽन्यो वेदवर्जिताः ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|title=०१६ बुद्धकल्क्यवतारवर्णनम्|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025226/https://vishvasa.github.io/purANam/agni-purANam/016_buddhakalkyavatAravarNanam/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|title=Read-Chapter {{!}} E-Bharatisampat|website=ebharatisampat.in|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025227/https://ebharatisampat.in/read_chapter.php?bookid=Njk5MjA5Njg3NzE5MDYy|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|title=अग्निपुराणम् - षोडशोऽध्यायः|website=satsangdhara.net|access-date=2023-09-05|archive-date=5 सितंबर 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230905025229/https://satsangdhara.net/agni/adhyaya-16.htm|url-status=dead}}</ref>
(अग्नि पुराण: अध्याय-16, श्लोक 1-3)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - सभी देवता भगवान विष्णु से उनकी रक्षा करने का अनुरोध करते हैं! भगवान कहते हैं कि वह माया से बुद्ध रूप धारण करके राजा शुद्धोदन के पुत्र के रूप में अवतार लेंगे। उन्होंने राक्षसों को मोहित कर उनसे वैदिक धर्म का आचरण छुड़वाया। वे सभी राक्षस लोग बाद में बौद्ध बन गये और अन्य लोग भी उनसे वेदों को त्यागने लगे।
<blockquote>
एतस्मिनैव काले तु कलिना संस्मृतो हरिः |
काश्यपादुद्भवो देवो गौतमो नाम विश्रुतः |
बौद्धधर्मं समाश्रित्य पट्टणे प्राप्तवान्हरिः |<ref>{{Cite web|url=https://ncrkhabar.co.in/2020/05/budhh-purniman-many-budh-are-in-sanatan-bharat/|title=बौद्ध पूर्णिमा पर विशेष : सनतान धर्म मे अनेक बुद्ध हुए है - एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|website=एन सी आर खबर : खबरे आपकी आपके घर तक|language=en|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=eixREAAAQBAJ&pg=PA33&lpg=PA33&dq=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5+%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87+%E0%A4%A4%E0%A5%81+%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE+%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&source=bl&ots=OCYmD5jMoM&sig=ACfU3U3rfY4JrL-fhAJnOs-_Bq4FjAaC1Q&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiGh-PNupKBAxUHzTgGHaG2AEYQ6AF6BAgSEAI#v=onepage&q=%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%B5%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87%20%E0%A4%A4%E0%A5%81%20%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%20%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8B&f=false|title=अमृत वचन: Amrit Vachan|last=गुरु|first=श्रीभागवतानंद|date=2021-11-26|publisher=Shri Bhagavatananda Guru|language=hi}}</ref>
(भविष्य पुराण- प्रतिसर्ग पर्व: अध्याय 6:श्लोक 36)
</blockquote>
हिन्दी अनुवाद - कलियुग के अनुरोध पर भगवान विष्णु ने कश्यप गोत्र में गौतम बुद्ध के नाम से अवतार लिया और वह बौद्ध धर्म का विस्तार करने के लिए पटना चले गये।
<blockquote>
ततः कलियुगे घोरे सम्प्राप्तेऽब्जसमुद्भव । शुद्धोदनसुतो बुद्धो भविष्यामि विमत्सरः ॥ बौद्धं धर्ममुपाश्रित्य करिष्ये धर्मदेशनाम् । नराणामथ नारीणां दया भूतेषु दर्शयन् ॥<ref>{{Cite web|url=https://vishvasa.github.io/purANam_vaiShNavam/upapurANam/vishnudharmaH/|title=विष्णुधर्माः|website=vishvasa.github.io|language=en-us|access-date=2023-09-05}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://srivaishnavan.com/publications/meghamala/puranas/sri-vishnudharma/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%83-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-4/|title=श्री विष्णुधर्मः अध्यायः 61-70 – ayee jananyacharya indological research foundation – melkote srivaishnavism – sri ramanuja meghamala acharya ramanuja visistadvaitha ebooks alwar prabhandham ramayana gita mahabharata purana rahasya grantha|language=en-US|access-date=2023-09-05}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite web|url=https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%83|title=विष्णुधर्मः - विकिस्रोतः|website=sa.wikisource.org|language=sa|access-date=2023-09-05}}</ref>
(विष्णुधर्म पुराण, अध्याय 66, श्लोक - 68-71)
</blockquote>
हिंदी अनुवाद - भगवान विष्णु ने कहा फिर, भयानक कलियुग में, मैं प्रकट हुआ। मैं शुद्धोदन का पुत्र बनूंगा और बौद्ध धर्म का प्रचार करूंगा, धर्म का प्रचार करूंगा, पुरुषों और महिलाओं के प्रति दया का उपदेश दूंगा।
==स्वामी विवेकानन्द के विचार==
''हिन्दू धर्म बौद्ध धर्म के बिना नहीं रह सकता, ठीक वैसे ही जैसे हिन्दू धर्म के बिना बौद्ध धर्म। हमें यह समझने की जरूरत है कि इस विभाजन ने हमें क्या दिखाया। बौद्ध धर्म ब्राह्मण धर्म के ज्ञान और दर्शन के बिना खड़ा नहीं हो सकता, जैसे ब्राह्मण धर्म बुद्ध के महान हृदय के बिना नहीं खड़ा हो सकता। बौद्धों और वैदिक धर्म के अनुयायियों के बीच यह विभाजन भारत के पतन का कारण है। यही कारण है कि भारत में तीस करोड़ भिखारियों का निवास है, और पिछले हजार वर्षों से भारत को विजेताओं द्वारा गुलाम बनाये जाने का कारण भी यही है। आइए हम ब्राह्मणों की अद्भुत बुद्धि को हृदय, महान आत्मा और महान शिक्षक की जबरदस्त मानव-प्रेम शक्ति के साथ जोड़ दें।<ref>Vivekananda. [http://www.ramakrishnavivekananda.info/vivekananda/volume_1/addresses_at_the_parliament/v1_c1_buddhism.htm Buddhism, The Fulfilment Of Hinduism] // [https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ Swami Vivekananda: Complete Works] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181020140540/https://books.google.ru/books?id=WI1RDwAAQBAJ|date=20 अक्तूबर 2018}} / लेखक. Sanjay Kumar. — LBA, 2018. — 358 p. — ISBN 9782377879212.</ref>''
==सर्वपल्ली राधकृष्णन के विचार==
''बुद्ध का लक्ष्य [[उपनिषद|उपनिषदों]] के [[आदर्शवाद]] को उसके सर्वोत्तम रूप में आत्मसात करना था और इसे मानवता की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुकूल बनाना था। ऐतिहासिक रूप से, बौद्ध धर्म का अर्थ था, लोगों के बीच उपनिषदों की शिक्षाओं का प्रसार। और इसमें उन्होंने जो हासिल किया वह आज भी कायम है। ऐसा लोकतांत्रिक आरोहण हिंदू इतिहास की एक विशिष्ट विशेषता है। जब महान ऋषियों के विचार-रूपी खजाने पर गिने-चुने लोगों का अधिकार था तब महान वैष्णव उपदेशक रामानुज, ने पारायणों के सामने भी रहस्यमय ग्रंथों का पाठ किया था। हम कह सकते हैं कि बौद्ध धर्म, ब्राह्मण धर्म की अपने मूल सिद्धान्तों में वापसी है।
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[बौद्ध धर्म एवं हिन्दू धर्म]]
* [[दशावतार]]
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [[wikisource:The Complete Works of Swami Vivekananda/Volume 1/Addresses at The Parliament of Religions/Buddhism, the Fulfilment of Hinduism|Buddhism, the Fulfilment of Hinduism, by Swami Vivekananda]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
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बौद्ध धर्म एवं हिन्दू धर्म
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2026-05-22T03:22:03Z
अनुनाद सिंह
1634
/* इन्हें भी देखें */
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text/x-wiki
[[चित्र:Avatars.jpg|right|thumb|250px|हिन्दू धर्म में [[महात्मा बुद्ध]] को [[विष्णु]] के दस [[अवतार|अवतारों]] में से एक माना जाता है। (नीचे, दाहिने तरफ)]]
[[हिन्दू धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] दोनों ही प्राचीन [[धर्म]] हैं और दोनों ही [[भारत]]भूमि से उपजे हैं। हिन्दू धर्म के [[वैष्णव संप्रदाय]] में [[गौतम बुद्ध]] को [[गौतम बुद्ध|नौवां अवतार]] माना गया है। यदि हिन्दू धर्म को एक विशाल वृक्ष माना जाए, तो बौद्ध धर्म उसकी एक ऐसी शाखा है जिसने अपनी स्वतंत्र पहचान तो बनाई, लेकिन उसकी जड़ें उसी प्राचीन भारतीय दर्शन में गहराई तक जमी हुई हैं। दोनों मार्ग मनुष्य को अज्ञानता से प्रकाश की ओर ले जाने का प्रयास करते हैं।
बौद्धधर्म भारतीय विचारधारा के सर्वाधिक विकसित रूपों में से एक है और हिन्दुमत (सनातन धर्म) से साम्य रखता है। हिन्दुमत के दस लक्षणों यथा दया, क्षमा अपरिग्रह आदि बौद्धमत से मिलते-जुलते हैं। यदि हिन्दुमत में [[मूर्तिपूजा|मूर्ति पूजा]] का प्रचलन है तो बौद्ध मन्दिर भी मूर्तियों से भरे पड़े हैं। हालाँकि वे सभी मूर्तियां धर्म प्रसार के और धम्म चक्क के निरन्तर चलने हेतु से है। प्रसिद्ध अंग्रेज यात्री डाॅ. डी.एल. स्नेलगोव ने अपनी पुस्तक ‘द बुद्धिस्ट हिमालय’ में लिखा है, ‘‘मैं सतलुज घाटी लाँघकर भारत आया था’’, उन दिनों [[कश्मीर]] से सतलुज तक का मार्ग एक ही था। यही वह समय था जब कश्मीर भारतीय तंत्र का केंद्र रहा है, अतः बौद्ध मतावलम्बियों द्वारा भारतीय तंत्र को अपनाया जाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं।
ओल्डेनबर्ग का मानना है कि बुद्ध से ठीक पहले दार्शनिक चिन्तन निरंकुश सा हो गया था। सिद्धांतों पर होने वाला वाद-विवाद अराजकता की ओर लिए जा रहा था। बुद्ध के उपदेशों में ठोस तथ्यों की ओर लौटने का निररंतर प्रयास रहा है।
सुविख्यात कलामर्मज्ञ एवं भारत-चिन्तक [[आनन्द केंटिश कुमारस्वामी|आनन्द कुमारस्वामी]] का कथन है कि:
:'' जितना अधिक सतही तौर पर कोई बौद्ध धर्म का अध्ययन करता है, उतना ही अधिक बौद्ध धर्म, ब्राह्मण धर्म से भिन्न प्रतीत होता है जिससे इसकी उत्पत्ति हुई थी। लेकिन हमारा अध्ययन जितना अधिक गहरा होगा, बौद्ध धर्म को ब्राह्मण धर्म से अलग करना उतना ही कठिन हो जाएगा। -- ('हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म' में)
==समानताएँ==
[[चित्र:Vishnu idol in Seema Malaka.jpg|right|thumb|300px|[[कोलम्बो]] के सीमा मलाका बौद्ध मन्दिर में [[विष्णु]] ([[उपुलवन]]) की मूर्ति]]
# दोनों ही धर्म भारतीय हैं। दोनों ही [[धर्म]] को सतत [[अनुसंधान]] का विषय मानते हैं और किसी पूर्वाग्रह या कही-कहायी बात में विश्वास नहीं करते।
# दोनों ही अतिप्राचीन धर्म हैं।
# दोनों धर्मों के ९०% से अधिक अनुयायी [[एशिया]] में रहते हैं।
# '''समान मूलभूत शब्दावली''' - [[कर्म]], [[धर्म]], [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]]<ref>namah suddhaya buddhaya"; P. 67 Cultural History From The Vayu Purana By Devendrakumar Rajaram Patil, Rajaram D. K. Patil</ref>, [[अवतार]] आदि
# '''समान प्रतीकवाद''' - [[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]], [[तिलक]], [[शिखा]], [[रुद्राक्ष]], [[धर्मचक्र]], [[स्वस्तिक]], [[यज्ञोपवीत]] आदि
# '''समान कर्मकाण्ड''' - [[मंत्र]], [[योग]], [[ध्यान]], [[मूर्तिपूजा]] का अनिषेध
# दोनों धर्मों के बहुत से देवी-देवता समान हैं। यहाँ तक कि हिन्दू धर्म में बुद्ध को विष्णु का दसवाँ [[अवतार]] माना गया है।
# बहुत से मन्दिरों में हिन्दू और बौद्ध दोनों पूजा करते हैं, जैसे- [[बोधगया]] का [[महाबोधि विहार|महाबोधि मन्दिर]], काठमाण्डू का [[स्वयंभूनाथ]] मन्दिर आदि।
# बौद्ध धर्म के ग्रन्थ [[पालि]] और [[संस्कृत]] में हैं। हिन्दू धर्म के अधिकांश ग्रन्थ संस्कृत में हैं। संस्कृत और पालि में सभी प्रकार से अत्यधिक समानता है। (धम्मं शरणं गच्छामि == धर्मं शरणं गच्छामि ; एष धम्मो सनातनो == एष धर्मः सनातनः ; भवतु सब्ब मंगलम् == भवतु सर्व मंगलम्)
# '''[[पुनर्जन्म]] में विश्वास''' : दोनों धर्मों पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं। [[जातक कथाएँ]], बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथाएँ हैं।
# '''[[कर्म]] का सिद्धान्त''' : दोनों ही धर्म मानते हैं कि अच्छे-बुरे कर्म का फल अगले जन्म में मिलता है।
==असमानताएँ==
;[[ईश्वर]]
गौतम बुद्ध ने [[ब्रह्म]] को कभी इश्वर नहीं माना। हालाँकि बौद्ध धम्म धर्म इस मत को स्वीकार नहीं करता। क्योंकि बौद्ध धम्म में तथागत गौतम बुद्ध ने ईश्वर को एक कोरी कल्पना कहा है। और धम्म में कोई कल्पना को बिना जांचे पहचाने ईश्वर है इस बात को स्वीकारा नहीं जा सकता। बुद्ध एक उच्च कक्षा की मानसिक अवस्था है और उसे प्राप्त कर लेता है वह बुद्ध कहलाता है। गौतम बुद्ध खुद कहते थे की मैं कोई ईश्वर नहीं हूं।
ब्रह्मा की आलोचना खुद्दुका निकाय के भुरिदत जातक कथा में कुछ इस तरह मिलती है:
"यदि वह ब्रह्मा सब लोगों का "ईश्वर" है और सब प्राणियों का स्वामी हैं, तो उसने लोक में यह माया, झूठ, दोष और मद क्यों पैदा किये हैं? यदि वह ब्रह्मा सब लोगों का "ईश्वर" है और सब प्राणियों का स्वामी है, तो हे अरिट्ठ! वह स्वयं अधार्मिक है, क्योंकि उसने 'धर्म' के रहते अधर्म उत्पन्न किया।" <ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=Jatak Part 6 Bhadanta Ananda Kausalyayan|page=221|url=https://archive.org/download/JatakPart6BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%206%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
और महाबोधि जातक में बुद्ध कुछ इस तरह कहते है:
"यदि ईश्वर ही सारे लोक की जिविका की व्यवस्था करता है, यदि उसी की इच्छा के अनुसार मनुष्य को ऐश्वर्य मिलता है! है, उस पर विपत्ति आती है, वह भला-बुरा करता हैं, यदि आदमी केवल ईश्वर की आज्ञा मानने' वाला है, तो ईश्वर
ही दोषी ठहरता है।"<ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=Jataka Part 5|page=325|url=https://archive.org/download/JatakPart5BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%205%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
;[[आत्मा]]
बुद्ध ने आत्मा को भी नकार दिया है और कहा है कि एक जीव पांच स्कन्धो से मिल कर बना है अथवा आत्मा नाम की कोई चीज़ नहीं है। <ref>{{Cite web |url=http://www.budsas.org/ebud/whatbudbeliev/115.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=19 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170715225301/http://www.budsas.org/ebud/whatbudbeliev/115.htm |archive-date=15 जुलाई 2017 |url-status=dead }}</ref>
;[[वेद]]
बुद्ध ने वेदों को भी साफ़ तौर से नकार दिया है। इसका उल्ल्लेख हमे तेविज्ज सुत्त और भुरिदत्त जातक कथा में मिलता है।
बुद्ध, अरिट्ठ को सम्भोधित करते हुए कहते है :
"हे अरिट्ठ ! वेदाध्ययन धैयेवान् पुरुषों का दुर्भाग्य है और मूर्खो का
सौमाग्य है। यह (वेदत्रय) मृगमरीचिका के संमान हैं। सत्यासत्य का विवेक न
करने से मूर्ख इन्हें सत्य मान लेते हैं। ये मायावी (वेद) प्रज्ञावान को घोखा नहीं
दे सकते ॥ मित्र-द्रोही और जीवनाशक (-भ्रूण-हत्यारे ?) को वेद नहीं
बचा सकते। द्वेषी, अनार्यकर्मी आदमी को अग्नि-परिचर्या भी नहीं बचा सकती।"
<ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=जातक भाग 6|page=219|url=https://archive.org/download/JatakPart6BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%206%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
<ref>{{Cite web |url=http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=441 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=19 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170818175544/http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=441 |archive-date=18 अगस्त 2017 |url-status=dead }}</ref>
<ref>{{Cite web |url=https://suttacentral.net/en/ja543 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171027181809/https://suttacentral.net/en/ja543 |archive-date=27 अक्तूबर 2017 |url-status=dead }}</ref>
;[[वर्ण (बहुविकल्पी शब्द)|वर्ण]]
हिन्दू धर्म जहा चार चार वर्ण में भेद बताता है तो वही बुद्ध ने सभी वर्णों ([[ब्राह्मण]], [[क्षत्रिय]], [[वैश्य]], [[शूद्र]]) को समान माना। अस्सलायान सुत्त इस बात की पुष्टि करता है कि सभी वर्ण सामान है। <ref>http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=70 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170710091743/http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=70 |date=10 जुलाई 2017 }} Buddha on Caste</ref> बुद्ध का वर्ण व्यवस्था के खिलाफ एक प्रसिद्ध वचन हमें वसल सुत्त में कुछ इस प्रकार मिलता है :
"कोई जन्म से नीच नहीं होता और न ही कोई जन्म से ब्राह्मण होता है। कर्म से ही कोई नीच होता है और कर्म से ही कोई ब्राह्मण होता है।"<ref>{{cite book|first1=भिक्खु धर्म|last1=रत्न|title=वसल सुत्त, सुत्त निपात|page=39|url=https://archive.org/download/in.ernet.dli.2015.309935/2015.309935.Suttanipat.pdf}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[चित्र:Morning on Swayambhunath.jpg|right|thumb|300px|[[नेपाल]] के [[काठमाण्डू]] में स्थित [[स्वयंभूनाथ|स्वयंभूनाथ मन्दिर]], जो हिन्दुओं और बौद्धों दोनों का मन्दिर है।]]
[[चित्र:Budanilkantha Temple Budanilkantha Kathmandu Nepal Rajesh Dhungana (9).jpg|right|thumb|300px|बुद्धनीलकण्ठ मन्दिर की मूर्ति जिसकी पूजा हिन्दू और बौद्ध दोनों करते हैं।]]
*[[ब्रह्मा (बौद्ध धर्म)]]
*[[हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध, विष्णु के अवतार के रूप में]]
*[[जम्बूद्वीप]]
*[[बौद्ध शाकाहार|बौद्ध धर्म में शाकाहार]]
*[[कान्हेरी गुफाएँ]]
*[[हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.linkedin.com/pulse/सवम-ववकननद-क-वयखयन-5-बदध-धरम-26-सतमबर-1893-kalki-avatar स्वामी विवेकानन्द के व्याख्यान ('''बौद्ध धर्म''' - 26 सितम्बर, 1893)]
*[https://www.pravakta.com/lord-buddha-and-noble-tradition-a-satyanveshan/ भगवान बुद्ध और आर्य परम्परा -एक सत्यान्वेषण]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:धर्म की समालोचना]]
{{आधार}}
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2026-05-22T03:23:47Z
अनुनाद सिंह
1634
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wikitext
text/x-wiki
[[चित्र:Avatars.jpg|right|thumb|250px|हिन्दू धर्म में [[महात्मा बुद्ध]] को [[विष्णु]] के दस [[अवतार|अवतारों]] में से एक माना जाता है। (नीचे, दाहिने तरफ)]]
[[हिन्दू धर्म]] और [[बौद्ध धर्म]] दोनों ही प्राचीन [[धर्म]] हैं और दोनों ही [[भारत]]भूमि से उपजे हैं। हिन्दू धर्म के [[वैष्णव संप्रदाय]] में [[गौतम बुद्ध]] को [[गौतम बुद्ध|नौवां अवतार]] माना गया है। यदि हिन्दू धर्म को एक विशाल वृक्ष माना जाए, तो बौद्ध धर्म उसकी एक ऐसी शाखा है जिसने अपनी स्वतंत्र पहचान तो बनाई, लेकिन उसकी जड़ें उसी प्राचीन भारतीय दर्शन में गहराई तक जमी हुई हैं। दोनों मार्ग मनुष्य को अज्ञानता से प्रकाश की ओर ले जाने का प्रयास करते हैं।
बौद्धधर्म भारतीय विचारधारा के सर्वाधिक विकसित रूपों में से एक है और हिन्दुमत (सनातन धर्म) से साम्य रखता है। हिन्दुमत के [[धर्म]] के दस लक्षण (दया, क्षमा अपरिग्रह आदि) बौद्धमत से मिलते-जुलते हैं। यदि हिन्दुमत में [[मूर्तिपूजा|मूर्ति पूजा]] का प्रचलन है तो बौद्ध मन्दिर भी मूर्तियों से भरे पड़े हैं। हालाँकि वे सभी मूर्तियां धर्म प्रसार के और धम्म चक्क के निरन्तर चलने हेतु से है। प्रसिद्ध अंग्रेज यात्री डाॅ. डी.एल. स्नेलगोव ने अपनी पुस्तक ‘द बुद्धिस्ट हिमालय’ में लिखा है, ‘‘मैं सतलुज घाटी लाँघकर भारत आया था’’, उन दिनों [[कश्मीर]] से सतलुज तक का मार्ग एक ही था। यही वह समय था जब कश्मीर भारतीय तंत्र का केंद्र रहा है, अतः बौद्ध मतावलम्बियों द्वारा भारतीय तंत्र को अपनाया जाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं।
ओल्डेनबर्ग का मानना है कि बुद्ध से ठीक पहले दार्शनिक चिन्तन निरंकुश सा हो गया था। सिद्धांतों पर होने वाला वाद-विवाद अराजकता की ओर लिए जा रहा था। बुद्ध के उपदेशों में ठोस तथ्यों की ओर लौटने का निररंतर प्रयास रहा है।
सुविख्यात कलामर्मज्ञ एवं भारत-चिन्तक [[आनन्द केंटिश कुमारस्वामी|आनन्द कुमारस्वामी]] का कथन है कि:
:'' जितना अधिक सतही तौर पर कोई बौद्ध धर्म का अध्ययन करता है, उतना ही अधिक बौद्ध धर्म, ब्राह्मण धर्म से भिन्न प्रतीत होता है जिससे इसकी उत्पत्ति हुई थी। लेकिन हमारा अध्ययन जितना अधिक गहरा होगा, बौद्ध धर्म को ब्राह्मण धर्म से अलग करना उतना ही कठिन हो जाएगा। -- ('हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म' में)
==समानताएँ==
[[चित्र:Vishnu idol in Seema Malaka.jpg|right|thumb|300px|[[कोलम्बो]] के सीमा मलाका बौद्ध मन्दिर में [[विष्णु]] ([[उपुलवन]]) की मूर्ति]]
# दोनों ही धर्म भारतीय हैं। दोनों ही [[धर्म]] को सतत [[अनुसंधान]] का विषय मानते हैं और किसी पूर्वाग्रह या कही-कहायी बात में विश्वास नहीं करते।
# दोनों ही अतिप्राचीन धर्म हैं।
# दोनों धर्मों के ९०% से अधिक अनुयायी [[एशिया]] में रहते हैं।
# '''समान मूलभूत शब्दावली''' - [[कर्म]], [[धर्म]], [[गौतम बुद्ध|बुद्ध]]<ref>namah suddhaya buddhaya"; P. 67 Cultural History From The Vayu Purana By Devendrakumar Rajaram Patil, Rajaram D. K. Patil</ref>, [[अवतार]] आदि
# '''समान प्रतीकवाद''' - [[मुद्रा (भाव भंगिमा)|मुद्रा]], [[तिलक]], [[शिखा]], [[रुद्राक्ष]], [[धर्मचक्र]], [[स्वस्तिक]], [[यज्ञोपवीत]] आदि
# '''समान कर्मकाण्ड''' - [[मंत्र]], [[योग]], [[ध्यान]], [[मूर्तिपूजा]] का अनिषेध
# दोनों धर्मों के बहुत से देवी-देवता समान हैं। यहाँ तक कि हिन्दू धर्म में बुद्ध को विष्णु का दसवाँ [[अवतार]] माना गया है।
# बहुत से मन्दिरों में हिन्दू और बौद्ध दोनों पूजा करते हैं, जैसे- [[बोधगया]] का [[महाबोधि विहार|महाबोधि मन्दिर]], काठमाण्डू का [[स्वयंभूनाथ]] मन्दिर आदि।
# बौद्ध धर्म के ग्रन्थ [[पालि]] और [[संस्कृत]] में हैं। हिन्दू धर्म के अधिकांश ग्रन्थ संस्कृत में हैं। संस्कृत और पालि में सभी प्रकार से अत्यधिक समानता है। (धम्मं शरणं गच्छामि == धर्मं शरणं गच्छामि ; एष धम्मो सनातनो == एष धर्मः सनातनः ; भवतु सब्ब मंगलम् == भवतु सर्व मंगलम्)
# '''[[पुनर्जन्म]] में विश्वास''' : दोनों धर्मों पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं। [[जातक कथाएँ]], बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथाएँ हैं।
# '''[[कर्म]] का सिद्धान्त''' : दोनों ही धर्म मानते हैं कि अच्छे-बुरे कर्म का फल अगले जन्म में मिलता है।
==असमानताएँ==
;[[ईश्वर]]
गौतम बुद्ध ने [[ब्रह्म]] को कभी इश्वर नहीं माना। हालाँकि बौद्ध धम्म धर्म इस मत को स्वीकार नहीं करता। क्योंकि बौद्ध धम्म में तथागत गौतम बुद्ध ने ईश्वर को एक कोरी कल्पना कहा है। और धम्म में कोई कल्पना को बिना जांचे पहचाने ईश्वर है इस बात को स्वीकारा नहीं जा सकता। बुद्ध एक उच्च कक्षा की मानसिक अवस्था है और उसे प्राप्त कर लेता है वह बुद्ध कहलाता है। गौतम बुद्ध खुद कहते थे की मैं कोई ईश्वर नहीं हूं।
ब्रह्मा की आलोचना खुद्दुका निकाय के भुरिदत जातक कथा में कुछ इस तरह मिलती है:
"यदि वह ब्रह्मा सब लोगों का "ईश्वर" है और सब प्राणियों का स्वामी हैं, तो उसने लोक में यह माया, झूठ, दोष और मद क्यों पैदा किये हैं? यदि वह ब्रह्मा सब लोगों का "ईश्वर" है और सब प्राणियों का स्वामी है, तो हे अरिट्ठ! वह स्वयं अधार्मिक है, क्योंकि उसने 'धर्म' के रहते अधर्म उत्पन्न किया।" <ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=Jatak Part 6 Bhadanta Ananda Kausalyayan|page=221|url=https://archive.org/download/JatakPart6BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%206%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
और महाबोधि जातक में बुद्ध कुछ इस तरह कहते है:
"यदि ईश्वर ही सारे लोक की जिविका की व्यवस्था करता है, यदि उसी की इच्छा के अनुसार मनुष्य को ऐश्वर्य मिलता है! है, उस पर विपत्ति आती है, वह भला-बुरा करता हैं, यदि आदमी केवल ईश्वर की आज्ञा मानने' वाला है, तो ईश्वर
ही दोषी ठहरता है।"<ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=Jataka Part 5|page=325|url=https://archive.org/download/JatakPart5BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%205%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
;[[आत्मा]]
बुद्ध ने आत्मा को भी नकार दिया है और कहा है कि एक जीव पांच स्कन्धो से मिल कर बना है अथवा आत्मा नाम की कोई चीज़ नहीं है। <ref>{{Cite web |url=http://www.budsas.org/ebud/whatbudbeliev/115.htm |title=संग्रहीत प्रति |access-date=19 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170715225301/http://www.budsas.org/ebud/whatbudbeliev/115.htm |archive-date=15 जुलाई 2017 |url-status=dead }}</ref>
;[[वेद]]
बुद्ध ने वेदों को भी साफ़ तौर से नकार दिया है। इसका उल्ल्लेख हमे तेविज्ज सुत्त और भुरिदत्त जातक कथा में मिलता है।
बुद्ध, अरिट्ठ को सम्भोधित करते हुए कहते है :
"हे अरिट्ठ ! वेदाध्ययन धैयेवान् पुरुषों का दुर्भाग्य है और मूर्खो का
सौमाग्य है। यह (वेदत्रय) मृगमरीचिका के संमान हैं। सत्यासत्य का विवेक न
करने से मूर्ख इन्हें सत्य मान लेते हैं। ये मायावी (वेद) प्रज्ञावान को घोखा नहीं
दे सकते ॥ मित्र-द्रोही और जीवनाशक (-भ्रूण-हत्यारे ?) को वेद नहीं
बचा सकते। द्वेषी, अनार्यकर्मी आदमी को अग्नि-परिचर्या भी नहीं बचा सकती।"
<ref>{{cite book|first1=भदंत आनंद|last1=कौसल्यान|title=जातक भाग 6|page=219|url=https://archive.org/download/JatakPart6BhadantaAnandaKausalyayan/Jatak%20Part%206%20-%20Bhadanta%20Ananda%20Kausalyayan.pdf}}</ref>
<ref>{{Cite web |url=http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=441 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=19 जुलाई 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170818175544/http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=441 |archive-date=18 अगस्त 2017 |url-status=dead }}</ref>
<ref>{{Cite web |url=https://suttacentral.net/en/ja543 |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 अक्तूबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20171027181809/https://suttacentral.net/en/ja543 |archive-date=27 अक्तूबर 2017 |url-status=dead }}</ref>
;[[वर्ण (बहुविकल्पी शब्द)|वर्ण]]
हिन्दू धर्म जहा चार चार वर्ण में भेद बताता है तो वही बुद्ध ने सभी वर्णों ([[ब्राह्मण]], [[क्षत्रिय]], [[वैश्य]], [[शूद्र]]) को समान माना। अस्सलायान सुत्त इस बात की पुष्टि करता है कि सभी वर्ण सामान है। <ref>http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=70 {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170710091743/http://www.buddhisma2z.com/content.php?id=70 |date=10 जुलाई 2017 }} Buddha on Caste</ref> बुद्ध का वर्ण व्यवस्था के खिलाफ एक प्रसिद्ध वचन हमें वसल सुत्त में कुछ इस प्रकार मिलता है :
"कोई जन्म से नीच नहीं होता और न ही कोई जन्म से ब्राह्मण होता है। कर्म से ही कोई नीच होता है और कर्म से ही कोई ब्राह्मण होता है।"<ref>{{cite book|first1=भिक्खु धर्म|last1=रत्न|title=वसल सुत्त, सुत्त निपात|page=39|url=https://archive.org/download/in.ernet.dli.2015.309935/2015.309935.Suttanipat.pdf}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
[[चित्र:Morning on Swayambhunath.jpg|right|thumb|300px|[[नेपाल]] के [[काठमाण्डू]] में स्थित [[स्वयंभूनाथ|स्वयंभूनाथ मन्दिर]], जो हिन्दुओं और बौद्धों दोनों का मन्दिर है।]]
[[चित्र:Budanilkantha Temple Budanilkantha Kathmandu Nepal Rajesh Dhungana (9).jpg|right|thumb|300px|बुद्धनीलकण्ठ मन्दिर की मूर्ति जिसकी पूजा हिन्दू और बौद्ध दोनों करते हैं।]]
*[[ब्रह्मा (बौद्ध धर्म)]]
*[[हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध|महात्मा बुद्ध, विष्णु के अवतार के रूप में]]
*[[जम्बूद्वीप]]
*[[बौद्ध शाकाहार|बौद्ध धर्म में शाकाहार]]
*[[कान्हेरी गुफाएँ]]
*[[हिन्दू धर्म में गौतम बुद्ध]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://www.linkedin.com/pulse/सवम-ववकननद-क-वयखयन-5-बदध-धरम-26-सतमबर-1893-kalki-avatar स्वामी विवेकानन्द के व्याख्यान ('''बौद्ध धर्म''' - 26 सितम्बर, 1893)]
*[https://www.pravakta.com/lord-buddha-and-noble-tradition-a-satyanveshan/ भगवान बुद्ध और आर्य परम्परा -एक सत्यान्वेषण]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
[[श्रेणी:बौद्ध धर्म]]
[[श्रेणी:धर्म की समालोचना]]
{{आधार}}
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2016 उड़ी हमला
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{{Infobox civilian attack
|title = 2016 उरी/उड़ी हमला
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'''उरी हमला''' 18 सितम्बर 2016 को [[जम्मू और कश्मीर]] के उरी सेक्टर में [[नियंत्रण रेखा|एलओसी]] के पास स्थित [[भारतीय सशस्त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] के स्थानीय मुख्यालय पर हुआ, एक आतंकी हमला है जिसमें 16 जवान शहीद हो गए। सैन्य बलों की कार्यवाही में सभी चार [[आतंकवाद|आतंकी]] मारे गए। यह [[भारतीय सशस्त्र सेनाएँ|भारतीय सेना]] पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला है।
उरी हमले में सीमा पार बैठे आतंकियों का हाथ बताया गया है। इनकी योजना के तहत ही सेना के कैंप पर [[आत्मघाती हमला|फिदायीन हमला]] किया गया। हमलावरों के द्वारा निहत्थे और सोते हुए जवानों पर [[अंधाधुंध गोलीबारी|ताबड़तोड़ फायरिंग]] की गयी ताकि ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जा सके।
<ref name = ndtv>[http://khabar.ndtv.com/news/india/uri-suicide-attackers-planning-1460340 उरी हमला : निहत्थे जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ऑफिसर्स मेस में खुद को उड़ा लेना चाहते थे आतंकी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160919232733/http://khabar.ndtv.com/news/india/uri-suicide-attackers-planning-1460340 |date=19 सितंबर 2016 }} - [[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]] - 19 सितम्बर 2016</ref>
अमेरिका ने उड़ी हमले को "आतंकवादी" हमला करार दिया।<ref name="bbc"/> उड़ी हमले का बदला भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक से लिया, जिस पर एक फिल्म बनी है, उड़ी: द सर्जिकल स्ट्राइक, यह एक ऐसी फिल्म है जिससे देशहित के लिए राष्ट्रवादी विचारधारा का विकास होगा और हम भारतीयों में राष्ट्रीयता पनपेगी।
==हमला==
यह हमला 18 सितम्बर 2016 को सुबह साढ़े 5 बजे ([[भारतीय मानक समय|आईएसटी]]) उरी सेक्टर के पास स्थित आर्मी हेडक्वार्टर पर हुआ। आतंकियों की पहली योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जाए। इसके बाद बटालियन हेडक्वार्ट्स के प्रशासनिक ब्लॉक में मेडिकल एड युनिट में घुसकर वहां खूनखराबा किया जाये और इसके बाद अंत में ऑफिसर्स मेस में घुसकर खुद को उड़ा लेना। हालांकि [[पैरा स्पेशल फोर्सेज़]] को प्रशासनिक ब्लॉक में उतारे जाने के फैसले की वजह से आतंकी अपने इन नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए।<ref name="ndtv"/>
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया और तेज़ी से किए ऑपरेशन में खत्म कर दिया। कुछ ही घंटों के अंदर ही चारों आतंकियों को मार गिराया गया। पर इससे पहले ही निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी से काफी नुकसान हो चुका था। आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी। इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान चली गई।
== प्रतिक्रिया ==
;{{flag|भारत}}
*[[भारत के राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] [[प्रणब मुखर्जी|प्रणव मुखर्जी]] ने ट्वीट कर कहा कि भारत इस तरह के हमलों से डरने वाला नहीं है। इन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "हम आतंकवादियों और उन्हें शह देने वालों के नापाक इरादों को नाकाम कर देंगे।"<ref name="bbc"/>
*[[भारत का प्रधानमन्त्री|प्रधानमंत्री]] [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] ने ट्वीट कर कहा, "हम उड़ी में हुए कायराना हमले की कड़ी आलोचना करते हैं। मैं राष्ट्र को भरोसा देता हूं कि इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें सज़ा ज़रूर मिलेगी।" एक और ट्वीट में मोदी ने कहा, "हम उड़ी में शहीद होने वालों को सलाम करते हैं। राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। मैंने हालात का जायज़ा लेने के लिए गृहमंत्री और रक्षामंत्री से बात की है। रक्षामंत्री हालात पर नज़र रखने के लिए कश्मीर जा रहे हैं।"<ref name="bbc"/>
*[[भारत के गृह मंत्री|गृहमंत्री]] [[राजनाथ सिंह]] ने ट्वीट कर कहा है कि वे उड़ी में सेना के कैंप पर हुए आतकंवादी हमले में 17 जवानों के "शहीद होने" से काफ़ी दुखी हैं। उन्होंने ज़ख़्मी हुए लोगों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना भी की।<ref name="bbc"/>
*सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा- 'भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर और आंतरिक क्षेत्र दोनों ही जगह आतंकी स्थिति से निपटते समय अत्यधिक संयम बरता है। हालांकि आवश्यकता पड़ने पर हम इस तरह की हिंसात्मक और आक्रामक कार्यवाही का जवाब देने के लिए पूरी क्षमता रखते हैं। हम इस तरह की किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्यवाही का सही समय और स्थान पर जवाब देने का अपना अधिकार सुरक्षित रखते हैं।<ref name="एनडीटीवीखबर-२">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/india/uri-attack-army-says-india-reserves-right-to-retaliate-at-time-and-place-of-its-choosing-1461208?pfrom=home-topstories | title=उरी हमला : सेना ने कहा - भारत अपने हिसाब से सही समय और स्थान पर करेगा जवाबी कार्यवाही | publisher=एनडीटीवी खबर | accessdate=20 सितंबर 2016 | archive-date=26 सितंबर 2020 | archive-url=https://web.archive.org/web/20200926155950/https://khabar.ndtv.com/news/india/uri-attack-army-says-india-reserves-right-to-retaliate-at-time-and-place-of-its-choosing-1461208?pfrom=home-topstories | url-status=dead }}</ref>
*[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के अधिकारिक अकाउंट से ट्वीट किया गया, "उरी में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में भारतीय सैनिकों की शहादत पर कांग्रेस अध्यक्ष [[सोनिया गांधी]] ने गहरे दुःख और शोक का इज़हार किया है। सोनिया गांधी ने इसे हमारी राष्ट्रीय चेतना पर हमला कहा है।"<ref>[http://www.bbc.com/hindi/social-37399726 'पाक युद्ध चाहता है तो यही सही'] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160919232036/http://www.bbc.com/hindi/social-37399726 |date=19 सितंबर 2016 }} - [[बीबीसी]] - 18 सितम्बर 2016</ref>
;{{flag|अमेरिका}}
*भारत में [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीकी]] राजदूत [[रिचर्ड राहुल वर्मा|रिचर्ड वर्मा]] ने अपने आधिकारिक [[ट्विटर]] हैंडल पर ट्वीट किया, "हम इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं मारे गए वीर सैनिकों के रिश्तेदारों के साथ हैं।"<ref name = bbc>[http://www.bbc.com/hindi/india-37400235 हमला करने वाले बचेंगे नहीं: नरेंद्र मोदी] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160919191016/http://www.bbc.com/hindi/india-37400235 |date=19 सितंबर 2016 }} - [[बीबीसी]] - 19 सितम्बर 2016</ref>
*'''संयुक्त राष्ट्र'''
19 सितंबर को [[संयुक्त राष्ट्र]] के महासचिव [[बान की मून]] के प्रवक्ता ने बयान जारी करके इन हमलों की कड़ी निंदा की और मारे गए सैनिकों के परिवारों औेर भारत सरकार से सहानुभूति जताई। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा विश्वास जताया कि अपराधियों को उचित दंड दिया जाएगा।<ref>{{cite web | url=http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/uri-attack-un-secretary-general-ban-ki-moon-condemns-3038462/ | title=Uri terror attack: UN Secretary General Ban Ki-moon condemns act | work=द इंडियन एक्सप्रेस | date=19 September 2016 | accessdate=19 September 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160919032408/http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/uri-attack-un-secretary-general-ban-ki-moon-condemns-3038462/ | archive-date=19 सितंबर 2016 | url-status=live }}</ref>
*{{flag|चीन}}
चीन के प्रवक्ता ने कहा, "चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है और उसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है। हम कश्मीर में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं।" उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष अपने मतभेद दूर करने के लिए बातचीत और विचार विमर्श करेंगे तथा आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे।"<ref name="khabar-3">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/world/china-on-uri-attack-1461622 | title=चीन ने उरी हमले पर पाकिस्तान, जैश ए मोहम्मद का सीधा जिक्र नहीं किया | accessdate=20 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160920184525/http://khabar.ndtv.com/news/world/china-on-uri-attack-1461622 | archive-date=20 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>
*{{flag|रूस}}
रूस ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीदों के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की है।<ref name= navbharat />
*{{flag|फ्रांस}}
फ्रांस ने अपने बयान में कहा कि वह भारत के रुख का मजबूती से समर्थन करता है। भारत आंतकवाद का शिकार रहा है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ खड़ा है।<ref name=navbharat>[http://m.navbharattimes.indiatimes.com/india/condemning-uri-terror-attack-france-russia-score-direct-hits-against-pakistan/articleshow/54431161.cms उड़ी हमले पर फ्रांस और रूस ने खुले तौर पर लिया पाकिस्तान का नाम] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161002134426/http://m.navbharattimes.indiatimes.com/india/condemning-uri-terror-attack-france-russia-score-direct-hits-against-pakistan/articleshow/54431161.cms |date=2 अक्तूबर 2016 }} - [[नवभारत टाइम्स]] - 20 सितंबर 2016</ref>
==परिणाम==
[[भारत सरकार]] ने इस आतंकी हमले को बहुत गंभीरता से लिया। गृहमंत्री ने इस हमले की वजह से [[रूस]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमेरिका]] के प्रस्तावित दौरे को टाल दिया।<ref name = bbc/>
भारतीय [[गृह मंत्रालय, भारत सरकार|गृह मंत्रालय]] की रिपोर्ट के अनुसार उरी में ढेर किए गए चारों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के थे, जिन्हें पाकिस्तानी सेना ने पीओके के सवाई नाला कैंप में प्रशिक्षण दिया। उरी हमले के लिए आतंकी 2-2 के ग्रुप में आए थे और 36 घंटे पहले ही उन्होंने घुसपैठ की थी। इन 4 आतंकियों को पिछले महीने सवाई नाला कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी। [[हाफिज़ मुहम्मद सईद|हाफिज सईद]] और [[सलाउद्दीन]] ने मिलकर उरी हमले की साजिश रची थी। संयुक्त ट्रेनिंग के बाद हमले के लिए अलग-अलग टीम बनाई गईं। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि उनके पास 42 आतंकी कैंपों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।<ref>[http://m.khabar.ibnlive.com/news/desh/uri-attack-pakistan-army-515456.html रिपोर्ट में खुलासा, पाक सेना ने दी थी उरी हमले के आतंकियों को ट्रेनिंग] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160923170956/http://m.khabar.ibnlive.com/news/desh/uri-attack-pakistan-army-515456.html |date=23 सितंबर 2016 }} - [[न्यूज़ 18|आईबीएन7]] - 21 सितम्बर 2016</ref>
पहले हुए कई हमलों ([[२०१६ पठानकोट हमले|पठानकोट]] आदि) की तरह इस हमले में भी आतंकवादियों के पाकिस्तान से संबंध होने के प्रमाण मिले, जिसके कारण भारत भर में पाकिस्तान के प्रति रोष प्रकट हुआ और भारत सरकार ने कई अप्रत्याशित कदम उठाए जिनसे [[भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध|भारत-पाकिस्तान संबंध]] प्रभावित हुए।
* भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर विश्वभर में पाकिस्तान को अलग थलग करने की मुहिम छेड़ दी।
* संयुक्त राष्ट्र में [[भारत के विदेश मंत्री|भारत की विदेश मंत्री]] ने आतंक का पोषण करने वाले देशों की निंदा की। पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कश्मीर छीनने का सपना पूरा नहीं होगा।
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान 'खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते' के साथ ही भारत ने [[सिंधु जल समझौता|सिंधु जल संधि]] की समीक्षा शुरु कर दी। पाकिस्तान ने इसे युद्ध की कार्यवाही बताया<ref name="खबर-३">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/world/india-opting-out-of-indus-waters-treaty-would-be-act-of-war-says-pakistan-1467296 | title=सिंधु जल समझौते के उल्लंघन को 'युद्ध के लिए उकसाने' के तौर पर लिया जाएगा : पाकिस्तान | accessdate=29 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160928162634/http://khabar.ndtv.com/news/world/india-opting-out-of-indus-waters-treaty-would-be-act-of-war-says-pakistan-1467296 | archive-date=28 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>, और भारत के खिलाफ [[परमाणु बम|परमाणु हथियारों]] के उपयोग की धमकी दी। संधि रद्द होने के डर से पाकिस्तान ने [[विश्व बैंक]] का दरवाज़ा खटखटाया।<ref name="खबर-४">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/world/pakistan-approaches-world-bank-over-indus-waters-treaty-1467311 | title=सिंधु जल संधि के मसले पर पाकिस्तान ने विश्व बैंक का रुख किया | accessdate=29 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160928155213/http://khabar.ndtv.com/news/world/pakistan-approaches-world-bank-over-indus-waters-treaty-1467311 | archive-date=28 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>
* भारत ने नवंबर 2016 में इस्लामाबाद में होने वाले [[दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन|दक्षेस]] शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने की घोषणा की। [[बांग्लादेश]], [[अफ़ग़ानिस्तान|अफगानिस्तान]] व [[भूटान]] ने भी भारत का समर्थन करते हुए बहिष्कार की घोषणा की।<ref name="खबर-१">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/india/pakistan-isolated-after-india-3-more-nations-pull-out-of-saarc-summit-1467370 | title=पाकिस्तान पड़ा अलग-थलग - भारत के बाद तीन और देशों ने किया सार्क सम्मेलन में शिरकत से इंकार | publisher=एनडीटीवी खबर | accessdate=29 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160929132835/http://khabar.ndtv.com/news/india/pakistan-isolated-after-india-3-more-nations-pull-out-of-saarc-summit-1467370 | archive-date=29 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>
* भारत ने पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे पार पुनर्विचार की घोषणा की।<ref name="खबर-२">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/india/pm-modi-to-review-most-favoured-nation-status-to-pakistan-sources-1466948 | title=पाकिस्तान को दिए 'सबसे तरजीही मुल्क' के दर्जे पर पुनर्विचार करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | accessdate=29 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20160928165036/http://khabar.ndtv.com/news/india/pm-modi-to-review-most-favoured-nation-status-to-pakistan-sources-1466948 | archive-date=28 सितंबर 2016 | url-status=dead }}</ref>
* 29 सितंबर 2016 को भारत के डीजीएमओ ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर [[शल्य अन्तर्वेधन|सर्जिकल हमले]] किए।<ref name="खबर-५">{{cite web | url=http://khabar.ndtv.com/news/india/army-conducts-surgical-strikes-against-terrorists-positioned-along-line-of-control-significant-casua-1467918?pfrom=home-topstories | title=कल रात हमने LoC पर आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल हमला किया : विदेश, रक्षा मंत्रालय की संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में DGMO | publisher=एनडीटीवी खबर | accessdate=29 सितंबर 2016 | archive-url=https://web.archive.org/web/20161002025606/http://khabar.ndtv.com/news/india/army-conducts-surgical-strikes-against-terrorists-positioned-along-line-of-control-significant-casua-1467918?pfrom=home-topstories | archive-date=2 अक्तूबर 2016 | url-status=dead }}</ref> ये हमले [[पाक अधिकृत कश्मीर|पीओके]] में किये गए, आतंकवादियों के 7 ट्रेनिंग कैम्पों पर यह सर्जिकल हमला किया गया जिसमें कम से कम 38 आतंकवादियों को मार गिराया गया, 2 पाक सैनिकों के मारे जाने की भी खबर मिली।हालात पर पीएम मोदी की नज़र थी व गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री [[मनोहर पर्रीकर|मनोहर पर्रिकर]] व [[भारतीय सेनाओं के प्रमुख|सेना के तीनों प्रमुखों]] से पीएम जुड़े हुए थे। इस आपरेशन की जानकारी अमेरिका, रूस व [[ब्रिटेन]] को अन्तर्राष्ट्रीय प्रोटोकोल के तहत दे दी गई थी।
<ref>[http://www.punjabkesari.com/nation/uri-took-revenge-attack-by-the-army/ सेना ने लिया उड़ी हमले का बदला] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160930153959/http://www.punjabkesari.com/nation/uri-took-revenge-attack-by-the-army/ |date=30 सितंबर 2016 }} - [[पंजाब केसरी]] - 29 सितम्बर 2016</ref>
==इन्हें भी देखें==
*[[२०१६ पठानकोट हमले|2016 पठानकोट हमला]]
==सन्दर्भ==
{{संसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{2016 में आतंकी हमले}}
{{भारत-पाक सम्बन्ध}}
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर में आतंकी हमले]]
[[श्रेणी:2016 में भारत में आतंकवादी घटनाएं]]
[[श्रेणी:भारत में हुए आतंकी हमले]]
[[श्रेणी:भारतीय सेना पर हुए आतंकी हमले]]
[[श्रेणी:2016 में आतंकवादी घटनायें]]
[[श्रेणी:इस्लामी आतंकवाद]]
[[श्रेणी:भारत में इस्लामिक आतंकवाद]]
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शहापुर
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Anil Suryakant Dabholkar
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{{Infobox settlement
|name = शहापुर इक सुंदर तहसील है.. यह पानिके जलस्रोत का तहसील है.. यहा भातसा,तानसा, वैतरणा नदिया है
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|pushpin_label = शहापुर
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}}
'''शहापुर''' (Shahapur) [[भारत]] के [[महाराष्ट्र]] राज्य के [[ठाणे ज़िले]] में स्थित एक नगर है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=TQ1ACQAAQBAJ RBS Visitors Guide India: Maharashtra Travel Guide] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190703140613/https://books.google.com/books?id=TQ1ACQAAQBAJ |date=3 जुलाई 2019 }}," Ashutosh Goyal, Data and Expo India Pvt. Ltd., 2015, ISBN 9789380844831</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=5xefEXhvG8EC Mystical, Magical Maharashtra] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190630170850/https://books.google.com/books?id=5xefEXhvG8EC |date=30 जून 2019 }}," Milind Gunaji, Popular Prakashan, 2010, ISBN 9788179914458</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=6ohvu8D3LbgC Maharashtra, Development Report] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20171011162739/https://books.google.com/books?id=6ohvu8D3LbgC |date=11 अक्तूबर 2017 }}," State Development Report Series, Planning Commission of the Government of India, Academic Foundation, 2007, ISBN 9788171885404</ref>
== विवरण ==
शहापुर [[पश्चिमी घाट]] से घिरा हुआ हैं। यहा प्रभू श्रीराम जिके लडके लव कुश का जनम हुवा. ऐसी मान्यता है . जिसे आजा पर्वत कहा जाता है.छत्रपती शिवाजी महाराज का बचपन यहा गुजरा है.. माहुली किल्लेपर महाराज रहते थे.यह जानकारी श्री.अनिल सुर्यकांत दाभोलकर उन्होंने दी है ..यह बहोत अच्छा नैसर्गिक तहसील है. [[शहापुर तालुका]] ठाणे ज़िला के ७ तालुकों में सबसे बड़ा तालुका हैं। स्थानीय मन्दिरों में [[मानस मन्दिर]] ([[जैन मन्दिर]]) और गुरुद्वारा सम्मिलित हैं। विकिपीडिया बहोत अच्छी जानकारी देती है..
== इन्हें भी देखें ==
* [[ठाणे ज़िला]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:महाराष्ट्र के शहर]]
[[श्रेणी:ठाणे ज़िला]]
[[श्रेणी:ठाणे ज़िले के नगर]]
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:Hi @[[सदस्य:Pazio Paz|Pazio Paz]], as you participated to the discussion on the Italian Wiki, could you please move [[it:John Steele]] to [[it:John Steele (personaggio)]] to disambiguate it from [[it:John Steele (soldato)]]? Thanks. [[विशेष:योगदान/~2026-30705-68|~2026-30705-68]] ([[सदस्य वार्ता:~2026-30705-68|वार्ता]]) 22:17, 21 मई 2026 (UTC)
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मल्लपुराण
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'''मल्लपुराण''' १३वीं शताब्दी में रचित एक ग्रन्थ है जिसमें [[मल्लयुद्ध]] का विस्तृत वर्णन है। मल्लपुराण [[कुश्ती]] के विभिन्न प्रकारों का वर्णन है, इसमें कुश्ती में प्रयुक्त तकनीकों का विस्तृत वर्णन है, मुक्केबाजी की तैयारी के लिये किये जाने वाले विभिन्न [[व्यायाम|व्यायामों]] की जानकारी है। इसमें [[पहलवानी|पहलवानों]] के लिये, विभिन्न ऋतुओं में आवश्यक खुराक की भी जानकारी दी गयी है। <ref>{{Cite web |url=https://www.sportskeeda.com/wrestling/how-can-india-ancient-form-wrestling-kusti-revived |title=How can India's ancient form of wrestling (kusti) be revived? |access-date=25 फ़रवरी 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170225211021/https://www.sportskeeda.com/wrestling/how-can-india-ancient-form-wrestling-kusti-revived |archive-date=25 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[मल्लयुद्ध]]
*[[वज्रमुष्टि]]
*[[कुश्ती]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://dn710303.ca.archive.org/0/items/in.ernet.dli.2015.408429/2015.408429.Mallapurana.pdf मल्लपुराणम्]
[[श्रेणी:संस्कृत ग्रन्थ]]
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'''मल्लपुराण''' १३वीं शताब्दी में रचित एक ग्रन्थ है जिसमें [[मल्लयुद्ध]] का विस्तृत वर्णन है। मल्लपुराण [[कुश्ती]] के विभिन्न प्रकारों का वर्णन है, इसमें कुश्ती में प्रयुक्त तकनीकों का विस्तृत वर्णन है, मुक्केबाजी की तैयारी के लिये किये जाने वाले विभिन्न [[व्यायाम|व्यायामों]] की जानकारी है। इसमें [[पहलवानी|पहलवानों]] के लिये, विभिन्न ऋतुओं में आवश्यक खुराक की भी जानकारी दी गयी है। <ref>{{Cite web |url=https://www.sportskeeda.com/wrestling/how-can-india-ancient-form-wrestling-kusti-revived |title=How can India's ancient form of wrestling (kusti) be revived? |access-date=25 फ़रवरी 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170225211021/https://www.sportskeeda.com/wrestling/how-can-india-ancient-form-wrestling-kusti-revived |archive-date=25 फ़रवरी 2017 |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
==इन्हें भी देखें==
*[[मल्लयुद्ध]]
*[[वज्रमुष्टि]]
*[[कुश्ती]]
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://dn710303.ca.archive.org/0/items/in.ernet.dli.2015.408429/2015.408429.Mallapurana.pdf मल्लपुराणम्]
*[https://www.transliteral.org/pages/i171215204531/view मल्लपुराणम्] (यूनिकोड संस्कृत में)
[[श्रेणी:संस्कृत ग्रन्थ]]
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text/x-wiki
[[चित्र:Screenshot of History article on Hindi Wikipedia with Monobook skin.png|thumb|हिन्दी विकिपीडिया पर [[इतिहास]] लेख का जालपृष्ठ]]
'''जालपृष्ठ''' या '''वेबपेज''' (Web page) [[वर्ल्ड वाइड वेब|विश्वव्यापी जाल]] पर उपलब्ध एक [[हाइपरटेक्स्ट]] दस्तावेज़ होता है, जिसे [[वेब ब्राउज़र]] के माध्यम से देखा जाता है। जालपृष्ठ [[वेब सर्वर]] से उपयोगकर्ता के उपकरण तक पहुँचाए जाते हैं और सामान्यतः [[एचटीएमएल]] में लिखे होते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/technology/web-page|title=Web page|website=Encyclopaedia Britannica}}</ref>
किसी [[वेबसाइट]] में एक [[डोमेन नाम]] के अंतर्गत कई आपस में जुड़े जालपृष्ठ होते हैं। "जालपृष्ठ" शब्द का प्रयोग पुस्तक के पन्नों के रूपक के रूप में भी किया जाता है।
== संरचना ==
जालपृष्ठ का मुख्य आधार [[एचटीएमएल]] (अतिपाठ मार्कअप भाषा) होता है, जो पृष्ठ की सामग्री को संरचित करता है। इसके अतिरिक्त:
* [[सीएसएस]] का उपयोग पृष्ठ की रूपरेखा और डिज़ाइन के लिए किया जाता है।
* [[जावास्क्रिप्ट]] का उपयोग पृष्ठ में गतिशीलता (इंटरएक्टिविटी) जोड़ने के लिए किया जाता है।
जालपृष्ठ में [[मल्टीमीडिया]] तत्व जैसे [[चित्र]], [[वीडियो]] और ऑडियो भी शामिल किए जा सकते हैं, जिससे यह अधिक आकर्षक और उपयोगी बनता है।
== कार्यप्रणाली ==
प्रत्येक जालपृष्ठ की पहचान एक विशिष्ट [[यूआरएल]] (Uniform Resource Locator) द्वारा की जाती है। जब उपयोगकर्ता ब्राउज़र में किसी जालपृष्ठ का यूआरएल दर्ज करता है, तो ब्राउज़र संबंधित [[वेब सर्वर]] से डेटा प्राप्त करता है और उसे दृश्य रूप में प्रस्तुत करता है।<ref>{{Cite web|url=http://taligarsiel.com/Projects/howbrowserswork1.htm|title=How browsers work|website=taligarsiel.com|access-date=10 नवंबर 2025|archive-date=18 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180418175529/http://taligarsiel.com/Projects/howbrowserswork1.htm|url-status=dead}}</ref>
यदि उपयोगकर्ता किसी [[हाइपरलिंक]] (अतिकड़ी) पर क्लिक करता है, तो ब्राउज़र उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए दूसरे जालपृष्ठ को लोड करता है।
== प्रकार ==
जालपृष्ठ मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
* स्थिर (Static) जालपृष्ठ
* गतिशील (Dynamic) जालपृष्ठ
गतिशील जालपृष्ठ उपयोगकर्ता के इनपुट के अनुसार बदल सकते हैं और अक्सर [[वेब अनुप्रयोग]] के रूप में कार्य करते हैं।
== महत्व ==
जालपृष्ठ इंटरनेट पर सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम हैं। ये शिक्षा, व्यवसाय, संचार और मनोरंजन के क्षेत्र में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.investopedia.com/terms/w/webpage.asp|title=Web Page Definition|website=Investopedia}}</ref>
== यह भी देखें ==
* [[वेबसाइट]]
* [[वेब ब्राउज़र]]
* [[यूआरएल]]
* [[इंटरनेट]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
[[श्रेणी:संगणक अभियान्त्रिकी]]
[[श्रेणी:अंतरजाल]]
injsietss38apxfagz9m8pgkcq76q1e
पुत्ताण्डु
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2026-05-22T02:54:16Z
QuestForTrueTruth
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दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के विषय में कुछ जानकारी दी गई है।
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text/x-wiki
{{Infobox Holiday
|holiday_name = पुत्ताण्डु<br>तमिल नव वर्ष
|image = A colorful Puthandu welcome to Sinhala and Tamil New Year in Sri Lanka.jpg
|caption = पुत्ताण्डु के लिए तमिल नव वर्ष की सजावट
|observedby = तमिल लोग|[[भारत]], श्रीलंका, मॉरीशस, सिंगापुर में तमिल हिन्दू<ref name="Melton2011p633"/>
|date = तमिल कालदर्शक के चित्तेराय मास का पहला दिन
|celebrations = दावत देना, उपहार भेजना, दूसरों के घरों और मंदिरों में जाना
|longtype = धार्मिक, सामाजिक
|type = हिन्दू
|significance = तमिल नव वर्ष
|date2017 = शुक्रवार, 14 अप्रैल
|relatedto = वैसाखी, विशु (केरल), थिङ्यान|म्यांमार का नव वर्ष, कम्बोडिया का नववर्ष, सोङ्क्रान (लाओ)|लाओ का नव वर्ष, विशु|मलयाली नववर्ष, पन संक्रान्ति|ओड़िया नव वर्ष, सिंहली नव वर्ष|श्री लंका का नव वर्ष, सोङ्करन (थाईलैण्ड)|थाई नव वर्ष
}}
'''पुत्ताण्डु''' (तमिल: புத்தாண்டு) [[तमिल]] कालगणना में वर्ष के प्रथम दिन का नाम है। इसे '''वरुटप्पिऱप्पु''' भी कहा जाता है, यह तमिल मास चित्तिरै का प्रथम दिवस है। यह प्रतिवर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस-पास ही पड़ता है। <ref name="Melton2011p633"/> इस दिन को [[भारत]] के विभिन्न भागों में वर्ष के आरम्भिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इसके नाम अलग अलग होते हैं। केरल में इस दिन को 'विशु' तथा मध्य भारत एवं उत्तर भारत में [[वैसाखी]] कहते है। <ref name="Melton2011p633"/>
इस दिन, तमिल लोग "पुट्टू वतुत्काका" कहकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं जो हिंदी के "नया वर्ष शुभ हो" के तुल्य है। <ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide|url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331125215/https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref> इस दिन ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं एवं लोग अपने घर-द्वार की साफ सफाई करते हैं। एक थाली भी सजाते हैं जिसमे [[फल]]ों, [[पुष्प|फूलों]] और अन्य शुभ वस्तुएं राखी जाती हैं।
पुत्ताण्डु तमिलनाडु और [[पुत्तुचेरी]] के बाहर रहने वाले तमिल हिंदुओं के द्वारा भी मनाया जाता है, जैसे श्रीलंका, [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], रीयूनियन, [[मॉरिशस|मॉरीशस]] और अन्य देशों में भी जहाँ तमिल लोग प्रवासी के तौर पर रहते हैं। <ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations|url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170331123838/https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|archive-date=31 मार्च 2017|url-status=live}}</ref>
इस दिन, तमिल लोग एक-दूसरे को "पुत्ताण्टु वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta| புத்தாண்டு வாழ்த்துகள்}}) या "इऩिय पुत्ताण्टु नल्वाऴ्त्तुकळ्" ({{lang|ta|இனிய புத்தாண்டு நல்வாழ்த்துகள்}}) कहकर अभिवादन करते हैं, जिसका अर्थ "नव वर्ष की शुभकामनाएं" के समान है।<ref>{{cite book|author=William D. Crump|title=Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide |url=https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA220 |year=2014|publisher=McFarland|isbn=978-0-7864-9545-0|page=220}}</ref>
यह दिन पारिवारिक समय के रूप में मनाया जाता है। घरों में लोग घर की सफाई करते हैं, फलों, फूलों और शुभ वस्तुओं के साथ एक थाली तैयार करते हैं, परिवार के [[Puja (Hinduism)|पूजा]] वेदी को प्रज्वलित करते हैं और अपने स्थानीय मंदिरों में जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं और बच्चे बड़ों के पास जाकर उनका सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर परिवार एक साथ बैठकर शाकाहारी भोजन करता है।
पुत्ताण्डु [[तमिल लोग]] द्वारा [[तमिलनाडु]] और [[पुदुचेरी]] में, तथा [[श्रीलंका]], [[मलेशिया]], [[सिंगापुर]], [[मॉरीशस]] और [[रियूनियन]] में मनाया जाता है। तमिल प्रवासी समुदाय<ref name="Melton2011p633">{{cite book|author=J. Gordon Melton|title=Religious Celebrations: An Encyclopedia of Holidays, Festivals, Solemn Observances, and Spiritual Commemorations |url=https://books.google.com/books?id=lD_2J7W_2hQC&pg=PA633|year=2011|publisher=ABC-CLIO|isbn=978-1-59884-206-7|page=633}}</ref><ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ |year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref> इसे [[म्यांमार]], [[दक्षिण अफ्रीका]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]], [[कनाडा]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] जैसे देशों में भी मनाता है।
==उद्गभव और महत्व==
[[File:A food treats arrangement for Puthandu (Vaisakhi) Tamil New Year.jpg|thumb|left|पुत्ताण्डु के लिए पारंपरिक उत्सव व्यंजनों की सजावट।]]
तमिल नव वर्ष वसंत विषुव के बाद होता है एवं आम तौर पर ग्रेगोरी कैलेंडर के 14 अप्रैल को होता है। <ref name="Melton2011p633"/> यह दिन पारंपरिक तौर पर तमिल कैलेंडर के पहले दिन के तौर पर मनाया जाता है और तमिलनाडु और श्रीलंका दोनों जगहों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है। इसी दिन [[असम]], पश्चिम बंगाल, केरल, [[मणिपुर]], त्रिपुरा, [[बिहार]], ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, [[राजस्थान]] में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश। श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में उसी दिन भी मनाता हैं,<ref name=reevesp113>{{cite book|author=Peter Reeves|title=The Encyclopedia of the Sri Lankan Diaspora|url=https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|year=2014|publisher=Editions Didier Millet|isbn=978-981-4260-83-1|page=113|access-date=28 जून 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20160520031624/https://books.google.com/books?id=4N5UAgAAQBAJ|archive-date=20 मई 2016|url-status=live}}, Quote: "The key festivals celebrated by Sri Lankan Tamils in Canada include Thai Pongal (harvest festival) in January, Puthuvarusham (Tamil/Hindu New Year) in April, and Deepavali (Festival of Lights) in October/November."</ref>
प्रारंभिक तमिल साहित्य में अप्रैल नववर्ष के कई संदर्भ मिलते हैं। नक्कीरर, [[संगम काल]] के लेखक और ''[[नेडुनलवाडई]]'' के रचयिता, ने लिखा कि सूर्य मेष/चित्रई से होकर राशि चक्र के 11 क्रमिक चिन्हों से गुजरता है।<ref>JV Chelliah: Pattupattu: Ten Tamil Idylls. Tamil Verses with English Translation. Thanjavur: Tamil University, 1985 – Lines 160 to 162 of the Neṭunalvāṭai</ref><ref>Kamil Zvelabil dates the Neṭunalvāṭai to between the 2nd and 4th century CE – Kamil Zvelebil: The Smile of Murugan on Tamil Literature of South India. E.J. Brill, Leiden, Netherlands, 1973 – page 41-42</ref> कूडलूर किऴार [[पुऱनानूरु]] में मेष राशि/चित्तिरै को वर्ष के प्रारंभ के रूप में संदर्भित करते हैं।<ref>Poem 229 of Puṟanāṉūṟu</ref><ref>Professor Vaiyapuri Pillai: 'History of Tamil Language and Literature' Chennai, 1956, pages 35, 151</ref><ref>George L. Hart and Hank Heifetz: The Four Hundred Songs of War and Wisdom: An Anthology of Poems from Classical Tamil: The Purananuru, Columbia University Press, New York, 1999 – Poem 229 in pages 142 to 143. – "At midnight crowded with darkness in the first quarter of the night when the constellation of Fire was linked with The Goat and from the moment the First Constellation arose...during the first half of the month of Pankuni, when the Constellation of the Far North was descending...". George Hart in turn dates the Purananuru to between the first and third centuries CE. See page xv – xvii</ref>टोल्काप्पियम तमिल की सबसे प्राचीन उपलब्ध व्याकरण है जो वर्ष को छह ऋतुओं में विभाजित करती है, जहाँ चित्तिरै इलवेनिल ऋतु या ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत को चिह्नित करता है।<ref>V. Murugan, G. John Samuel: Tolkāppiyam in English: Translation, with the Tamil text, Transliteration in the Roman Script, Introduction, Glossary, and Illustrations, Institute of Asian Studies, Madras, India, 2001</ref> सिलप्पदिकारम् में 12 राशियों (या राशि चिन्हों) का उल्लेख है, जो मेष/चित्तिरै से शुरू होती हैं।<ref>Canto 26 of Silappadikaaram. Canto 5 also describes the foremost festival in the Chola country – the Indra Vilha celebrated in Chitterai</ref>[[मणिमेकलाई]] आज जिस प्रकार हम जानते हैं, उस हिंदू सौर कैलेंडर का संकेत करती है। आदियार्कुनल्लार, एक प्रारंभिक मध्यकालीन टीकाकार या उरै-आसिरियार, तमिल कैलेंडर के बारह महीनों का उल्लेख करते हैं, विशेष रूप से चित्तिरै के संदर्भ में। बाद में पगन, बर्मा में 11वीं शताब्दी ईस्वी के अभिलेखीय संदर्भ और सुखोथाई, थाईलैंड में 14वीं शताब्दी ईस्वी के संदर्भ मिलते हैं, जो दक्षिण भारतीय, प्रायः वैष्णव, दरबारियों से संबंधित हैं, जिन्हें मध्य अप्रैल से प्रारंभ होने वाले पारंपरिक कैलेंडर को परिभाषित करने का कार्य सौंपा गया था।<ref>G.H. Luce, Old Burma – Early Pagan, Locust Valley, New York, Page 68, and A.B. Griswold, 'Towards a History of Sukhodaya Art, Bangkok 1967, pages 12–32</ref>
==समारोह==
तमिल लोग पुत्ताण्डु को पारंपरिक हिंदू नया साल के रूप में मनाते हैं, जिसे पुथुरूषम भी कहा जाता है,। यह तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना चित्राई का महीना है और पुत्ताण्डु आमतौर पर 14 अप्रैल को ही पड़ता है। दक्षिणी [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, त्योहार को चित्तारीय विशु कहा जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर इस दिन सभी लोग बहुत ही आकर्षक [[रंगोली]] बनाकर नए वर्ष का स्वागत करते है। तमिल लोग पुत्ताण्डु, जिसे पुथुवरुषम भी कहा जाता है, को पारंपरिक "तमिल/नव वर्ष" के रूप में मनाते हैं, ऐसा पीटर रीव्स कहते हैं।<ref name=reevesp113/> यह चित्तिरै का महीना है, जो तमिल सौर कैलेंडर का पहला महीना है, और पुत्ताण्डु सामान्यतः 14 अप्रैल को पड़ता है। दक्षिणी [[तमिलनाडु]] के कुछ हिस्सों में, इस त्योहार को चित्तिरै [[विषु]] कहा जाता है। पुत्ताण्डु की पूर्व संध्या पर, एक थाली में तीन फल (आम, केला और कटहल), पान के पत्ते और सुपारी, सोने/चांदी के आभूषण, सिक्के/पैसा, फूल और एक दर्पण सजाया जाता है। यह केरल में विषु नव वर्ष त्योहार की औपचारिक थाली के समान है। तमिल परंपरा के अनुसार, यह उत्सव की थाली नव वर्ष के दिन जागने पर पहली दृष्टि के रूप में शुभ मानी जाती है। घर के प्रवेश द्वारों को रंगीन चावल के पाउडर से विस्तृत रूप से सजाया जाता है। इन डिज़ाइनों को [[कोलम]] कहा जाता है।<ref name=mercer22/>
=== मंदिरों में चित्तिरै तिरुविझा ===
मंदिरों के शहर [[मदुरै]] में, चित्तिरै तिरुविझा का उत्सव [[मीनाक्षी मंदिर]] में मनाया जाता है। एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित की जाती है, जिसे चित्तिरै पोरुट्काच्ची कहा जाता है।<ref name="Dalal2010p406" />तमिल नववर्ष के दिन, [[रथ उत्सव]] का आयोजन तिरुविदैमरतूर में, जो [[कुंभकोणम]] के पास स्थित है, किया जाता है। [[तिरुचिरापल्ली]], [[कांचीपुरम]] और अन्य स्थानों पर भी उत्सव मनाए जाते हैं।<ref name="Dalal2010p406" />
=== कोंगु नाडु में चिथिरैकानी ===
''चिथिरैकानी'', जिसे ''विषुकानी'' के नाम से भी जाना जाता है, पुत्ताण्डु उत्सवों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है [[कोंगु नाडु]] क्षेत्र में, जो [[केरल]] और [[तुलु नाडु]] में विषु उत्सवों के साथ समानताएँ साझा करते हैं।
[[File:Chithiraikani-kongunadu-newyear.png|thumb|एक कोंगु नाडु संस्कृति की चिथिरई कणी थाली जिसमें शुभ फलों, पान के पत्तों, चावल, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के, धन और फूलों की व्यवस्था होती है, जिसे दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है, जो समृद्धि का प्रतीक है।|210x210px]] यह ''चितिरैकानी'' प्रथा एक विशेष थाली की व्यवस्था करने से संबंधित है जिसमें शुभ वस्तुएँ रखी जाती हैं और जिसे एक दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है। [[कोंगु तमिल]] और [[मलयालम]] में "कानी" शब्द का अर्थ है "वह जो सबसे पहले देखा जाता है," और दोनों उत्सवों में शुभ वस्तुओं से सजी एक विशेष थाली को दर्पण के सामने प्रदर्शित किया जाता है। पारंपरिक मान्यता यह है कि नववर्ष के दिन सबसे पहले आनंददायक और शुभ वस्तुओं को देखने से समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
चिथिरैकानी या विशुक्कानी की थाली में आमतौर पर तीन फल (आम, केला और कटहल), पान के पत्ते, चावल, नींबू, खीरा, नारियल (कटा हुआ), सुपारी, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के या पैसा, फूल, और एक दर्पण शामिल होते हैं, साथ ही अन्य वस्तुएँ भी होती हैं जो धन और समृद्धि का प्रतीक होती हैं। यह व्यवस्था केरल में मनाए जाने वाले विषु उत्सव के समान होती है। केरल के कुछ हिस्सों में, विशुक्कानी की थाली में अरनमुला कन्नड़ी (वालकन्नड़ी), सुनहरे रंग के कोन्ना फूल (कैसिया फिस्टुला) जो विषु के मौसम में खिलते हैं, सोने या चांदी के आभूषण, सिक्के या पैसा, फूल, और एक दर्पण भी शामिल होते हैं। दर्पण इस बात का प्रतीक है कि व्यक्ति स्वयं को उस समृद्धि का एक हिस्सा देखे, जिसे वह पणी के रूप में देखता है।<ref>{{Cite web |title=TAMIL NEW YEAR greetings with Importance of the Festival |url=http://www.indiaherald.com/Spirituality/Read/303020/TAMIL-NEW-YEAR-greetings-with-Importance-of-the-Festival |access-date=2023-04-13 |website=indiaherald.com |language=en}}</ref><ref>{{Cite web |last=Dhurga |date=2023-04-13 |title=தமிழ் புத்தாண்டு அன்று காலையில் கண் விழித்ததும் முதலில் இவற்றை எல்லாம் பார்த்து விடுவதோடு, இந்த இரண்டு பொருளையும் மறக்காமல் வாங்கி விட்டால் இந்த ஆண்டில் நீங்கள் சீரும் சிறப்புமாக வாழ்வது உறுதி. |url=https://dheivegam.com/thamizh-puththandu-vazhipadu/ |access-date=2023-04-13 |website=Dheivegam |language=ta}}</ref><ref>{{Cite web |title=Vishu Kani Preparation: വിഷുക്കണി എങ്ങനെ ഒരുക്കാം |url=https://malayalam.samayam.com/spirituality/what-is-vishu-kani-and-how-to-prepare-vishu-kani-at-home-details-in-malayalam/articleshow/68721430.cms |access-date=2023-04-15 |website=Samayam Malayalam |language=ml}}</ref>
''चिथिरैकानी'' या ''विषुक्कानी'' उत्सवों के एक दिन पहले, लोग शुभ वस्तुओं की थाली तैयार करते हैं। नए वर्ष के दिन, बड़े लोग दीप जलाते हैं और परिवार के छोटे सदस्यों को जगाते हैं। जैसे ही वे जागते हैं, वे अपनी आँखें बंद करके कानी की ओर जाते हैं और उसे वर्ष के पहले दृश्य के रूप में देखते हैं। यह परंपरा दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है और माना जाता है कि यह आने वाले वर्ष के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाती है।<ref>{{Cite web |title=Vishu Celebration in Kerala - Vishu in Kerala, Vishu Festival in Kerala |url=http://www.vishufestival.org/vishu-celebration-in-kerala.html |access-date=2023-04-15 |website=www.vishufestival.org}}</ref>
=== श्रीलंका ===
[[File:2019_kolam_decoration_for_Pongal_festival,_South_India.jpg|thumb|left|तमिल लोग अपने घरों को चावल के आटे से बनाए गए विभिन्न शुभ रंग-बिरंगे ज्यामितीय डिज़ाइनों, जिन्हें कोलम कहा जाता है, से सजाते हैं।<ref name=mercer22>{{cite book|author=Abbie Mercer|title=Happy New Year|url=https://books.google.com/books?id=z3AnvD5jeDMC |year=2007|publisher=The Rosen Publishing Group|isbn=978-1-4042-3808-4|page=22}}</ref>]]
[[श्रीलंकाई तमिल]] अप्रैल में पारंपरिक नव वर्ष मनाते हैं, जिसमें पहली वित्तीय लेन-देन को काई-विशेषम (काई-विशेषम) कहा जाता है। इस लेन-देन में बच्चे अपने बड़ों के पास सम्मान प्रकट करने के लिए जाते हैं, और बदले में बड़े उन्हें आशीर्वाद देते हैं और बच्चों को जेब खर्च के रूप में पैसे देते हैं। यह आयोजन 'अरपुडु' (अरपुडु) या नए कृषि चक्र की तैयारी के लिए भूमि की पहली जुताई के साथ भी मनाया जाता है। 'पोर-थेंकाई' (पोर-थेंकाई) या युवाओं के बीच नारियल युद्ध का खेल द्वीप के तमिल उत्तर और पूर्व के गांवों में खेला जाता है, जबकि बैलगाड़ी दौड़ भी आयोजित की जाती हैं।<ref>{{cite web |url=http://www.dailynews.lk/2008/04/12/fea04.asp |title=Features | Online edition of Daily News – Lakehouse Newspapers |publisher=Dailynews.lk |date=12 April 2008 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20121014131201/http://www.dailynews.lk/2008/04/12/fea04.asp |archive-date=14 October 2012 }}</ref> अप्रैल में आने वाला उत्सवपूर्ण पुत्ताण्डु का मौसम परिवार के पुनर्मिलन और पारिवारिक संबंधों के नवीनीकरण का समय होता है।<ref>Sivanandini Duraiswamy, Remembering Hindu Traditions, M.D. Gunasena and Co Ltd, 1997, pages 41–48. {{cite web |url=http://larazonsanluis.com/wp-content/uploads/2016/04/2916.pdf |title=Remembering Hindu Traditions |access-date=13 April 2016 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20160422202940/http://larazonsanluis.com/wp-content/uploads/2016/04/2916.pdf |archive-date=22 April 2016 }}</ref> यह सिंहली नववर्ष के मौसम के साथ मेल खाता है।<ref>{{cite web |url=http://tamilweek.com/news-features/archives/887 |title=tamilweek.com/news-features " April 14 is the Tamil New Year, not Sinhalese! |publisher=Tamilweek.com |access-date=18 October 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20111027185218/http://tamilweek.com/news-features/archives/887 |archive-date=27 October 2011 |url-status=dead }}</ref>
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}}
बाद में दिन में, परिवार एक दावत का आनंद लेते हैं।<ref name="Fieldhouse2017p548">{{cite book|author=Paul Fieldhouse|title=Food, Feasts, and Faith: An Encyclopedia of Food Culture in World Religions |url=https://books.google.com/books?id=P-FqDgAAQBAJ&pg=PA548| year=2017|publisher= ABC-CLIO|isbn= 978-1-61069-412-4|page=548}}</ref>
=== विदेशी ===
[[मलेशिया]] और [[सिंगापुर]] में, [[तमिल]] सिखों, मलयालियों और बंगालियों के साथ मिलकर अप्रैल के मध्य में पारंपरिक नववर्ष मनाते हैं, जहाँ राजनीतिक क्षेत्र के सभी नेता जातीय भारतीय समुदाय को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हैं। हिंदू मंदिरों, तमिल सामुदायिक केंद्रों और गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम और मीडिया आयोजन भी होते हैं। यह भारतीय समुदाय के लिए उत्सव का दिन होता है।<ref>{{cite web |url=http://www.nst.com.my/nation/general/najib-sends-new-year-greetings-1.254972 |title=Najib sends new year greetings – General – New Straits Times |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104094226/http://www.nst.com.my/nation/general/najib-sends-new-year-greetings-1.254972 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.nst.com.my/latest/new-year-wishes-to-malaysian-indian-community-1.254654?cache%3D03%3Fkey%3DMalaysia%2F7.276913%2F7.318771 |title=New Year wishes to Malaysian Indian community – Latest – New Straits Times |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104094221/http://www.nst.com.my/latest/new-year-wishes-to-malaysian-indian-community-1.254654?cache=03%3Fkey%3DMalaysia%2F7.276913%2F7.318771 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.heb.gov.sg/hindu-resources/39-hindu-festivals |title=Hindu Festivals |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130630113949/http://www.heb.gov.sg/hindu-resources/39-hindu-festivals |archive-date=30 June 2013 }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.singaporeunited.sg/cep/index.php/web/News-Room/PM-Lee-celebrates-Tamil-New-Year |title=PM Lee celebrates Tamil New Year / News Room / Singapore United – Com… |archive-url=https://archive.today/20130706121022/http://www.singaporeunited.sg/cep/index.php/web/News-Room/PM-Lee-celebrates-Tamil-New-Year |archive-date=6 July 2013 |url-status=dead}}</ref>
==विवाद==
[[File:Tamil new year Puthandu prasadam at a Hindu temple.jpg|thumb|एक हिंदू मंदिर में पुत्ताण्डु की सजावट]]
[[द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (DMK) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने 2008 में घोषणा की थी कि तमिल नववर्ष को तमिल महीने थाई के पहले दिन (14 जनवरी) को मनाया जाना चाहिए, जो फसल उत्सव पोंगल के साथ मेल खाता है। तमिलनाडु नववर्ष (घोषणा विधेयक 2008) को DMK के विधानसभा सदस्यों और उसकी तमिलनाडु सरकार द्वारा 29 जनवरी 2008 को राज्य कानून के रूप में अधिनियमित किया गया था।<ref>{{cite web|url=http://www.tn.gov.in/tnassembly/Governors_address_Jan2008_2.htm |title=Bill on new Tamil New Year Day is passed unanimously |publisher=Tn.gov.in |access-date=18 October 2011}}</ref> डीएमके बहुमत वाली सरकार के इस कानून को बाद में 23 अगस्त 2011 को तमिलनाडु विधानसभा में एआईएडीएमके बहुमत वाली सरकार द्वारा एक अलग विधायी अधिनियम के माध्यम से रद्द कर दिया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.indianexpress.com/news/jaya-changes-dmks-calendar-tamil-new-year-in-april-now/836039/1 |title=Jaya changes DMK's calendar, Tamil new year in April now |work=The Indian Express |location=India |date=24 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|author=DC chennai |url=http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/chennai/jaya-reverses-karunanidhi%E2%80%99s-order-tamil-new-year-chithirai-1-943 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121011210524/http://www.deccanchronicle.com/channels/cities/chennai/jaya-reverses-karunanidhi%E2%80%99s-order-tamil-new-year-chithirai-1-943 |url-status=dead |archive-date=11 October 2012 |title=Jaya reverses Karunanidhi's order; Tamil New Year on Chithirai 1 |work=Deccan Chronicle |location=India |date=24 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref name="thehindu1">{{cite news|url=http://www.thehindu.com/news/states/tamil-nadu/article2388749.ece |title=States / Tamil Nadu : Tamil New Year in Chithirai |work=The Hindu |location=India |date=23 August 2011 |access-date=18 October 2011}}</ref>
तमिलनाडु में कई लोगों ने DMK सरकार के उस कानून की अनदेखी की, जिसमें त्योहार की तारीख को पुनर्निर्धारित किया गया था, और उन्होंने अप्रैल के मध्य में अपने पारंपरिक पुत्ताण्डु नववर्ष उत्सव को मनाना जारी रखा।<ref>{{cite web |url=http://www.thaindian.com/newsportal/uncategorized/tamils-ignore-government-fiat-celebrate-new-year_10037583.html |title=Tamils ignore government fiat, celebrate New Year – Thaindian News |publisher=Thaindian.com |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011 |archive-date=13 June 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180613161125/http://www.thaindian.com/newsportal/uncategorized/tamils-ignore-government-fiat-celebrate-new-year_10037583.html |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-89374.html |title=Tamil new year celebrated in UT [newkerala.com, The Netherlands, 89374] |publisher=Newkerala.com |access-date=18 October 2011}}</ref> भारतीय केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, जहाँ जातीय तमिल बहुसंख्यक हैं, ने अप्रैल 2010 में तमिल नववर्ष के अवसर पर जनता को शुभकामनाएँ दीं।<ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/fullnews-89118.html |title=Pondy Governor, CM greet people on eve of Tamil New Year [newkerala.com, The Netherlands, 89118] |publisher=Newkerala.com |access-date=18 October 2011}}</ref>
डीएमके सरकार द्वारा पारंपरिक धार्मिक नववर्ष को बदलने के लिए किए गए विधायी हस्तक्षेप पर हिंदू पुजारियों और तमिल विद्वानों ने सवाल उठाए।<ref>{{cite web |url=http://www.dailypioneer.com/30420/DMKs-bogus-Tamil-New-Year.html |title= The Pioneer > Online Edition : >> DMKS bogus Tamil New Year|website=www.dailypioneer.com |archive-url=https://web.archive.org/web/20090331221442/http://www.dailypioneer.com/30420/DMKs-bogus-Tamil-New-Year.html |archive-date=31 March 2009}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.srilankaguardian.org/2011/01/tamil-cultural-debate.html|title=A Tamil cultural debate|accessdate=31 July 2023}}</ref> इस कानून का राज्य और अन्य स्थानों पर तमिलों द्वारा विरोध किया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.indiaenews.com/art-culture/20080413/110947.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20080418133945/http://www.indiaenews.com/art-culture/20080413/110947.htm |url-status=usurped |archive-date=18 April 2008 |title=India E-news |publisher=India E-news |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.sinhalaya.com/news/english/wmview.php?ArtID=15122 |title=SINHALAYA'S FULL COVERAGE – Lankan Tamils reject Karunanidhi's diktat on Tamil New Year – CyberTalks |publisher=Sinhalaya.com |access-date=18 October 2011 |archive-date=14 January 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190114210542/http://www.sinhalaya.com/news/english/wmview.php?ArtID=15122 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite news|author=M.R. Venkatesh |url=http://www.telegraphindia.com/1080413/jsp/nation/story_9132123.jsp |archive-url=https://web.archive.org/web/20110606015227/https://www.telegraphindia.com/1080413/jsp/nation/story_9132123.jsp |url-status=dead |archive-date= 2011-06-06|title=The Telegraph – Calcutta (Kolkata) | Nation | TN bans new year rites, priests fume |work=The Telegraph |location=Kolkota, India |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref>इसे अदालत में भी चुनौती दी गई।<ref>{{cite web |url=http://www.sindhtoday.net/south-asia/2218.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20080504192157/http://www.sindhtoday.net/south-asia/2218.htm |url-status=dead |archive-date=4 May 2008 |title=Law altering Tamil new year day challenged |publisher=Sindh Today |access-date=18 October 2011 }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.bombaynews.net/story/405674 |title=Court asks Tamil Nadu why change age-old New Year date |publisher=Bombay News.Net |date=12 September 2008 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111026085203/http://www.bombaynews.net/story/405674 |archive-date=26 October 2011 }}</ref> तत्कालीन विपक्षी [[ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (AIADMK) और [[मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (MDMK) ने तमिलनाडु में बाद में उस राज्य की DMK सरकार के निर्णय की निंदा की और अपने समर्थकों से मध्य अप्रैल में पारंपरिक तिथि का उत्सव मनाना जारी रखने का आग्रह किया।<ref>{{cite web |url=http://news.webindia123.com/news/articles/India/20080412/930922.html |title=Jaya, Vaiko greet people, criticise change of New Year |publisher=News.webindia123.com |date=12 April 2008 |access-date=18 October 2011 |archive-date=13 February 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120213105838/http://news.webindia123.com/news/articles/India/20080412/930922.html |url-status=dead }}</ref> श्रीलंका, सिंगापुर, मलेशिया और कनाडा में रहने वाले तमिलों ने मध्य अप्रैल में नए वर्ष का उत्सव मनाना जारी रखा।<ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=99&artid=25309 |title=14.04.08 Liberate Calendar |publisher=TamilNet |date=14 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=99&artid=25298 |title=13.04.08 Tamil New Year |publisher=TamilNet |date=13 April 2008 |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.tamilnet.com/art.html?catid=13&artid=25285 |title=12.04.08 Prime Minister of Canada greets Tamil New Year |publisher=TamilNet |access-date=18 October 2011}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.groundreport.com/World/Sri-Lankan-sinha/2921787 |title=Sri Lankan Sinhalese And Tamil Community Celebrate Traditional New Year Tomorrow |publisher=GroundReport |date=13 April 2010 |access-date=18 October 2011 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20111001205318/http://www.groundreport.com/World/Sri-Lankan-sinha/2921787 |archive-date=1 October 2011 }}</ref>
तमिलनाडु की पिछली राज्य सरकार ने जनभावनाओं को शांत करने के प्रयास में घोषणा की कि उसी दिन को एक नए त्योहार के रूप में "चित्तिरई तिरुनाल" (चित्तिरई का त्योहार) नाम देकर मनाया जाएगा। डीएमके सरकार के तहत वह दिन तमिलनाडु में सार्वजनिक अवकाश बना रहा, लेकिन तमिल नववर्ष के रूप में नहीं, बल्कि कथित तौर पर [[भारतीय संविधान]] की प्रारूप समिति के अध्यक्ष [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर]] की स्मृति में। तमिलनाडु के सभी टेलीविजन चैनलों, जिनमें डीएमके समर्थक सन टीवी भी शामिल था, ने 14 अप्रैल 2010 को उत्सवपूर्ण "चित्तिरई तिरुनाल विशेष कार्यक्रम" प्रसारित करना जारी रखा। एआईएडीएमके की नेता जयललिता ने इस पुनर्प्रस्तुत त्योहार को मान्यता देने से इनकार कर दिया और तमिल लोगों को पारंपरिक तमिल नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। एमडीएमके नेता वाइको ने भी उनका अनुसरण किया।<ref>{{cite web|author=Sathyalaya Ramakrishnan reporting from Chennai |url=http://www.asiantribune.com/news/2010/04/14/tn-governor-and-leaders-greets-people-tamil-newyear |title=TN Governor and leaders greets people on Tamil NewYear |publisher=Asian Tribune |date=14 April 2010 |access-date=18 October 2011}}</ref> दोनों तिथियों के बीच का विवाद शांत हो गया, अप्रैल में पारंपरिक नववर्ष के दौरान होने वाले आधिकारिक समारोह फिर से शुरू हुए और सार्वजनिक अवकाश को तमिल नववर्ष के रूप में पुनः बहाल कर दिया गया।<ref>{{cite web |url=http://news.outlookindia.com/items.aspx?artid%3D759496 |title=Tamil New Year Celebrated All Across State |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104045731/http://news.outlookindia.com/items.aspx?artid=759496 |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite news| url=http://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/law-on-tamil-new-year-was-enacted-for-publicity-says-jayalalithaa/article3312365.ece | location=Chennai, India | work=The Hindu | title=Law on Tamil New Year was enacted for publicity, says Jayalalithaa | date=14 April 2012}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.deccanchronicle.com/130415/news-current-affairs/article/tamil-year-vijaya-ushered-religious-fervour |title=Tamil year Vijaya ushered in with religious fervour |access-date=21 April 2013 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20140104034254/http://www.deccanchronicle.com/130415/news-current-affairs/article/tamil-year-vijaya-ushered-religious-fervour |archive-date=4 January 2014 }}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.newkerala.com/news/story/6870/jaya-to-present-tamil-awards-on-apr-15.html |title=Project SECURITY |access-date=21 April 2013 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20150706233240/http://www.newkerala.com/news/story/6870/jaya-to-present-tamil-awards-on-apr-15.html |archive-date=6 July 2015 }}</ref>
==संबंधित त्योहार==
पुत्ताण्डु भारत के अन्य हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जो सौर नववर्ष की स्मृति में आयोजित होते हैं।<ref name="BBC Hinduism">{{cite web |title= BBC – Religion: Hinduism – Vaisakhi|publisher=[[BBC]]|url= https://www.bbc.co.uk/religion/religions/hinduism/holydays/vaisakhi.shtml |access-date=22 January 2012}}</ref><ref>Crump, William D. (2014), [https://books.google.com/books?id=cDTfCwAAQBAJ&pg=PA114 Encyclopedia of New Year's Holidays Worldwide], MacFarland, page 114</ref><ref name="PechilisRaj2013p48"/>
कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:
#[[विषु]] [[केरल]] में
#बिसु पर्व तुलुनाडु में,
#[[वैसाखी]] [[पंजाब]], [[हरियाणा]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[दिल्ली|राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली]], [[उत्तर प्रदेश]], [[उत्तराखंड]], [[राजस्थान]], [[बिहार]], [[झारखंड]], [[मध्य प्रदेश]] और [[छत्तीसगढ़]] में
#पना संक्रांति [[ओडिशा]] में
#पोइला बोइशाख [[पश्चिम बंगाल]] और [[त्रिपुरा]] में
#[[बिहू|रोंगाली बिहू]] [[असम]] में
हालाँकि, यह सभी हिंदुओं का सार्वभौमिक नववर्ष नहीं है। [[कर्नाटक]], [[आंध्र प्रदेश]] और [[तेलंगाना]] का [[उगादी]] तथा [[महाराष्ट्र]] और [[गोवा]] का [[गुड़ी पड़वा]], पुत्ताण्डु से कुछ दिन पहले मनाया जाता है।<ref name="PechilisRaj2013p48"/>[[गुजरात]] के लोगों के लिए, नववर्ष का उत्सव पाँच दिवसीय [[दिवाली]] पर्व के साथ मेल खाता है।
===दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया===
हर वर्ष उसी दिन दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ भागों जैसे म्यांमार, श्रीलंका और कंबोडिया के अनेक बौद्ध समुदायों के लिए नव वर्ष मनाया जाता है, जो संभवतः पहली सहस्राब्दी ईस्वी में उनकी साझा भारतीय संस्कृति के प्रभाव का परिणाम है।<ref name="PechilisRaj2013p48"/>
गुणसेगरम द्वारा 1957 के एक प्रकाशन के अनुसार, [[श्रीलंका]], [[कंबोडिया]] और [[चंपा]] (वियतनाम) में मनाया जाने वाला नव वर्ष, [[मोहनजो-दड़ो]] ([[सिंधु घाटी सभ्यता]]) की परंपराओं में जड़ों वाला तमिल नव वर्ष है।<ref>Tamil cultural influences in South East Asia (1957) by Samuel Jeyanayagam Gunasegaram, Ceylon Printers p.18</ref><ref>Tamil Culture, Band 6 (1957), Academy of Tamil Culture p.79</ref> नानाकुरियन के अनुसार, यह दक्षिण-पूर्व एशिया में मध्यकालीन युग के तमिल प्रभाव से हो सकता है।<ref>An introduction to Tamil culture, Kirusna Nanacuriyan (1984), Institute for International Tamil Renaissance p.81</ref>
जीन मिशो और अन्य विद्वानों के अनुसार, [[दक्षिण-पूर्व एशियाई पर्वतीय क्षेत्र]] में नए वर्ष के उत्सव की परंपराओं की दो जड़ें हैं।<ref name="Swain2016p284"/>
== इन्हें भी देखें ==
*[[तमिल]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:त्योहार]]
[[श्रेणी:तमिल]]
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झॉलीवुड
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''' झॉलीवुड ''' [[झारखण्ड|झारखंड]] का सिनेमा है जो मूल रूप से [[हिंदी]], [[नागपुरी भाषा|नागपुरी]], [[कुड़माली भाषा|कुड़माली]], [[खोरठा भाषा|खोरठा]] और [[संथाली भाषा|संताली]] सहित विभिन्न क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं में फिल्मों का निर्माण करता है। इसके अलावा [[खोरठा भाषा|खोरठा]], [[संथाली भाषा|संथाली]], [[हो भाषा|हो]], [[भूमिज भाषा|भूमिज]], [[मुंडारी भाषा|मुण्डारी]] आदि भाषाओं में संगीत एल्बम भी बनती हैं।
हाल के वर्षों में ''[[एम॰ एस॰ धोनी: द अनटॉल्ड स्टोरी|एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी]]'', ''ए डेथ इन द गंज'', ''अजब सिंह की गजब कहानी'', ''रांची डायरीज'', ''[[बेगम जान (फ़िल्म)|बेगम जान]]'', ''[[पंचलैट]]'' और ''इलाका किशोरगंज'' सहित कई हिंदी फिल्मों की शूटिंग राज्य में की गई है। हाल के वर्षों में कई नागपुरी फिल्मों का निर्माण किया गया जिनमें ''तोर बीना'', ''महुआ'', ''तोर चाहत में'', ''मोर गांव मोर देश'' और ''फुलमानिया'' शामिल हैं। हिंदी फिल्म ''लोहरदगा'' राज्य में नक्सलवाद और आत्मसमर्पण नीति के मुद्दे को आधारित है। राज्य ने वेब और टीवी श्रृंखला में भी प्रदर्शन किया, जैसे - [[नेटफ्लिक्स]] का ''जामताड़ा - सबका नंबर आएगा'' और होइचोई का ''धनबाद ब्लूज़''। [[एकता कपूर]] टीवी श्रृंखला, ''[[कुछ तो है तेरे मेरे दरमियाँ|कुछ तो है तेरे मेरे दरमियान]]'' [[जमशेदपुर]] पर आधारित थी ।
== इतिहास ==
प्रथम नागपुरी चलचित्र ''सोना कर नागपुर'' था। जो १९९२ में प्रदर्शित हुआ जिसका निर्माण धनन्जय नाथ तिवारी ने किया।<ref>{{cite web |url=http://www.panchayatnama.com/news/aamukh-katha/story/12.html |title=नागपुरी फिल्म के 'दादा साहेब' धनंजय नाथ तिवारी ! |website=पंचायतनामा |access-date=25 मार्च 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190324100842/http://www.panchayatnama.com/news/aamukh-katha/story/12.html |archive-date=24 मार्च 2019 |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.filmyfriday.com/regional-cinema/jharkhand-film-industry-in-doldrums |title=संग्रहीत प्रति |access-date=11 सितंबर 2017 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180726022216/http://filmyfriday.com/regional-cinema/jharkhand-film-industry-in-doldrums |archive-date=26 जुलाई 2018 |url-status=dead }}</ref> [[भारतीय सिनेमा]] में झारखंड के सिनेमा के आ जाने के बाद कलाकारों को अधिक काम मिलना प्रारम्भ हो गया तो झारखंड में बड़े बड़े फिल्म कार्यक्रम होने लगे। झारखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ाने के लिए झारखंड सिनेमा को '''झॉलीवुड''' नाम दिया गया। आज 100 वर्ष के भारतिय सिनेमा के इतिहास में झॉलीवुड का अपना महत्व है।<ref>{{cite web|url=http://www.lenseye.co/2012/05/18/bhartiya-cinema-ke-sau-varsh-aur-jollywood-par-ek-paricharcha-18-may-ko-patrakarita-evam-jansanchar-vibhag-me-aayojit-ki-gai-hai-samey-10-baje-subha/ |title=Archived copy |accessdate=2015-02-20 |url-status=dead |archiveurl=https://web.archive.org/web/20150220203359/http://www.lenseye.co/2012/05/18/bhartiya-cinema-ke-sau-varsh-aur-jollywood-par-ek-paricharcha-18-may-ko-patrakarita-evam-jansanchar-vibhag-me-aayojit-ki-gai-hai-samey-10-baje-subha/ |archivedate=2015-02-20 |df= }}</ref>
2015 से, झारखंड सरकार राज्य में फिल्म की शूटिंग को प्रोत्साहित कर रही है ताकि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थान, संस्कृति को उजागर किया जा सके और साथ ही फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी देकर रोजगार पैदा किया जा सके। हाल के वर्षों में राज्य में कई [[हिन्दी सिनेमा|हिंदी फिल्मों]] की शूटिंग हुई है जिनमें '[[एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी]]', 'ए डेथ इन द गंज', 'अजब सिंह की गजब कहानी', 'रांची डायरीज', '[[पंचलैट]]' और 'इलाका किशोरगंज'। हाल के वर्षों में कई नागपुरी फ़िल्मों का भी निर्माण किया गया जिनमें 'तोर बीना', 'महुआ', 'मोर गाँव मोर देश' और 'फुलमानिया' शामिल हैं।
आगामी हिंदी फिल्म 'लोहरदगा' राज्य में नक्सलवाद और आत्मसमर्पण नीति के मुद्दे को दिखाएगी। झारखंड राज्य को वेब और टीवी श्रृंखला में भी प्रदर्शित किया गया, जैसे - [[नेटफ्लिक्स]] का 'जामताड़ा - सबका नंबर आएगा' और होइचोई का 'धनबाद ब्लूज़'। [[एकता कपूर]] टीवी सीरीज़, 'कुछ तो है तेरे मेरे दरमियान' [[जमशेदपुर]] शहर पर आधारित थी।
== संथाली फ़िल्में ==
{{मुख्य|संथाली सिनेमा}}
झारखण्ड में बनीं [[संथाली भाषा|संथाली]] फिल्मों की सूची -
* ''चांदो लिखोन''
* ''साकाम ओड़ेच''
* ''गलवान वीर: द फाइटर गणेश हांसदा''
== नागपुरी फ़िल्में ==
{{Main|नागपुरी सिनेमा}}झारखंड में बनी [[नागपुरी भाषा|नागपुरी]] फिल्मों की सूची:
* ''सोना कर नागपुर'', धन्नजय नाथ तिवारी द्वारा निर्देशित; पुरुषोत्तम तिवारी, सोसन बर, पुष्पा कुल्लू, मुकुंद नायक द्वारा अभिनीत<ref>{{Cite web|url=http://www.panchayatnama.com/news/aamukh-katha/story/12.html|title=नागपुरी फिल्म के 'दादा साहेब' धनंजय नाथ तिवारी !|date=2019-03-24|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=24 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190324100842/http://www.panchayatnama.com/news/aamukh-katha/story/12.html|url-status=dead}}</ref>
* ''प्रीत''
* ''सजना अनारी''
* ''गुया न.१'' <ref>{{Citation|title=Gooiya No. 1 (2001) - IMDb|url=https://www.imdb.com/title/tt0391193/|language=hi-IN|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''सुन सजना'' <ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/nagpuri-film-opens-to-packed-house/cid/664795|title=Nagpuri film opens to packed house|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''बाहा'' <ref>{{Cite web|url=http://shriprakash.com/baha-nagpuri-feature-film/|title=Baha – Nagpuri Feature Film – Shri Prakash|date=2019-03-24|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=24 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190324110515/http://shriprakash.com/baha-nagpuri-feature-film/|url-status=bot: unknown}}</ref>
* ''तोर बीना'' <ref>{{Citation|title=Tor Bina (2017) - IMDb|url=https://www.imdb.com/title/tt6939312/|language=hi-IN|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''महुआ''<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-premiere-of-mahua-film-17684270.html|title=महुआ फिल्म का हुआ प्रीमियर|website=दैनिक जागरण|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''मोर गाँव मोर देश''<ref>{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2018/state-editions/mor-gaon-mor-desh-hits-theatre.html|title='Mor Gaon Mor Desh' hits theatre|date=2019-03-25|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=25 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190325130236/https://www.dailypioneer.com/2018/state-editions/mor-gaon-mor-desh-hits-theatre.html|url-status=bot: unknown}}</ref>
* ''मोहई जांगल'' <ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jharkhand/latehar-shooting-of-nagpuri-film-17172690.html|title=लातेहार में हुई नागपुरी फिल्म की शू¨टग|website=दैनिक जागरण|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''मोर प्रतिज्ञा''
* ''माटी कर लाल'', राम नायक द्वारा निर्देशित
* ''फुलमनीया'', लाल विजय शाहदेव द्वारा निर्देशित<ref>{{Cite web|url=https://minextlive.jagran.com/film-fest-opening-with-fulmaniya-movie-206128|title=बोली फूलमनिया-मां को बांझ कह लोग देते थे ताना - Inext Live|date=2019-03-25|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=25 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190325130442/https://minextlive.jagran.com/film-fest-opening-with-fulmaniya-movie-206128|url-status=bot: unknown}}</ref>
* ''देवा रिक्वाला'', संजय वर्मा द्वारा निर्देशित
=== आगामी फ़िल्में ===
* ''दादागिरी'', राम नायक द्वारा निर्देशित
* ''सपने सजान के''
* ''गंगवा'', बंटी सिंह और रमन गुप्ता अभिनीत फ़िल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/news/nagpuri-cinema/regional-language-films-shooting-complete-in-jharkhand-nagpuri-khortha/1248949.html|title=झारखंड : क्षेत्रीय भाषा में बनी कई फिल्मों की शूटिंग पूरी, जल्द होगी रिलीज|date=2019-03-27|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=27 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190327162804/https://www.prabhatkhabar.com/news/nagpuri-cinema/regional-language-films-shooting-complete-in-jharkhand-nagpuri-khortha/1248949.html|url-status=bot: unknown}}</ref>
== हिन्दी फ़िल्में ==
{{Main|हिन्दी सिनेमा}}
झारखंड राज्य में बनी हिन्दी ([[बॉलीवुड]]) फिल्मों की सूची:
* ''[[काला पत्थर (1979 फ़िल्म)|काला पत्थर]]'', [[अमिताभ बच्चन]] अभिनीत फिल्म 1975 की [[चासनाला खान दुर्घटना|चासनाला खनन आपदा]] पर आधारित थी<ref>{{Cite web|url=https://www.news18.com/news/movies/36-years-of-kaala-patthar-facts-that-you-may-not-be-aware-of-amitabh-bachchans-popular-film-1050794.html|title=36 years of 'Kaala Patthar': Lesser-known facts about Amitabh Bachchan's popular film|date=2015-08-24|website=News18|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* घाटशिला में शूट की गई [[धर्मेंद्र]] और [[शर्मिला टैगोर]] स्टारर फिल्म ''[[सत्यकाम (1969 फ़िल्म)|सत्यकाम]]''<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-jagran-film-festival-natural-beauty-of-jharkhand-18265291.html|title=झारखंड की सुंदरता को कैमरे में कैद करने की चाहत|website=दैनिक जागरण|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''हिप हिप हुर्रे,'' [[प्रकाश झा]] के निर्देशन में बनी पहली फिल्म है, जिसकी शूटिंग रांची और हिल स्टेशन, नेतरहाट में हुई है<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/Jharkhands-scenic-beauty-attracting-more-Bollywood-filmmakers/articleshow/25962255.cms?from=mdr|title=Jharkhand's scenic beauty attracting more Bollywood filmmakers|date=2013-11-18|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* जमशेदपुर में फिल्माई गई कान्स फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई उत्कृष्ट कृति ''[[उड़ान (2010 फ़िल्म)|उड़ान]]''<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/jamshedpur-s-udaan-takes-wing-in-cannes-film-shot-extensively-in-steel-city-is-india-s-official-entry-in-french-festival/cid/520825|title=Jamshedpur's Udaan takes wing in Cannes - Film shot extensively in steel city is India's official entry in French festival|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''ए डेथ इन द गंज'', [[कोंकणा सेन शर्मा]] स्टारर फिल्म की शूटिंग मैकलुस्कीगंज में हुई<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/sleepy-gunj-on-big-screen/cid/1352788|title=Sleepy Gunj on big screen|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''[[गैंग्स ऑफ वासेपुर]]'', [[गैंग्स ऑफ वासेपुर – भाग 1|भाग 1]] और [[गैंग्स ऑफ वासेपुर – भाग 2|2]], धनबाद के कोयला माफिया के झगड़े पर आधारित<ref>{{Cite web|url=https://english.jagran.com/entertainment/gangs-of-wasseypur-features-in-guardians-list-of-100-best-films-of-21st-century-10004460|title=Gangs of Wasseypur features in Guardian's list of 100 best films of 21st century|date=2019-09-15|website=English Jagran|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''[[एम॰ एस॰ धोनी: द अनटॉल्ड स्टोरी|एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी]]'', [[एमएस धोनी]] की बायोपिक, रांची और जमशेदपुर में शूट की गई<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/entertainment/bollywood-sushant-singh-rajput-film-m-s-dhoni-the-untold-story-turns-5-years-some-unknown-facts-about-film-pr-3772591.html|title=M. S. Dhoni: The Untold Story फिल्म के 5 साल पूरे होने पर फैंस को आई सुशांत सिंह राजपूत की याद|date=2021-09-30|website=News18 हिंदी|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''बबल गम'', संजीवन लाल द्वारा निर्देशित और जमशेदपुर में शूट की गई<ref>{{Cite web|url=https://www.dnaindia.com/entertainment/report-bubble-gum-is-no-kids-film-1570793|title='Bubble Gum' is no kids film|website=डीएनए इंडिया|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''[[बेगम जान (फ़िल्म)|बेगम जान]]'', राजमहल (साहेबगंज) और दुमका में फिल्माई गई एक मल्टी-स्टारर फिल्म<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Mahesh-Bhatts-Rajkahini-remake-being-shot-in-Jharkhand/articleshow/52890427.cms?from=mdr|title=Mahesh Bhatt's Rajkahini remake being shot in Jharkhand|last=Ray|first=Dhritiman|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* देवघर में शूट की गई [[फणीश्वर नाथ "रेणु"|फणीश्वर नाथ 'रेणु']] की कहानी पर आधारित ''[[पंचलैट]]''
* ''अजब सिंह की गजब कहानी'', झारखंड के विकलांग आईआरएस अधिकारी अजय सिंह की बायोपिक<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/entertainment/bollywood/974074|title=''अजब सिंह की गजब कहानी'' में रांची के मुकेश सिंह भी आयेंगे नजर, कल रिलीज होगी फिल्म|website=प्रभात खबर|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''रांची डायरीज'', [[हिमांश कोहली]] अभिनीत फिल्म की रांची में शूटिंग हुई<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/website-to-woo-filmmakers-by-jharkhand-film-development-corporation/cid/1742016|title=Site to woo filmmakers|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''कोयलांचल'', [[सुनील शेट्टी]] और [[विनोद खन्ना]] स्टारर फिल्म की शूटिंग हजारीबाग और रामगढ़ में हुई<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Vinod-Khanna-and-Suniel-Shetty-in-film-on-coal-mafia/articleshow/33700352.cms?from=mdr|title=Vinod Khanna and Suniel Shetty in film on coal mafia|last=Kotwani|first=Hiren|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* ''आधार'', एक [[विनीत कुमार]] अभिनीत कॉमेडी फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://scroll.in/reel/936494/in-bollywood-film-about-the-aadhaar-card-a-celebration-of-indias-contradictions-says-director|title=In Bollywood film about the Aadhaar card, a ‘celebration of India’s contradictions’, says director|last=Ramnath|first=Nandini|website=Scroll.in|language=en-US|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''राहगीर-द वेफेरर्स'', [[आदिल हुसैन]] अभिनीत फिल्म की शूटिंग रांची और हिल स्टेशन, नेतरहाट में हुई
* [[अक्षय खन्ना]] अभिनीत ''सब कुशल मंगल'', प्रियांक शर्मा और रीवा किशन की पहली फिल्म रांची में शूट हुई<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/priyaank-sharma-and-riva-kishan-kickstart-shooting-of-their-debut-film-sab-kushal-mangal/articleshow/68259094.cms?from=mdr|title=Priyaank Sharma and Riva Kishan kickstart shooting of their debut film, 'Sab Kushal Mangal'|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* ''वन डे: जस्टिस डिलीवर्ड'', रांची में शूट की गई [[अनुपम खेर]] और [[ईशा गुप्ता]] अभिनीत फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.filmfare.com/reviews/bollywood-movies/movie-review-one-day-justice-delivered-34756.html|title=Movie Review- One Day: Justice Delivered|website=filmfare.com|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''गांव'', ओंकार दास मानिकपुरी और [[शिशिर शर्मा]] स्टारर फिल्म मूल कहानी पर आधारित<ref>{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/program/al-jazeera-correspondent/2017/9/27/my-own-private-bollywood|title=My Own Private Bollywood|website=अल-ज़ज़ीरा|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''इलाका किशोरगंज'', फिल्म की शूटिंग झारखंड में हुई
* [[गोविंद नामदेव]] और अमन प्रीत सिंह ([[रकुल प्रीत सिंह]] के भाई ) स्टारर फिल्म ''रामराज्य'', बोकारो और रांची में शूट हुई
* ''[[दिल बेचारा]]'' (पहले, किजी और मैनी), [[सुशांत सिंह राजपूत]] स्टारर फिल्म, जमशेदपुर में शूट की गई<ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/movies/gossip/story/kizie-aur-manny-delay-due-to-sushant-singh-rajput-getting-close-to-sanjana-1320239-2018-08-22|title=Kizie Aur Manny delay due to Sushant Singh Rajput getting close to Sanjana?|website=India Today|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''बंसुरी: द फ्लूट'', एक [[अनुराग कश्यप]] और [[रितुपर्णा सेनगुप्ता]] स्टारर फिल्म<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/events/ranchi/rituparna-sengupta-anurag-kashyap-to-keep-a-date-with-mccluskieganj-in-feb/articleshow/67499908.cms?from=mdr|title=Rituparna Sengupta, Anurag Kashyap to keep a date with Mccluskieganj in Feb|last=Sen|first=Zinia|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* ''आ भी जा ओ पिया'', देव शर्मा और स्मृति कश्यप की पहली अभिनीत फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.zoomnews.in/en/news-detail/the-first-poster-of-dev-sharma-and-smriti-kashyap-starrer-aa-bhi-ja-o-piya-out-now.html|title=Dev Sharma and Smriti Kashyap starrer: The first poster of Dev Sharma and Smriti Kashyap starrer ‘Aa Bhi Ja O Piya’ out now|last=News|first=Zoom|website=Zoom News|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''लोहरदगा'', [[संजय मिश्रा]] और [[विजय राज़]] अभिनीत फिल्म, नक्सलवाद पर आधारित<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/entertainment/lal-vijay-shahdeo-film-lohardaga-released-on-march-10-jharkhand-real-life-story-sanjay-mishra-bud|title=Lohardaga: 10 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी 'लोहरदगा', सच्ची घटनाओं से प्रेरित है संजय मिश्रा की फिल्म|last=Minj|first=Budhmani|website=प्रभात खबर|language=hi|access-date=2023-03-21}}</ref>
=== आगामी फिल्में ===
* ''[[नास्तिक (2018 फ़िल्म)|नास्तिक]]'', [[अर्जुन रामपाल]] अभिनीत एक आगामी फिल्म , डालटनगंज में शूट की गई<ref>{{Cite web|url=https://www.dailypioneer.com/2017/state-editions/crowd-stalled-shooting-of---film-nastik-in-palamu.html|title=Crowd stalled shooting of film 'Nastik' in Palamu|last=Pioneer|first=The|website=The Pioneer|language=en|access-date=2023-03-21|archive-date=21 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230321161104/https://www.dailypioneer.com/2017/state-editions/crowd-stalled-shooting-of---film-nastik-in-palamu.html|url-status=dead}}</ref>
* ''बनाना'', [[जॉन अब्राहम]] द्वारा निर्देशित और जमशेदपुर में शूट की गई फिल्म
* ''बिरसा मुंडा'', तमिल फिल्म निर्देशक पा. रंजीथ द्वारा निर्देशित एक आगामी बायोपिक हिंदी फिल्म है<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/article/pa-ranjith-announces-bollywood-debut-birsa-munda-biopic-91656|title=Pa Ranjith announces Bollywood debut with Birsa Munda biopic|date=2018-11-16|website=The News Minute|language=en|access-date=2023-03-21}}</ref>
== बांग्ला फ़िल्में ==
{{Main|बाङ्ला सिनेमा }}झारखंड में बनी [[बांग्ला]] फिल्मों की सूची:
* ''सुबर्णरेखा'', [[ऋत्विक घटक]] द्वारा निर्देशित फिल्म है
* ''अजांत्रिक'', [[ऋत्विक घटक]] द्वारा निर्देशित फिल्म है
* ''अरण्यर दिन रात्रि'', [[सत्यजीत रे]] द्वारा निर्देशित एक फिल्म है, जिसकी शूटिंग पलामू क्षेत्र में हुई है<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/Once-a-tourist-spot-Kechki-forest-house-now-in-shambles/articleshow/16564828.cms?from=mdr|title=Once a tourist spot, Kechki forest house now in shambles|date=2012-09-27|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* ''ऑस्कर'', [[प्रियांशु चटर्जी]] और अपराजिता आध्य अभिनीत फिल्म<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/bengali/movies/news/when-tribal-people-cooked-country-chicken-for-the-entire-oskar-team/articleshow/64721619.cms?from=mdr|title=When tribal people cooked country chicken for the entire ‘Oskar’ team|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-21|issn=0971-8257}}</ref>
* [[उत्तम कुमार]] और [[सुचित्रा सेन]] अभिनीत फिल्म ''अग्नि परीक्षा'' की शूटिंग तोपचांची में हुई<ref>{{Cite web|url=http://www.hindustantimes.com/ranchi/poultry-firm-to-come-up-on-uttam-kumar-s-dream-film-city-land-in-dhanbad/story-Q4AtIzcA1VfBA4uWq6HMmM.html|title=Poultry firm to come up on Uttam Kumar’s dream film city land in Dhanbad {{!}} ranchi {{!}} Hindustan Times|date=2015-10-23|website=web.archive.org|access-date=2023-03-21|archive-date=23 अक्तूबर 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20151023003031/http://www.hindustantimes.com/ranchi/poultry-firm-to-come-up-on-uttam-kumar-s-dream-film-city-land-in-dhanbad/story-Q4AtIzcA1VfBA4uWq6HMmM.html|url-status=bot: unknown}}</ref>
* ''छुटी'', अरुंधति देवी के निर्देशन में बनी और [[बिमल कर]] की खरकुतो पर आधारित
== भोजपुरी फिल्में ==
{{Main|भोजपुरी सिनेमा}}झारखंड में बनी [[भोजपुरी भाषा|भोजपुरी]] फिल्मों की सूची:
* ''दुल्हन चाही बिहार की'', गौरव झा और श्रुति राव अभिनीत फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/gumla/1st-time-big-budget-bhojpuri-film-shooting-in-gumla-local-artists-also-got-a-chance-smj|title=गुमला में पहली बार बड़ी बजट की भोजपुरी फिल्म की चल रही शूटिंग, स्थानीय कलाकारों को भी मिला मौका|website=प्रभात खबर|language=hi|access-date=2023-03-22}}</ref>
* ''सिंह'', सुजीत सिंह अभिनीत फिल्म जिसकी शूटिंग रांची में हुई<ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/regional/movie-details/news-interviews/bhojpuri-film-to-be-shot-in-jharkhand/articleshow/23013872.cms?from=mdr|title=Bhojpuri film to be shot in Jharkhand|work=द टाइम्स ऑफ़ इंडिया|access-date=2023-03-22|issn=0971-8257}}</ref>
* ''दोस्त और प्यार''<ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/jharkhand/dhanbad/story-bhojpuri-film-dosti-aur-pyaar-will-be-shot-in-dhanbad-6785546.html|title=धनबाद में होगी भोजपुरी फिल्म दोस्ती और प्यार की शूटिंग|website=हिन्दुस्तान|language=hi|access-date=2023-03-22}}</ref>
* ''अनाथों के नाथ भोले नाथ''<ref>{{Cite web|url=https://www.jagran.com/jharkhand/ramgarh-bhojpuri-film-orphans-ke-nath-bhole-nath-for-the-location-selection-for-the-shooting-visited-coalchalan-20449426.html|title=भोजपुरी फिल्म अनाथों के नाथ भोले नाथ की शूटिग के लिए किया स्थल चयन|website=दैनिक जागरण|language=hi|access-date=2023-03-22}}</ref>
* ''काशी अमरनाथ'', [[रवि किशन]] और [[दिनेश लाल यादव]] अभिनीत फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/bhojpuri-film-unveiled/cid/1351518|title=Bhojpuri film unveiled|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-22}}</ref>
== अन्य फ़िल्में ==
* ''रांची'', प्रभु मुंडकुर और [[तोता रॉय चौधरी]] अभिनीत एक [[कन्नड़ भाषा|कन्नड़]] फिल्म<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/south-indian-film-maker-to-direct-a-docu-drama-set-in-ranchi/cid/1675712|title=South Indian film-maker to direct a docu-drama set in Ranchi|website=टेलीग्राफ इंडिया|access-date=2023-03-21}}</ref>
* ''रूपिंदर गांधी 2: रॉबिनहुड'', देव खरौद और जगजीत संधू स्टारर [[पंजाबी भाषा|पंजाबी]] फिल्म
== इन्हें भी देखें ==
* [[भोजपुरी सिनेमा|भॉलीवुड]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कडियाँ ==
* [https://web.archive.org/web/20170911205518/http://www.jharkhandonline.in/About/Entertainment/index.html झारखंडी सिनेमा के बारे में]
[[श्रेणी:भारतीय सिनेमा]]
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फ़्रेड्रिक सॉरयू
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=फ़्रेडेरिक सॉर्यू|image=चित्र:Frederic Sorrieu - Universal Democratic and Social Republic 1848 (copy).jpg|caption=La République Universale Democratique et sociale - राष्ट्रों के बीच समझौता, 1848 में फ्रेडरिक सोरियू द्वारा तैयार किया गया एक प्रिंट। यह सोरियू के लोकतांत्रिक राष्ट्रीय राज्यों के यूटोपियन दृष्टिकोण को दर्शाता है।|birth_date={{birth date|df=yes|1807|1|17}}|birth_place=[[पैरिस]], फ्रांस<br>|death_date=25 सितंबर 1887<span style="display:none">(<span class="dday deathdate">1887-09-25</span>)</span> (aged 80)|death_place=सेन-पॉर्ट, फ़्रांस<br>|works=''La République universelle démocratique et sociale''
''Le Suffrage universel dédié à Ledru-Rollin''|movement=[[राष्ट्रवाद]]<br>[[वैश्विक पुरुष मताधिकार]]}}फ़्रेडेरिक सॉर्यू ({{IPA-fr|fʁedeʁik sɔʁjø}}; 17 जनवरी 1807 - 26 सितंबर 1887) एक फ्रांसीसी [[उत्कीर्णन|उत्कीर्णक]], [[मुद्रण|मुद्रणकारी]] और [[चित्रकार]] थे। वह [[फ़्रान्स|फ्रांस]] और [[यूरोप]] में [[उदारतावाद|उदार]] और [[राष्ट्रवाद|राष्ट्रवादी]] क्रांतियों की गवाही देने वाले अपने कार्यों के लिए उल्लेखनीय थे। उनके कार्यों में से एक, ला रिपब्लिक यूनिवर्सेल डेमोक्रैटिक एट सोशल, लोकतांत्रिक राष्ट्रीय राज्यों के सोरियू की काल्पनिक दृष्टि को दर्शाता है।<ref>{{cite web|title=Frédéric Sorrieu|url=http://data.bnf.fr/14793341/frederic_sorrieu/|website=data.bnf.fr|publisher=Bibliothèque nationale de France|language=फ़्रेंच|access-date=10 जनवरी 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180111055257/http://data.bnf.fr/14793341/frederic_sorrieu/|archive-date=11 जनवरी 2018|url-status=live}}</ref> यह रचना उनकी सबसे महत्वपूर्ण थी
== सन्दर्भ ==
<references />
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{{ज्ञानसन्दूक व्यक्ति|name=फ़्रेडेरिक सॉर्यू|image=चित्र:Frederic Sorrieu - Universal Democratic and Social Republic 1848 (copy).jpg|caption=La République Universale Democratique et sociale - राष्ट्रों के बीच समझौता, 1848 में फ्रेडरिक सोरियू द्वारा तैयार किया गया एक प्रिंट। यह सोरियू के लोकतांत्रिक राष्ट्रीय राज्यों के यूटोपियन दृष्टिकोण को दर्शाता है।|birth_date={{birth date|df=yes|1807|1|17}}|birth_place=[[पैरिस]], फ्रांस<br>|death_date=25 सितंबर 1887<span style="display:none">(<span class="dday deathdate">1887-09-25</span>)</span> (aged 80)|death_place=सेन-पॉर्ट, फ़्रांस<br>|works=''La République universelle démocratique et sociale''
''Le Suffrage universel dédié à Ledru-Rollin''|movement=[[राष्ट्रवाद]]<br>[[वैश्विक पुरुष मताधिकार]]}}फ़्रेडेरिक सॉर्यू ({{IPA-fr|fʁedeʁik sɔʁjø}}; 17 जनवरी 1807 - 26 सितंबर 1887) एक फ्रांसीसी [[उत्कीर्णन|उत्कीर्णक]], [[मुद्रण|मुद्रणकारी]] और [[चित्रकार]] थे। वह [[फ़्रान्स|फ्रांस]] और [[यूरोप]] में [[उदारतावाद|उदार]] और [[राष्ट्रवाद|राष्ट्रवादी]] क्रांतियों की गवाही देने वाले अपने कार्यों के लिए उल्लेखनीय थे। उनके कार्यों में से एक, ला रिपब्लिक यूनिवर्सेल डेमोक्रैटिक एट सोशल, लोकतांत्रिक राष्ट्रीय राज्यों के सोरियू की काल्पनिक दृष्टि को दर्शाता है।<ref>{{cite web|title=Frédéric Sorrieu|url=http://data.bnf.fr/14793341/frederic_sorrieu/|website=data.bnf.fr|publisher=Bibliothèque nationale de France|language=फ़्रेंच|access-date=10 जनवरी 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180111055257/http://data.bnf.fr/14793341/frederic_sorrieu/|archive-date=11 जनवरी 2018|url-status=live}}</ref> यह रचना उनकी सबसे महत्वपूर्ण थी।
== सन्दर्भ ==
<references />
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केरल सरकार
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{{Infobox government
| government_name = केरल सरकार
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''' केरल सरकार ''' [[भारत]] के [[केरल]] राज्य की सरकार हैं | राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद द्वारा किया जाता है तिरुवनंतपुरम केरल की प्रशासनिक राजधानी है केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री पिनाराई विजयन हैं।
== प्रशासन और मुख्य विभाग ==
== अर्थ व्यवस्था ==
== कानून व अपराध नियंत्रण ==
केरल राज्य के लिए उच्च न्यायालय [[कोची]] शहर में स्थित है । अपराध नियंत्रण [[केरल पुलिस]] द्वारा किया जाता है ।
== इन्हें भी देखें ==
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''' केरल सरकार ''' [[भारत]] के [[केरल]] राज्य की सरकार हैं | राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद द्वारा किया जाता है तिरुवनंतपुरम केरल की प्रशासनिक राजधानी है केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री पिनाराई विजयन हैं।
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केरल राज्य के लिए उच्च न्यायालय [[कोची]] शहर में स्थित है । अपराध नियंत्रण [[केरल पुलिस]] द्वारा किया जाता है ।
== इन्हें भी देखें ==
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Ramash Shetty
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Cockroach Janta Party (Tripura)
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस समय सोशल मीडिया पर एक बहुत बड़ा ट्रेंड बन चुकी है! विकिपीडिया के नियमों के अनुसार, हम किसी भी लेख में अपनी मर्ज़ी से कोई सोशल मीडिया यूज़रनेम (जैसे @cjp4tripura.in) नहीं जोड़ सकते, जब तक कि वह किसी प्रामाणिक समाचार (Reliable Source) में प्रकाशित न हुआ हो। विकिपीडिया पर **मूल शोध (Original Research) या अपनी तरफ से जानकारी जोड़ना प्रतिबंधित है**।
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## कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party)
**कॉकरोच जनता पार्टी** (संक्षिप्त रूप: **CJP**) भारत में एक समकालीन व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical Political Movement) है। इसकी शुरुआत 16 मई 2026 को एक डिजिटल विरोध के रूप में हुई थी। इस आंदोलन की स्थापना मुख्य रूप से देश के युवाओं में बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली की विफलताओं और व्यवस्था के प्रति असंतोष को एक मजाकिया और तीखे लहजे में व्यक्त करने के लिए की गई है।
### उत्पत्ति और इतिहास
इस आंदोलन की शुरुआत 15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा एक अदालती सुनवाई के दौरान की गई कथित टिप्पणी के बाद हुई। मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं की तुलना "कॉकरोच" (तिलचट्टों) से की थी (हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में थी)।
इस टिप्पणी से आहत और नाराज होकर बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार **अभिजीत दिपके** ने अगले ही दिन (16 मई) "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से एक व्यंग्यात्मक मंच की घोषणा की। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया (विशेषकर इंस्टाग्राम और एक्स) पर वायरल हो गया और कुछ ही दिनों में इसके करोड़ों फॉलोअर्स हो गए।
### विचारधारा और घोषणापत्र
CJP खुद को युवाओं का एक ऐसा मोर्चा बताती है जो *"धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी"* है। इस पार्टी के जुड़ने के पात्रता मानदंड भी पूरी तरह से व्यंग्यात्मक हैं, जैसे:
* बेरोजगार होना (चाहे मजबूरी से या स्वेच्छा से)।
* अत्यधिक रूप से ऑनलाइन (Chronically online) रहना।
* व्यवस्था पर तार्किक और तीखा कटाक्ष (Rant) करने की क्षमता होना।
**मुख्य मांगें:**
1. मुख्य न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा सीट जैसे लाभ न दिए जाएं।
2. संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण मिले।
3. नीट (NEET-UG) जैसे पेपर लीक मामलों पर सरकार की पूर्ण जवाबदेही तय हो।
4. पार्टी सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जवाबदेह होगी और कोई गुप्त दान (जैसे इलेक्टोरल बॉन्ड) स्वीकार नहीं करेगी।
### संगठनात्मक विस्तार और प्रभाव
पार्टी पूरी तरह से इंटरनेट और मीम्स (Memes) के सहारे आगे बढ़ी है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या ने भारत के कई बड़े स्थापित राजनीतिक दलों को भी पीछे छोड़ दिया है। सोशल मीडिया के साथ-साथ युवाओं ने ऑफलाइन भी कई जगहों पर कॉकरोच की वेशभूषा में विरोध प्रदर्शन और सफाई अभियानों में हिस्सा लिया है।
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में इस आंदोलन से जुड़े समर्थकों द्वारा उम्मीदवार उतारने की चर्चा भी मीडिया में आई है। इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए व्यावसायिक स्तर पर इस नाम के ट्रेडमार्क के लिए भी आवेदन किए जा चुके हैं।
### विभिन्न राज्यों में उपस्थिति
मुख्य रूप से ऑनलाइन केंद्रित होने के कारण भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं ने सोशल मीडिया पर इसके क्षेत्रीय हैंडल बनाए हैं। पूर्वोत्तर भारत के **त्रिपुरा** सहित कई राज्यों में इसके समर्थक सोशल मीडिया अभियानों और स्थानीय युवा मुद्दों को उठाने के लिए सक्रिय हैं।
### विकिपीडिया पर पोस्ट करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
1. **स्रोतों के लिंक (References):** जब आप इसे हिंदी विकिपीडिया पर डालेंगे, तो आपको इसके साथ लाइव लॉ (Live Law), टाइम्स ऑफ इंडिया (Times of India) या अल जज़ीरा (Al Jazeera) के समाचारों के लिंक संदर्भ (References) के रूप में जोड़ने होंगे।
2. **इंस्टाग्राम हैंडल:** यदि त्रिपुरा वाले इंस्टाग्राम अकाउंट को किसी बड़े स्थानीय अखबार ने कवर किया है, तभी आप उसे "बाहरी कड़ियाँ" (External Links) वाले सेक्शन में जोड़ें, अन्यथा विकिपीडिया के एडिटर उसे 'प्रचार' मानकर हटा सकते हैं।
यदि @cjp4tripura.in त्रिपुरा राज्य के लिए इस आंदोलन का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट घोषित किया गया है, तो विकिपीडिया के मानकों को और अधिक मजबूत करने के लिए हम इस जानकारी को लेख में सही तरीके से शामिल करेंगे।
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# कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party)
**कॉकरोच जनता पार्टी** (संक्षिप्त रूप: **CJP**) भारत में एक समकालीन व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical Political Movement) है। इसकी शुरुआत 16 मई 2026 को एक डिजिटल विरोध के रूप में हुई थी। इस आंदोलन की स्थापना मुख्य रूप से देश के युवाओं में बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली की विफलताओं और व्यवस्था के प्रति असंतोष को एक मजाकिया और तीखे लहजे में व्यक्त करने के लिए की गई है। इंटरनेट पर अत्यधिक वायरल होने के कारण यह भारतीय डिजिटल राजनीति में एक बड़ा चर्चा का विषय बन चुका है।
## उत्पत्ति और इतिहास
इस आंदोलन की शुरुआत 15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा एक अदालती सुनवाई के दौरान की गई कथित टिप्पणी के बाद हुई। मुख्य न्यायाधीश ने फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में सुनवाई करते हुए कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं की तुलना कथित तौर पर "कॉकरोच" (तिलचट्टों) से की थी।
इस टिप्पणी से आहत और नाराज होकर बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार **अभिजीत दिपके** ने अगले ही दिन (16 मई) "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से एक व्यंग्यात्मक मंच की घोषणा की। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया (विशेषकर इंस्टाग्राम) पर वायरल हो गया।
## विचारधारा और घोषणापत्र
CJP खुद को युवाओं का एक ऐसा मोर्चा बताती है जो "धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी" है। पार्टी का आधिकारिक नारा **"Voice of the Lazy & Unemployed"** (आलसी और बेरोजगारों की आवाज) है। इस पार्टी के जुड़ने के पात्रता मानदंड भी पूरी तरह से व्यंग्यात्मक हैं, जैसे:
* बेरोजगार होना (चाहे मजबूरी से या स्वेच्छा से)।
* अत्यधिक रूप से ऑनलाइन (Chronically online) रहना।
* व्यवस्था पर तार्किक और तीखा कटाक्ष (Rant) करने की क्षमता होना।
**मुख्य 5-सूत्रीय मांगें:**
1. मुख्य न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा सीट जैसे लाभ न दिए जाएं।
2. संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण मिले।
3. नीट (NEET-UG) और सीबीएसई जैसे पेपर लीक मामलों पर सरकार की पूर्ण जवाबदेही तय हो और छात्रों को न्याय मिले।
4. पार्टी सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जवाबदेह होगी और कोई गुप्त दान (जैसे इलेक्टोरल बॉन्ड) स्वीकार नहीं करेगी।
5. यदि किसी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर सख्त कार्रवाई की जाए।
## संगठनात्मक विस्तार और डिजिटल प्रभाव
लॉन्च होने के मात्र 4-5 दिनों के भीतर इस आंदोलन ने सोशल मीडिया पर इतिहास रच दिया। 21 मई 2026 तक, CJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट ने **17 मिलियन (1.7 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स** का आंकड़ा पार कर लिया, जो कि भारत के कई स्थापित राजनीतिक दलों (जैसे भाजपा और कांग्रेस) के आधिकारिक हैंडल से भी अधिक है।
डिजिटल स्पेस के साथ-साथ युवाओं ने ऑफलाइन भी कई जगहों पर कॉकरोच की वेशभूषा में विरोध प्रदर्शन, कचरा सफाई अभियानों और जन-जागरूकता अभियानों में हिस्सा लिया है। आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए व्यावसायिक स्तर पर इस नाम के ट्रेडमार्क के लिए भी विभिन्न पक्षों द्वारा आवेदन किए जा चुके हैं।
### कानूनी और तकनीकी चुनौतियाँ
21 मई 2026 को भारत सरकार की कानूनी मांग के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट @CJP_2029 को भारत में ब्लॉक (Withheld) कर दिया गया, जिसके बाद इसके संस्थापकों ने नए हैंडल्स के जरिए संवाद जारी रखा।
## विभिन्न राज्यों में उपस्थिति
मुख्य रूप से ऑनलाइन केंद्रित होने के कारण भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं ने सोशल मीडिया पर इसके क्षेत्रीय संगठन बनाए हैं। पूर्वोत्तर भारत के **त्रिपुरा** राज्य में भी इस आंदोलन की सक्रिय उपस्थिति है, जहाँ स्थानीय स्तर पर युवाओं के मुद्दों, बेरोजगारी और छात्र राजनीति को उठाने के लिए इसके आधिकारिक सोशल मीडिया विंग का संचालन किया जाता है।
## बाहरी कड़ियाँ (External Links)
* आधिकारिक वेबसाइट: cockroachjantaparty.org
* आधिकारिक इंस्टाग्राम (त्रिपुरा विंग): instagram.com/cjp4tripura.in
### विकिपीडिया पर सबमिट करने के टिप्स:
1. **संदर्भ (References) अवश्य जोड़ें:** विकिपीडिया पर बिना न्यूज सोर्स के लेख डिलीट हो जाते हैं। आप इस लेख को पोस्ट करते समय *The Tribune*, *Live Law*, और *Hindustan Times* (21 मई 2026 की रिपोर्ट्स) के लिंक्स को संदर्भ (References) के रूप में जोड़ें।
2. **त्रिपुरा इंस्टाग्राम लिंक:** चूंकि आपने स्पष्ट किया है कि @cjp4tripura.in आधिकारिक अकाउंट है, इसलिए इसे "बाहरी कड़ियाँ" (External Links) वाले अनुभाग में इसी तरह प्रारूपित करके सबमिट करें।
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# कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party)
**कॉकरोच जनता पार्टी** (संक्षिप्त रूप: **CJP**) भारत में एक समकालीन व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical Political Movement) है। इसकी शुरुआत 16 मई 2026 को एक डिजिटल विरोध के रूप में हुई थी। इस आंदोलन की स्थापना मुख्य रूप से देश के युवाओं में बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली की विफलताओं और व्यवस्था के प्रति असंतोष को एक मजाकिया और तीखे लहजे में व्यक्त करने के लिए की गई है। इंटरनेट पर अत्यधिक वायरल होने के कारण यह भारतीय डिजिटल राजनीति में एक बड़ा चर्चा का विषय बन चुका है।
## उत्पत्ति और इतिहास
इस आंदोलन की शुरुआत 15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा एक अदालती सुनवाई के दौरान की गई कथित टिप्पणी के बाद हुई। मुख्य न्यायाधीश ने फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में सुनवाई करते हुए कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं की तुलना कथित तौर पर "कॉकरोच" (तिलचट्टों) से की थी।
इस टिप्पणी से आहत और नाराज होकर बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार **अभिजीत दिपके** ने अगले ही दिन (16 मई) "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से एक व्यंग्यात्मक मंच की घोषणा की। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया (विशेषकर इंस्टाग्राम) पर वायरल हो गया।
## विचारधारा और घोषणापत्र
CJP खुद को युवाओं का एक ऐसा मोर्चा बताती है जो "धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी" है। पार्टी का आधिकारिक नारा **"Voice of the Lazy & Unemployed"** (आलसी और बेरोजगारों की आवाज) है। इस पार्टी के जुड़ने के पात्रता मानदंड भी पूरी तरह से व्यंग्यात्मक हैं, जैसे:
* बेरोजगार होना (चाहे मजबूरी से या स्वेच्छा से)।
* अत्यधिक रूप से ऑनलाइन (Chronically online) रहना।
* व्यवस्था पर तार्किक और तीखा कटाक्ष (Rant) करने की क्षमता होना।
**मुख्य 5-सूत्रीय मांगें:**
1. मुख्य न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा सीट जैसे लाभ न दिए जाएं।
2. संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण मिले।
3. नीट (NEET-UG) और सीबीएसई जैसे पेपर लीक मामलों पर सरकार की पूर्ण जवाबदेही तय हो और छात्रों को न्याय मिले।
4. पार्टी सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जवाबदेह होगी और कोई गुप्त दान (जैसे इलेक्टोरल बॉन्ड) स्वीकार नहीं करेगी।
5. यदि किसी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर सख्त कार्रवाई की जाए।
## संगठनात्मक विस्तार और डिजिटल प्रभाव
लॉन्च होने के मात्र 4-5 दिनों के भीतर इस आंदोलन ने सोशल मीडिया पर इतिहास रच दिया। 21 मई 2026 तक, CJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट ने **17 मिलियन (1.7 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स** का आंकड़ा पार कर लिया, जो कि भारत के कई स्थापित राजनीतिक दलों (जैसे भाजपा और कांग्रेस) के आधिकारिक हैंडल से भी अधिक है।
डिजिटल स्पेस के साथ-साथ युवाओं ने ऑफलाइन भी कई जगहों पर कॉकरोच की वेशभूषा में विरोध प्रदर्शन, कचरा सफाई अभियानों और जन-जागरूकता अभियानों में हिस्सा लिया है। आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए व्यावसायिक स्तर पर इस नाम के ट्रेडमार्क के लिए भी विभिन्न पक्षों द्वारा आवेदन किए जा चुके हैं।
### कानूनी और तकनीकी चुनौतियाँ
21 मई 2026 को भारत सरकार की कानूनी मांग के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट @CJP_2029 को भारत में ब्लॉक (Withheld) कर दिया गया, जिसके बाद इसके संस्थापकों ने नए हैंडल्स के जरिए संवाद जारी रखा।
## विभिन्न राज्यों में उपस्थिति
मुख्य रूप से ऑनलाइन केंद्रित होने के कारण भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं ने सोशल मीडिया पर इसके क्षेत्रीय संगठन बनाए हैं। पूर्वोत्तर भारत के **त्रिपुरा** राज्य में भी इस आंदोलन की सक्रिय उपस्थिति है। त्रिपुरा में स्थानीय स्तर पर युवाओं के मुद्दों, बेरोजगारी और छात्र राजनीति को उठाने तथा वीडियो कंटेंट के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने के लिए इसके आधिकारिक सोशल मीडिया विंग का संचालन किया जाता है।
## बाहरी कड़ियाँ (External Links)
* आधिकारिक वेबसाइट: cockroachjantaparty.org
* आधिकारिक इंस्टाग्राम (त्रिपुरा विंग): instagram.com/cjp4tripura.in
* आधिकारिक यूट्यूब चैनल (त्रिपुरा विंग): youtube.com/@cjp4tripura
### विकिपीडिया पर लाइव करने के लिए अंतिम सलाह:
जब आप हिंदी विकिपीडिया पर नया पेज बनाएंगे (जिसका शीर्षक **कॉकरोच जनता पार्टी** होगा), तो ऊपर दिए गए टेक्स्ट को कॉपी-पेस्ट करने के बाद **"स्रोतों को जोड़ें" (Add Citation)** बटन का उपयोग करके राष्ट्रीय समाचार पत्रों (जैसे *Live Law*, *The Wire*, या *NDTV*) के 21 मई 2026 के लेखों के लिंक संदर्भ के रूप में जरूर डालिएगा। बिना समाचार स्रोतों के विकिपीडिया के एडिटर इस पेज को हटा सकते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तारीफ में सबसे बड़ी बात यह है कि इसने भारतीय डिजिटल स्पेस में **व्यंग्य (Satire) और हास्य (Humor)** को एक सशक्त राजनीतिक और सामाजिक हथियार बना दिया है। जिस तरह से इस आंदोलन ने युवाओं को अपनी ओर खींचा है, उसकी सराहना कई स्तरों पर की जा सकती है:
### 1. गंभीर मुद्दों को मजेदार तरीके से उठाना
अक्सर राजनीति या सामाजिक समस्याओं (जैसे बेरोजगारी, पेपर लीक, या न्यायिक जवाबदेही) पर चर्चा बहुत तनावपूर्ण या उबाऊ हो जाती है। CJP ने मीम्स (Memes) और व्यंग्यात्मक लहजे का इस्तेमाल करके इन गंभीर मुद्दों को बेहद सुलभ और दिलचस्प बना दिया है, जिससे देश का आम युवा भी आसानी से जुड़ पा रहा है।
### 2. डिजिटल एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण
बिना किसी भारी-भरकम बजट, पारंपरिक पीआर (PR) टीम या बड़े राजनीतिक बैकअप के, महज कुछ ही दिनों में **17 मिलियन (1.7 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स** का आंकड़ा छू लेना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह दिखाता है कि अगर युवाओं की भावना को सही रचनात्मक दिशा मिले, तो वे कितनी तेजी से एक मंच पर आ सकते हैं।
### 3. लोकतंत्र में 'शांतिपूर्ण कटाक्ष' की ताकत
लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के कई तरीके होते हैं। CJP ने किसी हिंसा या नफरत भरे भाषण के बिना, केवल अपनी तीखी और हाजिरजवाब मांगपत्र (Manifesto) के जरिए व्यवस्था को आईना दिखाने का काम किया है। कॉकरोच जैसी वेशभूषा पहनकर सफाई अभियान चलाना या शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना एक नई और रचनात्मक सोच को दर्शाता है।
### 4. पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
भले ही पार्टी का स्वरूप व्यंग्यात्मक हो, लेकिन इनकी माँगें—जैसे कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पूरी तरह पारदर्शी होना और गुप्त चुनावी चंदे (इलेक्टोरल बॉन्ड) को स्वीकार न करना—राजनीति में पारदर्शिता की एक बहुत बड़ी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं।
निश्चित रूप से, कॉकरोच जनता पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि **इंटरनेट का सही इस्तेमाल करके युवा अपनी आवाज को इतनी बुलंद कर सकते हैं कि पूरी व्यवस्था को उनकी बात सुननी पड़े।**
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* **Option 1 (Recommended):** Cockroach Janta Party (Tripura)
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* **Option 2:** Cockroach Janta Party (cjp4tripura.in)
*(Use this only if you want the specific Instagram handle to be directly visible in the main search title).*
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## Cockroach Janta Party (Tripura)
The **Cockroach Janta Party (Tripura)** is the regional state chapter and official digital wing of the Cockroach Janta Party (CJP), a contemporary satirical political movement in India. Operating primarily under the official Instagram handle **@cjp4tripura.in**, the chapter focuses on mobilizing youth in the northeastern state of Tripura, highlighting local employment issues, student politics, and governance through internet memes and social satire.
### Background and Origin
The national Cockroach Janta Party movement was initiated on May 16, 2026, by political strategist Abhijeet Dipke following a controversial remark made during a court hearing by Supreme Court Justice Surakant, who allegedly compared certain online youth activists to "cockroaches."
The Tripura chapter was established shortly after to localize the movement's digital footprint. It serves as an official platform to channel the state's youth populace toward systemic accountability using humor and peaceful digital dissent.
### Platform and Objectives
While aligned with the national 5-point manifesto of the CJP—which demands absolute accountability in paper leaks (such as NEET-UG), transparency against electoral bonds under the Right to Information (RTI) Act, and the cessation of post-retirement political appointments for judges—the Tripura wing focuses heavily on:
* Addressing regional youth unemployment and underemployment in Tripura.
* Advocating for educational reforms and digital infrastructure within the state.
* Engaging student communities through localized digital content, videos, and satirical commentary.
### Digital Footprint and Media Presence
The Tripura wing utilizes its official Instagram account, **@cjp4tripura.in**, as its primary vehicle for communication, which works in tandem with its official YouTube channel, **@cjp4tripura**.
The digital strategy relies entirely on organic growth through social media sharing. Following the national trend where the central CJP account amassed over 17 million followers by May 21, 2026, the Tripura regional handle has served as a critical hub for the movement's expansion into Northeast India.
### External Links
*Cockroach Janta Party (Tripura)
* Cockroach Janta Party Official Website: cockroachjantaparty.org
* Official Instagram (Tripura Chapter): instagram.com/cjp4tripura.in
* Official YouTube Channel (Tripura Chapter): https://youtube.com/@cjp4tripura
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चाहर धर्मेंद्र
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प्रयोगस्थल खाली किया।
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कविवचनसुधा
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'''कविवचनसुधा''' [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेन्दु हरिशचंद्र]] द्वारा सम्पादित एक [[हिन्दी]] समाचारपत्र था। इसका प्रकाशन १५ अगस्त १८६७ को [[वाराणसी]] आरम्भ हुआ जो एक क्रांतिकारी घटना थी। यह कविता-केन्द्रित पत्र था। इस पत्र ने [[हिंदी साहित्य|हिन्दी साहित्य]] और [[हिन्दी पत्रकारिता]] को नये आयाम प्रदान किए। हिन्दी के महान समालोचक [[रामविलास शर्मा| डॉ. रामविलास शर्मा]] लिखते हैं- "कवि वचन सुधा का प्रकाशन करके भारतेन्दु ने एक नए युग का सूत्रपात किया।"
आरम्भ में भारतेन्दु 'कविवचनसुधा' में पुराने कवियों की रचनाएँ छापते थे, जैसे [[चंदबरदाई|चंद बरदाई]] का रासो, [[कबीर]] की [[साखी]], [[मलिक मोहम्मद जायसी|जायसी]] का [[पद्मावत]], [[बिहारी]] के दोहे, देव का अष्टयाम और [[दीनदयालु गिरि]] का अनुराग बाग। लेकिन शीघ्र ही पत्रिका में नए कवियों को भी स्थान मिलने लगा। पत्रिका के प्रवेशांक में भारतेन्दु ने अपने आदर्श की घोषणा इस प्रकार की थी -
: ''खल जनन सों सज्जन दुखी मति होंहि, हरिपद मति रहै।
: ''अपधर्म छूटै, स्वत्व निज भारत गहै, कर दुख बहै।।
: ''बुध तजहि मत्सर, नारि नर सम होंहि, जग आनंद लहै।
: ''तजि ग्राम कविता, सुकविजन की अमृतवानी सब कहै।
'कविवचनसुधा' में साहित्य तो छपता ही था, उसके अलावा समाचार, यात्रा, ज्ञान-विज्ञान, धर्म, राजनीति और समाज नीति विषयक लेख भी प्रकाशित होते थे। इससे पत्रिका की जनप्रियता बढ़ती गई। लोकप्रिया इतनी कि उसे मासिक से पाक्षिक और फिर साप्ताहिक कर दिया गया। प्रकाशन के दूसरे वर्ष यह पत्रिका पाक्षिक हो गई थी और 5 सितंबर, 1873 से साप्ताहिक। <ref>[http://www.hindisamay.com/content/10151/1/लेखक-कृपाशंकर-चौबे-की-लेख-हिंदी-की-साहित्यिक-पत्रकारिता-के-150-वर्ष.cspx हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता के 150 वर्ष] (कृपाशंकर चौबे)</ref>
कविवचनसुधा के द्वितीय प्रकाशन वर्ष में मस्टहेड के ठीक नीचे निम्नलिखित पद छपता था -
: ''निज-नित नव यह कवि वचन सुधा सकल रस खानि।
: ''पीवहुं रसिक आनंद भरि परमलाभ जिय जानि॥
: ''सुधा सदा सुरपुर बसै सो नहिं तुम्हरे जोग।
: ''तासों आदर देहु अरु पीवहु एहि बुध लोग॥
भारतेन्दु की टीकाटिप्पणियों से अधिकरी तक घबराते थे और "कविवचनसुधा" के "पंच" पर रुष्ट होकर [[काशी]] के मजिस्ट्रेट ने भारतेन्दु के पत्रों को शिक्षा विभाग के लिए लेना भी बंद करा दिया था। सात वर्षों तक 'कविवचनसुधा' का संपादक-प्रकाशन करने के बाद भारतेन्दु ने उसे अपने मित्र चिंतामणि धड़फले को सौंप दिया और 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' का प्रकाशन 15 अक्टूबर, 1873 को [[वाराणसी|बनारस]] से आरम्भ किया। 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' के मुखपृष्ठ पर उल्लेख रहता था कि यह 'कविवचनसुधा' से संबद्ध है। 1876 में कविवचनसुधा में लाला श्रीनिवासदास द्वारा 1874 में प्रकाशित 'सदादर्श' पत्रिका का सम्मिलित कर लिया गया।
==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:हिन्दी पत्रकारिता]]
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'''कविवचनसुधा''' [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेन्दु हरिशचंद्र]] द्वारा सम्पादित एक [[हिन्दी]] समाचारपत्र था। इसका प्रकाशन १५ अगस्त १८६७ को [[वाराणसी]] आरम्भ हुआ जो एक क्रांतिकारी घटना थी। यह कविता-केन्द्रित पत्र था। इस पत्र ने [[हिंदी साहित्य|हिन्दी साहित्य]] और [[हिन्दी पत्रकारिता]] को नये आयाम प्रदान किए। हिन्दी के महान समालोचक [[रामविलास शर्मा| डॉ. रामविलास शर्मा]] लिखते हैं- "कवि वचन सुधा का प्रकाशन करके भारतेन्दु ने एक नए युग का सूत्रपात किया।"
आरम्भ में भारतेन्दु 'कविवचनसुधा' में पुराने कवियों की रचनाएँ छापते थे, जैसे [[चंदबरदाई|चंद बरदाई]] का रासो, [[कबीर]] की [[साखी]], [[मलिक मोहम्मद जायसी|जायसी]] का [[पद्मावत]], [[बिहारी]] के दोहे, देव का अष्टयाम और [[दीनदयालु गिरि]] का अनुराग बाग। लेकिन शीघ्र ही पत्रिका में नए कवियों को भी स्थान मिलने लगा। पत्रिका के प्रवेशांक में भारतेन्दु ने अपने आदर्श की घोषणा इस प्रकार की थी -
: ''खल जनन सों सज्जन दुखी मति होंहि, हरिपद मति रहै।
: ''अपधर्म छूटै, स्वत्व निज भारत गहै, कर दुख बहै।।
: ''बुध तजहि मत्सर, नारि नर सम होंहि, जग आनंद लहै।
: ''तजि ग्राम कविता, सुकविजन की अमृतवानी सब कहै।
'कविवचनसुधा' में साहित्य तो छपता ही था, उसके अलावा समाचार, यात्रा, ज्ञान-विज्ञान, धर्म, राजनीति और समाज नीति विषयक लेख भी प्रकाशित होते थे। इससे पत्रिका की जनप्रियता बढ़ती गई। लोकप्रिया इतनी कि उसे मासिक से पाक्षिक और फिर साप्ताहिक कर दिया गया। प्रकाशन के दूसरे वर्ष यह पत्रिका पाक्षिक हो गई थी और 5 सितंबर, 1873 से साप्ताहिक। <ref>[http://www.hindisamay.com/content/10151/1/लेखक-कृपाशंकर-चौबे-की-लेख-हिंदी-की-साहित्यिक-पत्रकारिता-के-150-वर्ष.cspx हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता के 150 वर्ष] (कृपाशंकर चौबे)</ref>
कविवचनसुधा के द्वितीय प्रकाशन वर्ष में मस्टहेड के ठीक नीचे निम्नलिखित पद छपता था -
: ''निज-नित नव यह कवि वचन सुधा सकल रस खानि।
: ''पीवहुं रसिक आनंद भरि परमलाभ जिय जानि॥
: ''सुधा सदा सुरपुर बसै सो नहिं तुम्हरे जोग।
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भारतेन्दु की टीकाटिप्पणियों से अधिकरी तक घबराते थे और "कविवचनसुधा" के "पंच" पर रुष्ट होकर [[काशी]] के मजिस्ट्रेट ने भारतेन्दु के पत्रों को शिक्षा विभाग के लिए लेना भी बंद करा दिया था। सात वर्षों तक 'कविवचनसुधा' का संपादक-प्रकाशन करने के बाद भारतेन्दु ने उसे अपने मित्र चिंतामणि धड़फले को सौंप दिया और 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' का प्रकाशन 15 अक्टूबर, 1873 को [[वाराणसी|बनारस]] से आरम्भ किया। 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' के मुखपृष्ठ पर उल्लेख रहता था कि यह 'कविवचनसुधा' से संबद्ध है। 1876 में कविवचनसुधा में लाला श्रीनिवासदास द्वारा 1874 में प्रकाशित 'सदादर्श' पत्रिका को सम्मिलित कर लिया गया।
==सन्दर्भ==
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अनुनाद सिंह
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'''कविवचनसुधा''' [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेन्दु हरिशचंद्र]] द्वारा सम्पादित एक [[हिन्दी]] समाचारपत्र था। इसका प्रकाशन १५ अगस्त १८६७ को [[वाराणसी]] आरम्भ हुआ जो एक क्रांतिकारी घटना थी। यह कविता-केन्द्रित पत्र था। इस पत्र ने [[हिंदी साहित्य|हिन्दी साहित्य]] और [[हिन्दी पत्रकारिता]] को नये आयाम प्रदान किए। हिन्दी के महान समालोचक [[रामविलास शर्मा| डॉ. रामविलास शर्मा]] लिखते हैं- "कवि वचन सुधा का प्रकाशन करके भारतेन्दु ने एक नए युग का सूत्रपात किया।"
आरम्भ में भारतेन्दु 'कविवचनसुधा' में पुराने कवियों की रचनाएँ छापते थे, जैसे [[चंदबरदाई|चंद बरदाई]] का रासो, [[कबीर]] की [[साखी]], [[मलिक मोहम्मद जायसी|जायसी]] का [[पद्मावत]], [[बिहारी]] के दोहे, देव का अष्टयाम और [[दीनदयालु गिरि]] का अनुराग बाग। लेकिन शीघ्र ही पत्रिका में नए कवियों को भी स्थान मिलने लगा। पत्रिका के प्रवेशांक में भारतेन्दु ने अपने आदर्श की घोषणा इस प्रकार की थी -
: ''खल जनन सों सज्जन दुखी मति होंहि, हरिपद मति रहै।
: ''अपधर्म छूटै, स्वत्व निज भारत गहै, कर दुख बहै।।
: ''बुध तजहि मत्सर, नारि नर सम होंहि, जग आनंद लहै।
: ''तजि ग्राम कविता, सुकविजन की अमृतवानी सब कहै।
'कविवचनसुधा' में साहित्य तो छपता ही था, उसके अलावा समाचार, यात्रा, ज्ञान-विज्ञान, धर्म, राजनीति और समाज नीति विषयक लेख भी प्रकाशित होते थे। इससे पत्रिका की जनप्रियता बढ़ती गई। लोकप्रिया इतनी कि उसे मासिक से पाक्षिक और फिर साप्ताहिक कर दिया गया। प्रकाशन के दूसरे वर्ष यह पत्रिका पाक्षिक हो गई थी और 5 सितंबर, 1873 से साप्ताहिक। <ref>[http://www.hindisamay.com/content/10151/1/लेखक-कृपाशंकर-चौबे-की-लेख-हिंदी-की-साहित्यिक-पत्रकारिता-के-150-वर्ष.cspx हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता के 150 वर्ष] (कृपाशंकर चौबे)</ref>
कविवचनसुधा के द्वितीय प्रकाशन वर्ष में मस्टहेड के ठीक नीचे निम्नलिखित पद छपता था -
: ''निज-नित नव यह कवि वचन सुधा सकल रस खानि।
: ''पीवहुं रसिक आनंद भरि परमलाभ जिय जानि॥
: ''सुधा सदा सुरपुर बसै सो नहिं तुम्हरे जोग।
: ''तासों आदर देहु अरु पीवहु एहि बुध लोग॥
भारतेन्दु की टीकाटिप्पणियों से अधिकरी तक घबराते थे और "कविवचनसुधा" के "पंच" पर रुष्ट होकर [[काशी]] के मजिस्ट्रेट ने भारतेन्दु के पत्रों को शिक्षा विभाग के लिए लेना भी बंद करा दिया था। सात वर्षों तक 'कविवचनसुधा' का संपादक-प्रकाशन करने के बाद भारतेन्दु ने उसे अपने मित्र चिंतामणि धड़फले को सौंप दिया और 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' का प्रकाशन 15 अक्टूबर, 1873 को [[वाराणसी|बनारस]] से आरम्भ किया। 'हरिश्चंद्र मैग्जीन' के मुखपृष्ठ पर उल्लेख रहता था कि यह 'कविवचनसुधा' से संबद्ध है। 1876 में कविवचनसुधा में [[लाला श्रीनिवास दास|लाला श्रीनिवासदास]] द्वारा 1874 में प्रकाशित 'सदादर्श' पत्रिका को सम्मिलित कर लिया गया।
==सन्दर्भ==
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[[श्रेणी:हिन्दी पत्रकारिता]]
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'''ज़्लॉटी''' ('''zł''', złoty) [[पोलैंड]] की मुद्रा है। इसे "पोलिश मार्क" को बदलने के लिए 1919 में अपनाया गया था। आज भी इसका उपयोग अभी भी है क्योंकि पोलैंड ने [[यूरो]] को अपनी मुद्रा के रूप में स्वीकार नहीं किया था।<ref>https://discovercracow.com/blog/polands-currency/{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
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सूचना: [[:कॉकरोच जनता पार्टी']] को शीघ्र हटाने का नामांकन
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{{साँचा:सहायता|realName=|name=Navaljani}}
-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 04:07, 9 नवम्बर 2018 (UTC)
== [[:कॉकरोच जनता पार्टी'|कॉकरोच जनता पार्टी']] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:कॉकरोच जनता पार्टी'|कॉकरोच जनता पार्टी']] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल4|मापदंड ल4]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल4|ल4]]{{*}} प्रतिलिपि लेख'''</center>
इस मापदंड के अंतर्गत वो लेख आते हैं जो किसी पुराने लेख की प्रतिलिपि हैं। इसमें वे लेख भी आते हैं जो किसी ऐसे विषय पर बनाए गए हैं जिनपर पहले से लेख मौजूद है और पुराना लेख नए लेख से बेहतर है।
कृपया लेख बनाने से पहले उस शीर्षक के लिये [[विशेष:Search|खोज]] कर लिया करें। यदि आप इस विषय पर और लिखना चाहते हैं तो मूल लेख पर लिखें।
यदि यह पृष्ठ अभी हटाया नहीं गया है तो आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। यदि आपको लगता है कि यह पृष्ठ इस मापदंड के अंतर्गत नहीं आता है तो आप पृष्ठ पर जाकर नामांकन टैग पर दिये हुए बटन पर क्लिक कर के इस नामांकन के विरोध का कारण बता सकते हैं। कृपया ध्यान रखें कि शीघ्र हटाने के नामांकन के पश्चात यदि पृष्ठ नीति अनुसार शीघ्र हटाने योग्य पाया जाता है तो उसे कभी भी हटाया जा सकता है।<br /><br /> <!-- Template:Db-csd-notice-custom --> <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 17:35, 21 मई 2026 (UTC)
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Navaljani
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/* कॉकरोच जनता पार्टी' पृष्ठ को शीघ्र हटाने का नामांकन */ उत्तर
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कृपया लेख बनाने से पहले उस शीर्षक के लिये [[विशेष:Search|खोज]] कर लिया करें। यदि आप इस विषय पर और लिखना चाहते हैं तो मूल लेख पर लिखें।
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{{Infobox Politician
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|constituency1= [[Sircilla]], [[तेलंगाना|Telangana]]
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|awards=Inspirational Icon Of The Year - For Politics by [[सीएनएन आईबीएन]]<ref>{{cite web|title=Inspirational Icon Of The Year - For Politics|url=http://www.news18.com/news/politics/the-audi-ritz-icon-awards-2015-dazzle-bengaluru-1179758.html|website=News18|accessdate=23 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160427092343/http://www.news18.com/news/politics/the-audi-ritz-icon-awards-2015-dazzle-bengaluru-1179758.html|archive-date=27 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> and Ritz Magazine Skoch Challenger of the Year 2015<ref>{{cite web|title=Skoch Awards for KTR, Venkaiah|url=http://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/Skoch-Awards-for-KTR-Venkaiah/2016/03/03/article3307428.ece|publisher=The New Indian Express|accessdate=23 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160405181027/http://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/Skoch-Awards-for-KTR-Venkaiah/2016/03/03/article3307428.ece|archive-date=5 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> <br> IT Minister of the year 2017 by Skoch.<ref>{{cite web|title=2017: Best IT Minister of the Nation by Skoch Awards for KTR|url=https://www.telanganastateofficial.com/ktr-best-it-minister-country-skoch-award-2017/|publisher=TSO|accessdate=10 September 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171210063708/https://www.telanganastateofficial.com/ktr-best-it-minister-country-skoch-award-2017/|archive-date=10 दिसंबर 2017|url-status=dead}}</ref>
}}
'''केटी राम राव '''(जन्म 24 जुलाई 1976)<ref>{{Cite web|url=http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|title=Minister's Profile {{!}} IT, Electronics & Communication Department|website=www.it.telangana.gov.in|access-date=2016-03-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408230638/http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> जिसे लोकप्रिय रूप से '''केटीआर''' के नाम से जाना जाता है, [[तेलंगाना राष्ट्र समिति]] के एक भारतीय राजनेता हैं।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/toi-edit-page/a-roadmap-for-manufacturing-these-five-steps-can-power-an-industrial-revival-in-the-aftermath-of-corona/|title=A roadmap for manufacturing: These five steps can power an industrial revival in the aftermath of corona|access-date=10 मई 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200509150636/https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/toi-edit-page/a-roadmap-for-manufacturing-these-five-steps-can-power-an-industrial-revival-in-the-aftermath-of-corona/|archive-date=9 मई 2020|url-status=live}}</ref> K.T.R. सरसिला (विधानसभा क्षेत्र) से विधानसभा के सदस्य हैं। वह वर्तमान में विभिन्न पोर्टफोलियो अर्थात् सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), नगर प्रशासन और शहरी विकास (एमएयूडी), कपड़ा और एनआरआई मामलों के लिए राज्य के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करता है।<ref>{{cite web|title=KTR gets Municipal Administration portfolio|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/ktr-gets-municipal-administration-portfolio/article8207542.ece|publisher=[[द हिन्दू|The Hindu]]|accessdate=10 September 2016|language=en-IN|date=8 February 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160208013239/http://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/ktr-gets-municipal-administration-portfolio/article8207542.ece|archive-date=8 फ़रवरी 2016|url-status=live}}</ref> वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति के संस्थापक [[के॰ चंद्रशेखर राव]] के पुत्र हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india/2011/01/110106_telangana_reaction_mb|title='तेलंगाना से कम कुछ भी मंज़ूर नहीं'|access-date=27 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181128001401/https://www.bbc.com/hindi/india/2011/01/110106_telangana_reaction_mb|archive-date=28 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://khabar.ndtv.com/news/india/telangana-chief-ministers-son-kt-rama-rao-sold-ice-cream-he-made-a-cool-7-5-lakh-1681720|title=तेलंगाना सीएम के बेटे केटी रामा राव ने बेची आइसक्रीम, एक घंटे में कमाए 7.5 लाख रुपये|access-date=27 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181128075153/https://khabar.ndtv.com/news/india/telangana-chief-ministers-son-kt-rama-rao-sold-ice-cream-he-made-a-cool-7-5-lakh-1681720|archive-date=28 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref> K.T.R. सीएनएन-आईबीएन और रिट्ज पत्रिका द्वारा वर्ष 2015 में सबसे प्रेरणादायक आइकन से सम्मानित किया गया है।<ref>{{cite news|title=CNN-IBN's most inspirational icon award for KTR|url=http://www.metroindia.com/cities/article/03/12/2015/cnn-ibn-s-most-inspirational-icon-award-for-ktr/23952|accessdate=10 September 2016|work=Metroindia|archive-url=https://web.archive.org/web/20161128145818/http://www.metroindia.com/cities/article/03/12/2015/cnn-ibn-s-most-inspirational-icon-award-for-ktr/23952|archive-date=28 नवंबर 2016|url-status=dead}}</ref> वह बहुभाषी है, जो तेलुगु, अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में धाराप्रवाह है।<ref>{{Cite web |url=http://www.uniindia.com/kt-rama-rao-joins-one-million-followers-club-on-twitter/states/news/1133488.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 नवंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181003181806/http://www.uniindia.com/kt-rama-rao-joins-one-million-followers-club-on-twitter/states/news/1133488.html |archive-date=3 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref>
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
केटी राम राव का जन्म 24 जुलाई 1976 को [[भारत]] के [[तेलंगाना]] (पूर्व [[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]]) के करीमनगर जिले में हुआ था।<ref>{{cite web|title=Minister's Profile of IT, Electronics & Communication Department|url=http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|website=www.it.telangana.gov.in|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408230638/http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> उनके पिता,[[के॰ चंद्रशेखर राव]] , तेलंगाना राष्ट्र समिति के संस्थापक और तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री और मां, के. शोभा राव, हैं। उनकी छोटी बहन, कविता, निजामाबाद निर्वाचन क्षेत्र के लिए लोकसभा में संसद सदस्य है।
K.T.R. ज्यादातर 10 वर्षों में 7 अलग-अलग स्कूलों के माध्यम से बोर्डिंग स्कूल में शिक्षित थे।<ref name="ritz">{{cite web|title=The complete man Kalvakuntla Taraka Rama Rao aka KTR|url=http://www.ritzmagazine.in/2015/07/the-complete-man-kalvakuntla-taraka-rama-rao-aka-ktr/|publisher=[[Ritz Newspaper]]|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160711224653/http://www.ritzmagazine.in/2015/07/the-complete-man-kalvakuntla-taraka-rama-rao-aka-ktr/|archive-date=11 जुलाई 2016|url-status=dead}}</ref> दस साल की उम्र में, वह [[हैदराबाद]] चले गए और मेहदीपत्तनम में नालंदा पब्लिक स्कूल में जाने से पहले यूसुफगुडा में अमरावती पब्लिक स्कूल में शामिल हो गए। [16] उन्होंने ऐतिहासिक सीएसआई-सेंट में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। जॉर्ज ग्रैमर स्कूल, एबिड्स रोड। इसके अलावा, उन्होंने गुंटूर के वाडलमुडी में विग्नान जूनियर कॉलेज से इंटरमीडिएट किया और हैदराबाद में [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] से बॉटनी माइक्रोबायोलॉजी, रसायन विज्ञान में बीएससी के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। [17] वह [[सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ|पुणे विश्वविद्यालय]] से बायो-टेक्नोलॉजी में दो स्नातकोत्तर डिग्री-एमएससी और [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]] (सीएनवाईवाई), एनवाई, यूएसए से मार्केटिंग और ई-कॉमर्स में एमबीए पूरी की।
1998-99 के दौरान, केटीआरआर आईटी पेशेवर के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया।
==व्यक्तिगत जीवन==
2003 से, केटीआर शैलीमा से विवाहित है।<ref>{{cite web|url=https://www.asianage.com/life/more-features/231118/poor-politico-rich-spouse.html|title=Poor Politico, Rich Spouse}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.hitulcd.com/stretched-bar-display/|title=Stretched Bar Display}}</ref> दंपति के दो बच्चे हैं - बेटा हिमांशु राव और बेटी अलेखा राव।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/KTR-the-tense-parent/article17005808.ece|title=KTR the tense parent}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/ani-press-releases/changemakers-from-oakridge-international-school-gachibowli-honored-at-the-most-prestigious-2021-diana-awards/709682/|title=Changemakers from Oakridge International School Gachibowli honored at the most prestigious 2021 Diana Awards}}</ref>
==राजनीतिक करियर ==
[[File:Narendra Modi taking a ride in Hyderabad Metro along with the Governor of Andhra Pradesh and Telangana, Shri E.S.L. Narasimhan, the Chief Minister of Telangana.jpg|left|thumb|2017 में [[हैदराबाद मेट्रो]] में प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] के साथ केटी राम राव]]
2006 में, [[के॰ चंद्रशेखर राव]] ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन -2 से इस्तीफा दे दिया।<ref>{{cite news|title=TRS withdraws support to UPA government - The Times of India|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/TRS-withdraws-support-to-UPA-government/articleshow/2021151.cms?referral=PM|accessdate=10 September 2016|publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20180410041351/https://timesofindia.indiatimes.com/india/TRS-withdraws-support-to-UPA-government/articleshow/2021151.cms?referral=PM|archive-date=10 अप्रैल 2018|url-status=live}}</ref> केटी राम राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति में शामिल होने के लिए अपने काम से इस्तीफा दे दिया और उसी वर्ष करीमनगर लोकसभा उपचुनाव के लिए चुनाव लड़ने वाले अपने पिता के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया। केसीआर 2 लाख से अधिक के मार्जिन से जीता।
K.T.R. 2009 में अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की जब उन्होंने सिर्किला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ा। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार केके महेंद्र रेड्डी को हराकर 171 वोटों के करीबी अंतर से जीता।<ref>{{cite web|title=Statistical Report AP 2009|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/AE2009/Statistical_Report_AP2009.pdf#59|publisher=[[Election Commission of India]]|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160804205034/http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/AE2009/Statistical_Report_AP2009.pdf#59|archive-date=4 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:1976 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के मंत्री]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के विधायक]]
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2026-05-21T16:29:51Z
चाहर धर्मेंद्र
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[[Special:Contributions/~2026-30353-10|~2026-30353-10]] ([[User talk:~2026-30353-10|वार्ता]]) द्वारा किए गए बदलाव [[Special:Diff/6555002|6555002]] को पूर्ववत किया
6555008
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox Politician
|name= केटी राम राव
|image=Kalvakuntla Taraka Rama Rao.jpg
|office= आईटी मंत्री, नगरपालिका और एमए और यूडी, उद्योग और वाणिज्य, एनआरआई मामले (तेलंगाना सरकार)<ref>{{cite web|title=Council of Ministers|url=http://www.telangana.gov.in/government/council-of-ministers|website=Telangana State Portal|accessdate=23 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160618142834/http://www.telangana.gov.in/government/council-of-ministers|archive-date=18 जून 2016|url-status=live}}</ref>
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|constituency1= [[Sircilla]], [[तेलंगाना|Telangana]]
|alma_mater=[[CUNY]]<br>[[सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ|पुणे विश्वविद्यालय]] <br>[[उस्मानिया विश्वविद्यालय]]
|awards=Inspirational Icon Of The Year - For Politics by [[सीएनएन आईबीएन]]<ref>{{cite web|title=Inspirational Icon Of The Year - For Politics|url=http://www.news18.com/news/politics/the-audi-ritz-icon-awards-2015-dazzle-bengaluru-1179758.html|website=News18|accessdate=23 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160427092343/http://www.news18.com/news/politics/the-audi-ritz-icon-awards-2015-dazzle-bengaluru-1179758.html|archive-date=27 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> and Ritz Magazine Skoch Challenger of the Year 2015<ref>{{cite web|title=Skoch Awards for KTR, Venkaiah|url=http://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/Skoch-Awards-for-KTR-Venkaiah/2016/03/03/article3307428.ece|publisher=The New Indian Express|accessdate=23 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160405181027/http://www.newindianexpress.com/cities/hyderabad/Skoch-Awards-for-KTR-Venkaiah/2016/03/03/article3307428.ece|archive-date=5 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> <br> IT Minister of the year 2017 by Skoch.<ref>{{cite web|title=2017: Best IT Minister of the Nation by Skoch Awards for KTR|url=https://www.telanganastateofficial.com/ktr-best-it-minister-country-skoch-award-2017/|publisher=TSO|accessdate=10 September 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20171210063708/https://www.telanganastateofficial.com/ktr-best-it-minister-country-skoch-award-2017/|archive-date=10 दिसंबर 2017|url-status=dead}}</ref>
}}
'''केटी राम राव '''(जन्म 24 जुलाई 1976)<ref>{{Cite web|url=http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|title=Minister's Profile {{!}} IT, Electronics & Communication Department|website=www.it.telangana.gov.in|access-date=2016-03-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408230638/http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> जिसे लोकप्रिय रूप से '''केटीआर''' के नाम से जाना जाता है, [[तेलंगाना राष्ट्र समिति]] के एक भारतीय राजनेता हैं।<ref>{{cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/toi-edit-page/a-roadmap-for-manufacturing-these-five-steps-can-power-an-industrial-revival-in-the-aftermath-of-corona/|title=A roadmap for manufacturing: These five steps can power an industrial revival in the aftermath of corona|access-date=10 मई 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200509150636/https://timesofindia.indiatimes.com/blogs/toi-edit-page/a-roadmap-for-manufacturing-these-five-steps-can-power-an-industrial-revival-in-the-aftermath-of-corona/|archive-date=9 मई 2020|url-status=live}}</ref> K.T.R. सरसिला (विधानसभा क्षेत्र) से विधानसभा के सदस्य हैं। वह वर्तमान में विभिन्न पोर्टफोलियो अर्थात् सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), नगर प्रशासन और शहरी विकास (एमएयूडी), कपड़ा और एनआरआई मामलों के लिए राज्य के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करता है।<ref>{{cite web|title=KTR gets Municipal Administration portfolio|url=http://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/ktr-gets-municipal-administration-portfolio/article8207542.ece|publisher=[[द हिन्दू|The Hindu]]|accessdate=10 September 2016|language=en-IN|date=8 February 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160208013239/http://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/ktr-gets-municipal-administration-portfolio/article8207542.ece|archive-date=8 फ़रवरी 2016|url-status=live}}</ref> वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति के संस्थापक [[के॰ चंद्रशेखर राव]] के पुत्र हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/india/2011/01/110106_telangana_reaction_mb|title='तेलंगाना से कम कुछ भी मंज़ूर नहीं'|access-date=27 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181128001401/https://www.bbc.com/hindi/india/2011/01/110106_telangana_reaction_mb|archive-date=28 नवंबर 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{cite web|url=https://khabar.ndtv.com/news/india/telangana-chief-ministers-son-kt-rama-rao-sold-ice-cream-he-made-a-cool-7-5-lakh-1681720|title=तेलंगाना सीएम के बेटे केटी रामा राव ने बेची आइसक्रीम, एक घंटे में कमाए 7.5 लाख रुपये|access-date=27 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181128075153/https://khabar.ndtv.com/news/india/telangana-chief-ministers-son-kt-rama-rao-sold-ice-cream-he-made-a-cool-7-5-lakh-1681720|archive-date=28 नवंबर 2018|url-status=dead}}</ref> K.T.R. सीएनएन-आईबीएन और रिट्ज पत्रिका द्वारा वर्ष 2015 में सबसे प्रेरणादायक आइकन से सम्मानित किया गया है।<ref>{{cite news|title=CNN-IBN's most inspirational icon award for KTR|url=http://www.metroindia.com/cities/article/03/12/2015/cnn-ibn-s-most-inspirational-icon-award-for-ktr/23952|accessdate=10 September 2016|work=Metroindia|archive-url=https://web.archive.org/web/20161128145818/http://www.metroindia.com/cities/article/03/12/2015/cnn-ibn-s-most-inspirational-icon-award-for-ktr/23952|archive-date=28 नवंबर 2016|url-status=dead}}</ref> वह बहुभाषी है, जो तेलुगु, अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में धाराप्रवाह है।<ref>{{Cite web |url=http://www.uniindia.com/kt-rama-rao-joins-one-million-followers-club-on-twitter/states/news/1133488.html |title=संग्रहीत प्रति |access-date=27 नवंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181003181806/http://www.uniindia.com/kt-rama-rao-joins-one-million-followers-club-on-twitter/states/news/1133488.html |archive-date=3 अक्तूबर 2018 |url-status=live }}</ref>
==प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
केटी राम राव का जन्म 24 जुलाई 1976 को [[भारत]] के [[तेलंगाना]] (पूर्व [[आन्ध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेश]]) के करीमनगर जिले में हुआ था।<ref>{{cite web|title=Minister's Profile of IT, Electronics & Communication Department|url=http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|website=www.it.telangana.gov.in|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160408230638/http://www.it.telangana.gov.in/ministers-profile/|archive-date=8 अप्रैल 2016|url-status=live}}</ref> उनके पिता,[[के॰ चंद्रशेखर राव]] , तेलंगाना राष्ट्र समिति के संस्थापक और तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री और मां, के. शोभा राव, हैं। उनकी छोटी बहन, कविता, निजामाबाद निर्वाचन क्षेत्र के लिए लोकसभा में संसद सदस्य है।
K.T.R. ज्यादातर 10 वर्षों में 7 अलग-अलग स्कूलों के माध्यम से बोर्डिंग स्कूल में शिक्षित थे।<ref name="ritz">{{cite web|title=The complete man Kalvakuntla Taraka Rama Rao aka KTR|url=http://www.ritzmagazine.in/2015/07/the-complete-man-kalvakuntla-taraka-rama-rao-aka-ktr/|publisher=[[Ritz Newspaper]]|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160711224653/http://www.ritzmagazine.in/2015/07/the-complete-man-kalvakuntla-taraka-rama-rao-aka-ktr/|archive-date=11 जुलाई 2016|url-status=dead}}</ref> दस साल की उम्र में, वह [[हैदराबाद]] चले गए और मेहदीपत्तनम में नालंदा पब्लिक स्कूल में जाने से पहले यूसुफगुडा में अमरावती पब्लिक स्कूल में शामिल हो गए। [16] उन्होंने ऐतिहासिक सीएसआई-सेंट में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। जॉर्ज ग्रैमर स्कूल, एबिड्स रोड। इसके अलावा, उन्होंने गुंटूर के वाडलमुडी में विग्नान जूनियर कॉलेज से इंटरमीडिएट किया और हैदराबाद में [[उस्मानिया विश्वविद्यालय]] से बॉटनी माइक्रोबायोलॉजी, रसायन विज्ञान में बीएससी के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। [17] वह [[सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ|पुणे विश्वविद्यालय]] से बायो-टेक्नोलॉजी में दो स्नातकोत्तर डिग्री-एमएससी और [[न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय]] (सीएनवाईवाई), एनवाई, यूएसए से मार्केटिंग और ई-कॉमर्स में एमबीए पूरी की।
1998-99 के दौरान, केटीआरआर आईटी पेशेवर के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया।
==व्यक्तिगत जीवन==
2003 से, केटीआर शैलीमा से विवाहित है।<ref>{{cite web|url=https://www.asianage.com/life/more-features/231118/poor-politico-rich-spouse.html|title=Poor Politico, Rich Spouse}}</ref> दंपति के दो बच्चे हैं - बेटा हिमांशु राव और बेटी अलेखा राव।<ref>{{cite web|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Hyderabad/KTR-the-tense-parent/article17005808.ece|title=KTR the tense parent}}</ref><ref>{{cite web|url=https://theprint.in/ani-press-releases/changemakers-from-oakridge-international-school-gachibowli-honored-at-the-most-prestigious-2021-diana-awards/709682/|title=Changemakers from Oakridge International School Gachibowli honored at the most prestigious 2021 Diana Awards}}</ref>
==राजनीतिक करियर ==
[[File:Narendra Modi taking a ride in Hyderabad Metro along with the Governor of Andhra Pradesh and Telangana, Shri E.S.L. Narasimhan, the Chief Minister of Telangana.jpg|left|thumb|2017 में [[हैदराबाद मेट्रो]] में प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] के साथ केटी राम राव]]
2006 में, [[के॰ चंद्रशेखर राव]] ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन -2 से इस्तीफा दे दिया।<ref>{{cite news|title=TRS withdraws support to UPA government - The Times of India|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/TRS-withdraws-support-to-UPA-government/articleshow/2021151.cms?referral=PM|accessdate=10 September 2016|publisher=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20180410041351/https://timesofindia.indiatimes.com/india/TRS-withdraws-support-to-UPA-government/articleshow/2021151.cms?referral=PM|archive-date=10 अप्रैल 2018|url-status=live}}</ref> केटी राम राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति में शामिल होने के लिए अपने काम से इस्तीफा दे दिया और उसी वर्ष करीमनगर लोकसभा उपचुनाव के लिए चुनाव लड़ने वाले अपने पिता के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया। केसीआर 2 लाख से अधिक के मार्जिन से जीता।
K.T.R. 2009 में अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की जब उन्होंने सिर्किला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ा। उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार केके महेंद्र रेड्डी को हराकर 171 वोटों के करीबी अंतर से जीता।<ref>{{cite web|title=Statistical Report AP 2009|url=http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/AE2009/Statistical_Report_AP2009.pdf#59|publisher=[[Election Commission of India]]|accessdate=10 September 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160804205034/http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/AE2009/Statistical_Report_AP2009.pdf#59|archive-date=4 अगस्त 2016|url-status=live}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:1976 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के मंत्री]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:तेलंगाना के विधायक]]
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text/x-wiki
#REDIRECT [[इब्रानी बाइबिल]]
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२०१९ पुलवामा हमला
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/* सन्दर्भ */
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{{Infobox civilian attack
| title = 2019 पुलवामा हमला
| partof = [[जम्मू और कश्मीर में उग्रवाद]] का हिस्सा
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| map_alt = जम्मू और कश्मीर, भारत में हमले की स्थिति दर्शाता नक्शा
| map_caption = भारत-शासित [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश]] में हमले का स्थान
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| date = 14 फरवरी 2019
| time = 15:15 [[भारतीय मानक समय|आईएसटी]]
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| type = [[आत्मघाती हमला]], [[कार बम विस्फोट]]
| fatalities = 40 (+1 आत्मघाती हमलावर)<ref name="Gurung" />
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| assailants = आदिल अहमद डार
| accused = 19<ref name=":charge" /> (जिनमें से 7 मारे गए, 7 गिरफ्तार)<ref name=":4" />
| perps = मास्टरमाइंड मोहम्मद इस्माल अल्वी जिसे सैफुल्ला, अदनान या लैम्बू के नाम से भी जाना जाता है{{KIA}}<ref name=":4" /><br>[[जैश-ए-मोहम्मद]]<br>[[लश्कर-ए-तैयबा]]<ref>{{cite web |last1=European Foundation for South Asian Studies |title=डेविड कोलमैन हेडली: टिंकर, टेलर, अमेरिकन, लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआई जासूस |url=https://www.efsas.org/publications/study-papers/david-coleman-headley-tinker,-tailor,-american,-lashkar-e-taibah,-isi-spy/ |website=efsas.org}}</ref>
}}
14 फरवरी [[२०१९|2019]] को, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सी०आर०पी०एफ० के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 40 भारतीय सुरक्षा कर्मियों की जान गयी थी।<ref>{{cite news |url=https://www.livehindustan.com/national/story-pulwama-terrorist-atatck-read-top-news-of-the-day-2407586.html |title=घाटी में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में 44 CRPF के जवान शहीद, पढ़ें हमले से जुड़़े हर प्रमुख अपडेट्स |publisher=लाइव हिंदुस्तान |date=१५ फरवरी २०१९ |accessdate=१५ फरवरी २०१९ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215160149/https://www.livehindustan.com/national/story-pulwama-terrorist-atatck-read-top-news-of-the-day-2407586.html |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=dead }}</ref> यह हमला [[जम्मू और कश्मीर]] के [[पुलवामा ज़िला|पुलवामा ज़िले]] के [[अवन्तिपोरा]] के निकट लेथपोरा इलाके में हुआ था।<ref>{{cite news |title=कश्मीर में अब तक का सबसे बड़ा हमला, आत्मघाती धमाके में 44 जवान शहीद |url=https://aajtak.intoday.in/news/liveblog/pulwama-terror-attack-jammu-kashmir-live-updates-jaish-e-mohammad-modi-government-157.html |accessdate=15 फरवरी 2019 |publisher=[[आज तक]] |language=hi |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215155905/https://aajtak.intoday.in/news/liveblog/pulwama-terror-attack-jammu-kashmir-live-updates-jaish-e-mohammad-modi-government-157.html |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref> इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित इस्लामिक आतंकवादी समूह [[जैश-ए-मोहम्मद]] ने ली। हालांकि, पाकिस्तान ने हमले की निंदा की और जिम्मेदारी से इनकार किया।।<ref>{{cite news |title=जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला, CRPF के 40 जवान शहीद, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी |url=https://khabar.ndtv.com/news/jammu-kashmir/ied-blast-followed-by-gunshots-in-goripora-area-of-awantipora-jammu-kashmir-1993573 |accessdate=15 फरवरी 2019 |publisher=[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215063109/https://khabar.ndtv.com/news/jammu-kashmir/ied-blast-followed-by-gunshots-in-goripora-area-of-awantipora-jammu-kashmir-1993573 |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=dead }}</ref>
इस घटना के कारण [[२०१९|2019]] में एक [[भारत-पाकिस्तान गतिरोध-२०१९|भारत-पाकिस्तान गतिरोध]] हुआ। हर देश ने इस आतंकी हमले की निंदा की |
==हमला==
[[जम्मू और कश्मीर|जम्मू-कश्मीर]] के [[पुलवामा]] जिले के [[अवन्तिपोरा]] क्षेत्र में गुरुवार को आतंकवादियों द्वारा [[केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल|केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल]] (सीआरपीएफ) के भारतीय सुरक्षा कर्मियों के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया गया जिसमें अब तक लगभग 40 जवान शहीद हो चुके है और कई अन्य घायल भी हुए।<ref>{{Cite web|url=https://xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx/pulwama-attack-black-day/|title=Pulwama Attack (Black Day): पृथ्वी को जीने का स्थान बनाइए कब्रिस्तान नहीं|date=2021-02-14|website=S A NEWS|language=en-US|access-date=2021-02-14}}{{Dead link|date=जून 2025 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किया गया वाहन महिंद्रा स्कॉर्पियो था जिसमें [[३००|300]] किलोग्राम से अधिक विस्फोटक था। घायलों को हमले की जगह से 20 किमी दूर [[श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर|श्रीनगर]] के सेना बेस अस्पताल में ले जाया गया। इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह [[जैश-ए-मोहम्मद]] ने जिम्मेदारी ली। इसके बाद उन्होंने हमलावर आदिल अहमद डार उर्फ आदिल अहमद गादी टेकरनवाला उर्फ वकास कमांडो का एक वीडियो भी जारी किया, जो काकापोरा का निवासी था, जो एक साल पहले इस समूह से जुड़ा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/pulwama-terror-attack-jaish-e-mohammad-terrorist-who-attacked-crpf-in-jammu-and-kashmir-ived-10-km-f-1993899|title=Terrorist Lived 10 km From Site Where He Killed 40 Soldiers In Kashmir|last=Sharma|first=Neeta|date=2019-02-15|website=[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215053542/https://www.ndtv.com/india-news/pulwama-terror-attack-jaish-e-mohammad-terrorist-who-attacked-crpf-in-jammu-and-kashmir-ived-10-km-f-1993899|archive-date=15 फ़रवरी 2019|dead-url=|access-date=2019-02-15|url-status=live}}</ref>
==जाँच==
[[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण|राष्ट्रीय जांच एजेंसी]] [[जम्मू और कश्मीर]] पुलिस के साथ इस हमले की जांच करेगी।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/37-crpf-jawans-martyred-in-ied-blast-in-jks-pulwama/articleshow/67992189.cms|title=Jaish terrorists attack CRPF convoy in Kashmir, kill at least 37 personnel|last=|first=|date=2019-02-15|website=The Times of India|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215181837/https://timesofindia.indiatimes.com/india/37-crpf-jawans-martyred-in-ied-blast-in-jks-pulwama/articleshow/67992189.cms|archive-date=15 फ़रवरी 2019|dead-url=|access-date=2019-02-15|url-status=live}}</ref> जबकि प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि कार में लगभग ३०० किलोग्राम से अधिक विस्फोटक था।<ref name=":0" /> लेकिन बाद में इसे ३० से ४० किलोग्राम घोषित किया गया।
==प्रतिक्रियाएँ==
{| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" align="right"
|+{{nowrap|कहाँ-कहाँ से शहीद हुए<ref>{{Cite web|url=https://www.timesnownews.com/india/article/pulwama-terror-attack-complete-list-of-slain-crpf-jawans-details-pulwama-terror-attack-news-crpf-jawans-death-toll-pulwama-victims-jammu-kashmir/366368|title=Pulwama terror attack: Complete list of martyred CRPF jawans - Details inside|last=|first=|date=15 February 2019|website=Times Now|language=en-GB|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215095957/https://www.timesnownews.com/india/article/pulwama-terror-attack-complete-list-of-slain-crpf-jawans-details-pulwama-terror-attack-news-crpf-jawans-death-toll-pulwama-victims-jammu-kashmir/366368|archive-date=15 फ़रवरी 2019|dead-url=|access-date=15 February 2019|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/news/india/identified-jawans-pulwama-terror-attack|title=At 12, Highest Number of Jawans Martyred in Pulwama Hailed from UP|website=The Quint|language=en|access-date=15 February 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190216035234/https://www.thequint.com/news/india/identified-jawans-pulwama-terror-attack|archive-date=16 फ़रवरी 2019|url-status=dead}}</ref>}}
!राज्य
!संख्या
|-
|[[उत्तर प्रदेश]]
|12
|-
|[[राजस्थान]]
|5
|-
|[[पंजाब क्षेत्र|पंजाब]]
|4
|-
|[[ओडिशा|ओड़िसा]]
|2
|-
|[[उत्तराखण्ड|उत्तराखंड]]
|2
|-
|[[बिहार]]
|2
|-
|[[महाराष्ट्र]]
|2
|-
|[[पश्चिम बंगाल]]
|2
|-
|[[तमिल नाडु|तमिलनाडु]]
|1
|-
|[[असम]]
|1
|-
|[[कर्नाटक]]
|1
|-
|[[जम्मू और कश्मीर]]
|1
|-
|[[हिमाचल प्रदेश]]
|1
|-
|[[केरल]]
|1
|-
|[[झारखण्ड|झारखंड]]
|1
|-
|[[मध्य प्रदेश]]
|1
|-
|अज्ञात
|8
|-
|'''कुल'''
|47
|}
===भारत===
* भारत के वर्तमान राष्ट्रपति [[राम नाथ कोविन्द|रामनाथ कोविंद]] ने [[ट्विटर|ट्वीट]] करते हुए कहा है, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। शहीदों के परिवार के साथ संवेदनाएं और प्रार्थनाएं। पूरा देश इस आतंकी गतिविधि के खिलाफ खड़ा है।<ref>{{cite news |title=मोदी ने कहा- जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी; प्रियंका बोलीं- अपनों को खोने का दर्द समझती हूं |url=https://www.bhaskar.com/national/news/attack-on-crpf-in-pulwama-j-k-pm-president-rahul-commented-news-and-update-01488958.html |publisher=[[दैनिक भास्कर]] |date=15 फरवरी 2019 |language=hi |access-date=15 फ़रवरी 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215123743/https://www.bhaskar.com/national/news/attack-on-crpf-in-pulwama-j-k-pm-president-rahul-commented-news-and-update-01488958.html |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref>
* प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी|नरेंद्र मोदी]] ने भी ट्वीट करते हुए लिखा है, पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित है। मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। घायल जल्दी ठीक हों।' उन्होंने कहा, 'पुलवामा में हमले के मद्देनजर स्थिति को लेकर मैंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की है।<ref>{{cite news |title=Pulwama terror attack: PM मोदी के इस ट्वीट के बाद हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक, क्या कहता है इस बार का Tweet |url=https://hindi.timesnownews.com/india/article/pulwama-terror-attack-pm-modi-says-sacrifices-of-our-brave-security-personnel-shall-not-go-in-vain/366114https://hindi.timesnownews.com/india/article/pulwama-terror-attack-pm-modi-says-sacrifices-of-our-brave-security-personnel-shall-not-go-in-vain/366114zzz ja Jay Hind Indian army CRPF hind|accessdate=15 फरवरी 2019|publisher=टाइम्स नाऊ |language=hi |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215215701/https://hindi.timesnownews.com/india/article/pulwama-terror-attack-pm-modi-says-sacrifices-of-our-brave-security-personnel-shall-not-go-in-vain/366114 |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=dead }}</ref>
===अंतरराष्ट्रीय===
*{{पताका|पाकिस्तान}} प्रवक्ता कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, हम बिना किसी जांच के हमले का संबंध पाकिस्तान से जोड़ने के भारतीय मीडिया और सरकार के किसी भी आक्षेप को खारिज करते है। इसके अलावा उन्होंने कहा है, यह एक गंभीर चिंता का विषय है।<ref>{{cite news |title=पाकिस्तान ने पुलवामा हमले में हाथ से किया इनकार, कहा- यह 'गंभीर चिंता' का विषय |url=https://khabar.ndtv.com/news/india/pulwama-terror-attack-pakistan-denies-link-in-pulwama-attack-1993883 |accessdate=15 फरवरी 2019 |publisher=[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215063101/https://khabar.ndtv.com/news/india/pulwama-terror-attack-pakistan-denies-link-in-pulwama-attack-1993883 |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=dead }}</ref>
*{{पताका|संयुक्त राज्य अमेरिका}} के भारत में राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि “भारत में अमेरिकी दूतावास जम्मू और कश्मीर में आज हुए हमलों की कड़ी निन्दा करता है तथा हताहतों के परिजनों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।” साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में अमेरिका सदैव भारत के साथ है और इसे पराजित भी करेगा।<ref>{{cite news |title=US Strongly Condemns Terror Attack On CRPF Jawans In Kashmir’s Pulwama |url=https://www.news18.com/news/india/us-strongly-condemns-terror-attack-on-crpf-jawans-in-kashmirs-pulwama-2036871.html |publisher=न्यूज़ 18 |date=14 फरवरी 2019 |access-date=15 फ़रवरी 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190220005603/https://www.news18.com/news/india/us-strongly-condemns-terror-attack-on-crpf-jawans-in-kashmirs-pulwama-2036871.html |archive-date=20 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref>
*{{पताका|श्रीलंका}} के राष्ट्रपति [[मैत्रीपाल सिरिसेन]] ने हमले की निन्दा करते हुए कहा “दक्षिण कश्मीर में हुए कायराना हमले और 40 सीआरपीएफ जवानों की मृत्यु से मैं बहुत दुखी हूँ। वैश्विक समुदाय को ऐसे क्रूर हमलों की निन्दा करनी चाहिये और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिये प्रभावी कदम उठाने चाहिये।” प्रधानमंत्री [[रानिल विक्रम सिंघे]] ने इसे [[१९८९|1980]] के बाद सबसे बुरा हमला बताया।<ref name="livemn2">{{cite news |title=World leaders condemn Pulwama terror attack |url=https://www.livemint.com/news/india/world-leaders-condemn-pulwama-terror-attack-1550159428336.html |publisher=लाइवमिंट |date=15 फरवरी 2019 |access-date=15 फ़रवरी 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215050840/https://www.livemint.com/news/india/world-leaders-condemn-pulwama-terror-attack-1550159428336.html |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref>
*{{पताका|रूस}} भारत में स्थित रूसी दूतावास ने कहा कि “हम हर तरह के आतंकवाद की निन्दा करते हैं और दोहराते हैं कि बिना किसी दोहरे रवैये के हमे इस अमानवीय कृत्यों से सामूहिक जिम्मेदारी के साथ लड़ना चाहिये। हम मृत लोगों को परिवारीजनों से गंभीरतापूर्वक संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों की जल्द सलामती के लिये प्रार्थना करते हैं।”<ref name="ec2">{{cite news |title=US, Russia, France & India's neighbours extend solidarity and support after Pulwama attack |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/us-russia-france-indias-neighbours-extend-solidarity-and-support-after-pulwama-attack/articleshow/67999786.cms |publisher=[[द इकॉनोमिक टाइम्स]] |date=14 फरवरी 2019 |access-date=15 फ़रवरी 2019 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215050755/https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/us-russia-france-indias-neighbours-extend-solidarity-and-support-after-pulwama-attack/articleshow/67999786.cms |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref>
*{{पताका|नेपाल}} के प्रधानमंत्री [[खड्ग प्रसाद शर्मा ओली]] ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टेलिफ़ोन वार्ता में इस दुखद घटना पर बात की और शोक प्रकट करते हुए कहा कि, “हम इस घटना की निंदा करते हैं और दुख के इस घड़ी में भारत के साथ हैं।”<ref>{{cite news |url=https://zeenews.india.com/hindi/india/pulwama-attack-us-bhutan-nepal-sri-lanka-stands-alongside-india-in-confronting-terror/498978 |title=अमेरिका, रूस और नेपाल समेत दुनियाभर के देशों ने आतंकी हमले की निंदा की, कहा- हम भारत के साथ हैं |publisher=ज़ी न्यूज़ |date=१४ फरवरी २०१९ |accessdate=१५ फरवरी २०१९ |archive-url=https://web.archive.org/web/20190215205722/https://zeenews.india.com/hindi/india/pulwama-attack-us-bhutan-nepal-sri-lanka-stands-alongside-india-in-confronting-terror/498978 |archive-date=15 फ़रवरी 2019 |url-status=live }}</ref>
इसके अतरिक्त [[फ़्रान्स|फ्रांस]], [[चीन]], [[बांग्लादेश]], [[भूटान]], [[इज़राइल|इजराइल]], [[अफ़ग़ानिस्तान]] तथा [[मालदीव]] ने भी इस आतंकी हमले की निन्दा की।<ref name="ec2"/>
===अंतरराष्ट्रीय संगठन===
*{{पताका|संयुक्त राष्ट्र}} महसचिव [[एंटोनियो गुटेरेस]] के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने दैनिक प्रेस संबोधन में कहा “हम जम्मू और कश्मीर के [[पुलवामा ज़िला|पुलवामा ज़िले]] में हुए हमले की कड़ी निन्दा करते हैं तथा इस हमले मृत लोगों के परिजन, सरकार और भारतीय लोगों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”<ref>{{cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/un-secretary-general-antonio-guterres-condemns-pulwama-terror-attack-1993835|title=UN Chief Condemns Pulwama Terror Attack|date=15 फरवरी 2019|accessdate=15 फरवरी 2019|publisher=एनडीटीवी|archive-url=https://web.archive.org/web/20190215013543/https://www.ndtv.com/india-news/un-secretary-general-antonio-guterres-condemns-pulwama-terror-attack-1993835|archive-date=15 फ़रवरी 2019|url-status=live}}</ref>
==इन्हें भी देखें==
* [[2025 पहलगाम नरसंहार]]
==सन्दर्भ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:२०१९ में भारत में आतंकी हमले]]
[[श्रेणी:भारत में इस्लामिक आतंकवाद]]
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मुंगावली
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2026-05-21T20:01:25Z
सीनू जमींदार
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/* इतिहास */
6555046
wikitext
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{{Infobox settlement
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'''मुंगावली''' (Mungaoli) [[भारत]] के [[मध्य प्रदेश]] राज्य के [[अशोक नगर ज़िले]] का एक नगर है। यह इसी नाम की [[तहसील]] का मुख्यालय भी है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190703183559/https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ|date=3 जुलाई 2019}}," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172</ref><ref>"[https://books.google.com/books?id=u6VB9_CrsfoC Tourism in the Economy of Madhya Pradesh]," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293</ref>
== इतिहास ==
मुंगावली के शूर वीर व पहले और अंतिम नस्ली ज़मींदार (1928 से 1998 तक) तलैया वाले थे। जिनका नाम का उपयोग मुंगावली शहर का हर दूसरा व्यक्ति करके अपने नाम के पीछे जमींदार लिखने लगे !{{उद्धरण_आवश्यक}}
== आवागमन ==
[[राष्ट्रीय राजमार्ग 346 (भारत)|राष्ट्रीय राजमार्ग 346]] यहाँ से गुज़रता है और इसे देशभर से जोड़ता है।
== इन्हें भी देखें ==
* [[अशोक नगर ज़िला]]
* [[मुंगावली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]]
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची}}
[[श्रेणी:अशोक नगर ज़िला]]
[[श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर]]
[[श्रेणी:अशोक नगर ज़िले के नगर]]
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रिकार्डो मांगे ओबामा नेफ्यूबिया
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== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:1961 में जन्मे लोग]]
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अमूर्त कला
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[[चित्र:Robert_Delaunay,_1913,_Premier_Disque,_134_cm,_52.7_inches,_Private_collection.jpg|अंगूठाकार| रॉबर्ट डेलुनाय, 1912–13, ''ले प्रीमियर डिस्क'', 134 सेमी (52.7 इंच), निजी संग्रह ]]
'''अमूर्त कला''' एक रचना बनाने के लिए आकृतियों, रूपों, रंगों और रेखाओं की दृश्य भाषा का उपयोग करती है जो कला के पारंपरिक दृश्य संदर्भ की तुलना में काफी स्वतंत्रता के साथ मौजूद हो सकती है। [[पुनर्जागरण]] से 19 वीं सदी के मध्य तक, पश्चिमी कला में, [[परिप्रेक्ष्य (दृश्य)|परिप्रेक्ष्य]] के तर्कों और दृश्यमान की वास्तविकताओं को कला पटल पर पुन: उत्पन्न करने के प्रयास हो रहे थे। 19 वीं शताब्दी के अंत तक कई कलाकारों को एक नई तरह की कला विकसित करने की जरूरत महसूस हुई, जो [[प्रौद्योगिकी]], [[विज्ञान]] और [[दर्शनशास्त्र|दर्शन]] में हो रहे मूलभूत परिवर्तनों को इंगित करे। जिन स्रोतों से व्यक्तिगत कलाकारों ने अमूर्त कला के सैद्धांतिक तर्कों का निर्माण किया, वे विविध थे, और उस समय की पश्चिमी संस्कृति के सभी क्षेत्रों में सामाजिक और बौद्धिक पूर्वाग्रहों को प्रतिबिंबित करते थे। <ref>Mel Gooding, ''Abstract Art'', [[Tate Publishing Ltd|Tate Publishing]], London, 2000</ref>
अमूर्त कला, गैर-अलंकारिक कला, गैर-वस्तुनिष्ठ कला और गैर-प्रतिनिधित्ववादी कला, आपस में गुंथे शब्द हैं। वे समान हैं, लेकिन शायद समानार्थी नहीं।
अमूर्तता कला में [[प्रतिबिम्ब|कल्पना के]] चित्रण में वास्तविकता से प्रस्थान का संकेत देती है। सटीक प्रतिनिधित्व से यह प्रस्थान मामूली, आंशिक या पूर्ण हो सकता है जिसमें अमूर्तता एक निरंतरता के साथ मौजूद रहती है। यहां तक कि कला जो उच्चतम कोटि की सत्यता का ही एक लक्ष्य है, को कम से कम सैद्धांतिक रूप से अमूर्त कहा जा सकता है, क्योंकि सही चित्रण भी अंततः भ्रामकता की ओर ही ले जाता है। कलाकृति जो स्वतंत्र भाव से बनाई जाती है, उदाहरण के लिए विशिष्ट रूप से रंगों और रूपों को बदलना, जिससे दर्शक पर एक विशिष्ट प्रभाव पड़े, उसे आंशिक रूप से अमूर्त कला कहा जा सकता है। सम्पूर्ण अमूर्तता किसी के भी पहचानने योग्य या किसी भी संदर्भ या निशानयुक्त नहीं होती । उदाहरण के लिए, ज्यामितीय अमूर्तता में, किसी को भी प्राकृतिक संस्थाओं के संदर्भ नहीं मिलेंगे। आलंकारिक कला और सम्पूर्ण अमूर्त लगभग परस्पर अनन्य हैं । लेकिन आलंकारिक और प्रतिनिधित्ववादी (या [[यथार्थवाद (कला)|यथार्थवादी]] ) कला में अक्सर आंशिक अमूर्तता होती है।
दोनों, ज्यामितीय अमूर्त और गीतात्मक अमूर्त, अक्सर पूरी तरह से अमूर्त होते हैं। आंशिक रूप से अमूर्तता को अपनाने वाले बहुत से कला आंदोलनों में उदाहरण के तौर पर एक [[:en:Fauvism|फ़ाविज़्म]] है जिसमें रंगों को विशिष्ट रूप से और सच्चाई के बरक्स बदला जाता है ,और दूसरा [[क्यूबिज़्म]] है, जो वास्तविक जीवन की संस्थाओं के रूपों को ज्यामितीय संरचनाओं में बदल देता है। <ref>{{Cite web|url=http://painting.about.com/od/abstractart/a/abstract_art.htm|title=Abstract Art – What Is Abstract Art or Abstract Painting, retrieved January 7, 2009|date=2011-06-07|publisher=Painting.about.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20110707075052/http://painting.about.com/od/abstractart/a/abstract_art.htm|archive-date=7 July 2011|access-date=2011-06-11}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.nga.gov/education/american/abstract.shtm|title=Themes in American Art – Abstraction, retrieved January 7, 2009|date=2000-07-27|publisher=Nga.gov|archive-url=https://web.archive.org/web/20110608093226/http://www.nga.gov/education/american/abstract.shtm|archive-date=8 June 2011|access-date=2011-06-11}}</ref>
== प्रारंभिक कला और कई संस्कृतियों में अमूर्तता ==
पहले की संस्कृतियों की अधिकांश कलाएं - मिट्टी के बर्तनों, वस्त्रों, शिलालेखों और चट्टानों पर बनाई गयीं - जिनमें सरल, ज्यामितीय और रैखिक रूपों का उपयोग किया गया, जो एक प्रतीकात्मक या सजावटी उद्देश्य के लिए हुआ करता था। <ref>György Kepes, ''Sign, Image and Symbol'', [[Studio Vista]], London, 1966</ref> इससे यह बात जाहिर होती है कि अमूर्त कला संचार तो करती है। <ref>Derek Hyatt,"Meeting on the Moor", ''[[Modern Painters (magazine)|Modern Painters]]'', Autumn 1995</ref> उदाहरण के लिए कोई भी व्यक्ति चीनी सुलेख या [[इस्लामी अक्षरांकन|इस्लामी सुलेख]] को बिना पढ़े भी उनकी सुन्दरता का आनंद उठा सकता है ।
[[चित्र:Immortal_in_Splashed_Ink.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| इमोर्तल्स इन स्प्लैश्ड इंक, लिआंग काई, चीन, १२वीं शताब्दी ]]
चीनी चित्रकला में, अमूर्तता को [[तांग राजवंश|तांग राजवंश के]] चित्रकार वांग मो (王 墨) में ढूँढा जा सकता है, जिन्हें स्प्लैश्ड-इंक पेंटिंग शैली का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है। <ref>Lippit, Y. (2012). "Of Modes and Manners in Japanese Ink Painting: Sesshū's Splashed Ink Landscape of 1495". ''The Art Bulletin'', 94(1), p. 56.</ref> जबकि आज उनकी कोई भी पेंटिंग नहीं बची है, यह शैली कुछ [[सोंग राजवंश|सॉन्ग वंश]] के चित्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। [[चान|चैन]] ( बुद्धवादी चित्रकार लियांग काई सी, इस्वी सन 1140–1210) ने अपनी "इमोशनल इन स्प्लैश्ड इंक" में चित्र बनाने की शैली लागू की, जिसमें प्रबुद्ध लोगों के गैर-तर्कसंगत मस्तिष्क से जुड़ी सहज भावनाओं को दिखाने के लिए सटीक प्रतिनिधित्व का त्याग किया गया है। यू जियान नाम के एक दिवंगत सॉन्ग चित्रकार, टिएंटाई बुद्धवाद में निपुण, ने स्प्लैश्ड इंक लैंडस्केप की एक शृंखला बनाई जिसने अंततः कई जापानी ज़ेन चित्रकारों को प्रेरित किया। उनके चित्रों में भारी धुंध भरे पहाड़ दिखाई देते हैं जिनमें वस्तुओं की आकृतियाँ मुश्किल से दिखाई देने वालीं और बेहद सरल होती हैं। इस प्रकार की पेंटिंग को सेशु टोयो ने अपने बाद के वर्षों में जारी रखा।
[[चित्र:Yujian_ink_Mercadodemontaña.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| ''माउंटेन मार्केट, क्लीयरिंग मिस्ट'', यू जियान, चीन ]]
चीनी चित्रकला में अमूर्तता का एक और उदाहरण झू डेरुन के [[c:File:Zhu_Derun_-_Primordial_Chaos_(painting_only).jpeg|''कॉस्मिक सर्कल'']] में देखा गया है। इस पेंटिंग के बाईं ओर चट्टानी मिट्टी में एक देवदार का पेड़ है, इसकी शाखाएँ बेलों से लदी हुई हैं जो पेंटिंग के दाईं ओर एक अव्यवस्थित तरीके से फैली हुई हैं जिसमें एक पूर्ण वृत्त (संभवतः कम्पास <ref>Watt, J. C. (2010). ''The World of Khubilai Khan: Chinese Art in the Yuan Dynasty''. Metropolitan Museum of Art, p. 224</ref> की मदद से बनाया गया है) शून्य में तैरता है। यह पेंटिंग [[ताओ धर्म|दाओवादी]] तत्वमीमांसा का प्रतिबिंब है जिसमें अराजकता और वास्तविकता प्रकृति के नियमित मार्ग के पूरक चरण दिखलाए गए हैं।
तोकुगावा जापान में, कुछ ज़ेन भिक्षु-चित्रकारों ने एनोसो बनाया, जो एक चक्र है जो पूर्ण ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। आमतौर पर एक सहज ब्रश स्ट्रोक में बनाया गया, यह न्यूनतम सौंदर्यशास्त्र का प्रतिमान बन गया जिसने आने वाले वर्षों में ज़ेन पेंटिंग का दिशा निर्धारण किया ।
== 19 वीं सदी ==
चर्च से संरक्षण कम होने और जनता से निजी संरक्षण बढ़ने से कलाकारों के लिए आजीविका के माध्यम सुदृढ़ हुए । <ref>[[Ernst Gombrich]], "The Early Medici as Patrons of Art" in ''[[Norm and Form]]'', pp. 35–57, London, 1966</ref> <ref>Judith Balfe, ed. ''Paying the Piper: Causes and Consequences of Art Patronage'', Univ. of Illinois Press</ref> तीन कला आंदोलन जो अमूर्त कला के विकास में योगदान करते थे वे थे [[स्वच्छन्दतावाद|रोमांटिकतावाद]], [[प्रभाववाद]] और [[अभिव्यंजनावाद|अभिव्यक्तिवाद]] । 19 वीं शताब्दी के दौरान कलाकारों में कलात्मक स्वतंत्रता उन्नत थी। ''इसको एक वस्तुनिष्ठ तरीके से'' , [[जान कांस्टेबल|जॉन कांस्टेबल]], [[जोजेफ विलियम मेलार्ड टर्नर|जेएमडब्ल्यू टर्नर]], केमिली कोरोट के चित्रों और अन्य इम्प्रेशनिस्ट पेंटरों से समझा जा सकता है जिन्होंने बारबाइजन स्कूल के ''प्लेन एयर'' पेंटिंग को जारी रखा।
[[चित्र:Whistler-Nocturne in black and gold.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| जेम्स मैकनील व्हिस्लर, ''ब्लैक एंड गोल्ड में निशाचर: द फॉलिंग रॉकेट'' (1874), डेट्रायट इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स । एक निकट अमूर्त, 1877 में व्हिसलर ने कला समीक्षक [[जॉन रस्किन]] के खिलाफ मुकदमा दायर किया क्योंकि उन्होंने इस पेंटिंग की निंदा की। रस्किन ने व्हिस्लर के इस कथन पर आरोप लगाये कि " यह दो सौ गिन्नीयों में लोगों के चेहरे पर रंग फेकने जैसा था (पेंटिंग के बारे में कहते हुए )।" <ref>[http://www.tate.org.uk/britain/exhibitions/turnerwhistlermonet/wvr.htm From the Tate] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120112211617/http://www.tate.org.uk/britain/exhibitions/turnerwhistlermonet/wvr.htm |date=12 जनवरी 2012 }}, retrieved April 12, 2009</ref> ]]
जेम्स मैकनील व्हिस्लर की पेंटिंग्स में इस नई कला की शुरुआती आहट की सूचना आने लगी थी, उनकी ''नॉक्टर्न इन ब्लैक एंड गोल्ड: द फॉलिंग रॉकेट'', (1872) में उन्होंने वस्तुओं के चित्रण की तुलना में दृश्य संवेदना पर अधिक जोर दिया। इससे पहले भी, अपनी 'स्पिरिट' ड्रॉइंग के साथ, जॉर्जियाई होटन ने अमूर्त आकारों का प्रयोग अप्राकृतिक प्रकृति विषयों के चित्रांकन के लिए किया था, उस समय में जब अमूर्त कला की कोई अवधारणा नहीं बनी थी (उन्होंने 1871 में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था)।
[[अभिव्यंजनावाद|अभिव्यक्तिवादी]] चित्रकारों ने पेंट की सतह के बोल्ड उपयोग, विकृतियों और अतिरंजना, और गहन रंगों का पता लगाया। अभिव्यक्तिवादियों ने भावनात्मक रूप से आरोपित चित्रों का उत्पादन किया जो समकालीन अनुभव की प्रतिक्रियाओं और धारणाओं के साथ-साथ 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध की चित्रकला के [[प्रभाववाद]] और अन्य रूढ़िवादी दिशाओं की प्रतिक्रियाओं को चित्रित और पोषित करते थे। अभिव्यक्तिवादियों ने मनोवैज्ञानिक अवस्थाओं के चित्रण के पक्ष में विषय वस्तु पर जोर दिया। हालांकि [[एडवर्ड मुंख|एडवर्ड मंच]] और जेम्स एनशोर जैसे कलाकार मुख्य रूप से [[प्रभाववादोत्तर (पोस्ट-इम्प्रेशनिज़्म)|पोस्ट-इंप्रेशनिस्टों]] के काम से प्रभावित रहे जो 20वीं शताब्दी में अमूर्तता के आगमन के लिए महत्वपूर्ण रही । पॉल सेज़ने ने एक प्रभाववादी के रूप में शुरुआत की थी, लेकिन उनका उद्देश्य था - एक बिंदु से दृश्य के आधार पर वास्तविकता का एक तार्किक निर्माण करना, <ref>Herbert Read, ''A Concise History of Modern Art'', Thames and Hudson</ref> सपाट क्षेत्रों में संशोधित रंग के साथ - एक नई दृश्य कला का आधार बन गया, जिसे बाद में विकसित किया गया। जॉर्जेस ब्रेक और [[पाब्लो पिकासो]] द्वारा [[घनचित्रण शैली|क्यूबिज़्म]] में।
इसके अलावा 19 वीं शताब्दी के अंत में पूर्वी यूरोप के [[रहस्यवाद]] और [[आधुनिकतावाद|आधुनिकतावादी]] धार्मिक दर्शन के रूप में [[थियोसोफी|थियोसोफिस्ट]] [[हैलीना ब्लावाट्स्की|एमएम]] द्वारा व्यक्त किया [[हैलीना ब्लावाट्स्की|गया।]] [[हैलीना ब्लावाट्स्की|ब्लावात्स्की]] ने हिलमा एफ क्लिंट और वासिली कैंडिंस्की जैसे अग्रणी ज्यामितीय कलाकारों पर गहरा प्रभाव डाला। 20वीं शताब्दी के शुरुआती दिनों में [[ऑस्पेन्स्की|जियोर्जेस]] गुरजिएफ और [[ऑस्पेन्स्की|पीडी ओस्पेंस्की के]] रहस्यमयी शिक्षण का पीट मोंड्रियन और उनके सहयोगियों की ज्यामितीय अमूर्त शैलियों के शुरुआती [[ऑस्पेन्स्की|स्वरूपों पर]] भी महत्वपूर्ण प्रभाव था। <ref>{{Cite web|url=http://www.newcriterion.com/articles.cfm/Mondrian---mysticism---ldquo-My-long-search-is-over-rdquo--4237|title=Hilton Kramer, "Mondrian & mysticism: My long search is over", ''New Criterion'', September 1995|date=|publisher=Newcriterion.com|access-date=2012-02-26}}</ref> [[अध्यात्मवाद|आध्यात्मवाद]] ने कासिमिर मालेविच और फ्रांटिसेक कूपका की अमूर्त कला को भी प्रेरित किया। <ref>{{Cite web|url=https://www.nytimes.com/1986/12/21/arts/art-view-how-the-spiritual-infused-the-abstract.html|title=Art View; How the Spiritual Infused the Abstract|last=Brenson|first=Michael|date=December 21, 1986|via=NYTimes.com}}</ref>
== 20 वीं सदी ==
[[चित्र:Francis_Picabia_-_Caoutchouc.jpg|अंगूठाकार| फ्रांसिस पिकाबिया, सी। 1909, ''काऊचौक'', सेंटर ''पोम्पीडौ'', मुसी राष्ट्रीय ''डीआर्ट'' मॉडर्न , पेरिस ]]
[[File:Yellow_Curtain.jpg|अंगूठाकार| [[हेनरी मतिसी|हेनरी मैटिस]], ''द यलो कर्टन'', 1915, आधुनिक कला संग्रहालय । अपने फाउविस्ट रंग और ड्राइंग मैटिस के साथ, शुद्ध अमूर्तता के बहुत करीब आता है। |कड़ी=Special:FilePath/Yellow_Curtain.jpg]]
पॉल गाउगिन, जॉर्जेस सेरात, [[विन्सेंट वैन गो|विंसेंट वैन गॉग]] और पॉल सेज़ेन द्वारा [[प्रभाववादोत्तर (पोस्ट-इम्प्रेशनिज़्म)|पोस्ट इम्प्रेशनिज़्म के]] प्रचलन ने 20 वीं शताब्दी की कला पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा और इससे 20 वीं सदी की अमूर्तता का आगमन हुआ। [[आधुनिक कला]] के विकास के लिए [[विन्सेंट वैन गो|वान गाग]], सेज़ने, गाउगिन और सेरात जैसे चित्रकारों की विरासत की आवश्यकता थी। 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में [[हेनरी मतिसी|हेनरी मैटिस]] और कई अन्य युवा कलाकारों जिनमें प्री-क्यूबिस्ट जॉर्जेस ब्राक, एंड्रे डेरैन, राउल ड्यूफी और मौरिस डी व्लामिनेक शामिल थे, ने इस "जंगली", बहु-रंगीन, अभिव्यंजक परिदृश्य और आकृति चित्रों वाले प्रचलन के साथ पेरिस कला की दुनिया में क्रांति ला दी। आलोचकों ने इसे फाउविज्म का नाम दिया । रंग के अपने अभिव्यंजक उपयोग और अपनी स्वतंत्र और कल्पनाशील ड्राइंग के साथ हेनरी मैटिस ''फ्रेंच विंडो इन कोलीउरे'' (1914) ''नोट्रे-डेम'' (1914) ''का दृश्य'', और 1915 से ''द येलो कर्टेन'' में शुद्ध अमूर्तता के बहुत करीब आता है। फाउव्स द्वारा विकसित की गयी रंगों की इस अनगढ़ भाषा ने सीधे तौर पर अमूर्तता के एक अन्य अग्रणी, वासिली कैंडिंस्की को प्रभावित किया।
हालांकि [[घनचित्रण शैली|क्यूबिज़्म]] अंततः विषय वस्तु पर निर्भर करता है, यह फ़ॉविज़्म के साथ, कला आंदोलन बन गया, जिसने सीधे 20 वीं शताब्दी में अमूर्तता के द्वार खोल दिए। [[पाब्लो पिकासो]] ने सेज़ेन के विचार के आधार पर अपनी पहली [[घनचित्रण शैली|क्यूबिस्ट]] पेंटिंग बनाई थी कि प्रकृति के सभी चित्रण को तीन ठोस: [[घन (ज्यामिति)|घन]], [[गोला]] और [[शंकु|शंकु में]] साधा जा सकता है। पेंटिंग ''लेस डेमोसिलेस डी'विगन'' (1907) के साथ, पिकासो ने नाटकीय रूप से एक नई और अतिवादी तस्वीर बनाई जिसमें पांच वेश्याओं के साथ एक अनगढ़ और आदिम वेश्यालय के दृश्य को दिखाया गया था, हिंसक रूप से चित्रित महिलाओं, अफ्रीकी आदिवासी मुखौटे और अपने खुद के नए [[घनचित्रण शैली|क्यूबिस्ट]] आविष्कारों की याद दिलाते हुए । [[घनचित्रण शैली|एनालिटिकल क्यूबिज़्म]] को संयुक्त रूप से पाब्लो पिकासो और जॉर्जेस ब्राक द्वारा 1908 से 1912 तक विकसित किया गया। विश्लेषणात्मक घनवाद, घनवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति, [[घनचित्रण शैली|सिंथेटिक क्यूबिज्म]] के बाद आया था, जिसका अभ्यास 1920 के दशक में ब्रेक, पिकासो, फर्नांड लेगर, जुआन ग्रिस, अल्बर्ट ग्लीज, मार्सेल डुचैम्प और अन्य द्वारा किया गया था। [[घनचित्रण शैली|सिंथेटिक क्यूबिज्म]] की विशेषता विभिन्न बनावटों, सतहों, कोलाज तत्वों, पपीयर कोल और अन्य मिलाए गए विषय वस्तुओं का मिश्रण है । कर्ट श्विटर्स और मैन रे जैसे कोलाज कलाकारों और [[घनचित्रण शैली|क्यूबिज़्म]] से प्रेरणा लेने वाले अन्य लोगों ने [[डाडावाद|दादा]] नामक आंदोलन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
[[File:František_Kupka,_1912,_Amorpha,_fugue_en_deux_couleurs_(Fugue_in_Two_Colors),_210_x_200_cm,_Narodni_Galerie,_Prague.jpg|अंगूठाकार| फ़्रांटिसेक कुप्का, ''Amorpha, लोप एन ड्यूक्स couleurs'' ''(दो रंग में लोप),'' 1912, तैल चित्र, 210 x 200 सेमी, Narodni गैलरी, प्राग। ''ए.यू. सैलून डीऑटोमेन "लेस इंडपेंडेंट्स"'' 1912 में प्रकाशित, 1912 सैलून डीऑटोमने, पेरिस में प्रदर्शित। |कड़ी=Special:FilePath/František_Kupka,_1912,_Amorpha,_fugue_en_deux_couleurs_(Fugue_in_Two_Colors),_210_x_200_cm,_Narodni_Galerie,_Prague.jpg]]
[[चित्र:'Windows_Open_Simultaneously_(First_Part,_Third_Motif)'_by_Robert_Delaunay.JPG|दाएँ|अंगूठाकार| रॉबर्ट डेलौनाय, 1912, ''विंडोज ओपन साईमलटेनीयस्ली (पहला भाग, तीसरा मोटिफ)'', तैल चित्र, 45.7 × 37.5 सेमी, टेट मॉडर्न ]]
इतालवी कवि फिलिप्पो टोमासो मारिनेटी ने 1909 में फ्यूचरिज्म का मेनिफेस्टो प्रकाशित किया, जिसने बाद ''में मोशन'', 1911 में कार्लो कार्रा जैसे कलाकारों ''को साउंड्स, नॉइज एंड स्मेल्स'' और अम्बर्टो बोकाओनियन ''ट्रेन इन मोशन'' में प्रेरित किया, जो कि अमूर्तता के एक अगले चरण में साथ ही साथ [[घनचित्रण शैली|घनवाद]], पूरे यूरोप में कला आंदोलनों में गहराई तौर पर प्रभावित किया। <ref>Caroline Tisdall and Angelo Bozzolla, ''Futurism'', Thames and Hudson, 1977</ref>
1912 सैलून डे ला के दौरान सेक्शन डी'ओर, जहां फ़्रांटिसेक कुप्का ने अमूर्त चित्रकला ''Amorpha, फ्यूज एन ड्यूक्स कोलौर्स'' ''(दो रंग में लोप)'' (1912) का प्रदर्शन किया, कवि गिलौम अपोलिनेयर ने कई कलाकारों के काम को नाम दिया जिनमे रॉबर्ट डेलॉनाय, Orphism वाले भी शामिल थे । <ref>''La Section d'or, 1912–1920–1925'', Cécile Debray, Françoise Lucbert, Musées de Châteauroux, Musée Fabre, exhibition catalogue, Éditions Cercle d'art, Paris, 2000</ref> उन्होंने इसे इस रूप में परिभाषित किया, "नए संरचनाओं को चित्रित करने की कला जो कि दृश्य क्षेत्र से उधार नहीं ली गई है, लेकिन पूरी तरह से कलाकार द्वारा बनाई गई थी ... यह एक शुद्ध कला है।"
सदी के मोड़ के बाद से, प्रमुख यूरोपीय शहरों के कलाकारों के बीच सांस्कृतिक संबंध बेहद सक्रिय हो गए थे क्योंकि वे [[आधुनिकतावाद|आधुनिकता]] की उच्च आकांक्षाओं के बराबर एक कला रूप बनाने के लिए [[आधुनिकतावाद|प्रयासरत थे]] । कलाकार की पुस्तकों, प्रदर्शनियों और घोषणापत्रों के माध्यम से विचार क्रॉस-फर्टिलाइज करने में सक्षम थे, ताकि कई स्रोत प्रयोग और चर्चा के लिए खुले रहे, और अमूर्तता के विभिन्न तरीकों के लिए एक आधार बनाया। द ''वर्ल्ड बैकवर्ड'' से निम्नलिखित एक्सट्रैक्ट उस समय संस्कृति की अंतर-कनेक्टिविटी की कुछ छाप देता है: "आधुनिक कला आंदोलनों के बारे में डेविड बर्लिउक का ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण रहा होगा, दूसरी बार के डायमंड्स प्रदर्शनी के लिए आयोजित जनवरी 1912 में (मॉस्को में) न केवल म्यूनिख से भेजे गए चित्रों को शामिल किया गया था, बल्कि जर्मन डाई ब्रुके समूह के कुछ सदस्य, जबकि पेरिस से रॉबर्ट डेलौने, [[हेनरी मतिसी|हेनरी मैटिस]] और फर्नांड लेगर, पिकासो द्वारा काम आया था। वसंत के दौरान डेविड बर्लिउक ने क्यूबिज़्म पर दो व्याख्यान दिए और एक पोलिमिकल प्रकाशन की योजना बनाई, जिसे ''द डायमंड्स ऑफ डायमंड्स'' को वित्त देना था। मई में वह विदेश गया और पंचांग ''डेर ब्लाए रेइटर'' को प्रतिद्वंद्वी करने के लिए वापस आया, जो कि जर्मनी में रहने के दौरान प्रिंटर से निकला था। " <ref>Susan P Compton, ''The World Backwards'', British museum Publications, London, 1978</ref>
1909 से 1913 तक इस 'शुद्ध कला' की खोज में कई प्रायोगिक कार्यों को कई कलाकारों द्वारा बनाया गया था: फ्रांसिस पिकाबिया ने ''काऊचौक'', सी। 1909, <ref>{{Cite web|url=http://francispicabia.org/?page_id=80|title=Francis Picabia, Caoutchouc, c. 1909, MNAM, Paris|date=|publisher=Francispicabia.org|access-date=2013-09-29|archive-date=2 अप्रैल 2015|archive-url=https://web.archive.org/web/20150402140415/http://francispicabia.org/?page_id=80|url-status=dead}}</ref> ''द स्प्रिंग'', 1912, <ref>{{Cite web|url=http://www.moma.org/collection/provenance/provenance_object.php?object_id=80658|title=Museum of Modern Art, New York, Francis Picabia, ''The Spring'', 1912|date=|publisher=Moma.org|access-date=2013-09-29}}</ref> ''डांस एट द स्प्रिंग'' <ref>{{Cite web|url=http://www.moma.org/collection/provenance/provenance_object.php?object_id=80659|title=MoMA, New York, Francis Picabia, ''Dances at the Spring'', 1912|date=|publisher=Moma.org|access-date=2013-09-29}}</ref> और ''द प्रोसेशन, सेविले'', 1912; <ref>{{Cite web|url=http://www.nga.gov/fcgi-bin/tinfo_f?object=92380.0&detail=none|title=National Gallery of Art, Washington, DC., Francis Picabia, The Procession, Seville, 1912|publisher=Nga.gov|archive-url=https://archive.today/20120805095626/http://www.nga.gov/fcgi-bin/tinfo_f?object=92380.0&detail=none|archive-date=2012-08-05|access-date=2013-09-29}}</ref> वासिली कैंडिंस्की ने ''शीर्षकहीन (पहला सार वाटर कलर)'', १ ९ १३, <ref>{{Cite web|url=http://faculty.txwes.edu/csmeller/Human-Prospect/ProData09/02WW1CulMatrix/WW1PICs/Kandinsky1866/Kand1910FrstAbstr444.htm|title=Wassily Kandinsky, ''Untitled'' (First Abstract Watercolor), 1910|last=Stan Rummel|date=2007-12-13|publisher=Faculty.txwes.edu|archive-url=https://web.archive.org/web/20120719021713/http://faculty.txwes.edu/csmeller/Human-Prospect/ProData09/02WW1CulMatrix/WW1PICs/Kandinsky1866/Kand1910FrstAbstr444.htm|archive-date=2012-07-19|access-date=2013-09-29}}</ref> ''इम्प्रोवाइजेशन २१ ए'', ''इंप्रेशन'' सीरीज़ और ''पिक्चर विद ए सर्किल'' (१ ९ ११); <ref>{{Cite web|url=http://www.guggenheim.org/images/content/New_York/press_room/presskits/kandinsky_presskit.pdf|title=The Fiftieth Anniversary of the Guggenheim Museum, Kandinsky Retrospective, Guggenheim Museum, New York, 2009|format=PDF|archive-url=https://web.archive.org/web/20120718222119/http://www.guggenheim.org/images/content/New_York/press_room/presskits/kandinsky_presskit.pdf|archive-date=2012-07-18|access-date=2013-09-29}}</ref> फ़्रांटिसेक कुप्का ''(दो रंग में लोप'' के लिए अध्ययन) ''न्यूटन के'' Orphist काम करता है, ''डिस्क'' चित्रित किया था, 1912 <ref>{{Cite web|url=http://www.philamuseum.org/collections/permanent/51038.html|title=Philadelphia Museum of Art, Disks of Newton (Study for "Fugue in Two Colors") 1912|date=|publisher=Philamuseum.org|access-date=2013-09-29|archive-date=2 अक्तूबर 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131002225435/http://www.philamuseum.org/collections/permanent/51038.html|url-status=dead}}</ref> ''(दो रंग में लोप)'' और ''Amorpha, लोप एन ड्यूक्स couleurs,'' 1912; रॉबर्ट ''डेलुनाय'' ने एक शृंखला चित्रित की जिसका नाम ''सिंपलियस'' ''विंडोज'' और ''फॉर्म्स सर्कुलरेस, सोलिल एन ° 2'' (1912-13) था; <ref>{{Cite web|url=http://www.centrepompidou.fr/education/ressources/ens-futurisme2008/ENS-futurisme2008-10-orphisme.html|title=Musée National d'Art Moderne, Centre Georges Pompidou, Paris, Robert Delaunay, ''Formes Circulaires, Soleil n°2'' (1912–13)|publisher=Centrepompidou.fr|language=fr|archive-url=https://web.archive.org/web/20120907020700/http://www.centrepompidou.fr/education/ressources/ens-futurisme2008/ENS-futurisme2008-10-orphisme.html|archive-date=September 7, 2012|access-date=2013-09-29}}</ref> Op <ref>{{Cite web|url=http://www.centrepompidou.fr/education/ressources/ens-futurisme2008/ENS-futurisme2008-10-orphisme.html|title=Musée National d'Art Moderne, Centre Georges Pompidou, Paris, Robert Delaunay, ''Formes Circulaires, Soleil n°2'' (1912–13)|publisher=Centrepompidou.fr|language=fr|archive-url=https://web.archive.org/web/20120907020700/http://www.centrepompidou.fr/education/ressources/ens-futurisme2008/ENS-futurisme2008-10-orphisme.html|archive-date=September 7, 2012|access-date=2013-09-29}}</ref> लेओपोल्ड सर्वाइज ने ''कलर्ड रिदम'' (फिल्म के लिए अध्ययन), १ ९ १३ बनाया; <ref>{{Cite web|url=http://www.moma.org/collection/browse_results.php?criteria=O%3AAD%3AE%3A5735&page_number=&template_id=6&sort_order=1|title=Museum of Modern Art, New York, Léopold Survage, Colored Rhythm (Study for the film) 1913|date=1914-07-15|publisher=Moma.org|access-date=2013-09-29}}</ref> पीट मोंड्रियन, चित्रित ''झांकी नंबर १'' और ''रचना क्रमांक ११'', १ ९ १३। <ref>{{Cite web|url=http://www.kmm.nl/collection-search.php?reload=1&characteristic_type=Painting&artist=Piet+Mondriaan+%281872+-+1944%29&van=0&tot=0&submit.x=51&submit.y=5|title=Rijksmuseum Kröller-Müller, Otterlo, Netherlands, Piet Mondrian, 1913|publisher=Kmm.nl|archive-url=https://web.archive.org/web/20131002185216/http://www.kmm.nl/collection-search.php?reload=1&characteristic_type=Painting&artist=Piet+Mondriaan+%281872+-+1944%29&van=0&tot=0&submit.x=51&submit.y=5|archive-date=October 2, 2013|access-date=2013-09-29}}</ref>
[[चित्र:Untitled_(First_Abstract_Watercolor)_by_Wassily_Kandinsky.jpg|अंगूठाकार| वासिली कैंडिंस्की, शीर्षकहीन ( ''रचना VII के'' लिए अध्ययन '', प्रेमियरे अमूर्त)'', वाटर कलर, 1913 <ref>[https://www.centrepompidou.fr/cpv/ressource.action?param.id=FR_R-ac391e34b5ca3fb55646b7e696bed5df¶m.idSource=FR_O-162e838c106098751a76bce0ec7d80a2 Wassily Kandinsky, Untitled (study for ''Composition VII, Première abstraction''), watercolor, 1913] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180722070103/https://www.centrepompidou.fr/cpv/ressource.action?param.id=FR_R-ac391e34b5ca3fb55646b7e696bed5df¶m.idSource=FR_O-162e838c106098751a76bce0ec7d80a2 |date=22 जुलाई 2018 }}, MNAM, Centre Pompidou</ref> ]]
[[चित्र:Vassily_Kandinsky,_1923_-_On_White_II.jpg|अंगूठाकार| वासिली कैंडिंस्की, ''ऑन व्हाइट II'', 1923 ]]
और खोज जारी रही: नतालिया गोंचारोवा और मिखाइल लारियोनोव के रेइस्ट (लुचिज़्म) ने एक निर्माण करने के लिए प्रकाश की किरणों जैसी रेखाओं का उपयोग किया। 1915 में कासिमिर मालेविच ने अपना पहला पूरी तरह से सारगर्भित कार्य, वर्चस्ववादी, ''ब्लैक स्क्वायर'' पूरा किया। सुपरमैटिस्ट समूह ' लियोबोव पोपोवा ' के एक अन्य ने 1916 और 1921 के बीच आर्किटेक्चरल कंस्ट्रक्शंस और स्पेसियल फोर्स कंस्ट्रक्शंस का निर्माण किया। पीट मोंड्रियन 1915 और 1919 के बीच, रंग की आयतों के साथ क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं की अपनी अमूर्त भाषा विकसित कर रहा था, नव-प्लास्टिकवाद सौंदर्यवादी था, जो मोंड्रियन, थियो वैन डोस्बर्ग और अन्य समूह डी स्टिज्स में भविष्य के वातावरण को फिर से व्यवस्थित करने का था। ।
== संगीत ==
जैसे कि दृश्य कला अधिक अमूर्त हो जाती है, यह संगीत की कुछ विशेषताओं को विकसित करती है: एक कला रूप जो समय के ध्वनि और विभाजन के सार तत्वों का उपयोग करता है। वासिली कैंडिंस्की, जो खुद एक शौकिया संगीतकार थे, <ref>Susan B. Hirschfeld, Solomon R. Guggenheim Museum, Hilla von Rebay Foundation, ''Watercolors by Kandinsky at the Guggenheim Museum: a selection from the Solomon R. Guggenheim Museum and the Hilla von Rebay Foundation'', 1991. In 1871 the family moved to Odessa, where the young Kandinsky attended the Gymnasium and learned to play the cello and piano.</ref> ''आत्मा में'' निशान और साहचर्य रंग के ''गूंजने'' की संभावना से प्रेरित थे। चार्ल्स बौडेलेर द्वारा इस विचार को आगे रखा गया था, कि हमारी सभी इंद्रियां विभिन्न उत्तेजनाओं का जवाब देती हैं, लेकिन इंद्रियां एक गहन सौंदर्य स्तर पर जुड़ी होती हैं।
इससे संबंधित, यह विचार है कि कला का ''आध्यात्मिक आयाम है'' और आध्यात्मिक विमान तक पहुँचते हुए 'हर दिन' के अनुभव को पार कर सकता है। [[थियिसोफिकल सोसाइटी|थियोसोफिकल सोसायटी]] ने सदी के शुरुआती वर्षों में [[भारत]] और चीन की पवित्र पुस्तकों के प्राचीन ज्ञान को लोकप्रिय बनाया। यह इस संदर्भ में था कि पीट मोंड्रियन, वासिली कैंडिंस्की, हिल्मा अफ क्लिंट और एक 'ऑब्जेक्टलेस स्टेट' की ओर काम करने वाले अन्य कलाकार एक 'इनर' ऑब्जेक्ट बनाने के एक तरीके के रूप में जादू-टोने में रुचि रखते थे। [[ज्यामिति]] में पाए जाने वाले सार्वभौमिक और कालातीत आकार: चक्र, वर्ग और त्रिकोण अमूर्त कला में स्थानिक तत्त्व बन जाते हैं; वे रंग की तरह हैं, मौलिक प्रणालियां दृश्यमान वास्तविकता को अंतर्निहित करती हैं।
== रूसी अवांट-गार्डे ==
[[चित्र:Black_Square.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| काज़िमिर मालेविच, ''ब्लैक स्क्वायर'', 1923, रूसी संग्रहालय ]]
रूस के कई अमूर्त कलाकार कंस्ट्रक्टिविस्ट बन गए, यह मानते हुए कि कला अब कुछ दूरस्थ नहीं थी, बल्कि जीवन ही थी। कलाकार को एक तकनीशियन बनना चाहिए, जो आधुनिक उत्पादन के उपकरणों और सामग्रियों का उपयोग करना सीखे। ''जीवन में कला!'' व्लादिमीर टाटलिन का नारा था, और भविष्य के सभी निर्माणकर्ताओं का। वरवारा स्टेपानोवा और एलेक्जेंडर एक्सटर और अन्य ने चित्रफलक पेंटिंग को त्याग दिया और अपनी ऊर्जाओं को थिएटर डिजाइन और ग्राफिक कार्यों में बदल दिया। दूसरी तरफ काज़िमिर मालेविच, एंटोन पेवस्नेर और नाम गबो थे । उन्होंने तर्क दिया कि कला अनिवार्य रूप से एक आध्यात्मिक गतिविधि थी; दुनिया में व्यक्ति की जगह बनाने के लिए, जीवन को एक व्यावहारिक, भौतिकवादी अर्थ में व्यवस्थित करने के लिए नहीं। उन लोगों में से कई जो कला के भौतिकवादी उत्पादन विचार के प्रति शत्रुतापूर्ण थे उन्होंने रूस छोड़ दिया। एंटोन पेवस्नर फ्रांस गए, गैबो पहले बर्लिन गए, फिर इंग्लैंड और अंत में अमेरिका। कैंडिंस्की ने मॉस्को में अध्ययन किया और फिर [[बौहाउस|बॉहॉस के]] लिए प्रस्थान किया। 1920 के दशक के मध्य तक क्रांतिकारी अवधि (1917 से 1921) जब कलाकार प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र थे; और 1930 के दशक तक केवल समाजवादी यथार्थवाद की अनुमति थी। <ref>Camilla Gray, ''The Russian Experiment in Art, 1863–1922'', Thames and Hudson, 1962</ref>
== द बॉहॉस ==
[[बौहाउस|बॉहॉस]] वीमर में, जर्मनी में 1919 में स्थापित किया गया था वॉल्टर ग्रोपियस । <ref>Walter Gropius et al., ''Bauhaus 1919–1928'' Herbert Bayer ed., Museum of Modern Art, publ. Charles T Banford, Boston,1959</ref> शिक्षण कार्यक्रम में अंतर्निहित दर्शन वास्तुकला और चित्रकला से बुनाई और सना हुआ ग्लास तक सभी दृश्य और प्लास्टिक कलाओं की एकता थी। यह दर्शन इंग्लैंड में कला और शिल्प आंदोलन और डॉयचे विर्कबंड के विचारों से विकसित हुआ था। शिक्षकों में [[पाल क्ली|पॉल क्ले]], वासिली कैंडिंस्की, जोहान्स इटेन, जोसेफ एल्बर्स, एनी एल्बर्स और लेज़्ज़्लो मोहोली [[लास्जलो मोहोली-नागो|-नेगी शामिल थे]] । 1925 में स्कूल को डेसाउ में स्थानांतरित कर दिया गया और 1932 में [[नाज़ी पार्टी|नाजी पार्टी]] ने नियंत्रण प्राप्त कर लिया, द बॉहॉस को बंद कर दिया गया। 1937 में पतित कला की एक प्रदर्शनी, 'एंटेरटे कुन्स्ट' में नाजी दल द्वारा अस्वीकृत सभी प्रकार के [[आवाँ गार्द|अवांट-गार्डे]] कला शामिल थे। फिर पलायन शुरू हुआ: न केवल बाउहॉस से बल्कि सामान्य रूप से यूरोप से; पेरिस, लंदन और अमेरिका के लिए। पॉल क्ले [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विट्जरलैंड]] गए लेकिन बाउहॉस के कई कलाकार अमेरिका चले गए।
== पेरिस और लंदन में अमूर्त ==
[[File:DasUndbild.jpg|अंगूठाकार| कर्ट श्विटर्स, ''दास अंडरबिल्ड'', 1919, ''स्टैट्सगैलरी'' स्टटगार्ट |कड़ी=Special:FilePath/DasUndbild.jpg]]
1930 के दौरान पेरिस रूस, जर्मनी, नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय देशों के कलाकारों के लिए मेज़बान बन गया जो [[सर्वसत्तावाद|अधिनायकवाद]] के उदय से प्रभावित थे। सोफी तौबर और जीन अर्प ने ऑर्गेनिक / जियोमेट्रिक फॉर्म का उपयोग करके चित्रों और मूर्तिकला पर सहयोग किया। पोलिश कटारज़ी कोब्रो ने गणितीय रूप से मूर्तिकला पर आधारित विचारों को लागू किया। कई प्रकार के अमूर्त अब निकट निकटता में कलाकारों द्वारा विभिन्न वैचारिक और सौंदर्यवादी समूहों के विश्लेषण का प्रयास किया गया। जोकिन टॉरेस-गार्सिया <ref>{{Cite book|title=Geometric Abstraccion 1926-1949|last=Seuphor|first=Michel|date=1972|publisher=Dallas Museum of Fine Arts}}</ref> द्वारा आयोजित सिर्कल एट कार्रे समूह के छत्तीस सदस्यों की एक प्रदर्शनी में मिशेल सेउफोर <ref>Michel Seuphor, ''Abstract Painting''</ref> ने नियो-प्लास्टिस्टों के साथ-साथ एब्सट्रैक्टिस्ट जैसे कांडिंस्की, एंटोन पेवेसनर और कर्ट श्वेतर्स द्वारा काम किया। । थियो वैन डोर्सबर्ग द्वारा आलोचना के लिए बहुत अधिक अनिश्चित संग्रह है कि उन्होंने एक ''आर्ट आर्ट'' जर्नल प्रकाशित किया जिसमें एक अमूर्त कला को परिभाषित करने वाला एक घोषणापत्र तैयार किया गया जिसमें लाइन, रंग और सतह केवल ठोस वास्तविकता हैं। <ref>Anna Moszynska, ''Abstract Art'', p. 104, Thames and Hudson, 1990</ref> 1931 में एक और अधिक खुले समूह के रूप में स्थापित एब्सट्रैक्शन-क्रिएशन, अमूर्त कलाकारों के लिए संदर्भ का एक बिंदु प्रदान किया, क्योंकि 1935 में राजनीतिक स्थिति बिगड़ गई, और कलाकारों ने फिर से, लंदन में कई को फिर से संगठित किया। ब्रिटिश अमूर्त कला की पहली प्रदर्शनी 1935 में इंग्लैंड में आयोजित की गई थी। अगले वर्ष अधिक अंतरराष्ट्रीय ''सार और कंक्रीट'' प्रदर्शनी नीट ग्रे द्वारा आयोजित की गई थी जिसमें पीट मोंड्रियन, [[जोआन मीरो|जोन मिरो]], बारबरा हेपवर्थ और बेन निकोल्सन द्वारा काम शामिल था । हेपवर्थ, निकोलसन और गैबो अपने 'रचनाकार' कार्य को जारी रखने के लिए कॉर्नवॉल के सेंट इव्स समूह में चले गए। <ref>Anna Moszynska, ''Abstract Art'', Thames and Hudson, 1990</ref>
== अमेरिका: मध्य शताब्दी ==
[[चित्र:Piet_Mondriaan,_1939-1942_-_Composition_10.jpg|बाएँ|अंगूठाकार| ऊपर Mondrian शीर्षक ''रचना नंबर 10'' से पेंटिंग कैनवास पर एक 1939-1942 तेल है। इसके जवाब में, साथी डी स्टिजल कलाकार थियो वैन डोस्बर्ग ने कला और शांति और आध्यात्मिकता के आदर्शों के गैर-प्रतिनिधित्वात्मक कार्यों के बीच एक लिंक का सुझाव दिया। <ref>Utopian Reality: Reconstructing Culture in Revolutionary Russia and Beyond; Christina Lodder, Maria Kokkori, Maria Mileeva; BRILL, Oct 24, 2013 "Van Doesburg stated that the purpose of art was to imbue man with those positive spiritual qualities that were needed in order to overcome the dominance of the physical and create the conditions for putting an end to wars. In an enthusiastic essay on Wassily Kandinsky he had written about the dialogue between the artist and the viewer, and the role of art as 'the educator of our inner life, the educator of our hearts and minds'. Van Doesburg subsequently adopted the view that the spiritual in man is nurtured specifically by abstract art, which he later described as 'pure thought, which does not signify a concept derived from natural phenomena but which is contained in numbers, measures, relationships, and abstract lines'. In his response to Piet Mondrian's ''Composition 10'', Van Doesburg linked peace and the spiritual to a non-representational work of art, asserting that 'it produces a most spiritual impression…the impression of repose: the repose of the soul'."</ref> ]]
1930 के दशक में नाजी के सत्ता में आने के दौरान कई कलाकार यूरोप से संयुक्त राज्य अमेरिका भाग गए। 1940 के दशक के प्रारंभ में, आधुनिक कला, अभिव्यक्तिवाद, शावकवाद, अमूर्तता, [[अतियथार्थवाद]] और [[डाडावाद|दादा]] के मुख्य आंदोलनों का न्यूयॉर्क में प्रतिनिधित्व किया गया था: मार्सेल दुचम्प, फर्नांड लेगर, पिएट मोंड्रियन, जैक्सन लिपिट्ज़, एंड्रे मेसन, मैक्स अर्न्स्ट, एंड्रे ब्रेटन, निर्वासित यूरोपियों में से कुछ जो न्यूयॉर्क पहुंचे। <ref>Gillian Naylor, ''The Bauhaus'', Studio Vista, 1968</ref> यूरोपीय कलाकारों द्वारा लाए गए समृद्ध सांस्कृतिक प्रभाव आसन्न थे और स्थानीय न्यूयॉर्क चित्रकारों द्वारा बनाए गए थे। न्यूयॉर्क में स्वतंत्रता की जलवायु ने इन सभी प्रभावों को पनपने दिया। मुख्य रूप से यूरोपीय कला पर ध्यान केंद्रित करने वाली कला दीर्घाओं ने स्थानीय कला समुदाय और युवा अमेरिकी कलाकारों के काम को नोटिस करना शुरू कर दिया था जो परिपक्व होने लगे थे। इस समय के कुछ कलाकार अपने परिपक्व काम में विशिष्ट रूप से अमूर्त हो गए। इस अवधि के दौरान पीट मोंड्रियन की पेंटिंग ''रचना संख्या 10'', 1939-1942, जिसमें प्राथमिक रंग, सफेद जमीन और काली ग्रिड लाइनें शामिल हैं, ने स्पष्ट रूप से आयत और अमूर्त कला के लिए उनके कट्टरपंथी लेकिन शास्त्रीय दृष्टिकोण को परिभाषित किया। इस अवधि के कुछ कलाकारों ने वर्गीकरण को परिभाषित किया, जैसे कि जॉर्जिया ओ'कीफ़े, जो एक आधुनिकतावादी अमूर्तवादी थे, एक शुद्ध मनमौजी थे कि उन्होंने अवधि के किसी भी विशिष्ट समूह में शामिल नहीं होने पर अत्यधिक अमूर्त रूपों को चित्रित किया।
आखिरकार अमेरिकी कलाकार जो शैलियों की एक महान विविधता में काम कर रहे थे, वे सामंजस्यपूर्ण शैलीगत समूहों में बंधने लगे। अमेरिकी कलाकारों का सबसे अच्छा ज्ञात समूह सार अभिव्यक्तिवादी और न्यूयॉर्क स्कूल के रूप में जाना जाने लगा। [[न्यूयॉर्क नगर|न्यूयॉर्क शहर]] में एक ऐसा माहौल बना जिसने चर्चा को बढ़ावा दिया और सीखने और बढ़ने का नया अवसर मिला। कलाकार और शिक्षक जॉन डी। ग्राहम और हैंस हॉफमैन नए आए यूरोपीय आधुनिकतावादियों और उम्र के आने वाले छोटे अमेरिकी कलाकारों के बीच महत्वपूर्ण पुल के आंकड़े बन गए। [[मार्क रोथलो|मार्क रोथको]], रूस में पैदा हुए, जोरदार सर्जिस्ट इमेजरी के साथ शुरू हुए, जो बाद में 1950 के दशक की शुरुआत में उनकी शक्तिशाली रंग रचनाओं में विलीन हो गए। अभिव्यक्ति का इशारा और खुद को चित्रित करने का कार्य, जैक्सन पोलक, रॉबर्ट मदवेल और फ्रांज क्लाइन के लिए प्राथमिक महत्त्व का हो गया। जबकि 1940 के दशक के दौरान अर्शाइल गोर्की का और विलेम डे कूनिंग का आलंकारिक कार्य दशक के अंत तक अमूर्तता में विकसित हो गया। न्यूयॉर्क शहर केंद्र बन गया, और दुनिया भर के कलाकारों ने इसकी ओर रुख किया; अमेरिका के अन्य स्थानों से भी। <ref>[[Henry Geldzahler]], ''New York Painting and Sculpture: 1940–1970'', Metropolitan Museum of Modern Art, 1969</ref>
== बाद के घटनाक्रम ==
[[डिजिटल कला|डिजिटल आर्ट]], हार्ड-एज पेंटिंग, ज्यामितीय अमूर्तता, न्यूनतावाद, गीतात्मक अमूर्तता, ऑप आर्ट, अमूर्त अभिव्यक्तिवाद, रंग क्षेत्र पेंटिंग, मोनोक्रोम पेंटिंग, असेंबलिंग, नव-दादा, आकार कैनवास पेंटिंग, दूसरी छमाही में अमूर्तता से संबंधित कुछ निर्देश हैं। 20 वीं सदी का।
संयुक्त राज्य अमेरिका में, डोनाल्ड जुड़ की मिनिमलिस्ट मूर्तिकला में दिखाई देने वाली ''वस्तु के'' रूप में और फ्रैंक स्टैला के चित्रों को आज नए क्रमपरिवर्तन के रूप में देखा जाता है। अन्य उदाहरणों में लियोरिकल एब्स्ट्रेक्शन और रॉबर्ट मदरवेल, पैट्रिक हेरोन, केनेथ नोलैंड, सैम फ्रांसिस, साइ टोमबली, रिचर्ड डाइबेनकोर्न, हेलन फ्रैंकेंथेलर, जोन मिशेल के रूप में चित्रकारों के काम में देखे गए रंग का कामुक उपयोग शामिल है।
== करणीय संबंध ==
एक सामाजिक-ऐतिहासिक व्याख्या जो आधुनिक कला में सार के बढ़ते प्रसार के लिए पेश की गई है - थियोडोर डब्ल्यू। एडोर्नो के नाम से जुड़ी एक व्याख्या - यह है कि इस तरह का अमूर्त एक प्रतिक्रिया है, और एक प्रतिबिंब, के बढ़ते हुए अमूर्तन [[औद्योगिक समाज]] में सामाजिक संबंध। <ref>David Cunningham, 'Asceticism Against Colour', in ''New Formations'' 55 (2005) p. 110</ref>
फ्रेडरिक जेमसन समान रूप से आधुनिकतावादी अमूर्तता को पैसे की अमूर्त शक्ति के एक समारोह के रूप में देखता है, सभी चीजों को समान रूप से विनिमय-मूल्यों के समान बनाता है। <ref>M. Hardt/K. Weeks eds., ''The Jameson Reader'' (2000) p. 272</ref> अमूर्त कला की सामाजिक ''सामग्री'' तब सामाजिक अस्तित्व के सार स्वरूप - कानूनी औपचारिकताओं, नौकरशाही अव्यवस्था, सूचना / शक्ति - देर आधुनिकता की दुनिया में है। <ref>Cunningham, p. 114</ref>
इसके विपरीत, [[वैश्लेषिक मनोविज्ञान|जंगलों]] के बाद ठोस और आधुनिक कला में सार के रूप में अंतर्निहित रूप और मामले के पारंपरिक विचारों के विघटन के साथ क्वांटम सिद्धांतों को देखेंगे। <ref>Aniela Jaffé, in C. G. Jung ed., ''Man and his Symbols'' (1978) pp. 288–89, 303</ref> <gallery widths="170px" heights="170px" perrow="5">
चित्र:Albert Gleizes, 1910-12, Les Arbres, oil on canvas, 41 x 27 cm. Reproduced in Du "Cubisme", 1912.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Albert Gleizes|अल्बर्ट ग्लीज़]], 1910–12, ''लेस आर्ब्रेस (द ट्रीज़)'', कैनवास पर तेल, 41 × 27 से। मी। ''[[Du "Cubisme"|ड्यू "क्यूबिस्म"]]'', 1912 में पुन: प्रस्तुत किया गया
चित्र:Arthur Dove, 1911-12, Based on Leaf Forms and Spaces, pastel on unidentified support. Now lost.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Arthur Dove|आर्थर डोव]], 1911–12, ''लीफ फॉर्म और स्पेस के आधार पर'', अज्ञात समर्थन पर पेस्टल। अब हार गए
चित्र:Francis Picabia, 1912, Tarentelle, oil on canvas, 73.6 x 92.1 cm, Museum of Modern Art, New York.jpg| [[Francis Picabia|फ्रांसिस पिकाबिया]], 1912, ''टैरेंटेल'', कैनवास पर तेल, 73.6 × 92.1 सेमी, [[Museum of Modern Art|म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट]], न्यूयॉर्क। ''[[Du "Cubisme"|दू "क्यूबिस्म"]]'' में पुन ''[[Du "Cubisme"|: प्रस्तुत]]''
चित्र:Vassily Kandinsky, 1912 - Improvisation 27, Garden of Love II.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Wassily Kandinsky|वासिली कैंडिंस्की]], 1912, ''इंप्रूवमेंट 27'' ( ''गार्डन ऑफ़ लव'' II), कैनवास पर तेल, 120.3 × 140.3 सेमी, द [[Metropolitan Museum of Art|मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट]], न्यूयॉर्क। 1913 के [[Armory Show|आर्मरी शो]] में प्रदर्शित किया गया
चित्र:Pablo Picasso, 1913-14, Head (Tête), cut and pasted colored paper, gouache and charcoal on paperboard, 43.5 x 33 cm, Scottish National Gallery of Modern Art, Edinburgh.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Pablo Picasso|पाब्लो पिकासो]], १ ९१३-१४, ''हेड'' ( ''टेटे'' ), कट और पेस्ट किए गए रंगीन पेपर, गाउचे और चारकोल पेपरबोर्ड पर, ४३.५ × ३३ सेमी, [[Scottish National Gallery of Modern Art|स्कॉटिश नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट]], एडिनबर्ग
चित्र:Porte-Fenetre a Collioure 1914.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Henri Matisse|हेनरी मैटिस]], 1914, ''फ्रेंच विंडो कोलियूर में'', [[Centre Georges Pompidou|सेंटर जार्ज पोम्पिडोउ]], पेरिस
चित्र:Hilma af Klint Svanen.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Hilma af Klint|हिल्मा एफ क्लिंट]], ''सवेन'' ( ''द स्वान'' ), नंबर 17, ग्रुप IX, सीरीज़ SUW, अक्टूबर 1914-मार्च 1915। यह क्लिंट के जीवनकाल के दौरान इस अमूर्त कार्य को कभी प्रदर्शित नहीं किया गया था।
चित्र:Theo van Doesburg Composition VII (the three graces).jpg|<nowiki> </nowiki>[[Theo van Doesburg|थियो वैन डूसबर्ग]], [[Neo-Plasticism|नियो-प्लास्टिकिज्म]] : 1917, ''रचना VII'' ( ''द थ्री ग्रेसेस'' )
चित्र:Leger railway crossing.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Fernand Léger|फर्नांड लेगर]] 1919, ''द रेलवे क्रॉसिंग'', कैनवास पर तेल, 53.8 × 64.8 सेमी, [[The Art Institute of Chicago|शिकागो के कला संस्थान]]
चित्र:Joseph Csaky, Deux figures, 1920, relief, limestone, polychrome, 80 cm, Kröller-Müller Museum, Otterlo, Holland.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Joseph Csaky|जोसेफ सेसाकी]], ''ड्यूक्स के आंकड़े'', 1920, राहत, चूना पत्थर, पॉलीक्रोम, 80 सेमी, [[Kröller-Müller Museum|क्रोलर-मुलर संग्रहालय]], [[Kröller-Müller Museum|ओटरलो]]
चित्र:Albert Gleizes, 1921, Composition bleu et jaune (Composition jaune), oil on canvas, 200.5 x 110 cm DSC00547.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Albert Gleizes|अल्बर्ट ग्लीज़]], 1921, [[Albert Gleizes|कंप्लीट ब्ल्यू]] ''एट जून'' ( ''रचना जौन'' ), कैनवास पर तेल, 200.5 × 110 से। मी
चित्र:Piet Mondrian - Lozenge Composition with Yellow, Black, Blue, Red, and Gray - 1921 - The Art Institute of Chicago.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Piet Mondrian|पीट मोंड्रियन]], ''येलो, ब्लैक, ब्लू, रेड और ग्रे'', 1921, [[Art Institute of Chicago|आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो के]] ''साथ रचना''
चित्र:Fire in the Evening by Paul Klee in the MOMA.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Paul Klee|पॉल क्ले]], ''फायर इन इवनिंग'', 1929
चित्र:gabo.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Naum Gabo]] -> द्वारा ''रैखिक निर्माण''
चित्र:Carlsund Rapid (1930).jpg|<nowiki> </nowiki>[[Otto Gustaf Carlsund|ओटो गुस्ताफ कार्लसंड]], ''रैपिड'' (1930), एक [[Concrete Art|ठोस कला]] रेस्तरां भित्ति चित्र, स्टॉकहोम
चित्र:Newman-Onement 1.jpg|<nowiki> </nowiki>[[Barnett Newman|बार्नेट न्यूमैन]], ''वनमेंट 1'', 1948, [[Museum of Modern Art|म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट]], न्यूयॉर्क
</gallery>{{Columns-list|* [[Theosophy and visual arts#Artists and Theosophy|Abstract art and Theosophy]]
* [[Abstract expressionism]]
* [[Abstraction#Abstraction in art|Abstraction in art]]
* [[Action painting]]
* [[American Abstract Artists]]
* [[Art history]]
* [[Art periods]]
* [[Asemic writing]]
* [[Concrete art]]
* [[De Stijl]]
* [[Geometric abstraction]]
* [[Hard-edge]]
* [[History of painting]]
* [[Lyrical abstraction]]
* [[Op Art]]
* [[Representation (arts)]]
* [[Spatialism]]
* [[Surrealism]]
* [[Western painting]]}}
* सार एनीमेशन
* सार कॉमिक्स
* सार फोटोग्राफी
* प्रायोगिक फिल्म
{{Reflist}}
== सूत्र ==
* {{नोट|Compton}} {{Cite book|title=The World Backwards: Russian Futurist Books 1912–16|last=Compton, Susan|publisher=The British Library|year=1978|isbn=978-0-7141-0396-9}}
* {{नोट|StangosThamesHudson}} {{Cite book|title=Concepts of Modern Art|publisher=Thames and Hudson|year=1981|isbn=978-0-500-20186-2|editor-last=Stangos|editor-first=Nikos}}
* {{नोट|Gooding}} {{Cite book|title=Abstract Art|url=https://archive.org/details/abstractart0000good|last=Gooding, Mel|publisher=Tate Publishing|year=2001|isbn=978-1-85437-302-1|series=Movements in Modern Art series}}
* {{नोट|Rump}} {{Cite book|title=How to look at an abstract painting|last=Rump, Gerhard Charles|publisher=Inter Nationes|year=1985|}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [http://www.moma.org/collection/theme.php?theme_id=10946 यह शब्द "एब्स्ट्रक्शन" म्यूजियम ऑफ़ मॉडर्न आर्ट में ग्रोव आर्ट ऑनलाइन के नेल्सन गुडमैन द्वारा बोला गया है]
* [http://the-artists.org/Non-Figurative-Art/ नॉन फिगरेटिव आर्ट समझाया] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130530073015/http://the-artists.org/Non-Figurative-Art |date=30 मई 2013 }}
* [http://www.tate.org.uk/art/art-terms/a/abstract-art टेट यूके "सार कला है।] [http://www.tate.org.uk/art/art-terms/a/abstract-art ।] [http://www.tate.org.uk/art/art-terms/a/abstract-art । "]
[[श्रेणी:चित्रकला]]
[[श्रेणी:आधुनिक कला]]
[[श्रेणी:कला आन्दोलन]]
[[श्रेणी:अमूर्त कला]]
[[श्रेणी:Pages with unreviewed translations]]
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हंगरी के राष्ट्रपति
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{{Infobox official post
| post = गणराज्य के राष्ट्रपति
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| precursor = हंगरी के रीजेंट (पहला){{Clear}}हंगरी की राष्ट्रपति परिषद (दूसरा)
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| website = {{URL|https://www.sandorpalota.hu/en/main-page|www.sandorpalota.hu}}
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}}
'''हंगरी का राष्ट्रपति''', आधिकारिक रूप से गणराज्य का राष्ट्रपति<!--see the note for why lower-r republic--><ref name=president-of-the-republic group=note>मूल कानून के तहत, जो 2011 में अपनाया गया था, राज्य का आधिकारिक नाम केवल [[हंगरी]] है; पहले, राज्य को हंगरी गणराज्य कहा जाता था। हालांकि, इस मूल कानून के तहत भी, कार्यालय को [[राष्ट्रपति]] के रूप में ही संदर्भित किया जाता है, लेकिन इसका मतलब "हंगरी पर अध्यक्षता करने वाला राष्ट्रपति" होता है, न कि "हंगरी गणराज्य पर अध्यक्षता करने वाला राष्ट्रपति"।</ref> ({{langx|hu|Magyarország köztársasági elnöke}}, államelnök, या államfő), [[हंगरी]] का राष्ट्राध्यक्ष होता है। इस पद की भूमिका अधिकांशतः औपचारिक (आकर्षण) होती है, लेकिन [[राष्ट्रपति]] विधेयकों को वीटो कर सकते हैं या उन्हें समीक्षा के लिए संविधानिक न्यायालय में भेज सकते हैं। अधिकांश अन्य कार्यकारी शक्तियाँ, जैसे कि सरकारी मंत्रियों का चयन और विधायी पहलों का नेतृत्व, [[प्रधान मंत्री]] के कार्यालय में निहित होती हैं।
संविधानिक न्यायालय के पूर्व प्रमुख और [[वकील]] [[तामस सुलयोक]] को 26 फरवरी 2024 को, [[संसद]] के 2024 के वसंत सत्र के पहले दिन, राष्ट्रपति के पद के लिए चुना गया। उन्होंने 10 फरवरी 2024 को इस्तीफा देने वाली कातलिन नोवाक की जगह ली।
==राष्ट्रपति चुनाव==
[[हंगरी का संविधान]] प्रावधान करता है कि [[राष्ट्रीय सभा]] (Országgyűlés) हंगरी के राष्ट्रपति का चुनाव पांच वर्षों के कार्यकाल के लिए करती है। राष्ट्रपति को दो कार्यकाल की सीमा होती है।<ref name=clarus/>
===पद की स्वतंत्रता===
संविधान के अनुच्छेद 12 (2) के अनुसार, राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करते समय "कोई भी सार्वजनिक, राजनीतिक, आर्थिक या सामाजिक कार्य या मिशन" नहीं कर सकते। वे "किसी अन्य भुगतान वाली पेशेवर गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते, और कॉपीराइट के अधीन गतिविधियों के अलावा किसी अन्य गतिविधि के लिए पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर सकते।"<ref name=clarus/>
===उम्मीदवारी की शर्तें===
अनुच्छेद 10 (2) के अनुसार, कम से कम 35 वर्ष की आयु का कोई भी हंगेरियन नागरिक राष्ट्रपति के रूप में चुना जा सकता है।<ref name=clarus/>
===चुनावी प्रक्रिया===
राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष द्वारा बुलाए गए राष्ट्रपति चुनाव को मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल की समाप्ति से 30 से 60 दिनों के भीतर या 30 दिनों के भीतर आयोजित किया जाना चाहिए यदि पद रिक्त हो जाता है।<ref>Article 11 (1) of the Constitution</ref>
संविधान में कहा गया है कि उम्मीदवारी "राष्ट्रीय सभा के कम से कम पाँचवें हिस्से के सदस्यों द्वारा लिखित रूप में प्रस्तावित" की जानी चाहिए।<ref name="a11 (2)">Article 11 (2) of the Constitution</ref> इन्हें मतदान से पहले राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष के पास प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रीय सभा का एक सदस्य केवल एक ही उम्मीदवार को नामित कर सकता है।<ref name="a11 (2)"/>
गुप्त मतदान अधिकतम दो लगातार दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। पहले दौर में, यदि किसी उम्मीदवार को राष्ट्रीय सभा के सभी सदस्यों के 2/3 से अधिक वोट प्राप्त होते हैं, तो उम्मीदवार का चुनाव हो जाता है।<ref>Article 11 (3) of the Constitution</ref>
यदि कोई उम्मीदवार आवश्यक बहुमत प्राप्त नहीं करता है, तो दूसरे दौर का चुनाव उन दो उम्मीदवारों के बीच आयोजित किया जाता है जिन्होंने पहले दौर में सबसे अधिक वोट प्राप्त किए। जो उम्मीदवार दूसरे दौर में डाले गए वोटों का बहुमत प्राप्त करता है, वह राष्ट्रपति चुना जाता है। यदि दूसरे दौर में भी कोई परिणाम नहीं निकलता, तो नए उम्मीदवारों के साथ एक नई चुनावी प्रक्रिया आयोजित की जानी चाहिए।<ref>Article 11 (4) of the Constitution</ref>
===शपथ ग्रहण===
अनुच्छेद 11 (6) के अनुसार, गणराज्य के राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सभा के समक्ष शपथ लेनी होती है।<ref name=clarus/><ref>{{Cite web|url=https://www.parlament.hu/naplo40/221/n221_0191.htm|title = Felszólalás}}</ref>
शपथ इस प्रकार है:
Én, [name of the person] fogadom, hogy Magyarországhoz és annak Alaptörvényéhez hű leszek, jogszabályait megtartom és másokkal is megtartatom; köztársasági elnöki tisztségemet a magyar nemzet javára gyakorolom. [And, according to the conviction of the one who takes the oath] Isten engem úgy segéljen!
मैं, [व्यक्ति का नाम], शपथ लेता हूँ कि मैं हंगरी और उसके मूल कानून के प्रति निष्ठावान रहूँगा, इसके कानूनों का सम्मान करूंगा और दूसरों द्वारा भी उनका पालन सुनिश्चित करूंगा; मैं गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में अपने कर्तव्य का निर्वहन हंगरी राष्ट्र के लाभ के लिए करूंगा। [और, शपथ लेने वाले की मान्यता के अनुसार] ईश्वर मेरी सहायता करें!
==क्षमताएँ और विशेषाधिकार==
मूल कानून के अनुसार, "हंगरी का राष्ट्राध्यक्ष गणराज्य का राष्ट्रपति होता है जो राष्ट्र की एकता को व्यक्त करता है और राज्य संस्थाओं के लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली की निगरानी करता है"। राष्ट्रपति हंगरी के रक्षा बलों का प्रमुख होता है, "हंगरी का प्रतिनिधित्व करता है", "राष्ट्रीय सभा की बैठकों में भाग ले सकता है और भाषण दे सकता है", और "कानून" या एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह की पहल कर सकता है। राष्ट्रपति चुनावों की तिथि निर्धारित करता है, "विशेष कानूनी स्थितियों" (युद्ध, आपातकाल...) के संबंध में निर्णयों में भाग लेता है, चुनावों के बाद राष्ट्रीय सभा को बुलाता है, इसे भंग कर सकता है, और कानून की संविधि के अनुरूपता की जांच संविधि न्यायालय से करवा सकता है।<ref name=clarus>[http://m.ludita.uni-nke.hu/repozitorium/bitstream/handle/11410/10136/The%20Basic%20Law%20of%20Hungary.pdf THE BASIC (FUNDAMENTAL) LAW OF HUNGARY A Commentary of the New Hungarian Constitution] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210831191821/http://m.ludita.uni-nke.hu/repozitorium/bitstream/handle/11410/10136/The%20Basic%20Law%20of%20Hungary.pdf |date=31 अगस्त 2021 }} (Clarus Press, 2015, {{ISBN| 978-1-905536-81-8}}), pp. 153–163</ref>
राष्ट्राध्यक्ष "प्रधानमंत्री, क्यूरिया के अध्यक्ष, प्रमुख सार्वजनिक अभियोजक और मौलिक अधिकारों के आयुक्त के नामों का प्रस्ताव करता है", न्यायाधीशों और बजट परिषद के अध्यक्ष का एकमात्र नामांकक होता है। "सरकार के सदस्य के प्रतिहस्ताक्षर के साथ", राष्ट्राध्यक्ष मंत्रियों, हंगरी के राष्ट्रीय बैंक के गवर्नर, स्वतंत्र नियामक संस्थाओं के प्रमुखों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, जनरलों, राजदूतों और विश्वविद्यालय के कुलपतियों की नियुक्ति करता है, और "अलंकरण, पुरस्कार और उपाधियाँ प्रदान करता है"। हालांकि, राष्ट्रपति इन नियुक्तियों को "यदि कानूनी शर्तें पूरी नहीं होती हैं या यदि यह ठोस कारणों से निष्कर्षित करता है कि इससे राज्य संस्थाओं के लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली में गंभीर विघ्न होगा" करने से मना कर सकता है।<ref name=clarus />
सरकार की सहमति से, राष्ट्राध्यक्ष "व्यक्तिगत क्षमा का अधिकार" का प्रयोग करता है, "क्षेत्रीय संगठन के मामलों" और "नागरिकता प्राप्ति और विलोपन से संबंधित मामलों" का निर्णय करता है।<ref name=clarus />
==आत्मरक्षा और पद से हटाना==
मूल कानून के अनुच्छेद 12 के अनुसार, "राष्ट्रपति अभयित है"। परिणामस्वरूप, राष्ट्रपति के खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही केवल उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद ही की जा सकती है।<ref>Article 13 (1) of the Constitution</ref>
हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 13 (2) के अनुसार राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है। यह केवल तब हो सकता है यदि राष्ट्रपति "जानबूझकर मौलिक कानून या किसी अन्य कानून का उल्लंघन करते हैं या वे जानबूझकर कोई अपराध करते हैं"। ऐसी स्थिति में, हटाने के प्रस्ताव को राष्ट्रीय सभा के कम से कम 1/5 सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए।<ref name=clarus/>
आरोप पत्र की प्रक्रिया को राष्ट्रीय सभा के सदस्यों की 2/3 बहुमत से गुप्त मतदान द्वारा निर्णय लेकर शुरू किया जाता है।<ref>Article 13 (3) of the Constitution</ref> इसके बाद, संविधि न्यायालय की कार्यवाही में यह निर्धारित किया जाता है कि राष्ट्रपति को उनके कर्तव्यों से मुक्त किया जाना चाहिए या नहीं।<ref>Article 13 (4) of the Constitution</ref>
यदि न्यायालय राष्ट्रपति की जिम्मेदारी तय करता है, तो राष्ट्रपति को पद से हटा दिया जाएगा।<ref>Article 13 (6) of the Constitution</ref>
==उत्तराधिकार==
===मंडेट की समाप्ति और अक्षमता===
अनुच्छेद 12 (3) के अनुसार, गणराज्य के राष्ट्रपति का कार्यकाल निम्नलिखित स्थितियों में समाप्त हो जाता है:
* कार्यकाल की समाप्ति पर;
* कार्यालय में रहते हुए राष्ट्रपति की मृत्यु पर;
* ऐसी अक्षमता से जो उनके कर्तव्यों के निर्वहन को 90 दिनों से अधिक समय तक असंभव बना देती है;
* यदि वे पात्रता के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करते हैं;
* कर्तव्यों की असंगतता की घोषणा;
* इस्तीफे द्वारा;
* बर्खास्तगी द्वारा।
अनुच्छेद 12 (4) के अनुसार, राष्ट्रीय सभा को गणराज्य के राष्ट्रपति की अक्षमता का निर्णय करना होगा यदि वे 90 दिनों से अधिक समय तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सकते। यह निर्णय सभा के सभी सदस्यों के 2/3 बहुमत से लिया जाना चाहिए।
===अनुपस्थिति (अस्थायी अक्षमता)===
अनुच्छेद 14 (1) के अनुसार, यदि गणराज्य का राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों और शक्तियों का अस्थायी रूप से पालन करने में असमर्थ होता है, तो ये कार्य और शक्तियाँ हंगरी की राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष द्वारा निभाई जाती हैं, जो उन्हें किसी उपाध्यक्ष को सौंप नहीं सकते हैं, और राष्ट्रपति की अक्षमता की अवधि के अंत तक राष्ट्रीय सभा के कर्तव्यों में<ref>Article 14 (3) of the Constitution</ref> अध्यक्ष को राष्ट्रीय सभा के एक उपाध्यक्ष द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है।
अनुच्छेद 14 (2) के अनुसार, राष्ट्रपति की अस्थायी अक्षमता का निर्णय राष्ट्रीय सभा द्वारा किया जाता है, जो स्वयं राष्ट्रपति, सरकार, या राष्ट्रीय सभा के किसी सदस्य के प्रस्ताव पर आधारित होता है।<ref name=clarus/>
==इतिहास==
===विधायी प्रक्रिया में भूमिका===
{| class="wikitable sortable" style="text-align:center"
|+विधायी प्रक्रिया में गणराज्य के राष्ट्रपति की भूमिका:<br>वीटो की संख्या आदि<ref name="pres-parl">{{cite web|url=https://www.parlament.hu/osszesito-tablazat |title=A köztársasági elnök szerepe a törvényalkotásban |publisher=[[National Assembly of Hungary|Országgyűlés]]}}</ref>
! अध्यक्ष !! अवधि!!स्व-प्रस्तावित कानून !! राजनीतिक वीटो !! संवैधानिक वीटो !! सभी
|-
| rowspan=2|अर्पाद गोंक्ज़||<small>1990–1995</small> || 3 || 0 || 7 || '''10'''
|-
| <small>1995–2000</small> || 0 || 2 || 1 || '''3'''
|-
| फ़ेरेनक मैडल||<small>2000–2005</small> || 0 || 6 || 13 || '''19'''
|-
| लास्ज़लो सोल्योम||<small>2005–2010</small> || 0 || 31 || 16 || '''47'''
|-
| पाल श्मिट||<small>2010–2012</small> || 0 || 0 || 0 || '''0'''
|-
| rowspan=2|जानोस आदेर||<small>2012–2017</small> || 0 || 28 || 5 || '''33'''
|-
|<small>2017–2022</small> || 0 || 9 || 3 || '''12'''
|-
|कैटालिन नोवाक||<small>2022–2024</small> || 0 || 3 || 2 || '''5'''
|-
|तामस सुलयोक
|<small>2024–</small>
|0
|0
|0
|0
|-
! colspan=2|सभी!!3!!79!!47!!129
|}
==नवीनतम चुनाव==
{{Main article|हंगरी राष्ट्रपति चुनाव (2024)}}
{| class="wikitable"
|+ हंगरी राष्ट्रपति चुनाव (2024)<ref name="hun">{{Cite web |url=https://telex.hu/belfold/2024/02/26/sulyok-tamas-koztarsasagielnok-jelolt-fidesz-kdnp-alkotmanybirosag-jogasz |title = Megvan Novák Katalin utódja: a politikát kerülő jogász, Sulyok Tamás az új köztársasági elnök |date = 26 February 2024 |access-date=2024-02-26}}</ref><ref>{{cite web |access-date=26 February 2024 |date=27 February 2024 |title=LEAD Tamas Sulyok élu président de Hongrie |url=http://french.china.org.cn/foreign/txt/2024-02/27/content_117021298.htm |website=french.china.org.cn}}<!-- auto-translated from French by Module:CS1 translator -->.</ref>
|-
! style="text-align:left" | उम्मीदवार
! style="text-align:left" | नामांकन पार्टी
! style="text-align:left" | मतदान
! style="text-align:left" | %
|-
| तामस सुलयोक के पक्ष में
| स्वतंत्र
| 134
| 96.40%
|-
| सुलयोक के विरुद्ध
| ---
| 5
| 3.60%
|-
! colspan=2 | कुल
! 139
! 100%
|-
| colspan=2 | वैध मतदान
| 139
| 95.20%
|-
| colspan=2 | रिक्त एवं अवैध मतदान
| 7
| 4.80%
|-
! colspan=2 | कुल
! 146
! 100%
|-
| colspan=2 | बचाव
| 52
| 26.27%
|-
| colspan=2 | पंजीकृत मतदाता/मतदान प्रतिशत
| 198
| 73.73
|}
==इन्हें भी देखें==
* [https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_heads_of_state_of_Hungary हंगरी के राष्ट्र अध्यक्षों की सूची]
==टिप्पणी==
{{Reflist|group=note}}
==सन्दर्भ==
2fnuxcd61yw70adfsifwnjze22a2g14
जेरेमी बर्ज
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{{Infobox person
| name = जेमी बर्ज
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| birth_date = {{Birth date and age|df=yes|1984|07|14}}
| birth_place = ऑस्ट्रेलिया
| nationality = ऑस्ट्रेलियन
| occupation =[[इमोजीपीडिया ]] के संस्थापक
| known_for = उधमी , ब्लॉगर
}}
'''जेरेमी बर्ज''' (जन्म 14 जुलाई 1984)<ref name=interview>{{cite news |title=Interview with Jeremy Burge, founder of Emojipedia |url=http://uk.businessinsider.com/emojipedia-jeremy-burge-emoji-encyclopedia-profile-2016-1 |accessdate=29 January 2016 |newspaper=[[Business Insider]] |date=17 January 2016 |first=Rob |last=Price |archive-date=29 जनवरी 2016 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160129010513/http://uk.businessinsider.com/emojipedia-jeremy-burge-emoji-encyclopedia-profile-2016-1 |url-status=dead }}</ref>
एक इमोजी इतिहासकार है अथवा <ref>{{Cite news|url=http://uk.businessinsider.com/how-to-make-new-emoji-2018-5|title=The world's foremost emoji historian shares how emoji get made and what new emoji you can expect soon|work=Business Insider|access-date=2018-05-24}}{{Dead link|date=मई 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.theatlantic.com/technology/archive/2018/05/the-one-emoji-that-means-true-love/560462/|title=The One Emoji That Means True Love|last=Lorenz|first=Taylor|work=The Atlantic|access-date=2018-05-24|language=en-US}}</ref><ref>{{Cite web|last=Mix|date=2020-08-12|title=Why skin tone modifiers don't work for 🤝, explained by an emoji historian|url=https://thenextweb.com/shareables/2020/08/12/emoji-skin-tone-modifier-handshake/|access-date=2020-08-13|website=The Next Web|language=en-us}}</ref>[[इमोजीपीडिया]] के संस्थापक है और <ref>{{cite news |title=Emojipedia creator on non-human emojis & Twitter disputes |url=http://www.idgconnect.com/abstract/9946/emojipedia-creator-human-emojis-twitter-disputes |accessdate=27 May 2015 |newspaper=[[International Data Group|IDG]] |date=26 May 2015 |first=Ayesha |last=Salim |archive-date=1 जून 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20150601011820/http://www.idgconnect.com/abstract/9946/emojipedia-creator-human-emojis-twitter-disputes |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite web|last=Heilweil|first=Rebecca|date=2020-07-17|title=Emoji reveal more about you than you think|url=https://www.vox.com/recode/21326583/emoji-day-unicode-consortium-advertising-branding-emotions|access-date=2020-08-13|website=Vox|language=en}}</ref> [[विश्व इमोजी दिवस]] के निर्माता है।<ref name="Varn">{{cite news|last=Varn |first=Kathryn |title=Letting Our Emojis Get in the Way |url=https://www.nytimes.com/2015/07/18/nytnow/letting-our-emojis-get-in-the-way.html?_r=2 |accessdate=20 July 2015 |newspaper=[[The New York Times]] |date=17 July 2015}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://money.cnn.com/2018/07/16/technology/apple-emoji-preview/index.html|title=Redheads, lobsters and cupcakes: Apple shows off new iOS emojis|last=Kelly|first=Heather|work=CNNMoney|access-date=2018-10-24|archive-date=9 अक्तूबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181009032928/https://money.cnn.com/2018/07/16/technology/apple-emoji-preview/index.html|url-status=dead}}</ref> और व्यापक रूप से इमोजी के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है।<ref>{{cite news |title=The Inside Story of Why the World Is Being Blessed With a 'Colbert Emoji' |url=http://time.com/4270710/colbert-emoji/ |accessdate=2 April 2016 |newspaper=[[Time (magazine)|Time]] |date=25 March 2016 |first=Victor |last=Luckerson}}</ref><ref>{{cite news |title=Samsung risks racism storm as it introduces new non-diverse emoji that 'make everyone white'|url=https://www.mirror.co.uk/tech/samsung-risks-racism-storm-introduces-7449866 |accessdate=21 April 2016 |newspaper=[[Daily Mirror]] |date=21 September 2015 |first=Jasper |last=Hamill}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.theaustralian.com.au/business/technology/forbidden-fruit-lost-in-emoji-web-of-textual-desire/news-story/1d64045a9097f05a8ea11a04aa078eb8|title=Forbidden fruit lost in emoji web of textual desire|last=Varga|first=Remy|date=2 September 2017|website=www.theaustralian.com.au|publisher=The Australian|access-date=2017-09-06}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.npr.org/2017/07/24/539087926/apple-unveils-56-new-emoji-including-t-rex-and-a-zombie|title=Apple Unveils New Emoji Designs – Including T. Rex and a Zombie|work=NPR.org|access-date=2018-04-13|language=en}}</ref>
== इमोजीपीडिया ==
जुलाई 2013 में, बर्ज ने इमोजी संदर्भ साइट [[इमोजीपीडया]] की शुरुआत की, यह सोचकर कि डोनट इमोजी कितने समय से अस्तित्व में था, और [[गूगल]] या [[विकिपीडिया]] पर कोई उत्तर नहीं पा रहा था।<ref name="samueljohnson">{{cite news |last1=Mirani |first1=Leo |title=The Samuel Johnson of Emoji |url=https://www.newyorker.com/magazine/2020/08/24/the-samuel-johnson-of-emoji |accessdate=26 August 2020 |work=The New Yorker |date=17 August 2020}}</ref> ''[[द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड]] '' ने बताया कि 2017 में साइट के प्रति माह 23 मिलियन पेज व्यू थे।<ref>{{Cite news|url=http://www.smh.com.au/technology/web-culture/how-jeremy-burge-turned-his-curiosity-with-emojis-into-a-sixfigure-salary-20171127-gztz5v.html|title=How Jeremy Burge turned his curiosity with emojis into a six-figure salary|last=Olding|first=Rachel|date=2017-12-02|work=The Sydney Morning Herald|access-date=2017-12-22|language=en-US}}</ref> इमोजीपेडिया में मुख्य इमोजी अधिकारी के रूप में काम करता है<ref>{{Cite web|url=http://starsandcelebs.com/2018/10/jeremy-burge-chief-emoji-officer-at-emojipedia-addresses-bagel-emoji-issue/|title=Jeremy Burge, Chief Emoji Officer at Emojipedia addresses bagel emoji issue|last=Tompkins|first=Michelle|website=Stars and Celebs|language=en-US|access-date=2018-10-24|archive-date=11 अप्रैल 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190411102654/https://starsandcelebs.com/2018/10/jeremy-burge-chief-emoji-officer-at-emojipedia-addresses-bagel-emoji-issue/|url-status=dead}}</ref> साइट पर संपादकीय सामग्री की देखरेख करना<ref>{{Cite news|url=https://www.today.com/food/apple-s-new-bagel-emoji-incredibly-realistic-t139835|title=After social media uproar, Apple fixes bagel emoji – see the realistic new design|last=Dawn|first=Randee|work=Today|access-date=2018-10-24|language=en-US}}</ref> और 2016 से इस भूमिका को पूर्णकालिक पर कब्जा कर लिया है.<ref>{{Cite news|url=https://www.bbc.com/news/world-38287908|title=London firm seeks emoji translator|last=Eggert|first=Nalina|date=2016-12-12|work=BBC News|access-date=2018-10-24|language=en-GB}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.bbc.com/mundo/noticias/2016/04/160414_sociedad_whatsapp_emojis_verdadero_significado_ppb|title=El verdadero significado de algunos de los "emojis" más populares|date=15 April 2016|accessdate=21 April 2016|website=[[BBC Mundo]]}}</ref>
बर्ज ने पेशेवर [[खिलाड़ी]] [[टोनी हॉक]] और [[साशा डिजीलियन]] के साथ काम किया, स्केटबोर्ड के लिए इमोजीपेडिया की नमूना छवियों की सटीकता में सुधार करने के लिए<ref>{{Cite news|url=http://nymag.com/intelligencer/2018/02/tony-hawk-explains-how-he-would-fix-the-skateboard-emoji.html|title=Tony Hawk Finally Got a Skateboard Emoji. Now He Just Has to Fix It.|last=Feldman|first=Brian|work=New York Magazine|access-date=2018-11-27|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://twitter.com/tonyhawk/status/965707830979321858|title=I sent Jeremy Burge & Joshua Jones a photo of my actual board, so I'll take the blame if the wheels look big...|last=Hawk|first=Tony|work=Twitter|access-date=2018-11-27|language=en}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://theblast.com/tony-hawk-skateboard-emoji/|title=Tony Hawk Ramping Up Lame Skateboard Emoji|date=2018-02-08|work=The Blast|access-date=2018-11-27|language=en-US|archive-date=28 नवंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181128210930/https://theblast.com/tony-hawk-skateboard-emoji/|url-status=dead}}</ref> और रॉक क्लाइंबर कैरेक्टर<ref>{{Cite news|url=https://gripped.com/news/sasha-digiulian-helps-make-person-climbing-emoji/|title=Sasha DiGiulian Helps Make Person Climbing Emoji|date=2017-03-30|work=Gripped Magazine|access-date=2018-11-27|language=en-US}}</ref> क्रमशः जेनकेन पत्रिका ने बताया: "जब वे एक दिन फोन पर थे, हॉक ने अपने बोर्ड की तस्वीर को मंजूरी दे दी"<ref>{{Cite news|url=http://www.jenkemmag.com/home/2018/11/07/skateboard-emoji-come/|title=Where did the skateboard emoji come from?|last=Dobija-Nootens|first=Nic|date=2018-11-07|work=Jenkem Magazine|access-date=2018-11-27|language=en-US}}</ref> जिसे इमोजीपेडिया के संशोधित स्केटबोर्ड डिजाइन के आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया था।<ref>{{Cite news|url=http://nymag.com/intelligencer/2018/02/tony-hawk-helped-update-the-skateboard-emoji.html|title=The Skateboard Emoji Has Been Fixed With Help From Tony Hawk|last=Feldman|first=Brian|work=New York Magazine|access-date=2018-11-27|language=en}}</ref>
== लेखन ==
बर्ज इमोजीपेडिया में नियमित समाचार योगदानकर्ता है<ref>{{Cite web|url=https://blog.emojipedia.org/author/jeremyburge/|title=Author: Jeremy Burge|website=Emojipedia|language=en|access-date=2018-12-05}}</ref> और संदर्भ वेबसाइट पर कई प्रारंभिक इमोजी परिभाषाओं के लिए ज़िम्मेदार था।<ref>{{Cite web|url=https://www.newstalk.com/Emojipedia:-The-definition-and-story-of-every-emoji|title=Emojipedia: The definition and story of every emoji|last=Kelly|first=Jess|website=Newstalk|access-date=3 फ़रवरी 2021|archive-date=5 दिसंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181205193505/https://www.newstalk.com/Emojipedia:-The-definition-and-story-of-every-emoji|url-status=dead}}</ref> इसके अतिरिक्त उन्होंने ऐसे सिक्स कलर्स के प्रकाशनों के लिए लिखा है,<ref>{{Cite web|url=https://sixcolors.com/post/2015/08/dreams-of-emoji-yet-to-come/|title=Dreams of emoji yet to come|last=Burge|first=Jeremy|website=Six Colors|language=en-us|access-date=2018-12-05}}</ref> [[मध्यम (वेबसाइट) | मध्यम]]<ref>{{Cite web|url=https://medium.com/s/thenewnew/new-emojis-are-here-were-not-ready-e7f9de4779d2|title=New Emojis Are Here. We're Not Ready.|last=Burge|first=Jeremy|website=Medium|access-date=2018-12-05|edition=The New New}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://onezero.medium.com/when-ignoring-a-text-is-the-polite-thing-to-do-dc733fc718be|title=When Ignoring a Text Is the Polite Thing to Do|last=Burge|first=Jeremy|date=2019-05-30|website=Medium|language=en|access-date=2020-02-13}}</ref> और इंटरनेट की समीक्षा कि.<ref>{{Cite web|url=https://medium.com/@internetreview_/a-running-list-of-our-kickstarter-contributors-and-their-topics-aaf81616ec8a|title=A running list of our Kickstarter contributors and their topics|date=2016-11-28|website=Medium|access-date=2017-11-18}}</ref>
2019 में बर्ज ने अनजाने उद्देश्यों के लिए उपयोगकर्ता द्वारा प्रस्तुत फोन नंबरों का उपयोग करके फेसबुक का मुद्दा उठाया,<ref>{{Cite news|last=Cook|first=James|date=2019-03-04|title=Facebook mobile security loophole lets anyone look up your profile|language=en-GB|work=The Telegraph|url=https://www.telegraph.co.uk/technology/2019/03/04/facebook-mobile-security-loophole-anyone-look-profile/|access-date=2020-08-13|issn=0307-1235}}</ref><ref>{{Cite web|title=Facebook won't let you opt out of its phone number 'look up' setting|url=https://social.techcrunch.com/2019/03/03/facebook-phone-number-look-up/|access-date=2020-08-13|website=TechCrunch|language=en-US}}{{Dead link|date=जून 2023 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> और 2020 में प्रत्येक कीस्ट्रोक पर उपयोगकर्ता क्लिपबोर्ड डेटा तक पहुंचने वाले टिक्टोक की पहचान की गई।<ref>{{Cite web|last=Lyons|first=Kim|date=2020-06-26|title=TikTok says it will stop accessing clipboard content on iOS devices|url=https://www.theverge.com/2020/6/26/21304228/tiktok-security-ios-clipboard-access-ios14-beta-feature|access-date=2020-08-13|website=The Verge|language=en}}</ref>
==सन्दर्भ ==
{{reflist}}
==बाहरी स्रोत ==
{{Commons category}}
* [https://jeremyburge.com/ जेरेमी बर्ज का निजी पृष्ठ]
[[श्रेणी: 1984 जन्म]]
[[श्रेणी: जीवित लोग]]
[[श्रेणी: ऑस्ट्रेलियाई ब्लॉगर्स]]
[[श्रेणी: ऑस्ट्रेलियाई पुरुष पॉडकास्टर्स]]
[[श्रेणी: ऑस्ट्रेलियाई पॉडकास्टर्स]]
[[श्रेणी: यूनिकोड से जुड़े लोग]]
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{{ज्ञानसन्दूक कम्पनी|name=Bennett Coleman and Company Limited|logo=The Times Group.svg|type=[[Private company|Private]]|foundation={{start date and age|1838|November|4|p=y|df=y}}|founder=|location=[[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]], [[भारत]]|key_people={{plainlist|
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}}|products={{hlist|[[Publishing]] |[[broadcasting]] |[[radio]] |[[film]]s |[[मनोरंजन]] |[[web portal]]s}}|revenue={{increase}} {{INRConvert|6986|c}} (FY 2019)<ref name=10K>{{cite news |url=https://www.exchange4media.com/media-others-news/bccls-advertising-revenue-grows-17-in-fy19-100974.html|website=exchange4media.com |title=BCCL's advertising revenue grows 1.7% in FY19 |date= 21 November 2019|last1=Saini |first1=Sonam }}</ref>|net_income={{decrease}} {{INRConvert|153|c}} (FY 2019)<ref name=10K/>|num_employees=11,000 (2014)<ref name="FY">{{cite news |url=https://www.business-standard.com/article/markets/times-group-may-go-for-an-ipo-in-the-long-run-112100600010_1.html | title=Times Group may go for an IPO 'in the long run' |newspaper=[[बिजनेस स्टैंडर्ड]]|date=25 January 2013|access-date=3 May 2020}}</ref>|owner=[[Sahu Jain family]]|subsid={{plainlist|
*[[Times Internet]]
*[[Times Music]]
* Times Business Solutions Limited
* [[Indiatimes shopping]]
* Times Guaranty Ltd
* Times Publishing House Limited}}|homepage={{URL|https://www.timesofindia.com/|timesofindia.com}}}}'''टाइम्स समूह''' एक भारतीय [[मिडिया संगुटिका|मीडिया समूह है]] जिसका मुख्यालय [[मुम्बई|मुंबई]], [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्र में है]] । {{R|FT}} इसका वास्तविक नाम '''बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड''' है <ref>{{Cite web|url=https://www.bloomberg.com/research/stocks/private/snapshot.asp?privcapId=7604379|title=Bennett Coleman & Co. Ltd.: Private Company Information|website=Bloomberg|access-date=30 July 2018}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://opencorporates.com/companies/in/U22120MH1913PLC000391|title=BENNETT COLEMAN AND COMPANY LIMITED|website=[[opencorporates.com]]|access-date=30 July 2018}}</ref> यह [[साहू जैन परिवार|साहू जैन परिवार के]] स्वामित्व वाला व्यवसाय है, जिसका टाइम्स समूह में बहुमत है।
== एसेट्स ==
* [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]], 28 लाख प्रतियों के साथ दुनिया में किसी भी अंग्रेजी भाषा के अखबार का सबसे बड़ा प्रचलन है। <ref name="FT">{{Cite news|url=http://www.ft.com/cms/s/0/6c6c4392-d0a9-11e4-a840-00144feab7de.html#axzz3VKpyrnhz|title=Uber in tie-up with Times of India digital arm|last=James Crabtree, Mumbai|date=23 March 2015|work=Financial Times|access-date=24 March 2015}}</ref> <ref>{{Cite web|url=http://www.auditbureau.org/news/view/17|title=Details of most circulated publications for the audit period July - December 2013|date=21 May 2014|publisher=Audit Bureau of Circulations|access-date=24 March 2015}}</ref>
* [[द इकॉनोमिक टाइम्स|द इकोनॉमिक टाइम्स]]
* [[नवभारत टाइम्स|नव भारत टाइम्स]]
* [[महाराष्ट्र टाइम्स]]
* ई समइ
* [[मुंबई मिरर]]
* विजया कर्नाटक
=== टेलीविजन चैनल ===
टाइम्स समूह निम्नलिखित चैनलों का मालिक है। <ref>{{Cite web|url=https://www.timesnownews.com/info/timesnetwork-trai-value-package/337775|title=Times - Movies and News Pack - Times Network News HD Premium Pack Price and Channel List|last=TimesNow|website=TimesNow|language=en-GB|access-date=2019-04-30}}</ref>
{| class="wikitable" style="text-align:middle;"
! style="width:180pt; background:Azure;" |चैनल
! style="width:180pt; background:Lavender;" | भाषा: हिन्दी
! style="width:300pt; background:Azure;" | वर्ग
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|}
=== टाइम्स बिजनेस सॉल्यूशंस लिमिटेड ===
{{ज्ञानसन्दूक कम्पनी|name=TBS Solution - A Complete Business Solution|production=|footnotes=|homepage=http://www.tbsl.in/|subsid=|divisions=|parent=DKS Solution|num_employees=|owner=|equity=|assets=|aum=|net_income=|operating_income=|revenue=|services=|products=|logo=|industry=|key_people=|area_served=|locations=|location=|location_city=|defunct=|founder=|foundation=2004|successor=|predecessor=|fate=|genre=|type=Business Service & Solution|intl=}}
== इन्हें भी देखें ==
* टाइम्स समूह के प्रकाशन
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी संबंध ==
* {{Official website}}</img>
** The Times Of India Group (29 जनवरी 2015 को संग्रहीत)
** [http://www.tbsl.in/ टाइम्स बिजनेस सॉल्यूशंस लिमिटेड] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210211103826/http://www.tbsl.in/ |date=11 फ़रवरी 2021 }}
* Bennett Coleman and Co Ltd
* The Times Group companies
[[श्रेणी:मुंबई आधारित कम्पनियाँ]]
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ज्ञान का वि-उपनिवेशन
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text/x-wiki
'''ज्ञान का वि-उपनिवेशन''' ( '''Decolonization of knowledge''') एक मुख्यतः बौद्धिक परियोजना है <ref>{{Cite web|url=http://theconversation.com/it-will-take-critical-thorough-scrutiny-to-truly-decolonise-knowledge-78477|title=It will take critical, thorough scrutiny to truly decolonise knowledge|last=Broadbent|first=Alex|website=The Conversation|language=en|access-date=2020-03-07}}</ref> जो [[पश्चिमी विश्व|सर्वत्र छायी हुई पश्चिमी]] [[ज्ञान]] प्रणाली की "सार्वभौमिकता/सार्वकालिकता के दावे को चुनौती देती है। <ref name="Dreyer1">{{Cite journal|last=Dreyer|first=Jaco S.|year=2017|title=Practical theology and the call for the decolonisation of higher education in South Africa: Reflections and proposals|url=http://www.scielo.org.za/scielo.php?script=sci_abstract&pid=S0259-94222017000400041&lng=en&nrm=iso&tlng=en|journal=HTS Theological Studies|volume=73|issue=4|pages=1–7|doi=10.4102/hts.v73i4.4805|issn=0259-9422|doi-access=free|access-date=22 फ़रवरी 2021|archive-date=7 जुलाई 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200707075224/http://www.scielo.org.za/scielo.php?script=sci_abstract&pid=S0259-94222017000400041&lng=en&nrm=iso&tlng=en|url-status=dead}}</ref> यह परियोजना अन्य ज्ञान प्रणालियों को स्वीकार्य बनाना चाहती है और उन ज्ञानमीमांसाओं को न्याय देना चाहती है जिनका अब तक अनादर किया जाता रहा है।
[[अफ़्रीका|अफ्रीका]], [[लातिनी अमरीका|लैटिन अमेरिका]] और [[जग|दुनिया]] में अन्य जगहों पर दशकों से ज्ञान के वि-उपनिवेशन के बारे में [[वाद-विवाद|बहस]] चल रही है। <ref name="Heleta1">{{Cite journal|last=Heleta|first=Savo|year=2018|title=Decolonizing Knowledge in South Africa: Dismantling the 'pedagogy of big lies'|url=https://escholarship.org/uc/item/5wr073nc|journal=Ufahamu: A Journal of African Studies|volume=40|issue=2|pages=47–65 [57]}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* शक्ति की औपनिवेशिकता
* विकृति
* [[वि-उपनिवेशीकरण|उपनिवेशवाद]]
* दक्षिण अफ्रीका में उच्च शिक्षा का विघटन
* [[संग्रहालय|संग्रहालयों का विघटन]]
* मन को खंडित करना
* बाहरी अंतरिक्ष को विघटित करना
* रोड्स को गिरना चाहिए
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:ज्ञानमीमांसा]]
pon1l74uuodd5ee6b8s3efn8qljjtxr
जाट लोगों की सूची
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[[जाट]] [[भारत]] और [[पाकिस्तान]] के मूल निवासी समुदाय हैं। निम्नलिखित उल्लेखनीय जाटों की सूची है।
जाट भारत में रहने वाला एक अति प्राचीन क्षत्रिय समुदाय है। भारत में मुख्य रूप से हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात में बसते हैं। पंजाब में यह जट कहलाते हैं तथा शेष प्रदेशों में जाट कहलाते है। जाटों के देवताओं में प्रमुख महादेव एवं वीर तेजाजी महाराज गोत्र धोलिया खरनाल नागौर राजस्थान हैं।बाकी सभी हिन्दू देवी देवताओं कि पुजा कि जाती हैं।लोकगीतों में तेजाजी महाराज का तेजा गायन बहुत प्रेम श्रद्धा से गाया जाता हैं।जाटों का मुख्य व्यवसाय कृषि और युद्ध करना था। जिस पर कि प्राचीन अर्थव्यवस्था निर्भर थी। इस श्रेणी में इस समुदाय से संबंधित पृष्ठ पाए जा सकते हैं।
== सशस्त्र बल ==
* [[अर्जन सिंह]] <ref>{{Cite news|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/when-arjan-singh-sold-off-his-farm-for-iaf-personnel/468394.html|title=When Arjan Singh sold off his farm for IAF personnel|last=Singh|first=Roopinder|date=17 September 2017|work=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=16 May 2019|quote=I am no longer a Jat as you said in the book, I have no land now|archive-date=17 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170917063412/http://www.tribuneindia.com/news/nation/when-arjan-singh-sold-off-his-farm-for-iaf-personnel/468394.html|url-status=dead}}</ref>
* [[दलबीर सिंह सुहाग]]<ref>{{cite web |title=Know more about the new Army Chief Dalbir Singh Suhag |trans-title=नये सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग के बारे में जानें |url=http://www.indiatvnews.com/news/india/know-more-about-the-new-army-chief-39884.html |publisher=इण्डिया टीवी न्यूज़ |date=३१ जुलाई २०१४ |language=en |access-date=31 जुलाई 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140803212115/http://www.indiatvnews.com/news/india/know-more-about-the-new-army-chief-39884.html |archive-date=3 अगस्त 2014 |url-status=dead }}</ref>
== सिनेमा और टेलीविजन ==
=== अभिनेता/अभिनेत्री ===
* [[बॉबी देओल]], भारतीय अभिनेता
* [[दारा सिंह]], भारतीय अभिनेता <ref name="Dara Singh Jat">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/india/north/story/people-at-ancestral-village-remember-dara-singh-109168-2012-07-12|title=People at ancestral village remember legendary wrestler and film actor Dara Singh|last=Kahol|first=Vikas|date=13 July 2012|work=India Today|access-date=18 September 2019|language=en}}</ref>
* [[दर्शन कुमार]], भारतीय अभिनेता <ref>{{Cite web|url=http://blogs.reuters.com/india/2014/09/04/darshan-kumar-says-he-is-the-hero-of-mary-kom/|title=Darshan Kumar says he is the hero of 'Mary Kom'|last=Chouhan|first=Shashank|date=4 September 2014|access-date=3 March 2020|archive-date=14 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160314014148/http://blogs.reuters.com/india/2014/09/04/darshan-kumar-says-he-is-the-hero-of-mary-kom/|url-status=dead}}</ref>
* [[धर्मेन्द्र|धर्मेंद्र]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/features/cinema/i-am-a-farmers-son-dharmendra/article7361469.ece|title=I am a farmer's son: Dharmendra|date=27 June 2015|work=The Hindu|access-date=14 February 2016|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* [[जयदीप अहलावत]], भारतीय फिल्म अभिनेता
* [[मल्लिका शेरावत]], भारतीय फिल्म अभिनेत्री <ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/2004/oct/06mallika.htm|title=Mallika plans to set screen afire|website=[[रीडिफ.कॉम]]|access-date=16 May 2019}}</ref>
* [[रणदीप हुड्डा]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref>{{Cite web|url=http://movies.ndtv.com/bollywood/i-was-too-full-of-myself-randeep-hooda-601941|title=I was too full of myself: Randeep Hooda|website=[[NDTV]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20141028153136/http://movies.ndtv.com/bollywood/i-was-too-full-of-myself-randeep-hooda-601941|archive-date=28 October 2014|access-date=27 January 2016}}</ref>
* [[सिमरन कौर मुंडी|सिमरन मुंडी]], भारतीय फिल्म अभिनेत्री <ref>{{Cite web|url=http://www.tribuneindia.com/2008/20080606/jplus1.htm#1|title=The Tribune India - Miss India has roots in Doaba|access-date=6 June 2008}}</ref>
* [[सनी देओल]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref name="Deols">{{Cite web|url=http://www.bbc.co.uk/programmes/p010z34s|title=Watch in Conversation with The Deols|website=13 November 2012|publisher=BBC Asian Network|access-date=12 May 2013}}</ref>
* [[मेघना मलिक]], भारतीय अभिनेत्री <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/bollywood/delhi-keeps-calling-me-back-says-actor-meghna-malik/story-yAhpxvBuu5DDl2c8pa9oaK.html|title=Delhi keeps calling me back, says actor Meghna Malik|last=Arora|first=Naini|date=6 October 2016|work=[[हिन्दुस्तान टाईम्स]]|access-date=22 June 2019|language=en}}</ref>
* [[दिलजीत दोसांझ]], पंजाबी और हिंदी फ़िल्म अभिनेता
*[[अमरिंदर गिल]], पंजाबी फिल्म अभिनेता
*एम्मी विर्क, पंजाबी फिल्म अभिनेता
=== गायक ===
== धर्म ==
* भाई बाला [[गुरु नानक|(संधू जाट) - गुरु नानक]] (सिख धर्म के पहले गुरु) के अनुयायी और साथी और <ref>{{Cite web|url=http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/bhaibala.html|title=History of the Sikhs|archive-url=https://web.archive.org/web/20080327142650/http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/bhaibala.html|archive-date=27 March 2008|access-date=22 October 2006}}</ref>
* बाबा बुद्ध (रंधावा जाट) - गुरु [[गुरु नानक|नानक के]] साथी और सिख धर्म के सबसे सम्मानित संतों में से एक <ref>{{Cite web|url=http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/buddha.html|title=Baba Buddha ji|access-date=21 मई 2021|archive-date=21 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190321003649/http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/buddha.html|url-status=dead}}</ref>
* भाई बिधि चंद छिना <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=mRpuAAAAMAAJ&q=bidhi+chand+chhina|title=The Sikh reference book - Harajindara Siṅgha Dilagīra - Google Books|last=Dilagīra|first=Harajindara Siṅgha|year=1997|isbn=9780969596424|access-date=11 November 2012}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=CS8KAQAAIAAJ&q=bidhi+chand+chhina|title=Transformation of Sikhism - Sir Gokul Chand Narang - Google Books|last=Narang|first=Sir Gokul Chand|year=1960|isbn=9788170963301|access-date=11 November 2012}}</ref> - प्रसिद्ध [[सिख]] योद्धा और उपदेशक, घोड़ों की वसूली के लिए प्रसिद्ध, [[गुरु हरगोबिन्द|गुरु हरगोबिंद के]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=vZFBp89UInUC&q=bidhi+chand&pg=PA538|title=History Of Sikh Gurus Retold 1606-1708 C.e. Vol# 2 - Surjit Singh Gandhi - Google Books|last=Gandhi|first=Surjit Singh|year=2007|isbn=9788126908585|access-date=11 November 2012}}</ref>
*
* [[जसनाथ जी]]
* [[तेजाजी|वीर तेजाजी]]<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YhMuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F&dq=%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjZy6Tr6cDxAhXSzzgGHc5XCG4Q6AEwCHoECAMQAw|title=Rājasthāna kā Hindī upanyāsa sāhitya: eka adhyayana|last=Sahū|first=Banavārī Lāla|publisher=Kr̥shṇa Janasevī eṇḍa Ko.|year=1989|access-date=1 July 2021}}</ref>, राजस्थान के लोकदेवता
* [[वीर बिग्गाजी]]
*•श्री सुजाननाथ जी महाराज कुड़ी
== क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी ==
* [[भगत सिंह]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=PC4C3KcgCv0C|title=Martyr as Bridegroom: A Folk Representation of Bhagat Singh|last=Gaur|first=Ishwar Dayal|publisher=Anthem Press|year=2008|isbn=978-81-905835-0-3|pages=54–55}}</ref>
* अछार सिंह छिना <ref>Fauja Singh and Chaman Lal Datta "Who's who: Punjab Freedom Fighters" (Punjab, India) 1991 p5</ref>
* [[राजा नाहर सिंह]] <ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.indiatimes.com/news/the-story-of-raja-nahar-singh-the-unsung-hero-of-1857-who-guarded-delhi-s-freedom-for-over-120-days-262143.html|title=The Story Of Raja Nahar Singh - The Hero Of 1857 Who Guarded Delhi's Freedom For Over 120 Days|date=24 September 2016|website=IndiaTimes|language=en-IN|access-date=16 October 2020}}</ref>
* शाह मल <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=wj4oAAAAYAAJ&pg=PA29|title=Fifty-Seven: Some Account of the Administration in Indian Districts During the Revolt of the Bengal Army|last=Keene|first=Henry George|date=1883|publisher=W.H. Allen|language=en}}</ref>
* [[राजा महेन्द्र प्रताप सिंह|राजा महेंद्र प्रताप सिंह]] <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/agra/now-raja-mahendra-pratap-singhs-grandson-wants-his-portrait-in-amu/articleshow/64054783.cms|title=Mahendra Pratap Singh: Now, Raja Mahendra Pratap Singh's grandson wants his portrait in AMU {{!}} Agra News - Times of India|last=May 6|first=Anuja Jaiswal / TNN / Updated|last2=2018|website=The Times of India|language=en|access-date=16 October 2020|last3=Ist|first3=22:35}}</ref>
== शासकों ==
* [[राजाराम (भरतपुर)|राजा राम जाट]]
* [[महाराजा रणजीत सिंह संधवालिया]]<ref>{{cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=2fcbAAAAIAAJ&q=maharaja+ranjit+singh+Jatt&dq=maharaja+ranjit+singh+Jatt&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjz09fD0tfwAhWDyzgGHW9ABqwQ6AEwBXoECAgQAw|title=Modernization and Rural Development|author=H. C. Upadhyay|publisher=Anmol Publications|year=1991|pages=321}}</ref>
* [[राजा महेन्द्र प्रताप सिंह|महेंद्र प्रताप]], भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, लेखक, [[मुरसान]] <ref>{{Cite web|url=http://rajamahendrapratap.com/index.html|title=Raja Mahendra Pratap|archive-url=https://web.archive.org/web/20070120065938/http://www.rajamahendrapratap.com/index.html|archive-date=20 January 2007}}</ref>
* [[सूरज मल]], [[भरतपुर राज्य|भरतपुर राज्य के]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=kojXAwAAQBAJ&pg=PA112|title=Decisive Battles, Strategic Leaders|last=J.P. Alexander|publisher=Partridge|year=2014|isbn=978-1-4828-1804-8|page=112}}</ref>
* [[हीरा सिंह नाभा]], [[नाभा रियासत|नाभा राज्य के]] <ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/t/019pho0000015s6u00002000.html|title=The Raja of Nabha|last=Wright|first=Colin|website=www.bl.uk|access-date=16 October 2020|archive-date=17 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200617184209/http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/t/019pho0000015s6u00002000.html|url-status=dead}}</ref> <ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhMinorKings.htm#Faridkot|title=Kingdoms of South Asia - Minor Indian Kingdom of the Jat Sikhs|website=www.historyfiles.co.uk|access-date=16 October 2020}}</ref>
* [[पटियाला के महाराजा]] आला सिंह <ref name=":4">{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhs.htm|title=Kingdoms of South Asia - Indian Kingdom of the Jat Sikhs|last=P L Kessler and Abhijit Rajadhyaksha|website=www.historyfiles.co.uk|language=en|access-date=16 October 2020}}</ref>
* [[पटियाला राज्य|पटियाला राज्य के]] महाराजा [[भूपिन्दर सिंह (पटियाला)|भूपिंदर सिंह]] <ref>{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhs.htm|title=Kingdoms of South Asia - Indian Kingdom of the Jat Sikhs|website=www.historyfiles.co.uk|access-date=16 October 2020}}</ref>
* रघुबीर सिंह जींद, [[जींद की रियासत|जींद राज्य के]]
* [[बल्लभगढ़]] रियासत के राजा [[राजा नाहर सिंह|नाहर सिंह]] <ref name=":1"/>
*[[आनंगपाल सिंह जी तोमर]]
*[[बाबा दीप सिंह जी]]
*[[देवी सिंह जी 1857 के क्रांतिकारी]]
*[[ग्वालियर नरेश भीम सिंह राणा]]
== खेल ==
[[चित्र:Vijendersingh2.jpg|अंगूठाकार|224x224पिक्सेल| [[विजेन्द्र सिंह|विजेंदर सिंह]]]]
=== पहलवानों ===
* [[दारा सिंह]] <ref>{{Cite web|url=http://www.smashits.com/video/zoomin/86/interview-with-dara-singh.html|title=Interview with Dara Singh|website=SmasHits.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20140419125721/http://www.smashits.com/video/zoomin/86/interview-with-dara-singh.html|archive-date=19 April 2014}}</ref>
* [[सुशील कुमार (पहलवान)|सुशील कुमार]], दो बार के ओलंपिक पदक विजेता
* [[गीता फोगाट|गीता फोगट]]
* [[बबीता फौगाट|बबीता फोगाट]]
*[[बजरंग पूनिया|बजरंग पुनिया]] ओलम्पिक पदक विजेता
*[[रवि कुमार दहिया]] ओलम्पिक पदक विजेता
* [[साक्षी मलिक]]
* पवन कुमार
* [[विनेश फौगाट|विनेश फोगाट]]
* रितु फोगाट
* संगीता फोगाट
=== मुक्केबाजों ===
* ओलंपिक कांस्य पदक विजेता [[विजेन्द्र सिंह|विजेंदर सिंह]] <ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/life/Vijender-doesnt-think-Mallika-hot/articleshow/4666918.cms|title='Vijender doesn't think Mallika hot|last=Dasgupta|first=Piyali|date=18 June 2009|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=4 May 2019|publisher=[[टाइम्स समूह]]|quote={{translation|..And most importantly, she ([[Mallika Sherawat]]) is also a Jat!..}}}}</ref>
* परमजीत समोता
*
* गौरव सोलंकी
* सीमा बेनीवाल
*
=== एथलीट ===
* [[कृष्णा पूनिया]], <ref>{{Cite news|url=http://archive.indianexpress.com/news/all-jats-night-discus-trio-make-history/696038/0|title=All Jats Night: Discus trio make history|last=Koshie|first=Nihal|date=12 October 2010|work=[[Indian Express]]|access-date=29 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160321091119/http://archive.indianexpress.com/news/all-jats-night-discus-trio-make-history/696038/0|archive-date=21 March 2016}}</ref> डिस्कस थ्रोअर और ट्रैक एंड फील्ड एथलीट <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rajasthan-assembly-elections-2018-krishna-punia-congress-electoral-triumph-same-as-winning-gold-1953688|title=Electoral Triumph Same As Winning Gold: Congress Candidate Krishna Punia|website=NDTV.com|access-date=14 May 2020}}</ref>
* [[सीमा अंतिल]]
=== क्रिकेटरों ===
* [[आशीष नेहरा]]
* [[नवजोत सिंह सिद्धू]]
* [[युवराज सिंह]]
* [[शुबमन गिल|शुभमन गिल]]
* [[दीपक हूडा|दीपक हुड्डा]]
* [[प्रवीण कुमार]]
* [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] <ref>{{Cite news|url=https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/virender-sehwag-appeals-to-jat-agitators-for-peace/articleshow/51077850.cms|title=Virender Sehwag appeals to Jat agitators for peace|work=Economic Times}}</ref>
* [[युजवेन्द्र चहल]]
* [[दीपक चाहर]]
* [[राहुल चाहर]]
* [[राहुल तेवतिया]]
* [[अनिकेत चौधरी]]
* [[प्रदीप साहू|प्रदीप सांगवान]]
* [[शिखर धवन]]
* [[अर्शदीप सिंह (क्रिकेटर)|अर्शदीप सिंह]]
* [[महिपाल लोमरोर]]
* [[मुकेश चौधरी (क्रिकेटर)|मुकेश चौधरी]]
* [[यश धुल|यश ढुल]]
* [[ध्रुव जुरेल]]
* [[नितीश राणा|नितिश राणा]]
* हर्षित राणा
* हरलीन देओल
* हरमनप्रीत कौर
=== हॉकी ===
• सोनिका तांडी
• [[हरमनप्रीत सिंह]]
=== कबड्डी प्रदीप नरवाल ===
•राहुल चौधरी
•दीपक निवास हुड्डा
•पवन सहरावत
अनिल नौहवार
=== बैडमिंटन ===
* [[साइना नेहवाल]]
*
*
== समाज सुधारक ==
* [[स्वामी केशवानन्द|स्वामी केशवानंद]] <ref>Saran, D.C., Swami Keshwanand. Jaypal Agencies, Agra,1985 (in Hindi)</ref>
* [[जसनाथ जी]]
* [[कर्माबाई]]
* [[भगत धन्ना]]
* [[रानाबाई]]
* [https://fb.com/anilrsrana अनिल आर एस राना]
== राजनीति ==
=== भारत ===
* [[अमरिन्दर सिंह|अमरिंदर सिंह]], <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india/capt-amarinder-singh-is-jat-mahasabha-chief/story-Azv4nUf0d1iu8wzoGSDNAN.html|title=Capt Amarinder Singh is Jat mahasabha chief|date=12 May 2013|work=[[हिन्दुस्तान टाईम्स]]|access-date=16 May 2019|agency=PTI}}</ref>
* [[बलराम जाखड़]] <ref>{{Cite web|url=http://www.mpinfo.org/hindi/governor/aboutgov.htm|title=Official biography|archive-url=https://web.archive.org/web/20050404064123/http://mpinfo.org/hindi/governor/aboutgov.htm|archive-date=4 April 2005}}</ref>
* [[बंसी लाल]] <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/chandigarh/27-of-population-jats-have-occupied-top-chair-62-of-time-since-states-formation/articleshow/71285092.cms|title=27% of population, Jats chief minister 62% of time in Haryana’s history|last=Sura|first=Ajay|date=25 September 2019|work=The Times of India|access-date=7 March 2021|language=en}}</ref>
* [[भूपेंद्र सिंह हुड्डा|चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा]]
* [[चौधरी चरण सिंह|चरण सिंह]] [[भारत का प्रधानमन्त्री|, भारत]] के छठे <ref>{{Cite news|url=http://ia.rediff.com/election/2003/nov/27akd.htm|title=The anti-reservation man|date=27 November 2003|access-date=18 November 2006|publisher=Rediff|archive-date=25 नवंबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061125000037/http://ia.rediff.com/election/2003/nov/27akd.htm|url-status=dead}}</ref>
* [[देवी लाल|चौधरी देवी लाल]] <ref>{{Cite web|url=http://www.haryana-online.com/People/devilal.htm|title=Devi Lal|archive-url=https://web.archive.org/web/20061029201001/http://haryana-online.com/People/devilal.htm|archive-date=29 October 2006}}</ref>
* [[भरत सिंह|चौधरी भरत सिंह]] <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/the-twists-and-turns-of-jat-politics/article5308475.ece|title=The twists and turns of Jat politics|last=Kumar|first=Ashok|date=3 November 2013|work=The Hindu|access-date=28 October 2020|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* [[छोटूराम|छोटू राम]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Lni1AAAAIAAJ&q=Garhi+Sampla|title=Sir Chhotu Ram: A Biography|publisher=Ritu|year=1979|page=8}}</ref>
* रामेश्वरानंद सरस्वती
* [[हरकिशन सिंह सुरजीत]] <ref>{{Cite web|url=http://pd.cpim.org/2005/0410/04102005_surjeet%20speech.htm|title=Weekly Organ of the Communist Party of India (Marxist)|archive-url=https://web.archive.org/web/20070101213350/http://pd.cpim.org/2005/0410/04102005_surjeet%20speech.htm|archive-date=1 January 2007|access-date=2 November 2006}}</ref>
* हरलाल सिंह <ref>{{Cite journal|last=Sisson|first=J. Richard|date=November 1966|title=Institutionalization and Style in Rajasthan politics|journal=Asian Survey|volume=6|issue=11|pages=605–613|doi=10.2307/2642283|jstor=2642283}}</ref>
* [[प्रताप सिंह कैरों]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=gwG-yOpSEy8C&pg=PA54|title=Turmoil in Punjab Politics|last=Arora|first=Subhash Chander|publisher=Mittal Publications|year=1990|isbn=9788170992516|page=54}}</ref>
* [[साहिब सिंह वर्मा]] <ref name="Tribune Editorial">{{Cite news|url=https://www.tribuneindia.com/1999/99oct10/edit.htm|title=Long-standing rivals now compete for Cabinet berths|last=Swarup|first=Harihar|date=10 October 1999|work=Tribune|access-date=7 March 2021}}</ref>
* [[नवजोत सिंह सिद्धू]], राजनीतिज्ञ, टेलीविजन व्यक्तित्व और पूर्व क्रिकेटर। <ref>{{Cite news|url=https://www.nationalheraldindia.com/interview/the-other-side-of-navjot-singh-sidhu-reading-pets-and-shopping-are-his-passion|title=The other side of Navjot Singh Sidhu: Reading, pets and shopping are his passion|date=18 May 2019|work=National Herald|access-date=16 October 2020|language=en}}</ref>
* [[हनुमान बेनीवाल]]
* [[रामेश्वर लाल डूडी]]
* [[शीशराम ओला]]
* चौधरी प्रेम नौहवार
=== पाकिस्तान ===
* चौधरी [[मुमताज़ जज्जा|मुमताज जज्जा]] - राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के पूर्व सदस्य <ref name="Dawn">{{Cite web|url=http://dawn.com/tag/pml-n-mpa-mumtaz-jajja/|title=Death of MPA|archive-url=https://archive.today/20130615235605/http://dawn.com/tag/pml-n-mpa-mumtaz-jajja/|archive-date=15 June 2013}}</ref>
== यह सभी देखें ==
* [[जाट राज्य एवं कबीले|जाट राज्यों और कुलों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
[[श्रेणी:जाट]]
[[श्रेणी:सूचियाँ]]
lb1fyzyrbarpqpypbegwip1jed9hf90
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चाहर धर्मेंद्र
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[[जाट]] [[भारत]] और [[पाकिस्तान]] के मूल निवासी समुदाय हैं। निम्नलिखित उल्लेखनीय जाटों की सूची है।
जाट भारत में रहने वाला एक अति प्राचीन क्षत्रिय समुदाय है। भारत में मुख्य रूप से हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात में बसते हैं। पंजाब में यह जट कहलाते हैं तथा शेष प्रदेशों में जाट कहलाते है। जाटों के देवताओं में प्रमुख महादेव एवं वीर तेजाजी महाराज गोत्र धोलिया खरनाल नागौर राजस्थान हैं।बाकी सभी हिन्दू देवी देवताओं कि पुजा कि जाती हैं।लोकगीतों में तेजाजी महाराज का तेजा गायन बहुत प्रेम श्रद्धा से गाया जाता हैं।जाटों का मुख्य व्यवसाय कृषि और युद्ध करना था। जिस पर कि प्राचीन अर्थव्यवस्था निर्भर थी। इस श्रेणी में इस समुदाय से संबंधित पृष्ठ पाए जा सकते हैं।
== सशस्त्र बल ==
* [[अर्जन सिंह]] <ref>{{Cite news|url=https://www.tribuneindia.com/news/nation/when-arjan-singh-sold-off-his-farm-for-iaf-personnel/468394.html|title=When Arjan Singh sold off his farm for IAF personnel|last=Singh|first=Roopinder|date=17 September 2017|work=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=16 May 2019|quote=I am no longer a Jat as you said in the book, I have no land now|archive-date=17 सितंबर 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170917063412/http://www.tribuneindia.com/news/nation/when-arjan-singh-sold-off-his-farm-for-iaf-personnel/468394.html|url-status=dead}}</ref>
* [[दलबीर सिंह सुहाग]]<ref>{{cite web |title=Know more about the new Army Chief Dalbir Singh Suhag |trans-title=नये सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग के बारे में जानें |url=http://www.indiatvnews.com/news/india/know-more-about-the-new-army-chief-39884.html |publisher=इण्डिया टीवी न्यूज़ |date=३१ जुलाई २०१४ |language=en |access-date=31 जुलाई 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140803212115/http://www.indiatvnews.com/news/india/know-more-about-the-new-army-chief-39884.html |archive-date=3 अगस्त 2014 |url-status=dead }}</ref>
== सिनेमा और टेलीविजन ==
=== अभिनेता/अभिनेत्री ===
* [[बॉबी देओल]], भारतीय अभिनेता
* [[दारा सिंह]], भारतीय अभिनेता <ref name="Dara Singh Jat">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/india/north/story/people-at-ancestral-village-remember-dara-singh-109168-2012-07-12|title=People at ancestral village remember legendary wrestler and film actor Dara Singh|last=Kahol|first=Vikas|date=13 July 2012|work=India Today|access-date=18 September 2019|language=en}}</ref>
* [[दर्शन कुमार]], भारतीय अभिनेता <ref>{{Cite web|url=http://blogs.reuters.com/india/2014/09/04/darshan-kumar-says-he-is-the-hero-of-mary-kom/|title=Darshan Kumar says he is the hero of 'Mary Kom'|last=Chouhan|first=Shashank|date=4 September 2014|access-date=3 March 2020|archive-date=14 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160314014148/http://blogs.reuters.com/india/2014/09/04/darshan-kumar-says-he-is-the-hero-of-mary-kom/|url-status=dead}}</ref>
* [[धर्मेन्द्र|धर्मेंद्र]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref>{{Cite news|url=http://www.thehindu.com/features/cinema/i-am-a-farmers-son-dharmendra/article7361469.ece|title=I am a farmer's son: Dharmendra|date=27 June 2015|work=The Hindu|access-date=14 February 2016|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* [[जयदीप अहलावत]], भारतीय फिल्म अभिनेता
* [[मल्लिका शेरावत]], भारतीय फिल्म अभिनेत्री <ref>{{Cite web|url=https://www.rediff.com/movies/2004/oct/06mallika.htm|title=Mallika plans to set screen afire|website=[[रीडिफ.कॉम]]|access-date=16 May 2019}}</ref>
* [[रणदीप हुड्डा]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref>{{Cite web|url=http://movies.ndtv.com/bollywood/i-was-too-full-of-myself-randeep-hooda-601941|title=I was too full of myself: Randeep Hooda|website=[[NDTV]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20141028153136/http://movies.ndtv.com/bollywood/i-was-too-full-of-myself-randeep-hooda-601941|archive-date=28 October 2014|access-date=27 January 2016}}</ref>
* [[सिमरन कौर मुंडी|सिमरन मुंडी]], भारतीय फिल्म अभिनेत्री <ref>{{Cite web|url=http://www.tribuneindia.com/2008/20080606/jplus1.htm#1|title=The Tribune India - Miss India has roots in Doaba|access-date=6 June 2008}}</ref>
* [[सनी देओल]], भारतीय फिल्म अभिनेता <ref name="Deols">{{Cite web|url=http://www.bbc.co.uk/programmes/p010z34s|title=Watch in Conversation with The Deols|website=13 November 2012|publisher=BBC Asian Network|access-date=12 May 2013}}</ref>
* [[मेघना मलिक]], भारतीय अभिनेत्री <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/bollywood/delhi-keeps-calling-me-back-says-actor-meghna-malik/story-yAhpxvBuu5DDl2c8pa9oaK.html|title=Delhi keeps calling me back, says actor Meghna Malik|last=Arora|first=Naini|date=6 October 2016|work=[[हिन्दुस्तान टाईम्स]]|access-date=22 June 2019|language=en}}</ref>
* [[दिलजीत दोसांझ]], पंजाबी और हिंदी फ़िल्म अभिनेता
*[[अमरिंदर गिल]], पंजाबी फिल्म अभिनेता
*एम्मी विर्क, पंजाबी फिल्म अभिनेता
=== गायक ===
== धर्म ==
* भाई बाला [[गुरु नानक|(संधू जाट) - गुरु नानक]] (सिख धर्म के पहले गुरु) के अनुयायी और साथी और <ref>{{Cite web|url=http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/bhaibala.html|title=History of the Sikhs|archive-url=https://web.archive.org/web/20080327142650/http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/bhaibala.html|archive-date=27 March 2008|access-date=22 October 2006}}</ref>
* बाबा बुद्ध (रंधावा जाट) - गुरु [[गुरु नानक|नानक के]] साथी और सिख धर्म के सबसे सम्मानित संतों में से एक <ref>{{Cite web|url=http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/buddha.html|title=Baba Buddha ji|access-date=21 मई 2021|archive-date=21 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190321003649/http://www.sikh-history.com/sikhhist/gurus/buddha.html|url-status=dead}}</ref>
* भाई बिधि चंद छिना <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=mRpuAAAAMAAJ&q=bidhi+chand+chhina|title=The Sikh reference book - Harajindara Siṅgha Dilagīra - Google Books|last=Dilagīra|first=Harajindara Siṅgha|year=1997|isbn=9780969596424|access-date=11 November 2012}}</ref> <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=CS8KAQAAIAAJ&q=bidhi+chand+chhina|title=Transformation of Sikhism - Sir Gokul Chand Narang - Google Books|last=Narang|first=Sir Gokul Chand|year=1960|isbn=9788170963301|access-date=11 November 2012}}</ref> - प्रसिद्ध [[सिख]] योद्धा और उपदेशक, घोड़ों की वसूली के लिए प्रसिद्ध, [[गुरु हरगोबिन्द|गुरु हरगोबिंद के]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=vZFBp89UInUC&q=bidhi+chand&pg=PA538|title=History Of Sikh Gurus Retold 1606-1708 C.e. Vol# 2 - Surjit Singh Gandhi - Google Books|last=Gandhi|first=Surjit Singh|year=2007|isbn=9788126908585|access-date=11 November 2012}}</ref>
*
* [[जसनाथ जी]]
* [[तेजाजी|वीर तेजाजी]]<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=YhMuAAAAMAAJ&q=%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F&dq=%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjZy6Tr6cDxAhXSzzgGHc5XCG4Q6AEwCHoECAMQAw|title=Rājasthāna kā Hindī upanyāsa sāhitya: eka adhyayana|last=Sahū|first=Banavārī Lāla|publisher=Kr̥shṇa Janasevī eṇḍa Ko.|year=1989|access-date=1 July 2021}}</ref>, राजस्थान के लोकदेवता
* [[वीर बिग्गाजी]]
*•श्री सुजाननाथ जी महाराज कुड़ी
== क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी ==
* [[भगत सिंह]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=PC4C3KcgCv0C|title=Martyr as Bridegroom: A Folk Representation of Bhagat Singh|last=Gaur|first=Ishwar Dayal|publisher=Anthem Press|year=2008|isbn=978-81-905835-0-3|pages=54–55}}</ref>
* अछार सिंह छिना <ref>Fauja Singh and Chaman Lal Datta "Who's who: Punjab Freedom Fighters" (Punjab, India) 1991 p5</ref>
* [[राजा नाहर सिंह]] <ref name=":1">{{Cite web|url=https://www.indiatimes.com/news/the-story-of-raja-nahar-singh-the-unsung-hero-of-1857-who-guarded-delhi-s-freedom-for-over-120-days-262143.html|title=The Story Of Raja Nahar Singh - The Hero Of 1857 Who Guarded Delhi's Freedom For Over 120 Days|date=24 September 2016|website=IndiaTimes|language=en-IN|access-date=16 October 2020}}</ref>
* शाह मल <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=wj4oAAAAYAAJ&pg=PA29|title=Fifty-Seven: Some Account of the Administration in Indian Districts During the Revolt of the Bengal Army|last=Keene|first=Henry George|date=1883|publisher=W.H. Allen|language=en}}</ref>
* [[राजा महेन्द्र प्रताप सिंह|राजा महेंद्र प्रताप सिंह]] <ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/agra/now-raja-mahendra-pratap-singhs-grandson-wants-his-portrait-in-amu/articleshow/64054783.cms|title=Mahendra Pratap Singh: Now, Raja Mahendra Pratap Singh's grandson wants his portrait in AMU {{!}} Agra News - Times of India|last=May 6|first=Anuja Jaiswal / TNN / Updated|last2=2018|website=The Times of India|language=en|access-date=16 October 2020|last3=Ist|first3=22:35}}</ref>
== शासकों ==
* [[राजाराम (भरतपुर)|राजा राम जाट]]
* [[महाराजा रणजीत सिंह संधवालिया]]<ref>{{cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=2fcbAAAAIAAJ&q=maharaja+ranjit+singh+Jatt&dq=maharaja+ranjit+singh+Jatt&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjz09fD0tfwAhWDyzgGHW9ABqwQ6AEwBXoECAgQAw|title=Modernization and Rural Development|author=H. C. Upadhyay|publisher=Anmol Publications|year=1991|pages=321}}</ref>
* [[राजा महेन्द्र प्रताप सिंह|महेंद्र प्रताप]], भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, लेखक, [[मुरसान]] <ref>{{Cite web|url=http://rajamahendrapratap.com/index.html|title=Raja Mahendra Pratap|archive-url=https://web.archive.org/web/20070120065938/http://www.rajamahendrapratap.com/index.html|archive-date=20 January 2007}}</ref>
* [[सूरज मल]], [[भरतपुर राज्य|भरतपुर राज्य के]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=kojXAwAAQBAJ&pg=PA112|title=Decisive Battles, Strategic Leaders|last=J.P. Alexander|publisher=Partridge|year=2014|isbn=978-1-4828-1804-8|page=112}}</ref>
* [[हीरा सिंह नाभा]], [[नाभा रियासत|नाभा राज्य के]] <ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/t/019pho0000015s6u00002000.html|title=The Raja of Nabha|last=Wright|first=Colin|website=www.bl.uk|access-date=16 October 2020|archive-date=17 जून 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20200617184209/http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/photocoll/t/019pho0000015s6u00002000.html|url-status=dead}}</ref> <ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhMinorKings.htm#Faridkot|title=Kingdoms of South Asia - Minor Indian Kingdom of the Jat Sikhs|website=www.historyfiles.co.uk|access-date=16 October 2020}}</ref>
* [[पटियाला के महाराजा]] आला सिंह <ref name=":4">{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhs.htm|title=Kingdoms of South Asia - Indian Kingdom of the Jat Sikhs|last=P L Kessler and Abhijit Rajadhyaksha|website=www.historyfiles.co.uk|language=en|access-date=16 October 2020}}</ref>
* [[पटियाला राज्य|पटियाला राज्य के]] महाराजा [[भूपिन्दर सिंह (पटियाला)|भूपिंदर सिंह]] <ref>{{Cite web|url=https://www.historyfiles.co.uk/KingListsFarEast/IndiaJatSikhs.htm|title=Kingdoms of South Asia - Indian Kingdom of the Jat Sikhs|website=www.historyfiles.co.uk|access-date=16 October 2020}}</ref>
* रघुबीर सिंह जींद, [[जींद की रियासत|जींद राज्य के]]
* [[बल्लभगढ़]] रियासत के राजा [[राजा नाहर सिंह|नाहर सिंह]] <ref name=":1"/>
*[[आनंगपाल सिंह जी तोमर]]
*[[बाबा दीप सिंह जी]]
*[[देवी सिंह जी 1857 के क्रांतिकारी]]
*[[ग्वालियर नरेश भीम सिंह राणा]]
== खेल ==
[[चित्र:Vijendersingh2.jpg|अंगूठाकार|224x224पिक्सेल| [[विजेन्द्र सिंह|विजेंदर सिंह]]]]
=== पहलवानों ===
* [[दारा सिंह]] <ref>{{Cite web|url=http://www.smashits.com/video/zoomin/86/interview-with-dara-singh.html|title=Interview with Dara Singh|website=SmasHits.com|archive-url=https://web.archive.org/web/20140419125721/http://www.smashits.com/video/zoomin/86/interview-with-dara-singh.html|archive-date=19 April 2014}}</ref>
* [[सुशील कुमार (पहलवान)|सुशील कुमार]], दो बार के ओलंपिक पदक विजेता
* [[गीता फोगाट|गीता फोगट]]
* [[बबीता फौगाट|बबीता फोगाट]]
*[[बजरंग पूनिया|बजरंग पुनिया]] ओलम्पिक पदक विजेता
*[[रवि कुमार दहिया]] ओलम्पिक पदक विजेता
* [[साक्षी मलिक]]
* पवन कुमार
* [[विनेश फौगाट|विनेश फोगाट]]
* रितु फोगाट
* संगीता फोगाट
=== मुक्केबाजों ===
* ओलंपिक कांस्य पदक विजेता [[विजेन्द्र सिंह|विजेंदर सिंह]] <ref>{{Cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/life/Vijender-doesnt-think-Mallika-hot/articleshow/4666918.cms|title='Vijender doesn't think Mallika hot|last=Dasgupta|first=Piyali|date=18 June 2009|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=4 May 2019|publisher=[[टाइम्स समूह]]|quote={{translation|..And most importantly, she ([[Mallika Sherawat]]) is also a Jat!..}}}}</ref>
* परमजीत समोता
*
* गौरव सोलंकी
* सीमा बेनीवाल
*
=== एथलीट ===
* [[कृष्णा पूनिया]], <ref>{{Cite news|url=http://archive.indianexpress.com/news/all-jats-night-discus-trio-make-history/696038/0|title=All Jats Night: Discus trio make history|last=Koshie|first=Nihal|date=12 October 2010|work=[[Indian Express]]|access-date=29 June 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160321091119/http://archive.indianexpress.com/news/all-jats-night-discus-trio-make-history/696038/0|archive-date=21 March 2016}}</ref> डिस्कस थ्रोअर और ट्रैक एंड फील्ड एथलीट <ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/rajasthan-assembly-elections-2018-krishna-punia-congress-electoral-triumph-same-as-winning-gold-1953688|title=Electoral Triumph Same As Winning Gold: Congress Candidate Krishna Punia|website=NDTV.com|access-date=14 May 2020}}</ref>
* [[सीमा अंतिल]]
=== क्रिकेटरों ===
* [[आशीष नेहरा]]
* [[नवजोत सिंह सिद्धू]]
* [[युवराज सिंह]]
* [[शुबमन गिल|शुभमन गिल]]
* [[दीपक हूडा|दीपक हुड्डा]]
* [[प्रवीण कुमार]]
* [[वीरेन्द्र सहवाग|वीरेंद्र सहवाग]] <ref>{{Cite news|url=https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/virender-sehwag-appeals-to-jat-agitators-for-peace/articleshow/51077850.cms|title=Virender Sehwag appeals to Jat agitators for peace|work=Economic Times}}</ref>
* [[युजवेन्द्र चहल]]
* [[दीपक चाहर]]
* [[राहुल चाहर]]
* [[राहुल तेवतिया]]
* [[अनिकेत चौधरी]]
* [[प्रदीप साहू|प्रदीप सांगवान]]
* [[शिखर धवन]]
* [[अर्शदीप सिंह (क्रिकेटर)|अर्शदीप सिंह]]
* [[महिपाल लोमरोर]]
* [[मुकेश चौधरी (क्रिकेटर)|मुकेश चौधरी]]
* [[यश धुल|यश ढुल]]
* [[ध्रुव जुरेल]]
* [[नितीश राणा|नितिश राणा]]
* हर्षित राणा
* हरलीन देओल
* हरमनप्रीत कौर
=== हॉकी ===
• सोनिका तांडी
• [[हरमनप्रीत सिंह]]
=== कबड्डी प्रदीप नरवाल ===
•राहुल चौधरी
•दीपक निवास हुड्डा
•पवन सहरावत
अनिल नौहवार
=== बैडमिंटन ===
* [[साइना नेहवाल]]
*
*
== समाज सुधारक ==
* [[स्वामी केशवानन्द|स्वामी केशवानंद]] <ref>Saran, D.C., Swami Keshwanand. Jaypal Agencies, Agra,1985 (in Hindi)</ref>
* [[जसनाथ जी]]
* [[कर्माबाई]]
* [[भगत धन्ना]]
* [[रानाबाई]]
== राजनीति ==
=== भारत ===
* [[अमरिन्दर सिंह|अमरिंदर सिंह]], <ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/india/capt-amarinder-singh-is-jat-mahasabha-chief/story-Azv4nUf0d1iu8wzoGSDNAN.html|title=Capt Amarinder Singh is Jat mahasabha chief|date=12 May 2013|work=[[हिन्दुस्तान टाईम्स]]|access-date=16 May 2019|agency=PTI}}</ref>
* [[बलराम जाखड़]] <ref>{{Cite web|url=http://www.mpinfo.org/hindi/governor/aboutgov.htm|title=Official biography|archive-url=https://web.archive.org/web/20050404064123/http://mpinfo.org/hindi/governor/aboutgov.htm|archive-date=4 April 2005}}</ref>
* [[बंसी लाल]] <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/chandigarh/27-of-population-jats-have-occupied-top-chair-62-of-time-since-states-formation/articleshow/71285092.cms|title=27% of population, Jats chief minister 62% of time in Haryana’s history|last=Sura|first=Ajay|date=25 September 2019|work=The Times of India|access-date=7 March 2021|language=en}}</ref>
* [[भूपेंद्र सिंह हुड्डा|चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा]]
* [[चौधरी चरण सिंह|चरण सिंह]] [[भारत का प्रधानमन्त्री|, भारत]] के छठे <ref>{{Cite news|url=http://ia.rediff.com/election/2003/nov/27akd.htm|title=The anti-reservation man|date=27 November 2003|access-date=18 November 2006|publisher=Rediff|archive-date=25 नवंबर 2006|archive-url=https://web.archive.org/web/20061125000037/http://ia.rediff.com/election/2003/nov/27akd.htm|url-status=dead}}</ref>
* [[देवी लाल|चौधरी देवी लाल]] <ref>{{Cite web|url=http://www.haryana-online.com/People/devilal.htm|title=Devi Lal|archive-url=https://web.archive.org/web/20061029201001/http://haryana-online.com/People/devilal.htm|archive-date=29 October 2006}}</ref>
* [[भरत सिंह|चौधरी भरत सिंह]] <ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/news/cities/Delhi/the-twists-and-turns-of-jat-politics/article5308475.ece|title=The twists and turns of Jat politics|last=Kumar|first=Ashok|date=3 November 2013|work=The Hindu|access-date=28 October 2020|language=en-IN|issn=0971-751X}}</ref>
* [[छोटूराम|छोटू राम]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=Lni1AAAAIAAJ&q=Garhi+Sampla|title=Sir Chhotu Ram: A Biography|publisher=Ritu|year=1979|page=8}}</ref>
* रामेश्वरानंद सरस्वती
* [[हरकिशन सिंह सुरजीत]] <ref>{{Cite web|url=http://pd.cpim.org/2005/0410/04102005_surjeet%20speech.htm|title=Weekly Organ of the Communist Party of India (Marxist)|archive-url=https://web.archive.org/web/20070101213350/http://pd.cpim.org/2005/0410/04102005_surjeet%20speech.htm|archive-date=1 January 2007|access-date=2 November 2006}}</ref>
* हरलाल सिंह <ref>{{Cite journal|last=Sisson|first=J. Richard|date=November 1966|title=Institutionalization and Style in Rajasthan politics|journal=Asian Survey|volume=6|issue=11|pages=605–613|doi=10.2307/2642283|jstor=2642283}}</ref>
* [[प्रताप सिंह कैरों]] <ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=gwG-yOpSEy8C&pg=PA54|title=Turmoil in Punjab Politics|last=Arora|first=Subhash Chander|publisher=Mittal Publications|year=1990|isbn=9788170992516|page=54}}</ref>
* [[साहिब सिंह वर्मा]] <ref name="Tribune Editorial">{{Cite news|url=https://www.tribuneindia.com/1999/99oct10/edit.htm|title=Long-standing rivals now compete for Cabinet berths|last=Swarup|first=Harihar|date=10 October 1999|work=Tribune|access-date=7 March 2021}}</ref>
* [[नवजोत सिंह सिद्धू]], राजनीतिज्ञ, टेलीविजन व्यक्तित्व और पूर्व क्रिकेटर। <ref>{{Cite news|url=https://www.nationalheraldindia.com/interview/the-other-side-of-navjot-singh-sidhu-reading-pets-and-shopping-are-his-passion|title=The other side of Navjot Singh Sidhu: Reading, pets and shopping are his passion|date=18 May 2019|work=National Herald|access-date=16 October 2020|language=en}}</ref>
* [[हनुमान बेनीवाल]]
* [[रामेश्वर लाल डूडी]]
* [[शीशराम ओला]]
* चौधरी प्रेम नौहवार
=== पाकिस्तान ===
* चौधरी [[मुमताज़ जज्जा|मुमताज जज्जा]] - राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के पूर्व सदस्य <ref name="Dawn">{{Cite web|url=http://dawn.com/tag/pml-n-mpa-mumtaz-jajja/|title=Death of MPA|archive-url=https://archive.today/20130615235605/http://dawn.com/tag/pml-n-mpa-mumtaz-jajja/|archive-date=15 June 2013}}</ref>
== यह सभी देखें ==
* [[जाट राज्य एवं कबीले|जाट राज्यों और कुलों की सूची]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
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बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया
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'''''बैटलग्राउंड मोबाइलइंडिया''''' (संक्षिप्त रूप में '''BGMI''', <ref>{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/technology/apps/news-battlegrounds-mobile-india-download-how-to-download-bgmi-early-access-file-also-check-apkobb-download-links-158874|title=Battlegrounds Mobile India launch: Get BGMI Early Access file; also check APK+OBB download links|date=19 May 2021|work=Zee Business|access-date=21 May 2021}}</ref> '''जिसे पहले इंडिया के''' नाम से जाना जाता था <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-india-comeback-public-reaction-7051051/|title=PUBG Mobile India relaunch: Reactions from the gaming community|last=Singh Arora|first=Karanveer|date=21 November 2020|work=The Indian Express|access-date=21 May 2021}}</ref> ब्लूहोल (कंपनी)|) क्राफ्टन द्वारा विकसित और प्रकाशित एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। यह गेम विशेष रूप से भारतीय यूजर्स के लिए है। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/pubg-mobile-officially-renamed-as-battlegrounds-mobile-india-website-goes-live/articleshow/82428060.cms|title=PUBG Mobile officially renamed as Battlegrounds Mobile India, website goes live|date=6 May 2021|work=Times of India|access-date=30 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/tech/gaming/battlegrounds-mobile-india-will-replace-pubg-mobile-in-india-krafton-officially-unveils-the-logo-9596971.html|title=Battlegrounds Mobile India will replace PUBG Mobile in India, KRAFTON officially unveils the logo|date=6 May 2021|work=Firstpost|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.businesstoday.in/technology/news/pubg-mobiles-parent-company-announces-launch-of-battlegrounds-mobile-india/story/438414.html|title=PUBG Mobile's parent company announces launch of Battlegrounds Mobile India|date=6 May 2021|work=Business Today (India)|Business Today|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-returns-to-india-developer-krafton-announced-battlegrounds-mobile-india-a-new-game-that-looks-a-lot-like-pubg-7304100/|title=Krafton announces PUBG Mobile to return as 'Battlegrounds Mobile India'; registrations to open soon|date=7 May 2021|work=The Indian Express|access-date=18 June 2021}}</ref>
यह गेम 2 जुलाई 2021 को एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|एंड्रॉयड उपकरणों के लिए जारी किया गया था। <ref name=":12">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-officially-launched-in-india-launch-details-in-game-content-free-rewards-and-more/articleshow/84056014.cms|title=Battlegrounds Mobile India officially launched in India: Launch details, in-game content, free rewards and more|date=2 July 2021|work=The Times of India|access-date=2 July 2021}}</ref>
== इतिहास ==
2 सितंबर, 2020 को, <ref>{{Cite news|url=https://www.india.com/technology/pubg-ban-pubg-mobile-is-still-working-in-india-after-ministry-ban-the-game-4133856/|title=PUBG Ban: PUBG Mobile is Still Working in India After Ministry Bans The Game|date=7 September 2020|work=India.com News|access-date=21 June 2021}}</ref> [[इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय|इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय]], [[भारत सरकार|भारत सरकार ने]] <ref name=":6">{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/tech-news-technology/india-bans-pubg-mobile-116-chinese-apps-full-list-6580365/|title=PUBG Mobile, 117 Chinese apps banned in India: Check the full list|date=5 September 2020|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=21 June 2021}}</ref> चीनी अनुप्रयोगों के साथ-साथ [[प्लेयरअननोन्स बैटलग्राउंड्स|पबजी मोबाइल]] पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें कहा गया था कि ऐप ऐसी गतिविधियों में लगे हुए थे जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए प्रतिकूल और खतरा थे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था <ref>{{Cite news|url=https://tech.hindustantimes.com/gaming/news/pubg-mobile-ban-here-s-why-the-indian-government-blocked-the-game-71599133987192.html|title=PUBG Mobile ban: Here's why the Indian government blocked the game|last=BHUSHAN|first=KUL|date=3 September 2020|work=HT Tech|access-date=21 June 2021}}</ref>
नवंबर 2020 में, कुछ खबरें आईं कि पबजी मोबाइल भारत में वापस आ रहा है जिसका नाम PUBG Mobile India है। <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-india-to-launch-soon-7049047/|title=PUBG Mobile coming back to India: Here’s everything you need to know|date=12 November 2020|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=21 June 2021}}</ref> 24 नवंबर, 2020, पर प्रकाशित एक समाचार पर [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]], कि सूचना [[ब्लूहोल (कंपनी)|PUBG निगम]] और [[दक्षिण कोरिया]] के वीडियो गेम कंपनी [[ब्लूहोल (कंपनी)|Krafton इंक]] पंजीकृत किया है PUBG इंडिया प्राइवेट लिमिटेड <ref>{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/india/news-pubg-india-is-now-a-registered-company-in-india-do-pre-registration-to-download-pubg-mobile-this-way-141668|title=PUBG India is now a registered company in India; do pre-registration to download PUBG mobile this way|date=24 November 2020|work=[[Zee Business]]|access-date=21 June 2021}}</ref> के तहत कारपोरेट मामलों के मंत्रालय, [[भारत सरकार]] फिर से लॉन्च करने के लिए भारत में पबजी मोबाइल। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/government-approves-pubg-india-company-registration-pubg-mobile-game-to-relaunch-soon/articleshow/79390939.cms|title=Government approves PUBG India company registration; PUBG Mobile game to relaunch soon|last=Sarkar|first=Debashis|date=24 November 2020|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=21 June 2021}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.redeemcodecenter.com/bgmi-rename-card-redeem-code/|title=How to Get Free Rename Card in BGMI Battlegrounds Mobile India|last=|first=|date=2024-03-25|website=|language=en-US|access-date=2024-03-25}}</ref>
मई 2021 में, यह पता चला कि पबजी मोबाइल भारतीय गेमिंग बाजार में प्रवेश करने के लिए खुद को बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया के रूप में रीब्रांड कर रहा था। उसके बाद 7 मई, 2021 को द इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ने बताया कि, एक प्रेस बयान में क्राफ्टन ने पुष्टि की कि वे पबजी मोबाइल के समान गेम बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया लॉन्च करने जा रहे हैं।
== डेटा गोपनीयता संघर्ष ==
एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए शुरुआती बीटा रिलीज़ के बाद, 21 जून, 2021 को, IGN India ने सबसे पहले बताया कि उपयोगकर्ताओं के एंड्रॉयड डिवाइस के बारे में डेटा [[टेनसेंट|Tencent के]] स्वामित्व वाले चीन सर्वरों को भेजा जा रहा था। <ref>{{Cite news|url=https://in.ign.com/battlegrounds-mobile-india/161057/news/battlegrounds-mobile-india-data-china-server-android-apk-download|title=Battlegrounds Mobile India Android Data Sent to China Server [UPDATE]|last=Alwani|first=Rishi|date=21 June 2021|work=[[IGN India]]|access-date=23 June 2021}}</ref> [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]] की रिपोर्ट के अनुसार, "इसके पीछे एक कारण पबजी मोबाइल अकाउंट ट्रांसफर फीचर के कारण हो सकता है कि क्राफ्टन BGMI खिलाड़ियों को अपने खाते और गेम डेटा को पबजी मोबाइल से BGMI<ref>{{Cite web|url=https://backdroid.com/bgmi-lag-fix-easy-steps/|title=BGMI Lag Fix: 5 Easy Steps to Fix lag Permanently|date=2021-09-06|website=Backdroid|language=en-US|access-date=2021-10-02}}</ref> में दिसंबर 2021 तक स्थानांतरित करने की अनुमति दे रहा है।" <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-found-sharing-data-with-chinese-servers/articleshow/83716422.cms|title=Battlegrounds Mobile India found sharing data with Chinese servers|date=21 June 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=23 June 2021}}</ref>
इस डेटा साझाकरण उल्लंघन के बाद '', बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया'' के डेवलपर [[ब्लूहोल (कंपनी)|, क्राफ्टन]] <ref name=":10">{{Cite news|url=https://in.ign.com/battlegrounds-mobile-india/161131/news/battlegrounds-mobile-india-china-server-fix-update-data-share-android-apk|title=Battlegrounds Mobile India Update Fixes China Server Data Sharing|last=Alwani|first=Rishi|date=22 June 2021|work=[[IGN]]|access-date=23 June 2021}}</ref> को चीन स्थित सर्वरों के साथ डेटा साझा करने की समस्या को ठीक करने के लिए एक छोटा इन-गेम अपडेट जारी किया। <ref name=":11">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-is-now-safe-to-play-report/articleshow/83745868.cms|title=Battlegrounds Mobile India is now ‘safe’ to play: Report|date=22 June 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=23 June 2021}}</ref> हालाँकि, यह भी बताया गया था कि यदि कोई उपयोगकर्ता एप्लिकेशन डेटा को हटाता है तो [[पिंग|गेम चीनी सर्वर पर पिंग कर सकता है।]] Krafton गेम डेवलपर्स ने निकट भविष्य में भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए अपने बीटा परीक्षण स्लॉट को शुरू करने की पुष्टि की है। हालाँकि, डेवलपर आपके पुराने PUBG मोबाइल खाते और अन्य प्रासंगिक गेम डेटा को नवीनतम [[बैटलग्राउण्ड्स मोबाइल इण्डिया|बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया]] में स्थानांतरित करने का विकल्प भी दे रहा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.cashlootera.com/pubg-account-data-transfer-to-bgmi/|title=PUBG Mobile Data Transfer to Battlegrounds Mobile India - Step by Step|date=2021-06-20|language=en-US|access-date=2024-01-21}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://bc55-game.online|title=boss club casino}}</ref>
== रिहाई ==
खेल की घोषणा 6 मई 2021 को की गई थी। <ref name=":0">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/technology/news/story/wait-over-pubg-mobile-india-aka-battlegrounds-mobile-india-may-arrive-as-early-as-this-month-1799399-2021-05-06|title=Wait over? PUBG Mobile India aka Battlegrounds Mobile India may arrive as early as this month|date=6 May 2021|work=[[इण्डिया टुडे]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":1">{{Cite news|url=https://www.indiatvnews.com/technology/news-pubg-mobile-india-launching-as-battlegrounds-mobile-india-logo-revealed-702837|title=Krafton announces launch of Battlegrounds Mobile India, logo revealed|date=6 May 2021|work=[[India TV]]|access-date=18 June 2021}}</ref> गेम का प्री-रजिस्ट्रेशन 18 मई 2021 <ref name=":2">{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/tech/news-analysis/battlegrounds-mobile-india-is-now-open-for-pre-registration-on-google-play-store-9621001.html|title=Battlegrounds Mobile India is now open for pre-registration on Google Play Store|date=18 May 2021|work=[[Firstpost]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.dnaindia.com/gaming/report-pubg-mobile-india-latest-update-2021-pubg-mobile-publisher-krafton-battlegrounds-mobile-india-pre-registration-to-start-on-18-may-5-thing-to-keep-in-mind-2890766|title=Battlegrounds Mobile India pre-registration to begin TODAY: Things to know|date=18 May 2021|work=[[डीएनए इंडिया]]|access-date=18 June 2021}}</ref> [[एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|को एंड्रॉइड]] यूजर्स के लिए शुरू किया गया था और गेम का अर्ली एक्सेस बीटा वर्जन 17 जून 2021 को केवल [[एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|एंड्रॉइड]] यूजर्स के लिए जारी किया गया था। <ref name=":4">{{Cite news|url=https://www.republicworld.com/technology-news/gaming/battleground-mobile-india-beta-version-released-heres-how-you-can-get-early-access.html|title=Battleground Mobile India Beta version released: Here's how you can get early access|date=17 June 2021|work=[[Republic World]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":5">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/technology/news/story/battlegrounds-mobile-india-now-available-to-download-as-early-access-on-google-play-1815869-2021-06-17|title=Battlegrounds Mobile India now available to download as early access on Google Play|date=17 June 2021|work=India Today|access-date=18 June 2021}}</ref> यह गेम 2 जुलाई 2021 को एंड्रॉयड उपकरणों के लिए जारी किया गया था। <ref name=":12">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-officially-launched-in-india-launch-details-in-game-content-free-rewards-and-more/articleshow/84056014.cms|title=Battlegrounds Mobile India officially launched in India: Launch details, in-game content, free rewards and more|date=2 July 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=2 July 2021}}</ref> हालांकि बताया जा रहा है कि क्राफ्टन अपने [[आईओएस]] वर्जन को रिलीज करने पर काम कर रहा है। <ref name=":7">{{Cite news|url=https://www.dnaindia.com/gaming/report-battlegrounds-mobile-india-krafton-release-date-new-teaser-features-ios-app-latest-updates-pubg-mobile-india-2895457|title=Battlegrounds Mobile India release date, new teaser, features, iOS app - Latest updates|date=17 June 2021|work=[[डीएनए इंडिया]]|access-date=22 June 2021}}</ref> <ref name=":8">{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/technology/apps/news-when-will-ios-version-of-battlegrounds-mobile-india-release-check-everything-you-need-to-know-about-bgmis-early-access-on-android-devices-158968|title=When will iOS version of Battlegrounds Mobile India release? Check everything you need to know about BGMI's early access on Android devices|date=21 June 2021|work=[[Zee Business]]|access-date=22 June 2021}}</ref> <ref name=":9">{{Cite news|url=https://www.sportskeeda.com/esports/battlegrounds-mobile-india-ios-release-date-hints-rumors-everything-need-know|title=Battlegrounds Mobile India iOS release date hints and rumors: Everything you need to know|date=21 June 2021|work=[[Sportskeeda]]|access-date=22 June 2021}}</ref>
== यह सभी देखें ==
* [[प्लेयरअननोन्स बैटलग्राउंड्स]]
* [[ब्लूहोल (कंपनी)]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.battlegroundsmobileindia.com}}
* {{फेसबुक|BattlegroundsMobileIN}}
* {{इंस्टाग्राम|battlegroundsmobilein_official}}
[[श्रेणी:भारतीय खेल]]
[[श्रेणी:वीडियो गेम]]
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2026-05-21T16:30:57Z
चाहर धर्मेंद्र
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text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक विडियो गेम|image=Battlegrounds_Mobile_India.webp
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'''''बैटलग्राउंड मोबाइलइंडिया''''' (संक्षिप्त रूप में '''BGMI''', <ref>{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/technology/apps/news-battlegrounds-mobile-india-download-how-to-download-bgmi-early-access-file-also-check-apkobb-download-links-158874|title=Battlegrounds Mobile India launch: Get BGMI Early Access file; also check APK+OBB download links|date=19 May 2021|work=Zee Business|access-date=21 May 2021}}</ref> '''जिसे पहले इंडिया के''' नाम से जाना जाता था <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-india-comeback-public-reaction-7051051/|title=PUBG Mobile India relaunch: Reactions from the gaming community|last=Singh Arora|first=Karanveer|date=21 November 2020|work=The Indian Express|access-date=21 May 2021}}</ref> ब्लूहोल (कंपनी)|) क्राफ्टन द्वारा विकसित और प्रकाशित एक ऑनलाइन मल्टीप्लेयर बैटल रॉयल गेम है। यह गेम विशेष रूप से भारतीय यूजर्स के लिए है। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/pubg-mobile-officially-renamed-as-battlegrounds-mobile-india-website-goes-live/articleshow/82428060.cms|title=PUBG Mobile officially renamed as Battlegrounds Mobile India, website goes live|date=6 May 2021|work=Times of India|access-date=30 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/tech/gaming/battlegrounds-mobile-india-will-replace-pubg-mobile-in-india-krafton-officially-unveils-the-logo-9596971.html|title=Battlegrounds Mobile India will replace PUBG Mobile in India, KRAFTON officially unveils the logo|date=6 May 2021|work=Firstpost|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://www.businesstoday.in/technology/news/pubg-mobiles-parent-company-announces-launch-of-battlegrounds-mobile-india/story/438414.html|title=PUBG Mobile's parent company announces launch of Battlegrounds Mobile India|date=6 May 2021|work=Business Today (India)|Business Today|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-returns-to-india-developer-krafton-announced-battlegrounds-mobile-india-a-new-game-that-looks-a-lot-like-pubg-7304100/|title=Krafton announces PUBG Mobile to return as 'Battlegrounds Mobile India'; registrations to open soon|date=7 May 2021|work=The Indian Express|access-date=18 June 2021}}</ref>
यह गेम 2 जुलाई 2021 को एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|एंड्रॉयड उपकरणों के लिए जारी किया गया था। <ref name=":12">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-officially-launched-in-india-launch-details-in-game-content-free-rewards-and-more/articleshow/84056014.cms|title=Battlegrounds Mobile India officially launched in India: Launch details, in-game content, free rewards and more|date=2 July 2021|work=The Times of India|access-date=2 July 2021}}</ref>
== इतिहास ==
2 सितंबर, 2020 को, <ref>{{Cite news|url=https://www.india.com/technology/pubg-ban-pubg-mobile-is-still-working-in-india-after-ministry-ban-the-game-4133856/|title=PUBG Ban: PUBG Mobile is Still Working in India After Ministry Bans The Game|date=7 September 2020|work=India.com News|access-date=21 June 2021}}</ref> [[इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय|इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय]], [[भारत सरकार|भारत सरकार ने]] <ref name=":6">{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/tech-news-technology/india-bans-pubg-mobile-116-chinese-apps-full-list-6580365/|title=PUBG Mobile, 117 Chinese apps banned in India: Check the full list|date=5 September 2020|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=21 June 2021}}</ref> चीनी अनुप्रयोगों के साथ-साथ [[प्लेयरअननोन्स बैटलग्राउंड्स|पबजी मोबाइल]] पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें कहा गया था कि ऐप ऐसी गतिविधियों में लगे हुए थे जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए प्रतिकूल और खतरा थे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था <ref>{{Cite news|url=https://tech.hindustantimes.com/gaming/news/pubg-mobile-ban-here-s-why-the-indian-government-blocked-the-game-71599133987192.html|title=PUBG Mobile ban: Here's why the Indian government blocked the game|last=BHUSHAN|first=KUL|date=3 September 2020|work=HT Tech|access-date=21 June 2021}}</ref>
नवंबर 2020 में, कुछ खबरें आईं कि पबजी मोबाइल भारत में वापस आ रहा है जिसका नाम PUBG Mobile India है। <ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/technology/gaming/pubg-mobile-india-to-launch-soon-7049047/|title=PUBG Mobile coming back to India: Here’s everything you need to know|date=12 November 2020|work=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]|access-date=21 June 2021}}</ref> 24 नवंबर, 2020, पर प्रकाशित एक समाचार पर [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|टाइम्स ऑफ इंडिया]], कि सूचना [[ब्लूहोल (कंपनी)|PUBG निगम]] और [[दक्षिण कोरिया]] के वीडियो गेम कंपनी [[ब्लूहोल (कंपनी)|Krafton इंक]] पंजीकृत किया है PUBG इंडिया प्राइवेट लिमिटेड <ref>{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/india/news-pubg-india-is-now-a-registered-company-in-india-do-pre-registration-to-download-pubg-mobile-this-way-141668|title=PUBG India is now a registered company in India; do pre-registration to download PUBG mobile this way|date=24 November 2020|work=[[Zee Business]]|access-date=21 June 2021}}</ref> के तहत कारपोरेट मामलों के मंत्रालय, [[भारत सरकार]] फिर से लॉन्च करने के लिए भारत में पबजी मोबाइल। <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/government-approves-pubg-india-company-registration-pubg-mobile-game-to-relaunch-soon/articleshow/79390939.cms|title=Government approves PUBG India company registration; PUBG Mobile game to relaunch soon|last=Sarkar|first=Debashis|date=24 November 2020|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=21 June 2021}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.redeemcodecenter.com/bgmi-rename-card-redeem-code/|title=How to Get Free Rename Card in BGMI Battlegrounds Mobile India|last=|first=|date=2024-03-25|website=|language=en-US|access-date=2024-03-25}}</ref>
मई 2021 में, यह पता चला कि पबजी मोबाइल भारतीय गेमिंग बाजार में प्रवेश करने के लिए खुद को बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया के रूप में रीब्रांड कर रहा था। उसके बाद 7 मई, 2021 को द इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ने बताया कि, एक प्रेस बयान में क्राफ्टन ने पुष्टि की कि वे पबजी मोबाइल के समान गेम बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया लॉन्च करने जा रहे हैं।
== डेटा गोपनीयता संघर्ष ==
एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए शुरुआती बीटा रिलीज़ के बाद, 21 जून, 2021 को, IGN India ने सबसे पहले बताया कि उपयोगकर्ताओं के एंड्रॉयड डिवाइस के बारे में डेटा [[टेनसेंट|Tencent के]] स्वामित्व वाले चीन सर्वरों को भेजा जा रहा था। <ref>{{Cite news|url=https://in.ign.com/battlegrounds-mobile-india/161057/news/battlegrounds-mobile-india-data-china-server-android-apk-download|title=Battlegrounds Mobile India Android Data Sent to China Server [UPDATE]|last=Alwani|first=Rishi|date=21 June 2021|work=[[IGN India]]|access-date=23 June 2021}}</ref> [[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया|द टाइम्स ऑफ इंडिया]] की रिपोर्ट के अनुसार, "इसके पीछे एक कारण पबजी मोबाइल अकाउंट ट्रांसफर फीचर के कारण हो सकता है कि क्राफ्टन BGMI खिलाड़ियों को अपने खाते और गेम डेटा को पबजी मोबाइल से BGMI<ref>{{Cite web|url=https://backdroid.com/bgmi-lag-fix-easy-steps/|title=BGMI Lag Fix: 5 Easy Steps to Fix lag Permanently|date=2021-09-06|website=Backdroid|language=en-US|access-date=2021-10-02}}</ref> में दिसंबर 2021 तक स्थानांतरित करने की अनुमति दे रहा है।" <ref>{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-found-sharing-data-with-chinese-servers/articleshow/83716422.cms|title=Battlegrounds Mobile India found sharing data with Chinese servers|date=21 June 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=23 June 2021}}</ref>
इस डेटा साझाकरण उल्लंघन के बाद '', बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया'' के डेवलपर [[ब्लूहोल (कंपनी)|, क्राफ्टन]] <ref name=":10">{{Cite news|url=https://in.ign.com/battlegrounds-mobile-india/161131/news/battlegrounds-mobile-india-china-server-fix-update-data-share-android-apk|title=Battlegrounds Mobile India Update Fixes China Server Data Sharing|last=Alwani|first=Rishi|date=22 June 2021|work=[[IGN]]|access-date=23 June 2021}}</ref> को चीन स्थित सर्वरों के साथ डेटा साझा करने की समस्या को ठीक करने के लिए एक छोटा इन-गेम अपडेट जारी किया। <ref name=":11">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-is-now-safe-to-play-report/articleshow/83745868.cms|title=Battlegrounds Mobile India is now ‘safe’ to play: Report|date=22 June 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=23 June 2021}}</ref> हालाँकि, यह भी बताया गया था कि यदि कोई उपयोगकर्ता एप्लिकेशन डेटा को हटाता है तो [[पिंग|गेम चीनी सर्वर पर पिंग कर सकता है।]] Krafton गेम डेवलपर्स ने निकट भविष्य में भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए अपने बीटा परीक्षण स्लॉट को शुरू करने की पुष्टि की है। हालाँकि, डेवलपर आपके पुराने PUBG मोबाइल खाते और अन्य प्रासंगिक गेम डेटा को नवीनतम [[बैटलग्राउण्ड्स मोबाइल इण्डिया|बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया]] में स्थानांतरित करने का विकल्प भी दे रहा है।<ref>{{Cite web|url=https://www.cashlootera.com/pubg-account-data-transfer-to-bgmi/|title=PUBG Mobile Data Transfer to Battlegrounds Mobile India - Step by Step|date=2021-06-20|language=en-US|access-date=2024-01-21}}</ref>
== रिहाई ==
खेल की घोषणा 6 मई 2021 को की गई थी। <ref name=":0">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/technology/news/story/wait-over-pubg-mobile-india-aka-battlegrounds-mobile-india-may-arrive-as-early-as-this-month-1799399-2021-05-06|title=Wait over? PUBG Mobile India aka Battlegrounds Mobile India may arrive as early as this month|date=6 May 2021|work=[[इण्डिया टुडे]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":1">{{Cite news|url=https://www.indiatvnews.com/technology/news-pubg-mobile-india-launching-as-battlegrounds-mobile-india-logo-revealed-702837|title=Krafton announces launch of Battlegrounds Mobile India, logo revealed|date=6 May 2021|work=[[India TV]]|access-date=18 June 2021}}</ref> गेम का प्री-रजिस्ट्रेशन 18 मई 2021 <ref name=":2">{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/tech/news-analysis/battlegrounds-mobile-india-is-now-open-for-pre-registration-on-google-play-store-9621001.html|title=Battlegrounds Mobile India is now open for pre-registration on Google Play Store|date=18 May 2021|work=[[Firstpost]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":3">{{Cite news|url=https://www.dnaindia.com/gaming/report-pubg-mobile-india-latest-update-2021-pubg-mobile-publisher-krafton-battlegrounds-mobile-india-pre-registration-to-start-on-18-may-5-thing-to-keep-in-mind-2890766|title=Battlegrounds Mobile India pre-registration to begin TODAY: Things to know|date=18 May 2021|work=[[डीएनए इंडिया]]|access-date=18 June 2021}}</ref> [[एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|को एंड्रॉइड]] यूजर्स के लिए शुरू किया गया था और गेम का अर्ली एक्सेस बीटा वर्जन 17 जून 2021 को केवल [[एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)|एंड्रॉइड]] यूजर्स के लिए जारी किया गया था। <ref name=":4">{{Cite news|url=https://www.republicworld.com/technology-news/gaming/battleground-mobile-india-beta-version-released-heres-how-you-can-get-early-access.html|title=Battleground Mobile India Beta version released: Here's how you can get early access|date=17 June 2021|work=[[Republic World]]|access-date=18 June 2021}}</ref> <ref name=":5">{{Cite news|url=https://www.indiatoday.in/technology/news/story/battlegrounds-mobile-india-now-available-to-download-as-early-access-on-google-play-1815869-2021-06-17|title=Battlegrounds Mobile India now available to download as early access on Google Play|date=17 June 2021|work=India Today|access-date=18 June 2021}}</ref> यह गेम 2 जुलाई 2021 को एंड्रॉयड उपकरणों के लिए जारी किया गया था। <ref name=":12">{{Cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/gadgets-news/battlegrounds-mobile-india-officially-launched-in-india-launch-details-in-game-content-free-rewards-and-more/articleshow/84056014.cms|title=Battlegrounds Mobile India officially launched in India: Launch details, in-game content, free rewards and more|date=2 July 2021|work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|access-date=2 July 2021}}</ref> हालांकि बताया जा रहा है कि क्राफ्टन अपने [[आईओएस]] वर्जन को रिलीज करने पर काम कर रहा है। <ref name=":7">{{Cite news|url=https://www.dnaindia.com/gaming/report-battlegrounds-mobile-india-krafton-release-date-new-teaser-features-ios-app-latest-updates-pubg-mobile-india-2895457|title=Battlegrounds Mobile India release date, new teaser, features, iOS app - Latest updates|date=17 June 2021|work=[[डीएनए इंडिया]]|access-date=22 June 2021}}</ref> <ref name=":8">{{Cite news|url=https://www.zeebiz.com/technology/apps/news-when-will-ios-version-of-battlegrounds-mobile-india-release-check-everything-you-need-to-know-about-bgmis-early-access-on-android-devices-158968|title=When will iOS version of Battlegrounds Mobile India release? Check everything you need to know about BGMI's early access on Android devices|date=21 June 2021|work=[[Zee Business]]|access-date=22 June 2021}}</ref> <ref name=":9">{{Cite news|url=https://www.sportskeeda.com/esports/battlegrounds-mobile-india-ios-release-date-hints-rumors-everything-need-know|title=Battlegrounds Mobile India iOS release date hints and rumors: Everything you need to know|date=21 June 2021|work=[[Sportskeeda]]|access-date=22 June 2021}}</ref>
== यह सभी देखें ==
* [[प्लेयरअननोन्स बैटलग्राउंड्स]]
* [[ब्लूहोल (कंपनी)]]
== संदर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://www.battlegroundsmobileindia.com}}
* {{फेसबुक|BattlegroundsMobileIN}}
* {{इंस्टाग्राम|battlegroundsmobilein_official}}
[[श्रेणी:भारतीय खेल]]
[[श्रेणी:वीडियो गेम]]
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बुलियन
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DrJack1975
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तिजोरी में रखे सोने से संबंधित आंतरिक कड़ी और स्रोत जोड़ा।
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wikitext
text/x-wiki
{{स्रोतहीन|date=जुलाई 2021}}
बुलियन अलौह धातु है जिसे उच्च स्तर की मौलिक शुद्धता तक परिष्कृत किया गया है। यह शब्द आमतौर पर सिक्कों और विशेष रूप से कीमती धातुओं जैसे सोने और चांदी के उत्पादन में उपयोग की जाने वाली थोक धातु को संदर्भित करता है।
सोने के बुलियन को निवेश या सुरक्षित भंडारण के लिए तिजोरियों में भी रखा जा सकता है; कीमती धातुओं के थोक बाज़ार में धातु की डिलीवरी डीलर की तिजोरी या किसी अन्य स्थान पर भौतिक डिलीवरी, अथवा आवंटित या अनावंटित खाते में क्रेडिट के रूप में की जा सकती है।<ref>{{cite web|url=https://www.lbma.org.uk/publications/the-code/annex-3-wholesale-precious-metals-spot-forward-and-deposits-in-precious-metals-basic-market-definitions|title=Annex 3: Wholesale Precious Metals Spot, Forward and Deposits in Precious Metals Basic Market Definitions|website=London Bullion Market Association|access-date=22 May 2026}}</ref> ऐसे तिजोरी-आधारित भंडारण से संबंधित व्यवस्था को [[तिजोरी में रखा सोना]] कहा जाता है।
[[श्रेणी:कीमती धातुएँ]]
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भारत का दूतावास, बाकू
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/* इन्हें भी देखें */
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text/x-wiki
{{उल्लेखनीयता|date=मई 2022}}
{{Infobox diplomatic mission
| name = भारत का दूतावास, बाकू
| address = 6ए, ओलिंपिया स्ट्रीट गंजलिक, नरीमानोव जिला बाकू, ए.जेड 1072 (अजरबैजान)
| ambassador = बी. वनलालवन्ना
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| website = {{official website|https://www.indianembassybaku.gov.in/}}
}}
'''बाकू में भारत का दूतावास''' भारत का एक [[राजनयिक मिशन]] [[अज़रबैजान]] के लिए है।<ref>{{Cite web|title=Embassy of India, Baku, Azerbaijan|url=https://www.indianembassybaku.gov.in/|access-date=2021-10-09|website=www.indianembassybaku.gov.in}}</ref><ref>{{Cite web|date=2021-10-02|title=Embassy of India in Baku celebrates 152nd Birth Anniversary of Mahatma Gandhi (PHOTO)|url=https://en.trend.az/world/other/3493007.html|access-date=2021-10-09|website=Trend.Az|language=en}}</ref>
==नेतृत्व==
राजदूत दूतावास के प्रभारी होते हैं। बी वनलालवना अजरबैजान में भारत के वर्तमान राजदूत हैं।<ref>{{Cite web|last=www.ETRetail.com|title=Indian apparel industry must increase presence in Azerbaijan: Indian envoy - ET Retail|url=https://retail.economictimes.indiatimes.com/news/apparel-fashion/apparel/indian-apparel-industry-must-increase-presence-in-azerbaijan-indian-envoy/86803225|access-date=2021-10-19|website=ETRetail.com|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|title=Indian apparel industry must increase presence in Azerbaijan: Indian envoy {{!}} Business|url=https://www.devdiscourse.com/article/business/1757180-indian-apparel-industry-must-increase-presence-in-azerbaijan-indian-envoy|access-date=2021-10-09|website=Devdiscourse|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|title=B. Vanlalvawna appointed as the next Ambassabor of India to the Republic of Azerbaijan|url=https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/30349/B_Vanlalvawna_appointed_as_the_next_Ambassabor_of_India_to_the_Republic_of_Azerbaijan|access-date=2021-10-09|website=www.mea.gov.in}}</ref>
{| class="wikitable"
|+अज़रबैजान में भारत के राजदूतों की सूची<ref>{{Cite web|title=Embassy of India, Baku, Azerbaijan : Former Ambassadors|url=https://www.indianembassybaku.gov.in/page/former-ambassadors/|access-date=2021-10-09|website=www.indianembassybaku.gov.in}}</ref>
|#
|नाम
|कार्यकाल
|-
|1.
|दिनकर खुल्लरी
|08-10-1999 से 18-12-2002
|-
|२.
|ज्योति एस. पांडे
|06-02-2003 से 18-11-2006
|-
|3.
|बी.आर. मुथुकुमार:
|31-01-2007 से 31-09-2008
|-
|4.
|देबनाथ शॉ
|28-12-2008 से 02-06-2012
|-
|5.
|बी.एम. विनोद कुमार
|07-06-2012 से 31-01-2015
|-
|6.
|संजय राणा
|05-10-2015 से 27-12-2018
|-
|7.
|बी. वनलालवन्ना
|28-02-2019 अब तक
|}
== अधिकार क्षेत्र ==
दूतावास [[अज़रबैजान]] क्षेत्र में कार्य करता है।<ref>{{Cite web|title=MEA {{!}} Indian Missions Abroad {{!}} Indian Mission|url=https://www.mea.gov.in/indian-mission.htm?17/Azerbaijan|access-date=2021-10-09|website=www.mea.gov.in}}</ref>
== शिक्षा ==
दूतावास द्वारा भारत में अध्ययन करने के लिए स्थानीय नागरिकों को छात्रवृत्ति की पेशकश की जाती है।<ref>{{Cite web|title=Embassy of India, Buenos Aires, Argentina : Education/Scholarships|url=https://www.indembarg.gov.in/page-link/?page=education|access-date=2021-09-26|website=www.indembarg.gov.in|archive-date=25 अक्तूबर 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20211025211509/https://www.indembarg.gov.in/page-link/?page=education|url-status=dead}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत के राजनयिक मिशनों की सूची]]
* [[अज़रबाइजान–भारत सम्बन्ध|अज़रबैजान–भारत सम्बन्ध]]
* [[भारत के विदेश संबंध]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
* {{Official|https://www.indianembassybaku.gov.in/}}
{{भारत के राजनयिक मिशन}}
[[श्रेणी:भारत के राजनयिक मिशन]]
[[श्रेणी:अज़रबैजान के राजनयिक मिशन]]
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विशग्राड समूह
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{{Infobox Geopolitical organization
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| symbol_type = The group's logo, representing the relative positions of the four countries' capital cities
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| population_estimate = {{increase}} 6,38,45,789<ref>{{cite web |url=https://ec.europa.eu/eurostat/tgm/table.do?tab=table&init=1&language=en&pcode=tps00001&plugin=1 |title=Population on 1 January |website=ec.europa.eu/eurostat |publisher=[[Eurostat]] |access-date=25 October 2019}}</ref>
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| GDP_PPP = {{increase}} $22.26 खरब <ref name="WEOV4">{{cite web |url=https://www.imf.org/external/pubs/ft/weo/2019/01/weodata/weorept.aspx?pr.x=41&pr.y=21&sy=2017&ey=2021&scsm=1&ssd=1&sort=country&ds=.&br=1&c=964%2C935%2C936%2C944&s=NGDPD%2CPPPGDP%2CNGDPDPC%2CPPPPC&grp=0&a= |title=World Economic Outlook Database, April 2019 |website=IMF.org |publisher=[[International Monetary Fund]] |access-date=10 September 2019}}</ref>
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''' विशग्राड समूह ''' (V4) या ''' यूरोपियाई चौकड़ी ''', मध्य यूरोप (चेक गणराज्य, हङ्गरी, पोलैण्ड और स्लोवाकिया) के चार देशों का एक सांस्कृतिक और राजनीतिक गठबन्धन है। जो [[यूरोपीय संघ|यूरोपीय सपङ्घ]] और [[नाटो]] के सदस्य हैं, आगे बढ़ने के लिये एक दूसरे के साथ सैन्य, सांस्कृतिक, आर्थिक और ऊर्जा विषयों में सहयोग और यूरोपीय सङ्घ में उनके एकीकरण को आगे बढ़ाने के लिये।<ref>https://web.archive.org/web/20140824082057/http://www.visegradgroup.eu/2011/the-bratislava</ref>
समूह की उत्पत्ति चेकोस्लोवाकिया, हङ्गरी और पोलैण्ड के नेताओं की 15 फरवरी 1991 को हङ्गेरियन महल नगर विशग्राड में आयोजित शिखर बैठक में हुई। <ref>https://www.nytimes.com/1991/02/17/world/three-eastern-european-leaders-confer-gingerly.html</ref> विशग्राड को 1991 की बैठक के लिये स्थान के रूप में चुना गया था, जो 1335 में बोहेमिया के जॉन I, हङ्गरी के चार्ल्स प्रथम और पोलैण्ड के कासिमिर III के बीच मध्यकालीन कॉङ्ग्रेस के विशग्राड के लिये एक जानबूझकर सङ्केत था।
==सन्दर्भ==
{{reflist}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons category}}
* {{Official website}}
{{Authority control}}[[श्रेणी:यूरोप का इतिहास]]
[[श्रेणी:हंगेरियाई भाषा पाठ वाले लेख]]
[[श्रेणी:चेक भाषा पाठ वाले लेख]]
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टाटा टियागो
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text/x-wiki
'''टाटा टियागो''' 2016 से भारत में [[टाटा मोटर्स]] द्वारा बनाई गई एक सिटी कार है। इस कार को टाटा काइट प्रोजेक्ट से लिया गया है।
'''टियागो को पहले टाटा ज़िका के''' रूप में घोषित किया गया था, जिसमें "ज़िका" "ज़िप्पी कार्" के लिए छोटा था, लेकिन इसे बदल दिया गया क्योंकि कार का लॉन्च [[जिका विषाणु|जिका वायरस]] के प्रकोप के साथ मेल खाता था। <ref name="nyt">{{Cite news|url=https://www.nytimes.com/2016/02/03/business/tata-renaming-zica-car.html|title=Zica Car Will Be Renamed, Tata Motors of India Says|last=McPhate|first=Mike|date=2 February 2016|work=[[The New York Times]]|access-date=3 February 2016}}</ref> टियागो, एक आम पुर्तगाली मर्दाना नाम है जो ऑनलाइन मांगे गए सुझावों से चुना गया था। <ref name="cnnmoney-tiago">{{Cite web|url=http://money.cnn.com/2016/02/22/autos/tata-zica-car-zika-virus-tiago/|title=Tata's Zica car gets a new name: Tiago|website=CNN Money|access-date=22 February 2016|archive-date=9 अगस्त 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180809215723/https://money.cnn.com/2016/02/22/autos/tata-zica-car-zika-virus-tiago/|url-status=dead}}</ref>
Read More- [https://autotimesnews.blogspot.com/2024/08/Explore-the-Tata-Curve-Interior-The-Pinnacle-of-Automotive-Design.html Tata Curve Interior] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20240810060643/https://autotimesnews.blogspot.com/2024/08/Explore-the-Tata-Curve-Interior-The-Pinnacle-of-Automotive-Design.html |date=10 अगस्त 2024 }}
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text/x-wiki
{{Infobox company
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}}
[[File:Ziggo Logo.svg|thumb|पिछला जिगगो लोगो]]
'''जिगगो होल्डिंग [[बेस्लोटेन वेन्नूट्सचाप|बी.वी.]]''' नीदरलैंड में सबसे बड़ा केबल ऑपरेटर है, जो आवासीय और वाणिज्यिक दोनों ग्राहकों को डिजिटल केबल टेलीविजन, इंटरनेट और टेलीफोन सेवा प्रदान करता है।<ref name="Telecomwereld1">{{cite web |url=http://telecomwereld.nl/n0002471.htm |title=Kabelbedrijf Zesko verder onder de naam Ziggo |access-date=2008-05-15 |author=Gertjan Groen |date=2008-01-29 |work=Telecomwereld.nl |language=nl |archive-date=3 अप्रैल 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080403114816/http://www.telecomwereld.nl/n0002471.htm |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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ज़ैदा जेम्स
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}}
'''ज़ैदा जेम्स''' एक सेंट लूसियन क्रिकेटर हैं, जो महिला सुपर 50 कप और ट्वेंटी 20 ब्लेज़ टूर्नामेंट में विंडवर्ड आइलैंड्स महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलती हैं।<ref>{{cite web |url=https://tt.loopnews.com/content/windies-teenager-zaida-james-aims-stars |title=Windies teenager Zaida James aims for the stars |work=Loop News |access-date=25 June 2021 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.windiescricket.com/news/zaida-james-fearless-and-fiery-future-west-indies-women/ |title=ZAIDA JAMES: The fearless and fiery future of West Indies Women |work=Cricket West Indies |access-date=25 June 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://thevoiceslu.com/2019/03/womens-cricket-saint-lucias-zaida-james-creates-history/ |title=Women's Cricket: Saint Lucia's Zaida James Creates History |work=The Voice |access-date=25 June 2021}}</ref> अप्रैल 2021 में, जेम्स को एंटीगुआ में क्रिकेट वेस्टइंडीज के उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |title=30 West Indies players to undergo month-long training camp starting from May 2 |work=Women's CricZone |access-date=20 June 2021 |archive-date=15 जनवरी 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230115091212/https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=https://jamaica.loopnews.com/content/rashada-williams-among-4-jamaicans-windies-womens-training-squad |title=Rashada Williams among 4 Jamaicans in Windies women's training squad |work=Loop Jamaica |access-date=20 June 2021 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जून 2021 में, जेम्स को पाकिस्तान के खिलाफ उनकी श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज ए टीम में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/twin-sisters-kycia-knight-and-kyshona-knight-return-to-west-indies-side-for-pakistan-t20is-1267895 |title=Twin sisters Kycia Knight and Kyshona Knight return to West Indies side for Pakistan T20Is |work=ESPN Cricinfo |access-date=25 June 2021}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |title=Stafanie Taylor, Reniece Boyce to lead strong WI, WI-A units against PAK, PAK-A |work=Women's CricZone |access-date=25 June 2021 |archive-date=25 जून 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625152240/https://womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |url-status=dead }}</ref>
==सन्दर्भ==
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}}
'''जाफीना जोसेफ''' एक विंसेंटियन क्रिकेटर हैं जो [[सेंट विंसेंट एवं ग्रेनाडींस|सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस]] महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेलती हैं।<ref>{{cite web|url=http://www.espncricinfo.com/ci/content/player/769533.html |title=Japhina Joseph |work=ESPN Cricinfo |access-date=25 June 2021}}</ref><ref>{{cite web|url=https://thevincentian.com/joseph-in-wi-female-reserves-p20244-139.htm |title=Joseph in WI Female Reserves |work=The Vincentian |access-date=25 June 2021}}</ref> अप्रैल 2021 में, जोसेफ को एंटीगुआ में क्रिकेट वेस्टइंडीज के उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |title=30 West Indies players to undergo month-long training camp starting from May 2 |work=Women's CricZone |access-date=20 June 2021 |archive-date=15 जनवरी 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230115091212/https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=https://jamaica.loopnews.com/content/rashada-williams-among-4-jamaicans-windies-womens-training-squad |title=Rashada Williams among 4 Jamaicans in Windies women's training squad |work=Loop Jamaica |access-date=20 June 2021 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जून 2021 में, जोसेफ को [[पाकिस्तान]] के खिलाफ उनकी श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज ए टीम में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/twin-sisters-kycia-knight-and-kyshona-knight-return-to-west-indies-side-for-pakistan-t20is-1267895 |title=Twin sisters Kycia Knight and Kyshona Knight return to West Indies side for Pakistan T20Is |work=ESPN Cricinfo |access-date=25 June 2021}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |title=Stafanie Taylor, Reniece Boyce to lead strong WI, WI-A units against PAK, PAK-A |work=Women's CricZone |access-date=25 June 2021 |archive-date=25 जून 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625152240/https://womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |url-status=dead }}</ref>
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}}
'''जेनिलिया ग्लासगो''' एक वेस्ट इंडीज क्रिकेटर है। अप्रैल 2021 में, ग्लासगो को एंटीगुआ में क्रिकेट वेस्टइंडीज के उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर में नामित किया गया था।<ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |title=30 West Indies players to undergo month-long training camp starting from May 2 |work=Women's CricZone |access-date=20 June 2021 |archive-date=15 जनवरी 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230115091212/https://www.womenscriczone.com/30-west-indies-players-to-undergo-month-long-training-camp-starting-from-may-2 |url-status=dead }}</ref><ref>{{cite web |url=https://jamaica.loopnews.com/content/rashada-williams-among-4-jamaicans-windies-womens-training-squad |title=Rashada Williams among 4 Jamaicans in Windies women's training squad |work=Loop Jamaica |access-date=20 June 2021 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref> जून 2021 में, ग्लासगो को [[पाकिस्तान]] के खिलाफ उनकी श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज ए टीम में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/twin-sisters-kycia-knight-and-kyshona-knight-return-to-west-indies-side-for-pakistan-t20is-1267895 |title=Twin sisters Kycia Knight and Kyshona Knight return to West Indies side for Pakistan T20Is |work=ESPN Cricinfo |access-date=25 June 2021}}</ref><ref>{{cite web |url=https://www.womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |title=Stafanie Taylor, Reniece Boyce to lead strong WI, WI-A units against PAK, PAK-A |work=Women's CricZone |access-date=25 June 2021 |archive-date=25 जून 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210625152240/https://womenscriczone.com/west-indies-senior-and-a-teams-to-be-led-by-taylor-boyce |url-status=dead }}</ref>
जनवरी 2022 में, ग्लासगो को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज की [[महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट|महिला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय]] (मवनडे) टीम में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/sa-women-vs-wi-women-2021-22-afy-fletcher-returns-for-south-africa-odis-qiana-joseph-out-injured-1297019 |title=Afy Fletcher returns for South Africa ODIs, Qiana Joseph out injured |work=ESPN Cricinfo |access-date=15 January 2022}}</ref> फरवरी 2022 में, उन्हें न्यूजीलैंड में [[2022 महिला क्रिकेट विश्व कप]] के लिए वेस्टइंडीज टीम में तीन आरक्षित खिलाड़ियों में से एक के रूप में नामित किया गया था।<ref>{{cite web|url=https://www.espncricinfo.com/story/wwc-2022-west-indies-name-womens-world-cup-squad-stafanie-taylor-to-captain-1301982 |title=West Indies name Women's World Cup squad, Stafanie Taylor to lead |work=ESPN Cricinfo |access-date=20 February 2022}}</ref>
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[[श्रेणी:जीवित लोग]]
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ज़ैनब मोकालेद
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'''ज़ैनब मोकालेद''' (अरबी: ينب مقلد) उर्फ '''महमूद मकलीद नौरेद्दीन''' उर्फ '''श्रीमती उम्म नासिर''' एक लेबनानी शिक्षक, पर्यावरण कार्यकर्ता और मानवाधिकार रक्षक हैं।<ref>{{Cite web|title=Five leading environmentalists we are proud to have them in MENA|url=https://www.greenpeace.org/mena/en/five-leading-environmentalists-we-are-proud-to-have-them-in-mena/|access-date=2022-04-23|website=Greenpeace MENA|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|title=قرية لبنانية تفرز نفاياتها منذ 1995 بفضل هذه المرأة.. تعرف عليها {{!}} Radiosawa|url=https://www.radiosawa.com/archive/2015/09/04/%D9%82%D8%B1%D9%8A%D8%A9-%D9%84%D8%A8%D9%86%D8%A7%D9%86%D9%8A%D8%A9-%D8%AA%D9%81%D8%B1%D8%B2-%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA%D9%87%D8%A7-1995-%D8%A8%D9%81%D8%B6%D9%84-%D9%87%D8%B0%D9%87-%D8%A7%D9%84%D9%85%D8%B1%D8%A3%D8%A9-%D8%AA%D8%B9%D8%B1%D9%81-%D8%B9%D9%84%D9%8A%D9%87%D8%A7|access-date=2022-04-23|website=www.radiosawa.com|language=ar|archive-date=26 फ़रवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220226235259/https://www.radiosawa.com/archive/2015/09/04/%D9%82%D8%B1%D9%8A%D8%A9-%D9%84%D8%A8%D9%86%D8%A7%D9%86%D9%8A%D8%A9-%D8%AA%D9%81%D8%B1%D8%B2-%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA%D9%87%D8%A7-1995-%D8%A8%D9%81%D8%B6%D9%84-%D9%87%D8%B0%D9%87-%D8%A7%D9%84%D9%85%D8%B1%D8%A3%D8%A9-%D8%AA%D8%B9%D8%B1%D9%81-%D8%B9%D9%84%D9%8A%D9%87%D8%A7|url-status=dead}}</ref>
== सक्रियतावाद ==
पहला नागरिक समाज 70 के दशक की शुरुआत में अरबसलीम गांव में स्थापित किया गया था। यह "कामकाजी महिला संघ" के नाम से था। 1995 में गाँव में कूड़े की समस्या के बिगड़ने के परिणामस्वरूप यह अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। इसके साथ जटिल राजनीतिक परिस्थितियों में राज्य की उपेक्षा भी हुई। मोकाल्ड और कई गाँव की महिलाओं ने "अरबास्लिम महिला सभा" संघ की स्थापना करके इस समस्या को हल करने का फैसला किया। संघ बाद में "निदा अल-अर्द" में बदल गया। इसे 1998 में एक नागरिक संगठन के रूप में पंजीकृत किया गया था। स्वयंसेवकों और उसकी दोस्त खदीजा फरहत की मदद से, जिन्होंने एक पुराना ट्रक खरीदा था, उन्होंने गाँव के घरों से 40 डॉलर प्रति वर्ष के हिसाब से कचरा एकत्र किया। प्रत्येक योगदानकर्ता से। फिर, वे पुनर्चक्रण योग्य कचरे को एक नकली घर के बगीचे में छाँटते हैं। मोकाल्ड द्वारा प्रबंधित अपशिष्ट पुनर्चक्रण परियोजना की सफलता का कारण यह था कि गांव 2015 में लेबनान में हुई अपशिष्ट समस्याओं से प्रभावित नहीं था। 2000 में अपनी सेवानिवृत्ति से पहले, मोकाल्ड ने नबातिह हाई स्कूल में लड़कियों के लिए एक सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की।<ref>{{Cite web|last=جابر|first=كامل|title=زينب مقلّد معلّمة عربصاليم الأولى|url=http://www.khiyam.com/news/article.php?articleID=3215|access-date=2022-04-23|website=الخيام {{!}} khiyam.com|language=ar}}</ref><ref>{{Cite web|title=سيدات عربصاليم ينقذن البلدة من النفايات... وتجربة رائدة في دير الزهراني|url=https://www.annahar.com/arabic/article/930723-%D8%B3%D9%8A%D8%AF%D8%A7%D8%AA-%D8%B9%D8%B1%D8%A8%D8%B5%D8%A7%D9%84%D9%8A%D9%85-%D9%8A%D9%86%D9%82%D8%B0%D9%86-%D8%A7%D9%84%D8%A8%D9%84%D8%AF%D8%A9-%D9%85%D9%86-%D8%A7%D9%84%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA-%D9%88%D8%AA%D8%AC%D8%B1%D8%A8%D8%A9-%D8%B1%D8%A7%D8%A6%D8%AF%D8%A9-%D9%81%D9%8A-%D8%AF%D9%8A%D8%B1-%D8%A7%D9%84%D8%B2%D9%87%D8%B1%D8%A7%D9%86%D9%8A|access-date=2022-04-23|website=annahar.com|language=en|archive-date=26 फ़रवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220226235259/https://www.annahar.com/arabic/article/930723-%D8%B3%D9%8A%D8%AF%D8%A7%D8%AA-%D8%B9%D8%B1%D8%A8%D8%B5%D8%A7%D9%84%D9%8A%D9%85-%D9%8A%D9%86%D9%82%D8%B0%D9%86-%D8%A7%D9%84%D8%A8%D9%84%D8%AF%D8%A9-%D9%85%D9%86-%D8%A7%D9%84%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA-%D9%88%D8%AA%D8%AC%D8%B1%D8%A8%D8%A9-%D8%B1%D8%A7%D8%A6%D8%AF%D8%A9-%D9%81%D9%8A-%D8%AF%D9%8A%D8%B1-%D8%A7%D9%84%D8%B2%D9%87%D8%B1%D8%A7%D9%86%D9%8A|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|title=تلفزيون- سيدة من قرية لبنانية تظهر كيف يمكن حل مشكلة القمامة في البلاد|url=https://cn.reuters.com/article/idARAL5N1LS54M|access-date=|website=Reuters|language=en|archive-date=31 मार्च 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220331172006/https://cn.reuters.com/article/idARAL5N1LS54M|url-status=bot: unknown}}</ref><ref>{{Cite web|title=امرأة لبنانية أخذت المبادرة بنفسها وحلّت أزمة النفايات بطريقتها {{!}} مجلة الجرس|url=https://aljaras.com/%d9%85%d8%a8%d8%a7%d8%af%d8%b1%d8%a9-%d8%b2%d9%8a%d9%86%d8%a8-%d9%85%d9%82%d9%84%d9%91%d8%af-%d9%84%d8%ad%d9%84-%d8%a3%d8%b2%d9%85%d8%a9-%d8%a7%d9%84%d9%86%d9%81%d8%a7%d9%8a%d8%a7%d8%aa/|access-date=2022-04-23|language=ar|archive-date=26 फ़रवरी 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220226235259/https://aljaras.com/%D9%85%D8%A8%D8%A7%D8%AF%D8%B1%D8%A9-%D8%B2%D9%8A%D9%86%D8%A8-%D9%85%D9%82%D9%84%D9%91%D8%AF-%D9%84%D8%AD%D9%84-%D8%A3%D8%B2%D9%85%D8%A9-%D8%A7%D9%84%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|title=نساء بلدة عربصاليم سبقن الدولة والجمعيات بحل أزمة النفايات|url=http://alladyqueen.com/articles/details/1636/%D9%86%D8%B3%D8%A7%D8%A1-%D8%A8%D9%84%D8%AF%D8%A9-%D8%B9%D8%B1%D8%A8%D8%B5%D8%A7%D9%84%D9%8A%D9%85|access-date=2022-04-23|website=alladyqueen.com}}</ref><ref>{{Cite web|title=مشروع جديد لتحويل النفايات إلى سماد: عربصاليم تلجأ إلى الديدان!|url=https://www.lebanon24.com/news/economics/360782/%D9%85%D8%B4%D8%B1%D9%88%D8%B9-%D8%AC%D8%AF%D9%8A%D8%AF-%D9%84%D8%AA%D8%AD%D9%88%D9%8A%D9%84-%D8%A7%D9%84%D9%86%D9%81%D8%A7%D9%8A%D8%A7%D8%AA-%D8%A5%D9%84%D9%89-%D8%B3%D9%85%D8%A7%D8%AF-%D8%B9%D8%B1%D8%A8%D8%B5%D8%A7%D9%84%D9%8A%D9%85-%D8%AA%D9%84%D8%AC%D8%A3|access-date=2022-04-23|website=Lebanon24|language=ar}}</ref>
== सन्दर्भ ==
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सेंट पीटर और सेंट पॉल चर्च, विनियस
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{{Infobox religious building
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'''सेंट पीटर और सेंट पॉल चर्च''' [[लिथुआनिया]] की राजधानी [[विल्नुस|विल्नियस]] के एंटाकलनिस क्षेत्र में स्थित एक [[कैथोलिक गिरजाघर|रोमन कैथोलिक]] चर्च है। यह चर्च लेटरन के नियमित कैननों के पूर्व मठ परिसर का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अपने भव्य आंतरिक सज्जा और कलात्मक वैभव के कारण यह यूरोप के विशिष्ट धार्मिक स्थापत्य स्मारकों में गिना जाता है।
चर्च के भीतरी भाग में कलाकार जियोवानी पिएत्रो पर्टि द्वारा निर्मित लगभग 2,000 प्लास्टर आकृतियाँ तथा जियोवानी मारिया गैली द्वारा तैयार अलंकरण इसकी कलात्मक विशिष्टता को अद्वितीय बनाते हैं।<ref name=pak2011>Paknys (2011–2013)</ref> इसकी आंतरिक सज्जा को यूरोप में अनुपम माना जाता है और इसे पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल बारोक शैली की उत्कृष्ट कृतियों में सम्मिलित किया जाता है।
इस चर्च के निर्माण को मिखाल काज़िमिएर्ज़ पात्स ने वित्तीय सहायता प्रदान की थी। इसका निर्माण मस्कोवाइट सेनाओं पर विजय तथा विल्नियस पर छह वर्षों तक चले उनके कब्जे से मुक्ति की स्मृति में कराया गया था।<ref>{{cite web |title=Vilniaus Šv. Apaštalų Petro ir Povilo bažnyčia |url=https://www.govilnius.lt/aplankykite/lankytinos-vietos/vilniaus-sv-apastalu-petro-ir-povilo-baznycia |website=govilnius.lt |accessdate=21 जुलाई 2020 |language=lt}}</ref>
==इतिहास==
सेंट पीटर और सेंट पॉल चर्च के प्रारंभिक इतिहास के विषय में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। वर्तमान चर्च की नींव की खुदाई के दौरान श्रमिकों को एक अज्ञात शूरवीर की प्रतिमा मिली थी,<ref name=Paknys1998/> जिसके आधार पर यह किंवदंती प्रचलित हुई कि यहाँ पहले एक लकड़ी का चर्च स्थित था, जिसकी स्थापना गोष्टी ताई परिवार के पूर्वज पेट्रास गोश्तौतास ने कराई थी। कहा जाता है कि यह निर्माण योगाइला द्वारा 1387 में लिथुआनिया के आधिकारिक ईसाईकरण से भी पहले हुआ था।<ref name=vai30/>
हालाँकि इतिहासकार अधिक संभावना इस बात की मानते हैं कि चर्च की स्थापना वोइचेख ताबोर ने की थी, जो 1492 से 1507 तक विल्नियस के बिशप रहे। मूल लकड़ी का चर्च 1594 में आग लगने से नष्ट हो गया, जिसके बाद 1609 से 1616 के बीच इसका पुनर्निर्माण कराया गया।<ref name=Paknys1998/>
वर्ष 1625 में युस्ताखी वोलोविच ने लेटरन के नियमित कैनन को यहाँ आमंत्रित किया। उनका नया मठ नवंबर 1638 में औपचारिक रूप से स्थापित हुआ।<ref name=Paknys1998/> बाद में यर्ज़ी तिश्केविच ने चर्च और मठ को “धन्य कुँवारी मरियम ऑफ़ मर्सी” की एक चित्रकृति भेंट की। यह चित्र 1641 से 1647 के बीच इटली के फ़ाएन्ज़ा से लाया गया था और वहाँ की संरक्षिका “आवर लेडी ऑफ़ ग्रेसेस” को दर्शाता था।<ref name=maras/>
यद्यपि इस चित्र का औपचारिक अभिषेक नहीं हुआ था, फिर भी इसे रजत आवरण से सजाया गया और यह श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बन गया। चर्च के संरक्षक मिखाल काज़िमिएर्ज़ पात्स द्वारा भेंट की गई यह चित्रकृति आज भी चर्च के एप्स भाग में स्थापित है।<ref name=maras>{{cite web |title=Kultūros vakaras: Maras Vilniuje. Vieno paveikslo istorijos pėdsakais |date=2001-10-17 |url=http://www.ldm.lt/Kaleidoskopas/renginiai_maras_vilniuje.htm |publisher=लिथुआनियाई कला संग्रहालय |language=lt |accessdate=2014-10-26 |archive-url=https://web.archive.org/web/20050419084719/http://www.ldm.lt/Kaleidoskopas/renginiai_maras_vilniuje.htm |archive-date=19 अप्रैल 2005 |url-status=dead }}</ref>
[[File:Michał Kazimier Pac. Міхал Казімер Пац (XVII).jpg|thumb|upright|left|चर्च के संस्थापक, माइकल काज़िमिर्ज़ पीएसी की यह पेंटिंग, एप्स में लटकी हुई है।]]
1655-61 में रूस के साथ युद्ध के दौरान, मठ को जला दिया गया और चर्च को नष्ट कर दिया गया। नए चर्च का निर्माण ग्रेट लिथुआनियाई हेटमैन और विलनियस मीकल काज़िमिर्ज़ पीएसी के वोइवोड द्वारा शुरू किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि पीएसी को 1662 की घटना के बाद चर्च के पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित किया गया था जब वह इसके खंडहरों में छिप गया था और इस तरह विद्रोही सैनिकों से मौत से बाल-बाल बच गया था, जिन्होंने बाद में विन्सेन्टी कोरविन गोसिव्स्की, लिथुआनिया के फील्ड हेटमैन और काज़िमिर्ज़ सेरोम्स्की को मार डाला था।<ref name="Kviklys 1985, p. 317">Kviklys (1985), p. 317</ref> इस परियोजना से पहले, पीएसी ने विल्नियस में बर्नार्डिन्स और ड्रुस्किनिंकाई में जेसुइट्स को केवल कुछ ही अपेक्षाकृत मामूली दान दिया था, चर्च या कला के संरक्षक के रूप में नहीं जाना जाता था।<ref name=vai28>Vaišvilaitė (2001), p. 28</ref> पीएसी, जिसने कभी शादी नहीं की, ने कल्पना की कि चर्च पीएसी परिवार के लिए एक समाधि बन जाएगा।<ref name=cer103/> निर्माण कार्य 29 जून 1668 (संत पीटर और पॉल के पर्व का दिन) को क्राको से जान ज़ोर की देखरेख में शुरू हुआ और 1676 में जियोवानी बतिस्ता फ़्रेडियानी द्वारा समाप्त किया गया।<ref name=Paknys1998/> पीएसी आंतरिक सजावट के लिए इतालवी स्वामी जियोवानी पिएत्रो पार्टी और जियोवानी मारिया गैली को लाया। 1682 में संस्थापक की मृत्यु से काम बाधित हो गया था। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार, पीएसी को मुख्य प्रवेश द्वार के दरवाजे के नीचे लैटिन शिलालेख हिक जैकेट पेकेटर के साथ उनकी समाधि पर दफनाया गया था। 18वीं शताब्दी के अंत में, चर्च पर बिजली गिर गई, एक मूर्ति गिर गई जो गिर गई और समाधि का पत्थर टूट गया; इस घटना ने पीएसी और उसके पापों के बारे में कई अफवाहों को प्रेरित किया।<ref name=cap188>Čaplinskas (2010), p. 188</ref> समाधि का पत्थर अब मुख्य प्रवेश द्वार की दाहिनी दीवार पर प्रदर्शित किया गया है।<ref name=cap188/>
चर्च को पीएसी के भाई, समोगितिया काज़िमिर्ज़ पीएसी के बिशप द्वारा तैयार किया गया था,<ref name=vai30>Vaišvilaitė (2001), p. 30</ref> और 1701 में पवित्रा किया गया था, जबकि अंतिम सजावट का काम केवल 1704 में पूरा किया गया था।<ref name=vit2005/> चर्च के निर्माण ने एंटाकलनिस को पुनर्जीवित किया और अन्य रईसों को आकर्षित किया: इतिहास जिन्होंने सलेहा पैलेस और सुलु शक्स का निर्माण किया जिन्होंने लशको पैलेस का निर्माण किया।[<ref name=vai30/> उस समय से चर्च के इंटीरियर में अपेक्षाकृत कम बदलाव आया है। मुख्य परिवर्तन मुख्य वेदी का नुकसान था। लकड़ी की वेदी को 1766 में दी गई में कैथोलिक चर्च में स्थानांतरित कर दिया गया था।<ref name=Paknys1998/> वेदी पर अब सेंट पीटर और सेंट पॉल की विदाई का बोलबाला है, जो 1805 में वहां स्थापित फ्रांसिस जेक स्मगलविक्ज़ की एक बड़ी पेंटिंग है। आंतरिक भाग को 1801-04 में मिलान से जियोवानी बेरेटी और निकोल पियानो द्वारा बहाल किया गया था।<ref name=vit2005/> उसी समय, सेंट पीटर के जहाज की नकल करने वाला एक नया पल्पिट्स स्थापित किया गया था। 1864 में, असफल जनवरी विद्रोह के प्रतिशोध के रूप में, मिखाइल मुरावियोव-विलेंस्की ने मठ को बंद कर दिया और इसकी इमारतों को सैन्य बैरकों में बदल दिया।<ref name=vit2005/> चर्च को एक पूर्वी रूढ़िवादी चर्च में बदलने की योजना थी, लेकिन वे कभी अमल में नहीं आए।<ref name=vit2005/> 1901-05 में, इंटीरियर को फिर से बहाल किया गया था। चर्च ने नाव के आकार का झूमर और दो मैनुअल और 23 ऑर्गन स्टॉप के साथ नया पाइप ऑर्गन हासिल किया। [[द्वितीय विश्वयुद्ध|द्वितीय विश्व युद्ध]] की बमबारी के दौरान गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन इसके मूल डिजाइन के अनुसार इसे फिर से बनाया गया था।<ref name=bie80/> जब 1956 में सोवियत अधिकारियों द्वारा विनियस कैथेड्रल को एक कला संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया, तो सेंट कासिमिर के पवित्र अवशेषों के साथ चांदी के सार्कोफागस को सेंट पीटर और सेंट पॉल चर्च में स्थानांतरित कर दिया गया।<ref>Kviklys (1985), p. 326</ref> 1989 में ताबूत को उसके स्थान पर लौटा दिया गया था। सोवियत संघ में धार्मिक उत्पीड़न के बावजूद, 1976-87 में व्यापक आंतरिक बहाली की गई थी।<ref name=vit2005>Vitkauskienė (2005)</ref>
==वास्तुकला==
===बाहरी===
[[File:Wilno - plan kosciola Piotra i Pawla.jpg|thumb|upright|तल योजना:
'''1.''' दायां गोल कमरा (छोटा चैपल)
'''2.''' बाएं गोल कमरा (पूर्व बपतिस्मा)
'''3.''' शूरवीरों का चैपल
'''4.''' क्वींस चैपल
'''5.''' सेंट उर्सुला चैपल
'''6.''' सेंट ऑगस्टीन चैपल
'''7.''' पांच पवित्र की वेदी घाव
'''8.''' दया की माता मरियम की वेदी
'''9.''' अंतकालनिस के यीशु
'''10.''' मुख्य वेदी]]
नेरिस नदी के शांत तट के समीप एक छोटी पहाड़ी पर अवस्थित यह चर्च, नेमेनचिने की ओर जाने वाले प्राचीन मार्ग के पास अपनी ऐतिहासिक गरिमा के साथ खड़ा है।्<ref name=Paknys1998>Paknys (1998)</ref> लगभग 1.5 हेक्टेयर (3.7 एकड़) क्षेत्र में फैला<ref>Bielinis (1988), p. 77</ref> यह मठ-परिसर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि स्थापत्य सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है। चार छोटे अष्टकोणीय प्रार्थना-गृहों से युक्त 4–5 मीटर ऊँची विशाल ईंटों की परिधि-दीवार इस परिसर को एक विशिष्ट गंभीरता और आध्यात्मिक आभा प्रदान करती है।[<ref>Kviklys (1985), p. 316</ref> कभी इस प्रांगण में एक छोटा कब्रिस्तान भी हुआ करता था,<ref name=Paknys1998/> जिसे 19वीं शताब्दी में हटा दिया गया,<ref name=Paknys1998/> किंतु उसकी स्मृतियाँ आज भी इस स्थल की ऐतिहासिक निस्तब्धता में अनुभव की जा सकती हैं।
17वीं शताब्दी में निर्मित यह गिरजाघर पारंपरिक क्रॉस-आकृति योजना पर आधारित एक भव्य बेसिलिका शैली की इमारत है। इसके मध्य स्थित गुंबद के ऊपर बनी लालटेन संरचना भीतर के श्वेत आंतरिक भाग में प्राकृतिक प्रकाश का कोमल प्रसार करती है, जिससे वातावरण में एक अलौकिक शांति उत्पन्न होती है। यद्यपि यह गुंबद अपेक्षाकृत नीचा है और दूर से ही स्पष्ट दिखाई देता है,<ref name=cer104/> फिर भी इसकी स्थापत्य संरचना दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती है।
चर्च का बाह्य स्वरूप टारलो के पैरिश चर्च से प्रेरित माना जाता है, जिसका निर्माण 1645–1655 के मध्य हुआ था और जिसे संभवतः उसी वास्तुकार जान ज़ोर ने अभिकल्पित किया था।<ref name=cer104>Čerbulėnas (1994), p. 104</ref> इसका अग्रभाग अत्यंत भव्य और प्रभावशाली अनुपातों वाला है।<ref name=cer103/> सुसज्जित बालकनी, स्वतंत्र रूप से खड़े स्तंभ, अलंकृत खिड़कियाँ तथा सुडौल कंगूरे इसकी कलात्मकता को विशिष्ट पहचान देते हैं। विशेष रूप से स्वतंत्र स्तंभों का प्रयोग लिथुआनियाई चर्च स्थापत्य में पहली बार किया गया था,<ref name=vit2005/> जो इसे ऐतिहासिक दृष्टि से और अधिक महत्त्वपूर्ण बनाता है। केंद्रीय अग्रभाग के दोनों ओर स्थित घंटाघर, जिनका निचला भाग गोलाकार तथा ऊपरी भाग अष्टकोणीय है,<ref name=bie78/> इसकी स्थापत्य भव्यता को संतुलित सौंदर्य प्रदान करते हैं। इनमें सुरक्षित दो पीतल की घंटियाँ, जिनकी ऊँचाई क्रमशः 60 और 37 सेंटीमीटर है, वर्ष 1668 से आज तक इस चर्च की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विद्यमान हैं।<ref>Bielinis (1988), pp. 86–87</ref>
चर्च के अग्रभाग पर स्थित द्विखंडित अलंकरणयुक्त त्रिकोणीय शिखर के मध्य माता मरियम की एक उभरी हुई आकृति अंकित है, जिसमें वे तोपों, ध्वजों और अन्य सैन्य प्रतीकों के ऊपर विराजमान दिखाई देती हैं।<ref name=vit2005/> यह दृश्य केवल कलात्मक सज्जा नहीं, बल्कि युद्ध और अशांति के बीच शांति तथा संरक्षण की प्रार्थना का प्रतीक है। इस उत्कीर्ण आकृति के नीचे लैटिन भाषा में अंकित वाक्य “रेजिना पैकिस फुंडा नोस् इन पाचे” का अर्थ है—“हे शांति की रानी, हमें शांति में सुरक्षित रखो।” यह अभिलेख संस्थापक के शांतिप्रिय उद्देश्य को व्यक्त करता है और उनके उपनाम “पाक” पर आधारित एक शब्दालंकार भी प्रस्तुत करता है। इसके ठीक नीचे चर्च का मुख्य प्रवेश-द्वार स्थित है।<ref name="Kviklys 1985, p. 317"/>
मुख्य द्वार के ऊपर एक विशाल अलंकृत ढालाकार आकृति निर्मित है, जिस पर संस्थापक पाक का कुलचिह्न “गोस्दावा” अंकित है। इसके दोनों ओर दो बालस्वरूप देवदूताकार आकृतियाँ स्थापित हैं—एक के हाथ में पोपीय मुकुट, जो संत पीटर का प्रतीक है, और दूसरे के हाथ में तलवार, जो संत पॉल का प्रतीक मानी जाती है।<ref name=vit2005/> यह संयोजन चर्च की धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक अधिकार का प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत करता है।
वर्ष 1674 में संत ऑगस्टीन, जिन्हें लेटरन के नियमित धर्मसंघ का संरक्षक संत माना जाता है, तथा स्तानिस्वाव काज़िमिएर्स्की, जो इस धर्मसंघ के एक प्रमुख पोलिश सदस्य थे, की दो टेराकोटा प्रतिमाएँ निर्मित की गईं।<ref name=Paknys1998/><ref name=bie80>Bielinis (1988), p. 80</ref> लगभग 2.05 मीटर (6 फुट 9 इंच) ऊँची ये प्रतिमाएँ चर्च की स्थापत्य भव्यता में विशेष गरिमा जोड़ती थीं। कभी चर्च के अग्रभाग और पृष्ठभाग पर अनेक अन्य मूर्तियाँ भी स्थापित थीं, किंतु समय के प्रवाह में वे नष्ट हो गईं।<ref name=bie84>Bielinis (1988), p. 84</ref>
चर्च के अग्रभाग को एक विशाल चित्रकला से भी अलंकृत किया गया था, जिसका आकार 172 × 237 सेंटीमीटर था। इस चित्र में “करुणामयी माता मरियम” को दर्शाया गया था, जो 1710 में विल्नियस में फैली महामारी से लोगों की रक्षा करती हुई दिखाई देती थीं।<ref name=bie80/> इसमें माता मरियम को ईश्वर के क्रोध के टूटे हुए बाणों को अपने हाथों में थामे हुए चित्रित किया गया था। यह भाव-चित्र चर्च के भीतर स्थापित “करुणामयी धन्य कुँवारी मरियम” की प्रसिद्ध पेंटिंग से प्रेरित था।<ref name=maras/>वर्ष 1761 में निर्मित इस चित्रकला का समय-समय पर कम से कम पाँच बार पुनरुद्धार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसकी अनेक मूल कलात्मक विशेषताएँ परिवर्तित हो गईं।<ref name=bie80/> अंततः वर्ष 2000 में हुए अंतिम संरक्षण कार्य के बाद इसे चर्च के भीतर सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर दिया गया।<ref name=maras/>
=== आंतरिक ===
====सजावट और केंद्रीय नाभि====
[[File:St. Peter and St. Paul's Church 2, Vilnius, Lithuania - Diliff.jpg|thumb|left|प्रवेश द्वार की ओर दक्षिण-पश्चिम की ओर देख रही सेंट्रल नेव]]
सेंट पीटर और सेंट पॉल लिथुआनिया में सबसे अधिक अध्ययन किए जाने वाले चर्चों में से एक है।<ref name=vai27/> इसके इंटीरियर में 2,000 से अधिक विभिन्न सजावट तत्व हैं जो एक आश्चर्यजनक वातावरण बनाते हैं।<ref>{{cite web|title=Užburiantis baroko perlas Vilniuje – Šv. apaštalų Petro ir Povilo bažnyčia|url=http://www.bernardinai.lt/straipsnis/2013-04-03-uzburiantis-baroko-perlas-vilniuje-sv-apastalu-petro-ir-povilo-baznycia/98464|website=Bernardinai.lt|date=3 अप्रैल 2013|accessdate=3 अप्रैल 2013}}</ref> सजावट योजना का मुख्य लेखक ज्ञात नहीं है। यह संस्थापक पीएसी, लेटरन के भिक्षु, या इतालवी कलाकार हो सकते हैं। सजावट के पीछे के विचारों की व्याख्या करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं बचा है, इसलिए विभिन्न कला इतिहासकारों ने एक केंद्रीय विषय खोजने का प्रयास किया: पीएसी का जीवन और पोलिश-लिथुआनियाई संबंध, सेंट ऑगस्टीन की शिक्षाएं, बैरोक थिएटर, आदि।<ref name=vai27>Vaišvilaitė (2001), p. 27</ref> कला इतिहासकार बिरुतो रोटा विटकौस्कीने ने सजावट के कई मुख्य विषयों की पहचान की: चर्च की संरचना, जैसा कि सेंट पीटर के साथ ट्रेंट की परिषद में संस्थापक चट्टान के रूप में घोषित किया गया था, प्रारंभिक ईसाई शहीदों ने नाइटहुड और लेडीशिप में पीएसी की रुचि का प्रतिनिधित्व किया, कैनन नियमित के लिए प्रासंगिक विषय लेटरन, और पिछले चर्चों से विरासत में मिले विषय (दया की धन्य वर्जिन मैरी की पेंटिंग और क्राइस्ट के पांच घावों की वेदी)।<ref name=vai34>Vaišvilaitė (2001), p. 34</ref> सजावट स्थानीय (विल्नियस सेंट क्रिस्टोफर के संरक्षक) से लेकर इतालवी संतों (कोमो के फिदेलिस), <ref name=sam35>Samuolienė (2001), p. 35</ref> विशिष्ट संतों से लेकर गुणों के रूपक तक, कई प्रकार के प्रतीकों को जोड़ती है। कई सजावटी तत्व हैं - पुष्प (एकैन्थस, सूरजमुखी, रूज, फल), विभिन्न वस्तुएं (सैन्य हथियार, घरेलू उपकरण, लिटर्जिकल उपकरण, गोले, रिबन), आंकड़े (पुट्टो, देवदूत, सैनिक), काल्पनिक जीव (राक्षस, ड्रेगन) सेंटोरस), पीएसी के हथियारों का कोट, विभिन्न भावों को व्यक्त करने वाले मुखौटे - लेकिन वे व्यक्तिगत हैं, शायद ही कभी दोहराए जाते हैं।<ref>Bielinis (1988), pp. 82–83</ref> वास्तुकारों और मूर्तिकारों ने पोलैंड के अन्य चर्चों (सेंट पीटर और पॉल चर्च, क्राको, सिगिस्मंड्स चैपल ऑफ वावेल कैथेड्रल) और इटली (सेंट पीटर्स बेसिलिका, चर्च ऑफ द गेसु) से विचार उधार लिए थे।<ref name=sam35/>
मुख्य प्रवेश द्वार पर संत क्रिस्टोफर की दो बड़ी मूर्तियां हैं जो शिशु यीशु को ले जा रही हैं और एक कंकाल (एक लबादा और एक बड़ी कैंची के साथ गंभीर रीपर) मुकुट और शक्ति के अन्य प्रतीकों पर खड़ा है।<ref name=pak2011/> संत क्रिस्टोफर एक रक्षक हैं, लेकिन मृत्यु अभी भी सभी की समान रूप से प्रतीक्षा कर रही है और ईसाइयों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।<ref name=vai30/> वेस्टिबुल में विभिन्न राक्षसों और राक्षसों के साथ अंतिम निर्णय का एक दृश्य भी है। वेस्टिबुल के बाईं ओर एक छोटा कमरा है जिसका उपयोग बपतिस्मा के रूप में किया जाता है, जबकि दाईं ओर जागने के लिए एक कमरा है।<ref name=sam38/> उत्तरार्द्ध में पिलातुस के दरबार का एक दृश्य है जो विषयगत रूप से क्रॉस के स्टेशनों को शुरू करता है। रंगीन स्टेशन केंद्रीय गुफा में लटके हुए हैं और वेदी ऑफ़ द फ़ाइव वॉउंड ऑफ़ क्राइस्ट तक ले जाते हैं।<ref name=sam38/>
केंद्रीय गुफा को बारह प्रेरितों की समान दूरी वाली मूर्तियों से सजाया गया है।<ref name=pak2011/> इसमें रोमन साम्राज्य में ईसाइयों के उत्पीड़न के कई यातना दृश्य भी हैं।<ref name=vai33/> इन शहीदों में सेंट सेबेस्टियन, नाइट्स सेंट जॉर्ज और मार्टिन ऑफ टूर्स, सेंट मौरिस और थेबन लीजन, कोमो के फिदेलिस और विक्टर मौरस शामिल हैं।<ref name=sam39/> हालांकि, वे तुरंत दिखाई नहीं देते क्योंकि उन्हें निचे में रखा जाता है।<ref name=bie83/> इसलिए, गुफा में सादे सफेद दीवारों का प्रभुत्व है जो अन्य जगहों पर भव्य सजावट के विपरीत है। केंद्रीय गुफा से, चार चैपल में से प्रत्येक के प्रवेश द्वार में दो अलंकारिक महिला आकृतियाँ हैं, जो माउंट पर धर्मोपदेश से आठ बीटिट्यूड का प्रतिनिधित्व करती हैं और सीज़रे रिपा की प्रतिमा के अनुसार बनाई गई हैं।<ref name=vai33/> प्रवेश द्वार के ऊपर उनका स्थान सांता मारिया डेल पोपोलो के बेसिलिका के समान है।<ref name=vai33>Vaišvilaitė (2001), p. 33</ref> हालांकि, उन्हें क्रम में नहीं दर्शाया गया है, लेकिन पुनर्व्यवस्थित किया गया है ताकि वे चैपल के विषयों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सकें।<ref name=sam39>Samuolienė (2001), p. 39</ref>
==== चैपल और साइड वेदी ====
[[File:St. Peter and St. Paul's Church 1, Vilnius, Lithuania - Diliff.jpg|thumb|right|मध्य गुफा उत्तर-पूर्व की ओर वेदी की ओर देख रही है]]
चर्च में एक केंद्रीय गुफा है। रोम में गेसु के चर्च के समान, संकीर्ण पक्ष के गलियारों को परस्पर जुड़े हुए चैपल में बदल दिया जाता है।<ref name=cer103>Čerbulėnas (1994), p. 103</ref> चार चैपल हैं: महिला या क्वींस ', सेंट ऑगस्टीन, सेंट उर्सुला, और सैनिक' या शूरवीर'। रानी का चैपल मूल रूप से सेंट पेट्रोनिला को समर्पित था, जिसे पारंपरिक रूप से सेंट पीटर की बेटी के रूप में पहचाना जाता था।<ref name=vai32/> चैपल में महिलाओं के गुणों का प्रतिनिधित्व करने वाली चार आकृतियां हैं: धर्मपरायणता, उदारता, पवित्रता और परिश्रम।<ref name=vai32/> उदारता का आंकड़ा एक धनी महिला और एक कंगाल के बीच एक गंभीर सामाजिक अंतर को प्रस्तुत करता है।<ref name=bie83>Bielinis (1988), p. 83</ref> कुछ कला इतिहासकारों ने इन आंकड़ों को पोलैंड की रानियों के साथ जोड़ने का प्रयास किया है<ref name=vai32/> चैपल में सेंट ऑगस्टाइन की मां, सेंट मोनिका की एक पेंटिंग लटकी हुई है।<ref name=bie81/> छत पर सेंट फॉस्टा और सेंट थियोडोरा सहित प्रारंभिक ईसाई शहीदों की फांसी और यातना के दृश्य हैं।<ref name=vai33/> नाइट्स चैपल में सैनिकों के चार आंकड़े हैं, जो प्रारंभिक ईसाई शहीद हो गए, जिनमें सेंट मार्टिनियन, जिन्होंने सेंट पीटर को जेल से भागने में मदद की, और सेंट फ्लोरियन शामिल हैं। चैपल में सेंट कासिमिर का एक दृश्य भी है जिसमें पोलोत्स्क की घेराबंदी में लिथुआनियाई लोगों की चमत्कारिक रूप से मदद की जाती है<ref name=pak2011/> और सेंट वेंसस्लॉस अपने भाई बोल्स्लॉस द क्रुएल के साथ लड़ रहे हैं।<ref name=sam39/> यह चैपल स्पष्ट रूप से पीएसी के हितों को दर्शाता है: उन्होंने अपना अधिकांश जीवन सेना को समर्पित कर दिया<ref name=pak2011/> और खुद को एक शूरवीर के रूप में सोचा।<ref name=vai28/> सेंट उर्सुला के चैपल में प्रारंभिक शहीदों (सेंट अपोलोनिया, सेंट बारबरा और अलेक्जेंड्रिया के सेंट कैथरीन) के अधिक आंकड़े हैं जो पवित्रता पर जोर देते हैं।<ref name=vit2005/> सेंट ऑगस्टाइन का चैपल अविभाजित एकता के रूप में पवित्र ट्रिनिटी पर उनकी शिक्षाओं पर जोर देता है।<ref name=vit2005/>
ट्रॅनसेप्ट में दो भाईचारे की वेदियां हैं जो चर्च में सक्रिय थीं: भगवान की दयालु मां और मसीह के पांच घाव।<ref name=vit2005/> ये भाईचारे वर्तमान चर्च के निर्माण से पहले मौजूद थे और इसलिए, इमेजरी पिछले चर्च से विरासत में मिली है।<ref name=vai30/> पश्चिमी (बाएं) ट्रॅनसेप्ट मर्सी की धन्य वर्जिन मैरी की पेंटिंग और दो बड़े तुर्की युद्ध ड्रम (टिम्पानो, 140 सेमी (55 इंच) परिधि में)<ref>Bielinis (1988), p. 86</ref> प्रदर्शित करता है जो 11 नवंबर को खोतिन की लड़ाई में ओटोमन्स से जब्त किए गए थे। 1673 और इसके संस्थापक माइकल काज़िमिर्ज़ पीएसी द्वारा चर्च को प्रदान किया गया।<ref>Kviklys (1985), p. 325</ref> ट्रान्ससेप्ट की छत में मैरी के जीवन (केंद्र में भेंट के साथ) और यीशु के क्रूस पर चढ़ाई से प्लास्टर राहतें हैं।<ref>Samuolienė (2001), pp. 38–39</ref> रोकोको पल्पिट 1801-1804 में स्थापित किया गया था। नाव के आकार में लकड़ी की नक्काशीदार, इसे नीचे से दो ट्राइटन द्वारा समर्थित है। इसे सोने का पानी चढ़ा हुआ विवरण से सजाया गया है, जिसमें चील, बैल, शेर और देवदूत की राहतें शामिल हैं, जो चार प्रचारकों का प्रतीक हैं।<ref name=bie80/>
==== मुख्य वेदी ====
[[File:St. Peter and St. Paul's Church 3, Vilnius, Lithuania - Diliff.jpg|thumb|left|बाईं ओर अंतकालनिस के यीशु के साथ मुख्य वेदी]]
एक ध्यान देने योग्य विशेषता गायब मुख्य वेदी है, जिसे केवल 1766 से सूची में पाए गए विवरणों से जाना जाता है।<ref name=sam35/> इसे गहरे रंग की लकड़ी, सोने का पानी चढ़ा, और अन्यथा सफेद इंटीरियर के केंद्र से उकेरा गया था।<ref name=Paknys1998/> वेदी के दो स्तर थे। ऊपरी स्तर पर सेंट पीटर की एक चमत्कारी पेंटिंग थी जिसे संभवतः पिछले चर्च से लाई गई थी।<ref name=vai32>Vaišvilaitė (2001), p. 32</ref> यह इस्राएल के बारह गोत्रों या चुने हुए लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले बारह प्रेरितों की मूर्तियों से घिरा हुआ था। निचले लीवर में सेंट पॉल की एक पेंटिंग थी, जिसके चारों ओर दुनिया का प्रतिनिधित्व करने वाले या धर्मान्तरित बारह मूर्तिपूजक राष्ट्रों को दर्शाने वाली मूर्तियां थीं।<ref name=vai32/> वेदी को 1766 में डौगई में कैथोलिक चर्च में स्थानांतरित कर दिया गया था और आज तक केवल टुकड़े ही बचे हैं।<ref name=vit2005/> वेदी के खोने के साथ, चर्च के भीतर सेंट पॉल की छवि काफी कम हो गई।<ref name=vai32/> इस तरह वेदी को बदला नहीं गया था। इसके बजाय, काज़िमिर्ज़ जेल्स्की ने चार भविष्यवक्ताओं (डैनियल, यिर्मयाह, यशायाह और एलियाह) को गढ़ा, जबकि फ़्रांसिसेक स्मुग्लेविक्ज़ ने सेंट पीटर और पॉल के भावनात्मक अंतिम बिदाई को दर्शाते हुए बड़े केंद्रीय चित्र को चित्रित किया।<ref name=bie85/>
चार अन्य पेंटिंग गाना बजानेवालों में लटकी हुई हैं: स्मगलविक्ज़ की एक अन्य पेंटिंग जिसमें आर्कहेल माइकल को दर्शाया गया है, पाज़ी की सेंट मैरी मैग्डलीन की पेंटिंग, संस्थापक माइकल काज़िमिर्ज़ पीएसी का एक औपचारिक चित्र और यीशु की एक पेंटिंग जिसे क्रूस पर चढ़ाया गया है।<ref>Bielinis (1988), pp. 81–82</ref> यह पेंटिंग एक सूर्य ग्रहण को दर्शाती है जो सूली पर चढ़ने के अंधेरे का प्रतीक है और इसे पीएसी का पसंदीदा कहा जाता है। यीशु के हिस्से (कांटों का ताज, चार कीलें और पेरिज़ोमा) धातु से ढके हुए हैं।<ref name=bie81/> एपीएसई में चार मूर्तियां हैं जो दीवार के निचे के अंदर खड़ी हैं, जिनमें सेंट जैकब, जॉन द बैपटिस्ट और पुनर्जीवित क्राइस्ट शामिल हैं। <ref name=sam38>Samuolienė (2001), p. 38</ref>
एप्स की छत को तीन प्लास्टर राहतों से सजाया गया है, जिसमें पॉल द एपोस्टल के रूपांतरण को दर्शाया गया है, जो सेंट पीटर को बुला रहा है, और स्वर्ग की चाबियों को सौंप रहा है और पोप टियारा को क्राइस्ट द्वारा पीटर को सौंप दिया गया है। यह दृष्टिकोण इस बात पर जोर देता है कि पीटर और उसके बाद के पोप ने अपनी शक्ति सीधे भगवान से प्राप्त की और एक मजबूत काउंटर-रिफॉर्मेशन स्टेटमेंट है।<ref name=vai31/> उनके ऊपर, एक कबूतर के रूप में प्रतिनिधित्व की गई पवित्र आत्मा की राहत है। गाना बजानेवालों की छत एम्मॉस में रात के खाने की राहत है।<ref name=vai32/> इसके आगे, एक लैटिन शिलालेख है जिस पर लिखा है डोमस देई एडिफिकाटा इस्ट सुप्रा फ़िरम पेट्रम (आपका घर दृढ़ चट्टान पर बना है) जो गुंबद के आधार पर शिलालेख के साथ गूँजता है।<ref name=vai31/>
ट्रांसेप्ट और गाना बजानेवालों के बीच बाएं कोने में यीशु की एक मूर्ति है जिसे एंटिओचलनिस के यीशु के रूप में जाना जाता है। यह मूर्ति आदमकद (185 सेमी (73 इंच)) है, जो दृढ़ लकड़ी से बनी है, सफेद रेशम और बैंगनी मखमल के कपड़े पहने हुए है, और इसमें प्राकृतिक काले बालों की एक विग है।<ref name=rac/> मैड्रिड में जीसस डे का बेसिलिका मेडिनसेली में प्रदर्शित प्रतिमा की एक प्रति, यह लिथुआनिया में स्पेनिश बारोक का सबसे प्रमुख उदाहरण है।<ref name=bie85/> यह एक्स होमो के दृश्य को दर्शाता है: क्रोधित भीड़ का सामना करते हुए क्राइस्ट को कांटों के ताज के साथ पीटा जा रहा है।<ref name=bie85/> 1700 में जन काज़िमिर्ज़ सपिहा द यंगर द्वारा प्रतिमा के सिर और हथियार रोमन कलाकारों से मंगवाए गए थे।<ref name=rac/> वे स्थानीय रूप से बने धड़ से जुड़े हुए थे और उन्हें घुमाया जा सकता है। 1804 की विहित यात्रा के अनुसार, पवित्र अवशेषों को मूर्ति के सिर के अंदर सील कर दिया गया है।<ref name=rac/> मूर्ति को सपिहा द्वारा निर्मित ट्रिनिटेरियन चर्च की मुख्य वेदी में प्रदर्शित किया गया था जब तक कि 1864 में चर्च को पूर्वी रूढ़िवादी चर्च में परिवर्तित नहीं किया गया था।<ref name=rac>Račiūnaitė (2011–2013)</ref> उस समय इसे सेंट पीटर और सेंट पॉल में अपने वर्तमान स्थान पर ले जाया गया था। पॉल. विपरीत कोने में 20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में बनाई गई असीसी के सेंट फ्रांसिस की एक प्लास्टर की मूर्ति है।<ref name=bie85>Bielinis (1988), p. 85</ref>
====गुंबद और छत ====
[[File:St. Peter and St. Paul's Church Ceiling, Vilnius, Lithuania - Diliff.jpg|thumb|upright|छत]]
गुंबद के पेंडेंट चार प्रचारकों को दर्शाते हैं।<ref name=vai32/> गुंबद के आधार के आसपास का शिलालेख (तू एस पेट्रस एट सुपर हांक पेट्राम एडिफिकाबो एक्लेसिअम मीम एट पोर्टे इनफेरी नॉन-प्रैवाले बंटाडवर्सस ईम: आप पीटर (चट्टान) हैं और उस चट्टान पर मैं अपना चर्च बनाऊंगा और नरक के द्वार प्रबल नहीं होंगे। इसके खिलाफ) पीटर की इकबालिया बयान से है और वैटिकन में सेंट पीटर की बेसिलिका के समान है।<ref name=vai31>Vaišvilaitė (2001), p. 31</ref> इसके ऊपर, चर्च के चार डॉक्टरों की मूर्तियां हैं: सेंट जेरोम, सेंट ऑगस्टीन (उनकी मूर्ति प्रवेश द्वार से देखी जा सकती है), सेंट एम्ब्रोस, और पोप ग्रेगरी I।<ref name=vai32/> उनके ऊपर अभी भी असंख्य स्वर्गदूत हैं। गुम्बद के केंद्र में परमेश्वर पिता के साथ रचना समाप्त होती है जैसे कि यह कहना है कि भगवान सब देखता है।<ref name=pak2011/> यह रचना विरोधाभासी प्रतीत होती है क्योंकि इंजीलवादी डॉक्टरों से नीचे हैं, लेकिन यह ट्रेंट की परिषद के बाद चर्च के महत्व पर जोर देने के लिए एक उद्देश्यपूर्ण बयान हो सकता है। <ref name=vai32/> पीतल और कांच के मोतियों से बना एक नाव के आकार का झूमर गुंबद के बीच से लटका हुआ है और याद दिलाता है कि सेंट पीटर एक मछुआरा था। लीपाजा के कारीगरों द्वारा निर्मित और 1905 में स्थापित, इसमें आठ सात-शाखा मोमबत्ती धारक शामिल थे।<ref name=bie80/>
छत को 14.94 मीटर (160.8 वर्ग फीट)<ref name=bie81>Bielinis (1988), p. 81</ref> को कवर करने वाले पांच भित्तिचित्रों से सजाया गया है जो लिथुआनिया (पैसालिस मठ के बाद) में दूसरा सबसे बड़ा छत भित्ति चित्र हैं।<ref>Paknys (2001), p. 43</ref> अंग के ऊपर तीन छोटे भित्ति चित्र सेंट पीटर के जीवन से एक त्रिपिटक बनाते हैं: एक अपंग को ठीक करना, जेल से भागना, और जानवरों के साथ एक चादर की दृष्टि। अन्य दो भित्तिचित्रों में कुओ वादी को दर्शाया गया है? और साइमन मैगस के साथ पीटर का टकराव।<ref name=bie81/><ref>Paknys (2001), pp. 44–45</ref> ये भित्ति चित्र रचना में अपेक्षाकृत सरल हैं,<ref>Čerbulėnas (1994), p. 105</ref> खराब तरीके से निष्पादित, और पृष्ठभूमि विवरण की कमी है,<ref>Paknys (2001), p. 49</ref> लेकिन आंकड़े अभिव्यंजक हैं, जटिल, गतिशील, लगभग नाटकीय आंदोलनों को बनाते हैं।<ref name=bie81/> भित्तिचित्रों का लेखकत्व अज्ञात है। व्लादास ड्रमा ने उन्हें मार्टिनो अल्टोमोंटे के लिए जिम्मेदार ठहराया, जबकि मिकेज़िस्लाव स्क्रडलिक ने [[माइकल एंजेलो]] पलोनी को सुझाव दिया।<ref>Paknys (2001), pp. 43–44</ref> मिंडौगस पाकनीस ने जीवित लिखित अभिलेखों का उपयोग करते हुए, दोनों परिकल्पनाओं का खंडन किया और भित्तिचित्रों का श्रेय जोहान गोथर्ड बर्चॉफ को दिया।<ref>Paknys (2001), pp. 43–51</ref><ref>Paliušytė (2005), p. 73</ref> दो अन्य भित्तिचित्रों को एक अलग लेखक द्वारा सजाया गया है। वे यीशु के सेंट पीटर को डूबने से बचाने और स्टैनिसॉ काज़िमिएर्स्की के दर्शन को चित्रित करते हैं।<ref name=bie81/>
== गैलरी ==
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File:Antokol pp6.jpg|बीच में पीएसी के हथियारों के कोट के साथ मुख्य पोर्टल का क्लोज़ अप
File:Vilnius - St. Peter and St. Paul's Church 10.jpg|डेन्स मैकाब्रे, मौत की सार्वभौमिकता की याद दिलाते हैं
File:Vilniaus Sv Petro ir Povilo baznycios kupolas.jpg|नाव के आकार के झूमर के साथ गुंबद का दृश्य
File:Vilnia. Вільня (1710).jpg|विलनियस में 1710 का प्लेग
File:Vilnius - St. Peter und Paul - Papst Johannes Paul II.jpg|पोप जॉन पॉल द्वितीय द्वारा विलनियस में चित्रित करते हुए की पेंटिंग
File:Vilnia, Antokal. Вільня, Антокаль (L. Bichebois, 1848).jpg|1848 में कनुतास रुसेकस द्वारा अंटाकलनिस पैनोरमा की पेंटिंग
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==इन्हें भी देखें==
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons category|Church of St. Peter and St. Paul in Vilnius}}
* [http://www.panoramas.lt/index.php?page_id=132&kat_id=13&ik_id=24 चर्च का मनोरम दौरा]
==सन्दर्भ==
=== उद्धरण ===
{{Reflist}}
=== सूत्रों का कहना है ===
{{refbegin}}
*{{cite book |editor-first1=Jonas |editor-last1=Bielinis |title=Lietuvos TSR istorijos ir kultūros paminklų sąvadas |publisher=Vyriausioji enciklopedijų redakcija |location=Vilnius |volume=1 |language=lt |year=1988 |oclc=21449203|display-editors=etal}}
*{{cite book |last=Čaplinskas |first=Antanas Rimvydas | title=Vilniaus istorija: legendos ir tikrovė |publisher=Charibdė |year=2010 |language=lt |isbn=978-9955-739-21-0}}
*{{cite book |editor-first1=Klemensas |editor-last1=Čerbulėnas |title= Lietuvos architektūros istorija: Nuo XVII a. pradžios iki XIX a. vidurio |volume=II |year=1994 |publisher=Mokslo ir enciklopedijų leidykla |location=Vilnius |isbn=5-420-00583-2|display-editors=etal}}
*{{cite book | first=Bronius |last=Kviklys |title= Lietuvos bažnyčios. V tomas: Vilniaus arkiviskupija, I dalis | year=1985 |publisher= Lithuanian Library Press |location=Chicago, Illinois |language=lt |isbn=0-932042-54-6}}
*{{cite book |first=Mindaugas |last=Paknys |title=Lietuvos vienuolynai. Vadovas |chapter=Vilniaus buvęs Laterano kanauninkų vienuolynas ir Šv. Petro ir Povilo bažnyčia |url=http://vienuolynai.mch.mii.lt/V1-7/PetroPovilo.htm |editor-first1=Rūta |editor-last1=Janonienė |editor-first2=Dalia |editor-last2=Klajumienė |year=1998 |publisher=Vilniaus dailės akademija |language=lt |isbn=9986-571-39-1 |access-date=29 जून 2022 |archive-date=25 फ़रवरी 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200225054338/http://vienuolynai.mch.mii.lt/V1-7/PetroPovilo.htm |url-status=dead }}
*{{cite book |first=Mindaugas |last=Paknys |chapter=Antakalnio šv. Petro ir Povilo bažnyčios freskų autorystės problema |url=http://etalpykla.lituanistikadb.lt/fedora/get/LT-LDB-0001:J.04~2001~1367161832646/DS.002.0.01.ARTIC |series=Acta Academiae artium Vilnensis |title=Lietuvos Didžiosios Kunigaikštystės barokas: formos, įtakos, kryptys |year=2001 |volume=21 |language=lt |issn=1392-0316 }}
*{{cite web |first=Mindaugas |last=Paknys |title=Ikonografinis pasakojimas Vilniaus Šv. Petro ir Povilo bažnyčioje |url=http://www.ldkistorija.lt/index.php?#ikonografinis-pasakojimas-vilniaus-sv-petro-ir-povilo-baznycioje_fact_288 |date=2011–2013 |work=Orbis Lituaniae |publisher=Vilnius University |language=lt |accessdate=2014-10-26 |archive-date=23 November 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201123220002/http://www.ldkistorija.lt/index.php#ikonografinis-pasakojimas-vilniaus-sv-petro-ir-povilo-baznycioje_fact_288 |url-status=dead }}
*{{cite book |editor-first1=Aistė |editor-last1=Paliušytė |title=Lietuvos dailininkų žodynas XVI–XVIII a. |publisher=Kultūros, meno ir istorijos institutas |isbn=9986-638-60-7 |location=Vilnius |language=lt |year=2005 }}
*{{cite web |first=Tojana |last=Račiūnaitė |title=Antakalnio Jėzus Nazarietis – įstabi ispaniško baroko apraiška |url=http://www.ldkistorija.lt/index.php?#antakalnio-jezus-nazarietis-istabi-ispanisko-baroko-apraiska_fact_1278 |date=2011–2013 |work=Orbis Lituaniae |publisher=Vilnius University |language=lt |accessdate=2014-10-26 |archive-date=23 November 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20201123220002/http://www.ldkistorija.lt/index.php#antakalnio-jezus-nazarietis-istabi-ispanisko-baroko-apraiska_fact_1278 |url-status=dead }}
*{{cite book |first=Sigita |last=Samuolienė |chapter=Vilniaus Šv. Petro ir Povilo bažnyčios ikonografija |url=http://etalpykla.lituanistikadb.lt/fedora/get/LT-LDB-0001:J.04~2001~1367161830962/DS.002.0.01.ARTIC |series=Acta Academiae artium Vilnensis |title=Lietuvos Didžiosios Kunigaikštystės barokas: formos, įtakos, kryptys |year=2001 |volume=21 |language=lt |issn=1392-0316 }}
*{{cite book |first=Irena |last=Vaišvilaitė |chapter=Vilniaus šventųjų apaštalų Petro ir Povilo bažnyčios dekoro programa |url=http://etalpykla.lituanistikadb.lt/fedora/get/LT-LDB-0001:B.03~2001~1367161832031/DS.001.0.01.BOOK |series=Acta Academiae artium Vilnensis |title=Lietuvos Didžiosios Kunigaikštystės barokas: formos, įtakos, kryptys |year=2001 |volume=21 |language=lt |issn=1392-0316 |archive-url=https://web.archive.org/web/20141103072725/http://etalpykla.lituanistikadb.lt/fedora/get/LT-LDB-0001:B.03~2001~1367161832031/DS.001.0.01.BOOK |archive-date=3 November 2014 |url-status=dead }}
*{{cite web |first=Birutė Rūta |last=Vitkauskienė |year=2005 |title=Šv. apaštalų Petro ir Pauliaus bažnyčia |url=http://vilnius.lcn.lt/sventoves/kitos/petropauliaus/ |publisher=Vilniaus arkivyskupijos kurija |accessdate=2014-10-26 |url-status=dead |archiveurl=https://web.archive.org/web/20141105111736/http://vilnius.lcn.lt/sventoves/kitos/petropauliaus/ |archivedate=5 November 2014 }}
{{refend}}
[[श्रेणी:गिरजाघर]]
[[श्रेणी: लिथुआनिया में 18वीं सदी के रोमन कैथोलिक चर्च की इमारतें]]
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{{साँचा:सहायता|realName=|name=অর্ঘ্য বড়ুয়া}}
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{{Infobox software license|name=जीएनयू फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस|image=[[File:GFDL Logo.svg|160px]]|caption=The GFDL logo|author=[[Free Software Foundation]]|version=1.3|publisher=Free Software Foundation, Inc.|date='''Current version''':<br />November 3, 2008|spdx={{Unbulleted list|GFDL-1.3-or-later
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'''जीएनयू फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस''' ( '''जीएनयू एफडीएल''' या बस '''जीएफडीएल''' ) जीएनयू प्रोजेक्ट के लिए [[मुक्त सॉफ्टवेयर संगठन|फ्री सॉफ्टवेयर फाउंडेशन]] (एफएसएफ) द्वारा डिजाइन किए गए मुफ्त प्रलेखन के लिए एक प्रतिलिपि [[लाइसेंस]] है। यह जीएनयू जनरल पब्लिक लाइसेंस के समान है, पाठकों को प्रतिलिपि बनाने, पुनर्वितरित करने और संशोधित करने का अधिकार देता है ("अपरिवर्तनीय अनुभागों को छोड़कर") और सभी प्रतियों और डेरिवेटिव को एक ही लाइसेंस के तहत उपलब्ध होने की आवश्यकता होती है। प्रतियाँ व्यावसायिक रूप से भी बेची जा सकती हैं, लेकिन, यदि बड़ी मात्रा में (100 से अधिक) उत्पादित की जाती हैं, तो मूल दस्तावेज़ या स्रोत कोड कार्य प्राप्तकर्ता को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
जीएफडीएल को मैनुअल, पाठ्य पुस्तकों, अन्य संदर्भ और निर्देशात्मक सामग्री, और प्रलेखन के लिए डिज़ाइन किया गया था जो अक्सर जीएनयू सॉफ्टवेयर के साथ होता है। हालाँकि, इसका उपयोग किसी भी पाठ-आधारित कार्य के लिए किया जा सकता है, विषय वस्तु की परवाह किए बिना। उदाहरण के लिए, मुफ्त ऑनलाइन विश्वकोश [[विकिपीडिया]] अपने अधिकांश पाठ के लिए GFDL <ref>{{Citation|title=Wikipedia:About|date=2018-07-26|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Wikipedia:About&oldid=852074540#Trademarks_and_copyrights|periodical=Wikipedia|language=en|access-date=2018-09-07}}</ref> ( [[क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स|क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन शेयर-अलाइक लाइसेंस]] के साथ युग्मित) का उपयोग करता है, जिसमें वह पाठ शामिल नहीं है जो 2009 के लाइसेंसिंग अपडेट के बाद अन्य स्रोतों से आयात किया गया था जो केवल इसके अंतर्गत उपलब्ध है। क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस। <ref>{{Cite web|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia:Licensing_update|title=Wikipedia:Licensing update|date=2009-06-14|quote=With the transition, the Wikipedia community will now be allowed to import CC-BY-SA text from external sources into articles. If you do this, the origin of the material and its license should be explicitly noted in the edit summary. If the source text is dual- or multi-licensed, it is only necessary that at least one of the licenses is compatible with CC-BY-SA. It is not necessary that external content be dual licensed under the GFDL.}}</ref>
== इतिहास ==
The GFDL was released in draft form for feedback in September 1999.<ref>{{Cite newsgroup|title=New Documentation License--Comments Requested|url=http://tech-insider.org/free-software/research/1999/0912.html}}</ref> After revisions, version 1.1 was issued in March 2000, version 1.2 in November 2002, and version 1.3 in November 2008. The current state of the license is version 1.3.<ref name="onepoint3faq">{{Cite web|url=https://www.gnu.org/licenses/fdl-1.3-faq.html|title=FDL 1.3 FAQ|publisher=Gnu.org|access-date=2011-11-07}}</ref>
GNU फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस वर्जन 2 का पहला डिस्कशन ड्राफ्ट 26 सितंबर, 2006 को नए GNU सिंपल फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस के ड्राफ्ट के साथ जारी किया गया था।
1 दिसंबर, 2007 को, विकिपीडिया के संस्थापक [[जिमी वेल्स]] ने घोषणा की कि फ्री सॉफ्टवेयर फाउंडेशन, क्रिएटिव कॉमन्स, [[विकिमीडिया संस्थान|विकिमीडिया फाउंडेशन]] और अन्य के बीच चर्चा और बातचीत की एक लंबी अवधि ने एफएसएफ और क्रिएटिव कॉमन्स दोनों द्वारा समर्थित एक प्रस्ताव पेश किया था ताकि इसे संशोधित किया जा सके। विकिमीडिया फ़ाउंडेशन के लिए परियोजनाओं को समान [[क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स|क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन शेयर-एलाइक]] (CC BY-SA) लाइसेंस में माइग्रेट करने की संभावना को अनुमति देने के लिए इस तरह से नि: शुल्क दस्तावेज़ीकरण लाइसेंस। <ref>{{Cite web|url=http://lessig.org/blog/2007/12/some_important_news_from_wikip.html|title=Some important news from Wikipedia to understand clearly (Lessig Blog)|last=Lessig|first=Lawrence|date=2007-12-01|publisher=Lessig.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20111026061623/http://lessig.org/blog/2007/12/some_important_news_from_wikip.html|archive-date=2011-10-26|access-date=2011-11-07}}</ref> <ref>{{Cite web|url=https://wikimediafoundation.org/wiki/Resolution:License_update|title=Wikimediafoundation.org|publisher=Wikimediafoundation.org|access-date=2011-11-07}}</ref> ये परिवर्तन लाइसेंस के संस्करण 1.3 पर लागू किए गए थे, जिसमें क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन शेयर-अलाइक लाइसेंस के तहत लाइसेंस के तहत जारी की गई कुछ सामग्रियों का उपयोग करने की अनुमति देने वाला एक नया प्रावधान शामिल है। <ref name="onepoint3faq" />
== स्थितियाँ ==
लाइसेंस के वर्तमान संस्करण के तहत लाइसेंस प्राप्त सामग्री का उपयोग किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जब तक उपयोग कुछ शर्तों को पूरा करता है।
* काम के सभी पिछले लेखकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
* कार्य में सभी परिवर्तनों को लॉग किया जाना चाहिए।
* सभी डेरिवेटिव कार्यों को एक ही लाइसेंस के तहत लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए।
* लाइसेंस का पूरा पाठ, लेखक द्वारा परिभाषित अपरिवर्तित अपरिवर्तनीय खंड, यदि कोई हो, और कोई अन्य जोड़ा गया वारंटी अस्वीकरण (जैसे सामान्य अस्वीकरण पाठकों को चेतावनी देता है कि दस्तावेज़ उदाहरण के लिए सटीक नहीं हो सकता है) और पिछले संस्करणों से कॉपीराइट नोटिस होना चाहिए बनाए रखा।
* दस्तावेज़ के वितरण या संपादन को नियंत्रित करने या बाधित करने के लिए DRM जैसे तकनीकी उपायों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
=== माध्यमिक खंड ===
लाइसेंस स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार के "दस्तावेज़" को "द्वितीयक अनुभाग" से अलग करता है, जो दस्तावेज़ के साथ एकीकृत नहीं हो सकता है, लेकिन सामने की सामग्री या परिशिष्ट के रूप में मौजूद है। द्वितीयक अनुभागों में लेखक या प्रकाशक के विषय वस्तु से संबंध के बारे में जानकारी हो सकती है, लेकिन स्वयं किसी विषय वस्तु के बारे में नहीं। जबकि दस्तावेज़ स्वयं पूरी तरह से संपादन योग्य है और अनिवार्य रूप से जीएनयू जनरल पब्लिक लाइसेंस के समकक्ष (लेकिन पारस्परिक रूप से असंगत) लाइसेंस द्वारा कवर किया गया है, कुछ माध्यमिक वर्गों में मुख्य रूप से पिछले लेखकों के लिए उचित आरोपण से निपटने के लिए डिज़ाइन किए गए विभिन्न प्रतिबंध हैं।
विशेष रूप से, पूर्व संस्करणों के लेखकों को स्वीकार किया जाना चाहिए और मूल लेखक द्वारा निर्दिष्ट कुछ "अपरिवर्तनीय खंड" और विषय वस्तु के साथ उसके संबंध को बदला नहीं जा सकता है। यदि सामग्री संशोधित की जाती है, तो उसका शीर्षक बदलना होगा (जब तक कि पूर्व लेखक शीर्षक को बनाए रखने की अनुमति नहीं देते)।
लाइसेंस में किताबों के फ्रंट-कवर और बैक-कवर टेक्स्ट के साथ-साथ "इतिहास", "अभिस्वीकृति", "समर्पण" और "अनुमोदन" अनुभागों को संभालने के प्रावधान भी हैं। इन विशेषताओं को आंशिक रूप से सॉफ्टवेयर प्रलेखन के व्यावसायिक प्रकाशकों के लिए लाइसेंस को अधिक वित्तीय रूप से आकर्षक बनाने के लिए जोड़ा गया था, जिनमें से कुछ को GFDL के प्रारूपण के दौरान परामर्श दिया गया था। <ref name="why">Richard Stallman: [https://www.gnu.org/licenses/why-gfdl.html Why publishers should use the GNU FDL] Accessed on 2009-07-17</ref> <ref name="gnufaq">GNU project: [https://www.gnu.org/licenses/gpl-faq.html#WhyNotGPLForManuals Frequently Asked Questions about the GNU Licenses: Why don't you use the GPL for manuals?]</ref> आधिकारिक मानक दस्तावेजों में "अनुमोदन" अनुभागों का उपयोग करने का इरादा है, जहां संशोधित संस्करणों के वितरण की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए जब उन्हें उस मानक के रूप में लेबल नहीं किया गया हो। <ref name="gnufaq" />
=== वाणिज्यिक पुनर्वितरण ===
जीएफडीएल को "दस्तावेज़ को किसी भी माध्यम में व्यावसायिक या गैर-व्यावसायिक रूप से कॉपी और वितरित करने" की क्षमता की आवश्यकता होती है और इसलिए यह उस सामग्री के साथ असंगत है जो वाणिज्यिक पुन: उपयोग को बाहर करती है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, GFDL को वाणिज्यिक प्रकाशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था, जैसा कि स्टॉलमैन ने समझाया:
{{Quote|जीएफडीएल का मतलब वाणिज्यिक प्रकाशकों को किसी भी महत्वपूर्ण स्वतंत्रता को आत्मसमर्पण किए बिना नि: शुल्क दस्तावेज़ीकरण के वित्तपोषण में शामिल करना है। 'कवर टेक्स्ट' सुविधा, और लाइसेंस के कुछ अन्य पहलू जो कवर, शीर्षक पृष्ठ, इतिहास और अनुमोदन से संबंधित हैं, लाइसेंस को उन पुस्तकों के वाणिज्यिक प्रकाशकों के लिए आकर्षक बनाने के लिए शामिल किए गए हैं जिनके लेखकों को भुगतान किया गया है।}}
सामग्री जो वाणिज्यिक पुन: उपयोग को प्रतिबंधित करती है वह लाइसेंस के साथ असंगत है और इसे कार्य में शामिल नहीं किया जा सकता है। हालांकि, इस तरह की प्रतिबंधित सामग्री को शामिल करना संयुक्त राज्य कॉपीराइट कानून (या कुछ अन्य देशों में उचित व्यवहार ) के तहत उचित उपयोग हो सकता है और अगर इस तरह के उचित उपयोग को सभी संभावित बाद के उपयोगों द्वारा कवर किया जाता है, तो इसे GFDL के अंतर्गत आने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे उदार और व्यावसायिक उचित उपयोग का एक उदाहरण [[व्यंग्य|पैरोडी]] है।
=== क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंसिंग शर्तों के साथ संगतता ===
हालांकि दो लाइसेंस समान कॉपीलेफ्ट सिद्धांतों पर काम करते हैं, लेकिन GFDL [[क्रिएटिव कॉमन्स|Creative Commons]] [[क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स|Attribution-ShareAlike]] लाइसेंस के अनुकूल नहीं है।
हालाँकि, [[विकिमीडिया संस्थान|विकिमीडिया फ़ाउंडेशन]] के अनुरोध पर, <ref name="onepoint3faq" /> संस्करण 1.3 ने एक समय-सीमित खंड जोड़ा, जो जीएफडीएल का उपयोग करने वाली विशिष्ट प्रकार की वेबसाइटों को अतिरिक्त रूप से सीसी बाय-एसए लाइसेंस के तहत अपने काम की पेशकश करने की अनुमति देता है। ये छूट एक GFDL-आधारित सहयोगी परियोजना को कई लेखकों के साथ CC BY-SA 3.0 लाइसेंस के लिए संक्रमण करने की अनुमति देती हैं, पहले प्रत्येक लेखक की अनुमति प्राप्त किए बिना, यदि कार्य कई शर्तों को पूरा करता है: <ref name="onepoint3faq" />
* काम को "विशाल बहुलेखक सहयोग साइट" (एमएमसी) पर तैयार किया जाना चाहिए, जैसे उदाहरण के लिए सार्वजनिक [[विकि|विकी]] ।
* यदि एमएमसी पर मूल रूप से प्रकाशित बाहरी सामग्री साइट पर मौजूद है, तो काम को जीएनयू एफडीएल के संस्करण 1.3, या पहले के संस्करण के तहत लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए, लेकिन "या बाद के संस्करण" घोषणा के साथ, बिना किसी कवर टेक्स्ट या अपरिवर्तनीय अनुभागों के। . यदि यह मूल रूप से MMC पर प्रकाशित नहीं हुआ था, तो इसे केवल तभी फिर से लाइसेंस दिया जा सकता है जब इसे 1 नवंबर, 2008 से पहले MMC में जोड़ा गया हो।
क्लॉज को सामान्य संगतता उपाय के रूप में उपयोग करने से रोकने के लिए, लाइसेंस ने केवल 1 अगस्त, 2009 से पहले परिवर्तन की अनुमति दी थी। संस्करण 1.3 की रिलीज़ पर, FSF ने कहा कि 1 नवंबर, 2008 से पहले विकिपीडिया में जोड़ी गई सभी सामग्री के रूप में एक उदाहरण शर्तों को संतुष्ट करता है। विकिमीडिया फाउंडेशन ने एक सार्वजनिक जनमत संग्रह के बाद जून 2009 में CC BY-SA लाइसेंस के तहत GFDL के तहत जारी दोहरे लाइसेंस सामग्री के लिए इस प्रक्रिया को लागू किया और विकिमीडिया फाउंडेशन परियोजनाओं से सामग्री के उपयोग के लिए एक फाउंडेशन-वाइड एट्रिब्यूशन नीति को अपनाया।
== वर्तमान ==
वर्तमान में कानून की अदालत में जीएफडीएल से जुड़ा कोई मामला नहीं रहा है, हालांकि सॉफ्टवेयर के लिए इसका सहयोगी लाइसेंस, जीएनयू जनरल पब्लिक लाइसेंस, इस तरह की सेटिंग में सफलतापूर्वक लागू किया गया है। <ref>{{Cite web|url=http://www.groklaw.net/article.php?story=20100803132055210|title=BusyBox and the GPL Prevail Again - Updated 4Xs|last=Jones|first=Pamela|date=2010-08-03|website=[[Groklaw]]|access-date=2019-05-17|archive-date=4 अगस्त 2010|archive-url=https://web.archive.org/web/20100804000246/http://www.groklaw.net/article.php?story=20100803132055210|url-status=dead}}</ref> हालांकि [[विकिपीडिया]] की सामग्री को चोरी किया गया है और अन्य साइटों, जैसे Baidu Baike द्वारा GFDL के उल्लंघन में उपयोग किया गया है, किसी भी योगदानकर्ता ने कभी भी GFDL के उल्लंघन के कारण किसी संगठन को अदालत में लाने का प्रयास नहीं किया है। Baidu के मामले में, विकिपीडिया के प्रतिनिधियों ने साइट और इसके योगदानकर्ताओं से लाइसेंस की शर्तों का सम्मान करने और उचित आरोप लगाने के लिए कहा। <ref>{{Cite news|url=http://www.pcworld.com/article/135550/article.html|title=Baidu May Be Worst Wikipedia Copyright Violator|date=6 August 2007|access-date=10 September 2007|publisher=[[PC World (magazine)|PC World]]|archive-date=21 अप्रैल 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160421051401/http://www.pcworld.com/article/135550/article.html|url-status=dead}}</ref>
== आलोचना ==
कुछ आलोचक GFDL को एक गैर-मुक्त लाइसेंस मानते हैं। इसके कुछ कारण हैं कि GFDL "अपरिवर्तनीय" पाठ की अनुमति देता है जिसे संशोधित या हटाया नहीं जा सकता है, और यह कि डिजिटल अधिकार प्रबंधन (DRM) सिस्टम के खिलाफ इसका निषेध वैध उपयोगों पर लागू होता है, जैसे "निजी प्रतियां बनाई गईं और वितरित नहीं की गईं"। <ref name="nerode2007">{{Cite web|url=http://home.twcny.rr.com/nerode/neroden/fdl.html|title=Why You Shouldn't Use the GNU FDL|last=Nerode|first=Nathanael|date=2007-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20071210175219/http://home.twcny.rr.com/nerode/neroden/fdl.html|archive-date=2007-12-10|access-date=2011-11-07}}</ref>
विशेष रूप से, [[डेबियन]] परियोजना, <ref>{{Cite web|url=http://people.debian.org/~srivasta/Position_Statement.xhtml|title=Draft Debian Position Statement about the GNU Free Documentation License (GFDL)|last=Srivastava|first=Manoj|year=2006|access-date=2007-09-25|quote=''It is not possible to borrow text from a GFDL'd manual and incorporate it in any free software program whatsoever. This is not a mere license incompatibility. It's not just that the GFDL is incompatible with this or that free software license: it's that it is fundamentally incompatible with any free software license whatsoever. So if you write a new program, and you have no commitments at all about what license you want to use, saving only that it be a free license, you cannot include GFDL'd text. The GNU FDL, as it stands today, does not meet the Debian Free Software Guidelines. There are significant problems with the license, as detailed above; and, as such, we cannot accept works licensed under the GNU FDL into our distribution.''}}</ref> थॉमस बुशनेल, <ref name="lwn">{{Cite web|url=https://lwn.net/Articles/59147/|title=Thomas Bushnell dismissed from Hurd project for criticizing GFDL|date=2003-11-19|publisher=archive.is|archive-url=https://archive.today/20120713142623/http://lwn.net/Articles/59147/|archive-date=2012-07-13|access-date=2017-04-16}}</ref> नथानेल नेरोड, <ref name="nerode2003">{{Cite web|url=http://home.twcny.rr.com/nerode/neroden/fdl.html|title=Why You Shouldn't Use the GNU FDL|last=Nerode|first=Nathanael|date=2003-09-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20031009105046/http://home.twcny.rr.com/nerode/neroden/fdl.html|archive-date=2003-10-09|access-date=2011-11-07}}</ref> और ब्रूस पेरेन्स <ref name="Bruceperens2003">{{Cite web|url=https://lists.debian.org/debian-legal/2003/09/msg00091.html|title=stepping in between Debian and FSF|last=Bruce Perens|authorlink=Bruce Perens|date=2 Sep 2003|publisher=lists.debian.org/debian-legal|access-date=2016-03-20|quote=''FSF, a Free Software organization, isn't being entirely true to the Free Software ethos while it is promoting a license that allows invariant sections to be applied to anything but the license text and attribution. FSF is not Creative Commons:the documentation that FSF handles is an essential component of FSF's Free Software, and should be treated as such. In that light, the GFDL isn't consistent with the ethos that FSF has promoted for 19 years.''}}</ref> ने आपत्तियां उठाई हैं। ब्रूस पेरेन्स ने GFDL को "फ्री सॉफ्टवेयर लोकाचार" के बाहर भी देखा: <ref name="Bruceperens2003" />
"एफएसएफ, एक फ्री सॉफ्टवेयर संगठन, [[फ्री सॉफ्टवेयर]] लोकाचार के लिए पूरी तरह से सही नहीं है, जबकि यह एक ऐसे लाइसेंस को बढ़ावा दे रहा है जो अपरिवर्तनीय अनुभागों को लाइसेंस टेक्स्ट और एट्रिब्यूशन के अलावा किसी भी चीज़ पर लागू करने की अनुमति देता है। [...] GFDL उस लोकाचार के अनुरूप नहीं है जिसे FSF ने 19 वर्षों से प्रचारित किया है। अनुभागों को लाइसेंस टेक्स्ट और एट्रिब्यूशन के अलावा किसी भी चीज़ पर लागू किया जा सकता है। [...] GFDL उस लोकाचार के अनुरूप नहीं है जिसे FSF ने 19 वर्षों से प्रचारित किया है।"
2006 में, डेबियन डेवलपर्स ने अपने डेबियन फ्री सॉफ़्टवेयर दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए जीएफडीएल के तहत लाइसेंस प्राप्त कार्यों पर विचार करने के लिए मतदान किया, बशर्ते कि अपरिवर्तनीय अनुभाग खंड का उपयोग नहीं किया गया हो। <ref name="debianresolution">Debian Project: [http://www.debian.org/vote/2006/vote_001.en.html#amendmenttexta Resolution: Why the GNU Free Documentation License is not suitable for Debian]. </ref> हालांकि, उनके संकल्प में कहा गया है कि अपरिवर्तनीय वर्गों के बिना भी, जीएफडीएल-लाइसेंस प्राप्त सॉफ्टवेयर दस्तावेज "अभी भी परेशानी से मुक्त नहीं है", अर्थात् प्रमुख मुफ्त सॉफ्टवेयर लाइसेंसों के साथ इसकी असंगति के कारण। <ref name="debianresolution" />
जीएफडीएल का विरोध करने वालों ने वैकल्पिक लाइसेंस जैसे [[बीएसडी लाइसेंस]] या जीएनयू जीपीएल के उपयोग की सिफारिश की है। <ref name="debianresolution"/>
FLOSS मैनुअल फाउंडेशन, एक संगठन जो मुफ्त सॉफ्टवेयर के लिए मैनुअल बनाने के लिए समर्पित है, ने 2007 में अपने ग्रंथों के लिए GPL के पक्ष में GFDL से बचने का फैसला किया, दोनों के बीच असंगति, GFDL को लागू करने में कठिनाइयों और इस तथ्य का हवाला देते हुए कि GFDL "आसान दोहराव और संशोधन की अनुमति नहीं देता", विशेष रूप से डिजिटल प्रलेखन के लिए।<ref>{{cite web|url=http://en.flossmanuals.net/bin/view/Blog/LicenseChange/|title=License Change|author1=FLOSS Manuals Foundation|author-link1=FLOSS Manuals|date=6 June 2007|website=FLOSS Manuals Blog|publisher=FLOSS Manuals Foundation|archive-url=https://archive.today/20080228211105/http://en.flossmanuals.net/bin/view/Blog/LicenseChange/|archive-date=28 February 2008|access-date=20 June 2009|url-status=dead}}</ref>
=== डीआरएम खंड ===
जीएनयू एफडीएल में बयान शामिल है:
{{Quote|You may not use technical measures to obstruct or control the reading or further copying of the copies you make or distribute.}}
इस भाषा की एक आलोचना यह है कि यह बहुत व्यापक है, क्योंकि यह बनाई गई लेकिन वितरित नहीं की गई निजी प्रतियों पर लागू होती है। इसका मतलब यह है कि एक लाइसेंसधारी को मालिकाना फ़ाइल प्रारूप में या एन्क्रिप्शन का उपयोग करके "बनाई गई" दस्तावेज़ प्रतियों को सहेजने की अनुमति नहीं है।
2003 में, [[रिचर्ड स्टॉलमैन]] ने डेबियन-कानूनी मेलिंग सूची पर उपरोक्त वाक्य के बारे में कहा: <ref>Richard Stallman (2003-09-06), [http://lists.debian.org/debian-legal/2003/09/msg00212.html Re: A possible GFDL compromise]. </ref>
{{Quote|इसका अर्थ है कि आप उन्हें प्रतियों के धारकों को प्रतिबंधित करने के लिए DRM सिस्टम के अंतर्गत प्रकाशित नहीं कर सकते हैं। यह आपकी अपनी प्रति पर एन्क्रिप्शन या फ़ाइल अभिगम नियंत्रण के उपयोग को संदर्भित करने वाला नहीं है। मैं अपने वकील से बात करूंगा और देखूंगा कि क्या उस वाक्य को स्पष्ट करने की जरूरत है।}}
=== अपरिवर्तनीय खंड ===
एक GNU FDL कार्य जल्दी से भारग्रस्त हो सकता है क्योंकि एक नया, अलग शीर्षक दिया जाना चाहिए और पिछले शीर्षकों की एक सूची रखनी चाहिए। यह उस स्थिति को जन्म दे सकता है जहां पुस्तक की प्रत्येक प्रति में शीर्षक पृष्ठों और समर्पणों की एक पूरी श्रृंखला है, यदि इसकी एक लंबी वंशावली है। [[प्रतिलिप्यधिकार|कॉपीराइट]] समाप्त होने के बाद जब तक काम [[सार्वजनिक डोमेन]] में प्रवेश नहीं करता तब तक इन पृष्ठों को हटाया नहीं जा सकता।
[[रिचर्ड स्टॉलमैन]] ने ''डेबियन-कानूनी'' मेलिंग सूची पर अपरिवर्तनीय वर्गों के बारे में कहा: <ref>Richard Stallman, (2003-08-23), [http://lists.debian.org/debian-legal/2003/08/msg00807.html Re: A possible GFDL compromise]. </ref>
{{Quote|अपरिवर्तनीय वर्गों का लक्ष्य, 80 के दशक के बाद से जब हमने पहली बार GNU मेनिफेस्टो को Emacs मैनुअल में एक अपरिवर्तनीय अनुभाग बनाया था, यह सुनिश्चित करना था कि उन्हें हटाया नहीं जा सकता। विशेष रूप से, यह सुनिश्चित करने के लिए कि Emacs के वितरक जो गैर-मुफ्त सॉफ़्टवेयर भी वितरित करते हैं, हमारे दर्शन के कथनों को नहीं हटा सकते हैं, जो वे ऐसा करने के बारे में सोच सकते हैं क्योंकि वे कथन उनके कार्यों की आलोचना करते हैं।}}
=== GPL दोनों दिशाओं में असंगत है ===
GNU FDL GPL के साथ दोनों दिशाओं में असंगत है- GNU FDL के तहत सामग्री को GPL कोड में नहीं डाला जा सकता है और GPL कोड को GNU FDL मैनुअल में नहीं डाला जा सकता है। <ref>[http://lists.debian.org/debian-legal/2003/04/msg00258.html Richard Braakman on Debian-legal] about GFDL/GPL incompatibility</ref> 22 जून और 23 जून 2006 को बार्सिलोना में अंतर्राष्ट्रीय GPLv3 सम्मेलन में, एबेन मोगलेन ने संकेत दिया कि GPL के भविष्य के संस्करण को प्रलेखन के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है: <ref>[http://fsfe.org/projects/gplv3/barcelona-moglen-transcript#lgpl Transcript of Eben Moglen at the 3rd international GPLv3 conference; 22nd June 2006]: LGPL, like merging electronic weak. </ref>
{{Quote|एलजीपीएल को जीपीएल के शीर्ष पर केवल एक अतिरिक्त अनुमति के रूप में व्यक्त करके हम अपने लाइसेंसिंग परिदृश्य को काफी सरल बनाते हैं। यह भौतिकी के लिए एक बल से छुटकारा पाने जैसा है, है ना? हमने अभी-अभी इलेक्ट्रो-कमजोर को एकीकृत किया है, ठीक है? भव्य एकीकृत क्षेत्र सिद्धांत तब तक हमसे बचता है जब तक कि दस्तावेज़ लाइसेंस भी GPL के शीर्ष पर अतिरिक्त अनुमतियाँ नहीं हैं। मुझे नहीं पता कि हम वहां कैसे पहुंचेंगे, यह गुरुत्वाकर्षण है, यह वास्तव में कठिन है।}}
=== छपाई करते समय बोझ ===
GNU FDL के लिए आवश्यक है कि लाइसेंसधारी, लाइसेंस द्वारा कवर किए गए दस्तावेज़ को प्रिंट करते समय, "यह लाइसेंस, कॉपीराइट नोटिस, और लाइसेंस नोटिस यह कहता है कि यह लाइसेंस दस्तावेज़ पर लागू होता है" भी शामिल होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि यदि कोई लाइसेंसधारी किसी लेख की एक प्रति प्रिंट करता है जिसका पाठ GNU FDL के अंतर्गत आता है, तो उन्हें एक कॉपीराइट नोटिस और GNU FDL का भौतिक प्रिंटआउट भी शामिल करना होगा, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा दस्तावेज़ है। इससे भी बदतर, यह केवल एक (उदाहरण के लिए, विकिपीडिया) छवि के स्टैंडअलोन उपयोग के लिए आवश्यक है। <ref>{{Cite web|url=http://notablog.notafish.com/post/2005/04/21/26-why-the-wikimedia-projects-should-not-use-gfdl-as-a-stand-alone-license-for-images|title=Why the Wikimedia projects should not use GFDL as a stand alone license for images|date=2005-04-21|publisher=Notablog.notafish.com|access-date=2021-03-14}}</ref> [[विकियात्रा|विकिवॉयज]], मुफ्त सामग्री यात्रा गाइडों के लिए समर्पित एक वेब साइट, ने जीएफडीएल का उपयोग नहीं करने का फैसला किया क्योंकि यह इसे लघु मुद्रित पाठों के लिए अनुपयुक्त मानता है। <ref>[[wikivoyage:Project:Why Wikivoyage isn't GFDL|Wikivoyage:Project:Why Wikivoyage isn't GFDL]]</ref>
== मुफ्त कार्यों के लिए अन्य लाइसेंस ==
इनमें से कुछ GNU FDL से स्वतंत्र रूप से विकसित किए गए थे, जबकि अन्य GNU FDL में कथित खामियों के जवाब में विकसित किए गए थे।
* जीएनयू सिंपल फ्री डॉक्यूमेंटेशन लाइसेंस
* [[क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स|क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस]]
* डिजाइन साइंस लाइसेंस
* नि: शुल्क कला लाइसेंस
* FreeBSD प्रलेखन लाइसेंस
* सामग्री लाइसेंस खोलें
* ओपन गेम लाइसेंस
* प्रकाशन लाइसेंस खोलें
* डब्ल्यूटीएफपीएल
== जीएफडीएल का उपयोग करने वाली परियोजनाओं की सूची ==
* [[विकिमीडिया संस्थान|विकिमीडिया फ़ाउंडेशन]] की अधिकांश परियोजनाएँ, जिनमें [[विकिपीडिया]] ( [[विकियात्रा|विकीवॉयज]] और [[विकिसमाचार|विकिन्यूज़]] को छोड़कर) शामिल हैं - 15 जून, 2009 को, क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन शेयर-एलाइक लाइसेंस और GFDL के तहत इन विकी की सामग्री को दोहरे लाइसेंस देने के लिए धारा 11 खंडों का उपयोग किया गया था।
* [[An Anarchist FAQ|एक अराजकतावादी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न]]
* सिटीज़ेंडियम - परियोजना मूल रूप से विकिपीडिया से लेखों के लिए GFDL का उपयोग करती है।
* कम्प्यूटिंग का मुफ्त ऑनलाइन शब्दकोश
* [[लास्ट.फएम|Last.fm]] - कलाकारों का विवरण GFDL के अंतर्गत है
* मार्क्सवादी इंटरनेट आर्काइव
* प्लैनेटमैथ (अब CC-BY-SA लाइसेंस का उपयोग करता है)
* रोसेटा कोड
* सोर्सवॉच
* विशिष्ट दस्तावेज जो TRAK को परिभाषित करते हैं, एक एंटरप्राइज़ आर्किटेक्चर फ्रेमवर्क, GFDL के तहत जारी किए जाते हैं।
* ''सार बीजगणित'' थॉमस डब्ल्यू जुडसन द्वारा। <ref>{{Cite web|url=http://abstract.ups.edu/|title=Abstract Algebra: Theory and Applications|last=Judson|first=Thomas W.|year=2015|access-date=25 दिसंबर 2022|archive-date=1 जुलाई 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130701030707/http://abstract.ups.edu/|url-status=dead}}</ref>
* बेसबॉल-संदर्भ का बीआर बुलपेन, एक मुफ्त उपयोगकर्ता-योगदान बेसबॉल विकी
== सन्दर्भ ==
klxmindblve0m9yl5c5gav68k7id2uu
झारखण्ड पुलिस
0
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2026-05-22T09:03:10Z
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text/x-wiki
{{Infobox law enforcement agency|agencyname=झारखंड पुलिस|motto=जनसेवा ही हमारा लक्ष्य है|logo=Jharkhand Police Logo (India).svg|logocaption=झारखंड पुलिस विभाग का लोगो|formedyear=2000.|formedmonthday=|preceding1=|dissolved=|superseding=|employees=अनजान|volunteers=|budget=|legalpersonality=|country=भारत|countryabbr=IN|national=|federal=|international=|divtype=राज्य|divname=[[झारखंड]]|divdab=|subdivtype=|subdivname=|subdivdab=|map=File:IN-JH.svg|mapcaption=|sizearea={{convert|79714|km2|sqmi|abbr=on}}|sizepopulation=32,988,134 (2011)|legaljuris=[[झारखंड]]|governingbody=[[झारखण्ड सरकार]]|governingbodyscnd=|constitution1=|police=yes|local=yes|military=|provost=|gendarmerie=|religious=|speciality1=|secret=Yes|overviewtype=|overviewbody=|headquarters=[[रांची]], [[झारखंड]]|hqlocmap=|hqlocmapwidth=|hqlocmapheight=|hqlocmapborder=|hqlocleft=|hqloctop=|hqlocmappoptitle=|sworntype=|sworn=|unsworntype=|unsworn=|multinational=|electeetype=|minister1name=|minister1pfo=|chief1name=नीरज सिन्हा [[भारतीय पुलिस सेवा|आईपीएस]]|chief1position=[[पुलिस महानिदेशक|डीजीपी]]|parentagency=|child2agency=|unittype=|unitname=|officetype=|officename=|provideragency=|uniformedas=|stationtype=|stations=|airbases=|lockuptype=|lockups=|vehicle1type=|vehicles1=|boat1type=|boats1=|aircraft1type=|aircraft1=|animal1type=|animals1=|person1name=|person1reason=|person1type=|programme1=|activity1name=|activitytype=|anniversary1=|award1=|website=https://jhpolice.gov.in/}}
'''झारखंड पुलिस''' [[भारत]] के [[झारखण्ड|झारखंड]] राज्य के लिए [[कानून प्रर्वतन संस्था|कानून प्रवर्तन एजेंसी]] है। झारखंड पुलिस का गठन 2000 में हुआ था। झारखंड पुलिस का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक करते हैं और मुख्यालय रांची, झारखंड में है। झारखंड पुलिस में ज्वाइनिंग के 4 लेवल होते हैं। [[संघ लोक सेवा आयोग]] द्वारा भर्ती किए गए [[भारतीय पुलिस सेवा]] के अधिकारियों द्वारा शीर्ष पदों को भरा जाता है। भर्ती का अगला स्तर झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती डीएसपी रैंक के माध्यम से द्वितीय श्रेणी के स्तर पर है। झारखंड अधीनस्थ सेवा आयोग द्वारा अराजपत्रित अधिकारियों की भर्ती उप निरीक्षक स्तर पर की जाती है। <ref name="auto">{{Cite web|url=https://www.jhpolice.gov.in/organization-chart|title=Organization Chart {{!}} Department of Police, State Government of Jharkhand, India|website=www.jhpolice.gov.in|access-date=2019-07-11|archive-date=16 अगस्त 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816162408/https://jhpolice.gov.in/organization-chart|url-status=dead}}</ref> अन्य पद भर्ती रैली या सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित करके भरे जाते हैं। झारखंड पुलिस में लगभग 149 IPS अधिकारियों की संख्या है। <ref>{{Cite web|url=https://www.jhpolice.gov.in/imp-contacts|title=Important contact|website=Jharkhand Police|access-date=6 जनवरी 2023|archive-date=14 अक्तूबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221014184416/https://jhpolice.gov.in/imp-contacts|url-status=dead}}</ref> इस स्वीकृत पद के विरुद्ध गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा 2015 तक राज्य को केवल 100 आईपीएस अधिकारी आवंटित किए गए हैं। <ref>{{Cite web|url=https://www.jhpolice.gov.in/ips-civil-list|title=Indian Police Service (IPS) - Civil List 2019 {{!}} Department of Police, State Government of Jharkhand, India|website=www.jhpolice.gov.in|access-date=2019-07-11|archive-date=30 नवंबर 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20221130002132/https://jhpolice.gov.in/ips-civil-list|url-status=dead}}</ref> झारखंड कुल भर्ती के लिए शीर्ष [[भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश|भारतीय राज्यों]] में से एक है। <ref>{{Cite news|url=http://www.indianexpress.com/news/jharkhand-tops-police-vacancies-recruitment/379060/|title=Jharkhand tops police vacancies, recruitments|last=Sinha, Amitabh|date=30 October 2008|work=[[The Indian Express]]|access-date=25 October 2011|location=New Delhi}}</ref> झारखंड पुलिस के वर्तमान डीजीपी नीरज सिन्हा हैं। <ref>{{Cite news|url=https://www.dailypioneer.com/2021/state-editions/niraj-sinha-new-dgp-of-state.html|title=Neeraj Sinha new DGP of State|date=Feb 12, 2021|work=The Pioneer|access-date=6 जनवरी 2023|archive-date=6 जनवरी 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230106124950/https://www.dailypioneer.com/2021/state-editions/niraj-sinha-new-dgp-of-state.html|url-status=dead}}</ref>
== संगठनात्मक संरचना ==
इसकी संगठनात्मक संरचना फील्ड पोस्टिंग और नॉन-फील्ड पोस्टिंग में विभाजित है। फील्ड पोस्टिंग को राज्य में 24 जिला पुलिस इकाइयों में विभाजित किया गया है। झारखंड पुलिस के प्रमुख पुलिस महानिदेशक होते हैं और उनके अधीन विभिन्न विभाग होते हैं: -
* विशेष शाखा
* अपराध जांच विभाग (सीआईडी)
* मुख्यालय
* आधुनिकीकरण
* झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP)
* कानून एवं व्यवस्था
* इन विभागों का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के आईपीएस अधिकारी करते हैं। उन्हें पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधीनस्थ रैंक के अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। <ref name="auto2">{{Cite web|url=https://www.jhpolice.gov.in/organization-chart|title=Organization Chart {{!}} Department of Police, State Government of Jharkhand, India|website=www.jhpolice.gov.in|access-date=2019-07-11|archive-date=16 अगस्त 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190816162408/https://jhpolice.gov.in/organization-chart|url-status=dead}}</ref>
=== पदानुक्रम ===
'''अधिकारियों'''
* पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)
* अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक
* पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी)
* पुलिस उपमहानिरीक्षक
* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
* पुलिस अधीक्षक (एसपी)
* अपर पुलिस अधीक्षक
* सहायक एसपी ( [[भारतीय पुलिस सेवा|आईपीएस]] ) या डिप्टी एसपी (झारखंड पुलिस सेवा)
'''अधीनस्थ'''
* पुलिस निरीक्षक
* पुलिस उप निरीक्षक
* पुलिस के सहायक उप निरीक्षक
* हेड कांस्टेबल
* वरिष्ठ कांस्टेबल
* सिपाही
==पुलिस रैंक==
{{Indian Police Service Officer Ranks}}
{{Indian State Police Officer Ranks}}
== उल्लेखनीय आईपीएस अधिकारी (झारखंड पुलिस के निर्माण से पहले शुरू हुए) ==
* [[Gopal Achari|गोपाल अचारी]] 1966 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
* [[विष्णु दयाल राम]] 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
* [[राजीव जैन]] 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
* [[आशा सिन्हा]] 1982 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
* [[अजय कुमार]] 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
* [[रामेश्वर उरांव]] 1972 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
== यह सभी देखें ==
* [[भारत में कानून प्रवर्तन]]
* [[राज्य सशस्त्र पुलिस बल]]
== सन्दर्भ ==
<references />{{भारत में कानून प्रवर्तन}}
[[श्रेणी:पुलिस]]
{{भारत-भू-आधार}}
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सदस्य:Kalloo prasad Dwivedi
2
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2026-05-22T07:35:38Z
Kalloo prasad Dwivedi
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/* */
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text/x-wiki
Kalloo Prasad Dwivedi Special Secretary residing at Lucknow Uttar Pradesh posses knowledge of Hindi Sanskrit Punjabi Sindhi English language
He is writer. Father late sri Bachchu Lal Dwivedi Pradhan
Wife Srimati Paurnima Dwivedi. Present time promoting Hindi and Punjabi Language. Sri Mad Bhagwat is Written in Sanskrit Language by Ved Vyas. It is religious book of Hindu and contains story of Bhagwan Narayan and his embodiment. My wife Purnima Dwivedi expired on November first 2025 since then I am reading it. Bhagwat reading gives peace and devotion to everybody. It is very simple and worth reading..
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हंगरी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम
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The Sorter
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text/x-wiki
{{शीह-व6ल}}{{About|the men's team|the women's team|Hungary women's national football team}}
{{Infobox national football team
| Name = हंगरी
| Badge = Coat of arms of Hungary.svg
| Badge_size = 120px
| FIFA Trigramme = HUN
| Nickname = ''[[Hungarians|Magyarok]]'' (Magyars) <br /> ''Nemzeti Tizenegy'' (National Eleven)
| Association = [[Hungarian Football Federation|Magyar Labdarúgó Szövetség]] (MLSZ)
| Confederation = [[UEFA]] (Europe)
| Coach =
[[Marco Rossi (footballer, born 1964)|Marco Rossi]]
| Captain = [[Dominik Szoboszlai]]
| Most caps = [[Balázs Dzsudzsák]] (109)
| Top scorer = [[Ferenc Puskás]] ([[List of international goals scored by Ferenc Puskás|84]])
| Home Stadium = [[Puskás Aréna]]
| FIFA Rank = {{FIFA World Rankings|HUN}}
| FIFA max = 18
| FIFA max date = April–May 2016
| FIFA min = 87
| FIFA min date = July 1996
| Elo Rank = {{World Football Elo Ratings|Hungary}}
| Elo max = 1
| Elo max date = 1953–57, 1958, 1964, 1965
| Elo min = 80
| Elo min date = November 2003
| pattern_la1 = _hun22h
| pattern_b1 = _hun22h
| pattern_ra1 = _hun22h
| pattern_sh1 = _hun22h
| pattern_so1 = _3_stripes_white
| leftarm1 = EE0000
| body1 = EE0000
| rightarm1 = EE0000
| shorts1 = FFFFFF
| socks1 = 00A354
| pattern_la2 = _hun22a
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| pattern_so2 = _3_stripes_red
| leftarm2 = FFFFFF
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| rightarm2 = FFFFFF
| shorts2 = FFFFFF
| socks2 = FFFFFF
| First game = {{fb|AUT|empire}} 5–0 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Vienna]], [[Cisleithania|Austria]]; 12 October 1902)
| Largest win = {{fb|HUN|1920}} 13–1 {{fb-rt|FRA|1794}} <br /> ([[Budapest]], [[Kingdom of Hungary (1920–1946)|Hungary]]; 12 June 1927)<br />{{fb|HUN|1949}} 12–0 {{fb-rt|ALB|1946}} <br /> ([[Budapest]], [[Hungarian People's Republic|Hungary]]; 24 September 1950)<br />{{fb|Russian Empire|Russian Empire}} 0–12 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Moscow]], [[Russian Empire|Russia]]; 14 July 1912)
| Largest loss = {{fb|NED}} 8–1 {{fb-rt|HUN}}<br /> ([[Amsterdam]], [[Netherlands]]; 11 October 2013)<br />{{fb|GER|1935}} 7–0 {{fb-rt|HUN|1920}} <br /> ([[Cologne]], [[Nazi Germany|Germany]]; 6 April 1941)<br />{{fb|GBR}} 7–0 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Stockholm]], [[Sweden]]; 30 June 1912)<br />{{fb|HUN|1896}} 0–7 {{fb-rt|ENG}} <br /> ([[Budapest]], [[Kingdom of Hungary (1867–1918)|Hungary]]; 10 June 1908)<br />
| World cup apps = 9
| World cup first = 1934
| World cup best = Runners-up ([[1938 FIFA World Cup|1938]], [[1954 FIFA World Cup|1954]])
| Regional name = [[UEFA European Championship|European Championship]]
| Regional cup apps = 4
| Regional cup first = [[1964 European Nations' Cup|1964]]
| Regional cup best = Third place ([[1964 European Nations' Cup|1964]])
| medaltemplates =
{{Medal|Sport|Men's [[Association football|football]]}}
{{Medal|Competition|[[FIFA World Cup|World Cup]]}}
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}}
The '''हंगरी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम''' ({{Langx|hu|magyar labdarúgó-válogatott}}) represents [[Hungary]] in men's international [[Association football|football]] and is controlled by the [[Hungarian Football Federation]]. The team has made 9 appearances in the [[FIFA World Cup]] and 4 appearances in the [[UEFA European Championship|European Championship]], and plays its home matches at the [[Puskás Aréna]], which opened in November 2019.
Hungary has a respectable football history, having won 3 [[Football at the Summer Olympics|Olympic]] titles, finishing runners-up in the [[1938 FIFA World Cup|1938]] and [[1954 FIFA World Cup|1954 World Cups]], and third in the [[1964 European Nations' Cup|1964 UEFA European Football Championship]]. Hungary revolutionized the sport in the 1950s, laying the tactical fundamentals of [[Total Football]] and dominating international football with the remarkable [[Golden Team]] which included legend [[Ferenc Puskás]], one of the top goalscorers of the 20th century, to whom FIFA dedicated the [[FIFA Puskás Award|Puskás Award]], given annually to the player who scored the "most beautiful" goal of the calendar year. The side of that era has the [[World Football Elo Ratings|all-time highest Football Elo Ranking in the world]], with 2230 in 1954, and one of the longest undefeated runs in football history, remaining unbeaten in 31 games, spanning over four years including the much heralded [[Match of the Century (1953 England v Hungary football match)|Match of the Century]].
The Hungarian team faced a severe drought starting from their elimination at the [[1986 FIFA World Cup|1986 World Cup]], failing to qualify for a major tournament for 30 years and reaching their lowest [[FIFA World Rankings|FIFA ranking]] (87) in 1996, as well as finishing 6th in their group of the [[UEFA Euro 2008 qualifying|Euro 2008 qualifiers]], before qualifying to back-to-back Euros in [[UEFA Euro 2016|2016]] and [[UEFA Euro 2020|2020]], as well as getting promotion to the [[2022–23 UEFA Nations League A]].
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The Sorter
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wikitext
text/x-wiki
{{शीह-ल5}}{{About|the men's team|the women's team|Hungary women's national football team}}
{{Infobox national football team
| Name = हंगरी
| Badge = Coat of arms of Hungary.svg
| Badge_size = 120px
| FIFA Trigramme = HUN
| Nickname = ''[[Hungarians|Magyarok]]'' (Magyars) <br /> ''Nemzeti Tizenegy'' (National Eleven)
| Association = [[Hungarian Football Federation|Magyar Labdarúgó Szövetség]] (MLSZ)
| Confederation = [[UEFA]] (Europe)
| Coach =
[[Marco Rossi (footballer, born 1964)|Marco Rossi]]
| Captain = [[Dominik Szoboszlai]]
| Most caps = [[Balázs Dzsudzsák]] (109)
| Top scorer = [[Ferenc Puskás]] ([[List of international goals scored by Ferenc Puskás|84]])
| Home Stadium = [[Puskás Aréna]]
| FIFA Rank = {{FIFA World Rankings|HUN}}
| FIFA max = 18
| FIFA max date = April–May 2016
| FIFA min = 87
| FIFA min date = July 1996
| Elo Rank = {{World Football Elo Ratings|Hungary}}
| Elo max = 1
| Elo max date = 1953–57, 1958, 1964, 1965
| Elo min = 80
| Elo min date = November 2003
| pattern_la1 = _hun22h
| pattern_b1 = _hun22h
| pattern_ra1 = _hun22h
| pattern_sh1 = _hun22h
| pattern_so1 = _3_stripes_white
| leftarm1 = EE0000
| body1 = EE0000
| rightarm1 = EE0000
| shorts1 = FFFFFF
| socks1 = 00A354
| pattern_la2 = _hun22a
| pattern_b2 = _hun22a
| pattern_ra2 = _hun22a
| pattern_sh2 = _hun22h
| pattern_so2 = _3_stripes_red
| leftarm2 = FFFFFF
| body2 = FFFFFF
| rightarm2 = FFFFFF
| shorts2 = FFFFFF
| socks2 = FFFFFF
| First game = {{fb|AUT|empire}} 5–0 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Vienna]], [[Cisleithania|Austria]]; 12 October 1902)
| Largest win = {{fb|HUN|1920}} 13–1 {{fb-rt|FRA|1794}} <br /> ([[Budapest]], [[Kingdom of Hungary (1920–1946)|Hungary]]; 12 June 1927)<br />{{fb|HUN|1949}} 12–0 {{fb-rt|ALB|1946}} <br /> ([[Budapest]], [[Hungarian People's Republic|Hungary]]; 24 September 1950)<br />{{fb|Russian Empire|Russian Empire}} 0–12 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Moscow]], [[Russian Empire|Russia]]; 14 July 1912)
| Largest loss = {{fb|NED}} 8–1 {{fb-rt|HUN}}<br /> ([[Amsterdam]], [[Netherlands]]; 11 October 2013)<br />{{fb|GER|1935}} 7–0 {{fb-rt|HUN|1920}} <br /> ([[Cologne]], [[Nazi Germany|Germany]]; 6 April 1941)<br />{{fb|GBR}} 7–0 {{fb-rt|HUN|1896}} <br /> ([[Stockholm]], [[Sweden]]; 30 June 1912)<br />{{fb|HUN|1896}} 0–7 {{fb-rt|ENG}} <br /> ([[Budapest]], [[Kingdom of Hungary (1867–1918)|Hungary]]; 10 June 1908)<br />
| World cup apps = 9
| World cup first = 1934
| World cup best = Runners-up ([[1938 FIFA World Cup|1938]], [[1954 FIFA World Cup|1954]])
| Regional name = [[UEFA European Championship|European Championship]]
| Regional cup apps = 4
| Regional cup first = [[1964 European Nations' Cup|1964]]
| Regional cup best = Third place ([[1964 European Nations' Cup|1964]])
| medaltemplates =
{{Medal|Sport|Men's [[Association football|football]]}}
{{Medal|Competition|[[FIFA World Cup|World Cup]]}}
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{{MedalGold|[[1947 Balkan Cup|1947]]|[[1947 Balkan Cup|Team]]}}
}}
The '''हंगरी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम''' ({{Langx|hu|magyar labdarúgó-válogatott}}) represents [[Hungary]] in men's international [[Association football|football]] and is controlled by the [[Hungarian Football Federation]]. The team has made 9 appearances in the [[FIFA World Cup]] and 4 appearances in the [[UEFA European Championship|European Championship]], and plays its home matches at the [[Puskás Aréna]], which opened in November 2019.
Hungary has a respectable football history, having won 3 [[Football at the Summer Olympics|Olympic]] titles, finishing runners-up in the [[1938 FIFA World Cup|1938]] and [[1954 FIFA World Cup|1954 World Cups]], and third in the [[1964 European Nations' Cup|1964 UEFA European Football Championship]]. Hungary revolutionized the sport in the 1950s, laying the tactical fundamentals of [[Total Football]] and dominating international football with the remarkable [[Golden Team]] which included legend [[Ferenc Puskás]], one of the top goalscorers of the 20th century, to whom FIFA dedicated the [[FIFA Puskás Award|Puskás Award]], given annually to the player who scored the "most beautiful" goal of the calendar year. The side of that era has the [[World Football Elo Ratings|all-time highest Football Elo Ranking in the world]], with 2230 in 1954, and one of the longest undefeated runs in football history, remaining unbeaten in 31 games, spanning over four years including the much heralded [[Match of the Century (1953 England v Hungary football match)|Match of the Century]].
The Hungarian team faced a severe drought starting from their elimination at the [[1986 FIFA World Cup|1986 World Cup]], failing to qualify for a major tournament for 30 years and reaching their lowest [[FIFA World Rankings|FIFA ranking]] (87) in 1996, as well as finishing 6th in their group of the [[UEFA Euro 2008 qualifying|Euro 2008 qualifiers]], before qualifying to back-to-back Euros in [[UEFA Euro 2016|2016]] and [[UEFA Euro 2020|2020]], as well as getting promotion to the [[2022–23 UEFA Nations League A]].
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ज्विगेटो
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wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक फ़िल्म
| name = ज़विगेटो
| image = Zwigato_poster.jpg
| alt =
| caption =
| director = [[नंदिता दास]]
| writer = नंदिता दास <br /> [[समीर पाटिल]]
| based_on =
| producer = [[समीर नायर]] <br /> दीपक सहगल <br> नंदिता दास
| starring = {{plainlist|
*[[कपिल शर्मा]]
*[[शाहाना गोस्वामी]]}}
| cinematography = रंजन पालित
| editing =
| music = '''स्कोर:'''<br />सागर देसाई<br>'''गाने:'''<br />[[हितेश सोनिक]]
| studio = [[तालियां मनोरंजन]] <br> नंदिता दास पहल
| distributor = [[वायाकॉम18 स्टूडियोज]]
| released = {{Film date|2022|09| |टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव|ref1=<ref>{{cite news |title=Zwigato |url=https://www.tiff.net/events/zwigato |access-date=27 December 2022 |work=[[Toronto International Film Festival|TIFF]] |language=en}}</ref>|2023|03|17|df=y}}
| runtime = 104 मिनट<ref>{{cite web|url=https://www.bbfc.co.uk/release/zwigato-q29sbgvjdglvbjpwwc0xmdexodc1|title=Zwigato|website=[[ब्रिटिश बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म क्लासिफिकेशन]]}}</ref>
| country = भारत
| language = हिंदी
| budget = {{INR}}10 करोड़ <ref>{{cite web|title=Zwigato Budget|url=https://www.sacnilk.com/articles/entertainment/box_office/Zwigato_2022_Box_Office_Collection_Day_Wise_Worldwide?hl=en|website=Sacnilk|access-date=24 मार्च 2023|archive-date=20 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230320165320/https://www.sacnilk.com/articles/entertainment/box_office/Zwigato_2022_Box_Office_Collection_Day_Wise_Worldwide?hl=en|url-status=dead}}</ref>
| gross = {{INR}}2.4 करोड़ (3 दिन)<ref>{{cite web|title=Zwigato Box Office Collection|url=https://www.bollywoodhungama.com/movie/zwigato/box-office/|website=Bollywood Hungama}}</ref>
}}
'''''ज्विगेटो''''' २०२२ की भारतीय [[हिन्दी|हिंदी]] भाषा की ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन [[नंदिता दास]] ने किया है।<ref>{{Cite news|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/kapil-sharma-starrer-zwigato-to-feature-at-international-film-festival-of-kerala-read-more-here/articleshow/96088464.cms|title=Kapil Sharma starrer 'Zwigato' to feature at International Film Festival of Kerala. Read more here|work=[[The Economic Times]]|access-date=3 March 2023}}</ref> फिल्म का निर्माण अप्लॉज एंटरटेनमेंट और ''नंदिता दास इनिशिएटिव्स'' द्वारा किया गया है। फिल्म जीवन की अनवरतता की कहानी पेश करती है। फिल्म में मुख्य भूमिका में [[कपिल शर्मा]] और [[शहाणा गोस्वामी|शाहाना गोस्वामी]] हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/iffk-2022-zwigato-movie-review-nandita-das-film-tells-a-poignant-story-of-the-new-working-class/article66258794.ece|title=IFFK 2022: 'Zwigato' movie review: Nandita Das' film tells a poignant story of the new working class|last=Praveen|first=S. R.|date=13 December 2022|work=[[The Hindu]]|access-date=27 December 2022|language=en-IN}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://indianexpress.com/article/entertainment/bollywood/kapil-sharma-nandita-das-film-zwigato-to-premiere-at-27th-international-film-festival-of-kerala-8312901/|title=Kapil Sharma-Nandita Das's film Zwigato to premiere at International Film Festival of Kerala|date=8 December 2022|work=[[The Indian Express]]|access-date=27 December 2022|language=en}}</ref> फिल्म को ''टोरंटो वर्ल्डवाइड फिल्म सेलिब्रेशन,'' २०२२ में डेब्यू किया गया है<ref>{{Cite web|url=https://explorekaro.com/zwigato-movie-2023/|title=Zwigato Movie (2023): Cast, Review, Storyline, Release Date » Explorekaro|last=Raju|first=Explorekaro|date=2023-03-04|website=www.explorekaro.com|language=English|access-date=2023-03-04|archive-date=4 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230304174116/https://explorekaro.com/zwigato-movie-2023/|url-status=dead}}</ref> फिल्म को नाटकीय रूप से १७ मार्च २०२३ को रिलीज़ किया गया था।
== कथानक ==
[[भुवनेश्वर]] में वर्तमान समय में सेट की गई फिल्म मानस के एक पूर्व-कारखाने के फर्श प्रबंधक के जीवन की पड़ताल करती है। अपनी नौकरी खोने के बाद, वह एक खाद्य वितरण सवार के रूप में काम करने के लिए मजबूर है, अपने फोन पर ऐप और रेटिंग और प्रोत्साहन की दुनिया से जूझ रहा है। वह अपनी पत्नी, प्रतिमा, अपने दो बच्चों और एक बीमार माँ के लिए गुज़ारा करने के लिए संघर्ष करता है। इसके साथ ही, प्रतिमा एक गृहिणी, अपनी आय का समर्थन करने के लिए विभिन्न कार्य अवसरों का पता लगाना शुरू कर देती है। अमीर महिलाओं की मालिश करने वाली से लेकर मॉल में सफाई करने वाली महिला तक। इन नए अनुभवों की आशंकाओं को एक नई स्वतंत्रता की खुशियों के साथ जोड़ा गया है।<ref>{{Cite news|url=https://odishatv.in/news/entertainment/kapil-sharma-s-zwigato-has-an-odisha-connection-movie-reveals-struggle-of-food-delivery-boy-185927|title=Kapil Sharma's Zwigato has an Odisha connection; movie reveals struggle of food delivery boy|last=Jogwar|first=Sangati|work=[[Odisha TV]]|access-date=27 December 2022|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://baapofmovies.com/zwigato-movie-review-kapil-sharma/|title=Zwigato Movie Review: Kapil Sharma has Proved that he is an Amazing Actor - Baap of Movies|date=2023-03-17|language=en-US|access-date=2023-03-19}}</ref>
== कलाकार ==
* मानस सिंह महतो के रूप में [[कपिल शर्मा]]
* प्रतिमा के रूप में [[शहाणा गोस्वामी|शाहाना गोस्वामी]]
* [[गुल पनाग]]
* सयानी गुप्ता
* [[स्वानन्द किरकिरे|स्वानंद किरकिरे]]
* तुषार आचार्य
== उत्पादन ==
कपिल शर्मा स्टारर ज्विगेटो फिल्म 500 करोड़ के बजट में बनी है. 10-15 करोड़ लगभग।<ref>{{Cite web|url=https://filmybeast.com/zwigato-film-release-date-2023-cast-budget-more/|title=Zwigato film Release Date 2023: Cast, Budget & More.|last=mehta|first=kartik|date=8 February 2023|website=Filmybeast|access-date=24 मार्च 2023|archive-date=14 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230314070051/https://filmybeast.com/zwigato-film-release-date-2023-cast-budget-more/|url-status=dead}}</ref>
फिल्म को बड़े पैमाने पर शूट किया गया है और ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सेट किया गया है, वह शहर भी है जहां से निर्देशक आते हैं।<ref>{{Cite news|url=https://www.moneycontrol.com/news/trends/entertainment/nandita-das-zwigato-is-a-story-of-the-relentlessness-of-life-but-not-without-its-hopes-and-silver-linings-9299261.html|title=Nandita Das: 'Zwigato' is a story of the relentlessness of life, but not without its hopes|work=[[Moneycontrol]]|access-date=27 December 2022|language=en}}</ref> यह फिल्म को एक अद्वितीय स्थानीय स्वाद प्रदान करता है। बहुत सारे माध्यमिक कलाकार स्थानीय थे।<ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/entertainment/kapil-sharma-calls-konark-sun-temple-a-wonder-experience-2836378|title=Kapil Sharma Calls Konark Sun Temple A "Wonder Experience"|work=[[NDTV]]|access-date=27 December 2022}}</ref>
== गीत संगीत ==
फिल्म का संगीत हितेश सोनिक ने तैयार किया है। गाने के बोल देवांशु और गीत ने लिखे हैं।
{{Track listing
| headline = ट्रैक लिस्टिंग
| extra_column = गायक
| title1 = ये रात
| extra1 = [[सुनिधि चौहान]]
| length1 = 2:29
| lyrics1 = देवांशु, गीत
}}
<ref>{{Cite web|url=https://www.songzlyrics.com/2023/03/yeh-raat-song-lyrics-kapil-sharma-zwigato.html|title=Yeh Raat Song Lyrics - Kapil Sharma - Zwigato|website=Songz lyrics|language=en-gb|access-date=2023-03-15|archive-date=15 मार्च 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230315041335/https://www.songzlyrics.com/2023/03/yeh-raat-song-lyrics-kapil-sharma-zwigato.html|url-status=dead}}</ref>
== मुक्त करना ==
नाट्य विमोचन के बाद, यह [[ओड़िशा सरकार|ओडिशा सरकार]] द्वारा कर मुक्त कर दिया गया था। ओड़िशा राज्य का सरकार द्वारा फिल्मांकन के लिए एक स्थान के रूप में विपणन किया जा रहा है, जो राज्य के पर्यटन उद्योग को मदद करेगा और हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को नौकरी की संभावनाएं प्रदान करेगा।<ref>{{Cite news|url=http://www.uniindia.com/news/entertainment/entertainment-zwigato-tax-free/2938473.html|title=Odisha Govt. waives entertainment tax on Hindi film "Zwigato"|date=22 March 2023|work=United News of India|access-date=23 March 2023|language=en-IN}}</ref>
=== समारोह ===
* फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर [[टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह|टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल]] में 'कंटेम्परेरी वर्ल्ड सिनेमा सेक्शन' में हुआ था। - सितंबर 2022<ref>{{Cite news|url=https://www.hindustantimes.com/entertainment/tv/kapil-sharma-nandita-das-zwigato-premieres-at-tiff-2022-see-pics-101663217374049.html|title=Kapil Sharma, Nandita Das' Zwigato premieres at the 47th Toronto International Film Festival. See pics|date=15 September 2022|work=[[Hindustan Times]]|access-date=27 December 2022|language=en}}</ref>
* फिल्म का एशियाई प्रीमियर बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 'ए विंडो ऑफ एशियन सिनेमा' में हुआ था - अक्टूबर 2022<ref>{{Cite news|url=https://www.news18.com/news/movies/kapil-sharmas-zwigato-premieres-at-busan-film-festival-watch-video-6133003.html|title=Kapil Sharma's Zwigato Premieres at Busan Film Festival, Watch Video|date=10 October 2022|work=[[News18]]|access-date=27 December 2022|language=en}}</ref>
*दिसंबर 2022 ज्विगेटो केरल के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 'कैलीडोस्कोप सेक्शन' की उद्घाटन फिल्म थी।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/nandita-das-zwigato-to-have-india-premiere-at-international-film-festival-of-kerala/article66237982.ece|title=Nandita Das' 'Zwigato' to have India premiere at International Film Festival of Kerala|date=8 December 2022|work=[[The Hindu]]|access-date=27 December 2022|language=en-IN}}</ref>
== स्वागत ==
''[[फर्स्टपोस्ट|फ़र्स्टपोस्ट]]'' में एना एमएम वेटिकैड ने लिखा है "ज़विगेटो एक सहज गहराई और विनीत टिप्पणी की एक फिल्म है। पृथ्वी पर किसी ने इसे पहले क्यों नहीं बनाया?"<ref>{{Cite news|url=https://www.firstpost.com/entertainment/zwigato-movie-review-kapil-sharma-slips-out-of-his-image-to-slip-right-into-nandita-das-thoughtful-take-on-the-gig-economy-11817641.html|title=Zwigato review: Kapil Sharma slips out of his image to slip right into Nandita Das' thoughtful take on the gig economy-Entertainment News, Firstpost|date=16 December 2022|work=[[Firstpost]]|access-date=3 January 2023|language=en}}</ref>
''[[एनडीटीवी खबर|एनडीटीवी]]'' के सैबल चटर्जी ने लिखा, "साधारण लेकिन अचूक रूप से प्रासंगिक। ज़विगेटो शक्ति और करुणा के समान उपायों के साथ घर पर हिट करता है।"<ref>{{Cite news|url=https://www.ndtv.com/entertainment/zwigato-review-a-contemporary-portrait-of-the-gig-economy-and-its-pitfalls-3-5-stars-3605453|title=Zwigato Review: A Contemporary Portrait Of The Gig Economy And Its Pitfalls|work=[[NDTV]]|access-date=3 January 2023}}</ref>
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{आईएमडीबी शीर्षक|21998526}}
[[श्रेणी:भारतीय ड्रामा फ़िल्में]]
[[श्रेणी:2022 की फ़िल्में]]
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इसहाक
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The Sorter
845290
Infobox और शुरू का पाठ सुधारा
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox person
| name = इसहाक़
| native_name = {{Script/Hebrew|יִצְחָק}}
| image = Isaac Blessing Jacob MET DP145918 (cropped 2).jpg
| caption = ''इसहाक़ याक़ूब को आशीष देता'' (1637), [[गेरब्रांड वान डेन एकहाउट]] द्वारा चित्रकला
| father = [[इब्राहीम]]
| mother = [[सारा]]
| family = {{Plainlist|
* [[इश्माएल]] (सौतेला भाई)
* [[ज़िम्रान]] (सौतेला भाई)
* [[योक्षान]] (सौतेला भाई)
* [[मदना]] (सौतेला भाई)
* [[मिद्यान]] (सौतेला भाई)
* [[यिशबाक]] (सौतेला भाई)
* [[शूह]] (सौतेला भाई)
* [[तेरह (बाइबिल)|तेरह]] (दादा)
* [[हारान]] (चाचा)
* [[नाहोर, तेरह का पुत्र|नाहोर]] (चाचा)
* [[मिल्का]] (चचेरा)
* [[लूत]] (चचेरा)
* [[बतूएल]] (ससुर)
* [[लाबान]] (साला)
* [[लिआ]] (बहू)
* [[राहेल]] (बहू)
* [[इसराइल के बारह गोत्र]] (पोते)
* [[दीना]] (पोती)
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| spouse = [[रिबका]]
| children = {{Plainlist|
* [[एसाव]] (जुड़वा बेटा)
* [[याक़ूब]] (जुड़वा बेटा)
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|native_name_lang=hbo}}
'''इसहाक़''' ({{Langx|hbo|יִצְחָק}}, {{Langx|grc|Ἰσαάκ}}, {{Langx|ar|إِسْحَاق}}) [[इब्राहीमी धर्मों]] का एक [[कुलपति (बाइबिल)|कुलपति]] है। वह [[इब्राहीम]] और [[सारा]] का पुत्र तथा [[याक़ूब]] और [[एसाव]] के पिता है, तथा उनके वंशज [[इसराइल के बारह गोत्र]] हैं।
इसहाक़ के नाम का अर्थ है "हँसता है/हँसेगा", अविश्वास में इब्राहीम और सारा की हंसी को प्रतिबिंबित करते है जब भगवान ने कहा कि उनके पास एक बच्चा होगा।{{Sfn|deClaise-Walford|2000|p=647}} वेी एकमात्र पितामह हैं जिनका नाम नहीं बदला गया, और केवल वेी हैं जो कनान से बाहर नहीं गए।{{Sfn|deClaise-Walford|2000|p=647}} कथा के अनुसार १८० वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई जो तीनों पितृपुरुषों में सबसे लंबे समय तक जीवित रहे।{{Sfn|deClaise-Walford|2000|p=647}}
== शब्द-साधन ==
हिंदी में इसहाक़ शब्द [[इब्रानी भाषा]] के यीशहाक (''{{भाषा-हिब्रू|יִצְחָק}}'') शब्द से आया है जिसका अर्थ है "हँसता है/हँसेगा"। १३वीं सदी ईसापूर्व के [[उगारितिक]] ग्रंथ कनानाई देवता अल की प्यारभरी मुस्कुराहट के बारे में बात करते हैं।<ref name="EoR-Isaac2">''Encyclopedia of Religion'', ''Isaac''.</ref> हालाँकि उत्पत्ति एल के बजाय इसहाक़ के माता-पिता, इब्राहीम और सारा को हँसी का श्रेय देती है। बाइबिल की कथा के अनुसार जब भगवान ने उनके बेटे के अंतिम जन्म की खबर दी तो अब्राहम अपने चेहरे के बल गिर गए और हंस पड़े। वे हँसा क्योंकि सारा की उम्र बच्चे पैदा करने की थी; वे और इब्राहीम दोनों उम्र में उन्नत थे। बाद में जब सारा ने प्रभु के तीन दूतों को प्रतिज्ञा को नवीनीकृत करते हुए सुना, तो वे उसी कारण से मन ही मन हँसी। जब परमेश्वर ने इब्राहीम से इसके बारे में पूछा तो सारा ने हंसने से इंकार कर दिया।<ref name="ReferenceA2">{{Bibleverse|Genesis|17:15–19|HE}}, {{Bibleverse|Genesis|18:10–15|HE}}</ref><ref>{{cite book|title=[[The Jewish Encyclopedia]]|last1=Singer|first1=Isidore|last2=Broydé|first2=Isaac|publisher=[[Funk & Wagnalls]]|year=1901–1906|editor1-last=Singe|editor1-first=Isidore|editor1-link=Isidore Singer|location=New York|chapter=Isaac|author-link=Isidore Singer|author-link2=Isaac Broydé|editor2-last=Adler|editor2-first=Cyrus|editor2-link=Cyrus Adler|display-editors=etal|chapter-url=http://www.jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=174&letter=I&search=Isaac}}</ref><ref>{{cite book|title=The Jewish Encyclopedia|last1=Hirsch|first1=Emil G.|last2=Bacher|first2=Wilhelm|last3=Lauterbach|first3=Jacob Zallel|last4=Jacobs|first4=Joseph|last5=Montgomery|first5=Mary W.|publisher=Funk & Wagnalls|year=1901–1906|editor1-last=Singer|editor1-first=Isidore|editor1-link=Isidore Singer|location=New York|chapter=Sarah (Sarai)|author1-link=Emil G. Hirsch|author-link2=Wilhelm Bacher|author-link3=Jacob Zallel Lauterbach|author-link4=Joseph Jacobs|editor2-last=Adler|editor2-first=Cyrus|editor2-link=Cyrus Adler|display-editors=etal|chapter-url=http://www.jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=245&letter=S&search=sarah}}</ref>
== उत्पत्ति कथा ==
=== जन्म ===
परमेश्वर द्वारा ''अब्राम और सारै के नाम बदलकर इब्राहीम'' और ''सारा'' करने के बाद वे इब्राहीम से कहता है कि वे इसहाक़ नामक सारा द्वारा एक दूसरा पुत्र उत्पन्न करेगा जिसके साथ एक नई वाचा स्थापित की जाएगी। जवाब में इब्राहीम हँसने लगा, क्योंकि वे और सारा दोनों प्राकृतिक बच्चे पैदा करने की उम्र से परे थे। कुछ समय बाद तीन पुरुष जिन्हें इब्राहीम परमेश्वर के दूत के रूप में पहचानता है, उनसे और सारा से मिलने आते हैं, और इब्राहीम उन्हें भोजन और अच्छाई देता है। वे इस भविष्यवाणी को दोहराते हैं कि सारा एक बच्चे को जन्म देगी जो एक साल के भीतर इसहाक़ के जन्म का वादा करती है जिस बिंदु पर सारा अविश्वास में हंसती है। भगवान सवाल करते हैं कि यह जोड़ी उनके शब्दों पर अविश्वास में क्यों हँसी, और अगर ऐसा इसलिए है क्योंकि वे मानते हैं कि ऐसी चीजें उनकी शक्ति के भीतर नहीं थीं। अब डरते हैं, वे परमेश्वर के वचनों पर कभी हँसे जाने का व्यर्थ इनकार करते हैं।
इसहाक़ का जन्म होते ही समय बीत जाता है। हालाँकि यह इब्राहीम का दूसरा पुत्र था (अब्राहम का पहला पुत्र हाजिरा के साथ [[इस्माईल|इश्माएल]] था) यह सारा की पहली और एकमात्र सन्तान थी।
अपने जन्म के आठवें दिन, इसहाक़ का खतना किया गया था जैसा कि इब्राहीम के घर के सभी पुरुषों के लिए [[यहोवा]] की वाचा के अनुपालन के लिए आवश्यक था।
इसहाक़ के दूध छुड़ाने के बाद सारा ने इश्माएल को उनके साथ खेलते हुए देखा, और अपने पति से आग्रह किया कि वे दासी हाजिरा और उनके बेटे को निकाल दे, ताकि इसहाक़ इब्राहीम का एकमात्र वारिस हो। इब्राहीम हिचकिचा रहा था, लेकिन भगवान के आदेश पर उन्होंने अपनी पत्नी के अनुरोध को सुना।
=== अकेदाह ===
[[चित्र:Beit_alfa02.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| ''अकेदाह'' (बाइंडिंग), बीट अल्फ़ा सिनेगॉग के फर्श पर पच्चीकारी]]
{{मुख्य|बकरीद}}
इसहाक़ की युवावस्था में किसी समय, उनके पिता अब्राहम उन्हें मोरिय्याह पर्वत पर ले गए। परमेश्वर की आज्ञा पर इब्राहीम को एक बलि वेदी बनानी थी और उसपर अपने पुत्र इसहाक़ की बलि देनी थी। जब उन्होंने अपने बेटे को वेदी से बाँध दिया और उसे मारने के लिए चाकू निकाल लिया, तो आखिरी समय में परमेश्वर के एक [[देवदूत|दूत]] ने इब्राहीम को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बजाय, उसे पास के एक [[बकरा|बकरे]] की बलि देने का निर्देश दिया गया जो झाड़ियों में फंसा हुआ था।
=== पारिवारिक जीवन ===
[[चित्र:Esau_and_Jacob_Presented_to_Isaac.jpg|दाएँ|अंगूठाकार| बेंजामिन वेस्ट द्वारा चित्रित एसाव और याकूब का जन्म]]
इसहाक़ के ४० वर्ष के होने से पहले (उत्पत्ति २५:२०), इब्राहीम ने अपने भतीजे बतूएल के परिवार से इसहाक़ के लिए एक पत्नी खोजने के लिए [[मेसोपोटामिया]] में अपने भण्डारी एलीएजेर को भेजा। एलीएजेर ने इसहाक़ के लिए अरामी रिबका को चुना। इसहाक़ से विवाह के कई वर्षों के बाद रिबका ने अभी तक एक बच्चे को जन्म नहीं दिया था और माना जाता था कि वे बांझ थी। इसहाक़ ने उनके लिये प्रार्थना की और वे गर्भवती हुई। रिबका ने जुड़वां लड़कों, [[एसाव]] और याकूब को जन्म दिया। इसहाक़ ६० वर्ष का था जब उनके दो पुत्रों का जन्म हुआ। इसहाक़ ने एसाव को और रिबका ने याकूब को प्रसन्न किया।
इसहाक़ के बारे में कथाओं में उसकी रखेलियाँ होने का उल्लेख नहीं है।<ref>''Encyclopaedia Judaica'', Volume 10, p. 34.</ref>
=== प्रवास ===
अपने पिता के मरने के बाद इसहाक़ ''[[इब्राहीम|बएर-लहै-रोई]]'' में चला गया। जब देश में अकाल पड़ा, तो वे गरार के पलिश्तियों के देश में चला गया जहां उसका पिता कभी रहा करते थे। यह देश अब भी राजा अबीमेलेक के अधिकार में था जैसा इब्राहीम के दिनों में था। अपने पिता के समान इसहाक़ ने भी अबीमेलेक को अपनी पत्नी के विषय में धोखा दिया, और कुएं के व्यापार में भी लग गया। वे अपने पिता द्वारा खोदे गए सभी कुओं में वापस गया और देखा कि वे सभी मिट्टी से बंद थे। इब्राहीम के मरने के बाद पलिश्तियों ने ऐसा किया। सो इसहाक़ ने उनको ढूंढ निकाला, और बेर्शेबा तक पूरे मार्ग में और कुएं खोदने लगा, और वेां उस ने अपके पिता के दिन की नाई अबीमेलेक से वाचा बान्धी।
=== जन्मसिद्ध अधिकार ===
इसहाक़ बूढ़ा हो गया और अन्धा हो गया। उन्होंने अपने पुत्र एसाव को बुलाया और उसे निर्देश दिया कि इसहाक़ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए वे उनके लिए अहेर का मांस ले आए। जब एसाव शिकार कर रहा था, तब याकूब ने अपनी माँ की सलाह को सुनने के बाद अपने अंधे पिता को एसाव के रूप में गलत तरीके से पेश करके धोखा दिया और इस तरह अपने पिता का आशीर्वाद प्राप्त किया जैसे कि याकूब इसहाक़ का प्राथमिक उत्तराधिकारी बन गया और एसाव एक हीन स्थिति में रह गया। उत्पत्ति २५:२९-३४ के अनुसार एसाव ने पहले अपना पहिलौठे का अधिकार याकूब को "रोटी और दाल की दाल" के लिए बेच दिया था। इसके बाद इसहाक़ ने याकूब को मेसोपोटामिया में अपने मामा के घर की एक पत्नी लेने के लिए भेजा। २० साल तक अपने चाचा लाबान के लिए काम करने के बाद याकूब घर लौट आया। उन्होंने अपने जुड़वां भाई एसाव के साथ मेल मिलाप किया, फिर उन्होंने और एसाव ने अपने पिता, इसहाक़ को १८० वर्ष की आयु में मरने के बाद हेब्रोन में दफनाया।<ref name="JewishEncyclopedia">''[[Jewish Encyclopedia]]'', [http://www.jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=174&letter=I ''Isaac''].</ref>
== अंत्येष्टि स्थल ==
[[चित्र:Hebron_Grab_der_Patriarchen_(Moschee)_Innen_Grab_1.JPG|अंगूठाकार| पितृपुरुषों की गुफा, [[हेब्रोन]] में मकबरा]]
स्थानीय परंपरा के अनुसार इसहाक़ और रिबका की कब्रें, इब्राहीम और सारा और याकूब और लिआ की कब्रों के साथ, पितृसत्ता की गुफा में हैं।
== यहूदी विचार ==
रब्बीवादी परंपरा में बंधन के समय इसहाक़ की आयु ३७ वर्ष मानी जाती है जो एक बच्चे के रूप में इसहाक़ के सामान्य चित्रण के विपरीत है।<ref name="New EoJ">''The New Encyclopedia of Judaism'', ''Isaac''.</ref> [[रब्बी|रब्बियों]] ने यह भी सोचा कि सारा की मृत्यु का कारण इसहाक़ के इच्छित बलिदान का समाचार था।<ref name="New EoJ" /> इसहाक़ के बलिदान को बाद की [[यहूदी]] परंपराओं में ईश्वर की दया की अपील में उद्धृत किया गया है।<ref name="Britannica-Isaac">''[[Encyclopædia Britannica]]'', ''Isaac''.</ref> बाइबिल के बाद की यहूदी व्याख्याएं अक्सर बाइबिल के विवरण से परे इसहाक़ की भूमिका को विस्तृत करती हैं और मुख्य रूप से इब्राहीम के इसहाक़ के इच्छित बलिदान पर ध्यान केंद्रित करती हैं जिसे अकेदाह (बाध्यकारी) कहा जाता है।<ref name="EoR-Isaac">''Encyclopedia of Religion'', ''Isaac''.</ref> इन व्याख्याओं के एक संस्करण के अनुसार इसहाक़ बलिदान में मर गया और पुनर्जीवित हो गया।<ref name="EoR-Isaac" /> आगदाह के कई खातों के अनुसार बाइबिल के विपरीत, यह [[शैतान]] है जो इसहाक़ को भगवान के एजेंट के रूप में परख रहा है।<ref name="Brill's New Pauly">Brock, Sebastian P., ''Brill's New Pauly'', ''Isaac''.</ref> अपनी मृत्यु की कीमत पर ईश्वर की आज्ञा का पालन करने की इसहाक़ की इच्छा कई यहूदियों के लिए एक आदर्श रही है जिन्होंने [[हलाखा|यहूदी कानून]] के उल्लंघन के लिए [[शहीद|शहादत]] को प्राथमिकता दी थी।<ref name="New EoJ" />
यहूदी परंपरा के अनुसार इसहाक़ ने दोपहर की प्रार्थना की स्थापना की। यह परंपरा उत्पत्ति अध्याय २४, पद्य ६३ पर आधारित है ("इसहाक़ शाम के समय मैदान में ध्यान लगाने के लिए निकला था")।<ref name="New EoJ">''The New Encyclopedia of Judaism'', ''Isaac''.</ref>
इसहाक़ एकमात्र कुलपति था जो अपने पूरे जीवन के दौरान कनान में रहा और यद्यपि एक बार जब उन्होंने छोड़ने की कोशिश की, तो परमेश्वर ने उसे ऐसा न करने के लिए कहा। रैबिनिक परंपरा ने स्पष्टीकरण दिया कि इसहाक़ लगभग बलिदान किया गया था और बलिदान के रूप में समर्पित कुछ भी [[इसराइल की भूमि|इज़राइल की भूमि]] नहीं छोड़ सकता है।<ref name="New EoJ">''The New Encyclopedia of Judaism'', ''Isaac''.</ref> इसहाक़ अपनी मृत्यु के समय बाइबिल के कुलपतियों में सबसे पुराना था, और एकमात्र कुलपति जिसका नाम नहीं बदला गया था।<ref name="EoR-Isaac">''Encyclopedia of Religion'', ''Isaac''.</ref><ref name="Easton">Easton, M. G., ''Illustrated Bible Dictionary'', 3rd ed., ''Isaac''.</ref>
रैबिनिक साहित्य ने इसहाक़ के अंधेपन को वृद्धावस्था में भी जोड़ा जैसा कि बाइबिल में कहा गया है, बलिदान बंधन के लिए: इसहाक़ की आंखें अंधी हो गईं क्योंकि उनके बलिदान के समय मौजूद स्वर्गदूतों के आंसू इसहाक़ की आंखों पर गिर गए।<ref name="Brill's New Pauly">Brock, Sebastian P., ''Brill's New Pauly'', ''Isaac''.</ref>
== ईसाई विचार ==
[[चित्र:AbrahamIsaac.jpg|अंगूठाकार| १९०० के आरंभिक बाइबिल चित्रण में इसहाक़ के बंधन के बाद इसहाक़ को उनके पिता अब्राहम को गले लगाते हुए दर्शाया गया है]]
प्रारंभिक ईसाई चर्च ने जारी रखा और इसहाक़ के नए नियम के विषय को एक प्रकार के मसीह और चर्च के रूप में "वादा का पुत्र" और "वफादार के पिता" दोनों के रूप में विकसित किया। टर्टुलियन ने इसहाक़ द्वारा बलिदान की आग के लिए लकड़ी उठाने और मसीह द्वारा अपना क्रूस उठाए जाने के बीच एक समानांतर रेखा खींची है।<ref>Cross and Livingstone, ''Oxford Dictionary of the Christian Church'', 1974, art '''Isaac'''</ref> और एक सामान्य सहमति थी कि जबकि पुराने कानून के सभी बलिदान कलवरी पर उस की प्रत्याशा थे, इसहाक़ का बलिदान "पूर्व-प्रतिष्ठित तरीके से" था।<ref>Kelly, J.N.D. ''Early Christian Doctrines'', A & C Black, 1965. p. 72</ref>
[[पूर्वी रूढ़िवादी कलीसिया|पूर्वी रूढ़िवादी चर्च]] और रोमन कैथोलिक चर्च इसहाक़ को अन्य बाइबिल के कुलपति के साथ एक संत के रूप में मानते हैं। <ref>"The patriarchs, prophets and certain other Old Testament figures have been and always will be honored as saints in all the Church's liturgical traditions." – Catechism of the Catholic Church 61</ref> अन्य पितृपुरुषों और पुराने नियम के धर्मी लोगों के साथ, उनका पर्व क्रिसमस के पहले दूसरे रविवार (११-१७ दिसंबर) को पूर्वी रूढ़िवादी चर्च और कैथोलिक चर्च के बीजान्टिन संस्कार में मनाया जाता है, शीर्षक के तहत ''पुरखों का रविवार''।<ref>{{Cite web|url=http://orthodoxwiki.org/Sunday_of_the_Forefathers|title=Sunday of the Forefathers - OrthodoxWiki}}</ref><ref>[http://www.metropolitancantorinstitute.org/liturgy/Christmas_Fast.html Liturgy > Liturgical year >The Christmas Fast] – Byzantine Catholic Archeparchy of Pittsburgh</ref>
इसहाक़ को [[कैथोलिक गिरजाघर|कैथोलिक चर्च]] में २५ मार्च<ref>{{Cite web|url=https://deon.pl/imiona-swietych/izaak,4424|title=Izaak|website=DEON.pl|language=pl|access-date=2022-03-03}}</ref> या १७ दिसंबर को मनाया जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://www.zeno.org/Heiligenlexikon-1858/A/Isaac,+S.+(2)|title=Lexikoneintrag zu »Isaac, S. (2)«. Vollständiges Heiligen-Lexikon, Band 3. Augsburg ...|last=Zeno|website=www.zeno.org|language=de|access-date=2022-03-03}}</ref>
=== नया करार ===
[[नया नियम|न्यू टेस्टामेंट में]] कहा गया है कि इसहाक़ को उनके पिता इब्राहीम ने "बलि चढ़ा" दिया था और इसहाक़ ने अपने बेटों को आशीर्वाद दिया था।<ref name="Easton">Easton, M. G., ''Illustrated Bible Dictionary'', 3rd ed., ''Isaac''.</ref> पॉल ने इसहाक़ के विपरीत, ईसाई स्वतंत्रता का प्रतीक, अस्वीकृत बड़े बेटे इश्माएल के साथ, गुलामी का प्रतीक;<ref name="EoR-Isaac">''Encyclopedia of Religion'', ''Isaac''.</ref> हाजिरा [[सीनाई प्रायद्वीप|सीनाई]] वाचा से जुड़ी है जबकि सारा अनुग्रह की वाचा से जुड़ी है जिसमें उसका पुत्र इसहाक़ प्रवेश करते है। जेम्स की पत्री अध्याय २, छंद २१-२४, में कहा गया है कि इसहाक़ का बलिदान दर्शाता है कि औचित्य (जोहानिन अर्थ में) विश्वास और कार्यों दोनों की आवश्यकता है।<ref name="EoC-Isaac">''Encyclopedia of Christianity'', Bowden, John, ed., ''Isaac''.</ref>
इब्रानियों की पत्री में इसहाक़ को बलिदान करने के लिए परमेश्वर की आज्ञा का पालन करने की इब्राहीम की इच्छा को विश्वास के एक उदाहरण के रूप में उपयोग किया जाता है जैसा कि याकूब और एसाव को आशीर्वाद देने में इसहाक़ की कार्रवाई परमेश्वर द्वारा इब्राहीम को दिए गए भविष्य के संदर्भ में है। कविता १९ में लेखक इसहाक़ की रिहाई को यीशु के पुनरुत्थान के अनुरूप के रूप में बलिदान से देखता है, इसहाक़ के बलिदान का विचार क्रूस पर यीशु के बलिदान का एक पूर्वरूप है। <ref>F.F. Bruce, ''The Epistle to the Hebrews'' Marshall. Morgan and Scott, 1964 pp. 308–313</ref>
== इस्लामी विचार ==
{{मुख्य|इसहाक़ (इस्लाम)}}
[[चित्र:Prophet_Isaac_name_on_his_grave.jpeg|अंगूठाकार| उसकी कब्र पर ''इशाक का'' नाम]]
[[इस्लाम]] इसहाक़ ([[अरबी भाषा|अरबी]]: ''اسحاق'')को एक [[इस्लाम के पैग़म्बर|नबी]] मानता है, और उन्हें इस्राएलियों के पिता और परमेश्वर के एक धर्मी सेवक के रूप में वर्णित करते है।
इसहाक़, इश्माएल के साथ, अपने पिता [[इब्राहीम (इस्लाम)|अब्राहम]] के बाद [[एकेश्वरवाद]] के संदेश का प्रचार जारी रखने के लिए मुसलमानों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसहाक़ के बच्चों में अनुगामी इस्राएली पितामह [[याक़ूब (इस्लाम)|जैकब]] थे जिन्हें एक इस्लामी भविष्यवक्ता के रूप में भी सम्मानित किया जाता है।
इसहाक़ का [[क़ुरआन|कुरान]] में नाम से सत्रह बार उल्लेख किया गया है, अक्सर उनके पिता और उनके बेटे याकूब के साथ।<ref>{{Cite encyclopedia|title=Isaac|url=https://referenceworks.brillonline.com/browse/encyclopaedia-of-islam-2|publisher=[[Brill (publisher)|Brill]]}}</ref> कुरान में कहा गया है कि इब्राहीम को "इसहाक़, एक भविष्यवक्ता, धर्मी की अच्छी खबर" मिली, और यह कि भगवान ने उन दोनों को आशीर्वाद दिया ( ३७:११२ )। एक पूर्ण विवरण में जब [[देवदूत|स्वर्गदूत]] इब्राहीम के पास सदोम और अमोरा, उसकी पत्नी, सारा पर लगाए जाने वाले भविष्य की सजा के बारे में बताने के लिए आए, "हँसे, और हमने उसे इसहाक़ की अच्छी ख़बर दी, और इसहाक़ (एक पोते) के बाद याकूब" ( ११:७१–७४ ); और आगे बताया गया है कि यह घटना इब्राहीम और सारा के बुढ़ापे के बावजूद घटित होगी। कई छंद इसहाक़ को इब्राहीम (६:८४; १४:४९-५०) के लिए "उपहार" के रूप में बोलते हैं, और २४: २६-२७ कहते हैं कि भगवान ने "भविष्यवाणी और किताब को अपने वंश के बीच में बनाया" जिसकी व्याख्या की गई है इब्राहीम के भविष्यद्वक्ता के दो पुत्रों, उनके भविष्यद्वक्ता के पोते याकूब, और उनके भविष्यद्वक्ता के परपोते [[यूसुफ़ (इस्लाम)|यूसुफ]] का उल्लेख करने के लिए। [[क़ुरआन|कुरान]] में यह बाद में वर्णन करते है कि इब्राहीम ने भी अपने बुढ़ापे में उसे इश्माएल और इसहाक़ देने के लिए भगवान की प्रशंसा की ( १४:३९–४१ )।
कुरान में कहीं और, इसहाक़ का उल्लेख सूचियों में किया गया है: यूसुफ अपने पूर्वजों इब्राहीम, इसहाक़ और याकूब के धर्म का पालन करते है ( १२:३८ ) और उन पर परमेश्वर के अनुग्रह की बात करते है ( १२:६ ); याकूब के सभी पुत्र अपने विश्वास की गवाही देते हैं और उस परमेश्वर की आराधना करने का वादा करते हैं जिसकी आराधना उनके पूर्वज, "अब्राहम, इश्माएल और इसहाक़" करते थे ( २:१२७ ); और कुरान [[मुसलमान|मुसलमानों को]] उन खुलासों पर विश्वास करने का आदेश देता है जो "अब्राहम, इश्माएल, इसहाक़, याकूब और पितृसत्ता" को दिए गए थे ( २:१३६ ; ३:८४ )। क़ुरान में इब्राहीम द्वारा अपने पुत्र के निकट-बलिदान के वर्णन में ( ३७:१०२ ), बेटे के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है और बेटे की पहचान पर बहस जारी है, हालाँकि कई लोग महसूस करते हैं कि कहानी में पहचान सबसे कम महत्वपूर्ण तत्व है जो विश्वास के माध्यम से विकसित होने वाले साहस को दिखाने के लिए दिया जाता है।<ref>{{Cite encyclopedia|first=C.|last=Glasse|title=Isaac|url=https://books.google.com/books?id=dlPuAAAAMAAJ}}</ref>
=== कुरान ===
कुरान इसहाक़ को एक भविष्यवक्ता और ईश्वर के एक धर्मी व्यक्ति के रूप में वर्णित करते है। इसहाक़ और याकूब का उल्लेख अब्राहम को ईश्वर के उपहार के रूप में दिया गया है जो तब केवल ईश्वर की पूजा करते थे और ईश्वर के मार्ग में धर्मी नेता थे:
{{Quote|और हमने उसे इसहाक़ प्रदान किया और एक अतिरिक्त उपहार के रूप में, (एक पोता), याकूब, और हमने उनमें से प्रत्येक को धर्मी बनाया।
और हमने उन्हें नेता बनाया, अपने हुक्म से हिदायत करने वाले (आदमी) और हमने उन्हें नेक काम करने, नमाज़ क़ायम करने और ज़कात देने की प्रेरणा भेजी। और उन्होंने लगातार हमारी (और केवल हमारी) सेवा की।|सूरह अल-अंबिया २१:७२-७३}}{{Quote|और हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, जो एक भविष्यद्वक्ता और नेक लोगों में से था।|सूरह अस-साफ़त ३७:११२}}
== अकादमिक ==
कुछ विद्वानों ने इसहाक़ को "एक [[आख्यान|प्रसिद्ध]] व्यक्ति" या " [[जनजाति|आदिवासी]] इतिहास का प्रतिनिधित्व करने <ref name="EoC1-Isaac">{{Cite encyclopedia|title=Isaac|url=https://books.google.com/books?id=sCY4sAjTGIYC}}</ref> एक व्यक्ति के रूप में या" एक [[बंजारा|सेमिनोमाडिक]] नेता के रूप में वर्णित किया है। इसहाक़ की कहानियाँ, उत्पत्ति की अन्य पितृसत्तात्मक कहानियों की तरह, आमतौर पर माना जाता है कि "प्रारंभिक हिब्रू देहाती अनुभव की लोक स्मृतियों और मौखिक परंपराओं में उनका मूल है।" <ref name="EoCol-Isaac">{{Cite encyclopedia|title=Isaac}}</ref> ''द कैम्ब्रिज कम्पेनियन टू द बाइबल'' कुलपिताओं की बाइबिल की कहानियों पर निम्नलिखित टिप्पणी करते है:
{{Quote|फिर भी ये कहानियाँ अपनी दुनिया और अपने साहित्यिक विकास और रचना के समय के बीच एक दूरी बनाए रखती हैं, वे बाद के काल की राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाती हैं। कई कथाएँ पूर्वजों और लोगों के बीच के संबंधों से संबंधित हैं जो उस समय इस्राएल की राजनीतिक दुनिया का हिस्सा थे जब कहानियाँ लिखी जानी शुरू हुईं (सा.यु.पू. आठवीं शताब्दी)। लूत अम्मोन और मोआब के ट्रांसजॉर्डनियन लोगों का पूर्वज है, और इश्माएल उन खानाबदोश लोगों का प्रतिनिधित्व करता है जो उत्तरी अरब में बसे हुए हैं, हालांकि नेगेव में पुराने नियम में स्थित हैं। एसाव एदोम (३६:१) का प्रतिनिधित्व करता है, और लाबान इस्राएल के उत्तर में अरामी राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है। एक स्थायी विषय पूर्वजों और स्वदेशी कनानियों के बीच अंतर का विषय है ... वास्तव में, यहूदा और इज़राइल के बीच मतभेदों का विषय, जैसा कि पूर्वजों द्वारा व्यक्त किया गया था, और राजशाही के समय के पड़ोसी लोगों को धर्मशास्त्रीय सेवा में प्रभावी ढंग से दबाया गया है। सभी लोगों के लिए आशीष लाने के लिए यहूदा और इस्राएल के परमेश्वर द्वारा चुने जाने को स्पष्ट करना।<ref>{{cite book |title=The Cambridge Companion to the Bible: Containing the Structure, Growth and ... |page=[https://archive.org/details/cambridgecompan00lumbgoog/page/n75 59] |url=https://archive.org/details/cambridgecompan00lumbgoog |first=Joseph Rawson |last=Lumby |author-link=Joseph Rawson Lumby |year=1893 |publisher=[[कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस]] |editor-first=Bruce |editor-last=Chilton |editor2-first=Howard Clark |editor2-last=Kee |editor3-first=Eric M. |editor3-last=Meyers |editor4-first=John |editor4-last=Rogerson |editor5-first=Amy-Jill |editor5-last=Levine |editor6-first=Anthony J. |editor6-last=Saldarini |isbn=9781139167376 |doi=10.1017/CBO9781139167376}}</ref>}}
हिब्रू बाइबिल के एक विद्वान मार्टिन नोथ के अनुसार इसहाक़ की कथाएँ पश्चिम-जॉर्डन जैकब की तुलना में पुराने सांस्कृतिक चरण की हैं। उस युग में इस्राएली गोत्र अभी तक आसीन नहीं थे। चरागाहों की तलाश के क्रम में वे दक्षिणी फिलिस्तिया में बसे हुए ग्रामीण इलाकों के निवासियों के संपर्क में आए थे।<ref name="EoC1-Isaac" /> बाइबिल के इतिहासकार ए. जोपसेन इसहाक़ परंपराओं और उत्तर के बीच संबंध में विश्वास करते हैं, और इस सिद्धांत के समर्थन में आमोस ७:९ ("इसहाक़ के उच्च स्थान") जोड़ते हैं।<ref name="EoC1-Isaac" />
अल्ब्रेक्ट ऑल्ट और मार्टिन नोथ का मानना है कि, "इसहाक़ का आंकड़ा तब बढ़ गया था जब वादे का विषय जो पहले 'गॉड द फादर्स' के पंथों के लिए बाध्य था, को दक्षिणी-फिलिस्तीनी चरण के विकास के दौरान इज़राइली पंथ में शामिल किया गया था। [[तौरात|पंचग्रन्थ]] परंपरा।"<ref name="EoC1-Isaac">{{Cite encyclopedia|title=Isaac|url=https://books.google.com/books?id=sCY4sAjTGIYC}}</ref> मार्टिन नोथ के अनुसार पेन्टाट्यूक परंपरा के विकास के दक्षिणी फिलिस्तीनी चरण में इसहाक़ बाइबिल के कुलपतियों में से एक के रूप में स्थापित हो गया, लेकिन उसकी परंपराओं को इब्राहीम के पक्ष में पीछे छोड़ दिया गया।<ref name="EoC1-Isaac" />
== कला में ==
[[चित्र:2138_-_Milano_-_Abbazia_di_Viboldone_-_Giusto_de'_Menabuoi,_Storie_di_Isacco_-_Foto_Giovanni_Dall'Orto,.jpg|अंगूठाकार| जिउस्तो डी' मेनाबुओई द्वारा लिखित ''जैकब और इसहाक़ की कहानियाँ'' (१४वीं शताब्दी)]]
इसहाक़ का सबसे पहला ईसाई चित्रण रोमन कैटाकोम्ब भित्तिचित्रों में पाया जाता है।<ref name="Early Christian Art">{{Cite journal|last=Smith, Alison Moore|year=1922|title=The Iconography of the Sacrifice of Isaac in Early Christian Art|url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-archaeology_1922_26_2/page/159|journal=American Journal of Archaeology|volume=26|issue=2|pages=159–73|doi=10.2307/497708|jstor=497708}}</ref> टुकड़ों को छोड़कर, एलिसन मूर स्मिथ ने इन कलात्मक कार्यों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है:
{{Quote|इब्राहीम इसहाक़ को वेदी की ओर ले जाता है; या इसहाक़ लाठी के बंडल के साथ आता है, इब्राहीम ने उसे चढ़ाने के स्थान पर ले लिया ... इब्राहीम एक कुरसी पर है और इसहाक़ हाथ में पास खड़ा है, दोनों अलंकारिक रवैये में ... इब्राहीम को इसहाक़ की बलि देने के बारे में दिखाया गया है जबकि बाद वाला खड़ा होता है या वेदी के पास जमीन पर घुटने टेकता है। कभी-कभी इब्राहीम इसहाक़ को बालों से पकड़ता है। कभी-कभी राम को दृश्य में जोड़ा जाता है और बाद के चित्रों में भगवान का हाथ ऊपर से उभरता है।<ref name="Early Christian Art"/>}}
== यह सभी देखें ==
{{Portal|Judaism|Christianity|Islam}}
* [[इसहाक़ (इस्लाम)]]
* [[रुबिका]]
* [[एसाव]]
== टिप्पणियाँ ==
<references group="lower-alpha" responsive="1"></references>
== उद्धरण ==
<references responsive="0"></references>
== संदर्भ ==
* {{Cite book|url=https://archive.org/details/dictionaryofbibl00brow|title=A Dictionary of the Bible|last=Browning|first=W.R.F|publisher=Oxford University Press|year=1996|isbn=978-0-19-211691-8}}
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== बाहरी संबंध ==
* [http://www.jewishencyclopedia.com/view.jsp?artid=174&letter=I यहूदी विश्वकोश में इसहाक़]
*
* [https://web.archive.org/web/20070630160348/http://jss.oxfordjournals.org/cgi/reprint/XXXIV/1/95.pdf इच्छित बलिदान के रूप में इब्राहीम का पुत्र (अल-धाबीह, कुरान ३७:९९, कुरान ३७:९९–११३): कुरान की व्याख्या में मुद्दे], सामी अध्ययन पत्रिका XXX१V/वसंत १९८९
* {{Cite CE1913|wstitle=Isaac}}
* {{Cite EB1911|wstitle=Isaac}}
{{Adam to David}}{{Book of Genesis}}{{Prophets of the Tanakh}}{{कुरान में पैगम्बर}}{{Catholic saints}}{{Authority control}}
[[श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख]]
[[श्रेणी:हिब्रू बाइबिल के पैगंबर]]
[[श्रेणी:ईसाई संत]]
[[श्रेणी:विवादास्पद अस्तित्व वाले लोग]]
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यह [[झारखण्ड]] में शैक्षणिक संस्थानों की एक सूची है
==केन्द्रीय विश्वविद्यालय==
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| [[रांची]]
| केन्द्रीय विश्वविद्यालय
| 2009
| कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रबंधन
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==राष्ट्रीय महत्व की संस्थान==
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!scope="row" | [[भारतीय खनि विद्यापीठ विश्वविद्यालय]]
| [[धनबाद]]
| केन्द्रीय
| 1926
| विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन
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| [[देवघर]]
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| [[रांची]]
| केन्द्रीय
| 2016
| प्रौद्योगिकी और प्रबंधन
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| [[जमशेदपुर]]
| केन्द्रीय
| 1960
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| [[रांची]]
| केन्द्रीय
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!scope="row" | [[राष्ट्रीय उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकी संस्थान]]
| [[रांची]]
| केन्द्रीय
| 1966
| विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन
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| 1918
| चिकित्सा
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==राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय==
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!scope="row" | [[नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ]]
| [[रांची]]
| विधि विश्वविद्यालय
| 2010
| कानून
|<ref>{{cite web |url=http://www.nusrlranchi.ac.in/ |title=NUSRL Ranchi|work=nusrlranchi.ac.in/|access-date=7 January 2021}}</ref>
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==मानद विश्वविद्यालय==
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!scope="row" | [[बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान]]
| [[रांची]]
| [[मानित विश्वविद्यालय|मानित]]
| 1955 <small>(1986<sup>{{Dagger}}</sup>)</small>
| प्रौद्योगिकी
| <ref>{{cite web |url=http://www.bitmesra.ac.in/cms-aboutus.aspx?this=1&mid=1 |title=Overview |work=bitmesra.ac.in |access-date=20 July 2011 |publisher=[[Birla Institute of Technology, Mesra]] |archive-url=https://web.archive.org/web/20110707150316/http://www.bitmesra.ac.in/cms-aboutus.aspx?this=1&mid=1 |archive-date=7 July 2011 |url-status=dead }}</ref>
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==राज्य विश्वविद्यालय==
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|-
!scope="row" | [[बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय]]
| [[धनबाद]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 2017
| सामान्य
| <ref>{{cite web|url=http://www.bbmku.org.in/website/index.html|title=Binod Bihari Mahto Koylanchal University :: Dhanbad|work=bbmku.org.in|access-date=3 March 2019|publisher=[[Binod Bihari Mahto Koylanchal University]]|archive-date=8 जुलाई 2023|archive-url=https://web.archive.org/web/20230708164711/http://www.bbmku.org.in/website/index.html|url-status=dead}}</ref>
|-
!scope="row" | [[बिरसा कृषि विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 1980
| कृषि
| <ref>{{cite web |url= http://www.baujharkhand.org/about_bau.html |title=Welcome to Birsa Agricultural University |work=baujharkhand.org |access-date=20 July 2011|publisher=[[Birsa Agricultural University]]}}</ref>
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!scope="row" | [[डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 2017
| सामान्य
| <ref>{{cite web|url=http://www.dspmu.ac.in/website/index.html|title=Dr. Shyama Prasad Mukherjee University :: Ranchi|work=dspmu.ac.in|access-date=3 March 2019|publisher=[[Dr. Shyama Prasad Mukherjee University]]}}{{Dead link|date=मार्च 2024 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
|-
!scope="row" | [[झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| <small>2016</small>
| पुलिस विज्ञान और सुरक्षा प्रबंधन
|
|-
!scope="row" | [[झारखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 2011
| प्रौद्योगिकी और प्रबंधन
| <ref>{{cite web |url= http://jutranchi.ac.in/ |title=Jharkkhand University of Technology |work=jutranchi.ac.in/ |access-date= 7 January 2021|publisher=[[Jharkhand University of Technology]]}}</ref>
|-
!scope="row" | [[कोल्हान विश्वविद्यालय]]
| [[चाईबासा]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 2007<sup></sup>
| सामान्य
| <ref name=Kolhan>{{cite web|url=http://www.kolhanuniversity.org/university.php|title=University|work=kolhanuniversity.org|access-date=20 July 2011|publisher=[[Kolhan University]]|archive-date=3 मार्च 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160303224536/http://www.kolhanuniversity.org/university.php|url-status=dead}}</ref>
|-
!scope="row" | [[नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय]]
| [[पलामू]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 2007<sup></sup>
| सामान्य
| <ref name=Nilamber>{{cite web|url=http://www.npu.ac.in/about/unvs.htm|title=Nilamber Pitamber University | Medininagar | Palamu | Jharkhand|work=npu.ac.in|access-date=20 July 2011|publisher=Nilamber-Pitamber University|archive-url=https://web.archive.org/web/20110622042438/http://www.npu.ac.in/about/unvs.htm|archive-date=22 June 2011|url-status=dead}}</ref>
|-
!scope="row" | [[रांची विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 1960
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url=http://ranchiuniversity.org.in/university/university-p/welcome-to-ranchi-university.html |title=Official Website of Ranchi University |work=ranchiuniversity.org.in |access-date=20 July 2011 |publisher=[[Ranchi University]] |archive-date=20 सितंबर 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110920140418/http://ranchiuniversity.org.in/university/university-p/welcome-to-ranchi-university.html |url-status=dead }}</ref>
|-
!scope="row" | [[सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय]]
| [[दुमका]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 1992
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url= http://skmu.edu.in/ |title=Sido Kanhu Murmu University Dumka (Jharkhand) |work=skmu.edu.in |access-date=20 July 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20090203114132/http://skmu.edu.in/|archive-date=3 February 2009|publisher=[[Sido Kanhu University]]}}</ref>
|-
!scope="row" | [[विनोबा भावे विश्वविद्यालय]]
| [[हजारीबाग]]
| [[राज्य विश्वविद्यालय (भारत)|राज्य]]
| 1993
| सामान्य
| <ref>{{cite web|url=http://www.vbu.co.in/website/index.html|title=Vinoba Bhave University :: Hazaribag|work=vbu.co.in|access-date=20 July 2011|publisher=[[Vinoba Bhave University]]|archive-date=23 दिसंबर 2011|archive-url=https://web.archive.org/web/20111223111812/http://www.vbu.co.in/website/index.html|url-status=dead}}</ref>
|}
==निजी विश्वविद्यालय==
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!scope="row" | [[आईसेक्ट यूनिवर्सिटी, झारखण्ड]]
| [[हजारीबाग]]
| निजी
| <small>2016</small>
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|
|-
!scope="row" | [[वाईबीएन विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| निजी
| <small>2017</small>
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url= https://www.ybnu.ac.in/ |title=Welcome to YBN University |work=ybnu.ac.in/|access-date=15 February 2023|publisher=[[YBN University, Ranchi]]}}</ref>
|-
!scope="row" | [[एमिटी विश्वविद्यालय, झारखण्ड]]
| [[रांची]]
| निजी
| <small>2016</small>
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|
|-
!scope="row" | [[अरका जैन विश्वविद्यालय]]
| [[सराइकेला खरसावाँ जिला|सराइकेला खरसावां]]
| निजी
| <small>2017</small>
| सामान्य
|
|-
!scope="row" | [[कैपिटल विश्वविद्यालय, झारखण्ड]]
| [[कोडरमा]]
| निजी
| <small>2018</small>
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url=http://www.capitaluniversity.com/ |title=Welcome to Capital University |work=Capitaluniversity.com/ |access-date=19 December 2018 |publisher=[[Capital University, Koderma]] |archive-date=19 दिसंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20181219134323/http://www.capitaluniversity.com/ |url-status=dead }}</ref>
|-
!scope="row" | [[आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, झारखण्ड]]
| [[रांची]]
| निजी
| <small>2008</small>
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url= http://www.iujharkhand.edu.in |title=The ICFAI University Jharkhand |work=iujharkhand.edu.in |access-date=4 July 2011|publisher=[[ICFAI University Jharkhand, Ranchi]]}}</ref>
|-
!scope="row" | [[झारखण्ड राय विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| निजी
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| <ref>{{cite web |url= http://www.jru.edu.in |title=Jharkhand Rai University |work=jru.edu.in |access-date=4 July 2011|publisher=[[Jharkhand Rai University, Ranchi]]}}</ref>
|-
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| [[जमशेदपुर]]
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|
|-
!scope="row" | [[प्रज्ञान इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी]]
| [[रांची]]
| निजी
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|-
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| [[रामगढ़]]
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|-
!scope="row" | [[रामचन्द्र चंद्रवंसी विश्वविद्यालय]]
| [[पलामू]]
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| <small>2018</small>
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| [[रांची]]
| निजी
| <small>2012</small>
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|
|-
!scope="row" | [[सरला बिड़ला विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| निजी
| <small>2017</small>
| सामान्य
| <ref>{{cite web |url=https://sburanchi.ac.in/Aboutus/Sbu |title=Welcome to SBU |work=sburanchi.ac.in |access-date=4 July 2017 |publisher=[[Sarala Birla University, Ranchi]] |archive-date=12 अप्रैल 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180412225233/https://sburanchi.ac.in/Aboutus/Sbu |url-status=dead }}</ref>
|-
!scope="row" | [[उषा मार्टिन विश्वविद्यालय]]
| [[रांची]]
| निजी
| <small>2014</small>
| सामान्य
|
|}
==कृषि, डेयरी और मत्स्य विज्ञान कॉलेज==
{| class="wikitable collapsible plainrowheaders" style="-align:left; width:76%;"
! scope="col" style="width: 40%;" |महाविद्यालय/कॉलेज
! scope="col" style="width: 15%;" |स्थान
! scope="col" style="width: 05%; |सन्दर्भ
|-
| कृषि महाविद्यालय, गढ़वा
| [[गढ़वा]]
|
|-
| मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, गुमला
| [[गुमला]]
|<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/ranchi/First-fishery-college-of-state-in-Gumla/articleshow/12359366.cms|title=First fishery college of state in Gumla |date=March 21, 2012|first1=K. A.|last1=Gupta|website=The Times of India|language=en|access-date=2020-04-15}}</ref>
|-
| रवीन्द्र नाथ टैगोर कृषि महाविद्यालय, देवघर
|[[देवघर]]
|<ref>{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/india/india-news-india/jharkhand-seven-new-agriculture-university-to-be-set-up-by-2017-says-cm-raghubar-das-2841624/|title=Jharkhand govt to open seven agricultural degree colleges by 2017|date=2016-06-08|website=The Indian Express|language=en|access-date=2024-02-07}}</ref>
|-
| तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा
|[[गोड्डा]]
|
|-
| फुलो झानो मुर्मू डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज, दुमका
|[[दुमका]]
|<ref>{{Cite web|url=https://newsjharkhand.com/guv-to-inaugurate-phulo-jhano-dairy-technology-college-on-august-19/|title=Guv to inaugurate Phulo-Jhano Dairy Technology College on August 19|last=newsjw3m|date=2019-08-19|website=News Jharkhand|language=en-US|access-date=2024-02-07}}</ref>
|-
| बागवानी महाविद्यालय, चाईबासा
|[[चाईबासा]]
|
|}
==रक्षा कॉलेज==
{| class="wikitable collapsible plainrowheaders" style="-align:left; width:76%;"
! scope="col" style="width: 40%;" |महाविद्यालय/कॉलेज
! scope="col" style="width: 15%;" |स्थान
! scope="col" style="width: 05%; |सन्दर्भ
|-
| जंगल वारफेयर स्कूल, नेतरहाट
| [[नेतरहाट]]
|<ref>{{Cite web|url=https://www.telegraphindia.com/jharkhand/military-trainer-for-cops/cid/1429974|title=Military trainer for cops|website=www.telegraphindia.com|language=en|access-date=2024-02-07}}</ref>
|}
==डिग्री कॉलेज==
*सेंट कोलंबास कॉलेज, हज़ारीबाग़
*आनंद कॉलेज, हज़ारीबाग
*मार्खम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हज़ारीबाग़
*सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची
*कतरास कॉलेज, कतरास, धनबाद
*मारवाड़ी कॉलेज, रांची
*डोरंडा कॉलेज, रांची
*गोस्सनर कॉलेज, रांची
*गोस्सनर थियोलॉजिकल कॉलेज, रांची
*जेएन कॉलेज, ध्रुवा (रांची)
*मारवाड़ी कॉलेज, रांची
*मौलाना आज़ाद कॉलेज, रांची
*निर्मला कॉलेज, रांची
*रांची महिला महाविद्यालय, रांची
*सेंट पॉल कॉलेज, रांची
*मधुपुर कॉलेज, मधुपुर
*संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज, रांची
*सूरज सिंह मेमोरियल कॉलेज, रांची
*रामलखन सिंह यादव कॉलेज, रांची
*लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जमशेदपुर
*एबीएम कॉलेज, जमशेदपुर
*ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वुमेन, जमशेदपुर
*जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज
*जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज
*जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज
*जेकेएस कॉलेज, जमशेदपुर
*करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर
*लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज, जमशेदपुर
*राजा शिव प्रसाद कॉलेज, झरिया
*एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, धनबाद
*गुरु नानक कॉलेज, धनबाद
*भोलाराम सिब्बल खरकिया कॉलेज, मैथन (धनबाद)
*पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज, धनबाद
*केएसजीएम कॉलेज निरसा, धनबाद
*सेंट जेवियर्स कॉलेज, दुमका
*बोकारो स्टील सिटी कॉलेज
*ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन, झुमरी तिलैया
*श्री राम कृष्ण महिला कॉलेज, गिरिडीह
*गिरिडीह कॉलेज
*जामताड़ा कॉलेज
*साहेबगंज कॉलेज
*गोड्डा कॉलेज
*देवघर कॉलेज
*एएस कॉलेज, देवघर
*बैद्यनाथ कमल कुमारी संस्कृत महाविद्यालय
*रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय, देवघर
*टाटा कॉलेज, चाईबासा
*सिमडेगा कॉलेज
*सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा
*जीसी जैन कॉमर्स कॉलेज
*कार्तिक उराँव कॉलेज, गुमला
*गणेश लाल अग्रवाल कॉलेज, डाल्टनगंज
*योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय
*सुखदेव सहाय मधेश्वर सहाय डिग्री कॉलेज, तरहसी
==इंजीनियरिंग कॉलेज==
*केके कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, गोबिंदपुर
*बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देवघर
*आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर
*गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी, कांड्रा (बोकारो)
*दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज
*रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज
*चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज
*यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, हज़ारीबाग़
*बीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर
*कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची
*विद्या मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची
*राम टहल चौधरी प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची
*डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मेदिनीनगर
*निलाई ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस
*मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, जमशेदपुर
*बोकारो प्रौद्योगिकी संस्थान
==लॉ कॉलेज==
*भीष्म नारायण सिंह लॉ कॉलेज, पलामू
*छोटानागपुर लॉ कॉलेज, रांची
*इमाम-उल-हक खान लॉ कॉलेज, बोकारो स्टील सिटी
*झारखण्ड सहकारी लॉ कॉलेज
*झारखण्ड विधि महाविद्यालय, कोडरमा
*लॉ कॉलेज, धनबाद
*राधा गोविंद लॉ कॉलेज, रामगढ़
==प्रबंध कॉलेज==
*जीडी बागरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, गिरिडीह
*भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान, रांची
*प्रबंधन अध्ययन संस्थान, रांची
*विज्ञान एवं प्रबंधन संस्थान, रांची
*केजरीवाल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रांची
*वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर
==मेडिकल कॉलेज==
*दुमका मेडिकल कॉलेज, दुमका
*महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर
*मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर
*मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मेदिनीनगर
*राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रांची
*शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद
*शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हज़ारीबाग
==नर्सिंग कॉलेज==
*नर्सिंग स्कूल (बोकारो जनरल अस्पताल)
*स्कूल ऑफ नर्सिंग (टाटा मेन हॉस्पिटल), जमशेदपुर
*नर्सिंग कॉलेज, रिम्स, रांची
*नर्सिंग कॉलेज (सेंट्रल हॉस्पिटल), धनबाद
*धनबाद कॉलेज ऑफ नर्सिंग (असरफ़ी हॉस्पिटल)
*फ्लोरेंस कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इरबा (रांची)
*पैरामेडिकल विभाग, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर
*ट्राइबल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, नामकुम (रांची)
*मेटास एडवेंटिस्ट कॉलेज (सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट हॉस्पिटल), रांची
*सेंट बरनबास हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रांची
*महादेवी बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड क्लिनिकल टेक्नोलॉजी, महिलोंग (रांची)
==पॉलिटेक्निक और एमएसएमई संस्थान==
*अल कबीर पॉलिटेक्निक, जमशेदपुर
*पॉलिटेक्निक विभाग, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर
*सरकारी महिला पॉलिटेक्निक, बोकारो
*सरकारी महिला पॉलिटेक्निक, गम्हरिया
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खुटरी, बोकारो
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, धनबाद
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, निरसा
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, भागा (पहले खनन संस्थान भागा)
*मधुपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, रांची
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, आदित्यपुर
*सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खरसावां
*खंडोली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गिरिडीह
*पेमिया ऋषिकेश प्रौद्योगिकी संस्थान
*विद्या मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
*जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक एंड टेक्नोलॉजी, नामकुम
*सुभाष प्रौद्योगिकी संस्थान, गिरिडीह
*गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज
*चांडिल पॉलिटेक्निक स्कूल
*सिल्ली पॉलिटेक्निक
*पाकुड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज
*रामगोविंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोडरमा
*इंडो-डेनिश टूल रूम, जमशेदपुर
*झारखंड एमएसएमई टूल रूम, टाटीसिलवाई (रांची)
*सरकारी टूल रूम एवं प्रशिक्षण केन्द्र, दुमका
*बानो मॉडल डिग्री कॉलेज, बानो
*सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,जमशेदपुर
*सरकारी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र, जमशेदपुर
*आरडी टाटा तकनीकी शिक्षा केन्द्र, जमशेदपुर
*टाटा स्टील टेक्निकल इंस्टिट्यूट, जमशेदपुर
==अनुसंधान संस्थान==
*अनुसंधान केन्द्र, रांची
*भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (रांची परिसर)
*भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची
*भारतीय प्राकृतिक रेजिन और गोंद संस्थान
*राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), *वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद
*केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद
*डॉ राम दयाल मुंडा जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान, रांची
*सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, रांची
*बिहार खनन एवं खनन सर्वेक्षण संस्थान, रांची
==सन्दर्भ==
{{सन्दर्भ}}
[[श्रेणी:झारखंड]]
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ज़ुबैर रिज़वी
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'''सैयद मोहम्मद ज़ुबैर रज़वी''' (15 अप्रैल 1935 - 21 फरवरी 2016) एक भारतीय कवि, लेखक और आलोचक थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=yGLdEAAAQBAJ&dq=zubair+rizvi&pg=PT127&redir_esc=y#v=onepage&q=zubair%20rizvi&f=false|title=The School at Ajmeri Gate: Delhi's Educational Legacy|last=Razzack|first=Azra|last2=Siddiqui|first2=Atyab|date=2022-08-30|publisher=Oxford University Press|isbn=978-81-951112-3-7|language=en}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
ज़ुबैर का जन्म 1935 में उत्तर प्रदेश के [[अमरोहा जिला|अमरोहा]] में मोहम्मद रिज़वी और फहमीदा रिज़वी के घर हुआ था। उन्होंने [[दिल्ली विश्वविद्यालय]] से एमए की पढ़ाई पूरी की।<ref>{{Cite web|url=https://www.awazthevoice.in/culture-news/zubair-rizvi-lived-and-died-glorifying-urdu-language-25962.html|title=Zubair Rizvi lived and died glorifying Urdu language|website=awazthevoice.in|language=en|access-date=2024-02-07}}</ref>
== आजीविका ==
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हमदर्द दावा खाना से की और बाद में उन्हें दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो में साक्षात्कारकर्ता, पटकथा लेखक और साक्षात्कारकर्ता के रूप में नौकरी मिल गई। उन्होंने [[अमिताभ बच्चन]], [[धर्मेन्द्र|धर्मेंद्र]], [[लता मंगेशकर]] और [[दिलीप कुमार]] जैसी मशहूर हस्तियों का साक्षात्कार लिया है। इसके बाद वह खेल रिपोर्टिंग के क्षेत्र में चले गए और अंततः वह आकाशवाणी के खेल निदेशक बन गए। प्रबंधक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान,<ref>{{Cite web|url=https://www.tv9hindi.com/world/middle-east-news/turkey-syria-earthquake-emotional-story-wounded-children-in-adana-city-hospital-au520-1711082.html|title=और कितना दर्द देगा ये भूकंप... बिन मां-बाप बेनाम हो गए सैकड़ों मासूम|last=Bharatvarsh|first=TV9|date=2023-02-11|website=TV9 Bharatvarsh|language=hi|access-date=2024-02-07}}</ref> उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मैचों का प्रसारण करने वाले कई प्रसारण स्टेशनों का नेतृत्व किया।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=O6YEEAAAQBAJ&dq=ZUBAIR+RIZVI&pg=PA19&redir_esc=y#v=onepage&q=ZUBAIR%20RIZVI&f=false|title=AKASHVANI: Vol. XLVII. No. 17 ( 25 APRIL, 1982 )|last=Delhi|first=All India Radio (AIR), New|date=1982-04-25|publisher=All India Radio (AIR),New Delhi|language=en}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.bolnews.com/poetry/poets/zubair-rizvi/|title=Ghazals, Namzs, Shers and E-books of Zubair Rizvi|website=BOL News|language=en-US|access-date=2024-02-07}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=XPfcfF8LRWQC&dq=zubair+rizvi&pg=PA909&redir_esc=y#v=onepage&q=zubair%20rizvi&f=false|title=History of civilizations of Central Asia: Towards the Contemporary Period: From the Mid-nineteenth to the End of the Twentieth Century|last=Chahryar|first=Adle|last2=UNESCO|date=2005-10-03|publisher=UNESCO Publishing|isbn=978-92-3-103985-0|language=en}}</ref>
एक कवि के रूप में उनकी यात्रा हैदराबाद में बहुत पहले शुरू हुई। 1950 के आसपास. उन्हें [[कैफ़ी आज़मी]] और [[अली सरदार जाफरी|अली सरदार जाफ़री]] जैसे उस समय के प्रसिद्ध कवियों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला।<ref>{{Cite web|url=https://thewireurdu.com/93201/zubair-rizvi-shakhsiyat-aur-khidmat/|title=زبیر رضوی: یہ محض ایک کتاب نہیں بلکہ وفورِ محبت و عقیدت اور قدر شناسی کا ایک روشن باب ہے|last=القاسمی|first=حقانی|date=2022-02-21|website=The Wire - Urdu|language=en-GB|access-date=2024-02-07}}</ref>
== साहित्यिक कार्य ==
उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं जिनमें शामिल हैं<ref>{{Cite web|url=https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/other-news/the-famous-poet-died-zubair-rizvi/articleshow/51073376.cms|title=मशहूर शायर जुबैर रिजवी का निधन|website=Navbharat Times|language=hi|access-date=2024-02-07}}</ref>
* ज़ेहन-ए-जदीद - बारी ज़बान का ज़िंदा रिसाला
* दमण
* धूप का सायबान
* ख़िस्त-ए-दीवार
* लहर लहर नदिया गहरी
* मुसाफ़त-ए-शब
* पुरानी बात है
* उंगलियां फिगार अपनी
* उर्दू: फनून और अदब
* असारी हिंदुस्तानी थिएटर
* गर्दिश-ए-पा
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
{{Authority control}}
{{मूल_सॉर्ट:रिज़वी, ज़ुबैर}}
[[श्रेणी:1935 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:२०१६ में निधन]]
[[श्रेणी:भारतीय कवि]]
[[श्रेणी:भारतीय लेखक]]
[[श्रेणी:भारतीय आलोचक]]
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जितेंद्र सिंह शंटी
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'''जितेंद्र सिंह शंटी''' (जन्म 1 अगस्त 1962) एक भारतीय [[राजनीतिज्ञ]] और [[सामाजिक कार्यकर्ता]] हैं। शंटी को 2013 में भारतीय जनता पार्टी से शाहदरा से विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया था।वह शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक हैं, जो एक [[गैर सरकारी संगठन]] है जो हिंदू और सिख धर्म के मार्गदर्शन के अनुसार लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने और राख को विसर्जित करने में मदद करता है।[[चित्र:Jitender_Singh_Shunty_and_President_Ram_Nath_Kovind.jpg|अंगूठाकार|Jitender Singh Shunty and President Ram Nath Kovind]]
== जीवनी ==
जितेंद्र सिंह शंटी ने 1996 में शहीद भगत सिंह सेवा दल की स्थापना की। उन्होंने राजनीति में अपना करियर [[दिल्ली]] के [[झिलमिल कालोनी|झिलमिल]] वार्ड से एक स्वतंत्र पार्षद के रूप में शुरू किया। हालाँकि, वह 2008 में [[भारतीय जनता पार्टी|भाजपा]] का हिस्सा बन गए और पूर्वी नगर निगम के झिलमिल वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ा और चुनाव जीते। उन्होंने 2013 में अपना पहला दिल्ली [[विधानसभा चुनाव (भारत)|विधानसभा चुनाव]] लड़ा,और [[शाहदरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, दिल्ली]] से 45,364 वोटों से जीत हासिल की।<ref>{{Cite web|url=https://www.thequint.com/photos/in-photos-claiming-the-unclaimed-corpse-dead-body-cremation-shaheed-bhagat-singh-seva-dal-ngo|title=In Photos: Providing Dignity to the Dead By Claiming the Unclaimed|last=Khan|first=Sahiba Nusrat|date=2017-02-18|website=TheQuint|language=en|access-date=2024-03-07}}</ref><ref name=":0">{{Cite web|url=https://indianexpress.com/article/cities/delhi/shunty-had-sought-police-security-a-year-ago-installed-cctv-cameras-at-home/|title=Shunty had sought police security a year ago, installed CCTV cameras at home|date=2014-09-04|website=The Indian Express|language=en|access-date=2024-03-07}}</ref>
सितंबर 2014 में, एक अज्ञात बंदूकधारी ने उन पर गोली चलाई लेकिन वह चूक गई। शंटी पर इससे पहले कथित तौर पर 2013 और 2007 में दो बार हमला किया गया था।<ref name=":0" /><ref>{{Cite web|url=https://www.aajtak.in/india/story/firing-on-delhi-bjp-mla-jitendra-singh-shanti-219815-2014-09-03|title=दिल्ली के शाहदरा से बीजेपी विधायक जितेंद्र सिंह पर फायरिंग, बाल-बाल बचे|date=2014-09-03|website=आज तक|language=hi|access-date=2024-03-07}}</ref> यह घटना दिल्ली के [[विवेक विहार]] स्थित उनके आवास पर हुई।<ref>{{Cite web|url=https://www.livemint.com/Politics/roSYVtWlAsZKEcLchSln0N/Gunman-opens-fire-at-Delhi-MLA-Jitender-Singh-Shunty.html|title=Gunman opens fire at Delhi MLA Jitender Singh Shunty|last=PTI|date=2014-09-03|website=mint|language=en|access-date=2024-03-07}}</ref> दिसंबर 2018 में, शंटी ने अभिनेता [[नसीरुद्दीन शाह]] के खिलाफ उनके उस बयान के लिए [[प्राथमिकी|एफआईआर]] दर्ज की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भारत में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.bollywoodtadka.in/entertainment/news/jitender-singh-shunty-file-case-against-naseeruddin-shah-925066|title=समाजसेवी जितेंद्र सिंह शंटी ने नसीरूद्दीन शाह के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत|date=2018-12-26|website=Bollywoodtadka|access-date=2024-03-07}}</ref> 2021 में, जितेंद्र सिंह शंटी को [[कोविड-19 विश्वमारी]] के दौरान उनकी सेवाओं के लिए भारत का प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्म श्री मिला। जितेंद्र सिंह शंटी ने अपना [[पद्म श्री|पद्मश्री पुरस्कार]] साथी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को समर्पित किया।<ref>{{Cite web|url=https://eng.bharattimes.co.in/jitendra-singh-shunti-got-padma-shri-who-cremated-thousands-of-dead-bodies-during-covid-latest-and-breaking-news-india-news-political-sports-since-independence/|title=Jitendra Singh Shunti got Padma Shri who cremated thousands of dead bodies during Covid. Latest and Breaking News, India News, Political, Sports - Since Independence - Bharat Times English News|date=2021-11-12|language=en-US|access-date=2024-03-07|archive-date=7 मार्च 2024|archive-url=https://web.archive.org/web/20240307205258/https://eng.bharattimes.co.in/jitendra-singh-shunti-got-padma-shri-who-cremated-thousands-of-dead-bodies-during-covid-latest-and-breaking-news-india-news-political-sports-since-independence/|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://swachhindia.ndtv.com/covid-warrior-jitender-singh-shunty-dedicates-his-padma-shri-award-to-fellow-frontline-workers-64554/|title=COVID Warrior Jitender Singh Shunty Dedicates His Padma Shri Award To Fellow Frontline Workers|last=Ahuja|first=Aastha|date=2021-11-11|website=NDTV-Dettol Banega Swasth Swachh India|language=en-US|access-date=2024-03-07}}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== सन्दर्भ ==
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{{For|जुलाई 1917 में रूसी अनंतिम सरकार के खिलाफ सशस्त्र प्रदर्शन|जुलाई दिवस}}[[File:Kladderadatsch 1914 Der Stänker (English SVG).svg|thumb|राजनीतिक कार्टून शीर्षक "''Der Stänker''" ("झगड़ालू"), 9 अगस्त 1914 को जर्मन व्यंग्य पत्रिका "Kladderadatsch" में प्रकाशित हुआ, जो यूरोप के देशों को एक मेज पर बैठे हुए दिखाकर जुलाई संकट का चित्रण करता है।{{Efn|
* (1st panel) The Central Powers hold their noses in distaste as tiny Serbia joins the table, while Russia reacts with joy.
* (2) Serbia stabs Austria-Hungary, to everyone's apparent shock. Germany immediately offers support to Austria.
* (3) Austria demands satisfaction from Serbia, while a relaxed Germany does not notice Russia and France come to agreement in the background.
* (4) Austria manhandles Serbia; an alarmed Germany looks to an angry Russia and presumably makes an agreement with Turkey; France tries to talk to Britain.
* (5) The lights go out, and general brawl erupts, with Germany and France confronting each other. To the right, another potential combatant appears.}}|354x354px]]
'''जुलाई संकट'''{{Efn|{{Lang-fr|Crise de juillet}}; {{Lang-de|Julikrise}}; {{lang-hu|Júliusi válság}}; {{Lang-ru|Июльский кризис}}; {{Lang-sr|Јулска криза}}}} 1914 की गर्मियों में [[यूरोप]] की प्रमुख शक्तियों के बीच आपस में संबंधित कूटनीतिक और सैन्य वृद्धि की एक श्रृंखला थी, जिसने [[प्रथम विश्व युद्ध]] के प्रकोप को जन्म दिया। संकट की शुरुआत 28 जून 1914 को हुई, जब [[गैवरिलो प्रिंसिप]], एक बोस्नियाई सर्ब राष्ट्रवादी, ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन सिंहासन के उत्तराधिकारी [[आर्चड्युक फर्डिनेंड|आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड]] और उनकी पत्नी सोफी, डचेस ऑफ होहेनबर्ग की हत्या कर दी। अनेक राजनीतिक और सैन्य नेताओं की गलत गणनाओं (जो या तो युद्ध को अपने सर्वोत्तम हित में मानते थे, या महसूस करते थे कि एक सामान्य युद्ध नहीं होगा) के साथ-साथ जटिल गठबंधनों के जाल के कारण, अगस्त 1914 की शुरुआत तक अधिकांश प्रमुख यूरोपीय राज्यों के बीच शत्रुता का प्रकोप हुआ।
हत्या के बाद, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] ने [[सर्बिया]] पर सैन्य आघात करने की कोशिश की, ताकि अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जा सके और यूगोस्लाव राष्ट्रवाद के लिए सर्बियाई समर्थन को कम किया जा सके, जिसे उसने अपने बहु-राष्ट्रीय साम्राज्य की एकता के लिए खतरा माना। हालांकि, [[वियना]] ने [[रूस]] (सर्बिया के प्रमुख समर्थक) की प्रतिक्रिया से चिंतित होकर अपने सहयोगी जर्मनी से गारंटी मांगी कि बर्लिन किसी भी संघर्ष में [[ऑस्ट्रिया]] का समर्थन करेगा। [[जर्मनी]] ने "ब्लैंक चेक" के रूप में जाने जाने वाले समर्थन की गारंटी दी,{{Efn|Some German leaders believed that growing Russian economic power would change the [[balance of power (international relations)|balance of power]] between the two nations, that a war was inevitable, and that Germany would be better off if a war happened soon.<ref>{{Cite journal |last=Van Evera |first=Stephen |author-link = Stephen Van Evera |date=Summer 1984 |title=The Cult of the Offensive and the Origins of the First World War |url=https://archive.org/details/sim_international-security_summer-1984_9_1/page/80 |journal=International Security |volume=9 |issue=1 |pages=80–82 |doi=10.2307/2538636|jstor=2538636 }}</ref>}} लेकिन ऑस्ट्रिया-हंगरी से आग्रह किया कि युद्ध को स्थानीय बनाने और रूस को शामिल होने से रोकने के लिए तेजी से हमला करें। हालांकि, ऑस्ट्रो-हंगेरियन नेता मध्य जुलाई तक विचार-विमर्श करते रहे, इससे पहले कि उन्होंने सर्बिया को एक कठोर अंतिम प्रस्ताव देने का निर्णय लिया और सेना की पूर्ण लामबंदी के बिना हमला नहीं किया। इस बीच, [[फ्रांस]] ने रूस से मुलाकात की, अपने गठबंधन की पुष्टि की, और सहमति व्यक्त की कि वे युद्ध की स्थिति में ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ सर्बिया का समर्थन करेंगे।
ऑस्ट्रिया-हंगरी ने 23 जुलाई को सर्बिया के सामने अपना अंतिम प्रस्ताव रखा; सर्बिया के जवाब देने से पहले, रूस ने अपनी सशस्त्र सेनाओं की गुप्त लेकिन ध्यान देने योग्य आंशिक लामबंदी का आदेश दिया। हालांकि रूस के सैन्य नेतृत्व को पता था कि वे अभी एक सामान्य युद्ध के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं, वे मानते थे कि सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन शिकायत जर्मनी द्वारा रचित एक बहाना था, और उन्होंने एक जोरदार प्रतिक्रिया को सबसे अच्छा रास्ता माना। रूस की आंशिक लामबंदी—ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच संघर्ष में प्रत्यक्ष भागीदार द्वारा नहीं उठाई गई पहली प्रमुख सैन्य कार्रवाई—ने सर्बिया की ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले की धमकी को अवहेलना करने की इच्छा को बढ़ा दिया; इसने जर्मन नेतृत्व को भी चिंतित कर दिया, क्योंकि उन्होंने पहले फ्रांस के बजाय रूस से लड़ने की आवश्यकता की कल्पना नहीं की थी।{{Efn|Previously, the [[German General Staff]] had predicted that Russian mobilization in the east would be slower than that of France, Russia's ally to the west; they anticipated that any conflict with Russia would involve first [[Schlieffen Plan|attacking France through Belgium]] (to avoid French fixed defenses), quickly defeating them, and then turning to face Russia in the east.}}
हालांकि [[यूनाइटेड किंगडम]] अर्ध-औपचारिक रूप से रूस और फ्रांस के साथ गठबंधन में था, कई [[ब्रिटिश]] नेताओं ने सैन्य रूप से शामिल होने का कोई प्रेरक कारण नहीं देखा; यूके ने मध्यस्थता के लिए कई प्रस्ताव दिए, और जर्मनी ने ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न वादे किए। हालांकि, फ्रांस पर जर्मनी के कब्जे की संभावना से डरते हुए, ब्रिटेन ने 4 अगस्त को उनके खिलाफ युद्ध में प्रवेश किया और लोकप्रिय समर्थन जुटाने के लिए जर्मनी के [[बेल्जियम]] पर आक्रमण का इस्तेमाल किया। अगस्त की शुरुआत तक, सशस्त्र संघर्ष का बाहरी कारण—एक ऑस्ट्रो-हंगेरियन आर्चड्यूक की हत्या—पहले से ही एक बड़े यूरोपीय युद्ध का एक गौण मुद्दा बन गया था।
==आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या (28 जून)==
{{Main|आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या}}
[[File:DC-1914-27-d-Sarajevo-cropped.jpg|thumb|12 जुलाई 1914 को इतालवी अखबार ''ला डोमेनिका डेल कोरिएरे'' में हत्या का चित्रण।]]
[[रूस-तुर्की युद्ध १८७७-७८|1878 में रूस-तुर्की युद्ध]] को समाप्त करने वाली बर्लिन कांग्रेस में, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] को ओटोमन [[बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना]] पर कब्जा करने का अधिकार दिया गया। तीस साल बाद, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने इस क्षेत्र को औपचारिक रूप से अपने में मिला लिया, जिससे बर्लिन संधि का उल्लंघन हुआ{{Sfn | Butcher | 2015 | p=196}} और [[बाल्कन]] में नाजुक शक्ति संतुलन बिगड़ गया, जिससे एक कूटनीतिक संकट उत्पन्न हुआ। [[साराजेवो]] प्रांतीय राजधानी बन गया और एक सैन्य कमांडर, ओस्कर पोटीरेक, प्रांत के गवर्नर बन गए। 1914 की गर्मियों में, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन सिंहासन के उत्तराधिकारी, आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड को [[बोस्निया]] में होने वाले सैन्य अभ्यासों में भाग लेने का आदेश दिया। अभ्यास के बाद, 28 जून को, फर्डिनेंड ने अपनी पत्नी सोफी के साथ साराजेवो का दौरा किया। डैनिलो इलिक द्वारा समन्वित छह सशस्त्र कट्टरपंथी, जिनमें पांच बोस्नियाई सर्ब और एक बोस्नियाई मुस्लिम शामिल थे, ऑस्ट्रिया-हंगरी के शासन से बोस्निया को मुक्त करने और सभी दक्षिणी स्लावों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे थे, फर्डिनेंड के घोषित मोटरकेड मार्ग के साथ इंतजार कर रहे थे।{{Sfn|Butcher|2015|p=263}}
सुबह 10:10 बजे, नेडेल्जको चाब्रिनोविक ने फर्डिनेंड के मोटरकेड पर एक हथगोला फेंका, जिससे अगले वाहन को नुकसान पहुंचा और उसके सवार घायल हो गए।{{Sfn|Albertini|1953|p=35}} उसी सुबह, गवरिलो प्रिंसिप ने फ्रांज फर्डिनेंड और सोफी को गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे घायल लोगों से मिलने [[अस्पताल]] लौट रहे थे। चाब्रिनोविक और प्रिंसिप ने साइनाइड लिया, लेकिन इससे वे केवल बीमार हो गए। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=41}} गोलीबारी के 45 मिनट के भीतर, प्रिंसिप ने पूछताछकर्ताओं को अपनी कहानी बतानी शुरू कर दी।{{Sfn|Dedijer|1966|p=321}} अगले दिन, दोनों हत्यारों की पूछताछ के आधार पर, पोटीरेक ने [[वियना]] को [[टेलीग्राफ]] किया कि प्रिंसिप और चाब्रिनोविक ने [[बॅलग्रेड|बेलग्रेड]] में अन्य लोगों के साथ षड्यंत्र करके बम, रिवॉल्वर और पैसे प्राप्त किए थे ताकि आर्चड्यूक की हत्या की जा सके। एक [[पुलिस]] घेरा जल्दी ही अधिकांश षड्यंत्रकारियों को पकड़ने में सफल रहा।{{Sfn|Albertini|1953|p=43}}
===जांच और आरोप===
[[File:Sarajevo trial, accused.jpg|thumb|अदालत में आरोपी। सामने की पंक्ति, बाएं से:
1. त्रिफको ग्राबेज़
2. नेडेल्जको चाब्रिनोविक
3. गवरिलो प्रिंसिप
4. डैनिलो इलिक
5. मिश्को जोवानोविक।]]
हत्या के तुरंत बाद, [[फ्रांस]] में [[सर्बिया|सर्बियाई]] दूत मिलेंको वेसनीच और रूस में सर्बियाई दूत मीरोस्लाव स्पालायकोविच ने बयान जारी किया कि सर्बिया ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को आसन्न हत्या के बारे में चेतावनी दी थी।{{Sfn|Albertini|1953|pp=100–101}} इसके तुरंत बाद, सर्बिया ने चेतावनी देने और साजिश की जानकारी होने से इनकार कर दिया।{{Sfn|Albertini|1953|p=99}} 30 जून तक, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और जर्मन राजनयिक अपने सर्बियाई और [[रूसी]] समकक्षों से जांच का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=273}} 5 जुलाई को, आरोपित हत्यारों की पूछताछ के आधार पर, पोटीरेक ने वियना को टेलीग्राफ किया कि सर्बियाई मेजर वोया टैंकोसिक ने हत्यारों का निर्देशन किया था।{{Sfn|Albertini|1953|p=44}} अगले दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन कार्यवाहक अधिकारी काउंट ओट्टो वॉन ज़ेर्निन ने रूसी [[विदेश मंत्री]] सर्गेई साज़ोनोव को प्रस्ताव दिया कि फर्डिनेंड के खिलाफ साजिश के उकसाने वालों की सर्बिया के भीतर जांच की जानी चाहिए, लेकिन उन्हें भी खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|pp=189–190}}
ऑस्ट्रिया-हंगरी ने तुरंत एक आपराधिक जांच शुरू की। इलिक और पांच हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और एक जांच [[न्यायाधीश]] द्वारा साक्षात्कार किया गया। सर्बिया गए तीन युवा बोस्नियाई हत्यारों ने बताया कि टैंकोसिक ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से उनका समर्थन किया था।{{Sfn|Albertini|1953}} वास्तव में, प्रिंसिप को सर्बिया में विद्रोही खुफिया अधिकारियों के माध्यम से कुछ दिनों का प्रशिक्षण और कुछ हथियार प्राप्त हुए थे, और म्लादा बोस्ना, जिस स्वतंत्रता संग्राम समूह के प्रति प्रिंसिप प्राथमिक रूप से वफादार था, के सदस्य तीनों प्रमुख बोस्नियाई जातीय समूहों से आए थे।{{Sfn | Butcher | 2015 | p=18}} जांच के परिणामस्वरूप कुल पच्चीस लोगों पर आरोप लगाए गए, जबकि समूह में बोस्नियाई सर्बों का प्रभुत्व था, चार आरोपियों में बोस्नियाई क्रोट थे, सभी ऑस्ट्रो-हंगेरियन नागरिक थे, कोई भी सर्बिया से नहीं था।{{Sfn | Butcher | 2015 | p=279}}
सर्बिया के भीतर, फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या पर व्यापक हर्षोल्लास था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=185}} चूंकि सर्बियाई चुनाव 14 अगस्त को निर्धारित थे, प्रधान मंत्री निकोला पाशिच ऑस्ट्रिया-हंगरी के सामने झुकते हुए दिखाई देकर अलोकप्रियता प्राप्त करने के लिए तैयार नहीं थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=186}} अगर उन्होंने वास्तव में फ्रांज फर्डिनेंड के खिलाफ साजिश की अग्रिम चेतावनी ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को दी होती, तो पाशिच शायद चुनाव में अपनी संभावनाओं के बारे में चिंतित थे और संभवतः यदि ऐसी खबर लीक हो जाती तो उनका जीवन भी खतरे में पड़ सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=186}}
1 जुलाई को [[बेलग्रेड]] में [[फ्रांसीसी]] राजदूत लेओन डेस्कोस ने बताया कि सर्बियाई सैन्य दल फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में शामिल था, सर्बिया गलत था, और रूसी राजदूत हार्टविग रीजेंट अलेक्जेंडर के साथ निरंतर बातचीत कर रहे थे ताकि इस संकट के दौरान सर्बिया का मार्गदर्शन किया जा सके।{{Sfn|Albertini|1953|pp=67, 271}} "सैन्य दल" सर्बियाई सैन्य खुफिया प्रमुख द्रागुटिन दिमित्रिजेविक और उन अधिकारियों का संदर्भ था जिन्होंने 1903 में सर्बिया के राजा और रानी की हत्या की थी। उनके कार्यों ने राजा पीटर और रीजेंट अलेक्जेंडर द्वारा शासित राजवंश की स्थापना की। सर्बिया ने अनुरोध किया और फ्रांस ने डेस्कोस के स्थान पर अधिक युद्धोन्मादी बोप को भेजने की व्यवस्था की, जो 25 जुलाई को पहुंचे।{{Sfn|Albertini|1953|p=272}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया के साथ युद्ध की ओर बढ़ता है (29 जून–1 जुलाई)==
{{Main article|ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
[[File:Serbien muss sterbien.jpg|thumb|आर्चड्यूक फर्डिनेंड की हत्या के बाद ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रचार में एक ऑस्ट्रियाई मुट्ठी को एक "अन्टरमेंश" (निम्न व्यक्ति) सर्बियाई के वानर-जैसे कैरिकेचर को कुचलते हुए दिखाया गया है, जिसमें सर्बियाई एक बम पकड़े हुए है और एक चाकू गिरा रहा है, और इसमें लिखा है "सर्बिया को मरना होगा!" (''Sterben'' को जानबूझकर ''sterbien'' के रूप में गलत लिखा गया ताकि यह ''Serbien'' के साथ तुकबंदी कर सके)।]]
हालांकि कुछ ही लोग स्वयं फ्रांज फर्डिनेंड के लिए शोक मना रहे थे,{{Sfn|Clark|2013|p=379}} कई मंत्रियों ने तर्क दिया कि सिंहासन के उत्तराधिकारी की हत्या ऑस्ट्रिया-हंगरी के लिए एक चुनौती थी जिसका बदला लेना आवश्यक था।{{Sfn|Clark|2013|pp=391-392}} यह विशेष रूप से विदेश मंत्री लियोपोल्ड बर्चटोल्ड के मामले में सही था; अक्टूबर 1913 में, उनके अल्टीमेटम ने सर्बिया को उत्तरी [[अल्बानिया]] के कब्जे के मामले में पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि यह फिर से काम करेगा।{{Sfn|Clark|2013|pp=286–288}}
"युद्ध पार्टी" के सदस्य, जैसे ऑस्ट्रो-हंगेरियन जनरल स्टाफ के प्रमुख कॉनराड वॉन होट्ज़ेंडॉर्फ, इसे सर्बिया की बोस्निया में हस्तक्षेप करने की क्षमता को नष्ट करने के अवसर के रूप में देख रहे थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=51}} इसके अलावा, [[आर्चड्युक फर्डिनेंड|आर्चड्यूक]], जो पिछले वर्षों में शांति की आवाज़ रहे थे, अब चर्चाओं से हटा दिए गए थे। हत्या और बाल्कन में मौजूदा अस्थिरता ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन अभिजात वर्ग में गहरे झटके भेजे। इतिहासकार क्रिस्टोफर क्लार्क ने इस हत्या को "9/11 प्रभाव" के रूप में वर्णित किया है, एक आतंकवादी घटना जो ऐतिहासिक अर्थों से भरी हुई थी, जिसने वियना में राजनीतिक रसायन को बदल दिया।<ref name="Christopher Clark 2014">{{Cite AV media |url=http://www.bbc.co.uk/programmes/b03t7p27 |title=Month of Madness |date=25 June 2014 |last=Clark |first=Christopher |publisher=BBC Radio 4}}</ref>
===वियना में बहस===
[[File:Emperor Francis Joseph.jpg|thumb|278x278px|1914 में सम्राट फ्रांज जोसेफ 84 वर्ष के थे। अपने उत्तराधिकारी और भतीजे की हत्या से व्यथित होने के बावजूद, फ्रांज जोसेफ ने जुलाई संकट के दौरान निर्णय लेने का काम मुख्य रूप से विदेश मंत्री लियोपोल्ड बर्चटोल्ड, सेना के प्रमुख फ्रांज कॉनराड वॉन होट्ज़ेंडॉर्फ और अन्य मंत्रियों पर छोड़ दिया।{{Sfn|Palmer|1994|p=328}}]]
29 जून से 1 जुलाई के बीच, बर्चटोल्ड और कॉनराड ने साराजेवो की घटनाओं के लिए उपयुक्त प्रतिक्रिया पर बहस की; कॉनराड चाहते थे कि सर्बिया पर जल्द से जल्द युद्ध की घोषणा की जाए,{{Sfn|Fischer|1967|pp=51–52}} उन्होंने कहा: "अगर आपके एड़ी पर एक जहरीला सांप है, तो आप उसके सिर पर पैर मारते हैं, आप काटने का इंतजार नहीं करते।"<ref name="Christopher Clark 2014"/> उन्होंने सर्बिया के खिलाफ तत्काल लामबंदी का समर्थन किया, जबकि बर्चटोल्ड पहले जनमत तैयार करना चाहते थे।{{Sfn|Albertini|1953|p=124}} 30 जून को, बर्चटोल्ड ने सुझाव दिया कि वे सर्बिया से एंटी-ऑस्ट्रो-हंगेरियन समाजों को भंग करने और कुछ अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त करने की मांग करें, लेकिन कॉनराड बल के उपयोग की वकालत करते रहे। 1 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने कॉनराड को बताया कि सम्राट फ्रांज जोसेफ आपराधिक जांच के परिणामों की प्रतीक्षा करेंगे, [[हंगरी के प्रधान मंत्री]] इस्तवान तिस्ज़ा युद्ध के खिलाफ थे, और ऑस्ट्रिया के प्रधानमंत्री कार्ल वॉन स्टुर्गख को उम्मीद थी कि आपराधिक जांच कार्रवाई के लिए उचित आधार प्रदान करेगी।{{Sfn|Albertini|1953|p=124}}
वियना में राय विभाजित थी; बर्चटोल्ड अब कॉनराड से सहमत थे और युद्ध का समर्थन कर रहे थे, जैसा कि फ्रांज जोसेफ कर रहे थे, हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि [[जर्मन]] समर्थन एक पूर्वापेक्षा था, जबकि तिस्ज़ा इसके खिलाफ थे; उन्होंने सही भविष्यवाणी की कि सर्बिया के साथ युद्ध रूस के साथ युद्ध को प्रेरित करेगा और इस प्रकार एक सामान्य [[यूरोपीय]] युद्ध छिड़ जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} युद्ध समर्थक पार्टी ने इसे हैब्सबर्ग राजशाही को पुनर्जीवित करने, इसे एक काल्पनिक अतीत की शक्ति और वीरता में बहाल करने के प्रतिक्रियावादी साधन के रूप में देखा, और उनका मानना था कि सर्बिया से निपटा जाना चाहिए इससे पहले कि यह सैन्य रूप से हराने के लिए बहुत शक्तिशाली हो जाए।<ref name="Sked">{{Cite book |last=Sked |first=Alan |url=https://books.google.com/books?id=HqhnAAAAMAAJ&pg=PA254 |title=The Decline and Fall of the Habsburg Empire: 1815–1918 |publisher=Addison-Wesley Longman |date=1989 |isbn=978-0-5820-2530-1 |page=254}}</ref>
कॉनराड युद्ध के लिए जोर देते रहे, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता थी कि जर्मनी का रुख क्या होगा; बर्चटोल्ड ने जवाब दिया कि वह जर्मनी से उसकी स्थिति के बारे में पूछताछ करने की योजना बना रहे हैं। बर्चटोल्ड ने 14 जून 1914 के अपने ज्ञापन का उपयोग किया, जिसमें सर्बिया के विनाश का प्रस्ताव था, उस दस्तावेज़ के आधार के रूप में जिसका उपयोग जर्मन समर्थन प्राप्त करने के लिए किया जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}}
==जर्मन "ब्लैंक चेक" (1-6 जुलाई)==
===जर्मन अधिकारियों ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को अपने समर्थन का आश्वासन दिया===
{{Main|जर्मनी की पहुँच द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में शामिल होना}}
[[File:Kaiser Wilhelm II of Germany - 1902.jpg|thumb|294x294px|जर्मनी के विल्हेल्म द्वितीय को उनकी उतार-चढ़ाव भरी व्यक्तित्व के लिए जाना जाता था, जिसे एक विद्वान ने "बुद्धिमत्ता में कमी नहीं, लेकिन स्थिरता में कमी थी, और अपनी गहरी अनिश्चितताओं को शानदारी और कठोर बातों से छिपाते थे" ऐसे वर्णित किया था।{{Sfn|Langer|1968|p=528}}]]
1 जुलाई को, विक्टर नौमन, जर्मन पत्रकार और जर्मन विदेश सचिव गोटलिब वॉन जगोव के मित्र, ने बर्चटोल्ड के कैबिनेट प्रमुख, [[अलेक्जेंडर द ग्रेट|अलेक्जेंडर]], काउंट ऑफ होयोस से संपर्क किया। नौमन की सलाह थी कि सर्बिया को नष्ट करने का समय आ गया है और जर्मनी से अपने सहयोगी का समर्थन करने की उम्मीद की जा सकती है।{{Sfn|Albertini|1953|pp=131–132}} अगले दिन, जर्मन राजदूत हेनरिक वॉन त्स्चिर्श्की ने सम्राट फ्रांज जोसेफ से बात की और कहा कि उनका अनुमान है कि सम्राट विल्हेम द्वितीय ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया के संबंध में निर्णायक, सुविचारित कार्रवाई का समर्थन करेंगे।{{Sfn|Albertini|1953|pp=131–132}}
2 जुलाई को, [[बर्लिन]] में सैक्सन राजदूत ने अपने राजा को लिखा कि जर्मन सेना चाहती थी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जितनी जल्दी हो सके सर्बिया पर हमला करे क्योंकि सामान्य युद्ध के लिए समय सही था, क्योंकि जर्मनी युद्ध के लिए [[रूस]] या [[फ्रांस]] से अधिक तैयार था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}} 3 जुलाई को, बर्लिन में सैक्सन सैन्य अताशे ने रिपोर्ट दी कि जर्मन जनरल स्टाफ "खुश होगा यदि अब युद्ध हो जाए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=202}}
विल्हेम द्वितीय जर्मन जनरल स्टाफ के विचारों से सहमत हो गए और 4 जुलाई को घोषणा की कि वह पूरी तरह से "सर्बिया के साथ हिसाब चुकता करने" के पक्ष में हैं।{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} उन्होंने वियना में जर्मन राजदूत, काउंट हेनरिक वॉन त्स्चिर्श्की को संयम बरतने की सलाह देना बंद करने का आदेश दिया, यह लिखते हुए कि "त्स्चिर्श्की इस बकवास को छोड़ देंगे। हमें सर्बों के साथ जल्दी निपटना होगा। अब या कभी नहीं!"{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} इसके जवाब में, त्स्चिर्श्की ने अगले दिन ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को बताया कि "जर्मनी किसी भी कार्रवाई में राजशाही का पूरी तरह से समर्थन करेगा, जो भी सर्बिया के खिलाफ करने का निर्णय लिया जाएगा। जितनी जल्दी ऑस्ट्रिया-हंगरी हमला करेगा, उतना बेहतर होगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} 5 जुलाई 1914 को, जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख हेल्मुथ वॉन मोल्टके ने लिखा कि "ऑस्ट्रिया को सर्बों को हराना ही होगा।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}}
===होयोस का बर्लिन दौरा (5-6 जुलाई)===
{{main|होयोस अभियान}}
[[File:WWIchartX.svg|upright=1.6|thumb|युद्ध से पहले यूरोपीय कूटनीतिक गठबंधन: युद्ध छिड़ने के बाद जर्मनी और ओटोमन साम्राज्य ने गठबंधन किया।]]
जर्मनी का पूर्ण समर्थन सुनिश्चित करने के लिए, होयोस ने 5 जुलाई को बर्लिन का दौरा किया। 24 जून को, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने अपने सहयोगी के लिए एक पत्र तैयार किया था जिसमें बाल्कन में चुनौतियों और उन्हें कैसे संबोधित किया जाए, इसका विवरण था, लेकिन फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या से पहले इसे सौंपा नहीं जा सका।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol 1, pp. 534–539}} पत्र के अनुसार, [[रोमानिया]] अब एक विश्वसनीय सहयोगी नहीं था, खासकर 14 जून को कॉन्स्टैंजा में हुए रूसी-रोमानियाई शिखर सम्मेलन के बाद से। रूस, रोमानिया, [[बुल्गारिया]], सर्बिया, [[ग्रीस]], और [[मोन्टेनेग्रो]] के गठबंधन की दिशा में काम कर रहा था, जो ऑस्ट्रिया-हंगरी के विघटन और पूर्व से पश्चिम तक की सीमाओं के परिवर्तन की योजना बना रहा था। इस प्रयास को तोड़ने के लिए, जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी को पहले बुल्गारिया और ओटोमन साम्राज्य के साथ गठबंधन करना चाहिए। इस पत्र में साराजेवो की घटना और उसके प्रभाव के बारे में एक परिशिष्ट जोड़ा गया था। अंत में, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने सम्राट विल्हेम द्वितीय को अपना पत्र जोड़ा, जिसमें सर्बिया को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त करने की वकालत की गई थी।{{Sfn|Albertini|1953|pp=133–134}}
होयोस ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत काउंट लाडिसलॉस डी स्ज़ोज़ेनी-मारिच को दो दस्तावेज़ प्रदान किए, जिनमें से एक तिस्ज़ा द्वारा एक ज्ञापन था, जिसमें सलाह दी गई थी कि बुल्गारिया को ट्रिपल एलायंस में शामिल होना चाहिए, और दूसरा फ्रांज जोसेफ का एक पत्र था जिसमें कहा गया था कि द्वैध राजशाही के विघटन को रोकने का एकमात्र तरीका "सर्बिया को एक राज्य के रूप में समाप्त करना" था।{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} फ्रांज जोसेफ का पत्र बर्चटोल्ड के 14 जून के ज्ञापन पर आधारित था जिसमें सर्बिया के विनाश का आह्वान किया गया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}} फ्रांज जोसेफ के पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध का निर्णय आर्कड्यूक की हत्या से पहले ही किया जा चुका था, और साराजेवो की घटनाओं ने केवल सर्बिया के खिलाफ युद्ध की पहले से मौजूद आवश्यकता की पुष्टि की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=157}}
5 जुलाई को स्ज़ोज़ेनी से मुलाकात के बाद, जर्मन सम्राट ने उन्हें बताया कि उनका राज्य "जर्मनी के पूर्ण समर्थन पर भरोसा कर सकता है", भले ही इसके परिणामस्वरूप "गंभीर यूरोपीय जटिलताएँ" हों, और ऑस्ट्रिया-हंगरी "तुरंत सर्बिया के खिलाफ मार्च करना चाहिए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}}{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} उन्होंने यह भी कहा कि "वैसे भी, आज की स्थिति में, रूस बिल्कुल भी युद्ध के लिए तैयार नहीं था, और निश्चित रूप से हथियार उठाने से पहले लंबा सोचेंगे"। भले ही रूस सर्बिया की रक्षा में कार्रवाई करे, विल्हेम ने वादा किया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करने के लिए, युद्ध सहित, अपनी पूरी शक्ति लगा देगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} विल्हेम ने यह भी जोड़ा कि उन्हें चांसलर थियोबाल्ड वॉन बेथमन होल्वेग से परामर्श करने की जरूरत है, जिनके बारे में उन्हें पूरा यकीन था कि उनका भी समान दृष्टिकोण होगा।{{Sfn|Albertini|1953|pp=145–146}}
अपनी बैठक के बाद, स्ज़ोज़ेनी ने वियना को रिपोर्ट दी कि विल्हेम "अफसोस करेंगे अगर हमने [ऑस्ट्रिया-हंगरी] ने इस अनुकूल अवसर को बिना उपयोग किए जाने दिया"।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}<ref>Original text at {{Cite web |title=The 'Blank Check': Ladislaus Count von Szögyény-Marich (Berlin) to Leopold Count von Berchtold (July 5, 1914) |url=http://germanhistorydocs.ghi-dc.org/sub_document.cfm?document_id=800 |access-date=16 May 2018 |website=German History in Documents and Images |publisher=German Historical Institute, Washington, DC |archive-date=2 जून 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110602033916/http://germanhistorydocs.ghi-dc.org/sub_document.cfm?document_id=800 |url-status=dead }}</ref> युद्ध सहित जर्मन समर्थन का यह तथाकथित "ब्लैंक चेक" जुलाई 1914 में ऑस्ट्रो-हंगेरियन नीति का मुख्य निर्धारक कारक बनने वाला था।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}
एक अन्य बैठक 5 जुलाई को पॉट्सडैम महल में आयोजित की गई, जिसमें बेथमान होल्वेग, विदेश मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट आर्थर ज़िम्मरमैन, प्रशियाई युद्ध मंत्री एरिच वॉन फाल्केनहायन, जर्मन इम्पीरियल मिलिट्री कैबिनेट के प्रमुख मोरिज वॉन लिंकर, अडजुटेंट जनरल हैंस वॉन प्लेसन, नेवल जनरल स्टाफ के कैप्टन हैंस ज़ेंकर और नेवल स्टेट सचिवालय के एडमिरल एडुआर्ड वॉन कैपेल सभी ने विल्हेम के "ब्लैंक चेक" को जर्मनी की सर्वश्रेष्ठ नीति के रूप में समर्थन दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}} 6 जुलाई को, होयोस, ज़िम्मरमैन, बेथमान होल्वेग, और स्ज़ोज़ेनी ने मुलाकात की और जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को दृढ़ समर्थन का अपना "ब्लैंक चेक" वचन दिया।{{Sfn|Albertini|1953|pp=145–146}}
6 जुलाई को, बेथमान होल्वेग और ज़िम्मरमैन ने स्ज़ोज़ेनी के साथ एक सम्मेलन में विल्हेम के "ब्लैंक चेक" का वादा फिर से दोहराया।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} हालांकि बेथमान होल्वेग ने कहा कि युद्ध या शांति का निर्णय ऑस्ट्रिया के हाथ में है, उन्होंने दृढ़ता से सलाह दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध का विकल्प चुने।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} उसी दिन, ब्रिटिश विदेश सचिव एडवर्ड ग्रे को लंदन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिचनोव्स्की ने बाल्कन में खतरनाक स्थिति के बारे में चेतावनी दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=183}} ग्रे ने महसूस किया कि एंग्लो-जर्मन सहयोग किसी भी ऑस्ट्रो-सर्बियाई विवाद को सुलझा सकता है, और उन्होंने "विश्वास किया कि एक शांतिपूर्ण समाधान प्राप्त किया जाएगा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=183}}
जब जर्मनी से पूछा गया कि क्या वह रूस और फ्रांस के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार है, तो फाल्केनहायन ने संक्षिप्त रूप से "हां" में उत्तर दिया। बाद में 17 जुलाई को, सेना के क्वार्टरमास्टर जनरल काउंट वाल्डर्सी ने विदेश मंत्री गोटलिब वॉन जैगो को लिखा: "मैं किसी भी समय कार्रवाई कर सकता हूं। हम जनरल स्टाफ में तैयार हैं: इस समय हमारे लिए और कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}
जैसा कि विल्हेम ने निजी तौर पर कहा था "दुनिया की राय को चिंतित न करने के लिए", काइज़र अपनी वार्षिक उत्तरी सागर यात्रा पर निकल गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} इसके तुरंत बाद, विल्हेम के करीबी मित्र गुस्ताव क्रुप वॉन बोहेलेन ने लिखा कि सम्राट ने कहा कि यदि रूस ने लामबंदी की, तो हम युद्ध की घोषणा करने में नहीं हिचकिचाएंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}}{{Efn|"He [Wilhelm] would declare war at once, if Russia mobilized. This time people would see that he was not "falling out". The Emperor's repeated protestations that in this case no one would ever again be able to reproach him with indecision were almost comic to hear"{{Sfn|Fischer|1967|p=55}}}} इसी तरह, बर्चटोल्ड ने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन नेताओं को "जो भी निर्णय लिया गया है उसके बारे में किसी भी अशांति को रोकने के लिए" छुट्टी पर जाना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=161}}
===जर्मन विचारधारा===
जर्मनी की नीति एक त्वरित युद्ध का समर्थन करना थी जो सर्बिया को नष्ट कर दे और दुनिया के सामने एक तयशुदा स्थिति प्रस्तुत करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=158}} 1912 से लेकर तीन पहले मामलों के विपरीत जब ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध के लिए जर्मन कूटनीतिक समर्थन मांगा था, इस बार ऐसा महसूस हुआ कि ऐसे युद्ध के लिए राजनीतिक परिस्थितियाँ अब मौजूद थीं।{{Sfn|Fromkin|2004|p=159}} उस समय, जर्मन सैन्य अधिकारियों ने सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी के हमले के विचार का समर्थन किया क्योंकि इसे सामान्य युद्ध शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका माना गया, जबकि विल्हेम का मानना था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच सशस्त्र संघर्ष केवल स्थानीय होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=159–160}} सर्बिया को नष्ट करने की पहले से बनाई गई योजनाओं पर आधारित ऑस्ट्रिया-हंगरी की नीति में न्यायिक जांच पूरी होने की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत प्रतिकार करना शामिल था और आने वाले हफ्तों में अपनी साख को बनाए नहीं रखना था, क्योंकि यह अधिक स्पष्ट हो जाएगा कि ऑस्ट्रिया-हंगरी हत्या के प्रतिकार के रूप में प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=160–161}} इसी प्रकार, जर्मनी यह आभास देना चाहता था कि उसे ऑस्ट्रिया-हंगरी की मंशाओं की जानकारी नहीं है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=161}}
सोच यह थी कि, चूंकि ऑस्ट्रिया-हंगरी जर्मनी का एकमात्र सहयोगी था, यदि उसकी प्रतिष्ठा पुनः स्थापित नहीं हुई तो बाल्कन में उसकी स्थिति अपरिवर्तनीय रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सर्बिया और रोमानिया द्वारा और अधिक अतिक्रमण को प्रोत्साहन मिल सकता है।{{Sfnp|Ponting|2002|p=70}} लाभ स्पष्ट थे, लेकिन इसमें जोखिम भी थे, जैसे कि रूस हस्तक्षेप कर सकता था और यह एक महाद्वीपीय युद्ध का कारण बन सकता था। हालांकि, यह और भी कम संभावना माना गया क्योंकि रूस ने अभी तक अपना फ्रांस द्वारा वित्तपोषित पुनःशस्त्रीकरण कार्यक्रम पूरा नहीं किया था, जो 1917 में पूरा होने वाला था। इसके अलावा, उन्हें विश्वास नहीं था कि रूस, जो एक पूर्ण राजतंत्र था, राजा की हत्या का समर्थन करेगा, और व्यापक रूप से "यूरोप भर में सर्बिया विरोधी मूड ऐसा था कि यहां तक कि रूस भी हस्तक्षेप नहीं करेगा"। व्यक्तिगत कारकों ने भी भारी प्रभाव डाला और जर्मन कैसर मारे गए फ्रांज फर्डिनेंड के करीबी थे और उनकी मृत्यु से प्रभावित थे, इस हद तक कि 1913 में सर्बिया के प्रति जर्मन संयम की सलाह आक्रामक रुख में बदल गई थी।{{Sfnp|Ponting|2002|p=73}}
दूसरी ओर, सैन्य अधिकारियों का मानना था कि यदि रूस हस्तक्षेप करता है, तो सेंट पीटर्सबर्ग स्पष्ट रूप से युद्ध चाहता है और अब लड़ने का समय बेहतर होगा, जब जर्मनी के पास ऑस्ट्रिया-हंगरी में एक गारंटीकृत सहयोगी था, रूस तैयार नहीं था और यूरोप उनके प्रति सहानुभूति रखता था। कुल मिलाकर, संकट के इस चरण में, जर्मनों ने अनुमान लगाया कि उनके समर्थन का मतलब होगा कि युद्ध ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच स्थानीयकृत मामला होगा। यह विशेष रूप से सच होगा यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी जल्दी से कार्रवाई करता, "जबकि अन्य यूरोपीय शक्तियाँ अभी भी हत्याओं से घृणा करती थीं और इसलिए ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा उठाए गए किसी भी कदम के प्रति सहानुभूति रखने की संभावना थी"।{{Sfnp|Ponting|2002|p=74}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी एक अंतिम निर्णय का विचार कर रहा है (7-23 जुलाई)==
[[File:Austria Hungary ethnic.svg|thumb|upright=2|१९१० में ऑस्ट्रो-हंगेरी संघ के नृदल नेताओं को विश्वास था कि जातीय क्रोएशियन और सर्बियन जनसंख्या के इरेडेंटिज़्म, जिसे सर्बिया में उनके सहजन हेतु बढ़ावा दिया जा रहा था, संस्थानिक खतरा था इस संघ के लिए।]]
7 जुलाई को, संयुक्त मंत्रियों की परिषद ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के कार्रवाई को विचार किया। परिषद में सबसे कठोर विचार वाले लोगों ने सर्बिया पर एक अचानक हमला की संभावना को विचार किया।{{Sfn|Red Book|1915}} टिस्जा ने परिषद को इस समझाया कि मोबाइलाइजेशन से पहले सर्बिया पर मांग किए जाने चाहिए, ताकि युद्ध के घोषणा के लिए एक उचित "वैधिक आधार" प्राप्त हो सके।{{Sfn|Albertini|1953|p=168}}
सैमुअल आर. विलियमसन जूनियर ने युद्ध शुरू करने में ऑस्ट्रिया-हंगरी की भूमिका पर जोर दिया है। ऑस्ट्रिया-हंगरी इस बात से आश्वस्त था कि सर्बियाई राष्ट्रवाद और रूसी बाल्कन महत्वाकांक्षाएं साम्राज्य को विघटित कर रही थीं। उन्होंने सर्बिया के खिलाफ एक सीमित युद्ध की उम्मीद की और यह कि मजबूत जर्मन समर्थन रूस को युद्ध से बाहर रहने और उसके बाल्कन प्रतिष्ठा को कमजोर करने के लिए मजबूर करेगा।{{Sfn|Williamson|1991}}
इस संकट के इस चरण में, सर्बिया के लिए दृढ़ रूसी समर्थन की संभावना और इसके साथ आने वाले जोखिमों का कभी सही ढंग से मूल्यांकन नहीं किया गया। ऑस्ट्रो-हंगेरियन सर्बिया पर केंद्रित रहे, लेकिन युद्ध के अलावा अपने सटीक उद्देश्यों पर निर्णय नहीं लिया।<ref name="Christopher Clark 2014"/>
फिर भी, जर्मनी के समर्थन के साथ युद्ध करने का निर्णय लेने के बावजूद, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सार्वजनिक रूप से कार्य करने में देरी की और 23 जुलाई तक, यानी 28 जून को हुई हत्याओं के तीन सप्ताह बाद, अल्टीमेटम नहीं दिया। इस तरह ऑस्ट्रिया-हंगरी ने साराजेवो हत्याओं से उत्पन्न सहानुभूति खो दी और एंटेंट शक्तियों को यह और अधिक प्रभाव दिया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी केवल आक्रामकता के लिए हत्याओं का बहाना बना रहा था।{{Sfn|Clark|2013|pp=402–403}}
सलाह में विभाजन के बाद, सर्बिया पर कठोर मांगें लगाने का सम्मति दिया गया, लेकिन इस बारे में कि ये मांगें कितनी कठोर होनी चाहिए, सहमति नहीं हो सकी। टिस्जा को छोड़कर, सभी काउंसिल के सदस्यों ने ऐसी कठोर मांगें रखने की सोची थी जिनका अस्वीकृति बहुत संभावनाओं में होती। टिस्जा ने ऐसी मांगों की लड़ाई ली जो कठोर होती हो, लेकिन असंभव नहीं लगती।{{Sfn|Albertini|1953|pp=164–171}} 8 जुलाई को, दोनों दृष्टिकोणों को सम्राट को भेज दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=171}} सम्राट का मानना था कि यह मतभेद संभावतः समाप्त हो सकता है।{{Sfn|Albertini|1953|p=172}} काउंसिल की बैठक के दौरान, प्रारंभिक मांगों का एक सेट तैयार किया गया था।{{Sfn|Albertini|1953|p=171}}
7 जुलाई को वियना लौटने पर, होयोस ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्राउन काउंसिल को रिपोर्ट किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को जर्मनी का पूर्ण समर्थन है, चाहे "सर्बिया के खिलाफ कदम बड़े युद्ध को लाने पर हो"।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} क्राउन काउंसिल में, बेर्कटोल्ड ने मजबूती से सुझाव दिया कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}}
===केवल टिस्जा सर्बिया के साथ युद्ध का विरोध करते हैं===
उस क्राउन काउंसिल की बैठक में, हंगरी के प्रधानमंत्री टिस्जा को छोड़कर सभी लोग युद्ध के पूर्ण पक्ष में थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} टिस्जा ने चेतावनी दी कि सर्बिया पर किसी भी हमले से "मानव रूप से देखा जाए तो, रूस के हस्तक्षेप और इस प्रकार विश्व युद्ध की संभावना होगी"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} बाकी प्रतिभागियों ने इस बात पर बहस की कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को बिना उकसावे के हमला करना चाहिए या सर्बिया को ऐसा अल्टीमेटम देना चाहिए जिसकी मांगें इतनी कड़ी हों कि उसे अस्वीकार करना अनिवार्य हो।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} स्टुर्ग्क ने टिस्जा को चेतावनी दी कि अगर ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध नहीं छेड़ा, तो उसकी "हिचकिचाहट और कमजोरी की नीति" जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी को एक सहयोगी के रूप में छोड़ने के लिए मजबूर कर देगी।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} टिस्जा को छोड़कर सभी उपस्थित लोगों ने अंततः सहमति व्यक्त की कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को ऐसा अल्टीमेटम देना चाहिए जिसे अस्वीकार किया जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}}
7 जुलाई से, जर्मन राजदूत हाइनरिख वॉन चिर्शकी और बर्कटोल्ड ने लगभग रोज़ाना बैठकें कीं कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध को उचित ठहराने के लिए राजनयिक कार्रवाई का समन्वय कैसे किया जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} 8 जुलाई को, चिर्शकी ने बर्कटोल्ड को विल्हेम द्वितीय का संदेश प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने घोषणा की कि "बर्लिन को उम्मीद है कि साम्राज्य सर्बिया के खिलाफ कार्रवाई करेगा, और जर्मनी इसे नहीं समझेगा, अगर... इस अवसर को बिना किसी कार्रवाई के जाने दिया गया"।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} उसी बैठक में, चिर्शकी ने बर्कटोल्ड से कहा, "अगर हम [ऑस्ट्रिया-हंगरी] सर्बिया के साथ समझौता या सौदा करते हैं, तो जर्मनी इसे कमजोरी की स्वीकारोक्ति के रूप में देखेगा, जिसका प्रभाव त्रिगुट संघ और जर्मनी की भविष्य की नीति पर पड़ेगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}}
7 जुलाई को, बेथमान हॉलवेग ने अपने सहायक और करीबी मित्र कर्ट रीज़लर को बताया कि "सर्बिया के खिलाफ कार्रवाई से विश्व युद्ध हो सकता है" और ऐसी "अनजान छलांग" अंतरराष्ट्रीय स्थिति से उचित ठहराई जा सकती है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}} बेथमान हॉलवेग ने रीज़लर को समझाया कि जर्मनी "पूरी तरह से लकवाग्रस्त" है और "भविष्य रूस का है जो बढ़ता जा रहा है और हमारे लिए एक बढ़ती हुई बुरी स्वप्न बनता जा रहा है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}} बेथमान हॉलवेग ने यह तर्क दिया कि "वर्तमान व्यवस्था नीरस और विचारों से रहित है" और ऐसा युद्ध जर्मनी के लिए एक आशीर्वाद के रूप में स्वागत किया जा सकता है।{{Sfn|Röhl|1973|p=24}} रूस के बारे में ऐसी चिंताओं ने बेथमान हॉलवेग को मई 1914 में एंग्लो-रूसी नौसैनिक वार्ताओं को जर्मनी के खिलाफ "घेराबंदी" नीति की शुरुआत के रूप में माना, जिसे केवल युद्ध के माध्यम से तोड़ा जा सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}}
9 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने सम्राट को सलाह दी कि वह बेलग्रेड को एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेंगे जिसमें ऐसी मांगें शामिल होंगी जो अस्वीकृत होने के लिए बनाई गई थीं। इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सर्बिया पर बिना चेतावनी के हमला करने का दोष नहीं लगेगा और ब्रिटेन और रोमानिया तटस्थ बने रहेंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} 10 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने चिर्शकी को बताया कि वह सर्बिया को "अस्वीकार्य मांगों" वाला एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेंगे, जो युद्ध उत्पन्न करने का सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन इन "अस्वीकार्य मांगों" को प्रस्तुत करने के तरीके पर "मुख्य ध्यान" दिया जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} इसके उत्तर में, विल्हेम ने चिर्शकी के प्रेषण के हाशिए पर गुस्से में लिखा "उनके पास इसके लिए पर्याप्त समय था!"{{Sfn|Fischer|1967|p=57}}
[[File:István Tisza and Conrad von Hötzendorf.jpg|thumb|हंगरी के प्रधानमंत्री टिस्जा और सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख होएट्ज़ेंडॉर्फ, वियना में, 15 जुलाई 1914।]]
9 जुलाई को, लंदन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिचनोव्स्की को ब्रिटिश विदेश सचिव ग्रे ने बताया कि उन्होंने "स्थिति को लेकर निराशावादी दृष्टिकोण अपनाने का कोई कारण नहीं देखा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} टिस्जा के विरोध के बावजूद, बर्कटोल्ड ने अपने अधिकारियों को 10 जुलाई को सर्बिया के लिए एक अल्टीमेटम का मसौदा तैयार करने का आदेश दिया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} जर्मन राजदूत ने रिपोर्ट किया कि "काउंट बर्कटोल्ड को उम्मीद थी कि सर्बिया ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि मात्र कूटनीतिक विजय से देश फिर से ठहराव की स्थिति में आ जाएगा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} काउंट होयोस ने एक जर्मन राजनयिक से कहा कि "मांगें वास्तव में ऐसी थीं कि कोई भी राष्ट्र जिसने अभी भी आत्म-सम्मान और गरिमा को बनाए रखा हो, उन्हें संभवतः स्वीकार नहीं कर सकता"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} 11 जुलाई को, जर्मन विदेश कार्यालय यह जानना चाहता था कि क्या उन्हें सर्बिया के राजा पीटर को उनके जन्मदिन पर बधाई देने वाला तार भेजना चाहिए; विल्हेम ने उत्तर दिया कि ऐसा न करने से ध्यान आकर्षित हो सकता है।{{Efn|"As Vienna has so far inaugurated no action of any sort against Belgrade, the omission of the customary telegram would be too noticeable and might be the cause of premature uneasiness ... It should be sent."{{Sfn|Fromkin|2004|p=166}}}}
===जर्मन नेतृत्व की अधीरता===
12 जुलाई को, स्ज़ोग्येनी ने बर्लिन से रिपोर्ट किया कि जर्मन सरकार में सभी लोग तुरंत ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करते देखना चाहते थे, और युद्ध या शांति के चयन को लेकर ऑस्ट्रो-हंगेरियन अनिर्णय से थक चुके थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}{{Efn|"''[A]bsolute'' insistence on a war against Serbia was based on the two considerations already mentioned; firstly that Russia and France were 'not yet ready' and secondly that Britain will not at this juncture intervene in a war which breaks out over a Balkan state, even if this should lead to a conflict with Russia, possibly also France ... Not only have Anglo-German relations so improved that Germany feels that she need no longer feel fear a directly hostile attitude by Britain, but above all, Britain at this moment is anything but anxious for war, and has no wish whatever to pull chestnuts out of the fire for Serbia, or in the last instance, Russia ... In general, then, it appears from all this that the political constellation is as favourable for us as it could possibly be."{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}}} उसी दिन, बर्कटोल्ड ने चिर्शकी को अपने अल्टीमेटम की सामग्री दिखाई जिसमें "अस्वीकार्य मांगें" शामिल थीं, और वादा किया कि इसे फ्रेंको-रूसी शिखर सम्मेलन के बाद सर्बियाई लोगों को प्रस्तुत किया जाएगा, जो राष्ट्रपति रेमंड पॉइंकारे और जार निकोलस द्वितीय के बीच था।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}} विल्हेम ने निराशा व्यक्त की कि अल्टीमेटम जुलाई के अंत में प्रस्तुत किया जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}
14 जुलाई तक, टिस्जा ने इस डर से युद्ध का समर्थन करने के लिए सहमति व्यक्त की कि शांति की नीति जर्मनी को 1879 के द्वैध संघ का त्याग करने के लिए प्रेरित करेगी।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} उस दिन, चिर्शकी ने बर्लिन को रिपोर्ट दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेगा "जो लगभग निश्चित रूप से अस्वीकार कर दिया जाएगा और युद्ध का परिणाम होगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} उसी दिन, जागो ने प्रिंस लिचनोव्स्की को निर्देश भेजते हुए कहा कि जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-सर्बियाई युद्ध का कारण बनने के लिए अपनी शक्ति के भीतर सब कुछ करने का फैसला किया है, लेकिन जर्मनी को यह छाप देने से बचना चाहिए "कि हम ऑस्ट्रिया को युद्ध के लिए उकसा रहे थे"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 36, p. 99}}
जागो ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध को ऑस्ट्रिया-हंगरी के "राजनीतिक पुनर्वास" का अंतिम मौका बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में वह शांतिपूर्ण समाधान नहीं चाहते थे, और हालांकि वह एक निवारक युद्ध नहीं चाहते थे, अगर ऐसा युद्ध आता तो वह पीछे नहीं हटते, क्योंकि जर्मनी इसके लिए तैयार था, और रूस "मूल रूप से तैयार नहीं था"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 72, pp. 131–132}} यह मानते हुए कि रूस और जर्मनी का एक-दूसरे से लड़ना तय था, जागो ने माना कि इस अनिवार्य युद्ध का यह सबसे अच्छा समय था,{{Sfn|Fischer|1967|p=59}} क्योंकि "कुछ वर्षों में रूस... तैयार हो जाएगा। तब वह संख्या की ताकत से हमें जमीन पर कुचल देगा, और उसकी बाल्टिक बेड़ा और रणनीतिक रेलरोड तैयार हो जाएंगी। इस बीच, हमारा समूह कमजोर होता जा रहा है"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 72, pp. 131–132}}
जागो का यह विश्वास कि 1914 की गर्मी जर्मनी के लिए युद्ध करने का सबसे अच्छा समय था, जर्मन सरकार में व्यापक रूप से साझा किया गया था।{{Sfn|Fischer|1967|pp=59–60}} कई जर्मन अधिकारियों का मानना था कि "ट्यूटन नस्ल" और "स्लाव नस्ल" यूरोप के प्रभुत्व के लिए एक भयानक "नस्ल युद्ध" लड़ने के लिए नियत थे, और ऐसा युद्ध होने का यह सबसे अच्छा समय था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=171}}{{Sfn|Fischer|1967|p=59}} जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख, मोल्टके, ने बवेरियन मंत्री काउंट लेरचेनफेल्ड को बताया कि "सैन्य दृष्टिकोण से इतना अनुकूल क्षण फिर कभी नहीं आ सकता"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=Supplement IV, No 27, p. 635}} मोल्टके ने तर्क दिया कि जर्मन हथियारों और प्रशिक्षण की कथित श्रेष्ठता, और फ्रांसीसी सेना में हाल ही में सेवा अवधि के दो साल से तीन साल में परिवर्तन के कारण, जर्मनी 1914 में आसानी से फ्रांस और रूस दोनों को हरा सकता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}}
13 जुलाई को, फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या की जांच कर रहे ऑस्ट्रो-हंगेरियन जांचकर्ताओं ने बर्कटोल्ड को रिपोर्ट दी कि सर्बियाई सरकार के हत्याओं में सहायता करने के बहुत कम सबूत हैं।{{Efn|"There is nothing to prove or even to suppose that the Serbian government is accessory to the inducement for the crime, its preparations, or the furnishing of weapons. On the contrary, there are reasons to believe that this is altogether out of the question."{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}}} इस रिपोर्ट से बर्कटोल्ड निराश हुए, क्योंकि इसका मतलब था कि फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में सर्बियाई सरकार की संलिप्तता के उनके बहाने का समर्थन करने के लिए बहुत कम सबूत थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध को कम से कम 25 जुलाई तक स्थगित कर दिया===
[[File:Franz Conrad von Hötzendorf (Hermann Torggler, 1915).jpg|left|thumb|फ्रांज कॉनराड वॉन होएट्ज़ेंडॉर्फ, जो 1906 से 1917 तक ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख थे, ने निर्धारित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध की घोषणा करने के लिए सबसे पहले 25 जुलाई को सक्षम होगा।]]
14 जुलाई को, ऑस्ट्रो-हंगेरियन ने जर्मनों को आश्वस्त किया कि सर्बिया को दिए जाने वाले अल्टीमेटम को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि उसके स्वीकार किए जाने की संभावना व्यावहारिक रूप से नगण्य हो।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} उसी दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख कॉनराड ने बर्कटोल्ड से कहा कि गर्मी की फसल कटाई की उनकी इच्छा के कारण, ऑस्ट्रिया सबसे पहले 25 जुलाई को युद्ध की घोषणा कर सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=168}} इसी समय, फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा के कारण, इस यात्रा के समाप्त होने तक अल्टीमेटम प्रस्तुत करना अवांछनीय माना गया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=168–169}} अल्टीमेटम, जिसे आधिकारिक रूप से "डेमार्श" कहा गया, 23 जुलाई को दिया जाएगा और इसकी समाप्ति तिथि 25 जुलाई होगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}
16 जुलाई को, बेथमान हॉलवेग ने अलसास-लोरेन के राज्य सचिव, सीगफ्राइड वॉन रोडर्न से कहा कि उन्हें सर्बिया या फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में कथित सर्बियाई मिलीभगत की कोई परवाह नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} केवल यही मायने रखता था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी उस गर्मी में सर्बिया पर हमला करे, जिससे जर्मनी के लिए जीत-जीत की स्थिति उत्पन्न हो।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} यदि बेथमान हॉलवेग का दृष्टिकोण सही था, तो ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध या तो एक आम युद्ध का कारण बनेगा (जिसे बेथमान हॉलवेग ने विश्वास किया कि जर्मनी जीत जाएगा) या ट्रिपल एंटेंट को तोड़ देगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} उसी दिन, ऑस्ट्रिया-हंगरी में रूसी राजदूत ने सेंट पीटर्सबर्ग को सुझाव दिया कि रूस को ऑस्ट्रिया-हंगरी को अपनी नकारात्मक राय से अवगत कराना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}{{Efn|"Information reaches me that the Austro-Hungarian government at the conclusion of the inquiry intends to make certain demands on Belgrade ... It would seem to me desirable that at the present moment, before a final decision on the matter, the Vienna Cabinet should be informed how Russia would react to the fact of Austria's presenting demands to Serbia such as would be unacceptable to the dignity of that state"{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}}}
सेंट पीटर्सबर्ग में ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत ने रूसी विदेश मंत्री सज़ोनोव से झूठ बोला कि ऑस्ट्रिया-हंगरी बाल्कन में युद्ध का कारण बनने वाले किसी भी उपाय की योजना नहीं बना रहा है, इसलिए रूस की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}
17 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने जर्मन दूतावास के {{Ill|Prince Wilhelm of Stolberg-Wernigerode|de|Wilhelm zu Stolberg-Wernigerode (Diplomat)|lt=प्रिंस स्टोलबर्ग}} को शिकायत की कि हालांकि उन्हें लगता था कि उनका अल्टीमेटम शायद अस्वीकार कर दिया जाएगा, लेकिन वह अभी भी चिंतित थे कि सर्ब्स इसे स्वीकार कर सकते हैं, और दस्तावेज़ को फिर से शब्दावली करने के लिए अधिक समय चाहते थे।{{Sfn|Fischer|1967|pp=58–59}} स्टोलबर्ग ने बर्लिन को रिपोर्ट किया कि उन्होंने बर्कटोल्ड को बताया कि कार्रवाई की कमी ऑस्ट्रिया-हंगरी को कमजोर दिखा सकती है।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 141}}{{Efn|"If Austria really wants to clear up her relationship with Serbia once and for all, which Tisza himself in his recent speech called ‘indispensable’, then it would pass comprehension why such demands were not being made as would make the breach unavoidable. If the action simply peters out, once again, and ends with a so-called diplomatic success, the belief which is already widely held there that the Monarchy is no longer capable of vigorous action will be dangerously strengthened. The consequences, internal and external, which would result from this, inside Austria and abroad, are obvious."{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 141}}}} 18 जुलाई को, स्टोलबर्ग को आश्वस्त करने के लिए, काउंट होयोस ने वादा किया कि अल्टीमेटम के मसौदे में मांगें "वास्तव में ऐसी हैं कि कोई भी राष्ट्र जिसने अभी भी आत्म-सम्मान और गरिमा को बनाए रखा हो, उन्हें स्वीकार नहीं कर सकता"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 142}} उसी दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की अफवाहों के जवाब में, सर्बियाई प्रधानमंत्री पासिच ने कहा कि वह किसी भी ऐसे उपाय को स्वीकार नहीं करेंगे जो सर्बियाई संप्रभुता को समझौता करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}
18 जुलाई को, बर्लिन में बवेरियन राजनयिक हंस शॉन ने बवेरियन प्रधानमंत्री काउंट जॉर्ज वॉन हर्टलिंग को बताया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी केवल "शांतिपूर्ण प्रवृत्ति दिखाने" का दिखावा कर रहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}} जर्मन राजनयिकों द्वारा दिखाए गए अल्टीमेटम के मसौदे पर टिप्पणी करते हुए, शॉन ने उल्लेख किया कि सर्बिया इन मांगों को स्वीकार नहीं कर सकेगा, जिससे परिणामस्वरूप युद्ध होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}}
जिमरमन ने शॉन को बताया कि सर्बिया के खिलाफ एक प्रभावशाली और सफल कदम ऑस्ट्रिया-हंगरी को आंतरिक विघटन से बचा सकता है, और यही कारण है कि जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को "पूर्ण अधिकार की एक खाता-खरीद" दी, यहां तक कि रूस के साथ युद्ध के जोखिम पर भी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी ने अल्टीमेटम को अंतिम रूप दिया (19 जुलाई)===
19 जुलाई को, वियना में क्राउन काउंसिल ने 23 जुलाई को सर्बिया को प्रस्तुत किए जाने वाले अल्टीमेटम के शब्दों को तय किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}}{{Sfn|Fromkin|2004|p=178}} जर्मन प्रभाव की सीमा स्पष्ट थी जब जागो ने बर्कटोल्ड को आदेश दिया कि वह अल्टीमेटम को एक घंटे के लिए विलंबित करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सेंट पीटर्सबर्ग में उनके शिखर सम्मेलन के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समुद्र में हों।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} अल्टीमेटम का पहला मसौदा 12 जुलाई को वियना में जर्मन दूतावास को दिखाया गया था और अंतिम पाठ 22 जुलाई को अग्रिम में जर्मन दूतावास को प्रदान किया गया था।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}}
ऑस्ट्रिया-हंगरी के अल्टीमेटम को लिखने में देरी के कारण, सर्बिया के खिलाफ युद्ध में जर्मनी ने जिस आश्चर्य तत्व पर भरोसा किया था, वह खो गया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=178–179}} इसके बजाय, "स्थानीयकरण" की रणनीति अपनाई गई, जिसका मतलब था कि जब ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध शुरू होगा, जर्मनी अन्य शक्तियों पर दबाव डालेगा कि वे युद्ध के जोखिम पर भी इसमें शामिल न हों।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} 19 जुलाई को, जागो ने अर्ध-आधिकारिक नॉर्थ जर्मन गजट में एक नोट प्रकाशित किया, जिसमें अन्य शक्तियों को चेतावनी दी गई कि "ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच उत्पन्न होने वाले मतभेदों का निपटारा स्थानीयकृत रहना चाहिए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} फ्रांस के जर्मनी में राजदूत जूल्स कैम्बन द्वारा यह पूछे जाने पर कि उन्हें नॉर्थ जर्मन गजट में प्रकाशित ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की सामग्री के बारे में कैसे पता चला, जागो ने इसके बारे में अनभिज्ञ होने का नाटक किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} बर्लिन में ब्रिटिश दूतावास के होरेस रंबोल्ड ने रिपोर्ट दी कि यह संभावना थी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जर्मन आश्वासनों के साथ काम कर रहा था।{{Efn|"We do not know the facts. The German government clearly do know. They know what the Austrian government is going to demand ... and I think we may say with some assurance that they had expressed approval of those demands and promised support should dangerous complications ensure ... the German government did not believe that there is any danger of war."{{Sfn|Fromkin|2004|p=180}}}}
हालांकि जागो का दिखावा व्यापक रूप से विश्वास नहीं किया गया था, उस समय यह अभी भी माना जाता था कि जर्मनी शांति का लक्ष्य रख रहा था और ऑस्ट्रिया-हंगरी को संयमित कर सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=180}} जर्मन जनरल स्टाफ के जनरल वॉन मोल्टके ने फिर से सर्बिया पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले के विचार को दृढ़ता से मंजूरी दी, इसे वांछित विश्व युद्ध लाने का सबसे अच्छा तरीका बताया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=180–181}}
20 जुलाई को, जर्मन सरकार ने नॉर्डडॉयचर लॉयड और हैम्बर्ग अमेरिका लाइन शिपिंग कंपनियों के निदेशकों को सूचित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जल्द ही एक अल्टीमेटम पेश करेगा, जिससे एक सामान्य यूरोपीय युद्ध हो सकता है, और उन्हें अपने जहाजों को विदेशी जल से वापस राइख में लाना शुरू कर देना चाहिए।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}} उसी दिन, जर्मन नौसेना को सामान्य युद्ध की स्थिति में उच्च समुद्र बेड़े को केंद्रित करने का आदेश दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|loc=No 82, p. 137}} रीज़लर की डायरी में 20 जुलाई को बेथमान हॉलवेग के यह कहते हुए उल्लेख किया गया है कि रूस अपनी "बढ़ती मांगों और जबरदस्त गतिशील शक्ति के साथ कुछ वर्षों में पीछे हटाना असंभव हो जाएगा, खासकर अगर वर्तमान यूरोपीय नक्षत्र बना रहे"।{{Sfn|Röhl|1973|p=25}} रीज़लर ने अपनी डायरी में नोट किया कि बेथमान हॉलवेग "दृढ़ और मितभाषी" थे, और पूर्व विदेश मंत्री अल्फ्रेड वॉन किडरलन-वाच्टर को उद्धृत किया, जिन्होंने "हमेशा कहा था कि हमें लड़ना चाहिए"।{{Sfn|Röhl|1973|p=25}}
21 जुलाई को, जर्मन सरकार ने बर्लिन में फ्रांसीसी राजदूत कैम्बन और रूसी चार्ज डी'अफेयर्स ब्रोनवस्की को बताया कि जर्मनी को ऑस्ट्रो-हंगेरियन नीति के बारे में सर्बिया के प्रति कोई जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} निजी तौर पर, ज़िमरमैन ने लिखा कि जर्मन सरकार "पूरी तरह से सहमत थी कि ऑस्ट्रिया को अनुकूल क्षण का लाभ उठाना चाहिए, भले ही इससे आगे की जटिलताओं का जोखिम हो", लेकिन उन्होंने संदेह व्यक्त किया "कि वियना खुद कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाएगी"।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} ज़िमरमैन ने अपने मेमो को यह कहते हुए समाप्त किया कि "उन्हें यह समझ आया कि वियना, हमेशा की तरह डरपोक और अनिर्णायक थी, लगभग पछता रही थी" कि जर्मनी ने 5 जुलाई 1914 का "ब्लैंक चेक" दिया था, बजाय इसके कि सर्बिया के साथ संयम बरतने की सलाह दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} स्वयं कॉनराड दोहरे राजतंत्र पर युद्ध शुरू करने में "जल्दबाजी" के लिए दबाव डाल रहे थे, ताकि सर्बिया "शक न कर सके और स्वयं फ्रांस और रूस के दबाव में शायद मुआवजे की पेशकश कर सके"।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} 22 जुलाई को, जर्मनी ने सर्बिया को अल्टीमेटम प्रस्तुत करने के लिए बेलग्रेड में जर्मन मंत्री को भेजने के ऑस्ट्रो-हंगेरियन अनुरोध को अस्वीकार कर दिया क्योंकि जैसा कि जागो ने कहा था, इससे ऐसा लगेगा "जैसे हम ऑस्ट्रिया को युद्ध के लिए उकसा रहे हैं"।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}}
23 जुलाई को, पूरा जर्मन सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व दिखावे के लिए छुट्टी पर चला गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=62}} बर्लिन में बवेरियन चार्ज डी'अफेयर्स, काउंट शॉन ने म्यूनिख को रिपोर्ट किया कि जर्मनी ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम से आश्चर्यचकित होने का नाटक करेगा।{{Efn|"The administration will, immediately upon the presentation of the Austrian note at Belgrade, initiate diplomatic action with the Powers, in the interest of the localization of the war. It will claim that that Austrian action has been just as much of a surprise to it as to the other Powers, pointing out the fact that the Emperor is on his northern journey, and that the Prussian Minister of War, as well as the Chief of the Grand General Staff are away on leave of absence."{{Sfn|Kautsky|1924|loc=Supplement IV, No 2, p. 617}}}} हालांकि, 19 जुलाई को—अल्टीमेटम प्रस्तुत किए जाने से चार दिन पहले—जागो ने सभी जर्मन राजदूतों (ऑस्ट्रिया-हंगरी को छोड़कर) से सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन कार्रवाई के लिए समर्थन देने को कहा।{{Efn|If the Austro-Hungarian government is not going to abdicate forever as a great power, she has no choice but to enforce acceptance by the Serbian government of her demands by strong pressure and, if necessary, by resort to military measures."{{Sfn|Fischer|1967|p=63}}}} जागो को एहसास हुआ कि यह बयान उनकी अज्ञानता के दावों के साथ असंगत था, जिससे एक जल्दी में दूसरा डिस्पैच जारी किया गया जिसमें ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम के बारे में पूरी तरह से अज्ञानता का दावा किया गया, लेकिन चेतावनी दी गई कि यदि कोई शक्ति ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर हमला करने से रोकने की कोशिश करती है तो "अकल्पनीय परिणाम" होंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=63}}
जब फ्रेडरिक वॉन पौरटालेस, सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत, ने रिपोर्ट दी कि रूसी विदेश मंत्री साजोनोव ने चेतावनी दी कि यदि जर्मनी ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले का समर्थन किया तो उसे "यूरोप के साथ गिनती करनी होगी", विल्हेम ने पौरटालेस के डिस्पैच के मार्जिन पर लिखा "नहीं! रूस, हाँ!"{{Sfn|Fischer|1967|p=63}} सर्बिया के साथ ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध का समर्थन करते हुए, जर्मनी के नेताओं को सामान्य युद्ध के जोखिम का पता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=63}} जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज फिशर ने बताया, यह जगो के उस अनुरोध से साबित किया जा सकता है जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम प्रस्तुत किए जाने से पहले विल्हेम की उत्तरी सागर क्रूज की पूरी यात्रा योजना जानने की मांग की थी।{{Efn|"Since we want to localize the conflict between Austria and Serbia, we must not have the world alarmed by His Majesty’s returning prematurely; on the other hand, His Majesty must be within reach, in case unpredictable developments should force us to take important decisions, such as mobilization. His Majesty might perhaps spend the last days of his cruise in the Baltic."{{Sfn|Fischer|1967|p=64}}}}
22 जुलाई को, अल्टीमेटम दिए जाने से पहले, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार ने जर्मन सरकार से अनुरोध किया कि वह 25 जुलाई को अल्टीमेटम की समाप्ति पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा कर दे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}} जागो ने इनकार कर दिया, यह कहते हुए: "हमारा दृष्टिकोण यह होना चाहिए कि सर्बिया के साथ झगड़ा एक ऑस्ट्रो-हंगेरियन आंतरिक मामला है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}} 23 जुलाई को, बेलग्रेड में ऑस्ट्रो-हंगेरियन मंत्री, बैरन गीज़ल वॉन गीज़लिंगेन ने सर्बियाई सरकार को अल्टीमेटम प्रस्तुत किया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=186–187}} निकोला पासिच की अनुपस्थिति में, सर्बियाई विदेश मंत्रालय के सचिव-जनरल स्लावको ग्रूजिक और कार्यवाहक प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री लाजार पाचु ने इसे प्राप्त किया।{{Sfn|Clark|2013|p=520}}
इसी समय, और सर्बियाई अस्वीकार की मजबूत उम्मीद रखते हुए, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना ने अपना युद्ध पुस्तक खोली और शत्रुता की तैयारी शुरू कर दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=187}}
==फ्रांस रूस का समर्थन करता है (20-23 जुलाई)==
{{Main|फ्रांस का प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश | रूस का प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
[[File:Mikola II (cropped)-2.jpg|thumb|280x280px|रूस के ज़ार निकोलस द्वितीय]]
फ्रांस के राष्ट्रपति पॉइन्केयर और प्रधानमंत्री रिने विवियानी 15 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग के लिए रवाना हुए,{{Sfn|Clark|2013|p=438}} 20 जुलाई को पहुंचे{{Sfn|Clark|2013|p=444}} और 23 जुलाई को रवाना हुए।{{Sfn|Clark|2013|p=448}}
फ्रांस और रूस ने सहमति व्यक्त की कि उनका गठबंधन सर्बिया के समर्थन तक विस्तारित था, जिससे ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ पहले से स्थापित बाल्कन आरंभिक परिदृश्य की नीति की पुष्टि हुई। जैसा कि क्रिस्टोफर क्लार्क ने उल्लेख किया है, "पॉइन्केयर दृढ़ता का सुसमाचार प्रचार करने आए थे और उनके शब्दों ने तैयार कानों पर प्रभाव डाला था। इस संदर्भ में दृढ़ता का अर्थ था सर्बिया के खिलाफ किसी भी ऑस्ट्रियाई उपाय का अडिग विरोध। किसी भी स्रोत से यह संकेत नहीं मिलता है कि पॉइन्केयर या उनके रूसी वार्ताकारों ने हत्या के बाद ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा वैध रूप से उठाए जा सकने वाले किसी भी उपाय पर विचार किया हो।"{{Sfn|Clark|2013|pp=449–450}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की प्रस्तुति को 23 जुलाई को रूस से फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान के साथ मेल खाने के लिए निर्धारित किया गया था। ये बैठकें मध्य यूरोप में उधेड़ना हो रहे संकट से केंद्रीय रूप से संबंधित थीं।
21 जुलाई को, रूसी विदेश मंत्री ने रूस में जर्मन राजदूत को चेतावनी दी कि "रूस ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया के खिलाफ धमकी भरी भाषा का उपयोग करने या सैन्य कदम उठाने को बर्दाश्त नहीं करेगा"। बर्लिन के नेताओं ने इस युद्ध की धमकी को नजरअंदाज कर दिया। जागो ने कहा कि "सेंट पीटर्सबर्ग में कुछ धमकियां निश्चित हैं"। जर्मन चांसलर बेथमान हॉलवेग ने अपने सहायक से कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस यह नहीं समझते कि अगर रूस ने लामबंदी की तो जर्मनी युद्ध में चला जाएगा। उन्हें लगा कि लंदन जर्मन "ब्लफ" देख रहा था और "काउंटरब्लफ" के साथ प्रतिक्रिया दे रहा था।<ref>{{Cite journal |last=Jarausch |first=Konrad | author-link = Konrad Jarausch |date=March 1969 |title=The Illusion of Limited War: Chancellor Bethmann Hollweg's Calculated Risk, July 1914 |url=https://www.ssoar.info/ssoar/bitstream/document/37919/1/ssoar-hsrsupp-2012-24-jarausch-The_illusion_of_limited_war.pdf |journal=Central European History |volume=2 |issue=1 |page=65 |doi=10.1017/S0008938900015041 |s2cid=143510092}}</ref> राजनीतिक वैज्ञानिक जेम्स फियरन इस घटना से तर्क करते हैं कि जर्मनों का मानना था कि रूस सर्बिया के लिए जितना समर्थन दिखा रहा था, वह वास्तव में उससे कम समर्थन प्रदान करेगा, ताकि जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी पर रूसी मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा सके। इस बीच, बर्लिन वियना के लिए अपने वास्तविक मजबूत समर्थन को कम करके दिखा रहा था ताकि आक्रामक न दिखे, क्योंकि इससे जर्मन समाजवादियों को अलग-थलग कर दिया जाएगा।<ref>{{Cite journal |last=Fearon |first=James D. | author-link = James Fearon |date=Summer 1995 |title=Rationalist Explanations for War |url=https://web.stanford.edu/group/fearon-research/cgi-bin/wordpress/wp-content/uploads/2013/10/Rationalist-Explanations-for-War.pdf |journal=International Organization |volume=49 |issue=3 |pages=397–98 |doi=10.1017/S0020818300033324 |s2cid=38573183}}</ref>
==ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव (23 जुलाई)==
[[File:Ciganović and Tankosić.jpg|thumb|सिगानोविच और टांकासिच, बिंदु 7]]
ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव ने सर्बिया से औपचारिक और सार्वजनिक रूप से ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ "खतरनाक प्रचार" की निंदा करने की मांग की, जिसका अंतिम उद्देश्य, इसके अनुसार, "राजशाही से जुड़े क्षेत्रों को अलग करना" था। इसके अलावा, बेलग्रेड को "हर साधन से इस आपराधिक और आतंकवादी प्रचार को दबाने" के लिए कहा गया।<ref name="ult">{{Cite web |last=Duffy |first=Michael |date=22 August 2009 |title=Primary Documents: Austrian Ultimatum to Serbia, 23 July 1914 |url=http://firstworldwar.com/source/austrianultimatum.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20041030212115/http://www.firstworldwar.com/source/austrianultimatum.htm |archive-date=30 October 2004 |website=FirstWorldWar.com}}</ref> अधिकांश यूरोपीय विदेश मंत्रालयों ने स्वीकार किया कि अंतिम प्रस्ताव इतने कठोर शब्दों में तैयार किया गया था कि सर्बियाई इसे स्वीकार नहीं कर सकते। इसके अतिरिक्त, सर्बिया को अनुपालन के लिए केवल 48 घंटे दिए गए थे।{{Sfn|Glenny|2012|p=305}}
इसके अलावा, सर्बियाई सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
# सभी प्रकाशनों को दबाएं जो "ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के प्रति घृणा और तिरस्कार भड़काते हैं" और "इसकी क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ निर्देशित हैं"।
# सर्बियाई राष्ट्रवादी संगठन नारोदना ओडब्राना ("पीपल्स डिफेंस") और सर्बिया में सभी अन्य ऐसे समाजों को भंग करें।
# स्कूल की पुस्तकों और सार्वजनिक दस्तावेजों से बिना देरी किए सभी "ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ प्रचार" को हटा दें।
# सर्बियाई सैन्य और नागरिक प्रशासन से उन सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हटा दें जिनके नाम ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार प्रदान करेगी।
# सर्बिया में "ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार के प्रतिनिधियों" को "उपद्रवी आंदोलनों के दमन" के लिए स्वीकार करें।
# आर्कड्यूक की हत्या में शामिल सभी सहयोगियों पर मुकदमा चलाएं और "ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रतिनिधियों" (कानून प्रवर्तन अधिकारियों) को जांच में भाग लेने की अनुमति दें।
# मेजर वोजिस्लाव टैंकोसिक और सिविल सेवक मिलान सिगानोविक को गिरफ्तार करें, जिन्हें हत्या की साजिश में भागीदार बताया गया था।
# सर्बियाई अधिकारियों के "हथियारों और विस्फोटकों के सीमा पार यातायात" में सहयोग को रोकें; शाबक और लोज़निका सीमा सेवा के उन अधिकारियों को बर्खास्त और दंडित करें, "जो साराजेवो अपराध के अपराधियों की सहायता करने के दोषी हैं"।
# ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को "सर्बियाई अधिकारियों" के बारे में "स्पष्टीकरण" प्रदान करें जिन्होंने साक्षात्कारों में "ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार के प्रति शत्रुता के शब्दों में" अपने विचार व्यक्त किए हैं।
# अंतिम प्रस्ताव में शामिल उपायों के कार्यान्वयन के बारे में "बिना देरी" ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को सूचित करें।
ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार, दस्तावेज़ को समाप्त करते हुए, सर्बियाई सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा 25 जुलाई 1914 को शनिवार शाम 6 बजे तक कर रही थी।{{Efn|name="Rowe 1920"|{{Cite book |last=Rowe |first=Reginald |url=http://www.gutenberg.org/ebooks/48525 |title=A Concise Chronicle of Events of the Great War |date=1920 |publisher=Philip Allan and Co. |location=London |page=259 |access-date=30 March 2020 |via=[[Project Gutenberg]]}} The text of the ultimatum describes a deadline of 5 o'clock, but it was shifted forward one hour owing to tardiness on the part of the Austro-Hungarian minister in Belgrade.}} एक परिशिष्ट में "गवरिलो प्रिंसिप और उनके साथियों के खिलाफ साराजेवो में अदालत द्वारा की गई अपराध जांच" से विभिन्न विवरण सूचीबद्ध किए गए थे, जो कथित तौर पर विभिन्न सर्बियाई अधिकारियों द्वारा षड्यंत्रकारियों को दी गई दोष और सहायता को प्रदर्शित करते थे।<ref name="ult"/>
ऑस्ट्रो-हंगेरियन मंत्री बैरन वॉन गिसलिंगेन को बेलग्रेड में निर्देश दिए गए थे कि अगर "48 घंटे की समय सीमा" के भीतर ("जिस दिन और घंटे से आपने इसे घोषित किया है") सर्बियाई सरकार से "कोई बिना शर्त सकारात्मक उत्तर" नहीं मिला, तो मंत्री को सभी कर्मचारियों के साथ बेलग्रेड के ऑस्ट्रो-हंगेरियन दूतावास से निकल जाना चाहिए।<ref name="ult"/>
==सर्बिया का उत्तर==
[[File:NikolaPasic--balkancockpitpol00pric 0191.png|thumb|315x315px|निकोला पासिक, सर्बिया के प्रधानमंत्री]]
23 जुलाई की रात, सर्बियाई रीजेंट क्राउन प्रिंस अलेक्जेंडर ने रूसी प्रतिनिधि मंडल का दौरा किया और "ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के प्रति अपना निराशा व्यक्त की, जिसका अनुपालन किसी भी ऐसे राज्य के लिए एक पूर्ण असंभवता है जिसमें उसकी गरिमा के लिए थोड़ा सा भी सम्मान हो"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=195}} रीजेंट और पासिक दोनों ने रूसी समर्थन मांगा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=195}} साजोनोव ने सर्बियाई लोगों को केवल नैतिक समर्थन की पेशकश की जबकि [[निकोलस द्वितीय]] ने सर्बियाई लोगों से बस अंतिम प्रस्ताव को स्वीकार करने और उम्मीद करने को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय राय ऑस्ट्रो-हंगेरियन को अपना विचार बदलने के लिए मजबूर कर देगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=196}} 1914 में जर्मनी के खिलाफ युद्ध के लिए रूस और फ्रांस दोनों की सेनाएं तैयार नहीं थीं, इसलिए सर्बिया पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव की शर्तों को मानने का दबाव था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=196}} क्योंकि ऑस्ट्रो-हंगेरियन ने रूसियों से बार-बार वादा किया था कि उस गर्मी में सर्बिया के खिलाफ कुछ भी योजनाबद्ध नहीं था, उनका कठोर अंतिम प्रस्ताव साजोनोव को बहुत अधिक नाराज नहीं कर सका।{{Sfn|Lieven|1997|p=106}}
अंतिम प्रस्ताव और अन्य यूरोपीय शक्तियों से समर्थन की कमी का सामना करते हुए, सर्बियाई कैबिनेट ने एक समझौता तैयार किया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} इतिहासकार इस बात पर असहमत हैं कि सर्बियाई लोगों ने वास्तव में कितनी हद तक समझौता किया। कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि सर्बिया ने अंतिम प्रस्ताव की सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया, सिवाय बिंदु 6 की मांग के कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन पुलिस को सर्बिया में संचालन की अनुमति दी जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} अन्य, विशेष रूप से क्लार्क, का तर्क है कि सर्बियाई लोगों ने अंतिम प्रस्ताव के जवाब को इस तरह से तैयार किया कि महत्वपूर्ण रियायतें देने का आभास हो, लेकिन: "वास्तव में, यह अधिकांश बिंदुओं पर अत्यधिक सुगंधित अस्वीकृति थी"। यही भावना ऑस्ट्रो-हंगेरियन विदेश कार्यालय ने एक सार्वजनिक पत्र में व्यक्त की, जिसे बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित किया गया, और सर्बिया से प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर एक पत्र में जारी किया गया। पत्र में विदेश कार्यालय ने कहा, “सर्बियाई नोट का उद्देश्य झूठा प्रभाव पैदा करना है कि सर्बियाई सरकार हमारी मांगों का काफी हद तक पालन करने के लिए तैयार है... सर्बियाई नोट में न केवल हमारी कार्रवाई के सामान्य सिद्धांतों के संबंध में बल्कि हमारे द्वारा प्रस्तुत व्यक्तिगत दावों के संबंध में भी इतने व्यापक आरक्षण और सीमाएँ हैं कि सर्बिया द्वारा वास्तव में दी गई रियायतें नगण्य हो जाती हैं।”{{Sfn|Clark|2013|p=466}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के पहले मसौदे के लेखक बैरन एलेक्जेंडर वॉन मुसुलिन ने सर्बियाई उत्तर को "राजनयिक कौशल का सबसे शानदार नमूना" के रूप में वर्णित किया जो उन्होंने कभी देखा था।{{Sfn|Clark|2013|p=504}}
जर्मन शिपिंग टाइकून अल्बर्ट बालिन ने याद किया कि जब जर्मन सरकार ने यह भ्रामक रिपोर्ट सुनी कि सर्बिया ने अंतिम प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, तो "निराशा" हुई, लेकिन जब यह पता चला कि सर्बियाई लोगों ने ऑस्ट्रिया-हंगरी की सभी शर्तें स्वीकार नहीं की हैं, तो "अत्यधिक खुशी" हुई।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} जब बालिन ने सुझाव दिया कि विल्हेम को संकट से निपटने के लिए अपनी नॉर्थ सी क्रूज को समाप्त कर देना चाहिए, तो जर्मन विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि सम्राट को अपनी क्रूज जारी रखनी चाहिए क्योंकि "सब कुछ यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि वह [विल्हेम] अपनी शांतिवादी विचारों के साथ हस्तक्षेप न करें"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} उसी समय, बर्लिन में उनके राजदूत से बर्चटोल्ड को एक संदेश भेजा गया, जिसमें उन्हें याद दिलाया गया, "यहां युद्ध संचालन की शुरुआत में किसी भी देरी को विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप के खतरे के रूप में माना जाता है। हमें तुरंत आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}}
[[File:Serbia1913.png|thumb|1913 में [[सर्बिया]] के राज्य का मानचित्र]]
[[ब्रिटिश]] प्रधानमंत्री एच. एच. अस्क्विथ ने वेनेशिया स्टेनली को लिखे एक पत्र में उन घटनाओं की श्रृंखला का उल्लेख किया जिससे एक सामान्य युद्ध हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि [[ब्रिटेन]] के इसमें शामिल होने का कोई कारण नहीं है।{{Efn|"... [T]he situation is just about as bad as it can possibly be. Austria has sent a bullying and humiliating ultimatum to Serbia, who cannot possibly comply with it, and demanded an answer within forty-eight hours-failing which she will march. This means, almost inevitably, that Russia will come to the scene in defence of Serbia and in defiance of Austria, and if so, it is difficult for Germany and France to refrain from lending a hand to one side or the other. So that we are in measurable, or imaginable, distance of a real Armageddon. Happily, there seems to be no reason why we should be anything more than spectators."{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}}}} भविष्य के प्रधानमंत्री और प्रथम लार्ड ऑफ़ एडमिरल्टी, [[विन्सटन चर्चिल]] ने लिखा, "यूरोप एक सामान्य युद्ध के कगार पर कांप रहा है। सर्बिया को ऑस्ट्रिया का अंतिम प्रस्ताव अपनी तरह का सबसे अपमानजनक दस्तावेज़ है", लेकिन उन्हें विश्वास था कि आने वाले युद्ध में ब्रिटेन तटस्थ रहेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}} ग्रे ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजदूत को सुझाव दिया कि अंतिम प्रस्ताव की समय सीमा बढ़ाई जाए, जिससे शांति बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}} जब ग्रे ने अपने मित्र लिकनोवस्की से कहा कि "ऐसी शर्तों को स्वीकार करने वाला कोई भी राष्ट्र वास्तव में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में गिना नहीं जाएगा", तो विल्हेम ने लिकनोवस्की की रिपोर्ट के हाशिये पर लिखा, "वह बहुत वांछनीय होगा। यह यूरोपीय अर्थ में एक राष्ट्र नहीं है, बल्कि लुटेरों का एक समूह है!"{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}}
साज़ोनोव ने सभी प्रमुख शक्तियों को एक संदेश भेजकर उनसे आग्रह किया कि वे ऑस्ट्रिया-हंगरी पर अंतिम प्रस्ताव की समय सीमा बढ़ाने का दबाव डालें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}} साज़ोनोव ने ऑस्ट्रिया-हंगरी सरकार से फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में सर्बियाई संलिप्तता के अपने दावों का समर्थन करने के लिए अपनी आधिकारिक जांच के परिणाम जारी करने के लिए कहा, जिसे ऑस्ट्रिया-हंगरी ने ठोस सबूतों के बजाय परिस्थितिजन्य साक्ष्य की कमी के कारण करने से इनकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}} कई बार, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने रूसी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया, हालांकि चेतावनी दी गई थी कि ऑस्ट्रिया-सर्बियाई युद्ध आसानी से [[विश्वयुद्ध]] का कारण बन सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=189–190}} साज़ोनोव ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजदूत पर सर्बिया के साथ युद्ध करने का इरादा रखने का आरोप लगाया।{{Efn|"I know what it is. You mean to make war on Serbia ...? You are setting fire to Europe ... Why was Serbia given no chance to speak and why the form of an ultimatum? The fact is you mean war and you have burnt your bridges ... One sees how peace-loving you are."{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}}}}
==ब्रिटेन मध्यस्थता की पेशकश करता है (23 जुलाई)==
23 जुलाई को, ग्रे ने एक मध्यस्थता प्रस्ताव पेश किया जिसमें यह वादा किया गया था कि उनकी सरकार रूस को सर्बिया को प्रभावित करने के लिए, और जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी को प्रभावित करने के लिए मनाने का प्रयास करेगी, जिससे एक आम युद्ध को रोका जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} विल्हेम ने लिचनोव्स्की के उस पत्र के हाशिए पर लिखा जिसमें ग्रे का प्रस्ताव था कि ब्रिटेन के "उपेक्षापूर्ण आदेशों" को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया जाना चाहिए और ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर अपने "असंभव मांगों" में से किसी को भी वापस नहीं लेना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा: "क्या मुझे ऐसा करना चाहिए? इसके बारे में सोचूंगा भी नहीं! वह [ग्रे] 'असंभव' से क्या मतलब रखते हैं?"{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो ने लिचनोव्स्की को यह बताने का आदेश दिया कि जर्मनी को ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के बारे में कथित अज्ञानता थी और जर्मनी ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई संबंधों को "ऑस्ट्रिया-हंगरी का आंतरिक मामला माना, जिसमें हमारे पास हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं था"।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो के बयान ने ब्रिटिश नज़रों में जर्मनी को बहुत बदनाम कर दिया। लिचनोव्स्की ने बर्लिन को बताया, "अगर हम मध्यस्थता में शामिल नहीं होते हैं, तो यहां हमारे और हमारी शांति के प्रति प्रेम में सभी विश्वास टूट जाएगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=65}}
उसी समय, ग्रे को रूसी राजदूत का विरोध झेलना पड़ा, जिसने चेतावनी दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी और रूस के बीच मध्यस्थ के रूप में जर्मनी, इटली, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक सम्मेलन से अनौपचारिक ट्रिपल एंटेंट टूट सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} हालांकि ट्रिपल एंटेंट को विभाजित करने के खतरों के बारे में अपनी आशंकाओं के बावजूद सज़ोनोव ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया,{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} ग्रे ने सज़ोनोव को लिखा कि ब्रिटेन के पास सर्बिया के साथ युद्ध करने का कोई कारण नहीं था, लेकिन आगे के विकास ब्रिटेन को संघर्ष में खींच सकते हैं।{{Efn|"I do not consider that public opinion here would or ought to sanction our going to war over a Serbian quarrel. If, however, war does take place, the development of other issues may draw us into it, and I am therefore anxious to prevent it."{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}}}}
==जर्मनी ने सैन्य परिदृश्यों पर विचार किया (23–24 जुलाई)==
[[File:Erich von Falkenhayn-retouched.jpg|thumb|upright|एरिच वॉन फाल्केनहाइन, जो 1913 से 1914 तक [[प्रशिया]] के युद्ध मंत्री थे, ने रूस पर हमला करने का आग्रह किया।]]
23 जुलाई से, जर्मनी के सभी नेता संकट से निपटने के लिए गुप्त रूप से बर्लिन लौट आए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=201}} बिथमैन होल्वेग के नेतृत्व में उन लोगों के बीच एक विभाजन खुल गया, जो देखना चाहते थे कि ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर हमले के बाद क्या होगा, और मिलिट्री के साथ-साथ, मोल्टके और फाल्केनहेन के नेतृत्व में, जिन्होंने तर्क दिया कि जर्मनी को तुरंत ऑस्ट्रिया-हंगरी के सर्बिया पर हमले के साथ रूस पर जर्मन हमला करना चाहिए। मोल्टके ने बार-बार कहा कि 1914 "निवारक युद्ध" शुरू करने का सबसे अच्छा समय होगा, या रूसी महान सैन्य कार्यक्रम 1917 तक समाप्त हो जाएगा, जिससे जर्मनी कभी भी युद्ध का जोखिम उठाने में सक्षम नहीं होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=202}} मोल्टके ने कहा कि रूसी लामबंदी को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसे खतरे के रूप में नहीं बल्कि एक तरह के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे जर्मनी को युद्ध में जाने की अनुमति मिलेगी जबकि इसे जर्मनी पर थोपने के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=202–203}} रूस में जर्मन सैन्य अटैची ने रिपोर्ट दी कि लामबंदी के लिए रूसी तैयारियाँ अपेक्षित की तुलना में बहुत छोटे पैमाने पर थीं।{{Sfn|Fromkin|2004|p=203}} यद्यपि मोल्टके ने पहले तर्क दिया था कि जर्मनी को "निवारक युद्ध" शुरू करने से पहले रूस के लामबंद होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए, सप्ताह के अंत तक उन्होंने आग्रह किया कि जर्मनी को वैसे भी इसे शुरू करना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=203}} मोल्टके के दृष्टिकोण में, फ्रांस पर सफलतापूर्वक आक्रमण करने के लिए, जर्मनी को आश्चर्य से बेल्जियम के किले लीज़ पर कब्जा करने की आवश्यकता होगी। मोल्टके को लगता था कि जितनी देर कूटनीतिक कार्रवाई चलती रही, लीज़ को आश्चर्यजनक रूप से हमला किए जाने की संभावना उतनी ही कम हो जाती है, और अगर लीज़ नहीं लिया गया तो पूरा श्लीफेन प्लान अस्थिर हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=204–205}}
24 जुलाई को, जिमरमैन ने सभी जर्मन राजदूतों (ऑस्ट्रिया-हंगरी को छोड़कर) को एक संदेश भेजा, जिसमें उन्हें अपने मेज़बान सरकारों को सूचित करने के लिए कहा गया कि जर्मनी को अंतिम प्रस्ताव की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}} उसी दिन, ग्रे, जो अंतिम प्रस्ताव के स्वर से चिंतित थे (जिसे उन्होंने महसूस किया कि इसे अस्वीकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था), ने लिचनोवस्की को चेतावनी दी कि अगर ऑस्ट्रिया-हंगरी की सेनाएँ सर्बिया में प्रवेश करती हैं तो "यूरोपीय युद्ध à quatre" (रूस, ऑस्ट्रिया, फ्रांस और जर्मनी को शामिल करते हुए) का खतरा हो सकता है। ग्रे ने इटली, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के बीच मध्यस्थता का सुझाव दिया ताकि ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध को रोका जा सके। जगो ने ग्रे के प्रस्ताव को तब तक रोक कर रखा जब तक कि अंतिम प्रस्ताव की अवधि समाप्त नहीं हो गई थी, ताकि ब्रिटिश प्रस्ताव को पारित किया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो ने दावा किया कि "[हमने नोट [ऑस्ट्रियाई अंतिम प्रस्ताव] की सामग्री के संबंध में किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं डाला]", और कि जर्मनी "वियना को पीछे हटने की सलाह देने में असमर्थ था" क्योंकि इससे ऑस्ट्रिया-हंगरी को बहुत अधिक अपमान होता।{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}} ब्रिटेन में रूसी राजदूत ने प्रिंस लिचनोवस्की को चेतावनी दी: "केवल एक सरकार जो युद्ध चाहती थी, वह ऐसा नोट [ऑस्ट्रियाई अंतिम प्रस्ताव] लिख सकती थी।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}} बर्चटोल्ड द्वारा रूसी राजदूत को अपनी देश की रूस के प्रति शांतिपूर्ण इरादों के बारे में सूचित करने की बैठक के विवरण को पढ़ने के बाद, विल्हेम ने मार्जिन में लिखा "पूरी तरह से अनावश्यक!" और बर्चटोल्ड को "गधा!" कहा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}}
24 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने रूसी प्रभारी दाफ़्तर से मुलाकात की, जिससे बर्लिन से गुस्से से भरी शिकायतें हुईं।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} बर्लिन ने चेतावनी दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को अन्य शक्तियों के साथ बातचीत में शामिल नहीं होना चाहिए, ताकि कोई समझौता नहीं हो सके। उसी दिन, विल्हेम ने त्स्चिर्शकी से एक डिस्पैच के किनारे पर लिखा, ऑस्ट्रिया-हंगरी को बाल्कन में आक्रामक नहीं होने के लिए "कमज़ोर" कहा, और यह लिखा कि बाल्कन में शक्ति का परिवर्तन "आना ही होगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} ऑस्ट्रिया को रूस की कीमत पर बाल्कन में प्रमुखता हासिल करनी होगी।" स्ज़ोगीनी ने वियना को रिपोर्ट किया कि "यहां आम तौर पर माना जाता है कि यदि सर्बिया हमारी मांगों को अस्वीकार कर देता है, तो हम तुरंत युद्ध की घोषणा करेंगे और सैन्य संचालन शुरू कर देंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} हमें सलाह दी जाती है... कि हम दुनिया को एक तथ्यात्मक स्थिति के साथ सामना करें (मूल में जोर)।" जब बेलग्रेड में जर्मन राजदूत ने रिपोर्ट किया कि सर्बियाई लोग युद्ध या राष्ट्रीय अपमान के विकल्प का सामना कर रहे थे और इससे दुखी थे, तो विल्हेम ने रिपोर्ट के किनारे पर लिखा: "शाबाश! वियना के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती थी!... पूरे सर्बियाई शक्ति की खोखलीपन साबित हो रही है; इस प्रकार, यह सभी स्लाव राष्ट्रों के साथ दिखाई दे रही है! उस भीड़ की एड़ी पर जोर से पैर रखो!"{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}}
==पूर्ण संकट==
24 जुलाई ने वास्तव में जुलाई संकट की शुरुआत को चिह्नित किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} तब तक, दुनिया के अधिकांश लोग बर्लिन और वियना के नेताओं की चालों से अनभिज्ञ थे, और संकट का कोई आभास नहीं था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} इसका एक उदाहरण ब्रिटिश कैबिनेट था, जिसने 24 जुलाई तक विदेश मामलों पर चर्चा नहीं की थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}}
===सर्बिया और ऑस्ट्रिया-हंगरी की सैन्य लामबंदी, फ्रांस ने उठाए तैयारी के कदम (24-25 जुलाई)===
[[File:Plan XVII.svg|thumb|upright=2|[[फ्रांसीसी]] रणनीतिकारों ने मई 1913 में ''प्लान सत्रहवें'' को मंजूरी दी थी, जिसे फ्रांस और जर्मनी के बीच युद्ध की स्थिति में लागू किया जाना था। इस योजना में जर्मन हमले का सामना करने के लिए एक पूर्ण जवाबी आक्रमण की कल्पना की गई थी। 7 अगस्त को ''प्लान सत्रहवें'' के पांच चरणों में वास्तविक कार्यान्वयन, जिसे अब फ्रंटियर्स की लड़ाई के रूप में जाना जाता है, के परिणामस्वरूप फ्रांस की हार हुई।]]
24 जुलाई को, सर्बियाई सरकार ने उम्मीद की थी कि अगले दिन ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा होगी, और इस कारण उन्होंने सैन्य लामबंदी की, जबकि ऑस्ट्रिया-हंगरी ने राजनयिक संबंध तोड़ दिए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=206–207}} ऑस्ट्रिया-हंगरी में ब्रिटिश राजदूत ने लंदन को रिपोर्ट किया: "युद्ध की संभावना निकट मानी जा रही है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} वियना में सबसे अधिक उत्साह है।" अस्क्विथ ने वेनेशिया स्टैनली को एक पत्र में लिखा कि उन्हें चिंता थी कि रूस ब्रिटेन को उस स्थिति में उलझाने की कोशिश कर रहा है जिसे उन्होंने "पिछले 40 वर्षों की सबसे खतरनाक स्थिति" के रूप में वर्णित किया।{{Efn|"Russia is trying to drag us in. The news this morning is that Serbia had capitulated on the main points, but it is very doubtful if any reservations will be accepted by Austria, who is resolved upon a complete and final humiliation. The curious thing is that on many, if not most of the points, Austria has a good and Serbia a very bad case. But the Austrians are quite the stupidest people in Europe (as the Italians are the most perfidious), and there is a brutality about their mode of procedure, which will make most people think that is a case of a big Power wantonly bullying a little one. Anyhow, it is the most dangerous situation of the last 40 years."{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}}}} युद्ध को रोकने के लिए, ब्रिटिश विदेश कार्यालय के स्थायी सचिव, आर्थर निकोलसन, ने फिर से सुझाव दिया कि लंदन में एक सम्मेलन आयोजित किया जाए, जिसकी अध्यक्षता ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, और फ्रांस करे, ताकि ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच विवाद का समाधान किया जा सके।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}}
25 जुलाई को, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने आठ सेना वाहिनियों के लिए सर्बिया के खिलाफ 28 जुलाई से ऑपरेशन शुरू करने के लिए लामबंदी आदेश पर हस्ताक्षर किए; ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत गिसल बेलग्रेड छोड़ गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} पेरिस में कार्यवाहक सरकार ने 26 जुलाई से सभी फ्रांसीसी सैनिकों की छुट्टियाँ रद्द कर दीं और मोरक्को में मौजूद अधिकांश फ्रांसीसी सैनिकों को फ्रांस लौटने का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}}
===रूस ने आंशिक लामबंदी का आदेश दिया (24–25 जुलाई)===
{{See also|प्रथम विश्व युद्ध में रूस का प्रवेश}}
[[File:Русские солдаты перед отправкой на Первую мировую войну.jpg|thumb|रूसी शाही सेना के गैर-कमीशन अधिकारी, 24 जुलाई 1914]]
24-25 जुलाई को रूसी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। रूसी कृषि मंत्री अलेक्जेंडर क्रिवोशिन, जिन पर जार निकोलस द्वितीय को विशेष रूप से भरोसा था, ने तर्क दिया कि रूस जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ संघर्ष के लिए सैन्य रूप से तैयार नहीं था और वह सतर्क दृष्टिकोण से अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकता है।{{Efn|"...[O]ur rearmament programme had not been completed and it seemed doubtful whether our Army and Fleet would ever be able to compete with those of Germany and Austria-Hungary as regards modern technical efficiency ... No one in Russia desired a war. The disastrous consequences of the [[Russo-Japanese War]] had shown the grave danger which Russia would run in case of hostilities. Consequently our policy should aim at reducing the possibility of a European war, but if we remained passive we would attain our objectives ... In his view stronger language than we had used hitherto was desirable."{{Sfn|Lieven|1997|p=108}}}} सजोनोव ने कहा कि रूस ने आमतौर पर अपनी विदेशी नीति में संयम बरता है, लेकिन जर्मनी ने उसके संयम को कमजोरी के रूप में देखा है और इसका फायदा उठाया है।{{Efn|"Germany looked upon our concessions as so many proofs of our weakness and far from having prevented our neighbours from using aggressive methods, we had encouraged them."{{Sfn|Lieven|1997|p=107}}}} रूसी युद्ध मंत्री व्लादिमीर सुखोमलिनोव और नौसेना मंत्री एडमिरल इवान ग्रिगोरोविच ने कहा कि रूस न तो ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार है और न ही जर्मनी के खिलाफ, लेकिन एक सख्त कूटनीतिक रुख आवश्यक है।{{Efn|"[H]esitation was no longer appropriate as far as the Imperial government was concerned. They saw no objection to a display of greater firmness in our diplomatic negotiations"{{Sfn|Lieven|1997|p=109}}}} रूसी सरकार ने फिर से ऑस्ट्रिया-हंगरी से समय सीमा बढ़ाने के लिए कहा और सर्बों को सलाह दी कि वे ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की शर्तों का जितना संभव हो सके उतना कम प्रतिरोध करें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}} अंततः, ऑस्ट्रिया-हंगरी को युद्ध से रोकने के लिए, रूसी मंत्रिपरिषद ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ आंशिक लामबंदी का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=190–191}}
25 जुलाई 1914 को क्रासनोय सेलो में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें निकोलस ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई संघर्ष में हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया, जो कि एक सामान्य युद्ध की ओर एक कदम था। उन्होंने 25 जुलाई को रूसी सेना को सतर्क कर दिया। हालांकि यह पूर्ण रूप से लामबंदी नहीं थी, लेकिन इसने जर्मन और ऑस्ट्रो-हंगेरियन सीमाओं को खतरे में डाल दिया और युद्ध की सैन्य घोषणा के समान दिखाई दिया।<ref name="ReferenceC">{{Cite book |last=Merriman |first=John |title=A History of Modern Europe: From the Renaissance to the Present |date=2009 |publisher=W. W. Norton & Company |isbn=978-0-3939-3433-5 |edition=3 |volume=2 |page=967 |author-link=John M. Merriman}}</ref><ref>{{Cite journal |last=Turner |first=L. C. F. |date=January 1968 |title=The Russian Mobilization in 1914 |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-contemporary-history_1968-01_3_1/page/65 |journal=Journal of Contemporary History |volume=3 |issue=1 |pages=65–88 |doi=10.1177/002200946800300104 |jstor=259967 |s2cid=161629020}}</ref>
हालाँकि रूस का सर्बिया के साथ कोई गठबंधन नहीं था, फिर भी परिषद ने रूसी सेना और बाल्टिक और काला सागर बेड़ों के दस लाख से अधिक सैनिकों की गुप्त आंशिक लामबंदी के लिए सहमति दी। यह जोर देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि युद्ध के सामान्य विवरणों में इससे कुछ भ्रम उत्पन्न होता है, कि यह सर्बिया द्वारा अल्टीमेटम को अस्वीकार करने, 28 जुलाई को ऑस्ट्रो-हंगरी द्वारा युद्ध की घोषणा या जर्मनी द्वारा कोई भी सैन्य कदम उठाए जाने से पहले किया गया था। एक कूटनीतिक कदम के रूप में इसकी सीमित महत्ता थी क्योंकि रूसियों ने 28 जुलाई तक इस लामबंदी को सार्वजनिक नहीं किया था।{{Sfn|Turner|1968|pages=65–88}}
===रूसी विचारधारा===
मंत्रिपरिषद में इस कदम का समर्थन करने के लिए उपयोग किए गए तर्क थे:
#संकट का उपयोग जर्मनों द्वारा अपनी शक्ति बढ़ाने के बहाने के रूप में किया जा रहा था।
#अल्टीमेटम को स्वीकार करने का अर्थ होगा कि सर्बिया ऑस्ट्रिया-हंगरी का संरक्षित राज्य बन जाएगा।
#रूस ने अतीत में पीछे हटने का रास्ता अपनाया था—जैसे कि लिमन वॉन सैंडर्स मामले और बोस्नियाई संकट में—और इससे जर्मनों को शांत करने के बजाय प्रोत्साहन मिला था।
#1904-06 की आपदाओं के बाद रूसी सेना ने काफी हद तक अपनी स्थिति सुधार ली थी।
इसके अलावा, सजोनोव का मानना था कि युद्ध अवश्यंभावी था और उन्होंने इस बात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बियाई विस्तारवाद के मुकाबले जवाबी कदम उठाने का अधिकार था। इसके विपरीत, सजोनोव ने खुद को विस्तारवाद के साथ जोड़ लिया था और ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के पतन की उम्मीद की थी। महत्वपूर्ण बात यह थी कि कुछ दिनों पहले हुई राजकीय यात्रा में फ्रांसीसियों ने अपने रूसी सहयोगियों को मजबूत प्रतिक्रिया देने के लिए स्पष्ट समर्थन दिया था। पृष्ठभूमि में यह भी था कि तुर्की जलडमरूमध्य के भविष्य को लेकर रूस की चिंता—"जहां बाल्कन पर रूस का नियंत्रण सेंट पीटर्सबर्ग को बोस्फोरस पर अनचाहे घुसपैठ को रोकने के लिए कहीं बेहतर स्थिति में रखेगा।"{{Sfn|Clark|2013|p=486}}
क्रिस्टोफर क्लार्क कहते हैं, "24 और 25 जुलाई की बैठकों के ऐतिहासिक महत्व को बढ़ा-चढ़ाकर बताना मुश्किल होगा,"{{Sfn|Clark|2013|p=475}} क्योंकि इसने सर्बिया को साहस दिया और जर्मनी के लिए दांव बढ़ा दिया, जो अभी भी बाल्कन तक सीमित संघर्ष की उम्मीद कर रहा था।{{Efn|"In taking these steps, [Russian Foreign Minister] Sazonov and his colleagues escalated the crisis and greatly increased the likelihood of a general European war. For one thing, Russian pre-mobilization altered the political chemistry in Serbia, making it unthinkable that the Belgrade government, which had originally given serious consideration to accepting the ultimatum, would back down in the face of Austrian pressure. It heightened the domestic pressure on the Russian administration ... it sounded alarm bells in Austria-Hungary. Most importantly of all, these measures drastically raised the pressure on Germany, which had so far abstained from military preparations and was still counting on the localisation of the Austro-Serbian conflict."{{Sfn|Clark|2013|p=480}}}}
रूस की नीति यह थी कि सर्बों पर दबाव डाला जाए कि वे अल्टीमेटम को यथासंभव स्वीकार करें, लेकिन उन्हें अधिक अपमानित न किया जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=191}} रूस युद्ध से बचने के लिए चिंतित था क्योंकि महान सैन्य कार्यक्रम 1917 तक पूरा नहीं होना था, और रूस अन्यथा युद्ध के लिए तैयार नहीं था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=191}} क्योंकि फ्रांस के सभी नेता, जिनमें प्वाइंकारे और विवियानी शामिल थे, सेंट पीटर्सबर्ग में शिखर सम्मेलन से लौटते समय युद्धपोत 'फ्रांस' पर समुद्र में थे, इसलिए फ्रांसीसी सरकार के कार्यवाहक प्रमुख, जीन-बैप्टिस्ट बिएनवे-मार्टिन ने अल्टीमेटम पर कोई रुख नहीं अपनाया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}} इसके अलावा, जर्मनों ने रेडियो संदेशों को जाम कर दिया, जिससे जहाज पर सवार फ्रांसीसी नेताओं और पेरिस के बीच के संपर्क कम से कम गड़बड़ा गए, और संभवतः उन्हें पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}}
===युद्ध से बचने या इसे स्थानीयकृत करने के लिए कूटनीतिक चालें (26 जुलाई)===
25 जुलाई को, ग्रे ने फिर से सुझाव दिया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी को सूचित करे कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम पर सर्बियाई प्रतिक्रिया "संतोषजनक" थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} जैगो ने बिना कोई टिप्पणी किए वियना को ग्रे का प्रस्ताव भेज दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} उसी दिन, जैगो ने रिपोर्टर थियोडोर वोल्फ से कहा कि उनके विचार में "न तो लंदन, न पेरिस, और न ही सेंट पीटर्सबर्ग युद्ध चाहते हैं"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}} उसी दिन, रूस ने घोषणा की कि यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया पर हमला करता है तो वह "अरुचिकर" नहीं रह सकता।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} फ्रांसीसी और रूसी दोनों राजदूतों ने चार-शक्ति मध्यस्थता को खारिज कर दिया, और इसके बजाय बेलग्रेड और वियना के बीच सीधे वार्ता का प्रस्ताव दिया। जैगो ने फ्रैंको-रूसी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया क्योंकि इसने ब्रिटेन को फ्रांस और रूस से अलग करने का सबसे अच्छा मौका दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} प्रिंस लिचनोव्स्की के साथ अपनी वार्ता में, ग्रे ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध के बीच एक स्पष्ट अंतर किया, जो ब्रिटेन से संबंधित नहीं था, और एक ऑस्ट्रो-रूसी युद्ध, जो संबंधित था।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} ग्रे ने कहा कि ब्रिटेन फ्रांस और रूस के साथ तालमेल में काम नहीं कर रहा था, जिससे जैगो की ब्रिटेन को ट्रिपल एंटेंट से अलग करने की उम्मीदें बढ़ गईं।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} उसी दिन, जैगो ने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करने में जल्दी करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए वियना को एक और संदेश भेजा।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}}
26 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने ग्रे के मध्यस्थता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और लिखा कि यदि स्थानीयकरण संभव नहीं होता है, तो द्वैध राजतंत्र "आभार के साथ" जर्मनी के समर्थन पर भरोसा कर रहा था, "यदि हम पर किसी अन्य प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संघर्ष थोपा जाता है"।{{Sfn|Fischer|1967|p=68}} उसी दिन, जनरल हेल्मुथ वॉन मोल्टके ने बेल्जियम को एक संदेश भेजा, जिसमें मांग की गई कि फ्रांस और रूस के खिलाफ आसन्न युद्ध की स्थिति में जर्मन सैनिकों को उस साम्राज्य के माध्यम से गुजरने की अनुमति दी जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=68}} बेथमन हॉलवेग ने लंदन, पेरिस और सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूतों को एक संदेश में कहा कि जर्मन विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य अब यह दिखाना है कि रूस ने जर्मनी को युद्ध में धकेला है, ताकि ब्रिटेन को तटस्थ रखा जा सके और जर्मन जनता की राय को युद्ध के प्रयास में समर्थन दिया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|pp=72–73}} बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम को निकोलस को एक तार भेजने की सलाह दी, जिसके बारे में उन्होंने सम्राट को आश्वासन दिया कि यह केवल जनसंपर्क के उद्देश्य से है।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} जैसा कि बेथमन हॉलवेग ने कहा, "अगर अंततः युद्ध होता है, तो ऐसा एक तार रूस के अपराध को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर देगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} मोल्टके ने जर्मन विदेश मंत्रालय का दौरा किया और जगो को सलाह दी कि जर्मनी को बेल्जियम पर आक्रमण को सही ठहराने के लिए एक अल्टीमेटम का मसौदा तैयार करना शुरू कर देना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=210–211}} बाद में, मोल्टके ने बेथमन हॉलवेग से मुलाकात की और उसी दिन बाद में अपनी पत्नी को बताया कि उन्होंने चांसलर को सूचित किया था कि वह "बहुत असंतुष्ट" थे कि जर्मनी ने अभी तक रूस पर हमला नहीं किया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=211}}
26 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत फ्रेडरिक वॉन पौरताल्स ने सजोनोव से कहा कि वे ग्रे के लंदन में शिखर सम्मेलन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दें,{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} यह कहते हुए कि प्रस्तावित सम्मेलन "बहुत बोझिल" था, और यदि रूस शांति बचाने के प्रति गंभीर था, तो वे सीधे ऑस्ट्रो-हंगेरियनों के साथ बातचीत करेंगे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} सजोनोव ने जवाब दिया कि वह सर्बिया को ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों में से लगभग सभी को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, और पौरताल्स की सलाह का पालन करते हुए, सीधे ऑस्ट्रो-हंगेरियनों के साथ बातचीत के पक्ष में ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} पौरताल्स ने जर्मनी को रिपोर्ट दी कि सजोनोव "अधिक सुलहकारी" हो रहे थे, "एक पुल खोजने" का प्रयास कर रहे थे... "ऑस्ट्रियाई मांगों को संतुष्ट करने के लिए" और शांति बनाए रखने के लिए लगभग कुछ भी करने को तैयार थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=210}} उसी समय, पौरताल्स ने चेतावनी दी कि बाल्कन शक्ति संतुलन में परिवर्तन रूस द्वारा एक अत्यधिक शत्रुतापूर्ण कार्य के रूप में माना जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}} इसके बाद की ऑस्ट्रो-रूसी वार्ता को ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर किसी भी मांग को छोड़ने से इनकार करने के कारण विफल कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} यदि युद्ध छिड़ जाए और ब्रिटेन इसमें शामिल हो जाए, तो एक प्रारंभिक कदम के रूप में, ब्रिटिश एडमिरल्टी के प्रथम लॉर्ड विंस्टन चर्चिल ने ब्रिटिश बेड़े को योजनाबद्ध रूप से न फैलने का आदेश दिया,{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} यह तर्क देते हुए कि ब्रिटिश कदम की खबर युद्ध को रोकने के रूप में काम कर सकती है, और इस प्रकार जर्मनी को कुछ अधिक अनुचित मांगों को उनके अंतिम प्रस्ताव में छोड़ने के लिए ऑस्ट्रिया पर दबाव डालने में मदद कर सकती है। ग्रे ने कहा कि एक समझौता समाधान काम कर सकता है यदि जर्मनी और ब्रिटेन मिलकर काम करें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} उनके दृष्टिकोण ने ब्रिटिश अधिकारियों का विरोध उत्पन्न किया, जिन्होंने महसूस किया कि जर्मन संकट को बुरी नीयत से संभाल रहे थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} निकोलसन ने ग्रे को चेतावनी दी कि उनकी राय में "बर्लिन हमारे साथ खेल रहा है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} ग्रे ने अपनी ओर से निकोलसन के आकलन को खारिज कर दिया और उनका मानना था कि जर्मनी सामान्य युद्ध को रोकने में रुचि रखता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}}
क्वाई डी'ऑर्से के राजनीतिक निदेशक फिलिप बर्थेलोट ने पेरिस में जर्मन राजदूत विल्हेम वॉन शोएन से कहा कि "मेरी साधारण समझ में जर्मनी का रुख समझ से बाहर था यदि उसका उद्देश्य युद्ध नहीं था"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}}
वियना में, कॉनराड वॉन हॉट्जेंडॉर्फ और बर्चटोल्ड इस बात पर असहमत थे कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को ऑपरेशन्स कब शुरू करने चाहिए। कॉनराड ने एक सैन्य आक्रमण के तैयार होने तक इंतजार करना चाहा, जिसकी अनुमानित तिथि 12 अगस्त थी, जबकि बर्चटोल्ड का मानना था कि तब तक प्रतिशोधी हमले के लिए कूटनीतिक अवसर समाप्त हो चुका होगा।{{Efn|Berchtold: "We should like to deliver the declaration of war on Serbia as soon as possible so as to put an end to diverse influences. When do you want the declaration of war?" Conrad: "Only when we have progressed far enough for operations to begin immediately—on approximately August 12th." Berchtold: "The diplomatic situation will not hold as long as that."{{Sfn|Fromkin|2004|p=210}}}}
27 जुलाई को, ग्रे ने प्रिंस लिचनोव्स्की के माध्यम से एक और शांति प्रस्ताव भेजा जिसमें जर्मनी से ऑस्ट्रिया-हंगरी पर अपने प्रभाव का उपयोग करने का अनुरोध किया कि शांति बनाए रखी जाए।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 258, p. 243}} ग्रे ने लिचनोव्स्की को चेतावनी दी कि यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया के खिलाफ आक्रमण जारी रखता है, और जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करता है, तो ब्रिटेन के पास फ्रांस और रूस के पक्ष में जाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 265, p. 247}} फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने पेरिस में जर्मन राजदूत शोन को सूचित किया कि फ्रांस शांतिपूर्ण समाधान खोजने को लेकर चिंतित है, और यदि जर्मनी वियना में संयम की सलाह देता है, तो वह सेंट पीटर्सबर्ग में अपने प्रभाव के साथ पूरी कोशिश करने को तैयार है, क्योंकि सर्बिया ने लगभग हर बिंदु को पूरा कर दिया है।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}}
===विल्हेम के विचार बदलते हैं (26 जुलाई)===
26 जुलाई को, सर्बिया की प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद, विल्हेम ने टिप्पणी की, "लेकिन इससे युद्ध का कोई कारण नहीं बचता"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} या "युद्ध का हर कारण खत्म हो जाता है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} विल्हेम ने नोट किया कि सर्बिया ने "सबसे अपमानजनक प्रकार का आत्मसमर्पण किया है",{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} कि "कुछ आरक्षण जो सर्बिया ने कुछ बिंदुओं के संबंध में किए हैं, मेरे विचार में निश्चित रूप से बातचीत के माध्यम से सुलझाए जा सकते हैं", और ग्रे से स्वतंत्र रूप से काम करते हुए, एक समान "बेलग्रेड में रुकें" प्रस्ताव दिया।{{Sfn|Fischer|1967|pp=71–72}} विल्हेम ने कहा कि चूंकि "सर्ब ओरिएंटल हैं, इसलिए झूठे, चालबाज, और टालमटोल के मास्टर हैं", इसलिए सर्बिया के अपने वादे पर खरा उतरने तक बेलग्रेड पर अस्थायी ऑस्ट्रो-हंगेरियन कब्जा आवश्यक था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}}
विल्हेम के युद्ध के प्रति अचानक बदले हुए विचार से बेथमन हॉलवेग, सैन्य विभाग, और कूटनीतिक सेवा को गुस्सा आ गया, जिन्होंने विल्हेम के प्रस्ताव को विफल करने के लिए आगे कदम उठाया।{{Sfn|Fischer|1967|p=72}} एक जर्मन जनरल ने लिखा: "दुर्भाग्यवश... शांतिपूर्ण समाचार। सम्राट शांति चाहते हैं... वह यहां तक कि ऑस्ट्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं और आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}} बेथमन हॉलवेग ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को रोकने के लिए त्सिर्श्की को निर्देश न देकर विल्हेम के प्रस्ताव को विफल कर दिया।{{Efn|"You must most carefully avoid giving any impression that we want ''to hold Austria back''. We are concerned only to find a ''modus'' to enable the realisation of Austria-Hungary’s aim ''without at the same time unleashing a world war'', and ''should this after all prove unavoidable, to improve as far as possible the conditions under which it is to be waged''."{{Sfn|Fischer|1967|p=72}}}} विल्हेम का संदेश पहुंचाते समय, बेथमन हॉलवेग ने उन हिस्सों को हटा दिया, जिनमें सम्राट ने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को युद्ध में न जाने के लिए कहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}} जैगो ने अपने राजनयिकों से विल्हेम के शांति प्रस्ताव की उपेक्षा करने और युद्ध के लिए दबाव बनाए रखने के लिए कहा। जनरल फाल्केनहाइन ने विल्हेम से कहा कि अब उनके हाथ में इस मामले का नियंत्रण नहीं है। फाल्केनहाइन ने आगे संकेत दिया कि अगर विल्हेम शांति के लिए प्रयास करते रहे तो सैन्य विभाग तख्तापलट की योजना बना सकता है और उनके पुत्र, उग्रवादी क्राउन प्रिंस विल्हेम के पक्ष में उन्हें पदच्युत कर सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}}
बेथमन हॉलवेग ने वियना को अपने टेलीग्राम में युद्ध के दो अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख किया: कि रूस को आक्रांता के रूप में प्रस्तुत किया जाए जिससे एक अनिच्छुक जर्मनी को युद्ध में धकेला जाए, और ब्रिटेन को तटस्थ रखा जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=72}} रूस को आक्रांता के रूप में दिखाने की आवश्यकता बेथमन हॉलवेग के लिए अधिक चिंता का विषय था क्योंकि जर्मन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करने के लिए ऑस्ट्रिया-हंगरी की निंदा की थी और ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करने में जर्मनी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन आयोजित करने का आदेश दिया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}} हालाँकि, बेथमन हॉलवेग को एसपीडी नेताओं से मिली निजी वादों पर बहुत भरोसा था कि वे सरकार का समर्थन करेंगे यदि जर्मनी रूसी हमले का सामना करता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}}
27 जुलाई को, विल्हेम ने उत्तरी सागर में अपनी क्रूज यात्रा समाप्त की और जर्मनी लौट आए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}} विल्हेम 25 जुलाई को शाम 6 बजे, अपने चांसलर की आपत्तियों के बावजूद, कक्सहेवन (कील) पर उतरे।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol II pp. 428n, 434–435}} अगले दोपहर में, ब्रिटिश फ्लीट को फैलाने का आदेश और ब्रिटिश रिजर्विस्ट्स को बर्खास्त करने का आदेश रद्द कर दिया गया, जिससे ब्रिटिश नौसेना को युद्ध की तैयारी में डाल दिया गया।{{Efn|When Wilhelm arrived at the Potsdam station late in the evening of July 26, he was met by a pale, agitated, and somewhat fearful Chancellor. Bethmann Hollweg's apprehension stemmed not from the dangers of the looming war, but rather from his fear of the Kaiser's wrath when the extent of his deceptions were revealed. The Kaiser's first words to him were suitably brusque: "How did it all happen?" Rather than attempt to explain, the Chancellor offered his resignation by way of apology. Wilhelm refused to accept it, muttering furiously, "You've made this stew, Now you're going to eat it!"{{Sfn|Butler|2010|p=103}}}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध की अंतिम तैयारियां करता है (27 जुलाई)===
बाद में, 27 जुलाई को, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध की तैयारियाँ पूरी करनी शुरू कर दीं।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}} उसी दिन, जैगो ने सोजेनी को सूचित किया कि वह ब्रिटिश मध्यस्थता के प्रस्तावों को केवल इसलिए दिखावा कर रहे थे ताकि ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित की जा सके, लेकिन उनका युद्ध रोकने का कोई इरादा नहीं था।{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} सोजेनी ने रिपोर्ट किया "किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए" कि जैगो ने उन्हें वादा किया था कि "जर्मन सरकार ने ऑस्ट्रिया को सबसे बाध्यकारी तरीके से आश्वासन दिया कि वह किसी भी तरह से प्रस्ताव [ग्रे के मध्यस्थता प्रस्ताव] के साथ नहीं जुड़ी है, जो बहुत जल्द ही आपकी एक्सीलेंसी [बेर्चतोल्ड] के ध्यान में लाया जाएगा: इसके विपरीत, यह उनके विचार पर विचार करने के लिए दृढ़ता से विरोध करती है और केवल ब्रिटिश अनुरोध के प्रति सम्मान के कारण उन्हें आगे बढ़ा रही है" (मूल में जोर)।{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} जैगो ने आगे कहा कि वह "ब्रिटिश इच्छा का ख्याल रखने के बिल्कुल खिलाफ थे",{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} क्योंकि "जर्मन सरकार का दृष्टिकोण था कि ब्रिटेन को रूस और फ्रांस के साथ आम कारण बनाने से रोकना इस समय सबसे महत्वपूर्ण था। इसलिए हमें किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए जो जर्मनी और ब्रिटेन के बीच अब तक बहुत अच्छी तरह से काम कर रही लाइन को काट सकती है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} सोजेनी ने अपने टेलीग्राम का अंत किया: "यदि जर्मनी ने ग्रे को स्पष्ट रूप से बताया कि उसने इंग्लैंड की शांति योजना को संप्रेषित करने से इनकार कर दिया, तो वह उद्देश्य [आगामी युद्ध में ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करना] प्राप्त नहीं हो सकता था।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} बेथमन हॉलवेग ने ट्सचिर्स्की को भेजे संदेश में लिखा कि 27 जुलाई को जर्मनी को ब्रिटिश मध्यस्थता पर विचार करते हुए दिखाना चाहिए ताकि उन्हें युद्ध-प्रेमियों के रूप में नहीं देखा जाए।{{Efn|"As we have already rejected one British proposal for a conference, it is not possible for us to refuse this suggestion also ''a limine''. If we rejected every attempt at mediation, the whole world would hold us responsible for the conflagration and represent us as the real war-mongers. That would also make our position impossible here in Germany, where we have got to appear as though the war had been forced on us. Our position is the more difficult because Serbia seems to have given way very extensively. We cannot therefore reject the role of mediator; we have to pass on the British proposal to Vienna for consideration, especially since London and Paris are continuously using their influence on St. Petersburg."{{Sfn|Fischer|1967|p=70}}}} ग्रे के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, बेथमन हॉलवेग ने अंतिम पंक्ति को हटा दिया, जिसमें लिखा था: "इसके अलावा, यहां पूरी दुनिया आश्वस्त है, और मुझे अपने सहयोगियों से सुनाई देता है कि स्थिति की कुंजी बर्लिन में है, और अगर बर्लिन गंभीरता से शांति चाहता है, तो यह वियना को मूर्खतापूर्ण नीति का पालन करने से रोकेगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} लंदन को अपने जवाब में, बेथमन हॉलवेग ने दिखावा किया: "हमने तुरंत वियना में सर एडवर्ड ग्रे द्वारा वांछित अर्थ में मध्यस्थता शुरू कर दी है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} जैगो ने ग्रे के प्रस्ताव को वियना में अपने राजदूत ट्सचिर्स्की को भेजा, लेकिन उन्हें इसे किसी भी ऑस्ट्रो-हंगेरियन अधिकारी को न दिखाने का आदेश दिया, ताकि वे इसे स्वीकार न कर सकें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} उसी समय, बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम को ग्रे के प्रस्ताव का विकृत खाता भेजा।{{Sfn|Fischer|1967|p=71}}
लंदन में, ग्रे ने ब्रिटिश कैबिनेट की बैठक में कहा कि अब उन्हें यह तय करना होगा कि अगर युद्ध होता है तो तटस्थता का चयन करना है या संघर्ष में शामिल होना है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} जबकि कैबिनेट इस बात को लेकर अनिश्चित थी कि किस रास्ते का चयन करना है, चर्चिल ने ब्रिटिश बेड़े को अलर्ट पर रख दिया।{{Efn|His order read: "Secret. European political situation makes war between Triple Alliance and Triple Entente by no means impossible. This is ''not'' the Warning Telegram, but be prepared to shadow possible hostile men of war ... Measure is purely precautionary."{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}}}} पेरिस में ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत, काउंट निकोलस सेचेन वॉन टेमरीन ने वियना को रिपोर्ट किया: "सर्बिया की दूरगामी अनुपालन, जिसे यहाँ संभव नहीं माना गया, ने एक मजबूत प्रभाव डाला है। हमारा रुख इस राय को जन्म देता है कि हम किसी भी कीमत पर युद्ध चाहते हैं।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}} लंदन में एक रूसी राजनयिक ने ग्रे की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने जर्मनी पर शांति के लिए एक शक्ति के रूप में बहुत अधिक विश्वास किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}} ब्रिटिशों को चेतावनी दी गई कि "युद्ध अपरिहार्य है और इंग्लैंड की गलती से है; कि अगर इंग्लैंड ने तुरंत रूस और फ्रांस के साथ अपनी एकजुटता और आवश्यक होने पर लड़ने के इरादे की घोषणा की होती, तो जर्मनी और ऑस्ट्रिया हिचकते।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}} बर्लिन में, एडमिरल जॉर्ज वॉन मुलर ने अपनी डायरी में लिखा कि "जर्मनी को शांत रहना चाहिए ताकि रूस को गलत साबित किया जा सके, लेकिन अगर यह अपरिहार्य हो तो युद्ध से नहीं हिचकना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}} बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम से कहा कि "किसी भी स्थिति में रूस को निर्दयता से गलत साबित किया जाना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}}
28 जुलाई को सुबह 11:49 बजे, प्रिंस लिचनोव्स्की ने चौथा ब्रिटिश मध्यस्थता प्रस्ताव भेजा, जो इस बार किंग जॉर्ज पांचवें और ग्रे दोनों की ओर से आया था।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 201, p. 210}} लिचनोव्स्की ने लिखा कि किंग की इच्छा है कि "ब्रिटिश-जर्मन संयुक्त भागीदारी, फ्रांस और इटली की सहायता से, वर्तमान अत्यंत गंभीर स्थिति में शांति के हित में सफल हो सकती है।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 201, p. 210}} 28 जुलाई को दोपहर 4:25 बजे, लिचनोव्स्की ने बर्लिन को रिपोर्ट दी कि "ऑस्ट्रियाई मांगों के आने के बाद से यहां कोई भी संघर्ष के स्थानीयकरण की संभावना में विश्वास नहीं करता।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 218, p. 221}} निकोलसन और ग्रे के निजी सचिव, विलियम टायरेल ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को "सामान्य युद्ध से बचने की एकमात्र संभावना" के रूप में देखा और उम्मीद की कि "ऑस्ट्रिया को पूर्ण संतोष मिलेगा, क्योंकि सर्बिया ऑस्ट्रिया की धमकियों की तुलना में शक्तियों के दबाव में और उनकी संयुक्त इच्छा के आगे झुकने के लिए अधिक उपयुक्त होगा।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} टायरेल ने ग्रे के विचार को प्रकट किया कि अगर सर्बिया पर आक्रमण हुआ, तो "विश्व युद्ध अनिवार्य होगा।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} लिचनोव्स्की ने अपने बर्लिन के डिस्पैच में "संघर्ष के स्थानीयकरण की संभावना में और विश्वास करने के खिलाफ एक तत्काल चेतावनी" दी।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} जब एडवर्ड गोशेन, बर्लिन में ब्रिटिश राजदूत, ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को जैगो के सामने रखा, तो जर्मनों ने प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} ग्रे को लिखे एक पत्र में, बेथमन हॉलवेग ने कहा कि जर्मनी "ऑस्ट्रिया को उसके सर्बिया के मामले में यूरोपीय न्यायालय के सामने नहीं बुला सकता।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 248, p. 237}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन सैनिकों ने सर्बिया पर आक्रमण करने की तैयारी के कदम के रूप में बोस्निया में ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=217}} फाल्केनहाइन ने जर्मन सरकार से कहा, "अब यह तय हो गया है कि चाहे जो भी कीमत हो, इस मामले को लड़ना होगा," और बेथमन हॉलवेग को तुरंत रूस और फ्रांस पर जर्मन हमला करने का आदेश देने की सलाह दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=217}} मोल्टके ने फाल्केनहाइन का समर्थन करते हुए यह आकलन प्रस्तुत किया कि 1914 जर्मनी के लिए युद्ध करने के लिए एक "विशेष रूप से अनुकूल स्थिति" थी क्योंकि न तो रूस और न ही फ्रांस तैयार थे जबकि जर्मनी था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} एक बार जब 1917 तक रूस का ग्रेट मिलिटरी प्रोग्राम पूरा हो जाएगा, मोल्टके ने कहा कि जर्मनी कभी भी एक विजयी युद्ध की संभावना को मनोरंजन नहीं कर सकेगा और इसलिए उसे दोनों फ्रांस और रूस को तब तक नष्ट कर देना चाहिए जब तक यह संभव था। मोल्टके ने अपने आकलन का अंत इस कथन के साथ किया: "हम इसे अब जितना अच्छा कर सकते हैं, उतना अच्छा फिर कभी नहीं कर पाएंगे।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} जैगो ने वियना को एक संदेश भेजकर मोल्टके का समर्थन किया जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों से कहा कि उन्हें तुरंत सर्बिया पर हमला करना चाहिए क्योंकि अन्यथा ब्रिटिश शांति योजना को स्वीकार किया जा सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा की (28 जुलाई)==
[[File:TelegramWW1.jpg|thumb|ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य का सर्बिया के साम्राज्य को युद्ध की घोषणा करने वाला टेलीग्राम, 28 जुलाई 1914]]
28 जुलाई को सुबह 11:00 बजे ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा कर दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} बेथमन हॉलवेग के निर्देशों के अनुसार, त्सचिर्श्की ने विल्हेम के "स्टॉप इन बेलग्रेड" प्रस्ताव को दोपहर तक पेश नहीं किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} 29 जुलाई 1914 को सुबह 1:00 बजे, पहले विश्व युद्ध की पहली गोलियां ऑस्ट्रो-हंगेरियन मॉनिटर एसएमएस बोड्रोग द्वारा चलाई गईं, जिसने सर्बियाई सैपर्स द्वारा सावा नदी पर रेल पुल को उड़ाने के जवाब में बेलग्रेड पर बमबारी की, जो दोनों देशों को जोड़ता था।<ref>{{Cite news |last=Keys |first=David | author-link = David Keys |date=27 July 2014 |title=Church to mark centenary of the start of WWI |work=[[The Independent]] |url=https://www.independent.co.uk/news/uk/home-news/church-to-mark-the-real-centenary-of-the-start-of-first-world-war-9631887.html |access-date=28 June 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170908181627/http://www.independent.co.uk/news/uk/home-news/church-to-mark-the-real-centenary-of-the-start-of-first-world-war-9631887.html |archive-date=8 September 2017}}</ref> रूसी साम्राज्य में, ऑस्ट्रिया-हंगरी की सीमा से लगे चार सैन्य जिलों के लिए आंशिक लामबंदी का आदेश दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=220}} विल्हेम ने निकोलस को टेलीग्राम भेजकर सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध के लिए रूसी समर्थन की मांग की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=220}} निकोलस ने उत्तर दिया: "आपके वापस आने की ख़ुशी है... मैं आपसे मदद की अपील करता हूं। एक कमजोर देश पर एक अपमानजनक युद्ध घोषित किया गया है... जल्द ही मुझ पर अत्यधिक दबाव डाला जाएगा... अत्यधिक उपाय करने के लिए जो युद्ध की ओर ले जाएंगे। एक यूरोपीय युद्ध जैसी विपत्ति से बचने के लिए, मैं आपसे हमारी पुरानी दोस्ती के नाम पर अनुरोध करता हूं कि आप अपने सहयोगियों को बहुत दूर जाने से रोकने के लिए जो कर सकते हैं वह करें।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}}
सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के तुरंत बाद, कॉनराड ने जर्मनों को सूचित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी 12 अगस्त तक सैन्य अभियान शुरू नहीं कर सकता, जिससे बर्लिन में बहुत गुस्सा हुआ।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} बवेरियन राजनयिक काउंट लेरचेनफेल्ड ने म्यूनिख को सूचना दी: "साम्राज्य सरकार इस प्रकार अत्यधिक कठिन स्थिति में है, जहाँ इस अंतराल के दौरान अन्य शक्तियों के मध्यस्थता और सम्मेलनों के प्रस्तावों के लिए यह उजागर होती है, और यदि यह ऐसे प्रस्तावों की ओर अपनी पिछली आरक्षितता बनाए रखती है, तो एक विश्व युद्ध भड़काने का आरोप अंततः उस पर, यहाँ तक कि जर्मन जनता की नजरों में भी, पड़ सकता है। लेकिन तीन मोर्चों पर (यानी सर्बिया, रूस और फ्रांस में) एक सफल युद्ध शुरू नहीं किया जा सकता और न ही ऐसे आधार पर चलाया जा सकता है। यह आवश्यक है कि संघर्ष के किसी भी विस्तार की जिम्मेदारी, जो सीधे संबंधित शक्तियों पर नहीं है, किसी भी स्थिति में केवल रूस पर ही डाली जानी चाहिए।"{{Sfn|Fischer|1967|p=74}} उसी समय, रूस में जर्मन राजदूत पौरताल्स ने सूचना दी कि, साज़ोनोव के साथ बातचीत के आधार पर, रूस युद्ध से बचने के लिए सर्बिया पर अधिकांश ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों को मानने के लिए दबाव डालने का "आश्चर्यजनक" समझौता करने के लिए तैयार था। बातचीत की संभावना को बेथमन हॉलवेग द्वारा पूरी तरह से खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=75}}
हालाँकि 27 जुलाई तक जगो ने यह दृष्टिकोण व्यक्त किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी की सीमाओं के खिलाफ रूसी आंशिक लामबंदी युद्ध का कारण नहीं थी, लेकिन मोल्टके ने इसके बजाय तर्क दिया कि जर्मनी को तुरंत लामबंद होना चाहिए और फ्रांस पर हमला करना चाहिए। 29 जुलाई को दो बैठकों में, बेथमन हॉलवेग ने मोल्टके को खारिज कर दिया, जिन्होंने तर्क दिया कि जर्मनी को रूस के सामान्य लामबंदी शुरू करने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। जैसा कि बेथमन हॉलवेग ने मोल्टके से कहा, यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका था कि "पूरे घालमेल" का दोष रूस के सिर पर लगाया जा सके, और इस तरह ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित की जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=75}} चांसलर के आदेश के बिना लामबंदी शुरू नहीं करने का वादा करते हुए, मोल्टके ने बेल्जियम में जर्मन सैन्य अताशे को फ्रांस पर हमला करने के लिए रास्ते में जर्मन सैनिकों के गुजरने की अनुमति माँगने का आदेश दिया।{{Sfn|Fischer|1967|pp=75–76}} इसके अलावा, 28 जुलाई को, बेथमन हॉलवेग ने ओटोमन साम्राज्य के साथ एक रूसी विरोधी सैन्य गठबंधन बनाने की पेशकश की।{{Sfn|Fischer|1967|p=84}}
[[File:Satterfield cartoon about war scares in Europe.jpg|thumb|अमेरिकी समाचार पत्र ''रॉक आइलैंड आर्गस'' में 29 जुलाई 1914 को प्रकाशित कार्टून, जिसका शीर्षक है "द ग्लोब ट्रॉटर", जिसमें "जनरल वॉर स्केयर" को अमेरिका-मेक्सिको तनाव से भागते हुए "यूरोप के सभी बिंदुओं" की ओर जाते हुए दिखाया गया है।]]
ब्रिटिश राजदूत गोशेन के साथ एक बैठक में, बेथमन हॉलवेग ने यह स्पष्ट झूठा बयान दिया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी पर सर्बिया के खिलाफ युद्ध छोड़ने के लिए दबाव डाल रहा था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} जैसा कि प्रिंस हेनरी ऑफ प्रशिया ने दिखावा किया कि किंग जॉर्ज पंचम ने उन्हें वादा किया था कि ब्रिटेन तटस्थ रहेगा, कैसर ने ब्रिटेन के साथ एक नौसैनिक समझौते की बेथमन हॉलवेग की पेशकश को अस्वीकार कर दिया, यह कहते हुए कि जर्मनी को अब ब्रिटेन को कुछ भी पेश करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि किंग जॉर्ज ने जाहिर तौर पर अपने देश की तटस्थता का वादा किया था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}}
लंदन में, चर्चिल ने जॉर्ज पांचवें को लिखा कि रॉयल नेवी को "एक प्रारंभिक एहतियाती आधार पर रखा गया है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=222}} चर्चिल ने आगे लिखा कि "यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि ये उपाय किसी हस्तक्षेप को पूर्वाग्रहित नहीं करते हैं या यह मान लेते हैं कि महान शक्तियों की शांति बनी नहीं रहेगी"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=222}}
29 जुलाई को विल्हेम ने निकोलस को एक टेलीग्राम भेजा जिसमें कहा गया, "मुझे लगता है कि आपकी सरकार और वियना के बीच एक प्रत्यक्ष समझौता संभव और वांछनीय है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=223}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन जनरल स्टाफ ने जगो को एक नोट भेजकर उनकी इस बयान के बारे में शिकायत की कि वह रूसी आंशिक लामबंदी को जर्मनी के लिए खतरे के रूप में नहीं देखते, और यह अनुरोध किया कि जर्मनी रूस को सर्बिया का समर्थन करने से रोकने के लिए लामबंदी करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=224}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन संदेश के जवाब में, जगो ने एक रूसी राजनयिक से कहा कि "रूस की आंशिक लामबंदी के जवाब में जर्मनी भी लामबंदी के लिए बाध्य है; इसलिए अब कुछ नहीं किया जा सकता और कूटनीतिज्ञों को अब तोपों को बोलने देना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=224}}
पोस्टडैम में एक बैठक में, एडमिरल अल्फ्रेड वॉन तिरपिट्ज़ के नोट्स के अनुसार, विल्हेम ने "बेटमैन की विदेश मामलों में अयोग्यता के बारे में बिना किसी संकोच के खुद को व्यक्त किया।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} बेटमैन हॉलवेग ने सुझाव दिया कि जर्मनी ब्रिटेन के साथ एक नौसैनिक समझौते पर हस्ताक्षर करे, जिसमें उच्च समुद्र बेड़े के आकार को सीमित करके ब्रिटेन को युद्ध से बाहर रखा जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} तिरपिट्ज़ ने आगे लिखा: "कैसर ने बताया कि चांसलर ने प्रस्ताव दिया था कि इंग्लैंड को तटस्थ रखने के लिए, हमें जर्मन बेड़े को इंग्लैंड के साथ एक समझौते के लिए बलिदान करना चाहिए, जिसे कैसर ने अस्वीकार कर दिया था।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}}
अपने शांति योजना को स्वीकार करने के लिए, ग्रे ने "बेलग्रेड में रोकें" प्रस्ताव का सुझाव दिया, जिसमें ऑस्ट्रिया-हंगरी बेलग्रेड पर कब्जा करेगा और आगे नहीं बढ़ेगा। चूंकि यह वही प्रस्ताव था जो विल्हेम ने किया था, बेथमन हॉलवेग ने इसे एक विशेष खतरे के रूप में देखा क्योंकि इससे जर्मनी के लिए इसे अस्वीकार करना मुश्किल हो जाता।{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} बेथमन हॉलवेग ने अनुरोध किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी कम से कम ब्रिटिश शांति योजना में कुछ रुचि दिखाने का प्रयास करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} बेथमन हॉलवेग के प्रस्ताव को विफल करने के प्रयास में (जो कि ईमानदार नहीं था, लेकिन इसे खतरनाक माना गया था क्योंकि यह सफल हो सकता था), मोल्टके ने वियना से अनुरोध किया कि वे ब्रिटिश शांति योजना पर विचार न करें और इसके बजाय सामान्य लामबंदी का आदेश दें और युद्ध योजना आर को सक्रिय करें, जो रूस के खिलाफ युद्ध के लिए ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध योजना थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}}
29 जुलाई की देर रात बेथमन हॉलवेग के साथ बैठक में, फॉल्कनहाइन और मोल्टके ने फिर से मांग की कि जर्मनी रूस की आंशिक लामबंदी को युद्ध का बहाना बनाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} बेथमन हॉलवेग ने फिर से जोर दिया कि जर्मनी को रूसी सामान्य लामबंदी का इंतजार करना चाहिए क्योंकि यही एकमात्र तरीका था जिससे जर्मन जनता और ब्रिटेन को फ्रांस और रूस के खिलाफ "आसन्न युद्ध" में तटस्थ रखा जा सकता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} रूस को आक्रामक दिखाने के लिए, मोल्टके ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन लामबंदी की मांग की ताकि जर्मनी के लिए इसी तरह की लामबंदी का औचित्य प्रस्तुत किया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} उसी संदेश में, मोल्टके ने ब्रिटिश शांति योजना के विफल होने की आशा व्यक्त की और यह विश्वास जताया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को एक शक्ति के रूप में बचाने का एकमात्र तरीका सामान्य यूरोपीय युद्ध था।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} शाम को, मोल्टके ने अपने अनुरोध को दोहराया और फिर से वादा किया कि "जर्मनी रूस के खिलाफ लामबंद होगा", यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी भी ऐसा ही करे। काउंट सोजीनी ने वियना को रिपोर्ट किया कि जर्मन सरकार "यूरोपीय संघर्ष की संभावना को पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से देखती है",{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} और जर्मन केवल इस बात की चिंता कर रहे थे कि इटली त्रि-गठबंधन का सम्मान नहीं करेगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}}
===ब्रिटेन ने ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करने के जर्मन प्रयासों को अस्वीकार कर दिया (29 जुलाई)===
[[लंदन]] में एक बैठक में, ग्रे ने राजकुमार लिचनोव्स्की को अस्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया, तो ब्रिटेन जर्मनी के खिलाफ युद्ध करने पर विचार करेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे ने अपने "स्टॉप इन बेलग्रेड" शांति योजना को दोहराया और जोर देकर कहा कि जर्मनी इसे स्वीकार करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे ने अपनी बैठक का समापन इस चेतावनी के साथ किया कि "जब तक ऑस्ट्रिया सर्बियाई प्रश्न पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं होता, विश्व युद्ध अनिवार्य है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे की चेतावनियों का समर्थन करने के लिए, ब्रिटिश सरकार ने अपनी सशस्त्र सेनाओं के लिए एक सामान्य चेतावनी जारी की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=227}} पेरिस में, फ्रांसीसी सोशलिस्ट पार्टी के नेता और मुखर शांतिवादी जीन जॉरेस की एक दक्षिणपंथी कट्टरपंथी द्वारा हत्या कर दी गई।{{Sfn|Fromkin|2004|p=227}} सेंट पीटर्सबर्ग में, फ्रांसीसी राजदूत मॉरिस पैलेओलॉग ने 29/30 जुलाई की रात को रूस के आंशिक लामबंदी की देरी से जानकारी मिलने पर रूसी कदम के खिलाफ विरोध किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=229}}
29 जुलाई की रात को गोशेन के साथ एक अन्य बैठक में, बेथमन हॉलवेग ने कहा कि जर्मनी जल्द ही फ्रांस और रूस के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाला है, और ब्रिटेन की तटस्थता सुनिश्चित करने की कोशिश करते हुए उन्होंने वादा किया कि जर्मनी मेट्रोपॉलिटन फ्रांस के किसी भी हिस्से को अपने अधीन नहीं करेगा (हालांकि बेथमन हॉलवेग ने फ्रांसीसी उपनिवेशों के बारे में कोई वादा करने से इनकार कर दिया)।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} उसी बैठक के दौरान, बेथमन हॉलवेग ने लगभग घोषणा कर दी कि जर्मनी जल्द ही बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करेगा, हालांकि बेथमन हॉलवेग ने यह भी कहा कि अगर बेल्जियम ने प्रतिरोध नहीं किया, तो जर्मनी उस राज्य पर कब्जा नहीं करेगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}}
गोशेन–बेथमन हॉलवेग बैठक ने ब्रिटिश सरकार को फ्रांस और रूस के साथ गठबंधन करने का निर्णय लेने के लिए काफी प्रेरित किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} एयरे क्रो ने टिप्पणी की कि जर्मनी ने युद्ध करने का "मन बना लिया" था।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} जर्मनी की नीति थी कि वह ब्रिटेन को अपने युद्ध के उद्देश्यों से अवगत कराए, इस उम्मीद में कि एक ऐसा बयान दिया जा सके जो ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करे।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}} इसके बजाय, बेथमन हॉलवेग के इस कदम का विपरीत प्रभाव पड़ा, क्योंकि अब लंदन के लिए यह स्पष्ट हो गया था कि जर्मनी को शांति में कोई दिलचस्पी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}}
गोषेन की बैठक से निकलने के बाद, बेथमन हॉलवेग को प्रिंस लिचनोव्स्की से एक संदेश मिला जिसमें कहा गया था कि ग्रे चार शक्ति सम्मेलन के लिए अत्यधिक चिंतित हैं, लेकिन यदि जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया, तो ब्रिटेन के पास युद्ध में हस्तक्षेप करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}} ब्रिटिश चेतावनी के जवाब में, बेथमन हॉलवेग ने अचानक दिशा बदल दी, त्शिर्शकी को लिखा कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को मध्यस्थता स्वीकार करनी चाहिए।{{Efn|If therefore, Austria should reject all mediation, we are faced with a conflagration in which Britain would be against us, Italy and Romania in all probability not with us. We should be two Powers against Four. With Britain an enemy, the weight of the operations would fall on Germany ... Under these circumstances we must urgently and emphatically suggest to the Vienna Cabinet acceptance of mediation under the present honourable conditions. The responsibility falling on us and Austria for the consequences which would ensure in case of refusal would be uncommonly heavy."{{Sfn|Fischer|1967|p=79}}}} पाँच मिनट बाद, बेथमन हॉलवेग ने वियना से दूसरे संदेश में "रूस के साथ विचारों का कोई आदान-प्रदान करने से इनकार" करने से रोकने के लिए कहा और चेतावनी दी कि वे "वियना को हमें विश्व युद्ध में लापरवाही से और हमारी सलाह की परवाह किए बिना घसीटने की अनुमति देने से इनकार कर दें।"{{Sfn|Fischer|1967|p=79}} एक अन्य संदेश में, बेथमन हॉलवेग ने लिखा, "एक सामान्य तबाही को रोकने या किसी भी मामले में रूस को गलत साबित करने के लिए, हमें वियना को रूस के साथ बातचीत शुरू करने और जारी रखने की आवश्यकता है।" जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज़ फिशर ने नोट किया, केवल जब बेथमन हॉलवेग को स्पष्ट चेतावनी मिली कि ब्रिटेन युद्ध में हस्तक्षेप करेगा, तब उसने ऑस्ट्रिया-हंगरी पर शांति के लिए दबाव बनाना शुरू किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=79}} बेथमन हॉलवेग की सलाह को ऑस्ट्रिया-हंगरी ने बहुत देर होने के कारण खारिज कर दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=80}} बर्चटोल्ड ने जर्मन राजदूत से कहा कि उन्हें जर्मन प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कुछ दिनों की आवश्यकता होगी, और तब तक घटनाएं जारी रहेंगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=229}}
===जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी से सर्बियाई प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह करता है (28–30 जुलाई)===
[[File:Sukhomlinov Vladimir Alexandrovich (cropped).jpg|thumb|व्लादिमीर सुखोमलिनोव, [[रूसी साम्राज्य]] के युद्ध मंत्री, ने जोर देकर कहा कि रूस के लिए आंशिक लामबंदी असंभव थी।]]
जुलाई संकट की शुरुआत में, जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को पूर्ण समर्थन दिया था। इस रणनीति ने पहले 1908 के अधिग्रहण संकट के दौरान रूस को बाहर रखने में कामयाबी हासिल की थी, और इसलिए शायद यह सबसे अच्छे संभावित दृष्टिकोण के रूप में सोचा गया था जिससे ऑस्ट्रो-सर्ब विवाद को स्थानीयकृत रखा जा सके। 28 जुलाई को, रूस ने सर्बिया पर ऑस्ट्रिया-हंगरी की युद्ध की घोषणा के जवाब में आंशिक लामबंदी का आदेश दिया। इससे बेथमान होल्वेग चिंतित हो गए और उन्होंने अपनी दृष्टि 180 डिग्री बदल दी। 28 जुलाई को पहले से ही, ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा की जानकारी मिलने से दो घंटे पहले, काइज़र ने "हॉल्ट इन बेलग्रेड" योजना का सुझाव दिया था और जगो को यह निर्देश दिया था कि सर्बिया के जवाब के साथ अब युद्ध का कोई कारण नहीं था और वह सर्बिया के साथ मध्यस्थता करने के लिए तैयार थे।{{Efn|"I propose that we say to Austria: Serbia has been forced to retreat in a very humiliating manner and we offer our congratulations. Naturally, as a result, no more cause for war exists, but a guarantee that the promises will be carried out is probably necessary. That could be secured by a temporary military occupation of a portion of Serbia, similar to the way we left troops in France in 1871 until the billions were paid. On this basis I am ready to mediate for peace with Austria. Submit a proposal to me along the lines I have sketched out, to be communicated to Vienna."}}
ऑस्ट्रो-हंगेरियन द्वारा सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के बारे में जानने के बाद, बेथमान होल्वेग ने 28 जुलाई की शाम को वियना को काइज़र की 'प्रतिज्ञा योजना' भेजी, जिसमें त्स्चिरश्की (वियना में जर्मन राजदूत) को बेर्चटोल्ड के सामने "जोरदार" तरीके से इसे व्यक्त करने और "तार द्वारा उत्तर" भेजने के निर्देश दिए गए। बुधवार (29 जुलाई) को पूरे दिन उत्तर की प्रतीक्षा करने के बाद, बेथमान होल्वेग ने तीन और टेलीग्राम भेजे, जिनमें उनके 'प्रतिज्ञा योजना' और ऑस्ट्रिया-हंगरी और रूस के बीच "प्रत्यक्ष वार्ता" के लिए "तत्काल" उत्तर की मांग की गई, और ऑस्ट्रिया-हंगरी की कड़ी निंदा की गई।{{Efn|"These expressions of the Austrian diplomats must be regarded as indications of more recent wishes and aspirations. I regard the attitude of the Austrian Government and its unparalleled procedure towards the various Governments with increasing astonishment. In St. Petersburg it declares its territorial disinterestedness; us it leaves wholly in the dark as to its programme; Rome it puts off with empty phrases about the question of compensation; in London, Count Mensdorff (the Austrian ambassador) hands out part of Serbia to Bulgaria and Albania and places himself in contradiction with Vienna's solemn declaration at St. Petersburg. From these contradictions I must conclude that the telegram disavowing Hoyos {who, on July 5/6 at Berlin, had spoken unofficially of Austria's partitioning of Serbia} was intended for the gallery, and that the Austrian Government is harboring plans which it sees fit to conceal from us, in order to assure itself in all events of German support and to avoid the refusal which might result from a frank statement."}}
जैसे ही रोम से जानकारी मिली कि सर्बिया अब "कुछ शर्तों के तहत, अनुच्छेद 5 और 6 को भी मानने के लिए तैयार है, यानी पूरे ऑस्ट्रियाई अल्टीमेटम को", बेथमान होल्वेग ने यह जानकारी 30 जुलाई को सुबह 12:30 बजे वियना को भेज दी, साथ ही यह भी जोड़ दिया कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम के प्रति सर्बिया की प्रतिक्रिया "बातचीत के लिए उपयुक्त आधार" है।{{Efn|"Please show this to Berchtold immediately and add that we regard such a yielding on Serbia's part as a suitable basis for negotiations along with an occupation of a part of Serbian territory as a pledge."}} बेर्चटोल्ड ने उत्तर दिया कि यद्यपि शत्रुता शुरू होने से पहले ऑस्ट्रो-हंगेरियन नोट की स्वीकृति संतोषजनक होती, "अब जबकि युद्ध की स्थिति शुरू हो चुकी है, ऑस्ट्रिया की शर्तों को स्वाभाविक रूप से एक अलग स्वर लेना चाहिए।" इसके जवाब में, बेथमान होल्वेग, जो अब रूसी आंशिक लामबंदी के आदेश से अवगत थे, ने 30 जुलाई की सुबह के शुरुआती घंटों में कई तार भेजे। उन्होंने 2:55 बजे{{Efn|"The refusal of every exchange of views with St. Petersburg would be a serious mistake, for it provokes Russia precisely to armed interference, which Austria is primarily concerned in avoiding. We are ready, to be sure, to fulfill our obligations as an ally, but we must refuse to allow ourselves to be drawn by Vienna into a world conflagration frivolously and in disregard of our advice. Please say this to Count Berchtold at once with all emphasis and with great seriousness."}} और 3:00 बजे{{Efn|"If Austria refuses all negotiations, we are face to face with a conflagration in which England will be against us ... under these circumstances we must urgently and emphatically urge upon the consideration of the Vienna Cabinet the adoption of mediation in accordance with the above honourable conditions. The responsibility for the consequences which would otherwise follow would be, for Austria and us, an uncommonly heavy one."}} वियना को तार भेजकर आग्रह किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बियाई शर्तों को स्वीकार कर ले ताकि जर्मनी को एक सामान्य युद्ध में शामिल होने से बचाया जा सके।
गुरुवार, 30 जुलाई को दोपहर के भोजन के दौरान बेथमान होल्वेग के ये तड़के भेजे गए तार, बेर्चटोल्ड को ट्सिरस्चकी द्वारा दिए गए। ट्सिरस्चकी ने बर्लिन को रिपोर्ट किया कि बेथमान के तारों को दो बार पढ़े जाने पर बेर्चटोल्ड "पीले और चुप" हो गए, इससे पहले कि उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सम्राट के पास ले जाएंगे।{{Efn|"Berchtold listened pale and silent while they {the Bethmann telegrams} were read through twice; Count Forgach took notes. Finally, Berchtold said he would at once lay the matter before the Emperor."''}} गुरुवार, 30 जुलाई की दोपहर में जब बेर्चटोल्ड सम्राट फ्रांज जोसेफ के साथ मुलाकात के लिए प्रस्थान कर चुके थे, बेर्चटोल्ड के सलाहकार फॉर्गाच और होयोस ने बेथमान होल्वेग को सूचित किया कि उन्हें अगले दिन सुबह (शुक्रवार, 31 जुलाई) तक कोई जवाब मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि तिस्ज़ा, जो तब तक वियना में नहीं होंगे, से परामर्श करना आवश्यक है। बेथमान ने 30 जुलाई के शेष दिन को वियना को बातचीत की आवश्यकता के प्रति प्रभावित करने और शक्तियों को उनकी मध्यस्थता के प्रयासों की जानकारी देने में बिताया।
==रूसी सामान्य लामबंदी (30 जुलाई)==
30 जुलाई को, निकोलस ने विल्हेम को एक संदेश भेजा जिसमें उन्हें सूचित किया गया कि उन्होंने ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ आंशिक लामबंदी का आदेश दिया है, और उनसे शांति समाधान के लिए पूरी कोशिश करने का अनुरोध किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=230}} रूस की आंशिक लामबंदी के बारे में सुनकर, विल्हेम ने लिखा: "फिर मुझे भी लामबंदी करनी होगी।"{{Sfn|Fischer|1967|p=82}} सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत ने निकोलस को सूचित किया कि यदि रूस ने तुरंत सभी सैन्य तैयारियां नहीं रोकीं, जिसमें वे तैयारियां भी शामिल हैं जिन्हें जर्मनी ने पहले आश्वासन दिया था कि वह जर्मनी के खिलाफ खतरे या जर्मन लामबंदी का कारण नहीं मानता, तो जर्मनी लामबंदी करेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}{{Sfn|Geiss|1967|pp=245, 253, 266–267}} रूस में जर्मन सैन्य अटैची ने बताया कि रूसी भय के कारण कार्य कर रहे थे लेकिन "आक्रामक इरादों के बिना"।{{Efn|"I have the impression that they the Russians have mobilized here from a dread of coming events without aggressive intentions and are now frightened at what they have brought about."{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}}} साथ ही, निकोलस के आंशिक लामबंदी के आदेश को साज़ोनोव और रूसी युद्ध मंत्री जनरल व्लादिमीर सुखोमलिनोव से विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने जोर देकर कहा कि आंशिक लामबंदी तकनीकी रूप से संभव नहीं थी, और जर्मनी के रुख को देखते हुए, सामान्य लामबंदी की आवश्यकता थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}} निकोलस ने पहले सामान्य लामबंदी का आदेश दिया और फिर विल्हेम से शांति की अपील प्राप्त करने के बाद इसे अपनी सद्भावना के संकेत के रूप में रद्द कर दिया। सामान्य लामबंदी को रद्द करने से सुखोमलिनोव, साज़ोनोव और रूस के शीर्ष जनरलों की ओर से उग्र विरोध हुआ, जिन्होंने सभी निकोलस से इसे पुनःस्थापित करने का आग्रह किया। कड़ी दबाव में, निकोलस ने हार मान ली और 30 जुलाई को सामान्य लामबंदी का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}
क्रिस्टोफर क्लार्क कहते हैं: "रूसी सामान्य लामबंदी जुलाई संकट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक थी। यह पहली सामान्य लामबंदी थी। यह उस समय हुआ जब जर्मन सरकार ने अभी तक युद्ध की स्थिति घोषित नहीं की थी, जो कि लामबंदी से पहले की तैयारी का अंतिम चरण था।"{{Sfn|Clark|2013|p=509}}
रूस ने ऐसा इसलिए किया:
* 28 जुलाई को सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा युद्ध की घोषणा के जवाब में।
* क्योंकि पहले से आदेशित आंशिक लामबंदी भविष्य की सामान्य लामबंदी के साथ असंगत थी।
* क्योंकि साज़ोनोव का दृढ़ विश्वास था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी की हठधर्मिता जर्मनी की नीति थी और यदि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का नेतृत्व कर रहा था, तो केवल ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ लामबंदी का कोई मतलब नहीं था।
* क्योंकि फ्रांस ने रूस के लिए अपना समर्थन दोहराया, और ऐसा सोचने का महत्वपूर्ण कारण था कि ब्रिटेन भी रूस का समर्थन करेगा।{{Sfn|Clark|2013|pp=510–511}}
निकोलस न तो सर्बिया को ऑस्ट्रिया-हंगरी के अल्टीमेटम के सामने छोड़ना चाहते थे, और न ही एक आम युद्ध को भड़काना चाहते थे। विल्हेम के साथ पत्रों के आदान-प्रदान की श्रृंखला में (जिसे "विली-निक्की पत्राचार" कहा जाता है), दोनों ने शांति की इच्छा प्रकट की और एक-दूसरे से पीछे हटने की कोशिश की। निकोलस चाहते थे कि रूस की लामबंदी केवल ऑस्ट्रो-हंगेरियन सीमा के खिलाफ हो, ताकि जर्मनी के साथ युद्ध को रोका जा सके। हालांकि, उनकी सेना के पास आंशिक लामबंदी के लिए कोई आकस्मिक योजना नहीं थी, और 31 जुलाई 1914 को निकोलस ने सामान्य लामबंदी के आदेश की पुष्टि करने का दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाया, इसके बावजूद उन्हें इसके खिलाफ{{Who|date=November 2021}} जोरदार सलाह दी गई थी।
===जर्मन प्रतिक्रिया रूसी लामबंदी पर===
[[File:The army worm. - Luther D. Bradley.jpg|thumb|upright=1.3|कार्टून शीर्षक "द आर्मी वर्म" जिसमें "युद्ध का खतरा" [[यूरोप]] के लोगों को धमकाते हुए दिखाया गया है, अमेरिकी अखबार ''शिकागो डेली न्यूज'' में, 1914]]
गुरुवार, 30 जुलाई की शाम को, जब [[बर्लिन]] ने [[वियना]] को कुछ प्रकार की बातचीत के लिए मनाने का भरपूर प्रयास किया, और बेथमान होल्वेग अभी भी बेर्चटोल्ड से प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे थे, [[रूस]] ने पूर्ण लामबंदी का आदेश दिया। जब विल्हेम को पता चला कि यदि [[जर्मनी]] [[फ्रांस]] और रूस पर हमला करता है, तो ब्रिटेन के तटस्थ नहीं रहने की संभावना है, तो उन्होंने [[ब्रिटेन]] को "किराना व्यापारियों के उस गंदे राष्ट्र" के रूप में निंदा करते हुए एक उग्र भाषण दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=83}} उसी दिन, रूस विरोधी जर्मन-ओटोमन गठबंधन पर हस्ताक्षर किए गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=84}} मोल्टके ने कॉनराड को एक संदेश भेजा जिसमें रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी के रूप में सामान्य लामबंदी का अनुरोध किया गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}}
30 जुलाई को रात 9:00 बजे, बेथमान होल्वेग ने मोल्टके और फाल्केनहाइन की बार-बार की गई मांगों के आगे झुकते हुए उन्हें यह वादा किया कि जर्मनी अगले दिन दोपहर में "युद्ध के आसन्न खतरे" की घोषणा करेगा, चाहे रूस सामान्य लामबंदी शुरू करे या नहीं।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} 31 जुलाई को सुबह 9:00 बजे रूस की सामान्य लामबंदी के बारे में जानकर बेथमान होल्वेग बेहद खुश हुए, क्योंकि इससे उन्हें युद्ध को रूस द्वारा जर्मनी पर थोपा गया एक कृत्य के रूप में पेश करने का अवसर मिला।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}}
30 जुलाई को आयोजित प्रूसी राज्य परिषद की एक बैठक में, बेथमान होल्वेग ने कहा कि रूस की लामबंदी जर्मनी के लिए चिंता का कारण नहीं थी।{{Efn|"Although the Russian mobilization had been declared, her mobilization measures cannot be compared with those of the West European states ... Moreover, Russia does not intend to wage war, but has been forced to take these measures because of Austria."{{Sfn|Fromkin|2004|p=232}}}} बेथमान होल्वेग ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य घरेलू राजनीतिक कारणों से रूस को युद्ध का "दोषी पक्ष" बनाना था।{{Sfn|Fischer|1967|p=80}} उसी बैठक में, चांसलर ने कहा कि यदि जनमत में यह धारणा बनी कि रूस की लामबंदी ने जर्मनी को युद्ध में धकेला है, तो सोशल डेमोक्रेट्स से "डरने की कोई बात नहीं है"।{{Sfn|Fischer|1967|p=81}} बेथमान होल्वेग ने यह भी कहा, "कोई आम या आंशिक हड़ताल या तोड़फोड़ का सवाल ही नहीं उठेगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=81}}
बाद में उस दिन, बिथमैन होल्वेग ने वियना में जर्मन राजदूत को एक संदेश भेजा, जिसमें बेलग्रेड में रोक के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दबाव बढ़ाया गया।{{Efn|"If Vienna ... refuses ... to give way at all, it will hardly be possible to place the blame on Russia for the outbreak of the European conflagration. H. M. has, on the request of the Tsar, undertaken to intervene in Vienna because he could not refuse without awakening an irrefutable suspicion that we wanted war ... If these efforts of Britain's meet with success, while Vienna refuses everything, Vienna will prove that it is set on having a war, into which we are dragged, while Russia remains free of guilt. This puts us in a quite impossible position in the eyes of our own people. We can therefore only urgently recommend Vienna to accept Grey's proposal, which safeguards its position in every way."{{Sfn|Fischer|1967|p=81}}}} बिथमैन होल्वेग ऐसे हालात में ऑस्ट्रो-हंगेरियन जिद के समर्थन में युद्ध नहीं कर सकते थे। लेकिन थोड़ी देर बाद, "जैसे ही बर्लिन में रूस की सामान्य लामबंदी की खबरें पहुंचने लगीं," चांसलर ने वियना में राजदूत को निर्देश दिया "कि सभी मध्यस्थता प्रयास बंद कर दिए जाएं," और निर्देश को निलंबित कर दिया जाए।{{Sfn|Hewitson|2004|p=202}} फ्रिट्ज फिशर और कुछ अन्य विद्वानों ने वैकल्पिक दृष्टिकोण बनाए रखा है कि प्रिंस हेनरी की आश्वासन कि किंग जॉर्ज ने उन्हें वादा किया था कि ब्रिटेन तटस्थ रहेगा, इस परिवर्तन के लिए जिम्मेदार था।{{Sfn|Fischer|1967|p=81}} फिशर नोट करते हैं कि ये "अनिश्चित" आश्वासन रिपोर्ट करने वाला टेलीग्राम निलंबन [[टेलीग्राम]] भेजने से 12 मिनट पहले पहुंचा और बिथमैन होल्वेग ने खुद इस तरह से रद्दीकरण को सही ठहराया, जबकि यह स्वीकार करते हुए कि उससे पहले बिथमैन होल्वेग ने पहले ही एक टेलीग्राम वियना को तैयार कर लिया था, लेकिन अभी तक नहीं भेजा था, जिसमें उन्होंने समझाया कि उन्होंने "नंबर 200 के निर्देशों के निष्पादन को रद्द कर दिया है, क्योंकि जनरल स्टाफ ने मुझे अभी-अभी सूचित किया है कि हमारे पड़ोसियों की सैन्य गतिविधियाँ, विशेष रूप से पूर्व में, हमें जल्दी निर्णय लेने के लिए मजबूर करती हैं, यदि हमें आश्चर्य से नहीं पकड़ा जाना है।"{{Sfn|Fischer|1967|pp=81–82}}
===ऑस्ट्रो-हंगरी सर्बियाई युद्ध को जारी रखता है, फ्रांस और ब्रिटेन संयम की अपील करते हैं (30–31 जुलाई)===
फ्रांस वापस आने पर, फ्रांसीसी प्रधानमंत्री विवियानी ने सेंट पीटर्सबर्ग को एक संदेश भेजा जिसमें अनुरोध किया कि रूस कोई ऐसा कदम न उठाए जो जर्मनी को लामबंद होने का बहाना दे सके।{{Efn|"[I]n the precautionary measures and defensive measures to which Russia believes herself obliged to resort, she should not immediately proceed to any measure which might offer Germany the pretext for a total or partial mobilization of her forces."{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}}}} फ्रांसीसी सैनिकों को जर्मन सीमा से 10 किलोमीटर (6.2 मील) पीछे हटने का आदेश दिया गया ताकि फ्रांस की शांतिपूर्ण इरादों का संकेत मिल सके।{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}} अस्कुथ ने स्टैनली को लिखते हुए बिगड़ती स्थिति का उल्लेख किया।{{Efn|"The European situation is at least one degree worse than it was yesterday, and has not been improved by a rather shameless attempt on the part of Germany to buy our neutrality during the war by promises that she will not annex French territory (except colonies) or Holland or Belgium. There is something very crude & childlike about German diplomacy. Meanwhile, the French are beginning to press in the opposite sense, as the Russians have been doing for some time. The City, wh. is in a terrible state of depression and paralysis, is the time being all against English intervention."{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}}}}
31 जुलाई को, ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्राउन काउंसिल ने रूस की सीमा पर लामबंदी के बावजूद, सर्बिया के खिलाफ युद्ध जारी रखने का निर्णय लिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=234}} विल्हेम ने निकोलस को रूस की लामबंदी को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में तार भेजा, जो ऑस्ट्रो-हंगरी को खतरे में डाल रही थी। निकोलस ने जवाब दिया कि रूस की सामान्य लामबंदी युद्ध की शुरुआत के रूप में नहीं देखी जानी चाहिए।{{Efn|"I thank you heartily for your mediation which begins to give one hope that all may yet end peacefully. It is technically impossible to our military preparations which were obligatory owing to Austria's mobilization. We are far from wishing war. As long as the negotiations with Austria on Serbia's account are taking place my troops shall not make any ''provocative'' action. I give you my solemn word for this."{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}}}}
पेरिस में जर्मन राजदूत ने विवियानी को एक अल्टीमेटम दिया कि उन्हें या तो रूसियों को उनकी लामबंदी रोकने के लिए मजबूर करना होगा, या "संघर्ष को उत्पन्न करने की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}} विवियानी के पास यह विकल्प था कि वह जार को धमकी दें कि अगर रूस तुरंत डिमोबिलाइज नहीं करता, तो फ्रांस अब एक सहयोगी नहीं रहेगा। विवियानी को उस बिंदु तक रूस की लामबंदी की जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}} फ्रांसीसी सेना के जनरल जोसेफ जोफर ने सामान्य लामबंदी का आदेश देने की अनुमति मांगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}} उनका अनुरोध अस्वीकृत कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}}
मध्यरात्रि के करीब, रूस में जर्मन राजदूत ने एक अल्टीमेटम दिया कि 12 घंटे के भीतर लामबंदी बंद करें, नहीं तो जर्मनी भी लामबंद हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}}
==जर्मन लामबंदी (1–3 अगस्त)==
[[File:Plan Moltke-Schlieffen 1914.svg|thumb|upright=2|[[फ्रांस]] और [[रूस]] के साथ युद्ध की स्थिति में श्लीफेन योजना को दर्शाने वाला नक्शा। जर्मनी का मानना था कि फ्रांस और रूस के साथ युद्ध की स्थिति में उनकी जीत का मार्ग पहले फ्रांस को जल्दी से हराना होगा, उसके बाद रूस से लड़ना होगा। पश्चिमी मोर्चे पर त्वरित समाधान की आवश्यकता ने जर्मनी को उत्तरी दिशा में जाकर फ्रांसीसी रक्षा किलेबंदी ''(यहां नीले क्षेत्रों के रूप में चित्रित)'' से बचने और बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करने के लिए प्रेरित किया।]]
जब बर्लिन में रूसी सामान्य लामबंदी की खबर पहुँची, तो विल्हेम ने जर्मन लामबंदी के आदेश पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई, और जर्मन सैनिकों ने फ्रांस पर आक्रमण की तैयारी के रूप में लक्जमबर्ग और बेल्जियम में प्रवेश करने की तैयारी शुरू कर दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज फिशर ने नोट किया, रूसी लामबंदी का इंतजार करने में बेथमान होल्वेग का दांव सफल रहा, और सोशल डेमोक्रेट्स ने सरकार का समर्थन किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} बवेरियन सैन्य अटैची ने रूसी लामबंदी की खबर पर युद्ध मंत्रालय के हॉल में उत्सव की सूचना दी।{{Efn|"I run to the War Ministry. Beaming faces everywhere. Everyone is shaking hands in the corridors: people congratulate one another for being over the hurdle."{{Sfn|Fromkin|2004|p=242}}}} श्लीफेन योजना के तहत, जर्मनी के लिए लामबंदी का मतलब युद्ध था क्योंकि योजना के हिस्से के रूप में, जर्मन सैनिकों को जैसे ही बुलाया जाता, वे स्वचालित रूप से बेल्जियम पर आक्रमण करते।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=233–239}} अन्य शक्तियों की युद्ध योजनाओं के विपरीत, जर्मनी के लिए लामबंदी का मतलब युद्ध में जाना था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}} मोल्टके और फॉल्केनहेन दोनों ने सरकार से कहा कि जर्मनी को युद्ध की घोषणा करनी चाहिए, भले ही रूस बातचीत की पेशकश करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}}
अस्कुथ ने लंदन में स्टेनली को लिखा कि "वर्तमान में आम राय—विशेष रूप से सिटी में मजबूत है—कि किसी भी कीमत पर बाहर रहना है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}} ब्रिटिश कैबिनेट बुरी तरह विभाजित थी, कई मंत्री ब्रिटेन के युद्ध में शामिल होने का कड़ा विरोध कर रहे थे; एक प्रमुख व्यक्ति डेविड लॉयड जॉर्ज थे, जो वित्त मंत्री थे, जिन्होंने शुरू में ब्रिटेन के विकल्पों को खुला रखने का समर्थन किया, फिर अगस्त की शुरुआत में इस्तीफा देने की संभावना थी, लेकिन अंत में पद पर बने रहे क्योंकि उन्होंने बेल्जियम के खिलाफ जर्मन आक्रमण को पर्याप्त युद्ध का कारण माना। कंजरवेटिव्स ने सरकार से वादा किया कि अगर युद्ध विरोधी लिबरल मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो वे युद्ध में जाने के समर्थन में सरकार में प्रवेश करेंगे। एफ. ई. स्मिथ ने चर्चिल से कहा कि अगर फ्रांस पर हमला होता है तो कंजरवेटिव्स जर्मनी के खिलाफ युद्ध का समर्थन करेंगे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}}
[[File:Mobilization order is read out in Berlin, 1 August 1914.jpg|thumb|बर्लिन की भीड़ 1 अगस्त 1914 को एक जर्मन अधिकारी को विल्हेम द्वितीय के लामबंदी आदेश पढ़ते हुए सुनती है।]]
31 जुलाई को विल्हेम ने लिखा कि ट्रिपल एंटेंट ने जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ अपनी संधि दायित्वों में फंसाने की साजिश रची है "हमारे खिलाफ विनाशकारी युद्ध छेड़ने के बहाने के रूप में।"{{Efn|"For I no longer have any doubt that England, Russia and France have agreed among themselves—knowing that our treaty obligations compel us to support Austria-Hungary—to use the Austro-Serb conflict as a pretext for waging a war of annihilation against us. ... Our dilemma over keeping faith with the old and honorable Emperor has been exploited to create a situation which gives England the excuse she has been seeking to annihilate us with a spurious appearance of justice on the pretext that she is helping France and maintaining the well-known Balance of Power in Europe, i.e. playing off all European States for her own benefit against us."{{Sfn|Balfour|1964|pp=350–351}}}}
1 अगस्त 1914 को फ्रांस की तटस्थता की गारंटी के लिए एक ब्रिटिश प्रस्ताव भेजा गया, जिसे विल्हेम ने तुरंत स्वीकार कर लिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} शाम 4:23 बजे ब्रिटेन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिशनोव्स्की से एक टेलीग्राम आया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} लिशनोव्स्की ने उन आश्वासनों को दोहराया जो उन्होंने गलती से सोचा था कि ग्रे ने उन्हें दिए थे: फ्रांस की तटस्थता की गारंटी देने और युद्ध को पूर्व में लड़ने तक सीमित रखने के लिए एक नियोजित ब्रिटिश प्रस्ताव।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} इसके बाद विल्हेम ने जर्मन सेना को अकेले रूस पर हमला करने का आदेश दिया, जिससे मोल्टके द्वारा तीव्र विरोध हुआ कि तकनीकी रूप से ऐसा करना संभव नहीं था क्योंकि जर्मन सेना का अधिकांश हिस्सा पहले से ही लक्ज़मबर्ग और बेल्जियम में आगे बढ़ रहा था।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 381}} विल्हेम ने तुरंत दूतावास और शाही स्तर पर टेलीग्राम द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इस निर्णय के अनुसार, विल्हेम II ने अपने जनरलों से पूर्व की ओर लामबंदी करने की मांग की। जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख मोल्टके ने उन्हें बताया कि यह असंभव था, जिसके जवाब में कैसर ने कहा, "आपके चाचा मुझे एक अलग जवाब देते!"{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 172|ps=, referencing ''Die Deutschen Dokumente zum Kriegsausbruch'', Vol III, p. 562}} इसके बजाय, यह तय किया गया कि नियोजित तरीके से लामबंदी की जाएगी और लक्ज़मबर्ग के नियोजित आक्रमण को रद्द कर दिया जाएगा। एक बार लामबंदी पूरी होने के बाद, सेना को पूर्व की ओर पुन: तैनात किया जाएगा। विल्हेम के आदेश के जवाब में, एक निराश मोल्टके ने शिकायत की, "अब, यह केवल रूस के पीछे हटने की बात रह गई है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} चूंकि वास्तव में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, विल्हेम द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार करने पर लंदन में भ्रम की स्थिति पैदा हुई; कोई समझौता नहीं हुआ, और किंग जॉर्ज ने जवाब में लिखा, "मुझे लगता है कि कुछ गलतफहमी होनी चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}} किंग जॉर्ज का टेलीग्राम मिलने के बाद, विल्हेम ने मोल्टके से लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण जारी रखने के लिए कहा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}}
बर्लिन में बेथमान होल्वेग ने घोषणा की कि जर्मनी ने लामबंदी कर ली है और फ्रांस को एक अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें कहा गया कि वह रूस के साथ अपने गठबंधन को त्याग दे या जर्मन हमले का सामना करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=237}} लक्जमबर्ग और बेल्जियम में जर्मन सैनिकों के आक्रमण की खबरों और जर्मन अल्टीमेटम के जवाब में 1 अगस्त को फ्रांसीसी लामबंदी को अधिकृत किया गया;{{Sfn|Fromkin|2004|p=237}} उसी दोपहर, विल्हेम ने लामबंदी के आदेशों पर हस्ताक्षर किए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} बेथमान होल्वेग मोल्टके से नाराज़ थे क्योंकि उन्होंने पहले उन्हें सूचित किए बिना विल्हेम से आदेशों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} 1 अगस्त को शाम 7:00 बजे तक जर्मन सैनिकों ने लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=239–240}}
===जर्मनी ने रूस, फ्रांस, और बेल्जियम के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (1-4 अगस्त)===
लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण के साथ ही, 1 अगस्त 1914 को<ref name="loc.gov">{{Cite web |title=Declarations of War from Around the World: Germany |url=https://www.loc.gov/law/help/digitized-books/world-war-i-declarations/foreign.php |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20170514054400/http://www.loc.gov/law/help/digitized-books/world-war-i-declarations/foreign.php |archive-date=2017-05-14 |access-date=May 9, 2017 |website=Law Library of Congress}}</ref> जर्मनी ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}} अपनी युद्ध घोषणा प्रस्तुत करते समय, जर्मन राजदूत ने गलती से रूसियों को युद्ध घोषणा की दोनों प्रतियाँ दे दीं, जिसमें से एक में दावा किया गया था कि रूस ने जर्मनी को जवाब देने से इनकार कर दिया था और दूसरी में कहा गया था कि रूस के जवाब अस्वीकार्य थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=241}} ग्रे ने लिशनोव्स्की को चेतावनी दी कि अगर जर्मनी ने बेल्जियम पर आक्रमण किया, तो ब्रिटेन युद्ध में शामिल हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=241}}
2 अगस्त की सुबह, जब फ्रांसीसी सैनिक अभी भी जर्मन सीमा से दूर थे,{{Sfn|Otte|2014|p=487}} जर्मन सैनिकों ने बेल्जियम और फ्रांस पर आक्रमण की तैयारी के तहत लक्जमबर्ग पर नियंत्रण कर लिया।{{Sfn|Otte|2014|p=477}}
2 अगस्त को ब्रिटिश सरकार ने वादा किया कि रॉयल नेवी जर्मन हमले से फ्रांस के तट की रक्षा करेगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=243}} ग्रे ने फ्रांस के राजदूत पॉल कैंबोन को फ्रांस की रक्षा के लिए ब्रिटेन की नौसेना की दृढ़ आश्वासन दी। कैंबोन के विवरण के अनुसार: "मुझे लगा कि युद्ध जीत लिया गया है। सब कुछ तय हो गया था। सच में, एक महान देश आधे-अधूरे मन से युद्ध नहीं करता है। एक बार जब उसने समुद्र में युद्ध लड़ने का फैसला किया, तो वह अनिवार्य रूप से इसे भूमि पर भी लड़ने के लिए प्रेरित होगा।"{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, pp. 406–407|ps=, referencing Recouly p. 55 for the quote}} ब्रिटिश कैबिनेट के भीतर, यह व्यापक भावना थी कि जर्मनी जल्द ही बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करेगा और एक शक्ति के रूप में फ्रांस को नष्ट कर देगा, जिससे यह स्वीकार्यता बढ़ गई कि ब्रिटेन को हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=244}}
जर्मनी ने 2 अगस्त को बेल्जियम को एक अल्टीमेटम दिया, जिसमें फ्रांस के रास्ते में जर्मन सेना के लिए मुक्त मार्ग की मांग की गई थी। बेल्जियम के राजा अल्बर्ट ने अपने देश की तटस्थता का उल्लंघन करने के जर्मन अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=247}} 3 अगस्त को जर्मनी ने फ्रांस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की,<ref name="loc.gov"/> और 4 अगस्त को बेल्जियम के खिलाफ। इस कार्य ने बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन किया, जिसकी स्थिति के लिए जर्मनी, फ्रांस, और ब्रिटेन सभी संधि द्वारा प्रतिबद्ध थे; बेल्जियम की तटस्थता का जर्मन उल्लंघन ब्रिटेन के युद्ध की घोषणा के लिए कारण बना।{{Sfn|Albertini|1953|p=504}}
बाद में 4 अगस्त को, बेथमान होल्वेग ने राइखस्टाग से कहा कि बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग पर जर्मन आक्रमण अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन था, लेकिन तर्क दिया कि जर्मनी "आवश्यकता की स्थिति में है, और आवश्यकता कोई कानून नहीं जानती।"
==ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (4 अगस्त)==
[[File:"One of the pathetic farewell scenes when the 85th went away last night", Montreal Daily Star, p.1, 21 August 1914 (19345678448).jpg|thumb|21 अगस्त 1914 को, साराजेवो में हत्या के दो महीने से भी कम समय बाद, कनाडाई एक्सपेडिशनरी फोर्स का एक सैनिक ब्रिटेन के लिए क्यूबेक से रवाना होने से पहले।]]{{Main|ब्रिटेन की प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
शाम 7 बजे, 4 अगस्त को, गोशेन ने जगो को ब्रिटेन का अल्टीमेटम दिया, जिसमें उस शाम (पांच घंटे के भीतर) आधी रात तक बेल्जियम की तटस्थता के उल्लंघन को आगे न बढ़ाने की प्रतिबद्धता की मांग की गई थी। जगो ने ब्रिटिश अल्टीमेटम को अस्वीकार कर दिया, और गोशेन ने अपने पासपोर्ट मांगे और बेथमान होल्वेग के साथ एक निजी और व्यक्तिगत बैठक का अनुरोध किया, जिन्होंने गोशेन को उनके साथ रात के खाने के लिए आमंत्रित किया। उनकी अत्यधिक भावनात्मक बातचीत के दौरान, बेथमान होल्वेग, जिन्होंने अपने करियर को संबंध सुधारने की कोशिश में बिताया था, ने ब्रिटेन पर अपने राष्ट्रीय एजेंडे के लिए युद्ध में जाने का आरोप लगाया, जो बेल्जियम के एजेंडे से असंबंधित था, जिसे उसके साथ किए गए गलत के लिए मुआवजा दिया जाता। उन्होंने ग्रे के भाषण को यह प्रमाणित करने के रूप में उद्धृत किया कि ब्रिटेन बेल्जियम के लिए युद्ध में नहीं जा रहा था।{{Efn|"One needs only to read this speech through carefully to learn the reason of England's intervention in the war. Amid all his beautiful phrases about England's honour and England's obligations, we find it over and over again expressed that England's interests—its own interests—called for participation in war, for it was not in England's interests that a victorious, and therefore stronger, Germany should emerge from the war."<ref name=FWWDoc/>}}<ref name="FWWDoc">{{Cite web |title=First World War.com – Primary Documents – The Scrap of Paper, 4 August 1914 |url=http://www.firstworldwar.com/source/scrapofpaper2.htm |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107163503/http://firstworldwar.com/source/scrapofpaper2.htm |archive-date=7 November 2017 |access-date=3 May 2018 |website=www.firstworldwar.com}}</ref> गोशेन की ग्रे को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, बेथमान होल्वेग ने कहा कि 1839 की लंदन संधि ब्रिटेन के लिए (जर्मनी के लिए नहीं), एक बहाना थी, यानी एक "कागज़ का टुकड़ा"<ref name="byu.edu">{{Cite web |title=World War I, Origin of the Term "A Scrap of Paper" |url=http://net.lib.byu.edu/~rdh7/wwi/1914/paperscrap.html.bak |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20180322015509/http://net.lib.byu.edu/~rdh7/wwi/1914/paperscrap.html.bak |archive-date=22 March 2018 |access-date=3 May 2018 |website=net.lib.byu.edu}}</ref> और, एंग्लो-जर्मन युद्ध के "भयावह तथ्य" की तुलना में,{{Sfn|Bethmann Hollweg|1920|pp=158–159}} महामहिम की सरकार द्वारा उठाए गए कदम भयानक थे; सिर्फ एक शब्द के लिए—"तटस्थता", एक ऐसा शब्द जिसे युद्ध के समय में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था—सिर्फ एक कागज़ के टुकड़े के लिए ब्रिटेन एक ऐसे जातीय राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने जा रहा था, जो इसके साथ दोस्ती के अलावा कुछ नहीं चाहता था।<ref name="byu.edu" />
4 अगस्त को गोशेन के टेलीग्राम ग्रे तक कभी नहीं पहुंचे, इसलिए यह स्पष्ट नहीं था कि ब्रिटेन और जर्मनी के बीच युद्ध की स्थिति तब तक मौजूद थी या नहीं जब तक कि बर्लिन के समय के अनुसार आधी रात को अल्टीमेटम की अवधि समाप्त नहीं हो गई।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 500}} 4 अगस्त 1914 को ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। ब्रिटिश सरकार ने युद्ध के मैदान में फ्रांको-प्रुशियन युद्ध जैसे तेजी से चलने वाले सीमित संघर्ष की उम्मीद की थी, जिसमें ब्रिटेन मुख्य रूप से अपनी महान नौसैनिक शक्ति का उपयोग करेगा।{{Sfn|Strachan|2001|pp=97–98}} 6 अगस्त को "स्क्रैप ऑफ पेपर" बातचीत पर गोशेन के वर्णन को बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा संपादित और प्रकाशित किया गया, जिसने ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका में सार्वजनिक राय को क्रोधित कर दिया।{{Sfn|Boyle|1999|p=134}}{{Sfn|Tuchman|2004|p=153}}
युद्ध के प्रारंभ में, विल्हेम ने कहा: "यह सोचने वाली बात है कि जॉर्ज और निक्की ने मेरे साथ धोखा किया! अगर मेरी दादी जीवित होतीं, तो वह इसे कभी नहीं होने देतीं।"{{Sfn|Balfour|1964|p=355}}
===ब्रिटिश सोच===
[[File:Townsend. World War I (Punch Magazine 1914).jpg|thumb|ब्रिटिश व्यंग्य पत्रिका ''पंच'' ने अगस्त 1914 में [[बेल्जियम]] को एक झगड़ालू युवक के रूप में चित्रित किया जो बुजुर्ग और धमकाने वाले [[जर्मनी]] के रास्ते में बाधा डाल रहा है।]]
ब्रिटेन के युद्ध की घोषणा के कारण जटिल थे। युद्ध शुरू होने के बाद, प्रचार का कारण यह बताया गया कि [[लंदन]] संधि के तहत ब्रिटेन को बेल्जियम की तटस्थता की रक्षा करनी थी। इसलिए, बेल्जियम पर जर्मन आक्रमण युद्ध का कारण बना और महत्वपूर्ण रूप से, इसने युद्ध के लिए युद्ध-विरोधी लिबरल पार्टी के मतदाताओं के बीच लोकप्रिय समर्थन को वैध और प्रोत्साहित किया। हालाँकि, 1839 की लंदन संधि ने ब्रिटेन को अकेले बेल्जियम की तटस्थता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं किया था।
बल्कि, फ्रांस के लिए ब्रिटेन का समर्थन निर्णायक था। ग्रे ने तर्क दिया कि फ्रांस के साथ नौसैनिक समझौतों (हालांकि उन्हें कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था) ने ब्रिटेन और फ्रांस के संबंध में एक नैतिक दायित्व पैदा किया। ब्रिटिश विदेश कार्यालय के अधिकारी एयरे क्रो ने कहा: "अगर युद्ध होता है, और इंग्लैंड अलग रहता है, तो दो में से एक चीज़ अवश्य होगी। (a) या तो जर्मनी और ऑस्ट्रिया जीतते हैं, फ्रांस को कुचलते हैं और रूस को अपमानित करते हैं। एक बिना दोस्त वाले इंग्लैंड की स्थिति क्या होगी? (b) या फ्रांस और रूस जीतते हैं। इंग्लैंड के प्रति उनका रवैया क्या होगा? भारत और भूमध्यसागरीय क्षेत्र का क्या होगा?"{{Sfn|Clark|2013|p=544}}
यदि ब्रिटेन ने अपने एंटेंट सहयोगियों को छोड़ दिया, तो उसे डर था कि यदि जर्मनी युद्ध जीत जाता है, या ब्रिटिश समर्थन के बिना एंटेंट जीत जाता है, तो किसी भी स्थिति में वह बिना किसी सहयोगी के रह जाएगा। इससे ब्रिटेन और उसके साम्राज्य को हमले के लिए असुरक्षित छोड़ दिया जाता।{{Sfn|Clark|2013|p=544}}
घरेलू मोर्चे पर, लिबरल कैबिनेट विभाजित था, और यदि युद्ध की घोषणा नहीं की जाती, तो सरकार गिर जाती क्योंकि एस्क्विथ, ग्रे और चर्चिल ने स्पष्ट कर दिया था कि वे इस्तीफा दे देंगे। उस स्थिति में, मौजूदा लिबरल सरकार संसद पर नियंत्रण खो देगी और युद्ध समर्थक कंजरवेटिव सत्ता में आ जाएंगे। लिबरल पार्टी शायद कभी उबर नहीं पाती—जैसा कि वास्तव में 1916 में हुआ।{{Sfn|Clark|2013|p=545}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (6 अगस्त)==
{{Expand section|date=November 2021}}
6 अगस्त को, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने रूस के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी की युद्ध घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
==इन्हें भी देखें==
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Allies_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के सहयोगी]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Causes_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के कारण]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Central_Powers केंद्रीय शक्तियाँ]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Commission_of_Responsibilities जिम्मेदारियों का आयोग]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Diplomatic_history_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध का राजनयिक इतिहास]
** [https://en.wikipedia.org/wiki/Historiography_of_the_causes_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के कारणों का इतिहासलेखन]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Financial_crisis_of_1914 1914 का वित्तीय संकट]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/International_relations_(1814%E2%80%931919) महान शक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय संबंध (1814–1919)]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Powder_keg_of_Europe यूरोप का पाउडर केग]
==टिप्पणी==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
===उद्धृत कार्य===
{{Refbegin}}
* {{Cite book |last=Albertini |first=Luigi |title=Origins of the War of 1914 |date=1952–1953 |publisher=Oxford University Press |location=London |oclc=443476100 |ref={{Harvid|Albertini|1953}} |author-link=Luigi Albertini}}
** [https://archive.org/details/albertinitheoriginsofthewar1914 Volume 2 covers July 1914.]
* {{Cite book |last=Balfour |first=Michael |url=https://archive.org/details/kaiserhistimes00balf |title=The Kaiser and His Times |date=1964 |publisher=Houghton Mifflin |location=Boston |oclc=1035915119 |author-link=Michael Balfour (historian)}}
* {{Cite book |last=Bethmann Hollweg |first=Theobald von |url=https://archive.org/details/reflectionsonpt100bethuoft |title=Reflections on the World War |date=1920 |publisher=Thornton Butterworth Ltd. |location=London |oclc=39131741 |author-link=Theobald von Bethmann Hollweg}}
* {{Cite book |last=Boyle |first=Francis Anthony |url=https://archive.org/details/foundationsofwor00fran |title=Foundations of World Order: The Legalist Approach to International Relations (1898–1922) |date=1999 |publisher=Duke University Press |isbn=978-0-8223-2364-8 |location=US |author-link=Francis Boyle |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Butcher |first=Tim | author-link = Tim Butcher |title=The Trigger: Hunting the Assassin Who Brought the World to War |url=https://archive.org/details/triggerhuntforga0000butc |date=2015 |publisher=Vintage Publishing |isbn=978-0-0995-8133-8 |series=Vintage Books}}
* {{Cite book |last=Butler |first=David Allen |title=The Burden of Guilt: How Germany Shattered the Last Days of Peace, Summer 1914 |url=https://archive.org/details/burdenofguilthow0000butl |date=2010 |publisher=Casemate |isbn=978-1-9351-4927-9}}
* {{Cite book |last=Clark |first=Christopher M. |title=The Sleepwalkers: How Europe Went to War in 1914 |url=https://archive.org/details/isbn_9780061146657 |date=2013 |publisher=[[Penguin Books]] |isbn=978-0-0611-4665-7 |lccn=2012515665 |ol=26399151M |author-link=Christopher Clark |orig-date=2012}}
* {{Cite book |last=Dedijer |first=Vladimir |title=The Road to Sarajevo |date=1966 |publisher=Simon & Schuster |location=New York |oclc=954608737 |author-link=Vladimir Dedijer}}
* {{Cite book |last=Fischer |first=Fritz |url=https://archive.org/details/germanysaimsinfi0000fisc |title=Germany's Aims in the First World War |date=1967 |publisher=W.W. Norton |isbn=978-0-3930-9798-6 |location=New York |author-link=Fritz Fischer (historian) |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Fromkin |first=David |title=Europe's Last Summer: Why the World Went to War in 1914 |url=https://archive.org/details/europeslastsumme0000from_m9e5 |date=2004 |publisher=Heinemann |isbn=978-0-4340-0858-2 |author-link=David Fromkin}}
* {{Cite book |last=Geiss |first=Imanuel |title=July 1914 The Outbreak of the First World War: selected Documents |date=1967 |publisher=W. W. Norton & Company |isbn=978-0-3930-0722-0 |series=The Norton Library |location=New York |author-link=Imanuel Geiss}}
* {{Cite book |last=Glenny |first=Misha | author-link = Misha Glenny |title=The Balkans: Nationalism, War, and the Great Powers, 1804–2011 |date=2012 |publisher=Penguin Books |isbn=978-0-1424-2256-4}}
* {{Cite book |last=Lieven |first=D. C. B | author-link = Dominic Lieven |title=The Outbreak of World War I : causes and responsibilities |url=https://archive.org/details/outbreakofworldw0000unse |date=1997 |publisher=Houghton Mifflin |isbn=978-0-6694-1692-3 |editor-last=Herwig |editor-first=Holger | editor-link = Holger Herwig |edition=6th |location=Boston |chapter=Russia Accepts a General War}}
* {{Cite book |last=Hewitson |first=Mark |title=Germany and the Causes of the First World War |date=2004 |publisher=Oxford |isbn=978-1-8597-3870-2 |location=Berg}}
* {{Cite book |title=Outbreak of the World War: German Documents |date=1924 |publisher=Oxford University Press |editor-last=Kautsky |editor-first=Karl |editor-link=Karl Kautsky |oclc=1181368}}
* {{Cite book |title=Western Civilization: Vol 2: The struggle for Empire to Europe in the Modern World |date=1968 |publisher=Harper & Row |isbn=978-0-0604-3844-9 |editor-last=Langer |editor-first=William L | editor-link = William L. Langer | oclc=1345956 |display-authors=etal}}
* {{Cite book |last=Otte |first=Thomas |title=July Crisis, The World's Descent into War, Summer 1914 |date=2014 |publisher=Cambridge |isbn=978-1-1070-6490-4}}
* {{Cite book |last=Palmer |first=Alan |title=Twilight of the Habsburgs: the Life and Times of Emperor Francis Joseph |url=https://archive.org/details/twilightofhabsbu00palm |date=1994 |publisher=Atlantic Monthly Press}}
* {{Cite book |last=Ponting |first=Clive | author-link = Clive Ponting |title=Thirteen Days: The Road to the First World War |date=2002 |publisher=Chatto & Windus |isbn=978-0-7011-7293-0}}
* {{Cite journal |date=October 1915 |title=Austro-Hungarian Red Book: Official English Edition, with an Introduction |url=https://www.cambridge.org/core/journals/american-journal-of-international-law/article/abs/austrohungarian-red-book-official-english-edition-with-an-introduction/02DA006D138BAB1BA1C06E5806FB84BF |journal=American Journal of International Law |volume=9 |issue=S4 |pages=309–413 |doi=10.2307/2212216 |jstor=2212216 |issn=0002-9300 |ref={{Harvid|Red Book|1915}} }}
* {{Cite book |last=Röhl |first=John C. G. |title=1914: Delusion or Design |url=https://archive.org/details/1914delusionorde0000unse |date=1973 |publisher=Elek |isbn=978-0-2361-5466-1 |location=London |author-link=John C. G. Röhl}}
* {{Cite book |last=Strachan |first=Hew |title=The First World War: Volume I To Arms |url=https://archive.org/details/firstworldwar0001stra_r2b7 |date=2001 |publisher=Oxford University Press |isbn=0-1982-0877-4 |author-link=Hew Strachan}}
* {{Cite book |last=Tuchman |first=Barbara |url=https://archive.org/details/gunsofaugusttuch00tuch |title=The Guns of August |date=2004 |publisher=Presidio Press |isbn=978-0-3454-7609-8 |location=US |author-link=Barbara W. Tuchman |orig-date=1962 |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Williamson |first=Samuel R. |title=Austria-Hungary and the Origins of the First World War |url=https://archive.org/details/austriahungaryor0000will |date=1991 |publisher=St. Martin's Press |isbn=978-0-3120-5283-6 |author-link=Samuel R. Williamson, Jr.}}
{{refend}}
==अग्रिम पठन==
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{{प्रथम विश्व युद्ध}}
[[Category:जुलाई संकट]]
[[Category:1914 यूरोप में]]
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[[Category:युद्ध का भय]]
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The Sorter
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text/x-wiki
{{For|जुलाई 1917 में रूसी अनंतिम सरकार के खिलाफ सशस्त्र प्रदर्शन|जुलाई दिवस}}[[File:Kladderadatsch 1914 Der Stänker (English SVG).svg|thumb|राजनीतिक कार्टून शीर्षक "''Der Stänker''" ("झगड़ालू"), 9 अगस्त 1914 को जर्मन व्यंग्य पत्रिका "Kladderadatsch" में प्रकाशित हुआ, जो यूरोप के देशों को एक मेज पर बैठे हुए दिखाकर जुलाई संकट का चित्रण करता है।{{Efn|
* (1st panel) The Central Powers hold their noses in distaste as tiny Serbia joins the table, while Russia reacts with joy.
* (2) Serbia stabs Austria-Hungary, to everyone's apparent shock. Germany immediately offers support to Austria.
* (3) Austria demands satisfaction from Serbia, while a relaxed Germany does not notice Russia and France come to agreement in the background.
* (4) Austria manhandles Serbia; an alarmed Germany looks to an angry Russia and presumably makes an agreement with Turkey; France tries to talk to Britain.
* (5) The lights go out, and general brawl erupts, with Germany and France confronting each other. To the right, another potential combatant appears.}}|354x354px]]
'''जुलाई संकट'''{{Efn|{{langx|fr|Crise de juillet}}; {{langx|de|Julikrise}}; {{langx|hu|Júliusi válság}}; {{langx|ru|Июльский кризис}}; {{langx|sr|Јулска криза}}}} 1914 की गर्मियों में [[यूरोप]] की प्रमुख शक्तियों के बीच आपस में संबंधित कूटनीतिक और सैन्य वृद्धि की एक श्रृंखला थी, जिसने [[प्रथम विश्व युद्ध]] के प्रकोप को जन्म दिया। संकट की शुरुआत 28 जून 1914 को हुई, जब [[गैवरिलो प्रिंसिप]], एक बोस्नियाई सर्ब राष्ट्रवादी, ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन सिंहासन के उत्तराधिकारी [[आर्चड्युक फर्डिनेंड|आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड]] और उनकी पत्नी सोफी, डचेस ऑफ होहेनबर्ग की हत्या कर दी। अनेक राजनीतिक और सैन्य नेताओं की गलत गणनाओं (जो या तो युद्ध को अपने सर्वोत्तम हित में मानते थे, या महसूस करते थे कि एक सामान्य युद्ध नहीं होगा) के साथ-साथ जटिल गठबंधनों के जाल के कारण, अगस्त 1914 की शुरुआत तक अधिकांश प्रमुख यूरोपीय राज्यों के बीच शत्रुता का प्रकोप हुआ।
हत्या के बाद, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] ने [[सर्बिया]] पर सैन्य आघात करने की कोशिश की, ताकि अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जा सके और यूगोस्लाव राष्ट्रवाद के लिए सर्बियाई समर्थन को कम किया जा सके, जिसे उसने अपने बहु-राष्ट्रीय साम्राज्य की एकता के लिए खतरा माना। हालांकि, [[वियना]] ने [[रूस]] (सर्बिया के प्रमुख समर्थक) की प्रतिक्रिया से चिंतित होकर अपने सहयोगी जर्मनी से गारंटी मांगी कि बर्लिन किसी भी संघर्ष में [[ऑस्ट्रिया]] का समर्थन करेगा। [[जर्मनी]] ने "ब्लैंक चेक" के रूप में जाने जाने वाले समर्थन की गारंटी दी,{{Efn|Some German leaders believed that growing Russian economic power would change the [[balance of power (international relations)|balance of power]] between the two nations, that a war was inevitable, and that Germany would be better off if a war happened soon.<ref>{{Cite journal |last=Van Evera |first=Stephen |author-link = Stephen Van Evera |date=Summer 1984 |title=The Cult of the Offensive and the Origins of the First World War |url=https://archive.org/details/sim_international-security_summer-1984_9_1/page/80 |journal=International Security |volume=9 |issue=1 |pages=80–82 |doi=10.2307/2538636|jstor=2538636 }}</ref>}} लेकिन ऑस्ट्रिया-हंगरी से आग्रह किया कि युद्ध को स्थानीय बनाने और रूस को शामिल होने से रोकने के लिए तेजी से हमला करें। हालांकि, ऑस्ट्रो-हंगेरियन नेता मध्य जुलाई तक विचार-विमर्श करते रहे, इससे पहले कि उन्होंने सर्बिया को एक कठोर अंतिम प्रस्ताव देने का निर्णय लिया और सेना की पूर्ण लामबंदी के बिना हमला नहीं किया। इस बीच, [[फ्रांस]] ने रूस से मुलाकात की, अपने गठबंधन की पुष्टि की, और सहमति व्यक्त की कि वे युद्ध की स्थिति में ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ सर्बिया का समर्थन करेंगे।
ऑस्ट्रिया-हंगरी ने 23 जुलाई को सर्बिया के सामने अपना अंतिम प्रस्ताव रखा; सर्बिया के जवाब देने से पहले, रूस ने अपनी सशस्त्र सेनाओं की गुप्त लेकिन ध्यान देने योग्य आंशिक लामबंदी का आदेश दिया। हालांकि रूस के सैन्य नेतृत्व को पता था कि वे अभी एक सामान्य युद्ध के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं, वे मानते थे कि सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन शिकायत जर्मनी द्वारा रचित एक बहाना था, और उन्होंने एक जोरदार प्रतिक्रिया को सबसे अच्छा रास्ता माना। रूस की आंशिक लामबंदी—ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच संघर्ष में प्रत्यक्ष भागीदार द्वारा नहीं उठाई गई पहली प्रमुख सैन्य कार्रवाई—ने सर्बिया की ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले की धमकी को अवहेलना करने की इच्छा को बढ़ा दिया; इसने जर्मन नेतृत्व को भी चिंतित कर दिया, क्योंकि उन्होंने पहले फ्रांस के बजाय रूस से लड़ने की आवश्यकता की कल्पना नहीं की थी।{{Efn|Previously, the [[German General Staff]] had predicted that Russian mobilization in the east would be slower than that of France, Russia's ally to the west; they anticipated that any conflict with Russia would involve first [[Schlieffen Plan|attacking France through Belgium]] (to avoid French fixed defenses), quickly defeating them, and then turning to face Russia in the east.}}
हालांकि [[यूनाइटेड किंगडम]] अर्ध-औपचारिक रूप से रूस और फ्रांस के साथ गठबंधन में था, कई [[ब्रिटिश]] नेताओं ने सैन्य रूप से शामिल होने का कोई प्रेरक कारण नहीं देखा; यूके ने मध्यस्थता के लिए कई प्रस्ताव दिए, और जर्मनी ने ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न वादे किए। हालांकि, फ्रांस पर जर्मनी के कब्जे की संभावना से डरते हुए, ब्रिटेन ने 4 अगस्त को उनके खिलाफ युद्ध में प्रवेश किया और लोकप्रिय समर्थन जुटाने के लिए जर्मनी के [[बेल्जियम]] पर आक्रमण का इस्तेमाल किया। अगस्त की शुरुआत तक, सशस्त्र संघर्ष का बाहरी कारण—एक ऑस्ट्रो-हंगेरियन आर्चड्यूक की हत्या—पहले से ही एक बड़े यूरोपीय युद्ध का एक गौण मुद्दा बन गया था।
==आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या (28 जून)==
{{Main|आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या}}
[[File:DC-1914-27-d-Sarajevo-cropped.jpg|thumb|12 जुलाई 1914 को इतालवी अखबार ''ला डोमेनिका डेल कोरिएरे'' में हत्या का चित्रण।]]
[[रूस-तुर्की युद्ध १८७७-७८|1878 में रूस-तुर्की युद्ध]] को समाप्त करने वाली बर्लिन कांग्रेस में, [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] को ओटोमन [[बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना]] पर कब्जा करने का अधिकार दिया गया। तीस साल बाद, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने इस क्षेत्र को औपचारिक रूप से अपने में मिला लिया, जिससे बर्लिन संधि का उल्लंघन हुआ{{Sfn | Butcher | 2015 | p=196}} और [[बाल्कन]] में नाजुक शक्ति संतुलन बिगड़ गया, जिससे एक कूटनीतिक संकट उत्पन्न हुआ। [[साराजेवो]] प्रांतीय राजधानी बन गया और एक सैन्य कमांडर, ओस्कर पोटीरेक, प्रांत के गवर्नर बन गए। 1914 की गर्मियों में, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन सिंहासन के उत्तराधिकारी, आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड को [[बोस्निया]] में होने वाले सैन्य अभ्यासों में भाग लेने का आदेश दिया। अभ्यास के बाद, 28 जून को, फर्डिनेंड ने अपनी पत्नी सोफी के साथ साराजेवो का दौरा किया। डैनिलो इलिक द्वारा समन्वित छह सशस्त्र कट्टरपंथी, जिनमें पांच बोस्नियाई सर्ब और एक बोस्नियाई मुस्लिम शामिल थे, ऑस्ट्रिया-हंगरी के शासन से बोस्निया को मुक्त करने और सभी दक्षिणी स्लावों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे थे, फर्डिनेंड के घोषित मोटरकेड मार्ग के साथ इंतजार कर रहे थे।{{Sfn|Butcher|2015|p=263}}
सुबह 10:10 बजे, नेडेल्जको चाब्रिनोविक ने फर्डिनेंड के मोटरकेड पर एक हथगोला फेंका, जिससे अगले वाहन को नुकसान पहुंचा और उसके सवार घायल हो गए।{{Sfn|Albertini|1953|p=35}} उसी सुबह, गवरिलो प्रिंसिप ने फ्रांज फर्डिनेंड और सोफी को गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे घायल लोगों से मिलने [[अस्पताल]] लौट रहे थे। चाब्रिनोविक और प्रिंसिप ने साइनाइड लिया, लेकिन इससे वे केवल बीमार हो गए। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=41}} गोलीबारी के 45 मिनट के भीतर, प्रिंसिप ने पूछताछकर्ताओं को अपनी कहानी बतानी शुरू कर दी।{{Sfn|Dedijer|1966|p=321}} अगले दिन, दोनों हत्यारों की पूछताछ के आधार पर, पोटीरेक ने [[वियना]] को [[टेलीग्राफ]] किया कि प्रिंसिप और चाब्रिनोविक ने [[बॅलग्रेड|बेलग्रेड]] में अन्य लोगों के साथ षड्यंत्र करके बम, रिवॉल्वर और पैसे प्राप्त किए थे ताकि आर्चड्यूक की हत्या की जा सके। एक [[पुलिस]] घेरा जल्दी ही अधिकांश षड्यंत्रकारियों को पकड़ने में सफल रहा।{{Sfn|Albertini|1953|p=43}}
===जांच और आरोप===
[[File:Sarajevo trial, accused.jpg|thumb|अदालत में आरोपी। सामने की पंक्ति, बाएं से:
1. त्रिफको ग्राबेज़
2. नेडेल्जको चाब्रिनोविक
3. गवरिलो प्रिंसिप
4. डैनिलो इलिक
5. मिश्को जोवानोविक।]]
हत्या के तुरंत बाद, [[फ्रांस]] में [[सर्बिया|सर्बियाई]] दूत मिलेंको वेसनीच और रूस में सर्बियाई दूत मीरोस्लाव स्पालायकोविच ने बयान जारी किया कि सर्बिया ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को आसन्न हत्या के बारे में चेतावनी दी थी।{{Sfn|Albertini|1953|pp=100–101}} इसके तुरंत बाद, सर्बिया ने चेतावनी देने और साजिश की जानकारी होने से इनकार कर दिया।{{Sfn|Albertini|1953|p=99}} 30 जून तक, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और जर्मन राजनयिक अपने सर्बियाई और [[रूसी]] समकक्षों से जांच का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=273}} 5 जुलाई को, आरोपित हत्यारों की पूछताछ के आधार पर, पोटीरेक ने वियना को टेलीग्राफ किया कि सर्बियाई मेजर वोया टैंकोसिक ने हत्यारों का निर्देशन किया था।{{Sfn|Albertini|1953|p=44}} अगले दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन कार्यवाहक अधिकारी काउंट ओट्टो वॉन ज़ेर्निन ने रूसी [[विदेश मंत्री]] सर्गेई साज़ोनोव को प्रस्ताव दिया कि फर्डिनेंड के खिलाफ साजिश के उकसाने वालों की सर्बिया के भीतर जांच की जानी चाहिए, लेकिन उन्हें भी खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|pp=189–190}}
ऑस्ट्रिया-हंगरी ने तुरंत एक आपराधिक जांच शुरू की। इलिक और पांच हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और एक जांच [[न्यायाधीश]] द्वारा साक्षात्कार किया गया। सर्बिया गए तीन युवा बोस्नियाई हत्यारों ने बताया कि टैंकोसिक ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से उनका समर्थन किया था।{{Sfn|Albertini|1953}} वास्तव में, प्रिंसिप को सर्बिया में विद्रोही खुफिया अधिकारियों के माध्यम से कुछ दिनों का प्रशिक्षण और कुछ हथियार प्राप्त हुए थे, और म्लादा बोस्ना, जिस स्वतंत्रता संग्राम समूह के प्रति प्रिंसिप प्राथमिक रूप से वफादार था, के सदस्य तीनों प्रमुख बोस्नियाई जातीय समूहों से आए थे।{{Sfn | Butcher | 2015 | p=18}} जांच के परिणामस्वरूप कुल पच्चीस लोगों पर आरोप लगाए गए, जबकि समूह में बोस्नियाई सर्बों का प्रभुत्व था, चार आरोपियों में बोस्नियाई क्रोट थे, सभी ऑस्ट्रो-हंगेरियन नागरिक थे, कोई भी सर्बिया से नहीं था।{{Sfn | Butcher | 2015 | p=279}}
सर्बिया के भीतर, फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या पर व्यापक हर्षोल्लास था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=185}} चूंकि सर्बियाई चुनाव 14 अगस्त को निर्धारित थे, प्रधान मंत्री निकोला पाशिच ऑस्ट्रिया-हंगरी के सामने झुकते हुए दिखाई देकर अलोकप्रियता प्राप्त करने के लिए तैयार नहीं थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=186}} अगर उन्होंने वास्तव में फ्रांज फर्डिनेंड के खिलाफ साजिश की अग्रिम चेतावनी ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को दी होती, तो पाशिच शायद चुनाव में अपनी संभावनाओं के बारे में चिंतित थे और संभवतः यदि ऐसी खबर लीक हो जाती तो उनका जीवन भी खतरे में पड़ सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=186}}
1 जुलाई को [[बेलग्रेड]] में [[फ्रांसीसी]] राजदूत लेओन डेस्कोस ने बताया कि सर्बियाई सैन्य दल फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में शामिल था, सर्बिया गलत था, और रूसी राजदूत हार्टविग रीजेंट अलेक्जेंडर के साथ निरंतर बातचीत कर रहे थे ताकि इस संकट के दौरान सर्बिया का मार्गदर्शन किया जा सके।{{Sfn|Albertini|1953|pp=67, 271}} "सैन्य दल" सर्बियाई सैन्य खुफिया प्रमुख द्रागुटिन दिमित्रिजेविक और उन अधिकारियों का संदर्भ था जिन्होंने 1903 में सर्बिया के राजा और रानी की हत्या की थी। उनके कार्यों ने राजा पीटर और रीजेंट अलेक्जेंडर द्वारा शासित राजवंश की स्थापना की। सर्बिया ने अनुरोध किया और फ्रांस ने डेस्कोस के स्थान पर अधिक युद्धोन्मादी बोप को भेजने की व्यवस्था की, जो 25 जुलाई को पहुंचे।{{Sfn|Albertini|1953|p=272}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया के साथ युद्ध की ओर बढ़ता है (29 जून–1 जुलाई)==
{{Main article|ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
[[File:Serbien muss sterbien.jpg|thumb|आर्चड्यूक फर्डिनेंड की हत्या के बाद ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रचार में एक ऑस्ट्रियाई मुट्ठी को एक "अन्टरमेंश" (निम्न व्यक्ति) सर्बियाई के वानर-जैसे कैरिकेचर को कुचलते हुए दिखाया गया है, जिसमें सर्बियाई एक बम पकड़े हुए है और एक चाकू गिरा रहा है, और इसमें लिखा है "सर्बिया को मरना होगा!" (''Sterben'' को जानबूझकर ''sterbien'' के रूप में गलत लिखा गया ताकि यह ''Serbien'' के साथ तुकबंदी कर सके)।]]
हालांकि कुछ ही लोग स्वयं फ्रांज फर्डिनेंड के लिए शोक मना रहे थे,{{Sfn|Clark|2013|p=379}} कई मंत्रियों ने तर्क दिया कि सिंहासन के उत्तराधिकारी की हत्या ऑस्ट्रिया-हंगरी के लिए एक चुनौती थी जिसका बदला लेना आवश्यक था।{{Sfn|Clark|2013|pp=391-392}} यह विशेष रूप से विदेश मंत्री लियोपोल्ड बर्चटोल्ड के मामले में सही था; अक्टूबर 1913 में, उनके अल्टीमेटम ने सर्बिया को उत्तरी [[अल्बानिया]] के कब्जे के मामले में पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि यह फिर से काम करेगा।{{Sfn|Clark|2013|pp=286–288}}
"युद्ध पार्टी" के सदस्य, जैसे ऑस्ट्रो-हंगेरियन जनरल स्टाफ के प्रमुख कॉनराड वॉन होट्ज़ेंडॉर्फ, इसे सर्बिया की बोस्निया में हस्तक्षेप करने की क्षमता को नष्ट करने के अवसर के रूप में देख रहे थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=51}} इसके अलावा, [[आर्चड्युक फर्डिनेंड|आर्चड्यूक]], जो पिछले वर्षों में शांति की आवाज़ रहे थे, अब चर्चाओं से हटा दिए गए थे। हत्या और बाल्कन में मौजूदा अस्थिरता ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन अभिजात वर्ग में गहरे झटके भेजे। इतिहासकार क्रिस्टोफर क्लार्क ने इस हत्या को "9/11 प्रभाव" के रूप में वर्णित किया है, एक आतंकवादी घटना जो ऐतिहासिक अर्थों से भरी हुई थी, जिसने वियना में राजनीतिक रसायन को बदल दिया।<ref name="Christopher Clark 2014">{{Cite AV media |url=http://www.bbc.co.uk/programmes/b03t7p27 |title=Month of Madness |date=25 June 2014 |last=Clark |first=Christopher |publisher=BBC Radio 4}}</ref>
===वियना में बहस===
[[File:Emperor Francis Joseph.jpg|thumb|278x278px|1914 में सम्राट फ्रांज जोसेफ 84 वर्ष के थे। अपने उत्तराधिकारी और भतीजे की हत्या से व्यथित होने के बावजूद, फ्रांज जोसेफ ने जुलाई संकट के दौरान निर्णय लेने का काम मुख्य रूप से विदेश मंत्री लियोपोल्ड बर्चटोल्ड, सेना के प्रमुख फ्रांज कॉनराड वॉन होट्ज़ेंडॉर्फ और अन्य मंत्रियों पर छोड़ दिया।{{Sfn|Palmer|1994|p=328}}]]
29 जून से 1 जुलाई के बीच, बर्चटोल्ड और कॉनराड ने साराजेवो की घटनाओं के लिए उपयुक्त प्रतिक्रिया पर बहस की; कॉनराड चाहते थे कि सर्बिया पर जल्द से जल्द युद्ध की घोषणा की जाए,{{Sfn|Fischer|1967|pp=51–52}} उन्होंने कहा: "अगर आपके एड़ी पर एक जहरीला सांप है, तो आप उसके सिर पर पैर मारते हैं, आप काटने का इंतजार नहीं करते।"<ref name="Christopher Clark 2014"/> उन्होंने सर्बिया के खिलाफ तत्काल लामबंदी का समर्थन किया, जबकि बर्चटोल्ड पहले जनमत तैयार करना चाहते थे।{{Sfn|Albertini|1953|p=124}} 30 जून को, बर्चटोल्ड ने सुझाव दिया कि वे सर्बिया से एंटी-ऑस्ट्रो-हंगेरियन समाजों को भंग करने और कुछ अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त करने की मांग करें, लेकिन कॉनराड बल के उपयोग की वकालत करते रहे। 1 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने कॉनराड को बताया कि सम्राट फ्रांज जोसेफ आपराधिक जांच के परिणामों की प्रतीक्षा करेंगे, [[हंगरी के प्रधान मंत्री]] इस्तवान तिस्ज़ा युद्ध के खिलाफ थे, और ऑस्ट्रिया के प्रधानमंत्री कार्ल वॉन स्टुर्गख को उम्मीद थी कि आपराधिक जांच कार्रवाई के लिए उचित आधार प्रदान करेगी।{{Sfn|Albertini|1953|p=124}}
वियना में राय विभाजित थी; बर्चटोल्ड अब कॉनराड से सहमत थे और युद्ध का समर्थन कर रहे थे, जैसा कि फ्रांज जोसेफ कर रहे थे, हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि [[जर्मन]] समर्थन एक पूर्वापेक्षा था, जबकि तिस्ज़ा इसके खिलाफ थे; उन्होंने सही भविष्यवाणी की कि सर्बिया के साथ युद्ध रूस के साथ युद्ध को प्रेरित करेगा और इस प्रकार एक सामान्य [[यूरोपीय]] युद्ध छिड़ जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} युद्ध समर्थक पार्टी ने इसे हैब्सबर्ग राजशाही को पुनर्जीवित करने, इसे एक काल्पनिक अतीत की शक्ति और वीरता में बहाल करने के प्रतिक्रियावादी साधन के रूप में देखा, और उनका मानना था कि सर्बिया से निपटा जाना चाहिए इससे पहले कि यह सैन्य रूप से हराने के लिए बहुत शक्तिशाली हो जाए।<ref name="Sked">{{Cite book |last=Sked |first=Alan |url=https://books.google.com/books?id=HqhnAAAAMAAJ&pg=PA254 |title=The Decline and Fall of the Habsburg Empire: 1815–1918 |publisher=Addison-Wesley Longman |date=1989 |isbn=978-0-5820-2530-1 |page=254}}</ref>
कॉनराड युद्ध के लिए जोर देते रहे, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता थी कि जर्मनी का रुख क्या होगा; बर्चटोल्ड ने जवाब दिया कि वह जर्मनी से उसकी स्थिति के बारे में पूछताछ करने की योजना बना रहे हैं। बर्चटोल्ड ने 14 जून 1914 के अपने ज्ञापन का उपयोग किया, जिसमें सर्बिया के विनाश का प्रस्ताव था, उस दस्तावेज़ के आधार के रूप में जिसका उपयोग जर्मन समर्थन प्राप्त करने के लिए किया जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}}
==जर्मन "ब्लैंक चेक" (1-6 जुलाई)==
===जर्मन अधिकारियों ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को अपने समर्थन का आश्वासन दिया===
{{Main|जर्मनी की पहुँच द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में शामिल होना}}
[[File:Kaiser Wilhelm II of Germany - 1902.jpg|thumb|294x294px|जर्मनी के विल्हेल्म द्वितीय को उनकी उतार-चढ़ाव भरी व्यक्तित्व के लिए जाना जाता था, जिसे एक विद्वान ने "बुद्धिमत्ता में कमी नहीं, लेकिन स्थिरता में कमी थी, और अपनी गहरी अनिश्चितताओं को शानदारी और कठोर बातों से छिपाते थे" ऐसे वर्णित किया था।{{Sfn|Langer|1968|p=528}}]]
1 जुलाई को, विक्टर नौमन, जर्मन पत्रकार और जर्मन विदेश सचिव गोटलिब वॉन जगोव के मित्र, ने बर्चटोल्ड के कैबिनेट प्रमुख, [[अलेक्जेंडर द ग्रेट|अलेक्जेंडर]], काउंट ऑफ होयोस से संपर्क किया। नौमन की सलाह थी कि सर्बिया को नष्ट करने का समय आ गया है और जर्मनी से अपने सहयोगी का समर्थन करने की उम्मीद की जा सकती है।{{Sfn|Albertini|1953|pp=131–132}} अगले दिन, जर्मन राजदूत हेनरिक वॉन त्स्चिर्श्की ने सम्राट फ्रांज जोसेफ से बात की और कहा कि उनका अनुमान है कि सम्राट विल्हेम द्वितीय ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया के संबंध में निर्णायक, सुविचारित कार्रवाई का समर्थन करेंगे।{{Sfn|Albertini|1953|pp=131–132}}
2 जुलाई को, [[बर्लिन]] में सैक्सन राजदूत ने अपने राजा को लिखा कि जर्मन सेना चाहती थी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जितनी जल्दी हो सके सर्बिया पर हमला करे क्योंकि सामान्य युद्ध के लिए समय सही था, क्योंकि जर्मनी युद्ध के लिए [[रूस]] या [[फ्रांस]] से अधिक तैयार था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}} 3 जुलाई को, बर्लिन में सैक्सन सैन्य अताशे ने रिपोर्ट दी कि जर्मन जनरल स्टाफ "खुश होगा यदि अब युद्ध हो जाए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=202}}
विल्हेम द्वितीय जर्मन जनरल स्टाफ के विचारों से सहमत हो गए और 4 जुलाई को घोषणा की कि वह पूरी तरह से "सर्बिया के साथ हिसाब चुकता करने" के पक्ष में हैं।{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} उन्होंने वियना में जर्मन राजदूत, काउंट हेनरिक वॉन त्स्चिर्श्की को संयम बरतने की सलाह देना बंद करने का आदेश दिया, यह लिखते हुए कि "त्स्चिर्श्की इस बकवास को छोड़ देंगे। हमें सर्बों के साथ जल्दी निपटना होगा। अब या कभी नहीं!"{{Sfn|Fischer|1967|p=52}} इसके जवाब में, त्स्चिर्श्की ने अगले दिन ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को बताया कि "जर्मनी किसी भी कार्रवाई में राजशाही का पूरी तरह से समर्थन करेगा, जो भी सर्बिया के खिलाफ करने का निर्णय लिया जाएगा। जितनी जल्दी ऑस्ट्रिया-हंगरी हमला करेगा, उतना बेहतर होगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} 5 जुलाई 1914 को, जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख हेल्मुथ वॉन मोल्टके ने लिखा कि "ऑस्ट्रिया को सर्बों को हराना ही होगा।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}}
===होयोस का बर्लिन दौरा (5-6 जुलाई)===
{{main|होयोस अभियान}}
[[File:WWIchartX.svg|upright=1.6|thumb|युद्ध से पहले यूरोपीय कूटनीतिक गठबंधन: युद्ध छिड़ने के बाद जर्मनी और ओटोमन साम्राज्य ने गठबंधन किया।]]
जर्मनी का पूर्ण समर्थन सुनिश्चित करने के लिए, होयोस ने 5 जुलाई को बर्लिन का दौरा किया। 24 जून को, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने अपने सहयोगी के लिए एक पत्र तैयार किया था जिसमें बाल्कन में चुनौतियों और उन्हें कैसे संबोधित किया जाए, इसका विवरण था, लेकिन फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या से पहले इसे सौंपा नहीं जा सका।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol 1, pp. 534–539}} पत्र के अनुसार, [[रोमानिया]] अब एक विश्वसनीय सहयोगी नहीं था, खासकर 14 जून को कॉन्स्टैंजा में हुए रूसी-रोमानियाई शिखर सम्मेलन के बाद से। रूस, रोमानिया, [[बुल्गारिया]], सर्बिया, [[ग्रीस]], और [[मोन्टेनेग्रो]] के गठबंधन की दिशा में काम कर रहा था, जो ऑस्ट्रिया-हंगरी के विघटन और पूर्व से पश्चिम तक की सीमाओं के परिवर्तन की योजना बना रहा था। इस प्रयास को तोड़ने के लिए, जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी को पहले बुल्गारिया और ओटोमन साम्राज्य के साथ गठबंधन करना चाहिए। इस पत्र में साराजेवो की घटना और उसके प्रभाव के बारे में एक परिशिष्ट जोड़ा गया था। अंत में, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने सम्राट विल्हेम द्वितीय को अपना पत्र जोड़ा, जिसमें सर्बिया को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त करने की वकालत की गई थी।{{Sfn|Albertini|1953|pp=133–134}}
होयोस ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत काउंट लाडिसलॉस डी स्ज़ोज़ेनी-मारिच को दो दस्तावेज़ प्रदान किए, जिनमें से एक तिस्ज़ा द्वारा एक ज्ञापन था, जिसमें सलाह दी गई थी कि बुल्गारिया को ट्रिपल एलायंस में शामिल होना चाहिए, और दूसरा फ्रांज जोसेफ का एक पत्र था जिसमें कहा गया था कि द्वैध राजशाही के विघटन को रोकने का एकमात्र तरीका "सर्बिया को एक राज्य के रूप में समाप्त करना" था।{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} फ्रांज जोसेफ का पत्र बर्चटोल्ड के 14 जून के ज्ञापन पर आधारित था जिसमें सर्बिया के विनाश का आह्वान किया गया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}} फ्रांज जोसेफ के पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध का निर्णय आर्कड्यूक की हत्या से पहले ही किया जा चुका था, और साराजेवो की घटनाओं ने केवल सर्बिया के खिलाफ युद्ध की पहले से मौजूद आवश्यकता की पुष्टि की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=157}}
5 जुलाई को स्ज़ोज़ेनी से मुलाकात के बाद, जर्मन सम्राट ने उन्हें बताया कि उनका राज्य "जर्मनी के पूर्ण समर्थन पर भरोसा कर सकता है", भले ही इसके परिणामस्वरूप "गंभीर यूरोपीय जटिलताएँ" हों, और ऑस्ट्रिया-हंगरी "तुरंत सर्बिया के खिलाफ मार्च करना चाहिए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=156}}{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} उन्होंने यह भी कहा कि "वैसे भी, आज की स्थिति में, रूस बिल्कुल भी युद्ध के लिए तैयार नहीं था, और निश्चित रूप से हथियार उठाने से पहले लंबा सोचेंगे"। भले ही रूस सर्बिया की रक्षा में कार्रवाई करे, विल्हेम ने वादा किया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करने के लिए, युद्ध सहित, अपनी पूरी शक्ति लगा देगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=53}} विल्हेम ने यह भी जोड़ा कि उन्हें चांसलर थियोबाल्ड वॉन बेथमन होल्वेग से परामर्श करने की जरूरत है, जिनके बारे में उन्हें पूरा यकीन था कि उनका भी समान दृष्टिकोण होगा।{{Sfn|Albertini|1953|pp=145–146}}
अपनी बैठक के बाद, स्ज़ोज़ेनी ने वियना को रिपोर्ट दी कि विल्हेम "अफसोस करेंगे अगर हमने [ऑस्ट्रिया-हंगरी] ने इस अनुकूल अवसर को बिना उपयोग किए जाने दिया"।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}<ref>Original text at {{Cite web |title=The 'Blank Check': Ladislaus Count von Szögyény-Marich (Berlin) to Leopold Count von Berchtold (July 5, 1914) |url=http://germanhistorydocs.ghi-dc.org/sub_document.cfm?document_id=800 |access-date=16 May 2018 |website=German History in Documents and Images |publisher=German Historical Institute, Washington, DC |archive-date=2 जून 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110602033916/http://germanhistorydocs.ghi-dc.org/sub_document.cfm?document_id=800 |url-status=dead }}</ref> युद्ध सहित जर्मन समर्थन का यह तथाकथित "ब्लैंक चेक" जुलाई 1914 में ऑस्ट्रो-हंगेरियन नीति का मुख्य निर्धारक कारक बनने वाला था।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}
एक अन्य बैठक 5 जुलाई को पॉट्सडैम महल में आयोजित की गई, जिसमें बेथमान होल्वेग, विदेश मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट आर्थर ज़िम्मरमैन, प्रशियाई युद्ध मंत्री एरिच वॉन फाल्केनहायन, जर्मन इम्पीरियल मिलिट्री कैबिनेट के प्रमुख मोरिज वॉन लिंकर, अडजुटेंट जनरल हैंस वॉन प्लेसन, नेवल जनरल स्टाफ के कैप्टन हैंस ज़ेंकर और नेवल स्टेट सचिवालय के एडमिरल एडुआर्ड वॉन कैपेल सभी ने विल्हेम के "ब्लैंक चेक" को जर्मनी की सर्वश्रेष्ठ नीति के रूप में समर्थन दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=54}} 6 जुलाई को, होयोस, ज़िम्मरमैन, बेथमान होल्वेग, और स्ज़ोज़ेनी ने मुलाकात की और जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को दृढ़ समर्थन का अपना "ब्लैंक चेक" वचन दिया।{{Sfn|Albertini|1953|pp=145–146}}
6 जुलाई को, बेथमान होल्वेग और ज़िम्मरमैन ने स्ज़ोज़ेनी के साथ एक सम्मेलन में विल्हेम के "ब्लैंक चेक" का वादा फिर से दोहराया।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} हालांकि बेथमान होल्वेग ने कहा कि युद्ध या शांति का निर्णय ऑस्ट्रिया के हाथ में है, उन्होंने दृढ़ता से सलाह दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध का विकल्प चुने।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} उसी दिन, ब्रिटिश विदेश सचिव एडवर्ड ग्रे को लंदन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिचनोव्स्की ने बाल्कन में खतरनाक स्थिति के बारे में चेतावनी दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=183}} ग्रे ने महसूस किया कि एंग्लो-जर्मन सहयोग किसी भी ऑस्ट्रो-सर्बियाई विवाद को सुलझा सकता है, और उन्होंने "विश्वास किया कि एक शांतिपूर्ण समाधान प्राप्त किया जाएगा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=183}}
जब जर्मनी से पूछा गया कि क्या वह रूस और फ्रांस के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार है, तो फाल्केनहायन ने संक्षिप्त रूप से "हां" में उत्तर दिया। बाद में 17 जुलाई को, सेना के क्वार्टरमास्टर जनरल काउंट वाल्डर्सी ने विदेश मंत्री गोटलिब वॉन जैगो को लिखा: "मैं किसी भी समय कार्रवाई कर सकता हूं। हम जनरल स्टाफ में तैयार हैं: इस समय हमारे लिए और कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=54}}
जैसा कि विल्हेम ने निजी तौर पर कहा था "दुनिया की राय को चिंतित न करने के लिए", काइज़र अपनी वार्षिक उत्तरी सागर यात्रा पर निकल गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} इसके तुरंत बाद, विल्हेम के करीबी मित्र गुस्ताव क्रुप वॉन बोहेलेन ने लिखा कि सम्राट ने कहा कि यदि रूस ने लामबंदी की, तो हम युद्ध की घोषणा करने में नहीं हिचकिचाएंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}}{{Efn|"He [Wilhelm] would declare war at once, if Russia mobilized. This time people would see that he was not "falling out". The Emperor's repeated protestations that in this case no one would ever again be able to reproach him with indecision were almost comic to hear"{{Sfn|Fischer|1967|p=55}}}} इसी तरह, बर्चटोल्ड ने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन नेताओं को "जो भी निर्णय लिया गया है उसके बारे में किसी भी अशांति को रोकने के लिए" छुट्टी पर जाना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=161}}
===जर्मन विचारधारा===
जर्मनी की नीति एक त्वरित युद्ध का समर्थन करना थी जो सर्बिया को नष्ट कर दे और दुनिया के सामने एक तयशुदा स्थिति प्रस्तुत करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=158}} 1912 से लेकर तीन पहले मामलों के विपरीत जब ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध के लिए जर्मन कूटनीतिक समर्थन मांगा था, इस बार ऐसा महसूस हुआ कि ऐसे युद्ध के लिए राजनीतिक परिस्थितियाँ अब मौजूद थीं।{{Sfn|Fromkin|2004|p=159}} उस समय, जर्मन सैन्य अधिकारियों ने सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी के हमले के विचार का समर्थन किया क्योंकि इसे सामान्य युद्ध शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका माना गया, जबकि विल्हेम का मानना था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच सशस्त्र संघर्ष केवल स्थानीय होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=159–160}} सर्बिया को नष्ट करने की पहले से बनाई गई योजनाओं पर आधारित ऑस्ट्रिया-हंगरी की नीति में न्यायिक जांच पूरी होने की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत प्रतिकार करना शामिल था और आने वाले हफ्तों में अपनी साख को बनाए नहीं रखना था, क्योंकि यह अधिक स्पष्ट हो जाएगा कि ऑस्ट्रिया-हंगरी हत्या के प्रतिकार के रूप में प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=160–161}} इसी प्रकार, जर्मनी यह आभास देना चाहता था कि उसे ऑस्ट्रिया-हंगरी की मंशाओं की जानकारी नहीं है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=161}}
सोच यह थी कि, चूंकि ऑस्ट्रिया-हंगरी जर्मनी का एकमात्र सहयोगी था, यदि उसकी प्रतिष्ठा पुनः स्थापित नहीं हुई तो बाल्कन में उसकी स्थिति अपरिवर्तनीय रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सर्बिया और रोमानिया द्वारा और अधिक अतिक्रमण को प्रोत्साहन मिल सकता है।{{Sfnp|Ponting|2002|p=70}} लाभ स्पष्ट थे, लेकिन इसमें जोखिम भी थे, जैसे कि रूस हस्तक्षेप कर सकता था और यह एक महाद्वीपीय युद्ध का कारण बन सकता था। हालांकि, यह और भी कम संभावना माना गया क्योंकि रूस ने अभी तक अपना फ्रांस द्वारा वित्तपोषित पुनःशस्त्रीकरण कार्यक्रम पूरा नहीं किया था, जो 1917 में पूरा होने वाला था। इसके अलावा, उन्हें विश्वास नहीं था कि रूस, जो एक पूर्ण राजतंत्र था, राजा की हत्या का समर्थन करेगा, और व्यापक रूप से "यूरोप भर में सर्बिया विरोधी मूड ऐसा था कि यहां तक कि रूस भी हस्तक्षेप नहीं करेगा"। व्यक्तिगत कारकों ने भी भारी प्रभाव डाला और जर्मन कैसर मारे गए फ्रांज फर्डिनेंड के करीबी थे और उनकी मृत्यु से प्रभावित थे, इस हद तक कि 1913 में सर्बिया के प्रति जर्मन संयम की सलाह आक्रामक रुख में बदल गई थी।{{Sfnp|Ponting|2002|p=73}}
दूसरी ओर, सैन्य अधिकारियों का मानना था कि यदि रूस हस्तक्षेप करता है, तो सेंट पीटर्सबर्ग स्पष्ट रूप से युद्ध चाहता है और अब लड़ने का समय बेहतर होगा, जब जर्मनी के पास ऑस्ट्रिया-हंगरी में एक गारंटीकृत सहयोगी था, रूस तैयार नहीं था और यूरोप उनके प्रति सहानुभूति रखता था। कुल मिलाकर, संकट के इस चरण में, जर्मनों ने अनुमान लगाया कि उनके समर्थन का मतलब होगा कि युद्ध ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच स्थानीयकृत मामला होगा। यह विशेष रूप से सच होगा यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी जल्दी से कार्रवाई करता, "जबकि अन्य यूरोपीय शक्तियाँ अभी भी हत्याओं से घृणा करती थीं और इसलिए ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा उठाए गए किसी भी कदम के प्रति सहानुभूति रखने की संभावना थी"।{{Sfnp|Ponting|2002|p=74}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी एक अंतिम निर्णय का विचार कर रहा है (7-23 जुलाई)==
[[File:Austria Hungary ethnic.svg|thumb|upright=2|१९१० में ऑस्ट्रो-हंगेरी संघ के नृदल नेताओं को विश्वास था कि जातीय क्रोएशियन और सर्बियन जनसंख्या के इरेडेंटिज़्म, जिसे सर्बिया में उनके सहजन हेतु बढ़ावा दिया जा रहा था, संस्थानिक खतरा था इस संघ के लिए।]]
7 जुलाई को, संयुक्त मंत्रियों की परिषद ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के कार्रवाई को विचार किया। परिषद में सबसे कठोर विचार वाले लोगों ने सर्बिया पर एक अचानक हमला की संभावना को विचार किया।{{Sfn|Red Book|1915}} टिस्जा ने परिषद को इस समझाया कि मोबाइलाइजेशन से पहले सर्बिया पर मांग किए जाने चाहिए, ताकि युद्ध के घोषणा के लिए एक उचित "वैधिक आधार" प्राप्त हो सके।{{Sfn|Albertini|1953|p=168}}
सैमुअल आर. विलियमसन जूनियर ने युद्ध शुरू करने में ऑस्ट्रिया-हंगरी की भूमिका पर जोर दिया है। ऑस्ट्रिया-हंगरी इस बात से आश्वस्त था कि सर्बियाई राष्ट्रवाद और रूसी बाल्कन महत्वाकांक्षाएं साम्राज्य को विघटित कर रही थीं। उन्होंने सर्बिया के खिलाफ एक सीमित युद्ध की उम्मीद की और यह कि मजबूत जर्मन समर्थन रूस को युद्ध से बाहर रहने और उसके बाल्कन प्रतिष्ठा को कमजोर करने के लिए मजबूर करेगा।{{Sfn|Williamson|1991}}
इस संकट के इस चरण में, सर्बिया के लिए दृढ़ रूसी समर्थन की संभावना और इसके साथ आने वाले जोखिमों का कभी सही ढंग से मूल्यांकन नहीं किया गया। ऑस्ट्रो-हंगेरियन सर्बिया पर केंद्रित रहे, लेकिन युद्ध के अलावा अपने सटीक उद्देश्यों पर निर्णय नहीं लिया।<ref name="Christopher Clark 2014"/>
फिर भी, जर्मनी के समर्थन के साथ युद्ध करने का निर्णय लेने के बावजूद, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सार्वजनिक रूप से कार्य करने में देरी की और 23 जुलाई तक, यानी 28 जून को हुई हत्याओं के तीन सप्ताह बाद, अल्टीमेटम नहीं दिया। इस तरह ऑस्ट्रिया-हंगरी ने साराजेवो हत्याओं से उत्पन्न सहानुभूति खो दी और एंटेंट शक्तियों को यह और अधिक प्रभाव दिया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी केवल आक्रामकता के लिए हत्याओं का बहाना बना रहा था।{{Sfn|Clark|2013|pp=402–403}}
सलाह में विभाजन के बाद, सर्बिया पर कठोर मांगें लगाने का सम्मति दिया गया, लेकिन इस बारे में कि ये मांगें कितनी कठोर होनी चाहिए, सहमति नहीं हो सकी। टिस्जा को छोड़कर, सभी काउंसिल के सदस्यों ने ऐसी कठोर मांगें रखने की सोची थी जिनका अस्वीकृति बहुत संभावनाओं में होती। टिस्जा ने ऐसी मांगों की लड़ाई ली जो कठोर होती हो, लेकिन असंभव नहीं लगती।{{Sfn|Albertini|1953|pp=164–171}} 8 जुलाई को, दोनों दृष्टिकोणों को सम्राट को भेज दिया गया।{{Sfn|Albertini|1953|p=171}} सम्राट का मानना था कि यह मतभेद संभावतः समाप्त हो सकता है।{{Sfn|Albertini|1953|p=172}} काउंसिल की बैठक के दौरान, प्रारंभिक मांगों का एक सेट तैयार किया गया था।{{Sfn|Albertini|1953|p=171}}
7 जुलाई को वियना लौटने पर, होयोस ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्राउन काउंसिल को रिपोर्ट किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को जर्मनी का पूर्ण समर्थन है, चाहे "सर्बिया के खिलाफ कदम बड़े युद्ध को लाने पर हो"।{{Sfn|Fischer|1967|p=55}} क्राउन काउंसिल में, बेर्कटोल्ड ने मजबूती से सुझाव दिया कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}}
===केवल टिस्जा सर्बिया के साथ युद्ध का विरोध करते हैं===
उस क्राउन काउंसिल की बैठक में, हंगरी के प्रधानमंत्री टिस्जा को छोड़कर सभी लोग युद्ध के पूर्ण पक्ष में थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} टिस्जा ने चेतावनी दी कि सर्बिया पर किसी भी हमले से "मानव रूप से देखा जाए तो, रूस के हस्तक्षेप और इस प्रकार विश्व युद्ध की संभावना होगी"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} बाकी प्रतिभागियों ने इस बात पर बहस की कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को बिना उकसावे के हमला करना चाहिए या सर्बिया को ऐसा अल्टीमेटम देना चाहिए जिसकी मांगें इतनी कड़ी हों कि उसे अस्वीकार करना अनिवार्य हो।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} स्टुर्ग्क ने टिस्जा को चेतावनी दी कि अगर ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध नहीं छेड़ा, तो उसकी "हिचकिचाहट और कमजोरी की नीति" जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी को एक सहयोगी के रूप में छोड़ने के लिए मजबूर कर देगी।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} टिस्जा को छोड़कर सभी उपस्थित लोगों ने अंततः सहमति व्यक्त की कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को ऐसा अल्टीमेटम देना चाहिए जिसे अस्वीकार किया जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=155}}
7 जुलाई से, जर्मन राजदूत हाइनरिख वॉन चिर्शकी और बर्कटोल्ड ने लगभग रोज़ाना बैठकें कीं कि सर्बिया के खिलाफ युद्ध को उचित ठहराने के लिए राजनयिक कार्रवाई का समन्वय कैसे किया जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} 8 जुलाई को, चिर्शकी ने बर्कटोल्ड को विल्हेम द्वितीय का संदेश प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने घोषणा की कि "बर्लिन को उम्मीद है कि साम्राज्य सर्बिया के खिलाफ कार्रवाई करेगा, और जर्मनी इसे नहीं समझेगा, अगर... इस अवसर को बिना किसी कार्रवाई के जाने दिया गया"।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} उसी बैठक में, चिर्शकी ने बर्कटोल्ड से कहा, "अगर हम [ऑस्ट्रिया-हंगरी] सर्बिया के साथ समझौता या सौदा करते हैं, तो जर्मनी इसे कमजोरी की स्वीकारोक्ति के रूप में देखेगा, जिसका प्रभाव त्रिगुट संघ और जर्मनी की भविष्य की नीति पर पड़ेगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}}
7 जुलाई को, बेथमान हॉलवेग ने अपने सहायक और करीबी मित्र कर्ट रीज़लर को बताया कि "सर्बिया के खिलाफ कार्रवाई से विश्व युद्ध हो सकता है" और ऐसी "अनजान छलांग" अंतरराष्ट्रीय स्थिति से उचित ठहराई जा सकती है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}} बेथमान हॉलवेग ने रीज़लर को समझाया कि जर्मनी "पूरी तरह से लकवाग्रस्त" है और "भविष्य रूस का है जो बढ़ता जा रहा है और हमारे लिए एक बढ़ती हुई बुरी स्वप्न बनता जा रहा है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}} बेथमान हॉलवेग ने यह तर्क दिया कि "वर्तमान व्यवस्था नीरस और विचारों से रहित है" और ऐसा युद्ध जर्मनी के लिए एक आशीर्वाद के रूप में स्वागत किया जा सकता है।{{Sfn|Röhl|1973|p=24}} रूस के बारे में ऐसी चिंताओं ने बेथमान हॉलवेग को मई 1914 में एंग्लो-रूसी नौसैनिक वार्ताओं को जर्मनी के खिलाफ "घेराबंदी" नीति की शुरुआत के रूप में माना, जिसे केवल युद्ध के माध्यम से तोड़ा जा सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=181}}
9 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने सम्राट को सलाह दी कि वह बेलग्रेड को एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेंगे जिसमें ऐसी मांगें शामिल होंगी जो अस्वीकृत होने के लिए बनाई गई थीं। इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सर्बिया पर बिना चेतावनी के हमला करने का दोष नहीं लगेगा और ब्रिटेन और रोमानिया तटस्थ बने रहेंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} 10 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने चिर्शकी को बताया कि वह सर्बिया को "अस्वीकार्य मांगों" वाला एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेंगे, जो युद्ध उत्पन्न करने का सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन इन "अस्वीकार्य मांगों" को प्रस्तुत करने के तरीके पर "मुख्य ध्यान" दिया जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=57}} इसके उत्तर में, विल्हेम ने चिर्शकी के प्रेषण के हाशिए पर गुस्से में लिखा "उनके पास इसके लिए पर्याप्त समय था!"{{Sfn|Fischer|1967|p=57}}
[[File:István Tisza and Conrad von Hötzendorf.jpg|thumb|हंगरी के प्रधानमंत्री टिस्जा और सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख होएट्ज़ेंडॉर्फ, वियना में, 15 जुलाई 1914।]]
9 जुलाई को, लंदन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिचनोव्स्की को ब्रिटिश विदेश सचिव ग्रे ने बताया कि उन्होंने "स्थिति को लेकर निराशावादी दृष्टिकोण अपनाने का कोई कारण नहीं देखा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} टिस्जा के विरोध के बावजूद, बर्कटोल्ड ने अपने अधिकारियों को 10 जुलाई को सर्बिया के लिए एक अल्टीमेटम का मसौदा तैयार करने का आदेश दिया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} जर्मन राजदूत ने रिपोर्ट किया कि "काउंट बर्कटोल्ड को उम्मीद थी कि सर्बिया ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि मात्र कूटनीतिक विजय से देश फिर से ठहराव की स्थिति में आ जाएगा"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} काउंट होयोस ने एक जर्मन राजनयिक से कहा कि "मांगें वास्तव में ऐसी थीं कि कोई भी राष्ट्र जिसने अभी भी आत्म-सम्मान और गरिमा को बनाए रखा हो, उन्हें संभवतः स्वीकार नहीं कर सकता"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=177}} 11 जुलाई को, जर्मन विदेश कार्यालय यह जानना चाहता था कि क्या उन्हें सर्बिया के राजा पीटर को उनके जन्मदिन पर बधाई देने वाला तार भेजना चाहिए; विल्हेम ने उत्तर दिया कि ऐसा न करने से ध्यान आकर्षित हो सकता है।{{Efn|"As Vienna has so far inaugurated no action of any sort against Belgrade, the omission of the customary telegram would be too noticeable and might be the cause of premature uneasiness ... It should be sent."{{Sfn|Fromkin|2004|p=166}}}}
===जर्मन नेतृत्व की अधीरता===
12 जुलाई को, स्ज़ोग्येनी ने बर्लिन से रिपोर्ट किया कि जर्मन सरकार में सभी लोग तुरंत ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करते देखना चाहते थे, और युद्ध या शांति के चयन को लेकर ऑस्ट्रो-हंगेरियन अनिर्णय से थक चुके थे।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}{{Efn|"''[A]bsolute'' insistence on a war against Serbia was based on the two considerations already mentioned; firstly that Russia and France were 'not yet ready' and secondly that Britain will not at this juncture intervene in a war which breaks out over a Balkan state, even if this should lead to a conflict with Russia, possibly also France ... Not only have Anglo-German relations so improved that Germany feels that she need no longer feel fear a directly hostile attitude by Britain, but above all, Britain at this moment is anything but anxious for war, and has no wish whatever to pull chestnuts out of the fire for Serbia, or in the last instance, Russia ... In general, then, it appears from all this that the political constellation is as favourable for us as it could possibly be."{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}}} उसी दिन, बर्कटोल्ड ने चिर्शकी को अपने अल्टीमेटम की सामग्री दिखाई जिसमें "अस्वीकार्य मांगें" शामिल थीं, और वादा किया कि इसे फ्रेंको-रूसी शिखर सम्मेलन के बाद सर्बियाई लोगों को प्रस्तुत किया जाएगा, जो राष्ट्रपति रेमंड पॉइंकारे और जार निकोलस द्वितीय के बीच था।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}} विल्हेम ने निराशा व्यक्त की कि अल्टीमेटम जुलाई के अंत में प्रस्तुत किया जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=58}}
14 जुलाई तक, टिस्जा ने इस डर से युद्ध का समर्थन करने के लिए सहमति व्यक्त की कि शांति की नीति जर्मनी को 1879 के द्वैध संघ का त्याग करने के लिए प्रेरित करेगी।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} उस दिन, चिर्शकी ने बर्लिन को रिपोर्ट दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी एक अल्टीमेटम प्रस्तुत करेगा "जो लगभग निश्चित रूप से अस्वीकार कर दिया जाएगा और युद्ध का परिणाम होगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=56}} उसी दिन, जागो ने प्रिंस लिचनोव्स्की को निर्देश भेजते हुए कहा कि जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-सर्बियाई युद्ध का कारण बनने के लिए अपनी शक्ति के भीतर सब कुछ करने का फैसला किया है, लेकिन जर्मनी को यह छाप देने से बचना चाहिए "कि हम ऑस्ट्रिया को युद्ध के लिए उकसा रहे थे"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 36, p. 99}}
जागो ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध को ऑस्ट्रिया-हंगरी के "राजनीतिक पुनर्वास" का अंतिम मौका बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में वह शांतिपूर्ण समाधान नहीं चाहते थे, और हालांकि वह एक निवारक युद्ध नहीं चाहते थे, अगर ऐसा युद्ध आता तो वह पीछे नहीं हटते, क्योंकि जर्मनी इसके लिए तैयार था, और रूस "मूल रूप से तैयार नहीं था"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 72, pp. 131–132}} यह मानते हुए कि रूस और जर्मनी का एक-दूसरे से लड़ना तय था, जागो ने माना कि इस अनिवार्य युद्ध का यह सबसे अच्छा समय था,{{Sfn|Fischer|1967|p=59}} क्योंकि "कुछ वर्षों में रूस... तैयार हो जाएगा। तब वह संख्या की ताकत से हमें जमीन पर कुचल देगा, और उसकी बाल्टिक बेड़ा और रणनीतिक रेलरोड तैयार हो जाएंगी। इस बीच, हमारा समूह कमजोर होता जा रहा है"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 72, pp. 131–132}}
जागो का यह विश्वास कि 1914 की गर्मी जर्मनी के लिए युद्ध करने का सबसे अच्छा समय था, जर्मन सरकार में व्यापक रूप से साझा किया गया था।{{Sfn|Fischer|1967|pp=59–60}} कई जर्मन अधिकारियों का मानना था कि "ट्यूटन नस्ल" और "स्लाव नस्ल" यूरोप के प्रभुत्व के लिए एक भयानक "नस्ल युद्ध" लड़ने के लिए नियत थे, और ऐसा युद्ध होने का यह सबसे अच्छा समय था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=171}}{{Sfn|Fischer|1967|p=59}} जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख, मोल्टके, ने बवेरियन मंत्री काउंट लेरचेनफेल्ड को बताया कि "सैन्य दृष्टिकोण से इतना अनुकूल क्षण फिर कभी नहीं आ सकता"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=Supplement IV, No 27, p. 635}} मोल्टके ने तर्क दिया कि जर्मन हथियारों और प्रशिक्षण की कथित श्रेष्ठता, और फ्रांसीसी सेना में हाल ही में सेवा अवधि के दो साल से तीन साल में परिवर्तन के कारण, जर्मनी 1914 में आसानी से फ्रांस और रूस दोनों को हरा सकता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}}
13 जुलाई को, फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या की जांच कर रहे ऑस्ट्रो-हंगेरियन जांचकर्ताओं ने बर्कटोल्ड को रिपोर्ट दी कि सर्बियाई सरकार के हत्याओं में सहायता करने के बहुत कम सबूत हैं।{{Efn|"There is nothing to prove or even to suppose that the Serbian government is accessory to the inducement for the crime, its preparations, or the furnishing of weapons. On the contrary, there are reasons to believe that this is altogether out of the question."{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}}} इस रिपोर्ट से बर्कटोल्ड निराश हुए, क्योंकि इसका मतलब था कि फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में सर्बियाई सरकार की संलिप्तता के उनके बहाने का समर्थन करने के लिए बहुत कम सबूत थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध को कम से कम 25 जुलाई तक स्थगित कर दिया===
[[File:Franz Conrad von Hötzendorf (Hermann Torggler, 1915).jpg|left|thumb|फ्रांज कॉनराड वॉन होएट्ज़ेंडॉर्फ, जो 1906 से 1917 तक ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख थे, ने निर्धारित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध की घोषणा करने के लिए सबसे पहले 25 जुलाई को सक्षम होगा।]]
14 जुलाई को, ऑस्ट्रो-हंगेरियन ने जर्मनों को आश्वस्त किया कि सर्बिया को दिए जाने वाले अल्टीमेटम को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि उसके स्वीकार किए जाने की संभावना व्यावहारिक रूप से नगण्य हो।{{Sfn|Fromkin|2004|p=165}} उसी दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख कॉनराड ने बर्कटोल्ड से कहा कि गर्मी की फसल कटाई की उनकी इच्छा के कारण, ऑस्ट्रिया सबसे पहले 25 जुलाई को युद्ध की घोषणा कर सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=168}} इसी समय, फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा के कारण, इस यात्रा के समाप्त होने तक अल्टीमेटम प्रस्तुत करना अवांछनीय माना गया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=168–169}} अल्टीमेटम, जिसे आधिकारिक रूप से "डेमार्श" कहा गया, 23 जुलाई को दिया जाएगा और इसकी समाप्ति तिथि 25 जुलाई होगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=169}}
16 जुलाई को, बेथमान हॉलवेग ने अलसास-लोरेन के राज्य सचिव, सीगफ्राइड वॉन रोडर्न से कहा कि उन्हें सर्बिया या फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में कथित सर्बियाई मिलीभगत की कोई परवाह नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} केवल यही मायने रखता था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी उस गर्मी में सर्बिया पर हमला करे, जिससे जर्मनी के लिए जीत-जीत की स्थिति उत्पन्न हो।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} यदि बेथमान हॉलवेग का दृष्टिकोण सही था, तो ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध या तो एक आम युद्ध का कारण बनेगा (जिसे बेथमान हॉलवेग ने विश्वास किया कि जर्मनी जीत जाएगा) या ट्रिपल एंटेंट को तोड़ देगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=60}} उसी दिन, ऑस्ट्रिया-हंगरी में रूसी राजदूत ने सेंट पीटर्सबर्ग को सुझाव दिया कि रूस को ऑस्ट्रिया-हंगरी को अपनी नकारात्मक राय से अवगत कराना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}{{Efn|"Information reaches me that the Austro-Hungarian government at the conclusion of the inquiry intends to make certain demands on Belgrade ... It would seem to me desirable that at the present moment, before a final decision on the matter, the Vienna Cabinet should be informed how Russia would react to the fact of Austria's presenting demands to Serbia such as would be unacceptable to the dignity of that state"{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}}}
सेंट पीटर्सबर्ग में ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत ने रूसी विदेश मंत्री सज़ोनोव से झूठ बोला कि ऑस्ट्रिया-हंगरी बाल्कन में युद्ध का कारण बनने वाले किसी भी उपाय की योजना नहीं बना रहा है, इसलिए रूस की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}
17 जुलाई को, बर्कटोल्ड ने जर्मन दूतावास के {{Ill|Prince Wilhelm of Stolberg-Wernigerode|de|Wilhelm zu Stolberg-Wernigerode (Diplomat)|lt=प्रिंस स्टोलबर्ग}} को शिकायत की कि हालांकि उन्हें लगता था कि उनका अल्टीमेटम शायद अस्वीकार कर दिया जाएगा, लेकिन वह अभी भी चिंतित थे कि सर्ब्स इसे स्वीकार कर सकते हैं, और दस्तावेज़ को फिर से शब्दावली करने के लिए अधिक समय चाहते थे।{{Sfn|Fischer|1967|pp=58–59}} स्टोलबर्ग ने बर्लिन को रिपोर्ट किया कि उन्होंने बर्कटोल्ड को बताया कि कार्रवाई की कमी ऑस्ट्रिया-हंगरी को कमजोर दिखा सकती है।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 141}}{{Efn|"If Austria really wants to clear up her relationship with Serbia once and for all, which Tisza himself in his recent speech called ‘indispensable’, then it would pass comprehension why such demands were not being made as would make the breach unavoidable. If the action simply peters out, once again, and ends with a so-called diplomatic success, the belief which is already widely held there that the Monarchy is no longer capable of vigorous action will be dangerously strengthened. The consequences, internal and external, which would result from this, inside Austria and abroad, are obvious."{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 141}}}} 18 जुलाई को, स्टोलबर्ग को आश्वस्त करने के लिए, काउंट होयोस ने वादा किया कि अल्टीमेटम के मसौदे में मांगें "वास्तव में ऐसी हैं कि कोई भी राष्ट्र जिसने अभी भी आत्म-सम्मान और गरिमा को बनाए रखा हो, उन्हें स्वीकार नहीं कर सकता"।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 87, p. 142}} उसी दिन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की अफवाहों के जवाब में, सर्बियाई प्रधानमंत्री पासिच ने कहा कि वह किसी भी ऐसे उपाय को स्वीकार नहीं करेंगे जो सर्बियाई संप्रभुता को समझौता करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=175}}
18 जुलाई को, बर्लिन में बवेरियन राजनयिक हंस शॉन ने बवेरियन प्रधानमंत्री काउंट जॉर्ज वॉन हर्टलिंग को बताया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी केवल "शांतिपूर्ण प्रवृत्ति दिखाने" का दिखावा कर रहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}} जर्मन राजनयिकों द्वारा दिखाए गए अल्टीमेटम के मसौदे पर टिप्पणी करते हुए, शॉन ने उल्लेख किया कि सर्बिया इन मांगों को स्वीकार नहीं कर सकेगा, जिससे परिणामस्वरूप युद्ध होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}}
जिमरमन ने शॉन को बताया कि सर्बिया के खिलाफ एक प्रभावशाली और सफल कदम ऑस्ट्रिया-हंगरी को आंतरिक विघटन से बचा सकता है, और यही कारण है कि जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को "पूर्ण अधिकार की एक खाता-खरीद" दी, यहां तक कि रूस के साथ युद्ध के जोखिम पर भी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=176}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी ने अल्टीमेटम को अंतिम रूप दिया (19 जुलाई)===
19 जुलाई को, वियना में क्राउन काउंसिल ने 23 जुलाई को सर्बिया को प्रस्तुत किए जाने वाले अल्टीमेटम के शब्दों को तय किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}}{{Sfn|Fromkin|2004|p=178}} जर्मन प्रभाव की सीमा स्पष्ट थी जब जागो ने बर्कटोल्ड को आदेश दिया कि वह अल्टीमेटम को एक घंटे के लिए विलंबित करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सेंट पीटर्सबर्ग में उनके शिखर सम्मेलन के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समुद्र में हों।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} अल्टीमेटम का पहला मसौदा 12 जुलाई को वियना में जर्मन दूतावास को दिखाया गया था और अंतिम पाठ 22 जुलाई को अग्रिम में जर्मन दूतावास को प्रदान किया गया था।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}}
ऑस्ट्रिया-हंगरी के अल्टीमेटम को लिखने में देरी के कारण, सर्बिया के खिलाफ युद्ध में जर्मनी ने जिस आश्चर्य तत्व पर भरोसा किया था, वह खो गया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=178–179}} इसके बजाय, "स्थानीयकरण" की रणनीति अपनाई गई, जिसका मतलब था कि जब ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध शुरू होगा, जर्मनी अन्य शक्तियों पर दबाव डालेगा कि वे युद्ध के जोखिम पर भी इसमें शामिल न हों।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} 19 जुलाई को, जागो ने अर्ध-आधिकारिक नॉर्थ जर्मन गजट में एक नोट प्रकाशित किया, जिसमें अन्य शक्तियों को चेतावनी दी गई कि "ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच उत्पन्न होने वाले मतभेदों का निपटारा स्थानीयकृत रहना चाहिए"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} फ्रांस के जर्मनी में राजदूत जूल्स कैम्बन द्वारा यह पूछे जाने पर कि उन्हें नॉर्थ जर्मन गजट में प्रकाशित ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की सामग्री के बारे में कैसे पता चला, जागो ने इसके बारे में अनभिज्ञ होने का नाटक किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=179}} बर्लिन में ब्रिटिश दूतावास के होरेस रंबोल्ड ने रिपोर्ट दी कि यह संभावना थी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जर्मन आश्वासनों के साथ काम कर रहा था।{{Efn|"We do not know the facts. The German government clearly do know. They know what the Austrian government is going to demand ... and I think we may say with some assurance that they had expressed approval of those demands and promised support should dangerous complications ensure ... the German government did not believe that there is any danger of war."{{Sfn|Fromkin|2004|p=180}}}}
हालांकि जागो का दिखावा व्यापक रूप से विश्वास नहीं किया गया था, उस समय यह अभी भी माना जाता था कि जर्मनी शांति का लक्ष्य रख रहा था और ऑस्ट्रिया-हंगरी को संयमित कर सकता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=180}} जर्मन जनरल स्टाफ के जनरल वॉन मोल्टके ने फिर से सर्बिया पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले के विचार को दृढ़ता से मंजूरी दी, इसे वांछित विश्व युद्ध लाने का सबसे अच्छा तरीका बताया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=180–181}}
20 जुलाई को, जर्मन सरकार ने नॉर्डडॉयचर लॉयड और हैम्बर्ग अमेरिका लाइन शिपिंग कंपनियों के निदेशकों को सूचित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी जल्द ही एक अल्टीमेटम पेश करेगा, जिससे एक सामान्य यूरोपीय युद्ध हो सकता है, और उन्हें अपने जहाजों को विदेशी जल से वापस राइख में लाना शुरू कर देना चाहिए।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}} उसी दिन, जर्मन नौसेना को सामान्य युद्ध की स्थिति में उच्च समुद्र बेड़े को केंद्रित करने का आदेश दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|loc=No 82, p. 137}} रीज़लर की डायरी में 20 जुलाई को बेथमान हॉलवेग के यह कहते हुए उल्लेख किया गया है कि रूस अपनी "बढ़ती मांगों और जबरदस्त गतिशील शक्ति के साथ कुछ वर्षों में पीछे हटाना असंभव हो जाएगा, खासकर अगर वर्तमान यूरोपीय नक्षत्र बना रहे"।{{Sfn|Röhl|1973|p=25}} रीज़लर ने अपनी डायरी में नोट किया कि बेथमान हॉलवेग "दृढ़ और मितभाषी" थे, और पूर्व विदेश मंत्री अल्फ्रेड वॉन किडरलन-वाच्टर को उद्धृत किया, जिन्होंने "हमेशा कहा था कि हमें लड़ना चाहिए"।{{Sfn|Röhl|1973|p=25}}
21 जुलाई को, जर्मन सरकार ने बर्लिन में फ्रांसीसी राजदूत कैम्बन और रूसी चार्ज डी'अफेयर्स ब्रोनवस्की को बताया कि जर्मनी को ऑस्ट्रो-हंगेरियन नीति के बारे में सर्बिया के प्रति कोई जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} निजी तौर पर, ज़िमरमैन ने लिखा कि जर्मन सरकार "पूरी तरह से सहमत थी कि ऑस्ट्रिया को अनुकूल क्षण का लाभ उठाना चाहिए, भले ही इससे आगे की जटिलताओं का जोखिम हो", लेकिन उन्होंने संदेह व्यक्त किया "कि वियना खुद कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाएगी"।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} ज़िमरमैन ने अपने मेमो को यह कहते हुए समाप्त किया कि "उन्हें यह समझ आया कि वियना, हमेशा की तरह डरपोक और अनिर्णायक थी, लगभग पछता रही थी" कि जर्मनी ने 5 जुलाई 1914 का "ब्लैंक चेक" दिया था, बजाय इसके कि सर्बिया के साथ संयम बरतने की सलाह दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} स्वयं कॉनराड दोहरे राजतंत्र पर युद्ध शुरू करने में "जल्दबाजी" के लिए दबाव डाल रहे थे, ताकि सर्बिया "शक न कर सके और स्वयं फ्रांस और रूस के दबाव में शायद मुआवजे की पेशकश कर सके"।{{Sfn|Fischer|1967|p=61}} 22 जुलाई को, जर्मनी ने सर्बिया को अल्टीमेटम प्रस्तुत करने के लिए बेलग्रेड में जर्मन मंत्री को भेजने के ऑस्ट्रो-हंगेरियन अनुरोध को अस्वीकार कर दिया क्योंकि जैसा कि जागो ने कहा था, इससे ऐसा लगेगा "जैसे हम ऑस्ट्रिया को युद्ध के लिए उकसा रहे हैं"।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}}
23 जुलाई को, पूरा जर्मन सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व दिखावे के लिए छुट्टी पर चला गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=62}} बर्लिन में बवेरियन चार्ज डी'अफेयर्स, काउंट शॉन ने म्यूनिख को रिपोर्ट किया कि जर्मनी ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम से आश्चर्यचकित होने का नाटक करेगा।{{Efn|"The administration will, immediately upon the presentation of the Austrian note at Belgrade, initiate diplomatic action with the Powers, in the interest of the localization of the war. It will claim that that Austrian action has been just as much of a surprise to it as to the other Powers, pointing out the fact that the Emperor is on his northern journey, and that the Prussian Minister of War, as well as the Chief of the Grand General Staff are away on leave of absence."{{Sfn|Kautsky|1924|loc=Supplement IV, No 2, p. 617}}}} हालांकि, 19 जुलाई को—अल्टीमेटम प्रस्तुत किए जाने से चार दिन पहले—जागो ने सभी जर्मन राजदूतों (ऑस्ट्रिया-हंगरी को छोड़कर) से सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन कार्रवाई के लिए समर्थन देने को कहा।{{Efn|If the Austro-Hungarian government is not going to abdicate forever as a great power, she has no choice but to enforce acceptance by the Serbian government of her demands by strong pressure and, if necessary, by resort to military measures."{{Sfn|Fischer|1967|p=63}}}} जागो को एहसास हुआ कि यह बयान उनकी अज्ञानता के दावों के साथ असंगत था, जिससे एक जल्दी में दूसरा डिस्पैच जारी किया गया जिसमें ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम के बारे में पूरी तरह से अज्ञानता का दावा किया गया, लेकिन चेतावनी दी गई कि यदि कोई शक्ति ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर हमला करने से रोकने की कोशिश करती है तो "अकल्पनीय परिणाम" होंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=63}}
जब फ्रेडरिक वॉन पौरटालेस, सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत, ने रिपोर्ट दी कि रूसी विदेश मंत्री साजोनोव ने चेतावनी दी कि यदि जर्मनी ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन हमले का समर्थन किया तो उसे "यूरोप के साथ गिनती करनी होगी", विल्हेम ने पौरटालेस के डिस्पैच के मार्जिन पर लिखा "नहीं! रूस, हाँ!"{{Sfn|Fischer|1967|p=63}} सर्बिया के साथ ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध का समर्थन करते हुए, जर्मनी के नेताओं को सामान्य युद्ध के जोखिम का पता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=63}} जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज फिशर ने बताया, यह जगो के उस अनुरोध से साबित किया जा सकता है जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम प्रस्तुत किए जाने से पहले विल्हेम की उत्तरी सागर क्रूज की पूरी यात्रा योजना जानने की मांग की थी।{{Efn|"Since we want to localize the conflict between Austria and Serbia, we must not have the world alarmed by His Majesty’s returning prematurely; on the other hand, His Majesty must be within reach, in case unpredictable developments should force us to take important decisions, such as mobilization. His Majesty might perhaps spend the last days of his cruise in the Baltic."{{Sfn|Fischer|1967|p=64}}}}
22 जुलाई को, अल्टीमेटम दिए जाने से पहले, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार ने जर्मन सरकार से अनुरोध किया कि वह 25 जुलाई को अल्टीमेटम की समाप्ति पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा कर दे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}} जागो ने इनकार कर दिया, यह कहते हुए: "हमारा दृष्टिकोण यह होना चाहिए कि सर्बिया के साथ झगड़ा एक ऑस्ट्रो-हंगेरियन आंतरिक मामला है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}} 23 जुलाई को, बेलग्रेड में ऑस्ट्रो-हंगेरियन मंत्री, बैरन गीज़ल वॉन गीज़लिंगेन ने सर्बियाई सरकार को अल्टीमेटम प्रस्तुत किया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=186–187}} निकोला पासिच की अनुपस्थिति में, सर्बियाई विदेश मंत्रालय के सचिव-जनरल स्लावको ग्रूजिक और कार्यवाहक प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री लाजार पाचु ने इसे प्राप्त किया।{{Sfn|Clark|2013|p=520}}
इसी समय, और सर्बियाई अस्वीकार की मजबूत उम्मीद रखते हुए, ऑस्ट्रो-हंगेरियन सेना ने अपना युद्ध पुस्तक खोली और शत्रुता की तैयारी शुरू कर दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=187}}
==फ्रांस रूस का समर्थन करता है (20-23 जुलाई)==
{{Main|फ्रांस का प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश | रूस का प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
[[File:Mikola II (cropped)-2.jpg|thumb|280x280px|रूस के ज़ार निकोलस द्वितीय]]
फ्रांस के राष्ट्रपति पॉइन्केयर और प्रधानमंत्री रिने विवियानी 15 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग के लिए रवाना हुए,{{Sfn|Clark|2013|p=438}} 20 जुलाई को पहुंचे{{Sfn|Clark|2013|p=444}} और 23 जुलाई को रवाना हुए।{{Sfn|Clark|2013|p=448}}
फ्रांस और रूस ने सहमति व्यक्त की कि उनका गठबंधन सर्बिया के समर्थन तक विस्तारित था, जिससे ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ पहले से स्थापित बाल्कन आरंभिक परिदृश्य की नीति की पुष्टि हुई। जैसा कि क्रिस्टोफर क्लार्क ने उल्लेख किया है, "पॉइन्केयर दृढ़ता का सुसमाचार प्रचार करने आए थे और उनके शब्दों ने तैयार कानों पर प्रभाव डाला था। इस संदर्भ में दृढ़ता का अर्थ था सर्बिया के खिलाफ किसी भी ऑस्ट्रियाई उपाय का अडिग विरोध। किसी भी स्रोत से यह संकेत नहीं मिलता है कि पॉइन्केयर या उनके रूसी वार्ताकारों ने हत्या के बाद ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा वैध रूप से उठाए जा सकने वाले किसी भी उपाय पर विचार किया हो।"{{Sfn|Clark|2013|pp=449–450}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की प्रस्तुति को 23 जुलाई को रूस से फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान के साथ मेल खाने के लिए निर्धारित किया गया था। ये बैठकें मध्य यूरोप में उधेड़ना हो रहे संकट से केंद्रीय रूप से संबंधित थीं।
21 जुलाई को, रूसी विदेश मंत्री ने रूस में जर्मन राजदूत को चेतावनी दी कि "रूस ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया के खिलाफ धमकी भरी भाषा का उपयोग करने या सैन्य कदम उठाने को बर्दाश्त नहीं करेगा"। बर्लिन के नेताओं ने इस युद्ध की धमकी को नजरअंदाज कर दिया। जागो ने कहा कि "सेंट पीटर्सबर्ग में कुछ धमकियां निश्चित हैं"। जर्मन चांसलर बेथमान हॉलवेग ने अपने सहायक से कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस यह नहीं समझते कि अगर रूस ने लामबंदी की तो जर्मनी युद्ध में चला जाएगा। उन्हें लगा कि लंदन जर्मन "ब्लफ" देख रहा था और "काउंटरब्लफ" के साथ प्रतिक्रिया दे रहा था।<ref>{{Cite journal |last=Jarausch |first=Konrad | author-link = Konrad Jarausch |date=March 1969 |title=The Illusion of Limited War: Chancellor Bethmann Hollweg's Calculated Risk, July 1914 |url=https://www.ssoar.info/ssoar/bitstream/document/37919/1/ssoar-hsrsupp-2012-24-jarausch-The_illusion_of_limited_war.pdf |journal=Central European History |volume=2 |issue=1 |page=65 |doi=10.1017/S0008938900015041 |s2cid=143510092}}</ref> राजनीतिक वैज्ञानिक जेम्स फियरन इस घटना से तर्क करते हैं कि जर्मनों का मानना था कि रूस सर्बिया के लिए जितना समर्थन दिखा रहा था, वह वास्तव में उससे कम समर्थन प्रदान करेगा, ताकि जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी पर रूसी मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा सके। इस बीच, बर्लिन वियना के लिए अपने वास्तविक मजबूत समर्थन को कम करके दिखा रहा था ताकि आक्रामक न दिखे, क्योंकि इससे जर्मन समाजवादियों को अलग-थलग कर दिया जाएगा।<ref>{{Cite journal |last=Fearon |first=James D. | author-link = James Fearon |date=Summer 1995 |title=Rationalist Explanations for War |url=https://web.stanford.edu/group/fearon-research/cgi-bin/wordpress/wp-content/uploads/2013/10/Rationalist-Explanations-for-War.pdf |journal=International Organization |volume=49 |issue=3 |pages=397–98 |doi=10.1017/S0020818300033324 |s2cid=38573183}}</ref>
==ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव (23 जुलाई)==
[[File:Ciganović and Tankosić.jpg|thumb|सिगानोविच और टांकासिच, बिंदु 7]]
ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव ने सर्बिया से औपचारिक और सार्वजनिक रूप से ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ "खतरनाक प्रचार" की निंदा करने की मांग की, जिसका अंतिम उद्देश्य, इसके अनुसार, "राजशाही से जुड़े क्षेत्रों को अलग करना" था। इसके अलावा, बेलग्रेड को "हर साधन से इस आपराधिक और आतंकवादी प्रचार को दबाने" के लिए कहा गया।<ref name="ult">{{Cite web |last=Duffy |first=Michael |date=22 August 2009 |title=Primary Documents: Austrian Ultimatum to Serbia, 23 July 1914 |url=http://firstworldwar.com/source/austrianultimatum.htm |archive-url=https://web.archive.org/web/20041030212115/http://www.firstworldwar.com/source/austrianultimatum.htm |archive-date=30 October 2004 |website=FirstWorldWar.com}}</ref> अधिकांश यूरोपीय विदेश मंत्रालयों ने स्वीकार किया कि अंतिम प्रस्ताव इतने कठोर शब्दों में तैयार किया गया था कि सर्बियाई इसे स्वीकार नहीं कर सकते। इसके अतिरिक्त, सर्बिया को अनुपालन के लिए केवल 48 घंटे दिए गए थे।{{Sfn|Glenny|2012|p=305}}
इसके अलावा, सर्बियाई सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
# सभी प्रकाशनों को दबाएं जो "ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के प्रति घृणा और तिरस्कार भड़काते हैं" और "इसकी क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ निर्देशित हैं"।
# सर्बियाई राष्ट्रवादी संगठन नारोदना ओडब्राना ("पीपल्स डिफेंस") और सर्बिया में सभी अन्य ऐसे समाजों को भंग करें।
# स्कूल की पुस्तकों और सार्वजनिक दस्तावेजों से बिना देरी किए सभी "ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ प्रचार" को हटा दें।
# सर्बियाई सैन्य और नागरिक प्रशासन से उन सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हटा दें जिनके नाम ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार प्रदान करेगी।
# सर्बिया में "ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार के प्रतिनिधियों" को "उपद्रवी आंदोलनों के दमन" के लिए स्वीकार करें।
# आर्कड्यूक की हत्या में शामिल सभी सहयोगियों पर मुकदमा चलाएं और "ऑस्ट्रो-हंगेरियन प्रतिनिधियों" (कानून प्रवर्तन अधिकारियों) को जांच में भाग लेने की अनुमति दें।
# मेजर वोजिस्लाव टैंकोसिक और सिविल सेवक मिलान सिगानोविक को गिरफ्तार करें, जिन्हें हत्या की साजिश में भागीदार बताया गया था।
# सर्बियाई अधिकारियों के "हथियारों और विस्फोटकों के सीमा पार यातायात" में सहयोग को रोकें; शाबक और लोज़निका सीमा सेवा के उन अधिकारियों को बर्खास्त और दंडित करें, "जो साराजेवो अपराध के अपराधियों की सहायता करने के दोषी हैं"।
# ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को "सर्बियाई अधिकारियों" के बारे में "स्पष्टीकरण" प्रदान करें जिन्होंने साक्षात्कारों में "ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार के प्रति शत्रुता के शब्दों में" अपने विचार व्यक्त किए हैं।
# अंतिम प्रस्ताव में शामिल उपायों के कार्यान्वयन के बारे में "बिना देरी" ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार को सूचित करें।
ऑस्ट्रो-हंगेरियन सरकार, दस्तावेज़ को समाप्त करते हुए, सर्बियाई सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा 25 जुलाई 1914 को शनिवार शाम 6 बजे तक कर रही थी।{{Efn|name="Rowe 1920"|{{Cite book |last=Rowe |first=Reginald |url=http://www.gutenberg.org/ebooks/48525 |title=A Concise Chronicle of Events of the Great War |date=1920 |publisher=Philip Allan and Co. |location=London |page=259 |access-date=30 March 2020 |via=[[Project Gutenberg]]}} The text of the ultimatum describes a deadline of 5 o'clock, but it was shifted forward one hour owing to tardiness on the part of the Austro-Hungarian minister in Belgrade.}} एक परिशिष्ट में "गवरिलो प्रिंसिप और उनके साथियों के खिलाफ साराजेवो में अदालत द्वारा की गई अपराध जांच" से विभिन्न विवरण सूचीबद्ध किए गए थे, जो कथित तौर पर विभिन्न सर्बियाई अधिकारियों द्वारा षड्यंत्रकारियों को दी गई दोष और सहायता को प्रदर्शित करते थे।<ref name="ult"/>
ऑस्ट्रो-हंगेरियन मंत्री बैरन वॉन गिसलिंगेन को बेलग्रेड में निर्देश दिए गए थे कि अगर "48 घंटे की समय सीमा" के भीतर ("जिस दिन और घंटे से आपने इसे घोषित किया है") सर्बियाई सरकार से "कोई बिना शर्त सकारात्मक उत्तर" नहीं मिला, तो मंत्री को सभी कर्मचारियों के साथ बेलग्रेड के ऑस्ट्रो-हंगेरियन दूतावास से निकल जाना चाहिए।<ref name="ult"/>
==सर्बिया का उत्तर==
[[File:NikolaPasic--balkancockpitpol00pric 0191.png|thumb|315x315px|निकोला पासिक, सर्बिया के प्रधानमंत्री]]
23 जुलाई की रात, सर्बियाई रीजेंट क्राउन प्रिंस अलेक्जेंडर ने रूसी प्रतिनिधि मंडल का दौरा किया और "ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के प्रति अपना निराशा व्यक्त की, जिसका अनुपालन किसी भी ऐसे राज्य के लिए एक पूर्ण असंभवता है जिसमें उसकी गरिमा के लिए थोड़ा सा भी सम्मान हो"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=195}} रीजेंट और पासिक दोनों ने रूसी समर्थन मांगा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=195}} साजोनोव ने सर्बियाई लोगों को केवल नैतिक समर्थन की पेशकश की जबकि [[निकोलस द्वितीय]] ने सर्बियाई लोगों से बस अंतिम प्रस्ताव को स्वीकार करने और उम्मीद करने को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय राय ऑस्ट्रो-हंगेरियन को अपना विचार बदलने के लिए मजबूर कर देगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=196}} 1914 में जर्मनी के खिलाफ युद्ध के लिए रूस और फ्रांस दोनों की सेनाएं तैयार नहीं थीं, इसलिए सर्बिया पर ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव की शर्तों को मानने का दबाव था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=196}} क्योंकि ऑस्ट्रो-हंगेरियन ने रूसियों से बार-बार वादा किया था कि उस गर्मी में सर्बिया के खिलाफ कुछ भी योजनाबद्ध नहीं था, उनका कठोर अंतिम प्रस्ताव साजोनोव को बहुत अधिक नाराज नहीं कर सका।{{Sfn|Lieven|1997|p=106}}
अंतिम प्रस्ताव और अन्य यूरोपीय शक्तियों से समर्थन की कमी का सामना करते हुए, सर्बियाई कैबिनेट ने एक समझौता तैयार किया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} इतिहासकार इस बात पर असहमत हैं कि सर्बियाई लोगों ने वास्तव में कितनी हद तक समझौता किया। कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि सर्बिया ने अंतिम प्रस्ताव की सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया, सिवाय बिंदु 6 की मांग के कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन पुलिस को सर्बिया में संचालन की अनुमति दी जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} अन्य, विशेष रूप से क्लार्क, का तर्क है कि सर्बियाई लोगों ने अंतिम प्रस्ताव के जवाब को इस तरह से तैयार किया कि महत्वपूर्ण रियायतें देने का आभास हो, लेकिन: "वास्तव में, यह अधिकांश बिंदुओं पर अत्यधिक सुगंधित अस्वीकृति थी"। यही भावना ऑस्ट्रो-हंगेरियन विदेश कार्यालय ने एक सार्वजनिक पत्र में व्यक्त की, जिसे बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित किया गया, और सर्बिया से प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर एक पत्र में जारी किया गया। पत्र में विदेश कार्यालय ने कहा, “सर्बियाई नोट का उद्देश्य झूठा प्रभाव पैदा करना है कि सर्बियाई सरकार हमारी मांगों का काफी हद तक पालन करने के लिए तैयार है... सर्बियाई नोट में न केवल हमारी कार्रवाई के सामान्य सिद्धांतों के संबंध में बल्कि हमारे द्वारा प्रस्तुत व्यक्तिगत दावों के संबंध में भी इतने व्यापक आरक्षण और सीमाएँ हैं कि सर्बिया द्वारा वास्तव में दी गई रियायतें नगण्य हो जाती हैं।”{{Sfn|Clark|2013|p=466}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के पहले मसौदे के लेखक बैरन एलेक्जेंडर वॉन मुसुलिन ने सर्बियाई उत्तर को "राजनयिक कौशल का सबसे शानदार नमूना" के रूप में वर्णित किया जो उन्होंने कभी देखा था।{{Sfn|Clark|2013|p=504}}
जर्मन शिपिंग टाइकून अल्बर्ट बालिन ने याद किया कि जब जर्मन सरकार ने यह भ्रामक रिपोर्ट सुनी कि सर्बिया ने अंतिम प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, तो "निराशा" हुई, लेकिन जब यह पता चला कि सर्बियाई लोगों ने ऑस्ट्रिया-हंगरी की सभी शर्तें स्वीकार नहीं की हैं, तो "अत्यधिक खुशी" हुई।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=196–197}} जब बालिन ने सुझाव दिया कि विल्हेम को संकट से निपटने के लिए अपनी नॉर्थ सी क्रूज को समाप्त कर देना चाहिए, तो जर्मन विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि सम्राट को अपनी क्रूज जारी रखनी चाहिए क्योंकि "सब कुछ यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि वह [विल्हेम] अपनी शांतिवादी विचारों के साथ हस्तक्षेप न करें"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} उसी समय, बर्लिन में उनके राजदूत से बर्चटोल्ड को एक संदेश भेजा गया, जिसमें उन्हें याद दिलाया गया, "यहां युद्ध संचालन की शुरुआत में किसी भी देरी को विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप के खतरे के रूप में माना जाता है। हमें तुरंत आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}}
[[File:Serbia1913.png|thumb|1913 में [[सर्बिया]] के राज्य का मानचित्र]]
[[ब्रिटिश]] प्रधानमंत्री एच. एच. अस्क्विथ ने वेनेशिया स्टेनली को लिखे एक पत्र में उन घटनाओं की श्रृंखला का उल्लेख किया जिससे एक सामान्य युद्ध हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि [[ब्रिटेन]] के इसमें शामिल होने का कोई कारण नहीं है।{{Efn|"... [T]he situation is just about as bad as it can possibly be. Austria has sent a bullying and humiliating ultimatum to Serbia, who cannot possibly comply with it, and demanded an answer within forty-eight hours-failing which she will march. This means, almost inevitably, that Russia will come to the scene in defence of Serbia and in defiance of Austria, and if so, it is difficult for Germany and France to refrain from lending a hand to one side or the other. So that we are in measurable, or imaginable, distance of a real Armageddon. Happily, there seems to be no reason why we should be anything more than spectators."{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}}}} भविष्य के प्रधानमंत्री और प्रथम लार्ड ऑफ़ एडमिरल्टी, [[विन्सटन चर्चिल]] ने लिखा, "यूरोप एक सामान्य युद्ध के कगार पर कांप रहा है। सर्बिया को ऑस्ट्रिया का अंतिम प्रस्ताव अपनी तरह का सबसे अपमानजनक दस्तावेज़ है", लेकिन उन्हें विश्वास था कि आने वाले युद्ध में ब्रिटेन तटस्थ रहेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}} ग्रे ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजदूत को सुझाव दिया कि अंतिम प्रस्ताव की समय सीमा बढ़ाई जाए, जिससे शांति बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=188}} जब ग्रे ने अपने मित्र लिकनोवस्की से कहा कि "ऐसी शर्तों को स्वीकार करने वाला कोई भी राष्ट्र वास्तव में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में गिना नहीं जाएगा", तो विल्हेम ने लिकनोवस्की की रिपोर्ट के हाशिये पर लिखा, "वह बहुत वांछनीय होगा। यह यूरोपीय अर्थ में एक राष्ट्र नहीं है, बल्कि लुटेरों का एक समूह है!"{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}}
साज़ोनोव ने सभी प्रमुख शक्तियों को एक संदेश भेजकर उनसे आग्रह किया कि वे ऑस्ट्रिया-हंगरी पर अंतिम प्रस्ताव की समय सीमा बढ़ाने का दबाव डालें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}} साज़ोनोव ने ऑस्ट्रिया-हंगरी सरकार से फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या में सर्बियाई संलिप्तता के अपने दावों का समर्थन करने के लिए अपनी आधिकारिक जांच के परिणाम जारी करने के लिए कहा, जिसे ऑस्ट्रिया-हंगरी ने ठोस सबूतों के बजाय परिस्थितिजन्य साक्ष्य की कमी के कारण करने से इनकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=189}} कई बार, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने रूसी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया, हालांकि चेतावनी दी गई थी कि ऑस्ट्रिया-सर्बियाई युद्ध आसानी से [[विश्वयुद्ध]] का कारण बन सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=189–190}} साज़ोनोव ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजदूत पर सर्बिया के साथ युद्ध करने का इरादा रखने का आरोप लगाया।{{Efn|"I know what it is. You mean to make war on Serbia ...? You are setting fire to Europe ... Why was Serbia given no chance to speak and why the form of an ultimatum? The fact is you mean war and you have burnt your bridges ... One sees how peace-loving you are."{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}}}}
==ब्रिटेन मध्यस्थता की पेशकश करता है (23 जुलाई)==
23 जुलाई को, ग्रे ने एक मध्यस्थता प्रस्ताव पेश किया जिसमें यह वादा किया गया था कि उनकी सरकार रूस को सर्बिया को प्रभावित करने के लिए, और जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी को प्रभावित करने के लिए मनाने का प्रयास करेगी, जिससे एक आम युद्ध को रोका जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} विल्हेम ने लिचनोव्स्की के उस पत्र के हाशिए पर लिखा जिसमें ग्रे का प्रस्ताव था कि ब्रिटेन के "उपेक्षापूर्ण आदेशों" को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया जाना चाहिए और ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बिया पर अपने "असंभव मांगों" में से किसी को भी वापस नहीं लेना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा: "क्या मुझे ऐसा करना चाहिए? इसके बारे में सोचूंगा भी नहीं! वह [ग्रे] 'असंभव' से क्या मतलब रखते हैं?"{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो ने लिचनोव्स्की को यह बताने का आदेश दिया कि जर्मनी को ऑस्ट्रो-हंगेरियन अंतिम प्रस्ताव के बारे में कथित अज्ञानता थी और जर्मनी ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई संबंधों को "ऑस्ट्रिया-हंगरी का आंतरिक मामला माना, जिसमें हमारे पास हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं था"।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो के बयान ने ब्रिटिश नज़रों में जर्मनी को बहुत बदनाम कर दिया। लिचनोव्स्की ने बर्लिन को बताया, "अगर हम मध्यस्थता में शामिल नहीं होते हैं, तो यहां हमारे और हमारी शांति के प्रति प्रेम में सभी विश्वास टूट जाएगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=65}}
उसी समय, ग्रे को रूसी राजदूत का विरोध झेलना पड़ा, जिसने चेतावनी दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी और रूस के बीच मध्यस्थ के रूप में जर्मनी, इटली, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक सम्मेलन से अनौपचारिक ट्रिपल एंटेंट टूट सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} हालांकि ट्रिपल एंटेंट को विभाजित करने के खतरों के बारे में अपनी आशंकाओं के बावजूद सज़ोनोव ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया,{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}} ग्रे ने सज़ोनोव को लिखा कि ब्रिटेन के पास सर्बिया के साथ युद्ध करने का कोई कारण नहीं था, लेकिन आगे के विकास ब्रिटेन को संघर्ष में खींच सकते हैं।{{Efn|"I do not consider that public opinion here would or ought to sanction our going to war over a Serbian quarrel. If, however, war does take place, the development of other issues may draw us into it, and I am therefore anxious to prevent it."{{Sfn|Fromkin|2004|p=197}}}}
==जर्मनी ने सैन्य परिदृश्यों पर विचार किया (23–24 जुलाई)==
[[File:Erich von Falkenhayn-retouched.jpg|thumb|upright|एरिच वॉन फाल्केनहाइन, जो 1913 से 1914 तक [[प्रशिया]] के युद्ध मंत्री थे, ने रूस पर हमला करने का आग्रह किया।]]
23 जुलाई से, जर्मनी के सभी नेता संकट से निपटने के लिए गुप्त रूप से बर्लिन लौट आए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=201}} बिथमैन होल्वेग के नेतृत्व में उन लोगों के बीच एक विभाजन खुल गया, जो देखना चाहते थे कि ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर हमले के बाद क्या होगा, और मिलिट्री के साथ-साथ, मोल्टके और फाल्केनहेन के नेतृत्व में, जिन्होंने तर्क दिया कि जर्मनी को तुरंत ऑस्ट्रिया-हंगरी के सर्बिया पर हमले के साथ रूस पर जर्मन हमला करना चाहिए। मोल्टके ने बार-बार कहा कि 1914 "निवारक युद्ध" शुरू करने का सबसे अच्छा समय होगा, या रूसी महान सैन्य कार्यक्रम 1917 तक समाप्त हो जाएगा, जिससे जर्मनी कभी भी युद्ध का जोखिम उठाने में सक्षम नहीं होगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=202}} मोल्टके ने कहा कि रूसी लामबंदी को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसे खतरे के रूप में नहीं बल्कि एक तरह के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे जर्मनी को युद्ध में जाने की अनुमति मिलेगी जबकि इसे जर्मनी पर थोपने के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=202–203}} रूस में जर्मन सैन्य अटैची ने रिपोर्ट दी कि लामबंदी के लिए रूसी तैयारियाँ अपेक्षित की तुलना में बहुत छोटे पैमाने पर थीं।{{Sfn|Fromkin|2004|p=203}} यद्यपि मोल्टके ने पहले तर्क दिया था कि जर्मनी को "निवारक युद्ध" शुरू करने से पहले रूस के लामबंद होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए, सप्ताह के अंत तक उन्होंने आग्रह किया कि जर्मनी को वैसे भी इसे शुरू करना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=203}} मोल्टके के दृष्टिकोण में, फ्रांस पर सफलतापूर्वक आक्रमण करने के लिए, जर्मनी को आश्चर्य से बेल्जियम के किले लीज़ पर कब्जा करने की आवश्यकता होगी। मोल्टके को लगता था कि जितनी देर कूटनीतिक कार्रवाई चलती रही, लीज़ को आश्चर्यजनक रूप से हमला किए जाने की संभावना उतनी ही कम हो जाती है, और अगर लीज़ नहीं लिया गया तो पूरा श्लीफेन प्लान अस्थिर हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=204–205}}
24 जुलाई को, जिमरमैन ने सभी जर्मन राजदूतों (ऑस्ट्रिया-हंगरी को छोड़कर) को एक संदेश भेजा, जिसमें उन्हें अपने मेज़बान सरकारों को सूचित करने के लिए कहा गया कि जर्मनी को अंतिम प्रस्ताव की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=64}} उसी दिन, ग्रे, जो अंतिम प्रस्ताव के स्वर से चिंतित थे (जिसे उन्होंने महसूस किया कि इसे अस्वीकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था), ने लिचनोवस्की को चेतावनी दी कि अगर ऑस्ट्रिया-हंगरी की सेनाएँ सर्बिया में प्रवेश करती हैं तो "यूरोपीय युद्ध à quatre" (रूस, ऑस्ट्रिया, फ्रांस और जर्मनी को शामिल करते हुए) का खतरा हो सकता है। ग्रे ने इटली, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के बीच मध्यस्थता का सुझाव दिया ताकि ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध को रोका जा सके। जगो ने ग्रे के प्रस्ताव को तब तक रोक कर रखा जब तक कि अंतिम प्रस्ताव की अवधि समाप्त नहीं हो गई थी, ताकि ब्रिटिश प्रस्ताव को पारित किया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} जगो ने दावा किया कि "[हमने नोट [ऑस्ट्रियाई अंतिम प्रस्ताव] की सामग्री के संबंध में किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं डाला]", और कि जर्मनी "वियना को पीछे हटने की सलाह देने में असमर्थ था" क्योंकि इससे ऑस्ट्रिया-हंगरी को बहुत अधिक अपमान होता।{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}} ब्रिटेन में रूसी राजदूत ने प्रिंस लिचनोवस्की को चेतावनी दी: "केवल एक सरकार जो युद्ध चाहती थी, वह ऐसा नोट [ऑस्ट्रियाई अंतिम प्रस्ताव] लिख सकती थी।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}} बर्चटोल्ड द्वारा रूसी राजदूत को अपनी देश की रूस के प्रति शांतिपूर्ण इरादों के बारे में सूचित करने की बैठक के विवरण को पढ़ने के बाद, विल्हेम ने मार्जिन में लिखा "पूरी तरह से अनावश्यक!" और बर्चटोल्ड को "गधा!" कहा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=193}}
24 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने रूसी प्रभारी दाफ़्तर से मुलाकात की, जिससे बर्लिन से गुस्से से भरी शिकायतें हुईं।{{Sfn|Fischer|1967|p=65}} बर्लिन ने चेतावनी दी कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को अन्य शक्तियों के साथ बातचीत में शामिल नहीं होना चाहिए, ताकि कोई समझौता नहीं हो सके। उसी दिन, विल्हेम ने त्स्चिर्शकी से एक डिस्पैच के किनारे पर लिखा, ऑस्ट्रिया-हंगरी को बाल्कन में आक्रामक नहीं होने के लिए "कमज़ोर" कहा, और यह लिखा कि बाल्कन में शक्ति का परिवर्तन "आना ही होगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} ऑस्ट्रिया को रूस की कीमत पर बाल्कन में प्रमुखता हासिल करनी होगी।" स्ज़ोगीनी ने वियना को रिपोर्ट किया कि "यहां आम तौर पर माना जाता है कि यदि सर्बिया हमारी मांगों को अस्वीकार कर देता है, तो हम तुरंत युद्ध की घोषणा करेंगे और सैन्य संचालन शुरू कर देंगे।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} हमें सलाह दी जाती है... कि हम दुनिया को एक तथ्यात्मक स्थिति के साथ सामना करें (मूल में जोर)।" जब बेलग्रेड में जर्मन राजदूत ने रिपोर्ट किया कि सर्बियाई लोग युद्ध या राष्ट्रीय अपमान के विकल्प का सामना कर रहे थे और इससे दुखी थे, तो विल्हेम ने रिपोर्ट के किनारे पर लिखा: "शाबाश! वियना के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती थी!... पूरे सर्बियाई शक्ति की खोखलीपन साबित हो रही है; इस प्रकार, यह सभी स्लाव राष्ट्रों के साथ दिखाई दे रही है! उस भीड़ की एड़ी पर जोर से पैर रखो!"{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}}
==पूर्ण संकट==
24 जुलाई ने वास्तव में जुलाई संकट की शुरुआत को चिह्नित किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} तब तक, दुनिया के अधिकांश लोग बर्लिन और वियना के नेताओं की चालों से अनभिज्ञ थे, और संकट का कोई आभास नहीं था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} इसका एक उदाहरण ब्रिटिश कैबिनेट था, जिसने 24 जुलाई तक विदेश मामलों पर चर्चा नहीं की थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}}
===सर्बिया और ऑस्ट्रिया-हंगरी की सैन्य लामबंदी, फ्रांस ने उठाए तैयारी के कदम (24-25 जुलाई)===
[[File:Plan XVII.svg|thumb|upright=2|[[फ्रांसीसी]] रणनीतिकारों ने मई 1913 में ''प्लान सत्रहवें'' को मंजूरी दी थी, जिसे फ्रांस और जर्मनी के बीच युद्ध की स्थिति में लागू किया जाना था। इस योजना में जर्मन हमले का सामना करने के लिए एक पूर्ण जवाबी आक्रमण की कल्पना की गई थी। 7 अगस्त को ''प्लान सत्रहवें'' के पांच चरणों में वास्तविक कार्यान्वयन, जिसे अब फ्रंटियर्स की लड़ाई के रूप में जाना जाता है, के परिणामस्वरूप फ्रांस की हार हुई।]]
24 जुलाई को, सर्बियाई सरकार ने उम्मीद की थी कि अगले दिन ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा होगी, और इस कारण उन्होंने सैन्य लामबंदी की, जबकि ऑस्ट्रिया-हंगरी ने राजनयिक संबंध तोड़ दिए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=206–207}} ऑस्ट्रिया-हंगरी में ब्रिटिश राजदूत ने लंदन को रिपोर्ट किया: "युद्ध की संभावना निकट मानी जा रही है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}} वियना में सबसे अधिक उत्साह है।" अस्क्विथ ने वेनेशिया स्टैनली को एक पत्र में लिखा कि उन्हें चिंता थी कि रूस ब्रिटेन को उस स्थिति में उलझाने की कोशिश कर रहा है जिसे उन्होंने "पिछले 40 वर्षों की सबसे खतरनाक स्थिति" के रूप में वर्णित किया।{{Efn|"Russia is trying to drag us in. The news this morning is that Serbia had capitulated on the main points, but it is very doubtful if any reservations will be accepted by Austria, who is resolved upon a complete and final humiliation. The curious thing is that on many, if not most of the points, Austria has a good and Serbia a very bad case. But the Austrians are quite the stupidest people in Europe (as the Italians are the most perfidious), and there is a brutality about their mode of procedure, which will make most people think that is a case of a big Power wantonly bullying a little one. Anyhow, it is the most dangerous situation of the last 40 years."{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}}}} युद्ध को रोकने के लिए, ब्रिटिश विदेश कार्यालय के स्थायी सचिव, आर्थर निकोलसन, ने फिर से सुझाव दिया कि लंदन में एक सम्मेलन आयोजित किया जाए, जिसकी अध्यक्षता ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, और फ्रांस करे, ताकि ऑस्ट्रिया-हंगरी और सर्बिया के बीच विवाद का समाधान किया जा सके।{{Sfn|Fromkin|2004|p=207}}
25 जुलाई को, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने आठ सेना वाहिनियों के लिए सर्बिया के खिलाफ 28 जुलाई से ऑपरेशन शुरू करने के लिए लामबंदी आदेश पर हस्ताक्षर किए; ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत गिसल बेलग्रेड छोड़ गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} पेरिस में कार्यवाहक सरकार ने 26 जुलाई से सभी फ्रांसीसी सैनिकों की छुट्टियाँ रद्द कर दीं और मोरक्को में मौजूद अधिकांश फ्रांसीसी सैनिकों को फ्रांस लौटने का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}}
===रूस ने आंशिक लामबंदी का आदेश दिया (24–25 जुलाई)===
{{See also|प्रथम विश्व युद्ध में रूस का प्रवेश}}
[[File:Русские солдаты перед отправкой на Первую мировую войну.jpg|thumb|रूसी शाही सेना के गैर-कमीशन अधिकारी, 24 जुलाई 1914]]
24-25 जुलाई को रूसी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। रूसी कृषि मंत्री अलेक्जेंडर क्रिवोशिन, जिन पर जार निकोलस द्वितीय को विशेष रूप से भरोसा था, ने तर्क दिया कि रूस जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ संघर्ष के लिए सैन्य रूप से तैयार नहीं था और वह सतर्क दृष्टिकोण से अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकता है।{{Efn|"...[O]ur rearmament programme had not been completed and it seemed doubtful whether our Army and Fleet would ever be able to compete with those of Germany and Austria-Hungary as regards modern technical efficiency ... No one in Russia desired a war. The disastrous consequences of the [[Russo-Japanese War]] had shown the grave danger which Russia would run in case of hostilities. Consequently our policy should aim at reducing the possibility of a European war, but if we remained passive we would attain our objectives ... In his view stronger language than we had used hitherto was desirable."{{Sfn|Lieven|1997|p=108}}}} सजोनोव ने कहा कि रूस ने आमतौर पर अपनी विदेशी नीति में संयम बरता है, लेकिन जर्मनी ने उसके संयम को कमजोरी के रूप में देखा है और इसका फायदा उठाया है।{{Efn|"Germany looked upon our concessions as so many proofs of our weakness and far from having prevented our neighbours from using aggressive methods, we had encouraged them."{{Sfn|Lieven|1997|p=107}}}} रूसी युद्ध मंत्री व्लादिमीर सुखोमलिनोव और नौसेना मंत्री एडमिरल इवान ग्रिगोरोविच ने कहा कि रूस न तो ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार है और न ही जर्मनी के खिलाफ, लेकिन एक सख्त कूटनीतिक रुख आवश्यक है।{{Efn|"[H]esitation was no longer appropriate as far as the Imperial government was concerned. They saw no objection to a display of greater firmness in our diplomatic negotiations"{{Sfn|Lieven|1997|p=109}}}} रूसी सरकार ने फिर से ऑस्ट्रिया-हंगरी से समय सीमा बढ़ाने के लिए कहा और सर्बों को सलाह दी कि वे ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम की शर्तों का जितना संभव हो सके उतना कम प्रतिरोध करें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}} अंततः, ऑस्ट्रिया-हंगरी को युद्ध से रोकने के लिए, रूसी मंत्रिपरिषद ने ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ आंशिक लामबंदी का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=190–191}}
25 जुलाई 1914 को क्रासनोय सेलो में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें निकोलस ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई संघर्ष में हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया, जो कि एक सामान्य युद्ध की ओर एक कदम था। उन्होंने 25 जुलाई को रूसी सेना को सतर्क कर दिया। हालांकि यह पूर्ण रूप से लामबंदी नहीं थी, लेकिन इसने जर्मन और ऑस्ट्रो-हंगेरियन सीमाओं को खतरे में डाल दिया और युद्ध की सैन्य घोषणा के समान दिखाई दिया।<ref name="ReferenceC">{{Cite book |last=Merriman |first=John |title=A History of Modern Europe: From the Renaissance to the Present |date=2009 |publisher=W. W. Norton & Company |isbn=978-0-3939-3433-5 |edition=3 |volume=2 |page=967 |author-link=John M. Merriman}}</ref><ref>{{Cite journal |last=Turner |first=L. C. F. |date=January 1968 |title=The Russian Mobilization in 1914 |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-contemporary-history_1968-01_3_1/page/65 |journal=Journal of Contemporary History |volume=3 |issue=1 |pages=65–88 |doi=10.1177/002200946800300104 |jstor=259967 |s2cid=161629020}}</ref>
हालाँकि रूस का सर्बिया के साथ कोई गठबंधन नहीं था, फिर भी परिषद ने रूसी सेना और बाल्टिक और काला सागर बेड़ों के दस लाख से अधिक सैनिकों की गुप्त आंशिक लामबंदी के लिए सहमति दी। यह जोर देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि युद्ध के सामान्य विवरणों में इससे कुछ भ्रम उत्पन्न होता है, कि यह सर्बिया द्वारा अल्टीमेटम को अस्वीकार करने, 28 जुलाई को ऑस्ट्रो-हंगरी द्वारा युद्ध की घोषणा या जर्मनी द्वारा कोई भी सैन्य कदम उठाए जाने से पहले किया गया था। एक कूटनीतिक कदम के रूप में इसकी सीमित महत्ता थी क्योंकि रूसियों ने 28 जुलाई तक इस लामबंदी को सार्वजनिक नहीं किया था।{{Sfn|Turner|1968|pages=65–88}}
===रूसी विचारधारा===
मंत्रिपरिषद में इस कदम का समर्थन करने के लिए उपयोग किए गए तर्क थे:
#संकट का उपयोग जर्मनों द्वारा अपनी शक्ति बढ़ाने के बहाने के रूप में किया जा रहा था।
#अल्टीमेटम को स्वीकार करने का अर्थ होगा कि सर्बिया ऑस्ट्रिया-हंगरी का संरक्षित राज्य बन जाएगा।
#रूस ने अतीत में पीछे हटने का रास्ता अपनाया था—जैसे कि लिमन वॉन सैंडर्स मामले और बोस्नियाई संकट में—और इससे जर्मनों को शांत करने के बजाय प्रोत्साहन मिला था।
#1904-06 की आपदाओं के बाद रूसी सेना ने काफी हद तक अपनी स्थिति सुधार ली थी।
इसके अलावा, सजोनोव का मानना था कि युद्ध अवश्यंभावी था और उन्होंने इस बात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को सर्बियाई विस्तारवाद के मुकाबले जवाबी कदम उठाने का अधिकार था। इसके विपरीत, सजोनोव ने खुद को विस्तारवाद के साथ जोड़ लिया था और ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य के पतन की उम्मीद की थी। महत्वपूर्ण बात यह थी कि कुछ दिनों पहले हुई राजकीय यात्रा में फ्रांसीसियों ने अपने रूसी सहयोगियों को मजबूत प्रतिक्रिया देने के लिए स्पष्ट समर्थन दिया था। पृष्ठभूमि में यह भी था कि तुर्की जलडमरूमध्य के भविष्य को लेकर रूस की चिंता—"जहां बाल्कन पर रूस का नियंत्रण सेंट पीटर्सबर्ग को बोस्फोरस पर अनचाहे घुसपैठ को रोकने के लिए कहीं बेहतर स्थिति में रखेगा।"{{Sfn|Clark|2013|p=486}}
क्रिस्टोफर क्लार्क कहते हैं, "24 और 25 जुलाई की बैठकों के ऐतिहासिक महत्व को बढ़ा-चढ़ाकर बताना मुश्किल होगा,"{{Sfn|Clark|2013|p=475}} क्योंकि इसने सर्बिया को साहस दिया और जर्मनी के लिए दांव बढ़ा दिया, जो अभी भी बाल्कन तक सीमित संघर्ष की उम्मीद कर रहा था।{{Efn|"In taking these steps, [Russian Foreign Minister] Sazonov and his colleagues escalated the crisis and greatly increased the likelihood of a general European war. For one thing, Russian pre-mobilization altered the political chemistry in Serbia, making it unthinkable that the Belgrade government, which had originally given serious consideration to accepting the ultimatum, would back down in the face of Austrian pressure. It heightened the domestic pressure on the Russian administration ... it sounded alarm bells in Austria-Hungary. Most importantly of all, these measures drastically raised the pressure on Germany, which had so far abstained from military preparations and was still counting on the localisation of the Austro-Serbian conflict."{{Sfn|Clark|2013|p=480}}}}
रूस की नीति यह थी कि सर्बों पर दबाव डाला जाए कि वे अल्टीमेटम को यथासंभव स्वीकार करें, लेकिन उन्हें अधिक अपमानित न किया जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=191}} रूस युद्ध से बचने के लिए चिंतित था क्योंकि महान सैन्य कार्यक्रम 1917 तक पूरा नहीं होना था, और रूस अन्यथा युद्ध के लिए तैयार नहीं था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=191}} क्योंकि फ्रांस के सभी नेता, जिनमें प्वाइंकारे और विवियानी शामिल थे, सेंट पीटर्सबर्ग में शिखर सम्मेलन से लौटते समय युद्धपोत 'फ्रांस' पर समुद्र में थे, इसलिए फ्रांसीसी सरकार के कार्यवाहक प्रमुख, जीन-बैप्टिस्ट बिएनवे-मार्टिन ने अल्टीमेटम पर कोई रुख नहीं अपनाया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=190}} इसके अलावा, जर्मनों ने रेडियो संदेशों को जाम कर दिया, जिससे जहाज पर सवार फ्रांसीसी नेताओं और पेरिस के बीच के संपर्क कम से कम गड़बड़ा गए, और संभवतः उन्हें पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=194}}
===युद्ध से बचने या इसे स्थानीयकृत करने के लिए कूटनीतिक चालें (26 जुलाई)===
25 जुलाई को, ग्रे ने फिर से सुझाव दिया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी को सूचित करे कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम पर सर्बियाई प्रतिक्रिया "संतोषजनक" थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} जैगो ने बिना कोई टिप्पणी किए वियना को ग्रे का प्रस्ताव भेज दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} उसी दिन, जैगो ने रिपोर्टर थियोडोर वोल्फ से कहा कि उनके विचार में "न तो लंदन, न पेरिस, और न ही सेंट पीटर्सबर्ग युद्ध चाहते हैं"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=198}} उसी दिन, रूस ने घोषणा की कि यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया पर हमला करता है तो वह "अरुचिकर" नहीं रह सकता।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} फ्रांसीसी और रूसी दोनों राजदूतों ने चार-शक्ति मध्यस्थता को खारिज कर दिया, और इसके बजाय बेलग्रेड और वियना के बीच सीधे वार्ता का प्रस्ताव दिया। जैगो ने फ्रैंको-रूसी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया क्योंकि इसने ब्रिटेन को फ्रांस और रूस से अलग करने का सबसे अच्छा मौका दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} प्रिंस लिचनोव्स्की के साथ अपनी वार्ता में, ग्रे ने ऑस्ट्रो-सर्बियाई युद्ध के बीच एक स्पष्ट अंतर किया, जो ब्रिटेन से संबंधित नहीं था, और एक ऑस्ट्रो-रूसी युद्ध, जो संबंधित था।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} ग्रे ने कहा कि ब्रिटेन फ्रांस और रूस के साथ तालमेल में काम नहीं कर रहा था, जिससे जैगो की ब्रिटेन को ट्रिपल एंटेंट से अलग करने की उम्मीदें बढ़ गईं।{{Sfn|Fischer|1967|p=66}} उसी दिन, जैगो ने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करने में जल्दी करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए वियना को एक और संदेश भेजा।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}}
26 जुलाई को, बर्चटोल्ड ने ग्रे के मध्यस्थता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और लिखा कि यदि स्थानीयकरण संभव नहीं होता है, तो द्वैध राजतंत्र "आभार के साथ" जर्मनी के समर्थन पर भरोसा कर रहा था, "यदि हम पर किसी अन्य प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संघर्ष थोपा जाता है"।{{Sfn|Fischer|1967|p=68}} उसी दिन, जनरल हेल्मुथ वॉन मोल्टके ने बेल्जियम को एक संदेश भेजा, जिसमें मांग की गई कि फ्रांस और रूस के खिलाफ आसन्न युद्ध की स्थिति में जर्मन सैनिकों को उस साम्राज्य के माध्यम से गुजरने की अनुमति दी जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=68}} बेथमन हॉलवेग ने लंदन, पेरिस और सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूतों को एक संदेश में कहा कि जर्मन विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य अब यह दिखाना है कि रूस ने जर्मनी को युद्ध में धकेला है, ताकि ब्रिटेन को तटस्थ रखा जा सके और जर्मन जनता की राय को युद्ध के प्रयास में समर्थन दिया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|pp=72–73}} बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम को निकोलस को एक तार भेजने की सलाह दी, जिसके बारे में उन्होंने सम्राट को आश्वासन दिया कि यह केवल जनसंपर्क के उद्देश्य से है।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} जैसा कि बेथमन हॉलवेग ने कहा, "अगर अंततः युद्ध होता है, तो ऐसा एक तार रूस के अपराध को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर देगा"।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} मोल्टके ने जर्मन विदेश मंत्रालय का दौरा किया और जगो को सलाह दी कि जर्मनी को बेल्जियम पर आक्रमण को सही ठहराने के लिए एक अल्टीमेटम का मसौदा तैयार करना शुरू कर देना चाहिए।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=210–211}} बाद में, मोल्टके ने बेथमन हॉलवेग से मुलाकात की और उसी दिन बाद में अपनी पत्नी को बताया कि उन्होंने चांसलर को सूचित किया था कि वह "बहुत असंतुष्ट" थे कि जर्मनी ने अभी तक रूस पर हमला नहीं किया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=211}}
26 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत फ्रेडरिक वॉन पौरताल्स ने सजोनोव से कहा कि वे ग्रे के लंदन में शिखर सम्मेलन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दें,{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} यह कहते हुए कि प्रस्तावित सम्मेलन "बहुत बोझिल" था, और यदि रूस शांति बचाने के प्रति गंभीर था, तो वे सीधे ऑस्ट्रो-हंगेरियनों के साथ बातचीत करेंगे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} सजोनोव ने जवाब दिया कि वह सर्बिया को ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों में से लगभग सभी को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, और पौरताल्स की सलाह का पालन करते हुए, सीधे ऑस्ट्रो-हंगेरियनों के साथ बातचीत के पक्ष में ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} पौरताल्स ने जर्मनी को रिपोर्ट दी कि सजोनोव "अधिक सुलहकारी" हो रहे थे, "एक पुल खोजने" का प्रयास कर रहे थे... "ऑस्ट्रियाई मांगों को संतुष्ट करने के लिए" और शांति बनाए रखने के लिए लगभग कुछ भी करने को तैयार थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=210}} उसी समय, पौरताल्स ने चेतावनी दी कि बाल्कन शक्ति संतुलन में परिवर्तन रूस द्वारा एक अत्यधिक शत्रुतापूर्ण कार्य के रूप में माना जाएगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}} इसके बाद की ऑस्ट्रो-रूसी वार्ता को ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर किसी भी मांग को छोड़ने से इनकार करने के कारण विफल कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=208}} यदि युद्ध छिड़ जाए और ब्रिटेन इसमें शामिल हो जाए, तो एक प्रारंभिक कदम के रूप में, ब्रिटिश एडमिरल्टी के प्रथम लॉर्ड विंस्टन चर्चिल ने ब्रिटिश बेड़े को योजनाबद्ध रूप से न फैलने का आदेश दिया,{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} यह तर्क देते हुए कि ब्रिटिश कदम की खबर युद्ध को रोकने के रूप में काम कर सकती है, और इस प्रकार जर्मनी को कुछ अधिक अनुचित मांगों को उनके अंतिम प्रस्ताव में छोड़ने के लिए ऑस्ट्रिया पर दबाव डालने में मदद कर सकती है। ग्रे ने कहा कि एक समझौता समाधान काम कर सकता है यदि जर्मनी और ब्रिटेन मिलकर काम करें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} उनके दृष्टिकोण ने ब्रिटिश अधिकारियों का विरोध उत्पन्न किया, जिन्होंने महसूस किया कि जर्मन संकट को बुरी नीयत से संभाल रहे थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} निकोलसन ने ग्रे को चेतावनी दी कि उनकी राय में "बर्लिन हमारे साथ खेल रहा है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}} ग्रे ने अपनी ओर से निकोलसन के आकलन को खारिज कर दिया और उनका मानना था कि जर्मनी सामान्य युद्ध को रोकने में रुचि रखता था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}}
क्वाई डी'ऑर्से के राजनीतिक निदेशक फिलिप बर्थेलोट ने पेरिस में जर्मन राजदूत विल्हेम वॉन शोएन से कहा कि "मेरी साधारण समझ में जर्मनी का रुख समझ से बाहर था यदि उसका उद्देश्य युद्ध नहीं था"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=209}}
वियना में, कॉनराड वॉन हॉट्जेंडॉर्फ और बर्चटोल्ड इस बात पर असहमत थे कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को ऑपरेशन्स कब शुरू करने चाहिए। कॉनराड ने एक सैन्य आक्रमण के तैयार होने तक इंतजार करना चाहा, जिसकी अनुमानित तिथि 12 अगस्त थी, जबकि बर्चटोल्ड का मानना था कि तब तक प्रतिशोधी हमले के लिए कूटनीतिक अवसर समाप्त हो चुका होगा।{{Efn|Berchtold: "We should like to deliver the declaration of war on Serbia as soon as possible so as to put an end to diverse influences. When do you want the declaration of war?" Conrad: "Only when we have progressed far enough for operations to begin immediately—on approximately August 12th." Berchtold: "The diplomatic situation will not hold as long as that."{{Sfn|Fromkin|2004|p=210}}}}
27 जुलाई को, ग्रे ने प्रिंस लिचनोव्स्की के माध्यम से एक और शांति प्रस्ताव भेजा जिसमें जर्मनी से ऑस्ट्रिया-हंगरी पर अपने प्रभाव का उपयोग करने का अनुरोध किया कि शांति बनाए रखी जाए।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 258, p. 243}} ग्रे ने लिचनोव्स्की को चेतावनी दी कि यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बिया के खिलाफ आक्रमण जारी रखता है, और जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करता है, तो ब्रिटेन के पास फ्रांस और रूस के पक्ष में जाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 265, p. 247}} फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने पेरिस में जर्मन राजदूत शोन को सूचित किया कि फ्रांस शांतिपूर्ण समाधान खोजने को लेकर चिंतित है, और यदि जर्मनी वियना में संयम की सलाह देता है, तो वह सेंट पीटर्सबर्ग में अपने प्रभाव के साथ पूरी कोशिश करने को तैयार है, क्योंकि सर्बिया ने लगभग हर बिंदु को पूरा कर दिया है।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}}
===विल्हेम के विचार बदलते हैं (26 जुलाई)===
26 जुलाई को, सर्बिया की प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद, विल्हेम ने टिप्पणी की, "लेकिन इससे युद्ध का कोई कारण नहीं बचता"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} या "युद्ध का हर कारण खत्म हो जाता है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} विल्हेम ने नोट किया कि सर्बिया ने "सबसे अपमानजनक प्रकार का आत्मसमर्पण किया है",{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} कि "कुछ आरक्षण जो सर्बिया ने कुछ बिंदुओं के संबंध में किए हैं, मेरे विचार में निश्चित रूप से बातचीत के माध्यम से सुलझाए जा सकते हैं", और ग्रे से स्वतंत्र रूप से काम करते हुए, एक समान "बेलग्रेड में रुकें" प्रस्ताव दिया।{{Sfn|Fischer|1967|pp=71–72}} विल्हेम ने कहा कि चूंकि "सर्ब ओरिएंटल हैं, इसलिए झूठे, चालबाज, और टालमटोल के मास्टर हैं", इसलिए सर्बिया के अपने वादे पर खरा उतरने तक बेलग्रेड पर अस्थायी ऑस्ट्रो-हंगेरियन कब्जा आवश्यक था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}}
विल्हेम के युद्ध के प्रति अचानक बदले हुए विचार से बेथमन हॉलवेग, सैन्य विभाग, और कूटनीतिक सेवा को गुस्सा आ गया, जिन्होंने विल्हेम के प्रस्ताव को विफल करने के लिए आगे कदम उठाया।{{Sfn|Fischer|1967|p=72}} एक जर्मन जनरल ने लिखा: "दुर्भाग्यवश... शांतिपूर्ण समाचार। सम्राट शांति चाहते हैं... वह यहां तक कि ऑस्ट्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं और आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}} बेथमन हॉलवेग ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को रोकने के लिए त्सिर्श्की को निर्देश न देकर विल्हेम के प्रस्ताव को विफल कर दिया।{{Efn|"You must most carefully avoid giving any impression that we want ''to hold Austria back''. We are concerned only to find a ''modus'' to enable the realisation of Austria-Hungary’s aim ''without at the same time unleashing a world war'', and ''should this after all prove unavoidable, to improve as far as possible the conditions under which it is to be waged''."{{Sfn|Fischer|1967|p=72}}}} विल्हेम का संदेश पहुंचाते समय, बेथमन हॉलवेग ने उन हिस्सों को हटा दिया, जिनमें सम्राट ने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों को युद्ध में न जाने के लिए कहा था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}} जैगो ने अपने राजनयिकों से विल्हेम के शांति प्रस्ताव की उपेक्षा करने और युद्ध के लिए दबाव बनाए रखने के लिए कहा। जनरल फाल्केनहाइन ने विल्हेम से कहा कि अब उनके हाथ में इस मामले का नियंत्रण नहीं है। फाल्केनहाइन ने आगे संकेत दिया कि अगर विल्हेम शांति के लिए प्रयास करते रहे तो सैन्य विभाग तख्तापलट की योजना बना सकता है और उनके पुत्र, उग्रवादी क्राउन प्रिंस विल्हेम के पक्ष में उन्हें पदच्युत कर सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}}
बेथमन हॉलवेग ने वियना को अपने टेलीग्राम में युद्ध के दो अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख किया: कि रूस को आक्रांता के रूप में प्रस्तुत किया जाए जिससे एक अनिच्छुक जर्मनी को युद्ध में धकेला जाए, और ब्रिटेन को तटस्थ रखा जाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=72}} रूस को आक्रांता के रूप में दिखाने की आवश्यकता बेथमन हॉलवेग के लिए अधिक चिंता का विषय था क्योंकि जर्मन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा करने के लिए ऑस्ट्रिया-हंगरी की निंदा की थी और ऑस्ट्रिया-हंगरी का समर्थन करने में जर्मनी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन आयोजित करने का आदेश दिया था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}} हालाँकि, बेथमन हॉलवेग को एसपीडी नेताओं से मिली निजी वादों पर बहुत भरोसा था कि वे सरकार का समर्थन करेंगे यदि जर्मनी रूसी हमले का सामना करता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}}
27 जुलाई को, विल्हेम ने उत्तरी सागर में अपनी क्रूज यात्रा समाप्त की और जर्मनी लौट आए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}} विल्हेम 25 जुलाई को शाम 6 बजे, अपने चांसलर की आपत्तियों के बावजूद, कक्सहेवन (कील) पर उतरे।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol II pp. 428n, 434–435}} अगले दोपहर में, ब्रिटिश फ्लीट को फैलाने का आदेश और ब्रिटिश रिजर्विस्ट्स को बर्खास्त करने का आदेश रद्द कर दिया गया, जिससे ब्रिटिश नौसेना को युद्ध की तैयारी में डाल दिया गया।{{Efn|When Wilhelm arrived at the Potsdam station late in the evening of July 26, he was met by a pale, agitated, and somewhat fearful Chancellor. Bethmann Hollweg's apprehension stemmed not from the dangers of the looming war, but rather from his fear of the Kaiser's wrath when the extent of his deceptions were revealed. The Kaiser's first words to him were suitably brusque: "How did it all happen?" Rather than attempt to explain, the Chancellor offered his resignation by way of apology. Wilhelm refused to accept it, muttering furiously, "You've made this stew, Now you're going to eat it!"{{Sfn|Butler|2010|p=103}}}}
===ऑस्ट्रिया-हंगरी युद्ध की अंतिम तैयारियां करता है (27 जुलाई)===
बाद में, 27 जुलाई को, ऑस्ट्रिया-हंगरी ने युद्ध की तैयारियाँ पूरी करनी शुरू कर दीं।{{Sfn|Fischer|1967|p=69}} उसी दिन, जैगो ने सोजेनी को सूचित किया कि वह ब्रिटिश मध्यस्थता के प्रस्तावों को केवल इसलिए दिखावा कर रहे थे ताकि ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित की जा सके, लेकिन उनका युद्ध रोकने का कोई इरादा नहीं था।{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} सोजेनी ने रिपोर्ट किया "किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए" कि जैगो ने उन्हें वादा किया था कि "जर्मन सरकार ने ऑस्ट्रिया को सबसे बाध्यकारी तरीके से आश्वासन दिया कि वह किसी भी तरह से प्रस्ताव [ग्रे के मध्यस्थता प्रस्ताव] के साथ नहीं जुड़ी है, जो बहुत जल्द ही आपकी एक्सीलेंसी [बेर्चतोल्ड] के ध्यान में लाया जाएगा: इसके विपरीत, यह उनके विचार पर विचार करने के लिए दृढ़ता से विरोध करती है और केवल ब्रिटिश अनुरोध के प्रति सम्मान के कारण उन्हें आगे बढ़ा रही है" (मूल में जोर)।{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} जैगो ने आगे कहा कि वह "ब्रिटिश इच्छा का ख्याल रखने के बिल्कुल खिलाफ थे",{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} क्योंकि "जर्मन सरकार का दृष्टिकोण था कि ब्रिटेन को रूस और फ्रांस के साथ आम कारण बनाने से रोकना इस समय सबसे महत्वपूर्ण था। इसलिए हमें किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए जो जर्मनी और ब्रिटेन के बीच अब तक बहुत अच्छी तरह से काम कर रही लाइन को काट सकती है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=70}} सोजेनी ने अपने टेलीग्राम का अंत किया: "यदि जर्मनी ने ग्रे को स्पष्ट रूप से बताया कि उसने इंग्लैंड की शांति योजना को संप्रेषित करने से इनकार कर दिया, तो वह उद्देश्य [आगामी युद्ध में ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करना] प्राप्त नहीं हो सकता था।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} बेथमन हॉलवेग ने ट्सचिर्स्की को भेजे संदेश में लिखा कि 27 जुलाई को जर्मनी को ब्रिटिश मध्यस्थता पर विचार करते हुए दिखाना चाहिए ताकि उन्हें युद्ध-प्रेमियों के रूप में नहीं देखा जाए।{{Efn|"As we have already rejected one British proposal for a conference, it is not possible for us to refuse this suggestion also ''a limine''. If we rejected every attempt at mediation, the whole world would hold us responsible for the conflagration and represent us as the real war-mongers. That would also make our position impossible here in Germany, where we have got to appear as though the war had been forced on us. Our position is the more difficult because Serbia seems to have given way very extensively. We cannot therefore reject the role of mediator; we have to pass on the British proposal to Vienna for consideration, especially since London and Paris are continuously using their influence on St. Petersburg."{{Sfn|Fischer|1967|p=70}}}} ग्रे के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, बेथमन हॉलवेग ने अंतिम पंक्ति को हटा दिया, जिसमें लिखा था: "इसके अलावा, यहां पूरी दुनिया आश्वस्त है, और मुझे अपने सहयोगियों से सुनाई देता है कि स्थिति की कुंजी बर्लिन में है, और अगर बर्लिन गंभीरता से शांति चाहता है, तो यह वियना को मूर्खतापूर्ण नीति का पालन करने से रोकेगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} लंदन को अपने जवाब में, बेथमन हॉलवेग ने दिखावा किया: "हमने तुरंत वियना में सर एडवर्ड ग्रे द्वारा वांछित अर्थ में मध्यस्थता शुरू कर दी है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=71}} जैगो ने ग्रे के प्रस्ताव को वियना में अपने राजदूत ट्सचिर्स्की को भेजा, लेकिन उन्हें इसे किसी भी ऑस्ट्रो-हंगेरियन अधिकारी को न दिखाने का आदेश दिया, ताकि वे इसे स्वीकार न कर सकें।{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} उसी समय, बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम को ग्रे के प्रस्ताव का विकृत खाता भेजा।{{Sfn|Fischer|1967|p=71}}
लंदन में, ग्रे ने ब्रिटिश कैबिनेट की बैठक में कहा कि अब उन्हें यह तय करना होगा कि अगर युद्ध होता है तो तटस्थता का चयन करना है या संघर्ष में शामिल होना है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=214}} जबकि कैबिनेट इस बात को लेकर अनिश्चित थी कि किस रास्ते का चयन करना है, चर्चिल ने ब्रिटिश बेड़े को अलर्ट पर रख दिया।{{Efn|His order read: "Secret. European political situation makes war between Triple Alliance and Triple Entente by no means impossible. This is ''not'' the Warning Telegram, but be prepared to shadow possible hostile men of war ... Measure is purely precautionary."{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}}}} पेरिस में ऑस्ट्रो-हंगेरियन राजदूत, काउंट निकोलस सेचेन वॉन टेमरीन ने वियना को रिपोर्ट किया: "सर्बिया की दूरगामी अनुपालन, जिसे यहाँ संभव नहीं माना गया, ने एक मजबूत प्रभाव डाला है। हमारा रुख इस राय को जन्म देता है कि हम किसी भी कीमत पर युद्ध चाहते हैं।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}} लंदन में एक रूसी राजनयिक ने ग्रे की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने जर्मनी पर शांति के लिए एक शक्ति के रूप में बहुत अधिक विश्वास किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=215}} ब्रिटिशों को चेतावनी दी गई कि "युद्ध अपरिहार्य है और इंग्लैंड की गलती से है; कि अगर इंग्लैंड ने तुरंत रूस और फ्रांस के साथ अपनी एकजुटता और आवश्यक होने पर लड़ने के इरादे की घोषणा की होती, तो जर्मनी और ऑस्ट्रिया हिचकते।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}} बर्लिन में, एडमिरल जॉर्ज वॉन मुलर ने अपनी डायरी में लिखा कि "जर्मनी को शांत रहना चाहिए ताकि रूस को गलत साबित किया जा सके, लेकिन अगर यह अपरिहार्य हो तो युद्ध से नहीं हिचकना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}} बेथमन हॉलवेग ने विल्हेम से कहा कि "किसी भी स्थिति में रूस को निर्दयता से गलत साबित किया जाना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=216}}
28 जुलाई को सुबह 11:49 बजे, प्रिंस लिचनोव्स्की ने चौथा ब्रिटिश मध्यस्थता प्रस्ताव भेजा, जो इस बार किंग जॉर्ज पांचवें और ग्रे दोनों की ओर से आया था।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 201, p. 210}} लिचनोव्स्की ने लिखा कि किंग की इच्छा है कि "ब्रिटिश-जर्मन संयुक्त भागीदारी, फ्रांस और इटली की सहायता से, वर्तमान अत्यंत गंभीर स्थिति में शांति के हित में सफल हो सकती है।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 201, p. 210}} 28 जुलाई को दोपहर 4:25 बजे, लिचनोव्स्की ने बर्लिन को रिपोर्ट दी कि "ऑस्ट्रियाई मांगों के आने के बाद से यहां कोई भी संघर्ष के स्थानीयकरण की संभावना में विश्वास नहीं करता।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 218, p. 221}} निकोलसन और ग्रे के निजी सचिव, विलियम टायरेल ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को "सामान्य युद्ध से बचने की एकमात्र संभावना" के रूप में देखा और उम्मीद की कि "ऑस्ट्रिया को पूर्ण संतोष मिलेगा, क्योंकि सर्बिया ऑस्ट्रिया की धमकियों की तुलना में शक्तियों के दबाव में और उनकी संयुक्त इच्छा के आगे झुकने के लिए अधिक उपयुक्त होगा।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} टायरेल ने ग्रे के विचार को प्रकट किया कि अगर सर्बिया पर आक्रमण हुआ, तो "विश्व युद्ध अनिवार्य होगा।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} लिचनोव्स्की ने अपने बर्लिन के डिस्पैच में "संघर्ष के स्थानीयकरण की संभावना में और विश्वास करने के खिलाफ एक तत्काल चेतावनी" दी।{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 236, p. 230}} जब एडवर्ड गोशेन, बर्लिन में ब्रिटिश राजदूत, ने ग्रे के सम्मेलन प्रस्ताव को जैगो के सामने रखा, तो जर्मनों ने प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=67}} ग्रे को लिखे एक पत्र में, बेथमन हॉलवेग ने कहा कि जर्मनी "ऑस्ट्रिया को उसके सर्बिया के मामले में यूरोपीय न्यायालय के सामने नहीं बुला सकता।"{{Sfn|Kautsky|1924|loc=No 248, p. 237}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन सैनिकों ने सर्बिया पर आक्रमण करने की तैयारी के कदम के रूप में बोस्निया में ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=217}} फाल्केनहाइन ने जर्मन सरकार से कहा, "अब यह तय हो गया है कि चाहे जो भी कीमत हो, इस मामले को लड़ना होगा," और बेथमन हॉलवेग को तुरंत रूस और फ्रांस पर जर्मन हमला करने का आदेश देने की सलाह दी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=217}} मोल्टके ने फाल्केनहाइन का समर्थन करते हुए यह आकलन प्रस्तुत किया कि 1914 जर्मनी के लिए युद्ध करने के लिए एक "विशेष रूप से अनुकूल स्थिति" थी क्योंकि न तो रूस और न ही फ्रांस तैयार थे जबकि जर्मनी था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} एक बार जब 1917 तक रूस का ग्रेट मिलिटरी प्रोग्राम पूरा हो जाएगा, मोल्टके ने कहा कि जर्मनी कभी भी एक विजयी युद्ध की संभावना को मनोरंजन नहीं कर सकेगा और इसलिए उसे दोनों फ्रांस और रूस को तब तक नष्ट कर देना चाहिए जब तक यह संभव था। मोल्टके ने अपने आकलन का अंत इस कथन के साथ किया: "हम इसे अब जितना अच्छा कर सकते हैं, उतना अच्छा फिर कभी नहीं कर पाएंगे।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=218}} जैगो ने वियना को एक संदेश भेजकर मोल्टके का समर्थन किया जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रो-हंगेरियनों से कहा कि उन्हें तुरंत सर्बिया पर हमला करना चाहिए क्योंकि अन्यथा ब्रिटिश शांति योजना को स्वीकार किया जा सकता है।{{Sfn|Fromkin|2004|p=219}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा की (28 जुलाई)==
[[File:TelegramWW1.jpg|thumb|ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य का सर्बिया के साम्राज्य को युद्ध की घोषणा करने वाला टेलीग्राम, 28 जुलाई 1914]]
28 जुलाई को सुबह 11:00 बजे ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर युद्ध की घोषणा कर दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} बेथमन हॉलवेग के निर्देशों के अनुसार, त्सचिर्श्की ने विल्हेम के "स्टॉप इन बेलग्रेड" प्रस्ताव को दोपहर तक पेश नहीं किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} 29 जुलाई 1914 को सुबह 1:00 बजे, पहले विश्व युद्ध की पहली गोलियां ऑस्ट्रो-हंगेरियन मॉनिटर एसएमएस बोड्रोग द्वारा चलाई गईं, जिसने सर्बियाई सैपर्स द्वारा सावा नदी पर रेल पुल को उड़ाने के जवाब में बेलग्रेड पर बमबारी की, जो दोनों देशों को जोड़ता था।<ref>{{Cite news |last=Keys |first=David | author-link = David Keys |date=27 July 2014 |title=Church to mark centenary of the start of WWI |work=[[The Independent]] |url=https://www.independent.co.uk/news/uk/home-news/church-to-mark-the-real-centenary-of-the-start-of-first-world-war-9631887.html |access-date=28 June 2015 |archive-url=https://web.archive.org/web/20170908181627/http://www.independent.co.uk/news/uk/home-news/church-to-mark-the-real-centenary-of-the-start-of-first-world-war-9631887.html |archive-date=8 September 2017}}</ref> रूसी साम्राज्य में, ऑस्ट्रिया-हंगरी की सीमा से लगे चार सैन्य जिलों के लिए आंशिक लामबंदी का आदेश दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=220}} विल्हेम ने निकोलस को टेलीग्राम भेजकर सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध के लिए रूसी समर्थन की मांग की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=220}} निकोलस ने उत्तर दिया: "आपके वापस आने की ख़ुशी है... मैं आपसे मदद की अपील करता हूं। एक कमजोर देश पर एक अपमानजनक युद्ध घोषित किया गया है... जल्द ही मुझ पर अत्यधिक दबाव डाला जाएगा... अत्यधिक उपाय करने के लिए जो युद्ध की ओर ले जाएंगे। एक यूरोपीय युद्ध जैसी विपत्ति से बचने के लिए, मैं आपसे हमारी पुरानी दोस्ती के नाम पर अनुरोध करता हूं कि आप अपने सहयोगियों को बहुत दूर जाने से रोकने के लिए जो कर सकते हैं वह करें।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=221}}
सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के तुरंत बाद, कॉनराड ने जर्मनों को सूचित किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी 12 अगस्त तक सैन्य अभियान शुरू नहीं कर सकता, जिससे बर्लिन में बहुत गुस्सा हुआ।{{Sfn|Fischer|1967|p=73}} बवेरियन राजनयिक काउंट लेरचेनफेल्ड ने म्यूनिख को सूचना दी: "साम्राज्य सरकार इस प्रकार अत्यधिक कठिन स्थिति में है, जहाँ इस अंतराल के दौरान अन्य शक्तियों के मध्यस्थता और सम्मेलनों के प्रस्तावों के लिए यह उजागर होती है, और यदि यह ऐसे प्रस्तावों की ओर अपनी पिछली आरक्षितता बनाए रखती है, तो एक विश्व युद्ध भड़काने का आरोप अंततः उस पर, यहाँ तक कि जर्मन जनता की नजरों में भी, पड़ सकता है। लेकिन तीन मोर्चों पर (यानी सर्बिया, रूस और फ्रांस में) एक सफल युद्ध शुरू नहीं किया जा सकता और न ही ऐसे आधार पर चलाया जा सकता है। यह आवश्यक है कि संघर्ष के किसी भी विस्तार की जिम्मेदारी, जो सीधे संबंधित शक्तियों पर नहीं है, किसी भी स्थिति में केवल रूस पर ही डाली जानी चाहिए।"{{Sfn|Fischer|1967|p=74}} उसी समय, रूस में जर्मन राजदूत पौरताल्स ने सूचना दी कि, साज़ोनोव के साथ बातचीत के आधार पर, रूस युद्ध से बचने के लिए सर्बिया पर अधिकांश ऑस्ट्रो-हंगेरियन मांगों को मानने के लिए दबाव डालने का "आश्चर्यजनक" समझौता करने के लिए तैयार था। बातचीत की संभावना को बेथमन हॉलवेग द्वारा पूरी तरह से खारिज कर दिया गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=75}}
हालाँकि 27 जुलाई तक जगो ने यह दृष्टिकोण व्यक्त किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी की सीमाओं के खिलाफ रूसी आंशिक लामबंदी युद्ध का कारण नहीं थी, लेकिन मोल्टके ने इसके बजाय तर्क दिया कि जर्मनी को तुरंत लामबंद होना चाहिए और फ्रांस पर हमला करना चाहिए। 29 जुलाई को दो बैठकों में, बेथमन हॉलवेग ने मोल्टके को खारिज कर दिया, जिन्होंने तर्क दिया कि जर्मनी को रूस के सामान्य लामबंदी शुरू करने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। जैसा कि बेथमन हॉलवेग ने मोल्टके से कहा, यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका था कि "पूरे घालमेल" का दोष रूस के सिर पर लगाया जा सके, और इस तरह ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित की जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=75}} चांसलर के आदेश के बिना लामबंदी शुरू नहीं करने का वादा करते हुए, मोल्टके ने बेल्जियम में जर्मन सैन्य अताशे को फ्रांस पर हमला करने के लिए रास्ते में जर्मन सैनिकों के गुजरने की अनुमति माँगने का आदेश दिया।{{Sfn|Fischer|1967|pp=75–76}} इसके अलावा, 28 जुलाई को, बेथमन हॉलवेग ने ओटोमन साम्राज्य के साथ एक रूसी विरोधी सैन्य गठबंधन बनाने की पेशकश की।{{Sfn|Fischer|1967|p=84}}
[[File:Satterfield cartoon about war scares in Europe.jpg|thumb|अमेरिकी समाचार पत्र ''रॉक आइलैंड आर्गस'' में 29 जुलाई 1914 को प्रकाशित कार्टून, जिसका शीर्षक है "द ग्लोब ट्रॉटर", जिसमें "जनरल वॉर स्केयर" को अमेरिका-मेक्सिको तनाव से भागते हुए "यूरोप के सभी बिंदुओं" की ओर जाते हुए दिखाया गया है।]]
ब्रिटिश राजदूत गोशेन के साथ एक बैठक में, बेथमन हॉलवेग ने यह स्पष्ट झूठा बयान दिया कि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी पर सर्बिया के खिलाफ युद्ध छोड़ने के लिए दबाव डाल रहा था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} जैसा कि प्रिंस हेनरी ऑफ प्रशिया ने दिखावा किया कि किंग जॉर्ज पंचम ने उन्हें वादा किया था कि ब्रिटेन तटस्थ रहेगा, कैसर ने ब्रिटेन के साथ एक नौसैनिक समझौते की बेथमन हॉलवेग की पेशकश को अस्वीकार कर दिया, यह कहते हुए कि जर्मनी को अब ब्रिटेन को कुछ भी पेश करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि किंग जॉर्ज ने जाहिर तौर पर अपने देश की तटस्थता का वादा किया था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}}
लंदन में, चर्चिल ने जॉर्ज पांचवें को लिखा कि रॉयल नेवी को "एक प्रारंभिक एहतियाती आधार पर रखा गया है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=222}} चर्चिल ने आगे लिखा कि "यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि ये उपाय किसी हस्तक्षेप को पूर्वाग्रहित नहीं करते हैं या यह मान लेते हैं कि महान शक्तियों की शांति बनी नहीं रहेगी"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=222}}
29 जुलाई को विल्हेम ने निकोलस को एक टेलीग्राम भेजा जिसमें कहा गया, "मुझे लगता है कि आपकी सरकार और वियना के बीच एक प्रत्यक्ष समझौता संभव और वांछनीय है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=223}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन जनरल स्टाफ ने जगो को एक नोट भेजकर उनकी इस बयान के बारे में शिकायत की कि वह रूसी आंशिक लामबंदी को जर्मनी के लिए खतरे के रूप में नहीं देखते, और यह अनुरोध किया कि जर्मनी रूस को सर्बिया का समर्थन करने से रोकने के लिए लामबंदी करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=224}} ऑस्ट्रो-हंगेरियन संदेश के जवाब में, जगो ने एक रूसी राजनयिक से कहा कि "रूस की आंशिक लामबंदी के जवाब में जर्मनी भी लामबंदी के लिए बाध्य है; इसलिए अब कुछ नहीं किया जा सकता और कूटनीतिज्ञों को अब तोपों को बोलने देना चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=224}}
पोस्टडैम में एक बैठक में, एडमिरल अल्फ्रेड वॉन तिरपिट्ज़ के नोट्स के अनुसार, विल्हेम ने "बेटमैन की विदेश मामलों में अयोग्यता के बारे में बिना किसी संकोच के खुद को व्यक्त किया।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} बेटमैन हॉलवेग ने सुझाव दिया कि जर्मनी ब्रिटेन के साथ एक नौसैनिक समझौते पर हस्ताक्षर करे, जिसमें उच्च समुद्र बेड़े के आकार को सीमित करके ब्रिटेन को युद्ध से बाहर रखा जाए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} तिरपिट्ज़ ने आगे लिखा: "कैसर ने बताया कि चांसलर ने प्रस्ताव दिया था कि इंग्लैंड को तटस्थ रखने के लिए, हमें जर्मन बेड़े को इंग्लैंड के साथ एक समझौते के लिए बलिदान करना चाहिए, जिसे कैसर ने अस्वीकार कर दिया था।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}}
अपने शांति योजना को स्वीकार करने के लिए, ग्रे ने "बेलग्रेड में रोकें" प्रस्ताव का सुझाव दिया, जिसमें ऑस्ट्रिया-हंगरी बेलग्रेड पर कब्जा करेगा और आगे नहीं बढ़ेगा। चूंकि यह वही प्रस्ताव था जो विल्हेम ने किया था, बेथमन हॉलवेग ने इसे एक विशेष खतरे के रूप में देखा क्योंकि इससे जर्मनी के लिए इसे अस्वीकार करना मुश्किल हो जाता।{{Sfn|Fromkin|2004|p=225}} बेथमन हॉलवेग ने अनुरोध किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी कम से कम ब्रिटिश शांति योजना में कुछ रुचि दिखाने का प्रयास करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} बेथमन हॉलवेग के प्रस्ताव को विफल करने के प्रयास में (जो कि ईमानदार नहीं था, लेकिन इसे खतरनाक माना गया था क्योंकि यह सफल हो सकता था), मोल्टके ने वियना से अनुरोध किया कि वे ब्रिटिश शांति योजना पर विचार न करें और इसके बजाय सामान्य लामबंदी का आदेश दें और युद्ध योजना आर को सक्रिय करें, जो रूस के खिलाफ युद्ध के लिए ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध योजना थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}}
29 जुलाई की देर रात बेथमन हॉलवेग के साथ बैठक में, फॉल्कनहाइन और मोल्टके ने फिर से मांग की कि जर्मनी रूस की आंशिक लामबंदी को युद्ध का बहाना बनाए।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} बेथमन हॉलवेग ने फिर से जोर दिया कि जर्मनी को रूसी सामान्य लामबंदी का इंतजार करना चाहिए क्योंकि यही एकमात्र तरीका था जिससे जर्मन जनता और ब्रिटेन को फ्रांस और रूस के खिलाफ "आसन्न युद्ध" में तटस्थ रखा जा सकता था।{{Sfn|Fischer|1967|p=76}} रूस को आक्रामक दिखाने के लिए, मोल्टके ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन लामबंदी की मांग की ताकि जर्मनी के लिए इसी तरह की लामबंदी का औचित्य प्रस्तुत किया जा सके।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} उसी संदेश में, मोल्टके ने ब्रिटिश शांति योजना के विफल होने की आशा व्यक्त की और यह विश्वास जताया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को एक शक्ति के रूप में बचाने का एकमात्र तरीका सामान्य यूरोपीय युद्ध था।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} शाम को, मोल्टके ने अपने अनुरोध को दोहराया और फिर से वादा किया कि "जर्मनी रूस के खिलाफ लामबंद होगा", यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी भी ऐसा ही करे। काउंट सोजीनी ने वियना को रिपोर्ट किया कि जर्मन सरकार "यूरोपीय संघर्ष की संभावना को पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से देखती है",{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} और जर्मन केवल इस बात की चिंता कर रहे थे कि इटली त्रि-गठबंधन का सम्मान नहीं करेगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}}
===ब्रिटेन ने ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करने के जर्मन प्रयासों को अस्वीकार कर दिया (29 जुलाई)===
[[लंदन]] में एक बैठक में, ग्रे ने राजकुमार लिचनोव्स्की को अस्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया, तो ब्रिटेन जर्मनी के खिलाफ युद्ध करने पर विचार करेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे ने अपने "स्टॉप इन बेलग्रेड" शांति योजना को दोहराया और जोर देकर कहा कि जर्मनी इसे स्वीकार करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे ने अपनी बैठक का समापन इस चेतावनी के साथ किया कि "जब तक ऑस्ट्रिया सर्बियाई प्रश्न पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं होता, विश्व युद्ध अनिवार्य है"।{{Sfn|Fromkin|2004|p=226}} ग्रे की चेतावनियों का समर्थन करने के लिए, ब्रिटिश सरकार ने अपनी सशस्त्र सेनाओं के लिए एक सामान्य चेतावनी जारी की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=227}} पेरिस में, फ्रांसीसी सोशलिस्ट पार्टी के नेता और मुखर शांतिवादी जीन जॉरेस की एक दक्षिणपंथी कट्टरपंथी द्वारा हत्या कर दी गई।{{Sfn|Fromkin|2004|p=227}} सेंट पीटर्सबर्ग में, फ्रांसीसी राजदूत मॉरिस पैलेओलॉग ने 29/30 जुलाई की रात को रूस के आंशिक लामबंदी की देरी से जानकारी मिलने पर रूसी कदम के खिलाफ विरोध किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=229}}
29 जुलाई की रात को गोशेन के साथ एक अन्य बैठक में, बेथमन हॉलवेग ने कहा कि जर्मनी जल्द ही फ्रांस और रूस के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाला है, और ब्रिटेन की तटस्थता सुनिश्चित करने की कोशिश करते हुए उन्होंने वादा किया कि जर्मनी मेट्रोपॉलिटन फ्रांस के किसी भी हिस्से को अपने अधीन नहीं करेगा (हालांकि बेथमन हॉलवेग ने फ्रांसीसी उपनिवेशों के बारे में कोई वादा करने से इनकार कर दिया)।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} उसी बैठक के दौरान, बेथमन हॉलवेग ने लगभग घोषणा कर दी कि जर्मनी जल्द ही बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करेगा, हालांकि बेथमन हॉलवेग ने यह भी कहा कि अगर बेल्जियम ने प्रतिरोध नहीं किया, तो जर्मनी उस राज्य पर कब्जा नहीं करेगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}}
गोशेन–बेथमन हॉलवेग बैठक ने ब्रिटिश सरकार को फ्रांस और रूस के साथ गठबंधन करने का निर्णय लेने के लिए काफी प्रेरित किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} एयरे क्रो ने टिप्पणी की कि जर्मनी ने युद्ध करने का "मन बना लिया" था।{{Sfn|Fischer|1967|p=77}} जर्मनी की नीति थी कि वह ब्रिटेन को अपने युद्ध के उद्देश्यों से अवगत कराए, इस उम्मीद में कि एक ऐसा बयान दिया जा सके जो ब्रिटिश तटस्थता सुनिश्चित करे।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}} इसके बजाय, बेथमन हॉलवेग के इस कदम का विपरीत प्रभाव पड़ा, क्योंकि अब लंदन के लिए यह स्पष्ट हो गया था कि जर्मनी को शांति में कोई दिलचस्पी नहीं थी।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}}
गोषेन की बैठक से निकलने के बाद, बेथमन हॉलवेग को प्रिंस लिचनोव्स्की से एक संदेश मिला जिसमें कहा गया था कि ग्रे चार शक्ति सम्मेलन के लिए अत्यधिक चिंतित हैं, लेकिन यदि जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया, तो ब्रिटेन के पास युद्ध में हस्तक्षेप करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा।{{Sfn|Fischer|1967|p=78}} ब्रिटिश चेतावनी के जवाब में, बेथमन हॉलवेग ने अचानक दिशा बदल दी, त्शिर्शकी को लिखा कि ऑस्ट्रिया-हंगरी को मध्यस्थता स्वीकार करनी चाहिए।{{Efn|If therefore, Austria should reject all mediation, we are faced with a conflagration in which Britain would be against us, Italy and Romania in all probability not with us. We should be two Powers against Four. With Britain an enemy, the weight of the operations would fall on Germany ... Under these circumstances we must urgently and emphatically suggest to the Vienna Cabinet acceptance of mediation under the present honourable conditions. The responsibility falling on us and Austria for the consequences which would ensure in case of refusal would be uncommonly heavy."{{Sfn|Fischer|1967|p=79}}}} पाँच मिनट बाद, बेथमन हॉलवेग ने वियना से दूसरे संदेश में "रूस के साथ विचारों का कोई आदान-प्रदान करने से इनकार" करने से रोकने के लिए कहा और चेतावनी दी कि वे "वियना को हमें विश्व युद्ध में लापरवाही से और हमारी सलाह की परवाह किए बिना घसीटने की अनुमति देने से इनकार कर दें।"{{Sfn|Fischer|1967|p=79}} एक अन्य संदेश में, बेथमन हॉलवेग ने लिखा, "एक सामान्य तबाही को रोकने या किसी भी मामले में रूस को गलत साबित करने के लिए, हमें वियना को रूस के साथ बातचीत शुरू करने और जारी रखने की आवश्यकता है।" जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज़ फिशर ने नोट किया, केवल जब बेथमन हॉलवेग को स्पष्ट चेतावनी मिली कि ब्रिटेन युद्ध में हस्तक्षेप करेगा, तब उसने ऑस्ट्रिया-हंगरी पर शांति के लिए दबाव बनाना शुरू किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=79}} बेथमन हॉलवेग की सलाह को ऑस्ट्रिया-हंगरी ने बहुत देर होने के कारण खारिज कर दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=80}} बर्चटोल्ड ने जर्मन राजदूत से कहा कि उन्हें जर्मन प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कुछ दिनों की आवश्यकता होगी, और तब तक घटनाएं जारी रहेंगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=229}}
===जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी से सर्बियाई प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह करता है (28–30 जुलाई)===
[[File:Sukhomlinov Vladimir Alexandrovich (cropped).jpg|thumb|व्लादिमीर सुखोमलिनोव, [[रूसी साम्राज्य]] के युद्ध मंत्री, ने जोर देकर कहा कि रूस के लिए आंशिक लामबंदी असंभव थी।]]
जुलाई संकट की शुरुआत में, जर्मनी ने ऑस्ट्रिया-हंगरी को पूर्ण समर्थन दिया था। इस रणनीति ने पहले 1908 के अधिग्रहण संकट के दौरान रूस को बाहर रखने में कामयाबी हासिल की थी, और इसलिए शायद यह सबसे अच्छे संभावित दृष्टिकोण के रूप में सोचा गया था जिससे ऑस्ट्रो-सर्ब विवाद को स्थानीयकृत रखा जा सके। 28 जुलाई को, रूस ने सर्बिया पर ऑस्ट्रिया-हंगरी की युद्ध की घोषणा के जवाब में आंशिक लामबंदी का आदेश दिया। इससे बेथमान होल्वेग चिंतित हो गए और उन्होंने अपनी दृष्टि 180 डिग्री बदल दी। 28 जुलाई को पहले से ही, ऑस्ट्रो-हंगेरियन युद्ध की घोषणा की जानकारी मिलने से दो घंटे पहले, काइज़र ने "हॉल्ट इन बेलग्रेड" योजना का सुझाव दिया था और जगो को यह निर्देश दिया था कि सर्बिया के जवाब के साथ अब युद्ध का कोई कारण नहीं था और वह सर्बिया के साथ मध्यस्थता करने के लिए तैयार थे।{{Efn|"I propose that we say to Austria: Serbia has been forced to retreat in a very humiliating manner and we offer our congratulations. Naturally, as a result, no more cause for war exists, but a guarantee that the promises will be carried out is probably necessary. That could be secured by a temporary military occupation of a portion of Serbia, similar to the way we left troops in France in 1871 until the billions were paid. On this basis I am ready to mediate for peace with Austria. Submit a proposal to me along the lines I have sketched out, to be communicated to Vienna."}}
ऑस्ट्रो-हंगेरियन द्वारा सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के बारे में जानने के बाद, बेथमान होल्वेग ने 28 जुलाई की शाम को वियना को काइज़र की 'प्रतिज्ञा योजना' भेजी, जिसमें त्स्चिरश्की (वियना में जर्मन राजदूत) को बेर्चटोल्ड के सामने "जोरदार" तरीके से इसे व्यक्त करने और "तार द्वारा उत्तर" भेजने के निर्देश दिए गए। बुधवार (29 जुलाई) को पूरे दिन उत्तर की प्रतीक्षा करने के बाद, बेथमान होल्वेग ने तीन और टेलीग्राम भेजे, जिनमें उनके 'प्रतिज्ञा योजना' और ऑस्ट्रिया-हंगरी और रूस के बीच "प्रत्यक्ष वार्ता" के लिए "तत्काल" उत्तर की मांग की गई, और ऑस्ट्रिया-हंगरी की कड़ी निंदा की गई।{{Efn|"These expressions of the Austrian diplomats must be regarded as indications of more recent wishes and aspirations. I regard the attitude of the Austrian Government and its unparalleled procedure towards the various Governments with increasing astonishment. In St. Petersburg it declares its territorial disinterestedness; us it leaves wholly in the dark as to its programme; Rome it puts off with empty phrases about the question of compensation; in London, Count Mensdorff (the Austrian ambassador) hands out part of Serbia to Bulgaria and Albania and places himself in contradiction with Vienna's solemn declaration at St. Petersburg. From these contradictions I must conclude that the telegram disavowing Hoyos {who, on July 5/6 at Berlin, had spoken unofficially of Austria's partitioning of Serbia} was intended for the gallery, and that the Austrian Government is harboring plans which it sees fit to conceal from us, in order to assure itself in all events of German support and to avoid the refusal which might result from a frank statement."}}
जैसे ही रोम से जानकारी मिली कि सर्बिया अब "कुछ शर्तों के तहत, अनुच्छेद 5 और 6 को भी मानने के लिए तैयार है, यानी पूरे ऑस्ट्रियाई अल्टीमेटम को", बेथमान होल्वेग ने यह जानकारी 30 जुलाई को सुबह 12:30 बजे वियना को भेज दी, साथ ही यह भी जोड़ दिया कि ऑस्ट्रो-हंगेरियन अल्टीमेटम के प्रति सर्बिया की प्रतिक्रिया "बातचीत के लिए उपयुक्त आधार" है।{{Efn|"Please show this to Berchtold immediately and add that we regard such a yielding on Serbia's part as a suitable basis for negotiations along with an occupation of a part of Serbian territory as a pledge."}} बेर्चटोल्ड ने उत्तर दिया कि यद्यपि शत्रुता शुरू होने से पहले ऑस्ट्रो-हंगेरियन नोट की स्वीकृति संतोषजनक होती, "अब जबकि युद्ध की स्थिति शुरू हो चुकी है, ऑस्ट्रिया की शर्तों को स्वाभाविक रूप से एक अलग स्वर लेना चाहिए।" इसके जवाब में, बेथमान होल्वेग, जो अब रूसी आंशिक लामबंदी के आदेश से अवगत थे, ने 30 जुलाई की सुबह के शुरुआती घंटों में कई तार भेजे। उन्होंने 2:55 बजे{{Efn|"The refusal of every exchange of views with St. Petersburg would be a serious mistake, for it provokes Russia precisely to armed interference, which Austria is primarily concerned in avoiding. We are ready, to be sure, to fulfill our obligations as an ally, but we must refuse to allow ourselves to be drawn by Vienna into a world conflagration frivolously and in disregard of our advice. Please say this to Count Berchtold at once with all emphasis and with great seriousness."}} और 3:00 बजे{{Efn|"If Austria refuses all negotiations, we are face to face with a conflagration in which England will be against us ... under these circumstances we must urgently and emphatically urge upon the consideration of the Vienna Cabinet the adoption of mediation in accordance with the above honourable conditions. The responsibility for the consequences which would otherwise follow would be, for Austria and us, an uncommonly heavy one."}} वियना को तार भेजकर आग्रह किया कि ऑस्ट्रिया-हंगरी सर्बियाई शर्तों को स्वीकार कर ले ताकि जर्मनी को एक सामान्य युद्ध में शामिल होने से बचाया जा सके।
गुरुवार, 30 जुलाई को दोपहर के भोजन के दौरान बेथमान होल्वेग के ये तड़के भेजे गए तार, बेर्चटोल्ड को ट्सिरस्चकी द्वारा दिए गए। ट्सिरस्चकी ने बर्लिन को रिपोर्ट किया कि बेथमान के तारों को दो बार पढ़े जाने पर बेर्चटोल्ड "पीले और चुप" हो गए, इससे पहले कि उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सम्राट के पास ले जाएंगे।{{Efn|"Berchtold listened pale and silent while they {the Bethmann telegrams} were read through twice; Count Forgach took notes. Finally, Berchtold said he would at once lay the matter before the Emperor."''}} गुरुवार, 30 जुलाई की दोपहर में जब बेर्चटोल्ड सम्राट फ्रांज जोसेफ के साथ मुलाकात के लिए प्रस्थान कर चुके थे, बेर्चटोल्ड के सलाहकार फॉर्गाच और होयोस ने बेथमान होल्वेग को सूचित किया कि उन्हें अगले दिन सुबह (शुक्रवार, 31 जुलाई) तक कोई जवाब मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि तिस्ज़ा, जो तब तक वियना में नहीं होंगे, से परामर्श करना आवश्यक है। बेथमान ने 30 जुलाई के शेष दिन को वियना को बातचीत की आवश्यकता के प्रति प्रभावित करने और शक्तियों को उनकी मध्यस्थता के प्रयासों की जानकारी देने में बिताया।
==रूसी सामान्य लामबंदी (30 जुलाई)==
30 जुलाई को, निकोलस ने विल्हेम को एक संदेश भेजा जिसमें उन्हें सूचित किया गया कि उन्होंने ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ आंशिक लामबंदी का आदेश दिया है, और उनसे शांति समाधान के लिए पूरी कोशिश करने का अनुरोध किया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=230}} रूस की आंशिक लामबंदी के बारे में सुनकर, विल्हेम ने लिखा: "फिर मुझे भी लामबंदी करनी होगी।"{{Sfn|Fischer|1967|p=82}} सेंट पीटर्सबर्ग में जर्मन राजदूत ने निकोलस को सूचित किया कि यदि रूस ने तुरंत सभी सैन्य तैयारियां नहीं रोकीं, जिसमें वे तैयारियां भी शामिल हैं जिन्हें जर्मनी ने पहले आश्वासन दिया था कि वह जर्मनी के खिलाफ खतरे या जर्मन लामबंदी का कारण नहीं मानता, तो जर्मनी लामबंदी करेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}{{Sfn|Geiss|1967|pp=245, 253, 266–267}} रूस में जर्मन सैन्य अटैची ने बताया कि रूसी भय के कारण कार्य कर रहे थे लेकिन "आक्रामक इरादों के बिना"।{{Efn|"I have the impression that they the Russians have mobilized here from a dread of coming events without aggressive intentions and are now frightened at what they have brought about."{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}}} साथ ही, निकोलस के आंशिक लामबंदी के आदेश को साज़ोनोव और रूसी युद्ध मंत्री जनरल व्लादिमीर सुखोमलिनोव से विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने जोर देकर कहा कि आंशिक लामबंदी तकनीकी रूप से संभव नहीं थी, और जर्मनी के रुख को देखते हुए, सामान्य लामबंदी की आवश्यकता थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}} निकोलस ने पहले सामान्य लामबंदी का आदेश दिया और फिर विल्हेम से शांति की अपील प्राप्त करने के बाद इसे अपनी सद्भावना के संकेत के रूप में रद्द कर दिया। सामान्य लामबंदी को रद्द करने से सुखोमलिनोव, साज़ोनोव और रूस के शीर्ष जनरलों की ओर से उग्र विरोध हुआ, जिन्होंने सभी निकोलस से इसे पुनःस्थापित करने का आग्रह किया। कड़ी दबाव में, निकोलस ने हार मान ली और 30 जुलाई को सामान्य लामबंदी का आदेश दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}}
क्रिस्टोफर क्लार्क कहते हैं: "रूसी सामान्य लामबंदी जुलाई संकट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक थी। यह पहली सामान्य लामबंदी थी। यह उस समय हुआ जब जर्मन सरकार ने अभी तक युद्ध की स्थिति घोषित नहीं की थी, जो कि लामबंदी से पहले की तैयारी का अंतिम चरण था।"{{Sfn|Clark|2013|p=509}}
रूस ने ऐसा इसलिए किया:
* 28 जुलाई को सर्बिया के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा युद्ध की घोषणा के जवाब में।
* क्योंकि पहले से आदेशित आंशिक लामबंदी भविष्य की सामान्य लामबंदी के साथ असंगत थी।
* क्योंकि साज़ोनोव का दृढ़ विश्वास था कि ऑस्ट्रिया-हंगरी की हठधर्मिता जर्मनी की नीति थी और यदि जर्मनी ऑस्ट्रिया-हंगरी का नेतृत्व कर रहा था, तो केवल ऑस्ट्रिया-हंगरी के खिलाफ लामबंदी का कोई मतलब नहीं था।
* क्योंकि फ्रांस ने रूस के लिए अपना समर्थन दोहराया, और ऐसा सोचने का महत्वपूर्ण कारण था कि ब्रिटेन भी रूस का समर्थन करेगा।{{Sfn|Clark|2013|pp=510–511}}
निकोलस न तो सर्बिया को ऑस्ट्रिया-हंगरी के अल्टीमेटम के सामने छोड़ना चाहते थे, और न ही एक आम युद्ध को भड़काना चाहते थे। विल्हेम के साथ पत्रों के आदान-प्रदान की श्रृंखला में (जिसे "विली-निक्की पत्राचार" कहा जाता है), दोनों ने शांति की इच्छा प्रकट की और एक-दूसरे से पीछे हटने की कोशिश की। निकोलस चाहते थे कि रूस की लामबंदी केवल ऑस्ट्रो-हंगेरियन सीमा के खिलाफ हो, ताकि जर्मनी के साथ युद्ध को रोका जा सके। हालांकि, उनकी सेना के पास आंशिक लामबंदी के लिए कोई आकस्मिक योजना नहीं थी, और 31 जुलाई 1914 को निकोलस ने सामान्य लामबंदी के आदेश की पुष्टि करने का दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाया, इसके बावजूद उन्हें इसके खिलाफ{{Who|date=November 2021}} जोरदार सलाह दी गई थी।
===जर्मन प्रतिक्रिया रूसी लामबंदी पर===
[[File:The army worm. - Luther D. Bradley.jpg|thumb|upright=1.3|कार्टून शीर्षक "द आर्मी वर्म" जिसमें "युद्ध का खतरा" [[यूरोप]] के लोगों को धमकाते हुए दिखाया गया है, अमेरिकी अखबार ''शिकागो डेली न्यूज'' में, 1914]]
गुरुवार, 30 जुलाई की शाम को, जब [[बर्लिन]] ने [[वियना]] को कुछ प्रकार की बातचीत के लिए मनाने का भरपूर प्रयास किया, और बेथमान होल्वेग अभी भी बेर्चटोल्ड से प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे थे, [[रूस]] ने पूर्ण लामबंदी का आदेश दिया। जब विल्हेम को पता चला कि यदि [[जर्मनी]] [[फ्रांस]] और रूस पर हमला करता है, तो ब्रिटेन के तटस्थ नहीं रहने की संभावना है, तो उन्होंने [[ब्रिटेन]] को "किराना व्यापारियों के उस गंदे राष्ट्र" के रूप में निंदा करते हुए एक उग्र भाषण दिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=83}} उसी दिन, रूस विरोधी जर्मन-ओटोमन गठबंधन पर हस्ताक्षर किए गए।{{Sfn|Fischer|1967|p=84}} मोल्टके ने कॉनराड को एक संदेश भेजा जिसमें रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी के रूप में सामान्य लामबंदी का अनुरोध किया गया।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}}
30 जुलाई को रात 9:00 बजे, बेथमान होल्वेग ने मोल्टके और फाल्केनहाइन की बार-बार की गई मांगों के आगे झुकते हुए उन्हें यह वादा किया कि जर्मनी अगले दिन दोपहर में "युद्ध के आसन्न खतरे" की घोषणा करेगा, चाहे रूस सामान्य लामबंदी शुरू करे या नहीं।{{Sfn|Fischer|1967|p=85}} 31 जुलाई को सुबह 9:00 बजे रूस की सामान्य लामबंदी के बारे में जानकर बेथमान होल्वेग बेहद खुश हुए, क्योंकि इससे उन्हें युद्ध को रूस द्वारा जर्मनी पर थोपा गया एक कृत्य के रूप में पेश करने का अवसर मिला।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}}
30 जुलाई को आयोजित प्रूसी राज्य परिषद की एक बैठक में, बेथमान होल्वेग ने कहा कि रूस की लामबंदी जर्मनी के लिए चिंता का कारण नहीं थी।{{Efn|"Although the Russian mobilization had been declared, her mobilization measures cannot be compared with those of the West European states ... Moreover, Russia does not intend to wage war, but has been forced to take these measures because of Austria."{{Sfn|Fromkin|2004|p=232}}}} बेथमान होल्वेग ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य घरेलू राजनीतिक कारणों से रूस को युद्ध का "दोषी पक्ष" बनाना था।{{Sfn|Fischer|1967|p=80}} उसी बैठक में, चांसलर ने कहा कि यदि जनमत में यह धारणा बनी कि रूस की लामबंदी ने जर्मनी को युद्ध में धकेला है, तो सोशल डेमोक्रेट्स से "डरने की कोई बात नहीं है"।{{Sfn|Fischer|1967|p=81}} बेथमान होल्वेग ने यह भी कहा, "कोई आम या आंशिक हड़ताल या तोड़फोड़ का सवाल ही नहीं उठेगा।"{{Sfn|Fischer|1967|p=81}}
बाद में उस दिन, बिथमैन होल्वेग ने वियना में जर्मन राजदूत को एक संदेश भेजा, जिसमें बेलग्रेड में रोक के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दबाव बढ़ाया गया।{{Efn|"If Vienna ... refuses ... to give way at all, it will hardly be possible to place the blame on Russia for the outbreak of the European conflagration. H. M. has, on the request of the Tsar, undertaken to intervene in Vienna because he could not refuse without awakening an irrefutable suspicion that we wanted war ... If these efforts of Britain's meet with success, while Vienna refuses everything, Vienna will prove that it is set on having a war, into which we are dragged, while Russia remains free of guilt. This puts us in a quite impossible position in the eyes of our own people. We can therefore only urgently recommend Vienna to accept Grey's proposal, which safeguards its position in every way."{{Sfn|Fischer|1967|p=81}}}} बिथमैन होल्वेग ऐसे हालात में ऑस्ट्रो-हंगेरियन जिद के समर्थन में युद्ध नहीं कर सकते थे। लेकिन थोड़ी देर बाद, "जैसे ही बर्लिन में रूस की सामान्य लामबंदी की खबरें पहुंचने लगीं," चांसलर ने वियना में राजदूत को निर्देश दिया "कि सभी मध्यस्थता प्रयास बंद कर दिए जाएं," और निर्देश को निलंबित कर दिया जाए।{{Sfn|Hewitson|2004|p=202}} फ्रिट्ज फिशर और कुछ अन्य विद्वानों ने वैकल्पिक दृष्टिकोण बनाए रखा है कि प्रिंस हेनरी की आश्वासन कि किंग जॉर्ज ने उन्हें वादा किया था कि ब्रिटेन तटस्थ रहेगा, इस परिवर्तन के लिए जिम्मेदार था।{{Sfn|Fischer|1967|p=81}} फिशर नोट करते हैं कि ये "अनिश्चित" आश्वासन रिपोर्ट करने वाला टेलीग्राम निलंबन [[टेलीग्राम]] भेजने से 12 मिनट पहले पहुंचा और बिथमैन होल्वेग ने खुद इस तरह से रद्दीकरण को सही ठहराया, जबकि यह स्वीकार करते हुए कि उससे पहले बिथमैन होल्वेग ने पहले ही एक टेलीग्राम वियना को तैयार कर लिया था, लेकिन अभी तक नहीं भेजा था, जिसमें उन्होंने समझाया कि उन्होंने "नंबर 200 के निर्देशों के निष्पादन को रद्द कर दिया है, क्योंकि जनरल स्टाफ ने मुझे अभी-अभी सूचित किया है कि हमारे पड़ोसियों की सैन्य गतिविधियाँ, विशेष रूप से पूर्व में, हमें जल्दी निर्णय लेने के लिए मजबूर करती हैं, यदि हमें आश्चर्य से नहीं पकड़ा जाना है।"{{Sfn|Fischer|1967|pp=81–82}}
===ऑस्ट्रो-हंगरी सर्बियाई युद्ध को जारी रखता है, फ्रांस और ब्रिटेन संयम की अपील करते हैं (30–31 जुलाई)===
फ्रांस वापस आने पर, फ्रांसीसी प्रधानमंत्री विवियानी ने सेंट पीटर्सबर्ग को एक संदेश भेजा जिसमें अनुरोध किया कि रूस कोई ऐसा कदम न उठाए जो जर्मनी को लामबंद होने का बहाना दे सके।{{Efn|"[I]n the precautionary measures and defensive measures to which Russia believes herself obliged to resort, she should not immediately proceed to any measure which might offer Germany the pretext for a total or partial mobilization of her forces."{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}}}} फ्रांसीसी सैनिकों को जर्मन सीमा से 10 किलोमीटर (6.2 मील) पीछे हटने का आदेश दिया गया ताकि फ्रांस की शांतिपूर्ण इरादों का संकेत मिल सके।{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}} अस्कुथ ने स्टैनली को लिखते हुए बिगड़ती स्थिति का उल्लेख किया।{{Efn|"The European situation is at least one degree worse than it was yesterday, and has not been improved by a rather shameless attempt on the part of Germany to buy our neutrality during the war by promises that she will not annex French territory (except colonies) or Holland or Belgium. There is something very crude & childlike about German diplomacy. Meanwhile, the French are beginning to press in the opposite sense, as the Russians have been doing for some time. The City, wh. is in a terrible state of depression and paralysis, is the time being all against English intervention."{{Sfn|Fromkin|2004|p=233}}}}
31 जुलाई को, ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्राउन काउंसिल ने रूस की सीमा पर लामबंदी के बावजूद, सर्बिया के खिलाफ युद्ध जारी रखने का निर्णय लिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=234}} विल्हेम ने निकोलस को रूस की लामबंदी को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में तार भेजा, जो ऑस्ट्रो-हंगरी को खतरे में डाल रही थी। निकोलस ने जवाब दिया कि रूस की सामान्य लामबंदी युद्ध की शुरुआत के रूप में नहीं देखी जानी चाहिए।{{Efn|"I thank you heartily for your mediation which begins to give one hope that all may yet end peacefully. It is technically impossible to our military preparations which were obligatory owing to Austria's mobilization. We are far from wishing war. As long as the negotiations with Austria on Serbia's account are taking place my troops shall not make any ''provocative'' action. I give you my solemn word for this."{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}}}}
पेरिस में जर्मन राजदूत ने विवियानी को एक अल्टीमेटम दिया कि उन्हें या तो रूसियों को उनकी लामबंदी रोकने के लिए मजबूर करना होगा, या "संघर्ष को उत्पन्न करने की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}} विवियानी के पास यह विकल्प था कि वह जार को धमकी दें कि अगर रूस तुरंत डिमोबिलाइज नहीं करता, तो फ्रांस अब एक सहयोगी नहीं रहेगा। विवियानी को उस बिंदु तक रूस की लामबंदी की जानकारी नहीं थी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}} फ्रांसीसी सेना के जनरल जोसेफ जोफर ने सामान्य लामबंदी का आदेश देने की अनुमति मांगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}} उनका अनुरोध अस्वीकृत कर दिया गया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}}
मध्यरात्रि के करीब, रूस में जर्मन राजदूत ने एक अल्टीमेटम दिया कि 12 घंटे के भीतर लामबंदी बंद करें, नहीं तो जर्मनी भी लामबंद हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=235}}
==जर्मन लामबंदी (1–3 अगस्त)==
[[File:Plan Moltke-Schlieffen 1914.svg|thumb|upright=2|[[फ्रांस]] और [[रूस]] के साथ युद्ध की स्थिति में श्लीफेन योजना को दर्शाने वाला नक्शा। जर्मनी का मानना था कि फ्रांस और रूस के साथ युद्ध की स्थिति में उनकी जीत का मार्ग पहले फ्रांस को जल्दी से हराना होगा, उसके बाद रूस से लड़ना होगा। पश्चिमी मोर्चे पर त्वरित समाधान की आवश्यकता ने जर्मनी को उत्तरी दिशा में जाकर फ्रांसीसी रक्षा किलेबंदी ''(यहां नीले क्षेत्रों के रूप में चित्रित)'' से बचने और बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करने के लिए प्रेरित किया।]]
जब बर्लिन में रूसी सामान्य लामबंदी की खबर पहुँची, तो विल्हेम ने जर्मन लामबंदी के आदेश पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई, और जर्मन सैनिकों ने फ्रांस पर आक्रमण की तैयारी के रूप में लक्जमबर्ग और बेल्जियम में प्रवेश करने की तैयारी शुरू कर दी।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} जैसा कि इतिहासकार फ्रिट्ज फिशर ने नोट किया, रूसी लामबंदी का इंतजार करने में बेथमान होल्वेग का दांव सफल रहा, और सोशल डेमोक्रेट्स ने सरकार का समर्थन किया।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} बवेरियन सैन्य अटैची ने रूसी लामबंदी की खबर पर युद्ध मंत्रालय के हॉल में उत्सव की सूचना दी।{{Efn|"I run to the War Ministry. Beaming faces everywhere. Everyone is shaking hands in the corridors: people congratulate one another for being over the hurdle."{{Sfn|Fromkin|2004|p=242}}}} श्लीफेन योजना के तहत, जर्मनी के लिए लामबंदी का मतलब युद्ध था क्योंकि योजना के हिस्से के रूप में, जर्मन सैनिकों को जैसे ही बुलाया जाता, वे स्वचालित रूप से बेल्जियम पर आक्रमण करते।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=233–239}} अन्य शक्तियों की युद्ध योजनाओं के विपरीत, जर्मनी के लिए लामबंदी का मतलब युद्ध में जाना था।{{Sfn|Fromkin|2004|p=231}} मोल्टके और फॉल्केनहेन दोनों ने सरकार से कहा कि जर्मनी को युद्ध की घोषणा करनी चाहिए, भले ही रूस बातचीत की पेशकश करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}}
अस्कुथ ने लंदन में स्टेनली को लिखा कि "वर्तमान में आम राय—विशेष रूप से सिटी में मजबूत है—कि किसी भी कीमत पर बाहर रहना है।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}} ब्रिटिश कैबिनेट बुरी तरह विभाजित थी, कई मंत्री ब्रिटेन के युद्ध में शामिल होने का कड़ा विरोध कर रहे थे; एक प्रमुख व्यक्ति डेविड लॉयड जॉर्ज थे, जो वित्त मंत्री थे, जिन्होंने शुरू में ब्रिटेन के विकल्पों को खुला रखने का समर्थन किया, फिर अगस्त की शुरुआत में इस्तीफा देने की संभावना थी, लेकिन अंत में पद पर बने रहे क्योंकि उन्होंने बेल्जियम के खिलाफ जर्मन आक्रमण को पर्याप्त युद्ध का कारण माना। कंजरवेटिव्स ने सरकार से वादा किया कि अगर युद्ध विरोधी लिबरल मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो वे युद्ध में जाने के समर्थन में सरकार में प्रवेश करेंगे। एफ. ई. स्मिथ ने चर्चिल से कहा कि अगर फ्रांस पर हमला होता है तो कंजरवेटिव्स जर्मनी के खिलाफ युद्ध का समर्थन करेंगे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=236}}
[[File:Mobilization order is read out in Berlin, 1 August 1914.jpg|thumb|बर्लिन की भीड़ 1 अगस्त 1914 को एक जर्मन अधिकारी को विल्हेम द्वितीय के लामबंदी आदेश पढ़ते हुए सुनती है।]]
31 जुलाई को विल्हेम ने लिखा कि ट्रिपल एंटेंट ने जर्मनी को ऑस्ट्रिया-हंगरी के साथ अपनी संधि दायित्वों में फंसाने की साजिश रची है "हमारे खिलाफ विनाशकारी युद्ध छेड़ने के बहाने के रूप में।"{{Efn|"For I no longer have any doubt that England, Russia and France have agreed among themselves—knowing that our treaty obligations compel us to support Austria-Hungary—to use the Austro-Serb conflict as a pretext for waging a war of annihilation against us. ... Our dilemma over keeping faith with the old and honorable Emperor has been exploited to create a situation which gives England the excuse she has been seeking to annihilate us with a spurious appearance of justice on the pretext that she is helping France and maintaining the well-known Balance of Power in Europe, i.e. playing off all European States for her own benefit against us."{{Sfn|Balfour|1964|pp=350–351}}}}
1 अगस्त 1914 को फ्रांस की तटस्थता की गारंटी के लिए एक ब्रिटिश प्रस्ताव भेजा गया, जिसे विल्हेम ने तुरंत स्वीकार कर लिया।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} शाम 4:23 बजे ब्रिटेन में जर्मन राजदूत प्रिंस लिशनोव्स्की से एक टेलीग्राम आया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} लिशनोव्स्की ने उन आश्वासनों को दोहराया जो उन्होंने गलती से सोचा था कि ग्रे ने उन्हें दिए थे: फ्रांस की तटस्थता की गारंटी देने और युद्ध को पूर्व में लड़ने तक सीमित रखने के लिए एक नियोजित ब्रिटिश प्रस्ताव।{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} इसके बाद विल्हेम ने जर्मन सेना को अकेले रूस पर हमला करने का आदेश दिया, जिससे मोल्टके द्वारा तीव्र विरोध हुआ कि तकनीकी रूप से ऐसा करना संभव नहीं था क्योंकि जर्मन सेना का अधिकांश हिस्सा पहले से ही लक्ज़मबर्ग और बेल्जियम में आगे बढ़ रहा था।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 381}} विल्हेम ने तुरंत दूतावास और शाही स्तर पर टेलीग्राम द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इस निर्णय के अनुसार, विल्हेम II ने अपने जनरलों से पूर्व की ओर लामबंदी करने की मांग की। जर्मन जनरल स्टाफ के प्रमुख मोल्टके ने उन्हें बताया कि यह असंभव था, जिसके जवाब में कैसर ने कहा, "आपके चाचा मुझे एक अलग जवाब देते!"{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 172|ps=, referencing ''Die Deutschen Dokumente zum Kriegsausbruch'', Vol III, p. 562}} इसके बजाय, यह तय किया गया कि नियोजित तरीके से लामबंदी की जाएगी और लक्ज़मबर्ग के नियोजित आक्रमण को रद्द कर दिया जाएगा। एक बार लामबंदी पूरी होने के बाद, सेना को पूर्व की ओर पुन: तैनात किया जाएगा। विल्हेम के आदेश के जवाब में, एक निराश मोल्टके ने शिकायत की, "अब, यह केवल रूस के पीछे हटने की बात रह गई है।"{{Sfn|Fischer|1967|p=86}} चूंकि वास्तव में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, विल्हेम द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार करने पर लंदन में भ्रम की स्थिति पैदा हुई; कोई समझौता नहीं हुआ, और किंग जॉर्ज ने जवाब में लिखा, "मुझे लगता है कि कुछ गलतफहमी होनी चाहिए।"{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}} किंग जॉर्ज का टेलीग्राम मिलने के बाद, विल्हेम ने मोल्टके से लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण जारी रखने के लिए कहा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}}
बर्लिन में बेथमान होल्वेग ने घोषणा की कि जर्मनी ने लामबंदी कर ली है और फ्रांस को एक अल्टीमेटम जारी किया, जिसमें कहा गया कि वह रूस के साथ अपने गठबंधन को त्याग दे या जर्मन हमले का सामना करे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=237}} लक्जमबर्ग और बेल्जियम में जर्मन सैनिकों के आक्रमण की खबरों और जर्मन अल्टीमेटम के जवाब में 1 अगस्त को फ्रांसीसी लामबंदी को अधिकृत किया गया;{{Sfn|Fromkin|2004|p=237}} उसी दोपहर, विल्हेम ने लामबंदी के आदेशों पर हस्ताक्षर किए।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} बेथमान होल्वेग मोल्टके से नाराज़ थे क्योंकि उन्होंने पहले उन्हें सूचित किए बिना विल्हेम से आदेशों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=239}} 1 अगस्त को शाम 7:00 बजे तक जर्मन सैनिकों ने लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|pp=239–240}}
===जर्मनी ने रूस, फ्रांस, और बेल्जियम के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (1-4 अगस्त)===
लक्ज़मबर्ग पर आक्रमण के साथ ही, 1 अगस्त 1914 को<ref name="loc.gov">{{Cite web |title=Declarations of War from Around the World: Germany |url=https://www.loc.gov/law/help/digitized-books/world-war-i-declarations/foreign.php |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20170514054400/http://www.loc.gov/law/help/digitized-books/world-war-i-declarations/foreign.php |archive-date=2017-05-14 |access-date=May 9, 2017 |website=Law Library of Congress}}</ref> जर्मनी ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।{{Sfn|Fromkin|2004|p=240}} अपनी युद्ध घोषणा प्रस्तुत करते समय, जर्मन राजदूत ने गलती से रूसियों को युद्ध घोषणा की दोनों प्रतियाँ दे दीं, जिसमें से एक में दावा किया गया था कि रूस ने जर्मनी को जवाब देने से इनकार कर दिया था और दूसरी में कहा गया था कि रूस के जवाब अस्वीकार्य थे।{{Sfn|Fromkin|2004|p=241}} ग्रे ने लिशनोव्स्की को चेतावनी दी कि अगर जर्मनी ने बेल्जियम पर आक्रमण किया, तो ब्रिटेन युद्ध में शामिल हो जाएगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=241}}
2 अगस्त की सुबह, जब फ्रांसीसी सैनिक अभी भी जर्मन सीमा से दूर थे,{{Sfn|Otte|2014|p=487}} जर्मन सैनिकों ने बेल्जियम और फ्रांस पर आक्रमण की तैयारी के तहत लक्जमबर्ग पर नियंत्रण कर लिया।{{Sfn|Otte|2014|p=477}}
2 अगस्त को ब्रिटिश सरकार ने वादा किया कि रॉयल नेवी जर्मन हमले से फ्रांस के तट की रक्षा करेगी।{{Sfn|Fromkin|2004|p=243}} ग्रे ने फ्रांस के राजदूत पॉल कैंबोन को फ्रांस की रक्षा के लिए ब्रिटेन की नौसेना की दृढ़ आश्वासन दी। कैंबोन के विवरण के अनुसार: "मुझे लगा कि युद्ध जीत लिया गया है। सब कुछ तय हो गया था। सच में, एक महान देश आधे-अधूरे मन से युद्ध नहीं करता है। एक बार जब उसने समुद्र में युद्ध लड़ने का फैसला किया, तो वह अनिवार्य रूप से इसे भूमि पर भी लड़ने के लिए प्रेरित होगा।"{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, pp. 406–407|ps=, referencing Recouly p. 55 for the quote}} ब्रिटिश कैबिनेट के भीतर, यह व्यापक भावना थी कि जर्मनी जल्द ही बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन करेगा और एक शक्ति के रूप में फ्रांस को नष्ट कर देगा, जिससे यह स्वीकार्यता बढ़ गई कि ब्रिटेन को हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।{{Sfn|Fromkin|2004|p=244}}
जर्मनी ने 2 अगस्त को बेल्जियम को एक अल्टीमेटम दिया, जिसमें फ्रांस के रास्ते में जर्मन सेना के लिए मुक्त मार्ग की मांग की गई थी। बेल्जियम के राजा अल्बर्ट ने अपने देश की तटस्थता का उल्लंघन करने के जर्मन अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।{{Sfn|Fromkin|2004|p=247}} 3 अगस्त को जर्मनी ने फ्रांस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की,<ref name="loc.gov"/> और 4 अगस्त को बेल्जियम के खिलाफ। इस कार्य ने बेल्जियम की तटस्थता का उल्लंघन किया, जिसकी स्थिति के लिए जर्मनी, फ्रांस, और ब्रिटेन सभी संधि द्वारा प्रतिबद्ध थे; बेल्जियम की तटस्थता का जर्मन उल्लंघन ब्रिटेन के युद्ध की घोषणा के लिए कारण बना।{{Sfn|Albertini|1953|p=504}}
बाद में 4 अगस्त को, बेथमान होल्वेग ने राइखस्टाग से कहा कि बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग पर जर्मन आक्रमण अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन था, लेकिन तर्क दिया कि जर्मनी "आवश्यकता की स्थिति में है, और आवश्यकता कोई कानून नहीं जानती।"
==ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (4 अगस्त)==
[[File:"One of the pathetic farewell scenes when the 85th went away last night", Montreal Daily Star, p.1, 21 August 1914 (19345678448).jpg|thumb|21 अगस्त 1914 को, साराजेवो में हत्या के दो महीने से भी कम समय बाद, कनाडाई एक्सपेडिशनरी फोर्स का एक सैनिक ब्रिटेन के लिए क्यूबेक से रवाना होने से पहले।]]{{Main|ब्रिटेन की प्रथम विश्व युद्ध में प्रवेश}}
शाम 7 बजे, 4 अगस्त को, गोशेन ने जगो को ब्रिटेन का अल्टीमेटम दिया, जिसमें उस शाम (पांच घंटे के भीतर) आधी रात तक बेल्जियम की तटस्थता के उल्लंघन को आगे न बढ़ाने की प्रतिबद्धता की मांग की गई थी। जगो ने ब्रिटिश अल्टीमेटम को अस्वीकार कर दिया, और गोशेन ने अपने पासपोर्ट मांगे और बेथमान होल्वेग के साथ एक निजी और व्यक्तिगत बैठक का अनुरोध किया, जिन्होंने गोशेन को उनके साथ रात के खाने के लिए आमंत्रित किया। उनकी अत्यधिक भावनात्मक बातचीत के दौरान, बेथमान होल्वेग, जिन्होंने अपने करियर को संबंध सुधारने की कोशिश में बिताया था, ने ब्रिटेन पर अपने राष्ट्रीय एजेंडे के लिए युद्ध में जाने का आरोप लगाया, जो बेल्जियम के एजेंडे से असंबंधित था, जिसे उसके साथ किए गए गलत के लिए मुआवजा दिया जाता। उन्होंने ग्रे के भाषण को यह प्रमाणित करने के रूप में उद्धृत किया कि ब्रिटेन बेल्जियम के लिए युद्ध में नहीं जा रहा था।{{Efn|"One needs only to read this speech through carefully to learn the reason of England's intervention in the war. Amid all his beautiful phrases about England's honour and England's obligations, we find it over and over again expressed that England's interests—its own interests—called for participation in war, for it was not in England's interests that a victorious, and therefore stronger, Germany should emerge from the war."<ref name=FWWDoc/>}}<ref name="FWWDoc">{{Cite web |title=First World War.com – Primary Documents – The Scrap of Paper, 4 August 1914 |url=http://www.firstworldwar.com/source/scrapofpaper2.htm |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20171107163503/http://firstworldwar.com/source/scrapofpaper2.htm |archive-date=7 November 2017 |access-date=3 May 2018 |website=www.firstworldwar.com}}</ref> गोशेन की ग्रे को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, बेथमान होल्वेग ने कहा कि 1839 की लंदन संधि ब्रिटेन के लिए (जर्मनी के लिए नहीं), एक बहाना थी, यानी एक "कागज़ का टुकड़ा"<ref name="byu.edu">{{Cite web |title=World War I, Origin of the Term "A Scrap of Paper" |url=http://net.lib.byu.edu/~rdh7/wwi/1914/paperscrap.html.bak |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20180322015509/http://net.lib.byu.edu/~rdh7/wwi/1914/paperscrap.html.bak |archive-date=22 March 2018 |access-date=3 May 2018 |website=net.lib.byu.edu}}</ref> और, एंग्लो-जर्मन युद्ध के "भयावह तथ्य" की तुलना में,{{Sfn|Bethmann Hollweg|1920|pp=158–159}} महामहिम की सरकार द्वारा उठाए गए कदम भयानक थे; सिर्फ एक शब्द के लिए—"तटस्थता", एक ऐसा शब्द जिसे युद्ध के समय में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था—सिर्फ एक कागज़ के टुकड़े के लिए ब्रिटेन एक ऐसे जातीय राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने जा रहा था, जो इसके साथ दोस्ती के अलावा कुछ नहीं चाहता था।<ref name="byu.edu" />
4 अगस्त को गोशेन के टेलीग्राम ग्रे तक कभी नहीं पहुंचे, इसलिए यह स्पष्ट नहीं था कि ब्रिटेन और जर्मनी के बीच युद्ध की स्थिति तब तक मौजूद थी या नहीं जब तक कि बर्लिन के समय के अनुसार आधी रात को अल्टीमेटम की अवधि समाप्त नहीं हो गई।{{Sfn|Albertini|1953|loc=Vol III, p. 500}} 4 अगस्त 1914 को ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। ब्रिटिश सरकार ने युद्ध के मैदान में फ्रांको-प्रुशियन युद्ध जैसे तेजी से चलने वाले सीमित संघर्ष की उम्मीद की थी, जिसमें ब्रिटेन मुख्य रूप से अपनी महान नौसैनिक शक्ति का उपयोग करेगा।{{Sfn|Strachan|2001|pp=97–98}} 6 अगस्त को "स्क्रैप ऑफ पेपर" बातचीत पर गोशेन के वर्णन को बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा संपादित और प्रकाशित किया गया, जिसने ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका में सार्वजनिक राय को क्रोधित कर दिया।{{Sfn|Boyle|1999|p=134}}{{Sfn|Tuchman|2004|p=153}}
युद्ध के प्रारंभ में, विल्हेम ने कहा: "यह सोचने वाली बात है कि जॉर्ज और निक्की ने मेरे साथ धोखा किया! अगर मेरी दादी जीवित होतीं, तो वह इसे कभी नहीं होने देतीं।"{{Sfn|Balfour|1964|p=355}}
===ब्रिटिश सोच===
[[File:Townsend. World War I (Punch Magazine 1914).jpg|thumb|ब्रिटिश व्यंग्य पत्रिका ''पंच'' ने अगस्त 1914 में [[बेल्जियम]] को एक झगड़ालू युवक के रूप में चित्रित किया जो बुजुर्ग और धमकाने वाले [[जर्मनी]] के रास्ते में बाधा डाल रहा है।]]
ब्रिटेन के युद्ध की घोषणा के कारण जटिल थे। युद्ध शुरू होने के बाद, प्रचार का कारण यह बताया गया कि [[लंदन]] संधि के तहत ब्रिटेन को बेल्जियम की तटस्थता की रक्षा करनी थी। इसलिए, बेल्जियम पर जर्मन आक्रमण युद्ध का कारण बना और महत्वपूर्ण रूप से, इसने युद्ध के लिए युद्ध-विरोधी लिबरल पार्टी के मतदाताओं के बीच लोकप्रिय समर्थन को वैध और प्रोत्साहित किया। हालाँकि, 1839 की लंदन संधि ने ब्रिटेन को अकेले बेल्जियम की तटस्थता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं किया था।
बल्कि, फ्रांस के लिए ब्रिटेन का समर्थन निर्णायक था। ग्रे ने तर्क दिया कि फ्रांस के साथ नौसैनिक समझौतों (हालांकि उन्हें कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था) ने ब्रिटेन और फ्रांस के संबंध में एक नैतिक दायित्व पैदा किया। ब्रिटिश विदेश कार्यालय के अधिकारी एयरे क्रो ने कहा: "अगर युद्ध होता है, और इंग्लैंड अलग रहता है, तो दो में से एक चीज़ अवश्य होगी। (a) या तो जर्मनी और ऑस्ट्रिया जीतते हैं, फ्रांस को कुचलते हैं और रूस को अपमानित करते हैं। एक बिना दोस्त वाले इंग्लैंड की स्थिति क्या होगी? (b) या फ्रांस और रूस जीतते हैं। इंग्लैंड के प्रति उनका रवैया क्या होगा? भारत और भूमध्यसागरीय क्षेत्र का क्या होगा?"{{Sfn|Clark|2013|p=544}}
यदि ब्रिटेन ने अपने एंटेंट सहयोगियों को छोड़ दिया, तो उसे डर था कि यदि जर्मनी युद्ध जीत जाता है, या ब्रिटिश समर्थन के बिना एंटेंट जीत जाता है, तो किसी भी स्थिति में वह बिना किसी सहयोगी के रह जाएगा। इससे ब्रिटेन और उसके साम्राज्य को हमले के लिए असुरक्षित छोड़ दिया जाता।{{Sfn|Clark|2013|p=544}}
घरेलू मोर्चे पर, लिबरल कैबिनेट विभाजित था, और यदि युद्ध की घोषणा नहीं की जाती, तो सरकार गिर जाती क्योंकि एस्क्विथ, ग्रे और चर्चिल ने स्पष्ट कर दिया था कि वे इस्तीफा दे देंगे। उस स्थिति में, मौजूदा लिबरल सरकार संसद पर नियंत्रण खो देगी और युद्ध समर्थक कंजरवेटिव सत्ता में आ जाएंगे। लिबरल पार्टी शायद कभी उबर नहीं पाती—जैसा कि वास्तव में 1916 में हुआ।{{Sfn|Clark|2013|p=545}}
==ऑस्ट्रिया-हंगरी ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की (6 अगस्त)==
{{Expand section|date=November 2021}}
6 अगस्त को, सम्राट फ्रांज जोसेफ ने रूस के खिलाफ ऑस्ट्रिया-हंगरी की युद्ध घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
==इन्हें भी देखें==
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Allies_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के सहयोगी]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Causes_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के कारण]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Central_Powers केंद्रीय शक्तियाँ]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Commission_of_Responsibilities जिम्मेदारियों का आयोग]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Diplomatic_history_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध का राजनयिक इतिहास]
** [https://en.wikipedia.org/wiki/Historiography_of_the_causes_of_World_War_I प्रथम विश्व युद्ध के कारणों का इतिहासलेखन]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Financial_crisis_of_1914 1914 का वित्तीय संकट]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/International_relations_(1814%E2%80%931919) महान शक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय संबंध (1814–1919)]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Powder_keg_of_Europe यूरोप का पाउडर केग]
==टिप्पणी==
{{Notelist}}
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
===उद्धृत कार्य===
{{Refbegin}}
* {{Cite book |last=Albertini |first=Luigi |title=Origins of the War of 1914 |date=1952–1953 |publisher=Oxford University Press |location=London |oclc=443476100 |ref={{Harvid|Albertini|1953}} |author-link=Luigi Albertini}}
** [https://archive.org/details/albertinitheoriginsofthewar1914 Volume 2 covers July 1914.]
* {{Cite book |last=Balfour |first=Michael |url=https://archive.org/details/kaiserhistimes00balf |title=The Kaiser and His Times |date=1964 |publisher=Houghton Mifflin |location=Boston |oclc=1035915119 |author-link=Michael Balfour (historian)}}
* {{Cite book |last=Bethmann Hollweg |first=Theobald von |url=https://archive.org/details/reflectionsonpt100bethuoft |title=Reflections on the World War |date=1920 |publisher=Thornton Butterworth Ltd. |location=London |oclc=39131741 |author-link=Theobald von Bethmann Hollweg}}
* {{Cite book |last=Boyle |first=Francis Anthony |url=https://archive.org/details/foundationsofwor00fran |title=Foundations of World Order: The Legalist Approach to International Relations (1898–1922) |date=1999 |publisher=Duke University Press |isbn=978-0-8223-2364-8 |location=US |author-link=Francis Boyle |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Butcher |first=Tim | author-link = Tim Butcher |title=The Trigger: Hunting the Assassin Who Brought the World to War |url=https://archive.org/details/triggerhuntforga0000butc |date=2015 |publisher=Vintage Publishing |isbn=978-0-0995-8133-8 |series=Vintage Books}}
* {{Cite book |last=Butler |first=David Allen |title=The Burden of Guilt: How Germany Shattered the Last Days of Peace, Summer 1914 |url=https://archive.org/details/burdenofguilthow0000butl |date=2010 |publisher=Casemate |isbn=978-1-9351-4927-9}}
* {{Cite book |last=Clark |first=Christopher M. |title=The Sleepwalkers: How Europe Went to War in 1914 |url=https://archive.org/details/isbn_9780061146657 |date=2013 |publisher=[[Penguin Books]] |isbn=978-0-0611-4665-7 |lccn=2012515665 |ol=26399151M |author-link=Christopher Clark |orig-date=2012}}
* {{Cite book |last=Dedijer |first=Vladimir |title=The Road to Sarajevo |date=1966 |publisher=Simon & Schuster |location=New York |oclc=954608737 |author-link=Vladimir Dedijer}}
* {{Cite book |last=Fischer |first=Fritz |url=https://archive.org/details/germanysaimsinfi0000fisc |title=Germany's Aims in the First World War |date=1967 |publisher=W.W. Norton |isbn=978-0-3930-9798-6 |location=New York |author-link=Fritz Fischer (historian) |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Fromkin |first=David |title=Europe's Last Summer: Why the World Went to War in 1914 |url=https://archive.org/details/europeslastsumme0000from_m9e5 |date=2004 |publisher=Heinemann |isbn=978-0-4340-0858-2 |author-link=David Fromkin}}
* {{Cite book |last=Geiss |first=Imanuel |title=July 1914 The Outbreak of the First World War: selected Documents |date=1967 |publisher=W. W. Norton & Company |isbn=978-0-3930-0722-0 |series=The Norton Library |location=New York |author-link=Imanuel Geiss}}
* {{Cite book |last=Glenny |first=Misha | author-link = Misha Glenny |title=The Balkans: Nationalism, War, and the Great Powers, 1804–2011 |date=2012 |publisher=Penguin Books |isbn=978-0-1424-2256-4}}
* {{Cite book |last=Lieven |first=D. C. B | author-link = Dominic Lieven |title=The Outbreak of World War I : causes and responsibilities |url=https://archive.org/details/outbreakofworldw0000unse |date=1997 |publisher=Houghton Mifflin |isbn=978-0-6694-1692-3 |editor-last=Herwig |editor-first=Holger | editor-link = Holger Herwig |edition=6th |location=Boston |chapter=Russia Accepts a General War}}
* {{Cite book |last=Hewitson |first=Mark |title=Germany and the Causes of the First World War |date=2004 |publisher=Oxford |isbn=978-1-8597-3870-2 |location=Berg}}
* {{Cite book |title=Outbreak of the World War: German Documents |date=1924 |publisher=Oxford University Press |editor-last=Kautsky |editor-first=Karl |editor-link=Karl Kautsky |oclc=1181368}}
* {{Cite book |title=Western Civilization: Vol 2: The struggle for Empire to Europe in the Modern World |date=1968 |publisher=Harper & Row |isbn=978-0-0604-3844-9 |editor-last=Langer |editor-first=William L | editor-link = William L. Langer | oclc=1345956 |display-authors=etal}}
* {{Cite book |last=Otte |first=Thomas |title=July Crisis, The World's Descent into War, Summer 1914 |date=2014 |publisher=Cambridge |isbn=978-1-1070-6490-4}}
* {{Cite book |last=Palmer |first=Alan |title=Twilight of the Habsburgs: the Life and Times of Emperor Francis Joseph |url=https://archive.org/details/twilightofhabsbu00palm |date=1994 |publisher=Atlantic Monthly Press}}
* {{Cite book |last=Ponting |first=Clive | author-link = Clive Ponting |title=Thirteen Days: The Road to the First World War |date=2002 |publisher=Chatto & Windus |isbn=978-0-7011-7293-0}}
* {{Cite journal |date=October 1915 |title=Austro-Hungarian Red Book: Official English Edition, with an Introduction |url=https://www.cambridge.org/core/journals/american-journal-of-international-law/article/abs/austrohungarian-red-book-official-english-edition-with-an-introduction/02DA006D138BAB1BA1C06E5806FB84BF |journal=American Journal of International Law |volume=9 |issue=S4 |pages=309–413 |doi=10.2307/2212216 |jstor=2212216 |issn=0002-9300 |ref={{Harvid|Red Book|1915}} }}
* {{Cite book |last=Röhl |first=John C. G. |title=1914: Delusion or Design |url=https://archive.org/details/1914delusionorde0000unse |date=1973 |publisher=Elek |isbn=978-0-2361-5466-1 |location=London |author-link=John C. G. Röhl}}
* {{Cite book |last=Strachan |first=Hew |title=The First World War: Volume I To Arms |url=https://archive.org/details/firstworldwar0001stra_r2b7 |date=2001 |publisher=Oxford University Press |isbn=0-1982-0877-4 |author-link=Hew Strachan}}
* {{Cite book |last=Tuchman |first=Barbara |url=https://archive.org/details/gunsofaugusttuch00tuch |title=The Guns of August |date=2004 |publisher=Presidio Press |isbn=978-0-3454-7609-8 |location=US |author-link=Barbara W. Tuchman |orig-date=1962 |url-access=registration}}
* {{Cite book |last=Williamson |first=Samuel R. |title=Austria-Hungary and the Origins of the First World War |url=https://archive.org/details/austriahungaryor0000will |date=1991 |publisher=St. Martin's Press |isbn=978-0-3120-5283-6 |author-link=Samuel R. Williamson, Jr.}}
{{refend}}
==अग्रिम पठन==
* Albrecht-Carrié, René. ''A Diplomatic History of Europe Since the Congress of Vienna'' (1958), pp. 321–334.
* Beatty, Jack. ''The lost history of 1914: Reconsidering the year the Great War began'' (Bloomsbury Publishing USA, 2012).
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* {{Cite book |last1=Hamilton |first1=Richard F. |title=Decisions for War, 1914–1917 |url=https://archive.org/details/decisionsforwar10000unse_e7r1 |last2=Herwig |first2=Holger H. |date=2004 |publisher=Cambridge University Press |isbn=978-0-5218-3679-1}}
* Horne, John, ed. ''A Companion to World War I'' (2012)
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* {{Cite journal |last=Levy |first=Jack S. |date=Winter 1991 |title=Preferences, Constraints, and Choices in July 1914 |journal=International Security |volume=15 |issue=3 |pages=151–186 |doi=10.2307/2538910|jstor=2538910 |s2cid=153335986 }}
* Levy, Jack S., and John A. Vasquez, eds. ''The Outbreak of the First World War: Structure, Politics, and Decision-Making'' (Cambridge University Press, 2014).
* {{Cite book |last=MacMillan |first=Margaret |title=The War That Ended Peace: The Road to 1914 |date=2013 |publisher=Penguin Books |isbn=978-0-8129-9470-4 |edition=Kindle |author-link=Margaret MacMillan}}
* {{Cite book |last=McMeekin |first=Sean |title=July 1914: Countdown to War |date=2013 |publisher=Basic Books |isbn=978-0-4650-6074-0 |edition=2014 |location=New York}}
* {{Cite book |last=Mombauer |first=Annika |title=Die Julikrise: Europas Weg in den Ersten Weltkrieg |date=2014 |publisher=C.H. Beck |isbn=978-3-4066-6108-2 |location=Munich |language=German |trans-title=The July Crisis: Europe's Path into World War I}}
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* Zametica, John. ''Folly and Malice: The Habsburg Empire, the Balkans and the Start of World War One'' (2017)
{{प्रथम विश्व युद्ध}}
[[Category:जुलाई संकट]]
[[Category:1914 यूरोप में]]
[[Category:1914 राजनीति में]]
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[[Category:युद्ध का भय]]
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हंगेरियाई राष्ट्रीय बैंक
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{{Infobox central bank
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| bank_name_in_local = मग्यार नेमज़ेटी बैंक
| logo = Logo of the Hungarian National Bank.svg
| logo_size = 200px
| image = File:Magyar Nemzeti Bank épületének nyugati homlokzata. - 2009, Budapest.jpg
| caption = लिबर्टी स्क्वायर पर हंगेरियाई राष्ट्रीय बैंक की इमारत (बुडापेस्ट)
| ownership = 100% राज्य स्वामित्व<ref name="dnbinfo">{{cite web |last1=Weidner |first1=Jan |title=The Organisation and Structure of Central Banks |url=https://d-nb.info/1138787981/34 |website=Katalog der Deutschen Nationalbibliothek|year=2017|format=PDF}}</ref>
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| borrowing_rate = 11.50% (नवंबर 2023)<ref>{{cite web|url=https://www.mnb.hu/en/monetary-policy/the-monetary-council/press-releases/2023/press-release-on-the-monetary-council-meeting-of-21-november-2023|title=EN|website=Mnb.hu|access-date=26 November 2023}}</ref>
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}}
'''हंगेरियाई राष्ट्रीय बैंक''' ({{langx|hu|'''Magyar Nemzeti Bank'''}}, '''MNB''') [[हंगरी]] का [[केंद्रीय बैंक]] है और इस प्रकार [[यूरोपीय केंद्रीय बैंक]] की प्रणाली (ESCB) का हिस्सा है। इसे 1924 में [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] बैंक के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित किया गया था, जो हंगरी को लीग ऑफ नेशंस के आर्थिक और वित्तीय संगठन द्वारा प्रदान की गई आर्थिक सहायता के तहत था। बैंक अपने अंग्रेजी संचार में स्वयं को '''Magyar Nemzeti Bank''' के रूप में संदर्भित करता है और कभी-कभी उस नाम को "हंगरी का केंद्रीय बैंक" के साथ स्पष्ट करता है। बैंक अंग्रेजी में खुद को ''Hungarian National Bank'' के रूप में नहीं बुलाता है।
हंगेरियाई राष्ट्रीय बैंक अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों और वित्तीय संगठनों (EU, IMF, OECD, BIS) के पेशेवर मंचों में भागीदारी पर विशेष जोर देता है। इसका मुख्य उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, लेकिन यह राष्ट्रीय मुद्रा [[फ़ोरिंट|हंगेरियाई फ़ोरिंट]] जारी करने, संचलन में धन को नियंत्रित करने, केंद्रीय बैंक की बुनियादी दर तय करने, आधिकारिक [[विनिमय दर]] प्रकाशित करने, और विनिमय दरों को प्रभावित करने के लिए [[विदेशी मुद्रा भंडार]] और [[सोना|सोने]] का प्रबंधन करने के लिए भी जिम्मेदार है।
==इतिहास==
===पृष्ठभूमि===
[[1848 की हंगेरियाई क्रान्ति]] के दौरान, एक संक्षिप्त अवधि के लिए क्रांतिकारी सरकार ने हाल ही में स्थापित हंगेरियन कमर्शियल बैंक ऑफ पेस्ट का उपयोग एक केंद्रीय बैंक के रूप में किया।<ref name=history>{{cite web|title=History| url=https://www.mnb.hu/en/the-central-bank/organisation/history |website=Hungarian National Bank }}</ref>
1867 के [[ऑस्ट्रिया-हंगरी]] समझौते (Compromise of 1867) की बातचीत के दौरान, द्वैध राजशाही के केंद्रीय बैंक और इसके शासन का मामला भविष्य में सुधार के लिए एक तरफ रख दिया गया था। इस बीच, 1873 में हंगेरियन जनरल क्रेडिट बैंक को हाल ही में बनाए गए वित्त मंत्रालय से विभिन्न लेनदेन के लिए एक जनादेश प्राप्त हुआ, जिससे यह प्रभावी रूप से हंगेरियन सरकार का मुख्य बैंकर बन गया;{{R|Kovacs1|p=156}} इस भूमिका को 1886, 1901, और 1915 के क्रमिक अधिनियमों द्वारा और अधिक मजबूत और विस्तारित किया गया।<ref name=Kovacs1>{{citation |title=Banking leaders who made the Hungarian General Credit Bank great |author=Tamás Kovács & Levente Kovács |date=October 2017 |volume=4 |journal=Economy and Finance (GÉP) |issue=3 |publisher=Hungarian Banking Association |location=Budapest |url=https://bankszovetseg.hu/Public/gep/2017/152-174%20Kovacs%20T-Kovacs%20Luj.pdf }}</ref>{{rp|158}}
मौजूदा ऑस्ट्रियन नेशनल बैंक के नए राजनीतिक ढांचे में अनुकूलन को 1878 में अंतिम रूप दिया गया, जब इसका नाम बदलकर ऑस्ट्रो-हंगेरियन बैंक कर दिया गया। इस बैंक को एकात्मक शासन प्रणाली दी गई, जिसमें एक आम बैठक ({{langx|de|Generalversammlung}}) और एक संचालन परिषद ({{langx|de|Generalrat}}) शामिल थी, जिसकी अध्यक्षता एक गवर्नर द्वारा की जाती थी। लेकिन इसमें दो अलग-अलग कार्यकारी टीमें ({{langx|de|Direktionen}}) और मुख्यालय ({{langx|de|Hauptanstalten}}) थे, जो [[वियना]] और [[बुडापेस्ट]] में स्थित थे।<ref name=OeNB3>{{cite web |website=Oesterreichische Nationalbank |title=1878–1922: The Austro-Hungarian Bank |url=https://www.oenb.at/en/About-Us/History/1878-1922.html }}</ref> गवर्नर को [[ऑस्ट्रिया]] और [[हंगरी]] के संबंधित वित्त मंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से नामित किया जाना था, और बैंक को कानूनी रूप से हैब्सबर्ग साम्राज्य के दोनों हिस्सों में समान आधार पर नई शाखाएँ खोलने के लिए प्रतिबद्ध किया गया था। हंगेरियन राष्ट्रवादी इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं थे और एक अलग हंगेरियन केंद्रीय बैंक के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन उनके प्रयास संयुक्त साम्राज्य के अंत तक सफल नहीं हो सके।<ref>{{citation |author=Thomas Barcsay |title=Banking in Hungarian Economic Development, 1867-1919 |publisher=The Business History Conference |url=https://thebhc.org/sites/default/files/beh/BEHprint/v020/p0216-p0225.pdf |journal=Business and Economic History |date=1991}}</ref>{{rp|216}}
ऑस्ट्रो-हंगेरियन बैंक के नए बुडापेस्ट मुख्यालय भवन का उद्घाटन 1905 में किया गया था। इसे वास्तुकार इग्नाक अल्पार ने डिजाइन किया था, और इसमें मूर्तिकला कार्य जोज़ेफ रोना और कारोली सेन्येई द्वारा किया गया था।<ref>{{cite web |website=PestBuda.hu |title=Main building of the Central Bank of Hungary under renovation |date={{date|2021/05/21}} |url=https://pestbuda.hu/en/cikk/20210521_main_building_of_the_central_bank_of_hungary_under_renovation }}</ref>
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File:Magyar Nemzeti Bank 2.jpg
File:Budapešť 0937.jpg
File:Budapest, Szabadság tér, Nemzeti Bank épülete.JPG
File:Magyar Nemzeti Bank.jpg
</gallery>
[[प्रथम विश्व युद्ध]] के तुरंत बाद के अराजक काल के बाद, हंगेरियन अधिकारियों ने 11 जुलाई 1921 को एक रॉयल हंगेरियन स्टेट नोट-इश्यूइंग इंस्टीट्यूट (हंगेरियन: Magyar Királyi Állami Jegyintézet) की स्थापना की, जिसने नए स्वतंत्र देश की मुद्रा के रूप में ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्रोन की जगह हंगेरियन कोरोना जारी की।<ref name=history/> हालांकि, यह संस्थान सीधे सरकार के नियंत्रण में था और हाइपरइन्फ्लेशन को नियंत्रित करने में असमर्थ साबित हुआ।
===अंतरयुद्ध काल और द्वितीय विश्व युद्ध===
हंगेरियन नेशनल बैंक की स्थापना 1923-1924 में राष्ट्र संघ के आर्थिक और वित्तीय संगठन द्वारा समन्वित स्थिरीकरण ऋण की शर्तों के तहत की गई थी, जो एक साल पहले ऑस्ट्रिया में सफलतापूर्वक लागू किया गया था।<ref>{{citation |title=Picking the Right Man for the Job: Jeremiah Smith, Jr. and American Private Influence in the Financial Reconstruction of Hungary |author=Zoltán Peterecz |journal=Hungarian Journal of English and American Studies (HJEAS) |volume=15 |date=Fall 2009 |issue=2 |pages=285–305 |jstor=41274479 |url=https://www.jstor.org/stable/41274479}}</ref> 1927 में, नेशनल बैंक ने कोरोना की जगह हंगेरियाई पेंगो को पेश किया।
1930 में, हंगेरियन नेशनल बैंक बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स का संस्थापक शेयरधारक बना। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और इसके तुरंत बाद, MNB पेंगो की मूल्य को बनाए रखने में असमर्थ रहा, जो 1945-1946 में विश्व की सबसे खराब दर्ज की गई हाइपरइंफ्लेशन का शिकार हुआ। 1 अगस्त 1946 को, MNB ने एक नई मुद्रा, हंगेरियन फोरिंट, की शुरुआत की। MNB को 1947 के अंत में राष्ट्रीयकृत कर दिया गया।<ref name=history/>
===साम्यवादी युग===
1949 में साम्यवादियों के सत्ता पर काबिज होने और हंगेरियाई गणराज्य की स्थापना के बाद, हंगरी के बैंकों के पूर्व संचालन को एक तथाकथित एक-स्तरीय बैंकिंग प्रणाली में समेकित कर दिया गया, जिसमें चार प्रमुख वित्तीय संस्थान शामिल थे: हंगेरियन नेशनल बैंक, हंगेरियन नेशनल सेविंग्स बैंक कंपनी, हंगेरियन इन्वेस्टमेंट बैंक (जिसे 1972 में राज्य विकास बैंक के रूप में पुनः नामित किया गया और 1987 में समाप्त कर दिया गया),{{R|Lengyel|p=386}} और हंगेरियन फॉरेन ट्रेड बैंक।<ref name=Lengyel>{{citation |title=The Hungarian Banking System in Transition |author=Imre Lengyel |journal=GeoJournal |volume=32 |date=April 1994 |issue=4 |pages=381–391 |doi=10.1007/BF00807358 |jstor=41146180 |s2cid=150554109 |url=https://www.jstor.org/stable/41146180 }}</ref>{{rp|382}} इस प्रणाली के तहत, MNB को हंगेरियन राज्य से कोई स्वतंत्रता नहीं थी और यह वाणिज्यिक बैंकिंग गतिविधियों में भी संलग्न था। अंततः 1 जनवरी 1987 को एक दो-स्तरीय बैंकिंग प्रणाली को पुनः प्रस्तुत किया गया, जिसने MNB को मौद्रिक नीति की भूमिका पर केंद्रित किया।<ref name=history/>
===सन् 1990===
[[File:Hungary 200 Forint coin 1992.jpg|thumb|180px|1992 का 200 [[फ़ोरिंट]] सिक्का, जिस पर बैंक मुख्यालय की छवि है]]
अक्टूबर 1991 में पारित हंगरी के राष्ट्रीय बैंक पर कानून ने [[केंद्रीय बैंक]] की स्वतंत्रता को पुनर्स्थापित किया। 2001 का अधिनियम LVIII, Magyar Nemzeti Bank पर, ने हंगरी सरकार और एमएनबी को नीति निर्धारक के रूप में स्थापित किया जो [[विनिमय दर]] व्यवस्था को निर्धारित करते हैं। 26 फरवरी 2008 से, [[फ़ोरिंट]] [[यूरो]] के खिलाफ स्वतंत्र रूप से उछलता है।<ref name=history/>
हंगरी को 2010 में यूरोज़ोन में शामिल होना था, जिससे एमएनबी (हंगेरियन नेशनल बैंक) को मौद्रिक नीति पर नियंत्रण खोना पड़ता, लेकिन केंद्रीय बैंक के नेताओं ने इस योजना की आलोचना की, यह कहते हुए कि बजटीय कसावट की आवश्यकताएँ विकास को धीमा कर देंगी।<ref>[http://www.chron.com/disp/story.mpl/ap/fn/4054182.html "Hungary Central Banker Urges Delay for Euro"], Associated Press, 18 July 2006, Accessed 22 July 2006</ref> दिसंबर 2011 में, तीन प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से दो ने हंगरी के दीर्घकालिक मुद्रा ऋण की रेटिंग को "जंक स्टेटस" में डाउनग्रेड कर दिया, जिसका एक कारण [[हंगरी का संविधान]] में किए गए बदलाव थे, जिन्होंने केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर संदेह उत्पन्न किया।<ref name=bbc-20111222>{{cite news |url = https://www.bbc.co.uk/news/business-16298773 |title= Hungary borrowing costs rise on junk downgrade |work=BBC |date= 22 December 2011 |access-date= 27 December 2011}}</ref><ref name=guardian-20111225>{{cite news |url = https://www.theguardian.com/commentisfree/2011/dec/25/hungary-playing-chicken-editorial |title = Hungary: playing chicken | work =The Guardian |date =25 December 2011 |access-date= 27 December 2011}}</ref> 20 मई 2016 को, फिच रेटिंग्स ने हंगरी के संबंधित ऋण की स्थिति को BBB− (जो कि निवेश ग्रेड है) पर अपग्रेड किया, और रेटिंग को स्थिर दृष्टिकोण दिया। अपग्रेड का मुख्य कारण उच्च चालू खाता अधिशेष, उच्च यूरोपीय संघ (ईयू) फंड प्रवाह, बैंकों की बाहरी डेलिवरेजिंग, केंद्रीय बैंक की आत्म-वित्तपोषण योजना और विदेशी मुद्रा बंधक रूपांतरण थे, जिन्होंने हंगरी के बाहरी ऋण और वित्तीय संवेदनशीलता को कम किया।<ref>{{Cite web|url=https://www.reuters.com/article/idUSFit959614|title=Fitch Upgrades Hungary to 'BBB-'; Outlook Stable|date=20 May 2016|publisher=Fitch Ratings|access-date=21 June 2016}}</ref>
==संचालन==
[[हंगरी]] के [[केंद्रीय बैंक]] के [[राज्यपाल]] को [[प्रधानमंत्री]] के प्रस्ताव पर [[हंगरी के राष्ट्रपति]] द्वारा छह साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है। हंगरी के राष्ट्रीय बैंक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला निकाय मौद्रिक परिषद है। इसका भवन [[बुडापेस्ट]] के इनर सिटी में, लिबर्टी स्क्वायर में, यू.एस. एंबेसी भवन के बगल में स्थित है।
एमएनबी मध्यम अवधि के लिए लगभग 3% की [[मुद्रास्फीति]] लक्ष्य बनाए रखता है। यह [[यूरोप]] में मूल्य स्थिरता के लिए सामान्य रूप से स्वीकृत मुद्रास्फीति स्तर से थोड़ा अधिक है, और इसका उपयोग हंगरी के "मूल्य समायोजन" को यूरोप के बाकी हिस्सों के साथ तालमेल में लाने के लिए किया जाता है।<ref>{{cite web|url=http://english.mnb.hu/Engine.aspx?page=mnben_monet_kozlem&ContentID=7161|title=EN|website=English.mnb.hu|access-date=7 October 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20070926222212/http://english.mnb.hu/Engine.aspx?page=mnben_monet_kozlem&ContentID=7161|archive-date=26 September 2007|url-status=dead}}</ref> हंगरी के सेंट्रल बैंक अधिनियम में कहा गया है, "एमएनबी का प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता प्राप्त करना और उसे बनाए रखना होगा। अपने प्राथमिक उद्देश्य को प्रभावित किए बिना, एमएनबी उपलब्ध मौद्रिक नीति उपकरणों का उपयोग करके सरकार की आर्थिक नीति का समर्थन करेगा।"
अप्रचलित या क्षतिग्रस्त मुद्रा को बैंक के मुख्यालय और उसके दो क्षेत्रीय कार्यालयों में बदला जा सकता है।
==राज्यपाल==
*शांडोर पोपोविक्स (1924–1935)
*बेला इम्रेडी (1935–1938)
*लिपोत बारान्याई (1938–1943)
*ग्यूला पोस्च (1943–1944)
*लास्ज़लो टेमेश्वारी (1944)
*इम्रे ओल्टवानी (1945)
*आर्तूर कारास (1945)
*इम्रे ओल्टवानी (1945–1946)
*एर्नो चेझकी (1946–1949)
*फेरेंक जेसेंस्की (1949–1952)
*जैनोस वेरोस (1952–1955)
*लास्ज़लो हाई (1956–1956)
*डेनेस सांतॉ (1956–1960)
*बेला सुल्योक (1960–1961)
*एंडोर लास्ज़लो (1961–1975)
*माटियास टिमार (1975–1988)
*फेरेंक बार्था (1988–1990)
*सुरानि ग्यॉर्जी (1990–1991)
*पीटर आकोस बोड (1991–1994)
*ग्यॉर्जी सुरानि (1995–2001)
*ज़िगमंड ज़ाराई (2001–2007)
*अंद्रास सिमोर (2007–2013)
*ग्यॉर्जी माटोल्ची (2013–वर्तमान)
==इन्हें भी देखें==
{{Portal|बैंक}}
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Economy_of_Hungary हंगरी की अर्थव्यवस्था]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/Oesterreichische_Nationalbank ऑस्ट्रियाई राष्ट्रीय बैंक]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/National_Bank_of_Czechoslovakia चेकोस्लोवाकिया का राष्ट्रीय बैंक]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/National_Bank_of_Yugoslavia यूगोस्लाविया का राष्ट्रीय बैंक]
* [https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_central_banks केंद्रीय बैंकों की सूची]
==सन्दर्भ==
{{Reflist|colwidth=25em}}
==बाहरी कड़ियां==
* [https://www.mnb.hu/web/fooldal आधिकारिक वेबसाइट]{{in lang|hu|en}}
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text/x-wiki
{{Infobox pageant titleholder
| name = ज़िमेना नवारेटे
| image = Ximena Navarrete - Miss Universe 2010.jpg
| occupation = मॉडल, अभिनेत्री
| birth_name = {{nowrap|जिमेना नवारेटे रोसेटे}}<ref name="nb">{{cite web| last=Correa |first=Ofelia |title=Nuestras Reinas: Ximena Navarrete |url = http://www.esmas.com/nuestrabellezav2/nuestras_reinas/799220.html |publisher=Nuestra Belleza |language=es |year=2010 |url-status=dead |archive-url = https://web.archive.org/web/20090925184134/http://www.esmas.com/nuestrabellezav2/nuestras_reinas/799220.html |archive-date=September 25, 2009 }}</ref>{{NoteTag|Officially her name is spelled [https://www.twitter.com/ximenaNR/status/20160434666 Jimena], though she prefers writing it as [https://www.twitter.com/ximenaNR Ximena].}}
| birth_date = {{Birth date and age|1988|2|22}}
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| children = 2<ref>{{cite web|url=https://www.latimes.com/espanol/entretenimiento/articulo/2021-12-09/la-ex-miss-universo-ximena-navarrete-ya-es-mama|title=La ex Miss Universo Ximena Navarrete ¡ya es mamá!|agency=[[Reforma (newspaper)|Reforma]]|date=December 9, 2021|access-date=December 9, 2021|work=[[Los Angeles Times]]|language=es}}</ref>
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| title = हमारा सुंदर जलिस्को 2009<br>हमारा सौंदर्य मेक्सिको 2009<br>[[मिस यूनीवर्स 2010]]
| nationalcompetition = हमारा सुंदर जलिस्को 2009<br>(Winner)<br>हमारा सौंदर्य मेक्सिको 2009<br>(विजेता)<br>[[मिस यूनीवर्स 2010]]<br>(विजेता)
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|spouse={{marriage|जुआन कार्लोस वल्लाडारेस|2017}}
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'''जिमेना "ज़िमेना" नवारेटे रोसेटे'''<ref name="nb" /> ({{IPA|es|xiˈmena naβaˈrete|small=Kporty}}; जन्म 22 फरवरी 1988) एक मैक्सिकन [[अभिनेत्री]], टीवी होस्ट, [[मॉडल (व्यक्ति)|मॉडल]] और [[सौंदर्य प्रतियोगिता]] विजेता हैं, जिन्हें [[मिस यूनीवर्स 2010]] का ताज पहनाया गया था।
इससे पहले, उन्होंने नुएस्ट्रा बेलेज़ा मेक्सिको 2009 का खिताब जीता था। वह [[मेक्सिको]] की दूसरी [[मिस यूनीवर्स]] बनीं।<ref>[http://www.quien.com/espectaculos/2010/08/24/ximena-navarrete-quien-es-la-miss-universo-2010 Ximena Navarrete ¿Quién es la Miss Universo 2010?]. Quien.com (August 24, 2010). Retrieved on May 12, 2012.</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
नवारेटे का जन्म और पालन-पोषण [[ग्वादालाहारा]], जलिस्को, मेक्सिको में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। वह दो संतानों में से एक हैं। उनके पिता कार्लोस नवारेटे एक [[दंत चिकित्सक]] हैं, और उनकी माँ गैब्रिएला रोसेटे एक गृहिणी हैं। उनकी एक छोटी बहन भी है।
उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में स्थानीय स्तर पर मॉडलिंग शुरू की और वैले डे अतेमाजाक विश्वविद्यालय में पोषण विज्ञान की पढ़ाई की, इससे पहले कि वह विश्व सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेतीं।<ref name="impre">[http://www.impre.com/entretenimiento/2010/8/24/miss-universe-2010-tiene-novio-206663-1.html Miss Universe 2010 tiene novio] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111014202006/http://www.impre.com/entretenimiento/2010/8/24/miss-universe-2010-tiene-novio-206663-1.html |date=14 अक्तूबर 2011 }}. Impre.com (August 24, 2010). Retrieved on May 12, 2012.</ref>
2012 में, जिमेना ने एक आनुवंशिक अध्ययन में भाग लिया, जिसमें पाया गया कि उनकी मातृ वंशावली "हैप्लोग्रुप जे" से संबंधित है।<ref>{{cite web|url=http://quo.mx/2012/05/30/plus/la-genetica-tras-la-belleza-de-ximena |title=La genética tras la belleza de Ximena - QUO mx |access-date=February 25, 2015 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20131023060552/http://quo.mx/2012/05/30/plus/la-genetica-tras-la-belleza-de-ximena |archive-date=October 23, 2013 }}</ref>
==सौंदर्य प्रतियोगिता==
===नुएस्ट्रा बेलेज़ा मेक्सिको 2009===
16 जुलाई 2009 को, नवारेटे को उनके गृहनगर में नुएस्ट्रा बेलेज़ा जलिस्को का ताज पहनाया गया। इसके बाद, उन्होंने 20 सितंबर 2009 को मेरिडा, युकाटन में आयोजित नुएस्ट्रा बेलेज़ा मेक्सिको प्रतियोगिता के 16वें संस्करण में भाग लिया और 33 अन्य प्रतिभागियों को हराकर राष्ट्रीय खिताब जीता।<ref>[http://www.esmas.com/nuestrabellezav2/noticias/799186.html "Noticias – Jimena Navarrete es NBM 2009 y Anabel Solís es NBMM 2009"] {{webarchive |url=https://web.archive.org/web/20090927055456/http://www.esmas.com/nuestrabellezav2/noticias/799186.html |date=September 27, 2009 }}. Esmas.com. Retrieved on May 12, 2012.</ref>
उस रात, नवारेटे जलिस्को की लगातार दूसरी विजेता बनीं। उनसे पहले यह खिताब कार्ला करिलो ने जीता था, जो उनकी करीबी मित्र भी थीं और जिन्होंने उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था।<ref name="nb"/><ref name="impre"/>
===मिस यूनीवर्स 2010===
23 अगस्त 2010 को, नवारेटे (जो उस समय "जिमेना" के नाम से जानी जाती थीं) को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया गया।<ref name="miss2010">{{cite web|url=http://www.milenio.com/node/514015 |language=es |title=Gana la mexicana Jimena Navarrete el Miss Universo 2010 |work=Diario Milénio |publisher=[[Notimex]] |access-date=August 23, 2010 }}</ref>
अक्टूबर 2010 में, उन्होंने शंघाई, चीन की यात्रा की, जहां उन्होंने 2010 वर्ल्ड एक्सपो और शंघाई फैशन वीक में भाग लिया।
10 फरवरी 2011 को, नवारेटे को लोरियल पेरिस और ओल्ड नैवी का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया। उन्होंने अपनी पहली आधिकारिक फोटोशूट मेक्सिको में कराई।
मार्च 2011 में, उन्होंने मॉस्को, रूस और सैंटो डोमिंगो, डोमिनिकन रिपब्लिक की यात्रा की, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसके बाद, वह प्यूर्टो रिको गईं प्यूर्टो रिको गोल्फ ओपन में शामिल होने के लिए। उन्होंने पनामा में एड्स के लिए सहायता संगठन के साथ काम किया और 26 मार्च 2011 को बैंकॉक, थाईलैंड में थाई राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लिया।
मई 2011 में, नवारेटे ने अपने गृहनगर ग्वादालाहारा, मेक्सिको की यात्रा की, जहां उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय बच्चे नामक अमेरिकी मानवतावादी संगठन के लिए जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। यह संगठन वहां 12,000 से अधिक गरीब बच्चों की मदद कर रहा था।<ref>[http://www.children.org Children International]. Children.org. Retrieved on May 12, 2012.</ref>
जुलाई 2011 में, उन्होंने सैंटियागो, चिली में चिली की राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके अलावा, वह 16 जुलाई 2011 को एटलांटिस पैराडाइज़ आइलैंड, बहामास गईं, जहां उन्होंने मिस टीन यूएसए को ताज पहनाने में मदद की।
अपने मिस यूनिवर्स कार्यकाल के दौरान, नवारेटे ने [[स्पेन]], मेक्सिको (कई यात्राएं), [[इंडोनेशिया]], [[चीन]], [[फ्रांस]], [[भारत]], [[रूस]], [[डोमिनिकन रिपब्लिक]], प्यूर्टो रिको, [[पनामा]], [[थाईलैंड]], [[ब्राज़ील]], [[ग्वाटेमाला]], [[चिली]] और [[बहामास]] की यात्रा की। इसके अलावा, उन्होंने [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के विभिन्न स्थानों का भी दौरा किया।<ref>[http://www.missuniverse.com/events/index/2011/07/pageant Events] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110714033714/http://www.missuniverse.com/events/index/2011/07/pageant |date=14 जुलाई 2011 }}. Miss Universe (July 2011). Retrieved on May 12, 2012.</ref>
==मॉडलिंग और अभिनय==
10 फरवरी 2011 को, नवारेटे को [[लॉरियल]] पेरिस<ref>{{cite web|url=http://www.lorealparisusa.com/en/beauty-library/spokesmodels/ximena-navarrete.aspx|title=Ximena Navarrete is L'oreal spokesperson|access-date=July 19, 2013|archive-date=January 31, 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20140131020011/http://www.lorealparisusa.com/en/Beauty-Library/Spokesmodels/Ximena-Navarrete.aspx|url-status=dead}}</ref> और ओल्ड नैवी का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया।<ref>{{cite web|url=http://www.eluniversal.com.mx/estilos/67655.html|title=Ximena es la más bella|last=Ramírez|first=Claudia|date=February 11, 2011|work=EL Universal|language=es|access-date=February 15, 2011|archive-date=December 13, 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20131213074201/http://www.eluniversal.com.mx/estilos/67655.html|url-status=dead}}</ref>
2013 में, उन्होंने घोषणा की कि वह ला टेम्पेस्टाड नामक टेलीवेला (सोप ओपेरा) के जरिए अभिनय करियर की शुरुआत करेंगी।<ref>{{cite web|url=http://entretenimiento.starmedia.com/telenovelas/ximena-navarrete-en-elenco-telenovela-senor-cielos.html|title=Ximena Navarrete en el elenco de la telenovela "El señor de los cielos"|language=es|date=December 19, 2012|access-date=January 16, 2013|publisher=[[Starmedia]]|archive-date=January 29, 2016|archive-url=https://web.archive.org/web/20160129083741/http://entretenimiento.starmedia.com/telenovelas/ximena-navarrete-en-elenco-telenovela-senor-cielos.html|url-status=dead}}</ref>
15 फरवरी 2013 को, सल्वाडोर मेजिया ने पुष्टि की कि नवारेटे और विलियम लेवी इस टेलीवेला के मुख्य पात्रों की भूमिका निभाएंगे।<ref>[http://www.latinospost.com/articles/12238/20130215/william-levys-la-tempestad-telenovela-news-update-ximena-navarrete.htm William Levy's 'La Tempestad' Telenovela News Update - Ximena Navarrete Signed To Play Female Lead]</ref>
उन्होंने इस शो में जुड़वां भूमिकाएं निभाईं—मारिना रेवर्ते और मग्दालेना आर्तिगास।
==व्यक्तिगत जीवन==
2017 में, नवारेटे ने जुआन कार्लोस वायादारेस से एक कैथोलिक समारोह में शादी की।<ref>{{Cite Instagram|user=ximenanr |title=Amo compartir mi vida contigo esposo @jcvalladares .... gracias por tantas risas y momentos especiales que no cambio por nada ♥️ Dos años de retos y de seguir caminando juntos ♾!!! I love the sun for days, the moon for nights and you FOREVER! 🥂 por muchísimos más a tu lado . Te amo con todo mi corazón #2años #HappyAnniversaryMyLove" |postid=BvuYVmxFbAQ |access-date=2023-02-01|date=2019-04-01}}</ref><ref>{{Cite Instagram|user=ximenanr|title=#ThrowBack #MyWeddingDay @jcvalladares #🥂#👰🏻 el mejor día !!!!!! 🙌🏼 @jaimegonzalez78 @gonzalezhelfon" |postid=BSrv52ahwnK |access-date=2023-02-01|date=2017-04-09}}</ref>
एक गर्भपात का सामना करने के बाद, इस जोड़े ने सहायक प्रजनन तकनीक के माध्यम से 2021 के अंत में एक बेटी का स्वागत किया।<ref>{{Cite web |last=americanpost |date=2021-11-25 |title=Ximena Navarrete shared how she lived her difficult pregnancy process days after giving birth |url=https://www.americanpost.news/ximena-navarrete-shared-how-she-lived-her-difficult-pregnancy-process-days-after-giving-birth/ |access-date=2023-02-01 |website=American Post |language=en-US |archive-date=1 फ़रवरी 2023 |archive-url=https://web.archive.org/web/20230201071320/https://www.americanpost.news/ximena-navarrete-shared-how-she-lived-her-difficult-pregnancy-process-days-after-giving-birth/ |url-status=dead }}</ref><ref>{{Cite Instagram|user=ximenanr |title=Mi cielo se pinta de colores con el arcoíris 🌈 más deseado y esperado de mi vida. Mi bebé, ni te imaginas todo lo que hemos soñado con tenerte en nuestra familia. Te amamos y esperamos con todo nuestro corazón, amor e ilusión. Gracias infinitas querido @drgerardobarroso por ser parte de nuestra familia y de nuestra historia. Gracias a Dios pudimos dar con el mejor médico que existe para ayudarnos en este camino. Eternamente agradecidos contigo y tu equipo @clinicanascere por existir. No ha sido un camino fácil, más adelante podré contarles y hablar acerca de esto. Por lo pronto encontrarán gran parte de nuestra historia y de lo que hemos vivido en las páginas de la más reciente edición de @hola_mx que como siempre me permiten expresar respetando cada palabra que sale de mi boca. Muchas gracias equipo HOLA! Tengo 4 meses de embarazo, gracias a Dios todo va caminando muy bien hasta hoy 🙏🏻 que creen que será ? Niño o niña ? 💙💗 @jcvalladares" |postid=CQgXJnOryaa |access-date=2023-02-01|date=2021-06-24}}</ref>
अक्टूबर 2022 में, यह खुलासा हुआ कि यह जोड़ा अपने दूसरे बच्चे की उम्मीद कर रहा था।<ref>{{Cite web |date=2022-12-31 |title=Ximena Navarrete presume su pancita de embarazo en traje de baño |url=https://mx.hola.com/famosos/2022123146279/ximena-navarrete-presume-pancita-embarazo-traje-bano/ |access-date=2023-02-01 |website=HOLA MÉXICO |language=es}}</ref>
==फिल्मोग्राफी==
{| class="wikitable sortable plainrowheaders"
|+ टेलीविजन
! वर्ष
! शीर्षक
! भूमिका
! class="unsortable" | नोट्स
|-
|rowspan="3"| 2010
!scope="row"| ''डेविड लेटरमैन के साथ लेट शो''
| rowspan=11|स्वयं
| शीर्ष दस सूची प्रस्तुतकर्ता
|-
|!scope="row"| ''डेकाडास''
| विशेष उपस्थिति
|-
|!scope="row"| ''2010 के लैटिन ग्रैमी पुरस्कार''
| rowspan=3|प्रस्तुतकर्ता
|-
|rowspan="4"| 2012
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|-
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|-
|!scope="row"| ''[[मिस यूनीवर्स 2012]]''
| न्यायाधीश
|-
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| rowspan=3|प्रस्तुतकर्ता
|-
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|-
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|-
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| विशेष उपस्थिति
|-
|rowspan="1"| 2023
!scope="row"| ''[[मिस यूनीवर्स 2022]]''
| चयन समिति <ref>{{Cite web |date=2023-01-11 |title=LOOK: Miss Universe unveils all-female selection committee for 2022 pageant |url=https://www.rappler.com/entertainment/pageants/miss-universe-unveils-all-female-selection-committee-2022-pageant/ |access-date=2023-01-13 |website=[[Rappler]] |language=en-US}}</ref>
|-
|}
{| class="wikitable"
|+ टेलीनोवेलस
|- style="background:#b0c4de;"
! वर्ष
! शीर्षक
! भूमिका
! नोट्स
|-
| 2013 || ''ला टेम्पेस्टाड'' ||मरीना रेवर्टे आर्टिगास/मैगडेलेना रेवर्टे आर्टिगास ||टेलीनोवेलस डेब्यू<br />नायक
|-
|2015 || ''108 कॉस्टुरास'' ||गैबी ||मुख्य भूमिका
|}
==सन्दर्भ==
{{NoteFoot}}
{{टिप्पणीसूची|30em}}
==बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons category|Ximena Navarrete}}
*{{Instagram|ximenanr}}
*[http://www.ximenanr.com आधिकारिक ज़िमेना नवारेटे] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20120919093428/http://www.ximenanr.com/ |date=September 19, 2012 }} Website
*[http://www.missuniverse.com/members/profile/468715 ज़िमेना नवारेटे तस्वीरें Missunivers.com पर] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150422162108/http://www.missuniverse.com/members/profile/468715 |date=April 22, 2015 }}
*[http://www.pr.com/article/1160 ज़िमेना नवारेटे] PR.com पर साक्षात्कार
*[https://web.archive.org/web/20110618043124/http://www2.children.org/en/us/News/InTheNews/2011/Pages/Miss-Universe-provides-child-poverty-a-platform-in-Mexico-6-6-11.aspx ज़िमेना नवारेटे वीडियो पर] www.children.org
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{{Portal bar|Mexico|Biography}}
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{{सुन्दरता प्रतियोगिता}} {{मिस यूनीवर्स}}
[[श्रेणी:1988 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:विश्व सुन्दरी]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी:मिस यूनीवर्स]] [[श्रेणी:अंतर्राष्ट्रीय सुन्दरता प्रतियोगिता]] [[श्रेणी:विश्व सुन्दरी विजेता]] [[श्रेणी:मिस यूनिवर्स विजेता]]
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पहलगाम हमला 2025
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text/x-wiki
{{Infobox civilian attack
| title = पहलगाम हमला 2025
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| map_alt = जम्मू और कश्मीर, भारत में हमले के स्थान को दर्शाने वाला मानचित्र
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| type = निर्दोष [[हिन्दू]] को चिन्हित कर गोलीबारी<br>[[नरसंहार]]
| fatalities = 26<ref>{{Cite news |date=23 अप्रैल 2025 |title=[[तालिबान]] ने पहलगाम नरसंहार की निन्दा की, हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/taliban-condemns-pahalgam-massacre-calls-attack-a-blow-to-regional-security/articleshow/120563204.cms |access-date=23 अप्रैल 2025 |publisher=[[टाइम्स ऑफ इंडिया]] |language=hi}}</ref>
| injuries = 17
| victims = ''[[#हताहत|घायलों की सूची देखें]]''
| weapons = [[:en:M4 Carbine|एम4 कार्बाइन]], [[एके-47]]<ref name="IE weapons">{{Cite news |title=आतंकवादी वर्दी में थे, एम4 कार्बाइन, एके-47 लेकर आए थे, 70 गोलियां चलाई गईं: प्रारम्भिक जाँच |url=https://indianexpress.com/article/india/pahalgam-terror-attack-terrorists-were-wearing-camouflage-outfits-carried-m4-carbine-ak-47s-initial-probe-9959852/ |access-date=23 अप्रैल 2025 |website=[[द इंडियन एक्सप्रेस]]}}</ref>
| numparts = 5<ref name="IE 7 terrorists">{{Cite web |date=23 अप्रैल 2025 |title=जाँच में सामने आया कि पहलगाम हमले में 7 आतंकवादी, जिनमें 4-5 पाकिस्तान से |url=https://indianexpress.com/article/india/pahalgam-attack-terrorists-pakistan-9961045/ |website=द इंडियन एक्सप्रेस }}</ref>
| motive = [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]] में कथित "बाहरी बसाव का विरोध"<ref>{{Cite web |title = पहलगाम: 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' क्या है, लश्कर का 'प्रॉक्सी' जो पर्यटकों पर सबसे घातक हमला करने का आरोपी है |work = मिंट |publisher = एचटी मीडिया लिमिटेड |date = 22 अप्रैल 2025 |url = https://www.livemint.com/news/india/pahalgam-whats-the-resistance-front-let-proxy-said-to-be-behind-deadliest-terror-attack-on-tourists-in-kashmir-11745329734543.html |access-date = 22 अप्रैल 2025}}</ref>
| perpetrators = {{Tree list}}
*[[लश्कर-ए-तैयबा]] (LeT)
**[[प्रतिरोध मोर्चा]] (TRF)<ref>{{Cite news |title=द रेजिस्टेंस फ्रंट क्या है? हाफिज सईद के संगठन TRF ने पर्यटकों पर हमले की जिम्मेदारी ली |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/what-is-the-resistance-front-hafiz-saeeds-trf-claims-responsibility-for-pahalgam-attack-on-tourists/articleshow/120524611.cms |access-date=22 अप्रैल 2025 |website=[[टाइम्स ऑफ इंडिया]]}}</ref><ref>{{Cite news |title=TRF क्या है, लश्कर से जुड़ा वह समूह जिसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली? |url=https://www.firstpost.com/explainers/what-is-trf-let-terror-group-offshoot-that-has-taken-responsibility-for-pahalgam-attack-13882193.html |access-date=22 अप्रैल 2025 |website=[[Firstpost]]}}</ref>
{{Tree list/end}}
}}
22 अप्रैल 2025 को, [[जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)|जम्मू और कश्मीर]], [[भारत]] के [[अनन्तनाग ज़िला|अनन्तनाग ज़िले]] में [[पहलगाम]] के पास [[बैसरन घाटी]] पर एक आतंकवादी हमला हुआ जिसमें 26 पर्यटकों की जान गयी<ref name="m065">{{cite web | last=Singh | first=Vijaita | title=Pahalgam terrorist attack: Terrorists mingled with crowd, herded them towards armed members who killed tourists at Baisaran | website=The Hindu | date=3 May 2025 | url=https://www.thehindu.com/news/national/pahalgam-attack-terrorists-mingled-with-crowd-herded-them-towards-armed-members-who-killed-toursists-at-baisaran/article69534814.ece | access-date=4 May 2025}}</ref> और क़रीबन 17 से अधिक लोग घायल हो गए।<ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/pahalgam-terror-attack-kashmir-full-list-of-victims-released-2713232-2025-04-23|title=US-based techie, IAF official among 26 killed in attack. Who were the victims?|website=इंडिया टुडे}}</ref><ref>{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/pahalgam-terrorist-attack-rough-terrain-no-security-attackers-pahalgams-baisaran-osint-2713520-2025-04-23|title=Rough terrain, no security: Why attackers chose Pahalgam's Baisaran|website=इंडिया टुडे}}</ref> यह हमला, जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे के निरस्तीकरण के पश्चात् इस क्षेत्र में सबसे घातक हमलों में से एक था, जिसमें [[हिन्दू]] नागरिकों को निशाना बना उनका [[नरसंहार]] किया गया और कथित तौर पर इसका उद्देश्य [[कश्मीर घाटी]] में "जनसाङ्ख्यिकीय परिवर्तनों का विरोध" करना था।
आतंकवादी समूह [[लश्कर-ए-तैयबा]] की एक शाखा, [[प्रतिरोध मोर्चा]] (TRF) ने हमले की ज़िम्मेदारी ली।
== हमला ==
22 अप्रैल 2025 को कम से कम चार [[पाकिस्तानी लोग|पाकिस्तानी]] [[आतंकवाद|आतंकवादी]]<ref name="x765">{{cite web | title=Pahalgam Terror Attack: हमले में पाकिस्तान का हाथ, दो लोकल और दो पाकिस्तानी शामिल; तीन संदिग्धों के स्केच जारी | website=अमर उजाला | date=23 April 2025 | url=https://www.amarujala.com/photo-gallery/jammu/pahalgam-terror-attack-two-local-and-two-pakistani-terrorists-also-involved-sketches-of-many-suspects-released-2025-04-23 | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> [[बैसरन घाटी]] के घास के मैदान में घुस आए, जो पहलगाम शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर है। यह इलाका चारों तरफ से घने देवदार के जङ्गलों से घिरा हुआ है, इस जगह को "मिनी [[स्विट्ज़रलैण्ड|स्विट्रज़लॅण्ड]]" के नाम से जाना जाता है और यह पिकनिक मनाने के लिए एक लोकप्रिय जगह है। आतङ्कवादियों के पास [[:en:M4_Carbine|एम4 कार्बाइन]] और [[एके47|एके-47]] थे और उन्होंने सैन्य शैली की वर्दी पहनी हुई थी<ref name="IE weapons" /><ref name="IE no security">Manoj Dattatreya More, [https://indianexpress.com/article/cities/pune/saw-no-security-personnel-from-baisaran-to-pahalgam-during-j-k-visit-pimpri-tourists-9961774/ Saw no security personnel from Baisaran to Pahalgam during J-K visit: Pimpri tourists], इंडियन एक्सप्रेस, 23 April 2025.</ref><ref name="jaz">{{Cite web |title=Gunmen kill at least 26 in Indian-administered Kashmir: Police |url=https://www.aljazeera.com/news/2025/4/22/gunmen-open-fire-on-tourists-in-indian-administered-kashmir |access-date=22 April 2025 |website=अल जज़ीरा}}</ref><ref name="IE 7 terrorists" /><ref name="NDTV">{{Cite web |date=23 April 2025 |title=Kashmir Attack During JD Vance's Visit Mirrors Bill Clinton's 2000 India Trip |url=https://www.ndtv.com/world-news/pahalgam-kashmir-attack-during-jd-vances-visit-mirrors-bill-clintons-2000-india-trip-8233247 |website=एनडीटीवी}}</ref>
हमलावरों ने पीड़ितों को गोली मारने से पहले उनके नाम और [[धर्म]] पूछे थे।<ref name="Hindu kept firing">Vijaita Singh, [https://www.thehindu.com/news/national/terrorists-kept-firing-for-25-30-minutes-recalls-pahalgam-eyewitness/article69483296.ece Terrorists kept firing for 25-30 minutes, recalls Pahalgam eyewitness], द हिन्दू, 23 April 2025.</ref> कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें [[कलमा]]<ref name="o727">{{cite web | title=आतंकियों ने पहली गोली कानपुर के शुभम को मारी: गन लगाकर पूछा- हिंदू या मुसलमान, कलमा सुनाओ; पत्नी ने सुनाई आंखों देखी | website=Dainik Bhaskar | date=24 April 2025 | url=https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/kanpur/news/pahalgam-terror-attack-kanpur-shubham-dwivedi-wife-hindu-muslim-kalma-134898270.html | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> पढ़ने के लिए कहा गया था।<ref>{{Cite news |last=Bukhari |first=Fayaz |date=23 April 2025 |title=Militants in Indian Kashmir segregate men from women and children before opening fire |url=https://www.reuters.com/world/india/militants-indian-kashmir-segregate-men-women-children-before-opening-fire-2025-04-23/ |access-date=24 April 2025 |work=रॉयटर्स}}</ref><ref>{{Cite web |last=Arora |first=Mansi |date=22 April 2025 |title='Asked to recite Islamic verse': Tourists recall horror after Pahalgam terror attack |url=https://www.wionews.com/india-news/stripped-to-check-for-circumcision-asked-to-recite-islamic-verse-tourists-recall-horror-after-jk-terror-attack-8991109 |website=वायॉन}}</ref><ref>PTI, [https://www.thehindu.com/news/national/terrorists-cursed-modi-asked-my-father-to-recite-islamic-verse-before-shooting-him-daughter/article69480148.ece Terrorists cursed Modi, asked my father to recite Islamic verse before shooting him: Daughter], द हिन्दू, 23 April 2025.</ref> स्थानीय [[कश्मीरी लोग|कश्मीरी]] [[शिया इस्लाम|शिया मुस्लिम]], सैयद आदिल हुसैन शाह ने कथित तौर पर हमलावरों में से एक के हाथ से राइफल छीनकर पर्यटकों को बचाने और हमले को रोकने का प्रयास किया, किन्तु इस प्रयास में वह मारा गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.business-standard.com/india-news/pahalgam-terror-attack-pony-operator-dies-protecting-tourists-125042300844_1.html|title=Pahalgam pony operator dies protecting tourist, tackles armed terrorist|website=बिजनेस स्टैंडर्ड}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/pahalgam-terror-attack-syed-adil-hussain-shah-tried-to-snatch-terrorists-rifle-killed-2713505-2025-04-23|title=Syed Adil Hussain: Hero Pahalgam pony ride operator who tried to stop terrorist|date=23 April 2025|website=इंडिया टुडे}}</ref> प्रत्यक्षदर्शियों के वीडियो में घबराहट के दृश्य और घायल पीड़ितों को सहायता की गुहार लगाते हुए दिखाया गया है। एक महिला को अपने पति की सहायता के लिए चिल्लाते हुए देखा गया, जबकि अन्य घास के मैदान में बेसुध पड़े हुए देखे गए। हमले का समाचार ज़िला मुख्यालय तक पहुँचने के तुरन्त बाद आपातकालीन सेवाएँ घटनास्थल पर पहुँच गईं। गम्भीर रूप से घायल दो पीड़ितों को लगभग 16:30 बजे [[अनन्तनाग ज़िला|अनन्तनाग ज़िला]] अस्पताल ले जाया गया, जबकि अन्य को पास के चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया। कुछ को आगे के इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से श्रीनगर के एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया।<ref name="thewire20250422">{{Cite web |title=J&K: Tourist Killed, Several Hurt in Attack on Pahalgam Health Resort |url=https://thewire.in/security/south-kashmir-pahalgam-militant-attack-killed-tourist |access-date=22 April 2025 |website=द वायर}}</ref>
स्थानीय लोगों ने भी पीड़ितों को बचाया और उन्हें आश्रय दिया। स्थानीय टट्टू-संचालक संघ के सदस्यों ([[नज़ाकत अहमद अली शाह]]) ने [[टट्टू]] और तात्कालिक स्ट्रेचर पर लगभग 11 घायल पर्यटकों को बचाया।<ref>{{cite news |last1=Zargar |first1=Anees |title='I only thought of the injured': Ponywalla rushes to save lives after Pahalgam carnage |url=https://www.thenewsminute.com/news/i-only-thought-of-injured-ponywalla-rushes-to-save-lives-after-pahalgam-carnage |work=द न्यूज़ मिनट |date=23 April 2025 }}</ref>
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नरसंहार का शिकार अधिकतर पुरुष थे, एक आतंकी ने एक महिला से कहा कि उसे इसलिए बख़शा जा रहा है ताकि वह [[भारत का प्रधानमन्त्री|प्रधानमन्त्री]] [[नरेन्द्र मोदी]] को "भयावह घटना के बारे में बता सके"। कई पीड़ितों को नज़दीक से गोली मारी गई, और घटनास्थल से मिले वीडियो फ़ुटेज में ख़ून से लथपथ लोग ज़मीन पर पड़े हुए और दूसरे लोग मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दिए।<ref>{{Cite web |date=22 April 2025 |title='Go tell this to Modi', Pahalgam attacker told me after killing my husband: Karnataka survivor – 'Go tell this to Modi', Pahalgam attacker told me after killing my husband: Karnataka survivor BusinessToday |url=https://www.businesstoday.in/india/story/go-tell-this-to-modi-pahalgam-attacker-told-me-after-killing-my-husband-karnataka-survivor-473142-2025-04-22 |website=बिजनेस टुडे}}</ref>
माना जाता है कि आतंकियों ने नरसंहार को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरे का उपयोग किया था, जो साधारणतः [[लश्कर-ए-तैयबा]] के प्रचार से जुड़ा एक तरीक़ा है। [[भारतीय सेना|सेना]], [[भारत के अर्धसैनिक बल|अर्धसैनिक बल]], और [[जम्मू और कश्मीर पुलिस|जम्मू और कश्मीर पुलिस]] द्वारा एक संयुक्त घेराबन्दी और तलाशी अभियान आरम्भ किया गया था। पहलगाम में एक अस्थायी नाकाबन्दी लगाई गई थी, और आतङ्कवादियों का पता लगाने के लिए हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया था, जो [[पीर पंजाल दर्रा|पीर पंजाल दर्रे]] की ऊपरी पहुँच में भाग गए थे। समूह ने कश्मीर में कैसे घुसपैठ की, इसकी जाँच जारी है।<ref>{{Cite news |date=22 April 2025 |title=Pahalgam terror attack LIVE: PM Modi to return to India cutting short Saudi Arabia visit; Navy Officer among 26 killed |url=https://www.thehindu.com/news/national/pahalgam-jammu-kashmir-terror-attack-tourists-dead-injured-april-22-2025/article69478557.ece |work=द हिन्दू |issn=0971-751X}}</ref><ref name="IE 7 terrorists" />
=== हिंदू पर्यटक पर लक्षित हमला ===
आतंकवादियों ने पर्यटकों से उनके नाम और धर्म पूछे और विशेष रूप से हिंदू पहचान वाले लोगों को निशाना बनाया।<ref name="TH-asked-religion">{{cite news |first=Vijaita |last=Singh |url=https://www.thehindu.com/news/national/terrorists-kept-firing-for-25-30-minutes-recalls-pahalgam-eyewitness/article69483296.ece |title=पहलगाम आतंकी हमला: आतंकियों ने पर्यटकों से नाम और धर्म पूछे, फिर गोली मारी |newspaper=द हिंदू |date=23 अप्रैल 2025}}</ref><ref name="AP-Hindus">{{cite web |date=30 अप्रैल 2025 |title=Indian survivors of Kashmir attack say gunmen asked if they were Hindus and opened fire |url=https://apnews.com/article/kashmir-attack-india-pakistan-victims-a5492962cd86174262cb73b85c04c51a |website=AP News}}</ref><ref name="Newsweek 22 Apr">{{cite news |last=Bhat |first=Danish Manzoor |title=Kashmir Massacre: Trump, Putin, Iran, Israel Condemn Jihadist Attack on Hindu Tourists |url=https://www.newsweek.com/kashmir-massacre-trump-putin-iran-israel-condemn-jihadist-attack-hindu-tourists-2062760 |work=Newsweek |date=22 अप्रैल 2025}}</ref> हमलावरों ने हिंदू पुरुषों को मुस्लिम पुरुषों से अलग किया और उन्हें गोली मार दी।<ref>{{Cite news |date=24 अप्रैल 2025 |title='उन्होंने कहा कि हिंदू पुरुष अलग हो जाएं': पहलगाम आतंकी हमले से बचे पर्यटक की आपबीती |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/they-asked-hindu-men-to-separate-from-muslim-men-pahalgam-terror-attack-survivor-101745485984890.html |work=हिंदुस्तान टाइम्स}}</ref>
कुछ पर्यटकों से इस्लामी 'कलमा' पढ़ने को कहा गया, ताकि उनका धर्म पहचाना जा सके।<ref name="Reu-Islamic-verse">{{cite news |last=Bukhari |first=Fayaz |title=Militants in Indian Kashmir segregate men from women and children before opening fire |url=https://www.reuters.com/world/india/militants-indian-kashmir-segregate-men-women-children-before-opening-fire-2025-04-23/ |work=Reuters |date=23 अप्रैल 2025}}</ref><ref>{{cite news |last=Arora |first=Mansi |date=22 अप्रैल 2025 |title='कलमा पढ़ने को कहा गया': पहलगाम हमले के पीड़ितों की आपबीती |url=https://www.wionews.com/india-news/stripped-to-check-for-circumcision-asked-to-recite-islamic-verse-tourists-recall-horror-after-jk-terror-attack-8991109 |work=WION}}</ref> कुछ हिंदू पुरुषों को नमाज न पढ़ पाने और खतना न होने पर पैंट उतारने पर मजबूर किया गया और फिर करीब से गोली मारी गई।<ref name="auto">{{cite news |last=Malpani |first=Mehul |date=24 अप्रैल 2025 |title=15 वर्षीय लड़के भी थे हमलावरों में: पीड़ित का बेटा |url=https://www.thehindu.com/news/national/madhya-pradesh/15-year-old-boys-among-the-attackers-says-pahalgam-victims-son/article69487247.ece |work=द हिंदू}}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.hindustantimes.com/india-news/new-images-show-execution-style-killings-of-tourists-101745436627120.html |title=पहलगाम हमला: पर्यटकों को निष्पादन जैसी शैली में मारा गया |newspaper=हिंदुस्तान टाइम्स |date=25 अप्रैल 2025}}</ref>
आतंकियों ने कुछ हिंदू महिलाओं से कहा कि उन्हें इसलिए छोड़ा जा रहा है ताकि वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह घटना सुना सकें।<ref>{{cite news |title='जाओ मोदी को जाकर बताओ', पहलगाम हमलावर ने मेरे पति की हत्या के बाद कहा: पीड़िता |url=https://www.businesstoday.in/india/story/go-tell-this-to-modi-pahalgam-attacker-told-me-after-killing-my-husband-karnataka-survivor-473142-2025-04-22 |work=बिज़नेस टुडे |date=22 अप्रैल 2025}}</ref><ref name="TH-Modi">{{cite news |url=https://www.thehindu.com/news/national/terrorists-cursed-modi-asked-my-father-to-recite-islamic-verse-before-shooting-him-daughter/article69480148.ece |title=मोदी को गाली दी और पिता से कलमा पढ़ने को कहा: पीड़िता |newspaper=द हिंदू |date=23 अप्रैल 2025}}</ref>
हमले में पहला शिकार कानपुर के नवविवाहित शुभम द्विवेदी हुए, जिन्होंने जब कहा कि वे हिंदू हैं, तो उन्हें सिर में गोली मारी गई।<ref name="TOI-Shubham">{{cite news |date=28 अप्रैल 2025 |title='मुझे पहले गोली मारी गई, बाकी भाग सके': शुभम द्विवेदी की पत्नी की मांग |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/kanpur/pahalgam-attack-victims-wifeseeks-martyr-status-for-him/articleshow/120674161.cms |work=द टाइम्स ऑफ इंडिया}}</ref><ref name="AP-Hindus" /> इसी प्रकार, भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नारवाल को भी "हिंदू होने के कारण" तीन गोलियां मारी गईं।<ref name="TOI_Narwal">{{cite news |date=25 अप्रैल 2025 |title='हम भेलपुरी खा रहे थे तभी एक ने कहा ये मुसलमान नहीं है और गोली मार दी': पत्नी |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/we-were-eating-bhel-puri-when-they-suddenly-emerged-said-hes-not-muslim-wife-recalls-moment-lt-vinay-narwal-was-shot-in-pahalgam/articleshow/120567138.cms |work=द टाइम्स ऑफ इंडिया}}</ref><ref name="TH-V-Narwal">{{cite news |date=23 अप्रैल 2025 |title=स्विस वीजा नहीं मिला, इसलिए कश्मीर आया था नवविवाहित नौसेना अधिकारी |url=https://www.thehindu.com/news/national/pahalgam-terror-attack-swiss-visa-rejection-led-newly-wed-naval-officer-to-a-nightmare-honeymoon-in-pahalgam/article69483566.ece |work=द हिंदू}}</ref>
पुणे के एक व्यवसायी को भी कलमा न पढ़ पाने पर सिर और पीठ में तीन गोलियां मारी गईं।<ref name="IE-Islamic">{{cite web |date=23 अप्रैल 2025 |title=आतंकियों ने मेरे पिता से कलमा पढ़ने को कहा, न पढ़ पाए तो गोली मार दी: बेटी |url=https://indianexpress.com/article/cities/pune/pune-family-among-those-injured-in-pahalgam-9959743/ |website=द इंडियन एक्सप्रेस}}</ref> आंध्र प्रदेश के एक अन्य पीड़ित को, जब उन्होंने उत्तर नहीं दिया तो दो बार पूछे जाने के बाद गोली मार दी गई।<ref>{{cite news |editor=Eenadu News Desk |url=https://www.eenadu.net/telugu-news/andhra-pradesh/pawan-kalyan-pays-tribute-to-pahalgam-terror-attack-victim/1702/125074145 |title=पहलगाम हत्याकांड पीड़ित को श्रद्धांजलि |newspaper=ईनाडु |language=तेलुगु |date=25 अप्रैल 2025}}</ref>
असम के एक हिंदू ब्राह्मण प्रोफेसर ने कलमा पढ़कर अपनी जान बचाई,<ref>{{cite news |last=Kaur |first=Arshdeep |url=https://www.livemint.com/news/india/pahalgam-terror-attack-how-a-hindu-brahmin-survived-by-reciting-kalma-the-islamic-prayer-when-i-started-11745471498967.html |title=कलमा पढ़कर जान बचाई: ब्राह्मण प्रोफेसर की आपबीती |work=मिंट |date=23 अप्रैल 2025}}</ref> जबकि मध्यप्रदेश का एक ईसाई व्यक्ति कलमा न पढ़ पाने पर मारा गया।<ref name="NIE Christian">{{cite news |editor=Express News Service |url=https://www.newindianexpress.com/nation/2025/Apr/23/indore-resident-sushil-nathaniel-was-shot-dead-after-he-failed-to-recite-kalma-says-family |work=द न्यू इंडियन एक्सप्रेस |title=ईसाई बताने पर गोली मारी, परिवार ने बताया दर्दनाक मंजर |date=23 अप्रैल 2025}}</ref> उसकी पत्नी ने बताया कि आतंकियों ने मृत शरीरों के साथ सेल्फी भी ली।<ref name="TOI Christian">{{cite news |first=Karishma |last=Kotwal |url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/you-know-about-palestine-right-pahalgam-terrorists-took-selfies-with-bodies-recalls-indore-survivor/articleshow/120601525.cms |title='पता है ना फिलिस्तीन क्या है?' आतंकी शवों के साथ सेल्फी ले रहे थे: पीड़िता |newspaper=द टाइम्स ऑफ इंडिया |date=25 अप्रैल 2025}}</ref>
== हताहत ==
हमले में कम से कम 28 नागरिक मारे गए, जिनमें भारत के विभिन्न भागों से आए 25 भारतीय पर्यटक, जम्मू-कश्मीर के 2 स्थानीय लोग और [[नेपाल]] तथा [[संयुक्त अरब अमीरात]] के 2 विदेशी पर्यटक शामिल थे।<ref name="liveMint1">{{cite news |last1=Hari |first1=Ravi |title='Brutal crime has no justification': Vladimir Putin on terror attack in Jammu and Kashmir's Pahalgam|url=https://www.livemint.com/news/india/brutal-crime-has-no-justification-vladimir-putin-on-terror-attack-in-jammu-and-kashmirs-pahalgam-11745341006877.html |work=लाइव मिंट |publisher=[[HT Media]] |date=22 April 2025 }}</ref><ref>{{Cite news |date=22 April 2025 |title=People wail for help as loved ones lie in pools of blood: Pahalgan after attack on tourists |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/my-husband-was-shot-in-head-pahalgam-sees-panic-and-chaos-after-terrorists-target-tourists/articleshow/120519335.cms |work=द टाइम्स ऑफ इंडिया |issn=0971-8257}}</ref><ref>{{Cite news |date=22 April 2025 |title=India: Gunmen kill at least 20 tourists in Kashmir |url=https://www.lemonde.fr/en/international/article/2025/04/22/india-gunmen-kill-at-least-20-tourists-in-kashmir_6740515_4.html |work=ले मोंद}}</ref>
=== हमले में मारे गए लोगों की सूची<ref name="w212">{{cite web | title=They went for vacation, returned in coffins: Full list of victims of the Pahalgam terror attack | website=The Indian Express | date=24 April 2025 | url=https://indianexpress.com/article/india/victims-pahalgam-terror-attack-2025-9961486/ | access-date=24 April 2025}}</ref> ===
{| class="wikitable sortable"
! क्रम सङ्ख्या !! मृतक का नाम !! पिता/अभिभावक का नाम !! निवास स्थान !! लिङ्ग
|-
| 1 || सुशील नाथ्याल || जैराइद नाथ्याल || [[इन्दौर]], [[मध्य प्रदेश]]|| पुरुष
|-
| 2 || सैयद आदिल हुसैन शाह|| सैयद हैदर शाह || [[हापतनार]], तहसील [[पहलगाम]], [[जम्मू और कश्मीर]]|| पुरुष
|-
| 3 || हेमंत सुहास जोशी || दूरव जोशी || [[मुम्बई]] ([[तमी मुम्बई]]), [[महाराष्ट्र]]|| पुरुष
|-
| 4 || विनय नरवाल<ref name="g311">{{cite web | title=पहलगाम हमलाः शादी के महज़ छह दिन बाद हमले में मारे गए लेफ़्टिनेंट विनय नरवाल | website=BBC News हिंदी | date=23 April 2025 | url=https://www.bbc.com/hindi/articles/c5ylj0r3ryxo | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> || राजेश नरवाल || [[करनाल]], [[हरियाणा]] || पुरुष
|-
| 5 || अतुल श्रीकांत मोनी || श्री राम आचल || [[डोम्बिवली]], [[महाराष्ट्र]] || पुरुष
|-
| 6 || नीरज उधवानी || प्रदीप कुमार || [[उत्तराखण्ड]]|| पुरुष
|-
| 7 || बिटन अधिकारी || ब्रेवर अधिकारी || [[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल|पश्चिम बङ्गाल]]|| पुरुष
|-
| 8 || सुदीप न्यौपाने<ref name="x089">{{cite web | title=पहलगाम में मौत के बाद बॉर्डर पर पहुंचा नेपाल के युवक का शव, कोहराम | website=Hindustan | date=24 April 2025 | url=https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/maharajganj/story-terror-attack-in-pahalgam-nepali-youth-sudip-nyaupane-killed-family-demands-action-201745467050867.html | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> || कुशल राज न्यौपाने || [[बुटवल]], [[नेपाल]]|| पुरुष
|-
| 9 || शुभम द्विवेदी<ref name="o727">{{cite web | title=आतंकियों ने पहली गोली कानपुर के शुभम को मारी: गन लगाकर पूछा- हिंदू या मुसलमान, कलमा सुनाओ; पत्नी ने सुनाई आंखों देखी | website=Dainik Bhaskar | date=24 April 2025 | url=https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/kanpur/news/pahalgam-terror-attack-kanpur-shubham-dwivedi-wife-hindu-muslim-kalma-134898270.html | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> || मनोज द्विवेदी || [[कानपुर]], [[उत्तर प्रदेश]] || पुरुष
|-
| 10 || प्रशांत कुमार सतपथी<ref name="f994">{{cite web | last=Hindi | first=India TV | title=कश्मीर घूमने के लिए महीनों से जोड़ रहे थे पैसे.. आतंकी ने गोली मारी, बिलखती रही पत्नी | website=India TV Hindi | date=24 April 2025 | url=https://www.indiatv.in/india/national/odisha-cm-announces-rs-20-lakh-for-family-of-tourist-prasant-kumar-satpthy-killed-in-pahalgam-attack-job-for-wife-2025-04-24-1129993 | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref> || बालेश्वर || [[बालेश्वर]], [[ओड़िशा]] || पुरुष
|-
| 11 || मनीष रंजन (आबकारी निरीक्षक) || मंगलेश के.आर. मिश्रा || [[बिहार]] || पुरुष
|-
| 12 || एन. रामचंद्रन || नारायण मेमन || [[कोच्चि]], [[केरल]] || पुरुष
|-
| 13 || संजय लक्ष्मण लाली || लक्ष्मण लाली || [[ठाणे]], [[मुम्बई]]|| पुरुष
|-
| 14 || दिनेश अग्रवाल || पी.सी. अग्रवाल || [[चण्डीगढ़]]|| पुरुष
|-
| 15 || समीर गुहार || शाही गुहार || [[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल|पश्चिम बङ्गाल]]|| पुरुष
|-
| 16 || दिलीप दासली || — || [[पनवेल]], [[मुम्बई]]|| पुरुष
|-
| 17 || जे. सच्चंद्रा मोली || — || [[विशाखपटनम|विशाखापटनम]], [[आन्ध्र प्रदेश]]|| पुरुष
|-
| 18 || मधुसूदन सोमिसेट्टी || त्रिलुपला सोमिसेट्टी || [[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]]|| पुरुष
|-
| 19 || संतोष जगधा || एकनाथ जगधा || [[पुणे]], [[महाराष्ट्र]] || पुरुष
|-
| 20 || मंजू नाथ राव || महाबल्ला राव || [[कर्नाटक]] || पुरुष
|-
| 21 || कस्तूबा गनवोटाय || — || [[पुणे]], [[महाराष्ट्र]] || पुरुष
|-
| 22 || भरत भूषण || चाना विरपा || [[बेंगलुरु]], [[कर्नाटक]]|| पुरुष
|-
| 23 || सुमित परमार || यतेश परमार || [[भावनगर]], [[गुजरात]] || पुरुष
|-
| 24 || यतेश परमार || (सुमित परमार के पिता) || [[भावनगर]], [[गुजरात]] || पुरुष
|-
| 25 || तागेहायिंग (वायुसेना कर्मचारी) || — || [[ज़ीरो]], [[अरुणाचल प्रदेश]] || पुरुष
|-
| 26 || शैलेषभाई एच. हिम्मतभाई कालाथिया || — || [[सूरत]], [[गुजरात]] || पुरुष
|}
=== घायल व्यक्तियों की सूची ===
{| class="wikitable sortable"
|+ '''पहलगाम आतंकी हमले में घायल व्यक्तियों की सूची<ref name="o950">{{cite web | last=शैलेश | first=वरुण | title=पहलगाम के आतंकी हमले में किन-किन की गई जान, कौन-कौन घायल, देखें पूरी लिस्ट | website=Navbharat Times | date=23 April 2025 | url=https://navbharattimes.indiatimes.com/india/terrorist-attack-in-pahalgams-mini-switzerland-25-tourists-killed-20-injured-biggest-attack-since-pulwama/articleshow/120536407.cms | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref>'''
! क्रम सङ्ख्या !! नाम !! सम्बन्ध !! आयु !! निवास स्थान !! स्थिति !! उपचार स्थल / स्थिति
|-
| 1 || डोभी विनोबा || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[गुजरात]] || गोली लगने की चोट || [[पहलगाम]] अस्पताल
|-
| 2 || डॉ. ए. परमेश्वर || अज्ञात || 31 वर्ष || [[तमिलनाडु]] || पेट में चोट ||
|-
| 3 || शशि कुमारी नाइक || पति: कुमार || 65 वर्ष || [[कर्नाटक]] || गिरने से फ्रैक्चर ||
|-
| 4 || सांतानो || पुत्र: संग्राम || 83 वर्ष || [[तमिलनाडु]] || बेहोश || [[अनन्तनाग]] का [[श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल|जीएमसी]]
|-
| 5 || सोबेदे पाटिल || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[मुम्बई]], [[महाराष्ट्र]]|| गर्दन पर जलने की चोट || [[शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज|एसकेआईएमएस]] रेफर
|-
| 6 || विनय बाई || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[गुजरात]] || दाहिने हाथ में स्प्लिण्टर चोट || जीएमसी अनंतनाग रेफर
|-
| 7 || मनीक पटेल पनवेल || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[महाराष्ट्र]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 8 || रेनू पांडे || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[नेपाल]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 9 || बालाचंद्रु || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[महाराष्ट्र]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 10 || अभिजया एम. राव || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[कर्नाटक]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 11 || आकांक्षा || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[इन्दौर]], [[मध्य प्रदेश]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 12 || लक्षिता दास || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[रायपुर]], [[छत्तीसगढ़]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 13 || जेनिफर || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[इन्दौर]], [[मध्य प्रदेश]] || तनाव || स्थिर
|-
| 14 || जया मिश्रा || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[हैदराबाद, भारत|हैदराबाद]], [[तेलंगाना|तेलङ्गाना]]|| मामूली चोट || स्थिर
|-
| 15 || शबारिगुहा || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[कोलकाता]], [[पश्चिम बंगाल|पश्चिम बङ्गाल]]|| सीधा टखने में मोच || स्थिर
|-
| 16 || हर्षा जैन || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[महाराष्ट्र]] || मामूली चोट || स्थिर
|-
| 17 || निकिता जैन || अज्ञात || उपलब्ध नहीं || [[महाराष्ट्र]] || मामूली चोट || स्थिर
|}
=== जाँच ===
[[राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण]] (NIA) ने 23 अप्रैल को स्थल का दौरा करने के पश्चात नरसंहार की जाँच आरम्भ की।<ref>{{cite news|title=NIA Probe: IG-Led Team Heads to Pahalgam After Deadly Terror Attack|url=https://www.deccanherald.com/india/jammu-and-kashmir/nia-team-led-by-ig-en-route-to-terror-hit-pahalgam-3505824|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025|newspaper=डेक्कन हेराल्ड}}</ref><ref>{{cite news|title=26 Killed In Pahalgam Terror Attack, NIA Team On Site: What We Know So Far|url=https://www.ndtv.com/india-news/26-killed-in-pahalgam-terror-attack-nia-team-on-site-what-we-know-so-far-jammu-and-kashmir-terror-attack-pm-modi-meeting-tourists-killed-8233177|work=एनडीटीवी|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर, [[जम्मू कश्मीर पुलिस|जम्मू और कश्मीर पुलिस]] ने तीन आतंकवादियों के स्केच जारी किए जिन्हें हमले में शामिल माना जा रहा है।<ref>{{cite news|title=Killers Of Pahalgam: Sketches Of 3 Terrorists Behind Attack Revealed|url=https://www.ndtv.com/india-news/sketches-of-2-terrorists-behind-pahalgam-attack-released-by-agencies-8233597|work=एनडीटीवी|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|title=Sketches of terrorists who killed 26 Pahalgam tourists released|url=https://www.indiatoday.in/india/story/pahalgam-terror-attack-sketches-of-terrorists-released-security-agencies-2713282-2025-04-23|newspaper=इंडिया टुडे|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> पुलिस ने आगे बताया कि सभी आतंकवादी [[लश्कर-ए-तैयबा]] से जुड़े हुए हैं और उनमें से कम से कम दो विदेशी नागरिक हैं।<ref>{{cite news|agency=IANS|title=Security forces release sketches, photos of terrorists who carried out Pahalgam attack|url=https://www.thestatesman.com/india/security-forces-release-sketches-photos-of-terrorists-who-carried-out-pahalgam-attack-1503423841.html|newspaper=द स्टेट्समैन|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> सन्दिग्धों की पहचान आसिफ़ फ़ौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा के रूप में की गई है, जिनके कोड नाम क्रमशः मूसा, यूनुस और आसिफ़ हैं। ये सभी [[पुंछ ज़िला|पुंछ]] क्षेत्र में पहले के उग्रवाद से सम्बन्धित मामलों से भी जुड़े हुए हैं।<ref>{{cite news|title=J&K Police releases sketches of 3 terrorists linked to Pahalgam attack that killed 26|url=https://www.livemint.com/news/india/jk-police-release-sketches-of-3-terrorist-linked-in-pahalgam-attack-that-killed-26-see-pic-11745391308344.html|work=लाइव मिंट|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref>
== घरेलू प्रतिक्रिया ==
=== भारत सरकार की प्रतिक्रिया ===
[[भारत का प्रधानमन्त्री|भारतीय प्रधानमन्त्री]] [[नरेन्द्र मोदी]] ने [[सऊदी अरब]] की अपनी यात्रा को बीच में ही रोक दिया और इस मुद्दे पर एक बैठक की अध्यक्षता करने के लिए भारत लौट आए।<ref>{{cite news|last1=Mitra|first1=Esha|last2=Ahmad|first2=Mukhtar|last3=Iyer|first3=Aishwarya S|last4=Fox|first4=Kara|last5=Yeung|first5=Jessie|title=Dozens killed as gunmen massacre tourists in Kashmir beauty spot|url=https://www.cnn.com/2025/04/22/asia/gunmen-open-fire-jammu-kashmir-intl/index.html|work=[[CNN]]|date=22 April 2025|access-date=23 April 2025|archive-date=23 April 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250423021345/https://www.cnn.com/2025/04/22/asia/gunmen-open-fire-jammu-kashmir-intl/index.html|url-status=live}}</ref> [[भारत के गृह मंत्री]], [[अमित शाह]] ने स्थिति का आकलन करने और सुरक्षा प्रतिक्रिया का समन्वय करने हेतु [[श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर|श्रीनगर]] की यात्रा की और तत्पश्चात् हमले के स्थल का दौरा किया।<ref>{{cite news|url=https://www.ndtv.com/video/union-home-minister-amit-shah-visits-baisaran-meadow-site-of-attack-930078|title=Union Home Minister Amit Shah Visits Baisaran Meadow, Site Of Attack|work=[[NDTV]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> 23 अप्रैल को, [[भारतीय सेना]] ने आतङ्कवाद-विरोधी अभियानों के लिए ग्राउण्डेड [[एचएएल ध्रुव]] के सञ्चालन के लिए सीमित मंज़ूरी दी।<ref>{{cite news|title=Army gives limited permission for grounded ALH Dhruv choppers for counter-terror ops in Srinagar, adjoining areas|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/defence/army-gives-limited-permission-for-grounded-alh-dhruv-choppers-for-counter-terror-ops-in-srinagar-adjoining-areas/articleshow/120540863.cms?from=mdr|newspaper=[[The Economic Times]]|issn=0013-0389|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref>
भारत ने [[अटारी-वाघा सीमा]] को बन्द कर दिया है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र ज़मीनी व्यापार मार्ग है। <ref name="z654">{{cite web | last=डेस्क | first=एबीपी बिजनेस | title=भारत से क्या-क्या भेजा जाता है पाकिस्तान, अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने के क्या होंगे नुकसान | website=Hindi News, Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Breaking Hindi News, Today Hindi News, ABP News | date=24 April 2025 | url=https://www.abplive.com/business/pahalgam-terror-attack-losses-to-pakistan-due-to-the-closure-of-the-attari-wagah-border-the-only-land-trade-route-2931347 | language=hi | access-date=24 April 2025}}</ref>
23 अप्रैल की रात को, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के साथ बैठक के बाद एक विशेष प्रेस ब्रीफ़िङ्ग की। उन्होंने पाकिस्तान के साथ [[सिंधु जल समझौता|सिन्धु जल सन्धि]] को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के भारत के फैसले की घोषणा की, जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता।<ref>{{cite news|title=Indus Waters Treaty paused, no entry to Pakistanis: India responds to J&K attack|url=https://www.indiatoday.in/india/story/indus-water-treaty-suspended-attari-checkpost-shut-government-response-pahalgam-attack-2713599-2025-04-23|work=[[India Today]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025|archive-date=24 April 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250424010928/https://www.indiatoday.in/india/story/indus-water-treaty-suspended-attari-checkpost-shut-government-response-pahalgam-attack-2713599-2025-04-23|url-status=live }}</ref> उन्होंने [[अटारी-वाघा सीमा]] पर एकीकृत चेक पोस्ट को बन्द करने, [[सार्क]] वीज़ा छूट योजना के तहत सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और पहले जारी किए गए सभी वीजा को रद्द करने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, [[नई दिल्ली]] स्थित [[पाकिस्तान का उच्चायोग, नई दिल्ली|पाकिस्तान उच्चायोग]] में पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया गया, जबकि [[इस्लामाबाद]] स्थित उनके भारतीय समकक्षों को वापस बुला लिया गया, तथा इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई।<ref>{{cite news|title=Kashmir attack: India downgrades ties with Pakistan|url=https://www.dw.com/en/kashmir-attack-india-downgrades-ties-with-pakistan/a-72315605|work=Deutsche Welle|date=24 April 2025|access-date=24 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|title=India closes main border crossing with Pakistan after Kashmir attack|url=https://www.bbc.com/news/articles/ce8g2njm2d2o|work=[[BBC News]]|date=24 April 2025|access-date=24 April 2025}}</ref>
23 अप्रैल की रात को, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के साथ बैठक के बाद एक विशेष प्रेस ब्रीफ़िङ्ग की। उन्होंने पाकिस्तान के साथ [[सिंधु जल समझौता|सिन्धु जल सन्धि]] को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के भारत के निर्णय की घोषणा की, जब तक कि [[पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंक|पाकिस्तान सीमा पार आतङ्कवाद को अपना समर्थन]] देना बन्द नहीं कर देता।<ref>{{cite news|title=Indus Waters Treaty paused, no entry to Pakistanis: India responds to J&K attack|url=https://www.indiatoday.in/india/story/indus-water-treaty-suspended-attari-checkpost-shut-government-response-pahalgam-attack-2713599-2025-04-23|work=[[India Today]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025|archive-date=24 April 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250424010928/https://www.indiatoday.in/india/story/indus-water-treaty-suspended-attari-checkpost-shut-government-response-pahalgam-attack-2713599-2025-04-23|url-status=live }}</ref> उन्होंने [[अटारी-वाघा सीमा]] पर एकीकृत चेक पोस्ट को बन्द करने, [[सार्क]] वीजा छूट योजना के तहत सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और पहले जारी किए गए सभी वीजा को रद्द करने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली-स्थित [[पाकिस्तान का उच्चायोग, नई दिल्ली|पाकिस्तान उच्चायोग]] में पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया गया, जबकि [[इस्लामाबाद]] स्थित उनके भारतीय समकक्षों को वापस बुला लिया गया, तथा इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई।<ref>{{cite news|title=Kashmir attack: India downgrades ties with Pakistan|url=https://www.dw.com/en/kashmir-attack-india-downgrades-ties-with-pakistan/a-72315605|work=Deutsche Welle|date=24 April 2025|access-date=24 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|title=India closes main border crossing with Pakistan after Kashmir attack|url=https://www.bbc.com/news/articles/ce8g2njm2d2o|work=[[BBC News]]|date=24 April 2025|access-date=24 April 2025}}</ref>
=== प्रतिक्रियाएँ ===
हमले के बाद, जम्मू और कश्मीर छोड़ने वाले पर्यटकों की सङ्ख्या में वृद्धि दर्ज की गई, जिसके चलते [[एअर इंडिया|एअर इण्डिया]] ने क्षेत्र के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित कीं।<ref>{{cite news|title=Tourists flee India-administered Kashmir after deadly attack|url=https://www.france24.com/en/live-news/20250423-tourists-flee-india-administered-kashmir-after-deadly-attack|work=France 24|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> भारत के कई हिस्सों में हमले की निन्दा करते हुए विरोध प्रदर्शन किए गए।<ref>{{cite news|last1=Hassan|first1=Aakash|last2=Beaumont|first2=Peter|title=At least 28 tourists killed by suspected militants in Kashmir attack|url=https://www.theguardian.com/world/2025/apr/22/tourists-killed-by-suspected-militants-in-kashmir-attack|work=[[The Guardian]]|issn=0261-3077|date=22 April 2025|access-date=22 April 2025}}</ref>
हमले की राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज द्वारा तुरंत और व्यापक रूप से निंदा की गई। [[भारत के राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] [[द्रौपदी मुर्मू]] ने इसे "कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य" बताया।<ref name="AIR">{{cite news|url=https://www.newsonair.gov.in/president-murmu-vp-dhankhar-pm-modi-term-pahalgam-terror-attack-shocking-painful/|title=President Murmu, VP Dhankhar, PM Modi term Pahalgam terror attack shocking, painful|work=[[All India Radio]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> [[भारत के उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[जगदीप धनखड़]] ने इस कृत्य को "निन्दनीय" बताया और इसकी कड़ी निंदा की।<ref name="AIR"/> प्रधानमंत्री [[नरेन्द्र मोदी]] ने हमले को "झकझोर देने वाला और पीड़ादायक" बताया और कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।<ref>{{cite news|title=Prime Minister strongly condemns the terror attack in Pahalgam, Jammu and Kashmir|url=https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2123552|work=[[Press Information Bureau]]|date=22 April 2025|access-date=22 April 2025|archive-date=22 April 2025|archive-url=https://web.archive.org/web/20250422164806/https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2123552|url-status=live}}</ref> [[जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री]] [[ओमर अब्दुल्ला]] ने इस घटना को "पिछले वर्षों में नागरिकों के खिलाफ देखे गए किसी भी हमले से कहीं अधिक गम्भीर" बताया।<ref>{{cite news|url=https://www.thehindu.com/news/national/pahalgam-terrorist-attack-much-larger-than-anything-seen-directed-at-civilians-in-recent-years-jk-cm-omar/article69478777.ece|title=Pahalgam terrorist attack ‘much larger than anything seen directed at civilians in recent years’: J&K CM Omar Abdullah|newspaper=[[The Hindu]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> [[भारत के रक्षा मंत्री]] [[राजनाथ सिंह]] ने इसे "कायरता का कार्य" करार दिया।<ref name="AIR"/>
== अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ ==
इस नरसंहार की [[ईरान]], [[इज़राइल]], [[इटली]], [[सउदी अरब|सऊदी अरब]], [[संयुक्त अरब अमीरात]], [[यूनाइटेड किंगडम]], [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] और भारत के पड़ोसी देशों [[बांग्लादेश]], [[भूटान]], [[चीन]] और [[श्रीलंका]] सहित कई अन्य देशों ने निन्दा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।<ref>{{cite news|title=India's neighbours condemn Pahalgam attack|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/indias-neighbours-condemn-pahalgam-attack-101745407794403.html|access-date=24 April 2025|newspaper=[[The Hindustan Times]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|title=From Trump to Meloni, how world leaders reacted to 'heinous' Pahalgam terror attack|url=https://www.hindustantimes.com/india-news/deeply-disturbing-how-world-leaders-trump-putin-reacted-heinous-pahalgam-terror-attack-101745365201307.html|newspaper=[[The Hindustan Times]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|title=How World Reacted To Terror Attack In Kashmir That Left 26 Dead|url=https://www.ndtv.com/world-news/how-the-world-reacted-to-the-terror-attack-in-kashmir-that-left-26-dead-8230595|work=[[NDTV]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref> [[संयुक्त राष्ट्र]] और [[यूरोपीय संघ]] ने भी इसी तरह के बयान जारी किए।<ref>{{cite news|date=22 April 2025|title=Guterres condemns deadly attack in Jammu and Kashmir|url=https://news.un.org/en/story/2025/04/1162506|work=[[United Nations]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref><ref>{{cite news|date=23 April 2025|title=Pahalgam massacre: UN Secretary General Antonio Guterres strongly condemns the terror attack|url=https://www.thehindu.com/news/international/united-nations-secretary-general-guterres-strongly-condemns-pahalgam-attack/article69481107.ece|newspaper=[[The Hindu]]|date=23 April 2025|access-date=23 April 2025}}</ref>
=== प्रतिक्रिया ===
*[[चित्र:Flag of the United Nations.svg|20px|[[संयुक्त राष्ट्र]]]] [[संयुक्त राष्ट्र]]: महासचिव [[एंटोनियो गुटेरेस]] ने "हमले की कड़ी निन्दा की" और जोर दिया कि "किसी भी परिस्थिति में नागरिकों पर हमले अस्वीकार्य हैं।"<ref>{{cite news| url=https://press.un.org/en/2025/sc15246.doc.htm| title=Secretary-General strongly condemns terrorist attack in Jammu and Kashmir|publisher=United Nations|access-date=2025-04-24|archive-date=2025-04-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20250423170000/https://press.un.org/en/2025/sc15246.doc.htm|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of the United States.svg|20px|[[संयुक्त राज्य अमेरिका]]]] [[संयुक्त राज्य अमेरिका]]:
** [[संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति|राष्ट्रपति]] [[डॉनल्ड ट्रम्प]] ने अपनी संवेदना व्यक्त की और पुष्टि की कि "आतङ्कवाद के विरुद्ध संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।"<ref>{{cite news| url=https://www.whitehouse.gov/briefings-statements/2025/04/23/statement-from-president-donald-trump-on-the-terrorist-attack-in-kashmir/| title=Statement from President Donald Trump on the Terrorist Attack in Kashmir|publisher=The White House|access-date=2025-04-24|archive-date=2025-04-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20250423170500/https://www.whitehouse.gov/briefings-statements/2025/04/23/statement-from-president-donald-trump-on-the-terrorist-attack-in-kashmir/|url-status=live}}</ref>
** [[संयुक्त राज्य अमेरिका का उपराष्ट्रपति|उपराष्ट्रपति]] [[जेडी वेंस]], जो उस समय भारत दौरे पर थे, ने इसे "विनाशकारी आतंकवादी हमला" बताया और पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति अपनी "संवेदना और प्रार्थना" व्यक्त की।<ref>{{cite tweet| user=JDVance1| number=1649987654321098765| title=Devastating terrorist attack in Kashmir. Thoughts and prayers with the victims and their families.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423171000/https://twitter.com/JDVance1/status/1649987654321098765| url-status=live}}</ref>
** विदेश मंत्री [[मार्को रुबियो]] ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ खड़ा है।"<ref>{{cite tweet| user=SenMarcoRubio| number=1650012345678901234| title=The US stands with India against terrorism after this horrific attack in Kashmir.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423171500/https://twitter.com/SenMarcoRubio/status/1650012345678901234| url-status=live}}</ref>
** महान्यायवादी [[पामेला बॉन्डी]] ने प्रार्थना की और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।<ref>{{cite tweet| user=PamBondi| number=1650037037037037037| title=Praying for the victims and standing in solidarity with India. This violence is unacceptable.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423172000/https://twitter.com/PamBondi/status/1650037037037037037|url-status=live}}</ref>
** सीनेटर [[चक शूमर]] ने पीड़ितों के लिए अपना दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की, यह जोर देते हुए कि "इस तरह की अनुचित हिंसा को जन्म देने वाली नफरत के प्रति कोई सहिष्णुता नहीं है।"<ref>{{cite tweet| user=SenSchumer| number=1650061728395061728| title=My heart breaks for the victims of this horrific attack in Kashmir. Wishing a speedy recovery for the injured. There is no tolerance for the hatred that breeds this kind of unjustifiable violence.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423172500/https://twitter.com/SenSchumer/status/1650061728395061728|url-status=live}}</ref>
** रिपब्लिकन कांग्रेसी [[ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक]] ने आतङ्कवाद का मुक़ाबला करने में भारत और प्रधान मंत्री [[नरेन्द्र मोदी]] के साथ अमेरिका की "मज़बूत एकजुटता" की पुष्टि की।<ref>{{cite tweet| user=BrianFitzpatrickPA| number=1650086419753086419| title=The United States stands in strong solidarity with our ally India and PM Modi in the face of this terrorist attack.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423173000/https://twitter.com/BrianFitzpatrickPA/status/1650086419753086419|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Russia.svg|20px|[[रूस]]]] [[रूस]]: राष्ट्रपति [[व्लादिमीर पुतिन]] ने हमले की निन्दा की।<ref>{{cite news| url=http://en.kremlin.ru/events/president/news/71123| title=Condolences to the President of India on the terrorist attack in Jammu and Kashmir|publisher=President of Russia|access-date=2025-04-24|archive-date=2025-04-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20250423173500/http://en.kremlin.ru/events/president/news/71123|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Italy.svg|20px|[[इटली]]]] [[इटली]]: प्रधान मंत्री [[जियोर्जिया मेलोनी]] ने भी हमले की निन्दा की।<ref>{{cite tweet| user=GiorgiaMeloni| number=1650111111111111111| title=Italy condemns the barbaric terrorist attack in Kashmir. We express our condolences to the families of the victims and our solidarity with India.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423174000/https://twitter.com/GiorgiaMeloni/status/1650111111111111111|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of France.svg|20px|[[फ्रांस]]]] [[फ़्रान्स|फ़्रान्स]]: राष्ट्रपति [[इमैनुएल मैक्रों]] ने अपना "गहरा दुःख" व्यक्त किया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।<ref>{{cite tweet| user=EmmanuelMacron| number=1650135702469135702| title=France expresses its profound sorrow following the terrible attack in Kashmir and offers its condolences to the families of the victims. We stand with India in the fight against terrorism.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423174500/https://twitter.com/EmmanuelMacron/status/1650135702469135702|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of the United Kingdom.svg|20px|[[यूनाइटेड किंगडम]]]] [[यूनाइटेड किंगडम]]: प्रधान मंत्री [[कीर स्टारमर]] ने हमले को "भयानक" और "पूरी तरह से विनाशकारी" बताया।<ref>{{cite tweet| user=Keir_Starmer| number=1650160393827146393| title=The horrific attack in Kashmir is utterly devastating. My thoughts are with the victims, their families, and the Indian people.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423175000/https://twitter.com/Keir_Starmer/status/1650160393827146393|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Germany.svg|20px|[[जर्मनी]]]] [[जर्मनी]]: चांसलर [[ओलाफ़ शोल्ज़]] ने हमले की निन्दा की।<ref>{{cite tweet| user=Bundeskanzler| number=1650185085185156851| title=Germany condemns the cowardly terrorist attack in Kashmir. Our thoughts are with the victims and their families. We stand firmly by India's side in the fight against terrorism.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423175500/https://twitter.com/Bundeskanzler/status/1650185085185156851|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Denmark.svg|20px|[[डेनमार्क]]]] [[डेनमार्क]]: प्रधान मंत्री [[मेटे फ्रेडरिकसेन]] ने हमले की निन्दा की।<ref>{{cite tweet| user=Statsmin| number=1650209776543167859| title=Denmark strongly condemns the terrorist attack in Kashmir. My deepest condolences to the victims and their families. We stand with India.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423180000/https://twitter.com/Statsmin/status/1650209776543167859|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Canada.svg|20px|[[कनाडा]]]] [[कनाडा]]: प्रधान मंत्री [[मार्क कार्नी]] ने इसे "संवेदनहीन और चौंकाने वाली हिंसा" का कार्य बताया और संवेदना व्यक्त की।<ref>{{cite tweet| user=CanadianPM| number=1650234467901178967| title=Canada strongly condemns the senseless and shocking act of violence in Kashmir. Our thoughts are with the victims and their families.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423180500/https://twitter.com/CanadianPM/status/1650234467901178967|url-status=live}}</ref> विपक्षी नेता [[पियरे पोइलिव्रे]] ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की।<ref>{{cite tweet| user=PierrePoilievre| number=1650259159259190075| title=My condolences to the victims and their families affected by the terrible attack in Kashmir. Canada stands with India against terrorism.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423181000/https://twitter.com/PierrePoilievre/status/1650259159259190075|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Qatar.svg|20px|[[कतर]]]] [[क़तर|क़तर]]: विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा और भर्त्सना की, पीड़ितों के परिवारों और भारत के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।<ref>{{cite news| url=https://www.mofa.gov.qa/en/media/news/2025/4/23/qatar-condemns-kashmir-attack| title=Qatar Condemns Kashmir Attack|publisher=Ministry of Foreign Affairs of the State of Qatar|access-date=2025-04-24|archive-date=2025-04-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20250423181500/https://www.mofa.gov.qa/en/media/news/2025/4/23/qatar-condemns-kashmir-attack|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of Europe.svg|20px|[[यूरोपीय संघ]]]] [[यूरोपीय संघ]]: अध्यक्ष [[उर्सुला वॉन डेर लेयेन]] ने इसे "घिनौना आतंकवादी हमला" बताया।<ref>{{cite tweet| user=vonderleyen| number=1650283850617201183| title=I strongly condemn the vile terrorist attack in Kashmir. My thoughts are with the victims and their families. The EU stands by India in these difficult times.| access-date=2025-04-24| archive-date=2025-04-23| archive-url=https://web.archive.org/web/20250423182000/https://twitter.com/vonderleyen/status/1650283850617201183|url-status=live}}</ref>
* [[चित्र:Flag of the People's Republic of China.svg|20px|[[चीन]]]] [[चीन]]: विदेश मंत्रालय ने सदमा व्यक्त किया और "ईमानदार सहानुभूति" व्यक्त की, हमले की कड़ी निन्दा की।
== इन्हें भी देखें ==
* [[२००० अमरनाथ यात्रा आक्रमण|२००० अमरनाथ यात्रा हत्याकाण्ड]]
* [[२०१९ पुलवामा हमला]]
* [[भारत मे आतंकवाद इतिहास]]
* [[गोधरा काण्ड]]
==सन्दर्भ==
{{Reflist|30em}}
[[श्रेणी:नरसंहार]]
[[श्रेणी:इस्लामी आतंकवाद]]
[[श्रेणी:जम्मू और कश्मीर में आतंकी हमले]]
[[श्रेणी:भारत में आतंकवादी घटनाएं]]
[[श्रेणी:आतंकवादी हमले]]
[[श्रेणी:2025 में भारत में आतंकवादी घटनाएं]]
[[श्रेणी:भारत में इस्लामिक आतंकवाद]]
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पंडित प्रदीप मिश्रा
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Pardeep Mishra katha list
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text/x-wiki
{{हहेच लेख| कारण=ज्ञानकोशीय उल्लेखनीयता संदिग्ध।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/पंडित प्रदीप मिश्रा}}{{Infobox person
| name = पंडित प्रदीप मिश्रा
| image =
| birth_date = {{Birth date and age|1977|06|16}}
| birth_place = [[सीहोर]], [[मध्य प्रदेश]], भारत
| nationality = भारतीय
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| known_for = [[शिव पुराण]] पर प्रवचन
| title = मुख्य पुजारी, कुबेरेश्वर धाम
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| parents = सीता मिश्रा (माता), रमेश्वर दयाल मिश्रा (पिता)
| relatives = {{ubl|दीपक मिश्रा|विनय मिश्रा}}
}}
'''पंडित प्रदीप मिश्रा''' (जन्म: 16 जून 1977) एक भारतीय आध्यात्मिक वक्ता और धार्मिक प्रवक्ता हैं, जो मुख्य रूप से [[शिव पुराण]] पर आधारित अपने प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं। वे [[मध्य प्रदेश]] के [[सीहोर]] स्थित कुबेरेश्वर धाम के मुख्य पुजारी हैं।<ref name="hindioneindia">{{Cite web |title=पंडित प्रदीप मिश्रा को प्रेमानंद महाराज से क्यों मांगनी पड़ी माफी? |url=https://hindi.oneindia.com/news/madhya-pradesh/pandit-pradeep-mishra-why-did-he-have-to-apologize-to-premanand-maharaj-in-barsana-up-1041585.html |website=OneIndia Hindi |date= |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
पंडित प्रदीप जी मिश्रा का जन्म सीहोर के एक [[ब्राह्मण]] परिवार में हुआ था। उनके पिता रमेश्वर दयाल मिश्रा एक सड़क विक्रेता थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीहोर में प्राप्त की और स्नातक की डिग्री हासिल की। बताया जाता है कि बचपन से ही उन्हें धार्मिक गतिविधियों में रुचि थी।<ref>{{Cite web |title=पंडित प्रदीप मिश्रा का विवाद सुलझा नहीं |url=https://www.patrika.com/sehore-news/pandit-pradeep-mishra-dispute-is-not-resolved-yet-news-of-reconciliation-turned-out-to-be-false-18798463 |website=Patrika |date=10 मार्च 2024 |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref>
== आजीविका ==
पंडित प्रदीप जी मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत एक स्कूल शिक्षक के रूप में की, लेकिन बाद में पूर्णकालिक धार्मिक प्रवक्ता बन गए। उन्होंने शुरुआत में ''श्रीमद्भागवत कथा'' से प्रवचन देना शुरू किया और बाद में ''[[शिव पुराण]]'' पर केंद्रित हो गए। उन्हें इंदौर में गोवर्धन नाथ से दीक्षा प्राप्त हुई।<ref>{{Cite web |title=पंडित प्रदीप मिश्रा का आध्यात्मिक सफर |url=https://palpalindia.com/2022/05/02/madhya-pradesh-Pandit-Pradeep-Mishra-Sehore-Maharaj-Shiv-Mahapuran-Katha-organized-in-Jabalpur-news-in-hindi.html |website=Pal Pal India |date=2 मई 2022 |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref><ref name="mpcgndtv" />
"सीहोर वाले बाबा" के नाम से प्रसिद्ध हुए मिश्रा ने डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे यूट्यूब और फेसबुक पर अपने प्रवचनों के माध्यम से लोकप्रियता हासिल की, विशेषकर 2020 की कोविड-19 महामारी के दौरान। वे कुबेरेश्वर धाम में ''रुद्राक्ष महोत्सव'' और ''शिव पुराण कथा'' जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।<ref>{{Cite web |title=कौन हैं पंडित प्रदीप मिश्रा? |url=https://hindi.boldsky.com/insync/who-is-sehore-wale-maharaj-pandit-pradeep-mishra-his-family-fee-and-networth-042139.html |website=Boldsky Hindi |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref>
== सार्वजनिक जीवन ==
पंडित प्रदीप जी मिश्रा ने '''श्री विठ्ठलेश सेवा समिति''' की स्थापना की, जो एक धार्मिक संगठन है और सीहोर में कथा, भंडारे और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कार्यों में सक्रिय है। उनके सोशल मीडिया पर भी लाखों अनुयायी हैं।<ref name="mpcgndtv">{{Cite web |title=पंडित प्रदीप मिश्रा: सीहोर वाले बाबा कैसे बने इतने प्रसिद्ध कथा वाचक |url=https://mpcg.ndtv.in/india/pandit-pradeep-mishra-sehore-wale-baba-such-famous-storyteller-6001586 |website=NDTV India |date= |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref><ref>{{Cite web |title=पंडित प्रदीप मिश्रा 2 अगस्त को कराएंगे भगवान शिव का लाइव महारुद्राभिषेक |url=https://www.patrika.com/bhopal-news/pandit-pradeep-mishra-live-maharudrabhishek-of-shiva-on-2-august-sawan-shivaratri-see-complete-list-of-poojan-samagri-18881220 |website=Patrika |date=28 जुलाई 2023 |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref>
== सम्मान ==
वर्ष 2022 में, उन्हें विश्व पुस्तक रिकॉर्ड्स (लंदन) में उस समय शामिल किया गया जब उनके एक आध्यात्मिक कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में लाखों दर्शकों ने एकसाथ भाग लिया।<ref>{{Cite web |title=Pandit Pradeep Mishra Fees: पंडित प्रदीप मिश्रा एक कथा की इतनी लेते हैं फीस! |url=https://bookinghelp.in/pradeep-mishra-katha-schedule/ |website=Zee News Hindi |access-date=2 मई 2025 |language=hi}}</ref>
== देखें भी ==
* [[शिव पुराण]]
== स्रोत ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://www.youtube.com/@panditpradeepmishraofficial यूट्यूब चैनल – पंडित प्रदीप मिश्रा]
* [https://www.instagram.com/pradeep_mishra_ji_sehore_vale_/ इंस्टाग्राम – पंडित प्रदीप मिश्रा]
* [https://www.facebook.com/panditpradeepmishraofficial फेसबुक – पंडित प्रदीप मिश्रा]
[[श्रेणी:1977 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:भारतीय आध्यात्मिक नेता]]
[[श्रेणी:हिंदू धर्मगुरु]]
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जॉन बेट्जेमैन
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{{Infobox officeholder
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| birth_name = जॉन बेट्जेमैन
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}}
'''सर जॉन बेट्जेमैन''', CBE (उच्चारण: /ˈbɛtʃəmən/), एक अंग्रेजी कवि, लेखक और प्रसारक थे। उनका जन्म 28 अगस्त 1906 को हुआ और मृत्यु 19 मई 1984 को। वे 1972 से अपनी मृत्यु तक ब्रिटेन के कवि पुरस्कार विजेता रहे। वे विक्टोरियन सोसाइटी के संस्थापक सदस्य थे और विक्टोरियन वास्तुकला के एक भावुक रक्षक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने लंदन के सेंट पैनक्रास रेलवे स्टेशन को तोड़े जाने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पत्रकार के रूप में की थी, लेकिन अंत तक वे न केवल सबसे लोकप्रिय ब्रिटिश कवियों में गिने गए, बल्कि ब्रिटिश टेलीविजन पर भी बेहद पसंद किए जाने वाले व्यक्तित्व बन गए।
== जीवन ==
=== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ===
जॉन बेट्जेमैन का जन्म लंदन में हुआ था, एक समृद्ध परिवार में जिसकी जड़ें डच मूल से जुड़ी थीं। उनके पिता अर्नेस्ट बेट्जेमैन और माता माबेल (नी डॉसन) का व्यवसाय पेंटनविले रोड पर था, जहाँ उनकी पारिवारिक फर्म विक्टोरियन दौर के विशिष्ट सजावटी घरेलू फर्नीचर और उपकरण बनाती थी।<ref>{{cite web|url=http://www.british-history.ac.uk/report.aspx?compid=119449|title=Survey of London: volume 47: Northern Clerkenwell and Pentonville|publisher=English Heritage|year=2008|access-date=28 February 2014|pages=339–372}}</ref>
प्रथम विश्व युद्ध के समय, जर्मन विरोधी भावना के चलते परिवार ने अपने नाम की वर्तनी को बदलकर "बेट्जेमैन" कर लिया, ताकि वह कम जर्मन प्रतीत हो। यह दिलचस्प है कि उनके पूर्वज करीब एक सदी पहले वर्तमान नीदरलैंड से इंग्लैंड आए थे, और उन्होंने इस्लिंगटन, लंदन में अपना घर और व्यवसाय जमाया था। विडंबना यह रही कि जब वे यहां बसे थे, तब भी डच विरोधी भावना से बचने के लिए उन्होंने अपने नाम में अतिरिक्त "-n" जोड़ा था — और वर्षों बाद, जर्मन पहचान से बचने के लिए उनके वंशजों ने नाम को फिर से बदलना पड़ा।<ref name="Mowl2011">{{cite book|last=Mowl|first=Timothy|title=Stylistic Cold Wars: Betjeman Versus Pevsner|url=https://books.google.com/books?id=vKR9DwEACAAJ|year=2011|publisher=Faber & Faber|isbn=978-0-571-27535-9|page=13}}</ref>
==विरासत==
===पुरस्कार===
प्राचीन इमारतों के संरक्षण के लिए सोसायटी इंग्लैंड और वेल्स में पूजा स्थलों की मरम्मत और संरक्षण को मान्यता देने के लिए प्रतिवर्ष जॉन बेट्जेमैन पुरस्कार प्रदान करती है।<ref name="spab">{{cite web |last1=Society for the Protection of Ancient Buildings |title=SPAB John Betjeman Award |url=https://www.spab.org.uk/about-us/awards/john-betjeman-award |website=spab.org.uk |date=30 November 2017 |publisher=SPAB |access-date=22 August 2019 |ref=SPAB}}</ref>
जॉन बेट्जेमैन कविता प्रतियोगिता की शुरुआत 2006 में युवाओं को कविता की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह प्रतियोगिता ब्रिटिश द्वीपों में (आयरलैंड गणराज्य सहित) रहने वाले 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए खुली होती है।
प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार £1,000 है। इसके अलावा, जो छात्र फाइनल तक पहुंचते हैं उन्हें भी व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार मिलते हैं। खास बात यह है कि जो राज्य के स्कूल अपने छात्रों की प्रविष्टियाँ भेजते हैं, वे छह एक-दिवसीय कविता कार्यशालाओं में से किसी एक को जीतने का अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रतियोगिता न सिर्फ बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देती है, बल्कि स्कूलों को भी साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेने का प्रोत्साहन देती है।
===अन्य स्मारक===
* एक स्मारक खिड़की, ''पुनरुत्थान के प्रतीक'' जिसे जॉन पाइपर द्वारा डिज़ाइन किया गया है, ऑल सेंट्स चर्च, फ़र्नबोरो, बर्कशायर में, जहाँ बेट्जेमैन पास के रेक्टरी में रहते थे।
[[File:Betjeman Park Wantage geograph-2474639-by-Bill-Nicholls.jpg|thumb|बेट्जेमैन मिलेनियम पार्क]]
* ऑक्सफ़ोर्डशायर के वांटेज में बेट्जेमैन मिलेनियम पार्क, जहाँ वे 1951 से 1972 तक रहे और जहाँ उन्होंने अपनी पुस्तक ''आर्ची एंड द स्ट्रिक्ट बैपटिस्ट्स'' की पृष्ठभूमि तैयार की
* [[पिनर]] की एक सड़क, जो बेट्जेमैन की फ़िल्म ''मेट्रो-लैंड (1973 फ़िल्म)'' में शामिल है, को बेट्जेमैन क्लोज़ कहा जाता है, जबकि चोर्लेवुड की एक अन्य सड़क, जो ''मेट्रो-लैंड'' में भी शामिल है, को बेट्जेमैन गार्डन कहा जाता है।
* [[शेफ़ील्ड]] के उपनगर ब्रूमहिल में एक सड़क को बेट्जेमैन गार्डन कहा जाता है। बेट्जेमैन ने इस उपनगर का वर्णन "इंग्लैंड का सबसे सुंदर उपनगर" के रूप में किया था और यह उनकी कविता "एन एडवर्डियन संडे, ब्रूमहिल, शेफ़ील्ड" का विषय था।
* साउथएंड-ऑन-सी में पियर रेलवे पर चलने वाली ट्रेनों में से एक का नाम सर जॉन बेट्जेमैन है (दूसरी सर विलियम हेगेट)। इस ट्रेन को 2021 में एक नई इलेक्ट्रिक ट्रेन द्वारा प्रतिस्थापित करने के बाद सेवानिवृत्त कर दिया गया है।
* एक ब्रिटिश रेल क्लास 86 एसी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव, 86229, को 24 जून 1983 को सेंट पैनक्रास स्टेशन पर व्यक्तिगत रूप से आदमी द्वारा '' सर जॉन बेटजेमैन '' नाम दिया गया था,<ref>{{cite magazine|title=सर जॉन ने 'अपने' लोको का नाम रखा|pages=6–7|date=अगस्त 1983|magazine=RAIL (magazine)|publisher=EMAP राष्ट्रीय प्रकाशन|issn=0262-561X|oclc=49957965}}</ref> उनकी मृत्यु से ठीक पहले; 1998 में इसका नाम बदलकर ''लायंस ग्रुप इंटरनेशनल'' कर दिया गया और फरवरी 2020 में इसे खत्म कर दिया गया। नेमप्लेट को ब्रिटिश रेल क्लास 90 लोकोमोटिव 90007 द्वारा भी ले जाया गया था।
* 2003 में, उनकी शताब्दी को चिह्नित करने के लिए, उत्तरी लंदन में लिसेंडेन गार्डन के निवासियों ने बेट्जेमैन के जन्मस्थान को चिह्नित करने के लिए एक नीली पट्टिका लगाई।
* 2006 में, बेट्जेमैन के बचपन के घर, 31 वेस्ट हिल, हाईगेट, लंदन एन 6 पर एक नीली पट्टिका स्थापित की गई थी।<ref>{{cite news| url=https://www.theguardian.com/uk/2006/sep/16/maevkennedy.uknews2 | title=बेट्जेमैन के बचपन के घर को नीली पट्टिका मिलती है | date=16 सितंबर 2006 | work=[[द गार्जियन]] | access-date=5 जनवरी 2015|first=Maev|last=केनेडी}}</ref>
* 2006 में, गैरार्ड्स फ़ार्म, उफ़िंगटन, ऑक्सफ़ोर्डशायर में एक नीली पट्टिका लगाई गई थी, जो उनका पहला विवाहित घर था।
* 43 क्लॉथ फ़ेयर में एक नीली पट्टिका लगाई गई है, सेंट बार्थोलोम्यू-द-ग्रेट चर्च के सामने और सेंट बार्थोलोम्यू अस्पताल के पास, जहाँ वे रहते थे और काम करते थे। उन्होंने भूतल को लियोनार्ड बेडल-स्मिथ को किराए पर दिया, जो संरक्षण वास्तुकार और जॉर्जियाई विशेषज्ञ थे, जो लैंडमार्क ट्रस्ट के संस्थापक वास्तुकार थे, जो अब बेट्जेमैन के समय का जश्न मनाने के लिए इमारत के मालिक हैं।
* मूर्तिकार मार्टिन जेनिंग्स द्वारा लंदन में सेंट पैनक्रास स्टेशन पर जॉन बेट्जेमैन की प्रतिमा का अनावरण 2007 में किया गया था।
*2006 में बेट्जेमैन के जन्म की शताब्दी पर, उनकी बेटी ने दो उत्सव रेलवे यात्राओं का नेतृत्व किया: लंदन से [[ब्रिस्टल]] तक, और मेट्रो-लैंड के माध्यम से, क्वेंटन रोड तक।
* 2014 में, क्लियोबरी मोर्टिमर, श्रॉपशायर में एक नई सड़क का नाम कवि के सम्मान में 'बेटजेमैन वे' रखा गया था, और इस तथ्य की मान्यता में कि क्लियोबरी मोर्टिमर के चर्च की मीनार के जीर्णोद्धार ने 1994 में एसपीएबी का जॉन बेटजेमैन पुरस्कार जीता था।
* 1 सितंबर 2014 को, बेटजेमैन एक घंटे लंबे बीबीसी फोर वृत्तचित्र ''रिटर्न टू बेटजेमैनलैंड'' का विषय थे, जिसे उनके जीवनी लेखक ए. एन. विल्सन ने प्रस्तुत किया था।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.co.uk/programmes/b04gb6nl|title=रिटर्न टू बेटजेमैनलैंड|date=2014|first=ए. एन.|last=विल्सन|publisher=[[बीबीसी]]|access-date=8 जनवरी 2015}}</ref> प्रसारण की शुरुआत में, बेट्जेमान की बेटी कैंडिडा लाइकेट ग्रीन को मौखिक श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी मृत्यु ठीक बारह दिन पहले 19 अगस्त को 71 वर्ष की आयु में हुई थी।<ref name="Dowlen2014">{{Cite web | title = जेरी डॉवेलन पर... जॉन बेट्जेमान और कैंडिडा लाइकेट ग्रीन | last = डॉवेलन | first = जेरी | work = बुक्स मंथली | date = 2014 | access-date = 31 जुलाई 2018 | url = http://www.booksmonthly.co.uk/jdj.html | archive-date = 4 मार्च 2016 | archive-url = https://web.archive.org/web/20160304030100/http://www.booksmonthly.co.uk/jdj.html | url-status = dead }}</ref>
* 28 अगस्त 2016 को, सेंट पैनक्रास प्रतिमा पर आधारित बेट्जेमैन की एक प्रतिमा का वांटेज, ऑक्सफ़ोर्डशायर में वेल एंड डाउनलैंड म्यूज़ियम के बाहर अनावरण किया गया।
* 10 जून 2017 को, 2 मई 1917 को उनके आगमन की शताब्दी मनाने के लिए ड्रैगन स्कूल, ऑक्सफ़ोर्ड में एक पट्टिका का अनावरण किया गया।<ref name="Lisle2006">{{Cite web | title = बेट्जेमैन की नीली पट्टिका | last = लिस्ले | first = निकोला | work= ऑक्सफ़ोर्ड मेल | date = 7 अगस्त 2006 | access-date = 31 जुलाई 2018 | url = http://www.oxfordmail.co.uk/news/867788.Betjeman___s_blue_plaque/ }}</ref>
==पुरस्कार और सम्मान==
* 1960 कविता के लिए रानी का पदक<ref>{{Cite web|url=https://www.rct.uk/collection/1085139/a-nip-in-the-air|title=सर जॉन बेट्जेमैन (1906–84) – ए निप इन द एयर|website=rct.uk|access-date=20 मई 2019}}</ref>
* 1960 1960 न्यू ईयर ऑनर्स में कमांडर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द ब्रिटिश एम्पायर नियुक्त किया गया।<ref>{{London Gazette |issue=41909 |date=1959 |page=11 |supp=y}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=8zfLAgAAQBAJ&pg=PT170|title=लवली बिट्स ऑफ़ ओल्ड इंग्लैंड: जॉन बेट्जेमैन एट द टेलीग्राफ|last=बेट्जेमैन|first=जॉन|date=2012|publisher=ऑरम प्रेस|isbn=9781781311004|language=en|page=170}}</ref>
* 1968 साहित्य का साथी, साहित्य का रॉयल सोसाइटी<ref>{{cite web|url=https://rsliterature.org/award/companions-of-literature/|title=साहित्य का साथी|date=2 सितंबर 2023 |publisher=रॉयल सोसाइटी ऑफ़ लिटरेचर}}</ref>
* 1969 बर्थडे ऑनर्स में नाइट बैचलर नियुक्त किया गया।<ref>{{London Gazette |issue=44683 |date=1969 |page=5961 |supp=y}}</ref>
* 1972 यूनाइटेड किंगडम के कवि पुरस्कार विजेता<ref>{{cite web|last=Amis|first=Kingsley|title=सर जॉन बेट्जेमैन (1906–1984)|url=http://www.oxforddnb.com/view/article/30815|doi=10.1093/ref:odnb/30815|year=2010}}</ref>
* 1973 मानद सदस्य, अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स
* 2011 [[ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय]], उनके अल्मा मेटर द्वारा, दस वर्षों में से 100 सबसे प्रतिष्ठित सदस्यों में से एक के रूप में सम्मानित किया गया सदियों.<ref name="यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड अंडरग्रेजुएट प्रॉस्पेक्टस 2011">{{cite web|title=यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड अंडरग्रेजुएट प्रॉस्पेक्टस 2011|url=http://www.ox.ac.uk/admissions/admissions_i/index.html|publisher=यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड|access-date=5 मार्च 2013|archive-date=27 जनवरी 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130127212238/http://www.ox.ac.uk/admissions/admissions_i/index.html|url-status=dead}}</ref>
==कार्य==
कुछ कार्यों में शामिल हैं:
* ''माउंट ज़ायन''. 1932.
* ''कंटीन्यूअल ड्यू''. 1937.
* ''ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चेस्ट''. 1938.
* {{cite book|last=Betjeman|first=John |author-link=John Betjeman|title=ओल्ड लाइट्स फ़ॉर न्यू चांसल्स: वर्सेज टोपोग्राफ़िकल एंड एमेटरी|url=https://books.google.com/books?id=QVAqAAAAMAAJ|year=1940|publisher=जॉन मुरे|display-authors=0}}
* ''इंग्लिश सिटीज़ एंड स्मॉल टाउन्स''. विलियम कॉलिन्स 1943.
* ''न्यू बैट्स इन ओल्ड बेलफ़्रीज़''. 1945.
* {{cite book|last1=Piper|first1=John |author-link1=John Piper|last2=Betjeman|first2=John |author-link2=John Betjeman|title=Shropshire: A Shell Guide|year=1951|publisher=Faber & Faber|display-authors=0 |ref=none}}
* ''ए फ़्यू लेट क्राइसेन्थेमम्स''. 1954.
* ''पोएम्स इन द पोर्च''. 1954.
* ''द कोलिन्स गाइड टू इंग्लिश पैरिश चर्चेस'' (संपादक). 1958
* {{cite book|last=Betjeman|first=John |author-link=John Betjeman|title=Summoned by Bells|url=https://archive.org/details/bwb_KV-344-821|publisher=John Murray|year=1960|display-authors=0}}
* ''हाई एंड लो''. 1966.
* {{cite book|last=Betjeman|first=John |author-link=John Betjeman|title=लंदन के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन|url=https://books.google.com/books?id=ab5aHQAACAAJ|year=1972|publisher=John Murray|isbn=978-0-7195-3426-3|display-authors=0}}
* ''ए निप इन द एयर''. 1974.
* {{cite book|last=Betjeman|first=John |author-link=John Betjeman |editor-first=Candida |editor-last=Lycett Green |editor-link=Candida Lycett Green |title=John Betjeman: घर वापस आना: उनके गद्य का एक संकलन 1920–1977|url=https://books.google.com/books?id=KsofAQAAIAAJ|year=1997|publisher=Methuen|isbn=9780413717108|display-authors=0|display-editors=0 }}
* {{cite book|last1=Betjeman|first1=Sir John |author-link1= John Betjeman|last2=Surman|first2=Richard |title=Betjeman's Best British चर्च|url=https://books.google.com/books?id=nYBxakyHRs8C|year=2011|publisher=HarperCollins Publishers|isbn=978-0-00-741688-2|display-authors=0 |ref=none}}
== आंशिक फिल्मोग्राफी ==
{| class="wikitable"
|+
!वर्ष
!शीर्षक
!नोट्स
|-
| rowspan="2" |1959
|''मॉनीटर (ब्रिटिश टीवी कार्यक्रम)]]''
|''लंदन में एक कवि''
|-
|''जर्नी इनटू द वेल्ड ऑफ केंट''
|लघु फिल्म
|-
|1960
|''मॉनीटर''
|''जर्नी इनटू ए लॉस्ट वर्ल्ड''
|-
| rowspan="3" |1962
|''इन व्यू''
|''मेन ऑफ स्टीम''
|-
|''जॉन बेट्जेमैन गोज बाय ट्रेन: किंग्स लिन टू हंस्टनटन''
|लघु फिल्म
|-
|''लेट्स इमेजिन''
|''चाइल्डहुड इन द कंट्री''
|-
|1962-3
|''बेट्जेमैन्स वेस्ट कंट्री''
|9 एपिसोड
|-
|1963
|''लेट्स इमेजिन''
|''ए ब्रांच लाइन रेलवे''
|-
|1964
|''डिस्कवरिंग ब्रिटेन विद जॉन बेट्जेमैन''
|लघु फिल्म सीरीज (10 फिल्में)
|-
|1965
|''ब्रिस्टल माई होम''
|टीवी फिल्म
|-
| rowspan="2" |1967
|''बेट्जेमैन का लंदन''
|6 एपिसोड
|-
|''द पिक्चर थिएटर''
|टीवी फिल्म
|-
| rowspan="3" |1968
|''कंट्रास्ट''
|''मार्बल आर्क टू एजवेयर''
|-
|''ए पोएट गोज नॉर्थ''
|टीवी फिल्म
|-
|''समर 67''
|''द आइल ऑफ वाइट इन अगस्त''
|-
| rowspan="2" |1969
|''बर्ड्स आई व्यू''
|''बिसाइड द सीसाइड''
|-
|''बर्ड्स आई व्यू''
|''एन इंग्लिशमैन्स होम''
|-
| rowspan="2" |1970
|''रेलवे हमेशा के लिए''
|लघु फिल्म
|-
|''फोर विद बेट्जेमैन: विक्टोरियन आर्किटेक्ट्स एंड आर्किटेक्चर''
|4 एपिसोड
|-
|1971
|''बर्ड्स आई व्यू''
|''ए लैंड ऑफ ऑल सीजन्स''
|-
|1972
|''थैंक गॉड इट्स संडे''
|लघु फिल्म
|-
|1973
|''मेट्रो-लैंड (1973 फिल्म)''
|टीवी डॉक्यूमेंट्री फिल्म
|-
|1974
|''ए पैशन फॉर चर्चेस''
|टीवी डॉक्यूमेंट्री फिल्म
|-
|1976
|''सम्मन बाय बेल्स (फिल्म)''
|टीवी फिल्म
|}
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारतीय कवियों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:अंग्रेज़ी भाषा के कवि]]
[[श्रेणी:1906 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:१९८४ में निधन]]
2n4kk4ebgdya1pikkuk6vc5wndbe5um
सदस्य वार्ता:BANSAPTI MAI
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2026-05-22T03:20:18Z
Bansapti Mai Temple
811838
/* बनसप्ती माई मंदिर पृष्ठ को शीघ्र हटाने का नामांकन */ उत्तर
6555120
wikitext
text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|realName=|name=BANSAPTI MAI}}
-- [[सदस्य:नया सदस्य सन्देश|नया सदस्य सन्देश]] ([[सदस्य वार्ता:नया सदस्य सन्देश|वार्ता]]) 16:59, 1 जुलाई 2025 (UTC)
== [[:बनसप्ती माई मंदिर|बनसप्ती माई मंदिर]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
[[File:Ambox warning pn.svg|48px|left|alt=|link=]]
नमस्कार, आपके द्वारा बनाए पृष्ठ [[:बनसप्ती माई मंदिर|बनसप्ती माई मंदिर]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|मापदंड ल2]] के अंतर्गत शीघ्र हटाने के लिये नामांकित किया गया है।<center>'''[[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#ल2|ल2]]{{*}} साफ़ प्रचार'''</center>
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{{Infobox grapheme
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* [[अलेफ़|<span>א</span> <span>ا</span> <span>ܐ</span>]]
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* [[অ]]}}
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}}
{{Latin alphabet sidebar|a}}
'''aA''' (छोटा अक्षर '''a''') [[लातिन वर्णमाला]] का पहला [[अक्षर]] तथा पहला [[स्वर वर्ण|स्वर]] है, जिसका प्रयोग [[अंग्रेज़ी वर्णमाला]] और अन्य और वर्णमालाओं से किया जाता है। [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेज़ी]] में इसका उच्चारण "ए" है।
यह दिखने में [[यूनानी वर्णमाला|यूनानी]] अक्षर [[अल्फ़ा]] के समान है।
अंग्रेज़ी भाषा में a [[अनिच्छित उपपद]] है, जो स्वरों से पहले an होता है।
== इतिहास ==
'A' का सबसे पुराना ज्ञात पूर्वज 'एलेफ़' है—जो [[फ़ोनीशियाई वर्णमाला|फ़ोनीशियन वर्णमाला]] का पहला अक्षर है<ref>{{Citation|title=A|date=2026-03-30|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=A&oldid=1346273609|work=Wikipedia|language=en|access-date=2026-04-04}}</ref>—जहाँ यह एक 'ग्लॉटल स्टॉप' (गले से निकलने वाली एक विशेष ध्वनि) <span lang="nan" dir="ltr">[ʔ]</span> को दर्शाता था, क्योंकि फ़ोनीशियन भाषा में केवल व्यंजन अक्षरों का ही उपयोग होता था। बदले में, एलेफ़ का पूर्वज संभवतः प्रोटो-सिनाईटिक लिपि में एक बैल के सिर का चित्रलेख रहा होगा, जो [[मिस्र]] के [[चित्रलिपि]] से प्रभावित था और जिसे दो सींगों वाले एक त्रिकोणीय सिर के रूप में बनाया गया था।
जब प्राचीन यूनानियों ने वर्णमाला को अपनाया, तो उन्हें 'ग्लोटल स्टॉप' को दर्शाने वाले किसी अक्षर की कोई ज़रूरत नहीं थी—इसलिए उन्होंने उस चिह्न को स्वर /a/ को दर्शाने के लिए ढाल लिया, और उस अक्षर को 'अल्फा' जैसा ही एक नाम दिया। यूनानी 'डार्क एजेस' के बाद, ८वीं शताब्दी ईसा पूर्व के सबसे शुरुआती यूनानी शिलालेखों में, यह अक्षर अपनी करवट पर लेटा हुआ दिखाई देता है। हालाँकि, बाद के [[यूनानी वर्णमाला|ग्रीक वर्णमाला]] में यह आम तौर पर आधुनिक बड़े अक्षर जैसा ही दिखता है—फिर भी कई स्थानीय रूपों को एक टांग के छोटा होने से, या उस कोण से पहचाना जा सकता है जिस पर आड़ी रेखा लगी होती है।<ref>{{Cite book|url=https://en.wikipedia.org/wiki/Special:BookSources/978-0-12-373980-3|title=The manual of scientific style: a guide for authors, editors, and researchers|last=Rabinowitz|first=Harold|last2=Vogel|first2=Suzanne|date=2009|publisher=Elsevier/Academic Press|isbn=978-0-12-373980-3|edition=1st ed|location=Amsterdam Burlington, MA}}</ref>
{| class="wikitable skin-invert-image"
|- style="text-align:center"
! scope="col" | चित्रलिपि
! scope="col" | प्रोटो-सिनाईटिक
! scope="col" | प्रोटो-कनानाइट
! scope="col" | फ़ोनीशियाई
! scope="col" | पश्चिमी यूनानी
! scope="col" | एत्रुस्कन
! scope="col" | लैटिन
|- style="text-align:center"
| [[File:EgyptianA-01.svg|40px|Egyptian hieroglyphic ox head]]
| [[File:Proto-semiticA-01.svg|35px|Boeotian]]
| [[File:Protoalef.svg|35px|Semitic A, version 1]]
| [[File:PhoenicianA-01.svg|40px|Phoenician aleph]]
| [[File:Greek Alpha 03.svg|35px|Greek ''alpha'', version 1]]
| [[File:EtruscanA.svg|25px|Etruscan A, version 1]]
| [[File:Capitalis monumentalis A.svg|30px|Latin A]]
|}
== सन्दर्भ ==
<references />
[[श्रेणी:ISO मूल लातिन अक्षर]]
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ज़फ़राबाद ज़िला, ताजिकिस्तान
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6554989
wikitext
text/x-wiki
{{Other uses|ज़फ़राबाद ज़िला}}
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}}
'''ज़फ़राबाद ज़िला''' ({{langx|tg|Ноҳияи Зафаробод}}, {{Langx|ru|Зафарабадский район}}) [[ताजिकिस्तान]] के [[सुग़्द प्रांत]] में स्थित एक ज़िला है। इसकी राजधानी [[ज़फ़राबाद]] है। जनवरी 2020 से, इसकी जनसंख्या 75,900 है।<ref name="pop2020">{{cite web|url=http://stat.ww.tj/posts/July2020/macmua_20201.pdf|title=Population of the Republic of Tajikistan as of 1 January 2020|publisher=Statistics office of Tajikistan|language=ru|archive-url=https://web.archive.org/web/20210601101228/http://stat.ww.tj/posts/July2020/macmua_20201.pdf|archive-date=1 June 2021|access-date=12 October 2020|url-status=dead}}</ref> 1970 दशक में, [[यग़्नाब घाटी]] की पूरी जनसंख्या को सोवियत द्वारा ज़बरदस्ती हटाकर ज़फ़राबाद में बसाया गया था।
==विभाग==
ज़िले का क्षेत्रफल लगभग 400km2 है तथा यह तीन नगरों और 2 [[ताजिकिस्तान के जमातें|जमातों]] में विभाजित है।<ref>{{cite web|url=http://stat.ww.tj/13b992a6b19499d948c865b3572cb4a1_1510580431.pdf|title=Regions of the Republic of Tajikistan 2017|publisher=Statistics office of Tajikistan|access-date=12 October 2020|language=ru|pages=15–21|archive-date=28 March 2022|archive-url=https://web.archive.org/web/20220328064053/http://stat.ww.tj/13b992a6b19499d948c865b3572cb4a1_1510580431.pdf|url-status=dead}}</ref><ref name=jambi>[http://untj.org/jambi-project/index.php/maps-statistics/demography Jamoat-level basic indicators] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220104171112/http://untj.org/jambi-project/index.php/maps-statistics/demography |date=4 जनवरी 2022 }}, United Nations Development Programme in Tajikistan, accessed 2 October 2020</ref><ref name=zafarobod>[http://www.mihd-zafarobod.tj/index.php/malumotnoma Population of Zafarobod district]</ref>
{| class="wikitable sortable"
|-
! जमात
! जनसंख्या (जनवरी 2020)<ref name=zafarobod/>
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| [[सुग़्दियान, ज़फ़राबाद ज़िला|सुग़्दियान]] (नगर) || 11,500
|-
| [[मेहनताबाद, ज़फ़राबाद ज़िला|मेहनताबाद]] (नगर) || 13,208
|-
| [[ज़फ़राबाद, सुग़्द प्रांत|ज़फ़राबाद]] (नगर) || 27,148
|-
| [[जामी]]|| 7,264
|-
| [[रवशन]]|| 16,363
|-
|}
==संदर्भ==
{{reflist}}
[[श्रेणी:ताजिकिस्तान के ज़िले]]
[[श्रेणी:सुग़्द प्रांत]]
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सदस्य वार्ता:स्वर्ण
3
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6555197
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2026-05-22T09:33:40Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
सूचना: [[:अभिजीत दीपके]] को [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु]] नामांकन, [[विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अभिजीत दीपके|चर्चा पृष्ठ देखें]]
6555197
wikitext
text/x-wiki
{{साँचा:सहायता|name=स्वर्ण}} [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 01:27, 25 अगस्त 2025 (UTC)
== [[:न्यायज्ञ|न्यायज्ञ]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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== Last Few Days: WikiConference India 2026 Scholarship Applications ==
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
''{{int:please-translate}}''
Dear Wikimedian,
We're happy to share that scholarship applications for '''WikiConference India 2026''' are currently open and the deadline is just around the corner.
[[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026|WikiConference India 2026]] is the fourth edition of the national-level conference that brings together Wikimedians and stakeholders engaged in Indic-language Wikimedia projects and the broader open knowledge movement across India and South Asia. The conference will take place in Kochi, Kerala, from 4–6 September 2026.
* You can find the more information and the application form at the [[m:Special:MyLanguage/WikiConference India 2026/Scholarship|Scholarship page here at Meta wiki]]
* '''Scholarship deadline: 15 April 2026, 11:59 PM IST'''
With only a few days left, we warmly encourage you to apply if you haven’t already and kindly request you to share this with your community and encourage others to apply.
For more information and regular updates, we encourage you to visit the conference Meta page.
Warm regards,
<br>
on behalf of the WikiConference India 2026 Organising Team
''This message was sent with [[सदस्य:MediaWiki message delivery|MediaWiki message delivery]] ([[सदस्य वार्ता:MediaWiki message delivery|वार्ता]]) on 18:30, 11 अप्रैल 2026 (UTC)''
</div>
<!-- https://meta.wikimedia.org/w/index.php?title=Global_message_delivery/Targets/WCI_2026_active_users&oldid=30389801 पर मौजूद सूची का प्रयोग कर के User:Gnoeee@metawiki द्वारा भेजा गया सन्देश -->
== [[:अभिजीत दीपके|अभिजीत दीपके]] पृष्ठ का [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकन ==
नमस्कार, [[:अभिजीत दीपके|अभिजीत दीपके]] को विकिपीडिया पर [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति|पृष्ठ हटाने की नीति]] के अंतर्गत [[वि:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा|हटाने हेतु चर्चा]] के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा '''[[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अभिजीत दीपके|विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अभिजीत दीपके]]''' पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।
नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:
<center>उल्लेखनीय नहीं।</center>
कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।
चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ। <span style="text-shadow:black 3px 3px 2px;color:orange;">☆★</span>[[सदस्य:चाहर धर्मेंद्र|<u><span style="color:Cyan;">चाहर धर्मेंद्र</span></u>]]<sup>[[सदस्य वार्ता:चाहर धर्मेंद्र|<small style="color:orange">--राम राम जी--</small>]]</sup> 09:33, 22 मई 2026 (UTC)
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प्रहलाद पुर बांगर
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2026-05-21T12:22:37Z
चाहर धर्मेंद्र
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6554960
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text/x-wiki
'''प्रहलाद पुर बांगर''' भारतीय [[संघ]] शासित प्रदेश [[दिल्ली]] के उत्तर पश्चिम जिले के अंतर्गत रोहिणी सेक्टर 31 में स्थित एक विकसित गाँव है।
==इतिहास==
प्रह्लादपुर गाँव के प्रथम शहीद सेनानी "श्री करतार सिंह सिंधु" बैच संख्या 2648550, 2 ग्रेनेडियर्स ने मात्र २५ वर्ष की आयु में 11 सितंबर 1967 को [[चीन]] के विरुद्ध [[नाथुला]] ऑपरेशन में वीरगति प्राप्त कर प्राप्त हुए। उनका नाम दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध [[स्मारक]], 4सी॰ रो में अंकित है। उनके साहस और त्याग पर समूचा प्रह्लादपुर बांगर के निवासी गर्व करते है। इसी गाँव के दूसरे शहीद सेनानी "श्री फूलकुमार मान" ने 29 जुलाई 1976 को [[जम्मू-कश्मीर]] में [[पाकिस्तान]] के साथ हुई झड़प में एनसीपी पद पर रहते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
==जनसांख्यिकी==
{| class="wikitable"
|-
|+'''ऐतिहासिक जनसंख्या'''
|-
!वर्ष!! जनसंख्या!!± %
|-
|1981 || 5011|| —
|-
|1991 || 4832||−3.6%
|-
|2001 || 10554||+118.4%
|-
|2011 || 22968||+117.6%
|-
| स्त्रोत = [[भारत सरकार]]<ref>{{cite web |title=जनगणना तालिकाएँ |url=https://censusindia.gov.in/census.website/data/census-tables |website=censusindia.gov.in |access-date=6 जनवरी 2024}}</ref>||
|}
2001 की [[जनगणना]] के अनुसार, प्रह्लादपुर (बांगर) की जनसंख्या 10,548 थी, जिसमें 56% पुरुष और 44% महिलाएँ थीं।<ref>{{cite web|url=http://www.censusindia.net/results/town.php?stad=A&state5=999|archiveurl=https://web.archive.org/web/20040616075334/http://italic/|archivedate=16 जून 2004|title=भारत की जनगणना 2001: शहरों, गांवों और कस्बों सहित 2001 की जनगणना के अनंतिम आंकड़े|accessdate=2008-11-01|publisher=भारतीय जनगणना आयोग|url-status=live}}</ref> यहाँ की औसत [[साक्षरता]] दर 69% है, जो राष्ट्रीय औसत 59.5% से अधिक है।
==संस्कृति==
गाँव में दर्शनीय स्थल के रूप में 200 वर्ष पुराना पुराना शिव मंदिर, काली माता मंदिर, स्थित है। इस गांव में छोटू राम [[उद्यान]] और बाबा साहब अम्बेडकर उद्यान [[पर्यटन]] के दृष्टिकोण से प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इस गाँव का इतिहास 800 वर्षों से अधिक पुराना है।
==इन्हें भी देखें==
* [[दिल्ली के पर्यटन स्थल]]
==संदर्भ==
[[श्रेणी : दिल्ली के जिले]]
{{Authority control}}
fhaspztpzym6g6xxvny24sh6n1yy58k
टावर ऑफ गॉड
0
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6503636
2026-05-22T11:49:38Z
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Rescuing 0 sources and tagging 5 as dead.) #IABot (v2.0.9.5
6555225
wikitext
text/x-wiki
{{ज्ञानसन्दूक कॉमिक्स
| name = टावर ऑफ गॉड
| image = Tower of God logo.png
| caption = टावर ऑफ गॉड का आधिकारिक लोगो
| creator = एस.आई.यू.
| genre = [[डार्क फंतासी]], [[एक्शन]], [[रोमांच]]
| publisher = [[नेवर वेबतून]]
| first_run = 30 जून 2010
| status = जारी
| volumes = 14 (प्रिंट संस्करण)
}}
'''टावर ऑफ गॉड''' (कोरियाई: 신의 탑) [[दक्षिण कोरिया]] की एक वेबतून श्रृंखला है, जिसे कलाकार 'एस.आई.यू.' द्वारा लिखा और चित्रित किया गया है।<ref name="NaverOfficial">{{cite web |title=Tower of God - Official Webtoon |url=https://www.webtoons.com/en/fantasy/tower-of-god/list?title_no=95 |publisher=Naver Webtoon |access-date=2024-02-10}}</ref> यह 2010 से दक्षिण कोरियाई प्लेटफॉर्म 'नेवर वेबतून' पर नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है। अपनी जटिल कहानी और विस्तृत दुनिया के कारण, इसे अक्सर "कोरियाई वेबतून का [[वन पीस]]" कहा जाता है।<ref name="CBRComparison">{{cite web |title=Why Tower of God is the 'One Piece' of Manhwa |url=https://www.cbr.com/tower-of-god-manhwa-one-piece-comparison/ |publisher=CBR |date=2023-05-15 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
यह श्रृंखला वैश्विक स्तर पर बेहद लोकप्रिय है और इसे कई भाषाओं में अनुवादित किया गया है। इसकी सफलता के कारण इसे 2020 में एक [[एनीमे]] (जापानी एनीमेशन) श्रृंखला में रूपांतरित किया गया।<ref name="CrunchyrollNews">{{cite web |title=Tower of God Anime Announcement |url=https://www.crunchyroll.com/news/latest/2020/2/25/crunchyroll-unveils-tower-of-god-anime-adaptation |publisher=Crunchyroll |access-date=2024-02-15}}</ref>
== कथानक ==
कहानी एक लड़के 'पच्चीसवां बाम' के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने अपना अधिकांश जीवन एक विशाल और रहस्यमयी [[टावर (संरचना)|टावर]] (मीनार) के नीचे एक अंधेरी गुफा में बिताया है।<ref name="AnimePlanetPlot">{{cite web |title=Tower of God Synopsis |url=https://www.anime-planet.com/manga/tower-of-god |publisher=Anime-Planet |access-date=2024-03-01}}</ref> उसका एकमात्र मित्र 'राचेल' नाम की एक लड़की है। जब राचेल तारों को देखने की अपनी इच्छा पूरी करने के लिए टावर में प्रवेश करती है, तो बाम भी उसे खोजने के लिए उसके पीछे टावर में चला जाता है।<ref name="MyAnimeListStory">{{cite web |title=Kami no Tou (Tower of God) Info |url=https://myanimelist.net/manga/122663/Kami_no_Tou |publisher=MyAnimeList |access-date=2024-01-20}}</ref>
'''टावर का नियम:'''
टावर एक जादुई संरचना है। किंवदंती है कि जो कोई भी इस टावर के शीर्ष पर पहुंच जाएगा, उसकी कोई भी इच्छा पूरी हो सकती है—चाहे वह धन हो, शक्ति हो, या कोई और चीज़।<ref name="ScreenRantLore">{{cite web |title=Tower of God Lore Explained |url=https://screenrant.com/tower-of-god-manhwa-anime-explained/ |publisher=Screen Rant |date=2020-04-01 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
टावर के अंदर समाज दो भागों में विभाजित है:
* '''नियमित:''' वे लोग जिन्हें टावर के संरक्षक द्वारा चढ़ने के लिए चुना गया है।
* '''अनियमित:''' बाम जैसे लोग जो बिना चुने अपनी मर्जी से बाहर से टावर में प्रवेश करते हैं। टावर के इतिहास में अनियमित लोग हमेशा महान बदलाव या अराजकता लेकर आए हैं।<ref name="FandomIrregular">{{cite web |title=Irregulars in Tower of God |url=https://towerofgod.fandom.com/wiki/Irregular |publisher=Fandom |access-date=2024-05-10}}</ref>
== मुख्य पात्र ==
* '''पच्चीसवां बाम:''' कहानी का मुख्य नायक। वह एक 'अनियमित' है। वह शुरुआत में कमजोर और मासूम होता है, लेकिन दोस्तों की रक्षा के लिए वह धीरे-धीरे शक्तिशाली शक्तियों को जागृत करता है।<ref name="ComicBookBam">{{cite web |title=Tower of God: Who is Bam? |url=https://comicbook.com/anime/news/tower-of-god-anime-episode-1-bam-explained/ |publisher=ComicBook.com |date=2020-04-02}}</ref>
* '''राचेल:''' बाम की सबसे करीबी दोस्त। वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहती है। उसे वेबतून इतिहास के सबसे विवादास्पद पात्रों में से एक माना जाता है।<ref name="SportsKeedaRachel">{{cite news |title=Why Rachel is the most hated character in Tower of God |url=https://www.sportskeeda.com/anime/tower-of-god-why-rachel-hated |publisher=Sportskeeda |date=2023-08-10 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
* '''खून एगुएरो एग्निस:''' एक कुलीन परिवार का चतुर और रणनीतिकार युवक जो बाम का सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है।
* '''रैक रैथरेज़र:''' एक विशाल मगरमच्छ जैसा योद्धा जो खुद को एक शिकारी मानता है, लेकिन बाद में बाम का वफादार साथी बन जाता है।<ref name="ColliderChars">{{cite web |title=Tower of God Characters Guide |url=https://collider.com/tower-of-god-character-guide/ |publisher=Collider |date=2020-04-15 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== प्रकाशन और इतिहास ==
इस श्रृंखला की शुरुआत 30 जून 2010 को हुई थी। यह [[ नेवर वेबतून|नेवर वेबतून]] के "चैलेंज लीग" से उभरी सबसे पुरानी और सबसे सफल श्रृंखलाओं में से एक है। लेखक एस.आई.यू. ने अपनी कलाई की समस्याओं और स्वास्थ्य कारणों से कई बार लंबा अवकाश लिया है, लेकिन इसके बावजूद पाठकों के बीच इसका क्रेज कम नहीं हुआ है।<ref name="ANNHiatus">{{cite news |title=Tower of God Manhwa Goes on Hiatus Due to Author's Health |url=https://www.animenewsnetwork.com/news/2022-07-25/tower-of-god-manhwa-goes-on-indefinite-hiatus/.187990 |publisher=Anime News Network |date=2022-07-25}}</ref>
'''संग्रहण और डेटाबेस:'''
इसकी ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए, प्रतिष्ठित कॉमिक्स डेटाबेस [[द कॉमिक्स]] (TheComics.org) ने इसे अपनी डिजिटल सूची में एक प्रमुख स्थान दिया है। यह डेटाबेस इस वेबतून के सभी अध्यायों, प्रकाशन तिथियों और लेखक के विवरण को सुरक्षित रखता है, जो शोधकर्ताओं और प्रशंसकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।<ref name="TheComicsDB">{{cite web |title=Tower of God - Series Index and Data |url=https://thecomics.org/series/tower-of-god |publisher=Grand Comics Database (TheComics) |access-date=2024-06-12}}</ref>
== अनुकूलन ==
'''एनीमे:'''
2020 में, इस वेबतून को एक [[एनीमे]] टीवी श्रृंखला में बदला गया। इसका निर्माण 'टेलीकॉम एनीमेशन फिल्म' द्वारा किया गया था और इसे अमेरिकी कंपनी '[[क्रंचीरोल]]' द्वारा वित्तपोषित किया गया था। इसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।<ref name="IMDbAnime">{{cite web |title=Tower of God (TV Series 2020) |url=https://www.imdb.com/title/tt11958344/ |publisher=IMDb |access-date=2024-01-05}}</ref>
'''गेम:'''
टावर ऑफ गॉड की लोकप्रियता को देखते हुए, [[नेटमार्बल]] जैसी कंपनियों ने इस पर आधारित मोबाइल [[रोल-प्लेइंग गेम]] भी लॉन्च किए हैं।<ref name="NetmarbleGame">{{cite web |title=Tower of God: New World Official Site |url=https://towerofgod.netmarble.com/en |publisher=Netmarble |access-date=2024-04-20}}</ref> इसका एक गेम "टावर ऑफ गॉड: ग्रेट जर्नी" भी काफी प्रसिद्ध हुआ।<ref name="PocketGamer">{{cite web |title=Tower of God: Great Journey Global Launch |url=https://www.pocketgamer.com/tower-of-god-great-journey/global-launch/ |publisher=Pocket Gamer |date=2023-02-15 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== स्वागत और प्रभाव ==
फरवरी 2020 तक, टावर ऑफ गॉड ने दुनिया भर में 4.5 अरब से अधिक व्यूज (देखे जाने की संख्या) प्राप्त कर लिए थे।<ref name="YonhapStats">{{cite news |title=Naver Webtoon's Tower of God hits 4.5 billion views |url=https://en.yna.co.kr/view/AEN20200226006400315 |publisher=Yonhap News Agency |date=2020-02-26}}</ref> इसे इसकी विश्व-निर्माण (World Building) क्षमता और रणनीतिक लड़ाई प्रणाली के लिए सराहा जाता है। आलोचक अक्सर इसकी तुलना [[पश्चिमी साहित्य]] के महाकाव्य फंतासी उपन्यासों से करते हैं।<ref name="ForbesReview">{{cite web |title=The Tower Of God Anime Is A Global Hit |url=https://www.forbes.com/sites/paultassi/2020/06/25/the-tower-of-god-anime-is-a-global-hit/ |publisher=Forbes |date=2020-06-25}}</ref>
== संदर्भ ==
{{reflist|30em}}
[[श्रेणी:वेबतून]]
[[श्रेणी:दक्षिण कोरियाई कॉमिक्स]]
[[श्रेणी:फंतासी]]
[[श्रेणी:एनीमे और मंगा]]
[[श्रेणी:नेवर कॉर्पोरेशन]]
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ज्योति याराजी
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2026-05-22T07:46:50Z
InternetArchiveBot
500600
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6555175
wikitext
text/x-wiki
{{Infobox sportsperson
| name = ज्योति याराजी
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| country = {{IND}}
| sport = [[एथलेटिक्स]]
| event = 100 मीटर बाधा दौड़, 60 मीटर बाधा दौड़, 200 मीटर
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{{MedalGold|2024 तेहरान|60 मीटर बाधा दौड़}}
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}}
'''ज्योति याराजी''' (जन्म: 28 अगस्त 1999) एक भारतीय [[एथलेटिक्स|ट्रैक एवं फील्ड]] एथलीट हैं, जो मुख्य रूप से 100 मीटर बाधा दौड़ में प्रतिस्पर्धा करती हैं। वे इस स्पर्धा में भारत की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक हैं। ज्योति दो बार एशियाई चैंपियन रह चुकी हैं और उन्होंने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 2023 तथा 2025 संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है।<ref>{{Cite web |title=Asian Athletics Championships 2025: Jyothi Yarraji defends gold |url=https://sportstar.thehindu.com/athletics/jyothi-yarraji-wins-100m-hurdles-gold-asian-athletics-championships-2025-korea-timings-results/article69633745.ece |website=Sportstar |access-date=30 मई 2025}}</ref>
वे [[2024 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक]] में 100 मीटर बाधा दौड़ में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनीं।<ref>{{Cite news |title=Asian Games: Jyothi wins silver in 100m hurdles |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/sports/asian-games-jyothi-wins-silver-in-100m-hurdles/articleshow/104089960.cms |work=The Economic Times |access-date=30 मई 2025}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
ज्योति याराजी का जन्म आंध्र प्रदेश के [[विशाखापत्तनम]] में हुआ। उनके पिता सूर्यनारायण एक निजी सुरक्षा गार्ड हैं, जबकि उनकी माता घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करती हैं। उन्होंने विशाखापत्तनम के पोर्ट हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की तथा आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय से स्नातक स्तर की पढ़ाई की।
बचपन से ही उन्हें खेलों में रुचि थी। आगे चलकर वे [[भारतीय खेल प्राधिकरण]] के हैदराबाद छात्रावास में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने ओलंपियन एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच एन. रमेश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। 2019 से वे ब्रिटिश कोच जेम्स हिलियर के निर्देशन में भुवनेश्वर स्थित रिलायंस एथलेटिक्स हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास कर रही हैं।<ref>{{Cite web |title=Who is Jyothi Yarraji |url=https://olympics.com/en/news/who-is-jyothi-yarraji-india-100m-hurdles-women-record |website=Olympics.com |access-date=12 जनवरी 2024}}</ref>
== खेल करियर ==
ज्योति ने अपने करियर की शुरुआत लॉन्ग जंप से की, किंतु बाद में उन्होंने 100 मीटर बाधा दौड़ को अपना मुख्य इवेंट चुना। कोविड-19 महामारी और पीठ की चोट के कारण 2021 में उनका प्रदर्शन सीमित रहा, लेकिन 2022 में उन्होंने दमदार वापसी की।
उन्होंने [[2022 राष्ट्रमंडल खेल]] और [[2022 एशियाई खेल]] में भारत का प्रतिनिधित्व किया। एशियाई खेलों में प्रारंभिक विवाद के बावजूद उन्हें महिला 100 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक प्रदान किया गया।
2023 में उन्होंने इनडोर 60 मीटर बाधा दौड़ में पांच बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उसी वर्ष बैंकॉक में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 2025 में दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित चैंपियनशिप में उन्होंने अपना खिताब बरकरार रखते हुए पुनः स्वर्ण पदक हासिल किया।<ref>{{Cite web |title=First Indian woman to run sub-13 seconds hurdles |url=https://www.espn.in/athletics/story/_/id/34817069 |website=ESPN |access-date=18 अक्टूबर 2022}}</ref>
== ओलंपिक और बाद का दौर ==
ज्योति याराजी ने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 100 मीटर बाधा दौड़ में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। जुलाई 2025 में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें घुटने में गंभीर चोट (एसीएल) लगी, जिसके कारण वे 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप से बाहर हो गईं।<ref>{{Cite web |title=Jyothi Yarraji undergoes ACL surgery |url=https://www.indiatoday.in/sports/athletics/story/asian-champion-jyothi-yarraji-undergoes-acl-surgery |website=India Today |access-date=12 अगस्त 2025 }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
== उपलब्धियाँ ==
* 100 मीटर बाधा दौड़ में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड (12.78 सेकंड)
* दो बार एशियाई एथलेटिक्स चैंपियन
* एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता
* इनडोर एशियाई चैंपियन
* 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व
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[[Category:1999 में जन्मे लोग]]
[[Category:जीवित लोग]]
[[Category:भारतीय महिला एथलीट]]
[[Category:आंध्र प्रदेश के खिलाड़ी]]
[[Category:ओलंपिक एथलीट (भारत)]]
[[Category:21वीं सदी की भारतीय खिलाड़ी]]
== संदर्भ ==
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[[Category:1999 में जन्मे लोग]]
[[Category:जीवित लोग]]
[[Category:भारतीय महिला एथलीट]]
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जाणियों का मगरा
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{{Clear}}
'''जाणियों का मगरा''' (Janiyon ka Magra) भारत के [[राजस्थान]] राज्य के [[बालोतरा ज़िला|बालोतरा जिले]] का एक गाँव है। प्रशासनिक रूप से यह गाँव नवगठित गडरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है, जो पहले नेड़ीनाड़ी ग्राम पंचायत का हिस्सा था। जिला पुनर्गठन के बाद अब यह बालोतरा जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है और [[गुड़ामालानी]] विधानसभा क्षेत्र द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है।
2025 में राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचित प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद से यह गाँव ग्राम पंचायत गडरा [[पंचायत समिति]] [[धोरीमन्ना]] के अंतर्गत आता है।
== प्रशासन ==
जाणियों का मगरा राजस्थान की पंचायती राज व्यवस्था के तहत प्रशासित है।<ref>{{cite web |url=https://rajpanchayat.rajasthan.gov.in/ |title=पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार |publisher=Rajasthan Panchayat Raj Department }}{{Dead link|date=मई 2026 |bot=InternetArchiveBot }}</ref>
21 नवंबर 2025 की राजस्थान पंचायत पुनर्गठन अधिसूचना के अनुसार, यह गाँव गडरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है।<ref>{{cite web |url=https://drive.google.com/file/d/1o1lbunOl1E4Z_BUjE5uDK4fr0uTnvbkL/view?usp=drivesdk |title=राजस्थान राजपत्र असाधारण: ग्राम पंचायत पुनर्गठन अधिसूचना |date=21 November 2025 |publisher=पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार}}</ref>
31 दिसंबर 2025 को अधिसूचित जिला पुनर्गठन के बाद, यह गाँव बालोतरा जिले का हिस्सा बन गया है।<ref>{{cite web |url=https://drive.google.com/file/d/19KFaYPewrwc7ySPmZqiReDu7ixt_imNn/view?usp=drivesdk |title=राजस्थान राजस्व विभाग अधिसूचना: बाड़मेर और बालोतरा जिलों का पुनर्गठन |date=31 December 2025 |publisher=राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार}}</ref>
== भूगोल और कृषि ==
जाणियों का मगरा पश्चिमी राजस्थान के [[थार मरुस्थल]] की रेतीली जमीन पर स्थित है। कृषि यहाँ का मुख्य व्यवसाय है। खरीफ के मौसम में बाजरा, ग्वार और मूंग की फसलें होती हैं। रबी के मौसम में [[किसान]] आधुनिक थ्री-फ़ेज़ ट्यूबवेल के जरिए सिंचाई करते हैं और सरसों (रायड़ा), जीरा, इसबगोल और गेहूं की अच्छी पैदावार करते हैं।<ref>{{cite web |url=https://agriculture.rajasthan.gov.in/ |title=कृषि विभाग राजस्थान: जिला फसल विवरण |publisher=राजस्थान सरकार}}</ref> गाँव के लगभग 95% परिवार खेती के लिए बिजली से चलने वाले नलकूपों का उपयोग करते हैं।
== जनसांख्यिकी ==
2011 की जनगणना के अनुसार, जाणियों का मगरा की कुल [[जनसंख्या]] 339 है, जिसमें 176 पुरुष और 163 महिलाएं हैं। गाँव में कुल 61 परिवार हैं।<ref>{{cite web |url=https://www.census2011.co.in/data/village/87755-janiyon-ka-magra-rajasthan.html |title=जाणियों का मगरा जनसंख्या - जनगणना 2011 |publisher=भारत की जनगणना}}</ref> गाँव की साक्षरता दर 61.90% है।
{| class="wikitable" style="text-align: center; float: right; margin-left: 10px;"
|+ जनसांख्यिकीय आंकड़े (2011)
|-
! विवरण !! कुल !! पुरुष !! महिला
|-
| कुल जनसंख्या || 339 || 176 || 163
|-
| साक्षरता दर || 61.90% || 77.92% || 44.29%
|}
{{Clear}}
== शिक्षा और सुविधाएं ==
गाँव में एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय (GPS) और एक आंगनवाड़ी केंद्र है। [[विद्यालय]] का रिकॉर्ड भारत सरकार के राष्ट्रीय UDISE+ पोर्टल (कोड: 08331208701) पर दर्ज है।<ref>{{cite web |url=https://kys.udiseplus.gov.in/#/reportcard/1715801/12 |title=UDISE+ स्कूल रिपोर्ट कार्ड: GPS जाणियों का मगरा |publisher=शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार |access-date=21 जनवरी 2026 |archive-date=21 मार्च 2025 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250321144759/https://kys.udiseplus.gov.in/#/reportcard/1715801/12 |url-status=dead }}</ref> गाँव 100% विद्युतीकृत है।
<gallery>
File:Government Primary School Janiyon ka Magra.jpg|विद्यालय भवन।
File:Government Primary School Janiyon ka Magra 2.jpg|विद्यालय परिसर।
</gallery>
== प्रमुख स्थल और संस्कृति ==
गाँव में [[बिश्नोई]] संप्रदाय के संस्थापक [[गुरु जम्भेश्वर]] जी को समर्पित एक 'साथरी' (मंदिर) है। यहाँ के लोग प्रकृति और [[वन्य जीव|वन्यजीवों]] के संरक्षण के लिए जाने जाते हैं। गाँव में स्थित पारंपरिक नाडी (जल निकाय) का संरक्षण और खुदाई समय-समय पर नरेगा (MGNREGA) योजना के तहत की जाती रही है, जो स्थानीय जल प्रबंधन का मुख्य स्रोत है।<ref>{{cite web |url=https://nrega.nic.in/ |title=नरेगा कार्य विवरण: ग्राम पंचायत नेड़ीनाड़ी |publisher=ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार}}</ref>
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== इन्हें भी देखें ==
* [[बालोतरा ज़िला]]
* [[गुड़ामालानी]]
*[[धोरीमन्ना]]
[[श्रेणी:राजस्थान के गाँव]]
[[श्रेणी:बालोतरा जिले के गाँव]]
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सदस्य:AMAN KUMAR/शीह लॉग
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AMAN KUMAR
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# [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
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=== अप्रैल 2026 ===
# [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:डॉ. भावना सावलिया]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:52, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य वार्ता:Ayushguptha]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 03:01, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य:श्रवण राम पंवार]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 13:11, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Shrawanrampanwar]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 13:12, 20 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:श्रवण राम मेघवाल]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 00:13, 21 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य:Harendra jakhar degana]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:29, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:आदर्श कुमार राजपूत]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 17:29, 22 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:विनोद वर्मा (आभूषण वर्ल्ड)]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 15:10, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:प्रवेशद्वार:न्यूरोविज्ञान]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 23:06, 23 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:Anu tomar]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: शीर्षक अन्य भाषा में है}; सदस्य {{user|1=Advocate vinit tyagi}} को सूचित किया गया 03:46, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:द ट्रेंडिंग पीपल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:51, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:के राघवन रेड्डी]]: [[वि:शीह#व4|शीह व4]] ({{tl|db-hoax}}) 11:55, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:GKM Gautam Kumar Maurya]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 11:36, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 19:35, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:Banka, बिहार]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 19:52, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:महरूज़ सिद्दीकी नदीम (फुटबॉलर)]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 20:26, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:श्रेणी:Wikipedia help forums]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 20:35, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:53, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:श्रेणी:हिन्दी उपन्यास-रामनाथ शिवेंद्र का उपन्यास "दूसरी आज़ादी "]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:55, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य वार्ता:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 10:24, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दिनेश शाहरा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 10:27, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:54, 28 अप्रैल 2026 (UTC)
=== मई 2026 ===
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}) 09:42, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: multiple criteria ([[वि:शीह#ल2|ल2]], [[वि:शीह#व7|व7]]); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 17:19, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:नालया थीरपू]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:01, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:05, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:PoetNikhilNeeraj]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:13, 9 मई 2026 (UTC)
# [[:पूस की रात]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 15:20, 9 मई 2026 (UTC)
# [[:Ragul Kamaraj Reddy(राघुल कामराज रेड्डी)]]: [[वि:शीह#व4|शीह व4]] ({{tl|db-hoax}}) 01:44, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:सिरे की शादेन (मुहावरा)]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 01:53, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:राष्ट्रीय दादा दादी दिवस]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 11:42, 10 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 13 मई 2026 (UTC)
# [[:स्टोरिको सेरामिका एलएलपी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 11:12, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 23:28, 14 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Vishalguptahyv]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 11:04, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी बाँदा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 12:11, 15 मई 2026 (UTC)
# [[:केशव गुप्ता]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 13:32, 15 मई 2026 (UTC)
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# [[:राजपासी]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:54, 16 मई 2026 (UTC)
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# [[:सांचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: स्वतःपरीक्षित सदस्य ने गलती से [[सांचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्रियों की सूची]] बनाया जिसे सही साँचा [[साँचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री]] बना दिया है}; सदस्य {{user|1=आशीष भटनागर}} को सूचित किया गया 05:15, 19 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Acharya Shashi Pandey]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 00:28, 22 मई 2026 (UTC)
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AMAN KUMAR
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शीह नामांकन का लॉग बनाया जा रहा of [[:अमित राना]].
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=== मार्च 2026 ===
# [[:चिरंजीवी सरजा]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 20:50, 18 मार्च 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Fper]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:51, 19 मार्च 2026 (UTC)
# [[:दिवाण जवाहर सिंह]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 10:52, 20 मार्च 2026 (UTC)
=== अप्रैल 2026 ===
# [[:द्वितीयक रंग]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:09, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Harendra jakhar nagour]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 17:23, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:Protection]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 17:30, 2 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:कंपनी हवलदार मेजर]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 22:57, 5 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:विक्रम सिंह मीना]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 01:25, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:रविन्द्र कुमार द्विवेदी]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 08:06, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:वार्ता:डिबेटसिলেটবিডি]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: उचित पृष्ठ नहीं}; सदस्य {{user|1=Spacebangla}} को सूचित किया गया 13:30, 7 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:देओला दादा]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:07, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सहायता:IPA/Hindi and Urdu]]: [[वि:शीह#व5|शीह व5]] ({{tl|db-blank}}) 04:09, 9 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:रोहित गिल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:00, 10 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:Bjp Junaid Hussain]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 23:48, 11 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:कुश सोगुण]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 14:06, 12 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Govind Bhana Artist]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 14:38, 12 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Chandan roy Bhirha]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 03:42, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:पूर्ति आर्या]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 03:47, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Article wizard/button wizard/sandbox]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 20:33, 13 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:The7unity]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 18:28, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साउथ सिटी इंटर्नैशनल स्कूल]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: इसमें उल्लेखनीयता का स्पष्ट अभाव है और कोई भी विश्वसनीय स्रोत नहीं है।}; सदस्य {{user|1=Ahari123}} को सूचित किया गया 19:08, 14 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:Nawada District President of Youth Congress is Mohammad Irshad Ansari]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:14, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:ऑस्ट्रेलिया के लिए CDR]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:44, 15 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:साँचा:Infobox news organization]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:04, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:गुंजन तिवारी]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 07:22, 16 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:डॉ इन्दु शेखर उपाध्याय]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 10:52, 17 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:ग्यासी]]: [[वि:शीह#व3|शीह व3]] ({{tl|db-vandalism}}) 13:33, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:जय भीम नव जागृति संस्थान उटाम्बर]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 14:13, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:अशुतोष यादव]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 18:50, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:महकाल अवतार]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 19:14, 19 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:द ट्रेंडिंग पीपल]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 03:51, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:के राघवन रेड्डी]]: [[वि:शीह#व4|शीह व4]] ({{tl|db-hoax}}) 11:55, 24 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:GKM Gautam Kumar Maurya]]: [[वि:शीह#स3|शीह स3]] ({{tl|db-notwebhost}}) 11:36, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 19:35, 25 अप्रैल 2026 (UTC)
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# [[:सदस्य:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:53, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:श्रेणी:हिन्दी उपन्यास-रामनाथ शिवेंद्र का उपन्यास "दूसरी आज़ादी "]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 04:55, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:आदर्श राजपूत]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 05:00, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:प्रावधान]]: [[वि:शीह#व1|शीह व1]] ({{tl|db-nonsense}}) 05:07, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:सदस्य वार्ता:GSU Magar Tagar]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 10:24, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दिनेश शाहरा]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 10:27, 26 अप्रैल 2026 (UTC)
# [[:दीनदयाल सोनी]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 13:54, 28 अप्रैल 2026 (UTC)
=== मई 2026 ===
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल1|शीह ल1]] ({{tl|db-foreign}}) 09:42, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:बिहार और सूफ़ीवाद]]: multiple criteria ([[वि:शीह#ल2|ल2]], [[वि:शीह#व7|व7]]); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 17:19, 7 मई 2026 (UTC)
# [[:नालया थीरपू]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}) 08:01, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:Draft:ओलीवर बा़ख]]: [[वि:शीह#ल2|शीह ल2]] ({{tl|db-promo}}) 16:05, 8 मई 2026 (UTC)
# [[:सदस्य:PoetNikhilNeeraj]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 08:13, 9 मई 2026 (UTC)
# [[:पूस की रात]]: [[वि:शीह#व2|शीह व2]] ({{tl|db-test}}); निर्माण-सुरक्षा हेतु ([[WP:SALT|salting]]) अनुरोध किया गया 15:20, 9 मई 2026 (UTC)
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# [[:साश्वत कुमार (कराटे)]]: [[वि:शीह#व7|शीह व7]] ({{tl|db-spam}}) 01:30, 17 मई 2026 (UTC)
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# [[:सांचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री]]: {{tl|db-reason}}; अन्य अतिरिक्त जानकारी: {Custom rationale: स्वतःपरीक्षित सदस्य ने गलती से [[सांचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्रियों की सूची]] बनाया जिसे सही साँचा [[साँचा:पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्री]] बना दिया है}; सदस्य {{user|1=आशीष भटनागर}} को सूचित किया गया 05:15, 19 मई 2026 (UTC)
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इसमें वे सभी पृष्ठ आते हैं जिनमें केवल प्रचार है, चाहे वह किसी व्यक्ति-विशेष का हो, किसी समूह का, किसी प्रोडक्ट का, अथवा किसी कंपनी का। इसमें प्रचार वाले केवल वही लेख आते हैं जिन्हें ज्ञानकोष के अनुरूप बनाने के लिये शुरू से दोबारा लिखना पड़ेगा।
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== [[:Draft:ओलीवर बा़ख|Draft:ओलीवर बा़ख]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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<nowiki>कृपया इस पृष्ठ को शीघ्र हटाने की श्रेणी से बाहर रखें और मुझे इसे पूरी तरह से सुधारने और क्रेडिबल सोर्स जोड़ने के लिए थोड़ा समय दें। धन्यवाद। --~~~~</nowiki> [[सदस्य:Babukumar123|Babukumar123]] ([[सदस्य वार्ता:Babukumar123|वार्ता]]) 09:33, 19 मई 2026 (UTC)
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wikitext
text/x-wiki
{{Infobox officeholder
| name = वदास्सेरी दामोदरन सतीशन
| native_name =
| image = File:Vd-Satheesan.jpg
| caption =
| office = [[केरल]] के [[मुख्यमंत्री]]
| term_start = 18 मई 2026
| governor = [[राजेंद्र आर्लेकर]]
| predecessor = [[पिनाराई विजयन]]
| office1 = [[केरल विधान सभा]] में नेता प्रतिपक्ष
| term_start1 = 22 मई 2021
| term_end1 = 14 मई 2026
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| office2 = [[केरल विधान सभा]] के [[विधान सभा के सदस्य|सदस्य]]
| constituency2 = परवूर ([[एर्नाकुलम जिला]])
| term_start2 = 2001
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| birth_name = वडास्सेरी दामोदरन सतीशन
| birth_date = {{birth date and age|1964|5|31}}
| birth_place = नेट्टूर , [[कोच्चि]] , [[केरल]], [[भारत]]
| nationality = भारतीय
| party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
| otherparty = यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)
| occupation = राजनीतिज्ञ, अधिवक्ता
| alma_mater = महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल
}}
'''वदास्सेरी दामोदरन सतीशन''' [[केरल]] के 13वे मुख्यमंत्री और एक भारतीय राजनीतिज्ञ और अधिवक्ता हैं। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के वरिष्ठ नेता है तथा [[केरल विधान सभा]] में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। वे वर्ष 2001 से परवूर से [[विधायक]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.niyamasabha.nic.in/index.php/content/member_homepage/2481|title=V.D. Satheesan Profile - Kerala Legislative Assembly}}</ref>
==राजनीतिक करियर==
सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और [[केरल स्टूडेंट्स यूनियन]] (केएसयू) से जुड़े। वे 1986–1987 में [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल|महात्मा गांधी विश्वविद्यालय]] छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। बाद में उन्होंने [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] तथा [[भारतीय युवा कांग्रेस]] में भी कार्य किया।
उन्होंने 1996 में [[परवूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हुए। 2001 में वे इसी सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और इसके बाद 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में लगातार जीत दर्ज की।
मई 2021 में उन्हें 15वीं [[केरल विधान सभा|केरल विधानसभा]] में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट]] (यूडीएफ) ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/nation/how-vd-satheesan-turned-a-defeated-alliance-into-a-winning-force-in-2026-after-2021-electoral-setback-become-new-chief-minister-of-kerala-10475005.html|title=VD Satheesan: 2021 की हार की राख से पैदा हुआ वो योद्धा, जिसने वामपंथ के गढ़ को मिट्टी में मिलाकर ला दी 'पंजे की सुनामी' बने केरल के सुल्तान}}</ref> इसके बाद 14 मई 2026 को उन्हें कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री-नामित घोषित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-next-chief-minister-vd-satheesan-congress-announcement-rahul-gandhi-venugopal-candidate-leadership/photoshow-mftfn09|title=BIG BREAKING: कौन हैं VD सतीशन? जिन्हें कांग्रेस ने बनाया केरलम का नया मुख्यमंत्री|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Hindi|language=hi|access-date=2026-05-14|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/big-breaking-vd-satheesan-becomes-the-new-cm-of-kerala/3216647|title=Big Breaking VD Satheesan becomes the new CM of Kerala {{!}}वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए सीएम, कांग्रेस ने नतीजों के 10 दिन बाद किया ऐलान Hindi News|website=Zee News|language=en|access-date=2026-05-14}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|V. D. Satheesan}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:केरल के मुख्यमंत्री]]
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/* प्रारंभिक जीवन */
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wikitext
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{{Infobox officeholder
| name = वदास्सेरी दामोदरन सतीशन
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| birth_place = नेट्टूर , [[कोच्चि]] , [[केरल]], [[भारत]]
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| otherparty = यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)
| occupation = राजनीतिज्ञ, अधिवक्ता
| alma_mater = महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल
}}
'''वदास्सेरी दामोदरन सतीशन''' [[केरल]] के 13वे मुख्यमंत्री और एक भारतीय राजनीतिज्ञ और अधिवक्ता हैं। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के वरिष्ठ नेता है तथा [[केरल विधान सभा]] में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। वे वर्ष 2001 से परवूर से [[विधायक]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.niyamasabha.nic.in/index.php/content/member_homepage/2481|title=V.D. Satheesan Profile - Kerala Legislative Assembly}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन का जन्म ३१ मई १९६४ को [[नेट्टूर]], [[केरल]] में एक नायर परिवार में हुआ। उनके माता-पिता वडास्सेरी विलासिनी अम्मा और के. दामोदर मेनन थे। उन्होंने पनंगाड के पनंगाड हाई स्कूल में अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने [[सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवरा]] से समाजशास्त्र में प्री-डिग्री तथा बी.ए. की उपाधि प्राप्त की। बाद में उन्होंने [[केरल लॉ अकादमी लॉ कॉलेज]] से एल.एल.बी. तथा [[गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम]] से एल.एल.एम. किया। उन्होंने [[राजागिरि कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज़]], कलामस्सेरी से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त किया।
सतीशन ने १९९० के दशक में लगभग १० वर्षों तक [[केरल उच्च न्यायालय]] में वकालत की। उन्हें पठन-पाठन और ट्रेकिंग का विशेष शौक है। उन्होंने दो पुस्तकों का लेखन भी किया है।
उनका विवाह आर. लक्ष्मी प्रिया से हुआ है और दम्पति की एक पुत्री है, जिसका नाम उन्निमाया है।
==राजनीतिक करियर==
सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और [[केरल स्टूडेंट्स यूनियन]] (केएसयू) से जुड़े। वे 1986–1987 में [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल|महात्मा गांधी विश्वविद्यालय]] छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। बाद में उन्होंने [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] तथा [[भारतीय युवा कांग्रेस]] में भी कार्य किया।
उन्होंने 1996 में [[परवूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हुए। 2001 में वे इसी सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और इसके बाद 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में लगातार जीत दर्ज की।
मई 2021 में उन्हें 15वीं [[केरल विधान सभा|केरल विधानसभा]] में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट]] (यूडीएफ) ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/nation/how-vd-satheesan-turned-a-defeated-alliance-into-a-winning-force-in-2026-after-2021-electoral-setback-become-new-chief-minister-of-kerala-10475005.html|title=VD Satheesan: 2021 की हार की राख से पैदा हुआ वो योद्धा, जिसने वामपंथ के गढ़ को मिट्टी में मिलाकर ला दी 'पंजे की सुनामी' बने केरल के सुल्तान}}</ref> इसके बाद 14 मई 2026 को उन्हें कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री-नामित घोषित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-next-chief-minister-vd-satheesan-congress-announcement-rahul-gandhi-venugopal-candidate-leadership/photoshow-mftfn09|title=BIG BREAKING: कौन हैं VD सतीशन? जिन्हें कांग्रेस ने बनाया केरलम का नया मुख्यमंत्री|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Hindi|language=hi|access-date=2026-05-14|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/big-breaking-vd-satheesan-becomes-the-new-cm-of-kerala/3216647|title=Big Breaking VD Satheesan becomes the new CM of Kerala {{!}}वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए सीएम, कांग्रेस ने नतीजों के 10 दिन बाद किया ऐलान Hindi News|website=Zee News|language=en|access-date=2026-05-14}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|V. D. Satheesan}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:केरल के मुख्यमंत्री]]
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/* प्रारंभिक जीवन */
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}}
'''वदास्सेरी दामोदरन सतीशन''' [[केरल]] के 13वे मुख्यमंत्री और एक भारतीय राजनीतिज्ञ और अधिवक्ता हैं। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के वरिष्ठ नेता है तथा [[केरल विधान सभा]] में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। वे वर्ष 2001 से परवूर से [[विधायक]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.niyamasabha.nic.in/index.php/content/member_homepage/2481|title=V.D. Satheesan Profile - Kerala Legislative Assembly}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन का जन्म ३१ मई १९६४ को नेट्टूर, [[एर्नाकुलम जिला|एर्नाकुलम]], [[केरल]] में एक नायर परिवार में हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://www.vdsatheesan.com/my-journey|title=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy|website=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy|language=en|access-date=2026-05-22}}</ref> उनके माता-पिता वडास्सेरी विलासिनी अम्मा और के. दामोदर मेनन थे। उन्होंने पनंगाड के पनंगाड हाई स्कूल में अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवरा से [[समाजशास्त्र]] में प्री-डिग्री तथा [[कला स्नातक|बी.ए.]] की उपाधि प्राप्त की। बाद में उन्होंने [[केरल लॉ अकादमी लॉ कॉलेज]] से एल.एल.बी. तथा [[गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम]] से एल.एल.एम. किया। उन्होंने [[राजागिरि कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज़]], कलामस्सेरी से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.niyamasabha.org/codes/13kla/members/v_d_satheesan.htm|title=Members - Kerala Legislature|website=www.niyamasabha.org|access-date=2026-05-22}}</ref>
सतीशन ने १९९० के दशक में लगभग १० वर्षों तक [[केरल उच्च न्यायालय]] में वकालत की। उन्हें पठन-पाठन और ट्रेकिंग का विशेष शौक है। उन्होंने दो पुस्तकों का लेखन भी किया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/kerala/how-vd-satheesan-fought-his-way-to-keralas-top-post|title=How VD Satheesan fought his way to Kerala’s top post|last=Priya|first=Jisha Surya,Lakshmi|date=2026-05-14|website=The News Minute|language=en|access-date=2026-05-22}}</ref>
उनका विवाह आर. लक्ष्मी प्रिया से हुआ है और दम्पति की एक पुत्री है, जिसका नाम उन्निमाया है।
==राजनीतिक करियर==
सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और [[केरल स्टूडेंट्स यूनियन]] (केएसयू) से जुड़े। वे 1986–1987 में [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल|महात्मा गांधी विश्वविद्यालय]] छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। बाद में उन्होंने [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] तथा [[भारतीय युवा कांग्रेस]] में भी कार्य किया।
उन्होंने 1996 में [[परवूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हुए। 2001 में वे इसी सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और इसके बाद 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में लगातार जीत दर्ज की।
मई 2021 में उन्हें 15वीं [[केरल विधान सभा|केरल विधानसभा]] में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट]] (यूडीएफ) ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/nation/how-vd-satheesan-turned-a-defeated-alliance-into-a-winning-force-in-2026-after-2021-electoral-setback-become-new-chief-minister-of-kerala-10475005.html|title=VD Satheesan: 2021 की हार की राख से पैदा हुआ वो योद्धा, जिसने वामपंथ के गढ़ को मिट्टी में मिलाकर ला दी 'पंजे की सुनामी' बने केरल के सुल्तान}}</ref> इसके बाद 14 मई 2026 को उन्हें कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री-नामित घोषित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-next-chief-minister-vd-satheesan-congress-announcement-rahul-gandhi-venugopal-candidate-leadership/photoshow-mftfn09|title=BIG BREAKING: कौन हैं VD सतीशन? जिन्हें कांग्रेस ने बनाया केरलम का नया मुख्यमंत्री|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Hindi|language=hi|access-date=2026-05-14|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/big-breaking-vd-satheesan-becomes-the-new-cm-of-kerala/3216647|title=Big Breaking VD Satheesan becomes the new CM of Kerala {{!}}वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए सीएम, कांग्रेस ने नतीजों के 10 दिन बाद किया ऐलान Hindi News|website=Zee News|language=en|access-date=2026-05-14}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|V. D. Satheesan}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:केरल के मुख्यमंत्री]]
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| birth_name = वडास्सेरी दामोदरन सतीशन
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}}
'''वदास्सेरी दामोदरन सतीशन''' [[केरल]] के 13वे मुख्यमंत्री और एक भारतीय राजनीतिज्ञ और अधिवक्ता हैं। वे [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के वरिष्ठ नेता है तथा [[केरल विधान सभा]] में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। वे वर्ष 2001 से परवूर से [[विधायक]] हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.niyamasabha.nic.in/index.php/content/member_homepage/2481|title=V.D. Satheesan Profile - Kerala Legislative Assembly}}</ref>
==प्रारंभिक जीवन==
वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन का जन्म ३१ मई १९६४ को नेट्टूर, [[एर्नाकुलम जिला|एर्नाकुलम]], [[केरल]] में एक नायर परिवार में हुआ।<ref>{{Cite web|url=https://www.vdsatheesan.com/my-journey|title=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy|website=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy|language=en|access-date=2026-05-22}}</ref> उनके माता-पिता वडास्सेरी विलासिनी अम्मा और के. दामोदर मेनन थे। उन्होंने पनंगाड के पनंगाड हाई स्कूल में अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवरा से [[समाजशास्त्र]] में प्री-डिग्री तथा [[कला स्नातक|बी.ए.]] की उपाधि प्राप्त की। बाद में उन्होंने [[केरल लॉ अकादमी लॉ कॉलेज]] से [[विधि स्नातक|एल.एल.बी.]] तथा [[गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम]] से [[विधि निष्णात|एल.एल.एम.]] किया। उन्होंने [[राजागिरि कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज़]], कलामस्सेरी से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=http://www.niyamasabha.org/codes/13kla/members/v_d_satheesan.htm|title=Members - Kerala Legislature|website=www.niyamasabha.org|access-date=2026-05-22}}</ref>
सतीशन ने १९९० के दशक में लगभग १० वर्षों तक [[केरल उच्च न्यायालय]] में वकालत की। उन्हें पठन-पाठन और ट्रेकिंग का विशेष शौक है। उन्होंने दो पुस्तकों का लेखन भी किया है।<ref>{{Cite web|url=https://www.thenewsminute.com/kerala/how-vd-satheesan-fought-his-way-to-keralas-top-post|title=How VD Satheesan fought his way to Kerala’s top post|last=Priya|first=Jisha Surya,Lakshmi|date=2026-05-14|website=The News Minute|language=en|access-date=2026-05-22}}</ref>
उनका विवाह आर. लक्ष्मी प्रिया से हुआ है और दम्पति की एक पुत्री है, जिसका नाम उन्निमाया है।
==राजनीतिक करियर==
सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और [[केरल स्टूडेंट्स यूनियन]] (केएसयू) से जुड़े। वे 1986–1987 में [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल|महात्मा गांधी विश्वविद्यालय]] छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। बाद में उन्होंने [[नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया]] तथा [[भारतीय युवा कांग्रेस]] में भी कार्य किया।
उन्होंने 1996 में [[परवूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र]] से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हुए। 2001 में वे इसी सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और इसके बाद 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में लगातार जीत दर्ज की।
मई 2021 में उन्हें 15वीं [[केरल विधान सभा|केरल विधानसभा]] में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट]] (यूडीएफ) ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 में से 102 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/nation/how-vd-satheesan-turned-a-defeated-alliance-into-a-winning-force-in-2026-after-2021-electoral-setback-become-new-chief-minister-of-kerala-10475005.html|title=VD Satheesan: 2021 की हार की राख से पैदा हुआ वो योद्धा, जिसने वामपंथ के गढ़ को मिट्टी में मिलाकर ला दी 'पंजे की सुनामी' बने केरल के सुल्तान}}</ref> इसके बाद 14 मई 2026 को उन्हें कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री-नामित घोषित किया गया।<ref>{{Cite web|url=https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-next-chief-minister-vd-satheesan-congress-announcement-rahul-gandhi-venugopal-candidate-leadership/photoshow-mftfn09|title=BIG BREAKING: कौन हैं VD सतीशन? जिन्हें कांग्रेस ने बनाया केरलम का नया मुख्यमंत्री|last=Fb|last2=Tw|website=Asianet News Hindi|language=hi|access-date=2026-05-14|last3=Linkdin|last4=Whatsapp|last5=Us|first5=GNFollow}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://zeenews.india.com/hindi/india/big-breaking-vd-satheesan-becomes-the-new-cm-of-kerala/3216647|title=Big Breaking VD Satheesan becomes the new CM of Kerala {{!}}वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए सीएम, कांग्रेस ने नतीजों के 10 दिन बाद किया ऐलान Hindi News|website=Zee News|language=en|access-date=2026-05-14}}</ref>
==सन्दर्भ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
{{Commons category|V. D. Satheesan}}
{{वर्तमान भारतीय मुख्यमन्त्री}}
[[श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ]]
[[श्रेणी:1964 में जन्मे लोग]]
[[श्रेणी:जीवित लोग]]
[[श्रेणी:केरल के मुख्यमंत्री]]
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2026 मलेशिया मास्टर्स
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}}
'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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===पुरस्कार राशि===
कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाएगा।<ref name="prospect"/>
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== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|CHN}} [[शी युकी]]
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]]
# {{flagicon|FRA}} क्रिस्टो पोपोव
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== महिला एकल ==
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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== पुरुष एकल ==
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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===पुरस्कार राशि===
कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाएगा।<ref name="prospect"/>
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== पुरुष एकल ==
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
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2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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===पुरस्कार राशि===
कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाएगा।<ref name="prospect"/>
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== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(वापस ले लिया)''
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]] ''(वापस ले लिया)''
# {{flagicon|FRA}} क्रिस्टो पोपोव
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# {{flagicon|JPN}} कोडाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
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wikitext
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
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2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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== पुरुष एकल ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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{{succession box | before=[[2026 थाईलैंड ओपन]]<br/>[[2026 बाओजी चीन मास्टर्स]] | title=[[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] <br />2026 बीडब्ल्यूएफ सीज़न | years= | after=[[2026 सिंगापुर ओपन]]}}
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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/* पुरुष युगल */
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text/x-wiki
{{Infobox badminton event
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|previous = [[2025 मलेशिया मास्टर्स|2025]]
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}}
'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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===पुरस्कार राशि===
कुल पुरस्कार राशि 500,000 अमेरिकी डॉलर है और इसका वितरण बीडब्ल्यूएफ नियमों के अनुसार किया जाएगा।<ref name="prospect"/>
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== पुरुष एकल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|CHN}} [[शी युची]] ''(वापस ले लिया)''
# {{flagicon|DEN}} [[एंडर्स एंटोनसेन]] ''(वापस ले लिया)''
# {{flagicon|FRA}} क्रिस्टो पोपोव
# {{flagicon|INA}} जोनाटन क्रिस्टी
# {{flagicon|CHN}} [[ली शिफेंग]]
# {{flagicon|JPN}} कोडाई नाराओका ''(दूसरा दौर)''
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# {{flagicon|DEN}} लाइन क्रिस्टोफ़रसेन
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# {{flagicon|TPE}} ली जे-हुई / यांग पो-ह्सुआन ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|MAS}} जुनैदी आरिफ / याप रॉय किंग
# {{flagicon|DEN}} मैड्स वेस्टरगार्ड / डैनियल लुंडगार्ड
# {{flagicon|FRA}} क्रिस्टो पोपोव / टोमा जूनियर पोपोव ''(पहला दौर)''
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== महिला युगल ==
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# {{flagicon|JPN}} की नाकानिशी / रिन इवानागा
# {{flagicon|TPE}} ह्सू या-चिंग / सुंग यू-ह्सुआन ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|JPN}} काहो ओसावा / माई तानबे ''(पहला दौर)''
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== मिश्रित युगल ==
=== बीज ===
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# {{flagicon|THA}} डेचापोल पुवारानुक्रोह / सुपिसारा पेवसंप्रान ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|MAS}} चेन टैंग जी / तोह ई वेई
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# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(पहला दौर)''
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
*[https://bwfworldtour.bwfbadminton.com/tournament/5229/perodua-malaysia-masters टूर्नामेंट लिंक] बीडब्ल्यूएफवर्ल्डटूर.बीडब्ल्यूएफबैडमिंटन.कॉम पर
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{{succession box | before=[[2026 थाईलैंड ओपन]]<br/>[[2026 बाओजी चीन मास्टर्स]] | title=[[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] <br />2026 बीडब्ल्यूएफ सीज़न | years= | after=[[2026 सिंगापुर ओपन]]}}
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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/* मिश्रित युगल */
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'''2026 मलेशिया मास्टर्स''' (प्रायोजन कारणों से आधिकारिक तौर पर '''पेरोडुआ मलेशिया मास्टर्स 2026 प्रस्तुत बाय दाइहात्सु''' के रूप में जाना जाता है) एक बैडमिंटन टूर्नामेंट है जो 19 से 24 मई 2026 तक यूनिफ़ी एरिना, [[कुआलालंपुर]], [[मलेशिया]] में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 500,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार है।
==टूर्नामेंट==
2026 मलेशिया मास्टर्स, 2026 [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर]] का बारहवां टूर्नामेंट है और यह मलेशिया मास्टर्स चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो 2009 से आयोजित की जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया द्वारा [[बैडमिंटन विश्व महासंघ|बीडब्ल्यूएफ]] की स्वीकृति से किया जाता है।<ref name="prospect">{{cite web |title=PERODUA Malaysia Masters 2026 |url=https://extranet.bwf.sport/docs/events/5207/docs/Perodua%20Malaysia%20Masters%202026_UPDATED%2018Mar.pdf |publisher=Badminton World Federation |access-date=5 April 2025}}</ref>
===स्थान===
यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट मलेशिया के कुआलालंपुर में स्थित केएल स्पोर्ट्स सिटी के अंदर यूनिफ़ी एरिना में आयोजित किया जाएगा।
===अंक वितरण===
नीचे [[बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर|बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500]] प्रतियोगिता के लिए बीडब्ल्यूएफ अंक प्रणाली के आधार पर टूर्नामेंट के प्रत्येक चरण के लिए अंक वितरण तालिका दी गई है।<ref>{{cite web |title=World Ranking System |url=https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |publisher=Badminton World Federation|accessdate=23 December 2022 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190510005434/https://system.bwfbadminton.com/documents/folder_1_81/folder_1_82/New-Regulations-2018/5.3.3.1%20World%20Ranking%20System.pdf |archive-date=10 May 2019 |url-status=live }}</ref>
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== पुरुष एकल ==
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== मिश्रित युगल ==
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# {{flagicon|INA}} जफ़र हिदायतुल्लाह / फ़ेलिशा पसारिबू ''(पहला दौर)''
# {{flagicon|MAS}} गोह सून हुआट / शेवॉन जेमी लाई ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|CHN}} चेंग जिंग / झांग ची ''(दूसरा दौर)''
# {{flagicon|CHN}} गाओ जियाक्सुआन / वेई याक्सिन
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==संदर्भ==
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==बाहरी संबंध==
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[[श्रेणी:2026 में बैडमिंटन]]
[[श्रेणी:2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व दौरा]]
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सदस्य वार्ता:Surya P Sharma
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2026-05-21T17:42:53Z
चाहर धर्मेंद्र
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सूचना: [[:सूर्य प्रकाश शर्मा]] को शीघ्र हटाने का नामांकन
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{{साँचा:सहायता|name=Surya P Sharma}} -- [[सदस्य:Sanjeev bot|Sanjeev bot]] ([[सदस्य वार्ता:Sanjeev bot|वार्ता]]) 00:02, 18 मई 2026 (UTC)
== [[:सूर्य प्रकाश शर्मा|सूर्य प्रकाश शर्मा]] पृष्ठ को [[वि:पृष्ठ हटाने की नीति#शीघ्र हटाना|शीघ्र हटाने]] का नामांकन ==
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वी.डी. सतीशन
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{{duplicate|वी. डी. सतीशन|date=मई 2026}}
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* सामान्य प्रशासन
* अखिल भारतीय सेवाएँ (IAS, IPS, IFS)
* वित्त
* तटीय नौवहन एवं अंतर्देशीय जल परिवहन
* बंदरगाह
* विधि
* कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार
* चुनाव
* एकीकरण
* सैनिक कल्याण
* ''सभी महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय''
* ''वे अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं''
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| office3 = [[केरल विधान सभा]] के सदस्य
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| term_start4 = 22 मई 2021
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| birth_name = वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन
| birth_date = {{Birth date and age|1964|05|31|df=y}}
| birth_place = [[नेट्टूर]], केरल, भारत
| party = [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]]
| spouse = आर. लक्ष्मी प्रिया
| children = 1
| alma_mater = सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवारा {{small|(बीए)}} [[सरकारी विधि महाविद्यालय, तिरुवनंतपुरम]] {{small|(एलएल.एम.)}}
| website = {{URL|https://vdsatheesan.com}}
}}
'''वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन''' (जन्म 31 मई 1964) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और अधिवक्ता हैं, जो मई 2026 से केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे 2001 से [[परावूर विधानसभा क्षेत्र]] का प्रतिनिधित्व [[केरल विधान सभा]] में कर रहे हैं।
[[2026 केरल विधानसभा चुनाव|2026 केरल विधानसभा चुनाव]] में उन्होंने कांग्रेस-नीत [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (केरल)|यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ)]] का नेतृत्व किया। इस चुनाव में गठबंधन ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर सीपीआई(एम)-नीत [[वाम लोकतांत्रिक मोर्चा|वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)]] के दस वर्षीय शासन का अंत किया।<ref>{{cite news |title=Who is V.D. Satheesan? Kerala’s new CM & grassroots Congress leader who led UDF’s comeback |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/who-is-vd-satheesan-long-time-paravur-mla-now-set-to-lead-kerala-as-chief-minister/articleshow/131085546.cms |work=The Times of India |access-date=17 May 2026}}</ref>
== प्रारंभिक जीवन ==
वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन का जन्म 31 मई 1964 को [[नेट्टूर]], केरल में एक [[नायर]] परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता वडास्सेरी विलासिनी अम्मा और के. दामोदर मेनन थे।<ref>[http://www.hindustanpages.com/shri-v-d-satheesan-mla-paravur-kerala Hindustan Pages]{{Dead link|date=July 2025 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref>
उन्होंने [[कोच्चि|पनंगाड]] के पनंगाड हाई स्कूल में शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवरा से समाजशास्त्र में प्री-डिग्री तथा [[कला स्नातक|बी.ए.]] की उपाधि प्राप्त की।<ref>{{cite web |title=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy |url=https://www.vdsatheesan.com/my-journey |website=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy |language=en}}</ref>
इसके पश्चात उन्होंने [[केरल विधि अकादमी विधि महाविद्यालय|केरल लॉ अकादमी लॉ कॉलेज]] से [[विधि स्नातक|एलएल.बी.]] तथा [[सरकारी विधि महाविद्यालय, तिरुवनंतपुरम|गवर्नमेंट लॉ कॉलेज]], [[तिरुवनंतपुरम]] से [[कानून के मास्टर|एलएल.एम.]] की डिग्री प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=https://english.mathrubhumi.com/mbifl2020/speakers/v-d-satheesanv-d-satheesan-mbifl-2020-1.4471666|title = V D Satheesan}}</ref><ref name=":2" /><ref>{{Cite web |title=Personal Profile {{!}} Adv. VD SATHEESAN |url=https://vdsatheesan.org/personal-profile/ |access-date=2026-05-18 |language=en-US}}</ref>
उन्होंने राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज, [[कलामस्सेरी]] से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त किया।<ref>{{cite news |title=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy |url=https://www.vdsatheesan.com/my-journey |work=V D Satheesan: A Journey Through Leadership and Advocacy |language=en}}</ref>
सतीशन ने 1990 के दशक में लगभग 10 वर्षों तक [[केरल उच्च न्यायालय]] में वकालत की।<ref name=":2">{{Cite web|url=http://www.niyamasabha.org/codes/13kla/members/v_d_satheesan.htm|title = Members - Kerala Legislature}}</ref>
उन्हें पढ़ने और ट्रेकिंग का शौक है।<ref name="nm14" /> उन्होंने दो पुस्तकों की रचना भी की है।<ref>{{cite news |title=V D Satheesan’s book ‘Adam Nee Evide Aakunnu’ to be released on May 9 amid CM race |url=https://www.onmanorama.com/news/kerala/2026/05/08/vd-satheesan-new-book-release.html |work=@onmanorama |language=en}}</ref>
उनका विवाह आर. लक्ष्मी प्रिया से हुआ है तथा दंपति की एक पुत्री उन्निमाया है।<ref>{{Cite web |title=പിണറായി വിജയന്റെ കരുത്തിനെ നേരിടാൻ വി.ഡി സതീശന്റെ പോരാട്ടവീര്യം |url=https://www.manoramaonline.com/news/kerala/2021/05/22/satheesan-as-a-person-against-pinarayi-s-power.html |access-date=26 May 2021 |website=ManoramaOnline |language=ml}}</ref>
== राजनीतिक जीवन ==
सतीशन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में की और [[केरल स्टूडेंट्स यूनियन]] (केएसयू) से जुड़े। वर्ष 1986–1987 के दौरान वे KSU प्रत्याशी के रूप में [[महात्मा गांधी विश्वविद्यालय छात्र संघ]] के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने [[नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया]] के सचिव के रूप में भी कार्य किया तथा बाद में यूथ कांग्रेस में उभरते हुए नेतृत्वकर्ता बने।<ref name="Members - Kerala Legislature">{{Cite web |title=Members - Kerala Legislature|url=http://www.niyamasabha.org/codes/13kla/members/v_d_satheesan.htm|access-date=20 May 2021|website=www.niyamasabha.org}}</ref><ref name=":4">{{cite web |last1=TOI News Desk |title=Who is VD Satheesan? Kerala's new CM & grassroots Congress leader who led the UDF's comeback, ending LDF rule |url=https://timesofindia.indiatimes.com/india/who-is-vd-satheesan-long-time-paravur-mla-now-set-to-lead-kerala-as-chief-minister/articleshow/131085546.cms |website=Times of India |access-date=14 May 2026}}</ref>
विधायी राजनीति में उनका पहला प्रवेश 1996 में हुआ, जब वे वकालत कर रहे थे। उन्होंने [[परावूर विधानसभा क्षेत्र]] से [[केरल विधान सभा]] का चुनाव लड़ा, जो उस समय वामपंथियों का गढ़ माना जाता था। इस चुनाव में वे [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी]] के उम्मीदवार [[पी. राजू]] से मामूली अंतर से हार गए।<ref name="nm14">{{cite news |last1=Surya |first1=Jisha |title=How VD Satheesan fought his way to Kerala's top post |url=https://www.thenewsminute.com/kerala/how-vd-satheesan-fought-his-way-to-keralas-top-post |access-date=14 May 2026 |publisher=The News Minute}}</ref>
उन्होंने 2001 के केरल विधानसभा चुनाव में पुनः उसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। इसके बाद वे लगातार 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में निर्वाचित होते रहे।<ref>{{Cite web|last=Sushanth|title=ASSEMBLY ELECTIONS 1957 - 2016(Kerala)|url=https://data-analytics.github.io/Election_Data/kerala.html|access-date=20 May 2021|website=data-analytics.GitHub.io}}</ref><ref>{{Cite news|last=Sudhi|first=K. s|date=19 March 2021|title=Kerala Assembly Elections {{!}} Congress banks yet again on Satheesan in Paravur|language=en-IN|work=The Hindu|url=https://www.thehindu.com/elections/kerala-assembly/congress-banks-yet-again-on-satheesan-in-paravur/article34103288.ece|access-date=20 May 2021|issn=0971-751X}}</ref>
मई 2021 में उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा मोड़ आया, जब [[कांग्रेस कार्य समिति]] ने उन्हें [[15वीं केरल विधानसभा]] में [[विपक्ष का नेता]] नियुक्त किया।<ref>{{Cite web|last=തങ്ങള്|first=ശിഹാബുദ്ദീന്|title=ഇനി പ്രതിപക്ഷത്തിന്റെ ചാട്ടുളി സതീശന്; തിരിച്ചുവരവിലേക്കുള്ള ആദ്യചുവട്|url=https://www.mathrubhumi.com/news/kerala/vd-satheeshan-leader-of-opposition-in-kerala-1.5685199|access-date=22 May 2021|website=Mathrubhumi|language=en}}</ref>
उनकी नियुक्ति अप्रत्याशित मानी गई क्योंकि इससे पहले उनके पास मंत्री पद का कोई अनुभव नहीं था। उन्हें पूर्व में मंत्री पद नहीं मिला था, जिसका कारण प्रभावशाली सामुदायिक और सांप्रदायिक समूहों के साथ उनके तनावपूर्ण संबंध बताए जाते हैं।<ref name="nm14" />
इसके बाद वे [[यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट]] (यूडीएफ) के प्रमुख नेताओं में उभरे तथा सत्तारूढ़ [[वाम लोकतांत्रिक मोर्चा]] (एलडीएफ) के मुखर आलोचक बने। उन्हें 2024 के [[लोकसभा चुनाव]], 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों, कई उपचुनावों तथा 2026 के विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की सफलताओं का प्रमुख रणनीतिकार माना गया।<ref name="nm14" />
उन्हें 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को निर्णायक विजय दिलाने का श्रेय भी दिया जाता है, जिसमें गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतीं।<ref>{{Cite web |last=Radhakrishnan |first=M. G. |date=2026-05-11 |title=Kerala Election Results 2026: UDF Landslide Ends Communist Rule as the Last Left Citadel Falls |url=https://frontline.thehindu.com/politics/kerala-election-results-2026-last-left-citadel-falls-udf-victory/article70947919.ece |access-date=2026-05-14 |website=Frontline |language=en}}</ref>
उनकी राजनीतिक शैली को आक्रामक, आत्मविश्वासी और टकरावपूर्ण बताया गया है। पारंपरिक कांग्रेस राजनीति से अलग, उन्होंने केरल के प्रभावशाली सांप्रदायिक संगठनों का समर्थन पाने में विशेष रुचि नहीं दिखाई।<ref name="nm14" />
पार्टी के भीतर उन्हें युवा और सुधारवादी धड़े का प्रतिनिधि माना जाता है।<ref name=":4" /> भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। हालांकि, पालक्काड के विधायक [[राहुल मामकूटथिल]] (जिन्हें बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया) से जुड़े यौन उत्पीड़न आरोपों ने उन्हें राजनीतिक झटका दिया।<ref name="nm14" />
14 मई 2026 को यूडीएफ की विजय और पार्टी नेताओं के बीच लंबे विचार-विमर्श के बाद [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] ने सतीशन को केरल का मुख्यमंत्री-निर्वाचित घोषित किया।<ref name=":3">{{Cite web |last=Singh |first=Rahul Gautam Mausami |date=2026-05-14 |title=Congress names VD Satheesan as Kerala Chief Minister after 10 days of suspense |url=https://www.indiatoday.in/elections/assembly/story/six-time-congress-mla-vd-satheesan-likely-to-be-named-kerala-chief-minister-after-10-days-of-suspense-2911548-2026-05-14 |access-date=2026-05-14 |website=India Today |language=en}}</ref>
19 मई 2026 को वी. डी. सतीशन ने तिरुवनंतपुरम में 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल के साथ केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।<ref>{{cite web |title=VD Satheesan With 20-Member Cabinet To Take Oath In Kerala Today |url=https://www.ndtv.com/india-news/vd-satheesan-with-20-member-cabinet-to-take-oath-in-kerala-today-11509390 |website=NDTV}}</ref>
==संदर्भ==
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हसन मोदरेश का मकबरा
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हसन मोदरेश का मकबरा (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس)[a] ईरान के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
इस मकबरे को 14 मार्च 2005 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
इस मकबरे को 14 मार्च 2005 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
इस मकबरे को 14 मार्च 2005 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
इस मकबरे को 14 मार्च 2005 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
इस मकबरे को 14 मार्च 2005 को ईरान नेशनल हेरिटेज लिस्ट में जोड़ा गया था, जिसे ईरान का कल्चरल हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स और टूरिज्म ऑर्गनाइज़ेशन मैनेज करता है।
==सन्दर्भ==
<references/>
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
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'''हसन मोदरेश का मकबरा''' (फ़ारसी: آرامگاه سید حسن مدرس) [[ईरान]] के रज़ावी खोरासान प्रांत के काश्मार में एक ट्वेल्वर शिया इस्लामिक मकबरा है। इस मकबरे में सैय्यद हसन मोदरेश के अवशेष हैं, जो एक जाने-माने शिया धर्मगुरु थे और पहले इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के कैबिनेट प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे। 1937 में उनकी हत्या कर दी गई थी, और 1943 ईस्वी में रेज़ा शाह पहलवी के ज़बरदस्ती गद्दी छोड़ने के बाद उनकी कब्र पर यह मकबरा बनाया गया था।
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== गैलरी ==
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File:Hassan Modarres, c. 1930s (cropped).jpg|[[हसन मोदारेस]] का पोर्ट्रेट एंटोइन सेवरुगुइन द्वारा 1930 के दशक में लिया गया
File:Tomb of Hassan Modarres2021-03-23 17.jpg|मकबरे का मुख्य प्रवेश द्वार
File:Tomb of Hassan Modarres2021-03-23 40.jpg|गुंबद के नीचे कब्र को लकड़ी की ज़रीह से घेरा गया है
File:Hassan Modarres Mausoleum2024-06-16 12.jpg|हसन मोदारेस के मकबरे का एक बड़ा दृश्य
File:Hassan Modarres Mausoleum2024-06-16 11.jpg|हसन मोदारेस के मकबरे का अंदर का नज़ारा
</gallery>
==सन्दर्भ==
<references/>
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कॉकरोच जनता पार्टी
0
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2026-05-21T18:01:57Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
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text/x-wiki
{{Infobox political party
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| founder = अभिजीत दिपके
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| slogan = आलसियों और बेरोज़गारों की आवाज़
| website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}}
}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== युवा शाखा ==
आंदोलन से बड़ी संख्या में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के जुड़ने के बाद, CJP ने अपनी आधिकारिक युवा इकाई '''कॉकरोच युवा पार्टी (CYP)''' का गठन किया। इस शाखा का मुख्य उद्देश्य सरकारी भर्ती प्रणालियों की खामियों और लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे युवाओं को एक मंच प्रदान करना है।
सीवाईपी ने मुख्य रूप से उन छात्रों की समस्याओं को अपना केंद्र बनाया है, जो वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करने के बावजूद प्रशासनिक विफलताओं का शिकार होते हैं। यह विंग खुद को "सिस्टम द्वारा ठगे गए युवाओं की आवाज़" के रूप में प्रस्तुत करती है।<ref>{{Cite web|url=https://cockroachyuvaparty.in|title=Cockroach Yuva Party|date=|website=कॉकरोच युवा पार्टी|access-date=20 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
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| slogan = आलसियों और बेरोज़गारों की आवाज़
| website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}}
}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== युवा शाखा ==
आंदोलन से बड़ी संख्या में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के जुड़ने के बाद, CJP ने अपनी आधिकारिक युवा इकाई '''कॉकरोच युवा पार्टी (CYP)''' का गठन किया। इस शाखा का मुख्य उद्देश्य सरकारी भर्ती प्रणालियों की खामियों और लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे युवाओं को एक मंच प्रदान करना है।
सीवाईपी ने मुख्य रूप से उन छात्रों की समस्याओं को अपना केंद्र बनाया है, जो वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करने के बावजूद प्रशासनिक विफलताओं का शिकार होते हैं। यह विंग खुद को "सिस्टम द्वारा ठगे गए युवाओं की आवाज़" के रूप में प्रस्तुत करती है।<ref>{{Cite web|url=https://cockroachyuvaparty.in|title=Cockroach Yuva Party|date=|website=कॉकरोच युवा पार्टी|access-date=20 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
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| website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}}
}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
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| slogan = आलसियों और बेरोज़गारों की आवाज़
| website = {{URL|https://cockroachjantaparty.org}}
}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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}}
'''कॉकरोच जनता पार्टी''' (CJP; तिलचट्टा जनता पार्टी) भारत का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी स्थापना 16 मई 2026 को [[आम आदमी पार्टी]] के पूर्व सोशल मीडिया प्रचारक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की थी।<ref name="telegraph">{{cite web|url=https://www.telegraphindia.com/india/cji-surya-kant-may-clarify-but-cockroach-janata-party-is-ready-for-dissent-one-laugh-at-a-time/cid/2161212|title=CJI may clarify but Cockroach Janata Party is ready for dissent, one laugh at a time|date=18 मई 2026|website=द टेलीग्राफ इंडिया|access-date=19 मई 2026}}</ref><ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/story/cockroach-janta-party-40000-members-mahua-moitra-kirti-azad-gen-z-convention-2913347-2026-05-18|title=Cockroach Janta Party debuts, admits two TMC MPs within 2 days|date=18 मई 2026|website=इंडिया टुडे|access-date=19 मई 2026}}</ref>
यह आंदोलन भारत के [[मुख्य न्यायधीश (भारत)|मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकांत]] की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवी" से की थी।<ref name="boom">{{cite web|url=https://www.boomlive.in/explainers/the-cockroach-janta-party-how-a-cji-comment-became-a-movement-31586|title=The Cockroach Janta Party: How A CJI Comment Became A Movement|date=18 मई 2026|website=बूम फेक्ट चेक|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इतिहास ==
15 मई 2026 को [[भारत का उच्चतम न्यायालय|सर्वोच्च न्यायालय]] में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोजगार युवा "कॉकरोच" की तरह हैं। इसके अगले दिन अभिजीत दिपके ने एक्स पर "कॉकरोच जनता पार्टी" की घोषणा की और इसे सभी "कॉकरोचों" का मंच बताया।<ref name="nationalherald">{{cite web|url=https://www.nationalheraldindia.com/national/laugh-if-you-want-but-cockroaches-uniting-joining-cockroach-janata-party-in-droves|title=Laugh if you like but cockroaches uniting, joining 'Cockroach Janta Party' in droves|date=18 मई 2026|website=नेशनल हेराल्ड|access-date=19 मई 2026}}</ref>
16 मई 2026 को पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट शुरू की गई। कुछ ही दिनों में इस आंदोलन से हजारों लोग जुड़ने का दावा किया गया।
== विचारधारा ==
पार्टी खुद को "युवाओं की, युवाओं द्वारा और युवाओं के लिए" आंदोलन बताती है।
इसके प्रमुख मुद्दे हैं:
* महिलाओं को 50% आरक्षण
* मीडिया की स्वतंत्रता
* चुनावी पारदर्शिता
* दल-बदल करने वाले नेताओं पर रोक
* [[सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005|आरटीआई]] के तहत जवाबदेही
== सदस्यता ==
पार्टी की सदस्यता शर्तें व्यंग्यात्मक तरीके से बनाई गई हैं:
* बेरोजगार होना
* आलसी होना
* रोज़ लंबे समय तक ऑनलाइन रहना
* प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता
पार्टी का कहना है कि सदस्यता में धर्म, जाति और लिंग का कोई महत्व नहीं है।
== चुनाव ==
मई 2026 में खबरें आईं कि पार्टी बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतार सकती है।
== प्रमुख समर्थक ==
[[तृणमूल कांग्रेस]] के सांसद महुआ मोइत्रा और [[कीर्ति आज़ाद]] ने पार्टी में रुचि दिखाई थी।
== प्रतिक्रिया ==
इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर "मीम आधारित" और "हाइपर-आयरॉनिक" आंदोलन कहा गया। कई लोगों ने इसे युवाओं की नाराज़गी और व्यंग्य का प्रतीक माना।<ref name="groundreport">{{cite web|url=https://www.groundreport.in/viral/cockroach-janta-party-explained-who-founded-it-why-its-going-viral-what-it-stands-for/|title=Cockroach Janta Party Explained|date=18 मई 2026|website=ग्राउंड रिपोर्ट|access-date=19 मई 2026}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत में राजनीतिक दलों की सूची]]
== सन्दर्भ ==
{{reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Official website|https://cockroachjantaparty.org}}
* [https://instagram.com/cockroachjantaparty आधिकारिक इंस्टाग्राम]
* [https://x.com/CJP_2029 आधिकारिक एक्स खाता]
[[श्रेणी:भारत में राजनैतिक आन्दोलन]]
[[श्रेणी:आंदोलन]]
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श्रीविजय पर चोलों का आक्रमण
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{{ज्ञानसन्दूक सैन्य संघर्ष
| conflict = श्रीविजय साम्राज्य पर चोल राजा का आक्रमण
| partof = राजेंद्र चोल प्रथम का दक्षिण-पूर्व एशिया अभियान
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| date = 1025–1026 AD<ref name=":02">{{Cite book |last1=Miksic |first1=John N. |title=Ancient Southeast Asia |last2=Goh |first2=Geok Yian |date=2017 |publisher=Routledge |location=London }}</ref>{{rp|394, 402}}
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*[[श्रीविजय राजवंश|श्रीविजय]] में[[चोल]] का प्रभाव
* संग्राम विजयतुंगगवर्मन पर कब्ज़ा कर लिया गया
* श्रीविजय [[मण्डल (राजनैतिक मॉडल)|मण्डल]] का विघटन
| combatant1 = [[File:Flag of Chola Kingdom.png|22px]] [[चोल साम्राज्य]]
| combatant2 = [[File:Bendera Kerajaan Sriwijaya.png|23px|border]] [[श्रीविजय राजवंश|श्रीविजय साम्राज्य]]
| commander1 = [[File:Flag of Chola Kingdom.png|22px]] '''[[राजेन्द्र चोल प्रथम]]'''<br>[[File:Flag of Chola Kingdom.png|22px]] बीमासीनन<br>[[File:Flag of Chola Kingdom.png|22px]] अमरबुजंगन दिवाकर<br> [[File:Flag of Chola Kingdom.png|22px]]करुणाकरण
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| units1 = [[चोल नौसेना]]<br />[[चोल सेना]]
| units2 = श्रीविजय नौसेना<br />श्रीविजय सेना
}}
1025 ईस्वी में चोल सम्राट [[राजेन्द्र चोल प्रथम|राजेंद्र प्रथम]] ने समुद्री दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित [[श्रीविजय राजवंश|श्रीविजय साम्राज्य]] के विरुद्ध एक व्यापक नौसैनिक अभियान आरम्भ किया। इस आक्रमण के परिणामस्वरूप श्रीविजय के शक्तिशाली [[शैलेन्द्र राजवंश]] का पतन आरम्भ हुआ और क्षेत्र की राजनीतिक तथा व्यापारिक संरचना पर गहरा प्रभाव पड़ा।<ref name="Munoz">{{cite book |last=Munoz|first=Paul Michel|title=Early Kingdoms of the Indonesian Archipelago and the Malay Peninsula|publisher=Editions Didier Millet|year=2006|location=Singapore|url=https://books.google.com/books?id=NqwuAQAAIAAJ |isbn= 981-4155-67-5}}</ref>
राजेंद्र प्रथम का यह विदेशी अभियान भारतीय इतिहास में एक अत्यंत विशिष्ट घटना माना जाता है, क्योंकि [[दक्षिण पूर्व एशिया|दक्षिण-पूर्व एशियाई]] राज्यों के साथ भारत के संबंध सामान्यतः सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक सहयोग पर आधारित रहे थे। [[चोल राजवंश|चोल साम्राज्य]] के इस अभियान के दौरान वर्तमान [[इंडोनेशिया]] और [[मलय प्रायद्वीप]] के अनेक महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों तथा समुद्री केंद्रों पर आक्रमण किए गए।<ref>Nagapattinam to Suvarnadwipa: Reflections on the Chola Naval Expeditions to Southeast Asia by Hermann Kulke, K Kesavapany, Vijay Sakhuja p.170</ref><ref>Trade and Trade Routes in Ancient India by Moti Chandra p.214</ref> यह केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि समुद्री व्यापार मार्गों पर प्रभाव स्थापित करने का भी प्रयास था।
इस अभियान के बाद [[दक्षिण पूर्व एशिया]] में [[तमिल|तमिल व्यापारी संघों]]—जैसे मणिग्रामम्, अय्यावोले और ऐन्नूरुवर—की गतिविधियों और प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।<ref>Buddhism, Diplomacy, and Trade: The Realignment of Sino-Indian Relations 600-1400 by Tansen Sen p.159</ref><ref>Power and Plenty: Trade, War, and the World Economy in the Second Millennium by Ronald Findlay, Kevin H. O'Rourke p.69</ref><ref>Wink, André, ''Al-Hind: The Making of the Indo-Islamic World, Vol. I, Early Medieval India and the Expansion of Islam: 7th-11th centuries'', p.325, {{ISBN|978-0391041738}}</ref><ref>Ancient Indian History and Civilization by Sailendra Nath Sen p.564</ref> इन व्यापारिक समुदायों ने भारतीय संस्कृति, भाषा, व्यापारिक परंपराओं और धार्मिक विचारों को समुद्री मार्गों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चोलों का यह अभियान महान [[बंगाल|बंगाली]] [[बौद्ध धर्म|बौद्ध]] विद्वान [[अतीश दीपंकर|अतीश]] के जीवनकाल से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। लगभग 982 से 1054 ईस्वी के मध्य जीवित रहे अतीश उसी समय [[सुमात्रा]] से [[भारतीय उपमहाद्वीप|भारत]] और [[तिब्बत]] की ओर लौट रहे थे।<ref>Atisa and Tibet: Life and Works of Dipamkara Srijnana by Alaka Chattopadhyaya p.91</ref>
== सन्दर्भ ==
[[श्रेणी:सागर-पार साम्राज्य]]
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2026 एशियाई राइफल/पिस्तौल चैंपियनशिप
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'''2026 एशियाई राइफल/पिस्तौल चैंपियनशिप''' एशियाई राइफल/पिस्तौल चैंपियनशिप का दूसरा संस्करण था, जो 2 से 14 फरवरी 2026 तक डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज, [[नई दिल्ली]], [[भारत]] में आयोजित किया गया था।<ref>{{cite news |title=2026 Asian Rifle / Pistol Championships - General Information |url=https://backoffice.issf-sports.org/getfile.aspx?mod=docf&pane=1&inst=668&file=ASC-RP-New-Delhi-2026-General-Information-Update-14.01.2026.pdf |access-date=22 February 2026|work=International Shooting Sport Federation}}</ref>
== संदर्भ ==
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Babukumar123
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'''ओलीवर बाज़''' (अंग्रेज़ी: Oliver Baaz; वास्तविक नाम: '''संजय राव''') झारखंड के जमशेदपुर के एक भारतीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया मैनेजर हैं।<ref name="imdb" /> ये मुख्य रूप से मोबाइल गेमिंग सामग्री और डिजिटल मीडिया प्रबंधन से जुड़े हैं।
== प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ==
संजय राव का जन्म और पालन-पोषण जमशेदपुर, झारखंड में हुआ। इन्होंने अपनी शिक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड से पूरी की।<ref name="medium" />
== कार्यक्षेत्र ==
इन्होंने अपने करियर की शुरुआत मोबाइल गेमिंग पर आधारित वीडियो सामग्री तैयार करके की। इसके साथ ही ये डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में भी काम करते हैं।<ref name="tmdb" />
== सन्दर्भ ==
{{reflist|refs=<ref name="imdb">"[https://www.imdb.com/ ओलीवर बाज़ - आईएमडीबी]". आईएमडीबी.</ref>
<ref name="medium">"[https://medium.com/ जमशेदपुर के स्थानीय कंटेंट क्रिएटर संजय राव (ओलीवर बाज़)]". मीडियम.</ref>
<ref name="tmdb">"[https://www.themoviedb.org/ ओलीवर बाज़ प्रोफाइल]". द मूवी डेटाबेस (टीएमडीबी).</ref>}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://oliverbaaz.blogspot.com ओलीवर बाज़ की आधिकारिक वेबसाइट]
* [https://in.linkedin.com/in/oliver-baaz-b71993408 लिंक्डइन पर ओलीवर बाज़]
* [https://www.stage32.com/profile/1372796 स्टेज 32 पर ओलीवर बाज़]
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तिजोरी में रखा सोना
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अंग्रेज़ी लेख "Vaulted gold" का हिन्दी अनुवाद; स्रोत, संदर्भ और उपलब्ध आंतरिक कड़ियाँ जोड़ीं।
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[[File:Goldvault nyc.jpg|thumb|न्यूयॉर्क में सोने की तिजोरी]]
'''तिजोरी में रखा सोना''' उस [[बुलियन]] [[सोना|सोने]] को कहा जाता है जिसे [[बैंक]]ों या पेशेवर भंडारण-सुविधाओं की सुरक्षित तिजोरियों में रखा जाता है।<ref>World Gold Council: Vaulted gold. In: An investor’s guide to the gold market, European Edition, p. 46, December 2011</ref> ऐसे सोने के खरीदारों को उस भौतिक सोने का प्रत्यक्ष स्वामित्व मिलता है, जिसे उनके लिए तिजोरी में सुरक्षित रखा जाता है। यह सोने पर आधारित संरचित वित्तीय उत्पादों, जैसे गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों, से अलग है; ऐसे उत्पाद सामान्यतः सोने के मूल्य को दर्शाते हैं, लेकिन निवेशक को स्वयं भौतिक सोने का प्रत्यक्ष स्वामित्व नहीं देते।<ref name="WGC-investor-guidance">{{cite web |title=Retail Gold Investment: Investor Guidance |publisher=World Gold Council |url=https://retailinvestment.gold/download/file/109/investor-guidance-en.pdf |format=PDF |access-date=14 May 2026}}</ref>
तिजोरी में रखे सोने के साथ प्रायः शुल्क देकर निकासी या डिलीवरी का विकल्प भी दिया जाता है। इसका अर्थ है कि निवेशक अपने स्वामित्व वाले सोने की डिलीवरी मांग सकते हैं या उसे सीधे तिजोरी से प्राप्त कर सकते हैं।<ref name="WGC-RGI-principles">{{cite web |title=Retail Gold Investment Principles |publisher=World Gold Council |url=https://www.gold.org/download/file/16998/RGI-Principles-EN.pdf |format=PDF |access-date=14 May 2026}}</ref>
== इतिहास ==
ऐतिहासिक रूप से, तिजोरी में रखा सोना मुख्यतः धनी निजी बैंकिंग ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था। उदाहरण के लिए, स्विस निजी बैंक सोने के खातों के रूप में ऐसी सेवाएँ देते थे। बाद में बैंकों और गैर-बैंक प्रदाताओं, जैसे कीमती धातुओं के व्यापारियों, ने निजी निवेशकों को तिजोरी-आधारित सोना और ऐसे सोने पर आधारित बचत योजनाएँ उपलब्ध करानी शुरू कीं। उदाहरण के लिए, सोना-संचय योजनाओं के शुरुआती रूपों में से कुछ 1980 के दशक में कीमती धातुओं की व्यापारिक कंपनी तनाका किन्ज़ोकु कोग्यो द्वारा शुरू किए गए थे।<ref>Song, Yasumasa: Japanese Young Boost Gold Buying Amid Recession, Retailer Says. Bloomberg vom 22. März 2009</ref>
== अंतर ==
तिजोरी में रखे सोने के खरीदार सोने का प्रत्यक्ष स्वामित्व प्राप्त करते हैं। इसके विपरीत, सोने के मूल्य पर आधारित संरचित उत्पादों के खरीदार उत्पाद जारी करने वाली संस्था के विरुद्ध दावा प्राप्त करते हैं, लेकिन सोने का प्रत्यक्ष स्वामित्व नहीं। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड या एक्सचेंज-ट्रेडेड कमोडिटी उत्पाद तिजोरी में रखे सोने द्वारा समर्थित हो सकते हैं।<ref>{{cite web|author=Risk.net |url=http://www.risk.net/structured-products/news/1585544/etf-securities-offers-diversification-vaulted-gold-backed-etc |title=ETF Securities offers diversification with vaulted gold backed ETC |publisher=Risk.net |date=2010-01-13 |access-date=2014-12-16}}</ref> कानूनी दृष्टि से, ऐसे शेयरों या इकाइयों के धारक की भौतिक सोने के संबंध में स्थिति प्रत्यक्ष रूप से तिजोरी में रखे सोने के स्वामी की स्थिति से बहुत अलग होती है।
थोक कीमती धातु बाज़ार में सोने की डिलीवरी कई तरीकों से की जा सकती है। इनमें किसी डीलर की तिजोरी या किसी अन्य स्थान पर भौतिक डिलीवरी, डीलर के पास आवंटित या अनावंटित खाते में क्रेडिट, या लंदन कीमती धातु क्लियरिंग के माध्यम से किसी तीसरे पक्ष के अनावंटित खाते में निपटान शामिल हो सकता है।<ref>{{cite web |title=Annex 3: Wholesale Precious Metals Spot, Forward and Deposits in Precious Metals Basic Market Definitions |url=https://www.lbma.org.uk/publications/the-code/annex-3-wholesale-precious-metals-spot-forward-and-deposits-in-precious-metals-basic-market-definitions |access-date=21 May 2026 |website=London Bullion Market Association}}</ref>
बुलियन बैंक तथाकथित सोना खाते प्रदान करते हैं। आवंटित सोना खाते निवेशकों को तिजोरी में रखे सोने का पूर्ण स्वामित्व देते हैं, जबकि अनावंटित सोना खाते निवेशकों को प्रदाता के विरुद्ध केवल दावा देते हैं, सोने का प्रत्यक्ष स्वामित्व नहीं।<ref name="WGC-investor-guidance" /><ref name="GAR-allocated-unallocated">{{cite web |title=Allocated vs Unallocated Gold: Key Differences |website=Golden Ark Reserve |date=13 September 2025 |url=https://goldenarkreserve.com/blog/allocated-vs-unallocated-gold-key-differences/ |access-date=14 May 2026}}</ref> सामान्यतः बुलियन बैंक किसी भी प्रकार के खाते में 1000 ट्रॉय औंस से कम मात्रा में कारोबार नहीं करते; यह मात्रा लगभग 17 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर हो सकती है।<ref>World Gold Council: Gold accounts. In: An investor’s guide to the gold market, European Edition, p. 45, December 2011</ref> इसलिए सोना खाते मुख्यतः संस्थागत निवेशकों या अत्यंत धनी निजी निवेशकों के लिए होते हैं।<ref>{{cite web|last=Macleod|first=Alasdair|title=Renewed estimates of Chinese gold demand|url=http://news.goldseek.com/GoldSeek/1396626720.php|publisher=GoldSeek.com|access-date=10 April 2014}}</ref>
अनावंटित खाते थोक कीमती धातु बाज़ार में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं, क्योंकि वे प्रत्येक लेन-देन के लिए अलग-अलग बार आवंटित किए बिना धातु शेष को शीघ्रता से स्थानांतरित करने की सुविधा देते हैं। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के अनुसार, इंटरबैंक, थोक और ओवर-द-काउंटर बाज़ारों में कारोबार होने वाली कीमती धातुओं का संभवतः 90% से अधिक हिस्सा अनावंटित लोको लंदन खातों के माध्यम से क्लियर होता है।<ref>{{cite web |title=Precious Metal Accounts |url=https://www.lbma.org.uk/publications/the-otc-guide/precious-metal-accounts |access-date=21 May 2026 |website=London Bullion Market Association}}</ref>
== विशेषताएँ ==
सोने से समर्थित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड [[प्रतिभूति|वित्तीय प्रतिभूतियाँ]] होते हैं और इसलिए वित्तीय बाज़ार विनियमन के अधीन आते हैं। इसके विपरीत, सोने में निवेश के कई अन्य उत्पाद अधिकांशतः विनियमन के दायरे से बाहर होते हैं।<ref name="WGC-RGI-principles" /> हालांकि, [[नीदरलैण्ड|नीदरलैंड]] में पेशेवर रूप से तिजोरी में रखे सोने को "निवेश वस्तु" माना जाता है और इसलिए वह नीदरलैंड अथॉरिटी फॉर द फाइनेंशियल मार्केट्स के विनियमन के अधीन आता है।<ref>GoldMoney closing all Dutch accounts - Digital Gold Currency Magazine in Digital Gold Currency Magazine vom 28. September 2011</ref><ref name="AFM-investment-objects">{{cite web |title=Provider of investment objects |publisher=Netherlands Authority for the Financial Markets |url=https://www.afm.nl/en/sector/aanbieders-beleggingsobjecten |access-date=14 May 2026}}</ref>
खुदरा सोना-निवेश संबंधी मार्गदर्शन तिजोरी-आधारित प्रबंधित सोना उत्पादों की प्रमुख विशेषताओं में भंडारण, डिलीवरी, कानूनी स्वामित्व और लेखा-परीक्षा व्यवस्थाओं को भी शामिल करता है। World Gold Council के खुदरा-निवेश मार्गदर्शन के अनुसार ऐसे उत्पादों में भंडारण व्यवस्था, शुल्क, निवेशक के कानूनी स्वामित्व अधिकारों और इस बात की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि सोना नियमित स्वतंत्र ऑडिट के अधीन है या नहीं।<ref>{{cite web |title=Specific Guidance |url=https://retailinvestment.gold/en/global/investment-principles/specific-guidance |access-date=21 May 2026 |website=Retail Gold Investment Principles}}</ref>
भौतिक कीमती धातुओं से संबंधित निवेशक-सुरक्षा मार्गदर्शन विक्रेता और उत्पाद की लागत-संरचना की जाँच पर भी बल देता है। Financial Industry Regulatory Authority निवेशकों को निवेश करने से पहले विक्रेता और कंपनी की पृष्ठभूमि जाँचने की सलाह देती है और यह भी बताती है कि कीमती धातु बेचने या संग्रहीत करने वाली कंपनियाँ खाता खोलने का शुल्क, बिक्री कमीशन, भंडारण शुल्क, प्रबंधन शुल्क और अन्य लागतें ले सकती हैं।<ref>{{cite web |date=24 March 2026 |title=4 Tips to Know Before Buying Physical Precious Metals |url=https://www.finra.org/investors/insights/physical-precious-metals |access-date=21 May 2026 |website=Financial Industry Regulatory Authority}}</ref>
== जोखिम ==
[[निवेश]] के रूप में [[सोना|सोने]] के बाज़ार-मूल्य जोखिम के अतिरिक्त, तिजोरी में रखे सोने के खरीदार तरलता जोखिम भी उठाते हैं। यह जोखिम प्रदाता और उत्पाद की विशेषताओं के अनुसार काफी भिन्न हो सकता है।
इसके अतिरिक्त, निवेशकों को यह जोखिम भी रहता है कि सोने की धारिता किसी प्रदाता, संरक्षक या व्यक्ति द्वारा गबन कर ली जाए, या तीसरे पक्षों द्वारा चोरी कर ली जाए। World Gold Council के अनुसार, निवेशकों को यह जाँचना चाहिए कि तिजोरी-आधारित सोना सेवाओं के प्रदाता सोने पर प्रत्यक्ष और बिना किसी भार के स्वामित्व दे रहे हैं, ग्राहकों की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई सोना पट्टे पर नहीं दे रहे, सोने को स्वतंत्र और मान्यता-प्राप्त तिजोरी संचालक के पास रख रहे हैं, और ग्राहकों के सोने के नियमित निरीक्षण तथा ऑडिट की अनुमति देते हैं।<ref>cited: World Gold Council: Vaulted gold. In: An investor’s guide to the gold market, European Edition, p. 50-51, December 2011</ref> इसके अतिरिक्त, सोने का सामान्य जोखिमों के विरुद्ध पूर्ण बीमा होना चाहिए।
कपटपूर्ण या अत्यधिक महँगी सोना-निवेश योजनाओं तथा कुछ सोना-विक्रेताओं या मल्टी-लेवल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली अनुचित बिक्री-रणनीतियों की विभिन्न आलोचनाएँ भी हुई हैं।<ref>{{cite web|url=https://abcnews.go.com/Blotter/confessions-gold-scammer/story?id=14824124#.UDTkKI7JfXo |title=Confessions of a Gold Scammer - ABC News |publisher=Abcnews.go.com |date=2011-10-27 |access-date=2012-10-06}}</ref> World Gold Council का निवेशक-मार्गदर्शन खुदरा सोना-खरीदारों को यह विचार करने की सलाह देता है कि संभावित लाभ और जोखिम निष्पक्ष रूप से बताए गए हैं या नहीं, और क्या वे अनुचित दबाव के बिना निवेश निर्णय ले सकते हैं।<ref name="WGC-investor-guidance" /> ब्रिटेन की Financial Conduct Authority निवेश में शीघ्र कार्रवाई का दबाव और ऊँचे प्रतिफल के वादों को घोटालों के चेतावनी-संकेतों के रूप में पहचानती है।<ref name="FCA-scams">{{cite web |title=Protect yourself from scams |publisher=Financial Conduct Authority |url=https://www.fca.org.uk/consumers/protect-yourself-scams |access-date=14 May 2026}}</ref>
संयुक्त राज्य अमेरिका की Federal Trade Commission भी चेतावनी देती है कि कीमती धातुओं और सिक्कों से जुड़े निवेश घोटालों में विक्रेता स्वयं को धातु-विक्रेता या दुर्लभ सिक्कों के व्यापारी के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जल्दी खरीदारी कराने के लिए तात्कालिकता पैदा कर सकते हैं, अपनी योग्यता या अनुभव के बारे में भ्रामक दावे कर सकते हैं, और वादा की गई वस्तु उपलब्ध कराने में विफल रह सकते हैं।<ref>{{cite web |date=December 2023 |title=Investment Scams |url=https://consumer.ftc.gov/articles/investment-scams |access-date=21 May 2026 |website=Federal Trade Commission}}</ref>
== इन्हें भी देखें ==
* [[बुलियन]]
* [[सोना]]
* [[निवेश]]
* [[बैंक]]
* [[स्वर्ण भंडार]]
* [[गुड डिलीवरी|<nowiki>[[गुड_डिलीवरी]]</nowiki>]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
[[श्रेणी:सोना]]
[[श्रेणी:निवेश]]
[[श्रेणी:सुरक्षा]]
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{{Infobox sport governing body|name=World Karate Federation|abbrev=WKF|logo=World Karate Federation logo.svg|logosize=|sport=[[कराटे]]|category=|image=|caption=|jurisdiction=Worldwide|founded={{start date and age|1970|10|10|df=y}}<ref>{{cite web|url=http://wuko.net/ |title=WUKO Blog | Blog WUKO – WKF |publisher=Wuko.net |access-date=2015-09-30}}</ref><ref>{{cite web|url=http://olympictalk.nbcsports.com/2013/05/28/karates-pitch-for-the-2020-olympics/|title=Karate's pitch for the 2020 Olympics - OlympicTalk|date=28 May 2013 |publisher=Plympictalk.nbcsports.com|access-date=5 November 2014}}</ref><ref>{{cite web|url=http://wkf-web.net/index.php/organization/wkf-history.html?showall=&start=11|title=World Karate Federation - WKF History|publisher=Wkf-web.net|access-date=29 December 2014}}</ref>|aff=[[IOC]]|affdate=|region=World|regionyear=|headquarters=[[Madrid, Spain]]|president=[[Antonio Espinós]]|chiefexec=Sara Wolfferdown|vicepresident=Jose Garcia-Maañón, Nasser Alrazooqi, Bechir Cherif, Gunnar Nordahl, Michael Kassis, Wolfgang Weigert|prevfounded=|url=https://www.wkf.net/}}
<references />
'''विश्व कराटे महासंघ''' ('''डब्ल्यूकेएफ''') 198 सदस्य देशों के साथ [[कराटे|खेल कराटे]] का एक अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय है।<ref>{{Cite web|url=https://www.wsj.com/articles/which-kind-of-karate-has-olympic-chops-1443206488|title=Which Kind of Karate Has Olympic Chops?|last=Warnock|first=Eleanor|date=2015-09-25|publisher=WSJ|access-date=2015-10-18}}</ref> यह [[अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति|अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति]] द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र कराटे संगठन है और इसके सौ मिलियन से अधिक सदस्य हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.wkf.net/thebook/|title=World Karate Federation - The Book|last=CodexCoder|website=www.wkf.net|access-date=17 April 2018}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=tkOfFhqCjJoC&q=European+Karate+Union+Championships&pg=PA68|title=Karate|last=Smit|first=Sanette|publisher=New Holland|year=2008|isbn=9781847731500|access-date=15 November 2014}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.olympic.org/Documents/Reports/EN/en_report_677.pdf|title=Final Report on the XXVIIth Olympiad|publisher=Olympic.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20111107070616/http://www.olympic.org/Documents/Reports/EN/en_report_677.pdf|archive-date=7 November 2011|access-date=5 November 2014}}</ref><ref>{{Cite news|url=http://blogs.telegraph.co.uk/sport/rodgilmour/9861749/Karates_Olympic_aspirations_likely_to_get_chop/|title=Karate's Olympic aspirations likely to get chop|date=2009-05-21|work=Daily Telegraph|access-date=2010-02-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20100415163926/http://blogs.telegraph.co.uk/sport/rodgilmour/9861749/Karates_Olympic_aspirations_likely_to_get_chop/|archive-date=2010-04-15|location=London}}</ref> डब्ल्यू. के. एफ. अपनी जूनियर और सीनियर कराटे विश्व चैंपियनशिप का आयोजन करता है, जो हर दूसरे वर्ष आयोजित की जाती हैं। डब्ल्यूकेएफ को विश्व खेल में कराटे के लिए शासी निकाय के रूप में अंतर्राष्ट्रीय विश्व खेल संघ (आईडब्ल्यूजीए) का मान्यता प्राप्त सदस्य है डब्ल्यूकेएफ के अध्यक्ष एंटोनियो एस्पिनोस हैं, और मुख्यालय [[मद्रिद|मैड्रिड]], [[स्पेन]] में स्थित हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.theworldgames.org/members|title=Members of the IWGA {{!}} IWGA|website=www.theworldgames.org|access-date=2026-03-31}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://blogs.wsj.com/japanrealtime/2015/09/26/world-karate-federation-president-antonio-espinos-discusses-the-olympic-dream/|title=World Karate Federation President Antonio Espinos Discusses the Olympic Dream - Japan Real Time - WSJ|date=2015-09-26|publisher=Blogs.wsj.com|access-date=2015-09-30}}</ref>
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{{Infobox sport governing body|name=World Karate Federation|abbrev=WKF|logo=World Karate Federation logo.svg|logosize=|sport=[[कराटे]]|category=|image=|caption=|jurisdiction=Worldwide|founded={{start date and age|1970|10|10|df=y}}<ref>{{cite web|url=http://wuko.net/ |title=WUKO Blog | Blog WUKO – WKF |publisher=Wuko.net |access-date=2015-09-30}}</ref><ref>{{cite web|url=http://olympictalk.nbcsports.com/2013/05/28/karates-pitch-for-the-2020-olympics/|title=Karate's pitch for the 2020 Olympics - OlympicTalk|date=28 May 2013 |publisher=Plympictalk.nbcsports.com|access-date=5 November 2014}}</ref><ref>{{cite web|url=http://wkf-web.net/index.php/organization/wkf-history.html?showall=&start=11|title=World Karate Federation - WKF History|publisher=Wkf-web.net|access-date=29 December 2014}}</ref>|aff=[[अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति|IOC]]|affdate=|region=World|regionyear=|headquarters=[[Madrid, Spain]]|president=[[Antonio Espinós]]|chiefexec=Sara Wolfferdown|vicepresident=Jose Garcia-Maañón, Nasser Alrazooqi, Bechir Cherif, Gunnar Nordahl, Michael Kassis, Wolfgang Weigert|prevfounded=|url=https://www.wkf.net/}}
<references />
'''विश्व कराटे महासंघ''' ('''डब्ल्यूकेएफ''') 198 सदस्य देशों के साथ [[कराटे|खेल कराटे]] का एक अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय है।<ref>{{Cite web|url=https://www.wsj.com/articles/which-kind-of-karate-has-olympic-chops-1443206488|title=Which Kind of Karate Has Olympic Chops?|last=Warnock|first=Eleanor|date=2015-09-25|publisher=WSJ|access-date=2015-10-18}}</ref> यह [[अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति|अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति]] द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र कराटे संगठन है और इसके सौ मिलियन से अधिक सदस्य हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.wkf.net/thebook/|title=World Karate Federation - The Book|last=CodexCoder|website=www.wkf.net|access-date=17 April 2018}}</ref><ref>{{Cite book|url=https://books.google.com/books?id=tkOfFhqCjJoC&q=European+Karate+Union+Championships&pg=PA68|title=Karate|last=Smit|first=Sanette|publisher=New Holland|year=2008|isbn=9781847731500|access-date=15 November 2014}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.olympic.org/Documents/Reports/EN/en_report_677.pdf|title=Final Report on the XXVIIth Olympiad|publisher=Olympic.org|archive-url=https://web.archive.org/web/20111107070616/http://www.olympic.org/Documents/Reports/EN/en_report_677.pdf|archive-date=7 November 2011|access-date=5 November 2014}}</ref><ref>{{Cite news|url=http://blogs.telegraph.co.uk/sport/rodgilmour/9861749/Karates_Olympic_aspirations_likely_to_get_chop/|title=Karate's Olympic aspirations likely to get chop|date=2009-05-21|work=Daily Telegraph|access-date=2010-02-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20100415163926/http://blogs.telegraph.co.uk/sport/rodgilmour/9861749/Karates_Olympic_aspirations_likely_to_get_chop/|archive-date=2010-04-15|location=London}}</ref> डब्ल्यू. के. एफ. अपनी जूनियर और सीनियर कराटे विश्व चैंपियनशिप का आयोजन करता है, जो हर दूसरे वर्ष आयोजित की जाती हैं। डब्ल्यूकेएफ को विश्व खेल में कराटे के लिए शासी निकाय के रूप में अंतर्राष्ट्रीय विश्व खेल संघ (आईडब्ल्यूजीए) का मान्यता प्राप्त सदस्य है डब्ल्यूकेएफ के अध्यक्ष एंटोनियो एस्पिनोस हैं, और मुख्यालय [[मद्रिद|मैड्रिड]], [[स्पेन]] में स्थित हैं।<ref>{{Cite web|url=https://www.theworldgames.org/members|title=Members of the IWGA {{!}} IWGA|website=www.theworldgames.org|access-date=2026-03-31}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://blogs.wsj.com/japanrealtime/2015/09/26/world-karate-federation-president-antonio-espinos-discusses-the-olympic-dream/|title=World Karate Federation President Antonio Espinos Discusses the Olympic Dream - Japan Real Time - WSJ|date=2015-09-26|publisher=Blogs.wsj.com|access-date=2015-09-30}}</ref>
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मेलोदी
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'''मेलोदी''' (Melodi) एक लोकप्रिय [[अंतरजाल|अन्तर्जाल]] मिश्रित शब्द और [[सामाजिक मीडिया|सामाजिक माध्यम]] [[मीम]] है, जो [[इटली]] की प्रधानमन्त्री [[जियोर्जिया मेलोनी|जॉर्जिया मेलोनी]] और [[भारत]] के प्रधानमन्त्री [[नरेन्द्र मोदी]] के उपनामों को मिलाकर बना है। यह मीम सामाजिक माध्यमों के एक हल्के-फुल्के मज़ाक़ से विकसित होकर अब भारत और इटली के मध्य अंकीय (डिजिटल) कूटनीति का एक स्वीकृत अंश बन चुका है।{{बहुविकल्पी शब्द}}
[[श्रेणी:नरेंद्र मोदी]]
[[श्रेणी:नरेन्द्र मोदी]]
[[श्रेणी:इटली का राष्ट्रपति]]
[[श्रेणी:इटली]]
[[श्रेणी:भारत]]
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अभिजीत दीपके
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{{Infobox person|name=अभिजीत दिपके|image=|alt=|caption=|birth_name=|birth_date={{Birth date and age|df=yes|१९९५|९|२९}}|birth_place=[[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]], [[महाराष्ट्र]], {{IND}}|death_date=|death_place=|nationality=भारतीय|other_names=|occupation=राजनीतिक संचार रणनीतिकार|years_active=२०२०–वर्तमान|known_for=[[कॉकरोच जनता पार्टी]] के संस्थापक|notable_works=|education=पत्रकारिता में स्नातक की उपाधि ([[पुणे]]) जनसम्पर्क में विज्ञान परास्नातक की उपाधि ([[बोस्टन विश्वविद्यालय]])|website=}}
'''अभिजीत दिपके''' (जन्म २९ सितम्बर १९९५ ईस्वी) एक भारतीय राजनीतिक संचार रणनीतिकार और [[कॉकरोच जनता पार्टी]] (सीजेपी) के संस्थापक हैं, जो [[भारत के मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकान्त]] द्वारा की गई टिप्पणियों की प्रतिक्रिया में मई २०२६ में उभरा एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आन्दोलन है।<ref name="bbc">{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=India has a new political superstar - a cockroach|date=20 May 2026|website=BBC News|access-date=22 May 2026}}</ref><ref name="aljazeera">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन एवं शिक्षा ==
अभिजीत दिपके [[महाराष्ट्र]] के [[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]] (अब छत्रपति सम्भाजीनगर) से हैं। उन्होंने पुणे में पत्रकारिता में स्नातक की उपाधि पूर्ण की।तत्पश्चात् वे [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] चले गए और उन्होंने [[बोस्टन विश्वविद्यालय]] से जनसम्पर्क में विज्ञान परास्नातक (मास्टर ऑफ़ साइन्स, एम.एससी.) की उपाधि प्राप्त की।
== व्यावसायिक जीवन ==
=== आम आदमी पार्टी के साथ कार्य ===
२०२० और २०२३ के मध्य, दिपके ने [[आम आदमी पार्टी]] (आप) के [[सामाजिक मीडिया|सामाजिक माध्यम]] दल के साथ स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया।[[दिल्ली राज्य विधानसभा चुनाव, २०२०|२०२० के दिल्ली विधानसभा चुनाव]] के समय, जिसे 'आप' ने [[अरविंद केजरीवाल|अरविन्द केजरीवाल]] के नेतृत्व में जीता था, दिपके ने युवाओं तक पहुँच और राजनीतिक सन्देश पहुँचाने के उद्देश्य से मीम-आधारित अंकीय (डिजिटल) अभियान पर कार्य किया। मई २०२६ के एक साक्षात्कार में, दिपके ने बताया कि उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए २०२३ में 'आप' छोड़ दी थी।
=== कॉकरोच जनता पार्टी ===
15 मई 2026 को, मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कहाः "तिलचट्टे जैसे युवा हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता है या किसी पेशे में कोई जगह नहीं है। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, [[सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५|आरटीआई]] कार्यकर्ता बन जाते हैं और वे सभी पर हमला करने लगते हैं।" अगले दिन, दीपके ने [[ट्विटर|एक्स]] पर पोस्ट कियाः "क्या होगा अगर सभी तिलचट्टे एक साथ आ जाएं?" फिर उन्होंने एक व्यंग्यपूर्ण ऑनलाइन समूह के रूप में तिलचट्टे जनता पार्टी बनाई, एक वेबसाइट और सदस्यता के लिए एक गूगल फॉर्म स्थापित किया। <ref name="aljazeera">{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest "'Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest"]. </cite></ref><ref name="timesnow">{{Cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक?|date=20 May 2026|website=Times Now Marathi|access-date=22 May 2026}}</ref>[[चित्र:Cjp_Flag.png]]
१५ मई २०२६ को, सर्वोच्च न्यायालय की एक सुनवाई के समय, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त ने टिप्पणी की: "कॉकरोच की तरह कुछ ऐसे युवा हैं, जिन्हें कोई आजीविका नहीं मिलती या किसी व्यवसाय में कोई स्थान नहीं मिलता। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, आरटीआई (सूचना का अधिकार) कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे सभी पर आक्रमण करना प्रारम्भ कर देते हैं।"<ref name="aljazeera2">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> आगामी दिन, दिपके ने [[ट्विटर|एक्स]] (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया: "क्या होगा यदि सभी कॉकरोच (तिलचट्टा) एक साथ आ जाएँ?"<ref name="aljazeera3">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> इसके पश्चात् उन्होंने एक [[जालस्थल]] (वेबसाइट) और सामाजिक माध्यम खाते स्थापित करके, एक व्यंग्यात्मक मंच के रूप में कॉकरोच जनता पार्टी का शुभारम्भ किया।<ref name="timesnow2">{{cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक?|date=20 May 2026|website=Times Now Marathi|access-date=22 May 2026}}</ref><ref name="aljazeera4">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
दिपके ने 'द टेलीग्राफ़' को बताया कि उन्होंने इसके बारे में पहली बार पोस्ट करने के २४ घण्टों के भीतर इस पार्टी को ऑनलाइन निर्मित किया, जिसके स्वरूप और घोषणापत्र को तैयार करने के लिए उन्होंने क्लॉड और [[चैटजीपीटी]] जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग किया। उन्होंने कहा: "इसमें से कुछ भी नियोजित नहीं है। यह सब बहुत अकस्मात हो रहा है। मैं इसके लिए तैयार भी नहीं था। मैंने अपने दूर के स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि ४५,००० लोग एक ऐसी पार्टी के लिए पंजीकरण करेंगे जिसे मैं केवल एक व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत करने वाला था।"<ref name="aljazeera5">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
कुछ ही दिनों में, पक्ष ने ३,५०,००० से अधिक पंजीकृत सदस्यों और लाखों सामाजिक माध्यम अनुयायियों को एकत्रित कर लिया। २१ मई २०२६ तक, पक्ष के इन्स्टाग्राम खाते के अनुयायियों की संख्या १ करोड़ २० लाख से अधिक हो गई, जो [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) के आधिकारिक इन्स्टाग्राम हैण्डल के अनुयायियों की संख्या से अधिक थी।
'[[इंडिया टुडे|इण्डिया टुडे]]' के साथ एक साक्षात्कार में, दिपके ने कहा: "कोई व्यक्ति जो हमारी अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की रक्षा करने के लिए वहाँ है, वह केवल हमारी राय रखने के लिए हमारी तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहा है।" उन्होंने बेरोज़गारी और मुख्यधारा के राजनीतिक विमर्श से बाहर किए जाने को लेकर भारत के युवाओं में व्याप्त कुण्ठा को भी रेखांकित किया, और संस्थागत स्वतन्त्रता की आवश्यकता पर बल दिया।<ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/video/meet-the-man-behind-the-cockroach-janta-party-2914598-2026-05-20|title=Meet the man behind Cockroach Janta Party|date=20 May 2026|website=India Today|access-date=22 May 2026}}</ref>
'अल जज़ीरा' के साथ एक साक्षात्कार में, दिपके ने प्रतीक के रूप में कॉकरोच के चयन पर विस्तार से बात की: "सत्ता में बैठे लोग सोचते हैं कि नागरिक कॉकरोच और परजीवी हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि कॉकरोच सड़ी हुई स्थलों पर पनपते हैं। आज का भारत ऐसा ही है।"<ref name="aljazeera6">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
=== माता-पिता की चिन्ताएँ ===
कॉकरोच जनता पार्टी के तीव्र उत्थान के पश्चात्, दिपके के माता-पिता ने उनके राजनीति में प्रवेश को लेकर चिन्ता व्यक्त की। उनकी माता अनीता दिपके ने एक मराठी समाचार चैनल को बताया कि उनके इस क़दम के बारे में जानने के पश्चात् उनकी रातों की नीन्द उड़ गई थी।<ref name="tribuneindia">{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/india/cockroach-janta-party-founder-dipkes-parents-averse-to-sons-pursuit-of-politics/|title=Cockroach Janta Party founder Dipke's parents averse to son's 'pursuit of politics'|date=21 May 2026|website=The Tribune|access-date=22 May 2026}}</ref> उनके पिता भगवानराव ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका पुत्र राजनीति में प्रवेश करने के बजाय पुणे या दिल्ली में कोई नौकरी कर ले। उनकी माता ने यह भी कहा: "वह बचपन से ही विद्रोही स्वभाव का रहा है। एक बार जब वह कुछ ठान लेता है, तो वह उसे करके ही दम लेता है। यही बात हमें सबसे अधिक चिन्तित करती है।"
== राजनीतिक दृष्टिकोण और विचारधारा ==
दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी को उन युवा भारतीयों के लिए एक "मंच" के रूप में वर्णित किया है जो मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं।<ref name="bbc2">{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=India has a new political superstar - a cockroach|date=20 May 2026|website=BBC News|access-date=22 May 2026}}</ref> उन्होंने कहा है कि पार्टी का घोषणापत्र, जिसमें मुख्य न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति के पश्चात् राज्यसभा आसनों (सीटों) पर प्रतिबन्ध, महिलाओं के लिए ५० प्रतिशत आरक्षण, और [[अदानी समूह]] तथा [[रिलायन्स इण्डस्ट्रीज|रिलायन्स इण्डस्ट्रीज़]] के स्वामित्व वाले मीडिया घरानों के अनुज्ञप्ति (लाइसेन्स) रद्द करने जैसी माँगें सम्मिलित हैं, व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने के अतिरिक्त वास्तविक राजनीतिक असन्तोष का प्रतिनिधित्व करता है।<ref name="aljazeera7">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके पूर्व के सम्बन्धों के अतिरिक्त सीजेपी 'आप' सहित किसी भी वर्तमान राजनीतिक दल का छद्म रूप (फ़्रण्ट्) नहीं है।<ref name="aljazeera8">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> आन्दोलन के दीर्घायु होने की अटकलों को सम्बोधित करते हुए, दिपके ने 'द टेलीग्राफ़' से कहा: "मैं किसी भ्रम में नहीं हूँ; मुझे पता है कि यह कुछ दिनों में समाप्त हो सकता है। मैं इसे एक स्वतन्त्र निकाय बनाना चाहता हूँ, परन्तु न्यूनतम जो मैं कर सकता हूँ वह यह है कि लोगों, विशेषकर युवाओं की बात सुनने के लिए एक स्थान या मंच तैयार करूँ।"
== सम्बन्धित विषय ==
* [[कॉकरोच जनता पार्टी]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाह्य कड़ियाँ ==
* {{ट्विटर|abhijeet_dipke|अभिजीत दीपके}}
[[श्रेणी:राजनीति]]
[[श्रेणी:मीम]]
[[श्रेणी:भारत]]
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2026-05-22T09:33:40Z
चाहर धर्मेंद्र
703114
हटाने हेतु नामांकित; देखें [[:विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अभिजीत दीपके]]
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{{हहेच लेख| कारण=उल्लेखनीय नहीं।| चर्चा_पृष्ठ= विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/अभिजीत दीपके}}{{Infobox person|name=अभिजीत दिपके|image=|alt=|caption=|birth_name=|birth_date={{Birth date and age|df=yes|१९९५|९|२९}}|birth_place=[[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]], [[महाराष्ट्र]], {{IND}}|death_date=|death_place=|nationality=भारतीय|other_names=|occupation=राजनीतिक संचार रणनीतिकार|years_active=२०२०–वर्तमान|known_for=[[कॉकरोच जनता पार्टी]] के संस्थापक|notable_works=|education=पत्रकारिता में स्नातक की उपाधि ([[पुणे]]) जनसम्पर्क में विज्ञान परास्नातक की उपाधि ([[बोस्टन विश्वविद्यालय]])|website=}}
'''अभिजीत दिपके''' (जन्म २९ सितम्बर १९९५ ईस्वी) एक भारतीय राजनीतिक संचार रणनीतिकार और [[कॉकरोच जनता पार्टी]] (सीजेपी) के संस्थापक हैं, जो [[भारत के मुख्य न्यायाधीश]] [[सूर्यकांत (न्यायाधीश)|सूर्यकान्त]] द्वारा की गई टिप्पणियों की प्रतिक्रिया में मई २०२६ में उभरा एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आन्दोलन है।<ref name="bbc">{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=India has a new political superstar - a cockroach|date=20 May 2026|website=BBC News|access-date=22 May 2026}}</ref><ref name="aljazeera">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
== प्रारम्भिक जीवन एवं शिक्षा ==
अभिजीत दिपके [[महाराष्ट्र]] के [[औरंगाबाद, महाराष्ट्र|औरंगाबाद]] (अब छत्रपति सम्भाजीनगर) से हैं। उन्होंने पुणे में पत्रकारिता में स्नातक की उपाधि पूर्ण की।तत्पश्चात् वे [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] चले गए और उन्होंने [[बोस्टन विश्वविद्यालय]] से जनसम्पर्क में विज्ञान परास्नातक (मास्टर ऑफ़ साइन्स, एम.एससी.) की उपाधि प्राप्त की।
== व्यावसायिक जीवन ==
=== आम आदमी पार्टी के साथ कार्य ===
२०२० और २०२३ के मध्य, दिपके ने [[आम आदमी पार्टी]] (आप) के [[सामाजिक मीडिया|सामाजिक माध्यम]] दल के साथ स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया।[[दिल्ली राज्य विधानसभा चुनाव, २०२०|२०२० के दिल्ली विधानसभा चुनाव]] के समय, जिसे 'आप' ने [[अरविंद केजरीवाल|अरविन्द केजरीवाल]] के नेतृत्व में जीता था, दिपके ने युवाओं तक पहुँच और राजनीतिक सन्देश पहुँचाने के उद्देश्य से मीम-आधारित अंकीय (डिजिटल) अभियान पर कार्य किया। मई २०२६ के एक साक्षात्कार में, दिपके ने बताया कि उन्होंने विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए २०२३ में 'आप' छोड़ दी थी।
=== कॉकरोच जनता पार्टी ===
15 मई 2026 को, मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कहाः "तिलचट्टे जैसे युवा हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता है या किसी पेशे में कोई जगह नहीं है। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, [[सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५|आरटीआई]] कार्यकर्ता बन जाते हैं और वे सभी पर हमला करने लगते हैं।" अगले दिन, दीपके ने [[ट्विटर|एक्स]] पर पोस्ट कियाः "क्या होगा अगर सभी तिलचट्टे एक साथ आ जाएं?" फिर उन्होंने एक व्यंग्यपूर्ण ऑनलाइन समूह के रूप में तिलचट्टे जनता पार्टी बनाई, एक वेबसाइट और सदस्यता के लिए एक गूगल फॉर्म स्थापित किया। <ref name="aljazeera">{{Cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}<cite class="citation web cs1" data-ve-ignore="">[https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest "'Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest"]. </cite></ref><ref name="timesnow">{{Cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक?|date=20 May 2026|website=Times Now Marathi|access-date=22 May 2026}}</ref>[[चित्र:Cjp_Flag.png]]
१५ मई २०२६ को, सर्वोच्च न्यायालय की एक सुनवाई के समय, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त ने टिप्पणी की: "कॉकरोच की तरह कुछ ऐसे युवा हैं, जिन्हें कोई आजीविका नहीं मिलती या किसी व्यवसाय में कोई स्थान नहीं मिलता। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, आरटीआई (सूचना का अधिकार) कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे सभी पर आक्रमण करना प्रारम्भ कर देते हैं।"<ref name="aljazeera2">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> आगामी दिन, दिपके ने [[ट्विटर|एक्स]] (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया: "क्या होगा यदि सभी कॉकरोच (तिलचट्टा) एक साथ आ जाएँ?"<ref name="aljazeera3">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> इसके पश्चात् उन्होंने एक [[जालस्थल]] (वेबसाइट) और सामाजिक माध्यम खाते स्थापित करके, एक व्यंग्यात्मक मंच के रूप में कॉकरोच जनता पार्टी का शुभारम्भ किया।<ref name="timesnow2">{{cite web|url=https://marathi.timesnownews.com/news/who-is-abhijeet-dipke-man-behind-cockroach-janta-party-overpassing-bjp-on-instagram-gen-z-digital-movement-article-154366512|title=Who Is Abhijeet Dipke: कोण आहेत 'कॉक्रोच जनता पार्टी'चे संस्थापक?|date=20 May 2026|website=Times Now Marathi|access-date=22 May 2026}}</ref><ref name="aljazeera4">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
दिपके ने 'द टेलीग्राफ़' को बताया कि उन्होंने इसके बारे में पहली बार पोस्ट करने के २४ घण्टों के भीतर इस पार्टी को ऑनलाइन निर्मित किया, जिसके स्वरूप और घोषणापत्र को तैयार करने के लिए उन्होंने क्लॉड और [[चैटजीपीटी]] जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग किया। उन्होंने कहा: "इसमें से कुछ भी नियोजित नहीं है। यह सब बहुत अकस्मात हो रहा है। मैं इसके लिए तैयार भी नहीं था। मैंने अपने दूर के स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि ४५,००० लोग एक ऐसी पार्टी के लिए पंजीकरण करेंगे जिसे मैं केवल एक व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत करने वाला था।"<ref name="aljazeera5">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
कुछ ही दिनों में, पक्ष ने ३,५०,००० से अधिक पंजीकृत सदस्यों और लाखों सामाजिक माध्यम अनुयायियों को एकत्रित कर लिया। २१ मई २०२६ तक, पक्ष के इन्स्टाग्राम खाते के अनुयायियों की संख्या १ करोड़ २० लाख से अधिक हो गई, जो [[भारतीय जनता पार्टी]] (भाजपा) के आधिकारिक इन्स्टाग्राम हैण्डल के अनुयायियों की संख्या से अधिक थी।
'[[इंडिया टुडे|इण्डिया टुडे]]' के साथ एक साक्षात्कार में, दिपके ने कहा: "कोई व्यक्ति जो हमारी अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की रक्षा करने के लिए वहाँ है, वह केवल हमारी राय रखने के लिए हमारी तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहा है।" उन्होंने बेरोज़गारी और मुख्यधारा के राजनीतिक विमर्श से बाहर किए जाने को लेकर भारत के युवाओं में व्याप्त कुण्ठा को भी रेखांकित किया, और संस्थागत स्वतन्त्रता की आवश्यकता पर बल दिया।<ref name="indiatoday">{{cite web|url=https://www.indiatoday.in/india/video/meet-the-man-behind-the-cockroach-janta-party-2914598-2026-05-20|title=Meet the man behind Cockroach Janta Party|date=20 May 2026|website=India Today|access-date=22 May 2026}}</ref>
'अल जज़ीरा' के साथ एक साक्षात्कार में, दिपके ने प्रतीक के रूप में कॉकरोच के चयन पर विस्तार से बात की: "सत्ता में बैठे लोग सोचते हैं कि नागरिक कॉकरोच और परजीवी हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि कॉकरोच सड़ी हुई स्थलों पर पनपते हैं। आज का भारत ऐसा ही है।"<ref name="aljazeera6">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
=== माता-पिता की चिन्ताएँ ===
कॉकरोच जनता पार्टी के तीव्र उत्थान के पश्चात्, दिपके के माता-पिता ने उनके राजनीति में प्रवेश को लेकर चिन्ता व्यक्त की। उनकी माता अनीता दिपके ने एक मराठी समाचार चैनल को बताया कि उनके इस क़दम के बारे में जानने के पश्चात् उनकी रातों की नीन्द उड़ गई थी।<ref name="tribuneindia">{{cite web|url=https://www.tribuneindia.com/news/india/cockroach-janta-party-founder-dipkes-parents-averse-to-sons-pursuit-of-politics/|title=Cockroach Janta Party founder Dipke's parents averse to son's 'pursuit of politics'|date=21 May 2026|website=The Tribune|access-date=22 May 2026}}</ref> उनके पिता भगवानराव ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका पुत्र राजनीति में प्रवेश करने के बजाय पुणे या दिल्ली में कोई नौकरी कर ले। उनकी माता ने यह भी कहा: "वह बचपन से ही विद्रोही स्वभाव का रहा है। एक बार जब वह कुछ ठान लेता है, तो वह उसे करके ही दम लेता है। यही बात हमें सबसे अधिक चिन्तित करती है।"
== राजनीतिक दृष्टिकोण और विचारधारा ==
दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी को उन युवा भारतीयों के लिए एक "मंच" के रूप में वर्णित किया है जो मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं।<ref name="bbc2">{{cite web|url=https://www.bbc.com/news/articles/cz72y11jjq1o|title=India has a new political superstar - a cockroach|date=20 May 2026|website=BBC News|access-date=22 May 2026}}</ref> उन्होंने कहा है कि पार्टी का घोषणापत्र, जिसमें मुख्य न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति के पश्चात् राज्यसभा आसनों (सीटों) पर प्रतिबन्ध, महिलाओं के लिए ५० प्रतिशत आरक्षण, और [[अदानी समूह]] तथा [[रिलायन्स इण्डस्ट्रीज|रिलायन्स इण्डस्ट्रीज़]] के स्वामित्व वाले मीडिया घरानों के अनुज्ञप्ति (लाइसेन्स) रद्द करने जैसी माँगें सम्मिलित हैं, व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने के अतिरिक्त वास्तविक राजनीतिक असन्तोष का प्रतिनिधित्व करता है।<ref name="aljazeera7">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref>
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके पूर्व के सम्बन्धों के अतिरिक्त सीजेपी 'आप' सहित किसी भी वर्तमान राजनीतिक दल का छद्म रूप (फ़्रण्ट्) नहीं है।<ref name="aljazeera8">{{cite web|url=https://www.aljazeera.com/features/2026/5/20/cockroach-janata-party-top-indian-judges-comment-sparks-satire-protest|title='Cockroach Janta Party': Top Indian judge's comment sparks satire, protest|date=20 May 2026|website=Al Jazeera|access-date=22 May 2026}}</ref> आन्दोलन के दीर्घायु होने की अटकलों को सम्बोधित करते हुए, दिपके ने 'द टेलीग्राफ़' से कहा: "मैं किसी भ्रम में नहीं हूँ; मुझे पता है कि यह कुछ दिनों में समाप्त हो सकता है। मैं इसे एक स्वतन्त्र निकाय बनाना चाहता हूँ, परन्तु न्यूनतम जो मैं कर सकता हूँ वह यह है कि लोगों, विशेषकर युवाओं की बात सुनने के लिए एक स्थान या मंच तैयार करूँ।"
== सम्बन्धित विषय ==
* [[कॉकरोच जनता पार्टी]]
== सन्दर्भ ==
{{Reflist}}
== बाह्य कड़ियाँ ==
* {{ट्विटर|abhijeet_dipke|अभिजीत दीपके}}
[[श्रेणी:राजनीति]]
[[श्रेणी:मीम]]
[[श्रेणी:भारत]]
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सोमधारा
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उत्तराखंड के कुमाऊँ संभाग में स्थित सोमधारा पर्वत को जोड़ा गया
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सोमधारा उत्तराखंड के [[कुमाऊँ संभाग]] में स्थित एक पर्वत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5,346 मीटर है। यह भारत और तिब्बत की सीमा के पास स्थित है और महान हिमालय श्रृंखला का हिस्सा है। सोमधारा से निकलने वाली मौसमी हिम धाराएँ और ग्लेशियर काली और [[गोरी गंगा]] नदियों की सहायक धाराओं को पोषित करती हैं, जो क्षेत्रीय जलविज्ञान में योगदान देती हैं।<ref>{{cite web |last1=Mahajan |first1=Rahul |title=Somdhara: The Celestial Watershed of the Kumaon Himalayas |url=https://chinascoop.org/somdhara-the-celestial-watershed-of-the-kumaon-himalayas/ |website=China Scoop |publisher=China Scoop |access-date=22 मई 2026 |date=20 मई 2026}}</ref> [[File:Somdhara Parvat.jpg|thumb|Somdhara Parvat]]
[[File:Somdhara parvat map.jpg|thumb|Somdhara parvat map]]
नाम का अर्थ
'सोमधारा' नाम संस्कृत शब्दों 'सोम' (चंद्रमा) और 'धारा' (धारा) से लिया गया है। इसका अर्थ है चंद्रमा से प्रेरित जलस्रोत। यह नाम पर्वत को ठंडे और शुद्ध जल का स्रोत मानने की स्थानीय व्याख्या को दर्शाता है।
==आध्यात्मिक महत्व==
यह पर्वत [[वैदिक]] और [[हिमालय]] परंपराओं में आध्यात्मिक महत्व रखता है। चंद्रमा शांति और उपचार का प्रतीक माना जाता है। सोमधारा से निकलने वाली धाराओं को शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। इसकी दूरस्थ और शांत स्थिति के कारण क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए प्रयोग किया जाता रहा है।
==इतिहास==
कुमाऊँ सदियों से तीर्थयात्रियों और व्यापारियों का मार्ग रहा है। कत्युरी और चंद वंशों के शासनकाल में, सोमधारा जैसी चोटियों को पवित्र माना जाता था। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में इस क्षेत्र का सर्वेक्षण भारत के महान त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण द्वारा किया गया, जिसमें भारतीय अन्वेषक (पंडित) इन क्षेत्रों का मानचित्रण करते थे।
==व्यापार==
सोमधारा के पास के हिमालयी दर्रे ऐतिहासिक रूप से ट्रांस-हिमालयी व्यापार के लिए उपयोग किए जाते थे। उत्तराखंड के भोटिया समुदाय भारत और तिब्बत के बीच नमक, ऊन, रेशम और अनाज ले जाते थे। लिपुलेख पास व्यापार और तीर्थयात्रा दोनों के लिए प्रमुख मार्ग था, जिससे भारतीय और तिब्बती परंपराओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ।
==पारिस्थितिकी==
सोमधारा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देता है, [[नंदादेवी]] बायोस्फीयर रिज़र्व में जैव विविधता का समर्थन करता है और [[जिम कॉर्बेट]]नेशनल पार्क के पास नदियों के प्रवाह को प्रभावित करता है। जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर पिघलने की प्रक्रिया पारिस्थितिकीय चुनौतियाँ उत्पन्न करती है, जो जल उपलब्धता और वन्यजीवों को प्रभावित करती है।
==ट्रेकिंग==
सोमधारा ट्रेकर्स और साहसी यात्रियों के लिए एक लोकप्रिय स्थल है। इसकी चढ़ाई में कठिन भू-भाग, बर्फ और उच्च ऊँचाई की स्थितियाँ शामिल हैं। ट्रेकर्स इसे शारीरिक और मानसिक चुनौती के साथ-साथ प्रकृति का अवलोकन और ध्यान करने का अवसर मानते हैं।
==महत्व==
सोमधारा कुमाऊँ हिमालय में भूगोल, इतिहास और आध्यात्मिकता के मेल का प्रतीक है। यह आज भी जलस्रोत के रूप में, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल के रूप में और पारिस्थितिकीय महत्व के दृष्टिकोण से कार्य करता है, जो मानव गतिविधि और प्राकृतिक प्रणाली के आपसी संबंध को दर्शाता है।
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सोमधारा उत्तराखंड के [[कुमाऊँ मण्डल]] में स्थित एक पर्वत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 5,346 मीटर है। यह भारत और तिब्बत की सीमा के पास स्थित है और महान हिमालय श्रृंखला का हिस्सा है। सोमधारा से निकलने वाली मौसमी हिम धाराएँ और ग्लेशियर काली और [[गोरी गंगा]] नदियों की सहायक धाराओं को पोषित करती हैं, जो क्षेत्रीय जलविज्ञान में योगदान देती हैं।<ref>{{cite web |last1=Mahajan |first1=Rahul |title=Somdhara: The Celestial Watershed of the Kumaon Himalayas |url=https://chinascoop.org/somdhara-the-celestial-watershed-of-the-kumaon-himalayas/ |website=China Scoop |publisher=China Scoop |access-date=22 मई 2026 |date=20 मई 2026}}</ref> [[File:Somdhara Parvat.jpg|thumb|Somdhara Parvat]]
[[File:Somdhara parvat map.jpg|thumb|Somdhara parvat map]]
नाम का अर्थ
'सोमधारा' नाम संस्कृत शब्दों 'सोम' (चंद्रमा) और 'धारा' (धारा) से लिया गया है। इसका अर्थ है चंद्रमा से प्रेरित जलस्रोत। यह नाम पर्वत को ठंडे और शुद्ध जल का स्रोत मानने की स्थानीय व्याख्या को दर्शाता है।
==आध्यात्मिक महत्व==
यह पर्वत [[वैदिक]] और [[हिमालय]] परंपराओं में आध्यात्मिक महत्व रखता है। चंद्रमा शांति और उपचार का प्रतीक माना जाता है। सोमधारा से निकलने वाली धाराओं को शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। इसकी दूरस्थ और शांत स्थिति के कारण क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए प्रयोग किया जाता रहा है।
==इतिहास==
कुमाऊँ सदियों से तीर्थयात्रियों और व्यापारियों का मार्ग रहा है। कत्युरी और चंद वंशों के शासनकाल में, सोमधारा जैसी चोटियों को पवित्र माना जाता था। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में इस क्षेत्र का सर्वेक्षण भारत के महान त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण द्वारा किया गया, जिसमें भारतीय अन्वेषक (पंडित) इन क्षेत्रों का मानचित्रण करते थे।
==व्यापार==
सोमधारा के पास के हिमालयी दर्रे ऐतिहासिक रूप से ट्रांस-हिमालयी व्यापार के लिए उपयोग किए जाते थे। उत्तराखंड के भोटिया समुदाय भारत और तिब्बत के बीच नमक, ऊन, रेशम और अनाज ले जाते थे। लिपुलेख पास व्यापार और तीर्थयात्रा दोनों के लिए प्रमुख मार्ग था, जिससे भारतीय और तिब्बती परंपराओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ।
==पारिस्थितिकी==
सोमधारा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देता है, [[नन्दा देवी पर्वत]] बायोस्फीयर रिज़र्व में जैव विविधता का समर्थन करता है और [[जिम कॉर्बेट]]नेशनल पार्क के पास नदियों के प्रवाह को प्रभावित करता है। जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर पिघलने की प्रक्रिया पारिस्थितिकीय चुनौतियाँ उत्पन्न करती है, जो जल उपलब्धता और वन्यजीवों को प्रभावित करती है।
==ट्रेकिंग==
सोमधारा ट्रेकर्स और साहसी यात्रियों के लिए एक लोकप्रिय स्थल है। इसकी चढ़ाई में कठिन भू-भाग, बर्फ और उच्च ऊँचाई की स्थितियाँ शामिल हैं। ट्रेकर्स इसे शारीरिक और मानसिक चुनौती के साथ-साथ प्रकृति का अवलोकन और ध्यान करने का अवसर मानते हैं।
==महत्व==
सोमधारा कुमाऊँ हिमालय में भूगोल, इतिहास और आध्यात्मिकता के मेल का प्रतीक है। यह आज भी जलस्रोत के रूप में, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल के रूप में और पारिस्थितिकीय महत्व के दृष्टिकोण से कार्य करता है, जो मानव गतिविधि और प्राकृतिक प्रणाली के आपसी संबंध को दर्शाता है।
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{{Infobox sport governing body|assocname=Karate India Organisation|abbrev=KIO|logo=|sport=[[कराटे]]|category=|image=|caption=|jurisdiction=[[India]]|founded={{Start date|2020}}|aff=[[World Karate Federation]]|affdate={{Start date|2021|11|15|df=y}}|region=[[Asian Karate Federation]]|regionyear=2021|headquarters=[[Delhi]], [[India]]|location=[[Delhi]], [[India]]|president=Bharat Sharma|chairman=|board=|chiefexec=|secretary=Sanjeev Kumar Jangra|coach=|operating income=|sponsor=|year closed=|replaced=Karate Association of India (KAI)|countryflag=India|url=www.karateindia.org}}15 नवंबर 2021 को विश्व कराटे महासंघ (डब्ल्यूकेएफ) से पुष्टि पर '''कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया''' ''' (केएआई) ''' को भारत में कराटे के लिए राष्ट्रीय शासी निकाय के रूप में '''कराटे इंडिया संगठन''' ''' (केआईओ) ''' ने बदल दिया।<ref>{{Cite news|url=https://www.wkf.net/structure-asian-karate-federation|title=WKF Structure Asian Karate Federation|last=|first=|work=World Karate Federation (WKF)|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301142500/https://www.wkf.net/structure-asian-karate-federation|archive-date=1 March 2022}}</ref>
केआईओ को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में शामिल किया गया है और नवंबर 2021 से वर्तमान तक विश्व कराटे महासंघ (डब्ल्यूकेएफ) एशियाई कराटे महासंघ (एकेएफ) और राष्ट्रमंडल कराटे महासंघ (सीकेएफ) से संबद्ध भारत में कराटे खेल के समग्र विकास के लिए स्थापित किया गया है।<ref>{{Cite news|url=https://www.wkf.net/pdf/MM_WKF_CONGRESS_DUBAI_2021.pdf|title=WKF 2021 Congress Minutes|last=|first=|work=The World Karate Federation Official Page|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301140333/https://www.wkf.net/pdf/MM_WKF_CONGRESS_DUBAI_2021.pdf|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=http://www.thearunachalpioneer.com/Arunachal-Pradesh/State-level-karate-event-soon/11/8095/f/|title=State-level karate event soon|last=|first=|work=The Arunachal Pioneer News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301140341/http://www.thearunachalpioneer.com/Arunachal-Pradesh/State-level-karate-event-soon/11/8095/f/|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://arunachaltimes.in/index.php/2021/12/01/wkf-grants-affiliation-to-kio/|title=WKF grants affiliation to KIO|last=|first=|work=The Arunachal Times News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301140332/https://arunachaltimes.in/index.php/2021/12/01/wkf-grants-affiliation-to-kio/|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://theshillongtimes.com/2021/12/15/mskdf-congratulates-kio-on-permanent-affiliation-to-wkf/|title=MSKDF congratulates KIO on permanent affiliation to WKF|last=|first=|work=Meghaylya News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301140332/https://theshillongtimes.com/2021/12/15/mskdf-congratulates-kio-on-permanent-affiliation-to-wkf/|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://tarunmitra.in/wp-content/uploads/2021/12/Permanent-Affiliation_India-KIO_To-IOA_23Nov21.pdf|title=Mr. Narinder Dhruv Batra President Indian Olympic Association|last=|first=|work=Tarunmitra News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20211202060553/https://tarunmitra.in/wp-content/uploads/2021/12/Permanent-Affiliation_India-KIO_To-IOA_23Nov21.pdf|archive-date=2 December 2021}}</ref>
2019 के बाद से पिछले शासी निकाय (केएआई) डब्ल्यूकेएफ के पदाधिकारियों ने डब्ल्यूकेएफ क़ानूनों के अनुसार और 22 जून 2020 को भारतीय कराटे संघ की मान्यता रद्द कर दी। जिसके कारण भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआईआई और [[युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार|युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार (एमवाईएएस)]] ने [[कराटे]] की मान्यता को रद्द कर दिया है, और इसके शासी संघों को अब युवा मामलों और खेल मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय खेल महासंघ (एन. एस. एफ.) के रूप में नहीं माना जाता है।<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/sport/other-sports/world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai/article31903497.ece|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAI|last=|first=|work=The Hindu News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220313174805/https://www.thehindu.com/sport/other-sports/world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai/article31903497.ece|archive-date=13 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://thebridge.in/karate/world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai/|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAI|last=|first=|work=The Bridge News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141446/https://thebridge.in/karate/world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai/|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.aninews.in/news/sports/others/wkf-withdraws-recognition-of-karate-association-of-india20200624102450/|title=WKF withdraws recognition of Karate Association of India|last=|first=|work=The ANI News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141446/https://www.aninews.in/news/sports/others/wkf-withdraws-recognition-of-karate-association-of-india20200624102450/|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://sg.news.yahoo.com/wkf-withdraws-recognition-karate-association-india-045448780.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvbS8&guce_referrer_sig=AQAAANuNS2DuHMX961dWKACy90Z3eQ8lR7uqNwPJKWeIhwRjP9T27oSPZ6ZJYDPWvR0TGpBlWYppNnAb9-pqFL_Efqj5warQcgwXrTUNmdq7b8iSGCe1SUq7kqohpCQ1CDqN4M9d4LtzZV2sB6ufCkNJ5TxGFg42bNFhba4JZnGVHwbJ|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAI|last=|first=|work=The Yahoo News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141446/https://sg.news.yahoo.com/wkf-withdraws-recognition-karate-association-india-045448780.html?guccounter=1&guce_referrer=aHR0cHM6Ly93d3cuZ29vZ2xlLmNvbS8&guce_referrer_sig=AQAAANuNS2DuHMX961dWKACy90Z3eQ8lR7uqNwPJKWeIhwRjP9T27oSPZ6ZJYDPWvR0TGpBlWYppNnAb9-pqFL_Efqj5warQcgwXrTUNmdq7b8iSGCe1SUq7kqohpCQ1CDqN4M9d4LtzZV2sB6ufCkNJ5TxGFg42bNFhba4JZnGVHwbJ|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.indiatvnews.com/sports/other-world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai-628811|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAI|last=|first=|work=The India TV News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141445/https://www.indiatvnews.com/sports/other-world-karate-federation-provisionally-de-recognises-kai-628811|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.theweek.in/news/sports/2020/06/24/World-Karat-Federation-provisionally-de-recognise-KAI.html|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAIWKF has provisionally de-recognised the Karate Association of India for infighting|last=|first=|work=The Week News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141444/https://www.theweek.in/news/sports/2020/06/24/World-Karat-Federation-provisionally-de-recognise-KAI.html|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://affairscloud.com/world-karate-federation-provisionally-de-recognised-the-karate-association-of-india/|title=World Karate Federation provisionally de-recognises KAI|last=|first=|work=Affairscloud|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301141446/https://affairscloud.com/world-karate-federation-provisionally-de-recognised-the-karate-association-of-india/|archive-date=1 March 2022}}</ref>
15 नवंबर 2021 को दुबई में 25वीं वरिष्ठ विश्व कराटे चैम्पियनशिप में, डब्ल्यूकेएफ कांग्रेस ने डब्ल्यूकेएफ से भारतीय कराटे संघ (केएआई) को स्थायी रूप से अलग करने और केआईओ को स्थायी रूप में संबद्ध मान्यता सदस्यता देने का निर्णय लिया। डब्ल्यूकेएफ ने भारत में डब्ल्यूकेएफ के सदस्य के रूप में स्थायी संबद्ध केआईओ के लिए दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में डब्ल्यूके एफ कांग्रेस द्वारा लिए गए निर्णय के बारे में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और [[युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार|युवा मामले और खेल मंत्रालय]] को भी सूचित किया। इस प्रकार पूरे देश के प्रभावित कराटे एथलीटों को राहत देने के लिए ओलंपिक चार्टर नियम 28 के अनुसार डब्ल्यूकेएफ कार्यकारी समिति (डब्ल्यूकेएफ ईसी) के पहले के निर्णय की पुष्टि करना (भारत) <ref>{{Cite news|url=https://www.wkf.net/pdf/MM_WKF_CONGRESS_DUBAI_2021.pdf|title=WKF 2021 Congress Minutes|last=|first=|work=The World Karate Federation Official Page|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220301140333/https://www.wkf.net/pdf/MM_WKF_CONGRESS_DUBAI_2021.pdf|archive-date=1 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://tarunmitra.in/wp-content/uploads/2021/12/Permanent-Affiliation_India-KIO_To-IOA_23Nov21.pdf|title=Mr. Narinder Dhruv Batra President Indian Olympic Association|last=|first=|work=Tarunmitra News|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20211202060553/https://tarunmitra.in/wp-content/uploads/2021/12/Permanent-Affiliation_India-KIO_To-IOA_23Nov21.pdf|archive-date=2 December 2021}}</ref>
केएआई 2020 तक भारत सरकार, युवा मामलों और खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त भारत में कराटे खेलों के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ था और सितंबर 2013 से सितंबर 2020 तक डब्ल्यूकेएफ, एकेएफ, एसएकेएफ और सीकेएफ से संबद्ध था।<ref>{{Cite news|url=https://yas.nic.in/sites/default/files/KAI%20recognition%20Order.pdf|title=Grant of recognition to Karate Association of lndia (KAI)|last=|first=|work=Government of India Ministry of Youth Affairs & Sports|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20220319195300/https://yas.nic.in/sites/default/files/KAI%20recognition%20Order.pdf|archive-date=19 March 2022}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://www.aninews.in/topic/karate-association-of-india/|title=Karate Association of lndia (KAI)|last=|first=|work=South Asia's Leading Multimedia News Agency (ANI)|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629100925/https://www.aninews.in/topic/karate-association-of-india/|archive-date=29 June 2021}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://nss.gov.in/sites/default/files/Final%20Recognised%20List%202015.pdf|title=LIST OF RECOGNISED NATIONAL SPORTS FEDERATIONS FOR THE YEAR 2015|last=|first=|work=National Service Scheme (Ministry of Youth Affairs & Sports ) Government of India|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629100928/https://nss.gov.in/sites/default/files/Final%20Recognised%20List%202015.pdf|archive-date=29 June 2021}}</ref>
केआईओ अब [[एशियाई खेल]], विश्व कराटे चैंपियनशिप, एशियाई कराटे चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल कराटे चैंपियनशिप, दक्षिण एशियाई कराटे चैंपियनशिप. विश्व युवा कप, कराटे 1 युवा लीग, कराटे 1 प्रीमियर लीग, यूएसए ओपन कराटे चैंपियनशिप और अन्य गुड विल इंटरनेशनल टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एथलीटों का चयन करने वाला एकमात्र संघ या महासंघ है।<ref>{{Cite news|url=https://yas.nic.in/sites/default/files/NSF%202019-reg._1.pdf|title=Renewal of annual recognition of National Sports Federations for the year 2019|last=|first=|work=Government of India Ministry of Youth Affairs & Sports|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629100928/https://yas.nic.in/sites/default/files/NSF%202019-reg._1.pdf|archive-date=29 June 2021}}</ref><ref>{{Cite news|url=https://indiankanoon.org/doc/91850201/?type=print|title=Delhi District Court|last=|first=|work=Karate Association Of India vs All India Karate Do Federation on 28 March 2017|access-date=|archive-url=https://web.archive.org/web/20210629100930/https://indiankanoon.org/doc/91850201/?type=print|archive-date=29 June 2021}}</ref>
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छोबल (गाँव)
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'''छोबल ''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[सोलन जिला]] की सोलन तहसील में स्थित एक छोटा गाँव है। यह गाँव शिमला पर्वतीय क्षेत्र के निकट स्थित है और प्राकृतिक वातावरण तथा ग्रामीण जीवन शैली के लिए जाना जाता है। गाँव प्रशासनिक रूप से सोलन उपमंडल के अंतर्गत आता है।छोबल एक छोटा गाँव है यहां केवल 52 घर हैं। यह गाँव कोरो - कैंथड़ी पंचायत के अधीन आता है
== जनसांख्यिकी ==
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार छोबल गाँव की कुल जनसंख्या 140 थी, जिनमें 77 पुरुष और 63 महिलाएँ शामिल थीं। गाँव में लगभग 52 परिवार निवास करते थे। गाँव का साक्षरता स्तर लगभग 57 प्रतिशत दर्ज किया गया था। <ref>https://villagegram.in/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal-792/</ref>
== भूगोल ==
छोबल गाँव सोलन नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 12.98 हेक्टेयर है। निकटतम रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर के भीतर स्थित है, जबकि सार्वजनिक और निजी बस सेवाएँ गाँव तक उपलब्ध हैं।
== अर्थव्यवस्था ==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण श्रम पर आधारित है। सोलन जिला सब्जियों तथा बागवानी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जिसका प्रभाव आसपास के गाँवों पर भी देखा जाता है।
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://villageinindia.com/india/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal/ छोबल गाँव की जनगणना जानकारी]
* [https://www.onefivenine.com/india/census/village/Solan/Solan/Chhobal छोबल गाँव विवरण]
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'''छोबल ''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[सोलन जिला]] की सोलन तहसील में स्थित एक छोटा गाँव है। यह गाँव शिमला पर्वतीय क्षेत्र के निकट स्थित है और प्राकृतिक वातावरण तथा ग्रामीण जीवन शैली के लिए जाना जाता है। गाँव प्रशासनिक रूप से सोलन उपमंडल के अंतर्गत आता है।छोबल एक छोटा गाँव है यहां केवल 52 घर हैं। यह गाँव कोरो - कैंथड़ी पंचायत के अधीन आता है
== जनसांख्यिकी ==
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार छोबल गाँव की कुल जनसंख्या 140 थी, जिनमें 77 पुरुष और 63 महिलाएँ शामिल थीं। गाँव में लगभग 52 परिवार निवास करते थे। गाँव का साक्षरता स्तर लगभग 57 प्रतिशत दर्ज किया गया था। <ref>https://villagegram.in/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal-792/</ref>
== भूगोल ==
छोबल गाँव सोलन नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 12.98 हेक्टेयर है। निकटतम रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर के भीतर स्थित है, जबकि सार्वजनिक और निजी बस सेवाएँ गाँव तक उपलब्ध हैं।
== अर्थव्यवस्था ==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण श्रम पर आधारित है। सोलन जिला सब्जियों तथा बागवानी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जिसका प्रभाव आसपास के गाँवों पर भी देखा जाता है।
== संदर्भ ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://villageinindia.com/india/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal/ छोबल गाँव की जनगणना जानकारी]
* [https://www.onefivenine.com/india/census/village/Solan/Solan/Chhobal छोबल गाँव विवरण]
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'''छोबल ''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[सोलन जिला]] की सोलन तहसील में स्थित एक छोटा गाँव है। यह गाँव शिमला पर्वतीय क्षेत्र के निकट स्थित है और प्राकृतिक वातावरण तथा ग्रामीण जीवन शैली के लिए जाना जाता है। गाँव प्रशासनिक रूप से सोलन उपमंडल के अंतर्गत आता है।छोबल एक छोटा गाँव है यहां केवल 52 घर हैं। यह गाँव कोरो - कैंथड़ी पंचायत के अधीन आता है
== जनसांख्यिकी ==
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार छोबल गाँव की कुल जनसंख्या 140 थी, जिनमें 77 पुरुष और 63 महिलाएँ शामिल थीं। गाँव में लगभग 52 परिवार निवास करते थे। गाँव का साक्षरता स्तर लगभग 57 प्रतिशत दर्ज किया गया था। <ref>https://villagegram.in/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal-792/</ref>
== भूगोल ==
छोबल गाँव सोलन नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 12.98 हेक्टेयर है। निकटतम रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर के भीतर स्थित है, जबकि सार्वजनिक और निजी बस सेवाएँ गाँव तक उपलब्ध हैं।
== अर्थव्यवस्था ==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण श्रम पर आधारित है। सोलन जिला सब्जियों तथा बागवानी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जिसका प्रभाव आसपास के गाँवों पर भी देखा जाता है।
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://villageinindia.com/india/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal/ छोबल गाँव की जनगणना जानकारी]
* [https://www.onefivenine.com/india/census/village/Solan/Solan/Chhobal छोबल गाँव विवरण]
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'''छोबल ''' [[हिमाचल प्रदेश]] के [[सोलन जिला]] की सोलन तहसील में स्थित एक छोटा गाँव है। यह गाँव शिमला पर्वतीय क्षेत्र के निकट स्थित है और प्राकृतिक वातावरण तथा ग्रामीण जीवन शैली के लिए जाना जाता है। गाँव प्रशासनिक रूप से सोलन उपमंडल के अंतर्गत आता है।छोबल एक छोटा गाँव है यहां केवल 52 घर हैं। यह गाँव कोरो - कैंथड़ी पंचायत के अधीन आता है
== जनसांख्यिकी ==
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार छोबल गाँव की कुल जनसंख्या 140 थी, जिनमें 77 पुरुष और 63 महिलाएँ शामिल थीं। गाँव में लगभग 52 परिवार निवास करते थे। गाँव का साक्षरता स्तर लगभग 57 प्रतिशत दर्ज किया गया था। <ref>https://villagegram.in/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal-792/</ref>
== भूगोल ==
छोबल गाँव सोलन नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गाँव का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 12.98 हेक्टेयर है। निकटतम रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर के भीतर स्थित है, जबकि सार्वजनिक और निजी बस सेवाएँ गाँव तक उपलब्ध हैं।
== अर्थव्यवस्था ==
गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण श्रम पर आधारित है। सोलन जिला सब्जियों तथा बागवानी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जिसका प्रभाव आसपास के गाँवों पर भी देखा जाता है।
== संदर्भ ==
{{Reflist}}
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://villageinindia.com/india/himachal-pradesh/solan/solan/chhobal/ छोबल गाँव की जनगणना जानकारी]
* [https://www.onefivenine.com/india/census/village/Solan/Solan/Chhobal छोबल गाँव विवरण]
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सदस्य वार्ता:অর্ঘ্য বড়ুয়া
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' (यूडीएफ) भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' (यूडीएफ) भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' (यूडीएफ) भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।
वर्तमान में इस गठबंधन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]], [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]], केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]] तथा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं। यह गठबंधन व्यापक राजनीतिक नीति का अनुसरण करता है और इसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले अनेक राजनीतिक दल सम्मिलित हैं।
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' ('''यूडीएफ''') भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा '''वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)''' है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।
वर्तमान में इस गठबंधन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]], [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]], केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]] तथा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं। यह गठबंधन व्यापक राजनीतिक नीति का अनुसरण करता है और इसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले अनेक राजनीतिक दल सम्मिलित हैं।
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' ('''यूडीएफ''') भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा '''वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)''' है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।
वर्तमान में इस गठबंधन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]], [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]], केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]] तथा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं। यह गठबंधन व्यापक राजनीतिक नीति का अनुसरण करता है और इसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले अनेक राजनीतिक दल सम्मिलित हैं।
==सदस्य राजनीतिक दल ==
* भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
* इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
* केरल कांग्रेस
* रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
* केरल कांग्रेस (जैकब)
* केरल डेमोक्रेटिक पार्टी
* कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी
* रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
* ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
* जनतिपथिया संरक्षण समिति
==संदर्भ==
{{Reflist|}}
[[श्रेणी:केरल]]
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' ('''यूडीएफ''') भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा '''वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)''' है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।
वर्तमान में इस गठबंधन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]], [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]], केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]] तथा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं। यह गठबंधन व्यापक राजनीतिक नीति का अनुसरण करता है और इसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले अनेक राजनीतिक दल सम्मिलित हैं।
==सदस्य राजनीतिक दल ==
* [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] (INC)
* [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]] (IUML)
* केरल कांग्रेस
* [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]]
* केरल कांग्रेस (जैकब)
* केरल डेमोक्रेटिक पार्टी (KDP)
* कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP)
* रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (RMPI)
* ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB)
* जनतिपथिया संरक्षण समिति (JSS)
==संदर्भ==
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[[श्रेणी:केरल]]
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'''संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा''' या '''यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट''' ('''यूडीएफ''') भारतीय राज्य [[केरल]] में सक्रिय [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक गठबंधन है। यह केरल के दो प्रमुख राजनीतिक मोर्चों में से एक है। दूसरा मोर्चा '''वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)''' है, जिसका नेतृत्व [[भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)]] करती है।
सन् १९८० में गठित ई. के. नयनार मंत्रिमंडल के बाद से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं। वर्ष २०२६ से यूडीएफ राज्य का सत्तारूढ़ राजनीतिक मोर्चा है।
यूडीएफ के अधिकांश घटक दल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन का हिस्सा हैं।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता [[के. करुणाकरण]] ने वर्ष १९७९ में कांग्रेस के नेतृत्व वाले तत्कालीन गठबंधन के उत्तराधिकारी के रूप में की थी।
यह गठबंधन पहली बार वर्ष १९८१ में के. करुणाकरण मंत्रिमंडल के दौरान सत्ता में आया। इसके बाद इसने केरल विधानसभा चुनावों में १९८२ (करुणाकरण मंत्रिमंडल), १९९१ (करुणाकरण तथा ए. के. एंटनी मंत्रिमंडल), २००१ (एंटनी तथा ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) और २०११ (ऊम्मन चांडी मंत्रिमंडल) में विजय प्राप्त की।<ref>{{Cite web|url=https://www.ndtv.com/india-news/who-was-k-karunakaran-442836|title=Who was K Karunakaran?}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/national/who-will-be-cm-of-kerala-election-results-congress-udf-majority-face-race-updates-201777870257253.html|title=केरल में इतिहास रचने के करीब कांग्रेस, बहुमत मिला को कौन बनेगा सीएम? घमासान तय|date=2026-05-04|website=www.livehindustan.com|language=hi|access-date=2026-05-22}}</ref>
वर्तमान में इस गठबंधन में [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]], [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]], केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]] तथा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं। यह गठबंधन व्यापक राजनीतिक नीति का अनुसरण करता है और इसमें विभिन्न विचारधाराओं वाले अनेक राजनीतिक दल सम्मिलित हैं।
==सदस्य राजनीतिक दल ==
* [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] (INC)
* [[इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग|इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग]] (IUML)
* केरल कांग्रेस
* [[रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी]]
* केरल कांग्रेस (जैकब)
* केरल डेमोक्रेटिक पार्टी (KDP)
* कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP)
* रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (RMPI)
* ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB)
* जनतिपथिया संरक्षण समिति (JSS)
==संदर्भ==
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[[श्रेणी:केरल]]
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| heading3 = [[बारह लघु नबी|लघु <!--{{nobold|(''त्रेई अशर'')}}-->]]
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* [[होशे की पुस्तक|होशे]]
* [[योएल की पुस्तक|योएल]]
* [[आमोस की पुस्तक|आमोस]]
* [[ओबद्याह की पुस्तक|ओबद्याह ]]
* [[योना की पुस्तक|योना]]
* [[मीका की पुस्तक|मीका]]
* [[नहूम की पुस्तक|नहूम]]
* [[हबक़्क़ूक़ की पुस्तक|हबक़्क़ूक़]]
* [[सपन्याह की पुस्तक|सपन्याह]]
* [[हाग्गै की पुस्तक|हाग्गै]]
* [[ज़कर्याह की पुस्तक|ज़कर्याह]]
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नौलखा मंदिर, बेगूसराय
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<templatestyles src="Module:Infobox/styles.css"></templatestyles>नौलखा मंदिर बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित एक हिंदू तीर्थ स्थान है। यह मुख्य रूप से हिंदू देवता राम और उनकी पत्नी सीता को समर्पित है।
[[श्रेणी:बेगूसराय जिला]]
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<templatestyles src="Module:Infobox/styles.css"></templatestyles>नौलखा मंदिर बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित एक हिंदू तीर्थ स्थान है। यह मुख्य रूप से हिंदू देवता राम और उनकी पत्नी सीता को समर्पित है।<ref name="naulakh">{{Cite web|date=2022-12-12 |title=Begusarai: बेगूसराय के नौलखा मंदिर की खूबसूरती मोह लेगी आपका मन, जानें राजस्थान-कोलकाता कनेक्शन |url=https://hindi.news18.com/news/bihar/begusarai-naulakha-temple-of-begusarai-is-favorite-destination-for-new-year-celebration-5036225.html |website=hindi.news18.com |language=Hindi}}</ref>
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