विकिपुस्तक hiwikibooks https://hi.wikibooks.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.24 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिपुस्तक विकिपुस्तक वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता रसोई रसोई वार्ता विषय विषय चर्चा TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk बजरंग मुनि 0 11548 83203 2026-10-18T06:06:17Z Rishi1410 2124 "'''बजरंग मुनि''' (जन्म नाम: '''बजरंगलाल अग्रवाल'''; जन्म: 25 दिसंबर 1939) छत्तीसगढ़ के एक मौलिक चिंतक एवं विचारक है. जिन्होंने सामाजिक-संवैधानिक-राजनीतिक-आर्थिक क्षेत्रों में ले..." के साथ नया पृष्ठ बनाया 83203 wikitext text/x-wiki '''बजरंग मुनि''' (जन्म नाम: '''बजरंगलाल अग्रवाल'''; जन्म: 25 दिसंबर 1939) छत्तीसगढ़ के एक मौलिक चिंतक एवं विचारक है. जिन्होंने सामाजिक-संवैधानिक-राजनीतिक-आर्थिक क्षेत्रों में लेखन किया हैं। उन्होंने भारतीय संविधान की समीक्षा, सहभागी लोकतंत्र ('लोक स्वराज्य'), ग्राम सभा सशक्तिकरण और ऊर्जा-आधारित कर प्रणाली पर कार्य किया है।<ref>{{cite book |last=राय |first=रामबहादुर |title=भारतीय संविधान : अनकही कहानी |publisher=प्रभात प्रकाशन |location=नई दिल्ली |year=2021 |isbn=978-93-90900-96-1 |pages=12–13 |url=https://www.prabhatbooks.com/bharatiya-samvidhan-anakahi-kahani.htm}}</ref><ref>{{cite web |title=छत्तीसगढ़-रामानुजगंज ज्ञानोत्सव में देशभर के विद्वान शामिल, बजरंग मुनि के सानिध्य में हो रही ज्ञान कथा |url=https://bharatwani.live/archives/23752 |website=भारतवाणी (Bharatwani) |date=10 June 2024 |language=hi}}</ref> == प्रारंभिक जीवन एवं राजनीतिक यात्रा == बजरंगलाल अग्रवाल का जन्म 25 दिसंबर 1939 को तत्कालीन सरगुजा रियासत (अविभाजित मध्य प्रदेश, वर्तमान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला, छत्तीसगढ़) के रामानुजगंज में हुआ। युवावस्था में वे आर्य समाज, सर्वोदय आंदोलन और डॉ. राममनोहर लोहिया के समाजवादी विचारों से जुड़े। 1965 में वे रामानुजगंज नगरपालिका के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बाद में वे भारतीय जनसंघ के सरगुजा जिलाध्यक्ष बने और जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति (जेपी आंदोलन) से जुड़े। 1975–1977 के भारतीय आपातकाल के दौरान वे 18 माह तक राजनीतिक बंदी (लोकतंत्र सेनानी) रहे। 1977 में आपातकाल समाप्त होने के पश्चात वे जनता पार्टी के सरगुजा जिलाध्यक्ष बने। दिसंबर 1984 में उन्होंने दलीय और चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया और पूर्णकालिक संवैधानिक व सामाजिक शोध प्रारंभ किया।<ref>{{cite episode |title=कड़वी बात बजरंग मुनि के साथ |series=कड़वी बात |network=NewsPlus21 |date=23 March 2022 |language=hi}}</ref> == संवैधानिक शोध एवं 'लोक स्वराज्य' प्रयोग == 1984 के बाद उन्होंने रामानुजगंज और अंबिकापुर स्थित 'ज्ञान यज्ञ आश्रम' के माध्यम से भारतीय संविधान और शासन प्रणाली पर शोध एवं संवाद श्रृंखला प्रारंभ की। पद्म भूषण से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय ने अपनी पुस्तक ''भारतीय संविधान : अनकही कहानी'' (प्रभात प्रकाशन) में उल्लेख किया है कि रामानुजगंज और अंबिकापुर में बजरंगलाल अग्रवाल द्वारा चलाए गए इस संवैधानिक विमर्श में लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी. कश्यप, सर्वोदय नेता ठाकुरदास बंग और अमरनाथ भाई जैसे विद्वान सहभागी रहे, तथा ज्ञान यज्ञ आश्रम द्वारा 395 अनुच्छेदों वाला एक वैकल्पिक 'भारत का संविधान' प्रारूप भी तैयार किया गया।<ref>{{cite book |last=राय |first=रामबहादुर |title=भारतीय संविधान : अनकही कहानी |publisher=प्रभात प्रकाशन |location=नई दिल्ली |year=2021 |isbn=978-93-90900-96-1 |pages=12–13 |url=https://www.prabhatbooks.com/bharatiya-samvidhan-anakahi-kahani.htm}}</ref> वर्ष 2000 से 2005 के बीच रामानुजगंज नगरपालिका के अध्यक्ष के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने साप्ताहिक खुली नागरिक सभाओं के माध्यम से सहभागी स्थानीय स्वशासन ('लोक स्वराज्य') का प्रयोग किया।<ref>{{cite episode |title=ग्रामसभा सशक्तिकरण एवं रामानुजगंज प्रयोग |series=ऐसा देश हो मेरा |credits=रामवीर श्रेष्ठ (एंकर) |network=A2Z News |date=November 2011 |language=hi}}</ref> 2005 से 2020 के मध्य उन्होंने दिल्ली-एनसीआर (मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, वसुंधरा, गाजियाबाद सहित), ऋषिकेश और छत्तीसगढ़ में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय संगोष्ठियों में संवैधानिक सुधार, 'अकेंद्रीकरण' (Non-Centralization), निर्दलीय 'लोक संसद', 'राइट टू रिकॉल' और कृत्रिम ऊर्जा पर एकल कर प्रणाली जैसे विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। नवंबर–दिसंबर 2011 में ए-टू-जेड (A2Z) न्यूज़ चैनल पर वरिष्ठ पत्रकार रामवीर श्रेष्ठ द्वारा उनके संवैधानिक व राजनीतिक विचारों पर केंद्रित 12 कड़ियों का साप्ताहिक कार्यक्रम ''ऐसा देश हो मेरा'' प्रसारित किया गया।<ref>{{cite episode |title=लोकतंत्र एवं लोक संसद |series=ऐसा देश हो मेरा |credits=रामवीर श्रेष्ठ (एंकर) |network=A2Z News |date=4 November 2011 |language=hi}}</ref> 2020 में उनके शोध कार्यों के संचालन हेतु रामानुजगंज में 'मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान' का गठन हुआ, जिसके तत्वावधान में जून 2024 में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय 'ज्ञानोत्सव' सम्मेलन आयोजित किया गया।<ref>{{cite web |title=छत्तीसगढ़-रामानुजगंज ज्ञानोत्सव में बजरंग मुनि के सानिध्य में देशभर के विद्वान शामिल |url=http://hindustansamvad.in/?p=276917 |website=हिंदुस्तान संवाद |date=10 June 2024 |language=hi}}</ref> == प्रमुख कृतियाँ == बजरंग मुनि हिंदी पाक्षिक पत्रिका ''ज्ञान तत्त्व'' के संपादक रहे हैं। उनकी प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें निम्नलिखित हैं: * ''भावी भारत का संविधान'' (2024) * ''भारत का प्रस्तावित संविधान'' (2024) * ''मुनि मंथन निष्कर्ष'' (2024) * ''मार्गदर्शक सूत्र संहिता'' (भाग 1, 2 एवं 3; 2024) * ''एक निवेदन रखा'' == सन्दर्भ == {{सन्दर्भ सूची}} [[श्रेणी:1939 में जन्मे लोग]] [[श्रेणी:जीवित लोग]] [[श्रेणी:छत्तीसगढ़ के लेखक]] [[श्रेणी:भारतीय राजनीतिक दार्शनिक]] 1th2izhzpc6lmff6hu65zuyz5zo6pd7 वार्ता:बजरंग मुनि 1 11549 83204 2026-10-18T08:36:14Z Rishi1410 2124 /* पेज को हटा देने के लिए अनुरोध */ नया अनुभाग 83204 wikitext text/x-wiki == पेज को हटा देने के लिए अनुरोध == [[सदस्य:Rishi1410|Rishi1410]] ([[सदस्य वार्ता:Rishi1410|वार्ता]]) ०८:३६, १८ अक्टूबर २०२६ (UTC) hsizeeiii7i7fu1ifmoso61cm8lof71