विकिसूक्ति hiwikiquote https://hi.wikiquote.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.24 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिसूक्ति विकिसूक्ति वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk नेपोलियन हिल 0 3498 33421 23545 2026-10-21T00:15:23Z Aman Arora PTL 5321 33421 wikitext text/x-wiki ==नेपोलिअन हिल== [[चित्र:Napoleon Hill headshot.jpg|thumb|right|200px|नेपोलियन हिल ]] ओलिवर नेपोलियन हिल का जन्म 26 October 1883 में हुआ. वे सेल्फ-हेल्प किताबों के लेखक रहे. इनके किताब Think and Grow Rich काफी सफल रही. ==अनमोल विचार== * मनुष्य का दिमाग कुछ भी कल्पना और विश्वास कर सकता है, उसे हासिल कर सकता है। * हर एक कामयाबी और दौलत की शुरआत एक विचार से होती है। * जीवन में आपको जो भी अवसर चाहिए वो आपकी कल्पना में प्रतीक्षा करते हैं, कल्पना आपके मस्तिष्क की कार्यशाला है, जो आपके मन की उर्जा को सिद्धि और धन में बदल देती है। * इच्छा ही सभी उपलब्धियों का प्रारंभिक बिंदु है। * तीव्र इच्छा हर उपलब्धियों की शुरुआत है, आशा नहीं और नहीं कामना, बल्कि तीव्र इच्छा जो सबकुछ बदल देती है। * डर, मन की एक स्थिति के आलावा और कुछ भी नहीं है। * बोलने से पहले दो बार सोचो, क्योंकि आपके शब्दों और प्रभाव से दूसरे के मन में सफलता या विफलता का बीज बोया जायेगा। * आप महान चीजें नहीं कर सकते हैं, तो छोटी चीजों को एक महान तरीके से करें। * इंतजार मत करो, समय कभी भी एकदम सही नहीं होगा। * धैर्य, दृढ़ता और पसीना सफलता प्राप्त करने का एक अपराजेय संयोजन है *अधिकांश महान लोगों को अपनी सबसे बड़ी सफलता उनकी सबसे बड़ी असफलता से सिर्फ एक कदम आगे मिली है ==कविता== ==बाहरी कडियाँ== m78la9qe5m1q4qu5c6s6413pthik0f5 नासिरा शर्मा 0 9316 33411 33408 2026-10-20T13:05:00Z शीतल सिन्हा 3627 33411 wikitext text/x-wiki नासिरा शर्मा हिंदी की एक प्रसिद्ध लेखिका है। पारिजात उनकी प्रसिद्ध रचना है।2016 में पारिजात को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। ==पारिजात के संदेश== मां के वजूद के कण इस इस बहते पानी में कहाँ ढूँढ़ूँ? कहाँ तक दौड़ूँ? माँ के बिना मैं कितना अधूरा हूंँ, io60rv5ovodsya7eh2cexolhptbrrs2 33412 33411 2026-10-20T13:09:53Z शीतल सिन्हा 3627 33412 wikitext text/x-wiki नासिरा शर्मा हिंदी की एक प्रसिद्ध लेखिका है। पारिजात उनकी प्रसिद्ध रचना है। उन्हें 2016 में उनके प्रसिद्थ उपन्यास पारिजात को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। ==पारिजात के संदेश== माँ के वजूद के कण इस इस बहते पानी में कहाँ ढूँढ़ूँ? कहाँ तक दौड़ूँ? माँ के बिना मैं कितना अधूरा हूंँ,यह किससे कहूँ? मैं उनके जीते-जी जान नहीं पाया था कि माँ का न रहना इस दुनिया में कैसा खालीपन भरता है। coypfdya4h76rknq0pp17xf2eqe8m1u प्रभा खेतान 0 9359 33413 2026-10-20T13:24:46Z शीतल सिन्हा 3627 "प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं।" के साथ नया पृष्ठ बनाया 33413 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। m9qjry57lmt93j13ihy90ixg5kizgdv 33414 33413 2026-10-20T13:25:34Z शीतल सिन्हा 3627 33414 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। दर्शन का यह गहन अनुशीलन उनके साहित्यिक, वैचारिक और सामाजिक हस्तक्षेपों की बुनियादी वैचारिक संरचना बना। qs71isgg8273uaj0jerh4w0dkxx90ap 33415 33414 2026-10-20T13:40:05Z शीतल सिन्हा 3627 33415 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। ==अन्या से अनन्या== o90xu99hpvz3ohlwq0xtupxxz2erlhd 33416 33415 2026-10-20T13:41:16Z शीतल सिन्हा 3627 33416 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। <ref>https://www.hindwi.org/ebooks/detail/apne-apne-chehre-ebooks</ref> ==अन्या से अनन्या== ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} m56jgqtyu13ae67xht9yhgvslr6fbou 33417 33416 2026-10-20T13:41:26Z शीतल सिन्हा 3627 33417 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। ==अन्या से अनन्या== o90xu99hpvz3ohlwq0xtupxxz2erlhd 33418 33417 2026-10-20T13:42:12Z शीतल सिन्हा 3627 33418 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। <ref>https://www.hindwi.org/ebooks/detail/apne-apne-chehre-ebooks</ref> ==अन्या से अनन्या== ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} hfmw9crilw83lftq2lgfser8z9ky6g7 33419 33418 2026-10-20T17:14:44Z शीतल सिन्हा 3627 /* अन्या से अनन्या */ 33419 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। <ref>https://www.hindwi.org/ebooks/detail/apne-apne-chehre-ebooks</ref> ==अन्या से अनन्या== मैं तो इन तीनों बड़ी बेटियों का करते-करते थक गई।पहले ब्याह-मुकुलावा फिर छुछक और खिचड़ी फिर भात। ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} irqopqi8fo81zv1kknd5j9abwvxdep4 33420 33419 2026-10-20T17:26:50Z शीतल सिन्हा 3627 /* अन्या से अनन्या */ 33420 wikitext text/x-wiki प्रभा खेतान (1 नवम्बर 1942 – 19 सितम्बर 2008) हिन्दी साहित्य, नारीवादी विचारधारा तथा सामाजिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेप की एक विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं। कोलकाता में जन्मी प्रभा खेतान ने कोलकाता विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा ज्याँ-पॉल सार्त्र के अस्तित्ववादी दर्शन पर शोध कर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। <ref>https://www.hindwi.org/ebooks/detail/apne-apne-chehre-ebooks</ref> ==अन्या से अनन्या उपन्यास की सूक्ति== मैं तो इन तीनों बड़ी बेटियों का करते-करते थक गई।पहले ब्याह-मुकुलावा फिर छुछक और खिचड़ी फिर भात।जाए पर जाए तक का करना-धरना बस लगा रहता है। <ref>{{cite book |last1=प्रभा |first1=खेतान |title=अन्या से अनन्या |date=2016 |publisher=राजकमल पेपरबैक्स |location=नई दिल्ली |isbn=978-81-267-1931-0 |page=92 |edition=चौथा |access-date=20 अक्टूबर 2026}}</ref> ==सन्दर्भ== {{टिप्पणीसूची}} e8jv0oor2r85povbo3ju9eriael7gs9