विकिस्रोत
hiwikisource
https://hi.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A4:%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0
MediaWiki 1.47.0-wmf.4
first-letter
मीडिया
विशेष
वार्ता
सदस्य
सदस्य वार्ता
विकिस्रोत
विकिस्रोत वार्ता
चित्र
चित्र वार्ता
मीडियाविकि
मीडियाविकि वार्ता
साँचा
साँचा वार्ता
सहायता
सहायता वार्ता
श्रेणी
श्रेणी वार्ता
लेखक
लेखक वार्ता
अनुवाद
अनुवाद वार्ता
पृष्ठ
पृष्ठ वार्ता
विषयसूची
विषयसूची वार्ता
TimedText
TimedText talk
मॉड्यूल
मॉड्यूल वार्ता
Event
Event talk
पृष्ठ:हिंदी साहित्य का इतिहास-रामचंद्र शुक्ल.pdf/२२२
250
33909
662711
662707
2026-05-31T12:33:52Z
अजीत कुमार तिवारी
12
[[Special:Contributions/~2026-31815-19|~2026-31815-19]] ([[User talk:~2026-31815-19|वार्ता]]) के संपादनों को हटाकर [[User:SM7Bot|SM7Bot]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
584777
proofread-page
text/x-wiki
<noinclude><pagequality level="4" user="ममता साव9" />{{rh||भक्तिकाल की फुटकल रचनाएँ|१९९}}</noinclude>दोहों से मिलते जुलते हैं। पर इससे यह नहीं सिद्ध होता कि यह ग्रंथ बिहारी के पीछे का है, क्योंकि ग्रंथ में निर्माण-काल बहुत स्पष्ट रूप से दिया हुआ है––
{{Block center|<poem><small>सिधि निधि सिव मुख चंद्र लखि माघ सुद्दि तृतियासु।
हिततरंगिनी हौं रची कवि हित परम प्रकासु॥</small></poem>}}
दो में से एक बात हो सकती है––या तो बिहारी ने उन दोहों को जान बूझकर लिया अथवा वे दोहे पीछे से मिल गए। हिततरंगिणी के दोहे बहुत ही सरस, भावपूर्ण तथा परिमार्जित भाषा में हैं। कुछ नमूने देखिए––
{{block center|<poem><small>लोचन चपल कटाच्छ सर, अनियारे विषपूरि।
मन-मृग बेधैं मुनिन के, जगजन सहत बिसूरि॥
आजु सवारे हौं गई, नंदलाल हित ताल।
कुमुद कुमुदिनी के भटू निरखे और हाल॥
पति आयो परदेस तें, ऋतु बसंत को मानि।
झमकि झमकि निज महल में, टहलैं करै सुरानि॥</small></poem>}}
{{larger|'''(४) महापात्र नरहरि बंदीजन'''}}––इनका जन्म संवत् १५६२ और मृत्यु संवत् १६६७ में कही जाती है। महापात्र की उपाधि इन्हे अकबर के दरबार से मिली थी। ये असनी-फतेहपुर के रहनेवाले थे और अकबर के दरबार में इनका बहुत मान था। इन्होंने छप्यय और कवित्त कहे है। इनके बनाए दो ग्रंथ परंपरा से प्रसिद्ध है––'रुक्मिणीमंगल' और 'छप्पय-नीति'। एक तीसरा ग्रंथ 'कवित्त-संग्रह' भी खोज में मिला है। इनका वह प्रसिद्ध छप्पय नीचे दिया
जाता है जिसपर, कहते है कि, अकबर ने गोवध बंद कराया था––
{{block center|<poem><small>अरिहु दंत तिनु धरै, ताहि नहिं नहिं मारि सकत कोइ।
हम संतत तिनु चरहिं, वचन उच्चरहिं दीन होइ॥
अमृत-पय नित स्रवहिं, बच्छ महि थंभन जावहिं।
हिंदुहि मधुर न देहिं, कटुक तुरकहि न पियावहिं॥
कह कवि नरहरि अकबर सुनौ बिनवति नउ जोरे करन।
अपराध कौन मोहिं मारियत, मुएहु चाम सेवइ चरन॥</small></poem>}}<noinclude></noinclude>
6v8wru4zedft20tsuypwcws8uqwkf2y
मीडियाविकि:Sitenotice
8
57542
662712
662505
2026-05-31T12:35:58Z
अजीत कुमार तिवारी
12
+साइटनोटिस.
662712
wikitext
text/x-wiki
<div style="line-height: 1.4; text-align: center; font-size: 24px; font-family: 'Linux Libertine',Georgia,Times,serif; line-height: 1.2em; 1.1em; padding: 2rem; padding-top: 1rem; padding-bottom: 1rem; border-style:solid; border-width:2px; border-color:#3B7A57">
<big>विकिपीडिया पर '''[[w:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव जून 2026]]''' का आयोजन किया जा रहा है।</big><br>यह लेखन प्रतियोगिता 1 जून से 30 जून तक चलेगी। इसमें नए एवं वर्तमान सदस्य शामिल हो सकते हैं।<br>
'''[[w:विकिपीडिया:सामग्री संवर्द्धन संपादनोत्सव/जून 2026|प्रतियोगिता में भाग लें और पुरस्कार जीतें।]]'''</div>
ss8lih99hdkvzthi2kfpzxdx62qx4qe
सदस्य:अमृता कुमारी पाण्डेय
2
63599
662710
662708
2026-05-31T12:33:31Z
अजीत कुमार तिवारी
12
[[Special:Contributions/~2026-32337-05|~2026-32337-05]] ([[User talk:~2026-32337-05|वार्ता]]) के संपादनों को हटाकर [[User:अमृता कुमारी पाण्डेय|अमृता कुमारी पाण्डेय]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
388324
wikitext
text/x-wiki
Hi! I am a Hindi Wikimedian. I edit on Hindi Wikisource.
s50goiwc695tj7i39c8s79j8fhmhjtp
पृष्ठ:जाति क्यों नहीं जाती.pdf/२
250
174788
662714
539561
2026-05-31T15:11:07Z
ममता साव9
2453
/* शोधित */
662714
proofread-page
text/x-wiki
<noinclude><pagequality level="3" user="ममता साव9" /></noinclude>{{dhr|20em}}
{|width=40%
|-
|'''© लेखक'''||
|-
|'''प्रथम संस्करण''' : ||मई, 2005
|-
|'''द्वितीय संस्करण''' : ||अप्रैल, 2006
|-
|'''आवरण''' : ||मनोहर काजल
|-
|'''प्रकाशक''' : ||उद्भावना
|-
|||ए-21, झिलमिल इंडस्ट्रिएल एरिया,
|-
|||जी॰ टी॰ रोड, शाहदरा, दिल्ली—95
|-
|||फोन : 22582847, 22119770
|-
|'''मुद्रक''' :||प्रोग्रेसिव प्रिंटर्स,
|-
|||शाहदरा, दिल्ली—95
|-
|'''मूल्य''' :||40 रुपये
|}<noinclude></noinclude>
20qf9wzze1rz0zze8407dexmlq4aat9
पृष्ठ:जाति क्यों नहीं जाती.pdf/३
250
174789
662713
662704
2026-05-31T14:56:25Z
ममता साव9
2453
662713
proofread-page
text/x-wiki
<noinclude><pagequality level="3" user="ममता साव9" /></noinclude>
{|width=100%
|+{{c|{{larger|'''अनुक्रम'''}}}}
|-
|1. जोतिबा फुले||
|-
|{{gap}}{{gap}}सत्य धर्म, गुलामगिरी और किसान का कोड़ा||9
|-
|2. भीमराव अम्बेडकर||
|-
|{{gap}}{{gap}}जाति-प्रथा उन्मूलन||28
|-
|3. राहुल सांकृत्यायन||
|-
|{{gap}}{{gap}}तुम्हारी जात-पांत की क्षय||58
|-
|4. मुंशी प्रेमचंद||
|-
|{{gap}}{{gap}}जाति-प्रथा पर विचार||66
|-
|5. भगतसिंह||
|-
|{{gap}}{{gap}}अछूत समस्या||74
|-
|6. बी॰ टी॰ रणदिवे||
|-
|{{gap}}{{gap}}जाति, वर्ग और संपत्ति के संबंध||80
|-
|7. शैलेन्द्र शैली||
|-
|{{gap}}{{gap}}जाति क्यों नहीं जाती?||113
|-
|8. (क) दस्तावेज||
|-
|{{gap}}{{gap}}दलितों के साथ भेदभाव और उनके उत्पीड़न के||
|-
|{{gap}}{{gap}}विरोध में प्रस्ताव||123
|-
|(ख) दलित अधिकार कन्वेंशन का प्रस्ताव||128
|}<noinclude></noinclude>
iqueuoq5mbukb3xver12slm5z3mjulu
विकिस्रोत:निर्वाचित पुस्तक/जून २०२६
4
193462
662715
2026-06-01T07:25:07Z
सौरभ तिवारी 05
49
निर्वाचित पुस्तक
662715
wikitext
text/x-wiki
{{विकिस्रोत:निर्वाचित पुस्तक/जून २०२५}}
h3nelxu58aiht9awrkjzu0e6mvvemqh