विकिस्रोत hiwikisource https://hi.wikisource.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A4:%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.13 first-letter मीडिया विशेष वार्ता सदस्य सदस्य वार्ता विकिस्रोत विकिस्रोत वार्ता चित्र चित्र वार्ता मीडियाविकि मीडियाविकि वार्ता साँचा साँचा वार्ता सहायता सहायता वार्ता श्रेणी श्रेणी वार्ता लेखक लेखक वार्ता अनुवाद अनुवाद वार्ता पृष्ठ पृष्ठ वार्ता विषयसूची विषयसूची वार्ता TimedText TimedText talk मॉड्यूल मॉड्यूल वार्ता Event Event talk पृष्ठ:Kabir Granthavali.pdf/३३९ 250 3211 668770 668763 2026-08-02T15:49:56Z अजीत कुमार तिवारी 12 [[Special:Contributions/SantYash|SantYash]] ([[User talk:SantYash|वार्ता]]) के संपादनों को हटाकर [[User:SM7Bot|SM7Bot]] के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया 592493 proofread-page text/x-wiki <noinclude><pagequality level="1" user="Shikhar Sandilya" /></noinclude>३५८ ] [ कबीर मे सहायक होती है। यही पति के साथ उसका सामजस्य है और इसी से साधक जीव के जीवन मे समन्वय म्थापित हो जाता है । (v)ज्ञानोदय की दशा का बहुत ही सुन्दर चित्रण है । (vi)इस पद मे कबीर के व्यक्तिगत पारिवारिक जीवान की छाया है । कबीर की दो स्त्रियाँ थी , पहली का नाम लोई था, जो कुरूप थी । दूसरी स्वरूपवान और सुलक्षणा थी। इसका नाम घनिया था जिसे लोग रमजनिया कहते थे। कबीर इसके प्रति बडे अनुरक्त थे। सन्त-साध्य मे उपलब्ध गृहस्थ जीवन सम्बन्धी कबीर की ये पंक्तियाँ दृष्टव्य हैं - मेरी बहुरिया को घनिया नाउ। लैराख्यो रमजनियाँ नाउ । तथा - हम तुम बीच् भयौ नहि कोई । तुमहिं सुकंत नारि हम सोई । कहत कबीर सुनहु रे लोई । अब तुमरी परतीति न होई । (२३०) मेरी मति बौरी रांम बिसारयौ, किहि विधि रहति रहूँ हो दयाल । सेजै रहूँ नैन नहीं देखाँ , यहु दुख कासो कहूँ हो दयाल ॥ टेक॥ सासु की दुखी ससुर की प्यारी, जेठ के तरसि डरो रे नणद सहेली गरब गहेली, देवर के बिरह जरौ हो दयाल ॥ वाप सावकी करे लराई माया सद मतिवाली । सगी भईया ले सलि चढिहूँ, तव ह्वो हूँ पीयाहि पियारी ॥ सोचि विचारि देखी मन मांहीं, औसर आई बन्यू रे । कहे कबीर सुनहु मति सुंदरि, राजा रांम रमू रे ॥ शब्दार्थ- गहेली=ग्रस्त । सगी भईया- सहज वाघा । मलि= चिता । संदर्भ- कबीर कहते हे कि इस जीवन की सार्थकता यही हे कि राम के प्रति प्रेम किया जाय । भावार्थ - विपयासक्ति के काराण मेरी बुध्दि पागल हो गई है,(ठिकाने नहीं रही है)और इस कारण मेरे पति राम ने मुझको भुला दिया है । हे दयालु प्रभु मे अपाना जीवन किस प्रकार व्यतीत करू ? मैं मदेव अपने पति ईश्वरा कि शेय्या पर हो ?? है परन्तु फिर भी उस ईश्वर रूपि पति को आखों से नही देख पाती हूँ ।<noinclude></noinclude> q4wibb8cgx7uepvo5lb9iygjv553l7e 668771 668770 2026-08-02T16:53:34Z ममता साव9 2453 /* शोधित */ 668771 proofread-page text/x-wiki <noinclude><pagequality level="3" user="ममता साव9" />{{rh|३५८]||[कबीर}}</noinclude>में सहायक होती है। यही पति के साथ उसका सामजस्य है और इसी से साधक जीव के जीवन में समन्वय स्थापित हो जाता है। (v) ज्ञानोदय की दशा का बहुत ही सुन्दर चित्रण है। (vi) इस पद में कबीर के व्यक्तिगत पारिवारिक जीवन की छाया है। कबीर की दो स्त्रियाँ थी। पहली का नाम लोई था, जो कुरूप थी। दूसरी स्वरूपवान और सुलक्षणा थी। इसका नाम धनिया था जिसे लोग रमजनिया कहते थे। कबीर इसके प्रति बड़े अनुरक्त थे। सन्त-साध्य में उपलब्ध गृहस्थ जीवन सम्बन्धी कबीर की ये पंक्तियाँ दृष्टव्य हैं— {{block center|<poem>:'''मेरी बहुरिया को धनिया नाउ। लैराख्यो रमजनियाँ नाउ।</poem>}} तथा— {{block center|<poem>:'''हम तुम बीन भणै नहिं कोई। तुमहिं सुकंत नारि हम सोई। :'''कहत कबीर सुनहु रे लोई। अब तुमरी परतीति न होई।</poem>}} {{c|(२३०)}} {{block center|<poem>:'''मेरी मति बौरी रांम बिसारयौ, किहि बिधि रहनि रहूँ हो दयाल। :'''सेजै रहें नैन नहीं देखों, यहु दुख कासौं कहूँ हो दयाल॥टेक॥ :'''सासु की दुखी ससुर की प्यारी, जेठ के तरसि डरौं रे। :'''नणद सहेली गरब गहेली, देवर कै बिरह जरौं हो दयाल॥ :'''बाप सावकी करै लराई माया सद मतिवाली। :'''सगौ भईया लै सलि चढ़िहूं, तव ह्वै हूँ पीयहि पियारी॥ :'''सोचि विचारि देखों मन मांहीं, औसर आइ बन्यू रे। :'''कहै कबीर सुनहु मति सुंदरि, राजा रांम रमूं रे॥</poem>}} '''शब्दार्थ'''—गहेली = ग्रस्त। सगो भईया—सहज बाधा। मलि = चिता। '''संदर्भ'''—कबीर कहते हैं कि इस जीवन की सार्थकता यही है कि राम के प्रति प्रेम किया जाय। '''भावार्थ'''—विषयाशक्ति के कारण मेरी बुद्धि पागल हो गई है, (ठिकाने नहीं रही है) और हम कारण मेरे पति राम ने मुझको भुला दिया है। हे दयालु प्रभु! में अपना जीवन किस प्रकार व्यतीत करूँ? मैं सदैव अपने पति ईश्वर की शैय्या पर ही रहती परन्तु फिर भी उस ईश्वर रूपी पति को आंखों से नहीं देख पाती हूँ। पति के साथ निरंतर उसी सेज पर सोती हुये भी उसे न देख सकने (उसके द्वारा उत्तेजना बने रहने की अगाद्य व्यथा में किसको सुनाऊ? मैं माया-रूप सास से दुःखी हूँ। तथा ध्यान रूपी श्वसुर को प्रिय हुँ। मैं मोह रूपी जेठ के त्रास से निरन्तर भयभीत रहती हूँ। बुद्धि रूपी ननद मेरी सखी है। वह दुराग्रहों से ग्रस्त तथा अभिमानी। दयालु प्रभु! में वासनात्मक मन रूपी देवर के विरह से व्यथित हूँ।<noinclude></noinclude> feh0yjr6wcw2yfvjsirjh41g7b2bm4u 668772 668771 2026-08-02T16:56:14Z ममता साव9 2453 668772 proofread-page text/x-wiki <noinclude><pagequality level="3" user="ममता साव9" />{{rh|३५८]||[कबीर}}</noinclude>में सहायक होती है। यही पति के साथ उसका सामजस्य है और इसी से साधक जीव के जीवन में समन्वय स्थापित हो जाता है। (v) ज्ञानोदय की दशा का बहुत ही सुन्दर चित्रण है। (vi) इस पद में कबीर के व्यक्तिगत पारिवारिक जीवन की छाया है। कबीर की दो स्त्रियाँ थी। पहली का नाम लोई था, जो कुरूप थी। दूसरी स्वरूपवान और सुलक्षणा थी। इसका नाम धनिया था जिसे लोग रमजनिया कहते थे। कबीर इसके प्रति बड़े अनुरक्त थे। सन्त-साध्य में उपलब्ध गृहस्थ जीवन सम्बन्धी कबीर की ये पंक्तियाँ दृष्टव्य हैं— {{block center|<poem>::'''मेरी बहुरिया को धनिया नाउ। लैराख्यो रमजनियाँ नाउ। तथा— ::'''हम तुम बीन भणै नहिं कोई। तुमहिं सुकंत नारि हम सोई। ::'''कहत कबीर सुनहु रे लोई। अब तुमरी परतीति न होई।</poem>}} {{c|(२३०)}} {{block center|<poem>:'''मेरी मति बौरी रांम बिसारयौ, किहि बिधि रहनि रहूँ हो दयाल। :'''सेजै रहें नैन नहीं देखों, यहु दुख कासौं कहूँ हो दयाल॥टेक॥ :'''सासु की दुखी ससुर की प्यारी, जेठ के तरसि डरौं रे। :'''नणद सहेली गरब गहेली, देवर कै बिरह जरौं हो दयाल॥ :'''बाप सावकी करै लराई माया सद मतिवाली। :'''सगौ भईया लै सलि चढ़िहूं, तव ह्वै हूँ पीयहि पियारी॥ :'''सोचि विचारि देखों मन मांहीं, औसर आइ बन्यू रे। :'''कहै कबीर सुनहु मति सुंदरि, राजा रांम रमूं रे॥</poem>}} '''शब्दार्थ'''—गहेली = ग्रस्त। सगो भईया—सहज बाधा। मलि = चिता। '''संदर्भ'''—कबीर कहते हैं कि इस जीवन की सार्थकता यही है कि राम के प्रति प्रेम किया जाय। '''भावार्थ'''—विषयाशक्ति के कारण मेरी बुद्धि पागल हो गई है, (ठिकाने नहीं रही है) और हम कारण मेरे पति राम ने मुझको भुला दिया है। हे दयालु प्रभु! में अपना जीवन किस प्रकार व्यतीत करूँ? मैं सदैव अपने पति ईश्वर की शैय्या पर ही रहती परन्तु फिर भी उस ईश्वर रूपी पति को आंखों से नहीं देख पाती हूँ। पति के साथ निरंतर उसी सेज पर सोती हुये भी उसे न देख सकने (उसके द्वारा उत्तेजना बने रहने की अगाद्य व्यथा में किसको सुनाऊ? मैं माया-रूप सास से दुःखी हूँ। तथा ध्यान रूपी श्वसुर को प्रिय हुँ। मैं मोह रूपी जेठ के त्रास से निरन्तर भयभीत रहती हूँ। बुद्धि रूपी ननद मेरी सखी है। वह दुराग्रहों से ग्रस्त तथा अभिमानी। दयालु प्रभु! में वासनात्मक मन रूपी देवर के विरह से व्यथित हूँ।<noinclude></noinclude> itojl7fr8ety2cqrcxmwecjfv9trrwr विकिस्रोत:सामुदायिक बैठक/अगस्त २०२६ 4 196408 668768 668759 2026-08-02T15:48:44Z अजीत कुमार तिवारी 12 /* रूपरेखा */ 668768 wikitext text/x-wiki {| class="wikitable" | कार्यक्रम || सामुदायिक बैठक/अगस्त २०२६ |- | स्थान || नई दिल्ली |- | तिथि || १ अगस्त २०२६ |- | आयोजक || हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप |- | प्रतिभागी || दिल्ली के हिंदी विकि प्रबंधक, स्थानीय विकिपीडियन एवं हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन के स्वयंसेवक |} हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा विकिपीडिया फाउंडेशन तथा गूगल के सहयोग से दिल्ली के हिंदी विकि के प्रबंधकों और हिंदी विकि संपादक, एवं हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन स्वयंसेवक के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन १ अगस्त २०२६ को दिल्ली में होगा। इसका उद्देश्य सामुदायिक संवाद को मजबूत करना तथा आगामी सम्मेलन रणनीतियों पर चर्चा करना है। योग्य सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपना अनुरोध इस पृष्ठ के वार्ता पृष्ठ पर या संपर्क सूत्रों को ई-मेल लिखकर या वार्ता पृष्ठ पर लिखकर कर सकते हैं। == उद्देश्य == * [[w:hi:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६]]: आयोजन प्रगति, कार्यक्रम रूपरेखा एवं स्वयंसेवक तैयारी * सम्मेलन स्वयंसेवकों के सदस्य समूह का निर्माण * पूर्वाभ्यास एवं अंतिम तैयारी * दिल्ली के आस-पास के सदस्यों को जोड़कर स्थानीय योगदान को बढ़ावा देना। == रूपरेखा == यह कार्यक्रम १ अगस्त २०२६ को सुबह १०:०० से शाम ४:०० तक आयोजित किया जा रहा है। इसकी गतिविधियों का ब्यौरा नीचे दिया जा रहा है— {| class="wikitable" ! समय !! गतिविधि !! विवरण !! सत्र संयोजक |- | १२:००-१२:३० पूर्वाह्न || पंजीकरण एवं चाय/नाश्ता || प्रतिभागियों का आगमन, पंजीकरण, और अनौपचारिक परिचय। || अनौपचारिक सामूहिक चर्चा |- | १२:३०-०१:३० अपराह्न || भोजनावकाश || भोजन एवं प्रबंधकों के बीच अनौपचारिक संवाद || |- | 1:3०-४:०० अपराह्न || हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन रणनीति || सम्मेलन कार्यक्रमों की रूपरेखा, आयोजन की वर्तमान प्रगति || सामूहिक चर्चा |-| ४:००-५:०० अपराह्न || टीम निर्माण|| सम्मेलन आयोजन के विभिन्न टीमों का निर्माण एवं प्रशिक्षण || अनिरुद्ध कुमार |} == प्रतिभागिता नियमावली == # बैठक में केवल हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन में शामिल होने वाले दिल्ली के सदस्य शामिल हो सकते हैं। # आयोजकों की पूर्व अनुमति के बिना प्रतिभागियों द्वारा किये गये किसी भी तरह के व्यय का भुगतान नहीं किया जाएगा। # कार्यशाला के सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेना और रचनात्मक सुझाव देना अपेक्षित है। == सुविधाएं == प्रतिभागियों के केवल रेल या बस किराए तथा बैठक के दौरान भोजन का प्रबंध किया जाएगा। उनके ठहरने का कोई प्रबंध नहीं किया जाएगा क्योंकि अन्य सदस्य केवल दिल्ली के ही हो सकते हैं। == प्रतिभागी सूची == बैठक में शामिल होने वाले प्रतिभागी नीचे हस्ताक्षर करें— #[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) ०३:३९, १ अगस्त २०२६ (UTC) #[[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) ०७:१६, १ अगस्त २०२६ (UTC) #[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) ०७:२१, १ अगस्त २०२६ (UTC) == रूपरेखा == lgmrfgflf7hxmws3vzc3yigh7ehtnt6 668769 668768 2026-08-02T15:49:14Z अजीत कुमार तिवारी 12 /* रूपरेखा */ 668769 wikitext text/x-wiki {| class="wikitable" | कार्यक्रम || सामुदायिक बैठक/अगस्त २०२६ |- | स्थान || नई दिल्ली |- | तिथि || १ अगस्त २०२६ |- | आयोजक || हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप |- | प्रतिभागी || दिल्ली के हिंदी विकि प्रबंधक, स्थानीय विकिपीडियन एवं हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन के स्वयंसेवक |} हिंदी विकिमीडियन्स यूज़र ग्रुप द्वारा विकिपीडिया फाउंडेशन तथा गूगल के सहयोग से दिल्ली के हिंदी विकि के प्रबंधकों और हिंदी विकि संपादक, एवं हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन स्वयंसेवक के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन १ अगस्त २०२६ को दिल्ली में होगा। इसका उद्देश्य सामुदायिक संवाद को मजबूत करना तथा आगामी सम्मेलन रणनीतियों पर चर्चा करना है। योग्य सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपना अनुरोध इस पृष्ठ के वार्ता पृष्ठ पर या संपर्क सूत्रों को ई-मेल लिखकर या वार्ता पृष्ठ पर लिखकर कर सकते हैं। == उद्देश्य == * [[w:hi:हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन 2026|हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन २०२६]]: आयोजन प्रगति, कार्यक्रम रूपरेखा एवं स्वयंसेवक तैयारी * सम्मेलन स्वयंसेवकों के सदस्य समूह का निर्माण * पूर्वाभ्यास एवं अंतिम तैयारी * दिल्ली के आस-पास के सदस्यों को जोड़कर स्थानीय योगदान को बढ़ावा देना। == रूपरेखा == यह कार्यक्रम १ अगस्त २०२६ को सुबह १०:०० से शाम ४:०० तक आयोजित किया जा रहा है। इसकी गतिविधियों का ब्यौरा नीचे दिया जा रहा है— {| class="wikitable" ! समय !! गतिविधि !! विवरण !! सत्र संयोजक |- | १२:००-१२:३० पूर्वाह्न || पंजीकरण एवं चाय/नाश्ता || प्रतिभागियों का आगमन, पंजीकरण, और अनौपचारिक परिचय। || अनौपचारिक सामूहिक चर्चा |- | १२:३०-०१:३० अपराह्न || भोजनावकाश || भोजन एवं प्रबंधकों के बीच अनौपचारिक संवाद || |- | ०१:३०-४:०० अपराह्न || हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन रणनीति || सम्मेलन कार्यक्रमों की रूपरेखा, आयोजन की वर्तमान प्रगति || सामूहिक चर्चा |-| ४:००-५:०० अपराह्न || टीम निर्माण|| सम्मेलन आयोजन के विभिन्न टीमों का निर्माण एवं प्रशिक्षण || अनिरुद्ध कुमार |} == प्रतिभागिता नियमावली == # बैठक में केवल हिंदी विकिपीडिया सम्मेलन में शामिल होने वाले दिल्ली के सदस्य शामिल हो सकते हैं। # आयोजकों की पूर्व अनुमति के बिना प्रतिभागियों द्वारा किये गये किसी भी तरह के व्यय का भुगतान नहीं किया जाएगा। # कार्यशाला के सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेना और रचनात्मक सुझाव देना अपेक्षित है। == सुविधाएं == प्रतिभागियों के केवल रेल या बस किराए तथा बैठक के दौरान भोजन का प्रबंध किया जाएगा। उनके ठहरने का कोई प्रबंध नहीं किया जाएगा क्योंकि अन्य सदस्य केवल दिल्ली के ही हो सकते हैं। == प्रतिभागी सूची == बैठक में शामिल होने वाले प्रतिभागी नीचे हस्ताक्षर करें— #[[सदस्य:अनिरुद्ध कुमार|अनिरुद्ध कुमार]] ([[सदस्य वार्ता:अनिरुद्ध कुमार|वार्ता]]) ०३:३९, १ अगस्त २०२६ (UTC) #[[सदस्य:आदेश यादव|आदेश यादव]] ([[सदस्य वार्ता:आदेश यादव|वार्ता]]) ०७:१६, १ अगस्त २०२६ (UTC) #[[सदस्य:MuskanChaudhary121|MuskanChaudhary121]] ([[सदस्य वार्ता:MuskanChaudhary121|वार्ता]]) ०७:२१, १ अगस्त २०२६ (UTC) == रूपरेखा == kf7mjl6oklticuz0b3784j91vtlg52v सदस्य वार्ता:Revi C. 3 196411 668765 668761 2026-08-02T14:30:43Z Pathoschild 97 global user pages ([[m:Synchbot|requested by Revi C.]]) 668765 wikitext text/x-wiki __NOINDEX__<div class="mw-content-ltr" lang="en" dir="ltr">[[File:Revi logo (pink).png|thumb|center|<span style="color:red">PLEASE DO NOT LEAVE MESSAGE HERE!</span>]] '''<span style="color:red"> BEFORE YOU BLOCK MY ACCOUNT: IF MY EDIT SUMMARY INCLUDE PREFIX </span>''(Script)''<span style="color:red">, DON'T BLOCK ME, JUST TELL ME TO SLOW DOWN AT COMMONS' TALK PAGE. IT IS AN AUTOMATED SCRIPT BEING USED ON COMMONS TO MOVE FILES.</span>''' Instead, please leave your message following site: <br /> [[File:Wikidata-logo-en.svg|45px|link=d:User talk:Revi C.]] [[d:User talk:Revi C.]] for Wikidata (Interwiki links) stuff <!--(I am {{int:Group-sysop}} there)--> <br /> [[File:Commons-logo.svg|45px|link=commons:User talk:Revi C.]] [[commons:User talk:Revi C.]] for renaming stuff or [[User:CommonsDelinker|CommonsDelinker]] action (I am {{int:Group-sysop}} there) <br /> [[File:Wikimedia Community Logo optimized.svg|45px|link=m:User talk:Revi C.]] [[meta:User talk:Revi C.]] for other stuff (User right notification, revert message, etc...) 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