विक्षनरी
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विक्षनरी:हिंदी–कश्मीरी शब्दकोश
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2026-05-16T22:52:00Z
Imranqazi90
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/* */ मैं हिंदी और कश्मीरी के इस शब्दकोश को ठीक कर रहा हूँ क्योंकि इसमें बहुत सारी गलतियाँ हैं (कश्मीरी मेरी मुख्य भाषाओं में से एक है)। इसमें समय लगेगा। मैं प्रतिदिन इसमें शब्द जोड़ता रहूँगा।
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text/x-wiki
{{Orphan|date=मार्च २०१४}}
{| class="wikitable"
|-
! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|अंक || क्रोड़, गोद || کۄچھ || क्वछ
|-
|}
शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[अंक]] — क्रोड़, गोद — [[क़ॅछ]]
# [[अंकुर]] — गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता — [[ब्योल]], [[तर]]
# [[अंकुश]] — लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है — [[टोंग]]
# [[अंग]] — शरीर के विभिन्न अवयव — [[अंग]]
# [[अंचल]] — सीमा के आसपास का प्रदेश — [[हद]], [[बनु॑]]
# [[अंडा]] — कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड — [[ठूल]]
# [[अंत]] — समाप्ति, अवसान — [[अंद]]
# [[अंतरंग]] — घनिष्ठ, आत्मीय — [[दिलुक]], [[जिगरुक]]
# [[अंतर]] — दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला — [[फरु॑ख]]
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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487254
487253
2026-05-16T23:15:08Z
Imranqazi90
12453
/* */ मैं हिंदी और कश्मीरी के इस शब्दकोश को ठीक कर रहा हूँ क्योंकि इसमें बहुत सारी गलतियाँ हैं (कश्मीरी मेरी मुख्य भाषाओं में से एक है)। इसमें समय लगेगा। मैं प्रतिदिन इसमें शब्द जोड़ता रहूँगा।
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wikitext
text/x-wiki
{{Orphan|date=मार्च २०१४}}
{| class="wikitable"
|-
! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|'''अंक''' || क्रोड़, गोद || '''کۄچھ''' || '''क्वछ'''
|-
|'''अंकुर''' || गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता || '''تَر''' || '''तर'''
|-
|}
शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[अंकुश]] — लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है — [[टोंग]]
# [[अंग]] — शरीर के विभिन्न अवयव — [[अंग]]
# [[अंचल]] — सीमा के आसपास का प्रदेश — [[हद]], [[बनु॑]]
# [[अंडा]] — कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड — [[ठूल]]
# [[अंत]] — समाप्ति, अवसान — [[अंद]]
# [[अंतरंग]] — घनिष्ठ, आत्मीय — [[दिलुक]], [[जिगरुक]]
# [[अंतर]] — दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला — [[फरु॑ख]]
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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text/x-wiki
{{Orphan|date=मार्च २०१४}}
{| class="wikitable"
|-
! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|'''अंक''' || क्रोड़, गोद || '''کۄچھ''' || '''क्वछ'''
|-
|'''अंकुर''' || गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता || '''تَر''' || '''तर'''
|-
|'''अंकुश''' || लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है || '''ٹونٛگ''', '''ٹوٗنٛگ''' || '''टोंग''', '''टूंग'''
|-
|}
शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[अंग]] — शरीर के विभिन्न अवयव — [[अंग]]
# [[अंचल]] — सीमा के आसपास का प्रदेश — [[हद]], [[बनु॑]]
# [[अंडा]] — कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड — [[ठूल]]
# [[अंत]] — समाप्ति, अवसान — [[अंद]]
# [[अंतरंग]] — घनिष्ठ, आत्मीय — [[दिलुक]], [[जिगरुक]]
# [[अंतर]] — दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला — [[फरु॑ख]]
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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Imranqazi90
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/* */ मैं हिंदी और कश्मीरी के इस शब्दकोश को ठीक कर रहा हूँ क्योंकि इसमें बहुत सारी गलतियाँ हैं (कश्मीरी मेरी मुख्य भाषाओं में से एक है)। इसमें समय लगेगा। मैं प्रतिदिन इसमें शब्द जोड़ता रहूँगा।
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wikitext
text/x-wiki
{{Orphan|date=मार्च २०१४}}
{| class="wikitable"
|-
! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|'''अंक''' || क्रोड़, गोद || '''کۄچھ''' || '''क्वछ'''
|-
|'''अंकुर''' || गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता || '''تَر''' || '''तर'''
|-
|'''अंकुश''' || लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है || ''' ٹونٛگ''' , '''ٹوٗنٛگ''' || '''टोंग''' , '''टूंग'''
|-
|'''अंग''' || शरीर के विभिन्न अवयव || '''اَنٛگ''' || '''अंग'''
|-
|'''अंचल''' || सीमा के आसपास का प्रदेश || '''سَرحَد''' , '''بَنہٕ''' || '''सरहद''' , '''बनॖ'''
|-
|}
शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[]] — — [[हद]], [[]]
# [[अंडा]] — कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड — [[ठूल]]
# [[अंत]] — समाप्ति, अवसान — [[अंद]]
# [[अंतरंग]] — घनिष्ठ, आत्मीय — [[दिलुक]], [[जिगरुक]]
# [[अंतर]] — दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला — [[फरु॑ख]]
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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{| class="wikitable"
|-
! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|'''अंक''' || क्रोड़, गोद || '''کۄچھ''' || '''क्वछ'''
|-
|'''अंकुर''' || गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता || '''تَر''' || '''तर'''
|-
|'''अंकुश''' || लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है || ''' ٹونٛگ''' , '''ٹوٗنٛگ''' || '''टोंग''' , '''टूंग'''
|-
|'''अंग''' || शरीर के विभिन्न अवयव || '''اَنٛگ''' || '''अंग'''
|-
|'''अंचल''' || सीमा के आसपास का प्रदेश || '''سَرحَد''' , '''بَنہٕ''' || '''सरहद''' , '''बनॖ'''
|-
|'''अंडा''' || कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड || '''ٹھوٗل''' || '''ठूल'''
|-
|}
शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[अंत]] — समाप्ति, अवसान — [[अंद]]
# [[अंतरंग]] — घनिष्ठ, आत्मीय — [[दिलुक]], [[जिगरुक]]
# [[अंतर]] — दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला — [[फरु॑ख]]
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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! हिन्दी शब्द !! हिन्दी अर्थ !! कश्मीरी शब्द !! देवनागरी में कश्मीरी शब्द
|-
|'''अंक''' || क्रोड़, गोद || '''کۄچھ''' || '''क्वछ'''
|-
|'''अंकुर''' || गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता || '''تَر''' || '''तर'''
|-
|'''अंकुश''' || लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है || ''' ٹونٛگ''' , '''ٹوٗنٛگ''' || '''टोंग''' , '''टूंग'''
|-
|'''अंग''' || शरीर के विभिन्न अवयव || '''اَنٛگ''' || '''अंग'''
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|'''अंचल''' || सीमा के आसपास का प्रदेश || '''سَرحَد''' , '''بَنہٕ''' || '''सरहद''' , '''बनॖ'''
|-
|'''अंडा''' || कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड || '''ٹھوٗل''' || '''ठूल'''
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|'''अंत''' || समाप्ति, अवसान || '''اَنٛد''' || '''अंद'''
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|'''अंतरंग''' || घनिष्ठ, आत्मीय || '''نَزدیٖکی''' || '''नज़दीकी'''
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|'''अंतर''' || दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला || '''دوٗرؠر''' || '''दूर्यर'''
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शब्द — हिन्दी अर्थ — कश्मीरी शब्द
# [[अंतरिक्ष]] — पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान — [[ख़ला]]
# [[अंतर्राष्ट्रीय]] — एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला — [[ब॑नुलअकवामी]]
# [[अंतिम]] — सबसे पीछे का, आखिरी — [[सारिवु॑य पा॑तुस]]
# [[अंदर]] — भीतर — [[अंदर]]
# [[अंधकार]] — अंधेरा — [[अनिगा॑ट]]
# [[अंधा]] — देखने की शक्ति से रहित — [[औन]]
# [[अंश]] — भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[अकड़ना]] — कड़ा होना, ऐंठना — [[अकड करून]], [[त्रकुरुन]]
# [[अकाल]] — दुर्भिक्ष — [[द्राग़]], [[कहत]]
# [[अकेला]] — बिना साथी का — [[कुनुय]], [[ज़ॉन]]
# [[अक्ल]] — बुद्धि, समझ — [[अकु॑ल]]
# [[अक्सर]] — बहुधा, प्राय: — [[अकसर]]
# [[अक्षर]] — वर्ण — [[अछुर ह॑रुफ]]
# [[अखंड]] — जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा — [[फुटु॑नय]]
# [[अखबार]] — समाचार पत्र — [[अखबार]]
# [[अखरना]] — बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना — [[खॅश नु॑ करुन]]
# [[अखाड़ा]] — व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान — [[अखाडु॑]]
# [[अगर]] — यदि, जो — [[अगर]], [[हरगाह]]
# [[अगरबत्ती]] — वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है — [[मुशुक॑तुज]]
# [[अगला]] — सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला — [[सरिवु॑य ब्रोहं]]
# [[अगाध]] — अथाह — [[हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑]]
# [[अग्नि]] — आग — [[अ॑गु॑न]], [[नार]]
# [[अग्रज]] — बड़ा भाई — [[ज़्युठ बोये]]
# [[अचल]] — जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर — [[अकिसु॑य जायि]]
# [[अचानक]] — बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा — [[अचानक]]
# [[अच्छा]] — ठीक, उपयुक्त — [[जान]], [[ज़बर]]
# [[अजगर]] — एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है — [[अ॑जदा]]
# [[अजायबघर]] — वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय — [[अजा॑इबगर]]
# [[अटकना]] — चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना — [[रोटु॑ गछुन]]
# [[अड़ना]] — बीच में रुकना या फंसना — [[अडुन]]
# [[अड्डा]] — टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान — [[अडु॑]]
# [[अणु]] — किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों — [[जरु॑]]
# [[अतिथि]] — पाहुना, अभ्यागत, मेहमान — [[पाछ़]]
# [[अदालत]] — न्यायालय — [[अदालथ]]
# [[अधिक]] — बहुत — [[स्यठाह]]
# [[अधिवेशन]] — किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम — [[जलसु॑]]
# [[अधिसूचना]] — किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन) — [[अ॑लान]], [[येलान]]
# [[अधूरा]] — जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो — [[औंडुय]]
# [[अध्यक्ष]] — किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान — [[ज़्युठ]], [[सदु॑र]]
# [[अध्यादेश]] — वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस) — [[सरका॑री]], [[फरमान]]
# [[अध्यापक]] — पढ़ाने वाला, शिक्षक — [[माश्टर]]
# [[अध्याय]] — ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग — [[अद्याय]], [[बाब]]
# [[अनगिनत]] — बहुत अधिक — [[बेशुमार]]
# [[अनशन]] — आहार त्याग, उपवास — [[फाकु॑]]
# [[अनाथ]] — जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो — [[यतीम]]
# [[अनाथालय]] — वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है — [[यतीमखानु॑]]
# [[अनावरण]] — किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन — [[नकाब कुशाई]]
# [[अनिवार्य]] — जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी — [[जरूरी]], [[लाज़िमी]]
# [[अनुकरण]] — नकल, अनुसरण — [[नकु॑ल]]
# [[अनुक्रमणिका]] — किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची — [[फिहरिस्त]]
# [[अनुज]] — छोटा भाई — [[लॅकुट बोय]]
# [[अनुराग]] — प्रेम, आसक्ति — [[श्रेह]], [[माय]]
# [[अनुवाद]] — एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर — [[तरजमु॑]]
# [[अनुसंधान]] — खोज, अन्वेषण — [[खोज]]
# [[अनुसार]] — किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप — [[मुता॑ब्यक]]
# [[अनुसूचित]] — जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो — [[पथखोरि]]
# [[अनुसूची]] — किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल) — [[पोत फिहरिस्त]]
# [[अनेक]] — एक से अधिक, कई, बहुत — [[वारयाह]]
# [[अन्न]] — अनाज — [[अन]]
# [[अन्य]] — दूसरा — [[दोयुम]]
# [[अन्याय]] — न्याय-विरुद्ध कार्य — [[अन्याय]], [[ब्यबूज]]
# [[अपना]] — आत्मसंबंधी, निजका — [[पनुन]]
# [[अपनाना]] — अपना बनाना — [[पानु॑ नावुन]]
# [[अपने-आप]] — बिना किसी की प्रेरणा के — [[पा॑न्य पानय]]
# [[अपमान]] — मानहानि, अनादर — [[हतख़]]
# [[अपराध]] — अनुचित या दंडनीय कार्य — [[अपराद]]
# [[अपराधी]] — अपराध करने वाला — [[मुजरिम]], [[कौसूर]]
# [[अपराह्न]] — दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर — [[दुपहरु॑ पतु॑]]
# [[अपाहिज]] — लूला लंगड़ा, विकलांग — [[मोज़ूर]]
# [[अफसर]] — अधिकारी — [[अफ़सर]]
# [[अफीम]] — पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ — [[आ॑फीन]]
# [[अभयदान]] — सुरक्षा का वचन देना — [[तहफुज़]]
# [[अभिनंदन]] — किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना — [[यज़थ द्युन]]
# [[अभिनय]] — आंगिक चेष्ठा, हावभाव — [[पा॑थु॑र करुन]]
# [[अभिनेता]] — रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला — [[पा॑थु॑र करन वोल]]
# [[अभिप्राय]] — उद्देश्य, प्रयोजन — [[मकसद]]
# [[अभिभावक]] — सरंक्षक (गार्जियन) — [[पालन वोल]]
# [[अभिमान]] — अहंकार, घमंड — [[अबिमान]], [[गमंड]]
# [[अभियान]] — किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना — [[मुहिम]]
# [[अभियुक्त]] — वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी — [[मुजरिम]]
# [[अभियोग]] — अपराध का आरोप — [[इलज़ाम]]
# [[अभिलाषा]] — इच्छा, कामना, आकांक्षा — [[अभिलाषा]]
# [[अभिलेख]] — किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री — [[ल्यखुत]]
# [[अभिवादन]] — श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम — [[नमस्कार]]
# [[अभिशाप]] — शाप, अहित कामनासूचक शब्द — [[शाप]]
# [[अभी]] — इसी समय, इसी क्षण, तुरंत — [[वुन्य]]
# [[अभीष्ट]] — जिसकी इच्छा या कामना की जाए — [[तमना]]
# [[अभ्याय]] — दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया — [[मशु॑क]]
# [[अमर]] — कभी न मरने वाला — [[अमर]]
# [[अमल]] — प्रयोग, व्यवहार — [[अमल]]
# [[अमानत]] — धरोहर, थाती — [[अमानत]]
# [[अमावस्या]] — चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती — [[मावस]]
# [[अमिट]] — मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी — [[अमिट]]
# [[अमीर]] — धनवान, व्यक्ति, रईश — [[अमीर]]
# [[अमुक]] — कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां — [[फला॑न्य]]
# [[अमृत]] — एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[अम्ल]] — खट्टापन, खटाई — [[चोक॑]]
# [[अरथी (अर्थी)]] — वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा — [[आरथी]]
# [[अराजकता]] — अव्यवस्था — [[बदनज़मी]]
# [[अरुण]] — लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख — [[वॅज्रुल]]
# [[अर्चना]] — पूजा, वंदना — [[पूज़ा]]
# [[अर्थ]] — अभिप्राय, माने — [[अर्थ]], [[माने]]
# [[अर्थशास्त्र]] — वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है — [[इकनामि॒कस]]
# [[अर्ध]] — आधा — [[ओ॑ड]]
# [[अर्धमासिक]] — मास के आधे भाग का, पाक्षिक — [[पछि पछि]]
# [[अर्धांगिनी]] — धर्मपत्नी — [[ज़नानु॑ कॅलय]]
# [[अर्पण]] — किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना — [[अरपन]]
# [[अलंकरण]] — पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया — [[पदवी दिन्य]]
# [[अलंकार]] — सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट — [[गहनु॑]]
# [[अलग]] — दूर हटा हुआ, पृथक — [[अलग]]
# [[अलता]] — लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर — [[महावर]]
# [[अलबम]] — तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार — [[अलबम]]
# [[अलमारी]] — काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है — [[अलमा॑रय]]
# [[अलापना]] — गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना — [[अलाप द्युन]]
# [[अलावा]] — अतिरिक्त, सिवाय — [[अलावु॑]]
# [[अलौकिक]] — जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर — [[अ॑जीब]]
# [[अल्प]] — कम थोड़ा, विरल — [[कम]]
# [[अल्पविराम]] — एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा) — [[कामा]]
# [[अल्पसंख्यक]] — वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो — [[अकलियत]]
# [[अल्पाहार]] — उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन — [[कम ख्यन]]
# [[अवकाश]] — छुट्टी या फुरसत का समय — [[छुटी]]
# [[अवज्ञा]] — किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन — [[न मानुन]]
# [[अवतरण]] — लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण — [[हवालु॑]], [[मिसाल]]
# [[अवतार]] — पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना — [[अवतार]]
# [[अवयव]] — शरीर का कोई अंग — [[हिसु॑]]
# [[अवरोह]] — ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना — [[वसुन]]
# [[अवलंब]] — आश्रय, सहारा, भरोसा — [[सहारु॑]]
# [[अवशेष]] — जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे — [[आसार]]
# [[अवश्य]] — निश्चित रूप से, जरूर — [[ज़रूर]]
# [[अवसर]] — सुयोग, मौका — [[मोकु॑]]
# [[अवसाद]] — आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी — [[वॅदा॑सी]]
# [[अवसान]] — अंत, समाप्ति — [[अंद]], [[आ॑खरी वख]]
# [[अवहेलना]] — अवज्ञा, तिरस्कार — [[अनादर]]
# [[अवांछित]] — जो चाहा न गया हो — [[न॑ योछ़मुत]]
# [[अवाक्]] — मौन, चुप, स्तब्ध — [[कोल]]
# [[अविकल]] — ज्यों का त्यों — [[ह्युहुय]]
# [[अविरल]] — जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन — [[अछ़या॑न]]
# [[अविलंब]] — बिना देर किए, तुरंत, तत्काल — [[जल्द]], [[तमी]], [[वक़तु]]
# [[अवैतनिक]] — बिना वेतन का (आनरेरी) — [[तनखा वरोय]]
# [[अवैध]] — जो विधि या विधान के विरुद्ध हो — [[नाजा॑यिज़]]
# [[अव्यवस्था]] — व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी — [[बदनज़मी]]
# [[अशुद्ध]] — जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र — [[गलत]]
# [[अशुद्धि]] — शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता — [[गल्ती]]
# [[अशुभ]] — जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा — [[अशॅब]]
# [[अश्लील]] — नैतिक या सामाजिक आदर्शों, से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़ — [[फाश]]
# [[अष्टमी]] — शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि — [[आ॑ठम]]
# [[असंख्य]] — जो गिनती में बहुत अधिक हो — [[वारियाह]]
# [[असंगत]] — जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध — [[नामुना॑सिब]]
# [[असंतोष]] — संतोष का अभाव — [[असंतोश]]
# [[असंभव]] — जो कभी घटित न हो सके — [[नामुमकिन]]
# [[असत्य]] — जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[असभ्य]] — जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार — [[गा॑र तहज़ीबयाफतु॑]]
# [[असमंजस]] — कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा — [[शशपंज]]
# [[असमर्थ]] — अशक्त — [[न करनस]], [[का॑बिल]]
# [[असर]] — प्रभाव — [[असर]]
# [[असल]] — वास्तविक — [[असु॑ल]]
# [[असली]] — असल — [[असली]]
# [[असहयोग]] — औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव — [[न मेलुन]]
# [[असह्य]] — जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट — [[नाका॑बिल बरदाशत]]
# [[असाधारण]] — जो सामान्य न हो, असामान्य — [[गा॑रमा॑मूली]]
# [[असीम]] — जिसकी कोई सीमा न हो — [[बेहद]]
# [[असुर]] — दैत्य, दानव, राक्षस — [[राख्युस]]
# [[असुविधा]] — सुविधा का अभाव — [[तकलीफ़]]
# [[अस्तबल]] — वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला — [[गुरय॒गान]], [[तबेलु॑]]
# [[अस्तव्यस्त]] — जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर — [[यिरवु॑न्य]]
# [[अस्तित्व]] — होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता — [[वॅजूद]]
# [[अस्त्र]] — फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार — [[हथियार]]
# [[अस्थि]] — हड्डी — [[अ॑डिज]]
# [[अस्थिर]] — जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल — [[च़ंच़ल]]
# [[अस्पताल]] — वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय — [[हस्पताल]]
# [[अस्वस्थ]] — जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी — [[ब्यमार]]
# [[अहं]] — अहंकार, अभिमान — [[अहंकार]]
# [[अहंकार]] — अभिमान, गर्व — [[अबिमान]], [[नशु॑]]
# [[अहाता]] — चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता — [[हातु॑]], [[चारदीवा॑री]]
# [[अहिंसा]] — किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना — [[अहिंसा]]
# [[अहित]] — भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि — [[नॅकसान]]
# [[आंकड़े]] — वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स) — [[ऑदाद-शुमार]]
# [[आंकना]] — अनुमान लगाना — [[अंदाज़्रु॑ लगावुन]]
# [[आंखमिचौनी]] — बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी — [[गोरमाजि-गोरस]], [[अ॑न्य कतरि]]
# [[आंगन]] — घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक — [[आंगुन]]
# [[आंचल]] — पल्ला, छोर, सिरा — [[पलु॑]], [[पोछ़]]
# [[आंतरिक]] — अंदर का, भीतरी — [[अ॑न्द्रयुम]]
# [[आंदोलन]] — किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास — [[जलसु॑]], [[त॑हरीक]]
# [[आंधी]] — धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़ — [[वाव]]
# [[आंशिक]] — अंश या भाग से संबंध रखने वाला — [[अ॑किस हिसस]], [[ताम महदूद]]
# [[आंसू]] — आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु — [[ओश]]
# [[आकर्षक]] — अपनी ओर खींचने वाला — [[दिलस मंज़ जाय]], [[करवुन]]
# [[आकर्षण]] — अपनी ओर खींचने का भाव — [[क॑शिश]]
# [[आकस्मिक]] — अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक — [[यखदम]]
# [[आकार]] — बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आकाश]] — नभ, गगन, आसमान — [[आकाश]]
# [[आकाशवाणी]] — देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी — [[आकाशिवानी]]
# [[आकृति]] — वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा — [[आकार]], [[अनहार]]
# [[आक्रमण]] — प्रहार, हमला — [[हमलु॑]]
# [[आक्षेप]] — लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण — [[लॊट खसुन]]
# [[आखिर]] — अंत, समाप्ति — [[आ॑खु॑र]]
# [[आखेट]] — मृगया, शिकार — [[शिकार]]
# [[आगंतुक]] — अभ्यागत, अतिथि, पाहुना — [[पॊछ़]]
# [[आग]] — अग्नि — [[नार]]
# [[आगमन]] — आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव — [[युन]]
# [[आगामी]] — भविष्य में आने या होने वाला, भावी — [[यिनु॑ वा॑ल]]
# [[आगे]] — पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में — [[ब्रुह्युम]]
# [[आग्रह]] — नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध — [[हठ]], [[ज़ोर]]
# [[आधात]] — प्रहार या चोट — [[चोट]]
# [[आचरण]] — चाल-चलन, चरित्र — [[चालु॑-चलन]]
# [[आचार्य]] — गुरु, शिक्षक — [[गौरु]], [[परनावन वोल]]
# [[आज]] — वर्तमान दिन में — [[अज़कल]]
# [[आजकल]] — इन दिनों, वर्तमान काल में — [[अजकल]]
# [[आज़ाद]] — स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र — [[आज़ाद]]
# [[आजीवन]] — जीवन भर — [[सा॑र्यसय ज़िन्दगी]]
# [[आजीविका]] — रोज़ी, रोज़गार, धंधा — [[रूज़ी]], [[ज़िय]]
# [[आज्ञा]] — आदेश, हुक्म — [[हा॑कुम]]
# [[आडंबर]] — दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट — [[दिखावटी]]
# [[आढ़तिया]] — दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला — [[आडु॑त्य]], [[द्राल]]
# [[आतिशबाज़ी]] — बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं — [[आतशबा॑ज़्य]]
# [[आतुर]] — अधीर, उतावला — [[वुतावली]]
# [[आत्म-कथा]] — अपना लिखा जीवन-चरित — [[पनु॑न्य कथ]]
# [[आत्म-रक्षा]] — अपना बचाव — [[पनुन बचाव]]
# [[आत्मविश्वास]] — अपने पर विश्वास या भरोसा — [[पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन]]
# [[आत्मसमर्पण]] — अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना — [[हथियार त्रावुन्य]]
# [[आत्म-हत्या]] — अपने हाथों अपना वध, आत्मघात — [[खॅदकुशी]], [[पनुन पान पानु॑ मारुन]]
# [[आत्मा]] — शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा — [[आत्मा]], [[रूह]]
# [[आदत]] — प्रकृति, स्वभाव — [[आदत]]
# [[आदमी]] — मनुष्य, मानस — [[मोहन्युव]], [[आदमी]]
# [[आदर]] — सम्मान, सत्कार — [[यज़थ]]
# [[आदरणीय]] — आदर-योग्य — [[यज़तस लायक]]
# [[आदर्श]] — अनुकरणीय, श्रेष्ठ — [[आदर्श]]
# [[आदान-प्रदान]] — लेन-देन — [[लेन-देन]]
# [[आदि]] — मूल — [[मूलुक]]
# [[आदिवासी]] — किसी देश का मूल निवासी — [[आदिवा॑सी]]
# [[आदेश]] — आज्ञा, हुक्म — [[हुकुम]], [[इज़ाज़त]]
# [[आद्यक्षर]] — (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल) — [[गॅडु॑ अछुर]]
# [[आधा]] — वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक — [[औड]], [[न्यसु॑फ]]
# [[आधार]] — नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो — [[बूनी]], [[बुनियाद]]
# [[आधारभूत]] — आधार रूप में स्थित, मूलभूत — [[मूलु॑ तलु॑]]
# [[आधिकारिक]] — अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ — [[ओदिकोरी]]
# [[आधुनिक]] — आजकल का, वर्तमान काल क़ा — [[अज़कलुक]]
# [[आध्यात्मिक]] — आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला — [[रूहा॑नी]]
# [[आनंद]] — हर्ष, खुशी — [[आनंद]]
# [[आना]] — आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना — [[युन]]
# [[आप]] — स्वयं, स्वत:, खुद — [[पा॑नु]]
# [[आपसी]] — आपस का, पारस्परिक — [[पानु॑वु॑न्य]]
# [[आभार]] — एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता — [[शुकुरगुजार]], [[एहसानमन्द]]
# [[आभास]] — झलक, छाया — [[चेनु॑वन्य॑]]
# [[आभूषण]] — अलंकार, गहनें, जेवर — [[ज़ेवर]]
# [[आमुख]] — प्रस्तावना, भूमिका — [[गॅडु॑ कथ]]
# [[आमोद-प्रमोद]] — जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं — [[खॅशगुज़ारी]]
# [[आय]] — पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी — [[आमु॑दनी]]
# [[आयकर]] — राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर — [[इन्कम ट्यकु॑स]]
# [[आयत]] — लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल — [[लम्बु॑-ज़्यूठ]]
# [[आया]] — घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री — [[दाय]]
# [[आयात]] — व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया — [[दरामद]]
# [[आयाम]] — लंबाई, विस्तार — [[खज्यर-जेद्दर]]
# [[आयुष्मान्]] — दीर्घजीवी, चिरंजीवी — [[ज़ीठ]], [[वाँस॑]], [[ज़्यूठ आय]]
# [[आयोजक]] — प्रबन्ध या आयोजन करने वाला — [[इन्तिज़ामी]]
# [[आरंभ]] — शुरू, श्रीगणेश — [[आरंब]], [[शुरुअति]]
# [[आरती]] — देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन — [[आरती]], [[आरथी]]
# [[आराम]] — सुख, चैन, विश्राम — [[आराम]]
# [[आरोप]] — किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम — [[थु॑र खा॑रुन्य]], [[हाँछ़ लागु॑न्य]]
# [[आरोह]] — ऊपर चढ़ना, सवार होना — [[खसुन]]
# [[आर्थिक]] — रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित — [[इकतिसा॑दी]]
# [[आर्द्र]] — गीला, तर, नम — [[औदुर]]
# [[आलंब]] — सहारा, आधार — [[सहारु॑]]
# [[आलंबन]] — आधार, सहारा, आश्रय — [[सहारु॑]]
# [[आलसी]] — सुस्त, काहिल — [[आलु॑छ़य]], [[सुस्त]]
# [[आलस्य]] — काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता — [[आलुछ़]]
# [[आला]] — दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक — [[ताखुच]]
# [[आलोक]] — प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[आलोचक]] — गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक — [[कु॑ठ कड़न वोल]]
# [[आलोचना]] — गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा — [[कु॑ठ क॑डुन्य]]
# [[आवभगत]] — किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य — [[आवबगत]]
# [[आवरण]] — परदा — [[परदु॑]]
# [[आवश्यक]] — जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी — [[ज़रूरी]]
# [[आवश्यकता]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत — [[ज़रूरत]]
# [[आवागमन]] — आना-जाना — [[आवागमन]]
# [[आवारा]] — इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला — [[आवारु॑]]
# [[आवास]] — निवासस्थान — [[गरु॑]], [[रोज़न जाय]]
# [[आवाहन]] — अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव — [[नाद]]
# [[अविष्कार]] — ईजाद (इन्वेन्शन) — [[ईजाद]]
# [[आवृत्ति]] — बार-बार होने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[आवेग]] — प्रबल मनोवेग, जोश — [[जोश]]
# [[आवेदन]] — निवेदन, प्रार्थना — [[अरज़ी]]
# [[आशय]] — अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा — [[इरा॑दु]]
# [[आशा]] — उम्मीद — [[आशा]]
# [[आशीर्वाद]] — मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ — [[आ॑ही]], [[आ॑शिरवाद]]
# [[आश्रय]] — शरण, ठिकाना — [[ठिका॑नु]]
# [[आश्वासन]] — किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन — [[यकीन]], [[तसली]]
# [[आसन]] — बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा — [[आसन]]
# [[आसान]] — सरल, सुगम — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[आस्तिक]] — जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो — [[आस्त्यख]]
# [[आस्था]] — विश्वासपूर्ण भावना — [[वैश्वास]]
# [[आस्वादन]] — स्वाद लेना, चखना — [[सॉद]], [[म॑ज्रु॑]]
# [[आहट]] — हल्की आवाज — [[सदाह]], [[आवाज़]]
# [[आहार]] — खाद्य पदार्थ, भोजन — [[ख्यन]]
# [[आहुति]] — यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया — [[आहुती]], [[अ॑हवथ]]
# [[इंतज़ाम]] — प्रबन्ध, व्यवस्था — [[इंतिज़ाम]]
# [[इंदराज]] — दर्ज करने की क्रिया या काम, प्रविष्टि — [[दरु॑ज करुन]]
# [[इकहरा]] — एक ही परतवाला — [[आ॑कॉन्यल]]
# [[इकाई]] — किसी पूरे वर्ग या समूह का ऐसा भाग जो विश्लेषण के लिए स्वतन्त्र या पृथक माना जाता हो (यूनिट) — [[इकाई]]
# [[इक्का]] — एक प्रकार की छोटी गाड़ी जिसमें केवल एक घोड़ा जोड़ा जाता हैं — [[यकु॑]]
# [[इक्का-दुक्का]] — अकेला,-दुकेला, कोई-कोई — [[अरव-ज्रु॑]], [[स्यठाह कम]]
# [[इच्छा]] — चाह, कामना — [[यछ़ा]]
# [[इठलाना]] — गर्वसूचक चेष्टाएं करना, ऐंठ दिखाना, इतराना — [[वर करु॑न्य]]
# [[इतिवृत्त]] — किसी विषय से संबन्धित समस्त घटनाओं का काल क्रमानुसार पूर्ण विवरण (केस हिस्टरी) — [[तमसील]]
# [[इतिहास]] — किसी व्यक्ति, समाज या देश की महत्वपूर्ण घटनाओं का काल क्रमानुसार वर्णन — [[ता॑रीख]], [[यतिहास]]
# [[इत्र]] — विशिष्ट प्रक्रिया से निकाला हुआ फूलों का सुगंधिंत सार, पुष्पसार, अतर — [[अ॑तु॑र]]
# [[इधर]] — (दिशा और विस्तार के विचार से) इस ओर, इस तरफ, इस स्थान पर, पास-पड़ोस में — [[या॑र]]
# [[इनकार]] — न मानने की क्रिया या भाव, अस्वीकृति — [[न मानुन]]
# [[इनाम]] — पुरस्कार, पारितोषिक — [[यनामु॑]]
# [[इमारत]] — भवन — [[अ़मारथ]]
# [[इलाका]] — क्षेत्र, प्रदेश — [[अलाकु॑]]
# [[इलाज]] — उपचार, चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[इशारा]] — संकेत — [[इशारु॑]]
# [[इस्तरी]] — कपड़े की शिकन दूर करने या तह बिठाने के लिए लोहे या पीतल का उपकरण (आयरन) — [[कुंद्य]]
# [[इस्पात]] — विशेष प्रक्रिया से तैयार किया हुआ कड़ा और बढ़िया लोहा (स्टील) — [[सिटील]]
# [[ईंट]] — सांचे में ढालकर पकाया हुआ मिट्टी का टुकड़ा जो दीवार आदि बनाने के काम आता हैं (ब्रिक) — [[सीर]]
# [[ईंधन]] — जलाने के काम आने वाली लकड़ी, जलावन — [[ज़ालुन]], [[ज़्युन]]
# [[ईख]] — गन्ना, ऊख — [[नयशक्कर]]
# [[ईश्वर]] — परमात्मा, भगवान — [[ईशर]], [[बगवान]]
# [[उँडेलना]] — किसी तरल पदार्थ को एक बर्तन से दूसरे बर्तन में डालना या जमीन पर गिरा देना — [[त्रावुन]], [[फिरुन]]
# [[उकताना]] — ऊबना — [[तंग युन]]
# [[उकसाना]] — भड़काना, उत्तेजित करना — [[त्रुस द्युन]]
# [[उक्ति]] — किसी की कही हुई बात, कथन, वचन — [[वनुन]], [[कथ]]
# [[उखाड़ना]] — जमी, ठहरी या लगी हुई चीज को खींचकर आधार से अलग करना — [[मू॑ल कडुन]]
# [[उगना]] — उदय होना, निकलना — [[खसुन]]
# [[उगलना]] — मुँह में ली हुई चीज को थूक देना, खाई हुई वस्तु को मुँह से बाहर निकाल देना — [[द्रौख अनु॑न्य]]
# [[उगाना]] — किसी बीज या पौधे आदि को उगने में प्रवृत करना, उपजाना — [[खारुऩ]]
# [[उघाड़ना]] — खोलना, अनावृत करना, नंगा करना — [[खोलुन]], [[मुचु॑रावुन]]
# [[उचटना]] — किसी जमी या चिपकी हुई वस्तु का अपने आधार से अलग होना, छूटना — [[वॅथुन]]
# [[उचित]] — उपयुक्त, मुनासिब — [[मुना॑सिब]]
# [[उच्च]] — ऊँचा — [[थौद]]
# [[उच्चारण]] — सार्थक शब्द कहने या बोलने का निश्चित और शुद्ध ढंग या प्रकार (प्रोनेसिएशन) — [[वनु॑नुक तरीकु॑]]
# [[उछल-कूद]] — बार-बार उछलने या कूदने की क्रिया या भाव — [[वॅतलबुजि]], [[वॅठ-छ़ॉँठ]]
# [[उछलना]] — वेगपूर्वक ऊपर की ओर उठना या बढ़ना — [[वॅठ तुलु॑न्य]]
# [[उजड़ना]] — बसे हुए स्थान के आबाद न रहने पर उस का टूट-फूट कर बेकार हो जाना — [[वा॑रान गछुन]]
# [[उजाला]] — चांदनी, प्रकाश, रोशनी — [[गाश]]
# [[उठना]] — ऊंचाई की ओर या ऊपर जाना अथवा बढ़ना — [[वॅथुन]]
# [[उड़ना]] — पंखों या परों की सहायता से आधार छोड़कर ऊपर उठना और आकाश या वायु में इधर-उधर आना-जाना — [[वुडुन]]
# [[उतना]] — पहले निर्धारित मात्रा, मान, संख्या, दूरी आदि का सूचक — [[त्यूत]], [[त्यूतुय]]
# [[उतरना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु का ऊपर के या ऊंचे स्थान से क्रमश: नीचे की ओर आना — [[वसुन]]
# [[उतार-चढ़ाव]] — नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की अवस्था, क्रिया या भाव — [[ह्यॊर-वन]], [[खसुवस]]
# [[उतारना]] — ऊपर से नीचे लाना — [[वालुन]]
# [[उत्कंठा]] — कुछ करने या पीने की प्रबल इच्छा, चाव — [[चाव]], [[शोख]]
# [[उत्कर्ष]] — ऊपर की ओर उठने, खिंचने या जाने की क्रिया या भाव — [[थज़र]], [[ऒरूज]]
# [[उत्तम]] — गुण, विशेषता आदि में सबसे बढ़कर — [[थोंद]], [[वॅतम]]
# [[उत्तराधिकार]] — किसी को न रह जाने अथवा अपना अधिकार छोड़ देने पर किसी दूसरे को उसकी धन-संपत्ति, पद आदि मिलने का अधिकार — [[वा॑रिसदर]]
# [[उत्तेजना]] — वह स्थिति जिसमें मन की चंचलता के कारण कोई व्यक्ति बिना समझे-बूझे कोई काम करने में उग्रता तथा शीघ्रता से प्रवृत या रत होता है — [[वुतिश]]
# [[उत्पादन]] — उत्पन्न या पैदा करने, बनाने की क्रिया या भाव — [[पा॑दावार]]
# [[उत्सव]] — ऐसा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम जिसमें विशिष्ट अवसर पर विशिष्ट उद्देश्य से लोग उत्साहपूर्वक सम्मिलित होते हैं — [[वॅथसव]], [[बॊड दंह]]
# [[उत्साह]] — मन की वह वृत्ति या स्थिति जिसके परिणामस्वरूप मनुष्य प्रसन्नता और तत्परतापूर्वक किसी काम को पूरा करने या किसी उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए अग्रसर होता है — [[जोश]]
# [[उत्सुक]] — जिसके मन में तीब्र अथवा प्रबल अभिलाषा हो या जो किसी काम या बात के लिए किंचित् अधीर हो — [[बॆताब]]
# [[उदय]] — ऊपर की ओर उठने, उभरने या बढ़ने की क्रिया या भाव, उद्भव — [[तरु॑की]], [[खसुन]]
# [[उदार]] — खुले दिलवाला, दानी — [[फयाज़]]
# [[उदास]] — खिन्न, जो किसी प्रकार की उपेक्षा या अभाव के कारण अथवा भावी अनिष्ट की आशंका से खिन्न और चिन्तित हो — [[गमगीन]], [[वॅदा॑स्य]]
# [[उदासीन]] — अलग या दूर रहने वाला — [[वॅदा॑सी]]
# [[उदाहरण]] — नियम, सिद्धान्त आदि को बोधगम्य तथा स्पष्ट करने के लिए प्रस्तुत किए गए तथ्य — [[मिसाल]]
# [[उद्घाटन]] — आवरण या परदा हटाना — [[दस तुलुन]]
# [[उद्देश्य]] — वह बात, वस्तु या विषय जिसका ध्यान रखकर कुछ कहा या किया जाए, अभिप्रेत कार्य, पदार्थ या विषय, इष्ट — [[मकसद]]
# [[उद्धरण]] — किसी ग्रंथ, लेख आदि से उदाहरण, प्रमाण, साक्षी आदि के रूप में लिया हुआ अंश — [[कुलिकिताबि प्यठु॑ नीमु॑च़ मिसाल]]
# [[उद्यम]] — परिश्रम, मेहनत — [[मॆहनत]]
# [[उद्योग]] — परिश्रम, अध्यवसाय — [[मॆहनत]], [[कूशिश]]
# [[उद्योगपति]] — कच्चे माल से पक्का माल तैयार करने वाले किसी बड़े कारखाने का स्वामी — [[बापा॑र्य]], [[कारु॑बारी इन्सान]]
# [[उधेड़ना]] — सिलाई के टांके खोलना — [[त्रॊप तुलुन मुचरावुन]]
# [[उधेड़-बुन]] — मन की अनिश्चियात्मक स्थिति, उलझन — [[परेशानी]]
# [[उन्नति]] — आगे बढ़ने या विकसित होने की प्रक्रिया — [[तरु॑की]]
# [[उन्माद]] — मस्तिष्क की असंतुलित अवस्था — [[पागलगी]]
# [[उन्मूलन]] — मूल या जड़ से नष्ट-भ्रष्ट करने की प्रक्रिया — [[मूलु॑ तलु॑ खतु॑म करुन]]
# [[उपग्रह]] — बड़े ग्रह की परिक्रमा करने वाला छोटा ग्रंह — [[उपग्रॆह]]
# [[उपचार]] — चिकित्सा — [[यलाज]]
# [[उपज]] — जो उपजा हो, पैदावार, फसल — [[पा॑दावार]]
# [[उपजना]] — उगना, अंकुर निकलना या फूटना — [[पा॑दु॑ ग़छुन]], [[वॅपदुन]]
# [[उपजाऊ]] — कृषि के लिए उपयुक्त भूमि — [[ज़रखेज़]]
# [[उपदेश]] — धर्म और नीति के संबंध में विद्वानों द्वारा बताई गई बातें — [[वॅपदीश]]
# [[उपद्रव]] — दंगा, फसाद — [[दंगु॑-फसाद]]
# [[उपनगर]] — नगर के आसपास बसा हुआ बाहरी भाग — [[सरय]]
# [[उपनाम]] — वास्तविक नाम से भिन्न कवियों, लेखकों आदि का स्वयं रखा हुआ कोई दूसरा नाम (पैननेम) — [[तखेलुस]]
# [[उपन्यास]] — वह काल्पनिक गद्य कथा जिसमें वास्तविक जीवन से मिलते-जुलते चरित्रों और कार्य-कलापों का विस्तृत चित्रण हो — [[नावल]]
# [[उपभोक्ता]] — काम में लाने या व्यवहार करने वाला, खपतकार — [[वरतावन वोल]]
# [[उपभोग]] — आनन्द या सुख-प्राप्ति के लिए किसी वस्तु का भोग करना या उसे व्यवहार में लाना — [[इसतिमाल]]
# [[उपमा]] — समान गुणों के आधार पर दो वस्तुओं को तुल्य या समान ठहराना — [[मिसाल]]
# [[उपयोग]] — प्रयोग, व्यवहार — [[इसतिमाल]]
# [[उपयोगी]] — जो प्रयोग या व्यवहार में लाए जाने के योग्य हो — [[बकार यिनस लायक]]
# [[उपलक्ष्य]] — वह बात जिसे ध्यान में रखकर कुछ कहा या किया जाए — [[मंशा]]
# [[उपला]] — जलाने के काम आने वाली गोबर का सूखा टुकड़ा, कंडा — [[बॊठ]]
# [[उपवन]] — उद्यान, बाग, पार्क — [[बाग]]
# [[उपवास]] — दिन-भर या दिन-रात भोजन न करना (भूखे रहना, लंधन, फाका) — [[फ़ाकु॑]], [[वॅपवास]]
# [[उपसंहार]] — अंत, समाप्ति — [[-]]
# [[उपस्कर]] — औज़ार, उपकरण — [[सामानु॑]]
# [[उपस्थिति]] — हाज़िरी — [[हा॑ज़िरी]]
# [[उपहार]] — प्रसन्न होकर तथा सद्भाव-पूर्वक अथवा किसी अवसर पर किसी को दी जाने वाली कोई वस्तु — [[तोहफु॑]]
# [[उपहास]] — हंसी, दिल्लगी, खिल्ली, मज़ाक — [[मज़ाख करुन]]
# [[उपाधि]] — महत्व योग्यता, सम्मान आदि का सूचक वह पद या शब्द जो किसी के नाम के साथ लगाया जाए, खिताब, पदवी, डिग्री — [[खताब]]
# [[उपाय]] — युक्ति, तरकीब — [[वॅपाय]], [[यलाज]]
# [[उपासक]] — जो उपासना करता हो — [[बखु॑न्य]], [[वॅपासक]]
# [[उपासना]] — ईश्वर, देवता आदि की मूर्त्ति के पास बैठकर किया जाने वाला आध्यात्मिक चिन्तन, पूजन आराधन — [[पूज़ा]]
# [[उपेक्षा]] — अवहेलना — [[अनादर]], [[लापरवाही]]
# [[उबकाई]] — उल्टी, कै — [[उल्टी यिन्य]], [[द्रॊख यिन्य]]
# [[उबरना]] — घात, फंदे, संकट आदि से बच जाना — [[वॅतलुन]]
# [[उबलना]] — आग पर रखे हुए तरल पदार्थ का फेन के साथ ऊपर उठना — [[ग्रख खसु॑न्य]]
# [[उभरना]] — नीचे के तल से उठ या निकलकर ऊपर आना — [[कलु॑ कडुन]]
# [[उमंग]] — कोई काम करने के लिए प्रेरित करने वाला आनन्द या उत्साह — [[शा॑ख]]
# [[उम्मीदवार (उम्मेदवार)]] — किसी पद पर चुने जाने या नियुक्त होने के लिए खड़ा होने वाला या अपने आपको उपस्थित करने वाला व्यक्ति, प्रत्याशी — [[वॅमेदवार]]
# [[उर्वर]] — उपजाऊ — [[ज़रखेज़]]
# [[उर्वरक]] — खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए डाली जाने वाली रसायनिक खाद (फर्टिलाइज़र) — [[कीमिया॑यी खाद]]
# [[उलझन]] — ऐसी स्थिति जिसमें किसी प्रकार का निराकरण़ या निश्चय करना बहुत कठिन हो, पेचीदगी — [[खुर]]
# [[उलझना]] — किसी चीज के अंगो का आपस में दूसरी चीज के अंगों के साथ इस प्रकार फंसकर लिपटना कि सहज में एक दूसरे से अलग न हो सकें — [[फसुन]]
# [[उलटना]] — सीध की विपरीत दिशा या स्थिति में जाना या होना — [[वुलटावुन]], [[फिरुन]]
# [[उलटी]] — कै, वमन — [[द्रॊख]], [[कय]]
# [[उलाहना]] — अपकार या हानि के प्रतिकार या पूर्त्ति के लिए ऐसे व्यक्ति से उसकी दु:खपूर्वक चर्चा करना जो उसके लिए उत्तरदायी हो या उसका प्रतिकार कर अथवा करा सकता हो, गिला, शिकवा — [[पाम]]
# [[उलीचना]] — किसी बड़े आधार या पात्र में भरे हुए जल को बर्तन या हाथ से बाहर निकालना या फेंकना — [[पाज़्रन]]
# [[उल्लंधन]] — आज्ञा, नियम, प्रथा, रीति आदि का पालन न करना, अतिक्रमण — [[खलाफवरज़ी]]
# [[उल्लास]] — आनन्द, प्रसन्नता — [[खॅशी]]
# [[उल्लेखनीय]] — जिसका वर्णन करना आवश्यक या उचित हो — [[वनुन लायख]]
# [[उसूल]] — सिद्धान्त — [[ऒसूल]]
# [[उस्तरा]] — बाल मूंडने का छुरा — [[खूर]]
# [[ऊघना]] — झपकी आने पर आंखे बंद होना और सिर का बारबार झूलना — [[ज़िफु॑ करनि]]
# [[ऊचा]] — आधार या तल से ऊपर उठा हुआ — [[ह्यॊर]], [[थॊद]]
# [[ऊंचाई]] — ऊँचे होने की अवस्था या भाव — [[थज़र]]
# [[ऊपर]] — आकाश की ओर, ऊर्ध्व दिशा में — [[ह्यॊर]]
# [[ऊबना]] — जी भर जाने के बाद किसी वस्तु विशेष में रुचि न रह जाना, मन में विरक्ति उत्पन्न होना — [[तंग]], [[युन]], [[निनुं]], [[युन]]
# [[ऊष्मा]] — गरम होने की अवस्था, गुण या भाव, गरमी, ताप — [[गरमी]]
# [[ऊसर]] — ऐसी भूमि जिसमें रेह की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण कुछ उत्पन्न न होता हो, अनुपजाऊ, बंजर, परती — [[बंजर]]
# [[ऊहापोह]] — अनिश्चय की दशा में होने वाला तर्क-वितर्क या सोच-विचार, उधेड़-बुन — [[हतिहुरि गछ़ुन]]
# [[ऋण]] — उधार, कर्ज — [[करु॑ज़]]
# [[ऋणदाता]] — ऋण देने वाला — [[करु॑ज़ दिनु॑ वा॑ल]]
# [[ऋतुराज]] — ऋतुओं में सबसे अधिक आनन्द दायक बसंत ऋतु — [[सोन्त]]
# [[ऋषि]] — वेद-मंत्रों का प्रकाश करने वाले महापुरुष या मंत्र-द्रष्टा — [[रयॊश]]
# [[एकता]] — मेल — [[यकुत]]
# [[एकत्र]] — इकट्ठा, जमा — [[इकवटु॑ करुन]]
# [[एकदम]] — तुरंत — [[यखदम]]
# [[एकनिष्ठ]] — एक पर ही श्रद्धा रखने वाला, अनन्य भक्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकमत]] — एक ही तरह की राय रखने वाला — [[यकराय]], [[मुतफिक]]
# [[एकमात्र]] — अकेला, एक ही — [[अका॑य]]
# [[एकांत]] — निर्जन, सूना — [[ईकांत]]
# [[एकाकी]] — अकेला — [[कुनुय]]
# [[एकाग्र]] — तन्मय, दत्तचित्त — [[तनु॑ मनु॑]]
# [[एकाधिकार]] — एक या अकेले व्यक्ति का अधिकार (मॉनोपोली) — [[एजारु॑दा॑री]]
# [[ऐंठन]] — मरोड़ — [[वुठन]]
# [[ऐंठना]] — बल पड़ने के कारण मुड़ना या संकुचित होना — [[मूरुन]]
# [[ऐनक]] — चश्मा — [[आन॑क]]
# [[ऐश्वर्य]] — धन-संपत्ति, वैभव — [[खॅशहा॑ली]]
# [[ओजस्वी]] — प्रभावशाली, तेजस्वी — [[नूर पशपुन]]
# [[ओझल]] — अदृश्य, छिपा हुआ — [[गा॑ब गछुन]]
# [[ओझा]] — भूप-प्रेत आदि झाड़ने वाला व्यक्ति, सयाना — [[जिन॑ माथु॑रि बा॑ल]]
# [[ओटना]] — कपास के बिनौले अलग करना — [[चोरुन]]
# [[ओढ़ना]] — किसी कपड़े आदि से बदन ढकना — [[वलुन]]
# [[ओर]] — दिशा, तरफ — [[तरफ]]
# [[ओला]] — बादलों से गिरने वाले वर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े — [[डोठ]]
# [[ओस]] — वातावरण में फैली हुई भाप जो जलकण के रूप में पृथ्वी पर गिरती है (ड्यू) — [[शबनम]]
# [[ओहदा]] — किसी कर्मचारी या कार्यकर्त्ता का पद — [[ऒहद़ु॑]]
# [[औचित्य]] — उचित हाने की अवस्था या भाव, उपयुक्तता — [[जा॑नी]]
# [[औजार]] — हथियार, उपकरण — [[अवज़ार]]
# [[औटाना]] — किसी तरल पदार्थ को उबालकर या खौला कर गाढ़ा करना — [[मॊटरावुन]]
# [[औधोगिक]] — उद्योग-संबंधी — [[कारु॑बा॑री]]
# [[औद्योगीकरण]] — किसी देश में उद्योग-धंधों का विस्तार करने और नए-नए कल-कारखाने स्थापित करने का काम (इन्डस्ट्रियलाइज़ेशन) — [[सनतीकरन]]
# [[औपचारिक]] — उपचार संबंधी — [[रसमी]]
# [[औपचारिकता]] — औपचारिक होने की अवस्था गुण या भाव (फार्मोलिज़्म) — [[रस॑मु]]
# [[और]] — दो शब्दों और वाक्यों को जोड़ने वाला शब्द, तथा — [[बॆयि]]
# [[औरत]] — स्त्री, महिला — [[ज़नानु॑]]
# [[औषधालय]] — दवाखाना — [[दवाखानु॑]]
# [[औषध]] — दवा — [[दवा]]
# [[औसत]] — माध्य, बीच का (एवरेज) — [[अवसथ]]
# [[कंगाल]] — अभाव से पीड़ित, अति निर्धन — [[कंगाल]]
# [[कंघा]] — बाल झाड़ने या संवारने का एक उपकरण — [[कंगुव]]
# [[कंजूस]] — धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण — [[कंजूस]]
# [[कंठ]] — गला — [[हॊट]]
# [[कंधा]] — मनुष्य के शरीर की बांह का वह ऊपरी भाग या जोड़, जो गले के नीचे धड़ से जुड़ा रहता है — [[फ्यॊक]]
# [[कंपकंपी]] — भय, शीत आदि के कारण शरीर में होने वाली थर्राहट, जिसमें एक प्रकार की स्वरता होती है, कंपन — [[ता॑र खसु॑न्य]]
# [[कंबल]] — बहुत मोटी ऊनी चादर जो प्राय: ओढने के काम आती है — [[कमु॑ल्य]]
# [[कई]] — एकाधिक लोग — [[वारयाह]]
# [[कक्ष]] — किसी इमारत या भवन का कोई भीतरी भाग, कमरा या खंड — [[कमरु॑]]
# [[कक्षा]] — विद्यार्थियों का वर्ग या श्रेणी जिसमें उन्हें एक साथ एक ही प्रकार की शिक्षा दी जाती है, दर्जा — [[जमाथ]]
# [[कचहरी]] — न्यायालय, अदालत — [[अदालथ]]
# [[कचोटना]] — किसी दु:खद बात से बार-बार मन में पीड़ा या वेदना होना, गड़ना — [[दॅख लगुन]]
# [[कच्चा]] — (खाद्य पदार्थ) अधपका — [[कॊच]]
# [[कटघरा]] — काठ का जंगलेदार घेरा जिसमें जानवरों को रखते हैं — [[जंगलु॑]]
# [[कटार]] — छोटी, छुरी — [[छुर्य]]
# [[कटु]] — जिसके स्वाद में कड़वापन हो — [[ट्यॊठ]]
# [[कट्टर]] — पक्का, दृढ़ निश्चयी, सिद्धांतवादी — [[कटर]]
# [[कठपुतली]] — काठ (लकड़ी) की बनी हुई पुतली जिसे धागे या तार की सहायता से नचाया जाता है — [[दारिद॑ज]]
# [[कठिन]] — जो सरलता से न हो सके, मुश्किल — [[कठ्युन]], [[मुश्किल]]
# [[कठोर]] — कड़ा, सख्त — [[सखु॑त]]
# [[कड़कना]] — कड़कड़ का शब्द होना — [[टासु॑रारय]], [[गछ़ु॑न्य]]
# [[कड़वा]] — स्वाद में कसैला या कटु — [[टचॊठ]]
# [[कड़ा]] — धातु का बड़ा छल्ला — [[कॊर]]
# [[कढ़ाई]] — बेलबूटे निकालने का या बनाने का काम — [[टॅपु॑का॑म]]
# [[कतरन]] — कपड़े, कागज, धातु आदि के छोटे-छोटे रद्दी टुकड़े — [[तिलिम]], [[तु॑र]]
# [[कतरना]] — कपड़े, कागज या धातु आदि की चादर को कैंची से काट कर दो या अनेक भागों में करना — [[कपटुन]]
# [[कतरनी]] — कतरने का उपकरण, कैची — [[कंची]]
# [[कतराना]] — बचना — [[बचुन]]
# [[कतार]] — पंक्ति — [[लो॑न]]
# [[कत्था]] — खैर की लकड़ी का सत जो पान में लगा कर खाया जाता है — [[कथु॑]]
# [[कथनी]] — कही हुई बात, उक्ति — [[वन्यमु॑च कथ]]
# [[कथा]] — किस्सा, कहानी, उपन्यास आदि — [[कथ]]
# [[कथानक]] — किसी रचना (महाकाव्य, उपन्यास, नाटक आदि) की कथा-वस्तु — [[कथ]]
# [[कद]] — (व्यक्ति की) ऊंचाई — [[कद]]
# [[कनक]] — सोना, स्वर्ण — [[सॅन]]
# [[कन्यादान]] — विवाह में वर को कन्या का दान करने की रस्म — [[कन्यादान]]
# [[कपट]] — छलपूर्ण मिथ्या आचरण, दुराव — [[कपठ]], [[छ़ल]]
# [[कपड़ा]] — कपास, ऊन आदि के धागों से बनी हुई वस्तु जो ओढ़ने, बिछाने, पहनने आदि के काम आती है — [[कपुर]]
# [[कपाट]] — किवाड़, दरवाजे के पल्ले — [[दरवाज़ु॑]]
# [[कपास]] — एक प्रसिद्ध पौधा जिसके ढोंढ (फल) में से रुई निकलती है (कॉटन) — [[कपस]]
# [[कपूत]] — बुरे आचरण वाला पुत्र, नालायक बेटा — [[कॅपूत]], [[नालायक]]
# [[कपूर]] — सफेद रंग का एक सुगंधित धन पदार्थ जो हवा में रखने से भाप बन कर उड़ जाता है (कैंफर) — [[कोफ़ूर]]
# [[कपोल]] — गाल (चीक) — [[गल]], [[बुथ्य लब]]
# [[कफन]] — सिला अथवा बिना सिला कपड़ा जिसमें शव को लपेट कर दफनाया या जलाया जाता है — [[कफन]]
# [[कब]] — किस समय? किस वक्त? — [[कर बा॑ज्ग्य]]
# [[कबाड़ी]] — टूटी-फूटी या पुरानी चीजें खरीदने या बेचने वाला — [[कब़डा॑य]]
# [[कबूलना]] — मान लेना, स्वीकार करना — [[कॅबूल करु॑न]]
# [[कब्जा]] — किसी वस्तु पर होने वाला अधिकार जिसके अनुसार उस वस्तु का उपयोग किया जाता है — [[कबज़ु॑]]
# [[कब्रिस्तान]] — शव दफनाने के लिए नियत स्थान — [[कबरिस्तान]]
# [[कभी]] — किसी समय, किसी अवसर पर — [[कुनि वक्तु॑]]
# [[कमंडल]] — संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुपड़ी अथवा नारियल आदि का बना होता हैं — [[कमंडल]]
# [[कम]] — परिमाण, मात्रा, संख्या आदि के विचार से घट कर या थोड़ा — [[कम]]
# [[कमज़ोर]] — दुर्बल, अशक्त, असमर्थ — [[कमज़ोर]]
# [[कमर]] — शरीर का मध्य भाग, कटि — [[कम्बर]]
# [[कमरबंद]] — कमर में बांधने का एक दुप्पटा — [[कम्बरबंद]]
# [[कमरा]] — कक्ष, कोठरी — [[कमरु]]
# [[कमल]] — जलाशयों में हाने वाला एक पौधा जिसमें चौड़ी पंखुड़ियों वाले हल्के लाल, नीले, पीले या सफेद रंग के फूल होते है (लोटस) — [[पंपा॑श]]
# [[कमान]] — धनुष — [[कमान]]
# [[कमाना]] — कोई व्यवसाय करके अर्थिक लाभ पाना, उपार्जन करना — [[कमावुन]]
# [[कमी]] — कम होने की स्थिति अथवा भाव — [[क॑मी]]
# [[कर]] — हाथ — [[अथु॑]]
# [[करघा]] — कपड़ा बुनने का एक यंत्र, खड्डी — [[वोननवान]]
# [[करना]] — किसी कार्य का संपादन — [[करुन]]
# [[करनी]] — कार्य, कर्म — [[का॑म]]
# [[करवट]] — बैठने, लेटने आदि में शरीर का वह पार्श्व या बल जिस पर शरीर का सारा भार पड़ता है — [[लरि फिरुन]]
# [[करारा]] — कुरकुरा — [[त्रकुर]]
# [[कराहना]] — पीड़ा या वेदना के समय व्यथा-सूचक शब्द का मुँह से निकलना — [[उँह करुने]]
# [[करुण]] — दयालु — [[दया]]
# [[करोड़पति]] — वह जिसके पास करोड़ों रुपये अथवा करोड़ों की संपत्ति हो — [[करोड़प॑ति]]
# [[कर्ज़]] — उधार लिया हुआ धन, ऋण — [[करु॑ज़]]
# [[कर्त्तव्य]] — ऐसा काम जिसे पूरा करना आवश्यक हो, धर्म — [[फरु॑ज़]]
# [[कर्त्ता]] — करने या बनाने वाला, रचयिता, निर्माता — [[करनवा॑लन]], [[दय]]
# [[कर्त्ता-धर्त्ता]] — वह व्यक्ति जिसको किसी कार्य या विषय के सभी अधिकार प्राप्त हों — [[करता-दरता]]
# [[कर्म]] — वह जो किया जाए, काम कार्य — [[करु॑म]]
# [[कर्मठ]] — काम में कुशल — [[मॆहनती]]
# [[कलंक]] — दाग, धब्बा — [[दाग]]
# [[कल]] — आज के दिन से ठीक पहले का बीता हुआ दिन — [[राथ]]
# [[कलई]] — सफेद रंग का प्रसिद्ध खनिज पदार्थ, रांगा — [[कलाय]], [[मछ़]]
# [[कलफ]] — चावल, अरारोट आदि को पका कर बनाई हुई पतली लेई जिसे धुले कपड़ों पर लगाकर उनकी तह कड़ी की जाती है, मांड — [[मायि]]
# [[कलम]] — लेखनी — [[कलम]]
# [[कलरव]] — पक्षियों के चहकने का कोमल और मधुर शब्द — [[बोल-बोश]]
# [[कलश]] — धड़ा, कलसा — [[कलश]], [[गडु॑]]
# [[कलह]] — घरेलू झगड़ा, विवाद — [[लडा॑य]]
# [[कला]] — हुनर (आर्ट) — [[हॊनर]]
# [[कलाकार]] — कला की साधना करने वाला (आर्टिस्ट) — [[कलाकार]]
# [[कलाबाजी]] — सिर नीचा करके उलट जाने की क्रिया या खेल — [[वलुगतुन]]
# [[कलियुग]] — पुराणानुसार चार युगों में से चौथा युग जो आजकल चल रहा है — [[कलियॅग]]
# [[कली]] — फूल का वह आरंभिक रूप जिसमें पंखुड़ियां खिली या खुली न हो — [[टूर]]
# [[कलुष]] — पातक, पाप — [[दाग]]
# [[कलेजा]] — यकृत, जिगर, दिल — [[दिल]]
# [[कल्पना]] — वह क्रियात्मक मानसिक शक्ति जो अन्त:करण में अवास्तविक वस्तुओं के स्वरूप को उपस्थित करके काव्य, चित्र आदि के रूप में अभिव्यक्त होती है — [[ख़॑योली]]
# [[कल्प-वृक्ष]] — पुराणानुसार देवलोक का एक वृक्ष जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला होता है — [[कल्प व्रख्य]]
# [[कल्याण]] — हित, भलाई, समृद्धि — [[कल्यान]]
# [[कवि]] — वह जो कविता या काव्य की रचना करता हो — [[शा॑यिर]]
# [[कविता]] — लय प्रधान तथा शब्द-बद्ध साहित्यिक रचना जो प्राय: छंदों में होती है, काव्य — [[शा॑यिरी]]
# [[कष्ट]] — पीड़ा — [[कश्ट]]
# [[कसना]] — बन्धन कड़ा करना — [[कसुन]]
# [[कसबा (कस्बा)]] — छोटा शहर — [[कसबु॑]]
# [[कसम]] — धर्म ईश्वर आदि को साक्षी मान कर कही जाने वाली बात, शपथ — [[कसम]]
# [[कसर]] — कमी, न्यूनता — [[कसर]]
# [[कसरत]] — स्वास्थ्य की रक्षा तथा सुधार के लिए की जाने वाली आंगिक अथवा शरीरिक क्रियाएँ, व्यायाम — [[कसरत]]
# [[कसाई]] — पशुओं आदि की हत्या करके उनके मांस को बेचने का व्यवसाय करने वाला, बूचड़ — [[पुज]]
# [[कसूर (कुसूर)]] — दोष, अपराध — [[कॊसूर]]
# [[कसैला]] — जिसके स्वाद से जीभ में हल्की ऐंठन या कुछ तनाव हो। आंवले, फिटकरी, सुपारी आदि के स्वाद-का सा, कषाय — [[ट्यॊठ]]
# [[कसौटी]] — एक प्रकार का काला पत्थर जिस पर रगड़ कर सोने की परख की जाती है — [[कहव॑ट]]
# [[कस्तूरी]] — एक प्रसिद्ध सुगंधित पदार्थ जो एक विशेष मृग की नाभि के पास थैली में पाया जाता है, (मस्क) — [[कॊस्तूर्यनाफु॑]]
# [[कहकहा]] — जोर की हंसी, ठहाका — [[खंगालु॑]]
# [[कहना]] — शब्द द्वारा भाव व्यक्त करना — [[कथ]], [[करु॑न्य]]
# [[कहाँ]] — किस स्थान पर? किस स्थिति में? किस अवसर पर? — [[कति]]
# [[कहानी]] — कथा, किस्सा — [[कहा॑नी]], [[कथ]]
# [[कहावत]] — ऐसा बंधा हुआ लोक-प्रचलित कथन या वाक्य जिसमें कोई तथ्य या अनुभव की बात संक्षेप में चामत्कारिक ढंग से कही गई हो (प्रोवर्ब) — [[कहावथ]]
# [[काँखना]] — मल-त्याग के समय आँतों या पेट को इस प्रकार कुछ जोर से दबाना कि मुँह से 'आह' या 'ऊँह' शब्द निकले — [[लमुन]], [[कुकु॑राय]]
# [[कांच]] — शीशा — [[शीशु॑]]
# [[कांटा]] — विशिष्ट प्रकार के पेड़-पौधों की डालियों आदि पर निकले हुए सुई की तरह नुकीले और कड़े अंकुर, कंटक — [[कोंड]]
# [[कांति]] — चमक, आभा — [[चमख]]
# [[कांपना]] — क्रोध, भय, शीत आदि के कारण शरीर का रह-रह कर हिलना, थरथराना — [[थरुथरु॑ अच़ु॑न्य]]
# [[कागज]] — सन, बाँस चीथड़े आदि की लुगदी से बनाया गया पत्र जो लिखने-छापने आदि के काम आता है (पेपर) — [[काकज़]]
# [[काजल]] — तेल, घी आदि के जलने से होने वाले धुँए की कालिख जो सुरमे की तरह लाभ या सुन्दरता के लिए आँख में लगाई जाती है; अंजन — [[कज्रुल]]
# [[काट-छांट]] — किसी वस्तु का फालतू अंश काट कर अलग कर देने अथवा निकाल देने की क्रिया या भाव — [[च़टु॑-वाठ]]
# [[काटना]] — औज़ार या शस्त्र आदि की धार से किसी वस्तु के दो या अधिक टुकड़े करना — [[च़टुन]]
# [[काठ]] — लकड़ी, काष्ठ — [[काठ-बाठ]]
# [[काढ़ना]] — किसी वस्तु के भीतर से कोई चीज बाहर निकालना, निकालना — [[कडुन]]
# [[कातना]] — रूई, ऊन, रेशम आदि बट कर धागा बनाना — [[कतुन]]
# [[काना]] — जिसकी एक आंख खराब या विकृत हो गई हो या फूट गई हो — [[कोन]]
# [[कानून]] — राज्य नियम, विधि — [[कोनून]]
# [[काफी]] — पर्याप्त, यथेष्ट — [[वरियाह]]
# [[काम]] — अपने-अपने विषयों के भोग की ओर होने वाली इंद्रियों की स्वाभाविक प्रवृति — [[काम॑]]
# [[कामधेनु]] — पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध गौ जो सब प्रकार की कामनाएँ पूरी करने वाली मानी गई है, सुरभी (सुरभि) — [[कामदीन]]
# [[कामना]] — अभीष्ट, हार्दिक इच्छा — [[यछ़ुन]]
# [[कामयाब]] — जिसे सफलता प्राप्त हुई हो, सफल — [[कामयाब]]
# [[कायम]] — स्थिर, पक्का, दृढ़ — [[का॑यिम]]
# [[कायर]] — उत्साह, बल या साहस से रहित, भीरू, डरपोक — [[खोचु॑ बुड]]
# [[कायाकल्प]] — जिस क्रिया या व्यवस्था से काया की पूरी तरह शुद्धि हो जाए और वह अपना काम ठीक तरह से करने लगे — [[कायाकलप]]
# [[कारखाना]] — वह स्थान जहाँ यंत्रों आदि की सहायता से किसी वस्तु का वांछित परिमाण में उत्पादन किया जाता है — [[कारखानु॑]]
# [[कारण]] — प्रेरक घटना या परिस्थिति — [[वजह]]
# [[कारतूस]] — बंदूक, रिवाल्वर आदि में रखकर चलाई जाने वाली धातु, दफ्ती आदि की बनी हुई खोली, जिसमें धातु की गोली और बारूद भरा होता है — [[कारतूस]]
# [[कारस्तानी (करिस्तानी)]] — किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से गुप्त रूप से की हुई कोई युक्ति, चालबाजी — [[का॑रिस्ता॑नी]]
# [[कारावास]] — बंदीगृह में रहने का दंड — [[जेल]]
# [[कारीगर]] — छोटे-मोटे उपकरणों की सहायता से वस्तुओं की रचना या मरम्मत करने वाला (आर्टीजन) — [[कारय्गर]]
# [[कार्य]] — वह जो किया जाए या किया गया हो, काम — [[को॑म]]
# [[कार्यकर्त्ता]] — काम करने वाला व्यक्ति — [[का॑म करन वोल]]
# [[कार्यकारिणी]] — किसी संस्था आदि का कार्य चलाने वाली समिति — [[इन्तिजा॑मी कमीटी]]
# [[कार्यक्रम]] — किसी उद्देश्य से किए जाने वाले कार्यें की पहले से तैयार की गई क्रम-सूची — [[प्रोग्राम]]
# [[कार्यपालिका]] — शासन का वह विभाग जो संसद द्वारा पारित विधियों को कार्य रूप में परिणत करता तथा उनका निष्पादन करता हो (एक्जेक्टिव) — [[मुनतु॑ज़िमीया]]
# [[कार्यवाही (कार्रवाई)]] — किसी कार्य के संपादन के समय होने वाली या की जाने वाली आवश्यक क्रियाएँ — [[कारवा॑यी]]
# [[कार्यालय]] — वह स्थान या भवन जहाँ कार्य विशेष के निर्वाह के लिए कुछ लोग नियमित रूप से काम करते हैं, दफ्तर — [[दफतर]]
# [[काल]] — समय — [[समय]], [[वखु॑त]]
# [[काला]] — जो काले रंग का हो, कृष्ण, श्याम — [[क्रुहुन]]
# [[काला बाजार]] — कानून-विरोधी व्यापार (ब्लैक मार्किट) — [[च़ूरु॑-बापार]]
# [[कालीन]] — ऊन, सूत आदि का बना हुआ एक प्रकार का मोटा बिछावन जिस पर रंग-बिरंगे बेल-बूटे आदि होते हैं, गलीचा — [[का॑लीनु॑]]
# [[काल्पनिक]] — मनगढ़ंत — [[खयो॑ली]]
# [[काव्य]] — पद्यात्मक साहित्यिक रचना, कविता आदि — [[शो॑यरी]]
# [[काश्तकार]] — किसान, खेतिहर — [[काशकार]]
# [[काष्ट]] — लकड़ी, काठ — [[काठ-बाठ]]
# [[किताब]] — पुस्तक, ग्रंथ — [[किताब]]
# [[किनारा]] — किसी वस्तु का अंतिम छोर, सिंरा — [[बॊठ]]
# [[किफायत]] — किसी चीज के उपयोग में या व्यय में की जाने वाली कमी, बचत — [[क्यफायत]]
# [[किरकिरा]] — वह वस्तु जिसमें महीन और कड़े कंकड, बालू आदि के कण मिले हों — [[बद्मजु॑गी]]
# [[किराना]] — पंसारी या बनिए की दुकान में मिलने वाला समान-दाल, मसालें आदि — [[किरियानु॑]]
# [[किराया]] — भाड़ा — [[किराय]]
# [[किरायेदार]] — किसी की अचल संपत्ति किराये पर लेने वाला व्यक्ति — [[किरायिदार]]
# [[किलकारी]] — बच्चे की हर्ष ध्वनि — [[बोल-बोश]]
# [[किला]] — दुर्ग, गढ़ — [[कु॑लु॑]]
# [[किवाड़]] — दरवाजे का पल्ला, कपाट — [[दरवाजु॑ पॊट]]
# [[किशोर]] — बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का अर्थात् ग्यारह से पंद्रह वर्ष तक की अवस्था का बालक — [[लडकु॑]]
# [[किसान]] — खेती करने वाला, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[किस्त]] — किसी ऋण या देनदारी का वह भाग जो किसी निश्चित समय पर दिया जाय (इनस्टालमैंट) — [[कु॑सतु॑]]
# [[किस्म]] — प्रकार, गुण, धर्म — [[कु॑सु॑म]]
# [[किस्सा]] — विवरणात्मक रूप में लिखी या कही गई घटना, कहानी, वृत्तांत — [[कु॑सु॑]]
# [[कीचड़]] — पानी मिली धूल या मिट्टी, पंक, कर्दम — [[रब]]
# [[कीट]] — रेंगने या उड़ने वाला छोटा जीव, कीड़ा — [[क्यॊम]]
# [[कीटाणु]] — बहुत छोटे कीड़े — [[कॆक्य-क्री॑ल जरो॑सीम]]
# [[कीडा]] — उड़ने या रेंगने वाला छोटा जंतु, कीट — [[क्यॊम]]
# [[कीमत]] — दाम, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[कीमती]] — अधिक कीमत या मूल्य का, मूल्यवान — [[कू॑मती]]
# [[कीर्ति]] — यश, ख्याति — [[महा॑शूरी]]
# [[कुंज]] — झाड़ियों, लताओं आदि से घिरा हुआ, प्राय: गोलाकार स्थान — [[पोशि वो॑र]]
# [[कुंजी]] — वह उपकरण जिससे ताला खोला और बंद किया जाता है, चाबी, ताली — [[कुंज़]]
# [[कुंभ]] — धातु, मिट्टी आदि का बना पानी रखने का एक पात्र, घड़ा, कलश — [[मठ]], [[नॊट]]
# [[कुकर्म]] — बुरा काम, निंदनीय कर्म — [[कॅकरु॑म]]
# [[कुचक्र]] — किसी को हानि पहुंचाने के लिए बनाई गई छलपूर्ण योजना — [[कॅचखु॑र]], [[सा॑ज़िश]]
# [[कुचलना]] — किसी पदार्थ को इस प्रकार पीसना कि वह बिलकुल महीन हो जाए — [[लतु॑मॊडं करु॑न्य]]
# [[कुछ]] — थोड़ी संख्या या मात्रा का, अल्प, कम जरा-सा, थोड़ा-सा — [[कॆहं]]
# [[कुटिया]] — घास-फूस का बना छोटा मकान या घर, झोंपड़ी, कुटी — [[कुटिया]], [[जोम्फु॑र]]
# [[कुटिल]] — टेढ़ा — [[कॅट्यल]]
# [[कुटीर-उद्योग]] — ऐसे छोटे-मोटे काम जिन्हें लोग घर में ही करके जीविका निर्वाह के लिए धन कमा सकते हैं, घरेलू-उद्योग — [[लॅकुट गरेलू सनत]]
# [[कुटुंब]] — परिवार — [[कॅटंब]], [[अयाल]]
# [[कुढ़ना]] — मन ही मन दुखी और विकल होना — [[बॆज़ार]]
# [[कुतरना]] — दांत से छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काटना — [[त्रुकुन]], [[ब्रकुन]]
# [[कुतूहल]] — किसी नई और अनोखी चीज को जानने के लिए मन में होने वाली प्रबल इच्छा, जिज्ञासा — [[खोव]], [[शोख]]
# [[कुप्पी]] — तेल, चिकनाई आदि रखने या डालने के लिए छोटा पात्र — [[कुप्प]]
# [[कुबड़ा]] — ऐसा व्यक्ति जिसकी पीठ टेढ़ी हो गई हो या झुकी हुई हो (हंच बैक) — [[कॊब]]
# [[कुमकुम]] — केसर — [[कँगं]]
# [[कुमुदिनी]] — एक प्रकार का पौधा जिसमें कमल की तरह के सफेद पर छोटे-छोटे फूल लगते हैं तथा जो रात में खिलते हैं, कुई — [[पंपोश]]
# [[कुम्हलाना]] — मुरझाना — [[च़मु॑ठुन]]
# [[कुल]] — खानदान, घराना, वंश — [[खानदान]], [[कॅल]]
# [[कुल देवता]] — वह देवता जिसकी पूजा किसी कुल में परम्परा से होती आई हो — [[कॅलदिवता]]
# [[कुलीन]] — उच्च कुल में उत्पन्न, ख़ानदानी — [[खानदा॑न्य]]
# [[कुल्हड़]] — मिट्टि का बना हुआ छोटा पात्र — [[मचिवा॑र]]
# [[कुशल]] — चतुर, होशियार — [[हुशार]]
# [[कुश्ती]] — एक प्रसिद्ध भारतीय खेल जिसमें दो व्यक्ति अपने शारीरिक बल तथा दांव-पेच से एक दूसरे को चित करने का पयत्न करते हैं (रैस्लिंग) — [[कुश्ती]]
# [[कुष्ठ]] — एक संक्रामक रोग जिसमें शरीर की त्वचा, नसें आदि सड़ने-गलने लगती है; कोढ़ — [[म्योंद]]
# [[कुसुम]] — पुष्प, फूल — [[पॊश]]
# [[कूंची (कूची)]] — चित्रकार की वह कलम जिससे वह चित्रों में रंग आदि भरता है, तूलिका — [[बुरुश]]
# [[कूंआ (कुआं]], [[कुवां)]] — पानी निकालने के लिए जमीन में खोदा हुआ गहरा तथा गोल गड्ढा, कूप — [[क्रूल]]
# [[कूटना]] — किसी चीज को महीन करने के लिए उस पर भारी वस्तु से बार-बार मार करना — [[च़ेटुन]]
# [[कूटनीति]] — व्यक्तियों या राष्ट्रों के पारस्परिक व्यवहार में दांव-पेच की नीति, छिपी हुई चाल — [[चाल]], [[सियासत]]
# [[कूदना]] — किसी ऊँचे स्थान से नीचे स्थान की ओर बिना किसी सहारे के छलांग लगाना — [[वॊठ त्रावु॑न्य]]
# [[कृतघ्न]] — उपकार को न मानने वाला — [[एहसान फरामोश]]
# [[कृतज्ञ]] — उपकार को मानने वाला — [[मशकूर]]
# [[कृतार्थ]] — जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो — [[क्रितारथ]]
# [[कृत्रिम]] — जो प्राकृतिक न हो, मानव निर्मित — [[नकली]]
# [[कृपा]] — अनुग्रह, दया — [[क्रपा]], [[दया]]
# [[कृषि]] — खेतों को जोतने-बोने और उनमें अन्न आदि उपजाने का काम, खेती-बारी — [[जमींदारी]]
# [[केंद्र]] — किसी गोले या वृत के बीच का वह बिंदु जिससे उस गोले या वृत की परिधि का प्रत्येक बिंदु बराबर दूरी पर पड़ता है (सेंटर) — [[मरकज़]]
# [[केवल]] — जिसका या जितने का उल्लेख किया जाए वही या उतना ही — [[सिरिफ]]
# [[केश]] — सिर के बाल — [[मस]], [[किह]]
# [[कै]] — उलटी, वमन — [[कय]], [[द्रॊरव]]
# [[कैद]] — अपराधियों को दंड देने के लिए बंद स्थान में रखना, कारावास — [[का॑दखानु॑]]
# [[कैदी]] — वह जिसे कैद अर्थात् बंधन में रखा गया हो, बंदी — [[कू॑द्य]]
# [[कोंपल]] — पेड़-पौधों आदि में से निकलने वाली नई मुलायम पत्तियाँ, कल्ला — [[बामन]]
# [[कोई]] — दो या दो से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में से ऐसी वस्तु या व्यक्ति, जिसका निश्चित उल्लेख या परिज्ञान हो — [[काँह]]
# [[कोठरी]] — छोटा कमरा — [[कूठु॑र]]
# [[कोठी]] — बहुत बड़ा, ऊँचा और पक्का मकान — [[कूठ्य]]
# [[कोतवाल]] — पुलिस का वह प्रधान कर्मचारी जिसके अधीन कई थाने और बहुत-से सिपाही होते हैं — [[कुटवाल]]
# [[कोतवाली]] — कोतवाल का मुख्यालय — [[कुटवा॑ली]]
# [[कोमल]] — जिसके देखने, सुनने अथवा स्पर्श से प्रिय अनुभूति तथा सुखद संवेदन होता हो — [[कूमल]], [[नरु॑म]]
# [[कोरा]] — जो अभी तक उपयोग या व्यवहार में न लाया गया हो, बिलकुल ताजा और नया — [[कोरु॑]]
# [[कोलाहल]] — बहुत से लोगों के बोलने अथवा चीखने-चिल्लाने से होने वाला घोर शब्द, शोर — [[शोर]]
# [[कोल्हू]] — बीजों आदि को पैर कर उनका तेल और गन्ने आदि पेर कर रस निकालने का एक यंत्र — [[तीलु॑वान्यवान]]
# [[कोश (कोष)]] — वह ग्रंथ जिसमें किसी विशेष क्रम से शब्द और उनके अर्थ दिए हों, शब्द कोश — [[डिकश॑नरी]], [[लॅगत]]
# [[कोशकार]] — शब्द कोश के लिए शब्दों का संग्रह तथा उनका संपादन करने वाला — [[डिकश॑नरी बनावन वा॑ल]], [[लॅगतनवीस]]
# [[कोशिश]] — प्रयत्न, चेष्टा — [[कूशिश]]
# [[कोषाध्यक्ष]] — वह कर्मचारी जिसके पास कोष रहता है, खजांची — [[खँजॊची]]
# [[कोष्ठक]] — (), [ ] और { } चिह्नो में से कोई एक जिसमें अंक शब्द, पद आदि विशेष स्पष्टीकरण के लिए संकेत रूप में अथवा ऐसे ही किसी और उद्देश्य से रखे जाते हैं — [[ब्रेक्यठ]]
# [[कोसना]] — सताये जाने पर किसी की अशुभ कामना करना — [[बॊहु॑वोह करु॑न्य]]
# [[कौंधना]] — कुछ क्षणों के लिए (बिजली का) चमकना — [[बुज़ु॑मलु॑]]
# [[कौतुक]] — ऐसी अद्भुत या विलक्षण बात जिसे देखकर आश्चर्य भी हो और जिसे जानने की उत्सुकता भी हो — [[तमाशि]]
# [[कौन]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो किसी वस्तु, व्यक्ति आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है — [[कुस]]
# [[क्या]] — एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो उद्दिष्ट या अभिप्रेत वस्तु, किसी तथ्य, स्थिति आदि के संबंध में जिज्ञासा का भाव व्यक्त करता है या उसकी ओर संकेत करता है — [[क्याह]]
# [[क्यों]] — किसी उद्देश्य, अधिकार अथवा कारण से, किसलिए — [[क्याज़ि]]
# [[क्योंकि]] — कारण यह है कि, इसलिए कि — [[तिक्याणि]]
# [[क्रम]] — कोई नियत या निश्चित पद्धति, तरतीब, सिलसिला — [[सिलसिलु॑]]
# [[क्रमश:]] — नियत क्रम के अनुसार, सिलसिलेवार — [[सिलसिलु॑वार]]
# [[क्रय]] — मोल लेने या खरीदने की क्रिया या भाव, खरीद — [[मेल्यह्यॊन]], [[खरीदारी]]
# [[क्रांति]] — एक दशा से दूसरी दशा में भारी परिवर्त्तन — [[इंकलाब]]
# [[क्रांतिकारी]] — क्रांति का प्रयत्न करने वाला — [[इंकला॑बी]]
# [[क्रिया]] — कोई कार्य चलते या होते रहने की अवस्था या भाव — [[का॑म]]
# [[क्रीड़ा]] — आमोद-प्रमोद — [[अ॑सुल-गिंदुन]]
# [[क्रूर]] — निर्मम तथा हिंसक कार्य करने वाला, निर्दय — [[बेइंसाफ]]
# [[क्रोध]] — किसी के अनुचित या अन्यायपूर्ण काम के फलस्वरूप मन में उत्पन्न होने वाला उग्र तथा तीक्ष्ण मनोविकार, कोप, गुस्सा — [[गुस्स्]]
# [[क्लेश]] — कष्ट पूर्ण मानसिक स्थिति, मनोव्यथा — [[वॅदा॑सी]], [[दॅख]]
# [[क्षण]] — काल का एक बहुत छोटा परिमाण — [[च़्युह]]
# [[क्षति]] — आघात या चोट लगने से होने वाला घाव — [[नॅकसान]]
# [[क्षतिपूर्ति]] — हानि या घाटे का पूरा होना — [[नॅकसान पूरु॑ करून]]
# [[क्षत्रिय]] — हिन्दुओं के चार वर्णों में से दूसरा वर्ण — [[ख्यतु॑र्य]]
# [[क्षमता]] — सामर्थ्य — [[ह्यमथ]]
# [[क्षमा]] — मन की वह भावना या वृत्ति जिससे मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाया हुआ कष्ट चुपचाप सहन कर लेता है और कष्ट पहुँचाने वाले के प्रति मन में कोई विकार नहीं आने देता — [[बरव़शुन]]
# [[क्षय]] — क्रमश: तथा प्रकृतिश: होने वाला ह्रास — [[नाश]]
# [[क्षितिज]] — पृथ्वी तल के चारों ओर की वह कल्पित रेखा या स्थान जहाँ पर पृथ्वी और आकाश एक दूसरे से मिलते हुए जान पड़ते हैं (होराइजन) — [[उफ़क]]
# [[क्षुधा]] — भोजन करने की इच्छा, भूख — [[बॅछि]]
# [[क्षेत्र]] — जोता-बोया जाने वाला भूमि-खंड़, खेत — [[खाह]]
# [[क्षेत्रफल]] — किसी क्षेत्र की लम्बाई और चौड़ाई को गुणन करने से निकलने वाला वर्गात्मक परिमाण, रकबा (एरिया।) — [[बाडव]], [[रॅकबु]]
# [[खंड]] — किसी टूटी या फूटी हुई वस्तु का कोई अंश, टुकड़ा — [[हिसु॑]]
# [[खंडहर]] — वह स्थान जिस पर बनी हुई इमारत या भवन खंड-खंड होकर गिरा पड़ा हो, गिरे या टूटे हुए मकान का बचा हुआ अंश, भग्नावशेष — [[खंडुरात]], [[आसार]]
# [[खंभा]] — ईंट, पत्थर, लकड़ी, लोहे आदि की बनी हुई गोल या चौकोर रचना जिस पर छत, या कोई भारी चीज टिकी रहती है — [[च़्यून]]
# [[खगोल]] — आकाश मंडल — [[आकाशि मंडुल]]
# [[खटकना]] — दो वस्तुओं के परस्पर टकराने से शब्द उत्पन्न होना — [[अंदु॑री दज़ुन]], [[खटकुन]]
# [[खटाई]] — खट्टे होने की अवस्था, गुण या भाव — [[चॅक्यर]]
# [[खट्टा]] — जिसमें खटाई हो, आम, इमली आदि के से स्वाद वाला — [[चॊक]]
# [[खड़ा]] — जो धरातल से सीधा ऊपर की ओर उठा हुआ हो — [[खडा]], [[वॅदनि]]
# [[खड़ाऊँ]] — काठ की बनी हुई एक प्रकार की पादुका जिसमें आगे की ओर पैर का अंगूठा और उंगली फंसाने के खूंटी लगी रहती है — [[ख्राव]]
# [[खतरनाक]] — जो खतरे से भरा हो या खतरे का कारण बन सकता हो, जोखिम-भरा — [[खतरनाक]]
# [[खतरा]] — अनिष्ट, संकट आदि की आशंका या संभावना से युक्त स्थिति — [[खतरु॑]]
# [[खनिज]] — खान से खोद कर निकाला हुआ — [[मॊदनी (कानि मंज कॊडमुत)]]
# [[खपत]] — खपने या खपाने की क्रिया या भाव, माल की कटती या बिक्री — [[खरचि]]
# [[खरा]] — जिसमें किसी प्रकार की खोट या मैल न हो, विशुद्ध — [[शॅद]]
# [[खराद]] — एक प्रकार का यंत्र जो लकड़ी अथवा धातु की बनी हुई वस्तुओं को छीलकर उन्हें सुडौल तथा चिकना बनाता है या विशेष आकार देता है — [[खह्रन]]
# [[खरीद]] — मोल लेने की क्रिया या भाव, क्रय — [[ह्यॊन]]
# [[खरीदना]] — मोल लेना, क्रय करना — [[ह्यॊन]]
# [[खरोंच]] — नख अथवा अन्य किसी नुकीली वस्तु से छिलने के कारण पड़ा हुआ दाग या चिह्न, खराश — [[जु॑ल]]
# [[खर्च (खरच)]] — धन, वस्तु, शक्ति आदि का होने वाला उपभोग, व्यय — [[खरु॑च]]
# [[खलना]] — अनुचित, अप्रिय या कष्टदायक प्रतीत होना, अखरना, खटकना — [[खरुन]]
# [[खलियान]] — वह समतल भूमि या मैदान जहाँ फसल काट कर रखी, मांडी तथा बरसाई जाती है — [[खाह]]
# [[खली]] — तिलहन का वह अंश जो उसे पेर-कर तेल निकालने के बाद बच रहता है जिसे गाय-भैसों को भूसे में मिलाकर खिलाया जाता है — [[ख॑ज]]
# [[खस्ता]] — भुरभुरा, बहुत थोड़ी दाब से टूट जाने वाला, मुलायम तथा कुरकुरा — [[खस्तु॑]]
# [[खांसना]] — गले में रुका हुआ कफ़ या और कोई अटकी हुई चीज निकालने या केवल शब्द करने के लिए झटके से वायु कंठ के बाहर निकालना, खांसी आने या होने का-सा शब्द करना — [[चास करुन्टा]]
# [[खाई]] — दुर्ग के चारो ओर खोदी हुई नहर — [[खय]]
# [[खाकी]] — खाक अर्थात मिट्टी के रंग का, भूरा — [[खा॑क्य]]
# [[खाट]] — चारपाई — [[चारपाय]]
# [[खाद]] — सड़ाया हुआ गोबर, पत्ते आदि जो खेत को उपजाऊ बनाने के लिए उनमें डाले जाते हैं (मैन्योर) — [[खाद]], [[पाह]]
# [[खादी]] — हाथ से कते सूत का हाथ करघे पर बना कपड़ा, खद्दर — [[खदु॑र]]
# [[खाद्य]] — जो खाए जाने के लिए हो अथवा खाये जाने के योग्य हो, भक्ष्य, भोज्य — [[खॅरदनी]]
# [[खाद्यान्न]] — वे अन्न जो खाने के काम आते हों — [[अनाज]]
# [[खान]] — वह स्थान जहां से धातु, पत्थर आदि खोद कर निकाले जाते हैं — [[कान]]
# [[खाना]] — पेट भरने के लिए मुंह में कोई खाद्य वस्तु रखकर उसे चबाना और निगल जाना, भोजन करना — [[ख्यॊन]]
# [[खारा]] — जिसमें क्षार का अंश या गुण हो, जो स्वाद में नमकीन हो — [[नून॑दार]]
# [[खाल]] — पशुओं आदि के शरीर पर से खींच कर उतारी हुई त्वचा जिस पर बाल या रोएं होते है, चमड़ी — [[मु॑सलु॑]]
# [[खाली]] — जिसके अंदर कोई चीज न हो, रीता — [[छ़ॊर]]
# [[खास]] — विशेष, विशिष्ट — [[खास]]
# [[खिड़की]] — घर, गाड़ी, जहाज आदि की दीवारों में बना हुआ वह बड़ा झरोखा जिसमें से धूप और रोशनी अंदर जाती है और जिसमें से झांक कर बाहर का दृश्य देखा जाता है (विंडो) — [[दा॑र]]
# [[खिन्न]] — उदास, विकल — [[वॅदास]]
# [[खिलखिलाना]] — बहुत प्रसन्न होने पर जोर से हंसना — [[स्यठाह खॊख सप़दुन]]
# [[खिलना]] — कली या फूल का पंखुडियां खोलना — [[खॊश सपदुन]]
# [[खिलाड़ी]] — वह जो खेल खेलता हो — [[खिला॑ड्य]]
# [[खिलाना]] — किसी को कोई चीज खाने में प्रवृत्त करना, भोजन कराना — [[ख्यावुन]]
# [[खिलौना]] — बच्चों के खेलने के लिए बनाई हुई धातु, मिट्टी आदि की आकृति, चीज या सामग्री — [[तमाशु॑]]
# [[खिसकना]] — बैठे-बैठे किसी ओर बढ़ना या हटना, सरकना — [[हिलुन]], [[नीरिथ चलुन]]
# [[खींचना]] — किसी वस्तु को बलपूर्वक अपनी ओर लाना या अपने साथ लेते हुए आगे बढ़ना — [[लमुन]]
# [[खुजली]] — शरीर के किसी अंग में रक्त का संचार रुक जाने के कारण होने वाली सुरसुरी — [[त॑छिन्य]]
# [[खुजाना]] — शरीर के किसी अंग में खुजली होने पर उस स्थान को नाखूनों अथवा उंगलियों से बार-बार मलना या रगड़ना — [[कशुन]], [[तछुन]]
# [[खुदरा]] — किसी पूरी चीज के छोटे-छोटे अंश, खंड या टुकड़े, फुटकर — [[छांठ]]
# [[खुर]] — कुछ पशुओं के पैरों का अगला सिरा जो प्राय: गोल तथा बीच में से फटा हुआ होता है, टाप, सुम — [[पडुर]]
# [[खुरचना]] — किसी नुकीली वस्तु को किसी दूसरी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह कुछ छिल जाए — [[जु॑लुन]]
# [[खुराक]] — खाद्य पदार्थ, भोजन, आहार — [[खॅराख]]
# [[खुश]] — प्रसन्न, संतुष्ट — [[खॅश]]
# [[खुश किस्मत]] — अच्छे भाग्यवाला, सौभाग्यशाली, भाग्यवान — [[खॅश क॑स्मत]], [[बाग्यवान]]
# [[खुशखबरी]] — प्रसन्न करने वाला समाचार, शुभ समाचार — [[खुशखबरी]]
# [[खुश्क]] — जो तर न हो, सूखा — [[खॅशिख]]
# [[खून]] — रक्त, रुधिर, लहू — [[खून]], [[रथ]]
# [[खूब]] — सब प्रकार से अच्छा और उत्तम, बढ़िया — [[खूब]], [[का॑फी]]
# [[खूबसूरत]] — जो देखने में बहुत अच्छा लगता हो, सुन्दर — [[खूबसूरत]], [[खॅशशकु॑ल]]
# [[खेत]] — वह भू-खंड जो फसल उपजाने के लिए जोता-बोया जाता है — [[खाह]]
# [[खेतिहर]] — जमीन को जोत-बोकर उसमें फसल उपजाने वाला व्यक्ति, किसान, कृषक — [[ग्रूस]]
# [[खेती]] — खेत को जोतने-बोने तथा फसल उपजाने की कला तथा काम — [[खाहु॑-का॑म]]
# [[खेद]] — कोई अपेक्षित काम न करने अथवा कोई काम या बात ठीक तरह से न होने पर मन में होने वाला दु:ख, अप्रसन्नता, रंज — [[दॅख]]
# [[खेना]] — डांडों की सहायता से नाव को चलाना — [[नाव वायिन्य]]
# [[खेल]] — समय बिताने तथा मन बहलाने के लिए किया जाने वाला कोई काम, क्रीडा — [[खेल]]
# [[खेल-कूद]] — खेल, क्रीडा — [[गिंदुन]]
# [[खेलना]] — मन बहलाने के लिए शारीरिक क्रियांए करना या व्यायाम करना — [[गिन्दुन]]
# [[खैरात]] — दान के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ, दान — [[खा॑रात]]
# [[खोखला]] — जिसके भीतर कुछ न हो, भीतर से रिक्त — [[खॅखुर]]
# [[खोज]] — कोई नई बात, तथ्य आदि का पता लगाने का काम, शोध, अनुसंधान — [[छा॑ड]], [[खोज]]
# [[खोजना]] — किसी खोई या छिपी हुई वस्तु के पता लगाने का प्रयत्न करना, ढूंढना — [[छ़ारुन]]
# [[खोट]] — दूसरों को ठगने के लिए सोने में मिलाया हुआ तांबा — [[खॅचर]]
# [[खोटा]] — मिलावटी — [[खॊट]]
# [[खोदना]] — कुदाल आदि से जमीन पर आधात करके गड्ढा बनाना — [[खनुन]]
# [[खोना]] — किसी वस्तु को भूल से कहीं छोड़ देना — [[रावुन]]
# [[खोल]] — किसी चीज का ऊपरी आवरण — [[मु॑सलु॑]], [[द्यल]]
# [[खोलना]] — अनावृत करना, आवरण हटाना — [[मुच़रुन]]
# [[खौलना]] — तरल पदार्थ को इतना अधिक गरम करना कि उसमें उबाल आने लगे, उबालना — [[ग्ररवयिन्य]]
# [[ख्याति]] — यश, प्रसिद्धि, कीर्त्ति — [[महशूरी]]
# [[गंजा]] — जिसके सिर के बाल झड़ गए हों (बॉल्ड) — [[खॊर]], [[त्रामु॑ कलु॑]]
# [[गंदा]] — अपवित्र, दूषित, बुरा — [[गंदु॑]], [[मा॑लु]], [[मांकूर]]
# [[गंध]] — कुछ विशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्म कणों का वायु के साथ मिलकर होने वाला प्रसार जिसका अनुभव नाक से होता है, बास, दुर्गधं — [[मुशिख]]
# [[गंभीर]] — गहरा — [[संजीदु॑]], [[सॊन]]
# [[गंवाना]] — खोना — [[रावु॑न]]
# [[गंवार]] — असभ्य, अशिष्ट — [[बॆत॑मीज]]
# [[गगन]] — आकाश, आसमान — [[असमान]]
# [[गज]] — हाथी — [[हॊस]]
# [[गजरा]] — फूलों की घनी गुंथी हुई माला — [[गजरु॑]]
# [[गड़बड़]] — ऐसी अवस्था जिसमें क्रम, व्यवस्था आदि का अभाव हो — [[गड़बड़]]
# [[गढ़]] — किला, दुर्ग — [[कु॑लु॑]]
# [[गढ़ना]] — कोई नई चीज बनाने के लिए किसी स्थूल पदार्थ को काट, छील ढाल कर तैयार या दुरुस्त करना — [[गरुन]], [[बनावुन]]
# [[गण]] — समूह, झुंड, वर्ग — [[ख्यॊल]]
# [[गणतंत्र]] — वह राज्य या राष्ट्र जिसकी सत्ता जनसाधारण (विशेषत: मतदाताओं या निर्वाचकों) में निहित होती है — [[जमहूरिया]]
# [[गणना]] — गिनती करने की क्रिया या भाव — [[ग्रन्द]]
# [[गणित]] — वह शास्त्र जिसमें परिमाण, मात्रा, संख्या आदि निश्चित करने की रीतिओं का विवेचन होता है, हिसाब (मैथेमेटिक्स़) — [[हिसाब]]
# [[गति]] — चाल, रफ्तार — [[रफ्तार]]
# [[गतिरोध]] — चलते हुए काम का रुक जाना — [[क्रेछर]]
# [[गतिविधि]] — कार्य-कलाप — [[दवु॑दव]]
# [[गदराना]] — फलों आदि का पकने पर आना — [[पपुन]]
# [[गद्दा]] — बिछाने की मोटी रूई दार भारी तोशक — [[ग॑दलु॑]], [[गबु॑]]
# [[ग़बन]] — अमानत की रकम खा जाना (ऐम्बैज़लमेंट) — [[गबन]]
# [[गमला]] — नांद के आकार का एक प्रकार का मिट्टी, धातु या लकड़ी का पात्र जिसमें फूलों आदि के पौधे लगाए जाते हैं — [[गमलु॑]]
# [[गरजना]] — गंभीर तथा घोर शब्द करना, जोर से कड़क कर बोलना — [[ग्रजुन]]
# [[गरम (गर्म)]] — साधारण से अधिक तापमान वाला, उष्ण — [[गरु॑म]]
# [[गरिष्ठ]] — बहुत भारी — [[स्यठाह गॊबॆ]]
# [[गरी]] — नारियल के अंदर का वह सफेद मुलायम गूदा जो खाया जाता है — [[गूज]]
# [[गरीब]] — निर्धन, दरिद्र — [[ग़रीब]]
# [[गर्व]] — अपने को दूसरों से बढ़कर समझने का भाव, अभिमान, घमंड — [[फखु॑र]]
# [[गलत]] — जो सही या ठीक न हो, अशुद्ध — [[अपुज़]], [[गलत]]
# [[गलती]] — भूल, अशुद्धि, त्रुटि — [[गलती]]
# [[गलाना]] — किसी ठोस वस्तु को तरल बनाना, पिघलाना — [[गालुन]]
# [[गली]] — सड़क से कम-चौड़ा, संकरा रास्ता जिसके दोनों ओर मकानो की कतार हो — [[कोचि]]
# [[गवाह]] — ऐसा व्यक्ति जिसने कोई घटना स्वयं देखी हो अथवा जिसे किसी घटना, तथ्य, बात आदि की ठीक और पूरी जानकारी हो, साक्षी — [[गवाह]]
# [[गहन]] — गहरा — [[सॊन]]
# [[गहना]] — आभूषण, जेवर — [[ज़ेवर]], [[गहनु॑]]
# [[गहरा]] — जिसका तल चारों ओर के स्तर से नीचे की ओर अधिक दूरी तक हो — [[सॊन]]
# [[गांव]] — बहुत छोटी बस्ती, खेड़ा, ग्राम — [[गाम]]
# [[गाड़ना]] — गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकना, दफनाना — [[दफनावुन]]
# [[गाढ़ा]] — जो पतला न हो — [[मॊट]]
# [[गाना]] — लय, ताल के साथ पदों का उच्चारण करना — [[ग्यवुन]]
# [[गायक]] — गाने वाला, गवैया — [[ग्यवन वोल]]
# [[गाहक (ग्रहक)]] — खरीदने वाला, खरीददार — [[ह्य॑नु वोल]]
# [[गिनती]] — गिनने की क्रिया या भाव, गणना — [[ग्रन्द]]
# [[गिनना]] — संख्या सूचक अंको का नियमित क्रम से उच्चारण करना, गिनती करना — [[गंज़रुन]]
# [[गिरजा]] — ईसाइयों का प्रार्थना-मंदिर — [[गिरजु॑]]
# [[गिरफ्तार]] — जो किसी अपराध के कारण पुलिस अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया हो — [[गिरिफतार]]
# [[गिरवी]] — बंधक, रेहन — [[गिरवी]], [[अमानथ]]
# [[गिराना]] — नीचे डालना, फेंकना — [[त्रावुन]]
# [[गिरोह]] — एक साथ काम करने वाले व्यक्तियों का समूह, गुट या झुंड — [[जमाथ]]
# [[गीत]] — छोटी पद्यात्मक रचना जो गाए जाने के लिए बनी हो, गाना — [[बा॑थ]]
# [[गीतकार]] — गीत लिखने वाला — [[बा॑थ लेखन वोल]]
# [[गुंडा]] — बुरे चाल-चलने वाला, बदमाश — [[गुंडु॑]], [[बदमाश]]
# [[गुंडागर्दी]] — गुंडो का सा आचरण या व्यवहार, बदमाशी — [[गुंडु॑गरी]]
# [[गुंबद]] — वास्तु रचना में वह शिखर जो गोले के आकार का और अंदर पोला होता है, गुंबज — [[गुंबद]]
# [[गुच्छा]] — एक ही प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं का समूह जो एक साथ गुंथा या उपजा हो — [[गुच्छु॑]]
# [[गुजरना]] — किसी स्थान से होते हुए आगे बढ़ना — [[नेरुन]]
# [[गुट]] — टोली, गिरोह, छोटा दल — [[टूल्य]], [[जमाथ]], [[छॅख]]
# [[गुण]] — महत्वपूर्ण विशेषता जिसके कारण एक वस्तु दूसरी से अलग मानी जाती है — [[वुसु॑फ़]]
# [[गुणवान]] — गुणशाली, गुणी, गुणों से युक्त — [[ग॑नु॑वान]]
# [[गुणा]] — गणित में जोड़ने की एक संक्षिप्त रीति जिसमें कोई संख्या कई बार जोड़ने की बजाय एक बार में ही उतनी गुनी बढ़ाई जा सकती है (मल्टीप्लिकेशन) — [[ज़रु॑ब]]
# [[गुदगुदाना]] — किसी के कोमल या मांसल अंगों को इस तरह खुजलाना या सहलाना कि वह हंसने लगे — [[कु॑तु॑ कु॑तु॑ करुन]]
# [[गुदगुदी]] — गुदगुदाने की क्रिया या भाव — [[कु॑तु॑कु॑तु॑]]
# [[गुनगुना]] — हल्का गरम — [[शीर गरु॑म]]
# [[गुनगुनाना]] — धीमे स्वर में अस्पष्ट शब्दोच्चारण करते हुए गाना — [[गूंग॑राय करुन्य]]
# [[गुप्तचर]] — जासूस, भेदिया — [[जासूस]]
# [[गुफा]] — जमीन अथवा पहाड़ के अंदर का गहरा तथा अंधेरा गड्ढा, कंदरा — [[गॅफ]]
# [[गुब्बारा]] — बच्चों के खेलने की रबड़ की थैली जिसमें हवा, गैस भरी जाती है (बैलून) — [[फॅकुबाल]]
# [[गुमनाम]] — अप्रसिद्ध — [[गुपित]], [[गुमनाम]]
# [[गुरु]] — भारी — [[गॅब]]
# [[गुरुकुल]] — गुरु का वास स्थान जहाँ रह कर शिष्य विद्याध्ययन करते हों — [[गॅरु॑ कॅल]]
# [[गुर्राना]] — कुत्ते बिल्ली आदि का क्रोध में मुंह बंद करके भारी आवाज निकालना — [[रोंखु करुन]]
# [[गुलाम]] — मोल लिया हुआ नौकर, दास — [[गॅलाम]]
# [[गुलाल]] — एक प्रकार का रंगदार चूर्ण जिसे होली के दिनों में एक-दूसरे पर डालते या मलते है — [[गुलाल]]
# [[गुल्लक (गोलक)]] — वह थैली या संदूक जिसमें धन संग्रह किया जाता है — [[गलतानु॑]]
# [[गूंगा]] — जो बोल न सके, मूक — [[कॊल]]
# [[गूंज]] — टकरा कर लौटने वाली आवाज, प्रतिध्वनि — [[गुम्बद]]
# [[गूंजना]] — आवाज का टकराकर लौटना, किसी ध्वनि से किसी स्थान का व्याप्त होना, ध्वनि का देर तक सुनाई देते रहना — [[गूंज़न]]
# [[गूंधना]] — किसी प्रकार के चूर्ण में थो थोडा पानी अथवा कोई तरल पदार्थ मिला कर तथा हाथ से मलते हुए उसे गाढ़े अवलेह के रूप में लाना, मांडना, सानना — [[मांडुन]]
# [[गूढ]] — छिपा हुआ, गुप्त — [[गुपिथ]]
# [[गूथना]] — धागो या बालों को समेट कर सुंदरतापूर्वक बांधना — [[पनस वुरुन]]
# [[गूदा]] — फल आदि के अंदर का कोमल और गुदगुदा सार भाग — [[गूज]]
# [[गृहयुद्ध]] — किसी एक ही राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों के निवासियों या राजनीतिक दलों का आपस में होने वाला युद्ध (सिविल वार) — [[गरु॑लडा॑य]]
# [[गृहस्थी]] — घर-बार और बाल-बच्चे — [[ग्रिहसथी]], [[खानदारी]]
# [[गृहिणी]] — घर की मालकिन, पत्नी — [[खानुदारॆन्य]]
# [[गेरू]] — एक प्रसिद्ध खनिज, लाल मिट्टी जो रंगने और दवा के काम आती है — [[ग्यूर]]
# [[गोंद]] — कछ विशिष्ट पौधों तथा वृक्षों से निकलने वाला चिपचिपा लसीला, तरल निर्यास जिसे पानी में घोल कर कागज आदि चिपकाए जाते है तथा जिसे औषधि के रूप में भी प्रयुक्त किया जाता है — [[गोंद]]
# [[गोता]] — शरीर को जल में इस प्रकार डुबाना जिससे शरीर का कोई अंग बाहर न रह जाए, डुबकी — [[गॊतु॑]]
# [[गोद]] — बैठे हुए व्यक्ति का सामाने कमर और घुटनों के बीच का भाग जिसमें बच्चों आदि को लिया जाता है, अंक — [[कॅछ]]
# [[गोदाम]] — वह बड़ा स्थान जहां तिजारती माल जमा करके रखा जाता है — [[गुदाम]]
# [[गोधूलि]] — सायंकाल का वह समय जब जंगल से चरकर लौटती हुई गौओं के खुरों से धूल उड़ती है और शुभ कार्यों के लिए अच्छा मुहूर्त्त माना जाता है — [[संद्यावख]]
# [[गोपनीय]] — छिपाने लायक, जिसे दूसरों पर प्रकट नहीं करना चाहिए — [[राज़]], [[सिर]]
# [[गोबर]] — गाय का मल जो लीपने और पोतने के काम आता है तथा जिसे सुखा कर जलाने के काम में लाते है, भैंस का मल — [[गुह]]
# [[गोरा]] — श्वेत वर्ण वाला (व्यक्ति), गौर — [[प्रॊन]]
# [[गोल]] — मण्डलाकार या वृताकार — [[गोल]]
# [[गोली]] — शीशा, लोहा या अन्य किसी पदार्थ का छोटा गोलाकार पिंड — [[गूल्य]]
# [[गोष्ठी]] — कुछ व्यक्तियों का इकट्ठे होकर किसी विषय पर चर्चा करना — [[सेमिनार]]
# [[गौना]] — विवाह के बाद की एक रस्म जिसमें वर वधू को पहले-पहल अपने साथ अपने घर ले जाता है — [[सतुरा॑थ]]
# [[गौरव]] — आदर, प्रतिष्ठा, मान-मर्यादा — [[यॆज़थ]], [[बजर]]
# [[ग्रंथ]] — किताब, पुस्तक — [[बड़॑ किताब]], [[ग्रंथ]]
# [[ग्रस्त]] — ग्रसा हुआ, पकड़ा हुआ — [[हॆनु॑ आमुत]]
# [[ग्रह]] — आकाशस्थ पिंड जो सौर जगत का अंग हो और सूर्य की परिक्रमा करता हो — [[ग्रह]], [[ग्रुहुद]]
# [[ग्राम]] — छोटी बस्ती, गांव — [[गाम]]
# [[ग्रामीण]] — ग्राम-संबंधी — [[गामुक]]
# [[ग्वाला]] — अहीर, गोप — [[गूर]]
# [[घंटा]] — दिन-रात का चौबीसवां भाग जो 60 मिनट का होता है — [[गंटु॑]]
# [[घंटी]] — छोटा उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न की जा सकती हो, जैसे साइकिल या मेज पर की घंटी — [[गंटी]]
# [[घटना]] — घटित होना — [[हा॑रिसु॑]]
# [[घटाना]] — कम करना — [[तफरीक करुन]], [[गटावुन]]
# [[घटिया]] — जो गुण, कर्म आदि की दृष्टि से औरों की तुलना में हीन हो — [[व॑सिथ दरजि]]
# [[घड़ा]] — धातु, मिट्टी आदि का बना एक गोलाकार पात्र जो प्राय: पानी भरने के काम आता है, गागर, मटका — [[नॊट]], [[मठ]]
# [[घनघोर]] — बहुत अधिक, घना — [[गंगोर]]
# [[घना]] — जिसके अव्यव या अंश आसपास सटे हों — [[गॊन]]
# [[घनिष्ठ]] — जिसके साथ बहुत अधिक मित्रता या संबंध हो — [[अज़ीज]], [[टा॑ठ]]
# [[घबराना]] — व्याकुल होना — [[गाबरुन]]
# [[घमंडी]] — जिसे घमंड हो, अभिमानी — [[गमड़ी]]
# [[घर]] — मकान, गृह — [[गरु॑]]
# [[घरेलू]] — घर-संबंधी — [[गरेलू]]
# [[घसियारा]] — घास छील कर बेचने वाला — [[गा॑स]]
# [[घसीटना]] — किसी वस्तु को इस प्रकार खींचना कि वह जमीन से रगड़ खाती हुई आए — [[लिथविथ न्युन]], [[खखु॑र दिन्य]]
# [[घाट]] — नदी, झील आदि के तट पर वह स्थान जहाँ लोग नहाते-धोते और नावों पर चढ़ते-उतरते हैं — [[गाठ]]
# [[घाटा]] — नुकसान, हानि, क्षति — [[गाटु॑]]
# [[घाटी]] — पर्वतीय प्रदेशों के बीच का मैदान या संकरा मार्ग — [[पथु॑ल]]
# [[घातक]] — मार देने वाला — [[मारन वोल]]
# [[घायल]] — जख्मी, आहत — [[जख्मी]]
# [[घास]] — छोटी हरी वनस्पति जिसे चौपाए खाते हैं (ग्रास) — [[गासु॑]]
# [[घिसना]] — किसी वस्तु को किसी वस्तु पर इस प्रकार रगड़ना कि वह छीजने लगे — [[गु॑हुन]]
# [[घुंघराला]] — जिसमें छल्ले की तरह कई बल पड़े हों (कर्ली) — [[काँक॑नि दार]]
# [[घुंघरू]] — चांदी, पीतल आदि का गोल पोला दाना जिसके अंदर कंकड़ी रहती है और जिसके हिलने से ध्वनि होती है। प्राय: नृत्य के समय इन्हें पैरों में पहना जाता है — [[पांज़ेबु]]
# [[घुटन]] — दम घुटने की सी अवस्था या भाव — [[दम]]
# [[घुसना]] — बलपूर्वक धंसना, प्रवेश करना या आगे बढ़ना — [[अच्रुन]]
# [[घुसपैठ]] — प्रयत्न करके या बलपूर्वक कहीं पहुँचकर अपने लिए स्थान बनाने की क्रिया या भाव (इन्फिल्ट्रेशन) — [[दरंदाज़ी]]
# [[घूंघट]] — स्त्रियों की चुंदरी, धोती, साड़ी आदि का वह भाग जिसे वे सिर से कुछ नीचे कर अपना अपना मुंह ढंकती हैं — [[चोंड]], [[नॊर]]
# [[घूंट]] — तरल पदार्थ की उतनी मात्रा जितनी एक बार मुंह में भर कर गले के नीचे उतारी जाती है — [[गॊल]]
# [[घूंसा]] — बंधी हुई मुट्ठी का वह रूप जिसमें किसी पर प्रहार किया जाता है, मुक्का — [[मुकु॑]]
# [[घूमना]] — चक्कर लगाना — [[फेरु॑न]]
# [[घूरना]] — आंखे गड़ाकर देखना — [[मुदय गंडु॑न्य]]
# [[घूस]] — रिश्वत — [[रशवत]]
# [[घूसखोरी]] — रिश्वत लेने की क्रिया या भाव — [[रशवत खूरी]]
# [[घेरना]] — चारों ओर से रोकना, अवरोध करना — [[गेरु॑ करुन]]
# [[घेरा]] — लंबाई-चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव — [[गेरु॑]]
# [[घोंसला]] — वृक्ष आदि पर तिनके, पत्ते आदि का बना हुआ स्थान जिसमें पक्षी रहते तथा अंडे देते हैं (नेस्ट) — [[ओल]]
# [[घोंटना (घोटना)]] — गले को इस तरह दबाना कि सांस रुक जाए — [[हॊट चीरुन]]
# [[घोल]] — किसी तरल पदार्थ में कोई दूसरी (घुलनशील) वस्तु मिलाकर तैयार किया हुआ मिश्रण — [[तहलील]]
# [[घोलना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई अन्य घुलनशील वस्तु मिलाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[घोषणा]] — जन-साधारण को सुनाकर जोर से कही जाने वाली बात — [[येलान]]
# [[चंगुल]] — पशु-पक्षियों का ढेढ़ा पंजा जिससे वे किसी पर प्रहार करते अथवा कोई चीज पकड़ते हैं — [[पंजि]]
# [[चंचल]] — अस्थिर — [[च़ंच़ल]]
# [[चंदन]] — एक प्रसिद्ध पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है — [[च़ंदुन]]
# [[चंदा]] — चंद्रमा — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चंद्रमा]] — पृथ्वी का एक प्रसिद्ध उपग्रह, चांद — [[च़ंदर॑मु]]
# [[चकबंदी]] — बहुत बड़े भूमि खंड को छोटे-छोटे चकों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव — [[चकबंदी]]
# [[चकराना]] — चकित होना — [[चकु॑रुन]]
# [[चकित]] — आश्चर्य में आया या पड़ा हुआ — [[हा॑रान]]
# [[चक्की]] — आटा पीसने, दाल दलने आदि का प्रसिद्ध यंत्र या मशीन, जाँता — [[ग्रटु॑]]
# [[चक्र]] — गाड़ी आदि का पहिया — [[च़खु॑र]]
# [[चखना]] — किसी खाद्य-वस्तु का स्वाद जानने के लिए उसका थोड़ा अंश मुंह में रखना या खाना — [[मज़ुवु॑छुन]]
# [[चटपटा]] — मिर्च-मसालेदार, तीक्ष्ण स्वाद का — [[त्रॊश]]
# [[चटाई]] — फूस, सींक, पतली फटियों आदि का बिछावन — [[वगुव]]
# [[चट्टान]] — पत्थर का बहुत बड़ा और विशाल खंड — [[कनि पल]]
# [[चढ़ना]] — ऊपर की ओर बढ़ना — [[खसुन]]
# [[चढ़ाई]] — ऊंचाई की ओर जाने वाली भूमि — [[चडा॑य]]
# [[चतुर]] — कार्य और व्यवहार में कुशल, प्रखर — [[चालाक]]
# [[चपरासी]] — कार्यालय के कागज-पत्र आदि लाने या ले जाने वाला कर्मचारी — [[चपरास्य]]
# [[चपल]] — स्थिर न रहने वाला — [[च़ंच़ल]]
# [[चबाना]] — दांतों से कुचलना — [[च़ापुन]]
# [[चबूतरा]] — मकान के अगले भाग में बैठने के लिए बनाई गई खुली चौकोर और चौरस जगह — [[चबूतरु॑]]
# [[चमक]] — प्रकाश, कांति — [[चमख]]
# [[चमकना]] — प्रकाश या ज्योति से युक्त होना — [[चमुकु॑न]]
# [[चमड़ा]] — पशुओं की खाल का औद्योगिक कार्यों के लिए तैयार किया हुआ रूप (लैदर) — [[दालु॑]], [[चमरु॑]]
# [[चमत्कार]] — अलौकिक-सा जान पड़ने वाला काम या बात, करामात — [[च़मत्कार]]
# [[चरण]] — किसी पूज्यव्यक्ति के पांव के लिए आदर-सूचक शब्द — [[खॅर]]
# [[चरना]] — पशुओं का खेतों आदि में उगी हुई घास, पौधे आदि खाना — [[गासु॑ ख्यॊन]]
# [[चरबी (चर्बी)]] — प्राणियों के शरीर में होने वाला सफेद या हल्के पीले रंग का गाढ़ा, चिकना तथा लसीला पदार्थ (फैट) — [[चरबी]], [[अमास]]
# [[चरवाहा]] — वह व्यक्ति जो दूसरों के पशुओं को चराकर अपनी जीविका चलाता हो — [[पॊहॊल]]
# [[चरस]] — गांजे के पौधों के डंठलों पर से उतारा हुआ एक प्रकार का हरा या हल्का पीला गोंद या चेप जिसे लोग गांजे या तंमाकू की तरह पीते हैं — [[चरु॑स]]
# [[चरागाह]] — पशुओं के चरने का स्थान, जहां प्राय: घास आदि उगी रहती है — [[चरागाह]], [[गासु॑ मा॑दान]]
# [[चरित्र]] — वे सब बातें जो आचरण या व्यवहार आदि के रूप में की जायें, आचरण — [[चालु॑ चलन]]
# [[चर्चा]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ बाथ]]
# [[चलचित्र]] — सिनेमा (फिल्म, मूवी) — [[सॆनिमा]]
# [[चलना]] — पैरो, पहियों आदि की सहायता से अथवा किसी प्रकार की गति से युक्त होकर आगे बढ़ना — [[पकुन]]
# [[चलनी (छलनी)]] — आटा, चाय आदि छानने का उपकरण — [[परयुन]]
# [[चश्मा]] — ऐनक — [[आ॑नख]]
# [[चसका]] — किसी वस्तु या कार्य से होने वाली तृप्ति को बार-बार पाने की लालसापूर्ण प्रवृत्ति, चाट, लत — [[च॑शकु॑]], [[मजु]]
# [[चहकना]] — पक्षियों का आनंदित होकर कूजना, चहचहाना — [[बोल-बोश करुन]]
# [[चांटा]] — हथेली तथा हाथ की उंगलियों से किसी के गाल पर किया जाने वाला प्रहार, थप्पड़, तमाचा, झापड़ — [[चपाथ]]
# [[चांदनी]] — चांद का प्रकाश — [[ज़ूनु॑ गाश]]
# [[चांदी]] — सफेद रंग की एक नरम चमकीली धातु जो गहने, सिक्के आदि गढ़ने के काम आती है — [[रॅफ]]
# [[चाकू]] — फल-तरकारी आदि काटने या कलम बनाने का छोटा औजार, छुरी — [[श्राकु॑पुच]]
# [[चाटना]] — जीभ लगाकर या जीभ से पोंछ कर खाना — [[ल़्यवुन]]
# [[चापलूस]] — खुशामदी, चाटुकार — [[खॅशामदी]]
# [[चाबी]] — ताली, कुंजी — [[कुंज़]]
# [[चाबुक]] — कोड़ा — [[कमुचि]]
# [[चारपाई]] — खाट, छोटा पलंग — [[चारपाय]]
# [[चारा]] — पशुओं के खाने की घास, पत्ती, डंठल आदि — [[चारु॑]]
# [[चाल]] — चलने की क्रिया या भाव — [[चाल]]
# [[चालक]] — चलाने वाला (ड्राइवर।) — [[चलावन वोल]]
# [[चालाक]] — होशियार, व्यवहार-कुशल — [[चालाख]], [[हुशार]]
# [[चालान (चलान)]] — रवन्ना — [[चाला॑नु॑]]
# [[चाहना]] — इच्छा करना — [[यछुन]]
# [[चिंघाड़ना]] — हाथी का बोलना या जोर से चिल्लाना — [[ग्रजुन]]
# [[चिंतन]] — कोई बात समझने या सोचने के लिए मन में बार-बार किया जाने वाला उसका ध्यान या विचार, मनन — [[खयाल]], [[च़्यथ]]
# [[चिंता]] — सोच, फिक्र — [[फिकिर]]
# [[चिकना]] — जो छूने में खुरदरा न हो — [[पिशुल]]
# [[चिकित्सा]] — रोग-निवारण का उपाय, इलाज — [[यलाज]]
# [[चिट्ठी]] — पत्र, ख़त — [[चिठ्य]], [[खतु]]
# [[चिड़ियाघर]] — वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी आदि जन-साधारण को प्रदर्शित करने के लिये एकत्र करके रखे जाते हैं — [[चॆडियागर]]
# [[चिढ़ाना]] — नाराज करना — [[फोति तुलुन]], [[लागुन]]
# [[चितकबरा]] — सफेद रंग पर काले, लाल या पीले दागों वाला — [[टॆचिर्होर]]
# [[चिता]] — चुनकर रखी हुई लकड़ियों का ढेर जिस पर मुर्दा जलाया जाता है, चिति — [[च़्यंता]]
# [[चित्त]] — मन की एक अवस्था, अन्त: करण — [[च़्यथ]]
# [[चित्र]] — तस्वीर (फोटो) — [[तस्वीर]], [[फोटू]]
# [[चित्रकार]] — चित्र बनाने वाला — [[तस्वीर बनावन वोल]]
# [[चिनगारी]] — आग का छोटा कण — [[त्यंबु॑र]]
# [[चिपकना]] — किसी लसीली वस्तु के कारण दो वस्तुओं का परस्पर जुड़ना — [[ल॑गिथ गंछ़ून]]
# [[चिमनी]] — मकान या कारखाने आदि का धुआं बाहर निकालने वाली विशेष नली, लैंप या लालटेन की शीशे की नली — [[चिमु॑न्य]]
# [[चिल्लाना]] — जोर से बोलना, शोर करना, हल्ला करना — [[शोर करुन]]
# [[चिह्न]] — वह शब्द, बात या छाप जिससे किसी चीज की पहचान हो — [[निशानु॑]]
# [[चीखना]] — भय अथवा पीड़ा के कारण जोर से चिल्लाना — [[चिख दिन्य]]
# [[चीरना]] — किसी चीज को धारदार उपकरण द्वारा काट या फाड़ कर अलग या टुकड़े करना — [[चीरुन]]
# [[चुंगी]] — स्थानीय शासन द्वारा बाहर से आने वाले माल पर वसूल किया जाने वाला कर — [[चुंगी]], [[गुज़र]]
# [[चुंबक]] — एक प्रकार का पत्थर या धातु जिसमें लोहे को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है — [[म्यकनातीस]]
# [[चुगना]] — पक्षियों आदि का अपनी चोंच से अनाज के कण, कीड़े-मकोड़े आदि उठा-उठा कर खाना — [[तुलुन]], [[ख्यॊन]]
# [[चुगलखोर]] — किसी की हानि करने के उद्देश्य से पीठ पीछे उसकी बुराई करने वाला — [[चॊगुलखॅर]]
# [[चुटकुला]] — चमत्कारपूर्ण और विलक्षण करवुं उक्ति अथवा बात जिसको सुन कर हंसी आए — [[चुटकलु॑]]
# [[चुनना]] — बहुत में से कुछ को पंसद करके लेना — [[च॑रुन]]
# [[चुनरी]] — वह रंगीन विशेषत: लाल कपड़ा जिसके बीच-बीच में बुंदकियां होती हैं — [[साड॑य]]
# [[चुनाव]] — चुनने की क्रिया या भाव — [[चुनाव]]
# [[चुनौती]] — अपनी बात मनवाने के लिए किसी को उत्तेजित करते हुए सामना करने के लिए कहना, ललकार — [[चेलेंज]]
# [[चुप]] — मौन, खामोश — [[छॅपु॑]]
# [[चुपड़ना]] — किसी गीली या चिपचिपी वस्तु का लेप करना — [[चुपडुन]]
# [[चुभन]] — किसी नुकीली वस्तु का दबाव पाकर किसी नरम वस्तु में धंसने की क्रिया या भाव — [[त्रुस]]
# [[चुभाना]] — कोई नुकीली चीज गड़ाना या धंसाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[चुराना]] — छल-पूर्वक पराई वस्तु हरण करना — [[च़ूरि न्युन]]
# [[चुस्त]] — फुर्तीला — [[चुस]]
# [[चूकना]] — भूल करना — [[मोकु॑ रादुरुन]]
# [[चूड़ी]] — सोने, चाँदी, काँच, हाथीदांत आदि का स्त्रियों का हाथ में पहनने का एक वृत्ताकार गहना — [[बुंगु॑र]]
# [[चूना]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के कंकड़-पत्थरों, शंख, सीप आदि को फूंक कर बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध तीक्ष्ण और वाहक क्षार जिसका उपयोग दीवारों पर सफेदी करने और पान आदि के साथ खाने के लिए किया जाता है — [[चूनु॑]]
# [[चूमना]] — होठों से होंठ, हाथ, गाल, मस्तक आदि अंगों का अथवा किसी पदार्थ का स्पर्श करना — [[चूमुन]], [[माहकरुन]]
# [[चूरन (चूर्ण)]] — खूब महीन पीसी हुई बुकनी (पाउडर।) — [[चूरन]]
# [[चूल्हा]] — मिट्टी, लोह आदि का वह उपकरण जिसमें चीजें पकाने या गरम करने के लिए कोयले, लकड़ियां आदि जलाई जाती हैं — [[दान]]
# [[चूसना]] — जीभ और होंठ के संयोग से किसी वस्तु (विशेषत: फल) का रस अंदर खींचना — [[च़ु॑ह द्युन]]
# [[चेहरा]] — गरदन के ऊपर का अगला भाग जिसमें मुंह, आंख, नाक, कान, मस्तक आदि होते हैं, मुखड़ा — [[बुथ]]
# [[चोंच]] — पक्षियों के मुंह का नुकीला और आगे की ओर निकला हुआ भाग — [[तोंथ]]
# [[चोट]] — किसी वस्तु के आधात से शरीर पर होने वाला घाव — [[चोट]]
# [[चोटी]] — सबसे ऊपर का भाग — [[तंतॊल]]
# [[चोर-बाज़ार]] — व्यापार का वह क्षेत्र जहाँ चीजें चोरी से और, या अधिक ऊंचे दाम पर खरीदी या बेची जाती हैं (ब्लैक मार्केट) — [[च़ूरु॑ बाज़र]]
# [[चोरी]] — चुराने की क्रिया या भाव — [[च़ूर]]
# [[चौंकना]] — एकाएक किसी प्रकार की आहट, ध्वनि या शब्द सुनकर कुछ उत्तेजित अथवा विकल हो उठना — [[वॊठ कडु॑न्य]]
# [[चौक]] — आंगन, सहन — [[च्रुवा त]]
# [[चौकड़ी]] — हिरन की वह दौड़ जिसमें वह चारों पैर एक साथ उठा कर छलांग मारता हुआ आगे बढ़ता है — [[च़ंपंजल]]
# [[चौकस]] — जो अपनी अथवा किसी की रक्षा के लिए पूर्णत: सचेत हो — [[हुशार]], [[खबरदार]]
# [[चौकीदार]] — किसी स्थान पर पहरे का काम करने वाला कर्मचारी — [[चूक्यदर]]
# [[चौखटा]] — चौखट के आकार का ढांचा जिस में शीशा या तस्वीर आदि को मढ़ा जाता है — [[चोकाठ]]
# [[चौड़ा]] — जिसके दोनों पार्श्वें के बीच में अधिक विस्तार हो, जो संकरा न हो — [[खोल]]
# [[चौराहा]] — वह स्थान जहाँ चारों दिशाओं से आने वाले मार्ग मिलते हों, चौरस्ता — [[चुवॊ त]]
# [[छंटनी]] — छांटने की क्रिया — [[चारुन]], [[छ़टुन]]
# [[छड़ी]] — बांस, बेंत, लकड़ी आदि की पतली लाठी — [[लूर]]
# [[छत]] — कमरा ढंकने वाली वास्तु-रचना का ऊपरी या निचला तल — [[छत]], [[तालव]], [[पश]]
# [[छतरी]] — लोहे की तीलियों पर कपड़ा चढ़ा-कर धूप, वर्षा आदि से बचाव के लिए बनाया हुआ आच्छादन, छाता — [[छॆतु॑र्य]]
# [[छल]] — कपट, धोखेबाजी — [[छ़ल]]
# [[छलकाना]] — बरतन में भरे हुए जल आदि को हिलाकर गिराना — [[ग्राय दिन्य]]
# [[छलना]] — धोखा देना, ठगना, भुलावे में डालना — [[छ़ल करुन]]
# [[छल्ला]] — सोने चाँदी आदि के तार को मोड़ कर बनाई हुई अंगूठी — [[वा॑ज]]
# [[छांटना]] — अनावश्यक अंश अलग करना — [[चारुन]]
# [[छाज]] — सरकंडों, सींकों आदि का बना हुआ वह उपकरण जिससे अनाज फटका जाता है, सूप — [[शुप]]
# [[छात्र]] — विद्यार्थी — [[च़ाठ]], [[परन शुर्य]]
# [[छात्रवृति]] — विद्यार्थी को विद्याभ्यास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता — [[वज़ीफु॑]]
# [[छात्रावास]] — किसी स्कूल, कॉलेज के अंर्तगत वह स्थान जहां विद्यार्थी रहते हैं — [[होस्टु॑ल]]
# [[छानना]] — आटे आदि को या तरल पदार्थ को चलनी या कपड़े से इस प्रकार निकालना जिसमें मोटा अंश रह जाए और महीन अंश नीचे गिर जाए — [[छ़ानुन]]
# [[छान-बीन]] — जांच-पड़ताल, खोजबीन — [[छानबीन]]
# [[छाप]] — वह ठप्पा या सांचा जिससे कोई चीज छापी जाए, ठप्पा — [[छॉप]]
# [[छापना]] — यंत्रों, ठप्पों आदि की सहायता से अक्षर, चित्र आदि की छपाई करना — [[छापुन]]
# [[छापा (मारना)]] — ठप्पा — [[ठप्पु॑]]
# [[छाया]] — प्रकाश के अवरोध में उत्पन्न हलका अंधेरा — [[छ़ाय]]
# [[छाल]] — वृक्षों आदि के तने पर का कड़ा, खुरदरा और मोटा छिलका — [[घलुर]]
# [[छाला]] — शरीर के किसी अंग पर गरम पानी आदि पड़ने अथवा लगातार रगड़ के कारण होनेवाला मांस का कोमल और नरम उभार, फफोला — [[बसतु॑]]
# [[छावनी]] — वह स्थान जहां सेना रहती हो, सैनिकों की बस्ती (केंटोंमेंट) — [[छावु॑न्य]]
# [[छिड़कना]] — जल या कोई तरल पदार्थ इस प्रकार फेंकना कि उसके छींट बिखर कर चारों ओर पड़ें — [[छिरकावुन]]
# [[छिड़काव]] — छिड़कने की क्रिया या भाव — [[छिरकाव]]
# [[छिपाना]] — किसी प्राणी या वस्तु को ऐसी जगह या स्थिति में रखना जहां कोई देख न सके, आवरण या ओट में रखना, ढांकना — [[च़ूरि थावुन]], [[खटुन]]
# [[छींकना]] — नाक और मुंह से इस प्रकार सहसा जोर से सांस फेंकना कि जोर का शब्द हो, छींक लेना, छींक आना — [[पँदुंन]]
# [[छीनना]] — किसी से कोई वस्तु आदि जबर्दस्ती ले लेना — [[थपिन्युन]]
# [[छीलना]] — किसी चीज के ऊपर जमे या सटे हुए आवरण, तह अथवा परत को खींच कर उससे अलग करना — [[जुलुन]]
# [[छुट्टी]] — काम बंद रहने का दिन — [[छुटी]]
# [[छुरा]] — लंबे फलवाला बड़ा चाकू — [[श्राख]], [[छुर्य]]
# [[छूट]] — बंधन आदि से मुक्ति, छुटकारा — [[मॅकु॑जार]]
# [[छूत]] — गंदी, अशुचि या रोग संवाहक वस्तु का स्पर्श या संसर्ग — [[लाग]]
# [[छूना]] — किसी वस्तु का शरीर के किसी अंग अथवा पहने हुए वस्त्र से लगना या स्पर्श होना — [[अथु॑लागुन]]
# [[छेड़ना]] — किसी को उत्तेजित करने के लिए कुछ कहना या करना, चिढ़ाना — [[त्रुस द्युन]]
# [[छेदना]] — छेद अथवा सुराख करना — [[ज़ॊद करुन]]
# [[छोटा]] — मान, विस्तार आदि में अपेक्षाकृत या थोड़ा — [[लॅकुट]], [[छ़ॊट]]
# [[छोड़ना]] — बंधन से मुक्त करना, स्वतन्त्र करना — [[त्रावुन]]
# [[छोर]] — अंतिम सिरा, किनारा — [[किनारु॑]]
# [[जंग]] — युद्ध — [[जंग]]
# [[जंगल]] — वन — [[जंगल]], [[वन]]
# [[जंगला]] — बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे की गई रचना जिसमें लोहे या लकड़ी की छड़ें या जाली लगी हो — [[काठकर]], [[जंगलु॑]]
# [[जंजीर]] — धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जाने वाली लड़ी, सांकल, शृंखला — [[ज़ंजीर]], [[हाँकल]]
# [[जंतु]] — प्राणी, जीव — [[जानदार]], [[ज़ीव (हि.)]]
# [[जकड़ना]] — कोई चीज इस प्रकार कसकर पकड़ना या बांधना कि वह हिलडुल न सकें — [[चीरुं र॑टुन]]
# [[जगत्]] — संसार, विश्व — [[ज़गथ]], [[सम्सार]], [[दुनियाह]]
# [[जगत]] — कुएं के चारों ओर बना हुआ चबूतरा जिस पर खड़े होकर पानी खींचा जाता है — [[-]]
# [[जगमगाना]] — अपने या दूसरे के प्रकाश से चमकने लगना — [[चमु॑कुन]], [[नपुंनपु॑करुन]]
# [[जटिल]] — कठिन, पेचीदा — [[पीचीदु॑]]
# [[जड़]] — जिसमें जीवन अथवा चेतना न हो, निर्जीव, अचेतन — [[जड़ (हि.) बेजान]]
# [[जनगणना]] — किसी देश या राज्य के निवासियों की गिनती — [[मॆंरदुम शुमारी]]
# [[जनजाति]] — जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहने वाली पिछड़ी जाति जो साधारणत: एक ही पूर्वज की वंशज हो और जिसका प्राय: एक ही पेशा, रहन-सहन और विचार आदि हो — [[कबीलु॑]]
# [[जनतंत्र]] — ऐसी शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा होता हो — [[जॊम्हूर्यथ]]
# [[जनता]] — किसी देश या राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की संज्ञा, जनसाधारण, प्रजा — [[जनता]], [[अवाम]]
# [[जनेऊ]] — हिंन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार जिसमें सूत की तिहरी माला पहनाई जाती है — [[योनि]]
# [[जन्मकुंडली]] — वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो — [[टॆकिन्य]]
# [[जन्म-दिन]] — वह दिन जब किसी ने जन्म लिया हो — [[वॊहरु॑ वोद]], [[ज़ादोह]]
# [[जन्म भूमि]] — वह देश, राज्य या स्थान जहां किसी का जन्म हुआ हो — [[ज़्यनु॑ जाय मादरि वतन]]
# [[जपना]] — फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद, वाक्य आदि को श्रद्धापूर्वक मन ही मन बार-बार कहना — [[ज़पुन]]
# [[जबरदस्त]] — प्रबल अथवा स्वभाव से कड़ा (व्यक्ति) — [[ज़बर्दस्त]]
# [[जमा]] — बचाकर या जोड़कर रखा हुआ — [[जमाह]]
# [[ज़मानत]] — वह जिम्मेदारी जो न्यायलय द्वारा इस रूप में दी जाती है कि यदि कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दंड या हरजाना भरा जाएगा (बेल) — [[ज़मानथ]]
# [[जमाना]] — किसी तरल पदार्थ को शीत अथवा अन्य किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना — [[जमावुन]]
# [[ज़माना]] — काल, समय — [[ज़मानु॑]]
# [[जमींदार]] — जमीन का मालिक, भूमि का स्वामी — [[ज़मीनदार]]
# [[जम्हाई]] — एक शारीरिक व्यापार जिसमें, मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुंह खोलता है (यानिंग) — [[ज़ामन]]
# [[जयंती]] — जन्मतिथि पर मनाया जाने वाला उत्सव — [[जयन्ती]]
# [[जय-माला]] — विजेता को पहनाई जाने वाली माला — [[जय-माल]]
# [[जरी]] — सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाए जाते हैं — [[ज़री]]
# [[जरूर]] — अवश्य — [[ज़रूर]]
# [[जर्जर]] — (वस्तु) कमजोर, बेकाम — [[ज़ॅज्रुर]]
# [[जलचर]] — जल में रहने वाले जीव जंतु — [[पान्युक जानवर आबुक जानवर]]
# [[जलना]] — आग का संयोग होने पर किसी वस्तु से लपट, प्रकाश, ताप या धुआं आदि निकलने की स्थिति — [[दज़ुन]]
# [[जलपान]] — कलेवा, नाश्ता — [[नाश्तु॑]], [[चाय-पोन्य]]
# [[जलप्रपात]] — ऊंचाई से गिरने वाला, जल-प्रवाह, झरना (वाटर फाल) — [[आबशार]]
# [[जलयान]] — वह यान या सवारी जो जल में चलती हो — [[समंदरी जहाज़]]
# [[जलवायु]] — किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव जीवों, जंतुओं वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है (क्लाइमेट) — [[आबु॑ हवा]]
# [[जलसा]] — उत्सव, समारोह, अधिवेशन, बैठक — [[जलसु॑]]
# [[जलाशय]] — तालाब, झील — [[तलाव]]
# [[जलूस (जुलूस)]] — गलियों, बाजारों, सड़कों आदि पर प्रचार, प्रदर्शन आदि के लिए निकलने वाला लोगों का समूह — [[जॊलूस]]
# [[जल्दी]] — शीघ्रता, तेजी, उतावलापन — [[जलदी]]
# [[जहां]] — जिस जगह, जिस स्थान पर — [[यॆति]]
# [[जहाज]] — जलयान — [[जहाज़]]
# [[जांच]] — छान-बीन, परख, तहकीकात — [[जाँच]], [[तहकीकात]]
# [[जांचना]] — किसी प्रक्रिया, प्रयोग आदि के द्वारा किसी वस्तु की प्रामाणिकता, शुद्धता आदि का पता लगाना — [[जाँचुन]], [[परखुन]]
# [[जागरण]] — जागते रहने की अवस्था या भाव — [[हुशयॉरी]]
# [[जाड़ा]] — सरदी, शीत — [[सरदी]], [[शिशुर]]
# [[जाति]] — जात, संप्रदाय, नस्ल — [[ज़ाथ]]
# [[जादू]] — बुद्धि के कौशल और हाथ की सफाई से दिखाया जाने वाला कोई खेल जिसका रहस्य न समझने के कारण उसे अलौकिक कृत्य समझा जाए (मैजिक) — [[जोदू]]
# [[जादूगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला व्यक्ति — [[जोदूगर]]
# [[जानकारी]] — जानकार होने की अवस्था, गुण या भाव, परिचय — [[ज़ा॑न्यकारी]]
# [[जानना]] — किसी बात, वस्तु, विषय आदि के संबंध की वस्तुस्थिति से अवगत होना — [[ज़ानुन]]
# [[जाना]] — एक स्थान से चलकर अथवा और किसी प्रकार की गति में होकर दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए आगे या उसकी ओर बढ़ना, गमन या प्रस्थान करना — [[गछुन]]
# [[जाल]] — धागे, सुतली आदि की बुनी हुई वह छेदों वाली रचना जो चिड़िया, मछलियां आदि फंसाने के काम आती है — [[ज़ाल]]
# [[जालसाज]] — धोखाधड़ी करने वाला, धूर्त्त — [[ज़ालसाज़]]
# [[जाला]] — मकड़ी द्वारा बुना हुआ जाला — [[ज़॑लुर्य ज़ाल]]
# [[जाली]] — कोई ऐसी रचना जिसमें प्राय: नियत और नियमित रूप से छेद या कटाव हो — [[जा॑ल्य]]
# [[जासूस]] — वह व्यक्ति, जो गुप्त रूप से अपराधियों, प्रतिपक्षियों आदि का भेद लेता हो। गुप्तचर, भेदिया — [[जोसूस]]
# [[जासूसी]] — जासूस का काम, पद या विद्या — [[जोसूसी]]
# [[जिज्ञासा]] — जानने की इच्छा — [[ज़ानु॑नु॑च यछ़]]
# [[जितना]] — जिस मात्रा या परिमाण में — [[यूत]]
# [[जिम्मेदार]] — वह जिस पर किसी कार्य, वस्तु अथवा और किसी बात की जावाबदेही हो — [[ज़िसुवार]]
# [[जिला]] — किसी राज्य का वह छोटा विभाग जो किसी एक प्रधान अधिकारी की देख-देख में हो और जिसमें कई तहसीलें हो (डिस्ट्रिक्ट) — [[ज़िलु॑]]
# [[जीतना]] — युद्ध, मुकदमा, खेल आदि में विपक्षी के विरुद्ध सफल होना — [[ज़ेनुन]]
# [[जीना]] — जीवित रहना, जीवन के दिन बिताना — [[ज़िन्दु॑ रोजुन]]
# [[ज़ीना]] — सीढ़ी — [[हेर]]
# [[जीव]] — जीवधारी, प्राणी — [[ज़ीव]], [[जानदार]]
# [[जीव-विज्ञान]] — वह विज्ञान जिसमें जीव जन्तुओं, वनस्पतियों आदि की उत्पत्ति, विकास, शारीरिक रचना तथा उनके रहन-सहन के संबंध में विचार किया जाता है (बायॅलाजी) — [[जानदारनहुन्द सायनस]]
# [[जीवाणु]] — सेन्द्रिय जीवों का वह मूल और बहुत सूक्ष्म रूप जो विकसित होकर नये जीव का रूप धारण करता है — [[ज़ीवानु]]
# [[जुआ (जूआ)]] — गाड़ी, हल आदि के आगे की वह लकड़ी जो जोते जाने वाले पशुओं के कंधों पर रखी जाती है (योक) — [[अलु॑बा॑न्य]]
# [[जुआरी]] — जिसे जुआ खेलने का व्यसन हो — [[ज़ार्य]]
# [[जुटना]] — चीजों, व्यक्तियों आदि का इकट्ठा होना — [[तनुमनु॑ लगुन]]
# [[जुड़ना]] — संबंध होना — [[जुडुन]], [[मेलुन]]
# [[जुड़वां]] — जिनका जन्म एक साथ हुआ हो — [[दुकु॑वेरि]]
# [[जुताई (जोताई)]] — जुतने या जोते जाने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[वायुन]]
# [[जुरमाना (जुर्माना)]] — किसी अपराध, दोष या भूल के दंड स्वरूप ली जाने वाली धनराशि, अर्थ दंड — [[जुरमानु॑]]
# [[जूझना]] — शारीरिक बल लगाते हुए प्रयत्न करना, संघर्ष करना, लड़ना — [[मुकाबलु॑]]
# [[जूड़ा]] — सिर के बालों को लपेट कर बनाया हुआ आकार-विशेष — [[जूडु॑]]
# [[जेब]] — कुरते, कमीज़ आदि में रुपए-पैसे आदि रखने के लिए बनी हुई थैली (पाकेट) — [[चन्दु॑]]
# [[जेबकतरा]] — दूसरों के जेब के रुपए-पैसे उड़ाने वाला — [[चन्दु॑च़ूर]]
# [[जेल]] — कारा, कारागार — [[जेल]]
# [[जैसा]] — जिस आकार-प्रकार या रूप रंग का, जिस तरह का — [[युथ]]
# [[जोंक]] — पानी में रहने वाला एक कीड़ा जो अन्य जीवों के शरीर से चिपक कर उनका रक्त चूसता है — [[दु॑ख]]
# [[जो]] — एक संबंधवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग पहले कही हुई किसी बात अथवा पहले आई हुई संज्ञा, सर्वनाम या पद के संबंध में कुछ और कहने से पहले किया जाता है — [[युस]]
# [[जोखिम]] — हानि, अनिष्ट, घाटे की संभावना, खतरा — [[खतरु॑]]
# [[जोड़ना]] — दो वस्तुओं या टुकड़ों को एक दूसरे के साथ चिपकाना, सीना, मिलाना आदि — [[जोडुन]]
# [[जोड़ा]] — एक सी या एक साथ काम में आने वाली दो वस्तुएँ — [[जूर्य]]
# [[जोतना]] — कोई चीज घुमाने या चलाने के लिए उसके आगे कोई पशु बांधना — [[लागुन]]
# [[जोरदार]] — (व्यक्ति) जिसमें ज़ोर अर्थात् बल हो — [[ज़ोरदार]]
# [[जोर-शोर]] — किसी काम को पूरा करने के लिए लगाया जाने वाला जोर और दिलाया जाने वाला उत्साह तथा प्रयास — [[ज़ोरशोर]]
# [[जोश]] — आंच या गरमी के कारण द्रव-पदार्थ में आने वाला उफान, उबाल — [[जोश]]
# [[जौहरी]] — हीरा, लाल आदि बहुमूल्य रत्न परखने और बेचने वाला व्यापारी — [[लाल फरोश]]
# [[ज्ञान]] — जानकारी, बोध — [[ज्ञान]]
# [[ज्ञापन]] — कोई बात किसी को जतलाने, बतलाने या सूचित करने का भाव, क्रिया या पात्र — [[नोटस]]
# [[ज्यादा]] — अधिक, अतिरिक्त, बहुत — [[ज़्यादु॑]]
# [[ज्योति]] — प्रकाश, उजाला — [[जूत्य]]
# [[ज्योतिष]] — ग्रह, नक्षत्रों की गति, स्थिति आदि से उत्पन्न प्रभावों का विचार करने वाला शास्त्र — [[जोतु॑श]]
# [[ज्वर]] — शरीर की वह गर्मी जो अस्वस्थता प्रकट करे, ताप, बुखार (फीवर) — [[तफ]]
# [[ज्वारभाटा]] — चंद्रमा और सूर्य के आकर्षण से समुद्र की जलराशि का चढ़ाव और उतार — [[ज्वारबाटु॑]]
# [[ज्वाला]] — आग की लपट या लौ, अग्निशिखा — [[नारु॑-ब्रेह]], [[रॆह]]
# [[ज्वालामुखी]] — वे पर्वत जिनकी चोटी में से धुआं, राख तथा पिघले या जले हुए पदार्थ बराबर अथवा समय-समय पर निकलते रहते हैं (वालकैनो) — [[आतश-फिशान]]
# [[झंकार]] — धातु के किसी पात्र अथवा तार पर आधात होने से निकलने वाला झनाहट का शब्द — [[ठसराय]]
# [[झंडा]] — पताका, निशान — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[झगड़ा]] — दो पक्षों में होने वाली कहासुनी या विवाद, लड़ाई — [[ज॑गरु॑]], [[लडा॑य]]
# [[झगड़ालू]] — जो प्राय: दूसरों से झगड़ा करता हो — [[लडायि गॊर]]
# [[झटकना]] — किसी चीज को एकाएक जोर से हिलाना, झटका देना — [[दु॑नुन]], [[दकु॑ द्युन]]
# [[झटका]] — हलका धक्का, झोंका, आधात — [[द्रसु॑]]
# [[झटपट]] — अति शीघ्र, तुरंत ही, एकदम — [[जटोपठ]]
# [[झड़प]] — दो जीवों या प्राणियों में कुछ समय के लिए होने वाली ऐसी छोटी लड़ाई जिसमें वे एक-दूसरे पर रह-रह कर झपटते हों — [[जफ्य]]
# [[झड़ी]] — कुछ समय तक लगातार होने वाली वर्षा — [[जॆर्य]]
# [[झपकी]] — हलकी नींद, थोड़ी देर की नींद — [[ज़िफ]]
# [[झपटना]] — किसी चीज को लेने, पकड़ने अथवा उस पर आक्रमण करने के लिए तेजी से लपकना — [[थफ दिन्य]]
# [[झरना]] — ऊंचे स्थान से नीचे गिरने वाला जल-प्रवाह, प्रपात — [[नाग]]
# [[झरोखा]] — दीवार में बनी हुई जालीदार छोटी खिड़की, गवाक्ष — [[दा॑र]]
# [[झलक]] — चमक, दमक, आभा — [[चमख]]
# [[झांकी]] — किसी पूज्य या प्रिय वस्तु, घटना या व्यक्ति का सुखद अवलोकन, दर्शन — [[जांकी]]
# [[झाग]] — किसी तरल पदार्थ के फेंटने या बिलौने से निकलने वाला फेन — [[पॊस]]
# [[झाड़ना]] — फटकार कर धूल-गर्द साफ करना, बुहारना — [[दु॑नुन]]
# [[झाड़ी]] — छोटा झाड़ या पौधा — [[कंड्य दॅफ]]
# [[झाडू]] — लंबी सींकों अथवा ताड़ या खजूर के पत्तों आदि का वह मुट्ठा जिससे कूड़ा-करकट, धूल आदि साफ की जाती है — [[ल़छुल]]
# [[झिझक]] — किसी काम को करने मे होने वाला संकोच, हिचक — [[मंदछ]]
# [[झिड़कना]] — अवज्ञा या तिरस्कारपूर्वक बिगड़ कर कोई बात कहना — [[ब्यवा॑री करु॑न्य]]
# [[झील]] — लंबा-चौड़ा प्राकृतिक जलाशय (लेक) — [[जील]], [[सर]]
# [[झुंझलाना]] — झल्लाना, खिझलाना, चिड़चिड़ाना — [[वदनस खनुस]]
# [[झुंझलाहट]] — झुंझलाने की अवस्था, क्रिया या भाव, झल्लाहट — [[ड्यकु॑गु॑ह]]
# [[झुंड]] — पशु-पक्षियों आदि का समूह — [[जब]]
# [[झुकना]] — टेढ़ा होना, मुड़ना — [[नमुन]], [[होल गछुन]]
# [[झुग्गी]] — झोंपड़ी या कुटी — [[प॑ह॑र]], [[खॊफु॑र]]
# [[झुठलाना]] — किसी को झूठा ठहराना, सिद्ध करना या बहकाना — [[अपज़ाबुन]]
# [[झुर्री]] — त्वचा पर पड़ने वाली शिकन — [[गॆन्य]]
# [[झूठ]] — असत्य, मिथ्या — [[अपुज़]]
# [[झूमना]] — बार-बार आगे पीछे इधर उधर झुकते या हिलते-डुलते रहना, हलकी गति में झोंके खाना — [[नचुन]], [[गीरुन]]
# [[झूलना]] — किसी लटकी हुई चीज का बार-बार आगे-पीछे होना — [[जूलुन]]
# [[झूला]] — पेड़ की डाल, छत या किसी अन्य ऊंचे स्थान से बांधकर लटकाई हुई जंजीरें या रस्सियां जिनपर तख्ता आदि लगा कर झूलते हैं (स्विंग) — [[जूलु॑]]
# [[झेंप]] — लज्जा, संकोच, शर्म — [[मंदछ]]
# [[झेंपना]] — लज्जित होना, शर्माना — [[मंदछुन]]
# [[झेलना]] — अपने ऊपर लेना, सहना — [[बरदाश करून]]
# [[झोंकना]] — किसी वस्तु को आग में फेंकना — [[नारस बरिथ द्युन]]
# [[झोंका]] — थोड़े समय के लिए सहसा वेगपूर्वक चलने वाली वायुलहरी — [[हवा दकु॑]]
# [[झोंपड़ी]] — घास-फूस से छाया हुआ छोटा, कच्चा घर, झुग्गी — [[प॑ह॑र]]
# [[झोला]] — चीजें रखने की कपड़े की थैली या थैला — [[जोलनु॑]]
# [[टंकार]] — धनुष की प्रत्यंचा (डोरी) को तान कर सहसा ढीला छोड़ने पर होने वाली ध्वनि — [[टनकार]]
# [[टंकी]] — पानी भर कर रखने का एक आधान या पात्र, हौज़, कुंड — [[टंकी]]
# [[टकराना]] — भिड़ना — [[टकरावुन]], [[ठासुनु युन]]
# [[टकसाल]] — वह स्थान जहां सिक्के बनाए जाते है — [[टकसाल]]
# [[टक्कर]] — दो वस्तुओं का वेग के साथ आपस में भिड़ जाना — [[टकर]]
# [[टटोलना]] — स्पष्ट दिखाई न पड़ने पर हाथ या उंगलियों से छूकर वस्तु का अनुमान करना — [[सारुन]]
# [[टपकना]] — किसी तरल पदार्थ का बूंद-बूंद करके रिसना या फलों आदि का टप-टप करते हुए गिरना — [[द्रशुन]]
# [[टहनी]] — वृक्ष की शाखा, डाल, डाली — [[लं॑ड]]
# [[टहलना]] — जी बहलाने या स्वास्थ्य सुधार के लिए चलना-फिरना, घूमना — [[चकर करुन]]
# [[टांकना]] — सूई, डोरे आदि से सीकर कोई चीज कपड़ों पर लगाना — [[त्रोप द्युन]]
# [[टांका]] — हाथ की सिलाई में, धागे आदि की वह सीवन जो एक बार सूई को एक स्थान से गड़ाकर दूसरे स्थान पर निकालने से बनती है (स्टिच) — [[टेब]]
# [[टांगना]] — लटकाना — [[अवेज़ान थवुन]], [[अलाद त्रावुन]]
# [[टाट]] — सन या पटसन का मोटा कपड़ा — [[टाठ]]
# [[टापू]] — स्थल का वह भाग जो चारों ओर से जल से घिरो हो, द्वीप — [[शाठ]]
# [[टालना]] — स्थगित करना — [[पथकुन त्रावुन]]
# [[टिकना]] — किसी आधार पर ठीक प्रकार से खड़ा या स्थित होना — [[टिकुन]], [[ठीकु॑रुन]]
# [[टिकाऊ]] — जो अधिक समय तक काम में आता रहे, मज़बूत — [[पायदार]]
# [[टिकिया]] — कोई गोलाकार चपटी, कड़ी तथा छोटी वस्तु (टेब्लेट) — [[टिक्य]], [[पिल]]
# [[टीका]] — तिलक, बिंदी — [[ट्यॊक]]
# [[टीका-टिप्पणी]] — किसी प्रसंग के गुण-दोषों आदि के संबंध में प्रकट किए जाने वाले विचार — [[व्यछु॑न्यार]]
# [[टीला]] — छोटी पहाड़ी की तरह का ऊंचा भूखंड, ढूह — [[टेंग]], [[लॅबुर]]
# [[टुकड़ा]] — अंश, खंड, भाग — [[टुकरु॑]]
# [[टेक]] — सहारा, आधार — [[डॊख]]
# [[टेकना]] — अपने शरीर को अथवा किसी वस्तु को किसी दूसरी चीज के सहारे खड़ा करना या बैठाना, टिकाना — [[ठीकु॑रावुन]]
# [[टेढ़ा]] — जो बीच में इधर-उधर मुड़ा हो, वक्र — [[हॊल]]
# [[टोकना]] — रोकना, बाधा डालना — [[नस डालु॑न्य]]
# [[टोकरी]] — बांस की खमचियों या तीलियों अथवा बेंत, सरकंडे आदि का बना हुआ खुले तथा चौड़े मुँहवाला बड़ा आधान (बास्केट) — [[टूकु॑र]]
# [[टोली]] — मनुष्य का समूह, मंडली, दल, गिरोह — [[छॅख]], [[जमाथ]]
# [[टोह]] — खोज, जांच, तलाशी — [[छ़ाँडव]]
# [[ठंडक]] — वातावरण की ऐसी स्थिति जिसमें सुखद और प्रिय हल्की ठंड हो — [[ठं॑डी]], [[सरदी]]
# [[ठंडा]] — उष्णता या ताप से रहित — [[तुरुन]], [[यख]]
# [[ठग]] — वह जो धोखा देकर दूसरे का धन या सामान हड़प ले, कपटी, धूर्त — [[ठग]]
# [[ठगना]] — धोखा देना, छलना — [[ठगुन]]
# [[ठप्पा]] — धातु, लकड़ी आदि की छाप या मुहर — [[ठपु॑]]
# [[ठहरना]] — रुकना — [[ठहरुन]]
# [[ठहाका]] — जोर से हंसने का शब्द, कहकहा, अट्टहास — [[ज़ोर॑-ज़ोर॑ असुन]], [[असन खंगाल]]
# [[ठाट-बाट]] — आडंबर, तड़क-भड़क, शान-शौकत — [[ठाठ-बाठ]]
# [[ठिकाना]] — रहने या ठहरने का स्थान — [[रोज़न जाय]]
# [[ठीक]] — उपयुक्त — [[ठीख]]
# [[ठुकराना]] — पैर से ठोकर लगाना — [[ठूकरु॑ दिन्य]]
# [[ठूंठ]] — वह वृक्ष जिसका धड़ ही बच रहा हो तथा जिसकी टहनियां टूट गई हों — [[लंडुर]]
# [[ठूंसना]] — जबरदस्ती कोई चीज किसी में डालना या भरना — [[सु॑तुन]]
# [[ठेकेदार]] — वह व्यक्ति जो ठेके पर दूसरों के काम करता या करवाता है (कंट्रेक्टर) — [[ठेकु॑दर]]
# [[ठोंकना]] — अच्छी तरह पीटना — [[ठासुन]]
# [[ठोकर]] — आघात जो चलने में कंकड़ पत्थर आदि के धक्के से पैर में लगे — [[ठूँकु॑रु॑]]
# [[ठोस]] — जिसकी रचना में अंदर कहीं खोखलापन न हो, भरपूर — [[ठोस]]
# [[डंक]] — बिच्छू, मधुमक्खी आदि में पीछे का जहरीला कांटा — [[टॅफ]]
# [[डंडा]] — लकड़ी का मोटा सीधा लंबा टुकड़ा जिसका मुख्य प्रयोग मारने या बांधने के लिए होता है, दंड — [[डंडु॑]], [[लूर]]
# [[डकार]] — भोजन करने के पश्चात पेट में भरी वायु का कंठ से शब्द के साथ निकल पड़ने का शारीरिक व्यापार — [[डाकुर]]
# [[डकैती]] — डाका, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डग]] — कदम — [[कदम]]
# [[डगमगाना]] — लड़खड़ाना, डिंगना, हिलना — [[डगमगावुन]]
# [[डरना]] — भयभीत होना — [[खोचुन]]
# [[डरपोक]] — कायर, भीरु — [[डरपोक]], [[खोचु॑बुड]]
# [[डराना]] — किसी के मन में डर उत्पन्न करना, धमकाना — [[खोच़ु॑नावुन]]
# [[डरावना]] — भयानक — [[खोचु॑वुन]]
# [[डसना]] — किसी जहरीले कीड़े का किसी को इस प्रकार काटना कि उसके शरीर में जहर प्रवेश हो जाए — [[टॅफ दिन्य]]
# [[डांट]] — किसी को सचेत करने के लिए कड़ी बात कहना — [[ग्रुं॑ज़न]], [[बुथ फिरुन]]
# [[डांवाडोल]] — जो सहसा किसी आघात से हिलने-डुलने लगे — [[डांवा-डोल]]
# [[डाक]] — पत्रों, बंडलों आदि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की सरकारी व्यवस्था — [[डाक]], [[डाख]]
# [[डाकघर]] — डाकखाना — [[डाकखानु॑]]
# [[डाका]] — डकैती, लूट-मार — [[डाकु॑]]
# [[डाकू]] — डाका डालने वाला — [[डाकू]]
# [[डाल]] — पेड़-पौधे आदि की टहनी या शाखा — [[लं॑ड]]
# [[डालना]] — किसी आधान या पात्र में कोई चीज कुछ ऊंचाई से गिराना, छोड़ना या रखना — [[त्रावुन]]
# [[डाह]] — ईर्ष्या, जलन, कुढ़न — [[दज़ुन]], [[दाह]]
# [[डिबिया]] — किसी वस्तु को रखने का ढक्कनदार बहुत छोटा आधान, बहुत छोटा डिब्बा — [[डब्य]]
# [[डिब्बा]] — सामान रखने का बड़ा ढक्कनदार आधान जो पीतल, लकड़ी आदि का बना होता है — [[डबु॑]]
# [[डींग]] — अपने बल, योग्यता या साहस के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात करना, शेखी — [[थ्यॆकुन]]
# [[डुबाना]] — ऐसा काम करना जिससे कोई चीज डूब जाए — [[फाटवुन]]
# [[डेढ़]] — मान, मात्रा, संख्या आदि की किसी एक इकाई और उसकी आधी इकाई के योग का सूचक विशेषण — [[डॅड]]
# [[डेरा]] — पैदल यात्रा आदि के समय अस्थायी रूप से बीच में ठहरने का स्थान, पड़ाव — [[डेरु॑]]
# [[डोंगी]] — एक प्रकार की छोटी खुली नाव — [[नाव]], [[डूँगु॑]]
# [[डोर]] — सूत आदि का बटा हुआ पतला मजबूत धागा — [[पन]], [[सुथुर]]
# [[डोल]] — कुएं से पानी खींचने का बरतन — [[डोल]]
# [[डोली]] — पालकी की तरह की एक प्रसिद्ध चौकोर छाई हुई सवारी जिसे दो कहार कंधे पर उठाकर चलते हैं और जिस पर प्राय: वधू बैठकर पहले-पहल ससुराल जाती है — [[डूल्य]]
# [[ड्योढ़ी]] — किसी भवन या मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास की भूमि या स्थान — [[डीड्य]]
# [[ढंग]] — कोई काम करने की रीति — [[वतीरु॑]]
# [[ढकना]] — किसी पर आवरण डालना ताकि वह दिखाई न पड़े — [[डकुनु॑]], [[ठानु थवुन]]
# [[ढकेलना]] — धक्का देकर आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[ढकोसला]] — स्वार्थ-सिद्धि के लिए अपनाया हुआ झूठा रूप, दिखावा — [[-]]
# [[ढक्कन]] — ढकना — [[डकनु॑]]
# [[ढलाई]] — ढालने की क्रिया या भाव — [[डला॑य]]
# [[ढलान]] — कोई ऐसा भूखंड जो चपटा और समतल न हो, बल्कि तिरछा हो जिसमें नीचे की ओर ढाल हो — [[वसवुन]]
# [[ढांचा]] — कोई वस्तु या रचना बनाते समय उसके विभिन्न मुख्य अंगों को जोड़ या वांध कर खड़ा किया हुआ आरंभिक रूप (फ्रेम) — [[डाँचु॑]]
# [[ढाई]] — (इकाई या मान) जिसमें पूरे दो के साथ आधा और मिला हुआ हो — [[डाय]]
# [[ढाढ़स]] — तसल्ली, सांत्वना, धीरज — [[तसली]]
# [[ढाबा]] — वह स्थान जहां पकी हुई कच्ची रसोई बिकती या दाम लेकर लोगों को खिलाई जाती है — [[टाबु॑]], [[बता॑यवान]], [[होटल]]
# [[ढाल]] — चमड़े, धातु आदि का बना हुआ वह गोलाकार उपकरण जिसे युद्ध क्षेत्र में सैनिक लोग तलवार, भाले आदि का वार रोकने के लिए अपने बाएं हाथ में रखते थे — [[डाल]]
# [[ढिंढोरा (ढंढोरा)]] — वह डुग्गी या ढोल जिसे बजा कर किसी बात की सार्वजनिक घोषणा की जाती है — [[डॊंडूरु॑]]
# [[ढीठ]] — जो जल्दी किसी से डरता न हो और जो भय या संकट के समय भी अपने हठ पर अड़ा रहता हो, धृष्ट — [[डीठ]], [[हठी]]
# [[ढीला]] — शिथिल — [[ड्यॊल]]
# [[ढुलाई]] — ढोने की क्रिया, भाव या मजदूरी — [[डुला॑य]]
# [[ढूंढना]] — कोई छिपी या इधर-उधर पड़ी हुई वस्तु या आंख से ओझल व्यक्ति का पता लगाना, खोजना — [[छ़ाँडुन]], [[छ़ारुन]]
# [[ढेर]] — एक स्थान पर विशेषत: एक दूसरे पर रखी हुई बहुत सी वस्तुओं का ऊंचा समूह — [[डेर]]
# [[ढेला]] — मिट्टी या पत्थर का कड़ा टुकड़ा — [[टुल]]
# [[ढोंगी]] — झूठा आडंबर खड़ा करने वाला धोखेबाज, पाखंडी — [[पाखं॑डी]], [[मकार]]
# [[ढोना]] — पीठ या सिर पर रखकर कोई भारी चीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना — [[सारुन]], [[नख्य सारुन]]
# [[तंग]] — संकरा, संकीर्ण — [[तंग]]
# [[तंतु]] — ऊन, रेशम, सूत आदि का बटा हुआ डोरा, तागा — [[तार]]
# [[तंदूर]] — एक तरह का चूल्हा जिसकी ऊंची गोलाकार दीवार के भीतरी भाग में रोटियां चिपका कर बनाई जाती है (ओवन) — [[तॊन्दूर]]
# [[तंद्रा]] — हलकी नींद, ऊंघ — [[ज़िफ]]
# [[तंबाकू]] — एक प्रसिद्ध पौध और उसके पत्ते जो अनेक रूपों में नशे के लिए काम में लाए जाते हैं — [[तमोक]]
# [[तंबू]] — शमियाना, खेमा — [[शामियानु॑]], [[खू॑मु]]
# [[तंबोली (तमोली)]] — पानलगाकर बेचने अथवा पान का व्यवसाय करनेवाला — [[पानु॑वोल]]
# [[तकनीक]] — शिल्प, पद्धति — [[हॅनर]], [[तकनीक (टेकनीक)]]
# [[तकला]] — सूत कातने और लपेटने के काम आनेवाली चरखे से लगी लोहे की सलाई, टेकुआ — [[यन्दरु॑तुल]]
# [[तकलीफ]] — कष्ट, दुख, पीड़ा — [[तकु॑लीफ]]
# [[तख्त]] — राजसिंहासन — [[तखतु॑]], [[चूक्य]]
# [[तख्ता]] — लकड़ी का आयाताकार बड़ा तथा समतल टुकड़ा — [[तखतु॑]]
# [[तट]] — कूल, किनारा, तीर — [[बॊठ]]
# [[तटस्थ]] — विरोध, विवाद आदि के प्रसंगों में दोनों दलो से अलग और निर्लिप्त रहने वाला, निरपेक्ष — [[लॊब कुन]]
# [[तड़पना]] — अत्यन्त दु:खी होना, छटपटाना, तिलमिलाना — [[तडु॑पुन]]
# [[तत्परता]] — उद्यत होने की अवस्था, गुण या भाव, सन्नद्धता — [[तनदिथ]]
# [[तथा]] — दो चीजों, बातों आदि में योग या संगति स्थापित करने वाला एक योजक अव्यय, और — [[तु॑]]
# [[तथ्य]] — सत्यता, यथार्थता — [[पज़र]]
# [[तन]] — शरीर, देह, जिस्म — [[तन]], [[शरीर]], [[जिसु॑म]]
# [[तना]] — पेड़-पौधों का जमीन से ऊपर निकला हुआ वह मोटा भाग जिसके ऊपरी सिरे पर डालियां निकली होती हैं, धड़ — [[गॅड]]
# [[तनखाह]] — वेतन — [[तनु॑खा]]
# [[तन्मयता]] — मग्न अथवा दत्तचित होने की अवस्था, गुण या भाव — [[दिलदिथ]]
# [[तपस्या]] — मन की शुद्धि, मोक्ष की प्राप्ति, पाप के प्रायश्चित आदि के लिए स्वेच्छा से किए जानेवाला कठोर आचरण और नियमपालन, तप — [[तपस्या]]
# [[तब]] — उस समय — [[तॆलि]]
# [[तबीयत]] — स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी की शारीरिक या मानसिक स्थिति, मिज़ाज — [[तबियथ]]
# [[तमगा]] — पदक (मेडल) — [[तॅगमु॑]]
# [[तमाचा]] — थप्पड़, झापड़, चांटा — [[थापु॑र]]
# [[तमाशा]] — मनोरंजक दृश्य — [[तमाशु॑]]
# [[तय करना]] — फैसला या निर्णय अथवा निश्चित करना — [[अं॑ज़रावुन]]
# [[तरंग]] — पानी की लहर, हिल़ोर — [[तरंग]], [[ल॑हर]]
# [[तरकीब]] — उपाय, युक्ति — [[तरकीब]], [[बथ]], [[वॅपाय]]
# [[तरक्की]] — प्रगति, बढ़ोतरी, उन्नति — [[तरकी]]
# [[तरह]] — ढंग, प्रकार, तरीका, किस्म — [[पा॑ठ्य]]
# [[तरीका]] — रीति, ढंग — [[तरीकु॑]]
# [[तरुण]] — जवान — [[जवान]]
# [[तर्क]] — युक्ति, दलील — [[दलील]]
# [[तल]] — निचला भाग, पेंदा, तला — [[चॊक]]
# [[तलवा]] — पैर का नीचे का भाग; पदतल — [[तलपॊद]]
# [[तलवार]] — खड्ग, कृपाण — [[तलवार]]
# [[तला]] — पेंदा — [[च़ॊक]]
# [[तलाक]] — वैधानिक रीति से विवाह संबंध का विच्छेद — [[तलाख]], [[मॅकु॑जार]]
# [[तसल्ली]] — ढाढस, दिलासा, सांत्वना — [[तसली]]
# [[तसवीर]] — चित्र — [[तसवीर]]
# [[तस्कर]] — देय शुल्क चुकाए बिना अवैधानिक रूप से एक देश का माल दूसरे देश में पहुंचाने वाला (स्मगलर) — [[गुज़रच़ूर]]
# [[तह]] — परत — [[ताह]]
# [[ताकना]] — देखना — [[बुछुन]]
# [[तागा]] — डोरा — [[पन]]
# [[ताज]] — राजमुकट — [[ताज]]
# [[ताजा]] — जो अधिक दिनों का या बासी न हो — [[सा॑दु॑रवार]], [[ताजु॑]]
# [[ताड़ी]] — ताड़ के वृक्ष से निकला हुआ सफेद मादक रस — [[ताड़ी]]
# [[ताना-बाना]] — बुनाई के समय क्रमश: लंबाई तथा चौडाई के बल फैलाए या बुने जाने वाले सूत — [[यॆन्य-वोनुन]]
# [[ताप]] — उष्णता, गरमी — [[ताफ]], [[गरमी]]
# [[तापमान]] — थर्मामीटर आदि द्वारा मापी गई ताप की मात्रा (टेम्परेचर) — [[दरजि हरारथ]]
# [[ताम्रपत्र]] — तांबे की पत्तर — [[त्रामु॑ पॊट]]
# [[तार]] — धातु का तागा-रूप (वायर) — [[तार]]
# [[तारकोल]] — अलकतारा, काले रंग का एक गाढ़ा द्रव जो लकड़ी आदि रंगने के काम आता है — [[तारकोल]]
# [[तारतम्य]] — क्रम, क्रमबद्धता — [[सिलसिलु॑]]
# [[तारा]] — नक्षत्र, सितारा — [[तारुख]]
# [[तारीख]] — दिनांक, तिथि — [[तारीख]]
# [[तालमेल]] — समन्वय, संगति — [[हिशर]]
# [[ताला]] — जंदरा (लाक) — [[कुलुफ]]
# [[तालाबंदी]] — कारखाने आदि का उसके मालिक द्वारा अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाना — [[कुलुफ लगुन]], [[तालु॑बंदी]]
# [[तालाब]] — पोखर, सरोवर — [[तलाव]]
# [[तालिका]] — सूची — [[फिरिस्तु॑]]
# [[तावीज़]] — चांदी, सोने आदि का वह छोटा संपुट जो रक्षा कवच के रूप में गले या बांह पर पहना जाता है — [[ता॑बीज़]]
# [[ताश]] — गत्ते या दफ्ती के 52 पत्ते जिनसे विभिन्न खेल खेले जाते है (प्लेंइग कार्ड) — [[तास]]
# [[तिजोरी]] — लोहे की वह मजबूत छोटी अलमारी या पेटी जिसमें कीमती वस्तुएं सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाती हैं (सेफ) — [[सेफ]]
# [[तिथि]] — चन्द्रमास कें किसी पक्ष का कोई दिन अथवा उसे सूचित करने वाली कोई संख्या — [[त्यथ]]
# [[तिनका]] — तृण, घासफूस — [[ग्रासु॑ तुज]]
# [[तिपाई]] — बैठने या सामान रखने की तीन पायों वाली ऊंची चौकी — [[तिपायि]]
# [[तिमाही]] — हर तीसरे महीने का, त्रैमासिक — [[त्रु॑माही]]
# [[तिरंगा]] — तीन रंगों वाला — [[तिरंगु॑]]
# [[तिरपाल]] — राल या रोगन चढ़ाया हुआ एक प्रकार का मोटा कपड़ा — [[त्रुपाल]]
# [[तिलक]] — केसर, चंदन आदि से ललाट पर लगाई जाने वाली गोल बिंदी या लंबी रेखा, टीका — [[ट्यॊक]]
# [[तिलमिलाना]] — बेचैन या विकल होना — [[छ्रटु॑ छ्र्ठ करु॑न्य]]
# [[तिलांजलि]] — सदा के लिए किसी से संबंध विच्छेद — [[त्यलांज॑ली]]
# [[तीक्ष्ण]] — तेज नोक या धार वाला, तीखा, तेज — [[तेज़]], [[नोखदार]]
# [[तीखा]] — कटु, अप्रिय — [[ट्यॊठ]]
# [[तीर]] — नदी का किनारा, तट — [[बॊठ]]
# [[तीर्थ]] — धार्मिक दृष्टि से पवित्र स्थल, पुण्य क्षेत्र — [[तिरु॑थ]]
# [[तीली]] — माचिस की सलाई — [[तुज्य]]
# [[तुकबंदी]] — साधारण पद्य रचना — [[तुकबन्दी]]
# [[तुतलाना]] — शब्दों का अस्पष्ट उच्चारण — [[अडु॑कज़र]]
# [[तुम]] — तू का बहुवचन जिसका प्रयोग बराबर के व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तुम्हारा]] — तुम का षष्ठी विभक्ति लगने पर बनने वाला रूप — [[चोन]]
# [[तुरंत]] — शीघ्र, झटपट — [[जल]], [[वल्य-वल्य]]
# [[तुरपना]] — सूई धागे से बड़े-बड़े टांके लगाना या सीना — [[त्रॊप द्युन]]
# [[तुला]] — तराजू, कांटा — [[त्रकु॑र]]
# [[तुलादान]] — अपने शरीर के भार के बराबर तोल कर दिया जाने वाला अन्न, द्रव्य आदि का दान — [[तोलु॑बार]]
# [[तुषारपात]] — बर्फ का गिरना, हिमपात — [[शीन प्यॊन]]
# [[तू]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग मध्यम पुरुष एकवचन में अपने से छोटे व्यक्ति के लिए किया जाता है — [[च़ु॑]]
# [[तूफान]] — बहुत तेज चलने वाली विशेष रूप से समुद्र तल से उठने वाली आंधी जिसके साथ खूब बादल गरजते है और वर्षा होती है — [[तूफान]], [[तुफान]]
# [[तूलिका]] — चित्र अंकित करने की कूंची — [[बुरुश]]
# [[तृण]] — तिनका, घास — [[गासु॑ तुल]]
# [[तृप्ति]] — आवश्यकता अथवा इच्छा पूरी हो जाने पर मिलने वाली मानसिक शांति या आनंद — [[त्रफती]]
# [[तेज]] — दीप्ति — [[तीज़ (हि.)]]
# [[तेरा]] — तू का संबंध कारक का रूप — [[चोन]]
# [[तेल]] — तिलहन के बीजों या कुछ विशिष्ट वनस्पतियों को पेर कर निकाला जाने वाला स्निग्ध तरल पदार्थ — [[तील]]
# [[तेली]] — तेल पेरने और बेचने का पेशा करने वाली एक जाति — [[तीलु॑ बोन्थ]]
# [[तैयार]] — कुछ करने के लिए हर तरह से उद्यत — [[तयार]]
# [[तैरना]] — किसी जीव का हाथ पैर आदि चलाते हुए पानी में इस प्रकार आगे बढ़ना कि वह डूब न जाए — [[छ़ाँठ वायिन्य]]
# [[तैराक]] — वह व्यक्ति जो अच्छी तरह तैरना जानता हो — [[छ़ाँटल]]
# [[तोड़ना]] — किसी वस्तु को ऐसा खंडित या नष्ट करना कि वह काम में आने योग्य न रह जाए — [[फुटरुन]]
# [[तोड़फोड़]] — जान-बूझ कर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भवन या रचना को खंडित करना — [[डुबु॑-डास]]
# [[तोरण]] — किसी बड़ी इमारत या नगर का प्रवेश द्वार — [[डीड्य]], [[दरवाजु॑]]
# [[त्याग]] — किसी चीज पर अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया — [[त्रावुन]]
# [[त्योहार]] — कोई धार्मिक, सांस्कृतिक या जातीय उत्सव — [[बॊड दोह]]
# [[त्रस्त]] — बहुत अधिक डरा हुआ, भयभीत — [[त्रच़्योमुत]]
# [[त्रिशूल]] — लोहे का तीन फलों वाला एक प्रसिद्ध अस्त्र जो शिवजी का प्रधान अस्त्र है — [[त्रु॑शूल]]
# [[थकना]] — श्रम के कारण शिथिल होना, श्रांत होना — [[थकुन]]
# [[थन]] — गाय, बकरी आदि चौपायों का वह अंग जिसमें दूध जमा रहता है, स्तन — [[थन]]
# [[थपथपाना]] — प्यार या लाड-चाव से अथवा आवेश शांत करने के लिए किसी की पीठ पर हथेली से धीर-धीरे थपथपाना — [[मटि मटि दिन्य]]
# [[थप्पड़]] — चाटा, तमाचा — [[थापेर॑]], [[थापेर]]
# [[थलचर]] — पृथ्वी पर रहने वाले जीव — [[थलचर]], [[ज़मीनि प्यठ रोज़न वाल्य]]
# [[थलसेना]] — वायुसेना और नौसेना से भिन्न वह सेना जिसका कार्य क्षेत्र मुख्यत: स्थल तक सीमित हो (आर्मी) — [[फोज]], [[बरी फोज]]
# [[थाती]] — धरोहर, अमानत — [[अमानथ]]
# [[थान]] — एक निश्चित लंबाई का कपड़ें का टुकड़ा — [[थान]]
# [[थाना]] — पुलिस चौकी, पुलिस कार्यालय — [[थानु॑]]
# [[थापी]] — राज या मजदूर द्वारा छत पीटने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली चिमटी — [[ठा॑प्य]]
# [[थिरकना]] — नाचने में अंगों को हाव-भाव के साथ संचालित करना — [[नचुन]], [[गतु॑ ख्यॊन]]
# [[थूकना]] — मुंह से थूक बाहर निकाल फेंकना — [[थॊख त्रावु॑न्य]]
# [[थूथन]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के पशुओं का लंबोतरा और कुछ आगे की ओर निकला हुआ मुंह — [[थोंथुन]]
# [[थैला]] — झोला, कपड़े, टाट आदि का आधान जिसमें चीजें रखी जाती हैं — [[ठेलु॑]]
# [[थोक]] — एक ही तरह की बहुत सी चीजों का ढेर या राशि — [[डेर]]
# [[थोड़ा]] — अल्प मात्रा या मान, उचित से कम — [[कम]], [[रछ़खंड]]
# [[दंगल]] — पहलवानों की कुश्ती प्रतियोगिता — [[दंगल]]
# [[दंगा]] — उपद्रव, फसाद — [[फसाद]]
# [[दंड]] — सज़ा, ज़ुर्माना — [[सज़ा]]
# [[दंडनीय]] — दंड दिए जाने योग्य — [[सज़ावार]]
# [[दंपत्ति]] — पति-पत्नी — [[बाच़॑ जु]], [[जूर्य]]
# [[दंभ]] — अहंकार — [[गमंड]]
# [[दक्षिणा]] — यज्ञ दान आदि के अंत में ब्राह्मणों और पुरोहितों को दिया जाने वाला द्रव्य — [[दखिना]]
# [[दत्तक]] — गोद लिया हुआ — [[मंगतु॑]]
# [[दतचित्त]] — जो किसी कार्य में मनोयोग पूर्वक लगा हुआ हो, तल्लीन — [[दिलदिथ]]
# [[दफनाना]] — मुर्दे को जमीन में गाड़ना — [[व॑डरावुन]]
# [[दबंग]] — जो किसी से दबता न हो, साहसी — [[रोबदा॑बी]], [[दबंग]]
# [[दबदबा]] — रोब, आतंक — [[दबदबु॑]]
# [[दबाना]] — भार या दाब के नीचे लाना — [[दबावुन]]
# [[दबाव]] — दाबने की क्रिया या भाव, दाब — [[दबाव]]
# [[दबोचना]] — झपट कर दबा लेना — [[तल द्युन]]
# [[दम]] — ताकत, जोर — [[दम]], [[ज़ोर]]
# [[दमक]] — चमक, प्रभा — [[चमख]]
# [[दमकल]] — आग बुझाने का यंत्र या यंत्र-समूह — [[बम]]
# [[दयनीय]] — दया के योग्य — [[काबिलि रह॑म]]
# [[दया]] — रहम, अनुकंपा, तरस — [[दया]], [[रह॑म]]
# [[दयादृष्टि]] — दयापूर्ण या करुणापूर्ण दृष्टि या भावना — [[र॑हमु॑च नज़र]]
# [[दर]] — द्वार, दरवाजा — [[दरवाजु॑]]
# [[दरखास्त (दरख्वास्त)]] — आवेदन, प्रार्थना पत्र, अर्जी — [[दरखास]]
# [[दरबान]] — फाटक पर रहने वाला चौकीदार — [[डीड्यवोन्य]]
# [[दरवाज़ा]] — द्वार, कपाट, किवाड़ — [[दरवाजु॑]], [[बर]]
# [[दरार]] — रेखा की तरह का लंबा छिद्र — [[फ्राठ]], [[रुम]]
# [[दरिद्र]] — निर्धन, कंगाल, गरीब — [[गरीब]], [[नादार]]
# [[दरी]] — मोटे सूत का एक बिछावन — [[सतरं॑ड]]
# [[दर्जन]] — बारह वस्तुओं की इकाई — [[दरजन]]
# [[दर्जी]] — कपड़े सीने का काम करने वाला — [[सु॑च़]]
# [[दर्पण]] — मुंह देखने का शीशा, आईना — [[शीशु॑]]
# [[दर्शक]] — देखने वाला — [[बुछन वोल]]
# [[दल]] — फूल की पंखड़ी — [[पोशि वथु॑र]]
# [[दलना]] — मोटा पीसना, दरदरा करना — [[अडफुट पिहुन]]
# [[दलाल]] — सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया — [[द्राल]]
# [[दवा]] — औषधि — [[दवा]]
# [[दशक]] — दस वर्षों की अवधि — [[दह्युल]]
# [[दस्तकारी]] — हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प — [[अथु॑का॑म]]
# [[दहकना]] — इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना — [[वुहुन]]
# [[दहाड़]] — शेर की गरज — [[ग्रज़]]
# [[दहाड़ना]] — शेर का गरजना — [[ग्रज्रुन]]
# [[दहेज]] — विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी) — [[दाज]]
# [[दाई]] — उपमाता, धाय — [[दाय]]
# [[दातुन]] — नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है — [[दाँतु॑न]]
# [[दान]] — देने की क्रिया — [[द्युन]]
# [[दानव]] — राक्षस, असुर — [[राख्युस]]
# [[दानवीर]] — उदारतापूर्वक दान करने वाला — [[दा॑नी]], [[दानु॑वीर]]
# [[दाना]] — अन्न या फल का कण या बीज — [[दानु॑]]
# [[दाना-पानी]] — अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका — [[आबदानु॑]]
# [[दानेदार]] — जिसमें दाने या रवे हों — [[दानु॑दार]]
# [[दाम]] — कीमत, मूल्य — [[कू॑मथ]]
# [[दायां]] — दाहिना — [[दछु॑न]]
# [[दारोगा (दरोगा)]] — निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी — [[दारोगु॑]]
# [[दावत]] — भोज — [[साल]]
# [[दावा]] — अधिकार, स्वत्व, हक — [[दावा]]
# [[दिखावटी]] — जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो — [[दिखावटी]]
# [[दिन]] — वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस — [[दॊह]]
# [[दिनकर]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[दिमाग]] — सिर के भीतर का गूदा या भेजा — [[द्यमाग]]
# [[दियासलाई]] — एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है — [[गंदख तुज]]
# [[दिल]] — हृदय — [[दिल]]
# [[दिलासा]] — क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस — [[दिलासु]]
# [[दिवंगत]] — जो मर गया हो, परलोकवासी — [[मूदमुत]], [[मरहूम]]
# [[दिवाला]] — अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी) — [[देवोल]]
# [[दिवालिया]] — जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो — [[देवा॑ल्यदास]]
# [[दिशा]] — क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक — [[तरफ]]
# [[दीक्षा]] — किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र — [[दीख्या]]
# [[दीपक]] — दीया, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीया (दिया)]] — दीपक, चिराग — [[च़ोंग]]
# [[दीर्घा]] — आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग — [[दोर]]
# [[दीवार]] — मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल) — [[देवार]]
# [[दु:ख]] — कष्ट, क्लेश, तकलीफ — [[दॅख]], [[तकलीफ]]
# [[दुकान (दूकान)]] — वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप) — [[दुकान]]
# [[दुकानदार (दूकानदार)]] — दुकान का स्वामी, दुकानवाला — [[दुकानदार]]
# [[दुतकारना]] — उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना — [[ब्यवारी करु॑न्य]]
# [[दुबला]] — दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला — [[कमज़ोर]]
# [[दुभाषिया]] — दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर) — [[दुबाशियि]], [[इन्टरप्रेटर]]
# [[दुरुपयोग]] — किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग — [[गलत इस्तेमाल]]
# [[दुर्गंध]] — बुरी गंध, बद्बू — [[फख]], [[बदबू]]
# [[दुर्ग]] — किला, गढ़, कोट — [[कु॑लु॑]]
# [[दुर्घटना]] — हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना — [[हा॑दिसु॑]]
# [[दुर्दशा]] — हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति — [[दॅरदशा]], [[बुरु॑हालथ]]
# [[दुर्भिक्ष]] — अकाल, कहत (फमिन) — [[अकाल]], [[क॑हथ]]
# [[दुर्लभ]] — जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य — [[दॅरलब]], [[नायाब]]
# [[दुलहन (दुलहिन)]] — नई बहू, नव-विवाहिता — [[माहरॆन्य]]
# [[दुलार]] — लाड-प्यार — [[खानु॑ माजर]], [[टाठिन्यार]]
# [[दुविधा]] — ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो — [[दुच़्यॊत]]
# [[दुश्मन]] — शत्रु, बेरी — [[दुशमन]]
# [[दुष्ट]] — दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला — [[दॅश्ट]], [[खबीस]]
# [[दुहना]] — मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना — [[चावुन]]
# [[दूत]] — एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर) — [[का॑सिद]]
# [[दूतावास]] — राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी) — [[सफारथखानु॑]]
# [[दूभर]] — कठिन, मुश्किल, असह्य — [[मुशकिल]]
# [[दूर]] — देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर — [[दूर]]
# [[दूरदर्शन]] — टेलीविजन — [[टॆलिविजन]]
# [[दूरबीन]] — एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप) — [[दूरबीन]]
# [[दूरभाष]] — एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन) — [[टॆलीफोन]]
# [[दूल्हा]] — वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित — [[माहराजु]]
# [[दूसरा]] — जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का — [[दॊयुम]], [[व्याख]]
# [[दृढ़]] — अविचलित — [[मज़बूथ]]
# [[दृश्य]] — जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल) — [[वुछवुन]]
# [[देखना]] — नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना — [[वुछुन]]
# [[देख-रेख]] — निगरानी — [[नज़र-गुज़र]]
# [[देनदार]] — कर्जदार, ऋणी — [[करुज़दार]]
# [[देना]] — प्रदान करना — [[द्युन]]
# [[देर]] — विलंब — [[च़ेर]]
# [[देवता]] — दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता — [[दिवताह]]
# [[देवी]] — दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता — [[दीवी]]
# [[देश]] — जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश — [[दीश]], [[मुलु॑ख]]
# [[देशद्रोही]] — षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला — [[गदार]]
# [[देशवासी]] — देश में रहने-बसने वाला — [[बाशंदु॑]]
# [[देहांत]] — मृत्यु, मौत — [[मरुन]], [[मोथ]]
# [[देहात]] — गांव, ग्राम — [[गाम]]
# [[दैनंदिनी]] — डायरी — [[डयरी]]
# [[दैनिकी]] — जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी — [[डयरी]]
# [[दोपहर]] — दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न — [[दुपहा॑र]]
# [[दोहराना]] — कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना — [[फ्युर द्युन]]
# [[दौड़-धूप]] — ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े — [[दवु॑-दव]], [[दोड़-दूप]]
# [[दौड़ना]] — अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े — [[दोरुन]]
# [[दौलत]] — धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो — [[दोलथ]], [[दवलथ]]
# [[द्योतक]] — किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला — [[नॊनकड़नवोल]]
# [[द्रोही]] — किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती — [[गदार]]
# [[द्वंद्व]] — जोड़ा, युग्गल — [[जूर्य]]
# [[द्वार]] — मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा — [[दार]], [[दरवाजु॑]]
# [[द्वीप]] — चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू — [[जज़ीरु॑]]
# [[द्वेष]] — चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर — [[रुखु॑]]
# [[धंधा]] — वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए — [[कारु॑बार]]
# [[धकेलना]] — धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना — [[दकु॑ द्युन]]
# [[धड़]] — शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है — [[पान]]
# [[धड़कन]] — हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन — [[दुबु॑राय]]
# [[धधकना]] — आग का दहकना, भड़कना — [[वुहुन]]
# [[धन]] — सम्पत्ति, दौलत — [[दनु॑]], [[दोलथ]]
# [[धनवान्]] — जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद — [[दनु॑वोल]], [[दौलथमंद]]
# [[धनाढ्य]] — बहुत बड़ा धनी, धनवान् — [[दनु॑वोल]], [[अमीर]]
# [[धनुष]] — कमान — [[कमान]]
# [[धन्यवाद]] — किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स) — [[शुकरिया]]
# [[धरती]] — पृथ्वी, जमीन, भूमि — [[ज़मीन]], [[बुतराथ]]
# [[धरना]] — किसी स्थान पर किसी चीज को रखना — [[थवुन]]
# [[धर्म]] — समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य — [[दरु॑म]]
# [[धर्मशाला]] — परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं — [[दरमसाल]]
# [[धर्मात्मा]] — धार्मिक आचरण करने वाला — [[दरमाथमा]]
# [[धवल]] — उजला, सफेद — [[सफेद]]
# [[धांधली]] — अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़ — [[वॅच़ाठ]]
# [[धागा]] — बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड) — [[पन]]
# [[धातु]] — कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ — [[दाथ]]
# [[धार]] — पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारणा]] — व्यक्तिगत विचार या विश्वास — [[यछ़-पछ़]]
# [[धारा]] — धारा, अखंड प्रवाह — [[दार]]
# [[धारावाही]] — अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला — [[लगातार]]
# [[धिक्कार]] — भर्त्सना, लानत — [[लानथ]]
# [[धीमा]] — कम वेगवाला, मंद — [[कम रफतार]]
# [[धीर]] — जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल — [[बॊरुतबार]]
# [[धीरे]] — धीमी या मंद गति से, आहिस्ता — [[वारु॑-वारु॑]]
# [[धुंधला]] — धुंध से भरा हुआ — [[वुनलि वोल]]
# [[धुआं]] — जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक) — [[दु॑ह]]
# [[धुन]] — प्रबल इच्छा, मन की तरंग — [[कल]]
# [[धुनना]] — धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं — [[दोनुन]]
# [[धुरंधर]] — किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण — [[गाटुल]]
# [[धुरी]] — लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष — [[ऒहॊक]]
# [[धूम-धाम]] — उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो — [[दुमदाम]]
# [[धूम्र-पान]] — तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना — [[तमोक चॊन]]
# [[धृष्टता]] — ढिठाई, दुस्साहस — [[बेहया॑यी]]
# [[धैर्य]] — अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र — [[सबु॑र]]
# [[धोखा]] — छल, कपट — [[दोखु॑]], [[छ़ल]]
# [[धोना]] — जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना — [[छलुन]]
# [[धोंकना]] — आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना — [[दमुन]]
# [[ध्यान]] — अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान — [[द्यान]]
# [[ध्येय]] — उद्देश्य — [[मकसद]]
# [[ध्रुव]] — अचल, अटल, दृढ़, पक्का — [[पकु॑]]
# [[ध्वज]] — झंडा, पताका — [[जंडु॑]]
# [[ध्वजारोहण]] — झंडा फहराने की क्रिया — [[जंडु लॅहरावुन]]
# [[ध्वनि]] — आवाज़, शब्द — [[आवाज़]]
# [[नंगा]] — जो कोई कपड़ा न पहने हो — [[न्यथु॑ नॊन]], [[नंगय]], [[नंगु॑]]
# [[नकद]] — नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय — [[नकु॑द]]
# [[नकदी]] — रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन — [[नकु॑दी]]
# [[नकल]] — किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण — [[नकु॑ल]]
# [[नक्काशी]] — धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला — [[नका॑शी]]
# [[नक्शा]] — रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र — [[नकशि]]
# [[नक्षत्र]] — तारा — [[तारुख,]]
# [[नख-शिख]] — पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग — [[कलु॑-नलु॑]]
# [[नग]] — नगीना, मणि — [[नगीनु॑]]
# [[नगर]] — मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर — [[शहर]], [[न॑गु॑र]]
# [[नगरपालिका]] — आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी) — [[म्यूनिसपलटी]]
# [[नगाड़ा]] — डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा — [[नगारु॑]]
# [[नगीना]] — रत्न, मणि, नग — [[नगीनु॑]]
# [[नग्न]] — नंगा — [[नंगु॑]]
# [[नज़रबंद]] — वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू) — [[नज़रबंद]]
# [[नट]] — नाटक खेलने वाला, अभिनेता — [[अदाकार]]
# [[नटखट]] — चंचल, ऊधमी, शरारती — [[नटखट]], [[शरारती]]
# [[नमस्कार]] — झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन — [[नमसकार]]
# [[नमूना]] — किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल) — [[नमूनु॑]]
# [[नम्रता]] — विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव — [[नरु॑मी]]
# [[नया]] — जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा — [[नॊव]]
# [[नर]] — पुरुष, आदमी, मर्द — [[नर]]
# [[नरम]] — कोमल, मृदु, मुलायम — [[नरु॑म]]
# [[नरमी (नर्मी)]] — नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता — [[नरमी]]
# [[नरेश]] — राजा — [[राजु॑]]
# [[नर्तकी]] — नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या — [[गतु॑रॆन्य]]
# [[नल]] — ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप) — [[नल्कु॑]], [[पयिप]]
# [[नलकूप]] — एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल) — [[ट्यूबवॆल]]
# [[नव]] — नया, नवीन, आधुनिक — [[नॊव]]
# [[नवनीत]] — मक्खन — [[थ॑न्य]]
# [[नवयुवक]] — जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण — [[नवजवान]]
# [[नवीन]] — नया, नूतन — [[नॊव]], [[नवीनु॑]]
# [[नशाबंदी]] — राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन) — [[नशिब॑न्दी]]
# [[नष्ट-भ्रष्ट]] — सब तरह से खराब और बरबाद — [[बॊरबाद]]
# [[नस]] — शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका — [[ना॑र]]
# [[नसबंदी]] — शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए — [[नसब॑न्दी]]
# [[नसल (नस्ल)]] — वंश — [[नसु॑ल]]
# [[नहाना]] — शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना — [[श्रानकरुन]]
# [[नाग]] — सर्प, सांप — [[सरुफ]]
# [[नागरिक]] — नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित — [[शाहरुक]], [[शहरी]]
# [[नागिन]] — नाग (सर्प) की मादा — [[सर्यपॆन्य]], [[गुनस]]
# [[नाचना]] — हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना — [[नच़ुन]]
# [[नाटक]] — दृश्य काव्य (ड्रामा) — [[पा॑थु॑र]], [[नाटुख]], [[ड्रामा]]
# [[नाता]] — संबंध, रिश्ता — [[रिशतु॑]]
# [[नाथ]] — प्रभु, स्वामी, अधिपति — [[मा॑लिख]]
# [[नादान]] — अकुशल या अनाडी — [[नादान]], [[बेकु॑ल]]
# [[नाप-तोल]] — कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख — [[मींच़-तोल]]
# [[नापना]] — लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना — [[मापुन]]
# [[नाम]] — वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम) — [[नाव]]
# [[नामकरण]] — किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव — [[सॅन्दर]]
# [[नामे]] — लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट) — [[खातु॑]]
# [[नायक]] — नेता, मार्गदर्शक — [[नायुक]], [[हीरो]]
# [[नायिका]] — स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री — [[नायिकॆन्य]], [[हीरोयिन]]
# [[नारा]] — किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन) — [[नारु॑]]
# [[नाराज़]] — अप्रसन्न, रुष्ट — [[नाराज़]]
# [[नारी]] — स्त्री, औरत — [[ज़न्य]], [[ज़नानु॑]]
# [[नाला]] — वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है — [[नालु॑]]
# [[नाव]] — नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती — [[नाव]]
# [[नाविक]] — वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह — [[हां॑ज़]], [[मलु॑]]
# [[नाश]] — रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस — [[नाश]]
# [[नास्तिक]] — ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला — [[नासत्यख]], [[लादीन]]
# [[निंदा]] — दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन — [[ओज़रुनगांज़रुन]], [[नॆन्यद्या]]
# [[नि:शुल्क]] — जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो — [[फीसु॑ वरा॑य]]
# [[नि:संतान]] — संतान-रहित — [[हाँठ॑]], [[शुर्य वराय]]
# [[निकट]] — समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप — [[न॑ज़्यदीख]]
# [[निकम्मा]] — जो कोई काम न करता हो, बेकार — [[निकमु॑]]
# [[निकलना]] — भीतर से बाहर आना — [[खसुन]], [[नेरुन]]
# [[निकासी]] — निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव — [[नेरनु॑च वथ]]
# [[निकृष्ठ]] — खराब, बुरा, निम्न, घटिया — [[नाकारु॑]]
# [[निखट्टू]] — (व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो — [[बॆहबाल]]
# [[निगलना]] — काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना — [[न्यंगु॑लुन]]
# [[निग्रह]] — बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक — [[ज़बुथ]], [[कंट्रोल]]
# [[निचोड़]] — वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व — [[सार]], [[निचोड]]
# [[निचोड़ना]] — गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना — [[चीरुन]]
# [[निडर]] — निर्भय, निर्भीक — [[बेखोफ]]
# [[नितांत]] — बहुत अधिक — [[स्यठा]]
# [[निथारना]] — कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन) — [[चकिस बॆहनावुन]]
# [[निदान]] — मूल कारण — [[वजह]]
# [[निद्रा]] — नींद (स्लीप) — [[न्यन्दु॑र]]
# [[निधन]] — मृत्यु, देहावसान — [[मरुन]]
# [[निधि]] — किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड) — [[संच़्यथ]], [[खज़ानु॑]]
# [[निपटना]] — पूरा होना, संपन्न होना — [[अन्द वातुन]]
# [[निपटाना]] — कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना — [[म्वकलावुन]]
# [[निपुण]] — दक्ष, प्रवीण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[निबंध]] — वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से) — [[मज़मून]], [[लेख]]
# [[निबाहना]] — निर्वाह करना, निभाना — [[गुज़ारु॑ करुन]]
# [[निभाना]] — उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना — [[निबावुन]]
# [[निमंत्रण]] — किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव — [[साल करुन]], [[सालस-वनुन]]
# [[नियंत्रण]] — मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना — [[कंट्रोल]], [[ज़बु॑थ]]
# [[नियम]] — मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन — [[कोनून]]
# [[निरंकुश]] — जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो — [[बॆगंड]], [[बेकोबू]]
# [[निरंतर]] — अंतर-रहित, लगातार — [[लगातार]]
# [[निरस्त्रीकरण]] — आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट) — [[सिलाह तरु॑क करुन]]
# [[निरा]] — विशुद्ध — [[छराह]]
# [[निराकरण]] — दूर करना या हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निराकार]] — जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित — [[न्यराकार]]
# [[निराधार]] — जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन — [[अपुज़]]
# [[निरामिष]] — जिसमें मांस न मिला हो — [[वशनव]]
# [[निराश]] — जिसे आशा न रह गई हो, हताश — [[न्यराश]], [[नावॅमेद]]
# [[निरीक्षक]] — जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर) — [[इनसपॆकटर]]
# [[निरूपण]] — छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना — [[सरु॑करुन]]
# [[निर्जीव]] — प्राणरहित, जड़, अचेतन — [[मॅरदु॑]]
# [[निर्णय]] — किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला — [[फासलु॑]]
# [[निर्दय]] — दया-हीन, कठोर, निष्ठुर — [[बेरहम]]
# [[निर्देशक]] — दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर) — [[ह्यदायथकार]]
# [[निर्दोष]] — जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो — [[आ॑बु रोस]]
# [[निर्धन]] — धन-रहित, गरीब — [[गरीब]]
# [[निर्धारण]] — तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना — [[तयकरुन]], [[का॑यिम करुन]]
# [[निर्बल]] — (शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर — [[न्यरबल (हिं) कमज़ोर]]
# [[निर्भर]] — किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित — [[अलोन्द]], [[आवेज्रु॑]]
# [[निर्भीक]] — निर्भर, निडर — [[बॆखोफ]]
# [[निर्मल]] — (वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ — [[न्यरमल (हिं.) साफ़]]
# [[निर्माण]] — कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना — [[ता॑मीर]]
# [[निर्यात]] — माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव — [[बरामद]]
# [[निर्वाचन]] — बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन — [[चुनाव]], [[इंतिखाब]]
# [[निवारण]] — दूर करना, हटाना — [[दूरकरुन]]
# [[निवेदन]] — नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना — [[अरु॑ज़]], [[जा॒रु॑पारु॑]]
# [[निवेश]] — किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट) — [[सरमायि]]
# [[निशा]] — रात्रि, रजनी, रात — [[राथ]]
# [[निशान]] — ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें — [[निशानु॑]]
# [[निश्चय]] — कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना — [[फा॑सलु॑]]
# [[निश्चल]] — अविचल, स्थिर — [[नहिलु॑वुन]]
# [[निश्चित]] — (बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो — [[मुकरर]]
# [[निश्छल]] — (व्यक्ति) छल-कपट से रहित — [[छलु॑]], [[कपटु]], [[रॊस]]
# [[निष्कर्ष]] — विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न) — [[मतलब]]
# [[निष्काम]] — (व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त — [[बेलाग]]
# [[निष्कासन]] — किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना — [[बरतरफ]]
# [[निष्क्रिय]] — किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट — [[बॆकार]]
# [[निष्ठा]] — मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास — [[यकीन]], [[बरोसु॑]]
# [[निष्पक्ष]] — (व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ — [[नातरफदार]]
# [[निष्पादन]] — आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना — [[ता॑मीलि]], [[हुकुम]], [[सरंजामी]]
# [[निस्पंद]] — जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर — [[बेहरकथ]]
# [[निस्संदेह]] — जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध — [[बेशक]]
# [[नींद]] — निद्रा — [[न्यंदु॑र]]
# [[नींव]] — दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद — [[बुनियाद]]
# [[नीचा]] — ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा — [[बॅन]]
# [[नीचे]] — किसी की तुलना में निम्न धरातल पर — [[तलु॑]], [[बॅनु॑]]
# [[नीति]] — सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां — [[अखलाक]]
# [[नीलामी]] — वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन) — [[लीलाम]]
# [[नीहारिका]] — रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज — [[तारखमाल]], [[कहकशाँ]]
# [[नुकसान]] — हानि, घाटा — [[नॅकसान]], [[गाटु॑]]
# [[नेता]] — नायक — [[ज़्युठ]], [[लीडर]], [[राहनुमा]]
# [[नेतृत्व]] — नेता का पद तथा कार्य — [[रहनुमा॑यी]], [[लीडरी]]
# [[नैतिक]] — नीति-संबंधी — [[अखलाकी]]
# [[नौकर]] — सेवक — [[नोकर]]
# [[नौकरी]] — नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव — [[नोकरी]]
# [[नौका]] — नाव, किश्ती — [[नाव]]
# [[पंकज]] — कीचड़ से उत्पन्न, कमल — [[पंपोश]]
# [[पंक्ति]] — कतार — [[कतार]]
# [[पंख]] — पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर — [[पख]]
# [[पंखा]] — ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन) — [[पंखु॑]], [[वावु॑ज]]
# [[पंचाग]] — वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा — [[नॆछि प॑तु॑र]]
# [[पंचायत]] — गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है — [[पंचायथ]]
# [[पंछी]] — पक्षी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पंडित]] — कुशल, निपुण — [[पंडिथ]]
# [[पंथ]] — मार्ग, रास्ता — [[वथ]]
# [[पकड़ना]] — थामना — [[रटुन]]
# [[पकाना]] — अन्न, फल आदि को इस प्रकार आंच, गर्मी आदि देना कि वे मुलायम होकर खाने योग्य हो जाएं (टू कुक) — [[रनुन]]
# [[पक्का]] — दृढ़, निश्चित, स्थिर — [[दॊर]], [[पॅखतु]]
# [[पक्ष]] — पक्षियों का डैना और उस पर के पंख — [[पख]]
# [[पक्षपात]] — न्याय के समय अनुचित रूप से किसी पक्ष के प्रति होने वाली अनुकूल प्रवृत्ति — [[तरफ़दारी]], [[दॊर रटुन]]
# [[पक्षी]] — परों वाला, पंछी, परिंदा — [[जानावार]]
# [[पखवाड़ा]] — पंद्रह दिनों का समय, पक्ष — [[पछ]]
# [[पगडंडी]] — आने-जाने के कारण जंगल, खेत या मैदान में बना हुआ पतला या संकीर्ण मार्ग — [[वतु॑ पॊद]]
# [[पचाना]] — खाई हुई वस्तु को पक्वाशय की अग्नि से रस में परिणत करना (टू डाइजेस्ट) — [[श्रॊपरावुन]]
# [[पछताना]] — पश्चाताप करना — [[पछतावुन]]
# [[पछाड़ना]] — कुश्ती अथवा प्रतियोगिता आदि में किसी को परास्त करना — [[पावुन]]
# [[पटकना]] — किसी व्यक्ति या वस्तु आदि को उठाकर झोंके के साथ पृथ्वी आदि पर गिराना — [[ठासुन]]
# [[पटरी (पटड़ी)]] — सड़क के दोनों ओर का उठा हुआ पैदल-पथ — [[पटु॑र]]
# [[पटसन]] — सन या सनई नामक प्रसिद्ध पौधा जिसके डंठलों के रेशों से रस्सी, बोरे, गलीचे आदि बनाए जाते हैं — [[सु॑तल]], [[टाठ]]
# [[पटाखा (पटाका)]] — एक प्रकार की आतिशबाजी जिससे जोर से पट या पटाक का शब्द होता है (क्रैकर) — [[टास]], [[शोरु॑ बोबूस]]
# [[पड़ना]] — गिरना, रखे रहना — [[प्यॊन]]
# [[पड़ाव]] — मार्ग में पड़ने वाला वह स्थान जहां सेना, काफिले, यात्री आदि कुछ समय के लिए विश्राम आदि करने को ठहरते हैं — [[पडाव]]
# [[पतंग]] — बांस की कमानियां के ढांचे पर कागज़ मड़कर बनाई हुई वस्तु जिसे तागे से बांधकर हवा में उड़ाते हैं (काइट) — [[पतंग]]
# [[पतन]] — अधोगति, गिरावट — [[गिरावठ]]
# [[पतला]] — जो गाढ़ा न हो, जिसमें तरल अंश अधिक हो — [[तॊन]]
# [[पता]] — किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति के ठिकाने का ऐसा परिचय जो उसे पाने, ढूंढने या उनके पास तक समाचार पहुँचाने में सहायक हो — [[पता]], [[एडरस]]
# [[पताका]] — झंडा, ध्वजा — [[जंडु॑]], [[अलम]]
# [[पत्तन]] — वायुयानों अथवा जलयानों के ठहरने का स्थान — [[बन्दरगाह]], [[हवाईअडु॑]]
# [[पत्ता]] — पेड़-पौधों की शाखाओं में लगने वाले प्राय: हरे रंग के चिपटे लचीले अवयव (लीफ़) — [[पनु॑वथु॑र]]
# [[पत्थर]] — धातु से भिन्न कड़ा ठोस और भारी भूद्रव्य जो प्राय: खानों और पर्वतों को काटकर निकाला जाता है — [[क॑न्य]]
# [[पत्रकार]] — वह व्यक्ति जो समाचार पत्रों को नित्य नए समाचारों की सूचना देता, उन पर टीका-टिप्पणी करता अथवा उनको संपादित करता हो (जर्नलिस्ट) — [[अखबार नवीस]]
# [[पत्राचार]] — परस्पर एक दूसरे को पत्र लिखना, पत्र-व्यवहार — [[खतकिताबथ]], [[चिठ्य-पतु॑र लेखु॑न्य]]
# [[पथ]] — मार्ग, रास्ता, राह — [[वथ]]
# [[पथ-प्रदर्शक]] — किसी कार्य या व्यवहार की पद्धति बताने वाला, मार्गदर्शक — [[वतु॑ हावुख]]
# [[पथ-भ्रष्ट]] — जो मार्ग से भटक गया हो — [[वति डॊलमुत]]
# [[पथिक]] — बटोही, राही — [[मुसा॑फिर]]
# [[पथ्य]] — गुणकारी, लाभदायक — [[फायदु॑मन्द]]
# [[पद]] — कदम, पांव, पैर — [[पॊद]], [[कदम]]
# [[पदचाप]] — चलते समय पैरों से होने वाली ध्वनि — [[पकन आवाज]]
# [[पद-चिह्न]] — पैरों की छाप — [[खॅरन हुंद आख]]
# [[पद्धति]] — कार्य करने का तरीका, कार्य-प्रणाली — [[तरीकु॑]]
# [[पनघट]] — वह घाट या स्थान जहां से लोग घड़े आदि में पानी भरकर लाते हैं — [[यारु॑बल]], [[गाठ]]
# [[पनडुब्बी]] — पानी के अंदर डूबकर चलने वाली नाव (सबमरीन) — [[आबदोज़ जहाजु॑]]
# [[परंतु]] — इतना होने पर भी, लेकिन, पर — [[अमापॊज़]]
# [[परंपरा]] — सिलसिला, क्रम — [[पतु॑वथ]], [[रीथ]]
# [[परखना]] — अच्छे बुरे की पहचान करना — [[सरु॑ करुन]]
# [[परदा]] — आड़ या बचाव करने के लिए बीच में टांगा या लटकाया जाने वाला कपड़ा आदि — [[परदु॑]]
# [[परदेसी]] — वह व्यक्ति जो अपना देश छोड़कर किसी दूसरे देश में आया हो, परदेसी — [[परदीसी]]
# [[परम]] — मुख्य, प्रधान — [[थॊद]]
# [[परमाणु]] — किसी तत्व का अविभाज्य टुकड़ा — [[अटम]]
# [[परमात्मा]] — ईश्वर, परब्रह्म — [[दय]], [[परमात्मा]]
# [[परमार्थ]] — मोक्ष — [[परमारथ]]
# [[परलोक]] — इस लोक से भिन्न दूसरा लोक — [[परलूख]], [[दॊयुम दुनिया]]
# [[परसों]] — बीते हुए दिन से ठीक पहले वाला दिन — [[ऊतरु॑]]
# [[परस्पर]] — आपस में — [[पानु॑वन्य]]
# [[पराकाष्ठा]] — चरम सीमा, हद — [[थज़र]], [[हद]]
# [[पराक्रम]] — शौर्य, सामर्थ्य, बल — [[बहोदरी]], [[ताकथ]]
# [[पराग]] — फूल के लंबे केसरों पर जमी रहने वाली धूल — [[व्यूर]]
# [[पराजय]] — हार, विजय का उल्टा — [[हार]]
# [[पराधीनता]] — दूसरे के अधीन अर्थात् पराधीन होने की अवस्था या भाव — [[गॅला॑मी]]
# [[परामर्श]] — सलाह, सम्मति — [[सलाह]], [[राय]]
# [[पराया]] — जिसका संबंध दूसरे से हो, अपने से भिन्न, आत्मीय या स्वजन से भिन्न — [[वॅपर]]
# [[परिक्रमा]] — चारों ओर चक्कर लगाना या घूमना — [[अन्द्य अन्द्य फेरुन प्रकरम् (हि.)]]
# [[परिचय]] — ऐसी स्थिति जिसमें दो व्यक्ति एक दूसरे को प्राय: प्रत्यक्ष भेंट के आधार पर जानते और पहचानते हों, जान-पहचान — [[ज़ान]], [[पछान]]
# [[परिचर्या]] — किसी के द्वारा की जाने वाली अनेक प्रकार की सेवाएं — [[खद॑मथ]]
# [[परिचारिका]] — सेवा करने वाली स्त्री, सेविका (नर्स) — [[दाय]], [[मॊहनिव्यबाय]]
# [[परिच्छेद]] — अध्याय, प्रकरण — [[खंड]], [[अद्याय]]
# [[परिजन]] — चारों ओर के लोग विशेषत: परिवार के सदस्य — [[अंग ओशनाव]]
# [[परिणाम]] — किसी काम या बात का तर्क संगत रूप में अंत होने पर उससे प्राप्त होने वाला फल (रिज़ल्ट) — [[नतीजि]]
# [[परित्याग]] — अधिकार, स्वामित्व, संबंध, अधिकृत वस्तु, निजी संपत्ति, संबंधी आदि का पूर्ण रूप से तथा सदा के लिए किया जाने वाला त्याग, पूरी तरह से छोड़ देना — [[दल्य दु॑निथ त्रावुन]]
# [[परिधि]] — वृत की रेखा — [[गेरु॑]]
# [[परिपक्व]] — जो अभिवृद्धि, विकास आदि की दृष्टि से पूर्णता तक पहुँच चुका हो — [[पॅखतु॑]]
# [[परिभाषा]] — ऐसा कथन या वाक्य जो किसी पद या शब्द का अर्थ या आशय स्पष्ट रूप से बतलाता या व्यक्त करता हो (डेफिनिशन) — [[मानी]]
# [[परिमाण]] — गिनने, तोलने, मापने आदि पर प्राप्त होने वाला फल — [[परिमान]], [[हा॑सिल॑]]
# [[परिमार्जन]] — साफ करने के लिए अच्छी तरह धोना — [[मांजुन]]
# [[परिवर्धन]] — आकार-प्रकार, विषय-वस्तु आदि में की जाने वाली वृद्धि — [[व॑डरावुन]]
# [[परिवहन]] — माल, यात्रियों आदि को एक स्थान से ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने का कार्य (ट्रान्सपोर्ट) — [[ट्रानसपोट]]
# [[परिवार]] — एक घर में और विशेषत: एक कर्त्ता के अधीन या संरक्षण में रहने वाले लोग (फैमिली) — [[परिवार]], [[खानदान]]
# [[परिवार नियोजन]] — बढ़ती हुई जन-संख्या को नियंत्रित करने या सीमित रखने के उद्देश्य से गार्हस्थ्य जीवन के संबंध में की जाने वाली वह योजना जिससे लोग आवश्यकता अथवा औचित्य से अधिक संतान उत्पन्न न करें (फ़ैमिली प्लानिंग) — [[फेमिली प्लैनिंग]], [[खानदान्य मंसूबु॑बंदी]]
# [[परिवेश]] — वेष्टन, परिधि, घेरा — [[गेरु॑]]
# [[परिशिष्ट]] — छूटा या बाकी बचा हुआ, अवशिष्ट — [[पॊतुस]]
# [[परिश्रम]] — मानसिक या शारीरिक श्रम, मेहनत — [[मेहनथ]]
# [[परिषद्]] — निर्वाचित या मनोनीत विधायकों की वह सभा जो स्थायी या बहुत-कुछ स्थायी होती है (कौंसिल) — [[कोंसल]]
# [[परिष्कार]] — अच्छी तरह ठीक और साफ करने की क्रिया या भाव — [[सफ़ायी]]
# [[परिस्थिति]] — चारो ओर की स्थिति, हालत (सर्कमस्टांसिस) — [[हालाथ]]
# [[परीक्षण]] — परीक्षा करने या लेने की क्रिया — [[इम्तिहानह्यॊन]]
# [[परीक्षा]] — किसी के गुण, धैर्य, योग्यता सामर्थ्य आदि की ठीक-ठाक स्थिति जानने या पता लगाने की क्रिया या भाव — [[इम्तिहान]]
# [[परोक्ष]] — आंखो से ओझल — [[पथकुन]]
# [[परोपकार]] — दूसरों की भलाई, दूसरों के हित का काम — [[पर वॅपकार]], [[खा॑रि आम]]
# [[पर्यटक]] — देश-विदेश में घूमने-फिरने वाला — [[सालान्य]], [[विज़िटट]]
# [[पर्यटन]] — अनेक महत्त्वपूर्ण स्थल देखने तथा मन-बहलाव के लिए अधिक विस्तृत भूभाग में किया जाने वाला भ्रमण — [[सा॑ल]]
# [[पर्याप्त]] — जितना आवश्यक हो उतना सब, यथेष्ट, काफी — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[पर्याय]] — सामानार्थक शब्द — [[ह्युव लफ़॑ज़]]
# [[पर्व]] — ग्रंथ आदि का अंश, खंड, भाग — [[वॅछुब]], [[बॊडदोह]]
# [[पर्वतारोहण]] — पहाड़ पर चढ़ने की क्रिया या पहाड़ पर चढ़ना — [[पहाड़स खसुन]]
# [[पलायन]] — निकल भागने या बच निकलने की क्रिया या भाव — [[च़लुन]], [[पॊत ह्यॊन]]
# [[पवन]] — वायु हवा — [[हवा]]
# [[पवित्र]] — (पदार्थ) जो धार्मिक उपचारों से इस प्रकार शुद्ध किया गया हो अथवा स्वत: अपने गुणों के कारण इतना अधिक शुद्ध माना जाता हो कि पूजा-पाठ, यज्ञ होम आदि में काम में लाया या बरता जा सके — [[श्रूच]], [[शूच]]
# [[पशु]] — चार पैरों से चलने वाला दुमदार जंतु, जानवर — [[पॊश]], [[गुपुन]]
# [[पश्चाताप]] — किसी कर्म के बाद उसके औचित्य का भान होने पर मन में होने वाला दु:ख, पछतावा — [[पछताव]]
# [[पसारना]] — अधिक विस्तृत करना — [[वाहरावुन]]
# [[पसीना]] — ताप, परिश्रम आदि के कारण शरीर या अंगो में से निकलने वाले जलकण, स्वेद — [[गुमु]]
# [[पहचान (पहिचान)]] — पहचानने की क्रिया, भाव या शक्ति — [[ज़ान]]
# [[पहचानना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते ही उसके चित्रों, लक्षणों, रूप-रंग के आधार पर यह जान या समझ लेना कि यह अमुक व्यक्ति या वस्तु है जिसे मैं पहले से जानता हूँ — [[ज़ानुन]]
# [[पहनना]] — शरीर या अंग पर विशेषकर कपड़े, गहने आदि धारण करना — [[छुनुन]], [[गंडुन]]
# [[पहनावा (पहरावा)]] — पहनने के कपड़े, पोशाक — [[पॅशाख]]
# [[पहरेदार]] — वह जिसका काम कहीं खड़े-खड़े घूम-घूम कर चौकसी करना हो, चौकीदार, संतरी — [[पहरूदार]]
# [[पहलवान]] — कुश्ती लड़ने वाला मजबूत और कसरती व्यक्ति — [[पहलवान]]
# [[पहला]] — समय के विचार से जो और सब के आदि में हुआ हो — [[गॅडन्युक]]
# [[पहले]] — आदि, आरंभ या शुरु मे, सर्व प्रथम — [[गॅड॑]]
# [[पहाड़]] — चट्टानों का वह प्राकृतिक पुंज जो जमीन की सतह से बहुत ऊंचा होता है, पर्वत — [[बाल]], [[पहाड]]
# [[पहाड़ा]] — किसी अंक की गुणन सारणी — [[पहाडु]]
# [[पहिया]] — गाड़ी, यान आदि का वह गोलाकार हिस्सा जिसकी धुरी पर घूमने से गाड़ी या यान आगे बढ़ता है — [[पीय]]
# [[पहुंचना]] — (वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक स्थान से चलकर अथवा किसी प्रकार दूसरे स्थान पर उपस्थित या प्रस्तुत होना — [[वातुन]]
# [[पांडुलिपि]] — पुस्तक, लेख आदि की मुद्रण योग्य प्रति — [[कलमी नॅस्खु॑]]
# [[पाक्षिक]] — चांद्र मास के पक्ष से संबंध रखने वाला — [[पछ्य]]
# [[पांखड]] — दिखावटी आचरण, उपासना या भक्ति — [[पाखंड]], [[हावबाव]]
# [[पागल]] — जो किसी तीव्र मनोविकार के कारण ज्ञान या विवेक खो बैठा हो, विक्षिप्त, सनकी — [[पागल]]
# [[पाचक]] — पचाने वाला — [[वाजु॑]]
# [[पाठक]] — पढ़ने वाला — [[परन वोल]]
# [[पाठशाला]] — वह स्थान जहाँ विद्यार्थियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, विद्यालय — [[च़ाटु॑ हाल़]]
# [[पाताल]] — पृथ्वी के नीचे के सात लोकों में से सबसे नीचे का लोक, नाग-लोक — [[पाताल]], [[तलपाताल]]
# [[पात्र]] — वह आधान जिसमें कुछ रखा जा सके, बरतन, भाजन — [[बानु॑]]
# [[पाना]] — प्राप्त करना — [[प्रावुन]], [[लबुन]]
# [[पाप]] — धर्म और नीति के विरूद्ध किया जाने वाल ऐसा निंदनीय आचारण या काम जो बुरा हो और जिसके फलस्वरूप मनुष्य को नरक भोगना पड़ता हो — [[पाफ]], [[गॅनाह]]
# [[पारंगत]] — जिसने किसी विद्या या शास्त्र का बहुत अधिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो — [[आ॑लिम]], [[मा॑हिर]]
# [[पार]] — झील, नदी, समुद्र आदि का दूसरी ओर का किनारा — [[अपोर]]
# [[पारदर्शी]] — आर-पार अर्थात् बहुत दूर तक की बात देखने और समझने वाला — [[दूरंद॑शी]]
# [[पारस]] — एक कल्पित पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा सोना हो जाता है — [[पारस]]
# [[पारावार]] — समुद्र — [[सॊदुर]]
# [[पारिभाषिक]] — परिभाषा संबंधी — [[टॆकनिकु॑ल]]
# [[पारिश्रमिक]] — किए हुए श्रम या कार्य के बदले में मिलने वाला धन, करने की मजूरी (रिम्यूनरेशन) — [[मेहनु॑तानु॑]]
# [[पालकी]] — एक प्रसिद्ध सवारी जिसे कहार या मजदूर कंधे पर उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं — [[ज़ाँ॑पानु॑]]
# [[पालतू]] — (पशु पक्षियों के संबंध में) जो पकड़ कर घर में रखा तथा पाला गया हो (जंगली से भिन्न) — [[पालतू]]
# [[पालन]] — भरण-पोषण, परवरिश — [[पालुन]], [[रछुन]]
# [[पालना]] — भरण-पोषण करना, परवरिश करना — [[पालुन रछुन]]
# [[पावन]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पाश]] — वह चीज जिससे किसी को फंसाया या बांधा जाए, बंधन, फंदा — [[फंदु॑]], [[जाल]]
# [[पास]] — जो अवकाश, काल आदि के विचार से अधिक दूरी पर न हो, निकट, समीप — [[नर॑वु]]
# [[पिंजरा]] — धातु बांस आदि की तीलियों का बना हुआ बक्स की तरह का वह आधान जिसमें पक्षी, पशु आदि बंद करके रखे जाते हैं (केज) — [[ठ्युप]], [[पंजरु॑]]
# [[पिंड]] — धनी या ठोस चीज का छोटा और प्राय: गोलाकार खंड या टुकड़ा, ढेला या लोंदा — [[प्यंड]]
# [[पिंडदान]] — कर्मकांड के अनुसार पितरों का पिंड देने का कर्म जो श्राद्ध में किया जाता है — [[श्राद]], [[प्यंड थवुन]]
# [[पिचकारी]] — नली के आकार का धातु का बना हुआ एक उपकरण जिसके मुंह पर एक या अनेक ऐसे छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनके मार्ग से नाली में भरा हुआ तरल पदार्थ दबाव से धार या फुहार के रूप में दूसरों पर या दूर तक छिड़का या फेंका जाता है (सिरिंज) — [[पिचकार्य]]
# [[पिछला]] — जो किसी वस्तु के पीछे की ओर हो (हिंड, बैक) — [[प॑त्युम]]
# [[पिपासा]] — पानी या और कोई तरल पदार्थ पीने की इच्छा, तृष्णा, तृषा, प्यास — [[त्रेश]]
# [[पिशाच]] — एक प्रकार के भूत या प्रेत जिनकी गणना हीन देव योनियों में होती है तथा जो वीभत्स कर्म करने वाले माने जाते हैं — [[पेशाच़]]
# [[पीछे]] — पीठ की ओर — [[प॑त्यकिन्य]]
# [[पीटना]] — आघात करना, चोट पहुंचाना — [[चेटुन]], [[लायुन]]
# [[पीठिका]] — छोटा पीढ़ा, पीढ़ी — [[पीर]]
# [[पीड़ा]] — शारीरिक या मानसिक कष्ट, दर्द, त्वचा का दर्द — [[तकलीफ]]
# [[पीढ़ी]] — किसी कुल या वंश की परम्परा में, क्रम-क्रम से आगे बढ़ने वाली संतान की प्रत्येक कड़ी या स्थिति — [[पीर]]
# [[पीना]] — किसी तरल पदार्थ को घूँट-घूँट करके पेट मे उतारना — [[चॊन]]
# [[पीला]] — जो केसर, सोने या हल्दी के रंग का हो — [[ल्यॊदुर]]
# [[पीसना]] — रगड़ या दबाव पहुंचा कर किसी वस्तु को चूरे के रूप में बदलना — [[प्युहुन]]
# [[पुंज]] — ढेर, राशि — [[डेर]], [[राश]]
# [[पुकार]] — जोर से नाम लेकर संबोधित करने की क्रिया या भाव — [[आलव]], [[नाद]]
# [[पुकारना]] — किसी को बुलाने, संबोधित करने या उसका ध्यान आकृष्ट करने के लिए जोर से उसका नाम लेना — [[आलव द्युन]]
# [[पुचकारना]] — प्यार जतलाते हुए मुंह से पुच-पुच शब्द करना — [[टाठिन्यार क॑रुन्]]
# [[पुजारी]] — किसी देवी-देवता की मूर्त्ति या प्रतिमा की पूजा करने वाला व्यक्ति — [[पुज़ार्य]], [[गोर]]
# [[पुण्य]] — पवित्र, शुद्ध — [[पॊन्य]], [[सवाब]]
# [[पुनरावृत्ति]] — किए हुए काम या बात को फिर से करने या दोहराने की क्रिया या भाव — [[फ्युर द्युन]]
# [[पुनरीक्षण]] — किए हुए काम को जांचने के लिए फिर से देखना — [[बॆयि वुछुन]]
# [[पुनर्जन्म]] — मरने के बाद फिर से उत्पन्न होना, दोबारा शरीर धारण करना — [[पॅनर ज़नु॑म]]
# [[पुनीत]] — पवित्र — [[श्रूच़]]
# [[पुरस्कार]] — अच्छी तरह कोई प्रशस्त और कठिन कार्य करने पर आदर या सत्कार के रूप में दिया जाने वाला धन या पदार्थ (प्राइज़, एवार्ड, रिवार्ड) — [[यनामु॑]]
# [[पुरूषार्थ]] — वह मुख्य अर्थ, उद्देश्य या प्रयोजन जिसकी प्राप्ति या सिद्धि के लिए मनुष्य का प्रयत्न करना आवश्यक और कर्त्तव्य हो (पूरुषार्थ चार हैं- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) — [[ह्यमथ]]
# [[पुरोहित]] — कर्मकांड आदि जानने वाला ब्राह्मण जो अपने यजमान के यहां मुंडन, यज्ञोपवीत, विवाह आदि संस्कार कराता तथा अन्य अवसरों पर उनसे दान, दक्षिणा आदि लेता है (हिन्दू प्रीस्ट) — [[गोर]]
# [[पुल]] — खाइयों, नदी-नालों, रेल लाईनों, आदि के ऊपर आर-पार पाट कर बनाई हुई वह वास्तु रचना, जिस पर से होकर गाड़ियाँ और आदमी इधर से उधर आते जाते हैं सेतु (ब्रिज) — [[कदु॑ल]]
# [[पुष्प]] — फूल, कुसुम — [[गुलु]], [[पुष्पु]]
# [[पुष्पांजलि]] — फूलों से भरी हुई अंजली जो किसी देवता या महापुरुष को अर्पित की जाती है — [[पोशि दॅछ़]]
# [[पुस्तकालय]] — वह स्थान जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकें सुव्यवस्थित ढंग से रखी जाती हैं — [[कुतुबखानु]], [[लयब्रेरी]]
# [[पूंजी]] — जोड़ा या जमा किया हुआ धन — [[संच़्यथ]], [[सरमायि]]
# [[पूछताछ]] — किसी बात की जानकारी के लिए उसके संबंध में एक या अनेक व्यक्तियों से बार-बार पूछना — [[प्रिछु॑-गार॑]]
# [[पूछना]] — किसी बात की जिज्ञासा से कोई प्रश्न करना — [[प्र॑छुन]]
# [[पूजना]] — देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल नैवेद्य आदि चढ़ाना — [[पूजुन]]
# [[पूजनीय]] — पूजा करने योग्य, अर्चनीय या आदरणीय — [[पूज़ायि युग्य]], [[पूज़ि लायख]]
# [[पूजा]] — किसी देवी-देवता पर विनय, श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ जल, फूल, फल, अक्षत आदि चढ़ाने का धार्मिक कृत्य, अर्चन, पूजन — [[पूज़ा]]
# [[पूरा]] — पूरी तरह से, भरा हुआ, परिपूर्ण — [[पूरु॑]]
# [[पूर्ण]] — जो पूरी तरह से भरा हुआ हो — [[पूरु॑]]
# [[पूर्णमासी]] — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपनी सोलहों कलाओं से युक्त होता है, पूर्णिमा — [[पुनिम]]
# [[पूर्णिमा]] — चाँद्र मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि जिसमें चन्द्रमा अपने पूरे मंडल से उदय होता है, पूर्णमासी — [[पुनिम]]
# [[पूर्वज]] — बाप, दादा, परदादा आदि पूर्व पुरुष, पुरखा — [[जद]], [[अज्दाद]]
# [[पूर्वानुमान]] — किसी भावी काम या बात के स्वरूप आदि के संबंध में पहले से किया जाने वाला अनुमान या कल्पना — [[ब्रोंह आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाभास]] — किसी काम या बात के संबंध में पहले से ही हो जाने वाला अनुमान — [[आं॑कु॑वन]]
# [[पूर्वाह्न]] — दिन का पहला भाग, सवेरे से दोपहर का समय — [[दुपहा॑रु॑ ब्रोंह]]
# [[पृथ्वी]] — सौर जगत का पाँचवां सबसे बड़ा ग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं — [[बुतु॑राथ]]
# [[पृष्ठभूमि]] — पिछला भाग — [[पॊत बोग]]
# [[पेचीदा]] — जिसमें बहुत से पेंच हो ; घुमाव-फिराव वाला — [[पीचीदु॑]]
# [[पेटी]] — कमर में लपेट कर बाँधने का तमसा, कमरबंद — [[कमरबन्द]]
# [[पेड़]] — वृक्ष — [[कुल]]
# [[पेशगी]] — अग्रिम धन (एडवान्स) — [[सय]], [[पेशु॑गी]]
# [[पेशा]] — व्यवसाय, धंधा — [[पेशि]]
# [[पैदावार]] — फसल, अन्न आदि जो खेत में बोने से पैदा होता है, उत्पादन — [[पा॑दावार]]
# [[पोंछना]] — किसी सूखे कपड़े को इस प्रकार किसी अंग, वस्तु या स्थान पर फेरना कि उस स्थान की नमी को सोख ले — [[वॅथरुन]]
# [[पोत]] — जहाज़, जलयान — [[जहाज़]]
# [[पोतना]] — लेप करना, चुपड़ना — [[लिवुन]]
# [[पोषण]] — लालन-पालन — [[रछुन]]
# [[पोशाक]] — पहनावा, लिबास — [[पॅशाख]]
# [[पौधा]] — छोटा पेड़, नया पेड़ — [[कुल]]
# [[पौना (पौन)]] — तीन चौथाई — [[दून]]
# [[पौरुष]] — पुरुषार्थ, पराक्रम, उद्यम — [[ह्यमथ]]
# [[पौष्टिक]] — शक्तिवर्धक — [[ताकथवर]]
# [[प्याऊ]] — वह स्थान जहाँ राह चलते लोगों को नि:शुल्क पानी पिलाया जाता है — [[प्यावू]], [[त्र॑शि]]
# [[प्यार]] — स्नेह, प्रेम, अनुराग — [[लोल]]
# [[प्यारा]] — जो देखने में अच्छा और भला लगे — [[टोठ]]
# [[प्याला]] — एक प्रकार की कटोरी (कप) — [[प्यालु॑]]
# [[प्यास]] — वह स्थिति जिसमें जल या कोई तरल पदार्थ पीने की उत्कट इच्छा होती है, तृष्णा, पिपासा — [[त्रेश]]
# [[प्रकट]] — ज़ाहिर, स्पष्ट, उद्भूत — [[नॊन]]
# [[प्रकांड]] — उत्तम, सर्वश्रेष्ठ — [[स्यठा थॊद]]
# [[प्रकृति]] — सहज स्वाभाविक गुण, स्वभाव — [[प्रकरथ]], [[मिज़ाज]]
# [[प्रकोप]] — अत्यधिक क्रोध — [[क॑हर]]
# [[प्रखर]] — तीक्ष्ण, उग्र तेज — [[तीज़]]
# [[प्रगतिशील]] — जो आगे बढ़ रहा हो या उन्नति कर रहा हो — [[ब्रोंह पकवुन]], [[तरकी वोल]]
# [[प्रचंड]] — अति तीव्र भंयकर — [[स्यठा तेज]], [[बयानख]]
# [[प्रचलित]] — जो उपयोग या व्यवहार में आ रहा हो — [[चलवुन]]
# [[प्रचार]] — वह प्रयास जो किसी बात या सिद्धान्त को फैलाने के लिए किया जाता है (प्रोपगेंडा) — [[प्रचार]]
# [[प्रचुर]] — बहुत अधिक, प्रभूत — [[स्यठा]], [[वार्याह]]
# [[प्रजनन]] — संतान उत्पन्न करना — [[ज़्य॑वरावुन]]
# [[प्रजा]] — किसी राज्य या राष्ट्र की जनता — [[प्रज़ा]], [[लुख]], [[अवाम]]
# [[प्रजातंत्र]] — प्रजा की प्रजा के प्रतिनिधियों द्वारा प्रजा के लिए शासन व्यवस्था (डिमाक्रेसी) — [[जॊमहूरियथ]]
# [[प्रण]] — दृढ़ निश्चय, प्रतिज्ञा — [[प्रन]]
# [[प्रणय]] — प्रेम, प्रीति — [[प्रॆयम]]
# [[प्रणाम]] — नमस्कार, अभिवादन — [[नमस्कार]], [[सलाम]]
# [[प्रणाली]] — पद्धति, रीति, ढंग — [[रीथ]]
# [[प्रताप]] — तेज, प्रभाव — [[तीज़]], [[जलाल]]
# [[प्रतिकार]] — बदला चुकाने के लिए किया गया कार्य बदला, प्रतिशोध (रिवेंज) — [[बदलु॑ह्यॊन]]
# [[प्रतिकूल]] — जो अनुकूल न हो, विपरीत — [[वुलटु॑]]
# [[प्रतिक्रिया]] — किसी कार्य या घटना के परिणाम स्वरूप होने वाला कार्य — [[तर]], [[असर]]
# [[प्रतिज्ञा]] — शपथ, सौगंध, प्रण — [[कसम]]
# [[प्रतिद्वंद्वी]] — वह व्यक्ति या वस्तु जो किसी दूसरे व्यक्ति या वस्तु के मुकाबले की हो या जिससे उसका मुकाबला हो (राइवल) — [[मुकाबलुक]]
# [[प्रतिध्वनि]] — गूँज, प्रतिशब्द — [[गुंबद]]
# [[प्रतिनिधि]] — वह व्यक्ति जो दूसरों की ओर से कहीं भेजा जाए अथवा उनकी ओर से कार्य करे (रेप्रिजेंटेटिव) — [[नुमायन्दु॑]]
# [[प्रतिपादन]] — किसी विषय का सप्रमाण कथन, निरूपण, विषय का स्थापन — [[सा॑बिथ करुन]]
# [[प्रतिबंध]] — बंधन या रोक, मनाही — [[ठाख]], [[रुकावठ]]
# [[प्रतिबिंब]] — परछाई, प्रतिच्छाया — [[छ़ाय]], [[अकु॑स]]
# [[प्रतिभा]] — असाधारण बुद्धिबल, विलक्षण बौद्धिक शक्ति — [[ज़ॆहनथ]]
# [[प्रतिमा]] — मूर्ति, अनुकृति — [[मूरथ]]
# [[प्रतियोगिता]] — होड़, मुकाबला — [[मुकाबलु॑]]
# [[प्रतिलिपि]] — किसी लिखी हुई चीज की नकल (कापी) — [[नकु॑ल]]
# [[प्रतिशत]] — हर सौ पर, फीसदी — [[फीसदी]]
# [[प्रतिशोध]] — बदला प्रतिकार — [[बदलु॑]]
# [[प्रतिष्ठा]] — मान, मर्यादा, इज्ज़त — [[यज़थ]], [[शॊहरथ]]
# [[प्रतिस्पर्धा]] — होड़, प्रतियोगिता — [[मान मान]]
# [[प्रतीक]] — वह गोचर या दृश्य वस्तु जो किसी अगोचर या अदृश्य वस्तु के बहुत कुछ अनुरूप होने के कारण उसके गुण रूप का परिचय कराने के लिए उसका प्रतिनिधित्व करती हो (सिंबल) — [[तश्बीह]]
# [[प्रतीक्षा]] — इन्तज़ार — [[इन्तिज़ार]]
# [[प्रतीक्षालय]] — वह स्थान जहाँ बैठकर किसी का इन्तजार किया जाता है — [[इन्तिज़ारुच जाय]]
# [[प्रत्यक्ष]] — जो आंखो के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा हो — [[द्रेंठमान]]
# [[प्रत्यय]] — व्याकरण में वह अक्षर या अक्षरों का समूह जो धातुओं अथवा विकारी शब्दों के अंत में लगकर उनके अर्थो में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं (साफिक्स) — [[पॊतलॊग]], [[प्रत्यय]]
# [[प्रत्याशी]] — उम्मीदवार — [[वॅमेदवार]]
# [[प्रत्येक]] — हरएक — [[प्रथकाँह]]
# [[प्रथम]] — जो पहले स्थान पर हो — [[गॅडन्युक]]
# [[प्रथा]] — रीति, परिपाटी — [[रॆवाज]]
# [[प्रदक्षिणा]] — किसी पवित्र स्थान या देव मूर्ति के चारों ओर इस प्रकार घूमना कि वह पवित्र स्थान या मूर्ति बराबर दाहिनी ओर रहे, परिक्रमा — [[प्रदिख्यन]]
# [[प्रदर्शिनि]] — वह स्थान जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं दिखाने के लिए रखी हों — [[नुमा॑यिश]]
# [[प्रदेश]] — भू-भाग का कोई खंड विशेष — [[सूबु॑]]
# [[प्रधान]] — सबसे बड़ा मुख्य, मुखिया — [[ज़्युठ]]
# [[प्रबंध]] — व्यवस्था — [[इन्तिज़ाम]]
# [[प्रबल]] — जिसमें बहुत अधिक बल हो — [[ताकथवर]]
# [[प्रभा]] — प्रकाश, दीप्ति — [[दिवथ]], [[चमख]]
# [[प्रभात]] — सूर्य निकलने से कुछ पहले का समय, प्रात: काल — [[प्रबाथ]], [[प॑त्युम पहर]]
# [[प्रभाव]] — किसी के बुद्धिबल, उच्चपद आदि के फलस्वरूप दूसरों पर पड़ने वाला दबाब (इन्फ्लूएन्स) — [[असर]]
# [[प्रभु]] — ईश्वर — [[दय]]
# [[प्रमाण]] — सबूत — [[सॊबूथ]], [[प्रमान]]
# [[प्रमुख]] — प्रथम, मुख्य — [[ज़्युठ]]
# [[प्रयत्न]] — कोशिश, प्रयास — [[कूशिश]]
# [[प्रयास]] — प्रयत्न, कोशिश — [[कूशिश]]
# [[प्रयोग]] — इस्तेमाल — [[इस्तिमाल]]
# [[प्रयोगशाला]] — वह स्थान जहाँ विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं (लेबोरेटरी) — [[ल्यबाट्री]], [[तजरूबु॑गाह]]
# [[प्रयोजन]] — उद्देश्य, हेतु — [[मकसद]]
# [[प्रलय]] — संसार का अपने मूल कारण प्रकृति में सर्वथा लीन हो जाना, सृष्टि का सर्वनाश — [[कयामथ]]
# [[प्रलेख]] — दस्तावेज, अनुबंध पत्र — [[दस्तावेज़]]
# [[प्रलोभन]] — लालच — [[लालच]]
# [[प्रवचन]] — धार्मिक नैतिक आदि गंभीर विषयों में परोपकार की दृष्टि से कही जाने वाली अच्छी तथा विचारपूर्ण बातें — [[वॅपदीश]]
# [[प्रवास]] — परदेस में रहना, विदेशवास — [[परदेसु॑ रोजुन]]
# [[प्रवासी]] — परदेश में रहने वाला, जो प्रवास में हो — [[परद॑स॑स॑ मंज रोज़न वोल]]
# [[प्रवाह]] — बहने की क्रिया या भाव, बहाव — [[बहाव]], [[वसुन]]
# [[प्रविष्टि]] — प्रवेश — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रवीण]] — निपुण, कुशल — [[मा॑हिर]]
# [[प्रवृत्ति]] — मन का किसी विषय की ओर झुकाव (ट्रैन्ड) — [[लॅय-खॅय]]
# [[प्रवेश]] — अन्दर जाने की क्रिया या भाव — [[दा॑खलु॑]]
# [[प्रशंसा]] — गुणों का बखान, तारीफ — [[ता॑रीफ]]
# [[प्रशासन]] — सार्वजनिक व्यवस्था की दृष्टि से किया जाने वाला कार्य, शासन, (एडमिनिस्ट्रेशन) — [[हॅकूमथ]], [[इंन्तिजामियि]]
# [[प्रशिक्षण]] — किसी व्यावहारिक या प्रायोगिक शिक्षा पद्धति से दी जाने वाली विशेष शिक्षा, सिखलाई ; (ट्रेनिंग) — [[ट्रेनिंग]]
# [[प्रसंग]] — विषय या तारतम्य, प्रकरण, संबंध — [[प्रसंग]]
# [[प्रसन्न]] — खुश, संतुष्ट, प्रफुल्लित — [[ख्वश]]
# [[प्रसारण]] — आकाशवाणी आदि द्वारा अपने कार्यक्रमों को दूर-दूर के लोगों को सुनाने के लिए फैलाना, (ब्राडकास्टिंग) — [[नशरियाथ]]
# [[प्रसिद्ध]] — विख्यात, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[प्रसूति]] — प्रसव, उत्पत्ति — [[प्रसुन]]
# [[प्रस्ताव]] — किसी के सामने विचारार्थ रखी गई बात या सुझाव — [[तजवीज़]]
# [[प्रस्तावना]] — किसी ग्रंथ का वह आरम्भिक वक्तव्य जिसमें उससे संबंधित कुछ मुख्य बातों का विवेचन किया जाता है (प्रिफेस) — [[ब्रोहंकथ]], [[तमहीद]]
# [[प्रस्तुत]] — मौजूद, उपस्थित, वर्तमान — [[पेश]]
# [[प्रहरी]] — पहरेदार — [[पहरु॑दर]]
# [[प्राण]] — शरीर के भीतर की जीवनाधार वायु, श्वास — [[प्रान]], [[ज़ुव]]
# [[प्राणदंड]] — मौत की सजा, मृत्यु दंड — [[मोतुक सज़ा]]
# [[प्राथमिकता]] — किसी कार्य, बात या व्यक्ति को औरों से पहले दिया जाने या मिलने वाला अवसर या स्थान, अग्रता (प्राइअरिटी) — [[गॅडु॑ अनवार्य]]
# [[प्रादेशिक]] — प्रदेश संबंधी, प्रदेश का — [[सूबा॑यी]]
# [[प्राप्त]] — जो मिला हो लब्ध — [[प्रा॑वमुत]]
# [[प्रामाणिक]] — जो प्रमाण के रूप में माना जाता हो या माना जा सकता हो — [[सॊबूथु॑वोल]]
# [[प्राय:]] — लगभग, करीब-करीब — [[अकसर]]
# [[प्रायद्वीप]] — स्थल का वह भाग जो तीन ओर पानी से घिरा हो और एक ओर स्थल से लगा हो (पिनिन्स्युला) — [[जज़ीरु॑नुमा]]
# [[प्रायश्चित]] — कोई ग़लत या अनुचित कार्य हो जाने पर अफसोस करना, पछतावा — [[प्रायाच्य़थ]]
# [[प्रार्थना]] — निवेदन, याचना — [[प्रार्थना]]
# [[प्रिय]] — जिसके प्रति बहुत अधिक स्नेह या प्रेम हो, मन को अच्छा लगने वाला, प्यारा — [[टोठ]]
# [[प्रीतिभोज]] — किसी मांगलिक या सुखद अवसर पर बंधु-बांधवों और इष्ट मित्रों को अपने यहाँ बुलाकर कराया जाने वाला भोजन, दावत — [[साल]]
# [[प्रेम]] — प्रीति, प्यार, स्नेह, अनुराग — [[प्रॆयम]], [[टाठिन्यार]]
# [[प्रेरक]] — प्रेरित करने वाला, प्रेरणा देने वाला — [[ह्यमथ दि॑नुवोल]]
# [[प्रेरणा]] — किसी को किसी कार्य में प्रवृत्त करने की प्रक्रिया या भाव — [[प्रेरना]]
# [[प्रेषण]] — भेजना, रवाना करना — [[सोजुन]]
# [[प्रोत्साहन]] — हिम्मत बढ़ाना — [[ह्यमथ दिन्य ह्यमतु॑च कथ]]
# [[प्रोढ़]] — अच्छी या पूरी तरह से बढ़ा हुआ — [[मरद्यादम]], [[बालेंग]]
# [[फकीर]] — भिखमंगा, भिखारी — [[फकीर]]
# [[फटकना]] — सूप आदि के द्वारा अन्न साफ करना — [[छटुन]]
# [[फड़कना]] — शरीर के किसी अंग में स्फुरण होना — [[फोरुन]]
# [[फबना]] — किसी वस्तु या व्यक्ति का शोभन तथा सुंदर लगना — [[फबुन]], [[शूबुन]]
# [[फर्क]] — दो विभिन्न वस्तुओं, व्यक्तियों आदि में होने वाली विषमता, भिन्नता — [[फरु॑ख]]
# [[फल]] — पेड़ का फल — [[फल]], [[म्यवु॑]]
# [[फलना]] — वृक्ष का फलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फसल]] — खेत मेंबोये हुए अनाजों आदि की पैदावार (क्रॉप/हार्वेस्ट) — [[फसु॑ल]]
# [[फब्बारा]] — एक विशिष्ट प्रकार का उपकरण जिससे पानी या किसी तरल पदार्थ की बूंदें निरन्तर गिरती हैं, फुहारा (फाउन्टेन) — [[फंववारु॑]]
# [[फहराना]] — खुले या फैले हुए वस्त्रों या झंडे का हवा में उड़ना (हाइस्ट) — [[फहरावुन]], [[लहरावुन]]
# [[फांसना]] — फंदे में किसी पशु-पक्षी को फंसाना — [[फसावुन]]
# [[फांसी]] — प्राणदंड — [[फांस्य॑]]
# [[फाटक]] — मुख्य द्वार पर लगा हुआ बड़ा दरवाजा (मेन गेट) — [[फाटक]]
# [[फाड़ना]] — कागज, कपड़े आदि को बलपूर्वक खींचकर टुकड़े-टुकड़े कर देना — [[चटुन]]
# [[फालतू]] — जो किसी उपयोग में न आ रहा हो आवश्यकता से अधिक — [[फालतू]]
# [[फिर]] — दोबारा या पुन: — [[ब्ययि]]
# [[फीका]] — स्वादहीन (पदार्थ) — [[बॆमजु॑]], [[फीकु॑]]
# [[फीता]] — सूत आदि की बनी हुई कम चौड़ी और लम्बी पट्टी (लेस) — [[फीतु॑]]
# [[फीस]] — विशिष्ट कार्यों के बदले दिया गया धन — [[फीस]]
# [[फुंकार]] — वह शब्द जो कुछ जंतुओ के वेगपूर्वक सांस बाहर निकालते समय होता है; फूत्कार, फुफ़कार — [[फूंकुन]]
# [[फुटकर]] — भिन्न या अनेक प्रकार का — [[परचून]]
# [[फुदकना]] — थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उछलते हुए आते-जाते रहना — [[वॅटु॑ तुलनि]]
# [[फुलझड़ी]] — छोटी, पतली डंडी की तरह की आतिशबाजी जिसमें से फूल की सी चिनगारियाँ निकली हैं — [[फुलु॑जर्य]]
# [[फूलवारी]] — फूलों से भरा छोटा उद्यान या बगीचा — [[पोशिवार॑]]
# [[फुसफुसाना]] — बहुत ही धीमे स्वर में कुछ बोलना — [[कनु॑फिसराय]]
# [[फुहार]] — ऊपर से गिरने वाली पानी की या किसी तरल पदार्थ की छोटी-छोटी बूँदे — [[पाँछिकु॑]]
# [[फुहारा]] — ज़मीन से फूट पड़ने वाली तेज धार (स्प्रिंग) — [[चश्मु॑]], [[फंवार]]
# [[फूंकना]] — मुँह का विवर समेटकर वेग के साथ हवा छोड़ना — [[फुकुन]]
# [[फूट]] — आपसी अनबन या बिगाड़ — [[निफाक]]
# [[फूल]] — पुष्प, कुसुम — [[पोश]]
# [[फूलदान]] — फूल सजाने के लिए मिट्टी, धातु, शीशे आदि का बना पात्र, गुलदान — [[पोशिगमलु॑]], [[गुलदान]]
# [[फूलना]] — फूलों से युक्त होना — [[फॅलुन]]
# [[फेंकना]] — हाथ से किसी चीज को ऊंचा उछाल कर गिरा देना — [[दा॑रिथ द्युन]]
# [[फेन]] — बुलबुलों का समूह, झाग — [[पॊस]]
# [[फेरा]] — किसी चीज के चारों ओर घूमने की क्रिया या भाव — [[फेरु॑]]
# [[फैलना]] — किसी चीज का विस्तार होना — [[फ॑हलुन]]
# [[फोड़ना]] — शीशा, चीनी, या मिट्टी आदि की कोई वस्तु खंड-खंड करना या तोड़ना — [[फुटरुन]]
# [[बंगला]] — चारों तरफ से खुला हुआ एक मंजिला मकान — [[बॊंगंलु॑]]
# [[बंजर]] — ऊसर भूमि जहाँ कुछ पैदा न हो सके — [[बंजर]]
# [[बंद]] — बंधा हुआ, कसा हुआ — [[बंद]]
# [[बंदनवार]] — आम, अशोक आदि की पत्तियों को किसी लंबी रस्सी में जगह-जगह टांकने पर बनने वाली शृंखला जो शुभ अवसरों पर दरवाजों पर लटकाई जाती है — [[बंदनवार]], [[वावु॑मालु॑]]
# [[बंदरगाह]] — समुद्र के किनारे का वह स्थान जहाँ जहाज ठहरते हैं (सी पोर्ट, हार्बर) — [[बंदरगाह]]
# [[बंदी]] — कैदी (प्रिज़नर) — [[कू॑द्य]]
# [[बंदूक]] — ऐसा अस्त्र जिसमें कारतूस, गोली आदि भरकर इस प्रकार छोड़ी जाती है कि लक्ष्य पर गिरे, (गन, राईफल, मस्केट) — [[बॊंदूख]]
# [[बंधक]] — गिरवी या रेहन — [[गिरवी]]
# [[बकना]] — ऊटपटांग या व्यर्थ की बहुत सी बातें करना — [[बकुन]]
# [[बकाया]] — बाकी बचा हुआ — [[बकाया]]
# [[बगीचा]] — छोटा बाग या फुलवारी — [[पोशिवा॑र]], [[बाग]]
# [[बचत]] — व्यय आदि से बची रहने वाली धन राशि — [[बचथ]]
# [[बचना]] — उपयोग, व्यय आदि हो चुकने के बाद जो कुछ शेष रहे — [[बचुन]]
# [[बचपन]] — बाल्यावस्था — [[लॅकु॑चार]], [[बचपन]]
# [[बच्चा]] — प्राणी का नवजात शिशु — [[बचि]], [[शुर]]
# [[बजना]] — किसी चीज पर आघात किए जाने पर ऊँची ध्वनी निकलना — [[बज्रुन]], [[बजुन]]
# [[बजे]] — समय-मान, जैसे दस बजे, ग्याहर बजे (ओ क्लॉक) — [[बजे]]
# [[बटुआ]] — कपड़े-चमड़े आदि का खानों वाला तथा ढक्कनदार आधान जिसमें रुपये-पैसे रखे जाते हैं (पर्स) — [[बट॑वु॑]]
# [[बड़ा]] — जो अपने आकार-प्रकार या विस्तार के विचार से औरों से बढ़चढ़ कर हो विशाल — [[बॊड]]
# [[बड़ाई]] — बड़े होने की अवस्था या भाव — [[बजर]]
# [[बढ़ना]] — आकार, क्षेत्र, परिमाण, विस्तार, सीमा आदि की वृद्धि होना — [[बडुन]]
# [[बढ़ाना]] — किसी को बढ़ने में प्रवृत्त करना — [[बडावुन]]
# [[बढ़िया]] — जो गुण, रचना, रूप-रंग आदि की दृष्टि से उच्च कोटि का हो उत्तम, (उम्दा) — [[रुत]], [[जान]]
# [[बताना]] — कोई बात कहकर किसी को कोई जानकारी या परिचय कराना — [[वनुन]]
# [[बत्तीसी]] — मनुष्य के 32 दाँतों का समूह — [[दंदु॑वॊट]]
# [[बदनाम]] — जिसकी निंदा हो रही हो, कुख्यात — [[बदनाम]]
# [[बदलना]] — परिवर्तन होना — [[बदलुन]]
# [[बदला]] — प्रतिकार, पलटा — [[बदलु॑]]
# [[बदसूरत]] — भद्दी सूरत वाला, कुरूप — [[बदसूरत]]
# [[बधाई]] — मंगल अवसर का गाना-बजाना — [[पोशतु॑]]
# [[बधिर]] — बहरा — [[ज़ॊर]]
# [[बनजारा]] — वह व्यक्ति जो बैलों पर अन्न लादकर बेचने के लिए एक देश से दूसरे देश को जाता है — [[बजजार्य]]
# [[बनाना]] — किसी वस्तु को तैयार या प्रस्तुत करना — [[बनावुन]]
# [[बनावटी]] — जिसमें तथ्य या वास्तविकता कुछ भी न हो, ऊपरी या बाहरी — [[बनावटी]]
# [[बनिया]] — व्यापार करने वाला व्यक्ति या वैश्य — [[वोन्य]]
# [[बरसना]] — वर्षा होना, गिरना — [[रूद वालुन]]
# [[बरसात]] — बारिश, वर्षा-ऋतु — [[बरसाथ]]
# [[बरसी]] — किसी के मरने के बाद हर वर्ष पड़ने वाली तिथि — [[वहरु॑ वा॑र]]
# [[बराती]] — किसी की बरात में सम्मिलित होने वाला या होने वाले व्यक्ति — [[बरा॑त्य]]
# [[बराबर]] — जो तुलना के विचार से एकसा हो, समान — [[बराबर]]
# [[बर्फ]] — हिम (स्नो) — [[शीन]]
# [[बर्बर]] — जंगली, असभ्य — [[जंगली]]
# [[बल]] — ज़ोर, शक्ति, ताकत — [[बल]], [[ज़ोर]], [[ताकथ]]
# [[बलवान्]] — शक्तिशाली, ताकतवर — [[ताकथवर]]
# [[बलात्कार]] — बलात् या बलपूर्वक कोई काम करना — [[मजबूरी]]
# [[बलिदान]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके उद्देश्य से किसी पशु का किया जाने वाला वध, बलि — [[कॅरबानी]]
# [[बल्कि]] — ऐसा नहीं, इसके स्थान पर आदि का आशय सूचित करने वाला अव्यय, प्रत्युत, वरन् — [[ब॑ल्कि]]
# [[बवंडर]] — आँधी, तूफान — [[तुफान]]
# [[बहकाना]] — चकमा या भुलावा देना — [[वरगु॑लावुन]]
# [[बहना]] — द्रव पदार्थ का धारा के रूप में किसी नीचे तल की ओर प्रवाहित होना — [[बहाव]]
# [[बहरा]] — जिसे सुनाई न पड़ता हो, वधिर — [[ज़ॊर]]
# [[बहलाना]] — किसी को प्रसन्न या शांत करना — [[बहलावुन]]
# [[बहस]] — तर्क, युक्ति आदि के द्वारा होने वाला खंडन-मंडन, विवाद — [[ब॑हस]]
# [[बहादुर]] — वीर, शूर-वीर, सूरमा — [[बा॑हदुर]]
# [[बहाना]] — तथ्य को छिपाने के लिए चालाकी की बात करना — [[बहानु॑]]
# [[बहार]] — फूलों के खिलने का मौसम, वसंत ऋतु — [[बहार]], [[सोंथ]]
# [[बहिर्मुख]] — जिसका मुँह बाहर की ओर हो — [[न्यबु॑र्य मॅख]]
# [[बहिष्कार]] — जाति, समुदाय आदि से बाहर निकालाना — [[छुह द्युन]]
# [[बही-खाता]] — हिसाब-किताब लिखने की पुस्तक — [[बही खातु॑]]
# [[बहुत]] — परिमाण, मात्रा आदि में आवश्यकता से अधिक — [[स्यठा]]
# [[बहुभाषी]] — बहुत भाषाएँ जानने बोलने वाला — [[स्यठाह ज़बान्य ज़ाननवोल]]
# [[बहुमूल्य]] — जिसक मूल्य बहुत हो — [[मॅलुल]]
# [[बहुरूपिया]] — अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला — [[बॊहु॑रूपी]]
# [[बहू]] — नव विवाहिता स्त्री — [[नॅश]]
# [[बांग]] — भोर के समय में मुरगे के बोलने का स्वर — [[बांग]]
# [[बांझ]] — वह स्त्री जो संतान उत्पन्न न कर सके — [[हांठ॑]]
# [[बांटना]] — किसी चीज को कई भागों में विभ़क्त करना या वितरित करना, वितरण — [[बा॑गरुन]]
# [[बांध]] — वह वास्तु-रचना जो किसी नदी की धारा को रोकने अथवा किसी ओर प्रवृत्त करने के लिए बनाई गई हो (डैम) — [[सॊथ]]
# [[बांधना]] — डोरी, रस्सी आदि कसकर किसी चीज के चारों ओर लपेटना — [[गंडुन]]
# [[बांसुरी]] — मुरली या वंशी — [[बनसरी]]
# [[बाकी]] — जो व्यय या क्षय होने के बाद बच रहा हो — [[बाकु॑य]]
# [[बागडोर]] — लगाम — [[लाकम]]
# [[बाज़ार]] — वह स्थान जहाँ अनेक चीजों की बिक्री के लिए पास-पास दुकानें होती हैं — [[बाज़र]]
# [[बाजीगर]] — जादू के खेल दिखाने वाला, जादूगर — [[बा॑ज़्यगर]]
# [[बाट]] — राह, रास्ता, मार्ग — [[वथ]]
# [[बाढ़]] — नदी-नाले की वह स्थिति जब उसका पानी किनारों से बाहर बहकर आस-पास के मकान, झोंपड़ों आदि को बहाने लगता है — [[यूप]], [[सहलाब]]
# [[बाण]] — इस प्रकार का नुकीला अस्त्र जो कमान या धनुष पर वढ़ाकर चलाया जाता है, तीर — [[तीर]]
# [[बातचीत]] — वार्तालाप — [[कथबाथ]]
# [[बाद]] — पश्चात्, अनंतर, पीछे — [[पतु॑]]
# [[बादल]] — मेघ — [[ऒबुर]]
# [[बादशाह]] — बड़े साम्राज्य का शासक, सम्राट — [[बादशाह]]
# [[बाधक]] — बाधा के रूप में होने वाला — [[ठॊर]]
# [[बाधा]] — रोक, रुकावट, अड़चन — [[रुकावठ]]
# [[बाप]] — पिता या जनक — [[मोल]]
# [[बायां]] — 'दायां' का उल्टा, (लैफ्ट) — [[खॊहवुर]]
# [[बारूद]] — गंधक, शोरे, कोयले आदि का वह मिश्रण जो विस्फोटक होता है और तोपें, बंदूकें आदि चलाने के काम आता है — [[शोरु॑]]
# [[बारे में]] — (किसी के) प्रसंग, विषय या संबंध में — [[मुतलख]], [[वेरि]]
# [[बाल]] — वह जो अभी जवान न हुआ हो, बालक, बच्चा — [[शुर]]
# [[बाली]] — कानों में पहनने का एक वृत्ताकार आभूषण — [[कनु॑वा॑ज]]
# [[बालू]] — पत्थरों का चूर्ण जो रेगिस्तानों में या नदियों के तटों पर अत्यधिक मात्रा में पड़ा रहता है, रेत — [[स्यख]]
# [[बावला]] — विक्षिप्त, पागल, दीवाना — [[बोवलु॑]], [[पागल]]
# [[बासी]] — जो एक या अधिक दिन पहले बना या पका हो, 'ताजा' का विपर्याय — [[तुरुन]]
# [[बाहर]] — किसी क्षेत्र, घेरे, विस्तार आदि की सीमा से परे, 'अंदर' और 'भीतर' का विपर्याय — [[न्यबर]]
# [[बिंदी]] — गोलाकार टीका जो प्राय: विवाहित स्त्रियाँ माथे पर लगाती हैं — [[ट्यॊक]]
# [[बिंब]] — किसी आकृति की वह झलक जो किसी पारदर्शक पदार्थ में दिखाई पड़ती है, परछाहीं — [[छ़ाय]], [[अंकु॑स]]
# [[बिखरना]] — किसी चीज के कपड़ों, रेशों, इकाइयों आदि का अधिक क्षेत्र में फैल जाना — [[वाहरावुन]]
# [[बिखेरना]] — वस्तुओं को बिना किसी सिलसिले के फैलाकर रखना या डालना — [[वाहरावुन छकरावुन]]
# [[बिगाड़ना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे किसी काम, चीज या बात में किसी तरह की खराबी आ जाए, खराब करना — [[बिगारुन]]
# [[बिछाना]] — दूर तक फैलाना या बिखेरना — [[वॅथरावुन]]
# [[बिछुड़ना]] — अलग होना — [[अलग सपदुन]], [[छ़यनु॑ गछुन]]
# [[बिछौना]] — बिछावन, बिस्तर — [[वथरुन]]
# [[बिजली]] — आकाश में सहसा उत्पन्न होने वाला वह प्रकाश जो बादलों की रगड़ के कारण उत्पन्न होता है (लाइटिनिंग) — [[वुज़मलु॑]]
# [[बिजलीघर]] — वह स्थान जहाँ रासायनिक प्रक्रियाओं, जल-प्रपातों आदि से बिजली उत्पन्न करके कलकारखानों आदि चलाने और घरों के प्रकाशं आदि करने के लिए जगह-जगह तार की सहायता से पहुँचाई जाती है (पावर-हाउस) — [[बिजलीगर]]
# [[बिना]] — बगैर — [[वरा॑य]]
# [[बिनौला]] — कपास का बीज — [[टॊट]]
# [[बिरादरी]] — विशेषत: किसी एक ही जाति या वर्ग के वे सब लोग जो सामाजिक उत्सवों पर एक दूसरे के यहाँ आते-जाते हैं (समाज) — [[बरादरी]]
# [[बिल]] — जमीन के अंदर खोद कर बनाया हुआ जीव-जन्तुओं के रहने का स्थान — [[ओल]], [[वा॑ज्य]]
# [[बिलकुल]] — पूरा-पूरा, कुल, सब, जितना हो, उतना सब — [[बिलकुल]]
# [[बिलखना]] — रोना, कलपना, विलाप करना — [[वदुन]], [[रिवुन]]
# [[बिलोना]] — किसी तरल पदार्थ में कोई चीज डालकर अच्छी तरह हिलाना, मथना — [[छोंफ]], [[द्युन]]
# [[बिस्तर]] — बिछावन या बिछौना — [[बिस्तर]], [[बथरुन]]
# [[बीच]] — किसी वस्तु का वह केन्द्रीय अंश या भाग जहाँ से उसके सभी छोर समान दूरी पर पड़ते हैं, मध्य — [[मंज़]]
# [[बीज]] — अन्न आदि का वह कण जो खेत में बोने के काम आता है। (सीड) — [[ब्योल]]
# [[बीजक]] — सूची, फेहरिस्त — [[फिरिस्तु॑]]
# [[बीजगणित]] — गणित का वह प्रकार जिसमें अक्षरों को अज्ञात संख्याएं मानकर वास्तविक मान या संख्याएं जानी जाती हैं (अलजेबरा) — [[अलजबरा]]
# [[बीनना]] — छोटी-छोटी चीजों को उठाना या चुनना, छाँटना — [[च़ारुन]]
# [[बीमा]] — किसी प्रकार की विशेषत: आर्थिक हानि पूरी करने की जिम्मेदारी जो कुछ निश्चित धन लेकर उसके बदले में की जाती है (इन्श्योरेन्स) — [[बीमु॑]]
# [[बीमार]] — वह व्यक्ति जो किसी रोग अथवा ज्वर से पीड़ित हो, रोगी — [[ब्यमार]]
# [[बुझाना]] — ऐसी क्रिया करना जिससे आग अथवा किसी जलते हुए पदार्थ का जलना बंद हो जाए — [[छ़्यतु॑ करुन]]
# [[बुढ़ापा]] — बुड्ढ़े होने की अवस्था या भाव, वृद्धावस्था — [[बुजर]]
# [[बुद्धि]] — विचार या निश्चय करने की शक्ति, अक्ल, समझ — [[बॅद]], [[अकु॑ल]]
# [[बुनकर]] — कपड़ा बुनने वाला कारीगर — [[वोवुर]]
# [[बुनना]] — करघे के द्वारा वस्त्र बनाना — [[वोनुन]]
# [[बुरा]] — ख़राब, दोषयुक्त — [[नाकारु॑]]
# [[बुरादा]] — आरे से लकड़ी चीरने या धातु रेतने पर उसमें से निकलने वाला महीन अंश, चूरा — [[कॊश]]
# [[बुलाना]] — किसी को अपनी ओर आने के लिए आवाज देना या पुकारना — [[आलव करुन]], [[नाद लायुन/द्युन]]
# [[बूटि]] — ऐसी जंगली वनस्पति जिसका उपयोग औषध आदि के रूप में होता है — [[जड़ी-बूटी]]
# [[बूढ़ा]] — बड़ी आयु का प्राणी, वृद्ध — [[बुडु॑]]
# [[बेईमान]] — जिसका ईमान ठीक न हो, अधर्मी — [[बॆयिमान]]
# [[बेगार]] — ऐसा काम जो जबरदस्ती और बिना पारिश्रमिक दिए करवाया जाए — [[बेगार्य]]
# [[बेचना]] — अपनी कोई चीज या संपत्ति किसी से दाम लेकर देना — [[कु॑नुन]]
# [[बेचारा]] — नि:सहाय, दीन, गरीब — [[बिचा॑र]]
# [[बेल]] — एक प्रसिद्ध वृक्ष जिसका फल पेट के रोग के लिए गुणकारी होता है — [[ब्यल]]
# [[बेलबूटा]] — किसी चीज पर लताओं, पेड़-पौधों आदि के अंकन या चित्र — [[पोशिथ॑र]]
# [[बैठक]] — बैठने का स्थान — [[बैठक]]
# [[बैठना]] — असीन होना अथवा स्थान-ग्रहण करना — [[बिहुन]]
# [[बैर]] — शत्रुता या बदला लेने की भावना, दुश्मनी — [[वा॑र]]
# [[बैरा]] — होटलों आदि में खाना खिलाने वाला सेवक — [[बहरु॑]]
# [[बैल]] — गाय का नार जो गाड़ी और हल आदि में जोता जाता है — [[दांद॑]]
# [[बैलगाड़ी]] — बैल द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी — [[दांदु गा॑ड्य]]
# [[बोझ]] — वजन, भार — [[वजुन]], [[बार]]
# [[बोतल]] — शीशी — [[बोतल]]
# [[बोना]] — पेड़-पौधे उगाने के लिए जमीन में बीज डालना — [[बॅवुन]]
# [[बोलचाल]] — वार्तालाप — [[बोलचाल]], [[कथबाथ]]
# [[बोलना]] — शब्द, ध्वनि, आदि को स्वर में उच्चारित करना — [[वनुन]]
# [[बौखलाना]] — मानसिक संन्तुलन खो बैठना — [[हय बुंगु॑ गछ़ुन]]
# [[बौछार (बौछाड़)]] — बूदों की झड़ी जो हवा के झोंके में तिरछी गिरती हों — [[रूदु॑ लवु]]
# [[बौद्धिक]] — बुद्धि संबंधी, बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने के योग्य — [[अकलि]], [[हुन्द]], [[बॊज़ हुन्द]]
# [[ब्याज]] — वह धन जो ऋण देने अथवा बैंक आदि में जमा करवाने पर मूलधन के ऊपर मिले (इन्टरेस्ट) — [[सूद]]
# [[ब्यौरा]] — किसी घटना के अन्तर्गत एक-एक बात का उल्लेख या कथन, पूरा वृत्तान्त — [[तफसील]]
# [[भंडार (भांडार)]] — कोष, खजाना — [[बंडारु॑]]
# [[भंवर]] — जलावर्त — [[आवलुन]]
# [[भक्ति]] — किसी के प्रति होने वाली निष्ठा, स्नेह, विश्वास या श्रद्धा — [[बख्ती]]
# [[भगवान]] — परमेश्वर — [[बगवान]]
# [[भड़काना]] — आग को तेज करना — [[हुं॑स द्युन]], [[तुलुन]]
# [[भड़कीला]] — जिसमें खूब चमक-दमक हो — [[चमकु॑वुन]]
# [[भद्र]] — शिष्ट, सभ्य, सुशिक्षित — [[रुत मॊहन्युव]]
# [[भरती (भर्ती)]] — प्रवेश, दाखिला — [[ब॑रती]]
# [[भरना]] — खाली बरतन आदि में कोई चीज डालना, उडेलना, रखना — [[बरुन]]
# [[भला]] — अच्छा, नेक, साधु — [[जान]]
# [[भवन]] — प्रासाद, महल — [[मह॑ल]]
# [[भविष्य]] — आनेवाला समय, भविष्यत् काल — [[यिनु॑ वोल वख]]
# [[भव्य]] — सुंदर और प्रभावशाली, शानदार — [[शानदार]]
# [[भांपना]] — रंग-ढ़ंग से जान लेना, ताड लेना — [[चेनुन]]
# [[भागना]] — दौड़ना — [[च़लुन]]
# [[भाग्य]] — किस्मत, तकदीर, नसीब — [[कु॑स्मत]]
# [[भाना]] — रुचना, अच्छा लगना, पसंद आना — [[पसंद युन]]
# [[भारतीय]] — भारत में उत्पन्न अथवा उससे संबंधित — [[हिन्दुस्तॉन्य]]
# [[भारी]] — अधिक भार वाला, वज़नी — [[बा॑रीख]]
# [[भावना]] — चिंतन, ध्यान — [[बावना]], [[द्यान]]
# [[भाषण]] — वक्तृता, व्याख्यान — [[बाशन लॆक्चर]]
# [[भाषा]] — बोलकर, लिखकर अथवा ध्वनि संकेतों में भावों को प्रकट करने का साधन — [[ज़बान]]
# [[भिक्षु]] — भिखारी — [[बिखा॑रय]]
# [[भिखारी]] — भीख माँगने वाला — [[बेछिवुन]]
# [[भिगोना]] — पानी से गीला या तर करना, पानी में डालना — [[कु॑चनावुन]], [[अदरावुन]]
# [[भिन्न]] — अलग, पृथक — [[जुदा]], [[ब्यॊन]]
# [[भीड़]] — जन समूह — [[खलकथ]], [[बीरु॑]]
# [[भीरु]] — कायर, डरपोक — [[खोचु॑बुड]]
# [[भीषण]] — भयानक, डरावना — [[बयानख]]
# [[भुगतान]] — देने, मूल्य आदि चुकाने की क्रिया या भाव, अदायगी — [[पा॑सु दिन्य]]
# [[भुनाना]] — किसी खाद्य पदार्थ को अंगारों पर सेंककर या गरम बालू में पकाने अर्थात भूनने का काम किसी दूसरे से कराना — [[बुजु॑नावुन]]
# [[भुरभुरा]] — साधारण स्पर्श या हलके दबाब से जिसके कण या रवे अलग-अलग हो जाएं — [[बुरुबुरु]]
# [[भूकंप]] — भूगर्भ में होने वाली उथल-पुथल से धरती के हिलने की अवस्था, भूचाल — [[बुन्युल]]
# [[भूख]] — भोजन की इच्छा, क्षुधा — [[बॅछि]]
# [[भूख-हड़ताल]] — किसी नीति या कार्य आदि के प्रति विरोध प्रकट करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए भोजन का त्याग करना (हंगर-स्ट्राइक) — [[बूख हरताल]]
# [[भूचाल]] — दे भूकंप — [[बुन्युल]]
# [[भूत]] — बीता हुआ, अतीत, भूतकाल — [[गुज़र्योमुतवख]]
# [[भूतपूर्व]] — पूर्ववती, पहला — [[ब्रुह्युम]]
# [[भूमि]] — पृथ्वी-जो सौर जगत के एक ग्रह के रूप में है — [[ज़मीन]], [[प्रथवी]]
# [[भूमिका]] — ग्रंथ आदि की प्रस्तावना — [[गॅडु कथ]], [[दीबाचि]]
# [[भूरा]] — मटमैला, खाकी, — [[खा॑क्य]], [[काचुर]]
# [[भूल-चूक]] — लेखे या हिसाब में दृष्टि-दोष आदि के कारण होने वाली गलती, अशुद्धि — [[बुल चुख]]
# [[भूलना]] — याद न रहना, विस्मृत होना — [[मशिथ गछुन]]
# [[भेजना]] — रवाना करना, प्रेषण करना — [[सोजुन]]
# [[भेद]] — अंतर, फरक — [[फरु॑ख]]
# [[भोला]] — छल-कपट रहित, सीधा-सादा, सहज-विश्वासी — [[स्यॊद]], [[सादु॑]]
# [[भौतिक]] — पंचभूतों से संबंध रखने वाला — [[संसार्य]]
# [[भ्रम]] — मिथ्या ज्ञान, कुछ का कुछ समझना, धोखा — [[ब्रम]]
# [[भ्रमण]] — घूमना-फिरना, विचरण — [[सार॑ करुन]]
# [[भम्रर]] — भौंरा, मधुप, भंवर — [[बॊबुंर]]
# [[भ्रष्ट]] — बुरे आचार-विचार वाला, निदंनीय — [[ब्रश्ट]]
# [[मंगल]] — कल्याणकारी, शुभ — [[मंगल]], [[रुत]]
# [[मंगल-सूत्र]] — सधवा स्त्रियों द्वारा गले मे पहना जाने वाला पवित्र सूत्र — [[माल]], [[मंगल सूतु॑र]]
# [[मंगलाचरण]] — शुभकार्य के आरंभ में पढ़ा जाने वाल मांगलिक मंत्र, श्लोक या पद्यमय रचना आदि — [[मंगलाचरन]]
# [[मंच]] — सभा-समितियों में ऊँचा बना हुआ मंउल जिस पर बैठकर सर्व-साधारण के सामने किसी प्रकार कार्य किया जाए, रंगमंच (स्टेज, डाइस) — [[स्टेज]]
# [[मंजिल]] — गन्तव्य (डेस्टिनेशन) — [[मंज़िल]]
# [[मंत्र]] — देवताओं को प्रसन्न कराने अथवा सिद्धि आदि प्राप्त कराने वाला शब्द-समूह — [[मंतु॑र]]
# [[मंत्री]] — मंत्रणा अथवा परामर्श देने वाला — [[वज़ीर]]
# [[मंदा]] — जिसकी मांग कम हो (सौदा), जिसमें तेजी न हो (व्यापार या बाजार) — [[सस्तु॑]]
# [[मंदिर]] — देवालय किसी शुभ कार्य के लिए बना हुआ भवन या मकान — [[मंदर]]
# [[मक्कार]] — कपटी, छली — [[मकार]], [[दगाबाज़]]
# [[मखमल]] — एक तरह का चिकना तथा रोएंदार कपड़ा — [[मखमल]]
# [[मगर]] — घड़ियाल — [[मगर मछ़]]
# [[मग्न (मगन)]] — किसी काम या बात में तन्मय, लीन — [[मगन]]
# [[मच्छरदानी]] — जालीदार कपड़े का बना हुआ चौकोर आवरण जिसका उपयोग मच्छरों से बचाव के लिए किया जाता है; मसहरी — [[मछर दा॑न्य]]
# [[मज़दूर]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका कमाने वाला व्यक्ति — [[मॊज़ूर]]
# [[मज़दूरी]] — मजदूर का काम — [[मॊज़ूर्य]]
# [[मज़बूत]] — दृढ़, पक्का, टिकाऊ — [[मज़बूत]]
# [[मज़ाक]] — परिहास, हंसी, दिल्लगी — [[मज़ाख]]
# [[मझधार]] — नदी आदि के बीच की धारा — [[मंज दरियावस]]
# [[मठ]] — साधु-सन्यासियों के रहने का स्थान या मकान — [[मठ]]
# [[मतदान]] — चुनाव में अथवा किसी प्रस्ताव आदि के पक्ष-विपक्ष में अपना मत देने की क्रिया — [[बोद द्युन]]
# [[मताधिकार]] — किसी चुनाव या विषय में मत देने का अधिकार — [[वा॑टुक हख]]
# [[मथना]] — दूध, दही को मथानी आदि से बिलोना — [[मथुन]]
# [[मथानी]] — दही मथने का काठ का बना हुआ एक उपकरण — [[द्योन]]
# [[मद]] — नशा, मस्ती — [[मद]], [[नाशि]]
# [[मदारी]] — बाजीगर — [[बा॑ज़िगर]]
# [[मदिरा]] — शराब, मद्य — [[शराब]]
# [[मद्यप]] — जो मदिरापान करता हो, शराबी — [[शराब्य]]
# [[मद्यु]] — शहद — [[माँछ]]
# [[मधुर]] — जिसका स्वाद मधु के समान हो, मीठा — [[मॊदुर]]
# [[मध्यस्थ]] — आपस में मेल या समझौता कराने वाला, बिचौलिया — [[मेंज़्युम योर]]
# [[मन]] — मनुष्य के अंत:करण का वह अंश जिससे वह अनुभव, इच्छा, बोध, विचार और संकल्प-विकल्प करता है — [[मन]], [[दिल]]
# [[मनचाहा]] — जिसे मन चाहता हो, इच्छानुसार — [[मनस प्रॆथिवुन]]
# [[मनोरंजन]] — दिल बहलाव, मन की प्रसन्नता — [[मनोरंजन]], [[मनुच खुशी]], [[दिल]]
# [[मनोरथ]] — अभिलाषा, वांछा, इच्छा — [[कांख्या]]
# [[मनोरम]] — जिसमें मन रमने लगे, सुंदर या आकर्षक — [[मार्य]], [[मॊन्द]]
# [[ममता]] — अपनत्व का भाव, ममत्व — [[ममता]]
# [[मरना]] — मृत्यु को प्राप्त होना, प्राणांत होना — [[मरुन]]
# [[मरहम (मलहम)]] — चमड़ी, घाव आदि पर उपचार के लिए लगाया जाने वाला औषधियों का गाढ़ा और चिकना लेप — [[महलामु॑]]
# [[मरोड़ना]] — किसी चीज में घुमाव, बल आदि डालने के उद्देश्य से उसे कुछ जोर से घुमाना, ऐंठना — [[वुठुन]]
# [[मर्म]] — किसी बात के अन्दर छिपा हुआ तत्व, भेद, रहस्य — [[राज़]]
# [[मर्यादा]] — सीमा, हद — [[मर्यादा]]
# [[मलना]] — किसी पदार्थ को कहीं लगाने के उद्देश्य से रगड़ना या घिसना — [[मलुन]]
# [[मलबा]] — कूड़ा-करकट — [[मलबु॑]]
# [[मलिन]] — मैला-कुचैला, गंदा — [[मालु॑]]
# [[मल्लाह]] — नदी में नाव खेकर अपनी जीविका अर्जित करने वाला व्यक्ति, केवट, मांझी — [[हां॑ज़]]
# [[महंगा]] — जिसके दाम साधारण या उचित से अधिक हों — [[द्रॊग]]
# [[महंगाई]] — साधारण या उचित से अधिक मूल्य पर वस्तुओं का बिकना — [[द्रॅजर]]
# [[महत्ता]] — बड़प्पन, महिमा, महत्व — [[बड़ा॑यी]]
# [[महत्त्व]] — महत्ता, बड़प्पन — [[बजर]]
# [[महत्त्वाकांक्षा]] — बड़ा बनने की आकांक्षा, उच्चाकांक्षा — [[बॊड बनु॑नुक हवस]]
# [[महल]] — भवन, प्रासाद — [[म॑हल]]
# [[महान्]] — बहुत बड़ा, विशाल — [[बॊड]]
# [[महापुरुष]] — महिमाशाली पुरुष, श्रेष्ठ जन — [[महापॅरुश]]
# [[महाविद्यालय]] — उच्चशिक्षा देने वाला विद्यालय (कालेज) — [[कालेज]]
# [[महिला]] — स्त्री, औरत — [[ज़नानु]]
# [[मांग]] — मांगने की क्रिया या भाव, याचना — [[मंग]]
# [[मांगना]] — किसी से यह कहना कि आप अमुक वस्तु या धन दें, याचना करना — [[मंगुन]]
# [[मांजना]] — कोई चीज अच्छी तरह से साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना — [[मांजुन]]
# [[मांस]] — मनुष्यों तथा जीव-जंतुओं के शरीर का हड्डी, नस, चमड़ी रक्त आदि से भिन्न अंश जो रक्त वर्ण का तथा लचीला होता है, अमिष, गोश्त — [[नॆनि]], [[माज़]]
# [[माड़ना]] — गूंधना, सानना — [[मांडुन]]
# [[मातृभाषा]] — अपने जन्म स्थान या घर में बोली जाने वाली भाषा — [[माजि जॆब]], [[मादरी ज़बान]], [[पनु॑न्य ज़बान]]
# [[मातृभूमि]] — जन्मभूमि, स्वदेश — [[मादु॑रि वतन]]
# [[मादक]] — नशा उत्पन्न करने वाला, नशीला — [[नशीलु॑]]
# [[माधुर्य]] — मधुरता, मिठास — [[मेछर]]
# [[माध्यम]] — साधन, जरिया — [[ज॑रियि]]
# [[मानक]] — विशिष्ट वस्तुओं के आकार-प्रकार, महत्त्व आदि जांचने का कोई अधिकारिक आदर्श, मानदंड या रूप (स्टैन्डर्ड) — [[मया॑री]]
# [[मानकीकरण]] — एक ही बर्ग की बहुत सी वस्तुओ के गुण, महत्त्व आदि का एक मानक रूप स्थिर करने की क्रिया या भाव (स्टैण्डडरिजेशन) — [[मया॑रीकरन]]
# [[मानना]] — स्वीकार करना, कबूल करना — [[मानुन]]
# [[मानव]] — मनुष्य, आदमी — [[इनसान]], [[आदम]]
# [[मानवता]] — मानव होने की अवस्था या भाव, मनुष्य जाति — [[इनसा॑नियत]]
# [[मानसिक]] — मन-संबधी — [[द्यमा॑गी]]
# [[मान्य]] — मानने योग्य — [[मानु॑नस लायक]]
# [[माप]] — मापने की या नापने की क्रिया या भाव — [[मींच़]]
# [[मापना]] — वस्तु का विस्तार, घनत्व या वजन मालूम करना — [[म॑नुन]]
# [[माफ]] — जिसे क्षमा किया गया हो या माफी दी गई हो — [[माफ]]
# [[मायका (मैका)]] — विवाहित स्त्री की दृष्टि से उसके माता-पिता का घर और परिवार, नैहर, पीहर — [[माल्युन]]
# [[मारना]] — जान लेना, हत्या करना — [[मारुन]]
# [[मार्ग]] — रास्ता, पथ, राह — [[वथ]]
# [[मार्मिक]] — मर्म स्थान पर प्रभाव डालने अथवा उसे आंदोलित करने वाला मर्मस्पर्शी — [[स॑नु॑वुन]]
# [[माल]] — प्रत्येक ऐसी मूल्यवान वस्तु जिसका कुछ उपयोग होता है — [[माल]]
# [[मालूम]] — जाना हुआ, ज्ञान, विदित — [[मोलूम]]
# [[मिटाना]] — दाग, निशान आदि दूर करना — [[मिटावुन]]
# [[मिट्टी]] — धरती की ऊपरी सतह का वह भुरभुरा मुलायम तत्त्व जिसमें पेड़ पौधे उगते हैं — [[म्यॆच़]]
# [[मिठाई (मीठा)]] — कुछ विशिष्ट प्रकार की बनी हुई खाने की मीठी चीजें — [[मिठा॑य]]
# [[मितभाषी]] — अपेक्षाकृत कम तथा आवश्यकतानुसार बोलने वाला — [[कम कथु॑ करन वोल]]
# [[मित्र]] — सखा, सुह्द, दोस्त — [[दोस्त]], [[यार]]
# [[मिथ्या]] — असत्य झूठा — [[मॆथ्या]], [[अपुज़]]
# [[मिलनसार]] — जिसकी प्रवृति सबसे मिल-जुल कर रहने की हो — [[मिलनसार]]
# [[मिलान]] — तुलनात्मक दृष्टि से अथवा ठीक होने की जाँच करने के लिए दो या अधिक चीजों या बातों का आपस में साथ रखकर मिलाया और देखा जाना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलाना]] — मिश्रित करना, एक करना, मिलावट करना — [[मिलु॑नावुन]]
# [[मिलावट]] — किसी बढ़िया वस्तु में घटिया वस्तु का मेल — [[मिलावठ]]
# [[मिश्रण]] — दो या अधिक चीजों को एक में मिलाना — [[मिलावठ]]
# [[मीठा]] — जिसमें मिठास हो, मधुर रस वाला — [[म्यूठ]]
# [[मीनाकारी]] — सोने-चांदी पर होने वाला मीने का रंगीन काम — [[मीनाका॑री]]
# [[मुंडेर]] — छत के चारो ओर मेंड जैसी दीवार — [[देवारु॑]], [[बेर]], [[मोरख]]
# [[मुकदमा]] — वह विवादास्पद विषय जो न्यायालय के सामने विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाए — [[मुकु॑दिमु॑]]
# [[मुकुट]] — एक प्रसिद्ध शिरोभूषण जिसे राजा लोग पहनते हैं और जो प्राय: देवी-देवताओं की मूर्तियों के सिर पर पहनाया जाता है — [[मुकट]]
# [[मुक्त]] — जो किसी प्रकार के बंधन से छूट गया हो — [[यलु॑]]
# [[मुक्ति]] — किसी प्रकार के बंधन आदि से छुटकारा — [[मॅख्ती]]
# [[मुख]] — मुंह — [[मॅख]], [[बुथ]]
# [[मुखपृष्ठ]] — किसी ग्रंथ या पुस्तक का सबसे ऊपर वाला वह पृष्ठ जिसमें उस पुस्तक तथा उसके लेखक का नाम छपा होता है — [[गॅडु॑ वरुख]]
# [[मुख्य]] — प्रधान, खास — [[खास]]
# [[मुख्यालय]] — किसी संस्था का केंद्रीय तथा प्रधान स्थान, प्रधान कार्यालय — [[सदर मुकाम]], [[बॊड दफ्तर]]
# [[मुग्ध]] — मोहित, मूढ़ — [[मूहयत]]
# [[मुट्ठी]] — हथेली की वह स्थिति जिसमें उंगलियां अन्दर की ओर मोड़कर बंद कर ली जाती है — [[मॅठ]]
# [[मुद्रण]] — छापने की क्रिया या भाव — [[छापु॑]]
# [[मुद्रणालय]] — जहाँ छापने का काम होता है, छापा खाना — [[छापु॑खानु॑]]
# [[मुद्रा]] — चिह्न, नाम आदि अंकित करने की मुहर, सील — [[मॊहर]], [[सील]]
# [[मुनाफा]] — क्रय-विक्रय में आर्थिक दृष्टि से होने वाला लाभ, नफा — [[मुनाफु॑]]
# [[मुरझाना]] — फूल-पत्तों आदि का सूखने लगना, कुम्हलाना — [[ह॑रिथ प्यॊन]], [[चमु॑ठुन]]
# [[मुर्दनी]] — चेहरे से प्रकट होने वाले मृत्यु चिह्न — [[मुरद्दा]]
# [[मुश्किल]] — कठिन, दुष्कर, दुस्साध्य — [[मुश्किल]]
# [[मुस्कान]] — धीरे से हंसना — [[असुन]]
# [[मुहावरा]] — वह शब्द या वाक्यांश जो अपने अभिधार्थ से भिन्न किसी और अर्थ में रूढ़ हो गया हो — [[महावरु॑]]
# [[मूहूर्त्त]] — काल का एक मान जो दिन रात के तीसवें भाग के बराबर होता है — [[साथ]]
# [[मूक]] — गूंगा — [[कॊल]]
# [[मूलभूत]] — आधार रूपी, बुनियादी — [[बुनिया॑दी]]
# [[मूल्यांकन]] — मूल्य निर्धारित या निश्चित करने की क्रिया — [[परखुन]]
# [[मृत्यु]] — मरण, मौत — [[मोथ]]
# [[मेहंदी]] — एक प्रकार की झाड़ी जिसकी पत्तियाँ हाथ-पैर रंगने के काम आती हैं — [[मा॑ज़]]
# [[मेखला]] — करधनी, कमरबंद, पेटी — [[मेखल आट्य॑पन]]
# [[मेधावी]] — असाधारण बुद्धिवाला, बुद्धिमान — [[लायख]]
# [[मेरा]] — 'मै' का संबंध कारक — [[म्योन]]
# [[मेरु-दंड]] — मनुष्यों और बहुत से जीवों में पीठ के बीचों-बीच गरदन से लेकर कमर तक जाने वाली एवं माला की तरह गुंथी हुई हड्डी — [[थ॑र काड]]
# [[मेहतर]] — भंगी — [[वातुल]]
# [[मैं]] — सर्वनाम उत्तम-पुरुष में कर्त्ता का रूप, स्वयं, खुद — [[बु॑]]
# [[मैदान]] — विस्तृत क्षेत्र का भूखंड, दूर तक फैली हुई सपाट जमीन — [[मा॑दान]]
# [[मैल]] — शरीर, कपड़े आदि से चिपका हुआ मल, गर्द, धूल आदि — [[मल]]
# [[मैलखोरा]] — धूल, गर्द आदि पड़ने पर भी जो मैला न दिखाई दे, जो मैल को छिपा सके — [[मल खॅर]]
# [[मैला]] — जिस पर मैल जमी हो, गर्द, धूल आदि पड़ी हो, गंदा, अस्वच्छ — [[मालु॑]]
# [[मोटा]] — जिसकी देह में मांस-मेद अधिक हो, स्थूलकाय — [[व्यॊठ]]
# [[मोती]] — एक बहूमूल्य रत्न जो सीपी में से निकलता है, मुक्ता — [[मॅखतु॑]]
# [[मोदक]] — लड्डू — [[लॊड]]
# [[मोल]] — कीमत, मूल्य, दाम — [[कू॑मथ]]
# [[मोह]] — स्नेह, लगाव — [[मुह]]
# [[मोहक]] — मोह उत्पन्न करने वाला — [[मूहक]]
# [[मौत]] — मरण, मृत्यु — [[मा॑थ]]
# [[मौन]] — न बोलने की क्रिया या भाव, चुप रहना, चुप्पी — [[मोनम]]
# [[मौलिक]] — मूल-संबंधी, मूलगत — [[मूलुक]]
# [[मौसम]] — गरमी, सरदी, आदि के विचार से समय का विभाग, ऋतु — [[मूसिम]]
# [[मौसम विज्ञान]] — मौसम की जानकारी से संबंध रखने वाला विज्ञान — [[मूसिमी सयनस]]
# [[म्यान]] — तलवार, कटार आदि रखने का कोष या गिलाफ — [[तलवारि हुँद गॊत]]
# [[यंत्र]] — औज़ार, उपकरण — [[यंथु॑र]]
# [[यथार्थ]] — जो अपने अर्थ (आशय, उद्देश्य भाव आदि) के ठीक अनुरूप हो, वास्तविक — [[पज़र]]
# [[यद्यपि]] — यद्यपि, अगर ऐसा है — [[अगर चि]], [[यॊदवय]], [[हरगाह]]
# [[यशस्वी]] — जिसका यश चारों ओर फैला हो — [[मोशूर इन्सान]]
# [[यह]] — एक सर्वनाम जिसका प्रयोग वक्ता और श्रोता को छोड़कर निकट के और सब मनुष्यों तथा पदार्थो के लिए होता है — [[यि]]
# [[या]] — विकल्प सूचक शब्द, अथवा — [[या]]
# [[याचक]] — मांगने वाला, भिक्षुक — [[मंगन वोल]], [[वेछु॑वुन]]
# [[यातना]] — घोर कष्ट — [[अज़ाब]]
# [[यातायात]] — एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते रहने की क्रिया या भाव, आना-जाना — [[युन-गछुन आम द्रफ़्त]]
# [[याद]] — स्मरण रखने की क्रिया या भाव — [[याद]]
# [[यान]] — वह उपकरण या साधन जिसपर सवारं होकर यात्रा की जाती है अथवा माल ढोया जाता है — [[गाड॑य]]
# [[युक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला या लगा हुआ — [[सात्य]]
# [[युग]] — काल, समय — [[काल]], [[बख]]
# [[युगल]] — युग्म, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युग्म]] — दो चीजे जो प्राय: या सदा साथ आती या रहती हों, जोड़ा — [[जूर्य]]
# [[युद्ध]] — अस्त्र-शस्त्रों की सहायता से दो पक्षों में होने वाली लड़ाई, रण संग्राम — [[लडा॑य]]
# [[युवक]] — जवान आदमी — [[नवजवान]]
# [[योगदान]] — किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव — [[मदद]]
# [[योगी]] — वह जो योग की साधना करता हो — [[यूग्य]], [[यूगी]]
# [[योग्य]] — काबिल, लायक, उपयुक्त, उचित, मुनासिब — [[का॑बिल]]
# [[योग्यता]] — योग्य होने की अवस्था या भाव, काब्लियत — [[का॑बलियत]]
# [[योजना]] — किसी कार्य को निष्पादित करने का प्रस्तावित कार्यक्रम (प्लान) — [[मंसूबु॑]]
# [[यौवन]] — युवा या युवती होने की अवस्था या भाव — [[यावुन]], [[जवा॑नी]]
# [[रंग]] — वर्ण (कलर) — [[रंग]]
# [[रंगना]] — रंग में डुबा कर किसी चीज को रंगीन करना — [[रंगुन]]
# [[रंगमंच]] — वह ऊँचा उठा हुआ स्थान जहाँ पर पात्र अभिनय करते हैं — [[सिटॆज]]
# [[रंभाना]] — गाय का मुँह से आवाज करना — [[डां-डां करुन]]
# [[रक्तपात]] — लहू का गिरना या बहना, खून-खराबा — [[खून रीज़ी]]
# [[रक्षा]] — ऐसा काम जो आक्रमण, आपद, नाश से बचने या बचाने के लिए किया जाता है, बचाव — [[हयफाजथ]]
# [[रखना]] — किसी वस्तु पर या किसी वस्तु अथवा स्थान में स्थित करना — [[थवुन]]
# [[रगड़]] — रगड़ने की क्रिया या भाव — [[फश]]
# [[रचना]] — बना कर तैयार की हुई चीज, कृति, साहित्यिक कृति, रचने की क्रिया या भाव — [[तखलीक]], [[रचु॑ना]]
# [[रजनी]] — रात, रात्रि — [[राथ]]
# [[रटना]] — कंठस्थ करना — [[याद करुन]], [[गोटु॑ मारुन]]
# [[रण]] — लड़ाई, युद्ध — [[लडा॑य]]
# [[रत़ि]] — काम क्रीड़ा — [[प्रॆयम]]
# [[रत्न]] — बहूमूल्य पत्थर जो आभूषण आदि में जड़े जाते हैं — [[रेतु॑न]]
# [[रफ़्तार]] — चाल, गति — [[चाल]], [[रफतार]]
# [[रमणी]] — सुंदर नारी, युवती — [[सॅन्दर ज़नानु॑]]
# [[रमणीक]] — सुंदर, मनोहर — [[सॅन्दर]]
# [[रवि]] — सूर्य — [[सिरियि]]
# [[रश्मि]] — किरण — [[जुच़]], [[किरण]]
# [[रस]] — शोरबा (जूस) — [[रस]]
# [[रसायन]] — उक्त क्रिया से तैयार की गई औषधि — [[कीमिया]]
# [[रसीला]] — रस से भरा हुआ रसदार, स्वादिष्ट — [[र॑स्युल]]
# [[रस्सा]] — मोटी डोरी (रोप) — [[मॊट रज़]], [[रसु॑]]
# [[रहट]] — खेतों में सिंचाई के लिए कुँए से पानी निकालने का एक प्रकार का यंत्र (पर्शियन ह्वील) — [[अरहठ]]
# [[रहस्य]] — मर्म या भेद की बात, गुप्त बात — [[राज़]]
# [[रहित]] — के बिना, के विहीन — [[बरा॑य]]
# [[राक्षस]] — निशाचर, दैत्य — [[राख्युस]]
# [[राख]] — भस्म, किसी पदार्थ के बिल्कुल जले हुए अवशेष — [[सूर]]
# [[राग]] — अनुराग, प्रेम — [[राग]], [[मॊहब्बत]]
# [[राज]] — राज्य, राजकीय शासन — [[राज़]]
# [[राजकुमार]] — राजा का पुत्र — [[राजु॑कॅमार]]
# [[राजचिह्न]] — राजकाज के संबंध में उपयोग किया जाने वाला कोई भी चिह्न या साधन जो शासक के प्राधिकार का द्योतक हो — [[राजु निशा॑न्य]]
# [[राजदूत]] — किसी राजा या राज्य का दूत — [[राजदूत]], [[सफीर]]
# [[राजद्रोही]] — वह जिसने राज्य सत्ता के विरूद्ध विद्रोह किया हो, बागी — [[बा॑गी]], [[बगावत करन बोल]]
# [[राजधानी]] — किसी राज्य का वह नगर जो उसका शासन केन्द्र हो — [[राजदा॑न्य]]
# [[राजनीति]] — वह नीति या पद्धति जिसके द्वारा किसी राज्य प्रशासन किया जाता है (स्टेट्मैनशिप) — [[सियासथ]], [[राजनीति]]
# [[राजभाषा]] — किसी देश की वह भाषा जो राजकार्यों तथा न्यायालयों आदि के प्रयोग में आती हो — [[सरकार्य ज़बान]]
# [[राजमार्ग]] — मुख्य मार्ग, राजपथ — [[कोमी शाहरा]]
# [[राजस्व]] — वह धन जो एक राजा या राज्य को आधिकारिक रूप से मिलता हो — [[मा॑लियि]]
# [[राजा]] — वह व्यक्ति जो किसी राज्य या भूखण्ड का पूरा मालिक हो, नृपति, भूपति — [[राजु॑]]
# [[रात्रि]] — रात, निशा — [[राथ]]
# [[राशि]] — किसी पदार्थ का समूह — [[राश]]
# [[राष्ट्र]] — राज्य, देश, किसी निश्चित और विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोग जिनकी भाषा और रीति-रिवाज एक से होते हैं — [[कोम]]
# [[राष्ट्रगान]] — किसी राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट गीत जो राष्ट्रीय उत्सवों पर गाया जाता हो — [[कोमी बा॑थ]]
# [[राष्ट्रध्वज]] — किसी भी एक राष्ट्र या देश का मान्यता प्राप्त विशिष्ट झंडा — [[कोमी जंडु॑]]
# [[राष्ट्रभाषा]] — राष्ट्र की ऐसी भाषा जिसका प्रयोग उसके निवासी सार्वजनिक कामों के लिए करते हों — [[कोमी ज़बान]]
# [[राष्ट्र मंडल]] — ब्रिटेन तथा ऐसे स्वतंत्र राष्ट्रों का मंडल, जो कभी ब्रिटेन के अधीन थे (कामनवेल्थ) — [[दोलति मुश्तरकु॑]], [[कामन् वॆलथ]]
# [[राष्ट्रवादी]] — राष्ट की उन्नति और सम्पन्नता में विश्वास रखने वाला व्यक्ति — [[कोम परस]]
# [[राष्ट्रीकरण]] — राष्ट्रीय या सरकारी अधिकार क्षेत्र में लेने की क्रिया या भाव — [[कोमियावुन]]
# [[रास्ता]] — मार्ग, पथ — [[वथ]]
# [[रिमझिम]] — फुहार पड़ना, छोटी-छोटी बूंदों का बरसना — [[रूदु लवु]]
# [[रिवाज]] — प्रथा, चलन — [[रिवाज]], [[रॆवाज]]
# [[रिश्वत खोरी]] — घूस लेने की क्रिया — [[रशवथ खोरी]]
# [[रीझना]] — मोहित होना, किसी पर प्रसन्न होना — [[खॅश सपदुन]]
# [[रीति]] — प्रथा, रिवाज — [[रीथ]]
# [[रुकना]] — ठहरना, थमना — [[ठह॑रुन]]
# [[रुकावट]] — विघ्न, बाधा, अटकाव — [[रुकावट]]
# [[रुचना]] — रुचि के अनुकूल प्रतीत होना, अच्छा लगना, भाना — [[प्रॆयुन]]
# [[रुचि]] — इच्छा — [[रगबथ]]
# [[रुपया]] — सौ पैसे के मूल्य का सिक्का या नोट — [[रॅपु॑यि]]
# [[रुष्ट]] — रोष से भरा हुआ, क्रुद्ध — [[रुठमुत]], [[खफु॑]]
# [[रूखा]] — जिसमें चिकनाहट का अभाव हो — [[हॊख]]
# [[रूठना]] — रुष्ट या अप्रसन्न होना — [[रोशुन]]
# [[रूढ़ि]] — परम्परा से चली आई कोई ऐसी प्रथा जिसे साधारणतया सभी लोग मानते हों — [[परंपरा]]
# [[रूपक]] — ऐसी साहित्यिक रचना जिसका अभिनय हो सके, नाटक — [[रूपक]]
# [[रूप रेखा]] — रेखाओं द्वारा ऐसा अंकन जिससे किसी के रूप का स्थूल ज्ञान होता हो (स्केच) — [[खाकु]]
# [[रूपान्तर]] — रूप-परिवर्तन — [[तरज॑मु]]
# [[रेंगना]] — पेट के बल खिसकना (टू क्रॉल, क्रीप) — [[येड सूत्य॑ पकुन]]
# [[रेखागणित]] — ज्यामिति (जिआमिट्री) — [[जामट्री]]
# [[रेखाचित्र]] — केवल रेखाओं से बनाया गया कोई चित्र या आकृति (स्केच) — [[खाकु॑]]
# [[रेज़गारी]] — छोटे सिक्के, छुट्टा (चेंज) — [[फुटु॑ वोट]]
# [[रेत]] — बालू — [[स्यख]]
# [[रेलगाड़ी]] — भाप, बिजली आदि की सहायता से लोहे की पटरियों पर चलने वाली गाड़ी (रेलवे ट्रेन) — [[रेलगा॑ड्य]]
# [[रोक]] — प्रतिबंध (बैन) — [[रोक]], [[ठाख]]
# [[रोकथाम]] — किसी प्रवृत्ति, रोग आदि के उन्मूलन तथा प्रसार आदि को रोकने के उपाय — [[रोकथाम]], [[वॅपाय]]
# [[रोग]] — बीमारी — [[रूग]], [[बॆमार्य]]
# [[रोचक]] — रुचाने या अच्छा लगने वाला, मनोरंजक — [[दिलचस्प]], [[मनपसंद]]
# [[रोज़गार]] — धंधा, पेशा, आजीविका का साधन — [[रोज़गार]], [[रीज़िख]]
# [[रोना]] — आंसू बहाना, रुदन करना — [[वदुन]]
# [[रोम]] — शरीर पर के बाल, रोंआं — [[जथ]], [[रुम]]
# [[रोली]] — हल्दी और चूने के योग से बना एक प्रकार का चूर्ण जिससे तिलक लगाया जाता है — [[रोली]]
# [[रोशनदान]] — गवाक्ष, वातायन — [[रोशनदान]]
# [[रोष]] — क्रोध, गुस्सा, कोप — [[शरारथ]], [[गॅसु]]
# [[रौंदना]] — किसी चीज को पैरों तले पीसना, कुचलना — [[लतु॑ मँजि करुन]]
# [[रौनक]] — चमक-दमक, शोभा — [[रोनख]], [[शूब]]
# [[लंगड़ाना]] — लंगड़ा कर चलना — [[लंगुन]]
# [[लंगर]] — लोहे का बहुत भारी कांटा जिसे नदी, समुद्र आदि में गिरा कर जहाज आदि को रोक कर स्थिर किया जाता है — [[लंगर]]
# [[लंपट]] — कामी, विषयी — [[लफंगु॑]], [[बदकार]]
# [[लंबा]] — जो अधिक ऊँचा हो — [[ज़्यूठ]], [[थॊद]]
# [[लकड़ी]] — कटे पेड़ का कोई भी सूखा भाग, शाख टहनी आदि — [[ककु॑र]], [[ज़्युन]]
# [[लकीर]] — रेखा (लाइन) — [[रु॑ख]]
# [[लक्षण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति में होने वाला कोई ऐसा गुण या विशेषता जो सहसा औरों में दिखाई न देती हो (फीचर्ज़, केरेक्टरिसटिक्स) — [[लख्यन]]
# [[लक्षणा]] — वह शब्द शक्ति जो सामान्य अर्थ से अन्य अर्थ प्रकट करती हो — [[ला॑गिथ माने]], [[लख्यना]]
# [[लक्ष्मण-रेखा]] — ऐसी रेखाकार सीमा जो किसी प्रकार लांघ कर पार न की जा सकती हो — [[लख्यमन रु॑ख]]
# [[लक्ष्मी]] — धन-सम्पत्ति, दौलत — [[ल॑खिमी]]
# [[लक्ष्य]] — निशाना — [[निशानु॑]]
# [[लखपति]] — लाखों रुपये का मालिक, बहुत अमीर व्यक्ति — [[लछि वोल]]
# [[लगन]] — मन का किसी ओर लगना, धुन, लौ — [[लगल]], [[कल]], [[मन]], [[लगुन]]
# [[लगान]] — सरकार को मिलने वाला भूमि कर, भूकर — [[लगान मोलियि]]
# [[लगाना]] — जोड़ना, संलग्न करना — [[लगावुन]]
# [[लगाम]] — बाग, रास — [[लाकम]], [[लगाम]]
# [[लगाव]] — स्नेह — [[लगाव]], [[दिलचस्पी]]
# [[लघुतम]] — सबसे छोटा — [[सारिवेय लॅकुट]]
# [[लचकना]] — दबाव आदि पड़ने के कारण किसी लंबीं चीज का मध्य भाग पर से कुछ झुकना या मुड़ना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लजाना]] — लाज या शर्म से सिर नीचा करना, शर्माना, लज्जित होना — [[शरमंदु गछुन]]
# [[लज्जा]] — लाज, शर्म, हया — [[शरु॑म]]
# [[लटकना]] — ऊँची जगह से नीचे की ओर अवलम्बित होना — [[अलोंद गछुन]]
# [[लट्टू]] — लकड़ी का एक खिलौना जिसके मध्य में कील जड़ी रहती है जो चलाए जाने पर उक्त कील पर घूमने या चक्कर लगाने लगता है (स्पिनिंग टॉप) — [[मरचु पिपिन्य]], [[लॊट]]
# [[लड़कपन]] — बाल्यवस्था, बचपन — [[लॅकचार]]
# [[लड़का]] — बालक, जो अभी युवक न हुआ हो — [[बालुख]], [[थुर]], [[ल॑डु॑क]]
# [[लड़खड़ाना]] — चलते समय सीधे न रह सकने के कारण इधर-उधर झुकना, डगमगाना — [[लंगुन]]
# [[लड़ना]] — लड़ाई करना, भिड़ना, झगडना — [[लडुन]]
# [[लता]] — जमीन पर या किसी आधार पर फैलने वाला पौधा, बेल — [[पोशि थ॑र]], [[क्रीपर]]
# [[लदना]] — बोझ या भार से युक्त होना — [[लदुन]]
# [[लपकना]] — सहसा तेजी से या फुर्ती से आगे बढ़ना — [[जॆफ्य छु॑नु॑न्य]], [[लपु॑कुन]]
# [[लपट]] — आग की लौ, ज्वाला — [[रॆह]], [[ब्रॆह]]
# [[लपेटना]] — सूत, कपड़े आदि को किसी चीज़ के चारों ओर फेरा देकर बांधना — [[वलुन]]
# [[लय]] — एक वस्तु का दूसरी में विलीन होना, समा जाना — [[लय]]
# [[ललकार]] — लड़ने के लिए प्रतिपक्षी को दी गई चुनौती — [[ललकार]]
# [[ललकारना]] — विपक्षी को लड़ने की चुनौती देना — [[ललकारुन]]
# [[ललचाना]] — कोई चीज देखकर किसी के मन में लोभ का भाव जाग्रत होना — [[तंबु॑लुन]]
# [[ललाट]] — माथा — [[ड्यकु॑]]
# [[ललित]] — मनोहर, सुंदर — [[सॅदर]]
# [[लहर]] — हिलोर, मौज, तरंग (वेव) — [[मलख]], [[लह॑र]]
# [[लहराना]] — हवा के झोंकों से हिलना डुलना — [[लहरावुन]], [[वुडुन]]
# [[लहलहाना]] — हरा भरा होना, पनपना — [[फंलुन]], [[खिलुन]]
# [[लहू-लुहान]] — खून से तर-बतर — [[रतु दा॑व्य]], [[खूनु॑ सर्य]]
# [[लांघना]] — डम भर कर या छलांग लगाकर पार करना, फांदना — [[लांफ तुलुन्य]]
# [[लांछन]] — चरित्र पर धब्बा, कलंक — [[दाग]]
# [[लाख]] — जो संख्या में सौ हज़ार हो — [[लछ]]
# [[लागत]] — किसी पदार्थ के निर्माण में होने वाला खर्च — [[लागथ]]
# [[लाचारी]] — मजबूरी, असमर्थता, विवशता — [[लाचा॑री]]
# [[लाड़-प्यार]] — प्रेम पूर्ण व्यवहार, दुलार — [[लाड़-प्यार]], [[खानु॑ माज्यर]]
# [[लाभ]] — प्राप्ति, लब्धि — [[लाब]], [[नफा]], [[फा॑यदु॑]]
# [[लाभदायक]] — जो लाभ कराता हो, लाभ देने वाला हो — [[न॑फ़ा दिनु॑ वोल]], [[फ़ायदु दिनु॑ वोल]]
# [[लाभांश]] — लाभ का वह अंश जो हिस्सेदारों को लगाई गई पूंजी के अनुपात में मिलाता हो (डिविडेन्ड) — [[मुनाफु॑]], [[नफा हुक हिसु॑]]
# [[लाल]] — छोटा और प्रिय बालक, प्यारा बच्चा, पुत्र, बेटा — [[लाल]], [[टोठ]], [[नॆचुव]]
# [[लालच]] — कोई वस्तु पाने की बहुत बड़ी इच्छा, लोभ — [[तमाह]], [[लूब]]
# [[लालटेन]] — हाथ में लटकाने योग्य चिमनीदार लैंप, कंडील — [[लालटीन]]
# [[लाश]] — किसी प्राणी का मृत शरीर, शव — [[लाश]]
# [[लिपि]] — किसी भाषा के ध्वनि अक्षरों का समूह जो लिखनें में प्रयुक्त होता है (स्क्रिप्ट) — [[रस्मुलख़त लिपी]]
# [[लीन]] — जो किसी में समा गया हो — [[लीन]]
# [[लीपना]] — किसी वस्तु पर गाढ़े या पतले तरल पदार्थ का लेप करना — [[लिवुन]]
# [[लुटेरा]] — लूटने वाला, डाकू — [[लूटन गॊर]], [[लुटेरु॑]]
# [[लुभाना]] — आकृष्ट, मोहित या रागयुक्त होना, लालच में पड़ना — [[खॅश करुन]]
# [[लू]] — गीष्म ऋतु में चलने वाली बहुत गर्म हवा — [[गरु॑म हवा]]
# [[लूट]] — जबरदस्ती छीनने की क्रिया — [[लूठ]]
# [[लेकिन]] — परन्तु, किन्तु, मगर — [[लीकिन]], [[अमापॊज़]]
# [[लेखक]] — पत्र-पत्रिका आदि के लिए लेख लिखने वाला या साहित्यिक ग्रंथ लिखने वाला — [[लिखा॑र्य]], [[लेखन वोल]]
# [[लेखा-जोखा]] — हिसाब-किताब — [[हिसाब-किताब]]
# [[लेटना]] — विश्राम करने के लिए लंबाई के बल पड़े रहना, पौढ़ना — [[शॊगिथ रोज्रुन]]
# [[लेन-देन]] — किसी को कुछ देने और उससे कुछ लेने का व्यवहार — [[दारु॑होर]]
# [[लेना]] — थामना, पकड़ना — [[रटुन]], [[न्युन]]
# [[लेप]] — गीली या धोली हुई चीज जो किसी दूसरी चीज पर पोती जाने को हो — [[लिवुन]]
# [[लोक कथा]] — लोक विशेषत: ग्राम्य लोगों में प्रचलित कोई प्राचीन गाथा (फोक टेल) — [[लुकु॑ कथ]]
# [[लोककला]] — अंचल विशेष में परम्परागत प्रचलित नृत्य, गीत आदि कलाएँ — [[लूकु॑-फन]]
# [[लोकगीत]] — जनसाधारण में प्रचलित गीत (फ़ोक सौंग) — [[लूकु॑ बा॑थ]]
# [[लोकप्रिय]] — जो जनसाधारण को प्रिय हो — [[हरदिल अज़ीज़]]
# [[लोक संगीत]] — परम्परा से चला आया वह संगीत जो लोक में प्रचलित हो (फोक म्युजिक) — [[लूकु॑ ग्यवुन]]
# [[लोकापवाद]] — लोक निंदा, बदनामी — [[न्यंद्या]], [[बदनामी]]
# [[लोकोक्ति]] — लोक में प्रचलित बात, कहावत — [[कहावथ]]
# [[लोभ]] — दूसरे की वस्तु की प्रबल कामना या लालसा, लालच — [[लालच]], [[लूब]]
# [[लोरी]] — बच्चो को सुलाने के लिए गाए जाने वाले गीत — [[मंजु॑ल्य बा॑थ]]
# [[लोहा]] — प्राय: काले रंग की एक प्रसिद्ध धातु जिससे अनेक प्रकार के अस्त्र उपकरण, यन्त्र आदि बनाए जाते हैं (आयरन) — [[शॆशतु॑र]]
# [[लौ]] — आग की लपट, ज्वाला — [[रॆह]]
# [[लौकिक]] — सांसारिक — [[व्यवहा॑री]]
# [[लौटना]] — वापस आना या जाना — [[वापस युन]]
# [[वंश]] — जीव या प्राणी की संतान परम्परा, कुल, खानदान — [[खानदान]]
# [[वंशज]] — वंश विशेष में उत्पन्न संतान — [[अवलाद]], [[संतान]]
# [[वंशावली]] — किसी वंश में उत्पन्न पुरुषों की पूर्वोंत्तर क्रम-सूची — [[कॅलावली]], [[नसु॑बनामु॑]]
# [[वकालत]] — वकील का काम या पेशा — [[वकालथ]]
# [[वचन-बद्ध]] — जिसने किसी को कोई काम करने या न करने का वचन दिया हो — [[पाबंद]], [[लफ़ज़स प्यठ ड़॑टिथ]]
# [[वध]] — अस्त्र-शस्त्र से की जाने वाली हत्या — [[खून]], [[हत्या]], [[कतु॑ल]]
# [[वधू]] — ऐसी कन्या जिसका विवाह हो रहा हो, अथवा हाल में हुआ हो, दुलहन — [[नॅश]]
# [[वनवास]] — वन का निवास, जंगल में रहना — [[वनु॑वास]]
# [[वनस्पति]] — जमीन से उगने वाले पेड़ पौधे, लताएँ आदि — [[वनुसपथ]], [[नबातात]]
# [[वनिता]] — औरत, स्त्री — [[सॅदर ज़नानु]]
# [[वयस्क]] — शारीरिक दृष्टि से जिसका विकास पूर्णता पर पहुँच चुका हो अथवा यथेष्ट हो चुका हों, प्रौढ़ — [[बालेंग जवान]]
# [[वर]] — वह जो किसी कन्या के विवाह के लिए उपयुक्त पात्र माना या समझा गया हो — [[म॑हराज्रु॑]]
# [[वरदान]] — देवता, महापुरुष आदि के द्वारा दिया हुआ वर, किसी की कृपा या प्रसन्नता से हाने वाली फलसिद्धि — [[वरदान]]
# [[वर्ग]] — स्वजातीय या समान-धार्मियों का समूह, श्रेणी — [[ज़ाथ]]
# [[वर्गीकरण]] — गुण-धर्म, रंग-रूप, आकार-प्रकार आदि के आधार पर वस्तुओं आदि के भिन्न-भिन्न वर्ग बनाना — [[ज़ा॑च बा॑गरन]], [[दरजि बॅदी]]
# [[वर्णन]] — किसी विशिष्ट अनुभूति, घटना दृश्य, वस्तु व्यक्ति आदि के संबंध मे विस्तार पूर्ण कथन — [[ज़िकिर]], [[खुलासु]]
# [[वर्णमाला]] — किसी लिपि के वर्णों या अक्षरों की यथाक्रम सूची — [[वरनु माल]]
# [[वर्तमान]] — जो इस समय अस्तित्व या सत्ता में हो अथवा लागू हो — [[अज़कल]]
# [[वर्षगांठ]] — जन्म की तिथि के बाद प्रतिवर्ष पड़ने वाला दिवस, जन्मदिन, साल गिरह — [[वॊहरु॑ वोद]]
# [[वसीयत]] — वह लिखित आदेश जिसमें लेखक की अनुपस्थिति में या मृत्यु के उपरान्त उसकी संपत्ति का वारिस अमुक व्यक्ति या अमुक संस्था होगी — [[वसीयथ]]
# [[वसुन्धरा]] — पृथ्वी — [[प्रॆथवी]], [[बुतराथ]]
# [[वसूली]] — वसूल करने की क्रिया या भाव, उगाही — [[वॅसूली]]
# [[वस्तु]] — गोचर पदार्थ, चीज़ — [[चीज़]]
# [[वस्त्र]] — ऊन, रुई, रेशम आदि के कपड़े — [[कपरु॑]], [[कपुर]]
# [[वह]] — बात चीत में दूर स्थित या परोक्ष व्यक्ति या पदार्थ को संकेत का शब्द — [[सु]]
# [[वहाँ]] — उस स्थान में, उस जगह — [[तति]]
# [[वांछनीय]] — जिसकी वांछा या कामना की गई हो या की जाने वाली हो — [[ज़रूरी]], [[मतलूब]]
# [[वांछित]] — चाहा हुआ, इच्छित — [[यॊछ़मुत]]
# [[वाङ्मय]] — लिपिबद्ध विचारों का समस्त संग्रह या समूह, साहित्य — [[साहत्य]], [[अदब]]
# [[वाणिज्य]] — बहुत बड़े पैमाने पर होने वाला व्यापार — [[कारु॑बार]]
# [[वाणी]] — मुँह से निकलने वाली सार्थक बात, वचन, स्वर — [[आवाज़]]
# [[वातानुकूलन]] — यांत्रिक या वैज्ञानिक प्रक्रिया से ऐसी व्यवस्था करना कि किसी घिरे हुए स्थान के तापमान पर उसके बाहर के तापमान का प्रभाव न पड़ने पाए अर्थात् उस स्थान के अंदर की गर्मी या सर्दी नियंत्रित और नियमित रहे (एयर कंडिशनिंग) — [[मुताबिकि मूसिम]], [[एयर कंडिशनिंग]]
# [[वातावारण]] — वायु की वह राशि जो पृथ्वी, ग्रह आदि पिंडों को चारो ओर से घेरे रहती है, वायुमंडल — [[फिज़ा]]
# [[वात्सल्य]] — माता-पिता के हृदय में होने वाला अपने बच्चों के प्रति नैसर्गिक प्रेम — [[टठिन्यार]]
# [[वाद-विवाद]] — खंडन-मंडन, तर्क-वितर्क, वाद-विवाद — [[बहसु॑-ब॑ह॑स]]
# [[वादी]] — वह जो न्यायालय में किसी के विरुद्ध कोई अभियोग उपस्थित करे, फरियादी — [[मुदयी]]
# [[वायु]] — हवा, वात — [[हवा]], [[वाव]]
# [[वायुमार्ग]] — हवाई मार्ग, विमान मार्ग — [[हवाई वथ]]
# [[वायु सेना]] — देश के वायुमार्गों की रक्षा करने वाली सेना, हवाई सेना — [[हवाई फोज]]
# [[वार्तालाप]] — बातचीत, कथोपकथन, संवाद — [[कथ-बाथ]]
# [[वार्षिक]] — प्रतिवर्ष होने वाला, एक वर्ष के बाद होने वाला — [[व॑रियुक]]
# [[वाष्प]] — भाप — [[बाहु॑]]
# [[वास्तविक]] — जो वास्तव में हो, यथार्थ, सत्य — [[प॑ज़िपा॑ह्य]], [[असली]]
# [[वाहन]] — ऐसा साधन जिस पर चढ़कर लोग कहीं आते जाते हों — [[सवार्य]]
# [[विकराल]] — भीषण आकृति वाला, डरावना — [[खतरनाक]], [[व्यकु॑राल्य]]
# [[विकल]] — बेचैन, व्याकुल — [[गमगीन]]
# [[विकास]] — प्रसार, अभिवृद्धि, उन्नति — [[फ॑लाव]]
# [[विक्रम]] — पौरुष, बल, वीरता, पराक्रम — [[बल]], [[ताकथ]]
# [[विख्यात]] — प्रसिद्ध, मशहूर — [[मशहूर]]
# [[विचार]] — मन ही मन तर्क-वितर्क करके कुछ सोचने या समझने की क्रिया या भाव, मनन, चिंतन — [[ख़याल]]
# [[विचार-विमर्श]] — किसी समस्या पर विचारों का आदान-प्रदान, सलाह-मशवरा — [[सोच-समु॑ज]]
# [[विचित्र]] — साधारण से भिन्न, अद्भुत, अनोखा — [[अजीब]]
# [[विजय]] — शत्रु या प्रतिस्पर्धी को हराने का भाव, जीत — [[फतह]]
# [[विजेता]] — जीतने वाला, विजयी — [[जेनन वा॑ल]], [[फातेह]], [[फतह हासिल करन वा॑ल]]
# [[विज्ञान]] — आविष्कृत सत्यों तथा प्राकृतिक नियमों पर आधारित क्रमबद्ध तथा व्यवस्थित ज्ञान — [[साइनस]]
# [[विज्ञापन]] — प्रचार तथा बिक्री आदि के उद्देश्य से पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित कराई जाने वाली सूचना — [[इश्तिहार]]
# [[विडंबना]] — क्रूर परिहास — [[बदन॑सीबी]], [[करमु॑खुर]]
# [[वितरण]] — बांटना, देना — [[बा॑गरुन]]
# [[विदूषक]] — अपने वेश, चेष्टा, बातचीत आदि से अथवा ढोंग रचकर और दूसरों की नकल उतार कर लोगों को हंसाने वाला, मसखरा, नाटकों में इस प्रकार का पात्र — [[मसखरु॑ विदूशक]], [[जा॑कर]]
# [[विदेश]] — स्वदेश से भिन्न कोई दूसरा देश — [[परदेस]]
# [[विद्या]] — अध्ययन, शिक्षा आदि से अर्जित किया जाने वाला ज्ञान — [[आ॑लिम]]
# [[विद्यालय]] — शिक्षण संस्थान (स्कूल) — [[स्कूल]], [[च़ाटु॑हाल]]
# [[विद्युत]] — बिजली — [[बिजली]]
# [[विद्रोह]] — राज्य या शासन के विरुद्ध किया जाने वाला आचरण और व्यवहार, उपद्रव — [[बगावथ]]
# [[विधर्मी]] — अपने धर्म के विपरीत आचरण करने वाला, धर्म भ्रष्ट — [[दरमु॑ ब्रश्ट]]
# [[विनती]] — विनीत भाव से की जाने वाली प्रार्थना अनुनय-विनय — [[गुज़ा॑रिश]], [[ज़ारु॑पारु॑]]
# [[विनय]] — विनम्रता और सौजन्य — [[गुज़ा॑रिश]]
# [[विनीत]] — जिसमें विनय हो, विनयी, नम्र, सुशील और शिष्ट — [[गुज़ारिशी]], [[व्यनीत]]
# [[विनोद]] — मन-बहलाव, मनोरंजन — [[ठठु॑-मसखरी]]
# [[विपक्ष]] — विरोधी पक्ष या दल — [[मुखा॑लिफ पार्टी]]
# [[विपुल]] — संख्या या परिमाण में बहुत अधिक — [[स्यठाह]]
# [[विमल]] — मल-रहित, निर्मल, साफ, दूषण रहित — [[साफ]], [[मलु॑]], [[रॊस]]
# [[विमोचन]] — बंधन आदि खोलकर मुक्त करना, छुड़ाना या छोड़ना — [[मॅकुलावुन]], [[व्यमूचन]]
# [[वियोग]] — ऐसी अवस्था जिसमें दो जीव विशेषत: प्रेमी एक दूसरे से दूर हों और इस प्रकार उनमें मिलन न होता हो, विप्रलंभ — [[जुदा॑यी]]
# [[विराट]] — बहुत बड़ा या व्यापक — [[बडि बॊड]]
# [[विराम]] — क्रिया, गति, चाल आदि में होने वाला अटकाव, ठहराव या पड़ाव — [[छ़्यन]]
# [[विरोध]] — किसी कार्य या प्रयत्न को रोकने या विफल करने के लिए विपरीत होने वाला प्रयत्न, विपरीतता — [[रुकावठ]]
# [[विलंब]] — ऐसी स्थिति जिसमें अनुमान, आवश्यकता, औचित्य से अधिक समय लगे, देर, देरी — [[दीरी]]
# [[विलय]] — एक पदार्थ का अथवा राज्य का किसी दूसरे पदार्थ या राज्य में घुलना-मिलना, विलीन होना — [[मेलुन]], [[हलहाक]]
# [[विलास]] — अधिक मूल्य की और सुख-सुभीते की वस्तुओं का ऐसा उपयोग या व्यवहार जो केवल मन प्रसन्न करने के लिए हो, शौकीनी — [[अया॑शी]], [[व्यलास]]
# [[विलीन]] — जो अपनी स्वतन्त्र सत्ता खोकर दूसरे में मिल गया हो — [[लीन ग़छुन]], [[मीलिथ ग़छुन]]
# [[विलोम]] — समान्य क्रम से न होकर विपरीत क्रम से होने वाला — [[बुलटु॑]]
# [[विवश]] — मजबूर, बाध्य, लाचार — [[मजबूर]]
# [[विवाद]] — कहा-सुनी, तकरार — [[बहसु॑-ब॑हस]]
# [[विवाह]] — शादी, पाणिग्रहण — [[नेथु॑र]]
# [[विवेक]] — सत् और असत् का निर्णय करने वाली बुद्धि, सुबुद्धि — [[तमीज़]]
# [[विशाल]] — बड़ा, बृहद् — [[अज़ीम]], [[व्यशाल]]
# [[विशिष्ट]] — (वस्तु) जिसमें औरों की अपेक्षा कोई बहुत बड़ी विशेषता हो — [[खास]]
# [[विशेष]] — जिसमें औरों की अपेक्षा कोई नई बात अथवा कुछ अधिकता हो, विशेषतायुक्त — [[खास]]
# [[विश्राम]] — आराम, चैन, सुख — [[आराम]]
# [[विष]] — ज़हर — [[ज़हर]], [[वेह]]
# [[विषम]] — जो सम अर्थात् समान या बराबर न हों, असमान — [[बॆसॊम]]
# [[विषय-सूची]] — विषयों की अनुक्रमणिका या सूची — [[फीरिस]]
# [[विसंगति]] — संगति का न होना, असंगति — [[संग॑च रॊस]]
# [[विस्फोट]] — एकत्र गेस, बारूद आदि का अग्नि या ताप के कारण जोर का शब्द करके बाहर निकल पड़ना — [[दमाकु॑]], [[टास]]
# [[वे]] — 'वह' का बहुवचन रूप — [[तिम]]
# [[वेग]] — गति या चाल की तीब्रता या तेजी, शीघ्रता — [[तीज़ी]]
# [[वेतन]] — तनख्वाह — [[तनु॑खाह]]
# [[वेदवाक्य]] — ऐसा वाक्य या कथन जिसकी सत्यता असंदिग्ध हो — [[वीदु॑ वाख]]
# [[वेदी]] — मांगलिक या शुभ कार्य के लिए तैयार किया हुआ चौकोर स्थान, वेदिका — [[प्यंडु॑]]
# [[वेशभूषा]] — पहनने के कपड़े, पोशाक, पहरावा — [[पलव]], [[पॊशाख]]
# [[वैज्ञानिक]] — विज्ञान का ज्ञाता, विज्ञानवेत्ता — [[साइनस दान]]
# [[वैर]] — घोर शत्रुता — [[वार॑]], [[हसद]]
# [[वैश्य]] — हिंदुओं में तीसरे वर्ण का व्यक्ति जिसका मुख्य कर्म व्यापार कहा गया है — [[वैश]], [[वोन्य]]
# [[व्यंग]] — शब्द की व्यंजना शक्ति द्वारा निकलने वाला अर्थ, कटाक्ष, ताना — [[टसनु॑]]
# [[व्यंग्य-चित्र]] — किसी घटना, बात, व्यक्ति आदि की हँसी उड़ाने के उद्देश्य से बनाया गया उपहासात्मक तथा सांकेतिक चित्र — [[कार्टून]]
# [[व्यंजना]] — व्यंग्यार्थ-बोधक, शब्द की तीन प्रकार की शक्तियों में से एक — [[गूड माने]], [[सिखिम माने]]
# [[व्यक्त]] — प्रकट, प्रत्यक्ष — [[प्रकट]], [[प्रॆत्यख]], [[ज़ा॑हिर]]
# [[व्यक्ति]] — मनुष्य, आदमी, व्यष्टि — [[नफर]]
# [[व्यक्तिगत]] — किसी एक ही व्यक्ति से संबंधित — [[ज़ाती]]
# [[व्यथा]] — उग्र शारीरिक या मानसिक पीड़ा — [[दॅख]]
# [[व्यय]] — खर्च — [[खरु॑च]]
# [[व्यवसाय]] — जीविका-निर्वाह का साधन, पेशा, व्यापार — [[रा॑ज़गार]]
# [[व्यवस्था]] — प्रबंध, इन्तजाम — [[इंतिज़ाम]]
# [[व्यष्टि]] — समीष्ट का एक स्वतंत्र अंग, व्यक्ति — [[इंसान]], [[शख़ु॑ज़]], [[फरु॑द]]
# [[व्यस्त]] — कार्य आदी में लगा हुआ अथवा उलझा हुआ — [[आवुर]], [[कामि मंज़]]
# [[व्याकुल]] — बेचैन, व्यग्र, विकल — [[दॅखी]], [[व्याकॅल]]
# [[व्याख्या]] — सविस्तार वर्णन, विवेचन — [[व्यछनिथ वनुन]], [[लखु॑न]]
# [[व्याघ्र]] — बाघ, शेर — [[सु॑ह]]
# [[व्याघि]] — शारीरिक कष्ट, बीमारी — [[व्यमार्य]]
# [[व्यापक]] — चारों ओर फैला हुआ, विस्तृत — [[च़ॅपारफय फु॑हलिथ]]
# [[व्यापार]] — रोज़गार, तिजारत — [[कारु॑बार]]
# [[व्यायाम]] — कसरत — [[कसरत]]
# [[व्युत्पत्ति]] — मूल, उद्गम या उत्पत्ति का स्थान — [[आगुर]]
# [[व्योम]] — आकाश, अंतरिक्ष, आसमान — [[आकश]], [[अंतु॑रयख्य]]
# [[शंका]] — संशय, संदेह, शक — [[शेंख]]
# [[शंख]] — समुद्र में पैदा होने वाला एक जंतु का कड़ा और सफेद खोल — [[शंख]]
# [[शकुन]] — विशिष्ट पशु-पक्षी, व्यक्ति, वस्तु, व्यापार आदि के देखने-सुनने, होने आदि से मिलने वाली शुभ-अशुभ की पूर्व-सूचना — [[शॊगून]]
# [[शक्कर]] — चीनी — [[मॊदुर]], [[शकर]]
# [[शक्ति]] — पराक्रम, बल, सामर्थ्य — [[ह्यमथ]], [[ह्यकथ]]
# [[शक्तिशाली]] — बलवान, शक्ति संपन्न — [[बलु॑वान]]
# [[शताब्दी]] — सौ वर्षों की अवधि, शती, सदी — [[सदी]]
# [[शत्रु]] — वैरी, दुश्मन — [[दुश्मन]], [[शथु॑र]]
# [[शपथ]] — सौगंध, कसम — [[कसम]], [[दु॑य]]
# [[शब्दकोश]] — वह ग्रंथ जिसमे शब्दों के सम्यक् वर्ण विन्यास, अर्थ प्रयोग, पर्याय आदि हों — [[डिकश॑नरी]]
# [[शमन]] — बढ़े हुए उपद्रव, कष्ट, दोष को दबाने की क्रिया, दमन — [[शांती]]
# [[शरण]] — आश्रय, संरक्षण, पनाह — [[शरन]]
# [[शरणार्थी]] — शरण चाहने वाला, असहाय — [[रिफ्यूजी]]
# [[शरमाना]] — झेंपना — [[शरु॑म करु॑न्य]], [[मंदु॑छुन]]
# [[शराब]] — मद्य, मदिरा — [[शराब]]
# [[शरीर]] — देह, तन, जिस्म — [[जिसु॑म]], [[दिह्य]]
# [[शल्य-क्रिया]] — शारीरिक विकार को दूर करने के लिए की जाने वाली चीर-फाड़ — [[अपर॑शन]]
# [[शव-परीक्षा]] — मृत व्यक्ति के शव की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए की जाने वाली परीक्षा या जाँच (पोस्ट मार्टम) — [[पॊस माटम]]
# [[शस्त्र]] — हाथ मे रखकर प्रयोग किया जाने वाला हथियार — [[ह॑थियार]]
# [[शहद]] — मधु (हनि) — [[माछु]]
# [[शहीद]] — अपने धर्म, सदाचार, कर्त्तव्य-परायणता के लिए अथवा देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण देने वाला (मार्टेअर) — [[शहीद]]
# [[शांत]] — आवेग, चंचलता, वासना अथवा विकास से रहित — [[शांथ]], [[खामोश]]
# [[शांति]] — नीरवता, सन्नाटा, स्तब्धता — [[शा॑न्ती]]
# [[शाकाहारी]] — मांस न खाने वाला, निरामिष भोजी — [[वशनव]]
# [[शानदार]] — भड़कीला, तड़क-भड़क वाला — [[शानदार]]
# [[शाप]] — अनिष्ट कामना के उद्देश्य से कहा गया कथन, अभिशाप, बद्दुआ — [[शाफ]]
# [[शायद]] — कदाचित, संभवत: — [[शायद]], [[मुमकिन]]
# [[शायिका]] — शयनिका (स्लीपर) — [[स्लीपर]], [[शँगनजाय]]
# [[शालीन]] — लज्जाशील, शुशील, शिष्ट — [[हयावा॑ल]]
# [[शाश्वत]] — सतत्, स्थायी, नित्य, सनातन — [[पोशिवु॑न्य]]
# [[शासक]] — शासन करने वाला व्यक्ति, शासन-कर्ता — [[हॊकुमरान]]
# [[शासन]] — सरकार, हुकूमत — [[हुकूमथ]]
# [[शास्त्र]] — धर्म ग्रंथ — [[शास्तु॑र]]
# [[शिकायत]] — किसी के दोष या अनुचित काम का किसी के समक्ष किया गया कथन — [[शकायथ]]
# [[शिकार]] — मृगया, आखेट — [[शिकार]]
# [[शिक्षा]] — किसी प्रकार के ज्ञान के सीखने-सिखाने का क्रम, पढ़ाई या उक्त प्रकार से प्राप्त ज्ञान या विद्या — [[ता॑लीम]]
# [[शिखर]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, सिरा, चोटी, कलश, कंगूरा (मंदिर, मकान के संदर्भ में) — [[थॊग]]
# [[शिथिल]] — जो कसकर बंधा न हो ढीला — [[नरु॑म]], [[ड्यॊल]]
# [[शिरकत]] — शरीक होने की अवस्था क्रिया या भाव, मिलना — [[शॆर्यकॊत]]
# [[शिरोमणि]] — सिर या मस्तक पर धारण करने का रत्न, चूड़ामणि — [[सरताज]]
# [[शिलान्यास]] — नए भवन की नींव के रूप में पत्थर रखना — [[कु॑न]], [[द्युन]]
# [[शिलालेख]] — पत्थर पर गुदा हुआ लेख — [[कनि प्यठक लॆखुत]]
# [[शिल्प]] — हस्तकला, दस्तकारी — [[कसु॑ब]], [[का॑रीगिरी]], [[हॅनर]]
# [[शिल्पकार]] — शिल्पी, कारीगर — [[का॑सिब]], [[का॑रीगर]]
# [[शिल्पी]] — शिल्प संबंधी काम करने वाला, शिल्पकार — [[का॑रीगर]]
# [[शिविर]] — पड़ाव, छावनी — [[पडाव]], [[छावु॑न्य]]
# [[शिशु]] — बहुत ही छोटा बच्चा — [[ज्गशुर]]
# [[शिष्ट]] — सभ्य, सज्जन — [[शा॑यिस्तु॑]], [[सथज़न]]
# [[शिष्टता]] — शिष्ट होने की अवस्था गुण भाव, सौजन्य — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्टाचार]] — शिष्टापूर्ण आचरण और व्यवहार — [[शा॑यिस्तु॑गी]]
# [[शिष्य]] — छात्र, विद्यार्थी — [[चाठ]]
# [[शीघ्र]] — जल्द, अविलंब, तुरंत, फौरन — [[जलु॑द]]
# [[शीघ्रता]] — जल्दी — [[जलदी]]
# [[शीतल]] — ठंडा, सर्द — [[शीतल]], [[तुख्न]]
# [[शीर्ष]] — किसी चीज का सबसे ऊपरी तथा उन्नत सिरा — [[प्यॊत]], [[तॆंतल]]
# [[शीर्षक]] — किसी लेख अथवा ग्रंथ आदि के ऊपर दिया जाने वाला नाम जिससे उनके विषय का कुछ परिचय मिलता है (टाइटल) — [[उनवान]]
# [[शीशा]] — दर्पण, आईना — [[आ॑नु॑]]
# [[शुद्ध]] — पवित्र, निर्मल — [[शॅद]]
# [[शुभ-चिंतक]] — किसी की भलाई की सोचने वाला, शुभेच्छु — [[रुतकांछन वोल]]
# [[शुभागमन]] — मंगलप्रद या सुखद आगमन — [[स्वागतम]], [[खॅशामदीद]]
# [[शुरु]] — आरंभ, प्रारंभ — [[शॊरू]], [[ग्वड ह्यॊन]]
# [[शुल्क]] — वह धन जो वस्तुओं की उत्पत्ति, उपभोग, आयात, निर्यात आदि करने पर कानूनन कर के रूप में देय हो — [[कश्टम्]]
# [[शुष्क]] — सूखा — [[हॊख]]
# [[शून्य]] — रिक्त, खाली — [[शिन्यह]], [[सिफर]]
# [[शूर]] — बहादुर, वीर, सूरमा — [[बॊहदुर]]
# [[शृंखला]] — क्रम, तारतम्य माला, पंक्ति, कतार — [[सिलसिलु॑]], [[कतार]]
# [[श्रृंगार]] — सौंदर्य वृद्धि के लिए सौन्दर्य-प्रसाधनों द्वारा बनाव-सजाब — [[सिंगार]]
# [[शेष]] — बचा हुआ, बाकी — [[बाकु॑य]]
# [[शैली]] — ढंग, तरीका, पद्धति — [[तरीकु॑]]
# [[शैशव]] — शिशु होने की अवस्था, गुण या भाव बचपन, लड़कपन — [[लॅकचार]]
# [[शोक]] — इष्ट वस्तु या आत्मीयजन के वियोग, नाश या मृत्यु के कारण होने वाली मानसिक व्यथा, घोर दु:ख — [[शूख]]
# [[शोध]] — छिपी हुई तथा रहस्यपूर्ण बातों की खोज करना, अन्वेषण — [[तहकीक]]
# [[शोभा]] — कांति, चमक — [[शूब]], [[चमक]]
# [[शोषण]] — परोक्ष उपायों से किसी की कमाई या धन धीरे-धीरे अपने हाथ में करना (एक्सप्लायटेशन) — [[नाजा॑विज़ फायदु॑]]
# [[श्रद्धांजलि]] — किसी पूज्य या बड़े व्यक्ति के संबंध में श्रद्धा और आदरपूर्वक कही जाने वाली बातें — [[ख़राजे अ़क़ीदत]], [[श्रदाँजली]]
# [[श्रद्धा]] — पूज्य और बड़े लोगों के प्रति आदरपूर्ण आस्था या भावना — [[श्रदा]], [[पछ़]]
# [[श्रम]] — मेहनत, परिश्रम — [[श्रम]], [[मेहनथ]]
# [[श्रमदान]] — किसी सामूहिक हित के लिए स्वेच्छा से नि:शुल्क श्रम करना — [[श्रमदान]]
# [[श्रमिक]] — शारीरिक श्रम द्वारा जीविका चलाने वाला, मजदूर — [[मॊज़ूर]]
# [[श्राद्ध]] — सनातनी हिन्दुओं में पितरों या मृत व्यक्तियों को प्रसन्न कराने के उद्देश्य से किए जाने वाले पिंडदान, ब्राह्मण भोजन आदि कृत्य जो उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किए जाते हैं — [[श्राद्ध]]
# [[श्रीमान (श्रीमती)]] — 'श्री' पुरुषों के नाम से पूर्व प्रयुक्त एक आदरसूचक विशेषण (स्त्री के नाम के पूर्व श्रीमति) — [[श्रीमा॑न]], [[जनाब श्रीम॑ति]], [[मॊहतरिमा]]
# [[श्रुतलेख]] — वह लेख जो किसी के द्वारा बोले हुए वाक्यों को सुनकर लिखा जाए (डिक्टेशन) — [[इमला]], [[डिक्टेशन]]
# [[श्रेणी]] — कतार, पंक्ति — [[दरजि]], [[जमाथ]]
# [[श्रेय]] — अच्छाई, उत्तमता — [[बज्यर]]
# [[श्रेष्ट]] — गुण, मान आदि के विचार से बढ़कर, उत्तम, उत्कृष्ट — [[रुत]], [[ज़बर]]
# [[श्रोता]] — सुननेवाला (लिसनर) — [[बोज़न बा॑ल]]
# [[श्लाघनीय]] — प्रशंसनीय — [[ता॑रीफ करनस लायक]]
# [[श्लाघा]] — प्रशंसा — [[ता॑रीफ]]
# [[श्वास]] — प्राणियों का नाक से श्वास खींचकर अंदर फेफड़ों या हृदय तक पहुँचाना और फिर बाहर निकालना, सांस — [[शाह]]
# [[श्वेत]] — धवल, उजला, सफेद, गोरा — [[सफेद]]
# [[षड्यन्त्र]] — साजिश, कुचक्र — [[सा॑ज़िश]]
# [[संकट]] — विपत्ति, मुसीबत, आफत, आपत्ति — [[संकट]], [[सांक॑ठ]]
# [[संकलन]] — एकत्र करने की क्रिया, संग्रह करना — [[सॊबरन]], [[मजमूअ]]
# [[संकल्प]] — दृढ निश्चय, इरादा — [[संकलु॑प]]
# [[संकीर्ण]] — तंग, संकुचित, अनुदार — [[तंग]]
# [[संकेत]] — अभिप्राय सूचक अंगचेष्टा, इशारा — [[इशारु॑]]
# [[संकोच]] — सिकुड़ने की क्रिया या भाव — [[संकूच़]]
# [[संक्रान्ति]] — सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि मे जाना — [[सांक॑राथ]]
# [[संक्रामक]] — एक से दूसरे में संक्रमण करने वाला छूत आदि से फैलने वाला (रोग) (कान्टेजियस) — [[लागिदार]]
# [[संक्षिप्त]] — छोटा किया हुआ लेख, पुस्तक आदि का रूप, सार, संक्षेप — [[मॅखसर]]
# [[संक्षेप]] — लेख आदि का काट-छांटकर छोटा किया हुआ रूप, सार — [[मॅखसर]]
# [[संख्या]] — गिनती, तदाद, गणना — [[तेदाद]]
# [[संगठन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[जमाथ]], [[संगठन]]
# [[संगति]] — मेल-मिलाप, संग, साथ, सोहबत — [[मेल-जोल]]
# [[संगीत]] — ध्वनियों या स्वरों का कुछ विशिष्ट लय में होने वाला प्रस्फुटन (म्यूज़िक) — [[ग्यवुन/मा॑सीकी]]
# [[संगोष्ठी]] — किसी निर्धारित विषय पर आमंत्रित विद्वानों की चर्चा तथा उनका निबंध-पाठ — [[सॆमिनार]]
# [[संग्रहालय]] — वह स्थान जहाँ विशेष महत्त्व की वस्तुओं का संग्रह किया गया हो (म्युज़ियम) — [[अजॊईबगर]]
# [[संग्राम]] — युद्ध, लड़ाई, समर — [[लडा॑य]]
# [[संघटन]] — कार्य विशेष की सिद्धि के लिए निर्मित कोई संस्था — [[तंज़ीम]], [[संगठन]], [[जमाथ]]
# [[संघर्ष]] — स्पर्धा, होड़ — [[हलु॑बलु॑]]
# [[संचय]] — चीजें इकट्ठी करने की क्रिया या भाव — [[सॊबंरावुन]]
# [[संचार]] — गमन, चलना, चलाना — [[यितु॑गछ़ मवासिलात]]
# [[संचालक]] — चलाने या गति देने वाला (कंडक्टर) — [[चलावन वोल]]
# [[संतति]] — संतान, बाल-बच्चे, औलाद — [[अवलाद]]
# [[संताप]] — अग्नि, धूप आदि का बहुत तीव्र ताप — [[ताफ]]
# [[संतुलन]] — वह स्थिति जिसमें सभी अंग बराबर के या यथास्थान हो — [[तवोज्रुन]]
# [[संतुष्ट]] — जिसका संतोष कर दिया गया हो या हो गया हो, तृप्त — [[खॅश रोज़ुन]]
# [[संतुष्टि]] — संतुष्ट होने की क्रिया या भाव तृप्ति — [[त्रप्ती]]
# [[संतोष]] — वह मानसिक अवस्था जिसमें व्यक्ति प्राप्त होने वाली वस्तु को यथेष्ट समझता है और उससे अधिक की कामना नहीं करता — [[तसली]], [[स्यॆप्यर]]
# [[संतोषजनक]] — संतोष देनेवाला, संतोषप्रद — [[तसलीबखु॑श]]
# [[संदर्भ]] — पुस्तक, लेख आदि में वर्णित प्रसंग, विषय आदि जिसका विचार या उल्लेख हो, प्रसंग — [[हवालु॑]]
# [[संदेश]] — समाचार, पैगाम, खबर — [[पा॑गाम]]
# [[संन्यास]] — पूरी तरह से छोड़ना, परित्याग करना — [[सनियास]]
# [[संन्यासी]] — जिसने संन्यास आश्रम ग्रहण किया हो — [[सनिया॑स्य]]
# [[संपन्न]] — पूरा किया हुआ, पूर्ण मुकम्मल — [[आसनवा॑ल]]
# [[संपर्क]] — मेल, संयोग — [[रा॑बितु॑]]
# [[संपर्क भाषा]] — वह भाषा जिससे विभिन्न देशों अथवा प्रदेशों के लोग आपस में सूचना, विचारों आदि का आदान-प्रदान करते हैं — [[रा॑बिती जबान]]
# [[संपादक]] — वह जो किसी पुस्तक, सामयिक पत्र आदि के सब लेख या विषय अच्छी तरह ठीक करके उन्हे प्रकाशन के योग्य बनाता है (एडिटर) — [[संपाकद]], [[मुदीर]], [[अडिटर]]
# [[संपादकीय]] — संपादक संबंधी या संपादक का — [[अदा॑रियि]]
# [[संपादन]] — पूरा करना, प्रस्तुत करना — [[मुदीरी]], [[अडिटिंग]]
# [[संपूर्ण]] — आदि से अंत तक सब, सारा कुल, समूचा — [[सोरुय]]
# [[संप्रदाय]] — एक ही तरह का मत या सिद्धान्त रखने वाले लोगों का समूह या वर्ग — [[फिरकु॑]], [[तबकु॑]]
# [[संबंध]] — रिश्ता, नाता — [[संबंद]], [[मेल]]
# [[संभव]] — जो किया जा सकता हो, या हो सकता हो, मुमकिन — [[मुमकिन]]
# [[संभालना (सम्हालना)]] — पालन करना, सहारा देना — [[संबालुन]]
# [[संयुक्त]] — किसी के साथ जुड़ा, मिला, लगा या सटा हुआ — [[यिकवटु॑]]
# [[संरक्षक]] — देखभाल, निरीक्षण करने वाला, आश्रयदाता, अभिभावक — [[पालनवा॑ल]], [[रछनवा॑ल]]
# [[संरक्षण]] — अच्छी और पूरी तरह से रक्षा करने की क्रिया या भाव, पूरी देख-रेख और हिफाजत (कस्टडी) — [[ह्यफ़ाज़थ]], [[रा॑छ्य]]
# [[संरचना]] — कोई ऐसी वस्तु बनाने की क्रिया या भाव जिसमें अनेक प्रकार के बहुत से अंगो-उपांगों का प्रयोग करना पड़ता है — [[बनावुन]], [[बनावठ]]
# [[संवाद]] — बातचीत, वार्तालाप — [[कथ-बाथ]]
# [[संवाददाता]] — संवाद या समाचार भेजने वाला — [[नामु॑ निगार]]
# [[संवारना]] — सुसज्जित करना, सजाना — [[संवारुन]], [[शेरुन सज़ावुन]]
# [[संवाहक]] — ठोकर अथवा किसी प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाला, वहनक, वाहक (कॅरिअर) — [[कंडकटर]], [[चलावन वोल]]
# [[संविधान]] — राजनीति और शासनतंत्र में कानून के रूप में बने वे मौलिक नियम और सिद्धान्त जिनके अनुसार किसी राष्ट्र, राज्य या संस्था का संघटन और संचालन होता है (कान्स्टिट्यूशन) — [[आ॑यीन]], [[दॊस्तूर]]
# [[संवेग]] — मन में होने वाली खलबली, उद्विग्नता, घबराहट, डर — [[ज़ज़्बु॑]], [[लह॑र॑]]
# [[संवेदना]] — मन में होने वाला बोध या अनुभूति, अनुभव — [[एहसास]]
# [[संशय]] — संदेह, शक, अनिश्चय — [[संशय]], [[शख]]
# [[संशोधन]] — त्रुटि, दोष आदि दूर करके ठीक और दुरुस्त करना, सुधार — [[सुदार]], [[श॑रुन]]
# [[संस्करण]] — पुस्तकों आदि की एक बार में एक ही तरह की होने वाली छपाई, आवृत्ति (एडिशन) — [[शुमारु॑]]
# [[संस्कार]] — किसी वस्तु को ठीक करके उचित रूप देने की क्रिया, परिष्कार — [[संस्कार]]
# [[संस्कृति]] — आचरणगत परम्परा, सभ्यता (कल्चर) — [[सबिता]], [[तमदुन]]
# [[संस्तुति]] — अच्छी या पूरी तरह से होने वाली तारीफ या स्तुति — [[मटि-मटि द्युन]]
# [[संस्था]] — समाज या समूह, सभा, समिति — [[संस्था]], [[उंजमन]]
# [[संस्थान]] — साहित्य, कला, विज्ञान आदि की उन्नति के लिए स्थापित संस्था या संघटन — [[इदारु॑]]
# [[संस्थापक]] — स्थापित करने वाला — [[बा॑नी]]
# [[संस्मरण]] — किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण और मुख्य घटनाओं या बातों का उल्लेख या कथन — [[यादावा॑री]]
# [[संहार]] — ध्वंस, नाश — [[नाश]], [[संहार]]
# [[सकपकाना]] — चंकित होना, चौकना — [[हा॑रान सपदुन]]
# [[सख्त]] — कठोर, कड़ा — [[सखु॑त]]
# [[सघन]] — घना, अविरल, ठोस — [[गॊन]]
# [[सचमुच]] — यथार्थत: वास्तव में — [[पाठ्य]]
# [[सच्चरित्र]] — जिस का चरित्र अच्छा हो, सदाचारी — [[जान चाल चलन]]
# [[सच्चा]] — सच बोलने वाला, सत्यवादी — [[पॊज़]]
# [[सजनी]] — सखी, सहेली — [[व्यस]]
# [[सज़ा]] — अपराधी को दिया जाने वाला दंड — [[सज़ा]]
# [[सजाना]] — वस्तुओं को ऐसे क्रम से रखना कि वे आकर्षक और सुंदर जान पड़ें, संवारना — [[सजावुन]]
# [[सजावट]] — सजे हुए होने की अवस्था, क्रिया या भाव, शोभा — [[सजावठ]]
# [[सजीव]] — जीव युक्त, जिस में प्रण हों — [[जुवदार]]
# [[सज्जन]] — भला आदमी, सत्पुरुष; शरीफ़ — [[जान इन्सान]]
# [[सज्जा]] — साज समान — [[साजु-सामान]]
# [[सटीक]] — जिस में मूल के साथ टीका भी हो, व्याख्या सहित टीका सहित — [[व्यछ़नयदार]], [[वखनय दार]]
# [[सड़क]] — मार्ग, रास्ता, पथ — [[सड़ख]]
# [[सड़ना]] — किसी वस्तु के संयोजक तत्वों का अलग-अलग हो जाना, गलना — [[सडुन]]
# [[सतत]] — निरंतर, बराबर, लगातार — [[लगातार]]
# [[सतर्क]] — सचेत सावधान, सजग, होशियार — [[हुशियार]]
# [[सतर्कता]] — सावधानी, होशियारी, सजगता — [[हुशारी]]
# [[सत्कार]] — आदर-सम्मान — [[यज़थ]]
# [[सत्ता]] — अस्तित्व, हस्ती — [[हस्ती]], [[वॊजूद]]
# [[सत्तू]] — भुने हुए जौ, चने आदि का आटा या चूर्ण — [[सॊत]]
# [[सत्यनिष्ठा]] — सत्य पर निष्ठा, सत्य में विश्वास, सच या वास्तविक से प्रेम — [[पज़िच़ पछ़]]
# [[सत्याग्रह]] — सत्य का पालन और रक्षा करने के लिए किया जाने वाला आग्रह या हठ — [[सत्याग्रह]]
# [[सत्यापन]] — जाँच या मिलान करके देखना कि ज्यों का त्यों और ठीक है कि नहीं (बैरिफ़िकेशन) — [[तसदीख]]
# [[सत्रावसान]] — आधुनिक राजतंत्र में, विधान मंडल सा संसद में सर्वप्रधान अधिकारी के द्वारा अनिश्चित और दीर्घकाल के लिए किया जाने वाला स्थगन (प्रोरोगेशन) — [[मुलत॑वी]]
# [[सत्संग]] — अच्छे आदमियों का साथ, अच्छी सोहब्बत, सज्जनों के साथ उठना-बैठना — [[सथसंग]]
# [[सदन]] — घर मकान — [[असॆम्बली]]
# [[सदस्य]] — उन व्यक्तियों में से हर एक जिनके योग से कुटुम्ब, परिवार, समाज आदि बनते हैं — [[म्यंबर]]
# [[सदा]] — नित्य, हमेशा, हरसमय — [[हमेशु॑]]
# [[सदाचार]] — अच्छा और शुभ आचरण, अच्छा चालचलन — [[जान चालु॑ चलन]]
# [[सदुपयोग]] — अच्छा और उत्तम उपयोग — [[जान इस्तिमाल]]
# [[सद्भाव]] — शुभ भाव, हित का भाव, छल कपट, द्वेष आदि से रहित भाव — [[नेक नियती]]
# [[सदव्यवहार]] — अच्छा बरताव, अच्छा सलूक या व्यवहार — [[जान व्यवहार]]
# [[सन्नाटा]] — निस्तब्धता, निरवता, शांति — [[सनाटु॑]], [[फु॑न्य फॅख]]
# [[सपना (स्वप्न)]] — वह घटना या दृश्य जो सोए होने पर अन्तर्मन में काल्पनिक रूप से भासित होता है (ड्रीम) — [[सॊपुन]]
# [[सपरिवार]] — परिवार के सदस्यों के साथ — [[अयालु॑ सान]]
# [[सप्तक]] — सात वस्तुओं का समूह — [[सफतक]]
# [[सफ़र]] — यात्रा — [[सफर]]
# [[सफल]] — कृतकार्य, कामयाब — [[कामयाब]]
# [[सफलता]] — कामयाबी, सिद्धि — [[कामया॑बी]]
# [[सबल]] — बलवान, ताकतवर, बलशाली — [[ताकतवर]]
# [[सभा]] — परिषद्, समिति — [[इजलास]], [[बैठक]]
# [[सभापति]] — सभा का अध्यक्ष — [[सदु॑रि मजलिस]]
# [[सभी]] — सारे, सम्पूर्ण — [[सा॑री]]
# [[सभ्य]] — शिष्ट, संस्कृत, विनम्र — [[सहज़ीबु॑ वा॑ल]]
# [[सभ्यता]] — सभ्य होने की अवस्था या भाव — [[तहज़ीब]]
# [[समकक्ष]] — जोड़ या बाराबरी का, सब बातों में बराबरी करने वाला — [[बराबर]]
# [[समझना]] — जान लेना, ठीक और पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना — [[समु॑जन]]
# [[समझौता]] — राजीनामा, मेल, सुलह — [[समजा॑तु]]
# [[समता]] — सादृश्य, बराबरी, संतुलन — [[बराबरी]]
# [[समदर्शी]] — सब को एक सा देखने-समझने वाला — [[कुनी नज़र करन वा॑ल]]
# [[समन्वय]] — वह अवस्था जिसमें कथनों या बातों का पास्परिक विरोध न रहे — [[हिहुय थवुन]], [[हिशर]]
# [[समय]] — दिन-रात के विचार से काल का कोई मान, वक्त — [[वखु॑त]], [[समय]]
# [[समय-सारिणी]] — समय सूचित करने के लिए बनाई हुई सारणी — [[टायिम टेबुल]]
# [[समर]] — सुद्ध, संग्राम, लड़ाई — [[जंग]]
# [[समर्थ]] — बलवान, सशक्त — [[का॑बिल]]
# [[समष्टि]] — सामूहिकता, संपूर्णता — [[परिपूरन]]
# [[संमातर (समानांतर)]] — जो समान अंतर पर रहे। (पैरलल) — [[मुतवा॑ज़ी]]
# [[समाचार]] — खबर, वृत्तांत, संदेश — [[खबर]]
# [[समाचार-पत्र]] — नियमित समय पर प्रकाशित होने वाला वह पत्र जिसमें अनेक प्रदेशों, राष्ट्रों आदि से संबंधित समाचार रहते हों (न्यूज़पेपर) — [[अखबार]]
# [[समाज]] — बहुत से लोगों का समूह — [[समाज]]
# [[समाज-विज्ञान]] — समाज शास्त्र (सोशिअलाजी) — [[समाजी साइनस]]
# [[समाजीकरण]] — किसी काम, बात, व्यवहार को ऐसा रूप देना कि उस पर समाज का अधिकार हो जाए और सब लोग समान रूप से उसका लाभ उठा सकें। (सोशिअलाइज़ेशन) — [[समाजीकरन]]
# [[समाधान]] — आपत्ति की निवृत्ति करना, संदेह निवारण करना — [[अँज़रावुन]]
# [[समापन]] — समाप्त करने की क्रिया या भाव, समाप्ति — [[खा॑तिमियथ]]
# [[समाप्ति]] — खतम या पूरा करने की क्रिया या भाव, समापन — [[खतु॑म]]
# [[समायोजन]] — अनुकूल बनाने की क्रिया या भाव — [[मुता॑बिकत]]
# [[समारोह]] — कोई ऐसा शुभ आयोजन जिसमें चहल-पहल हो — [[जलसु॑]]
# [[समालोकच]] — समीक्षक, समालोचना करने वाला — [[नकाद]], [[कु॑ठ कडन वोल]]
# [[समास]] — योग, मेल — [[म्युल]], [[समान]]
# [[समाहार]] — बहुत सी चीज़ों को एक जगह इकट्ठा करना, संग्रह — [[सॊम्बरुन]]
# [[समिति]] — सभा, समाज — [[समती]]
# [[समुदाय]] — समाज, बिरादरी — [[बरादरी]]
# [[समुद्र]] — सागर — [[समंदर]]
# [[समूह]] — ढेर, राशि — [[डेर]]
# [[समृद्ध]] — सम्पन्न, धनवान — [[दनवान]], [[आसन वोल]]
# [[समृद्धि]] — बहुत अधिक सम्पन्नता, अमीरी, ऐश्वर्य — [[अ॑मीरी]]
# [[सम्मान]] — इज्ज़त, आदर, प्रतिष्ठा — [[यज़थ]]
# [[सम्मेलन]] — मनुष्यों का किसी विशेष उद्देश्य से अथवा किसी विषय पर विचार करने के लिए एकत्र होने वाला समाज — [[समनबल]], [[समेलन]]
# [[सम्मोहन]] — मुग्ध करना — [[मूहित करु॑न]]
# [[सम्राट]] — साम्राज्य का स्वामी — [[सम्राट्]], [[बादशाह]]
# [[सरकना]] — जमीन से सटे हुए आगे बढ़ना, रेंगना — [[डलुन]], [[खॊरवजि पेकुन]]
# [[सरकार]] — किसी देश के सम्राट, अधिनायक, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री द्वारा चुने हुए मंत्रियों का वह दल जो सामूहिक रूप से संविधान के अनुसार उस देश का शासन करता है — [[सरकार]]
# [[सरल]] — सीधा, भोला — [[आसान]]
# [[सरस]] — रसयुक्त, रसीला — [[र॑स्युल]]
# [[सराहना]] — तारीफ, प्रशंसा — [[ता॑रीफ़]]
# [[सरोकार]] — वास्ता, संबंध — [[वाठ]], [[वाबस्तगी]]
# [[सरोवर]] — तालाब — [[तलाव]]
# [[सर्ग]] — किसी ग्रंथ विशेषत: काव्य ग्रंथ का अध्याय — [[बाब]], [[अद्याय]]
# [[सर्जन]] — उत्पन्न करना या जन्म देना — [[पादु॑ करुन]]
# [[सर्प]] — सांप — [[सरुफ]]
# [[सर्वज्ञ]] — सब कुछ जानने वाला — [[सा॑रुय ज़ानन वोल]]
# [[सर्वत्र]] — सब जगह — [[हरजा]], [[सरवतु॑र]]
# [[सर्वव्यापक]] — जो सब स्थानों और सब पदार्थों में व्याप्त हो — [[सारिननियन जायन मूजूद]]
# [[सर्वसम्मति]] — सबकी एक सम्मति या राय, मतैक्य — [[यकराय]]
# [[सर्वांगीण]] — सब अंगो में व्याप्त होने वाला — [[हमु॑गीर]]
# [[सर्वेक्षण]] — किसी विषय के सही तथ्यों की जानकारी के लिए उसके सभी अंगो का किया गया अधिकारिक निरीक्षण — [[जाय॑जु]]
# [[सर्वोदय]] — सभी का उदय या उन्नति — [[सर्वोदय]]
# [[सलाहकार]] — राय देने वाला, परामर्शदाता — [[सलाहकार]]
# [[सस्ता]] — कम मूल्य का — [[श्रॊग]], [[सस्तु॑]]
# [[सहकारिता]] — साथ मिल कर काम करना, मदद, सहायता — [[रलिथ मीलिथ काम॑ करु॑न्य]]
# [[सहज]] — जन्मजात, प्राकृतिक — [[आसान]], [[सहल]]
# [[सहन शक्ति]] — सहने की शक्ति, सहिष्णुता, सहनशीलता, सह्यता — [[बरदाश करनुक ताकत]]
# [[सहना]] — सहन करना, झेलना — [[बरदाश करुन]]
# [[सहमत]] — जिसका मत दूसरे से मिलता हो। जो दूसरे के मत को मान कर उसकी पुष्टि करता हो — [[मुतफ़िक]]
# [[सहमति]] — सहमत होने का भाव या अवस्था, एक मत होना — [[राय]]
# [[सहयोग]] — साथ मिलकर काम करना — [[अथु॑वास]], [[मदद]]
# [[सहयोगी]] — सहयोगी — [[सू॑त्य का॑म करन वा॑ल]], [[रफीक]]
# [[सहलाना]] — धीरे-धीरे मलना या हाथ फेरना — [[फश-फश द्युन]]
# [[सहानुभूति]] — हमदर्दी — [[हमदरदी]]
# [[सहायता]] — मदद — [[मदद]]
# [[सहिष्णु]] — सहने वाला, बरदाश्त करने वाला — [[सा॑बिर]]
# [[सहिष्णुता]] — सहनशीलता — [[सा॑बिरी]], [[सबूर]]
# [[सहृदयता]] — दयालुता, करुणा — [[दरु॑द मंदी]]
# [[सांकेतिक]] — संकेत संबंधी — [[अलामती]]
# [[सांगोपांग]] — सभी अंगो और उपांगों सहित — [[सोंगूपांग]]
# [[सांत्वना]] — शोकाकुल या संतप्त व्यक्ति को शांत करने या समझाने-बुझाने की क्रिया, तसल्ली — [[तसु॑ली]]
# [[साकार]] — मूर्त, आकारयुक्त — [[साकार]]
# [[साक्षरता]] — पढ़े-लिखे होने का भाव — [[खांदगी-लीखिमु॑त्य]]
# [[साजन]] — पति, स्वामी — [[रून]], [[बरथा]]
# [[साज-समान]] — सामग्री, उपकरण, असबाब — [[साजु॑-सामानु]]
# [[साझेदारी]] — हिस्सेदारी, शराकत! — [[हिसु॑दा॑री]]
# [[सात्विक]] — सतोगुणी, सत्वगुण-प्रधान, अनुभूति या भावनाजन्य — [[सतूगुनी]]
# [[सादर]] — आदरपूर्वक, इज्जत से — [[यज़तु॑ सान]]
# [[सादा]] — खालिस, बिना मिलावट — [[सादु॑]]
# [[सादृश्य]] — समानता, तुल्यता, बराबरी — [[बराबरी]], [[हिशर]]
# [[साधन]] — सामान, सामग्री, उपकरण — [[ज़रियि]]
# [[साधना]] — कोई कार्य सिद्ध या सम्पन्न करना — [[सादना]]
# [[साधारण]] — जिसमें कोई विशेषता न हो, सामान्य, मामूली — [[सादारन]]
# [[साधु]] — संत, महात्मा — [[साद]]
# [[साध्य]] — जो सिद्ध या पूरा किया जा सके — [[स्यद]]
# [[सान्निध्य]] — निकटता, समीपता — [[नखु॑]]
# [[साक्षेप]] — जो किसी की अपेक्षा रखता हो, जो दूसरों पर अवलम्बित हो — [[का॑सि प्यठ अलोंद]]
# [[साफ़]] — स्वच्छ, निर्मल — [[साफ़]]
# [[साबुन]] — सोडा तेल आदि के योग से बना हुआ एक पदार्थ जिससे शरीर और कपड़े साफ किए जाते हैं (सोप) — [[साबन]]
# [[सामंजस्य]] — वह स्थिति जिसमें परस्पर किसी प्रकार की विपरीतता या विषमता न हो, संगति, अनुकूलता — [[मिलु॑च़ार]]
# [[सामग्री]] — आवश्यक वस्तुओं का समूह, सामान — [[सामु॑ग्री]]
# [[सामने]] — आगे, समक्ष — [[ब्रोहंकनि]]
# [[सामर्थ्य]] — कोई कार्य करने की योग्यता और शक्ति — [[ताकथ]], [[सामरथ]]
# [[सामयिक]] — समयोचित, ठीक समय में — [[वकती]]
# [[सामाजिक]] — समाज का, समाज के संबंध रखने वाला — [[समाजी]]
# [[सामान्य]] — मामूली — [[मोमूली]]
# [[साम्राज्य]] — वे अनेक राष्ट्र या देश जिन पर कोई एक शासक-सत्ता राज्य करती हो — [[साम्राज]]
# [[साम्राज्यवाद]] — वह सिद्धान्त जिसमें यह माना जाता है कि किसी देश को अपने अधिकृत देशों में वृद्धि करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करते रहना चाहिए (इम्पीरियलिज़म) — [[साम्राजी]]
# [[सामुद्रिक]] — समुद्र संबंधी, समुद्र से संबंध रखने वाला — [[समंदरस सू॑त्य वाबस्तु]], [[समंदरुक]]
# [[सामुद्रिक]] — फलित ज्योतिष की वह शाखा जिसमें मनुष्य की हस्त रेखाओं और शरीर के चिह्नों आदि के शुभ-अशुभ फल पर विचार होता है — [[जा॑तिश फल]]
# [[सामूहिक]] — समूह से संबंध रखने वाला — [[मजमूही]]
# [[सार]] — मूल भाग, सत — [[सार]]
# [[सारणी]] — आजकल कोई ऐसा कागज़ या फलक जिसमें बहुत से खाते होते हैं तथा जिन में विशेष प्रकार की गणना या विवेचन के लिए कुछ अंक शब्द आदि लिखे होते है (टेबल) — [[लिस्ट]]
# [[सारांश]] — संक्षिप्तरूप, सार, निचोड़, उपसंहार — [[लुबिलुबाव]]
# [[सारा]] — कुल, समस्त, पूरा, समय — [[सोरुय]]
# [[सार्थक]] — जिसका कुछ अर्थ हो अर्थवान — [[मानेदार]]
# [[सार्वजनिक]] — सर्वसाधारण-संबंधी — [[आम]]
# [[सावधान]] — सचेत, सतर्क, खबरदार — [[खबरदार]]
# [[साहित्य]] — ग्रन्थों का समूह, किसी भाषा की समस्त गद्य तथा पद्यात्मक रचनाएं — [[अदब]]
# [[साहित्यकार]] — साहित्य की रचना करने वाला — [[अदीब]]
# [[साहूकार]] — बड़ा व्यापारी, महाजन — [[महाजन]]
# [[सिंगार (श्रृंगार)]] — सजधज, सजावट — [[सिंगार]]
# [[सिंगारदान]] — श्रृंगार की सामग्री रखने का छोटा संदूक — [[सिंगारदान]]
# [[सिंदूर]] — एक प्रकार का लाल चूर्ण जिसे सौभाग्यवती स्त्रियाँ मांग में भरती हैं — [[सयंदु॑र]]
# [[सिंहनाद]] — सिंह का गर्जन — [[सु॑हु॑ग्रजुन]]
# [[सिंहासन]] — राजगद्दी — [[राजुगद्य]]
# [[सितारा]] — तारा, नक्षत्र — [[तारुख]]
# [[सिद्धान्त]] — निश्चित मत जिसे सत्य के रूप में ग्रहण किया जाए, उसूल (प्रिंसिपल) — [[ऒसूल]]
# [[सिपाही]] — फौजी आदमी, सैनिक — [[सिपाह]], [[फूजी]]
# [[सिफारिश]] — किसी का कोई काम करने के लिए दूसरे से कहना — [[सुफा॑रिश]]
# [[सिर्फ]] — बस, इतना ही, केवल — [[सिरिफ]]
# [[सिलसिला]] — क्रम, शृंखला — [[सिलसिलु॑]]
# [[सिलाई]] — सीने की क्रिया या भाव — [[सिला॑य]]
# [[सिवाय]] — जो है या हो उसको छोड़कर — [[सिवाय]], [[रॊस]]
# [[सींचना]] — खेत या पेड़ पौधों में पानी देना — [[सग द्युन]]
# [[सीखना]] — किसी विषय या कला का ज्ञान प्राप्त करना, पढ़ना — [[हॆछुन]]
# [[सीधा]] — जिस में टेढ़ापन या घुमाव न हो — [[स्यॊद]]
# [[सीना]] — सिलाई करना — [[सुवुन]]
# [[सीमा]] — हद, सरहद (फ्रंटियर) — [[सरहद]]
# [[सीमित]] — सीमाओं से बंधा हुआ — [[मेहदूदं]]
# [[सुंदर]] — जो आंखों को अच्छा लगे, खूबसूरत — [[सँदर]]
# [[सुख]] — वह अनुभूति जो तन मन को भाए, चैन, आराम — [[सॅख]]
# [[सुख-सुविधा]] — ऐसी चीजें जिनके होने पर मनुष्य सुखपूर्वक जीवन बिता सके — [[स॑ख तु॑ आराम]]
# [[सुगंध]] — अच्छी गंध, खुशबू, प्रिय महक — [[खॅशबू]]
# [[सुगम]] — सहज में आने या पाने योग्य — [[आसान]]
# [[सुघड़]] — जिसकी बनावट सुन्दर हो, सुडौल — [[डोलदार]]
# [[सुचारु]] — अत्यंत सुंदर, मनोहर, बहुत खूबसूरत — [[स्यठाह सँदर]]
# [[सुझाव]] — सुझाने की क्रिया या भाव — [[मशव॑रु॑]]
# [[सुडौल]] — सुंदर डीलडौल या आकार वाला — [[सॅडोल]]
# [[सुध-बुध]] — होश-हवास, चेत — [[सॊद बॊद]]
# [[सुधा]] — अमृत, पीयूष — [[अमर्यथ]]
# [[सुधार]] — दोष को दूर करने या होने का भाव (इम्प्रूवमेंट) — [[सुदार]]
# [[सुधीर]] — बहुत धैर्यवान, जिसमें यथेष्ट धैर्य हो — [[हा॑सलु॑मन्द]]
# [[सुनना]] — कानों से शब्द या ध्वनि ग्रहण करना — [[बोजुन]]
# [[सुनहरा (सुनहला)]] — सोने के रंग का — [[सॅनुहर्य]]
# [[सुबोध]] — जो आसानी से समझ आ जाए, सरल और बोधगम्य — [[आसान]], [[स॑ह॑ल]]
# [[सुमति]] — अच्छी मति या बुद्धि — [[स॑च़बॅद]]
# [[सुमन]] — पुष्प, फूल — [[पोश]]
# [[सुरंग]] — जमीन खोद कर उसके नीचे बनाया हुआ रास्ता (टनल) — [[श्रॊंग]]
# [[सुर]] — गले, बाजे आदि से निकलने वाला स्वर — [[सॅर]]
# [[सुरक्षा]] — सम्यक, समुचित रक्षा — [[ह्याफाज़त]]
# [[सुरभि]] — सुगंध, खुशबू — [[खॅशबू]]
# [[सुरमा]] — एक खनिज पदार्थ जिसका बारीक चूर्ण आंखों में अंजन की तरह लगाया जाता है — [[सॅरमु॑]]
# [[सुराही]] — जल आदि रखने का मिट्टी का पात्र जिसका नीचे का भाग लोटे की तरह गोल और ऊपर का भाग लम्बे चोगे या नल की तरह होता है — [[सुरय]]
# [[सुलगना]] — इस प्रकार जलना कि उसमें से लपट न निकले, बल्कि धुंआ निकले, धीरे-धीरे जलना — [[सॊत-सॊत दजुन]]
# [[सुलझना]] — उलझनों से मुक्त होना, किसी समस्या अथवा उलझी हुई डोर आदि की पेचीदगी का दूर होना — [[खुरन॑रुन]]
# [[सुलभ]] — जो आसानी से मिल जाए — [[आसा॑नी सान मेलुन]]
# [[सुवास]] — अच्छी महक, खुशबू, सुगन्ध — [[सॅगंद]], [[खॅशबू]]
# [[सुविधा]] — आसानी — [[आसॊनी]]
# [[सुसज्जित]] — भली-भांति सजा या सजाया हुआ — [[शूबिदार]]
# [[सुस्ताना]] — थकावट दूर करना, थोड़ी देर के लिए आराम करना — [[थख कडुन]]
# [[सुहाग]] — विवाहिता स्त्री की वह स्थिति जिसमें उसका पति जीवित हो, सौभाग्य — [[ड्यकुबजर]]
# [[सुहागा]] — एक क्षार द्रव्य जो सोना गलाने और दवा के काम आता है (बोरेक्स) — [[वावथ]]
# [[सूक्ष्मदर्शी]] — बारीकी से देखने वाला — [[बा॑रीकबीन]]
# [[सूखा]] — शुष्क, निर्जल — [[हॊख]]
# [[सूचना]] — कुछ बताने या जताने के लिए कही या लिखी गई बात, इत्तिला — [[खबर]]
# [[सूची]] — किसी प्रकार की वस्तुओं, नामों, बातों आदि का क्रमबद्ध लेखा या विवरण — [[फिहरिस्त]]
# [[सूजना]] — रोग, चोट, वात आदि के कारण शरीर के किसी अंग का अधिक फूल या फैल जना — [[वरु॑म खसुन]], [[हु॑नुन]]
# [[सूझना]] — दिमाग या ध्यान में आना — [[खयाल युन]]
# [[सूत्र]] — पतला और महीन डोरा या तागा — [[सु॑थु॑र]]
# [[सूद]] — ब्याज — [[सूद]]
# [[सूना]] — जनहीन, निर्जन — [[शिन्याह]]
# [[सूराख]] — छेद, छिद्र — [[गॊद]], [[जॊद]]
# [[सूर्य]] — सौर जगत का सबसे उज्जवल और मुख्य ग्रह, जिसकी अन्य सब ग्रह परिक्रमा करते हैं और जिससे सब ग्रहों को ताप तथा प्रकाश प्राप्त होता है, रवि — [[सिरियि]], [[अफताब]]
# [[सृजन]] — सृष्टि करने अर्थात जन्म देने की क्रिया या भाव, रचना — [[शुरुन]], [[बनावुन]]
# [[सृष्टि]] — सारा विश्व तथा इसके सभी प्राणी एवं पदार्थ — [[थ्यथ]]
# [[सेंकना]] — आंच के पास या आग पर रख कर गरम करना अथवा पकाना — [[ब॑दरावुन]]
# [[सेठ]] — बहुत धनवान या संपन्न व्यक्ति — [[सेठ]]
# [[सेतु]] — नदी आदि पार करने के लिए बनाया हुआ रास्ता, पुल — [[कदु॑ल]], [[सॊथ]]
# [[सेना]] — रण-शिक्षा प्राप्त सशस्त्र व्यक्तियों का दल, फौज — [[फोज]]
# [[सेनापति]] — सेना का नायक, फौज का अफ़सर — [[सिपाहसालार]]
# [[सेवा]] — परिचर्या, टहल — [[सीवा]]
# [[सैकड़ा]] — सौ, शत की संख्या का सूचक जो इस (100) प्रकार लिखा जाता है — [[हथ]], [[शथ]]
# [[सैनिक]] — सेना-संबंधी, सेना का — [[फूजी]]
# [[सैर]] — मनोरंजन के लिए घूमना-फिरना, भ्रमण — [[सार॑]]
# [[सोचना]] — चिंता या फिक्र में पड़ना — [[सोंचुन]]
# [[सोना]] — स्वर्ण, कांचन — [[सॅन]]
# [[सोपान]] — सीढ़ी, जीना — [[हेर]]
# [[सौंपना]] — (कोई वस्तु आदि) किसी के जिम्मे या सुपुर्द करना, किसी के अधिकार में देना — [[हवालु॑ करुन]]
# [[सौजन्य]] — भलमनसत, सज्जनता — [[शराफथ]]
# [[सौतेला]] — सौत अथवा सपत्नी संबंधी — [[वोरु॑]]
# [[सौभाग्य]] — अच्छा भाग्य, अच्छी किस्म्त — [[खॅश कु॑स्मती]]
# [[स्तंभ]] — खंभा — [[कूट]], [[थंम]]
# [[स्तब्ध]] — जड़ीभूत, निश्चेष्ट, हक्का-बक्का — [[हय बुंगु॑]]
# [[स्तुति]] — आदर भाव से किसी के गुणों के कथन करने का भाव, बड़ाई, तारीफ — [[तॅता]]
# [[स्तोत्र]] — वह रचना, विशेषत: पद्बद्ध रचना जिसमें किसी देवता आदि की स्तुति हो, स्तव, स्तुति — [[सुतोंत्र]], [[हमुद]]
# [[स्त्री]] — मनुष्य जाति की क्यस्क मादा, पुरुष का विपर्याय — [[ज़नानु॑]]
# [[स्थगन]] — सभा की बैठक, बात की सुनवाई या विचार अथवा कोई चलता हुआ काम कुछ समय के लिए रोक रखना — [[मुलत॑वी]]
# [[स्थान]] — जगह, स्थल — [[जाय]]
# [[स्थानांतरण]] — किसी वस्तु या व्यक्ति को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर पहुँचाना या भेजना, बदली, तबादला — [[तबदीली]]
# [[स्थानीय]] — स्थान, विशेष का, मुकामी, स्थानिक — [[मुका॑मी]]
# [[स्थापना]] — स्थापित करने की क्रिया या भाव, स्थापन — [[कायिमी]]
# [[स्थायी]] — सदा स्थित रहने वाला, हमेशा बना रहने वाला, स्थिर, अटल, नियत — [[मुस्तकु॑ल]], [[रोजु॑वुन]]
# [[स्थिति]] — दशा, हालत, अवस्था — [[हालथ]]
# [[स्थिर]] — अटल, निश्चल — [[सा॑किन]], [[थ्यर]]
# [[स्नेह]] — प्रेमियों, हमजोलियों, बच्चों आदि के प्रति होनेवाला प्रेमभाव — [[श्रॆह]]
# [[स्पंदन]] — धीने-धीरे हिलना या कांपना — [[थरु॑-थरु॑]]
# [[स्पर्धा]] — प्रतियोगिता आदि में किसी से होने वाली होड़ — [[मान-मान]]
# [[स्पर्श]] — त्वचा का वह गुण जिससे छूने, दबने आदि का अनुभव होता है — [[ज़ीर लगु॑न्य]], [[छुहुन]]
# [[स्पष्ट]] — जिसे देखने, समझने, सुनने आदि में नाम मात्र भी कठिनता न हो, बिलकुल साफ — [[वाज़ेह]], [[साफ]]
# [[स्फूर्ति]] — तेजी, फुर्ती — [[ताकत]], [[फुरती]]
# [[स्मरण]] — कोई बात फिर से याद आने की क्रिया या भाव, स्मृति, याद — [[याद]], [[सॅरुन]]
# [[स्मारक]] — स्मरण कराने वाला — [[यादगार]]
# [[स्मृति]] — स्मरण शक्ति — [[यादाश्त]]
# [[स्रष्टा]] — सृष्टि या रचना करने वाला, रचयिता, निर्माता — [[बनावन वोल]]
# [[स्वचालित]] — अपने आप चलने वाला, जिसके अंदर ऐसे कल-पुरजे लगे हों कि एक पुरजा चलाने से ही वह आपने आप चलने या कोई काम करने लगे — [[पानन चलन वोल]], [[खॅदकार]]
# [[स्वजन]] — अपने परिवार के लोग, आत्मीय जन — [[पनु॑न्य]], [[नफर]]
# [[स्वतंत्र]] — जिसका तंत्र अथवा शासन अपना हो, जो किसी के तंत्र या शासन में न हो, आजाद — [[आज़ाद]]
# [[स्वतंत्रता]] — स्वतंत्र रहने या होने की अवस्था या भाव, आज़ादी, स्वातंत्र्य — [[आज़ा॑दी]]
# [[स्वप्न]] — सपना, ख्वाब — [[सॊपुन]]
# [[स्वभाव]] — प्रकृति, ख़ासियत, मिजाज — [[सॅबाव]]
# [[स्वयं]] — (सर्वनाम) जिसके द्वारा वक्ता अपने व्यक्तित्व पर जोर देते हुए कोई बात कहता है — [[खॅद]]
# [[स्वरूप]] — आकृति, रूप, शक्ल — [[हयथ]], [[शकु॑ल]]
# [[स्वर्ग]] — देवलोक — [[सॅरु॑ग]]
# [[स्वर्ण-युग]] — ऐश्वर्य, ललित कलाओं की समृद्धि एवं शासनिक रूप से शांतिपूर्ण काल — [[सॅनहरी दा॑र]]
# [[स्वर्णिम]] — सोने का, सुनहला — [[सॅनहर्य]]
# [[स्वस्थ]] — रोग, विकार आदि से रहित — [[सॆहथमंद]], [[तंदरुस]]
# [[स्वागत]] — किसी मान्य या प्रिय व्यक्ति के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक उसका अभिनंदन करने की क्रिया या भाव, अभ्यर्थना — [[स्वागत]], [[इस्तॆकबाल]]
# [[स्वाद]] — कोई चीज खाने चा पीने पर जबान या रसनेन्द्रिय को होने वाली अनुभूति, जायका — [[मजु॑]], [[साद]]
# [[स्वादिष्ट]] — जिसका जायका या स्वाद बहुत अच्छा हो, जो खाने में बहुत अच्छा जान पड़े — [[मजु॑दार]]
# [[स्वाभाविक]] — प्राकृतिक, कुदरती — [[कॅदरती]]
# [[स्वामित्व]] — मालिक अथवा स्वामी होने की अवस्था या भाव, मालिकी — [[मा॑ल्यकियथ]]
# [[स्वामी]] — वह व्यक्ति जिसे किसी वस्तु पर पूरे और सब प्रकार के अधिकार प्राप्त हों, मालिक — [[मा॑लिख]]
# [[स्वार्थ]] — अपना अर्थ या उद्देश्य, अपना मतलब — [[मतलब]]
# [[स्वार्थी]] — मात्र अपने उद्देश्य कही सिद्धि चाहने वाला, खुदगर्ज — [[मतल॑बी]], [[खॅदगरज़]]
# [[स्वावलंबन]] — अपने पर ही भरोसा रखने और दूसरे से सहायता न लेने की अवस्था, गुण या भाव, आत्मनिर्भरता — [[पन॑न्युत ज़ंगन प्यठ इस्तादु॑ रोजन वोल]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वावलंबी]] — अपने ही बल पर काम करने वाला, दूसरे की सहायता न लेने वाला, आत्मनिर्भर — [[पन॑न्यवन जंगन]], [[प्यठ इस्तादु॑]], [[खॅदक॑फील]]
# [[स्वास्थ्य]] — स्वस्थ अर्थात निरोग होने की अवस्था, गुण या भाव, निरोगता, आरोग्यता, तन्दरुस्ती — [[सहॆथ]]
# [[स्वीकार]] — अपना बनाने, ग्रहण करने या लेने या अपनाने की क्रिया या भाव — [[मानुन]], [[कॊबूल]]
# [[स्वीकृति]] — स्वीकार करने की क्रिया या भाव सहमति — [[मंज़ूरी]]
# [[हँसना]] — आनन्द, तृप्ति आदि प्रकट कने की एक क्रिया, जिसमें चेहरा खिल उठता है, आंखें कुछ फैल जाती हैं, मुँह, सुल जाता है और गले में से ध्वनियाँ निकलने लगती हैं, प्रसन्न होना — [[असुन]]
# [[हँसमुख]] — जिसका मुख सदा हँसता हुआ सा रहता हो, विनोदी — [[असवुन]]
# [[हँसली]] — गले के नीचे और छाती के ऊपर के धनुषाकार हड्डी — [[अहरन]]
# [[हँसी]] — हंसने की क्रिया, ध्वनि या भाव — [[असुन]], [[मज़ाख]]
# [[हकलाना]] — स्वर नाली के ठीक काम न करने या जीभ के तेजी से न चलने के कारण बोलने के समय बीच-बीच में अटकना, रुक-रुक कर बोलना (स्टैमरिंग) — [[अडु॑कजर]]
# [[हटना]] — किसी स्थान से चल कर खिसक कर या सरक कर दूसरी जगह जाना — [[हटुन]], [[दूर रोजुन]]
# [[हड़ताल]] — दु:ख, रोष-विरोध या असंतोष प्रकट करने के लिए कल-कारखानों, कार्यालायों आदि के कर्मचारियों का सब कारोबार, दूकाने आदि बंद कर देना (स्ट्राइक) — [[हरताल]], [[तम्बु॑]]
# [[हड़पना]] — मुँह में डाल कर निगलना या पेट में उतारना — [[ग्रॅख वालुन]]
# [[हत्था]] — हाथ से चलाये जाने वाले बड़े औजारों और छोटी कलों का वह हिस्सा, जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने या चलाने से वे चलते हैं, दस्ता — [[दन]]
# [[हथ-करघा (हाथ-करघा)]] — कपड़ा बुनने का वह करघा जो हाथ से चलाया जाता है (हैंडलूम) — [[यंदु॑र]]
# [[हथियाना]] — अपने प्रभुत्व या अधिकार में कर लेना — [[जबरदस्ती]], [[न्युन]]
# [[हथियार]] — अस्त्र-शस्त्र — [[हथियार]], [[अवज़ार]]
# [[हथौड़ा]] — धातु, पत्थर, ईंट आदि ठोकने-पीटने वाला लोहे का एक औजार (हैमर) — [[डॅकुर]]
# [[हदबंदी]] — दो खेतों, प्रदेशों, राज्यों, देशों की सीमा निर्धारण करना — [[हदबंदी]]
# [[हम]] — उत्तम पुरुष बहुवचन सूचक सर्वनाम 'मैं' का बहुवचन — [[अस्य]]
# [[हमारा]] — 'हम' का संबंधकारक रूप — [[सोन]]
# [[हमेशा]] — सदा, सर्वदा, सदैव — [[हमेशु॑]]
# [[हरण]] — छीनना या लूटना, उठा ले जाना — [[ज़ोर-जबरदस्ती न्युन]]
# [[हरा]] — ताजी उगी हुई घास या पत्तों के रंग का, हरित सब्ज़ — [[सरसबु॑ज]]
# [[हरित]] — हरे रंग का, हरा — [[सबु॑ज़ा]]
# [[हरित-क्रांति]] — फल-फूल, पौधे आदि को लगाए जाने के लिए किया जाने वाला आन्दोलन — [[सबु॑ज़ इन्क॑लाब]]
# [[हरियाली]] — हरे-भरे पेड़ पौधों आदि का विस्तृत फैलाव या समूह — [[सबु॑ज़ार]]
# [[हर्ष]] — प्रसन्नता, आनंद, खुशी — [[खॅशी]]
# [[हल]] — खेत जोतने का एक प्रसिद्ध यंत्र — [[अंलु॑बा॑न्य]]
# [[हलचल]] — वह अवस्था या स्थिति जिसमें किसी स्थान पर लोगों का चलना-फिरना लगा रहता हो, शोरगुल — [[वॅसु॑द्रॅस]]
# [[हवन]] — देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में घी, जौ आदि की आहुति देने की क्रिया, होम — [[हवन]]
# [[हवाई-अड्डा]] — वायुयानों के उतरने, रुकने या उड़ान भरने का स्थान — [[हवा॑यी अडु॑]]
# [[हवाई जहाज़]] — हवा में उड़ने वाला यान, वायुयान, विमान — [[हवा॑यी जहाज़]]
# [[हवाई-डाक]] — वायुयान द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जाने वाली डाक, चिट्ठियाँ आदि — [[हवा॑यी डाख]]
# [[हस्तकला]] — हाथों के कौशल द्वारा किया जाने वाला काम — [[अंथु॑ हॅनर]], [[अथु॑ का॑म]]
# [[हस्तक्षेप]] — किसी दूसरे काम के में अनावश्यक रूप से तथा बिना अधिकार दखल देना — [[मुदा॑खलत]]
# [[हस्तांतरण]] — सम्पत्ति, स्वत्व आदि का एक के हाथ से दुसरे के हाथ में जाना या दिया जाना, अंतरण (ट्रांसफ़रेन्स) — [[हवालु॑ करुन]]
# [[हस्ताक्षर]] — किसी व्यक्ति द्वारा लिखा जाने वाला अपना नाम जो इस बात का सूचक होता है कि ऊपर लिखी हई बातें मैंने लिखी हैं और उनका दायित्व मुझ पर है, दस्तखत (सिगनेचर) — [[दसखथ]]
# [[हां]] — स्वीकृति, सहमति, समर्थन, निश्चय, आत्मतोष, स्मृति आदि का सूचक शब्द — [[आ]], [[अवु॑]]
# [[हांकना]] — जानवरों को आगे बढ़ाने के लिए मुंह से कुछ कहते हुए चाबुक आदि लगाना, पशु वाली गाड़ी चलाना — [[होकि पकु॑नावुन]], [[हांकुन]]
# [[हांफना]] — थकावट, भय आदि के कारण फेफड़ों का जल्दी-जल्दी और लंबे सांस लेना — [[फ्रख खसुन]]
# [[हाथापाई]] — वह लड़ाई जिसमें एक-दूसरे के हाथ पकड़ कर खींचते और ढकेलते हैं — [[अथु मिलु॑वुन शलख]]
# [[हाथी दांत]] — हाथी के मुंह के दोनों ओर निकले हुए सफेद दांत — [[ह॑स्य दंद]]
# [[हानि]] — क्षति, नुकसान — [[नॅसखान]]
# [[हार]] — पराजय, जीत का विपर्याय — [[हार]]
# [[हारना]] — युद्ध, खेल, आदि में पराजित होना, गंवाना, खोना — [[हारुन]]
# [[हार्दिक]] — हृदय में रहने या होने वाला, हृदय का — [[दिली]]
# [[हालचाल]] — अवस्था, दशा, वृत्तांत, समाचार — [[हालचाल]]
# [[हालांकि]] — यद्यपि — [[हालांकि]]
# [[हास्य]] — हंसने की क्रिया या भाव, हंसी, हास — [[मज़ाख]], [[असुन]]
# [[हिंसा]] — हत्या, वध — [[मारु॑मारय]]
# [[हिचकी]] — खांसी, छींक, डकार आदि की तरह का एक शारीरिक व्यापार जिसमें सांस लेने के समय क्षण भर के लिए फेफड़े का मुंह बंद होकर पेट की वायु कुछ रुक कर हल्का शब्द करती हुई बाहर निकलती है (हिकप) — [[ह्युक]]
# [[हितैषी]] — भला चाहने वाला, कल्याण मानने वाला, हितचिंतक — [[रुत कांछन वोल]]
# [[हिनहिनाना]] — घोड़े का हिन-हिन शब्द करना, हींसना — [[हिनु॑ररय करु॑न्य]]
# [[हिरासत]] — किसी को इस प्रकार अपने बंधन या देख-रेख में रखना कि वह भाग कर कहीं जाने न पाए, अभिरक्षा, परिरक्षा (कस्टडी) — [[हिरासत]]
# [[हिलाना]] — किसी को हिलने में प्रवृत करना, झुलाना — [[हिलावुन]]
# [[हिसाब-किताब]] — आय-व्यय आदि का विवरण, लेखा जोखा — [[हिसाब-किताब]]
# [[हिस्सा]] — भाग, विभाग, अंश, खंड — [[हिसु॑]]
# [[हुंडि]] — अपना प्राप्य धन पाने के लिए किसी के नाम लिखा हुआ वह पत्र जिस पर लिखा रहता है कि इतने रुपये अमुक व्यक्ति, महाजन या बैंक को दे दिए जांए (बिल आफ एक्सचेंज ड्राफ्ट) — [[हॊंड]]
# [[हृदय]] — कलेजा, दिल (हार्ट) — [[दिल]]
# [[हृष्ट-पुष्ट]] — मोटा-ताजा — [[ह्श्ट पॅश्ट]], [[व्यॊठ-पूठ]]
# [[हेरा-फेरी]] — चालबाजी, दांव-पेंच, गड़बड़ — [[हेराफेरी]]
# [[होना]] — अस्तित्व में आना — [[सपदुन]], [[आसुन]]
# [[होनी]] — ऐसी घटना या बात, जिसका घटित होना अनिवार्य हो — [[बा॑वी]]
# [[होश]] — चेतना, संज्ञा — [[होश]]
# [[होशियार]] — सावधान, सतर्क, सजग, चौकस — [[हुशार]]
# [[ह्रास]] — क्षय, क्षीणता, नाश, अपव्यय, अभाव, कमी, घटती ; — [[गिरुन]], [[गटुन]]
[[श्रेणी:हिंदी शब्दावली]]
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