विक्षनरी
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अभाजन
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text/x-wiki
{{-hi-}}
== प्रकाशितकोशों से अर्थ ==
=== शब्दसागर ===
अभाजन संज्ञा पुं॰ [सं॰] <br><br>
[[अपात्र]]; [[कुपात्र]]; बुरा [[आदमी]]।
== सरल अर्थ ==
जो सम्मान, दान, कृपा या किसी विशेष अधिकार का योग्य न हो; अयोग्य व्यक्ति।
== उदाहरण ==
* अभाजन व्यक्ति को सम्मान देने से योग्य लोगों का अनादर होता है।
* शास्त्रों में दान सदैव सुपात्र को देने और अभाजन से बचने की बात कही गई है।
== व्युत्पत्ति ==
संस्कृत [[अभाजन]] से तत्सम शब्द।
== सम्बन्धित शब्द ==
* [[अपात्र]]
* [[कुपात्र]]
* [[सुपात्र]]
* [[अयोग्य]]
== विलोम ==
* [[सुपात्र]]
* [[योग्य]]
== प्रयोग ==
यह शब्द मुख्यतः साहित्य, धर्मग्रंथों तथा संस्कृतनिष्ठ हिन्दी में ऐसे व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है जो किसी सम्मान, दान या कृपा का अधिकारी न हो।
[[श्रेणी:हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]]
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शास्त्र
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text/x-wiki
= {{हिन्दी}} =
== प्रकाशितकोशों से अर्थ ==
=== शब्दसागर ===
शास्त्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] <br><br>
१. [[हिन्दू]] परंपरा में [[ऋषि]]-[[मुनि]] आदि द्वारा रचित प्राचीन [[ग्रंथ]], जिनमें धर्म, आचार, कर्तव्य, नीति तथा जीवन-व्यवहार संबंधी सिद्धांतों का वर्णन मिलता है। इन ग्रंथों में अनेक प्रकार के कर्तव्यों का विधान तथा अनुचित कर्मों का निषेध किया गया है। परंपरानुसार वेदाधारित ग्रंथों को शास्त्र कहा जाता है। <br><br>
२. किसी विशिष्ट [[विषय]] का क्रमबद्ध एवं व्यवस्थित [[ज्ञान]]; [[विज्ञान]]। जैसे—[[प्राणिशास्त्र]], [[अर्थशास्त्र]], [[वनस्पतिशास्त्र]], [[व्याकरणशास्त्र]]। <br><br>
३. [[आज्ञा]]; [[आदेश]]। [को॰] <br><br>
४. [[धर्मशास्त्र]] की आज्ञा। [को॰] <br><br>
५. [[पुस्तक]]; [[ग्रंथ]]। [को॰] <br><br>
६. [[सिद्धांत]]। [को॰] <br><br>
७. [[ज्ञान]]। [को॰]
== सरल अर्थ ==
* किसी विषय का व्यवस्थित और प्रमाणित ज्ञान।
* धर्म, नीति या किसी विद्या से संबंधित ग्रंथ।
* किसी विषय का नियम या सिद्धांत बताने वाली पुस्तक।
== उदाहरण ==
* [[आयुर्वेद]] एक प्राचीन चिकित्सा-शास्त्र है।
* प्रत्येक शास्त्र का अपना विषय और अध्ययन-क्षेत्र होता है।
* विद्वान ने शास्त्रों का गहन अध्ययन किया।
== व्युत्पत्ति ==
संस्कृत [[शास्त्र]] से तत्सम शब्द।
== सम्बन्धित शब्द ==
* [[ग्रंथ]]
* [[विद्या]]
* [[विज्ञान]]
* [[सिद्धांत]]
* [[धर्मशास्त्र]]
* [[वेद]]
== विलोम ==
* [[अज्ञान]]
== प्रयोग ==
यह शब्द धार्मिक, दार्शनिक, साहित्यिक तथा वैज्ञानिक सभी संदर्भों में किसी विषय के प्रामाणिक एवं व्यवस्थित ज्ञान के लिए प्रयुक्त होता है।
[[श्रेणी:हिन्दी-प्रकाशितकोशों से अर्थ-शब्दसागर]]
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सतलोक
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text/x-wiki
{{-hi-}}
===संज्ञा===
'''सतलोक''' पुं
# कुछ धार्मिक एवं संत-परंपराओं में वर्णित [[परमधाम]] या [[अमरलोक]], जिसे [[पूर्ण परमेश्वर]] का निवास-स्थान माना जाता है।
# ऐसी मान्यता के अनुसार यह [[स्वर्ग]] और [[नरक]] से परे स्थित [[लोक]] है, जहाँ [[मोक्ष]] प्राप्त [[आत्मा]] पहुँचती है और पुनः [[जन्म]]-[[मरण]] के चक्र में नहीं आती।
# [[सत्यलोक]], [[सचखंड]], [[अमरलोक]] आदि नामों से भी उल्लिखित।
====उदाहरण====
* संत-साहित्य में सतलोक का वर्णन परमधाम के रूप में मिलता है।
* साधक का लक्ष्य सतभक्ति द्वारा सतलोक की प्राप्ति माना जाता है।
====सम्बन्धित शब्द====
* [[सत्यलोक]]
* [[सचखंड]]
* [[अमरलोक]]
* [[मोक्ष]]
* [[परमधाम]]
===प्रयोग===
* [[सतलोक]] सिधारना = धार्मिक मान्यता के अनुसार शरीर त्यागकर सतलोक को प्रस्थान करना।
* [[सतलोक]] की प्राप्ति करना = सतलोक तक पहुँचना; मोक्ष प्राप्त करना (कुछ धार्मिक परंपराओं के अनुसार)।
===मुहावरा===
* [[पूर्ण परमात्मा]] कविर्देव ([[कबीर]] परमेश्वर) ने अपने [[शब्द]] (वचन) से [[अगमलोक]], [[अलख लोक]] और [[सतलोक]] की रचना की।
====टिप्पणी====
सतलोक की अवधारणा विभिन्न संत-परंपराओं और धार्मिक मतों में भिन्न-भिन्न रूप में वर्णित मिलती है।
[[श्रेणी:हिन्दी संज्ञा]]
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